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मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
जुलाई, 2016 सत्र


गुरूवार, दिनांक 28 जुलाई, 2016


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


 


( वर्ग 4 : लोक निर्माण, वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार, खेल एवं युवा कल्याण, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, वन, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास, उच्च शिक्षा )


सीहोर जिले में संचालित विश्‍वविद्यालय

1. ( क्र. 3363 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सीहोर जिले में कोई सत्‍यसाईं विश्‍वविद्यालय संचालित किया जा रहा है? यदि हाँ, तो विश्‍वविद्यालय संचालन समिति व संचालक आदि का ब्‍यौरा दें। उक्‍त विश्‍वविद्यालय की स्‍थापना कब व किन नियमों के तहत की गई है? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार सत्‍यसाईं विश्‍वविद्यालय द्वारा प्रदेश भर में कितने कॉलेज संचालित किए जा रहे हैं? क्‍या उक्‍त विश्‍वविद्यालय को मेडिकल कॉलेज या विद्यालय संचालन की पात्रता है, यदि हाँ, तो किन नियमों के तहत? (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार उक्‍त विश्‍वविद्यालय में पढ़ाए जा रहे कोर्स की फीस किन मापदण्‍डों पर नियत की गई है? क्‍या विश्‍वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों से प्रतिवर्ष जनभागीदारी अशासकीय शुल्‍क एवं विश्‍वविद्यालय शुल्‍क वसूला जा रहा है? यदि हाँ, तो कक्षावार ब्‍यौरा दें (घ) क्‍या उक्‍त विश्‍वविद्यालय द्वारा सीहोर स्थित कैंपस में एक से अधिक कॉलेज यथा बी.एड., नर्सिंग, इंजीनियरिंग आदि‍ संचालित किए जा रहे हैं? यदि हाँ, तो क्‍या यह नियमानुसार सही है? यदि नहीं, तो शासन ने अब तक क्‍या कार्यवाही की है।

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। विश्वविद्यालय संचालन समिति व संचालक की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। विश्वविद्यालय की स्थापना दिनांक 19.09.2013 को म.प्र. निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) अधिनियम, 2007 के प्रावधान के तहत की गई है। (ख) विश्वविद्यालय द्वारा विश्वविद्यालय के परिसर में स्थापित संगठक इकाइयों के अतिरिक्त परिसर के बाहर अन्यत्र कोई भी कॉलेज संचालित नहीं है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। वर्तमान में विश्वविद्यालय को मेडिकल कॉलेज संचालन की पात्रता नहीं है। (ग) विश्वविद्यालय में पढ़ाये जा रहे कोर्स की फीस शिक्षा के मानक स्तरों के आधार पर शिक्षा की लागत के आंकलन की समीक्षा कर म.प्र. निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग द्वारा शुल्क नियत किया जाता है। जी नहीं। विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों से जनभागीदारी अशासकीय शुल्क या विश्वविद्यालय शुल्क वसूल नहीं किया जा रहा है। (घ) जी हाँ। विश्वविद्यालय परिसर सीहोर में म.प्र. निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग द्वारा घोषित संगठक इकाई जिसमें बी.एड., बी.पी.एड., इंजीनियरिंग, फार्मेसी, मैनेजमेंट, पैरामेडिकल कॉलेज संचालित है। सभी संगठक इकाइयों में चलाये जा रहे पाठ्यक्रमों का संबंधित नियामक निकायों से अनुमोदन प्राप्त है, जो नियमानुसार है। प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''एक''

उमरियापान में महाविद्यालय की स्‍थापना

2. ( *क्र. 2955 ) श्री मोती कश्यप : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला कटनी की तहसील ढीमरखेड़ा का क्षेत्रफल कितने कि.मी. का है और उसके किन-किन ग्रामों में बालक व कन्‍या उ.मा.वि. हैं और उनमें कक्षा 12 वीं की छात्र संख्‍या कितनी है और तहसील क्षेत्र में कितनी हैं? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता ने अपने पत्र दिनांक 09.02.2009, 07.02.2011, 27.03.2011, 07.05.2015, 24.12.2015 द्वारा मा. मुख्‍यमंत्री जी एवं मा. विभागीय मंत्री को उमरियापान में महाविद्यालय की स्‍थापना हेतु लेख किया है? (ग) प्रश्‍नांश (क) से (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में उमरियापान में कब तक महाविद्यालय खोल दिया जावेगा?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जानकारी ​संलग्‍न परिशि​ष्ट अनुसार(ख) जी हाँ। (ग) प्रस्ताव तैयार कर स्थाई परियोजना परीक्षण समिति के विचारार्थ प्रस्तुति हेतु प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''दो''

अतिथि विद्वानों का नियमितीकरण

3. ( *क्र. 3199 ) श्री अनिल फिरोजिया : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उच्‍च शिक्षा विभाग के महाविद्यालयों में कार्यरत अतिथि विद्वानों को कितने वेतन/मानदेय पर नियुक्‍त किया गया है? (ख) म.प्र. शासन द्वारा कुशल/अकुशल श्रमिकों को किस दर पर वेतन भुगतान किया जाता है? (ग) क्‍या विभाग द्वारा नियुक्‍त अतिथि विद्वान योग्‍यता में कुशल श्रमिक से निम्‍न श्रेणी के हैं? यदि नहीं, तो इतने अल्‍प मानदेय पर नियुक्ति का क्‍या कारण है? (घ) क्‍या विभाग उच्‍च शिक्षा का स्‍तर सुधारने हेतु अतिथि विद्वानों को योग्‍यतानुसार मानदेय दे रहा है? (ड.) वर्षों से अतिथि विद्वान का कार्य संपादित कर रहे सहायक प्राध्‍यापकों को कब तक संविदा नियुक्ति/नियमित किया जावेगा?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) उच्च शिक्षा विभाग के आदेश क्रमांक एफ 1-13/2016/38-1 दिनांक 21.04.16 द्वारा नेट या 2009 यू.जी.सी. रेग्यूलेशन के अनुसार पी.एच.डी. योग्यता धारित अतिथि विद्वानों को मानदेय रूपये 275/- प्रति कालखण्ड, अधिकतम रूपये 825/- प्रति कार्यदिवस तथा उल्लेखित योग्यता नहीं रखने वाले शेष अतिथि विद्वानों को रू. 200/- प्रतिकालखण्ड व अधिकतम रू. 600/- प्रति कार्यदिवस की दर से भुगतान किया जा रहा है। (ख) श्रमायुक्त कार्यालय, म.प्र.शासन, इन्दौर के आदेश क्रमांक 6/11/अन्वेषण/पाँच/2015/12301-500 इन्दौर दिनांक 01.04.16 में स्पष्टीकरण के बिंदु-3 में लेख है कि राज्य शासन द्वारा दिनांक 15.05.15 को जारी एवं म.प्र. राजपत्र दिनांक 22.05.15 में प्रकाशित अकुशल श्रमिकों हेतु मजदूरी की पुनरीक्षित न्यनतम दरें 01.06.15 से प्रभावशील की गई हैं। उक्त परिपत्र की अनुसूची-क में श्रमायुक्त इन्दौर के अनुसार कुशल श्रमिकों को अधिकतम रूपये 9,085/- प्रतिमाह एवं अकुशल श्रमिकों को समान रूप से रूपये 6,850/- प्रतिमाह वेतन भुगतान किया जाता है। (ग) जी नहीं। उत्तरांश () के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। (ड.) अतिथि विद्वान सहायक प्राध्यापक नहीं है तथा उन्हें लोक सेवक नहीं माना गया है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

हिरन नदी के पुल के एप्रोच मार्ग का निर्माण

4. ( *क्र. 2016 ) श्रीमती प्रतिभा सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि बरगी विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत हिरन नदी पर बने पुल के दोनों ओर एप्रोच मार्ग निर्माण हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा विभाग को कब-कब लिखा गया? उपरोक्‍त भैरोघाट पुल के दोनों ओर एप्रोच मार्ग का निर्माण कब तक कराया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : प्रश्‍नकर्ता का पत्र दिनांक 19.07.2015 एवं 30.05.2016 को प्राप्‍त हुआ। रूपये 66.72 लाख कार्य का प्राक्‍कलन तैयार किया गया है जो परीक्षणाधीन है। उपलब्‍ध वित्‍तीय संसाधन अनुसार स्‍वीकृति हेतु विचार किया जा सकेगा वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

विधान सभा क्षेत्र गोटेगाँव अंतर्गत स्‍वीकृत राशि

5. ( *क्र. 1357 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र गोटेगाँव अंतर्गत वित्‍तीय वर्ष 2013-14, 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में वन विभाग द्वारा कितनी-कितनी राशि किस-किस योजना में स्‍वीकृत की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार स्‍वीकृत राशि किस क्षेत्र में कितनी उपयोग में लाई गई? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार स्‍वीकृत कार्यों में कितने कार्य पूर्ण हो चुके एवं कितने अपूर्ण हैं? (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार अपूर्ण कार्य होने का स्‍पष्‍ट कारण एवं कार्य पूर्ण न हो पाने के कारण संबंधित अधिकारियों पर क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। इस वित्‍तीय वर्ष 2016-17 के कार्य प्रचलित। अत: किसी अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थि‍त नहीं होता।

पंधाना विधानसभा क्षेत्रांतर्गत स्‍टेडियमों का निर्माण

6. ( *क्र. 3434 ) श्रीमती योगिता नवलसिंग बोरकर : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कितने इन्‍डोर व आउटडोर स्‍टेडियम स्‍वीकृत हुए हैं? यह कब बनेंगे? (ख) पंधाना नगर पंचायत में बनने वाले इंडोर स्‍टेडियम की क्‍या स्थिति है, वह क्‍यों नहीं बन रहा है?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की परफार्मेंस ग्रान्ट से प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 01 आउटडोर ग्रामीण खेल परिसर के निर्माण की योजनान्तर्गत पंधाना विधानसभा क्षेत्र के छैःगाव माखन में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है। निर्माण कार्य प्रगतिरत् है। (ख) इण्डोर स्टेडियम का निर्माण राजीव गांधी खेल अभियान योजनान्तर्गत किये जाने की पूर्व में योजना थी, परन्तु भारत सरकार ने उक्त योजना को भारत सरकार के पत्र क्र. 1-1/MYAS/SD/2016/1258 दिनांक 29/04/2016 द्वारा स्थगित कर दिया गया हैं। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

भोपाल-ब्‍यावरा रोड का निर्माण

7. ( *क्र. 2252 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल-ब्‍यावरा रोड का ठेका किस कंपनी को कब दिया गया था, कितनी लागत थी एवं काम कब पूर्ण किया जावेगा? (ख) कंपनी द्वारा समय पर काम पूरा किया गया या नहीं? यदि नहीं, तो कंपनी के विरूद्ध विभाग द्वारा कब-कब, क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) कंपनी को किस बैंक द्वारा कितना फाइनेन्‍स किया गया एवं विभाग द्वारा ठेकेदार को कितना भुगतान किया गया? कुल कितना भुगतान (विभाग+बैंक) द्वारा ठेकेदार को दिया जा चुका है एवं कितना कार्य मौके पर किया जा चुका है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जी नहीं। दिनांक 10.05.2016 को अनुबंध निरस्‍त किया जाकर बैंक गारंटी राजसात कर ली गई। (ग) कन्‍सेशनायर को वित्‍तीय प्रबंधन हेतु संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार धनराशि देने हेतु वित्‍तीय संस्‍थानों द्वारा सहमति दी गई है। कन्‍सेशनायर को एम.पी.आर.डी.सी. द्वारा कोई भुगतान नहीं किया गया है, क्‍योंकि परियोजना में कन्‍सेशनायर द्वारा प्रीमियम देय है। ठेका निरस्‍त होने से पहले कन्‍सेशनायर द्वारा लगभग 20 प्रतिशत कार्य किया गया है।

परिशिष्ट - ''तीन''

केवलारी विधानसभा क्षेत्र में पुल निर्माण

8. ( *क्र. 1782 ) श्री रजनीश सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले के अंतर्गत केवलारी विधानसभा क्षेत्र में निर्माण हेतु कितने बड़े व छोटे पुल स्‍वीकृत हैं एवं कितने निर्माणाधीन हैं? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत चकरघटा घाट गुवरिया एवं चमरया नाला छपारा में उच्‍चस्‍तरीय पुल निर्माण हेतु विधानसभा प्रश्‍न के माध्‍यम से निरंतर मांग की जा रही है? यदि हाँ, तो इस संबंध में शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं, कारण स्‍पष्‍ट करें? (ग) इसी प्रकार ब्रिटिश शासन काल में निर्मित पलारी कहानी मार्ग के अंतर्गत ग्राम मझगंवा में बैनगंगा नदी पर स्थित पुल जीर्ण-शीर्ण हो गया है जिस पर विगत कुछ माह पहले आवागमन अवरूद्ध हो गया था? क्‍या विभाग के पास उक्‍त स्‍थान पर नवीन उच्‍चस्‍तरीय पुल निर्माण हेतु कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन है? यदि हाँ, तो कब तक इसे कार्य रूप में परिणित कर लिया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? (घ) यदि उक्‍त पुल निर्माण नहीं होने से कोई दुर्घटना होती है तो इसका जवाबदार कौन होगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी हाँ, चकरघटा गुवरिया मार्ग पंचायत मार्ग होने के कारण कोई कार्यवाही नहीं की गई है एवं चमरया नाला पुल निर्माण हेतु दिनांक 16.03.2016 को स्‍थायी वित्‍तीय समिति से अनुमोदित। अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। जी हाँ। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) पुल निर्माण की कार्यवाही प्रगति पर है। अत: प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''चार''

सिरोंज विधानसभा क्षेत्रांतर्गत खेल स्‍टेडियम का निर्माण

9. ( *क्र. 2897 ) श्री गोवर्धन उपाध्‍याय : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या सिरोंज विधानसभा क्षेत्रांतर्गत राजीव गांधी खेल अभियान के अंतर्गत खेल स्‍टेडियम स्‍वीकृत होकर निर्माणाधीन है? किस ग्राम में कितने हेक्‍टेयर क्षेत्र में भूमि का आवंटन किया गया है? यदि हाँ, तो स्‍वीकृति‍ के समय कितनी लागत निर्धारित की गई थी? अभी तक कितना निर्माण कार्य हुआ है? अब तक उक्‍त कार्य में कितनी राशि व्‍यय की गयी है? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार राजीव गांधी खेल स्‍टेडियम का निर्माण कार्य किस एजेंसी के द्वारा किया जा रहा है? उक्‍त कार्य को पूर्ण किये जाने की समयावधि क्‍या थी? समयावधि में कार्य पूर्ण न करने के लिए जिम्‍मेदार कौन है? यह कब तक पूर्ण होकर ग्राम पंचायत को हस्‍तां‍तरित किया जावेगा?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी नहीं। अपितु पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की परफार्मेन्‍स ग्रान्ट से प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 01 आउटडोर ग्रामीण खेल परिसर निर्माण कराये जाने की योजनान्तर्गत विधानसभा क्षेत्र सिरोंज के ग्राम ओखलीखेड़ा में 2.262 हेक्टेयर भूमि का आवंटन ग्रामीण खेल परिसर निर्माण के लिये हुआ है। वर्तमान में खेल परिसर निर्माण की स्वीकृति ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग द्वारा जारी नहीं की गई है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पंचायत राज विभाग द्वारा निर्माण की लागत राशि रू. 80.00 लाख निर्धारित है। निर्माण की स्वीकृति जारी नहीं होने से निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) प्रश्नोत्तर () अनुसार राजीव गांधी खेल अभियान योजनान्तर्गत कोई भी निर्माण कार्य नहीं किया जा रहा है। ग्रामीण खेल परिसर निर्माण कार्य ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा किया जाना है। वर्तमान में स्टेडियम निर्माण की स्वीकृति ही जारी नहीं हुई है, इसलिये शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

फर्जी निर्वाचन की शिकायत की जाँच

10. ( *क्र. 2453 ) श्री सुरेन्‍द्रनाथ सिंह : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) असिस्टेंट रजिस्‍ट्रार, फर्म्‍स एवं संस्‍थाएं भोपाल नर्मदापुरम संभाग के जावक क्रमांक 3485, दिनांक 03 नवंबर, 2015 द्वारा किस संस्‍था की कार्यकारिणी मान्‍य की गई? (ख) असिस्टेंट रजिस्‍ट्रार को वर्ष 2016 में उक्‍त कार्यकारिणी के निर्वाचन दिनांक 05 जुलाई, 2015 फर्जी होने के संबंध में किस-किस की ओर से शिकायत प्राप्‍त हुई है? (ग) संज्ञान में आये तथ्‍यों अनुसार उक्‍त निर्वाचन प्रक्रिया में कितने व्‍यक्ति उपस्थित रहे? किस शासकीय स्‍थल और स्‍थान पर निर्वाचन हुए? निर्वाचन में उपस्थित व्‍यक्तियों के स्‍पष्‍ट नाम, शासकीय पद एवं उनके कार्यालय की स्‍पष्‍ट और पठनीय सूची उपलब्‍ध करावें? (घ) निर्वाचन में उपस्थित भोपाल के बाहर पदस्‍थ व्‍यक्तियों द्वारा शासकीय मुख्‍यालय छोड़ने की अनुमति संबंधी आवेदनों की प्रति उपलब्‍ध करावें प्रथम दृष्‍टया निर्वाचन फर्जी पाये जाने पर मान्‍यता अब तक निरस्‍त क्‍यों नहीं की गई? कब तक की जायेगी? प्रश्‍नाधीन मामले का जाँच प्रतिवेदन दें

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जावक क्रमांक 3485 दिनांक 03 नवम्‍बर, 2015 द्वारा कार्यकारिणी मान्‍य करने की कार्यवाही नहीं की गई है, अपितु म.प्र. तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, भोपाल द्वारा प्रस्‍तुत धारा 27 की जानकारी की नकल जारी की गई है। (ख) श्री अरूण द्विवेदी एवं डॉ. सुरेश गर्ग दवारा शिकायत प्रस्‍तुत की गई है। (ग) मध्‍यप्रदेश सोसायटी रजिस्‍ट्रीकरण अधिनियम, 1973 के तहत प्रश्‍नांकित जानकारी का संधारण रजिस्‍ट्रार कार्यालय में अपेक्षित नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) उपरोक्‍तानुसार। मध्‍यप्रदेश सोसायटी रजिस्‍ट्रीकरण अधिनियम, 1973 में मान्‍यता दिये जाने संबंधी प्रावधान नहीं है, अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

हरि‍याली महोत्‍सव के अंतर्गत पौध रोपण

11. ( *क्र. 1925 ) श्री संजय शर्मा : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक जिला नरसिंहपुर में हरियाली महोत्‍सव के अंतर्गत रोपण कार्यों में कितनी राशि शासन द्वारा आवंटित की गई? (ख) रोपण कार्यों में कितनी राशि व्‍यय की गई? विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी प्रदान करें। (ग) जिले में कितने पौधों का रोपण किन-किन स्‍थानों पर किया गया? विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी प्रदान करें (घ) इन रोपित पौधों की विधानसभा क्षेत्रवार वर्तमान स्थिति क्‍या है?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक जिला नरसिंहपुर में हरियाली महोत्‍सव के अंतर्गत रोपण कार्य हेतु 36560000/- रूपये राशि शासन द्वारा आवंटित की गई। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) एवं (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

ग्‍वारीघाट फोर लेन सड़क का निर्माण

12. ( *क्र. 1422 ) श्री अशोक रोहाणी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटंगा से ग्‍वा‍रीघाट जबलपुर 6.2 कि.मी. फोरलेन सड़क के निर्माण की मूल योजना क्‍या है? इसकी निर्माणाधीन अवधि व लागत क्‍या है तथा इसका जून 2016 तक कितना कार्य पूर्ण/अपूर्ण व कौन-कौन सा कार्य कब से निर्माणाधीन है? इस पर कुल कितनी राशि व्‍यय हुई है? (ख) क्‍या प्रश्‍नांकित सड़क का निर्माण मूल योजना के तहत निर्धारित चौड़ाई के तहत कराया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों? इसका निर्माण कहाँ से कहाँ तक कितने फीट तक निर्धारित चौड़ाई के तहत नहीं कराये जाने का कारण क्‍या है? सड़क निर्माण में बाधक चि‍न्हित कहाँ-कहाँ के अतिक्रमणों को समयावधि में नहीं हटाया गया है एवं क्‍यों? इसके लिए कौन दोषी है? (ग) प्रश्‍नांकित सड़क के निर्माण कार्य में सड़क के किनारे लगे हुये किस-किस प्रजाति के कितने-कितने वृक्षों को किसके आदेश से किसने कटवाया है तथा इसकी कितनी मात्रा में कटी लकड़ी का संग्रहण कहाँ-कहाँ पर किया गया है? पर्यावरण संरक्षण के लिए कि‍तने क्षेत्रफल में किस-किस प्रजा‍ति के कितने-कितने पौधों का रोपण कार्य कब किसने कराया है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) क्‍या प्रश्‍नांकित सड़क के निर्माण कार्य में बाधक पानी की पुरानी पाईप लाईन को शिफ्ट नहीं करने से इसके लीकेज से सड़क में गारंटी पीरियड में ही जगह-जगह छोटे-बड़े गड्ढे हो गये हैं? यदि हाँ, तो क्‍या शासन इस लापरवाही व गुणवत्‍ताविहीन कार्य कराने के लिए दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) विस्‍तृत जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। कोई दोषी नहीं। (ग) प्रस्‍तावित सड़क के निर्माण हेतु सड़क के किनारे लगे हुये आम, पीपल, नीम आदि प्रजाति के कुल 109 वृक्ष की कटाई हेतु नगर पालिका निगम उद्यान विभाग द्वारा पत्र क्रं. 224/दिनांक 24.08.2012 के द्वारा अनुमति प्रदान की गई तदुपरांत 23 वृक्षों की कटाई लोक निर्माण विभाग के अनुबंधित ठेकेदार से कराई जाकर 67.265 घन मीटर मात्रा में लकड़ी का संग्रहण उपसंभागीय स्‍टोर में किया गया। नगर पालिका निगम जबलपुर के ज्ञापन क्रमांक 281/दिनांक 18.09.2012 को माननीय उच्‍च न्‍यायालय में दायर रिट याचिका क्रमांक 436/2009 का उल्‍लेख कर अनुमति निरस्‍त की गई। माननीय उच्‍च न्‍यायालय द्वारा डब्‍लू.पी. 436/09 में पारित आदेश दिनांक 05.02.2013 के तहत कुल 50 वृक्ष काटने की अनुमति प्रदान की गई जिसके तहत समय समय पर कुल 09 वृक्ष नगर निगम जबलपुर द्वारा काटे गये एवं लकड़ी का उपयोग संग्रहण नगर निगम द्वारा किया गया। शेष पेड़ों को नहीं काटा गया है। पौधरोपण नहीं कराया गया। सघन बसाहट होने के कारण। (घ) जी नहीं। पाईप लाईन लीकेज के कारण मामूली पेंच निर्मित हुये थे, जिन्‍हें ठेकेदार द्वारा सुधार दिया गया है, प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''छ:''

कौशल विकास केन्‍द्र के बर्खास्‍त कर्मियों की सेवा में वापसी

13. ( *क्र. 2465 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कौशल विकास केन्‍द्रों की स्‍थापना ब्‍लॉक व तहसीलों पर कब से किस आदेश से एवं किन-किन अवधारणाओं को ध्‍यान में रखकर की गई थी? (ख) क्‍या उक्‍त कौशल विकास केन्‍द्रों में कार्यरत अमले को उन्‍हें सुनने का अवसर न देते हुए, एक पक्षीय कार्यवाही कर 16.05.2016 से तुगलकी फरमान जारी कर सेवा से पृथक कर दिया गया है, जिसके कारण उनका परिवार पलायन की स्थिति में आ गया है? यदि हाँ, तो ऐसा क्‍यों किया गया है? (ग) क्‍या मा. विधायक श्री पुष्‍पेन्‍द्र नाथ पाठक द्वारा विधान सभा में पूछे गये प्रश्‍न के जवाब में मा. तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्‍ता जी ने कहा था कि कौशल विकास केन्‍द्र के कर्मचारी/अधिकारी की वेतन वृद्धि एवं नई नीति बनाने की कार्यवाही जारी है? यदि हाँ, तो उन्‍हें वेतन वृद्धि का लाभ तो नहीं दिया गया, बल्कि सेवा से ही पृथक करने का औचित्‍य क्‍या रहा? (घ) शासन प्रश्‍नांश (ख) में वर्णित कर्मचारी/अधिकारी को पुन: सेवा में रखने पर विचार करेगा? यदि हाँ, तो कब तक, नहीं तो क्‍यों नहीं?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है(ख) जी हाँ। कौशल विकास केन्‍द्रों में कार्यरत अमले को उनकी संविदा अवधि पूर्ण होने पर सेवा से पृथक किया गया है। (ग) माननीय विधायक श्री पुष्‍पेन्‍द्र नाथ पाठक के द्वारा पूछे गए प्रश्‍न क्रमाक 6312 माह मार्च 2016 के जवाब में माननीय उमाशंकर गुप्‍ता जी, मंत्री, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग ने कहा था कि संविदा आधार पर नियुक्‍त कर्मचारियों/अधिकारियों के मानदेय बढ़ाने की कार्यवाही प्रचलन में है। सेवा से पृथक करने का औचित्‍य प्रश्‍नांश (ख) अनुसार। (घ) जी नहीं। प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर अनुसार।

परिशिष्ट - ''सात''

औद्योगिक क्षेत्रों के लिए कृषि भूमि का अर्जन

14. ( *क्र. 3582 ) श्री हर्ष यादव : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में कहाँ-कहाँ औद्योगिक विकास निगम द्वारा विगत 05 वर्षों में कृषि भूमि का अर्जन कर उद्योगों, लघु उद्योगों की स्‍थापना हेतु भूमि आरक्षित कर उन क्षेत्रों में मूलभू‍त सुविधाओं की उपलब्‍धता सुनिश्चित की है? कहाँ-कहाँ कितनी-कितनी भूमि पर ऐसे क्षेत्र बनाये गये हैं? (ख) क्‍या उक्‍त आरक्षित भूमि/क्षेत्र में उद्योग समूहों/कंपनी/फर्मों को आवंटित भूमि पर सही जगह उत्‍पादन किया जा रहा है? ऐसे कौन-कौन से क्षेत्र हैं, जहां भूमि आवंटन के बाद भी प्रश्‍न दिनांक तक कोई औद्योगिक गतिविधियां आंरभ नहीं हो सकी हैं? (ग) क्‍या विभाग/शासन ऐसी अर्जित भूमियों को जो कि औद्योगिक गतिविधियां आरंभ न होने से रिक्‍त हैं, को पुन: भू-स्‍वामियों को लौटाने पर विचार करेगा, ताकि वहां पूर्ववत् कृषि गतिविधियां जारी रह सके और भूमि का सार्थक उपयोग हो सकें? यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्‍यों?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रदेश में औद्योगिक केन्‍द्र विकास निगमों द्वारा विगत 05 वर्षों में उद्योगों, लघु उद्योगों की स्‍थापना हेतु कोई कृषि भूमि अर्जित नहीं की गई है। अपितु राज्‍य शासन के माध्‍यम से द्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिये संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार निगमों हेतु भूमि अर्जित की गई है। (ख) उक्‍त भूमि इकाइयों/उद्योगों को आवंटित नहीं की गई है अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उक्‍त भूमि औद्योगिक विकास के लिये अर्जित की गई है। अत: रिक्‍त भूमि भू-स्‍वामियों को लौटाने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''आठ''

शास. नवीन महाविद्यालय सेमरिया का भवन निर्माण

15. ( *क्र. 318 ) श्रीमती नीलम अभय मिश्रा : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासकीय नवीन महाविद्यालय सेमरिया के भवन निर्माण हेतु शासकीय भूमि का आवंटन किया जा चुका है एवं क्‍या भवन निर्माण हेतु राशि स्‍वीकृत कर जारी की जा चुकी है? यदि हाँ, तो कब? यदि नहीं, तो क्‍यों एवं कब तक राशि जारी कर दी जावेगी? (ख) क्‍या उपरोक्‍त महाविद्यालय के 40 कि.मी. की परिधि में कोई दूसरा शा. महाविद्यालय नहीं है? यदि नहीं, तो क्‍या इस क्षेत्र के लोग कला (स्‍नातक) के अलावा अन्‍य संकाय हेतु बाहर जाते हैं या उच्‍च शिक्षा से वंचित हो जाते हैं? (ग) क्‍या उपरोक्‍त महाविद्यालय में नवीन कक्षायें प्रारंभ करने हेतु तैयारियां चल रही हैं? यदि नहीं, तो क्‍यों? यदि हाँ, तो कब तक?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। भवन निर्माण हेतु राशि स्वीकृत नहीं हुई है। आवंटित भूमि पर श्री मार्तण्ड सिंह का कब्जा होने के कारण न्यायालयीन प्रकरण क्रमांक 13663/16 में दिनांक 29.06.2016 को स्थगन आदेश होने के कारण सीमांकन स्थगित है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ। जी नहीं। अशासकीय यमुना प्रसाद शास्त्री महाविद्यालय, सेमरिया संचालित है, जहाँ विद्यार्थी अध्ययन कर सकते हैं। (ग) जी हाँ। महाविद्यालय में विज्ञान संकाय एवं स्नातकोत्तर (कला संकाय) की कक्षायें प्रारंभ करने हेतु निर्धारित मापदण्ड अनुसार प्रकरण का परीक्षण किये जाने की कार्यवाही प्रकियाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

शासकीय महाविद्यालय जीरापुर में कॉमर्स संकाय की स्‍वीकृति

16. ( *क्र. 1036 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले के अंतर्गत शासकीय महाविद्यालय जीरापुर में कौन-कौन से संकाय संचालित हैं? क्‍या उक्‍त महाविद्यालय में कॉमर्स संकाय के संचालन की शासन स्‍तर से कॉलेज प्रारंभ दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक कोई व्‍यवस्‍था नहीं है? यदि हाँ, तो क्‍या कॉमर्स संकाय का संचालन कॉलेज की जनभागीदारी समिति के माध्‍यम से किया जा रहा है, जिससे कॉलेज की जनभागीदारी समिति पर अनावश्‍यक वित्‍तीय भार आ रहा है तथा अन्‍य विकास कार्य बाधित हो रहे हैं? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा उक्‍त कॉलेज में कॉमर्स संकाय के संचालन की शासन स्‍तर से स्‍वीकृति हेतु अनेकों बार माननीय मुख्‍यमंत्री जी, माननीय उच्‍च शिक्षा मंत्री जी, प्रमुख सचिव, उच्‍च शिक्षा एवं आयुक्‍त उच्‍च शिक्षा को निवेदन पत्र प्रेषित किये गये हैं? यदि हाँ, तो क्‍या शासन उक्‍त कॉलेज में कॉमर्स संकाय के संचालन की स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) शासकीय महाविद्यालय जीरापुर में कला एवं विज्ञान संकाय संचालित है। जी हाँ। जी हाँ। पाठयक्रम स्ववित्तीय होने से अनावश्यक वित्तीय भार का प्रश्न नहीं उठता है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। जी नहीं। कैचमेंट एरिया में वाणिज्य के पर्याप्त विद्यार्थी-संख्या नहीं होने के कारण विभागीय मापदण्डों की पूर्ति नहीं हो रही है, जिससे शासकीय महाविद्यालय जीरापुर में वाणिज्य संकाय प्रारंभ किये जाने में कठिनाई है।

नागदा में एम.ए. एवं एम.एससी. की कक्षाएं प्रारंभ की जाना

17. ( *क्र. 331 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र के नागदा शहर में स्‍वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय पूर्व से संचालित है, किन्‍तु वहां पर एम.ए. एवं एम.एससी. की कक्षाएं संचालित नहीं होने से बच्‍चों को आगे की पढ़ाई हेतु बाहर गांव उज्‍जैन या अन्‍य शहर जाना पड़ता है या पढ़ाई छोड़ना पड़ती है? क्‍या इस बाबत् प्रश्‍नकर्ता द्वारा पूर्व में भी निवेदन किया था? (ख) नागदा में एम.ए. एवं एम.एससी. की कक्षाएं कब से प्रारंभ हो जावेंगी?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ, जी हाँ, जी नहीं। जी हाँ। (ख) परीक्षण पश्चात आगामी कार्यवाही की जावेगी। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

ग्रामीण क्षेत्रों में पु‍ल-पुलियाओं का निर्माण

18. ( *क्र. 1985 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खंडवा विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे कौन-कौन से मार्ग हैं जिन पर पुल-पुलिया एवं रपटों का निर्माण नहीं होने से अत्‍यधिक वर्षा के समय आवागमन अवरूद्ध हो जाता है? (ख) ग्रामीण क्षेत्रों में प्रश्‍नांश (क) के क्रम में पुल पुलिया एवं रपटा निर्माण किये जाने के क्‍या प्रावधान हैं? क्‍या जिला स्‍तर पर ऐसे सर्वे किये जाने एवं कार्य स्‍वीकृत किये जाने का प्रावधान है? (ग) ग्रामीणों के आवागमन को अवरूद्ध करने वाले ऐसे सभी मार्गों पर ऐसे निर्माण कार्यों को कब तक पूर्ण करा लिया जाएगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) पुल-पुलियों एवं रपटों का निर्माण कार्य सामान्‍यत: मार्ग निर्माण के साथ प्रावधान कर किया जाता है। जी नहीं। (ग) वर्तमान में न तो स्‍वीकृत है, न ही प्रस्‍तावित है। अत: समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''नौ''

सड़क सीमा पर 11 के.वी. लाईन के पोल लगाने के नियम

19. ( क्र. 1897 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या किसी भी विद्युत कंपनी को सड़क की सीमा पर 11 के.व्‍ही. विद्युत लाईन के विद्युत पोल लगाने की अनुमति प्रदान की जा सकती है या नहीं? अगर हाँ तो तय दूरी कितनी होनी चाहिए। (ख) सुवासरा विधान सभा क्षेत्र के शामगढ़ तहसील में पवन ऊर्जा कंपनी द्वारा लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित सड़कों पर जो विद्युत पोल लगाए गए हैं, वह किसकी अनुमति से लगाए गए हैं? (ग) विभाग की सड़कों पर क्‍या सुवासरा विधान सभा क्षेत्र में पवन ऊर्जा कंपनी के द्वारा सड़क की सीमा में 1 फिट से 10 फिट की दूरी के भीतर 11 के.व्‍ही. तथा 33 के.व्‍ही. की विद्युत लाईन निकाली गई है? अगर भविष्‍य में कोई घटना घ‍टती है तो उसके लिए कौन जिम्‍मेदार होगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। आई.आर.सी. 32-1969 के प्रावधान अनुसार (शहरी क्षेत्र को छोड़कर ) रोडवे के अंतिम किनारे से 10.00 मीटर है। (ख) लोक निर्माण विभाग के मार्गों पर पोल लगाने की अनुमति विभाग से नहीं ली गई। (ग) जी हाँ। संबंधित पवन ऊर्जा कंपनी।

राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्‍वविद्यालय की जमीन का नामांतरण

20. ( क्र. 3512 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्‍वविद्यालय (आर.जी.पी.वी.) भोपाल में श्री धर्मेन्‍द्र शुक्‍ला, उप परीक्षा नियंत्रक एवं श्री पंकज जैन, असिस्‍टेंट प्रोफेसर (सहायक प्राध्‍यापक) की नियुक्ति एवं पदोन्‍नति एवं अन्‍य मामले में लोकल फंड ऑडिट द्वारा गंभीर आपत्ति लिये जाने के पश्‍चात् अपर सचिव, म.प्र. शासन, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग द्वारा जाँच करने हेतु रजिस्‍ट्रार, आर.जी.पी.वी. को निर्देशित कर 15 दिवस के अंदर जाँच रिपोर्ट प्रस्‍तुत करने के निर्देश माह जून 2016 में दिये गये थे? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या जाँच पूर्ण कर ली गई है? यदि हाँ, तो जाँच निष्‍कर्ष के आधार पर संबंधित आरोपियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या आर.जी.पी.वी. की करोड़ों रूपये की बेशकीमती भूमि आर.जी.पी.वी. के अधिकारियों/कर्मचारियों ने अपने निकटतम परिजनों के नाम पर नामांतरण कराये जाने की शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं? यदि हाँ, तो उक्‍त शिकायतों की जाँच में आर.जी.पी.वी. के कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी लिप्‍त पाये गये हैं तथा उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) यदि शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है तो क्‍या इस संबंध में दिनांक 27 जून, 2016 को राजधानी भोपाल के प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचारों को शासन द्वारा संज्ञान में लेकर जाँच कराई गई है? यदि हाँ, तो जाँच के क्‍या निष्‍कर्ष रहे? यदि नहीं, तो कब तक जाँच कराई जायेगी?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) जी हाँ। जाँच करने हेतु निर्देशित किया गया है। (ख) जाँच की कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) जी हाँ। जाँच प्रचलित है। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

तवा नदी पर पुल एवं एप्रोच रोड का निर्माण

21. ( *क्र. 2717 ) श्री विजयपाल सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या लोक निर्माण विभाग के सेतु निगम द्वारा बान्‍द्राभान एवं सांगाखेड़ा कला के मध्‍य तवा नदी पर पुल एवं एप्रोच रोड का निर्माण कराया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या पुल एवं एप्रोच रोड का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है? यदि हाँ, तो कब? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा विगत दो वर्षों में एप्रोच रोड का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं होने के संबंध में विभाग को पत्र प्रेषित किये गये थे? यदि हाँ, तो कब-कब तथा प्रश्‍नकर्ता के पत्र पर विभाग द्वारा प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में कब-कब और क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) उक्‍त एप्रोच रोड का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं होने के लिये कौन-कौन अधिकारी एवं ठेकेदार जिम्‍मेदार हैं? अधिकारी एवं ठेकेदार का नाम बताते हुए क्‍या विभाग द्वारा उनके विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्‍या तथा एप्रोच रोड का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। विस्‍तृत जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। अपितु तत्‍कालीन मंत्री जी की नोटशीट दिनांक 08.04.2010 को प्राप्‍त हुई थी। विस्‍तृत जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) कोई अधिकारी जिम्‍मेदार नहीं है। जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। एप्रोच रोड का निर्माण वर्षाकाल के उपरांत पूर्ण कर लिया जायेगा।

परिशिष्ट - ''दस''

छिन्‍दवाड़ा जिले में शासकीय स्‍कूल भवनों का निर्माण

22. ( *क्र. 3541 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या छिन्‍दवाड़ा जिले की परियोजना क्रियान्‍वयन ईकाई-12 द्वारा वर्ष 2013 से वर्ष 2016 में शासकीय स्‍कूल भवनों के निर्माण कार्य हेतु किन-किन एजेन्सियों को कार्य दिया गया था? क्‍या ये सभी निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं या अभी भी कार्य अधूरा है? अगर कार्य अपूर्ण हैं तो उन निर्माण कार्यों को कब तक पूरा कर दिया जायेगा? (ख) क्‍या विभाग द्वारा इन निर्माण कार्य एजेन्‍सियों से निर्माण कार्य हेतु अमानत राशि, सुरक्षा निधि व अन्‍य राशि जमा कराई जाती है? अगर हाँ, तो किन-किन एजेन्सियों से निर्माण कार्य हेतु कितनी-कितनी अमानत राशि, सुरक्षा निधि व अन्‍य राशि जमा कराई गई है? (ग) क्‍या विभाग द्वारा इन निर्माण कार्य एजेन्सियों को निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपरांत अमानत राशि, सुरक्षा निधि व अन्‍य राशि को वापिस करने का प्रावधान है? अगर हाँ, तो छिन्‍दवाड़ा जिले की परियोजना क्रियान्‍वयन इकाई-12 द्वारा वर्ष 2013 से वर्ष 2016 तक के किन-किन निर्माण कार्य एजेन्सियों को कितनी राशि वापिस की जा चुकी है? अगर राशि वापिस नहीं की गई है तो कब तक कर दी जायेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है।

बालिका छात्रावास में संसाधनों की पूर्ति

23. ( *क्र. 2146 ) श्री अनिल जैन : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या निवाड़ी स्थित महाविद्यालय में एक बालिका छात्रावास का निर्माण पूर्ण होकर महाविद्यालय को सौंपा जा चुका है? यदि हाँ, तो इसमें निर्धारित सीटों की संख्‍या बतायी जावे? (ख) प्रश्‍नगत बालिका छात्रावास में आवासीय सुविधा प्रारंभ किये जाने हेतु क्‍या-क्‍या औपचारिकतायें आवश्‍यक हैं? इनमें से किन-किन को पूरा कर लिया गया है और कौन-कौन सी शेष रह गई हैं और इन्‍हें शासन द्वारा कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा? (ग) उक्‍त बालिका छात्रावास कब तक प्रारंभ हो सकेगा?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। जिसमें 40 सीट निर्धारित हैं। (ख) बालिका छात्रावास में आवासीय सुविधा प्रारंभ किये जाने हेतु आवश्यक औपचारिकताओं में पदों की पूर्ति, पानी की व्यवस्था, फर्नीचर आदि आवश्यक हैं। होस्टल मैनेजर, भृत्य, स्वीपर, चौकीदार के पद स्वीकृत किये गये हैं। स्वीकृत पदों को भरने हेतु पदोन्नति/सीधी भर्ती/आऊट सोर्स के अंतर्गत कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। पेयजल व्यवस्था जनभागीदारी निधि से किये जाने का प्रावधान किया गया है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। (ग) छात्रावास संचालन हेतु आवश्यक औपचारिकतायें पूर्ण होने पर छात्रावास प्रारंभ किया जावेगा, समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

शाजापुर अंतर्गत कन्‍या छात्रावास का निर्माण

24. ( *क्र. 3499 ) श्री अरूण भीमावद : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शास.बा.कृ. शर्मा न. महाविद्यालय शाजापुर का कन्‍या छात्रावास का निर्माण किस योजना के अंतर्गत स्‍वीकृत हुआ था? (ख) इसकी लागत मूल्‍य राशि क्‍या थी तथा इसको किस अवधि तक पूर्ण हो जाना था? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के अनुसार विगत 10-12 वर्ष तक निर्माण कार्य पूर्ण क्‍यों नहीं हुआ है? (घ) उक्‍त कन्‍या छात्रावास कब तक पूर्ण होगा?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) यू.जी.सी. मद के अंतर्गत स्वीकृत। (ख) कन्या छात्रावास भवन की लागत मूल्य राशि रु. 69.01 लाख थी। अनुबंधानुसार दिनांक 27/04/2010 तक पूर्ण किया जाना था। (ग) प्रश्नांश () अनुसार यू.जी.सी. से स्वीकृत राशि रु. 69.01 लाख के विरूद्ध दिनांक 14/02/2013 को राशि रु. 40.99 लाख कन्या छात्रावास के निर्माण हेतु प्राप्त हुई है, शेष राशि रु. 28.02 लाख राशि यू.जी.सी. से प्राप्त न होने के कारण कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। (घ) समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

बालाघाट जिले में सड़कों का निर्माण

25. ( *क्र. 3121 ) श्री के.डी. देशमुख : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय लोक निर्माण मंत्री जी ने दिनांक 07/06/2016 को बालाघाट जिले के कोचेवाही प्रवास के समय कटोरी से मोहगांव घाट एवं कटोरी से कचेखनी मार्ग निर्माण करने की घोषणा की है? (ख) यदि हाँ, तो म.प्र. शासन लोक निर्माण विभाग इन मार्गों के निर्माण हेतु क्‍या कार्यवाही कर रहा है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) प्राक्‍कलन परीक्षणाधीन है।

 

 







 

 

 

 

 

 

 

 

 

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भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


शासकीय मंदिर ग्राम मुहारा की भूमि पर अतिक्रमण

1. ( क्र. 131 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या ग्राम मुहारा के मंदिर की भूमि खसरा क्र. 1398/1 रकबा 0, 113 हे. भूमि श्री राम चन्‍द्र महाराज के स्‍वामित्‍व की भूमि है और उक्‍त मंदिर के प्रबंधक कलेक्‍टर टीकमगढ़ है? उक्‍त भूमि पर ग्राम मुहारा के कुछ अपराधी प्रवृत्ति के व्‍यक्तियों द्वारा कब्‍जा कर अवैध निर्माण कर लिया है, जिसके संबंध में माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर द्वारा एक माह में अतिक्रमण हटाये जाने के आदेश जारी किये गये थे, परन्‍तु अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व जतारा द्वारा आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं गई है? क्‍या कारण है? (ख) क्‍या उक्‍त मंदिर की बेशकीमती भूमि पर अवैध निर्माण कार्य करने वालों के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही कर उक्‍त भूमि को अतिक्रमण से मुक्‍त करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें। (ग) क्‍या आज दिनांक तक अनुविभागीय अधिकारी जतारा द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई है तो ऐसे अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

चंबल नदी पर पुलिया निर्माण

2. ( *क्र. 227 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर से सुवासरा, शामगढ़, गरोठ, भानपुरा, भैसोदामण्‍डी की अलग-अलग दूरी बतावें (ख) मुख्‍यमंत्री जी द्वारा विधानसभा क्षेत्र सुवासरा में जन-दर्शन यात्रा के समय मंदसौर गरोठ, भानपुर, की दूरी कम करने एवं धर्मराजेश्‍वर प्राचीन मंदिर पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने हेतु चंबल नदी पर एक पुल की घोषणा की गई थी? यदि हाँ, तो कब तक पूरी हो जावेगी? (ग) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में चंबल नदी पर बनने वाले पुल हेतु किलकारी पंचायत के ग्राम आवरा एवं बाजखेड़ी पंचायत के ग्राम आवरी की दूरी एवं गरोठ विधानसभा क्षेत्र मोलाखेड़ी खुर्द, विधानसभा क्षेत्र के ग्राम टीड़वास तक की दूरी, दोनों के बीच की दूरी एवं अनुमानित लागत राशि बतावें? (घ) आवरा तथा आवरी के बीच पुल बनता है तो मंदसौर से गरोठ, भानपुर, भैसोदामण्डी की कितनी दूरी कम होगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी निम्‍नानुसार है :- मंदसौर से सुवासरा- दूरी 69.00 कि.मी., मंदसौर से शामगढ़-दूरी 81.00 कि.मी., मंदसौर से गरोठ-दूरी 105.00 कि.मी., मंदसौर से भानपुरा-दूरी 130.00 कि.मी., मंदसौर से भैसौदा-दूरी 143.00 कि.मी. (ख) जी नहीं। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) आवरा से आवरी ग्राम की दूरी लगभग 4.00 कि.मी. है। गरोठ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मोलाखेडी खुर्द एवं विधानसभा क्षेत्र मल्‍हारगढ़ के ग्राम टिडवास की दूरी लगभग 7.00 कि.मी. है। संजीत से टिडवास एवं मोरडी के मध्‍य चंबल नदी पर 4310 मीटर लंबा तथा रू. 438 करोड़ की अनुमानित लागत का प्राथमिक प्रस्‍ताव तैयार किया गया है। (घ) आवरा तथा आवरी के बीच पुल बनता है तो मंदसौर से गरोठ भानपुरा, भैसोदामण्‍डी की दूरी लगभग 30.00 कि.मी. कम होगी।

नवीन आई.टी.आई. भवन की स्‍वीकृति

3. ( क्र. 332 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा खाचरौद में दिनांक 10.1.16 के नागदा शहर में आई.टी.आई. नवीन भवन एवं कक्षा प्रारंभ करने की घोषणा की गई थी? (ख) नागदा में आई.टी.आई. कक्षाएं एवं भवन कब तक स्‍वीकृत किया जावेगा?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) जी हाँ। (ख) नागदा नगर में सत्र अगस्‍त 2016 से आई.टी.आई. प्रारंभ की जा रही है। शेष समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

राजगढ़ जिले में संचालित महाविद्यालयों की स्थिति

4. ( क्र. 350 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले की विधानसभा क्षेत्र राजगढ़ अंतर्गत कितने महाविद्यालय कब से कहाँ-कहाँ पर संचालित हैं? (ख) राजगढ़ स्‍नातकोत्‍तर महाविद्यालय में कुल कितने पद किस-किस श्रेणी व किस-किस संकाय के स्‍वीकृत हैं, उनमें से कितने पद किस कारण से कब से रिक्‍त हैं? उक्‍त पदों की पूर्ति कब तक की जावेगी? (ग) उक्‍त महाविद्यालय में वर्ष 2016-17 में कौन-कौन से संकाय की कौन-कौन सी कक्षाएं संचालित की जा रही हैं? उनमें वर्तमान में कितने छात्र-छात्राएं अध्‍ययनरत हैं? (घ) क्‍या माननीय मंत्री जी की पूर्व विधान सभा बजट सत्र, 2016 में की गई घोषणा के अनुक्रम में राजगढ़ जिले की विधानसभा राजगढ़ के नगर राजगढ़ में पहले से बन्‍द कन्‍या महाविद्यालय को प्रारंभ किया जा रहा है? यदि हाँ, तो कब से?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) राजगढ़ जिले के विधान सभा क्षेत्र राजगढ़ अंतर्गत दो शासकीय महाविद्यालय हैं। 1. स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजगढ़ वर्ष 1962 से संचालित हैं। 2. शासकीय विधि महाविद्यालय राजगढ़ वर्ष 2013 से प्रारंभ है, परन्तु संकाय के रूप में संचालित है। (ख) शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक संवर्ग की श्रेणी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं '' पर है। शैक्षणिक संवर्ग के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु मध्यप्रदेश लोकसेवा आयोग से दिनांक 19.02.2016 को विज्ञापन जारी हो चुका है। पद पूर्ति की निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' पर है। (घ) प्रकरण में प्रस्ताव तैयार कर परियोजना परीक्षण समिति के विचारार्थ प्रस्तुति प्रक्रियाधीन है। समयावधि बताया जाना संभव नहीं है।

नगरीय क्षेत्रों में बायपास मार्ग का निर्माण

5. ( क्र. 367 ) श्री दीवानसिंह विट्ठल पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र पानसेमल के पलसूद खेतिया और निवाली में सुगम आवागमन की दृष्टि से बायपास मार्ग निर्माण का कोई प्रस्‍ताव है? यदि हाँ, तो क्‍या है और नहीं तो क्‍या उक्‍त शहरों में हो रही आवागमन की असुविधा को दूर करने का विभाग के पास क्‍या आधार है? (ख) क्‍या क्षेत्रीय विधायक द्वारा कोई प्रस्‍ताव विभाग को दिया गया है? यदि हाँ, तो प्रश्‍नकर्ता ने कब-कब कहाँ पत्र लिखे हैं तथा इन पत्रों पर क्‍या कार्यवाही हुई? की गई कार्यवाही का विवरण बतायें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) सेंधवा-खेतिया राजमार्ग क्रं. 36 एवं राजपुर-निवाली मार्गों का निर्माण कार्य ई.पी.सी. एवं ए.डी.बी. पद्धति में किया जाकर प्रगतिरत है। उक्त दोनों कार्यों के अंतर्गत पलसुद, खेतिया एवं निवाली में बायपास बनाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उक्त नगरीय क्षेत्रों में यातायात आवागमन में असुविधा न हो इस हेतु विभाग द्वारा 10.00 मीटर चौड़ाई, मार्ग का निर्माण प्रस्तावित है। जिसके फलस्वरूप आवागमन में असुविधा नहीं होगी। (ख) माननीय विधायक महोदय श्री दीवान सिंह पटेल द्वारा उनके पत्र दिनांक 18/01/2016 द्वारा खेतिया एवं पलसुद में बायपास हेतु माननीय मुख्यमंत्री जी को पत्र लिखा गया है, जिसके संबंध में म.प्र. सड़क विकास निगम द्वारा पत्र दिनांक 11/03/2016 को अभिमत भेजा गया है। नगरीय क्षेत्रों में यातायात आवागमन में असुविधा न हो इस हेतु विभाग द्वारा 10.00 मीटर चौड़ाई, मार्ग का निर्माण प्रस्तावित है। जिसके फलस्वरूप आवागमन में असुविधा नहीं होगी।

विधानसभा क्षेत्र पानसेमल में विभिन्‍न मार्गों पर पुल निर्माण

6. ( क्र. 368 ) श्री दीवानसिंह विट्ठल पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र पानसेमल में सुसरी नदी पर बंधारा खुर्द, आमदा, दोंदवाड़ा, नांदयाबड़ और तकलबारा में ग्रामों के पहुंच मार्ग हेतु नदियों पर पुलों के कोई प्रस्‍ताव हैं? (ख) क्‍या उक्‍त स्‍थलों पर पुल निर्माण हेतु क्षेत्रीय विधायक द्वारा कोई प्रस्‍ताव विभाग को दिये गये हैं? यदि हाँ, तो कब तथा मेरे द्वारा दिये गये प्रस्‍तावों पर क्‍या कार्यवाही हुई है? (ग) क्‍या उक्‍त स्‍थलों पर पुल नहीं होने के कारण जनता को आवागमन में असुविधा होती है? यदि हाँ, तो सुगम आवागमन हेतु क्‍या इन स्‍थानों पर पुल निर्माण की स्‍वीकृति प्रदान की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक और नहीं तो कारण बतावें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। विस्‍तृत जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''ग्‍यारह''

वेतनमान की स्‍वीकृति

7. ( क्र. 503 ) श्री संजय उइके : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पॉलिटेक्निक व इंजीनियरिंग कॉलेजों में कार्यरत ग्रंथपाल/सहायक संचालक शारीरिक शिक्षा (पूर्व पदनाम पी.टी.आई.) को वरिष्‍ठ वेतनमान कब-कब स्‍वीकृत किया गया है? (ख) वरिष्‍ठ वेतनमान स्‍वीकृति के पश्‍चात शासन के निर्देशानुसार क्‍या प्रत्‍येक वर्ग वरिष्‍ठ प्रवर्ग श्रेणी वेतनमान स्‍वीकृत करने बैठकें हुई है या नहीं हुई है? यदि नहीं, हुई तो क्‍यों? (ग) प्रदेश के कितने ग्रंथपाल सहायक संचालक शारीरिक शिक्षा (पूर्व पदनाम पी.टी.आई.) प्रवर श्रेणी वेतनमान स्‍वीकृत किया गया है? (घ) यदि किसी भी ग्रंथपाल/पी.टी.आई. को प्रवर्ग श्रेणी वेतनमान स्‍वीकृत नहीं किया गया है तो इसका कारण बतावें। वरिष्‍ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान स्‍वीकृत करने आगामी बैठक कब आयोजित की जानी है?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) वरिष्ठ वेतनमान क्रमश: 24 जून, 2011 एवं दिनांक 21 जून, 2011 द्वारा स्‍वीकृत किये गये है। (ख) जी हाँ। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। (घ) छानबीन समिति की बैठक दिनांक 07.07.2015 में पी.एच.डी. से संबंधित अर्हता में छूट का आधार स्‍पष्‍ट न होने के कारण तद्समय प्रवर श्रेणी वेतनमान पर निर्णय नहीं लिया जा सका। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

बड़ौदा स्‍टेडियम की स्‍वीकृति

8. ( क्र. 611 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा घोषणा क्रमांक ए-3129 दिनांक 21.04.2013 द्वारा बड़ौदा जिला श्‍योपुर में स्‍डेडियम निर्माण कराया जावेगा की घोषणा के पालन में प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न संख्‍या 2 (क्रमांक 333) दिनांक 17.12.2015 के प्रश्‍नांश (ग) के उत्‍तर में बताया है कि घोषणा के संबंध में एल.यू.एन. से प्राप्‍त 70 लाख का प्राक्‍कलन परियोजना परीक्षण समिति के अनुमोदनार्थ प्रक्रियाधीन है तो बतावें कि अनुमोदन की कार्यवाही को कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा? (ख) क्‍या शासन क्षेत्रीय खिलाड़ी/खेल प्रेमियों की मांग अनुसार प्राक्‍कलन का अनुमोदन उक्‍त समिति के अविलम्‍ब करवाकर माननीय मुख्‍यमंत्री जी की घोषणा के पालन में स्‍टेडियम निर्माण कार्य को स्‍वीकृत करेगा तथा स्‍वीकृत राशि का प्रावधान आगामी अनुपूरक बजट में करवाएगा, यदि नहीं, तो क्‍यों?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) परियोजना परीक्षण समिति द्वारा दिनांक 30/03/2016 को अनुमोदन प्रदान किया जा चुका है। इस अनुमोदन पर मंत्री परिषद् की स्वीकृति अपेक्षित है, जिसकी निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। (ख) माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा के पालन में मंत्री परिषद् के अनुमोदन उपरांत स्टेडियम निर्माण की स्वीकृति व बजट प्रावधान की कार्यवाही की जावेगी।

प्रेमसर-मूंढला मार्ग का सीमेंटीकरण

9. ( क्र. 612 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत ग्राम प्रेमसर-मूंढ़ला मार्ग मुख्‍य जिला मार्ग श्रेणी का महत्‍वपूर्ण मार्ग है इसकी दशा वर्तमान में अत्‍यन्‍त खराब है जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो रहे हैं इस मार्ग पर दर्जनों विद्यमान नागरिकों को आवागमन हर समय बना रहता है इस कारण उन्‍हें आवागमन में कठिनाई होती है? (ख) क्‍या उक्‍त मार्ग काली मिट्टी क्षेत्र व चंबल कमाण्‍ड एरीये से होकर गुजरता है नतीजन मार्ग की सतह बार-बार क्षतिग्रस्‍त होती रहती है इसी कारण उक्‍त मार्ग को सीमेन्‍टीकृत किये जाने की आवश्‍यकता है मार्ग की परर्फोमेंस गांरटी भी जून 2016 में समाप्‍त हो चुकी है? (ग) यदि हाँ, तो वर्तमान में विभाग में मुख्‍य जिला मार्गों को सीमेन्‍टीकृत की जाने की कार्य योजना प्रस्‍तावित भी है, क्‍या शासन जनहित के मद्देनजर प्रस्‍तावित कार्य योजना में उक्‍त मार्ग को शामिल करके डी.पी.आर. तैयार करवारक इसे स्‍वीकृति प्रदान करेगा व बजट में शामिल करेगा यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ, जी नहीं, जी नहीं, जी नहीं। (ख) जी नहीं, जी हाँ। (ग) जी हाँ, प्राथमिकतानुसार कार्यवाही की जावेगी।

प्रयोग शाला तकनीशियन के विरूद्ध कार्यवाही

10. ( क्र. 633 ) श्री पन्‍नालाल शाक्‍य : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परिवर्तित अतारांकित प्रश्‍न संख्‍या 42 (क्रमांक 6800) दिनांक 29.3.2016 को जिस प्रयोग शाला तकनीशियन श्री संतोष सक्‍सेना को सदन में निलंबित बताया गया वह आज दिनांक तक कार्यरत है? क्‍यों? (ख) उक्‍त अतारांकित प्रश्‍न क्र. 6800 के संबंध में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी/कर्मचारी के खिलाफ क्‍या कार्यवाही करेंगे? ताकि उक्‍त घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सकें।

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। कलेक्टर, गुना द्वारा श्री संतोष सक्सेना, प्रयोगशाला तकनीशियन, शासकीय पी.जी. महाविद्यालय, मुरैना को दिनांक 24.06.2016 को निलंबित किया गया है। (ख) लापरवाही बरतने वाले अधिकारी/कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किये जा रहे हैं।

युवा कल्‍याण कार्यक्रम

11. ( क्र. 885 ) श्री रामपाल सिंह : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या शहडोल जिले में खेल एवं युवा कल्‍याण का कार्यक्रम संचालित किया जाता है? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) हाँ तो उक्‍त कार्य उक्‍त जिले के किन-किन स्‍थानों पर संचालित हैं तथा इसके तहत कौन-कौन से कार्य किये जाते हैं? (ग) खेल एवं युवा कल्‍याण कार्यक्रम के लिए वर्ष 2014-15 एवं 15-16 में शहडोल जिले को शासन से कितनी राशि प्रदाय की गई है और प्राप्‍त राशि का व्‍यय किन कार्यों के लिये खर्च किया गया है? कार्यवार एवं भुगतान प्राप्‍तकर्तावार राशियों की जानकारी उपलब्‍ध करायी जावें?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

सोनकच्‍छ नगर में नदी पर बने पुराने पुल की मरम्‍मत

12. ( क्र. 916 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विगत वर्ष वर्षा काल में सोनकच्‍छ नगर की कालीसिंध नदी पर बना पुराना पुल क्षतिग्रस्‍त हुआ था? हाँ या नहीं? (ख) यदि क्षतिग्रस्‍त हुआ था तो क्‍या विभाग द्वारा उक्‍त पुल की मरम्‍मत कराई जा चुकी? यदि हाँ, तो किस प्रकार करायी गयी है? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? (ग) वर्तमान में पुल की स्‍थाई रूप से मरम्‍मत नहीं होने से इस वर्ष नदी में बाढ़ आने से पुल पूर्णत: खत्‍म हो सकता है? यदि ऐसा हुआ तो इसका जिम्‍मेदार कौन होगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। स्‍थाई रूप से। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) स्‍थाई रूप से पुल की मरम्‍मत की गई है, अतिवृष्टि होने से पुल के क्षतिग्रस्‍त होने की संभावना हो सकती है। कोई दोषी नहीं है।

वारासिवनी के विश्रामगृह में अवैध कब्‍जा

13. ( क्र. 944 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वारासिवनी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत लोक निर्माण विभाग के कितने विश्रामगृह है? उक्‍त विश्रामगृहों में कितने कर्मचारी कार्यरत हैं, नाम, पदनाम एवं पदस्‍थापना दिनांक सहित जानकारी देवें? (ख) वारासिवनी शहर में स्थित विश्रामगृह में कितने कर्मचारी दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्यरत हैं? क्‍या विभाग अन्‍य कर्मचारियों से सेवाकाल से मुक्‍त होने के बाद भी दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्य करा सकता हैं? नियम बतावें। (ग) क्‍या उपसंभाग वारासिवनी में किसी व्‍यक्ति विशेष द्वारा विश्रामगृह में अपने निजी स्‍वार्थ के लिए कब्‍जा जमाये बैठा हैं? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) उक्‍त कब्‍जा जमाये व्‍यक्ति को उक्‍त विश्रामगृह से कब तक हटा लिया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) वारासिवनी विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत लोक निर्माण विभाग के 03 विश्राम गृह है। विश्रामगृहों में कार्यरत कर्मचारी संबंधी जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार(ख) 02 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार। जी नहीं। प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''बारह''

नवीन निर्माण कार्य

14. ( क्र. 975 ) श्री प्रताप सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश सरकार द्वारा विगत तीन वर्षों में सागर संभाग में कौन-कौन सी एम.डी.आर. सड़कें, राज्‍य मार्ग सड़कें एवं नेशनल हाईवे सड़कों का नवीन निर्माण कार्य कराया गया है, उनका किलोमीटर सहित एवं सड़क का नाम और उस पर व्‍यय हुई राशि की जानकारी दें। (ख) केन्‍द्र सरकार के द्वारा सी.आर.एस. सहायता के द्वारा विभाग को विगत तीन वर्षों में कौन-कौन सी नवीन सड़कों एवं पुलों के निर्माण हेतु कितनी-कितनी राशि राज्‍य सरकार को आवंटित की गई, वर्षवार बतलावें? (ग) विभाग द्वारा सागर संभाग में बजट प्‍लान के अंतर्गत तीन वर्षों में कौन-कौन सी नई सड़कों एवं पुलों का निर्माण कराया गया है तथा उस पर कितनी-कितनी राशि स्‍वीकृत हुई एवं व्‍यय की गई है वर्तमान में निर्माण कार्य की स्थिति क्‍या है? (घ) राज्‍य सरकार द्वारा नाबार्ड एवं ए.डी.बी. से कर्ज लेकर पिछले तीन वर्षों में सागर संभाग में कौन-कौन सी नवीन सड़कों एवं पुलों का निर्माण कराया गया है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र एवं अ-1 अनुसार है। (ख) विभाग में सी.आर.एस. योजना प्रचलन में नहीं है। अपितु सी.आर. एफ. योजना प्रचलन में है। प्रश्‍नांकित योजना के अतंर्गत कोई भी प्रस्‍ताव केन्‍द्र सरकार को प्रेषित नहीं किये गये है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र एवं ब-1 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र एवं स-1 अनुसार है।

वन भूमि पर निर्माण कार्य एवं वृक्षारोपण

15. ( क्र. 1100 ) श्री जतन उईके : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिन्‍दवाड़ा जिले के अंतर्गत आने वाले वन परिक्षेत्रों में व‍न विभाग की कितनी वनभूमियां होकर उन पर शासन विभाग द्वारा वर्तमान वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में क्‍या-क्‍या कार्य किये गये हैं? (ख) क्‍या वन विभाग की उपरोक्‍त स्‍थलों पर भूमियां शासन विभाग के संरक्षण में होकर सुरक्षित हैं ? इन भूमियों पर किसी प्रकार का अतिक्रमण भी है? तो अतिक्रमण रोकने के लिए क्‍या-क्‍या कदम उठाये जा रहे हैं? (ग) पिछले तीन वर्षों में उक्‍त वन भूमि पर भिन्‍न-भिन्‍न प्रकार के कार्य कराये गये है तो किस-किस प्रकार के कार्य किन-किन स्‍थानों पर किये गये? (घ) वर्ष 2010-11 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक वनक्षेत्रों में कार्यों के लिए प्राप्‍त शासन/विभागीय बजट की राशि व्‍यय की जानकारी देवें।

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) छिन्‍दवाड़ा जिले के अंतर्गत 396124.616 हेक्‍टेयर वन भूमि है। उक्‍त वन भूमि में वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में कराये गये वन वर्धनिक वृक्षारोपण एवं अधोसंरचना के कार्य कराये गये हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) जी हाँ। छिन्‍दवाड़ा जिले के वनमंडलों के वनभूमि पर अतिक्रमण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। अतिक्रमण रोकने हेतु वन अमले द्वारा सतत् निगरानी की जाती है, जिसके तहत बीट गश्‍ती, बीट सुरक्षा, मानसून गश्‍ती, रात्रि गश्‍ती, विशेष दल एवं उड़नदस्‍ता दल से अतिक्रमण रोकने संबंधी कार्य कराया जाता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है।

महाविद्यालयों के पदों की पूर्ति

16. ( क्र. 1101 ) श्री जतन उईके : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिन्‍दवाड़ा जिले में कितने शासकीय/अशासकीय महाविद्यालय संचालित हैं? सूची देते हुए इन महाविद्यालयों में वर्तमान में कितने-कितने पद स्‍वीकृत है? कितने पद रिक्‍त हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार यदि पद रिक्‍त हैं तो क्‍या इन रिक्‍त पदों से महाविद्यालय में पढ़ाई प्रभावित हो रही है? यदि हाँ, तो इन नियमित प्राध्‍यापकों/कर्मचारियों से रिक्‍त पदों की पूर्ति शासन कब तक करेगा? यदि नहीं, तो कारण बतावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के अनुसार रिक्‍त पदों की पूर्ति हेतु शासन भर्ती करेगा? यदि हाँ, तो कब तक नवीन भर्ती से पदों की पूर्ति की जावेगी?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) छिंदवाडा जिले के अंतर्गत 15 शासकीय, 20 गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय एवं 04 अनुदान प्राप्त अशासकीय महाविद्यालय हैं, जिसकी सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- पर है। स्वीकृत एवं रिक्त पदों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- पर है। अशासकीय महाविद्यालयों में महाविद्यालयों के शासी निकाय द्वारा विषय के अध्यापन हेतु शैक्षणिक तथा शैक्षणेत्तर पद सृजित किये जाते हैं। (ख) जी नहीं। शासकीय महाविद्यालयों में पद पूर्ति की निश्चित समय-सीमा बताया जाना सम्भव नहीं है। शासकीय महाविद्यालयों के शैक्षणिक रिक्त पदों की पूर्ति हेतु म.प्र. लोक सेवा आयोग से दिनांक 19.02.2016 को विज्ञापन जारी हो चुका है तथा चयन की प्रक्रिया जारी है, शेष अन्य पदों की पूर्ति भी प्रक्रियाधीन है। वर्तमान व्यवस्था अंतर्गत शासकीय महाविद्यालयों में अध्यापन कार्य सुचारू रखने हेतु आवश्यकतानुसार विषय विशेषज्ञों को मानदेय पर अतिथि विद्वान के रूप में आमंत्रित किया जाता है। अशासकीय महाविद्यालयों में रिक्त पदों की पूर्ति हेतु शासन द्वारा भर्ती किये जाने का कोई प्रावधान नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश '' अनुसार।

महाविद्यालयों में समस्‍त संकाय प्रारंभ करना

17. ( क्र. 1177 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय स्‍नातकोत्‍तर महाविद्यालयों में अध्‍ययनरत प्रत्‍येक छात्रों को उच्‍च शिक्षा विभाग द्वारा मान्‍य समस्‍त संकायों की शिक्षा प्राप्‍त करने की उचित सुविधा उपलब्‍ध कराना शासन की जवाबदारी है अथवा नहीं? (ख) यदि हाँ, तो धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विभाग द्वारा संचालित धामनोद एवं धरमपुरी महाविद्यालयों में अध्‍ययनरत छात्रों को संस्‍था प्रारंभ से ही मात्र कला एवं वाणिज्‍य संकाय की सुविधा ही क्‍यों दी जा रही है? (ग) विज्ञान एवं गणित संकाय आदि की उच्‍च शिक्षा सुविधा उपलब्ध कराने की निरंतर मांग करने के बावजूद अब तक उक्‍त सुविधा से वंचित रखे जाने का कारण बतावें। (घ) आगामी शिक्षा सत्र 2016-17 से उक्‍त संस्‍थाओं में विज्ञान एवं गणित आदि उच्‍च शिक्षा की सुविधा उपलबध करा दी जावेगी अथवा नहीं बतावें?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ, सीमित संसाधनों एवं निर्धारित मापदण्डों के अनुसार सुविधा उपलब्ध करायी जाती है। (ख) आवश्यकतानुसार महाविद्यालय में कला एवं वाणिज्य संकाय प्रारम्भ किये गये है। (ग) सीमित संसाधनों के कारण उक्त सुविधा अभी तक नहीं दी जा सकी। (घ) संसाधनों में उपलब्धता के आधार पर आगामी कार्यवाही की जावेगी।

टोल प्‍लाजाओं पर व्‍यवस्‍था

18. ( क्र. 1178 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मार्गों पर स्थित टोल प्‍लाजाओं पर वरि‍ष्‍ठ नागरिकों एवं एम्‍बुलेंस आदि वाहनों की निकासी हेतु पृथक से सुविधा प्रदान की जाना प्रावधानित है अथवा नहीं? प्राय: खलघाट, मानपुर इंदौर, देवास आदि मार्गों से निकलने वाले वरिष्‍टजनों एवं एम्‍बुलेंस में अन्‍यत्र ले जाये जा रहे मरीजों को परेशान होना पड़ता है, साथ ही टोल कर्मचारियों के द्वारा आये दिन वरिष्‍ठों से अभद्र व्‍यवहार किया जाता है? शासन मरीजों के स्‍वास्‍थ्‍य एवं वरिष्‍ठजनों के सम्‍मान हेतु उपरोक्‍त टोल प्‍लाजा संचालकों को वरिष्‍ठजनों व एम्‍बुलेंस को विशिष्‍ठ सुविधा देने हेतु कब तक निर्देशित करेगा, समयावधि बतावें? (ख) क्‍या रोड निर्माता कम्‍पनियों से शासन/विभाग द्वारा कार्य प्रारंभ के पूर्व अनुबंध किया जाता है कि पूर्णता उपरांत उक्‍त मार्ग का उपभोक्‍ता शुल्‍क वसूल करने के पूर्व निर्माता कम्‍पनियों को रोड पर दुर्घटना की स्थिति में दुर्घटनाग्रास्‍त वाहन को हटाने के लिये क्रेन सुविधा एवं दुर्घटना में घायल व्‍यक्तियों को नजदीकी स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र तक पहुंचाने के लिये एम्‍बुलेंस की सुविधा भी शुल्‍क प्‍लाजा पर सदैव उपलब्‍ध रखी जाना होगी? (ग) यदि हाँ, तो प्रदेश के उक्‍त मार्गों के किन-किन उपभोक्‍ता शुल्‍क प्‍लाजाओं पर उक्‍त सुविधाएं दी जा रही है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। भारत सरकार के फी नोटिफिकेशन नियम 2008 के अनुसार टोल प्लाजा पर वरिष्ठ नागरिकों के निर्वाध आवागमन हेतु पृथक से कोई नियम नहीं है। लेकिन टोल प्लाजाओं पर एम्बूलेंस वाहनों की निर्वाध निकासी हेतु पृथक से लेन की व्यवस्था है। जी नहीं। शेषांश का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी हाँ। (ग) लेबड़-मानपुर मार्ग पर मानपुर के नजदीक स्थित टोल प्लाजा एवं राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-3 के टोल प्लाजाओं (1) मांगलिया टोल प्लाजा के कि.मी. 591+775 (2) खलघाट टोल प्लाजा के कि.मी. 75+500 (3) सेंधवा टोल प्लाजा के कि.मी. 141+850 पर सुविधा दी जा रही है।

सिंहस्‍थ 2016 हेतु विभाग द्वारा किये गये कार्य

19. ( क्र. 1292 ) डॉ. मोहन यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिंहस्‍थ 2016 हेतु लोक निर्माण विभाग द्वारा किस-किस मद में किन-किन कार्यों हेतु कितनी-कितनी राशि स्‍वीकृत की गई थी? उक्‍त कार्य किस दिनांक तक पूर्ण होना थे? इनमें से कितने कार्य नियत समयावधि में पूर्ण हुये एवं कितने कार्य नियत समयावधि में पूर्ण नहीं हो पाये एवं कितने कार्य अभी भी चल रहे हैं? कारण सहित पृथक-पृथक कार्य की पृथक-पृथक जानकारी प्रदान करें? (ख) प्रश्‍नांश (क) की जानकारी अनुसार नियत समयावधि में कार्य पूर्ण नहीं होने के लिये दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदारों के विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? यदि कोई कार्यवाही नहीं की गई तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- , अ-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार एवं म.प्र. सड़क विकास निगम द्वारा महामृत्‍युजंय द्वार से त्रिवेणी तक सर्विस रोड निर्माण कार्य 1.4 कि.मी. निर्धारित समयविधि के बाद परन्‍तु सिहंस्‍थ 2016 प्रारंभ के पूर्व निर्माण कार्य पूर्ण हुआ है, जिसका कारण सिहंस्‍थ 2016 के लिये लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिक उज्‍जैन द्वारा पेयजल पाइप लाइन डालने हेतु कार्य रोकने से कार्य प्रभावित हुआ था एवं तीन स्‍थानों पर लगभ्‍ग 200 मीटर लंबाई में भूमि विवाद के कारण मार्ग निर्माण के लिये आवश्‍यक भूमि नहीं मिलने के कारण उक्‍त स्‍थानो पर निर्माण कार्य नहीं किया जा सका है।

पु‍ल-पुलियाओं की मरम्‍मत

20. ( क्र. 1314 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यानसिंह सोलंकी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वाहा विधान सभा क्षेत्र के बड़वाहा सिद्ववरकुट मार्ग के चौड़ापाट ग्राम नवलपुरा की पुलिया मरम्‍मत, उसके रिटर्निंग वाल, ग्राम खनगाँव खेड़ी से टोल नाके पर सड़क निर्माण के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा जिला प्रशासन को कितनी बार पत्र जारी किया गया है? इन प्राप्‍त पत्रों पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है। (ख) क्‍या बड़वाहा-सिद्ववरकुट मार्ग के चौड़ापाट नामक स्‍थान पर पुलिया क्षतिग्रस्‍त होने के कारण यह मार्ग वर्षाकाल में क्षतिग्रस्‍त होने की संभावना है। जिससे प्रसिद्ध सिद्ववरकुट पॉवर प्‍लांट का आवागमन बाधित हो सकता है। उक्‍त कार्य के बारे में बार-बार पत्र स्‍मरण पत्र जारी करने के उपरांत भी कार्य प्रारंभ न किये जाने के क्‍या कारण रहे हैं? (ग) क्‍या उक्‍त प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में उल्‍लेखित मरम्‍मत कार्य वर्षा पूर्व पूर्ण हो जावेंगे? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो कब तक इसकी समय-सीमा बताई जावें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर अनुसार।

परिशिष्ट - ''तेरह''

प्राप्‍त आवंटन एवं व्‍यय

21. ( क्र. 1376 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग में छतरपुर जिले को 15-16 एवं 16-17 में वनों के विकास हेतु कितनी राशि राज्‍य सरकार द्वारा दी गई और वर्षवार कौन-कौन से कार्य वनों के विकास हेतु लिये गये? आय-व्‍यय का विवरण स्‍पष्‍ट रूप से कार्यवार दिया जावे? (ख) वन क्षेत्र में आने वाले गाँवों में शासन की विभिन्‍न कल्‍याणकारी योजनाओं के तहत् उक्‍त वर्षों में कितने लोगों को लाभान्वित किया गया? (ग) क्‍या पानी की व्‍यवस्‍था हेतु जंगली जानवरों के लिए पानी की उपलब्‍धता हेतु कोई राशि व्‍यय कर कोई व्‍यवस्‍था विभाग द्वारा की गई? यदि हाँ, तो कहाँ-कहाँ पर?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

नालियों एवं पुलियों का निर्माण

22. ( क्र. 1570 ) श्री रामसिंह यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शिवपुरी जिले की कोलारस विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत देहरदा-ईसागढ़ मार्ग (एस.एच. 10) के ग्राम पीरोंठ, खतौरा एवं पचावली में सड़क के दोनों ओर नालियों एवं पुलियों का निर्माण किया जाना शेष है? यदि हाँ, तो उक्‍त ग्रामों में सड़क के दोनों ओर नालियों एवं पुलियों का निर्माण कब तक करा दिया जाएगा? निश्चित समयावधि बताएं। (ख) क्‍या देहरदा-ईसागढ़ मार्ग एस.एस. 10 का ग्राम पीरोंठ, खतौरा एवं पचावली में निर्माण होने से मार्ग की ऊंचाई अधिक हो जाने के कारण उक्‍त ग्रामों में बरसात का पानी घरों में भर जाता है? यदि हाँ, तो उक्‍त ग्रामों में नालियों एवं पुलियों का निर्माण अभी तक क्‍यों नहीं कराया गया? उक्‍त निर्माण कब तक करा दिया जाएगा? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा अपने तारांकित प्रश्‍न संख्‍या 40 (क्रमांक 4837) उत्‍तर दिनांक 15.03.2016 के माध्‍यम से ग्राम पीरोंठ, खतौरा एवं पचावली में पुलियों एवं नालियों का निर्माण कराए जाने हेतु शासन का ध्‍यान दिलाया था? यदि हाँ, तो इस पर शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? यदि कार्यवाही नहीं की गई तो क्‍यों? (घ) क्‍या देहरदा-ईसागढ़ मार्ग एस.एच. 10 पर देहरदा पचावली के बीच में एवं ग्राम तरावली के पास टोल का निर्माण किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन उक्‍त मार्ग के नालियों, पुलियों एवं मार्ग का संपूर्ण कार्य पूर्ण किए बगैर टोल-टैक्‍स वसूलने की अनुमति देगा? यदि हाँ, तो अपूर्ण कार्य के बावजूद टोल-टैक्‍स वसूलने की अनुमति क्‍यों दी जाएगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। अनुबंध में प्रावधानित पुलियाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है। पानी की निकासी हेतु अतिरिक्त पुलिया निर्माण का कार्य चेंज ऑफ स्कोप में स्वीकृत कर कराया जावेगा। निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ख) जी नहीं। प्रश्नांश में उल्लेखित ग्रामों में कुछ स्थानों पर वर्षा का पानी भरने का कारण सड़क की ऊँचाई नहीं है वरन अतिक्रमण एवं पानी के उचित निकास का अभाव है। नाली निर्माण का कार्य ग्राम खतौरा में प्रारंभ कर दिया है। शीघ्र ही नाली निर्माण का कार्य पूर्ण किया जावेगा। पानी की निकासी हेतु आवश्यक अतिरिक्त पुलियाओं का निर्माण कार्य चेंज ऑफ स्कोप अंतर्गत स्वीकृत कर कराया जावेगा। कार्य पूर्ण होने की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी नहीं। विधानसभा प्रश्न क्रं. 4837 में ग्राम पीरोंठ, खातौरा एवं पचावली में पुलियों एवं नालियों का निर्माण कराये जाने के संबंध में उल्लेख नहीं था। अपितु विधानसभा प्रश्न क्रमांक 4823 एवं 297 में इस विषय का उल्लेख किया गया था। वर्तमान में नाली निर्माण का कार्य प्रारंभ हो चुका है। पानी की निकासी हेतु आवश्यक अतिरिक्त पुलियाओं का निर्माण कार्य चेंज ऑफ स्कोप अंतर्गत स्वीकृत कर कराया जावेगा। (घ) जी हाँ। कंसेशन अनुबंध क्लॉज 14.3.2 के अनुसार सड़क की 75 प्रतिशत लंबाई पूर्ण होने पर प्रोविजनल कम्पलीशन प्रमाण-पत्र स्वतंत्र इन्जीनियर द्वारा जारी किया जाता है। प्रोविजनल कम्पलीशन प्रमाण-पत्र जारी होने के पश्चात अनुबंध के क्‍लॉज-15.1 के अनुसार टोल वसूली प्रारंभ की जा सकती है। अतः 75 प्रतिशत सड़क कार्य पूर्ण होने की दशा में शेष कार्य को पंचलिस्ट में डालकर स्वतंत्र इन्जीनियर प्रोविज़नल कम्पलीशन प्रमाण पत्र जारी कर सकता है। वर्तमान में प्रोविजनल कम्पलीशन प्रमाण-पत्र जारी नहीं हुआ है। टोल टैक्स वसूली की अनुमति हेतु अनुबंध के प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही की जावेगी।

अधिग्रहीत भूमियों के मुआवजे का वितरण

23. ( क्र. 1583 ) पं. रमेश दुबे : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न 2556, दिनांक 29.02.2016 के प्रश्‍न भाग (ग) एवं (घ) के उत्‍तर में बताया गया है कि सड़क निर्माण का सीमांकन करने एवं मुआवज़ा प्रकरण तैयार करने हेतु तहसील बिछुआ को कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग द्वारा पत्र प्रेषित किया गया है? सीमांकन होने पश्‍चात कार्यवाही संभव होगा? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता ने उक्‍त प्रश्‍न और पत्र का संदर्भ देते हुए पत्र क्रमांक 666, दिनांक 19.05.2016 कलेक्‍टर छिंदवाड़ा, कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग एवं तहसीलदार बिछुआ को प्रेषित कर सामरबोह-डोकलीकला-करेर-जमुनिया-लोहारबतरी-नवलगांव सड़क निर्माण का सीमांकन कर यदि सड़क निर्माण में निजी भूमि प्रभावित हुई है तो भूमिस्‍वामियों को मुआवज़ा भुगतान के संबंध में अनुरोध किया है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) का उत्‍तर यदि हाँ, है तो क्या उक्‍त सड़क का सीमांकन किया गया? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) क्‍या शासन प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित विधान सभा प्रश्‍न एवं पत्र पर कार्यवाही नहीं करने वाले अधिकारी/कर्मचारी की जिम्‍मेदारी नियत कर उनके विरूद्ध कार्यवाही तथा उक्‍त सड़क का सीमांकन कर सड़क निर्माण में प्रभावित निजी भूमियों के भूमिस्‍वामियों को मुआवज़ा शीघ्र भुगतान किये जाने का आदेश देगा? यदि हाँ, तो सीमांकन की समय-सीमा तथा मुआवज़ा भुगतान की समय-सीमा नियत करें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। राजस्व विभाग द्वारा सड़क के आंशिक भाग का सीमांकन किया गया है एवं सड़क के शेष भाग निर्माण में आने वाली निजी भूमि का सीमांकन कार्य किया जाना है। (घ) राजस्व विभाग द्वारा मार्ग का सीमांकन कर मुआवजा प्रकरण तैयार किया जा रहा है तद्नुसार मुआवजा प्रकरण प्राप्त होते ही स्वीकृति की कार्यवाही की जाकर, निजी भूमियों के भू-स्वामियों को मुआवजा शीघ्र ही भुगतान किया जावेगा। किसी भी अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

गलत स्‍थान पर निर्मित हो रहे फ्लाई ओवर का आमजन के द्वारा विरोध किया जाना

24. ( क्र. 1651 ) श्री अजय सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सतना शहर के अंदर एक फ्लाईओवर के निर्माण का आमजन मानस के द्वारा विरोध किया जा रहा है? क्‍या उक्‍त फ्लाई ओवर के निर्माण को रोके जाने सिटीजन फोरम एवं अन्‍य संस्‍थाओं ने कलेक्‍टर सतना को ज्ञापन भी सौंपा है? किन-किन जन प्रतिनिधियों ने अपना विरोध लिखित एवं मौखिक रूप से विभाग के अधिकारियों के समक्ष दर्ज कराया है? (ख) क्‍या पन्‍ना नाका से सतना मैहर बायपास तक रोड के दोनों ओर फोरलेन निर्माण कार्य होने पर यातायात का दबाव कम हो सकता है? क्‍या रिंगरोड एवं बायपास जो पूर्व में स्‍वीकृत है निर्माणाधीन भी है का कार्य यदि अतिशीघ्र पूरा किया जाये तो शहर के अंदर ट्रैफिक का दबाव कम हो सकता है? अगर हाँ, तो बिन्‍दुवार विवरण दें। (ग) क्‍या सतना शहर के अंदर बने मुख्‍य बस स्‍टैण्‍ड को शहर के बाहर तीन या चार स्‍थानों पर सब बस स्‍टैण्‍ड के रूप में विकसित कर दिया जाये तो क्‍या शहर के अंदर यातायात का दबाव कम हो सकता है? क्‍या फ्लाई ओवर के निर्माण के पूर्व ट्रैफिक सर्वें में क्‍या इस विकल्‍प को ध्‍यान में रखा गया? टेक्निकल रूप से पूर्णतया त्रुटिपूर्ण फ्लाई ओवर का कार्य शासन को आम जनमानस की भावनायें देखते हुए तत्‍काल बंद कराना अत्‍यावश्‍यक है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। जी हाँ। सतना जिले के बहुजन समाज पार्टी की विधानसभा इकाइयों के अध्‍यक्षों एवं जिला कांग्रेस कमेटी (शहर) सतना ने लिखित ज्ञापन दिया है। (ख) जी नहीं। सतना पन्‍ना रोड पर सोहावल से सतना मैहर रोड तक रिंग रोड एवं बायपास विद्यमान है। सड़क विकास निगम द्वारा सतना-बेला मार्ग (राष्‍ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-75) बायपास निर्माणाधीन है। उक्‍त बायपास का निर्माण शहर के अंदर राष्‍ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-75 के ट्रैफिक के दबाव कम करने हेतु किया जा रहा है। सतना बेला मार्ग चारलेन में बी.ओ.टी. आधार पर विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना में 22.58 कि.मी. सतना बायपास निर्माणाधीन है। (ग) जी नहीं। जी हाँ, जी नहीं।

पदोन्‍नत में अनियमितता

25. ( क्र. 1691 ) श्री जितू पटवारी : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा आदेश दिनांक 04.02.2012 से इंदौर, उज्‍जैन संभाग के दो सह प्राध्‍यापक के पदोन्‍नत में अनियमितता की कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई उसकी सूची दें तथा बतावें कि उन पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित प्रकरण के समस्‍त बिन्‍दुओं की जाँच/पुनरीक्षण करने हेतु किसी अधिकारी/कमेटी को निर्देश दिया गया है यदि हाँ, जाँचकर्ता/कमेटी के सदस्‍यों के नाम बतावें तथा बतावें कि कमेटी तथा उसके सदस्‍यों के नाम किसकी अनुशंसा पर तय किये गये? (ग) कमेटी ने प्रकरण के किन-किन बिन्‍दुओं की जाँच की है उसकी सूची प्रस्‍तुत करें? (घ) प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित कमेटी की बैठक कब-कब हुई तथा अंतिम निष्‍कर्ष/रिपोर्ट कब प्रस्‍तुत की गई रिपोर्ट के बिन्‍दुओं से अवगत करावें?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) उच्च शिक्षा विभाग में सह प्राध्यापक का कोई पद निर्मित नहीं होने के कारण पदोन्नति में ​अनियमितता का प्रश्न नहीं उठता है। (, ग एवं घ) उत्तरांश '''' के प्रकाश में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

आई.टी.आई. प्रशिक्षण केन्‍द्र

26. ( क्र. 1783 ) श्री रजनीश सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सिवनी के अंतर्गत केवलारी विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में कितने शासकीय एवं अशासकीय आई.टी.आई. प्रशिक्षण केन्‍द्र संचालित हैं? सूची उपलब्‍ध कराये? (ख) क्‍या विधानसभा क्षेत्र केवलारी अंतर्गत और भी आई.टी.आई. प्रशिक्षण केन्‍द्र खोले जाने का प्रस्‍ताव शासन के पास लंबित है? यदि हाँ, तो किस-किस जगह पर कब तक खोले जायेगे? (ग) क्‍या आदिवासी विकासखण्‍ड धनौरा में आई.टी.आई प्रशिक्षण केन्‍द्र खोले जाने हेतु कोई प्रस्‍ताव शासन के पास विचाराधीन है? यदि हाँ, तो इस पर क्‍या कार्यवाही की गई है?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) केवलारी विधानसभा क्षेत्र में निम्‍नानुसार शासकीय आई.टी.आई., प्राईवेट आई.टी.आई. तथा कौशल विकास केन्‍द्र संचालित है।

स.क्रं.

आई.टी.आई./कौशल विकास केन्‍द्र

पता

1

शासकीय आई.टी.आई., केवलारी

पलारी तिराहा, केवलारी जिला सिवनी

2

आर्दश प्राईवेट आई.टी.आई.

पलारी, केवलारी जिला सिवनी

3

विवेकानन्‍द प्राईवेट आई.टी.आई.

 ग्राम खुरसुरा (ईमलीटोला), थाना-उगली, तह. केवलारी, जिला सिवनी

4

कौशल विकास केन्‍द्र

धनौरी, तह. केवलारी, जिला सिवनी

(ख) जी नहीं। (ग) जी नहीं।

शास. इंजीनियरिंग कॉलेज सागर के शिक्षकीय स्‍टॉफ

27. ( क्र. 1841 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न संख्‍या 24 (क्रमांक 2698) दिनांक 26.06.2014 (क) के उत्‍तरांश में बताया गया था कि इंदिरा गांधी शास. इंजीनिय‍रिंग कॉलेज सागर में शिक्षकों के स्‍वीकृत पद 62 में से 21 पदों पर स्‍थायी पदस्‍थापना है तथा (ग) के उत्‍तरांश में बताया गया था कि नियमित शिक्षकों की नियुक्ति की कार्यवाही प्रचलन में हैं। प्रश्‍नांश दिनांक तक उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में की गई कार्यवाही से अवगत कराएं। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या स्‍थायी नियुक्‍त शिक्षक अन्‍यत्र जगहों पर प्रतिनियुक्ति/आसंजित है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन छात्रों के हित में ऐसे शिक्षकों को अपने मूल विभाग में वापिस करने पर विचार करेगा तथा कब तक?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) माह जून, 2016 में इंदिरा गांधी शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय, सागर में 08 सहायक प्राध्‍यापकों की नियुक्ति की गई हैं, जिनमें से प्रश्‍नांश दिनांक तक 07 सहायक प्राध्‍यापकों ने पदभार ग्रहण कर लिया है। (ख) जी हाँ। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

घाटीगांव क्षेत्र में तेंदुआ द्वारा घायल व्‍यक्तियों को मुआवजा

28. ( क्र. 1855 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जंगली जानवर, तेंदुआ, बाघ, रीछ या अन्‍य जंगली जानवरों द्वारा इन्‍सानों या पालतू जानवरों जैसे गाय, भैंस, बकरी, बैल इत्‍यादि पर हमला करने पर शासन की तरफ से घायल या मृत व्‍यक्ति या जानवर के लिये मालिक को शासन की तरफ से क्‍या सुविधायें/मुआवजा (राहत राशि) दी जाती है? (ख) ग्‍वालियर जिले के भितरवार विधान सभा क्षेत्र के घाटीगांव (बरई) विकासखण्‍ड में माह मई 2016 में तेंदुआ द्वारा किस-किस व्‍यक्ति को उनका नाम, पिता/पति का नाम, ग्राम, ग्राम पंचायत, जाति बतावें तथा कितने जानवरों को घायल या मारा गया? उनके नाम, ग्राम तथा उक्‍त दिवस से प्रश्‍न दिनांक तक शासन नियमानुसार उन प्रभावित व्‍यक्तियों तथा पशुओं के मालिकों को क्‍या-क्‍या लाभ/मुआवजा (राहत राशि) दिया गया है? (ग) यदि नहीं, दिया गया तो क्‍यों? इसके लिये कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी दोषी है? उन दोषियों के प्रति क्‍या कोई दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्‍या और कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण सहित स्‍पष्‍ट करें। अब प्रभावित कृषकों को कब तक मुआवजा (राहत राशि) दिया जावेगा?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। वन्‍य प्राणियों द्वारा जन-हानि, जन घायल, पशु हानि एवं पशु घायल किये जाने पर क्षतिपूर्ति राशि प्रभावित व्‍यक्ति/उत्‍तराधिकारी को दिये जाने का प्रावधान है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) वनमंडल/जिला ग्‍वालियर के अंतर्गत भिरतवार विधान सभा क्षेत्र के घाटीगांव (बरई) विकासखंड में माह मई, 2016 में तेंदुआ द्वारा घायल किये गये व्‍यक्तियों को भुगतान किये गये मुआवजा (राहत राशि) का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 पर एवं मृत/घायल जानवरों (पालतू पशुओं) का विवरण तथा पशुओं के मालिकों को भुगतान किये गये मुआवजा (राहत राशि) का विस्‍तृत विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ग) तेन्‍दुए द्वारा घायल मात्र दो व्‍यक्ति श्री देवेन्‍द्र सिंह पुत्र सोवरन सिंह गुर्जर निवासी-तिलावनी एवं श्री कप्‍तान सिंह पुत्र लालराम सिंह गुर्जर निवासी-निरपतपुरा को उनकी चिकित्‍सा पर हुए व्‍यय की राशि का भुगतान, उनके द्वारा दवाइयों के बिल एवं अस्‍पताल का डिस्‍चार्ज टिकिट उपलब्‍ध नहीं कराये जाने से अभी नहीं हुआ है। इसके लिये कोई कर्मचारी/अधिकारी दोषी नहीं है। अत: दण्‍डात्‍मक कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

मार्गों का निर्माण

29. ( क्र. 1868 ) श्री महेन्‍द्र सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र गुनौर अंतर्गत लोक निर्माण विभाग द्वारा वित्‍तीय वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने मार्ग स्‍वीकृत किए गए एवं कितने प्रस्‍तावित हैं? मार्ग कहाँ से कहाँ तक स्‍वीकृत हैं तथा कार्य प्रारंभ एवं कार्य पूर्ण करने की क्‍या अवधि है? (ख) प्रश्‍न (क) के अनुसार निर्माणाधीन एवं प्रस्‍तावित मार्गों के लिये कितनी राशि स्‍वीकृत है? किस मार्ग का ठेका किस ठेकेदार को दिया गया है? मार्गवार बतावें। (ग) क्‍या निर्माण कार्य को समय-सीमा में पूर्ण न करने पर ठेकेदार के विरूद्ध कार्यवाही की जाकर ठेके निरस्‍त किये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो ऐसे कितने प्रकरण है जिनमें समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं किया जाने पर कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) स्‍वीकृत कार्य की जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। प्रस्‍तावित कार्य की जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जी हाँ। प्रश्‍नांश अवधि में ऐसा कोई प्रकरण नहीं है।

परिशिष्ट - ''चौदह''

खेलों को प्रोत्‍साहन

30. ( क्र. 1869 ) श्री महेन्‍द्र सिंह : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा ग्रामीण खेलों को बढ़ावा देने व युवाओं के कल्‍याण हेतु विभिन्‍न प्रकार की योजनाएं संचालित की जा रही हैं? क्‍या उक्‍त योजनाओं में ग्रामीण जनप्रतिनिधियों की भागीदारी के शासन के निर्देश हैं? यदि हाँ, तो बतावें। (ख) प्रश्‍न (क) के अनुसार यदि हाँ, तो वर्ष 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी खेल एवं युवा कल्‍याण गतिविधियां पन्‍ना जिले में कहाँ-कहाँ आयोजित की गई? किस गतिविधि के आयोजन में कितनी राशि व्‍यय की गई तथा कितने प्रतिभागियों ने भाग लिया एवं किस जनप्रतिनिधि को आमंत्रित किया गया? (ग) क्‍या विभाग द्वारा उक्‍त आयोजित गतिविधियों में फर्जी करण की मंशा से जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किया जाता है?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। निर्देशों की छायाप्रति संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) पन्ना जिले में आयोजित खेल गतिविधियों, आयोजन स्थल, आयोजन में व्यय राशि, भाग लेने वाले प्रतिभागियों एवं आमंत्रित जनप्रतिनिधियों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) जी नहीं। पन्ना जिले में विभाग द्वारा आयोजित विभिन्न गतिविधियों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाता है।

परिशिष्ट - ''पन्‍द्रह''

सड़कों की जानकारी

31. ( क्र. 1926 ) श्री संजय शर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तेंदूखेड़ा विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत वर्ष 2016-17 में लोक निर्माण विभाग द्वारा कौन-कौन से नवीन मार्गों की स्‍वीकृति प्रदान की जावेगी? (ख) क्‍या बरमान से तेंदूखेड़ा मार्ग का डी.पी.आर. (मजबूतीकरण) विभाग को प्रेषित किया जा चुका है? (ग) यदि हाँ, तो बरमान से तेंदूखेड़ा मार्ग निर्माण की स्‍वीकृति कब तक प्रदान की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) गाड़रवारा तेंदूखेड़ा मार्ग से मनकापुर तक लं. 1.40 कि.मी. लागत रू. 110.05 लाख की स्‍वीकृति दिनांक 02.04.2016 को प्रदान की जा चुकी है। अन्‍य मार्गों की स्‍वीकृतियों के बारे में समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ। (ग) वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। उपलब्‍ध योजना सीमा के अनुपात में कार्यों की स्‍वीकृति पूर्व में ही दी जा चुकी है।

देव स्‍थानों का जीर्णोद्धार

32. ( क्र. 1958 ) श्री मनोज निर्भय सिंह पटेल : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) देपालपुर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत विगत पाँच वर्षों में किन-किन देव स्‍थानों का जीर्णोद्धार किया गया? (ख) उपरोक्‍त में से कितने देव स्‍थानों पर कितनी-कितनी राशि स्‍वीकृत की गई और उस राशि का कितना उपयोग जीर्णोद्धार में किया गया? (ग) कितने देव स्‍थानों में कार्य पूर्ण हो गया है और कितनों में समयावधि बीत जाने के बाद भी कार्य शेष है? शेष कार्य कब तक पूर्ण हो जावेंगे? (घ) ऐसे कितने देव स्‍थान हैं जिनके जीर्णोद्धार की राशि स्‍वीकृत होने के पश्‍चात् भी कार्य नहीं किया गया या अधूरा है इसके लिए कौन उत्‍तरदायी है और उन पर क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

देपालपुर विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत निर्माणाधीन कार्य

33. ( क्र. 1959 ) श्री मनोज निर्भय सिंह पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) देपालपुर विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत विगत 3 वर्षों में पुल-पुलियाओं एवं सड़कों का निर्माण किया गया तथा कितनी निर्माणाधीन है? (ख) उक्‍त निर्माणाधीन पुल-पुलियाओं एवं सड़कों का कार्य समयावधि बीत जाने के बाद भी शेष या अधूरा है तथा यह कब तक पूर्ण हो जावेगा? कार्य में विलंब होने का कारण स्‍पष्‍ट करें? (ग) उक्‍त कार्यों का गुणत्‍ता परीक्षण निरीक्षण के क्‍या नियम या मानक है? क्‍या मानक अनुसार गुणवत्‍ता का निरीक्षण परीक्षण किया गया है? यदि हाँ, तो कब और किनके द्वारा? (घ) कितनी पुल-पुलियाओं एवं सड़कों के निर्माण प्रस्‍तावित है? सूची उपलब्‍ध करावें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) एवं (ख) सड़क कार्यों की वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है एवं पुल कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'अ-1' अनुसार है। (ग) एम..आर.टी. एण्‍ड एच के निर्धारित मापदण्‍डानुसार परीक्षण निश्चित आवृत्ति में करने के नियम है। जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '', 'अ-1' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

प्रदेश के महाविद्यालयों की जनभागीदारी समिति में अध्‍यक्षों की नियुक्ति विषयक

34. ( क्र. 1988 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर संभाग के विभिन्‍न महाविद्यालयों में गठित जनभागीदारी समिति में अध्‍यक्षों के नाम विधानसभा अनुसार तथा महाविद्यालयों के नाम अनुसार बताएं? (ख) प्रश्‍नांश (क) वर्णित में से ऐसे कितने महाविद्यालय है जहां स्‍थानीय विधायकों को विषयांकित समिति का अध्‍यक्ष मनोनीत किया गया है? (ग) क्‍या भाजपा पार्टी से चुने गये विधायकों को ही विषयांकित समितियों का अध्‍यक्ष बनाया गया है तथा अन्‍य पार्टियों से जीते विधायकों अथवा निर्दलीय विधायकों को अध्‍यक्ष नहीं बनाया गया? (घ) क्‍या शासन विषयांकित समितियों में स्‍थानीय विधायकों को ही अध्‍यक्ष बनाए जाने संबंधी आदेश पर विचार करेगा ताकि शासन के निर्णय को आम जनता में उचित ठहराया जा सके?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार(ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार सभी 29 महाविद्यालयों में स्थानीय विधायकों को अध्यक्ष मनोनीत किया गया। (ग) माननीय विधायकगणों को मनोनीत किया गया है। (घ) स्थानीय विधायकों को ही अध्यक्ष बनाए जाने संबंधी कोई आदेश नहीं है। अन्य गणमान नागरिकों को भी अध्यक्ष बनाया जा सकता है।

परिशिष्ट - ''सोलह''

तहसील नईसरांय में महाविद्यालय की स्‍वीकृति

35. ( क्र. 1997 ) श्री गोपालसिंह चौहान (डग्‍गी राजा) : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अशोकनगर जिले के तहसील नईसराय में क्‍या महाविद्यालय खोला जायेगा? (ख) क्‍या तहसील नईसराय में महाविद्यालय खोला जाना प्रस्‍तावित है? यदि खोला जायेगा तो कब तक खोला जायेगा?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी नहीं। (ख) जी नहीं, उत्तरांश '''' अनुसार निर्धारित मापदण्ड की पूर्ति न होने के कारण नईसराय में महा​विद्यालय खोले जाने में कठिनाई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

मनकेड़ी-कुसली-नवीन चरगंवा मार्ग निर्माण

36. ( क्र. 2017 ) श्रीमती प्रतिभा सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि बरगी वि.स. क्षेत्र के शहपुरा वि.ख. के अंतर्गत ग्राम मनकेड़ी से कुसली नवीन चरगंवा मार्ग निर्माण कब प्रारंभ हुआ? अब तक उक्‍त मार्ग निर्माण का कितना कार्य हो चुका है? कार्य हेतु आयटमवार कितना-कितना भुगतान किया गया? कितना निर्माण कार्य शेष है? शेष निर्माण कार्य कब तक पूर्ण होगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) विस्‍तृत विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''सत्रह''

सागर जिले के एम.ओ.यू. साईन

37. ( क्र. 2104 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विगत 5 वर्षों में म.प्र. सरकार द्वारा उद्योगों की स्‍थापना हेतु कितने एम.ओ.यू. साईन किये गये? (ख) कितने एम.ओ.यू. साईन होने के उपरांत म.प्र. सरकार द्वारा उद्योगों की स्‍थापना हेतु जमीन आरक्षित की गई? (ग) कितने एम.ओ.यू. साईन होने के उपरांत उद्योग स्‍थापित किये जा चुके हैं/किये जाने हैं? (घ) यदि एम.ओ.यू. साईन एवं जमीन उपलब्‍धता आदि संपूर्ण कार्यवाही पूर्ण होने के उपरांत भी विभाग द्वारा उद्योग स्‍थापित नहीं किये गये हैं, तो इसके लिये कौन जिम्‍मेदार है?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) विगत 05 वर्षों में मध्‍यप्रदेश ट्रेड एण्‍ड इन्‍वेस्‍टमेंट फेसिलिटेशन कार्पोरेशन लि.एवं म.प्र. आद्यौगिक केन्‍द्र विकास निगम (म.प्र.शासन के उपक्रम) दवारा सागर जिले के लिए 5 एम.ओ.यू. हस्‍ताक्षरित किए गए है। (ख) उद्योगों की स्‍थापना हेतु जमीन आरक्षित करना एक सतत्/ निरंतर प्रक्रिया हैं। (ग) सागर जिले के लिए हस्‍ताक्षरित 05 एम.ओ.यू. में से 2 एम.ओ.यू. परियोजनाओं में उत्‍पादन प्रारंभ हो चुका हैं तथा 3 एम.ओ.यू. परियोजनाएं क्रियान्‍वयन के विभिन्‍न स्‍तरों पर प्रक्रियाधीन हैं। (घ) निवेशक/उद्यमियों दवारा उद्योग स्‍थापित किए जाते हैं। राज्‍य शासन उद्योगों की स्‍थापना में फेसिलिटेटर का कार्य करता हैं। चूंकि विभाग द्वारा उद्योग स्‍थापित नहीं किए जाते हैं। अत: शेष प्रश्‍नांश के उत्‍तर देने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता हैं।

शासकीय पॉलिटेक्निक माहविद्यालय सागर में नियमित प्राचार्य की नियुक्ति विषयक

38. ( क्र. 2105 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत कितने वर्षों से शास. पॉलिटेक्निक महाविहद्यालय सागर में प्रभारी प्राचार्य पदस्‍थ हैं? प्रभारी प्राचार्य हेतु निर्धारित योग्‍यता की जानकारी देवें? (ख) यदि शास. पॉलिटेक्निक महाविद्यालय सागर में नियमित प्राचार्य नहीं हैं तो क्‍या कार्यरत प्रभारी प्राचार्य अखिल भारतीय तकनीकी परिषद् नई दिल्‍ली द्वारा निर्धारित शैक्षणिक योग्‍यता व अनुभव रखता है? क्‍या वह संबंधित संस्‍था में वरिष्‍ठतम प्राध्‍यापक हैं? यदि नहीं, तो किन परिस्थितियों में यह निर्णय लेते हुए उन्‍हें प्रभारी प्राचार्य का पद सौंपा। (ग) यदि वर्तमान में पदस्‍थ प्रभारी प्राचार्य वरिष्‍ठतम प्राध्‍यापक एवं तकनीकी प्राध्‍यापक/उच्‍च वेतनमान की योग्‍यता नहीं रखते हैं तो विभाग द्वारा प्रभारी प्राचार्य का दायित्‍व सौंपने का क्‍या कारण है? (घ) कितनी समयावधि तक उक्‍त प्रभारी प्राचार्य इस पद पर बने रहेंगे? क्‍या वरिष्‍ठतम प्राध्‍यापक को प्रभारी प्राचार्य बनाया जावेगा? यदि बनाया जावेगा तो कब तक?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) विगत 06 वर्षों से अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् द्वारा प्रभारी प्राचार्य हेतु अलग से योग्‍यता निर्धारित नहीं की गई है। (ख) जी नहीं। उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। महाविद्यालय के वरिष्‍ठतम शिक्षक ने पारिवारिक कारणों से प्राचार्य का प्रभार लेने में असमर्थता को दृष्टिगत रखते हुये प्रभार सौंपा गया है। (ग) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार उपलब्‍ध कराना

39. ( क्र. 2119 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चितरंगी विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग द्वारा वर्ष 2012 - 2013 से आज दिनांक तक में कितने प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया है? कितने प्रशिक्षण उपरांत योग्‍यता परीक्षा उत्‍तीर्ण करने पर कितने प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार उपलब्‍ध कराया गया है वर्गवार जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के अंतर्गत कितने प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार मूलक ऋण उपलब्‍ध कराया गया है वर्गवार, बैंकवार जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ग) कौशल विकास योजना अंतर्गत शासन द्वारा प्रशिक्षण के लिए वर्ष 2012-13 से प्रश्‍न दिनांक तक में वर्षवार कितनी राशि खर्च की गयी?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) एवं (ख) चितरंगी विधानसभा क्षेत्र के अन्‍तर्गत संचालित कौशल विकास केन्‍द्र, चितरंगी में वर्ष 2012-13 से आज दिनांक तक प्रवेशित एवं उर्त्‍तीण प्रशिक्षणार्थियों की वर्गवार तथा जितने प्रशिक्षाणार्थियों को रोजगार उपलब्‍ध कराया गया है एवं जिनके ऋण स्‍वीकृत किये गये है कि जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) वर्षवार व्‍यय राशि का विवरण निम्‍नानुसार है :-

व्‍यय राशि का विवरण-

वर्ष 2012-13

वर्ष 2013-14

वर्ष 2014-15

वर्ष 2015-16

वर्ष 2016-17

136000

1350000

280000

410000

75000

128000

830000

480000

280000

67500

144000

30000

144912

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परिशिष्ट - ''अठारह''

प्राध्‍यापकों के रिक्‍त पदों की पूर्ति

40. ( क्र. 2147 ) श्री अनिल जैन : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या अमर शहीद चन्‍द्रशेखर आजाद शासकीय स्‍नात्‍कोत्‍तर महाविद्यालय निवाड़ी में संकायवार प्राध्‍यापकों की अत्‍यधिक कमी है? जिस कारण महाविद्यालय में अतिथि विद्वानों के माध्‍यम से सेवायें ली जा रही है? (ख) यदि हाँ, तो संकायवार स्‍वीकृत, भरे एवं रिक्‍त पदों की जानकारी देवें तथा रिक्‍त पड़े संकायवार पदों को कब तक भर लिया जायेगा? ताकि स्‍नात्‍कोत्‍तर कक्षाओं में पढ़ाई को सुचारू रूप से जारी रखा जा सके? (ग) यदि हाँ, तो संकायवार स्‍वीकृत, भरे एवं रिक्‍त पदों की जानकारी देवें तथा रिक्‍त पड़े संकायवार पदों को कब तक भर लिया जायेगा? ताकि स्‍नात्‍कोत्‍तर कक्षाओं में पढ़ाई को सुचारू रूप से जारी रखा जा सके?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। (ख) संकायवार स्वीकृत, कार्यरत एवं रिक्त पदों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट पर है। शैक्षणिक संवर्ग के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु लोक सेवा आयोग से दिनांक 19.02.16 को विज्ञापन जारी हो चुका है, पूर्ति की निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार रिक्त पदों के विरूद्ध विषय विशेषज्ञों के अतिथि विद्वानों को आवश्यकतानुसार आमंत्रित कर अध्यापन कार्य सुचारू रूप से किया जाता है। (ग) उत्तरांश '' अनुसार।

परिशिष्ट - ''उन्‍नीस''

मंदिरों एवं धार्मिक स्‍थल की भूमि पर अतिक्रमण

41. ( क्र. 2268 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) भिण्‍ड जिले में माफी औकाफ विभाग के अंतर्गत कुल कितने मंदिर एवं धार्मिक स्‍थल है तथा उनके नाम से कितनी भूमि राजस्‍व रिकार्ड में अंकित है? मंदिर एवं धार्मिक स्‍थल की भूमिवार पृथक-पृथक नामवार जानकारी दी जावें? (ख) क्‍या भिण्‍ड जिले की मेंहगाँव तहसील में स्थित जगन्‍नाथ जी का मंदिर मेघपुरा, राम-जानकी मंदिर सोनी एवं अन्‍य मंदिरों एवं धार्मिक स्‍थल की भूमि पर अतिक्रमण है? यदि हाँ, तो किन-किन लोगों के द्वारा कितनी-कितनी भूमि पर अतिक्रमण किया गया है, उनकी जानकारी नामवार उपलब्‍ध कराएं। (ग) क्‍या विभाग उन अतिक्रामक व्‍यक्तियों से उक्‍त भूमि को मुक्‍त करायेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

बद्री विशाल मंदिर ट्रस्‍ट मनासा जिला नीमच की अनिय‍मिताएं

42. ( क्र. 2314 ) श्री कैलाश चावला : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बद्री विशाल मंदिर ट्रस्‍ट मनासा जिला नीमच का गठन किस वर्ष में किया गया था? (ख) ट्रस्‍ट के ट्रस्‍टी कौन-कौन हैं? नाम एवं पता स‍हित जानकारी दें। यदि ट्रस्टियों में परिवर्तन किया गया है, तो परिवर्तन दिनांक सहित ट्रस्टियों की जानकारी देवें। (ग) ट्रस्‍ट डीड के अनुसार ट्रस्‍ट की बैठक कितनी अवधि‍ में होना अनिवार्य हैं। क्‍या उक्‍त निर्धारित अवधि में ट्रस्‍ट की बैठक आयोजित की गई है? यदि नहीं, तो उसके क्‍या कारण हैं। (घ) ट्रस्‍ट की चल अचल संपत्ति का ब्‍यौरा एवं उससे प्राप्‍त होने वाली वार्षिक आय और व्‍यय की विगत 05 वर्षों की जानकारी प्रदान करें। (ड.) क्‍या नियमानुसार ट्रस्‍ट का वर्षवार ऑडिट कराया गया है एवं ट्रस्‍ट की होने वाली आय को जमा किए जाने हेतु बैंक का खाता खोला गया हैवर्तमान में बैंक खाते में कितनी राशि जमा है? ट्रस्‍ट की आय की कितनी राशि ट्रस्टियों द्वारा बैंक में जमा न कर अपने पास रखी हुई है? क्‍या विभाग ट्रस्‍ट की अनियमिताओं की जाँच करवा कर नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश देगा?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

बारहावड़ा से चावरपानी तक सड़क निर्माण

43. ( क्र. 2336 ) श्री गोविन्‍द सिंह पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गाडरवारा वि.स. के बारहावड़ा से छिन्‍दवाड़ा जिले के चावरपानी तक क्‍या कोई सड़क स्‍वीकृत है वह सड़क कहाँ से कहाँ तक एवं कितनी लंबाई की स्‍वीकृ‍त है, इसके निर्माण में क्‍या कठनाई आ रही है? यदि हाँ, तो इसका निराकरण करके जनहित में इस महत्‍वपूर्ण सड़क का निर्माण कब तक शुरू कर दिया जायेगा? (ख) क्‍या इस सड़क का प्राक्‍कलन बना हुआ है तथा कितने किलो मीटर लंबाई और कितनी राशि से सड़क निर्माण किया जाना है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। सड़क निर्माण हेतु केन्‍द्रीय सड़क निधि के अंतर्गत प्रस्‍ताव भारत सरकार को भेजा गया है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''बीस''

विभाग से अन्‍य विभागों में प्रतिनियुक्तियां

44. ( क्र. 2348 ) श्री मानवेन्द्र सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा निर्धारित प्रतिनियुक्ति के नियम की प्रति प्रस्‍तुत करें? तकनीकी शिक्षा विभाग से अन्‍य विभागों में कौन-कौन व्‍यक्ति प्रतिनियुक्ति पर है और अन्‍य विभाग से तकनीकी शिक्षा में कौन-कौन प्रतिनियुक्ति पर है? (1) नाम व पद, (2) मूल विभाग, (3) जहां प्रतिनियुक्ति है वह स्‍थान व पद, (4) प्रथम बार से लगातार प्रतिनियुक्ति पर हैं प्रथम बार का दिनांक, (5) कब-कब अवधि ब‍ढ़ाई गई और संबंधित विभाग की अनुमति की प्रति प्रस्‍तुत करें? क्‍या प्रतिनियुक्ति के कारण विभाग के अन्‍य कर्मचारियों की पदोन्‍नति प्रभावित नहीं होती? (ख) क्‍या उच्‍च शिक्षा में प्रत्‍येक विषय में सहायक प्राध्‍यापक और प्राध्‍यापक के पद रिक्‍त हैं? विषयवार संख्‍या बतायें, रिक्‍त पदों वाले विषयों के कितने-कितने सहायक अध्‍यापक, अध्‍यापक अन्‍यत्र प्रतिनियुक्ति पर हैं? (ग) क्‍या एक प्राध्‍यापक उच्‍च शिक्षा से करीब दस वर्ष से अन्‍यत्र प्रतिनियुक्ति पर है और वर्तमान में स्‍कूल शिक्षा में संयुक्‍त संचालक के पद पर है? उसको वापस बुलाने हेतु कितनी बार पत्र लिखा? सभी की प्रतियां देवें। क्‍या एक बार सन् 2007 में प्रतिनियुक्ति समाप्‍त कर दी थी उसने न्‍यायालय से स्‍थगन लिया था और समय अवधि पूर्ण होने पर पुन: उसे वहां पर प्रतिनियुक्ति दे दी? पहले हटाने का और फिर पुन: प्रतिनियुक्ति करने का कारण स्‍पष्‍ट करें? जबकि यह निलंबित भी हो चुका है?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही हैं।

आरोपियों के विरूद्ध विभाग द्वारा कार्यवाही नहीं किया जाना

45. ( क्र. 2361 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के परि.अता.प्रश्‍न संख्‍या 24 (क्र. 533), दिनांक 29.02.2016 के उत्‍तर में माननीय मंत्री जी ने भाग (क) के संबंध में अवगत कराया गया है कि उल्‍लेखित अधिकारी/कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है शेष का प्रश्‍न नहीं? तो क्‍या शेष कर्मचारी (तत्‍समय भण्‍डारी तथा लेखापाल) औ.प्र.सं. मुरैना में किये गये भ्रष्‍टाचार में संलिप्‍त नहीं रहे हैं, जबकि कलेक्‍टर मुरैना ने पत्र क्र. 10425 दिनांक 15.12.2014 के संलग्‍न जाँच प्रतिवेदन क्र. 1003 दिनांक 27.09.2014 एवं संयुक्‍त संचालक ग्‍वालियर के जाँच प्रतिवेदन क्र./क्षे.का./स्‍था./गोप./शिका./जाँच प्रति./2015/09 दिनांक 14.02.2015 में भण्‍डारी लिपिक (रविशंकर आर्य, रामज्ञान प्रजा‍पति) तथा लेखापाल (प्रबल शर्मा) को दोषी ठहराया है? (ख) य‍दि दोषी ठहराया गया है तो क्‍या ये कर्मचारी दोषी होने पर भी निलंबित क्‍यों नहीं होगे? क्‍या औद्योगिक प्रशिक्षण संस्‍था मुरैना की जाँच को शिकायती बिंदुओं पर ही केन्द्रित कर जाँच की गई है, जबकि शिकायतकर्ताओं ने अपने शिकायती आवेदनों में श्री पवन कुमार ओरिया के औ.प्र.सं. मुरैना के समस्‍त कार्यकाल अवधि नवंबर 2011 से फरवरी 2015 तक औ.प्र.सं. मुरैना हेतु समस्‍त क्रय की गई सामग्री, औजार उपकरण, कच्‍चा माल, स्‍टेशनरी छात्रों को मिलने वाले घटिया भोजन आदि की निष्‍पक्ष विस्‍तृत जाँच कराने का अनुरोध बार-बार किया गया लेकिन जाँच के बिन्‍दुओं को सीमित कर अल्‍प जाँच की गई है? (ग) क्‍या औ.प्र.सं. मुरैना की समस्‍त क्रय की जाँच आज दिनांक तक किसी भी जाँच अधिकारी द्वारा नहीं की गई है क्‍यों कारण सहित बताएं? (घ) क्‍या समस्‍त क्रय की विस्‍तृत जाँच कराई जाएगी एवं लापरवाह जाँच अधिकारियों के विरूद्ध भी कार्यवाही की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक बताएं?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) जी हाँ। प्रवल शर्मा, रविशंकर आर्य एवं श्री रामज्ञान प्रजापति को दोषी नहीं पाया गया है। (ख) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। जाँच प्रक्रियाधीन है। (ग) जाँच प्रक्रियाधीन है। (घ) जाँच प्रक्रियाधीन है। जाँच पूर्ण होने पर यथा निर्णय लिया जाएगा। समयावधि बताना संभव नहीं है।

महाविद्यालयों कम्‍प्‍यूटर आपरेटरों की अवैध नियुक्ति

46. ( क्र. 2365 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. उच्‍च शिक्षा विभाग के अंतर्गत समस्‍त महाविद्यालयों में कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटरों के कितने पद स्‍वीकृत हैं, महाविद्यालयवार बताएं? (ख) क्‍या म.प्र. शासन उच्‍च शिक्षा विभाग के आदेश क्रमांक 347/आ.उ.शि./नि.क./08 भोपाल दिनांक 22.10.2008 को आदेश प्रसारित किये गये थे कि कोई भी प्राचार्य कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटर नहीं रख सकते, अगर रखता है तो उस ऑपरेटर के मानदेय का भुगतान अपने स्‍वयं के वेतन से करेंगे? (ग) क्‍या रीवा एवं सागर संभाग के महाविद्यालयों के प्राचार्यों द्वारा कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटर जनभागीदारी से अपनी मर्जी से रख लिए गये हैं एवं उसी मद से भुगतान किया जा रहा है? (घ) यदि प्रश्‍नांश (ग) का उत्‍तर हां, है तो क्‍या प्राचार्यों द्वारा अपनी मर्जी से इन ऑपरेटरों को किये गये भुगतान की वसूली संबधित प्राचार्यों से कब तक की जायेगी?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) म.प्र. उच्च शिक्षा विभाग के अन्तर्गत समस्त महाविद्यालयों में कम्प्यूटर ऑपरेटरों के कोई भी पद स्वीकृत नहीं हैं। (ख) जी हाँ। प्राचार्यों द्वारा कम्प्यूटर ऑपरेटर रखने पर उनको किये जाने वाले भुगतान प्राचार्यों के वेतन से किये जाने का उक्त पत्र में कोई उल्लेख नहीं है। (ग) रीवा एवं सागर संभाग में जनभागीदारी समिति द्वारा पारित प्रस्ताव के आधार पर जनभागीदारी मद से कम्प्यूटर ऑपरेटर रखे गये। (घ) सम्बन्धित महाविद्यालयों के प्राचार्यों से स्थिति स्पष्ट कराई जाकर यथा योग्य कार्यवाही की जावेगी।

पुल निर्माण

47. ( क्र. 2416 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियाँ : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री जी ने भाण्‍डेर विधानसभा क्षेत्र की जनता की पुरजोर मांग पर घोषणा क्र. ए. 3093 द्वारा सिंहपुरा-तैड़ोत के मध्‍य पहूज नदी पर पुल निर्माण की घोषण की थी? (ख) क्‍या इस पुल के निर्माण से भाण्‍डेर इन्‍दरगढ़ की दूरी बहुत कम होकर इस क्षेत्र के निवासियों को काफी राहत मिलेगी और भाण्‍डेर एवं सेवढ़ा विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए आवागमन सुलभ और सस्‍ता होगा? (ग) क्‍या पुल निर्माण का सर्वे कार्य, प्राक्‍कलन आदि समस्‍त औपचारिकतायें पूर्ण होकर प्रशासकीय स्‍वीकृति हेतु लंबित है? (घ) यदि हाँ, तो मा. मुख्‍यमंत्री जी की घोषणा क्र. ए.3093 के क्रियान्‍वयन हेतु पुल निर्माण की प्रशासकीय स्‍वीकृति कब तक जारी हो जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) विभाग में लंबित नहीं। (घ) प्रस्‍तावित पुल के दोनों ओर प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजनांतर्गत मार्ग से जुड़े होने से विभाग द्वारा कार्यवाही नहीं की जाना है। अत: समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

भाण्‍डेर विधानसभा क्षेत्र की जर्जर सड़कों का निर्माण

48. ( क्र. 2417 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियाँ : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भाण्‍डेर विधानसभा क्षेत्र की उड़ीना तालगांव, आलमपुर रोड, भाण्‍डेर से रामगढ़ रोड, भाण्‍डेर से कामद रोड, भाण्‍डेर से सरसई रोड, कामद से इन्‍दरगढ़ रोड, अकोला प्रधानमंत्री रोड से राव सुफेटा रोड जीर्ण शीर्ण अवस्‍था में है? (ख) क्‍या सरसई भाण्‍डेर के निर्माण का कार्य धीमी गति से चल रहा है? (ग) क्‍या इन मार्गों की खस्‍ता हालत के कारण आवागमन बाधित हो रहा है? (घ) क्‍या इन मार्गों के निर्माण हेतु कोई कार्ययोजना है? यदि नहीं, तो इन मार्गों का निर्माण कब तक कराया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। अकोला प्रधानमंत्री रोड से राव सुफेटा रोड लोक निर्माण विभाग के अधीन नहीं है। (ख) जी नहीं। (ग) जी नहीं। (घ) जी हाँ संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''इक्‍की''

सामाजिक संस्‍थाओं की फाईलिंग फीस

49. ( क्र. 2435 ) श्री राम लल्लू वैश्य : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्तमान में सामाजिक संस्‍थाओं द्वारा धारा 27 एवं 28 की जानकारी सम्मिलित करने हेतु फाईलिंग फीस 200/- रूपये से बढ़ाकर एक-एक हजार कर दी गई है तथा विलंब शुल्‍क भी दुगुना कर दिया गया है? साथ ही इसका चालान एम.पी. ऑनलाइन से जमा करने की अनिवार्यता रखी गई है, जिसके कारण एम.पी. ऑनलाइन कियोस्‍क संचालक द्वारा प्रति चालान 150 से 200/- रूपयों तक की राशि वसूली जा रही है, जबकि यही चालान भारतीय स्‍टेट बैंक से बनवाये जाने पर नि:शुल्‍क चालान बनाया जाता है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में क्‍या भारतीय स्‍टेट बैंक से चालान द्वारा फाईलिंग फीस जमा करने हेतु सुविधा संस्‍थाओं को दी जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों? यदि हाँ, तो स्‍पष्‍ट विवरण देवें। (ग) भोपाल जिले के अंतर्गत धारा 27 की प्रमाणित सूची दिये जाने हेतु वर्ष 2016 में कितने संस्‍थाओं द्वारा आवेदन प्रस्‍तुत किये गये हैं, जिन्‍हें अभी तक प्रमाणित सूची नहीं दी गई है? सूची निश्चित समय-सीमा में नहीं देने के कारण उत्‍तरदायी दोषी अधिकारी/‍ कर्मचारी कौन है? इनके विरूद्ध कब तक क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संबंध में आवेदक संस्‍था को आवेदन से कितने दिनों के अंदर सूची दिये जाने का प्रावधान है? यदि कोई निश्चित समय-सीमा का प्रावधान है तो इसका पालन क्‍यों नहीं किया जा रहा?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। धारा 27 एवं 28 की फीस 200/ रूपये से बढ़ा कर 1000/- रूपये की गई है। विलम्‍ब होने पर दुगना शुल्‍क संबंधी प्रावधान पूर्व से ही है। म.प्र. सोसायटी रजिस्‍ट्रीकरण अधिनियम, 1973 के तहत प्राप्‍त होने वाले शुल्‍क का चालान एमपी ऑनलाइन से जमा करने की अनिवार्यता नहीं है। इसलिये शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) साइबर ट्रेजरी के माध्‍यम से भारतीय स्‍टेट बैंक से ऑनलाइन चालान जमा करने की सुविधा लागू है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) भोपाल जिले के अंतर्गत धारा 27 की प्रमाणित सूची हेतु वर्ष 2016 में प्राप्‍त 326 आवेदन में से 67 आवेदनों पर कार्यवाही विचाराधीन होने से प्रमाणित सूची नहीं दी गई है। म.प्र. सोसायटी रजिस्‍ट्रीकरण अधिनियम, 1973 में समय-सीमा निश्चित न होने से शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी प्रश्‍नांश (ग) में दिये गये अनुसार है।

क्षतिग्रस्‍त सड़कों का सुधार

50. ( क्र. 2436 ) श्री हरवंश राठौर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र बण्‍डा जिला सागर में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में वर्तमान में कौन-कौन सी सड़कें क्षतिग्रस्‍त हैं? (ख) क्षतिग्रस्‍त सड़कों का कितनी-कितनी राशि का प्राक्‍कलन तैयार किया गया है? (ग) क्षतिग्रस्‍त सड़कों का क‍ब तक सुधार किया जावेगा ताकि आम जनता को आवागमन में सुविधा हो सके?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। इसके अतिरिक्‍त सड़क विकास निगम के अंतर्गत (1) हीरापुर बमनौरा मार्ग जिसका 10.00 कि.मी. भाग (2) हीरापुरा-दमोह मार्ग का 3.80 कि.मी. भाग एवं (3) टीकमगढ़ शाहगढ़ मार्ग का 5.90 कि.मी. भाग में तीनो मार्ग वर्तमान संतोषजनक स्थिति में है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार इसके अतिरिक्‍त बण्‍डा शाहपुर परसोदिया मार्ग लंबाई 33.00 कि.मी. का विस्‍तृत डी.पी.आर. बनाने का कार्य प्रगतिरत है अत: अभी प्राक्‍कलन की राशि बताया जाना संभव नहीं है। (ग) उत्‍तरांश '' अनुसार।

परिशिष्ट - ''बाईस''

पांदा से गुर्जर गुराडीया तक सड़क निर्माण

51. ( क्र. 2458 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सोनकच्‍छ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पांदा से ग्राम गुर्जरा गुरा‍डीया तहसील सोनकच्‍छ तक सड़क स्‍वीकृत है? यदि है तो किस योजना में है? (ख) यदि स्‍वीकृत है तो कब तक निर्माण कार्य शुरू होगा? यदि स्‍वीकृत नहीं है तो क्‍या विभाग द्वारा इसकी स्‍वीकृति हेतु कोई कार्यवाही प्रचलित है? (ग) यदि कार्यवाही प्रचलित है तो जानकारी स्‍पष्‍ट करें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) प्रश्‍नांकित मार्ग इस विभाग के अन्‍तर्गत नहीं है। म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण से प्राप्‍त जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांकित मार्ग इस विभाग के अन्‍तर्गत नहीं है। म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण से प्राप्‍त जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांकित मार्ग इस विभाग के अन्‍तर्गत नहीं है। म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण से प्राप्‍त जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''तेईस''

छात्रवृत्ति का भुगतान

52. ( क्र. 2467 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. के ऐसे कितने जिले हैं जहां पर प्राइवेट (मान्‍यता प्राप्‍त) B.ed कॉलेजों द्वारा अनेक कॉलेजों में अध्‍ययनरत अनु.जाति के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति भुगतान नहीं की गई है? विगत 3 वर्ष की जानकारी प्रदाय कराई जावे तथा ऐसे कॉलेजों को चिन्हित कर उनके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही संभव हो सकेगी? (ख) क्‍या नीलकण्‍ठ शिक्षा महाविद्यालय भिण्‍ड द्वारा B.ed सत्र 2011-12 में अध्‍ययनरत छात्रों को आरक्षित वर्ग की छात्रवृत्ति का भुगतान आज तक नहीं किया है, ऐसा क्‍यों? (ग) क्या शासन प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित कॉलेज को आरक्षित वर्ग B.ed के छात्रों को उनकी छात्रवृत्ति दिलाने हेतु निर्देशित करेगा?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) मध्यप्रदेश में 12 जिले हैं जहाँ पर प्राईवेट (मान्यता प्राप्त) बी.एड. कॉलेजों द्वारा अनेक कॉलेजों में अध्ययनरत अनु.जाति के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति भुगतान नहीं की गई है। विगत 03 वर्ष की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' पर है। (ख) भिण्ड जिले के नीलकण्ठ शिक्षा महाविद्यालय में बी.एड. वर्ष 2011-12 में अध्ययनरत छात्रों को छात्रवृत्ति के भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' पर है। (ग) प्रश्नांश '''' के उत्तर में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

हरदा छीपानेर रोड में निर्माण

53. ( क्र. 2497 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा जिले में लोक निर्माण विभाग द्वारा बनवाया गया हरदा से छीपानेर रोड की कुल लम्‍बाई व चौड़ाई कितनी है व कितनी लम्‍बाई व चौड़ाई रोड पर डामरीकरण किया गया है? (ख) अमूमन रोडों का ढलान बीच से दोनों तरफ होता है, परन्‍तु उक्‍त रोड का ढलान एक ओर होने से वह तकनीकी रूप से ठीक नहीं है जिससे उक्‍त रोड पर अभी तक विभिन्‍न दुर्घटनाओं में लगातार 24 व्‍यक्तियों की मौत हो चुकी है तो क्‍या उक्‍त रोड का वरिष्‍ठ अधिकारियों से तकनीकी परिक्षण कराया गया है। यदि हाँ, तो जाँच रिर्पोट उपलब्‍ध करावें? (ग) यदि नहीं, तो उसका क्‍या कारण है व कब तक तकनीकी परिक्षण करा लिया जावेगा? (घ) उक्‍त रोड पर ग्राम अबगाँव खुर्द के पास बना पुल टूटने से भी एक व्‍यक्ति की मौत ठेकेदार की लापरवाही से हो गई थी, उस पर क्‍या कार्यवाही की गई? यदि कार्यवाही नहीं की गई तो उसका क्‍या कारण है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) हरदा-छीपानेर मार्ग की कुल लंबाई 29.30 कि.मी. है एवं चौड़ाई 5.50 मी.+ 2.25 मी. दोनों ओर हार्ड शोल्डर कुल चौड़ाई 10 मी. है। 29.30 कि.मी. लंबाई एवं 5.50 मी. चौड़ाई में डामरीकरण कार्य किया गया है। (ख) आई.आर.सी. के मापदण्ड अनुसार डामरीकृत सतह पर सड़क के मध्य से दोनों ओर शोल्डर (पटरी) की ओर ढलान 2.5 प्रतिशत (केम्बर) रखा गया है। जहां-जहां पर कर्व पोर्शन है वहां सड़क का ढलान एक तरफ (अंदर की साइड) रखा जाता है। केम्बर के कारण किसी भी दुर्घटना या मृत्यु की जानकारी इस विभाग को नहीं हैं। तकनीकी परीक्षण की आवश्यकता नहीं हैं। जाँच रिपोर्ट का प्रश्न ही नहीं हैं। (ग) निर्माण कार्य आई.आर.सी. के मापदण्ड अनुसार कराया गया है। तकनीकी परीक्षण की आवश्यकता नहीं हैं। (घ) दिनांक 27.06.2015 को पुल सुधार हेतु लाये गये बोल्डरों को अनलोड करते समय डंपर के पलट जाने से पुल की रिटेनिंग वाल का कुछ हिस्सा टूट गया और एक व्यक्ति की मृत्यु हुई थी। विभाग एवं ठेकेदार की गलती नहीं थी। आसामयिक दुर्घटना घटित हुई। अतः कार्यवाही का प्रश्न नहीं उठता।

समस्‍याओं के निराकरण पर विचार

54. ( क्र. 2513 ) श्री राजकुमार मेव : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में उच्‍च शिक्षा/तकनीकी शिक्षा हेतु कक्षा 12 वीं के गणित विषय के विद्यार्थी द्वारा आई.आई.टी. की परीक्षा के अतिरिक्‍त अन्‍य परीक्षा एवं अन्‍य विषय कृषि, जीव विज्ञान की परीक्षा उत्‍तीर्ण कर पी.ए.टी. की प्रवेश परीक्षा उत्‍तीर्ण कर कृषि महाविद्यालय में प्रवेश ले लेते हैं? यदि हाँ, तो बतायें? नहीं तो कारण बतावें? (ख) क्‍या प्रदेश उच्‍च शिक्षा/तकनी‍की शिक्षा हेतु कक्षा 12 वी कृषि, जीव विज्ञान विषय के विद्यार्थी शास‍कीय/अर्द्ध अशासकीय महाविद्यालयों में प्रवेश हेतु मात्र पी.ए.टी. की परीक्षा उत्‍तीर्ण कर, कृषि एवं मेडीकल महाविद्यालय में से प्रवेश लेते हैं? (ग) क्‍या कक्षा 12 वीं के कृषि विषय के विद्यार्थियों के साथ न्‍याय नहीं हो रहा है? यदि हाँ, तो न्‍यायोचित प्रक्रिया पर शासन विचार कर कृषि विषय के विद्यार्थी ही पी.ए.टी की प्रवेश परीक्षा उत्‍तीर्ण कर कृषि महाविद्यालय में प्रवेश कर शिक्षा प्राप्‍त करें एवं अन्‍य विषय वाले नहीं? क्‍या ऐसे नियमों में परिवर्तन करेंगे एवं कब तक? यदि नहीं, तो कारण बतावें? (घ) क्‍या म.प्र. में पी.ए.टी. की लगभग महाविद्यालयों में 700 सीटें उपलब्‍ध रहती हैं, जिसमें से लगभग 400 सीटें गणित एवं जीव विज्ञान विषय के विद्यार्थी भी प्राप्त कर लेते हैं? जिससे कृषि संकाय विषय के विद्यार्थी उच्‍च शिक्षा से लाभ प्राप्‍त कर पाते हैं जबकि वे कृषि संकाय का ही अध्‍ययन करते हैं? यदि हाँ, तो इस नीति एवं मापदण्‍डों में परिवर्तन किया जावेगा?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। पी.ए.टी. परीक्षा हेतु प्रवेश नियम पुस्तिका की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार विद्यार्थी परीक्षा में बैठ सकते है। (घ) पी.ए.टी. परीक्षा में उक्‍त परिशिष्‍ट अनुसार विद्यार्थी परीक्षा में बैठने के पात्र हैं। गणित एवं जीव विज्ञान के आधार पर वर्गीकरण एवं सीटों की सीमा निर्धारित नहीं की जाती है। प्रवीण्‍यता सूची के आधार पर छात्रों को प्रवेश दिया जाता है। कक्षा 12वीं के विषय में उत्‍तीर्ण विद्यार्थियों को बी.टेक (कृषि अभियांत्रिकी) प्रवेश की पात्रता होती है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''चौबीस''

खेल सामग्री का वितरण

55. ( क्र. 2514 ) श्री राजकुमार मेव : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विभाग द्वारा वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक खरगोन जिले में विधानसभा क्षेत्रवार कौन-कौन सी खेल सामग्री किस-किस विद्यालय, संस्‍था, एन.जी.ओ. आदि को दी गई? (ख) विभाग द्वारा वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक खरगोन जिले में जो खेल सामग्री विद्यालय, संस्‍था, एन.जी.ओ. आदि को उपलब्‍ध कराई गई थी? क्‍या वह सामग्री वर्तमान में उपलब्‍ध है अथवा नहीं अथवा नष्‍ट हो जाने अथवा गुम हो जाने की स्थिति में सत्‍यापित सूची उपलब्‍ध करावें? (ग) विभाग द्वारा वर्ष 2013-14, 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में बच्‍चों, युवाओं हेतु कौन-कौन सी योजनाएं, खेल गतिविधियां संचालित की गई हैं? क्‍या क्रिकेट, कबड्डी को खेलों की गतिविधियों में सम्मिलित किया जावेगा? (घ) विभाग द्वारा जिले में कहाँ-कहाँ खेल मैदान तैयार किये जाने के प्रस्‍ताव हैं? क्‍या प्रगति है, कितने स्‍वीकृति, कितने कार्य पूर्ण, कितने अप्रारंभ हैं? अप्रारंभ रहने का कारण बतावें?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) विभाग द्वारा विधानसभा क्षेत्रवार खेल सामग्री का वितरण नहीं किया जाता हैं। वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक खरगोन जिले में विकासखण्डवार पायका क्रीड़ा केन्द्रों को उपलब्ध कराई गई खेल सामग्री की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जी हाँ। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। कबड्डी खेल को विभागीय गतिविधियों में सम्मिलित किया गया हैं। (घ) विभाग द्वारा वर्तमान में खरगोन जिले में खेल मैदान तैयार किये जाने के कोई भी प्रस्ताव नहीं हैं। अपितु ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग द्वारा आउटडोर ग्रामीण खेल परिसर निर्माण हेतु विधानसभा क्षेत्र भीकनगांव एवं भगवानपुरा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा कार्य प्रारंभ कर दिया गया हैं तथा विधानसभा क्षेत्र महेश्वर में प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई हैं। शेष विधानसभा क्षेत्रों में ग्रामीण खेल परिसर निर्माण के लिये भूमि का आवंटन न होने से निर्माण की कार्यवाही नहीं की गई है।

वि.खं. रतलाम अंतर्गत लोक निर्माण विभाग की सड़कें

56. ( क्र. 2522 ) श्री मथुरालाल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रतलाम विकासखण्‍ड में वर्तमान में लोक निर्माण विभाग अंतर्गत चिन्हित मार्गों जिसमें डामरीकृत ग्रेवल, कच्‍चे मार्ग इत्‍यादि समाहित हैं एवं जो कि लोक निर्माण विभाग की बुक पर इन्‍द्राज है की जानकारी जिसमें मार्ग का नाम, किमी, मार्ग की अद्यतन स्थिति हो, अवगत करावें? वि.खं. रतलाम में उक्‍त योजनांतर्गत विभाग द्वारा विगत तीन वर्षों में किन-किन सड़कों की मरम्‍मत कितनी राशि से किस-किस एजेंसी से करवाई गई है? (ख) क्‍या विभाग अंतर्गत निर्मित की गई सड़कों के रख-रखाव हेतु कोई निश्चित राशि विभाग द्वारा संबंधित जिले को प्रतिवर्ष प्रदान की जाती है? यदि हाँ, तो किन मापदण्‍डों के तहत् प्रदाय राशि का उपयोग किस प्रकार किया जाता है? यदि नहीं, तो मरम्‍मत/रख-रखाव में किया गया व्‍यय किस प्रकार किया गया है? (ग) क्‍या सड़कों के रख-रखाव/मरम्‍मत के बदले किये गये मेंटेनेंस कार्यों का भुगतान संबंधित विभाग द्वारा भौतिक सत्‍यापन उपरांत किया जाता है? किन मापदण्‍डों के तहत् किस उत्‍तरदायी अधिकारी के द्वारा कार्य का भौतिक सत्‍यापन किया जाकर संबंधित एजेंसी को भुगतान किया गया है? क्‍या किये गये कार्य का सत्‍यापन अथवा गुणवत्‍ता सिर्फ विभागीय अधिकारी अथवा विभाग द्वारा नियुक्‍त कर्मचारी की रिपोर्ट के आधार पर ही कर दिया जाता है? क्‍या उक्‍त मार्ग के निर्माण/मरम्‍मत हेतु क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि को तदानुसार सूचित किये जाने का कोई प्रावधान विभाग द्वारा नहीं किया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अ-1 एवं अनुसार म.प्र. सड़क विकास निगम द्वारा वि.. रतलाम में विगत तीन वर्षों अन्‍तर्गत रतलाम-सैलाना बासवाडा मार्ग का मरम्‍मत कार्य वर्ष 2013-14 में अनुबंध क्रमांक 45/2013 ठेकेदार जगदीश प्रसाद शर्मा से किया जाकर मरम्‍मत कार्य पर किया गया व्‍यय राशि एवं दिनांक का विवरण निम्‍नानुसार है :- (1) दिनांक 01.11.2013 राशि रू. 17,48,224 (2) दिनांक 21.02.2014 राशि रू. 7,97,169 कुल राशि रू. 25,45,393 (ख) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। वार्षिक मरम्‍मत मद अंतर्गत। (ग) जी हाँ। मध्‍यप्रदेश कार्य विभाग मेन्‍युअल में निहित प्रावधान अनुसार। जी हाँ। जी नहीं। ऐसा कोई प्रावधान नहीं होने से।

पाटन विधान सभा अंतर्गत मार्ग एवं पुलों का निर्माण

57. ( क्र. 2544 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पाटन विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत वित्‍त वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन स्‍थानों पुल एवं सड़कों के निर्माण का सर्वे कराकर कितनी-कितनी लागत की डी.पी.आर. तैयार कराई गई? (ख) प्रश्‍नांश '''' अनुसार किन-किन पुलों एवं सड़क मार्गों की डी.पी.आर. तैयार होने के पश्‍चात किन-किन के निर्माण की स्‍वीकृति किये जाने की कार्यवाही प्रचलन में है? उक्‍त निर्माण कार्य कौन-कौन सी योजना से बनाया जाना प्रस्‍तावित है? इनमें से किन-किन पुलों एवं सड़क मार्गों के निर्माण हेतु कितनी-कितनी राशि की प्रशासकीय स्‍वीकृति कब जारी की गई है? (ग) पाटन विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत लोक निर्माण एवं एम.पी.आर.डी.सी. विभाग अंतर्गत वर्तमान समय में कितनी-कितनी लागत के कौन-कौन से निर्माण कार्य किस निर्माण एजेंसी से करवाये जा रहे हैं? अनुबंध की शर्तों के अनुरूप उपरोक्‍त निर्माण कार्य कब तक पूर्ण होने थे? निर्माण में विलंब के कारण सहित जानकारी देवें? (घ) प्रश्‍नांश '''' में उल्‍लेखित निर्माण कार्यों का निरीक्षण/परीक्षण कब-कब किस अधिकारी द्वारा किया गया एवं निरीक्षण रिपोर्ट क्‍या थी? उपरोक्‍त निर्माण कार्यों के घटिया एवं गुणवत्‍ताविहीन निर्माण की कब-कब किसके द्वारा कौन-कौन सी शिकायतें प्राप्‍त हुई एवं इन प्राप्‍त शिकायतों पर क्‍या कार्यवाही की गई?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'अ-1' एवं '' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 'ब-1' अनुसार है। शिकायत से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

नियम विरूद्ध संचालित महाविद्यालय की मान्‍यता समाप्‍त करना

58. ( क्र. 2560 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नेशनल बी.एड़ कॉलेज रीवा रतहरा जिस भूमि भवन एवं परिसर में संचालित है क्‍या उसी भूमि,भवन परिसर में इंजीनियरिंग कॉलेज (जे.एन.सीटी) एवं अन्‍य कोर्स की कक्षाएं संचालित है कि जानकारी संकायवार, समय चक्र की प्रति देते हुए देवें? (ख) एक ही भवन भूमि परिसर में कितने संकायों के कॉलेज संचालित करने के शासन/विभाग के क्‍या नियम आदेश है कि जानकारी आदेश प्रति के साथ देवें तथा यह बताएं कि उक्‍त महाविद्यालयों में कॉलेज कोड 28 के तहत कितने शिक्षकीय  एवं गैर शिक्षकीय प्राध्‍यापक, सहा.प्राध्‍यापक एवं अन्‍य कर्मचारी नियुक्‍त है कि जानकारी पदवार वर्गवार, नाम,पद, योग्‍यता प्रशिक्षित अप्रशिक्षित नियुक्ति दिनांक देय वेतन वेतनमान के साथ सूची देवें? (ग) (क) (ख) के अनुसार महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकीय/गैर शिक्षकीय कर्मचारियों का वेतन नकद दिया जाता है अथवा बैंक से? (घ) यदि (क) (ख) (ग) के कॉलेजों को एक ही भवन, भूमि, परिसर में अलग-अलग पाठयक्रम के महाविद्यालय संचालित करने का नियम नहीं है तथा कॉलेज कोड 28 के तहत शिक्षकीय गैर शिक्षकीय स्‍टॉफों की नियुक्ति नहीं है तो क्‍या उक्‍त नियम विरूद्ध संचालित कॉलेजों की मान्‍यता समाप्‍त कर संचालन समिति एवं प्राचार्य के ऊपर अपराधिक प्रकरण दर्ज करायेंगे?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। नेशनल बी.एड. कॉलेज, जे.एन.सी.टी. इंजीनियरिंग कॉलेज एवं नर्सिंग कॉलेज एक ही परिसर के अलग अलग भवनों में संचालित हैं। संकायवार समय चक्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' पर है। (ख) अशासकीय महाविद्यालय संचालित करने संबंधी मार्गदर्शिका एवं संयुक्त संस्थान संबंधी राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परि​षद् (एन.सी.टी.ई.) के रेगुलेशन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' एवं '' पर है। कॉलेज कोड 28 के तहत नियुक्त शैक्षणिक, गैर शैक्षणिक एवं अन्य कर्मचारियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' पर है। (ग) इंजीनियरिंग, नर्सिंग महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकीय, गैर शिक्षकीय कर्मचारियों का वेतन उनके खाते में 'ई-भुगतान' द्वारा जमा कराया जाता है। बी.एड के अधिकारी, कर्मचारियों का वेतन नगद दिया जाता है। (घ) प्रश्नांश (क),(ख),(ग) में संचालित पाठ्यक्रमों की मान्यता उच्च शिक्षा विभाग द्वारा नहीं दी जाती है। अतः शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।

नियम़ विरूद्ध निर्माण कार्य की जाँच

59. ( क्र. 2561 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा संभाग अंतर्गत सतना, जदुआ अतरैला, चौखण्‍डी रामबाग होते हुए चाकघाट पाहुंच मार्ग की चौड़ाई अतरैला तिराहा एवं रामबाग चौराहा में कितनी है उक्‍त स्‍थनों में कैसी रोड का निर्माण कराया जा रहा है कि जानकारी रोड का स्‍टीमेट टी.एस.एस. नक्‍शा की प्रति उपलब्‍ध कराते हुए देवें ? (ख) उक्‍त रोड का निर्माण नक्‍शा एवं स्‍टीमेट में अंकित तथ्‍यों के आधार पर नहीं कराया जा रहा है तथा ठेकेदार द्वारा अतरैला तिराहा एवं रामबाग चौराहा तथा जवा बाजार, ग्राम बमहना देवरकर में रोड की चौड़ाई घटाई गयी है साथ ही जहां पी.सी.सी. का निर्माण होना था वहां डामरीकरण का कार्य कराया जा रहा है वही दूसरी और हरदुआ से अतरैला तक अत्‍यंत घटिया कार्य कराया जा रहा है? (ग) प्रश्‍नांश (क) (ख) के बिन्‍दुओं की जाँच कमिशनर रीवा अथवा कलेक्‍टर रीवा के साथ जाँच दल गठित कर प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य के समक्ष करायेंगे यदि हाँ,तो कब तक समय-सीमा बताएं? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) के कार्य का अभी तक कुल कितना भुगतान हुआ है तथा (ग) की जाँच न होने तक क्‍या उक्‍त नियम विरूद्ध कार्य का भुगतान रोकेंगे यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) अतरैला तिराहा में मार्ग की चौड़ाई 7.00 मीटर एवं रामबाग चौराहा में 7.00 मीटर है। उक्‍त दोनो स्‍थानों में कांक्रीट रोड का निर्माण किया जा रहा है। शेष पर डामरीकृत मार्ग का निर्माण 5.5 मीटर चौड़ाई में किया जा रहा है। रोड का स्‍टीमेट टी.एस.एस. संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। जी नहीं। जी नहीं। जी नहीं। (ग) कार्य मापदण्‍ड अनुसार किया जा रहा है। अत: शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होत। (घ) उत्‍तरांश अनुसार प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''पच्‍चीस''

वन विभाग की भूमि पर अवैध निर्माण

60. ( क्र. 2609 ) श्री राजेश सोनकर : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या 2 (क्र. 620) दिनांक 29.03.2016 तारांकित के जवाब में ग्राम बड़ा बागडदा के खसरा क्र. 717/1,717/2, 717/3 नजूल भूमि वन विभाग भूमि एवं अन्‍य भूमि के बीच वन विभाग द्वारा सीमांकन किया गया है? क्‍या उक्‍त खसरों के मध्‍य में कतिपय कॉलोनीनाइजरों द्वारा उक्‍त खसरों नंबर के मध्‍य पेयजल लाइन पर रोड निर्माण की स्‍वीकृति किस विभाग से ली गई? क्‍या पेयजल लाइन (यशवंत सागर) से रोड निर्माण किया जा सकता है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्‍या वन विभाग राजस्‍व विभाग व नजूल एवं अन्‍य द्वारा उक्‍त खसरों का सीमांकन कराया गया है? सड़क निर्माण किस विभाग की भूमि पर से निर्मित किया जा रहा है? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्‍या लाइन डाले जाते समय पेयजल वितरण लाइन के मेंटनेंस हेतु उक्‍त मार्ग को लाइन मेंटनेंस हेतु आरक्षित किया गया था? यदि हाँ, तो कॉलोनीनाइजरों द्वारा उक्‍त लाइन पर पक्‍की सड़क किस नियम व किस विभागीय अधिकारी की स्‍वीकृति से बनाई गई है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में क्‍या उक्‍त पेयजल लाइन निर्माण किया जाना सही है? यदि नहीं, तो पेयजल लाइन पर एवं आस-पास आरक्षित भूमि के मध्‍य अवैध सड़क निर्माण करने वाले कॉलोनीनाइजरों एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों पर कोई कार्यवाही की जायेगी?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी नहीं बल्कि आरक्षित वनखण्‍ड रमणा बिजासन कक्ष क्रमांक 58 का वन राजस्‍व का संयुक्‍त सीमांकन कराया गया। पेयजल लाइन (यशवंत सागर) के मध्‍य पूर्व से सर्विस रोड है, जिस पर मुरूम रोड निर्माण की अनुमति जोनल अधिकारी, जोन-16, नगर पालिका निगम इन्‍दौर द्वारा दी गई है। (ख) जी नहीं। मुरूम रोड संधारण नगर निगम इन्‍दौर की भूमि पर किया जा रहा है। (ग) जी हाँ। पेयजल लाइन (यशवंत सागर) के मध्‍य पूर्व से सर्विस रोड है, जिस पर मुरूम रोड निर्माण की अनुमति जोनल अधिकारी, जोन-16, नगर पालिका निगम इन्‍दौर द्वारा दी गई है। (घ) जी हाँ। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

गुना शहर में नवीन स्‍टेडियम की प्रशासकीय स्‍वीकृति

61. ( क्र. 2627 ) श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) गुना‍ जिले शहर में नवीन स्‍टेडियम निर्माण हेतु शासकीय भूमि आवंटित की गई है? यदि हाँ, तो किस स्‍थान पर कितनी भूमि अवगत करावें? (ख) क्‍या उक्‍त स्‍टेडियम निर्माण हेतु राशि प्राप्‍त हुई है? यदि हाँ, तो कितनी राशि कहाँ-कहाँ से तथा किस मद से प्राप्‍त हो चुकी है? (ग) क्‍या उक्‍त स्‍टेडियम निर्माण की तकनीकी एवं प्रशासकीय स्‍वीकृति प्राप्‍त हो चुकी है? यदि नहीं, तो क्‍यों? कब तक प्रशासकीय स्‍वीकृति प्राप्‍त होकर निर्माण कार्य प्रारंभ किया जावेगा?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) गुना शहर में नवीन स्टेडियम निर्माण हेतु ग्राम जगनपुर में शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 33 मिन रकबा 17.159 हेक्टेयर में से रकबा 6.000 हेक्टेयर भूमि खेल एवं युवा कल्याण विभाग गुना को स्टेडियम निर्माण हेतु आवंटित की गई है। (ख) जी हाँ। जिला योजना कार्यालय गुना को सांसद महोदय द्वारा 2.32 करोड़ रूपये एवं श्रीमती शोभना भरतिया राज्यसभा सदस्य द्वारा 2.50 करोड़ रूपये सांसद निधि से प्राप्त हुए है। (ग) जी नहीं। कलेक्टर, गुना द्वारा पुनरीक्षित प्रस्ताव भेजा गया है, जिसके औचित्य का परीक्षण किया जा रहा है। अतः प्रशासकीय स्वीकृति व कार्य प्रारंभ होने की निश्चित अवधि बताई जाना संभव नहीं है।

विभागीय निर्माण कार्य

62. ( क्र. 2656 ) श्री संजय उइके : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बालाघाट जिले में विभागीय निर्माण कार्यों हेतु सामग्री लोहा, सीमेंट एवं गौण खनिज हेतु निविदा आमंत्रित की जाती है? (ख) यदि हाँ, तो विगत दो वर्षों में निविदा आमंत्रण का दिनांक, सफल निविदाकार का नाम, दर निविदाकर से खरीदी की गई सामग्री की मात्रा और आपूर्तिकर्ता को भुगतान की गयी राशि की जानकारी उपलब्‍ध करावें?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

शासकीय कॉलेज खोलने हेतु

63. ( क्र. 2690 ) श्री नथनशाह कवरेती : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिन्‍दवाड़ा जिले के विधानसभा क्षेत्र जुन्‍नारदेव के नवेगांव में शासकीय कॉलेज खोलने हेतु प्रश्‍नकर्ता विधायक द्वारा माननीय मंत्री जी को दिनांक 30/01/2015 को पत्र दिया गया है? यदि हाँ, तो शासन द्वारा इस पत्र में क्‍या कार्यवाही की गई और प्रश्‍नकर्ता विधायक को इसकी सूचना प्रदाय की गई? (ख) यदि नहीं, तो क्‍योंऔर कब तक प्रश्‍नांश (क) के अनुसार कार्यवाही की जावेगी?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) उल्लेखित पत्र प्राप्त नहीं हुआ। तथापि माननीय मुख्यमंत्री जी के कार्यालय से 120/सी.एम.एस./एस.एस.आर./2016 दिनांक 25.01.2016 (ए+) में प्रकरण प्राप्त हुआ है। इसके पालन में नवेगाँव में शासकीय कॉलेज खोले जाने संबंधी प्रस्ताव तैयार कर परियोजना परीक्षण समिति के समक्ष प्रस्तुति हेतु प्रक्रियाधीन है। इस संबंध में प्रश्नकर्ता को आयुक्त उच्च शिक्षा मध्यप्रदेश के पत्र क्रमांक 804/आउशि/योजना/2016 भोपाल दिनांक 04.07.2016 द्वारा वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया है। (ख) माननीय विधायक को सूचना प्रेषित की गई है। कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

महाविद्यालय की घोषणा

64. ( क्र. 2703 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय मुख्‍य मंत्री जी द्वारा दिनांक 10 जनवरी 2016 आलोट नगर आगमन पर महाविद्यालय आलोट हेतु विज्ञान संकाय प्रारंभ किये जाने संबंधी घोषणा की गई थी। (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त घोषणा के पालन के संबंध में विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की? पूर्ण ब्‍यौरा दें और घोषणा के पालन में कब से आलोट महाविद्यालय में विज्ञान संकाय कक्षा प्रारम्‍भ की जावेगी? (ग) ताल, तहसील आलोट महाविद्यालय के भवन निर्माण के संबंध में विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई एवं भवन के निर्माण के लिए कितनी राशि स्‍वीकृत की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों एवं कब तक स्‍वीकृत होगी?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। (ख) शासकीय महाविद्यालय आलोट में विज्ञान संकाय प्रारंभ करने हेतु प्रस्ताव तैयार किया जाकर परियोजना परीक्षण समिति के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुति की प्रक्रिया में है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) तहसील आलोट के शासकीय महाविद्यालय ताल के भवन निर्माण हेतु कलेक्टर रतलाम के आदेश दिनांक 26.02.2016 द्वारा 04 हेक्टेयर भूमि आवंटित कर दी गई है। क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा उज्जैन के माध्यम से पत्र दिनांक 06.06.2016 द्वारा निर्माण ऐजेन्सी, लोक निर्माण विभाग, पी.आई.यू. रतलाम का प्राक्कलन के साथ प्रस्ताव प्राप्त हुआ है, जिसे नियमानुसार स्थायी वित्तीय समिति की सूची में शामिल कर लिया गया है भवन निर्माण के लिए राशि स्वीकृत नहीं की गई है। कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

खेल सुविधाएं

65. ( क्र. 2704 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को अवसर उपलब्‍ध कराने की दिशा में सरकार द्वारा विगत दो वर्षों में क्‍या-क्‍या कदम उठाये? पूर्ण ब्‍यौरा दें? (ख) प्रदेश के कितने जिलों में खेल स्‍टेडियम अब तक स्‍वीकृत अथवा नि‍र्मित नहीं हुए? अथवा अधूरे हैं? जिलेवार ब्‍यौरा क्‍या है? (ग) क्‍या सरकार ने बड़ी नदियों/तालाबों के समीप बसें जिलों में वाटर स्‍पोर्टस प्रारंभ करने संबंधी कोई योजना बनाई है? यदि हाँ, तो तत्‍संबंधी ब्‍यौरा क्‍या है?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) खेल प्रतिभाओं को खेल के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में विभाग द्वारा संचालित विगत दो वर्षों की गतिविधियों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रदेश के समस्त जिलों में खेल स्टेडियम निर्मित है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''छब्‍बी''

शासकीय महाविद्यालयों में प्राध्‍यापकों के रिक्‍त पद

66. ( क्र. 2726 ) श्री मनोज कुमार अग्रवाल : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बिजुरी जिला अनूपपुर में शासकीय महाविद्यालय कब से संचालित है? (ख) उक्‍त महाविद्यालय में कितने प्राध्‍यापकों के पद रिक्‍त हैं? (ग) वर्तमान में कितने प्राध्‍यापक कार्यरत हैं? (घ) क्‍या छात्र छात्राओं के बैठने हेतु फर्नीचर उपलब्‍ध है? यदि नहीं, तो कब तक फर्नीचर की व्‍यवस्‍था होगी?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) शासकीय महाविद्यालय बिजुरी जिला अनूपपुर दिनांक 01.07.2014 से संचालित है। (ख) शासकीय महाविद्यालय बिजुरी में सहायक प्राध्यापक के 05 पद रिक्त है। (ग) शासकीय महाविद्यालय बिजुरी में वर्तमान में 01 नियमित सहायक प्राध्यापक कार्यरत है। (घ) जी हाँ। शेष प्रश्नांश का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है।

शासकीय महाविद्यालय

67. ( क्र. 2727 ) श्री मनोज कुमार अग्रवाल : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कोतमा में शासकीय महाविद्यालय कब से संचालित है? (ख) कुल छात्र संख्‍या विभिन्‍न संकायों में कितनी है? (ग) क्‍या विज्ञान संकाय संचालित है? यदि हाँ, तो क्‍या विज्ञापन की शिक्षा हेतु प्रयोगशाला का उपयोग होता है, यदि नहीं, तो कब तक प्रयोगशाला विज्ञान की शिक्षा हेतु उपलब्‍ध हो जायेगी?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) दिनांक 01/04/1987 से शासकीय महाविद्यालय कोतमा संचालित है। (ख) महाविद्यालय में कला संकाय में 519, वाणिज्य संकाय में 336 एवं विज्ञान संकाय में 242 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। (ग) जी हाँ। विज्ञान की शिक्षा हेतु महाविद्यालय में प्रयोगशाला का उपयोग प्रायोगिक कार्य के लिए किया जाता है, शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।

सामान्‍य वनमण्‍डल में किए गए कार्य

68. ( क्र. 2738 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना एवं कटनी जिले के सामान्‍य वन मण्‍डल क्षेत्रान्‍तर्गत 01 जनवरी 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक केन्‍द्र एवं राज्‍य आधारित योजनाओं में कितनी-कितनी राशि किस-किस मद में किस-किस कार्य हेतु स्‍वीकृति हेतु दी गई, पृथक-पृथक विवरण दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) को स्‍वीकृत राशि में से किस-किस खसरा नम्‍बरों के किस कक्ष क्रमांक में कितनी राशि के क्‍या-क्‍या कार्य कराए गये? (ग) प्रशनांश (क) एवं (ख) में उल्‍लेखित कार्यों में की गई अनियमितताओं एवं गुणवत्‍ता खराब होने के संबंध में प्रश्‍नांकित अवधि में किन-किन के द्वारा कब-कब शिकायतें की गई है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में जाँच में दोषी पाये गये अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई विवरण देवें?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) से (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

झाबुआ जिले में वन क्षेत्र में नवीन तालाब निर्माण कार्य किया जाना

69. ( क्र. 2753 ) कुमारी निर्मला भूरिया : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) झाबुआ जिला अंतर्गत वन विभाग की भूमि पर कहाँ-कहाँ तालाब बनाये जाने हेतु उपयुक्‍त स्‍थान उपलब्‍ध है वर्तमान में विभाग द्वारा कहाँ-कहाँ तालाब निर्माण कार्य किया जाना प्रस्‍तावित किया गया है? स्‍थल सहित अवगत करावें? (ख) झाबुआ जिला अंतर्गत वन भूमि पर बीहड़ भूमि में क्‍या-क्‍या कार्य किये गये हैं। कार्य का नाम/स्‍थल का नाम व्‍यय की गई राशि का वर्ष 2013 से वर्ष 2016 तक विवरण देवें? (ग) झाबुआ जिले अंतर्गत बीहड़ भूमि/वन भूमि में क्‍या-क्‍या कार्य प्रस्‍तावित किये जा रहे है एवं वनों में हो रही अंधाधुंध कटाई को रोकने के लिए विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई व वन भूमि में कितने पौधे रोपे गये वर्ष 2013 से 2016 तक विवरण देवें? (घ) झाबुआ जिले में स्थित वन रोपणी/पौध रोपणी को अधिक विकसित करने तथा आधुनिकीकरण करने व नवीन किस्‍मों की प्रजाति के पौधे उपलब्‍ध करने की दिशा में क्‍या-क्‍या योजना है?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) झाबुआ जिला अंतर्गत वन विभाग की भूमि पर तालाब बनाये जाने हेतु उपयुक्‍त स्‍थल के संबंध में सर्वेक्षण कार्य नहीं करवाया गया है। अत: यह बता पाना संभव नहीं है कि तालाब बनाने के लिये उपयुक्‍त स्‍थल कहाँ-कहाँ उपलब्‍ध है। वर्तमान में विभाग द्वारा तालाब निर्माण कार्य हेतु कोई प्रस्‍ताव नहीं बनाया गया है। अत: स्‍थल की जानकारी दिये जाने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) वनमंडल झाबुआ अंतर्गत कार्य आयोजना अनुसार बिगड़े वनों का सुधार, जलाऊ एवं चारागाह विकास एवं वृक्षारोपण कार्य प्रस्‍तावित है। वनक्षेत्र में वन अमले सतत् वन गश्‍ती, रात्रि गश्‍त, उड़नदस्‍ता चेंकिग, टास्‍क फोर्स, मुखबिरों तथा संयुक्‍त वन प्रबंधन समितियों के सदस्‍यों की सहयोग प्राप्‍त कर अवैध कटाई पर अंकुश लगाने के सतत् प्रयास किये जोते हैं। वर्ष 2016 के रोपण कार्य प्रचलन में है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) वन रोपणी को विकसित करने एवं आधुनिकीकरण करने एवं नवीन किस्‍मों के पौधे उपलब्‍ध कराने हेतु निम्‍नानुसार कार्यों को सम्‍पादित किया जाता है :- 1. पौधा सिंचाई हेतु ओवर हेड वाटर टेंक निर्माण, ट्यूवबेल खनन कार्य। 2. पॉली हाऊस निर्माण तथा पौधों को कड़ी धूप से बचाने हेतु ग्रिन शेड का निर्माण। 3. नर्सरी बेड़ों के उन्‍नयन का कार्य। 4. बीज स्‍टोर निर्माण तथा बीज उपचार प्‍लेटफार्म निर्माण। 5. रोपणियों की आंतरित मार्ग का उन्‍नयन।

सेमदा-बरखेड़ा मार्ग तथा बदनावर चौपाटी से बैजनाथ महादेव मंदिर मार्ग निर्माण

70. ( क्र. 2764 ) श्री भंवर सिंह शेखावत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सेमदा-बरखेड़ा मार्ग कार्य प्रगति पर है, कानवन-बिडवाल के मध्‍य डामरीकृत मार्ग विगत् वर्षाकाल में ही उखड़ चुका था पुन: पेचवर्क किया गया मार्ग निर्माण मानकहीन एवं गुणवत्‍ताहीन हैं, निर्माण एजेंसी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही हुई? मार्ग निर्माण कार्य कब तक पूर्ण होगा? (ख) सेमदा-बरखेड़ा मार्ग के प्राक्‍कलन एवं मूल्‍यांकन की जानकारी देवें? (ग) बदनावर चौपाटी से बैजनाथ महादेव मंदिर फोरलेन मार्ग में घट्टिया निर्माण में अधिकारी, कर्मचारी एवं ठेकेदार से कितनी वसूली होना थी, कितनी वसूली हुई, संबंधितों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही हुई, क्‍या विभाग द्वारा जनहित में उल्‍लेखित मार्ग का पुन: निर्माण किया जावेगा? (घ) विधान सभा क्षेत्र के बदनावर एवं नागदा विश्राम गृह जीर्ण क्षीर्ण होकर Dismantle योग्‍य है, क्‍या नवीन आधुनिक विश्राम गृह तैयार किए जाने का प्रावधान है, यदि हाँ, तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। कानवन बिडवाल मार्ग के मध्‍य डामरीकृत मार्ग वि̈गत वर्षा काल में कानवन क्षेत्र में अधिक वृष्टि होने से मार्ग के उपर पानी भरा रहने से मार्ग कुछ स्‍थान पर खराब हुआ था वहाँ पर ठेकेदार द्वारा मापदण्‍डानुसार मार्ग पुन: ठीक कर दिया गया है, निर्माण एजेन्‍सी का पंजीयन 1 वर्ष हेतु दिनांक 10.09.15 को निलंबित किया गया। कार्य दिनांक 30.11.16 तक पूर्ण करने का लक्ष्‍य है। (ख) मार्ग की स्‍वीकृति लागत रू. 1344.67 लाख है एवं अभी तक किए गए कार्य का मूल्‍याकंन रू. 1176.80 लाख है। (ग) बदनावर चौपाटी से बैजनाथ मंदिर तक मार्ग में घटिया निर्माण के कारण तत्‍कालीन कार्यपालन यंत्री, अनुवि̈भागीय अधिकारी एवं उपयंत्री प्रत्‍येक से राशि रू. 3759145.00 एवं ठेकेदार से रू. 2,27,96,235/- की वसूली होनी थी। कार्यपालन यंत्री से रू. 20285.00एवं उपयंत्री से रू. 77600.00 वसूली की गई है। ठेकेदार की रू. 4324097/- राशि वि̈भाग के पास जमा है। कार्यपालन यंत्री, अनुवि̈भागीय अधिकारी एवं उपयंत्री की 2-2 वेतन वृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोकी गई तथा ठेकेदार का पंजीयन दिनांक 22.04.15 को 2 वर्ष हेतु निलंबित किया गया। पुन: निर्माण का प्रस्‍ताव परीक्षण उपरांत तैयार किया जावेगा। (घ) जी नहीं। अतएव प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

दोषियों के विरूद्ध वसूली के साथ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराना

71. ( क्र. 2768 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नोत्‍तरी दिनांक 29.03.2016 में मुद्रित परि.ता. प्रश्‍न संख्‍या 18 (क्रमांक 7014) के उत्‍तर (ग) एवं (घ) में कंसेसनायर में पाथ ओरियंटल हाइवे को ही कंसेसनायर अनुबंधानुसार वृक्षारोपण करना था तो क्‍या वृक्षारोपण का कार्य अनुबंध की शर्तों अनुसार कराया गया, तो मौके पर किस-किस प्रजाति के पौधे कितनी संख्‍या में जीवित हैं? अनुबंध में वृक्षारोपण हेतु कितनी राशि समाहित की गई थी, का पूर्ण विवरण देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में आयुक्‍त राजस्‍व रीवा संभाग रीवा को रतहरा से चोरहटा बाईपास के वृक्षारोपण न किये जाने की जाँच बाबत् प्रश्‍नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक 501/गुढ़-75/2016 दिनांक 30.04.2016 को लिखा गया, जिस पर कार्यवाही हेतु कलेक्‍टर रीवा को लेखा गया। कलेक्‍टर रीवा द्वारा वन मण्‍डल अधिकारी रीवा को जाँच हेतु अधिकृत किया गया। तो जाँच की प्रति देते हुए बतावें कि क्‍या वृक्षारोपण का कार्य अनुबंध के शर्तों के अनुसार किया गया? अगर नहीं तो क्‍यों? इसके लिए कौन-कौ