मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्‍नोत्तर-सूची
फरवरी, 2024 सत्र


मंगलवार, दिनांक 13 फरवरी, 2024


भाग-1
तारांकित प्रश्‍नोत्तर



रिंग रोड निर्माण का सर्वे

[लोक निर्माण]

1. ( *क्र. 1346 ) श्रीमती निर्मला सप्रे : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग के पास रिंग रोड बनाए जाने हेतु कोई कार्ययोजना है या नहीं? (ख) प्रश्‍नांश (क) का उत्तर हाँ है तो प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र बीना में रिंग रोड बनाए जाने हेतु किस-किस जनप्रतिनिधि व संगठनों ने बीना अनुभाग के अनुविभागीय अधिकारी/तहसीलदार/अन्य अधिकारी को किन-किन कारणों से व किन दिनांकों को रिंग रोड बनाए जाने हेतु ज्ञापन व मांग पत्र प्रस्तुत किए गए हैं? ज्ञापन व मांग पत्र की प्रति उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्लेखित मांग के आधार पर जनहित की मांग को ध्यान रखते हुए प्रश्‍नकर्ता द्वारा बीना में रिंग रोड बनाए जाने हेतु प्रमुख सचिव, लोक निर्माण विभाग, मंत्रालय भोपाल को पत्र प्रेषित किया है या नहीं? यदि हाँ, तो पत्र में वर्णित कारणों को संज्ञान में लेकर विभाग बीना में रिंग रोड निर्माण हेतु सर्वे कराने पर विचार कर रहा है या नहीं, यदि नहीं, तो किस कारण से?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) प्रश्‍नांश 'के उत्तर के अनुसार शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नगरपालिका क्षेत्र अंतर्गत नल-जल योजना

[नगरीय विकास एवं आवास]

2. ( *क्र. 1364 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बालाघाट नगरपालिका क्षेत्र अंतर्गत 38 करोड़ की नल-जल योजना वर्ष 2016 में जल आवर्धन योजना के तहत प्रारंभ की गई थी, जिसे वर्ष 2018 में पूर्ण किया जाना था, परंतु आज दिनांक तक अपूर्ण है? (ख) यह योजना कब तक पूर्ण होगी बालाघाट नगर के वासियों को कब 24 घंटे पेयजल उपलब्ध होगा? (ग) इस योजना में हुए भ्रष्‍टाचार की जांच कर दोषी अधिकारी और ठेकेदार पर क्या कोई कार्यवाही की जायेगी और यदि की जायेगी तो कब तक और यदि नहीं, की जायेगी तो क्यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। कार्य दिनांक 28.06.2021 को पूर्ण किया जा चुका है। केवल घरेलू नल कनेक्‍शन का कार्य प्रगतिरत है। (ख) दिनांक 30.06.2024 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है। वर्तमान में 24 घंटे जलप्रदाय का प्रावधान योजना में नहीं है। (ग) जांच समिति गठित की गई है। जांच प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर निष्‍कर्षों के अनुसार कार्यवाही की जा सकेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

मार्गों का निर्माण कार्य

[लोक निर्माण]

3. ( *क्र. 770 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधान सभा-47 के कई ग्रामों से मुख्य मार्गों तक आने हेतु सड़कों का अभाव होने के कारण आम जनता बरसात के समय विशेष रूप से परेशान होती रहती है, इसलिये देवपुर मुख्य मार्ग से वनपुरा' सॉपौन तक, लारौन मुख्य मार्ग से टपरियन तकदेरी मुख्य सड़क से खुड़ौ नज. देरी तक, पथरीगढ़ (मचौरा) से देवराहा तक, हृदयनगर तिगेला से कोटरा तक की सड़कों का निर्माण कराये जाने से आम जनता को आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी? क्या आम जनता की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुये उक्त सड़कों का डामरीकरण कराकर निर्माण करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) उक्त सड़कों के निर्माण किये जाने से लगभग 50 ग्रामों के ग्रामीणजनों को सुविधा प्राप्त होगी क्या विभाग द्वारा डी.पी.आर. तैयार कराये जाने के आदेश जारी किये जायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) क्‍या कुछ ग्रामों में बरसात के समय पहुंच पाना मुश्किल हो जाता है, बीमार व्यक्तियों को इलाज की मुसीबत खड़ी हो जाती है और ग्रामीणजनों की विशेष माँग भी है कि पक्की सड़क निर्माण कराये जाने से क्षेत्र की जनता आवागमन का लाभ लेकर मुख्य मार्गों से ग्रामवासियों का जुड़‌ना संभव हो जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट के स्‍तम्‍भ-5 में दर्शाये अनुसार है। (ग) विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट के स्‍तम्‍भ-में उल्लेखित कार्यवाही का पूर्ण होना आवश्यक है।

परिशिष्ट - "एक"

नगरीय विकास योजनाओं के तहत निर्माण कार्यों की गुणवत्‍ता

[नगरीय विकास एवं आवास]

4. ( *क्र. 391 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले की बड़ामलहरा विधान सभा क्षेत्र अन्तर्गत नगर पंचायतों में वर्ष 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक योज‌नावार कौन-कौन से कार्यों पर कितना-कितना व्‍यय किया गया? सम्पूर्ण विवरण दें तथा शासन की गाइड लाइन उपलब्ध करावें। (ख) वर्ष 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक नगर पंचायतों में कौन-कौन से कार्यों हेतु बैठकें आयोजित की गई, जिनका परिषद द्वारा अनुमोदन किया गया? (ग) निर्माण कार्यों की गुणवत्ता हेतु विभागीय अधिकारियों ने शासन की नीति के तहत कार्य किया? (घ) यदि हाँ, तो निर्माण कार्य जर्जर हो चुके हैं। वर्ष 2021 से किये गये निर्माण कार्यों के पूर्णता प्रमाण पत्र सहित सम्पूर्ण जानकारी प्रमाणित कर उपलब्ध करावें?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) से (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। गाइडलाइन्‍स की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि में गड़बड़ी की जांच पर कार्यवाही न होना

[नगरीय विकास एवं आवास]

5. ( *क्र. 961 ) श्रीमती ललिता यादव : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या छतरपुर नगर पालिका परिषद में अपात्र लोगों के खाते में प्रधानमंत्री आवास योजना की कितनी-कितनी राशि डाले जाने की पुष्टि जांच में सिद्ध हो चुकी है और विभाग द्वारा उस पर कार्यवाही के निर्देश दिए गए थे? निर्देश की प्रति सहित अपात्र लोगों की सूची दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में प्रधानमंत्री आवास योजना के अपात्र लोगों को राशि देने वाले अधिकारी-कर्मचारी कौन-कौन हैं और उन पर क्या कार्यवाही हुई? (ग) विभाग द्वारा इस मामलें में सदन में जो आश्‍वासन दिया गया था, उस आश्‍वासन पर कार्यवाही न होने के लिए कौन-कौन अधिकारी जवाबदार है और अब दोषी अधिकारी, कर्मचारी व अपात्र लोगों के खिलाफ कब तक कार्यवाही होगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगर पालिका छतरपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के अंतर्गत गठित जांच समिति के प्रतिवेदन में उल्लेखित 372 हितग्राहियों में से 21 हितग्राही अपात्र पाये गये, जिनको राशि प्रदाय की गई थी। जिसकी वसूली की कार्यवाही प्रचलित है। अपात्रों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। विभाग द्वारा कार्यवाही के दिये गये निर्देश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। कार्यवाही प्रचलित है। (ग) आश्वासन कार्यवाही प्रक्रियाधीन होने से जिम्मेदारी निर्धारित नहीं की जा सकती है, इसलिए शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

क्षतिग्रस्‍त मार्ग का निर्माण

[लोक निर्माण]

6. ( *क्र. 1297 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत जिला खरगोन अन्तर्गत राष्‍ट्रीय राजमार्ग देशगांव से खरगोन की वर्तमान भौतिक स्थिति क्या है? क्या नर्मदा पुल क्षतिग्रस्‍त होने से इन्दौर-इच्छापुर हाईवे के भारी वाहनों का आवागमन इस मार्ग से हो रहा है? हाँ तो क्या इसी कारण से मार्ग वर्तमान में बहुत क्षतिग्रस्‍त हो गया है तथा यह भी बतायें कि पूर्व में इसकी मरम्मत कब और कितनी राशि से की गई थी? क्या उक्त क्षतिग्रस्‍त मार्ग निर्माण की मरम्मत की जायेगी? हाँ तो कब तक की जायेगी तथा नहीं तो क्या कारण है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : मार्ग की बी.सी. की सतह अधिकांश लम्बाई में क्षतिग्रस्त है। जी हाँ। जी हाँमरम्मत कार्य जून 2022 के वर्षाकाल एवं उपरांत कराया गया, जिस पर राशि रू. 74.92 लाख व्‍यय हुई। जी हाँमार्ग नवीनीकरण कार्य हेतु भारत सरकार सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा दिनांक 21.06.2023 को राशि रू. 31.09 करोड़ की स्वीकृति जारी की गई हैजिसकी निविदा आमंत्रित की जाकर वित्तीय निविदा की स्वीकृति प्रचलन में है। शेष वर्तमान में निश्चित समय अवधि बताया जाना संभव नहीं है।

स्वीकृत नवीन योजनाओं हेतु बजट आवंटन

[नगरीय विकास एवं आवास]

7. ( *क्र. 373 ) श्रीमती रीती पाठक : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सीधी शहर को मिनी स्मार्ट सिटी का दर्जा दिया गया है? यदि हाँ, तो इस हेतु कब-कब कितनी राशि किन-किन कार्यों हेतु आवंटित की गई है और कितनी राशि जारी किया जाना शेष है और अगले चरण (द्वितीय) की राशि कब तक जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जायेगी? (ख) क्या सीधी में नवीन मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाने हेतु भू-अर्जन एवं भवन निर्माण हेतु बजट आवंटित किया जा चुका है? (ग) सीधी शहर में स्थापित किए जाने वाले रेलवे स्टेशन की भूमि के उत्तरी क्षेत्र जमोड़ी कला एवं जोगीपुर बायपास मार्ग निर्माण में भू-अर्जन एवं सड़क निर्माण हेतु उपलब्ध बजट की क्या स्थिति है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। स्‍वीकृत राशि रू. 25.00 करोड़ के विरूद्ध राशि रू. 25.36 करोड़ के कार्य संपादित कराये जा चुके हैं। स्‍वीकृत राशि अंतर्गत कार्य पूर्ण होने के कारण अब कोई भी राशि देय नहीं है। अगले चरण (द्वितीय) हेतु राशि स्वीकृत करने की कार्यवाही प्रचलित नहीं है। (ख) जिला कलेक्‍टर से प्राप्‍त जानकारी अनुसार सीधी जिले में नवीन मेडिकल कॉलेज के निर्माण हेतु 17.309 हेक्‍टेयर भूमि आरक्षित की गयी है। उपरोक्त कार्य हेतु संबंधित विभाग द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गयी है। (ग) जिला कलेक्‍टर से प्राप्‍त जानकारी अनुसार सीधी शहर में स्‍थापित किये जाने वाले रेलवे स्‍टेशन की भूमि के उत्तरी क्षेत्र जमोड़ी कला एवं जोगीपुर बायपास मार्ग निर्माण हेतु संबंधित विभाग द्वारा भू-अर्जन का प्रस्ताव एवं सड़क निर्माण हेतु बजट आवंटन उपलब्ध नहीं कराया गया है।

विद्युत विहीन ग्रामों में विद्युत व्‍यवस्‍था

[ऊर्जा]

8. ( *क्र. 1270 ) श्रीमती सेना महेश पटेल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अलीराजपुर जिले में कितने ग्राम विद्युत विहीन हैं? क्या शासन द्वारा विद्युत लाईन की व्यवस्था ग्राम में की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (ख) किन-किन ग्रामों में विद्युत क्षमता कम होने के कारण किसानों को आये दिन परेशानी हो रही है? शासन द्वारा विद्युत क्षमता बढ़ाने की क्या कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक की जावेगी? (ग) विद्युत क्षमता बढ़ाने हेतु विद्युत ट्रांसफॉर्मर, ग्रिड लगाने की कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक की जावेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) अलीराजपुर जिले के समस्‍त 551 राजस्‍व ग्राम विद्युतीकृत हैं। अत: प्रश्‍न नहीं उठता। (ख) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र के समस्‍त ग्रामों में विद्युत उपभोक्‍ताओं की आवश्‍यकता अनुसार पर्याप्‍त क्षमता की विद्युत अधोसंरचना स्‍थापित है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में स्‍थापित विद्युत अधोसंरचना के पर्याप्‍त नहीं होने के कारण कृषकों के परेशान होने संबंधी कोई प्रकरण म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के संज्ञान में नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में वर्तमान में विद्युत उपभोक्‍ताओं की मांग के अनुरूप पर्याप्‍त क्षमता की विद्युत अधोसंरचना स्‍थापित है। तथापि भविष्‍य में होने वाली संभावित भार वृद्धि के दृष्टिगत सतत् गुणवत्‍तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित किये जाने हेतु प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में टी.बी.सी.बी. योजनान्‍तर्गत सोण्‍डवा विकासखण्‍ड के ग्राम अंबाजा में नवीन 132/33 के.व्‍ही. उच्‍चदाब विद्युत उपकेन्‍द्र निर्माण की स्‍वी‍कृति प्रदान की जा चुकी है तथा यह कार्य कार्यादेश दिनांक 21.1.2023 से 18 माह की अवधि में पूर्ण किया जाना है। साथ ही प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में आर.डी.एस.एस. योजनान्‍तर्गत ग्राम बड़ा गुड़ा में 5 एम.व्‍ही.ए. क्षमता का नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र एवं कुल 334 अतिरिक्‍त वितरण ट्रासंफार्मरों की स्‍थापना के कार्य प्रगति पर हैं तथा उक्‍त कार्य वर्ष 2025 तक पूर्ण किया जाना प्रावधानित है।

टोल रोड में अवैध वसूली की जानकारी

[लोक निर्माण]

9. ( *क्र. 1467 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिसम्बर 2023 तक सारी टोल रोड पर प्रारंभ से अभी तक कितनी टोल राशि वसूल चुके हैं तथा उनकी परियोजना लागत कितनी थी तथा ओ.एम.टी रोड पर दिसम्बर 2023 तक कितनी राशि वसूल चुके हैं? (ख) क्या इंडियन टोल एक्ट 1851 के अनुसार टोल अवधि 15 वर्ष से अधिक नहीं हो सकती? प्राकृतिक संसाधन अधिकार नहीं है। टोल का उपयोग किसी को अनावश्यक लाभ पहुंचाने के लिये नहीं किया जा सकता है। (ग) क्या प्रदेश की ट्रांसपोर्ट कास्ट 17.5 प्रतिशत है तथा 2025 तक लक्ष्य 7.5 प्रतिशत है? यदि हाँ, तो बताएं कि अनावश्यक टोल वसूली से प्रदेश में ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ने से महंगाई नहीं बढ़ेगी? (घ) टोल तथा ओ.एम.टी. रोड पर वर्ष 2020 से 2023 तक हुई सड़क दुर्घटना, मृत्यु तथा घायल की संख्या की जानकारी रोड अनुसार देवें तथा बतावें कि क्या गलत डी.पी.आर. तथा शासन स्तर पर तकनीकी खामी से टोल सड़कों पर ज्यादा दुर्घटना हो रही है? इसे कम करने के लिये किये गये प्रयासों की जानकारी देवें। (ड.) बतावें कि रतलाम से इन्दौर, भोपाल से इन्दौर, भोपाल से जबलपुर, भोपाल से रीवा आने और जाने में किस-किस केटेगरी के वाहन को कितना-कितना टोल दिनांक 01 जनवरी, 2024 की स्थिति में देना होगा? टेबल में जानकारी देवें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना एवं विकास योजना

[नगरीय विकास एवं आवास]

10. ( *क्र. 1174 ) श्री वीरेन्द्र सिंह लोधी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नगर परिषद बंडा में सी.एम. इन्फ्रा-2 अंतर्गत निर्माण कार्यों का भुगतान तथा सी.एम. इन्फ्रा-2 के शेष सड़क/नाली निर्माण कार्य 5 वर्षों से रूके है? (ख) क्‍या नस्‍ती में संलग्न समस्त 70 सेम्पलों की परीक्षण रिपोर्ट में एक भी सेम्पल अमानक नहीं है? फिर भी उपयंत्रियों ने एसक्यूसी द्वारा तैयार बिलों की तुलना में लगभग 70 प्रतिशत कम भुगतान बनाया है? (ग) क्या सी.एम. इन्फ्रा-2 अंतर्गत वार्ड क्र. 12, 13 में कोई निर्माण प्रारंभ किया गया? (घ) क्या प्रश्‍नांश (ग) अंतर्गत काम के माप दर्ज हैं? अगर हाँ तो माप पुस्तिका की प्रति उपलब्ध करवायें। (ड.) क्या माप पुस्तिका पर दर्ज सड़कों की मोटाई व मूल्यांकन, नस्‍ती में संलग्न परीक्षण रिपोर्ट के अनुरूप है? (च) प्रश्‍नांश (ड.) से संबंधित परीक्षण रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध करवायें। (छ) क्या दर्ज माप ठेकेदार या उसके प्रतिनिधि को साक्षी बनाकर दर्ज किये गये? (ज) क्या तैयार माप व बिल संबंधी माप पुस्तिका पर 2 साल पहले ठेकेदार द्वारा दर्ज आपत्ति पर कार्यवाही की गई? अगर नहीं तो इसका कारण क्या है? (झ) पुनर्मूल्यांकन/उचित मूल्यांकन हेतु दिनांक 10.04.2023 को गठित दल आज तक मौके पर नहीं पहुंचा, इसका कारण क्या है? (ण) पुनर्मूल्यांकन/उचित मूल्यांकन एवं शेष निर्माण प्रारंभ होने में और कितना समय लगेगा? (त) सड़क निर्माण उपरांत गुणवत्ता की शिकायत पर, जांच दल द्वारा सीमेन्ट कांक्रीट कार्य की गुणवत्ता का निर्धारण किस आधार पर किया जाता है? (थ) कोर-परीक्षण रिपोर्ट टी.आर.नं. बी.जी.एल./200204-01 की मूल प्रति किस कार्यालय में उपलब्ध है? (द) टी.आर.नं.बी.जी.एल./200204-01की मूल प्रति की छायाप्रति उपलब्ध करावें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क), (ख), (ग), (घ), (ड.), (च), (छ), (ज), (झ), (ण), (त), (थ) एवं (द) संचालनालय के आदेश क्रमांक/यां.प्र./07-3/2024/1126, दिनांक 06.02.2024 से 03 सदस्‍यीय जांच समिति का गठन किया गया है। जांच प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर गुण दोष के आधार पर कार्यवाही की जायेगी।

खराब डी.पी. व उपभोक्‍ताओं को परेशानी

[ऊर्जा]

11. ( *क्र. 1441 ) श्री हरिबाबू राय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अशोकनगर जिले के अशोकनगर विधानसभा अंतर्गत घरेलू व कृषि कार्य हेतु बिजली उपभोक्ताओं की कुल कितनी-कितनी संख्या है? संख्‍यात्‍मक जानकारी दी जावें। ग्रामीण क्षेत्र में जिन उपभोक्ताओं द्वारा बिल की राशि जमा कर दी जाती है, अन्यों के द्वारा यदि बिल की राशि जमा नहीं की जाती है तो जमा बिल वालों की बिजली काटने का किस नियम के तहत अधिकार है, जबकि जमा बिल वाले उपभोक्ताओं की बिजली नहीं जानी चाहिए। यह इनका मौलिक अधिकार में आता है फिर भी इन्हें बिजली से वंचित रखने का क्या कारण है? (ख) जनवरी 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक अशोकनगर विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत कुल कितने ट्रांसफार्मर 25 के.व्ही.ए. से 63, के.व्ही.ए., ट्रांसफार्मर 63 के.व्ही.ए. से 100, के.व्ही.ए., ट्रांसफार्मर 100 के.व्ही.ए. से 200, के.व्ही.ए., ट्रांसफार्मर 200 के.व्ही.ए. से 315, के.व्ही.ए., किन-किन योजनाओं के तहत किये गये हैं? कुल ट्रांसफार्मर की संख्यात्‍मक जानकारी देवें। अशोकनगर में अधिकांश वितरण ट्रांसफार्मर खस्ता बदहाल खटारा अवस्था में पहुंच चुकी है, इन्हें बदलने एवं शहर व ग्रामीण क्षेत्र में नए वितरण ट्रांसफार्मर पर्याप्‍त क्षमता के उपलब्‍ध कराने के शासन के क्या नियम निर्देश हैं?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) अशोकनगर जिले के अशोकनगर विधानसभा क्षेत्रातंर्गत कुल 38056 घरेलू एवं 7171 कृषि विद्युत उपभोक्‍ता हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जिन उपभोक्‍ताओं द्वारा बिजली बिल की राशि जमा कर दी जाती है, उनके कनेक्‍शन विच्‍छेदन की कार्यवाही नहीं की जाती है। जिन उपभोक्‍ताओं द्वारा विद्युत बिलों की राशि जमा नहीं की जाती है, केवल उनके कनेक्‍शन विच्‍छेदन किये जाने का प्रावधान है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता। (ख) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में माह जनवरी 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में 32 वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमतावृद्धि 25 के.व्‍ही.ए. से 63 के.व्‍ही.ए., 01 वितरण ट्रांसफार्मर की क्षमतावृद्धि 25 के.व्‍ही.ए. से 100 के.व्‍ही.ए., 04 वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमतावृद्धि 63 के.व्‍ही.ए. से 100 के.व्‍ही.ए. एवं 07 ट्रांसफार्मरों की क्षमतावृद्धि 100 के.व्‍ही.ए. से 200 के.व्‍ही.ए. करने के कार्य म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की सामान्‍य विकास योजना (स्‍कीम कोड-273) के अंतर्गत किये गये हैं। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में उक्‍त अवधि में 200 के.व्‍ही.ए. से 315 के.व्‍ही.ए. क्षमता वृद्धि का कोई कार्य नहीं किया गया है। अशोकनगर विधानसभा क्षेत्र के क्षेत्रांतर्गत स्‍थापित वितरण ट्रांसफार्मरों का नियमानुसार रख-रखाव किया जाता है एवं स्‍थापित वितरण ट्रांसफार्मर खराब होने अथवा फेल होने की स्थिति में नियमानुसार बकाया राशि जमा होने पर निर्धारित समय-सीमा में बदले जाते हैं। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्‍थापित वितरण ट्रांसफार्मर अतिभारित पाये जाने की स्थिति में समय-समय पर नियमानुसार प्रणाली सुद्दढ़ीकरण योजना अथवा सामान्‍य विकास योजना के तहत तकनीकी साध्‍यता अनुसार क्षमतावृद्धि अथवा अतिरिक्‍त वितरण ट्रांसफार्मर की स्‍थापना के प्रस्‍ताव पर सक्षम स्‍वीकृति उपरांत वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापना की कार्यवाही की जाती है, जो कि एक सतत् प्रक्रिया है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में केन्‍द्र शासन की आर.डी.एस.एस. योजनांतर्गत 17 वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमतावृद्धि एवं 163 अतिरिक्‍त वितरण ट्रांसफार्मरों की स्‍थापना के कार्य स्‍वीकृत किए गए हैं।

आर.डी.एस.एस. योजना

[ऊर्जा]

12. ( *क्र. 1429 ) श्री घनश्याम चन्द्रवंशी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. पश्‍चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लि‍मिटेड, इंदौर क्षेत्रान्‍तर्गत शाजापुर संचालन-संधारण वृत्‍त में प्रचलित आर.डी.एस.एस. योजना कब प्रारंभ की गई? योजनान्तर्गत शाजापुर संचालन-संधारण वृत्‍त में कितनी राशि आवंटित की गयी एवं कितनी राशि व्‍यय की गयी? किये गये कार्यों की सूची संपूर्ण विवरण सहित उपलब्‍ध करावें। प्रश्‍नांश से संबंधित माननीय विधायक के विधानसभा क्षेत्र कालापीपल अंतर्गत कितने कार्य आर.डी.एस.एस. योजनान्‍तर्गत स्‍वीकृत हुए तथा कितने कार्य पूर्ण हुए तथा शेष अपूर्ण कार्यों की सूची प्रदाय करें तथा वह कब तक पूर्ण होंगे? समय-सीमा बताएं। (ख) म.प्र. पश्‍चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लि‍मिटेड, इंदौर क्षेत्रान्‍तर्गत शुजालपुर संचालन-संधारण संभाग में आर.डी.एस.एस. योजना के अंतर्गत प्रस्‍तावित, स्‍वीकृत एवं शेष कार्यों की सूची प्रदान करें। (ग) म.प्र. पश्‍चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लि‍मिटेड, इंदौर क्षेत्रान्‍तर्गत शुजालपुर संचालन-संधारण संभाग में प्रचलित आर.डी.एस.एस. योजना में कितने अतिरिक्‍त ट्रांसफार्मर लगाए गए (घरेलू एवं सिंचाई) की सूची वितरण केन्‍द्रवार, ग्रामवार एवं स्‍थानवार प्रदान करें? (घ) म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी लिमिटेड इंदौर क्षेत्रान्‍तर्गत शुजालपुर संचालन-संधारण संभाग अंतर्गत माननीय विधायक के विधानसभा क्षेत्र कालापीपल अंतर्गत कितने घरेलू एवं सिंचाई श्रेणी के ट्रांसफार्मर ओवर लोड हैं? उक्त कितने ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि के प्रस्ताव आर.डी.एस.एस. योजना में स्वीकृत किए जा चुके हैं एवं कितने शेष हैं? सूची प्रदाय करें। ट्रांसफार्मर ओवर लोड होने के पश्चात भी उनकी क्षमता में वृद्धि न‍हीं हो पाने का क्‍या कारण है? स्‍पष्‍ट करें। वितरण केन्‍द्रवार, ग्रामवार एवं स्‍थानवार सूची प्रदान करें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) केन्‍द्र शासन द्वारा माह जुलाई-2021 से आर.डी.एस.एस. योजना प्रारंभ की गई है। म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इंदौर क्षेत्रांतर्गत आर.डी.एस.एस. योजना की स्वीकृति केंद्र सरकार से दिनांक 17 मार्च-2022 को नोडल एजेंसी पावर फाइनेंस कार्पोरेशन (पी.एफ.सी.), भारत सरकार के माध्यम से प्राप्त हुई है। योजना अंतर्गत संचालन/संधारण वृत्त शाजापुर हेतु राशि रु.116.35 करोड़ आवंटित हुई एवं प्रश्‍न दिनांक तक की स्थिति में राशि रू. 15.64 करोड़ व्‍यय हुई। संचालन/संधारण वृत्‍त शाजापुर अंतर्गत आर.डी.एस.एस. योजनान्‍तर्गत पूर्ण किए कार्यों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अनुसार है। विधानसभा क्षेत्र कालापीपल में आर.डी.एस.एस. योजना अंतर्गत स्‍वीकृत, पूर्ण एवं अपूर्ण कार्यों का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ-1' अनुसार है। स्वीकृत कार्यों में से केवल नवीन 33/11 के.व्ही. उपकेंद्र भैसायागड़ा का कार्य पूर्ण किया गया है। शेष कार्यों को कार्यादेश की शर्तानुसार कार्यादेश की दिनांक से 24 माह में पूर्ण किया जाना है। (ख) संचालन/संधारण संभाग, शुजालपुर में आर.डी.एस.एस. योजना के लॉस रिडक्‍शन के अंतर्गत प्रस्‍तावित कार्यों एवं स्‍वीकृत कार्यों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के क्रमश: प्रपत्र 'एवं 'ब-1' अनुसार है। आर.डी.एस.एस. योजना के लॉस रिडक्‍शन के अंतर्गत स्‍वीकृत कार्यों के प्रारंभ होने के उपरांत प्रश्‍न दिनांक तक की स्थिति में शेष रहे कार्यों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब-2' अनुसार है। (ग) संचालन/संधारण संभाग, शुजालपुर में आर.डी.एस.एस. योजना अंतर्गत अतिरिक्‍त वितरण ट्रांसफार्मर की स्‍थापना से संबंधित कार्य नहीं किया गया है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता। (घ) संचालन/संधारण संभाग, शुजालपुर अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र कालापीपल में 194 घरेलू श्रेणी के एवं 57 सिंचाई श्रेणी के इस प्रकार कुल 251 वितरण ट्रांसफार्मर अतिभारित हैं। उक्त अतिभारित वितरण ट्रांसफार्मरों में से 16 घरेलू श्रेणी के एवं 42 सिंचाई श्रेणी के इस प्रकार कुल 58 वितरण ट्रांसफार्मरों को अंडरलोड किये जाने हेतु आर.डी.एस.एस. योजना के तहत अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मर स्थापना के कार्य स्वीकृत किये जा चुके हैं, जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अनुसार है तथा शेष 178 घरेलू श्रेणी के एवं 15 सिंचाई श्रेणी के इस प्रकार कुल 193 अतिभारित ट्रांसफार्मरों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अनुसार है। रबी सीजन में सिंचाई प्रयोजन हेतु किसानों को कृषि कार्य के लिये अस्‍थाई कनेक्‍शन दिये जाने, विद्युत उपभोक्ताओं द्वारा स्वीकृत भार से अधिक भार का उपयोग किये जाने तथा कतिपय प्रकरणों में विद्युत का अवैधानिक उपयोग किये जाने के कारण वितरण ट्रांसफार्मर अतिभारित हो जाते हैं। केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा लागू की गई विभिन्न योजनाओं के तहत उपलब्ध कराये गये वित्तीय संसाधनों से अतिभारित वितरण ट्रांसफार्मरों का भार कम करने हेतु वितरण ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि एवं अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित करने के कार्य किये जाते हैं, जो कि एक सतत् प्रक्रिया है।

मीटर रीडिंग

[ऊर्जा]

13. ( *क्र. 1206 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहरी उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग कितने दिनों के अन्तराल में लिए जाने के प्रावधान हैं? (ख) शहरी उपभोक्ताओं को कितने यूनिट तक बिजली की खपत होने पर कितनी सब्सि‍डी का क्या प्रावधान है, यह प्रावधान कितने दिनों की बिजली खपत के संबंध में है? (ग) हरदा एवं बैतूल जिले में शहरी एवं ग्रामीण आवासीय उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग के लिए वर्तमान में किस-किस को अनुबंधि‍त किया है? उसका पूरा नाम, पता एवं मोबाईल नम्बर सहित बतावें। (घ) प्रतिमाह मीटर रीडिंग नहीं लिए जाने पर अनुबन्धकर्ता के विरुद्ध किसके समक्ष शिकायत किए जाने एवं किसे क्या कार्यवाही किए जाने के अधिकार दिए गए हैं?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) ''मध्‍यप्रदेश विद्युत प्रदाय संहिता, 2021'' के प्रावधानों के अनुसार शहरी क्षेत्र के उपभोक्‍ताओं की मीटर रीडिंग प्रत्‍येक बिलिंग चक्र में एक माह की अवधि के अंतराल में न्‍यूनतम एक बार लिए जाने का प्रावधान है। (ख) वर्तमान में लागू अटल गृह ज्‍योति योजना अंतर्गत ऐसे सभी घरेलू उपभोक्‍ताओं (ग्रामीण एवं शहरी) को लाभ दिया जा रहा है, जिनकी मासिक खपत 150 यूनिट तक है। ऐसे सभी पात्र उपभोक्ताओं को प्रथम 100 यूनिट तक की खपत पर अधिकतम राशि रु. 100/- का बिल देय होने एवं 100 यूनिट खपत हेतु मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित दर से गणना किए गए बिल तथा उपभोक्‍ता द्वारा देय राशि रु. 100/- के अन्तर की राशि राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को सब्सिडी के रुप में दिये जाने का प्रावधान किया गया है। 100 यूनिट से अधिक एवं पात्रता यूनिट की सीमा तक शेष यूनिटों के लिए म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी टैरिफ आदेश में निर्धारित दर के अनुसार बिल देय होगा। उक्‍त के अतिरिक्‍त योजनांतर्गत एल.वी.श्रेणी-1.1 के गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के घरेलू उपभोक्‍ताओं को 30 यूनिट तक की मासिक खपत हेतु केवल 25 रू. प्रतिमाह देय है, जिस हेतु राज्‍य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को सब्सिडी की राशि दी जावेगी। योजनान्‍तर्गत, पात्रता का प्रावधान, 30 दिनों की मासिक खपत हेतु है। (ग) हरदा एवं बैतूल जिलों में शहरी एवं ग्रामीण घरेलू उपभोक्‍ताओं की मीटर रीडिंग के लिए पृथक से किसी एजेंसी को अनुबंधित नहीं किया गया है। हरदा एवं बैतूल जिलों में शहरी एवं ग्रामीण घरेलू उपभोक्‍ताओं की मीटर रीडिंग बाह्य स्‍त्रोत सेवा प्रदाता एजेंसी के माध्‍यम से उपलब्‍ध कराए गए आऊटसोर्स कार्मिकों के द्वारा करवाई जा रही है। हरदा जिले में आऊटसोर्स कार्मिकों हेतु मेसर्स उर्मिला इंटरनेशनल सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड, पटना, बिहार-800013, मोबाईल नंबर 7488253091 एवं बैतूल जिले में मेसर्स सेंगर सिक्‍योरिटी एंड लेबर सर्विसेस लिमिटेड, बिरला नगर ग्‍वालियर फोन नं. 0751-4050130 से अनुबंध किया गया है। (घ) बाह्य स्‍त्रोत सेवा प्रदाता एजेंसी द्वारा उपलब्‍ध कराए गए आऊटसोर्स कार्मिकों के द्वारा प्रतिमाह मीटर रीडिंग नहीं लिये जाने पर संबंधित संचालन-संधारण संभाग/वृत्‍त कार्यालय के उप महाप्रबंधक/महाप्रबंधक से शिकायत की जा सकती है, शिकायत के परीक्षण उपरांत गंभीर अनियमितता पाये जाने पर अथवा पूर्व में दी गई चेतावनी के पश्‍चात भी कार्य में सुधार नहीं पाए जाने पर संबंधित उप महाप्रबंधक/महाप्रबंधक द्वारा बाह्य स्‍त्रोत सेवा प्रदाता एजेंसी को ऐसे कार्मिक के स्‍थान पर अन्‍य कार्मिक उपलब्‍ध कराने हेतु निर्देशित किया जाता है।

वैध और अवैध कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाएं

[नगरीय विकास एवं आवास]

14. ( *क्र. 1335 ) श्री विपीन जैन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुल कितनी वैध और अवैध कॉलोनियां हैं? सूची उपलब्ध कराएं। क्या सभी वैध कालोनि‍यां नगरपालिका को हस्तांतरित कर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई हैं? यदि नहीं, तो क्यों और कब तक करा दी जायेगी? (ख) मूलभूत सुविधाओं और अनियमितता को लेकर कितने कॉलोनाइजर पर कार्यवाही की गयी है, कितनों पर शेष है, शेष रहने के क्या कारण हैं? (ग) अवैध कॉलोनि‍यों को वैध करने की घोषणा के पश्चात प्रश्‍न दिनांक तक कितनी कालोनियों को वैध करने की प्रक्रिया प्रारंभ हुई है? (घ) मंदसौर नगर पालिका अंतर्गत यदि प्लॉट/भूखंड के भागों (टुकड़ों) का नामांकन किया जाकर टैक्स इत्यादि लिया जा रहा है, तो प्लॉट के भागों की निर्माण अनुमति क्यों प्रदाय नहीं की जा रही है, क्या शासन ने इस पर रोक लगा रखी है? यदि हाँ, तो प्लॉट के भागों पर निर्माण अनुमति कब तक प्रदाय की जायेगी? मंदसौर नगर पालिका में भूखंड के भाग निर्माण अनुमति के कितने प्रकरण लंबित हैं? कब तक इनका निराकरण हो जायेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) मन्‍दसौर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत नगर पालिकामन्‍दसौर में कॉलोनी की विकास अनुमति प्राप्‍त 327 वैध कॉलोनियाँ हैंजानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'अनुसार है एवं 74 अनधिकृत कॉलोनियॉं हैंजानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'अनुसार है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' की जानकारी अनुसार सभी वैध कॉलोनियों में मूलभूत सुविधायें उपलब्‍ध हैं। (ख) उत्‍तरांश (क) अनुसार सभी वैध कॉलोनियों में मूलभूत सुविधायें उपलब्‍ध कराये जाने से प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) म.प्र. नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम 2021 में अवैध कॉलोनियों को वैध करने के कोई प्रावधान नहीं हैं, अपितु नियम2021 में दिनांक 31.12.2022 के पूर्व अस्तित्‍व में आई एवं नियमानुसार चिन्हित की गई अनधिकृत कॉलोनियों में नागरिक अधोसंरचना प्रदान करने के प्रावधान रखे गये हैंजिसके अनुसार सक्षम प्राधिकारी अर्थात कलेक्‍टरमंदसौर द्वारा वर्तमान में 74 चिन्हित अनधिकृत कॉलोनियों में नागरिक अधोसंरचना प्रदान करने की प्रक्रिया आरंभ की गई है। (घ) नगर तथा ग्राम निवेश विभाग द्वारा अनुमोदित प्‍लाट/भूखण्‍ड का विभाजन म.प्र. भूमि विकास नियम2012 के नियम 22 के अनुसार मान्‍य न होने के कारण नगर पालिकामन्‍दसौर द्वारा प्‍लाट/भूखण्‍ड के विभाजित भाग पर भवन अनुज्ञा प्रदान नहीं की जाती है। नियम के उक्‍त प्रावधान का पालन किया जाना स्‍वत: बंधनकारी होने के कारण पृथक से रोक लगाने का कोई प्रश्‍न उत्पन्‍न नहीं होता। नगर पालिकामन्‍दसौर में भूखण्‍ड के विभाजित भाग पर भवन निर्माण अनुज्ञा दिये जाने के वर्तमान में कोई प्रकरण लंबित नहीं हैं। उत्‍तरांश के परिप्रेक्ष्‍य में शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

आर्थिक अनियमितता की जांच एवं कार्यवाही

[नगरीय विकास एवं आवास]

15. ( *क्र. 1579 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01 दिसम्‍बर, 2021 से प्रश्‍न दिनांक की अवधि में नगर परिषद धामनोद के द्वारा कुल कितने रूपए की सामग्री क्रय की गई है? प्रत्येक सामाग्री का वर्क ऑर्डर, बिल, वाउचर, की जानकारी उपलब्ध करावें। क्या इन सामग्री को क्रय करने के लिए नगर परिषद अध्यक्ष को सूचना देना, उनके संज्ञान में लाना जरूरी है या नहीं? अधिनियम के अनुसार स्थिति स्पष्ट करें। (ख) क्या उक्त सामग्री क्रय करने के लिए सी.एम.ओ. के द्वारा मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 के नियमों का पालन किया गया है? (ग) क्या नियमों से बचने के लिए वेंडर के साथ षडयंत्र करते हुए जेम पोर्टल और एम.पी. टेंडर पोर्टल पर एक ही आई.पी. एड्रेस से सेलर और बायर ने क्रय विक्रय प्रक्रिया संपादित की है? यदि नहीं, तो सभी टेंडर के आई.पी. एड्रेस साइबर पुलिस अधीक्षक के माध्यम से ट्रैक करवाकर मामले की जांच के आदेश जारी करेंगे या नहीं? यदि हाँ, तो कब तक, नहीं तो क्यों नहीं? (घ) दिनांक 01 जनवरी, 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में नगर परिषद धामनोद की कैश बुक, लेजर, वाउचर बुक की छाया प्रति देवें और यदि यह कार्यालय में उपलब्ध नहीं है तो क्या कार्यालय के रिकॉर्ड से गायब कर दिया गया है? यदि हाँ, तो कौन उत्तरदायी है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। मध्यप्रदेश नगरपालिका (मेयर-इन-काउंसिल/प्रेसीडेंट-इन-काउंसिल के कामकाज का संचालन तथा प्राधिकारियों की शक्तियां एवं कर्तव्य) नियम1998 में प्रदत्त वित्तीय अधिकारों के अंतर्गत अध्यक्ष के संज्ञान में लाते हुए उक्‍त सामग्री क्रय की गई है। (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। जेम पोर्टल और एम.पी. टेण्डर पोर्टल पर एक ही आई.पी. एड्रेस से सेलर और बायर द्वारा क्रय विक्रय प्रकिया संपादित नहीं की गई है, अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं 'अनुसार है।

निर्माण कार्य की जानकारी

[लोक निर्माण]

16. ( *क्र. 1310 ) श्री चैन सिंह वरकड़े : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंडला जिले अंतर्गत लोक निर्माण विभाग एवं PIU में विगत 2020-21 से वर्तमान तक कौन-कौन से निर्माण कार्य स्वीकृत हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के निर्माण कार्य की प्रशासकीय, वित्तीय स्वीकृति, निविदा की प्रति, कार्यादेश की प्रति एवं कार्य का मूल्यांकन किस आधार पर किया गया? (ग) उपरोक्त कार्य की क्या स्थिति है? निविदा समयावधि समाप्त होने पश्चात भी कार्य अपूर्ण क्यों हैं? संबंधित पर क्या कार्यवाही की गई?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ',  'अ-1' एवं 'अ-2' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ', 'अ-1', 'अ-2' एवं परिशिष्‍ट के प्रपत्र 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7 अनुसार है। कार्य का मूल्‍यांकन एस.ओ.आर. से निविदा दर पर किया गया है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ', 'अ-1' एवं 'अ-2' अनुसार है। पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'अ-2' में दर्शित निर्माण कार्यों को पूर्ण करने की समयावधि समाप्‍त नहीं हुई हैअत: किसी पर कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मैहर नगरीय क्षेत्र में विश्राम गृह का उन्‍नयन

[लोक निर्माण]

17. ( *क्र. 913 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मैहर नगर में विश्राम गृह के विस्‍तारीकरण की दृष्टि से अतिरिक्‍त कक्षों के निर्माण कराये जाने या उन्‍नयन कराये जाने के प्रस्‍ताव क्‍या शासन स्‍तर में विचाराधीन हैं? यदि हाँ, तो कब तक स्‍वीकृत कर निर्मित करा दिये जावेंगे? समयावधि स्‍पष्‍ट की जावे। यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में मैहर धार्मिक नगरी होने के कारण यहां आने वाले व्‍ही.आई.पी. एवं व्‍ही.व्‍ही.आई.पी. तथा वरिष्‍ठ अतिथियों की दृष्टि से विश्राम गृह के विस्‍ता‍रीकरण के तहत अतिरिक्‍त कक्षों के निर्माण कराये जाने या विश्राम गृह का उन्‍नयन कराकर जिला स्‍तरीय विश्राम गृह बनवाया जाना अनिवार्य है? यदि हाँ, तो क्‍या निकट भविष्‍य में उक्‍त संबंध में शासन द्वारा योजना बनायी जावेगी? समयावधि स्‍पष्‍ट की जावें। यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। विस्तारीकरण की आवश्यकता नहीं है। पूर्व से 06 कमरे संचालित हैं। (ख) जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। पूर्व से विश्राम गृह में 06 कमरे एवं विश्राम भवन में 04 कमरे संचालित हैंइसलिए आवश्यकता नहीं है।

ग्रामों तक बिजली की सप्‍लाई पहुंचाई जाना

[ऊर्जा]

18. ( *क्र. 1545 ) श्री केशव देसाई : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र गोहद में किन-किन ग्रामों में बिजली उपलब्‍ध कराये जाने के लिये डी.पी. रखी गई है, डी.पी. लगाये जाने के क्‍या नियम हैं? नियम की सूची उपलब्‍ध करायें। (ख) गोहद अंतर्गत ग्रामों में बिजली सप्‍लाई के लिये कितनी डी.पी. रखी गई है? ग्रामों की सूची उपलब्‍ध करावें। (ग) गोहद अंतर्गत कितने ग्रामों को 24 घण्‍टे बिजली उपलब्‍ध हो रही है? ग्रामों की सूची उपलब्‍ध करावें। (घ) विधानसभा क्षेत्र गोहद में दिनांक 01.09.2023 से 31.12.2023 तक कितनी पुरानी डी.पी. बदलकर नई डी.पी. रखी गई? किस मद से रखी गई? किसके आदेश से रखी गई एवं कितने रूपये जमा हुए?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) विधानसभा क्षेत्र गोहद में विद्युत प्रदाय किये जाने के लिए स्‍थापित किये गए वितरण ट्रांसफार्मरों की ग्रामवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। केन्‍द्र/राज्‍य शासन द्वारा स्‍वीकृत एवं वित्‍त पोषित विभिन्‍न योजनाओं में निहित प्रावधानों के अनुरूप ग्रामों में वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित किए गए हैं। प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युतीकरण के लिये अधोसंरचना लगाये जाने हेतु म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा दिनांक 31.05.2022 को जारी मध्‍यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग (विद्युत प्रदाय के प्रयोजन से विद्युत लाईन प्रदान करने अथवा उपयोग किये संयन्‍त्र हेतु व्‍ययों तथा अन्‍य प्रभारों की वसूली) (पुनरीक्षण-द्वितीय) विनियम, 2022 में वर्णित विस्‍तृत प्रावधान अनुसार कार्य किये जा सकते हैं, जिसकी छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अनुसार है। वर्तमान में कृषकों को सिंचाई के लिये स्‍थायी कृषि पंप विद्युत कनेक्‍शन लेने एवं अस्‍थायी पंप कनेक्‍शनों को स्‍थायी पंप कनेक्‍शनों में परिवर्तित करने के लिये ''मुख्‍यमंत्री कृषक मित्र योजना'' प्रचलन में है, जिसके तहत कृषक/कृषकों का समूह, जो 3 हॉर्स पावर या उससे अधिक क्षमता के स्‍थायी कृषि पंप कनेक्‍शन लेना चाहते हैं, योजना के प्रावधानों के अनुरूप प्रस्‍ताव तकनीकी परीक्षण उपरांत साध्‍य पाए जाने पर आवश्‍यक अधोसंरचना निर्माण/वर्तमान अधोसंरचना में क्षमता वृद्धि एवं नवीन कार्य यथा-11 के.व्‍ही. लाईन विस्‍तार एवं नवीन वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापना के कार्य हेतु प्राक्‍कलन राशि में से 50 प्रतिशत कृषक अथवा कृषक समूह द्वारा, 40 प्रतिशत राज्‍य शासन द्वारा अनुदान के रूप में तथा 10 प्रतिशत संबंधित वितरण कंपनी द्वारा वहन की जावेगी। उक्‍त के अतिरिक्‍त वर्तमान में कृषकों को स्‍थायी सिंचाई पंप कनेक्‍शन दिये जाने हेतु ''स्‍वंय का ट्रांसफार्मर (O.Y.T.)'' योजना लागू है, जिसके अंतर्गत कृषक अपने व्‍यय से, निर्धारित मापदंड के अनुसार वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित कर सकते हैं। उक्‍त योजनाओं से संबंधित जानकारी की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। (ख) वर्तमान में विधानसभा क्षेत्र गोहद में विद्युत प्रदाय किये जाने के लिए स्‍थापित किए गए कुल 3461 वितरण ट्रांसफार्मरों की ग्रामवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अनुसार है। (ग) गोहद विधानसभा क्षेत्रांतर्गत समस्‍त राजस्‍व ग्रामों के घरेलू उपभोक्‍ताओं को अपरिहार्य कारणों से आए आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर औसतन 24 घंटे प्रतिदिन विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। ग्रामों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। (घ) विधानसभा क्षेत्र गोहद अंतर्गत प्रश्‍नाधीन अवधि में नियमानुसार जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर को बदला गया है। किंतु किसी भी पुराने वितरण ट्रांसफार्मर को बदलकर नया वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित नहीं किया गया है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता।

गांवों में विद्युत समस्‍या का निराकरण

[ऊर्जा]

19. ( *क्र. 8 ) श्री नितेन्‍द्र बृजेन्‍द्र सिंह राठौर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक निवाड़ी एवं टीकमगढ़ जिले के कई गांवों में लाईट/बिजली न होने की शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं? क्‍या ट्रान्‍सफार्मर खराब एवं अन्‍य समस्‍याओं की शिकायतें प्राप्‍त हुईं? (ख) जले हुये ट्रान्‍सफार्मर को बदलने की समय-सीमा क्‍या है? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित स्‍थानों के खराब हुये ट्रान्‍सफार्मर समय-सीमा में बदले गये? यदि नहीं, तो क्‍या कारण?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) वितरण ट्रांसफार्मर के जलने/खराब होने के उपरान्‍त संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि का 10 प्रतिशत जमा करने अथवा 50 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं द्वारा बकाया राशि जमा करने पर संभागीय मुख्‍यालय में 12 घंटे एवं अन्‍य शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में शुष्‍क मौसम में 3 दिवस तथा मानसून के मौसम के दौरान माह जुलाई से सितंबर तक 7 दिवस में जला/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदलने अथवा विद्युत प्रदाय पुनर्स्‍थापित करने के प्रावधान हैं। तदनुसार वितरण कंपनी द्वारा पहुंच मार्ग की उपलब्‍धतानुसार उक्‍त निर्धारित समयावधि में जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदलने की कार्यवाही की जाती है। (ग) प्रश्‍नाधीन क्षेत्रांतर्गत समस्‍त जले/खराब पात्र वितरण ट्रांसफार्मर उत्‍तरांश (ख) में उल्‍लेखित नियमानुसार समय-सीमा में बदले गये हैं। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता है।

टोल बूथ अन्‍यत्र स्‍थापित करना

[लोक निर्माण]

20. ( *क्र. 1283 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला मुरैना स्थित टोल टैक्स बूथ नगर निगम मुरैना सीमा क्षेत्र अंतर्गत स्थापित है? यदि हाँ, तो उक्त टोल टैक्स एवं उससे लगे हुए तोल कांटे आदि के कारण टोल टैक्स पर हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे क्षेत्रवासियों को अति समस्या हो रही है? क्या टोल टैक्स बूथ को नगरीय क्षेत्र से बाहर अन्यत्र स्थापित किया जायेगा? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में टोल टैक्स बूथ पर रोजाना हजारों ओवर लोडेड डंपर निकलते हैं, जिसके चलते वहां पर अवैध वसूली हो रही है, जिसकी शिकायत भी समय-समय पर जनप्रतिनिधियों द्वारा की गई है? क्या इस अनियमितता को बंद करते हुए भ्रष्टाचारियों पर शिकंजा कसा जायेगा? (ग) शासन को हो रहे नुकसान के लिए जिम्मेदार पर कार्यवाही कब तक की जायेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से प्राप्‍त उत्‍तर संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से प्राप्‍त उत्‍तर संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से प्राप्‍त उत्‍तर संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "दो"

इन्दिरा आवास कुटीर तोड़ा जाना

[नगरीय विकास एवं आवास]

21. ( *क्र. 465 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले की विधानसभा पोहरी क्षेत्र में तहसील नरवर के ग्राम निजामपुर में निवासरत टन्‍टी आदिवासी पुत्र भोना आदिवासी की इंदिरा आवास की आवंटित कुटीर को अवैधानिक रूप से तोड़कर नगर पंचायत मंगरौनी द्वारा कॉम्‍पलेक्‍स का निर्माण कराया जा रहा है? पूर्ण विवरण सहित जानकारी दी जावे। (ख) प्रश्‍नांश '''' के क्रम में हितग्राही आदिवासी समाज का गरीब व्याक्ति है तथा उसकी कुटीर को बिना उसकी सहमति के तथा बिना उसकी उपस्थिति के तोड़ा गया, जिसमें उसकी घरेलू सामग्री खानेपीने का सामन, टी.व्ही. बक्‍सा आदि सामान नष्‍ट हो गया, क्या यह सही है? (ग) आवेदक की कुटीर को बिना सक्षम अधिकारी के आदेश के अवैधानिक रूप से तोड़ने एवं बिना सक्षम अधिकारी की स्वीकृति के तथा बिना भूमि आवंटन कराये कॉम्पलेक्‍स का निर्माण कराने वाले दोषियोंअध्यक्ष नगर पंचायत, सी.एम.. एवं उपयंत्री एवं अन्य संबंधित नगर पंचायत मंगरौनी के विरूद्व क्या‍ कार्यवाही की जावेगी और कब तक? (घ) आवेदक टन्‍टी आदिवासी द्वारा उक्त के संबंध में कलेक्टर शिवपुरी को भी आवेदन प्रस्तुत किये गये। उन पर क्या कार्यवाही की गई? साथ ही आवेदक के पास रहने का कोई साधन नहीं है, उसे क्या पुन: कुटीर बनाकर दी जावेगी तथा मुआवजा दिया जावेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं। नगर परिषद मगरौनी द्वारा शासकीय बंजर भूमि सर्वे क्र. 1517 (एस) वार्ड क्र. 03 मंगल भवन के पास रिक्त भूमि में सुलभ कॉम्प्लेक्स निर्माणाधीन है। यह निर्माण प्रशासक संकल्प क्र. 14, दिनांक 13.12.2021 के निर्णय के परिपालन में कराया गया है। किसी भी व्यक्ति का कोई आवास/कुटीर नहीं तोड़ा गया है। निकाय ने सुलभ कॉम्प्लेक्स निर्माण हेतु पत्र क्र. 1007, दिनांक 17.07.2023 द्वारा भूमि की मांग की गई। राजस्व विभाग से निकाय को आवंटन शेष है। (ख) जी नहीं। उत्तारांश '''' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उत्पन्न नहीं होता है। (ग) उत्तारांश '''' के परिप्रेक्ष्य में कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) टन्टी आदिवासी के द्वारा कलेक्टर जिला शिवपुरी को प्रस्तुत आवेदन की प्रति पर निकाय ने आवेदन के निराकरण हेतु स्थल निरीक्षण में निकाय ने पाया कि टन्टी आदिवासी की झोपड़ी वार्ड क्र. 2 सिद्धपुरा में स्थित है। आवेदक का भूमि स्वत्व न होने से आवेदक को उक्त भूमि का पट्टा प्रदाय करने हेतु अनुशंसा पत्र क्र. 1401, दिनांक 20.12.2023 कलेक्टर जिला शिवपुरी को दी गई जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "तीन"

भोपाल स्‍मार्ट सिटी योजनांतर्गत कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

22. ( *क्र. 836 ) श्री भगवानदास सबनानी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल में स्‍मार्ट सिटी योजना कब से आरंभ हुई? (ख) भोपाल स्‍मार्ट सिटी योजना कुल कितने क्षेत्रफल में निर्मित है तथा इसकी लागत कितनी है? (ग) क्‍या इसके निर्माण के दौरान हटाए गए मकान/दुकान का व्‍यवस्‍थापन हो गया है? यदि नहीं, तो कब तक हो जायेगा? (घ) उक्‍त सम्‍पूर्ण योजना कब तक पूर्ण होगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) वर्ष 2016 से। (ख) क्षेत्र आधारित विकास (ए.बी.डी.) के विकास घटक अंतर्गत कुल 342 एकड़ क्षेत्रफल में प्रस्तावित है। कुल लागत राशि रु 3440 करोड़ परिकलित है। (ग) आवासों में निवासरत शासकीय कर्मचारियों को अन्यत्र आवास का आवंटन संपदा संचालनालय द्वारा किया जाता है। समस्त विस्थापित दुकानदारों का नियमानुसार अस्थायी विस्थापन कर टी.टी. नगर क्षेत्र में प्लाट नं. 47-49 पर तथा 12 दफ्तर के सामने उपलब्ध स्थान पर अस्थायी गुमटीधारियों को व्यवसाय हेतु स्थान प्रदान किया गया है। समस्त विस्थापितों को भोपाल स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉर्पो. द्वारा टी.टी. नगर स्टेडियम के सामने निर्मित हाट बाजार में पक्की दुकाननिर्माण लागत के आधार पर प्रदान किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) भारत सरकार दवारा स्मार्ट सिटी मिशन की अवधि एक वर्ष के लिये बढ़ाते हुये जून 2024 तक की गई है।

विद्युत ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि एवं सुचारू विद्युत आपूर्ति

[ऊर्जा]

23. ( *क्र. 1571 ) श्री गोपाल सिंह इंजीनियर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आष्‍टा विधानसभा क्षेत्र अन्‍तर्गत कुल कितने 33/11 के.व्‍ही. के विद्युत सब स्‍टेशन कब से स्‍थ‍ापित हैं? विधानसभा क्षेत्र के कितने ऐसे गांव हैं, जहां क्षमता से कम के वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित हैं, जिससे वोल्‍टेज की कमी, ट्रांसफार्मर जल जाना आदि की समस्‍या से ग्रामीणों को घरेलू बिजली तथा खेतों में सिंचाई का कार्य प्रभावित हो रहा है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में विधानसभा क्षेत्र के कितने ग्रामों में विगत 03 माह से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक कितने ट्रांसफार्मर जले, कितनों को पुन: स्‍थापित किया गया तथा कितने आवेदन क्षमता वृद्धि के प्राप्‍त हुए? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार कंपनी द्वारा आष्‍टा विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों में जहां क्षमता से कम के ट्रांसफार्मर हैं, उन ग्रामों का सर्वे कर क्षमता वृद्धि की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) विधानसभा क्षेत्र आष्‍टा के समस्‍त ग्रामों, मजरा, टोला बस्तियों में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति की जा रही है? यदि नहीं, तो क्‍यों? वंचित ग्रामों का विवरण एवं इन गांवों में कब तक विद्युत आपूर्ति सुनिश्‍चित की जायेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) आष्टा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 33/11 के.व्ही. के कुल 28 विद्युत उपकेन्द्र स्थापित है, जिनका स्‍थापना संबंधी विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार है। विधानसभा क्षेत्र आष्टा के 206 ग्रामों में घरेलू, गैर घरेलू एवं कृषि पंप कनेक्‍शन के स्‍वीकृत भार अनुसार उचित क्षमता के वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित किये गये थे। तथापि नवीन संयोजनों की संख्‍या वृद्धि तथा विद्यमान संयोजनों में प्रतिवर्ष भार वृद्धि होने के कारण पूर्व से स्‍थापित 594 वितरण ट्रांसफार्मर अतिभारित हो गये हैं, जिनका ग्रामवार विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -2 अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में प्रश्‍नाधीन अवधि में कुल 61 ग्रामों में कुल 75 वितरण ट्रासंफार्मर जले/खराब हुए हैं। उक्‍त सभी जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों को बदल दिया गया है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र एवं अवधि में वितरण ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि हेतु कोई भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। (ग) उत्‍तरांश (क) एवं (ख) अनुसार प्रश्‍नाधीन क्षेत्र अंतर्गत अतिभारित 594 वितरण ट्रासंफार्मरों में से 143 वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के कार्य केन्‍द्र शासन की आर.डी.एस.एस. योजना के प्रथम चरण अंतर्गत स्वीकृत हैं। उक्‍त कार्य हेतु कार्यादेश मेसर्स रेल विकास निगम को जारी किया गया है। उक्‍त कार्य प्रगति पर है एवं कार्य, कार्यादेश की दिनांक से 24 माह की समय-सीमा में पूर्ण किया जाना है। शेष 451 अति‍भारित वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के कार्य आर.डी.एस.एस योजना के द्वितीय चरण अंतर्गत प्रस्‍तावित हैं, जिसकी स्‍वीकृति भारत सरकार से अपेक्षित है। अत: उक्‍त कार्यों हेतु निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र अंतर्गत समस्‍त राजस्‍व ग्रामों एवं उनके चिन्हित मजरों/टोलों में घरेलू विद्युत उपभोक्‍ताओं को अपरिहार्य कारणों से आए आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर प्रतिदिन 24 घंटे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्रांतर्गत समस्‍त ग्रामों एवं उनके चिन्हित मजरों/टोलों का विद्युतीकरण कार्य विभिन्न योजनाओं में पूर्व में पूर्ण किया जा चुका है। वर्तमान में कोई भी ग्राम एवं चिन्हित मजरा/टोला अविद्युतीकृत नहीं हैं। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता।

नवीन ग्रि‍ड एवं अविद्युतीकरण मजरे टोले

[ऊर्जा]

24. ( *क्र. 1404 ) डॉ. विक्रांत भूरिया : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) झाबुआ, अलीराजपुर जिले में विभाग द्वारा जिले में पर्याप्त बिजली उपलब्धता हेतु नवीन ग्रि‍ड हेतु किये गये शासन के प्रयासों का नीतियों का ब्यौरा प्रदान करें एवं आगामी समय में पर्याप्त बिजली उपलब्धता हेतु क्या रणनीति है? (ख) क्या रानापुर जनपद पंचायत अन्तर्गत मोरडुडिया, माछलियाझिर में वर्तमान में उदयगढ़ अलीराजपुर से विद्युत प्रदाय की जा रही है? क्या नवीन ग्रि‍ड प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो कब तक ग्रि‍ड की स्थापना हो जावेगी? (ग) झाबुआ-अलीराजपुर जिले के एक बड़े हिस्से में बिजली की कमी की समस्या है? इस विद्युत समस्या के निदान हेतु पिछले 3 वर्षों में शासन के द्वारा क्या कार्य किये गये हैं? (घ) शासन द्वारा किसानों के लिये ''मुख्य मंत्री कृषक मित्र योजना'' प्रारंभ की गई थी? उक्त योजना में झाबुआ एवं अलीराजपुर जिले में कृषकों को योजना का लाभ मिला? यदि हाँ, तो कितने कृषकों को लाभ मिला है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) झाबुआ एवं अलीराजपुर जिलों के अंतर्गत विद्युत उपभोक्‍ताओं की मांग अनुसार पर्याप्‍त विद्युत अधोसंरचना विद्यमान है। तथापि भविष्‍य में होने वाली संभावित भार वृद्धि के दृष्टिगत सतत् गुणवत्‍ता पूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित किये जाने हेतु प्रणाली सुदृढ़ीकरण के कार्य प्रत्‍येक वित्‍तीय वर्ष में चिन्‍हांकित/स्‍वीकृत किये जाते हैं। इसमें नवीन विद्युत उपकेन्‍द्रों (ग्रिड) हेतु भी प्रावधान किया जाता है, ताकि भविष्‍य में पर्याप्‍त बिजली हेतु आवश्‍यक विद्युत अधोसंरचना उपलब्‍ध हो सके। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में केन्‍द्र शासन की आर.डी.एस.एस. योजना अंतर्गत 5 एवं एस.एस.टी.डी. योजना अंतर्गत 01 नवीन 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेंद्र के कार्य स्वीकृत किये गये हैं, जिनकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) रानापुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम मोरडुडिया को 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेंद्र उदयगढ़, जिला अलीराजपुर से निर्गमित 11 के.व्ही. कानाकाकड़ फीडर से विद्युत प्रदाय किया जा रहा है एवं ग्राम माछलियाझिर को 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उप‍केन्‍द्र बन से निर्गमित 11 के.व्ही. अन्‍धारवड़ फीडर से विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। जी नहीं, उक्‍त दोनों ग्रामों के क्षेत्र हेतु कोई नवीन ग्रिड प्रस्‍तावित नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता है। (ग) वर्तमान में झाबुआ एवं अलीराजपुर जिलों में विद्युत आपूर्ति एवं विद्युत अधोसंरचना की कोई कमी नहीं है। तथापि प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में विद्युत भार में सतत् रूप से हो रही वृद्धि के परिप्रेक्ष्‍य में उपभोक्‍ताओं को गुणवत्‍ता पूर्ण विद्युत प्रदाय उपलब्‍ध कराने के उद्देश्‍य से प्रणाली सुदृढ़ीकरण हेतु विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत कार्य किये गये हैं, जिसकी प्रश्‍नाधीन विगत 3 वर्षों की चाही गई जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब-1', 'ब-2', 'ब-3', 'ब-4' एवं 'ब-5' अनुसार है। (घ) जी हाँ। झाबुआ एवं अलीराजपुर जिले के कृषकों द्वारा योजना का लाभ लेने हेतु पंजीकरण करवाया गया है। योजनांतर्गत प्राप्‍त आवेदनों में प्रस्‍तावित कार्य के सर्वे, योजना के प्रावधानों एवं तकनीकी साध्‍यता अनुसार प्राक्‍कलन तैयार किये जाने एवं प्राक्कलन स्वीकृति उपरांत कृषकों/कृषक समूहों द्वारा राशि जमा किये जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उपरोक्‍त कार्य/औपचारिकताएं पूर्ण होने के उपरांत योजनांतर्गत लाभान्‍वित कृषकों की जानकारी दिया जाना संभव हो सकेगा।

जिला रतलाम अंतर्गत फीडर सेप्रेशन

[ऊर्जा]

25. ( *क्र. 1566 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड इंदौर क्षेत्रान्‍तर्गत जिला रतलाम अंतर्गत विद्युत वितरण हेतु घरेलू फीडर एवं कृषि फीडर का सेप्रेशन किस विधान सभा क्षेत्र में पूर्ण हो गया है एवं जिन विधानसभा क्षेत्रों में उक्त मिश्रित फीडर (घरेलू फीडर एवं कृषि फीडर) का सेप्रेशन पूर्ण नहीं हुआ है, उक्त राजस्‍व ग्राम का नाम, फीडर का नाम सहित संपूर्ण सूची उपलब्ध करावें एवं उक्त राजस्‍व ग्रामों में विद्युत आपूर्ति हेतु बकाया मिश्रित फीडर का सेप्रेशन कर दिया जायेगा, कोई प्रस्‍तावित कार्य योजना हो तो बतावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित जिन विधानसभा क्षेत्रों में घरेलू फीडर एवं कृषि फीडर सेप्रेशन पूर्ण नहीं हुआ है, उक्त श्रेणी के मिश्रित फीडरों में कुल कितने घण्टे विद्युत आपूर्ति उपभोक्ताओं को विगत 02 वित्‍तीय वर्षों में की गई है? उसकी संपूर्ण जानकारी माहवार, वित्‍तीय वर्षवार उपलब्ध करावें। (ग) क्या जिला रतलाम के सैलाना, बाजना, शिवगढ़, सरवन एवं रावटी क्षेत्र में वर्तमान समय में फीडर सेप्रेशन न होने से किसानों को सिंचाई हेतु शासन की मंशानुसार 10 घंटे विद्युत आपूर्ति नहीं हो पा रही है और फीडर ओवरलोड चल रहे हैं? यदि हाँ, तो कौन-कौन से फीडर ओवरलोड चल रहे हैं? संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) क्या दिनांक 15.01.2024 को प्रश्‍नकर्ता विधायक द्वारा मध्यप्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री कार्यालय में आवेदन पत्र देकर 24, रतलाम लोक सभा संसदीय क्षेत्र में सतत् रूप से विद्युत आपूर्ति हेतु फीडर सेप्रेशन किये जाने के संबंध में लिखा गया था? यदि हाँ, तो उक्त पत्र पर विभाग के प्रमुख सचिव एवं अन्य सक्षम अधिकारि‍यों द्वारा क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, की गई तो इसके लिये कौन दोषी है? दोषी अधिकारी पर कब-तक कार्यवाही की जायेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इन्‍दौर अंतर्गत जिला रतलाम में विद्युत वितरण हेतु 11 के.व्‍ही. मिश्रित फीडरों का 11 के.व्‍ही. घरेलू फीडरों एवं 11 के.व्‍ही. कृषि फीडरों में विभक्तिकरण का कार्य रतलाम शहर, जावरा एवं आलोट विधानसभा क्षेत्रों में पूर्ण हो गया है तथा रतलाम ग्रामीण एवं सैलाना विधानसभा क्षेत्रों में कुल 31, 11 के.व्‍ही. मिश्रित फीडरों के विभक्तिकरण का कार्य नहीं हुआ है, फीडरों के नाम एवं संबंधित राजस्‍व ग्रामों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अनुसार है। उक्‍त 31 मिश्रित फीडरों में से 11 फीडरों के विभक्तिकरण का कार्य आर.डी.एस.एस. योजना में सम्मिलित किया गया है एवं इन फीडरों के विभक्तिकरण का कार्य माह मार्च, 2025 तक पूर्ण किया जाना है। शेष फीडरों के विभक्तिकरण का कार्य वित्‍तीय/तकनीकी साध्‍यता अनुसार भविष्‍य में आवश्‍यक होने पर किया जा सकेगा। (ख) उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित रतलाम ग्रामीण एवं सैलाना विधानसभा क्षेत्रों के 11 के.व्‍ही. मिश्रित फीडरों में विगत दो वित्‍तीय वर्षों, यथा-वित्‍तीय वर्ष 2021-22 एवं वित्‍तीय वर्ष 2022-23 में की गई औसत विद्युत आपूर्ति की माहवार, वर्षवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अनुसार है। (ग) जी हाँ। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में ओवरलोड चल रहे 11 के.व्‍ही. फीडरों एवं उनको अंडर लोड किये जाने हेतु की गई/की जा रही कार्यवाही की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अनुसार है। (घ) जी हाँ, माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय द्वारा पत्र दिनांक 13.01.2024 के माध्‍यम से फीडर विभक्तिकरण हेतु माननीय मुख्‍यमंत्री जी म.प्र. शासन को लेख किया गया था। उक्‍त पत्र प्राप्‍त होने पर त्‍वरित कार्यवाही करते हुए विभाग के पत्र दिनांक 31.01.2024 द्वारा प्रबंध संचालक, म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को नियमानुसार आवश्‍यक कार्यवाही किए जाने हेतु निर्देशित किया गया है। वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धता के आधार पर फीडर विभक्तिकरण की कार्यवाही की जायेगी। उपरोक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में किसी भी अधिकारी/कर्मचारी के दोषी होने या किसी के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न नहीं उठता।

 

 

 

 






भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्‍नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्‍नोत्तर


विद्युतीकरण के लंबित कार्य

[ऊर्जा]

1. ( क्र. 28 ) श्री कुँवर सिंह टेकाम : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी/सिंगरौली जिले के अन्तर्गत विकासखण्ड मझौली एवं कुसमी सीधी जिला एवं विकासखण्ड देवसर जिला सिंगरौली में विद्युत विहीन, टोले, मंजरे में कितने घर शेष है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में विद्युत विहीन टोले-मंजरे के घरों में विद्युतीकरण का कार्य कब तक पूर्ण करा लिया जावेगा? कार्य योजना की जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में जले हुये ट्रांसफार्मरों को कब तक बदल दिया जावेगा? (घ) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में ट्रांसफार्मरों की उपलब्धता के लिये सीधी में स्टोर बनाने के लिये शासन स्तर पर क्या कार्यवाही प्रस्तावित है? कब तक स्टोर स्थापित कर दिया जावेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जिला सीधी के मझौली एवं कुसमी विकासखण्‍ड में विद्युत विहीन तथा आंशिक विद्युतीकरण वाले मजरों/टोलों के 3178 घर अविद्युतीकृत हैं। जिला सिंगरौली के देवसर विकासखण्‍ड में विद्युतविहीन तथा आंशिक विद्युतीकरण वाले मजरों/टोलों के 6383 घर अविद्युतीकृत हैं। (ख) जिला सीधी के प्रश्‍नाधीन क्षेत्र के 910 अविद्युतीकृत घरों के विद्युतीकरण कार्य को प्रधानमंत्री जनमन योजना में सम्मिलित कर लिया गया है एवं यह कार्य माह सिंतबर 2024 तक पूर्ण होना संभावित है। जिला सीधी के प्रश्‍नाधीन क्षेत्र के शेष 2268 अविद्युतीकृत घरों एवं जिला सिंगरौली के प्रश्‍नाधीन क्षेत्र के 6383 अविद्युतीकृत घरों के विद्युतीकरण हेतु सर्वेक्षण कार्य प्रगति पर है। भविष्‍य में वित्‍तीय एवं तकनीकी साध्‍यता एवं वित्‍तीय उपलब्‍धता के अनुरूप इनका विद्युतीकरण किया जा सकेगा। उपरोक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में निर्धारित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जिला सीधी एवं सिंगरौली के प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में क्रमश: 23 एवं 09 वितरण ट्रांसफार्मर जले/खराब हैं। उक्‍त जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों से संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि जमा नहीं किए जाने के कारण उक्‍त जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदलने हेतु अपात्र हैं। वितरण ट्रांसफार्मर के जलने/खराब होने के उपरान्‍त संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि का 10 प्रतिशत जमा करने अथवा 50 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं द्वारा बकाया राशि जमा करने पर संभागीय मुख्‍यालय में 12 घंटे एवं अन्‍य शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में शुष्‍क मौसम में 3 दिवस तथा मानसून के मौसम के दौरान माह जुलाई से सितंबर तक 7 दिवस में जला/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदलने अथवा विद्युत प्रदाय पुनर्स्‍थापित करने के प्रावधान हैं। उक्‍त जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों से संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि जमा करने पर, पात्र होने के उपरांत इन्‍हें उपरोक्‍तानुसार निर्धारित समय-सीमा में बदल दिया जावेगा। उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में जले/खराब विद्युत ट्रांसफार्मरों को बदलने की निर्धारित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रान्‍तर्गत जिला सीधी व सिंगरौली हेतु वितरण ट्रांसफार्मर सहित सभी मुख्‍य सामग्री क्षेत्रीय भण्‍डार सतना से जारी की जाती है। रबी मौसम में हर जिला मुख्‍यालय में इम्‍प्रेस्‍ट में वितरण ट्रांसफार्मर उपलब्‍ध कराए जाते हैं जिससे वितरण ट्रांसफार्मर खराब होने पर तत्‍काल बदला जा सके। वर्तमान में सीधी में क्षेत्रीय भण्‍डार स्‍थापना का कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है।

क्षतिग्रस्त मार्ग का नव निर्माण

[लोक निर्माण]

2. ( क्र. 29 ) श्री कुँवर सिंह टेकाम : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सीधी जिले के अन्तर्गत तिलवारी हरदी जनकपुर मार्ग की वर्तमान स्थिति जर्जर एवं क्षतिग्रस्त हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में जर्जर एवं क्षतिग्रस्त मार्ग के नव निर्माण हेतु लोक निर्माण विभाग के द्वारा स्वीकृत हेतु प्रस्ताव क्‍या शासन स्तर पर विचाराधीन है? यदि हाँ, तो प्रस्‍ताव पर की गई कार्यवाही की जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में क्षतिग्रस्त मार्ग के निर्माण हेतु कब तथा कितनी राशि स्वीकृत कर दी जावेगी? (घ) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्षतिग्रस्त मार्ग की मरम्मत पूर्व में की गई है। यदि मरम्मत की गई है तो कितनी राशि व्यय की गयी?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। उपलब्‍ध वित्‍तीय संसाधन में मार्ग को मोटरेबल बनाये रखा है। (ख) जी हाँ। बजट में सम्मिलित किये जाने हेतु कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में वर्तमान में समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (घ) जी हाँ। विगत तीन वर्ष में कुल रूपये 45.09 लाख व्‍यय की गयी है।

सिंध नदी पर पुल का निर्माण

[लोक निर्माण]

3. ( क्र. 43 ) श्री रमेश प्रसाद खटीक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधान सभा क्षेत्र क्र.23 करैरा जिला शिवपुरी अंतर्गत ग्राम मिहावरा एवं दोनी के बीच सिन्‍ध नदी पर पुल नहीं बनने से करीब 50 ग्रामों के रहवासियों को करीब 20 कि.मी. चक्‍कर लगाकर जाना पड़ता है? (ख) क्‍या वर्तमान में रहवासियों को आवागमन में असुविधा हो रही है एवं करीब 20 कि.मी. का चक्‍कर लगाकर जाना पड़ रहा है? (ग) यदि हाँ, तो ग्राम मिहावरा एवं दोनी के बीच सिंध नदी पर पुल निर्माण कराया जावेगा? यदि हाँ तो कब तक यदि नहीं तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) उक्‍त कार्य वर्तमान में न तो प्रस्‍तावित है और न ही बजट में शामिल है। अत: निश्‍िचत समय बताना संभव नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

सोलर पम्प का प्रदाय

[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]

4. ( क्र. 54 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. शासन द्वारा किसानों को सोलर पंप प्रदाय किये जाने हेतु क्या मापदंड है? पन्ना जिले में वित्तीय वर्ष 2023-24 अन्तर्गत सोलर पंप प्रदाय किये जाने हेतु कितना लक्ष्य रखा गया था? (ख) उक्त योजना अन्तर्गत पन्ना जिले हेतु कितना आवंटन प्राप्त हुआ था एवं आवंटन के विरूद्ध कितने किसानों को कितनी-कितनी अनुदान सहायता राशि दी गई? हितग्राहीवार एवं ग्रामवार जानकारी देवें।

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्‍ला ) : (क) सोलर पंप की स्‍थापना हेतु शासन के नियम शर्तें एवं दिशा निर्देश की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'अनुसार  है। कृषक आवेदक cmsolarpump.mp.gov.in के माध्‍यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। शासन द्वारा दिया जाने वाला कुल अनुदान एवं आवेदक किसान द्वारा जमा करने वाली राशि की जानकारी दिनांक 16 जुलाई 2021 को अधिसूचित नवीन सोलर पंप योजना, के पूर्व प्राप्‍त आवेदनों पर अनुदान के विवरण की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'अनुसार है।  सोलर पंप की क्षमता के अनुसार एक निश्‍िचत राशि हितग्राही द्वारा 'हितग्राही अंश' के रूप में देय होगी। पंप की कुल कीमत की 30 प्रतिशत राशि MNRE की  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'' अनुसार देय होगी एवं शेष राशि का टॉपअप मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा किया जावेगा। मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा यह भी निर्णय लिया गया कि दिनांक 16 जुलाई 2021 के पूर्व (मध्‍यप्रदेश राजपत्र क्रमांक- 43 दिनांक 04.02.2020) मुख्‍यमंत्री सोलर पंप योजना के अंतर्गत जिन हितग्राहियों द्वारा सोलर पंप स्‍थापना हेतु पंजीयन किया गया है, वह पूर्ववत निर्धारित शर्तें पूरी करने पर योजना का लाभ प्राप्‍त करने के पात्र होंगे की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'' अनुसार दिनांक 16.07.2021 एवं इसके बाद प्राप्‍त आवेदनों पर अनुदान के विवरण की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'अनुसार है।  सोलर पंप की लागत पर 30 प्रतिशत अनुदान केन्‍द्र शासन द्वारा एवं 30 प्रतिशत अनुदान राज्‍य शासन द्वारा दिया जावेगा, शेष हितग्राही का अंश रहेगा। पन्‍ना जिले में वित्‍तीय वर्ष 2023-24 के अंतर्गत सोलर पंप प्रदाय किये जाने हेतु पृथक से लक्ष्‍य नहीं रखा गया है। संपूर्ण मध्‍यप्रदेश हेतु वर्ष 2023-24 में मध्‍यप्रदेश शासन से बजट की उपलब्‍धता अनुसार 10000 नग सोलर पंपों की स्‍थापना का लक्ष्‍य रखा गया है जिससे 16 जुलाई 2021 के पूर्व पंजीकृत समस्‍त पात्र हितग्राहियों (लगभग 8500) को एक साथ लाभान्वित किया जा सकें। (ख) उक्‍त योजनांतर्गत पन्‍ना जिले हेतु राज्‍य शासन से पृथक से आवंटन नहीं किया गया था (राज्‍य शासन द्वारा जिलेवार आवंटन न करते हुए संपूर्ण मध्‍यप्रदेश हेतु आवंटन किया जाता है)। संपूर्ण मध्‍यप्रदेश हेतु वित्‍तीय वर्ष 2023-24 के अंतर्गत 39 करोड़ का आवंटन किया गया था। प्रदेश में सोलर पंपों की स्‍थापना का कार्य शासन की नीति के अनुसार केन्‍द्र शासन से अनुमोदित दरें प्राप्‍त होने पर सोलर पंपों की स्‍थापना की जाती है। पूर्व केन्‍द्रीय निविदा की वैधता समाप्‍त हो जाने के कारण केन्‍द्र शासन द्वारा नवीन केन्‍द्रीय निविदा की गई थी किन्‍तु उक्‍त निविदा के माध्‍यम से म.प्र. हेतु 1 ये 7.5 एच.पी. क्षमता के संयंत्रों हेतु अनुमोदित दरें प्राप्‍त नहीं हुई। वर्तमान में केन्‍द्र शासन के निर्देशानुसार म.प्र.में सोलर पंपों की स्‍थापना हेतु राज्‍य शासन द्वारा निविदा की गई है। निविदा की कार्यवाही प्रचलन में है। निविदा के माध्‍यम से अनुमोदित दरें प्राप्‍त होने पर सोलर पंप स्‍थापना का कार्य प्रारंभ किया जा सकेगा। वित्‍तीय वर्ष 2023-24 में संपूर्ण प्रदेश (पन्‍ना जिला सहित) में सोलर पंपों की स्‍थापना का कार्य संपादित न हो पाने के कारण पन्‍ना जिले में किसानों को दी जाने वाली अनुदान सहायता राशि निरंक है।

पन्ना जिले में स्‍वीकृत निर्माण कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

5. ( क्र. 61 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पन्ना जिले में छत्रसाल स्टेडियम, श्री जुगल किशोर स्टेडियम, जुगल किशोर महालोक एवं धरमसागर में महाराजा छत्रसाल जी की मूर्ति की स्थापना के कार्य स्वीकृत किये गये है? (ख) यदि हाँ तो इन कार्यों के निर्माण हेतु अभी तक क्या-क्या कार्यवाही की गई है? इन कार्यों को कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा? यदि नहीं तो क्यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "चार"

यातायात एवं प्रदूषण की समस्या

[लोक निर्माण]

6. ( क्र. 62 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अजयगढ़ से सतना जिला जाने हेतु भारी वाहन पन्ना शहर के अन्दर से होकर गुजरते है? (ख) यदि हाँ, तो क्या इन वाहनों के कारण पन्ना शहर में होने वाली यातायात समस्या व प्रदूषण को देखते हुए अजयगढ़ रोड से सतना-कटनी से छतरपुर जाने हेतु बायपास मार्ग का निर्माण किये जाने हेतु कोई योजना बनाई गयी है यदि हाँ तो क्या? यदि नहीं तो क्या इस मार्ग के निर्माण हेतु कोई कार्यवाही प्रस्तावित की जावेगी? यदि हाँ तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। वर्तमान में कोई योजना नहीं है। अतः शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित  नहीं होता।  कोई कार्यवाही प्रस्तावित नहीं है। अतः निश्‍िचत समय-सीमा बताया  जाना संभव नहीं है। अपितु अजयगढ़ रोड से छतरपुर जाने हेतु बाईपास पूर्व से ही निर्मित है।

विद्युत सब स्टेशन की स्‍थापना

[ऊर्जा]

7. ( क्र. 73 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परासिया विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत लगभग 5 ग्राम पंचायतें बुदलापठार (सूठिया कोंडरा), कोहका, दमुआ, धमनिया, लोहारीबांदरी व उनके आश्रित गॉंवों में तामिया (छिंदी) फिडर से विद्युत की सप्लाई की जाती है, चूंकि इन सभी पंचायतों गॉंवों में भारिया समाज,आदिवासी समाज के परिवार बहुत अधिक संख्या में निवासरत हैं गॉंवों में वोल्टेज की निरंतर समस्या रहती है यदि लाइन में ब्रेकडाउन होता है तो कई दिनों तक विद्युत बंद रहती है तथा अधिकारी, कर्मचारी समस्या के समाधान में ध्यान नहीं देते जिससे उपभोक्ताओं, कृषकों, भारिया/आदिवासी समाज के छात्र/छात्राओं को परेशानियां होती है समस्या के निदान हेतु ग्राम दमुआ एवं ग्राम कोहका के बीच में 33/11 के.व्ही. का सब स्टेशन (उपकेन्द्र) स्थापित किया जाना अति आवश्यक है तथा स्थापित सब स्टेशन को परासिया डिविजन के पगारा से जोड़ा जाना भी आवश्यक है। क्या सब स्टेशन स्थापित किये जाने हेतु विभाग द्वारा कार्यवाही की जायेगी? (ख) ग्राम दमुआ एवं कोहका के बीच में 33/11 के.व्ही. का सब स्टेशन की स्थापना हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा विभागीय मंत्री जी को पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2024/39 दि.10.01.2024 प्रेषित किया गया था, उस पर अभी तक क्या कार्यवाही हुई है? (ग) भारिया समाज, आदिवासी समाज के उत्थान एवं उनकी विद्युत संबंधी समस्या के निदान हेतु ग्राम दमुआ एवं ग्राम कोहका के बीच में 33/11 के.व्ही. का सब स्टेशन स्थापित किये जाने हेतु विभिन्न औपचारिकताओं को पूर्ण करते हुये कब तक स्वीकृति प्रदान कर दी जायेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) विधानसभा क्षेत्र परासिया के ग्राम पंचायत/ग्राम कोहका, दमुआ, धमनिया एवं आस-पास के क्षेत्र को छिंदी वितरण केन्‍द्र के अंतर्गत 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र छिन्‍दी से निर्गमित 11 के.व्‍ही. सिधोली फीडर (मिश्रित) से एवं ग्राम पंचायत/ग्राम लोहारी बांदरी एवं आस-पास के क्षेत्र को उक्‍त विद्युत उपकेन्‍द्र से निर्गमित 11 के.व्‍ही. नागरी फीडर (मिश्रित) से तथा ग्राम पंचायत/ग्राम सुठिया एवं आसपास के क्षेत्र में तामिया वितरण केन्‍द्र के अंतर्गत 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र तामिया से निर्गमित 11 के.व्‍ही. लिंगा फीडर (मिश्रित) से विद्युत आपूर्ति की जा रही है। उक्‍त उल्‍लेखित ग्रामीण क्षेत्र सघन वन क्षेत्र में स्थित है। प्राकृतिक आपदा एवं तकनीकी खराबी के कारण आये आकस्मिक व्‍यवधानों को छोड़कर उक्‍त ग्रामों में नियमानुसार विद्युत प्रदाय किया जाता है। विद्युत प्रदाय में व्‍यवधान आने की स्थिति में म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा शीघ्रातिशीघ्र उपलब्‍ध संसाधनों का उपयोग करते हुए आवश्‍यक सुधार कार्य किया जाकर विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाती है। इसके अतिरिक्‍त, ग्रामवासियों द्वारा की जाने वाली विद्युत संबंधी शिकायतों पर त्‍वरित कार्यवाही की जाती है। उल्‍लेखनीय है कि म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा समस्‍त स्‍थापित विद्युत अधोसंरचना के रखरखाव का कार्य मानसून पूर्व एवं मानसून अवधि के पश्‍चात करने के अलावा विद्युत व्‍यवधानों/दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्‍य से पूरे वर्ष सतत रूप से किया जा रहा है। प्रश्‍नाधीन ग्रामों को विद्युत प्रदाय कर रहे 11 के.व्‍ही. फीडरों को 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र पगारा से संबद्ध किये जाने का कार्य तकनीकी रूप से साध्‍य नहीं है। तथापि उक्‍त ग्रामों में विद्युत प्रदाय की गुणवत्‍ता में सुधार हेतु 11 के.व्‍ही. सिधोली मिश्रित फीडर के भार को कम करने एवं वोल्‍टेज की समस्‍या के निराकरण हेतु 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र छिन्‍दी में 1 नवीन-बे तैयार कर 1 कि.मी. नवीन 11 के.व्‍ही. लाइन के इंटरकनेक्‍शन का कार्य पूर्णता की ओर है, 11 के.व्‍ही. नागरी मिश्रित फीडर पर भार कम करने एवं वोल्‍टेज की समस्‍या के निराकरण हेतु इसके विभक्तिकरण का कार्य आर.डी.एस.एस योजना में प्रस्‍तावित है तथा 11 के.व्‍ही. लिंगा फीडर से वर्तमान में सुचारू रूप से विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र अन्‍य कोई कार्य/कार्यवाही किया जाना वर्तमान में आवश्‍यक नहीं है। (ख) प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक का पत्र दिनांक 10.01.2024, प्रश्‍न दिनांक तक अप्राप्‍त है। तथापि प्रश्‍नाधीन ग्रामों में विद्युत संबंधी समस्‍याओं के निवारण हेतु की जा रही कार्यवाही की जानकारी उत्‍तरांश (क) में वर्णित विवरण अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखानुसार की जा रही कार्यवाही के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में अन्‍य कोई कार्यवाही वर्तमान में आवश्‍यक नहीं है।

फ्लाई ओवर ब्रिज का निर्माण

[लोक निर्माण]

8. ( क्र. 95 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) एम.पी.आर.डी.सी. जबलपुर ने रद्दी चौकी से लेकर डॉ. अम्‍बेडकर चौराहा जबलपुर तक कितने कि.मी. लम्‍बा फ्लाई ओवर ब्रिज का निर्माण हेतु डी.पी.आर. तैयार कर इसे स्‍वीकृति हेतु शासन को कब भेजा हैं? मूल योजना क्‍या हैं? इस पर शासन ने क्‍या कार्यवाही की हैं? (ख) क्‍या शहर की यातायात व्‍यवस्‍था में सुधार एवं जाम की समस्‍या से निजात दिलाने हेतु तत्‍कालीन शासन काल वर्ष 2018-19 में इसका निर्माण कराने हेतु सैद्धांतिक प्रशासकीय स्‍वीकृति दी गई थी? यदि हाँ, तो इसका अभी तक निर्माण कार्य न कराने का क्‍या कारण हैं? (ग) क्‍या शासन प्रश्‍नांकित फ्लाई ओवर ब्रिज के निर्माण की आवश्‍यकता को देखते हुये इसे प्रशासकीय स्‍वीकृति प्रदान कर बजट में राश‍ि का प्रावधान करके इसका निर्माण कार्य कराना सुनिश्‍िचत करेगा? (घ) अधारताल पुलिस थाना से लेकर रद्दी चौकी जबलपुर तक स्‍वीकृत फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण की क्‍या स्थिति हैं? इसके लिये शासन ने कब कितनी राशि आवंटित की हैं? यदि नहीं तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) रद्दी चौकी से डॉ अम्बेडकर चौराहा तक जबलपुर के फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण हेतु कोई भी प्रस्ताव शासन को नहीं भेजा है अतः शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहींअतः शेष का प्रश्‍न  उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्‍तरांश  (एवं  (अनुसार। (घ) अधारताल पुलिस थाना से रद्दी चौकी  जबलपुर के बीच सेतु बंधन  योजनान्तर्गतफ्लाई ओवर निर्माण हेतु  वर्तमान में कार्य स्वीकृत नहीं है।  अतः शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

घमापुर-रांझी फोरलेन सड़क का निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

9. ( क्र. 96 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्मार्ट सिटी योजना के तहत घमापुर से रांझी तक कितने कि.मी. फोरलेन सड़क निर्माण की मूल योजना व लागत क्या हैं। इसके तहत कब किस एजेंसी से किन शर्तों पर कहां से कहां तक कौन-कौन सा कार्य कराया गया हैं? कहां-कहां का कौन-कौन सा कार्य अपूर्ण, निर्माणाधीन व कब से अप्रारंभ है एवं क्यों? निर्माण एजेंसी को कितनी राशि का भुगतान किया गया? वर्ष 2023-24 तक की जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में कहां से कहां तक कितने कि.मी. फोरलेन सड़क निर्माण निर्धारित मापदण्ड एवं मूल योजना के तहत नहीं कराया गया है एवं क्यों? कहां-कहां के अतिक्रमणों को हटाये बिना ही कितनी चौड़ी सड़क का निर्माण कराया है एवं क्यों? अपूर्ण निर्माण कार्य से कहां-कहां पर ब्लैक स्पाट दुर्घटना स्थल बन गये हैं, इसके लिये दोषी अधिकारियों व एजेंसी पर कब क्या कार्यवाही की गई? (ग) घमापुर के समीप पुलिया चौड़ीकरण का कार्य कब से बंद है एवं क्यों? यहां पर होने वाली वाहन दुर्घटनाओं के लिये कौन दोषी है? क्या शासन गुणवत्ताविहीन, अपूर्ण व निर्धारित मापदण्डों व मूल योजना के तहत सड़क का निर्माण न कराने भ्रष्टाचार की जांच कराकर दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) घमापुर से चुंगी चौकी 2 कि.मी. एवं गोकलपुर से रांझी 2.6 कि.मी. की फोरलेन सड़क निर्माण की मूल योजना हैजिसकी लागत राशि रूपये 31.31 करोड़ है। इसके तहत नियमानुसार निविदा नगरीय प्रशासन SOR  पर जारी कर प्रतिशत दर की शर्त पर न्यूनतम दर L1 पर चयनित एजेंसी मेसर्स पी.एस. कंस्ट्रक्शन से घमापुर से चुंगी चौकी एवं गोकलपुर से रांझी सड़क पर कार्य कराया गया है। जिन स्थानों पर निर्माण हेतु स्थल पर न्यायालय में विचारधीन प्रकरण एवं वैधानिक व्यवधानों के कारण उपलब्ध नहीं था उन स्थानों पर नाली एवं फुटपाथ का कार्य नहीं किया जा सका है। घमापुर क्षेत्रांतर्गत पुलिया चौड़ीकरण का कार्य के स्थान से संलग्न भूमि पर न्यायालय में विचारा‍धीन याचिका क्र. WP 28228 में स्थगन के कारण बंद है। योजना अंतर्गत फुटपाथ का कार्य रांझी शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज क्षेत्रांतर्गत एवं नाली निर्माण के लिये उपलब्ध भूमि पर निर्माण किया जा चुका है। सड़क निर्माण कार्य अंतर्गत केरिएज वे प्रस्तावित लंबाई पर पूर्ण कर लिया गया है। निर्माण एजेंसी मेसर्स पी.एस. कंस्ट्रक्शन को 27.24 करोड़ का भुगतान किया गया है। ख) सड़क निर्माण कार्य निर्धारित मापदण्डोंमूल योजना के अनुसार किया गया है अपितु परियोजना अंतर्गत कुछ स्थानों पर फुटपाथ निर्माण हेतु आवश्यक भूमि रहवासियों के भवन होने के कारण उपलब्ध नहीं हो पाई इस कारण फुटपाथ निर्माण का कार्य नहीं किया जा सका हैजिसकी जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट पर है। घमापुर के समीप पुलिया चौड़ीकरण के कार्य में प्रचलित याचिका क्र. WP 28228 में पारित स्थगन आदेश के कारण रोका गया है। निर्माण के समय अतिक्रमण हटाकर जो भूमि उपलब्‍ध हुई उस पर कार्य किया जा चुका है। पुलिया के स्थान को छोड़कर सड़क की चौड़ाई लगभग 9.3 मीटर सड़क के दोनों तरफ है। स्थल पर निर्माण कार्य से ब्लैक स्पॉट नहीं बना हैशेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) घमापुर के समीप पुलिया चौड़ीकरण का कार्य याचिका क्र. WP 28228 में पारित स्थगन आदेश के कारण दिनांक 21.12.2021 से बंद है। निर्माण उपरांत इस सड़क पर विगत 04 वर्ष से सुचारु आवागमन संचालित है। कार्य निर्धारित गुणवत्ता तथा मापदंड के आधार पर ही कराया गया है एवं इसकी गुणवत्ता संतोषप्रद है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "पांच"

उज्जैन जिले में पदस्थ प्रभारी अधीक्षण यंत्री की पदस्‍‍थापना

[लोक निर्माण]

10. ( क्र. 154 ) श्री सतीश मालवीय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान में उज्जैन जिले में पदस्थ प्रभारी अधीक्षण यंत्री, लोक निर्माण विभाग मण्डल उज्जैन में कब से किन-किन पदों पर उज्जैन जिले में पदस्थ हैं। पदवार सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) वर्तमान प्रभारी अधीक्षण यंत्री, मण्डल उज्जैन पर बड़वानी जिले में कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग रहते हुए अनियमितताओं के संबंध में आर्थिक अपराध ब्यूरो इंदौर में प्राथमिकी कब दर्ज की गई और किन-किन प्रकरणों में दर्ज की गई सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) आर्थिक अपराध ब्यूरो में प्राथमिकी दर्ज होने पर भी प्रभारी अधीक्षण यंत्री के पद पर उज्जैन मण्डल में कैसे पदस्थ हैं। इनके विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज होन के बाद विभाग द्वारा अभी तक क्या कार्यवाही की गई है? (घ) वर्तमान में उज्जैन जिले में पदस्थ प्रभारी अधीक्षण यंत्री, लोक निर्माण विभाग मण्डल के विरूद्ध उज्जैन जिले के उज्जैन कानीपुरा तराना रोड निर्माण की अनियमितता के संबंध में लोकायुक्त उज्जैन में भी कोई जांच प्रचलित है। विभाग द्वारा की गई कार्यवाही की सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ख) दिनांक 22/12/2023 को। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ग) शासनादेश दिनांक 13/2/2023 से प्रशासकीय आधार पर पदस्‍थ है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। ई.ओ.डब्‍ल्‍यू. में प्राथमिकी दर्ज होने के पूर्व से पदस्‍थ हैं। प्राथमि‍की दर्ज होने, विवेचना उपरांत अभियोजन स्‍वीकृति पश्‍चात मान. न्‍यायालय में चालान प्रस्‍तुत होने पर नियम अनुसार कार्यवाही की जाती है, अत: प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-2 एवं  3 अनुसार है।

टीकमगढ़ शहर की बहुमूल्‍य भूमि में हेराफेरी

[नगरीय विकास एवं आवास]

11. ( क्र. 162 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या यह सही है कि टीकमगढ़ शहर की म.प्र. नगर ग्राम निवेश की कार्य योजना वर्ष 2011-2031 तक की स्‍वीकृति की गई है? (ख) क्‍या उक्‍त कार्य योजना को म.प्र. शासन स्‍तर से ही परिवर्तन या संशोधन किया जाता है, कलेक्‍टर द्वारा संशोधन नहीं किया जा सकता है? (ग) यदि हाँ तो टीकमगढ़ शहर में जलाशय, पार्क, वृक्षारोपण आदि को सुरक्षित जगह अवैध कॉलोनियां निर्माण हो रही है? (घ) क्‍या वर्ष 1995 से स्‍वीकृत ट्रांसपोर्ट नगर की जगह टीकमगढ़ शहर में विद्युत सब स्‍टेशन बनाया जा रहा है ऐसा क्‍यों? कौन दोषी है क्‍या देहात थाना के बगल से एवं पुलिस लाइन से रास्‍ता दिया गया है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) टीकमगढ़ विकास योजना, 2031 म.प्र. राजपत्र में प्रकाशन दिनांक 08.09.2017 से प्रभावशील है। (ख) म.प्र. नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 23 के अनुसार विकास योजना का पुनर्विलोकन एवं उपांतरण राज्य सरकार द्वारा किया जाता है। (ग) जी हाँ। कॉलोनाइजर श्री महेश गिरी, महेश साहू द्वारा वार्ड नंबर-11 निर्माण कार्य कराया जा रहा है। कॉलोनी निर्माण कार्य को यथा स्थिति बंद करने हेतु कॉलोनाइजर को नोटिस जारी किये गये है। (घ) कलेक्टर, जिला टीकमगढ़ द्वारा म.प्र. विद्युत मण्डल, टीकमगढ़ को विद्युत सब स्टेशन निर्माण हेतु भूमि आवंटित की गई है। आवंटित भूमि पर विद्युत मण्डल द्वारा सबस्टेशन का निर्माण किया जा रहा है। देहात थाना, नगर क्षेत्र सीमा में नहीं आता है एवं पुलिस लाइन से रास्ता दिया गया है।

शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाया जाना

[नगरीय विकास एवं आवास]

12. ( क्र. 192 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सर्वे नं. 438 ग्राम पाडल्या कलां तह. नागदा की शासकीय भूमि पर नवम्बर 2023 में बिना अनुमति एवं नक्शा पास कराए हुए 07 पक्की दुकानों का नवीन अवैध निर्माण किया गया है? यदि हाँ तो म.प्र. शासन एवं नगर पालिका परिषद् नागदा द्वारा उक्त अवैध निर्माण को हटाये जाने हेतु क्या कार्यवाही की गई? अवैध निर्माणकर्ताओं का एडीजे कोर्ट नागदा से स्थगन आवेदन निरस्त होने के पश्‍चात म.प्र. शासन एवं नगर पालिका नागदा द्वारा तत्काल अवैध निर्माण क्यों नहीं हटाया गया एवं अतिकमणकर्ताओं को माननीय उच्च न्यायालय से स्थगन लाने हेतु सांठ-गांठ कर समय दिया गया? यदि हाँ तो अवैध निर्माण करवाने एवं हटाने में किन-किन अधिकारियों की लापरवाही रही? लापरवाह अधिकारियों पर क्या कार्यवाही की गई? अधिकारियों के नाम एवं पद नाम सहित विवरण दें। (ख) क्या म.प्र. शासन द्वारा एडीजे कोर्ट नागदा में उक्त भूमि के संबंध में 200 करोड़ का काउन्टर क्लेम वर्ष 1910-11 की ग्वालियर स्टेट की शासकीय भूमि को लीज पर दिए जाने की सम्पूर्ण फाईल एवं कबुलियतनामा (पट्टा) पेश करने के बावजूद भी उक्त भूमि का न्यायालय से निराकरण कराने में शासन द्वारा तत्परता दिखाते हुए शीघ्र सुनवाई किए जाने हेतु क्या कार्यवाही की गई? शासन कब तक अपनी भूमि को अपने आधिपत्य में लेगा? (ग) नागदा व खाचरौद तहसील के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में 01 जनवरी 2023 से 15/01/2024 तक कितने आवेदन सीमांकन, बंटवारा, नामातंरण, त्रुटि सुधार के प्राप्त हुए है? प्राप्त आवेदनों के कितने न्यायालयीन प्रकरण दर्ज किए गए है तथा उनमें से कितनों के प्रकरण दर्ज करना शेष है? कितने प्रकरण समय-सीमा में कार्यवाही नहीं करने के कारण निरस्त हुए? (घ) नागदा बायपास के रेल्वे ओव्हर ब्रिज के पूर्व की ओर लगी शासकीय भूमि पर सर्विस मार्ग के निर्माण में बाधा बने अतिक्रमण को हटाने हेतु कमिश्‍नर, कलेक्टर उज्जैन व संभागीय प्रबंधक म.प्र. सड़क विकास निगम उज्जैन द्वारा पत्र कं. 1839/उज्जैन/जावरा टु-लेन/2023 उज्जैन दिनांक 06/06/2023, पत्र क. 1260 दि. 28/04/2023 व पत्र कं. 1646 दि. 24/05/2023 द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) नागदा को अतिक्रमण हटाने के अनुरोध के बावजूद भी अतिक्रमण क्यों नहीं हटाया गया है? अतिक्रमण कब तक हटा दिया जाएगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

टोल के संबंध में शासन के मापदण्‍ड एवं शर्तें

[लोक निर्माण]

13. ( क्र. 236 ) श्री विजयपाल सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) एनएच 69 औबेदुल्लागंज-बैतूल पर बनाये गये टोल के संबंध में शासन द्वारा क्या मापदंड एवं शर्तें रखी गई है? एक टोल से दूसरे टोल की दूरी क्या है? नियमों की प्रति हिन्दी भाषा में उपलब्ध करावें? (ख) एनएच 69 औबेदुल्लागंज-बैतूल पर जो टोल टैक्स बनाये गये है उसमें एक टोल औबेदुल्लागंज में बनाया गया है जबकि यह टोल औबेदुल्लागंज से नीचे की तरफ बरेली रोड पर बनाया जाना था यह त्रुटिपूर्ण बनाया गया है? यदि हाँ तो क्या यह टोल वर्तमान स्थान से हटाया जायेगा? दूसरा टोल बघवाड़ा शाहगंज तहसील बुधनी जिला सीहोर (एनएच 69) पर बनाया गया है जिसकी दूरी एक टोल से दूसरे टोल तक मात्र 35 कि.मी. है जबकि एनएचआई की टोल शर्तों में एक टोल से दूसरे टोल की दूरी लगभग 70 कि.मी. की दूरी रहती है? इस मार्ग पर दो बार टोल टैक्स क्यों वसूला जा रहा है इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाये? (ग) एनएच 69 मार्ग पर बरखेडा बुधनी के बीच फारेस्ट एरिया का 12.5 कि.मी. मार्ग फोरलेन नहीं हुआ है फिर भी इस मार्ग का टोल लिया जा रहा है यह किस आधार पर लिया जा रहा है विस्तृत जानकारी उपलब्ध करावें? वर्तमान में जो टोल बनाया गया है क्या यह सही जगह बनाया गया है? जबकि नर्मदापुरम बुधनी होते हुये भोपाल की दूरी मात्र 70 कि.मी. है इस हिसाब से नर्मदापुरम से भोपाल के बीच में मात्र एक टोल बनना था लेकिन दो दो टोल बना दिये गये है और उसके बाद भी मिसरोद से भोपाल आने के लिये नगर निगम क्षेत्र के बीआरटीएस की रोड है उस हिसाब से भी दूरी नर्मदापुरम से बुधनी होते हुये मिसरोद की दूरी लगभग 45 कि.मी. होती है। दो दो टोल टैक्स होने के कारण जनता को अधिक टैक्स देना पड़ रहा है इस स्थिति में विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से प्राप्‍त उत्‍तर  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट   अनुसार। (ख) जी नहीं। एन.एच. 69 पर औबेदुल्‍लागंज पर टोल प्‍लाजा का निर्माण अनुबंध में निहित प्रावधान अनुसार किया गया है। भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से प्राप्‍त उत्‍तर  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  अनुसार। (ग) भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से प्राप्‍त उत्‍तर  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  अनुसार।

एन.एच. 45 पर बनाये गये टोल की जानकारी

[लोक निर्माण]

14. ( क्र. 237 ) श्री विजयपाल सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) एन.एच.45 पर बनाये गये टोल के संबंध में शासन द्वारा क्‍या मापदंड एवं शर्तें रखी गई है? एक टोल से दूसरे टोल की दूरी क्‍या है? नियमों की प्रति हिन्‍दी भाषा में उपलब्‍ध करावें। (ख) एन.एच.45 औबेदुल्‍लागंज-जबलपुर पर जो टोल टैक्‍स बनाये गये हैं उसमें एक टोल औबेदुल्‍लागंज में बनाया गया है? जबकि यह टोल औबेदुल्‍लागंज से नीचे की तरु बरेली रोड पर बनाया जाना था यह त्रुटिपूर्ण बनाया गया है? यदि हाँ तो क्‍या यह टोल वर्तमान स्‍थान से हटाया जायेगा? दूसरा टोल बघवाड़ा शाहगंज तहसील बुधनी जिला सीहोर (एन.एच. 69) पर बनाया गया है जिसकी दूरी एक टोल से दूसरे टोल तक मात्र 35 कि.मी. है जबकि एन.एच.आई. की टोल शर्तों में एक टोल से दूसरे टोल की दूरी लगभग 70 कि.मी. की दूरी रहती है? इस मार्ग पर दो बार टोल टैक्‍स क्‍यों वसूला जा रहा है इसकी विस्‍तृत जानकारी उपलब्‍ध कराई जायें? (ग) एन.एच.-45 औबेदुल्‍लागंज-जबलपुर पर वर्तमान में जो टोल बनाया गया है क्‍या यह सही जगह बनाया गया है? इस मार्ग पर एन.एच.आई. द्वारा दो बार टोल टैक्‍स क्‍यों वसूला जा रहा है? क्‍या इस टोल को शिफ्ट किया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) से (ग) भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से प्राप्‍त उत्‍तर  संलग्‍न  परिशिष्‍ट  अनुसार।

परिशिष्ट - "छ:"

शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध कार्यवाही

[लोक निर्माण]

15. ( क्र. 274 ) श्री जगन्‍नाथ सिंह रघुवंशी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाना एक दंडनीय अपराध है? (ख) यदि हाँ तो क्या अशोक नगर जिले के जिला पंचायत अध्यक्ष को आवंटित शासकीय आवास को रिक्त करते समय तत्कालीन सीएमओ नगर पालिका अशोकनगर के द्वारा उक्त आवास को क्षतिग्रस्त करते हुए दरवाजे, विद्युत उपकरण, विद्युत तार एवं अन्य सामग्रियों को अपने साथ ले गई है? (ग) यदि हाँ तो कुल कितनी मूल्य की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया है और कितनी रूपए मूल्य की वस्तुओं को अपने साथ ले गई है? क्या विभाग द्वारा उसका मूल्यांकन करवाया गया है या नहीं? यदि हाँ तो मूल्यांकन पत्रक के आधार पर क्या कार्यवाही की गई है? कृत कार्यवाही का प्रतिवेदन देवे। यदि नहीं तो क्यों नहीं कराया गया है और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी कौन है उसका नाम बतावे? (घ) तत्‍कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष के पत्र क्रमांक 497 अशोकनगर दिनांक 21/09/2023 जो कलेक्टर को संबोधित है, उस पर जिला कलेक्टर के द्वारा को गई कार्यवाही का प्रतिवेदन देवे? (ड.) यदि जिला कलेक्टर, पीडब्ल्यूडी विभाग कार्यवाही करने में असमर्थ हैं तो क्या शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले ऐसे अधिकारियों के विरुद्ध शासन कार्यवाही करेगी अथवा नहीं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। (ग) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट  के प्रपत्र-अ एवं ब  अनुसार (ड.) उत्‍तरांश (घ) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "सात"

दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के नियुक्ति संबंधी नियम

[नगरीय विकास एवं आवास]

16. ( क्र. 280 ) श्री जगन्‍नाथ सिंह रघुवंशी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2006 से लेकर प्रश्‍न दिनांक की अवधि में नगरीय विकास एवं आवास विभाग के द्वारा दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की नियुक्ति के संबंध में जारी किए गए समस्त नीति नियम निर्देशों की प्रति देवें एवं क्या यह सही है कि वर्ष 2006 के पश्‍चात दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की नियुक्ति शासन की स्वीकृति से ही किया जाना प्रावधानिक किया गया है। (ख) नपा अशोननगर एवम चंदेरी का वेतन व्यय आय के विरुद्ध कितना है? विगत 05 वर्षों का विवरण तालिका में देवें? (ग) नगर पालिका अशोकननगर एवं चंदेरी में किस-किस श्रेणी के कितने-कितने पद रिक्त हैं, उनकी जानकारी क्या राज्य शासन को दी गई है? यदि हाँ तो उस पत्राचार की प्रति देवें? (घ) उक्त दोनों निकायों में दैनिक वेतन भोगियों को किन-किन श्रेणियों में रखा गया है जैसे अर्ध कुशल, कुशल, उच्च कुशल एवं इनकी नियुक्ति का आधार क्या है? नियुक्ति संबंधी संपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध करावें? पीओ डूडा अशोनगर उक्त दैनिक वेतन भोगियों की नस्ती का अवलोकन कर अभिमत देवें की कितने कर्मचारी की भर्ती शासन के नियमों की अवहेलना करते हुए की गई है? (ड.) क्या राज्य शासन पीओ डूडा के अभिमत के आधार पर नियम विरुद्ध दैनिक वेतन भोगियों की भर्ती करने वाले संबंधित सीएमओ को निलंबित करते हुए अनुशासनात्मक कार्यवाही करेगा या नहीं? हां, तो कब तक? नहीं, तो क्यों नहीं?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री (श्री कैलाश विजयवर्गीय) : (क) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है।  जी हाँ। (ख) जानकारी  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  '''' अनुसार  है। (ग) जानकारी  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (घ) नगर पालिका परिषद्, अशोकनगर जिला अशोकनगर एवं नगर पालिका परिषद्, चंदेरी जिला अशोकनगर द्वारा दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को अर्ध कुशल, कुशल तथा उच्च कुशल श्रेणीयों में रखा गया है। उक्‍त दोनों निकायों द्वारा दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की नियुक्ति‍यां परिषद्/पी.आई.सी की स्‍वीकृति एवं योग्‍यता के आधार पर की गई है। उक्‍त निकायों द्वारा नियुक्‍त किये गये दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की नियुक्तियों से संबंधित अभिलेख परियोजना अधिकारी, जिला शहरी विकास अभिकरण अशोकनगर द्वारा चाहे गये है। अभिलेखों की जांचोपरांत दोषी अधिकारी/कर्मचारी पर कार्यवाही की जायेगी। (ड.) प्रश्‍न का उत्‍तर उत्‍तरांश '''' में समाहित है।

नल-जल प्रदाय हेतु विद्युत सप्लाई

[नगरीय विकास एवं आवास]

17. ( क्र. 296 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या रीवा जिले की नगर परिषद् बैकुण्ठपुर में नल-जल प्रदाय योजना के क्रियान्वयन हेतु विद्युत सप्लाई सब स्टेशन गोदहा से दी जा रही है? यदि हाँ तो क्या कारण है कि बैकुण्ठपुर में सब स्टेशन होने के बावजूद लगभग 25 किमी दूर अन्य सर्किल में स्थापित सब स्टेशन गोदहा से विद्युत सप्लाई ली जा रही है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुक्रम में नगर परिषद् बैकुण्ठपुर में संचालित नल-जल प्रदाय योजना के क्रियान्वयन हेतु सब स्टेशन बैकुण्ठपुर से विद्युत सप्लाई व्यवस्था दिया जाना कब तक सुनिश्‍िचत हो सकेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ, इंटेकवेल नगरीय क्षेत्र सीमा से लगभग 7 किलोमीटर दूर स्थि‍त है, इस इंटेकवेल से एक किमी दूरी पर ग्रामीण क्षेत्र (डेल्‍ही) से जाने वाली गोदहा मेन सब स्‍टेशन की 11 के.व्‍ही.ए. की ग्रामीण एच.टी. फीडर से टैपिंग कर विद्युत सप्‍लाई की जा रही है। (ख) डब्‍ल्‍यू.टी.पी. में पूर्व से ही बैकुण्‍ठपुर शहरी फीडर लाइन से विद्युत लाइन जोड़ी गई है। अमृत 2.0 योजनांतर्गत इंटेकवेल को बैकुण्ठपुर शहरी एच.टी.फीडर लाइन से जोड़ा जाना प्रस्‍तावित किया गया है, जिसकी निविदा आमंत्रित की जाकर दर प्राप्‍त हो चुकी है। दर स्‍वीकृति के पश्‍चात् कार्य शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

किसानों को नि:शुल्क ट्रांसफार्मर का प्रदाय

[ऊर्जा]

18. ( क्र. 301 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या किसानों को सिंचाई के लिए विद्युत प्रदाय करने वाले नये ट्रांसफार्मर लगाने के लिए राशि किसानों से वसूल की जाती है? (ख) क्या एक दो एकड़ के छोटे किसानों के लिए नये ट्रांसफार्मर के लिए लाखों रूपये की राशि भरना संभव नहीं है? (ग) यदि हाँ तो क्या सरकार किसानों के हित में उन्हें बिजली के पोल तथा ट्रांसफार्मर नि:शुल्क प्रदान करने के लिए कार्यवाही करेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) वर्तमान में कृषकों को सिंचाई के लिए स्‍थायी कृषि पम्‍प विद्युत कनेक्‍शन लेने एवं अस्‍थायी पंप कनेक्‍शनों को स्‍थायी पंप कनेक्‍शनों में परिवर्तित करने के लिए ''मुख्‍यमंत्री कृषक मित्र योजना'' प्रचलन में है। जिसके तहत कृषक/कृषकों का समूह, जो 3 हॉर्स पावर या उससे अधिक क्षमता के स्‍थायी कृषि पंप कनेक्‍शन लेना चाहते हैं, योजना के प्रावधानों के अनुरूप प्रस्‍ताव तकनीकी परीक्षण उपरांत साध्‍य पाए जाने पर आवश्‍यक अद्योसंरचना निर्माण/वर्तमान अद्योसंरचना में क्षमता वृद्धि एवं नवीन कार्य यथा-11 के.व्‍ही. लाइन विस्‍तार एवं नवीन वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापना के कार्य हेतु प्राक्‍कलन राशि में से 50 प्रतिशत कृषक अथवा कृषक समूह द्वारा, 40 प्रतिशत राज्‍य शासन द्वारा अनुदान के रूप में तथा 10 प्रतिशत संबंधित वितरण कंपनी द्वारा वहन किया जावेगा। उक्‍त के अतिरिक्‍त किसानों को सौर ऊर्जा आधारित कृषि पंप लगाने हेतु वर्तमान में केन्‍द्र सरकार की ''कुसुम-बी योजना'' भी लागू है जिसके अंतर्गत कृषक द्वारा सौर ऊर्जा आधारित कृषि पंप लगाने पर 30 प्रतिशत राशि भारत सरकार एवं 30 प्रतिशत राशि राज्‍य शासन द्वारा अनुदान के रूप में दी जाती है एवं शेष भाग कृषक द्वारा वहन किया जाता है। यह योजना नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग, म.प्र.शासन द्वारा क्रियान्वित की जा रही है। साथ ही वर्तमान में कृषकों को स्‍थायी सिंचाई पंप कनेक्‍शन दिये जाने हेतु ''स्‍वंय का ट्रांसफार्मर (ओवायटी)'' योजना लागू है जिसके अंतर्गत कृषक अपने व्‍यय से, निर्धारित मापदंड के अनुसार वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित कर सकते हैं। (ख) एवं (ग) जी हाँ। उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखानुसार कृषकों को सिंचाई के लिए स्‍थायी कृषि पंप विद्युत कनेक्‍शन प्रदान करने हेतु अनुदान दिया जा रहा है। राज्‍य शासन द्वारा 1 हेक्‍टेयर तक भूमि एवं 5 हॉर्स पावर तक के कृषि पंप वाले अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के कृषकों को नि:शुल्‍क विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। उक्‍त नि:शुल्‍क श्रेणी सहित प्रदेश के समस्‍त कृषकों को रियायती दरों पर विद्युत प्रदाय किया जा रहा है जिस हेतु राज्‍य शासन द्वारा वर्ष 2023-24 में रूपये 18225 करोड़ की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। उल्‍लेखनीय है कि प्रदेश में कृ‍षकों को उनकी विद्युत खपत की कुल लागत का मात्र 6.4 से 12.6 प्रतिशत ही बिल जमा करना होता है तथा शेष राशि राज्‍य शासन द्वारा सब्सिडी के रूप में उपलब्‍ध कराई जाती है। उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में वर्तमान में नि:शुल्‍क विद्युत अधोसंरचना प्रदान करने संबंधी अन्‍य कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है।

मकानों के ऊपर स्थापित बिजली तार हटाने की कार्यवाही

[ऊर्जा]

19. ( क्र. 302 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सौंसर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत प्रश्‍न दिनांक तक एक वर्ष में घरों के ऊपर से जाने वाली विद्युत लाइनों से कितनी दुर्घटनाएं हुई हैं? इन दुर्घटनाओं के कारण कितने लोग घायल हुए हैं अथवा उनकी मृत्यु हुई है? (ख) क्या सरकार सौंसर विधानसभा क्षेत्र में घरों के ऊपर से जाने वाली विद्युत लाइनों से बड़े पैमाने पर होने वाली दुर्घटनाओं को देखते घरों के ऊपर से जाने वाली जानलेवा विद्युत लाइनों को हटाने के लिए कार्यवाही करेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) सौंसर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत प्रश्‍नाधीन अवधि में रामाकोना वितरण केन्‍द्र के ग्राम रामाकोना में दिनांक 17.12.2023 को 01 बाहरी व्‍यक्ति श्री अक्षय सुके पिता श्री राजू सुके, उम्र 24 वर्ष की घर के ऊपर से गुजरने वाली विद्युत लाइन के संपर्क में आने से घातक विद्युत दुर्घटना में मृत्यु हुई है। (ख) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में पूर्व से विद्यमान विद्युत लाईनों के नीचे/निकट कालांतर में अनधिकृत तौर पर घरों का निर्माण किया गया है, जो कि केन्‍द्रीय विद्युत प्राधिकरण (सुरक्षा तथा विद्युत आपूर्ति संबं‍धी उपाय) विनियम-2010 एवं तत्‍पश्‍चात संशोधित किये गए विनियम के अन्‍तर्गत निहित प्रावधानों का उल्‍लंघन है। उल्‍लेखनीय है कि विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 177 द्वारा प्रदत्‍त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केन्‍द्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा विद्युत आपूर्ति और सुरक्षा से संबंधित उपाय के लिये विनियम दिनांक 20.09.2010 को अधिसूचित एवं तत्पश्‍चात संशोधित किये गये है, जिनके अनुसार विद्युत लाईनों के नीचे एवं लाईनों से असुरक्षित दूरी पर निर्माण करना अवैधानिक है। केन्‍द्रीय विद्युत प्राधिकरण के उक्‍त विनियमों के अनुसार विद्युत लाईनों के समीप निर्माण के पूर्व निर्माणकर्ताओं को इसकी जानकारी विद्युत आपूर्तिकर्ता को देना आवश्‍यक है। लाइन में फेरबदल की आवश्‍यकता होने तथा तकनीकी रूप से विस्‍थापन साध्‍य पाए जाने एवं मार्ग के अधिकार (आर.ओ.डब्‍ल्‍यू.) की आवश्‍यकता पूरी होने की स्थिति में फेरबदल की आपूर्तिकर्ता द्वारा आंकी गई लागत की राशि आवेदक द्वारा जमा करने पर अथवा आवेदक द्वारा लाइन विस्‍थापित करने हेतु स्‍वीकृत प्राक्‍कलन की 5 प्रतिशत राशि सुपरविजन चार्ज के रूप में वितरण कंपनी में जमा करते हुए स्‍वयं '' श्रेणी के ठेकेदार से, इन विद्युत लाईनों के विस्‍थापन हेतु कार्यवाही की जा सकती है। उपरोक्‍तानुसार औपचारिकताएं पूर्ण करने पर उक्‍त विद्युत लाइन के विस्‍थापन की कार्यवाही की जा सकती है।

नगर परिषद् द्वारा नियम विरूद्ध निर्माण कार्य की अनुमति

[नगरीय विकास एवं आवास]

20. ( क्र. 324 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नगर परिषद् नलखेडा जिला आगर-मालवा में सर्वे क्रमांक 336, 337, 338, 339 की भूमि नगर परिषद् की सीमा में आती है यदि हाँ, तो क्या यह भूमि नगर परिषद् के रिकार्ड में दर्ज है? यदि हाँ, तो किसके नाम से उक्त भूमि दर्ज है एवं नगर परिषद् द्वारा उक्त जमीन पर भवन निर्माण की अनुमति दी गई है यदि हाँ, तो भवन निर्माण की अनुमति आदेश की प्रतिलिपि देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार यदि उक्त भूमि पर भवन निर्माण की अनुमति नहीं ली गई है तो क्या वर्तमान नगर परिषद् अध्यक्ष के परिवार द्वारा बिना भवन निर्माण अनुमति के एवं राजस्व विभाग के स्थागन के बाद भी पद का दुरूपयोग कर उक्त भूमि पर निर्माण कार्य किया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार यदि उक्त‍ भूमि पर नगर परिषद् अध्यक्ष के परिवार द्वारा अध्यक्ष के सहयोग से निर्माण कार्य करवाया गया है तो क्या अध्यक्ष पर पद का दुरूपयोग करने पर पद से पृथक करने की कार्यवाही की जायेगी यदि हाँ तो कब तक?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। नगर परिषद् के रिकार्ड में दर्ज नहीं है। उक्त भूमि सर्वे क्रमांक 336337338339 राजस्व विभाग के भू-अभिलेख खसरा में शासकीय माफी चबूतरा श्री उंकारेशवर महादेवजी प्रंबधक कलेक्टर पता नलखेड़ा आगर-मालवा शासकीय संस्था के नाम से दर्ज है। जी नहीं। निकाय द्वारा भवन निर्माण की अनुमति नहीं दी गई। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उक्त भूमि पर भवन अनुज्ञा नहीं दी गयी है। शिकायत मिलने पर 30.11.2023 को निकाय के कर्मचारियों के द्वारा मौके पर मुआयना किया गया। स्थल निरीक्षण में अज्ञात लोगों के द्वारा प्लिंथ हाईट का निर्माण किया जाना पाया गया जिसे रूकवाया गया है। (ग) निरीक्षण के दौरान मौका स्थल पर निर्माणकर्ता स्वामी नहीं पाया गया। उस स्थिति में उक्त स्थल पर कार्यरत मजदूरों को समझाईश देकर कार्य बंद कराया गया। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

निर्माण कार्यों की स्‍वीकृति

[लोक निर्माण]

21. ( क्र. 397 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र बड़ा मलहरा अंतर्गत कितने निर्माण कार्यों की स्‍वीकृति/प्रशासकीय रोडों के निर्माण हेतु जारी की गई? उनका संपूर्ण विवरण वर्ष 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक उपलब्‍ध करावें। (ख) विभाग द्वारा किन-किन तिथियों में कार्य योजना तैयार की गई? उसकी जानकारी दें। (ग) क्‍या निर्माण एजेन्सियों मनमाने ढंग से कार्य करती है और शासन की राशि का अपव्‍यय किया जा रहा है? (घ) क्‍या कार्यों के गुणवत्‍ता की जांच/परीक्षण शासन प्रावधानों के तहत कराया गया?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) विवरण  संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) विभाग द्वारा कार्ययोजना तैयार करने हेतु कोई निश्‍िचत तिथि निर्धारित  नहीं की जाती हैअपितु अनुबंध उपरांत कार्य संपन्न कराये जाने हेतु ठेकेदार के द्वारा कार्ययोजना विभाग को प्रस्तुत की जाती है। (ग) जी नहींशेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ।

परिशिष्ट - "आठ"

आवासीय योजनाओं में अतिरिक्‍त जी.एस.टी. की वसूली

[नगरीय विकास एवं आवास]

22. ( क्र. 526 ) श्री राजन मण्‍डलोई : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भोपाल विकास प्राधिकरण द्वारा संचालित आवासीय योजनाओं में भूखण्‍डों की प्रस्‍तावित दर/मूल्‍य राशि पर अतिरिक्‍त GST (कर) लिये जाने का प्रावधान हैं? (ख) क्‍या राजाभोज आवासीय योजना गोदरमऊ, भोपाल चरण-2 में भूखण्‍ड क्रेताओं से भूखण्‍ड मूल्‍य के साथ GST लिया गया है अथवा नहीं? किन-किन से GST लिया गया है और किनसे नहीं सूची उपलब्‍ध करावें? (ग) कुछ क्रेताओं से GST ली गई है कुछ से नहीं ऐसा क्‍यों क्‍या कारण है? नियम सहित बतायें जिन क्रेताओं से GST राशि ली गई है क्‍या उनकी राशि वापस की जाएगी और कब तक? (घ) एक ही आवासीय योजना में GST की राशि लिये जाने हेतु अलग प्रावधान क्‍यों है? क्‍या दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ, जी.एस.टी. एक्ट, 2017 के अंतर्गत अगस्त 2020 से सितंबर 2022 के मध्य में विक्रित संपत्ति पर अतिरिक्त जी.एस.टी. की राशि अधिरोपित की गई है। (ख) जी हाँ, राजा भोज आवासीय योजना में अगस्त 2020 से सितंबर 2022 के मध्य में विक्रित भूखण्डों पर जी.एस.टी. लिया गया, सूची  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। (ग) अगस्त, 2020 से सितम्बर, 2022 तक जिन क्रेताओं से किश्त की राशि जमा कराई गई है, उनको जी.एस.टी. राशि वापसी के लिये जी.एस.टी.कार्यालय से कार्यवाही प्रचलन में है। (घ) जी नहीं। जी.एस.टी. लेने के संबंध में भारत सरकार के परिपत्र दिनांक 03.08.2022 के उपरांत जी.एस.टी. नहीं लिया जा रहा है। संबंधित हितग्राहियों से जी.एस.टी. की राशि वापस की कार्यवाही प्रचलन में है। इस हेतु किसी के विरूद्ध कार्यवाही का कोई आधार नहीं है।

टाटा सीवरेज प्रोजेक्ट के अनुबंधित कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

23. ( क्र. 541 ) श्री महेश परमार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 26 फरवरी 2021 को अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 847 को देखकर बतावें कि टाटा सीवरेज प्रोजेक्ट के कार्यों की गुणवत्ता की जांच को लेकर कौन-कौन से सवाल सदन में उठाये गये थे? (ख) क्या राष्ट्रीय समाचार पत्र दैनिक भास्कर के उज्जैन परिशिष्ट में 10 जनवरी 2024 को प्रकाशित समाचार शीर्षक ''धीमी गति से चल रहा सीवरेज प्रोजेक्ट अब टाटा को 30 जून तक का टारगेट'' संज्ञान में आने पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाहियां कि गई है? नोटशीट एवं अभिलेख उपलब्ध करावें। (ग) क्या कारण है कि ठेका वर्ष 2018 से कार्य शुरू होने के उपरांत भी 147 कि.मी.लाइन टाटा कंपनी द्वारा डालना शेष है? उसके उपरांत भी बार-बार विभाग द्वारा अनुशासनात्मक कार्यवाही के स्थान पर टारगेट दिया जा रहा है? जो कि अधिकारियों की घोर लापरवाही एवं मिलीभगत का परिणाम है? क्या शासन कंपनी के साथ-साथ दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करेंगा? यदि हाँ तो कब तक। (घ) वर्ष 2018 से शुरू टाटा सीवरेज प्रोजेक्ट के कार्यों में लापरवाही से कितनी दुर्घटना एवं मौते हुई है? शासन कब तक दोषियों पर कार्यवाही करेंगा। (ड.) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में शासन द्वारा क्या कार्यवाही कि गई है? सम्पूर्ण अभिलेख देते हुए बताये कि, जांच उपरांत अनुशासनात्मक कार्यवाही कितनी बार हुई है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) अतारांकित प्रश्‍न क्र. 847 की प्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  '' अनुसार  है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  '' अनुसार  है। नगर निगम, उज्‍जैन के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कार्य की भौतिक स्थिति की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। (ग) मुख्‍य कारण ड्राइंग-डिजाईन की स्वीकृति में देरी, कोर्ट केस, कोविड-19 तथा विधान सभा चुनाव 2018, लोक सभा 2019, वर्षा काल, विशिष्ट अतिथियों के आगमन एवं त्‍योहारों के दौरान सड़कों की खुदाई की अनुमति न मिलना, कृषकों के मुआवजा वितरण में देरी इत्‍यादि। अनुबंध अनुसार देरी के लिये संविदाकार के देयक से लगभग राशि रूपये 22.00 करोड़ पेनाल्टी और विथहोल्ड किया गया है। टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को जून 2024 तक समयावृद्धि लगभग रूपये 8 करोड़ 76 लाख की पेनाल्टी के साथ दिया जाना प्रस्तावित है। परियोजना में देरी के लिए किसी अधिकारी के दोषी नहीं होने से कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  '' अनुसार  है। (ड.) विवरण उत्‍तरांश (ख) एवं (ग) अनुसार है।

जनभागीदारी से शॉपिंग कॉम्‍पलेक्‍स का निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

24. ( क्र. 611 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा गुनौर के अंतर्गत किन-किन ग्राम पंचायतों/नगरपरिषदों में जनभागीदारी के रूप में समिति गठित कर शॉपिंग कॉम्‍पलेक्‍स की कार्यवाही की गई? क्‍या इस तरह की कार्यवाही के लिए शासन के कोई नियम निर्देश है? यदि हाँ, तो इनकी प्रतियां उपलब्‍ध करावे। (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुरूप क्‍या विधानसभा गुनौर में कहां-कहां इस तरह की पूर्व में कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो कब एवं किन लोगों से किस मापदण्‍ड से तथा किन शर्तों के आधीन कितनी राशि जमा कराई गई? निकायवार, जमाकर्ताओं की संपूर्ण विवरण सहित सूची उपलब्‍ध करावे। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अनुसरण में शॉपिंग कॉम्‍पलेक्‍स बनाने के लिए जमा कराई गई राशि के बदले क्‍या संबंधितों को दुकानों का निर्माण कराकर हक प्रदान किया गया है? यदि हाँ, तो उनकी सूची हक प्रदान करने के दिनांक सहित उपलब्‍ध करावे। यदि नहीं, तो क्‍यों? कुछ लोगों को हक प्रदान करने के बाद पुन: आवंटित दुकानों में परिवर्तन किया गया है? हाँ, तो किन-किन को? जानकारी दें। (घ) प्रश्‍नांश (क) के अनुरूप क्‍या यह कार्यवाही नियम संगत थी? यदि नहीं तो इस तरह की कार्यवाही क्‍यों की गई तथा इसके लिए दोषी कौन है तथा इनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) से (घ) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

शासकीय भवनों में वॉटर हार्वेस्टिंग यूनिट की स्थापना

[लोक निर्माण]

25. ( क्र. 673 ) श्री धीरेन्द्र बहादुर सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी-जिला अंतर्गत विगत-03 वर्षों में, किन-किन शासकीय भवनों का किस योजना के तहत कितनी-कितनी लागत से कहाँ-कहाँ एवं कब-कब निर्माण किया गया एवं किया जा रहा हैं और भवनों का निर्माण किन आवश्यकता/मांगों/प्रस्तावों के आधार पर किन सक्षम प्राधिकारियों द्वारा स्वीकृत किया गया? (ख) प्रश्‍नांश (क) क्या भवनों के निर्माण हेतु विकास-अनुज्ञा एवं निर्माण-अनुज्ञा प्राप्त की गयी? यदि नहीं तो क्यों और क्या? नगरपालिक निगम अधिनियम-1956 और ग्राम-पंचायत एवं ग्राम-स्वराज अधिनियम तथा मप्र भूमि विकास नियम-2012 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन होने का संज्ञान लेकर कार्यवाही की जायेंगी? (ग) प्रश्‍नांश (क) किन-किन भवनों में वॉटर हार्वेस्टिंग यूनिटों की स्थापना एवं भवनों तक पहुँच मार्गों का निर्माण किया? किन-किन भवनों में नहीं? क्या इनके निर्माण में वॉटर हार्वेस्टिंग एवं पहुँच मार्गों का निर्माण किया जाना प्रस्तावित/स्वीकृत था? हाँ, तो विवरण बतायें, नहीं तो क्यों? (घ) प्रश्‍नांश (क) किनकिन नवनिर्मित भवनों में पहुँच मार्ग निर्मित नहीं हैं और विद्यालयों के पहुँच मार्गों को मनरेगा एवं अन्य मद की राशि से निर्मित किए जाने के शासन/स्कूल-शिक्षा/पंचायत-विभाग द्वारा किए गए आदेश/निर्देश पर संबन्धित विभागों द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गयी? भवनवार बताइये। (ङ) क्या शासकीय-भवनों का निर्माण स्थानीय-निकायों से विकास/निर्माण अनुज्ञा प्राप्त कर और निर्माण के दौरान ही वॉटर हार्वेस्टिंग यूनिटों एवं पहुँच मार्गों के निर्माण का प्रावधान करने और निर्माण किए जाने के स्पष्ट/अनिवार्य निर्देश शासन/विभाग स्तर से किए जायेंगे? हाँ, तो किस प्रकार एवं कब तक, नहीं तो क्यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। शासकीय भवनों हेतु अनुज्ञा प्राप्‍त करने का प्रावधान नहीं है। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) से (ड.) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

नगर पालिक निगम द्वारा नियत लक्ष्‍यों की पूर्ति

[नगरीय विकास एवं आवास]

26. ( क्र. 674 ) श्री धीरेन्द्र बहादुर सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी नगर में विगत-02 वर्षों में ठोस अवशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छ भारत मिशन एवं सूचना, शिक्षा एवं संचार के क्या-क्या कार्य कब-कब किए गए एवं वर्तमान में किए जा रहे हैं? इन कार्यों को किन प्रभारी अधिकारियों के पर्यवेक्षण में कब से वर्तमान तक कराया जा रहा हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के कार्यों को क्या कार्यों को शासनादेश/विभागीय निर्देशों के अनुरूप किया जाना पाया गया और क्या नियत लक्ष्यों की पूर्ति हो रही हैं? यदि हाँ, तो किस प्रकार? यदि नहीं तो क्यों? (ग) कटनी नगर में दिनांक-15/02/2022 से आयोजित विकास-यात्रा में वीरसावरकर वार्ड सहित नगर के नागरिकों द्वारा निर्माण/विकास के किन-किन कार्यों की मांग की गयी एवं मांगों की पूर्ति के लिए प्रश्‍न दिनांक तक की गयी कार्यवाही से अवगत कराइएं और बताइये मांग/कार्यवार निर्माण/विकास कार्यों को किस प्रकार और कब तक पूर्ण किया जाएंगा? (घ) कायाकल्प-योजना के तहत सड़कों की मरम्मत/उन्‍नयन/निर्माण किए जाने के क्या मार्गदर्शी निर्देश हैं और नगर की किन-किन सड़कों का कायाकल्प-योजना के तहत चयन/स्वीकृत किया गया? क्या सड़कों का चयन नियम/निर्देशानुसार था? हाँ, तो कैसे? नहीं तो क्या कार्यवाही की जायेंगी? (ङ) क्या म.प्र. विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक1197, दिनांक-23/12/2021 के प्रश्‍नांश का उत्तरजी हाँ था? हाँ, तो किस तकनीकी अधिकारी के क्या प्रस्ताव से इन कार्यों को किस सक्षम प्राधिकारी द्वारा निरस्त किया गया और नियत 31/03/2022 की लक्ष्य पूर्ति के लिए प्रश्‍न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गयी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है। (ड.) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-य अनुसार है।

आवंटित बजट से कराए गए कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

27. ( क्र. 710 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ नगर पालिका परिषद् को वर्ष 2019-20 से 2022-23 तक कुल कितना बजट दिया गया? वर्षवार बतायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में दिये गये बजट से क्या-क्या कार्य कितनी-कितनी राशि के कराये गये? क्या वर्षवार अंकेक्षण कराया गया? यदि हाँ, तो वर्षवार अंकेक्षण रिपोर्ट बतावें। (ग) क्या प्रश्‍नांश (क) में दी गई राशि में भारी भ्रष्टाचार किया गया? यदि नहीं तो किये गये कार्यों का मूल्यांकन एवं सत्यापन किस-किस अधिकारी द्वारा किया गया? नाम, पद सहित बतावें। (घ) क्या अंकेक्षण में दी गई आपत्तियों की पूर्ति नहीं की गई और न ही पालन किया गया, ऐसा क्यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  '''' एवं '''' अनुसार है। वर्ष 2022-23 का अंकेक्षण कार्य स्‍थानीय निधि संपरीक्षा द्वारा किया जा चुका है, लेकिन रिपोर्ट अप्राप्‍त है। (ग) जी नहीं। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (घ) अंकेक्षण द्वारा की गई आपत्तियों की समय-समय पर पूर्ति की जा रही है।

दोषियों पर कार्यवाही

[नगरीय विकास एवं आवास]

28. ( क्र. 712 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर परिषद् कारी जिला, टीकमगढ़ में विगत 05 वर्ष में किये गये कार्यों का नाम एवं व्यय की गई राशि मदवार बतायें। (ख) क्या  प्रश्‍नांश (क) में वर्णित कार्यों में एक कार्य सेमर झोर नाले से कारी तालाब में पानी डालने वाली फीडर केनाल का कार्य किया गया? यदि हाँ तो कुल कितनी राशि व्यय की गई थी, प्रगति एवं मूल्यांकन व सत्यापन करने वाले अधिकारी का नाम व पद बतायें? (ग) क्या  प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में वर्णित कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायत लोकायुक्त सागर, भोपाल को की गई यदि हाँ, तो जांच में क्या कार्यवाही हुई? (घ) प्रश्‍नांश (ग) में वर्णित जांच में प्रगति न होने व दोषियों पर कार्यवाही न होने के लिये कौन-कौन दोषी है? कब तक दोषियों पर कार्यवाही की जायेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। (ख) जी हाँ। कुल राशि रूपये 36.53 लाख व्‍यय हुआ है। 45 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। जिसमें प्रथम चल देयक का मूल्‍यांकन श्री विजय सोनी उपयंत्री द्वारा एवं सत्‍यापन श्री पूरनलाल अहिरवार कार्यपालन यंत्री तथा श्री रामस्‍वरूप पटैरिया प्र.मु.न. अधिकारी द्वारा किया गया, द्वितीय चल देयक श्री ब्रजेन्‍द्र चतुर्वेदी उपयंत्री एवं सत्‍यापन श्री पूरनलाल अहिरवार कार्यपालन यंत्री तथा श्री देवेन्‍द्र कुमार आर्य प्र.मु.न.पा. अधिकारी द्वारा सत्‍यापन किया गया है। (ग) शिकायत के संबंध में निकाय में कोई सूचना या पत्र लोकायुक्‍त कार्यालय से प्राप्‍त नहीं हुआ है। (घ) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में जानकारी उपलब्‍ध कराया जाना संभव नहीं है।

डोभ से मझगवां मार्ग का निर्माण

[लोक निर्माण]

29. ( क्र. 725 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सिवनी जिले के अन्‍तर्गत डोभ से मझगवां मार्ग निर्माण कार्य किये जाने हेतु प्रधानमंत्री सड़क योजना मद से स्‍वीकृति प्रदान की गई है? यदि हाँ तो कब एवं कितनी राशि स्‍वीकृत की गई है? (ख) उक्‍त मार्ग के निर्माण हेतु विभाग द्वारा किस एजेंसी को निविदा स्‍वीकृत की गई एवं किस दिनांक को अनुबंध किया गया तथा निविदा की शर्तों के अनुसार एजेंसी को कब तक उक्‍त निर्माण कार्य पूर्ण किया जाना था? (ग) क्‍या उक्‍त मार्ग का निर्माण कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण कर लिया गया है? यदि नहीं तो क्‍यों? (घ) उक्‍त मार्ग का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा? निश्‍िचत समयावधि बतावें। क्‍या शासन उक्‍त मार्ग के निर्माण में विलम्‍ब किये जाने के लिये संबंधित दोषी अधिकारियों/एजेंसी के विरूद्ध कार्यवाही करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) डोभ से मझगवां मार्ग (डोभ से खरसारू मझगवां मार्ग) अंतर्गत डोब से खरसारू  मार्ग लंबाई 8.00 कि.मी. का निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जा रहा है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। खरसारू से मझगवां मार्ग का निर्माण  महाप्रबंधक मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क प्राधिकरण परियोजना क्रियान्वयन इकाई क्र.-सिवनी से संबंधित हैउनसे प्राप्त उत्तर संलग्‍न  परिशिष्‍ट-1 अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) जी नहींअनुबंधानुसार समयावधि दिनांक 09.10.2024 तक है। प्रश्‍न ही  उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है।  प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "नौ"

नगर पंचायतों में किए गए निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

30. ( क्र. 726 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केवलारी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नगर पंचायत केवलारी एवं छपारा में वित्‍तीय वर्ष 20222023 में कितनी राशि सड़क, नाली बनाने व मरम्‍मत एवं नल व जल व्‍यवस्‍था, स्‍ट्रीट लाईट के लिए जारी की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार उक्‍त कार्यों की मदवार सूची उपलब्‍ध करावें। (ग) नगर पंचायत में आंतरिक मार्ग व नालियां पूर्णत: खराब हो चुकी है? क्‍या शासन द्वारा इन कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी? यदि हां, तो कब तक स्‍वीकृति दी जाएगी व कब कार्य प्रारंभ होगा? (घ) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार व्‍यय की गई राशि की मदवार सूची उपलब्‍ध करवायें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) एवं (ख) की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) निकायों से प्रस्‍ताव प्राप्‍त होने पर उपलब्‍ध योजना एवं वित्‍तीय व्‍यवस्‍था के अनुरूप परीक्षण कर कार्यवाही की जा सकेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "दस"

संरक्षित भूमि के निकट निर्माण कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

31. ( क्र. 737 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कलेक्टर नर्मदापुरम को प्रश्‍नकर्ता द्वारा पत्र लिखकर नर्मदापुरम स्थित बड़ी पहाड़‍िया क्षेत्र जो कि पुरातत्व विभाग के आधीन है उससे 300 मीटर के दायरे में कतिपय बिल्डरों एवं अन्य लोगों का निर्माण कार्य प्रारंभ करने के संबंध में अक्टूबर एवं दिसम्बर 2023 में जानकारी दी थी। (ख) प्रश्‍नांश (क) के पत्र में उल्लेखित तथ्यो की जाँच की गयी। यदि हाँ, तो कब एवं किसके द्वारा। यदि नहीं तो क्यों? (ग) यदि हाँ, तो जाँच में कौन से तथ्य प्रकाश में आये। प्रकाश में आये तथ्यों के आधार पर क्या कार्यवाही की गयी। (घ) उक्त निर्माण कार्यों हेतु पुरातत्व विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया गया था। यदि हाँ तो कब? (ड.) पुरातत्व विभाग की संरक्षित भूमि से कितनी दूरी पर निर्माण कार्य किये जा सकते है।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

राष्‍ट्रीय राजमार्ग में सुधार

[लोक निर्माण]

32. ( क्र. 739 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन के प्रावधानों अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग समतल होना चाहिए। (ख) क्या  औबेदुल्लागंज से नागपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर औबेदुल्लागंज के पास दरारें पड़ गयी है? (ग) क्या  उक्त राजमार्ग पर अनेक स्थानों पर किया गया पेंच वर्क के कारण मार्ग अनेक जगह असमतल हो गया है। यदि हाँ, तो क्या उक्त मार्ग ठेकेदार से समतल कराये जाने एवं दरारें भरने हेतु लिखा गया है? यदि हाँ, तो कब। यदि नहीं तो क्यों नहीं।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) राष्ट्रीय राजमार्गों में निर्माण कार्य आई.आर.सी. के मानकों अनुसार कराये जाते है। (ख) प्रश्‍नांकित मार्ग लोक निर्माण विभाग के कार्य क्षेत्र  अंतर्गत नहीं हैअपितु मार्ग भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग  प्राधिकरण  भारत  सरकार से संबंधित है।  उनसे  प्राप्त  उत्तर  संलग्‍न  परिशिष्‍ट अनुसार है।  भोपाल औबेदुल्‍लागंज मार्ग म.प्र. सड़क विकास निगम के अधीन हैजिसमें औबेदुल्‍लागंज के पास कुछ स्‍थानों पर क्रेक्‍स हैजिसका सुधार कार्य किया जा रहा है। संधारण एक सतत प्रक्रिया है जिस हेतु ठेकेदार को पत्र दिनांक 17.10.2023 एवं 02.02.2024 के माध्‍यम से लेख किया गया है। ठेकेदार द्वारा अनुबंधानुसार कार्य किया जा रहा है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश (अनुसार।

परिशिष्ट - "ग्यारह"

संविलियन की प्रक्रिया

[नगरीय विकास एवं आवास]

33. ( क्र. 753 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह हनी बघेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा संविलियन की प्रक्रिया के लिए जारी दिशा-निर्देश एवं प्रक्रिया की छायाप्रति प्रदान करने का कष्ट करें। (ख) संविलियन का कार्य किसकी कार्य क्षेत्र में आता है सामान्य प्रशासन विभाग, भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स या आयुक्त नगर निगम भोपाल? क्या जिस कर्मचारी का किसी भी विभाग में प्रथम नियुक्ति आदेश जारी न हुआ हो तो उस कर्मचारी का किसी भी विभाग, संस्था, या एम.पी.वी. में किसी भी पद पर संविलियन किया जा सकता है? हाँ अथवा नहीं। (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार यदि हाँ तो किस प्रक्रिया के तहत कृपया विवरण देने का कष्ट करें? यदि नहीं तो बी.सी.एल.एल. का आदेश पत्र क्र. बी.सी.एल.एल./2023/4216 दिनांक 13/07/23 क्या वैधानिक है? हाँ अथवा नहीं? क्योंकि यह पत्र (आदेश) संविलियन से संबंधित है तो क्या इस पत्र की जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग के पास उपलब्ध है? हाँ अथवा नहीं। यदि हाँ तो जानकारी प्रदान करें। यदि नहीं तो क्या भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड को यह जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग को देनी थी? हाँ अथवा नहीं।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा संविलियन की प्रक्रिया के लिए जारी दिशा निर्देश एवं प्रक्रिया की संलग्‍न  परिशिष्ट अनुसार है। (ख) भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बी.सी.एल.एल.) कंपनीज एक्‍ट 1956 के तहत वर्ष 2006 में गठित कंपनी है। बी.सी.एल.एल. बोर्ड समस्‍त निर्णय लेने हेतु सक्षम प्राधिकारी है। जी हाँ। बी.सी.एल.एल. की 36वीं बोर्ड ऑफ डायरेक्‍टर बैठक दिनांक 05.05.2022 के एजेण्‍डा बिन्‍दु क्रं.- 3 में लिये गये निर्णय के अनुक्रम में एचआर पॉलिसी अंतर्गत बोर्ड द्वारा संविलियन किये जाने का निर्णय लिया। बी.सी.एल.एल.बोर्ड समस्‍त निर्णय लेने हेतु सक्षम प्राधिकारी है। (ग) बी.सी.एल.एल. की 30वीं बोर्ड ऑफ डायरेक्‍टर्स बैठक दिनांक 25/01/2020 के एजेण्‍डा बिन्‍दु क्रं.- 31 (4) में भी श्री संजय सोनी द्वारा बी.सी.एल.एल. में किये गये कार्य की पुष्टि बोर्ड द्वारा सर्वसम्‍मति से की गई थी। भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड कम्‍पनी की 36वीं बोर्ड ऑफ डायरेक्‍टर्स बैठक दिनांक 05/05/2022 के एजेण्‍डा बिन्‍दु क्रं.- (3) में लिये गये निर्णय अनुसार बोर्ड द्वारा एचआर पॉलिसी तथा उक्‍त कर्मचारी की बोर्ड बैठक दिनांक 25/01/2020 में की गई सेवा पुष्टि संबंधित निर्णय का अवलोकन उपरांत दिनांक 25/01/2020 में की गई पुष्टि संविलियन प्रक्रति होने एवं बी.सी.एल.एल. एचआर पॉलिसी अंतर्गत अनुमोदित पद की अर्हताओं को पूर्ण करने के फलस्‍वरूप श्री संजय सोनी के विलियन को पीआरओ पद के विरूद्ध मान्‍य किया गया है। जी हाँ। बी.सी.एल.एल. कम्‍पनी होने से आदेश पत्र क्रं. 2023/4216 दिनांक 13/07/23 वैधानिक है। जी नहीं। बी.सी.एल.एल. कम्‍पनी होने से सामान्‍य प्रशासन विभाग को जानकारी देने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। साथ ही शेषांश का भी प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "बारह"

विद्युत व्‍यवस्‍था की जानकारी

[ऊर्जा]

34. ( क्र. 787 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) डिण्‍डौरी जिला के सभी ग्रामों में क्‍या विद्युतीकरण सभी टोला मोहल्‍ला तक हो गया है अगर हॉं, तो बतावें ग्राम कौडिया के भीमटोला, घोघराटोला आदि कई टोलाओं लाईट क्‍यों नहीं है। अगर नहीं तो बतावें अ‍ादिवासी बाहुल्‍य बस्तियों में विद्युतीकरण क्‍यों नहीं हैं कब तक विद्युतीकरण किया जायेगा। समय-सीमा बतावें। (ख) डिण्‍डौरी जिला के जिन ग्रामों में विद्युतीकरण हो गया है क्‍या उन सभी ग्रामों में सभी घरों में सही वोलटेज मिलता है अगर हाँ तो ग्राम दुल्‍लोपुर एवं अन्‍य ग्रामों के लोग सही वोलटेज की मांग को लेकर आंदोलन क्‍यों करते है। अगर नहीं तो सभी ग्रामों में सही वोल्‍टेज कब तक दिया जायेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) विद्युतीकरण हेतु निर्धारित नीति अनुसार सर्वप्रथम प्रदेश के सभी आबाद ग्रामों के विद्युतीकरण का कार्य एवं तदुपरांत आबाद ग्रामों के चिन्हित मजरों/टोलों के विद्युतीकरण का कार्य वित्‍तीय उपलब्‍धता अनुसार क्रमश: केन्‍द्र शासन की विभिन्‍न विद्युतीकरण की योजनाओं, यथा राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना एवं दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना, में किया गया। तदुपरांत सौभाग्‍य योजना के प्रावधानों के अंतर्गत शत-प्रतिशत घरों के विद्युतीकरण का कार्य किया गया, किन्‍तु इस योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार खेतों में दूर-दूर अवस्थित घरों को तकनीकी एवं वित्‍तीय साध्‍यता नहीं होने के कारण योजना में सम्मिलित नहीं किया गया। सौभाग्‍य योजना के प्रावधानों के अंतर्गत प्रदेश के शत-प्रतिशत घरों के विद्युतीकरण का कार्य दिनांक 22/10/2018 को पूर्ण कर लिया गया था। जिला डिण्‍डौरी क्षेत्रांतर्गत भी उक्‍तानुसार कार्य किया गया है। नये घरों/मजरों/टोलों का निर्माण एक सतत प्रक्रिया है। प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित मजरों/टोलों के विद्युतीकरण के कार्य तत्‍कालीन विद्युतीकरण योजनाओं के प्रावधानों के अन्‍तर्गत नहीं आने के कारण नहीं किये जा सकें, जिन्‍हें वित्‍तीय एवं तकनीकी साध्‍यता अनुसार वित्‍तीय उपलब्‍धता के अनुरूप किया जा सकेगा। उक्त परिप्रेक्ष्य में वर्तमान में विद्युतीकरण कार्य हेतु निश्‍िचत समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) डिण्डौरी जिले के विद्युतीकृत ग्रामों में कतिपय अवसरों पर वोल्टेज की समस्या आती है, जिसके निराकरण हेतु विधानसभा क्षेत्र डिण्डौरी में 70 अतिरिक्त वितरण ट्रांसर्फामरों की स्‍थापना एवं 162 वितरण ट्रांसर्फामरों की क्षमता वृद्धि तथा विधानसभा क्षेत्र शहपुरा में 62 अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मरों की स्‍थापना एवं 197 वितरण ट्रांसर्फामरों की क्षमता वृद्धि के कार्यों सहित ग्राम दुल्लोपुर में 63 के.व्ही.ए. के 1 अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मर की स्‍थापना के कार्य को केन्‍द्र शासन की आर.डी.एस.एस. योजना के द्वितीय चरण- सिस्‍टम मॉर्डनाइजेशन अंर्तगत प्रस्तावित किया गया है। योजनांतर्गत केन्‍द्र शासन से स्‍वीकृति एवं वित्‍तीय उपलब्‍धता अनुसार उक्‍त कार्यों को किया जावेगा। उक्त परिप्रेक्ष्य में वर्तमान में निश्‍िचत समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं हैं।

आवासहीनों एवं पेयजल व्‍यवस्‍था की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

35. ( क्र. 788 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पंचायत डिण्‍डौरी में सभी आवासहीनों के नाम आवासहीन की सूची में सम्मिलित कर लिया गया है आज दिनांक को शहर के अन्‍दर कोई भी ऐसा व्‍यक्ति नहीं है जो आवासहीन हो और उसका नाम आवासहीन की सूची में न हो अगर हाँ तो बतावें कई व्‍यक्ति ऐसे है जो आवासहीन है और उनका नाम आवासहीन की सूची में भी नहीं है अगर नहीं तो आवासहीन की सूची में आवासहीनों के नाम क्‍यों नहीं हैं। कौन जिम्‍मेदार है जो आवासहीन है उसका नाम सूची में कब सम्मिलित किया जायेगा तथा उसे कब तक आवास योजना का लाभ दिया जायेगा समय-सीमा बतावें। (ख) नगर पंचायत डिण्‍डौरी में स्‍वच्‍छ पेयजल क्‍या सभी शहरवासियों को मिल रहा है। अगर हाँ तो बतावें मुलायटोला, आवासमेला फराकी बस्‍ती में पानी की मांग को लेकर जनता क्‍यों सड़क में आते हैं। अगर नहीं तो स्‍वच्‍छ पेयजल शहर वासियों को क्‍यों नहीं मिल रहा है। कौन जिम्‍मेदार हैं। 2015 से आज तक पेयजल व्‍यवस्‍था हेतु किस-किस मद से कितनी-कितनी राशि में क्‍या-क्‍या कार्य हुए कार्यवार जानकारी दें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) आवेदकों द्वारा दिये आवेदनों तथा सर्वे उपरांत बीएलसी घटक अन्तर्गत 809 हितग्राही तथा एएचपी घटक अन्तर्गत 348 पात्र हितग्राही कुल 1157 हितग्राही पात्र पाये गये है। निकाय ने एक नवीन सूची 244 की प्रस्तुत की है, परन्तु वर्तमान नवीन आवास स्वीकृति संबंधी कार्यवाही आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार कार्यवाही की जा सकेगी। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की अवधि दिसम्बर 2024 तक सीमित है जिसमें स्वीकृत आवासों को ही पूर्ण कराये जाने के निर्देश है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ। पूर्व में जल प्रदाय की पाइप लाइन न होने के कारण पानी की मांग को लेकर, वर्तमान में जनता के मांग पर पेयजल हेतु पाइप लाइन विस्तार का कार्य किया जाकर क्षेत्रवासियों को सार्वजनिक सूचना के माध्यम से नल कनेक्शन लेने के लिए सूचित किया गया। पेयजल व्यवस्था हेतु मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना अन्तर्गत राशि रू. 955.59 लाख एवं संधारण एवं संचालन में राशि रू. 68.14 लाख इसके अतिरिक्त निकाय निधि से मोटर पम्प मरम्मत में राशि रू. 33.25 लाख एवं एलम/ब्लीचिंग/चूना में राशि रू. 30.50 लाख व्यय की गयी।

रिक्त एवं अनुपयोगी आवासों की जानकारी

[ऊर्जा]

36. ( क्र. 822 ) डॉ. योगेश पंडाग्रे : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के अंतर्गत सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी के अंतर्गत अधिकारी-कर्मचारियों के लिये कितने आवास निर्मित किये गये हैं, इनमें से कितने आवासों में अधिकारी-कर्मचारी निवासरत हैं, कितने आवास अनुपयोगी हो चुके हैं तथा कितने रिक्त हैं। (ख) इन आवासों में रिक्त एवं अनुपयोगी आवासों में से कितने आवासों में चोरी के प्रकरण संज्ञान में आए हैं, कितनी राशि का नुकसान हुआ है तथा इन आवासों में हो रही चोरी से हुए नुकसान के लिये कौन जिम्मेदार है? (ग) क्या कंपनी इन रिक्त आवासों में हो रहे नुकसान को रोकने हेतु इन आवासों को कंपनी के ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दिये जाने अथवा मांग के आधार पर पूर्व की भांति सेवानिवृत्ति के बाद भी किसी निश्‍िचत अवधि तक कर्मचारियों से रिक्त न कराए जाने आदि सुझावों पर विचार कर रही है जिससे शासकीय संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्‍िचत हो सके? (घ) प्रश्‍नांश (ग) का उत्तर हाँ की स्थिति में क्या कार्यवाही विचाराधीन है, यदि नहीं हो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) मध्‍यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी में कार्यरत अधिकारियों/कर्मचारियों के निवास हेतु कुल 3976 आवासों का निर्माण किया गया था। वर्तमान में उक्‍त आवासों में से 1142 आवासों में अधिकारी/कर्मचारी एवं वैध रूप से आवंटित व्‍यक्ति निवासरत हैं। 2062 आवास अनुपयोगी हो चुके हैं जिसमें से 78 आवासों को इकाई क्रमांक-10 एवं 11 (2X250 मे.वा.) के निर्माण हेतु जमींदोज किया गया है तथा 451 आवास रिक्‍त हैं। उक्‍त के अतिरिक्‍त, 321 आवासों में अनधिकृत रूप से बाहरी व्‍यक्ति निवासरत है, जिनको समय-समय पर म.प्र.पॉवर जनरेटिंग कंपनी द्वारा आवास रिक्‍ति‍करण हेतु नोटिस जारी किए गए है। आवास रिक्‍त न होने की स्थिति में कंपनी द्वारा प्रशासन को सूचित कर सहयोग लिया जावेगा। (ख) रिक्‍त एवं अनुपयोगी आवासों में से 37 आवासों में चोरी के प्रकरण म.प्र.पॉवर जनरेटिंग कंपनी के संज्ञान में आए हैं। लगभग 50-55 वर्ष पूर्व निर्मित उक्‍त आवासों से चोरी की गई सामग्री में लकड़ी की चौखट, पल्‍ले, बिजली फिटिंग इत्‍यादि हैं जो पूर्व में ही पर्यावरणीय प्रभावों के कारण अनुपयोगी हो चुके थे। उक्‍त आवासों में लगी सामग्री के विमूल्‍यन पश्‍चात वर्तमान मूल्‍य लगभग नगण्‍य है, अत: नुकसान राशि का आंकलन किये जाने अथवा किसी की जिम्‍मेदारी तय करने का औचित्‍य नहीं है। तथापि उक्‍त आवासों में हुई चोरी की घटनाओं की शिकायत संबंधित पुलिस थाने में की गई है। (ग) एवं (घ) मध्‍यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के सेवानिवृत्‍त अधिकारियों/कर्मचारियों को निश्‍िचत अवधि तक कंपनी के आवास आवंटन हेतु प्रावधान कंपनी के परिपत्र क्रमांक 976, दिनांक 09.03.2018 में निहित है। तदनुसार वर्तमान में कुल 81 सेवानिवृत्‍त अधिकारी/कर्मचारी कंपनी के आवासों में निवासरत हैं। उक्‍त परिपत्र की छायाप्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  अनुसार  है। उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में अन्‍य कोई कार्यवाही किया जाना अपेक्षित नहीं है।

नियम विरूद्ध निविदा स्‍वीकृत करने के जिम्‍मेदारों पर कार्यवाही

[लोक निर्माण]

37. ( क्र. 847 ) श्री अभय कुमार मिश्रा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या निर्माण परिक्षेत्र रीवा के अन्‍तर्गत निविदा क्रमांक 2023_PWDRB_314728_1 Construction of Length 45.70 km. एवं निविदा क्रमांक 2023_PWDRB_314731_1 Construction of Length 45.12 km. की निविदा आचार स‍ंहिता दिनांक 09.10.2023 लगने के दो दिवस पश्‍चात् दिनांक 11.10.2023 में ऑनलाइन प्रकाशित की गई थी यदि हाँ तो यह आचार संहिता का उल्‍लंघन है या नही? (ख) क्‍या मतदान दिनांक 17.11.2023 से एक दिवस पूर्व पहले दिनांक 16.11.2023 को उपरोक्‍त बिन्‍दु (क) में वर्णित निविदा खोली गई थी? यदि हाँ तो यह आचार संहिता का उल्‍लंघन है या नहीं? (ग) क्‍या उक्‍त दोनों मार्ग पूर्व से PMJSY मार्ग है जिसमें PMJSY विभाग से निविदा लगाने से पहले अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया गया था या नहीं? नहीं तो क्‍यों? (घ) क्‍या चुनाव आचार संहिता का घोर उल्‍लंघन करते हुये चुनावी भगदड़ का लाभ उठाकर संबधित अपराधियों द्वारा चुनिन्‍दा ठेकेदारों से मिलकर शासन के करोड़ों रूपये का नुकसान पहुँचाने एवं निविदा फिक्सिंग की नियत से नियम विरूद्ध निविदा प्रक्रिया को सम्‍पादित किया गया, साथ ही कार्यपालन यंत्री एवं अधीक्षण यंत्री के द्वारा आनन-फानन में निविदा मंजूरी करने हेतु अग्रिम प्रस्‍तावित कर दिया गया जो स्‍वीकृत प्रत्‍याशा में मुख्‍य अभियंता कार्यालय में ल‍ंबित है। जिसमें इन अधिकारियों की संलिप्‍तता स्‍पष्‍ट प्रतीत होती है या नहीं? श्री सुधीर शुक्‍ला जो एस.डी.ओ. के पद पर कई वर्षों से पदस्‍थ हैं जिनको चुनाव आयोग के निर्देशानुसार अन्‍यत्र हटाये जाने के निर्देश देंगे जबकि उपरोक्‍त अनियमितताओं में इनकी भी संलिप्‍तता है। (ड.) क्‍या दूषित निविदा प्रक्रिया को निरस्‍त कर पारदर्शिता के साथ बुलाये जाने की कार्यवाही करते हुये संलिप्‍त अधिकारी कार्यपालन यंत्री, अधीक्षण यंत्री के विरूद्ध तत्‍काल प्रभाव से निलंबन की घोषणा की जावेगी अथवा नहीं? क्‍या नियमानुसार निविदा प्रक्रिया पुन: आहुत की जावेगी? यदि हाँ तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। किन्तु  यह आचार स‍ंहिता का उल्‍लंघन नहीं है क्‍योंकि दिनांक 09.10.2023 से आचार संहिता लागू होने के पूर्व  ही  उक्त निविदाएं निविदा सूचना क्रं. 15/सा./2023-24 दिनांक 04.10.2023  द्वारा  आमंत्रित की गई थीजिसका प्रकाशन दिनांक 06.10.2023 को समाचार-पत्रों में  हो चुका था। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। इसी अनुक्रम में विभाग के ई-प्रोक्‍योरमेंट सिस्‍टम में इलेक्‍ट्रानिक माध्‍यम से इसी निविदा का पुन: प्रकाशन दिनांक 11.10.2023 को किया गया जो कि पूर्व प्रकाशन दिनांक 04.10.2023 के अनुक्रम में ही था। अत: इस कारण आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है। (ख) जी नहीं। उक्त निविदाओं की तकनीकी बिड मतदान दिनांक 17.11.2023 के 02 दिवस बाद दिनांक 20.11.2023 को खोली गयीजो आन्तरिक कार्यालयीन व्यवस्था होने से आचार संहिता प्रभावशीलता का उल्लंघन नहीं है। (ग) जी नहीं। आवश्‍यक न होने के कारण। परन्तु उक्त मार्गों को मुख्य ज़िला मार्ग घोषित किये जाने का प्रस्ताव ज़िला समिति रीवा से दिनांक 08.03.2022 को अनुमोदित है एवं प्रक्रियाधीन है। सम्पूर्ण वस्तुस्थिति विभाग के संज्ञान में होने के कारण ही कार्य की  आवश्‍यकता को दृष्टिगत रखते हुए मार्गों की  प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक 01.10.2023 को जारी की गई है। (घ) जी नहीं। ठेकेदारों से मिलकर शासन को विभाग द्वारा कोई भी राशि का नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। निविदा प्रक्रिया शासन के नियमानुसार संपादित  कर कार्यवाही की जा रही है। जी नहीं। निविदा में किसी प्रकार की  अनियमितता नहीं की गई है। पदस्थापना प्रशासनिक व्यवस्था हैचुनाव आयोग के कोई निर्देश नहीं है। अतः वर्तमान में अन्यत्र पदस्थापना विचाराधीन नहीं है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ड.) जी नहीं। निविदा प्रक्रिया पारदर्शित के साथ नियम/प्रक्रिया अनुसार संपादित की गई है। अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्‍न तथा निविदा पुनः आमंत्रण का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सी.एम.ओ. द्वारा नियम विरूद्ध कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

38. ( क्र. 848 ) श्री अभय कुमार मिश्रा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रीवा जिले में नगर परिषद् सेमरिया में वित्‍तीय वर्ष 2022-23 में निविदा बाजार बैठकी हेतु निविदा ऑनलाइन मंगाकर श्री प्रदीप द्विवेदी ठेकेदार/संविदाकार को बैठक वसूली हेतु कार्यादेश जारी किये गये जिसमें 24,53,551 लाख रूपये जमा किये जाने थे जिनका अनुंबंध भी निष्‍पादित कराया गया था। कार्यादेश एवं अनुबंध की प्रति प्रस्‍तुत करें? नगरीय निकाय मंत्रालय के पत्र क्रमांक/2445 दिनांक 15.06.2023 में क्‍या निर्देश थे एवं इसका क्‍या पालन किया जा रहा है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार निर्धारित राशि में से ठेकेदार द्वारा 14,26,775 लाख रूपये जमा की गई शेष राशि 10,26,776 लाख रूपये नहीं जमा कराये गये, स्‍पष्‍ट बतावें? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संविदाकार द्वारा निर्धारित राशि में से राशि जमा कराई गई शेष बची राशि 10,26,776 लाख रूपये ठेकेदार से जमा नहीं कराई गई नगर परिषद् की बैठक दिनांक 15.10.2022 के प्रस्‍ताव क्रमांक 5 में प्रस्‍ताव पारित किया गया कि ठेकेदार को घाटा हुआ इस कारण राशि न वसूली जाए जबकि बैठक में ठेकेदार के सगे भाई जीतेन्‍द्र द्विवेदी निकाय में मस्‍टर श्रमिक के पद पर कार्यरत थे एवं श्रीमती वंदना द्विवेदी इनकी पत्‍नी वार्ड 12 की पार्षद थी इनके द्वारा प्रस्‍ताव पारित कराकर शासन को अपूर्णीय क्षति पहुँचायी गई क्‍यों? (घ) प्रश्‍नांश (क) अनुसार निर्धारित राशि ठेकेदार से वसूली न कर प्रश्‍नांश (ग) अनुसार नियम विरूद्ध प्रस्‍ताव पारित कर पद का दुरूपयोग कर शासन को क्षति पहुँचाई गई जिसकी वसूली अध्‍यक्ष, उपाध्‍यक्ष, मुख्‍य नगर परिषद् अधिकारी एवं ठेकेदार से वसूली बाबत् निर्देश देंगे तो कब तक बतावें अगर नहीं तो क्‍यों? यदि हाँ, तो नगर परिषद् अध्‍यक्ष को पद से पृथक किये जाने हेतु क्‍या निर्देश दिये जायेंगे स्‍पष्‍ट करें? साथ ही नगर पंचायत में सी.एम.ओ. के पद पर प्रभारी आर.आई. बैकुण्‍ठपुर को पदस्‍थ कर कार्य लिया जा रहा है जो तीन वर्ष से ज्‍यादा समय से पदस्‍थ है चुनाव आयोग के निर्देश के पालन में इनको मूल पद में वापस करने/अन्‍यत्र पदस्‍थ करने बाबत् क्‍या निर्देश देंगे तो कब तक बतायें नहीं तो क्‍यों? (ड.) प्रश्‍नांश (क) अनुसार निर्धारित राशि की वसूली ठेकेदार से न करने नियम विरूद्ध प्रस्‍ताव पारित कर शासन को आर्थिक क्षति पहुँचाने हेतु कूट रचित दस्‍तावेज तैयार कर लाभ देने वालों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने एवं राशि वसूली बाबत् क्‍या निर्देश देंगे तो कब तक बतावें अगर नहीं तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। कार्यादेश की  जानकारी  पुस्‍तकालय में  रखे  परिशिष्ट -अ अनुसार है। अनुबंध की प्रति संलग्न नहीं। निकाय द्वारा शासन के पत्र क्रमांक 2445 दिनांक 15.06.2023 के द्वारा दिनांक 29 मई 2023 के निर्देश का पालन किया जा रहा है। जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्ट -ब अनुसार है। (ख) जी हाँ। जी हाँ राशि रूपये 10,26,776/- नहीं जमा किये गये। (ग) जी हाँ। जानकारी  पुस्‍तकालय में   रखे  परिशिष्ट -स अनुसार है।  यह बात सही है कि श्री जीतेन्द्र द्विवेदी निकाय के मस्टर श्रमिक के पद पर कार्यरत है व ठेकेदार के सगे भाई है किन्तु उनका परिवार एवं समग्र आईडी पृथक है। श्रीमती वंदना द्विवेदी इनकी पत्नी वार्ड क्रमांक 12 की पार्षद है। जानकारी  पुस्‍तकालय  रखे  परिशिष्ट -द अनुसार है। (घ) प्रस्ताव की  जानकारी  पुस्‍तकालय  रखे  परिशिष्ट -स अनुसार है।  इस संबंध में कार्यवाही किये जाने हेतु संभागीय संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास रीवा संभाग रीवा को संचालनालय के पत्र क्रमांक शाखा 02/2024 दिनांक 03/02/2024 द्वारा निर्देशित किया है। जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्ट फ अनुसार है। यह सही है कि श्री के.एन.सिंह राजस्व उप निरीक्षक नगर परिषद् बैकुण्ठपुर जिला रीवा को फीडर केडर में होने के कारण कलेक्टर महोदय रीवा के आदेश कमांक 340 रीवा दिनांक 20/09/23 द्वारा मुख्य नगर पालिका अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा को गया है। ये मात्र 04 माह से पदस्थ है। जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्ट -ई अनुसार है। (ड.) कोई भी कूटरचित दस्तावेज तैयार नहीं किए कर गए है शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्रधानमंत्री आवास योजनांतर्गत लाभान्‍वित हितग्राहियों की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

39. ( क्र. 863 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिलांतर्गत नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा वर्ष 2017 से 2023 तक कितने प्रधान मंत्री आवास स्‍वीकृत हुए हैं? निकायवार सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) इनमें से कितने आवास हितग्राहियों को दिये गये, उनमें से कितने पूर्ण/कितने अपूर्ण हैं? नामवार सूची उपलब्‍ध करावें। (ग) भाण्‍डेर विधान सभा क्षेत्र में कितने हितग्राहियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय किस्‍त दी गई है? यदि नहीं, दी गई है, तो कब तक जारी की जायेगी? विलंब के लिये कौन जिम्‍मेदार हैं? क्‍या दोषी अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि हां, तो कब तक? यदि नहीं तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। हितग्राहियों की सूची  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है।

नवीन इकाइयों के विद्युत कनेक्‍शन काटे जाना

[ऊर्जा]

40. ( क्र. 873 ) श्री सुरेन्द्र पटवा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नवीन स्‍थापित औद्योगिक इकाईयों को क्‍या-क्‍या विद्युत सुविधा प्रदान की जा रही है? (ख) क्‍या मंडीदीप में स्थित विभिन्‍न औद्योगिक इकाईयों के बिजली बिल का भुगतान न होने की स्थिति में उनके कनेक्‍शन काटे जा रहे हैं? क्‍या इससे उद्योग प्रभावित हो रहे हैं। (ग) क्‍या शासन उद्योग को सुचारू रूप से संचालन करने की दृष्टि से तत्‍काल विद्युत कनेक्‍शन नहीं काटे जावे, इस दिशा में पहल कर कार्यवाही कौन करेगा? यदि नहीं तो क्‍यों।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा वर्ष 2023-24 के लिए दिनांक 28.03.2023 को जारी टैरिफ आदेश के अनुसार केवल उच्‍चदाब औद्यौगिक नवीन कनेक्‍शनों को टैरिफ आदेश में उल्‍लेखित शर्तों के अधीन ऊर्जा प्रभार पर एक रूपये प्रति यूनिट या 20 प्रतिशत (जो कम हो) की छूट प्रदान की जाती है। टैरिफ आदेश से संबंधित पृष्‍ठों की प्रति  संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार  है। (ख) विद्युत उपभोक्ताओं द्वारा विद्युत बिल का भुगतान नियत अवधि में नहीं करने की स्थिति में म.प्र. विद्युत प्रदाय संहिता 2021 के प्रावधानों एवं विद्युत वितरण कंपनी के निर्धारित नियम एवं शर्तों के अनुसार इनके विद्युत कनेक्शन विच्‍छेदित किये जाने की कार्यवाही की जाती है एवं विद्युत बिल की बकाया राशि का भुगतान प्राप्‍त होने पर नियमानुसार विद्युत कनेक्शन पुनः संयोजित किये जाते है। विद्युत बिलों की बकाया राशि की वसूली हेतु वैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत की जा रही उक्‍त कार्यवाही के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) उपभोक्ता द्वारा नियत तिथि तक बिल जमा नहीं करने पर नियमानुसार 15 दिवसीय ''कनेक्शन विच्‍छेदन सूचना पत्र'' जारी किया जाता है। इसके उपरांत भी बिल का भुगतान प्राप्‍त नहीं होने पर विद्युत वितरण कं