मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
दिसम्‍बर, 2016 सत्र


मंगलवार, दिनांक 06 दिसम्‍बर, 2016


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


 

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कृषक अनुदान योजना अन्‍तर्गत स्‍थापित ट्रांसफार्मर

[ऊर्जा]

1. ( *क्र. 458 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2014-15, 2015-16 में दमोह जिले के हटा, पटेरा विकासखण्‍ड में कृषक अनुदान योजना के अन्‍तर्गत कितने ट्रांसफार्मर रखे गये? कृषक का नाम पतावार जानकारी उपलब्‍ध करायें (ख) प्रश्‍नांश (क) में क्‍या उल्‍लेखित योजना अन्‍तर्गत लगाये गये वितरण ट्रांसफार्मर संबंधी ए.ई. हटा एवं जे.ई. पटेरा की लेनदेन संबंधी शिकायत प्रश्‍नकर्ता द्वारा विभागीय मंत्री को की गई थी? यदि हाँ, तो शिकायत की जांच व ए.ई. हटा जे.ई. पटेरा पर आज दिनांक तक क्‍या कार्यवाही हुई? छायाप्रति उपलब्‍ध करायें एवं कार्यवाही नहीं हुई तो कब तक होगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) दमोह जिले में कृषक अनुदान योजना के अंतर्गत हटा विकासखण्‍ड में वर्ष 2014-15 में 64 व वर्ष 2015-16 में 34 ट्रांसफार्मर रखे गये एवं पटेरा विकासखण्‍ड में वर्ष 2014-15 में 11 तथा वर्ष 2015-16 में 12 ट्रांसफार्मर रखे गये। वर्षवार, विकासखण्‍डवार, कृषक का नाम एवं पते सहित प्रश्‍नाधीन चाही गई जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'अ-1', 'अ-2', 'ब-1' एवं 'ब-2' अनुसार है। (ख) जी हाँ। शिकायत की जांच कार्यपालन अभियंता, उत्‍तर संभाग, दमोह द्वारा की गई एवं जांच प्रतिवेदन पत्र क्रमांक 330 दिनांक 18.11.2016 के माध्‍यम से अधीक्षण अभियंता (संचा./संधा.) वृत्‍त दमोह को प्रेषित किया गया है, जिसकी छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। उक्‍त जांच में श्री सुनील कुमार साहू, सहायक अभियंता हटा को प्रथम दृष्‍टया दोषी पाये जाने पर मुख्‍य अभियंता, सागर के आदेश क्रमांक 4296-97, दिनांक 25.11.2016 द्वारा उन्‍हें कार्यालय अधीक्षण अभियंता (संचा./संधा.) दमोह में स्‍थानान्‍तरित कर दिया गया है, जिसकी छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय द्वारा की गई शिकायत दिनांक 11.08.2016 की जांच में श्री संजय कुमार जैन, कनिष्‍ठ अभियंता-पटेरा के विरूद्ध कोई अनियमितता नहीं पाई गई तथापि शिकायत को दृष्टिगत रखते हुए एवं श्री संजय कुमार जैन, कनिष्‍ठ अभियंता के तीन वर्ष से पटेरा वितरण केन्‍द्र में पदस्‍थ रहने के कारण उन्‍हें वैकल्पिक व्‍यवस्‍था होने पर स्‍थानान्‍तरित कर दिया जायेगा। 

अविद्युतीकृत टोले/मजरों में विद्युतीकरण

[ऊर्जा]

2. ( *क्र. 1520 ) श्री कुंवर सिंह टेकाम : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी एवं सिंगरौली जिले के अंतर्गत विकासखण्‍ड मझौली, कुसमी एवं देवसर के अविद्युतीकृत ग्रामों के टोले-मजरों में कब तक विद्युतीकरण किया जायेगा? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में जो ग्राम पूर्व से विद्युतीकृत हैं एवं वोल्‍टेज की समस्‍या है? ऐसे ग्राम सिरौला जमुआ नं. 01 गिजवार, सिलवार, सदनिहा, नेबूहा, खड़ौरा, छोही, करमाई, नौढ़ि‍या, गंगेई देवई, चोरवा, ताला, मेड़रा, बंजारी, जोवा, दादर, मड़वास, अमहिया, परासी, डालापीपल, दरिया, सिकरा एवं दांगी एवं सिरौली में अतिरि‍क्‍त ट्रंसफार्मर लगाये जायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में संजय नेशनल पार्क के अंतर्गत 31 ग्राम जो अविद्युतीकृत हैं, उनमें विद्युतीकरण किये जाने के लिये माननीय मुख्‍य मंत्री जी के द्वारा घोषणा की गयी थी? यदि हाँ, तो विद्युतीकरण कब तक कर दिया जावेगा? (घ) क्‍या ग्राम मड़वास में 132 के.व्‍ही. के सब स्‍टेशन निर्माण किये जाने हेतु स्‍वीकृति प्रदान की गई है? यदि हाँ, तो कितनी राशि स्‍वीकृत की गई है एवं निर्माण कार्य कब शुरू किया जायेगा एवं कब तक पूर्ण कर दिया जावेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) सीधी एवं सिंगरौली जिले के अन्‍तर्गत विकासखण्‍ड मझौली, कुसमी एवं देवसर के सभी ग्राम, परम्‍परागत एवं गैर-परंपरागत ऊर्जा स्‍त्रोतों से विद्युतीकृत हैं। विकासखण्‍ड मझौली में 204 विद्युतीकृत ग्रामों के, विकासखण्‍ड कुसमी में 134 विद्युतीकृत ग्रामों के एवं विकासखण्‍ड देवसर में 222 विद्युतीकृत ग्रामों के 100 एवं 100 से अधिक आबादी वाले अविद्युतीकृत क्षेत्रों/मजरे-टोलों के विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण कर दिया गया है। शेष कार्य योग्‍य अविद्युतीकृत क्षेत्रों/मजरे-टोलों में सघन विद्युतीकरण का कार्य दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना में शामिल है। उक्‍त योजना अंतर्गत कार्य टर्न-की आधार पर कराए जाने हेतु निविदा कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, अत: वर्तमान में कार्य पूर्णता की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) समय-समय पर परीक्षण कर तकनीकी दृष्टि से साध्‍य पाये जाने पर वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धता अनुसार विद्यमान वितरण ट्रासंफार्मरों की क्षमता वृद्धि/अतिरिक्‍त ट्रांसफार्मर लगाने के कार्य किये जाते हैं। वर्तमान में प्रश्‍नांश '' में वर्णित ग्रामों में लो-वोल्‍टेज संबंधी समस्‍या परिलक्षित नहीं हुई है। स्‍थान विशेष से शिकायत प्राप्‍त होने तथा परीक्षण करने के उपरांत तकनीकी दृष्टि से साध्‍य पाये जाने पर कार्यवाही किया जाना संभव हो सकेगा। अत: वर्तमान में समय-सीमा बताने का प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में कुसमी विकासखण्‍ड में संजय नेशनल पार्क के अंतर्गत 31 ग्राम जो गैर-परम्‍परागत ऊर्जा स्‍त्रोतों से विद्युतीकृत हैं, उनका पारम्‍परिक रूप से लाईन विस्‍तार कर विद्युतीकरण किये जाने हेतु माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा की गई घोषणा के अनुसार प्राक्‍कलन अधीक्षण अभियंता (संचा./संधा.), सीधी द्वारा सहायक आयुक्‍त, आदिवासी विकास सीधी की ओर प्रेषित किया गया है एवं कलेक्‍टर, सीधी के पत्र क्रमांक 3339, दिनाँक 10.05.2016 के द्वारा स्‍वीकृत प्राक्‍कलन के विरूद्ध राशि प्रदाय हेतु प्रकरण संचालक, आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएँ म.प्र. भोपाल, को भेजा गया है। उक्‍त राशि अभी तक अप्राप्‍त है, राशि प्राप्‍त होने के उपरान्‍त विद्युतीकरण की कार्यवाही की जावेगी। (घ) मड़वास 132 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र का निर्माण जायका-II योजना के अंतर्गत वित्‍तीय सहायता प्राप्‍त कर किया जावेगा। मड़वास उपकेन्‍द्र की अनुमानित लागत रूपये 13.28 करोड़ है। इसके निर्माण हेतु निविदा प्रक्रिया प्रारंभिक चरण में है एवं इसे माह नवम्‍बर 2019 तक पूरा किया जाना प्रस्‍तावित है। 

मा. सांसद एवं विधायकों के पत्रों पर कार्यवाही

[सामान्य प्रशासन]

3. ( *क्र. 1087 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले के अंतर्गत 01 जनवरी, 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन माननीय विधायकगण एवं क्षेत्रीय सांसद द्वारा कलेक्‍टर भिण्‍ड को किस-किस संबंध में कब-कब पत्र लिखे गए एवं म.प्र. शासन, सामान्‍य प्रशासन विभाग के आदेशानुसार क्‍या प्राप्‍त सभी पत्रों की अभिस्‍वीकृति दी गई है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या माननीय विधायक एवं सांसदों के पत्रों को पंजीयन रजिस्‍टर में इन्‍द्राज किया जाता है? (ग) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या प्रश्‍नकर्ता के परिवर्तित अतारांकित प्रश्‍न संख्‍या 162 (क्र. 3081), दिनांक 18.07.2016 के उत्‍तर में दी गई जानकारी अनुसार प्रश्‍नकर्ता द्वारा लिखे गए पत्रों में की गई कार्यवाही से प्रश्‍नकर्ता को अवगत कराने की जानकारी दी गई थी? (घ) यदि हाँ, तो प्रश्‍नकर्ता के पत्रों को अवगत कराये जाने हेतु भेजे गए पत्रों की छायाप्रति उपलब्‍ध कराएं?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ, माननीय विधायक एवं क्षेत्रीय सांसद द्वारा लिखे गये सभी पत्रों की अभिस्‍वीकृति दी गई है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) एवं (ग) जी हाँ। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

चीलर बांध का पर्यटन स्‍थल के रूप में विकास

[पर्यटन]

4. ( *क्र. 630 ) श्री अरूण भीमावद : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश शासन की पर्यटन स्‍थलों को वि‍कसित करने हेतु क्‍या कार्य योजना प्रस्‍तावित है? (ख) क्‍या जिला शाजापुर मुख्‍यालय पर पर्यटन स्‍थल चीलर बांध को विकसित करने हेतु कोई कार्ययोजना लंबित है? (ग) यदि प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार लंबित है तो पर्यटन विभाग द्वारा चीलर बांध को पर्यटन स्‍थल के रूप में कब तक विकसित किया जावेगा?

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) पर्यटन स्‍थलों को विकसित करने हेतु पर्यटन नीति 2016 के अनुसार कार्यवाही की जाती है। (ख) जी नहीं। (ग) प्रश्‍नांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

लोकायुक्‍त पुलिस द्वारा रिश्‍वत लेते पकड़े गए अधिकारियों के विरूद कार्यवाही

[सामान्य प्रशासन]

5. ( *क्र. 861 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोकायुक्‍त पुलिस द्वारा रिश्‍वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए अधिकारियों के विरूद्ध निलंबन/बर्खास्‍तगी के बारे में क्‍या नियम/निर्देश हैं? क्‍या यह नियम म.प्र. के सभी शासकीय विभागों के अधिकारियों/कर्मचारियों के प्रकरणों में लागू होते हैं? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित नियम/निर्देश वाणिज्यिक कर विभाग पर लागू नहीं होते हैं? (ग) क्‍या पुलिस विभाग में पदस्‍थ कतिपय अधिकारियों/कर्मचारियों को रिश्‍वत लेते रंगे हाथ पकड़े जाने पर तत्‍काल बर्खास्‍त किया गया है, जबकि वाणिज्यिक कर विभाग में 3 लाख एवं 40 हजार की रिश्‍वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए सागर एवं इंदौर के अधिकारियों को निलंबित तक नहीं किया गया, ऐसा क्‍यों?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) रिश्‍वत लेते रंगे हाथ पकड़े जाने पर आरोपी अधिकारी/कर्मचारियों को प्रथमत: तीन कार्य दिवस के भीतर अन्‍यत्र स्‍थानांतर किये जाने के निर्देश हैं। जांच एजेन्‍सी की विवेचना उपरांत आरोपी अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध शासन द्वारा अभियोजन स्‍वीकृति के उपरांत माननीय न्‍यायालय में चालान प्रस्‍तुत किये जाने पर आरोपी अधिकारी/कर्मचारियों को निलंबित किये जाने के निर्देश हैं। माननीय न्‍यायालय द्वारा दोषसिद्धि‍ उपरांत आरोपी अधिकारी/कर्मचारियों को सेवा से पदच्‍युत अथवा पेंशन रोके जाने के निर्देश हैं। जी हाँ। (ख) जी नहीं। (ग) उत्तरांश (क) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

महिदपुर में बिना टिन नंबर एवं अन्‍य फर्मों द्वारा कर चोरी

[वाणिज्यिक कर]

6. ( *क्र. 1583 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या 186 (क्रमांक 3230), दिनांक 26.07.2016 के प्रश्‍नांश (ख) अनुसार जिन फर्मों पर कार्यवाही संस्‍थापित बतायी गयी, उन पर 10.11.2016 तक क्‍या कार्यवाही की गई है? फर्मवार पृथक-पृथक विवरण देवें (ख) इन फर्मों पर कितनी पेनल्‍टी आरोपित की गई एवं कितनी राशि वसूली गई? पृथक-पृथक बतावें अगर पेनल्‍टी वसूली नहीं हुई है तो कब तक वसूली की जावेगी? (ग) प्र.क्र. 1135, दिनांक 19.07.2016 के अनुसार सुबोध एंटरप्राईजेस ने वर्ष 2013-14 में केवल दो त्रैमास विवरण प्रस्‍तुत किए शेष विवरण विभाग ने इस प्रश्‍न दिनांक तक क्‍यों नहीं लिए? कारण बतावें कब तक ले लिए जायेंगे? (घ) प्र.क्र. 1135, दिनांक 19.07.2016 के प्रश्‍न में उल्‍लेखित फर्मों की परचेस लिस्‍ट एवं बिल बुक नहीं दी गई? कब तक उपलब्‍ध करायी जाएगी

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) प्रश्‍न संख्‍या 186 (क्रमांक 3230), दिनांक 26.07.2016 के '' अनुसार मे. न्‍यू स्‍टैंडर्ड शू पैलेस गांधीमार्ग महिदपुर द्वारा दिनांक 27.07.2016 को टिन 23419191577, मे. रंगरेज शू पेलेस, सुबायत कॉम्‍पलेक्‍स महिदपुर द्वारा दिनांक 26.07.2016 को टिन-23299191589 तथा मे. श्री कृषि सेवा केंद्र नगर पालिका कॉम्‍पलेक्‍स महिदपुर द्वारा ‍दिनांक 02.09.2016 को टिन 23089195012 प्राप्‍त कर लिया है। पंजीयन दिनांक तक उक्‍त तीनों फर्मों की बिक्री कर-दायित्‍व सीमा से कम है। मे. मनीष मावा भण्‍डार भीमा खेड़ा रोड महिदपुर एवं मे. रातड़‍िया स्‍टील फर्नीचर, शासकीय अस्‍पताल के सामने महिदपुर के प्रकरणों में कर-दायित्‍व निश्चित करने की कार्यवाही दिनांक 22-07-2016 को संस्‍थापित की गई। (ख) जिन फर्मों द्वारा पंजीयन लिया गया है, उन पर पेनल्‍टी की कोई कार्यवाही अपेक्षित नहीं है। मे. मनीष मावा भण्‍डार भीमा खेड़ा रोड महिदपुर एवं मे. रातड़‍िया स्‍टील फर्नीचर, शासकीय अस्‍पताल के सामने महिदपुर पर कर-दायित्‍व नि‍श्चित करने की कार्यवाही दिनांक 22-07-2016 को संस्‍थापित की गयी है। प्रावधान अनुसार कर-दायित्‍व एवं कर निर्धारण के पश्‍चात ही शास्ति आरोपण संभावित है। (ग) व्‍यवसाई मेसर्स सुबोध इंटरप्राईजेस द्वारा वर्ष 2013-14 के दो त्रैमासिक विवरण-पत्र प्रस्‍तुत नहीं किए गए हैं, किन्‍तु इस अवधि का कर निर्धारण किया गया है। (घ) प्रश्‍न क्रमांक 1135, दिनांक 19-07-2016 के प्रश्‍न में उल्‍लेखित फर्मों के विवरण पत्रों की छायाप्रतियां पूर्व में प्रेषित की गई हैं। विवरण पत्रों में पर्चेस की जानकारी उल्‍लेखित है। विभाग में व्‍यवसाईयों के खरीदी बिलों की छायाप्रतियां संधारित नहीं की जाती है।

वनग्राम टेकापार का विद्युतीकरण

[ऊर्जा]

7. ( *क्र. 1570 ) पं. रमेश दुबे : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आजादी के 70 वर्ष बाद भी विकासखण्‍ड बिछुआ जिला छिन्‍दवाड़ा के एक गांव वनग्राम टेकापार के अंधेरे में होने की जानकारी शासन को है? क्‍या उक्‍त शीर्षक से छिन्‍दवाड़ा जिले के स्‍थानीय समाचार पत्रों में समाचार प्रकाशित होने का मामला प्रकाश में आया था? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता भी वर्ष 2004 से वनग्राम टेकापार के विद्युतीकरण के संबंध में लगातार ऊर्जा विभाग के और आदिवासी विकास विभाग के स्‍थानीय और शासन में बैठे अधिकारियों को पत्र प्रेषित करते चले आ रहे हैं? क्‍या इस वर्ष भी प्रश्‍नकर्ता ने उक्‍त के संबंध में ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को एवं पत्र क्रमांक 105, दिनांक 26.09.2016 माननीय ऊर्जा मंत्री म.प्र. शासन को पत्र प्रेषित किया है? यदि हाँ, तो अब तक ग्राम टेकापार को विद्युतीकरण नहीं करने के क्‍या कारण हैं? (ग) क्‍या अधीक्षण यंत्री छिंदवाड़ा के द्वारा उनके कार्यालयीन पत्र क्रमांक 729, दिनांक 03.05.2016 के द्वारा वन विभाग से आवश्‍यक अनुमति प्राप्‍त कर वृ‍हद सर्वे करवाकर विद्युत उपकेन्‍द्र खमारपानी से निर्गमित चिकलापार फीडर को ग्राम जामलापानी से विस्‍तारित किया जाकर ग्राम टेकापार को विद्युतीकरण किये जाने का लेख किया गया है? (घ) यदि हाँ, तो उक्‍त पत्र पर कब तक अमल कर ग्राम टेकापार को विद्युतीकृत कर दिया जावेगा? क्‍या शासन आजादी के 70 साल बाद भी वनग्राम टेकापार के अविद्युतीकृत रहने की बात को संज्ञान में लेकर प्राथमि‍कता के तौर पर एक समय-सीमा में विद्युतीकरण कराने का आदेश देगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। जी हाँ, प्रश्‍नाधीन उल्‍लेखित पत्र प्राप्‍त हुआ है। ग्राम टेकापार वन ग्राम है तथा इस ग्राम को पूर्व में गैर परम्‍परागत ऊर्जा स्‍त्रोत से दिनांक 20.02.1994 को विद्युतीकृत किया गया था। वर्तमान में सोलर पैनल प्रणाली खराब है तथा इस ग्राम को पुन: गैर-परंपरागत ऊर्जा से विद्युतीकृत करने हेतु कार्यवाही नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के अन्‍तर्गत म.प्र. ऊर्जा विकास निगम द्वारा की जा रही है। उक्‍त ग्राम के विद्युतीकरण का कार्य पारंपरिक रूप से लाईन विस्‍तार कर विद्युतीकृत करने हेतु किसी योजना में सम्मिलित नहीं है। (ग) जी हाँ, किन्तु उत्‍तरांश (ख) में दर्शाए अनुसार प्रश्‍नाधीन ग्राम का कार्य गैर-परंपरागत ऊर्जा स्‍त्रोतों से किया जाना प्रस्‍तावित है। (घ) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में वन ग्राम टेकापार को गैर-परंपरागत ऊर्जा स्‍त्रोत से विद्युतीकृत करने की कार्यवाही नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के अन्‍तर्गत ऊर्जा विकास निगम द्वारा की जा रही है, तथापि वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। 

गंधवानी विधान सभा क्षेत्रांतर्गत विद्युतीकरण

[ऊर्जा]

8. ( *क्र. 957 ) श्री उमंग सिंघार : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले की गंधवानी विधान सभा क्षेत्र के गंधवानी, बाग एवं तिरला ब्‍लॉक के अंतर्गत राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना (आर.जी.जी.व्‍ही.वाय.) 12वां चरण अंतर्गत कितने ग्रामों में कार्य प्रस्‍तावित है तथा कितने ग्रामों में कार्य पूर्ण हो चुका है? ब्‍लॉकवार जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांकित (क) अनुसार उक्‍त योजना अंतर्गत किये गये पूर्ण, अपूर्ण एवं प्रस्‍तावित ग्रामवार एवं मजरे-टोलेवार कार्यों की प्रशासकीय स्‍वीकृति उपलब्‍ध करावें। (ग) प्रश्‍नांकित (क) अनुसार उक्‍त योजना अंतर्गत किये जाने वाले कार्यों का सर्वे कार्य कब किया गया है? किये गये सर्वे की जानकारी उपलबध करायें। (घ) प्रश्‍नांकित (क) अनुसार उक्‍त योजना का कार्य किस एजेन्‍सी के द्वारा किया जा रहा है तथा अनुबंध अनुसार संबंधित एजेन्‍सी को कार्य कब पूर्ण किया जाना था? अगर गंधवानी विधानसभा में कार्य प्रारंभ नहीं किया गया या अपूर्ण है, तो उसका कारण बतावें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) धार जिले के गंधवानी विधानसभा क्षेत्र में गंधवानी, बाग एवं तिरला विकासखण्‍डों के अंतर्गत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना (12 वाँ प्‍लान) में कुल 155 ग्रामों में योजना के प्रावधानों के अनुसार 100 एवं 100 से अधिक आबादी वाले मजरे-टोलों/बसाहटों के विद्युतीकरण सहित सघन विद्युतीकरण का कार्य प्रस्‍तावित है, जिसमें गंधवानी विकासखण्‍ड के 99, बाग विकासखण्‍ड के 49 एवं तिरला विकासखण्‍ड के 7 ग्राम सम्मिलित हैं। उक्‍त में से गंधवानी विकासखण्‍ड के 2 तथा बाग विकासखण्‍ड के 4 ग्रामों के सघन विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है। (ख) राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना (12 वाँ प्‍लान) में सम्मिलित प्रश्‍नाधीन सभी कार्यों की प्रशासकीय स्‍वीकृति के पत्र की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) उक्‍त योजना में किये जाने वाले कार्यों का सर्वे माह मार्च-2015 से अप्रैल-2015 तक किया गया था। सर्वे की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) प्रश्‍नांश "क" अनुसार उक्‍त योजना का कार्य मेसर्स यूबीटेक प्रा.लि. फरीदाबाद द्वारा किया जा रहा है। अनुबंध के अनुसार ठेकेदार एजेन्‍सी द्वारा उक्‍त कार्य दिनांक 23/02/2017 तक पूर्ण किया जाना है। गंधवानी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत उत्‍तरांश "क" में दर्शाए अनुसार कार्य प्रारंभ कर दिया गया है एवं 10 ग्रामों का कार्य प्रगति पर है, ठेकेदार एजेंसी द्वारा अनुबंध की शर्तों अनुसार कार्य किया जा रहा है, जिसे पूर्ण करने की समय-सीमा उक्‍तानुसार दिनांक 23/02/2017 तक है।

नवीन विद्युत ग्रिड की स्‍थापना

[ऊर्जा]

9. ( *क्र. 321 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ जिले के विधानसभा क्षेत्र ब्‍यावरा के अंतर्गत ग्राम संवासी (नरसिंहगढ़) एवं ग्राम आगर सहित आसपास के लगभग 20 ग्राम विद्युत निम्‍न दाब के गंभीर संकट में होने से सिंचाई कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रश्‍न क्रमांक 5827, दिनांक 18 मार्च, 2016 में उक्‍त क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति में लो-वोल्‍टेज की समस्‍या नहीं होना बताया गया था, जबकि गत वर्षों अनुसार इस वर्ष भी सभी प्रभावित ग्राम पूर्ण वोल्‍टेज के अभाव में विद्युत पंप संचालित नहीं होने से सिंचाई सुविधा का पूर्ण लाभ नहीं ले पा रहे हैं? (ग) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में यदि हाँ, तो क्‍या शासन किसानों की इस विकराल समस्‍या पर गंभीरता से विचार करते हुए उक्‍त दोनों स्‍थानों पर नवीन विद्युत ग्रिड स्‍थापित करने की स्‍वीकृति‍ प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी नहीं, प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में ऐसी कोई समस्‍या नहीं है। (ख) विगत बजट सत्र में तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 5827, ‍दिनांक 18 मार्च 2016 के संदर्भ में प्रश्‍नाधीन क्षेत्रान्‍तर्गत पर्याप्‍त वोल्‍टेज पर विद्युत प्रदाय किये जाने एवं संबद्ध भार के अनुरूप अधोसंरचना उपलब्‍ध होने की जानकारी दी गई थी। इस वर्ष भी विगत वर्ष की भांति निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पर्याप्‍त विद्युत प्रदाय किया जा रहा है तथा किसानों को पर्याप्‍त वोल्‍टेज पर विद्युत प्रदाय उपलब्‍ध करवाकर उन्‍हें सिंचाई सुविधा का पूर्ण लाभ दिया जा रहा है। (ग) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता।

सागर जिले में अवैध शराब बिक्री

[वाणिज्यिक कर]

10. ( *क्र. 1592 ) श्री हर्ष यादव : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अवैध शराब का विक्रय रोकने हेतु शासन की क्‍या नीति, नियम, निर्देश हैं? क्‍या इन नियम-‍नीतियों का पालन सागर जिले में किया जा रहा है? नहीं तो क्‍यों? संपूर्ण जिले में गांव-गांव अवैध शराब बिक्री हेतु कौन उत्‍तरदायी है? (ख) वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक सागर जिले में कहां-कहां अवैध शराब विक्रय, भण्‍डारण और आबकारी एक्‍ट अंतर्गत कितने प्रकरण दर्ज किये गए हैं? प्रकरणवार जानकारी दें इन मामलों को कब माननीय न्‍यायालयों में प्रस्‍तुत किया गया और किन-किन प्रकरणों का निराकरण कराया गया? (ग) संपूर्ण सागर जिले में गांव-गांव में बिक रही अवैध शराब, अवैध भण्‍डारण आदि के संबंध में क्‍या विभाग विशेष निर्देश देकर अभियान चलाकर समुचित कार्यवाही करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) दो वर्षों में जनता, जनप्रतिनिधियों ने किन-किन दुकानों को हटाने की मांग की है? उन पर अब तक विभाग ने क्‍या कार्यवाही की है?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) मध्‍यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 के अन्‍तर्गत अवैध शराब का विक्रय, भण्‍डारण, परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण रखे जाने हेतु अधिनियम की धारा 34 (1) (2) धारा 36, धारा 54 एवं धारा 49 में प्रावधानित है। सागर जिलान्‍तर्गत इन प्रावधानों का पालन किया जा रहा है। जिलान्‍तर्गत अनियमितता पाये जाने पर एवं प्राप्‍त सूचनाओं के आधार पर त्‍वरित कार्यवाही की जाकर प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं। (ख) सागर जिलान्‍तर्गत अवैध शराब विक्रय, भण्‍डारण और आबकारी एक्‍ट के अन्‍तर्गत विभाग द्वारा वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक 2326 प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं। पंजीबद्ध प्रकरणों में माननीय न्‍यायालय में प्रस्‍तुत किये जाने एवं माननीय न्‍यायालयों से उनका निराकरण किये जाने संबंधी कायम/निराकृत प्रकरणों की प्रकरणवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) सागर जिलान्‍तर्गत गांव-गांव में अवैध शराब विक्रय, भण्‍डारण पर प्रभावी नियंत्रण रखे जाने के उद्देश्‍य से माह अगस्‍त 2016 में दिनांक 15.08.2016 तक विशेष अभियान चलाया गया। तदंतर प्रतिमाह 10 दिवस अभियान चलाया जा रहा है। (घ) विगत दो वर्षों में जनप्रतिनिधियों एवं जनता द्वारा जिला सागर के सागर नगर स्थित देशी शराब दुकान काकागंज, तिली, विदेशी मदिरा दुकान मधुकरशाह वार्ड, देवरी क्षेत्रान्‍तर्गत देशी शराब दुकान गौरझामर, देशी शराब दुकान टडा एवं विदेशी मदिरा दुकान बीना खुरई रोड, बीना को हटाये जाने की मांग की गई। देशी मदिरा दुकान काकागंज एवं तिलीगांव का स्‍थान परिवर्तन किया गया है। उक्‍त के अतिरिक्‍त बण्‍डा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत शाला अध्‍ययन केन्‍द्र के समीप स्‍थापित देशी मदिरा दुकान बिनायका को हटाये जाने संबंधी माननीय विधायक महोदय के पत्र प्राप्‍त हुये थे, जिनमें जांच के दौरान संचालित देशी मदिरा दुकान, बिनायका निर्धारित अवस्थिति में होने एवं उक्‍त मदिरा दुकान प्रश्‍नाधीन शाला से 125 मीटर दूरी पर संचालित होने तथा इसी तारतम्‍य में ग्राम सरपंच श्रीमती दमयंती बाई एवं श्री मोहन सिंह गौड़ प्रधान अध्‍यापक, शासकीय प्राथमिक शाला बिनायका द्वारा आगामी वर्ष 2017-18 में नवीन स्‍थल पर दुकान स्‍थानांतरित किये जाने की लिखित स‍हमति दिये जाने से वर्ष की शेष अवधि हेतु यथा स्‍थान पर ही देशी मदिरा दुकान‍ बिनायका वर्तमान में संचालित है। शेष प्राप्‍त आवेदन/शिकायतों की जांच उपरांत उक्‍त मदिरा दुकानें मध्‍यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 अन्‍तर्गत बने सामान्‍य प्रयोग के नियम 1 अनुसार दुकानों के अवस्‍थापन संबंधी नियमों का पालन करते हुये निर्धारित अवस्थिति में संचालित होना पाया गया। 

परियोजना अधिकारी/पर्यवेक्षक के स्‍वीकृत/रिक्‍त पद

[महिला एवं बाल विकास]

11. ( *क्र. 155 ) श्री गोविन्‍द सिंह पटेल : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत कितने पद परियोजना अधिकारी एवं कितने पद पर्यवेक्षक के स्‍वीकृत हैं, जिसमें कितने पद भरे हुए हैं तथा कितने पद रिक्‍त हैं? क्‍या रिक्‍त पदों के कारण योजनाओं के क्रियान्‍वयन में कठिनाई नहीं हो रही है? रिक्‍त पदों की पूर्ति कब तक कर दी जाएगी? (ख) गाडरवारा विधान सभा क्षेत्र में कितने आंगनवाड़ी केन्‍द्र संचालित हैं, जिसमें कितनों के पास अपने स्‍वयं के भवन हैं तथा कितने भवन विहीन हैं? भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में भवन की व्‍यवस्‍था कब तक कर दी जाएगी? () विगत वर्ष 2014-15 में नरसिंहपुर जिले में कितने आंगनवाड़ी केन्‍द्र स्‍वीकृत हुए थे? क्‍या स्‍वीकृत सभी आंगनवाड़ी केन्‍द्रों को एक ही ब्‍लाक चावरपाठा में आवंटित कर दिया गया था? य‍ह किस नियम के तहत किये गये हैं? इसके लिये कौन अधिकारी दोषी हैं? क्‍या इसकी जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक के स्‍वीकृत भरे एवं रिक्‍त पदों की जानकारी निम्‍नानुसार है :-

क्र.

पदनाम

स्‍वीकृत

भरे

रिक्‍त

1.

परियोजना अधिकारी

02

00

02

2.

पर्यवेक्षक

11

09

02

रिक्‍त पदों का प्रभार अन्‍य अधिकारियों को सौंप कर कार्य सुचारु रुप से कराया जा रहा है। पदों की रिक्ति एवं पूर्ति निरंतर प्रक्रिया है। समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है। (ख) गाडरवारा विधानसभा क्षेत्र में कुल 272 आंगनवाड़ी केन्‍द्र संचालित हैं। जिसमें से 65 आंगनवाड़ी केन्‍द्र स्‍वयं के विभागीय भवनों में, 142 आंगनवाड़ी केन्‍द्र अन्‍य शासकीय भवनों में तथा 65 आंगनवाड़ी केन्‍द्र किराये पर (भवनविहीन) संचालित हैं। विधानसभा क्षेत्र गाडरवारा में भवनविहीन आंगनवाड़ी केन्‍द्रों के लिये विभाग द्वारा मनरेगा योजना के अभिसरण से वर्तमान तक 71 आंगनवाड़ी भवनों की स्‍वीकृति दी जा चुकी है। जिले से प्राप्‍त प्रस्‍ताव एवं उपलब्‍ध आवंटन के अनुरुप शेष भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्‍द्रों के लिये भवन निर्माण की स्‍वीकृति मनरेगा योजना के अभिसरण से आंगनवाड़ी भवन निर्माण योजना अंतर्गत दी जाना विचाराधीन है। (ग) वित्‍तीय वर्ष 2014-15 में नरसिंहपुर जिले के लिये कोई भी नवीन आंगनवाड़ी केन्‍द्र स्‍वीकृत नहीं किया गया है। अत: शेष जानकारी का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

अविद्युतीकृत ग्रामों का विद्युतीकरण

[ऊर्जा]

12. ( *क्र. 1351 ) श्री संजय शर्मा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नवम्‍बर 2016 की स्थिति में रायसेन जिले के अविद्युतीकृत ग्रामों की सूची दें, उनके विद्युतीकरण हेतु विगत एक वर्ष में माननीय मंत्री जी को किन-किन विधायकों के पत्र कब-कब प्राप्‍त हुए तथा उन पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई ? (ख) रायसेन जिले में फीडर सेपरेशन तथा राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत कौन-कौन से कार्य अपूर्ण तथा अप्रारंभ हैं? कारण बतायें। उक्‍त कार्य कब तक पूर्ण होंगे? (ग) क्‍या उक्‍त कार्य करने वाली एजेंसियों ने रायसेन जिले में संबंधित विभाग की बिना अनुमति के सड़क किनारे विद्युत पोल खड़े कर दिये गये हैं? यदि हाँ, तो क्‍यों? (घ) 10 नवम्‍बर 2016 की स्थिति में रायसेन जिले में किन-किन ग्रामों की विद्युत सप्‍लाई क्‍यों बंद कर दी गई है? किन-किन ग्रामों के ट्रांसफार्मर जले एवं खराब हैं, उनको कब तक बदला जायेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) माह नवम्‍बर-2016 की स्थिति में रायसेन जिले में 4 वन बाधित अविद्युतीकृत ग्राम हैं जो कि गैर-परंपरागत ऊर्जा स्‍त्रोतों से विद्युतीकृत करने हेतु प्रस्‍तावित हैं। इन ग्रामों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। विगत एक वर्ष में रायसेन जिले में विद्युतीकरण कार्य हेतु श्री रामपाल सिंह जी माननीय मंत्री, लोक निर्माण, विधि एवं विधायी कार्य, मध्‍य प्रदेश शासन का पत्र क्रमांक 604/2016 दिनांक 24.10.2016 प्राप्‍त हुआ है, जिसमें 19 ग्रामों/मजरे-टोलों के विद्युतीकरण बावत् लेख किया गया है। उक्‍त 19 ग्रामों/ मजरे-टोलों में से 07 ग्राम पूर्व से सौर ऊर्जा से तथा 8 ग्राम परम्‍परागत रूप से लाईन विस्‍तार कर विद्युतीकृत हैं एवं 2 अविद्युतीकृत ग्रामों को सौर ऊर्जा से विद्युतीकृत करने हेतु नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के अंतर्गत म.प्र. ऊर्जा विकास निगम को प्रस्‍ताव प्रेषित किया जा चुका है, शेष 02 अविद्युतीकृत मजरे-टोलों के विद्युतीकरण का कार्य 12वीं पंचवर्षीय योजना में स्‍वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना (वर्तमान में दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना) में प्रस्‍तावित है। उक्‍त 19 ग्रामों/मजरे-टोलों का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) फीडर सेपरेशन योजना के अंतर्गत कोई भी कार्य अपूर्ण नहीं है। 11वीं पंचवर्षीय योजना में स्‍वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में ग्रामों/मजरे-टोलों में बी.पी.एल. कनेक्‍शन देने का कार्य कर रही ठेकेदार एजेंसी मेसर्स इरा इन्‍फ्रा द्वारा कार्य में अत्‍यधिक विलंब करने के कारण मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा पत्र क्रमांक प्र.स./म.क्षे./प्रोजेक्‍ट/आर.जी.जी.व्‍ही.व्‍हाय./72, दिनांक 15.04.2015 से कांट्रेक्‍ट निरस्‍त करने के कारण कार्य अपूर्ण हैं। उक्‍त कार्य हेतु निविदा प्रक्रिया के द्वारा ठेकेदार एजेंसी मेसर्स ड्रैक एंड स्‍कल वॉटर एनर्जी इंडिया लिमिटेड को अवार्ड क्रमांक प्र.स./म.क्षे./प्रोजेक्‍ट/आर.जी.जी.व्‍ही.व्‍हाय./11वां प्‍लान/ एल.ओ.ए. रायसेन/587, दिनांक 01.07.2015 जारी कर, शेष कार्य करवाया जा रहा है। यह कार्य उक्‍त ठेकेदार एजेंसी के माध्‍यम से मार्च-2017 तक पूर्ण किये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। योजनान्‍तर्गत शेष/प्रारंभ कार्यों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र स-1 अनुसार है। 12वीं पंचवर्षीय योजना में स्‍वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकण योजना में रायसेन जिले के 100 एवं 100 से अधिक आबादी वाले मजरे-टोलों में बी.पी.एल. हितग्राहियों को विद्युत कनेक्‍शन दिये जाने के कार्य हेतु मेसर्स सेनफील्‍ड इंडिया लिमिटेड, भोपाल को मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के पत्र क्रमांक प्र.स./म.क्षे./प्रोजेक्‍ट/ आर.जी.जी.व्‍ही.व्‍हाय./12वां प्‍लान/ एल.ओ.ए. रायसेन/620 दिनांक 10.09.2014 के द्वारा अवार्ड जारी किया गया है। उक्‍त ठेकेदार एजेन्‍सी के माध्‍यम से इन कार्यों को मार्च-2017 तक पूर्ण किये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। योजनान्‍तर्गत शेष कार्यों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र स-2 अनुसार है। (ग) उक्‍त ठेकेदार एजेन्‍सी द्वारा तृतीय पक्ष निरीक्षण इकाई से समन्‍वय कर भौतिक निरीक्षण के उपरान्‍त ही विद्युत पोल खड़े करने का कार्य नियमानुसार किया जा रहा है। सिलवानी-बटेरा, सियरमउ-सुल्‍तानगंज एवं सिलवानी-गैरतगंज-उदयपुरा मार्ग पर जहां सड़क निर्माण विभाग द्वारा आपत्ति दर्ज कराई गई है, वहां पर संबंधित ठेकेदार एजेन्‍सी मेसर्स ड्रैक एंड स्‍कल वॉटर एनर्जी इंडिया लिमिटेड को विद्युत पोल हटाये जाने के समुचित निर्देश दिये गये हैं। (घ) 10 नवम्‍बर, 2016 की स्थिति में रायसेन जिले में किसी भी ग्राम की विद्युत सप्‍लाई बंद नहीं की गई है। तथापि 45 ग्रामों के 76 फेल ट्रांसफार्मरों से संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि जमा नहीं कराए जाने के कारण इन ट्रांसफार्मरों को बदला नहीं जा सका है। उक्‍त ग्रामों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। नियमानुसार संबंधित उपभोक्‍ताओं द्वारा बकाया राशि का न्‍यूनतम 40 प्रतिशत भुगतान करने या 75 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं द्वारा राशि जमा करने पर उक्‍त ट्रांसफार्मर बदले जा सकेंगे, अत: इन्‍हें बदले जाने की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। 

 

कार्य योजनान्‍तर्गत प्रस्‍तावों की स्‍वीकृतियाँ

[नर्मदा घाटी विकास]

13. ( *क्र. 1010 ) श्री सचिन यादव : क्या राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी, 2014 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक खरगोन जिले से किस-किस योजनान्‍तर्गत, कौन-कौन सी कार्य योजना का प्रस्‍ताव शासन एवं विभागीय स्‍तर पर कब-कब भेजे गए? माह अक्‍टूबर 2016 की स्थिति में कौन-कौन से प्रस्‍ताव कब-कब स्‍वीकृत किये गए? कौन-कौन से लंबित हैं एवं क्‍यों? स्‍वीकृत राशि, निर्माण एजेंसी के नाम सहित बतावें कौन-कौन से निर्माण स्‍वीकृति के पश्‍चात् अभी तक किस कारण से अप्रारंभ हैं? (ख) प्रश्‍नांकित (क) की अवधि में प्रश्‍नकर्ता द्वारा शासन एवं विभागीय स्‍तर पर नर्मदा घाटी विभाग को किस-किस कार्य एवं निर्माण हेतु भेजे गये पत्रों पर की गयी कार्यवाही से अवगत न कराये जाने के क्‍या कारण हैं? कौन-कौन से प्रस्‍ताव स्‍वीकृति‍ हेतु प्रक्रियाधीन हैं? कौन-कौन से स्‍वीकृत हैं? कार्य योजनान्‍तर्गत कार्यवार नाम सहित बतावें

राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास ( श्री लालसिंह आर्य ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

ओ.वाई.टी./कृषक अनुदान योजना का संचालन

[ऊर्जा]

14. ( *क्र. 1271 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. म.क्षे.वि.वि.कं.लि. भोपाल द्वारा कृषकों के सिंचाई पम्‍प संचालन बाबत् स्‍वयं का ट्रांसफार्मर योजना (ओ.वाई.टी.) व कृषक अनुदान योजना कब से संचालित की जा रही है? वर्ष, दिनांक सहित जानकारी दी जावे वर्तमान 2016 की क्‍या स्थिति है? (ख) स्‍वयं का ट्रांसफार्मर योजना (ओ.वाई.टी.) व कृषक अनुदान योजना में स्‍थापित विद्युत ट्रांसफार्मरों के जलने, फेल होने पर ट्रांसफार्मर बदलने की नियम, प्रक्रिया क्‍या है, पूर्ण जानकारी दी जावे? (ग) क्‍या कृषक अनुदान योजना में कृषक उपभोक्‍ताओं द्वारा स्‍थ‍ापित कराये गये विद्युत ट्रांसफार्मर के फेल होने पर ट्रांसफार्मर बदलने का काम विद्युत वितरण कंपनी स्‍वयं करती है, जबकि स्‍वयं का ट्रांसफार्मर योजना (ओ.वाई.टी.) में स्‍थापित विद्युत ट्रांसफार्मरों के फेल होने पर कृषक उपभोक्‍ताओं को स्‍वयं के व्‍यय पर ट्रांसफार्मर बदलवाना होता है? (घ) यदि हाँ, तो स्‍वयं का ट्रांसफार्मर योजना वाले कृषक उपभोक्‍ताओं के हित को ध्‍यान में रखकर विद्युत वितरण कंपनी फेल ट्रांसफार्मर बदलने का काम कृषक उपभोक्‍ताओं से न कराते हुये स्‍वयं करेगी और इस विसंगति पूर्ण, दोष पूर्ण व्‍यवस्‍था को कब तक समाप्‍त करेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) म.प्र.म.क्षे.वि.वि.‍कं.लिमि. भोपाल द्वारा कृषकों के सिंचाई पंप संचालन बाबत् ''स्‍वयं का ट्रांसफार्मर योजना'' (ओ.वाई.टी.) दिनांक 04.05.2011 एवं ''कृषक अनुदान योजना'' दिनांक 06.05.2011 से संचालित की जा रही है। दिनांक 30.09.2016 तक कृषक अनुदान योजना लागू थी। वर्तमान में ''मुख्‍यमंत्री स्‍थाई कृषि कंप कनेक्‍शन योजना'' लागू है, जिसमें ''कृषक अनुदान योजना'' समाहित कर दी गई है। ''स्‍वयं का ट्रांसफार्मर योजना'' वर्तमान में यथावत् लागू है। (ख) ''स्‍वयं का ट्रांसफार्मर योजना'' (ओ.वाई.टी.) में दिये गये प्रावधानानुसार ट्रांसफार्मर आवेदक द्वारा स्‍वंय के व्‍यय पर स्‍थापित किया जाता है। फेल/खराब होने की स्थिति में उसे बदलने की जिम्‍मेदारी स्‍वयं आवेदक की है। कृषक अनुदान योजना में स्‍थापित ट्रांसफार्मर फेल होने की स्थिति में वितरण कंपनी द्वारा ट्रांसफार्मर बदलने की कार्यवाही की जाती है, परन्‍तु इस हेतु ट्रांसफार्मर से जुड़े उपभोक्‍ताओं द्वारा बकाया राशि होने की स्थिति में बकाया राशि का 40 प्रतिशत या 75 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं द्वारा भुगतान करने पर ही नियमानुसार फेल ट्रांसफार्मर बदलने की कार्यवाही की जाती है। (ग) जी हाँ। (घ) ''स्‍वयं का ट्रांसफार्मर योजना'' (ओ.वाई.टी.) में स्‍थापित ट्रांसफार्मर आवेदक की स्‍वयं की मांग पर स्‍वयं के व्‍यय पर स्‍थापित किया जाता है। योजना के प्रावधानानुसार फेल/खराब होने की स्थिति में उसे बदलने की जिम्‍मेदारी स्‍वयं आवेदक की होती है। अत: प्रश्‍न ही नहीं उठता। 

निर्मित/निर्माणाधीन नहरों से सिंचाई हेतु पानी उपलब्‍ध कराया जाना

[नर्मदा घाटी विकास]

15. ( *क्र. 1590 ) श्री नारायण त्रिपाठी : क्या राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मैहर तहसील में सिंचाई सुविधा हेतु माननीय मुख्‍यमंत्री महोदय की घोषणा क्रमांक बी 1192 के परिपालन में नर्मदा घाटी विकास विभाग की नहरों से झुकेही से मैहर तक के ग्रामों के किसानों की कृषि भूमि को सिंचित करने के लिये अब तक क्‍या योजना बनाई गई है? इस घोषणा की पूर्ति हेतु विभाग द्वारा अब तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही पत्राचार आदि किया गया है? विवरण उपलब्‍ध करावें (ख) विभाग की नहरों से मैहर तहसील के किन-किन ग्रामों की कितनी-कितनी हेक्‍टेयर भूमि सिंचित की जा सकेगी? यह कार्य कब तक पूर्ण हो सकेगा? योजना का विस्‍तृत सर्वेक्षण कब तक करा लिया जाएगा? (ग) माननीय मुख्‍यमंत्री महोदय की घोषणा क्र. बी 0986 में मैहर देवीधाम में हरि की पौंड़ी जैसी संरचना बनाए जाने की योजना को लेकर अब तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई है? यह कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जायेगा?

राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास ( श्री लालसिंह आर्य ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। कार्य प्रगति पर है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र एवं अनुसार है। पूर्ण करने का लक्ष्‍य वर्ष 2019 तक है। सर्वेक्षण पूर्ण किया जा चुका है। (ग) राशि रूपये 4.81 करोड़ की प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी की जा चुकी है। वर्ष 2019 तक पूर्ण करना लक्षित है।

 

तहसील छतरपुर अन्‍तर्गत भूमि पर लगे प्रतिबंध को हटाया जाना

[सामान्य प्रशासन]

16. ( *क्र. 815 ) श्रीमती रेखा यादव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कार्यालय कलेक्‍टर जिला छतरपुर के पत्र आदेश क्रमांक/357/एस.टी./1991/ दिनांक 10.06.1991 में से किस संबंध में पत्र जारी किया गया था? कारण सहित बतायें। (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के अनुसार उक्‍त आदेश प्रश्‍न दिनांक तक प्रचलन में है अथवा नहीं, उल्‍लेख करें यदि नहीं, तो क्‍यों, कारण सहित बतायें?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : जी हाँ, तत्‍कालीन कलेक्‍टर द्वारा पत्र क्रमांक 357/एस.टी./ 1991 दिनांक 10 जून 1991 में उप पंजीयक छतरपुर को जारी किया गया था। जो पत्र क्रमांक 24/आर/कम्‍प्‍लेन्‍ट/68, दिनांक 13-03-1968 द्वारा तहसील छतरपुर अन्‍तर्गत ग्राम बगौता के मजरा नरसिंहगढ़ पुरवा की भूमियों पर लगे प्रतिबंध से शासकीय भूमियों को छोड़कर शेष भूमियों को मुक्‍त किये जाने के संबंध में जारी किया गया था। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

खरगोन उद्वहन सिंचाई योजना अतंर्गत पीपरी तक विद्युत लाईन की स्थिति

[नर्मदा घाटी विकास]

17. ( *क्र. 1107 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदिरा सागर परियोजना के प्रथम व द्वितीय चरण में कुल कितने हेक्‍टेयर जमीन सिंचित होनी थी और कितनी हुई? इससे वर्षवार कितना राजस्‍व प्राप्‍त हुआ? (ख) इंदिरा सागर परियोजना अतंर्गत आने वाली मुख्‍य नहरों, माइनर तथा सबमाईनर नहर बनाने वाली निर्माणकर्ता कंपनियों पर वर्ष 2005 से 2010 तक समय-समय पर कितना अर्थदण्‍ड लगाया गया है तथा कितना-कितना वसूल किया गया है और कितना वसूली योग्‍य शेष है? कंपनीवार बतायें। (ग) खरगोन उद्वहन सिंचाई योजना अतंर्गत बी.आर. 3 में पीपरी तक विद्युत लाईन की स्थिति क्‍या है, विदयुत लाईन में किस कारण से देरी हो रही है? इसके लिए किये जा रहे प्रयासों की जानकारी देवें (घ) नर्मदा घाटी विकास विभाग द्वारा वर्ष 2005 से 2010 तक कब-कब कितनी राशि अन्‍य विभागों को किन-किन कार्यों हेतु प्रदान की गई? इन कार्यों की वर्तमान स्थिति क्‍या है?

राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास ( श्री लालसिंह आर्य ) : (क) इंदिरा सागर परियोजना के प्रथम एवं द्वितीय चरण में 44,628 हेक्‍टेयर क्षेत्र सिंचित होना प्रस्‍तावित था, जिसके विरूद्ध 41,085 हेक्‍टेयर क्षेत्र में सिंचाई हुई। वर्ष 2008-09 से 2015-16 तक राजस्‍व प्राप्ति की वर्षवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) खरगोन उद्वहन सिंचाई योजना बी.आर. 3 पीपरी तक विदयुत लाईन डाले जाने का कार्य अनुबंध में प्रावधानित है। ठेकेदार द्वारा 81 प्रतिशत भौतिक और 81 प्रतिशत वित्‍तीय प्रगति प्राप्‍त की जा चुकी है तथा इससे प्रथम चरण में 9,387 तथा द्वितीय चरण में 11,202 हेक्‍टेयर में सिंचाई प्रारंभ की गई है। कुल लक्षित सिंचाई 20,889 हेक्‍टेयर जिसमें से बी.आर.1 क्षेत्र में 9,300 हेक्‍टेयर तथा बी.आर.2 क्षेत्र में 7,200 हेक्‍टेयर में सिंचाई वैकल्पिक स्‍त्रोत से विदयुत व्‍यवस्‍था कर उपलब्‍ध कराई जा रही है। ठेकेदार पर कार्य समय पर पूर्ण नहीं होने से 55.08 करोड़ की पेनल्‍टी भी लगाई जा चुकी है। (घ) कोई राशि प्रदान नहीं की गयी। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''एक''

सागर नगर/मकरोनिया क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री

[वाणिज्यिक कर]

18. ( *क्र. 1485 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सागर नगर/मकरोनिया नगरीय क्षेत्र में अवैध रूप से शराब की बिक्री के कारण असामाजिक तत्‍वों द्वारा आमजन के साथ गुण्‍डागर्दी एवं हत्‍या जैसी घटनायें हो रही हैं? कितने स्‍थानों पर अवैध शराब की बिक्री पकड़ी गयी है तथा उन पर क्‍या कार्यवाही की गयी है? (ख) क्‍या शासन अवैध शराब बिक्री रोकने के लिए लंबे समय तक चलने वाली सख्‍त एवं विशेष मुहिम चलाएगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या सागर नगर में कुछ स्‍थानों पर शराब की दुकानें नियम विरूद्ध स्‍थानों पर आवंटित/खुल गयी हैं? क्‍या सागर नगर में नियम विरूद्ध खुली शराब दुकानों को जनप्रतिनिधियों ने जनता के साथ धरना/प्रदर्शन करके दुकानें हटाने की शासन से मांग की थी? नियम विरूद्ध स्‍थानों पर खुली शराब दुकानों को जनहित में कब तक हटा दिया जायेगा?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) सागर नगर/मकरोनिया नगरीय क्षेत्र अंतर्गत अवैध शराब विक्रय के आबकारी विभाग द्वारा 87 प्रकरण एवं पुलिस विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार 193 प्रकरण कुल 280 प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं। पुलिस विभाग सागर से प्राप्त जानकारी अनुसार अवैध रूप से शराब विक्रय के कारण आमजन के साथ गुण्डागर्दी एवं हत्या जैसी कोई घटना वित्तीय वर्ष 2016-17 दौरान होना परिलक्षित नहीं हुयी है। (ख) सागर जिले अंतर्गत अवैध शराब विक्रय भण्डारण पर प्रभावी नियंत्रण रखे जाने के उदेश्‍य से कलेक्टर जिला सागर द्वारा आदेश क्रमांक 1965, दिनांक 02.08.2016 अनुसार माह अगस्त 2016 में दिनांक 15.08.2016 तक विशेष अभियान चलाया गया। तदंतर आदेश दिनांक 20.10.2016 द्वारा प्रतिमाह 10 दिवस विशेष अभियान अवैध शराब की बिक्री पर विराम लगाये जाने के उदेद्श्य से सागर नगर/मकरोनिया नगरीय क्षेत्र अंतर्गत आगामी आदेश पर्यन्त रात्रि 08.00 बजे से रात्रि 12.00 बजे तक विशेष अभियान चलाये जाने हेतु जारी किया गया है। (ग) जी नहीं। जिला सागर में कतिपय शराब दुकानों को हटाये जाने की मांग जनप्रतिनिधियों द्वारा की गई थी, जिसके अनुक्रम में देशी मदिरा दुकान काकागंज एवं तिलीगांव का स्‍थान परिवर्तन किया गया है। शेष दुकान वर्ष 2016-17 में मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 में बनाये गये सामान्य प्रयोग के नियमों के नियम-1 के अंतर्गत संचालित हैं।

सांसदों/विधायकों के पत्रों पर कार्यवाही

[सामान्य प्रशासन]

19. ( *क्र. 994 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन सामान्‍य प्रशासन विभाग के विभागीय आदेश अनुसार माननीय सांसदों/विधायकों द्वारा विभागों को प्रेषित किये जाने वाले पत्रों की अभिस्‍वीकृति व पत्रों का जवाब विभाग द्वारा दिया जाना निर्धारित किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो हरदा जिले में जल संसाधन विभाग को छोड़कर राजस्‍व विभाग सहित अन्‍य सभी विभागों द्वारा सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश का पालन नहीं किये जाने का क्‍या कारण है? (ग) प्रश्‍नकर्ता द्वारा कलेक्‍टर हरदा को 01 अप्रैल, 2014 से 31 अक्‍टूबर, 2016 तक लिखे गये पत्रों पर क्‍या कार्यवाही की गई। लिखे गये पत्रों में से किन-किन पत्रों की अभिस्‍वीकृ‍ति‍ किस-किस पत्र क्रमांक व दिनांक से प्रश्‍नकर्ता को प्रेषित की गयी है, कितने पत्रों का निराकरण कर दिया गया व किन-किन विषयांकित पत्रों पर कार्यवाही होना शेष है? (घ) क्‍या हरदा जिले में सामान्‍य प्रशासन विभाग के आदेशानुसार प्रश्‍नकर्ता को प्रेषित पत्रों की अभिस्‍वीकृति व पत्रों का प्रतिउत्‍तर समय-सीमा में दिये जाने हेतु पुन: निर्देशित किया जावेगा।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) शासन के निर्देशों का पालन किया जा रहा है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) एवं (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

मुख्यमंत्री हेल्प लाईन पर प्राप्‍त शिकायतों पर कार्यवाही

[महिला एवं बाल विकास]

20. ( *क्र. 1409 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) आई.सी.डी.एस. शहरी परियोजना नागदा की 2011 से आज तक मुख्यमंत्री हेल्प लाईन पर कितनी शिकायतें की गयीं एवं विभाग द्वारा इन शिकायतों पर क्या कार्यवाही की गयी? (ख) प्रश्‍नांश (क) परियोजना में वर्ष 2011 से 2013 तक किन-किन मदों में कितनी राशि की गड़बड़ी हुई? (ग) क्‍या तत्कालीन आहरण अधिकारी द्वारा नरेन्द्र केरोल (तत्कालीन बाबू) के पुत्र कपिल के खाते में लगभग रूपये 7.50 लाख की शासकीय राशि जमा की गयी थी, जिस बाबत् नरेन्द्र केरोल बाबू को दण्डित कर भृत्य बना दिया गया था? (घ) यदि हाँ, तो जब उक्त समस्त भुगतान तत्कालीन आहरण वितरण अधिकारी के द्वारा किया गया था, तो उन पर कार्यवाही क्‍यों नहीं की गयी? संबंधित अधिकारी पर कब तक कार्यवाही की जावेगी एवं इनसे शासकीय राशि की वसूली कर कब तक संबंधित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को भुगतान कर दी जावेगी?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) एकीकृत बाल विकास परियोजना नागदा (शहर) अंतर्गत प्रश्‍नाधीन अवधि में मुख्‍यमंत्री हेल्‍पलाईन पर कुल 24 शिकायतें प्राप्‍त हुईं। इन शिकायतों पर की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) एकीकृत बाल विकास परियोजना नागदा (शहर) अंतर्गत वर्ष 2011 एवं वर्ष 2012 में राशि की गड़बड़ी संबंधी जानकारी निरंक है। वर्ष 2013 एवं वर्ष 2014 की अवधि में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के मानदेय, आंगनवाड़ी भवन किराया, फलेक्‍सीफंड, सामग्री तथा स्‍टेशनरी क्रय, दूरभाष देयक, उषा किरण योजना, कार्यालय व्‍यय, लाड़ली लक्ष्‍मी योजना, पोषण आहार परिवहन, वाहन किराया, मजदूरी आदि मदों में कुल राशि रु. 634285/- की अनियमितता (गड़बड़ी) होना पाया गया है। (ग) नरेन्‍द्र केरोल के पुत्र कपिल के खाते में राशि रु. 258618/- जमा होना पाया गया। उपरोक्‍त अनियमितता पायी जाने पर श्री नरेन्‍द्र केरोल सहायक श्रेणी-3 को निलंबित किया जाकर विभागीय जांच संस्थित की गई, जिसमें उनको पदावनत किया गया है। (घ) वर्ष 2013 एवं 2014 की अवधि से संबंधित तत्‍कालीन आहरण वितरण अधिकारी श्री मृदुल मालवीय, बाल विकास परियोजना अधिकारी नागदा के विरुद्ध भी विभागीय जांच संस्थित किये जाने हेतु संयुक्‍त आयुक्‍त उज्‍जैन संभाग उज्‍जैन के द्वारा उनके पत्र क्रं. 5211/एफ 01-44/16/वि-2, दिनांक 17.08.2016 द्वारा विभाग को प्रस्‍ताव प्रेषित किया गया है, जिस पर कार्यवाही विचाराधीन है।

गढ़पेहरा पर्यटन क्षेत्र का विकास

[पर्यटन]

21. ( *क्र. 1446 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र नरयावली में स्थित सिद्ध धाम क्षेत्र गढ़पेहरा जिला सागर में पर्यटन विभाग द्वारा वर्ष अप्रैल 2009 से प्रश्‍न दिनांक त‍क कितने विकास एवं निर्माण कार्य की स्‍वीकृति प्रदान की गई है? (ख) स्‍वीकृत विकास कार्यों का निर्माण कार्य विभाग द्वारा किन-किन कार्य एजेंसियों से कराया गया एवं निर्माण कार्य की लागत, निर्माण की कार्य अवधि की जानकारी देवें? (ग) क्‍या स्‍वीकृत निर्माण कार्य समयावधि में पूर्ण हो गये हैं तो विभाग द्वारा इन भवनों/स्‍थल को सार्वजनिक उपयोग हेतु कब तक हस्‍तांतरित किये जायेंगे?

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) वर्ष 2012-13 में बुन्‍देलखण्‍ड मेगा सर्किट की स्‍वीकृत योजना के अंतर्गत गढ़पेहरा जिला सागर में पार्किंग, पाथवे, स्‍टेप्‍स, पब्लिक एमेनिटीज, डे-शेल्‍टर एवं विद्युतीकरण के विकास कार्य स्‍वीकृत किये गये। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार(ग) जी हाँ। हस्‍तांतरण किये जाने की कार्यवाही प्रचलन में है।

परिशिष्ट - ''दो''

लोक कल्‍याण शिविरों का आयोजन

[सामान्य प्रशासन]

22. ( *क्र. 917 ) श्री के. के. श्रीवास्‍तव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक कल्‍याण शिविरों का आयोजन किन उद्देश्‍यों को लेकर किया जाता है? क्‍या शासन स्‍तर पर इन शिविरों की कोई पूर्व से ही तिथि घोषित कर दी गई है अथवा स्‍थानीय स्‍तर पर तय करते हैं? (ख) शिविरों को आयोजित करने का समय, स्‍थान किसके परामर्श से नियत किया जाता है? क्‍या इनमें स्‍थानीय जनप्रतिनिधियों को विश्‍वास में लिया जाता है? (ग) जिला स्‍तरीय लोक कल्‍याण शिविरों में किस स्‍तर के अधिकारियों की उपस्थिति होनी चाहिये? विगत पांच माह पूर्व बड़ागांव (धसान) में आयोजित लोक कल्‍याण शिविर में कौन-कौन जिला स्‍तरीय अधिकारी उपस्थि‍त थे? पद, नाम सहित बतायें। (घ) बड़ागांव (धसान) में आयोजित उक्‍त शिविर में कितनी समस्‍याएं किन जनपदों से प्राप्‍त हुईं तथा किन-किन का त्‍वरित निराकरण हुआ? अलग-अलग जनपदवार, विभागवार हितग्राहियों के नाम, पता सहित अवगत करायें

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) लोक कल्‍याण शिविर आयोजित करने का उद्देश्‍य जनता की शिकायतों का त्‍वरित एवं सकारात्‍मक समाधान को सुनिश्चित करना एवं जनहितग्राही मूलक योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना है। जी नहीं। लोक कल्‍याण शिविर का आयोजन प्रत्‍येक विकासखण्‍ड में माह में एक बार निश्चित दिन पर किये जाने के निर्देश हैं। तद्नुसार तिथि एवं दिन का निर्धारण कलेक्‍टर द्वारा रोस्‍टर तैयार कर निर्धारित किया जाता है। (ख) समय व स्‍थान का निर्धा‍रण कलेक्‍टर द्वारा रोस्‍टर/वार्षिक कलेण्‍डर से कर स्‍थानीय जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया जाता है। (ग) जिला स्‍तरीय लोक कल्‍याण शिविर में समस्‍त विभागों के जिला स्‍तरीय अधिकारी उपस्थित होते हैं। विगत पाँच माह पूर्व बड़ागांव (धसान) में लोक कल्‍याण शिविर आयोजित नहीं किया गया है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्‍नांश '''' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

कुपोषण पर श्वेत पत्र जारी किया जाना

[महिला एवं बाल विकास]

23. ( *क्र. 700 ) श्री रामनिवास रावत : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या मान. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में भारत सरकार, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी पत्र दिनांक 24-02-2009 एवं दिनांक 05-09-2012 अनुसार प्रदेश में पोषण आहार व्यवस्था लागू की गई है? (ख) यदि हाँ, तो उक्त पत्रों में क्या निर्देश दिये गए थे? क्या दिए गए निर्देशों का अक्षरश: पालन किया गया है? यदि नहीं, तो एम.पी. एग्रो एवं ठेकेदारों के साथ ज्‍वाइंट वेंचर कंपनी बनाकर पोषण आहार सप्लाई किस आधार पर किया जा रहा है? (ग) क्या वर्ष 2016 में पोषण आहार प्रदायकर्ता ठेकेदारों/कंपनी संचालकों के ठिकानों पर डाले गए छापों में करोड़ों रूपये की काली कमाई उजागर हुई थी? यदि हाँ, तो छापे की कार्यवाही के बाद किन-किन के विरूद्ध क्या-क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों? उक्त कार्यवाही के बाद पोषण आहार प्रदाय करने वाले ठेकेदारों को कितनी राशि का भुगतान किन नियमों के तहत कब कब किया गया? (घ) क्या मान. मुख्यमंत्री जी ने कुपोषण पर श्वेत पत्र जारी करने की घोषणा की थी? यदि हाँ, तो श्वेत पत्र की प्रति पटलित करें? यदि नहीं, तो श्वेत पत्र जारी नहीं करने के क्या कारण हैं? कब तक श्वेत पत्र जारी कर दिया जावेगा?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। उक्त निर्देशों में 06 माह से 06 वर्ष तक के बच्चों को राशि रू. 6/-, गर्भवती/धात्री माताओं को राशि रू. 7/- एवं अतिकम वजन के बच्चों को राशि रू. 9/- प्रतिदिवस के मान से निर्धारित प्रोटीन/कैलोरी युक्त पूरक पोषण आहार दिए जाने के निर्देश हैं। भारत सरकार महिला बाल विकास विभाग के निर्देशों की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जी हाँ, भारत सरकार महिला बाल विकास के निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जा रहा है। भारत सरकार महिला बाल विकास के निर्देशों के अनुरूप ही पोषण आहार का वितरण कराया जा रहा है। (ग) इस आशय की कोई भी जानकारी आयकर विभाग द्वारा विभाग को उपलब्ध नहीं कराई गई है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। कार्यवाही प्रचलन में है। अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

ग्‍वालियर संभाग अंतर्गत कुपोषण से मृत्‍यु

[महिला एवं बाल विकास]

24. ( *क्र. 5 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) श्‍योपुर जिले सहित ग्‍वालियर संभाग में विगत तीन वर्षों में किन-किन जिलों में कुपोषण से कितने बच्‍चों/व्‍यक्तियों की आकस्मिक मृत्‍यु हुई? जिलेवार स्‍थान सहित संख्‍या बताई जाये। (ख) प्रश्‍नांश (क) अवधि में शासन द्वारा संभाग में किन-किन जिलों में कुपोषण की जांच करवाई गई? संभाग के किन-किन जिलों में कितने कुपोषित बच्‍चे पाए गए? जिलेवार स्‍थान सहित संख्‍या बताई जाये। (ग) शासन द्वारा कुपोषण से हुई मृत्‍यु पर जिम्‍मेदार किन-किन अधिकारियों के विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार श्योपुर जिले सहित ग्वालियर संभाग में विगत 3 वर्षों में एच.एम.आई.एस. में प्रतिवेदित विभिन्न कारणों एवं आयु में हुई मृत्यु की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है, जिससे कुपोषण से कोई मृत्यु प्रतिवेदित नहीं है। (ख) आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों के लिए गए वज़न के आधार पर वर्गीकृत पोषण स्तर की विभागीय एम.आई.एस. पर संधारित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) कुपोषण से कोई मृत्यु प्रतिवेदित नहीं हुई अतः अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही का कोई प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति विद्युतीकरण योजनांतर्गत स्‍वीकृत कार्य

[ऊर्जा]

25. ( *क्र. 1536 ) श्री गोवर्धन उपाध्‍याय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिरोंज विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत विगत दो वर्षों में दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति विद्युतीकरण योजना के तहत किन-किन ग्रामों एवं मजरा टोलों में कितने कार्य स्‍वीकृत किये गये हैं? स्‍वीकृत कार्यों में से किन-किन कार्यों के लिए कितनी-कितनी राशि का भुगतान कब-कब किया गया है? कितने कार्य पूर्ण हुए एवं कितने अपूर्ण हैं? अपूर्ण रहने का क्‍या कारण है? (ख) प्रश्‍नांश '' अनुसार उक्‍त योजना को किस एजेंसी के माध्‍यम से कराया जा रहा है, कार्य पूर्ण करने की समयावधि क्‍या थी? अपूर्ण कार्यों को कब तक पूर्ण किया जावेगा? समयावधि पूर्ण होने पर पुन: निविदाएँ आमंत्रित की जावेंगी? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) उक्‍त योजना के तहत अभी तक कितने मजरे टोले जोड़े जाने हेतु शेष हैं? कब तक जोड़े जाने की संभावना है? अनियमितता संबंधी कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं? शिकायतों की जाँच किस अधिकारी के द्वारा की जा रही है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजनान्‍तर्गत विदिशा जिले हेतु आर.ई.सी. लिमिटेड नई दिल्‍ली द्वारा रू. 36.25 करोड़ की राशि की योजना स्‍वीकृत की गई है, जिसमें सिरोंज विधानसभा क्षेत्र के 33 ग्रामों के 36 मजरे-टोलों के कार्य शामिल हैं, जिनका विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। उक्‍त योजनान्‍तर्गत कार्य टर्न-की आधार पर कराए जाने हेतु निविदा कार्यवाही प्रकियाधीन है अत: राशि के भुगतान एवं कार्य पूर्ण/अपूर्ण होने का प्रश्‍न नहीं उठता। सिरोंज विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत विगत 2 वर्ष में 11वीं पंचवर्षीय योजना में स्‍वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना (दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना में समाहित) अंतर्गत ठेकेदार एजेंसी मेसर्स श्‍याम इण्‍डस पॉवर शॉलूशन प्रा. लिमिटेड द्वारा किये कार्यों में से फीडरवार अपूर्ण कार्यों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार एवं पूर्ण किये गये कार्यों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। उक्‍त ठेकेदार एजेंसी द्वारा कार्य पूर्णता की समय-सीमा जुलाई, 2017 है। विधानसभा सिरोंज क्षेत्रान्‍तर्गत प्रश्‍नाधीन अवधि में 12वीं पंचवर्षीय योजना में स्‍वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत ठेकेदार एजेंसी मेसर्स पी.के.आई.प्रा. लिमिटेड द्वारा सभी कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं, जिसकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। सिरोंज विधानसभा क्षेत्र में 11वीं पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत स्‍वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में प्रश्‍नाधीन अवधि में कुल रू. 2.79 करोड़ एवं 12वीं पंचवर्षीय योजना में स्‍वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में कुल रू. 1.26 करोड़ की राशि का भुगतान ग्रामीण विद्युतीकरण/बी.पी.एल. कनेक्‍शन के कार्यों हेतु किया गया है, जिसका विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजनान्‍तर्गत निविदा की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत चयनित ठेकेदार एजेन्‍सी को कार्य आवंटित किया जावेगा। 11वीं पंचवर्षीय योजना में स्‍वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत पूर्व में ठेकेदार एजेंसी मेसर्स जी.एन.जी. लिमिटेड, गुड़गांव को दिनांक 23.02.2012 को अवार्ड जारी किया गया था तथा जिसे ठेकेदार एजेंसी से किये गये अनुबंध के अनुसार 22.02.2014 को पूर्ण किया जाना था, किन्‍तु कार्य संतोषजनक नहीं होने एवं अत्‍यधिक विलंब के कारण उक्‍त ठेकेदार एजेंसी का अनुबंध दिनांक 08.06.2015 को निरस्‍त कर दिया गया था एवं उक्‍त शेष कार्य हेतु पुन: निविदा प्रक्रिया उपरांत ठेकेदार एजेंसी मेसर्स श्‍याम इण्‍डस पॉवर शॉलूशन प्रा.लिमिटेड, नई दिल्‍ली को दिनांक 29.12.2015 को अवार्ड जारी किया गया है। उक्‍त शेष कार्य जुलाई 2017 तक पूर्ण कराने के प्रयास किये जा रहे हैं। 12वीं पंचवर्षीय योजना में स्‍वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत ठेकेदार मेसर्स पी.के.आई.प्रा. लिमिटेड, भोपाल द्वारा सिरोंज विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत प्रस्‍तावित सभी कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं अत: अन्‍य कोई कार्यवाही किया जाना अपेक्षित नहीं है। (ग) उत्‍तारांश (क) एवं (ख) में दर्शाए अनुसार वर्तमान में 11वीं पंचवर्षीय योजना में स्‍वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में कार्य किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत शेष कार्यों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। उक्‍त कार्य जुलाई 2017 तक पूर्ण कराने के प्रयास किये जा रहे हैं। अनियमितता संबंधी कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है। 

 

 

 






 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर

विद्युत बिलों की राशि में अनियमितता

[ऊर्जा]

1. ( क्र. 1 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर रतलाम नीमच जिलों में 1 जनवरी 2015 के पश्चात् कितने बिलों की राशि में अनियमितता को लेकर कितने व्यक्ति ने कहाँ-कहाँ शिकायत कीइनमें कितनी शिकायतों का निराकरण किया गयाकितनी राशि का संशोधन कितने बिलों में किया गया? (ख) क्या उक्त जिलों में विद्युत कम्पनी द्वारा उपभोक्ताओं को जानबूझकर मीटर खपत एवं आंकलित खपत की रीडिंग समान देकर दुगनी राशि वसूली जा रही है, जिनकी संख्या हजारों में है? इस तरह की कितनी शिकायतें उक्त अवधि में विभाग को मिली तथा कितने बिलों में मीटर खपत एवं आंकलित खपत के बिलों में संशोधन कर बिलों को आधा किया गया? (ग) प्रश्‍नांश (क) संदर्भित जिन उपभोक्ताओं की मीटर खपत एव आंकलित खपत दोनों समान बताकर बिलों को दुगना दिया गया है तथा इन उपभोक्‍ताओं ने दुगनी राशि भर भी दी है, क्या इनकी राशि अगले बिल में समायोजित कर ली जायेगी? (घ) क्‍या उक्त अनियमितता की जाँच के लिए कोई कमेटी बनाई गई है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) मंदसौर, रतलाम एवं नीमच जिलों में 01 जनवरी 2015 के पश्‍चात् कुल 15884 बिलों की राशि में त्रुटि संबंधी कुल 15884 शिकायतें पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के संबंधित वितरण केन्‍द्र कार्यालयों में प्राप्‍त हुई। इनमें से सभी 15884 शिकायतों का निराकरण करते हुए 12668 बिलों की राशि में कुल रू. 40.73 लाख का संशोधन किया गया। प्रश्‍नाधीन चाही गई जानकारी का जिलेवार एवं वितरण केन्‍द्रवार विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अ-1, अ-2 एवं अ-3 में दर्शाए अनुसार है। (ख) जी नहीं, प्रश्‍नाधीन जिलों में उपभोक्‍ताओं को जानबूझकर मीटर खपत के समान आंकलित खपत जोड़कर दोगुनी राशि के बिल जारी नहीं किये जा रहे हैं। प्रश्‍नाधीन अवधि में इस प्रकार की कोई भी शिकायत विद्युत वितरण कंपनी को प्राप्‍त नहीं हुई है, अत: बिलों को संशोधित किये जाने का प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) एवं (घ) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता। 

हताईखेड़ा एवं सरयू सरोवर में पर्यटन सुविधा

[पर्यटन]

2. ( क्र. 6 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल के गोविन्‍दपुरा विधानसभा क्षेत्र में हताईखेड़ा एवं अयोध्‍या नगर के सरयू सरोवर के विकास, निर्माण, सौन्‍दर्यीकरण में किस-किस विभाग द्वारा किस-किस मद में कितनी-कितनी धनराशि व्‍यय की गई? (ख) उक्‍त स्‍थलों के विकास में सीवेज ट्रीटमेन्‍ट प्‍लांट, वृक्षारोपण सहित क्‍या-क्‍या निर्माण एवं सौन्‍दर्यीकरण के कार्य किये गए? पृथक-पृथक बताया जाए। (ग) क्‍या नगर पालिक निगम द्वारा उक्‍त पर्यटन स्‍थलों को अपने आधिपत्‍य में लिया गया है? (घ) उक्‍त पर्यटन स्‍थलों को आम जनता के लिये कब तक प्रारंभ किया जायेगा?

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) 13 वें वित्‍त आयोग के अंतर्गत ईको टूरिज्‍म एडवेंचर विकास मद के अंतर्गत हथाईखेड़ा जिला भोपाल में राशि रूपये 55.00 लाख एवं हेरिटेज पर्यटन विकास मद में राशि रूपये 80.07 लाख इस प्रकार कुल राशि रूपये 135.07 लाख स्‍वीकृ‍त हैं तथा भारत शासन, पर्यटन मंत्रालय, नई दिल्‍ली द्वारा मेगा परिपथ भोपाल के अंतर्गत सरयू सरोवर में राशि रूपये 81.00 लाख तथा राज्‍य शासन के अंतर्गत राशि रूपये 18.00 लाख स्‍वीकृत हैं। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट पर है। (ग) हथाईखेड़ा भोपाल का अधिपत्‍य दिनांक 21.07.2016 को नगर निगम भोपाल को सौंपा गया है एवं सरयू सरोवर जिला भोपाल में मध्‍यप्रदेश राज्‍य पर्यटन विकास निगम द्वारा सम्‍पन्‍न किये गये कार्यों का अधिपत्‍य नगर निगम भोपाल को सौंपने हेतु कार्यवाही प्रचलन में है। (घ) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट- ''एक''

ई-रजिस्ट्री की शिकायतों का निराकरण

[वाणिज्यिक कर]

3. ( क्र. 19 ) श्री सुदर्शन गुप्‍ता (आर्य) : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या इन्दौर के रजिस्ट्रार कार्यालय में नागरिकों द्वारा ई-रजिस्ट्री के संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई है? यदि हाँ, तो विगत एक वर्ष में कितनी शिकायते दर्ज कराई गई है? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार प्राप्त शिकायतों में से कितनी शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है, व शेष रही शिकायतों का निराकरण कब तक कर लिया जावेगा?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जी हाँ, जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। सभी शिकायतों का निराकरण दर्ज होने के तीन दिन की समय-सीमा के भीतर किया जाना लक्षित है, जिसके अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।

परिशिष्ट- ''दो ''

पत्रों के संबंध में

[सामान्य प्रशासन]

4. ( क्र. 30 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 19 जुलाई 2016 के परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या 5 (क्र. 64) के संदर्भ में तथा खण्‍ड-7 प्रश्‍नों के पूर्ण उत्‍तर दिनांक 1 अप्रैल 2016 के तारांकित प्रश्‍न संख्‍या 2 (क्र. 6602) के संदर्भ में बताए कि 30 अक्‍टूबर तक प्रश्‍नकर्ता के पत्रों व श्री बाबूलाल यादव के शासकीय भूमि पर कब्‍जों व अन्‍य शिकायत पर कार्यवाही प्रचलन में है, बताया था तो उसमें जाँच में क्‍या प्रगति हुई? (ख) पत्रों व शिकायतों का विवरण देते हुये प्रत्‍येक प्रकरण में प्रचलन में कार्यवाही में क्‍या प्रगति हुई है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मुख्‍यमंत्री एवं मुख्‍य सचिव को भेजे गये पत्रों पर कार्यवाही

[सामान्य प्रशासन]

5. ( क्र. 31 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 19 जुलाई 2016 के परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या 5 (क्र. 64) के संदर्भ में मुख्‍यमंत्री व मुख्‍य सचिव को प्रश्‍न दिनांक तक सदन में पूछे गये प्रश्‍न एवं लिखे गये पत्रों का विवरण देते हुए बताएं कि प्रश्‍नों व उत्‍तरों पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्‍नवार, पत्रवार पृथक-पृथक विवरण देवें?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

बाल भिक्षावृत्ति

[महिला एवं बाल विकास]

6. ( क्र. 43 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बाल भिक्षावृत्ति रोकने की दिशा में महिला सशक्‍तीकरण विभाग/महिला एवं बाल विकास विभाग ने अब तक क्‍या-क्‍या योजनाएँ क्रियान्वित की हैं? तत्‍संबंधी ब्‍यौरा एवं जिलेवार दो वर्षों में चलाये गये अभियानों व कार्यवाही का ब्‍यौरा क्‍या है? (ख) बाल भिक्षावृत्ति चलाने वाले संरक्षकों पर रोकथाम हेतु किन-किन जिलों में क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई  तथा भिक्षावृत्ति में लिप्‍त बच्‍चों के जीवन सुधार हेतु उठाये गये कदमों का ब्‍यौरा क्‍या है? (ग) क्‍या सरकार ने प्रदेश में बाल भिक्षुकों का सर्वे कराया है? यदि हाँ, तो जिलेवार संख्‍या व बाल भिक्षा के कारणों की जानकारी दें।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) 2015 विधि विवादित तथा देखरेख एवं संरक्षण के जरूरतमंद बालकों को संरक्षण प्रदान करता है। भिक्षावृत्ति करने वाले बालक देखरेख एवं संरक्षण के जरूरतमंद बालकों की श्रेणी में आते है। भिक्षावृत्ति में लिप्त बालकों को शिक्षा एवं समाज की मुख्य धारा से जोड़ने तथा भिक्षावृत्ति से पृथक करने हेतु पिछले 02 वर्षों में चलाये गये अभियान का ब्यौरा पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र2 पर है। (ग) भिक्षावृत्ति करने वाले, सड़क पर कचरा बीनने वाले, नशे में लिप्त एवं सड़क पर निवास करने वाले बालकों को संरक्षण प्रदान करने एवं समाज की मुख्य धारा में जोड़ने हेतु भिक्षावृत्ति निवारण अभियान के नाम से विभाग द्वारा वर्ष 2016-17 में समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर सभी जिलों को प्रेषित की गई थी। कार्ययोजना का एक बिंदु इन बालकों का सर्वे था। भिक्षुक बालकों का अनन्य (एक्सक्लूसिव) सर्वे नहीं कराया गया है। अभियान के अन्तर्गत कराए गए सर्वे की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। बालकों द्वारा भिक्षावृत्ति करने के मुख्य कारण गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, माता-पिता द्वारा बच्चों के देखरेख न करना, माता-पिता द्वारा बच्चों से भिक्षावृत्ति करवाना एवं परम्परागत भिक्षावृत्ति आदि है।

पर्यटन व्‍यवसाय

[पर्यटन]

7. ( क्र. 45 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भारत सरकार ने मध्‍यप्रदेश को सर्वश्रेष्‍ठ पर्यटन स्‍टेट के विभिन्‍न अवार्डों से नवाजा हैयदि हाँ, तो तत्‍संबंधी पूर्ण ब्‍यौरा दें। (ख) मालवा क्षेत्र विशेषकर उज्‍जैन संभाग में पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार ने अब तक क्‍या-क्‍या योजनाएँ बनाईक्‍या-क्‍या कार्य किये? क्‍या-क्‍या भावी कार्यक्रम निर्धारित किये है? (ग) उज्‍जैन, रतलाम, मंदसौर, जिलों में पर्यटन होटल व्‍यवसाय बढ़ाने की दिशा में क्‍या शासन की कोई योजना है? यदि हाँ, तो ब्‍यौरा दें एवं नहीं तो सिंहस्‍थ, गांधीसागर बांध, अभ्‍यारण्य, रमणीक, धार्मिक, स्‍थलों के उपरांत भी इन क्षेत्रों में इस दिशा में कोई योजना क्‍‍यों नहीं है?

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार। (ख) उज्‍जैन संभाग में विभिन्‍न योजनाओ के अन्‍तर्गत पर्यटन को बढ़ावा देने की दृष्टि से किये गये विकास/निर्माण कार्य एवं प्रस्‍तावित कार्यों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' में उल्‍लेखित है। (ग) उज्‍जैन, रतलाम एवं मंदसौर जिले में पर्यटन विकास संबंधी कराये गये कार्यों एवं प्रस्‍तावित कार्यों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट- ''तीन ''

ट्रांसफार्मरों में सुरक्षा व्‍यवस्‍था

[ऊर्जा]

8. ( क्र. 71 ) श्री पुष्‍पेन्‍द्र नाथ पाठक : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लगे ट्रांसफार्मर से आमजन एवं जानवरों को सुरक्षा प्रदाय करने हेतु विभाग के क्या नियम हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुक्रम में छतरपुर जिले में ऐसे कितने एवं कहाँ-कहाँ वितरण ट्रांसफार्मर विद्यमान हैं, जो मुख्‍य मार्गों, भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों एवं अन्‍य क्षेत्रों में लगे हैं जिनमें विभागीय सुरक्षा नियम के अनुसार सुरक्षा व्‍यवस्‍था प्रश्‍न दिनांक तक पूरी नहीं हैं? (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुक्रम में उपरोक्त ट्रांसफार्मरों में सुरक्षा कब तक सुनिश्चित कर ली जायेगी।

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में केन्‍द्रीय विद्युत प्राधिकरण (विद्युत आपूर्ति एवं सुरक्षा संबंधित उपाय) विनियम, 2010 के प्रावधानों के अनुसार ट्रांसफार्मर स्‍थापित किये जाते हैं। आमजन एवं जानवरों की सुरक्षा हेतु सामान्‍यत: ट्रांसफार्मर डी.पी.स्‍ट्रक्‍चर पर सुरक्षा मापदण्‍डों के अनुरूप निर्धारित ऊंचाई पर स्‍थापित किया जाता है ताकि कोई व्‍यक्ति या जानवर ट्रांसफार्मर तक न पहुंच सके। ट्रांसफार्मर पर डी.ओ.फ्यूज लगाया जाता है ताकि आकस्मिक स्थिति में डी.ओ.फ्यूज गिरकर विद्युत प्रवाह अवरूद्ध कर सके। सुरक्षा हेतु प्रत्‍येक ट्रांसफार्मर की अर्थिंग की जाती है ताकि लीकेज होने पर भी करेण्‍ट से कोई घातक दुर्घटना न हो। विद्युत निरीक्षक द्वारा ट्रांसफार्मरों के निरीक्षण/परीक्षण का प्रावधान है। वितरण कंपनी द्वारा वर्ष में दो बार, वर्षा पूर्व वर्षा उपरान्‍त सभी ट्रांसफार्मरों का निरीक्षण, परीक्षण एवं सुधार व संधारण करने का नियम है। (ख) छतरपुर जिले में कुल 6233 वितरण ट्रांसफार्मर हैं, जिसमें से शहरी क्षेत्र, मुख्‍य मार्ग, भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र में लगभग 342 वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित है। उक्‍त सभी ट्रांसफार्मरों पर सुरक्षा व्‍यवस्‍था उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित विनियम के अनुसार पूर्ण की हुई है। (ग) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता।

सिंचाई एवं घरेलू बिजली प्रदाय

[ऊर्जा]

9. ( क्र. 103 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बिजली विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई एवं घरेलू बिजली प्रदाय हेतु अलग-अलग समय सीमा निर्धारित की गई हैं? (ख) यदि हाँ, तो कितने- कितने घंटे बिजली की आपूर्ति की जाती हैं? (ग) क्या अनेक स्थानों पर जैसे मटामर, रिठौरी, मझगवां, तिलगवां में सिंचाई हेतु थोड़े-थोड़े अंतराल पर मात्र 06 घंटे एवं घरेलू बिजली 20 घंटे दी जा रही हैं? (घ) क्या सिंचाई हेतु एक ही शिफ्ट में बिजली की आपूर्ति की जा सकती हैं? यदि हाँ, तो तत्काल आदेश जारी कराये जायें, ताकि किसानों की सिंचाई निर्बाध हो सके। यदि नहीं तो क्यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। (ख) अपरिहार्य कारणों से हुए विद्युत व्‍यवधानों की स्थिति को छोड़कर सामान्‍यत: 11 के.व्‍ही. कृषि फीडरों पर 10 घण्‍टे एवं गैर कृषि फीडरों पर 24 घण्‍टे विद्युत प्रदाय किया जाता है। (ग) जी नहीं। अपितु प्रश्‍नाधीन ग्रामों को 11 के.व्‍ही. घरेलू फीडर पर अक्‍टूबर 2016 में औसतन 22 घण्‍टे 41 मिनट एवं नवम्‍बर 2016 में 23 घण्‍टे 05 मिनट तथा 11 के.व्‍ही. कृषि फीडर पर अक्‍टूबर 2016 में औसतन 8 घण्‍टे 32 मिनट एवं नवम्‍बर 2016 में 9 घण्‍टे 15 मिनट विद्युत प्रदाय किया गया है। (घ) तकनीकी दृष्टि से एक ही शिफ्ट में कृषि फीडरों पर विद्युत प्रदाय किया जाना वर्तमान में साध्‍य नहीं है। 

 

 

ट्रांसफार्मर डिपो की स्‍थापना

[ऊर्जा]

10. ( क्र. 104 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विकासखंड पनागर में लगभग 1400 ट्रांसफार्मर लगे हैं? (ख) क्या हर दिन एक ट्रांसफार्मर खराब होता है? (ग) क्या प्रश्नांश (ख) के अधीन पनागर विधानसभा में ट्रांसफार्मर डिपो स्थापित किया जा सकता है? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) यदि नहीं तो क्या ऐसी व्यवस्था की जा सकती हैं, ताकि अवकाश के दिनों में भी ट्रांसफार्मर उपलब्ध हो सके?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) विकासखण्‍ड पनागर में 1673 वितरण ट्रांसफार्मर लगे हैं। (ख) जी नहीं। (ग) वर्तमान में पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी का क्षेत्रीय भंडार नयागाँव, जबलपुर में है तथा संचा-संधा. उप-संभाग आधारताल स्‍तर पर आवश्‍यकतानुसार ट्रांसफार्मर भंडारण किया जाता है, जिससे आवश्‍यकता के अनुरूप ट्रांसफार्मर उपलब्‍ध कराये जाते हैं, अत: पनागर विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में ट्रांसफार्मर भंडारण की आवश्‍यकता नहीं है। (घ) वर्तमान व्‍यवस्‍था अनुसार संचा/संधा. उप संभाग आधारताल स्‍तर पर ट्रांसफार्मर का भंडारण किया जाता है, जिनमें से आवश्‍यकता पड़ने पर अवकाश के दिनों में भी प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में ट्रांसफार्मर उपलब्‍ध कराए जाते हैं।

अनुदान प्राप्‍त बाल संरक्षण संस्‍थाओं के विरूद्ध कार्यवाही

[महिला एवं बाल विकास]

11. ( क्र. 120 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला राजगढ़ अन्‍तर्गत कितने बाल संरक्षण गृह संचालित हैं, जिन्‍हें शासन से वित्‍तीय अनुदान प्राप्‍त है? बाल संरक्षण गृहों का नाम एवं पता तथा वर्तमान में दर्ज बच्‍चों की संख्‍या बताएं? वित्‍तीय वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में प्रश्‍न दिनांक तक शासन/जिला स्‍तर से कितनी-कितनी वित्‍तीय सहायता राशि प्रदाय की गई? बाल संरक्षण गृहवार एवं वर्षवार राशि का ब्‍यौरा देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार जिला अंतर्गत ऐसी कितनी संस्‍थाएं हैं, जहां उनके स्‍वयं के नाम से न तो भवन है और न ही बच्‍चों को रहने की व्‍यवस्‍था है? मात्र कागजी खानापूर्ति करके घरों में संस्‍था पंजीकृत हो कर चल रहीं हैं? शासन से संस्‍था के मालिकों द्वारा अनुदान प्राप्‍त किया जाकर राशि का दुरूपयोग किया जा रहा है? विभागीय अधिकारियों द्वारा कब-कब ऐसी संस्‍थाओं का निरीक्षण किया गया? निरीक्षण करने वाले अधिकारी का नाम, निरीक्षण दिनांक एवं कितने-कितने बच्‍चे उपस्थित पाये गये? (ग) क्‍या विभाग ऐसी संस्‍थाओं जो कागजी खानापूर्ति से चल रही हैं एवं शासन का लाखों रूपये अनुदान के रूप में प्राप्‍त कर रहे हैं, उनके विरूद्ध कोई कार्यवाही करेगा? समय-सीमा से अवगत करावें? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं कारण बतावें?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) राजगढ़ जिले में अशासकीय संस्था गोपाल महिला मंडल द्वारा विशेषज्ञ दत्तकग्रहण एजेंसी (शिशु गृह) का संचालन किया जा रहा है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जिले में बाल संरक्षण हेतु शिशु गृह संचालित करने वाली एक मात्र संस्था गोपाल महिला मंडल है, जिसका किराए का भवन खुजनेर रोड राजगढ़ पर स्थित है। जिसमें नियम अनुसार 10 बच्चों को रखने की पूरी व्यवस्था है। संस्था भौतिक रूप से संचालित है, जिसकी पुष्टि विभिन्न अधिकारियों द्वारा किये गए निरीक्षण से होती है। संस्था को शासन द्वारा वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में कोई अनुदान नहीं दिया गया है। अधिकारियों द्वारा किये गए निरीक्षण एवं उपस्थित बच्चों की संख्या संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (ख) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में जानकारी निरंक है।

परिशिष्ट- ''चार''

फीडर सेपरेशन का कार्य

[ऊर्जा]

12. ( क्र. 121 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ जिले की विधानसभा क्षेत्र सारंगपुर अन्‍तर्गत विगत तीन वर्षों से प्रश्‍न दिनांक तक फीडर सेपरेशन कार्य किया जा रहा है, परंतु अभी तक कार्य पूर्ण नहीं हुआ है? कार्य अपूर्ण होने की स्थिति में वर्तमान में किस-किस फीडर पर औसतन कितने घण्‍टे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है ? फीडरवार जानकारी देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार फीडर सेपरेशन का कार्य अपूर्ण होने की दशा में रबी के सीजन में किसानों को कृषि कार्य हेतु मोटर पम्‍प चलाने हेतु 10 घण्‍टे एवं घरेलू उपभोक्‍ताओं को 24 घण्‍टे विद्युत नहीं मिलने के लिये कौन-कौन दोषी हैयदि दोषियों पर कार्यवाही नहीं की जावेगी तो क्‍यों नहीं? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार क्‍या शासन आज पर्यन्‍त तक ग्रामीण क्षेत्र में फीडर सेपरेशन का कार्य अपूर्ण रहने की स्थिति में दोषी अधिकारियों/ठेकेदारों के विरूद्ध कार्यवाही करेगा? फीडर सेपरेशन का कार्य ठेकेदार द्वारा समय-सीमा में पूर्ण नहीं करने पर किन-किन ठेकेदारों के ऑर्डर निरस्‍त किये जाकर कितनी-कितनी जमा राशि राजसात की गई? क्‍या ठेकेदारों को शासन ने ब्‍लैक लिस्‍टेड किया है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ, पूर्व में कार्यरत ठेकेदार एजेंसी द्वारा कार्य में विलंब किये जाने के कारण उसे जारी अवार्ड निरस्‍त कर सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र सहित राजगढ़ जिले के प्रश्‍नाधीन शेष कार्यों हेतु मेसर्स श्‍याम इण्‍डस पॉवर सोल्‍यूशन, दिल्‍ली को दिनांक 16.03.2016 को अवार्ड जारी किया गया है। सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र के जिन फीडरों पर वर्तमान में फीडर विभक्तिकरण का कार्य अपूर्ण है ऐसे 31 मिश्रित फीडरों पर, माह अक्‍टूबर 2016 में औसतन प्रतिदिन किये गये विद्युत प्रदाय की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश '' अनुसार फीडर विभक्तिकरण का कार्य अपूर्ण होने की स्थिति में भी रबी सीजन के दौरान कृषि फीडरों पर औसतन 9 घण्‍टे 37 मिनिट एवं घरेलू फीडरों पर औसतन 22 घंटे 40 मिनिट विद्युत प्रदाय किया गया है। कतिपय अवसरों पर अपरिहार्य कारणों से आए विद्युत व्‍यवधानों को छोड़कर वर्तमान में नियमानुसार कृषि फीडरों पर 10 घण्‍टे एवं गैर-कृषि फीडरों पर 24 घण्‍टे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। अत: किसी के दोषी होने अथवा किसी के विरूद्ध कार्यवाही करने का प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र सहित राजगढ़ जिले में फीडर विभक्तिकरण योजनान्‍तर्गत कार्य में विलंब के लिये दोषी ठेकेदार एजेंसी मेसर्स ज्‍योति स्‍ट्रक्‍चर्स लिमिटेड, मुम्‍बई का अनुबंध दिनांक 08.06.2015 को निरस्‍त कर राशि रू. 10.95 करोड़ की बैंक गारंटी राजसात कर ली गई है एवं उक्‍त ठेकेदार एजेंसी को मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के पत्र दिनांक 04.07.2015 के द्वारा ब्‍लैक लिस्‍ट कर दिया गया है। 

परिशिष्ट- ''पाँच ''

अनुविभागीय अधिकारी पर कार्यवाही

[सामान्य प्रशासन]

13. ( क्र. 141 ) श्री पन्‍नालाल शाक्‍य : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तत्‍कालीन अनुविभागीय अधिकारी श्री डी.के. जैन एवं तहसीलदार श्री वीरेन्‍द्र कटारे जो पूर्व में गुना में पदस्‍थ थे, के द्वारा फर्जी जाति प्रमाण-पत्र बनाकर सामान्‍य वर्ग को लाभांवित किया गया? बाद में ऐसे जाति प्रमाण-पत्र न्‍यायालय द्वारा निरस्‍त किये जाते हैं, परंतु उक्‍त द्वय अधिकारी पर कोई कार्यवाही नहीं हुई व शासन द्वारा ऐसे अधिकारियों की पदोन्‍नति भी कर दी गई? उनके खिलाफ कब तक कार्यवाही की जावेगी? (ख) क्‍या गुना कलेक्‍टर द्वारा 28.05.2016 के आदेश का, जो न्‍यायालय के आदेश के उपरांत जारी किया गया था, उसका पालन अनुविभागीय अधिकारी, गुना श्री दिनेश शुक्‍ला द्वारा पालन न करना न्‍यायालय और वरिष्‍ठ अधिकारियों का अपमान है? यदि हाँ, तो ऐसे अधिकारी के खिलाफ क्‍या कार्यवाही कब तक प्रस्‍तावित करेंगे?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) तत्‍कालीन अनुविभागीय अधिकारी श्री डी.के. जैन एवं तहसीलदार श्री वीरेन्‍द्र कटारे जो पूर्व में गुना में पदस्‍थ थे, के द्वारा श्री राजेन्‍द्र सिंह सलूजा को सांसी अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी किया गया था, जिसे राज्‍य स्‍तरीय अनुसूचित जाति प्रमाण पत्रों की छानबीन समिति द्वारा प्रकरण क्रमांक 247/2009 में पारित आदेश दिनांक 10/08/2011 के द्वारा निरस्‍त किया गया है। उक्‍त दोनों अधिकारियों के विरूद्ध आयुक्‍त, ग्‍वालियर संभाग, ग्‍वालियर एवं प्रमुख राजस्‍व आयुक्‍त, भोपाल द्वारा अनुशासनात्‍मक कार्यवाही की गई थी, जिसे माननीय मध्‍यप्रदेश उच्‍च न्‍यायालय, खण्‍डपीठ ग्‍वालियर की याचिका क्रमांक डब्‍ल्‍यू.पी. 4497/2013 में पारित आदेश दिनांक 06/03/2014 के आधार पर समाप्‍त किया गया है। (ख) कलेक्‍टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, गुना के पत्र क्रमांक निर्वा/एस.सी. 2/11-24/08/2007/253-254, दिनांक 28/05/2016 के द्वारा महाधिवक्‍ता, माननीय म.प्र. उच्‍च न्‍यायालय खण्‍डपीठ, ग्‍वालियर के अभिमत उपरांत श्री राजेन्‍द्र सिंह सलूजा एवं संबंधित के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने हेतु श्री दिनेश चन्‍द्र शुक्‍ला, अनुविभागीय अधिकारी, गुना को निर्देशित किया गया था। माननीय म.प्र. उच्‍च न्‍यायालय खण्‍डपीठ ग्‍वालियर द्वारा एम.सी.आर.सी. 5897/2014 एवं 6319/2014 में पारित आदेश दिनांक 28/06/2016 में यह निर्देशित किया था कि ''श्री राजेन्‍द्र सिंह सलूजा एवं अन्‍य के विरूद्ध जाति प्रमाण पत्र के संबंध में दर्ज आपराधिक प्रकरण निरस्‍त किया जाता है तथा न्‍यायालय में प्रचलित प्रोसीडिंग भी निरस्‍त की जाती है'' उच्‍च न्‍यायालय के आदेश के पालन में संबंधित के विरूद्ध प्रकरण दर्ज नहीं कराया गया। इस प्रकार श्री दिनेश चन्‍द्र शुक्‍ला, अनुविभागीय अधिकारी, गुना द्वारा माननीय न्‍यायालय और वरिष्‍ठ अधिकारियों का अपमान करना नहीं पाया जाता। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

आंगनवाड़ी/मिनी आंगनवाड़ी केन्‍द्र खोलने की प्रक्रिया

[महिला एवं बाल विकास]

14. ( क्र. 175 ) श्री अंचल सोनकर : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) आंगनवाड़ी केन्‍द्र एवं मिनी आंगनवाड़ी केन्‍द्र खोलने के क्‍या नियम है? कितनी जनसंख्‍या एवं दूरी पर आंगनवाड़ी केन्‍द्र खोलने का प्रावधान है? नियम सहित बतावें। (ख) क्‍या शासन द्वारा 5 माह पूर्व समस्‍त क्षेत्रीय विधायकों से क्षेत्र में मिनी आंगनवाड़ी एवं आंगनवाड़ी केन्‍द्र खोलने के प्रस्‍ताव मंगाये गये थे? यदि हाँ, तो मंगाये गये प्रस्‍तावों पर क्‍या प्रगति हुई एवं कब तक आंगनवाड़ी केन्‍द्रों को खोल दिया जावेगा? यदि नहीं हुई तो क्‍यों कारण बतावें? (ग) प्रश्नांश (ख) में प्रस्‍तावित आंगनवाड़ी केन्‍द्र एवं मिनी आंगनवाड़ी खोलने की स्‍वीकृति यदि शासन द्वारा दी जा चुकी है तो क्‍या शासन द्वारा शासकीय भवनों को चिन्हित कर लिया गया है अथवा किराये के भवनों में आंगनवाड़ी केन्‍द्रों को संचालित किया जावेगा? यदि हाँ, तो प्रश्‍नकर्ता के क्षेत्र में किन-किन स्‍थानों पर आंगनवाड़ी/मिनी आंगनवाड़ी केन्‍द्रों को खोलने की स्‍वीकृति प्रदान की गई है?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) भारत सरकार द्वारा आंगनवाड़ी केन्द्र/मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र स्वीकृत करने हेतु जनसंख्या के निम्नानुसार मापदण्ड निर्धारित किये गये है:-
(अ) आंगनवाड़ी केन्द्रः-1.1 ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र हेतु :- 400-800 (एक केन्द्र)
- 800-1600 (
दो केन्द्र)
- 1600- 2400 (
तीन केन्द्र)
(
इसके पश्चात् प्रति 800 की जनसंख्या पर एक केन्द्र)
1.2
आदिवासी क्षेत्र हेतु :- 300-800 (एक केन्द्र)
(ब) मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र:- 1.1 ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र हेतु:-150-400 (एक मिनी केन्द्र)
1.2
आदिवासी क्षेत्र हेतु :-150-300 (एक मिनी केन्द्र 

(ख) जी हाँ। नवीन स्वीकृत आंगनवाड़ी /मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों में पदपूर्ति की कार्यवाही प्रचलन में है। समय सीमा दिया जाना संभव नहीं है। (ग) जी हाँ। नवीन स्वीकृत आंगनवाड़ी /मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों के स्थल चयन हेतु सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देशित किया जा चुका है। प्राथमिकता के आधार पर शासकीय भवनों में संचालित करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। प्रश्नकर्ता माननीय विधायक के विधानसभा क्षेत्र में निम्नानुसार आंगनवाड़ी /मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र स्वीकृत किये गये हैः- 

परियोजना का नाम

वार्ड का नाम

स्‍वीकृत आंगनवाड़ी केन्‍द्रों की संख्‍या

स्‍वीकृत आंगनवाड़ी मिनी केन्‍द्रों की संख्‍या

एकीकृत बाल विकास परियोजना जबलपुर शहरी क्रमांक 05

ठक्‍कर ग्राम
संजय गाँधी वार्ड
सुभाष बार्ड
जाकिर हुसैन
अब्‍दुल हमीद वार्ड

02
03
01
01
01

निरंक
निरंक
निरंक
निरंक
निरंक

एकीकृत बाल विकास परियोजना जबलपुर शहरी क्रमांक 06

सिद्ध बाबा वार्ड

01

निरंक

एकीकृत बाल विकास परियोजना जबलपुर शहरी क्रमांक 04

महर्षि महेश योगी वार्ड खेरमाई वार्ड

02
निरंक

निरंक
01


विधान सभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत नहरों का निर्माण

[नर्मदा घाटी विकास]

15. ( क्र. 183 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव क्र 118 अंतर्गत वित्तवर्ष 2013-14, 2014-15, 2015-16 में क्या नहरों के मरम्मत का कार्य किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो कौन-कौन सी नहरों में क्या-क्या मरम्मत कार्य किये गये सूची उपलब्ध करावें? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार मरम्मत कार्य हेतु कितनी कितनी राशि किस-किस मद से किसे जारी की गई की सूची उपलब्ध करावें।

राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास ( श्री लालसिंह आर्य ) : (क) जी हाँ। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत डी.पी का कार्य

[ऊर्जा]

16. ( क्र. 188 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत विद्युत विभाग में कितने लाइनमेन कार्यरत हैं एवं प्रत्येक लाइनमेन के पास कितने कितने ग्राम हैं, की सूची उपलब्ध करावें। (ख) विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत विभाग के पास पर्याप्त जूनियर इंजीनियर है? यदि हाँ, तो विधानसभा क्षेत्र में किस-किस जूनियर इंजीनियर को कौन-कौन सा क्षेत्र दिया गया है? सूची उपलब्ध करावें। (ग) विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विभाग द्वारा वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में कितने ट्रांसफार्मर बदले गये एवं वर्तमान में ऐसे कितने स्थान हैं जहां आज दिनांक तक विभाग द्वारा जिन किसानों की नई डी.पी. रखने हेतु आवेदन स्वीकार किये गये उनकी संख्या कितनी है सूची उपलब्ध करावें। (घ) विभाग द्वारा स्वीकार किये गये आवेदनों की डी.पी. कब तक रख दी जावेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव के अंतर्गत 40 लाइन कर्मचारी कार्यरत हैं। जिनकी मुख्‍यालयवार, ग्रामों की संख्‍या सहित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जी हाँ। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में पदस्‍थ जूनियर इंजीनियरों की कार्य क्षेत्र सहित सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) विधान सभा क्षेत्र गोटेगांव के अंतर्गत पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा वर्ष 2015-16 में 491 एवं वर्ष 2016-17 में 465 फेल ट्रांसफार्मर बदले गये। वर्ष 2015-16 में 83 किसानों के आवेदन एवं वर्ष 2016-17 में नवम्‍बर-2016 की स्थिति में 34 किसानों के आवेदन स्‍वीकृत किये गये जिनकी वर्षवार सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (घ) आवेदकों द्वारा औपचारिकता पूर्ण करने के उपरान्‍त आर.ओ.डब्‍लू. उपलब्‍ध होने पर 150 दिवस के अन्‍दर कार्य पूर्ण कराये जाने का प्रावधान है। वर्ष 2015-16 में 83 स्‍वीकृत किये गये किसानों के आवेदन में से 34 कृषकों द्वारा औपचारिकतायें पूर्ण की गई, जिनमें से 33 कृषकों के कार्य पूर्ण कर दिये गये 01 किसान द्वारा औपचारिकतायें पूर्ण विलम्‍ब से किये जाने के कारण दिनांक 19.11.2016 को कार्यादेश जारी हुआ है। वर्ष 2016-17 में 34 किसानों के आवेदन स्‍वीकृत किये गये हैं, जिनमें से 11 किसानों द्वारा औप‍चारिकतायें पूर्ण की गई। इन सभी 11 किसानों के कार्य पूर्ण कर दिये गये हैं। शेष 23 कृषकों द्वारा औपचारिकतायें पूर्ण करने के उपरान्‍त वरीयता क्रम में निर्धारित समय-सीमा में 150 दिवस के अन्‍दर कार्य पूर्ण कर दिए जावेंगे। 

कर्मचारियों का स्‍थानांतरण

[सामान्य प्रशासन]

17. ( क्र. 210 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियाँ : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या 2015 एवं 2016 में  प्रश्‍नकर्ता की अनुशंसा पर प्रभारी मंत्री दतिया के यहां से कर्मचारियों के स्‍थानांतरण पत्र कलेक्‍टर दतिया को पत्र भेजे गये? यदि हाँ, तो पत्रों की छायाप्रति उपलब्‍ध कराई जाए? (ख) उपरोक्‍त स्‍थानांतरण पत्रों के परिपालन में कितने कर्मचारियों के स्‍थानांतरण आदेश जारी किये गए और कितने कर्मचारियों के स्‍थानांतरण आदेश जारी नहीं हुए? जानकारी विधानसभावार, कर्मचारीवार दी जाऐ? (ग) प्रभारी मंत्री के अनुमोदन स्‍थानांतरण पत्रों के परिपालन में यदि स्‍थानांतरण नहीं किए गये तो क्‍यों नहीं किये गये? स्‍थानांतरण पत्रों में उल्‍लेखित कर्मचारियों के स्‍थानांतरण न करने का कारण सहित जानकारी दी जाये?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। भेजे गये पत्रों की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश '''' अनुसार प्राप्‍त स्‍थानांतरण पत्रों में से किसी भी कर्मचारी के स्‍थानांतरण आदेश जारी नहीं किये गये। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) शासन द्वारा जारी स्‍थानांतरण नीति अनुसार माननीय प्रभारी मंत्री से प्राप्‍त पत्रों की समीक्षा एवं चर्चा उपरांत वर्ष 2015 में श्री दिनेश चौरसिया, दतिया से टीकमगढ़ एवं श्री प्रकाश कौशिक टीकमगढ़ से दतिया, श्री देवेन्‍द्र सिंह दांगी, श्री धमेन्‍द्र प्रजापति, डॉ. बी.एम. शर्मा के स्‍थानांतरण प्रस्‍ताव शासन स्‍तर के होने से जिले द्वारा नहीं किये गये। शेष आवेदनों पर जिला स्‍थानांतरण बोर्ड में चर्चा उपरांत स्‍थानांतरण आदेश जारी नहीं किये गये। श्री हरनारायण साहू, श्री कप्‍तान सिंह कौरव, श्रीमती मंजू अहिरवार, श्री अरूण कुमार दूर्वार का जिला स्‍थानांतरण बोर्ड में चर्चा उपरांत स्‍थानांतरण आदेश जारी नहीं किये गये। इसी प्रकार वर्ष 2016 में 02 कर्मचारी श्री आलोक कुमार खरकया एवं ओमप्रकाश जोशी शिक्षक पट्टी के स्‍थानांतरण करने संबंधी नाम मान. प्रभारी मंत्रीजी की सूची में प्राप्‍त हुए थे जिन पर संबंधित विभाग से अभिमत चाहा गया था। स्‍थानांतरण नीति वर्ष 2016-17 में 1 अगस्‍त, 2016 से 16 अगस्‍त, 2016 तक स्‍थानांतरण पर प्रतिबंध शिथिल किया गया था। नियत अवधि में स्‍थानांतरण प्रस्‍ताव नियत प्रारूप पर प्राप्‍त न होने से स्‍थानांतरण नहीं किये।

जनप्रतिनिधियों के पत्रों पर कार्यवाही

[सामान्य प्रशासन]

18. ( क्र. 211 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियाँ : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जनवरी 2014 से अक्‍टूबर 2016 तक दतिया जिले के विधायकों ने कलेक्‍टर दतिया को पत्र लिखे? यदि हाँ, तो उक्‍त अवधि में लिखे गये पत्रों की जानकारी सूची सहित उपलब्ध करायें? (ख) उपरोक्‍त पत्रों पर क्‍या कार्यवाही की गई उसकी विस्‍तृत जानकारी विधायकवार उपलब्‍ध कराई जावे? (ग) क्‍या उपरोक्‍त पत्रों के संबंध में की गई कार्यवाही से संबंधित विधायक को अवगत कराया गया? यदि हाँ, तो उन पत्रों की छायाप्रति उपलब्‍ध कराई जाये? यदि अवगत नहीं कराया तो क्‍यों नहीं कराया गया? (घ) जनप्रतिनिधियों के पत्रों के संबंध में कृत कार्यवाही से अवगत न कराने के लिए कौन जिम्‍मेदार है और उसके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

डबरा विधान सभा क्षेत्र में नवीन विद्युत ट्रांसफॉर्मरों की स्‍थापना

[ऊर्जा]

19. ( क्र. 234 ) श्रीमती इमरती देवी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले की डबरा विधान सभा क्षेत्र में विद्युत विभाग द्वारा वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन ग्रामों में कितने-कितने विद्युत ट्रांसफार्मर स्वीकृत कर किस-किस स्‍थान पर एवं किस-किस योजना से लगाये गये हैं। कितने स्‍थानों पर लगाना शेष हैं। ग्राम का नाम व स्थान सहित जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) ग्वालियर जिले की डबरा विधान सभा क्षेत्र में विद्युत विभाग द्वारा कितने कृषक हितग्राहियों को विद्युत ट्रांसफार्मर लगाकर किस योजना में लाभांवित किया गया। तथा आवेदन अनुसार कितनों को किया जाना शेष है। क्या हितग्राहियों को लाभांवित करने की सूचना समय-समय पर स्थानीय विधायक को दी जाना उचित था? यदि हाँ, तो क्यों नहीं दी गई। इसमें कौन दोषी है क्या उस पर कोई कार्यवाही की जावेगी हां, तो कब तक?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) ग्‍वालियर जिले की डबरा विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में प्रश्‍न दिनांक तक विभिन्‍न योजनाओं में स्‍वीकृत, स्‍थापित किये गये एवं स्‍थापित किये जाने हेतु शेष वितरण ट्रांसफार्मरों की जानकारी निम्‍नानुसार है :-

क्र.

वर्ष

योजना

स्‍वीकृत ट्रांसफार्मर

स्‍थापित ट्रांसफार्मर

स्‍थापना हेतु शेष

रिमार्क

1

2015-16

कृषक अनुदान योजना

198

197

0

राशि जमा नहीं होने के कारण 1 प्रकरण निरस्‍त

2

स्‍वयं का ट्रांसफार्मर योजना

14

12

0

राशि जमा नहीं होने के कारण 2 प्रकरण निरस्‍त

3

सुपरविजन योजना

5

5

0

-

4

पूर्ण जमा योजना

10

6

0

राशि जमा न होने के कारण 4 प्रकरण निरस्‍त

1

2016-17 (प्रश्‍न दिनांक तक)

कृषक अनुदान योजना

305

138

165

राशि जमा नहीं होने के कारण 2 प्रकरण निरस्‍त

2

स्‍वयं का ट्रांसफार्मर योजना

4

0

0

राशि जमा नहीं होने के कारण सभी 4 हितग्राहियों के प्रकरण निरस्‍त

कुल योग

536

358

165

राशि जमा नहीं होने के कारण 13 प्रकरण निरस्‍त

उक्‍त स्‍वीकृत/स्‍थापित/शेष वितरण ट्रांसफार्मरों की योजनावार एवं ग्रामवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। प्रश्‍नाधीन कृषकवार, ग्रामवार/ स्‍थानवार, योजनावार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) ग्‍वालियर जिले की डबरा विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में प्रश्‍न दिनांक तक कुल 573 हितग्राहियों हेतु विभिन्‍न योजना अंतर्गत कुल 536 ट्रांसफार्मर स्‍वीकृत किये गये जिनमें से 384 कृषकों हेतु कुल 358 ट्रांसफार्मर स्‍थापित कर कृषकों को लाभान्वित किया गया। 174 कृषकों हेतु कुल 165 ट्रांसफार्मर स्‍थापित किया जाना शेष है, जिन्‍हें स्‍थापित करने का कार्य यथाशीघ्र पूर्ण किये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। समय-समय पर जिला एवं विकासखण्‍ड स्‍तर पर आयोजित समीक्षा बैठकों में माननीय स्‍थानीय विधायक महोदय अथवा उनके प्रतिनिधि व अन्‍य जनप्रतिनिधियों को हितग्राही मूलक योजनाओं की जानकारी से अवगत कराया जाता है। साथ ही मांगे जाने पर सूची भी उपलब्‍ध करायी जाती है। अत: किसी के दोषी होने अथवा किसी के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न नहीं उठता। 

आबकारी इंस्‍पेक्‍टर के विरूद्ध जाँच

[वाणिज्यिक कर]

20. ( क्र. 269 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले के आबकारी विभाग में कितने इंस्‍पेक्‍टर कब से कार्यरत हैं? नाम, पदस्‍थापना दिनांक सहित पूर्ण विवरण दें। (ख) क्‍या राजेश कुमार तिवारी आबकारी उपनिरीक्षक द्वारा जिला सतना में वर्ष 2011 से पदस्‍थ होकर अवैध गाँजा-शराब विक्रय कराकर भारी मात्रा में अवैध संपत्ति अर्जित की गई है? (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा दिनांक 05.11.16 को समक्ष में माननीय वित्‍त एवं आबकारी मंत्री को लिखित में उक्‍त के विरूद्ध बिंदुवार शिकायत की है। उक्‍त शिकायत की जाँच क्‍या संबंधितों को हटाकर की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं तो क्‍यों?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) सतना जिले में आबकारी उप निरीक्षक के 10 पद स्‍वीकृत है, जिनके विरूद्ध 05 आबकारी उप निरीक्षक वृत्‍तों में पदस्‍थ हैं। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी नहीं। इस प्रकार के कोई तथ्‍य जानकारी में नहीं हैं। वर्ष 2011 से जिला सतना में पदस्‍थापना के दौरान विभिन्‍न वृत्‍तों में पदस्‍थ रहते हुये श्री राजेश तिवारी द्वारा अवैध गांजा एवं शराब विक्रय के विरूद्ध 629 प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जी हाँ। उक्‍त शिकायत की जाँच उपरांत आवश्‍यक कार्यवाही की जावेगी।

सतना एवं कटनी जिले के अंतर्गत नहर का निर्माण

[नर्मदा घाटी विकास]

21. ( क्र. 270 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना एवं कटनी जिले के अंतर्गत बरगी नहर जो निर्माणाधीन है, उक्‍त नहर कितने किलोमीटर कितनी लागत से किस ठेकेदार द्वारा किस स्‍थान से किस स्‍थान तक निर्मित की गई है तथा कितनी शेष है? शेष नहर के निर्माण की क्‍या निविदाएं स्‍वीकृत कर दी गई हैं या स्‍वीकृत किया जाना शेष है? यदि स्‍वीकृत हो गई हैं तो किस ठेकेदार द्वारा निर्मित किया जाना है? (ख) प्रश्‍नांश (क) की निर्मित नहरों की गुणवत्‍ता ठीक न होने के कारण जगह-जगह क्षतिग्रस्‍त हो चुकी हैं, दरारें पड़ चुकी हैं, धसक रहीं हैं। क्‍या शासन खराब नहरों की गुणवत्‍ता की जाँच कराकर दोषी ठेकेदार एवं तकनीकी अमला के विरूद्ध जाँच कराकर कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) कटनी जिले के स्लिम्निबाद में अण्‍डर ग्राउण्‍ड टनल का निर्माण किन कारणों से रूका है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) की टनल निर्माण में निर्माण एजेन्‍सी द्वारा अपने किन-किन कर्मचारियों/मजदूरों का किस-किस माह का वेतन भुगतान किया जाना शेष है?

राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास ( श्री लालसिंह आर्य ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) यह सही नहीं है कि निर्मित नहरों की गुणवत्‍ता ठीक न होने के कारण जगह-जगह क्षतिग्रस्‍त हो चुकी है एवं दरारें पड़ चुकी हैं। चल रहे निर्माण कार्य की गुणवत्‍ता की जाँच विभागीय गुणवत्‍ता नियंत्रण अमले द्वारा नियमित की जाती है। यदि कोई भी निर्माण कार्य गुणवत्‍ताविहीन पाया जाता है तो उसे अनुबंध में निहित प्रावधानानुसार तुड़वाकर पुन: एजेन्‍सी से बनवाया जाता है। निर्माण कार्य ठेकेदार के डिफेक्‍ट लाइबिलिटी की समय सीमा में है। इस वर्ष अतिवृष्टि के कारण कुछ स्‍थानों पर वर्षा के पानी से नहर क्षतिग्रस्‍त हुई हैं, उनमें अनुबंध के प्रावधानों के अनुरूप निर्माण एजेन्‍सी से सुधार कार्य कराया जा रहा है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) वर्तमान में कार्य चालू है अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) डाउन स्‍ट्रीम के कार्य में सितम्‍बर 2015 तक का भुगतान कर दिया गया है। अप स्‍ट्रीम में माह सितम्‍बर 2016 व अक्‍टूबर 2016 का भुगतान किया जाना शेष है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है।

पुनर्वास स्‍थल पर मूलभूत सुविधाओं की उपलब्‍धता

[नर्मदा घाटी विकास]

22. ( क्र. 285 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सरदार सरोवर परियोजना के बेक वाटर लेबल से प्रभावित धरमपुरी नगर के कितने परिवारों को पुनर्वास स्‍थल पर भू-खण्‍ड कब-कब आवंटित किये गये हैं, तिथिवार जानकारी उपलब्‍ध करावें? क्‍या पुनर्वास नीति अनुसार 10 वर्ष पूर्ण होने के पश्चात् आवंटित भू-खण्‍डों का पंजीयन (रजिस्‍ट्री) होना थी? यदि हाँ, तो कितने भू-खण्‍डों का पंजीयन (रजिस्‍ट्री) की गई है, व कितनों की नहीं? शेष भू-खण्‍डों का पंजीयन (रिजस्‍ट्री) नहीं किये जाने का कारण स्‍पष्‍ट करें? आवंटित भू-खण्‍डों की रजिस्‍ट्री कब तक करा दी जावेगी, स्‍पष्‍ट समयावधि बतावें? (ख) क्‍या पुनर्वास नीति अनुसार पुनर्वास स्‍थल पर निवास करने वाले नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं यथा पेयजल, विद्युत एवं सड़क आदि सुविधाएं उपलब्‍ध कराई जा रही है? यदि हाँ, तो किस विभाग द्वारा उक्‍त सुविधा उपलब्‍ध कराई जा रही है? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं कराई जा रही है, कारण बतावें? (ग) क्‍या पुनर्वास स्‍थल का संचालन व संधारण संबंधित कार्य वर्तमान में किसी भी विभाग द्वारा नहीं किया जा रहा है? यदि किया जा रहा है तो, किस विभाग द्वारा किया जा रहा है? विभाग का नाम एवं पुनर्वास स्‍थल हस्‍तांतरित होने संबंधी दस्‍तावेजों की प्रति उपलब्‍ध करावें?

राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास ( श्री लालसिंह आर्य ) : (क) सरदार सरोवर परियोजना के पुनरीक्षित बेक वाटर लेवल 143.43 मीटर पर 208 विस्‍थापित परिवार (वयस्‍क पुत्रों सहित) डूब से प्रभावित हो रहे है। इनमें 183 को आवासीय भू-खण्‍ड तथा 25 को भू-खण्‍ड के बदले नगद राशि का भुगतान वर्ष 2005 में किया जा चुका है। नामवार सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। सरदार सरोवर परियोजना के पुनरीक्षण पूर्व बेक वाटर लेवल 148.35 मीटर के अनुसार धरमपुरी के 2687 प्रभावित विस्‍थापित परिवारों को वर्ष 2005 से 2007 की अवधि के मध्‍य आवासीय भू-खण्‍ड आवंटित किये गये हैं। लेकिन बेक वाटर पुनरीक्षण के कारण अब प्रभावित परिवारों की संख्‍या सिर्फ 208 ही है। बेक वाटर लेवल में 4.92 मीटर का जल स्‍तर कम होने से अधिकांश अर्जित मकान डूब से बाहर हो गये है। पुनर्वास नीति में 10 वर्ष पूर्ण होने के पश्चात् आवंटित भू-खण्‍डों के पंयीजन किये जाने का कोई प्रावधान नहीं है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। पुनर्बसाहट स्‍थल धरमपुरी में NWDT अवार्ड एवं पुनर्वास नीति के प्रावधान अनुसार मूलभूत नागरिक सुविधाएं यथा पेयजल विदयुत एवं सड़क आदि सुविधाएं नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा उपलब्‍ध कराई गई है। उपरोक्‍त सुविधाओं के अतिरिक्‍त नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा पुनर्वास स्‍थल पर 2 प्राथमिक शाला, 30 बिस्‍तरों वाला अस्‍पताल भवन, डामरीकृत आंतरिक मार्ग एवं पुलिया आदि की सुविधाएं निर्मित की गई है। (ग) पुनर्बसाहट स्‍थल पर विकसित की गई नागरिक सुविधाओं यथा पेयजल, विदयुत एवं सड़क आदि का संचालन एवं संधारण निम्‍नानुसार किया जा रहा है:- (1) जल प्रदाय योजना-नगर पंचायत धरमपुरी द्वारा किया जा रहा है। हस्‍तांतरण दस्‍तावेज पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। (2) विदयुत व्‍यवस्‍था-मध्‍य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विदयुत वितरण कंपनी द्वारा किया जा रहा है। हस्‍तांतरण दस्‍तावेज पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। (3) सड़क-नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा किया जा रहा है। (4) 30 बिस्‍तरों वाला अस्‍पताल-विकास खण्‍ड चिकित्‍सा अधिकारी धामनोद द्वारा किया जा रहा है। हस्‍तांतरण दस्‍तावेज पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है।

विद्युत विहीन ग्रामों में बिजली की उपलब्‍धता

[ऊर्जा]

23. ( क्र. 301 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सिंगरौली जिले के विधानसभा क्षेत्र चितरंगी के अंतर्गत ग्राम पिड़रिया सिधार माचीकला, खैरहनी गौगई सिधरी भोष में आजादी के बाद से अभी तक बिजली नहीं है? क्‍या इन गांवों में आदिवासी एवं अनुसूचित जनजाति एवं अन्‍य वर्ग के निवासी आज भी बिजली से वंचित हैं? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त गांवों में कब तक बिजली पहुंचा दी जावेगी और अब तक नहीं पहुंचाने के लिये कौन उत्‍तरदायी हैं?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) सिंगरौली जिले के विधानसभा क्षेत्र चितरंगी के अंतर्गत ग्राम पिड़रिया, सिधार,माचीकला, खैरहनी, गौगई, सिधरी, भोष का पूर्व में ही विद्युतीकरण किया जा चुका है। जी नहीं। (ख) प्रश्‍नांश '''' में उल्‍लेखित विद्युतीकृत ग्रामों के 100 एवं 100 से अधिक आबादी वाले अविद्युतीकृत क्षेत्रों/मजरों/टोलों/बसाहटों के विद्युतीकरण सहित सघन विद्युतीकरण का कार्य दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना में सम्मिलित है। योजना के प्रावधानों के अनुसार विद्युतीकरण के कार्य टर्न-की आधार पर पूर्ण कराये जाने हेतु निविदा कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। निविदा कार्य पूर्ण हो जाने के पश्चात् प्रश्‍नाधीन ग्रामों के सघन विद्युतीकरण का कार्य प्रारंभ करना संभव हो सकेगा, अत: वर्तमान में कार्य पूर्णता की समय-सीमा बता पाना संभव नहीं है। उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में किसी के उत्‍तरदायी होने का प्रश्‍न नहीं उठता।

पोषण आहार की सप्‍लाई

[महिला एवं बाल विकास]

24. ( क्र. 313 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में आंगनवाड़ि‍यों के माध्‍यम से बच्‍चों एवं गर्भवती महिलाओं को प्रदाय किये जाने वाला पोषण आहार किन-किन एजेंसी/फर्म द्वारा सप्‍लाय किया जा रहा है? (ख) क्‍या शासकीय एजेंसी एम.पी. एग्रो भी प्रदेश में पोषण आहार सप्‍लाय करती है? यदि हाँ, तो वर्ष 2005-06 से लेकर वर्ष 2015-16 की स्थिति में कितना पोषण आहार वर्षवार किस-किस एजेंसी/फर्म द्वारा कितना व कितनी धनराशि का सप्‍लाय किया गया? (ग) वर्ष 2005-06 से वित्‍तीय वर्ष 2015-16 की स्थिति में प्रदेश में कुपोषण में कितने प्रतिशत की कमी आयी? (घ) क्‍या माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय द्वारा पोषण आहार सप्‍लाय की व्‍यवस्‍था स्व-सहायता समूह के माध्‍यम से किये जाने के संबंध में डायरेक्‍शन/निर्देश दिये थे? यदि हाँ, तो तत्‍कालीन समय में निर्देशों के पालन में क्‍या समस्‍या आ रही थी तथा क्‍या अब शासन इस संबंध में कोई योजना बना रहा है?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) राज्य शासन के निर्देशानुसार वर्तमान में 06 माह से 03 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती धात्री माताओं एवं किशोरी बालिकाओं को टेकहोम राशन के रूप में पूरक पोषण आहार की व्यवस्था एम.पी.एग्रो के माध्यम से तथा 03 वर्ष से 06 वर्ष तक के बच्चों को पूरक पोषण आहार की व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्रों में सांझा चूल्हा कार्यक्रम के तहत् मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम अंतर्गत कार्यरत स्व-सहायता समूहों के माध्यम से तथा शहरी क्षेत्रों में स्व-सहायता समूह एवं महिला मण्डल के माध्यम से निर्धारित मेनू अनुसार प्रदाय किया जाता है। (ख) जी हाँ। वर्ष 2005-2006 से वर्ष 2015-16 तक एम.पी.एग्रो. द्वारा प्रदाय टेकहोम राशन की प्रदाय आदेशवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। (ग) वर्ष 2005-06 में एन.एफ.एस.एच.-3 सर्वे प्रदेश में सामान्य से कम वज़न वाले बच्चों का प्रतिशत 60 था, जो वर्ष 2015-16 के एन.एफ.एस.एच.-4 सर्वे में घटकर 42.8 प्रतिशत पाया गया है। इस प्रकार प्रदेश में वर्णित अवधि में कुल 28.67 प्रतिशत की कमी परिलक्षित हुई है। (घ) जी हाँ। माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं भारत सरकार महिला बाल विकास विभाग के फरवरी 2009 के निर्देशानुसार में 06 माह से 03 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती /धात्री माताओं को टेकहोम राशन के रूप में माइक्रोन्यूट्रिएट फोर्टीफाईड फूड पूरक पोषण आहार के रूप में प्रदाय किए जाने का प्रावधान किया गया था। भारत सरकार महिला बाल विकास के निर्देश दिनांक 24.2.2009 की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार है। उक्त नार्मस के आधार पर तथा हितग्राहियों को माइक्रोन्यूट्रिएट फोर्टीफाईड फूड प्रदाय करने के उद्देश्य से राज्य परिषद् द्वारा लिए निर्णय अनुसार 06 माह से 03 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती धात्री माताओं एवं किशोरी बालिकाओं को टेकहोम राशन के रूप में पूरक पोषण आहार की व्यवस्था एम.पी.एग्रो के माध्यम से तथा 03 वर्ष से 06 वर्ष तक के बच्चों को पूरक पोषण आहार की व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्रों में सांझा चूल्हा कार्यक्रम तहत् मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम अंतर्गत कार्यरत स्व-सहायता समूहों के माध्यम से तथा शहरी क्षेत्रों में स्व-सहायता समूह एवं महिला मण्डल के माध्यम से जिला स्तर से संचालित की जा रही हैं। निर्देशों के पालन में किसी प्रकार की समस्या नहीं आ रही है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप ही प्रदेश में पूरक पोषण आहार व्यवस्था संचालित की जा रही है।

आंगनवाड़ी भवन निर्माण की प्रशासकीय स्‍वीकृति

[महिला एवं बाल विकास]

25. ( क्र. 326 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्‍नकर्ता के ता.प्रश्‍न संख्‍या-21 (क्रमांक 518) दिनांक 20 जुलाई 2016 के उत्‍तर की कंडिका (ख) में माननीय विभागीय मंत्री महोदय द्वारा बताया गया था कि प्रदेश में वर्ष 2016-17 के लिये मनरेगा योजना के अभिसरण से निर्मित होने वाले आंगनवाड़ी भवनों के परिप्रेक्ष्‍य में राजगढ़ जिले के विधानसभा क्षेत्र ब्‍यावरा से 93 आंगनवाड़ी भवन निर्माण हेतु स्‍थल चयन/खसरे, नक्‍शा की जानकारी प्राप्‍त हुईतो क्‍या प्रश्‍न दिनांक तक आंगनवाड़ी भवन निर्माण हेतु प्रशासकीय स्‍वीकृतियां जारी कर दी गई है अथवा नहीं? यदि नहीं तो उक्‍त संबंध में कार्यवाही किन कारणों से लंबित है? (ख) क्‍या शासन उपरोक्‍तानुसार आंगनवाड़ी भवन निर्माण हेतु इसी वित्‍तीय वर्ष में स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक ? यदि नहीं तो क्‍यों?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) जी हाँ। विभाग द्वारा राजगढ़ जिले के विधानसभा क्षेत्र ब्‍यावरा अंतर्गत 93 आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण हेतु प्राप्‍त प्रस्‍ताव में से वर्तमान तक 69 आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण की स्‍वीकृति दी जा चुकी है, जिसकी प्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) विधानसभा ब्‍यावरा अंतर्गत 93 आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण में से 69 आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण की स्‍वीकृति उपरांत शेष रही 24 आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण की स्‍वीकृति, वित्‍त विभाग से मनरेगा योजना के अभिसरण अंतर्गत आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण मद में राशि प्राप्‍त होने पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के समन्‍वय से दी जाना विचाराधीन है। आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण कार्य वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धता पर निर्भर होता है। अत: समय-सीमा दी जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट- ''छ:''

सांवेर विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत सौन्‍दर्यीकरण

[पर्यटन]

26. ( क्र. 346 ) श्री राजेश सोनकर : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सांवेर विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत घाट सौन्‍दर्यीकरण कराये जाने हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा विभाग को कोई पत्र प्रेषित किये गये थे ? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या पिछले बजट में मध्‍यप्रदेश शासन पर्यटन विभाग के पत्र क्र. 2051/1998/2015 तृतीय दिनांक 20.11.2015 अनुसार उक्‍त योजना को बजट अभाव के कारण शामिल नहीं किया जा सका? यदि हाँ, तो क्‍या इस आगामी वित्‍तीय बजट वर्ष में उक्‍त सौन्‍दर्यीकरण को शामिल किया जायेगा? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रेषित पत्र में विभाग द्वारा जो योजना तैयार की गई थीक्‍या उसे चरणबद्ध शामिल किया जाकर सौन्‍दर्यीकरण कराया जा सकता है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में यदि हाँ, तो कब तक उक्‍त योजनाओं पर अमल किया जायेगा व कब तक कार्य को प्रारंभ कराया जा सकेगा?

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। जी नहीं। (ग) वर्तमान में कोई योजना तैयार नहीं की गई है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्‍नांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में समय सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत जले हुये ट्रांसफार्मरों को बदलना

[ऊर्जा]

27. ( क्र. 372 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सिरमौर विधानसभा अन्तर्गत ग्राम पड़री वार्ड नं. 1 टिकुरी, पड़री पश्चिम टोला, कोचरी सदहना आदिवासी बस्तियों में पिछले दो माह से ट्रांसफार्मर जले हुये है? विभाग को बार-बार सूचित करने पर भी उक्त ट्रांसफार्मरों को बदलने में विलंब का क्या कारण है? (ख) क्या विभाग सम्बंधित अधिकारियों पर कार्यवाही सुनिश्चित करेगा? शिकायत निराकरण की समय-सीमा विभाग द्वारा क्या निर्धारित की गयी है? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में उल्लेखित ट्रांसफार्मरों को कब तक बदला जावेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ, सिरमौर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत ग्राम पड़री वार्ड नं.1 टिकुडी, पड़री पश्चिम टोला एवं कोचरी सदहना आदिवासी बस्तियों में पिछले दो माह से जले/खराब ट्रांसफार्मरों में से ग्राम पड़री पश्चिम टोला का ट्रांसफार्मर नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि जमा होने के उपरांत दिनांक 02.11.2016 को बदल दिया गया हैग्राम पड़री वार्ड क्र.1 टिकुडी एवं कोचरी सदहना आदिवासी बस्तियों के ट्रांसफार्मरों से सम्‍बद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि जमा नहीं किये जाने के कारण उन्‍हें अभी तक नहीं बदला जा सका है। (ख) वर्तमान में लागू नियमों के अनुसार जले एवं खराब वितरण ट्रांसफार्मरों से जुड़े 75 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं द्वारा भुगतान करने पर अथवा कुल बकाया राशि का 40 प्रतिशत जमा होने के उपरांत इन जले एवं खराब ट्रांसफार्मरों को बदला जाता है। प्रश्‍नाधीन बदलने हेतु शेष दोनों वितरण ट्रांसफार्मर उक्‍त नियमों के अंतर्गत बदलने हेतु पात्रता की श्रेणी में नहीं आते हैं, अत: किसी अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न नहीं उठता। प्रचलित नियमों के अंतर्गत पात्र होने पर ग्रामीण क्षेत्रों में सूखे मौसम में 3 दिन व वर्षा ऋतु (जुलाई से सितम्‍बर) में 7 दिन में जले/खराब ट्रांसफार्मर बदले जाने हेतु समय-सीमा निर्धारित है। (ग) उत्‍तरांश (ख) में उल्‍लेखित अनुसार संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा बकाया राशि का भुगतान करने पर प्रश्‍नाधीन शेष जले/खराब ट्रांसफार्मरों को बदला जा सकेगा,  अत: वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

आंगनवाड़ी भवन निर्माण

[महिला एवं बाल विकास]

28. ( क्र. 373 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) ग्राम पंचायत गहनउआ के टोला भड़रा में निर्माणाधीन आंगनवाड़ी भवन का कार्य अधूरा होने के क्या कारण हैं? (ख) उक्त आंगनवाड़ी भवन का निर्माण कब तक पूरा हो सकेगा?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सिरमौर के पत्र क्रमांक 13032, दिनांक 23/11/2016 में लेख किया गया है कि आंगनवाड़ी भवन भेडरहा का कार्य वर्ष 2013-14 में बी.आर.जी.एफ. कंवजेंस मनरेगा योजनान्‍तर्गत तकनीकी स्‍वीकृति 7.69 (बी.आर.जी.एफ. 4 लाख + 3.69 लाख) अनुसार तत्‍कालीन सरपंच श्री छोटेलाल प्रजापति एवं सचिव श्री रामशरण विश्‍वकर्मा के कार्यकाल में प्रारंभ किया गया। सरपंच सचिव द्वारा छत स्‍तर तक कार्य कराया गया, जिसमें बी.आर.जी.एफ. मद से 3.02 लाख एवं मनरेगा 1.58 लाख आहरित किये गये। तत्‍कालीन उपयंत्री श्री राजेश पाण्‍डेय एवं सचिव श्री रामशरण विश्‍वकर्मा के स्‍थानांतरण हो जाने के कारण कार्य बंद कर दिया गया है। (ख) मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सिरमौर के द्वारा वर्तमान उपयंत्री श्री सत्‍यनारायण चतुर्वेदी को 03 दिवस के अंदर मूल्‍यांकन करने हेतु निर्देशित किया गया है तथा वर्तमान सरपंच श्री लक्ष्‍मी कोल सचिव श्री संजीव शुक्‍ला को तीन माह के अंदर भवन पूर्ण कराने हेतु आदेशित किया गया।

मजरा/टोला/हरिजन एवं आदिवासी बस्तियों का विद्युतीकरण

[ऊर्जा]

29. ( क्र. 407 ) श्री रामसिंह यादव : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कोलारस विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 31 अक्‍टूबर 2016 की स्थिति में कौन-कौन से ग्राम, विद्युतविहीन हैं? इनमें प्रकाश एवं पंखे हेतु विद्युत उपलब्‍ध नहीं है? इनमें से किन-किन का विद्युतीकरण/प्रकाश एवं पंखे की सुविधा कब तक उपलब्‍ध कराई जावेगी? शासन की इस संबंध में क्‍या योजना है? (ख) उक्‍त ग्रामों में से राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत किन ग्रामों के कार्य अपूर्ण हैं? क्‍या-क्‍या शेष कार्य कराकर विद्युत प्रदाय चालू कर दिया जावेगा? शासन द्वारा अपूर्ण कार्य करने वाले ठेकेदार के विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही की है ? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित में से कई आगामी दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना में शामिल नहीं है? यदि हाँ, तो इन्‍हें कब तक शामिल किया जावेगा ? (घ) क्‍या कोलारस ग्रामीण के ग्राम बसई, बेहरावदा, ईश्‍वरपुरा आदिवासी बस्‍ती ग्राम पाड़ोदा, कूड़ाटपरा आदिवासी बस्‍ती में वर्तमान में विद्युत प्रदाय नहीं हो रहा है? यदि हाँ, तो इनमें विद्युत प्रदाय कब तक सुचारू कर दिया जावेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) कोलारस विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत दिनांक 31 अक्‍टूबर, 2016 की स्थिति में विद्युतीकरण उपरान्‍त ग्रामों में तार चोरी होने तथा पोल चोरी/क्षतिग्रस्‍त होने के कारण 8 ग्राम डी-इलेक्ट्रिफाइड हो गए हैं, जिनकी सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। इन ग्रामों को वित्‍तीय उपलब्‍धता के अनुसार दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना में सम्मिलित कर विद्युतीकृत करने की कार्यवाही की जावेगी। अत: वर्तमान में उक्‍त कार्य पूर्ण करने की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) उत्‍तरांश '''' में उल्‍लेखित ग्रामों में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत् कोई कार्य नहीं किया गया है, अत: प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) उत्‍तरांश '''' अनुसार वित्‍तीय उपलब्‍धता के आधार पर प्रश्‍नाधीन ग्रामों को दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना में सम्मिलित कर विद्युतीकृत करने की कार्यवाही की जावेगी। (घ) कोलारस ग्रामीण वितरण केन्‍द्र के अन्‍तर्गत ग्राम बसई, बेहरावदा एवं ईश्‍वरपुरा की आदिवासी बस्‍ती में विद्युत प्रदाय उपलब्‍ध नहीं है तथा ग्राम पाडोदा एवं कूडाटपरा की आदिवासी बस्‍ती में वर्तमान में विद्युत प्रदाय चालू है। ग्राम बसई, बेहरावदा एवं ईश्‍वरपुरा की आदिवासी बस्‍ती को वित्‍तीय उपलब्‍धता अनुसार दीनदयाल उपाध्‍याय ग्रामीण ज्‍योति योजना में शामिल कर विद्युतीकरण कार्य कराया जावेगा। अत: वर्तमान में कार्यपूर्णता की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट- ''सात''

कोलारस ग्रामीण वितरण केन्‍द्र में पदस्‍थ कनिष्‍ठ यंत्री का स्‍थानांतरण

[ऊर्जा]

30. ( क्र. 408 ) श्री रामसिंह यादव : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शिवपुरी जिले के कोलारस ग्रामीण वितरण केन्‍द्र में पदस्‍थ कनिष्‍ठ यंत्री श्री अनिल कुमार श्रीवास्‍तव के संबंध में अप्रैल 2015 से अक्‍टूबर 2016 तक कोई शिकायतें प्रश्‍नकर्ता एवं अन्‍य के द्वारा प्राप्‍त हुई है? यदि हाँ, तो कौन-कौन सी शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं? उन शिकायतों पर किन-किन के द्वारा कब-कब क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? जानकारी दें। (ख) क्‍या उक्‍त कनिष्‍ठ यंत्री के विरूद्ध कार्य के प्रति बेहद लापरवाही बरतने की शिकायतें प्राप्‍त होने एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा भी इन्‍हें स्‍थानांतरण किए जाने हेतु मुख्‍य महाप्रबंधक ग्‍वालियर को महाप्रबंधक शिवपुरी द्वारा कोई प्रस्‍ताव भेजा गया है? यदि हाँ, तो उक्‍त प्रस्‍ताव पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही हुई एवं कार्यवाही नहीं हुई तो क्‍यों? (ग) उक्‍त कनिष्‍ठ यंत्री का स्‍थानांतरण जनहित-शासन हित एवं विभाग हित में कब तक कर दिया जावेगा एवं उक्‍त कनिष्‍ठ यंत्री का अभी तक स्‍थानांतरण क्‍यों नहीं किया गया?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। श्री अनिल कुमार श्रीवास्‍तव, सहायक प्रबंधक, कोलारस ग्रामीण वितरण केन्‍द्र की कार्य प्रणाली के संबंध में माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय के पत्र क्रमांक 133 दिनांक 10.10.2016 के माध्‍यम से महाप्रबंधक (सं./सं.), शिवपुरी के कार्यालय में शिकायत प्राप्‍त हुई है, जिसमें उक्‍त सहायक प्रबंधक की लापरवाही पूर्ण कार्यप्रणाली का उल्‍लेख कर उनके स्‍थानान्‍तरण की मांग की गई है। श्री अनिल कुमार श्रीवास्‍तव, सहायक प्रबंधक का स्‍थानान्‍तरण कोलारस ग्रामीण वितरण केन्‍द्र से बी.आई.सेल.संचा/संधा., शिवपुरी के लिये प्रबंध संचालक, मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के आदेश क्रमांक प्रं.सं./म.क्षे./01/स्‍था./एम.-मा.सं-III/9553-9554 दिनांक 11.11.2016 द्वारा किया जा चुका है। (ख) जी हाँ, महाप्रबंधक (सं./सं.), शिवपुरी के पत्र क्रमांक: महा.प्रबं./सं.सं./वरि.स्‍टेनों./शिव./2016/166, दिनांक 20.05.2016 के द्वारा उक्‍त सहायक प्रबंधक, कोलारस ग्रामीण वितरण केन्‍द्र का स्‍थानान्‍तरण संबंधी प्रस्‍ताव मुख्‍य महाप्रबंधक, ग्‍वालियर को प्रेषित किया गया था। उत्‍तरांश (क) में दर्शाए अनुसार स्‍थानान्‍तरण की कार्यवाही की जा चुकी है। (ग) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता। 

सहायिकाओं को मानदेय भुगतान

[महिला एवं बाल विकास]

31. ( क्र. 426 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या विदिशा जिले की महिला एवं बाल विकास विभाग परियोजना कार्यालय ग्‍यारसपुर में 12 सहायिकाओं का मानदेय भुगतान व अन्‍य योजना से संबंधित राशि आदि वित्‍तीय अनियमितता का प्रकरण प्रकाश में आया था या नहीं? यदि हाँ, तो विवरण बतावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित अनियमितता के लिए क्‍या विभाग द्वारा जाँच की गई? जाँच में किस अधिकारी व कर्मचारी को दोषी माना? दोषी अधिकारी व कर्मचारी के विरूद्ध वित्‍तीय अनियमितता के क्रम में वसूली की कार्यवाही की गई है या नहीं? (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित 12 सहायिकाओं में से कितनी सहायिकाओं का मानदेय एवं मिलने वाली अन्‍य योजनाओं की राशि का भुगतान कर दिया गया है, कितनी शेष है, शेष का कारण बताते हुये, कब तक मानदेय भुगतान किया जावेगा।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) परियोजना कार्यालय ग्‍यारसपुर में आंगनवाड़ी सहायिकाओं का मानदेय का भुगतान व अन्‍य योजना से संबंधित राशि आदि वित्‍तीय अनियमितता का प्रकरण प्रकाश में नहीं आया है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में (ख) की जानकारी निरंक है। (ग) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में (ग) की जानकारी निरंक है।

प्रेषित पत्र के क्रम में स्‍पष्‍टीकरण

[वित्त]

32. ( क्र. 427 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा मुख्‍य सचिव कार्यालय को प्रेषित पत्र क्रमांक 2804 दिनांक 05.01.2016 एवं स्‍मरण पत्र दिनांक 28.10.2016 प्रमुख सचिव वित्‍त को किस दिनांक को किस विषय में लिखा गया पत्र कब प्राप्‍त हुआ, इस पत्र पर प्रमुख सचिव कार्यालय ने किस दिनांक को किस अधिकारी को क्‍या निर्देश दिए? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के द्वारा प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित विषय में स्‍पष्‍टीकरण जारी करने का अनुरोध किया गया था? (ग) प्रश्नांश (ख) का उत्‍तर हां है तो क्‍या पत्र में उल्‍लेखित विषय पर स्‍पष्‍टीकरण जारी कर, इसकी सूचना मुख्‍य सचिव एवं प्रश्‍नकर्ता को दी गई? यदि नहीं तो कब तक स्‍पष्‍टीकरण जारी किया जावेगा?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) माननीय विधायक का मुख्‍य सचिव को प्रेषित पत्र दिनांक 05-01-2016 वित्‍त विभाग में प्राप्‍त होना नहीं पाया जाता अपितु पत्र दिनांक 28-10-2016 वित्‍त विभाग में दिनांक 22-11-2016 को प्राप्‍त हुआ। (ख) जी हाँ। (ग) स्‍पष्‍टीकरण जारी करने की कार्यवाही की जा रही है।

लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत जाति प्रमाण बनाने की योजना

[सामान्य प्रशासन]

33. ( क्र. 430 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2010 के अंतर्गत सामान्‍य प्रशासन विभाग की अधिसूचित सेवा क्रमांक 6.4 जाति प्रमाण पत्र प्रदाय को वर्ष 2014 से लोक सेवा केन्‍द्रों के माध्‍यम से प्रदेश भर के स्‍कूलों के छात्र-छात्राओं को जाति प्रमाण पत्र प्रदान करने संबंधी अभियान का सफलतापूर्वक क्रियान्‍वयन किया गया है या नहीं? (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँतो उक्‍त अभियान के अंतर्गत भोपाल संभाग अंतर्गत लोक सेवा केन्‍द्रों पर वर्ष 2012, 2013, 2014, 2015 में स्‍कूलों के माध्‍यम से कितने छात्र-छात्राओं के जाति प्रमाण पत्र किस तिथि को प्राप्‍त हुयेकितने जाति प्रमाण पत्र बनाकर प्रदाय किये गये एवं कितने शेष रहे हैं? (ग) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र बासोदा अंतर्गत लोक सेवा केन्‍द्रों पर किस-किस स्‍कूल के कितने छात्रों के जाति प्रमाण पत्र कब से लंबित पड़े हैं, जानकारी स्‍कूलवार उपलब्‍ध करावें? लंबित रहने का कारण, इसके लिए कौन दोषी है। लंबित आवेदन पत्रों का निराकरण कब तक कर दिया जावेगा? (घ) शासन द्वारा स्‍कूली छात्रों के जाति प्रमाण पत्र बनाने हेतु अंतिम तिथि क्‍या निर्धारित की गई है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है। 

विद्युत उत्‍पादन लागत एवं विक्रय की दरें

[ऊर्जा]

34. ( क्र. 441 ) श्री मुकेश नायक : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश राज्‍य विद्युत मंडल की विद्युत उत्‍पादन कंपनियों के अंतर्गत विभिन्‍न ताप विद्युत संयंत्रों में वर्तमान में प्रति यूनिट विद्युत उत्‍पादन लागत क्‍या है और उपभोक्‍ताओं को दी जाने वाली विद्युत का प्रति यूनिट मूल्‍य क्‍या है? (ख) राज्‍य में विद्युत वितरण में क्षति, विद्युत चोरी आदि के संबंध में विद्युत कंपनियों ने क्‍या अध्‍ययन किया है और इसे रोकने के लिये क्‍या उपाय किये हैं? (ग) राज्‍य में किसानों पर बिजली शुल्‍क का कितना बकाया है और बकाया वसूली के लिये किन-किन जिलों में कितने किसानों पर न्‍यायालयों में मुकदमें चल रहे हैं, जिलेवार संख्‍या दीजिये?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) मध्य प्रदेश राज्‍य विद्युत मण्‍डल की उत्‍तरवर्ती कंपनी मध्‍यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के अन्‍तर्गत वित्‍तीय वर्ष 2015-16 हेतु ताप विद्युत गृहों की विद्युत गृहवार प्रति यूनिट उत्‍पादन लागत इस प्रकार है - (1) चचाई ताप विद्युत गृह-रू. 3.15 प्रति यूनिट (2) सारणी ताप विद्युत गृह रू. 4.81 प्रति यूनिट (3) बिरसिंहपुर ताप विद्युत गृह-रू. 3.69 प्रति यूनिट (4) श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह- रू. 6.58 प्रति यूनिट एवं वित्‍तीय वर्ष 2016-17 हेतु म.प्र.विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित दर आदेश के अनुसार प्रदेश के विद्युत उपभोक्‍ताओं को प्रदाय की जाने वाली विद्युत का प्रति यूनिट औसत मूल्‍य रू. 5.83 है। इसके अतिरिक्‍त 'ईंधन प्रभार समायोजन' चार्ज भी लागू रहता है, जिसका समय-समय पर पुनरीक्षण किया जाता है। (ख) प्रदेश में विद्युत चोरी एवं विद्युत हानि आदि के संबंध में मैदानी अधिकारियों द्वारा समय-समय पर अध्‍ययन किये जाते हैं जिनमें वितरण ट्रांसफार्मरों एवं 11 के.व्‍ही. फीडरों तथा 33 के.व्‍ही. औद्योगिक फीडरों पर हो रही क्षति का आंकलन/अध्‍ययन करना भी शामिल है। तकनीकी क्षति में कमी लाने हेतु प्रणाली सुदृढी़करण के कार्य किये जा रहे हैं जिसमें कृषि फीडरों का विभक्तिकरण भी शामिल है। वाणिज्यिक हानियों को कम करने हेतु लाइनों में खुले तार के स्‍थान पर केबल स्‍थापित करना, उन्‍नत गुणवत्‍ता वाले मीटर लगाना एवं समय-समय पर सघन चेकिंग अभियान चलाने की कार्यवाही की जा रही है। विद्युत चोरी की रोकथाम हेतु विद्युत वितरण कंपनी में सतर्कता इकाई का गठन किया गया है जो मैदानी क्षेत्रों विशेष कर अधिक चोरी वाले क्षेत्रों में निरंतर जाँच कर विद्युत चोरी करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही करती है, जिस हेतु आवश्‍यकता पड़ने पर सुरक्षा बलों की भी सहायता ली जाती है। (ग) राज्‍य में किसानों पर विद्युत शुल्‍क नहीं अपितु सिंचाई पंप कनेक्‍शन के विद्युत देयक की रू. 875 करोड़ की राशि सितम्‍बर, 2016 की स्थि‍ति में बकाया है। कृषि पम्‍पों के प्रकरणों में से संबंधित विद्युत बिल की बकाया राशि की वसूली के लिए प्रदेश में किसी भी किसान पर न्‍यायालय में मुकदमे वितरण कंपनियों द्वारा दायर नहीं किये गये हैं। 

पवई क्षेत्र में पर्यटन क्षेत्रों पर निर्माण कार्य

[पर्यटन]

35. ( क्र. 442 ) श्री मुकेश नायक : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्‍ना जिले की पवई विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में कौन-कौन से कार्य स्‍वीकृत है तथा कौन-कौन से कार्य चल रहे है कौन-कौन से कार्य बंद है कार्यवार बतायें? (ख) क्‍या पवई विधानसभा क्षेत्र के अधिकतर कार्य बंद पड़े है यदि हाँ, तो कारण बतायें? (ग) एक ओर भारत सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये प्रचार-प्रसार कर रही है दूसरी ओर कार्य अधूरे एवं बंद पड़े है, कारण सहित बतावें?

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) वर्तमान में कोई कार्य स्‍वीकृत नहीं है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्‍न प्रश्‍नांश '''' के परि‍प्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

अनु. जाति बस्तियों में विद्युतीकरण

[ऊर्जा]

36. ( क्र. 462 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक छतरपुर जिले में अनु. जाति तथा आदिवासी बस्तियों में आदिवासी उपयोजना एवं विशेष घटक योजना अन्‍तर्गत किन-किन ग्रामों में कार्य करवाये गये? सूची एवं खर्च की गई राशि का विवरण देवें? (ख) राजनगर विधानसभा क्षेत्र के लवकुशनगर एवं राजनगर क्षेत्र के कितने ग्राम ऐसे हैं, जहां पर अनु. जाति बस्तियों में कार्य होना शेष है? (ग) क्‍या छतरपुर जिले में वर्ष 2016-17 में किसानों के खेती करने हेतु बिजली नहीं दी जा रही, जिससे किसान बोनी करने से वंचित हो रहे हैं? (घ) यदि हाँ, तो क्‍यों कारण सहित बतायें?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) छतरपुर जिले के अन्‍तर्गत वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक त‍क अनुसूचित जाति एवं आदिवासी बस्तियों में आदिवासी उपयोजना एवं विशेष घटक योजनान्‍तर्गत जिला क्रय समिति द्वारा करवायें गयें कार्यों की ग्रामवार सूची एवं खर्च की गई राशि की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) छतरपुर जिले के राजनगर विधानसभा क्षेत्र के लवकुशनगर क्षेत्रान्‍तर्गत कोई कार्य शेष नहीं है तथा राजनगर क्षेत्रान्‍तर्गत अनुसूचित जाति एवं जनजाति बस्तियों में शेष कार्यों की सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) छतरपुर जिले में वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्र में कृषि फीडर पर सामान्‍यत: 10 घण्‍टे तीन फेज पर विद्युत प्रदाय किया जा रहा हैं। स्‍थान विशेष में कतिपय अवसरों पर अपरिहार्य कारणों से विद्युत प्रदाय अवरूद्ध होता है, जिसे शीघ्रातिशीघ्र आवश्‍यक सुधार कर पुन: प्रारंभ कर दिया जाता है। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता। 

परिशिष्ट- ''आठ ''

प्रतिनियुक्तियों के संबंध में कार्यवाही

[सामान्य प्रशासन]

37. ( क्र. 463 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सामान्‍य प्रशासन विभाग के निर्देशों के तहत प्रतिनियुक्ति पर 03 वर्ष से अधिक समय तक कार्य कर रहे सागर संभाग में कितने अधिकारी/कर्मचारी,परिवहन विभाग, जनपद पंचायत, महिला एवं बाल विकास तथा सर्व-शिक्षा अभियान में कार्य कर रहे है? (ख) यदि हाँ, तो विभाग के (मूल विभाग) से सहमति ली गई? (ग) क्‍या कई अधिकारी/कर्मचारी 10 वर्ष से भी अधिक समय से कार्य कर रहे और मूल विभाग द्वारा मांग भी की गई?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। शेष छतरपुर एवं पन्‍ना जिले की जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) 04 कर्मचारी कार्यरत हैं किसी मूल विभाग द्वारा वापसी हेतु मांग नहीं की गई है। शेष छतरपुर एवं पन्‍ना जिले की जानकारी एकत्रित की जा रही है।

परिशिष्ट- ''नौ''

खरगापुर विधान सभा में विद्युतीकरण

[ऊर्जा]

38. ( क्र. 486 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरगापुर विधान सभा क्षेत्र के कितने अविद्युतीकृत ग्राम विद्युतीकरण हेतु राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना से वंचित है? ग्रामवार सूची उपलब्‍ध कराये? (ख) क्‍या कई ग्रामों के 100 से अधिक आबादी वाले स्‍वीकृत मजरों टोलों में बिजली की लाइनें खड़ी हो गई है परन्‍तु केबिल या तार नहीं डाले गये है कहीं-कहीं ट्रांसफार्मर नहीं रखे हैं? कहीं-कहीं पर खम्‍बें लगाकर केबिल तार लगा दिये गये हैं परन्‍तु विद्युत लाइन से नहीं जोड़ा गया और बिजली के बिल देना प्रारंभ कर दिया हैं? इस प्रकार के अधूरे कार्य विभाग के ठेकेदारों द्वारा क्‍यों छोड़े गये है? कारण स्‍पष्‍ट करें एवं उक्‍त कार्य कब तक पूर्ण करा लिये जायेंगे? (ग) क्‍या खरगापुर विधानसभा क्षेत्र के गुल्‍लौर का खेरा (वरियाखेरा) सूरज तथा सौरयानां मुहल्‍ला खजरार, चकमाधौ सिंह बुपरा खिरक तक, धुवंयांत मुहल्‍ला कुड़ीला, आदिवासी मुहल्‍ला, खुड़न, रमपुरा भानपुरा का बंदियन, रजक मुहल्‍ला, ढीमर मुहल्‍ला बुदौरा, ढीमर मुहल्‍ला गणेशपुरा, आदि दर्जनों भर स्‍थानों पर राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत बिजली लगाये जाने का कार्य कब तक प्रारंभ करके पूर्ण करा दिया जावेगा तथा अभी तक विभाग द्वारा इन मजरों टोलों को वंचित क्‍यों रखा गया तथा राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना में पदस्‍थ अधिकारी शेष मजरों टोलों की सही मौके पर जाँच कर शेष ग्रामों मजरों टोलों में विद्युत व्‍यवस्था कब तक करा देगें? यदि नहीं तो कारण स्‍पष्‍ट करें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) खरगापुर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत सभी अविद्युतीकृत ग्रामों के विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। अत: प्रश्‍न नहीं उठता। (ख) खरगापुर विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजनान्‍तर्गत शामिल सभी ग्रामों में विद्युतीकरण के कार्य पूर्ण कर दिए गए हैं, अत: प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) खरगापुर विधानसभा क्षेत्र में गुल्‍लौर का खेरा (वरियाखेरा) विद्युतीकृत है। शेष सूरज तथा सौरयानां मुहल्‍ला खजरार, चकमाधौसिंह बुपरा खिरक तक, धुवंयांत मुहल्‍ला कुड़ीला, आदिवासी मुहल्‍ला, खुड़न, रमपुरा भानपुरा का बंदियन, रजक मुहल्‍ला, ढीमर मुहल्‍ला बुदौरा, ढीमर मुहल्‍ला गणेशपुरा, आदि स्‍थान/मजरें/टोले 100 एवं 100 से कम आबादी होने के कारण योजना के प्रावधानों के अनुसार राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत् शामिल नहीं थे, अत: इन स्‍थानों/मजरों/टोलों में विद्युतीकरण नहीं किया गया है। उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍नाधीन क्षेत्रों में विद्युतीकरण हेतु निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। 

विद्युत वसूली निरस्‍त किया जाना

[ऊर्जा]

39. ( क्र. 488 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वि‍गत वर्ष टीकमगढ़ जिले सहित खरगापुर विधान सभा क्षेत्र में सूखे की स्थिति उत्‍पन्‍न हुई थी, जिसमें किसानों की हालत दयनीय हो गई थी और सूखा राहत राशि भी शासन ने किसानों को कम दर पर दी थी और कई ग्रामों से बिजली विभाग ट्रांसफार्मर उठा रहा है? कई ग्रामों में 2-2 महीनों से लाईट नहीं दी जा रही और बिजली के बिलों की वसूली कुर्की करके की जा रही है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या ऐसी स्थिति में किसानों के बिल माफ करेंगे? यदि हाँ, तो आदेश कब तक जारी कर दिये जावेंगे? यदि नहीं तो कारण स्‍पष्‍ट करें? साथ ही क्‍या उक्‍त वसूली को अप्रैल-मई तक स्‍थगित करेंगे? यदि हाँ, तो आदेश जारी कब तक करेंगे? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें? (ग) क्‍या किसानों के साथ यह भी किया जा रहा है कि पूरे क्षेत्र में जब सूखा पड़ा था, पानी नहीं तो बिजली के पम्‍प किसानों द्वारा नहीं चलाये गये हैं फिर भी भारी भरकम बिल दिये जा रहे हैं? क्‍या ऐसे बिलों को माफ करेंगे? साथ ही क्‍या यह व्‍यवस्‍था की जाएगी कि एक समय-सीमा तय करके कि इतने समय से इतने समय तक जब बिजली का उपयोग पम्‍पों के चलाने पर नहीं किया गया तो बिल स्‍वत: ही निरस्‍त हो जाए? क्‍या बिल निरस्‍त कर माफ किये जाने की कार्यवाही करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) राहत आयुक्‍त कार्यालय से प्राप्‍त जानकारी अनुसार सूखे से हुई फसल क्षति के लिये प्रभावित किसानों को राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र 6 (4) के निर्धारित मानदण्‍ड के अनुसार ही किया जाता है। टीकमगढ़ जिले सहित खरगापुर विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत बिजली विभाग द्वारा वे ही ट्रांसफार्मर उठाये गये है जिनसे सम्‍बद्ध उपभोक्‍ताओं पर बकाया राशि जमा करने हेतु शेष है। नियमानुसार बकाया राशि जमा करने के उपरान्‍त ट्रांसफार्मर बदले जाने की कार्यवाही की जा रही है। जिन ग्रामों में शत्-प्रतिशत उपभोक्‍ता बकायादार हैं, उन ग्रामों का विद्युत प्रदाय बन्‍द किया जाता है। शेष ग्रामों को नियमानुसार निर्धारित अवधि हेतु विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। बिजली बिलों की वसूली विद्युत प्रदाय संहिता, 2013 के प्रावधानों के अंतर्गत विद्युत कनेक्‍शन विच्‍छेदन की कार्यवाही की जाती है। तदुपरांत भी बकाया राशि जमा नहीं होने पर बकाया राशि की वसूली भू-राजस्‍व संहिता में निहित प्रावधानों के तहत् वितरण कंपनी के अधिकारियों को दिये गये तहसीलदार के समकक्ष अधिकारों का प्रयोग करते हुए ड्यूज रिकवरी एक्‍ट के अंतर्गत कार्यवाही की जाती है, जिसमें चल-अचल संपत्ति की कुर्की का भी प्रावधान है। (ख) सूखा पड़ने के कारण प्रभावित किसानों को अक्‍टूबर, 2015 में जारी छ: माही बिलों की वसूली तथा 30 सितम्‍बर, 2015 की स्थिति में बकाया राशि की वसूली 6 माह के लिए आस्‍थगित (deferred) रखते हुए 31 मार्च 2016 तक उन्‍हें बिजली बिल भुगतान से छूट दी गई थी। प्रभावित किसानों को 01 अक्‍टूबर, 2015 से 31 मार्च, 2016 तक की अवधि का सरचार्ज भी देय नहीं था। उक्‍त के अतिरिक्‍त अन्‍य किसी प्रकार की छूट/बिल माफी का अन्‍य कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। (ग) किसानों को म.प्र.विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी दर आदेश एवं शासन द्वारा निर्धारित देय सब्सिडी के प्रावधान अनुसार ही बिल जारी किये जा रहे हैं। वर्तमान में किसानों को रू. 700 प्रति हा.पा. प्रति छ: माह की राशि देय है। सूखे के कारण उत्‍तरांश '' में दर्शाए अनुसार किसानों को लाभ दिया गया है। इसके अतिरिक्‍त प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित अन्‍य कोई छूट संबंधी प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। 

विद्युत मण्‍डल द्वारा जले ट्रांसफार्मर बदले जाना

[ऊर्जा]

40. ( क्र. 507 ) श्री गोविन्‍द सिंह पटेल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विद्युत मण्‍डल के जले हुए ट्रांसफार्मर बदले जाने के विभाग के क्‍या नियम हैं? (ख) क्‍या जले हुए ट्रांसफार्मरों को तब तक नहीं बदला जायेगा जब तक ट्रांसफार्मर में उपभोक्‍ता 50 प्रतिशत राशि जमा न हो? यदि 40 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं ने अपने बिल की राशि जमा कर दी हो तो उन्‍हें विद्युत सप्‍लाई रोकना क्‍या उनके साथ अन्‍याय नहीं है? (ग) क्‍या विभाग प्रश्नांश (ख) के संबंध में कोई ऐसी व्‍यवस्‍था करेगा जिसमें बिल जमा करने वाले उपभोक्‍ता को बिजली बिना गतिवरोध के उपलब्‍ध हो सकें?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जले एवं खराब वितरण ट्रांसफार्मरों से संबद्ध 75 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं द्वारा भुगतान करने पर अथवा बकाया राशि का 40 प्रतिशत जमा होने के उपरान्‍त इन जले एवं खराब वितरण ट्रांसफार्मरों को बदला जाना है। इन दोनों शर्तों में से किसी भी एक शर्त की पूर्ति होने पर जले/खराब ट्रांसफार्मर को तत्‍काल बदलने के प्रावधान हैं। (ख) उत्‍तरांश (क) में दर्शाए अनुसार जले व खराब वितरण ट्रांसफार्मर से संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा कुल बकाया राशि का 40 प्रतिशत जमा होने अथवा 75 प्रतिशत संख्‍या में उपभोक्‍ताओं द्वारा बकाया राशि जमा करने पर जला/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदला जाता है। यदि 40 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं द्वारा जमा की गई राशि कुल बकाया राशि का 40 प्रतिशत है तो जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर को बदला जाता है। वस्‍तुत: उत्‍तरांश '''' में उल्‍लेखित प्रावधान सामूहिक दायित्‍व के सिद्धान्‍त पर आधारित है, ताकि एक वितरण ट्रांसफार्मर से संबद्ध उपभोक्‍ता समूह विद्युत देयक की राशि जमा करने की जिम्‍मेदारी को समझ कर सामूहिक रूप से उत्‍तरदायित्‍व का वहन करें। तथापि ऐसे उपभोक्‍ता जिन्‍होंने विद्युत देयक राशि जमा कर दी है एवं जो उपरोक्‍त नियम के अन्‍तर्गत नहीं आ पाते है, उनके लिये वैकल्पिक विद्युत व्‍यवस्‍था के प्रयास किये जाते हैं। (ग) जले व खराब हुये वितरण ट्रांसफार्मर से संबद्ध उपभोक्‍ता द्वारा अपना विद्युत देयक जमा करने पर, यदि तकनीकी रूप से अन्‍य किसी लाइन से विद्युत प्रदाय संभव हो, तो राशि जमा करने वाले उपभोक्‍ता का विद्युत प्रदाय बहाल करने के प्रयास किये जाते हैं। इसके अतिरिक्‍त बिल जमा करने वाले घरेलू एवं गैर घरेलू श्रेणी के ग्रामीण उपभोक्‍ताओं की सुविधा के लिए ''स्‍वयं का ट्रांसफार्मर योजना'' भी लागू की गई है जिसके अंतर्गत उपभोक्‍ता योजना की शर्तो के अनुरूप स्‍वयं का ट्रांसफार्मर स्‍थापित कर सकते है।

132 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र पचीपुरा का निर्माण

[ऊर्जा]

41. ( क्र. 514 ) श्री प्रहलाद भारती : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या 132 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र पचीपुरा-बैराढ़ वर्ष 2013 में स्‍वीकृत हुआ था व उसके निर्माण हेतु 24 माह की समय सीमा निर्धारित की गयी थी? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्‍या प्रश्‍नकर्ता के परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या-8 (क्र. 70) दिनांक 25.2.2016 के उत्‍तर में उक्‍त कार्य अगस्‍त 2016 तक पूर्ण करने का आश्‍वासन दिया गया था? तो क्‍या उक्‍त कार्य पूर्ण कर लिया गया है? निर्माण कार्य की अद्यतन स्थिति से अवगत करावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) व (ख) के संदर्भ में 132 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र पचीपुरा का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ, प्रश्‍नकर्ता के पूर्व में दिये गये तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 70 के उत्‍तर में उक्‍त उपकेन्‍द्र के निर्माण कार्य को अगस्‍त 2016 तक पूर्ण कराये जाने के प्रयास किये जाने का उल्‍लेख किया गया था। इस संबंध में निर्माण एजेंसी को उक्‍त उपकेन्‍द्र का निर्माण कार्य नियत समयावधि में पूर्ण किये जाने हेतु बार-बार हिदायत भी दी गई थी, परन्‍तु फर्म द्वारा उक्‍त कार्य नियत समयावधि में पूर्ण नहीं किये जाने के कारण कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है। उपकेन्‍द्र के कन्‍ट्रोल रूम का निर्माण कार्य लगभग 51 प्रतिशत और स्‍ट्रक्‍चर फाउंन्‍डेशन का कार्य लगभग 72 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। उपकेन्‍द्र के निर्माण की औसत प्रगति लगभग 31 प्रतिशत है। (ग) निर्माण एजेंसी मेसर्स आइसोलक्‍स द्वारा उपकेन्‍द्र एवं लाइन के निर्माण हेतु नियत समयावधि में कार्य पूर्ण न करने के कारण, उन्‍हें उक्‍त उपकेन्‍द्र के कार्य से पृथक करते हुए, उनकी रिस्‍क एण्‍ड कास्‍ट पर उपकेन्‍द्र का शेष निर्माण कार्य पूर्ण कराये जाने हेतु कार्यादेश जारी कर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। संबंधित 132 के.व्‍ही. लाइन का कार्य मेसर्स आइसोलक्‍स की रिस्‍क एवं कास्‍ट पर पूर्ण करने हेतु निविदा जारी कर दी गई है। निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने पर, कार्यादेश माह जनवरी, 2017 में जारी किया जाना संभावित है। तदनुसार उपकेन्‍द्र एवं संबंधित लाइन के निर्माण कार्य को यथाशीघ्र पूर्ण कर उपकेन्‍द्र को अक्‍टूबर, 2017 तक ऊर्जीकृत करने के प्रयास किये जा रहे हैं। 

उज्‍जैन जिले की घट्टिया विधान सभा क्षेत्र में विद्युत की आपूर्ति

[ऊर्जा]

42. ( क्र. 553 ) श्री सतीश मालवीय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन जिले की घट्टिया विधान सभा क्षेत्र के किन-किन ग्रामों में विद्युत आपूर्ति बिजली का बिल बकाया होने या ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण कब से बंद हैं? ग्रामों की सूची, उपभोक्‍ता का नाम, बकाया राशि सहित संपूर्ण जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) उक्‍त ग्रामों में जिन उपभोक्‍ताओं/कृषकों के बिजली बिल की राशि बकाया नहीं हैं उनको विद्युत आपूर्ति की क्‍या व्‍यवस्‍था की गई है? (ग) किसान अनुदान योजना में उज्‍जैन जिले में ट्रांसफार्मर लाइन सहित लगाने के कितने स्‍वीकृत प्रकरण लंबित हैं? ग्रामवार सूची उपलब्‍ध करावें और उन्‍हें कब तक लगा दिया जावेगा? क्‍या इस रबी की फसल में किसानों को लाभ मिल जावेगा? समय सीमा बतावें?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) उज्जैन जिले के घट्टिया विधानसभा क्षेत्र के 10 ग्रामों में वितरण ट्रांसफार्मर से सम्बद्ध शत्-प्रतिशत उपभोक्ताओं पर विद्युत बिल की राशि बकाया होने के कारण एवं 3 ग्रामों में ट्रांसफार्मर खराब होने तथा उनसे सम्बद्ध उपभोक्ताओं द्वारा नियमानुसा&