मध्यप्रदेश विधान सभा
प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च, 2026 सत्र
शुक्रवार, दिनांक 27 फरवरी, 2026
भाग-1
तारांकित
प्रश्नोत्तर
विकास
कार्य
प्रारंभ किया
जाना
[नगरीय विकास एवं आवास]
1. ( *क्र. 3033 ) श्रीमती रीती पाठक : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी विधानसभा क्षेत्र में पुराने बस स्टैंड को गिराकर नया शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए 7 करोड़ की राशि राज्य सरकार द्वारा लगभग 2 वर्ष पूर्व स्वीकृत की गई थी, किन्तु आज दिनाँक तक सीधी नगरपालिका द्वारा न तो निविदा प्रक्रिया की गई है, न ही कार्य प्रारंभ हो सका है? इसका कारण क्या है एवं यह कार्य कब तक प्रारंभ कर दिया जायेगा? (ख) इस सदन के माध्यम से पूर्व में भी नगरपालिका क्षेत्र अंतर्गत अवैध कॉलोनियों एवं अवैध प्लॉटिंग के संबंध में की गई कार्यवाही की जानकारी मांगी गई थी? सीधी नगरपालिका क्षेत्र में पिछले तीन वर्षों में बिना रेरा रजिस्ट्रेशन के कितनी अवैध कॉलोनियां बनाई गईं हैं एवं इस संबंध में नगरपालिका सीधी द्वारा क्या कदम उठाये गये हैं? (ग) सीधी नगरपालिका क्षेत्र के लिए सीवर लाइन निर्माण परियोजना की मांग लगातार की जा रही है, इस सीवर लाइन निर्माण परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति कब तक जारी कर दी जायेगी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र "अ" अनुसार है। (ख) सीधी नगरपालिका में 05 अवैध कॉलोनियां चिन्हांकित हैं। कार्यवाही की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र "ब" अनुसार है। (ग) सीवर लाइन परियोजना स्वीकृत नहीं है। शासन स्तर पर कोई प्रस्ताव इस संबंध में विचाराधीन नहीं है।
राजघाट पेयजल परियोजनांतर्गत पेयजल आपूर्ति एवं जल शुद्धीकरण
[नगरीय विकास एवं आवास]
2. ( *क्र. 1640 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर की राजघाट पेयजल योजनांतर्गत पेयजल आपूर्ति हेतु टाटा कंपनी द्वारा D.P.R. तैयार की गई थी, इसमें कितने कि.मी. की नई पाइप-लाइन बिछाई जानी थी तथा कितने कि.मी. की नई पाइप-लाइन बिछाई जा चुकी है एवं कितनी शेष है? प्रोजेक्ट में कितने कि.मी. की पुरानी पाइप-लाइन का उपयोग किया जा रहा है? (ख) उपयोग की जा रही पुरानी पाइप-लाइन लीकेज एवं जर्जर अवस्था में हैं, जिस कारण घरों तक दूषित पेयजल पहुँच रहा है, इससे इन्दौर जैसी दुःखद घटना घटित होने की संभावनायें बनी हुई हैं? क्या शासन द्वारा इन पुरानी पाइप लाइनों को बदला जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) इन्दौर में दूषित पेयजल से हुई घटना के पश्चात प्रदेश के निकायों द्वारा जल शुद्धीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है? सागर में पेयजल आपूर्ति में नगर निगम द्वारा जल शुद्धीकरण हेतु क्या-क्या व्यवस्थायें की जा रही है? क्या जल शुद्धीकरण हेतु अधिकृत केमिस्ट की नियुक्ति की गई है? (घ) नगर निगम सागर में पेयजल योजनांतर्गत टाटा कंपनी द्वारा कार्य किया गया है, किन्तु शहर के कई क्षेत्रों में अभी भी पानी सप्लाई का प्रेशर कम है, जिस कारण अनेक वार्डों में निर्धारित मात्रा में पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है? क्या शासन द्वारा इस समस्या के समाधान हेतु कोई कार्ययोजना बनाई गई है?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं, सागर की राजघाट पेयजल योजना अंतर्गत पेयजल आपूर्ति हेतु डी.पी.आर. नगर पालिक निगम सागर द्वारा कंसल्टेंट के माध्यम से तैयार करायी गई थी। विस्तृत कार्य योजना में विभिन्न व्यास की 260.00 कि.मी. पाइप-लाइन बिछायी जानी थी तथा निविदा स्वीकृति उपरांत संविदाकार मेसर्स टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के सर्वे अनुसार आकलित कुल 264.284 कि.मी. (सी.डब्लू.आर. व डिस्ट्रीब्यूशन) पाइप-लाइन बिछाई जानी थी, परन्तु समय एवं मांग अनुसार कुल 395.615 कि.मी. नवीन पाइप-लाइन बिछायी जा चुकी है तथा पैकेज-6B के अंतर्गत सागर नगर निगम क्षेत्रान्तर्गत पाइप-लाइन बिछाने का कार्य शेष नहीं है। प्रोजेक्ट में 46.961 कि.मी. पुरानी पाइप-लाइन का उपयोग जलप्रदाय के लिये किया जा रहा है। (ख) योजना अंतर्गत जलप्रदाय में उपयोग की जा रही अधिकांश पुरानी लाइनें जर्जर अवस्था में नहीं हैं व घरों में दूषित पेयजल न पहुंचे इस हेतु लीकेजों को चिन्हित किया जाकर निरंतर मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है। नगर पालिक निगम सागर के क्षेत्र अंतर्गत इन्दौर जैसी घटना घटित होने की संभावना नगण्य है। जलप्रदाय में उपयोग की जाने वाली भगवानगंज क्षेत्र की पुरानी पाइप-लाइन को बदलने का कार्य प्रगति पर है, अतिशीघ्र ही जलप्रदाय प्रारंभ कर दिया जावेगा। (ग) सागर में पेयजल आपूर्ति हेतु नगर निगम सागर द्वारा राजघाट परियोजना की प्रयोगशाला में पेयजल परीक्षण की व्यवस्था है, जिसमें निर्धारित प्रक्रिया एवं मानकों अनुसार जलप्रदाय के पूर्व प्रतिदिन पेयजल का परीक्षण किया जा रहा है। पेयजल आपूर्ति में विभिन्न स्थानों को चिन्हांकित कर जलप्रदाय के दौरान जल की समुचित फिजिकल/केमिकल/बेक्टोरियोलॉजिकल जांच भी की जा रही है। जी हाँ, अनुबंध अनुसार संविदाकार द्वारा परियोजना में केमिस्ट की नियुक्ति की गई है। (घ) नगर निगम सागर में पेयजल योजना का संचालन एवं संधारण का कार्य संविदाकार मेसर्स टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। शहर के जलप्रदाय योजनांतर्गत क्षेत्रों में मानक प्रेशर से निर्धारित मात्रा में पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। नगर पालिक निगम में कम प्रेशर से जलापूर्ति की शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल निराकरण किया जाता है। सभी वार्डों में निर्धारित मात्रा में पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। जी नहीं।
बिछुआ नगर में हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता
[नगरीय विकास एवं आवास]
3. ( *क्र. 3037 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बिछुआ नगर परिषद में वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में किन विकास हेतु किन-किन योजनाओं में कितनी-कितनी राशि शासन से प्राप्त हुई? (ख) बिछुआ नगर परिषद में उपरोक्त वर्षों में सड़क एवं नाली निर्माण की जानकारी वार्डवाइस देवें? (ग) क्या बिछुआ नगर परिषद क्षेत्र में नई बनी सड़क/नाली कुछ ही महीनों में टूट-फूट गई? वार्डवाइस जानकारी देवें। (घ) इन सड़कों एवं नालियों का वॉरंटी/डिफेक्ट लाइबिलिटी अवधि क्या है? D.L.P. के दौरान मरम्मत की जिम्मेदारी किसकी है? (ड.) क्या सड़कें/नाली टूट-फूट गई हैं, तो उनका मरम्मत कार्य समय-सीमा में कराया जायेगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। (ग) वर्तमान में नहीं है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। D.L.P. के दौरान मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित संविदाकार की है। (ड.) वर्तमान में जी नहीं। डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड में मरम्मत कार्य संबंधित संविदाकार से कराया जाता है।
मुख्यमंत्री विद्युत समाधान योजना 2025-26 का क्रियान्वयन
[ऊर्जा]
4. ( *क्र. 2494 ) श्री अशोक ईश्वरदास रोहाणी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री विद्युत समाधान योजना 2025-26 अंतर्गत जबलपुर जिले में कितने बिजली बिल के बकायेदारों को सरचार्ज में लाभ प्राप्त हुआ है? जानकारी दें। (ख) यह योजना कितने समय तक जारी रहेगी, विस्तृत जानकारी दें। (ग) इस योजना अंतर्गत जबलपुर जिले में कुल कितनी राशि का उपभोक्ताओं को सरचार्ज लाभ प्राप्त हुआ? जानकारी दें।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा शुरू की गई "समाधान योजना-2025-26" अंतर्गत जबलपुर जिले में प्रश्न दिनांक तक की स्थिति में कुल 55514 बिजली बिल के बकायादारों को सरचार्ज में छूट का लाभ प्राप्त हुआ है। (ख) राज्य सरकार द्वारा विद्युत वितरण कंपनियों अन्तर्गत वर्तमान में घरेलू, गैर-घरेलू, कृषि एवं औद्योगिक श्रेणी (उच्च दाब समेत) के समस्त संयोजित तथा अस्थायी/स्थायी रूप से विच्छेदित बकायादार उपभोक्ताओं (शासकीय कनेक्शनों को छोड़कर) के विद्युत बिलों में देय सरचार्ज की माफी के उद्देश्य से "समाधान योजना-2025-26" दिनांक 03 नवम्बर, 2025 से दिनांक 28 फरवरी, 2026 तक लागू की गई है। योजना के प्रथम चरण (दिनांक 03.11.2025 से दिनांक 31.01.2026 तक) में एकमुश्त भुगतान की स्थिति में घरेलू एवं कृषि श्रेणी के उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत तथा गैर-घरेलू एवं औद्योगिक श्रेणी के उपभोक्ताओं को 80 प्रतिशत सरचार्ज माफी का प्रावधान है। वहीं किश्तों में भुगतान की स्थिति में क्रमशः 70 प्रतिशत एवं 60 प्रतिशत सरचार्ज माफी का प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार योजना के द्वितीय चरण (दिनांक 01.02.2026 से दिनांक 28.02.2026 तक) में एकमुश्त भुगतान करने पर घरेलू एवं कृषि श्रेणी के उपभोक्ताओं को 90 प्रतिशत तथा गैर-घरेलू एवं औद्योगिक श्रेणी के उपभोक्ताओं को 70 प्रतिशत सरचार्ज माफी तथा किश्तों में भुगतान करने पर क्रमशः 60 प्रतिशत एवं 50 प्रतिशत सरचार्ज माफी का प्रावधान है। (ग) प्रश्न दिनांक तक की स्थिति में ''समाधान योजना 2025-26'' अंतर्गत जबलपुर जिले में कुल राशि रूपये 298.56 लाख का उपभोक्ताओं को सरचार्ज में छूट का लाभ प्राप्त हुआ।
मिश्रित फीडरों का विद्युतीकरण
[ऊर्जा]
5. ( *क्र. 519 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के अतारांकित प्रश्न क्रमांक 140 में प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र के 44 बसाहटों के 319 अविद्युतीकरण घरों एवं 7 सार्वजनिक शासकीय संस्थाओं में विद्युतीकरण की कार्ययोजना तैयार किये जाने का लेख किया गया है, इसकी वर्तमान स्थिति क्या है? यह कार्य किस स्तर पर लंबित है? स्वीकृत 13 बसाहटों में विद्युतीकरण के कार्य की वर्तमान स्थिति क्या है? (ख) प्रश्नकर्ता के अतारांकित प्रश्न क्रमांक 140 में प्रस्तुत जबाव अनुसार घरेलू एवं कृषि फीडर विभक्तिकरण के कार्य हेतु दिनांक 14.11.2025 को निविदा जारी किये जाने का लेख किया गया है, उक्त कार्य किस योजना में स्वीकृत किये गये हैं, प्राक्कलन क्या है तथा इनकी वर्तमान स्थिति क्या है? प्राक्कलन सहित जानकारी उपलब्ध करावें। विधानसभा के कुल 06 मिश्रित फीडरों एवं घरेलू फीडरों से कृषि हेतु विद्युत उपलब्ध कराये जा रहे फीडरों की विगत 06 माह की एम.आर.आई. रिपोर्ट उपलब्ध करावें? (ग) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्तमान में कितने घरेलू फीडर, कितने कृषि फीडर एवं कितने मिश्रित फीडर संचालित हैं, इनके नाम सहित जानकारी प्रदान की जावे? इनमें से किन-किन फीडरों के सेपरेशन का कार्य किया जा रहा है? ऊर्जा विभाग के आकलन के अनुसार विधानसभा क्षेत्र की जनसंख्या एवं कृषि रकबे के आधार पर किस-किस क्षेत्र के लिये कितने-कितने घरेलू एवं कृषि फीडर स्थापित होना चाहिये, जो कि वर्तमान में कितने हैं? पृथक-पृथक जानकारी देवें।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) अतारांकित प्रश्न क्रमांक 140 के उत्तर में उल्लेखित विद्युतीकरण कार्यों हेतु प्रशासकीय स्वीकृति अप्राप्त है। अत: शेष प्रश्नांश नहीं उठता है। तथापि भविष्य में केन्द्र एवं राज्य शासन की विद्युतीकरण की योजना प्रचलन में आने पर योजना के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पात्र बसाहटों/घरों के विद्युतीकरण का कार्य वित्तीय उपलब्धता अनुसार कराया जायेगा। उक्त के अतिरिक्त प्रश्नाधीन क्षेत्रान्तर्गत धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DA-JUGA) योजनांतर्गत स्वीकृत 13 बसाहटों में से 7 बसाहटों के विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है एवं शेष कार्य प्रगतिरत है। (ख) जी हाँ। उक्त कार्य आर.डी.एस.एस. योजना में स्वीकृत हैं। प्रश्नांश में उल्लेखित फीडर विभक्तिकरण कार्य हेतु म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड द्वारा दिनांक 31.12.2025 को मेसर्स रैनी पॉवर, भोपाल को कार्यादेश जारी किया गया है। उक्त निवेदित फर्म द्वारा संयुक्त सर्वे पश्चात टॉस्क आई.डी. अनुसार प्राक्कलन तैयार कर स्वीकृत किये जावेंगे। अत: शेष प्रश्नांश नहीं उठता है। विधानसभा क्षेत्र टिमरनी अंतर्गत 05 मिश्रित 11 के.व्ही. फीडरों से कृषि कार्य हेतु विद्युत उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अतिरिक्त हरदा विधानसभा क्षेत्र के 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्रों से निर्गमित 03 मिश्रित 11 के.व्ही. फीडरों से जुड़े टिमरनी विधानसभा क्षेत्र के 34 ग्रामों को कृषि कार्य हेतु विद्युत प्रदाय की जा रही है। उक्त 3 मिश्रित फीडरों के विभक्तिकरण कार्य भी उपरोक्त कार्यादेश में सम्मिलित हैं। प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र के 05 मिश्रित फीडरों की विगत 6 माह की अवधि हेतु एम.आर.आई. रिपोर्ट की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। उल्लेखनीय है कि विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कृषि कार्य हेतु किसी भी घरेलू फीडर से विद्युत आपूर्ति नहीं की जाती है। (ग) प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्तमान में 11 के.व्ही. के 30 घरेलू फीडर, 11 के.व्ही. के 60 कृषि फीडर एवं 05 मिश्रित 11 के.व्ही. फीडर संचालित हैं, जिनकी प्रश्नाधीन चाही गयी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के क्रमश: प्रपत्र 'ब', 'ब-1' एवं 'ब-2' अनुसार है। उक्त में से फीडर सेपरेशन के कार्य वाले मिश्रित फीडरों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब-2' अनुसार है। इसके अतिरिक्त हरदा विधानसभा क्षेत्र के 03 मिश्रित फीडरों से जुडे टिमरनी विधानसभा क्षेत्र के 34 ग्रामों को कृषि हेतु विद्युत उपलब्ध कराई जा रही है। उल्लेखनीय है कि क्षेत्र की जनसंख्या एवं कृषि रकबे के आधार पर फीडरों की स्थापना नहीं की जाती है, यद्यपि क्षेत्र में विद्युत उपभोक्ताओं के विद्युत भार के अनुसार विद्युत अधोसंरचना का निर्माण एवं विस्तार किया जाता है। वर्तमान में प्रश्नाधीन क्षेत्र में 11 के.व्ही. के कुल 95 फीडर स्थापित हैं। उल्लेखनीय है कि स्थापित विद्युत अधोसंरचना अतिभारित पाये जाने की स्थिति में समय-समय पर नियमानुसार प्रणाली सुदृढ़ीकरण योजना अथवा सामान्य विकास योजना के तहत तकनीकी साध्यता अनुसार स्थापित विद्युत अधोसंरचना के विस्तार संबंधी कार्य के प्रस्ताव पर सक्षम स्वीकृति उपरांत विद्युत अधोसंरचना निर्माण एवं विस्तार की कार्यवाही की जाती है, जो कि एक सतत् प्रक्रिया है।
केसली को नगर पंचायत का दर्जा दिया जाना
[नगरीय विकास एवं आवास]
6. ( *क्र. 1852 ) श्री बृज बिहारी पटैरिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर जिले के अंतर्गत विधान सभा क्षेत्र देवरी की ग्राम पंचायत केसली जिले की बड़ी ग्राम पंचायतों में से एक है? तहसील व ब्लॉक मुख्यालय भी है, जिसकी आबादी लगभग तेरह हजार है? यदि 01 कि.मी. क्षेत्र के ग्रामों-मरामाधौ, समनापुर जमुनिया, रामखेरी कुकवारा, बैरसला, डुंगरिया आदि ग्रामों को सम्मिलित कर दिया जाये तो आबादी लगभग 22 हजार हो जावेगी। उक्त ग्राम पंचायत को नगर पंचायत बनाने हेतु कई वर्षों से मांग की जा रही है। (ख) क्या उक्त संबंध में कोई प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित है? (ग) यदि हाँ, तो ग्राम पंचायत केसली को कब तक नगर पंचायत का दर्जा प्राप्त हो जायेगा? (घ) यदि नहीं, तो इस संबंध में शासन की क्या योजना है।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) नगर परिषद बनाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) उत्तरांश ''ग'' के कारण शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
ग्रामीण क्षेत्र में विद्युतीकरण कार्य
[ऊर्जा]
7. ( *क्र. 1727 ) श्री साहब सिंह गुर्जर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा 14 ग्वालियर ग्रामीण क्षेत्रान्तर्गत क्या समस्त ग्रामों, बसाहटों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण कार्य हो गया है? यदि हाँ, तो ग्रामवार, बसाहटवार जानकारी उपलब्ध करावें? यदि नहीं, तो विद्युतीकरण कब तक किया जावेगा? समय-सीमा बतावें। (ख) प्रदेश में कृषि फीडरों, कमर्शियल फीडरों एवं डोमेस्टिक फीडरों पर दिन-रात में कितने-कितने घण्टें विद्युत आपूर्ति का प्रावधान है? क्या प्रावधान अनुसार नियमित विद्युत आपूर्ति की जा रही है? यदि नहीं, तो कारण बतावें तथा विधानसभा 14 ग्वालियर ग्रामीण अन्तर्गत किन-किन फीडरों पर नियमित आपूर्ति की जा रही है? ग्रामवार विस्तृत जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) विधानसभा क्षेत्र 14 ग्वालियर ग्रामीण में समाधान योजनान्तर्गत किन-किन कृषकों एवं घरेलू उपभोक्ताओं को विद्युत बकाया राशि पर छूट का लाभ प्रदाय किया गया है? ग्रामवार, कृषकवार/उपभोक्तावार जानकारी उपलब्ध करावें। समाधान योजना में विद्युत देयक जमा करने के उपरान्त भी ट्रांसफार्मर समय-सीमा में क्यों नहीं उपलब्ध कराये जा रहें हैं? समाधान योजनान्तार्गत विधानसभा क्षेत्र 14 ग्वालियर ग्रामीण में कहां-कहां ट्रांसफार्मर रखवाये गये हैं? ग्रामवार जानकारी उपलब्ध करावें।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ, विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-14 ग्वालियर-ग्रामीण अंतर्गत समस्त राजस्व ग्राम एवं इनके संसूचित मजरे/टोले पूर्ववर्ती ग्रामीण विद्युतीकरण योजनाओं के अंतर्गत विद्युतीकृत हैं, जिनकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। उल्लेखनीय है कि नये घरों का बनना एक सतत् प्रक्रिया है, जिनके विद्युतीकरण का कार्य समय-समय पर उपलब्ध विद्युतीकरण की योजनाओं के अंतर्गत किया जाता है। वर्तमान स्थिति में प्रश्नाधीन क्षेत्रांतर्गत 28 अतिरिक्त नवीन बसाहटें विकसित पाई गयी हैं, जो विद्युतीकरण हेतु शेष हैं। वर्तमान में विद्युतीकरण हेतु संचालित भारत सरकार की धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना के दिशा-निर्देशों/मापदण्डों के अनुरूप उक्त बसाहटें पात्र नहीं होने के कारण योजना अंतर्गत स्वीकृत नहीं किये जा सके हैं। तथापि केन्द्र/राज्य शासन की विद्युतीकरण योजना की उपलब्धता अनुसार भविष्य में प्रश्नाधीन शेष नवनिर्मित विद्युत विहीन मजरों/टोलों/बसाहटों के विद्युतीकरण हेतु आवश्यक कार्यवाही किया जाना संभव हो सकेगा। (ख) वर्तमान में प्रदेश में राज्य शासन के नियमानुसार कृषि प्रयोजन हेतु 11 के.व्ही. कृषि फीडरों के माध्यम से प्रतिदिन औसतन 10 घंटे एवं गैर कृषि उपभोक्ताओं को 11 के.व्ही. गैर कृषि फीडरों के माध्यम से 24 घंटे विद्युत आपूर्ति किये जाने का प्रावधान है। किसानों को कृषि कार्य हेतु विद्युत उपलब्धता, ग्रिड स्थिरता एवं अन्य तकनीकी आधारों पर वर्तमान में प्रचलित नियमानुसार कृषि उपभोक्ताओं का दिन में औसत 6 घण्टे एवं रात्रि में औसत 4 घंटे विद्युत आपूर्ति का निर्धारण किया गया है। जी हाँ। उल्लेखनीय है कि विद्युत लाइनों/अधोसंरचना के रख-रखाव हेतु पूर्व निर्धारित शट-डाउन लेने तथा तकनीकी कारणों/प्राकृतिक आपदा से आये आकस्मिक व्यवधानों जैसी अपरिहार्य स्थिति के कारण कतिपय अवसरों पर विद्युत प्रदाय बाधित होता है, जिसमें आवश्यक रख-रखाव/सुधार कार्य कर विद्युत प्रदाय शीघ्र ही सुचारू कर दिया जाता है। प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्रांतर्गत विद्यमान 11 के.व्ही. के 71 कृषि फीडरों एवं 11 के.व्ही. के 67 गैर कृषि फीडरों के माध्यम से उक्तानुसार विद्युत प्रदाय किया जा रहा है, जिसकी प्रश्नाधीन चाही गई फीडरवार/ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' एवं 'स' अनुसार है। (ग) प्रश्नाधीन क्षेत्रांतर्गत वर्तमान में संचालित समाधान योजना अंतर्गत प्रश्न दिनांक तक की स्थिति में 1395 कृषि उपभोक्ताओं को राशि रूपये 4,06,66,982/- एवं 1721 घरेलू उपभोक्ताओं को राशि रूपये 1,30,58,038/- का लाभ प्रदान किया गया है, जिसकी प्रश्नाधीन चाही गई ग्रामवार, कृषकवार/उपभोक्तावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'द' अनुसार है। प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्रांतर्गत समाधान योजना में विद्युत देयक जमा करने के उपरांत अपात्र रहे जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों की समीक्षा उपरांत नियमानुसार कोई भी जला/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदलने हेतु पात्र नहीं पाया गया है। समाधान योजनांतर्गत वितरण ट्रांसफार्मर रखवाये जाने का प्रावधान नहीं है, अत: शेष प्रश्न नहीं उठता।
सीवरेज प्रोजेक्ट में अनियमितता की जांच
[नगरीय विकास एवं आवास]
8. ( *क्र. 1657 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा खुदाई के पूर्व रोड कटिंग में कँक्रीट कटर मशीन के उपयोग करने के निर्देश दिये गये हैं? अगर हाँ, तो निर्देशों की छायाप्रतियां देवें। (ख) क्या बड़वानी शहर में पोकलेन/जे.सी.बी. रॉकब्रेकर मशीन से सी.सी. रोड की खुदाई कराई जा रही है? यदि हाँ, तो निरीक्षणकर्ता अधिकारी कौन-कौन हैं एवं इनके द्वारा किये गये निरीक्षण प्रतिवेदनों की छायाप्रतियां देवें। (ग) क्या बड़वानी शहर के सीवरेज प्रोजेक्ट के निविदा दस्तावेज में सीवर मैनहोल के निर्माण इंडियन स्टैण्डर्ड-4111 अनुसार मैनहोल चैम्बर में दोनों तरफ प्लास्टर किया जाना चाहिये? यदि हाँ, तो निर्देशों की छायाप्रतियां देवें? (घ) क्या प्रश्नांश (ग) वर्णित अधिकांश मैनहोल चैम्बर में दोनों तरफ प्लास्टर नहीं किया जा रहा है? यदि हाँ, तो कार्य के निरीक्षणकर्ता अधिकारी द्वारा किये गये निरीक्षण प्रतिवेदनों की छायाप्रतियां देवें। (ड.) क्या बड़वानी शहर में चल रहे सीवरेज प्रोजेक्ट हेतु अस्थाई तथा स्थाई रोड रेस्टोरेशन के लिए म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कंपनी के क्या निर्देश हैं? निर्देशों की छायाप्रतियां देवें। बड़वानी शहर में ठेकेदार द्वारा निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है? कार्य के निरीक्षणकर्ता अधिकारी द्वारा किये गये निरीक्षण प्रतिवेदनों की छायाप्रतियां देवें एवं अनुबंध एवं निर्देशों का पालन नहीं करने वाले संबंधित ठेकेदार के विरूद्ध कार्यवाही करते हुये संपूर्ण कराये गये कार्य एवं चल रहे कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराई जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ, निर्देशों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) जी हाँ, कँक्रीट रोड पेवमेंट कटिंग के पश्चात स्थल की आवश्यकतानुसार पोकलेन/जे.सी.बी. रॉक ब्रेकर द्वारा खुदाई की जा रही है। प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सलाहकार जी.आई. टेक एवं पी.आई.यू. के यंत्रियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाता है। यह नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है, अतः निरीक्षण उपरांत समय-समय पर दिये गये निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (ग) जी हाँ, अनुबंध की जानकारी पुस्तकालय में परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। (घ) जी नहीं, सामान्यतः मैनहोल चैम्बर के दोनों ओर प्लास्टर किया जा रहा है, तथापि नियमित निरीक्षण के दौरान यदि मैनहोल के दोनों ओर प्लास्टर किया जाना नहीं पाया जाता है, तो तत्काल संविदाकार को निर्देशित कर सुधार कर दिया जाता है। निरीक्षण प्रतिवेदन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार है। (ड.) संविदाकार द्वारा रोड रेस्टोरेशन अनुबंध अनुसार एवं खोदी गई सड़क की स्थल पर स्थिति अनुसार किया जाना है। पृथक से जारी निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''इ'' अनुसार है। जी नहीं, निरीक्षण के दौरान दिये निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''फ'' अनुसार है। सीमेंट कँक्रीट रोड रेस्टोरेशन कार्य की गुणवत्ता की जांच कोरकटर लेकर पृथक से कराई जाती है, जिसके आधार पर ही कार्यवाही की जाती है। अतः जाँच की आवश्यकता नहीं है।
शिवपुरी जिले में खराब विद्युत व्यवस्था
[ऊर्जा]
9. ( *क्र. 3050 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी एवं पोहरी विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र कहां-कहां पर कितनी-कितनी क्षमता के हैं, कितने M.V.A. के कितने पावर ट्रान्सफार्मर लगे हुए हैं? उपकेन्द्रों से कितने 11 के.व्ही. फीडर कितनी-कितनी लम्बाई के निकले हुए हैं? वितरण केन्द्रवार एवं विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी दें, की कितने पावर ट्रान्सफार्मर ओवरलोडेड हैं? (ख) शिवपुरी में 33/11 के.व्ही. के विद्युत उपकेन्द्र भेड़फार्म में कितने पावर ट्रान्सफार्मर कितनी क्षमता के कब से स्थापित हैं? इस उपकेन्द्र से कौन-कौन से 11 के.व्ही. लाइन फीडर निकले हैं, इनकी अन्तिम छोर तक फीडरवार लम्बाई कितनी है? उपकेन्द्र से निकले सिटी फीडर की 11 के.व्ही. लाइन कब बिछाई गई थी? इसमें कितने पोल लोहे के और कितने सीमेन्ट के हैं, कितने टेढ़े एवं कितने टूटे हैं? जानकारी दें। (ग) भेड़फार्म सिटी फीडर की 11 के.व्ही. लाइन कितने मकानों के ऊपर से कितनी उंचाई से निकली हैं? क्या रहवासियों को 11 के.व्ही. लाइन से जान-माल का खतरा है? यदि हाँ, तो उक्त लाइन सड़क किनारे कब तक शिफ्ट करके रहवासियों को जान-माल के खतरे से मुक्ति दिलाई जायेगी? (घ) विधानसभा क्षेत्र-24 पोहरी के अन्तर्गत पोहरी एवं बैराड़ में कितने मकानों के ऊपर से कौन सी विद्युत लाइनें निकली हैं, उक्त लाइनों को मकानों के ऊपर से कब तक शिफ्ट किया जायेगा, जिससे जन-धन हानि होने की संभावना से बचाया जा सके?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्रों के अन्तर्गत स्थापित 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्रों एवं इन पर स्थापित पावर ट्रांसफार्मर की प्रश्नाधीन चाही गयी स्थानवार एवं क्षमतावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। उक्त 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्रों से निर्गमित 11 के.व्ही. फीडरों का प्रश्नाधीन चाहा गया वितरण केन्द्रवार एवं विधानसभा क्षेत्रवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। उक्त स्थापित पावर ट्रांसफार्मरों में से अतिभारित पॉवर ट्रांसफार्मरों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। (ख) शिवपुरी में वर्तमान में भेड़फार्म नाम से कोई भी 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र स्थापित नहीं है। अत: प्रश्न नहीं उठता है। तथापि विद्यमान 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र खेरू होटल से निर्गमित 11 के.व्ही. सिटी फीडर (भेडफार्म फीडर) की लाइन लगभग 50 वर्ष पूर्व बिछाई गई थी, जिसमें 80 लोहे के पोल एवं 85 सीमेंट के पोल विद्यमान हैं एवं इनमें से कोई भी पोल टेड़े अथवा टूटी हुई अवस्था में नहीं है। (ग) 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र खेरू होटल से निर्गमित 11 के.व्ही. सिटी फीडर (भेडफार्म फीडर) का निर्माण लगभग 50 वर्ष पूर्व निर्धारित मानकों के आधार पर जमीन से सुरक्षित दूरी रखते हुये किया गया था। तदोपरान्त उक्त लाइन के नीचे कालान्तर में समय-समय पर रहवासियों द्वारा नियम विरूद्ध मकानों का निर्माण कराया गया। लाइन के नीचे बिना अनुमति निर्माण कराये जाने से मानक दूरी कम हुई है तथा मकानों की ऊंचाई अलग-अलग होने के कारण सटीक ऊंचाई का आकलन किया जाना संभव नहीं है। केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा विद्युत आपूर्ति और सुरक्षा से संबंधित उपाय के लिये विनियम दिनांक 08.06.2023 को अधिसूचित किये गये हैं, जिनके अनुसार विद्युत अधोसंरचना में फेरबदल/शिफ्टिंग की आवश्यकता होने की स्थिति में फेरबदल/शिफ्टिंग की आपूर्तिकर्ता द्वारा आंकी गई लागत की राशि आवेदक/अन्य संबंधित संस्थाओं द्वारा जमा करने पर अथवा आवेदक द्वारा विद्युत अधोसंरचना विस्थापित करने हेतु स्वीकृत प्राक्कलन की 5 प्रतिशत राशि सुपरविजन चार्ज के रूप में वितरण कंपनी में जमा करते हुए स्वयं 'अ' श्रेणी के ठेकेदार से, विद्युत अधोसंरचना के विस्थापन हेतु कार्यवाही की जा सकती है। (घ) पोहरी विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत वर्तमान में 11 के.व्ही. पोहरी सिटी फीडर की लाइन लगभग 82 मकानों के ऊपर से,11 के.व्ही. चकराना पंप फीडर की लाइन, 33 के.व्ही. गोवर्धन लाइन, 11 के.व्ही. झलवासा पंप लाइन, 11 के.व्ही. बूडदा पंप लाइन एवं 11 के.व्ही. ऐंचवाड़ा पंप फीडर की लाइन लगभग 99 मकानों के ऊपर से गुजरी हुई है। उपरोक्त लाइनों के शिफ्टिंग की कार्यवाही उत्तरांश (ग) में उल्लेखित प्रावधानों के अनुरूप की जा सकती है, जिस हेतु वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
गौशालाओं के संबंध में
[पशुपालन एवं डेयरी]
10. ( *क्र. 1813 ) श्री अनिरुध्द (माधव) मारू : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्य प्रदेश में कितनी गौशालाएं संचालित हो रही हैं? जिलावार जानकारी उपलब्ध कराई जावे। (ख) विगत 5 वर्षों में मध्यप्रदेश में कितनी गौशालाओं को शासकीय अनुदान प्रदान किया गया है? जिलावार जानकारी उपलब्ध कराई जावे। (ग) प्रत्येक गौशाला में कितने गोवंश हैं और उनकी गणना किसके द्वारा की जाती है एवं अनुदान हेतु गोवंश की संख्या किस अधिकारी के द्वारा प्रमाणित की जाती है, जिसके आधार पर अनुदान दिया जाता है? (घ) अनुदान प्राप्त गौशालाओं आदि में ट्रैकिंग किस प्रकार की जा रही है? क्या ट्रैकिंग कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के माध्यम से की जा रही है या मैनुअल तरीके से की जा रही है?
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) प्रदेश में 3040 गौशालाएं संचालित हैं, जिनमें से पंजीकरण के प्रावधानों के अनुसार 3127 गौशालाएं मध्यप्रदेश गौसंवर्धन बोर्ड अंतर्गत पंजीकृत हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (ग) गौशालाओं में गौवंश संख्या की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। गौशालाओं में उपलब्ध गौवंश संख्या की गणना प्रतिदिन के आधार पर संबंधित गौशाला के संचालक द्वारा M.P. Gaushala App में दर्ज की जाती है। उक्त गौवंश संख्या का सत्यापन प्रत्येक माह में संबंधित क्षेत्र के पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ/पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारी द्वारा किया जाता है। सत्यापित गणना का अनुमोदन जिला उप संचालक द्वारा जिला गौपालन एवं पशुधन संवर्धन समिति के अध्यक्ष, जो कि संबंधित जिले के कलेक्टर होते हैं, से कराया जाकर App में दर्ज की जाती है। उक्त अनुमोदित गौवंश संख्या के आधार पर बोर्ड द्वारा D.B.T. Portal के माध्यम से गौशालाओं के बैंक खातों में अनुदान राशि मासिक आधार पर अंतरित की जाती है। (घ) अनुदान प्राप्त गौशालाओं में उपलब्ध गौवंश की ट्रैकिंग मेनुअल तरीके से प्रति गौवंश की गणना करके की जाती है।
सड़कों एवं निर्माणाधीन पुलों के निर्माण में अनियमितता
[लोक निर्माण]
11. ( *क्र. 2975 ) श्री मधु भगत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्तीय वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक बालाघाट जिले में कुल कितनी सड़कों एवं पुलों (Bridges) के निर्माण की स्वीकृति दी गई है? इनमें से कितने कार्य पूर्ण हो चुके हैं और कितने निर्माणाधीन हैं? कार्यवार नाम, एजेंसी का नाम एवं स्वीकृत राशि का विवरण देवें। (ख) क्या विभाग को यह शिकायतें प्राप्त हुई हैं कि निर्माणाधीन पुलों का निर्माण अनुमोदित ड्रॉइंग और डिजाइन (Approved Drawing & Design) के अनुसार नहीं किया जा रहा है? क्या पुलों के निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री (कँक्रीट ग्रेड, सरिया आदि) की गुणवत्ता की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी (Third Party Inspection) से कराई गई है? यदि हाँ, तो रिपोर्ट का विवरण दें? (ग) जिले में सड़कों के पैच वर्क और संधारण में हो रही घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग पर विभाग की क्या निगरानी प्रक्रिया है? क्या गुणवत्ताविहीन कार्यों के कारण पहली बारिश में ही पैच वर्क उखड़ रहे हैं? (घ) क्या सरकार बालाघाट जिले में निर्माणाधीन पुलों के स्ट्रक्चरल ऑडिट (Structural Audit) और सड़कों की गुणवत्ता की जांच हेतु मुख्यालय स्तर से एक विशेष तकनीकी जांच दल गठित करेगी? यदि पुल/सड़कें ड्रॉइंग के विपरीत या घटिया पाई जाती है, तो संबंधित एस.डी.ओ. (S.D.O.), इंजीनियर और ठेकेदार पर क्या दंडात्मक कार्यवाही की जावेगी?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' एवं 'अ-1' अनुसार है। (ख) जी नहीं, गुणवत्ता की जाँच पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' के स्तंभ 8 अनुसार है, रिपोर्ट पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 से 7 अनुसार है। (ग) सड़कों के पेंच वर्क एवं संधारण कार्य में उपयोग होने वाली सामग्री की प्रयोगशाला में जांच उपरांत टेस्ट रिजल्ट मानक अनुसार प्राप्त होने पर ही सामग्री का उपयोग किया जाता है। जी नहीं। (घ) जी नहीं। कार्य के मानकों के अनुसार किया जाता है। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
उगली कंजई मार्ग का चौड़ीकरण
[लोक निर्माण]
12. ( *क्र. 2207 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सिवनी अंतर्गत उगली से कंजई तक के मार्ग का चौड़ीकरण अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यह मार्ग राज्य राजमार्ग से जुड़ता है? इस मार्ग के 30 कि.मी. चौड़ीकरण हेतु अब तक कौन-कौन से सर्वे/डी.पी.आर. तैयार किये गये हैं? उनकी वर्तमान स्थिति क्या है? क्या यह मार्ग चौड़ीकरण हेतु कोई प्रक्कलन तैयार है? नहीं है तो कब तक तैयार कर आगे कार्यवाही की जायेगी। (ख) क्या प्रश्नांश (क) वर्णित मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग (N.H.) अथवा राज्य राजमार्ग से जोड़ने का प्रस्ताव केंद्र/राज्य सरकार को भेजा गया है? यदि हाँ, तो उस पर क्या कार्यवाही हुई है? इस परियोजना के लिए अनुमानित लागत कितनी है और वित्तीय स्वीकृति कब तक दी जायेगी? (ग) क्या चौड़ीकरण कार्य प्रारंभ न होने के कारण क्षेत्रवासियों को यातायात, दुर्घटनाओं एवं विकास में क्या-क्या समस्याएँ हो रही हैं एवं इसे कब तक पूर्ण किया जावेगा, निश्चित अवधि बताएं।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) से (ग) प्रश्नांकित मार्ग लोक निर्माण विभाग के कार्य क्षेत्रांतर्गत नहीं है, अपितु मार्ग ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के अधीन है, उनसे प्राप्त उत्तर संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
बिना भूमि पूजन के कार्य प्रारंभ किया जाना
[लोक निर्माण]
13. ( *क्र. 1797 ) श्रीमती मनीषा सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र जयसिंह नगर अंतर्गत स्वीकृत की गई मोहपारु-जैतपुर मार्ग से कठौतिया पहुँच मार्ग की वर्तमान स्थिति क्या है? क्या प्रशासनिक स्वीकृति विभाग द्वारा जारी की गई है? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार उक्त सड़क की यदि प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है तो आदेश की प्रति, निविदा जारी दिनांक, पूर्ण होने का दिनांक, प्राप्तकर्ता का नाम, पता तथा कार्य की स्थिति क्या है? जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा जारी आदेश में क्या यह आदेशित किया गया है कि विधानसभा क्षेत्र में कोई भी निर्माण कार्य यदि शासन एवं प्रशासन द्वारा स्वीकृत होती है तो उसका शिलान्यास, भूमि पूजन एवं कार्य पूर्ण होने पर लोकार्पण का कार्य स्थानीय विधायक/सांसद की उपस्थिति में कराया जाना है? यदि हाँ, तो क्या उक्त मार्ग का शिलान्यास/भूमिपूजन स्थानीय विधायक/सांसद के माध्यम से कराई गई है? यदि हाँ, तो शिलान्यास का फोटोग्राफ उपलब्ध करावें। यदि नहीं, तो क्यों? (घ) प्रश्नांश (ग) अनुसार क्या जिले के लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के द्वारा स्थानीय विधायक/सांसद का उक्त सड़क का बिना भूमि पूजन कराये प्रारंभ कराकर शिष्टाचार का उल्लंघन किये जाने पर उनके विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) गोहपारु-जैतपुर मार्ग से कठौतिया पहुँच मार्ग में अर्थवर्क का कार्य प्रगतिरत, जी हाँ, आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ग) जी हाँ। उक्त मार्ग का भूमि पूजन माननीय मुख्यमंत्री जी मध्यप्रदेश का शहडोल जिले के विधानसभा ब्यौहारी में भ्रमण दिनांक 09.06.2025 को संपन्न हुआ। फोटोग्राफ्स पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्नांश ''ग'' के संदर्भ में शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
दैनिक वेतन भोगियों का विनियमितीकरण
[नगरीय विकास एवं आवास]
14. ( *क्र. 2954 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2006 से 2016 तक इस अवधि में काम करने वाले दैनिक वेतन भोगियों को विनियमित करने के आदेश जारी किये गये थे? नागदा-खाचरौद की नगरपालिका में इस अवधि में काम करने वाले कितने कर्मचारी हैं? कितने कर्मचारियों का विनियमितीकरण किया गया है और कितने शेष हैं? जानकारी दें। (ख) वर्तमान में इस आदेश अनुसार जो कर्मचारी शेष हैं, उन्हें द्वितीय चरण में (2016 से 2026 तक) विनियमितीकरण करने के लिए शासन क्या कार्रवाई कर रहा है? जानकारी दें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं, अपितु म.प्र. शासन द्वारा दिनांक 16 मई, 2007 से 01 सितम्बर, 2016 तक इस अवधि में काम करने वाले दैनिक वेतन भोगियों को विनियमित करने के आदेश जारी किये गये थे। नगरपालिका परिषद, नागदा/खाचरौद की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) विभाग स्तर पर ऐसी कोई कार्यवाही प्रचलित नहीं है।
नगरीय निकायों के लेगेसी वेस्ट संबंधी जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
15. ( *क्र. 3210 ) श्री राजेन्द्र भारती : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में नगरीय निकायों में लेगेसी वेस्ट के संबंध में केन्द्र सरकार/राज्य सरकार/विभाग द्वारा निर्देश जारी किये गये हैं? यदि हाँ, तो कृपया आदेश/निर्देशों की प्रतियां प्रदान करें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) में जारी आदेश/निर्देश के क्रम में वर्ष 2022-23 से 2025-26 में दतिया, बडौनी, भाण्डेर, इंदरगढ़, सेवढ़ा एवं जिला खरगौन में बड़वाह नगरपालिका में कितनी-कितनी राशि व्यय की गई? निकायवार वर्षवार, माहवार जारी राशि एवं व्यय राशि का पृथक-पृथक विवरण प्रदान करते हुये, उक्त कार्य हेतु भुगतान के समस्त देयकों की वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक की जानकारी प्रदान करते हुये बतायें कि लेगेसी वेस्ट का कितना निस्तारण संबंधित निकायों में किया जा चुका है? यदि नहीं, तों क्यों कारण सहित अवगत करायें। (ग) क्या नगरपालिका बड़वाह जिला खरगौन में वर्ष 2020-21 से 2025-26 तक विकास कार्य कराये गये हैं? यदि हाँ, तो वर्ष 2020-21 से प्रश्न दिनांक तक बड़वाह नगरपालिका को प्राप्त समस्त बजट राशि एवं व्यय की गई राशि एवं नगरपालिका बड़वाह दतिया नगरपालिका बडौनी/सेवढ़ा/भाण्डेर एवं इंदरगढ़ की 2020-21 से प्रश्न दिनांक तक की माहवार प्रोसिडिंग एवं क्रियान्वन की जानकारी प्रदान करें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है एवं शेष प्रश्नांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र–द अनुसार है।
विस्थापित परिवारों को पट्टों का प्रदाय
[नगरीय विकास एवं आवास]
16. ( *क्र. 630 ) श्री रामनिवास शाह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नवजीवन विहार सेक्टर नंबर 1 से 4 तक में एन.टी.पी.सी. विन्ध्य नगर द्वारा तत्कालीन साड़ा वर्तमान नगरपालिक निगम सिंगरौली के माध्यम से अपने चौदह ग्रामों के भू-विस्थापितों को निःशुल्क आवासीय भू-खण्ड 40 x 60 फीट का 30 वर्ष के लीज पर वर्ष 1984-85 में लीज पर दिया गया है, जिसकी समय अवधि समाप्त हो चुकी है? विस्थापन के लगभग 41 वर्ष व्यतीत हो चुके हैं, विस्थापित परिवारों के पास वर्तमान स्थिति में प्लॉट का न तो लीज है न ही स्थाई पट्टा दिया गया है? संबंधित हितग्राहियों को प्लॉट पर घर पर बनाये जाने हेतु बैंक में लोन भी नहीं दिया जाता है? विस्थापित परिवार के हितग्राहियों को निःशुल्क आवासीय प्लॉट का बिना कोई अतिरिक्त शुल्क लिये स्थायी पट्टा कब तक उपलब्ध कराया जावेगा। (ख) एन.टी.पी.सी./नगरपालिक निगम सिंगरौली स्पष्ट करें कि क्या सभी भू-विस्थापित हितग्राहियों को आवासीय प्लॉट दिया जा चुका है, तो पट्टे अद्यतन जानकारी के साथ सूची उपलब्ध करायें? यदि हाँ, तो किन-किन हितग्राहियों को दिया गया है? ग्रामवार सूची उपलब्ध करायें। साथ ही जिन विस्थापित परिवारों को प्लॉट आवंटित नहीं किया गया, तो कब तक आवंटित किया जावेगा? समय-सीमा बताएं।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। तत्कालीन साड़ा सिंगरौली द्वारा भू-विस्थापितों को 40 x 60 फिट आकार के भूखण्ड तीस वर्षीय पट्टे के आधार पर निःशुल्क आवंटित किये गये हैं। विस्थापित भू-खण्डधारकों से नवीनीकरण के आवेदन प्राप्त न होने से लीज नवीनीकरण की कार्यवाही नहीं की जा सकी। विस्थापित परिवारों को आवंटित किये गये पट्टों के इकरारनामे में स्थाई पट्टा दिये जाने का उल्लेख न होने से शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) नवजीवन बिहार सेक्टर क्रमांक 01 से 04 तक कुल 1874 भूखण्ड हैं, जिनमें से कुल 1754 भूखण्ड आवंटित किये जा चुके हैं, जिन भू-विस्थापित व्यक्तियों को आवासीय भूखण्ड आवंटित किये गये हैं, उनकी ग्रामवार सूची की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। निगम में कुल 52 निःशुल्क भूखण्ड आवंटित किये जाने हेतु आवेदन लंबित हैं, सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है, जिनका पात्रता परीक्षण किया जा रहा है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
कंपनी की सामग्री वापस होना
[ऊर्जा]
17. ( *क्र. 2740 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र.म.क्षे.वि.वि.कं.लि. ग्वालियर रीजन में वर्ष 2020 से 2023 तक की अवधि में स्वीकृत प्राक्कलन जिनमें सामग्री वापस होने का प्रावधान है? प्राक्कलनवार जानकारी दें। यह भी बतायें कि सामग्री वापस होने संबंधी कोई शिकायत प्राप्त हुई? यदि हाँ, तो शिकायतकर्ता का नाम, पता तथा दिनांक बतायें। (ख) यह कि शिकायत प्राप्त होने के बाद कितनी राशि तथा सामग्री वापस प्राप्त की? प्राक्कलनवार जानकारी दें। कितनी सामग्री/राशि अभी तक वापस नहीं हुई है और क्यों? (ग) यह कि सामग्री वापस न लेने वाले अधिकारी के विरूद्ध क्या-क्या कार्यवाही हुई? (घ) यह भी बतायें कि क्या विभाग में कोई ऐसा प्रावधान है कि कंपनी कोई हुई क्षति वसूली पर शिकायतकर्ता को प्रोत्साहित किया जाता है? यदि हाँ, तो बतायें।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रांतर्गत ग्वालियर रीजन में वर्ष 2020 से वर्ष 2023 तक की अवधि में स्वीकृत प्राक्कलन जिनमें सामग्री वापसी का प्रावधान है, की वृत्तवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के क्रमश: प्रपत्र 'अ, 'अ-1', 'अ-2, 'अ-3', 'अ-4', 'अ-5', 'अ-6', 'अ-7' एवं 'अ-8' अनुसार है। जी हाँ। प्रश्नाधीन अवधि में सामग्री वापसी होने संबंधी शिकायत, शिकायतकार्ता का नाम, पता एवं दिनांक संबंधी विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) में उल्लेखित प्राक्कलनों के विरूद्ध एवं शिकायत उपरांत वापस की गयी सामग्री/राशि का प्राक्कलनवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के क्रमश: प्रपत्र 'अ, 'अ-1', 'अ-2, 'अ-3', 'अ-4', 'अ-5', 'अ-6', 'अ-7' एवं 'अ-8' अनुसार है। उक्त अवधि के स्वीकृत प्राक्कलनों में से जिन प्राक्कलनों के विरूद्ध अभी तक स्क्रैप सामग्री/राशि जमा नहीं हुई है, का कारण सहित विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स' अनुसार है। (ग) उत्तरांश (क) में स्वीकृत प्राक्क्लनों के विरूद्ध सामग्री वापस नहीं लेने वाले जवाबदेह अधिकारियों के विरूद्ध की गई कार्यवाही का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स' अनुसार है। (घ) जी नहीं। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है।
विद्युत कंपनियों को घाटा होना
[ऊर्जा]
18. ( *क्र. 1858 ) श्री अजय अर्जुन सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा वर्ष 2014-15 से 2022-23 (पिछले 9 वर्ष की अवधि में लगभग 3,451 करोड़ रुपये का संचयी घाटा दर्शाया गया है तथा इन घाटों की भरपाई के लिए बिजली दरों में औसतन 10.19 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव नियामक आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया गया है? (ख) विगत 9 वर्षों में (वर्षवार) प्रत्येक वितरण कंपनी (पूर्व, मध्य एवं पश्चिम क्षेत्र) का वित्तीय घाटा/लाभ कितना रहा है? उपभोक्ताओं से वसूले गये बिजली दरों (टैरिफ) में वर्षवार औसत वृद्धि (प्रतिशत में) कितनी-कितनी की गयी है? (ग) स्मार्ट मीटर, लाइन लॉस कम करने, बिलिंग एवं वसूली प्रणाली सुधारने इत्यादि के नाम पर राज्य सरकार और वितरण कंपनियों द्वारा अब तक कुल कितनी राशि व्यय की गयी है तथा इन उपायों से लाइन लॉस व वसूली दर में वास्तव में कितनी कमी/सुधार (वर्षवार प्रतिशत सहित) दर्ज की गयी है? (घ) क्या सरकार यह स्पष्ट करेगी कि वर्ष 2026-27 तक वितरण कंपनियों के अनुमानित व्यय तथा घाटे का प्रक्षेपण क्या है? घरेलू, कृषि, औद्योगिक एवं अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं पर प्रस्तावित 10.19 प्रतिशत दर-वृद्धि का वर्षवार वित्तीय बोझ (करोड़ रुपये में) कितना होगा? (ड.) क्या सरकार उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना वितरण कंपनियों के घाटे को कम करने के लिए वैकल्पिक उपाय (जैसे-तकनीकी/वाणिज्यिक लाइन लॉस में कमी, सब्सिडी की समय पर प्रतिपूर्ति, दीर्घकालीन पावर परचेज एग्रीमेंट की समीक्षा आदि) करने पर विचार कर रही है? यदि हाँ, तो उनका विवरण एवं समय-सीमा क्या है और यदि नहीं, तो कारणों सहित सदन को अवगत कराया जाये?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) जी नहीं। वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक राजस्व आवश्यकता में प्रदेश की विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा वर्ष 2014-15 से 2022-23 की अवधि के लिए रू. 3,451 करोड़ की, की गई मांग उक्त वर्षों की किसी संचयी हानि को प्रदर्शित नहीं करती है। उक्त राशि वित्तीय वर्ष 2014-15 से वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान विद्युत उत्पादक कंपनियों से प्राप्त अनुपूरक देयकों (Supplementary Bills) के भुगतान के कारण उत्पन्न अतिरिक्त विद्युत क्रय लागत से संबंधित है। संबंधित वर्षों की सत्यापन (True-Up) कार्यवाही में उक्त राशि का दावा प्रस्तुत किया गया था, तथापि आयोग द्वारा अपने सत्यापन आदेशों में इन अनुपूरक देयकों को तत्समय पूर्ण रूप से मान्य नहीं किया गया तथा याचिकाकर्ताओं को आवश्यक एवं पर्याप्त विवरण प्रस्तुत करते हुए उक्त राशि का पृथक रूप से दावा करने हेतु आयोग के समक्ष पुनः प्रस्तुत होने की अनुमति प्रदान की गई थी। उल्लेखनीय है कि विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 62 तथा आयोग द्वारा जारी विनियमों के अनुसार वितरण कंपनियों को प्रत्येक वर्ष वार्षिक राजस्व आवश्यकता (A.R.R.) एवं टैरिफ निर्धारण हेतु याचिका प्रस्तुत करना अनिवार्य है तथा वार्षिक राजस्व आवश्यकता एवं अनुमानित राजस्व प्राप्ति में अंतर होने पर दर संशोधन प्रस्तावित किया जाता है, जिस पर आयोग द्वारा परीक्षण एवं हितधारकों की आपत्तियों/सुझावों के श्रवणोपरान्त ही दर आदेश जारी किया जाता है। वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु ए.आर.आर. एवं टैरिफ याचिका मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के टैरिफ विनियम, 2021 के अनुसार प्रस्तुत की गई है तथा विद्युत अधिनियम की धारा 61 एवं 62 के प्रावधानों के अनुसार प्रस्तावित दर वृद्धि किसी संचयी घाटे की भरपाई हेतु नहीं, अपितु विद्युत आपूर्ति की औसत लागत के सिद्धांत पर आधारित है। (ख) विगत 09 वर्षों में विद्युत वितरण कंपनियों यथा-म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड एवं म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड का वित्तीय घाटा/लाभ तथा वर्षवार की गई बिजली दरों में औसत वृद्धि पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के क्रमश: प्रपत्र 'अ' एवं 'ब' अनुसार है। (ग) स्मार्ट मीटरिंग एवं लाइन लॉस में कमी लाने हेतु विभिन्न योजनाओं/परियोजनाओं के अंतर्गत वितरण कंपनियों द्वारा किये गये व्यय एवं प्रश्नांश (क) में उल्लेखित अवधि में वर्षवार/कंपनीवार लाइन लॉस (%) एवं वसूली दर/संग्रहण दक्षता में दर्ज कमी/वृद्धि का विवरण क्रमश: पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स' एवं 'द' अनुसार है। (घ) विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा दायर वित्तीय वर्ष 2026-27 की कुल राजस्व आवश्यकता ₹ 65,374.38 करोड़ एवं प्रचलित दरों पर राजस्व ₹ 59,330.61 करोड़ आकलित किया गया है। वार्षिक राजस्व आवश्यकता एवं प्रचलित दरों पर प्राप्त राजस्व के अंतर रु. 6043.77 करोड़ की भरपाई हेतु औसतन 10.19 प्रतिशत दर वृद्धि प्रस्तावित की गई है। आयोग के दर विनियम, 2021 में घाटे के प्रक्षेपण का कोई प्रावधान नहीं है। प्रस्तावित दर वृद्धि से विभिन्न उपभोक्ता श्रेणियों से अतिरिक्त राजस्व प्राप्ति का विवरण आयोग द्वारा जारी जनसूचना में दर्शाया गया है, जिसका प्रकाशन प्रमुख समाचार पत्रों में किया गया था, जिसकी प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ई' अनुसार है। वर्ष 2026-27 की वार्षिक राजस्व आवश्यकता में प्रस्तावित विभिन्न व्ययों तथा प्रचलित दरों पर प्राप्त होने वाले राजस्व के मध्य अंतर के आधार पर विभिन्न उपभोक्ता श्रेणियों की विद्युत दरों में प्रस्तावित संशोधन पर आयोग द्वारा नियामक प्रक्रिया के अंतर्गत परीक्षण कर जनसामान्य/हितग्राहियों से प्राप्त आपत्तियों/सुझावों पर विचारोपरान्त दर आदेश जारी किया जाता है। अतः दर आदेश जारी होने के पूर्व घरेलू, कृषि, औद्योगिक एवं अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं पर वर्ष 2026-27 के दौरान विद्युत दरों के माध्यम से होने वाले संभावित वित्तीय भार का आकलन करना प्रासंगिक नहीं है। तथापि वितरण कंपनियों के द्वारा दायर याचिका के अनुसार उक्त राशि कुल रु. 6043.77 करोड़ प्रस्तावित है। (ड.) जी हाँ, प्रदेश की विद्युत वितरण कंपनियां रीवैम्पड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (R.D.S.S.) के अंतर्गत विभिन्न प्रणाली सुधार उपायों को सक्रिय रूप से क्रियान्वित कर रही हैं, जिनमें प्रणाली सुदृढ़ीकरण एवं वितरण हानि कम करने के कार्य, फीडर एवं डी.टी.आर. मीटरिंग, फीडर पृथक्करण (Segregation) स्मार्ट मीटरिंग इत्यादि शामिल है। उक्त के अतिरिक्त, कुसुम-सी योजना के अंतर्गत कृषि फीडरों का सौरकरण भी किया जा रहा है, जिससे भविष्य में कंपनियों की समग्र तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों में कमी आयेगी, जिसका लाभ उपभोक्ताओं को प्राप्त होगा। आर.डी.एस.एस. की स्वीकृति होने के बाद से राज्य शासन द्वारा टैरिफ सब्सिडी का अग्रिम भुगतान के साथ साथ पूर्व की बकाया सब्सिडी का भुगतान भी समय पर किया जा रहा है। आर.डी.एस.एस. के अंतर्गत किये जा रहे कार्यों की अंतिम तिथि 31 मार्च, 2028 है। योजना पूर्ण होने के उपरांत इसके परिणाम परिलक्षित होंगे। केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण रिसोर्स एडिक्वेसी (Resource Adequacy) योजना अनुसार समय के साथ बढ़ती मांग को देखते हुये वर्तमान में दीर्घकालीन विद्युत क्रय अनुबंधों की समीक्षा की कोई योजना नहीं है।
म.प्र. सड़क विकास निगम द्वारा टोल संचालन में भ्रष्टाचार
[लोक निर्माण]
19. ( *क्र. 2577 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा विभागीय तौर पर एक दर्जन से ज्यादा मार्गों पर टोल संचालित किये जा रहे हैं? यदि हाँ, तो टोल संचालन की निगरानी तथा टोल पर एकत्रित की गई राशि एवं समुचित टोल संचालन के लिए कौन-कौन अधिकारी जिम्मेदार हैं? मार्ग के नाम एवं अधिकारियों के नाम एवं पदनाम के साथ बतावें। (ख) प्रश्नावली (क) में उल्लेखित विभाग द्वारा संचालित टोल कितने वर्षों से संचालित किये जा रहे हैं? वर्ष 2023-25 में तथा वर्तमान वित्तीय वर्ष में प्रश्न दिनांक तक टोल से प्राप्त राशि माहवार, मार्गवार टोल के नाम सहित तुलनात्मक विवरण उपलब्ध करावें? (ग) क्या शासन द्वारा मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम को टोल संचालन का दायित्व दिया गया है? यदि नहीं, तो इतनी लंबी अवधि से निगम द्वारा टोल क्यों संचालित किये जा रहे हैं? (घ) क्या वर्तमान में निगम द्वारा टोल संचालन से प्राप्त राशि पूर्व में टोल ठेकेदार द्वारा संचालित टोल में प्राप्त राशि से काफी कम है? यदि हाँ, तो शासन को हुई वित्तीय क्षति पर क्या कार्यवाही की जावेगी? (ड.) क्या निगम द्वारा टोल पर एम.पी.एस.डी. कंपनी जिसे हाउस कीपिंग और साफ-सफाई का ठेका दिया गया था, के द्वारा गैर अनुभवी कर्मचारी टोल चलाने के लिए निगम की मांग पर दिये गये हैं? यदि हाँ, तो इस कंपनी को इस वित्तीय वर्ष में किये गये सभी भुगतान साथ ही साथ टोल पर कार्यरत कर्मचारी का नाम, संख्या, ई.पी.एफ. नंबर, जमा राशि के विवरण से अवगत करायें। (च) क्या यह एम.पी.एस.डी. कंपनी की बैंक गारंटी निगम में कार्यरत संजय कुमार बर्नवाल के परिवार द्वारा दी गई है तथा अधिकारियों की सांठ-गांठ से कम टोल संग्रहण दिखा कर और कर्मचारियों की झूठी हाजरी दिखा कर तनख्वाह के नाम पर हर साल करोड़ों रूपये का गोलमाल कर शासन को क्षति पहुंचायी जा रही है? अगर हाँ तो इस पर क्या कार्यवाही की जायेगी और कब तक?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) विभाग द्वारा वर्ष 2019-20 से विभागीय तौर से टोल का संचालन किया जा रहा है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जी हाँ। उपभोक्ता शुल्क संग्रहण एजेंसी के अनुबंध की समाप्ति होने पर, नई एजेंसी निर्धारित होने तक अथवा सड़क के उन्नयन कार्य स्वीकृत होने पर निर्माण कार्य प्रारंभ होने तक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा विभागीय रूप से टोल संग्रहण केवल वैकल्पिक व्यवस्था के तहत संचालित किया जाता है, जिससे टोल की निरंतरता बनी रहे एवं अव्यवस्था की स्थिति निर्मित न हो। निगम द्वारा विभागीय तौर पर संचालित टोल मार्गों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (घ) जी नहीं। कुछ परिस्थितिजन्य कारणों से टोल संग्रहण में परिवर्तन होता है, परन्तु विभाग द्वारा संचालित टोल की राशि में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) आवश्यकतानुसार समय-समय पर निगम के आदेश में उल्लेखित कार्यों से संबंधित कर्मचारी (कुशल, अर्द्धकुशल एवं अकुशल श्रेणी) आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्त करने का दायित्व अनुबंधानुसार मेसर्स एम.पी.एस.डी. फोर्स प्रा.लि. को है। इस वित्तीय वर्ष (2025-26) में निगम द्वारा किये गये भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है एवं टोल पर कार्यरत कर्मचारियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। अनुबंधानुसार कर्मचारियों के ई.पी.एफ. नंबर, जमा राशि का दायित्व मेसर्स एम.पी.एस.डी. फोर्स प्रा.लि. का है। अनुबंध की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (च) जी नहीं। प्राप्त बैंक गारंटी मेसर्स एम.पी.एस.डी. फोर्स प्रा.लि. के डायरेक्टर श्री काजी मोहम्मद नावेद, भोपाल के द्वारा प्रेषित की गई है। संबंधित संभागीय प्रबंधक के द्वारा हाजरी सत्यापन के उपरांत ही निगम द्वारा भुगतान की कार्यवाही की जाती है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
मार्ग निर्माण कार्यों की प्रगति
[लोक निर्माण]
20. ( *क्र. 1795 ) श्री दिव्यराज सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वित्तीय वर्ष 2024-25 में विधानसभा सिरमौर अंतर्गत कुल 08 मार्गों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई थी? यदि हाँ, तो वर्तमान में कुल कितने मार्गों की निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है तथा कितने मार्गों की निविदा प्रक्रियाधीन है? विवरण उपलब्ध करावें। (ख) वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल कितने मार्ग स्वीकृत किये गये हैं? कितने कार्यों की निविदा प्रक्रियाधीन है? विवरण उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के प्रकाश में कब तक उक्त सभी स्वीकृत मार्गों की टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर ली जावेगी? कृपया समय-सीमा उपलब्ध करावें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) निविदा की कार्यवाही प्रचलन में है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।
नगर निगम भोपाल में संबल घोटाला
[नगरीय विकास एवं आवास]
21. ( *क्र. 1925 ) श्री सुनील उईके : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नगर निगम भोपाल में संबल घोटाला हुआ था? यदि हाँ, तो कुल कितनी राशि का तथा इसमें किन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया है? (ख) उक्त घोटाले में किन-किन अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कितनी-कितनी राशि की वसूली होना तय किया गया है? राशि सहित संपूर्ण विवरण उपलब्ध करायें। (ग) क्या श्री सत्यप्रकाश बड़गैया, प्रभारी रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) के खिलाफ भी वसूली की राशि निकाली गई है एवं कितनी राशि की वसूली की गई है एवं आज दिनांक तक कितनी राशि वसूल होना शेष है? (घ) घोटाले में सम्मिलित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरूद्ध क्या जांच संस्थित कर कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करें? यदि नहीं, तो क्यों? क्या यदि जांच कर दण्डात्मक कार्यवाही नहीं की गई है, तो कब तक की जायेगी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं। संबल योजना में कोई घोटाला संज्ञान में नहीं आया है। (ख) से (घ) शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
पुलिया, भवन, सड़क निर्माण तथा मरम्मत कार्य
[लोक निर्माण]
22. ( *क्र. 1497 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जावरा विधानसभा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग के माध्यम से वर्ष 2020 से लेकर प्रश्न दिनांक तक कितनी सड़क किन-किन स्थानों पर, कितनी पुलिया किन-किन स्थानों पर एवं कितने भवन किन-किन स्थानों पर कितनी लागत के स्वीकृत होकर निर्माणाधीन है? (ख) प्रश्नांश (क) अंतर्गत उल्लेखित विभागीय कार्यों को बजट स्वीकृति किस दिनांक को दी गई? किस दिनांक को कार्य प्रारंभ हुआ? कार्य पूर्ण हुए अथवा अपूर्ण रहे? साथ ही अप्रारंभ रहे तो किन कारणों से? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अंतर्गत उल्लेखित किन-किन कारणों से कार्य अप्रारंभ रहे, अपूर्ण रहे? शासन/विभाग द्वारा समयावधि में नहीं किये जाने पर क्या-क्या कार्यवाही की? निर्माणाधीन कार्यों पर वर्षवार कितना व्यय हुआ? कार्यवार, वर्षवार जानकारी दें। (घ) शासन/विभाग द्वारा मरम्मत मूलक, मजबूतीकरण,सड़क चौड़ीकरण एवं नवीन सड़क निर्माण कार्यों की किन-किन स्थानों पर कितने बजट की स्वीकृति दी जाकर कार्य कब प्रारंभ हुए? कब पूर्ण हुए, कितना व्यय हुआ? संपूर्ण स्थिति से अवगत कराएं।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' एवं 'अ-1' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ-2', 'ब' एवं 'ब-1' अनुसार है।
विभिन्न भुजाओं वाले R.O.B.
[लोक निर्माण]
23. ( *क्र. 1870 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल, इंदौर एवं नर्मदापुरम संभागों में जिलेवार कितने ओव्हर ब्रिज हैं, इनमें कितने दो भुजा (I आकार में) वाले, कितने तीन भुजा (T आकार में) वाले और कितने चार भुजा वाले हैं? (ख) प्रश्नांश 'क' में उल्लेखित ओव्हर ब्रिज किस-किस वर्ष में निर्मित किये गये? प्रदेश में सबसे पहला तीन भुजा वाला ओव्हर ब्रिज कब बनाया गया? (ग) क्या तीन भुजा वाले ओव्हर ब्रिज में तीसरी भुजा के कारण सड़क दुर्घटनाओं में तेजी से वृद्धि हो रही है? (घ) यदि हाँ, तो प्रश्नांश (क) में उल्लेखित तीन भुजा वाले किस-किस ओव्हर ब्रिज पर तीसरी भुजा के कारण कितनी सड़क दुर्घटनाएं हुईं?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' एवं 'अ-1' अनुसार है। (ग) जी नहीं। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
नवीन निर्माण कार्यों की स्वीकृति
[लोक निर्माण]
24. ( *क्र. 3082 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला रतलाम के सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत प्रश्नकर्ता विधायक द्वारा दिनांक 28.01.2026 को पत्र क्रमांक 59/VIP/2026 एवं दिनांक 31.01.2026 को पत्र क्रमांक 67/VIP/2026 व 68/VIP/2026 के माध्यम से आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में नवीन पुल निर्माण एवं क्षतिग्रस्त पुलों के मरम्मत कार्य एवं बायपास सड़क निर्माण हेतु माननीय श्री राकेश सिंह, मंत्री महोदय, मध्यप्रदेश शासन, भोपाल को पत्र लिखा गया था? यदि हाँ, तो उक्त पत्र के संबंध में प्रश्न दिनांक तक विभाग द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गई है? कार्यवाहीवार विवरण सहित जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित नवीन पुल निर्माण, मरम्मत एवं बायपास सड़क निर्माण कार्यों को कब तक प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जायेगी तथा निर्माण कार्य पूर्ण करने की निश्चित समय-सीमा क्या निर्धारित की गई है? (ग) क्या आदिवासी बाहुल्य एवं दुर्गम क्षेत्रों के समग्र विकास को दृष्टिगत रखते हुए उक्त कार्यों को प्राथमिकता सूची में शामिल कर शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जायेगी? यदि हाँ, तो अपेक्षित समयावधि बतावें, नहीं तो कारण स्पष्ट करें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) से (ग) उत्तर दिनांक तक कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
वॉटर टेस्टिंग लैब
[नगरीय विकास एवं आवास]
25. ( *क्र. 1935 ) श्री नितेन्द्र बृजेन्द्र सिंह राठौर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में कितनी नगर निगम, नगरपालिका और नगर पंचायत में वॉटर टेस्टिंग लैब है? सूची सहित उपलब्ध करायें। (ख) जिन नगर पंचायत, नगरपालिका और नगर निगम में वॉटर टेस्टिंग लैब नहीं है, क्या सरकार की वहां लैब खोलने की कोई योजना है?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। जिन निकाय के पास वॉटर टेस्टिंग लैब नहीं है, उन नगरीय निकायों द्वारा उपलब्ध N.A.B.L. अधिकृत लैब या अन्य विभागों की उपलब्ध लैब से वॉटर टेस्टिंग करायी जाती है।
भाग-2
नियम
46 (2) के
अंतर्गत
अतारांकित प्रश्नोत्तर
के रुप में
परिवर्तित
तारांकित प्रश्नोत्तर
कर्मचारी
आवास निगम
द्वारा
विकसित
कॉलोनी
[नगरीय विकास एवं आवास]
1. ( क्र. 100 ) श्री विपीन जैन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी आवास निगम भोपाल द्वारा भून्याखेड़ी मंदसौर में कॉलोनी विकसित की गई है। यदि हाँ, तो इसमें कुल कितने भूखंड किन-किन श्रेणियां के विकसित किए गए हैं? (ख) इस कॉलोनी के भूखंडों के क्या सभी स्वामियों को उनकी रजिस्ट्री हो चुकी है एवं इनमें से किन-किन भूखंडों पर भवन निर्माण मालिकाना हक दे दिया गया है? (ग) आवंटित भूखंडों में कितने भूखंड विवादित हैं, यदि हाँ, तो इन विवादित भूखंडों के स्थान पर वैकल्पिक भूखंड कब तक आवंटित कर दिए जाएंगे? (घ) उक्त कॉलोनी का हस्तांतरण आवास निगम द्वारा नगर पालिका मंदसौर को क्यों नहीं किया जा रहा है जबकि भूखंड स्वामी से नगर पालिका मंदसौर द्वारा टैक्स वसूला जा रहा है?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। 78 एच. आई. जी., 144 एम.आई.जी., 191 एल.आई.जी. तथा 105 ई.डब्लू.एस. श्रेणियों के कुल 518 भूखण्ड विकसित किये गये हैं। (ख) जी नहीं। इस कॉलोनी के 518 भूखण्डों में से 129 भूखण्डों की रजिस्ट्री उपरांत नगर पालिका मंदसौर द्वारा भवन निर्माण अनुमति दी गई है। (ग) वर्तमान में कुल 16 भूखण्डों की भूमि व्यवहार वाद क्रमांक 125 ए/2017 में पारित आदेश दिनांक 25/11/2017 के कारण भूमि खसरा क्रमांक 505 एवं 514 की सीमाओं का विवाद है। आवासीय योजना के सर्वे क्रमांक 514 ग्राम भून्याखेड़ी के पश्िचमी ओर ऐसे आवेदकों जिनके भूखण्ड विवादित भूमि में आ गये हैं उनको अन्य जगह भूखण्ड उपलब्ध कराने के उद्देश्य से परियोजना प्रस्ताव उपलब्ध कराने हेतु मुख्य नगर पालिका अधिकारी, मंदसौर को पत्र दिनांक 28/08/2025 एवं 23/01/2026 लिखा गया है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (घ) नगर पालिका मंदसौर द्वारा कलेक्टर, मंदसौर को पत्र दिनांक 30/09/2025 लिखकर भूखण्डों के विवाद के निराकरण होने तक हस्तांतरण किया जाना संभव नहीं है, लेख किया है। भूमि आवंटन की कार्यवाही कलेक्टर, मंदसौर द्वारा की जाना है इस संबंध में कलेक्टर, मंदसौर को पत्र दिनांक 23/01/2026 को लिखा गया है।
कृषकों हेतु सोलर पंप की स्वीकृति
[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]
2. ( क्र. 107 ) श्री रमेश प्रसाद खटीक : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) करैरा विधान सभा क्षेत्र में प्रश्न दिनांक से 3 वर्ष में कितने कृषकों द्वारा सोलर पंप हेतु पंजीयन कर राशि जमा की गई है? क्या उन सभी कृषकों को सोलर पंप प्रदाय किये जाने हेतु प्रकरण स्वीकृत कर अनुदान राशि प्रदाय कर दी गई है? यदि हाँ, तो कितनी राशि की गई जानकारीमय सूची एवं दस्तावेज सहित प्रदाय करें। (ख) यदि करैरा विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत उक्त योजना का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है हाँ या नहीं। क्या शासन द्वारा इसका बजट निर्धारित किया गया? (ग) करैरा विधानसभा में रूफटॉप सोलर के लिये कितने घरों को चिन्हित किया गया कितना लक्ष्य निर्धारित कर प्राप्त किया तथा दो वर्ष में कितने ऑनलाइन हुए।
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्ला ) : (क) शिवपुरी जिले (कैररा विधानसभा क्षेत्र सहित) सोलर पंप हेतु पंजीयन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। सोलर पंप स्थापना हेतु वर्तमान में पीएम कुसुम योजना के घटक-ब अंतर्गत प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना प्रदेश में संचालित है, जिसके तहत सोलर पंप की स्थापना का कार्य खुली निविदा के माध्यम से चयनित ईकाइयों द्वारा किया जा रहा है। पंप की लागत का भुगतान सीधे इन ईकाइयों को किया जाता है। अत: कृषकों को सोलर पंप प्रदान करने हेतु अनुदान की राशि देने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। करैरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत शिवपुरी जिले में पात्र कृषकों को जारी कार्यादेश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ख) जी हाँ। कैररा विधानसभा क्षेत्र सहित संपूर्ण प्रदेश में उक्त योजना का प्रचार-प्रसार एसएमएस, पेपर विज्ञापन, कलेक्टर व स्थानीय कृषि विभाग आदि के माध्यम से किया गय है। करैरा विधानसभा क्षेत्र हेतु शासन द्वारा पृथक से कोई बजट प्रावधानित नहीं किया गया है। (ग) प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। करैरा विधानसभा के लिए पृथक से लक्ष्य निर्धारित नहीं है।
शिवपुरी जिले में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की योजना
[पशुपालन एवं डेयरी]
3. ( क्र. 109 ) श्री रमेश प्रसाद खटीक : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले की विधानसभा क्षेत्र करैरा में दुग्ध उत्पादन एवं मिल्क लाइन के तहत आचार्य विद्यासागर योजना मुख्यमंत्री दुधारू पशु डेयरी खस एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर (कामधेनु योजना बकरी पालन योजना के तहत वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में विधान सभा क्षेत्र करैरा के किन-किन हितग्राहियों का चयन कर लाभान्वित किया? (ख) किये गये चयनित लाभार्थियों का नाम ग्राम व राशि योजनावार जानकारी उपलब्ध कराएं। (ग) करैरा विधान सभा क्षेत्र के जो ग्राम मिल्क लाइन से नहीं जुड़े उन ग्रामों को मिल्क लाइन में जोड़कर अनु.जनजाति के हितग्राहियों को इसका लाभ दिया जावेगा? यदि हाँ, तो छूटे हुये ग्रामों को कब तक जोड़ दिया जावेगा? समय-सीमा बतावें।
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) इस संबंध में कोई प्रस्ताव वर्तमान में विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
नये ट्रांसफार्मर की स्थापना
[ऊर्जा]
4. ( क्र. 201 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या किसानों की विद्युत समस्या के निराकरण हेतु मंगेला, सोनुपर, सुंदरपुर में नये ट्रांसफार्मर लगाने के प्रस्ताव विचाराधीन हैं? (ख) क्या प्रश्न क्र. 2272 दिनांक 19 जुलाई 2024 के उत्तर में बताया गया था कि 3 अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मरों की स्थापना के कार्य प्रस्तावित कर कार्ययोजना तैयार कर नोडल एजेंसी मेसर्स पी.एफ.सी. को प्रेषित की गई है, जिसकी स्वीकृति प्राप्त होना शेष है? (ग) यदि हाँ, तो कब तक ट्रांसफार्मर स्थापित किये जायेंगे?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) आर.डी.एस.एस. में स्वीकृत 11 के.व्ही. मिश्रित फीडरों के विभक्तिकरण कार्यों के तहत ग्राम सुंदरपुर में घरेलू एवं कृषक लोड विभक्त किये जाने हेतु वितरण टांसफार्मर स्थापना का कार्य स्वीकृत है। अन्य प्रश्नाधीन ग्रामों सोनपुर एवं मंगेला में नये ट्रांसफार्मर लगाने के प्रस्ताव विस्ताराधीन नहीं है। (ख) जी हाँ। (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित कार्य हेतु केन्द्र शासन की आर.डी.एस.एस. योजना के द्वितीय चरण अंतर्गत प्रस्तावित कार्ययोजना हेतु स्वीकृति प्रश्न दिनांक तक अप्राप्त है। अत: उक्त प्रस्तावित कार्यों हेतु वर्तमान में निश्िचत समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। तथापि प्रश्नाधीन क्षेत्रांतर्गत भार वृद्धि के दृष्टिगत म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की वार्षिक कार्ययोजना 2025-26 अंतर्गत 01 अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर की स्थापना एवं 01 पॉवर ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि के कार्य शामिल किये गए हैं। जिनके कार्य माह अप्रैल 2026 तक पूर्ण किये जाने का लक्ष्य हैं।
खदान क्षेत्र से कचरा डम्पिंग पॉइंट हटाया जाना
[नगरीय विकास एवं आवास]
5. ( क्र. 381 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जबलपुर के कांचघर बर्न कंपनी के पिछे छुई खदान क्षेत्र में गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन के पास बड़े पैमाने पर कचरा डम्प किया जा रहा है जिसमें बार-बार आग लग रही है और बड़े पैमाने पर वायु प्रदूषण फैल रहा है? (ख) क्या इस इलाके में हाट बाजार, फाइन आर्ट कॉलेज और कई धार्मिक स्थल मौजूद हैं? यहां कचरे की दुर्गंध से लोगों का यहां से निकलना मुश्किल हो गया है? कचरे के कारण मच्छरों की संख्या बढ़ गई है और बीमारियों का खतरा पैदा हो रहा है? इसकी शिकायत कई बार नगर निगम अधिकारियों को की गई है? (ग) यदि हाँ, तो क्या कारण है नागरिकों की शिकायत के बावजूद नगर निगम जबलपुर द्वारा छुई खदान क्षेत्र से कचरा डंपिंग पॉइंट नहीं हटाया जा रहा है?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ, पूर्व में यह स्थिति थी, नगर निगम जबलपुर द्वारा वर्तमान में मैकेनाइज्ड गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन निर्मित किया गया है जिसके माध्यम से कवर्ड कैप्सूल में कचरे का परिवहन किया जाता है। कचरा डम्पिंग न हो इस हेतु CCTV लगाकर निगरानी की जा रही है। (ख) जी हाँ। उक्त क्षेत्र में फाईन आर्ट कॉलेज स्थित है। जी नहीं अपितु निगम द्वारा निरंतर सफाई व्यवस्था बनाये रखने के कारण बीमारियों का खतरा नहीं है। मच्छरों पर नियंत्रण के लिये समय-समय पर दवा का छिड़काव किया जाता है, साथ ही शिकायत प्राप्त होने पर त्वरित निराकरण की व्यवस्था निगम द्वारा की जाती है। (ग) उक्त स्थल में स्थित कचरा डंपिंग पॉईंट को नगर पालिक निगम जबलपुर द्वारा पूर्ण रूप से हटा दिया गया है। वर्तमान में स्थल में कचरा डंपिंग पॉईंट स्थित नहीं है।
स्वच्छ शुद्ध पेयजल की आपूर्ति
[नगरीय विकास एवं आवास]
6. ( क्र. 382 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर निगम जबलपुर द्वारा शहर की कितनी आबादी को किन-किन माध्यमों से कितनी-कितनी मात्रा में शुद्ध स्वच्छ पेयजल प्रदाय करने एवं पेयजल की शुद्धता की जांच करने की क्या व्यवस्था है? इसके लिये कौन-कौन सा कितना स्टाफ स्वीकृत एवं पदस्थ हैं? कौन-कौन से पद कब से रिक्त हैं एवं क्यों? इस पर कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? बतलावें। वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक की जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) में मुख्य राइजिंग पाइप-लाइन एवं वितरण पाइप-लाइनों के लीकेज सुधार मरम्मत कार्य पाइप-लाइनों को बदलने व नई पाइप-लाइन डालने में कितनी-कितनी राशि व्यय हुई है? शहर के किन-किन वार्डों की वर्षों पुरानी जंग लगी व लीकेज, खराब पाइप-लाइनों को कब से नहीं बदला गया है एवं क्यों? (ग) पूर्व विधानसभा क्षेत्र क्र. 97 जबलपुर एवं शहर के अन्य किन-किन वार्डों की नाले/नालियों के अन्दर से मुख्य राइजिंग पाइप-लाइन, वितरण पाइप-लाइन बिछी हुई हैं? इनसे पेयजल प्रदूषित होने व प्रदूषित की आपूर्ति को रोकने हेतु क्या व्यवस्था की गई है? किन-किन वार्डों में प्रदूषित गंदा, बदबूदार, पेयजल आपूर्ति होने की कितनी शिकायतें मिली हैं? वार्डवार व वर्षवार जानकारी दें। (घ) प्रश्नांश (क) में भोंगाद्वार वाटर टैंक, कुलीहिल टैंक की वर्तमान में क्या स्थिति हैं? कहां-कहां के जलशोधन संयंत्रों, टंकियों की कब से साफ-सफाई, सुधार व मरम्मत कार्य नहीं कराया गया है, क्यों? इनके सुधार मरम्मत साफ-सफाई पर कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? वर्षवार पृथक-पृथक जानकारी दे। (ड.) क्या केन्द्रीय सर्वे द्वारा माह दिसम्बर 2025 में जारी सर्वे रिपोर्ट के अनुसार शहर में 54.3 प्रतिशत शुद्ध पेयजल की आपूर्ति हो रही है? यदि हाँ, तो क्या शासन शहर की जनता को 45.7 प्रतिशत दूषित पेयजल की आपूर्ति की जाने की जांच कराकर दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करेगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) :(क) जबलपुर शहर की 1450616 आबादी को 5 जलशोधन संयंत्रों के माध्यम से 271MLD शुद्ध पेयजल प्रदाय किया जा रहा है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। पेयजल की शुद्धता की जांच हेतु जल शोधन संयंत्रों में 04 प्रयोगशाला स्थापित है। जलापूर्ति एवं सीवरेज विभाग हेतु 02 केमिस्ट के पद स्वीकृत है, जिसके विरूद्ध 01 केमिस्ट नियमित तथा 03 केमिस्ट आउटसोर्स पर पदस्थ है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है। शहर की पुरानी जंग लगी पाइप-लाइनों को बदलने, लीकेज सुधार का कार्य नियमित रूप से किया जाता है। (ग) पूर्व विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 97 जबलपुर एवं शहर के अन्य क्षेत्रों में मुख्य राइजिंग पाइप-लाइन नाले के अंदर से होकर नहीं बिछी है, परंतु कुछ स्थानों में नाले के ऊपर से पाइप-लाइन की क्रांसिंग हो रही है। जल वितरण पाइप लाइन सड़क के चौड़ीकरण व नाला/नाली निर्माण के कारण शहर के सभी वार्डों के कुछ स्थानों में नाला/नाली से होकर गुजर रही है। इन पाइप-लाइनों से पेय जल प्रदूषित होने व प्रदूषित जल की आपूर्ति रोकने हेतु निरंतर पाइप-लाइनों को नाला/नालियों से स्थानांतरित किये जाने का कार्य किया जाता है। साथ ही प्रदूषित पेय जल आपूर्ति होने वाले स्थानो पर पाये जाने वाले लीकेजों को प्रतिदिन सुधार कर दूषित जलापूर्ति को रोका जाता है। वार्डवार तथा वर्षवार प्रदूषित पेय जल आपूर्ति होने संबंधी शिकायतों का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'द' अनुसार है। (घ) भोंगाद्वार वाटर टैंक, कुली हिल टैंक से प्रतिदिन शुद्ध पेयजल आपूर्ति की जाती है, वर्तमान में कार्यशील स्थिति में है। जल शोधन संयंत्रों एवं टंकियों की साफ-सफाई प्रतिवर्ष 06-06 माह के अंतराल में की जाती है। जल शोधन संयंत्रों एवं टंकियों का सुधार व मरम्मत कार्य आवश्यकता अनुसार नियत समय में कराया जाता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'य' अनुसार है। (ड.) प्रश्नांश में उल्लेखित सर्वें रिपोर्ट प्राप्त नहीं होने से शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
नगर परिषद् में अध्यक्ष द्वारा की गई अनियमितता
[नगरीय विकास एवं आवास]
7. ( क्र. 520 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) संभागीय कार्यालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास द्वारा प्र.क्र. 292/ई/2024 में जाँचकर्ता अधिकारी द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदनों में नगर परिषद् अध्यक्ष एवं प्रभारी सीएमओ टिमरनी द्वारा म.प्र. लेखा एवं वित्त नियम 2018 के प्रावधानों को उल्लंघन कर ट्रैक्टर एवं मडंप खरीदी में 892600/- रूपये तथा जी.आई पाईप एवं सामग्री खरीदी में 2103697/-रूपये का भ्रष्टाचार सिद्ध होने बाद भी प्रकरण में दोषी परिषद् अध्यक्ष/अधिकारी पर कार्यवाही आज दिनांक तक क्यों नहीं की गई? प्रकरण की वर्तमान स्थिति क्या है? संपूर्ण दस्तावेजों सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) म.प्र.नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 41 (क) में स्पष्ट प्रावधान है, कि अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं किसी समिति के अध्यक्ष को कि लोकहित एवं परिषद् हित में वांछनीय न होने, कर्तव्यों का पालन करने में असक्षम होने अथवा अधिनियम के विपरीत कार्य करने पर पद से हटाया जा सकता है। प्रावधान होने तथा प्रश्नांश (क) अनुसार भ्रष्टाचार सिद्ध होने के उपरांत भी अध्यक्ष पद पर क्यों बने हुए है? क्या यह भ्रष्टाचार धारा 41 (क) उल्लंघन है? दोषसिद्धि उपरांत भी अध्यक्ष/अधिकारी पद पर क्यों बने हुए है? (ग) क्या अध्यक्ष एवं दोषियों के विरुद्ध एफ.आई.आर. दर्ज करने एवं शासकीय राशि की वसूली हेतु अब तक कोई विभागीय, प्रशासनिक अथवा दंडात्मक कार्यवाही की जा रही है? यदि हाँ, तो क्या एवं कार्यवाही कब तक पूर्ण कर ली जावेगी समय-सीमा बतावें। नहीं तो क्यों?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) प्रकरण में उत्तरदायी पाए गए अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास द्वारा दिनांक 05/12/2025 को विभागीय जांच संस्थित की गई है। अध्यक्ष के विरूद्ध मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 41-क में वर्णित प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। आदेशों की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सिक्स लाइन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे
[लोक निर्माण]
8. ( क्र. 781 ) इंजीनियर हरिबाबू राय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर, भोपाल और नागपुर प्रस्तावित सिक्स लाइन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे मध्यप्रदेश के समग्र एवं संतुलित विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है क्या यह एक्सप्रेस-वे राज्य औद्योगिक व्यापारिक एवं लॉजिस्टिक विकास को नई दिशा प्रदान करेगा। (ख) क्या ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे को अशोकनगर जिला मुख्यालय से प्रभावी रूप से जोड़े जाने पर विचार किया जाएगा जिससे यह कनेक्टिविटी भोपाल, विदिशा बंगला चौराहा, अशोकनगर, ईसागढ़, खतौरा से देहरदा चौराहा NH-46 से जोड़ दिया जाये तो ग्वालियर, आगरा दिल्ली तक का ट्रॉफिक सीधी सड़क से जुड़ जायेगा। (ग) अशोकनगर जिले को राष्ट्रीय स्तर की हाइवे कनेक्टिविटी प्राप्त होने से क्षेत्र की औद्योगिक पर्यटन स्थलों को बेहतर सड़क संपर्क प्राप्त होगा। क्या इस परिप्रेक्ष्य में ग्वालियर, भोपाल और नागपुर प्रस्तावित सिक्स लाइन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे जोड़ने आवश्यक सर्वेक्षण तकनीकी परीक्षण एवं प्रशासनिक कार्यवाही शुरू की जाएगी, यदि हाँ, तो कब तक?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ, ग्वालियर-नागपुर प्रस्तावित हाई स्पीड कॉरीडोर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा विकास के लिए चिन्हित कॉरिडोर में से एक है। (ख) इस कॉरीडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अंतर्गत प्रगतिरत है इनसे प्राप्त उत्तर संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से प्राप्त उत्तर संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
आर.डी.एस.एस. योजनांतर्गत डी.पी.आर. के अनुरूप कार्य नहीं कराया जाना
[ऊर्जा]
9. ( क्र. 874 ) श्री अभय मिश्रा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या रीवा जिले के विद्युत वितरण केन्द्र बनकुईयां, सेमरिया, रहट सहित अन्य जगहों में आर.डी.एस.एस. योजना अन्तर्गत तैयार डी.पी.आर/कार्ययोजना अनुसार नहीं कराये गये जिसके संबंध की शिकायत प्रश्नकर्ता सदस्य द्वारा की गई जिस पर ऊर्जा विभाग मंत्रालय द्वारा क्रमांक-8532 दिनांक 17.09.2025 द्वारा प्रबंध संचालक म.प्र.पू.क्षे.वि.वि.क.लि. जबलपुर की आवश्यक कार्यवाही कर कृत कार्यवाही से विभाग को अवगत कराने का लेख किया गया, की गई कार्यवाही की प्रति देते हुये जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में बनकुईयां सब स्टेशन अन्तर्गत श्रीमती दिव्या शर्मा पति श्री अभिमन्यु शर्मा, ग्राम दादर में बाबूलाल पाण्डेय ग्राम कुईयां में राजेश यादव के खेत में सब स्टेशन सेमरिया अन्तर्गत श्रीकान्त द्विवेदी के लिये व्यक्तिगत ट्रांसफार्मर के कार्य बगैर आर.डी.एस.एस योजना के तैयार डी.पी.आर. से हटकर कराये गये इस पर जांच एवं कार्यवाही बाबत् क्या निर्देश देंगे बतावें नहीं तो क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में वि.स. प्रश्न क्रमांक 1339 दिनांक 07.06.2025 के उत्तर में आंशिक परिवर्तन कर लाइन निर्माण के कार्य कराये गये जिसके लिये कनिष्ठ अभियंता द्वारा सहमति प्रदान की गई की जानकारी अनुसार स्पष्ट है कि कार्य आर.डी.एस.एस योजना के तैयार डी.पी.आर. से हटकर कराये गये इस पर कार्यवाही के साथ वसूली बाबत् क्या निर्देश देंगे बतायें अगर नहीं ती क्यों? क्या प्रश्नकर्ता सदस्य द्वारा लिखे गये पत्रों पर अनुमति प्राप्त कर कार्य कराने बाबत् निर्देश दिये गये है। नहीं तो क्यों? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार उल्लेखित आधारों पर कार्यवाही बाबत् क्या निर्देश देंगे, अगर नहीं तो क्यों?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) जिला रीवा के विद्युत वितरण केन्द्र यथा बनकुईयां, सेमरिया, रहट सहित जिला रीवा में आर.डी.एस.एस. योजना अंतर्गत स्वीकृत कार्य, योजना अनुसार ही कार्य कराये जा रहे हैं, तथापि स्थानीय आर.ओ.डब्ल्यू., वन बाधा इत्यादि व्यवधानों के कारण लाईनों के मार्ग में सक्षम अनुमोदन उपरान्त परिवर्तन किया जाता है। प्रश्न में उल्लेखित पत्र के तारतम्य में माननीय प्रश्नकर्ता विधायक महोदय के पत्र दिनांक 10.09.2025 में उल्लेखित कार्य एवं पत्र पर की गई कार्यवाही का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) के संदर्भ में विद्युत वितरण केन्द्र बनकुईयां अंतर्गत ग्राम-मरहा में श्रीमती दिव्या शर्मा पति श्री अभिमन्यु शर्मा, ग्राम-दादर में बाबूलाल पाण्डेय तथा ग्राम-कुंइयाँ में राजेश यादव के खेत एवं विद्युत वितरण केन्द्र सेमरिया अंतर्गत श्रीकांत द्विवेदी के लिये ट्रांसफार्मर के कार्य आर.डी.एस.एस. अंतर्गत स्वीकृत कार्ययोजना से हटकर कराये जाने के संबंध में की गई जाँच का बिंदुवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है। (ग) उत्तरांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में विधानसभा प्रश्न क्रमांक-1339 दिनांक 07.06.2025 के सन्दर्भ में लेख है कि आर.ओ.डब्ल्यू. की समस्या होने के कारण आंशिक परिवर्तन कर लाइन निर्माण के कार्य किये गये हैं। उक्त कार्य, सक्षम अनुमोदन उपरांत करवाये गये हैं। तथापि 33/11 के.व्ही. बनकुंईयां विद्युत उपकेन्द्र अंतर्गत ग्राम-मरहा में दिव्या शर्मा पति अभिमन्यू शर्मा से संबंधित कार्य जाँच करने पर आर.डी.एस.एस. अंतर्गत स्वीकृत नहीं पाये जाने संबंधित जानकारी कनिष्ठ अभियंता, वितरण केन्द्र इंजी. कालेज द्वारा पत्र क्रमांक-379 दिनांक 09.10.2025 के माध्यम से कार्यपालन अभियंता (संचा-संधा), पश्िचम संभाग को दी गई। तदोपरांत कार्यपालन अभियंता (संचा-संधा), पश्िचम संभाग द्वारा पत्र क्रमांक-2683 दिनांक 26.11.2025 के माध्यम से निविदाकार मेसर्स अशोका बिल्डिकॉन लिमिटेड को स्थापित की गयी अधोसंरचना को हटाने एवं दोषी संविदाकार के विरुद्ध वसूली/कार्यवाही प्रस्तावित करने हेतु लेख किया गया। साथ ही संबंधित कनिष्ठ अभियंता को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। शेष अन्य उल्लेखित कार्य आर.डी.एस.एस. योजना अंतर्गत स्वीकृत कार्ययोजना अनुसार कराये गये हैं। प्रश्नकर्ता सदस्य द्वारा लिखे गये पत्रों के अनुसार आर.डी.एस.एस. योजना में सम्मिलित कार्य के अतिरिक्त शेष कार्य स्वयं का ट्रांसफार्मर योजना (OYT) एवं 5% जमा योजनांतर्गत आवेदकों/कृषकों द्वारा स्वयं के व्यय पर करवाये जा सकते हैं, अतः उक्त कार्यों हेतु अनुमति प्राप्त करने हेतु कार्यवाही प्रस्तावित किये जाने का प्रश्न नहीं उठता है। (घ) उत्तरांश (क), (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्य में जाँच उपरांत कार्यवाही की गई है। अतः अन्य कोई कार्यवाही/निर्देश जारी किये जाने का प्रश्न नहीं उठता है।
अवैधानिक निर्माण हटाने एवं राशि वसूली के साथ कार्यववाही
[नगरीय विकास एवं आवास]
10. ( क्र. 875 ) श्री अभय मिश्रा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नगर परिषद् सेमरिया के पत्र क्रमांक-61 दिनांक-10.01.2022 अवैध भवन निर्माण व भवन अनुज्ञा को लेकर जारी किया गया था जिसकी जाँच नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आदेश क्रमांक एफ 5/1/1/0153/2025/18-3 भोपाल दिनांक 28.11.2025 द्वारा जाँच दल गठित किये गये एवं कार्यवाही हेतु क्या निर्देश देंगे बतावे? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार गठित 03 सदस्यीय जाँच दल को नगर परिषद् सेमरिया से आवश्यक अभिलेख प्राप्त कर स्थल निरीक्षण उपरान्त संबंधितों से कथन लेकर प्रतिवेदन 15 दिवस के अंदर चाहा गया था। (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार जारी पत्र में प्रश्नांश (ख) अनुसार गठित जाँच दल द्वारा प्रतिवेदन तैयार कर लिया गया है तो प्रति देते हुये की गई कार्यवाही की जानकारी देवें अगर प्रतिवेदन तैयार कर कार्यवाही प्रस्तावित नहीं की गई तो इसके लिये उत्तरदायी कौन-कौन है उन पर कार्यवाही बाबत् निर्देश देंगे एवं प्रतिवेदन कब तक प्राप्त कर अवैध निर्माण को गिराने व वसूली के निर्देश देंगे तो बतावें अगर नहीं तो क्यों स्पष्ट रूप से बतावें। (घ) प्रश्नांश (क) अनुसार गठित जाँच दल द्वारा प्रश्नांश (ख) अनुसार अवैध निर्माण पर प्रश्नांश (ग) अनुसार जाँच प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया तो इसके लिये उत्तरदायियों पर कार्यवाही के साथ प्रश्नांश (ग) अनुसार उल्लेखित कार्यवाही कब तक करावेंगे बतायें नहीं तो क्यों?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) जांच समिति द्वारा दिनांक 13.02.2026 को जांच प्रतिवेदन विभाग के समक्ष प्रस्तुत किया गया है, जो कि परीक्षणाधीन है। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जांच प्रतिवेदन की प्रति संलग्न परिशिष्ट पर है। (घ) उत्तरांश (क), (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नियम विरूद्ध कम दर पर बिल्डरों/फर्मों को आवंटित भूमियां
[नगरीय विकास एवं आवास]
11. ( क्र. 877 ) श्री अभय मिश्रा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत रीवा, भोपाल संभाग के कितने जिलों में निजी डेवलपरों/फर्मों को कितनी जमीनें आवंटित की गई इन फर्मों के मालिकों के नाम, पते का विवरण देते हुये बतावें कि योजना के तहत प्रत्येक जिलों में कलेक्टरों/संभागायुक्त/मुख्य सचिव के कार्यालयों की सरकारी जमीनें आवंटित की गई इनकी सरकारी निर्देशानुसार कीमत क्या थी विवरण जिलेवार भूमि के रकबे सहित संपत्तिवार देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार आवंटित की गई भूमियों/संपत्तियों की पंजीयक कार्यालय में दर्ज रिकार्ड के अनुसार प्रति वर्गफिट/वर्गमीटर बाजार मूल्य कितना था एवं निर्धारित दर से कितने कम दाम पर जमीन/संपत्ति/बिल्डरों/फर्मों/डेवलपरों को दी गई का विवरण जिलेवार जमीन के रकवे सहित तहसीलवार देवें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार दी गई जमीनों से बिल्डरों/फर्मों/डेवलपरों द्वारा तैयार की गई अधोसंरचनाओं की वर्तमान में लागत कितनी है का विवरण देवें? पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत दी गई जमीन/संपत्ति के बदले कौन-कौन से कार्य कराये गये का विवरण जिलेवार तहसीलवार देवें। (घ) प्रश्नांश (क) अनुसार दी गई जमीनों के संबंध की शिकायत रीवा एवं अन्य जिलों की कितनी है इनमें से कितनी निराकृत की जा चुकी है एवं कितनी लंबित है का विवरण जिलेवार देवें एवं प्रश्नांश (ख) एवं (ग) अनुसार जमीन/संपत्ति का मूल्य शासकीय दर अनुसार ज्यादा होने पर कम दर/कीमत पर बिल्डरों को देकर शासन को क्षति पहुँचायी जाने की जांच एवं कार्यवाही बाबत् क्या निर्देश देंगे बतावें अगर नहीं तो क्यों?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत रीवा संभाग के 03 जिलों में तथा भोपाल संभाग के 01 जिले में निजी डेवलपरों को पुनर्घनत्वीकरण योजनान्तर्गत निर्वर्तित भूमि, फर्मों के मालिकों के नाम, पते का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट क्रमांक-1 एवं 2 अनुसार है। प्रत्येक जिलों में निजी विकासकर्ता को निर्वर्तित भूमि की बिड आमंत्रण के समय निर्धारित अपसेट मूल्य का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) आवंटित की गई भूमियों की कलेक्टर गाइड-लाइन में निर्धारित दर परिशिष्ट-1 एवं 2 में उल्लेखित है। म.प्र. गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मण्डल द्वारा कोई भी भूमि कलेक्टर दर से कम में निर्वर्तित नहीं की गई है। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार निर्वर्तित की गई भूमियों पर संबंधित बिल्डरों/फर्मों/डेवलपरों द्वारा तैयार की गई अधोसंरचनाओं की वर्तमान में लागत संबंधित जानकारी म.प्र. गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मण्डल द्वारा संधारित नहीं की जाती है। पुनर्घनवत्वीकरण योजना के तहत निर्वर्तित की गई भूमियों के बदले शासकीय निर्माण कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 (रीवा संभाग के लिए) एवं परिशिष्ट-4 (भोपाल संभाग के लिए) अनुसार है। (घ) माननीय लोकायुक्त कार्यालय भोपाल में कलेक्टर रीवा द्वारा समदड़िया बिल्डर्स प्रा. लि. जबलपुर को शासकीय भूमियों नियम विरुद्ध आंवटित करने बाबत वर्ष 2017 में प्रकरण क्रमांक वि/जा.प्र.202/2017 दर्ज किया गया था। लोकायुक्त कार्यालय भोपाल के पत्र क्रमांक 222/वि./जा.प्र./202/2017 दिनांक 31/05/2024 से प्रकरण समाप्त किया गया है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-5 अनुसार है। अन्य कोई जांच लंबित नहीं है। म.प्र. शासन द्वारा पुनर्घनत्वीकरण योजनाओं हेतु जारी नीति निर्देश 2005, 2016 एवं 2022 के अनुसार समस्त प्रक्रिया का पालन सभी प्रकरणों में किया गया है एवं किसी भी प्रकरण में कलेक्टर गाइड-लाइन में निर्धारित दर से कम मूल्य पर शासकीय भूमि निर्वर्तित नहीं की गई है। अतः जांच का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
ग्रामीण क्षेत्र के विद्युतीकरण की जानकारी
[ऊर्जा]
12. ( क्र. 922 ) श्री सुदेश राय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सीहोर अन्तर्गत शासन की विभिन्न योजना अंतर्गत नगर सीहोर एवं विद्युत वितरण केन्द्र श्यामपुर, अहमदपुर, दौराहा, खजुरिया कलां, बिजौरी, थूना अन्तर्गत विगत 5 वर्षों से प्रश्न दिनांक तक विद्युतीकरण के कौन-कौन से कार्य कराये गये है? कार्यों की जानकारी योजनावार पृथक-पृथक लागत सहित बतावें। (ख) 132 एवं 33/11 के.व्ही. सब स्टेशन की सब स्टेशन स्थापना किन-किन स्थानों पर की गई है इसमें से कितने कार्य पूर्ण हो गये तथा कितने कार्य अपूर्ण है तथा यदि अपूर्ण है तो कब तक पूर्ण करा लिये जावेंगे? समय-सीमा सहित बतावें। (ग) विगत 5 वर्षों में ग्रामों के मजरा/टोला में विभिन्न स्थानों पर विभिन्न योजना अंतर्गत विद्युतीकरण के कार्य कराये गये है की जानकारी कार्य की लागत सहित बतावें तथा ऐसे कितने स्थान है जो पात्रता की श्रेणी में आते है किन्तु इनको योजना का लाभ नहीं मिला है और विभाग द्वारा इस हेतु क्या कार्यवाही की जा रही है?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) सीहोर जिला अंतर्गत सीहोर विधानसभा क्षेत्र के नगर सीहोर जोन-1 एवं जोन-2 तथा विद्युत वितरण केन्द्रों यथा-श्यामपुर, अहमदपुर, दौराहा, खजूरियां कलां, बिजौरी एवं थूना अंतर्गत केन्द्र/राज्य शासन की वित्त पोषित योजनाओं के तहत विगत 5 वर्षों से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में किये गये विद्युतीकरण कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) विगत 5 वर्षों में विधानसभा क्षेत्र सीहोर अंतर्गत 132 के.व्ही. अति उच्चदाब विद्युत उपकेन्द्र की स्थापना संबंधी जानकारी निरंक है तथा 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र की स्थापना संबंधी कार्यों की पूर्णता/अपूर्णता/कार्य पूर्णता की संभावित दिनांक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) उल्लेखनीय है कि विधानसभा क्षेत्र सीहोर अंतर्गत समस्त राजस्व ग्राम एवं इनके संसूचित मजरे/टोले पूर्ववर्ती ग्रामीण विद्युतीकरण योजनाओं के अंतर्गत विद्युतीकृत हैं। प्रश्नाधीन अवधि में विधानसभा क्षेत्र सीहोर अंतर्गत ग्रामों के संसूचित अविद्युतीकृत मजरों/टोलों के विद्युतीकरण कार्यों की जानकारी निरंक है। प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्रांतर्गत ऐसा कोई भी मजरा/टोला नहीं है, जो पूर्ववर्ती ग्रामीण विद्युतीकरण योजना अंतर्गत पात्रता की श्रेणी में आते हों, किन्तु इनको योजना का लाभ नहीं मिला। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता।
मार्ग का पुनर्निर्माण
[लोक निर्माण]
13. ( क्र. 994 ) श्री नारायण पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र से गुजरने वाले खण्डवा मूंदी रोड दूरी लगभग 32 किलो मीटर जो एम.आर.डी.सी. के अधीन है, वर्तमान में यह सड़क अति जीर्ण-शीर्ण है, इसके पुनर्निर्माण हेतु कितनी राशि स्वीकृत की गई है? (ख) स्वीकृत होने की स्थिति में टेंडर कब लगाये जायेंगे तथा विभाग द्वारा निर्माण कार्य पूर्ण होने की समयावधि कब तक तय की गई है? (ग) अब-तक इस सड़क की मरम्मत हेतु कितनी राशि स्वीकृत हुई है?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) विधानसभा क्षेत्र मांधाता अंतर्गत खण्डवा-मूंदी राज्य राजमार्ग क्र.70 लंबाई 32.60 कि.मी. म.प्र. सड़क विकास निगम अंतर्गत है। मार्ग निर्माण हेतु वित्तीय वर्ष 2024-25 के प्रथम अनुपूरक बजट में राशि रू. 75.80 करोड़ का प्रावधान है। (ख) मार्ग का 2-लेन विथ पेव्हड शोल्डर में निर्माण का प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
रेल्वे ओव्हर ब्रिज के दोनों ओर एप्रोच रोड का नव निर्माण
[लोक निर्माण]
14. ( क्र. 995 ) श्री नारायण पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र में ग्राम स्थित गोराडिया के पास रेल्वे ओव्हर ब्रिज के दोनों ओर जीर्ण–शीर्ण 460 मीटर एप्रोच रोड के नव निर्माण करने की दिशा में क्या कदम उठाये जा रहे हैं?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) ग्राम गोराडिया के पास रेल्वे ब्रिज के दोनों ओर जीर्ण-शीर्ण 460 मीटर एप्रोच रोड का पुनर्निर्माण कार्य वर्तमान में राज्य बजट में अंकित नहीं है एवं न ही किसी योजना में स्वीकृत/प्रस्तावित है। स्वीकृति की कार्यवाही हेतु समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
फर्जी जनभागीदारी समिति से कराये गये कार्य
[नगरीय विकास एवं आवास]
15. ( क्र. 1197 ) श्री मुरली भँवरा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह सत्य है कि नगर परिषद् बागली, जिला देवास में ट्रेचिंग ग्राउंड पर बाउंड्रीवाल का निर्माण जनभागीदारी समिति के माध्यम से कराया गया है? यदि हाँ, तो उक्त समिति के गठन की तिथि, समिति सदस्यों के नाम तथा उनके द्वारा निकाय को दी गई राशि सामग्री का विवरण सदन पटल पर रखने का कष्ट करेंगे। (ख) क्या बिना वैध जनभागीदारी समिति गठित किए, फर्जी समिति बनाकर कलेक्टर, जिला देवास को भ्रमित कर राशि स्वीकृत कराई गई तथा कलेक्टर द्वारा जारी राशि से ही बाउंड्रीवाल निर्माण कार्य कराया गया? (ग) यदि जनभागीदारी समिति का विधिवत गठन नहीं किया गया है, तो क्या यह कार्य मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम एवं शासन के नियमों के विरुद्ध नहीं है? (घ) उक्त अनियमितता के लिए नगर परिषद् बागली एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी, बागली के विरुद्ध क्या-क्या कार्यवाही प्रस्तावित की गई है? (ड.) यदि अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है, तो इसके क्या कारण हैं तथा दोषियों के विरुद्ध जाँच कर दंडात्मक कार्यवाही कब तक की जाएगी? समय-सीमा स्पष्ट करने का कष्ट करेंगे।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं, शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) से (ड.) उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
नगर परिषद् द्वारा की गई अनियमितता
[नगरीय विकास एवं आवास]
16. ( क्र. 1198 ) श्री मुरली भँवरा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुख्यमंत्री नगरीय अधोसंरचना निर्माण योजना अंतर्गत रूपये 3 करोड़ 1 लाख की राशि से नगर परिषद् बागली में चापडा मुख्य मार्ग के चौड़ीकरण एवं सौदर्यीकरण हेतु परिषद् प्रस्ताव क्रमांक 3 दिनांक 27.09.2022 के माध्यम से मॉडल स्कूल से थाना चौराहा जेल रोड तक डिवाइडर एवं लाइटिंग कार्य की स्वीकृति प्रदान की गई थी? (ख) क्या लोक निर्माण विभाग द्वारा उक्त मार्ग पर डिवाइडर निर्माण की अनुमति नहीं दी गई थी तथा जारी अनापत्ति प्रमाण-पत्र की वैधता समाप्त हो जाने के उपरांत वर्ष 2024 में लोक निर्माण विभाग द्वारा नवीन सड़क निर्माण किया गया, इसके बावजूद नगर परिषद् बागाली द्वारा बिना लीक निर्माण विभाग कि अनुमति सड़क खोदकर डिवाइडर निर्माण कराया गया, जिससे लोक निर्माण विभाग को 12.16 लाख कि क्षति पहुंची? (ग) क्या परिषद् अध्यक्ष एवं तत्कालीन सीएमओ द्वारा प्रस्ताव क्रमांक 3 दिनांक 27.09.2022 को पारित कर दो ग्राम पंचायत कि सीमा को भी शामिल करते हुये मॉडल स्कूल से थाना चौराहा तक का प्रस्ताव पारित करके अनदेखा करते हुए, पत्र क्रमांक 218 दिनांक 29.12.2024 के माध्यम से थाना चौराहा से बेहरी फाटा तक तकनीकी स्वीकृति प्राप्त की गई, जबकि उक्त नगरीय क्षेत्र कि सीमा मध्यप्रदेश का राजपत्र दिनांक 2 जुलाई 2004 में वार्ड क्रमांक 3 निर्मित पश्िचम क्षेत्र में लोक निर्माण भवन न्यायालय भवन सम्मिलित होकर सीमा निर्धारित है नगरीय सीमा से करीब 200 मीटर का ग्राम पंचायत लखवाड़ा में निर्माण करवाया गया है क्या नगरीय सीमा क्षेत्र से बाहर कार्य करवाने हेतु सीएमओ अध्यक्ष को अधिकार है यदि नहीं, तो विभाग द्वारा क्या कार्यवाही कि गयी? यदि नहीं, तो क्यों नहीं कि गयी? (घ) अध्यक्ष सीमा यादव द्वारा अपने मकान एवं गार्डन कि कीमत बढ़ाने के स्वयं हित के लिए नगरीय क्षेत्र से बाहर लगभग 200 मीटर तक ग्राम पंचायत लखवाड़ा की पंचायत सीमा में पद का दुरुपयोग करते हुये सीएमओ द्वारा नियमों को ताक पर रखते हुये निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। (ड.) क्या यह भी सत्य है कि लोक निर्माण विभाग द्वारा पत्र क्रमांक 5727/तक/2025-26 दिनांक 12.12.2025 के माध्यम से स्पष्ट किया गया है कि डिवाइडर निर्माण हेतु कोई अनापत्ति जारी नहीं की गई तथा विभाग को लगभग रूपये 27.16 लाख (बेहरी फाटा से रामबाग रूपये 12.16 लाख एवं रामबाग से थाना चौराहा रूपये 6 लाख) की क्षति पहुँची है? (च) क्या शासन द्वारा इस प्रकरण में नियम विरुद्ध कार्य, वित्तीय अनियमितता एवं पद के दुरुपयोग के आरोपों की जांच कराकर दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध निलंबन, वसूली एवं वैधानिक कार्रवाई किए जाने का प्रस्ताव है? यदि हाँ, तो उसकी समय-सीमा क्या है।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं अपितु उल्लेखित कार्य के लिये राशि रू. 319 लाख की स्वीकृति संचालनालय के पत्र क्र. 11707 दिनांक 05.10.2023 से प्रदान की गई है। (ख) जी नहीं, लोक निर्माण विभाग के पत्र क्र. 4828 दिनांक 20.12.2022 से उल्लेखित कार्य हेतु अनापत्ति प्रदान की गई है। लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रदाय अनापत्ति में वैधता का उल्लेख नहीं था। निकाय द्वारा अनापत्ति अनुसार ही कार्य कराया गया है। (ग) जी नहीं। मध्यप्रदेश राजपत्र दिनांक 02 जुलाई 2004 अनुसार प्रश्नांकित कार्य निकाय सीमा में ही कराया गया है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) जी नहीं। लोक निर्माण विभाग के पत्र क्र. 4828 दिनांक 20.12.2022 से उल्लेखित कार्य हेतु अनापत्ति प्रदान की गई है। निकाय द्वारा अनापत्ति अनुसार ही कार्य कराया गया है। (च) प्रथम दृष्टया प्रकरण में वित्तीय अनियमित्ता परिलक्षित नहीं होने से प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
नूतन सुभाष स्कूल को अन्यत्र भूमि का आवंटन
[नगरीय विकास एवं आवास]
17. ( क्र. 1259 ) श्री भगवानदास सबनानी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र में स्मार्ट सिटी परियोजना लागू होने के उपरान्त नूतन सुभाष स्कूल पूर्ण रूप से इस परियोजना की चपेट में आ गया है, जिस कारण विद्यार्थियों को पंचशील नगर स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल विद्यालय में बिठाया जा रहा है? सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) के सम्बन्ध में उक्त परियोजना के चपेट में आने के कारण क्या नूतन सुभाष स्कूल हेतु अन्यत्र भूमि आवंटित की गई है? यदि हाँ, तो जानकारी उपलब्ध करावें, यदि नहीं, तो कब तक आवंटित की जावेगी? (ग) क्या विभाग द्वारा विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उक्त विद्यालय के निर्माण हेतु कितनी राशि स्वीकृत की गई है तथा किस एजेन्सी को कार्य सौंपा गया है, एजेन्सी द्वारा कार्य को कब-तक पूर्ण कर लिया जावेगा? कृपया समय-सीमा सहित समस्त जानकारी उपलब्ध करायें?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ, भोपाल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में स्मार्ट सिटी परियोजना लागू होने के उपरांत शासकीय नूतन सुभाष उ.मा. विद्यालय का भवन स्मार्ट सिटी एबीडी परियोजना से प्रभावित हुआ था। इस विद्यालय के संचालन हेतु भोपाल स्मार्ट सिटी कार्पो. लिमिटेड द्वारा शासकीय कमला नेहरू उ.मा. विद्यालय परिसर में प्रीफेब स्ट्रक्चर आधारित भवन का निर्माण रूपये 1.5 करोड़ की लागत से किया जाकर दिनांक 02/06/2020 को जिला शिक्षाधिकारी जिला भोपाल को सौंपा गया था। कालांतर में उक्त भवन में संचालित शासकीय नूतन सुभाष उ.मा. विद्यालय को स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पंचशील नगर स्थित शासकीय सरदार पटेल हाईस्कूल पंचशील नगर भोपाल में स्थानांतरित किया गया है। (ख) जी हाँ, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला भोपाल द्वारा अवगत कराया गया है कि 'शासकीय नूतन सुभाष उ. मा. विद्यालय टी.टी. नगर भोपाल के नवीन भवन निर्माण हेतु शासन द्वारा टी.टी. नगर भोपाल स्थित महाराष्ट्र भवन के सामने कन्नड़ भवन की रिक्त भूमि स्कूल शिक्षा विभाग को आवंटित की गयी है। शेष का प्रश्न उत्पन्न नहीं होता है। (ग) जिला शिक्षा अधिकारी, जिला-भोपाल द्वारा अवगत कराया गया है कि "उक्त शासकीय नूतन सुभाष उ.मा. विद्यालय के नवीन भवन निर्माण हेतु अद्यतन स्थिति में कोई राशि शासन स्तर से स्वीकृत नहीं की गयी है। शेष का प्रश्न उत्पन्न नहीं होता है।
रोड चौड़ीकरण के दौरान बिजली के पोलों का स्थानांतरण
[लोक निर्माण]
18. ( क्र. 1260 ) श्री भगवानदास सबनानी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र स्थित समस्त वार्डों में लोक निर्माण विभाग द्वारा कितने रोडों का चौड़ीकरण का कार्य पिछले 10 वर्षों में किया गया? जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में जिन-जिन रोडों का चौड़ीकरण किया गया है, चौड़ीकरण पश्चात कितने बिजली के पोल मार्ग के बीच में उपस्थित है, कृपया संख्या बतायें? क्या विभाग द्वारा बिजली के पोलों को बीच मार्ग से अन्यत्र स्थानांतरित करने हेतु कोई कार्यवाही की गई, यदि हाँ, तो की गई कार्यवाही उपलब्ध करावें, यदि नहीं, तो कब-तक की जावेगी समय-सीमा बतायें?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ के स्तंभ 5 अनुसार है। जी हाँ, कार्यवाही पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
दुर्घटनाओं से बचाव हेतु रोड का चौड़ीकरण
[लोक निर्माण]
19. ( क्र. 1285 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा प्रश्न क्र. 2175 दिनांक 07/08/2025 के प्रश्नांश (ख) में बताया गया कि वर्ष 2015 से जुलाई 2025 तक उज्जैन-जावरा टु-लेन मार्ग के अन्तर्गत थाना क्षेत्र बड़ावदा, जावरा औद्योगिक क्षेत्र, भेरूगढ़, उन्हेल, नागदा, बिरलाग्राम, खाचरौद के अन्तर्गत 2063 दुर्घटनाएं हुई जिनमें 572 मृत व 2516 व्यक्ति घायल हुए है? यदि हाँ, तो सिंहस्थ को दृष्टिगत रखते हुए धार्मिक श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्िचत करने हेतु उक्त रोड के चौड़ीकरण/फोरलेन किए जाने के संबंध में शासन द्वारा अब तक क्या-क्या कार्यवाही की गई है? विवरण देवें। (ख) उज्जैन शहर के सभी पहुंच मार्गों को फोरलेन करने की योजना के तहत जिले का दूसरा बड़ा शहर नागदा जं. जहां सिंहस्थ की भीड़ का सर्वाधिक दबाव रहेगा नागदा-उन्हेल-उज्जैन टु-लेन से फोरलेन/चौड़ीकरण करने हेतु शासन क्या कार्यवाही कर रहा है? विवरण देवें। (ग) विधानसभा प्रश्न क्र. 2175 के प्रश्न (ग) के उत्तर में बताया था कि सर्विस रोड का कार्य बीओटी अनुबंध में सम्मिलित नहीं होने से निर्माण नहीं किया गया है। लगभग 700 मीटर लम्बाई एवं 5.50 मीटर चौड़ाई में नाली सहित सर्विस रोड निर्माण हेतु तकनीकी एवं वित्तीय साध्यता हेतु प्रस्ताव परीक्षणाधीन है? यदि हाँ, तो परीक्षण कर लिया गया? स्वीकृति हेतु क्या कार्यवाही की जा रही है? विवरण देवें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। वर्तमान मार्ग के समानान्तर नवीन उज्जैन-जावरा फोरलेन ग्रीनफील्ड एक्सेस कन्ट्रोल्ड मार्ग के निर्माण हेतु निविदा आमंत्रित कर अनुबन्ध निष्पादन की कार्यवाही प्रचलित। उज्जैन-जावरा टू-लेन मार्ग के चौड़ीकरण/फोरलेन किये जाने के संबंध में कोई कार्ययोजना प्रचलित नहीं। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार। (ग) जी हाँ। जी नहीं। उक्त प्रस्ताव वर्तमान में परीक्षणाधीन होने के कारण स्वीकृति के संबंध में निर्णय परीक्षण पूर्ण होने के उपरांत लिया जाना संभव होगा।
संबल योजनांतर्गत अनियमितताओं की जांच
[नगरीय विकास एवं आवास]
20. ( क्र. 1427 ) डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कलेक्टर सतना के द्वारा अर्द्ध शा. पत्र क्र./ए एल सी/3312 दिनांक 11.04.2025 से आयुक्त नगर पालिक निगम सतना को लेख कर संबल योजना में हुई अनियमितताओं पर हुई जांच में दोषी पाये गये अधिकारियों से वसूली/अनुशासनात्मक कार्यवाही करने लेख किया है? उक्त पत्र में यह भी लेख है कि कर्मचारियों/अधिकारियों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही करने 11.12.2024 को पूर्व में भी निर्देशित किया गया था? पत्र की एक प्रतिलिपि उपलब्ध करायें। (ख) कार्यालय कलेक्टर सतना ने 03.12.2024 से पत्र क्र.4767 से सचिव असंगठित शहरी/ग्रामीण कर्मकार मंडल भोपाल को उनके पत्र क्र.7201 दिनांक 13.11.2024 के संदर्भ में जो लेख किया है उसकी प्रति देते हुये प्रमुख सचिव म.प्र. शासन नगरीय विकास बतायें कि क्या कलेक्टर सतना के पत्रों पर जिनका उल्लेख प्रश्नांश (क) में है उन पर कार्यवाही (एफ.आई.आर. एवं अन्य) नगर पालिक निगम के आयुक्त क्यों नहीं करवा रहे हैं? क्या आयुक्त दोषियों को खुलेआम संरक्षण दे रहे हैं? राज्य शासन आयुक्त के विरूद्ध ई.ओ.डब्लू. में आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करवायेगा तो कब तक समय-सीमा दें? (ग) राज्य शासन दोषियों पर एफ.आई.आर. कायम करने के आदेश शासन स्तर से कब जारी करेगा? आदेशों की एक प्रति दें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। पत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" अनुसार है। (ख) नगर पालिक निगम सतना से प्राप्त उत्तर अनुसार प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित पत्र नगर पालिक निगम, सतना को प्राप्त नहीं हुआ है। कलेक्टर कार्यालय से पत्र की प्रति विभाग को प्राप्त हुई है, जो पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" अनुसार है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी जिला सतना के पत्र क्र.स.श्रमा./संबल/2024/4905 सतना, दिनांक 11.12.2024 के पालन में नगर पालिक निगम, सतना के अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित की गई है। अतः प्रश्नांश (ख) के शेष भाग का प्रश्न उत्पन्न नहीं होता है। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में विभागीय जाँच संस्थित की गई है। विभागीय जाँच उपरांत अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध गुणदोष के आधार पर कार्यवाही की जायेगी।
स्मार्ट मीटर लगाकर उपभोक्ताओं से अवैध वसूली
[ऊर्जा]
21. ( क्र. 1440 ) श्री सुरेश राजे : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्मार्ट विद्युत मीटर लगाने के पूर्व विद्युत उपभोक्ता के निवास पर लगा सिंगल फेस एवं 03 फेस मीटर की कितनी-कितनी राशि उपभोक्ता से वसूली गई? सिंगल फेस एवं 03 फेस स्मार्ट मीटर लगाने पर विद्युत उपभोक्ता से कितनी-कितनी राशि किस प्रकार वसूली जाएगी? नियम/आदेश की सत्यापित प्रति उपलब्ध करवाएं (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार क्या विद्युत उपभोक्ता के निज निवास पर स्मार्ट मीटर लगाने के पूर्व से लगा हुआ विद्युत मीटर की वसूली गई राशि कम कर स्मार्ट मीटर की राशि देय होगी? यदि नहीं, तो स्मार्ट मीटर के नाम पर मनमानी कर अवैध रूप से दोहरी राशि क्यों वसूली जा रही है? जबकि पूर्व से लगा विद्युत मीटर सुचारू रूप से संचालित है, क्या सुचारू रूप से संचालित विद्युत मीटर को उपभोक्ता की सहमति के बिना नहीं बदलने हेतु पुनर्विचार किया जायेगा? यदि नहीं, तो क्यों? कारण सहित विस्तृत ब्योरा देवें।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) स्मार्ट विद्युत मीटर लगाने के पूर्व विद्युत उपभोक्ताओं के निवास पर स्थापित पुराने सिंगल फेज एवं थ्री फेज मीटर के लिए विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा समय-समय पर प्रचलित एस.ओ.आर. (Schedule of Rates) में उल्लेखित निर्धारित दरों के अनुसार उपभोक्ताओं से राशि वसूल की जाती है। उदाहरण स्वरूप वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 एस.ओ.आर. (Schedule of Rates) के अनुसार विभिन्न क्षमता के मीटरों की राशि की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। पुराने मीटर के स्थान पर स्थापित हो रहे स्मार्ट मीटर हेतु उपभोक्ताओं से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जा रहा है, अत: शेष प्रश्न नहीं उठता। (ख) उत्तरांश (क) में उल्लेखानुसार पुराने मीटर के स्थान पर स्थापित हो रहे स्मार्ट मीटर हेतु उपभोक्ताओं से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जा रहा है, अत: प्रश्न नहीं उठता। केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना दिनांक 23.12.2019 के विनियम-4 एवं विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना दिनांक 31 दिसम्बर, 2020 के विनियम-5 ''मीटरिंग'' तथा मध्यप्रदेश विद्युत प्रदाय संहिता-2021 के अध्याय-8 ''विद्युत मापन तथा बिलिंग'' के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में आर.डी.एस.एस. योजना के अंतर्गत पारदर्शी बिलिंग, मीटर रीडिंग प्रणाली में सुधार और सटीक ऊर्जा लेखाकंन के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। उक्त वैधानिक प्रावधानों के अनुसार सहमति लिया जाना आवश्यक नहीं है।
टी.एन.सी.पी. द्वारा जारी अनुमतियों की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
22. ( क्र. 1463 ) श्री यादवेन्द्र सिंह [श्री चन्द्रशेखर देशमुख] : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टी.एन.सी.पी. कार्यालय बैतूल एवं छिन्दवाड़ा पिछले चार वर्षों में प्लानिंग एरिया के बाहर अविन्यास हेतु अनापत्ति/अभिमत किस-किस को दी गई हैं? उनके आदेशों की प्रति उपलब्ध करवाएं एवं अनुमतियों में उल्लेखित किस-किस शर्तों की अवमानना की जा रही है? भौतिक सत्यापन रिर्पोट उपलब्ध करायें। (ख) म.प्र. ग्राम तथा नगर निवेश अधिनियम 1973 एवं म.प्र. भूमि विकास नियम 2012 के किन प्रावधानों को उपयोग करते हुए यह अनुमति दी गई है? वह भी धारा एवं नियम सहित बतावें। (ग) टी.एन.सी.पी. कार्यालय बैतूल एवं छिंदवाड़ा द्वारा पिछले चार वर्षों में प्लानिंग एरिया के बाहर अविन्यास हेतु अनापत्ति/अभिमत देने के लिए किस-किस अधिकारियों के पत्र प्राप्त हुए? समस्त पत्रों की प्रति उपलब्ध कराएं। (घ) टी.एन.सी.पी. कार्यालय बैतूल एवं छिंदवाड़ा द्वारा पिछले चार सालों में उनके द्वारा दिए गए विकास, अनुज्ञा, अनापत्ति एवं अभिमत की शर्तों की अवमानना करने की कितनी शिकायतें प्राप्त हुई? उन शिकायतों पर क्या कार्यवाही हुई एवं कितनी कार्यवाही लंबित एवं शिकायतों का निराकरण कब तक किया जायेगा? समय-सीमा सहित बतावें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगर तथा ग्राम निवेश जिला कार्यालय बैतूल एवं छिन्दवाड़ा द्वारा दिनांक 01/04/2021 से प्रश्न दिनांक तक प्लानिंग एरिया के बाहर दिए गए अभिमत/अनापत्ति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। नगर तथा ग्राम निवेश जिला कार्यालय बैतूल एवं छिन्दवाड़ा द्वारा प्लानिंग एरिया के बाहर म.प्र. नगर पालिका (कालोनी विकास) नियम, 2021 एवं म.प्र. ग्राम पंचायत (कालोनियों का विकास) नियम, 2014 के अंतर्गत सक्षम प्राधिकारी द्वारा चाहे जाने पर अभिमत/अनापत्ति दी जाती हैं। दिनांक 01/04/2021 से प्रश्न दिनांक तक कालोनी विकास की शर्तों की अवमानना के संबंध में जानकारी निरंक है। दिनांक 01/04/2021 से प्रश्न दिनांक तक कुल 05 पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किये गये है, जिनकी भौतिक सत्यापन रिपोर्ट पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ख) निवेश क्षेत्र के बाहर मध्य प्रदेश भूमि विकास नियम 2012 में भूमि के विकास से संबंधित प्रावधानों को समग्र रूप से मार्गदर्शिका मानते हुए एवं प्रश्नाधीन क्षेत्रों के समीपस्थ की विकास योजना के प्रावधानों (भूमि उपयोग को छोड़कर) को मार्गदर्शिका मानते हुए भूमि के विकास के प्रकरणों में अभिमत/अनापत्ति प्रदान की गई है। (ग) प्रश्नांश (ग) के संबंध में नगर तथा ग्राम निवेश जिला कार्यालय बैतूल एवं छिन्दवाड़ा अंतर्गत निवेश क्षेत्र के बाहर सक्षम प्राधिकारी (अनुविभागीय अधिकारी राजस्व) के पत्र ऑनलाइन प्राप्त होते हैं जो मध्य प्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश की वेबसाइट http://alpass.mp.gov.in/web के माध्यम से प्राप्त हुए है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। (घ) नगर तथा ग्राम निवेश जिला कार्यालय बैतूल में एक शिकायत की प्रतिलिपि प्राप्त हुई है। उक्त शिकायत भूमि आवंटन एवं हस्तातंरण के संबंध में होने से इसे नस्तीबद्ध किया गया है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
सड़क की गुणवत्ता का निरीक्षण
[लोक निर्माण]
23. ( क्र. 1477 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिले की विधानसभा भाण्डेर में ग्राम सेमई से बीकर तक पक्का रोड डाला गया है इसकी प्रशासकीय स्वीकृति कार्यादेश डी.पी.आर. की प्रति उपलब्ध कराई जाये। (ख) सेमई से बीकर का मार्ग कब प्रारंभ हुआ था और कब पूर्ण हुआ है, इस सड़क की गुणवत्ता सुनिश्िचत करने हेतु विभाग द्वारा क्या कदम उठाएं गये। किन-किन अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया गया इसका निरीक्षण प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाये। (ग) इस रोड पर बीकर से खिरियाघोंघू की पुलिया/सड़क चार माह से टूटी पड़ी है, आज दिनांक तक भी ठीक नहीं हुई है, क्षेत्रवासी परेशान है। इसके लिये कौन जिम्मेदार है, जिम्मेदार अधिकारी/ठेकेदार के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई तथा यह पुलिया कब तक सुधारी जायेगी।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ, कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1, कार्यादेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 एवं डी.पी.आर. की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 एवं 4 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। मार्गों की गुणवत्ता सुनिश्िचत करने हेतु ठेकेदार द्वारा स्थापित की गई लैब, परिक्षेत्रीय प्रयोगशाला ग्वालियर एवं एन.ए.बी.एल लैब द्वारा जाँच करायी गयी है। निरीक्षण प्रतिवेदन पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-5 एवं 6 अनुसार है। (ग) जी हाँ। जी हाँ। जी नहीं। चूंकि वर्ष 2025 में अतिवृष्टि के कारण पुलियाओं की एप्रोच क्षतिग्रस्त हुई थी। अतः वर्तमान में वायपास/वैकल्पिक मार्ग का निर्माण कर यातयात चलायमान है। क्षतिग्रस्ति हेतु कोई अधिकारी/कर्मचारी/ठेकेदार जिम्मेदार या दोषी नहीं है। वर्तमान में कार्य प्रगति पर है, अनुबंधानुसार कार्य पूर्णता तिथि 15.04.2026।
गोटेगाँव विधानसभा क्षेत्र में सोलर ऊर्जा आधारित स्वीकृत कार्य
[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]
24. ( क्र. 1551 ) श्री महेन्द्र नागेश : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गोटेगाँव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्तमान में कितने सोलर ऊर्जा आधारित कार्य (सोलर पंप, सोलर स्ट्रीट लाइट, सोलर रूफटॉप, सोलर प्लांट) स्वीकृत किए गए हैं तथा उनमें से कितने पूर्ण हो चुके हैं और कितने प्रगतिरत/लंबित हैं? (ख) प्रधानमंत्री कुसुम योजना अंतर्गत क्षेत्र में कितने किसानों को सोलर पंप का लाभ प्रदान किया गया है एवं लंबित प्रकरणों के निराकरण हेतु विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है? (ग) क्या शासकीय भवनों, विद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों एवं ग्राम पंचायत भवनों पर सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित करने का कोई प्रस्ताव है? यदि हाँ, तो उसकी समय-सीमा क्या है? (घ) विगत तीन वर्षों में गोटेगाँव विधानसभा क्षेत्र में विभाग द्वारा कितनी राशि व्यय की गई है? वर्षवार विवरण उपलब्ध कराया जाए। (ड.) आगामी वित्तीय वर्ष 2025–26 में गोटेगाँव विधानसभा क्षेत्र के लिए नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग अंतर्गत कौन-कौन से नए कार्य स्वीकृत किए जाने का प्रस्ताव है?
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्ला ) : (क) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में गोटेगांव विधानसभा क्षेत्र की जानकारी- सोलर पंप- गोटेगांव विधानसभा क्षेत्र से संबंधित जिले में कुल 383 पात्र कृषकों के यहां सोलर पंप स्वीकृत किये गये है। उक्त कृषकों के यहां सोलर पंप स्थापना हेतु कार्यादेश जारी किये जा चुके है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। सोलर रूफटॅप- प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत घरेलू हितग्राहियों की एवं शासकीय भवनों की सोलर प्लांट की जानकारी पुसतकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में जिले में अब तक कुल 32 किसानों को सोलर पंप का लाभ दिया गया है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। इसके अतिरिक्त कुल 383 पात्र कृषकों के यहां सोलर पंप स्वीकृत किये गये है, उक्त कषकों के यहां सोलर पंप स्थापना हेतु कार्यादेश जारी किये गये है, जिसकी जानकारी पुसतकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) प्रत्येक जिले में शासकीय भवनों को सौर ऊर्जीकृत करने के लिए Renewable Energy Service Company (RESCO) योजना क्रियान्वित है, जिसके अंतर्गत बिना निवेश के चयनित विकासक द्वारा सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया जाएगा। परियोजना अंतर्गत विकासकों का चयन किया जा चुका है। जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है। CAPEX आधार पर क्रियान्वित कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। अत्यधिक छोट RTS को CAPEX मोड में विभाग से प्राप्त प्रस्ताव जमा राशि एवं SLCC के अनुमोदन उपरांत करने का प्रावधान है। (घ) प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना भारत सरकार की योजना है, इस योजना के अंतर्गत घरेलू हितग्राहियों को मिलने वाली अनुदान की राशि भारत सरकार द्वारा सीधे हितग्राहियों को प्रदान की जाती है, जिसका व्यय लेखांकन विभाग में नहीं किया जाता है। निगम के व्यय लेखों में विधानसभावार व्यय दर्ज नहीं किया जाता है। (ड.) प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत घरेलू हितग्राहियों की वर्तमान में योजना सतत है। विभाग की मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा नीति-2025 वर्तमान में लागू है, जिसके अनुसार विकासक स्वयं द्वारा स्थल का चुनाव कर एवं परियोजना साध्यता का आकलन कर नवकरणीय ऊर्जा परियोजना स्थापित करने का प्रावधान है जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ई अनुसार है। कुसुम-ब- वर्ष 2025-26 में गोटेगांव विधानसभा क्षेत्र से संबंधित जिले में कुल 383 पात्र कृषकों के यहां सोलर पंप स्वीकृत किये गये है। उक्त कृषकों के यहां सोलर पंप स्थापना हेतु कार्यादेश जारी किये जा चुके है। सोलर रूफटॉप- योजनांतर्गत आगामी वित्त वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत शासकीय भवनों पर रेस्को मोड में सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित किया जाना है।
ग्रामीण विद्युत अधोसंरचना का सुदृढ़ीकरण
[ऊर्जा]
25. ( क्र. 1552 ) श्री महेन्द्र नागेश : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या गोटेगाँव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत अनेक ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत वितरण की लाइनें अत्यंत पुरानी एवं जर्जर अवस्था में हैं, जिसके कारण बार-बार विद्युत आपूर्ति बाधित होती है तथा दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है? (ख) यदि हाँ, तो ऐसी पुरानी विद्युत लाइनों के स्थान पर नवीन लाइनें स्थापित किए जाने हेतु विभाग द्वारा अब तक क्या कार्रवाई की गई है तथा आगामी समय में क्या कार्ययोजना प्रस्तावित है? (ग) क्या विधानसभा क्षेत्र के कई ग्रामों/टोला में स्थापित ट्रांसफार्मरों की क्षमता वर्तमान विद्युत भार की तुलना में कम है, जिसके कारण ओवरलोडिंग, बार-बार फॉल्ट एवं लो-वोल्टेज की समस्या उत्पन्न हो रही है? (घ) यदि हाँ, तो जिन ट्रांसफार्मरों की क्षमता अपर्याप्त है, उनकी क्षमता वृद्धि (अपग्रेडेशन) किए जाने हेतु विभाग द्वारा क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं? (ड.) क्या मंजरा टोला में अतिरिक्त विद्युत भार को दृष्टिगत रखते हुए नवीन ट्रांसफार्मर की आवश्यकता है? यदि हाँ, तो वहाँ शीघ्र सर्वे कराकर ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाने की समय-सीमा क्या निर्धारित की गई है?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) जी नहीं। गोटेगाँव विधानसभा क्षेत्रांतर्गत स्थापित विद्युत अधोसंरचना कई वर्ष पूर्व से स्थापित होने के कारण उक्त विद्युत लाईनें पुरानी (जर्जर नहीं) हैं। विद्युत लाईनों/तारों के पुराने होने के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित नहीं होती है। साथ ही प्रणाली सुदृढ़ीकरण हेतु समय-समय पर प्रचलित योजनाओं के तहत पुरानी विद्युत अधोसंरचना के उन्नयन का कार्य किया जाता है, जो कि एक सतत् प्रक्रिया है। प्रश्नाधीन क्षेत्र के स्थानीय विद्युत उपभोक्ताओं से तार खराब होने अथवा टूटने की शिकायत प्राप्त होने पर यथाशीघ्र सुधार कार्य कर विद्युत प्रदाय सुचारू कर दिया जाता है। उल्लेखनीय है कि स्थापित विद्युत अधोसंरचना के रख-रखाव का कार्य मानसून पूर्व एवं मानसून अवधि के पश्चात करने के अलावा विद्युत व्यवधानों/दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से पूरे वर्ष सतत रूप से किया जा रहा है। (ख) जानकारी उत्तरांश (क) में समाहित है। प्रश्नाधीन क्षेत्रांतर्गत प्रणाली सुदृढ़ीकरण हेतु वर्तमान में केन्द्र शासन की आर.डी.एस.एस. योजना के तहत 11 के.व्ही. तथा निम्न दाब विद्युत लाइनों के सुदृढ़ीकरण के कार्य एवं 11 के.व्ही. मिश्रित फीडरों के विभक्तिकरण हेतु कार्यादेश जारी किये गये है। जिनकी जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। वितरण ट्रांसफार्मर, विभिन्न बाह्य जनित कारणों एवं तकनीकी खराबी आने से खराब होते हैं, जिनमें मुख्यत: आकाशीय बिजली गिरने, विद्युत का अवैधानिक उपयोग, विद्युत लाइन में फाल्ट होने से, ट्रांसफार्मर का तेल चोरी होने के कारण अथवा तेल का रिसाव एवं ट्रांसफार्मर में आंतरिक खराबी आने इत्यादि कारण प्रमुख है। तथापि भविष्य में होने वाली संभावित भार वृद्धि के दृष्टिगत सतत् गुणवत्ता पूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्िचत किये जाने हेतु प्रणाली सुदृढ़ीकरण के कार्य प्रत्येक वित्तीय वर्ष में चिन्हांकित/स्वीकृत किये जाते हैं। इसमें नवीन विद्युत उपकेन्द्रों के साथ ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि के कार्यों हेतु भी प्रावधान किया जाता है, ताकि भविष्य में पर्याप्त बिजली हेतु आवश्यक विद्युत अद्योसंरचना उपलब्ध हो सके। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में भार वृद्धि के दृष्टिगत प्रश्नाधीन क्षेत्रांतर्गत वार्षिक कार्ययोजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 101 वितरण ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि एवं 19 अतिरिक्त वितरण ट्रांसफॉर्मर की स्थापना के कार्य स्वीकृत किये गये है। उक्त के अतिरिक्त 1 नवीन 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र एवं 33/11 के.व्ही. के 5 विद्युत उपकेन्द्र में अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर की स्थापना के कार्य स्वीकृत किये गये हैं। (ड.) प्रश्नाधीन क्षेत्रांतर्गत वर्तमान में मजरों/टोलों में स्थापित वितरण ट्रांसफार्मर भार के अनुरूप है तथापि वर्तमान में श्रीनगर एवं गोटेगांव ग्रामीण वितरण केन्द्र के अन्तर्गत मेनरहाई, बरूआ एवं बगलाई ऊजर में आर.डी.एस.एस. योजनान्तर्गत फीडर विभक्तिकरण हेतु 63 के.व्ही.ए. के 3 अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित किये गये हैं। उक्त के अतिरिक्त भविष्य में मजरों/टोलों में स्थापित वितरण ट्रांसफार्मर अतिभारित पाये जाने की स्थिति में समय-समय पर नियमानुसार प्रणाली सुदृढ़ीकरण योजना अथवा सामान्य विकास योजना के तहत तकनीकी साध्यता अनुसार क्षमता वृद्धि अथवा अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मर की स्थापना के प्रस्ताव पर सक्षम स्वीकृति उपरांत वितरण ट्रांसफार्मर स्थापना की कार्यवाही की जाती है, जो कि एक सतत प्रक्रिया है।
मार्ग निर्माण में प्राक्कलन अनुसार सामग्री का उपयोग
[लोक निर्माण]
26. ( क्र. 1560 ) श्री महेन्द्र केशरसिंह चौहान : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैतूल जिले के अन्तर्गत चिचोली से भीमपुर मार्ग का कार्य प्रारंभ है? (ख) कार्य कब प्रारंभ किया गया है तथा कब तक पूर्ण किया जाना था? (ग) क्या उक्त मार्ग निर्माण में प्राक्कलन अनुसार सामग्री का उपयोग किया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्या कारण बतावें? (घ) उक्त मार्ग का कार्य वर्तमान में बंद है? बंद रहने का कारण बतावें? (ड.) मार्ग का कार्य अधूरा होने से मार्ग के किनारे रहवासी एवं राहगीरों की परेशानियों को देखते हुए क्या वैकल्पिक व्यवस्था की गई है? यदि हाँ तो कौनसी, यदि नहीं, तो क्यों नहीं की गई?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) कार्य दिनांक 15/11/2024 को प्रारंभ किया गया एवं अनुबंधानुसार दिनांक 21 दिसम्बर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। (ग) जी हाँ। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) वर्तमान में मार्ग का कार्य प्रगति पर है, सिटी पोर्शन में धूल उड़ने के कारण पानी का छिड़काव निरंतर किया जा रहा है।
बैतूल जिले के ग्रामों में फीडर सेपरेशन कार्य
[ऊर्जा]
27. ( क्र. 1562 ) श्री महेन्द्र केशरसिंह चौहान : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में फीडर सेपरेशन की क्या योजना है? (ख) इस योजना के तहत बैतूल जिले के सभी ग्रामों में फीडर सेपरेशन का कार्य पूर्ण किया गया है? यदि नहीं, तो कारण बतावें? (ग) क्या बैतूल जिले में फीडर सेपरेशन का कार्य अधूरा है? यदि हाँ, तो किन ग्रामों में कार्य अधूरा है? ग्रामों की सूची उपलब्ध करावें? उक्त अधूरे ग्रामों में फीडर सेपरेशन का कार्य कब तक पूर्ण कर किसानों को लाभान्वित किया जावेगा?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) प्रदेश में वर्तमान में केन्द्र सरकार की आर.डी.एस.एस. योजनांतर्गत तीनों विद्युत वितरण कंपनियों में 11 के.व्ही. के मिक्स फीडरों को, 11 के.व्ही. घरेलू फीडरों एवं 11 के.व्ही. कृषि फीडरों में विभक्त (फीडर सेपरेशन) किये जाने का कार्य किया जा रहा है। (ख) जी नहीं, उत्तरांश (क) के सन्दर्भ में संचा./संधा. वृत्त कार्यालय बैतूल क्षेत्रान्तर्गत 11 के.व्ही.के मिक्स फीडरों के सेपरेशन के कार्यों के क्रियान्वयन हेतु आर.डी.एस.एस. योजनान्तर्गत दिनांक 02.05.2025 को कार्यादेश मेसर्स स्टार डेल्टा ट्रांसफार्मर लिमिटेड, भोपाल को जारी किया गया है। वर्तमान में कार्य प्रगतिरत है। (ग) जी नहीं, उत्तरांश (क) एवं (ख) में उल्लेखानुसार बैतूल जिले में फीडर सेपरेशन का कार्य वर्तमान में प्रगतिरत है एवं उक्त कार्य दिनांक 01.05.2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है।
बदनावर चौपाटी पर ओवर ब्रिज निर्माण
[लोक निर्माण]
28. ( क्र. 1571 ) श्री भंवर सिंह शेखावत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लेबड़–नयागांव फोरलेन मार्ग पर बदनावर चौपाटी पर ओवर ब्रिज के अभाव तथा अत्यधिक यातायात दबाव के कारण विगत वर्षों में लगातार गंभीर सड़क दुर्घटनाएं घटित हो रही हैं? दुर्घटना के कारण कई लोगों की मृत्यु हो चुकी है तथा कई लोग स्थाई रूप से अपंग हुए है। (ख) क्या उक्त स्थान पर फोरलेन मार्ग होने के बावजूद सुरक्षित क्रॉसिंग, ब्रिज अथवा अंडरपास के अभाव में आए दिन जाम की स्थिति निर्मित होती है, जिससे आमजन, विद्यार्थियों, व्यापारियों एवं आपातकालीन सेवाओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है? (ग) क्या शासन द्वारा उक्त गंभीर समस्या के निराकरण हेतु अब तक कोई तकनीकी सर्वेक्षण अथवा प्रस्ताव तैयार किया गया है? यदि हाँ, तो कृपया यह भी स्पष्ट किया जाए कि बदनावर चौपाटी पर ओवर ब्रिज निर्माण की स्वीकृति कब तक प्रदान की जाएगी तथा निर्माण कार्य कब तक प्रारंभ कर पूर्ण किया जाएगा। यदि नहीं, तो शासन द्वारा इस समस्या के स्थायी समाधान हेतु भविष्य में क्या ठोस कार्ययोजना प्रस्तावित है?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) पुलिस अधीक्षक जिला धार से प्राप्त दुर्घटनाओं की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं, लेबड़-जावरा मार्ग पर बदनावर चौपाटी (चैनेज 51+800) के निकट चैनेज 52+950 पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा ओव्हर ब्रिज का निर्माण कर दिया गया है, जिससे जाम जैसी कोई स्थिति नहीं है। (ग) जी नहीं, कोई योजना प्रस्तावित नहीं है। उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
गुनौर विधानसभा में संचालित गौशालाओं की जानकारी
[पशुपालन एवं डेयरी]
29. ( क्र. 1581 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में पशुपालन हेतु कौन-कौन सी योजनाएं प्रचलित है? वर्गवार अर्हताओं अधकितम स्वीकृत राशि एवं योजनावार सब्सिडी की जानकारी देवें? (ख) वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक प्रश्नांश (क) से संबंधित योजनाओं में कितनी राशि पन्ना जिले को प्राप्त हुई? उनमें से कितनी राशि का व्यय किस-किस योजना में गुनौर विधानसभा में किया गया? योजना एवं लाभार्थी का नाम, पता सहित सूची देवे। (ग) गुनौर विधानसभा में कितनी गौशालाएं संचालित है? नाम पता सहित सूची देवें। वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक उन्हें कितना भुगतान किया गया है? गौशालावार बतावे। क्या सभी गौशालाओं को समय पर राशि उपलब्ध कराई गई या किसी गौशाला को राशि भेजने में विलम्ब हुआ? विलम्ब के लिये कौन दोषी है? दोषियों पर क्या कार्यवाही की जावेगी। (घ) विधानसभा गुनौर अंतर्गत गौशाला प्रारंभ करने हेतु कितने आवेदन पत्र कार्यवाही/स्वीकृति हेतु लंबित है? गौशाला प्रारंभ करने हेतु कौन-कौन सी अर्हताएं निर्धारित की गई है? (ड.) गुनौर विधानसभा में निर्मित गौशालाओं का वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक डॉक्टर्स एवं टीम द्वारा किस-किस गौशाला का कब-कब भ्रमण/निरीक्षण किया गया? शासन द्वारा कितने भ्रमण किया जाना निर्धारित है? यदि कोई डॉक्टर समय पर निरीक्षण नहीं करते है तो उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई है? क्या गुनौर विधानसभा की किसी गौशाला में गौवंश की म़ृत्यु हुई है, यदि हाँ, तो किस गौशाला में कितने गौवंश की मृत्यु हुई है?
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' एवं ''ब'' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -''स'' अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। सभी गौशालाओं को पात्रता अनुसार म.प्र. गौसंवर्धन बोर्ड भोपाल द्वारा DBT के माध्यम से समयानुसार राशि उपलब्ध कराई जाती है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) विधानसभा गुनौर अंतर्गत 03 गौशालाओं, ग्राम बलगहा, बरौहा एवं कठवरिया के पंजीयन की कार्यवाही प्रचलन में है। गौशालाओं के पंजीयन की एक निर्धारित प्रक्रिया होती है, जिसके अनुसार आवश्यक अर्हताएं पूर्ण होने पर पंजीयन किया जाता है। गौशालाएं पंजीयन कराने हेतु निर्धारित अर्हताओं के दिशा-निर्देश संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ई'' अनुसार। (ड.) गुनौर विधान सभा अंतर्गत गौशालाओं के किये गये निरीक्षण एवं गौवंश मृत्यु की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''फ'' अनुसार।
अमानक स्तर की सड़क का निर्माण
[लोक निर्माण]
30. ( क्र. 1593 ) डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी लोक निर्माण विभाग (भ/स) उप संभाग मझगवां जिला सतना (म. प्र.) के पृ.क. 307/एस.डी.सी./2025-26 मझगवां दिनांक 15.12.2025 से मेसर्स राजेश कुमार कैला के द्वारा पोड़ी मनकहरी मार्ग के डामर नवीनीकरण कि.मी. 3/10 से 3/4 तक पी.एम.सी. का कार्य अमानक स्तर का पाये जाने पर अमान्य किये जाने का लेख किया है? पत्र की एक प्रतिलिपि दें। (ख) राजेश कुमार कैला/मे. सत्या बिल्डिकॉन प्रा. लि./मेसर्स रौनक केला/मे. आर.एस. रियल्टी सिंधी कैंप सतना के द्वारा 01.04.2021 से प्रश्न तिथि तक कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग संभाग सतना/रीवा/पन्ना/कटनी/मैहर में किस-किस स्थान के क्या-क्या कार्य करने के लिये वर्क ऑर्डर प्राप्त किये? सभी जारी वर्क ऑर्डरों की एक-एक प्रति उपलब्ध करायें। (ग) प्रश्नांश (क) में वर्णित सड़क मार्ग पर अत्यंत घटिया स्तर का कार्य करने पर क्या प्रश्नांश (क) (ख) में उल्लेखित ठेकेदार कंपनी को ब्लैक लिस्टेड किया गया है? ब्लैक लिस्टेड किये जाने के जारी आदेशों की एक-एक प्रति दें? (घ) क्या उक्त सड़क की घटिया क्वालिटी राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने पकड़ी? क्या माननीय मंत्री महोदया के द्वारा घटिया/अमानक स्तर की सड़क बनाने की शिकायत के बाद कार्यवाही की गई? कब तक राज्य शासन उपरोक्त मार्ग के एस.डी.ओ. एवं सब इंजीनियर को कब तक निलंबित कर विभागीय जांच संस्थित करेगा?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। पत्र की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट प्रपत्र-अ अनुसार है। वर्क ऑर्डरों की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) जी हाँ। ब्लैक लिस्ट किये जाने वाले आदेश की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। (घ) जी नहीं। जी नहीं। शेष प्रश्नांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सड़कों एवं पुलियों का निर्माण
[लोक निर्माण]
31. ( क्र. 1605 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या खरगापुर विधानसभा क्षेत्र में सड़कों का निर्माण कराया जाना अति आवश्यक है जिसमें वृषभानपुरा से सेवार तक, मलगुंवा से सरकर तक, मझगुंवा से जामुनझोर होकर जरुवा मुख्य सड़क तक, सुजानपुरा तिगैला से वलबंतपुरा रेलवे पुल तक, जतारा मुख्य मार्ग से वंडवा मोहल्ला तक, पलेरा नगर में बाईपास निर्माण, आलमपुरा मुख्य मार्ग से झाड़ी मोहल्ला होकर करौला मुख्य सड़क तक, बलदेवगढ़ से सुजानपुरा मार्ग पर तिरछी पुलिया एवं जिनागढ़ से ठठवार मोहल्ला तक, की सड़कों के निर्माण किये जाने हेतु प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक-1631 दिनांक 31 जुलाई 2025 के उत्तर में प्रस्ताव परीक्षण में है बताया गया था उक्त प्रस्तावों की स्वीकृति कब तक कर दी जावेगी जानकारी दें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित सड़कों, पुलियों के निर्माण हेतु प्रस्तावों के परीक्षण में विभाग द्वारा क्या अभिमत दिया गया तथा प्रस्तावों का परीक्षण किस मापदण्ड, किस नियम से किया जाता है जानकारी से अवगत कराएं। (ग) क्या खरगापुर विधान सभा में सड़कों का अभाव है और आज भी ग्रामीणजन परेशानियों का सामना करते है इसलिए वर्णित प्रस्तावों के परीक्षणों में ग्रामीणजनों का मत भी शामिल किये जाने का कोई नियम है?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ, जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। स्वीकृति की कार्यवाही हेतु समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। प्रस्तावों का परीक्षण कार्य की आवश्यकता, लाभान्वित होने वाली जनसंख्या तथा मार्ग का यातायात घनत्व के आधार पर किया जाता है। (ग) जी नहीं। जी नहीं। जी नहीं।
नियम विरूद्ध दुग्धशीत केन्द्र का संचालन
[पशुपालन एवं डेयरी]
32. ( क्र. 1606 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बुन्देलखण्ड सहकारी दुग्धशीत केन्द्र जतारा जिला टीकमगढ़ में काफी लम्बे समय से संचालित है और दूसरा महिषाणा दुग्धशीत केन्द्र जतारा से 10 कि.मी. दूर हरपुरा ह्रदयनगर में किस नियम के तहत संचालित किया जा रहा है सम्पूर्ण जानकारी से अवगत करायें। (ख) क्या प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 1633 दिनांक 7 अगस्त 2025 के उत्तर में जानकारी दी गई थी कि शासन के नियमानुसार शीतदुग्ध केन्द्रों की दूरी- 40 से 50 कि.मी. पर स्थापित किया जाता है परन्तु यह 10 कि.मी. की दूरी पर किसके आदेश से संचालित किया जा रहा है तथा उत्तर में यह भी बताया गया है कि सहकारिता विभाग से अनुमति भी नहीं ली गई। फिर भी उक्त महिषाणा दुग्धशीत केन्द्र अवैध तरीके से कैसे संचालित किया जा रहा है। क्या उक्त दुग्धशीत केन्द्र को हटाये जाने के आदेश जारी करेंगे, यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों? कारण स्पष्ट करें। (ग) यदि नियम विरूद्ध दुग्धशीत केन्द्र के द्वारा दूध सप्लाई पर कोई होनी अनहोनी घटना घटित हो जायेगी तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? इसलिये उक्त दुग्ध शीत केन्द्र को नियमानुसार तत्काल हटाये जाने या बंद कराये जाने की कार्यवाही कब तक की जावेगी? समयावधि बतायें।
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) जी हाँ। हरपुरा ह्रदयनगर में मारूति नन्दन दुग्ध शीतन केन्द्र निजी संस्था द्वारा संचालित है। (ख) विधानसभा प्रश्न क्रमांक 1633 में दी गई जानकारी म.प्र. स्टेट को-आपरेटिव डेयरी फेडरेशन लि. के अंतर्गत क्रियाशील दुग्ध संघों के संदर्भ में थी, निजी संस्थाओं द्वारा चलाए जा रहे दुग्ध शीतकेन्द्रों पर दुग्ध संघ का कोई नियंत्रण नहीं है। (ग) उत्तरांश ''ख'' के परिप्रेक्ष्य में जानकारी निरंक है।
मार्ग निर्माण के अलायमेंट का परिवर्तन
[लोक निर्माण]
33. ( क्र. 1630 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परासिया विधान सभा क्षेत्र के अन्तर्गत दीघावानी से नवेगांव तक दूरी 3.20 किमी. राशि 533.78 लाख रूपये मार्ग निर्माण कार्य की स्वीकृति विभाग द्वारा प्रदान की गई है उपरोक्त स्वीकृत मार्ग निर्माण कार्य का 500 मीटर अलायमेंट चेन्ज किये जाने के संबंध में प्रमुख अभियंता भोपाल द्वारा कार्यपालन यंत्री छिंदवाड़ा से जानकारी मांगी गई थी, जो जानकारी कार्यपालन यंत्री के द्वारा प्रेषित की जा चुकी है एवं मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग जबलपुर द्वारा भी प्रमुख अभियंता भोपाल को अलायमेंट चेन्ज हेतु अनुशंसा, कार्यवाही कर पत्र प्रेषित कर अनुमति जारी करने हेतु लेख किया जा चुका है। परन्तु अभी तक मार्ग के अलायमेंट चेन्ज किए जाने की स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई है जिसके कारण मार्ग का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो पा रहा है कब तक विभिन्न औपचारिकताओं व कार्यवाही को पूर्ण करते हुए अलायमेंट चेन्ज करने की स्वीकृति प्रदान कर दी जायेगी? (ख) दीघावानी से नवेगांव दूरी 3.20 कि.मी. स्वीकृत मार्ग निर्माण कार्य का 500 मीटर अलायमेंट चेन्ज किए जाने के संबंध में प्रश्नकर्ता द्वारा मान. विभागीय मंत्री महोदय जी को अनुस्मरण 03 पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2025/715 दि. 12.12.2025 एवं प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग को अनुस्मरण 03 पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2025/677 दि. 01.12.2025 को प्रेषित किये गये है, जिन पत्रों पर अभी तक क्या कार्यवाही की गई है?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) :(क) जी हाँ। जी हाँ। जी हाँ। मार्ग बजट में स्वीकृत होकर विधानसभा से पारित। अलॉयमेन्ट परिवर्तन से मार्ग का स्वरूप बदल जायेगा। (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
सोलर एनर्जी सिस्टम में फिक्स चार्ज की वसूली
[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]
34. ( क्र. 1672 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने हेतु शासन की नीति क्या है? (ख) विद्युत वितरण कंपनिया घरेलू उपभोक्ताओं से इम्पोर्ट युनिट्स तथा एक्सपोर्ट युनिट्स पर क्रमशः किस दर पर राशि आरोपित करती है? यदि शुद्ध अवशेष युनिट्स देयक में एक्सपोर्ट होता है, तो क्या उपभोक्ता को राशि का भुगतान किया जाता है? हाँ, तो विवरण दें? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? प्रतिवर्ष यूनिट लेप्स किस आधार पर किये जाते है? (ग) क्या प्रदेश में विद्युत वितरण कंपनियां सोलर सिस्टम वाले घरेलू उपभोक्ताओं से एक भारी भरकम फिक्स चार्ज वसूली करती है? यदि हाँ तो क्या यह फिक्स चार्ज प्रति इम्पोर्टस यूनिट पर 1.87 रूपये होता है तथा यह एनर्जी चार्जेस स्लेब अनुसार दर के अतिरिक्त वसूला जाता है? (घ) क्या इस प्रकार सोलर उपभोक्ता से साधारण उपभोक्ता से भी अधिक दर से देयक अरोपित किये जाते है तथा फिक्स चार्ज नीति के किस प्रावधान अंतर्गत विद्युत कंपनियों द्वारा वसूला जा रहा है व वसूली के पीछे क्या कारण है? (ड.) क्या कंपनियों द्वारा सोलर सिस्टम वाले छोटे उपभोक्ताओं पर भारी भरकम फिक्स चार्ज लागू करने से आम घरेलू उपभोक्ताओं का इस योजना के प्रति नकारात्मकता उत्पन्न हो रही है? क्या विभाग इस फिक्स चार्ज को वापस लेने हेतु कंपनियों को निर्देशित करेगा?
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्ला ) : (क) प्रदेश में सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा नीति-2025 एवं विकेन्द्रीकृत नवकरणीय ऊर्जा नीति-2016 संचालित है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) विद्युत वितरण कंपनी यथा म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड जबलपुर, म.प्र.पश्िचम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड इंदौर एवं म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड भोपाल के क्षेत्रान्तर्गत घरेलू उपभोक्ताओं से इंपोर्ट यूनिट्स पर मध्यप्रदेश नियामक आयोग द्वारा जारी टैरिफ आदेश अनुसार उपभोक्ताओं की बिलिंग की जाती है। जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। वर्तमान में घरेलू उपभोक्ताओं पर एक्सपोर्ट यूनिट्स (निर्यातित विद्युत यूनिट) पर किसी भी प्रकार का प्रभार अधिरोपित नहीं किया जा रहा है। जी हाँ विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रान्तर्गत घरेलू उपभोक्ताओं को वित्तीय वर्ष की असमायोजित नेट विद्युत यूनिट पर मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग (ग्रिड पारस्परिक नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियां एवं संबंधित मामले) विनियम, (पुनरीक्षण द्वितीय) 2024 (आरजी-39 (II), वर्ष 2024) के प्रावधान अनुसार भुगतान (समायोजन) किया जाता है। जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। वित्तीय वर्ष 202526 में विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रांतर्गत घरेलू उपभोक्ताओं की असमायोजित नेट विद्युत यूनिट पर किये गए भुगतान (समायोजन) का विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रान्तर्गत घरेलू उपभोक्ताओं की एक्सपोर्ट यूनटिस (निर्यातित विद्युत यूनिट) लेप्स नहीं की जाती है एवं मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग (ग्रिड पारस्परिक नवीकरणीय उर्जा प्रणालियां एवं संबंधित मामले) विनियम, (पुनरीक्षण द्वितीय) 2024 (आरजी-39 (II), वर्ष 2024) के प्रावधान अनुसार वित्तीय वर्ष की असमायोजित नेट विद्युत यूनिट का भुगतान (समायोजन) किया जाता है। (ग) जी नहीं। विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रान्तर्गत सोलर सिस्टम वाले घरेलू उपभोक्ताओं से फिक्स चार्ज की वूसली मध्यप्रदेश नियामक आयोग द्वारा जारी टैरिफ आदेश एवं मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग (ग्रिड पारस्परिक नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियां एवं संबंधित मामले) विनियम, (पुनरीक्षण द्वितीय) 2024 (आरजी-39 (II), वर्ष 2024) में निहित प्रावधान अनुसार की जाती है। (घ) जी नहीं। विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रान्तर्गत सोलर सिस्टम वाले घरेलू उपभोक्ताओं एवं साधारण उपभोक्ताओं से मध्यप्रदेश नियामक आयोग द्वारा जारी टैरिफ आदेश अनुसार बिलिंग की जाती है। विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रान्तर्गत फिक्स चार्ज की वसूली मध्यप्रदेश नियामक आयोग द्वारा जारी टैरिफ आदेश एवं मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग (ग्रिड पारस्परिक नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियां एवं संबंधित मामले) विनियम (पुनरीक्षण द्वितीय) 2024 (आरजी-39 (II), वर्ष 2024) में निहित प्रावधान अनुसार की जाती है। (ड.) जी नहीं। उत्तरांश (ग) एवं (घ) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
विद्यालय का भवन निर्माण
[लोक निर्माण]
35. ( क्र. 1679 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या लोक निर्माण विभाग (पी.आई.यू.) पन्ना अंतर्गत गुनौर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बरसोभा के विद्यालय की बिल्डिंग का निर्माण कराया जा रहा है? इसकी प्रशासकीय स्वीकृति कब जारी हुई थी? प्रशासकीय स्वीकृति ओदश की प्रति देवें। इस बिल्डिंग के संबंध में कार्य का नाम, कार्य का स्थान, प्रशासकीय स्वीकृति आदेश जारी होने का दिनांक, कार्य की लागत, कार्य पूर्ण करने का दिनांक, संबंधित एजेंसी/ठेकेदार का नाम एवं उन्हें भुगतान की गई राशि सहित जानकारी देवें। क्या निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण न होने पर कार्य की लागत बढ़ जाती है? इस बढ़ी हुई लागत के लिये कौन दोषी है? दोषियों पर क्या कार्यवाही की जावेगी? (ख) क्या प्रश्नांश ''क'' से संबंधित निर्माण कार्य एक दशक से अधिक का समय व्यतीत हो जाने के बाद भी पूर्ण नहीं हो पाया? इस कार्य के लिये कौन दोषी है? दोषियों पर क्या कार्यवाही की जावेगी? उक्त कार्य का निरीक्षण कब-कब किया गया? जांच प्रतिवेदनों पर क्या कार्यवाही की गई? निरीक्षण करने में शासन की कितनी राशि का व्यय हुआ? दिनांकवार व्यय का विवरण उपलब्ध करावें? (ग) प्रश्नांश ''क'' से संबंधित निर्माण कार्यों के लिये विभाग से कोई निर्धारित कार्यक्रम है जिसके अनुसार जांच किया जाना आवश्यक है? यदि हाँ, तो क्या उन नियमों के अनुसार निर्धारित जांच की गई है तथा जांच उपरांत दोषियों पर कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो दोषी ठेकेदार/अधिकारियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? तथा इस निर्माण कार्य को कब तक पूर्ण करा दिये जावेगा?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) :(क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। प्रशासकीय स्वीकृति आदेश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) जी नहीं। जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रपत्र-अ अनुसार है। व्यय राशि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब एवं परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) जी हाँ। प्रशासकीय स्वीकृति की सीमा तक कार्य पूर्ण हो गया। जी हाँ। कोई दोषी नहीं है। वर्क-प्रोग्राम के अनुसार प्रगति न होने से ठेकेदार के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की गई है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। उक्त भवन के शेष कार्य हेतु प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त होने पर कार्य पूर्ण किया जाना संभव हो सकेगा।
दुग्ध समितियों का गठन
[पशुपालन एवं डेयरी]
36. ( क्र. 1705 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्ना विधानसभा में पशुपालकों द्वारा काफी मात्रा में दुग्ध उत्पादन किया जाता है लेकिन पर्याप्त दुग्ध समितियां न होने के कारण पशुपालकों को दुग्ध विक्रय करने एवं उसकी सही कीमत नहीं मिल पाती? तो क्या इस संबंध में दुग्ध महासंघ द्वारा दुग्ध रूट तैयार कर दुग्ध समितियों का गठन किया जावेगा जिससे दुग्ध पशुपालकों को दुग्ध विक्रय में आसानी एवं सही कीमत प्राप्त हो सके? (ख) पन्ना विधानसभा में मुख्यमंत्री डेरी प्लस योजना का लक्ष्य कम होने के कारण क्षेत्र के पशुपालाकों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है तो क्या इसका लक्ष्य बढ़ाने हेतु कोई कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ तो कब? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) पन्ना विधानसभा अंतर्गत सीमित गौशाला होने के कारण कई निराश्रित गौवंश मार्ग में विचरण करते रहते है जिससे मार्ग अवरूद्ध हो जाता है एवं दुर्घटना की आशंका बनी रहती है इन निराश्रित गौवंश हेतु नवीन गौशाला खोली जावेगी? यदि हाँ तो कब? यदि नहीं, तो क्यों?
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) जी नहीं। पन्ना जिले में बुन्देलखण्ड दुग्ध संघ से सम्बद्ध लगभग 95 दुग्ध सहकारी समितियां पंजीकृत हैं। दुग्ध संघ द्वारा जिले में 02 दुग्ध शीतकेन्द्र (अजयगढ़ क्षमता 7000 लीटर एवं पन्ना क्षमता 3000 लीटर) संचालित किए जा रहे हैं एवं दुग्ध संघ द्वारा पन्ना में 02 नवीन बल्क मिल्क कूलर (अमानगंज एवं गुन्नौर ) में स्थापित किये जा रहे हैं जिसमें नवीन दुग्ध संकलन मार्ग बनाकर समिति गठन का कार्य किया जा रहा है। (ख) डेयरी प्लस योजना का लक्ष्य समस्त 55 जिलों में विकासखण्डों की संख्या व पूर्व में लक्ष्यों की उपलब्धि एवं योजना में बजट उपलब्धता के आधार पर दिए गये है अत: पन्ना जिले में लक्ष्य बढ़ाने हेतु वर्तमान में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) पन्ना विधानसभा अंतर्गत कुल 20 गौशालाएं संचालित है जिनमें 4094 गौवंश को आश्रय दिया जा रहा है। गौवंश के व्यवस्थापन हेतु शासन द्वारा अनुदान राशि रूपये 20/- प्रति गौवंश प्रतिदिवस से बढ़ाकर राशि रूपये 40/- प्रतिगौवंश प्रतिदिवस किया गया है, जिससे निराश्रित गौवंश का उचित व्यवस्थापन एवं गौशालाएं प्रोत्साहित हो रही है। निराश्रित गौवंश की समस्या के निराकरण हेतु मध्यप्रदेश शासन द्वारा ''मध्यप्रदेश राज्य में स्वावलंबी गौशालाओं (कामधेनू निवास) की स्थापना की नीति 2025 लागू की गई है। इस नीति के अनुसार न्यूनतम 5000 गौवंश के पालन हेतु 130 एकड़ भूमि अनुबंधित की जा सकेगी। इसके अतिरिक्त प्रति 1000 गौवंश की वृद्धि पर 25 एकड़ अतिरिक्त भूमि का प्रावधान है। उक्त भूमि पर निविदा प्रक्रिया के माध्यम से निराश्रित गौवंश के पालन के साथ-साथ चयनित निवेशकों द्वारा गोपालन, नस्ल सुधार, पंचगव्य, दुग्ध प्रसंस्करण, कृषि, चारा विकास, उद्यानिकी, उर्जा, जैविक खाद, आयुष तथा पर्यटन के क्षेत्रों में वाणिज्यिक गतिविधियां संचालित की जा सकेगी, नीति अंतर्गत पन्ना जिले की पवई तहसील अंतर्गत ग्राम शिकारपुरा में 184.58 एकड़ भूमि पशुपालन एवं डेयरी विभाग को आंवटित की गई है, जिसमें 5000 से अधिक गौवंश का व्यवस्थापन किया जा सकेगा।
ग्राम खोरा में विद्युत सब स्टेशन की स्थापना
[ऊर्जा]
37. ( क्र. 1706 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा सत्र दिसम्बर 2025 के प्रश्न क्रमांक 288 में प्रश्नकर्ता द्वारा ग्राम खोरा में विद्युत सब स्टेशन के संबंध में पूछे गये प्रश्न के उत्तर में माननीय मंत्री जी द्वारा प्रस्ताव की तकनीकी साध्यता का परीक्षण कर कार्यवाही की जावेगी से अवगत कराया गया था? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार क्या उक्त कार्य की साध्यता का परीक्षण कर लिया गया है? यदि हाँ तो खोरा में विद्युत सबस्टेशन बनाये जाने का कार्य कब से प्रारंभ होगा? यदि नहीं, तो क्यों? कारण बतावे?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। नवीन 33/11 के.व्ही. उपकेन्द्र खेरा का निर्माण कार्य तकनीकी रूप से साध्य पाया गया। जिसे वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता अनुसार आगामी कार्ययोजना अथवा संचालित योजनाओं में शामिल किया जाना प्रावधानित हैं। अत: उक्त नवीन विद्युत उपकेन्द्र के कार्य को प्रारंभ किये जाने हेतु वर्तमान में निश्िचत समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है।
विभाग द्वारा निर्मित/निर्माणाधीन रोड, सेतु एवं भवन कार्यों की जानकारी
[लोक निर्माण]
38. ( क्र. 1726 ) श्री साहब सिंह गुर्जर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले में दिनांक 01 जनवरी, 2024 से प्रश्न दिनांक तक विभाग द्वारा निर्मित/निर्माणाधीन निर्माण कार्य जैसे रोड निर्माण, सेतु निर्माण एवं भवन निर्माण एवं अन्य संरचनाओं की वर्षवार, कार्यवार जानकारी उपलब्ध करावें। निर्माण कार्य पूर्ण करने की समय-सीमा भी बतावे? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं करने वाले, गुणवत्ता पूर्वक कार्य नहीं करने वाले ठेकेदारों को कब-कब नोटिस जारी किये गये? कार्यवार, ठेकेदारवार संपूर्ण जानकारी देवें? यदि कार्यवाही नहीं की गई को कारण बतावे? कार्यवाही की समय-सीमा बतावे? (ग) 01 जनवरी, 2024 से प्रश्न दिनांक तक विधानसभा क्षेत्र 14 ग्वालियर ग्रामीण अन्तर्गत किन-किन रोडों का संधारण कार्य? कब-कब किया गया? इस पर कितना व्यय किया गया? कार्यवार जानकारी देवें। (घ) जिला ग्वालियर में दिनांक 01 जनवरी, 2024 से प्रश्न दिनांक तक निर्मित/निर्माणाधीन रोड, सेतु, भवन एवं अन्य संरचनाओं का स्थानीय विभागीय अधिकारियों के द्वारा कब-कब निरीक्षण एवं परीक्षण किया गया? निरीक्षणकर्ता का नाम, पदनाम सहित निरीक्षण टीप की छायाप्रति उपलब्ध करावें। निरीक्षण/परीक्षण में क्या निर्माण कार्य की गुणवत्ता ठीक पाई गई यदि नहीं, तो विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई कार्यवार जानकारी उपलब्ध करावें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ, 'अ-1', 'अ-2' एवं 'अ-3' अनुसार है। (1) तहसील कार्यालय पिछोर ब्लॉक डबरा, जिसका कार्य प्रारंभ दिनांक 24/09/2025 एवं कार्य पूर्णता दिनांक 31/12/2026 है। (2) तहसील कार्यालय भवन सिटी सेंटर ग्वालियर, जिसका कार्य प्रारंभ दिनांक 25/02/2026 एवं कार्य पूर्णता दिनांक 31/01/2027 है। (3) संयुक्त तहसील कार्यालय घाटीगांव, जिसका कार्य प्रारंभ दिनांक 19/11/2025 एवं कार्य पूर्णता दिनांक 19/07/2027 है। (4) जीवाजी विश्वविद्यालय, जिसका कार्य प्रारंभ दिनांक 07/08/2025 एवं कार्य पूर्णता दिनांक 08/03/2027 है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ, 'अ-1' एवं 'अ-3' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब एवं 'ब-1' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स, 'स-1', 'स-2', 'स-3’ एवं परिशिष्ट-1 से 7 एवं 8, 9 अनुसार है।
सागर नगर स्थित पार्कों का रख-रखाव
[नगरीय विकास एवं आवास]
39. ( क्र. 1786 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर नगर में प्रशासनिक स्तर से कुल कितने छोटे एवं बड़े पार्क विकसित किये गये हैं? इनमें से कितने पार्क वर्तमान में सुव्यवस्थित एवं सुविधायुक्त संचालित हो रहे हैं एवं इनके रख-रखाव हेतु प्रशासन द्वारा क्या-क्या व्यवस्थाएँ की गई हैं? (ख) क्या सागर नगर स्थित कुछ पार्क वर्तमान में जर्जर एवं नष्ट होने की स्थिति में है, जिससे वहाँ के नागरिकों को अपेक्षित सुविधाएँ प्राप्त नहीं हो पा रही हैं तथा इनके विकसित एवं सुव्यवस्थित कराये जाने की आवश्यकता है? यदि हाँ तो उक्त पार्कों को पूर्ण विकसित एवं सौंदर्यीकरण कर नियमित संचालन हेतु शासन स्तर पर कोई योजना प्रस्तावित है? संपूर्ण कार्ययोजना से अवगत करायें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) सागर नगर में छोटे एवं बड़े कुल 50 पार्क विकसित किये गये है। वर्तमान में सभी 50 पार्क सुव्यवस्थित एवं सुविधायुक्त संचालित है। इन पार्कों के रख-रखाव का कार्य वर्तमान में निर्माण कार्य एजेन्सी के पास तीन वर्ष के लिए है। (ख) जी नहीं, उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
डेयरी एवं पोल्ट्री फार्म हेतु अनुदान एवं सब्सिडी का प्रदाय
[पशुपालन एवं डेयरी]
40. ( क्र. 1814 ) श्री अनिरुध्द (माधव) मारू : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पशुपालन विभाग द्वारा मध्यप्रदेश में कितने डेयरी फार्म/बकरी फार्म/पोल्ट्री फार्म हेतु लोगों को अनुदान एवं सब्सिडी प्रदान की गई है? (ख) क्या विभाग द्वारा अनुदान देने से पूर्व भौतिक सत्यापन कराया जाता है एवं किसके द्वारा भौतिक सत्यापन किया जाता है? (ग) पशुपालन विभाग द्वारा पशुओं की आपूर्ति हेतु किन संस्थानों से क्रय करने के लिए अनुबंधित/एम्पेनलमेंट किया गया है एवं इसके क्या नियम है? (घ) किन संस्थानों से कौन-कौन से पशु खरीदे गए हैं?
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा राष्ट्रीय पशुधन मिशन उद्यमिता विकास कार्यक्रम अंतर्गत 296 बकरीपालन एवं 18 मुर्गीपालन प्रकरणों हेतु अनुदान प्रदाय किया गया है, मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना अंतर्गत डेयरी फार्म हेतु डॉ.भीमराव अंबेडकर कामधेनू योजना में विभिन्न बैकों द्वारा 38 प्रकरण स्वीकृत किये गये है, अनुदान की राशि नोडल बैंक (केनरा बैंक) को अंतरित की जाती है (ख) जी हाँ। भौतिक सत्यापन संयुक्त संचालक, उप संचालक तथा जिला नोडल अधिकारी द्वारा किया जाता है। (ग) पशु प्रदाय हेतु विभाग द्वारा किसी भी संस्था से अनुबंध नहीं किया गया है (घ) उत्तरांश (ग) अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
दूषित पेयजल के कारण नागरिकों की मृत्यु
[नगरीय विकास एवं आवास]
41. ( क्र. 1859 ) श्री अजय अर्जुन सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या इंदौर शहर क्षेत्रों में दूषित पेयजल आपूर्ति के कारण अबतक लगभग 24 लोगों की मृत्यु तथा बड़ी संख्या में नागरिक गंभीर रूप से बीमार हुए है तथा यह भी तथ्य सामने आया है कि संबंधित क्षेत्र में आपूर्ति होने वाले पानी को समय-समय पर शुद्धता की जांच नहीं कराई गई थी? (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित प्रकरण में प्रभावित बस्तियों/वार्डों के नाम, वहां दर्ज मृतकों की संख्या तथा अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या क्या है प्रथम सूचना प्राप्त होने से लेकर दूषित पानी की अपूर्ति बंद होने तक शासन-प्रशासन द्वारा कौन-कौन से तात्कालिक कदम कितने समय में उठाए गए, उसका क्रमवार विवरण उपलब्ध कराएं? (ग) इंदौर नगर क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति के लिए बिछाई गई प्रमुख पाइप-लाइनों में से कितनी लाइनों की उम्र 20 वर्ष से अधिक हो चुकी है, इनमें से कितनी पाइप-लाइनें जर्जर, जंग लगी या सीवेज नाले के समानांतर ऊपर-नीचे होकर जाने के कारण से जोखिम श्रेणी में चिह्नित किया गया है? (घ) क्या शासन यह मानता है कि इंदौर की इस घटना में समय पर पानी की जांच न होना, नागरिकों की शिकायतों की अनदेखी पुरानी जर्जर पाइप-लाइनों का वर्षों से न बदला जाना तथा संबंधित विभागों द्वारा समन्वित कार्रवाई न करना शासन-प्रशासन की गंभीर उदासीनता का परिणाम है। यदि हाँ, तो मृतकों के परिजन एवं बीमार नागरिकों को दी गई/दी जाने वाली आर्थिक सहायता एवं पुनर्वास पैकेज का विवरण, भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों, इसके लिए शहरवार जोखिम मान चित्रण पुरानी पाइप-लाइनों के चरणबद्ध नवीनीकरण पेयजल की नियमित व अनिवार्य लैब जांच, ऑनलाइन रिपोर्ट सार्वजनिक करने तथा जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने संबंधी ठोस कार्ययोजना एवं समय-सीमा क्या है अवगत कराया जाए।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में प्रश्न दिनांक तक एक्यूट डायरियल डिजीज के कारण कुल 20 मृत्यु की आधिकारिक पुष्टि हुई है एवं कुल 459 व्यक्ति अस्पताल में भर्ती किये गये। नगर निगम इंदौर द्वारा जलप्रदाय प्रणाली अंतर्गत नियमित रूप से फिल्टर प्लांट एवं मूसाखेड़ी स्थित जल परीक्षण प्रयोगशाला में शहर के विभिन्न स्थानों के जल नमूनों की जांच की गई है। (ख) इंदौर शहर के वार्ड 11 के भागीरथपुरा क्षेत्र में मृतकों एवं अस्पताल में भर्ती में किये गये मरीजों की संख्या का विवरण उत्तरांश (क) अनुसार है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। (ग) नगर निगम इन्दौर 635 कि.मी. ए.सी.पी. एवं जी.आई. आदि पाइप-लाइन चिन्हित की गई है, जो कि 20 वर्ष या उससे अधिक पुरानी हो चुकी है, जिनके रिप्लेसमेन्ट हेतु अमृत 2.0 अंतर्गत निविदाएं आंमत्रित कर एल.ओ.ए. जारी किये गये हैं। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है।
नर्मदापुरम जिले में मार्ग का निर्माण
[लोक निर्माण]
42. ( क्र. 1871 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नर्मदापुरम जिले में ग्राम पंचायत रायपुर के रायपुर से मालाखेड़ी नर्मदापुरम मार्ग हेतु कब कितनी राशि की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जाकर किस ठेकेदार को कब कार्यादेश जारी किया गया। उक्त कार्यादेश अनुसार उक्त कार्य कब तक पूरा होना था। (ख) कार्यादेश जारी किये जाने के बाद से अभी तक उक्त मार्ग का कितना कार्य हुआ एवं कितना भुगतान कब-कब हुआ। (ग) उक्त कार्य कब से किन कारणों से बंद है। कार्य प्रारंभ करने हेतु ठेकेदार को कब-कब नोटिस जारी किये गये। (घ) प्रश्नांश (क) वर्णित ठेकेदार को नर्मदापुरम संभाग में किन-किन कार्यों का कार्यादेश दिया गया है। उक्त कार्यों की क्या स्थिति है। (ड.) शासन द्वारा संबधित ठेकेदार के खिलाफ क्या कार्यवाही की गयी। (च) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित मार्ग का कार्य कब तक प्रारंभ हो सकेगा। (छ) क्या प्रश्नांश (क) में उल्लेखित ठेकेदार को उक्त मार्ग एवं अन्य मार्गों के लिए अग्रिम भुगतान किया गया है, यदि हाँ, तो किन प्रावधानों के अंतर्गत किसके आदेश से। क्या यह नियमानुकूल है।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) जी नहीं, कार्य प्रगति पर है। नोटिस संबंधित विवरण संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ड.) अनुबंधानुसार ठेकेदार को समय-समय पर नोटिस दिए जाकर विलम्ब हेतु चलित देयक से राशि की कटौत्री की गयी है। (च) वर्तमान में कार्य प्रगतिरत है। (छ) जी नहीं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
इन्दौर शहर में दूषित जल से हुई मृत्यु
[नगरीय विकास एवं आवास]
43. ( क्र. 1976 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या इन्दौर शहर में दूषित पेयजल आपूर्ति के कारण लोगों की मृत्यु हुई है? कुल कितने लोगों की मृत्यु हुई है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार उपर्युक्त प्रकरण में प्रभावित बस्तियों/वार्डों के नाम वहां दर्ज मृतकों की संख्या तथा अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या की जानकारी देवें? (ग) क्या प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल के स्त्रोत टंकी, नलकूप, फिल्टर प्लांट आदि तथा वितरण नेटवर्क पाइप-लाइन से नियमित अंतराल पर जल नमूने लेकर प्रयोगशाला परीक्षण नहीं कराए जा रहे थे, जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई? जानकारी दे।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) प्रारंभिक जांच में स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदूषित जल से एक्युट डायरियल डिजीज़ होना बताया गया है, जिसके कारण भागीरथपुरा क्षेत्र में उत्तर दिनांक तक कुल 20 मृत्यु की अधिकारिक पुष्टि हुई है। (ख) नगर पालिक निगम, इंदौर के वार्ड क्रमांक 11 के भागीरथपुरा क्षेत्र में उत्तर दिनांक तक उक्त एक्युट डायरियल डिजीज के कारण कुल 20 मृत्यु हुई हैं एवं कुल 459 व्यक्ति अस्पताल में भर्ती किये गये हैं। (ग) जी नहीं, इंदौर जलप्रदाय व्यवस्था अंतर्गत जल नमूनों का नियमित अंतराल पर परीक्षण सुनिश्िचत किया जाता है। जनवरी 2025 से प्रश्न दिनांक तक कुल 84142 सैम्पल की जांच की गई है।
एम.जी.आर. रेलवे लाइन विस्थापितों को प्लाट का आवंटन
[नगरीय विकास एवं आवास]
44. ( क्र. 2074 ) श्री रामनिवास शाह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) एन.टी.पी.सी. रिहंद नगर बीजपुर सोनभद्र उ.प्र. एम.जी.आर. रेलवे लाइन हेतु म.प्र. शासन द्वारा के सिंगरौली जिले के ग्राम सासन एवं टूसा में कितने मकानों का अधिग्रहण किया है। (ख) एन.टी.पी.सी. रिहंद नगर बीजपुर द्वारा नगर निगम सिंगरौली (विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण)/राजस्व विभाग को प्लाट वितरण हेतु कितनी राशि जमा की गई है। (ग) कितने विस्थापितों को प्लाट दिया गया है और किस स्थान पर प्लाट दिया गया है। (घ) कितने विस्थापितों को आज दिनांक तक नहीं दिया गया है तो आगे देने का क्या प्रावधान है और कब तक दिया जावेगा जानकारी दें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) एम.जी.आर रेलवे लाइन हेतु सिंगरौली जिले के ग्राम सासन एवं टूसा में क्रमश: 19 तथा 06 मकानों का अधिग्रहण किया गया है। (ख) एन.टी.पी.सी रिहंद नगर बीजपुर द्वारा नगर निगम सिंगरौली (विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण) को 11 प्लाट वितरण हेतु राशि रूपये 2,50,800/-जमा की गई है। (ग) 11 विस्थापितों को नगर निगम के वार्ड क्रमांक 41 ग्राम गनियारी (बैढ़न) में प्लाट दिये गये है। (घ) 34 विस्थापितों को प्लाट दिया जाना शेष है। आवंटन कार्यवाही एन.टी.पी.सी रिहंद नगर द्वारा की जानी है।
सिंगाजी ताप विद्युत गृह में चोरी
[ऊर्जा]
45. ( क्र. 2199 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सिंगाजी ताप-विद्युत-गृह परियोजना, डोंगलिया, जिला खण्डवा में दिनांक 15 जनवरी 2024 को कोल सैम्पलिंग लैब से संबंधित लगभग 44 करोड़ रुपये मूल्य के कोल सैम्पल, 44 पैकेट नकली सील के साथ, विद्युत गृह में तैनात राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों द्वारा पावर हाउस के मुख्य द्वार पर रंगे हाथ पकड़े गए थे? क्या यह संपूर्ण घटना सी.सी.टी.वी. कैमरों में रिकॉर्ड हुई है, क्या इस संबंध में स्थानीय बीड थाना में पुलिस एफ.आई.आर. दर्ज की गई है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्या घटना के पश्चात कंपनी के एम.डी. द्वारा प्रेस-कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही किए जाने की घोषणा की गई थी? विभागीय व प्रमुख सचिव द्वारा भी कठोर कार्यवाही के निर्देश दिए गए थे? क्या इसके पश्चात विभाग द्वारा एक जाँच-समिति का गठन किया गया था? यदि हाँ, तो घटना को लगभग 2 वर्ष व्यतीत हो जाने के उपरांत भी अभी तक जाँच रिपोर्ट प्राप्त न होने तथा किसी भी अधिकारी/कर्मचारी पर कार्यवाही न किए जाने के क्या कारण हैं? (ग) उक्त जाँच-रिपोर्ट कब तक आ जाएगी? दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध दण्डात्मक कार्यवाही कब तक की जाएगी? जिन अधिकारियों के स्थानांतरण-आदेश जारी किए गए थे, उन्हें अबतक कार्यमुक्त न किए जाने के क्या कारण हैं? उन्हें कब तक कार्यमुक्त किया जाएगा? (घ) ताप-विद्युत-गृह में पदस्थ समस्त अधिकारियो/कर्मचारियों के नाम, पदनाम, पदस्थापना दिनांक एवं अबतक स्थानांतरण नहीं किये जाने के कारण सहित जानकारी उपलब्ध कराएं?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ, म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी अंतर्गत श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना डोंगलिया, जिला खण्डवा में दिनांक 15 जनवरी, 2024 को कोल सैम्पलिंग लैब से संबंधित लगभग 44 करोड़ रूपये मूल्य के कोल सैम्पल नहीं, अपितु 44 पैकेट सैम्पलों को असली सील के साथ परियोजना के अंदर से आ रहे वाहन में सवार ठेका फर्म के तीन कार्मिकों को चोरी के प्रयास में परियोजना के मुख्य द्वार पर उपस्थित सुरक्षा बल के द्वारा पकड़ा गया था। जी हाँ, उक्त घटना सी.सी.टी.वी. कैमरों में रिकॉर्ड हुई थी, किन्तु रिकॉर्ड अवधि व्यतीत होने के कारण उसके फुटेज समस्त प्रयासों के उपरान्त भी प्राप्त नहीं किए जा सके हैं। जी हाँ, उक्त घटना की एफ.आई.आर. कंपनी द्वारा पुलिस थाना, मूंदी में दर्ज कराई गई थी। (ख) जी हाँ, प्रश्नांश (क) में उल्लेखित घटना की जानकारी म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक के संज्ञान में आने पर उनके द्वारा घटना की जाँच हेतु निर्देश दिये गये थे, जिसके तहत मुख्यालय स्तर से मुख्य अभियंता स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में एक जाँच समिति का गठन किया गया था। उक्त जाँच समिति द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार जनरेटिंग कंपनी का कोई भी कार्मिक दोषी नहीं पाया गया है। तथापि उक्त घटना में संलिप्त ठेका फर्म के कार्मिकों को कार्य से पृथक कर दिया गया है। तत्पश्चात विभाग द्वारा भी एक उच्च स्तरीय जाँच समिति का गठन किया गया था। उक्त गठित जांच समिति द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में भी म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी के किसी भी अधिकारी/कर्मचारी को दोषी नहीं पाया गया है। उक्त समिति द्वारा की गई अनुशंसाओं के अनुरूप ताप विद्युत गृहों में और अधिक सुरक्षा एवं सजगता रखे जाने हेतु निर्देश जारी किए गए हैं। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न नहीं उठता है। उत्तरांश (ख) में उल्लेखानुसार उक्त जांच रिपोर्ट में किसी भी अधिकारी/कर्मचारी के दोषी नहीं पाए जाने के दृष्टिगत उक्त घटना के परिप्रेक्ष्य में किसी भी कार्मिक का स्थानान्तरण नहीं किया गया है। (घ) दिनांक 10.02.2026 की स्थिति में श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना, डोंगालिया जिला खण्डवा में पदस्थ अधिकारियों/कर्मचारियों के नाम/पदनाम/पदस्थापना दिनांक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। उक्त अधिकारियों/कर्मचारियों का अब तक स्थानान्तरण नहीं किए जाने के संबंध में लेख है कि कंपनी अंतर्गत अधिकारियों/कर्मचारियों का स्थानान्तरण प्रशासनिक आवश्यकतानुसार किया जाता है।
विधायक के पत्रों पर कार्यवाही
[नगरीय विकास एवं आवास]
46. ( क्र. 2289 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन सागर को प्रश्नकर्ता द्वारा नगर पालिका परिषद् टीकमगढ़ में हुये भ्रष्टाचार एवं पूर्व दोषी अध्यक्ष एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारियों के विरूद्ध कुल कितने पत्र लेख किये प्रत्येक पत्र का विवरण एवं उस पर दिये गये उत्तर की एक-एक प्रति उपलब्ध करावे? (ख) क्या ई.ओ.डब्ल्यू. एवं लोकायुक्त द्वारा जांच प्रतिवेदन मांगे जाने पर भी नहीं भिजवाये जा रहे है। यदि नहीं, तो लोकायुक्त के पत्र क्र.-169/जा.प्र./02/24 दिनांक 04.04.2024 के पालन में क्या कार्यवाही की विस्तृत विवरण दें? (ग) क्या टीकमगढ़ नगर पालिका ने तो प्रश्नकर्ता की विधायक विकास निधि का प्रयोजन ही बदल दिया और प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्र.-692 दिनांक 05.12.2025 में गलत उत्तर दिया कि नहीं प्रयोजन नहीं बदला है गलत उत्तर प्रेषित करने वालों पर कब तक क्या कार्यवाही होगी और यदि नहीं, तो क्यों? (घ) प्रश्नकर्ता के द्वारा विगत 3 वर्ष में कितने पत्र आयुक्त, संचालक, नगरीय प्रशासन भोपाल को प्रेषित किये क्या उनका प्रश्नोत्तर दिया। यदि हाँ, तो पत्र एवं उसके उत्तर उपलब्ध करावे?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) जी नहीं। संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, संभाग-सागर द्वारा पत्र क्रमांक 195 दिनांक 21.01.2026 के माध्यम से लोकायुक्त कार्यालय, मध्यप्रदेश, भोपाल को प्रकरण में की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन प्रेषित किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) जी नहीं। सक्षम स्वीकृति के उपरांत कार्य कराया गया है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। माननीय विधायक द्वारा आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास को प्रेषित किए गए (शिकायत शाखा से संबंधित) पत्रों पर की गई कार्यवाही के विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है।
ओम कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा निर्धारित अवधि में कार्य पूर्ण नहीं करना
[नगरीय विकास एवं आवास]
47. ( क्र. 2291 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ओम कंस्ट्रक्शन कंपनी इन्द्रपुरी कॉलोनी टीकमगढ़ को नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा जलावर्धन योजना में किस-किस जिले में कितने कार्य दिये गये है। जबकि यह कंपनी लोक निर्माण विभाग से काली सूची में दर्ज है। (ख) क्या प्रश्नांश (क) वर्णित कंपनी की काम में लेटलतीफी और गुणवत्ता योग्य कार्य नहीं करने से अनेकों शिकायतें है। (ग) क्या बड़ागांव धसान, कारी, लिधौरा खास, जिला-टीकमगढ़ में जलावर्धन योजना का काम ओम कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा किया जा रहा है। (घ) क्या अर्बन डेव्हलपमेंट कंपनी के एम.डी. ने इस कंपनी को ब्लैक लिस्ट (काली सूची) में दर्ज किया है। इसके बाद भी इस कंपनी द्वारा प्रदेश में अनेक जिले में जलावर्धन योजना के गुणवत्ताहीन कार्य किये जा रहे है। कब तक संपूर्ण कार्यों की जांचकर कंपनी के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जावेगी। इस कंपनी द्वारा गुणवत्ताहीन एवं अधूरे कार्य किये जाने के बावजूद भी भुगतान क्यों कर दिया गया है?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) ओम कंस्ट्रक्शन कंपनी इंद्रपुरी कॉलोनी टीकमगढ़ को नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा जलावर्धन योजना में दिये गये कार्यों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। लोक निर्माण विभाग के पोर्टल पर ओम कंस्ट्रक्शन कंपनी दिनांक 23.01.2026 से दिनांक 22.06.2026 की अवधि के लिए काली सूची में दर्ज है। (ख) जी नहीं। प्रश्नांश (क) में वर्णित कंपनी की लेट लतीफी (विलम्ब) और गुणवत्ता योग्य कार्य नहीं करने को कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। (ग) जी हाँ। (घ) जी हाँ। कंपनी द्वारा जलावर्धन योजनाओं के सभी कार्य गुणवत्ता पूर्ण किये जा रहे है। कार्यों की जांच एवं कंपनी के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की आवश्यकता नहीं है। गुणवत्तापूर्ण एवं पूर्ण हुये निर्माण कार्यों का भुगतान अनुबंध के प्रावधान के अनुसार किया गया है।
बैरसिया विधान सभा की दुग्ध सहकारी समितियों की जानकारी
[पशुपालन एवं डेयरी]
48. ( क्र. 2318 ) श्री विष्णु खत्री : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैरसिया विधानसभा में कुल कितनी दुग्ध सहकारी समितियाँ कार्यरत है? सूची सहित जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) बैरसिया विधानसभा में दुग्ध सहकारी समितियों द्वारा किये जाने वाले दैनिक दुग्ध संकलन के अनुमानित आंकड़े उपलब्ध कराये?
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) विधानसभा बैरसिया क्षेत्रातंर्गत 96 पंजीकृत व 41 प्रस्तावित कुल 137 दुग्ध सहकारी समितियां कार्यरत है, सूची संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) वर्तमान में दुग्ध सहकारी समितियों द्वारा अनुमानित 80,000 लीटर दूध प्रतिदिन संकलित किया जा रहा है।
बायपास मार्ग के निर्माण की कार्ययोजना
[लोक निर्माण]
49. ( क्र. 2319 ) श्री विष्णु खत्री : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैरसिया विधानसभा में आंकिया-बरखेडा-डोंगरगांव मार्ग का निर्माण म.प्र. सड़क विकास निगम द्वारा किया गया। इस मार्ग के अंतर्गत ही ग्राम बरखेड़ा में लगभग 02 कि.मी. दूरी का बायपास मार्ग का निर्माण आज दिनांक तक लंबित हैं। इस लंबित बायपास मार्ग के निर्माण के संबंध में विभाग की क्या कार्ययोजना हैं? स्पष्ट करें। (ख) उक्त स्वीकृत बायपास मार्ग का निर्माण कब तक पूर्ण कर लिया जायेगा? जानकारी दें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। ग्राम आंकिया-बरखेड़ा-डोंगरगांव-बहराबल मार्ग कुल लंबाई 10.04 कि.मी. में से 8.59 कि.मी. मार्ग का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। शेष मार्ग लंबाई 1.45 कि.मी. का निर्माण भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण अपूर्ण है। भूमि उपलब्ध होने के पश्चात शेष मार्ग का निर्माण किया जा सकेगा। (ख) भूमि उपलब्ध होने पर निर्माण कार्य पूर्ण किया जा सकेगा।
अपात्र प्रधानमंत्री आवास एवं संविदाकार से राशि की वसूली
[नगरीय विकास एवं आवास]
50. ( क्र. 2337 ) श्री शिवनारायण सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर जिला अंतर्गत नगर परिषद् जैतहरी में वार्ड नं. 13 के पार्षद ने असत्य जानकारी देकर अपनी पत्नी के नाम प्रधानमंत्री आवास योजना स्वीकृत कराकर अनैतिक एवं अवैधानिक लाभ प्राप्त किया है? जिसके विरुद्ध सी.एम.ओ. जैतहरी ने अब तक क्या कार्यवाही की है पूर्ण जानकारी देते हुए वैधानिक कार्यवाही या नोटिस की प्रति उपलब्ध कराए? (ख) क्या प्रधानमंत्री आवास जैसे अति महत्वाकांक्षी योजना में अवैधानिक, धोखाधड़ी पूर्वक लाभ लेने की चेष्टा व असत्य जानकारी देना वैधानिक है? यदि नहीं, हो अपात्र व असत्य जानकारी देकर लाभ लेने वाले पार्षद से देय शासकीय राशि वसूली करते हुए पद के दुरुपयोग का दस्तावेजी साक्ष्य होने पर अयोग्य घोषित करने की कार्यवाही की जाएगी? (ग) क्या जैतहरी वार्ड नं. 01 में खनिज मद प्रतिष्ठान योजना मद से नगर परिषद् जैतहरी द्वारा सामुदायिक भवन का निर्माण कराया गया था? यदि हाँ, तो संविदाकार का नाम तथा कार्य में विलंब के दोषी ठहराये जाने पर कितनी राशि वसूली हेतु लंबित है? पूर्ण जानकारी सहित कार्यवाही से अवगत करावे? (घ) क्या प्रश्नांश ''ग'' में तत्कालीन संविदाकार वर्तमान में पार्षद निर्वाचित है? यदि हाँ, तो किस दल से निर्वाचित हुए उनका नाम, पिता का नाम सहित जानकारी देते हुए, इनके विरुद्ध जांच उपरांत कितनी राशि निकाय द्वारा कटौती नहीं की गई, राशि का विवरण देते हुए बकाया राशि वसूली के लिए सी.एम.ओ. ने क्या कार्यवाही की है तथा राशि वसूली न होने की स्थिति में नगर पालिका नियमों के अधीन दोषी पार्षद को अयोग्य घोषित करने की कार्यवाही की जाएगी? (ड.) क्या प्रश्नांश (घ) में दोषी संविदाकार व तत्पश्चात पार्षद को आर्थिक वसूली में संरक्षण दिया जा रहा है? यदि नहीं, तो शासकीय राशि कब तक वसूली जाएगी तथा पद से पृथक करने की कार्यवाही शासनहित में किया जाएगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगर परिषद् जैतहरी में वार्ड नं. 13 के पार्षद की पत्नी श्रीमती पार्वती राठौर पति श्री राजकिशोर राठौर द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के बीएलसी घटक का लाभ लेने के लिए प्रस्तुत आवेदन एवं जानकारी परीक्षण हेतु गठित जांच दल द्वारा सही पाये जाने तथा कलेक्टर से अनुमोदित सूची के आधार पर लाभ प्रदाय किया गया है जो उनकी पात्रता अनुसार है अनैतिक लाभ प्रदान करने जैसी कोई स्थिति नहीं है। उक्त परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं, उत्तरांश "क" के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। ठेकेदार का नाम श्री जयप्रकाश अग्रवाल पिता श्री अम्बिका प्रसाद अग्रवाल है। प्रश्नांकित कार्य की लोकायुक्त प्रकरण क्र. 81/ई/2021-22 में संभागीय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास शहडोल संभाग शहडोल के जाँच प्रतिवेदन दिनांक 10.04.2023 में ठेकेदार से कोई राशि वसूल किया जाना प्रस्तावित नहीं किया गया है। उक्त परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी हाँ, इंडियन नेशनल कांग्रेस दल के श्री जय प्रकाश अग्रवाल पिता स्व. अम्बिका प्रसाद अग्रवाल निर्वाचित पार्षद है। उत्तरांश "ग" के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) जी नहीं, उत्तराशं "ग" एवं "घ" के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
अवैधानिक ढ़ंग से शासकीय सम्पत्ति तोड़ने पर सक्षम कार्यवाही
[नगरीय विकास एवं आवास]
51. ( क्र. 2338 ) श्री शिवनारायण सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर जिले के नगर परिषद् जैतहरी में वार्ड नं. 5, 12 एवं 13 में गुलजारी प्रजापति, अशोक सिंह के घर से गजाधर के घर तक आर.सी.सी. निर्माण वर्ष 2014-2015 में किया गया था? यदि हाँ, तो संपूर्ण नाली निर्माण की लागत, संविदाकार का नाम, निविदा आमंत्रण की तिथि, कार्य के अंतिम भुगतान की तिथि कार्यपालन यंत्री संभागीय कार्यालय निरीक्षण उपरांत अंतिम एस.डी. एवं अन्य राशि का भुगतान सहित पूर्ण जानकारी देवें? (ख) क्या आर.सी.सी. नाली निर्माण पूर्व परिषद् के अध्यक्ष ने साजिश पूर्वक नाली के मध्य भाग का सैकड़ों मीटर तुड़वा कर नाली का उद्देश्य व औचित्य समाप्त किया है? यदि हाँ, तो क्या फुटहा तालाब के प्रवेश द्वार से सतीश तिवारी के आवास तक कितनी मीटर पक्की नाली तोड़ा गया है? लम्बाई, कुल लागत मूल्य तथा संपूर्ण लागत मूल्य की भौतिक परीक्षण व जांच लोक निर्माण विभाग से करा कर क्षति की पूर्ण जानकारी देवें? (ग) क्या पांच वर्ष से भी कम समय में निर्मित आर.सी.सी. नाली निर्माण किस सक्षम तकनीकी अधिकारी व प्रशासनिक अधिकारी की स्वीकृति आदेश से तोड़ने का प्रावधान है? शासन के आदेश की प्रति उपलब्ध कराए? (घ) प्रश्नांश (ख) अनुसार क्या कोई भी शासकीय कार्य पूर्व योजना अनुसार कराया जाता है? यदि हाँ, तो क्या लगभग पांच वर्ष पूर्व आर.सी.सी. नाली निर्माण कराकर मनमानी ढंग से अवैधानिक प्रक्रिया व तानाशाही पूर्वक तोड़ना शासन हित में है? यदि नहीं, तो आर्थिक क्षति के लिए जिम्मेदारी निर्धारित कर निकाय की क्षति राशि वसूली जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) जी नहीं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है। (घ) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
नगर पालिका में हुए भुगतान की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
52. ( क्र. 2378 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नागदा नगर पालिका में दिनांक 16/11/2024 से 27/01/2026 तक नगर पालिका परिषद् के प्राधिकारी सीएमओ ने वित्तीय शक्तियों में एक लाख तक किन-किन कार्यों/सामग्री क्रय करने हेतु भुगतान किया गया? वर्षवार पूर्ण विवरण दें। (ख) दिनांक 16/11/2024 से 27/01/2026 तक नागदा नगर पालिका अध्यक्षा ने धारा 50 व 51 अध्यक्ष की शक्तियों तथा कर्तव्य म.प्र. लेखा वित्त नियम 2018 धारा 237 के अन्तर्गत 5 लाख तक किन-किन कार्यों/सामग्री क्रय करने हेतु भुगतान किया? वर्षवार, कार्यवार, नगद भुगतान/चेक द्वारा किये गये भुगतान की चेक नं, ऑनलाइन भुगतान की रसीद मूल बिल वाउचर की रसीद सहित पूर्ण विवरण दें। (ग) दिनांक 16/11/2024 से 27/01/2026 तक नागदा नगर पालिका ने अपने वित्तीय कोष से 10 लाख रूपये से अधिक के कार्यों का पूर्ण पूर्ण विवरण दें। (घ) नागदा नगर पालिका अध्यक्ष नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 70, 71 कार्यवृत्त पुस्तिका दिनांक 10/08/2022 से 27/01/2026 तक क्या धारा 71 की विभागीय समिति कार्यरत है? या भंग है? धारा 71 की विभागीय समिति से प्रस्ताव पास होकर पीआईसी में जाते है अथवा नहीं इसके नियम प्रावधान क्या है? विवरण दें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है। (घ) जी हाँ। विभागीय समिति की बैठक नहीं होने पर प्रस्ताव पीआईसी के समक्ष प्रस्तुत किये जाते है। नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 71 (3) के अनुसार ''प्रेसिडेंट-इन-काउंसिल'' का, विभाग का प्रभारी सदस्य संबंधित विभाग में सलाहकार समिति का सम्मिलन प्रत्येक दो मास में कम से कम एक बार बुलाएगा और उसकी अध्यक्षता करेगा। प्रेसिडेंट-इन-काउंसिल के विभाग प्रभारी सदस्य सलाहकार समिति के सम्मिलन में दिए गए सुझावों पर विचार कर सकेगा।
आवासीय कॉलोनी के निर्माताओं के विरुद्ध कार्यवाही
[नगरीय विकास एवं आवास]
53. ( क्र. 2394 ) श्री चन्द्रशेखर देशमुख : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुलताई नगर पालिका क्षेत्र की आवासीय कॉलोनी ड्रीमलैंड सिटी के कॉलोनाइजर द्वारा नगर तथा ग्राम निवेश के अनुमोदित लेआउट के विपरीत कॉलोनी का निर्माण किया है, यदि हाँ, तो नगर तथा ग्राम निवेश द्वारा प्रदत्त किन-किन शर्तों के उल्लंघन के लिए क्या-क्या कार्यवाही की गई है? (ख) क्या नगरीय विकास एवं आवास विभाग के पत्र दिनांक 25.07.2023 के अनुसार शर्तों के उल्लंघन करने पर भी कॉलोनाइजर को शेष विकास कार्य 6 माह में पूर्ण करने हेतु शपथ पर दिए आवेदन पर किस अधिनियम एवं किस नियम की उल्लेखित शक्तियों के विरुद्ध समयवृद्धि दी गई, इसके लिए कौन अधिकारी जिम्मेदार है उस अधिकारी के विरुद्ध क्या कार्यवाही की जा रही है समय-सीमा सहित बतावे? (ग) क्या समयवृद्धि के पश्चात भी कॉलोनाइजर द्वारा विकास कार्य पूर्ण नहीं किया है, यदि हाँ, तो क्या रहवासियों द्वारा कॉलोनाइजर के विरुद्ध एन.जी.टी. एवं उच्च न्यायालय में दर्ज कराये मामले लंबित है। इन मामलों में शासन के किस-किस अधिकारी को एन.जी.टी.एवं उच्च न्यायालय द्वारा किस-किस दिनांक को क्या-क्या निर्देश दिए गए, उसका पालन किस-किस अधिकारी द्वारा कब तक किया जावेगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं, ड्रीमलैंड सिटी के कॉलोनाईजर द्वारा नगर तथा ग्राम निवेश से अनुमोदित ले-आउट में दर्शित कुछ भूखण्डों की सीमा में नाला मद की शासकीय भूमि खसरा नंबर 04 रकबा 0.134 हेक्टयर के आंशिक भाग को शामिल कर अतिक्रमण किया गया था। यद्यपि, कालोनाईजर द्वारा कालोनी के अभिन्यास अनुमोदन हेतु नगर तथा ग्राम निवेश बैतूल कार्यालय द्वारा जारी पत्र दिनांक 30/12/2008 की शर्त क्रमांक-9 में स्थल पर अनुमोदित अभिन्यास के अनुसार सीमांकन किया जाना था, परन्तु कालोनाईजर द्वारा नाला मद की शासकीय भूमि के अंश भाग को कुछ भूखण्डों की सीमा में शामिल कर अतिक्रमण पाए जाने पर तहसील के राजस्व प्रकरण क्रमांक 00007/31-68/2022-23 में पारित आदेश दिनांक 06 मार्च 2023 द्वारा कालोनाईजर को राशि रूपये 10 हजार के अर्थदण्ड से दंडित किया गया था। कॉलोनाईजर द्वारा मौके से अतिक्रमण हटाकर जुर्माना राशि जमा की गई है। (ख) जी नहीं, माननीय उच्च न्यायालय में प्रचलित याचिका क्रमांक 28972/2022 में पारित अंतिम आदेश दिनांक 20/02/2024 के पालन में कालोनाईजर को विकास कार्य पूर्ण करने हेतु 06 माह की समयावृद्धि प्रदान की गई थी। अत: उक्त के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। जी हाँ। रहवासियों द्वारा कालोनाईजर के विरूद्ध माननीय एन.जी.टी. में प्रकरण OA No. 21/2024 (CZ) तथा माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर में अवमानना याचिका CONC No. 4517/2025 लंबित है। माननीय एन.जी.टी. में प्रकरण प्रचलन में होकर, वर्तमान में कोई निर्देश जारी नहीं किए गए है। माननीय उच्च न्यायालय में प्रचलित अवमानना याचिका CONC No. 4517/2025 में भी शासन के किसी अधिकारी को कोई निर्देश नहीं दिए गए है। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 19/12/2025 को अवमानना याचिका को कालोनाईजर की याचिका WP No. 32848/2024 के साथ प्रस्तुत करने हेतु याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिए गए है। अत: उक्त के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
स्क्रैप हेतु बसों का आकलन
[नगरीय विकास एवं आवास]
54. ( क्र. 2420 ) श्री चैन सिंह वरकड़े : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 जनवरी 2024 से 31 मार्च 2024 तक इस समयावधि में Bhopal City Link Limited (BCLL), Bhopal द्वारा State Garage Bhopal (Madhya Pradesh) को भेजे गए पत्र की प्रतिलिपि उपलब्ध कराएं। BCLL के अंतर्गत संचालित कुल कितनी बसों को इसी समयावधि में scrap के लिए आकलन किया गया? कृपया उन सभी बसों की सूची एवं कि.मी. का (पंजीकरण नंबर सहित) गोशवारा एवं BCLL द्वारा बसों के किलोमीटर के संबंध में किए गए पत्राचार की सत्यापित छायाप्रति प्रदान करें। (ख) उपरोक्त अनुसार BCLL के किस अधिकारी/कर्मचारी द्वारा इस scrap process को अनुमोदित किया गया तथा ही, BCLL एवं State Garage Bhopal के किस कर्मचारी द्वारा इन बसों का निरीक्षण किया गया? नाम एवं पद की जानकारी दें। इन बसों से संबंधित RTO Bhopal या scrap center में किस अधिकारी/कर्मचारी द्वारा scrapping की अंतिम कार्यवाही पूर्ण की गई? (ग) 1 जनवरी 2018 से 31 मार्च 2020 तक इस समयावधि में BCLL के अंतर्गत संचालित कुन कितनी बसों को scrap के लिए आकलन किया गया? उन सभी बसों की सूची एवं कि.मी. का (पंजीकरण नंबर सहित) गोशवारा एवं BCLL द्वारा बसों के किलोमीटर के संबंध में किए गए पत्राचार की सत्यापित छायाप्रति प्रदान करें। BCLL के किस कर्मचारी द्वारा इन बसों का निरीक्षण किया गया?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रदर्श–1 अनुसार है। उक्त समयावधि में 35 बसों का scrap के लिए आकलन किया गया। जानकारी एवं दस्तावेज़ पुस्तकालय में रखे प्रदर्श–2 अनुसार है। (ख) उपरोक्तानुसार 35 बसों की स्क्रैप प्रक्रिया को तत्कालीन आयुक्त, नगर पालिक निगम, भोपाल द्वारा अनुमोदित किया गया था। भण्डार क्रय नियम अनुसार बसों के scrap सम्बन्धी निरीक्षण कार्य हेतु गृह मंत्रालय, म.प्र. शासन अंतर्गत स्टेट गैरेज अधिकृत है। स्टेट गैरेज में पदस्थ तत्कालीन फोरमैन, स्टोर ऑफिसर एवं अधीक्षक की तीन सदस्य समिति द्वारा निरीक्षण की कार्यवाही की गई थी। उपरोक्त बसों से संबंधित आरटीओ भोपाल में श्री संजय सोनी, पी.आर.ओ द्वारा कार्यवाही पूर्ण की गई तथा स्क्रैपिंग एजेंसी को हैण्ड ओवर करने की कार्यवाही हेतु श्री जीशान खान, मैनेजर इंजीनियर एवं श्री आशुतोष शांडिल्य, सेफ्टी एंड सिक्यूरिटी ऑफिसर को अधिकृत किया गया था। (ग) प्रश्नांश समयावधि में कुल 30 बसों को Scrap के लिए आकलन किया गया। समस्त जानकारी एवं दस्तावेज़ पुस्तकालय में रखे प्रदर्श–3 अनुसार है। उत्तरांश (ख) अनुसार उक्त 30 बसों का समय-समय पर निरीक्षण की कार्यवाही स्टेट गैरेज द्वारा किया गया था।
निर्माण कार्य पर व्यय राशि की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
55. ( क्र. 2431 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वानी शहर में निर्माणधीन कारंजा से सरस्वती आई अस्पताल तक के सीसीरोड निर्माण की स्वीकृति की जानकारी देवें। (ख) क्या महामृत्युंजय अस्पताल से होंडाशो-रूम तक के कच्चे नाले को सीसीरोड निर्माण के लिए गहरा किया गया है? अगर यदि हाँ, तो क्या नाले की दोनों तरफ दीवार बनाकर पक्का निर्माण किया जावेगा? यदि नहीं, तो बड़वानी शहर के गंदे पानी को व्यापारिक प्रतिष्ठानों के सामने कच्चे नाले का चौड़ीकरण किये जाने से मुख्य मार्ग से प्रतिष्ठानों पर आने-जाने का रास्ता बंद करने एवं शहर के प्रवेश मार्ग पर गंदगी फैलाने का क्या उद्देश्य है? (ग) क्या नगर पालिका बड़वानी के पार्षदों द्वारा अंजड़नाका से सरस्वती आई अस्पताल की तरफ बन रहे सीसीरोड के एलाइमेंट को लेकर विरोध जताया था? यदि हाँ, तो क्या कारण हैं कि कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए सीसीरोड को उत्तर दिशा की ओर घुमाया जा रहा है। (घ) बड़वानी शहर के व्यापारियों से कच्चे नाले पर पक्का नाला निर्माण हेतु पूर्व में कभी 23 लाख रु. जमा कराये गए थे? यदि हाँ, तो यह राशि तत्समय किस मद तथा किस खाते में जमा की गई थी? जानकारी दें। (ड.) प्रश्नांश (घ) के परिप्रेक्ष्य में उक्त 23 लाख रु. का व्यय किस-किस कार्य पर कब-कब किया गया एवं उक्त राशि के व्यय हेतु क्या प्रक्रिया अपनाई गई तथा इस कार्य हेतु किन-किन फर्मों को किस पेटे भुगतान किया गया है?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) बड़वानी शहर में निर्माणाधीन कारंजा से सरस्वती आई अस्पताल तक सी.सी. रोड निर्माण के कार्य की स्वीकृति मुख्यमंत्री शहरी अद्योसंरचना विकास योजना (चतुर्थ चरण) अंतर्गत संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास म.प्र. भोपाल के पत्र क्र./या.प्र./07-03/2024/9224 भोपाल दिनांक 30/07/2024 से राशि रू 999.10 लाख की दी गई है। (ख) जी नहीं, उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। सड़क निर्माण की रिटेनिंग वाल की फुटिंग निर्माण के लिए खुदाई का कार्य कराया गया है। स्वीकृत प्राक्कलन में नाले के दोनों तरफ दीवार बनाये जाने का कोई प्रावधान नहीं हैं तथा निकाय के द्वारा व्यापारिक प्रतिष्ठानों के सामने आने-जाने का कोई रास्ता बन्द नहीं किया गया हैं व शहर के प्रवेश मार्ग पर निकाय के द्वारा सी.सी रोड एवं डिवाईडर निमार्ण कर सौन्दर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। (ग) जी हाँ, पूर्व से निर्मित सी.सी रोड व डिवाईडर की सेंटर लाइन के अनुसार वर्तमान में रोड निर्माण कार्य किया जा रहा है। (घ) जी हाँ, व्यापारियों से प्राप्त राशिजन भागीदारी योजना अंतर्गत निकाय के एस.बी.आई खाता क्र. 63001824644 में जमा कराई गई थी। (ड.) जनभागीदारी योजना अंतर्गत प्राप्त राशि से किसी प्रकार का व्यय नहीं किया गया है। जनभागीदारी में प्राप्त राशि निकाय के पास सुरक्षित है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से मृत्यु
[नगरीय विकास एवं आवास]
56. ( क्र. 2448 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर निगम इंदौर के भागीरथपुरा में अब तक कुल कितनी मौतें हुईं और मृत्यु होने के क्या-क्या कारण रहे? मृतकों के नाम और उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रति सहित बतावें। (ख) भागीरथपुरा में यदि मौतें पानी पीने से हुईं हैं तो पानी में किन-किन कारकों/तत्वों के होने के कारण मौतें हुई, जैसे कोई टॉक्सिन या कोई बैक्टीरिया, या कौन-कौन से बैक्टीरिया से मौतें हुईं? प्रति सहित बतावें। (ग) क्या मृतकों की मेडिकल पोस्टमार्टम/मेडिकल डेथ ऑडिट हुए हैं, जिससे यह सुनिश्िचत किया जा सके कि किन-किन बैक्टीरिया के कारण मौतें हुई? प्रति सहित बतावें। यदि मेडिकल पोस्टमार्टम या मेडिकल डेथ ऑडिट नहीं हुए तो विधिसम्मत कारण बतावें। (घ) कितनी बार मेडिकल डेथ ऑडिट हुई, समस्त डेथ ऑडिट की रिपोर्ट देवें। (ड.) पानी की जो सैंपलिंग ली गई, क्या उसमें बैक्टीरिया के साथ में कोई प्वाइजन मिला? मृतकों के पोस्टमार्टम बायोप्सी और कल्चर विसरा की बायोप्सी में मृत्यु के कारण क्या रहे? प्रति सहित बतावें। (च) नगर निगम इंदौर में पानी की गुणवत्ता जांच की क्या प्रक्रिया है? सक्षम लेबोरेटरी कितनी हैं, कितनी एनएबीएल द्वारा संबद्ध हैं? किस लैब में कब-कब, कैसे-कैसे जांच की जाती है, कब जांच रिपोर्ट मिलती है? जांच रिपोर्ट के आधार पर कब-कब कौन-कौन क्या कार्यवाही करते हैं? विगत 2 वर्षों की उक्त प्रक्रिया पालन की प्रति सहित बतावें। (छ) नगर निगम इंदौर में पेयजल पाइप-लाइनों की एक्सपायरी क्या निर्धारित है? कितनी पाइप-लाइन की एक्सपायरी हो चुकी हैं?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित मृत्यु समीक्षा समिति द्वारा मृत्यु के संभावित कारणों में से एक कारण एक्युट डायरियल डिजीज़ होना बताया गया, जिसके कारण उत्तर दिनांक तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुल 22 मृत्यु की पुष्टि की गई है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। (ग) जी हाँ, पुलिस द्वारा दस्तावेज देने पर तुरंत चिन्हित केसेज का पोस्टमार्टम एवं डेथ ऑडिट कमेटी द्वारा डेथ एनालिसीस स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। (घ) जानकारी उत्तरांश (ग) अनुसार है। (ड.) MGM microbiology lab & DPHL- Indore प्रयोगशाला इंदौर द्वारा जल नमूनों की जाँच कराई गई। प्रयोगशाला से प्राप्त जाँच निष्कर्ष की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है। शेष जानकारी उत्तरांश (ग) अनुसार है। (च) नगर निगम द्वारा जल गुणवत्ता परीक्षण एन.ए.बी.एल. मान्यता प्राप्त लेबोरेटरी में किया जाता है। कुल 03 लैब संचालित है, जिसमें से 02 लेब जलशोधन संयंत्र पर तथा 01 लेब एन.ए.बी. एल. मान्यता प्राप्त मूसाखेड़ी पर स्थित है। जलशोधन संयंत्र पर प्रतिदिन जल परीक्षण एवं मूसाखेड़ी स्थित जल परीक्षण प्रयोगशाला में समय-समय पर प्राप्त जल नमूनो की जाँच की जाती है। परीक्षण अनुसार जांच रिपोर्ट फिजिकल और केमिकल पैरामीटर की रिपोर्ट 24 घण्टे एवं बैक्टीरियोलॉजिकल पैरामीटर की रिपोर्ट 48 से 72 घण्टे तक आती है। जांच रिपोर्ट में कमी पाये जाने पर सुधारात्मक कार्यवाही की जाती है। प्रक्रियात्मक विवरण हेतु मैन्युअल पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है। (छ) CPHEEO manual अनुसार डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क की आयु 30 वर्ष निर्धारित है। इस अवधि से पूर्व पाइप-लाइन के क्षतिग्रस्त होने पर बदलने का कार्य किया जाता है। नगर निगम, इन्दौर द्वारा लगभग 635 कि.मी. ए.सी.पी. पाइप-लाइन चिह्नित की गई, जिसे बदलने का कार्य अमृत 2.0 योजना में स्वीकृत है।
माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का पालन
[लोक निर्माण]
57. ( क्र. 2453 ) श्री विपीन जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्य प्रदेश शासन लोक निर्माण विभाग माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के आदेशों का पालन करता है? (ख) यदि हाँ, तो माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के प्रकरण क्रमांक 14978/2017 में आदेश दिनांक 08.05.2024 का अभी तक समय-सीमा में पालन क्यों नहीं किया गया है? (ग) माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा उक्त आदेश में श्री कनक मल जैन सेवानिवृत कर्मचारी की पुनरीक्षित पेंशन स्वीकृत कर काटी गई राशि के भुगतान करने हेतु 90 दिवस की समय-सीमा पूर्ण हो गई है, यदि हां, तो कब तक संबंधित कर्मचारियों की पेंशन पुनरीक्षित की जाएगी?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ (ख) माननीय उच्च न्यायालय का निर्णय दिनांक 08.05.2024 नितिगत निर्णय होने के कारण निराकरण में विलंब हो रहा है। (ग) श्री कंकमल जैन सेवानिवृत्त अधिकारी की पेंशन को पुनरीक्षित करने का अधिकार वित्त विभाग को है उक्त प्रक्रिया नीतिगत निर्णय होने के कारण विलंब हो रहा है। निश्िचत समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।
मऊंगज जिले में संचालित गौशालाओं की जानकारी
[पशुपालन एवं डेयरी]
58. ( क्र. 2595 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2021 से 2026 के मध्य मऊगंज जिले में प्राइवेट और शासकीय कुल कितनी गौशालाएं संचालित की गई उनका विकासखण्डवार, गौशालाओं, पंचायत का नाम संचालन प्रारंभ करने की तिथि संचालक संस्था/व्यक्ति का नाम एवं पता सहित जानकारी दें? (ख) मानकों के अनुसार गौशालाओं में रखे गए गौवंश की टैगिंग एवं पंजीयन अनिवार्य है? यदि हाँ, तो वर्ष 2021 से 2026 तक माहवार, गौशालावार किए गए गौवंश टैगिंग/पंजीयन की संख्या बताएं। क्या गौशालावार गौवंश रजिस्टर, उपस्थिति/भरण-पोषण पंजिका निरीक्षण पंजिका संधारित की जाती है तो वर्ष 2021 से 2026 तक किए गए निरीक्षणों का विचरण क्या है? (ग) किसी गौशाला में टैंगिग पंजीयन रजिस्टर संधारण, निरीक्षण अभिलेख उपलब्ध नहीं पाए गए तो संबंधित संचालक अधिकारी के विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई? वर्ष 2021 से 2026 के मध्य मऊगंज जिले की किसी भी गौशाला से क्या गौवंश के गायब होने अथवा गौतस्करी की कोई शिकायत प्राप्त हुई? वर्षवार विवरण क्या है? (घ) गौशालाओं से पंजीकृत गौवंश गायब पाए गए उनके पंजीयन/टैग नंबर क्या थे? गायब होने के कारण क्या पाए गए? इसके लिए उत्तरदायी कौन है? गायब हुए पंजीकृत गौवंश के गौ-तस्करी का शिकार होने की पुष्टि हुई? यदि हाँ, तो दर्ज प्रकरणों का विवरण अपराध क्रमांक? की जानकारी दें।
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - ''ब'' अनुसार। जी हाँ - गौशालाओं में गौवंश रजिस्टर, उपस्थिति/भरण पोषण पंजिका निरीक्षण पंजिका संधारित की जाती है। वर्ष 2021 से 2026 तक किए गए निरीक्षण का विवरण जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - ''स'' अनुसार। (ग) गौशालाओं में टैगिंग व पंजीयन रजिस्टर तथा निरीक्षण अभिलेख संधारित किये गये हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। किसी भी गौशाला से गौतस्करी एवं गौवंश के गायब होने की जानकारी विभाग को प्राप्त नहीं हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश ''ग'' के अनुक्रम में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
ग्रीनफील्ड हाइवे निर्माण में इन्टरचेंज एवं पैदल आवागमन की सुविधा
[लोक निर्माण]
59. ( क्र. 2655 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड हाइवे मार्ग निर्माण हेतु भूमि के अधिग्रहण की कार्यवाही पूर्ण होकर डी.पी.आर. बनाकर टेण्डर आमंत्रित किए गए है? यदि नहीं, तो क्यों? समस्त कार्यवाही कब तक पूर्ण कर ली जाएगी? बिन्दुवार विवरण दें। (ख) ग्रीनफील्ड मार्ग में कहां-कहां इन्टरचेंज दिए गए है? नागदा-खाचरौद शहर/तहसील हेतु कितने स्थानों पर इन्टरचेंज दिए गए है? स्थान के नाम सहित विवरण दें। (ग) ग्रीनफील्ड मार्ग पर कौन-कौन से वाहन चलाना प्रतिबंधित होंगे? नाम सहित विवरण दें। (घ) क्या ग्रीनफील्ड हाइवे की ऊंचाई कम की गई है? या सामान्य फोरलेन हाइवे में परिवर्तित कर दिया गया है? यदि हाँ तो विवरण दें। (ड.) सड़क के दोनों ओर स्थित खेतों में जाने वाले किसानों/आम नागरिकों को सुरक्षित पैदल आवागमन की सुविधा हेतु उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड हाइवे के निर्माण में प्रस्तावित पुल, पुलिया, फ्लाईओवर/अंडरपास पर क्या दोनों ओर सीढ़ियाँ/रैम्प का प्रावधान किया जाएगा? यदि हाँ, तो ऐसे कितने स्थान चिन्हित किए गए हैं? यदि नहीं, तो पैदल आवागमन हेतु क्या वैकल्पिक व्यवस्था प्रस्तावित है?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ, डी.पी.आर. कार्य पूर्ण कर परियोजना स्वीकृति उपरांत निविदा एवं भू-अर्जन की कार्यवाही समानांतर रूप से की जा रही है। निविदा आमंत्रित कर अनुबंध निष्पादन की कार्यवाही प्रचलित है। भू-अर्जन की कार्यवाही ''भू-अर्जन पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम-2013'' अन्तर्गत प्रचलित है। कार्यवाही पूर्ण किये जाने की समय-सीमा बताया जाना सम्भव नहीं है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। नागदा-खाचरौद शहर/तहसील हेतु इन्टरचेंज की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड एक्सेस कन्ट्रोल्ड मार्ग पर प्रतिबंधित वाहनों की श्रेणी हेतु शासन द्वारा वर्तमान में कोई आदेश जारी नहीं किये गये है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं, किसानों के अभ्यावेदन के अनुसार परीक्षणाधीन है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) जी नहीं, शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जी नहीं। पैदल आवागमन हेतु आई.आर.सी.-एस.पी.-84-2019 की कण्डिका 9.8 के अनुसार प्रावधान किये जा रहे है।
उज्जैन शहर के अंदर संचालित पशु वधगृह एवं मांस विक्रय केन्द्र
[नगरीय विकास एवं आवास]
60. ( क्र. 2720 ) श्री अनिल जैन कालूहेड़ा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या धार्मिक नगरी उज्जैन में नगर निगम सीमा में शराब बंदी की तर्ज पर पशु वधगृह एवं मांस विक्रय केन्द्रों का संचालन बंद करने की योजना है? (ख) यदि प्रश्नांश (क) का उत्तर हाँ है तो पवित्र नगर उज्जैन में संचालित पशु वधगृह एवं मांस विक्रय केन्द्रों का संचालन बन्द करने का कार्य कब तक किया जावेगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं। (ख) उत्तरांश ''क'' के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
कटनी जिलांतर्गत विभागीय निर्माण कार्य
[लोक निर्माण]
61. ( क्र. 2790 ) श्री धीरेन्द्र बहादुर सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभागीय तकनीकी अधिकारियों द्वारा दैनिक/मासिक डायरी संधारित करने, कार्यक्षेत्र में भ्रमण एवं कार्यों के निरीक्षण के पदवार क्या-क्या नियम/निर्देश वर्तमान में कब से लागू हैं? और कटनी जिले में कौन-कौन विभागीय शासकीय सेवक वर्तमान में किन-किन सक्षम आदेशों से किस-किस पद/प्रभार पर कबसे कहाँ-कहाँ कार्यरत हैं? इनके क्या-क्या कार्य/दायित्व नियत हैं? (ख) प्रश्नांश ''क'' अधिकारियों द्वारा अपने कार्यक्षेत्र में नियम/निर्देशानुसार डायरी संधारित कर सक्षम प्राधिकारी को प्रस्तुत की गयी? क्षेत्र में भ्रमण, कार्यों का निरीक्षण किया गया? यदि हाँ,तो अधिकारीवार विगत 02 वर्षों में अपने कार्यक्षेत्र में किए गये भ्रमण की जानकारी एवं कार्यवार निरीक्षण प्रतिवेदनों से अवगत कराइए। (ग) क्या प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्रमांक–1262,दिनांक 05/12/2025 के उत्तरांशों में विधानसभा प्रश्न क्रमांक–1638, दिनांक-17/03/2025 का मानवीय त्रुटिवश असत्य उत्तर दिया जाना स्वीकार किया गया? यदि हाँ,तो प्रश्न का उत्तर किस-किसके द्वारा तैयार करवाकर किस-किस सक्षम प्राधिकारी द्वारा अपने हस्ताक्षर से किस-किस वरिष्ठ अधिकारी को प्रेषित किया गया? (घ) प्रश्नांश ''ग'' के तहत क्या लो.नि.वि.संभाग-कटनी में कार्यरत कार्यपालन अभियंता द्वारा प्रश्न का उत्तर तैयार करवाकर अपने हस्ताक्षर से उत्तर प्रेषित किया गया? यदि हाँ,तो यह मानवीय त्रुटि कैसे हैं, जबकि इन्हें ही कुछ माह पूर्व ही नोटिस दिये गये थे? क्या सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाने एवं जानबूझकर असत्य उत्तर देने और जिम्मेदारों का बचाव करने के कदाचार का संज्ञान लिया जाकर कार्यवाही की जायेगी?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट प्रपत्र-अ, 'अ-1' एवं 'अ-2' अनुसार है। (ख) प्रमुख अभियंता (भ/स) के अंतर्गत टूर डायरी प्रस्तुत नहीं की गयी है। प्रमुख अभियंता भवन के अंतर्गत टूर डायरी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। निरीक्षण प्रतिवेदन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिश्ष्टि के प्रपत्र-'अ-2', 'ब' एवं 'ब-1' अनुसार है। (ग) जी हाँ। कार्यपालन यंत्री लो.नि.वि. (भ/स) संभाग कटनी द्वारा तैयार कर मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग जबलपुर परिक्षेत्र को प्रेषित किया गया। (घ) जी हाँ। जी हाँ। सदन की गरिमा को ठेस पहुँचाने एवं जानबूझ कर असत्य उत्तर देने और जिम्मेदारों का बचाव करने का कदाचार नहीं किया गया है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
चलो मोबिलिटी पर पेनल्टी माफी एवं नियम विरुद्ध कार्य बहाली
[नगरीय विकास एवं आवास]
62. ( क्र. 2793 ) श्री सुनील उईके : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या चलो मोबिलिटी (टिकटिंग एजेंसी) ने BCLL को देय ₹1.20 करोड़ का भुगतान निर्धारित समय-सीमा से महीनों देरी से किया है? यदि हाँ, तो अनुबंध की शर्तों के अनुसार इस विलंब पर कितनी पेनल्टी और ब्याज देय था? क्या विभाग ने इस राशि को पूरी तरह माफ कर दिया है? (ख) क्या BCLL बोर्ड ने उक्त कंपनी की ब्लैक-लिस्टिंग (Blacklisting) इस आधार पर हटाई थी कि लोक परिवहन की बसें तुरंत सुचारू रूप से शुरू की जा सकेंगी? यदि हाँ, तो ब्लैक-लिस्टिंग हटने के बाद भी आज दिनांक तक कितनी बसें और रूट बंद हैं और इसके लिए कौन उत्तरदायी है? (ग) क्या इतने बड़े वित्तीय सेटलमेंट और ब्लैक-लिस्टिंग हटाने से पूर्व सरकारी वकील (AG) या विधि विभाग से लिखित कानूनी राय ली गई थी? यदि नहीं, तो उप-न्यायालयीन (Sub-judice) मामले में बिना कोर्ट के आदेश के प्राइवेट सेटलमेंट करने के क्या कारण थे? (घ) क्या BCLL द्वारा उक्त कार्य हेतु 5 बार निविदा (Tender) आमंत्रित करने के बाद 6वीं कॉल (6th Call) की प्रक्रिया को अचानक रोक दिया गया था? क्या एक डिफाल्टर कंपनी को लाभ पहुँचाने के लिए नई निविदा प्रक्रिया को रद्द करना प्रतिस्पर्धा अधिनियम (Competition Act) का उल्लंघन नहीं है?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। अनुबंध की शर्तों के अनुसार इस विलंब पर राशि रु 4,87,844/- की पेनल्टी देय थी। जी नहीं। (ख) जी हाँ। BCLL बोर्ड द्वारा एनआईटी क्र. 123 अंतर्गत टिकटिंग कलेक्शन कार्य हेतु अधिकृत एजेंसी चलो मोबिलिटी की ब्लैक-लिस्टिंग प्रकरण के गुणदोष के आधार पर हटाई गई थी, साथ ही लोक परिवहन की बसों के संचालन को शीघ्र आरंभ करने का उद्देश्य था। तथापि, बस संचालन हेतु एनआईटी क्र. 121/122 अंतर्गत अधिकृत बस ऑपरेटर मां एसोसिएट्स द्वारा असंचालित बसों के संबंध में बी.सी.एल.एल. से की गई राशि की मांगों पर बी.सी.एल.एल. एवं बस ऑपरेटर के मध्य सहमति न बन पाने तथा उक्त विवाद के संबंध में बस ऑपरेटर द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में दायर प्रकरण विचाराधीन होने के कारण वर्तमान में 08 मार्गों की 149 बसों का संचालन बंद है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। एनआईटी क्र. 123 अंतर्गत चलो मोबिलिटी द्वारा जिला न्यायालय में दायर प्रकरण में दिनांक 03.09.2024 को पारित आदेश में आर्बिट्रेशन के माध्यम से निराकरण किये जाने का उल्लेख किया गया था, जिसके उपरांत एजेंसी चलो मोबिलिटी के साथ निष्पादित अनुबंध की कंडिका 4.48 Dispute Resolution के प्रावधान अनुसार संभागायुक्त, भोपाल आर्बिट्रेटर के रूप में नियुक्त थे। आर्बिट्रेटर सह संभागायुक्त, भोपाल के समक्ष प्रस्तुत आर्बिट्रेशन प्रकरण में चलो मोबिलिटी द्वारा प्रकरण का निराकारण अमीकेबली किये जाने सम्बन्धी प्रस्तुत पत्र दिनांक 11.02.2025 एवं बी.सी.एल.एल. को बकाया राशि के भुगतान किये जाने के अनुक्रम में बी.सी.एल.एल. कम्पनी की 41वीं बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक में प्रकरण के गुणदोष के आधार पर ब्लैक-लिस्टिंग एवं टर्मिनेशन के संबंध में निर्णय लिया गया। उपरोक्त के अतिरिक्त चलो मोबिलिटी द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में ब्लैक-लिस्टिंग आदेश के विरुद्ध प्रकरण दायर किया गया था, जिसमें माननीय उच्च न्यायालय द्वारा स्थगन आदेश प्रदान किया गया। बी.सी.एल.एल. कम्पनी की बोर्ड द्वारा प्रकरण के निराकरण उपरांत, चलो मोबिलिटी द्वारा उच्च न्यायालय में विचाराधीन प्रकरण वापस ले लिया गया और प्रकरण को समाप्त कराया गया। अतः उपरोक्तानुसार प्राइवेट सेटलमेंट किये जाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) बी.सी.एल.एल. द्वारा 5 बार निविदा जारी करने के बाद भी किसी निविदाकार के द्वारा रूचि नहीं दिखाई जाने के कारण 6वीं कॉल निविदा जारी की गई। परन्तु संभागायुक्त, भोपाल के समक्ष आर्बिट्रेशन के दौरान चलो मोबिलिटी द्वारा बकाया राशि का भुगतान करते हुये अनुबंध अनुसार कार्य पुनः प्रारंभ करने हेतु सहमति व्यक्त करने तथा बी.सी.एल.एल. एवं एजेंसी के मध्य उत्पन्न विवाद का निराकरण 41वीं बोर्ड बैठक में होने के फलस्वरूप बोर्ड द्वारा 6वीं कॉल को निरस्त किये जाने का भी निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया था। अतः समस्त कार्यवाही विधिवत पूर्ण होने के कारण शेषांश का प्रश्न उत्पन्न नहीं होता।
लीज रेंट एवं संधारण शुल्क की अवैध वसूली
[नगरीय विकास एवं आवास]
63. ( क्र. 2861 ) श्री केशव देसाई : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शताब्दीपुरम आवासीय सह आवासीय योजना ग्वालियर के फेस-1 ब्लॉक आई में भूखंड क्रमांक आई 74 से आई 29 तक की रजिस्ट्री हो जाने के बाद भी विकास कार्य पूर्ण नहीं हुए है तो भी क्या उनसे लीज रेंट व संधारण शुल्क (जो रजिस्ट्री के साथ ही 10 साल का पूर्व से ही जमा है) के साथ-साथ भवन निर्माण विलंब पेनल्टी ली जावेगी अगर हाँ तो कब से और कितनी स्पष्ट करें? (ख) अगर विकास कार्य पूर्ण हो चुके हैं तो लीज रेंट व संधारण शुल्क (जो रजिस्ट्री के साथ ही 10 साल का पूर्व से ही जमा है) के साथ-साथ भवन निर्माण विलम्ब पेनल्टी ली जावेगी अगर हाँ, तो कब से और कितनी स्पष्ट करें? (ग) उपरोक्त भूखण्डों की रजिस्ट्री हो जाने के बाद भूखण्ड की सुरक्षा हेतु बाउंड्री/निर्माण बनाने एन.ओ.सी. एवं पजेशन क्यों नहीं दिया जा रहा है यदि हाँ तो कारण बताएं और यदि एन.ओ.सी. और पजेशन दिया जायेगा (जबकि विकास कार्य पूर्ण नहीं हुए है) तो हितग्राही को क्या-क्या और कितना शुल्क देना होगा स्पष्ट करें?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) :(क) प्राधिकरण द्वारा शताब्दीपुरम फेस-01 योजना दिनांक 01/06/2022 को नगर पालिक निगम, ग्वालियर को विकास व्यय की राशि रुपये 9,86,98,680/- का भुगतान कर हस्तांतरित की जा चुकी है जिसमें ब्लॉक आई के भूखण्ड क्रमांक आई-29 से आई-74 तक भी सम्मिलित है। स्थल पर सड़क, सीवर लाइन इत्यादि विकास कार्य किये गये है। हस्तांतरण उपरान्त प्राधिकरण द्वारा संधारण शुल्क नहीं लिया जा रहा है। जिन हितग्राहियों द्वारा एकमुश्त 10 वर्ष के लिए लीजरेन्ट जमा किया गया है उनसे लीज अवधि में कोई लीजरेन्ट नहीं लिया जा रहा है। प्राधिकरण दवारा आवंटित भूखण्ड पर भवन निर्माण में विलम्ब होने की स्थिति में पेनल्टी म.प्र. विकास प्राधिकरणों की संपतियों का प्रबंधन तथा व्ययन नियम-2018 (संशोधित 2021) के प्रावधानों के तहत ली जावेगी। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार। (ग) भूखण्डों की रजिस्ट्री (पट्टा विलेख) की कंडिका 07 (अ) के अनुसार भूखण्ड के अनुबंध निष्पादन होते ही पट्टेदार को भूखण्ड का कब्जा प्राप्त हो जाता है। अतः भूखण्ड की सुरक्षा हेतु बाउंड्री बनाने हेतु एन.ओ. सी. एवं पजेशन नहीं देने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। हितग्राही के आवेदन प्राप्त होने पर प्राधिकरण की बोर्ड बैठक दिनांक 31.08.2018 में लिये गये निर्णय के क्रम में भवन निर्माण एन.ओ.सी. शुल्क रूपये 1000/-, सीवर कनेक्शन हेतु रूपये 2500/- कुल राशि रूपये 3500/- लिया जा रहा है।
बकाया बिजली बिलों की जानकारी
[ऊर्जा]
64. ( क्र. 2893 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले में गैर घरेलू (व्यवसायिक) व औद्योगिक (LT/HT) उपभोक्ताओं की संख्या उपलब्ध करावें जिन पर जनवरी 2026 की स्थिति में राशि रु. 5 लाख से ज्यादा बिजली बिल बकाया है? राशि, नाम, संस्थान, फर्म, कंपनी व उनके मालिकों/पार्टनर्स का विवरण दें। इस राशि की वसूली हेतु किए गए प्रयासों की जानकारी भी दें। (ख) भारत सरकार की संशोधित वितरण क्षेत्र योजनांतर्गत (RDSS) रायसेन जिले में कितनी लागत से क्या-क्या कार्य स्वीकृत हुए हैं? विवरण दें व इन कार्यों की प्रगति की भौतिक स्थिति बतावें। किस कार्य के लिए कौन निर्माण एजेंसी नियत है? (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित कार्यों बिजली लाइनों के सुदृढ़ीकरण, केबलिंग, मीटरिंग, बिजली लाइनों के विस्तार कार्यों में गुणवत्ता का ध्यान न रखते हुए अत्यंत घटिया व निम्न स्तर का कार्य क्यों कराया जा रहा है? गुणवत्ता नियंत्रण हेतु क्या प्रावधान है? घटिया निर्माण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाकर कब तक दोषी अधिकारियों व निर्माण एजेंसी पर कार्यवाही की जावेगी? समय-सीमा बतावें। नहीं तो क्यों?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) रायसेन जिला अंतर्गत माह जनवरी 2026 की स्थिति में राशि रु. 5 लाख से ज्यादा विद्युत बिल की राशि बकाया वाले गैर घरेलू (व्यवसायिक) एवं औद्योगिक (LT/HT) उपभोक्ताओं की प्रश्नाधीन चाही गयी जानकारी एवं बकाया राशि की वसूली हेतु म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा किए गए प्रयासों से सम्बन्धित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। (ख) केन्द्र शासन की आर.डी.एस.एस. योजना अंतर्गत रायसेन जिले में स्वीकृत कार्य, लागत एवं स्वीकृत कार्यों की भौतिक प्रगति तथा क्रियान्वयन एजेंसी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है। (ग) उत्तरांश में उल्लेखित कार्य गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुये कराये जा रहे हैं। योजनांतर्गत प्रश्नाधीन कार्यों हेतु घटिया एवं निम्न स्तर का कार्य होने संबंधी कोई भी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। आर.डी.एस.एस. योजना में कार्यों की गुणवत्ता नियंत्रण हेतु प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग एजेंसी (पीएमए) मेसर्स वॉयन्टस प्रा. लि. को नियुक्त किया गया है। प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग एजेंसी एवं मैदानी अधिकारियों द्वारा क्यू. सी. पोर्टल पर एफ.क्यू.पी. के माध्यम से समय-समय पर कार्यों की गुणवत्ता की प्रविष्टि की जाती है। यदि निरीक्षण के दौरान कार्यों की गुणवत्ता में कोई कमी पाई जाती है तो उक्त कार्य को क्यू. सी. पोर्टल के माध्यम से संबंधित टी.के.सी. सुधार करने हेतु पुन: प्रेषित किया जाता है। इस तरह सभी कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्िचत की जा रही है। कार्य सुधार के पश्चात पुन: कार्य गुणवत्ता पूर्ण होने पर ही कार्य को पूर्ण माना जाता है, अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है।
पशुपालन एवं डेयरी विकास योजना का क्रियान्वयन
[पशुपालन एवं डेयरी]
65. ( क्र. 2903 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला शहडोल में पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा म.प्र. शासन द्वारा किसानों की अतिरिक्त आय बढ़ाने हेतु संचालित कुक्कुट पालन, बकरी पालन, पशुपालन एवं डेयरी विकास योजना के क्रियान्वयन संबंधी शासनादेश/नियम की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार कुक्कुट पालन, बकरी पालन, पशुपालन एवं डेयरी विकास योजना अंतर्गत 2022 से प्रश्नांश दिनांक तक शहडोल जिला में किस-किस ग्राम, किस वर्ग के हितग्राही को इस योजना हेतु कितना ऋण/अनुदान राशि प्रदान की गई है? (ग) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में शहडोल जिले में भैंस पालन, बकरी पालन, गाय पालन बाबत् कितने आवेदन कहाँ-कहाँ से प्राप्त हुये हैं? उनमें से कितने आवेदनों का निराकरण एवं हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है तथा कितने आवेदनों को किन कारणों से अस्वीकार किया गया है? (घ) क्या इस क्षेत्र में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए शासन द्वारा क्या-क्या नये नवाचार किये जा रहा हैं? यदि हाँ तो जानकारी देवें।
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है। (घ) पशुपालन क्षेत्र में रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देने के लिए शासन द्वारा विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है, इसके अतिरिक्त दुग्ध उत्पादन को दुगुना करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की प्राप्ति हेतु दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान, हिरण्यगर्भा अभियान व क्षीरधारा ग्राम योजना जैसे नवाचार किए जा रहे हैं, इन नवाचारों से न केवल उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर सृजित होगे।
दूषित पानी की समस्या का निराकरण
[नगरीय विकास एवं आवास]
66. ( क्र. 2925 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राष्ट्रीय हरित अधिकरण एन.जी.टी. में रतलाम नगर में गंदे पानी को लेकर पार्षद सलीम मोहम्मद बागबान की पिटीशन पर समय-समय पर दिए गए आदेश के संबंध में जिन घरों में, मोहल्ले में गंदा पानी आ रहा था वहां के पानी के भौतिक, रासायनिक, जैविक और जीवाणु संबंधी मापदंडों का परीक्षण किस-किस दिनांक को किया गया? उन परीक्षणों की रिपोर्ट की प्रति देवें तथा अमृत दो में जो पाइप-लाइन डाली गई है, उसकी ड्राइंग की प्रति देवें। (ख) रतलाम नगर निगम में सीवरेज की समस्या लेकर जो हेल्प लाइन नंबर दिए गए थे, उसमें प्रारंभ से 31 जनवरी 2026 तक प्राप्त शिकायतों को दर्ज करने वाले रजिस्टर की प्रति देवें। नगर निगम ने गंदे पानी की समस्या को लेकर जो हेल्प लाइन नंबर हाल ही में जारी किया था, उसमें प्रारंभ से 31 जनवरी 2026 तक कुल कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं? शिकायत को दर्ज करने वाले रजिस्टर की प्रति देवें। (ग) रतलाम नगर निगम में जनवरी 2025 से जनवरी 2026 तक गंदे पानी की समस्या को लेकर किस-किस वार्ड में किस स्थान पर ट्रायल पिट खोदकर गंदे पानी के रिसाव को जल प्रदाय की लाइन में मिलने से रोका गया तथा किस-किस ट्रायल पिट में गंदे पानी का रिसाव किस कारण से हो रहा था। इससे संबंधित रजिस्टर, आदेश, आदि की प्रतियां देवें। (घ) रतलाम नगर निगम क्षेत्र में दिसम्बर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक किस-किस वार्ड के किस मकान तथा किस वार्ड के किस सरकारी ट्यूबवेल के पानी की जांच किस-किस दिनांक को की गई? उनकी टेस्ट रिपोर्ट की प्रतियां देवें तथा बताएं कि कितने में पानी दूषित पाया गया। (ड.) रतलाम नगर निगम में कितने वार्ड तथा औद्योगिक क्षेत्र में ट्यूबवेल में लाल रंग का दूषित पानी निकलता है, उसके कारण क्या हैं? उस पानी की पिछले दो वर्षों की समस्त जांच रिपोर्ट की प्रति देवें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''1'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''2'' अनुसार है। 341, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''3'' अनुसार है। (ग) नगर पालिक निगम द्वारा गंदे पानी की समस्या के संबंध में शिकायतें प्राप्त होने पर संबंधित अमले द्वारा सुधार कार्य करा दिया जाता है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''4'' अनुसार है, निकाय द्वारा बताया गया है कि शहर में ट्यूबवेल से पेयजल सप्लाई नहीं किया जाता, दूषित पानी की कोई शिकायत प्राप्त नहीं है। (ड.) औद्योगिक क्षेत्र निकाय सीमा से बाहर है। नगर निगम के स्वामित्व के किसी भी ट्यूबवेल में लाल रंग का पानी नहीं निकल रहा है। उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
भोपाल बाईपास टोल पर वसूले गए टोल एवं व्यय की जानकारी
[लोक निर्माण]
67. ( क्र. 2927 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल बाईपास टोल रोड पर निवेशक से 241.97 करोड़ की वसूली के लिए मिसरोद थाने में दर्ज एफ.आई.आर. 294/9.7.2020 की अद्यतन स्थिति से अवगत करावें। थाने में दिए गए आवेदन (दस्तावेज सहित) तथा एफ.आई.आर. की प्रति देवें। (ख) क्या अनुबंध के अनुसार भोपाल बाईपास टोल रोड पर निवेशक को प्रति वर्ष 21 करोड़ का प्रीमियम देना था? यदि हाँ, तो बताएं कि वह वर्ष समाप्त होने के बाद कितने दिन में देना आवश्यक था? प्रीमियम वसूली की जिम्मेदारी किस अधिकारी की थी? 6 साल तक प्रीमियम क्यों नहीं वसूला गया? (ग) भोपाल बाईपास पर एम.पी.आर.डी.सी. द्वारा 12/12/2019 से दिसम्बर 2025 तक वसूले गए कुल टोल तथा रख-रखाव एवं कार्यालय प्रबंधन पर हुए व्यय की जानकारी दें। शासन द्वारा जारी राजपत्र की प्रति देवें। (घ) प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 1057 दिनांक 5/12/25 के खंड (घ) के संदर्भ में बतावें कि कितनी सड़क निवेशक द्वारा तथा कितनी सड़क शासन द्वारा बनाई गई, उनकी लंबाई तथा निवेशक एवं शासन की कुल लागत कितनी-कितनी है? टोल प्रारंभ से दिसम्बर 2025 तक उन पर कितना-कितना टोल वसूला गया? निवेशक तथा शासन की अलग-अलग जानकारी दें। (ड.) क्या भोपाल बाईपास के टोल गेट के दोनों ओर निवेशक कंपनी का बोर्ड लगा है? यदि हाँ, तो इसका कारण/नियम बताएं तथा जिस नियम से ऐसा किया गया, उसकी प्रति देवें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) भोपाल बाईपास पर एम.पी.आर.डी.सी. द्वारा 12/12/2019 से दिसम्बर 2025 तक वसूले गये कुल टोल की राशि रू. 284.33 करोड़ एवं रख-रखाव का व्यय राशि रू. 94.52 करोड़। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '2' अनुसार। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार। (ड.) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सिवनी–मंडला मार्ग की जर्जर स्थिति एवं निर्माण
[लोक निर्माण]
68. ( क्र. 2932 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले को मंडला जिले से जोड़ने वाले सिवनी–मंडला मार्ग की कुल लंबाई कितनी है तथा यह मार्ग किस श्रेणी में शामिल है? (ख) क्या सिवनी–मंडला मार्ग वर्तमान में कई स्थानों पर अत्यधिक जर्जर अवस्था में है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएँ हो रही हैं? यदि हाँ, तो विगत तीन वर्षों में इस मार्ग पर हुई दुर्घटनाओं की संख्या कितनी है? (ग) उक्त मार्ग के सुधार, चौड़ीकरण अथवा नवीन निर्माण हेतु शासन द्वारा वर्ष 2021 से प्रश्न दिनांक तक कितनी राशि स्वीकृत की गई है? कृपया वर्षवार विवरण दें। (घ) सिवनी–मंडला मार्ग के निर्माण/सुधार कार्य को कब तक प्रारंभ कर पूर्ण किए जाने की योजना है? स्पष्ट करें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) सिवनी-मण्डला मार्ग की कुल लंबाई 118.90 कि.मी.. है, जिसमें से सिवनी-नैनपुर मार्ग 72.80 कि.मी.. का भाग राज्य राजमार्ग है एवं मंडला-नैनपुर खंड लंबाई 46.10 कि.मी. राष्ट्रीय राजमार्ग की श्रेणी का है। (ख) जी नहीं, सिवनी-मंडला मार्ग कहीं भी अत्यधिक जर्जर अवस्था में नहीं है। दुर्घटनाओं का विवरण संलग्न परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ग) वर्ष 2021 से प्रश्न दिनांक तक की विस्तृत जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं 'अ-1' अनुसार है। (घ) सिवनी से मंडला मार्ग के मंडला नैनपुर भाग लंबाई 46.10 कि.मी. के निर्माण हेतु निविदा की कार्यवाही प्रचलन में है एवं सिवनी नैनपुर भाग के लंबाई 29.00 कि.मी. में कार्य प्रगति पर है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
धार नगर पालिका में पेयजल की आपूर्ति
[नगरीय विकास एवं आवास]
69. ( क्र. 2953 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिकाओं में स्थापित वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में पेयजल शुद्ध किये जाने हेतु कौन सी तकनीक का उपयोग किया जा रहा है तथा इस हेतु कौन-कौन से रसायन का उपयोग प्रति हजार लीटर पेयजल शुद्धता हेतु कितनी-कितनी मात्रा में किया जाना प्रावधानित है? (ख) धार नगर में कितने वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट है तथा इन प्लांट्स में पिछले दो वित्तीय वर्ष में प्रश्नांश (क) के तारतम्य में इन रसायनों की खरीदी कब-कब, कितनी-कितनी मात्रा में कितनी धनराशि से की गई? क्या इनकी गुणवत्ता का परीक्षण किया जाता है? यदि हाँ तो विवरण दे। (ग) क्या धार नगर पालिका में वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट से शुद्ध किये गये पेयजल की गुणवत्ता का परीक्षण कर उसकी लॉग-बुक संधारित की जाती है तथा क्या मोहल्लों में उसी गुणवत्ता का पेयजल पहुच रहा है या नहीं? क्या इस संबंध में परीक्षण कर उसका रिकार्ड संधारित होता है? यदि नहीं, तो क्या कारण है? (घ) क्या धार नगर में धार राज्य के समय की पाइप-लाइन्स भी विद्यमान है, क्या इनकी वैद्यता समाप्त हो चुकी है, क्या नगर में अनेक स्थानों पर सप्लाय के दौरान पानी रिसाव होता है तथा क्या लीकेज से पेयजल के दूषित होने की संभावनाएं प्रबल होती है? (ड.) यदि हाँ तो दूषित जल के पेयजल में मिलने से रोकथाम हेतु नगर पालिका द्वारा क्या कदम उठाये जा रहे हैं?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगरीय निकायों में स्थापित वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में जल शोधन हेतु पारंपरिक जल शोधन तकनीक जैसे Screens, Aeration, Pre-chlorination, Pre-sedimentation, Coagulation and flocculation, Clarification or sedimentation, Filtration, Disinfection, Other specific treatment processes, if required तथा Sludge Management, इत्यादि का उपयोग किया जाता है। जल शोधन हेतु प्रमुख रूप से एलम, लाइम, क्लोरीन, ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग रॉ-वॉटर की गुणवत्ता के अनुसार मात्रा का निर्धारण कर किया जाता है। (ख) नगर पालिका परिषद् धार में 02 वॉटर ट्रीटमेन्ट प्लांट हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट –'अ' अनुसार है। जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब'अनुसार है। (ग) जी हाँ। जी हाँ। जी हाँ। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) धार राज्य के समय की पाइप-लाइन एवं इसकी वैधता का कोई रिकार्ड निकाय में उपलब्ध नहीं है, अपितु शहर में कुछ स्थानों पर पुरानी पाइप-लाइन डली हुई है, जिनमें रिसाव की शिकायत प्राप्त होने पर निकाय द्वारा समय-समय पर सुधार कार्य कराया जाता है। जी हाँ। (ड.) नगर पालिका परिषद् धार द्वारा दूषित पेयजल की जानकारी होने पर स्थल निरीक्षण किया जाकर आवश्यकतानुसार पाइप-लाइन एवं अन्य कार्यों के संधारण/मरम्मत का कार्य किया जाता है।
नरसिंहगढ़ से नंदवासला तक सड़क निर्माण
[लोक निर्माण]
70. ( क्र. 2955 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि नरसिंहगढ़ से नंदवासला सड़क का शेष भाग और ग्राम पचलासी के प्रमुख चौराहे से तालाब के पाल तक एवं ग्राम सेदरी से आक्या रोड तक विगत वर्ष सड़क स्वीकृत की गई थी लेकिन आज दिनांक तक सड़क निर्माण संबंधी कार्यवाही आगे नहीं बढ़ी है । विभाग द्वारा सड़क से संबंधित समस्त औपचारिकता कब तक पूर्ण करके कार्य को प्रारंभ करवा दिया जाएगा?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : प्रश्न में वर्णित मार्ग मुख्य बजट 2025-2026 में सम्मिलित है। सक्षम वित्तीय समिति से अनुमोदन पश्चात ही अग्रिम कार्यवाही की जा सकती है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
अंडर ग्राउंड केबलीकरण कार्य में अनियमितता
[लोक निर्माण]
71. ( क्र. 2958 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान में नागदा-खाचरोद तहसील के कई ग्रामों की प्रधानमंत्री सड़क से सटाकर, उनके शोल्डर पर एवं क्षेत्र के कई PWD और MPRDC के मुख्य मार्गों के शोल्डर पर सड़क से सटाकर गड्ढे खोदकर अंडर ग्राउंड केबल डालने का काम किया जा रहा है। कार्य उपरान्त ठीक से गड्ढों का भराव भी नहीं किया जा रहा है, जिसकी शिकायत लगातार प्रश्नकर्ता द्वारा PWD के अधिकारियों, प्रधानमंत्री सड़क के अधिकारियों, SDM नागदा खाचरोद एवं जिला कलेक्टर महोदय को गयी थी, लेकिन आज दिनाक तक कार्यवाही नहीं की गयी है, क्यों? (ख) यह बताने की कृपा करेंगे यह किस तरीके का काम चल रहा है, कौन सी कम्पनी काम कर रही है? क्या काम करने के लिये कम्पनी को शोल्डर खोदने की अनुमति प्रदान की गयी है और यदि अनुमति नहीं दी गयी तो कार्य करने वाली कम्पनी के खिलाफ कोई कार्यवाही की गयी? क्या शोल्डर खोदकर काम करवाना नियमानुसार है?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) बी.एस.एन.एल विभाग द्वारा अंडर ग्राउण्ड केबल डालने का कार्य किया जा रहा है। जी नहीं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जी नहीं।
नगरपालिका परिषद् मंडला द्वारा दुकानों की नीलामी
[नगरीय विकास एवं आवास]
72. ( क्र. 2966 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगरपालिका परिषद् मंडला द्वारा वर्ष 2015-16 से प्रश्न दिनांक तक कौन-कौन सी दुकानों की नीलामी की गई है? दुकानों की जानकारी, स्थान, उच्चतम बोली एवं मालिक/किरायेदार के नाम सहित जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) रेडक्रॉस भवन के सामने स्थित दुकानें कब एवं कितनी राशि में नीलाम की गई थीं? दुकानवार मालिक के नाम सहित जानकारी उपलब्ध कराएं। इससे संबंधित नीलामी सूचना एवं नियम शर्तों के दस्तावेज उपलब्ध कराएं। (ग) क्या प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित दुकानों के ऊपर प्रथम तल, बिना किसी नीलामी के भूतल के दुकानदारों को ही प्रदाय कर दिया गया है? इस संबंध में शासन के क्या नियम-निर्देश हैं? अवगत करावें। नगरपालिका द्वारा इस संबंध में की गई कार्यवाही से सम्बंधित समस्त दस्तावेजों की छायाप्रतियां उपलब्ध कराएं। क्या दुकानदारों को लाभ पहुंचाया गया है? क्या इनकी नीलामी होती तो नगरपालिका को अच्छा राजस्व प्राप्त होता? क्या इससे नगरपालिका के राजस्व को क्षति पहुंचाई गई है? क्या इसकी जाँच करवाई जाएगी? यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) नगरपालिका द्वारा वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक कौन-कौन से कार्य कितनी लागत के कहाँ-कहाँ किये गए हैं? विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराएं। निजी भूमि में कितनी सड़कों का निर्माण करवाया गया है? क्या शारदा कॉलोनी में बनाई गईं सड़कें निजी भूमि में बनाई गईं हैं? यदि हाँ तो इसके लिए कौन दोषी है? यदि नहीं, तो भूमि के शासकीय होने सम्बंधित दस्तावेज उपलब्ध कराएं।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। निकाय द्वारा दी गई जानकारी अनुसार निकाय में दुकान नीलामी संबंधी वर्ष 1977-78 की नस्ती एवं नीलामी की शर्तें तथा नीलामी राशि की जानकारी उपलब्ध नहीं है। (ग) जी हाँ। नियमों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। निकाय द्वारा की गई कार्यवाही संबंधी दस्तावेजों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है। प्रकरण में प्रथम दृष्टया बिना शासन पूर्व स्वीकृति के आवंटन की अनियमित कार्यवाही परिलक्षित होने से संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास म.प्र. भोपाल के पत्र क्रमांक 3789 दिनांक 14.02.2026 द्वारा संभागीय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास जबलपुर संभाग जबलपुर को प्रकरण की विस्तृत जांच कर 15 दिवस में प्रतिवेदन चाहा गया है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ई अनुसार है। निजी भूमि पर सड़क निर्माण कार्य नहीं कराया गया है। जी नहीं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-थ अनुसार है।
राष्ट्रीय राजमार्ग 552 पर अवैध निर्माण
[लोक निर्माण]
73. ( क्र. 2986 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 1106 दिनांक 05 दिसम्बर 2025 के प्रश्नांश (क) के उत्तर में यह स्वीकार किया गया है, कि राष्ट्रीय राजमार्ग 552 (विस्तारित) चिरगांव से टोंक पर राष्ट्रीय राजमार्ग की गाइड-लाइन अनुसार निर्माण हेतु राजमार्ग के मध्य से निर्धारित दूरी 40 मीटर के विपरीत 11.7 मीटर की दूरी पर तहसील कार्यालय जौरा के बाहर भूमि सर्वे क्रमांक 581/1 रकबा 0.031 हेक्टेयर में से 765 वर्ग फीट पर निर्मित दुकानें पूर्णतः अवैध हैं? यदि हाँ, तो उक्त अवैध दुकानों को तोड़ने हेतु क्या कार्यवाही की गयी? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार अवैध दुकानों को तोड़े जाने की जिम्मेदारी किस विभाग के किस अधिकारी की है तथा क्या संबंधित अधिकारी को उक्त अवैध दुकानों के निर्माण की जानकारी है? यदि हाँ तो उक्त दुकानों को तोड़ा क्यों नहीं गया? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार दुकानों को तोड़े जाने हेतु प्रश्नकर्ता द्वारा कलेक्टर जिला मुरैना को कब-कब एवं कितने पत्र प्रेषित किए गए एवं उपरोक्त पत्रों के क्रम में क्या कार्यवाही की गई? संपूर्ण जानकारी दस्तावेजों सहित उपलब्ध कराएं।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी नहीं। क्योंकि राजस्व विभाग के प्रतिवेदन अनुसार निर्माणकर्ता द्वारा उपरोक्त दुकानों का निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग की भूमि (आर.बो.डब्ल्यू.) में नहीं किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्नांश ''क'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्नांश 'ग'' कलेक्टर जिला मुरैना से सबंधित है, उनके द्वारा प्रस्तुत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है।
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे की जानकारी
[लोक निर्माण]
74. ( क्र. 2987 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर-मुरैना-आगरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना की सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करायें। क्या मुरैना जिले में ग्वालियर-मुरैना-आगरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण पूर्ण हो चुका है? यदि हाँ, तो कितनी हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की गई और कितने किसानों को मुआवजा वितरित हुआ? यदि नहीं, तो कब तक पूर्ण होगा? (ख) क्या भू-स्वामियों द्वारा भूमि की कीमत की अपेक्षा कम मुआवजा राशि प्राप्त होने के कारण विरोध दर्ज कराया गया? यदि हाँ तो ऐसी कितनी शिकायतें प्राप्त हुई एवं उनका क्या निराकरण हुआ? शिकायतवार निराकरण सहित जानकारी उपलब्ध कराएं। (ग) क्या मुरैना में किसानों द्वारा खड़ी फसल नष्ट करने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं? यदि हाँ, तो कितनी शिकायतें आईं, उनका निपटारा कैसे किया गया और कितना अतिरिक्त मुआवजा दिया गया? (घ) क्या विभाग द्वारा प्रभावित ग्रामीणों के लिए पुनर्वास योजना लागू की गई है? यदि हाँ, तो दस्तावेजों सहित विवरण दें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) प्रश्नांश लोक निर्माण विभाग से सम्बंधित नहीं है, अपितु भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से सम्बंधित है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से प्राप्त उत्तर पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) से (घ) जानकारी उत्तरांश 'क' अनुसार है।
फ्लाई ओवर का निर्माण
[लोक निर्माण]
75. ( क्र. 2991 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग उप संभाग सागर द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 934 पर स्थित मकरोनिया चौराहे पर फ्लाई ओवर निर्माण कार्य किया जाना प्रस्तावित है एवं इसका प्राक्कलन तैयार किया गया है? जानकारी देवें तथा क्या उक्त मार्ग पर अन्य कार्य भी प्रस्तावित किये गये हैं? जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित कार्य किस योजना के तहत प्रस्तावित किये गये हैं? जानकारी देवें तथा उक्त प्रस्ताव को क्या भारत सरकार सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को प्रेषित किये गए हैं? यदि हाँ, तो जानकारी देवें। (ग) क्या प्रश्नांश (ख) में वर्णित प्रस्ताव को मध्यप्रदेश शासन द्वारा अनुमोदित कर वन टाइम इम्प्रूवमेंट योजना (ओ.टी.आई.) में सम्मिलित कर प्रस्ताव की स्वीकृति हेतु भारत सरकार को प्रेषित किया गया है? यदि हाँ तो जानकारी देवें। (घ) प्रश्नांश (ग) में वर्णित वन टाइम इम्प्रूवमेंट योजना (ओ.टी.आई.) के तहत म.प्र. शासन द्वारा भारत सरकार सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, दिल्ली को योजना के तहत कितने प्रस्ताव भेजे/लागत राशि के भेजे जाने के आदेश प्रसारित हुए थे? जानकारी देवें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। जी हाँ। उक्त कार्य पुस्तकालय में रखे प्रपत्र-अ के सरल क्रमांक 47, 48, 49 में अंकित है। (ख) जी हाँ, उल्लेखित कार्य भारत सरकार सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के द्वारा जारी SOP में निहित निर्देशों के पालन में वन टाइम इन्प्रूवमेंट (ओ.टी.आई) योजना के तहत प्रस्तावित किये गये है। जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रपत्र-अ के सरल क्रंमाक 47, 48, 49 में अंकित है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रपत्र-अ के सरल क्रंमाक 47, 48, 49 में अंकित है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 एवं प्रपत्र-अ अनुसार है।
ए.एच.पी. एवं ए.आर.एच. योजना के प्रस्ताव
[नगरीय विकास एवं आवास]
76. ( क्र. 2993 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 (पी.एम.एवा.ई.-यू 2.0) के तहत 1. भागीदारी में किफायती आवास (ए.एच.पी.) एवं 2. किफायती किरायेदार आवास (ए.आर.एच.) योजना के तहत वर्ष-2024-25, 2025-26, 2026 से प्रश्न दिनांक तक किन-किन नगर पालिका परिषद्/नगर पंचायत क्षेत्र में योजना का कार्य स्वीकृत/निर्माणाधीन/पूर्ण हो चुका है? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित किन-किन नगर पालिका परिषद्/नगर पंचायत क्षेत्र के प्रस्ताव/प्राक्कलन विभाग को प्रेषित किये गये हैं? नाम सहित जानकारी देवें तथा शासन स्तर से इस योजना के तहत प्रस्ताव/प्राक्कलन आमंत्रित किये गये है या पत्राचार किया गया है? यदि हाँ तो जानकारी देवें। (ग) क्या न.पा. क्षेत्र मकरोनिया एवं न.प. कर्रापुर द्वारा ए.एच.पी. एवं ए.आर.एच. योजना के तहत कोई प्रस्ताव शासन को भेजे गए? क्या न.पा. मकरोनिया द्वारा ए.एच.पी. एवं ए.आर.एच. योजना के प्रस्ताव तैयार किये गये हैं? (घ) क्या न.पा. मकरोनिया में ए.एच.पी. एवं ए.आर.एच. योजना के तहत आवासहीन/ भूमिहीन एवं किराये से निवासरत परिवार द्वारा न.पा. मकरोनिया कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किये गये हैं? यदि हाँ तो तथा परिवारों के आवेदनों को दृष्टिगत रखते हुए शासन न.पा. मकरोनिया में ए.एच.पी. एवं ए.आर.एच. योजना के आवास निर्मित करने की स्वीकृति प्रदान करेगा एवं न.पा. मकरोनिया को योजना के क्रियान्वयन हेतु कोई आदेश प्रसारित करेगा? यदि हाँ तो जानकारी देवें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत वर्ष 2024-25, 2025-26 एवं 2026 से प्रश्न दिनांक तक ए.एच.पी. तथा ए.आर.एच. घटक अन्तर्गत किसी भी नगर पालिका परिषद्/नगर परिषद् से प्रस्ताव प्राप्त न होने से शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) किसी नगर पालिका परिषद्/नगर परिषद् द्वारा प्रश्नांश-''क'' अनुसार कोई प्रस्ताव विभाग को प्रस्तुत नहीं किया है। शासन स्तर से निकायों को जारी पत्र पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर है। (ग) जी नहीं। नगर पालिका मकरोनिया एवं नगर परिषद् कर्रापुर द्वारा ए.एच.पी. एवं ए.आर.एच. घटक अंतर्गत कोई प्रस्ताव शासन को प्रेषित नहीं किये गये है। (घ) जी हाँ। एकीकृत वेब पोर्टल में ए.एच.पी. घटक अन्तर्गत नगर पालिका परिषद् मकरोनिया में 181 आवेदन तथा ए.आर.एच. घटक अन्तर्गत में कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुये है। शासन के योजना प्रावधान अनुसार पूर्ण प्रस्ताव प्राप्त होने पर राज्य स्तरीय अप्रेजल कमेटी की अनुशंसा उपरांत राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति के अनुमोदन से भारत सरकार की केन्द्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक में स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किया जाता है।
सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग
[लोक निर्माण]
77. ( क्र. 2994 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नागौद से सुदरहा परसमनिया होते हुये मैहर तक की सड़क का निर्माण किया जा रहा है? इस निविदा की डी.पी.आर. उपलब्ध करायें जिसके आधार पर कार्य होना है/हो रहा है? उक्त कार्य का जारी वर्क आर्डर की एक प्रति दें। किस नाम/पते, जी.एस.टी. क्रमांक वाले ठेका कंपनी को कार्य मिला है की जानकारी दें। उक्त ठेका कंपनी का डब्ल्यू.एम.एम. प्लाण्ट किस स्थान पर किस जिले में किस पटवारी हल्के और अनुविभाग में लगा है व सड़क जो बन रही है उससे कितने किलोमीटर दूर है? (ख) क्या ठेकेदार द्वारा एग्रीमेंट की शर्तों के अनुरूप/तय मापदण्डों के अंतर्गत डब्ल्यू.एम.एम. और डामर एवं कंक्रीट का बैच मिक्स प्लाण्ट कहाँ लगाया है? ठेके के एग्रीमेंट का पालन आई.आर.सी. के तहत हो रहा है? डब्ल्यू.एम.एम. प्लाण्ट के स्थल निरीक्षण व जिस स्थान पर लगाया है के बारे में सब इंजीनियर/एस.डी.ओ./ई.ई. ने क्या लिखित टीप (स्थल के बारे में) दी है? उसकी एक प्रति दें। (ग) परसमनिया या अन्य किस स्थल पर कार्य (सड़क बनाने) के लिये आवश्यक पत्थर/मिट्टी/गिट्टी/अन्य मटेरियल के खनन हेतु किस स्थान पर खनन अनुमति किस सामग्री की कब मिली? अनुमति की प्रति दें। (घ) अवैध उत्खनन परसमनिया सहित अन्य स्थानों पर जो अवैध उत्खनन हुआ, इस पर कहाँ कितनी पेनल्टी किसने लगाई? कितनी पेनल्टी जमा हुई? सी.ई. ने किस-किस को कब व क्या नोटिस दिये? सभी नोटिस व जवाबों की प्रति दें। जितने पुल व पुलिया अभी तक बनना/बनाये गये हैं, उनके चैनेज क्र. और किलोमीटर दें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। डी.पी.आर. की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। वर्क ऑर्डर की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। शेष प्रश्नांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) डब्ल्यू.एम.एम. प्लांट पन्ना-सतना मार्ग में ग्राम सितपुरा, तहसील नागौद जिला सतना (म.प्र.) में एवं डब्ल्यू.एम.एम. बैच मिक्स प्लान्ट ग्राम रामपुर (रार), अनुभाग-उचेहरा, जिला सतना (म.प्र.) में स्थापित किया गया है। डामर का बैच मिक्स प्लांट मौजा बिलघाडी, तहसील-गुन्नौर, जिला पन्ना में लगाया गया है। उक्त मार्ग में कंक्रीट सड़क कार्य का प्रावधान नहीं होने से कंक्रीट प्लांट नहीं लगाया गया है। जी हाँ। सब-इंजीनियर/एस.डी.ओ./ई.ई. की टीप (स्थल के बारे में) की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। अनुमति की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। (घ) कलेक्टर (खनिज शाखा) जिला सतना द्वारा राशि रू. 580.50 लाख की पेनल्टी लगाई गई है, की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है। प्रकरण माननीय न्यायालय कलेक्टर में प्रक्रियाधीन है। मुख्य अभियंता द्वारा जारी नोटिस एवं जवाबों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-6 अनुसार है। मार्ग में कुल 179 पुल/पुलियों का निर्माण किया जाना है, जिसमें से 135 पुल/पुलिया बनाई जा चुकी है। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-7 अनुसार है।
एन.जी.टी. द्वारा जिला प्रशासन को दिये गये आदेश का पालन
[नगरीय विकास एवं आवास]
78. ( क्र. 3000 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नगर पालिका क्षेत्र बालाघाट में स्थित देवी तालाब के संदर्भ में जिला प्रशासन को NGT भोपाल द्वारा कोई निर्देश/आदेश दिया गया है? यदि हाँ तो निर्देश/आदेश की प्रति उपलब्ध करायें। जिला प्रशासन द्वारा क्या कार्यवाही की गई और कितने समयावधि में पालन किया जाना है? समय-सीमा सहित सम्पूर्ण जानकारी देवें I (ख) बालाघाट विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जल संरक्षण, पर्यावरण से संबंधित NGT न्यायालय में कितने प्रकरण विचाराधीन है? उक्त प्रकरणों की शिकायत जिला प्रशासन में की गई है अथवा नहीं? यदि हाँ तो जिला प्रशासन द्वारा उक्त शिकायतों पर वर्तमान समय तक क्या कार्यवाही/निराकरण किया गया है? इसकी जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) NGT के आदेशों के पालन में जिला प्रशासन बालाघाट, नगर पालिका परिषद् बालाघाट तथा संबंधित विभागों द्वारा अब तक क्या-क्या कार्यवाही की गई है? कार्यवाही की विस्तृत जानकारी उपलब्ध करायें। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) व (ग) अनुसार NGT के आदेशों/निर्देशों का पूर्ण पालन नहीं किया गया है, तो इसके लिए कौन-कौन अधिकारी एवं विभाग उत्तरदायी हैं? उनके विरुद्ध अब तक क्या कार्यवाही की गई है? सम्पूर्ण जानकारी देवें I
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। जिला प्रशासन द्वारा जल निकासों में किसी भी प्रकार का अशोधित जल प्रवाहित नहीं होने एवं जल संरचना के आगम प्रवाह को अवरूद्ध करने वाली संरचनाएं जो बिना समक्ष अनुमति के निर्मित हो, को हटाये जाने एवं माननीय न्यायालय के आदेशों के पालन में नियमानुसार कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया है। माननीय न्यायालय द्वारा निर्धारित समयावधि में। (ख) 02 प्रकरण। जी हाँ, 01 प्रकरण। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है। (घ) जी नहीं, माननीय एन.जी.टी. के आदेशों/निर्देशों का पालन किया गया है। उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
स्मार्ट मीटर लगाये जाने की अनिवार्यता
[ऊर्जा]
79. ( क्र. 3002 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विद्युत कंपनियों द्वारा उपभोक्ताओं के लिये लगाये जाने वाले स्मार्ट मीटर सभी उपभोक्ताओं को लगाना अनिवार्य है? यदि हाँ, तो क्या प्रत्येक उपभोक्ता से उसकी सहमति लेकर मीटर लगाये जाने वाले विषयक कोई दिशा-निर्देश हैं? यदि हाँ, तो दिशा-निर्देश की छायाप्रतियां उपलब्ध करायें। (ख) सिवनी विधानसभा क्षेत्र में प्रश्न दिनांक तक शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में कितने स्मार्ट मीटर लगाये जा चुके हैं? क्या स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली के बिल अधिक आने की शिकायतें मिली हैं? यदि हाँ, तो इसका क्या कारण है? (ग) क्या सिवनी विधानसभा क्षेत्र में 5 प्रतिशत स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता की जांच की जा रही हैं? यदि हाँ, तो अभी तक कितने स्मार्ट मीटर की जांच हो चुकी है तथा किस लैब में जांच की जा रही है? लैब की वैधानिकता दर्शाते हुये दस्तावेजों की सत्यापित छायाप्रतियां उपलब्ध करायें।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ। प्रदेश में विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना दिनांक 23.12.2019 के विनियम-4 एवं विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना दिनांक 31 दिसम्बर, 2020 के विनियम-5 ''मीटरिंग'' तथा मध्यप्रदेश विद्युत प्रदाय संहिता-2021 के अध्याय-8 ''विद्युत मापन तथा बिलिंग'' के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में आर.डी.एस.एस. योजना के अंतर्गत पारदर्शी बिलिंग, मीटर रीडिंग प्रणाली में सुधार और सटीक ऊर्जा लेखांकन के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। उक्त वैधानिक प्रावधानों के अनुसार सहमति लिया जाना आवश्यक नहीं है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। (ख) सिवनी विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत प्रश्न दिनांक तक की स्थिति में शहरी क्षेत्र में 23296 स्मार्ट मीटर एवं ग्रामीण क्षेत्र में 30658 स्मार्ट मीटर स्थापित किये जा चुके हैं। प्रश्नाधीन क्षेत्रान्तर्गत स्मार्ट मीटर स्थापित किये जाने के बाद विद्युत बिल अधिक आने संबंधी शिकायतों की संख्या निरंक है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। (ग) विद्युत वितरण कंपनी अंतर्गत 5 प्रतिशत नहीं, अपितु 100 प्रतिशत स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता की जांच की जा रही है। सर्वप्रथम स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता की जांच मानकों के अनुरूप आवश्यक सैम्पलिंग मात्रा में मीटर निर्माणकर्ता के परिसर में स्थित लैब में वितरण कंपनी के द्वारा नामित अधिकारी की उपस्थिति में की जाती है, इसके पश्चात स्मार्ट मीटर प्राप्त होने पर स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता की जांच सी.पी.आर.आई./ई.आर.टी.एल. अथवा थर्ड पार्टी एन.ए.बी.एल. मान्यता प्राप्त लैब में एक्सेप्टेंस टेस्ट, टाइप टेस्ट एवं कम्युनिकेशन टेस्ट कर जांच की जा रही है। इसके अतिरिक्त विद्युत वितरण कंपनी की एन.ए.बी.एल/एल.टी.एम.टी. लैब में 100 प्रतिशत स्मार्ट मीटरों का परीक्षण करने के उपरांत ही स्थापित किये जा रहे हैं। प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत प्रश्न दिनांक तक की स्थिति में स्थापित समस्त 53954 स्मार्ट मीटरों की जांच की गयी है। उपरोक्त टाइप टेस्ट एवं एक्सेप्टेंस टेस्ट एन.ए.बी.एल. एक्रेडिटेड लैबों में ही निष्पादित किये जाते हैं, जो कि इस हेतु अधिकृत हैं। एन.ए.बी.एल. एक्रेडिटेड लैब/प्रयोगशाला की वैधानिकता से संबंधित प्रश्नाधीन चाही गयी दस्तावेजों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
फोर-लेन मार्ग निर्माण में अनियमितता
[लोक निर्माण]
80. ( क्र. 3003 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा जबलपुर से नागपुर फोर-लेन मार्ग का निर्माण किस एजेन्सी/कंपनी के माध्यम से कराया गया था? कार्य की लागत, कार्य की शर्तें, तकनीकी/ प्रशासकीय स्वीकृति सहित सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) वर्णित मार्ग में सिवनी जिले के ग्राम गणेशगंज से छपारा के मध्य सड़कों पर गड्ढे एवं मार्ग निर्माण की कई शिकायतें विभाग को की गई है तथा प्रश्नकर्ता द्वारा भी विधानसभा के माध्यम से भी शासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया गया है? यदि हाँ, तो क्या प्रश्न दिनांक तक उक्त शिकायतों की जांच करवाई गई है? यदि हाँ, तो अब तक क्या कार्यवाही की गई है? जानकारी दें। (ग) क्या उक्त मार्ग की उच्च स्तरीय टीम गठित कर जांच करवायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? म.प्र. सरकार क्या घटिया निर्माण कार्य करने पर कार्य एजेन्सी को ब्लैक-लिस्ट किये जाने हेतु केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजेगी?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) प्रश्नांश लोक निर्माण विभाग से सम्बंधित नहीं है, अपितु भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से सम्बंधित है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से प्राप्त उत्तर पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी उत्तरांश 'क' अनुसार है।
सडक विकास निगम द्वारा मार्गों का निर्माण
[लोक निर्माण]
81. ( क्र. 3006 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम लिमिटेड के द्वारा विदिशा सागर, गुना, भोपाल, जिलों में कहाँ-कहाँ मार्गों का निर्माण किया गया है? मार्गों का नाम, योजना का नाम, किलोमीटर, लागत, सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में 1 अप्रैल 2018 से उक्त मार्गों के निर्माण एवं मरम्मत (रिनुअल) कार्य हेतु कितनी-कितनी राशि स्वीकृत की गई है एवं कितनी-कितनी राशि का भुगतान किन-किन व्यक्तियों, ठेकेदारों को किया गया? जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) गुना-आरोन-सिरोंज मार्ग पर स्थित केथन नदी के पुल क्या एम.पी.आर.डी.सी. के आधीन हैं? यदि हाँ तो उक्त पुल राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को कब तक हस्तानांतरित कर दिया जावेगा एवं सिरोंज बाईपास मार्ग कब हस्तांतरण किया था? पत्रों की छायाप्रति उपलब्ध करावें। पुल का निर्माण कब किया गया था? जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) क्या सिरोंज बैरसिया भोपाल मार्ग की फोर-लेन में उन्नयन कब तक कर दिया जावेगा? जानकारी देवें। यदि नहीं, तो क्यों? (ड.) मुख्य जिला मार्ग सिरोंज-गंजबासौदा मार्ग के किलोमीटर 41-42 सिरोंज शहरी क्षेत्र का डामरीकरण कब करा दिया जावेगा? समय-सीमा बतावें। यदि नहीं, तो क्यों? प्रश्नकर्ता का पत्र क्रमांक 2238 दिनांक 16.08.2025 श्रीमान संभागीय प्रबंधक महोदय एम.पी.आर.डी.सी. संभाग भोपाल को प्राप्त हुआ है तो क्या कार्यवाही की गई है? जानकारी उपलब्ध करावें। (च) लटेरी-शमशाबाद मार्ग का निर्माण कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा? समय-सीमा बतावें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जी हाँ। वर्तमान में यह मार्ग बी.ओ.टी. (टोल+एन्युटी) योजनांतर्गत निवेशकर्ता के अधीन दिनांक 24.01.2031 तक है। तदुपरांत उक्त पुल का हस्तांतरण किया जावेगा। सिरोंज बाईपास मार्ग दिनांक 09.05.2018 को राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र लो.नि.वि. को हस्तांतरित। पुल निर्माण वर्ष की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (घ) भोपाल से बैरसिया मार्ग निर्माण हेतु डी.पी.आर. राशि रू. 554.63 करोड़ तैयार किया जा रहा है। बैरसिया से सिरोंज मार्ग में वर्तमान में मार्ग पर ट्रैफिक घनत्व फोर-लेन मार्ग के निर्माण के लिये आवश्यकता अनुसार नहीं है। वर्तमान में यह कार्य किसी योजना में सम्मिलित नहीं है। अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ड.) मार्ग पर डामरीकरण हेतु आगामी वर्ष 2026-27 वार्षिक मरम्मत कार्ययोजना अंतर्गत शामिल किया जाना प्रस्तावित है। अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। जी हाँ। आगामी वर्ष 2026-27 वार्षिक मरम्मत कार्ययोजना अंतर्गत शामिल करने हेतु कार्यवाही प्रचलन में है। (च) लटेरी-शमशाबाद मार्ग का निर्माण अक्टूबर 2026 तक पूर्ण किया जाना संभावित है।
दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हेतु संचालित योजनाएं
[पशुपालन एवं डेयरी]
82. ( क्र. 3009 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु कौन-कौन सी योजनाएं संचालित की जा रही हैं? जानकारी उपलब्ध करावें एवं कितनी-कितनी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है? योजनाओं के नियम, निर्देश, आदेशों की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में विदिशा जिले में 1 अप्रैल 2022 से प्रश्नांकित दिनांक तक दुग्ध उत्पादन बढ़ाने हेतु उन्नत नस्ल सुधार, पशु आहार एवं चारा विकास, दुग्ध समितियों के गठन, दुग्ध संग्रहण केन्द्र, शीत श्रंखला हेतु कौन-कौन सी योजनाएं व कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं एवं कहाँ-कहाँ समितियों का गठन किया गया है एवं शीत श्रंखलाएं कहाँ-कहाँ स्थापित की गई हैं? विकासखण्डवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना के तहत विदिशा जिले में किन-किन हितग्राहियों के आवेदन प्राप्त हुए? किन-किन बैंकों को कितना-कितना लक्ष्य दिया गया था? लक्ष्य के विरूद्ध किन-किन हितग्राहियों के ऋण स्वीकृत किए गए? व्यक्तियों के नाम, वित्तीय सहायता, सब्सिडी सहित विकासखण्डवार जानकारी उपलब्ध करावें। कितने हितग्राहियों के प्रकरण स्वीकृत करने हेतु शेष हैं? जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) मूडरासागर शीत संयंत्र लटेरी में कितनी-कितनी वित्तीय सहायता दी जा रही है? 1 अप्रैल 2022 से प्रश्नांकित दिनांक तक मदवार जानकारी उपलब्ध करावें।
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु विभाग में आचार्य विद्यासागर गौसंवर्धन योजना, डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना, मुख्यमंत्री डेयरी प्लस एवं मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना (विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा सहारिया एवं भारिया) संचालित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) उन्नत नस्ल सुधार हेतु नन्दीशाला योजना, सम्मुन्नत मुर्रापाडा प्रदाय पशु आहार एवं चारा विकास हेतु मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना के घटक चारा उत्पादक कार्यक्रम संचालित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब''अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है। (घ) मुडरा सागर शीत संयत्र लटेरी को पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा वित्तीय सहायता नहीं दी जा रही है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
पेयजल सप्लाई के समय अघोषित विद्युत की कटौती
[ऊर्जा]
83. ( क्र. 3010 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नगरीय क्षेत्र राजगढ़ एवं खिलचीपुर में निकाय द्वारा सुबह पेयजल सप्लाई के समय पर ही अघोषित विद्युत कटौती की जा रही है? क्या पेयजल आपूर्ति हेतु 'शून्य कटौती' के कोई निर्देश दिए हैं? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा इनका पालन क्यों नहीं किया जा रहा है? जानकारी दें। (ख) जिले में वर्तमान में कितने ट्रांसफार्मर जले/खराब हैं और उन्हें बदलने में नियत समय से अधिक का विलंब क्यों हो रहा है? एक वर्ष में कितने खराब हुए और कितने बदले है? प्रश्न दिनांक तक जिले के किन-किन गांवों में सप्लाई बंद है? (ग) वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में अधीक्षण यंत्री राजगढ़ द्वारा सामग्री क्रय, संधारण और आउट सोर्सिंग हेतु कुल कितना वित्तीय भुगतान किया गया? बताएं। क्या बिना कार्य पूर्ण हुए या बिना भौतिक सत्यापन के भुगतान किए हैं? जानकारी दें। (घ) विद्युत वसूली के शत्-प्रतिशत करने के क्या निर्देश हैं? जिले में 55, 000/- से ऊपर राशि के कितने बकायादार है और कितनी वसूली हुई? बकाया वसूली नहीं होने के लिए कौन दोषी है? क्या दोषी अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर उनके विरुद्ध उच्च स्तरीय जांच व निलंबन की कार्रवाई की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? समय-सीमा बताएं और यदि नहीं, तो क्यों नहीं? बतावें।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) जी नहीं, प्रश्नाधीन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की घोषित/अघोषित विद्युत कटौती नहीं की जा रही है। प्रश्नाधीन क्षेत्रों में म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा विद्युत प्रदाय सुचारू रूप से किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि तकनीकी कारणों/प्राकृतिक आपदा से आये आकस्मिक व्यवधानों जैसी अपरिहार्य स्थिति के कारण कतिपय अवसरों पर विद्युत प्रदाय बाधित होता है, जिसमें आवश्यक रख-रखाव/सुधार कार्य कर विद्युत प्रदाय शीघ्र ही सुचारू कर दिया जाता है। पेय जल आपूर्ति हेतु शून्य कटौती के कोई निर्देश नहीं है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। (ख) राजगढ़ जिले में वर्तमान में कोई भी वितरण ट्रांसफार्मर जले/खराब नहीं हैं। अत: शेष प्रश्नांश नहीं उठता है। राजगढ़ जिले में विगत एक वर्ष में कुल 3917 वितरण ट्रांसफार्मर जले/खराब हुये थे एवं उक्त सभी 3917 जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों को निर्धारित समयावधि में बदला गया है। प्रश्न दिनांक की स्थिति में किसी भी ग्राम की विद्युत सप्लाई बंद नहीं है। (ग) वर्ष 2024-25 एवं वर्ष 2025-26 में सामग्री क्रय एवं संधारण कार्यों हेतु अधीक्षण यंत्री राजगढ़ द्वारा कोई भुगतान नहीं किया गया है। क्रय आदेश जारी करने के पश्चात् भुगतान करने के लिए सत्यापन क्षेत्रीय भण्डार द्वारा किया जाता है। क्रय आदेश एवं क्षेत्रीय भण्डार द्वारा सत्यापित सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र–'अ' एवं 'अ-1' अनुसार है। आउट सोर्सिंग हेतु वित्तीय भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है। जी नहीं, बिना कार्य पूर्ण हुये या बिना भौतिक सत्यापन के कोई भुगतान नहीं किया गया है। (घ) विद्युत बिलों की बकाया राशि की वसूली हेतु म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा पत्र क्र. 318 दिनांक 01.07.2025 से अधिकारीवार जिम्मेदारी तय की गई है, उक्त परिपत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'स' अनुसार है। प्रश्नाधीन जिले में राशि रूपये 55, 000/- से ऊपर राशि के बकायादार 22641 उपभोक्ता हैं। जिनमें से 572 उपभोक्ताओं से राशि रूपये 3.21 करोड़ की वसूली की जा चुकी है। बकाया राशि की वसूली हेतु म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अंतर्गत नियमानुसार सार्थक एवं सतत् प्रयास किये गये है, अत: किसी अधिकारी के दोषी होने का प्रश्न नहीं उठता है। उल्लेखनीय है कि बकाया राशि की वसूली हेतु समय-समय पर अभियान चला कर कनेक्शन विच्छेदन/कुर्की की कार्यवाही की जाती है।
ग्रामों में केबलीकरण का कार्य
[ऊर्जा]
84. ( क्र. 3011 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राजगढ़ विधानसभा अंतर्गत विभाग द्वारा केबलीकरण का कार्य किया गया है? (ख) यदि हाँ तो किन-किन ग्रामों में कब-कब किया गया है? ग्रामों के नाम सहित बतावें। (ग) उक्त योजनांतर्गत कितने पोल और मीटर कहाँ-कहाँ लगाए गए हैं? किन-किन ग्रामों में लगाया जाना शेष है। शेष ग्रामों में कब तक लगा दिए जाएंगे? जानकारी दें। (घ) उक्त योजनांतर्गत किन-किन ग्रामों में कितने कितने के.वी. की डी.पी. कहाँ-कहाँ पर स्वीकृत है? उनमें से किन-किन स्थानों लगा दी है और किन-किन स्थानों पर लगाया जाना शेष है? शेष स्थानों पर कब तक लगा दी जावेगी?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ। राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा आर.डी.एस.एस. योजना के तहत केबलीकरण का कार्य किया गया है। (ख) राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत दिनांक 01.04.2024 से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में किये गये केबलीकरण के कार्य से संबंधित प्रश्नाधीन चाही गयी कार्य पूर्णता की दिनांक एवं कार्यों का ग्रामवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। (ग) आर.डी.एस.एस. योजना अंतर्गत लगाये गए विद्युत पोलों, लगाये जाने हेतु शेष पोलों से संबंधित ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है। आर.डी.एस.एस. योजना अंतर्गत स्वीकृत स्मार्ट मीटरों, स्थापित स्मार्ट मीटरों एवं स्थापना हेतु शेष स्मार्ट मीटरों से संबंधित प्रश्नाधीन जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'स' अनुसार है। (घ) प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्रांतर्गत आर.डी.एस.एस. योजना के तहत स्वीकृत वितरण ट्रासंफार्मरों (डी.पी.) में से स्थापित वितरण ट्रासंफार्मरों तथा स्थापना हेतु शेष वितरण ट्रासंफार्मरों की प्रश्नाधीन चाही गयी कार्यपूर्णता दिनांक सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'द' अनुसार है।
ओरछा से ग्राम चन्द्रपुरा तक मार्ग का चौड़ीकरण
[लोक निर्माण]
85. ( क्र. 3014 ) श्री नितेन्द्र बृजेन्द्र सिंह राठौर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या रामराजा नगरी ओरछा से ग्राम चन्द्रपुरा जिसकी दूरी लगभग 10 कि.मी. है, जो झांसी टीकमगढ मार्ग पर है। कई बार प्रयास होने के बाद आज भी सिंगल लाइन है, जिस कारण कई बार भीषण दुर्घटनायें हो चुकी हैं और आए दिन यातायात प्रभावित होता रहता है? आज दिनांक तक यह रोड क्यों नहीं बन पाई? जानकारी दें। (ख) क्या विभाग जनहित में इस सड़क के चौड़ीकरण का कार्य करायेगा?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। प्रश्न में वर्णित मार्ग का अधिकांश भाग लंबाई 8 कि.मी. वनक्षेत्र में सिंगल लेन मार्ग है। मार्ग पर विगत 03 वर्षों में हुई सड़क दुर्घटना की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। प्रश्न में वर्णित मार्ग ओरछा नगरीय क्षेत्र एवं वनक्षेत्र में होने से चौड़ीकरण किये जाने की कठिनाई के कारण, ओरछा से टीकमगढ़ टू-लेन विथ पेव्हड शोल्डर निर्माण कार्य हेतु स्वीकृत परियोजना में ओरछा बाईपास का निर्माण कार्य स्वीकृत है, जिसकी निविदा कार्यवाही प्रचलन में है, शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) भारत सरकार सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय द्वारा ओरछा से टीकमगढ़ मार्ग टू-लेन विथ पेव्हड शोल्डर सहित स्वीकृत हुआ है, जिसका उक्त भाग में बाईपास निर्माण होना है। अतः वर्तमान में मार्ग के चौड़ीकरण की आवश्यकता नहीं है।
सड़कों के निर्माण कार्य में विद्युत लाइनों की शिफ्टिंग
[ऊर्जा]
86. ( क्र. 3024 ) श्री सतीश मालवीय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन जिले की उज्जैन-मक्सी सड़क निर्माण किया जा रहा है। उक्त फोर-लेन निर्माण में नवीन विद्युत लाइन निर्माण एवं पूर्व से मौजूद विभिन्न वोल्टेज की लाइनों की शिफ्टिंग का कार्य किस एजेंसी द्वारा किया जाना है? किस वोल्टेज की लाइनों को एवं कितने किलोमीटर (मात्रा) लाइन शिफ्ट किया जाना है? कार्य के दौरान प्रयुक्त होने वाली नवीन सामग्री जैसे लोहे के पोल, तार-कंडक्टर, इंसुलेटर एवं अन्य सामग्री जो मौके पर लगायी जाना है, उसकी वास्तविक मात्रा, सामग्री की गुणवत्ता, प्रोजेक्ट के प्राक्कलन की प्रति संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में उक्त कार्य में जो पुरानी सामग्री (लोहे के पोल, तार-कंडक्टर, इंसुलेटर एवं अन्य सामग्री) डिस्मेंटल की जाना है तथा सामग्री जो कि क्षेत्रीय भंडार में लौटायी जाना है, उसकी मात्रा (कि.मी. एवं कि.ग्रा.) एवं मटेरियल रिटर्न शेड्यूल की प्रमाणित प्रति सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) उज्जैन जिले जनवरी 2024 से (दक्षिण विधानसभा को छोड़कर) विभिन्न सड़क चौड़ीकरण नवीन निर्माण में पूर्ण किए विद्युत लाइन शिफ्टिंग कार्य कितनी संख्या में हेडिंग ओवर विद्युत कंपनी द्वारा लिए गए है, किन अधिकारियों द्वारा कार्य पूर्णता जारी की गई है? सभी हेडिंग ओवर प्रक्रिया में प्रयुक्त विद्युत सामग्रियों के गुणवत्ता परीक्षण की प्रतिलिपि उपलब्ध करावें। क्या गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट कंपनी द्वारा स्वीकृत फर्म से कराए गए हैं? कार्यवार, प्राक्कलन, पूर्णता प्रमाण-पत्र सहित सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) प्रश्नाधीन फोर-लेन सड़क निर्माण में नवीन विद्युत लाइन की स्थापना एवं पूर्व से स्थापित विभिन्न वोल्टेज की लाइनों के शिफ्टिंग का कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जाना है। वर्तमान में उक्त कार्य हेतु प्राक्कलन स्वीकृत नहीं हुआ है। अतः प्रश्नाधीन चाही गई जानकारी दिया जाना वर्तमान में संभव नहीं है। (ख) वर्तमान में उत्तरांश (क) में उल्लेखानुसार लाइन शिफ्टिंग एवं नवीन लाइन निर्माण हेतु प्राक्कलन स्वीकृत नहीं हुआ है। अत: मटेरियल वापसी की प्रश्नाधीन चाही गयी जानकारी दिया जाना वर्तमान में संभव नहीं है। (ग) उज्जैन जिला अंतर्गत (दक्षिण विधानसभा को छोड़कर) प्रश्नाधीन अवधि में सड़क चौड़ीकरण नवीन निर्माण में पूर्ण किए विद्युत लाइन शिफ्टिंग के एक कार्य में हेडिंग ओवर म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा लिया गया है। वितरण केंद्र प्रभारी, उप संभाग प्रभारी एवं संभाग प्रभारी द्वारा कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी किया गया है। हेंडिग ओवर प्रक्रिया में प्रयुक्त विद्युत सामग्रियों के गुणवत्ता परीक्षण से संबंधित प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। जी हाँ, गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट NABL लैब से कराए गए हैं। उक्त शिफ्टिंग कार्य की प्राक्कलन रिपोर्ट पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है एवं कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'स' अनुसार है।
नवीन विद्युत लाइन का निर्माण एवं लाइनों का शिफ्टिंग कार्य
[ऊर्जा]
87. ( क्र. 3025 ) श्री सतीश मालवीय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन जिले में उज्जैन से घटिया-घोंसला तक NHAI द्वारा सड़क चौड़ीकरण कार्य किया है, कार्य में नवीन विद्युत लाइन निर्माण एवं पूर्व से मौजूद विभिन्न वोल्टेज की लाइनों की शिफ्टिंग कार्य किस एजेंसी द्वारा किया गया? किस वोल्टेज की लाइनों को एवं कितने कि.मी. (मात्रा) लाइन शिफ्ट की गई, प्रोजेक्ट का प्राक्कलन अनुसार प्रस्तावित कार्य की मात्रा तथा कार्य की मात्रा कितनी है एवं दोनों में अंतर कितना है? (ख) कार्य के दौरान नवीन सामग्री जैसे लोहे के पोल, तार-कंडक्टर, इंसुलेटर एवं अन्य सामग्री जो लगायी है, वास्तविक मात्रा एवं लगायी गई सामग्री की कंपनी में स्वीकृत लैब द्वारा गुणवत्ता-परीक्षण रिपोर्ट की कॉपी उपलब्ध करावें तथा जो पुरानी सामग्री डिस्मेंटल कर निकाली जाना थी तथा वास्तविकता में निकाली गई उसकी मात्रा तथा जितनी सामग्री क्षेत्रीय भंडार को मूल रूप में लौटायी गई उसकी मात्रा एवं दोनों में कितना अंतर था विवरण सहित जानकारी देवें। (ग) उक्त लाइनों के निर्माण एवं शिफ्टिंग का कार्य प्रारंभ होने, पूर्ण होने तथा हैंड-ओवर होने की दिनांकवार जानकारी एवं संपूर्ण कार्य किस संभागीय अधिकारी के कार्यकाल में हुआ तथा किस अधिकारी द्वारा कार्य का हैंड-ओवर लिया गया? हैंड-ओवर लेने के दौरान एजेंसी द्वारा किए गये संपूर्ण कार्य की मात्रा एवं गुणवत्ता की तत्कालीन अधिकारियों द्वारा की गई भौतिक निरीक्षण रिपोर्ट तथा कार्य पूर्णता सर्टिफिकेट सहित जानकारी देवें।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) उज्जैन जिले में उज्जैन से घटिया-घोंसला तक NHAI द्वारा सड़क चौड़ीकरण का कार्य किया है। उक्त कार्य में नवीन विद्युत लाइन निर्माण एवं पूर्व से मौजूद विभिन्न वोल्टेज की लाइनों की शिफ्टिंग का कार्य NHAI द्वारा मुख्य ठेकेदार GHV (INDIA) प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया एवं GHV (INDIA) प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विद्युत कार्य के लिए मेसर्स पटेल ब्रदर 97, निकास मार्ग, उज्जैन को अधिकृत करते हुए कार्य करवाया गया/जा रहा है। 33 के.व्ही., 11 के.व्ही. एवं निम्नदाब लाइन के शिफ्टिंग का कार्य किया जा रहा है। विद्युत लाइनों के शिफ्टिंग के कार्य से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। (ख) कार्य के दौरान नवीन सामग्री जैसे लोहे के पोल, तार-कंडक्टर एवं अन्य सामग्री की स्वीकृत लैब द्वारा गुणवत्ता-परीक्षण रिपोर्ट की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ'-'1' एवं 'ब'-'1' अनुसार है। स्वीकृत प्राक्कलन अनुसार वापसी योग्य सामग्री की मात्रा एवं निकाली गयी मात्रा जो कि क्षेत्रीय भंडार गृह में वापिस की गयी की मात्रा एवं उनके अंतर का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'स' अनुसार है। (ग) उक्त लाइनों के निर्माण एवं शिफ्टिंग के कार्य से संबंधित प्रश्नाधीन चाही गयी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'द' अनुसार है।
स्मार्ट सिटी बनाये जाने हेतु शासन की कार्ययोजना
[नगरीय विकास एवं आवास]
88. ( क्र. 3026 ) श्रीमती कंचन मुकेश तनवे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खंडवा शहर स्थित मां नवचंडी देवी धाम, मंदिर परिसर क्षेत्र में स्थित भूमि, मेले, धार्मिक, सांस्कृतिक आयोजनों के लिए आरक्षित भूमि का मद परिवर्तन कर व्यावसायिक किया गया है? क्या यदि हाँ तो उसका उद्देश्य, मद परिवर्तन पश्चात हुये निर्माण की आय-व्यय व कार्ययोजना की जानकारी एवं मद परिवर्तन की नियमावली प्रदान की जावे। (ख) नगर तथा निवेश विभाग खंडवा द्वारा शहर एवं ग्राम निवेश के क्षेत्र में विगत 2 वर्षों में क्या नियोजन तैयार कर पूर्ण किए है, कितने बिल्डिंग की परमिशन, कितनी भूमियों के मद परिवर्तन किए, कितने राजस्व की प्राप्ति हुई है एवं आगमी वर्षों में क्या कार्ययोजना तैयार की है? (ग) नगर निगम खंडवा द्वारा विगत 2 वर्षों में कितने नवीन मार्गों का डामरीकरण, सी.सी. रोड, नाली निर्माण, नल-जल, स्ट्रीट लाइट, के कार्य किए है एवं मरम्मत पर कितना, कहाँ-कहाँ, कब-कब, व्यय किया है? ठेकेदारों की सूची सहित कार्यवार, वर्षवार आय व्यय की जानकारी प्रदान की जावे। (घ) शहरों के विकास व स्मार्ट सिटी बनाए जाने हेतु शासन की आगामी क्या कार्ययोजना है? खंडवा शहर के विकास हेतु आगामी 3 वर्षों की कार्ययोजना प्रस्तुत करने का कष्ट करें l
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं। प्रश्नाधीन स्थल खण्डवा विकास योजना, 2031 में आमोद-प्रमोद के अंतर्गत मेला मैदान भूमि उपयोग निर्दिष्ट है। उक्त स्थल के भूमि उपयोग में परिवर्तन नहीं किया गया है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) नगर तथा ग्राम निवेश जिला कार्यालय खण्डवा द्वारा बिल्डिंग की परमिशन तथा भूमि के मद परिवर्तन नहीं किया जाता है। नगर तथा ग्राम निवेश जिला कार्यालय खण्डवा द्वारा विगत 2 वर्षों में 86 विकास अनुज्ञाएं जारी की गई जिससे शासन को कुल राशि रूपये 3456417/- राजस्व प्राप्त हुआ है। विकास अनुज्ञा हेतु निजी व्यक्तियों/संस्थाओं द्वारा आवेदन किया जाता है। अत: इस हेतु आगामी वर्षों की कार्ययोजना तैयार करने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) नगर निगम खण्डवा द्वारा विगत 2 वर्षों में नवीन मार्गों के सी.सी. रोड निर्माण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ पर एवं नाली निर्माण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब पर तथा डामरीकरण रोड की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स एवं नल-जल योजना एवं स्ट्रीट लाइट की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है। (घ) शहरों के विकास हेतु भारत सरकार की अमृत योजना गाइड-लाइन में विकास से संबंधित घटक निर्दिष्ट है। स्मार्ट सिटी मिशन जून 2015 में प्रारंभ हुआ था, योजना अंतर्गत राज्य के सात शहर क्रमश: भोपाल, इन्दौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर एवं सतना का चयन किया गया है। वर्तमान में भारत सरकार द्वारा स्मार्ट सिटी योजना मार्च 2026 तक समाप्त हो रही है, योजना की गाइड-लाइन अनुसार नवीन शहर को शामिल किया जाना संभव नहीं है।
पिछड़ा वर्ग विभाग द्वारा संचालित योजनाएं
[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]
89. ( क्र. 3027 ) श्रीमती कंचन मुकेश तनवे : क्या राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्तमान में विभाग द्वारा वर्तमान में शैक्षणिक सहायता हेतु कौन-कौन सी योजनाएं चलाई जा रही हैं तथा खंडवा जिले में उक्त कौन-कौन सी योजना में किन-किन विद्यार्थियों को विगत 2 वर्ष में लाभान्वित किया गया है? सूचीबद्ध जानकारी प्रदान करें। (ख) खंडवा जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु कोचिंग की क्या व्यवस्था है और विगत 2 वर्षों में कितने विद्यार्थियों को लाभ दिया गया? वर्षवार जानकारी देवें। स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तीकरण योजना अंतर्गत विगत 2 वर्षों में कितने ऋण कितनी-कितनी राशि के स्वीकृत किए है, अब तक खंडवा जिले से विदेश अध्ययन हेतु कितने विद्यार्थियों की राशि स्वीकृत की गई है? (ग) सामाजिक उत्थान हेतु विगत 3 वर्षों में कितने हितग्राहियों को विवाह सहायता प्रदान की गई, कितने जागरूकता शिविर और अन्य कार्यक्रम चलाए गए? उन कार्यक्रमों के व्यय की जानकारी वर्षवार प्रदान करें। (घ) विभाग द्वारा किन-किन योजनाओं अंतर्गत खंडवा में कौन-कौन सी संस्थाएं संचालित की जा रही हैं? संस्थाओं एवं उनमें पदस्थ अधिकारी/कर्मचारियों की जानकारी, नाम, पद, वर्तमान पदस्थापना दिनांक, अनुसार प्रदान करें।
राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती कृष्णा गौर ) : (क) वर्तमान में विभाग द्वारा शैक्षणिक सहायता हेतु चलाई जा रही योजनाओं तथा खंडवा जिले में उक्त योजना में विगत 02 वर्ष में लाभान्वित विद्यार्थियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) खण्डवा जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु कोचिंग की सुविधा नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। स्वरोजगार और आर्थिक कल्याण एवं विदेश अध्ययन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग अंतर्गत ऐसी कोई योजना प्रचलित नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा 02 छात्रावास संचालित हैं। पोस्ट मैट्रिक पिछड़ा वर्ग कन्या छात्रावास एवं बालक छात्रावास खण्डवा। संस्थाओं में पदस्थ अधिकारी/कर्मचारियों की जानकारी, नाम, पद, वर्तमान पदस्थापना दिनांक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है।
लोक निर्माण विभाग की महत्वपूर्ण योजनाएं
[लोक निर्माण]
90. ( क्र. 3032 ) श्रीमती रीती पाठक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी विधानसभा में पिछले 15 दिसम्बर 2023 से आज दिनांक तक कितनी नवीन सड़कें स्वीकृत हुई हैं एवं इन स्वीकृत नवीन सड़कों के लिए कितनी राशि उपलब्ध कराई गई है? (ख) लोक निर्माण विभाग भवन/सड़क के सीधी जिले का कार्यालय भवन विहीन है। यह कार्यालय नगरपालिका के अधीनस्थ एक जर्जर भवन में अस्थायी रूप से संचालित है। क्या इसके भवन के स्वीकृति की सरकार की कोई योजना है? यदि हाँ, तो कब तक इस भवन का निर्माण कार्य कराया जायेगा? (ग) सीधी जिले में गोपाल दास बांध के चारों तरफ फेंसिंग, वॉकिंग ट्रैक, स्ट्रीट लाइट, बैठक की व्यवस्था, वाहन पार्किंग एवं वृक्षारोपण कार्य प्रस्तावित है। यह कार्य कब तक स्वीकृत कर दिया जायेगा? (घ) सीधी विधानसभा अंतर्गत मुख्यालय के समीप उत्तरी बाईपास (रिंग रोड) काफी समय से प्रस्तावित है। इस सड़क की स्वीकृति कब तक प्रदान की जावेगी? (ड.) सीधी जिले में सीधी-पटपरा-कमर्जी एवं सीधी शहर के बीच अवस्थित सूखानदी के किनारे-किनारे पड़रा शिव मंदिर, गोपाल दास मंदिर होते हुए नौढ़िया फायरिंग रेंज तक सड़क निर्माण कार्य का बजट प्रस्तावित हैं। इनकी प्रशासकीय स्वीकृति कब तक प्रदान की जावेगी? (च) सीधी मुख्यालय में 10 कमरे, बैठक हाल, किचन, गार्डन, पार्किंग युक्त नवीन रेस्ट हाउस प्रस्तावित है। इसकी प्रशासकीय स्वीकृत कब तक कर दी जावेगी?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) 03 नग सड़कें स्वीकृत हैं, स्वीकृत राशि रू. 1706.83 लाख। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ, जी हाँ, जी नहीं, शेष प्रश्नांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नांश विभाग से संबंधित नहीं, अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) एवं (ड.) जी हाँ, स्वीकृति के संबंध में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। (च) जी नहीं, प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
मार्ग पर पुल का निर्माण
[लोक निर्माण]
91. ( क्र. 3036 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) निशान जानोजी उमरहड सड़क की स्वीकृति वर्ष, स्वीकृत राशि, कुल लंबाई प्रारंभ तिथि एवं पूर्णता तिथि क्या है? (ख) उपरोक्त मार्ग पर कितने पुल का निर्माण होना है एवं स्वीकृत राशि क्या है? (ग) क्या उपरोक्त मार्ग का कार्य पूर्ण हो चुका है, यदि नहीं, तो क्या कारण है? (घ) उपरोक्त मार्ग का कार्य कब तक पूर्ण होकर आवागमन चालू हो जावेगा?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना
[नगरीय विकास एवं आवास]
92. ( क्र. 3040 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शाजापुर जिला के पोलाईकलां में मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना के तहत जनवरी 2026 अनुसार किस-किस घटक में कितने प्रतिशत काम हो गया है? कार्य में निर्धारित अवधि से 55 माह अधिक लगने के कारण क्या है? प्रत्येक घटक अनुसार बताएं। डी.पी.आर. तथा अनुबंध की प्रति देवें। (ख) क्या ठेकेदार के आवेदन पर कार्य की अवधि तीन बार बढ़ाई गई है? यदि हाँ तो इस बारे में ठेकेदार द्वारा दिए गए पत्र तथा विभाग द्वारा अवधि बढ़ाने संबंधी पत्र की प्रति समस्त संलग्न दस्तावेज सहित देवें। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित कार्य के लिए ठेकेदार द्वारा दिए गए बिल की प्रति देवें तथा बतावें कि किस-किस दिनांक को कितनी राशि का भुगतान किस बिल के तहत किया गया तथा जनवरी 2026 अनुसार कुल कितना भुगतान किया जा चुका है तथा कितना किया जाना शेष है? मेजरमेंट बुक (एम.बी.) की प्रति देवें। (घ) एशियन डेवलपमेंट बैंक द्वारा इस कार्य की राशि किस शर्त पर किस दिनांक को प्राप्त हुई थी? बैंक को कार्य की प्रगति की रिपोर्ट भेजी गयी या नहीं? यदि भेजी गई तो उसकी प्रतियां देवें। (ड.) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित कार्य के ठेकेदार फर्म का नाम तथा पता दें। इस फर्म को 2020 से 2025 तक आवंटित समस्त कार्य की सम्पूर्ण जानकारी अद्यतन स्थिति सहित बतावें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) एशियन डेवलपमेंट बैंक द्वारा सहायतित ''मध्यप्रदेश अर्बन सर्विस इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट (एडिशनल फाईनेन्सिंग)" के अंतर्गत शाजापुर जिले के पोलाईकलां की जल प्रदाय योजना में जनवरी 2026 तक घटकवार हुये कार्य की प्रतिशतवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' पर है। नवीन जल स्त्रोत का निर्धारण, पानी की टंकियों हेतु भूमि आवंटन तथा संविदाकार द्वारा कार्य की धीमी गति के कारण विलम्ब हुआ है। डी.पी.आर. एवं अनुबंध की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' पर है। (ख) जी हाँ। संविदाकार द्वारा दिये गये आवेदन पत्र एवं अवधि बढ़ाये जाने के पत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' पर है। (ग) जनवरी 2026 तक ठेकेदार को किये गये कुल 7 चल देयक एवं 7 प्राइस एडजेस्टमेंट देयकों का कुल राशि रू. 4, 04, 92, 658/- का भुगतान किया गया है। शेष कार्यों का वास्तविक कार्य के निष्पादन का मूल्यांकन आधार पर देयक द्वारा भुगतान किया जायेगा। अनुबंध अनुसार अनुमानतः राशि रू. 16.10 करोड़ का डिजाइन बिल्ड कार्य किया जाना शेष है। सारांश माप पुस्तिका पर दर्ज देयकों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'द' पर है। (घ) योजना एशियन डेवलपमेंट बैंक द्वारा सहायतित ''मध्यप्रदेश अर्बन सर्विस इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट (एडिशनल फाईनेन्सिंग)" में सम्मिलित है। एशियन डेवलपमेंट बैंक द्वारा सम्पूर्ण परियोजना के लिये ऋण के रूप में राशि दी गयी है, जिसमें योजना की लागत का 70 प्रतिशत ऋण है एवं शेष 30 प्रतिशत राज्यांश है। उक्त ऋण अनुबंध दिनांक 29.12.2020 से प्रभावशील है। बैंक को कार्य की त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट प्रारंभ से ही प्रेषित की जा रही है, जिनकी प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ई' पर है। (ड.) संविदाकार का नाम - मेसर्स तापी प्रेस्ट्रेस्ड प्रोडक्ट लिमिटेड तथा मेसर्स जैन इंजीनियरिंग वर्क्स (संयुक्त उद्यम), पता - प्रकृति कॉर्पोरेट, 6 वी मंजिल बी-ब्लॉक, 18/2वाय.एन. रोड़ इंदौर (म.प्र.) है। वर्ष 2020 से वर्ष 2025 तक कोई भी कार्य आवंटित नहीं किया गया है।
आर.डी.एस.एस. योजनांतर्गत कार्यों की गुणवत्ता की जांच
[ऊर्जा]
93. ( क्र. 3051 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले में आर.डी.एस.एस. योजना के अंतर्गत कितनी राशि के कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किये गए हैं? उक्त योजना में सम्मिलित किये गए कार्य किन तकनीकी मापदंडों के आधार पर किये गए है? योजना के अंतर्गत कितने कार्य पूर्ण हो गए तथा कितने कार्य शेष हैं? कार्यों को पूर्ण होने से विद्युत विभाग की कितनी तकनीकी/वाणिज्यिक हानि कम हुई? योजना से यदि लक्ष्य के अनुरूप हानि कम नहीं हुई तो दोषियों पर विभाग के द्वारा क्या कार्यवाही की गई? (ख) क्या 5% सुपरविजन योजना के अंतर्गत ठेकेदारों के द्वारा शिफ्टिंग के कार्य में से निकलने वाले स्क्रैप सामग्री के विरुद्ध राशि जमा किया गया है तथा ठेकेदारों के द्वारा स्क्रैप सामग्री विभाग में वापस करने के बावजूद भी अभी तक उनके द्वारा जमा कराया गया पैसा विद्युत विभाग के द्वारा वापस नहीं किया गया है? सूची उपलब्ध कराएं। (ग) विगत 01 वर्ष में शिवपुरी जिले में कितने स्मार्ट मीटर लगाये गए? शिवपुरी जिले में स्मार्ट मीटर लगाने से उपभोक्ताओं तथा बिजली कंपनी को क्या लाभ हुआ? क्या मध्यप्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी सऊदी अरब की विदेशी कंपनी है? (घ) शिवपुरी जिलान्तर्गत जनमन योजना, 5% सुपरविजन योजना तथा अन्य योजनाओं में निम्न गुणवत्ता सामग्री तथा अमानक स्तर के 02 वर्ष में किए गये कार्यों की गुणवत्ता की जांच कार्यवार किन-किन अधिकारियों द्वारा की गई? कार्य किस स्तर के पाऐ गए?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) शिवपुरी जिला अंतर्गत आर.डी.एस.एस. योजना के तहत विद्युत अधोसंरचना एवं स्मार्ट मीटर की स्थापना से संबंधित स्वीकृत कार्यों की प्रश्नाधीन चाही गयी लागत राशि सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' एवं 'अ-1' अनुसार है। विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली द्वारा योजनांतर्गत जारी दिशा-निर्देशों में निहित तकनीकी मापदंडों के आधार पर कार्यों को निर्धारित किया गया है, जिसकी प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र–'अ-2' अनुसार है। आर.डी.एस.एस. योजना के तहत पूर्ण हो चुके कार्य एवं प्रगतिरत (शेष) कार्यों का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' एवं 'अ-1' अनुसार है। आर.डी.एस.एस. योजना अंतर्गत स्वीकृत कार्य शत्-प्रतिशत पूर्ण नहीं हुये हैं, अत: योजना अंतर्गत स्वीकृत समस्त कार्यों के पूर्ण होने के उपरांत ही कम हुई तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानि का सही आकलन किया जाना संभव हो सकेगा। यद्यपि संचालन-संधारण वृत्त शिवपुरी अंतर्गत उक्त योजना लागू होने के वर्ष 2022 (माह अप्रैल-दिसम्बर 2022 की अवधि हेतु) में ए.टी. एण्ड सी. लॉस 37.70 प्रतिशत था, जो कि माह अप्रैल-दिसम्बर 2025 में 28.43 प्रतिशत रह गया है। इस प्रकार तकनीकी/वाणिज्यिक हानियां कम हुई हैं। चूंकि योजना में स्वीकृत कार्य वर्तमान में प्रगतिरत है। अत: समस्त कार्यों के पूर्ण होने के उपरांत ही लक्ष्य की अंतिम प्राप्ति पर निर्णय लिया जाना संभव होगा। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। (ख) जी हाँ, संचा./संधा. वृत शिवपुरी अंतर्गत 5 प्रतिशत सुपरविजन जमा योजना में स्वीकृत विद्युत अधोसंरचना शिफ्टिंग के प्राक्कलनों में प्रावधानित स्क्रैप सामग्री के विरूद्ध स्क्रैप सामग्री की सम्पूर्ण राशि संबंधित विभाग/आवेदक/ठेकेदार द्वारा सुरक्षा निधि के रूप में जमा कराई गई है, जिसकी सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है। उक्त जमा सुरक्षा राशि की वापसी म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा जारी एस.ओ.पी. में दर्शाई गई प्रक्रिया अनुसार ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किये जाने का प्रावधान है। उल्लेखित कार्यों में से मात्र एक कार्य प्राक्कलन क्रमांक 20-516-120769-24-2866 दिनांक 16.10.2024 के विरूद्ध स्क्रैप सामग्री जमा कराई जा चुकी है, लेकिन ऑनलाइन पोर्टल पर संबंधित ठेकेदार द्वारा कार्य पूर्णता अपडेट नहीं किये जाने के कारण इस कार्य में प्रावधानित स्क्रैप सामग्री के विरूद्ध जमा सुरक्षा राशि वापिस कराये जाने की कार्यवाही नहीं हो सकी है। ठेकेदार द्वारा ऑनलाइन पोर्टल पर कार्य पूर्णता अपडेट करने के उपरांत ऑनलाइन के माध्यम से ही सुरक्षा राशि वापिस की जावेगी। (ग) विगत 01 वर्ष में शिवपुरी जिले में 18144 (15895 उपभोक्ता मीटर, 1927 वितरण ट्रांसफार्मर मीटर एवं 322 फीडर मीटर) स्मार्ट मीटर लगाये गये हैं। स्मार्ट मीटर लगाए जाने से विद्युत उपभोक्ताओं को विभिन्न लाभ यथा विद्युत खपत एवं बिलों में पारदर्शिता, रियल टाइम खपत की निगरानी, शासन की सब्सिडी योजनाओं का लाभ पात्र उपभोक्ताओं को प्राप्त होता है। उक्त के अतिरिक्त निम्न दाब उपभोक्ताओ को स्मार्ट मीटर स्थापित कराए जाने पर दिन के समय (सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक) ऊर्जा प्रभार में 20 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। उक्त स्मार्ट मीटरों में नेट मीटरिंग की उपलब्धता होने के दृष्टिगत सोलर का विकल्प लेने वाले उपभोक्ताओं को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के इसका लाभ प्राप्त हो रहा है। मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड को स्मार्ट मीटर लगाने से, बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के सटीक एवं निश्चित समय पर बिलिंग, उपभोक्ता के मासिक बिलों संबंधी शिकायतों में कमी, डेटा विश्लेषण के माध्यम से बिजली चोरी की पहचान एवं रोकथाम में सरलता तथा बिजली आपूर्ति सुधार में सहायता जैसे लाभ हुये हैं। मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड द्वारा ए.एम.आई.एस.पी. कार्य हेतु मेसर्स अल्फानार पावर प्रा.लि., गुरूग्राम (लीडबिडर) को आवंटित किया गया है, जो कि भारत में विधिवत पंजीकृत है। (घ) शिवपुरी जिले में पी.एम. जनमन योजना, 5 प्रतिशत सुपरविजन योजना तथा अन्य योजनाओं में विगत 02 वर्षों में क्रियान्वित कार्यों में सामग्री गुणवत्ता एवं मानक स्तर के कार्यों की जाँच से संबंधी प्रश्नाधीन चाही गयी अधिकारीवार एवं कार्यवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'स' अनुसार है। उल्लेखित अवधि में क्रियान्वित कार्य मानक स्तर एवं गुणवत्तापूर्ण पाये गये हैं। अत:शेष प्रश्न नहीं उठता है।
विद्युत कनेक्शनों की त्रुटिपूर्ण रीडिंग
[ऊर्जा]
94. ( क्र. 3052 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा उपभोक्ताओं के निवास पर लगे विद्युत कनेक्शनों के मीटर की रीडिंग लेने की क्या प्रक्रिया निर्धारित की गई है? शासन आदेश की प्रति उपलब्ध कराई जावे। (ख) क्या विद्युत कनेक्शनों के मीटरों की रीडिंग प्रतिमाह लिये जाने का नियम है? यदि हाँ तो स्पष्ट बताया जावे। (ग) ग्वालियर में विद्युत कनेक्शन क्रमांक N2256007955 की माह अगस्त 2025 में 147 यूनिट, माह सितम्बर में 170 यूनिट, अक्टूबर में 147 यूनिट, नवम्बर में 176 यूनिट विद्युत खपत का बिल प्रदाय किया गया है। माह दिसम्बर 2025 में इसी विद्युत कनेक्शन की विद्युत खपत 1478 यूनिट दी गई है। (घ) प्रतिमाह रीडिंग लिये जाने का नियम है, तो माह दिसम्बर 2025 में 1478 यूनिट का बिल प्रदाय किया गया है? उपभोक्ता को त्रुटिपूर्ण रीडिंग बिल दिये जाने के लिये विभाग द्वारा किस स्तर पर लापरवाही की गई है, इसके लिये कौन दोषी है? ऐसे अनेक प्रकरण समय-समय पर प्रश्नकर्ता के समक्ष उपभोक्ताओं द्वारा प्रस्तुत किये जाते है। ऐसे प्रकरणों में दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जाती है?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) एवं (ख) प्रदेश की विद्युत वितरण कंपनियों के अन्तर्गत विद्युत उपभोक्ताओं के निवास पर स्थापित विद्युत मीटर की रीडिंग ''म.प्र. वि़द्युत प्रदाय संहिता, 2021'' के प्रावधानों के अनुरूप ली जाती है। उक्त प्रावधानों के अनुसार विद्युत उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग प्रत्येक बिलिंग चक्र में एक माह की अवधि के अंतराल में न्यूनतम एक बार लिए जाने का प्रावधान है। उक्त प्रावधानों से संबंधित पृष्ठों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ, बाराघाटा जोन के अंतर्गत उपभोक्ता सर्विस क्रमांक N2256007955 जो कि श्री प्यारेलाल निवासी ललितपुर कॉलोनी के नाम से है, को माह अगस्त 2025 में 147 यूनिट, माह सितम्बर 2025 में 170 यूनिट, माह अक्टूबर 2025 में 147 यूनिट, माह नवम्बर 2025 में 176 यूनिट एवं माह दिसम्बर 2025 में 1478 यूनिट की विद्युत खपत का बिल प्रदाय किया गया है। (घ) उत्तरांश (ग) में वर्णित उपभोक्ता सर्विस क्रमांक N2256007955 के निष्ठा एप्लीकेशन पर दर्ज फोटो मीटर रीडिंग फाइल के अवलोकन करने पर पाया गया कि उक्त उपभोक्ता के परिसर पर स्थापित विद्युत मीटर में दिनांक 13.11.2025 को 8111.10 रीडिंग, दिनांक 16.12.2025 को 9589.00 रीडिंग एवं दिनांक 13.01.2026 को 9732.00 रीडिंग दर्ज है जिसके आधार पर उक्त उपभोक्ता को माह नवम्बर 2025 में 176 यूनिट, माह दिसम्बर 2025 में 1478 यूनिट एवं माह जनवरी 2026 में 143 यूनिट की विद्युत खपत का बिल जारी किया गया, जो कि पूर्णत: सही है एवं उपभोक्ता को किसी भी प्रकार की त्रुटिपूर्ण रीडिंग का बिल जारी नहीं किया गया है। उक्त संबंध में म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अन्तर्गत किसी भी स्तर पर कोई भी लापरवाही नहीं की गई है, अत: किसी के दोषी होने का प्रश्न नहीं उठता है। ऐसे प्रकरणों में उपभोक्ता द्वारा शिकायत करने पर यदि मीटर में दर्ज वास्तविक रीडिंग एवं बिल में दर्ज रीडिंग में त्रुटि पाई जाती है, तो पाई गई त्रुटि को सुधार कर रीडिंग लेने वाले संबंधित कर्मचारी के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाती है।
बजट में शामिल कसरावद विधान सभा क्षेत्र के मार्ग
[लोक निर्माण]
95. ( क्र. 3062 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र कसरावद के कितने मार्गों को वर्ष 2026-27 के बजट में शामिल किया गया? अगर हाँ तो विवरण नहीं तो कारण बताएं। (ख) विधानसभा क्षेत्र कसरावद के मार्ग निर्माण 1. दोगावां से कसरावद मण्डलेश्वर मुख्य मार्ग एवं बामखल से खरगोन-सनावद मुख्य मार्ग, 2. भटटीयाण खुर्द (पीपलगोन) से बारवामिल (खरगोन खण्डवा मार्ग) 3. करोदिया से बोरावा 4. पिपलई (बोरावां) से ओझरा मुख्य मार्ग 5. रायपुरा से सिपटान व्हाया शाला भवन 6. गोल (बामखल) से सिपटान 7. सगुर से भोपाडा 8. बलखडिया से पोई 8. सिरलाय से सगुर वि.ख. भीकनगांव को वर्ष 2026-27 के बजट में शामिल कर स्वीकृति प्रदान की जाए। (ग) विधानसभा क्षेत्र कसरावद में बने अदलपुरा से बाड़ी मार्ग पर सांगवी में किए गए अतिक्रमण के चलते मार्ग अवरूद्ध है? यदि हाँ तो अतिक्रमण क्यों नहीं हटाया जा रहा है?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) वर्ष 2026-27 का बजट अभी पारित नहीं, शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्तरांश क" के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
कसरावद नगर की नल-जल योजना की पूर्णता
[नगरीय विकास एवं आवास]
96. ( क्र. 3063 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कसरावद नगर की नल-जल योजना का भौतिक सत्यापन कराया गया है? अगर हाँ तो किनके द्वारा? विवरण दें। (ख) नगर परिषद् कसरावद की जल प्रदाय योजना का 8 वर्षों में भी पूर्ण न होने के लिए कौन जिम्मेदार हैं? उन पर क्या कार्रवाई की गई। (ग) नगर कसरावद के निवासियों को पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं करोड़ों रूपये खर्च कर भी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इस संबंध में प्रश्नकर्ता द्वारा वर्ष जुलाई 2024 के विधानसभा सत्र में पूछे गये प्रश्न क्र. 4044 के उत्तर में माननीय मंत्री जी ने योजना का 92 प्रतिशत कार्य पूर्ण बताया गया था फिर भी नगरवासी पेयजल से वंचित क्यों है? (घ) जल प्रदाय योजना समय पर पूर्ण नहीं होने से आम नागरिकों को वर्षों से असुविधा हो रही है। क्या विलम्ब की स्थिति में दंड और ब्लैक-लिस्ट करने का कोई प्रावधान है? अगर हाँ तो अब तक क्या कार्यवाही की गई? जानकारी दें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। कसरावद नगर की नल-जल योजना का भौतिक सत्यापन प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट तथा परियोजना क्रियान्वयन इकाई, म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कंपनी के अधिकारियों द्वारा किया गया है। (ख) कसरावद की जल प्रदाय योजना के समय-सीमा में पूर्ण न होने के लिए कोरोना काल की प्रथम एवं द्वितीय लहर तथा ठेकेदार पूर्ण रूप से जिम्मेदार है। ठेकेदार पर क्षतिपूर्ति राशि रूपये 1, 90, 62, 295/- अधिरोपित की गई है। (ग) नगर के 08 वार्डों में पूर्णत: जल प्रदाय प्रारंभ हो गया है एवं शेष 07 वार्डों में क्रमश: जल प्रदाय का ट्रायल-रन करते हुए किया जा रहा है। (घ) जी हाँ। जल प्रदाय योजना समय पर पूर्ण नहीं होने के फलस्वरूप दण्ड के रूप में ठेकेदार पर क्षतिपूर्ति राशि रूपये 1, 90, 62, 295/- अधिरोपित की गई है।
खेल स्टेडियम निर्माण की स्वीकृति
[नगरीय विकास एवं आवास]
97. ( क्र. 3066 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना क्षेत्र के अंतर्गत खेल स्टेडियम हेतु मुख्य अभियंता, नगरीय प्रशासन विकास विभाग द्वारा दिनांक 17.05.2023 को नीमच के लिए 365.89 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई थी? यदि हाँ, तो इसकी वर्तमान प्रगति से अवगत कराएं। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में, यदि हाँ, तो योजना की तकनीकी स्वीकृति, स्ट्रक्चरल ड्राइंग एवं मापदंडों से संबंधित समस्त पत्रों की प्रतिलिपि प्रदान करें। क्या वर्तमान में निर्माण कार्य उक्त मापदंडों, प्रशासकीय, तकनीकी एवं वित्तीय स्वीकृति के अनुरूप पूर्ण हो चुका है? इसका भौतिक परीक्षण उपरांत भुगतान किस सक्षम अधिकारी ने किया है? अधिकारी के नाम सहित नोटशीट पर किए गए हस्ताक्षर की प्रतिलिपि प्रदान करें। (ग) क्या उक्त निर्माण कार्य स्ट्रक्चरल ड्राइंग, स्वीकृत पुनरीक्षित तकनीकी एवं प्लान के अनुरूप नहीं किया गया है? ड्राइंग प्लान के अनुरूप कितना कार्य शेष है? ठेकेदार को कब-कब, किसकी अनुमति से, किस-किस नियम के अनुरूप कितना-कितना भुगतान किया गया? (घ) प्रश्नांश (ख) और (ग) में संदर्भित ड्राइंग प्लान के अनुसार कार्य पूर्ण करने के लिए क्या नीमच नगरपालिका ने शासन स्तर पर अतिरिक्त राशि की मांग की है? यदि हाँ, तो कितनी? शासन स्तर पर इस संबंध में क्या कार्यवाही की जा रही है?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। प्रश्न दिनांक तक 70% कार्य पूर्ण हो गया है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। जी हाँ वर्तमान में कार्य मापदण्डों के अनुरूप किया जाकर प्रगतिरत है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (ग) जी नहीं। 30% कार्य शेष है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। राशि रू. 20357095 का भुगतान शेष है। (घ) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
अवशेष राशि का उपयोग
[नगरीय विकास एवं आवास]
98. ( क्र. 3069 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 अप्रैल 2020 से प्रश्न दिनांक तक नीमच विधानसभा में नीमच नगर पालिका के अंतर्गत विधायक निधि, खनिज निधि एवं अन्य कार्यों हेतु, जो विधायकों की अनुशंसा से किए जाते हैं। प्रश्नकर्ता विधायक के ऐसे कितने कार्यों में कितनी अवशेष निधि शेष रही? वर्षवार जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) में संदर्भित अवशेष निधि के संबंध में विभाग द्वारा क्या निर्देश जारी किए गए हैं? निर्देशों की प्रतिलिपि दें। क्या अवशेष निधि को विधानसभा के प्रत्येक कार्यकाल में शासन स्तर पर चालान के रूप में जमा कराना आवश्यक है? यदि हाँ, तो उक्त तिथि से कब-कब अवशेष निधि की राशि को चालान के रूप में जमा किया गया? (ग) प्रश्नांश (क) और (ख) में संदर्भित 1 जनवरी 2020 से प्रश्न दिनांक तक पश्चात प्रश्नकर्ता विधायक के कितने कार्यों की अवशेष निधि वर्तमान में उपलब्ध है? कुल राशि सहित जानकारी दें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार। जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है।
किसान मित्र योजनांतर्गत प्राप्त आवेदनों पर कार्यवाही
[ऊर्जा]
99. ( क्र. 3078 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र महिदपुर अंतर्गत विगत 3 वर्षों में किसान मित्र योजना अंतर्गत किस-किस के द्वारा कब-कब आवेदन किया गए है? संपूर्ण विवरण ग्रामवार, नामवार, दिनांकवार, वर्षवार देवें। (ख) किसान मित्र योजना में प्राप्त आवेदनों में से कितने आवेदनों पर कार्यवाही करते हुए विद्युत कनेक्शन एवं ट्रांसफार्मर प्रदान किए गए हैं? नामवार, ग्रामवार विवरण देवें। शेष आवेदन कब से कहाँ-कहाँ लंबित है? लंबित रहने के क्या कारण है? स्पष्टीकरण देवें। क्या कारण है के योजनांतर्गत आवेदन करने के पश्चात विभाग द्वारा सुस्त रवैया अपनाया जा रहा है? (ग) क्या शासन द्वारा केवल योजना का क्रियान्वयन हेतु कुछ हितग्राहियों को योजना का लाभ प्रदान किया गया है एवं बाकी वंचित है? यदि नहीं, तो कब तक पात्र हितग्राहियों को योजना से लाभान्वित किया जाएगा? समय-सीमा बताएं।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) विधानसभा क्षेत्र महिदपुर अंतर्गत विगत 3 वर्षों में मुख्यमंत्री कृषक मित्र योजना (किसान मित्र योजना नहीं) अंतर्गत कुल 1718 आवेदन प्राप्त हुए हैं। प्राप्त आवेदनों का प्रश्नाधीन चाहा गया ग्रामवार, नामवार, दिनांकवार, वर्षवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। (ख) मुख्यमंत्री कृषक मित्र योजना में प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 50 कृषि पम्प विद्युत कनेक्शन दिये जाने के लक्ष्य का निर्धारण किया गया था। अत: महिदपुर विधानसभा अंतर्गत प्राप्त आवेदनों में से 50 आवेदनों पर कार्यवाही की गई, जिनमें से 30 आवेदनों पर कार्यवाही पूर्ण कर विद्युत कनेक्शन एवं वितरण ट्रांसफार्मर प्रदान किये गये हैं, जिनकी प्रश्नाधीन चाही गयी नामवार, ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है। शेष 20 आवेदन भी स्वीकृत किये गये थे, किंतु योजना के नियमानुसार कृषक द्वारा जमा किये जाने वाली अंश राशि का भुगतान नहीं करने के कारण उक्त आवेदनों के अंतर्गत कार्य नहीं किये जा सके। उक्त 20 आवेदनों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'स' अनुसार है। मुख्यमंत्री कृषक मित्र योजना अंतर्गत 30 पम्प कनेक्शनों के आवेदनों पर नियमानुसार कार्यवाही की गई। अनुदान आधारित ''मुख्यमंत्री कृषक मित्र योजना'' 02 वर्ष की अवधि के लिए लागू की गई थी। उक्त योजना दिनांक 20/09/2025 को समाप्त हो गयी है। शेष आवेदनों पर योजना की क्रियाशीलता समाप्त होने के कारण कार्यवाही किया जाना संभव नहीं है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। (ग) म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के उज्जैन क्षेत्रांतर्गत संचा./संधा. वृत्त उज्जैन हेतु मुख्यमंत्री कृषक मित्र योजना में 250 पम्प विद्युत कनेक्शन दिये जाने के लक्ष्य का निर्धारण किया गया था, जिनमें से महिदपुर विधानसभा हेतु 50 पम्प विद्युत कनेक्शन के लक्ष्य का निर्धारण किया गया था। तद्नुसार महिदपुर विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री कृषक मित्र योजना अंतर्गत 30 पम्प कनेक्शनों के आवेदनों पर नियमानुसार कार्यवाही की गई। शेष आवेदनों पर योजना की क्रियाशीलता समाप्त होने के कारण कार्यवाही किया जाना संभव नहीं है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है।
उज्जैन सिंहस्थ को लेकर उज्जैन पहुँच मार्गों का चौड़ीकरण
[लोक निर्माण]
100. ( क्र. 3079 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इन्दौर मेट्रोपोलिटन रीजन/सिंहस्थ रोड नेटवर्क अन्तर्गत सुधार हेतु बढ़ते औद्योगिक यातायात, निरंतर हो रही सड़क दुर्घटनाओं तथा उज्जैन सिंहस्थ को दृष्टिगत रखते हुए भेरूगढ़-उन्हेल-नागदा 51 कि.मी. मार्ग के चौड़ीकरण/फोर-लेन स्वीकृति हेतु शासन द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है? यदि नहीं, तो मार्ग को प्राथमिकता में शामिल न किए जाने का क्या कारण है? (ख) उज्जैन सिंहस्थ को लेकर अन्य शहरों से उज्जैन पहुंचने वाले सभी पहुंच मार्गों को फोर-लेन बनाने हेतु निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है? यदि हाँ तो भेरूगढ-उन्हेल-नागदा मार्ग की उपेक्षा कर फोर-लेन क्यों नहीं बनाया जा रहा है? (ग) नागदा जिले का दूसरा बड़ा नगर व बड़ा औद्योगिक क्षेत्र, मुम्बई-दिल्ली के मध्य प्रमुख जंक्शन और मेट्रोपोलिटन सिटी का उपनगर है को उज्जैन सिंहस्थ के यातायात को देखते हुए नागदा-उज्जैन तक टू-लेन मार्ग का चौड़ीकरण/फोर-लेन क्यों नहीं किया जा रहा है? (घ) क्या उज्जैन-नागदा-जावरा बी.ओ.टी. मार्ग पर निर्धारित मापदण्ड के विपरीत कम चौड़ाई के पक्के साइड शोल्डर का निर्माण किया गया? यदि हाँ तो कितने मीटर? चौड़ाई का विवरण दें। विभाग द्वारा वर्ष 2020 से 2026 तक कब-कब निरीक्षण किया गया? क्या कमी पायी गई? वर्षवार विवरण दें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) विद्यमान उज्जैन-भेरूगढ-उन्हेल-नागदा-जावरा टू-लेन मार्ग के समानान्तर नवीन उज्जैन-जावरा फोर-लेन ग्रीनफील्ड एक्सेस कन्ट्रोल्ड मार्ग के निर्माण हेतु निविदा आमंत्रित कर अनुबन्ध निष्पादन की कार्यवाही प्रचलित है। नवीन मार्ग निर्माण उपरांत वर्तमान मार्ग का यातायात नवीन मार्ग पर विस्थापित होने से यातायात का दबाव कम होगा, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी। अतः उज्जैन-जावरा टू-लेन मार्ग के चौड़ीकरण/फोर-लेन किये जाने के संबंध में वर्तमान में कोई कार्ययोजना प्रचलित नहीं है। (ख) जी हाँ। उज्जैन-भेरूगढ-उन्हेल-नागदा-जावरा टू-लेन मार्ग के समानान्तर नवीन उज्जैन-जावरा फोर-लेन ग्रीनफील्ड एक्सेस कन्ट्रोल्ड मार्ग के निर्माण हेतु निविदा आमंत्रित कर अनुबन्ध निष्पादन की कार्यवाही प्रचलित है। (ग) उज्जैन-जावरा फोर-लेन ग्रीनफील्ड एक्सेस कन्ट्रोल्ड मार्ग निर्माण उपरांत वर्तमान मार्ग का यातायात नवीन मार्ग पर विस्थापित होने से यातायात का दबाव कम होगा, अतः उज्जैन-जावरा टू-लेन मार्ग के चौड़ीकरण/फोर-लेन किये जाने के संबंध में वर्तमान में कोई कार्ययोजना प्रचलित नहीं है। (घ) जी नहीं, मार्ग के शोल्डर का निर्माण अनुबंध में निहित प्रावधानों के अनुसार किया गया है। मार्ग पर वर्ष 2020 से 2026 तक किये गए निरीक्षण प्रतिवेदन पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1, 2, 3, 4, 5 एवं 6 अनुसार है।
विद्युतीकरण कार्य एवं ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाने की कार्यवाही
[ऊर्जा]
101. ( क्र. 3083 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला रतलाम के सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत प्रश्नकर्ता विधायक द्वारा दिनांक 28/01/2026 को पत्र क्रमांक 60/VIP/2026 एवं दिनांक 31/01/2026 को पत्र क्रमांक 70/VIP/2026 के माध्यम से आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में विद्युतीकरण कार्य एवं विद्युत ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाने हेतु भोपाल को मांग पत्र प्रस्तुत किया गया था? यदि हाँ, तो उक्त पत्र के संबंध में प्रश्न दिनांक तक विभाग द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गई है? कृपया कार्यवाहीवार विवरण सहित जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश 'क' में उल्लेखित प्रस्तावित विद्युतीकरण कार्य एवं ट्रांसफार्मर स्थापना हेतु कब तक प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जाएगी तथा स्थापना कार्य पूर्ण करने की निश्चित समयावधि बतावें। (ग) यदि उक्त कार्यों को अब तक स्वीकृति प्रदान नहीं की गई है, तो इसके क्या कारण हैं? क्या विभाग द्वारा किसी प्रकार की आपत्ति, तकनीकी बाधा या बजट संबंधी कमी दर्शाई गई है? यदि हाँ, तो उसका स्पष्ट जानकारी बतावें। (घ) क्या आदिवासी बाहुल्य एवं दूरस्थ क्षेत्रों के समग्र विकास को दृष्टिगत रखते हुए उक्त विद्युतीकरण एवं ट्रांसफार्मर स्थापना कार्यों को प्राथमिकता सूची में सम्मिलित कर शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाएगी? यदि हाँ, तो अपेक्षित समयावधि बतावें। नहीं तो कारण स्पष्ट बतावें।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) से (घ) माननीय प्रश्नकर्ता विधायक महोदय के प्रश्न में उल्लेखित पत्र, दिनांक 17.02.2026 को प्राप्त हुए हैं, जिन पर परीक्षणोंपरांत नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही हेतु म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को निर्देशित किया जावेगा। अत: प्रश्न नहीं उठता है।
नवीन घाटों का निर्माण तथा पुरातात्विक घाटों का नवीनीकरण
[नगरीय विकास एवं आवास]
102. ( क्र. 3086 ) श्री महेश परमार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन नगर निगम क्षेत्र में क्षिप्रा नदी किनारे पूर्व से विद्यमान पुरातात्विक घाटों के अतिरिक्त नवीन घाटों का निर्माण तथा अनेक पुरातात्विक घाटों का नवीनीकरण शासन स्वीकृति से किया गया है? यदि हाँ, तो पूर्व निर्मित, नवीन स्वीकृत एवं नवीनीकरण किए गए समस्त घाटों की संख्या, स्वीकृति आदेश, डी.पी.आर. एवं स्वीकृत वित्तीय राशि का घाटवार विवरण देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के अंतर्गत प्रत्येक घाट के लिए नियुक्त परियोजना सलाहकार, ठेकेदार, सामग्री क्रय एवं सेवा प्रदाय एजेंसी, अनुबंध की शर्तें, निविदा प्रक्रिया तथा अब तक किए गए वास्तविक भुगतान का एजेंसीवार विवरण प्रस्तुत किया जाए। (ग) क्या उपरोक्त घाटों की डी.पी.आर. में दर्शाई गई मात्रा, डिजाइन, लागत एवं समयावधि में कार्य निष्पादन के दौरान विचलन के कारण शासन की बड़ी हुई लागत एवं राजस्व की हानि की वसूली सम्बन्धित ठेकेदार फर्म से होगी या पर्यवेक्षण, समीक्षा, निगरानी में संलग्न जिम्मेदार सभी प्रशासनिक अधिकारी से होगी? स्पष्ट करें। (घ) क्या शासन यह स्पष्ट करेगा कि— (i) उक्त कार्यों को भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) से विशेष ऑडिट हेतु संदर्भित किया गया है या नहीं? (ii) यदि नहीं, तो क्या इसी सत्र में CAG ऑडिट के आदेश जारी किए जाएंगे? (iii) क्या डी.पी.आर., भुगतान एवं निविदा प्रक्रिया में अनियमितता की प्रथम दृष्ट्या स्थिति होने पर लोकायुक्त/ई.ओ.डब्ल्यू. से स्वतंत्र जांच के आदेश दिए जाएंगे? (iv) क्या नगर निगम आयुक्त, कार्यपालन यंत्री, लेखाधिकारी एवं निदेशालय स्तर के कौन-कौन से उत्तरदायी अधिकारियों के विरुद्ध उत्तरदायित्व निर्धारण कर दंडात्मक कार्यवाही की समय-सीमा तय की जाएगी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (ग) घाट निर्माणाधीन होने से शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) (i) जी नहीं। (ii) निर्माण कार्य के समय पर नियमानुसार महालेखा कार्यालय म.प्र. भोपाल द्वारा ऑडिट किया जाता है। (iii) वर्तमान में विषय के संबंध में किसी प्रकार की शिकायत नहीं होने से प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (iv) उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
ग्रामीण एवं नगरीय निकायों में वित्तीय अनियमितता
[नगरीय विकास एवं आवास]
103. ( क्र. 3087 ) श्री महेश परमार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन संभाग के सभी ग्रामीण एवं नगरीय निकायों में विगत पाँच वर्षों में निर्माण कार्यों, डी.पी.आर., परियोजना सलाहकार, सामग्री क्रय एवं सेवा प्रदाय के नाम पर भारी वित्तीय अनियमितताएं पाई गई हैं? यदि हाँ, तो वर्षवार कुल स्वीकृत परियोजनाओं की संख्या, कुल स्वीकृत राशि, वास्तविक भुगतान का निकायवार विवरण देवें। (ख) अनेक निकायों में डी.पी.आर. में दर्शाई गई मात्रा, डिजाइन, लागत एवं समयावधि में कार्य पूर्ण होने के समय गंभीर विचलन पाए गए हैं? यदि हाँ, तो ऐसे मामलों की संख्या, विचलन का प्रतिशत, किन अधिकारियों/ठेकेदारों/सलाहकारों को उत्तरदायी ठहराया गया? इसकी जानकारी दी जाए। (ग) कुछ चुनिंदा ठेकेदारों एवं सलाहकारों को बार-बार कार्य प्रदान किए गए, जबकि निविदा प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा सीमित रही। यदि हाँ, तो ऐसे ठेकेदारों/सलाहकारों के नाम, दिए गए कार्यों का विवरण, उनसे संबंधित निविदा दस्तावेज देवें। (घ) क्या अनियमित भुगतान, कार्य में कमी, डी.पी.आर. विचलन एवं गुणवत्ता दोष के मामलों में वसूली, FIR, लोकायुक्त/ई.ओ.डब्ल्यू. संदर्भ की कार्यवाही नहीं की गई? यदि हाँ, तो इसके कारण बताएं। यदि नहीं, तो अब तक की गई कार्यवाही का विवरण देवें। (ड.) क्या शासन यह स्वीकार करता है कि नगरीय निकायों में भ्रष्टाचार के लिए मुख्य नगरपालिका अधिकारी, कार्यपालन यंत्री, लेखाधिकारी एवं संबंधित निदेशालय स्तर के अधिकारी उत्तरदायी हैं और क्या इनके विरुद्ध प्रथम दृष्ट्या दोष मानते हुए स्वतंत्र जांच एवं दंडात्मक कार्यवाही के आदेश इसी सत्र में जारी किए जाएंगे? यदि नहीं, तो स्पष्ट कारण बताएं।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) से (ड.) जानकारी संकलित की जा रही है।
शासन के दिशा-निर्देश अनुरूप मार्ग का निर्माण
[लोक निर्माण]
104. ( क्र. 3090 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अरनिया डीगांव बसई रोड की स्वीकृति दिनांक, निर्माण कार्य प्रारम्भ होने की दिनांक, यदि कार्य पूर्ण होने के उपरांत ठेकेदार द्वारा विधिवत रूप से विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया है? यदि हाँ, तो हस्तांतरण की तिथि, मार्ग की लम्बाई, कुल लागत सहित जानकारी देवें। (ख) क्या उक्त सड़क निर्माण कार्य शासन की गाइड-लाइन अनुरूप पूर्ण किया गया है तो जानकारी देवें। (ग) उक्त सड़क पर प्रश्न दिनांक तक कितने स्थानों पर गड्ढों की मरम्मत कर पैचवर्क कितनी-कितनी दूरी एवं कितने-कितने स्क्वायर फिट पर किया गया है? संख्यात्मक एवं मरम्मत किए गए स्थान के नाम सहित जानकारी देवें एवं क्या मार्ग के दोनों ओर साइड भरने का कार्य किया गया है? (घ) नवीन सड़क की ग्यारण्टी का अर्थ मरम्मत कर-कर के ग्यारण्टी का टाइम पूरा करना होता है या इसके अतिरिक्त विभाग के कोई नियम है?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जी हाँ। शासन द्वारा स्वीकृत प्राक्कलन एवं निर्धारित मापदण्डानुसार पूर्ण किया गया है। (ग) मार्ग की कुल लम्बाई 26.40 कि.मी में कि.मी. 19 से 45 के मध्य 138 स्थान पर 148 वर्ग मीटर में पैच निर्मित हुए, जो कि मार्ग के कुल क्षेत्रफल का 0.1 प्रतिशत है, जिनका सुधार कार्य वर्षाकाल पश्चात कराया गया। जानकारी संलग्न प्रपत्र-ब अनुसार है। मार्ग के दोनों और साइड भरने का कार्य किया गया। (घ) नवीन सड़क कार्य पूर्ण होने की दिनांक से ठेकेदार द्वारा समय-समय पर परफॉर्मेंस गारंटी की अवधि तक आवश्यक होने पर मार्ग की मरम्मत निर्धारित मापदण्डानुसार की जाती है।
रेल्वे ओवर ब्रिज के निर्माण की अद्यतन स्थिति
[लोक निर्माण]
105. ( क्र. 3091 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुवासरा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत रेल्वे समपार क्रं. 40 पर नवीन निर्माणाधीन रेल्वे ओवर ब्रिज की स्वीकृति दिनांक एवं वर्तमान स्थिति से अवगत करावें। (ख) उपरोक्त ब्रिज निर्माण कार्य रोक-रोक कर करने का कारण स्पष्ट करें एवं क्या यह तकनीकी रूप से सही है या नहीं? जानकारी देवें। जनता की सुविधा हेतु शीघ्र निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा? समय-सीमा बतावें। (ग) निर्माण कार्य प्रारम्भ से प्रश्न दिनांक तक बाईपास हेतु ठेकेदार द्वारा वैकल्पिक मार्ग हेतु कितनी राशि के कितने वैकल्पिक मार्ग बनाए गए हैं? लम्बाई, राशि एवं वैकल्पिक मार्ग की वर्तमान स्थिति की जानकारी देवें। (घ) क्या उपरोक्त ब्रिज निर्माण हेतु अधिग्रहीत की गई निजी भूमि के धारकों को मुआवजा राशि का भुगतान हो चुका है या नहीं? यदि नहीं, तो कब तक भुगतान कर दिया जाएगा? जानकारी देवें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक 02.05.2023, वर्तमान में 35 प्रतिशत कार्य पूर्ण। (ख) एवं (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जी नहीं। भू-अर्जन का अवार्ड पारित नहीं होने के कारण निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।
रतलाम जिलांतर्गत स्वीकृत बजट एवं व्यय राशि की जानकारी
[लोक निर्माण]
106. ( क्र. 3094 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सड़क विकास निगम एवं लोक निर्माण विभाग द्वारा सिक्स लेन, फोर-लेन, टू-लाइन व सिंगल लाइन सड़कें फ्लाई-ओवर ब्रिज, छोटे-बड़े पुल पुलिया, भवन निर्माण इत्यादि प्रकार के अनेक कार्यों को स्वीकृति दी जाकर वर्ष 2020-21 प्रश्न दिनांक तक अनेक उल्लेखनीय कार्य किया जा रहे हैं? (ख) यदि हाँ तो उल्लेखित उपरोक्त वर्षों में रतलाम जिला अंतर्गत उपरोक्त अनुसार स्वीकृत कार्य कितने प्रारंभ होकर पूर्ण हुए, कितने अपूर्ण रहे, कितने अप्रारंभ रहे तो किन कारणों से? विकासखंडवार जानकारी दें। (ग) स्वीकृत कार्यों की स्वीकृत बजट राशि में से कितना व्यय किया जाकर कितने कार्य पूर्ण हुए? अपूर्ण, अप्रारंभ, गुणवत्ता विहीन एवं निर्धारित समयावधि में कार्य नहीं किए जाने इत्यादि की सम्माननीय स्थिति में एजेंसी/ठेकेदारों के विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई? (घ) जिला अंतर्गत आने वाली विभिन्न सड़कों के विभिन्न स्थानों पर वाहनों से टोल वसूल किए जाने के लिए किन-किन स्थानों पर टोल नाके स्थित होकर उनके द्वारा किस वर्ष से लेकर किस वर्ष तक की अवधि के टोल वसूल किए जाने की निर्धारित की गई, किन स्थानों की अवधि समाप्त होकर किन स्थानों पर शेष रही तथा कुछ स्थानों की अवधि बढ़ाई गई तो किस प्रक्रिया के माध्यम से? टोल वसूली की राशि सहित जानकारी से अवगत करें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रपत्र-अ एवं 'अ-1' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रपत्र-ब एवं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है।
शासन की योजनांतर्गत भूमियों का अनुबंध
[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]
107. ( क्र. 3095 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन/विभाग द्वारा केंद्र/राज्य परिवर्तित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उज्जैन संभाग अंतर्गत वर्ष 2020-21 से लेकर प्रश्न दिनांक तक नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं? (ख) यदि हाँ तो किन-किन योजनाओं के माध्यम से किस प्रक्रिया के द्वारा किन-किन स्थानों पर क्या-क्या उल्लेखनीय कार्य किए गए? साथ ही विभिन्न कार्यों हेतु शासन/विभाग द्वारा भूमियां भी अनुबंध कर प्रदान की गई तो कितनी-कितनी, किन कार्यों हेतु? (ग) उल्लेखित वर्षों के अंतर्गत अनुबंधित/स्वीकृत कितने कार्य किन-किन स्थानों पर प्रारंभ हुए एवं कितने कार्य अपूर्ण अथवा और अप्रारंभ रहे तो किन कारणों से? (घ) योजनाओं के प्रारंभ में विभिन्न कार्यों हेतु (पवन ऊर्जा, सौर ऊर्जा) विगत वर्षों में सैकड़ों बीघा शासन की रिक्त भूमियों को निर्धारित समयावधि निश्चित कर अनुबंध किया गया तो समयावधि समाप्त हो जाने के पश्चात शासन/विभाग द्वारा अनुबंधित भूमियों को क्या पुनः प्राप्त कर लिया जाएगा, तो कब तक एवं उज्जैन संभाग अंतर्गत चिन्हित इस आशय की कितनी भूमियां कहाँ-कहाँ पर है?
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्ला ) : (क) जी हाँ, प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में विभाग में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उज्जैन संभाग में उल्लेखनीय कार्य किए गए है। (ख) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में योजनावार जानकारी–प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पी.एम. कुसुम) योजना घटक–अ के अनुक्रम में निगम द्वारा जारी पंजीयन की चयन प्रक्रिया के माध्यम से उज्जैन संभाग में किये गये कार्यों (स्थानावार) की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। योजना की शर्तों के अनुसार संयंत्र स्थापना हेतु प्रस्तावित भूमियों के आवंटन हेतु विभाग अनुबन्ध किये जाने के संबंध में कोई प्रावधान नहीं है। योजना क्रियान्वयन प्रक्रिया से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पी.एम. कुसुम) योजना के घटक-ब अंतर्गत कृषकों के खेतों में सोलर पम्प की स्थापना की जाती है। वर्तमान में पी.एम. कुसुम योजना के घटक-ब प्रदेश में प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना के नाम से संचालित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार। प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पी.एम. कुसुम) योजना के घटक-स अंतर्गत विकासक द्वारा स्वयं ही भूमि चिन्हित कर परियोजना का कार्यान्वन किया जाता है। किये गए कार्यों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। विभाग की नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा नीति के तहत स्थापित परियोजनाओं की जानकारी एवं नीति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। क्रेन्द्र शासन की अल्ट्रा मेगा सोलर पॉवर परियोजना के माध्यम से वृहद सौर पार्कों की स्थापना की गई है। क्रेन्द्र सरकार की अल्ट्रा मेगा सोलर पॉवर स्कीम के अंतर्गत आगर, शाजापुर एवं नीमच जिलों में क्रमश: 550, 450 एवं 500 मेगावॉट सौर पार्कों की स्थापना की गई एवं सौर पार्क स्थापना हेतु शासन द्वारा क्रमश: 1100, 900 एवं 1000 हेक्टेयर भूमि विकासकों को सौर पार्कों के उपयोग हेतु अनुबंधित की गई। भारत सरकार की प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना प्रदेश में संचालित की जा रही है - a. शासकीय भवनों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करना। b. आवासीय उपभोक्ताओं की छतों पर सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित कराना। c. आदर्श सौर ग्राम। i. प्रथम श्रेणी के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा सभी शासकीय भवनों को सौर ऊर्जा से संतृप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्रि-परिषद् के निर्देशानुसार प्रदेश के 20 किलोवॉट क्षमता से अधिक से शासकीय भवनों पर रेस्को मोड में सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापति करने के लिये निगम द्वारा 55 जिलों में की निविदा की कार्यवाही पूर्ण की जा चुकी है व उज्जैन संभाग के सभी जिलों सहित 47 जिलों के लिए कार्यादेश जारी किया जा चुके है। कैपेक्स मोड में सौर संयंत्र स्थापना हेतु दरों का मानकीकरण किया जा चुका है। शासन द्वारा जारी निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार हैं। शासकीय भवनों में सौर रूफटॉप संयंत्र स्थापना हेतु शासन द्वारा किसी भी प्रकार का अनुदान नहीं दिया जाता है। ii. प्रदेश के आवासीय उपभोक्ताओं के घरों में जिनके पास IVRS नं. एवं पक्की छत है उनको 01 कि.वॉ. के लिए रू. 30, 000, 02 कि.वॉ. के लिए रू. 60, 000 एवं 03 कि.वॉ. या उससे अधिक क्षमता के सौर रूफटॉप संयंत्र की स्थापना पर रू. 78, 000 का अनुदान दिया जा रहा है। हितग्राहियों की जानकारी भारत सरकार के पोर्टल में वृहद स्वरूप में इंद्राज है। योजना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है। iii. आदर्श सौर ग्राम की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ई अनुसार हैं। योजना पूरे प्रदेश के लिये लागू हैं। विभाग की नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा नीति के तहत प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में उज्जैन सहित प्रदेश में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा नीति के माध्यम से नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जाने का प्रावधान है। नीति अंतर्गत निवेशकों/विकासकों द्वारा स्वयं स्थल का चुनाव व सर्वेक्षण कर परियोजना की साध्यता सुनिश्चित होने पर ही स्वयं के निवेश पर नीति के प्रावधानों के अनुसार परियाजाओं की स्थापना की जाती है। नीति की प्रति एवं पंजीकृत पवन ऊर्जा, सौर ऊर्जा, बायोमास ऊर्जा इत्यादि परियाजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में योजनावार जानकारी निम्नानुसार है - पी.एम. कुसुम घटक-अ : उज्जैन संभाग में उल्लेखित वर्षों में योजनांतर्गत हितग्राही एवं MPPMCL के मध्य निष्पादित विद्युत क्रय अनुबंध के उपरांत प्रारंभ हुए कार्यों (स्थानवार) की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। कतिपय परियाजना अपूर्ण अथवा अप्रारंभ रहने के मुख्य कारण भूमि उपलब्ध न होना, अंशपूँजी न होना, बैंक ऋण न मिलना आदि है। पी.एम. कुसुम घटक-ब : योजनान्तर्गत उल्लेखित वर्षों में स्थापित सोरल पम्पों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। कृषकों के यहां सोलर पम्प स्थापना हेतु कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। पी.एम. कुसुम घटक-स की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। पी.एम. सूर्य घर योजनान्तर्गत घरेलू छतों पर सौर संयंत्र की स्थापना की जाती है, भूमि पर नहीं। भारत सरकार के पोर्टल के माध्यम से घरेलू हितग्राहियों के कार्यों का संपादन किया जाता हैं। जानकारी उत्तरांश (क) में उल्लेखित हैं। (घ) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में वर्ष 2020-21 से प्रश्नांश (घ) की जानकारी निरंक है।
पुलों के निर्माण में विलम्ब एवं गुणवत्ताहीन निर्माण
[लोक निर्माण]
108. ( क्र. 3100 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले में लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत ऐसे कितने निर्माणाधीन पुल हैं, जिनका कार्य प्रगतिरत है? कार्य का नाम, लागत, स्वीकृत वर्ष, निर्माण एजेंसी एवं कार्य पूर्णता की अवधि के संबंध में सम्पूर्ण विवरण दें। (ख) पुलों के निर्माण में गुणवत्ता नियंत्रण को लेकर विभाग के क्या मापदण्ड हैं? क्या प्रश्नांश (क) के मामले में इनका पूर्ण रूप से पालन किया गया है? उक्त के संबंध में सभी जारी निर्माण कार्यों में निरीक्षण, तकनीकी निरीक्षण आदि का विस्तृत ब्यौरा दें। (ग) प्रश्नांश (क) के संबंध में किन मामलों में समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं हो सके हैं? गुणवत्ताहीन कार्यों हेतु कौन उततरदायी है? किन के संरक्षण में घटिया निर्माण किया जा रहा है? (घ) प्रश्नांश (ख) एवं (ग) के मामले में उत्तरदायी अधिकारियों के विरूद्ध कब तक क्या कार्यवाही की जायेगी एवं समय-सीमा में कार्य पूर्ण कराने हेतु विभाग क्या कार्यवाही करेगा?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रपत्र-अ एवं 'अ-1' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रपत्र-अ अनुसार है एवं पुलों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु भारतीय सड़क कांग्रेस एवं सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाता है। जी हाँ। कार्यों का तकनीकी निरीक्षण सुपरविजन कंसलटेंट एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा समय-समय पर किया जाता है। निरीक्षण प्रतिवेदन पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रपत्र-अ एवं 'अ-1' अनुसार है। कार्य गुणवत्तापूर्वक किये जा रहे है, अत: शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्तरांश (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। विभागीय अधिकारियों एवं सुपरविजन कंसलटेंट द्वारा कार्य को पूर्ण कराये जाने हेतु निवेशकर्ता से पुनरीक्षित वर्क प्रोग्राम लिया गया है, जिसके अनुसार निवेशकर्ता को अतिरिक्त मैनपावर, मशीन इत्यादि संसाधन कार्य के उपयोग में लिया जाना है।
एक ही फर्म को फेब्रिकेशन कार्य का आवंटन
[ऊर्जा]
109. ( क्र. 3112 ) श्री बाला बच्चन : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वानी जिले में विभाग के अन्तर्गत S.T.C. व अन्य कार्यों में फेब्रिकेशन वर्क वर्ष 2020-21 से 2025-26 तक एक ही फर्म को आवंटन किस आधार पर किया गया? इस अवधि की टेंडर प्रक्रिया की वर्षवार जानकारी देवें। फर्म द्वारा किये कार्य की दरें व लघु उद्योग निगम द्वारा तय दरों का तुलनात्मक पत्रक भी कार्यवार वर्षवार देवें। इस अवधि में फर्म द्वारा प्रस्तुत बिलों की छायाप्रति भी देवें। फर्म को किए भुगतान की वर्षवार जानकारी राशि एवं भुगतान दिनांक सहित देवें। (ख) एक ही फर्म को लगातार कार्य आवंटन के समय पदस्थ अधिकारियों के नाम, पदनाम देकर बतावें कि इन पर कब तक कार्यवाही की जाएगी? अगली टेंडर प्रक्रिया निष्पक्ष हो इसके लिये क्या कदम उठाए जाएंगे? (ग) प्रश्न क्रमांक 1342 (तारांकित) 05.12.2025 के प्रश्नांश (ख) उत्तर अनुसार राजपुर विधान सभा में 41 फल्यों को 24 घंटे विद्युत प्रदाय हेतु जो कार्यादेश जारी किये जा चुके हैं, इनके कार्यों की अद्यतन स्थिति कार्यवार, कार्यादेश जारी दिनांक सहित देवें। (घ) प्रश्नांश (ग) में वर्णित संदर्भित प्रश्न के प्रश्नांश (घ) उत्तर में R.D.S.S. योजना में विलंब व अपूर्ण रहने पर एल.डी. कटौत्रा किनसे व कितनी राशि का किया गया? नाम राशि सहित पूरी जानकारी देवें। इसके लंबित रहने पर उत्तरदायी अधिकारियों पर विभाग कब तक कार्यवाही करेगा?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रांतर्गत बड़वानी जिले में प्रश्नाधीन अवधि में फेब्रिकेशन कार्यों हेतु वितरण कंपनी के पोर्टल पर ऑनलाइन निविदा/इंक्वायरी जारी कर प्राप्त कोटेशन अनुसार सबसे कम दर वाली फर्म को कार्यादेश जारी किए गए हैं। उक्त कार्यों हेतु अपनायी गई निविदा प्रक्रिया की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। उल्लेखनीय है की वितरण कंपनी अंतर्गत विभिन्न कार्यों हेतु जारी किए जाने वाले कार्यादेशों में निहित दरों की तुलना, तत्समय प्रचलित एस.ओ.आर. (शेड्यूल ऑफ रेट) दरों से की जाती है, लघु उद्योग निगम द्वारा तय दरों से नहीं की जाती है, जिसका तुलनात्मक वर्षवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। प्रश्नांकित अवधि में फर्म द्वारा उपलब्ध कराये गये बिलों की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है तथा फर्म को किये गये भुगतान की राशि की वर्षवार जानकारी भुगतान दिनांक सहित पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है। (ख) प्रश्नाधीन अवधि में S.T.C. उप संभाग बड़वानी में पदस्थ अधिकारियों का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द-1 अनुसार है। उल्लेखनीय है कि प्रश्नाधीन अवधि में उक्त अधिकारियों द्वारा फेब्रिकेशन कार्य हेतु जारी आदेश की दरें वितरण कंपनी द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार ही है। अत: किसी भी अधिकारी द्वारा कंपनी नियमों से हटकर कार्य नहीं किया गया है। तथापि भविष्य में भी ऑनलाइन निविदा जारी कर कार्य संपादित कराये जावेंगे। (ग) प्रश्न क्रमांक 1342 के उत्तरांश (ख) के संदर्भ में राजपुर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत केन्द्र शासन की धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष ग्राम अभियान अंतर्गत विद्युतीकरण हेतु स्वीकृत 41 फल्यों में से 13 फल्यों में विद्युत अधोसंरचना का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है एवं शेष फल्यों के विद्युतीकरण हेतु कार्य प्रगतिरत है, जिसकी प्रश्नाधीन चाही गई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द-2 अनुसार है। (घ) प्रश्न क्रमांक 1342 के उत्तरांश (घ) के संदर्भ में बड़वानी जिलांतर्गत आर.डी.एस.एस. योजना के तहत कार्यों के क्रियान्वयन में विलंब एवं अपूर्ण रहने पर निविदा के नियम-शर्तों के अनुसार संबंधित टी.के.सी. के विरूद्ध एल.डी. का कटौत्रा किया गया है, जिसका विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द-3 अनुसार है। योजनांतर्गत कार्य विलंब एवं अपूर्ण रहने पर टी.के.सी. के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की गई/की जा रही है। अत: अधिकारियों पर कार्यवाही किए जाने का प्रश्न नहीं उठता है।
खुले क्षेत्रों का वायर फेंसिंग कार्य
[नगरीय विकास एवं आवास]
110. ( क्र. 3113 ) श्री बाला बच्चन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तारांकित प्रश्न क्रमांक 3196, दिनांक 07.08.2025 के उत्तरांश (क) अनुसार बिंदु क्रमांक 15 में खुले क्षेत्रों को वायर फेंसिंग से सुरक्षित रखने का उल्लेख है, उत्तरांश (घ) में बताया है कि भूमि स्वामी द्वारा खुले क्षेत्र को वायर फेंसिंग से सुरक्षित नहीं किया है तो इस खुले क्षेत्र पर नियमानुसार वायर फेंसिंग कब तक कर दी जाएगी? समय-सीमा देवें। (ख) वायर फेंसिंग न करने पर TNCP की शर्तों का उल्लंघन करने वाले भूमि स्वामी को संरक्षण देने वाले अधिकारियों पर कब तक कार्यवाही की जाएगी? इसका स्पष्टीकरण भी दें कि वायर फेंसिंग क्यों नहीं की गई? वायर फेंसिंग कब तक कराकर इसके भौतिक सत्यापन की फोटो उपलब्ध कराई जाएगी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) मध्यप्रदेश नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम 2021 के तहत कॉलोनी के आंतरिक विकास कार्य सुनिश्चित करना सक्षम प्राधिकारी का दायित्व है। सक्षम प्राधिकारी ने नगर तथा ग्राम निवेश द्वारा दिए गए अभिमत एवं सक्षम प्राधिकारी द्वारा दी गई कॉलोनी विकास अनुमति में उल्लेखित मानकों के अनुरूप स्थल पर विकास कार्य पाये जाने पर विकास कार्यों का कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किया गया है। अत: शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ख) उत्तरांश 'क' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
बाईपास निर्माण की गुणवत्ता की जांच
[लोक निर्माण]
111. ( क्र. 3119 ) श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भिण्ड शहर के जवासा से वाएकलों आउटर बाईपास का नव निर्माण अनुज्ञा एजेंसी एस.के.एस. कंपनी द्वारा घटिया व गुणवत्ता विहीन निर्माण किया जा रहा है? दिनांक 20/01/2026 को ग्राम छरई के पास गर्डर को पिलर पर रखने के दौरान घटिया कंक्रीट से निर्मित गर्डर टूटकर गिर जाने से कई लोग घायल हुए है, इसकी उच्च स्तरीय जाँच कराई जावेगी? यदि हाँ तो समयावधि बतावें। (ख) क्या जवासा - बाराकलां आउटर बायपास का निर्माण से अनेकों विसंगतियां हैं? इन्हें पूर्ण किये बिना ही निर्माण एजेंसी एस.के.एस. कंपनी द्वारा अधिकारियों से मिलीभगत कर घटिया निर्माण कराया जा रहा है जिसके कारण आगामी समय में सुरक्षित सड़क यात्रा करने में असहजता महसूस होगी?, कम्पनी व अधिकारियों की मिलीभगत व गुणवत्ता संधारण की जाँच की जावेगी? (ग) क्या उक्त घटिया निर्माण की जाँच विभाग द्वारा उच्च स्तरीय दल से करवाकर, इसका सम्पूर्ण विवरण, मिट्टी, कंक्रीट व अन्य उपयोगार्थ सामग्री की जाँच कर भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को विस्तृत जाँच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जावेगा? यदि हाँ तो समयावधि बताने का कष्ट करें। (घ) क्या म.प्र. शासन लोक निर्माण विभाग द्वारा भिण्ड संभाग के निर्माणाधीन जवासा बारकलां आउटर बाईपास सड़क मार्ग व अनुज्ञा एस.के.एस. कम्पनी को काली सूची में प्रविष्ट करने हेतु सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंगलय भारत सरकार को प्रतिवेदन दिया जावेगा? यदि हाँ तो समयावधि बताने का कष्ट करें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी नहीं। जी नहीं। 40 मीटर स्पॉन के गर्डर को पिलर पर रखने (लांचिग) के दौरान गर्डर अपनी निश्चित बियरिंग स्थिति में पहुंचने से पहले अस्थिर होकर बैरिकेड किये गये कार्य क्षेत्र में गिर गया। सुरक्षा उपायों के अपनाये जाने से किसी व्यक्ति के घायल होने की स्थिति नहीं है। गर्डर गिरकर टूटने की स्थिति न होकर, अपितु तोड़कर साइट से हटाया गया। गर्डर की गुणवत्ता मानक अनुसार थी। घटना की जांच अधीक्षण यंत्री लोक निर्माण विभाग रा.रा. परिक्षेत्र भोपाल के द्वारा की गई है। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं। जी नहीं। जी नहीं। उपरोक्त निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप किया जा रहा है एवं थर्ड पार्टी क्वालिटी कन्ट्रोल हेतु अथॉरिटी इंजीनियर (इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी सर्विसेस ग्वालियर) नियुक्त है, के द्वारा कार्य की गुणवत्ता का परीक्षण किया जा रहा है। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं, उपरोक्त कार्य की गुणवत्ता अथॉरिटी इंजीनियर कंसलटेंट द्वारा की जा रही है। कार्य में उपयोग की जाने वाली सामग्री रेत, गिट्टी, मिट्टी, कंक्रीट उपयोगार्थ सामग्री एवं अन्य की सम्पूर्ण जांच की गई है एवं परीक्षण परिणाम निर्धारित मापदण्ड अनुसार पाए गए है। (घ) ठेकेदार एवं अथॉरिटी इंजीनियर कंसलटेंट के विरूद्ध निलंबन की कार्यवाही की जा चुकी है, तत्संबंधी सूचना क्षेत्रीय अधिकारी भारत सरकार सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को दी गई है, अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
नगर पालिका परिषद् में स्टॉफ की उपलब्धता
[नगरीय विकास एवं आवास]
112. ( क्र. 3120 ) श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्ड नगर पालिका परिषद् में स्टॉफ की भारी कमी होने के कारण आम नागरिकों को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस कारण से विकास व स्वच्छता समेत कई महत्वपूर्ण कार्य न होने तथा म.प्र. शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन उचित प्रकार से नहीं हो पा रहा है? (ख) भिण्ड नगर पालिका परिषद् में वर्तमान स्टॉफ के साथ-साथ एक कार्यपालन यंत्री, पांच उपयंत्री, एक स्वास्थ्य अधिकारी, पांच सहायक ग्रेड-दो, पांच सहायक ग्रेड-तीन, चार राजस्व निरीक्षक, 10 सहायक राजस्व निरीक्षक, दो कैशियर, एक लेखा अधिकारी की आवश्यकता है। इनकी उपलब्धता निश्चित समयावधि में कब तक करा दी जाएगी? (ग) क्या भिण्ड नगर पालिका परिक्षेत्र में कई महत्वपूर्ण परियोजना संचालित की जा रही है, जैसे सीवर व अमृत समेत योजना के क्रियान्वयन में कार्यपालन यंत्री व उपयंत्रियों की कमी के कारण उसकी निगरानी परीक्षण में कार्य समय पर नहीं हो पा रहा है? तकनीकी व कार्यालयीन स्टाफ अतिशीघ्र उपलब्ध कराया जावेगा? यदि हाँ तो समयावधि बताने का कष्ट करें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं। नगरपालिका परिषद् भिण्ड जिला भिण्ड द्वारा उपलब्ध निकाय अमले से शासन की समस्त योजनाओं का क्रियान्वयन शासन नियमानुसार किया जा रहा है। आमजन को कोई समस्या नहीं हो रही है। (ख) आदर्श कार्मिक संरचना अनुसार प्रश्नांश में उल्लेखित स्वीकृत, भरे एवं रिक्त पदों का विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। 1/म.प्र. नगरपालिका कर्मचारी (भर्ती तथा सेवा शर्तें) नियम 1968 के नियम 5 के अनुसार निकायों में निकाय संवर्ग के पदों की पदपूर्ति सीधी भर्ती द्वारा 40 प्रतिशत तथा पदोन्नति द्वारा 60 प्रतिशत पदों के अनुपात में की जाना प्रावधानित है। 2/नियम 11 के अनुसार आदर्श कार्मिक संरचना के आधार पर सीधी भर्ती द्वारा भरे जाने वाले पदों की गणना करने के पश्चात मुख्य नगरपालिका अधिकारी प्रोफेशनल एग्जामिनेशन के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षा द्वारा भर्ती के लिये प्रस्ताव प्रेषित करेगा। 3/नियमों में प्रावधानित प्रक्रिया अनुसार मख्य नगरपालिका अधिकारी नगरपालिका परिषद् भिण्ड जिला भिण्ड द्वारा सीधी भर्ती के रिक्त पदों की पद पूर्ति हेतु स्थापना व्यय निर्धारित सीमा 65% से अधिक होने के कारण निकाय द्वारा पद पूर्ति के प्रस्ताव प्रेषित नहीं किया गया। 4/कार्यपालन यंत्री, लेखाधिकारी तथा राजस्व निरीक्षक के पद पदोन्नति के पद होने से वर्तमान में पदोन्नति की प्रक्रिया मान. उच्च न्यायालय जबलपुर म.प्र में प्रचलित विभिन्न याचिकाओं में निर्णयाधीन है। समयावधि बताया जाना संभव नहीं है। (ग) निकाय क्षेत्र में संचालित परियोजनाएं जिनमें सीवर, अमृत आदि योजनाओं का समय-समय पर संभागीय कार्यालय में पदस्थ अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री तथा सहायक यंत्री द्वारा निगरानी एवं परीक्षण किया जाता है। वरिष्ठ कार्यालय द्वारा आवश्यकतानुसार अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपे जाने की कार्यवाही की जाती है। उत्तरांश ''ख'' के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
टेण्डर एवं अनुबंध का उल्लंघन
[लोक निर्माण]
113. ( क्र. 3125 ) श्री उमंग सिंघार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत पांच वर्षों के दौरान लोक निर्माण विभाग (पी.आई.यू. सहित) द्वारा 15 करोड़ से अधिक मूल्य के कितने टेण्डर स्वीकृत किये गये? कंपनी का नाम, पते सहित जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश 'क' के प्रकाश में अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन के परिणामस्वरूप कितनी कंपनी ब्लैक-लिस्ट हुईं? कितनों के विरूद्ध कार्यवाही की गई? उक्त अवधि की कितनी परियोजनाएं है? (ग) प्रश्नांश 'ख' के प्रकाश में क्या कार्य में वृद्धि की गई, तो क्यों? कारण स्पष्ट करें। राशि सहित जानकारी दें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रपत्र-अ, 'अ-1' एवं 'अ-2' अनुसार है।
लोक निर्माण विभाग निर्मित सड़कों की जानकारी
[लोक निर्माण]
114. ( क्र. 3126 ) श्री उमंग सिंघार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदौर संभाग में 01 जनवरी 2023 से 31 दिसम्बर 2025 की अवधि में लोक निर्माण विभाग द्वारा कितनी सड़कें निर्मित की गई? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में क्या निर्माणाधीन अवधि में सड़कें खराब हो गई, क्या संबंधित के विरूद्ध कार्यवाही की गई? कितनों के विरूद्ध पेनल्टी लगायी गई? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के प्रकाश में कितने ठेकेदारों/कंपनी को ब्लैक-लिस्ट किया गया? उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही गई?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं 'अ-1' अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्नांश 'क' एवं 'ख' के परिप्रेक्ष्य में ठेकेदार/कम्पनी को ब्लैक-लिस्ट नहीं किया गया। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
अनूपपुर में अमृत 2.0 योजना का संचालन
[नगरीय विकास एवं आवास]
115. ( क्र. 3129 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अनूपपुर अंतर्गत संचालित नगर पालिका, नगर परिषद् एवं नगर पंचायत में अमृत 2.0 योजनान्तर्गत नल कनेक्शन लगवाये जाने एवं पाइप-लाइन बिछाये जाने हेतु कुल कितनी राशि विगत तीन वित्तीय वर्षों में उपलब्ध कराई गई है? किस कंपनी को योजनान्तर्गत कार्य पूर्ण कराये जाने हेतु किस आधार पर कार्य का आवंटन किया गया है? प्रचलित योजना का ड्राफ्ट, वार्डवार डी.पी.आर. की सत्यापित प्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में योजना अंतर्गत प्रचलित कार्य का कब-कब, किसके द्वारा निरीक्षण एवं परीक्षण किया गया है एवं रिपोर्ट में क्या-क्या पाया गया? निरीक्षण प्रतिवेदन, गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट एवं अधिकारी द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन एवं इस पर विभाग द्वारा की गई कार्यवाही से संबंधित दस्तावेज की सत्यापित प्रति एवं रिपोर्ट उपलब्ध करावें। (ग) उल्लेखित योजना अंतर्गत प्रचलित कार्य पूर्ण कराने हेतु क्या लक्ष्य निर्धारित किया गया था एवं कार्य में विलंब किये जाने एवं निर्धारित गुणवत्ता के अनुसार कार्य पूर्ण न कराये जाने पर क्या कार्यवाही के नियम हैं? नियमों की प्रति उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित योजनाओं के क्रियान्वयन में क्या गुणवत्तापूर्ण निर्माण न होने एवं अनियमितता संबंधी कोई शिकायत प्राप्त हुई है? यदि हाँ, तो शिकायत पर विभाग द्वारा की गई कार्यवाही से अवगत करावें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'द' अनुसार है। (घ) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
पशु चिकित्सालय का संचालन
[पशुपालन एवं डेयरी]
116. ( क्र. 3130 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 जनवरी, 2023 से प्रश्न दिनांक तक जिला शहडोल अंतर्गत वर्तमान में कितने पशु चिकित्सालय स्थापित होकर संचालित हैं? विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में पशु चिकित्सालयों के कितने भवनों की आवश्यकता है? कितने भवन उपलब्ध हैं? कितने चिकित्सालय बिना भवन के संचालित हो रहे हैं? कितने भवन जर्जर/डिस्मेंटल योग्य घोषित हैं? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में गौशालाओं में वर्षवार गौवंश की जानकारी उपलब्ध करावें। क्या समय-समय पर इन गौशालाओं का निरीक्षण किया जाता है, निरीक्षण करने वाले अधिकारी का नाम, पद एवं निरीक्षण दिनांक से अवगत करावें। कितने पशु चिकित्सकों द्वारा फील्ड विजिट करके कितने पशुओं का उपचार किया गया? विधानसभा क्षेत्रवार संख्यात्मक जानकारी उपलब्ध करावें।
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) जिला शहडोल अंतर्गत वर्तमान में 23 पशु चिकित्सालय स्थापित होकर संचालित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) 02 पशु चिकित्सलयों में भवन की आवश्यकता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' ''द'' एवं ''इ'' अनुसार है।
प्रदेश में निजी कंपनियों से बिजली खरीदी
[ऊर्जा]
117. ( क्र. 3137 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में विगत सरकार ने निम्न 6 निजी विद्युत उत्पादक कंपनी 1. जे.पी. बीना (बीना पावर सप्लाई कंपनी लि. सागर) 2. जे.पी. निगरी (जय प्रकाश वेंचर्स लि.) जिला सिंगरौली 3. झाबुआ पावर सिवनी, 4. एम.बी. पावर अनूपपुर 5. बी.एल.ए. पावर गाडरवारा एवं 6. पी.टी.सी. के माध्यम से लैंको अमरकंटक से बिजली खरीदने हेतु अनुबंध किया गया था, यह बिजली खरीदने का अनुबंध किस दिनांक को, किस-किस कंपनी से कितनी बिजली, कितनी दर पर कितनी अवधि तक के लिये किन-किन शर्तों पर क्रय करने हेतु किया गया था? अनुबंध शर्तों की विस्तृत जानकारी सहित अनुबंध पत्र की छायाप्रति उपलब्ध करायी जाये? (ख) प्रदेश में उपरोक्त विद्युत उत्पादक कंपनियों से बिजली क्रय हेतु किया अनुबंध किस दिनांक से प्रभावशील हुआ? (ग) अनुबंधित कंपनियों से साल में कितनी-कितनी बिजली किस दर पर खरीदी गयी? वर्षवार/कंपनीवार जानकारी दी जाये। (घ) खरीदी गयी बिजली के एवज में राज्य सरकार द्वारा किस-किस कंपनी को कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया? वर्षवार/कंपनीवार जानकारी दी जाये।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित निजी विद्युत उत्पादक कंपनियों से किए गए क्रय अनुबंधों की दिनांक/अनुबंधित क्षमता/अवधि संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। उल्लेखनीय है कि विद्युत उत्पादन कंपनियों से किये गये क्रय अनुबंधों में निहित प्रावधानानुसार विद्युत दरों का निर्धारण म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा समय-समय पर निर्धारित किया जाता है। उक्त विद्युत उत्पादकों से क्रय की गई विद्युत की दरों का वर्षवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है। उक्त विद्युत उत्पादकों से किए गए क्रय अनुबंध की शर्तें एवं अनुबंध पत्रक की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'स' अनुसार है। (ख) एवं (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित विद्युत उत्पादकों से किये गये विद्युत क्रय अनुबंधों की प्रभावशील होने की दिनांक एवं खरीदी गई बिजली की दरों की वर्षवार/कंपनीवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' एवं 'ब' अनुसार है। (घ) खरीदी गई बिजली के एवज में विद्युत उत्पादकों को भुगतान की गई राशि का वर्षवार/कंपनीवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'द' अनुसार है।
म.प्र.वि.वि.क.लि. के पदोन्नति नियम
[ऊर्जा]
118. ( क्र. 3149 ) श्री गौरव सिंह पारधी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र.म.क्षे.वि.वि.कं.लि. के पदोन्नति नियमों को परिवर्तन किया गया है? सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) सी.आर. के आधार पर प्राप्त अंकों में नये नियमों के पालन अनुसार क्या एच.पी.एस. में कोई परिवर्तन होना है? (ग) मध्यक्षेत्र/स्थापना/उ.वे.मा./पदोन्नति, 2025 आदेश के तहत क्या कर्मचारियों के उच्च वेतनमान प्राप्त करने के अंकों में परिवर्तन हुआ है? हाँ या नहीं? यदि हाँ, तो विगत 5 वर्षों से अंकों का समायोजन होना है, तो इसको तुरन्त क्यों लागू किया गया? 5 वर्ष उपरान्त क्यों लागू नहीं किया गया? (घ) क्या यह नेचुरल जस्टिस के नियमों के पालन में आयेगा? हाँ या नहीं? जानकारी उपलब्ध करायें।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 19.06.2025 के द्वारा जारी मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 के प्रावधानों को यथा आवश्यक संशोधनों सहित म.प्र.मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के आदेश क्रमांक/प्रसं./म.क्षे./ स्था./उवेमा/पदोन्नति-2025/I/435294/2025 दिनांक 13.08.2025 से ग्राह्य किया गया है। उक्त अधिसूचना एवं आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' एवं 'ब' अनुसार है। (ख) जी हाँ। उत्तरांश (क) में उल्लेखानुसार म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के आदेश दिनांक 13.08.2025 से म.प्र. लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025 यथा आवश्यक संशोधनों सहित ग्राह्य किये गये हैं, जिसके अनुरूप ही एच.पी.एस. की कार्यवाही की जाती है। (ग) जी हाँ, उत्तरांश (क) एवं (ख) में उल्लेखानुसार म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा दिनांक 13.08.2025 से मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025 के प्रावधानों को यथा आवश्यक संशोधनों सहित ग्राह्य किया गया है, जिसके तहत कर्मचारियों के उच्च वेतनमान प्राप्त करने के अंकों में परिवर्तन हुआ है। राज्य शासन के निर्देशों के परिपालन में म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा इन नियमों को ग्राह्य किया गया है। अत: प्रश्न नहीं उठता है। (घ) उत्तरांश (क), (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न नहीं उठता है।
पर्यावरण के विपरीत निर्माण कार्य
[लोक निर्माण]
119. ( क्र. 3192 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2023 से प्रश्न दिनांक तक भोपाल में सड़क/पुल/नालियों/नालों के कितने कार्य कराये गये हैं? कार्यों की संपूर्ण जानकारी मय दस्तावेजों के एकल नस्ती सहित प्रस्तुत करें। (ख) विभाग के कार्यों में सड़क/पुल/नालियों/नालों के निर्माण में ड्राइंग से पृथक कार्य होने की कितनी शिकायतें प्राप्त हुई हैं? शिकायत की प्रति एवं कृत कार्यवाही एकल नस्ती सहित दें। (ग) व्हाइट टॉपिंग सड़कों एवं अन्य निर्माण कार्यों में पर्यावरण विभाग से अनुमति ली गई है? यदि हाँ तो कब और क्या? प्राप्त अनुमति के हिसाब से सभी कार्य संपादित हुये है? यदि हाँ तो भोपाल में निर्माण सामग्री से बढ़ते हुये प्रदूषण को रोकने हेतु विभाग ने कार्यवाही की? (घ) क्या व्हाइट टॉपिंग सड़कों से भूगर्भीय जल स्तर में कमी आयेगी? यदि हाँ तो जिन स्थानों पर व्हाइट टॉपिंग सड़कों का निर्माण किया गया है, वहां पर भूगर्भीय जल स्तर की निम्नतम एवं उच्चतम सीमा क्या है? व्हाइट टॉपिंग सड़कों के पर्यावरणीय दुष्परिणाम को रोकने पर विभाग कोई कार्यवाही कर रहा है? यदि हाँ तो क्या? यदि नहीं, तो क्यों? (ड.) 20 मार्च 2020 से प्रश्न दिनांक तक प्रदेश के मंत्री बंगलों पर कब और कितनी राशि व्यय की गई? वर्षवार गोशवारा बनाकर पृथक-पृथक बतायें। (च) कितने मंत्री बंगलों में मूलभूत संरचना से पृथक परिवर्तन किये गये? यह किसके आदेश से कितनी राशि के एवं कब किये गये? बंगलेवार बतायें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) म.प्र. सड़क विकास निगम के अधीन निर्मित सड़क एवं अन्य निर्माण कार्यों की समस्त वैधानिक अनुमति पर्यावरण विभाग एवं अन्य विभाग जैसे वन, राजस्व, खनन एवं राज्य प्रदूषण बोर्ड से अनुमति प्राप्त की गई है। सभी अनुमतियां कार्य संपादित करने से पूर्व ली गई है, जो राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (SEIAA) से प्राप्त की गई है। सभी कार्य अनुमति के अनुसार संपादित किये गये है। म.प्र. सड़क विकास निगम द्वारा निर्मित एवं निर्माणाधीन सड़क एवं अन्य कार्यों में निर्माण के दौरान वायु, जल एवं ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम के लिये आवश्यक उपाय किये गये है। (घ) व्हाइट टॉपिंग सड़कों से भूगर्भीय जल स्तर में कमी आने की संभावना अत्यंत कम है क्योंकि बिटुमेन सड़कों में भी पारगम्यता (Permeability) कम होती है। आई.आर.सी द्वारा व्हाइट टॉपिंग सड़कों के संबंध में भूगर्भीय जल स्तर के मानक निर्धारित नहीं किये जाते है। पर्यावरणीय दुष्परिणाम को सड़क रख-रखाव के दौरान भी नियंत्रित किया जाता है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रपत्र-'अ-1', 'ब' एवं 'स' अनुसार है। (च) मंत्री बंगलों में मूलभूत संरचना से पृथक परिवर्तन नहीं किये गये। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
बस संचालन में अनियमितता
[नगरीय विकास एवं आवास]
120. ( क्र. 3193 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) NIT 153 के तहत "ऑपरेटर इनक्यूबेट" को सब्सिडी राशि 1 करोड़ का भुगतान हो चुका है, तो क्या निर्धारित 77 बसें संचालित हैं? यदि नहीं, तो अनुबंध के उल्लंघन पर अब तक ऑपरेटर पर पेनल्टी क्यों नहीं लगाई गई और हानि के लिए जिम्मेदार अधिकारी का नाम, पदनाम क्या है? (ख) क्या NIT 153 में सब्सिडी राशि 2, 26, 25, 392/- के भुगतान की अनुशंसा संबंधित अधिकारी ने BCLL बोर्ड से पूर्व स्वीकृति/सहमति प्राप्त की थी? यदि नहीं, तो बिना बोर्ड की सहमति के भुगतान की अनुशंसा करने का क्या कारण है और इसके लिए दोषी अधिकारी कौन है? (ग) क्या NIT 41/43 के बस ऑपरेटर "श्री दुर्गबा" और "ए.पी. मोटर्स" को कम बसें चलाने के बावजूद विभाग द्वारा VGF का निरंतर लाभ दिया जा रहा है और उन पर कोई पेनल्टी नहीं लगाई गई है? उपरोक्त सभी संचालकों को पेनल्टी नहीं लगाने के लिए कौन-सा मैनेजर दोषी है? क्या दोषी के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी? इन सभी प्रकरणों में मैनेजर एडमिनिस्ट्रेशन की क्या भूमिका है? (घ) प्रश्न क्र. 1682, दिनांक 31.07.2025 के प्रश्नांश "क", एवं "ख" में उत्तर अंशत: जी हाँ, में सा.प्र.वि. के आदेश दिनांक 22/3/2011 का उल्लंघन किया गया है, प्रश्नकर्ता को प्रश्न दिनांक तक जानकारी अप्राप्त है। सा.प्र.वि. के आदेशों के अनुक्रम में संबंधितों का निलंबन कर समस्त जानकारी उपलब्ध करायें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) NIT 153 के तहत माह जून 2022 से मार्च 2025 तक अनुबंध के प्रावधान अनुसार संचालित बसों के आधार पर राशि रु. 2.26 करोड़ की सी.एन.जी. सब्सिडी का भुगतान बस ऑपरेटर को किया जाना था, जिसमें से अद्यतन राशि रु. 1.00 करोड़ का भुगतान दिनांक 29.10.2025 को किया गया है। तद्नुसार बस ऑपरेटर द्वारा 77 में से 50 बसों के परमिट प्राप्त कर लिए गए है। अनुबंध अवधि प्रचलन में होने के कारण अनुबंध के प्रावधानों अनुसार गुण–दोष के आधार पर निर्णय लिया जाता है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) 36वी बोर्ड बैठक में NIT-153 अंतर्गत सम्पूर्ण कृत कार्यवाही का विधिवत अनुमोदन लिया जाकर अनुबंध निष्पादित किया गया था एवं अनुबंध अनुसार ही सब्सिडी राशि का भुगतान बस ऑपरेटर को किया गया। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं, बस ऑपरेटरों को संचालित बसों के अनुपात अनुसार ही VGF राशि का भुगतान वर्तमान में किया जा रहा है एवं अनुबंध अवधि प्रचलन में होने के कारण अनुबंध के प्रावधानों अनुसार गुण-दोष के आधार पर निर्णय लिया जाता है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। मैनेजर एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा नियमानुसार अनुशंसा सम्बन्धी निर्णय लिया जाता है। (घ) पत्र पर जवाब दिए जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
घुमन्तु समुदाय को मूलभूत सुविधाओं का प्रदाय
[विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण]
121. ( क्र. 3196 ) श्री बृज बिहारी पटैरिया : क्या राज्य मंत्री, विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सागर जिले की देवरी विधानसभा अर्न्तगत विमुक्त घुमन्तु, अर्द्धघुमन्तु जनजाति को ग्रामों एवं बस्तियों में सामुदायिक भवन रोड, पेयजल, स्वास्थ एवं आवास के लिये कब-कब आमजन एवं प्रश्नकर्ता द्वारा जिला कार्यालय को एवं मा. मंत्री जी, राज्य शासन भोपाल को मांग पत्र दिये गये? उन पर वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-2026 के वित्तीय वर्ष में कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किये गये? विवरण देवें। (ख) क्या विमुक्त घुमंन्तु अर्द्धघुमन्तु जनजाति को ग्रामों एवं बस्तियों में आवास योजना के वंचितों को विभाग द्वारा आज दिनांक तक सर्वे नहीं किया गया? यदि हाँ तो कब तक सर्वे कराकर आवासहीनों को आवास स्वीकृति करा दिये जायेंगे? सर्वे सूची उपलब्ध करायें। समय-सीमा बतायें। नहीं तो क्यों? (ग) वि.स. क्षेत्र देवरी के विमुक्त घुमन्तु, अर्द्धघुमन्तु जनजाति बाहुल्यता के ग्रामों के लिये विगत 2 वर्षों में फरवरी 2026 तक किन-किन ग्रामों के लिये मूलभूत सुविधाओं/सामुदायिक भवन के लिये योजना जिला कलेक्टर कार्यालय से बनाकर राज्य शासन को भेजी गई हैं? विवरण देवें। कौन-कौन से कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई? जानकारी देवें। यदि नहीं, तो क्यों?
राज्य मंत्री, विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण ( श्रीमती कृष्णा गौर ) : (क) प्रश्नकर्ता द्वारा जिला कार्यालय को पत्र क्रमांक 109 देवरी दिनांक 28/10/2024 के माध्यम से मांग पत्र प्रेषित किया गया है। उक्त कार्यों की स्वीकृति की कार्यवाही हेतु प्रस्ताव कलेक्टर के अनुमोदन के पश्चात संचालनालय, विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण भोपाल को मध्यप्रदेश को पत्र क्रमांक 125 सागर दिनांक 17/02/2025 के माध्यम से प्रेषित किया गया है।
|
क्रमांक |
जनपद का नाम |
ग्रामों की संख्या |
लागत राशि |
|
1 |
राहतगढ़ |
01 |
74.86 |
|
2 |
मालथौन |
03 |
65 |
|
3 |
रहली |
02 |
95 |
|
4 |
देवरी |
01 |
88.69 |
|
5 |
सागर |
01 |
25 |
|
6 |
केराली |
02 |
47 |
|
कुल राशि |
395.55 |
||
उक्त के संबंध में संचालनालय द्वारा बस्ती विकास योजना अन्तर्गत पत्र क्रमांक 1034 दिनांक 23/01/2026 के माध्यम से राशि 18.29 (राशि रूपये अट्ठारह लाख उनतीस हजार मात्र) की प्रशासकीय स्वीकृति जनपद पंचायत राहतगढ़ हेतु संलग्न परिशिष्ट अनुसार प्रदान की गई है। (ख) विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु परिवारों के चिन्हांकन एवं सर्वेक्षण का कार्य 12 जिलों में किया जा रहा है, जिसमें सागर जिला सम्मिलित है। वर्तमान में 12 जिलों में सर्वे कार्य प्रगति पर है। तदोपरान्त अन्य जिलों में भी सर्वे किया जाना प्रस्तावित है। विभाग द्वारा वर्तमान में जो सर्वे किया जा रहा है, उसमें विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु परिवारों के आवासहीनों की जानकारी सम्मिलित है। भारत सरकार की सीड परियोजना के अन्तर्गत आवासहीन पात्र 3047 हितग्राहियों की सूची भारत सरकार को प्रेषित की गई है। जिसमें सागर जिले के आवासहीन 21 हितग्राहियों के नाम सम्मिलित है, स्वीकृति अपेक्षित है। (ग) प्रश्नकर्ता द्वारा जिला कार्यालय को पत्र क्रमांक 109 देवरी दिनांक 28/10/2024 के माध्यम से मांग पत्र प्रेषित किया गया है। उक्त कार्यों की स्वीकृति की कार्यवाही हेतु प्रस्ताव कलेक्टर के अनुमोदन के पश्चात संचालनालय, विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण भोपाल को मध्यप्रदेश को पत्र क्रमांक 125 सागर दिनांक 17/02/2025 के माध्यम से प्रेषित किया गया है।
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क्रमांक |
जनपद का नाम |
ग्रामों की संख्या |
लागत राशि |
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1 |
राहतगढ़ |
01 |
74.86 |
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2 |
मालथौन |
03 |
65 |
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3 |
रहली |
02 |
95 |
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4 |
देवरी |
01 |
88.69 |
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5 |
सागर |
01 |
25 |
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6 |
केराली |
02 |
47 |
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कुल राशि |
395.55 |
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उक्त के संबंध में संचालनालय द्वारा बस्ती विकास योजना अन्तर्गत पत्र क्रमांक 1034 दिनांक 23/01/2026 के माध्यम से राशि 18.29 (राशि रूपये अट्ठारह लाख उनतीस हजार मात्र) की प्रशासकीय स्वीकृति जनपद पंचायत राहतगढ़ हेतु संलग्न परिशिष्ट अनुसार प्रदान की गई है।
बसों के संचालन पर अनियमित जुर्माना अधिरोपण
[नगरीय विकास एवं आवास]
122. ( क्र. 3197 ) श्री चैन सिंह वरकड़े : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्रमांक 1444 दिनांक 5 दिसम्बर 2024 के प्रश्नांश (घ) के उत्तर में विभाग द्वारा यह स्वीकार किया गया है कि कंपनियों का वर्ष 2014 से 2019 तक का सॉफ्टवेयर लाइसेंस समाप्त हो चुका है और डेटा "पहुंच में नहीं है? यदि उक्त अवधि का आधिकारिक सॉफ्टवेयर डेटा उपलब्ध नहीं है, तो विभाग द्वारा NIT-13 के अंतर्गत पत्र दिनांक 10/01/2025 के माध्यम से बसों के संचालन पर 10 वर्ष पुरानी पेनल्टी किस साक्ष्य या आधार पर अधिरोपित की गई है? बिना प्रमाणित सॉफ्टवेयर रिकॉर्ड के Manager Administration द्वारा पेनल्टी लगाने का वैधानिक आधार क्या है? (ख) उपरोक्त (क) अनुसार क्या दिनांक 10/01/2025 के पत्र की नोटशीट के अंतिम पृष्ठ के बिंदु क्रमांक 2 में यह स्पष्ट उल्लेख है कि "अधिरोपित किए जाने हेतु कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया जाना प्रस्तावित है"? यदि हाँ, तो प्रबंधक (प्रशासन) ने C.E.O द्वारा जारी मूल पत्र में इस तथ्य को क्यों शामिल नहीं किया गया? क्या यह नोटशीट के तथ्यों में हेरफेर की श्रेणी में आता है? यदि नहीं, तो स्थिति स्पष्ट करें। (ग) क्या उपरोक्त (क) एवं (ख) अनुसार विभाग अथवा प्रबंधक (प्रशासन) द्वारा निविदाकार पर बिना किसी ठोस आधार के एकपक्षीय कार्यवाही की जा रही है? यदि हाँ, तो क्या यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध और न्यायसंगत है? हाँ अथवा नहीं? क्या इस पूरे प्रकरण में उच्च अधिकारियों और बोर्ड को गुमराह करने के उद्देश्य से की गई प्रबंधक (प्रशासन) की संदिग्ध भूमिका की उच्च स्तरीय जाँच कराई जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्रमांक 1444 दिनांक 05.12.2024 के प्रश्नांश (घ) में प्रश्नकर्ता द्वारा विशेष रूप से संबंधित कंपनियों के वर्ष 2014 से 2019 तक के सॉफ्टवेयर की उपलब्धता के संबंध में प्रश्न किया गया था, जिसके उत्तर में विभाग द्वारा अवगत कराया गया था कि उक्त ''सॉफ्टवेयर लाइसेंस आधारित होकर अनुबंध अवधि तक प्रचलन में थे। अनुबंध अवधि समाप्त हो जाने से सॉफ्टवेयर लाइसेंस एक्सपायर हो गए है। अतः पहुंच में नहीं है। ''तथापि, उल्लेखित पत्र द्वारा बस संचालन संबंधी पेनल्टी अधिरोपण अनुबंध की शर्तों, तत्समय कार्यालय में उपलब्ध बस संचालन संबंधी जानकारी एवं तथ्यों के आधार पर किया गया है। (ख) उपरोक्त (क) अनुसार दिनांक 10/01/2025 के पत्र से संबंधित नोटशीट के अंतिम पृष्ठ के बिंदु क्रमांक–2 में ''अधिरोपित किए जाने हेतु कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया जाना प्रस्तावित है'' का उल्लेख नोटशीट में किया गया था एवं तत्पश्चात अंतिम जारी किये जाने वाले पत्र का अनुमोदन भी नोटशीट में उल्लेखित है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। उत्तरांश (क) एवं (ख) अनुसार शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
बी.सी.एल.एल. के निविदाकारों पर बकाया राशि
[नगरीय विकास एवं आवास]
123. ( क्र. 3198 ) श्री चैन सिंह वरकड़े : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) BCLL द्वारा सफल निविदाकारों पर दिनांक 31.01.2024 तक बकाया राशि (रुपये) : NIT-14: Rs 9, 74, 529/-, NIT-16: Rs 96, 34, 212/-, NIT-12: Rs 59, 31, 466/-, NIT-25: Rs 1, 03, 11, 976/-, NIT-115: Rs 50, 150/-, NIT-127: Rs 27, 83, 525/-, NIT-139: Rs 8, 55, 083/-, NIT-142: Rs 31, 80, 858/-, NIT-147: Rs 16, 83, 554/-, NIT-149: Rs 51, 83, 554/- क्या विभाग द्वारा वसूली कर ली गई है? यदि नहीं, तो क्यों? निविदावार स्पष्ट कारण बताएं। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार सफल निविदाओं पर प्रश्न दिनांक तक किस वेंडर पर (निविदा क्रमांक) कितना बकाया है और कब से (कितने दिन/महीने/साल) बकाया है? अधिकारी का नाम एवं पद, कार्यवाही की समयावधि, कार्यवाही पूर्ण करने की समयावधि, वसूली न करने का कारण और निविदा अवधि का गोशवारा बनाकर मय दस्तावेज प्रदाय करें। (ग) तारांकित प्रश्न क्रमांक 1444 दिनांक 5 दिसम्बर 2025 के उत्तरांश (ग) 'जी नहीं के परिप्रेक्ष्य में, NIT-13 के आधार पर शेष ऑपरेटरों पर पेनल्टी क्यों नहीं लगाई गई? इसका स्पष्ट और सकारण आधार क्या है? उत्तर में यह भी उल्लेख है कि "गुण-दोष के आधार पर निर्णय लिया जाता है। संबंधित निविदा या अनुबंध के किस नियम, कंडिका या क्लॉज में यह वर्णित है? उस दस्तावेज की छायाप्रति प्रदान करें। सदन को गुमराह करने वाली जानकारी तैयार करने के लिए BCLL दोषी है क्या? (घ) विधान सभा प्रश्न अतारांकित क्रमांक 1448 (दिनांक 5 दिसम्बर 2025) के उत्तरांश (घ) में प्रश्नकर्ता द्वारा निविदाकार के बारे में जानकारी मांगी गई थी, किंतु उत्तर में निविदा प्रक्रिया' शब्द का प्रयोग कर सदन को गुमराह करने का प्रयास किस BCLL अधिकारी द्वारा किया गया और इसे UADD के किस अधिकारी ने अनुमोदित किया?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रदर्श ''1'' अनुसार। (ग) बस ऑपरेटरों के साथ निष्पादित अनुबंध के पेनल्टी क्लॉज़ के अंतर्गत गुण-दोष के आधार पर निर्णय की प्रक्रिया करते हुए पेनल्टी सम्बन्धी निर्णय लिया जाता है। बस ऑपरेटरों के साथ निष्पादित अनुबंध के पेनल्टी क्लॉज़ के नियम पुस्तकालय में रखे प्रदर्श ''2'' है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नांश के अनुरूप उत्तर दिया गया था, अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
बी.सी.एल.एल. की बोर्ड बैठक के निर्णयों का क्रियान्वयन
[नगरीय विकास एवं आवास]
124. ( क्र. 3202 ) श्री सुरेन्द्र सिंह हनी बघेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा तारांकित प्रश्न क्रमांक 1452 (क) के उत्तर में प्रयुक्त शब्द "अध्ययन" का उल्लेख BCLL की 40वीं BOD बैठक के मूल एजेंडा बिंदु 8 में नहीं है, तो सदन में दिए गए उत्तर में यह शब्द BCLL कैसे सम्मिलित किया गया? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में, एजेंडा बिंदु क्रमांक 8 एवं NIT 13 के संबंध में चेयरमैन, BCLL द्वारा कितनी बार नोटशीट चलाई गई एवं संबंधित अधिकारियों से कितनी बार पत्राचार किया गया? क्या निर्धारित समय-सीमा में उत्तर प्राप्त हुए? यदि नहीं, तो विलंब के लिए उत्तरदायी अधिकारियों के नाम क्या हैं और उनके विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई? उक्त प्रकरण का पूर्ण गोशवारा (विवरण) उपलब्ध कराएं। (ग) क्या 41वीं BOD के एजेंडा बिंदु क्रमांक (1) - 40वीं बोर्ड बैठक (BOD) के संबंध में बिंदु (8) के अनुसार 15 मई 2025 तक परीक्षण की कार्यवाही पूर्ण कर महापौर महोदया और MIC को प्रस्तुत करना था? यदि हाँ, तो यह परीक्षण किस स्तर से होना था? नाम व पद बतावें। क्या उक्त परीक्षण समय पर प्रस्तुत किया गया? यदि नहीं, तो परीक्षण कितने दिनों से लंबित प्रचलन में है और इसके लंबित रहने का स्पष्ट कारण क्या है? (घ) मैनेजर एडमिनिस्ट्रेशन (BCLL) की नियुक्ति के विरुद्ध वर्ष 2023-24 से कोई विभागीय जांच प्रचलन में है? क्या इनकी नियुक्ति को लेकर माननीय उच्च न्यायालय में केस विचाराधीन है?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) बी.सी.एल.एल. की 40वीं बोर्ड बैठक दिनांक 30.09.2024 के एजेण्डा बिंदु क्रमांक-8 के मूल मिनट्स में ''अध्ययन'' शब्द का सीधा उल्लेख नहीं है। साथ ही मूल निर्णय में केवल यह उल्लेख किया गया की ''अनुबंध के अनुसार बस ऑपरेटर को भुगतान करने संबंधी कार्यवाही 15 दिवस में प्रस्तुत करने के लिये अधिकारियों को निर्देशित किया गया। '' विधानसभा तारांकित प्रश्न क्रमांक 1452 (क) के उत्तर में प्रयुक्त शब्द ''अध्ययन'' के संबंध में स्पष्ट किया जाता है कि उत्तर में BOD Minutes का शब्दशः उल्लेख नहीं किया गया था, सरल भाषा में लिखा गया था। अतः ''अध्ययन'' शब्द किसी नए निर्णय या अलग तथ्य के रूप में नहीं जोड़ा गया, बल्कि निर्णय की मंशा (अनुबंध देखकर कार्यवाही करना) को स्पष्ट करने हेतु सरल भाषा में उपयोग किया गया है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। जी नहीं। 41वीं बोर्ड बैठक के कार्यवाही विवरण के बिंदु क्र.-8 में NIT 13 की एडजस्टेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट राशि संबंधी प्रकरण पर प्रदत्त निर्देशों के अनुक्रम में परीक्षण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। अत: शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। 41वीं बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (BOD) बैठक के मिनट्स के बिंदु क्रमांक-8 में कार्यवाही के लिये किसी विशिष्ट अधिकारी/पद का पृथक रूप से उल्लेख नहीं किया गया है। जी नहीं। 267 दिनों से। परीक्षण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन होने के कारण। (घ) श्री प्रकाश कुमार भाकरे द्वारा बी.सी.एल.एल. के मैनेजर एडमिनिस्ट्रेशन की नियुक्ति के विरुद्ध की गई शिकायत पर विभागीय जांच किये जाने हेतु समिति का गठन किया गया था, परन्तु समय-समय पर समिति के सदस्यों का स्थानान्तरण एवं सेवानिवृत्त होने के कारण जांच पूर्ण नहीं हो सकी। तथापि उपरोक्त शिकायतकर्ता श्री प्रकाश कुमार भाकरे द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में मैनेजर एडमिनिस्ट्रेशन की नियुक्ति के विरुद्ध याचिका क्रं. WP 40146/2025 (प्रकाश कुमार भाकरे विरुद्ध नगर पालिक निगम एवं अन्य) दायर की गई है जो की विचाराधीन है।
बी.सी.एल.एल. बोर्ड निर्णयों के क्रियान्वयन में अनियमितताएं
[नगरीय विकास एवं आवास]
125. ( क्र. 3203 ) श्री सुरेन्द्र सिंह हनी बघेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्रमांक 1452 दिनांक 05/12/2025 के प्रश्नांश (घ) में यह उत्तर दिया गया कि "उपरोक्त (क), (ख) एवं (ग) का जवाब सिर्फ 'हाँ' अथवा 'नहीं' में देना संभव नहीं है" स्पष्ट कारण बताएं कि उक्त प्रश्नों का उत्तर केवल हाँ या 'नहीं' में देना क्यों संभव नहीं था? ऐसी कौन सी तकनीकी या प्रशासनिक जटिलताएं थीं जिनके कारण विस्तृत विवरण आवश्यक था? (ख) 40वीं बोर्ड बैठक के एजेण्डा बिन्दु क्र. 8 में बी.सी.एल.एल. द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव पर निर्णय उपरांत, बोर्ड बैठक के निर्णय से परे हटकर दिनांक 10.01.2025 को बिना बोर्ड को जानकारी दिये पत्र जारी किया गया? हाँ अथवा नहीं? (ग) क्या दिनांक 10.01.2025 के पत्र के पूर्व रू. 2.33 करोड़ की पेनल्टी से संबंधित ऑपरेटर को कोई नोटिस दिया गया? हाँ अथवा नहीं? पूर्व में जब ऑपरेटर को भुगतान हुए तब क्या यह ड्यूज राशि बताई गई? हाँ अथवा नहीं? मार्च 2024 में ऑपरेटर की बैंक गारंटी रिलीज कर दी गई, तब क्या यह ड्यूज राशि बताई गई? हाँ अथवा नहीं? 40वीं बोर्ड बैठक में प्रस्ताव प्रस्तुत करने के पूर्व क्या ड्यूज राशि बताई गई? हाँ अथवा नहीं? (घ) सी.ए./सी.एस. द्वारा 2015 से 2024 तक बैलेंस-शीट में क्या यह रिकवरी बताई गई? हाँ अथवा नहीं? क्या इस पत्र की नोटशीट पर लेखा विभाग एवं मैनेजर मेंटेनेंस से क्या कोई ड्यूज की जानकारी ली गई? हाँ अथवा नहीं?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) प्रश्न क्रमांक 1452 में हाँ या न में पूछे गए प्रश्नों की विषय वस्तु से संबंधित पूर्व में लिए गए निर्णयों के बारे में तथ्यात्मक, समग्र रूप से पूर्ण एवं सही जानकारी उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से, प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 1452 के संबंध में उत्तर दिया गया था। (ख) जी नहीं, अपितु बी.सी.एल.एल. की 40वीं बोर्ड बैठक दिनांक 30.09.2024 के एजेण्डा बिंदु क्रमांक-8 में ''अनुबंध के अनुसार बस ऑपरेटर को भुगतान करने संबंधी कार्यवाही 15 दिवस में प्रस्तुत करने के लिये अधिकारियों को निर्देशित किया गया'' का उल्लेख किया गया था। तदानुसार भुगतान सम्बन्धी कार्यवाही में अनुबंध का अध्ययन कर अनुबंध अनुसार बसों का संचालन पूर्ण रूप से नहीं पाए जाने पर पेनल्टी की गणना कर सक्षम स्वीकृति उपरांत प्रश्नांश पत्र जारी किया गया था। (ग) जी नहीं, अपितु उपरोक्त समयावधि में पेनल्टी राशि रु. 2.33 करोड़ की गणना नहीं किये जाने के कारण बैंक गारंटी रिलीज करने व 40वीं बोर्ड बैठक में प्रस्ताव प्रस्तुत करने के पूर्व ड्यूज राशि नहीं बताई गई। (घ) जी नहीं, अपितु कैपिटल रोडवेज द्वारा बस संचालन की अवधि में अनुबंध का पालन नहीं किये जाने के फलस्वरूप अनुबंध अनुसार पेनल्टी की गणना कर पत्र क्रं. बी.सी.एल.एल./2025/6414 दिनांक 10/01/2025 द्वारा राशि रू. 2.33 करोड़ की पेनल्टी अधिरोपित की गई थी। उक्त पत्र जनवरी-2025 में जारी किये जाने के फलस्वरूप विगत वर्षों की पेनल्टी जानकारी बैलेंस-शीट में अंकित नहीं है। जी नहीं, कार्यवाही अनुबंध अनुसार की गई हैI
राजधानी भोपाल की स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत एवं रख-रखाव
[नगरीय विकास एवं आवास]
126. ( क्र. 3206 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजधानी भोपाल में दिसम्बर 2023 से प्रश्न दिनांक की अवधि तक स्ट्रीट लाइट लगाने, मरम्मतीकरण, सामग्री/उपकरण क्रय करने पर विभाग द्वारा कब-कब तथा कितनी-कितनी राशि व्यय की गई? वार्डवार/क्षेत्रवार सामग्री क्रय करने की दिनांक/भुगतान की गई राशि की नगर निगम भोपाल/स्मार्ट सिटी भोपाल की पृथक-पृथक जानकारी दें? (ख) उपरोक्तानुसार प्रश्न दिनांक की स्थिति में शहर के किन-किन क्षेत्रों की कितनी-कितनी स्ट्रीट लाइटें, किन-किन कारणों से कब-कब से बन्द है? (ग) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में क्या स्ट्रीट लाइट लगाने, संचालन तथा मरम्मत का कार्य निजी कंपनी के माध्यम से किया जाता है? यदि हाँ, तो उक्त निजी कंपनी का नाम/पते/पंजीयन क्रमांक सहित कब-कब, किन-किन कार्यों हेतु कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया गया? कंपनी को भुगतान की नोटशीट, भुगतानकर्ता का नाम/पद एवं भुगतान तिथि सहित विगत 02 वर्षों की जानकारी दें। (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में नगर निगम भोपाल तथा स्मार्ट सिटी भोपाल द्वारा स्ट्रीट लाइटें क्रय करने, मरम्मतीकरण आदि के लिये प्रतिवर्ष कितने बजट का प्रावधान है तथा प्रावधानित बजट राशि में से कितनी राशि प्रत्येक वर्ष में व्यय की जाती है एवं कितनी राशि शेष है? विगत 5 वर्षों की नगर-निगम भोपाल एवं स्मार्ट सिटी भोपाल की पृथक-पृथक जानकारी दें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"अ" अनुसार है। (ख) नगर पालिक निगम, भोपाल एवं स्मार्ट सिटी भोपाल द्वारा संचालित स्ट्रीट लाइट का समय-समय पर रख-रखाव किया जाता है स्ट्रीट लाइट बंद होने की शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित अमले द्वारा सुधार कार्य करा दिया जाता है। (ग) जी हाँ। स्मार्ट सिटी से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"ब" अनुसार है एवं नगर निगम भोपाल की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- "स" अनुसार है। (घ) स्मार्ट सिटी भोपाल द्वारा स्ट्रीट लाइटें क्रय करने, मरम्मतीकरण आदि के लिये समेकित अनुदान से कार्य कराया जाता है। पृथक से बजट में कोई प्रावधान नहीं है। उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। नगर निगम भोपाल द्वारा बताया गया है कि स्ट्रीट लाइट क्रय एवं मरम्मत हेतु अलग से बजट में कोई प्रावधान नहीं है।
मस्जिद निशात नारियलखेड़ा का भू-स्वामित्व
[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]
127. ( क्र. 3207 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या मस्जिद निशात अफजा नारियलखेड़ा भोपाल क्या मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के अधीन वक्फियां सम्पत्ति होकर राजस्व अभिलेखों में वक्फ भूमि के रूप में दर्ज है? यदि हाँ, तो वक्फ बोर्ड में उक्त मस्जिद/भूमि का पंजीकरण दिनांक, पंजीयन क्रमांक, खसरा नम्बर/कुल रकबा सहित वर्तमान राजस्व रिकार्ड की अद्यतन स्थिति से अवगत करावें। (ख) उपरोक्तानुसार क्या उक्त संपत्ति का मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशन किया गया था? यदि हाँ, तो राजपत्र की प्रति उपलब्ध करावें? (ग) क्या उक्त संपत्ति पर प्रश्न दिनांक की स्थिति में अतिक्रमण किया गया है? यदि हाँ, तो किन-किन अतिक्रमणकारियों द्वारा कितनी-कितनी भूमि पर अतिक्रमणकारित कर, किस-किस प्रयोजन हेतु उपयोग किया जा रहा है? अतिक्रमणकारियों के नाम/पता, अतिक्रमित क्षेत्रफल का कुल रकबा सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्य में वक्फ संपत्ति के खसरा क्रमांक 132/184 एवं 133/185 राजस्व रिकार्ड अनुसार प्रश्न दिनांक स्थिति में किस व्यक्ति/संस्था के नाम पर पंजीकृत/दर्ज है? दर्ज रिकार्ड में खसरा नम्बरों की कुल भूमि का रकबा हेक्टेयर/एकड़ सहित कितने क्षेत्र जिला प्रशासन/वक्फ बोर्ड द्वारा कौन-कौन से निर्माण कार्य कराये गये है? जानकारी दें।
राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती कृष्णा गौर ) : (क) जी हाँ। मस्जिद निशात अफजा वाके बाग नादियाखेड़ा शहर भोपाल क्रमांक 132/184 पर वक्फ सम्पत्ति के रूप में म.प्र. वक्फ बोर्ड में दर्ज है, जिसका खसरा नं. 88 रकबा 29.50 एकड़ में से 89090 वर्गफिट (2.04 एकड़) है। बहार फसले अम्बा वाके मस्जिद निशात अफजा बाग नादियाखेड़ा शहर भोपाल क्रमांक 132/184 पर वक्फ सम्पत्ति के रूप में म.प्र. वक्फ बोर्ड में दर्ज है, जिसका खसरा नं. 88 रकबा 11.937 हेक्टेयर है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ’’1’’ अनुसार है। (ख) जी हाँ, मध्यप्रदेश राजपत्र 10.01.1958 में प्रकाशन हो चुका है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ‘’2’’ अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ‘’3’’ अनुसार है। (घ) पंजीयन क्रमांक 132/184 मस्जिद निशात अफजा वाके बाग नादियाखेड़ा शहर भोपाल के नाम से तथा पंजीयन क्रमांक 133/185, म.प्र. वक्फ बोर्ड में बहार फसले अम्बा वाके मस्जिद निशात अफजा बाग नादियाखेड़ा शहर भोपाल के नाम से पंजीकृत होकर वक्फ सम्पत्ति है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ‘’1’’ अनुसार है। यह वक्फ राजस्व रिकार्ड में किस व्यक्ति संस्था के नाम पर दर्ज है वक्फ मस्जिद निशात अफजा वाके बाग नादियाखेड़ा शहर भोपाल की भूमि पर म.प्र. वक्फ बोर्ड द्वारा दिनांक 27.06.2023 को बाउण्ड्रीवाल के निर्माण की अनापत्ति जारी की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ‘’4’’ अनुसार है।
लोक निर्माण विभाग की सड़कों का निर्माण
[लोक निर्माण]
128. ( क्र. 3211 ) श्री राजेन्द्र भारती : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दतिया जिले में लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों एवं भवनों का निर्माण कार्य लंबित हैं? यदि हाँ, तो प्रश्न दिनांक तक समस्त लंबित कार्यों की सूची प्रदान करते हुये बतायें कि उक्त लंबित निर्माण कार्य कब तक पूर्ण किये जायेगें? कृपया जानकारी प्रदान करें। (ख) क्या दतिया जिले में वर्ष 2020 से 2025 तक एवं दतिया से उनाव तक एवं उनाव भांडेर बायपास से एडवांस कॉलेज सहित लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों का निर्माण कराया गया हैं? यदि हाँ, तो वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक जिले में कौन-कौन सी सड़कों का निर्माण कार्य कौन-कौन से मद में किया गया हैं तथा वर्तमान में किया जा रहा हैं? कृपया मदवार, वर्षवार प्रत्येक निर्माण कार्य का पृथक-पृथक विवरण उपलब्ध कराते हुये प्रत्येक कार्य की निविदा डी.पी.आर. कार्यादेश, अनुबंध पत्र, भौतिक सत्यापन रिपोर्ट, कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र प्रदान करते हुये संबंधित फर्मों/एजेंसियों को प्रत्येक कार्य की भुगतान की गई राशि के देयकों की प्रतियां उपलब्ध करायें। (ग) सितम्बर 2024 में दतिया नगर में स्थित तरन ताल एवं लाला का तालाब एवं दोनों तालाबों के मध्य तथा स्थित लाला के ताल के पास सड़कें किस अधिकारी के आदेश पर क्यों तोड़ी गयी थी? क्या उक्त तोड़ी गयी सडकें/मार्ग विभाग द्वारा पुनः निर्माण कराया गया हैं? अथवा उसी क्षतिग्रस्त अवस्था में टूटा पडा हैं। यदि हाँ, तो क्या वर्तमान स्थिति में जनहानि की संभावना हैं? यदि हाँ, तो शासन/प्रशासन की लापरवाही एवं उदासीनता का क्या कारण हैं? क्या शासन दुर्घटना का इंतजार कर रहा हैं? यदि नहीं, तो जनहित में उक्त चालू रोड को बनाये जाने में विलंब क्यों किया जा रहा हैं? कृपया विवरण दें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं 'अ-1' अनुसार है। (ख) जी हाँ। वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक कराये गये सड़क निर्माण कार्य एवं प्रगतिरत कार्यों की विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ-2' एवं 'ब' अनुसार है। मार्गवार निविदा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 एवं 7, डी.पी.आर. की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 एवं 8, कार्यादेश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 एवं 9, अनुबंध की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 एवं 10, भौतिक सत्यापन कार्य पूर्णतः प्रमाण पत्र की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-5 एवं 11, देयकों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-6 एवं 12 अनुसार है। (ग) जी नहीं। अज्ञात व्यक्तियों द्वारा खोदी गयी थी। जिसकी नगर पालिका दतिया द्वारा एफ.आई.आर. की गयी। वर्तमान में अस्थाई मरम्मत कर मार्ग का संधारण किया गया है, मार्ग पर यातायात सुचारू रूप से जारी है। जी नहीं। मार्ग के दोनों साईटों पर बैरिकेटिंग का कार्य किया जाकर सुरक्षित किया गया, जिससे जनहानि की संभावना नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। नगर पालिका द्वारा काटे गये मार्ग की समस्त संधारण कार्य की कार्ययोजना नगर पालिका दतिया के पत्र क्रमांक 1657, दिनांक 28.05.2025 राशि रू. 8.75 करोड़ का प्राक्कलन शासन को भेजा गया है, जिसकी स्वीकृति प्रचलन में है।
ट्रांसफार्मरों का उन्नयनीकरण
[ऊर्जा]
129. ( क्र. 3214 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में कितने ट्रांसफार्मरों के उन्नयनीकरण का लक्ष्य वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में रखा गया था? इसके लिए वर्षवार कितनी राशि प्रावधानित की गई है? ट्रांसफार्मर उन्नयीकरण के क्या नियम/निर्देश है? प्रति उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्षवार कितने ट्रांसफार्मरों का उन्नयनीकरण किया गया? कितनी राशि व्यय की गई? जिलावार जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (क) वर्षों में जिला ग्वालियर की भितरवार विधानसभा क्षेत्र के कितने ट्रांसफार्मरों के उन्नयनीकरण के प्रस्ताव किस-किस माध्यम से प्राप्त हुए? ग्रामवार, स्थानवार जानकारी दें। (घ) प्रश्नांश (ग) में प्राप्त प्रस्तावों में से कितने ट्रान्सफार्मरों का उन्नयनीकरण किया गया? कितने शेष है? शेष प्रस्तावों पर कब तक कार्यवाही कर ट्रांसफार्मरों का उन्नयनीकरण कर दिया जायेगा? समय-सीमा बतायें।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) प्रदेश की विद्युत वितरण कंपनियों यथा-म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमि. भोपाल, म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमि. जबलपुर एवं म.प्र. पश्िचम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमि. इंदौर अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 में वितरण ट्रांसफार्मरों के उन्नयनीकरण का लक्ष्य, वर्षवार प्रावधानित/स्वीकृत राशि का प्रश्नाधीन चाहा गया विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। वितरण ट्रांसफार्मर से संबद्ध भार उसकी क्षमता से 80 प्रतिशत से अधिक पाए जाने पर भविष्य की भार वृद्धि के दृष्टिगत एवं गुणवत्तापूर्ण/निर्धारित वोल्टेज अनुरूप विद्युत प्रदाय के उद्देश्य से वितरण ट्रांसफार्मर को भार वृद्धि हेतु चिन्हित किया जाता है एवं ट्रांसफार्मर की क्षमतावृद्धि (उन्नयन) का कार्य अथवा अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित किये जाने का कार्य, समय-समय पर केन्द्र एवं राज्य शासन की विभिन्न योजनाओं के दिशा-निर्देश एवं प्रावधानों के अनुरूप एवं वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता तथा इसी प्रकार के अन्य कार्यों की वरीयता को दृष्टिगत रखते हुए किये जाते हैं, जो कि एक सतत् प्रक्रिया है। उदाहरण के तौर पर म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के पत्र दिनांक 14.10.2024 के माध्यम से वितरण ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि/उन्नयनीकरण संबंधी दिये गये दिशा-निर्देशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ-1' अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) के सन्दर्भ में विद्युत वितरण कंपनियों अंतर्गत वर्षवार उन्नयनीकरण किये गये वितरण ट्रांसफार्मर एवं व्यय की गई राशि का जिलेवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है। (ग) प्रश्नाधीन वर्षों में भितरवार विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 19 वितरण ट्रांसफार्मरों के उन्नयनीकरण के लिये प्रस्ताव माननीय प्रश्नकर्ता विधायक महोदय से प्राप्त हुये हैं। उक्त प्राप्त प्रस्तावों का ग्रामवार एवं स्थानवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'स' अनुसार है। (घ) उत्तरांश (ग) के सन्दर्भ में प्राप्त 19 प्रस्तावों में से 15 वितरण ट्रांसफार्मरों के उन्नयनीकरण के कार्य पूर्ण किये गये है जबकि 04 वितरण ट्रांसफार्मर के उन्नयनीकरण के प्रस्ताव वितरण कंपनी नियमानुसार उन्नयनीकरण हेतु साध्य नहीं पाये गये हैं। जिसका विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'स' अनुसार है।
प्राप्त शिकायतों का समय-सीमा में जांच एवं कार्यवाही
[नगरीय विकास एवं आवास]
130. ( क्र. 3215 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नगरीय निकाय के अध्यक्ष, मुख्य नगर पालिका अधिकारी के विरूद्ध प्राप्त शिकायतों पर कार्यवाही करने के क्या नियम है? जांच हेतु कोई समय-सीमा निर्धारित है? यदि हाँ, तो क्या? (ख) क्या नगर परिषद् मोहना, जिला ग्वालियर के अध्यक्ष के विरूद्ध जिला स्तर, प्रदेश स्तर पर विभिन्न माध्यमों से शिकायतें प्राप्त हुई है? यदि हाँ, तो कौन-कौन सी एवं किसके द्वारा? शिकायतवार जानकारी दें। (ग) क्या विभाग द्वारा जिला प्रशासन द्वारा प्रश्नांश (ख) में प्राप्त शिकायतों पर प्रश्न दिनांक तक जांच/कोई कार्यवाही नहीं की है? यदि हाँ, तो क्यों? इसके लिए कौन जिम्मेदार है? (घ) प्रश्नांश (ख) में प्राप्त शिकायतों पर कब तक कार्यवाही कर संबंधित नगर परिषद् के विरूद्ध अनुशासनात्मक/पदच्युत करने की कार्यवाही की जायेगी? समय-सीमा बताएं।
नगरीय
विकास एवं
आवास मंत्री (
श्री कैलाश
विजयवर्गीय ) : (क) मध्यप्रदेश
नगरपालिका
अधिनियम, 1961
की धारा 35-क
में भूतपूर्व
अध्यक्ष एवं
धारा 41-क
में वर्तमान
अध्यक्ष के
विरूद्ध
कार्रवाई किए
जाने का प्रावधान
है। इसी
प्रकार मध्यप्रदेश
नगरपालिका
सेवा (कार्यपालन)
नियम, 1973 के
नियम 31
में मुख्य
नगरपालिका
अधिकारी के
विरूद्ध
कार्रवाई किए
जाने का
प्रावधान है, जिसमें
कोई समय-सीमा
निर्धारित
नहीं है। (ख) जी
हाँ। शिकायतवार
जानकारी
संलग्न परिशिष्ट अनुसार
है। (ग) जी
नहीं। कलेक्टर
जिला-ग्वालियर
द्वारा पत्र
दिनांक 27.03.2025 के
माध्यम से
अनुविभागीय
अधिकारी, राजस्व
घाटीगांव
जिला-ग्वालियर
को शिकायत की
बिन्दुवार
जांच कर
प्रतिवेदन
प्रस्तुत
करने के
निर्देश दिए
गए है। इसी
प्रकार आदेश
दिनांक 24.11.2025
द्वारा जांच
दल गठित किया
जाकर शिकायत
की बिन्दुवार
जांच कर प्रतिवेदन
प्रस्तुत
करने के
निर्देश दिए
गए हैं, जांच
की कार्रवाई
प्रचलित है। (घ)
उत्तरांश (ग) के
परिप्रेक्ष्य
में प्रश्न
उपस्थित नहीं होता।
परिशिष्ट
- "सत्ताईस"
रिक्त पदों की जानकारी
[ऊर्जा]
131. ( क्र. 3218 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कार्यालय अधीक्षण अभियंता म.प्र.पू.क्षे.वि.वि.कं.लि. टीकमगढ़ के अंतर्गत अधीक्षण अभियंता, सहायक अभियंता उपसंभाग जतारा, कनिष्ट अभियंता वितरण केन्द्र जतारा, कनिष्ट अभियंता चंदेरा, कनिष्ट अभियंता बम्होरीकलां का पद वर्तमान में रिक्त है और अन्य को प्रभारी किस-किस को बनाकर कार्य दिया गया है? कृपया सम्पूर्ण जानकारी दें। (ख) क्या वर्तमान में प्रश्न दिनांक तक दो कार्यपालन अभियंता संभाग जतारा में पदस्थ हैं? वह कौन-कौन हैं और किस-किस कारणों से? कृपया उनके नाम, पद सहित वर्तमान पद स्थापना दिनांक सहित जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताएं कि क्या जो कार्यपालन अभियंता जतारा में माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर से स्टे पर है, वह कब-कब कार्यपालन अभियंता बनाए गए थे? वह कब से कब तक इस पद पर कहां-कहां पदस्थ रहे हैं और क्या-क्या कारण है, जिस कारण से उनका स्थानांतरण बार-बार किया जाता है? टीकमगढ़ जिले के जतारा विधानसभा क्षेत्र से क्यों हटाए गए है? क्या इनकी आउटसोर्स कर्मचारियों एवं किसानों से अवैध वसूली, कार्य में लापरवाही एवं भारी अनियमितताओं के आधारों पर इन्हें शिकायतों के आधार पर हटा दिया गया था? इनके विरूद्ध जब शिकायतें रही हैं, तब वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा इन्हें निलंबित क्यों नहीं किया है? कब तक इन्हें निलंबित किया जायेगा? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (घ) के आधार पर बताएं कि जिले में प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार हेतु रिक्त पदों को कब तक भरने हेतु उच्च अधिकारियों को निर्देशित कर दिया जावेगा और कब तक आदेश जारी कर रिक्त पदों को भर दिया जावेगा और शिकायतों के आधार पर कार्यपालन अभियंता जतारा के विरूद्ध विधिवत् कार्यवाही की जावेगी?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) अधीक्षण अभियंता, टीकमगढ़ कार्यालय के अंतर्गत अधीक्षण अभिंयता, सहायक अभियंता उप संभाग जतारा, कनिष्ठ अभियंता वितरण केन्द्र जतारा, कनिष्ठ अभियंता वितरण केन्द्र चंदेरा एवं कनिष्ठ अभियंता वितरण केन्द्र बम्होरीकलां का पद वर्तमान में रिक्त नहीं है। श्री अजमेर सिंह, अधीक्षण अभियंता (चालू प्रभार) के पद पर पदस्थ हैं। श्री राजेश कुमार रावत, सहायक अभियंता के चालू प्रभार पर उप संभाग, जतारा में पदस्थ हैं। श्री बालकृष्ण तिवारी, कनिष्ठ अभियंता (चालू प्रभार) वितरण केन्द्र बम्होरीकलां में पदस्थ हैं एवं उन्हें वितरण केन्द्र, जतारा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। श्री प्रवम समेले, कनिष्ठ अभियंता (चालू प्रभार) वितरण केन्द्र चंदेरा में कार्यरत है। (ख) जी नहीं, वर्तमान में कार्यपालन अभियंता (सं./सं.) संभाग, जतारा में एक कार्यपालन अभियंता श्री राहुल कुमार पदस्थ हैं। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। (ग) श्री रविन्द्र कुमार पटेल, कार्यपालन अभियंता (चालू प्रभार) जतारा द्वारा स्थानांतरण आदेश दिनांक 31.10.2025 पर माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर से स्टे लिया गया है। अपितु उक्त स्थानांतरण आदेश के अनुपालन में श्री पटेल द्वारा दिनांक 06.02.2026 को स्वयं से स्थानांतरण स्थान यथा - (प्रवर्तन) संभाग रीवा में उपस्थिति दर्ज कराई गई हैं। श्री रविन्द्र पटेल की कार्यपालन अभियंता (चालू प्रभार) के पद पर पदस्थापना संबंधी जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। श्री रविन्द्र कुमार पटेल का स्थानांतरण प्रशासनिक आधार पर किया गया है। टीकमगढ़ जिले के जतारा विधानसभा क्षेत्र से श्री पटेल को विभिन्न स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं उपभोक्ताओं की शिकायतों एवं प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जतारा जिला टीकमगढ़ द्वारा प्रेषित पत्र दिनांक 09.10.2025 के परिप्रेक्ष्य में स्थानांतरित कर कार्यपालन अभियंता (प्रवर्तन), संभाग रीवा में पदस्थ किया गया है। जी नहीं, श्री रविन्द्र कुमार पटेल, कार्यपालन अभियंता के विरूद्ध प्राप्त शिकायत की जांच की जा रही है। जांच प्रतिवेदन के आधार पर दोषी पाये जाने पर उनके विरूद्ध कार्यवाही की जा सकेगी। (घ) कार्यालय अधीक्षण अभियंता (सं./सं.), टीकमगढ़ के अंतर्गत वर्तमान में वितरण केन्द्रों के अन्तर्गत कनिष्ठ अभियंताओं की कमी के दृष्टिगत पदस्थ कार्मिकों को अतिरिक्त प्रभार देकर कार्य सम्पादित कराया जा रहा है। कंपनी की वर्तमान आवश्यकता के दृष्टिगत राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनी की संगठनात्मक संरचना में नवीन पदों का सृजन किया गया है, जिन्हें सीधी भर्ती के माध्यम से आगामी वर्षों में भरा जाना है। तथापि जिस हेतु वर्तमान में निश्िचत समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। कार्यपालन अभियंता, जतारा के विरूद्ध प्राप्त शिकायत पर जांच की जा रही है। जांच प्रतिवेदन के आधार पर दोषी पाये जाने पर उनके विरूद्ध कार्यवाही की जा सकेगी।
प्रस्तावित कार्यों को वर्ष 2026-27 के बजट में शामिल किया जाना
[लोक निर्माण]
132. ( क्र. 3219 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले की ऐसी कौन-कौन सी सड़कें एवं पुले हैं जो वर्तमान में बजट में स्वीकृत है? प्रशासनिक स्वीकृति एवं तकनीकी स्वीकृति होने के बाद भी प्रश्न दिनांक तक इन सड़कों एवं पुलों के निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुए है? कृपया उनकी लंबाई-चौड़ाई सहित बजट में स्वीकृत राशि दिनांक सहित सम्पूर्ण जानकारी प्रदाय करें। (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर बताएं कि इन सड़कों एवं पुलों के निर्माण कार्य कराने प्रश्न दिनांक तक इनके कब-कब, कितनी-कितनी राशि से कराने निविदाएं आमंत्रित की जा चुकी हैं? सम्पूर्ण जानकारी प्रदाय करते हुए यह भी बताएं कि खोली गई निविदाएं कब तक स्वीकृत की जावेगी? निश्िचत समय-सीमा सहित बताएं कि कब तक निर्माण कार्य प्रारंभ हो जावेंगे? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताएं कि क्या प्रश्नकर्ता द्वारा प्रश्न क्र. 2227 दिनांक 17.03.2025 सड़कों एवं पुलों की स्वीकृति एवं ई.एफ.टी. एवं एस.एफ.टी. कराए जाने हेतु एवं प्रश्न क्रमांक 1760 दिनांक 19.12.2024 जनहित में किए गए थे? इनके उत्तरांश (क), (ख), (ग) एवं (घ) अनुसार प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की जा चुकी हैं एवं क्या-क्या कार्यवाही की जा रही हैं? कृपया सम्पूर्ण जानकारी सड़कों एवं पुलों की अद्यतन जानकारी से अवगत कराएं। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बताएं कि नवीन सड़कों एवं पुलों के निर्माण हेतु विभाग में जिले से वर्ष 2024-25 में सम्मिलित करने हेतु प्रस्ताव परिक्षेत्र सागर संभाग टीकमगढ़ से कौन-कौन प्रस्ताव-17 शासन के समक्ष भेजे गए थे? प्रश्न दिनांक तक इनमें कौन-कौन बजट में कितनी-कितनी राशि से स्वीकृत किए जा चुके हैं और कौन-कौन कार्य प्रश्न दिनांक तक स्वीकृत नहीं हुए है? इनमें वर्तमान सत्र 2026-27 में कौन-कौन से कार्य बजट में स्वीकृति हेतु लिए जा रहे हैं? कृपया स्पष्ट एवं सम्पूर्ण जानकारी देते हुए बताएं कि शेष कार्य बजट में कब तक स्वीकृत किए जायेंगे?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। निर्माण कार्य प्रारंभ करने हेतु समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी नहीं। जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (घ) जी नहीं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। शेष कार्यों हेतु बजट में स्वीकृति हेतु वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।
नगरपालिक निगम कटनी में विज्ञापन
[नगरीय विकास एवं आवास]
133. ( क्र. 3222 ) श्री संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिक निगम कटनी में गैंट्री एवं यूनिपोल के माध्यम से विज्ञापन हेतु किस-किस एजेंसी को किस-किस स्थल पर कितनी अवधि हेतु कितनी राशि में शासन के किन दिशा निर्देशों के तहत दिया गया है, शासन के दिशा निर्देश सहित संपूर्ण विवरण प्रदान करें। (ख) प्रश्नांश (क) अंतर्गत क्या विज्ञापन का ठेका लेने वाली कंपनियों द्वारा विज्ञापनों के प्रदर्शन में शासन नियमों/निर्देशों का पालन किया जा रहा है, यदि नहीं, तो क्यों कारण बतायें, शासन निर्देशों/नियम सहित पूर्ण विवरण दें। (ग) क्या नगर पालिक निगम कटनी द्वारा स्वीकृत स्थलों के अतिरिक्त अन्य स्थलों पर भी अन्य लोगों द्वारा बैनर इत्यादि लगाये जा रहे हैं? अगर हाँ, तो विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, की गई तो क्यों और जवाबदार अधिकारियों पर क्या कार्यवाही की जावेगी एवं भविष्य में नियम विरूद्ध कार्यों को किस प्रकार रोका जावेगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगर पालिक निगम कटनी में गैन्ट्री एवं यूनीपोल के लिए निम्नानूसार एजेंसी को कार्य दिया गया है:-
|
क्रमांक |
एजेंसी |
कार्य का विवरण |
अवधि |
|
1. |
यूनीक एडवरजाईजिंग रीवा |
गेन्ट्री |
15 वर्ष |
|
2. |
दीपक एडवरटाइजर ग्वालियर |
यूनीपोल |
10 वर्ष |
शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- अ एवं ''ब'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) जी हाँ। नगर पालिक निगम कटनी द्वारा स्वीकृत स्थलों के अतिरिक्त अन्य स्थलों पर लगाये गये बैनर इत्यादि हटाये जाने के संबंध में निरंतर कार्यवाही की जाती है। इस हेतु आदेश क्रमांक 601, कटनी दिनांक 23.05.2025 द्वारा दल का गठन किया गया है। गठित दल द्वारा समय-समय पर शहर के विभिन्न स्थानों पन्ना मोड़, बस स्टैण्ड, मिशन चौक, सुभाष चौक पर बिना अनुमति के बैनरों पर हटाये जाने की कार्यवाही निरंतर की जा रही है। आदेश के पालन में पत्र कमांक 319 दिनाँक 09.02.2026 के द्वारा भी स्वीकृत स्थलों के अतिरिक्त अन्य स्थलों पर बैनर हटाये जाने हेतु अतिक्रमण प्रभारी को निरंतर कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया है। शेष जानकारी पुस्तकालय रखे परिशिष्ट "स" अनुसार है।
जवाबदार अधिकारियों पर कार्यवाही
[लोक निर्माण]
134. ( क्र. 3223 ) श्री संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी आयुध निर्माणी क्षेत्र में आरओबी कब और कितनी राशि का स्वीकृत किया गया था और कार्य किस एजेंसी द्वारा लिया गया है और कार्यावधि क्या थी? (ख) प्रश्नांश (क) अंतर्गत क्या उक्त कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण कर लिया जावेगा? यदि नहीं, तो क्यों कारण बतायें। जवाबदार अधिकारियों पर क्या कार्यवाही कब तक की जावेगी? (ग) क्या वर्तमान में उक्त आरओबी का निर्माण कार्य रूका हुआ है यदि है तो क्यों कारण बतायें, यह समस्या का निदान विभाग द्वारा कब तक कर दिया जायेगा? कार्यपूर्ण होने की समय-सीमा बताएं। (घ) क्या आयुध निर्माणी द्वारा कुछ आपत्तियों के कारण निर्माण कार्य रूका, उक्त आपत्ति या अन्य किसी आपत्ति या समस्या के निराकरण हेतु क्या चीफ इंजी. भोपाल (ब्रिज) द्वारा कटनी में बैठक में क्या निराकरण हुआ एवं प्रश्नकर्ता सदस्य को क्यों नहीं बुलाया गया कारण बतायें, यह भी बतायें कि प्रश्नकर्ता की आपत्ति पर ईएनसी द्वारा निर्देश के बावजूद सीई कटनी पुन: क्यों नहीं आये।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) निर्माण कार्य की दिनांक 05-03-2023 को राशि रू. 5150.58 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त है, कार्य मेसर्स विंध्या कंस्ट्रक्शन कंपनी, रीवा द्वारा लिया गया है, अनुबंधानुसार समयावधि दिनांक 02.05.2026 तक है। (ख) जी नहीं। रेल्वे विभाग द्वारा रेल्वे पोर्शन का कार्य पूर्ण न करने के कारण। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं, शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। अनुबंधानुसार समयावधि दिनांक 02.05.2026 तक है। (घ) जी नहीं। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
पंचायतों में गौशालाओं के निर्माण में किया गया व्यय
[पशुपालन एवं डेयरी]
135. ( क्र. 3353 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जौरा, सुमावली, मुरैना, विजयपुर विधानसभा की पंचायतों में कितनी गौशालाएं संचालित है विधानसभा वार, पंचायतों के नाम सहित फरवरी 2026 की स्थिति में जानकारी दी जायें। (ख) वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक उक्त विधानसभाओं में कितनी गौशालाओं का निर्माण किया गया है तथा उन पर कितनी धन राशि खर्च की गई है विधानसभावार जानकारी दी जावे? (ग) उक्त गौशालाओं में कितनी संख्या में गौ-पशुओं को रखा गया है तथा उन्हें चारा, पानी की व्यवस्था हेतु कितनी राशि शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई है वर्ष 2023-24 एवं वर्ष 2024-25 की जानकारी दी जावें। (घ) उक्त गौशालाओं का संचालन जिला स्तर पर किस विभाग द्वारा किया जाता है? इसका निरीक्षण कितने माह में किये जाने का नियम निर्धारित है? शासन परिपत्र की प्रति उपलब्ध कराई जावें। (ड.) उक्त गौशालाओं में गौपशुओं की देखभाल हेतु कितने कर्मचारी किस-किस गौशालाओं में पदस्थ किये गये है। यदि पदस्थ नहीं किये गये है तो गौपशुओं की देखभाल कैसे की जाती है?
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार। (ख) कार्यालय जिला पंचायत मुरैना से प्राप्त जानकारी अनुसार वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक की अवधि में मनरेगा योजना से गौशालाओं का निर्माण निरंक है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार। (घ) उक्त गौशालाओं का संचालन विभाग द्वारा नहीं किया जाता। गौशालाओं का अनुश्रवण जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला गौपालन एवं पशुधन संवर्धन समिति के द्वारा किया जाता है। गौशालाओं का निरीक्षण व अनुश्रवण हेतु क्रियान्वयन समिति (अनुविभागीय स्तरीय) द्वारा किए जाने के प्रावधान है तथा पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से गौशाला के निकटस्थ संस्था के पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ द्वारा प्रत्येक माह की 08 से 14 तारीख के मध्य गौशाला का भ्रमण कर पशु संख्या का सत्यापन किए जाने के निर्देश है। परिपत्र की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार। (ड.) गौशालाओं में गौवंश की देखभाल गौशाला संचालन समिति तथा उनके स्तर से मानव संसाधन से कराएं जाने के प्रावधान है। राज्य शासन द्वारा गौशालाओं को रूपये 40/- प्रति गौवंश प्रति दिवस प्रदान किए जा रहे अनुदान में से रूपये 5/- प्रति गौवंश प्रति दिवस मानव संसाधन पर व्यय किए जाने के निर्देश है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार।
लैंड पुलिंग योजनांतर्गत किसानों के अधिकारों का संरक्षण
[नगरीय विकास एवं आवास]
136. ( क्र. 3403 ) श्री महेश परमार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या उज्जैन जिले के सिंहस्थ क्षेत्र सहित अन्य क्षेत्रों में प्रस्तावित/लागू की गई ''लैंड पुलिंग योजना''का किसानों द्वारा तीव्र विरोध किया गया तथा विधिक आपत्तियों के कारण इसे पूर्ण रूप से निरस्त किया गया? यदि हाँ, तो आदेश, तिथि,प्रभावित ग्रामों एवं कुल क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) का विवरण देवें। (ख) सार्वजनिक प्रयोजन हेतु किसानों की अधिग्रहित कि जाने वाली भूमि का भुगतान बाजार मूल्य से दुगुना और ग्रामीण क्षेत्रों में कलेक्टर गाइड-लाइन में स्लेब जोड़कर निर्धारण करते हुए 04 गुना राशि/मुआवजा प्रदान करने का प्रस्ताव कब-तक पारित किया जायेगा? समय-सीमा बताएं यदि नहीं, तो क्यों कारण दें। (ग) क्या लैंड पुलिंग योजना से संबंधित अधिसूचना, आदेश अथवा प्रस्ताव जारी कर किसानों को गुमराह करने वाले अधिकारियों/एजेंसियों की भूमिका की जांच कराई गई है? यदि हाँ, तो जांच रिपोर्ट, यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट किए जायें। (घ) क्या इंदौर-जावरा ग्रीनफील्ड हाइवे एवं अन्य विकास परियोजनाओं में भूमि उपयोग/अधिग्रहण के विरुद्ध किसान आंदोलनरत हैं, जिससे उनकी कृषि आजीविका प्रभावित हो रही है? यदि हाँ, तो क्या ऐसे किसानों को—बाजार मूल्य का न्यूनतम दुगुना मुआवजा, वैकल्पिक कृषि भूमि, अथवा पुनर्वास एवं आजीविका संरक्षण पैकेज प्रदान किया जाएगा? यदि हाँ, तो योजनावार एवं समय-सीमा सहित विवरण दिया जाए। (ड.) क्या किसान कल्याण विभाग यह स्पष्ट करेगा कि उज्जैन जिले के अनुभवों के आधार पर सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में लैंड पुलिंग योजना को किसान-हित में निरस्त, करने का कोई प्रस्ताव/निर्णय लिया गया है? यदि हाँ, तो उसका विवरण देवें यदि नहीं, तो कारण बताएं।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) अंशत: जी हाँ। केवल उज्जैन जिले के सिंहस्थ क्षेत्र में लैंड पूलिंग के तहत उज्जैन विकास प्राधिकरण की प्रस्तावित नगर विकास स्कीम क्रमांक- 8, 9, 10 एवं 11 को म.प्र. नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा-52 (1) (ग) के तहत लोकहित में प्रति संहरित कर पूर्ण रूप से निरस्त की गई है। आदेश दिनांक 16/12/2025 जिसका म.प्र. राजपत्र दिनांक 19/12/2025 में प्रकाशन हुआ है, की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। नगर विकास स्कीम क्रमांक 8, 9, 10 एवं 11 से प्रभावित ग्रामों एवं कुल क्षेत्रफल का विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ख) जी नहीं। लैंड पूलिंग के तहत नगर विकास स्कीम क्रियान्वित करने हेतु किसानों की भूमि अधिग्रहित नहीं की जाती है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। मध्य प्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 तथा म.प्र. नगर तथा ग्राम निवेश नियम, 2012 में विहित विधिक प्रावधानों के अंतर्गत लैंड पूलिंग योजना के अंतर्गत नगर विकास स्कीम की कार्यवाहियॉ की जाती है, अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) इन्दौर-जावरा ग्रीनफील्ड हाइवे नाम से कोई निर्माण कार्य नहीं किया जा रहा है, परंतु इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड तथा उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड के निर्माण में प्रभावित किसानों द्वारा समय-समय पर अधिक मुआवजे की मांग की जाती रही है। प्रभावित कृषकों को नियमानुसार मुआवजा प्रदान किया जायेगा। जी नहीं। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) जी नहीं। लैंड पूलिंग योजना किसान कल्याण तथा कृषि विभाग से संबंधित नहीं है, अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
भाग-3
अतारांकित
प्रश्नोत्तर
निवासरत
परिवारों को
आवासीय भूमि
अधिकार प्रमाण
पत्र
[नगरीय विकास एवं आवास]
1. ( क्र. 29 ) श्री मुकेश मल्होत्रा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वार्ड 15 मोहनपुरा के निवासियों को मुख्य नगर पालिका अधिकारी को आवेदन देने तथा वर्ष 2020 से भूमि पर निवास करने के बाद भी भूमि अधिकार प्रमाण पत्र जारी नहीं किये गये हैं? (ख) वार्ड 15 मोहनपुरा में निवासरत लगभग 150-200 परिवारों को आवासीय भूमि अधिकार प्रमाण-पत्र प्रदान करने के लिए विभागीय स्तर पर क्या कार्यवाही की गई है? (ग) यदि प्रश्नांश (क) एवं (ख) में दी गई जानकारी सही है तो वार्ड 15 मोहनपुरा के निवासियों को भू-अधिकार प्रमाण-पत्र कब तक प्रदान कर दिये जायेंगे? यदि नहीं, तो कृपया कारण और समय-सीमा बताएं।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं। अपितु मध्यप्रदेश नगरीय क्षेत्रों के भूमिहीन व्यक्ति (पट्टाधृति अधिकारों का प्रदान किया जाना) अधिनियम, 1984 के प्रावधान अनुसार नगरीय विकास एवं आवास विभाग तथा राजस्व विभाग के आदेश क्रमांक 4209 दिनांक 17.11.2025 द्वारा कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) उत्तरांश "क" अनुसार अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) विजयपुर द्वारा गठित दल द्वारा वार्ड 15 से आवासीय पट्टा हेतु प्राप्त 94 आवेदनों की सर्वे कर जांच की गई जिसमें से 33 हितग्राही पात्र पाये गये तथा 61 हितग्राही भूमि संबंधित दस्तावेज नहीं होने, नगरीय सीमा से बाहर के दस्तावेज होने से, पूर्व में आवास स्वीकृत होने के कारण अपात्र पाये गये है। अंतिम सूची का प्रकाशन दावे आपत्तियों के निराकरण उपरांत अंतिम पात्रता सूची विहित प्राधिकारी के हस्ताक्षर से जारी किये जाने के उपरांत नियमानुसार पट्टे प्रदान करने की कार्यवाही की जायेगी। (ग) उत्तरांश "क" एवं ''ख'' अनुसार कार्यवाही पूर्ण होने पर केवल पात्र परिवारों को पट्टे वितरित किये जायेंगे।
स्थाई पट्टों के वितरण की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
2. ( क्र. 110 ) श्री रमेश प्रसाद खटीक : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले की करैरा विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत नगर परिषद करैरा, नरवर, मगरोनी में वर्ष 2024-25 में किस-किस वार्ड में कितने-कितने हितग्राही है जिन्हें स्थाई पट्टे वितरित किये गये है ऐसे कितने हितग्राही है जिन्हें स्थाई पट्टे दिये गये एवं चिन्हित किया गया है? (ख) विभाग ने नगर परिषद क्षेत्रातंर्गत सम्मिलित किये हितग्राहियों को स्थाई पट्टे वितरित किये जाने हेतु कोई प्रस्ताव विभाग के समक्ष है? (ग) यदि हाँ तो कब उनकी स्थाई पट्टे देकर आवास स्वीकृत किये जावेंगे?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) शिवपुरी जिले की करैरा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत नगर परिषद करैरा, नरवर एवं मगरौनी में वर्ष 2024-25 में कोई पट्टे वितरित नहीं किए गये है। (ख) जी हाँ। मध्यप्रदेश नगरीय क्षेत्रों के भूमिहीन व्यक्ति (पट्टाधृति अधिकारों का प्रदान किया जाना) अधिनियम, 1984 के प्रावधान अनुसार नगरीय विकास एवं आवास विभाग तथा राजस्व विभाग के आदेश क्रमांक 4209 दिनांक 17.11.2025 के अनुपालन में कार्यवाही कर नगर परिषद करैरा, नरवर एवं मगरौनी में क्रमश: 04, 12 एवं 04 हितग्राही पट्टे हेतु चिन्हित किये गये है। अंतिम सूची प्रकाशन उपरांत पट्टा वितरण किये जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) पट्टे वितरण उपरांत पात्र हितग्राहियों की परियोजना निकाय द्वारा तैयार कर राज्य स्तरीय अप्राईजल कमेटी की अनुशंसा उपरांत राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति के अनुमोदन से भारत सरकार की केन्द्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक में स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किया जाता है। उपरोक्त परिप्रेक्ष्य में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
आउटसोर्स कर्मियों के नाम पर फर्जीवाड़ा
[नगरीय विकास एवं आवास]
3. ( क्र. 403 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सरकार को जबलपुर नगर निगम में नियमित/संविदा एवं आउटसोर्स कर्मचारियों (कम्प्यूटर, सफाई, अतिक्रमण, फायर आदि विभागों में) के नाम पर फर्जीवाड़े की जानकारी है? (ख) ई-बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम (एईबीएएस/फेस रिकग्निशन) 1 सितंबर 2025 से लागू होने के बाद औसतन कितने कर्मचारी उपस्थित हो रहे हैं तथा कितने कर्मचारी गायब हैं, विभागवार इनकी संख्या एवं फर्जीवाड़े की अवधि (सालों से चली आ रही) का विवरण क्या है? (ग) इस फर्जीवाड़े से नगर निगम को कितना अनुमानित मासिक आर्थिक नुकसान हुआ है? कुल घोटाले की राशि, जिम्मेदार आउटसोर्सिंग कंपनियां एवं दोषी अधिकारी कौन हैं? (घ) सरकार इस घोटाले की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों पर विभागीय/आपराधिक कार्रवाई कब तक करेगी तथा पूरे प्रदेश के नगर निगमों में एईबीएएस अनिवार्य कर भविष्य में फर्जीवाड़ा रोकेगी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नही। इस संबंध में संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास, भोपाल के स्तर पर कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। नगर निगम, जबलपुर में ऐसी कोई जानकारी संज्ञान में नहीं हैं। (ख) ई-बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम (एईबीएएस/फेस रिकग्निशन) 1 सितंबर 2025 से लागू होने के बाद नियमित, संविदा, 2544 आउटसोर्स 6055 कुल 8599 कर्मचारी उपस्थित हो रहे है। विभागवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) नियमित एवं ऑउटसोर्स कर्मचारियों का उपस्थिति पत्रक अनुसार भुगतान किया जाता है। ई-बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम अन्तर्गत कई बार तकनीकी त्रुटि के कारण उपस्थिति नहीं लग पाती है जिस पर उन कर्मचारियों की उपस्थिति भौतिक सत्यापन के आधार पर दर्ज की जाती हैं। किसी प्रकार का घोटाले/आर्थिक नुकसान एवं किसी के दोषी होने का प्रश्न ही उत्पन्न नहीं होता है। (घ) उपरोक्त उत्तरांश के अनुक्रम में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नमामि देवी नर्मदे प्रोजेक्ट व नर्मदा विकास पथ की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
4. ( क्र. 404 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट द्वारा नमामि देवी नर्मदे प्रोजेक्ट की कितनी राशि की डी.पी.आर. बनाकर स्वीकृति हेतु शासन को कब भेजी हैं? इस पर शासन ने क्या कार्यवाही की हैं? मूल योजना क्या हैं? इसका क्रियान्वयन कब तक किया जावेगा? (ख) नर्मदा विकास पथ कारिडोर की मूल कार्य योजना अवधि व लागत क्या हैं? वर्तमान में उक्त कारिडोर की कार्य प्रगति क्या हैं एवं कब से किस स्तर पर लंबित हैं एवं क्यों? (ग) पतित पावनी मां नर्मदा के तटों को सरयू की तर्ज पर विकसित करने एवं व्यवस्थित करने की मूल कार्य योजना क्या हैं? इसके तहत नर्मदा तट पर कारिडोर बनाने एवं घाटों को दूसरे घाट से आपस में जोड़ने हेतु क्या कार्य योजना बनाई गई हैं? इसका क्रियान्वयन कब तक किया जावेगा? (घ) नर्मदा नदी को प्रदूषण मुक्त करने एवं इसके संरक्षण के लिये सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण पर क्या प्रावधान किया गया है, कितनी राशि व्यय हुई कहां-कहां पर एस.टी.पी. कितनी राशि में कहां-कहां पर बनाये गये हैं? वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक की जानकारी दें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट द्वारा नमामि देवी नर्मदे प्रोजेक्ट के अंतर्गत डी.पी.आर. नहीं बनायी गयी है न ही शासन की ओर स्वीकृति हेतु प्रेषित की गयी है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) नर्मदा विकास पथ कॉरिडोर हेतु कोई योजना तैयार नहीं की गई है एवं न ही वर्तमान में क्रियान्वित की जा रही है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) विभाग से संबंधित नही, इस संबंध में म.प्र. सड़क विकास निगम (MPRDC) द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार "जबलपुर के ग्वारीघाट, तिलवारा घाट को अयोध्या स्थित सरयू नदी के घाट की तर्ज पर विकसित किये जाने की मूल परियोजना है जिसमें ग्वारीघाट, तिलहरी घाट को एकीकृत कर सरयू घाटों की तर्ज पर एकरूपता प्रदान की जाना है एवं प्रदुषण को नियंत्रित कर घाटों का विकास, सोंदार्यीकरण और धार्मिक गरिमा स्थापित की जाना है। वर्तमान में परियोजना की डी.पी.आर. प्रगतिरत है, वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।" MPRDC का पत्र पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (घ) नर्मदा नदी में शहर के गंदे नालों का प्रदूषित जल ना मिले इस हेतु विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से मल-जल शोधन (STP) संयंत्रों का निर्माण किया गया है, STP के निर्माण स्थल एवं व्यय की गई राशि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–ब अनुसार है।
गौशालाओं की जानकारी
[पशुपालन एवं डेयरी]
5. ( क्र. 538 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल संभाग एवं नर्मदापुरम संभाग में वर्तमान में कुल कितनी गौशालाएं संचालित है? जिलावार, पंचायतवार उनकी संख्या क्या है तथा प्रत्येक गौशाला में कितने गौवंश संरक्षित है? 03 वर्ष में प्रति गौवंश हेतु शासन द्वारा किस मान से, कितना अनुदान स्वीकृत कर वास्तविक रूप से वितरित किया जा रहा है? विगत 01 वर्ष में इन पंजीकृत गौशालाओं में कितने गौवंश पंजीकृत किये गये एवं इनमें से कितने गौवंश की किस कारण से मृत्यु हुई? मृत गौवंश को किस विधि से विनिष्टीकरण किया गया? माहवार जानकारी प्रदान की जावे। (ख) गौशालाओं में उत्पन्न गोबर/खाद के विक्रय/निपटारण हेतु शासन द्वारा क्या नियम एवं दिशा-निर्देश निर्धारित हैं? विगत तीन वर्षों में गौशालाओं द्वारा किस-किस प्रकार से गोबर/खाद का निपटारण किया गया? इस उत्पाद विक्रय से कितनी आय अर्जित हुई, इसका जिलावार विवरण क्या है तथा उक्त राशि का उपयोग किन मदों में किया गया? (ग) क्या गौशालाओं के संचालन, अनुदान एवं गौवंश मृत्यु संबंधी तथ्यों का स्वतंत्र ऑडिट कराया गया है? यदि हाँ, तो ऑडिट रिपोर्ट सदन पटल पर रखी जाएगी या नहीं? यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें? हरदा जिले में पंजीकृत गौशालाओं के नाम, संचालनकर्ता का नाम, मोबाईल नंबर, गौशाला का प्रकार की जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) क्या भोपाल स्लॉटर हाउस में जनवरी 2026 में गौमांस की पुष्टि मथुरा प्रयोगशाला द्वारा की गई है? प्रयोगशाला की रिपोर्ट उपलब्ध करावें। कुल कितने गौवंश की हत्या की गई है? जांच की वर्तमान स्थिति क्या है? जांच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध करावें। क्या स्लॉटर संचालक के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज की गई है? हाँ, तो इसकी प्रति उपलब्ध करावें। नहीं तो क्यों?
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) भोपाल एवं नर्मदापुरम संभाग में कुल 573 गौशालाएं संचालित है। जिलेवार एवं पंचायतवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - ''अ'' अनुसार। विगत 03 वर्षों में से वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 में राशि रूपये 20/- प्रति गौवंश प्रति दिवस के मान से तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में राशि रूपये 40/- प्रति गौवंश प्रति दिवस के मान से अनुदान वितरित किया गया। विगत 01 वर्ष में इन प्रजीकृत गौशालाओं में गौवंश पंजीकरण एवं गौवंश मृत्यु तथा मृत गौवंश के विनिष्टिकरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - ''ब'' अनुसार। (ख) गौशालाओं को स्वावलंबी बनाने हेतु गोबर/गौमूत्र से विभिन्न उत्पादों के निर्माण संबंधी गतिविधियां अपनाने का परामर्श है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - ''स'' अनुसार। शासन द्वारा गौशालाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। प्राप्त गौ उत्पादों का विपणन गौशाला समितियों द्वारा किया जाता है। जिसकी जानकारी विभाग द्वारा संधारित नहीं की जाती है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) गौशालाओं द्वारा शासन से प्राप्त अनुदान का ऑडिट कराए जाने के निर्देश है। गौशालाओं में गौवंश मृत्यु रजिस्टर बनाए जाने के निर्देश है। गौशालाएं स्वयं सेवी संस्थाओं/स्वसहायता समूहों/ग्राम पंचायतों द्वारा संचालित की जाती है, जिसके ऑडिट रिपोर्ट को सदन के पटल पर रखे जाने का प्रावधान नहीं है। हरदा जिले में पंजीकृत गौशालाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - ''द'' अनुसार। (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
अवैध होस्टल का निर्माण
[नगरीय विकास एवं आवास]
6. ( क्र. 601 ) श्री महेन्द्र हार्डिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या इन्दौर स्थित महालक्ष्मी नगर आवासीय कॉलोनी है एवं यहॉं पर अधिकांशतया आवासीय नक्शे स्वीकृत है। यदि हाँ तो क्या महालक्ष्मी नगर में विगत कई वर्षों से अवैध होस्टल निर्माण लगातार किए जा रहे हैं जिसकी शिकायतें रहवासियों द्वारा की जा रही है। रहवासियों की शिकायतों पर अभी तक कितनों पर कार्यवाही की गई। सूची उपलब्ध करावें। (ख) आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियों को संचालित करने की अनुमति किसके द्वारा दी गई है। (ग) क्षेत्र में महालक्ष्मी नगर, वीणा नगर, स्कीम नं. 94, साईकृपा कॉलोनी आदि आवासीय कॉलोनियों में हॉस्टल, होटल, स्टूडियों अपार्टमेंट की अनुमतियां जनहित में कब निरस्त की जावेगी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। प्राप्त शिकायतों पर नगर पालिक निगम इन्दौर द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) म.प्र. भूमि विकास नियम 2012 एवं इन्दौर विकास योजना 2021 के अंतर्गत नगर पालिक निगम इंदौर द्वारा पात्र भूखण्डों पर मिश्रित उपयोग के लिए भवन निर्माण अनुज्ञा प्रदान की गई है। (ग) प्रश्नांकित आवासीय कालोनियों में हॉस्टल, होटल, स्टूडियों आपर्टमेंट की अनुमतियां नगर पालिक निगम इंदौर द्वारा जारी नहीं की गई हैं, उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
खतरनाक बहुमंजिला भवन के स्थान पर नया भवन निर्माण
[नगरीय विकास एवं आवास]
7. ( क्र. 602 ) श्री महेन्द्र हार्डिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या इन्दौर स्थित नेहरू नगर में 17 बहुमंजिला भवन का निर्माण म.प्र. गृह निर्माण मण्डल द्वारा लगभग 50 वर्ष पूर्व कराया गया है एवं वर्तमान में इनकी स्थिति जीर्ण-शीर्ण है? क्या मण्डल द्वारा उक्त आवासीय भवनों को तोड़कर इनके स्थान पर नवीन भवन बनाए जाने का प्रस्ताव विचाराधीन है। (ख) यदि हाँ, तो उक्त जीर्ण-शीर्ण भवनों को तोड़कर नये भवन निर्माण कब तक किए जावेंगे? यदि कोई घटना या दुर्घटना या जनहानि होती है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा। कार्य की समय-सीमा बतावें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) मण्डल द्वारा इन भवनों के पुनः निर्माण हेतु म.प्र. शासन की पूर्ण विकास नीति वर्ष 2022 के अनुसार प्रस्ताव का प्रारंभिक परियोजना प्रवितेदन (पी.पी.आर.) साधिकार समिति द्वारा दिनांक 23/04/2025 को स्वीकृत किया गया है, योजना हेतु तकनीकी सलाहकार के रूप में मेहता एंड मेहता एसोसिएट्स को दिनांक 05/06/2025 को नियुक्त किया गया है, योजना का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डी.पी.आर.) तैयार किया जा रहा है तथा विभिन्न विभागों से हाईराइस एवं अन्य अनुमतियां प्राप्त करने की कार्यवाही की जा रही है। नगर पालिक निगम इंदौर द्वारा भवनों को जर्जर घोषित किया गया है। मण्डल द्वारा समस्त रहवासियों को भवन रिक्त करने हेतु समय-समय पर नोटिस दिये गये है तथा समाचार पत्र में भी विज्ञप्ति प्रकाशित की गई है। रहवासियों द्वारा भवन रिक्त नहीं किये जा रहे है, अतः इसके लिए किसी की जिम्मेदारी निर्धारित करने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। आवश्यक अनुमतियां एवं सभी भवनों के रिक्त होने पर ही मण्डल द्वारा भवन निर्माण किया जाएगा। अतः कार्य की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
जिम्मेदारों पर कार्यवाही के साथ आपराधिक प्रकरण दर्ज करना
[लोक निर्माण]
8. ( क्र. 910 ) श्री अभय मिश्रा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या रीवा संभाग के जिलों में लोक निर्माण विभाग द्वारा वर्ष 2020 से प्रश्नांश दिनांक के दौरान मार्गों के सुधार के कार्य कराये गये तो किन-किन किलोमीटर पर किन-किन मार्गों पर कितनी-कितनी लागत से अनुबंध की किन शर्तों पर कार्यादेश जारी करावे गये जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार कार्यों में कितने कार्यों हेतु निविदा आहुत की गई एवं कितने कार्य वर्क ऑर्डर पर कराये गये का विवरण प्रश्नांश (क) अनुसार देवें? निविदा आहुत करने एवं वर्क ऑर्डर बावत् शासन के क्या निर्देश है प्रति के साथ जानकारी देवें इस बावत् अपनायी गई विधि प्रक्रिया संबंधी तैयार की गई नस्ती की प्रति भी देवे? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार स्वीकृत कार्यों हेतु अपनायी गई विधि प्रक्रिया की अनुमति किन सक्षम अधिकारियों से प्राप्त की गई पदनाम सहित विवरण देवें इन कार्यों के सत्यापन मौके पर किन अधिकारियों द्वार किये गये सत्यापन के दौरान उपयोग किये गये वाहन की लॉकबुक व एम.बी. की जानकारी देवें? (घ) प्रश्नांश (क) अनुसार कराये गये कार्य में व्यक्तिगत हितपूर्ति कर निविदा आहुत किये बगैर कार्यादेश जारी कर नियम विरुद्ध कार्य कराये गये जिनका सत्यापन कराये बगैर मौके पर बगैर कार्य के कूटरचित आधारों पर बिल व्हाउचर तैयार कर राशि आहरित की गई जिसकी जाँच एवं कार्यवाही बाबत क्या निर्देश देंगे बतावें अगर नहीं तो क्यों?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) मध्यप्रदेश शासन द्वारा अनुमोदित निविदा प्रपत्र-2.10 एवं भारत सरकार द्वारा अनुमोदित ई.पी.सी. निविदा प्रपत्र की शर्तों पर निविदा आमंत्रित की जाकर अनुबंध संपादित किए गए तथा कार्यादेश जारी किए गए। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ, 'अ-1' एवं 'ब' अनुसार है। (ख) लो.नि.वि. (भ/प) के अंतर्गत कुल 42-कार्यों की निविदा आमंत्रित की गई तथा कुल 40-कार्यों को वर्क ऑडर पर कराया गया। निविदा आहुत करने एवं वर्क ऑडर पर कार्य कराये जाने सम्बंधी शासन के निर्देश एवं विधि प्रक्रिया संबंधी परिपत्र क्रमांक 3249/2016/19 भोपाल दिनांक 09.06.2016 की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। म.प्र. सड़क विकास निगम अंतर्गत उत्तरांश 'क' में उल्लेखित कार्यों में से 51 कार्य वर्क ऑर्डर के माध्यम से कराये गये, 22 कार्य हेतु निविदा आहुत की जाकर कार्य सम्पादित किए गए। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं 'ब' अनुसार है। (ग) स्वीकृत कार्यों हेतु अपनायी गई विधि प्रक्रिया की अनुमति संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ, 'अ-1' एवं 'ब' के कॉलम क्रमांक-15 अनुसार है। (घ) वर्क ऑर्डर पर कराये गए कार्यादेशों की जांच हेतु मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग, रीवा को निर्देशित किया गया है। छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है।
आर.डी.एस.एस. योजना अंतर्गत कार्य
[ऊर्जा]
9. ( क्र. 911 ) श्री अभय मिश्रा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के पत्र क्रमांक-1070 दिनांक 10.07.2025 एवं पत्र क्रमांक-1245 दिनांक 09.12.2025 पर कार्यालय कार्यपालन अभियंता (सं./सं.) म.प्र.पू. क्षे.वि.वि.कं.लि. पश्चिम संभाग रीवा के द्वारा पत्र क्रमांक-2352 दिनांक 23.10.2025 द्वारा दी गई जानकारी अनुसार जानकारी में क्रमांक-01 से 53 तक के कार्य आर.डी.एस.एस. योजना के अन्तर्गत प्रगतिरत होने की जानकारी दी गई है, तो कार्यों की वर्तमान में भौतिक स्थिति क्या है कार्यवार विवरण देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित पत्र अनुसार दी गई जानकारी में कुछ कार्यों हेतु आर.डी.एस.एस. योजना से कार्य कराया जाना संभव नहीं है की भी जानकारी दी गई जबकि किसानों के सिंचाई हेतु कार्य कराये जाने बावत् योजना में स्पष्ट निर्देश है विधानसभा प्रश्न क्रमांक-1339 दिनांक 07.08.2025 के उत्तर में तकनीकी साध्यता एवं उपभोक्ताओं को लाभान्वित करने के लिये आंशिक परिवर्तन कर लाइन निर्माण के कार्य कराये गये जिसके लिये कनिष्ठ अभियंता से सहमति प्राप्त की गई इसी तरह प्रश्नांश (क) में उल्लेखित पत्र अनुसार दी गई जानकारी अनुसार किसानों को लाभ देने के लिये लाइन परिवर्तन कर विद्युतीकरण के कार्य कराने बावत् निर्देश देंगे बतायें अगर नहीं तो क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार उल्लेखित पत्र पर दी गई जानकारी अनुसार कार्यों को समय पर पूरा न करने एवं प्रश्नांश (ख) अनुसार किसानों की मांग पर प्रश्न क्रमांक-1339 दिनांक 07.08.2025 में दिये गये उत्तर अनुसार लाइन परिवर्तन कर विद्युतीकरण के कार्य बावत् निर्देश देंगे बतावें अगर नहीं तो क्यों?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) माननीय प्रश्नकर्ता विधायक महोदय द्वारा प्रेषित पत्रों यथा पत्र क्रमांक-1070 दिनांक 10.07.2025 एवं पत्र क्रमांक 1245 दिनांक 09.12.2025 के प्रतिउत्तर में म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के क्षेत्रांतर्गत संचा./संधा. कार्यपालन अभियंता पश्चिम संभाग, रीवा द्वारा क्रमश: पत्र क्रमांक 2352 दिनांक 23.10.2025 एवं पृष्ठांकित पत्र क्रमांक 3034 दिनांक 29.12.2025 के माध्यम से सरल क्रमांक-01 से 53 तक के कार्य आर.डी.एस.एस. योजना के अन्तर्गत प्रगतिरत होने नहीं, अपितु कुछ कार्य योजनांतर्गत स्वीकृत होने बावत् अवगत करवाया गया है। स्वीकृत कार्यों की अद्यतन स्थिति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) में उल्लेखित पत्रों में वर्णित कुछ कार्य कृषकों के खेतों में वितरण ट्रांसफार्मर लगाये जाने से संबंधित है, जो कि आर.डी.एस.एस. योजना में निहित प्रावधानों अनुरूप साध्य नहीं होने के कारण शामिल नहीं किये जा सके है। साथ ही आर.डी.एस.एस. योजनांतर्गत स्वीकृत कार्यों के क्रियान्वयन के समय लाइन निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय स्तर पर आर.ओ.डब्ल्यू. इत्यादि की समस्या आने पर मार्ग परिवर्तन सक्षम अनुमोदन उपरांत करवाये जाते है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। (ग) संचा./संधा. कार्यपालन अभियंता पश्चिम संभाग, रीवा द्वारा प्रेषित प्रतिउत्तर एवं उत्तरांश (क) में उल्लेखित स्वीकृत कार्यों के परिप्रेक्ष्य में प्रगतिरत कार्यों को माह जुलाई-2026 तक पूर्ण किये जाने का लक्ष्य है। उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न नहीं उठता है।
राशि वसूली के साथ कार्यवाही
[लोक निर्माण]
10. ( क्र. 912 ) श्री अभय मिश्रा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा संभाग क्या लोक निर्माण विभाग में अधिकारियों/कर्मचारियों/संविदाकारों के विरूद्ध की गई जांचों में दोषी माना गया प्रतिवेदन अनुसार इन संबंधित दोषियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही के साथ इन पर वसूली हेतु कितनी राशि लंबित है, की जानकारी वर्ष 2020 से प्रश्नांश दिनांक तक की देते हुये वसूली बावत् क्या निर्देश देंगे बतावें? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार उल्लेखित आधारों पर जिन अधिकारियों/कर्मचारियों की जाँच लंबित है एवं राशि वसूली प्रस्तावित की गई है उनमें से कितने अधिकारी/कर्मचारी सेवारत है एवं कितने सेवानिवृत्त हो चुके है पद सहित जिलेवार विवरण देवें इनमें से जो सेवानिवृत्त हो चुके है उनसे राशि वसूली बावत् क्या विधि प्रक्रिया अपनायी गई व इनसे वसूली की स्थिति क्या है? जिलेवार पृथक से बतावें। (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार जिन संविदाकारों से राशि वसूली की कार्यवाही प्रस्तावित की गई उनके नाम, पते सहित विवरण जिलेवार देवें इनके ब्लैक लिस्टेड किये जाने की कार्यवाही की जानकारी जिलेवार देते हुये बतावें कि इनमें से कितने संविदाकारों से आज भी कार्य लिये जा रहे है तो क्यों इनके ब्लैक लिस्टेड किये जाने बावत् क्या निर्देश देंगे बतावें जिन संविदाकारों द्वारा कार्यादेश के बाद अनुबंध नहीं किया गया फिर भी उन्हें ब्लैक लिस्टेड नहीं किया गया क्यों इस पर कार्यवाही के निर्देश क्या देंगे बतावें? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार कितने ऐसे अधिकारी/कर्मचारी/संविदाकार माननीय उच्च न्यायालय से वसूली एवं कार्यवाही पर स्थगन प्राप्त किया है उनके स्थगन समाप्त कराये जाने बावत् कब-कब, कौन-कौन सी कार्यवाही की गई प्रति देते हुये बतावें अगर नहीं की गई तो क्यों इसके लिये कौन उत्तरदायी है? इन पर कार्यवाही के क्या निर्देश देंगे बतावें? (ड.) प्रश्नांश (क), (ख), (ग) एवं (घ) अनुसार उल्लेखित आधारों पर कार्यवाही बावत् क्या निर्देश देंगे बतावें अगर नहीं तो क्यों?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं 'ब' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब, 'अ-1' एवं 'ब-1' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं 'ब' अनुसार है। (ड.) उत्तरांश 'क', 'ख', 'ग' एवं 'घ' के परिप्रेक्ष्य में कार्यवाही विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं 'ब' अनुसार है, शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
पशुपालन विभाग से संबंधित योजनाएं
[पशुपालन एवं डेयरी]
11. ( क्र. 928 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में वर्तमान में पशुपालन विभाग द्वारा कितनी योजनाएं एवं अनुदान/सब्सिडी योजनाएं संचालित की जा रही है? कृपया इन समस्त योजनाओं का विवरण देते हुए यह भी बतावें कि इनमें से कौन-कौन सी योजनाएं एवं सब्सिडी टिमरनी विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में संचालित की जा रही हैं तथा कौन-कौन सी योजनाएं एवं सब्सिडी अब तक टिमरनी विधानसभा क्षेत्र में संचालित नहीं की गई हैं। साथ ही जो योजनाएं टिमरनी विधानसभा क्षेत्र में संचालित नहीं हैं, उन्हें प्रारंभ किए जाने की प्रस्तावित समय-सीमा क्या है, इसका स्पष्ट विवरण भी उपलब्ध करावें। (ख) दिनांक 01 जनवरी, 2015 से शासन पशु कल्याण हेतु प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत क्या-क्या कार्य किये गये? जिले में कुल कितने पशु स्वास्थ्य रक्षा एवं संवर्धन संस्थान संचालित है? इनमें कितने पशु चिकित्सा में दक्ष अधिकारी विभिन्न पदों पर पदस्थ है? पदनाम, कुल स्वीकृत पद रिक्त पद भरे पदों एवं संस्थानों के अंतर्गत आने वाले ग्रामों सहित जानकारी दी जावे। राजाबरारी एवं पटाल्दा में पशु औषधालय खोले जाने की क्या स्थिति है? (ग) शासन द्वारा प्रश्नकर्ता की विधानसभा अंतर्गत पशु प्रजनन केन्द्र, ब्रीडिंग सेन्टर कुक्कुट पालन केन्द्र, डेयरी दुग्ध संयंत्र, पशुओं की शोधशाला/प्रयोगशाला, महाविद्यालय निर्माण हेतु क्या-क्या प्रयास किये जा रहे है? पृथक-पृथक बतावें। (घ) हरदा जिले में कुल कितने-कितने पशु किस-किस प्रजाति के है? इनकी ग्रामवार संख्या बतावें।
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नही। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' एवं ''स'' अनुसार है। ग्राम राजाबरारी में पूर्व से ही पशु औषधालय संचालित है। ग्राम पटाल्दा में पशु औषधालय खोले जाने का प्रस्ताव प्राप्त है। शासन स्वीकृति उपरांत स्थापित किये जायेगे। (ग) शासन द्वारा टिमरनी विधानसभा क्षेत्र में पशु प्रजनन क्रेन्द्र के रूप में मुख्य ग्राम खण्ड संचालित है। जिसके अधीन 10 मुख्य ग्राम ईकाई एवं 03 पशु औषधालय संचालित है। कुक्कुट पालन केन्द्र डेयरी दुग्ध संयंत्र पशु की शोधशाला/प्रयोगशाला, महाविद्यालय निर्माण प्रस्ताव वर्तमान में विधाराधीन नहीं है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''द'' अनुसार है।
पुल एवं सड़क निर्माण को बजट में जोड़ना
[लोक निर्माण]
12. ( क्र. 1089 ) श्री नरेन्द्र प्रजापति [इंजीनियर] : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा मनगवां-73 की 2022 से अब तक कितनी सड़कों के लिये बजट आवंटित किया गया? सड़क का नाम एवं राशि की जानकारी देने की कृपा करें। (ख) ग्राम पंचायत पैपखरा एवं बसेंड़ा के बीच का पुल जिसमें वर्षा के दिनों में दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, को बजट में शामिल कर कब निर्माण शुरू किया जायेगा? (ग) ग्राम पंचायत लालगांव से बौंडरा वाया भौखरी कैथा मार्ग दूरी 09 किमी. को एवं हिनौती, बड़ियौर, बधविल मार्ग दूरी- 03 कि.मी. को बजट में शामिल कर कब से निर्माण शुरु किया जायेगा?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) मनगवां-73 विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुल 23 कार्यों का बजट आवंटित किया है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ के स्तंभ क्र. 2 एवं 4 में वर्णित अनुसार है। (ख) थाना प्रभारी थाना मनगवां जिला रीवा से प्राप्त पत्र संलग्न परिशिष्ट-1 अनुसार है। वर्तमान में कार्य किसी योजना में न तो स्वीकृत है, न ही सम्मिलित है। अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। (ग) वर्णित कार्य वर्तमान में किसी योजना में न तो स्वीकृत है, न ही सम्मिलित है। अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।
नगर परिषद मनगवां में निर्माण कार्यों की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
13. ( क्र. 1163 ) श्री नरेन्द्र प्रजापति [इंजीनियर] : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा मनगवां 73 के नगर परिषद मनगवां में लोकायुक्त प्र.क्र. 162/2017 में दोषियों के विरूद्ध पंजीबद्ध है जिस पर अभी तक कार्यवाही नहीं हुयी है क्यों? (ख) कलेक्टर कार्यालय रीवा में कब से एक ही पद पर एक ही सेक्शन में कर्मचारी कई वर्षों से पदस्थ है? उन्हें कब तक अन्यत्र स्थानांतरित किया जायेगा? जानकारी दें। (ग) नगर परिषद मनगवां में दोषी पार्षदों, अध्यक्ष, पूर्व पार्षद, दो तत्कालीन सीएमओ एवं निकाय के कर्मचारियों को कलेक्टर रीवा द्वारा 14 की संख्या में आरोपी बनाकर पार्षदों एवं पूर्व पाषदों को नोटिस जारी कर जवाब लेने के बावजूद कार्यवाही न करने का क्या कारण है? भ्रष्टाचार उन्मूलन/निष्पादन के तहत उक्त प्रकरण पर कब तक आदेश जारी किया जायेंगे? (घ) नगर परिषद मनगवां में वर्ष 2022 से आज तक जितने निर्माण कार्य किये गये उसके निविदा सप्लाई ऑर्डर, वर्कऑर्डर किये गये है, उसकी पूरी जानकारी दी जाये क्या जांच दल प्रदेश स्तर से बनाकर यह जांच कराई जायेंगी? क्या जिन कार्यों के निर्माण/भुगतान किया गया है वह गुणवत्तापूर्ण है, उनमें भुगतान सही हुआ है या नहीं, इसकी जांच शासन स्तर से कराई जाये? समय-सीमा बताएं।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ, लोकायुक्त जां.प्र. 162/17 पंजीबद्ध था, जिस पर कार्यवाही पूर्ण होने के उपरांत उक्त प्रकरण संगठन स्तर से समाप्त किया गया है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ग) कलेक्टर जिला-रीवा द्वारा 6 वर्तमान पार्षदों एवं 02 पूर्व पार्षदों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया जाकर कलेक्टर न्यायालय में सुनवाई की जा रही है। चूंकि प्रकरण में न्यायालयीन कार्रवाई प्रक्रियाधीन है, अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब'अनुसार है। निकाय क्षेत्र के अंतर्गत कराए गए कार्यों का मूल्यांकन निकाय के उपयंत्री द्वारा एवं कार्य की गुणवत्ता का परीक्षण समय-समय पर संभागीय कार्यपालन यंत्री द्वारा किया जाता है। साथ ही कार्य की गुणवत्ता के संबंध में जांच दल भेजा जाकर कार्य का परीक्षण कराया जाता है। उपरोक्त के अतिरिक्त संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास द्वारा भी SQM एवं UIQM की नियुक्ति की गई है, उनके द्वारा भी निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया जाता है। कार्य गुणवत्ता के अनुसार ही किए गए हैं। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
प्रधानमंत्री आवास निर्माण की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
14. ( क्र. 1336 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल में प्रधानमंत्री आवास निर्माण की कितनी योजनायें संचालित हैं तथा इनके निर्माण कार्य प्रारंभ होने की तिथि क्या है? इनका निर्माण कार्य कब तक पूर्ण हो जायेंगे? (ख) क्या इन योजनाओं में हुये त्रुटिपूर्ण निर्माण की जांच नगर निगम के अलावा किसी अन्य जांच एजेन्सी से कराई जावेगी?यदि हाँ तो कब? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) प्रधानमंत्री आवास की आलम नगर योजना में निर्माण कार्य कब तक पूर्ण हो जायेंगे?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगर पालिक निगम भोपाल में प्रधानमंत्री आवास योजनान्तर्गत 21 स्थलों पर 21 परियोजनाएं संचालित है। परियोजना प्रारंभ होने की तिथि संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। परियोजनाओं के पूर्ण होने की संभावित तिथि संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। भारत सरकार के दिशा-निर्देश अनुसार परियोजनाओं के लिये तृतीय पक्ष निगरानी एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने की व्यवस्था है एवं निकाय के यंत्रियों द्वारा सतत रूप से परियोजना का पर्यवेक्षण किया जाता है जिसमें कोई त्रुटिपूर्ण निर्माण परिलक्षित नहीं हुआ है। उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रधानमंत्री आवास योजना अन्तर्गत आलम नगर योजना में निर्माण कार्य दिनांक 30 अप्रैल 2026 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है।
विभाग
द्वारा
संचलित
योजनाओं की
जानकारी
[पशुपालन एवं डेयरी]
15. ( क्र. 1397 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा प्रदेश में कौन कौन सी योजनाएं संचालित की जा रही है? (ख) उक्त योजनाओं में से दमोह जिले की हटा विधानसभा विभाग की कौन-कौन सी योजनाएं संचालित हैI योजना का नामवार जानकारी देंI (ग) प्रश्नांश (ख) वर्णित योजनाओं में से दमोह जिले की हटा विधानसभा में वर्ष 2023-24 किन-किन योजनाओं में किन-किन हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया योजनावार हितग्राहियों का नाम व स्थान सहित सूची देंI वर्ष 2025-26 में किन-किन योजनाओं में कितना-कितना लक्ष्य प्राप्त हुआ है योजनवार जानकारी दें?
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' एवं ''द'' अनुसार है।
दमोह जिले की नगरपालिका हटा की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
16. ( क्र. 1398 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह जिले की नगर पालिका हटा में वर्ष 2025-26 में कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किये गये है। वार्ड क्रमांक 09 चण्डी जी वार्ड में मुकेश खटीक के मकान से शेखर खटीक तथा लालचंद खटीक के मकान तक नाली एवं सी.सी.रोड निर्माण कार्य की ई-निविदा जारी की गई थी? (ख) क्या व्यापक प्रचार प्रसार के साथ ई-निविदा में एकल निविदा में प्राप्त दर को स्वीकृत किया जाने का प्रावधान है यदि हाँ, नियम की प्रति उपलब्ध करावें। (ग) क्या पी.आई.सी. की बैठक दिनांक 05.01.2026 के प्रस्ताव क्र. 38 ई-निविदा से प्राप्त दर एकल निविदा होने से तथा प्रस्ताव क्र.39 को मॉर्डन एजेंसी द्वारा कार्य पूर्ण न किये जाने के कारण तथा प्रस्ताव क्र. 40 को प्रचलित बाजार दर से कम होने के कारण निरस्त किया गया है? (घ) क्या मुख्य नगरपालिका अधिकारी हटा के द्वारा पुनः विचार हेतु पी.आई.सी. को प्रस्ताव वापिस किया गया है? क्या पी.आई.सी. द्वारा प्रस्ताव पर पुनः विचार किया गया हाँ या नहीं यदि नहीं, तो क्यों नहीं पुनः विचार नहीं किये जाने पर पी.आई.सी. के विरुद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? (ड.) प्रश्नांश (ग) के अनुसार पी.आई.सी. के द्वारा मनमर्जी से प्रस्ताव निरस्त किये जा रहे है, पी.आई.सी. पर क्या कार्यवाही और कब की जावेगी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जी हाँ। (ख) जी हाँ। नियम की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। (घ) जी हाँ। PIC के समक्ष प्रकरण स्वीकृति हेतु विचाराधीन है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) प्रकरण PIC के समक्ष विचाराधीन होने से शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
लोकायुक्त भोपाल को गलत जानकारी भेजना
[नगरीय विकास एवं आवास]
17. ( क्र. 1429 ) डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिक निगम सतना के पत्र क्र. 713/लो.सू.शा./न.पा.नि./2025 सतना दिनांक 20.11.2025 से सचिव मेयर इन कौंसिल नगर पालिक निगम सतना ने लेख किया है कि 17.11.2025 को एम.आई.सी. की बैठक न तो प्रस्तावित थी और न ही आहूत की गयी थी? पत्र की एक प्रतिलिपि दें? (ख) कार्यालय नगर पालिक निगम सतना के पत्र क्रमांक/119/न.पा.नि./2025 सतना दिनांक 20.11.2025 के पत्र में लेख किया गया है कि 17.11.2025 को निगम का सम्मेलन आयोजित नहीं किया गया है? उक्त पत्र की एक प्रति दें? (ग) क्या लोकायुक्त कार्यालय म.प्र. के पत्र क्र. 4927/37/सी.एस.ई./2023/जा.प्र. 312/2020 भोपाल दिनांक 09.10.2025 से संतोष प्रसाद शुक्ल उप विधि सलाहकार ने आयुक्त नगर पालिक निगम को 17.11.2025 समय 11 बजकर 30 मिनट बजे माननीय के समक्ष उपस्थित हेतु तिथि नियत की जाती है, का लेख किया है? पत्र की एक प्रति दें? (घ) चौराहा सौंदर्यीकरण घोटाला जो कई करोड़ रू. का है, में लोकायुक्त कार्यालय को क्या आयुक्त नगर पालिक निगम ने पत्र लिखकर सूचित किया कि 17.11.2025 को निगम परिषद की बैठक आयोजित है अतः उपस्थित नहीं हो सकते? पत्र की एक प्रति उपलब्ध करायें? क्या उक्त घोटाले में नगरीय विकास विभाग ने भोपाल मुख्यालय से इस केस की पैरवी करने अधिकारी नियुक्त न करते हुये जहाँ ये घोटाला हुआ है वहीं के आयुक्त को उच्च न्यायालय में दस्तावेज पेश करने, नियुक्त कर रखा है? शासन कब तक उक्त अवैध पेशकर्ता एवं स्टे को हटाने हेतु क्या कार्यवाही करेगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। पत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) जी हाँ। पत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (ग) जी हाँ। पत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है। (घ) पत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'द' अनुसार है। मध्यप्रदेश नगरपालिका (मेयर-इन-काउसिंल/प्रेसीडेंट-इन-काउंसिल के काम-काज का संचालन तथा प्राधिकारियों की शक्तियां एवं कर्तव्य) नियम, 1998 के नियम 15 (4) के परन्तुक में यह प्रावधान है, कि आकस्मिक परिस्थितियों में एक दिन की पूर्व सूचना पर भी बैठक बुलाई जा सकेगी। उपरोक्त के दृष्टिगत माननीय महापौर द्वारा दिनांक 17.11.2025 को बैठक होने की जानकारी चर्चा में दी गई थी, परन्तु माननीय महापौर द्वारा कतिपय कारणों से दिनांक 17.11.2025 को मेयर-इन-काउसिंल की बैठक आहुत नहीं की गई। विभाग द्वारा उक्त प्रकरण में निगमायुक्त, सतना को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है एवं उक्त प्रकरण में माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर के समक्ष स्थगन समाप्त किए जाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया है।
पोर्टल पर दर्ज वक्फ संपत्तियों की जानकारी
[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]
18. ( क्र. 1434 ) श्री आरिफ मसूद [श्री मोंटू सोलंकी] : क्या राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वक्फ संशोधन एक्ट 2025 के तहत केंद्र सरकार द्वारा विकसित सेंट्रल उम्मीद पोर्टल पर प्रश्न दिनांक तक कौन-कौन सी वक्फ संपत्तियों की जानकारी मेकर स्तर से दर्ज की गई है, तहसीलवार, वक्फ संपत्तियों की सूची ऑनलाइन एप्लिकेशन नंबर सहित देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार ऑनलाइन दर्ज संपत्तियों में से कितनी संपत्तियों का डेटा उम्मीद पोर्टल पर चेकर स्तर से सत्यापित कर दिया गया है और कौन-कौन सी संपत्ति का डेटा सत्यापित होना शेष है, शेष रहने का कारण क्या है, वक्फ संपत्तिवार कारण सहित जानकारी उपलब्ध कराए। (ग) मेकर स्तर से उम्मीद पोर्टल पर दर्ज वक्फ संपत्तियों में से कितनी संपत्तियों का डेटा एप्रुवर स्तर से पोर्टल पर एप्रूव्ड कर दिया गया है, एप्रुव्ड संपत्तियों की सूची ऑनलाइन एप्लिकेशन नंबर सहित देवे, कितनी संपत्तियों का डेटा एप्रुव होना शेष है और इसके क्या कारण हैं, कारण सहित सूची देवे और कितनी वक्फ संपत्तियों का डेटा उम्मीद पोर्टल पर एप्रुवर के स्तर से रिजेक्ट कर दिया गया है, रिजेक्ट करने के कारण सहित वक्फ संपत्तिवार जानकारी देवें। (घ) उमीद पोर्टल पर दर्ज होने से शेष रही मध्यप्रदेश की राजपत्रित वक्फ संपत्तियों को उम्मीद पोर्टल पर दर्ज करने के लिए राज्य सरकार और वक्फ बोर्ड द्वारा क्या रणनीति बनाई है और कब तक शत प्रतिशत संपत्तियों को इस पर दर्ज कर दिया जाएगा, प्रमाणित रिकार्ड सहित जानकारी उपलब्ध करावें।
राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती कृष्णा गौर ) : (क) वक्फ संशोधन एक्ट 2025 के तहत केन्द्र सरकार द्वारा विकसित सेन्ट्रल उम्मीद पोर्टल पर मेकर स्तर से 25735 सम्पत्तियां दर्ज की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। यह जानकारी उम्मीद सेन्ट्रल पोर्टल पर आधारित जानकारी है। तहसीलवार वक्फ सम्पत्तियों की सूची ऑनलाइन एप्लीकेशन नंबर की रिपोर्ट वर्तमान में उम्मीद सेन्ट्रल पोर्टल में उपलब्ध नहीं है। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार ऑनलाइन दर्ज सम्पत्तियों में से 19501 सम्पत्तियों का डेटा उम्मीद पोर्टल पर चेकर स्तर से सत्यापित कर दिया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। वक्फ सम्पत्तियों का सत्यापन शेष रहने का कारण पोर्टल में विस्तृत जानकारी का अपलोड किया जाना एवं पोर्टल में समय-समय पर तकनीकी समस्या उत्पन्न होने के कारण इस समस्याओं के निराकरण के संबंध में भारत सरकार अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय से समन्वय किया जा रहा है। (ग) मेकर स्तर से उम्मीद पोर्टल पर दर्ज वक्फ सम्पत्तियों में से 11964 सम्पत्तियों का डेटा एप्रुवर स्तर से पोर्टल पर एप्रुव्ड कर दिया गया है, उक्त जानकारी उम्मीद सेन्ट्रल पोर्टल पर आधारित है किन्तु एप्रुव्ड सम्पत्तियों की सूची उम्मीद पोर्टल पर उपलब्ध नहीं होने के कारण एप्रुवर स्तर से 6139 सम्पत्तियों का एप्रुव किया जाना शेष है एवं शेष रहने का कारण पोर्टल में आ रही समय-समय पर तकनीकी समस्याओ के उत्पन्न होने के कारण उम्मीद पोर्टल पर एप्रुवर के स्तर से 1310 वक्फ आई.डी को रिजेक्ट किया गया है, रिजेक्ट करने का कारण भी पोर्टल में आ रही समय-समय पर तकनीकी समस्या का उत्पन्न होना एवं इन त्रुटियों को सुधार किया जाना है। एप्रुवर स्तर से रिजेक्ट की गई 1310 सम्पत्तियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। (घ) ''उम्मीद'' पोर्टल पर दर्ज होने से शेष रही म.प्र. की राजपत्रित वक्फ सम्पत्तियों को उम्मीद पोर्टल पर दर्ज करने के लिए उम्मीद अधिनियम 1995 (संशोधित 2025) के प्रावधान अनुसार माननीय वक्फ अधिकरण में म.प्र. वक्फ बोर्ड द्वारा प्रकरण क्रमांक MJC-24/2025 दायर किया गया जिस पर माननीय वक्फ अधिकरण द्वारा उम्मीद पोर्टल 2025 पर वक्फ सम्पत्तियों को उम्मीद पोर्टल पर दर्ज कराने हेतु 06 फरवरी 2026 तक के लिए समय-सीमा बढ़ाई गई तत्पश्चात माननीय वक्फ अधिकरण से समय बढ़ाने की मांग की गई, जिसकी सुनवाई दिनांक 06.02.2026 के पश्चात तीन माह का समय प्रदान किया गया है। समय-सीमा में वक्फ सम्पत्तियों का विवरण अपलोड करने हेतु म.प्र.वक्फ बोर्ड एवं राज्य शासन निरंतर प्रयासरत है। माननीय वक्फ अधिकरण द्वारा पारित आदेश की प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है।
विमुक्त घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु की बस्तियों में विकास
[विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण]
19. ( क्र. 1436 ) श्री अरूण भीमावद : क्या राज्य मंत्री, विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि क्या माननीय राज्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र 167 शाजापुर के अंतर्गत विमुक्त घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु की कितने मजरे-टोले है? इनकी बस्तियों के विकास हेतु शासन कौन-कौन सी योजनाएं है? (ख) विधानसभा क्षेत्र 167 शाजापुर को उक्त बस्तियों में 2023-2025 तक कितने व्यय हुआ तथा किन-किन विकास कार्यों में हुआ नाम सहित उपलब्ध करावेगा ? (ग) क्या प्रश्नांश (क) एवं (ख) के अनुसार क्षेत्रीय विधायक की अनुशंसा पर कार्य हुए है? यदि हाँ तो अनुशंसा पत्र उपलब्ध करावे और यदि नहीं, तो क्यों नहीं?
राज्य मंत्री, विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण ( श्रीमती कृष्णा गौर ) : (क) विधान सभा क्षेत्र 167 शाजापुर के अन्तर्गत विमुक्त घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ के मजरे टोले का सर्वे कार्य प्रगति पर है। बस्तियों के विकास हेतु मध्यप्रदेश विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति बस्ती विकास नियम 2013 संचालित है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट 'ब' अनुसार है।
पिछड़ा वर्ग अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए योजनाएं
[पशुपालन एवं डेयरी]
20. ( क्र. 1437 ) श्री अरूण भीमावद : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पशुपालन एवं डेयरी के संबंध में विभाग में कौन-कौन सी योजनाएं संचालित है? विस्तृत जानकारी उपलब्ध करावे? (ख) यदि हाँ जो पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति को पशुपालन एवं डेयरी के लिए सन् 2023 से 2025 तक लाभ दिया गया है? लाभार्थियों के नाम वर्ग सहित उपलब्ध करावें। (ग) क्या विभाग द्वारा क्षेत्रिय विधायक/ जनप्रतिनिधियों को सूचना पत्र प्राप्ति सहित उपलब्ध करवाया जावे? यदि नहीं, तो इसका दोषी कौन है?
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) जी हाँ, क्षेत्रीय विधायक/जनप्रतिनिधियों को जिला पंचायत की सामान्य सभा, कृषि स्थाई समिति की बैठक अथवा उनके चाहे जाने पर विस्तृत सूची प्रदान की जाती है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
रेस्ट हाउस के नवीनीकरण एवं विस्तार की जानकारी
[लोक निर्माण]
21. ( क्र. 1546 ) श्री मुरली भँवरा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) देवास जिले की बागली तहसील मुख्यालय में स्थित लोक निर्माण विभाग के पुराने रेस्ट हाउस की वर्तमान भौतिक स्थिति क्या है तथा इसका अंतिम नवीनीकरण कब कराया गया था? (ख) क्या उक्त रेस्ट हाउस अत्यंत पुराना एवं आकार में बहुत छोटा है, जबकि बागली विधानसभा क्षेत्र का मुख्यालय एवं तहसील मुख्यालय होने के कारण अनुभाग स्तर के समस्त अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं अन्य शासकीय अतिथि नियमित रूप से यहीं रुकते हैं? (ग) यदि हाँ, तो क्या वर्तमान रेस्ट हाउस की क्षमता आवश्यकता के अनुरूप नहीं होने से अधिकारियों एवं अतिथियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है? (घ) क्या लोक निर्माण विभाग द्वारा रेस्ट हाउस के नवीनीकरण के साथ-साथ विस्तार/नवीन भवन निर्माण हेतु कोई प्रस्ताव तैयार किया गया है? (ड.) यदि हाँ, तो उक्त प्रस्ताव की अनुमानित लागत कितनी है तथा वित्तीय स्वीकृति कब तक प्रदान की जाएगी? (च) यदि अब तक कोई प्रस्ताव तैयार नहीं किया गया है, तो इसके क्या कारण हैं?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) देवास जिले के बागली तहसील मुख्यालय में स्थित लोक निर्माण विभाग के पुराने रेस्ट हाउस की वर्तमान की भौतिक स्थिति सामान्य है। रेस्ट हाउस में समय-समय पर मरम्मत एवं संधारण कार्य किया जाता है। (ख) उक्त रेस्ट हाउस में 2 कक्ष, 1 हॉल, 1 किचन एवं डायनिंग रूम उपलब्ध है एवं वर्तमान की परिस्थिति के अनुसार रेस्ट हाउस उपयुक्त है। बागली विधानसभा क्षेत्र का मुख्यालय एवं तहसील मुख्यालय होने के कारण अनुभाग स्तर के समस्त अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं अन्य शासकीय अतिथि समय-समय पर रूकते है। (ग) एवं (घ) जी नहीं। (ड.) उत्तरांश 'घ' के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (च) आवश्यकतानुसार उपयुक्त है।
शासकीय संपत्ति को पहुंचाई गई क्षति
[लोक निर्माण]
22. ( क्र. 1547 ) श्री मुरली भँवरा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला देवास अंतर्गत चापड़ा से बागली थाना चैराहे तक सड़क निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग के द्वारा किया गया था तथा उक्त सड़क लोक निर्माण विभाग की संपत्ति हैं। (ख) यदि हाँ तो क्या नगर परिषद बागली, द्वारा लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित नवीन सड़क को बिना स्वीकृति के लोक निर्माण विभाग की रोड खोदकर डिवाइडर, सौंदर्यीकरण एवं विद्युतिकरण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया, कार्यापालन यंत्री लोक निर्माण विभाग देवास के पत्र क्रमांक 5727/तक/2025-26 अनुसार 12.16 लाख एवं अनुविभागीय अधिकारी लोकनिर्माण विभाग के पत्र क्रमांक 22/तक/ 2025-26 दिनांक 16.01.2026 अनुसार 6.57 लाख कुल 18.73 लाख की क्षति हुई है। (ग) अवैध निर्माण कार्य के संबंध में कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग देवास द्वारा पत्र क्रमांक 5727/ तक/ 2025-26 दिनांक 12.12.2025 के माध्यम से मुख्य नगर पालिका अधिकारी, बागली को क्षतिपूर्ति राशि जमा करने हेतु पत्राचार किया गया, किन्तु आज दिनांक तक निकाय द्वारा राशि जमा नहीं की गई है। (घ) उक्त क्षतिपूर्ति राशि नगर परिषद बागली द्वारा कब तक जमा कराई जाएगी तथा राशि जमा न होने की स्थिति में संबंधित निकाय एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई प्रस्तावित है एवं बिना क्षतिपूर्ति राशि जमा किये बिना उक्त निर्माणाधीन कार्य क्यों नहीं रोका गया।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ, जी हाँ। (ख) एवं (ग) जी हाँ। (घ) उक्त क्षतिपूर्ति राशि हेतु मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर परिषद् बागली के पत्र क्रमांक/न.पा./2025/ 930/बागली, दिनांक 29.12.2025 द्वारा राशि रुपये 12.16 लाख संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, उज्जैन संभाग उज्जैन को राशि उपलब्ध करवाने हेतु अनुरोध किया गया है, समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है, वर्तमान में राशि जमा करने हेतु नगर पालिका के द्वारा कार्यवाही की जा रही है। अतः कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। निर्माणाधीन कार्य को रोके जाने हेतु अनुविभागीय अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, उपसंभाग बागली के पत्र क्रमांक 171-174/त.शा./2025-26 बागली, दिनांक 22.12.2025 के द्वारा थाना प्रभारी, बागली को नगर परिषद् बागली के ठेकेदार मुकेश मूलचंद पांचाल के द्वारा खुदाई में उपयोग की जा रही जे.सी.बी. मशीन एवं अन्य उपकरण जप्त करने हेतु लेख किया गया था।
दुग्ध उत्पादन, पशु स्वास्थ्य सेवाएं एवं आवारा पशु प्रबंधन
[पशुपालन एवं डेयरी]
23. ( क्र. 1553 ) श्री महेन्द्र नागेश : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गोटेगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने, पशुपालकों की आय में वृद्धि तथा पशु स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु विगत तीन वर्षों में शासन द्वारा कौन-कौन से कार्य किए गए हैं? (ख) उक्त क्षेत्र में दुग्ध सहकारी समितियों, दुग्ध संग्रहण केंद्रों/चिलिंग प्लांट की वर्तमान स्थिति, पशुओं के टीकाकरण एवं कृत्रिम गर्भाधान सेवाओं का विवरण तथा आवारा पशुओं की समस्या के निराकरण हेतु प्रस्तावित कार्ययोजना की जानकारी प्रदान करने की कृपा करें।
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने तथा पशुपालकों की आय में वृद्धि हेतु विभिन्न विभागीय हितग्राही मूलक योजनाओं के क्रियान्वयन द्वारा लाभांवित किया जाना, दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान (प्रथम एवं द्वितीय चरण) संचालित कर घर-घर जाकर पशुपालकों को पशु नस्ल सुधार, समुचित पशु पोषण एवं पशु स्वास्थ्य प्रबंधन की जानकारी प्रदान की जा रही है, पशु स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु समय-समय पर टीकाकरण, उपचार एवं दवा वितरण किया जा रहा है। (ख) उक्त क्षेत्र में दुग्ध सहकारी समितियों, दुग्ध संग्रहण केंद्रों/चिलिंग प्लांट की वर्तमान स्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार हैं, माह अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक 119853 टीकाकरण एवं 11516 कृत्रिम गर्भाधान किया गया, आवारा पशुओं की समस्या के निराकरण हेतु वर्तमान में 11 गौशालायें संचालित हैं एवं मुख्यमंत्री कामधेनु निवास योजना अंतर्गत नरसिंहपुर जिला प्रशासन द्वारा बेलखेड़ी शेढ विकासखंड गोटगांव में 185 एकड़ भूमि का आवंटन किया गया है, जो निराश्रित गौवंश का आश्रय स्थल बनेगा।
पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक छात्रों हेतु छात्रवृत्ति
[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]
24. ( क्र. 1554 ) श्री महेन्द्र नागेश : क्या राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों को प्रदान की जा रही छात्रवृत्ति, छात्रावास एवं कोचिंग योजनाओं के अंतर्गत वर्ष 2023-2024 एवं 2024-2025 में कितने आवेदन स्वीकृत हुए, कितनी राशि वितरित की गई तथा कितने प्रकरण अभी लंबित हैं? (ख) लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण एवं गोटेगांव में नए छात्रावास/ कोचिंग सुविधा की स्वीकृति हेतु विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है?
राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती कृष्णा गौर ) : (क) पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण अंतर्गत जिला स्तर पर छात्रावास संचालित किये जाने का प्रावधान है। विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव में छात्रावास संचालित नहीं है। संभाग स्तर पर कोचिंग संचालित किये जाने का प्रावधान है। वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में स्वीकृत आवेदन/छात्रवृत्ति वितरण/लंबित प्रकरणों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में छात्रवृत्ति के लंबित प्रकरणों के निराकरण की कार्यवाही की जा चुकी है। विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत नए छात्रावास/ कोचिंग संचालन की योजना वर्तमान में संचालित नहीं है।
जले हुए ट्रांसफार्मर को बदलना
[ऊर्जा]
25. ( क्र. 1561 ) श्री महेन्द्र केशरसिंह चौहान : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैतूल जिले की विधानसभा क्षेत्र भैंसदेही में विगत 2 वर्षों में किस-किस ग्राम के ट्रांसफार्मर किस दिनांक को जले हुए हैं? इन जले हुए ट्रांसफार्मर को किस दिनांक को सुधार कर बदले गये? (ख) क्या जले हुए ट्रांसफार्मर को समय-सीमा में नहीं बदला गया? समय-सीमा में ट्रांसफार्मर नहीं बदलने पर कौन दोषी है? दोषी व्यक्ति पर क्या कार्यवाही की गई? (ग) समय-सीमा में ट्रांसफार्मर नहीं बदलने से किसानों को हुए नुकसान की भरपाई विभाग द्वारा की जायेगी?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) बैतूल जिले की विधानसभा क्षेत्र भैंसदेही में विगत 02 वर्षों में विभिन्न ग्रामों में कुल 643 वितरण ट्रांसफार्मर जले/खराब हुए हैं। उक्त सभी जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर निर्धारित समयावधि में बदल दिये गये हैं। बदले गये जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों की प्रश्नाधीन चाही गयी जले/खराब होने की दिनांक, बदले जाने की दिनांक की ग्राम सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नाधीन क्षेत्रान्तर्गत सभी जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों को निर्धारित समय-सीमा में बदला गया है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। (ग) उत्तरांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न नहीं उठता है।
नगरीय निकायों में सेवानिवृत्ति के बाद पुनः नियुक्ति
[नगरीय विकास एवं आवास]
26. ( क्र. 1577 ) श्री नरेन्द्र प्रजापति [इंजीनियर] : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के नगरीय निकायों में सेवानिवृत्ति के बाद भी क्या पुनः उसी कर्मचारी की संविदा/दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्य पर रखने का प्रावधान है? यदि हाँ तो नियम की प्रति उपलब्ध करें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार यदि नहीं, तो ऐसी कितनी नगरपालिका/नगर परिषद/नगर निगमों में ऐसे कर्मचारियों को कार्य पर रखा गया? संख्या सहित सूची उपलब्ध करें। (ग) क्या नियम विरूद्ध जिन अधिकारी द्वारा ऐसे कर्मचरियों को कार्य पर रखा गया है ऐसे अधिकारियों के विरूद्ध शासन द्वारा क्या कार्यवाही की गई है यदि नहीं, तो कब तक की जायेगी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। मध्यप्रदेश राजपत्र दिनांक 01 जून, 2021 में उल्लेखित मध्यप्रदेश नगर पालिका (अनुबंध तथा सेवा की शर्ते) सेवा नियम 2021 द्वारा सेवानिवृत्ति के बाद अधिकारी/कर्मचारी को संविदा पर रखने का प्रावधान है। नियम की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्य पर रखने के कोई प्रावधान नहीं है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) शिकायत प्राप्त होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सड़कों की मरम्मत हेतु एवं नवीन निर्माण
[लोक निर्माण]
27. ( क्र. 1611 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या करमौरा से फूलपुर, चरी, रामनगर होते हुये पचेर तक सड़क एवं पुलियो (रपटों) की हालत बरसात के बाद काफी खराब स्थिति में होने से राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है इनका सुधार कब तक करा दिया जावेगा। (ख) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित सड़क का चौड़ीकरण किये जाने की विभाग द्वारा क्या कोई योजना है यदि हाँ तो जानकारी स्पष्ट करें यदि है तो आवागमन करने वाले उक्त सड़क पर कई बार भारी संख्या में दुर्घटनाओं के शिकार हो रहे हैं इसलिये उक्त सड़क का चौड़ीकरण कब तक करा दिया जावेगा सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) क्या जतारा से खरगापुर एवं पलेरा से बल्देवगढ़ तथा खरगापुर से डारगुंवा तिगैला तक सड़क का चौड़ीकरण कब तक कराकर नवीन सड़कों का निर्माण करा दिया जावेगा। (घ) क्या पटौरी मुख्य सड़क से हटा, खोड़ेरा लमेरा होकर बुदेरा तिगेला तक एवं बल्देवगढ़ से तालमऊ सुखरई होकर बुढ़ेरा तिगैला तक एवं अहार पुलिया से लड़वारी, अहार नारायणपुर होकर, टीकमगढ़ मुख्य मार्ग तक सड़कों का चौड़ीकरण एवं नवीन सड़कों का निर्माण कब तक करा दिया जावेगा?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी नहीं, इनका आवश्यक सुधार कार्य करा दिया गया है। (ख) जी नहीं, शेष प्रश्नांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं, प्रश्नांश में वर्णित मार्गों का चौड़ीकरण वर्तमान में किसी योजना में प्रस्तावित नहीं है। (घ) जी नहीं। अतः प्रश्नांश में वर्णित मार्गों का चौड़ीकरण वर्तमान में किसी योजना में प्रस्तावित नहीं है।
निर्माण कार्यों की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
28. ( क्र. 1612 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नगर परिषद बल्देवगढ़ द्वारा वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक कितने निर्माण कार्यों को कितनी लागत राशि से निर्माण कराया गया कार्य का नाम, राशि, मद, कार्य शेष है या पूर्ण किया जा चुका है सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) क्या नगर बल्देवगढ़ में पेयजल के संबंध में खराब गुणवत्ता के संबंध में कई बार ग्रामीणों द्वारा शिकायतें की है उक्त शिकायतों के निराकरण में पेयजल के सेंपिल लेकर कभी निकाय द्वारा जाँच कराई गई तथा खरगापुर नगर परिषद में भी पेयजल की जाँच समय-समय पर कराई गई तथा टंकियों की साफ-सफाई वर्ष में कितनी बार कराई जाती है सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) क्या बल्देवगढ़ नगर परिषद के द्वारा जिन टंकियों से पानी सप्लाई होता है उसमें मुख्य टंकी के पास हमेशा गंदा पानी भरा रहता है और बरसात के महीनों में कैसे स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाता है, जानकारी उपलब्ध करायें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- "अ" अनुसार है। (ख) जी हाँ, जी हाँ, जी हाँ। पानी की जांच रिपोर्ट पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"ब" अनुसार है। टंकियों की सफाई आवश्यकता अनुसार समय-समय पर कराई जाती है। (ग) जी नहीं, प्रतिदिन पानी ट्रीटमेन्ट कर सप्लाई किया जाता है।
प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान किए जाने की कार्यवाही
[लोक निर्माण]
29. ( क्र. 1631 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. शासन लोक निर्माण विभाग भोपाल के पत्र क्र. एफ-43/19/2025/19/यो-2212 दिनांक 10.07.2025 के माध्यम से परासिया विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत ग्राम पुरा से पुराढ़ाना मार्ग निर्माण लंबाई 1.80 कि.मी. कार्य हेतु राशि 213.68 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है स्वीकृत राशि प्राक्कलन राशि से कम होने के कारण वर्तमान में मार्ग निर्माण के संबंध में निविदा आमंत्रण की कार्यवाही नहीं हुई है उक्त कार्य हेतु विस्तृत डी.पी.आर. एवं पीपीटी के आधार पर कार्य की कुल लागत 252.79 लाख आती है विभाग द्वारा उक्त मार्ग निर्माण कार्य हेतु 252.79 लाख रूपये का प्राक्कलन संशोधित प्रशासकीय स्वीकृति हेतु शासन स्तर पर भेजा जा चुका है परन्तु अभी संशोधित स्वीकृति प्रदान नहीं की गई है? जिसका क्या कारण है? (ख) प्रश्नांश ''क'' के अनुसार उपरोक्त स्वीकृत मार्ग निर्माण कार्य हेतु राशि 252.79 लाख रूपये की संशोधित प्रशासकीय स्वीकृति कब तक प्रदान कर दी जायेगी?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। संशोधित स्वीकृति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन, अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।
आर.डी.एस.एस. योजना में ट्रांसफार्मर बदलना
[ऊर्जा]
30. ( क्र. 1644 ) श्री नरेन्द्र प्रजापति [इंजीनियर] : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा मनगवां 73 अंतर्गत विद्युत विभाग द्वारा संचालित योजना आर.डी.एस.एस. (पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना) के तहत कितने ग्रामों का कार्य पूर्ण किया जा चुका है? क्या यह गुणवत्ता युक्त/मानक रूप में है? अगर कार्य पूर्ण नहीं किया तो क्या कारण है? कब तक पूर्ण किया जायेगा? जानकारी दे। (ख) विधानसभा मनगवां 73 के वितरण केन्द्र लालगांव, बैकुंठपुर, कटरा, गंगेव एवं मनगवां में विद्युत विभाग के कनेक्शनधारियों जिनकी पुरानी केबल जल एवं कट गयी को नई केबल कब तक उपलब्ध करा दी जायेगी? (ग) गरीब हितग्राहियों द्वारा बिल जमा न कर पाने की स्थिति में उनके जले हुये पुराने ट्रांसफार्मरों के स्थान पर नये ट्रांसफार्मरों को कब तक लगा दिये जायेंगे।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के क्षेत्रांतर्गत मनगवां विधानसभा क्षेत्र में आर.डी.एस.एस. योजना के तहत फीडर विभक्तिकरण के कार्यों का क्रियान्वयन किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि फीडर विभक्तिकरण का कार्य ग्रामवार नहीं अपितु फीडरवार किया जाता है, जिसकी फीडरवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार हैं। जी हाँ। आर.डी. एस.एस. योजना के प्रावधानों के अनुसार नियुक्त प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग एजेंसी द्वारा गुणवत्ता सुनिश्चित किये जाने हेतु सभी कार्यों का सतत निरीक्षण किया जाता है। कार्य की गुणवत्ता में कमी पाये जाने पर कार्य में तत्काल सुधार कार्य करवाया जाता है। उपरोक्त के अतिरिक्त मैदानी अधिकारियों द्वारा भी गुणवत्ता सुनिश्चित किये जाने हेतु सतत निरीक्षण किया जाता है तथा कार्य की गुणवत्ता में कमी पाये जाने पर कार्य में तत्काल सुधार कार्य करवाया जाता है। आर.डी.एस.एस. योजना के प्रावधानों के अनुसार योजना में प्रयुक्त होने वाली सामग्री का एन.ए.बी.एल. लैब में परीक्षण किया जाता है, परीक्षण में सही पाये जाने के उपरांत ही सामग्री का उपयोग किया जाता है। वर्तमान में कार्यों में गुणवत्ता संबंधी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उपरोक्त वर्णित प्रगतिरत कार्य माह जुलाई–2026 तक पूर्ण किये जाने का लक्ष्य हैं। (ख) मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग (विद्युत प्रदाय के प्रयोजन से विद्युत लाइन प्रदान करने अथवा उपयोग किये गये संयंत्र हेतु व्ययों तथा अन्य प्रभारों की वसूली) (पुनरीक्षण द्वितीय) विनियम 2022, {आर.जी.-31 वर्ष 2022 (II) } में निहित कंडिका 4.1.2 के अनुसार विद्युत उपभोक्ताओं की सर्विस केवल खराब होने पर उपभोक्ताओं के द्वारा स्वयं के व्यय पर बदलवाने का प्रावधन है। उक्त प्रावधानों के तहत खराब केबिल हेतु विद्युत उपभोक्ताओं द्वारा म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के संबंधित कार्यालय को सूचित किया जाता है एवं तदनुसार केबल बदलने की कार्रवाई की जाती है जोकि एक सतत प्रक्रिया है। प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्रांतर्गत वितरण केंद्र यथा लालगांव, बैकुंठपुर, कटरा, गंगेव एवं मनगवां में भी विद्युत उपभोक्ताओं द्वारा उक्त प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है। उक्तानुसार की जा रही प्रक्रिया के परिप्रेक्ष्य में वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) वितरण ट्रांसफार्मर के जलने/खराब होने के उपरान्त संबद्ध उपभोक्ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि का 10 प्रतिशत जमा करने अथवा 50 प्रतिशत उपभोक्ताओं द्वारा बकाया राशि जमा करने पर संभागीय मुख्यालय में 12 घंटे एवं अन्य शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में शुष्क मौसम में 3 दिवस तथा मानसून के मौसम के दौरान माह जुलाई से सितंबर तक 7 दिवस में जला/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदलने अथवा विद्युत प्रदाय पुनर्स्थापित करने के प्रावधान हैं। तद्नुसार वितरण कंपनी द्वारा पहुंच मार्ग की उपलब्धतानुसार उक्त निर्धारित समयावधि में जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदलने की कार्यवाही की जाती है।
निर्माण कार्यों में की गई अनियमितताओं की जांच एवं कार्यवाही
[लोक निर्माण]
31. ( क्र. 1658 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वानी जिले में वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक लोक निर्माण विभाग (पी.आई.यू.) एवं म.प्र. बिल्डिंग कारपोरेशन के भवन तथा सड़क निर्माण कार्य, भवन तथा सड़क संधारण-मरम्मत (पेच वर्क) कार्य, हेतु प्राप्त आवंटन तथा आवंटन के विरुद्ध किये गए समस्त कार्यों की जानकारी देवे। (ख) बड़वानी जिले में वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण कब-कब किया गया? निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर ठेकेदारों एवं अधिकारियों पर की गई कार्यवाही का विवरण देवे। (ग) उक्त विभागीय निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी हेतु CCTV/ड्रोन मॉनिटरिंग तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाये रखने हेतु विभाग द्वारा किये गए प्रावधान/निर्देशों की छायाप्रतिया देवें। (घ) विभागीय निर्माण कार्यों में ठेकेदारों को दिए मोबिलाइजेशन एडवांस तथा एडवांस की रिकवरी तथा ब्याज सम्बन्धी नियमो की छायाप्रतियां देवे। (ड.) उपरोक्त निर्माण कार्यों में क्या अनियमितताएं की गई है यदि हाँ तो सभी निर्माण कार्यों की जांच कराकर संबंधित दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जायेगी यदि नहीं, तो क्यों?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ, 'अ-1', 'अ-2' एवं 'अ-3' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। म.प्र. भवन विकास निगम अंतर्गत औचक निरीक्षण सांदीपनि विद्यालय सैंधवा दिनांक 05.05.2025, सांदीपनि विद्यालय निवाली दिनांक 05.08.2025, सांदीपनि विद्यालय दोंदवाड़ा दिनांक 20.11.2025 को किया गया। कार्य मानक अनुसार पाया गया, अत: ठेकेदारों एवं अधिकारियों पर कार्यवाही नहीं की गई है। (ग) निर्देशों की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1, 2, 3, 4, 5, 6, 7 एवं 8 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-5 के बिन्दु-1 अनुसार है। (ड.) निर्माण कार्यों में कोई अनियमितता नहीं पाई गई है। अत: शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
विधायक के पत्रों पर कार्यवाही
[नगरीय विकास एवं आवास]
32. ( क्र. 1666 ) श्री
राजन मण्डलोई
: क्या
नगरीय विकास
एवं आवास
मंत्री महोदय
यह बताने की
कृपा करेंगे
कि (क) क्या प्रश्नकर्ता
द्वारा पत्र
क्रमांक 219/2025 दिनांक 27/06/2025 एवं 220/2025 दिनांक 27/06/2025
प्रोजेक्ट
मेनेजर,
पीआईयू, खरगोन
म.प्र.अर्बन
डेव.क.लि., को
लिखा गया था? (ख) यदि
हाँ तो क्या
उक्त पत्र पर कृत
कार्यवाही से प्रश्नकर्ता
को सम्पूर्ण
जानकारी
उपलब्ध करा दी
गई है? यदि
नहीं, तो
सामान्य
प्रशासन
विभाग के आदेश
क्रमांक एफ-19-76/2007/1/4 भोपाल
दिनांक 12.11.2021 के
अनुसार
माननीय
विधायकों एवं
सांसदों को उनके
द्वारा किया
गया पत्राचार
का संधारण किया
जाना एवं पत्र
का उत्तर
समय-सीमा में दिये
जाने के
निर्देश है, का
उल्लंघन करने
पर सम्बंधित
अधिकारी/कर्मचारी
की जवाबदेही
सुनिश्चित
करते हुए उनके
विरुद्ध
कार्यवाही
करते हुये प्रश्नकर्ता
द्वारा चाही
गई जानकारी
उपलब्ध कराई जायेगी।
यदि हाँ तो कब
तक यदि नहीं, तो
क्यों?
नगरीय
विकास एवं
आवास मंत्री (
श्री कैलाश
विजयवर्गीय ) : (क) जी
हाँ। (ख) जानकारी
संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
पुल निर्माण की स्वीकृति
[लोक निर्माण]
33. ( क्र. 1712 ) श्री
ब्रजेन्द्र
प्रताप सिंह : क्या
लोक निर्माण
मंत्री महोदय
यह बताने की कृपा
करेंगे कि (क) क्या
बंधा
बरियारपुर से
बांध के नीचे
पुल निर्माण
कार्य लागत
राशि रूपये 3639.93 लाख
वित्तीय वर्ष 2025-26 के
द्वितीय
अनुपूरक बजट
में शामिल
किया गया था? (ख) प्रश्नांश
(क) अनुसार यदि
हाँ तो क्या
उक्त निर्माण
कार्य की
स्वीकृति प्रदाय
कर दी गई है? यदि हाँ
तो कब? यदि
नहीं, तो
कब तक
स्वीकृति
प्रदाय की
जाकर निर्माण
कार्य
प्रारंभ
कराया जावेगा?
समय-सीमा बतावे।
लोक
निर्माण
मंत्री ( श्री
राकेश सिंह ) : (क) जी
हाँ। (ख) जी
हाँ। दिनांक 23.12.2025 को
स्वीकृति
जारी की गयी
है, शेष
का प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता है।
स्वामित्व की जमीन से बेदखल किये जाने की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
34. ( क्र. 1798 ) श्रीमती मनीषा सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नगर पालिका परिषद शहडोल द्वारा खसरा क्रमांक 529/1/2 की भूमि में विक्रेता की 800 वर्ग फिट निजी भूमि थी? जिसे नगर पालिका द्वारा क्रय की गई? यदि हाँ तो क्रय किये गये भूमि का रजिस्ट्री, नक्शा, खसरा की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार यदि नगर पालिका द्वारा बाणगंगा मेला मैदान में स्थित निजी भूमि को क्रय किया है? तो पूर्व में कितनी जमीन क्रय की गई? क्रय किये गये जमीन के बदले विक्रेता को व्यवस्थापन के आधार पर जमीन अथवा राशि दी गयी? यदि हाँ तो जानकारी देवें। (ग) खसरा क्रमांक 529/1/2 नगर पालिका के स्वामित्व की भूमि है तो क्या नगर पालिका के आधिपत्य में है या नहीं? यदि हाँ तो अपने स्वामित्व की भूमि आराजी खसरा 529/1/2 को अपनी स्वामित्व से बाहर क्यों किया? जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्नांश (क) अनुसार उक्त भूमि नगर पालिक के नाम पर बाणगंगा मेला मैदान के नाम में दर्ज भूमियों का कराया गया? यदि हाँ तो नकल प्रस्तुत करें यदि नहीं, तो किस आधार पर रकबे को चिन्हित किया गया? प्रश्नांश (क), (ख), (ग) एवं (घ) अनुसार जिम्मेदार पर जांच कराकर कार्यवाही की जायेगी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। नगर पालिका परिषद शहडोल द्वारा 0.072 हेक्टेयर अर्थात 7830 वर्गफीट भूमि क्रय की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। पूर्व में अलग-अलग खसरा की कुल 93631 वर्गफीट भूमि क्रय की गई है। जी नहीं। जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट में समाहित है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
अवैध तरीके से कराये गये पट्टे को निरस्त करना
[नगरीय विकास एवं आवास]
35. ( क्र. 1799 ) श्रीमती मनीषा सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या खसरा नं.-533 के अंश भाग पर पुस्तैनी रुप से उक्त भूमि का उपयोग हिन्दुओं के द्वारा श्मशान घाट के रूप में किया जा रहा है? यदि हाँ तो क्या उक्त भूमि के संबंध में प्रश्नकर्ता द्वारा पूर्व में तारांकित प्रश्न क्रमांक 935 के तहत संपूर्ण जानकारी मांगी गई थी? यदि हाँ तो राजस्व विभाग द्वारा नगरीय प्रशासन को क्या जानकारी दी गई थी? क्या प्राप्त जानकारी अनुसार उक्त प्रकरण को सम्मिलित किया गया? यदि हाँ तो अभी तक नगर पालिका के द्वारा किये गये कार्यवाही की जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश 'क' अनुसार नगर पालिका द्वारा राजस्व के द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार उक्त भूमि के कैफियत में क्या दर्ज कराया गया है? क्या यह प्रकरण सनातन से चला आ रहा, श्मशान घाट में हिन्दुओं के अंत्येष्टि स्थल के भूमि का विमला, पुरुषोत्तम, रामकली द्वारा रजिस्ट्री के माध्यम से इरसाद, मुसफिर, इस्लाम जावेद के नाम से बने पट्टे को निरस्त कराकर श्मशान घाट को स्वतंत्र कराकर हिन्दुओं को श्मशान घाट हेतु दिये जाने की क्या कार्यवाही की गई है? जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश 'क' एवं 'ख' अनुसार नगर पालिका द्वारा उक्त प्रकरण का निराकरण कब तक कराएगी? समय-सीमा बतायें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ, जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। जी हाँ। उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब''अनुसार है। श्मशान घाट के लिए खसरा क्रमांक 579/1/2 का 1.60 एकड़ भूमि आवंटित है। वर्तमान में खसरा क्रमांक 533 का कुछ भाग श्मशान के रूप में उपयोग हो रहा है, परन्तु पट्टाधारियों द्वारा आपत्ति नहीं की जाती है, यह प्रकरण पूर्णत: निजी है। श्मशान घाट के लिए आरक्षित भूमि में अतिक्रमण नहीं है। (ग) मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिका परिषद शहडोल द्वारा प्रकरण में नियमानुसार कार्यवाही के लिए तहसीलदार, तहसील सोहागपुर को पत्र लिखा गया है।
पशु चिकित्सकों के पदस्थ होने संबंधी जानकारी
[पशुपालन एवं डेयरी]
36. ( क्र. 1815 ) श्री अनिरुध्द (माधव) मारू : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि मध्य प्रदेश के प्रत्येक जिले में कितने पशु चिकित्सक पदस्थ हैं एवं कब से पदस्थ है और उनके लिए स्थानांतरण की क्या नियमावली है?
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। स्थानांतरण नीति 2025 के अनुसार है।
रिक्शा स्टैण्ड का निर्माण
[नगरीय विकास एवं आवास]
37. ( क्र. 1866 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन नियमानुसार जिला-छतरपुर के समस्त नगरीय क्षेत्रों में अपने क्षेत्रांतर्गत रिक्शा स्टैंड के लिए जगह चिन्हित कर रिक्शा-स्टैंड बनाए गए हैं? (ख) यदि हाँ तो क्या उक्त रिक्शा स्टेण्डों के निर्माण कार्य को पूर्ण कर लिया गया है? यदि हाँ तो कब-कब कहां-कहां, क्या उक्त रिक्शा स्टेण्डों कुछ दिन उपरांत भू-माफियाओं द्वारा कब्जा कर लिया गया है? यदि हाँ तो क्या रिक्शा स्टेण्डों को कब्जा मुक्त कराकर भू-माफिया से किराया वसूली की कार्यवाही की जाएगी? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या शासन नियमानुसार नगर पालिका अवैध कॉलोनियों में रोड निर्माण कार्य/अन्य कार्य करा सकती है? यदि हाँ/नहीं तो क्यों? (घ) यदि नहीं, तो क्या नगर पालिका छतरपुर द्वारा क्षेत्रांतर्गत (हल्का मौजा बगौता खसरा नंबर 1111, 1731) अस्तित्व में आए दिनांक से प्रश्न दिनांक तक सिंचाई कॉलोनी/डेरा-पहाड़ी/लोकनाथ पुरम-कॉलोनी में रोड निर्माण कार्य/अन्य कार्य कराए गए हैं? यदि हाँ तो कब-कब एवं क्या उक्त कार्य शासन के नियम/निर्देशों का उल्लंघन कर कार्य कराया जाना परिलक्षित होता है? (ड.) जिला नगर पालिका छतरपुर द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना लागू दिनांक से प्रश्न दिनांक तक कब-कब किस-किस के आवेदन प्राप्त हुए हैं? उक्त आवेदनों में किन-किन का आवास स्वीकृत कर कब-कब किस-किस को कितनी राशि दी गई है? (च) प्रश्नांश (ड.) वर्णित राशि प्राप्त करने वालों में किन-किन के मकानों को नगर-पालिका/राजस्व/पुलिस गठित टीम द्वारा जेसीबी/अन्य स्रोतों से मकान को ध्वस्त किया गया/वसूली आदेश पारित/अपराध पंजीबद्ध किया गया है क्यों?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं। (ख) उत्तरांश ''क'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) मध्य प्रदेश नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम, 2021 के नियम 23 के अनुसार चिन्हित अनधिकृत कॉलोनियों में नियमानुसार सक्षम प्राधिकारी द्वारा नियम 23 (3) से 23 (7) तक की विहित प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत विकास कार्य कराने का प्रावधान है। (घ) नगर पालिका परिषद छतरपुर द्वारा सी.सी. रोड और नाली निर्माण का कार्य कराया गया है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (च) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है।
मजिस्ट्रियल जांच का प्रतिवेदन
[नगरीय विकास एवं आवास]
38. ( क्र. 1874 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नर्मदापुरम् जिला नर्मदापुरम् की अंडर ग्राउंड सीवरेज योजना के काम के दौरान 28 फरवरी 2024 को नंदबिहार कॉलोनी में गड्ढें में गिरने से मजदूर की मृत्यु की घटना की मजिस्ट्रियल जाँच के आदेश कलेक्टर, नर्मदापुरम् द्वारा दिये गये थे? (ख) यदि हॉं, तो आदेश की प्रति उपलब्ध कराते हुए जांच प्रतिवेदन उपलब्ध करावें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
मार्गों के जांच संबंधी जानकारी
[लोक निर्माण]
39. ( क्र. 1876 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या रैसलपुर-रिधौड़ा-बम्हनगांव (2) रैसलपुर-पांजराकलॉ (3) सतरास्ता-बी.टी.आई. (4) ब्यावरा-रोहना (5) निटाया - निमसाडिया की सीटीई से जांच कराने संबंधी पत्र प्राप्त हुआ था। (ख) यदि हाँ तो प्रश्नांश (क) वर्णित मार्गों हेतु स्वीकृत राशि की जानकारी देते हुए बतायें कि इनका निर्माण किस ठेकेदारों द्वारा किस अवधि में किया गया। (ग) प्रश्नांश (ख) वर्णित स्वीकृत राशि में किन-किन अधिकारियों के निरीक्षण एवं अनुशंसा उपरांत कितना-कितना भुगतान किया गया। (घ) सीटीई की जाँच में कौन से तथ्य प्रकाश में आये तथा उन तथ्यों पर किन अधिकारियों एवं ठेकेदारों के उत्तरदायित्व का निर्धारण किया गया। यदि जांच अपूर्ण है तो कब तक की जावेगी।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी नहीं, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) जी नहीं, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (घ) उत्तरांश 'क' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
सब स्टेशन की स्थापना
[ऊर्जा]
40. ( क्र. 1877 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नर्मदापुरम् जिले के इटारसी से लगे ग्राम रंढाल, ग्राम सोनासॉवरी में बढ़ती आबादी एवं कॉलोनी की संख्या को दृष्टिगत रखते हुए सुविधाजनक विद्युत आपूर्ति हेतु सब स्टेशन का प्रस्तावित है? (ख) यदि हाँ तो दोनों जगह किस स्थान पर एवं कितनी क्षमता का सब स्टेशन कब तक स्वीकृत किया जावेगा?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) नर्मदापुरम जिले के इटारसी से लगे ग्राम सोनासॉवरी में वर्तमान में कोई भी नवीन विद्युत उपकेन्द्र प्रस्तावित नहीं है। वर्तमान में उक्त ग्राम में 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र न्यास कॉलोनी से निर्गमित 11 के.व्ही. बैंक कॉलोनी फीडर से एवं 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र बुढीमाता से निर्गमित 11 के.व्ही. सोनासॉवरी घरेलू फीडर से नियमानुसार विद्युत प्रदाय सुचारू रूप से किया जा रहा है। अतः वर्तमान में ग्राम सोनासॉवरी में नवीन 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र की आवश्यकता नहीं है। ग्राम रंढाल में आर.डी.एस.एस. योजना के द्वितीय चरण के अन्तर्गत नवीन 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र प्रस्तावित है। प्रश्नाधीन ग्रामों में नवीन 132/33 के.व्ही.अति उच्चदाब विद्युत उपकेन्द्र के निर्माण संबंधी कोई भी प्रस्ताव लंबित नहीं है। (ख) उत्तरांश (क) में उल्लेखानुसार ग्राम रंढाल में 5 एम.व्ही.ए. क्षमता का नवीन 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र आर.डी.एस.एस. योजना के द्वितीय चरण अन्तर्गत प्रस्तावित है। जिसकी स्वीकृति वर्तमान में भारत सरकार द्वारा नियुक्त योजना की नोडल एजेंसी मेंसर्स पी.एफ.सी., नई दिल्ली से अप्राप्त है।
उज्जैन में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का कार्य
[नगरीय विकास एवं आवास]
41. ( क्र. 1941 ) श्री अनिल जैन कालूहेड़ा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भारत सरकार द्वारा उज्जैन को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल किया हुआ है? प्रोजेक्ट के लिए अभी तक कितनी राशि प्राप्त हुई है? राशि का उपयोग कहां-कहां किया गया है? प्रोजेक्ट पूर्ण करने के लिए क्या कोई समय-सीमा तय है? अगर हाँ तो समय-सीमा भी बताएं। (ख) क्या स्मार्ट सिटी अंतर्गत मुख्य मार्गों पर रेस्ट/बस स्टैंड, जन सुविधाओं का निर्माण किया गया हे? यदि हाँ तो इनकी वर्तमान स्थिति क्या है? उनके संधारण की जवाबदारी किसकी है? महाकाल मंदिर क्षेत्र विस्तारीकरण सौंदर्यीकरण के लिए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का कितनी राशि व्यय की गई और क्या-क्या निर्माण किए गए?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ, प्रोजेक्ट के लिए अभी तक राशि रूपये 940 Cr. प्राप्त हुए है। उपयोग की गयी राशि से संबंधित पूर्ण एवं प्रचलित प्रोजेक्ट की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। प्रचलित प्रोजेक्ट (Under Execution Projects) की पूर्ण किये जाने की समय-सीमा की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ख) जी हाँ, नानाखेड़ा बस स्टैण्ड पर शी- लाउंज का निर्माण कार्य VGF मॉडल पर किया गया है, जिसका संचालन व संधारण में सर्सपटेल ब्रदर्स द्वारा किया जा रहा है। महाकाल मंदिर क्षेत्र के विस्तारीकरण सौंदर्यीकरण के लिए उज्जैन स्मार्टसिटी के प्रोजेक्ट्स के अंतर्गत कुल राशि रूपये 494.74Cr. व्यय की गई है एवं इस से संबंधित सभी निर्माण कार्यों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है।
चचाई में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारी
[ऊर्जा]
42. ( क्र. 1950 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या श्रम विभाग के परिपत्र क्रं.118/2023/ए-16 दिनांक 07/08/2023 के द्वारा समस्त विभागाध्यक्ष, श्रम आयुक्त एवं कलेक्टर को संबोधित पत्र ऊर्जा विभाग की अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई में कार्य कर रहे कितने आउटसोर्स कर्मचारियों को संविदा का लाभ मिला है एवं श्रमिकों को केन्द्र के समान वेतन मिल रहा है? यदि नहीं, तो श्रमिकों को संविदा का लाभ कब तक दिया जायेगा? यदि नहीं, तो क्यों एवं वित्त वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक ऊर्जा विभाग को किन-किन व्यक्तियों एवं संगठनों द्वारा ठेकेदारों के विरूद्ध आउटसोर्स कर्मचारी के शोषण की शिकायत की गई और उस पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य कितने ठेका श्रमिकों के द्वारा मंडल के आवास पर कब्जा कर रखा है एवं मंडल के नियम के अनुसार किस व्यक्ति पर कितना किराया बकाया है? (ग) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में क्या प्रश्नकर्ता के अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1897 दिनांक 17/03/2025 के उत्तर में आवास कब्जा सूची क्रमांक 470आवास क्रमांक 296 के कब्जेदार से नियमानुसार राशि जमा करने का नोटिस जारी किया था? नोटिस के परिप्रेक्ष्य में अब तक कितनी वसूली की गई? क्या प्रमुख सचिव ऊर्जा के द्वारा भी कलेक्टर अनूपपुर को लिखे पत्र में आवासीय कॉलोनी को अनधिकृत कब्जाधारियों से मुक्त कराने को लिखा था एवं कितने कब्जेदारों को हटाया जाकर कितनी राशि की वसूली की गई?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित परिपत्र में शासकीय विभागों/उपक्रमों/निगम/मंडल में विभिन्न कार्यों हेतु ठेका/आऊटसोर्स के माध्यम से नियोजित किए गए श्रमिकों/कर्मचारियों हेतु विभिन्न श्रम अधिनियमों में निहित प्रावधानों यथा-न्यूनतम मजदूरी, नियत समय पर वेतन भुगतान, आवेरटाईम/बोनस राशि का भुगतान, पी.एफ./ई.एस.आई.सी. का भुगतान, ग्रेच्युटी, साप्ताहिक अवकाश का लाभ दिलाया जाना सुनिश्चित किये जाने के संबंध में लेख किया गया है। उल्लेखनीय है कि म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड अंतर्गत अमरकंटक ताप विद्युत गृह, चचाई, जिला अनूपपुर में ठेके के माध्यम से नियोजित किये गये श्रमिकों/कर्मचारियों हेतु विभिन्न श्रम अधिनियमों में निहित उक्त समस्त प्रावधान लागू हैं। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। वित्तीय वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक व्यक्तियों/संगठनों द्वारा अमरकंटक ताप विद्युत गृह अन्तर्गत कार्य कर रहे ठेकेदारों के विरूद्ध आऊटसोर्स कर्मचारियों के शोषण किये जाने संबंधी कोई भी शिकायत ऊर्जा विभाग को प्राप्त नहीं हुई है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। (ख) वर्तमान में अमरकंटक ताप विद्युत गृह के आवासीय परिसर के कुल 436 आवासों पर अवैध कब्जा है, जिसकी सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। उक्त आवासों का वैध तरीके से आवंटन नहीं होने के दृष्टिगत कब्जाधारियों के व्यवसाय/पेशे एवं उन पर बकाया किराया संबंधी जानकारी उपलब्ध नहीं है। उल्लेखनीय है कि अवैध कब्जाधारियों से किराया वसूल करने संबंधी कोई प्रावधान नहीं है। अवैध कब्जाधारियों से आवास रिक्त कराए जाने हेतु विद्युत गृह प्रबंधन द्वारा नोटिस जारी किए गए हैं। (ग) जी हाँ, आवास कब्जा सूची क्रमांक-470 आवास क्रमांक-296 के कब्जेदार को आवास रिक्त कर, नियमानुसार राशि जमा करने हेतु नोटिस जारी किया गया था। उक्त कब्जाधारी द्वारा आवास रिक्त कर दिया गया है, किन्तु वसूली गई राशि निरंक है। जी हाँ, प्रमुख सचिव, ऊर्जा नहीं अपितु, अपर मुख्य सचिव, ऊर्जा द्वारा कलेक्टर अनूपपुर को अमरकंटक ताप विद्युत गृह के आवासीय परिसर को अनाधिकृत कब्जाधारियों से मुक्त कराए जाने हेतु अर्द्धशासकीय पत्र प्रेषित किया गया था। तत्पश्चात 18 कब्जेधारियों द्वारा आवास रिक्त किए जा चुके हैं। उक्त कब्जेधारियों से वसूली गई राशि निरंक है।
विकास कार्यों की जानकारी
[ऊर्जा]
43. ( क्र. 1954 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक ऊर्जा विभाग द्वारा कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किये गये है? कार्यों की स्थिति क्या है? वर्तमान में कौन-कौन से कार्य प्रगति पर हैं? (ख) बरगी विधानसभा क्षेत्र हेतु आगामी वर्षों में कराये जाने हेतु कौन-कौन से कार्य प्रस्तावित हैं? सूची उपलब्ध करावें।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) बरगी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत प्रश्नाधीन अवधि में म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की वार्षिक कार्य योजना अंतर्गत स्वीकृत/प्रगतिरत एवं पूर्ण किये गये कार्यों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। उक्त के अतिरिक्त आर.डी.एस.एस. योजना के तहत 11 के.व्ही. मंगेली फीडर विभक्तिकरण एवं केबलीकरण का कार्य स्वीकृत है। उक्त कार्य वर्तमान में प्रगतिरत है। (ख) वर्तमान में उत्तरांश (क) में उल्लेखानुसार स्वीकृत प्रगतिरत कार्यों को आगामी वर्षों में पूर्ण किया जाना प्रावधानित है। उल्लेखनीय है कि आगामी वर्षों हेतु वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता अनुसार तकनीकी रूप से साध्य पाये गए कार्यों को चिन्हित कर कार्य योजना अथवा संचालित योजनाओं में शामिल किया जाता है। अत: वर्तमान में भविष्य के तकनीकी साध्य/प्रस्तावित कार्यों की सूची उपलब्ध कराया जाना संभव नहीं हैं।
नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा विभिन्न कार्यों की स्वीकृति
[नगरीय विकास एवं आवास]
44. ( क्र. 1955 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किये गये है? कार्यों की स्थिति क्या है? वर्तमान में कौन-कौन से कार्य प्रगति पर हैं? संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) बरगी विधानसभा क्षेत्र हेतु आगामी वर्षों में कराये जाने हेतु कौन-कौन से कार्य प्रस्तावित हैं? सूची उपलब्ध करावें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है।
भूमि पर विकास अनुमति की शर्तों का पालन
[नगरीय विकास एवं आवास]
45. ( क्र. 1977 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सहायक संचालक नगर एवं ग्राम निवेश बैतूल ने अपने दिनांक 28.10.2024 के द्वारा 22958 वर्ग मीटर भूमि पर विकास की अनुमति प्रदान की एवं नगरपालिका परिषद बैतूल ने दिनांक 22.07.2025 को 22196 मीटर जमीन पर विकास की अनुमति प्रदान की है? जानकारी दें। (ख) जिला कलेक्टर बैतूल ने कितनी भूमि की रजिस्ट्री की है? उस भूमि से कितनी-कितनी अधिक भूमि पर विकास की अनुमति किस अधिकारी के द्वारा किस प्रावधान के अनुसार दी गई? उस प्रावधान में किन भूमियों पर अनुमति देने का प्रावधान या अधिकार है? दी गई अनुमति में क्या-क्या शर्तें लगाई गई? उसमें से किस-किस शर्त का पालन किए बिना ही एजेन्सी ने निर्माण कर दिया उस पर अनुमति निरस्त किए जाने की कार्यवाही न करने का क्या कारण है? अवगत कराये। (ग) कब तक शर्तों का पालन करवाया जायेगा या दी गई अनुमति निरस्त की जायेगी? समय-सीमा बतायें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। नगर एवं ग्राम निवेश, जिला कार्यालय बैतूल ने पत्र क्रमांक BETLP08102405949 दिनांक 28/10/2024 द्वारा 22985 वर्गमीटर भूमि पर विकास अनुज्ञा जारी की गई है। नगर पालिका बैतूल ने कुल प्लाट एरिया 22196.04 वर्गमीटर पर दिनांक 22/07/2025 को भवन अनुज्ञा प्रदान की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ पर है। (ख) कलेक्टर बैतूल ने पुनर्घनत्वीकरण योजना के अंतर्गत जिला जेल की कुल 2.2985 हेक्टेयर (22985 वर्गमीटर) पर प्रस्तावित आवासीय सह व्यवसायिक योजना के लिए प्रथम चरण में 9200 वर्गमीटर भूमि की रजिस्ट्री की गई है। नगर तथा ग्राम निवेश जिला बैतूल द्वारा 22985 वर्गमीटर पर बैतूल विकास योजना 2035 के तहत, नगर पालिका बैतूल ने 22196.04 वर्गमीटर पर म.प्र. नगरपालिका अधिनियम 1961 के तहत तथा कलेक्टर बैतूल ने 9200 वर्गमीटर भूमि पर म.प्र. नगरपालिका (कालोनियों का विकास) 2021 के तहत अनुमति दी गई है। जारी की गई अनुमतियों की छायाप्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब पर है, जिसमें शर्तें उल्लेखित है। निर्माण एजेंसी द्वारा सभी शर्तों का पालन करते हुए प्रथम चरण में की गई रजिस्ट्री अनुसार 9200 वर्गमीटर भूमि पर ही कार्य किए जाने के कारण शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश 'ख' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
अन्य पिछड़ा वर्ग जातियों के संबंध में
[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]
46. ( क्र. 2008 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मध्य प्रदेश में कितनी ऐसी जातियां है जो अल्प संख्यक है उन जातियों के नाम और मध्य प्रदेश की कुल जनसंख्या में उनका प्रतिशत क्या है? (ख) मध्य प्रदेश शासन के अन्य पिछड़ा वर्ग क्रमांक-34 पर अंकित, जोशी जाति को मध्यप्रदेश शासन, आदिम जाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की अधिसूचना क्र. एफ 8-5-पच्चीस-4-84, दिनांक 26 दिसम्बर 1984, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ 23-4-97-चौवन, दिनांक 2 अप्रैल 1997 को इस संदर्भ में समय-समय पर जारी अधिसूचनाओं द्वारा अधिमान्य किया गया है। केन्द्र शासन के द्वारा जोशी ब्राह्मण के कारण जोशी जाति को अन्य पिछड़ा वर्ग में नहीं लिया गया। जबकि उक्त जाति ब्राह्मण नहीं है? (ग) उक्त जाति के लोगों को केन्द्र स्तरीय, न ही अन्य पिछड़े वर्ग का लाभ मिल पाता है और सामान्य वर्ग आरक्षण (EWS) के लाभ से भी वंचित रह जाते है? यदि उक्त जाति को शासकीय मिलने वाले लाभ से निर्धारित समय से अब तक वंचित रखा गया है तो उसके पीछे जिम्मेदारी किसकी निर्धारित की गई है? (घ) म.प्र. शासन द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग में शिवपुरी जिले के 51 जातियों के घुमक्क्ड, अर्द्धघुमक्कड़ जनजातियां एवं विमुक्त घुमक्कड़ के कितने जाति प्रमाण-पत्र जारी किए गये है। 51 जातियों को वर्ष 1963 से 2025 तक यानि 62 वर्षों में उक्त जातियों को क्या लाभ शासन द्वारा दिया गया है प्रतिशत सहित बताएं?
राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती कृष्णा गौर ) : (क) मध्यप्रदेश राज्य के लिये घोषित सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से अन्य पिछड़े वर्ग जाति/उपजाति/वर्ग समूह की अनुसूची के क्रमांक 87 अंतर्गत उपक्रमांक (1) से (38) में मुस्लिम धर्मावलम्बी समूह की जातियां अधिसूचित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। मध्यप्रदेश की कुल जनसंख्या में अधिसूचित मुस्लिम धर्मावलम्बी समूह की जातियों की जनसंख्या के आंकड़े अनुउपलब्ध है। (ख) जी हाँ। केन्द्रीय सूची में पिछड़ा वर्ग की जाति को सम्मिलित किए जाने की प्रक्रिया के संबंध में विभाग स्तर से जानकारी दी जाना संभव नहीं है। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जिला शिवपुरी अंतर्गत घुमक्कड, अर्द्धघुमक्कड जनजातियां एवं विमुक्त घुमक्कड़ जाति के 732 लोगों के जाति प्रमाण पत्र जारी किये गये है तथा विभाग से संचालित योजनाओं में दिये गये लाभ की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है।
अमृत योजना-2 अन्तर्गत पीने के पानी, सीवर लाइन का निर्माण
[नगरीय विकास एवं आवास]
47. ( क्र. 2036 ) श्री भगवानदास सबनानी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र दक्षिण पश्चिम अन्तर्गत अटल नवीनीकरण शहरी परिवर्तन मिशन (AMRUT-अमृत) योजना 2 के लिए किन-किन स्थानों का चयन सीवर लाइन एवं पीने के पानी की लाइन हेतु समटेंक एवं ओव्हर हेड टेंक को योजना से जोड़ने के लिए किया गया है? अद्यतन स्थिति से अवगत करावें? (ख) अमृत योजना-2 अन्तर्गत सीवर लाइन एवं पीने के पानी की पाईप लाइन बिछाने हेतु खोदे गए रोड जो संभावित दुर्घटना का कारण बनते है, का निर्माण/ मरम्मत कब तक करा दी जावेगी? समयावधि बतायें?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) अमृत 2.0 योजना अंतर्गत पीने के पानी की पाइपलाइन एवं सीवेज लाइन बिछाए जाने हेतु खोदी गयी सड़क का सीवेज लाइन/पानी की लाइन बिछाने के पश्चात तत्काल रोड रेस्टोरेशन कार्य निरंतर कराया जा रहा है।
निर्माणाधीन मार्ग/भवन में वृहद मात्रा में की जा रही तकनीकि अनियमितता
[लोक निर्माण]
48. ( क्र. 2056 ) श्री कमल मर्सकोले : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश की सिवनी जिले में लो.नि.वि. द्वारा विगत 02 वर्षों से जिले में योजना मद व अन्य मदों से निर्मित नवीन सड़क/नवीनीकरण/मजबूतीकरण मार्ग अपनी नवीन दशा में निर्मित होने के कुछ माह उपरांत ही मार्ग का अधिकतर हिस्सा का ऊपरी पृष्ठ क्षतिग्रस्त/उखड़ रहा है? यदि हाँ तो उन मार्गों की जानकारी देवें एवं इन मार्गों को कब तक तकनीकी रूप से व्यवस्थित कर दिया जावेगा? क्या मार्गों की इस प्रकार की दुर्दशा के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों के विरुद्ध शासन द्वारा जिम्मेदारी तय होगी? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित विभिन्न मदों से किए गए मार्ग निर्माण/संधारण उपरांत अल्प अवधि में मार्ग की दुर्दशा एवं सिवनी जिला मुख्यालय में एमपीआरडीसी द्वारा निर्माणाधीन/आरओबी में की जा रही वृहद स्तर की तकनीकी अनियमितता मार्ग के ऊपरी पृष्ठ में अंडुलेशन, केंबर मुक्त व अन्य के संबंध में स्थानीय जनप्रतिनिधि/संगठनों द्वारा कोई पत्र जिला प्रशासन/शासन को प्राप्त हुए है? यदि हाँ तो उस पर कब तक कार्यवाही कर, कार्य पुनः तकनीकी रूप से किया जावेगा? (ग) क्या सिवनी जिले के विकासखण्ड बरघाट एवं कुरई में वर्ष 2023 से आज दिनांक तक योजना मद व अन्य मद से निर्मित/संधारित मार्गों की वर्तमान स्थिति आवागमन के लिए तकनीकी रूप से सुदृढ़ है? यदि नहीं, तो उन मार्गों के नाम व उनकी विस्तृत जानकारी देवें। (घ) क्या सिवनी जिले में पदस्थ विभागीय अधिकारी के शा. आवास गृहों में शा. स्थाईकर्मी कार्यरत है? यदि हाँ तो इस हेतु शासन के दिशा निर्देशों की जानकारी देवें। क्या इस बावत् जिले के मजदूर संगठन द्वारा जिला अधिकारी को कोई पत्र प्राप्त हुआ है? यदि हाँ तो उस पर क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों और कब तक की जायेगी? क्या सिवनी जिले में म.प्र.भ. वि. नि. द्वारा निर्मित/निर्माणाधीन कार्यों में की जा रही अनियमितता के संबंध में जनप्रतिनिधियों/संगठनों द्वारा कोई पत्र शासन को प्राप्त हुए है? यदि हाँ तो उस पर क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो कब तक की जावेगी?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्नांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी हाँ। पत्र की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। शेष प्रश्नांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) जी हाँ। शेष प्रश्नांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। जी हाँ, पत्र की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। उक्त पत्र पर जिला अधिकारी (कार्यपालन यंत्री) सिवनी द्वारा की गई कार्यवाही पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
गरोठ भानपुरा से झालावाड़ सड़क निर्माण
[लोक निर्माण]
49. ( क्र. 2102 ) श्री चन्दरसिंह सिसौदिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भानपुरा से झालावाड़ रोड का निर्माण कब हुआ है? वर्तमान इस मार्ग कि क्या स्थिति है? क्या उक्त मार्ग में बड़े-बड़े गड्ढे पड़ गए हैं? (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित मार्ग की मरम्मत कब की गई? किस एजेंसी को शासन ने मरम्मत हेतु अधिकृत किया है? क्या संबंधित एजेंसी द्वारा इन गड्ढों की मरम्मत नहीं किया जा रहा है? यदि हाँ तो विभाग क्या कार्यवाही कर रहा हैं? (ग) प्रश्नांश (क) वर्णित यदि मार्ग क्षतिग्रस्त है तो कब तक इस सड़क की मरम्मत पूर्ण हो जाएगी? यह मार्ग मध्य प्रदेश राजस्थान की सीमा को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग होकर पूर्णतः जीर्ण-शीर्ण हो गया है? उक्त मार्ग के संबंध में क्या शासन कोई कार्यवाही करेगा? यदि हाँ तो कब तक?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) भानपुरा से झालावाड़ मार्ग का निर्माण वर्ष 2007 में हुआ है। मार्ग की स्थिति संतोषजनक है। जी नहीं, संधारण के तहत मार्ग को मोटरेबल किया गया है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
मार्ग की प्रशासकीय स्वीकृति
[लोक निर्माण]
50. ( क्र. 2103 ) श्री चन्दरसिंह सिसौदिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या गरोठ बोलिया मार्ग पोलाडूंगर से चिकन्या, कुरलासी, दुधाखेड़ी, हरनावदा, भानपुरा तक मार्ग का कोई प्रस्ताव प्राप्त हुआ हैं, यदि हाँ तो कब? (ख) क्या उक्त मार्ग स्वीकृत हो चुका है? यदि हाँ तो क्या प्रशासकीय की स्वीकृति जारी कर दी गई है? यदि नहीं, तो विभाग कब तक उक्त मार्ग की प्रशासकीय स्वीकृति जारी करेगा?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। दिनांक 11.10.2025। (ख) जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। स्वीकृति की कार्यवाही हेतु समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।
केंद्रीय सड़क निधि के कार्य
[लोक निर्माण]
51. ( क्र. 2104 ) श्री चन्दरसिंह सिसौदिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केंद्रीय सड़क निधि से पिछले 5 वर्षों में गरोठ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किए हैं? सूची उपलब्ध करावे। (ख) गरोठ विधानसभा से कौन-कौन से कार्य के प्रस्ताव भेजे गए हैं? कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किये गये है? सूची दें, यदि नहीं, तो क्या गरोठ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कोई कार्य स्वीकृत किया जाएगा? यदि हाँ तो कब तक?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) केंद्रीय सड़क अधोसंरचना निधि से पिछले 5 वर्षों में गरोठ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कोई भी कार्य स्वीकृत नहीं हुआ है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) केंद्रीय सड़क अधोसंरचना निधि की प्राथमिकता सूची में सम्मिलित न होने के कारण भारत सरकार की ओर नहीं भेजे गए। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
बरगी विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य
[लोक निर्माण]
52. ( क्र. 2125 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत जनवरी 2024 से प्रश्नांश दिनांक तक लोक निर्माण विभाग द्वारा कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किये गये है? कार्यों की स्थिति क्या है? वर्तमान में कौन-कौन से कार्य प्रगति पर हैं? संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) बरगी विधानसभा क्षेत्र हेतु आगामी वर्षों में कराये जाने हेतु कौन-कौन से कार्य प्रस्तावित हैं? सूची उपलब्ध करावें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं 'अ-1' अनुसार है। (ख) बरगी विधानसभा क्षेत्र हेतु आगामी वर्षों में कोई कार्य प्रस्तावित नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
ओम कंस्ट्रक्शन कंपनी इंडिया प्राईवेट लिमिटेड की जानकारी
[लोक निर्माण]
53. ( क्र. 2300 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ओम कंस्ट्रक्शन कंपनी इंडिया प्राईवेट लिमिटेड इन्द्रपुरी कॉलोनी टीकमगढ़ के विरूद्ध विभाग में कितनी-कितनी शिकायतें किस-किस द्वारा की गई उन पर क्या कार्यवाही की गई पृथक-पृथक बतावें? (ख) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा प्रश्न क्र. 1478 दिनांक 07/08/2025 उठाया गया था यदि हाँ तो क्या प्रश्नांश (घ) के उत्तर में यह जवाब दिया गया था कि संविदाकार द्वारा प्रस्तुत अपील पर मानवीय त्रुटि मानते हुये पंजीयन बहाल कर दिया था उत्तर दिया था। (ग) क्या करोड़ों रूपयों का गबन वित्तीय अनियमितता शासकीय नियमों का पालन न करना, कोई भी आपराधिक कृत्य नहीं है। यदि हाँ, तो दोषी के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) कोई प्रकरण आपराधिक श्रेणी में आयेगा अथवा नहीं यह उसके तथ्यों, कृत्य की मंशा आदि पर निर्भर करता है। विभाग द्वारा दोषियों के विरूद्ध नियमानुयार कार्यवाही की जाती है।
टीकमगढ़ नगर पालिका में दुकानों में हुआ भ्रष्टाचार
[नगरीय विकास एवं आवास]
54. ( क्र. 2301 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कार्यालय संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास सागर संभाग सागर द्वारा अपने पत्र क्र. शि/वि.स./3406/टीकमगढ़/2024/2449 सागर दिनांक 18.07.2024 अतारांकित प्रश्न क्र.-698 दिनांक 05.12.2025 में परिशिष्ट 'अ' के रूप में दिया था? (ख) यदि हाँ तो परिशिष्ट 'अ' में उल्लेखित पत्र में दुकानों के निर्माण एवं आवंटन की फाइले ना होने का उल्लेख है जबकि अन्य निर्माण कार्यों की फाइलें भी कार्यालय में उपलब्ध नहीं है उदाहरण के लिये राजमहल भवन पर कुल कितना व्यय, कैसे-कैसे किया गया विस्तृत विवरण दे? (ग) प्रश्नांश ''क'' में वर्णित प्रश्न क्र. 698 का परिशिष्ट 'ब' में वर्णित पत्रों पर कब तक कार्यवाही होगी यदि नहीं, तो क्यों? (घ) क्या प्रश्नकर्ता ने तारांकित प्रश्न. 3406 दिनांक 19.07.2024 का प्रश्नांश ''ग'' में स्वीकार किया था कि प्रथम दृष्टया अनियमिततायें परिलक्षित हुई है कितने समय में जांच पूरी होगी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। (ख) नगर पालिका परिषद टीकमगढ़ में राजमहल भवन निर्माण कार्य से संबंधित कोई भी नस्ती उपलब्ध नहीं है। उपरोक्त के संबंध में निकाय की छानबीन समिति के पत्र दिनांक 12.02.2026 की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (घ) जांच प्रतिवेदन के आधार पर विभागीय कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) में राशि जारी करना
[नगरीय विकास एवं आवास]
55. ( क्र. 2344 ) श्री शिवनारायण सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 अंतर्गत आवश्यक सार्वजनिक/सामुदायिक शौचालयों एवं मूत्रालयों के निर्माण हेतु संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास म.प्र. भोपाल के आदेश क्र./शा-14/स्व.भा.मि./2024/25727 भोपाल, दिनांक 06/12/2024 एवं आदेश क्र./एस-14/SBM (U)/Toilet/2025/11/11031 भोपाल दिनांक 30/05/2025 अनुसार किन-किन निकायों को राशि स्वीकृत की गई है? आदेश की प्रति उपलब्ध कराते हुए जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश "क" अनुसार किन-किन निकायों को कितनी-कितनी राशि प्रदान की जा चुकी है? निकाय अनुसार संपूर्ण जानकारी देवें? यदि राशि जारी नहीं की गई है तो स्पष्ट जानकारी देते हुए उत्तर दिनांक तक राशि जारी करने की स्पष्ट जानकारी देवे? (ग) क्या भारत सरकार के अति महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन में कार्य स्वीकृत उपरांत वर्षों बाद भी राशि जारी न किया जाना उचित है? यदि नहीं, तो ऐसे योजना में कब तक राशि जारी किया जाएगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ पर है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब पर है। (ग) भारत सरकार के योजना स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) -2.0 SNA SPARSH Portal के माध्यम से संचालित होती है, जिसमें भारत सरकार द्वारा Mother Sanction जारी होने के पश्चात् राज्यांश मिलाया जाकर निकायों को राशि जारी किये जाने का प्रावधान है। निकायों को अनुदान भारत सरकार द्वारा जारी राशि के अध्याधीन होने के कारण शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
अतिक्रमण हटाने पर व्यवस्थाओं की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
56. ( क्र. 2347 ) डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुख्य नगर पालिका अधिकारी न्यू रामनगर विधानसभा अमरपाटन जिला मैहर में शासकीय भूमि को अवैध अतिक्रमणों से मुक्त कर जन सुविधाओं के विकास के लिए वर्ष 2024 एवं 2025 में परिषद ने समय-समय पर महत्वपूर्ण संकल्प पारित किये है? सभी संकल्पों की एक प्रति दे? बतायें कि अतिक्रमणों को हटाने मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) रामनगर एवं जिला पुलिस बल को किस-किस पत्र क्रमांकों एवं दिनांकों से राजस्व बल एवं पुलिस बल उपलब्ध कराने अनुरोध किया? सभी पत्रों की एक-एक प्रति दें? बतायें कि उक्त पत्रों पर क्या राजस्व विभाग ने कोई राजस्व बल उपलब्ध कराया? क्या कोई पत्र नगर पालिका को लेख किया? प्रति दें? (ख) क्या अवैध अतिक्रमण पर मा. उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा रिट पिटीशन क्रमांक 37442-2024 को 28 नवंबर 2024 को खारिज कर दिया? प्रश्नतिथि तक किसी भी न्यायालय से अवैध अतिक्रमणों को हटाने के लिये "स्टे" भी नहीं दिया है? (ग) क्या राजस्व विभाग नगर पालिका परिषद न्यू रामनगर के पत्रों पर पत्रों के बाद भी राजस्व अमले को उपलब्ध नहीं करवाकर अतिक्रमणकारियों का हौसला बढ़ा रहा है? संरक्षण दे रहा है? अगर नहीं तो क्या प्रमुख सचिव नगरीय विकास इस प्रकरण को जल्द सुलझाने प्रमुख सचिव राजस्व को पत्र लिखकर उनके संज्ञान में लायेंगे? (घ) नगरीय विकास मंत्रालय इस अतिक्रमणों को हटाने एवं नगर पालिका परिषद के संकल्पों पर कब तक ठोस एवं स्थल पर दिखने वाली कार्यवाही किस प्रकार करवायेगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। संकल्पों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर परिषद न्यू रामनगर द्वारा पुलिस अधीक्षक, जिला मैहर को पत्र क्रमांक 05 दिनांक 09.01.2026 एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व रामनगर को पत्र क्र. 1015 दि. 16.05.2025, 1080 दि. 23.05.25, 1116 दि. 26.05.25, 2806 दि. 23.12.2025, 2868 दि. 31.12.25 तथा थाना प्रभारी रामनगर को पत्र क्र. 978 दि. 10.05.25 1118 दि. 26.05.25, 1205 दि. 29.05.25, 11 दि. 09.01.2026 को अतिक्रमण हटाने हेतु पत्र प्रेषित किये गए हैं। पत्रों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। जी नहीं, जी हाँ, पत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स'अनुसार है। (ख) जी हाँ, जी हाँ। (ग) जी नहीं, मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य प्रचलित होने के कारण राजस्व अमले के व्यस्तता के कारण नगर परिषद रामनगर में अतिक्रमण को हटाने हेतु राजस्व अमला/पुलिस बल उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं बिकास, संचालनालय भोपाल के पत्र क्रमांक 2725 दिनांक 16.02.2026 से कलेक्टर जिला मैहर एवं पुलिस अधीक्षक जिला मैहर को अतिक्रमण हटाने हेतु निर्देशित किया गया है। (घ) आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास, संचालनालय, भोपाल के पत्र क्रमांक 2725 दिनाक 16.02.2026 से कलेक्टर जिला मैहर एवं पुलिस अधीक्षक जिला मैहर को अतिक्रमण हटाने हेतु निर्देशित किया गया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
अपूर्ण दस्तावेजों के आधार पर परियोजना का पंजीयन
[नगरीय विकास एवं आवास]
57. ( क्र. 2398 ) श्री चन्द्रशेखर देशमुख : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या रेरा द्वारा परियोजना एमराल्ड हाइट्स एंड रेसिडेंस का पंजीयन किया गया है, यदि हाँ तो प्रमोटर द्वारा किस दिनांक को आवेदन प्रस्तुत किया गया था, उक्त आवेदन में कितनी भूमि के भू स्वामित्व के दस्तावेज लगाए गए थे, कॉलोनी विकास अनुमति, भवन निर्माण अनुज्ञा एवं नगर तथा ग्राम निवेश के द्वारा दी गई अनुज्ञा में भूमि का रकबा कितना-कितना था, क्या इन आवेदित रकबों में भिन्नता थी, तो रेरा द्वारा पंजीयन आवेदन निरस्त क्यों नहीं किया गया कारण सहित बतावें? (ख) क्या प्रमोटर द्वारा रेरा में परियोजना पंजीयन के आवेदन लगाने के बाद नगर पालिका बैतूल से भवन निर्माण अनुज्ञा ली गई है, यदि हाँ तो रेरा द्वारा अपूर्ण दस्तावेजों के आधार पर आवेदन करने पर परियोजना पंजीयन का आवेदन निरस्त क्यों नहीं किया गया, इसके लिए कौन जिम्मेदार है उनके विरुद्ध क्या कार्रवाई की जा रही है नाम एवं पदनाम सहित बतावें? (ग) रेरा प्राधिकरण द्वारा प्रश्न दिनांक से पिछले दो वर्षों में परियोजना पंजीयन के कितने आवेदन किस-किस कारण से निरस्त किए गए हैं, समस्त निरस्ती आदेशों की प्रति उपलब्ध करावें?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। प्रमोटर द्वारा दिनांक 30/07/2025 को आवेदन प्रस्तुत किया गया था, उक्त आवेदन में 0.920 हेक्टेयर की भूमि स्वामित्व संबंधी दस्तावेज लगाये गये थे। कलेक्टर बैतूल ने पारित अनुज्ञा के विरूद्ध आदेश दिनांक 13/06/2025 द्वारा 9200 वर्गमीटर भूमि पर विकास कार्य प्रारंभ करने की अनुमति प्रदान की गई है। नगर पालिका बैतूल ने कुल प्लाट एरिया 22196.04 वर्गमीटर पर दिनांक 22/07/2025 को संपूर्ण परियोजना ब्लॉक A, B, C, K एवं क्लब हाउस हेतु भवन अनुज्ञा प्रदान की गई है। नगर तथा ग्राम निवेश जिला कार्यालय बैतूल ने ग्राम बदनूर ढाना बैतूल सिविल स्टेशन के नजूल शीट नं. 12, प्लाट 10 एवं 13 में से कुल रकबा 2.2985 हे. (22985 वर्गमीटर) में से कुल प्लानिंग एरिया 22985 वर्गमीटर पर दिनांक 28/10/2024 को विकास अनुज्ञा प्रदान की गई है। आवेदक ने भवन अनुज्ञा में से उक्त चरण में विकास अनुमति के अनुरूप 9200 वर्गमीटर के लिये आवेदन किया गया था, तदनुसार ही रेरा ने प्रमोटर का परियोजना के पंजीयन हेतु विधिवत आवेदन स्वीकार किया गया। अत: आवेदन निरस्त करने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) नगर पालिका बैतूल ने दिनांक 22/07/2025 को भवन अनुज्ञा प्रदान की गई थी। रेरा ने परियोजना का पंजीयन भू-संपदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम 2016 एवं म.प्र. भू-संपदा (विनियमन एवं विकास) नियम, 2017 के प्रावधान अनुरूप परीक्षण उपरान्त प्रदान किया गया है। परियोजना पंजीयन का कार्य अर्द्ध न्यायिक प्रक्रिया है तथा रेरा द्वारा पारित आदेश को म.प्र. भू-संपदा अपीलीय अधिकरण, भोपाल के समक्ष अपील का प्रावधान है। अत: शेष प्रश्नांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
सड़क निर्माण की जानकारी
[लोक निर्माण]
58. ( क्र. 2481 ) श्री अनिल जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या निवाड़ी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग की टेहरका-जिखनगांव सड़क अत्यंत जर्जर हो गई है? यदि हाँ तो उक्त सड़क का मरम्मत कार्य कब तक किया जाएगा। (ख) क्या निवाड़ी रेलवे स्टेशन से टेहरका तक संकीर्ण मार्ग है, जिससे आये दिन दुर्घटनाओं की सम्भावना बनी रहती है यदि हाँ तो निवाड़ी रेलवे स्टेशन से टेहरका तक मार्ग चौड़ीकरण किये जाने की कोई कार्ययोजना है यदि हाँ तो कब तक इस मार्ग का निर्माण कार्य कराया जावेगा।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) प्रश्नांकित मार्ग लोक निर्माण विभाग की पुस्तिका पर अंकित नहीं है। अतः शेष प्रश्नांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं। आई.आर.सी. के मापदण्डानुसार 3.75 मीटर चौड़ाई में डामरीकृत मार्ग है। वर्तमान में मार्ग चौड़ीकरण का प्रस्ताव किसी योजना में प्रस्तावित नहीं है, अतः शेष प्रश्नांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
अवैध रूप से टोल टैक्स लिया जाना
[लोक निर्माण]
59. ( क्र. 2499 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वाहनकर्ता रोड टैक्स देने के बाद टोल टैक्स देता है? जबकि हाईवे की रोड पर टैक्स देने के बाद भी बड़े-बड़े गड्ढे और मवेशी होने से दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है, तो भी क्या विभाग द्वारा दतिया जिले अंतर्गत टैक्स के रूप में डबल वसूली क्यों की जा रही है? टैक्स वसूली के नियम की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार राष्ट्रीय सड़क मार्ग पर सड़क खराब होने के कारण भी टोल टैक्स लिया जाना सही है यदि हाँ तो वाहनकर्ता को सड़क बेहतर क्यों नहीं मिलती है, विभाग द्वारा जिम्मेदार अफसरों पर प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई है? कार्यवाही की जानकारी देवें। (ग) मध्यप्रदेश में बहुत से टोल प्लाजा ऐसे है जिन्होंने अपना टोल टैक्स वसूल कर लिया है, उसके बाद भी वह अवैध रूप से संचालित है और आये दिन वाहनकर्ताओं से मारपीट एवं स्टॉफ द्वारा दुर्व्यव्हार किया जा रहा है, शिकायती आवेदनों सहित संपूर्ण जानकारी से अवगत करावें। (घ) मध्यप्रदेश के ऐसे कितने टोल प्लाजा है जो अपनी वसूली पूर्ण कर चुके है उसके बाद भी प्रश्न दिनांक तक संचालित है, सूचीवार जानकारी देवें। (ड.) क्या विभाग द्वारा अवैध रूप से संचालित टोल प्लाजा पर कार्यवाही करेगा, यदि हाँ तो कब तक समय-सीमा बतावे। (च) विभाग द्वारा प्रश्न दिनांक तक अवैध वसूली एवं वाहनकर्ताओं के साथ मारपीट हेतु क्या रोकथाम के लिये कदम उठाये गये संपूर्ण जानकारी से अवगत करावें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। रोड टैक्स का भुगतान वाहन क्रय करते समय वाहनकर्ता द्वारा एक मुश्त राशि के रूप में किया जाता है एवं टोल राशि का भुगतान परियोजना मार्ग का प्रत्येक बार उपयोग करने पर टोल प्लाजा पार करने के उपरांत किया जाता है। विभाग द्वारा वर्तमान में दतिया जिले में बीओटी (टोल एन्यूटी) योजना अंतर्गत दतिया भांडेर मार्ग एवं ओएमटी योजना अंतर्गत दतिया दिनारा मार्ग पर टोल वसूला जा रहा है, जिसमें कंसेशनायर द्वारा अनुबंधानुसार संधारण कार्य किया जा रहा है एवं कंसेशनायर द्वारा मार्ग पर दुर्घटनाओं के रोक-थाम हेतु निराश्रित मवेशियों को हटाया जाता है। इन मार्गों पर कंसेशनायर द्वारा अनुबंधानुसार टोल राशि वसूल की जाती है परंतु रोड टैक्स नहीं वसूला जाता है। डबल वसूली का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) विभाग द्वारा दतिया जिले अंतर्गत कोई भी राष्ट्रीय सड़क मार्ग वर्तमान में संचालित नहीं है। उत्तरांश-क के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। मध्यप्रदेश में विभाग अंतर्गत बीओटी अथवा ओएमटी योजनाओं में कंसेशनायर को अनुबंध में निर्धारित कंसेशन अवधि तक टोल वसूल किए जाने का अधिकार होता है एवं किसी भी योजना अंतर्गत कंसेशन अवधि समाप्त होने के उपरांत संबंधित कंसेशनायर द्वारा टोल अवैध रूप से संचालित नहीं किया जा रहा है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जानकारी 'निरंक' है। (घ) से (च) उत्तरांश-'ग' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए क्रीमीलेयर की सीमा बढ़ाई जाना
[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]
60. ( क्र. 2567 ) श्री बाला बच्चन : क्या राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) म.प्र. में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) में सम्मिलित जातियों/उपजातियों की सूची देवें। (ख) वर्ष 2017 में OBC के लिए क्रीमीलेयर की सीमा 8 लाख रू. आय प्रतिवर्ष निर्धारित की गई थी वर्तमान में महंगाई व अन्य मूल्य सूचकांकों में वृद्धि से क्रीमीलेयर की सीमा की राज्य शासन ने कब-कब समीक्षा की है? विगत 02 वर्षों के संदर्भ में जानकारी देवें। (ग) वर्तमान में आयकर की सीमा भी 12 लाख रू. हो गई है तो राज्य शासन प्रदेश के OBC समाज के हित में क्रीमीलेयर की सीमा 12 लाख रू. तक कब तक करेगा? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) इसमें विलंब से हो रहे नुकसान की जवाबदेही किसकी है क्या प्रश्न दिनांक तक इस संबंध में आदेश जारी कर दिए जाएंगे? यदि नहीं, तो क्यों? कारण बतावें।
राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती कृष्णा गौर ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) जी हाँ। सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र क्रमांक एफ 7-18/ 2000/एक/आ.प्र./दिनांक 28 जुलाई 2006 की कंडिका-4 के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। परिपत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) एवं (घ) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
जिला न्यायालय बैतूल में निर्माण कार्य का भुगतान
[लोक निर्माण]
61. ( क्र. 2579 ) श्री आरिफ मसूद : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला न्यायालय बैतूल में चाइल्ड फ्रेंडली कोर्ट रूम (न्यायालय कक्ष रेनोवेशन) एवं परिवार न्यायालय हेतु काउंसलिंग सेंटर, किंडर गार्डन एवं प्ले हाउसेस कार्य के लिए कितनी-कितनी राशि की प्रशासकीय स्वीकृति कब प्राप्त हुई थी? (ख) उपरोक्त कार्य किस एजेंसी द्वारा किया गया एवं कब पूर्ण किया गया, यदि कार्य पूर्ण हो गए हो तो संबंधित एजेंसी को कितना भुगतान किया गया? जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) क्या यदि भुगतान नहीं किया गया है तो भुगतान न करने का कारण सहित जानकारी देवें। (घ) कार्य पूर्ण होने के बाद भी लम्बे समय से भुगतान न करने हेतु कौन जिम्मेदार है एवं भुगतान कब तक किया जावेगा और यदि नहीं, तो क्यों?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) एवं (घ) प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
अधिकारी/कर्मचारी के नियुक्ति/प्रतिनियुक्ति पर पदस्थी
[लोक निर्माण]
62. ( क्र. 2586 ) श्री केशव देसाई : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग का एक अधिकारी/कर्मचारी नियुक्ति दिनांक से एक स्थान पर कितने समय तक पदस्थ रह सकता है, विभाग में पदस्थी और स्थानांतरण की क्या नीति-नियम है, नियम की प्रति उपलब्ध करावें? (ख) विभाग ने पत्र क्रमांक MLA 21 दिनांक 16.08.2024 के संबंध में दिये गये पत्र पर प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई, की गई कार्यवाही से अवगत करावें? (ग) एक अधिकारी/कर्मचारी प्रतिनियुक्ति दिनांक से कितने समय तक पदस्थ रह सकता है? अवधि बतावें। (घ) क्या नियुक्ति/ प्रतिनियुक्ति पर लंबे समय तक एक स्थान पर होने से भ्रष्टाचार की संभावना होती है, तो विभाग द्वारा ऐसे अधिकारी को हटायेगा जो एक स्थान पर लंबे समय से है, यदि हाँ तो कब तक समय-सीमा बतावें?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र क्रमांक एफ 6-1/ 2024/एक/9 दिनांक 29 अप्रैल 2025 द्वारा जारी स्थानांतरण नीति-2025 की कण्डिका 18 अनुसार। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार। (ग) सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी परिपत्र क्रमांक एफ ए-10-1818814911 दिनांक 02 दिसम्बर 1988 एवं क्रमांक सी-3-18/94/3/1 दिनांक 12 दिसंबर 1994 अनुसार प्रतिनियुक्ति में सेवायें कम से कम 2 वर्ष के लिये एवं दोनों विभागों की सहमति से अधिकतम चार वर्ष तक। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार। (घ) जी नहीं। प्रशासकीय दृष्टि से पदस्थ किये गये है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
नियम विरूद्ध पदोन्नति
[नगरीय विकास एवं आवास]
63. ( क्र. 2620 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिका निगम कटनी में श्री संजय सोनी, स्वच्छता निरीक्षक के पद पर कौन और कब से कार्यरत है उक्त स्वच्छता निरीक्षक को प्रथम नियुक्ति कब और किस आदेश क्रमांक व दिनांक से हुई थी और किस पद पर हुई नियुक्ति आदेश की प्रति दें। (ख) प्रश्नांश (क) के स्वच्छता निरीक्षक की पदोन्नति निर्धारित समय सीमा-आठ वर्ष के पूर्व ही नियम विरूद्ध की गई है, यदि हाँ तो अवैधानिक पदोन्नति को निरस्त करते हुये पदोन्नति पद पर प्राप्त वेतन की राशि पदोन्नतिकर्ता या संबंधित से वसूली की जावेगी यदि हाँ तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों। कारण बतावें। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित निरीक्षक को नगर निगम कटनी में कितने वर्षों के लिये भेजा गया था क्या समयावधि पूर्ण हो गई है, यदि हाँ तो अभी तक उक्त निरीक्षक की प्रतिनियुक्ति समाप्त करते हुये मूल विभाग को क्यों नहीं भेजा गया। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्य में उक्त निरीक्षक की प्रतिनियुक्ति समाप्त करने हेतु कटनी नगरपालिका निगम के वार्ड पार्षद क्रं. 42, 38 एवं अन्य द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी को दिनांक 15, 16 जनवरी 2026 को शिकायत की गई है यदि हाँ, तो अभी तक उक्त निरीक्षक को मूल विभाग को वापिस क्यों नहीं किया, कब करेंगे जानकारी दें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) श्री संजय सोनी, स्वच्छता निरीक्षक को विभाग के आदेश क्रमांक एफ 1-62/2021/18-1 दिनांक 21 मई 2021 से स्थानांतरित करते हुए अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक नगर पालिक निगम कटनी में पदस्थ किया गया है, जिसके अनुक्रम में श्री सोनी, दिनांक 07.08.2021 से नगर पालिक निगम, कटनी में निरंतर कार्यरत हैं। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। श्री सोनी का धारणाधिकार नगर पालिक निगम, कटनी नहीं है। नगर पालिक निगम, कटनी में उपलब्ध सेवा अभिलेख अनुसार श्री संजय सोनी, स्वच्छता निरीक्षक की प्रथम नियुक्ति सफाई दरोगा के पद पर नगर पालिका परिषद, अमरपाटन के आदेश क्रमांक/न.प./स्था./98/1189 दिनांक 24.03.1998 से हुई थी। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ख) जी नहीं। म.प्र. नगरपालिका सेवा (वेतनमान एवं भत्ता नियम) नियम 1967 के प्रावधानानुसार अनुसूची 03 अंतर्गत स्वच्छता निरीक्षक के पद पर पदोन्नति हेतु निम्नानुसार प्रावधान किये गये है। सीधी भर्ती के लिए म.प्र. शासन द्वारा मान्यता प्राप्त संस्था की स्वच्छता निरीक्षक की परीक्षा उत्तीर्ण होने का प्रमाण-पत्र। विभागीय पदोन्नति के लिए माध्यमिक परीक्षा उत्तीर्ण होने प्रमाण पत्र एवं स्वच्छता कार्यक्रम में कम से कम से 3 वर्ष का पूर्वानुभव। उम्मीदवार को प्रशिक्षण में जाना होगा मध्यप्रदेश शासन द्वारा मान्यता प्राप्त संस्था से स्वच्छता निरीक्षक की परीक्षा उत्तीर्ण होने का प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा तदानुक्रम में जिला चयन समिति की बैठक दिनांक 12.05.2003 में श्री संजय सोनी की शैक्षणिक योग्यता बी.एस.सी. उत्तीर्ण, स्वच्छता निरीक्षक डिप्लोमा उत्तीर्ण एवं विगत पांच वर्षों (1998-99 से वर्ष 2002-03) के गोपनीय प्रतिवेदनों का परीक्षण कर स्वच्छता निरीक्षक के पद पर पदोन्नति हेतु उपयुक्त पाते हुए पदोन्नति की अनुशंसा की गयी। तदानुसार पदोन्नति हेतु परिषद का संकल्प क्रमांक 04 दिनांक 05.06.2003 पारित कर पदोन्नति की पुष्टि हेतु प्रस्ताव संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास को प्रेषित किया गया। उप संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास द्वारा पत्र दिनांक 15.09.2003 द्वारा पदोन्नति की पुष्टि की गयी। श्री संजय सोनी की स्वच्छता निरीक्षक के पद पर पदोन्नति तत्समय प्रचलित नियमों के अनुसार की गयी थी। जिला चयन समिति की बैठक कार्यवाही विवरण एवं आदेश पत्रों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नांश (क) के स्वच्छता निरीक्षक को नगरपालिक निगम कटनी में म.प्र.शासन, नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग, मंत्रालय भोपाल के आदेश कमांक एफ 1-62/2021/18-1 भोपाल, दिनांक 21 मई 2021 से स्थानांतरित करते हुए अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक नगरपालिक निगम कटनी में पदस्थ किया गया है, जिसमें समयावधि का उल्लेख नहीं है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) संचालनालय में इस संबंध में शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
विद्युतीकरण से वंचित ग्राम/मजरा/टोला
[ऊर्जा]
64. ( क्र. 2644 ) श्रीमती गंगा सज्जन सिंह उईके : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र 132—घोड़ाडोंगरी में विद्युतीकरण से वंचित ग्राम/मजरा/टोला की कितनी संख्या हैं, विकासखण्डवार जानकारी प्रदान करें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार विद्युतीकरण से वंचित ग्राम/मजरा/टोला में विद्युतीकरण की विभाग की क्या कोई योजना प्रस्तावित है? (ग) यदि हाँ, तो कब तक इन ग्राम/मजरा/टोला में विद्युतीकरण हो सकेगा?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) घोड़ाडोंगरी विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत समस्त राजस्व ग्राम एवं इनके संसूचित मजरे/टोले पूर्ववर्ती ग्रामीण विद्युतीकरण योजनाओं के अंतर्गत विद्युतीकृत हैं। उल्लेखनीय है कि नये घरों/बसाहटों का निर्माण होना एक सतत प्रक्रिया है। प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र में कालांतर में 45 नवीन मोहल्ले एवं बसाहटे विकसित हुई हैं, जो विद्युतीकरण हेतु शेष है, जिनकी विकासखण्डवार संख्यात्मक जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश (क) में उल्लेखित विद्युतीकरण से वंचित कुल 45 बसाहटों में से 9 बसाहटों के विद्युतीकरण के कार्यों को धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत स्वीकृत किया जा चुका है। उक्त कार्य वर्तमान में प्रगतिरत है। शेष विद्युत विहीन बसाहटें भारत सरकार की धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना के दिशा-निर्देशों/मापदण्डों के अनुरूप नहीं होने के कारण योजना अंतर्गत स्वीकृत नहीं किये जा सके हैं। तथापि केन्द्र/राज्य शासन की विद्युतीकरण योजना की उपलब्धता अनुसार, भविष्य में प्रश्नाधीन शेष विद्युत विहीन बसाहटों के विद्युतीकरण हेतु आवश्यक कार्यवाही किया जाना संभव हो सकेगा।
दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का विनियमितीकरण
[नगरीय विकास एवं आवास]
65. ( क्र. 2646 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र क्र.एफ 5-1/2013/1/3 भोपाल दिनांक 07 अक्टूबर 2016 के अनुसार दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को विनियमित किये जाने हेतु सभी विभागों को निर्देश दिये गए थे, उसके बाद भी क्या कारण है कि नगरीय विकास एवं आवास विभाग अंतर्गत नगर पालिका एवं नगर परिषद में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी जिनकी सेवाएं 10 वर्ष या अधिक हो गई है उन्हें क्यों विनियमित नहीं किया जा रहा? (ख) क्या सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा कर्मचारियों हेतु अलग-अलग श्रेणी निर्धारित की गई है यदि हाँ तो दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी कौन सी श्रेणी में आते है जानकारी देवें? (ग) सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र क्रमांक एफ 3/1/2/0022/2025-GAD-8-01 दिनांक 28/02/2025 के परिप्रेक्ष्य में नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा आज दिनांक तक क्या क्या कार्यवाही की गई? जानकारी देवें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र क्र. एफ 5-1/2013/1/3 भोपाल दिनांक 07 अक्टूबर 2016 के अनुसार दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को विनियमित किये जाने हेतु जारी निर्देशों के अनुक्रम में नगर पालिका एवं नगर परिषद में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को पात्रता अनुसार विनियमित करने की कार्यवाही की गयी है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) सामान्य प्रशासन विभाग के उक्त परिपत्र अनुसार दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को कंडिका 1.1 अनुसार "स्थायी कर्मी" की श्रेणी में रखा गया है। कंडिका 1.2 वेतनमान के आधार पर तीन श्रेणियाँ निर्धारित की गयी है। 1. अकुशल, 2. अर्द्धकुशल एवं 3. कुशल। (ग) सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र क्रमांक एफ 3/1/2/0022/2025-GAD-8-01 दिनांक 28/02/2025 के परिप्रेक्ष्य में नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुक्रम में किये गये पत्राचार/कार्यवाही की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
ग्राम पंचायत भूमि पर स्थायी सी.सी. निर्माण एवं भूमि विक्रय/आवंटन
[नगरीय विकास एवं आवास]
66. ( क्र. 2652 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नगर पालिका परिषद सिवनी मालवा द्वारा अपनी अधिसूचित नगरपालिका सीमा एवं अधिकार क्षेत्र से बाहर, झलनवांटिया क्षेत्र में स्थायी सीमेंट-कांक्रीट निर्माण कार्य कराया गया है? (ख) क्या झलनवांटिया क्षेत्र प्रशासनिक रूप से ग्रा.पंचायत दमाड़िया के अंतर्गत आता है तथा जिस भूमि पर निर्माण किया गया, वह न.पा. परिषद सिवनी-मालवा के स्वामित्व की नहीं है? (ग) यदि हाँ तो, क्या उक्त निर्माण हेतु न.पा. परिषद की विधिवत बैठक में कोई प्रस्ताव पारित किया गया था? क्या निर्माण से पूर्व ग्रा.पंचायत दमाड़िया से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त किया गया था? क्या राज्य शासन अथवा जिला कलेक्टर से पूर्व में स्वीकृति प्राप्त की गई थी? (घ) क्या उक्त भूमि को न.पा. परिषद द्वारा बेचने अथवा आवंटित करने का प्रयास किया गया है? यदि हाँ, तो इसके लिए किस अधिनियम/प्रावधान के अंतर्गत अधिकार लिया गया तथा क्या यह मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 एवं संबंधित राजस्व/पंचायती कानूनों के अनुरूप है? (ड.) उक्त निर्माण एवं भूमि से संबंधित परिषद प्रस्ताव, ग्रा.पंचायत दमाड़िया की NOC, राज्य शासन/कलेक्टर की स्वीकृति, भूमि स्वामित्व अभिलेख तथा भूमि विक्रय/आवंटन से संबंधित आदेशों व दस्तावेजो की प्रति उपलब्ध करावें? (च) यदि बिना अधिकार क्षेत्र, बिना स्वामित्व एवं बिना वैधानिक स्वीकृति के उक्त कार्य किया गया है, तो नगर पालिका अध्यक्ष एवं संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अब तक की गई अथवा प्रस्तावित प्रशासनिक/विधिक कार्यवाही का विवरण देवें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं, नगर पालिका परिषद सिवनीमालवा द्वारा नगर पालिका सीमा एवं अधिकार क्षेत्र से बाहर झलनवांटिया क्षेत्र में किसी भी प्रकार का स्थायी सीमेंट- कांक्रीट का निर्माण कार्य नहीं कराया गया है। (ख) से (च) उत्तरांश 'क' के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
विभागीय पदोन्नति आदेशों की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
67. ( क्र. 2653 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2020 के पश्चात विभाग स्तर पर राज्य नगरीय सेवा के संबंध में कुल कितनी विभागीय पदोन्नति समितियाँ (DPC) आयोजित की गई है? कृपया आयोजित प्रत्येक DPC की तिथि एवं उसकी कार्यवाही का सम्पूर्ण विवरण उपलब्ध करावे। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार आयोजित DPC के उपरांत कितने मामलों में प्रशासकीय अनुमोदन प्राप्त किया गया है? (ग) उक्त अनुसार आयोजित समस्त DPC के अनुक्रम में कितने प्रकरणों में पदोन्नति आदेश जारी कर दिए गए हैं तथा कितने प्रकरणों में आदेश जारी नहीं किए गए हैं? (घ) यदि विभागीय पदोन्नति समिति की अनुशंसा एवं प्रशासकीय अनुमोदन के उपरांत भी पदोन्नति आदेश जारी नहीं किए गए हैं, तो आदेश जारी न करने के लिए उत्तरदायी अधिकारी के विरुद्ध क्या कार्यवाही की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? (ड.) यदि किसी प्रकरण में DPC की कार्यवाही त्रुटिपूर्ण पाए जाने के कारण पदोन्नति आदेश जारी नहीं किए गए हैं, तो ऐसी त्रुटिपूर्ण DPC कराने के लिए उत्तरदायी अधिकारियों के विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई है अथवा प्रस्तावित है? विवरण देवें। यदि नहीं, तो उसका कारण स्पष्ट करें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) लेखाधिकारी के पद पर दिनांक 27.06.2025 को डी.पी.सी. आयोजित की गई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हां। प्रशासकीय अनुमोदन प्राप्त किया गया है। (ग) आदेश जारी नहीं किये गये हैं, क्योंकि मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2002 को मान. उच्च न्यायालय, जबलपुर द्वारा मार्च 2016 में निरस्त किये जाने के फलस्वरूप मान. उच्चतम न्यायालय में एस.एल.पी. विचाराधीन है। पदोन्नतियां लंबे समय से बाधित होने के कारण सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा नवीन मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025 दिनांक 19.06.2025 को जारी किये गये हैं तथा उक्त नियम अनुसार सभी विभागों में पदोन्नति किये जाने के निर्देश हैं। वर्तमान में उक्त नियम के विरूद्ध मान. उच्च न्यायालय, जबलपुर में याचिकाऐं दायर हुई हैं, जिसमें पारित अंतिम निर्णय अनुसार ही प्रकरण में पदोन्नति की कार्यवाही की जा सकेगी। (घ) एवं (ड.) उत्तरांश '' ग'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
उपयंत्रियों को चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ
[लोक निर्माण]
68. ( क्र. 2681 ) श्री संजय उइके : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के अन्तर्गत कार्यरत सभी अधिकारी/कर्मचारियों का 35 वर्ष की सेवा उपरांत चतुर्थ समयमान वेतन का लाभ देने हेतु वित्त विभाग द्वारा कोई आदेश जारी किये गये है? (ख) यदि हाँ, तो प्रदेश में यांत्रिकी विभागों में उपयंत्री संवर्ग में डिप्लोमा धारी एवं डिग्रीधारी के लिये अलग-अलग पद सृजित किये गये है? वेतनमान एवं कार्य के स्वरूप में अंतर है, अथवा नहीं? (ग) यदि नहीं, तो डिप्लोमा एवं डिग्री आर्हता के उपयंत्रियों को चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ समान स्वरूप से क्यों नहीं दिया जा रहा? (घ) जनप्रतिनिधि/डिप्लोमाधारी संगठन द्वारा भी विसंगति निराकरण हेतु लेख किया गया है, विसंगति का निराकरण कब तक किया जायेगा?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। जी नहीं। (ग) विभागीय भर्ती नियम/पदोन्न्ति नियम अनुसार। (घ) जी हाँ। उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
कर्मचारियों के स्वत्वों का भुगतान
[ऊर्जा]
69. ( क्र. 2710 ) श्री अनिरुध्द (माधव) मारू : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माननीय सुखदेव पांसे विधायक के द्वारा 2009 विधानसभा में किए गए तारांकित प्रश्न क्रमांक 4672, दिनांक 28/07/2009 पर तत्कालीन मुख्यमंत्री महोदय के द्वारा दिए गए प्रति उत्तर के अनुरूप विद्युत विभाग द्वारा पालन क्यों नहीं किया जा रहा हैं? (ख) ग्रामीण विद्युत सहकारी समिति मर्यादित मनासा का मध्य प्रदेश विद्युत मंडल में विलीनीकरण हो चुका है? विलीनीकरण के बाद कर्मचारियों पर मध्य प्रदेश विद्युत मंडल के सेवा नियम लागू होते हैं। नियमों के अनुसार कर्मचारियों को उच्च वेतनमान एवं पेंशन का लाभ क्यों नहीं दिया जा रहा है? कर्मचारियों को ये लाभ कब तक प्राप्त होंगे? समय-सीमा बतावें। (ग) ग्रामीण विद्युत सहकारी समिति मनासा के कर्मचारियों को ग्रेच्युटी भुगतान, अवकाश नगदीकरण और सारी सुविधाएं नियुक्त दिनांक से मिल रही है? फिर उच्च वेतनमान के लिए अलग से नियम की क्या आवश्यकता हुई? जिसमें पृथक से व्यवस्था कर विलीनीकरण को नियुक्ति दिनांक माना गया और वहीं से उच्च वेतनमान का लाभ दिया जा रहा हैं। कर्मचारी के साथ अन्याय क्यों हो रहा हैं? कारण बताएं।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) एवं (ख) प्रश्न में उल्लेखित प्रश्न क्रमांक-4672 नहीं, अपितु प्रश्न क्रमांक-4642 दिनांक 28.07.2009 के सन्दर्भ में लेख है कि ग्रामीण विद्युत सहकारी समिति मर्यादित, मनासा का म.प्र. विद्युत मंडल में विलीनीकरण नहीं हुआ था। तथापि म.प्र. विद्युत नियामक आयोग, भोपाल द्वारा याचिका क्रमांक-57/08 में पारित आदेश दिनांक 12.10.2009 में दिये गये निर्देशों के अनुपालन में ग्रामीण विद्युत सहकारी समिति मर्यादित, मनासा का म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में सहकारी समिति की सेवा-शर्तों पर ही विलीनीकरण किया गया है। विलीनीकृत के बाद कर्मचारियों पर विद्युत मंडल के नियम लागू नहीं होते हैं, अपितु समिति के सेवा नियम लागू होते हैं। विलीनीकरण कर्मचारियों को समिति का कार्य व्यवसाय अधिग्रहित किये जाने की तिथि 16.11.2009 से सेवाकाल की गणना कर उच्च वेतनमान का लाभ दिया जा रहा है एवं समिति के नियमों के अनुसार ई.पी.एफ. पेंशन देय है। विलीनीकृत समिति के कर्मचारियों द्वारा म.प्र. विद्युत नियामक आयोग के आदेश दिनांक 12.10.2009 को चुनौती देते हुए समिति के कर्मचारियों पर मध्यप्रदेश विद्युत मंडल की सेवा-शर्तें लागू किये जाने की सहायतार्थ माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर के समक्ष दायर रिट याचिका क्रमांक-232/2010 वर्तमान में लंबित है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। (ग) ग्रामीण विद्युत सहकारी समिति मर्यादित, मनासा के कर्मचारियों को समिति में लागू सेवा-शर्तों अंतर्गत गेच्युटी भुगतान अधिनियम, 1972 अनुसार गेच्युटी का भुगतान किया जा रहा है एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली के निर्णय दिनांक 04.03.2014 में दिये गये निर्देशों के अनुपालन में कंपनी के कार्मिकों के समान समिति के कर्मचारियों को अवकाश नगदीकरण का लाभ एवं अन्य झालारी भत्ते दिये जा रहे हैं तथा समिति के कर्मचारियों को समिति का कार्य व्यवसाय अधिग्रहित किये जाने की तिथि 16.11.2009 से सेवाकाल की गणना कर उच्च वेतनमान का लाभ दिया जा रहा है, जो कि न्यायोचित है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है।
पूर्व के विधायक निधि के लंबित भुगतान की जानकारी
[लोक निर्माण]
70. ( क्र. 2741 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले के भितरवार विधानसभा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग द्वारा 1 अप्रैल 2023 से प्रश्न दिनांक तक कौन से निर्माण कार्य किस-किस स्थान पर किस-किस योजना (मद) से किस दिनांक से कितनी-कितनी (लागत) स्वीकृति राशि से किस-किस यंत्री/अधिकारी के सुपर विजन में किस-किस स्थान पर यदि रोड है तो किस स्थान से किस स्थान तक किस-किस ठेकेदार/एजेन्सी से कराये गये हैं तथा कराये जा रहे हैं। प्रश्न दिनांक तक उनकी भौतिक तथा वित्तीय स्थिति क्या है सम्पूर्ण जानकारी दें। (ख) क्या पूर्व मंत्री श्री लाखनसिंह यादव के विधायक निधि के लंबित भुगतान हेतु कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग ग्वालियर के पत्र क्र. 4059 दिनांक 27/06/2025 एवं 4108 दिनांक 01/07/2025 प्रमुख अभियन्ता लोक निर्माण विभाग भोपाल को पत्र लिखे गये थे यदि हाँ तो पत्र दिनांक से प्रश्न दिनांक तक प्रमुख अभियन्ता लोक निर्माण विभाग द्वारा लंबित भुगतान हेतु क्या-क्या कार्यवाही की गई है की गई सम्पूर्ण कार्यवाही की पत्राचार सहित पूर्ण पत्रों सहित जानकारी देवें। अभी तक उक्त लंबित देयकों का भुगतान किन कारणों से नहीं किया गया पूर्ण विवरण दें? अब उक्त लंबित देयकों का कब तक भुगतान करा दिया जावेगा एक निश्चित समय-सीमा बतावें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जी हाँ। कार्यपालन यंत्री, ग्वालियर के पत्रों की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार एवं विभाग द्वारा की गई सम्पूर्ण कार्यवाही की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। संबंधित विभाग से आवंटन प्राप्त न होने के कारण। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।
भूमि अधिग्रहण उपरांत मुआवजे में अनियमितता
[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]
71. ( क्र. 2789 ) श्री राजेश कुमार शुक्ला : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा बिजावर अंतर्गत निर्माणाधीन बरेठी सोलर पावर प्लांट हेतु भूमि अधिग्रहण के उपरांत किसानों/भूमि स्वामियों को प्रदत्त मुआवजे में अनियमितता संबंधी अब तक कितनी शिकायतें प्राप्त हुई हैं? (ख) उक्त शिकायतों पर शासन/प्रशासन द्वारा अब तक क्या-क्या कार्यवाही की गई है? कितनी शिकायतों का निराकरण हो चुका है तथा कितनी लंबित हैं? लंबित मामलों के कारण क्या हैं एवं निराकरण हेतु किस अधिकारी/एजेंसी की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है? (ग) बरेठी सोलर पावर प्लांट की वर्तमान भौतिक एवं वित्तीय स्थिति क्या है? परियोजना की कुल क्षमता, अब तक किया गया व्यय, कार्य प्रारंभ की तिथि एवं संभावित पूर्णता तिथि क्या है? (घ) परियोजना के निर्माण एवं संचालन में वर्तमान में कुल कितने कर्मचारी/श्रमिक कार्यरत हैं? इनमें जिला छतरपुर, विधानसभा क्षेत्र बिजावर तथा बाहरी जिलों/राज्यों के निवासियों की संख्या पृथक-पृथक कितनी है? (ड.) क्या शासन की किसी नीति/नियम/दिशा-निर्देश में बड़ी औद्योगिक/ऊर्जा परियोजनाओं में स्थानीय प्रभावित परिवारों एवं क्षेत्रीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो विवरण दें, यदि नहीं, तो भविष्य में ऐसा प्रावधान लागू करने पर विचार करेगा या नहीं? (च) क्या शासन यह सुनिश्चित करेगा कि शेष भूमि स्वामियों को शीघ्र पूर्ण मुआवजा, कम भुगतान वाले मामलों का पुनर्मूल्यांकन तथा स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता दी जाए? यदि हाँ, तो कैसे?
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्ला ) : (क) कार्यालय कलेक्टर (भू-संसाधन प्रबंधन) जिला-छतरपुर से प्राप्त जानकारी अनुसार मुआवजे में अनियमितता संबंधी कोई शिकायत प्राप्त नहीं है। (ख) उत्तरांश (क) के संदर्भ में प्रश्न लागू नहीं होता है। (ग) कार्यालय कलेक्टर (भू-संसाधन प्रबंधन) जिला- छतरपुर से प्राप्त जानकारी अनुसार वर्तमान में 17.41 कार्य पूर्ण हो चुका है। परियोजना की कुल क्षमता 630 मेगावाट पर अत तक किया गया व्यय परियोजना कार्य- 373.40 करोड1, भू-अर्जन-304.12 करोड़, कार्य प्रारंभ की तिथि–जून 2025, संभावित पूर्ण तिथि- दिसंबर-2026। (घ) कार्यालय कलेक्टर (भू-संसाधन प्रबंधन) जिला-छतरपुर से प्राप्त जानकारी अनुसार परियोजना में लगे कुल श्रमिक-243, बिजावर-58, छतरपुर-103, मध्यप्रदेश-14, अन्य राज्य-68। (ड.) नही। तथापि परियोजना में उत्पन्न कार्य के लिए स्थानीय व्यक्तियों को रोजगार दिया जायेगा। परियोजना के लिए आर्थिक रूप से व्यवहार्यता (Viability) रहता है। (च) शासन की नीति व आर्थिक व्यवहार्यता (Viability) के आधार पर निर्णय लिए जाते है।
कटनी में विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन
[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]
72. ( क्र. 2791 ) श्री धीरेन्द्र बहादुर सिंह : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभागीय कौन-कौन सी योजनाएं, कब से प्रचलित हैं, कटनी जिले में विगत 03 वर्षों में विकासखंडवार किन-किन हितग्राहियों को किस-किस योजना के तहत कब-कब लाभान्वित किया गया? (ख) प्रश्नांश ''क'' के तहत योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए क्या-क्या कार्य एवं कार्यवाही की जाती हैं? वर्तमान में जिले में कौन-कौन से विभागीय अधिकारी/कर्मचारी कब से पदस्थ/नियुक्त हैं? इनके क्या कार्य/दायित्व नियत हैं? (ग) म.प्र. ऊर्जा विकास निगम द्वारा सौर ऊर्जा प्लांट लगाए जाने के लिए स्थल चयन आदि के लिए क्या-क्या कार्यवाही की जाती हैं इसके लिए क्या-क्या मापदंड निर्धारित हैं? प्रदेश में कितनी क्षमता के कौन-कौन से प्लांट वर्तमान में कितनी-कितनी भूमि पर कहाँ-कहाँ लगाए गये और किन-किन स्थानों पर प्लांट लगाए जाने की योजना हैं? क्या प्रदेश के सभी जिलों में प्लांट लगाए जायेंगे? हाँ, तो किस प्रकार और कब तक? नहीं तो क्यों? (घ) क्या बड़वारा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत विभाग/निगम द्वारा सौर ऊर्जा प्लांट लगाया जा सकता हैं? हाँ, तो किस प्रकार? शासन/विभाग एवं निगम द्वारा इस विषय पर क्या कार्यवाही किस प्रकार एवं कब तक की जायेंगी? नहीं तो क्यों?
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्ला ) : (क) प्रश्नांश (क) के संबंध में भारत सरकार की प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम कुसुम) योजना पीएम कुसुम घटक-अ प्रदेश में वर्ष 2019 से, पीएम कुसुम घटक-ब प्रदेश में मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना के नाम से वर्ष 2025 तक व वर्तमान में प्रदेश में प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना के नाम से वर्ष 2025 से एवं पीएम कुसुम घटक-स व सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना वर्ष 2022 से प्रचलित है। भारत सरकार की प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना एवं पीएम जनमन योजना वर्ष 2024 से प्रचलित है। पीएम कुसुम घटक-स, घटक-ब एवं प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के घरेलू हितग्राहियों की कटनी जिले की योजनावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। राज्य में नवकरणीय ऊर्जा प्रोत्साहन/स्थापना हेतु शासन द्वारा म.प्र. नवकरणीय ऊर्जा परियोजना नीति-2025 एवं म.प्र. बायोफ्यूल परियोजना स्कीम 2025 जारी की गई है, जिसके अनुसार निवेशकों/विकासक स्वयं के निवेश पर स्थान का चयन एवं परियोजना साध्यता का आकलन कर नवकरणीय ऊर्जा परियोजना स्थापित कर सकते है। म.प्र. बायोफ्यूल परियोजना स्कीम 2025 के अंतर्गत जिला कटनी के ग्राम धनवारा तहसील बडवारा में M/s IOC GPS Renewable Private Ltd. की 15 टन प्रतिदिन सीबीजी परियोजना वर्ष 2025 में पंजीकृत की गई है। (ख) योजानाओं का प्रचार-प्रसार SMS, पेपर विज्ञापन, वेबसाइट, कलेक्टर व स्थानीय कृषि विभाग जिला अक्षय ऊर्जा अधिकारी आदि के माध्यम से किया जाता है। भारत सरकार की पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत प्रचार-प्रसार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। वर्तमान में कटनी जिले में विभाग/निगम का कार्यालय पृथक से संचालित नहीं है। कटनी जिले का कार्य अक्षय ऊर्जा अधिकारी, जबलपुर कार्यालय से संपादित होता है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (ग) पीएम कुसुम-अ योजना अंतर्गत हितग्राहियों का चयन एवं येाजना के क्रियान्वयन के संबंधी दिशा-निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। पीएम कुसुम-स योजना अंतर्गत स्थल चयन आदि विकासक द्वारा सुनिश्चित किया जाता है। स्थापित एवं स्थापनाधीन प्लांट के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है। योजना संपूर्ण मध्यप्रदेश में समान रूप से लागू की गयी है। योजनांतर्गत परियोजना का चयन विकासक का दायित्व है। कुसुम-स परियोजनांतर्गत कटनी जिले में स्थापित परियोजनाओं की जानकारी निरंक है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के शासकीय भवनों में रूफटॉप सौर संयंत्रों को रेस्को मोड अंतर्गत लगवाने के लिए स्थल चयन हेतु छत की शेष अवधि व छायारहित क्षेत्रफल का सर्वेक्षण किया जाता है। मंत्रि-परिषद के निर्देशानुसार सभी जिलों में 20 कि.वॉ. से अधिक क्षमता के शासकीय भवनों पर रेस्कों मोड में सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित किये जाएंगे। उक्त प्लांट शासकीय भवनों की छतों पर स्थापित होते है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ई अनुसार है। उक्त योजनाओं के अंतर्गत पूरे प्रदेश में योजना एवं प्रावधान अनुसार सौर प्लांट लागए जाते है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के शासकीय भवनों में सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाए जाने का कार्य सभी जिलो में प्रावधानित है। यह कार्य रेस्कों मोड में (बिना शासकीय निवेश के) चयनित विकासक द्वारा किया जाता है। कटनी जिले के लिये निविदा के माध्यम से विकासक चयन कर कार्यादेश जारी कर दिये गये है जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-फ अनुसार है। यूटिलिटी-स्केल-प्लांट भूमि एवं कनेक्टिविटी उपलब्धता अनुसार स्थापित किये जाते है। पीएम कुसुम-अ एवं 'स' प्लांट प्राप्त आवेदनकर्ता द्वारा चयनित भूमि पर स्थापित किये जाते है। इन योजनाओं में MPPMCL द्वारा निर्धारित क्रय सीमा अनुसार प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव है। (घ) जी हाँ। प्रश्नांश (घ) के परिप्रेक्ष्य में विभाग की मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा परियोजना नीति-2025 के अनुसार निवेशक/विकासक स्वयं के निवेश पर स्थल का चुनाव कर परियोजना साध्यता का आकलन कर नवकरणीय ऊर्जा परियोजना स्थापित कर सकता है। जानकारी मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा नीति 2025 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-फ अनुसार है। इसके अलावा म.प्र.ऊर्जा विकास निगम के माध्यम से भूमि पर स्थापित होने वाले पीएम कुसुम-अ, पीएम कुसुम-स योजना एवं सूर्यमित्र कृषि फीडर योजना अंतर्गत उतरांश 'ग' में उल्लेखित प्रावधान अनुसार कार्यवाही की जाती है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के शासकीय भवनों के रूफटॉप पर रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने की जानकारी उल्लेखित है। वर्तमान में प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में प्रश्नांश (घ) बड़वारा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जानकारी निरंक है।
दुकानदारों का व्यवस्थापन/पुनर्वास
[नगरीय विकास एवं आवास]
73. ( क्र. 2794 ) श्री सुनील उईके : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जुन्नारदेव नगर में जुन्नारदेव तामिया सड़क चौड़ीकरण एवं ओवर ब्रिज निर्माण कार्य के दौरान 33 दुकानों को तोड़ा गया था? क्या उक्त दुकानों का निर्माण एवं आवंटन नगर पालिका जुन्नारदेव द्वारा किया गया था? (ख) क्या इन प्रभावित दुकानदारों से नगर पालिका जुन्नारदेव द्वारा निर्माण एवं आवंटन के बाद से किराया, टैक्स आदि लिया जा रहा था? (ग) क्या उक्त दुकानदारों की दुकानें तोड़ते समय नगर पालिका जुन्नारदेव द्वारा उनके व्यवस्थापन एवं पुनर्वास किए जाने का आश्वासन दिया गया था? यदि हाँ, तो प्रश्न दिनांक तक इन 33 दुकानदारों के व्यवस्थापन/पुनर्वास के संबंध में निकाय द्वारा क्या कार्रवाई की गई है? (घ) क्या शासन इन पीड़ित/प्रभावित दुकानदारों के व्यवस्थापन/पुनर्वास अतिशीघ्र करने पर विचार करेगा? (ड.) क्या इनके व्यवस्थापन/पुनर्वास के प्रकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर शासन कोई कार्रवाई करेगा? यदि हाँ, तो कब तक करेगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) वर्तमान में नगर परिषद जुन्नारदेव के पास ऐसी कोई भूमि उपलब्ध नहीं है जिसमें दुकान बनाई जा सके एवं दुकानों का व्यवस्थापन/पुनर्वास किया जा सके। (ड.) उत्तरांश (घ) के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
अवैध कॉलोनियों का नामांतरण
[नगरीय विकास एवं आवास]
74. ( क्र. 2803 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र महिदपुर अंतर्गत विगत 2 वर्षों में अपर कलेक्टर (कालोनी सेल) द्वारा अवैध कॉलोनियों के संदर्भ में किन-किन कॉलोनाइजरों पर कब-कब, क्या-क्या प्रकरण बनाए गए हैं? अपर कलेक्टर (कालोनी सेल) के समक्ष विचाराधीन कॉलोनियों की अद्यतन स्थिति बताएं। (ख) अपर कलेक्टर (कालोनी सेल) के समक्ष विचाराधीन अवैध कॉलोनियों के नामांतरण पर रोक लगाई गई है? यदि नहीं, तो क्यों? यदि हाँ, तो प्रकरण विचाराधीन होने के उपरांत किस-किस के द्वारा कब-कब, किस-किस के नामांतरण किए गए हैं? संपूर्ण विवरण मय कालोनी नाम देवें। (ग) क्या अवैध रूप से नामांतरण करने हेतु कौन-कौन जिम्मेदार है? क्या जिम्मेदारों पर कार्यवाही की जाएगी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) प्रश्नांकित अवधि में विधानसभा क्षेत्र महिदपुर अंतर्गत तहसील झारडा एवं महिदपुर में अपर कलेक्टर कालोनी सेल द्वारा अवैध कालोनियों के 64 विकासकर्ताओं/भू-स्वामियों के विरूद्ध प्रकरण दर्ज किए गए। जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। अपर कलेक्टर कालोनी सेल के समक्ष विचाराधीन प्रकरण में से 12 विकासकर्ताओं/भू-स्वामियों के प्रकरण का निराकरण किया गया है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। शेष प्रकरणों में कार्यवाही प्रचलित है। (ख) जी नहीं। म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 में नामांतरण पर रोक लगाने संबंधी प्रावधान नहीं है। उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
परिसीमन में आई आपत्तियों के संबंध में
[नगरीय विकास एवं आवास]
75. ( क्र. 2808 ) श्री विपीन जैन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम पंचायत दलौदा चौपाटी जो कि नगर परिषद बनने को है इस प्रक्रिया के परिसीमन में कौन-कौन सी आपत्तियां आई हैं? उसकी सूची देवें और उन आपत्तियों का क्या निराकरण कर दिया गया है? यदि नहीं, तो क्यों और कब तक उन आपत्तियों का निराकरण कर दिया जाएगा? (ख) प्रश्नकर्ता द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मंदसौर को पत्र क्रमांक 1550 दिनांक 17.12.2025 के संबंध में ग्राम पंचायत दलौदा चौपाटी की कॉलोनीयों को राजस्व रिकॉर्ड में दुरुस्त कर नगर परिषद दलौदा चौपाटी में सम्मिलित किया जाना संबंधी दावा आपत्तियों पर प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई है? की गई संपूर्ण कार्यवाही से अवगत कराये। (ग) क्या कुछ कालोनियां जो दलौदा चौपाटी में स्थित है, परंतु वह राजस्व रिकॉर्ड में पास की पंचायतो में दर्ज हैं इस कारण भविष्य में उन कॉलोनीयों में विकास कार्य करने में परेशानियां आएगी उक्त समस्या के समाधान हेतु प्रश्नकर्ता के द्वारा प्रेषित पत्रों पर प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाहियां की गई हैं?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) ग्राम पंचायत दलौदा चौपाटी एवं ग्राम पंचायत दलौदा रेल को सम्मिलित कर नगर परिषद बनाने की कार्यवाही के दौरान कुल 6 आपत्तियां प्राप्त हुई आपत्तियों का निराकरण किया जा चुका है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) मध्यप्रदेश राजपत्र क्रमांक 39 दिनांक 29.9.2023 में प्रकाशित अधिसूचना अनुसार ग्राम दलौदा चौपाटी व दलौदा रेल के सम्पूर्ण क्षेत्र को सम्मिलित कर नगर परिषद दलौदा का गठन अधिसूचना क्रमांक 39 दिनांक 29.09.2023 द्वारा किया गया है। मान. विधायक श्री विपीन जैन द्वारा वार्ड परिसीमन के समय प्रस्तुत आपत्ति में उल्लेखित क्षेत्र गठित नगर परिषद क्षेत्र से बाहर का है, सक्षम प्राधिकारी द्वारा आपत्ति का निराकरण किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
महू-नीमच फोरलेन मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था
[लोक निर्माण]
76. ( क्र. 2809 ) श्री विपीन जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या महू-नीमच फोरलेन मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था और खामियों को ठीक करने को लेकर पूर्व लोक निर्माण मंत्री और फोरलेन से जुड़े क्षेत्र के माननीय विधायकों की उपस्थिति में बैठक का आयोजन किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो उक्त बैठक में फोरलेन मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था और किन-किन खामियों को लेकर जनप्रतिनिधियों द्वारा असंतोष व्यक्त किया गया था? उसका बिंदुवार विवरण देवें। उक्त बैठक की प्रोसिडिंग का विवरण भी देवें। (ग) क्या उक्त फोरलेन मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था और खामियों को लेकर उक्त बैठक में रखे गए सभी विषयों को संज्ञान में लेकर उनका समाधान कर लिया गया है? यदि हाँ, तो उसका विवरण देवें। यदि नहीं, तो क्यों? (घ) उक्त फोरलेन की सुरक्षा व्यवस्था और खामियों को समय-समय पर ठीक करने के लिए वर्तमान में कोई समिति का गठन किया गया है, यदि हाँ, तो उसका विवरण देवें और बताएं कि उक्त समिति की बैठक का कब-कब आयोजन कर समस्या का समाधान किया गया है? उसका संपूर्ण विवरण देवें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे अनुसार है। (घ) जी नहीं, शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
सोलर उपभोक्ताओं से फिक्स चार्ज वसूला जाना
[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]
77. ( क्र. 2810 ) श्री विपीन जैन : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सरकार सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं संचालित कर सब्सिडी प्रदाय कर रही है? यदि हाँ, तो बताएं कि शासन द्वारा सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए मध्य प्रदेश में कौन-कौन सी योजनाएं संचालित है? योजनाओं का संपूर्ण विवरण, दी जाने वाली सब्सिडी, आवेदन प्रक्रिया सहित जानकारी देवें। (ख) उपभोक्ताओं से फिक्स चार्ज के नाम पर कितनी राशि वसूली जा रही हैं? सोलर उपभोक्ताओं से फिक्स चार्ज किस नियम अनुसार लिया जा रहा है, जबकि अन्य राज्यों में फिक्स चार्ज से राहत प्रदाय की जा रही है तो मध्य प्रदेश में क्यों नहीं? (ग) फिक्स चार्ज हटाने संबंधी निर्णय शासन द्वारा कब लिया जाएगा?
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्ला ) : (क) जी हाँ। प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए अनुदान/वित्तीय सहायता/प्रोत्साहन की योजनाएं/नीति है- भारत सरकार की प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना संचालित की जा रही है जिसमें योजना अनुसार अनुदान/केन्द्रीय वित्तीय सहायता दिये जाने का प्रावधान है। जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम कुसुम) योजना का घटक-ब प्रदेश में प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना के नाम से संचालित है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। ऑनलाईन आवेदन अधिकारिक पोर्टल cmsolarpump.mp.gov.in के माध्यम से किये जाने का प्रावधान है। दिनांक 31.12.2025 तक प्रदेश स्तर पर कुल 40662 पात्र कृषकों के यहां सोलर पंप स्थापना के लिए कार्यादेश किये जा चुके है। कुसुम-स योजना के केन्द्र सरकार द्वारा 1.05 करोड़ प्रति मेगावाट की सब्सिडी का दिनांक 31.12.2025 तक किया गये PPA पर दिये जाने का प्रावधान है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। कुसुम-स योजना अंतर्गत प्रदेश में निविदा प्रक्रिया के तहत संचालन किया जाता है। आवेदन करने हेतु समय-समय पर होने वाली इन निविदाओं में भाग लिया जा सकता है, जिसकी जानकारी निगम की वेबसाइट mpuvn.mp.gov.in पर उपलब्ध है। पीएम कुसुम योजना हेतु भारत सरकार के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के पत्र दिनांक 31.12.2025 द्वारा केन्द्रीय वित्तीय सहायता के लिए New Liability नहीं create किये जाने हेतु दिशा-निर्देश जारी किया गया है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। विभाग की नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा नीति-2025 के तहत आवेदकों/विकासकों को प्रोत्साहन का प्रावधान है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में विद्युत वितरण कंपनी यथा म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड जबलपुर, म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इंदौर एवं म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, भोपाल के क्षेत्रांतर्गत सोलर सिस्टम वाले घरेलू उपभोक्ताओं से फिक्स चार्ज की वसूली मध्यप्रदेश नियामक आयोग द्वारा जारी टैरिफ आदेश एवं मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग (ग्रिड पारस्परिक नवीनकरणीय ऊर्जा प्रणालियां एवं संबंधित मामले) विनियम, (पुनरीक्षण द्धितीय) 2024 (आरजी-39 (II),2024) में निहित प्रावधान अनुसार की जाती है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ई अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
ठेका कंपनी के विरूद्ध कार्यवाही
[ऊर्जा]
78. ( क्र. 2827 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मेसर्स टी.डी.एस. मैनेजमेंट कंसल्टेंट प्राईवेट लिमिटेड मोहाली द्वारा जिला आगर-मालवा में कर्मचारियों का लगातार शोषण किया जा रहा है, अधीक्षण यंत्री को अनेक बार ज्ञापन दिए गए शिकायत से अवगत कराया गया, परन्तु कम्पनी पर आज तक कार्यवाही नहीं की गई विभागीय अधिकारियों का सरंक्षण उक्त कंपनी को प्राप्त होने से विधानसभा तारांकित प्रश्न क्र. 1303 दिनांक 05/12/2025 के उत्तर में गलत जवाब दिया गया कि कर्मचारियों द्वारा कंपनी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं की गई जबकि कपंनी के खिलाफ अनेक अनियमितता की शिकायतें/ज्ञापन कर्मचारियों द्वारा दिए गए है, उक्त कंपनी कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही है? (ख) विभाग की योजना अंतर्गत ट्रांसफार्मर, लाईन एवं अन्य समस्त स्थापना हेतु क्या-क्या मानक है? क्या उन मानकों का पालन हो रहा है? क्या पोल में सीमेंट डालना अनिवार्य है? यदि हाँ, तो जिन ठेकेदारों द्वारा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा उन पर क्या कार्यवाही की गई? (ग) क्या जो ट्रांसफार्मर योजना में क्षेत्र विकास के लिए आते है, उन्हें विभाग के द्वारा अन्यत्र लगा दिया जाता है? आगर जिले में दिनांक 01.01.2023 से लगे सभी शासकीय नए ट्रांसफार्मर एवं जिन ट्रांसफार्मरों का लोड बढाया गया है कि सूची उन पर जुड़े भार सहित उपलब्ध करावें? जिले में प्रत्येक ट्रांसफार्मर पर जुड़े भार एवं ट्रांसफार्मर की क्षमता नाम स्थान आदि की जानकारी देवें?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) संचा./संधा. वृत्त आगर अंतर्गत कार्यरत बाह्य स्त्रोत सेवा प्रदाता फर्म मेसर्स टी.डी.एस. मैनेजमेंट कंसल्टेंट प्राईवेट लिमिटेड़, मोहाली के विरूद्ध आऊटसोर्स कार्मिकों के शोषण किये जाने संबंधी कोई भी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उक्त फर्म की कुछ अनियमितताओं की शिकायतें जैसे प्रधानमंत्री जीवन ज्योति एवं प्रधानमंत्री सुरक्षा योजना में कुछ कार्मिकों का बीमाकृत न होना, लेबर लाइसेंस में कार्मिकों की संख्या कम होना, प्राप्त हुई थी। फर्म की उक्त शिकायतें/अनियमितताओं के विरुद्ध नोटिस ऑफ़ डिफाल्ट जारी कर उनका निराकरण कराया गया था। तदनुसार प्रश्न क्रमांक 1303 में जानकारी प्रेषित की गई थी। उल्लेखनीय है कि विभाग द्वारा प्रश्न क्रमांक 1303 में गलत जानकारी प्रेषित नहीं की गयी है। जनप्रतिनिधियों से प्राप्त शिकायतों एवं एजेंसी द्वारा की जा रही अनियमितताओं पर नोटिस ऑफ डिफाल्ट जारी करने के पश्चात एजेंसी से किये गये अनुबंध को टर्मिनेट करने की कार्यवाही म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अंतर्गत प्रक्रियाधीन है। म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों द्वारा उक्त फर्म/कंपनी को किसी प्रकार का संरक्षण नहीं दिया गया है। (ख) संचा./संधा.वृत्त आगर अंतर्गत संचालित योजनाओं में स्थापित किये जाने वाले ट्रांसफार्मर, लाईन एवं अन्य समस्त उपकरणों/स्थापना हेतु मानकों का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। जी हाँ, संचा./संधा. वृत्त आगर अंतर्गत उक्त निर्धारित मानकों का पालन हो रहा है। निर्धारित मानकों के अनुसार पोलों की स्थापना के समय सीमेंट डालने का प्रावधान है। संचा./संधा. वृत्त आगर अंतर्गत ठेकेदारों द्वारा पोल स्थापना के समय मानक अनुसार सीमेंट डाला जा रहा है, अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। (ग) जी नहीं, जो ट्रांसफार्मर योजना में क्षेत्र विकास के लिए आते हैं, उन्हें विभाग के द्वारा अन्यत्र नहीं लगाया जाता है। आगर जिले में दिनांक 01.01.2023 से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा स्थापित किये गये नवीन वितरण ट्रांसफार्मर एवं वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमतावृद्धि (लोड बढ़ाया) से संबंधित कार्यों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' एवं 'स' अनुसार है। आगर जिलान्तर्गत प्रत्येक वितरण ट्रांसफार्मर से संबद्ध भार एवं क्षमता से संबंधित स्थानवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'द' अनुसार है।
नवीन विद्युत सब स्टेशन स्थापित करने के प्रस्ताव
[ऊर्जा]
79. ( क्र. 2857 ) श्री मुकेश टंडन : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विदिशा जिला में तहसील विदिशा एवं ग्यारसपुर अंतर्गत कहां-कहां पर नवीन विद्युत सब स्टेशन स्थापित करने के प्रस्ताव प्रस्तावित है? नाम, बतावें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) के उत्तर में वर्णित नवीन विद्युत सब स्टेशन के स्वीकृति प्रदान कर स्थापित किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक बतावें? (ग) क्या उपरोक्त के संबंध में प्रश्नकर्ता ने पत्र लिख कर नवीन विद्युत सब स्टेशन स्थापित किये जाने हेतु शासन से आग्रह किया है? यदि हाँ, तो अब तक क्या कार्यवाही की गई?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) विदिशा जिला अन्तर्गत तहसील विदिशा में नवीन 132/33 के.व्ही. अति उच्चदाब विद्युत उपकेन्द्र ग्राम करारिया एवं तहसील ग्यारसपुर में नवीन 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र ग्राम सुआखेडी में स्थापित करने के प्रस्ताव संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों/जनप्रतिनिधियों से प्राप्त हुए हैं। (ख) उत्तरांश (क) में उल्लेखित ग्राम करारिया में नवीन 132/33 के.व्ही. अति उच्चदाब विद्युत उपकेन्द्र स्थापित करने हेतु म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा प्रश्नाधीन क्षेत्र की वर्तमान विद्युत अधोसंरचना व्यवस्था एवं भविष्य की आवश्यकता का आकलन कर आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर राज्य स्तरीय अंतर कंपनी समिति के समक्ष प्रेषित किया गया है। समिति की आगामी बैठक में उक्त प्रस्ताव का परीक्षण किया जावेगा। अत: वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। तहसील ग्यारसपुर में प्रस्तावित 33/11 के.व्ही. नवीन विद्युत उपकेन्द्र सुआखेडी का प्रस्ताव म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अन्तर्गत परीक्षणोंपरान्त असाध्य पाया गया है। (ग) जी हाँ। उत्तरांश (क) में उल्लेखित प्रस्तावित नवीन विद्युत उपकेन्द्रों की स्थापना से संबंधित कार्यवाही का विवरण उत्तरांश (ख) में समाहित है।
शासन की योजनाओं का लाभ
[विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण]
80. ( क्र. 2858 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या राज्य मंत्री, विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु के अन्तर्गत कुल कितनी जातियां चिन्हित की गयी हैं? क्या विभाग के पास इन श्रेणियों में आने वाले परिवारों की संख्या के आंकड़े जिलेवार उपलब्ध हैं? यदि हाँ, तो बतायें। (ख) देवास जिले के अन्तर्गत खातेगांव विधान सभा क्षेत्र में इस वर्ग की कितनी जातियां पाई जाती हैं? इनका नाम स्पष्ट करें। (ग) प्रश्नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र में इन जातियों को शासन की किन-किन योजनाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है? बतायें एवं वर्ष 2024-25 से प्रश्नांश दिनांक तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ इस वर्ग के कितने हितग्राहियों को मिला है? संख्या एवं ग्राम/शहर का नाम बतायें। (घ) क्या इन विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु जातियों के युवाओं को इनके परम्परागत व्यवसायों को बढ़ाने के या विकसित करने के लिये आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है?
राज्य मंत्री, विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण ( श्रीमती कृष्णा गौर ) : (क) प्रदेश में विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु के अन्तर्गत 51 जातियां चिन्हित की गई है। विभाग द्वारा इन श्रेणियों में आने वाले परिवारों की संख्या के आंकड़े संकलित किये जा रहे है। जातियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) देवास जिले के अन्तर्गत विधान सभा क्षेत्र में इस वर्ग की 10 जातियां पाई जाती है, जो निम्नानुसार है:- बंजारा, धनगर, जोशी, सिकलीगर, कालबेलिया, जोगी, बैरागी, गडि़या, गडोतिया एवं लुहार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (घ) जी हां, इनके परम्परागत व्यवसायों को बढ़ाने, विकसित करने एवं आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिये मुख्यमंत्री विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु स्वरोजगार योजना संचालित है।
पशुपालन एवं डेयरी द्वारा संचालित योजनाएं
[पशुपालन एवं डेयरी]
81. ( क्र. 2859 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में विभाग पशुपालन एवं डेयरी उद्योगों को संचालित करने हेतु कौन-कौन सी योजनाओं को चला रहा है? नाम बतायें। (ख) उक्त योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिये विभाग किसानों एवं पशु-पालको के साथ कोई सम्मेलन या संगोष्टी को आयोजित करता है? (ग) क्या प्रदेश में ''दुग्ध विस्तार'' योजनाओं का संचालन किया जा रहा है? क्या गाय, भैंस पालन के लिये कोई ऋण योजना है, चलाई जा रही है? बतायें। (घ) विभाग बतायें डेयरियों में दूध की शुद्धता की जाँच कि जाती है? यदि हाँ, जांच के दौरान मिलावटी दूध पाये जाने पर सत्र 2025-26 में कितने दूध डेयरी संचालकों के केस बनाये और क्या कार्यवाही कि गई बताये? (ड.) क्या विभाग द्वारा समय-समय पर दूध देने वाले पशुओ जैसे गाय, भैंस आदि के स्वास्थ्य की जाँच कि जाती है? बतायें।
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) प्रदेश में विभाग पशुपालन एवं डेयरी उद्योगों को संचालित करने हेतु राष्ट्रीय पशुधन मिशन–उद्यमिता विकास कार्यक्रम, पशुपालन अधोसंरचना विकास निधि, आचार्य विद्यासागर गौसंवर्धन योजना तथा डॉ भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना क्रियान्वित कर रहा है। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। गाय व भैंस पालन के लिये दो ऋण योजनाएं आचार्य विद्यासागर गौसंवर्धन योजना तथा डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना चलाई जा रही है। (घ) दुग्ध संघों द्वारा दुग्ध सहकारी समितियों में प्राप्त होने वाला दूध परीक्षण उपरांत ही ग्राहय किया जाता है। दूध की शुद्धता की जांच हेतु मुख्य डेयरी संयंत्र तथा शीतकेन्द्र स्तर पर प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। वर्ष 2025-26 के दौरान दुग्ध संघो के स्तर पर मिलावटी दूध संबंधी कोई प्रकरण नहीं बनाया गया है। (ड.) जी हाँ।
सड़कों का निर्माण
[लोक निर्माण]
82. ( क्र. 2860 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान में PWD के अन्तर्गत खातेगांव विधान सभा क्षेत्र कितनी सड़के निर्मित की गई संख्या एवं नाम बतायें? निर्माण वर्ष बतायें। (ख) क्या प्रश्नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र खातेगांव में क्या नवीन सड़क बनाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन है? (ग) क्या पूर्व में निर्मित सड़कों की मरम्मत की जावेगी? यदि हाँ, तो समय अवधि बतायें। (घ) क्या विभाग के पास ऐसी कोई योजना है, जो सड़क निर्माण के समय वर्षा जल के अपव्यय को रोका जा सकें? (ड.) वर्तमान में सड़क पर बनाये गये रेडिमेड गतिरोध लोडिंग वाहनों के लिये मानक पूर्ण है?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं 'अ-1' अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ, पूर्व में निर्मित सड़कों की मरम्मत कार्य किया जाना निरन्तर प्रक्रिया है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) विभाग में पृथक से ऐसी कोई योजना स्वीकृत नहीं है, अपितु विभाग द्वारा वर्षा जल संरक्षण हेतु लोक कल्याण सरोवर तथा रिचार्ज बोर निर्माण किये जाने का प्रयास किया जा रहा है। (ड.) खातेगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत निर्मित मार्गों पर कोई रेडिमेड गतिरोध नहीं बनाये गये है।
वित्तीय अनियमितता एवं अवैध भूमि पर निर्माण
[नगरीय विकास एवं आवास]
83. ( क्र. 2869 ) श्री योगेन्द्र सिंह (बाबा) : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर जिला अंतर्गत नगर पालिका बिजुरी में वर्ष 2022 जनवरी से 30 जनवरी, 2026 तक निकाय के वित्तीय स्थिति जिसमें आय एवं प्रतिमाह व्यय, प्रत्येक व्यय की स्पष्ट व जानकारी जिसमें कार्य नाम मूल्यांकन, सत्यापनकर्ता नाम, पद, राशि भुगतान दिनांक, प्राप्तकर्ता नाम, पता, भुगतानकर्ता सी.एम.ओ. मूलपद, अध्यक्ष के नाम सहित पूर्ण जानकारी देवें। (ख) बिजुरी जनवरी 2022 से 30 जनवरी, 2026 तक स्वयं की आय, शासन की योजना से कितनी राशि किन-किन राष्ट्रीयकृत, गैर राष्ट्रीयकृत बैंकों में जमा है? अलग-अलग बैंक, नाम, राशि की जानकारी देते हुए उक्त अवधि का बैंक स्टेटमेंट उपलब्ध कराएं। (ग) बिजुरी में वार्ड नं.-09 में स्थित कन्या हा.से. विद्यालय खेल मैदान में वर्ष 2008 से 30 जून तक क्या-क्या निर्माण किए हैं? प्रत्येक निर्माण की लागत तथा स्कूल भूमि में निर्मित भवन को तोड़ने, वैधानिक अनुमति की जानकारी देते हुए निकाय, स्कूल मैदान में निर्माण, विद्यालय भवन को तोड़ने की कार्यवाही सक्षम अधिकारी की अनुमति की जानकारी देवें? (घ) शहडोल संभाग म.प्र. (लेखा एवं वित्त) नियम-2018 का पालन बिजुरी ने किया है? नहीं तो प्रश्नांश (क) अवधि में प्रत्येक माहवार व्यय की जानकारी जिसमें एक लाख से कम के भुगतानकर्ता नाम, भुगतान राशि कार्य या सामग्री का नाम, दिनांक, सत्यापन व मूल्यांकनकर्ता का नाम, तकनीकी स्वीकृत व कार्य वित्तीय धांधली की जांच कराएंगे?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है। (घ) जी नहीं, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'द' अनुसार है। जांच करायी जावेगी।
वित्तीय अधिकार एवं अवैधानिक व्यय पर कार्यवाही
[नगरीय विकास एवं आवास]
84. ( क्र. 2871 ) श्री योगेन्द्र सिंह (बाबा) : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. नगर पालिका अधिनियम-1961, लेखा नियम-2018 अनुसार माह में एक लाख के अंदर कोटेशन के माध्यम अंतर्गत कितने कार्य किये जा सकते है? एक ही प्रकृति के कार्य एक से अधिक बार कोटेशन से कराया जाना वैधानिक है? यदि नहीं, तो बिजुरी नगर पालिका के समस्त कार्य एवं व्यय की जांच विशेष दल से कराएंगे? (ख) अनूपपुर की बिजुरी नगर पालिका में जनवरी 2021 से जनवरी 2026 तक एक लाख से कम लागत के कितने कार्य कराये गए है? प्रत्येक कार्य का नाम, माह, लागत ठेकेदार का नाम, मापपुस्तिका मूल्यांकनकर्ता का नाम एवं तकनीकी स्वीकृत कार्य अनुसार पत्र, भुगतान दिनांक, भुगतानकर्ता अध्यक्ष/सी.एम.ओ. नाम सहित जानकारी दिनांकवार देवें। (ग) प्रश्नांश (क) के तारतम्य में नगर पालिका अधिनियम 1961 के लेखा नियम-2018 का उल्लंघन/अनियमितता की श्रेणी में है? हाँ तो दोषी अधिकारियों/पदाधिकारियों पर समय-सीमा में अनियमितता के लिए कार्यवाही की जायेगी? (घ) बिजुरी नगर पालिका में जनवरी 2021 से 30.01.2026 तक राष्ट्रीयकृत अथवा अन्य बैंक जमा राशि का बैंक नाम सहित स्पष्ट जानकारी, पूर्ण अवधि का बैंक स्टेटमेंट उपलब्ध कराएं? (ड.) संभाग की सर्वाधिक आय एवं बैंक डिपाजिट राशि वाले बिजुरी नगर पालिका में सी.एम.ओ. नाम, मूलपद तथा पदस्थापना तिथि जानकारी देते हुए स्पष्ट करें, ऐसे निकाय में प्रभारी हटाकर कब तक सी.एम.ओ. पदस्थापना करेंगे?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) म.प्र. नगर पालिका अधिनियम-1961 लेखा नियम 2018 के अध्याय 5 धारा 85 की कंडिका 2 के अनुसार 1 माह में 1 लाख के अंदर कोटेशन के माध्यम से अधिकतम 2 बार कार्य कराया जा सकता है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"अ" अनुसार है। (ग) जी हाँ। जांच की कार्यवाही की जायेगी। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब'अनुसार है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'स' अनुसार है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
भ्रष्टाचार व आर्थिक अनियमितता पर सक्षम कार्यवाही
[नगरीय विकास एवं आवास]
85. ( क्र. 2872 ) श्री योगेन्द्र सिंह (बाबा) : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर के नगर पालिका बिजुरी के विरूद्ध वर्ष 2022 से 30.01.2026 तक लोकायुक्त में कितने प्रकरण भ्रष्टाचार आर्थिक अनियमितता के पंजीबद्ध है? आरोपियों के नाम, पद व अपराध की धाराएं बताएं। (ख) प्रश्नांश (क) में पंजीबद्ध अपराध में पंजीबद्ध दिनांक से उत्तर दिनांक तक विवेचना अधिकारी का नाम, पद जानकारी देते हुए सम्पूर्ण भ्रष्टाचार व जांच निष्कर्ष की जानकारी देवें? (ग) पी.आई.सी. के सदस्य गलत निर्णय व अनियमितता के दोषी है? यदि हाँ, तो सभी उपस्थित तथा निर्णय में सम्मिलित पार्षद सदस्यों को अपराधी/आरोपी न बनाकर विवेचना अधिकारी ने स्वेच्छाचारिता किया है? यदि नहीं, तो कब तक ऐसे दोषी जनों को आरोपी बनाकर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया जाएगा? (घ) सरकार भ्रष्टाचार में जीरों टालरेंस की नीति पर चल रही है? हाँ, तो भ्रष्टाचार व करोड़ों की आर्थिक धांधली के प्रकरणों को वर्षों बाद भी न्यायालय में चालान प्रस्तुत न करना लोकायुक्त का कार्य है? (ड.) क्या आरोपियों ने कार्यालय से दस्तावेज व फाइल गायब करने जैसे प्रकरण की पुष्टि हुयी है? हाँ तो सभी शाखा प्रभारी व सी.एम.ओं. तथा अध्यक्ष पर साजिश व दस्तावेज गायब करने अपराध पंजीबद्ध कर कार्यवाही करेगें या नहीं तो क्यों?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) उक्त प्रकरण विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त कार्यालय, संभाग रीवा में विवेचनाधीन है। (घ) जी हाँ। उक्त प्रकरण विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त कार्यालय, संभाग रीवा के विवेचनाधीन है। (ड.) कार्यालय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, संभाग शहडोल में फाईल गायब होने से संबंधित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
डीबीएफ ओटी/पीपीपी मोड पर संचालित पशुवध गृह की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
86. ( क्र. 2894 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिक निगम भोपाल अंतर्गत जिंसी स्थित पशुवध गृह को DBFOT basis under PPP mode के तहत माडर्न स्लाटर हाउस में परिवर्तित करने की योजना व संचालन के संबंध में सम्पूर्ण नस्ती (पृ.क्र. 1 से लगातार अंतिम पृष्ठ तक), सम्पूर्ण संलग्नक, सम्पादित अनुबंध की प्रति, समस्त कार्यादेशों व निविदा संबंधी सभी दस्तावेजों की स्वच्छ प्रति उपलब्ध करावें। (ख) क्या इस योजना के संचालन हेतु कोई समिति गठित की गई थी? यदि हाँ, तो कौन-कौन अधिकारी इसमें सम्मिलित है व उनके क्या-क्या दायित्व है? इस समिति द्वारा सम्पादित सभी कार्यवाहियों की जानकारी व दस्तावेजों की प्रति दें। (ग) प्रश्नांश (क) उल्लेखित पशुवध गृह के संचालन के संबंध में क्या-क्या उत्तरदायित्व संचालनकर्ता कंपनी/फर्म के थे और क्या-क्या निगम के अधिकारियों के? (घ) उक्त निर्मित स्लाटर हाउस के हस्तांतरण के पूर्व क्या संचालन हेतु कोई बैठकें व प्रशिक्षण आदि आयोजित किये गये? उचित संचालन हेतु दिशा-निर्देशों के पालन हेतु की गई? सम्पूर्ण कार्यवाही का विवरण व दस्तावेज उपलब्ध करावें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जी नहीं।
संचालित योजनाओं का लाभ दिया जाना
[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]
87. ( क्र. 2907 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला शहडोल व रीवा जिले में वर्ष 2020 से अब तक नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्त्रोत के अन्तर्गत कौन-कौन सी योजनाएं संचालित की गई है? योजना का नाम, प्रारंभ वर्ष एवं उद्देश्य सहित विवरण देवें। जितनी सामुदायिक योजना हितग्राही का नाम योजनावार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) उक्त परियोजनाएं विकासखंडवार (जैसे व्योहारी, जयसिंहनगर) अंतर्गत सौर ऊर्जा, बायो ऊर्जा, सोलर स्ट्रीट लाइट, रुफटॉप सोलर, सोलर पंप एवं माइक्रोग्रिड से संबंधित, कितनी परियोजनाएं स्वीकृत की गई, कितनी पूर्ण हुई कितनी प्रगतिरत/लंबित है? परियोजनावार विकासखण्ड जानकारी देवें। (ग) उक्त परियोजना से ग्रामीण, आदिवासी एवं वनवासी क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति, सिंचाई एवं आजीविका में वास्तविक सुधार हुआ है, लाभांवित परिवारों/किसानों/ संस्थानों की संख्या विकासखंडवार बताएं। (घ) वर्ष 2020 से अब तक इन परियोजनाओं का कुल कितना व्यय स्वीकृत एवं वास्ततिक रूप से किया गया है, योजना/ परियोजनावार विवरण दें यदि किसी परियोजना में गुणवत्ता, रख-रखाव, संचालन या लक्ष्य प्राप्त हो, कितनी ऊर्जा में वृद्धि हुई जानकारी देवें।
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्ला ) : (क) पीएम कुसुम-अ नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) भारत सरकार द्वारा प्रदेश में प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम कुसुम) योजना के घटक-अ का क्रियान्वयन हेतु जारी दिशा-निर्देशों के परिपालन में विभाग द्वारा चिन्हित स्थलों पर सौर संयंत्रों की स्थापना हेतु योजनांतर्गत शहडोल व रीवा जिले में वर्ष 2020 से अब तक संचालित है। कुसुम योजना वर्ष 2019 में प्रारंभ की गई जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। भारत सरकार की पीएम कुसुम योजना घटक-ब प्रदेश में प्रधानमंत्री कृषक मित्र योजना के नाम से संचालित है। योजनांतर्गत आफॅग्रिड सोलर पंप स्थापित किये जाते है। जिला शहडोल व रीवा जिले में वर्ष 2020 से अब तक कृषकों के खेतो में स्थापित आफॅग्रिड सोलर पंपों की जानकारी एवं वर्तमान में संचालित योजना अंतर्गत जारी किये गए कार्यादेशो की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। भारत सरकार की पीएम कुसुम योजना घटक-स एवं सूर्य मित्र कृषि फीड योजना प्रदेश के सभी जिलों में संचालित है, योजना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। पी.एम. जनमन योजना भारत सरकार द्वारा प्रदेश के बैगा, भारिया एवं सहारिया जनजाति के आदिवासियों के अविद्युतिकृत घरों को सौर आफॅग्रिड विद्युतीकरण करने हेतु संचालित है। जिला शहडोल अंतर्गत भारत सरकार द्वारा संचालित पी.एम. जनमन योजना के अंतर्गत अविद्युतीकृत PVTG घरों/ Households के विद्युतीकरण हेतु अधोसंरचना विस्तार के लिए आंकलित लागत रू. 1 लाख प्रति Household से अधिक हो, वहां लगभग 01 किलोवॉट क्षमता के ऑफग्रिड प्रणाली (सोलर बैटरी) की स्थापना नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा किये जाने का प्रावधान है। उक्त योजना वर्ष 2024 से संचालित है। शहडोल जिले में योजनांतर्गत हितग्राहियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। रीवा जिले में वर्तमान में उक्त योजना संचालित नहीं है। अविद्युतीकृत हितग्राहियों की सूची ऊर्जा विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जाती है। भारत सरकार की प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना प्रदेश में संचालित है, जिसके अंतर्गत घरेलू बिजली उपभोक्ता पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित करने का प्रावधान है। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के शासकीय भवनों को भी सौर ऊर्जीकृत करने का प्रावधान है, जिनका उद्देश्य विद्युत बिल में बचत करना है। इसके साथ ही इस योजना के अंतर्गत आदर्श सौर ग्राम बनाने का प्रावधान है। योजना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार हैं। सौर गर्म जल संयंत्र कार्य जिला शहडोल में वर्ष 2023 में शासकीय महाविद्यालय के 5 बालक/बालिका छात्रावासों एवं वर्ष 2023 में जनजातीय कार्य विभाग शहडोल अंतर्गत 46 छात्रावासों में सौर गर्म जल संयंत्र स्थापित किये गये हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ई अनुसार हैं। जिला शहडोल व रीवा सहित संपूर्ण राज्य हेतु नवकरणीय ऊर्जा प्रोत्साहन/स्थापना हेतु शासन द्वारा मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा परियोजना नीति 2025 एवं बायोफ्यूल स्किम 2025 जारी की गई है, जिसके अनुसार निवेशक/विकासक स्वयं के निवेश पर, स्थल का चुनाव एवं परियोजना साध्यता का आंकलन कर नवकरणीय ऊर्जा परियोजना स्थापित कर सकता है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-फ अनुसार है। जिला रीवा के ग्राम जेपी पुरम एवं बेला तहसील सिरमौर में M/s Sunroot Energy Provate Limited की 5 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजना वर्ष 2022 से स्थापित है। विकासक उक्त परियोजना से उत्पादित विद्युत का उपयोग स्वयं की निजी ईकाई में करता है। जिला शहडोल के ग्राम अमलाई तहसील बुढार में M/s Orient Paper & Industries Ltd. की 12 मेगावाट क्षमता बायोमास ऊर्जा परियोजना वर्ष 2023 से स्थापित है। विकासक उक्त परियोजना से उत्पादित विद्युत का उपयोग स्वयं की निजी ईकाई में करता है। सोलर रूफटॉप शहडोल व रीवा जिले में शासकीय भवनों में सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित किये गये है, जिनका उद्देश्य विद्युत बिल में बचत करना है। (ख) उत्तरांश (ख) के संबंध में योजनावार जानकारी प्रश्नांश (क) में अंकित है। (ग) प्रश्नांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में हितग्राही सूची उत्तर के साथ है। (घ) पीएम कुसुम-अ एवं 'स' योजनांतर्गत कृषक/विकासक द्वारा स्वयं के व्यय पर सौर संयंत्र की स्थापना की जाती है। पीएम कुसुम-ब योजना अंतर्गत शहडोल एवं रीवा जिले में कुल 192 कृषकों के खेत में सोलर पंप की स्थापना हेतु योजनांतर्गत राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार कृषकवार देय अनुदान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। पी.एम. जनमन योजना अंतर्गत केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा अविद्युतीकृत PVTG घरों में सौर संयंत्र की स्थापना हेतु कुल 99,000/- +GST प्रति संयंत्र का अनुदान स्वीकृत किया गया है। वर्तमान में शहडोल जिले में कोई राशि व्यय नहीं की गई है। जिला शहडोल व रीवा जिले में वर्ष 2020 से अब तक प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत विमुक्त की गई सब्सिडी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ज अनुसार है। ऊर्जा विभाग से प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ज अनुसार है।
जिम्मेदारों पर कार्यवाही किया जाना
[नगरीय विकास एवं आवास]
88. ( क्र. 2908 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल संभाग अन्तर्गत नगरपालिका व नगर परिषद में कितने पद स्वीकृत है? कितने पदों पर वर्ष 2021 से अब तक कार्य कर रहे है? (ख) यह कि नगरीय क्षेत्र में रिक्त पदों पर कार्य संचालन के लिए कितने पद संविदा के कितने पद आउटसोर्स के कर्मचारी से भरे गये हैं? (ग) सरकार ने इस योजना के संचालन के लिए जिन रिक्त पदों पर आउटसोर्स, संविदाकर्मी की है, उनकी योग्यता, दक्षता का मूल्यांकन, किस सक्षम विभाग द्वारा किया गया समस्त जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) शासन के नियमानुसार उक्त कर्मचारी की भर्ती संबंधी क्या नियमावली निर्धारित है? उन नियमों के आधार पर उनकी भर्ती दक्षता का पूर्ण होने के उपरांत की गई है, यदि हाँ, तो सक्षम अधिकारी के नाम, भर्ती किये जाने वाले विभाग का नाम सहित जानकारी देवें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ग) राज्य शासन द्वारा नगर पालिका में संविदा आधार पर व्यक्तियों की भर्ती, पारिश्रमिक और संविदा सेवा की अन्य शर्तों को विनियमित करने के लिए म.प्र. नगर पालिका संविदा (अनुबंध तथा सेवा की शर्ते) सेवा नियम 2021 बनाये गये है। मध्यप्रदेश भण्डार क्रय तथा सेवा उपार्जन नियमों में निविदा आमंत्रित कर आउटसोर्स कर्मी नियोजित करने हेतु प्रावधान किये गये है। तदानुसार नगरीय निकायों द्वारा आवश्यकता अनुसार श्रमिकों का नियोजन किया जाता है। (घ) जी हाँ। उत्तरांश (ग) अनुसार संविदा एवं आउटसोर्स आधार पर कर्मचारियों की भर्ती की कार्यवाही की जाती है। म.प्र. नगर पालिका संविदा (अनुबंध तथा सेवा की शर्ते) सेवा नियम 2021 के नियम-02 अनुसार नगरीय निकायों में भर्ती हेतु म.प्र. नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 94 अंतर्गत नियुक्ति प्राधिकारी प्रेसिडेन्ट इन कॉउसिंल है। जो मुख्य नगर पालिका अधिकारी से प्रस्ताव प्राप्त होने पर भर्ती हेतु स्वीकृति प्रदान करती है। पुन: नियम-02 के (12) में चयन एजेंसी एवं (13) में चयन समिति का भी प्रावधान किया गया है। जिसके माध्यम से भर्ती संबंधी कार्यवाही की जाती है। नियम की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है।
बिजली की आपूर्ति दुरस्त की जाना
[ऊर्जा]
89. ( क्र. 2909 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला शहडोल में कुल कितने ग्रामों/मजरो/शहरो में विद्युत आपूर्ति की जा रही है? संख्या बतावें तथा विधानसभा ब्यौहारी के विकासखण्ड जयसिंह नगर व ब्यौहारी के कितने ग्राम/मजरे में विद्युत आपूर्ति उपलब्ध नहीं है? विकासखण्डवार जानकारी दें। (ख) वर्ष 2020 से आज दिनांक तक विकासखण्ड ब्यौहारी व जयसिंह नगर में कितने नए विद्युत ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए है तथा कितने ट्रांसफार्मर जले/खराब हुए है? उनके सुधार/प्रतिस्थापन पर कितना व्यय किया गया है? वर्षवार विवरण देंवे। (ग) प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना/राज्य शासन की योजनाओं के अंतर्गत ब्यौहारी क्षेत्र व जयसिंह नगर में कितने पात्र परिवारों को विद्युत कनेक्शन प्रदान किया गया है, कितने पात्र परिवार आज की विद्युत कनेक्शन से वंचित है? कारण स्पष्ट करें। (घ) विद्युत आपूर्ति, ट्रांसफार्मर रख-रखाव में लापरवाही के विरूद्ध जिम्मेदार अधिकारियों/कर्मचारियों पर तक क्या कार्रवाई की गई है तथा भविष्य में व्यवस्था सुधार हेतु क्या कार्य योजना बनाई गई है?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) जिला शहडोल में विद्यमान विद्युत अद्योसंरचना से समस्त नगरीय क्षेत्रों तथा 886 ग्रामों एवं इनके संसूचित मजरा/टोला में विद्युत आपूर्ति की जा रही है। विधानसभा ब्यौहारी के विकासखण्डों यथा-ब्यौहारी एवं जयसिंहनगर अंतर्गत सभी राजस्व ग्राम एवं इनके संसूचित मजरा/टोला में विद्युत आपूर्ति की जा रही है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। तथापि विकासखण्ड ब्यौहारी एवं विकासखण्ड जयसिंहनगर में क्रमश: 06 एवं 07 नवनिर्मित मजरे/टोले/बसाहटे अविद्युतीकृत हैं। (ख) वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में विकासखण्ड़ ब्यौहारी एवं विकासखंड जयसिंहनगर में स्थापित नवीन वितरण ट्रांसफार्मर, जले/खराब हुए वितरण ट्रांसफार्मर एवं उनके सुधार/प्रतिस्थापन पर हुये व्यय का वर्षवार विवरण जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। (ग) प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना– सौभाग्य योजना अंतर्गत विकासखण्ड ब्यौहारी एवं विकासखंड जयसिंहनगर सहित जिला शहडोल में ग्रिड के माध्यम से 44,061 एवं सौर ऊर्जा (ऑफग्रिड) द्वारा 991 घरों के विद्युत कनेक्शन प्रदाय किये गये हैं। योजनांतर्गत पात्र सभी घरों के विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण कर कनेक्शन प्रदान किये जा चुके है, अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। (घ) विद्युत आपूर्ति, ट्रांसफार्मर रख-रखाव में लापरवाही बरतने पर जिम्मेदार 10 कनिष्ठ अभियंताओं एवं संभागीय कार्यपालन अभियंता के विरूद्ध कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया गया है। विद्युत व्यवस्था सुधार हेतु म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा समस्त स्थापित विद्युत अधोसंरचना के रख-रखाव का कार्य मानसून पूर्व एवं मानसून अवधि के पश्चात करने के अलावा विद्युत व्यवधानों/दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से पूरे वर्ष सतत् रूप से किया जा रहा है, साथ ही विद्युत उपभोक्ताओं से विदयुत संबंधी समस्या/शिकायत प्राप्त होने पर म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा नियमानुसार शिकायत का परीक्षण कर आवश्यक सुधार किया जाता है। उक्त के अतिरिक्त स्थापित विद्युत अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण की कार्यवाही प्रचलित योजनाओं/वितरण कंपनी की वार्षिक कार्ययोजना के अंतर्गत की जाती है, जो कि एक सतत् प्रक्रिया है। वर्तमान में प्रश्नाधीन क्षेत्र में विभिन्न योजनाओं यथा-आर.डी.एस.एस. एवं वार्षिक कार्य योजना के अंतर्गत किए जाने वाले कार्यों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है।
रतलाम में सिवरेज योजना का क्रियान्वयन
[नगरीय विकास एवं आवास]
90. ( क्र. 2926 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता पत्र 398 दिनांक 29/8/25 की अधूरी जानकारी छ: माह बाद दि. 21.1.26 ईमेल से मिली। बिंदु क्रमांक 1, 2, 15 की जानकारी भोपाल से संबंधित होने का लिखा। एनेक्सचर (ख) सलंग्न नहीं किया। भोपाल की कंडिका का उत्तर तथा एनेक्सचर (ख) देवें। ईओडब्ल्यू द्वारा भेजे गए पत्र क्रमांक 1659/2025 के साथ प्राप्त दस्तावेजों की प्रति देवें। (ख) प्रश्नकर्ता के प्रश्न 1058 दि. 5/12/25 के खंड (क) में बताएं की पत्र 258/2019 दिनांक 20/2/19 के साथ अनुपलब्धता के कोई दस्तावेज क्यों नहीं दिए? डी.पी.आर. में 6 एसटीपी की भूमि के चित्र तथा खसरा खाता सहित लिखा कि वह उपलब्ध है। यदि नगर निगम सही है तो कंसलटेंट पर क्या कार्रवाई की जाना प्रस्तावित है। (ग) दो एसटीपी की ड्राइंग का अप्रूवल सितंबर 2018 में प्राप्त कर 11/9/2018 एवं 14/2/2019 को क्रमशः 66 लाख तथा 88 लाख का अग्रिम भुगतान एवं 30.84 करोड़ का पूरा भुगतान 22/10/21 को प्राप्त किया तो प्रश्न 1058 में उल्लेखित बिंदुओं से विरोधाभास का स्पष्टीकरण दें। (घ) संचलानालय आदेश 24527 की प्रति, संयुक्त संचालक द्वारा गठित त्रि-सदस्यीय समिति के नाम, पद एवं नोटशीट की प्रति, जांच बिंदु की जानकारी एवं अद्यतन स्थिति से अवगत करावें। पूर्व विधायक पारस सकलेचा के पत्र 418 के परिप्रेक्ष्य में आयुक्त, रतलाम को लिखे पत्र की प्रति देवें, अद्यतन स्थिति से अवगत करावे। (ड.) अमृत मिशन 2 में रतलाम में सिवरेज योजना को वार्ड के मकानों को फ्रंट लाइन, बैक लाइन से जोड़ना है, उसकी सूची दें। कार्यादेश के 8 माह बाद भी कार्य क्यों नहीं प्रारंभ हुआ?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) अमृत 1.0 मिशन अंतर्गत रतलाम शहर की सीवरेज परियोजना की डी.पी.आर. में 06 एस.टी.पी. प्रस्तावित किये गये थे, डी.पी. आर. एक प्रारंभिक आकलन मात्र होकर ठेकेदार के लिये गाइड लाइन स्वरूप थी। निविदा उपरांत ठेकेदार द्वारा विस्तृत सर्वे कार्य किया गया तथा सर्वे के आधार पर 06 एस.टी.पी. के स्थान पर पर्याप्त भूमि उपलब्धता वाले स्थानों पर समान कुल क्षमता के 02 एस.टी.पी. प्रस्तावित किये गये। चूंकि कंसलटेंट द्वारा बनाई गई डी.पी.आर. योजना का मात्र प्रारंभिक आकलन था, इस कारण कंसलटेंट के विरुद्ध कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) सक्षम प्राधिकारी द्वारा 02 एस.टी.पी. की ड्राईंग-डिजाइन का अनुमोदन दिनांक 01.01.2018 को किया गया था तथा ड्राईंग-डिजाईन के अनुमोदन पश्चात ही निर्माण कार्य प्रांरभ हो गये थे। ठेकेदार को अनुबंध व कार्य की प्रगति अनुसार एस.टी.पी. का भुगतान किया गया है। इस प्रकार जानकारी में विरोधाभास नहीं है। (घ) जांच आदेश संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब पर है, जांच की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। पूर्व विधायक श्री पारस सकलेचा के पत्र क्रमांक 418 से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स पर है। (ड.) अमृत 2.0 योजना हेतु फ्रंट तथा बैंकलाईन से कनेक्शन हेतु पृथक से सूची संधारित नहीं है। दिनांक 10.02.2026 को योजना के विभिन्न घटकों के डिजाइन-ड्राइंग के अनुमोदन उपरांत, कार्य प्रारंभ किया गया है।
स्वावलंबी गौशालाओं का निर्माण
[पशुपालन एवं डेयरी]
91. ( क्र. 2928 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल एवं इंदौर संभाग के जिलों में पशुपालन विभाग द्वारा किन-किन स्थानों पर स्वावलंबी गौशाला निर्माण हेतु कलेक्टर कार्यालय में किन-किन दिनांकों में ऑनलाइन आवेदन किये है? आवेदन की प्रति एवं की गई कार्यवाही की समस्त जानकारी देवें। (ख) पशुपालन विभाग को किन-किन स्थानों पर भूमि प्राप्त हो गई तथा किन-किन स्थानों पर भूमि प्राप्त नहीं हुई तथा क्यों कारण बतायें? विधानसभा और जिलेवार जानकारी देवें। (ग) विभाग द्वारा भूमि आवंटन हेतु क्या क्या प्रयास किये तथा उन प्रयासों में सफलता क्यों नहीं मिली कारण बताये? (घ) कब तक भूमि आवंटित हो जायेगी? समयावधि बताये।
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) संभाग भोपाल के जिला भोपाल, राजगढ़, विदिशा, रायसेन तथा सीहोर एवं इंदौर संभाग के जिला इंदौर, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, खण्डवा तथा खरगोन में पशुपालन विभाग द्वारा स्वावलंबी गौशालाओं के निर्माण हेतु कलेक्टर कार्यालय में भूमि आवंटन हेतु आवेदन किए गए। स्थल एवं आनलाइन आवेदन की दिनांक तथा की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार। आवेदन की प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -''अ'' (पृष्ठ क्र. 1 से 63 तक)। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार। (ग) विभाग द्वारा भूमि आवंटन कराऐ जाने हेतु सतत् प्रयास किए गए है, जिनमें आशातीत सफलता भी प्राप्त हुई है। किए गए प्रयासों के चलते प्रदेश के 55 जिलों में से 25 जिलों में भूमि आवंटित की गई है। जिलों के नाम निम्नानुसार है:- मंदसौर, जबलपुर, रायसेन, दमोह, सागर, पन्ना, विदिशा, अशोकनगर, छतरपुर, रतलाम, शाजापुर, भिण्ड, नरसिंहपुर, मऊगंज, टीकमगढ़, देवास, खरगोन, राजगढ़, रीवा, शिवपुरी, बैतूल, मुरैना, सीधी, भोपाल एवं बड़वानी। इसके साथ ही प्रदेश के 11 जिलों क्रमश: आगर-मालवा, अलीराजपुर, नर्मदापुरम, उज्जैन, शहडोल, कटनी, दतिया, धार, झाबुआ, सिवनी तथा नीमच में भूमि का चिंहाकन कर लिया गया है। प्रदेश के अन्य 16 जिलों क्रमश: इंदौर, खण्डवा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, निवाडी, उमरिया, अनूपपुर, ग्वालियर, डिण्डोरी, गुना, श्योपुर, हरदा, बालाघाट, सिंगरौली एवं मैहर में उपयुक्त भूमि के चिन्हांकन की कार्यवाही प्रचलन में है। शेष 03 जिलों क्रमश: सतना, मण्डला एवं सीहोर में नीति के प्रावधानों के अनुसार पर्याप्त भूमि का आवंटन नहीं हुआ है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ग'' अनुसार, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।
विद्युत आपूर्ति की अघोषित कटौती
[ऊर्जा]
92. ( क्र. 2933 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सिवनी जिले (विशेषकर केवलारी विधानसभा क्षेत्र) में विगत कुछ समय से बार-बार एवं अघोषित विद्युत कटौती की जा रही है? यदि हाँ, तो क्यों कारण बतायें? (ख) यदि हाँ, तो विगत एक वर्ष में क्षेत्र में कितनी बार एवं कितनी अवधि की विद्युत कटौती की गई है? (ग) क्षेत्र में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु ट्रांसफार्मर, लाइन विस्तार, क्षमता वृद्धि एवं मेंटेनेंस के लिए शासन द्वारा क्या-क्या कार्य कराए गए हैं तथा इन पर कितनी राशि व्यय की गई है? (घ) भविष्य में केवलारी विधानसभा क्षेत्र में 24 घंटे गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु क्या कार्ययोजना है और इसे कब तक लागू किया जाएगा?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) जी नहीं। विधानसभा क्षेत्र केवलारी सहित सिवनी जिला क्षेत्रांतर्गत किसी भी प्रकार की घोषित/अघोषित विद्युत कटौती नहीं की जा रही है। उल्लेखनीय है कि विद्युत लाईनों/अद्योसंरचना के रख-रखाव हेतु पूर्व निर्धारित शट-डाउन लेने तथा तकनीकी कारणों/ प्राकृतिक आपदा से आये आकस्मिक व्यवधानों जैसी अपरिहार्य स्थिति के कारण कतिपय अवसरों पर विद्युत प्रदाय बाधित होता है, जिसमें आवश्यक रख-रखाव/सुधार कार्य कर विद्युत प्रदाय शीघ्र ही सुचारू कर दिया जाता है। विद्युत अद्योसंरचना के आवश्यक रख-रखाव कार्य हेतु लिए जाने वाले शटडाउन की सूचना विद्युत उपभोक्ताओं को अखबार एवं अन्य माध्यमों से दी जाती है। केवलारी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत कृषि एवं गैर कृषि फीडरों पर विगत 4 माहों में किए गए औसत विद्युत प्रदाय की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न नहीं उठता है। (ग) म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने के लिए समस्त स्थापित विद्युत अधोसंरचना के रख-रखाव का कार्य मानसून पूर्व एवं मानसून अवधि के पश्चात् करने के अलावा विद्युत व्यवधानों/दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से पूरे वर्ष सतत् रूप से किया जा रहा है, साथ ही सूचना प्राप्त होने पर बिजली आपूर्ति से संबंधित किसी भी समस्या के आने पर त्वरित रूप से आवश्यक समाधान किया जाता है। विधानसभा क्षेत्र केवलारी अंतर्गत निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने/भविष्य की मांग के दृष्टिगत विद्युत प्रणाली सुदृढ़ीकरण हेतु वर्तमान में आर.डी.एस.एस. योजनांतर्गत एवं रख-रखाव संबंधी किये गये/प्रगतिरत कार्यों एवं व्यय राशि से संबंधित जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है। (घ) उत्तरांश (क) में उल्लेखानुसार केवलारी विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत गैर कृषि फीडरों के माध्यम से 24 घंटे गुणवत्तापूर्ण विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। तथापि भविष्य की विद्युत मांग के दृष्टिगत कंपनी क्षेत्रान्तर्गत समय-समय पर नियमानुसार प्रणाली सुदृढ़ीकरण योजना अथवा सामान्य विकास योजना के तहत विद्युत अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण की कार्यवाही की जाती है, जोकि एक सतत् प्रक्रिया है। प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत विद्युत अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु वर्तमान में जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार स्वीकृत कार्यों का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
रिक्त पदों पर भर्ती
[नगरीय विकास एवं आवास]
93. ( क्र. 2934 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्न दिनांक तक नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर परिषदों में सीधी भर्ती से भरे जाने वाले कितने पद रिक्त है? रिक्त पदों की जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार रिक्त पदों की पूर्ति हेतु विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है? कर्मचारी चयन मण्डल को नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा कितने पदों पर भर्ती हेतु प्रस्ताव प्रेषित किये गए? विभाग द्वारा कर्मचारी चयन मण्डल को भेजे गए प्रस्ताव/पत्रों की प्रति देवें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) समस्त संभागीय कार्यालयों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' एवं समस्त नगर पालिक निगमों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। (ख) नगरीय निकायों से स्थापना व्यय की सीमा व सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों के अधीन भर्ती संबंधी प्रस्ताव चाहे गये हैं। कर्मचारी चयन मंडल को भर्ती हेतु भेजे गए प्रस्तावों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार है।
कृषकों को सौलर पंप प्रदाय
[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]
94. ( क्र. 2935 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक जिला आगर-मालवा में कितने कृषकों द्वारा सोलर पंप हेतु पंजीयन कर राशि जमा की गई? क्या उक्त सभी कृषकों को सोलर पंप प्रदाय किए जाने हेतु प्रकरण स्वीकृत कर अनुदान राशि प्रदान कर दी गई है? यदि हाँ, तो कितनी राशि स्वीकृत की गई? जानकारी देवें। (ख) क्या जिला आगर-मालवा में उक्त योजना का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है? शासन द्वारा जिले को कितने बजट का निर्धारण किया गया है? (ग) जिला आगर-मालवा में रूफटॉप सोलर के लिए कितने घरों को चिन्हित किया गया है और कितना लक्ष्य निर्धारित कर प्राप्त कर लिया गया है? रूफटॉप सोलर के लिए क्या-क्या मानक तय किये गए है? सोलर पैनल की गुणवत्ता परीक्षण हेतु किन प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है?
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्ला ) : (क) जी हाँ। सोलर पंप स्थापना हेतु वर्तमान में पी.एम. कुसुम योजना के घटक-ब अंतर्गत प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना प्रदेश में संचालित है, जिसके तहत वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक जिला आगर-मालवा में 487 पंजीकृत कृषकों में से 412 पात्र कृषकों को सोलर पंप प्रदाय किये जाने हेतु कार्यादेश जारी किये जा चुके है। सोलर पंप की स्थापना का कार्य खुली निविदा के माध्यम से चयनित इकाइयों द्वारा किया जाता है। पंप की लागत का भुगतान सीधे इन इकाइयों को किया जाता है। इस हेतु किसान को 10 प्रतिशत अंशदान का भुगतान करना होता है। शेष 90 प्रतिशत में भारत शासन से 30 प्रतिशत का अनुदान प्राप्त होता है व 60 प्रतिशत को कृषक ऋण का राज्य शासन द्वारा पूर्ण भुगतान किया जाता है। ऐसे में किसान को सीधे अनुदान राशि देने का प्रावधान नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी हाँ। प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में जिला आगर-मालवा सहित संपूर्ण प्रदेश में उक्त योजना का प्रचार-प्रसार, SMS, पेपर विज्ञापन, कलेक्टर व स्थानीय कृषि विभाग आदि के माध्यम से किया गया है। जिला आगर-मालवा हेतु शासन द्वारा पृथक से कोई बजट प्रावधानित नहीं किया गया है। (ग) प्रश्नांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में भारत सरकार की प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरेलू हितग्राहियों द्वारा भारत सरकार के पोर्टल पर सौर संयंत्र की स्थापना हेतु ऑनलाईन आवेदन किया जाता है, जिसकी पोर्टल से प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। जिलेवार लक्ष्य का निर्धारण नहीं है। योजना के Operational Guidelines एवं राज्य शासन का आदेश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।
अपूर्ण सड़क का निर्माण
[लोक निर्माण]
95. ( क्र. 2938 ) श्री घनश्याम चन्द्रवंशी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कालापीपल विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत तहसील मुख्यालय अवन्तिपुर बडौदिया से ग्राम गिगलाखेडी के बीच सड़क एवं नेवज नदी पर पुलिया निर्माण किस ठेकेदार/एजेन्सी द्वारा किया गया था? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार मुख्य मार्ग से नेवज नदी की पुलिया के दोनों ओर सड़क निर्माण क्यों नहीं किया गया? अपूर्ण मार्ग को पूर्ण प्रमाण-पत्र किस अधिकारी द्वारा दिया गया? क्या अपूर्ण रोड पूर्ण नहीं होने तक मुख्य मार्ग से उक्त गांवों को जुड़ा हुआ, विभाग द्वारा मान लिया गया है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार नेवज नदी पुलिया के दोनों और सड़क निर्माण नहीं होने से वर्षाकाल में नागरिकों, किसानों व स्कूल के विद्यार्थियों की असुविधा को देखते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा सड़क निर्माण हेतु क्या कार्यवाही की गई? (घ) क्या विभागीय अधिकारियों द्वारा उक्त मार्ग का स्थल निरीक्षण कर नेवज नदी पुलिया से दोनों ओर छोडे़ गए मार्ग के निर्माण हेतु शीघ्र कार्यवाही की जायेगी?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) प्रश्नांश लोक निर्माण विभाग से संबंधित नहीं है, अपितु म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण परियोजना क्रियान्वयन ईकाई शाजापुर एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग शाजापुर से सबंधित है। म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण परियोजना क्रियान्वयन ईकाई शाजापुर एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग शाजापुर से प्राप्त उत्तर जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) से (घ) उत्तरांश (क) अनुसार।
तुन्ना-महदवा मार्ग का निर्माण
[लोक निर्माण]
96. ( क्र. 2939 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या गुनौर विधानसभा में गुनौर अमानगंज मार्ग के कि.मी.5/10 से तुन्ना-महदवा मार्ग व्हाया मढ़िया टौराह पुरवा मार्ग के निर्माण कार्य का कार्यादेश लोक निर्माण विभाग पन्ना द्वारा दिनांक 11.12.2020 को जारी कर कार्य अनुबंध अवधि दिनांक 10.02.2022 तक, कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये गये थे? यदि हाँ, तो यह निर्माण कार्य अनुबंधित अवधि के 03 वर्ष बाद तक पूर्ण न कराने के लिये कौन दोषी है? (ख) क्या तारांकित प्रश्न क्रमांक 1405 के उत्तर में यह लेख किया गया था कि प्रश्न ''क'' में उल्लेखित सड़क के गुणवत्तापूर्ण कार्य संपादन में लापरवाही हेतु संबंधित अधिकारियों का उत्तरदायित्व निर्धारित किया गया है? यदि हॉं, तो किन-किन अधिकारियों का उत्तर दायित्व निर्धारित किया गया है? नाम एवं पदनाम सहित बतावें। जिन पर उत्तरदायित्व का निर्धारण किया गया है, उन पर कार्यवाही की अद्यतन जानकारी देवें? (ग) क्या प्रश्नांश (क) में उल्लेखित मार्ग का निर्माण कार्य लगभग 1 वर्ष से बंद है? यदि हां, तो इस मार्ग का कार्य प्रारंभ कराया जाकर कब तक पूर्ण कर लिया जाएगा? क्या इस मार्ग का कार्यादेश 2020 में जारी हुआ था और 2025 की समाप्ति पर भी कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है, जिससे आवागमन में संबंधित क्षेत्र की जनता परेशान है? विभाग कब तक कार्य पूर्ण कराएगा निश्चित अवधि बताएं।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। अनुबंधित कार्य 03 वर्ष बाद तक पूर्ण न कराने के लिये श्री ए.बी. साहू, तत्कालीन कार्यपालन यंत्री, श्री एस. के. पाण्डेय, तत्कालीन कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग संभाग पन्ना, श्री बी.के. त्रिपाठी, तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, उपसंभाग पन्ना द्वितीय, श्री मनोज कुमार रिछारिया, तत्कालीन उपयंत्री, लोक निर्माण विभाग, उपसंभाग पन्ना, द्वितीय एवं ठेकेदार मेसर्स रतन बिल्डर्स जिला बांदा उत्तर प्रदेश प्रथम दृष्टया दोषी है। (ख) जी हाँ। प्रश्नांश (क) में उल्लेखित मार्ग के गुणवत्तापूर्ण कार्य न कराने हेतु श्री ए.बी. साहू तत्कालीन कार्यपालन यंत्री, श्री एस.के. पाण्डेय तत्कलीन कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग, संभाग पन्ना, श्री बी.के. त्रिपाठी, तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी लोक निर्माण विभाग, उपसंभाग पन्ना द्वितीय एवं श्री मनोज कुमार रिछारिया, तत्कालीन उपयंत्री, लोक निर्माण विभाग, उपसंभाग पन्ना द्वितीय का प्रथम दृष्ट्या उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए म.प्र. शासन लोक निर्माण विभाग वल्लभ भवन भोपाल के पत्र क्र. एफ-1/1/20-10/2024/स्था/19 दिनांक 22.01.2025 द्वारा उपरोक्त अधिकारियों एवं कर्मचारी को आरोप पत्र जारी किये गए है। (ग) जी हाँ। प्रश्नांश (क) में उल्लेखित मार्ग निर्माण कार्य की जांच प्रचलन में होने के कारण मार्ग का कार्य पूर्ण होने की समयावधि बताया जाना वर्तमान में संभव नहीं है। जी हॉं, सबग्रेड, सी.आर.एम. पुलियों एवं सी.सी. रोड का निर्माण कार्य हो जाने के कारण वर्तमान में कच्चा मार्ग क्षेत्रवासियों के लिए आवागमन हेतु उपलब्ध है। जांच कार्यवाही प्रचलन में होने से कार्य पूर्ण होने का समय-सीमा बताया जाना वर्तमान में संभव नहीं है।
कंपनी द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन का भुगतान
[नगरीय विकास एवं आवास]
97. ( क्र. 2956 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नगर पालिका परिषद, नागदा में विगत वर्ष आउटसोर्स कर्मचारी का ठेका प्रथम नेशनल सिक्योरिटीज कंपनी, इंदौर द्वारा लिया गया था? (ख) कार्य के दौरान लगभग 30 से 40 कर्मचारियों को वेतन का भुगतान आज दिनांक तक उक्त कंपनी द्वारा नहीं किया गया है? इस संबंध में उक्त कंपनी के खिलाफ आज दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई है? कर्मचारियों को उनके वेतन का भुगतान कब तक कर दिया जाएगा? जानकारी दें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। (ख) भुगतान अप्राप्त होने के संबंध में कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। अपितु सी.एम. हेल्पलाईन पर कुल 05 आउटसोर्स कर्मचारियों द्वारा वेतन भुगतान नहीं करने की शिकायत की गई है। निकाय द्वारा संबंधित कंपनी/फर्म को सूचना पत्र क्रमांक एफ/स्था./26/408 नागदा दिनांक 23.01.2026 से जारी कर वेतन भुगतान के लिये निर्देशित किया गया। एजेंसी द्वारा दिनांक 18.02.2026 को पत्र प्रस्तुत कर लेख किया गय है कि लंबित कर्मचारियों का वेतन भुगतान कर दिया गया है।
सड़क, पुल-पुलियाओं का निर्माण
[लोक निर्माण]
98. ( क्र. 2967 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक मंडला जिले में सड़क पुल-पुलिया भवन निर्माण के कौन-कौन से कार्य स्वीकृत हुए हैं? कार्य का नाम, लागत राशि, ठेकेदार का नाम, मोबाइल नंबर पूर्णता-अपूर्णता की स्थिति सहित जानकारी उपलब्ध कराएं। अपूर्ण/अप्रारम्भ कार्यों के क्या कारण हैं? (ख) उपसंभाग मंडला अंतर्गत ग्राम नकावल में निर्माणाधीन सड़क का कार्य कब से एवं किसके द्वारा किया जा रहा है? क्या सड़क निर्माण हेतु मुर्रम की जगह मिट्टी के इस्तेमाल और सड़क किनारे की ही मिट्टी खोदकर निर्माण में उपयोग किया जा रहा है? क्या सड़क का निर्माण गुणवत्ताहीन किया जा रहा है? इस संबंध में कितनी शिकायतें प्राप्त हुई हैं? क्या इस सड़क निर्माण की जाँच करवाई जाएगी? (ग) उपसंभाग बिछिया अंतर्गत ग्राम करियागांव में नाले में बनाई जा रही/गई पुलिया का निर्माण मानकों के अनुरूप नहीं किया गया है? निर्माण की जाँच व मूल्यांकन किनके द्वारा किया गया? मूल्यांकन से संबंधित बिलों व एमबी की छायाप्रति उपलब्ध कराएं। क्या निर्माण की जाँच कर्रवाई जाएगी? (घ) वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक प्रश्नकर्ता द्वारा माननीय मंत्री जी एवं विभाग को लिखे गए पत्रों की प्रतियाँ उपलब्ध कराएं, उनमें क्या कार्यवाही की गई, अवगत करावें?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ, 'अ-1' एवं 'अ-2' अनुसार है। (ख) ग्राम नकावल पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य दिनांक 10.11.2025 को प्रारंभ किया गया, उक्त कार्य मेसर्स महेश प्रसाद चौरसिया, दमोह द्वारा किया जा रहा है। जी नहीं। जी नहीं। कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप किया जा रहा है। निर्माण कार्य की जांच श्री संजय सिंह द्विवेदी, अनुविभागीय अधिकारी द्वारा एवं मूल्यांकन श्री विकास मरकाम, उपयंत्री द्वारा किया गया है। देयकों एवं एम.बी. की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब एवं 'ब-1' अनुसार है। प्राप्त पत्रों की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 एवं 3 अनुसार है।
नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विश्वविद्याल में वित्तीय अनियमितता
[पशुपालन एवं डेयरी]
99. ( क्र. 2968 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय को पंचगव्य-योजना के अंतर्गत कितनी राशि कब-कब दी गई? यह राशि किस उद्देश्य से किन-किन कार्यों हेतु खर्च की जानी थी? क्या-क्या कार्य/खरीदी की गई? इससे संबंधित शासन के दिशा-निर्देश, व्यय से संबंधित प्रावधानों के दस्तावेज उपलब्ध कराएं। (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित प्राप्त राशि से ख़रीदे गए गोबर, गोमूत्र, बर्तन सहित अन्य सामग्रियों के बिलों की छायाप्रति उपलब्ध कराएं? क्या खरीदी में भंडार-क्रय नियमों का पालन किया गया? यदि हाँ, तो जानकारी प्रदान करें, यदि नहीं, तो क्या इसकी कोई जाँच की जा रही है? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) उक्त राशि से कहाँ-कहाँ, किन-किन को भ्रमण कराया गया, इन भ्रमण का क्या उद्देश्य रहा? इस राशि से कार ख़रीदे जाने का क्या उद्देश्य था, खरीदी से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराएं? इस कार में डीजल/पेट्रोल में कितना व्यय कब-कब किया गया? लॉगबुक की छायाप्रति एवं बिलों की छायाप्रति उपलब्ध कराएं। (घ) यूनिवर्सिटी अंतर्गत मंडला-जिले के ग्राम-माधोपुर में वैटनरी पॉलिटेक्निक-डिप्लोमा कॉलेज की स्वीकृति कब दी गई थी? इस हेतु कितनी राशि कब-कब प्राप्त हुई थी? इस राशि का क्या उपयोग किया गया? उक्त कॉलेज अब तक प्रारम्भ नहीं किये जाने के क्या कारण हैं? यूनिवर्सिटी द्वारा इस संबंध में शासन को लिखे गए पत्रों की छायाप्रतियाँ उपलब्ध कराएं? यूनिवर्सिटी द्वारा शासन को भेजे गए प्रस्ताव/मांगपत्रों की छायाप्रतियाँ उपलब्ध कराएं। उक्त कॉलेज कब तक प्रारम्भ कर दिया जायेगा? कॉलेज हेतु कितनी भूमि कहाँ पर आवंटित की गई है, आवंटन के दस्तावेजों की छायाप्रति उपलब्ध कराएं?
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही।
पशुधन योजना के लिये बजट एवं क्रियान्वयन
[पशुपालन एवं डेयरी]
100. ( क्र. 2976 ) श्री मधु भगत : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला बालाघाट अंतर्गत पशुपालन विभाग को वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक राज्य व केन्द्र से प्राप्त समस्त योजनाओं के लिए कितनी राशि का आवंटन प्राप्त हुआ और कितनी राशि योजना में किस-किस कार्य हेतु जिले के किन-किन विकासखण्डों में खर्च की गई? बिल, वाऊचर सहित कार्यादेश निविदा प्रक्रिया के समस्त दस्तावेज सहित भुगतान की तिथिवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) जिला बालाघाट अंतर्गत वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक नवीन राष्ट्रीय पशुधन मिशन अंतर्गत बैकेबल योजना (NLM) व राष्ट्रीय पशुधन मिशन ग्रामीण बैकयार्ड कुक्कुट विकास योजना एवं आचार्य विद्यासागर गौ-संवर्धन योजना में समस्त जिले के विकासखण्डों में कितने किसान योजनाओं से लाभान्वित हुये हैं? लाभान्वित कृषकों के नाम, मोबाईल नम्बर सहित सूची देवें। योजना अंतर्गत जिले के किन-किन किसानों को किन-किन स्थानों में प्रशिक्षण कराया गया हैं? यदि कराया गया हैं तो प्रशिक्षण की दौरा डायरी, बिल, वाऊचर व प्रशिक्षण के फोटो सहित समस्त दस्तावेज की जानकारी उपलब्ध करावें।
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) वर्ष 2023-2024 से प्रश्न दिनांक तक राष्ट्रीय पशुधन मिशन अंतर्गत बैकेबल योजना एवं ग्रामीण बैकयार्ड कुक्कुट विकास योजना की जानकारी निरंक है, आचार्य विद्यासागर गौसंवर्धन योजना संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। प्रावधान न होने के कारण वर्ष 2023-24 से अद्यतन लाभान्वित कृषकों को किसी भी प्रकार का भ्रमण/ प्रशिक्षण नहीं कराया गया। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सौर ऊर्जा संयंत्रों के लिये बजट आवंटन
[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]
101. ( क्र. 2977 ) श्री मधु भगत : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला बालाघाट अंतर्गत नवीन सौर ऊर्जा एवं अन्य सभी संयंत्रों के लिए वर्ष 2023-2024 से प्रश्न दिनांक तक शासन द्वारा विभाग को कितनी-कितनी राशि का आवंटन प्राप्त हुआ व कितनी राशि किस-किस योजना में किस-किस कार्य हेतु जिले के किस-किस विकासखण्ड में खर्च की गई? खर्च की राशि के बिल वाऊचर सहित कार्यादेश निविदा प्रक्रिया के समस्त दस्तावेज सहित भुगतान की तिथिवार जानकारी उपलब्ध करावें? (ख) जिले के समस्त शासकीय/अर्द्धशासकीय भवन/ कार्यालयों में लगे सौर ऊर्जा संयंत्र विभाग द्वारा किस कम्पनी/ठेकेदार के माध्यम से लगाये गये व कितने वॉट की प्लेट लगाई गई है? निविदा प्रक्रिया, समाचार पत्र के प्रकाशन सहित समस्त दस्तावेज उपलब्ध करावें। (ग) जिले में नवीन सौर ऊर्जा एवं अन्य सभी संयंत्रों को लगाने हेतु जिले के सभी विकासखण्डों में क्या कोई कार्य योजना बनाई गई हैं? यदि बनाई गई हैं तो कौन-कौन से विकासखण्डों में कितनी-कितनी शासकीय एवं अशासकीय भूमि आवंटित की गई है? ग्राम पंचायतवार, ग्रामवार, खसरा, नक्शा, रकबा कितनी राशि की सब्सिडी शासन से दी गई के समस्त दस्तावेज सहित जानकारी उपलब्ध करावें।
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्ला ) : (क) प्रश्नांश (क) के संबंध में विभाग में शासन से जिलावार बजट आवंटन नहीं होता है। पूरे प्रदेश के लिए शासन से योजनावार राशि का आवंटन होता है। (ख) जिला बालाघाट में 25 किलोवॉट सोलर रूफटॉप परियोजना कैपेक्स मोड के अंतर्गत M/s Madhav Technologies & Integrator LLP द्वारा लगाई गई है, जिनमें 540 वॉट की 47 प्लेटे लगाई गई है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) भारत सरकार की प्रधानमंत्री कुसुम-अ योजना प्रदेश के सभी जिलों में संचालित है। योजना के दिशा-निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। उक्त योजना में भूमि का कोई आवंटन नहीं किया जाता है। भारत सरकार की प्रधानमंत्री कुसुम-ब योजना जो प्रदेश में प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना (सोलर पंप योजना) के नाम से संचालित है, इसमें कोई शासकीय या अशासकीय भूमि आवंटित नहीं की जाती है। योजना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। योजना के अंतर्गत कृषकों के यहां ऑफ ग्रिड सोलर पंपो की स्थापना की जाती है। भारत सरकार की प्रधानमंत्री कुसुमस योजना प्रदेश के सभी जिलो में संचालित है। योजना के दिशा-निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। कुसुम-स योजना अंतर्गत विकासक द्वारा स्वयं ही भूमि चिन्हित कर परियोजना का कार्यान्वयन किया जाता है। अत: भूमि आवंटन से संबंधित जानकारी निरंक है। भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली के अंतर्गत हितग्राहियों के लिए योजना संचालित है, जिसके तहत घरेलू हितग्राही पोर्टल पर ऑनलाईन अप्लाई कर योजना अनुसार सोलर रूफटॉप संयंत्र लगा सकता है। योजना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। प्रदेश के शासकीय भवनों में रेस्कों मोड में सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाए जाने की कार्य योजना है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है। भारत सरकार की पीएम जनमन योजना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ई अनुसार है। विभाग की नवीन नवकरणीय ऊर्जा नीति-2025 के अनुसार निवेशक पूरे प्रदेश में सौर ऊर्जा प्लांट/नवकरणीय ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का प्रावधान है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ई अनुसार है।
ट्रांसफॉर्मर का डिस्ट्रीब्यूशन
[ऊर्जा]
102. ( क्र. 2980 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले के संचालन-संधारण वृत्त धार में दिनांक 01.01.2023 से प्रश्न दिनांक तक आदिवासी अंचलों एवं गैर-आदिवासी अंचलों में किस-किस योजना के तहत विद्युतीकरण के तहत विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर स्थापना के लिए कुल कितनी राशि स्वीकृत की गई है? उक्त स्वीकृत कार्य किस-किस पंजीकृत एजेंसी/ठेकेदार/संस्था/कंपनी द्वारा किए गए? तकनीकी स्वीकृति, प्रशासकीय स्वीकृति की छायाप्रति उपलब्ध करावें। कार्य करने वाली एजेंसी/ठेकेदार/संस्था/कंपनी का नाम-पता सहित बतावें। उपरोक्तानुसार स्थापित किये गये विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर से कुल कितने विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर/जले/खराब/क्षतिग्रस्त/चोरी हुए हैं? वर्षवार, ग्रामवार, स्थानवार, क्षमता एवं कारण सहित जानकारी बतावें। (ख) प्रश्नांश (क) की अवधि में कितने ट्रांसफार्मरों का प्रतिस्थापन/मरम्मत किया गया? शेष कितने लंबित हैं तथा इन्हें कब तक बदल दिया जाएगा? (ग) क्या प्रश्नांश (क) में उल्लेखित विद्युत वितरण ट्रांसफार्मरों (जले/खराब/ओवरलोडेड/प्रतिस्थापित/नए स्थापित आदि) से संबंधित रिकॉर्ड संधारित किया जाता है? ये रिकार्ड किस-किस स्वरूप में रखे जाते है? क्या उक्त रिकार्ड ऑनलाईन उपलब्ध है? दिनांक 01/01/2023 से प्रश्न-दिनांक तक की स्थिति में बतावें। (घ) जिले में नए ट्रांसफार्मरों हेतु प्राप्त/स्वीकृत/लंबित आवेदनों की संख्या तथा निराकरण की समय-सीमा क्या है? मुख्यमंत्री कृषक मित्र योजना/फीडर विभक्तिकरण/अन्य योजनाओं के तहत कितने ट्रांसफार्मर कहां-कहां लगाए गए तथा कितने, कहां-कहां लगने प्रस्तावित हैं? (ड.) संचालन-संधारण वृत्त धार अंतर्गत दिनांक 01/01/2023 से प्रश्न-दिनांक की स्थिति में विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर के नए क्रय किये गये, बदलने पर कुल कितनी राशि का व्यय हुआ? वर्षवार संख्यात्मक विवरण देवें।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) धार जिले के संचालन-संधारण वृत्त धार अन्तर्गत दिनांक 01.01.2023 से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में आदिवासी एवं गैर-आदिवासी अंचलों में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान योजना के तहत अविद्युतीकृत घरों के विद्युतीकरण के लिये कुल राशि रू. 2462.54 लाख स्वीकृत की गई है। उक्त स्वीकृत कार्य हेतु मेसर्स राजेश सिदगोर, जिला धार एवं मेसर्स ईलेक्ट्रानेट पॉवर प्राइवेट लिमिटेड, जिला धार को कार्यादेश जारी किया गया। उक्त योजना की प्रशासकीय स्वीकृति एवं तकनीकी स्वीकृति की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। उक्त स्वीकृत कार्यों की लागत राशि क्रियान्वयन एजेन्सी/ठेकेदार/ कंपनी का नाम एवं पता सहित, विधानसभा क्षेत्रवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ-1' अनुसार है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान योजना का कार्य प्रगतिरत होने के कारण विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर जले/खराब/क्षतिग्रस्त/चोरी होने संबंधित जानकारी निरंक है। उक्त के अतिरिक्त संचा./संधा. वृत्त धार में एस.एस.टी.डी. एवं आर.डी.एस.एस. योजना के तहत विद्युत अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण के कार्य कराये गये हैं। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान योजना का कार्य प्रगतिरत होने के कारण ट्रांसफार्मरों का प्रतिस्थापन/मरम्मत संबंधित जानकारी निरंक है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। (ग) जी हाँ, उत्तरांश (क) में उल्लेखित विद्युत वितरण ट्रांसफार्मरों से संबंधित रिकॉर्ड रजिस्टर (ऑफलाईन) के माध्यम से संधारित किया जाता है एवं उक्त रिकार्ड ऑनलाईन उपलब्ध नहीं है। प्रश्नाधीन अवधि में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान योजना अंतर्गत 4 नये स्थापित विद्युत ट्रांसफार्मरों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ-2' अनुसार है। (घ) म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इंदौर क्षेत्रांतर्गत धार जिले में नए वितरण ट्रांसफार्मरों हेतु मुख्यमंत्री कृषक मित्र योजना, सुपरविजन जमा योजना, सामान्य योजना में कुल प्राप्त आवेदनों की संख्या 6784 है एवं उक्त में से स्वीकृत आवेदनों की संख्या 2339 है तथा निर्धारित मापदंड अनुसार आवेदन सही नहीं पाये जाने वाले आवेदनों की संख्या 4445 है। स्वीकृत 2339 आवेदनों में 2337 आवेदनों का कार्य पूर्ण हो गया है एवं शेष 02 आवेदनों का कार्य प्रगतिरत है, जिसका कार्य दिनांक 15 मार्च, 2026 तक पूर्ण किया जाना संभावित है। प्रश्नाधीन अवधि में मुख्यमंत्री कृषक मित्र योजना, सुपरविजन जमा योजना, सामान्य योजना में प्राप्त/स्वीकृत/लंबित आवेदनों की संख्या की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब-1' अनुसार है। मुख्यमंत्री कृषक मित्र योजना, एस.एस.टी.डी., आर.डी.एस.एस. एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, सुपरविजन जमा योजना एवं अन्य योजनाओं के तहत धार जिले में 3127 विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित किये गए हैं, जिनका विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब-2' अनुसार है। एस.एस.टी.डी., आर.डी.एस.एस. एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना के तहत 476 विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर प्रस्तावित किये गये हैं, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब-3' अनुसार है। (ड.) क्रय अनुभाग, कॉर्पोरेट कार्यालय, म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इंदौर द्वारा कंपनी स्तर पर समस्त कंपनी क्षेत्र हेतु वितरण ट्रांसफार्मर की खरीदी ऑनलाइन निविदा के माध्यम से की जाती है, जिसमें सभी जिलो की वितरण ट्रांसफार्मर की मांग समाहित रहती है। दिनांक 01/01/2023 से प्रश्न-दिनांक की स्थिति में वितरण ट्रांसफार्मर खरीदी की वर्षवार संख्या एवं व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब-4' अनुसार है। वितरण ट्रांसफार्मर मेंटेनेंस एवं बदलने पर कुल व्यय संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'स' अनुसार है।
सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना
[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]
103. ( क्र. 2981 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में वर्तमान में 1, 2 एवं 3 मेगावाट क्षमता के कितने सौर ऊर्जा संयंत्र कहां-कहां स्थापित हैं? जिलेवार बतावें। (ख) क्या सरकार द्वारा इन क्षमताओं (1-3 MW) के संयंत्र लगाने वाले स्थानीय उद्यमियों या किसानों के लिए कोई विशेष प्रोत्साहन योजना या सब्सिडी दी जा रही है? प्रतिसहित बतावें। (ग) 1, 2 और 3 मेगावाट के संयंत्र स्थापित करने हेतु प्रति मेगावाट अनुमानित लागत कितनी आती है और इसमें केंद्र एवं राज्य सरकार का अंशदान कितना-कितना रहता है? संबंधित परिपत्र, गाइड लाइन सहित बतावें। (घ) क्या इन संयंत्रों से उत्पादित बिजली को ग्रिड में जोड़ने और डिस्कॉम (Discoms) द्वारा इसे खरीदने के लिए कोई निश्चित दर (Tariff) निर्धारित किया गया है? प्रतिसहित बतावें। (ड.) विगत दो वर्षों में इन लघु क्षमता के संयंत्रों हेतु किस-किस के कितने-कितने आवेदन प्राप्त हुए और उनमें से किस-किस के कितने आवेदन स्वीकृत किए गए? स्वीकृत समस्त प्रकरणों की फाइल की प्रतिसहित बतावें। लंबित आवेदनों का कारण क्या है? लंबित आवेदनों की सूची पूर्ण विवरण सहित देवें।
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्ला ) : (क) योजनावार जानकारी निम्न है:- पीएम कुसुम-अ- योजनांतर्गत 500 किलोवॉट से 2 मेगवाट क्षमता के क्रियाशील सौर संयंत्रो की जिलावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। पीएम कुसुम-ब- योजना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। नवकरणीय ऊर्जा नीति 2022/2025 के अंतर्गत पंजीकृत सौर ऊर्जा परियोजनाओं की पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (ख) पीएम कुसुम-अ योजना अंतर्गत संयंत्र स्थापना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार का विशेष प्रोत्साहन योजना या सब्सिडी का प्रावधान नहीं है। पीएम कुसुम-स जी हाँ केन्द्र सरकार द्वारा 1.05 करोड प्रति मेगावाट की सब्सिडी प्रदाय करने का प्रावधान है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है। परंतु भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय भारत सरकार के पत्र दिनांक 31.12.2025 के अनुसार पत्र दिनांक के पश्चात नए PPA/Work Order/Notixe to Proceed/Liability पर Performance Based Incentive (PBI)/Central Financing Assistances (CFA) की पात्रता नहीं रहेगी जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ई अनुसार है। नवकरणीय ऊर्जा नीति के अंतर्गत विकासकों द्वारा विकासकों की पंजीकृत परियोजनाओं पर नीति अनुसार प्रोत्साहन प्रदान करने का प्रावधान है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ई अनुसार है। (ग) पीएम कुसुम-अ योजनांतर्गत सौर संयंत्र स्थापित करने हेतु अनुमानित लागत रू.3.50 करोड़ प्रति मेगावाट होना प्रचलन में है। परियोजना लागत स्थापना स्थल व सबस्टेशन की दूरी के आधार पर भिन्न हो सकती है। कुसुम-अ योजना अंतर्गत संयंत्र स्थापना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार का विशेष प्रोत्साहन योजना या सब्सिडी का प्रावधान नहीं है। पीएम कुसुम-स योजनांतर्गत सौर संयंत्र स्थापित करने के लिए नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा रू. 350 करोड़ प्रति मेगावाट की बैंचमार्क दर तय की गयी है। कुसुम स योजनांतर्गत केन्द्र सरकार के निर्देशानुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ई अनुसार दिनांक 31.12.2025 के पूर्व के Loa/PPA प्रकरणों पर केन्द्र सरकार से 1.05 करोड़ प्रति मेगावॉट का Centrral Finacing Assistance (CFA) का प्रावधान है एवं राज्य सरकार के अंशदान का कोई प्रावधान नहीं है। दिशा-निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है। (घ) पीएम कुसुम-अ योजना अंतर्गत विद्युत नियामक आयोग द्वारा Levelized tariff के अंतर्गत जो दरे निर्धारित की गई है वह रू. 3.07/यूनिट (मार्च 2024 तक) एवं 3.25/यूनिट (मार्च 2027 तक) है। कुसुम-स जी हाँ योजना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। नवकरणीय ऊर्जा नीतियों के अंतर्गत पंजीकृत सौर ऊर्जा परियोजनाओं से उत्पादित विद्युत विकासक द्वारा स्वयं के उपयोग या अन्य किसी तीसरे पक्ष को विक्रय की जाती है। इस हेतु कोई निश्चित दर (Tariff) निर्धारित नहीं है। (ड.) पीएम कुसुम-अ योजनांतर्गत प्रदेश में पिछले 02 वर्षों में कुल 2523 आवेदन प्राप्त हुए और उनमें से 833 स्वीकृत किये गये जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-फ अनुसार है एवं समस्त प्रकरण दो श्रेणियों में प्राप्त है 1. कृषक 2. विकासक। स्वीकृत प्रकरणों की नस्तियों का स्वरूप वृहद होने के कारण जानकारी पृथक-पृथक से प्रस्तुत करना अव्यवहारिक है, यथा उदारण के तौर पर उक्त श्रेणियों की 01-01 नस्ती की छायाप्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-फ अनुसार है। शेष आवेदन निगम द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन न करने एवं NRE द्वारा सौर संयंत्र स्थापना हेतु अतिरिक्त क्षमता के आवंटन न होने के कारण अस्वीकृत किये गये। कुसुम-स कुसुम-स योजनांतर्गत विगत 2 वर्षों में 14 लघु क्षमता के संयंत्रों के बिड प्राप्त हुए। उक्त में से 4 बिड स्वीकृत हुए है, शेष 10 बिड योग्य दर नहीं होने के कारण अस्वीकृत हुए है।
मुख्यालय पर उपस्थिति की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
104. ( क्र. 2988 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा प्रत्येक विभाग प्रमुख को मुख्यालय पर उपस्थित रहने का क्या नियम है? क्या नियमानुसार सभी विभाग प्रमुख अपने-अपने मुख्यालय पर उपस्थित रहते हैं? शासन नियमानुसार कार्यालय से कर्मचारियों के निवास की अधिकतम दूरी कितनी हो सकती है? (ख) क्या नगर परिषद मोहना के मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री सियाशरण यादव महीने में केवल 8-10 दिन ही कार्यालय में उपस्थित रहते हैं? (ग) क्या नगर परिषद मोहना के मुख्य नगर पालिका अधिकारी मुख्यालय पर निवास करते हैं? यदि हाँ, तो उनकी ई-अटेंडेंस की प्रति उपलब्ध कराए। यदि नहीं, तो क्या ऐसे अधिकारी के विरुद्ध कोई कार्रवाई प्रस्तावित की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों? (घ) क्या-क्या मुख्य नगर पालिका अधिकारी ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता की परिधि से बाहर हैं? स्पष्ट करें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) म.प्र. नगरपालिका अधिनियम 1961 अनुसार विभाग प्रमुख को मुख्यालय पर निवास करने का नियम है। जी हाँ, शासन नियमानुसार सभी विभाग प्रमुख अपने-अपने मुख्यालय पर उपस्थित रहते है। इस संबंध में नगर पालिका अधिनियमों में कोई उल्लेख नहीं है। मुख्यालय छोड़ने के पूर्व कर्मचारी को सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेने का प्रावधान है। (ख) जी नहीं। प्रतिदिन कार्यालय में उपस्थित रहते है, कार्यालयीन कार्य एवं विभागीय बैठकों में सम्मिलित होने हेतु ग्वालियर जाना होता है। (ग) जी हाँ, ई-अटेन्डेंस पत्रक जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं।
नगर पालिक निगम मुरैना अंतर्गत VIP रोड की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
105. ( क्र. 2989 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शहर मुरैना में सिटी कोतवाली से ग्वालियर रोड तक नगर पालिक निगम मुरैना द्वारा बनाई गई VIP रोड, नगर पालिक निगम के स्वामित्व की भूमि पर नहीं बनी है? यदि हाँ, तो क्या उक्त सड़क किसके स्वामित्व की भूमि पर बनी है एवं क्या इसके निर्माण हेतु संबंधित विभाग की सहमति सहित अन्य आवश्यक अनुमतियां प्राप्त की गयी हैं? विस्तृत विवरण उपलब्ध कराया जावे। (ख) क्या शहर मुरैना में बनाई गई उक्त VIP रोड के निर्माण में SAF ग्राउण्ड से जिम चौराहा तक की रोड SAF के कर्मचारी आवासों को तोड़ कर बनाई गई है? (ग) क्या उक्त आवासों की भूमि को नगरपालिक निगम को स्थानान्तरित किया गया है? यदि हाँ, तो आवासों की कितनी भूमि नगरपालिक निगम को हस्तान्तरित की गई है? लंबाई, चौड़ाई तथा सर्वे क्रमांक व रकबावार तथा उक्त हस्तांतरित भूमि की चतुर्सीमा सहित जानकारी उपलब्ध कराई जावें। (घ) क्या उक्त आवासों तथा भूमि के एवज में नगरपालिक निगम द्वारा राशि का भुगतान SAF को किया गया है? यदि हाँ, तो कितनी राशि का भुगतान कब-कब और किसके आदेश से किया गया है?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगर पालिक निगम मुरैना द्वारा एम.एस. रोड से कनेक्ट सिटी कोतवाली होते हुए ग्वालियर रोड (ए.वी. रोड) तक व्ही.आई.पी. रोड का निर्माण कार्य कराया गया है, जिसमें से एस.ए.एफ. स्कूल से जिम चौराहे तक एस.ए.एफ. की भूमि पर एवं शेष सड़क का निर्माण कार्य पूर्व निर्मित सड़क पर कराया गया है। सैनानी 5वीं बटालियन द्वारा 15 एस.ए.एफ. आवास को विस्थापन की सहमति दी गई है। (ख) जी हाँ। (ग) सेनानी 5वीं बटालियन द्वारा सहमति दी गई है, जिससे नगर पालिक निगम मुरैना द्वारा प्रथम किस्त दिनांक 14.06.2024 को राशि रू. 56.54 लाख एवं द्वितीय किस्त दिनांक 28.02.2025 को राशि रू. 56.54 लाख, कुल राशि रू. 113.08 लाख म.प्र. पुलिस डव्लपमेन्ट कॉरपोरेशन को भुगतान किया गया है। सर्वे क्रमांक 753 एवं 762 के भूमि का रकवा 13500 वर्गमीटर है (लंबाई 750 मीटर, चौड़ाई 18 मीटर)। उत्तर में एस.ए.एफ. स्कूल, दक्षिण में जिम चौराहा, पूर्व में शासकीय आवास, पश्चिम में शासकीय आवास है। (घ) जी हाँ, प्रथम किस्त दिनांक 14.06.2024 को राशि रू. 56.54 लाख एवं द्वितीय किस्त दिनांक 28.02.2025 को राशि रू. 56.54 लाख, कुल राशि रू. 113.08 लाख म.प्र. पुलिस डव्लपमेन्ट कॉरपोरेशन को भुगतान किया गया है। एम.आई.सी. संकल्प क्रमांक 36 दिनांक 07.07.2018 में पारित निर्णय अनुसार भुगतान की कार्यवाही की गई है।
निराश्रित पशुओं के विचरण के संबंध में कार्य योजना
[नगरीय विकास एवं आवास]
106. ( क्र. 2990 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शहरी क्षेत्रों में निराश्रित पशुओं के सड़कों एवं सार्वजनिक स्थानों पर विचरण रोकने के लिए विभाग द्वारा क्या योजना बनाई गई है या प्रस्तावित है? जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित योजना यदि विभाग द्वारा बनाई गई है तो किन-किन नगर पालिक निगम क्षेत्र/नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत क्षेत्र में संचालित है? जानकारी देवें। (ग) क्या निराश्रित कुत्तों के विचरण को रोकने के लिए भी विभाग द्वारा शहरी क्षेत्र में कोई योजना बनाई गई है? तो जानकारी देवें तथा वर्तमान में किन-किन नगर पालिक निगम क्षेत्र/नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत क्षेत्र में संचालित है? जानकारी देवें। (घ) प्रश्नांश (ख) एवं (ग) में वर्णित नगर पालिका परिषद, मकरोनिया/नगर परिषद कर्रापुर में योजना के प्रस्ताव/प्राक्कलन विभाग के प्रेषित किये गये है? यदि हाँ, तो उक्त प्रस्ताव/प्राक्कलन की स्वीकृति शासन स्तर से कब तक प्राप्त होगी? जानकारी देवें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) शहरी क्षेत्रों में निराश्रित पशुओं के सड़कों एवं सार्वजनिक स्थानों पर विचरण रोकने हेतु समस्त कलेक्टर, समस्त आयुक्त नगर पालिका निगम एवं समस्त मुख्य नगर पालिका अधिकारियों नगर पालिका/नगर पालिका परिषदों को पत्र क्रमांक 24276 दिनांक 19/11/25 के माध्यम से निर्देशित किया गया है एवं नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा नगरीय निकायों में सार्वजनिक स्थलों एवं महत्वपूर्ण मार्गों को आवारा पशुओं से मुक्त करने के संबंध में निर्देश एवं निराश्रित पशुओं के विचरण को रोकने हेतु मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) दिनांक 02/01/2026 को जारी की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) में उल्लेखित निर्देश समस्त नगरीय निकायों के लिए प्रभावशील है। (ग) उत्तरांश (क) में उल्लेखित निर्देश निराश्रित श्वानों के लिए भी लागू हैं इसके अतिरिक्त संचालनालय के पत्र क्रमांक 26289 दिनांक 22/12/2025 द्वारा प्रथम चरण में जिला स्तरीय समस्त नगरीय निकायों को श्वानों की जनसंख्या नियंत्रण के लिए ABC केंद्र एवं श्वान आश्रय स्थल संचालित किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (घ) 1. जी नहीं, नगर पालिका परिषद मकरोनिया से प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है। 2. नगर परिषद कर्रापुर द्वारा निकाय में गौशाला निर्माण स्वीकृत करने के संबंध में पत्र क्रमांक न.प./2026/66/कर्रापुर दिनांक 13.01.2026 के द्वारा प्रतिवेदन प्रेषित करते हुए विशेष निधि से राशि रूपए एक करोड़ की सैद्धांतिक स्वीकृति चाही गयी थी जिसके संबंध में संचालनालय के पत्र क्रमांक 1462 भोपाल दिनांक 19.01.2026 के माध्यम से नवीन गौशाला निर्माण हेतु भूमि के स्वत्य संबंधी दस्तावेज, परिषद का प्रस्ताव एवं प्राक्कलन सहित सम्पूर्ण परियोजना प्रतिवेदन (DPR) विशेष निधि से अनुदान हेतु प्रेषित करने हेतु निर्देशित किया गया हैं, जो की अब तक अप्राप्त है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है।
नवीन सड़क मार्ग की स्वीकृति
[लोक निर्माण]
107. ( क्र. 2992 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विभाग द्वारा नवीन सड़क मार्गों की स्वीकृति के संबंध में प्राक्कलन स्वीकृति हेतु विभाग को प्रेषित किये गये है? यदि हाँ, तो सड़क मार्गों के नाम सहित जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित सड़क मार्गों के प्राक्कलन स्वीकृति के संबंध में विभाग द्वारा प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई है? जानकारी दें। (ग) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित में सानौधा से सिमरिया (मझगुंवा) सड़क मार्ग को मध्यप्रदेश शासन बजट सत्र-2024-25 में स्वीकृति प्रदान की गई थी? यदि हाँ, तो जानकारी देवें तथा बताएं कि प्रशासकीय स्वीकृति के जारी करने में विलंब क्यों हो रहा है? (घ) प्रश्नांश (क) में वर्णित सड़क मार्गों की स्वीकृति विभाग द्वारा कब तक प्रदान की जाएगी? जानकारी देवें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के स्तंभ 9 में दर्शित अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की कार्ययोजना
[ऊर्जा]
108. ( क्र. 2996 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ऊर्जा विभाग के अंतर्गत आने वाली सभी विद्युत कंपनियों में किस पदनाम के/किस वेतनमान वाले/स्थाई पद कब से सभी श्रेणियों के रिक्त हैं? संविदा कर्मी जो 10 वर्षों/5 वर्षों से भी ज्यादा समय से एक ही प्रकृति के कार्य इन उपरोक्त खाली पदों के विरुद्ध या अन्य में कार्य कर रहे हैं, के नियमितीकरण के लिए राज्य शासन/विद्युत कंपनियां सहानुभूतिपूर्वक आदेश जारी क्यों नहीं कर रहे हैं? (ख) क्या माननीय सुप्रीम कोर्ट के द्वारा SLP (c) 5580Of2024 के माध्यम से सीधे लंबे समय से कार्यरत संविदाकर्मियों के नियमितीकरण के लिए सलाह भी दी गई है? शासन कब तक विचार कर कर्मियों के लाभ हेतु निर्णय लेगा? (ग) संविदा कर्मियों एवं नियमित कर्मियों के प्रश्नांक (क) में वर्णित पदवार/समान वर्ष में नियुक्ति/समान प्रकृति के कार्य होने के बाद भी वेतन/वेतन भत्तों में पदनामवार कितना अंतर राशिवार है? विभाग को नियमित एवं संविदाकर्मियों के वेतन/वेतन भत्तों में अंतर से कितनी राशि का फायदा हुआ? माहवार/वर्षवार/पदवार दें। क्या-क्या नुकसान हुआ? माहवार/वर्षवार/पदवार दें। (घ) रिक्त पद के सापेक्ष संविदा कर्मियों के एक मुश्त नियमितीकरण की विभाग की क्या कार्य योजना है? कब तक/कितने दिनों के भीतर (समय सीमा दें) समस्त संविदाकर्मियों को नियमितीकरण कर लिए जाएंगे?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) विभाग के अंतर्गत विद्युत कंपनियों में दिनांक 01.01.2026 की स्थिति में सीधी भर्ती के रिक्त नियमित पदों की प्रश्नाधीन चाही गयी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। विद्युत कंपनियों में कार्यरत संविदा कार्मिक, ''संविदा सेवा (अनुबंध तथा सेवा की शर्तें) नियम, 2023'' से शासित होते हैं। उक्त नियम में संविदा कार्मिकों हेतु नियमितीकरण का प्रावधान नहीं है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। तथापि ''संविदा सेवा (अनुबंध तथा सेवा की शर्तें) नियम, 2023'' की कंडिका-14.1.1 के अनुसार विद्युत कंपनी के सीधी भर्ती के नियमित पद के समकक्ष संविदा पदों पर 05 वर्ष की निरंतर सेवा पूर्ण करने वाले संविदा अधिकारियों/कर्मचारियों की कुल संख्या के 50% पद अथवा विद्युत कंपनी में सीधी भर्ती के रिक्त पद के 50% तक के पद (दोनों में से जो कम हो), संविदा अधिकारियों/कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए आरक्षित रखे जाने का प्रावधान है। तद्नुसार विद्युत कंपनियों द्वारा सीधी भर्ती के रिक्त नियमित पदों की पूर्ति हेतु जारी किये गये भर्ती विज्ञापनों में उक्तानुसार संविदा कार्मिकों हेतु पदों को आरक्षित रखा गया है। (ख) जी हाँ। उत्तरांश (क) में उल्लेखानुसार संविदा कार्मिकों हेतु विद्युत कंपनियों में सीधी भर्ती के रिक्त पदों को आरक्षित रखे जाने का प्रावधान है। (ग) विद्युत कंपनियों में कार्यरत नियमित कार्मिकों का वेतनमान राज्य शासन द्वारा अनुमोदित नियम एवं शर्तों के आधार पर दिया जाता है तथा संविदा कार्मिकों के पारिश्रमिक का निर्धारण राज्य शासन के अनुमोदन उपरान्त विद्युत कंपनियों में लागू संविदा नीति के अनुसार किया जाता है। अतः पृथक-पृथक सेवा शर्तों के अन्तर्गत कार्यरत कार्मिकों के वेतन भत्तों की तुलना किया जाना उचित नहीं है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। (घ) उल्लेखनीय है कि उत्तरांश (क) में उल्लेखानुसार संविदा कार्मिकों हेतु विद्युत कंपनियों में सीधी भर्ती के रिक्त पदों को आरक्षित रखे जाने का प्रावधान है। अत: वर्तमान में विद्युत कंपनियों के सीधी भर्ती के नियमित रिक्त पदों को संविदा कार्मिकों के एकमुश्त नियमितीकरण से भरे जाने का वर्तमान में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है।
साइकिल ट्रैकों को तोड़ना एवं स्मार्ट सिटी फंड का दुरुपयोग
[नगरीय विकास एवं आवास]
109. ( क्र. 2997 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्मार्ट सिटी योजना की कुल कितनी राशि स्मार्ट सिटी योजना के प्रारंभ होने से प्रश्न तिथि तक नगर पालिक निगम सतना में किस-किस मद में क्या-क्या कार्य करने हेतु कब-कब, कितनी-कितनी आई? मदवार/राशिवार/योजनावार/माहवार वर्षवार दें। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित समयानुसार उक्त राशि से किस-किस स्थान पर/वार्डों में (वार्ड क्रमांकवार दें) कितनी-कितनी राशि/किस-किस/कार्य हेतु/किस-किस मद में कब-कब व्यय करते हुए किस-किस नाम/पते/ जीएसटी क्रमांक वाले व्यक्ति/फर्म/कंपनी/अन्य को कितनी-कितनी राशि का भुगतान माहवार/वर्षवार/ कार्यवार/मदवार/भुगतान प्राप्तकर्तावार/कार्यवार/राशिवार किया गया? बिंदुवार विवरण दें। (ग) स्मार्ट सिटी के फंड से किस स्थान से किस स्थान तक कितने मीटर/किलोमीटर लंबे साइकिल ट्रैकों का किस-किस वार्ड क्रमांकों में कितनी-कितनी राशि व्यय/भुगतान कर किस-किस नाम/पते/जीएसटी क्रमांक वाले फर्म/व्यक्ति/कंपनी/अन्य को कार्य का भुगतान किया गया? माहवार/राशिवार दें। उक्त सभी साइकिल ट्रैकों का उपयोगिता प्रमाण-पत्र/गुणवत्ता प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराएं। किस-किस नाम के सब/सहायक/कार्यपालन/अधीक्षण यंत्री ने इन साइकिल ट्रैकों की योजना/प्रस्तावना/उपयोगिता/ तकनीकी स्वीकृति/वित्तीय स्वीकृति दी (सभी स्वीकृतियों की एक प्रति दें) का विवरण दें? सभी साइकिल ट्रैकों की जानकारी दें। सभी जारी वर्क ऑर्डरों की एक प्रति दें। (घ) किस-किस स्थान के साइकिल ट्रैकों को अनुपयोगी बताकर तोड़ा जाएगा/तोड़ दिया गया है? कब फाइलों में अनुपयोगी किस नाम/पदनाम के अधिकारी ने टीप दी? एक प्रति दें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) स्मार्ट सिटी योजना अंतर्गत योजना के प्रारंभ होने से प्रश्न तिथि तक सतना स्मार्ट सिटी द्वारा निक्षेप कार्य (Deposit Work) हेतु स्मार्ट सिटी ग्रांट फंड मद अंतर्गत नगर निगम सतना को प्राप्त राशि का राशिवार योजनावार/ माहवार वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित समयानुसार राशि से किस-किस स्थान पर/वार्डों में (वार्ड क्रमांकवार दें) कितनी-कितनी राशि/किस-किस कार्य हेतु/किस-किस मद में कब-कब व्यय करते हुए किस-किस नाम/पते/जी.एस.टी. क्रमांक वाले व्यक्ति/फर्म/कंपनी/अन्य को कितनी-कितनी राशि का भुगतान माहवार/वर्षवार/कार्यवार/मदवार/ भुगतान प्राप्त कर्तावार/कार्यवार/राशिवार किया गया है की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'ब' अनुसार है। (ग) सतना नगर पालिक निगम क्षेत्र अंतर्गत 1- रीवा-पन्ना मार्ग में वार्ड क्रमांक 29 में पन्ना नाका बजाज शोरूम से सोहावल मोड़ पेप्टेक सिटी तक 3502 मीटर साईकल ट्रैक का निर्माण कराया गया। 2- पन्ना रीवा मार्ग में वार्ड क्र. 17 में डब्लू टी.पी. से गहरा नाला तक 810 मीटर साईकल ट्रैक का निर्माण किया गया। 3- मैत्री पार्क से रीवा-पन्ना रोड मुख्य मार्ग तक वार्ड क्र. न. 22 में 550 मी. साईकल ट्रैक का निर्माण किया गया। उक्त सभी साईकल ट्रैक निर्माण में कुल राशि रु. 41167728.00 का भुगतान अनुबंधित फर्म मेसर्स के.एम.जे.एस. प्रा.लि. दिल्ली को किया गया, जिसका जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'स' अनुसार है। सभी साईकल ट्रैकों की गुणवत्ता प्रमाण-पत्र (Test Report) की छायाप्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'स-1' अनुसार है। साईकल ट्रैक कार्य हेतु उपयंत्री श्री उत्कर्ष प्रताप सिंह, सहायक यंत्री श्री अजय कुमार गुप्ता द्वारा प्रस्ताव तैयार किया गया जिसकी तकनीकी स्वीकृति तत्कालीन कार्यपालन यंत्री श्री अरुण तिवारी द्वारा दी गयी। तकनीकी स्वीकृति की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'द' अनुसार है। साईकल ट्रैक के वर्क आर्डर की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'इ' अनुसार है। (घ) सतना स्मार्ट सिटी डे.लि. कार्यालय द्वारा साईकल ट्रैक को तोडे़ जाने हेतु किसी प्रकार के आदेश जारी नहीं किये गये। शेषांश उपस्थित नहीं होता है।
पशु चिकित्सालय का संचालन
[पशुपालन एवं डेयरी]
110. ( क्र. 3001 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले के अंतर्गत कितने पशु चिकित्सालय स्वीकृत है? वर्तमान में उन चिकित्सालयों में शासन द्वारा स्वीकृत पदों की संख्या कितनी है एवं कितने पद रिक्त है? सम्पूर्ण जानकारी देवेंI (ख) बालाघाट जिले के अंतर्गत स्वीकृत पशु चिकित्सालयों में कितने चिकित्सकों की पदस्थापना की गई है? ग्राम पंचायत तिरोड़ी (कटंगी) में कितने चिकित्सकों के पद स्वीकृत है? वर्तमान स्वीकृत पदों पर कौन-कौन चिकित्सक, कर्मचारी कार्यरत है? नामवार जानकारी देवेंI क्या तिरोड़ी में पदस्थ चिकित्सक को अन्यत्र स्थान पर कार्य करने हेतु आदेशित किया गया है? किसके द्वारा पदस्थ किया गया है? आदेश की प्रति व सम्पूर्ण जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार बालाघाट विधानसभा अंतर्गत कितने पशु चिकित्सालय भवन है तथा कितने चिकित्सालय के भवन नहीं है? पशु चिकित्सालय के संचालन के लिए विगत 3 वर्ष में केंद्र तथा राज्य शासन द्वारा कितना बजट आवंटन किया जाता है? आय-व्यय का ब्यौरा देवें। (घ) विभाग द्वारा चिकित्सकों का संलग्नीकरण उनकी मूल पदस्थापना से हटाकर अन्यत्र किये जाने का क्या कारण है? स्पष्ट करें। वर्तमान समय में शासन द्वारा सार्थक एप्प के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराए जाने के निर्देश है I ऐसी स्थिति में ऐसे चिकित्सकों, कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज होना, जानबूझकर अनियमितता किया जाना प्रदर्शित होती है। क्या जानबूझकर, ऐसा कार्य किए जाने वालों के विरुद्ध शासन द्वारा क्या कार्यवाही की जाएगी? स्पष्ट करें।
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) वर्तमान में बालाघाट जिले में कुल 27 पशु चिकित्सालय स्वीकृत है। इन पशु चिकित्सालयों में कुल स्वीकृत पदों की संख्या 41 है, जिसमें से 13 पद रिक्त है। (ख) बालाघाट जिले के अंतर्गत स्वीकृत पशु चिकित्सालयों में 28 पशु चिकित्सकों की पद स्थापना की गई है। ग्राम पंचायत तिरोडी अंतर्गत पशु चिकित्सालय तिरोडी में 01 पशु चिकित्सक का पद स्वीकृत है। उप संचालक, पशु चिकित्सा सेवाऐं जिला बालाघाट के आदेश क्रमांक 1599/स्था./2025, बालाघाट दिनांक 23.06.2025 द्वारा पशु चिकित्सालय तिरोडी में पदस्थ डॉ बादल पटले, पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ का संलग्नीकरण जिला पशुचिकित्सालय (पालिक्लिनीक) बालाघाट में होने के कारण इस पशु चिकित्सालय का प्रभार डॉ. देवव्रत डेहरिया विकासखण्ड पशु चिकित्सा अधिकारी वारासिवनी को दिया गया है, आदेश की जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ग) बालाघाट विधानसभा अंतर्गत 04 पशु चिकित्सालय भवन है तथा 01 पशु चिकित्सालय भवन नहीं है। पशु चिकित्सालय संचालन के विगत 03 वर्ष के आय व्यय का विवरण जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (घ) डॉ. बादल पटले, पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ केएम.व्ही.एस.सी. (वेटरनरी सर्जन एवं रेडियोलाजिस्ट) होने के कारण उन्हें जिला पशु चिकित्सालय (पालिक्लिनीक) बालाघाट में कार्य करने हेतु निर्देशित किया गया है। उनके द्वारा अपनी उपस्थिति सार्थक एप के माध्यम से ही दर्ज की जा रही है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
निर्माण कार्यों की जानकारी
[लोक निर्माण]
111. ( क्र. 3004 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा सिवनी अंतर्गत विगत 2 वर्षों में विभाग द्वारा कितनी नवीन सड़कें/भवन स्वीकृत किये है, जितनों का कार्य पूर्ण हो चुका है उसकी टी.एस. एवं डी.पी.आर. की प्रतियां उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित सड़कें/भवन के निर्माण में क्या कार्यादेश जारी किया गया है एवं राशि निर्माणकर्ता एजेन्सी को जारी कर दी गई है? जानकारी दिनांक, राशि, फर्म का नाम, बिल नम्बर, व्हाउचर नम्बर सहित देवें। कार्यादेश एवं निर्माण एजेन्सी के अनुबंध की सत्यप्रति उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित सड़कें/भवन के निर्माण में यदि ठेकेदार द्वारा कार्य प्रारंभ नहीं किया है, तो उससे कितना अर्थदण्ड वसूल किया गया है अथवा उसे जिले के अन्य निर्माण कार्यों हेतु ब्लेक लिस्टेड किया गया है? यदि हाँ, तो सम्पूर्ण जानकारी देवें। यदि नहीं, तो क्यों? (घ) ठेकेदार द्वारा लापरवाही करने पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? यदि कोई कार्यवाही की गई है, तो किये गये पत्राचारों की छायाप्रति देवें। यदि नहीं, तो ऐसे अधिकारी के विरूद्ध विभाग मुख्यालय द्वारा क्या कार्यवाही की है? अवगत करावें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। टी.एस. एवं डी.पी.आर. जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। (ग) 04 कार्य पूर्ण, 02 कार्यों के कार्यादेश जारी, अतः शेष प्रश्नांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्तरांश (ग) अनुसार। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
सौर ऊर्जा संयंत्रों को अनुदान
[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]
112. ( क्र. 3008 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विदिशा जिले में कुसुम 'ए' एवं अन्य योजना से कहां-कहां सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित हैं एवं उनकी क्षमता कितनी है? संयंत्रवार एवं विकासखण्डवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कौन-कौन से व्यक्तियों किसानों, किसान समूह, समितियों, सहकारी संस्थाओं के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने हेतु आवेदन स्वीकृत हुए तथा कहां-कहां संयंत्र कार्यरत हैं? जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में सौर ऊर्जा संयंत्र से प्रति यूनिट विद्युत क्रय दर (टैरिफ) क्या निर्धारित है तथा कितनी-कितनी यूनिट कंपनी को उपलब्ध कराई जानकारी देवें। विद्युत वितरण कंपनी द्वारा 1 अप्रैल, 2018 से प्रश्नांकित दिनांक तक कितनी-कितनी राशि का कब-कब भुगतान किया गया है? वर्षवार एवं संयंत्रवार जानकारी उपलब्ध करावें।
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्ला ) : (क) पीएम कुसुम-अ विदिशा जिले में पीएम कुसुम-अ योजना अंतर्गत निष्पादित PPA की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। स्थापित सौर संयंत्र की जानकारी निरंक है। पीएम कुसुम-ब विदिशा जिले में मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना एवं पी.एम. कुसुम-बी योजनांतर्गत 891 कृषकों के यहां सोलर पंप की स्थापना की जा चुकी है। क्षमतावार संयंत्र की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना विदिशा जिले में शासकीय भवनों पर स्थापित सोलर रूफटॉप संयंत्रों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के घरेलू हितग्राहियों के सोलर रूफटॉप की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। नवकरणीय ऊर्जा नीति अंतर्गत स्थापित सौर ऊर्जा परियोजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है। इसके अतिरिक्त विदिशा जिले में एक संयंत्र ऊर्जीकृत है, जिसका विवरण निम्नानुसार है। कंपनी का नाम- मेसर्स मेड इजी एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड, संयंत्र की क्षमता- 10 मेगावाट, स्थान- ग्राम पचामा, तहसील गंजबसोदा जिला विदिशा। (ख) उपरोक्त के अतिरिक्त विदिशा जिले में कुल 1849 पात्र कृषकों के यहां सोलर पंप स्थापना हेतु कार्यादेश जारी किए जा चुके है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) कुसुम-अ योजना अंतर्गत विद्युत नियामत आयोग द्वारा Levelized trariff के अंतर्गत जो दरे निर्धारित की गई है वह रू. 3.07/यूनिट (मार्च 2024 तक) एवं 3.25/यूनिट (मार्च 2027 तक) है। MPPMCL से प्राप्त जानकारी अनुसार कुसुम-अ एवं कुसुम-स योजनांतर्गत अभी तक कोई भुगतान नहीं किया गया है। अन्य योजना के अंतर्गत ऊर्जीकृत संयंत्र द्वारा 1 अप्रैल 2018 से प्रश्नांकित दिनांक तक उपलब्ध कराई गई विद्युत ऊर्जा एवं एजेंसी को भुगतान की गई राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-फ अनुसार है।
नेवज नदी पर नवीन पुल का निर्माण
[लोक निर्माण]
113. ( क्र. 3012 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिला मुख्यालय पर कालीपीठ मार्ग पर नेवज नदी पर पुल का निर्माण कब हुआ था? (ख) क्या उक्त पुल काफी पुराना होने से जीर्णशीर्ण स्थिति में है तथा मोहनपुरा डेम का पानी छोड़ने से कभी भी पुल पर पानी आ जाने से मार्ग बंद हो जाता है, जिससे कालीपीठ एवं जिला गुना तथा राजस्थान जाने वालों को काफी घुमकर जाना पड़ता है? (ग) यदि हाँ, तो क्या सेतु निगम द्वारा क्या नेवज नदी पर नवी पुल निर्माण की स्वीकृति हुई है? (घ) यदि हाँ, तो सेतु निगम द्वारा इस पुल का निर्माण कब तक किया जावेगा बतावे?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) लगभग वर्ष 1942। (ख) जी हाँ। जी हाँ। (ग) जी हाँ। दिनांक 02.11.2025 रोड कार्य के साथ स्वीकृति प्राप्त हुई है। (घ) दिनांक 02.11.2025 को स्वीकृति प्राप्त हुई है। निविदा की कार्यवाही प्रचलन में है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
नगरीय निकायों के धारणाधिकार
[नगरीय विकास एवं आवास]
114. ( क्र. 3013 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नगरीय निकाय में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती निकायवार की जाती है? (ख) क्या प्रश्नांश (क) वर्णित इन पदों पर निकायवार नियुक्ति होने से धारणाधिकार उसी निकाय में होता है? (ग) प्रश्नांश (ख) यदि हाँ, तो फिर कर्मचारी का स्थानांतरण अन्य निकाय में किस नियम से किया जाता है? (घ) क्या कर्मचारी का धारणाधिकार उसी निकाय में होने से अन्य निकाय में एक साथ एक दिन नियुक्त हुए कर्मचारी की पदोन्नति में भिन्नता नहीं आती है, जिससे एक कर्मचारी पहले और उसी के साथ नियुक्त कर्मचारी कई वर्षों तक पदोन्नत नहीं हो पाता है? (ड.) यदि हाँ, तो क्या शासन धारणाधिकार को समाप्त करेगा? यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्यों नहीं बतावें?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) शासन द्वारा प्रतिवर्ष स्थानांतरण नीति जारी की जाती है, उक्त के अनुक्रम में ही स्थानांतरण किये जाते हैं। (घ) जी नहीं, स्थानांतरण होने से पदोन्नति एवं धारणाधिकार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। (ड.) जी नहीं, क्योंकि उक्त कर्मचारी मूलत: निकाय के कर्मचारी होते हैं। कर्मचारियों की भर्ती निकाय द्वारा की जाती है एवं उनके धारणाधिकार भी संबंधित निकाय में ही होते है।
जल टंकी एवं पाइप लाइन निर्माण कार्य
[नगरीय विकास एवं आवास]
115. ( क्र. 3015 ) श्रीमती निर्मला सप्रे [एडवोकेट] : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बीना नगर पालिका द्वारा AMRUT 2.0 योजना अंतर्गत जल टंकी एवं पाइप लाइन निर्माण कार्य नगरीय सीमा से बाहर स्थित ग्राम गुलौआ, धई एवं अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में कराया गया है? (ख) क्या बिना वैध ले-आउट/अनुमोदन वाली निजी कॉलोनियों, जैसे उज्जवल बिहार कॉलोनी एवं अन्य अवैध कॉलोनियों में निर्माण कार्य कराया गया है? यदि हाँ, तो ऐसी अवैध कॉलोनियों को योजना में शामिल करने की स्वीकृति किस अधिकारी ने दी? (ग) प्रश्नांश (क), (ख) अनुसार नगरीय क्षेत्र के बाहर इन ग्रामों, अवैध क्षेत्रों में कार्य कराने की प्रशासनिक/ तकनीकी अनुमति किस सक्षम अधिकारी द्वारा दी गई? (घ) नगरीय सीमा से बाहर ग्रामों तथा अवैध निजी कॉलोनियों में कराए गए कार्य क्या शासन की राशि के दुरुपयोग की श्रेणी में आते हैं? यदि हाँ, तो अब तक इस पर क्या विभागीय अथवा कानूनी कार्रवाई की गई? (ड.) उपरोक्त ग्रामों एवं अवैध कॉलोनियों में संबंधित कार्यों का भुगतान रोका गया है? यदि नहीं, तो नियम विरुद्ध कार्य के बावजूद ठेकेदार को भुगतान किस आधार पर किया गया? (च) उक्त प्रकरण में नगर पालिका एवं संबंधित विभागों के कौन से अधिकारी जिम्मेदार हैं? क्या उन पर कोई दंडात्मक कार्रवाई की गई? यदि नहीं, तो क्यों? (छ) क्या विभाग संबंधित क्षेत्रों में हुए समस्त निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराने पर विचार करेगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। (ख) बिना वैध लेआउट/निजी कॉलोनियों में कोई निर्माण कार्य नहीं कराया गया है। उज्जवल विहार कॉलोनी वैध कॉलोनी है, जिससे इस कॉलोनी में कार्य कराया जा रहा है। उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) नगरीय क्षेत्र के बाहर ग्रामों, अवैध क्षेत्रों में कार्य कराने की अनुमति नहीं प्रदान की गई है उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी हाँ। कोई कार्यवाही नहीं की गई है। (ड.) नगर पालिका परिषद बीना द्वारा ग्राम गुलौआ में कराये जा रहे टंकी निर्माण का कार्य रोका गया है। उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (च) परीक्षण कराया जा रहा है, उत्तरांश के अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (छ) जी हाँ।
पक्की सड़क का निर्माण
[लोक निर्माण]
116. ( क्र. 3020 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भीमगढ़ से चरगवा होते हुए जटलापुर तक सड़क निर्माण की मांग के संबंध में जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों द्वारा बार-बार याचिकाएं, ज्ञापन एवं विभिन्न माध्यमों (मीडिया/ प्रशासनिक पत्राचार) से शासन का ध्यान आकृष्ट कराया गया है? यदि हाँ, तो वर्षवार विवरण प्रस्तुत करें। (ख) उक्त सड़क के संबंध में अब तक शासन स्तर पर क्या-क्या कार्यवाही की गई है? (ग) यदि अब तक सड़क निर्माण स्वीकृत नहीं किया गया है, तो इसके क्या कारण हैं? (घ) क्या शासन द्वारा भीमगढ़–चरगवा–जटलापुर सड़क के निर्माण हेतु कोई प्रस्ताव/डी.पी.आर. विचाराधीन है? यदि हाँ, तो निर्माण कब तक प्रारंभ किया जाएगा? स्पष्ट करें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) प्रश्नधीन मार्ग विभाग के अधीन नहीं है। वर्तमान में उक्त मार्ग न तो बजट में सम्मिलित है एवं न ही विभाग की किसी अन्य योजना में स्वीकृत/प्रस्तावित है। (ग) एवं (घ) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
डिपॉजिट योजनांतर्गत ट्रांसफार्मर का प्रतिस्थापन
[ऊर्जा]
117. ( क्र. 3021 ) श्री अनिल जैन कालूहेड़ा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग अंतर्गत विद्युत वितरण कंपनी द्वारा डिपाजिट योजना में लगाए गए 100 के.व्ही.ए. के ट्रांसफार्मर की क्या प्रक्रिया है? क्या प्रक्रिया अंतर्गत सभी सुरक्षा मानकों को दृष्टिगत रखते हुए प्राक्कलन तैयार किया जाता है? (ख) यदि प्रश्नांश (क) का उत्तर हाँ है तो उज्जैन अंतर्गत चंद का कुंआ क्षेत्र के नवनिर्मित मल्टी में 100 के.व्ही.ए. का जो ट्रांसफार्मर लगाया गया है वह सुरक्षा मानकों की दृष्टि से चार्ज किया गया है? विभागीय निरीक्षण में भी लगाए गए ट्रांसफार्मर में कमियां पाए जाने पर क्या उक्त ट्रांसफार्मर को विभाग द्वारा बदलने की कोई कार्यवाही की जा रही है एवं त्रुटिपूर्ण एवं सुरक्षा मानकों को अनदेखा कर लगाए गए ट्रांसफार्मर को लगाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध विभाग कोई कार्यवाही प्रस्तावित कर रहा है?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) विभाग अंतर्गत म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इंदौर में डिपॉजिट योजना में 100 के.व्ही.ए. क्षमता के वितरण ट्रांसफार्मर लगाने हेतु उपभोक्ता के आवेदन के पश्चात स्थल का संयुक्त निरीक्षण किया जाता है। प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण करने के उपरांत किसी प्रकार की आपत्ति/आर.ओ.डब्ल्यू. की समस्या नहीं होने की स्थिति में तकनीकी साध्यता के आधार पर प्राक्कलन स्वीकृत किये जाने की कार्यवाही की जाती है। प्राक्कलन स्वीकृत किये जाने के बाद डिमांड नोट जारी किया जाता है तथा उपभोक्ता द्वारा डिमांड नोट की राशि जमा करने के उपरांत कार्यादेश जारी कर कार्य किया जाता है। डिपॉजिट योजना अंतर्गत उपभोक्ता को कार्य कराने हेतु 02 विकल्प उपलब्ध रहते हैं, प्रथम विकल्प के तहत उपभोक्ता प्राक्कलन की 100% राशि जमा कराकर कार्य विद्युत वितरण कंपनी स्तर से करवा सकता है तथा द्वितीय विकल्प के तहत उपभोक्ता प्राक्कलन की 5% सुपर विजन राशि विद्युत वितरण कंपनी में जमा करवाकर स्वयं के व्यय पर 'अ' श्रेणी विद्युत ठेकेदार के माध्यम से कार्य करवा सकता है। जी हाँ, उक्त प्रक्रिया अंतर्गत सभी सुरक्षा मानकों को दृष्टिगत रखते हुये प्राक्कलन तैयार किया जाता है। (ख) उज्जैन अंतर्गत चंद का कुआं क्षेत्र के नवनिर्मित मल्टी में 100 के.व्ही.ए. क्षमता का वितरण ट्रांसफार्मर चार्ज नहीं किया गया है एवं न ही वितरण कंपनी को हस्तांतरित किया गया है। वर्तमान कार्य उपभोक्ता द्वारा "अ" श्रेणी विद्युत ठेकेदार से करवाया जा रहा है एवं कार्य प्रगति पर है। हस्तांतरण लेने से पूर्व सभी सुरक्षा मानकों की जाँच उपरांत ही वितरण ट्रांसफार्मर को चार्ज किया जावेगा। अतःशेष प्रश्न नहीं उठता है।
लंबित छात्रवृत्ति का भुगतान
[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]
118. ( क्र. 3028 ) श्री साहब सिंह गुर्जर : क्या राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) दिनांक 20.01.2026 की स्थिति में प्रदेश के कॉलेजों में विद्यार्थियों की कितनी छात्रवृत्ति वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 की लंबित है? जिलावार विद्यार्थी संख्या एवं राशि सहित जानकारी देवें। (ख) इसके लिए वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के बजट में कितना- कितना प्रावधान किया गया था? क्या कारण है कि विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में छात्रवृत्ति का प्रावधान नहीं रखा जाता है? (ग) कब तक लंबित छात्रवृत्ति का भुगतान कर दिया जाएगा? समय-सीमा बतावें। (घ) छात्रवृत्ति भुगतान में विलम्ब के लिए उत्तरदायी अधिकारियों के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जावेगी? इस संबंध में दिनांक 01.01.2024 से 31.12.2025 तक की स्थिति में विभाग द्वारा वित्त विभाग से किए गये समस्त पत्राचार की छायाप्रति उपलब्ध करावें।
राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती कृष्णा गौर ) : (क) प्रदेश के कॉलेजों में विद्यार्थियों की वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 की लंबित छात्रवृत्ति की जिलावार विद्यार्थी संख्या एवं राशि की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) वर्ष 2024-25 में राशि रूपये 1460.00 करोड़ एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 में राशि रूपये 900.00 करोड़ का राज्यांश मद में प्रावधान किया गया है। विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में शत-प्रतिशत राशि का प्रावधान किया जाता है। (ग) छात्रवृत्ति का भुगतान सतत् प्रक्रिया है। छात्रवृत्ति भुगतान की समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (घ) महाविद्यालय/नोडल संस्था द्वारा सत्यापन उपरांत यथा समय भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है एवं कतिपय प्रकरणों में तकनीकी कारणों, ट्राजेक्शन फेल होने, परीक्षा परिणाम विलंब से आने आदि के कारण विलंब की स्थिति निर्मित होती है जिसका उत्तरदायित्व किसी अधिकारी विशेष का नहीं है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
किसानों को प्रदाय सोलर पम्प, अशंदान की जानकारी
[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]
119. ( क्र. 3029 ) श्री साहब सिंह गुर्जर : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले में कितने किसानों को सोलर पम्प योजना में शामिल किया गया है? 20.01.2026 की स्थिति में विधानसभावार संख्या देवें। (ख) इसके लिए इन किसानों से कितनी राशि अंशदान की ली गई, इनकी संख्या देवें इनमें से कितने किसानों को 60 प्रतिशत लोन राशि बैंकों से प्रदाय की जा चुकी है? उनकी संख्या विधानसभावार देवें। (ग) अंशदान कृषकों को कब तक बैंक लोन की प्रक्रिया पूरी करवाकर सोलर पम्प प्रदाय किये जाएंगे समय-सीमा देवें।
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्ला ) : (क) ग्वालियर जिले की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। विधानसभावार जानकारी अभिलेखों में उपलब्ध नहीं है। (ख) पृथक-पृथक अवधि में अंशदान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। वर्तमान में लागू प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजनांतर्गत किसानों का अंशदान 10 प्रतिशत निर्धारित है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) कार्यादेश दिनांक से 120 दिवस के भीतर सोलर पंप स्थापित किए जाने की समय-सीमा निर्धारित है।
पत्रों पर कार्यवाही
[ऊर्जा]
120. ( क्र. 3034 ) श्री नागेन्द्र सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या RDSS योजनान्तर्गत कराये जा रहे कार्यों में कार्य के पूर्व सर्वे किये जाने के आवश्यक प्रावधान हैं? यदि हाँ, तो रीवा जिले के पूर्व संभाग के वितरण केंद्र रायपुर कर्चुलियान, मनगवां, मनिकवार क्षेत्रान्तर्गत कराये जा रहे समस्त कार्यों से संबंधित सर्वे की जानकारी एवं तद्नुसार प्रश्न दिनांक तक कार्यों की भौतिक प्रगति पूर्ण, प्रगतिरत, अप्रारम्भ संबंधी विवरण उपलब्ध करायें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) से संबंधित कार्यों में वही सामग्री उपयोग की जा रही है जिसकी मटेरियल सैम्पलिंग की गई है? यदि हाँ, तो योजना के तहत लगाए गये अधिकांश विद्युत पोल टेढ़े क्यों हो रहे हैं? क्या इस हेतु प्रावधानित कांक्रीट बेस/कांक्रीट बेस प्लेट गुणवत्ताविहीन है या ज्यादातर नहीं लगाईं जा रही है? कांक्रीट बेस/कांक्रीट बेस प्लेट के किये गये भौतिक सत्यापन एवं भुगतान का विस्तृत विवरण उपलब्ध करायें। (ग) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा अतिरिक्त मुख्य सचिव, ऊर्जा विभाग, म.प्र. शासन, वल्लभ भवन भोपाल को पत्र क्रमांक 1090/rewa, दिनांक 25/12/2024 के माध्यम से श्री ज्ञानेंद्र कुमार मिश्रा द्वारा संचा/संधा संभाग मऊगंज अंतर्गत वर्ष 2020 से 2022 किये गये मेंटिनेंस कार्य के लंबित भुगतान हेतु लेख किया गया था? यदि हाँ, तो पत्र में प्रश्न दिनांक तक की गई कार्यवाही से संबंधित दस्तावेजों की प्रतियाँ उपलब्ध करायें, यदि नहीं, तो क्यों? यदि होगी तो कब तक समय-सीमा बतायें।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अंतर्गत आर.डी.एस.एस. योजना के तहत स्वीकृत कार्यों हेतु निविदा से पूर्व प्रारंभिक सर्वे संबंधित वितरण केन्द्र प्रभारी द्वारा जी.आई.एस. एप के माध्यम से किया गया है। वितरण केन्द्र मनगवां, मनिकवार एवं रायपुर कर्चुलियान अंतर्गत फीडरवार सर्वे एवं कार्यों की प्रगति से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र–'अ' अनुसार है। (ख) जी हाँ, आर.डी.एस.एस. योजनांतर्गत कार्य में उपयुक्त सामग्री की समय-समय पर सैम्पलिंग की जाती है, जिसका प्रयोग योजना के कार्यों में किया जा रहा है। उक्त योजना के तहत कतिपय स्थानों पर लगाए गये विद्युत पोल के टेढ़े हो जाने संबंधी जानकारी म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के संज्ञान में आने पर संबंधित टी.के.सी. कंपनी को सुधार हेतु लेख किया जाता है। प्रावधानित कंक्रीट बेस एवं कंक्रीट बेस प्लेट सभी पोलों में लगाई जा रही है जिसका निरीक्षण थर्ड पार्टी एजेन्सी एस.जी.एस. इंडिया प्राईवेट लिमिटेड कंपनी के द्वारा भी किया जाता है एवं सभी कार्यों का भौतिक सत्यापन म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अंतर्गत जी.आई.एस. पोर्टल में ऑनलाइन ई.एम.बी. प्रणाली के तहत किया जाता है। अत: अधिकांश विद्युत् पोल टेढ़े होने एवं प्रावधानित कांक्रीट बेस/कांक्रीट बेस प्लेट गुणवत्ता विहीन होने या नहीं लगाये जाने का प्रश्न नहीं उठता है। योजनांतर्गत समस्त कार्यों का भौतिक सत्यापन एवं भुगतान निविदा शर्तों के अनुसार किया जाता है, कांक्रीट बेस/कांक्रीट बेस प्लेट का पृथकता: भुगतान नहीं किया जाता है। उक्त के परिप्रेक्ष्य में कांक्रीट बेस/कांक्रीट बेस प्लेट के किये गये भौतिक सत्यापन एवं भुगतान का विस्तृत विवरण उपलब्ध करायें जाने का प्रश्न नहीं उठता है। (ग) जी हाँ। तत्संबंध में की गयी कार्यवाही से संबंधित दस्तावेजों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार हैं। प्रश्नाधीन मेंटेनेंस कार्यों के सत्यापन करने के लिए कार्यपालन अभियंता (सं./सं.) मऊगंज द्वारा संचालन-संधारण संभागीय स्तर पर कमेटी का गठन किया गया है। गठित कमेटी द्वारा मेंटेनेंस कार्यों का भौतिक सत्यापन करने के बाद, समिति से प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर नियमानुसार भुगतान कार्यवाही किया जाना प्रावधानित है।
भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (BCLL) के संबंध में
[नगरीय विकास एवं आवास]
121. ( क्र. 3041 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आर्य ओमनी टॉक वायरलेस साल्यूशन प्रायवेट लिमिटेड पुणे के संदर्भ में क्या नगर-निगम भोपाल के आयुक्त एवं भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने अपनी नोटशीट दिनांक 24.10.2019 द्वारा वर्ष 2019 में हुई वित्तीय हानि के लिए नगर निगम/ बीसीएलएल के जिम्मेदार अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध जांच कमेटी बनाकर कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये थे? जांच कमेटी के सदस्यों के पदवार नाम बतायें। यदि हाँ, तो दिनांक 24.10.2019 से प्रश्न दिनांक तक दोषियों के विरुद्ध जांच कमेटी द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? जानकारी प्रदान करें। (ख) मध्यप्रदेश माध्यम द्वारा वर्ष 1 january 2016 से 31 December 2020 तक भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड को जो राशि का भुगतान किया गया है, का माहवार, वर्षवार, किस मद में कितनी राशि का भुगतान किया, का गौशवारा बनाकर जानकारी प्रदाय करें। (ग) 41वीं BOD के एजेंडा क्रमांक 14 के निर्णय के संबंध में क्या विभाग द्वारा किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंपनी सेक्रेटरी अथवा विधिक सलाहकार से लिखित अभिमत लिया गया है? चूँकि उक्त विषय पर दो न्यायालयीन प्रकरण प्रचलित थे, तो क्या इस संबंध में महाधिवक्ता से परामर्श लिया गया था? यदि हाँ, तो अभिमत की प्रतियाँ देवें, यदि नहीं, तो बिना तकनीकी एवं विधिक अभिमत के निर्णय लेने का कारण स्पष्ट करें?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। कमेटी के सदस्यों के पदवार नाम की सूची एवं की गई कार्यवाही संबंध जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश अवधि में मध्यप्रदेश माध्यम से भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड को कोई राशि का भुगतान नहीं हुआ है। (ग) जी नही। एनआईटी क्र. 123 अंतर्गत चलो मोबिलिटी द्वारा जिला न्यायालय में दायर प्रकरण में दिनांक 03.09.24 को पारित आदेश में आर्बिट्रेशन के माध्यम से निराकरण किये जाने का उल्लेख किया गया था जिसके उपरांत एजेंसी चलो मोबिलिटी के साथ निष्पादित अनुबंध की कंडिका 4.48 Dispute Resolution के प्रावधान अनुसार संभागायुक्त, भोपाल आर्बिट्रेटर के रूप में नियुक्त थे। आर्बिट्रेटर सह संभागायुक्त, भोपाल के समक्ष प्रस्तुत आर्बिट्रेशन प्रकरण में चलो मोबिलिटी द्वारा प्रकरण का निराकारण अमिकेबली किये जाने संबंधी प्रस्तुत पत्र दिनांक 11.02.2025 एवं बीसीएलएल को बकाया राशि के भुगतान किये जाने के अनुक्रम में बीसीएलएल कम्पनी की 41वीं बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में प्रकरण के गुण-दोष के आधार पर ब्लैक लिस्टिंग एवं टर्मिनेशन के संबंध में निर्णय लिया गया।
फर्जी बिजली चोरी के प्रकरण
[ऊर्जा]
122. ( क्र. 3042 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिले के विकासखंड सेंवढा में दिनांक 01/04/2024 से कुल कितने किसानों पर विभाग द्वारा बिजली चोरी के प्रकरण बनाए गए ग्रामवार/नामवार सूची सहित प्रकरणों की छायाप्रति देवें। (ख) क्या यह चोरी के प्रकरण लाइनमैनों द्वारा द्वेषभावना से पांच एचपी के पंप को 10 एचपी का दर्शाकर अथवा बोर फेल हो जाने से दूसरा बोर पर दो मोटरों के कनेक्शन दर्शाकर बनाये गये हैं, यदि नहीं, तो जांच कराई जाए। (ग) क्या छोटे किसान सीमित समय के लिये बिजली आने के कारण कभी ज्यादा एचपी की मोटर डालकर तो कभी छोटे-छोटे दो पंपों से अपने खेत में सिंचाई करते हैं तो उनका चोरी का प्रकरण बनाकर लाखों रुपए जुर्माना लगाया जाता है फसल का 90% हिस्सा बिजली विभाग में जमा हो जाता है किसान को खेती में नुकसान हो रहा है, उसकी स्थिति खराब हो रही है, यदि नहीं, तो इसकी जांच कराई जाए? यदि हाँ, तो इसके लिए कोई नीति तैयार की जाए। (घ) प्रकरणों में चोरी का केस न बनाते हुए उनसे सामान्य बिल के रूप वसूल किया जाए और इनका निराकरण/संशोधन के अधिकार जिला पर दिया जाये।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) दतिया जिले के विकासखंड सेवढा में दिनांक 01.04.2024 से दिनांक 31.01.2026 तक किसानों के विरूद्ध बिजली चोरी के कुल 1174 प्रकरण दर्ज हुए हैं। जिनकी प्रश्नाधीन चाही गई ग्रामवार/नामवार सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है एवं प्रकरणों की छायाप्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ख) जी नहीं। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। (ग) जी नहीं। विद्युत अधिनियम 2003 की धाराओं का उल्लंघन पाये जाने पर दर्ज प्रकरणों में विद्युत अधिनियम 2003 में वर्णित धाराओं एवं म.प्र. विद्युत प्रदाय संहिता 2021 में दिये गये प्रावधानों के अनुसार नियमानुसार बिलिंग की जाती है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। तथापि राज्य शासन द्वारा 1 हेक्टेयर तक भूमि वाले 5 हार्सपावर तक के कृषि पंप हेतु अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के कृषकों को निःशुल्क विद्युत प्रदाय किया जा रहा है, जिसकी प्रतिपूर्ति राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को सब्सिडी के रूप में की जा रही है। उक्त के अतिरिक्त अटल कृषि ज्योति योजना के अंतर्गत 10 हार्स पॉवर तक के मीटर रहित स्थाई कृषि पंप कनेक्शनों को 750 रूपये प्रति हार्स पॉवर प्रतिवर्ष एवं 10 हार्स पॉवर से अधिक के मीटर रहित स्थाई कृषि पंप कनेक्शनों को 1500 रूपये प्रति हार्स पॉवर प्रतिवर्ष की फ्लेट दर से विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। साथ ही 10 हार्स पॉवर तक के मीटरयुक्त स्थाई कृषि पंप कनेक्शन एवं अस्थाई कृषि पंप कनेक्शनों को भी ऊर्जा प्रभार में रियायत दी गई है। निर्धारित दर से अंतर की राशि का भुगतान राज्य शासन द्वारा सब्सिडी के रूप में किया जा रहा है। (घ) उत्तरांश (ग) में उल्लेखित विनियमों के प्रावधानों के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न नहीं उठता है।
उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित किया जाना
[लोक निर्माण]
123. ( क्र. 3043 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला दतिया के नगर में पीतांबरा मंदिर के सामने से गुजरने वाले मुख्य मार्ग पर जो सी.सी. रोड का निर्माण हो रहा है, वह कितनी लागत से, कहां से कहां तक बनाया जाना है, कार्य पूर्ण होने की क्या अवधि है? प्रोजेक्ट रिपोर्ट सहित जानकारी दी जाए। (ख) उक्त रोड के टेंडर डालने के लिए ठेकेदार के पास कौन-कौन से संसाधन होने की अनिवार्यता थी? क्या ठेकेदार के पास उक्त संसाधन उपलब्ध हैं? विज्ञप्ति की छायाप्रति के साथ संसाधनों के भौतिक सत्यापन की प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध करायें। (ग) क्या एक ही सड़क को तीन हिस्सों में डालकर जोड़ लगाकर बनाया जा रहा है जिससे इसकी मजबूती कम होगी जो निकट भविष्य में जल्दी खराब हो जाएगी, साथ ही सड़क के नीचे से जो सीवर लाइन निकली है उसके मेंटेनेंस के लिए क्या व्यवस्था की गई है? (घ) क्या उक्त सड़क गुणवत्ता विहीन नियम विरुद्ध जोड़ लगाकर तीन टुकड़ों में बनाई जा रही है? क्या उक्त सड़क की कमेटी गठित कर उच्च स्तरीय जांच करने की कृपा करेंगे, यदि हाँ, तो कब तक?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जी हाँ। निविदा विज्ञप्ति एवं संसाधन सत्यापन संबंधी प्रमाणित प्रतियां अभिलेख जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 एवं 2 अनुसार है। (ग) जी हाँ। जी नहीं। मार्ग के नीचे स्थित सीवर लाइन के रख-रखाव हेतु पूर्व स्थापित चेम्बरों को सड़क सतह पर नियमानुसार समुचित स्तर पर व्यवस्थित किया गया है, जिससे आवश्यकतानुसार मरम्मत एवं रख-रखाव कार्य सुगमता से किया जा सकेगा। (घ) जी नहीं। सड़क कार्य इंडियन रोड कांग्रेस तथा भारत सरकार, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी मानको एवं दिशा-निर्देशो के अनुरूप कार्य कराया जा रहा है। अत: उच्च स्तरीय कमेटी गठित कर जांच का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
गौशालाओं का संचालन
[पशुपालन एवं डेयरी]
124. ( क्र. 3049 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले में दिसम्बर 2025 की स्थिति में गौशालाएं कहां-कहां पर संचालित है? उक्त गौशालाओं में कितना गौ-वंश उपलब्ध है? गौशालाओं का संचालन किन एजेंसीओं के द्वारा किया जा रहा है? उक्त गौशालाओं को वर्ष 2020-21 से दिसम्बर 2025 तक वर्षवार कितनी कितनी राशि कितने-कितने गौ-वंश के मान से भुगतान की गई? गौशालावार एवं विकासखण्डवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित गौशालाओं में वर्ष 2020-21 दिसम्बर 2025 तक कितने गौ-वंश किस गौशाला में उपलब्ध थे? इसका भौतिक सत्यापन कब-कब, किस-किस के द्वारा किया गया? गौशालावार जानकारी दें, की यदि गौशालाओं में गौ-वंश उपलब्ध नहीं थे तो बगैर गौ-वंश के चारा-पानी के लिए राशि क्यों एवं कैसे भुगतान की गई? (ग) प्रश्नांश (क) में वर्णित गौशालाओं में वर्ष 2020-21 से दिसम्बर 2025 कितने गौ-वंश की मृत्यु किस कारण हुई? गौशालावार, विकासखण्डवार बताएं। (घ) शिवपुरी जिले में सड़कों पर वर्ष 2020-21 से दिसम्बर 2025 तक उपलब्ध रिकार्ड के अनुसार कितने गौ-वंश की दुर्घटनाओं में मृत्यु हुई? शिवपुरी जिले में सड़कों पर जो गौ-वंश बैठा रहता है जिसके कारण आये दिन सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं इसे रोकने की एवं सड़कों पर बैठे गौ-वंश को नजदीकी गौशालाओं में भेजने की शासन की क्या योजना है?
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) शिवपुरी जिले में 134 शासकीय गौशालाएं एवं 14 अशासकीय गौशालाएं, कुल 148 गौशालाएं म.प्र. गौसंवर्धन बोर्ड में पंजीकृत है, जिनमें से 133 गौशालाएं वर्तमान में संचालित है, जिनमें वर्तमान में 19643 गौवंश उपलब्ध है। गौशालाओं का संचालन संबंधित ग्राम पंचायत द्वारा स्वयं अथवा ग्राम पंचायत के साथ गौशाला संचालन समिति (स्व सहायता समूह अथवा पंजीकृत अशासकीय समिति) से अनुबंध उपरांत किया जा रहा है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार। (ख) गौशालावार गौवंश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार। गौशाला में उपलब्ध गौवंश का भौतिक सत्यापन संबंधित कार्यक्षेत्र के पशु चिकित्सा अधिकारी (VEO/VAS) द्वारा प्रत्येक माह में किया जाता है। समस्त गौशालाओं में उपलध गौवंश का VEO/VAS द्वारा भौतिक सत्यापन के उपरांत जिला गौपालन एवं पशुधन संवर्धन समिति जिला शिवपुरी के अनुमोदन के उपरांत अनुदान राशि का प्रदाय किया जाता है। गौशालाओं में गौवंश नहीं होने पर अनुदान राशि जारी नहीं की जाती है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार। (घ) गौवंश की सड़क दुर्घटना में मृत्यु से संबंधित अभिलेख विभाग में संधारित नहीं किए जाते है। तथापि सड़क दुर्घटनाओं में दुर्घटना ग्रस्त 10 गौवंश की मृत्यु होने पर पुलिस थाना बदरवास के द्वारा चालान नंबर 219/25 दिनांक 11.09.2025 के माध्यम से मार्ग कायम किया गया है। उक्त प्रकरण क्रमांक 590/25 दिनांक 09.10.2025 के माध्यम से न्यायालय कोलारस में विचाराधीन है। जिला प्रशासन द्वारा शिवपुरी जिले में सड़के सुरक्षा समिति की प्रतिमाह बैठक आयोजित की जाती है जिसमें रेडियो कॉलरिंग एवं गौवंश के सींगो पर रेडियम टेप लगाये गए है। सड़कों पर गौवंश की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा इस संबंध में संबंधितों को पत्र भी जारी किए गए है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार। निराश्रित गौवंश का नजदीकी गौशाला में व्यवस्थापन किया जाना एक सतत् प्रक्रिया है।
ग्वालियर स्मार्ट सिटी के संबंध में
[नगरीय विकास एवं आवास]
125. ( क्र. 3053 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा सड़क निर्माण कार्यों एवं नगरीय आवास विकास विभाग के कार्यों की क्या दरें निर्धारित की गई है? शासन द्वारा जारी परिपत्र की प्रति सहित जानकारी दी जावे। (ख) सड़क निर्माण कार्यों एवं नगरीय आवास विकास विभाग के कार्यों की दरों में अंतर है, यदि हां, तो क्यों? कारण सहित जानकारी दी जावे। (ग) मार्गों की गहराई, मोटाई, चौडाई डामर/कांक्रीट की वर्ष 2019 से प्रश्न दिनांक तक तुलनात्मक दरों की जानकारी दी जावे। (घ) ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा जो लाईटे लगाई गई है, उनका कौन से एस.ओ.आर. से निविदाएं स्वीकृत/आमंत्रित की गई है? क्या रख रखाव का कार्य भी निविदा में शामिल है तथा कितने समय के लिये रख रखाव की जिम्मेदारी किसकी रहेगी? पूर्ण जानकारी प्रश्नांश (ग) में अंकित अवधि अनुसार दी जावे। (ड.) ग्वालियर शहर में कितने स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट स्वीकृत किये है, प्रत्येक प्रोजेक्ट की लागत, कार्य पूर्ण करने की समयाविधि, विलम्ब के लिये लगाई जाने वाली निर्धारित पेनेल्टी की राशि तथा लगाई गई पेनेल्टी एवं अन्य वैधानिक कार्यवाहियों का विवरण प्रश्नांश (ग) में अंकित अवधि अनुसार दिया जावे।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) म.प्र. शासन, नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा सड़क निर्माण कार्यों के लिए कोई दर निर्धारित नहीं की गई है, अपितु संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास, म.प्र. भोपाल के आदेश क्रमांक 12841, दिनांक 08.11.2025 से सड़क निर्माण कार्य की एकीकृत मानक दर अनुसूची प्रभावशील है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) सड़क निर्माण कार्यों के प्राक्कलन एकीकृत मानक दर अनुसूची के आधार पर तैयार किये जाकर निविदा आमंत्रित की जाती है, जिसमें निविदाकारों द्वारा कार्य स्थल की परिस्थितियों एवं प्रतिस्पर्धा अनुसार दरें प्रस्तुत की जाती है, निविदा में प्राप्त न्यूनतम दर को स्वीकृत किया जाता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है। (ड.) ग्वालियर स्मार्ट सिटी में कुल 78 स्वीकृत प्रोजेक्ट हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'द' अनुसार है।
छात्रवृत्ति वितरण में अनियमितता
[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]
126. ( क्र. 3054 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) ग्वालियर-चंबल संभाग में वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक छात्रवृत्ति फर्जीवाड़े से संबंधित कितनी शिकायतें जिला कार्यालयों में प्राप्त हुई है? जिलेवार शिकायतकर्ता/संस्थान का नाम सहित जानकारी दी जावे। (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में प्राप्त शिकायतों में क्या-क्या कार्यवाही की गई? प्रकरणवार अभिलेख सहित जानकारी दी जावे। (ग) प्रश्नांश (क) की अवधि में प्राप्त शिकायतों में से कितनी शिकायतें निराकरण हेतु लंबित/प्रचलित है? कारण सहित जानकारी दी जावे। (घ) प्रश्नांश (क) के संबंध में प्राप्त उक्त शिकायतों के संबंध में दोषियों के विरूद्ध विभाग द्वारा अपराधिक प्रकरण दर्ज कराने की कार्यवाही की गई हैं? यदि नहीं, तो क्यों?
राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती कृष्णा गौर ) : (क) ग्वालियर-चंबल संभाग में वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक छात्रवृत्ति फर्जीवाड़े से संबंधित केवल जिला- मुरैना में 01 शिकायत प्राप्त हुई है, जिसमें शिकायतकर्ता श्री किशन सिंह तोमर द्वारा चंबल बी.एड. महाविद्यालय की शिकायत की गई है। (ख) कलेक्टर जिला-मुरैना द्वारा प्रकरण में जांच समिति गठित की गई है एवं प्रभारी सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण जिला मुरैना के द्वारा संस्था प्राचार्य से शिकायत से संबंधी जांच प्रतिवेदन चाहा गया है। (ग) उत्तरांश (ख) के क्रम में जांच प्रतिवेदन अप्राप्त होने के कारण उक्त शिकायत वर्तमान में प्रचलित है। (घ) जी नहीं। संस्था प्राचार्य, बी.एड. महाविद्यालय जिला-मुरैना से जांच प्रतिवेदन अप्राप्त होने के कारण प्रकरण प्रचलन में है।
खलघाट खरगोन मार्ग को फोरलेन किया जाना
[लोक निर्माण]
127. ( क्र. 3064 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरगोन जिले के अंतर्गत खलबुजुर्ग से भगवानपुरा तहसील के ग्राम सरवरदेवला व्हाया कसरावद खरगोन राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 347-सी का निर्माण कार्य कब पूर्ण हुआ? इसकी वर्तमान स्थिति क्या है? इसके घटिया निर्माण को लेकर प्रश्नकर्ता द्वारा कब-कब पत्राचार किया गया? विवरण दें। (ख) क्या शासन के संज्ञान में है कि इस मार्ग पर अत्यधिक यातायात दबाव के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएँ हो रही हैं तथा आम नागरिकों की जान जोखिम में है? यदि हाँ, तो विगत पाँच वर्षों में इस मार्ग पर कितनी दुर्घटनाएँ एवं जनहानि हुई है? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार उक्त मार्ग मुंबई आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग एवं इंदौर एवं एदलाबाद मार्ग पर यातायात दबाव कम एवं इंदौर से मुंबई की दूरी भी घट सकती है, अगर हाँ, तो क्या इसका उन्नयन कर फोरलाईन बनाने की स्वीकृति प्रदान की जाएगी? (घ) क्या शासन यह स्पष्ट करेगा कि इस मार्ग को फोर लेन में उन्नत करने हेतु सड़क परिवहन, राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार नई दिल्ली से कोई पत्र प्राप्त हुआ है? अगर हाँ, तो क्या डी.पी.आर. तैयार की गई है अथवा नहीं? यदि नहीं, तो इसके लिए कौन अधिकारी जिम्मेदार हैं?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) खरगोन जिले में रा.रा. क्र. 347 सी खलघाट-कसरावद-खरगोन-सरवरदेवला (किमी. 0.00 से 79.59 कुल लंबाई 79.59 किमी.) मार्ग का निर्माण कार्य दिनांक 15.03.2023 को पूर्ण किया गया। मार्ग की स्थिति संतोषजनक है। प्रश्नकर्ता द्वारा दिनांक 01.12.2022 एवं 20.03.2025 को पत्र लिखा गया है, जिसकी प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) जी हॉं, विगत 05 वर्षों में इस मार्ग पर सड़क दुर्घटनाओं के संबंध में कार्यालय पुलिस थाना यातायात, खरगोन के पत्र दिनांक 17.02.2026 द्वारा प्रस्तुत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) जी नहीं, शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। अपितु क्षेत्रीय अधिकारी भारत सरकार सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भोपाल का पत्र प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है।
निजी महाविद्यालयों में छात्रवृत्ति की शिकायतें
[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]
128. ( क्र. 3067 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) उज्जैन संभाग के निजी महाविद्यालयों में 1 अप्रैल, 2023 के बाद किस विद्यार्थी के खाते में कितनी राशि डाली गई? महाविद्यालयवार जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) में संदर्भित निजी महाविद्यालयों में उक्त अवधि में छात्रवृत्ति से संबंधित कितनी शिकायतें महाविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ प्राप्त हुईं? किन सक्षम अधिकारियों ने इन शिकायतों की जाँच की? जाँच प्रतिवेदन की प्रतिलिपि दें। (ग) क्या जिला स्तर पर रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम न होने के कारण जाँच समितियाँ केवल कागजी कार्यवाही तक ही सीमित हैं? यदि नहीं, तो समिति/विभाग ने उक्त अवधि में किन महाविद्यालयों की मान्यता रद्द करने हेतु संबंधित विभाग को गंभीर त्रुटियों के कारण लिखा है?
राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती कृष्णा गौर ) : (क) उज्जैन संभाग के निजी महाविद्यालयों में 1 अप्रैल, 2023 के बाद पात्र विद्यार्थियों के खाते में डाली गई छात्रवृत्ति राशि की महाविद्यालयवार, वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) में संदर्भित निजी महाविद्यालयों में उक्त अवधि में छात्रवृत्ति से संबंधित कोई शिकायतें महाविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ प्राप्त नहीं हुई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जिला स्तर पर समय-समय पर विभागीय सहायक संचालक द्वारा MPTAAS पोर्टल पर छात्रवृत्ति वितरण की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाती है। उज्जैन संभाग के संबंधित जिलों में किसी भी महाविद्यालय की मान्यता रद्द नहीं की गई है।
विद्युत बिलों में बढ़ोतरी एवं उपभोक्ता संबंधी शिकायतें
[ऊर्जा]
129. ( क्र. 3068 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नीमच, मंदसौर, रतलाम जिलों में 1 जनवरी, 2023 के पश्चात विद्युत बिलों में बढ़ोत्तरी एवं उपभोक्ता संबंधी कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं? (ख) प्रश्नांश (क) में संदर्भित जिलों में प्राप्त शिकायतों में से कितनी शिकायतों पर विद्युत बिलों को कम किया गया? संख्या बताएं। (ग) उक्त जिलों में घरेलू सोलर पैनल ऊर्जा के लिए विभाग को कितने आवेदन प्राप्त हुए? कितने आवेदन किन-किन कारणों से लंबित हैं? उक्त अवधि में सोलर पैनल के माध्यम से इन जिलों में कितनी यूनिट बिजली का उत्पादन किया गया? जिलेवार जानकारी दें।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) नीमच, मंदसौर एवं रतलाम जिलों में दिनांक 1 जनवरी, 2023 के पश्चात विद्युत बिलों में बढ़ोत्तरी एवं विद्युत उपभोक्ता संबंधी प्राप्त शिकायतों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। (ख) प्रश्नाधीन जिलों में प्राप्त शिकायतों में से जिन शिकायतों में निराकरण उपरांत विद्युत बिलों की राशि को कम किया गया है, की प्रश्नाधीन चाही गयी संख्यात्मक जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। (ग) प्रश्नाधीन जिलों में घरेलू सोलर पैनल लगाने हेतु प्राप्त आवेदन, लंबित आवेदन एवं आवेदनों के लंबित होने के कारण संबंधी जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है। घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं के परिसर में स्थापित सोलर पैनल से उत्पादित बिजली की यूनिट रिकार्ड करने हेतु कोई भी मीटर नहीं लगा होता है, अपितु उपभोक्ता के परिसर में सोलर नेट मीटर स्थापित किया जाता है, जिससे उपभोक्ता द्वारा विद्युत वितरण कंपनी को निर्यात (Export) की जाने वाली विद्युत यूनिट को रिकार्ड किया जाता है। दिनांक 01 जनवरी, 2023 से दिनांक 31 जनवरी, 2026 तक की अवधि में घरेलू उपभोक्ताओं द्वारा विद्युत कंपनी को निर्यात (Export) की गई बिजली की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है।
24 घंटे विद्युत की आपूर्ति प्रदान किया जाना
[ऊर्जा]
130. ( क्र. 3070 ) श्री मोंटू सोलंकी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सेंधवा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कितने ग्रामों में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति (विद्युतीकरण कार्य पूर्ण) घोषित की गई है? ग्रामवार सूची एवं कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र की प्रतिलिपि पटल पर रखी जाए। (ख) सेंधवा विधानसभा क्षेत्र के कितने ग्रामों में अब तक 24 घंटे विद्युत आपूर्ति उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है? ग्रामवार सूची एवं अपूर्णता के कारण बताए जाएँ। (ग) क्या कुछ ग्रामों में आंशिक रूप से ही 24 घंटे विद्युत आपूर्ति उपलब्ध है तथा शेष फलियों/मजरों में विद्युत व्यवस्था अधूरी है? यदि हाँ, तो ऐसे ग्रामों की सूची पटल पर रखी जाए। (घ) प्रश्नांश (ग) के अनुसार जिन ग्रामों के शेष फलियों/मजरों में विद्युत आपूर्ति उपलब्ध नहीं है, वहाँ विद्युत अधोसंरचना पूर्ण करने हेतु क्या कार्यवाही प्रस्तावित है? कार्य पूर्ण करने की ग्रामवार संभावित समय-सीमा बताई जाए। (ड.) क्या शासन द्वारा सेंधवा विधानसभा क्षेत्र के सभी ग्रामों एवं उनकी समस्त फलियों/मजरों में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु कोई विशेष कार्ययोजना बनाई गई है? यदि हाँ, तो उसका विवरण पटल पर रखा जाए।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) सेंधवा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत समस्त 124 राजस्व ग्रामों में अपरिहार्य कारणों से आये आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर नियमानुसार कृषि प्रयोजन हेतु 10 घंटे एवं गैर कृषि प्रयोजन हेतु 24 घंटे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है, जिसकी ग्रामवार सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। प्रदेश में पूर्ववर्ती विभिन्न ग्रामीण विद्युतीकरण योजनाओं के अंतर्गत ग्रामों एवं इनके संसूचित मजरें/टोलों के विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण कराया गया था। अत: विभिन्न ग्रामीण विद्युतीकरण योजनाओं के अंतर्गत किये गये कार्यों का एकजाई पूर्णता प्रमाण-पत्र संधारित नहीं है। (ख) प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कोई भी राजस्व ग्राम 24 घंटे विद्युत आपूर्ति हेतु शेष नहीं है। अतः प्रश्न नहीं उठता है। (ग) प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नियमानुसार सभी राजस्व ग्रामों को अपरिहार्य कारणों से आये आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर गैर कृषि प्रयोजन हेतु 24 घंटे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत 124 राजस्व ग्रामों में से 09 ग्रामों (मुख्य ग्राम को छोड़कर) के 53 फलियों/मजरों/टोलों को समीपस्थ स्थित विद्युत अधोसंरचना यथा–कृषि श्रेणी के 11 के.व्ही. फीडरों से संबद्ध कर अपरिहार्य कारणों से आये आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर 10 घंटे विद्युत आपूर्ति की जा रही है, जिसकी सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है। (घ) एवं (ड.) प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत अविद्युतीकृत घरों के विद्युतीकरण हेतु केन्द्र शासन की धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान योजना के तहत 117 ग्रामों के चिन्हित 596 फलियों/टोलों में स्थित 2718 अविद्युतीकृत घरों के विद्युतीकरण का कार्य स्वीकृत किया गया है, जिसकी सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'स' अनुसार है। प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान योजना के तहत स्वीकृत कार्यों में सिंचाई फीडर से 10 घंटे विद्युत आपूर्ति करने वाले फलियों/मजरों/टोलों को भी शामिल किया गया है। उक्त कार्यों हेतु दिनांक 17.09.2025 को कार्यादेश जारी किया जा चुका है। वर्तमान में कार्य प्रगतिरत है। उक्त कार्य एक वर्ष की अवधि में पूर्ण किये जाने का लक्ष्य है।
ग्राम नक्टीरानी में गोई नदी पर पुल का निर्माण
[लोक निर्माण]
131. ( क्र. 3071 ) श्री मोंटू सोलंकी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन के संज्ञान में है कि सेंधवा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नक्टीरानी में गोई नदी पर पुल का निर्माण आज दिनांक तक नहीं हुआ है, जिससे विशेषकर वर्षा ऋतु में ग्रामवासियों का आवागमन बाधित हो जाता है तथा लोग जान जोखिम में डालकर नाव के माध्यम से नदी पार करने को मजबूर हैं? यदि हाँ, तो विवरण पटल पर रखा जाए। (ख) क्या उक्त स्थान पर पुल निर्माण हेतु लोक निर्माण विभाग द्वारा कोई सर्वेक्षण, तकनीकी परीक्षण अथवा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार की गई है? यदि हाँ, तो उसकी वर्तमान स्थिति क्या है? (ग) क्या शासन द्वारा उक्त पुल निर्माण हेतु कोई प्रशासकीय या वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है? यदि हाँ, तो स्वीकृत राशि, पुल की लंबाई, कार्य एजेंसी एवं कार्य प्रारंभ करने की तिथि बताई जाए। (घ) यदि स्वीकृति प्रदान नहीं की गई है, तो क्या शासन भविष्य में ग्राम नक्टीरानी में गोई नदी पर पुल निर्माण हेतु प्रस्ताव स्वीकृत करने पर विचार कर रहा है? यदि हाँ, तो संभावित समय-सीमा क्या है?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) प्रश्नांकित मार्ग विभाग से संबंधित नहीं है, अपितु मार्ग ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के अधीन है, ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण इकाई बड़वानी से प्राप्त उत्तर जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) से (घ) उत्तरांश (क) अनुसार।
संयंत्र का संचालन
[पशुपालन एवं डेयरी]
132. ( क्र. 3072 ) श्री मोंटू सोलंकी : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सेंधवा विधानसभा क्षेत्र में शासकीय/सहकारी दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र संचालित है? यदि हाँ, तो संयंत्र का पूर्ण पता, स्थापना वर्ष, निर्माण लागत, वर्तमान प्रसंस्करण क्षमता (लीटर प्रतिदिन), उपलब्ध मशीनरी, चिलिंग प्लांट, लैब सुविधा, FSSAI लाइसेंस की स्थिति तथा पिछले 3 वर्षों में रख-रखाव/मरम्मत एवं आधुनिकीकरण पर हुए व्यय का विवरण बतावे? (ख) संयंत्र में कार्यरत कुल कर्मचारियों की जानकारी पदनामवार दी जाए, जिसमें नियमित, संविदा एवं आउटसोर्स कर्मचारियों की संख्या, स्वीकृत एवं रिक्त पदों की स्थिति तथा सेंधवा विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय कर्मचारियों के नाम, पदनाम एवं मोबाइल नंबर सहित सूची की प्रमाणित प्रति पटल पर रखी जाए। (ग) संयंत्र द्वारा स्थानीय किसानों से दूध संग्रहण संबंधी जानकारी दी जाए, दूध विक्रय करने वाले किसानों की ग्रामवार एवं नामवार सूची, प्रतिदिन औसतन प्रदाय दूध की मात्रा (लीटर में), निर्धारित खरीद दर, भुगतान की अवधि, लंबित भुगतान (यदि कोई हो) की जानकारी की प्रमाणित प्रति पटल पर रखी जाए। (घ) संयंत्र के संचालन संबंधी अभिलेखों की जानकारी दी जाए, विगत 6 माह का दैनिक उपस्थिति रजिस्टर, दैनंदिनी (डेली लॉग बुक), दूध संग्रहण एवं उत्पादन रजिस्टर, परिवहन व्यवस्था, वाहन लॉगबुक, डीज़ल व्यय, बिजली बिल तथा पिछले 2 वर्षों के माहवार दूध संग्रहण एवं प्रसंस्करण आंकड़ों का विवरण देवें।
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) जी हाँ। जिसका पता-दुग्ध संयंत्र सेंधवा, ग्राम जामली, एबी रोड, सेंधवा जिला बड़वानी (म.प्र.) पिन कोड-451666 है। उक्त संयंत्र की वर्तमान में दूध प्रसंस्करण क्षमता 40 हजार लीटर प्रतिदिन है। संयंत्र में उपलब्ध समस्त मशीनरी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है, संयंत्र में लेब सुविधा उपलब्ध है, FSSAI लाइसेंस की स्थिति दिनांक 30.03.2026 तक वैध है, विगत तीन वर्षों में रख-रखाव/मरम्मत एवं आधुनिकीकरण पर कोई व्यय नहीं हुआ है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है, वर्तमान में किसानों को दूध की क्रय राशि रु. 820.00 प्रतिकिलो फैट के आधार पर नियमित भुगतान किया जा रहा है। (घ) दुग्ध वितरण एवं दुग्ध संकलन हेतु ई-निविदा वाहन अनुबंधित किया गया है, शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''द'' अनुसार है।
मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना का क्रियान्वयन
[नगरीय विकास एवं आवास]
133. ( क्र. 3080 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शाजापुर जिला के पोलाईकला में मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना के तहत जनवरी 2026 अनुसार किस-किस घटक में कितने प्रतिशत काम हो गया है? कार्य में निर्धारित अवधि से 55 माह अधिक लगने के कारण क्या है, प्रत्येक घटक अनुसार बताएं। डी.पी.आर. तथा अनुबंध की प्रति देवें। (ख) क्या ठेकेदार के आवेदन पर कार्य की अवधि तीन बार बढ़ाई गई है? यदि हाँ, तो इस बारे में ठेकेदार द्वारा दिए गए पत्र तथा विभाग द्वारा अवधि बढ़ाने संबंधी पत्र की प्रति समस्त संलग्न दस्तावेज सहित देवें। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित कार्य के लिए ठेकेदार द्वारा दिए गए बिल की प्रति देवें तथा किस-किस दिनांक को कितनी राशि का भुगतान किस बिल के तहत किया गया तथा जनवरी 2026 अनुसार कुल कितना भुगतान किया जा चुका है तथा कितना किया जाना शेष है? मेजरमेंट बुक (एमबी) की प्रति देवें। (घ) एशियन डेवलपमेंट बैंक द्वारा इस कार्य की राशि किस शर्त पर किस दिनांक को प्राप्त हुई थी? बैंक को कार्य की प्रगति की रिपोर्ट भेजी गयी या नहीं। यदि भेजी गई तो उसकी प्रतियां देवें। (ड.) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित कार्य के ठेकेदार फर्म का नाम तथा पता दें। इस फर्म को 2020 से 2025 तक आवंटित समस्त कार्य की सम्पूर्ण जानकारी अद्यतन स्थिति सहित बतावें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं। एशियन डेवलपमेंट बैंक द्वारा सहायतित ''मध्यप्रदेश अर्बन सर्विस इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट (एडिशनल फाईनेन्सिंग)" के अंतर्गत शाजापुर जिले के पोलाईकलां की जल प्रदाय योजना में जनवरी 2026 तक घटकवार हुये कार्य की प्रतिशतवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' पर है। नवीन जल स्त्रोत का निर्धारण, पानी की टंकियों हेतु भूमि आवंटन तथा संविदाकार द्वारा कार्य की धीमी गति के कारण विलम्ब हुआ है। डी.पी.आर. एवं अनुबंध की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' पर है। (ख) जी हाँ। संविदाकार द्वारा दिये गये आवेदन पत्र एवं अवधि बढ़ाये जाने के पत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'स' पर है। (ग) जनवरी 2026 तक ठेकेदार को किये गये कुल 7 चल देयक एवं 7 प्राइस एडजेस्टमेंट देयकों का कुल राशि रू. 4,04,92,658/- का भुगतान किया गया है। शेष कार्यों का वास्तविक कार्य के निष्पादन का मूल्यांकन आधार पर देयक द्वारा भुगतान किया जायेगा। अनुबंध अनुसार अनुमानतः राशि रू. 16.10 करोड़ का डिजाइन बिल्ड कार्य किया जाना शेष है। सारांश माप पुस्तिका पर दर्ज देयकों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'द' पर है। (घ) योजना एशियन डेवलपमेंट बैंक द्वारा सहायतित ''मध्यप्रदेश अर्बन सर्विस इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट (एडिशनल फाईनेन्सिंग)" में सम्मिलित है। एशियन डेवलपमेंट बैंक द्वारा सम्पूर्ण परियोजना के लिये ऋण के रूप में राशि दी गयी है, जिसमें योजना की लागत का 70 प्रतिशत ऋण है एवं शेष 30 प्रतिशत राज्यांश है। उक्त ऋण अनुबंध दिनांक 29.12.2020 से प्रभावशील है। बैंक को कार्य की त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट प्रारंभ से ही प्रेषित की जा रही है, जिनकी प्रतियाँ पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ई पर है। (ड.) संविदाकार का नामः- मेसर्स तापी प्रेस्ट्रेस्ड प्रोडक्ट लिमिटेड तथा मेसर्स जैन इंजीनियरिंग वर्क्स (संयुक्त उद्यम), पताः-प्रकृति कॉर्पोरेट, 6 वी मंजिल बी- ब्लॉक, 18/2वाय.एन. रोड़ इंदौर (म.प्र.) है। वर्ष 2020 से वर्ष 2025 तक कोई भी कार्य आवंटित नहीं किया गया है।
MPRDC अंतर्गत निर्मित सड़क
[लोक निर्माण]
134. ( क्र. 3081 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नागदा से गोगापुर मार्ग गारंटी अवधि में होने के पश्चात प्रश्न दिनांक तक संधारण का कार्य क्यों नहीं किया जा रहा है? क्या उक्त मार्ग पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त होकर दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है? (ख) बताएं कि विगत 02 वर्षों में कितनी बार पत्राचार के माध्यम से अवगत करने के पश्चात संधारण कार्य नहीं किया जा रहा है? इस हेतु कौन जिम्मेदार है? क्या विभाग द्वारा संबंधित ठेकेदार को कार्य किए जाने हेतु कोई नोटिस जारी किए गए है? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) कब तक संधारण का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा? यदि नहीं, तो क्यों? क्या संधारण कार्य समयावधि में नहीं करने पर संबंधित ठेकेदार पर कोई कार्यवाही की जाएगी?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) नागदा से गोगापुर मार्ग लंबाई 14.98 कि.मी. बीओटी (एन्यूटी) योजना अंतर्गत कन्सेशन अवधि में है एवं निवेशकर्ता कंपनी द्वारा अनुबंधानुसार संधारण का कार्य न करने के कारण निगम द्वारा अनुबंध के प्रावधानों के अनुसार नोटिस जारी किए गए है। जी नहीं, मार्ग मोटरेबल स्थिति में है। अत: शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) माननीय विधायक जी द्वारा दिनांक 12.01.2026 के पत्र के माध्यम से मरम्मत कार्य करने के निर्देश प्रदान किये गये थे तथा संधारण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। कन्सेशन अवधि में मार्ग पर संधारण की संपूर्ण जवाबदेही संबंधित निवेशकर्ता की है। जी हाँ, कुछ स्थानों पर सड़क की मरम्मत गुणवत्ता पूर्ण नहीं होने के कारण अनुबंधानुसार नोटिस दिए गए है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ, मार्ग पर निवेशकर्ता द्वारा संधारण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। अत: शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जी हाँ, अनुबंधानुसार समयावधि में कार्य पूर्ण न करने पर कंसेशनायर से क्षतिपूर्ति राशि वसूल किये जाने का प्रावधान है।
नगरीय विकास एवं आवास की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
135. ( क्र. 3084 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रतलाम में विगत दो वर्ष में नगर निगम/नगर पालिका/नगर परिषद क्षेत्र में कौन-कौन सी योजनाएँ एवं विकास कार्य स्वीकृत एवं संचालित किए गए हैं? योजनावार एवं वर्षवार जानकारी बतावें। उक्त अवधि में कुल कितनी प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृतियाँ प्रदान की गई, कुल स्वीकृत राशि, व्यय की गई राशि तथा शेष राशि कितनी है? निकायवार जानकारी बतावें। (ख) जिला रतलाम में विगत 02 वर्ष में कितने कार्य पूर्ण किए गए, कितने कार्य प्रगतिरत हैं तथा कितने कार्य लंबित हैं? अधूरे कार्यों के कारण, अवधि एवं उत्तरदायी अधिकारी/ठेकेदारों के नाम सहित जानकारी बतावें। (ग) उक्त अवधि में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) एवं अन्य आवासीय योजनाओं के अंतर्गत कितने आवास स्वीकृत हुए, कितने पूर्ण हुए, कितने अपूर्ण हैं तथा कितने हितग्राहियों को राशि वितरित की गई? निकायवार जानकारी बतावें। (घ) क्या वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक विभाग के अंतर्गत अनियमितता, भ्रष्टाचार, गुणवत्ता में कमी या वित्तीय गड़बड़ी की कोई शिकायत/जांच दर्ज की गई है? यदि हाँ, तो प्रकरणवार जांच की स्थिति, दोषी अधिकारियों/ कर्मचारियों/ठेकेदारों के नाम एवं उनके विरुद्ध की गई कार्यवाही की जानकारी बतावें। जिला रतलाम के नगरीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं (सड़क, नाली, जलप्रदाय, सीवरेज, प्रकाश व्यवस्था, आवास) के सुदृढ़ीकरण हेतु भविष्य में कौन-कौन से प्रस्ताव स्वीकृत/प्रस्तावित हैं?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''द एवं य'' अनुसार है।
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की जानकारी
[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]
136. ( क्र. 3085 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला रतलाम के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में 2018 से प्रश्न दिनांक तक नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा संचालित शासकीय योजनाओं (जैसे—सोलर पंप, सोलर प्लांट, अन्य नवीकरणीय ऊर्जा योजनाएँ) के अंतर्गत किसानों को लाभ प्रदान किया गया है? यदि हाँ, तो वर्षवार एवं योजनावार जानकारी बतावें की कितने किसानों को उक्त योजनाओं का लाभ दिया गया है? प्रत्येक योजना में स्वीकृत एवं व्यय की गई राशि कितनी है? लाभान्वित किसानों की विकासखंड/ग्रामवार संख्या कितनी है? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित योजनाओं का लाभ आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में किसानों को नहीं दिया गया है या अपेक्षित संख्या में नहीं दिया गया है, तो इसके क्या कारण हैं? क्या विभाग द्वारा प्रचार-प्रसार, लक्ष्य निर्धारण अथवा क्रियान्वयन में कोई कमी पाई गई है? (ग) क्या आदिवासी बाहुल्य एवं कृषि-प्रधान क्षेत्रों में किसानों की आय बढ़ाने हेतु नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा योजनाओं का विस्तार किए जाने का कोई प्रस्ताव शासन के विचाराधीन है? यदि हाँ, तो प्रस्तावित योजना, लक्ष्य एवं समय-सीमा बतावें, नहीं तो कारण स्पष्ट बतावें।
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्ला ) : (क) प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम कुसुम) घटक-ब की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। योजनांतर्गत राशि व्यय से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। पीएम कुसुम घटक स एवं सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना का क्रियान्वयन पूरे रतलाम जिले सहित पूरे प्रदेश के लिए निविदा के माध्यम से क्रियान्वयन किया जात है। रतलाम जिले में पात्र किसान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। परियोजना की राशि स्वयं किसान द्वारा व्यय की जाती है। भारत सरकार की सूर्य घर मुफ्त बिजली योजा घरेलू हितग्राहियों हेतु संचालित है, जिसमें पोर्टल के माध्यम से किसान भी आवेदन कर सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित करवा सकता है। भारत सरकार के पोर्टल पर किसानों हेतु पृथक से जानकारी प्रदर्शित नहीं होती है। रतलाम जिले की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में पीएम कुसुम-अ योजनांतर्गत हितग्राही का चयन मुख्यत: किसान/विकासक श्रेणी में ऑनलाईन आवेदन पद्धति से प्राप्त किया जाता है, जिसके संबंध में प्रचार-प्रसार निगम की अधिकृत वेबसाइट (www.mpuvn.mp.gov.in) पर समय-समय पर किया जाता है। परियोजना से संबंधित सामान्य जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है। पीएम कुसुम-ब योजनांतर्गत प्रश्नांश (क) में कृषक संपूर्ण उल्लेखित योजनाओं का लाभ संपूर्ण प्रदेश में समान रूप से दिया गया है। प्रश्नांश (क) के संदर्भ में पीएम कुसुम घटक स एवं सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना का क्रियान्वयन निविदा के माध्यम से होता है, जिसमें मापदण्ड अनुसार कृषक अथवा विकास का चयन होता है। भारत सरकार की सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना घरेलू हितग्राहियों हेतु पोर्टल के माध्यम से संचालित की जा रही है, जिसमें किसान भी योजनानुसार आवेदन कर सकते है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) पीएम जनमन एवं धरती आबा (DA-JGUA) योजनाएं केवल विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूह (PVTG) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) क्षेत्रों में क्रियान्वित की जा रही है। शेष योजनाएं संपूर्ण प्रदेश में समान रूप से लागू है।
दस्तावेज उपलब्ध कराना तथा कार्यवाही
[नगरीय विकास एवं आवास]
137. ( क्र. 3088 ) श्री महेश परमार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) न.प. खिलचीपुर के संबंध में मा. सदस्यों द्वारा वर्ष 2020 से आज दिनांक तक कितने और कौन से मामले विधानसभा में ध्यानाकर्षण, तारांकित, अतारांकित, याचिकाएं द्वारा प्रस्तुत हुए? विस्तार से बताएं। पीएस स्तर से समीक्षा कर सभी के क्रमांक पूर्ण उतर आश्वासन, जांच पर हुई कार्यवाही का आज तक का पूर्ण विवरण देवें। क्या सभी पर कार्यवाही पूर्ण और मौके पर हुई या अधूरी है? कारण सहित बताए? (ख) क्या प्रश्नांश (क) अनुसार वि.स. सत्र दिसम्बर 2024 प्रश्न 194, वि.स. आश्वासन क्रमांक 116 पार्षदों के चलित प्रस्ताव संलग्न सभी बिंदुओं व प्रश्नांश (क) अन्य प्रश्न क्रमांक 1108, उत्तर दिनांक 5/12/2025, प्रश्न क्रमांक 497, 194, 1539 सदन उत्तर दिनांक 19/12/2024, प्रश्न 1491, उत्तर दिनांक 17/03/25 उठे मामलों जैसे बाउंड्रीवाल, नियम विरुद्ध दे.वे.भो. कर्मचारियों, देवीसिंह दांगी ई-अटेंडेंस जारी, पेयजल लाइन, विभिन्न निर्माण, नियम विरुद्ध संचालन की शिकायतों पर अधूरी जांच और पूर्ण कार्यवाही क्यों नहीं की गई? एक-एक बिंदुओं पर जांच, और कार्यवाही कब होगी? देरी क्यों, कौन दोषी? क्या कार्यवाही करेंगे। समय-सीमा सहित विस्तार से बताए। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार कलेक्टर श. वि.पत्र क्र. 1156 दि. 22/12/25, टीएल न. 17187, दि. 10/11/25 एवं पीओडूडा, आयुक्त, जेडी, कार्यपालन यंत्री, प्रमुख अभियंता,स्तर पर कितनी शिकायतें/पत्र लंबित है? वार्ड 7, 9,11 की सड़के, नगर के द्वारों पर पत्थर कार्य की कब तक पूरी जांच, और दोषियों पर क्या कार्यवाही होगी? पूर्ण विवरण आयुक्त द्वारा समीक्षा कर समय-सीमा सहित विस्तार से बताएं।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगर परिषद खिलचीपुर, जिला-राजगढ़ के संबंध में वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक माननीय विधानसभा सदस्यों के प्राप्त ध्यानाकर्षण, तारांकित, अतारांकित याचिकाओं एवं तत्संबंध में की गई कार्यवाही की विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" अनुसार है। (ख) विधानसभा प्रश्नवार कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" अनुसार है। लंबित शिकायतों की जांच की कार्यवाही प्रचलित है, अतः समय-सीमा एवं दोषी के संबंध में जानकारी दिया जाना संभव नहीं है। (ग) कार्यालय कलेक्टर (शहरी विकास) जिला राजगढ़ (ब्यावरा) म.प्र. का पत्र क्र./1156/डूडा/2025 राजगढ़, दिनांक 22.12.2025 से नगर परिषद खिलचीपुर में वार्ड क्र.07 में नवनिर्मित सी.सी. रोड़ निर्माण कार्य की जांच हेतु कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा जिला-राजगढ़ को लेख किया गया है, जांच प्रतिवेदन अप्राप्त है। टीएल नं. 17187, दि. 10.11.2025, वार्ड क्र.12 की विभिन्न गलियों में निकाय को प्राप्त तकनीकी स्वीकृति अनुसार पेवर्स ब्लॉक रोड़ निर्माण कार्य कराये जाने हेतु निकाय द्वारा प्रकरण परिषद की आगामी सम्मेलन में रखा जाकर परिषद निर्णय अनुसार अग्रिम कार्यवाही की जा सकेगी। वार्ड क्र. 07 की सी.सी.रोड निर्माण के संबंध में जांच कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग राजगढ़ के कार्यालय में प्रचलित है। वार्ड क्र. 09 एवं 11 की सड़क तथा द्वारों पर पत्थर कार्य के संबंध में जानकारी निकाय को प्राप्त नहीं हुई है। नगर परिषद खिलचीपुर, से संबंधित शिकायतें/पत्रों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" अनुसार है। लंबित शिकायतों की जांच की कार्यवाही प्रचलित है, अतः समय-सीमा एवं दोषी के संबंध में जानकारी दिया जाना संभव नहीं है।
टोल वसूली संबंधी जानकारी एवं रिकॉर्ड उपलब्ध कराना
[लोक निर्माण]
138. ( क्र. 3089 ) श्री महेश परमार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बीओटी, बीओटी (टोल प्लस एन्युटी), ओएमटी, यूजर फी, तथा अन्य कैटेगरी की टोल रोड की, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग, जिला मार्ग तथा ग्रामीण मार्ग अनुसार,प्रत्येक कैटेगरी में अलग-अलग जनवरी 2026 अनुसार, संख्या, कुल लंबाई, लागत तथा प्रारंभ से 31 जनवरी, 2026 तक वसूले गये कुल टोल की जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित समस्त कैटेगरी की टोल रोड का नाम अनुसार बतावें कि टोल प्रारंभ से 31 जनवरी, 2026 तक कितनी दुर्घटना हुई, कितने व्यक्ति घायल हुए तथा कितने व्यक्ति मृत्यु हुए तथा किस सड़क पर कितने ब्लैक स्पॉट है। (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित समस्त टोल रोड अनुसार टोल प्रारंभ से 31 जनवरी, 2026 तक वसूली गई कुल टोल राशि बतावें। (घ) किस-किस सड़क पर टोल एम.पी.आर.डी.सी. द्वारा किस दिनांक से क्यों वसूला जा रहा है तथा 31 जनवरी, 2026 को टोल गेट पर दोनों और किस एजेंसी का नाम लिखा हुआ है। (ड.) इंदौर उज्जैन तथा भोपाल बायपास टोल रोड पर निवेशक का नाम तथा लागत तथा टोल प्रारंभ की दिनांक, निवेशक द्वारा वसूला गया कुल टोल कितना है। निवेशक को टोल वसूली किस दिनांक से निलंबित किया गया, एम.पी.आर.डी.सी. किस दिनांक से टोल वसूल रहा है तथा 31 जनवरी, 2026 तक वसूला गया कुल टोल कितना है।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार। एम.पी.आर.डी.सी. द्वारा 43 मार्गों पर टोल यूजर फी योजनातंर्गत जारी टोल अधिसूचना अनुसार वसूल किया जा रहा है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार।
उज्जैन गरोठ 4 लेन मार्ग में आवागमन
[लोक निर्माण]
139. ( क्र. 3092 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या उज्जैन गरोठ 4 लेन मार्ग परिवहन हेतु प्रारम्भ किया गया है या नहीं जानकारी देवें एवं उक्त मार्ग निर्माण कार्य विभाग की सम्पूर्ण नियम एवं शर्तों (गाईड लाईन) का पालन किया जाकर निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है या नहीं, कार्य प्रारम्भ होने की दिनांक की जानकारी देवें? (ख) क्या वर्तमान में उज्जैन गरोठ 4 लेन पर टोल लेना प्रारम्भ कर दिया गया है? यदि हाँ, तो कितने टोल पॉइंट स्थापित कर, किस दिनांक से टोल लेना प्रारम्भ कर दिया है प्रश्न दिनांक तक कितनी टोल वसूली हुई है स्थान, दिनांक, टोल पॉइंट की राशि सहित पृथक-पृथक जानकारी देवें? (ग) वर्तमान में इस मार्ग में कितने बड़े एवं छोटे ब्रिज (पुलियां) का निर्माण पूर्ण होकर उपयोग में आ रहे है कितने निर्माण कार्य प्रगतिरत है एवं कितनी पुलियां के यहां पर वाहन को ब्रिज के यहां एवं अन्य स्थानों पर अचानक बाउन्स होकर स्पीड मेंटेन करने एवं वाहन को बैलेंस करना पड़ता है जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है ऐसे स्थानों के नाम बतावें? (घ) उपरोक्त मार्ग में कितने स्थानों पर मरम्मत का कार्य किया गया है? स्थान एवं मरम्मत का स्क्वायर फिट बतावें?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) लोक निर्माण विभाग से संबंधित नहीं है, अपितु भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से सबंधित है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से प्राप्त उत्तर संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) से (घ) उत्तरांश (क) अनुसार।
मुम्बई दिल्ली 8 लेन राष्ट्रीय मार्ग
[लोक निर्माण]
140. ( क्र. 3093 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिल्ली मुम्बई 8 लेन मार्ग के अंतर्गत मध्यप्रदेश में आने वाले मार्ग की लम्बाई की जानकारी देवें? (ख) उपरोक्त मार्ग में मध्यप्रदेश में कितनी कनेक्टिविटी कितनी-कितनी दूरी पर दी गई है कनेक्टिविटी के स्थान का नाम एवं एक स्थान से दूसरे स्थान के बीच दूरी की जानकारी देवें एवं ऐसे स्थान जहां पर कनेक्टिविटी दी गई है, जिन महत्वपूर्ण स्थानो पर कनेक्टिविटी नहीं दी गई है, कनेक्टिविटी देने एवं नहीं देने के कारण की जानकारी देवें? (ग) क्या सुवासरा विधानसभा के दीपाखेड़ा के बाद बर्डिया अमरा के मध्य निर्माणाधीन ब्रिजो पर निम्न महत्वपूर्ण मार्गों के ब्रिजों पर परिवहन एवं क्षेत्र की सुविधा हेतु 01. मंदसौर जिला मुख्यालय से जोड़ने वाले मार्ग (सुरजनी), 02. अरनिया बसई (खेताखेड़ा), 03. कुरावन मेलखेडा (हरिपुरा), 04. चंदवासा मेलखेडा मेन मार्ग पर जनता की सुविधा एवं शासन के और अधिक लाभ हेतु सर्वे एवं जांच कराकर कनेक्टिविटी दी जा सकती है? (घ) प्रश्नांश (ग) में स्थानों पर सर्वे कराकर दो स्थानों पर कनेक्टिविटी जनहित में कब तक स्वीकृति प्रदान की जा सकेगी?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) प्रश्नांकित मार्ग लोक निर्माण विभाग के कार्य क्षेत्रांतर्गत नहीं है, अपितु मार्ग भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधीन है, उनसे प्राप्त उत्तर संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) से (घ) उत्तरांश (क) के अनुसार।
विभागीय कार्यों की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
141. ( क्र. 3096 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन/विभाग द्वारा केंद्र/राज्य परिवर्तित योजना के साथ ही निकायों की स्थानीय निधि के द्वारा भी आमजन की मूलभूत अधोसंरचना हेतु अनेक कार्य किये जा रहे हैं? (ख) यदि हाँ, तो वर्ष 2020 से लेकर प्रश्न दिनांक तक रतलाम जिला अंतर्गत विभिन्न निकायों द्वारा वर्षवार किस प्रकार की कार्य योजना बनाई जाकर किस-किस प्रकार के कार्य स्वीकृत किए? निकायवार जानकारी दें। (ग) उल्लेखित वर्षों में प्रारंभ हुए कितने कार्य पूर्ण रहे, कितने अपूर्ण रहे, कितने अप्रारंभ रहे तो किन कारणों से? गुणवत्ताविहीन कार्यों एवं निर्धारित समयावधि में कार्यों को नहीं किए जाने की स्थिति में शासन/विभाग द्वारा क्या किया गया? (घ) निकाय द्वारा स्वीकृत कार्यों के भौतिक सत्यापन किन-किन सक्षम अधिकारियों/जांच टीम इत्यादि के द्वारा कब-कब किए गए एवं दोषी फर्म/एजेंसी/ठेकेदारों से संबंधित क्या कार्यवाही की गई?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। (ख) से (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
क्षेत्रीय मूलभूत कार्य
[लोक निर्माण]
142. ( क्र.
3097 ) डॉ.
राजेन्द्र
पाण्डेय : क्या
लोक निर्माण
मंत्री महोदय
यह बताने की कृपा
करेंगे कि (क) क्या
शासन/विभाग
द्वारा वर्ष 2020-21
से लेकर प्रश्न
दिनांक तक
रतलाम जिला
अंतर्गत
शासकीय भवनों
की मरम्मत, जीर्णोंद्धार, रंगाई
पुताई के साथ
ही
क्षतिग्रस्त
भवनो को चिन्हित
कर ध्वस्त भी
किया गया? (ख) यदि
हाँ,
तो
विकासखंडवार
किन-किन
विभागों के
शासकीय भवनों
के संदर्भ में
कितना-कितना
बजट स्वीकृत किया
जाकर किन-किन
कार्यों पर
कितना व्यय
हुआ? (ग)
जिला
अंतर्गत
विभिन्न
विभागों के
विगत के वर्षों
से रिक्त पड़े
होकर जर्जर
भवन जो क्षतिग्रस्त
किये जाने की
स्थिति में
विकासखंडवार क्या
उन्हें
चिन्हित किया
जाकर आगामी
कार्य योजना
बनाई गई तो
विकासखंडवार
उक्ताशय के भवनों
हेतु क्या
किया जाएगा? (घ) जिला
अंतर्गत
विभिन्न
विभागों के
विभागीय नवीन
भवन इत्यादि
बन जाने से
क्या रिक्त
हुए भवनों को
भी सूचीबद्ध
किया गया तथा
उनके आगामी क्या
उपयोग किया जा
सकेगा एवं
पुराने तथा
क्षतिग्रस्त
डाक बंगलो, विश्राम
गृहों के
मरम्मत, जीर्णोंद्धार
एवं नवीन भवन
निर्माण हेतु
क्या किया जा
रहा है?
लोक
निर्माण
मंत्री ( श्री
राकेश सिंह ) : (क) विभाग
के द्वारा लोक
निर्माण
विभाग व
न्यायालय
विभाग के गैर
आवासीय तथा
विभिन्न
विभागों के
शासकीय
आवासों की
रंगाई पुताई, मरम्मत, जीर्णोंद्धार
का कार्य किया
गया है। साथ
ही विभिन्न
विभागों से
प्राप्त
जीर्ण-शीर्ण
भवनों का
निरीक्षण
उपरांत प्रतिवेदन
प्रस्तुत
किया गया है, ध्वस्तिकरण
की कार्यवाही
संबंधित
विभागों द्वारा
ही की गई है। (ख)
जानकारी पुस्तकालय में
रखे परिशिष्ट
अनुसार
है। (ग)
लोक
निर्माण
विभाग संभाग
रतलाम
अंतर्गत ऐसी कोई
कार्य योजना
प्रचलन में
नहीं है। (घ) वर्तमान
में कोई
कार्यवाही
प्रचलन में
नहीं है।
मजरे-टोले एवं बसाहटों में 24 घंटे विद्युत का प्रदाय
[ऊर्जा]
143. ( क्र. 3105 ) श्री चन्द्रशेखर देशमुख : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुलताई विधान सभा में मजरे-टोले तथा नवीन बसाहटें कितनी हैं? (ख) ग्रामीण, मजरे-टोले, बसाहटों में 24 घंटे ऊर्जा देने की क्या प्रावधान है? (ग) क्या इन बसाहटों के लिये शासन द्वारा कोई नीति बताई गई है? (घ) यदि हाँ, तो कब तक इन बसाहटों की ऊर्जाकरण किया जावेगा?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) मुलताई विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत समस्त 254 राजस्व ग्राम एवं इनके संसूचित 358 मजरे/टोले/बसाहटें पूर्ववर्ती ग्रामीण विद्युतीकरण योजनाओं के अंतर्गत विद्युतीकृत हैं। उल्लेखनीय है कि नये घरों/बसाहटों का बनना एक सतत् प्रक्रिया है। उक्त के परिप्रेक्ष्य में राज्य शासन के पत्र दिनांक 05.05.2025 एवं पत्र दिनांक 07.05.2025 के माध्यम से अविद्युतीकृत घरों/बसाहटों के विद्युतीकरण के लिए विस्तृत सर्वे हेतु दिशा-निर्देश दिए गये हैं, जिनमें 5 घरों से अधिक की अविद्युतीकृत एवं आंशिक रूप से विद्युतीकृत बसाहटों को विद्युतीकरण हेतु शामिल किया जाना है। उक्त दिशा-निर्देश के अनुरूप म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अन्तर्गत विस्तृत सर्वे अनुसार प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत पात्र 02 बसाहटों में विद्युतीकरण हेतु सर्वे कार्य पूर्ण किया गया है, जिसकी जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) राज्य शासन द्वारा दिनांक 14 मई, 2010 को विधानसभा में संकल्प-2013 पारित किया गया था, जिसके तहत प्रदेश के समस्त घरेलू सहित सभी गैर कृषि उपभोक्ताओं को 24 घंटे एवं कृषि उपभोक्ताओं को कृषि प्रयोजन हेतु 08 घंटे (वर्तमान में राज्य शासन की मंशानुसार 10 घंटे) विद्युत प्रदाय किये जाने का प्रावधान है। तद्नुसार प्रदेश में वर्तमान में समस्त राजस्व ग्रामों एवं उनके समीपस्थ गैर कृषि 11 के.व्ही. फीडरों से संयोजित चिन्हित मजरों/टोलों/बसाहटों में निवासरत परिवारों को अपरिहार्य कारणों से आए आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर औसतन प्रतिदिन 24 घंटे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। (ग) राज्य शासन के पत्र दिनांक 05.05.2025 एवं पत्र दिनांक 07.05.2025 के माध्यम से अविद्युतीकृत घरों/बसाहटों के विद्युतीकरण के लिए विस्तृत सर्वे हेतु दिशा-निर्देश दिए गये हैं, जिनमें 5 घरों से अधिक की अविद्युतीकृत एवं आंशिक रूप से विद्युतीकृत बसाहटों को विद्युतीकरण हेतु शामिल किया जाना है। (घ) उत्तरांश (क) में उल्लेखित विद्युतीकरण से वंचित 02 बसाहटों के विद्युतीकरण का कार्य भविष्य में केन्द्र एवं राज्य शासन की विद्युतीकरण योजना के प्रचलन में आने पर योजना के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पात्र बसाहटों/घरों के विद्युतीकरण का कार्य वित्तीय उपलब्धता अनुसार कराया जायेगा।
मजरे टोलों में विद्युत प्रदाय करने विषयक
[ऊर्जा]
144. ( क्र. 3107 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र खातेगांव के अंतर्गत 10 घंटे विद्युत प्रदाय किये जाने हेतु कितने कार्य स्वीकृत हुए और कहां-कहां हुए नाम बतावें। (ख) बसाहटों में 24 घंटे वाली लाइट दिये जाने का क्या-क्या प्रावधान है? क्या विभाग द्वारा 24 घंटे वाली लाइट बसाहटों के लिए स्वीकृत की गई है? (ग) खातेगांव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सत्र 2025 से प्रश्न दिनांक तक किन-किन मजरे-टोलों में 24 घंटे वाली लाइट की विभाग द्वारा स्वीकृति दी गई है। नाम बतायें एवं संख्या। (घ) उक्त स्वीकृति के पश्चात् किन-किन मजरे-टोले में काम किया गया है मजरे-टोलों के नाम बतायें।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) विधानसभा क्षेत्र खातेगांव के अंतर्गत 10 घंटे विद्युत प्रदाय (कृषि कार्य हेतु) किये जाने हेतु एस.एस.टी.डी. योजना अंतर्गत 21 कार्य स्वीकृत हुए हैं, जिनकी ग्रामवार सूची संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। (ख) राज्य शासन द्वारा दिनांक 14 मई, 2010 को विधानसभा में संकल्प-2013 पारित किया गया था, जिसके तहत प्रदेश के समस्त घरेलू सहित सभी गैर कृषि उपभोक्ताओं को 24 घंटे एवं कृषि उपभोक्ताओं को कृषि प्रयोजन हेतु 08 घंटे (वर्तमान में राज्य शासन की मंशानुसार 10 घंटे) विद्युत प्रदाय किये जाने का प्रावधान है। तद्नुसार प्रदेश में वर्तमान में समस्त राजस्व ग्रामों एवं उनके समीपस्थ गैर कृषि 11 के.व्ही. फीडरों से संयोजित चिन्हित मजरों/टोलों/बसाहटों में निवासरत परिवारों को अपरिहार्य कारणों से आए आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर औसतन प्रतिदिन 24 घंटे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। जी हाँ। (ग) प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2024-26 से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में 56 मजरा/टोला/बसाहटों को 24 घंटे विद्युत प्रदाय किये जाने हेतु वर्तमान में संचालित केन्द्र शासन के धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत राशि रू. 397.52 के कार्य स्वीकृत किये गये हैं। उक्त मजरा/टोलो/बसाहटों की सूची संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है। (घ) उक्त कार्यों में से ग्राम खिवनी में 01, ग्राम मचवास में 02 एवं ग्राम ककडदी में 01 मजरा/टोला/बसाहटों के विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण हुआ है एवं शेष कार्य प्रगतिरत है, जिसकी सूची संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है।
छात्रावासों में व्यय की जाने वाली राशि
[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]
145. ( क्र.
3123 ) श्री
नरेन्द्र
सिंह कुशवाह : क्या
राज्यमंत्री, पिछड़ा
वर्ग एवं
अल्पसंख्यक
कल्याण
महोदया यह
बताने की कृपा
करेंगी कि (क) भिण्ड
जिले के भिण्ड
विधानसभा
क्षेत्र
अंतगर्त
विभाग द्वारा
कौन-कौन सी
योजनाओं का
संचालन किया
जा रहा है, योजनाओं
का नाम, व्यय राशि
तथा
लाभार्थियों
की संख्या, संचालन
ऐजेंसी का नाम
व स्थान की
जानकारी प्रदान
करने का कष्ट
करें। (ख) भिण्ड
विकासखण्ड
अंतगर्त
संचालित
छात्रावास/मदरसा
की कुल संख्या लाभार्थियों
की संख्या
कार्यपालन
एजेंसी व नाम
व स्थान एवं
व्यय राशि का
समस्त विवरण
उपलब्ध कराने
का कष्ट करें।
(ग)
क्या भिण्ड विधानसभा
क्षेत्र
अंतर्गत नवीन
योजना के
संचालन हेतु
विभाग द्वारा
कार्यवाही
प्रचलन है यदि
हाँ, तो
योजना नाम
व्यय राशि तथा
एजेंसी व
स्थान की
सम्पूर्ण
जानकारी
प्रदान की
जावें?
राज्यमंत्री, पिछड़ा
वर्ग एवं
अल्पसंख्यक
कल्याण (
श्रीमती
कृष्णा गौर ) : (क) भिण्ड
जिले के भिण्ड
विधानसभा
क्षेत्र अंतर्गत
विभाग द्वारा
संचालित
योजनाओं, योजनाओं
का नाम व्यय
राशि तथा
लाभार्थियों
की संख्या, संचालन
एजेंसी का नाम
व स्थान की जानकारी
संलग्न परिशिष्ट
‘’अ’’ अनुसार
है। (ख)
भिण्ड
विकासखण्ड
अंतर्गत 02
छात्रावास
निर्मित किये
गये है। जानकारी
संलग्न
परिशिष्ट ‘’ब’’ अनुसार
है। (ग)
जी नहीं।
शेष प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता।
महानगरों/नगरों में मास्टर प्लान लागू किया जाना
[नगरीय विकास एवं आवास]
146. ( क्र. 3127 ) श्री उमंग सिंघार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश के अंतर्गत TR-2 शहरों (जैसे भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन आदि) के लिए मास्टर प्लान किस वर्ष में स्वीकृत किए गए थे, और इनमें से कितने शहरों के मास्टर प्लान की समयावधि समाप्त हो चुकी है? (ख) क्या कई नगरों में मास्टर प्लान 2011 अवधि के बाद अद्यतन नहीं किए गए हैं? यदि हाँ, तो किन शहरों में नए मास्टर प्लान प्रक्रिया प्रारंभ की गई है? (ग) बढ़ते शहरीकरण, जनसंख्या दबाव, अवैध कॉलोनियों एवं पर्यावरणीय असंतुलन को देखते हुए शासन द्वारा आगामी दस वर्षों (2035 तक) के लिए कौन से ठोस शहरी विकास एवं भूमि उपयोग (Land Use) सुधार प्रस्तावित है? (घ) शहरीकरण दर में विगत दस वर्षों में कितनी प्रतिशत वृद्धि हुई है? TR-2 शहरों में औसत जनसंख्या घनत्व कितना है? (ड.) मास्टर प्लान संबंधी कार्यवाही कब-तक पूर्ण की जायेगी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) म.प्र. के भोपाल, इन्दौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन नगर Tier-1 श्रेणी के अंतर्गत आते है, इन नगरों की विकास योजना स्वीकृत करने के वर्ष निम्नानुसार है - (i) भोपाल विकास योजना 2005- वर्ष 1995 (ii) इन्दौर विकास योजना-2021- वर्ष 2008 (iii) जबलपुर विकास योजना-2021- वर्ष 2008 (iv) ग्वालियर विकास योजना-2035-वर्ष 2023 (v) उज्जैन विकास योजना 2035- वर्ष 2023 नगर विकास एक सतत् प्रक्रिया है। अत: विकास योजना के प्रस्ताव प्रक्षेपित कालावधि अवसान हो जाने के उपरान्त भी विकास योजना का पुनर्विलोकन होने तक अथवा विकास योजना प्रस्तावों के संतृप्त होने तक प्रभावशील रहते है। अत: शहरों के मास्टर प्लान की समयावधि समाप्त होने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी हाँ। म.प्र. में कुल 89 नगरों की विकास योजनाएं प्रभावशील है, जिसमें से 9 नगरों की विकास योजना की कालावधि 2011 है। उक्त 9 नगरों में से 6 नगरों (बीना, पन्ना, मंदसौर, सिहोरा, झाबुआ एवं ओरछा) नगरों की विकास योजना तैयार करने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। (ग) भारत सरकार की अमृत 1.0 एवं अमृत 2.0 उपयोजना के दिशा निर्देशों में ठोस शहरी विकास एवं भूमि उपयोग के बारे में विस्तृत दिशा निर्देश दिए गए है, इन दिशा निर्देशों के अनुसार जी.आई.एस. आधारित आगामी विकास योजनाएं तैयार की जा रही है। (घ) वर्ष 2011 के पश्चात भारत की जनगणना नहीं होने से विगत 10 वर्षों में वृद्धि का प्रतिशत तथा औसत जनसंख्या घनत्व संबंधी जानकारी दी जाना संभव नहीं है। (ड.) म.प्र. नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 एवं म.प्र. नगर तथा ग्राम निवेश नियम 2012 में विहित प्रावधानों के अंतर्गत विकास योजना तैयार की जाती है, कार्यवाही पूर्ण होने की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
पिछड़ा वर्ग के लिए छात्रवृत्ति योजना की जानकारी
[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]
147. ( क्र. 3128 ) श्री उमंग सिंघार : क्या राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वित्तीय वर्ष 2024-25 में पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति योजनाओं अर्थात प्री-मैट्रिक, पोस्ट-मैट्रिक तथा छात्रावास (छात्र गृह) योजना के अंतर्गत कुल कितनी राशि आवंटित की गई थी तथा कितनी राशि वितरित की गई? (ख) क्या उपर्युक्त आवंटित राशि में से कोई धनराशि अप्रयुक्त रही? यदि हाँ, तो उसके मुख्य कारण क्या थे तथा क्या यह राशि किसी अन्य योजना/ कार्य/मद में स्थानातंरित की गई? यदि हाँ, तो कितनी राशि? (ग) वित्तीय वर्ष 2024-25 में पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति कुल कितने पात्र छात्रों को छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल पाया तो क्यों?
राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती कृष्णा गौर ) : (क) वित्तीय वर्ष 2024-25 में पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति योजनाओं अर्थात प्री-मैट्रिक, पोस्ट-मैट्रिक तथा छात्रावास (छात्रगृह) योजना के अंतर्गत आवंटित तथा वितरित की राशि की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। मुख्य कारण तथा अन्य जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) वित्तीय वर्ष 2024-25 में पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति के पात्र छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिलने का कारण जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
नगर निगम इंदौर अन्तर्गत एजेंसी द्वारा किए गए कार्य
[नगरीय विकास एवं आवास]
148. ( क्र. 3131 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर-निगम इंदौर द्वारा वर्ष 2019-20 यूनिपोल निर्माण एवं विज्ञापन अधिकार के लिये टेण्डर आमंत्रित किये गये थे? (ख) यदि हाँ, तो किन-किन एजेन्सियों द्वारा निविदाएं दी गईं और उनमें से किस-कस एजेन्सी को किस-किस अनुबंध/शर्तों के आधार पर कार्य आवंटित किया गया? (अनुबंध की प्रति/आवंटित निर्माण स्थलों की सूची/निर्माण संस्थानों के माप प्रकार एवं विनिर्देश संबंधी विस्तृत जानकारी दें।) (ग) क्या विज्ञापन एजेन्सियों द्वारा मध्य प्रदेश आउटडोर एडोटाईजिंग पॉलिसी का पालन कर निर्माण कार्य किया गया है? (घ) यूनिपोल निर्माण के लिये अनुबंध अनुसार क्या समय-सीमा तय की गई थी एवं क्या एजेन्सियों द्वारा उक्त अनुबंध अनुसार तय समय-सीमा के तहत निर्माण कार्य कराया गया? (ड.) क्या एजेन्सियों द्वारा तय शासकीय राजस्व को समय पर जमा कराया गया है? यदि नहीं, तो इस हेतु एजेन्सियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई है? (च) क्या एजेन्सियों द्वारा किये गये अनुबंध के विरूद्ध कार्य एवं अवैधानिक निर्माण के संबंध में कोई जांच की कार्यवाही प्रचलन में है? यदि हाँ, तो क्यों?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। (ख) एजेंसी गो मीडिया, 112, 113, पहली मंजिल, ऑर्बिट मॉल, विजय नगर, इंदौर; स्विफ्ट इंटरमीडिया कन्वर्जेंस प्रायवेट लिमिटेड, 301, नवनीत प्लाजा, 5/2, ओल्ड पलासिया, इंदौर-452001, दीपक एडवरटाइजर्स शीर्ष मंजिल, कालरा टायर बिल्डिंग, चेतक पुरी गेट के पास, लश्कर, ग्वालियर, शुक्ला पब्लिसिटी 101 ए, ओम गुरुदेव कॉम्प्लेक्स, स्कीम नंबर 54, इंदौर एजेंसियों द्वारा निविदाएं प्रस्तुत की गई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ग) जी हाँ। (घ) अनुबंध अनुसार 100 दिवस की समय-सीमा निर्धारित की गई थी। जी हाँ। (ड.) जी हाँ। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (च) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
विद्युत विहीन ग्रामों का विद्युतीकरण करना
[ऊर्जा]
149. ( क्र. 3132 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर जिले की पुष्पराजगढ़ विधानसभा अंतर्गत प्रश्न दिनांक तक ऐसे कितने ग्राम, मोहल्ला अथवा मजरा टोला हैं, जहां पर आज दिनांक तक विद्युत की व्यवस्था नहीं हैं? ऐसे स्थानों की सूची उपलब्ध करावें। (ख) क्या उक्त विद्युतविहीन ग्राम, मोहल्ला अथवा मजरे/टोले/बस्ती में विद्युत उपलब्ध कराये जाने हेतु विभाग प्रयास कर रहा है? यदि हाँ, तो कब तक इन विद्युतविहीन ग्रामों को विद्युतीकृत कर दिया जायेगा? यदि नहीं, तो क्यों?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) अनुपपुर जिले की पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र के समस्त राजस्व ग्राम एवं उनके संसूचित मजरे/टोले पूर्ववर्ती ग्रामीण विद्युतीकरण योजनाओं के अंतर्गत विद्युतीकृत किये जा चुके हैं। उल्लेखनीय है कि नये घरों/बसाहटों का निर्माण होना एक सतत् प्रक्रिया है। प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र में कुछ नवीन मजरे/टोले/बसाहटें विकसित हुई हैं, जो विद्युतीकरण हेतु शेष है, जिनकी अद्यतन सूची संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ, उत्तरांश (क) में उल्लेखित 179 अविद्युतीकृत मजरों/टोलों/बसाहटों में से 61 मजरों/टोलों/बसाहटों के विद्युतीकरण के कार्य केन्द्र शासन के धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत स्वीकृत होकर, वर्तमान में प्रगतिरत है एवं उक्त विद्युतीकरण के कार्य माह मार्च, 2026 तक पूर्ण किये जाने है। शेष 118 मजरे/टोले/बसाहटों के विद्युतीकरण का कार्य जिला खनिज प्रतिष्ठान निधि से किया जाना प्रस्तावित है, जिसकी वर्तमान में स्वीकृति अप्राप्त है। स्वीकृति उपरांत वित्तीय उपलब्धता अनुसार उक्त मजरों/टोलों/बसाहटों के विद्युतीकरण का कार्य किया जा सकेगा, जिस हेतु वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
चम्बल नदी पर निर्मित पुल पर आवागमन में विलंब
[लोक निर्माण]
150. ( क्र. 3143 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केन्द्रीय सड़क निधि से अटेर-जैतपुर मार्ग अंतर्गत चम्बल नदी पर पुल निर्माण हेतु भूतल परिवहन मंत्रालय, भारत सरकार से रू. 6375.00 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक 28.10.2015 को प्राप्त हुई थी? यदि हाँ, तो वर्ष 2024 में उक्त अन्तर्राज्यीय पुल बनकर तैयार हो जाने के बाद भी पुल से आवागमन क्यों प्रारंभ नहीं किया गया? (ख) क्या राज्य शासन द्वारा जानबूझकर कार्य में विलम्ब किया जा रहा है? यदि नहीं, तो किस दिनांक तक उक्त अन्तर्राज्यीय पुल से आवागमन प्रारंभ कर दिया जायेगा? समय-सीमा बतायी जायें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। दिनांक 22.08.2022 से दिनांक 26.08.2022 तक पांच दिवस में हुई अत्यधिक वर्षा होने से कटाव हो जाने के कारण अतिरिक्त ओपनिंग प्रावधान करने के कारण पुल से आवागमन प्रारंभ नहीं हो सका, वर्तमान में कार्य प्रगति पर है। (ख) जी नहीं, अतिरिक्त ओपनिंग कार्य अनुबंधित अवधि अनुसार दिनांक 12.04.2028 तक पूर्ण करना लक्षित है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।
प्रदेश में टोल रोडों के संबंध में जानकारी
[लोक निर्माण]
151. ( क्र. 3144 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टोल रोड बीओटी, बीओटी प्लस एन्युटी, ओएमटी यूजर फी में अंतर क्या है, सड़क को किस योजना में शामिल किया जाएं, यह तय कैसे किया जाता है? केग ने अपनी लेटेस्ट किस वर्ष की रिपोर्ट में बीओटी तथा बीओटी प्लस एन्युटी चयन पर क्या टिप्पणी की है? (ख) जनवरी 2026 अनुसार खंड (क) की चारों कैटेगरी टोल रोड की अलग-अलग जानकारी देवें कि कुल किलोमीटर लंबाई, शासन तथा/अथवा निवेशक की कुल लागत, शासन को प्रीमियम या अन्य मद से मिली कुल राशि, वसूला कुल टोल शुल्क का? (ग) जनवरी 2026 अनुसार खंड (क) की प्रत्येक टोल सड़क का नाम, लंबाई, शासन या निवेशक की लागत, टोल प्रारंभ तथा समाप्त की प्रत्येक टोल बुथ अनुसार दिनांक, प्रत्येक टोल बूथ पर चारों कैटेगरी के वाहन पर टोल शुल्क, प्रत्येक सड़क पर प्रारंभ से वसूला गया कुल टोल शुल्क, निवेशक या टोल वसूलने वाली एजेंसी के नाम सहित जानकारी दें? (घ) किस सड़क पर टोल एम.पी.आर.डी.सी. द्वारा जनवरी 2026 से क्यों वसूला जा रहा है? इस संदर्भ में राजपत्र में प्रकाशित समस्त अधिसूचना की प्रतियां देवें? (ड.) किस सड़क पर लागत से कई गुना ज्यादा टोल वसूली को लेकर माननीय उच्चतम न्यायालय में वाद प्रचलन में है? प्रकरण क्रमांक, दिनांक, अंतिम सुनवाई की तारीख सहित बतावें कि जनवरी 2026 अनुसार लागत का कितने प्रतिशत टोल वसूला जा चुका है? किस दिनांक तक वसूला जाएगा?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार। विभाग को यूजर-फी योजनांतर्गत एजेंसी से प्राप्त रेमीटेंस जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार। प्रत्येक टोल बूथ पर सभी कैटेगरी के वाहन पर टोल शुल्क जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब में उल्लेखित यूजर-फी मार्गों पर विभाग द्वारा जारी टोल अधिसूचना अनुसार एम.पी.आर.डी.सी. के माध्यम से वसूला जा रहा है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार। (ड.) लेबड़ जावरा तथा जावरा-नयागांव टोल परियोजनाओं के संबंध में माननीय सु्प्रीम कोर्ट में वाद प्रचलन में है। एस.एल.पी. क्रमांक 22979/2022 दिनांक 18.08.2022 की अंतिम सुनवाई दिनांक 24.04.2023 को हुई। लेबड-जावरा परियोजना में अनुबंधानुसार लागत रू. 589.31 करोड़ की तुलना में जनवरी 2026 तक कुल राशि रू. 2378.43 करोड़ टोल वसूल किया गया है जो कि 403.59 प्रतिशत है। जावरा-नयागांव परियोजना में अनुबंधानुसार लागत रू. 425.71 करोड़ की तुलना में जनवरी 2026 तक कुल राशि रू. 2634.46 करोड़ टोल वसूला गया है। जो कि 618.84 प्रतिशत है। लेबड-जावरा परियोजना में टोल दिनांक 27.04.2038 तक एवं जावरा-नयागांव परियोजना में टोल दिनांक 26.10.2033 तक वसूल किया जाएगा।
अवैध निर्माण को हटाया जाना
[नगरीय विकास एवं आवास]
152. ( क्र. 3147 ) श्री अम्बरीष शर्मा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भोपाल रविन्द्र भवन के सामने स्थित प्रोफेसर कॉलोनी का मकान नं. 3 जो कि पार्क के सामने है के भवन स्वामी द्वारा पार्क की ओर हरे-भरे पेडों को काटकर अवैध निर्माण कर भवन अनुज्ञा के विपरीत एफ.ए.आर. आदि नियमों का उल्लंघन कर भवन में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही है? भवन स्वामी के नाम सहित पूर्ण जानकारी दी जायें। (ख) यदि प्रश्नांश (क) का उत्तर हाँ है तो क्या निगम द्वारा जाँच कर भवन अनुज्ञा नियम व एफ.ए.आर. के विपरीत जाकर किये गये अवैध निर्माण को हटाकर व्यावसायिक गतिविधियों को बंद कराया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) क्या भवन स्वामी ने अपने राजनैतिक प्रभाव से भवन हेतु निर्धारित मान से अधिक व्यास की पेयजल लाईन डलवायी गयी है? यदि हाँ, तो क्या इस तथ्य की जाँच करायी जायेगी? (घ) क्या क्षेत्र के रहवासियों द्वारा उक्त अतिक्रमण को हटाये जाने के संबंध में शिकायतें की गयी हैं? यदि हाँ, तो उन पर क्या कार्यवाही की गयी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) भोपाल रविन्द्र भवन के सामने स्थित प्रोफेसर कॉलोनी के मकान नं. 3 के सामने स्थित पार्क के आस-पास वर्तमान में कोई भी वृक्ष काटा जाना नहीं पाया गया है। मकान न. 3 प्रोफेसर कॉलोनी के भवन स्वामी द्वारा भवन अनुज्ञा क्र. 1154 दिनांक 18/03/2020 के विपरीत एफ.ए.आर. का उल्लंघन कर नियमों के विपरीत रहवासी क्षेत्र में लकड़ी के फर्नीचर का व्यवसाय किया जा रहा है। डॉ. श्री गोविंद सिंह आत्मज श्री मथुरा सिंह के नाम पर भवन अनुज्ञा जारी की गई है, विद्यमान भवन में तरास बाई प्रियंका नाम से लकड़ी के फर्नीचर का व्यवसाय संचालित किया जा रहा है। जिसकी प्रति पुस्तकालय रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) स्थल पर किये गये निर्माण की जांच की गई। भवन अनुज्ञा नियमों एवं एफ.ए.आर. के विपरीत किये गये अतिरिक्त निर्माण एवं व्यवसायिक गतिविधियों के विपरीत नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है। (ग) एवं (घ) जी नहीं। उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
स्वीकृत पहुँच मार्गों का निर्माण
[लोक निर्माण]
153. ( क्र. 3148 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या रीवा जिले के मनगवां विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत बजट सन् 2015 में प्रशासकीय स्वीकृत राशि रू. 376.03 लाख रूपये की प्रदान की गई थी? यदि हाँ, तो कार्य प्रांरभ कर कुल राशि 81 लाख जी.एस.टी. सहित भुगतान किए जाने के बाद भी निविदा की धारा 27 (3) के तहत निरस्त एस.ओ.आर. से कम दर पर अरूण कुमार रीवा दिनांक 02.01.2025 को कार्यादेश प्रदान किया गया है? कारण बतावें। (ख) क्या उपरोक्त निर्माण कार्य का विभाग द्वारा स्थल निरीक्षण में पाया गया है कि वर्षाकाल में पानी के बहाल के कारण निर्माण का 30 प्रतिशत हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था? यदि हाँ, तो जिम्मेदारों पर प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई, यदि हाँ, तो की गई कार्यवाही से अवगत कराया जावेगा? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? (ग) क्या उपरोक्त कार्य हेतु निविदाकार को पुनः रिवाइज एस्टीमेट बनाकर प्रस्तुत करने को कहा गया, जिसे दिनांक 03.04.2026 को संविदाकर द्वारा प्रस्तुत किए जाने के बाद भी प्रश्न दिनांक तक कोई प्रगति क्यों नहीं हुई, कब तक कार्यादेश जारी कर दिया जावेगा, समय-सीमा बतावें, यदि नहीं, तो क्यों नहीं? (घ) प्रश्नांश (क) अनुसार मार्गों की प्रशासकीय स्वीकृति कब तक जारी कराकर निर्माण करा दिया जावेगा, सीमा-सीमा बतावें, यदि नहीं, तो क्यों नहीं?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। संविदाकार मेसर्स कृष्णा कंस्ट्रक्शन कंपनी को अनुबंध क्रमांक 40/DL/2019- 20 Dated 17.09.2019 को कार्यादेश दिया जाकर उसके द्वारा संपादित आंशिक कार्य का मापांकन अनुसार रूपये 81.00 लाख जी.एस.टी. सहित किया गया। संविदाकार के द्वारा निर्धारित समयावधि में कार्य न करने के कारण अनुबंध की धारा 27 (3) के अन्तर्गत ठेका विखण्डित कर दिया गया। अरूण कुमार रीवा को दिनांक 02.01.2025 को कोई कार्यादेश प्रदान नहीं किया गया है। अपितु कार्य हेतु मेसर्स गरूण कुमार पाण्डेय को 02.01.2025 को कार्यादेश प्रदान किया गया। (ख) जी हाँ। वर्षाकाल में मार्ग के चैनेज 2780 मीटर से 4000 मीटर तक मिट्टी एवं जी.एस.बी./सी.आर.एम. कार्य पुलिया आदि के निर्माण न हो पाने के कारण वर्षा के जल भराव से क्षतिग्रस्त हुआ है। जिम्मेदारों के विरूद्ध कार्रवाई प्रक्रियाधीन है, समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ग) जी नहीं। संविदाकार को पुन: रिवाइज एस्टीमेंट बनाने हेतु नहीं कहा गया है। संविदाकार के द्वारा स्वत: भूमि विवाद एवं शेष कार्य में वर्णित मात्रा का पुनरीक्षित विवरण प्रस्तुत किया गया है, जिसकी मात्रा अनुबंध में दी गई मात्रा से अधिक होने के कारण परीक्षणाधीन है। पुन: कार्यादेश जारी करने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता, समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (घ) प्रशासकीय स्वीकृति का प्रश्न उपस्थित नहीं होता, अनुबंध प्रावधानानुसार सक्षम अधिकारी से निराकरण कराने के उपरांत कार्य पूर्ण किया जा सकेगा। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।
ऊर्जा की आपूर्ति एवं स्मार्ट मीटर की मांग
[ऊर्जा]
154. ( क्र. 3194 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2025-26 (31 दिसम्बर 2025) तक प्रदेश में ऊर्जा की मांग, आपूर्ति एवं उपलब्धता कितनी रही? वर्षवार गोशवारा बनाकर पृथक-पृथक बतायें। (ख) उपरोक्तानुसार अवधि में म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा प्रदेश में कितनी बिजली का उत्पादन किस प्रकार हुआ है? निष्पादित विद्युत क्रय अनुबंधों से कितनी बिजली किस दर पर क्रय की गई? समस्त जानकारी का गोशवारा बनाकर वर्षवार पृथक-पृथक दें। (ग) नवीन नवीनकरणीय ऊर्जा के अन्तर्गत कितने फर्म/कंपनी/एजेन्सी ने ऊर्जा विभाग में कब और क्यों पंजीयन/रजिस्ट्रीकरण कराया है? इसकी क्या प्रक्रिया है? प्रक्रिया की संपूर्ण जानकारी फर्म/कंपनी/एजेन्सी से प्राप्त समस्त दस्तावेज की एकजाई सूची के साथ गोशवारा बनाकर दें। (घ) प्रश्नांश (क) और (ख) के परिप्रेक्ष्य में क्या प्रदेश बिजली उत्पादन में सरप्लस है? (ड.) प्रदेश में स्मार्ट मीटर की स्थापना की अद्यतन स्थिति क्या है? स्मार्ट बिजली मीटरों के वर्गीकरण के हिसाब से कोई भी 10-10 उपभोक्ताओं के बिजली बिलों का गोशवारा विगत 5 माहों एवं उन्हीं उपभोक्ताओं का पुराने मीटर की रीडिंग 5 माहों का बनाकर उपभोक्ता से प्रमाणित कराकर उपलब्ध कराये।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) उल्लेखित अवधि में प्रदेश में ऊर्जा की मांग/ आपूर्ति/ उपलब्धता की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) में उल्लेखित अवधि में म.प्र. पॉवर जनेरटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा स्त्रोतवार किया गया विद्युत उत्पादन एवं एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा निष्पादित विद्युत क्रय अनुबंधों से क्रय की गई विद्युत एवं दर संबंधी जानकारी क्रमश: पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' एवं 'स' अनुसार है। (ग) नवीन नवकरणीय ऊर्जा अंतर्गत विद्युत वितरण कंपनियों में नॉन सब्सिडी के रूफ टॉप सोलर के कार्य हेतु फर्मों/कंपनियों/एजेंसियों का पंजीयन ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से किया जाता है। पंजीयन हेतु आवश्यक दस्तावेज यथा-फर्म रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, GST सर्टिफिकेट, पैन कार्ड, आधार क्रमांक, A/B क्लास इलेक्ट्रिकल कॉन्ट्रेक्टर अंडरटेकिंग सर्टिफिकेट, MSME रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट एवं नॉन ब्लैकलिस्ट सर्टिफिकेट, पोर्टल पर अपलोड करना होता है। फर्म/कंपनी/एजेंसी पंजीयन हेतु जारी गाईड लाईन एवं प्रक्रिया पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'द' अनुसार है। विद्युत वितरण कंपनियों यथा-म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड एवं म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत पंजीकृत फर्म/कंपनियों/एजेंसियों की अद्यतन जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ई' अनुसार है। (घ) जी हाँ। (ड.) प्रदेशान्तर्गत स्मार्ट मीटर स्थापना संबंधी कंपनीवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'फ' अनुसार है। स्मार्ट बिजली मीटरों/पुराने मीटरों के बिलों संबंधी वांछित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ज' अनुसार है।
भोपाल में अवैध निर्माण/प्लांट विक्रय
[नगरीय विकास एवं आवास]
155. ( क्र. 3195 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के पत्र क्र. 967 एवं 968 दिनांक 01.02.26 जो एससीएस-आयुक्त यूडी, आयुक्त नपानि भोपाल को प्रेषित किये गये है, कृत कार्यवाही एवं एकल नस्ती की प्रति साप्रवि के आदेश दिनांक 22/3/11 के परिप्रेक्ष्य में उपलब्ध कराये? (ख) प्रश्नकर्त्ता का प्रश्न क्र. 3108 दिनांक 17.3.23 एवं प्रश्न क्र. 3105 दिनांक 17.3.23 में क्या जानकारी चाही गई थी? विभाग ने क्या जानकारी दी? यदि नहीं, तो क्यों कारण सहित बतायें? इसके लिये कौन जिम्मेदार है, उनके विरूद्ध कब और क्या कार्यवाही की जाकर जानकारी दी जायेगी, निश्चित समयावधि बतायें? (ग) वर्ष जनवरी 2020 से प्रश्न दिनांक तक भोपाल नगर निगम सीमा में कितनी अवैध कॉलोनियों में निर्माण/प्लांट विक्रय का कार्य नियम विरूद्ध किये जाने की शिकायत आयुक्त नपानि भोपाल एवं कलेक्टर जिला भोपाल को प्राप्त हुई? विभाग ने कब और क्या कार्यवाही की? शिकायत की प्रति एवं कृत कार्यवाही की जानकारी का गोशवारा बनाकर वर्षवार पृथक-पृथक एकल नस्ती की प्रति सहित दें। (घ) नपानि भोपाल सीमान्तर्गत भिक्षावृत्ति पर रोक हेतु कलेक्टर जिला भोपाल द्वारा वर्ष 2025 में जारी आदेशों के अनुक्रम में कब और क्या कार्यवाही संपादित की गई? क्या उक्त आदेशों के अनुपालन में भोपाल शहर भिक्षावृत्ति से मुक्त हो गया है? यदि नहीं, तो क्या कारण है और क्या नहीं हो पाया? बतायें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। उक्त पत्र नगर पालिक निगम, भोपाल के कार्यालय में दिनांक 04.02.2026 को प्राप्त हुए है, जिस पर कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। (ख) प्रश्न क्रमांक 3108, दिनांक 17.03.2023 का उत्तर पूर्व में प्रेषित किया जा चुका है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। इसी प्रकार प्रश्न क्रमांक 3105 दिनांक 17.03.2023 का उत्तर पूर्व में प्रेषित किया जा चुका है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) नगर पालिक निगम, भोपाल की भवन अनुज्ञा शाखा के अभिलेख अनुसार प्रश्नांकित अवधि में अवैध कॉलोनी निर्माण/प्लाट विक्रय के संबंध में व्यक्तिगत रूप से कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। यद्यपि अन्य माध्यमों से अनाधिकृत कॉलोनी निर्माण की जानकारी प्राप्त होने पर मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम, अधिनियम, 1956 की धारा 292-ग में वर्णित प्रावधानों के अंतर्गत दण्डात्मक कार्रवाई की जाती है, जो कि एक सतत् प्रक्रिया है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है।
BCLL द्वारा बस स्टॉप निर्माण
[नगरीय विकास एवं आवास]
156. ( क्र. 3200 ) श्री चैन सिंह वरकड़े : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के अतारांकित क्रमांक 1448 (दिनांक 5 दिसम्बर 2025) के उत्तर (क) में संलग्न राशि कम प्राप्त हुई थी? यदि हाँ, तो इस विलंब और राशि की विसंगति के लिए कौन उत्तरदायी है? उक्त NIT-147 किसकी कार्यप्रणाली में है, नाम एवं पद बताये? प्रश्नाधीन बस स्टॉप के डिजाइन में अब तक कुल कितनी बार परिवर्तन किया गया? क्या इन परिवर्तनों के लिए बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स से विधिवत अनुमोदन लिया गया था? संबंधित नोटशीट प्रदाय करें। (ख) प्रश्न 1448, उत्तर (ख) की कार्यवाही यदि वर्तमान में प्रक्रियाधीन है, तो संबंधित नोटशीट की प्रति उपलब्ध कराएं और विलंब के ठोस कारण स्पष्ट करें? यदि प्रक्रियाधीन नहीं है, तो उत्तर प्रदाय करें। प्रश्न 1448, उत्तर (ग) विभाग द्वारा अपनाई गई Waterfall Mechanism की विस्तृत परिभाषा और पूर्ण प्रक्रिया क्या है? (ग) क्या विभाग के प्रश्न 1448 उत्तर (घ) में विभाग द्वारा उल्लेखित ई-मेल आईडी आधिकारिक नहीं है अर्थात यह गैर-कानूनी आईडी है, तो इसका उपयोग करने वाले कर्मचारियों के नाम क्या है और उन पर अब तक क्या कार्यवाही की गई? क्या विभाग और उच्च अधिकारियों को आधिकारिक कार्यों में निजी/गैर-कानूनी आईडी के उपयोग पर कोई आपत्ति नहीं है? यदि नहीं, तो इसका कारण स्पष्ट करें। ऐसी कितनी निजी ईमेल आईडी विभाग में कर्मचारियों द्वारा उपयोग की जा रही है? सभी ईमेल आईडी, कर्मचारियों का नाम, पद और किस सफल निविदाकार, वेंडर या अन्य सरकारी एजेंसी से इन्ही आईडी के माध्यम से कम्युनिकेशन किया जाता है, का गौश्वारा बनाकर प्रदाय करें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) प्रश्न क्रमांक 1448 के उत्तर (क) के संबंध में लेख है कि NIT-147 में विज्ञापन प्रदर्शन अधिकार संबंधी अनुबंध अनुसार एजेंसी द्वारा बी.सी.एल.एल को मासिक लायसेंस फीस का भुगतान किया जाने के फलस्वरूप माहवार संचयी होता है। बी.सी.एल.एल द्वारा सूचना पत्र जारी कर शेष राशि की मांग की जाती है। जिसके फलस्वरूप एजेंसी द्वारा समय-समय पर बकाया राशि का भुगतान किया जाता है. अनुबंध अवधि प्रचलन में होने के कारण राशि का प्राप्त होना निरंतर एवं नियमित प्रक्रिया है। अत: इसे विलंब अथवा विसंगति के रूप में नहीं लिया जा सकता है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। NIT-147 कार्यप्रणाली संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ‘1’ अनुसार है। 34 वीं बोर्ड बैठक में NIT-147 अंतर्गत समस्त कृत कार्यवाही का विधिवत अनुमोदन लिया गया था। उक्त अनुबंध में वर्णित कंडिका अनुसार ही बस स्टॉप के डिजाइन में एक बार परिवर्तन किया गया था। दस्तावेज पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ‘2’ अनुसार है। (ख) नोटशीट पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ‘3’ अनुसार है। वरि. लेखापरीक्षा अधिकारी को सम्बंधित दस्तावेजों का अवलोकन कराया गया। इस संबंध में कार्यालय प्रधान महालेखाकार द्वारा जानकारी चाहे जाने पर उपलब्ध कराई जाती है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जानकारी एवं दस्तावेज पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ‘4’ अनुसार है। (ग) प्रश्न क्रमांक 1448 के उत्तर (घ) में उल्लिखित ई-मेल आईडी किसी व्यक्तिगत कर्मचारी की निजी ई-मेल आईडी नहीं है एवं न ही इसे गैर-कानूनी श्रेणी में रखा जा सकता है। उक्त ई-मेल आईडी भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड कंपनी द्वारा बस संचालन संबंधी शिकायतों के प्राप्ति, निस्तारण, बसों में यात्रियों के सामान छुट जाने संबंधी जानकारी लिए जाने, संचालित बसों की जानकारी तथा आम नागरिकों से प्राप्त शिकायतों एवं बस ऑपरेटर के साथ सूचनाओं आदान-प्रदान के लिए किया जाता रहा है।
बीसीएलएल में कार्यरत कर्मचारियों के विरूद्ध विभागीय जांच
[नगरीय विकास एवं आवास]
157. ( क्र. 3201 ) श्री चैन सिंह वरकड़े : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 जनवरी, 2024 से प्रश्न दिनांक तक BCLL के कर्मचारियों के विरुद्ध जारी किए गए कारण बताओ नोटिस की छायाप्रति उपलब्ध कराएं? कार्रवाई का विवरण, क्या कोई कार्रवाई लंबित है, कार्यवाही की समय अवधि और संपूर्ण कार्रवाई का विवरण प्रदान करें। (ख) 1 जनवरी, 2022 से प्रश्न दिनांक तक BCLL में कार्यरत किन-किन कर्मचारियों के विरुद्ध विभाग में जांच चल रही है? किस अधिकारी द्वारा उपरोक्तानुसार कर्मचारी की जांच की जा रही है? क्या मध्य प्रदेश शासन के संविदा कर्मचारियों के लिए निर्धारित नियमानुसार इन्हें वेतन का भुगतान किया जा रहा है, हाँ अथवा नहीं? यदि नहीं, तो दोषी कौन है? क्या दोषी के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी? क्या अधिक भुगतान की राशि कर्मचारी से वसूल की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) प्रश्नकर्ता के अतारांकित क्रमांक 1449, दिनांक 5 दिसंबर 2025 के उत्तर (क) में "व्यक्तिगत रूप से" शब्द जोड़कर एवं उत्तर (ख) में प्रश्नकर्ता द्वारा 'निविदाकारों' के बारे में जानकारी मांगी गई थी, किंतु उत्तर में 'निविदाओं की प्रक्रिया' शब्द का प्रयोग कर सदन को गुमराह करने वाले पर क्या कार्यवाही की गई? प्रश्न क्रमांक 1449 पूरा (सही) उत्तर प्रदाय करें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) दस्तावेज एवं जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) शिकायतकर्ता श्री प्रकाश भाकरे द्वारा मैनेजर एडमिनिस्ट्रेशन की नियुक्ति संबंधी की गई शिकायत पर जांच हेतु समिति का गठन किया गया था। परंतु गठित समिति के सदस्यों का स्थानान्तरण एवं सेवानिवृत्ति होने के कारण प्रक्रिया नहीं हो सकी। वर्तमान में उक्त शिकायतकर्ता द्वारा मा. उच्च न्यायालय में भी नियुक्ति के विरुद्ध याचिका क्र. WP 40146/2025 (प्रकाश भाकरे विरुद्ध नगर पालिक निगम एवं अन्य) दायर की गई है। उपरोक्त जांच कर्मचारी के विरुद्ध न होकर नियुक्ति की प्रक्रिया की होने के कारण कर्मचारी को पूर्ण वेतन भुगतान किया जा रहा है अत: उपरोक्तानुसार शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रशनांश के अनुरूप उत्तर दिया गया था, अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
दोषी अधिकारियों से राजस्व की वसूली
[नगरीय विकास एवं आवास]
158. ( क्र. 3204 ) श्री सुरेन्द्र सिंह हनी बघेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भोपाल BCLL द्वारा टिकट रेवेन्यू कलेक्शन हेतु नियुक्त एजेंसी मेसर्स चलो मोबिलिटी को ₹1.20 करोड़ से अधिक की राशि बकाया होने एवं कार्य बंद करने के कारण सितंबर 2024 में टर्मिनेट कर तीन वर्ष के लिए ब्लैक लिस्ट किया गया था? (ख) क्या अप्रैल 2025 में BCLL बोर्ड द्वारा उक्त एजेंसी की ब्लैक लिस्टिंग को बिना किसी वैधानिक आधार के समाप्त कर दिया गया? क्या इस निर्णय से पूर्व विभाग के विधि परामर्शी, सी.ए. या शासन के किसी विधिक अंग से लिखित राय ली गई थी? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) उक्त एजेंसी द्वारा बकाया राशि के भुगतान में किए गए विलंब पर ब्याज (Interest) एवं अनुबंध की शर्तों के अनुसार शास्ति (Penalty/Liquidated Damages) की कितनी राशि बनती है? क्या बोर्ड ने इस राशि को माफ कर दिया है? यदि हाँ, तो शासन को हुई इस प्रत्यक्ष वित्तीय हानि का जिम्मेदार कौन है? (घ) क्या ब्लैक लिस्टिंग हटाने का मुख्य आधार "बसों का तत्काल संचालन प्रारंभ करना" बताया गया था? यदि हाँ, तो क्या प्रश्न दिनांक तक NIT 121/122 किस एजेंसी द्वारा बसों का संचालन शुरू कर दिया गया है? यदि नहीं, तो झूठे आधारों पर डिफॉल्टर एजेंसी को लाभ पहुँचाने वाले अधिकारियों पर सरकार क्या कार्यवाही करेगी? क्या शासन इस पूरे प्रकरण की जाँच उच्च स्तरीय समिति से कराकर दोषी अधिकारियों से राजस्व की हानि वसूलने का विचार रखता है? यदि हाँ, तो कब तक?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। एनआईटी क्रं. 123 अंतर्गत चलो मोबिलिटी द्वारा जिला न्यायालय में दायर प्रकरण में दिनांक 03.09.2024 को पारित आदेश में आर्बिट्रेशन के माध्यम से निराकरण किये जाने का उल्लेख किया गया था, जिसके उपरांत एजेंसी चलो मोबिलिटी के साथ निष्पादित अनुबंध की कंडिका 4.48 Dispute Resolution के प्रावधान अनुसार संभागायुक्त, भोपाल आर्बिट्रेटर के रूप में नियुक्त थे। आर्बिट्रेटर सह संभागायुक्त, भोपाल के समक्ष प्रस्तुत आर्बिट्रेशन प्रकरण में चलो मोबिलिटी द्वारा प्रकरण का निराकारण अमिकेबली किये जाने संबंधी प्रस्तुत पत्र दिनांक 11.02.2025 एवं बीसीएलएल को बकाया राशि के भुगतान किये जाने के अनुक्रम में बीसीएलएल कम्पनी की 41वीं बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में प्रकरण के गुण-दोष के आधार पर ब्लैकलिस्टिंग एवं टर्मिनेशन के संबंध में निर्णय लिया गया। (ग) अनुबंध की शर्तों के अनुसार इस विलंब पर राशि रु 4,87,844/- की पेनल्टी बनती है। जी नहीं विभाग ने इस राशि को माफ नहीं किया है। शेषांष का प्रश्न उत्पन्न नहीं होता। (घ) एनआईटी क्रं. 123 अंतर्गत चलो मोबिलिटी के ब्लैक लिस्टिंग हटाने संबंधी जानकारी उत्तरांश (ख) अनुसार है। तथापि, NIT 121/122 अंतर्गत बस संचालन हेतु अधिकृत बस ऑपरेटर माँ एसोसिएट्स द्वारा असंचालित बसों के संबंध में बीसीएलएल से की गई राशि की मांगों पर बी.सी.एल.एल. एवं बस ऑपरेटर के मध्य सहमति न बन पाने तथा उक्त विवाद के संबंध में बस ऑपरेटर द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में दायर प्रकरण विचाराधीन होने के कारण वर्तमान में बसों का संचालन बंद अवस्था में है। उपरोक्त उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड
[नगरीय विकास एवं आवास]
159. ( क्र. 3205 ) श्री सुरेन्द्र सिंह हनी बघेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1457 (दिनांक 5 दिसंबर 2025) के उत्तर (ख) में यह जानकारी दी गई थी कि "निविदा 41 एवं 43 को छोड़कर"? यदि हाँ, तो क्या इन दोनों निविदाओं की शर्तों में 40% Capex पर VGF देने का प्रावधान स्पष्ट रूप से अंकित नहीं है? क्या वर्ष 2018 से 2020 के मध्य तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं SLTC द्वारा आधिकारिक पत्राचार में निविदा क्रमांक 43 के लिए 40% Capex भुगतान की ही पुष्टि की गई थी? यदि हाँ, तो सदन में पूर्व में दिए गए उत्तर में इस तथ्य को क्यों छुपाया गया? (ख) क्या भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड BCLL द्वारा निविदा क्रमांक 43 में सफल निविदाकार को लगभग रुपये एक करोड़ का अतिरिक्त भुगतान नियमों के विरुद्ध किया गया है? इस वित्तीय अनियमितता के लिए कौन उत्तरदायी है? यदि नहीं, यो नियम बताइए? क्या भुगतान से पहले बोर्ड से अनुमति, विधिक अभिमत या सीए से अनुमोदन लिया गया? यदि हाँ, तो दस्तावेजों की छायाप्रति प्रदान करें। यदि नहीं, तो क्यों? स्पष्टीकरण दें। (ग) प्रश्न क्रमांक 1457 के उत्तर (क), (ग) एवं (घ) में प्रश्नकर्ता द्वारा 'निविदाकार' के बारे में जानकारी मांगी गई थी, किंतु उत्तर में 'निविदा प्रक्रिया' शब्द का प्रयोग कर सदन को गुमराह करने का प्रयास किया? इन अधिकारियों पर शासन कब तक और क्या दंडात्मक कार्यवाही करेगा? प्रश्न क्रमांक 1457 पूरा उत्तर प्रदाय करें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। बी.सी.एल.एल. द्वारा NITक्रमांक 43 दिनांक 18.10.2016 को जारी की गई थी एवं सफल निविदाकार बस ऑपरेटरों के साथ अनुबंध निष्पादन कर दिनांक 28.03.2017 को कार्यादेश जारी किया था। उक्त जारी निविदा एवं निष्पादित अनुबंध में 40% Capex के बराबर VGF राशि देने का प्रावधान नहीं था, अपितु अनुबंध में ''Total Grant in form of V.G.F. to be Quoted by Bidder for full Contract duration'' के प्रावधानों अनुसार VGF राशि दिए जाने का प्रावधान था। SLTC की बैठक दिनांक 17.07.2018 एवं 02.05.2020 में निर्णय लिया गया था की ''बस मैन्युफैक्चरिंग फर्म द्वारा बस ऑपरेटर (निविदाकार) को, यदि बस निविदा में निर्धारित बस की दर से कम पर प्राप्त होती है तो VGF का भुगतान न्यूनतम क्रय मूल्य के लिए ही किया जाए। यदि बस मैन्युफैक्चरिंग फर्म द्वारा बस ऑपरेटर (निविदाकार) को बस निविदा में निर्धारित बस की दर से अधिक पर प्राप्त होती है तो VGF का भुगतान निविदा में निर्धारित बस की दर तक किया जाए" साथ ही मध्य प्रदेश शासन, नगरीय विकास एवं पर्यावरण विभाग द्वारा मंत्री परिषद् के लिए संक्षेपिका दिनांक 22.09.2018 अनुसार निविद्कार द्वारा V.G.F. राशि की मांग कुल बस लागत का अधिकतम 40 प्रतिशत तक की जा सकेगी, के संबंधी निर्णय पर अनुमोदन अनुसार V.G.F. राशि दिए जाने का निर्णय लिया गया था। SLTC की बैठक दिनांक 17.07.2018 एवं 02.05.2020 में उपरोक्तानुसार निर्णय लिया गया था, परन्तु बी.सी.एल.एल. द्वारा दिनांक 18.10.2016 को पूर्व में जारी निविदा क्रमांक 43 हेतु दिनांक 28.03.2017 को बस ऑपरेटर के साथ अनुबंध निष्पादित किया जा चुका था तथा बस ऑपरेटरों द्वारा 62 बसों का भोपाल शहर में संचालन किया जा रहा था, ऐसी स्थिति में लोक परिवहन के हित में VGF के लिए मान्य प्रति बस राशि रू. 25 लाख की दर से बस ऑपरेटर को बस लागत की 40% VGF राशि अथवा अधिकतम राशि रू. 10,00,000/- प्रति बस के भुगतान की कार्यवाही को विशेष प्रकरण मानते हुए दिए जाने का निर्णय 51वीं SLTC बैठक दिनाक 09.07.2021 में लिया गया। पूर्व में प्रश्नकर्ता द्वारा किस विशिष्ट आशय अथवा किस प्रकार के संदर्भ में प्रश्न किया गया था, इसकी पृथक जानकारी उपलब्ध नहीं है, तथापि सदन में प्रश्नकर्ता द्वारा पूछे गए प्रश्न के अनुरूप तथा उपलब्ध अभिलेखों/दस्तावेजों के आधार पर ही उत्तर प्रदान किया जाता है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उत्तरांश (क) के अनुक्रम में 51वीं SLTC बैठक दिनांक 09.07.2021 में लिये गए निर्णय अनुसार सम्बंधित बस ऑपरेटर्स को भुगतान किया गया है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता, प्रश्न 1457 के प्रश्न अनुसार जानकारी तत्समय उपलब्ध कराई गई थी।
नगर पालिका निगमों में ई-टेण्डरिंग व्यवस्था
[नगरीय विकास एवं आवास]
160. ( क्र. 3208 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश की नगर पलिका निगमों में निविदाएं ई-टेण्डरिंग के माध्यम से आमंत्रित किये जाने संबंधी क्या नियम/निर्देश शासन द्वारा पारित नियम/निर्देश की प्रति उपलब्ध करावें? (ख) उपरोक्तानुसार क्या अल्पकालीन निविदा आमंत्रित करने हेतु सासंद/विधायक निधि के कार्यों हेतु ई-टेण्डरिंग की अनिवार्यता से छूट प्रदान की गई है? यदि हाँ, तो सांसद/विधायक निधि के कितनी राशि के कार्यों को ई-टेण्डरिंग प्रक्रिया से छूट प्रदान की जाती है? बतावें। (ग) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में क्या सांसद/विधायक निधि के कार्यों को ई-टेण्डरिंग से प्रक्रिया से छूट प्रदान हेतु संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास मध्यप्रदेश, भोपाल द्वारा आदेश/निर्देश जारी किये गये है? यदि हाँ, तो आदेश/निर्देश की प्रति उपलब्ध करावें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम (लेखा एवं वित्त) नियम, 2018 के अध्याय पांच की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) संचालनालय के पत्र क्र. 9176, दिनांक 21.08.2018 से सांसद/विधायक निधि के कार्यों को ई-टेण्डरिंग प्रक्रिया से छूट प्रदान करने हेतु निर्देश जारी किये गए थे, परन्तु यह निर्देश नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी अधिसूचना क्र. 44-एफ-4-44-2018-18-1 दिनांक 17.12.2018 द्वारा म.प्र. नगर पालिक निगम (वित्त एवं लेखा) नियम 2018 प्रचलित होने से वर्तमान में प्रभावशील नहीं है।
ताप विद्युत गृह में घटित अग्नि दुर्घटना
[ऊर्जा]
161. ( क्र. 3209 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी अंतर्गत अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई जिला अनूपपुर में दिनांक 21/08/2023 को घटित अग्नि दुर्घटना में उप संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सतना/इंदौर द्वारा तत्कालीन मुख्य अभियंता एवं अतिरिक्त मुख्य अभियंता (संचालन संधारण) को दोषी मानते हुए कारखाना अधिनियम 1948 के तहत जिला न्यायालय अनूपपुर में परिवाद दायर किया गया है? यदि हाँ, तो इन आरोपियों के विरूद्ध विभागीय जांच संज्ञान में लेकर अथवा उनके विरूद्ध की गई शिकायत के आधार पर विभाग द्वारा इनके विरूद्ध माननीय न्यायालय में मुकदमा रजिस्टर्ड होने पर भी प्रमोशन देते समय म.प्र. सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र क्रमांक एफ/सी/6-2/94/3 एक दिनांक 30/06/1994 का पालन क्यों नहीं किया गया? (ख) आरोपियों ने अपने विरूद्ध चल रही जांच एवं रजिस्टर्ड मुकदमे की जानकारी विभाग को नहीं दी है और विभाग को गुमराह करके प्रमोशन लिया है? यदि हाँ, तो वसूली कब तक की जावेगी? (ग) क्या एल.पी.जी. दुर्घटना के चश्मदीद गवाहों को एवं दुर्घटना में जले श्रमिक के आश्रितों को भी ठेकेदार द्वारा कार्य से पृथक कर दिया गया है? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा इन्हें कब तक वापस कार्य पर रखवाया जाएगा?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ, म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी के अंतर्गत अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई, जिला अनूपपुर में दिनांक 21/08/2023 को घटित अग्नि दुर्घटना में उप संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, सतना/इंदौर द्वारा तत्कालीन मुख्य अभियंता (चालू प्रभार) एवं तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य अभियंता (संचालन संधारण) - (चालू प्रभार) के विरूद्ध कारखाना अधिनियम 1948 में उल्लेखित प्रावधानों के उल्लंघन के दृष्टिगत बतौर अधिभोगी एवं प्रबंधक, जिला न्यायालय अनूपपुर में परिवाद दायर किया गया है। कंपनी द्वारा राज्य शासन के आदेश उपरांत वर्ष 2016 से पदोन्नति के संबंध में कोई कार्यवाही नहीं की गई है। उक्त अधिकारियों में से एक अधिकारी अपने मूल पद कार्यपालन अभियंता से सेवानिवृत्त हो गये हैं एवं एक अधिकारी वर्तमान में कार्यरत है, जिनका मूल पद कार्यपालन अभियंता ही है, किन्तु कंपनी में निरंतर सेवानिवृत्ति से उच्च पदों पर रिक्तता के दृष्टिगत प्रशासनिक आवश्यकता के आधार पर बगैर आर्थिक लाभ के उच्च पद का चालू प्रभार सौंपकर कार्य संपन्न कराया जा रहा है। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित जिन अधिकारियों के विरूद्ध परिवाद दायर किया गया है, उनके विरुद्ध कंपनी में कोई विभागीय जाँच लंबित नहीं है एवं प्रकरण की सम्यक जानकारी संज्ञान में है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। (ग) कंपनी से कार्य आदेश प्राप्त होने के उपरांत संबंधित फर्म/ठेकेदार द्वारा श्रमिक नियोजित किये जाते हैं, जिसमें कंपनी का कोई हस्तक्षेप नहीं होता है। तथापि दुर्घटना में मृत श्रमिक के आश्रित को मानवीय आधार पर तत्कालीन फर्म द्वारा रोजगार प्रदान किया गया था। वर्तमान में उक्त फर्म को जारी कार्यादेश की अवधि समाप्त हो चुकी है। ठेका समाप्ति उपरांत अन्य ठेकेदार द्वारा कार्यादेश प्राप्ति पर अपने श्रमिकों से कार्य संपादन कराया जाता है। कार्यादेश की शर्तों में आश्रितों को नियोजित किये जाने का प्रावधान नहीं होने के कारण पुनः नियोजन किये जाने संबंधी कार्यवाही किया जाना संभव नहीं है।
समाधान योजना में विद्युत कम्पनियों को अनुदान
[ऊर्जा]
162. ( क्र. 3212 ) श्री राजेन्द्र भारती : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन/विभाग द्वारा वर्तमान में (2025-26) उपभोक्ताओं के हित में समाधान योजन लागू की गई हैं? यदि हाँ, तो दतिया जिले में उक्त योजना में कितना-कितना लाभ कौन-कौन मदों में कब से दिया जा रहा हैं? नियम/निर्देशो की प्रतियां प्रदाय करें। (ख) क्या उक्त योजना में माफ की गई राशि का शासन द्वारा विद्युत कंपनियों को अनुदान राशि दी जा रही है? यदि हाँ, तो योजनावार अनुदान/माफ की गई राशि का अलग-अलग विवरण देते हुए दतिया जिले की जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में शासन माफी राशि (अनुदान) नहीं दे रहा है, तों क्या कंपनियां अपने स्तर पर माफी योजना (समाधान) लागू की गई हैं? यदि हाँ, तो दतिया जिले के लाभांवित उपभोक्ताओं एवं राशि का अलग-अलग विस्तृत विवरण दें।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ, राज्य सरकार द्वारा विद्युत वितरण कंपनियों अन्तर्गत वर्तमान में घरेलू, गैर-घरेलू, कृषि एवं औद्योगिक श्रेणी (उच्च दाब समेत) के समस्त संयोजित तथा अस्थायी स्थायी रूप से विच्छेदित बकायादार उपभोक्ताओं (शासकीय कनेक्शनों को छोड़कर) के विद्युत बिलों में देय सरचार्ज की माफी के उद्देश्य से "समाधान योजना-2025-26" दिनांक 03 नवम्बर, 2025 से दिनांक 28 फरवरी, 2026 तक लागू की गई है। योजना के प्रथम चरण (दिनांक 03.11.2025 से दिनांक 31.01.2026 तक) में एकमुश्त भुगतान की स्थिति में घरेलू एवं कृषि श्रेणी के उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत तथा गैर-घरेलू एवं औद्योगिक श्रेणी के उपभोक्ताओं को 80 प्रतिशत सरचार्ज माफी का प्रावधान है। वहीं किश्तों में भुगतान की स्थिति में क्रमशः 70 प्रतिशत एवं 60 प्रतिशत सरचार्ज माफी का प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार, योजना के द्वितीय चरण (दिनांक 01.02.2026 से दिनांक 28.02.2026 तक) में एकमुश्त भुगतान करने पर घरेलू एवं कृषि श्रेणी के उपभोक्ताओं को 90 प्रतिशत तथा गैर-घरेलू एवं औद्योगिक श्रेणी के उपभोक्ताओं को 70 प्रतिशत सरचार्ज माफी तथा किश्तों में भुगतान करने पर क्रमशः 60 प्रतिशत एवं 50 प्रतिशत सरचार्ज माफी का प्रावधान है। दतिया जिले में समाधान योजना अन्तर्गत उपभोक्ताओं को दिये गये लाभ की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। समाधान योजना की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है। (ख) जी नहीं। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। तथापि दतिया जिले में समाधान योजनांतर्गत उपभोक्ताओं को दिये गये लाभ की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। (ग) राज्य शासन के अनुमोदन उपरान्त वितरण कंपनियों में समाधान योजना लागू की गई है। दतिया जिले के ''समाधान योजना 2025-26'' में लाभांवित उपभोक्ताओं (श्रेणीवार- घरेलू, गैर-घरेलू, औद्योगिक, कृषि उपभोक्ताओं) एवं राशि का विस्तृत विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'स', 'द', 'इ' एवं 'फ' अनुसार है।
नगरपालिका परिषद के अधिकारी कर्मचारियों के प्रभार
[नगरीय विकास एवं आवास]
163. ( क्र. 3213 ) श्री राजेन्द्र भारती : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में नगर पालिका परिषदों की श्रेणी निर्धारित की गई? यदि हाँ, तो श्रेणीवार जानकारी प्रदान करते हुए बताये कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी के पद तय श्रेणी अनुसार कौन-कौन कर्मचारियों को प्रभार दिया जा सकता है? कृपया (क), (ख) एवं (ग) श्रेणी की नगर पालिकाओं के संबंध में जानकारी प्रदान करते हुये बतायें कि क्या (ग) श्रेणी की नगर पालिका के आर.एस.आई. को (ख) श्रेणी की नगरपालिका में मुख्य नगर पालिका अधिकारी पद का उच्च प्रभार/प्रभार सौंपा जा सकता है? यदि हाँ, तो इस संबंध में जारी नियम/निर्देशों की प्रतियां उपलब्ध कराये और यदि नहीं, तो फिर (ख) श्रेणी की नगर पालिका परिषद बड़वाह में (ग) श्रेणी में पदस्थ आर.एस.आई (राजस्व उप निरीक्षक) को मुख्य नगर पालिका अधिकारी का प्रभार किस नियम/निर्देश अंतर्गत प्रदान किया गया है? कृपया नियम/निर्देश की प्रति उपलब्ध कराते हुए बतायें कि क्या शासन नियम विरुद्ध पद से हटाकर मूल पद पर पदस्थ करेगा? यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्यों? कृपया कारण सहित अवगत करायें। (ख) क्या आयुक्त संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास म.प्र. द्वारा आदेश क्रमांक/स्था-1/लोकायुक्त/2021/13829 भोपाल दिनांक 16.08.2021 एवं पृष्ठांकन आदेश क्र./स्था-1/लोकायुक्त/2021/13830 भोपाल दिनांक 16.08.2021 द्वारा श्री कुलदीप किंशुक राजस्व उप निरीक्षक, प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी बड़नगर, जिला उज्जैन के पद पर पदस्थ रहते दिनांक 15.09.2020 को लोकायुक्त पुलिस द्वारा छापामार कार्यवाही कर अनुपातहीन संपत्ति होने के कारण निलंबित होने के उपरांत राजस्व उपनिरीक्षक के पद पर बहाल करके नगर परिषद माकडौन जिला उज्जैन पदस्थ किया गया था? यदि हाँ, तो उक्त बहाली आदेश में स्पष्ट निर्देश प्रदान किये गये थे कि श्री किंशुक को लोकायुक्त की जाँच कार्यवाही एवं विभागीय कार्यवाही पूर्ण तक उच्च पद का प्रभार नहीं दिया जायेगा? यदि हाँ, तो उक्त आदेश के विरुद्ध उच्च पद पर बड़वाह नगर पालिका में क्यों की गई? क्या लोकायुक्त एवं विभागीय जाँच पूर्ण होने के पश्चात उक्त पदस्थापना की गई थी? यदि हाँ, तो लोकायुक्त जांच प्रतिवेदन एवं विभागीय जांच के प्रतिवेदन उपलब्ध करायें। यदि नहीं, तो क्या आयुक्त कार्यालय के आदेश/निर्देश के विरूद्ध की गई पदस्थापना के लिये दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी? कारण सहित जानकारी दें। (ग) नगर पालिका बड़वाह नगर पालिका के पार्षदों द्वारा दिनांक 10 सितम्बर, दिनांक 06 अक्टूबर, दिनांक 06 नवंबर एवं 15 नवंबर, 2025 को प्रेषित पत्रों के बाद भी उक्त प्रभारी CMO को क्यों नहीं हटाया गया है? कृपया जानकारी प्रदाय करते हुये बतायें कि क्या नगर पलिका बड़वाह में श्रेणी अनुसार पूर्णकालिक CMO की पदस्थापना की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों नहीं? कृपया कारण बतायें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं। म.प्र. नगर पालिका अधिनियम 1961 में वर्ष 1994 (दिनांक 30.05.1994 से प्रभावी) में किये गये सामान्य संशोधन से प्रदेश में नगर पालिका परिषदों की पूर्व निर्धारित श्रेणियां समाप्त कर दी गयी है। नियम की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। उपरोक्त के अनुक्रम में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी हाँ। जी हाँ। श्री किंशुक का मूल पद राजस्व उप निरीक्षक होने से वह मुख्य नगर पालिका अधिकारी के फीडर कैडर में आते हैं। तदानुसार उन्हें प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिका परिषद बड़वाह का प्रभार दिया गया है। जी नहीं। विभागीय जांच प्रतिवेदन पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। लोकायुक्त जांच प्रतिवेदन संचालनालय स्तर पर प्राप्त नहीं है। जी नहीं। श्री किंशुक की पदस्थापना सक्षम अधिकारी द्वारा नियमानुसार किये जाने से शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) पार्षदों द्वारा प्रेषित पत्रों में उल्लेखित बिन्दुओं का परीक्षण/जांच करते हुए नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। नगरीय निकायों में पूर्णकालिक और फीडर कैडर से उपलब्धता अनुसार मुख्य नगर पालिका अधिकारी पदस्थ किये जाते है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।
पशु चिकित्सालय/औषधालय भवनों का निर्माण
[पशुपालन एवं डेयरी]
164. ( क्र. 3216 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में पशु चिकित्सालय/औषधालय भवनों के निर्माण हेतु वर्ष 2025-26 में कितनी राशि का प्रावधान किया गया था? जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) क्या भितरवार विधानसभा क्षेत्र के पशु चिकित्सालय/औषधालय निर्माण हेतु प्रश्नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक 627 दिनांक 16.12.2025 से विभाग को अनुरोध किया गया था? (ग) यदि हाँ, तो इन भवनों का निर्माण कब तक करा दिया जावेगा? समय-सीमा बताएं।
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) प्रदेश में पशु चिकित्सालय एवं अन्य भवनों के अधोसंरचना विकास हेतु वर्ष 2025-26 में राशि रू. 8,36,65,000/- प्रावधानित है, विस्तृत जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) वित्तीय उपलब्धता के आधार पर संस्थाओं में निर्माण कार्य किये जाते है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
बंजारा समाज को जाति प्रमाण-पत्र का प्रदाय
[विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण]
165. ( क्र. 3217 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या राज्य मंत्री, विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या प्रदेश सरकार द्वारा बंजारा समाज को विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु जाति वर्ग में शामिल किया गया है? यदि हाँ, तो नियम/आदेश की प्रति उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) में उत्तर यदि हाँ, है तो क्या ग्वालियर जिले में बंजारा समाज के विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु जाति प्रमाण पत्र जारी किये गये हैं? यदि हाँ, तो वर्ष 2014 से प्रश्न दिनांक तक की संख्यात्मक जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) क्या वर्तमान में बंजारा समाज के विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु जाति प्रमाण पत्र जिले के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा नहीं बनाए जा रहे हैं? यदि हाँ, तो क्यों? कारण स्पष्ट करें। (घ) ग्वालियर जिले में बंजारा समाज के जाति प्रमाण पत्र बनाने के संबंध में वर्ष 2015 से प्रश्न दिनांक तक कितने आवेदन प्राप्त हुए? वर्षवार जानकारी दें। प्राप्त आवेदनों में से कितने आवेदनों का निराकरण किया गया? वर्षवार जानकारी दें। प्राप्त प्रकरणों को अमान्य करने का क्या-क्या कारण रहे हैं? प्रकरणवार जानकारी दें।
राज्य मंत्री, विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण ( श्रीमती कृष्णा गौर ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। 489 जाति प्रमाण पत्र बनाये गये। (ग) अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के द्वारा विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु जाति प्रमाण पत्र बनाये जाते है। (घ) ग्वालियर जिले में बंजारा समाज के जाति प्रमाण पत्र के संबंध में प्राप्त एवं निराकृत आवेदनों की जानकारी निम्नानुसार है :-
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वर्ष |
प्राप्त आवेदन |
निराकरण |
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2015 |
298 |
298 |
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2016 |
38 |
38 |
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2017 |
13 |
13 |
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2018 |
04 |
04 |
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2019 |
01 |
01 |
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2020 |
निरंक |
निरंक |
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2021 |
02 |
02 |
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2022 |
निरंक |
निरंक |
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2023 |
34 |
34 |
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2024 |
06 |
06 |
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2025 |
निरंक |
निरंक |
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09-02-2026 तक |
निरंक |
निरंक |
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योग |
396 |
396 |
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) ग्वालियर ग्रामीण में बंजारा जाति के जाति प्रमाण पत्र अमान्य करने की जानकारी निरंक है।
वर्ष 2026-27 के बजट में पुलों के निर्माण हेतु राशि स्वीकृति
[लोक निर्माण]
166. ( क्र. 3220 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या टीकमगढ़ जिले के जतारा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पथरीगढ़ से देवराहा के मध्य गोराघाट उर नदी पर एवं ग्राम टानगा से देवराहा के मध्य देवीघाट उर नदी पर एवं ग्राम महेवाचक्र-2 से ग्राम महेवाचक्र-3 के मध्य सुखनई नदी पर पहाड़ वाले बाबा घाट पर पुल न बनने से क्षेत्र की जनता को अनेकों ग्रामों में होकर घूमकर जाना पड़ता है? (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर बताएं कि इन पुलों के निर्माण में शासन की कितनी-कितनी राशि व्यय होगी? क्या प्रश्नकर्ता द्वारा विभागीय मंत्री जी के यहां इन पुलों का प्रस्ताव भेजा जा चुका है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताएं कि इन पुलों की लंबाई, चौड़ाई एवं कितने-कितने किलोमीटर की सड़क बनाई जाना अतिआवश्यक है? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बताएं कि इन पुलों एवं सड़कों के निर्माण सहित राशि स्वीकृत करने वर्ष 2026-27 के बजट में जनहित में प्रावधान किया जायेगा तो कितना-कितना? कृपया संपूर्ण जानकारी प्रदाय करें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित पुल निर्माण वर्तमान में न तो बजट में स्वीकृत है और न ही किसी योजना में शामिल है। अतः व्यय की राशि बताना संभव नहीं है। उक्त पुल निर्माण कार्यों हेतु वर्तमान में कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। (ग) वर्तमान में पुलों एवं सड़के किसी भी योजना में न तो प्रस्तावित है एवं न ही सम्मिलित है। अतः लंबाई/चौड़ाई बताया जाना संभव नहीं है। (घ) उत्तरांश ''ख'' एवं ''ग'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
निकायों में राशि भेजना
[नगरीय विकास एवं आवास]
167. ( क्र. 3221 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या टीकमगढ़ जिले में स्वीकृत कार्यों की जानकारी से संबंधित प्रश्नकर्ता द्वारा विधानसभा में प्रश्न क्र. 3373, दिनांक 07.08.2025 किया गया था? जिसके उत्तर में (क) एवं (ख) की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार एवं (ग) एवं (घ) की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार दी गई थी? (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर बताएं कि पूर्व में क्या प्रश्न जनवरी 2022 से 07 अगस्त 2022 तक की जानकारी मांगी गई थी, लेकिन जनवरी 2022 से प्रश्न दिनांक तक की जानकारी अतिरिक्त जोड़कर यह भी बताएं कि इन नगरीय निकायों द्वारा डीज़ल, पेट्रोल, स्टेशनरी, वाहन मरम्मत, जल प्रदाय सामग्री, स्वच्छता एवं अन्य पर कितनी-कितनी राशि, कब-कब,किस-किस प्रयोजनार्थ व्यय करके किस-किस के द्वारा भुगतान किया गया है? उनके नाम, पद सहित सम्पूर्ण जानकारी प्रदाय करें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताएं कि उपरोक्त समयावधि में किए गए भुगतानों के बावजूद और कितनी-कितनी राशि का भुगतान प्रश्न दिनांक तक देने हेतु शेष है? कृपया सम्पूर्ण जानकारी प्रदाय करें। (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताएं कि वर्तमान में प्रश्न दिनांक तक किस-किस मद में कितनी- कितनी राशि निकाय के खातों में उपलब्ध है? सम्पूर्ण जानकारी देते हुए बताएं कि प्रश्न दिनांक तक निकाय को सम्पूर्ण भुगतान करने हेतु कितनी-कितनी राशि की और आवश्यकता है? यह राशि निकायों में भेजी जावेगी तो कब तक? निश्चित समय-सीमा सहित बताएं।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' ,''ब'' एवं ''स'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स''अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''द''अनुसार है।
दिसम्बर 24 अनुपूरक बजट में जिला कटनी के स्वीकृत विकास कार्य
[लोक निर्माण]
168. ( क्र. 3224 ) श्री संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिसम्बर 2024 के अनुपूरक बजट में कटनी जिले की किस-किस विधानसभा के कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किये गये थे, पूर्ण विवरण दें। (ख) स्वीकृत कार्यों की वर्तमान स्थिति क्या है। प्रत्येक कार्य का विवरण एवं जो कार्य प्रारंभ नहीं हो पाये उन कारणों का भी विवरण प्रदान करें। (ग) लंबित कार्य कब तक प्रारंभ कर दिए जायेंगे?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) वर्तमान में 14 कार्यों की स्वीकृति जारी की गई, जिसमें 12 प्रगतिरत एवं 02 निविदास्तर पर, जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। वर्तमान में 02 कार्य निविदास्तर पर। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।
132 kva उपकेन्द्र की स्थापना
[ऊर्जा]
169. ( क्र. 3225 ) श्री संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुड़वारा विधान सभा 93 हेतु 132 KVA उपकेन्द्र (नवीन) का प्रस्ताव लंबित हैं? (ख) यदि हाँ, तो विधान सभा के मंगल नगर, छपरवाट, बिलगवां गायत्री नगर, एन.के.जे. दुबे कॉलोनी, खिरहनी, वाई नदी इत्यादि क्षेत्र के आवासीय एवं ग्रामीण क्षेत्र में निवासियों की विद्युत समस्या के निदान हेतु कब तक नवीन विद्युत उपकेन्द्र की स्वीकृति प्रदान कर दी जावेगी।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) मुड़वारा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत नवीन 132/33 के.व्ही. क्षमता के विद्युत उपकेन्द्र की स्थापना हेतु वर्तमान में तकनीकी परीक्षण की कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) मुड़वारा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत मंगल नगर, छपरवाट, बिलगवां गायत्री नगर, एन.के.जे. दुबे कॉलोनी, खिरहनी, वाई नदी इत्यादि क्षेत्र को वर्तमान में 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र, न्यू कटनी जंक्शन से निर्गमित 04 फीडरों यथा 11 के.व्ही. गायत्री नगर, 11 के.व्ही. खिरहनी, 11 के.व्ही. एन.के.जे. एवं 11 के.व्ही. मंगल नगर से गुणवत्तापूर्ण विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। विगत एक वर्ष (जनवरी-2025 से जनवरी-2026) में उक्त फीडरों में औसत विद्युत प्रदाय अवधि की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्नाधीन क्षेत्र में नवीन 132/33 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र की स्वीकृति हेतु समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
पीएम कुसुम योजना का क्रियान्वयन
[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]
170. ( क्र. 3302 ) श्री रमाकांत भार्गव : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. ऊर्जा विकास निगम के अंतर्गत कुसुम योजना कब से प्रारम्भ की गई एवं कितनी विद्युत ऊर्जा का लक्ष्य है? (ख) इस योजना में कितने प्रस्तावों का अनुबंध (PPA) म.प्र. पावर मैनेजमेंट कम्पनी लि. से हुए है एवं कितने प्रस्ताव लंबित है, यदि लंबित है तो क्यों? (ग) इस योजना में विद्युत ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा?
नवीन एवं
नवकरणीय
ऊर्जा मंत्री
( श्री राकेश शुक्ला
) : (क)
भारत सरकार
द्वारा लागू
प्रधानमंत्री
किसान ऊर्जा
सुरक्षा एवं
उत्थान
महाभियान
योजना (पीएम
कुसुम योजना)
के अंतर्गत
म.प्र. राज्य
के लिए वर्ष 2019 में
म.प्र. ऊर्जा
विकास निगम
लिमिटेड को State Implementing Agency (SIA) बनाया
गया है। कुसुम
योजना के
घटक-अ अंतर्गत
1400
मेगावॉट सौर
संयंत्र का
लक्ष्य है, घटक-ब अंतर्गत
ऑफग्रिड
सोलर पंप की
स्थापना की
जाती हे, जिनसे
विद्युत
ऊर्जा का
लक्ष्य नहीं
होता है।
घटक-स अंतर्गत
2,52,000
पंपों के फीडर
सोलर राइजेशन
का लक्ष्य
प्रादन किया
गया है। (ख) कुसुम-अ
योजनांतर्गत
मध्यप्रदेश
पॉवर
मैनेजमेंट कंपनी
लि. द्वारा
कुल 829
लाभार्थियों
के साथ लगभग 1400
मेगावाट
क्षमता के
विद्युत क्रय
अनुबंध (PPA) निष्पादित
किए जा चुके
है। कुसुम-सी
योजनांतर्गत मध्यप्रदेश
पॉवर
मैनेजमेंट
कंपनी लि.
द्वारा दिनांक
31.12.2025
तक कुल 61
लाभार्थियों
के साथ 523.6
मेगावाट
क्षमता के
विद्युत क्रय
अनुबंध निष्पादित
किए जा चुके
है। भारत
सरकार के
निर्देशानुसार
दिनांक 31.12.2025 उपंरात
कुसुम-अ,ब एवं स
अंतर्गत
विद्युत क्रय
अनुबंध निष्पादित
नहीं किये
जाने है। अत:
शेष प्रस्तावों
पर आगे
कार्यवाही
नहीं हो
सकेगी। (ग) मध्यप्रदेश
पॉवर मैनेजमेंट
कंपनी
लिमिटेड
कुसुस-अ
योजनांतर्गत
किये गए
विद्युत क्रय
अनुबंध (PPA) के
अनुसार कार्य
पूर्णत: हेतु
निर्धारित
अवधि अनुबंध
निष्पादित
दिनांक से 9 माह
है। कुसुम-स
योजनांतर्गत
किये गए
विद्युत क्रय
अनुबंध (PPA) अनुसार
कार्य पूर्णत:
हेतु
निर्धारित
अवधि अनुबंध
निष्पादित
दिनांक से
निविदा
अनुसार है
जिसकी जानकारी
संलग्न
परिशिष्ट अनुसार
है।
परिशिष्ट
- "अड़सठ"
वर्ष 2025-26 मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना में अनियमितता
[पशुपालन एवं डेयरी]
171. ( क्र. 3342 ) श्री केशव देसाई : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पशु पालन एवं डेयरी विभाग द्वारा मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना संचालित है? (ख) क्या मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना में इसका प्रचार प्रसार कराये जाने का प्रावधान है? (ग) क्या वर्ष 2025-26 का अनुसूचित जाति वर्ग के 10 हितग्राहियों को लाभांवित करने का लक्ष्य मुरैना जिले को मिला था? (घ) क्या सम्पूर्ण मुरैना जिले का अनुसूचित जाति वर्ग सम्पूर्ण 10 हितग्राहियों का लक्ष्य मुरैना जिले के एक अम्बाह ब्लॉक में बिना किसी प्रकार के प्रचार प्रसार के दो दिन में पूर्ण कर दिया है? (ड.) ऐसे अनियमितता करने वाले उपसंचालक के खिलाफ क्या कानूनी कार्यवाही की जावेगी और कब तक की जावेगी?
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। (ग) जी हाँ। (घ) जी नहीं, जिला मुरैना में विकासखण्ड अम्बाह के 05 हितग्राहियों, विकासखण्ड पोरसा के 03 हितग्राहियों तथा विकासखण्ड जौरा के 01 हितग्राही का चयन योजना अंतर्गत वर्ष 2025-26 हेतु किया गया है। (ड.) उत्तरांश (घ) के उत्तर के अनुक्रम में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
इंदौर संभाग अंतर्गत स्वीकृत सड़कें
[लोक निर्माण]
172. ( क्र. 3398 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक निर्माण विभाग इंदौर संभाग अंतर्गत विगत 02 वर्षों में किन-किन सड़कों के निर्माण हेतु निविदा जारी की, तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति आदेश, स्वीकृत टेंडर डाक्यूमेंट एवं जारी किए गए वर्कऑर्डर की प्रति सहित बतावें। उक्त टेंडर स्वीकृति हेतु जो तुलनात्मक पत्रक फाइनेंसियल बिड एवं तकनीकी बिड हेतु तैयार किया गया उस तुलनात्मक पत्रकों की छायाप्रति एवं उक्त निर्माण कार्यों हेतु स्वीकृत की गई ड्राईंग डिजाइन की प्रति सहित बतावें। (ख) प्रश्नांश (क) के निर्माण कार्यों हेतु जारी वर्क ऑर्डर, निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी हेतु अधिकृत विभाग के जो सहायक यंत्री, उपयंत्री, एसडीओ एवं कार्यपालन यंत्री के नाम, पदनाम एवं मोबाइल नंबरों की प्रति सहित बतावें। उक्त निर्माण कार्यों के जिस फर्म/कंपनी को टेंडर स्वीकृत किया जाकर वर्क ऑर्डर जारी किए, प्रश्न दिनांक तक की अवधि में जो भी बिल/वाउचरों एवं राशि का भुगतान किया गया उसकी एक्जाई जानकारी निर्माण कार्यवार प्रति सहित बतावें। (ग) धार जिले के मनावर में बायपास रिंगरोड स्वीकृति बावत प्रश्नकर्ता ने किस-किस को किन-किन विषयों एवं बिंदुओं को उल्लेखित कर कब-कब पत्र लिखा? उक्त पत्रों पर प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की गई? (घ) प्रश्नांश (ग) के पत्रों में उल्लेखित किन-किन बिंदुओं अनुसार मनावर में बायपास मार्ग रिंगरोड स्वीकृत किया जाना अत्यंत जरूरी बताया है? किस प्रक्रिया के तहत मनावर में रिंगरोड स्वीकृत किया जाएगा? प्रश्न दिनांक तक भी मनावर में रिंगरोड स्वीकृत नहीं किए जाने का क्या कारण है।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार, तकनीकी स्वीकृति की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार, प्रशासकीय स्वीकृति आदेश की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार, स्वीकृत टेंडर डाक्यूमेंट (पत्र) की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार एवं वर्क ऑडर की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है। तुलनात्मक पत्रकों की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-5 अनुसार एवं ड्राइंग डिजाईन की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-6 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -ब एवं 'ब-1' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -स एवं 'स-1' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स के कॉलम-6, 7, 8 एवं प्रपत्र-'स-1' अनुसार है।
भूमि की विधि विरूद्ध विक्रय एवं अवैध कब्जा
[नगरीय विकास एवं आवास]
173. ( क्र. 3400 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर सुधार न्यास कटनी की आवासीय योजना क्रमांक-15 के लिए अधिग्रहित ग्राम झिंझरी के पुराना खसरा नंबर-823 नया खसरा नंबर-292 रकबा 1.214 हेक्टेयर एवं ग्राम अमकुही के खसरा नंबर 285/1 एवं 286/1,2,3 में से रकबा 7.039 हेक्टेयर कुल रकबा 8.253 हेक्टेयर भूमि को मुआवजा राशि प्राप्त करने के बाद भी भू-स्वामियों द्वारा विधि विरूद्ध विक्रय करने के कारण भू-स्वामियों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही नहीं की गई है तो इसके लिए कौन-कौन दोषी हैं? दोषियों के विरूद्ध कब तक, क्या कार्यवाही की जाएगी? (ख) अतीशा कंस्ट्रक्शन एवं श्रीमती निधि पाठक द्वारा ग्राम अमकुही की लगभग 31.50 एकड़ भूमि एवं अतीशा कंस्ट्रक्शन, यश लॉजिस्टिक एवं श्रीमती निधि पाठक द्वारा ग्राम झिंझरी की लगभग 9.56 एकड़ भूमि कुल लगभग 41 एकड़ भूमि 30 विक्रय पत्रों के माध्यम से क्रय की गई हैं परंतु 41 एकड़ क्रयशुदा भूमि से लगभग 14 एकड़ अधिक भूमि पर कुल लगभग 55 एकड़ भूमि पर बाउंड्री बनाकर अवैध कब्जा करने के संबंध में प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? (ग) कटनी निवासी कमल पांडेय द्वारा इस संबंध में मय संपूर्ण दस्तावेजों के प्रस्तुत लिखित शिकायतों पर नगर पालिक निगम कटनी द्वारा प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई है। योजना क्रमांक-15 की अधिग्रहित भूमि पर अवैध कब्जाधारियों द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्य पर अब तक रोक क्यों नहीं लगाई गई है। निर्माण कार्य पर कब तक रोक लगाई जाएगी।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) शिकायतकर्ता नगर पालिक निगम कटनी के पूर्व अध्यक्ष श्री संतोष शुक्ला द्वारा माननीय उच्च न्यायालय म.प्र. जबलपुर में रिट पिटीशन क्रमांक 9003/2025 दायर करते हुए तत्कालीन नगर सुधार न्यास कटनी की सभी योजनाओं की भूमियों, जिनमें प्रश्नांश में उल्लेखित भूमि भी सम्मिलित है, को खुर्द-बुर्द करने एवं योजना में की गई अनियमितताओं के संबंध में प्रस्तुत की गई है, जिसमें मान. उच्च न्यायालय म.प्र. जबलपुर द्वारा पारित आदेश दिनांक 25.03.2025 में तत्कालीन सुधार न्यास की योजनाओं की जांच हेतु शासन को निर्देशित किया गया है तत्संबंध में म.प्र. शासन, नगरीय विकास एवं आवास विभाग भोपाल के पत्र क्रमांक 1128/2025/18-03 भोपाल दिनांक 28.03.2025 से अपर कलेक्टर कटनी की अध्यक्षता में 06 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया। शासन द्वारा गठित जांच समिति की समय-समय पर क्रमशः दिनांक 21/05/2025, दिनांक 04/06/2025 एवं दिनांक 17/06/2025 को बैठक आयोजित की गई। इस दौरान समिति के अध्यक्ष एवं कुछ सदस्यों का स्थानांतरण कटनी जिला से अन्यत्र हो जाने के कारण जांच कार्यवाही पूर्ण नहीं हो पाई, जांच कार्यवाही पूर्ण किये जाने की दृष्टि से नगरपालिक निगम, कटनी द्वारा पत्र क्रमांक 574ए दिनांक 29/10/2025 से म.प्र. शासन, नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्रालय भोपाल को नवीन समिति के गठन किए जाने का अनुरोध किया गया। तदक्रम में मध्यप्रदेश शासन नगरीय विकास एवं आवास विभाग, मंत्रालय भौपाल का पत्र क्रमांक 347/2307808/2024/18-3 भोपाल दिनांक 28/01/2026 से पुनः नवीन 06 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है। गठित जांच समिति की बैठक दिनांक 10/02/2026 को आयोजित की गई। आयोजित बैठक में समिति के द्वारा योजनाओं से संबंधित दस्तावेजों का परीक्षण किये जाने एवं योजनाओं से संबंधित दस्तावेज, योजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी आगामी बैठक में प्रस्तुत किये जाने का निर्णय लिया गया है। उपरोक्तानुसार गठित समिति के जांच प्रतिवेदन। निर्णय उपरांत आगामी कार्यवाही की जावेगी। (ख) एवं (ग) उत्तरांश (क) में समाहित है।