मध्यप्रदेश विधान सभा
प्रश्नोत्तर-सूची
मार्च, 2022
सत्र
शुक्रवार, दिनांक 25 मार्च, 2022
भाग-1
स्थायी
आदेश 13-क के
अंतर्गत
तारांकित
प्रश्नोत्तर,
अतारांकित
प्रश्नोत्तर
के
रुप मॆं
परिवर्तित
स्वास्थ्य
बीमा के
हितग्राहियों
के क्लेम का
भुगतान बावत
[वित्त]
1. ( क्र. 55 ) श्री
सुशील कुमार
तिवारी : क्या वित्त
मंत्री महोदय
यह बताने की
कृपा करेंगे
कि (क) क्या
जबलपुर जिले
में विगत 2 वर्षों
में कोरोना से
पीड़ित व्यक्तियों
को बीमा
कंपनियों
द्वारा क्लेम
के भुगतान
नहीं किये गये
हैं? (ख) क्या
शासन ऐसी बीमा
कंपनियों के
विरूद्ध कार्यवाही
करेंगा? (ग) प्रश्नांश
(क) के अंतर्गत
क्या क्लेम
प्राप्त न
होने वाले हितग्राहियों
के लिये बीमा
कंपनियों से
भुगतान कराने
हेतु
कार्यवाही की
जावेगी? (घ) यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो
क्यों?
वित्त
मंत्री ( श्री
जगदीश देवड़ा )
: (क) भारत
के संविधान के
अंतर्गत
सातवीं
अनुसूची की
कंडिका 43 एवं 47
अनुसार बीमा
संबंधी
विषयों के ऊपर
सम्पूर्ण
प्राधिकारिता
केन्द्र
शासन की है। अत:
इस संबंध में
शिकायतों का
निराकरण केन्द्र
सरकार/केन्द्र
सरकार द्वारा
प्राधिकृत
संस्थाओं
द्वारा किया
जाना
अपेक्षित है। (ख)
एवं (ग) प्रश्नांश
"क" के उत्तर
के
परिप्रेक्ष्य
में शेष प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता। (घ) शेष प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता।
सिविल हॉस्पिटल ब्यावरा के स्वीकृत पदों की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
2. ( क्र. 203 ) श्री रामचन्द्र दांगी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ब्यावरा शहर वर्तमान में जिले का सबसे बड़ा शहर है व आसपास के कई गांव लगे हुए हैं। सिविल हॉस्पिटल ब्यावरा में कुल कितने पद स्वीकृत हैं व कितने पद भरे हुए हैं व कितने पद रिक्त हैं? समस्त पदों की जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार शेष रिक्त पदों पर कब तक पूर्ति की जाएगी? (ग) हॉस्पिटल नेशनल हाईवे से लगा होने के कारण आए दिन एक्सीडेंट केस आते रहते हैं क्या इसे ट्रामा सेंटर बनाया जा सकता है? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों? (घ) उक्त हॉस्पिटल में क्या 500 बेड स्वीकृत किए जा सकते हैं? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
लोक
स्वास्थ्य
एवं परिवार
कल्याण
मंत्री ( डॉ.
प्रभुराम
चौधरी ) : (क) जी हाँ, जानकारी
संलग्न परिशिष्ट
अनुसार है। (ख) विभाग
रिक्त पदों की
पूर्ति हेतु
निरंतर प्रयास
कर रहा है
परंतु प्रथम
श्रेणी
विशेषज्ञों
के समस्त पद
पदोन्नति से
भरे जाने के
प्रावधान के
कारण एवं
पदोन्नति के
संदर्भ में
माननीय
उच्चतम
न्यायालय में
माह मई 2016
से प्रचलित
प्रकरण के
कारण प्रथम
श्रेणी विशेषज्ञ
व अन्य श्रेणी
के पदोन्नति
के पदों की
पदोन्नति की
प्रक्रिया
विलंबित है। चिकित्सकों
के सीधी भरती
के रिक्त पदों
की पूर्ति की
कार्यवाही
लोक सेवा आयोग
के माध्यम से
निरंतर जारी
है। राष्ट्रीय
स्वास्थ्य
मिशन के
माध्यम से संविदा
चिकित्सकों
की तथा बंध-पत्र
के अनुक्रम में
चिकित्सकों
की पदस्थापना
की कार्यवाही उपलब्धता
अनुसार
निरंतर की
जाती है। पैरामेडिकल
संवर्ग के
कर्मचारियों
की भरती मध्यप्रदेश
प्रोफेशनल
एक्जामिनेशन
बोर्ड के
माध्यम से तथा
प्रदेश
अंतर्गत
शासकीय नर्सिंग
कॉलेजों से
उत्तीर्ण
स्टॉफ नर्सों
की नियुक्ति
की कार्यवाही
निरंतर की
जाती है। शत-प्रतिशत
पदपूर्ति
हेतु निश्चित
समयावधि बताई
जाना संभव
नहीं है। (ग) जी
नहीं,
विभागीय
आदेश क्रमांक 12-15/2017/सत्रह/मेडि-तीन
दिनांक 07.02.2018 द्वारा
प्रदेश के 51 जिलों
के जिला
चिकित्सालयों
में ट्रामा
यूनिट की
स्थापना की गई
है। वर्तमान
में उप जिला
स्तरीय
संस्थाओं में
ट्रामा
सेन्टर बनाये
जाने का
प्रावधान
नहीं है। शेष प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता। (घ) सिविल
अस्पताल
ब्यावरा जिला
राजगढ़ में
विगत 03
वर्षों की बैड
आक्यूपेंसी
के आधार पर
उन्नयन की
पात्रता नहीं
है।
परिशिष्ट
- "एक"
आयुष्मान भारत योजना के तहत चिन्हित अस्पताल
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
3. ( क्र. 302 ) श्री ग्यारसी लाल रावत : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वानी जिले की चारों विधान सभा में आयुष्मान योजना के अंतर्गत कौन-कौन से अस्पताल किन-किन बीमारियों के लिए चिन्हित किये गये हैं? सूची उपलब्ध कराएं। जिले में योजना प्रारंभ होने से प्रश्न दिनांक तक किन-किन अस्पतालों में कितने मरीजों का आयुष्मान भारत योजना में इलाज हुआ तथा कितनी राशि व्यय हुई? (ख) बड़वानी जिले की चारों विधान सभा में 01 जनवरी 2020 से प्रश्न दिनांक तक कितने बच्चे जिनकी उम्र 2 माह से 10 वर्ष की है, मृत्यु हुई है? मृतक बच्चों के नाम, पिता का नाम, उम्र, पता सहित जानकारी दें। क्या मृतक बच्चों की मृत्यु कुपोषण के कारण हुई है? यदि हाँ, तो क्या उनके स्वास्थ्य परीक्षण कब-कब कराये गये तथा स्वास्थ्य लाभ क्यों नहीं हो सका? मृतक बच्चों में कुपोषण के अलावा क्या अन्य बीमारी रही? यदि हाँ, तो बीमारियों का नाम बतावें तथा उनका इलाज किन-किन चिकित्सकों द्वारा किया गया? क्या चिकित्सक बाल रोग विशेषज्ञ थे? यदि हाँ, तो उनके नाम तथा पदस्थापना अस्पताल का नाम, पता बतावें। (ग) बड़वानी जिले की चारों विधान सभा में आयुष्मान योजना के तहत वर्ष 2020-21, 2021-22 में कितनी राशि किस अस्पताल को आवंटित की गई?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश अवधि में 609 बच्चों की मृत्यु हुई है जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। जी नहीं। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (ग) प्रश्नांश अवधि में किसी भी अस्पताल को कोई राशि आवंटित नहीं की गई है।
सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए नीति आयोग के निर्देश
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
4. ( क्र. 383 ) श्री कमलेश्वर पटेल : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के खाली पदों को भरने और बाकी स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए अक्टूबर-2021 में नीति आयोग द्वारा सरकार को कोई रिपोर्ट और निर्देश दिये गये थे? (ख) यदि हाँ, तो नीति आयोग की रिपोर्ट की प्रति बतावें। (ग) क्या सरकार द्वारा नीति आयोग के निर्देशों पर क्रियान्वयन के लिए कोई कार्यवाही की है? (घ) यदि नहीं, तो इसका क्या कारण है?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी नहीं। (ख) से (घ) प्रश्नांश ''क'' के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
स्वरोजगार के लिये हितग्राहियों के आवेदन की स्थिति
[सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम]
5. ( क्र. 673 ) श्री तरूण भनोत : क्या सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के आरंभ होने के बाद प्रश्न दिनांक तक जबलपुर जिले में स्वरोजगार स्थापित करने के लिए जिला उद्योग केन्द्र में कुल कितने हितग्राहियों के आवेदन मिलें? प्रत्येक हितग्राही का नाम, चाहे गये ऋण की राशि और आवेदन करने की तारीख बतावें। (ख) उपरोक्त में कौन-कौन से आवेदन किस-किस बैंक को किस-किस तारीख को भेजे गये? (ग) प्रश्न दिनांक तक कुल कितने और कौन-कौन से हितग्राही को कितना-कितना ऋण स्वीकृत हुआ? (घ) क्या सरकार ने इस योजना के क्रियान्वयन के लिए कोई लक्ष्य निर्धारित किया है? क्या लक्ष्य पूरा हुआ हैं? यदि नहीं, तो इसका क्या कारण हैं?
सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ( श्री ओमप्रकाश सखलेचा ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (घ) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में वित्तीय वर्ष 2021-22 में जबलपुर जिले के लिये 170 प्रकरणों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निर्धारित लक्ष्य 31 मार्च 2022 तक के लिये है, अत: शेष प्रश्नांश का वर्तमान स्थिति में उत्तर दिया जाना संम्भव नहीं है।
एनीमिया मुक्त भारत योजना के अंतर्गत बजट का आवंटन
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
6. ( क्र. 689 ) श्री
तरूण भनोत : क्या
लोक
स्वास्थ्य
एवं परिवार
कल्याण मंत्री
महोदय यह
बताने की कृपा
करेंगे कि (क) क्या
यह सही है कि
केन्द्र
सरकार द्वारा
वित्त बजट-2021-22
अंतर्गत
एनीमिया मुक्त
भारत योजना के
लिये बजट का
आवंटन किया
गया था? (ख) यदि हाँ, तो, केन्द्र
द्वारा
प्रावधानित
बजट की कुल
राशि कितनी थी
और उस बजट के
उपयोग की विस्तृत
जानकारी दें?
लोक
स्वास्थ्य
एवं परिवार
कल्याण
मंत्री ( डॉ.
प्रभुराम
चौधरी ) : (क) जी
हाँ। (ख) एनीमिया
मुक्त भारत
योजना हेतु
कुल
प्रावधानित
बजट राशि 90.86 करोड़
थी। दिनांक 10 मार्च
की स्थिति में
प्राप्त बजट
के उपयोग की जानकारी
संलग्न परिशिष्ट अनुसार
है।
ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केन्द्रों पर चिकित्सकों की उपलब्धता
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
7. ( क्र. 692 ) श्री
तरूण भनोत : क्या
लोक
स्वास्थ्य
एवं परिवार
कल्याण मंत्री
महोदय यह
बताने की कृपा
करेंगे कि (क) क्या
यह सही है कि
प्रदेश के
ग्रामीण
क्षेत्रों में
स्वास्थ्य
एवं उपस्वास्थ्य
केन्द्रों
पर स्वीकृत
चिकित्सकों
और स्टॉफ के
उपलब्ध न होने
को लेकर
शिकायतें मिल
रही हैं? (ख) प्रश्नांश
(क) यदि हाँ, तो प्रदेश
भर के ग्रामीण
क्षेत्रों
में स्वास्थ्य
एवं उपस्वाथ्य
केन्द्रों
पर शासन
द्वारा स्वीकृत
पदों और उपलब्ध
चिकित्सकों
की संख्यात्मक
जानकारी दें। (ग)
क्या जबलपुर
जिले के
ग्रामीण
क्षेत्रांतर्गत
स्वास्थ्य
एवं उपस्वास्थ्य
केन्द्रों
की कुल संख्या, उनमें
चिकित्सकों
और स्टॉफ के
स्वीकृत पद
एवं उनकी वास्तविक
उपलब्धता की
संख्यात्मक
जानकारी दें।
लोक
स्वास्थ्य
एवं परिवार
कल्याण
मंत्री ( डॉ.
प्रभुराम
चौधरी ) : (क) जी
हाँ। (ख) जानकारी
पुस्तकालय
में रखे
परिशिष्ट के
प्रपत्र ''अ'' अनुसार
है। (ग) जानकारी
पुस्तकालय
में रखे
परिशिष्ट के
प्रपत्र ''ब'' अनुसार
है।
स्कूल एवं आंगनवाड़ी केंद्रों पर पेयजल व्यवस्था हेतु किए जा रहे कार्य
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
8. ( क्र. 1230 ) श्री मुकेश रावत (पटेल) : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अलीराजपुर जिले के विकासखंड सोंडवा, कट्ठीवाड़ा और अलीराजपुर के किन-किन ग्रामों की स्कूलों और आंगनवाड़ियों में पेयजल व्यवस्था हेतु कितने कार्य कहाँ-कहाँ पर स्वीकृत है? सूची सहित जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार प्रश्न दिनांक तक की स्थिति में कितने कार्य पूर्ण तथा प्रगतिरत है? पूर्ण तथा प्रगतिरत कार्यों की कितनी-कितनी राशि संबंधित ठेकेदारों को भुगतान की जा चुकी है? क्या पूर्ण व प्रगतिरत कार्यों का भौतिक सत्यापन किया गया है यदि हाँ, तो किन-किन अधिकारियों द्वारा भौतिक सत्यापन किया गया है नाम पदनाम व विभाग सहित जानकारी देवें। पूर्ण कार्यों के राशि भुगतान की संस्थावार जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार स्वीकृत कार्य ऐसे स्थानों पर पूर्ण कर दिए गए हैं जहां पर बिजली कनेक्शन और बोरवेल में पानी उपलब्ध नहीं है। ग्रामवार जानकारी देवें।
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के अनुसार है।
डबरा सिविल अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ की पदस्थापना
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
9. ( क्र. 1252 ) श्री सुरेश राजे : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विगत कई वर्षों से डबरा सिविल अस्पताल पर स्थायी रूप से स्त्री रोग विशेषज्ञ की पदस्थापना नहीं की गयी है जिस कारण प्रसूताओं को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार मातृ मृत्यु दर को नियंत्रित करने के लिए अविलम्ब स्त्री रोग विशेषज्ञ की स्थापना की जाएगी l यदि नहीं, तो क्यों कारण बतावें l (ग) विगत 8 वर्ष से अधिक समय से ENT विशेषज्ञ डॉ. आशा सिंह डबरा सिविल अस्पताल में पदस्थ है जो अस्पताल परिसर में ड्यूटी समय में निजी प्रैक्टिस करने का कार्य कर रही हैं जिसकी समय-समय पर आमजन तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा शिकायतें की गयी हैं। इसके उपरान्त भी इनका तबादला क्यों नहीं किया जा रहा है कारण बतावें l (घ) केन्द्रीय मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर जी द्वारा ICU के लिए धनराशि प्रदान करने के उपरान्त भी सिविल अस्पताल डबरा का ICU आज दिनांक तक प्रारंभ नहीं हो सका है? इसका क्या कारण स्पष्ट करें l वर्तमान में उस धनराशि की स्थिति क्या है?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी नहीं। (ख) स्त्री रोग चिकित्सक की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला ग्वालियर द्वारा सप्ताह में 03 दिवस मूल पदस्थापना स्थल सिविल अस्पताल डबरा में कार्य संपादित किए जाने हेतु डॉ.मेमूना खातून को आदेश दिनांक 14.03.2022 के द्वारा आदेशित किया गया है। (ग) सिविल अस्पताल डबरा में पदस्थ ई.एन.टी. विशेषज्ञ डॉ आशा सिंह को निजी प्रैक्टिस करने के संबंध में कार्यालय आयुक्त, ग्वालियर संभाग द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 14.01.2022 को जारी किया गया था एवं संबंधित चिकित्सक द्वारा दिनांक 27.01.2022 को जवाब प्रस्तुत किया गया है, प्रकरण परीक्षणाधीन है। प्रकरण में जांच उपरांत गुण-दोष के आधार पर निर्णय लिया जावेगा। (घ) जी हाँ। मेडिसिन विशेषज्ञ के अभाव में आई.सी.यू. संचालन में कठिनाई हो रही है। केन्द्रीय मंत्री माननीय श्री नरेन्द्र सिंह तोमर जी द्वारा आई.सी.यू. के लिए कुल 26.67 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई, जिसमें वेंटीलेटर 9,65,000/- रूपये, ईको-कार्डियोग्राफी कलर डाप्लर 9,97,000/-रूपये, ई.सी.जी. मशीन 65,000/- रूपये तथा रिनोवेशन कार्य में 2,22,516/- रूपये का उपयोग किया गया।
रोजगार सृजन कार्यक्रम में व्याप्त विसंगतियां
[सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम]
10. ( क्र. 1417 ) श्री सुरेन्द्र सिंह हनी बघेल : क्या सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खादी और ग्रामोद्योग आयोग द्वारा रोजगार सृजन हेतु कौन-कौनसी योजनायें संचालित की जा रही हैं प्रत्येक योजना की विस्तृत जानकारी प्रदान करें? (ख) वित्तीय वर्ष 2019-20, 2020-21 एवं 2021-22 में कुक्षी विधान सभा से कितने आवेदन प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम हेतु प्राप्त हुए? आवेदनकर्ता का नाम, ट्रेड, इकाई की कुल लागत इत्यादि की विस्तृत जानकारी प्रदान करें। (ग) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में कौन-कौन से उद्यमियों को योजनान्तर्गत लाभान्वित किया गया? कितने आवेदन वित्तीय संस्थाओं के पास, किस कारण से लंबित हैं? लंबित आवेदनों का निराकरण कब तक कर दिया जायेगा। लंबित आवेदनों के लिए कौन दोषी है और शासन दोषियों पर क्या कार्यवाही करेगा? (घ) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में, कितने आवेदन निरस्त किये गये? प्रकरणवार कारण स्पष्ट करें?
सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ( श्री ओमप्रकाश सखलेचा ) : (क) एम.एस.एम.ई. विभाग द्वारा खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग की प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) योजना संचालित की जाती है, इस योजना का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) कुक्षी विधानसभा क्षेत्र में प्रश्नांश अवधि में प्राप्त आवेदनों का विवरण निम्नानुसार है:-
क्र. |
वर्ष |
प्राप्त आवेदन |
नाम, ट्रेड, लागत आदि |
1 |
2019-20 |
13 |
जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-क अनुसार है। |
2 |
2020-21 |
45 |
जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ख अनुसार है। |
3 |
2021-22 |
45 |
जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ग अनुसार है। |
(ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'क', 'ख' एवं 'ग' अनुसार है। लंबित आवेदनों पर कार्यवाही/निराकरण सतत् प्रक्रिया है, जिसे बैंक द्वारा निरंतर किया जाता है। बैंक राज्य शासन के अधीन नहीं है तथापि बैंकों से संबंधित शिकायत/समस्याओं आदि के लिए जिला स्तरीय परामर्श-दात्री समिति में समीक्षा की जाती है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'क', 'ख' एवं 'ग' अनुसार है।
कालोनियों का रख-रखाव मरम्मत की स्थिति
[नर्मदा घाटी विकास]
11. ( क्र. 1537 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रानी अवंति बाई लोधी सागर परियोजना बरगी बांध बायी तट नहर संभागों में निर्मित कालोनियों के लिये कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई एवं कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? वर्ष 2018-19 से 2021-22 तक की संभागवार जानकारी देवें? (ख) प्रश्नांकित किन-किन संभागों में कहां-कहां पर निर्मित कालोनियों में किस-किस टाइप के कितने-कितने आवास हैं। इनके रख-रखाव, मरम्मत, पुनर्निर्माण आदि पर कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? किस-किस टाइप के कितने-कितने आवास, जर्जर, खण्डहर व उपयोग हीन हो गये हैं? (ग) प्रश्नांकित किन-किन कालोनियों में कितने सेवानिवृत्ति व स्थानांतरित कर्मचारियों/अधिकारियों ने आबंटित आवास खाली नहीं किया है आवासों को खाली करवाने हेतु कब क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) क्या प्रश्नांकित कालोनियों में निवासरत कर्मचारियों/अधिकारियों पर आवास किराये, विद्युत, पेयजल एवं अन्य राशि वसूल करना बकाया है राशि की वसूली हेतु क्या कार्यवाही की गई हैं?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार है। संबंधितों को समय-समय पर आवास खाली करने हेतु नोटिस जारी किये गये हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) कटंगा कालोनी बरगी हिल्स जबलपुर के 54, शहपुरा कालोनी के 13 एवं रानी अवंती बाई लोधी सागर बरगी कालोनी क्रमांक-2, गोटेगांव के 01 अधिकारी/कर्मचारी से राशि की वसूली बकाया है। समय-समय पर राशि की वसूली हेतु नोटिस जारी किये गये हैं।
प्रदेश के 89 ट्राइबल ब्लॉकों में पेयजल व्यवस्था
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
12. ( क्र. 1613 ) श्री मुकेश रावत (पटेल) : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 89 ट्राइबल ब्लॉकों में जनवरी 2019 से प्रश्न दिनांक तक कितने व्यक्तियों को किन-किन योजनाओं के तहत पेयजल सुविधा दिया गया? वर्तमान में कितने व्यक्ति पेयजल सुविधा प्राप्त है, कितने वंचित हैं? ब्लॉकवार वर्षवार पृथक-पृथक ब्यौरा देवें? (ख) वित्त-वर्ष 2019-20, 2020-21, 2021-22 में पी.एच.ई. विभाग को ट्राइबल सब-प्लान से कितनी राशि किन-किन योजनाओं में आवंटित की गई? कितनी राशि कहां-कहां खर्च की गई? वर्षवार, ब्लाकवार पृथक-पृथक ब्यौरा देवें? (ग) जनवरी 2019 से प्रश्न-दिनांक तक अलीराजपुर जिले में किन-किन ग्रामों में किन-किन योजनाओं के तहत कितने व्यक्तियों को पेयजल सुविधा प्रदान की गई, कितने वंचित हैं? व्यक्तियों के नाम सहित ग्रामवार, वर्षवार पृथक-पृथक ब्यौरा देवें? 100% आबादी को पेयजल सुविधा प्रदान करने का क्या योजना और लक्ष्य निर्धारित है? (घ) अलीराजपुर जिले में वित्त-वर्ष 2019-20, 2020-21, 2021-22 में पी.एच.ई. विभाग को ट्राइबल सब-प्लान से कितनी राशि किन-किन योजनाओं में आवंटित की गई? कितनी राशि कहां-कहां खर्च की गई? वर्षवार, ग्रामवार, योजनावार पृथक-पृथक ब्यौरा देवें। (ङ) वित्त वर्ष 2022-23 में ट्राइबल सब-प्लान से पी.एच.ई. विभाग को कितनी राशि किन-किन योजनाओं में आवंटित करने का प्रस्ताव है? उक्त में से कितनी राशि अलीराजपुर जिले के लिए प्रस्तावित हैं?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (ड.) जानकारी संकलित की जा रही है।
विधायक निधि के अपूर्ण एवं अप्रारंभ कार्य
[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]
13. ( क्र. 1685 ) श्री निलय विनोद डागा : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैतूल विधानसभा अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2019-20, 2020-21 एवं 2021-22 में विधायक निधि के कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किये गये है? स्वीकृत कार्यों को कितने दिवसों में पूर्ण कराए जाने के निर्देश हैं एवं इसका दायित्व किस अधिकारी को प्राप्त है? नियम व आदेश उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार कितने कार्य पूर्ण है और कितने कार्य अप्रारंभ व अपूर्ण है? अप्रारंभ/अपूर्ण रहने का कारण बताये। उक्त अप्रारंभ/अपूर्ण कार्य एजेंसी द्वारा कब-कब, कितनी-कितनी राशि आहरित कर ली है? राशि आहरण के बाद भी कार्य क्यों प्रारंभ/पूर्ण नहीं कराया? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार अप्रारंभ/अपूर्ण कार्यों को पूर्ण करवाने के लिए जवाबदार अधिकारियों द्वारा क्या-क्या प्रयास एवं कार्यवाही की गई? (घ) उक्त अपूर्ण एवं अप्रारंभ कार्य कब तक पूर्ण होंगे? इस हेतु जिला योजना अधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत तथा कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा व मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत द्वारा कब-कब, क्या-क्या कार्यवाही की गई? (ङ) शासन के निर्देशों के बाद भी विधायक निधि से स्वीकृत कार्य में स्थल पर बोर्ड क्यों नहीं लगाये जा रहे हैं?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) कार्यवार विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना की मार्गदर्शिका के अनुसार स्वीकृत कार्यों को 1 अथवा 2 सीजन में पूर्ण कराये जाने का प्रावधान है। कार्यों को पूर्ण कराये जाने का दायित्व का उल्लेख मार्गदर्शिका की कंडिका 4.5 में निहित है। नियम एवं आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार 175 कार्य पूर्ण है, 25 कार्य अपूर्ण एवं 53 कार्य अप्रारंभ है। कार्यों के अप्रारंभ एवं अपूर्ण रहने के कारण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ के कालम क्र. 7 में दर्ज है। राशि आहरण एवं कार्य की वर्तमान स्थिति और अपूर्णता का कारण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ग) कलेक्टर द्वारा टी.एल. बैठकों में निर्माण कार्यों के संबंध में संबंधित क्रियान्वयन एजेन्सियों की समीक्षा की जाती है, अपूर्ण/अप्रारंभ कार्यों को पूर्ण करवाने के लिए क्रियान्वयन एजेन्सी को निर्देश दिये गये है। (घ) विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब के सरल क्रमांक 1 अनुसार है। (ड.) विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब के सरल क्रमांक 2 अनुसार है।
औषधि अनुज्ञप्तियां प्रदत्त करने की प्रक्रिया
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
14. ( क्र. 1702 ) श्री संजीव सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या खाद्य एवं औषधि नियंत्रक कार्यालय तृतीय पक्षीय दस्तावेजों के आधार पर औषधि अनुज्ञप्ति प्रदत्त करता है? यदि हाँ, तो तृतीय पक्षीय कौन से दस्तावेज स्वीकार किये जाते है? दस्तावेजों के विवरण देवें? (ख) क्या खाद्य एवं औषधि नियंत्रक कार्यालय द्वारा प्रश्न दिनांक तक अनुभव प्रमाण पत्र गलत पाए जाने के आधार पर खुदरा एवं थोक औषधि अनुज्ञप्ति निरस्त की गयी है? यदि हाँ, तो, औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम कि किस धारा के अंतर्गत? दस्तावेजों के विवरण सहित बतावें? (ग) क्या खाद्य एवं औषधि नियंत्रक कार्यालय द्वारा अनुभव प्रमाण पत्र से सम्बधित दस्तावेजों में त्रुटि पाए जाने पर जारी कारण बताओ नोटिस के प्रति उत्तर के साथ प्रस्तुत अनुभव प्रमाण पत्र जारी करता द्वारा दिए गए शपथ-पत्र द्वारा कार्य अनुभव की स्वीकारता के बावजूद क्या खुदरा एवं थोक औषधि अनुज्ञप्ति प्रदाता के विरुद्ध कार्यवाही कि जा सकती है? यदि हाँ, तो, किस प्रकार की कार्यवाहियां की जा सकती है, औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम कि किस धारा के अंतर्गत? दस्तावेजों के विवरण सहित जानकारी देवें?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) खाद्य एवं औषधि नियंत्रक कार्यालय लायसेंस प्रदाय हेतु प्राप्त आवेदन में अंकित, नियमानुसार आवश्यक अर्हताधारी तृतीय पक्षीय सक्षम व्यक्ति के एवं अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति बाबत् प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर औषधि अनुज्ञप्ति प्रदत्त करता है। सक्षम व्यक्ति से संबंधित दस्तावेजों सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों का अनुज्ञप्तिवार विवरण जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (ग) कारण बताओ सूचना पत्र के उत्तर के साथ संलग्न दस्तावेजों के समुचित जांच/परीक्षण/विश्लेषण तथा गुणदोष के आधार पर विस्तृत परीक्षणोपरांत अनुज्ञप्तिधारी के विरूद्ध कार्यवाही की जा सकती है। लायसेंस निलंबन/निरस्तीकरण की कार्यवाही औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियम, 1945 के नियम 66 के अंतर्गत की जा सकती है। नियम की छायाप्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है।
कोविड-19 के उपचार के लिये अधिकृत शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालय
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
15. ( क्र. 1884 ) श्री अनिरुध्द (माधव) मारू : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2020 से जनवरी, 2022 तक कितने शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों को कोविड-19 के उपचार के लिये अधिकृत किया गया और उनमें कितने मरीजों का उपचार किया गया एवं उन पर कितना व्यय हुआ। उक्त व्यय किसके द्वारा वहन किया गया। (ख) कोविड-19 की महामारी को दृष्टिगत रखते हुए विभाग एवं शासन ने प्रदेश में स्थित अस्पतालों के उन्नयन/सर्व सुविधायुक्त बनाने हेतु क्या-क्या प्रयास किये, जिलेवार बतावें? (ग) क्या इन सभी चिकित्सालयों में शुद्ध बैक्टीरिया रहित ट्रिटेट पीने के पानी की व्यवस्था की गई है। यदि नहीं, तो इस हेतु क्या प्रयास किये जा रहे हैं एवं कब तक पूर्ण कर लिये जावेंगे। (घ) क्या म.प्र. के प्रायमरी हेल्थ सेंटर, जिला चिकित्सालय, अन्य शासकीय एवं अशासकीय चिकित्सालयों में आगजनी की घटना को रोकने हेतु स्वचलित अग्निशामक यंत्र लगाये गये हैं। नहीं तो इस हेतु क्या प्रयास किये जा रहे हैं एवं कब तक पूर्ण कर लिये जावेंगे।
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) वर्ष 2020 से जनवरी 2022 तक 13 शासकीय एवं 10 अशासकीय महाविद्यालयों को कोविड-19 के उपचार के लिये अधिकृत किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है।
हैंडपंपों के सुधार कार्य हेतु दिये टेण्डरों की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
16. ( क्र. 1917 ) श्री अजब सिंह कुशवाह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना जिले में वर्ष 2019 से प्रश्न दिनांक तक खराब पड़े हुए हैण्डपम्पों के सुधार हेतु कब-कब निविदायें आमंत्रित किये गये? किस-किस एजेंसीज को कब-कब हैण्डपम्प सुधार हेतु टेण्डर दिये गये? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार निविदाओं का क्या मूल्य निर्धारित किया गया? वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावें व किन-किन एजेंसियों को निविदायें दी गई? सूचीबद्ध जानकारी वर्षवार उपलब्ध करावें।
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
मुरैना की चाइल्ड इंटेंसिव केयर यूनिट से संबंधित जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
17. ( क्र. 1918 ) श्री अजब सिंह कुशवाह : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुरैना जिला में चाइल्ड इंटेंसिव केयर यूनिट कार्यरत है? पिछले तीन वर्षों में इनमें कितने नवजात शिशुओं का उपचार किया गया तथा उनमें से कितने मृत हुये? सूची उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार चाइल्ड इंटेंसिव केयर यूनिट मुरैना में कितने कर्मचारी कार्यरत हैं? सूची उपलब्ध करावें?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी हाँ। मुरैना जिला अस्पताल में संचालित एस.एन.सी.यू. में उपचारित एवं मृत नवजात शिशुओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। शेष प्रश्न की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (ख) मुरैना जिला अस्पताल में संचालित एस.एन.सी.यू. में कार्यरत कर्मचारियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग की स्थापना हेतु शासन के प्रयास
[सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम]
18. ( क्र. 1944 ) श्री अनिरुध्द (माधव) मारू : क्या सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. शासन द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग की स्थापना, व्यापार इत्यादि को प्रोत्साहित करने हेतु शासन द्वारा इस दिशा में क्या प्रयास किया जा रहा है। (ख) वर्ष 2016 से जनवरी 2022 तक म.प्र. शासन के कौन-कौन से शासकीय, अर्द्ध शासकीय, निगम, मण्डल, बोर्ड आदि द्वारा म.प्र. लघु उद्योग निगम के माध्यम से किन-किन आयटमों की खरीदी की गई। राशि, विभागवार एवं प्रदायकर्ता की विभागवार सूची उपलब्ध कराएं। (ग) म.प्र. राजपत्र दिनांक 31/07/2015 भाग-4 (ग) एवं म.प्र. राजपत्र 17/12/2018 के अनुसार परिशिष्ट-अ में आरक्षित आयटमों के बारे में राजपत्र में स्पष्ट है कि आरक्षित वस्तुओं की खरीदी म.प्र. लघु उद्योग निगम के माध्यम से ही की जावेगी। राजपत्र पृष्ठ क्रमांक 507 एवं 511 (19) द्वारा इन आरक्षित वस्तुओं को निविदा के माध्यम से क्रय नहीं किया जावेगा परंतु शासन के विभिन्न विभाग इसके विपरित क्रय कर रहे हैं। क्या विभाग ने म.प्र. शासन के अधीन समस्त विभागों को कोई निर्देश जारी किये गये हैं? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्ध करायें। यदि नहीं, तो क्यों।
सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ( श्री ओमप्रकाश सखलेचा ) : (क) विभाग द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग की स्थापना, व्यापार इत्यादि को प्रोत्साहित करने हेतु ''म.प्र. एम.एस.एम.ई. विकास नीति 2021'', विभागीय आधिपत्य के औद्योगिक क्षेत्रों में रियायती दरों पर भू-आवंटन हेतु ''मध्यप्रदेश एम.एस.एम.ई. को औद्योगिक भूमि तथा भवन आवंटन एवं प्रबंधन नियम, 2021'' और स्टार्टअप परिस्थिति की तंत्र के विकास हेतु ''स्टार्टअप नीति 2022'' जारी की गई है। (ख) वर्ष 2016 से जनवरी 2022 तक म.प्र. शासन के शासकीय, अर्द्धशासकीय, निगम, मण्डल, बोर्ड आदि द्वारा म.प्र. लघु उद्योग निगम के माध्यम से क्रय की गई सामग्री की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के पत्र क्रमांक 6-9/2015/अ-73, दिनांक 05.09.2018 से मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम के माध्यम से क्रय हेतु सामग्री आरक्षण की व्यवस्था को समाप्त किया गया है। साथ ही म.प्र. भण्डार क्रय तथा सेवा उपार्जन नियम 2015 के नियम 34 में नियमों का उल्लंघन मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के तहत कदाचरण माना जायेगा, का प्रावधान है।
महाकाल मंदिर को दान में मिली जमीन को विकास कार्य के बहाने बेचने के षड़यंत्र
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
19. ( क्र. 1972 ) श्री महेश परमार : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या पूर्व में प्रश्नकर्ता द्वारा तारांकित प्रश्न क्रमांक 2739 बैठक दिनांक 10/03/2021 को मंदिर की ज़मीनों पर कब्जों को लेकर विधानसभा में प्रश्न उठाया था? क्या इसमे हिंदू मंदिरों की जमीन हड़पने का षडयंत्र की शंका जाहिर की थी? क्या उसमें इंदौर टेक्सटाइल से लेकर हीरामील ताकायमी जमीन, शासकीय जमीन पर्याप्त मात्रा में होने के बावजूद हिंदू सनातन धर्म के मंदिरों की जमीन बेचे जाने पर आपत्ति ली गयी थी? यदि हाँ, तो क्या कारण है कि सरकार महाकाल मंदिर को दान में मिली ज़मीनों पर बेचने के प्रस्ताव ला रही है? (ख) क्या सरकार के पास महाकाल मंदिर के विकास कार्यों के लिए राशि नहीं है? जबकि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा स्मार्ट सिटी के तहत महाकाल मंदिर के विकास के लिए भी राशि प्राप्त होती है? (ग) क्या पूर्व की कमलनाथ सरकार ने महाकाल विस्तार के प्रोजेक्ट के लिए 300 करोड़ कि राशि स्वीकृत की थी? यदि हाँ, तो वर्तमान सरकार में ऐसे क्या कारण रहे कि मंदिरों कि शासकीय भूमि को बेचकर मंदिर का विकास कार्य कराना पड़ रहा है?
पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
उद्योग लगाने हेतु निवेश राशि
[सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम]
20. ( क्र. 2279 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में वित्तीय वर्ष 2021- 22 में कितने शासकीय उद्योग लगाए गए तथा कितने प्राइवेट उद्योग लगाए गए हैं? (ख) शासकीय एवं प्राइवेट उद्योगों में निवेश की गई राशि क्या है? अलग-अलग बतावें। (ग) इन शासकीय एवं प्राइवेट उद्योगों में कितने लोगों को रोजगार मिला अलग-अलग बतावें। (घ) वर्ष 2022-23 की औद्योगिक नीति क्या है?
सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ( श्री ओमप्रकाश सखलेचा ) : (क) विभाग द्वारा स्वयं उद्योग नहीं लगाए जाते है अपितु उद्योगों की स्थापना हेतु प्रोत्साहन एवं मार्गदर्शन दिया जाता है। भारत सरकार के पोर्टल अनुसार वित्तीय वर्ष 2021-22 में दिसम्बर, 2021 अंत तक पंजीकृत प्रायवेट उद्यमों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग अनुसार विभाग के अधीन एमपी इंडस्ट्रियल डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन लि. द्वारा संधारित औद्योगिक क्षेत्रों तथा कार्य क्षेत्र जिलों में वित्तीय वर्ष 2021-22 में वर्तमान तक कोई शासकीय उद्योग नहीं लगाये गये है तथा 112 निजी उद्योग स्थापित किए गये है। उद्योगवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ख) वित्तीय वर्ष 2021-22 में दिसम्बर, 2021 अंत तक पंजीकृत प्रायवेट उद्यमों में निवेश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग अनुसार उद्योगों में निवेश की गई राशि का उद्योगवार विवरण जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब में समाहित है। (ग) वित्तीय वर्ष 2021-22 में दिसम्बर, 2021 अंत तक पंजीकृत प्रायवेट उद्यमों में रोजगार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग अनुसार स्थापित उद्योगों में उपलब्ध कराये गये रोजगार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब में समाहित है। (घ) सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग द्वारा म.प्र. एम.एस.एम.ई. विकास नीति 2021 लागू की गई है, जो वर्तमान में प्रचलित है। नीति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग अनुसार वर्तमान में उद्योग संवर्धन नीति-2014 (यथा संशोधित-2021) प्रभावशील है।
लंबित शिकायतों की जांच के सम्बन्ध में
[सामान्य प्रशासन]
21. ( क्र. 2283 ) श्री मनोज चावला : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ गृह विभाग मध्यप्रदेश शासन भोपाल के द्वारा जनवरी 2018 से लेकर जनवरी 2022 तक रतलाम जिले की पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समस्त मूलतः प्रेषित शिकायतों पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा कितनी शिकायतों पर जांच की गई। एवम जांच में क्या निष्कर्ष निकला? (ख) कितनी शिकायतें कार्यवाही के लिये पुनः आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ भोपाल भेजी गई? (ग) कितनी शिकायतें अभी भी कार्यवाही के अभाव में लंबित है? अभी तक लंबित शिकायतों में जाँच नहीं करने के लिये आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के द्वारा कितनी बार पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को पुनः सूचित (स्मरण) करवाया गया है। (घ) कितनी शिकायतें अभी लंबित है। लंबित रहने का कारण क्या है। शिकायतवार जानकारी दें। जांच लंबित रखने वाले अधिकारियों पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं तो कारण बताएं।
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में कुल 04 शिकायत आवेदन पत्र मूलत: प्रेषित किये गये है। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। शेष प्रश्नांश की जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
कोविड-19 में मृतकों के आश्रितों को मिलने वाली मुआवजा राशि
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
22. ( क्र. 2301 ) श्री उमंग सिंघार : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या धार जिले में कोविड-19 महामारी अंतर्गत प्रथम एवं दूसरी लहर में लोगों की मृत्यु हुई है? यदि हाँ, तो विकासखण्डवार, पंचायतवार एवं नामवार सूची उपलब्ध करावें? (ख) क्या कोरोना काल में मृतकों के आश्रितों को मुआवजा राशि दिये जाने हेतु दिशा निर्देश जारी किये गये हैं? यदि हाँ, तो जारी किये गये दिशा निर्देश की छायाप्रति उपलब्ध करावें एवं यह भी बतावें कि कोविड-19 से मृतकों के आश्रितों को धार जिले में किन-किन आश्रितों को कितनी-कितनी मुआवजा राशि कब-कब दी गई? विकासखण्डवार, पंचायतवार एवं नामवार सूची उपलब्ध करावें? (ग) क्या धार जिले में कोविड-19 में शासकीय अस्पतालों में कोविड के मरीजों के उपचार हेतु जिला अस्पताल एवं अस्पतालों में दवाईयां एवं अन्य सामग्रियों हेतु शासन द्वारा राशि आवंटित की गई थी? यदि हाँ, तो शासन द्वारा कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई थी? वर्षवार बतावें एवं यह भी बतावें की आवंटित की गई राशि में किन-किन दवाईयों एवं अन्य सामग्रियों के क्रय हेतु कितनी-कितनी राशि का व्यय किया? व्यय की गई राशि का विकासखण्डवार ब्यौरा देवें? (घ) क्या कोविड-19 महामारी में गंधवानी विधानसभा से अन्य शहरों/राज्यों में मजदूरी करने गये हुये मजदूरों को शासन द्वारा लाने की व्यवस्था की गई थी? यदि हाँ, तो किन-किन राज्यों/शहरों से किन-किन वाहनों द्वारा किन-किन विकासखण्डों के किन-किन ग्राम पंचायतों के किन-किन मजदूरों को लाया गया है? शहरों/राज्य के नाम, वाहन का प्रकार व रजिस्ट्रेशन नंबर, विकासखण्डवार, पंचायतवार एवं नामवार सूची उपलब्ध करावें तथा मजदूरों को लाने में उपयोग किये वाहनों में व्यय की गई राशि की वाहनवार जानकारी उपलब्ध करावें?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी हाँ। धार जिले में कोविड-19 महामारी अंतर्गत प्रथम लहर में 71 एवं दूसरी लहर में 245 लोगों की मृत्यु हुई है। संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें के परिपत्र क्रमांक-आई.डी.एस.पी./2020/666, दिनांक 19.05.2020 एवं मध्यप्रदेश शासन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के आदेश क्रमांक एफ/IDSP/2020/सत्रह/मेडि-1045, दिनांक 03.07.2020 में दिये गये निर्देशानुसार कोविड-19 से संक्रमित मरीजों की सूचना गोपनीय रखी जाना है। परिपत्र एवं आदेश की प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' एवं ''ब'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। कोरोना काल में मृतकों के आश्रितों को मुआवजा राशि दिये जाने हेतु दिशा-निर्देश की छायाप्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। धार जिले में कोविड-19 से मृतक वर्ष 2021 में 201 एवं वर्ष 2022 में 269 के आश्रितों को 50,000/- की अनुग्रह राशि दी गई। संक्रमित मरीजों की सूचना गोपनीय रखी जाना है। परिपत्र एवं आदेश की प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' एवं ''ब'' अनुसार है। (ग) जी हाँ। सिविल सर्जन धार एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी धार को आवंटित की गई राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार है। आवंटित की गई राशि में दवाईयों एवं अन्य सामग्रियों के क्रय हेतु व्यय की गई राशि का वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ई'' अनुसार है। दवाईयों एवं अन्य सामग्रियों का क्रय विकासखंडवार न होकर एकजाई जिला स्तर पर किया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी संकलित न की जाकर धार जिले की जानकारी संकलित की गई है। जिसमें कोविड-19 महामारी के दौरान प्रवासी मजदूर महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान एवं अन्य राज्यों से आये तथा प्रवासी मजदूर उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, उड़ीसा तथा अन्य राज्यों को गये। मजदूरों को लाने एवं भेजने के लिये 292 बसों का उपयोग किया गया। धार जिलें में प्रवासी मजदूरों को लाने एवं ले जाने में परिवहन पर कुल राशि 9670575/- का व्यय किया गया। शहरों/राज्य के नाम, वाहन के प्रकार व रजिस्ट्रेशन आदि की शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''फ'' अनुसार है।
सरकारी जमीन विक्रय से संबंधित नियम
[लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन]
23. ( क्र. 2339 ) श्री बैजनाथ कुशवाह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सरकारी जमीनों के विक्रय हेतु संबंधित विभाग द्वारा जमीन से विक्रय संबंधित कोई नियम/अधिनियम प्रचलन में हैं? तो प्रति देते हुए जानकारी में रकबा क्रमांक, क्षेत्रफल, स्थान विवरण (चतुर्थ सीमा सहित) बतावें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) के तहत् कोई विक्रय हेतु स्वीकृति ली गई हैं? यदि हाँ, तो स्वीकृति की प्रति प्रदान करें।
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार। नियम/अधिनियमों में रकबा, क्षेत्रफल एवं स्थान के सबंध में उल्लेख नहीं है। (ख) जी हाँ। लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग द्वारा अनुपयोगी सम्पत्तियों निर्वर्तन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार।
वाणिज्यिक कर के वृत्त कार्यालय सेंधवा में अधिकारियों की नियुक्ति
[वाणिज्यिक कर]
24. ( क्र. 2426 ) श्री ग्यारसी लाल रावत : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वाणिज्यिक कार्यालय वृत्त सेंधवा में अधिकारियों/कर्मचारियों के कितने पद स्वीकृत हैं? इनमें कितने भरे तथा कितने रिक्त हैं? क्या विगत 3 वर्षों में अपीलीय अधिकारी (जी.एस.टी. एवं नेट अधिनियम के अतंर्गत) की स्थायी नियुक्ति की गई थी? जिससे व्यापारी/कर सलाहकारों को अपील सुनवाई हेतु इंदौर जाना पड़ता है? क्या शासन अपीलीय प्राधिकारी की नियुक्ति कब तक करेगा? (ख) क्या वाणिज्यिक कर सेंधवा वृत्त में व्यवसायियों की संख्या एवं राजस्व प्राप्ति अन्य वृत्तों की तुलना में सबसे अधिक है? परन्तु अधिकारियों के स्वीकृत पद रिक्त होने से व्यवसायियों एवं कर सलाहकरों की समस्या तथा कार्य निष्पादन में विलम्ब होता है? क्या शासन उक्त समस्याओं के निदान हेतु कोई व्यवस्था करेगा एवं कब तक? (ग) सेंट्रल जी.एस.टी. के लिए व्यापारियों एवं कर सलाहकारों को सेंट्रल कार्यालय खण्डवा जाना पड़ता है? सेंट्रल कार्यालय सेंधवा के नाम से खण्डवा में संचालित किया जा रहा है क्यों? सेंधवा में सेंट्रल कार्यालय कब से प्रांरभ किया जाएगा?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) वाणिज्यिक कर कार्यालय वृत्त सेंधवा में अधिकारियों/कर्मचारियों के 55 पद स्वीकृत हैं। इनमें 27 पद भरे तथा 28 पद रिक्त हैं। वाणिज्यिक कर विभाग में वृत्त स्तर पर अपीलीय कार्यालय स्थापित नहीं है। अत: सेंधवा में अपील प्राधिकारी की स्थायी नियुक्ति किए जाने की कोई स्थिति नहीं है। वृत्त सेंधवा के अपील प्रकरणों के निराकरण हेतु संभागीय उपायुक्त संभाग खण्डवा अपील प्राधिकारी के रूप में अधिकृत हैं। श्री एस.के.जोशी उपायुक्त के 31 दिसम्बर, 2021 में सेवानिवृत्त होने के बाद खण्डवा संभाग के सभी अपील प्रकरण श्री आर.के.सलूजा, अपीलीय उपायुक्त इंदौर संभाग-2 को हस्तांतरित किए गए हैं। (ख) वाणिज्यिक कर सेंधवा वृत्त में व्यवसायियों की संख्या 4198 है। वर्ष 2021-22 में माह फरवरी, 2022 तक का कुल राजस्व रूपये 55.95 करोड़ है, जो अन्य वृत्तों की तुलना में सबसे अधिक नहीं है। सेंधवा वृत्त में 01 वाणिज्यिक कर अधिकारी, 02 सहायक वाणिज्यिक कर अधिकारी, 03 वाणिज्यिक कर निरीक्षक एवं 01 कराधान सहायक कार्यकारी अधिकारी/कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं। अत: कार्य निष्पादन में विलंब जैसी स्थिति नहीं है। व्यवसायियों एवं कर सलाहकारों की ओर से किसी समस्या अथवा कार्य निष्पादन में विलम्ब संबंधी जानकारी संज्ञान में नहीं लायी गई है। (ग) प्रश्नांश की जानकारी वाणिज्यिक कर विभाग से संबंधित नहीं है।
स्वास्थ्य एवं उपस्वास्थ्य केन्द्र के प्रस्ताव
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
25. ( क्र. 2440 ) श्री राम लल्लू वैश्य : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिंगरौली विधानसभा से स्वास्थ्य एवं उप स्वास्थ्य केन्द्र के कितने प्रस्ताव भेजे गये हैं भेजे गये प्रस्ताव स्वीकृत हो गये? कि नहीं यदि नहीं, तो कब तक होगें? (ख) जो स्वास्थ्य केन्द्र एवं उप स्वास्थ्य केन्द्र स्वीकृत हैं वहां पर ANM एवं स्टाफ नर्स पूर्ति हो गयी है कि नहीं? नहीं तो कब तक होगी? सूची सहित जानकारी देवें? (ग) जहां पर स्वास्थ्य एवं उप स्वास्थ्य केन्द्र स्वीकृत हैं उसका भवन निर्माण हो चुका है? यदि नहीं, तो कब तक होगा? जानकारी देवें?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जिला स्वास्थ्य समिति सिंगरौली के माध्यम से विधानसभा क्षेत्र सिंगरौली के 02 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं 05 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की स्थापना/उन्नयन के प्रस्ताव प्राप्त हुये थे, वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर निर्णय लिया जाकर मध्यप्रदेश शासन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के परिपत्र क्रमांक एफ 12-22/2021/सत्रह/मेडि-3, भोपाल दिनांक 23.09.2021 द्वारा ग्राम चरगोड़ा में 06 बिस्तरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में भवन उन्नयन/निर्माण कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) पदपूर्ति की कार्यवाही निरंतर जारी हैं। निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) विधानसभा क्षेत्र सिगरौंली अंतर्गत 1 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र चरगोड़ा निर्माणाधीन है, 06 उप स्वास्थ्य केन्द्र भवनविहीन है जिनके निर्माण के लिये सीमित वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता होने से अभी निश्चित समय-सीमा बतलाया जाना संभव नहीं है। उत्तरांश (ख) अनुसार जानकारी संलग्न परिशिष्ट में समाहित है।
सैलाना विधानसभा क्षेत्र में विभाग द्वारा लगाये गये ट्यूबवेल की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
26. ( क्र. 2555 ) श्री हर्ष विजय गेहलोत (गुड्डू) : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सैलाना विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2018-19 से 2020-21 तक खोदे गये ट्यूबवेल की जानकारी स्थान, गांव, कुल लागत, वर्षवार सूची देवें। ट्यूबवेल ड्रीलिंग ठेकेदार फर्म का नाम, तथा ड्रीलिंग की दर की वर्षवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित ठेकेदार फर्म की ड्रीलिंग मशीन संबधी जानकारी देवें तथा वर्ष 2018-19 से 2020-21 तक किये गये खनन की गहराई इत्यादी की जानकारी देवें। (ग) सैलाना विधानसभा क्षेत्र में कौन-कौन सी नलजल योजना किस दिनांक से प्रारम्भ हुई तथा इनके पूर्ण करने का दिनांक अनुबंध अनुसार क्या थी? कौन सी योजना किस दिनांक को पूर्ण हुई तथा नल किस दिनांक को चालू हुये कौन-कौन सी योजना निर्माणाधीन है? विलम्ब के लिये ठेकेदार पर क्या कार्यवाही की गई? (घ) सैलाना विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2018-19 से 2020-21 तक कितने हैण्डपम्पों की मरम्मत, किस ठेकेदार द्वारा की गई तथा कितना भुगतान किस दिनांक को किया गया? वर्षवार सूची देवें। इस मद में किये गये कुल भुगतान की वर्षवार राशि बतावें। (ड.) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित ट्यूबवेल में जीवित ट्यूबवेल की संख्या क्या है तथा मोटर एवं हैण्डपम्प लगाये गये ट्यूवबेल की गांव अनुसार सूची देवें।
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ड.) 234, शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है।
दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही की जाना
[वाणिज्यिक कर]
27. ( क्र. 2607 ) श्री संजय शुक्ला : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पूर्व प्रश्न क्रमांक 38 (क्र. 1598) दिनांक 17/07/19 वाणिज्यकर विभाग द्वारा प्रश्न के जवाब में मासिक तौजी का सत्यापन क्यों नहीं किया गया? तौजी सत्यापन हेतु निर्धारित प्रकिया अनुसार आंकलन न करने वाले विभागीय अधिकारियों पर विभागीय समीक्षा पूर्ण की जा चुकी है? यदि हाँ, तो क्या दोषियों पर कोई कार्यवाही की जायेगी? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में शासन को राजस्व की क्षति पहुँचाने वाले ठेकेदारों से शेष राशि प्रश्न दिनांक तक वसूली जा चुकी है? यदि हाँ, तो ठेकेदारों से दण्ड सहित राशि वसूली गई? स्पष्ट करें? यदि नहीं, तो क्यों नहीं कारण स्पष्ट करें? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में विभागीय जांच आयुक्त के पास विचाराधीन है? हाँ या नहीं? यदि हाँ, तो जांच कब तक पूर्ण कर दोषियों पर क्या कार्यवाही की जायेगी? जांच कितने समय में पूर्ण की जानी थी? जांच में विलंब के क्या कारण हैं? (घ) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कौन-कौन दोषी अधिकारी कहां-कहां पदस्थ हैं? दोषी अधिकारियों को निलंबन से कब बहाल किया गया? क्या अधिकारियों की बहाली से जांच प्रभावित नहीं होगी? क्या दोषी पाये जाने पर अधिकारियों को तत्काल निलंबन अथवा सेवा से पृथक किया जाकर अर्थदण्ड सहित राशि वसूली जायेगी?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) मध्यप्रदेश शासन वाणिज्यिक कर विभाग के आदेश क्रमांक-बी-7 (ए) 20/2017/2/पांच दिनांक 23 जून 2018 के द्वारा तौजी सत्यापन हेतु निर्धारित प्रक्रियानुसार पालन न करने वाले विभागीय अधिकारियों के विरूद्ध विभागीय जांच संस्थित की जाकर विभागीय जांच आयुक्त मध्यप्रदेश शासन को जांचकर्ता अधिकारी नियुक्त किया गया। उक्त आदेश में संशोधन किया जाकर, शासन आदेश पृ.क्र.- बी-7 (ए) 20/2017/2/पांच दिनांक 25 मई 2021 से श्रीमती स्नेहलता श्रीवास्वत, आई.ए.एस. भा.प्र.से. (सेवानिवृत) को जांचकर्ता अधिकारी नियुक्त किया गया है। विभागीय जांच वर्तमान में प्रचलित होकर प्रक्रियाधीन है। विभागीय जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर निष्कर्ष के आधार पर आगामी कार्यवाही की जा सकेगी। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में शासन को राजस्व की क्षति पहुँचाने वाले ठेकेदारों से प्रकरण में समाहित कुल राशि 41,65,21,890/- में से प्रश्न तिथि तक रूपये 22,16,06,432 की राशि संबंधित ठेकेदारों/लायसेंसियों से वसूल की गई है एवं रूपये 19,57,21,828/- की बकाया राशि वसूल की जानी है। बिंदुवार जानकारी का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। कलेक्टर इन्दौर द्वारा बकाया राशि की वसूली म.प्र. भू राजस्व, संहिता-1959 की धारा 146 के प्रावधानों के अनुसार संबंधित बकायादारों को आर.आर.सी.जारी कर वसूली की कार्यवाही की जा रही है। जिसका विस्तृत विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। (ग) मध्यप्रदेश शासन वाणिज्यिक कर विभाग के आदेश क्रमांक- बी-7 (ए) 20/2017/2/पांच दिनांक 23 जून 2018 से विभागीय जांच संस्थित की जाकर विभागीय जांच आयुक्त मध्यप्रदेश शासन को जांचकर्ता अधिकारी नियुक्त किया गया था। तदुपरांत शासन आदेश पृ.क्र.- बी-7 (ए) 20/2017/2/पांच दिनांक 25 मई 2021 से श्रीमती स्नेहलता श्रीवास्वत, आई.ए.एस. भा.प्र.से. (सेवानिवृत) को जांचकर्ता अधिकारी नियुक्त किया जाकर, जांच कार्यवाही 06 माह की समयावधि में पूर्ण कर जांच प्रतिवेदन भेजने हेतु निर्देशित किया गया है। विभागीय जांच प्रकरण में सुनवाई शीघ्र संपादित कराया जाकर जांच प्रतिवेदन शीघ्र उपलब्ध कराने हेतु विभागीय पत्र दिनांक 03.09.2020, 23.09.2020, 05.01.2021 एवं 04 फरवरी 2021 द्वारा आयुक्त, विभागीय जांच वल्लभ भवन भोपाल को लिखा गया। विभागीय जांच आयुक्त के पत्र दिनांक 18.06.2020 एवं 31.08.2020 द्वारा विभागीय साक्षी एवं अपचारीगण सहित कम से कम कुल 10 व्यक्ति उपस्थित होने से कोविड-19 महामारी एवं सोशल डिस्टेसिंग को दृष्टिगत रखते हुये जांच कार्यवाही में कठिनाई का उल्लेख किया गया। जो पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-तीन अनुसार है। (घ) प्रश्नांश (क) के अनुक्रम में प्रथम दृष्ट्या अपने पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में बरती गई लापरवाही हेतु संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों की पदस्थापना संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-चार अनुसार है। उपरोक्त अधिकारियों/कर्मचारियों को शासन आदेश दिनांक 10 जनवरी 2018 से निलंबन से बहाल किया गया है, जो पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-पांच अनुसार है। जांचकर्ता अधिकारी से जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर प्राप्त निष्कर्ष के आधार पर आगामी कार्यवाही की जा सकेगी।
कोविड बाल कल्याण योजना से लाभान्वित बच्चों की संख्या
[महिला एवं बाल विकास]
28. ( क्र. 2653 ) श्री देवेन्द्र सिंह पटेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश बाल प्रायोजन (स्पान्सरशिप योजना) फोस्टर केयर (मध्यप्रदेश पालन पोषण देख-रेख) मुख्यमंत्री कोविड बाल कल्याण योजना के अंतर्गत रायसेन जिले में कितने बच्चों को लाभांवित किया जा रहा हैं? विकासखण्डवार संख्या बतायें तथा उनको क्या-क्या सुविधायें दी जा रही हैं? (ख) प्रश्नांश (क) की योजनाओं में बच्चों को लाभान्वित करने हेतु दिनांक 1 जनवरी 2020 से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में माननीय मुख्यमंत्री जी तथा जिले के अधिकारियों को रायसेन जिले के किन-किन विधायकों के पत्र कब-कब प्राप्त हुए? (ग) प्रश्नांश (ख) में प्राप्त पत्रों में उल्लेखित किन-किन समस्याओं का निराकरण तथा किन-किन समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ कारण बतायें? (घ) प्रश्नांश (क) की योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु विभाग के अधिकारियों द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही हैं?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) मध्यप्रदेश बाल प्रायोजन (स्पांसरशिप), फोस्टर केयर (मध्यप्रदेश पालन पोषण देख-रेख), मुख्यमंत्री कोविड बाल सेवा योजना के अंतर्गत रायसेन जिले में 192 बच्चों को लाभान्वित किया जा रहा हैं। विकासखंडवार एवं प्रदाय सुविधा की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार हैं। (ख) प्रश्नांश (क) की योजनाओ में बच्चों को लाभान्वित करने हेतु दिनांक 1 जनवरी 2020 से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में रायसेन जिले को माननीय विधायक श्री रामपाल सिंह विधानसभा क्षेत्र क्र. 143 सिलवानी जिला रायसेन के पत्र कमांक 942 दिनांक 09.09.2021, 988 दिनांक 19.09.2021, 1027 दिनांक 24.09.2021 एवं 1227 दिनांक 09.11.2021 प्राप्त हुए। (ग) 1 जनवरी 2020 से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में रायसेन जिले को माननीय विधायक श्री रामपाल सिंह विधानसभा क्षेत्र क्र. 143 सिलवानी जिला रायसेन के कुल 4 पत्र प्राप्त हुए हैं। पत्रों में उल्लेखित 13 बालकों में से 03 बालकों को निजी स्पांसरशिप योजना अंतर्गत लाभान्वित किये जाने का निर्णय बाल कल्याण समिति द्वारा लिया गया है। शेष को अपात्र घोषित किया गया है। अनुमोदित 03 बालकों में से 01 बालक को राशि प्रदान की गयी है, शेष प्रक्रियाधीन है। (घ) प्रश्नांश (क) की योजनाओं के लिए विभाग द्वारा विभिन्न माध्यमों यथा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया, सोशल मीडिया एवं विभिन्न राज्य स्तरीय तथा जिला स्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जा रहा हैं।
पदोन्नति में आरक्षण पर कार्यवाही
[सामान्य प्रशासन]
29. ( क्र. 2654 ) श्री देवेन्द्र सिंह पटेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय अधिकारी/कर्मचारियों की पदोन्नति में आरक्षण के संबंध में शासन के द्वारा निर्णय क्यों नहीं लिया जा रहा है? कारण बतायें तथा कब तक निर्णय लिया जायेगा? (ख) फरवरी, 2022 की स्थिति में पदोन्नति में आरक्षण के संबंध में मान. उच्च न्यायालय तथा मान. सर्वोच्च न्यायालय के क्या-क्या दिशा निर्देश हैं? (ग) पदोन्नति में आरक्षण के संबंध में गठित मंत्री-मण्डलीय उपसमिति की कब-कब बैठक हुई तथा उसमें क्या-क्या निर्णय हुआ? (घ) पदोन्नति में आरक्षण के संबंध में अधिकारी/कर्मचारी संगठनों द्वारा क्या-क्या सुझाव दिये गये तथा उन पर शासन के द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गई?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) पदोन्नति में आरक्षण के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 30.04.2016 के विरूद्ध माननीय सर्वोच्च न्यायालय में दायर एस.एल.पी में दिनांक 12.05.2016 को ''यथास्थिति'' के पारित आदेश के कारण। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ग) एवं (घ) मंत्री समूह की बैठक दिनांक 15.09.2021, 21.09.2021, 23,09.2021, 18.01.2022, 27.01.2022, 03.02.2022 एवं 08.02.2022 को संपन्न हुई। एक संगठन से सुझाव प्राप्त होना शेष है प्राप्त होने पर कार्यवाही की जावेगी।
ग्राम रामा बालोदा में पानी की टंकी का निर्माण
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
30. ( क्र. 2808 ) श्री रामलाल मालवीय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्राम रामा बालोदा में नल-जल योजना के अंतर्गत पानी कि टंकी का निर्माण कार्य स्वीकृत है? यदि हाँ, तो स्वीकृति वर्ष, कार्य कि लागत के साथ स्वीकृति आदेश कि प्रति देवें। (ख) पानी की टंकी के निर्माण के लिए स्वीकृति के पश्चात निर्माण कार्य का दायित्व किस एजेंसी को दिया गया है? एजेंसी को कार्य पूर्ण करने की कितनी अवधि निर्धारित की गयी है? इस संबंध में विस्तृत प्रतिवेदन देवें। (ग) निर्माण कार्य की तकनीकी स्वीकृति कब जारी हुई? प्रतियाँ देवें। तकनीकी स्वीकृति के उपरांत किस यंत्री, उपयंत्री को मॉनिटरिंग का कार्य सौंपा गया? (घ) वर्तमान में निर्माण कार्य की स्थिति क्या है? कब तक कार्य पूर्ण होने का लक्ष्य है?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) से (घ) उत्तरांश '' क'', '' ख '' एवं '' ग'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति के नियम
[सामान्य प्रशासन]
31. ( क्र. 2822 ) श्री बापूसिंह तंवर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या 5 जून 2018 को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा संविदा कर्मचारियों की नीति में संविदा कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन का 90 प्रतिशत वेतन दिये जाने का प्रावधान किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो? प्रावधान से जो संविदा कर्मचारी/अधिकारी 10 वर्षों से अधिक समय से काम कर रहा है उसका भी वही वेतन और जो नई संविदा नियुक्ति होगी उसको भी वही वेतन दिया जाएगा? (ग) इस संविदा नीति में 10 वर्षों से अधिक समय से संविदा पर कार्य कर रहे संविदा कर्मचारियों के लिये कोई ध्यान रखा गया है? यदि नहीं, रखा गया तो सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारी इस विसंगति को दूर करने के लिये क्या उपाय करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक करेंगे? नहीं तो क्यों नहीं?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) सामान्य प्रशासन विभाग का परिपत्र क्रमांक, सी-5-2/2018/1-3, दिनांक 05 जून, 2018 की कण्डिका 1.14.5 में वेतनमान एवं कण्डिका 1.14.2 में वार्षिक वेतन वृद्धि का प्रावधान है। यह शासन का नीतिगत निर्णय है। (ग) परिपत्र दिनाक 05 जून, 2018 के पालन में 20 प्रतिशत पद संविदा कर्मचारियों हेतु पृथक से सभी आरक्षण नियमों का समावेश कर पद आरक्षित किये गये हैं।
अधिकारियों/कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पर स्वत्वों का भुगतान
[वित्त]
32. ( क्र. 2870 ) श्री बीरेन्द्र रघुवंशी : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के अधिकारियों/कर्मचारियों को अधिवार्षिकी आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त होने पर स्वत्वों के भुगतान के क्या नियम हैं? किन-किन स्वत्वों के भुगतान हेतु क्या अवधि निर्धारित है? शिवपुरी जिले में 01 अप्रैल 2021 से कुल कितने अधिकारी/कर्मचारी किन-किन दिनांकों को सेवानिवृत्त हुए हैं? क्या उन सभी कर्मचारियों के पेंशन भुगतान आदेश (पी.पी.ओ.) जारी किए जाकर उनके सभी स्वत्वों का भुगतान हो चुका है? यदि नहीं तो किन-किन कर्मचारियों के पी.पी.ओ. सहित कौन-कौन से स्वत्वों का भुगतान किन कारणों से लंबित है? विभागवार, विकासखण्डवार जानकारी दें? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कितने अधिकारियों/कर्मचारियों को पेंशन भुगतान आदेश तथा स्वत्वों का भुगतान उनके विभाग द्वारा समय पर पेंशन प्रकरण तैयार न करने के कारण अथवा पेंशन एवं कोषालय विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा पेंशन प्रकरणों में अनावश्यक लगाई आपत्ति के कारण विलंब से जारी/भुगतान हुए हैं या अब भी लंबित हैं? ऐसे सभी कर्मचारियों की विभागवार नाम एवं पद सहित जानकारी दें? क्या इस हेतु दोषी कार्यालय प्रमुख तथा उनके अधीनस्थ कर्मचारियों सहित पेंशन एवं कोषालय विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध कोई कार्यवाही की गई है अथवा नहीं? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई है ब्यौरा दें? यदि नहीं तो क्यों नहीं की गई सकारण उत्तर दें। ऐसे लंबित सभी प्रकरणों का निराकरण कब तक कर दिया जावेगा?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) वित्त विभाग का परिपत्र क्रमांक 9-2/2019/नियम/चार दिनांक 16 अक्टूबर 2019 पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। शेष की जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
रीवा जिले के अंतर्गत बौद्ध स्तूप देउर कोठार का संरक्षण एवं संवर्धन
[पर्यटन]
33. ( क्र. 2900 ) श्री श्याम लाल द्विवेदी : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) रीवा जिले अंतर्गत बौद्ध स्तूप देउर कोठार में पर्यटन विकास की दृष्टि से विभाग की कोई कार्य योजना है? यदि हाँ, तो बौद्ध स्तूप देउर कोठार जो कि पुरातात्विक दृष्टि से रीवा जिले में एकमात्र पुरातात्विक स्थल है इसके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए अब तक विभाग द्वारा कब-कब कितना बजट आवंटित किया गया तथा आवंटित बजट के उपयोगिता के परीक्षण के लिए समय-समय पर विभागीय प्रगति की स्थिति स्पष्ट की जाये। (ख) प्रश्नांश (क) का प्रत्युत्तर सकारात्मक हैं, तो यह स्पष्ट किया जाए कि बौद्ध स्तूप देउर कोठार में पर्यटक के बढ़ावा की दृष्टि से पर्यटक आवास की समुचित व्यवस्था है, यदि नहीं, तो क्या वर्तमान बजट में उक्त स्थल पर पर्यटक आवास के निर्माण जनहित में यथाशीघ्र कराए जाने की माननीय मंत्री महोदय द्वारा उद्घोषणा की जाएगी? अन्यथा कोई समय-सीमा तय की जाएगी? (ग) प्रश्नांश (ख) के प्रत्युत्तर सकारात्मक होने की दिशा में माननीय मंत्री महोदय कृपया स्पष्ट करें कि बौद्ध स्तूप देउर कोठार को सामरिक महत्व की दृष्टि से संवर्धन हेतु विभागीय प्राथमिकतायें सुनिश्चित की जाएगी?
पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) जी हाँ, देउर कोठार के संरक्षण संवर्धन के लिए स्वदेश दर्शन योजनांतर्गत स्वीकृत एवं व्यय राशि का विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। बौद्ध स्तूप देउर कोठार म.प्र. शासन पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा संरक्षित स्मारक नहीं है। बौद्ध स्तूप देउर कोठार स्मारक भारतीय पुरातत्वीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा संरक्षित किया गया स्मारक है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार। (ग) विभाग द्वारा उपरोक्तानुसार कार्य संपादित किये गये हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
राजौद जलप्रदाय योजना के कार्य का निरीक्षण
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
34. ( क्र. 2950 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 4175 दिनांक 19.03.2021 के संदर्भ में मान डेम समूह योजना तथा राजौद एवं नर्मदा लोअर समूह योजना तथा राजौद जल प्रदाय योजना में शासन तथा ठेकेदार के मध्य हुए अनुबंध की जानकारी देवें। (ख) राजौद जल प्रदाय योजना के कार्यादेश की जानकारी देवें तथा बतावें की कार्य किस दिनांक तक पूर्ण करना है तथा न होने की स्थिती में पेनल्टी किस अनुसार लगाई जावेगी? 20 फरवरी 2022 तक कितना प्रतिशत कार्य पूर्ण हुआ तथा ठेकेदार को कुल कितना भुगतान किया जा चुका है। (ग) राजौद जलप्रदाय योजना के कार्य का निरीक्षण किस दिनांक को किस अधिकारी द्वारा किया गया? बतावें कि अनुबंध की शर्तों के विपरीत क्या पाया गया तथा उसके लिये ठेकेदार को क्या पत्र दिया गया? (घ) राजौद जल प्रदाय योजना में कार्य की गुणवत्ता ठीक नहीं होने की लगातार समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई है, इस संदर्भ में विभाग द्वारा क्या कदम उठाये गये तथा अनुबंध के अनुसार कार्य की गुणवत्ता का मूल्यांकन करने हेतु क्या निर्देश दिये गये? (ड.) राजौद जल प्रदाय योजना किस एजेन्सी के फण्ड से बनाई जा रही है तथा उसकी शिकायत उस एजेन्सी के किस पते पर किस अधिकारी को की जा सकती है? एजेन्सी का पता तथा अधिकारी का नाम बतावें।
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) मान डेम एवं नर्मदा लोअर समूह जल प्रदाय योजना की डी.पी.आर. को जल जीवन मिशन के मापदंड़ अनुसार पुनरीक्षित किया गया है, तथा वर्तमान में केवल राजस्तरीय योजना स्वीकृति समिति से अनुमोदन प्राप्त किया गया है, अत: अभी अनुबंध किये जाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। राजौद जल प्रदाय योजना की अनुबंध की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) कार्यादेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। 10.01.2023 तक, विलंब होने पर अनुबंध में दिये गये प्रावधान अनुसार पेनाल्टी लगाई जायेगी। 20 फरवरी 2022 तक योजना का कार्य 50.48 प्रतिशत पूर्ण हुआ है, ठेकेदार को रू. 28.13 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। (ग) राजौद जल प्रदाय योजना के कार्य के अंतर्गत अधिकारियों द्वारा किये गये निरीक्षण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है तथा निरीक्षण रिपोर्ट की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। निरीक्षण में अनुबंध अनुसार कार्य करने हेतु निर्देशित किया गया, निरीक्षण रिपोर्ट की प्रति/सूचना ठेकेदार को समय-समय पर दी गई। (घ) राजौद समूह जल प्रदाय योजना अंतर्गत समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के संदर्भ में निर्माण, कार्य का परीक्षण, संबंधित सुपरविजन एवं गुणवत्ता नियंत्रण कंसलटेंसी एवं थर्ड पार्टी इंसपेक्शन एजेंसी के माध्यम से कराया गया जिसमें कार्य की गुणवत्ता अनुबंध के अनुसार ही पायी गई है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ड.) राजौद जल प्रदाय योजना मध्यप्रदेश निगम द्वारा ''जल जीवन मिशन'' फण्ड से बनाई जा रही है। जल-जीवन मिशन अंतर्गत स्थानीय स्तर पर शिकायत, कार्यालय मध्यप्रदेश जल निगम, परियोजना क्रियान्वयन इकाई, इंदौर के पते पर महाप्रबंधक को की जा सकती है, एजेंसी का पता मध्यप्रदेश जल निगम परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पी.आई.यू.), मूसाखेड़ी इंदौर (म.प्र.) है तथा उक्त पी.आई.यू. में वर्तमान में अधिकारी (महाप्रबंधक) श्री जे.पी.गनोते पदस्थ हैं।
शासकीय अस्पतालों में टेण्डर प्रकिया
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
35. ( क्र. 3042 ) श्री पी.सी. शर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या NHM द्वारा दिनांक 28/05/2021 को प्रदेश के शासकीस अस्पतालों में विभिन्न प्रकार के लैब परीक्षण करने बावत् टेण्डर निकाला था? यदि हाँ, तो टेण्डर की प्रति उपलब्ध कराये। (ख) उक्त टेण्डर में प्रतिभागी समस्त निविदाकारों की अर्हता संबंधी दस्तावेजों की प्रति उपलब्ध करायें। (ग) उक्त टेण्डर में क्या सफल निविदाकार द्वारा टेण्डर की अर्हता की शर्तों की पूर्ति की गई हैं? यदि हाँ, तो प्रति उपलब्ध करायें, यदि नहीं, तो स्पष्ट करें कि अर्हता पूर्ण न रखने वाली निविदा किस आधार पर सफल घोषित की गई? इस संबंध में हुई शिकायत की प्रति तथा उस पर की गई कार्यवाही का विवरण दें। (घ) क्या शासन अपूर्ण अर्हता की निविदाकार को सफल घोषित करने के आदेश को निरस्त करेगा? कब तक? (ड.) क्या अपूर्ण अर्हता की निविदाकार को शिकायत उपरांत भी सफल निविदा घोषित करने वाले दोषी अधिकारी/कर्मचारी पर शासन कार्यवाही करेगा और कब तक?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार है, शिकायत में उल्लेखित तथ्य प्रमाणित न होने के कारण शिकायत नस्तीबद्ध की गई। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
समूह जल प्रदाय योजना
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
36. ( क्र. 3050 ) श्री रामपाल सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जल निगम द्वारा रायसेन जिले के विकासखण्ड बेगमगंज एवं सिलवानी के ग्रामों में जल-जीवन मिशन के अंतर्गत नर्मदा नदी, बीना बांध, बारना बांध तथा सेमरी जलाशय से समूह जल प्रदाय योजना बनाई जा रही हैं? (ख) यदि हाँ, तो किस-किस नदी/बांध से किन-किन ग्रामों की समूह जल प्रदाय योजना बनाई गई हैं? (ग) उक्त योजना का कार्य कब तक प्रारंभ होगा तथा इस संबंध में विभाग के अधिकारियों द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की जा रही हैं? (घ) प्रश्नांश (क) के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री जी तथा विभाग के अधिकारियों को प्रश्नकर्ता विधायक के पत्र 1 जनवरी 2019 से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में कब-कब प्राप्त हुए तथा उन पर आज दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की गई?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा रायसेन जिले के विकासखंड बैगमगंज एवं सिलवानी के 401 ग्रामों हेतु जल-जीवन मिशन अंतर्गत नर्मदा नदी, बारना बांध तथा सेमरी जलाशय आधारित 03 समूह जल प्रदाय योजनाओं की डी.पी.आर. बनाई जा रही है। बीना बांध से कोई योजना प्रस्तावित नहीं है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) डी.पी.आर. तैयार किये जाने का कार्य प्रगतिरत है, निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।
मंदसौर, रतलाम नीमच जिलों में अमानक दवाइयों की बिक्री
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
37. ( क्र. 3082 ) श्री यशपाल सिंह सिसौदिया : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्य में नकली, सब-स्टेण्डर्ड व अमानक दवाईयों के कुल कितने नमूने जनवरी, 2018 से प्रश्न दिनांक तक लिये गये एवं कितने नमूने जांच के लिए विभिन्न लैब में भेजे गये? भेजे गए नमूनों में कितनों की रिपोर्ट प्राप्त हो गई है कितनों की किन कारणों से लंबित है? क्या रतलाम, मंदसौर जिले में ज्यादातर मामलों में नमूने लेबोरेटरी तक भेजे ही नहीं जा रहे हैं और अधिकारियों द्वारा दुकानदारों से अनियमितता कर प्रकरण का निदान किया जा रहा है एसी कितनी शिकायतें विभाग को प्राप्त हुई? समस्त प्रकरणों की सूची उपलब्ध कराए? (ख) वर्तमान में नकली, अमानक व सब स्टेण्डर्ड दवाईयों की जांचों हेतु कितनी लेबोरेटरी कहाँ-कहाँ सचांलित हैं? (ग) प्रदेश में उक्त अवधि में नकली व अमानक दवाईयों के प्रकरणों में सक्षम न्यायालय में कुल कितने चालान उक्त अवधि तक प्रस्तुत किये गये? उनमें कितनों का निराकरण क्या हुआ जानकारी देवें? (घ) क्या रतलाम, मंदसौर, नीमच जिलों में अधिकारियों की लापरवाही के चलते नकली, सब स्टेण्डर्ड, अमानक दवाईयां लगातार शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में बेची जा रही हैं जिसमें मुख्य रुप से शहर में ही बन रही नकली गर्भ-निरोधक गोलियां शामिल हैं? यदि नहीं, तो कब-कब 1 जनवरी 2018 के पश्चात किस-किस सक्षम अधिकारी ने इन जिलों का अकस्मात निरीक्षण किया? दिनांकवार निरीक्षण की जांच रिपोर्ट की जानकारी देवें?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
नल-जल योजना की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
38. ( क्र. 3087 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 अप्रैल 2018 से प्रश्नांकित दिनांक तक जल-जीवन मिशन के तहत सिरोंज विधानसभा क्षेत्र में कितनी नल-जल योजनाएँ स्वीकृत की गई हैं? योजनाओं के नाम, राशि सहित विकासखण्डवार, वर्षवार पृथक-पृथक जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में उक्त नल-जल योजनाओं में से कितनी पूर्ण हुई है? कितनी अपूर्ण हैं? कितनी अप्रारंभ हैं? अपूर्ण एवं अप्रारंभ के क्या कारण हैं? बतावें तथा अपूर्ण एवं अप्रारंभ नल-जल योजनाओं को कब तक पूर्ण कर दिया जावेगा? अपूर्ण एवं अप्रारंभ के लिए उत्तरदायी ठेकेदार एवं अधिकारियों पर क्या कार्यवाही की जावेगी? बतावें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में उक्त नल-जल योजनाओं का निर्माण किस-किस फर्म, संस्था, ठेकेदार, व्यक्ति द्वारा किस दिनांक से किया जा रहा है? योजना की लागत, वर्कआर्डर दिनांक, कार्य पूर्णता दिनांक, भुगतान की राशि सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) नल-जल योजनाओं के गुणवत्तापूर्ण कार्य कराये जाने के विभाग की क्या कार्ययोजना है? विभाग द्वारा किन-किन अधिकारियों से योजनाओं का निरीक्षण करवाया जाता है? क्या गुणवत्ताविहीन निर्माण कार्य की शिकायतें प्राप्त हुई हैं? यदि हाँ, तो किन-किन ठेकेदारों एवं अधिकारियों पर कार्यवाही की गई है? (ड.) सिरोंज विधान सभा क्षेत्र में जल जीवन मिशन योजना से कितने घरों में कनेक्शन उपलब्ध कराये गये हैं? जानकारी उपलब्ध करावें।
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) प्रश्न ''क'' के संदर्भ में 04 योजनाएं पूर्ण हुई है। 86 योजनाएं अपूर्ण अर्थात प्रगतिरत है एवं 25 नल-जल प्रदाय योजना अप्रारंभ है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। मुख्यत: करोना महामारी एवं अन्य विविध कारणों से कार्य की प्रगति बाधित हुई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (घ) नल-जल योजनाओं के गुणवत्तापूर्ण कार्य कराये जाने हेतु विभागीय अधिकारी तथा तृतीय पक्ष एजेंसी के द्वारा समय-समय पर कार्य की गुणवत्ता का परीक्षण किया जाता है। गुणवत्ताविहीन निर्माण कार्य से संबंधित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) सिरोंज विधान सभा क्षेत्र में जल-जीवन मिशन योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत परिवार को उपलब्ध कराये गये नल कनेक्शन का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।
नल-जल योजना का कार्य समय-सीमा में पूर्ण न किया जाना
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
39. ( क्र. 3098 ) श्री पाँचीलाल मेड़ा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले की धरमपुरी विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत 01 अप्रैल 2020 से 15 फरवरी 2022 की अवधि में किन-किन ग्राम पंचायतों में मुख्यमंत्री नल-जल योजना कितनी-कितनी राशि की स्वीकृत की गई है? (ख) उक्त किन-किन ग्राम पंचायतों की योजनाओं का कार्य किन कारणों से अपूर्ण अथवा प्रारंभ ही नहीं किये गये है। (ग) उक्त स्वीकृत योजनाओं का कार्यादेश किस-किस फर्म/ठेकेदार को किन-किन शर्तों एवं किस अवधि में पूर्ण करने हेतु दिया गया था? (घ) उपरोक्तानुसार क्या ठेकेदार द्वारा अनुबंध के मापदण्ड के अनुसार एवं समयावधि में कार्य पूर्ण नहीं करने के लिए क्या कार्यवाही की गई एवं क्या विभागीय अधिकारी दोषी है? यदि हाँ, तो उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) प्रश्नांकित अवधि में धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र में कोई भी मुख्यमंत्री योजना स्वीकृत नहीं है, अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। तथापि जल-जीवन मिशन के अन्तर्गत 76 नल-जल योजनाएं स्वीकृत है जिनकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) से (घ) उत्तरांश ''क'' में दर्शाए अनुसार जल-जीवन मिशन की नलजल योजनाओं के संबंध में वांछित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
संभाग एवं जिलों में स्थित महत्वपूर्ण परिसम्पत्तियों का विक्रय
[लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन]
40. ( क्र. 3127 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन द्वारा प्रदेश के संभाग एवं जिलों में स्थित अति महत्वपूर्ण परिसम्पत्तियों का विक्रय किया जा रहा है? शासन का उद्देश्य एवं नीति क्या है। फरवरी 2022 की स्थिति में जानकारी दी जावें। (ख) क्या जिस प्रक्रिया से सम्पत्तियों का विक्रय किया जा रहा है वह दोषपूर्ण व शासन को राजस्व की हानि एवं आम जनता को खरीददारी से वंचित कर, पूंजीपतियों को लाभ की नीति है? (ग) ग्वालियर/चम्बल संभाग में किन-किन सम्पत्तियों का विक्रय हो चुका है? कितनों का विक्रय शेष है? क्या कुछ सम्पत्तियों का विक्रय कलेक्टर रेट से भी कम मूल्य पर किया गया है? सभी परिसम्पत्तियों का स्थान, रेट सहित जानकारी दी जावें। (घ) क्या शासन उक्त सम्पत्तियों को शासन की संस्थाओं के माध्यम से आमजनों को विक्रय करने की नीति बनायेगा ताकि राजस्व भी अधिक प्राप्त हो व आमजनों को सम्पत्ति खरीद का लाभ भी मिलेगा? जानकारी दी जावे।
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी नहीं। सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश दिनांक 08/10/2020 द्वारा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित साधिकार समिति द्वारा विभाग के पोर्टल पर विभाग/कलेक्टर द्वारा इंद्राज एवं विभाग द्वारा अनुमोदित परिसम्पत्तियों में से साधिकार समिति के समक्ष प्रस्तुत प्रस्ताव में प्रबंधन हेतु परिसम्पत्तियों का चयन किया जाता है। परिसम्पत्तियों के प्रबंधन से सबंधित प्रस्ताव पर प्रस्तुत विकल्पों में से बेहतर विकल्प का चयन एवं अनुशंसा की जाती है जब यह पाया जाता है सम्पत्ति का अन्य कोई प्रबंधन/उपयोग नहीं किया जाना है तब ही सम्पत्ति का निर्वर्तन किये जाने पर साधिकार समिति द्वारा विचार किया जाता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार। (ख) जी नहीं। (ग) विक्रय की गई परिसम्पत्तियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार एवं साधिकार समिति द्वारा चयनित और विक्रय हेतु शेष सम्पत्तियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है। साधिकार समिति द्वारा मंत्रिपरिषद से अनुमोदित मापदंड के अनुसार निर्धारित रिजर्व मूल्य से कम मूल्य पर किसी भी परिसम्पत्ति का विक्रय नहीं किया गया है। (घ) परिसम्पत्तियों का विक्रय ई-टेण्डर कम ई-ऑक्शन के माध्यम से किया जाता है जिसमें किसी भी आम जन/फर्म द्वारा भाग लिया जाता है।
ग्वालियर/चम्बल संभाग के विभिन्न अस्पतालों में शिशु मृत्यु दर
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
41. ( क्र. 3128 ) डॉ.
सतीश सिकरवार
: क्या
लोक
स्वास्थ्य
एवं परिवार
कल्याण मंत्री
महोदय यह
बताने की कृपा
करेंगे कि (क) ग्वालियर/चम्बल
संभाग के
विभिन्न
अस्पतालों
में वर्ष 2020, 2021, फरवरी 2022 तक
कितने शिशु
बाल एवं 10 वर्ष तक के
बालक-बालिकाओं
की मृत्यु हुई
है? जिलावार
जानकारी दी
जावे। (ख) क्या
सम्भागों के
विभिन्न
अस्पतालों
में स्त्री
रोग विशेषज्ञ
एवं शिशु बाल
रोग विशेषज्ञ
चिकित्सकों
की कमी है? कितने
पद स्वीकृत
हैं? कितने
पद कहाँ रिक्त
हैं? रिक्त
पदों पर
नियुक्तियां
कब तक कर दी
जावेगी? (ग) क्या शासन
की नीति शिशु
मृत्यु दर पर
नियंत्रण
करने की है? रोग
विशेषज्ञ
चिकित्सकों
के अभाव में
इस पर नियंत्रण
कैसे होगा? वर्तमान
में संभाग में
शिशु बाल
मृत्यु दर, उक्त
समय में क्या
रही है? पूर्ण
जानकारी दी
जावे। (घ) शासन
द्वारा
ग्रामीण
क्षेत्रों के
प्राथमिक
स्वास्थ्य
केन्द्रों पर
इन मृत्युदरों
की गणना की
क्या
प्रक्रिया
रही है? जिला
मुख्यालय, संभाग
मुख्यालयों
पर इसकी गणना (गिनती)
कैसे की गई? पूर्ण
जानकारी दी
जावे।
लोक
स्वास्थ्य
एवं परिवार
कल्याण
मंत्री ( डॉ.
प्रभुराम
चौधरी ) : (क) ग्वालियर/चम्बल
संभाग में हुई
बच्चों के मृत्यु
की जानकारी
संलग्न परिशिष्ट
के प्रपत्र ''अ'' अनुसार
है। (ख) जी हाँ, स्वीकृत
एवं रिक्त
पदों की जानकारी
संलग्न परिशिष्ट
के प्रपत्र ''ब'' अनुसार
है। विशेषज्ञ
के पद 100
प्रतिशत
पदोन्नित से
पूर्ति किये
जाने का प्रावधान
है, वर्ष 2016 से
पदोन्नति का
प्रकरण
माननीय उच्च न्यायालय
में विलंबित
होने के कारण
प्रदेश में
विशेषज्ञ के
पदों की पद
पूर्ति नहीं
की जा सकी है। निश्चित
समय-सीमा बताई
जाना संभव
नहीं है। (ग) जी
हाँ। मृत्यु
दर में कमी
लाये जाने
हेतु राज्य
स्तर से शिशु
रोग चिकित्सक
वॉक-इन-इन्टरव्यू
के माध्यम से
संविदा आधार
पर नियुक्त
किये जा रहे
हैं एवं जिले
में कार्यरत
चिकित्सकों
को बच्चों के
उपचार के
संबंध में
आवश्यक
प्रशिक्षण
प्रदान किया
जा रहा है, जिससे
शिशु एवं बाल
मृत्यु दर में
कमी लायी जा
सके। भारत
सरकार द्वारा
राज्य स्तर के
शिशु एवं बाल
मृत्यु दर के
आंकड़ें जारी
किये जाते हैं, संभाग
स्तर के आंकड़े
भारत सरकार
द्वारा जारी
नहीं किये
जाते हैं। शेष
प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता। (घ) भारत
सरकार द्वारा
जारी एस.आर.एस.
में केवल राज्य
स्तर के आंकड़े
जारी किये
जाते हैं एवं
उक्त
प्रक्रिया
भारत सरकार
स्तर से की
जाती है। अतः
ग्रामीण
क्षेत्रों के
प्राथमिक
स्वास्थ्य
केन्द्रों, जिला
मुख्यालय एवं
संभाग
मुख्यालयों
पर गणना तथा
प्रक्रिया के
संबंध में
जानकारी दिया
जाना संभव
नहीं है।
सिंचाई एवं पेयजल समस्याओं का निराकरण
[नर्मदा घाटी विकास]
42. ( क्र. 3168 ) श्री
शशांक
श्रीकृष्ण
भार्गव : क्या
मुख्यमंत्री
महोदय यह
बताने की कृपा
करेंगे कि (क) क्या
राष्ट्रीय जल
विकास अभिकरण
से म.प्र. सरकार
के अनुबंध
अंतर्गत सन् 2024 तक
म.प्र. राज्य
द्वारा मॉ
नर्मदा नदी के
जल का उपयोग
म.प्र. राज्य
द्वारा किया
जायेगा एवं
शेष जल अन्य
राज्यों को
आवंटित किया
जायेगा? (ख) प्रश्नांश
(क) यदि हाँ तो
क्या शासन
नर्मदा नदी से
5
एम.सी.एम जल
प्रतिदिन 3 माह (90 दिन) करीब 5 एम.सी.एम.
जल नर्मदा नदी
से बेतबा नदी
में छोड़े
जाने के संबंध
में योजना
तैयार कर उक्त
योजना को
यथाशीघ्र अमल
में लाने के
संबंध में
कार्यवाही
करेगा? (ग) क्या प्रश्नकर्ता
द्वारा
नर्मदा नदी से
बेतवा नदी में
कम खर्च में
अधिकतम
किसानों को
सिंचाई की
सुविधा एवं
शहर विदिशा व
रायसेन के साथ
ही मार्ग में
पड़ने वाले
गांव की पेयजल
समस्या के
निराकरण हेतु
माननीय
मुख्यमंत्री
म.प्र.शासन को 24 जनवरी 2022 को
पत्र क्रमांक 801/2021-22 के
माध्यम से
उक्त योजना की
स्वीकृति
हेतु अनुरोध
किया था? (घ) प्रश्नांश
(ग) यदि हाँ, तो
विदिशा एवं
रायसेन जिले
की सिंचाई
हेतु मकोडिया
बांध की साध्य
नहीं पाई गई, इसके
विकल्प
स्वरूप वर्ष 2019 में
शासन द्वारा
नर्मदा नदी से
जल छोड़े जाने
की योजना के
संबंध में
कार्यवाही की
मांग की गई थी? यदि
हाँ, तो
उक्त क्रम में
क्या
कार्यवाही की
गई? नहीं तो
क्यों?
मुख्यमंत्री
( श्री शिवराज
सिंह चौहान ) : (क) राष्ट्रीय
जल विकास अभिकरण
नहीं अपितु
नर्मदा जल
विवाद न्यायाधिकरण
द्वारा पारित
अवार्ड
अनुसार मध्यप्रदेश
राज्य को
आवंटित 18.25 एम.ए.एफ. जल
का उपयोग वर्ष
2024 तक
किया जाना है।
(ख) वर्तमान
में विभाग के
अंतर्गत इस
संबंध में कोई
योजना प्रस्तावित
नहीं है। (ग) एवं
(घ) कार्यालयीन
अभिलेख
अनुसार पत्र
विभाग में
प्राप्त
नहीं हुआ है। शेष
प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता है।
लोकायुक्त मामलों में अभियोजन स्वीकृति
[सामान्य प्रशासन]
43. ( क्र. 3180 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में विगत 5 वर्षों में लोकायुक्त द्वारा कितने मामले पंजीबद्ध किये गये हैं तथा कितने मामलों में संबंधितों के विरुद्ध शासन द्वारा अभियोजन चलाये जाने की स्वीकृति जारी की जा चुकी है? क्या उन मामलों में माननीय न्यायालयों में चालान प्रस्तुत किये जा चुके हैं? विभागवार पूर्ण ब्यौरा दें। (ख) प्रश्नाधीन अवधि में पंजीबद्ध किन-किन मामलों में माननीय न्यायालय द्वारा दोषमुक्त किया जा चुका है? ऐसे मामलों में क्या विभाग द्वारा सक्षम न्यायालय में अपील की गई है? यदि हाँ, तो तत्सबंधी ब्योरा दें। नहीं तो कारण स्पष्ट करें। (ग) प्रश्नांश (क) में लंबित अभियोजन स्वीकृति कब तक जारी की जावेगी?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) विशेष पुलिस स्थापना (लोकायुक्त) द्वारा विगत 05 वर्षों में 1312 मामले पंजीबद्ध किये गये है तथा 383 मामलों में संबंधितों के विरूद्ध शासन द्वारा अभियोजन चलाये जाने की स्वीकृति जारी की जा चुकी है, जिसमें से 355 मामलों में माननीय न्यायालयों में चालान प्रस्तुत किये जा चुके है, 23 मामलों में चालानी कार्यवाही की जा रही है तथा 05 मामले परीक्षणाधीन है। पूर्ण ब्यौरा पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ख) प्रश्नाधीन अवधि में पंजीबद्ध जिन 10 मामलों में माननीय न्यायालय द्वारा दोष मुक्त किया जा चुका है। उन प्रकरणों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। दोषमुक्ति के 10 मामलों में से 05 मामलों में संगठन द्वारा सक्षम न्यायालय में अपील प्रस्तुत की जा चुकी है, 03 मामलों में अपील प्रस्ताव विधि विभाग को प्रेषित किया गया है, 01 मामले में अपील संबंधी कार्यवाही की जा रही है तथा 01 मामले में अपील योग्य आधार उपलब्ध नहीं होने से अपील न करने का निर्णय लिया गया है। अपील संबंधी ब्यौरा पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' के कालम नम्बर-06 में अंकित है, अपील नहीं करने का कारण कालम 07 में अंकित है। (ग) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
गैर व्यवसायिक वाहनों का विभाग में अटैचमेंट
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
44. ( क्र. 3181 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या तारांकित प्रश्न क्रमांक 2911 दिनांक 10/03/2021 के प्रश्नांश (ग) के संबंध में यह उत्तर दिया गया था कि, जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा इन वाहनों की खुली ई-निविदा का न्यूनतम दर पर अनुबंध वाहनों का उपयोग किया गया? क्योंकि इस क्षेत्र में व्यवसायिक वाहनों की अनुपलब्धता होने से गैर व्यवसायिक वाहनों का उपयोग स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारु रुप से संचालित करने के लिए किया गया है? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो क्या इस संबंध में शासन को शिकायत प्राप्त हुई तथा उस पर जांच कमेटी का गठन किया जाकर जांच कमेटी द्वारा अपना प्रतिवेदन दिनांक 31/05/2021 को प्रस्तुत कर दिया है? (ग) प्रश्नांश (ख) में प्रस्तुत प्रतिवेदन अनुसार कितनी राशि का भ्रष्टाचार होना पाया गया तथा इस राशि की किस प्रकार से दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों से वसूली की जावेगी? (घ) क्या गैर व्यवसायिक वाहनों का उपयोग व्यवसायिक वाहनों के रुप में किये जाने पर शासन को हुई राजस्व हानि के संबंध में संबंधित वाहन स्वामियों से परमिट, कर, फिटनेस, समझौता शुल्क आदि की राशि वसूल की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक और किस प्रकार से वसूल की जावेगी? नहीं तो कारण स्पष्ट करें।
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) प्रस्तुत प्रतिवेदन में उल्लेखित राशि रू.52.99 लाख दर्शायी गयी है। वसूली योग्य राशि का आंकलन किया जा रहा है। (घ) वाहन स्वामियों से राजस्व हानि के रूप में रू.12,967/- की वसूली की जा चुकी है। शेष वसूली की कार्यवाही प्रचलित है।
प्रदेश में मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर के निर्माण की जांच
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
45. ( क्र. 3246 ) श्री पाँचीलाल मेड़ा : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत सिविल विंग के द्वारा प्रदेश के जिला चिकित्सालयों में मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर बनाने हेतु वर्ष 2019 में निविदाएं आमंत्रित की गई थीं? (ख) यदि हाँ, तो किन-किन जिला चिकित्सालयों में ऑपरेशन थियेटर बनाये जाने हेतु किस फर्म की निविदा स्वीकृत की जाकर कार्यादेश किन शर्तों के साथ कब दिए गए थे? (ग) उक्त थियेटर का कार्य किस-किस जिले में पूर्ण कर लिया गया है एवं कितने कार्य अपूर्ण किस कारण से हैं? निर्माण फर्म को कितनी-कितनी राशि का भुगतान किस आधार पर किया गया है? (घ) क्या उक्त शर्त/अनुबंध के अनुसार संबंधित फर्म द्वारा समय-सीमा में स्वीकृत ड्राइंग एवं मटेरियल गुणवत्ता के अनुसार कार्य नहीं किया है? यदि हाँ, तो इसके लिए कौन-कौन दोषी हैं और उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? क्या उक्त फर्म को ब्लैकलिस्ट किया जाकर अनुबंध अनुसार कितनी राशि की पेनाल्टी लगाई जाकर वसूली की गई है?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी हाँ। (ख) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत वर्ष 2019 में प्रदेश के कुल 29 जिला चिकित्सालयों में मॉडयूलर ऑपरेशन थियेटर स्थापित किए जाने हेतु निविदा आमंत्रित कर कार्यादेश लोक निर्माण विभाग द्वारा स्वीकृत निविदा प्रपत्र की शर्त्तों के आधार पर जारी किए गये थे। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट में समाहित है। निर्माण फर्मों को भुगतान लोक निर्माण विभाग की दर अनुसूची एवं मेन्यूअल के प्रावधान अनुसार किया गया है। (घ) जी नहीं। कार्य स्वीकृत मानचित्र एवं गुणवत्ता के अनुसार कराया गया है। अनुबंधानुसार कार्यवार अतिरिक्त समयावृद्धि की स्थिति एवं तदानुसार अधिरोपित अर्थदण्ड की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट में समाहित है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
विमान एवं हेलीकॉप्टर का रख-रखाव
[विमानन]
46. ( क्र. 3255 ) श्री सज्जन सिंह वर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्य सरकार के पास स्वयं के कौन-कौन से विमान एवं हेलीकॉप्टर है यह विमान एवं हेलीकॉप्टर कब-कब तथा कितनी-कितनी राशि के कहां-कहां से किस-किस कंपनी के खरीदे गये थे? इनकी संचालन लागत क्या-क्या थी? किन-किन विमानों एवं हेलीकॉप्टरों ने अब तक कुल कितने-कितने घंटों की उड़ानें भरी हैं? इन विमान एवं हेलीकॉप्टरों के रख-रखाव एवं मरम्मत पर कुल कितनी राशि व्यय की गई है? ऐसे कितने विमान/हेलीकॉप्टर हैं जो कि अनुपयोगी हैं? (ख) उक्त विमानों एवं हेलीकॉप्टरों को 23 मार्च 2020 से 20 फरवरी 2022 तक की अवधि में राज्य एवं राज्य के बाहर विमानतल/स्टेट हेंगर पर लेंडिंग करने और विमान/हेलीकॉप्टर को स्टे करने पर किराये के रूप में कुल कितनी राशि व्यय हुई है? (ग) उक्त किन-किन विमानों एवं हेलीकॉप्टर का बीमा कराया गया है? किन-किन का किन कारणों से बीमा नहीं कराया गया है? (घ) क्या गत वर्ष ग्वालियर में राज्य सरकार का विमान क्रैश हुआ था? यदि हाँ, तो क्या इस विमान का बीमा कराया गया था? यदि नहीं, तो क्यों और क्या विमान क्रैश की जांच कराई है? यदि हाँ, तो जांच निष्कर्ष के आधार पर संबंधितों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई है?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) कुल राशि रूपये 11,51,272/- (ग) हेलीकॉप्टर का बीमा कराया गया है। बीमा की कार्यवाही प्रक्रियाधीन थी, इसी बीच विमान दुर्घटनाग्रस्त होने से बीमा नहीं हो पाया। (घ) जी हाँ। बीमा की कार्यवाही प्रक्रियाधीन थी, इसी बीच विमान दुर्घटनाग्रस्त होने से बीमा नहीं हो पाया। एयरक्राफ्ट दुर्घटना संबंधी जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टीगेशन ब्यूरो द्वारा की गई। रिपोर्ट में आये निष्कर्षों के आधार पर आगामी कार्यवाही की जावेगी।
कोतमा जिला अनूपपुर में कर अपवंचन पर कार्यवाही
[वाणिज्यिक कर]
47. ( क्र. 3319 ) श्री सुनील सराफ : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजकुमार शुक्ला निवासी कोतमा जिला अनूपपुर के टिन नंबर की जानकारी देवें। GST विधान जारी होने के पूर्व इनके द्वारा अंतिम तीन वर्षों की विवरणिकाओं की प्रमाणित प्रतियां देवें? (ख) GST विधान जारी होने के पश्चात् तथा इनके द्वारा GST नंबर लिया गया, यदि हाँ, तो उक्त नंबर व प्रश्न दिनांक तक इनके द्वारा भरी विवरणिकाओं की प्रमाणित प्रतियां देवें? यदि नहीं, लिया तो विभाग ने इसके लिए इन्हें कितने नोटिस दिये व अन्य कार्यवाही क्या की? (ग) क्या विभाग ने जिला पंचायत अनूपपुर से जानकारी प्राप्त कर GST विधान लागू होने के बाद राजकुमार शुक्ला द्वारा किये कार्य पर कोई कार्यवाही की है? यदि नहीं, तो कब तक कार्यवाही की जाएगी? सर्कल अधिकारियों द्वारा इस ओर ध्यान न देने के क्या कारण हैं? यदि जिला पंचायत अनूपपुर से जानकारी प्राप्त नहीं की है तो कब तक की जाएगी? कब तक राजकुमार शुक्ला की पूरी जानकारी लेकर विभाग उनके द्वारा किए कर अपवंचन पर पेनाल्टी लगाकर राशि वसूलेगा?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) श्री राजकुमार शुक्ला, निवासी कोतमा जिला अनूपपुर वेट अधिनियम के तहत दिनांक 20.09.2016 से 30.06.2017 तक पंजीयत रहे हैं। इन्हें वेट अधिनियम के तहत टिन 23119197039 जारी था। इस अवधि में उनके द्वारा विवरणिकाएं प्रस्तुत नहीं की गई हैं। (ख) श्री राजकुमार शुक्ला द्वारा जीएसटी विधान के अधीन दिनांक 05.09.2019 से जीएसटी नंबर 23GIBPS8126J2ZY मे.दीप सप्लायर के नाम से लिया गया है। माल और सेवा कर अधिनियम के तहत विवरणियां जीएसटीएन पोर्टल पर ऑनलाईन प्रस्तुत किए जाने का प्रावधान है। व्यवसायी द्वारा सितम्बर, 2019 से फरवरी, 2022 तक की अवधि के लिए निरंक ऑनलाईन विवरणिकाएं प्रस्तुत की गई हैं। (ग) वाणिज्यिक कर विभाग के अनूपपुर वृत्त कार्यालय द्वारा पत्र क्रमांक 271, 272 दिनांक 07.03.2022 द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत कोतमा से प्रश्नांश में उल्लेखित व्यवसायी के संबंध में जानकारी चाही गयी है। जानकारी प्राप्त होने पर समुचित विश्लेषण पश्चात यदि कोई विसंगति पाई जाती है तो माल एवं सेवाकर अधिनियम के प्रावधानों के अधीन कार्यवाही की जा सकेगी।
नियम विरूद्ध कार्यदेश जारी करने वालों पर कार्यवाही
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
48. ( क्र. 3378 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शहडोल व रीवा संभाग में संचालित शासकीय अस्पतालों में सुरक्षा कर्मियों, सफाई कर्मियों सहित अन्य कार्यों हेतु कर्मचारियों की नियुक्ति कर प्रायवेट कम्पनियों द्वारा कार्य लिये जा रहे हैं, तो किन-किन अस्पतालों में कब से विवरण पृथक-पृथक अस्पतालवार देवें? (ख) प्रश्नांश (क) के अस्पतालों में कम्पनियों को कार्यादेश कब-कब, किन-किन शर्तों पर दिये गये की प्रति देते हुए बतावें कि इनकी अवधि क्या है? कार्यरत कर्मचारीवार विवरण देवें? (ग) प्रश्नांश (क) के कर्मचारियों को प्रश्नांश (ख) अनुसार जो वेतन दिया जा रहा है क्या शासन के मापदण्ड अनुसार है? शासन द्वारा वेतन निर्धारण बावत क्या आदेश जारी किये हैं? आदेश की प्रति बतावें? (घ) प्रश्नांश (क) के कार्यरत कर्मचारियों को शासन द्वारा निर्धारित मापदण्ड अनुसार वेतन का भुगतान न कर उनका आर्थिक शोषण करने वालों पर क्या आपराधिक प्रकरण दर्ज करावेंगे एवं इनको शासन के आदेश के अनुक्रम में वेतन भुगतान बावत निर्देश जारी करेंगे? इस तरह के अनियमित कार्य अनुबंध के शर्तों से हट कर कार्य करने वाली कम्पनियों को कार्य से पृथक करेगें? तो कब तक? अगर नहीं तो क्यों?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) संचालनालय द्वारा जारी गाईडलाइन टेंडर डाक्यूमेंट की शर्तों पर प्रतिवर्ष की अवधि के लिये टेंडर किया जाता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। के अनुरूप कलेक्टर दर पर वेतन भुगतान किये जाने के निर्देश है। (घ) उत्तरांश (ग) के परिपेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
राज्य के कर्मचारियों को केन्द्रीय कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता दिया जाना
[वित्त]
49. ( क्र. 3470 ) श्री प्रियव्रत सिंह : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में पदस्थ राज्य के कर्मचारियों को वर्तमान में कितने प्रतिशत मंहगाई भत्ता प्रदान किया जा रहा हैं? (ख) क्या राज्य के कर्मचारियों एवं केन्द्रीय कर्मचारियों को सामानांतर मंहगाई भत्ता दिया जा रहा हैं? (ग) यदि नहीं, तो केन्द्रीय कर्मचारी के समान राज्य के कर्मचारियों को मंहगाई भत्ता दिये जाने की शासन स्तर पर क्या योजना है? राज्य कर्मचारियों को केन्द्र के समान कब तक मंहगाई भत्ता प्रदाय किया जाएगा?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) मध्यप्रदेश में पदस्थ राज्य के कर्मचारियों को वर्तमान में 20 प्रतिशत मंहगाई भत्ता प्रदान किया जा रहा है। (ख) जी नहीं। (ग) राज्य शासन अपने वित्तीय संसाधनों के आधार पर निर्णय लेता है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
गाड़ गंगा नदी का सौंदर्यीकरण
[पर्यटन]
50. ( क्र. 3471 ) श्री प्रियव्रत सिंह : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा राजगढ़ जिले के अंतर्गत नगर खिलचीपुर में स्थित गाड़ गंगा नदी के सौंदर्यकरण हेतु घाट निर्माण, पार्क निर्माण, साईकिलिंग ट्रेक, फुटपाथ निर्माण एवं मल-जल प्रणाली विकास कार्य हेतु पत्राचार किया गया? (ख) यदि हाँ, तो विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है? उक्त निर्माण कार्य हेतु कब तक स्वीकृति प्रदान की जायेगी?
पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) जी हाँ। (ख) राजगढ़ जिले के अंतर्गत खिलचीपुर, कुण्डलिया डेम तथा जीरापुर डेम के विभिन्न विकास कार्यों के संबंध में कार्य योजना तैयार की गई है। कार्य के औचित्य, पर्यटकों की संख्या तथा बजट की उपलब्धता के आधार पर कार्यों की स्वीकृति दी जाती है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
जल निगम द्वारा किए जा रहे कार्यों की जांच
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
51. ( क्र. 3489 ) श्री राकेश मावई : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला मुरैना में कोतवार डैम से जल निगम द्वारा पीने का शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने हेतु किस-किस ग्राम पंचायत में कितनी-कितनी राशि से कौन-कौन से कार्य कराये जा रहे हैं तथा इन कार्यों की निर्माण एजेंसी कौन है? उनकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति सहित जानकारी उपलब्ध करायें? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार प्रश्न दिनांक तक किस-किस ग्राम पंचायत में क्या-क्या कार्य किये जा चुके हैं, तथा उनका मूल्यांकन कितनी-कितनी राशि का किया गया है एवं ये कार्य कब तक पूर्ण किये जा सकेंगे? मूल्यांकन राशि सहित पंचायतवार जानकारी देवें। (ग) क्या यह भी सही है प्रश्नांश (ख) अनुसार किये गये कार्य एस्टीमेट अनुसार नहीं किये जा रहे है। पाइप लाईन पर्याप्त गहराई तक नहीं डाली जा रही है। जगह-जगह पाईप लाईन टूट रहीं है। तथा गांवों की प्रत्येक गली में प्रत्येक घर तक पाईप लाईन नहीं डाली जा रही है और प्रत्येक घर में नल भी नहीं लगाये गये हैं यदि हां/नहीं तो क्या इसकी उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी और क्या दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही करेंगें? यदि हाँ, तो कब तक नहीं तो क्यों?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) कोतवार डैम से दतेहरा समूह जल प्रदाय योजना अंतर्गत 18 ग्राम पंचायतों के 22 ग्रामों में नल-जल योजना के कार्य कराये जा रहे है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) योजना के समस्त ग्रामों हेतु एकजाई प्राक्कलन है। ग्राम पंचायतवार प्राक्कलन एवं मूल्यांकन नहीं है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) कार्य एस्टिमेट अनुसार कराये जा रहे है। पाइप-लाइन बिछाने का कार्य निर्धारित मानक अनुसार गहराई पर किया गया है, हार्ड पत्थर आने के कारण जहां कम गहराई में पाइप लाइन बिछाने का कार्य किया गया है, उसे हाइड्रोटेस्टिंग के उपरांत अनुबंध के अनुसार चारो तरफ सीमेंट कांक्रीट से इनकेस किया जावेगा। बिछाई गयी पाइप लाइन का हाइड्रोटेस्टिंग का कार्य प्रगतिरत है, टेस्टिंग में लीकेज पाये जाने पर सुधार कार्य प्रगतिरत है। योजना का पाइप लाइन बिछाने एवं घरेलू नल कनेक्शन प्रदान करने का कार्य वर्तमान में प्रगतिरत है, अतः शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
प्रदेश के पेंशनर्स को मंहगाई राहत एवं एरियर्स का भुगतान
[वित्त]
52. ( क्र. 3530 ) श्री
मेवाराम जाटव
: क्या
वित्त मंत्री
महोदय यह
बताने की कृपा
करेंगे कि (क) क्या
प्रदेश के
पेंशनरों 31
प्रतिशत
मंहगाई राहत
दी जा रही है़? यदि
हाँ, तो कब
से और यदि
नहीं,
तो
क्यों नहीं? क्या
जुलाई 2019
से सितम्बर 2021 तक
प्रदेश सरकार
द्वारा
कोरोना काल
में पेंशनर्स
को मंहगाई
राहत दी गई है? (ख) क्या
जनवरी 2006
से 31
अगस्त 2008
तक का छठवें
वेतनमान का
एरियर कोर्ट
के आदेश होने
के बाद भी
क्यों रोका
गया है? क्या
जनवरी 2016
से 31 मार्च
2018 तक का
सातवें
वेतनमान का
एरियर प्रदेश
के पेंशनरों
को प्रदाय
किया है? यदि हाँ, तो कब-कब
एवं नहीं तो
क्यों नहीं
एवं प्रदेश सरकार
पेंशनरों को
उक्त एरियर्स
कब देगी? (ग) प्रदेश
सरकार म.प्र.
पुनर्गठन
अधिनियम 2000 की छठी
अनुसूची की
धारा 49
जिसमें
पेंशनर्स को
स्वत्वों को
प्रदाय किये
जाने हेतु
म.प्र. एवं छ.ग.
दोनों
प्रदेशों को
एक दूसरे की
सहमति का
इंतजार करना
पड़ता है? क्या ये
अधिनियम
समाप्त किया
जाएगा? (घ) क्या
मानननीय
सर्वोच्च
न्यायालय के
निर्णय दिनांक
08.07.2019 के
अनुसार
पेंशनर्स की
आयु 80 वर्ष
प्रारम्भ होते
ही 20 प्रतिशत
अतिरिक्त
पेंशन दिए
जानेका
प्रावधान है? यदि
हाँ, तो
क्या
पेंशनर्स को
उक्त अवधि से
लाभान्वित किया
गया अथवा नहीं?
वित्त
मंत्री ( श्री
जगदीश देवड़ा )
: (क) वर्तमान
में प्रदेश के
पेंशनर्स को
छत्तीसगढ़
राज्य से
सहमति के
अनुक्रम में 17
प्रतिशत मंहगाई
राहत दी जा
रही है। राज्य
सरकार अपने
वित्तीय
संसाधनों के
आधार पर
मंहगाई राहत
देने का निर्णय
लेता है। (ख) वित्त
विभाग के
परिपत्र
क्रमांक एफ 9-2/2009/आर/चार
दिनांक 03-08-2009 द्वारा
छठवें
वेतनमान का
लाभ 01
सितम्बर 2008 से देय
है एवं वित्त
विभाग के
ज्ञापन
क्रमांक एफ 9-2/2018/R/IV दिनांक
11 जून 2018
द्वारा
सातवें
वेतनमान का
लाभ माह
अप्रैल 2018 से देय है। अत:
32 माह
एवं 27 माह
के एरियर्स की
स्थिति
निर्मित नहीं
होती है। (ग) जी
हाँ। भारत
सरकार का
अधिनियम होने
से टिप्पणी
की जाना संभव
नहीं है। (घ) वित्त
विभाग के
परिपत्र
क्रमांक एफ 9-2/2009
दिनांक 03 अगस्त 2009 से
जारी आदेश 80वां
वर्ष प्रारंभ
होते ही 20 प्रतिशत
अतिरिक्त
पेंशन दिये
जाने का
प्रावधान है। वर्तमान
में यही व्यवस्था
लागू है।
विधायक स्वेच्छानुदान में हितग्राहियों के नाम परिवर्तन करने के प्रावधान
[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]
53. ( क्र. 3544 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधायक स्वेच्छानुदान निधि अंतर्गत जारी किये गये चेकों में हितग्राही के नाम में परिवर्तन किये जाने हेतु क्या नियम हैं? (ख) यदि प्रश्नांश (क) अनुसार नाम परिवर्तन का नियम नहीं है तो क्या इस नियम का पालन सभी जिलों में किया जा रहा है? (ग) जबलपुर जिले में वित्तीय वर्ष 2020-21 के पूर्व चेकों में नाम परिवर्तन किया जाता था? यदि हाँ, तो वर्तमान में परिवर्तन क्यों नहीं किया जा रहा है? (घ) यदि नाम परिवर्तन का नियम नहीं है तो क्या यह सही है कि हितग्राही की मृत्यु होने पर अथवा अन्य कारणों से चेक नाम परिवर्तन न होने से चेक की राशि लेप्स हो जाती है? यदि हाँ, तो क्या परिवर्तन का नियम बनाने का प्रावधान किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) विधायक स्वेच्छानुदान योजना के अंतर्गत जारी किये गये चैकों में हितग्राहियों के नामों में परिवर्तन का प्रावधान नहीं है। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। वर्तमान में शासन के नियमों का पालन किया जा रहा है। (घ) हितग्राही की मृत्यु होने अथवा अन्य कारणों से चेकों में नाम परिवर्तन न होने की दशा में राशि लैप्स नहीं हो रही है, अपितु यह अदाता बैंक मैं जमा रहती है। वर्तमान में नियमों में परिवर्तन का प्रावधान नहीं होने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
जिला मुरैना में नीलाम हुई सम्पत्तियों की जानकारी
[लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन]
54. ( क्र. 3563 ) श्री राकेश मावई : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला मुरैना अंतर्गत प्रश्न दिनांक तक लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग द्वारा मुरैना जिले में किस-किस विभाग की कौन-कौन सी सम्पत्ति कितने-कितने रूपये में किन-किन को नीलाम कर विक्रय की गई? सम्पत्तिवार नीलाम राशि सहित सम्पूर्ण जानकारी देवें? क्या मुरैना बस स्टेण्ड जमीन नीलामी की राशि के लगभग 67 करोड़ रूपये मुरैना शहर के विकास के लिए दिये जाएंगे? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) क्या प्रश्नांश (क) अनुसार नीलाम की गई सम्पतियों की राशि यहां प्रचलित बाजार मूल्य से काफी कम प्राप्त हुई? यदि हाँ, तो ऐसा क्यों? मुरैना में खुले में ही नीलामी क्यों नहीं की गई? कारण सहित बताएं? (ग) क्या विधान सभा चुनाव 2018 व उप चुनाव 2020 में माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा कैलारस में शुगर फैक्ट्री चालू कराने की घोषणा की गई? यदि हाँ, तो शुगर फैक्ट्री कैलारस की मशीनरी को लोक परिसम्पति विभाग द्वारा नीलाम करके क्यों बेचा गया? कारण सहित जानकारी देवें? (घ) क्या म.प्र.शासन के परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग ने शुगर फैक्ट्री की मशीनरी नीलाम के बाद अब इसकी 250 बीघा जमीन नीलाम करने की तैयारी प्रारंभ कर दी है? यदि हाँ, तो कर्मचारियों एवं व्यापारियों के लगभग 35-40 करोड़ के स्वत्वों का भुगतान कैसे और कौन करेगा?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। परिसम्पत्ति के निर्वर्तन से प्राप्त राशि शासन के राजस्व खाते में अंतरित की जाती है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। मंत्रिपरिषद के अनुमोदित मापदण्ड के अनुसार साधिकार समिति के अनुसार निर्धारित रिजर्व मूल्य से उच्चतम मूल्य प्राप्त हुये है। परिसम्पत्तियों का निर्वर्तन ई-टेण्डर कम ई-ऑक्शन के माध्यम से किया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। (घ) जी नहीं। विभाग द्वारा शुगर फैक्ट्री की जमीन नीलाम नहीं की जा रही है।
शराब के दामों में विसंगति रोकने हेतु शासन की कार्यवाही
[वाणिज्यिक कर]
55. ( क्र. 3630 ) श्री कमलेश जाटव : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सम्पूर्ण जिले में एक ही ब्रान्ड की शराब अलग-अलग दामों पर शासन की अनुबंधित अंग्रेजी/देशी शराब की दुकानों से क्यों बेची जा रही है? क्या जिले में शराब के दामों की विसंगति, रोकने हेतु शासन कोई कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) क्या जिले में शराब बिक्री के लिये अनुबंधित ठेकेदारों द्वारा उनको प्रदत्त दुकानों के अतिरिक्त कमीशन-बेस पर ग्रामीण क्षेत्रों में किसी अन्य व्यक्तियों द्वारा अंग्रेजी/देशी शराब को स्टॉक कर बेचने का कोई प्रावधान है? यदि हाँ, तो नियम/निर्देश उपलब्ध करावें एवं यदि नहीं, तो जिले के समस्त ग्रामीण-क्षेत्रों में कमीशन-बेस पर अवैध रुप से ठेकेदारों द्वारा अन्य व्यक्तियों के माध्यम से शराब की बिक्री क्यों की जा रहीं है? क्या शासन कोई कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों नहीं? (ग) प्रदेश की किस-किस स्टलरी फैक्ट्री द्वारा शराब के उत्पादन में उपयोग होने वाले किन-किन आवश्यक सामग्री को किस-किस एजेन्सियों/कम्पनियों से किस-किस दाम में प्रतिमाह खरीदा जाता है? किस-किस नाम से शराब का उत्पादन किया जाता है? जिसमें से किन-किन नामों की शराब को किस-किस दामों में प्रदेश की शासकीय दुकानों पर बिकने हेतु प्रदाय किया जाता है तथा कौन-कौन से नामों की शराब को केवल एक्सपोर्ट ही किया जाता है? सूची सहित जानकारी उपलब्ध करावें।
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
गोहद (जिला भिण्ड) में नल-जल योजना
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
56. ( क्र. 3640 ) श्री मेवाराम जाटव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-13 गोहद, (जिला भिण्ड) में नल-जल योजना की क्या स्थिति है? क्षेत्र खारे पानी की समस्या से पीड़ित है। नल जल योजना का कितना काम हुआ है? खारे पानी की समस्या से क्षेत्रवासियों को निजात दिलाने के लिए सरकार के पास क्या योजना है? (ख) क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जिम्मेवार अधिकारियों को निर्देशित करने का कष्ट करेंगे कि मेरे क्षेत्र की जनता को आने वाली गर्मियों में पानी की समस्या से निजात दिलाने के लिए उचित कदम उठाये जायेंगे?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जल जीवन मिशन के अन्तर्गत खारे पानी की समस्या वाले ग्रामों के लिये नल-जल योजना स्वीकृत की गई है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) विभाग द्वारा आगामी ग्रीष्म ऋतु में संभावित सकंट के निपटने हेतु कार्य योजना तैयार की गई है। पेयजल समस्या को दृष्टिगत रखते हुये आवश्यकतानुसार नलकूप खनन, हैंडपंप सुधार, सिंगल फेस सब मोटर पंप स्थापना, राइजर पाइप बढ़ाने आदि के कार्य किये जाते है।
जल-जीवन मिशन योजना में व्यय राशि
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
57. ( क्र. 3720 ) श्री पाँचीलाल मेड़ा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा धरमपुरी में कितनी पंचायतों में जल-जीवन मिशन अंतर्गत नल-जल योजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा आज दिनांक तक कितने ग्रामो में नल-जल योजना प्रारम्भ हो चुकी है? (ख) विधान सभा अंतर्गत ग्रामवार कितना-कितना व्यय हो चुका है तथा पानी की उपलब्धता कितनी है तथा कितने परिवार उक्त योजना से लाभान्वित होंगे (ग्रामवार जानकारी देवें)? (ग) जल-जीवन मिशन अंतर्गत जिन ग्रामों में नल-जल योजनाओं का कार्य किया गया है वह किन ठेकेदारों से करवाया गया है नाम सहित जानकारी देवें, तथा ठेकेदारों को आज दिनांक तक कितना भुगतान कर दिया गया है? क्या कार्य पूर्ण हो चुका है या अपूर्ण है तो कारण सहित बतावें? (घ) ग्रामवार लाभान्वित परिवारों की संख्या उपलब्ध करावें?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) 19 पंचायतों के अन्तर्गत 19 नल-जल योजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है। 72 ग्रामों में नल-जल याजनाओं के कार्य प्रारंभ होकर वर्तमान में प्रगतिरत है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) से (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
सीहोर जिले अन्तर्गत स्वास्थ्य केन्द्रों का उन्नयन
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
58. ( क्र. 3724 ) श्री रघुनाथ सिंह मालवीय : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सीहोर जिले अंतर्गत सन् 2019 से 2021 तक कितने स्वास्थ्य केन्द्र नये एवं उन्नयन किये गये है? (ख) यदि नवीन या उन्नयन स्वास्थ्य केन्द्रों को किये गये है तो आष्टा विकासखंड में कितने नवीन स्वास्थ्य केन्द्र एवं उन्नयन 2019 से 2021 तक कहां-कहां किये गये। (ग) आष्टा क्षेत्र में कई आस-पास 8-10 गांव आते हैं उनमें स्वास्थ्य केन्द्र खोले जाने हेतु क्या कार्यवाही की जा रही है? (घ) नवीन स्वास्थ्य केन्द्र या उन्नयन स्वास्थ्य केन्द्र की स्वीकृति दिलवाने की कृपा करें?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जिला स्वास्थ्य समिति जिला सीहोर के माध्यम से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर आष्टा क्षेत्र अंतर्गत नवीन स्वास्थ्य संस्थाओं की स्थापना/उन्नयन के प्रस्ताव, (सूची में सम्मिलित है) जिन पर वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर निर्णय लिया जा सकेगा। (घ) उत्तरांश (ग) अनुसार।
ओंकारेश्वर परियोजना से सिंचित क्षेत्र
[नर्मदा घाटी विकास]
59. ( क्र. 3731 ) डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ओंकारेश्वर परियोजना के द्वितीय तथा चतुर्थ चरण की नहरों का कार्य कब प्रारंभ हुआ तथा कार्य पूर्ण होने का दिनांक क्या था? (ख) क्या नहरों का कार्य पूर्ण हो चुका है यदि नहीं, तो कितना प्रतिशत कार्य शेष बचा है? (ग) क्या परियोजना का पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किया जा चुका है। यदि हाँ, तो किस दिनांक को? (घ) इस परियोजना में महेश्वर विधानसभा क्षेत्र का कितना सिंचाई का क्षेत्र है। आज दिनांक तक कितने रकबे में पानी दिया जा रहा है एवं कितना रकबा शेष है? (ड.) क्या परियोजना की नहरों की मरम्मत की गई है। यदि हाँ, तो क्षेत्रवार, वर्षवार कितनी धनराशि व्यय की गई है?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ड.) जी हाँ। नहरों की मरम्मत जल उपभोक्ता संथाओं द्वारा की गई है। संथावार एवं वर्षवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है।
नल-जल योजनाओं के पूर्ण होने के मापदण्ड
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
60. ( क्र. 3732 ) डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. जल निगम द्वारा बागोद, नांदिया, पिपल्या ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना में कितने ग्राम सम्मिलित हैं, यह योजना पूर्ण हो गई है? इसकी लागत कितनी हैं? (ख) ग्राम में नल-जल योजना का पूर्ण होने का मापदण्ड क्या है? (ग) क्या ग्रामों में नल-जल योजना के लिये पक्के सी.सी. रोड खोदे गये हैं, यदि हाँ, तो उन्हें पुन: निर्माण की क्या व्यवस्था की गई हैं? (घ) वर्ष 2019-20 में तत्कालीन मंत्रीजी द्वारा इस योजना की जांच के आदेश दिये गये थे। हाँ तो क्या कार्यवाही की गई है?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) बागोद नादिया पिपल्या ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना में 64 ग्राम सम्मिलित है। जी हाँ। स्वीकृत लागत रूपये 75.08 करोड़ है। (ख) ग्राम के प्रत्येक परिवारों को क्रियाशील घरेलू कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध पेयजल की सतत् आपूर्ति के साथ साथ अनुबंध के अनुसार योजना के समस्त कार्य पूर्ण किये जाना। (ग) जी हाँ। अनुबंध अनुसार ठेकेदार द्वारा सड़कों को पूर्व स्थिति अनुसार करना है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
गलत इलाज के कारण नाबालिक के ब्रेन डेड की घटना की जांच
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
61. ( क्र. 3750 ) श्री रामलाल मालवीय : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 04/07/2021 को चड़ाव से गिरकर दुर्घटना ग्रस्त हुई 17 वर्षीय बालिका यास्मिन के ऑपरेशन के लिए मेवाड़ा हॉस्पिटल उज्जैन ने इलाज के लिए रुपए जमा करवाए थे? यदि हाँ, तो क्या कारण रहा ऑपरेशन थियेटर में ले जाने के 02 घंटे के बाद ऑपरेशन से मना करते हुए अन्यत्र रेफर करने को कहा गया? (ख) क्या मयूर हॉस्पिटल इंदौर में उक्त मरीज को भर्ती किया गया? क्या मयूर हॉस्पिटल इंदौर ने, मेवाड़ हॉस्पिटल उज्जैन के गलत इलाज के चलते मरीज का ब्रेन डेड होना बताया? क्या इस गंभीर हालत के लिए मेवाड़ हॉस्पिटल उज्जैन को दोषी करार देते हुए एफ.आई.आर. दर्ज़ की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) मेवाड़ हॉस्पिटल उज्जैन के प्रशासन ने उदयपुर के हॉस्पिटल के अस्पताल में मरीज का इलाज कराने के लिए क्या आंशिक सहयोग अपनी गलती को छिपाने के लिए किया था? यदि हाँ, तो मेवाड़ हॉस्पिटल अपने ज़िम्मेदारी को मानते हुए सहयोग करना क्यों बंद कर दिया? क्या शासन इस मामले में जांच उपरांत कार्यवाही करेगा?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी हाँ। यह कहना सही नहीं है कि ऑपरेशन थियेटर में ले जाने के 02 घंटे बाद ऑपरेशन से मना करते हुए अन्यत्र रेफर करने को कहा गया, वरन वस्तुस्थिति यह है कि उक्त मरीज कु. यास्मिन पिता सिकन्दर को दिनांक 04/07/2021 को रात्रि लगभग 11 बजे मेवाड़ हॉस्पिटल, उज्जैन में भर्ती कराया गया था। क्लीनिकल परीक्षण एवं एम.आर.आई. में उक्त के रीढ़ की हड्डी के एल-3, डी-12 तथा एल-5 लेवल पर कम्प्रेशन फ्रेक्चर तथा स्पाईनल कॉर्ड पर हल्का दबाव होने की पुष्टि उपरान्त, उपचारक चिकित्सक द्वारा स्टेबिलाईजेशन सर्जरी हेतु मरीज के परिजनों से ऑपरेशन एवं एनेस्थेसिया के दौरान संभावित जटिलताओं के संबंध में लिखित सहमति प्राप्त की गई थी। तदोपरान्त दिनांक 06/07/2021 को ऑपरेशन के पूर्व दी जाने वाली जर्नल एनेस्थेसिया देने के पश्चात कु. यास्मिन को एनेस्थेसिया जनित जटिलता- सर्जिकल एम्फाई सीमा उत्पन्न हुई, जिसका तात्कालिक प्रबंधन किया गया था। तत्पश्चात दिनांक 07/07/2021 को उक्त रोगी को झटके आने एवं विगत 12 घंटे की यूरिन आउटपुट अत्यंत कम होने के कारण रोगी के गंभीर स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए मल्टी-स्पेशेलिटी केयर हेतु अन्यत्र रेफर किया गया एवं मरीज को मयूर हॉस्पिटल इंदौर ले जाने की सलाह दी गई। (ख) जी नहीं। मयूर हॉस्पिटल के चिकित्सकों द्वारा रोगी के उपचार में रोजाना 40-50 हजार रूपए प्रतिदिन व्यय होने की संभावना बताए जाने से कु. यास्मिन पुत्री सिकंदर को परीजनों द्वारा एम.वाई हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त मरीज का ब्रेन डेमेज हो चुका है। जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। मरीज की आर्थिक स्थिति को देखते हुए मानवता के नाते मरीज को उदयपुर भेजा गया था। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। प्रकरण के संबंध में गठित जांच दल द्वारा दिए गए अभिमत के आधार पर कलेक्टर उज्जैन द्वारा दिए गए निर्देश के तारतम्य में प्रबंधक, मेवाड़ हॉस्पिटल जिला उज्जैन को कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, उज्जैन के पत्र क्र./शिकायत/2022/2635 दिनांक 04/03/2022 द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है जिसका प्रतिवाद उत्तर अपेक्षित है।
हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर में परिवर्तित करने की योजना
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
62. ( क्र. 3751 ) श्री प्रदीप अमृतलाल जायसवाल (गुड्डा) : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र वारासिवनी के वि.ख. वारासिवनी एवं खैरलांजी में स्वास्थ्य सुविधाओं की दृष्टि से कितने एवं कहां-कहां उप-स्वास्थ्य केन्द्र तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र संचालित हो रहे है? वर्तमान स्थिति में उक्त उप-स्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के भवनों की स्थिति तथा अधिकारियों/कर्मचारियों के स्वीकृत/कार्यरत/रिक्त पदों की जानकारी देवें? (ख) क्या यह सही है कि प्रदेश में उप-स्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर में परिवर्तित करने की योजना प्रचलन में है? यदि हाँ, तो वि.ख. वारासिवनी एवं खैरलांजी के कौन-कौन उप-स्वास्थ्य एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को इस योजना में चिन्हित किया गया है तथा कौन-कौन से उप-स्वास्थ्य एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को इस योजना में सम्मिलित नहीं किया गया है? सम्मिलित नहीं किये जाने का क्या कारण है? (ग) हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर्स योजना में क्या-क्या सुविधायें विकसित किये जाने का प्रावधान है? क्या योजना के अनुरूप वि.ख. वारासिवनी एवं खैरलांजी के समस्त हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर्स को सर्वसुविधायुक्त कर लिया गया है? यदि हाँ, तो कौन-कौन से हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर्स में क्या-क्या सुविधायें विकसित की गई है? यदि नहीं, तो उपरोक्त चिन्हित हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर्स को योजना के अनुरूप अभी तक सर्वसुविधायुक्त नहीं किये जाने का क्या कारण है एवं कब तक यह कार्य पूर्ण कर लिया जावेगा?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। सभी उपस्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को चरणबद्ध रूप से इस योजना में सम्मिलित किया जा रहा है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) अधोसंरचना संबंधी विकसित की जाने वाली सुविधाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार है। जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। चिन्हित हेल्थ वेलनेस सेन्टर को योजना के अनुरूप चरण बद्ध रूप से विकसित करने का कार्य किया जा रहा है, कार्य अतिशीघ्र पूर्ण किये जाने की कार्यवाही प्रचलन में है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।
वेतन निर्धारण आदेश में विसंगति
[वित्त]
63. ( क्र. 3841 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या तिलहन संघ के प्रतिनियुक्ति व संविलियन दोनों सेवायुक्तों को 5वां व 6वां वेतनमान देने के संबंध में वित्त विभाग पत्र/आदेश क्रं.496/2031/2018 दिनांक 23.3.19 में भ्रम/विसंगति की स्थिति उत्पन्न है? क्या पत्र के प्रथम पैरा में प्रतिनियुक्ति वालों को वेतनमान दिये जाने का निर्णय शासन द्वारा लिया जा चुका है, उल्लेखित है जबकि तृतीय पैरा में संविलियन वालों को एक ही वृत्त में दोनों को दिशा-निर्देश होने के कारण कोष लेखा व अन्य विभागों में अनुमोदन की विसंगति है, क्या यह सही है? क्या इस संबंध में पृथक-पृथक आदेश जारी करेंगे? नहीं तो क्यों नहीं? (ख) वित्त विभाग अंतर्गत संस्थागत वित्त एवं स्थानीय निधि संपरीक्षा में किन-किन (अ) अंतर्गत सेवायुक्तों को पांचवां वेतनमान का लाभ/गणना लाभ वेतन निर्धारण में प्राप्त है? किन-किन को नहीं? क्या कारण है? स्पष्ट करें। वाणिज्यिक कर विभाग से कितने प्रकरण वित्त विभाग के अनुमोदन हेतु प्राप्त हुए? प्रकरणवार विवरण दें। नाम, पद, वेतनमान निराकरण की स्थिति बतायें। (ग) तिलहन संघ से वित्त, वाणिज्यिक कर व अन्य विभागों में कार्यरत ( प्रतिनियुक्ति ) रहे व 2010 या इससे पूर्व सेवानिवृत्त सेवायुक्तों को पांचवा वेतनमान लाभ स्वीकृत है अथवा नहीं? क्या इन्हें भी संविलियन नीति 2013 अनुसार पांचवे वेतनमान का लाभ दिया जावेगा या राज्य शासन के सेवायुक्तों के अनुसार? स्पष्ट करें। भ्रम व विसंगति दूर करेंगे? (घ) तिलहन संघ सेवायुक्तों में लगभग 200-300 याचिकायें उच्च न्यायालयों में वेतनमान हेतु दर्ज की हैं, वित्त विभाग के संज्ञान में कितने प्रकरण आये हैं? याचिकावार विवरण दें। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भी उच्च न्यायालय के निर्णय का ही पालन करने को कहा है, ऐसी स्थिति में तिलहन संघ/शासन को करोड़ों व्यय पैरवी में क्यों खर्च कर रहे हैं? तिलहन संघ सेवायुक्तों को अलग से वेतन निर्धारण का आदेश क्यों? क्या जरूरत थी?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) आदेश दिनांक 23.03.2019 सुस्पष्ट है। जी हाँ। आदेश दिनांक 23.03.2019 का पैरा-3 सुस्पष्ट है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) संचालनालय संस्थागत वित्त में तिलहन संघ के संविलियन किए गए समस्त 08 कर्मचारियों को पांचवा वेतनमान का लाभ/गणना लाभ वेतन निर्धारण में प्राप्त नहीं है। सामान्य प्रशासन विभाग के ज्ञाप क्रमांक सी-3/6/2016/01/03 दिनांक 23.08.2016 में दिए गए दिशा-निर्देश के अनुसार अंतिम वेतन प्रमाण-पत्र के आधार पर शासन में संविलियन दिनांक से छठवें वेतनमान में वेतन निर्धारण करते हुए लाभ दिया गया। स्थानीय निधि संपरीक्षा के अंतर्गत तिलहन संघ से प्रतिनियुक्ति पर रहे सेवायुक्तों को पांचवा वेतनमान का लाभ/गणना लाभ की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। वाणिज्यक कर विभाग से वित्त विभाग को प्राप्त प्रकरणों का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार। (ग) तिलहन संघ से वित्त, वाणिज्यक कर व अन्य विभागों में कार्यरत (प्रतिनियुक्ति) रहे, को सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र दिनांक 12 अगस्त 2013 एवं सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र दिनांक 23 अगस्त, 2016 अनुसार वेतन निधार्रण संबंधित विभागों द्वारा किया जाता है। वित्त विभाग का परिपत्र दिनांक 23.03.2019 के पैरा-3 अनुसार वेतन निर्धारण किये जाने के निर्देश हैं, जो कि संविलियन नीति 2013 पर आधारित है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) तिलहन संघ सेवायुक्तों द्वारा उच्च न्यायालय में दायर अधिकतर याचिकाओं में सहकारिता विभाग को प्रथम पक्षकार बनाया गया है। सहकारिता विभाग के माध्यम से ही वित्त विभाग के समक्ष प्रकरण आये है। याचिकाकर्ताओं द्वारा अधिकतर प्रकरणों में राज्य शासन के शासकीय सेवकों के अनुसार पांचवे व छठवें वेतनमान में वेतन निर्धारण कर एरियर्स की राशि चाही जाने के कारण राज्य शासन को पैरवी करना आवश्यक हो गया है।
राजपत्र के अनुसार की गई कार्यवाही की जानकारी
[वाणिज्यिक कर]
64. ( क्र. 3842 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सहायक आबकारी आयुक्त कार्यालय इंदौर में वर्ष 2015 से वर्ष 2017 की अवधि में शराब कारोबारियों के द्वारा कूटरचित बैंक चालानों के माध्यम से शराब दुकानें चलाने पर विधिक कार्यवाही किये जाने के संबंध में कलेक्टर इंदौर ने आबकारी आयुक्त को अर्द्धशासकीय पत्र क्रमांक 2238 दिनांक 27.02.2018 लिखा था जो कि मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 27 दिनांक 18.01.2017 की कंडिका 37.6 एवं कंडिका 37.7 के अंतर्गत शराब कारोबारियों के द्वारा निर्धारित अवधि से अत्यधिक विलंब से जमा करवाई गयी राशि को नगद में समायोजित करने का प्रावधान है, अतिरिक्त महाधिवक्ता इंदौर के द्वारा पत्र क्रमांक/डी.ओ./120 दिनांक 04.01.2018 के माध्यम से कलेक्टर इंदौर की दी गई विधिक सलाह के पृष्ठ क्रमांक 10 पर स्पष्ट रूप से कंडिका क्रमांक 36.4 का उल्लेख करते हुए विलंब से प्रत्याभूत ड्यूटी जमा करवाने पर उस प्रत्याभूत ड्यूटी को नगद में समायोजित करने की विधिक सलाह राजपत्र की कंडिका के अनुसार दी है? (ख) इसी प्रकार वरिष्ठ लेखापरीक्षा अधिकारी एसआरए-11 कार्यालय महालेखाकार भोपाल ने पत्र जावक क्रमांक/62 दिनांक 21.04.2017 से सहायक आबकारी आयुक्त कार्यालय इंदौर की ऑडिट रिपोर्ट कलेक्टर इंदौर को भेजी है। इस ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार भी बैंक चालान में कूटरचना करके विलंब से जमा करवाई गई लायसेंस फीस की मदिरा प्रदाय नहीं की जा सकती हैं, स्पष्ट रूप से लिखा है। उसके उपरांत भी उपायुक्त आबकारी (आर) कार्यालय आबकारी आयुक्त ग्वालियर के द्वारा इस संबंध में दिनांक 05.03.2018 को एकल नस्ती आबकारी आयुक्त को लिखकर कूटरचित बैंक चालान से प्रदाय की गई मदिरा को नियमित किए जाने का अनुमोदन किया, जिस पर आबकारी आयुक्त, प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर और मंत्री ने भी हस्ताक्षर किए। क्या ये राजपत्र को कैबिनेट द्वारा निर्धारित करने के अनुसार किया गया है? (ग) राजपत्र के अनुसार राशि नगद में समायोजित नहीं की गई? क्या मदिरा नियमित करने का निर्णय राजपत्र निर्धारण करने एवं परिवर्तन करने के अधिकार के अनुसार किया गया है? क्या इसके लिए कैबिनेट की मंजूरी ली गयी है? अगर नहीं तो कौन-कौन अधिकारी दोषी है? उनके नाम और पदनाम बतावें। यह आपराधिक साजिश रच कर शासन को 41, 73, 73, 670 करोड़ के राजस्व की हानि पहुंचाने वाले आरोपी शराब कारोबारियों को मदद करने/आर्थिक मदद पहुंचाने की श्रेणी में क्या और कैसे नहीं आता है? जानबूझकर आपराधिक साजिश रच कर शासन को राजस्व की हानि पहुंचाने वाले शराब कारोबारियों ने राजपत्र वर्ष 2015, 2016, 2017 के अनुसार निर्धारित अवधि तीन दिन के उपरांत जमा करवाई गई राशि को नगद में समायोजित क्यों नहीं की गई है? (घ) क्या इस संबंध में विभाग को शिकायतें प्राप्त हुई हैं? उनकी प्रतियां, निराकरण एकल नस्ती, विधिक राय, कलेक्टर इंदौर के पत्र एवं इस संबंध में लिखी गयी समस्त नोटशीटों एवं समस्त पत्राचार, समस्त आदेश, अंतिम निराकरण आदेश की प्रतिलिपियां देवें एवं बतावें कि क्या आरोपी ठेकेदारों ने निर्धारित अवधि उपरांत जमा करवाई गई राशि को राजपत्र के अनुसार नगद में समायोजित किया जावेगा या नहीं?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
आयुष्मान योजना का संचालन
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
65. ( क्र. 3846 ) श्री अशोक ईश्वरदास रोहाणी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर में आयुष्मान योजना के अंतर्गत कितने कार्ड बने हैं? (ख) जबलपुर में चालू वित्तीय वर्ष में 31 जनवरी, 2022 तक आयुष्मान योजना के मरीजों के उपचार के लिये कितनी-कितनी राशि किस-किस अस्पताल को भुगतान की गई? (ग) आयुष्मान योजना के अंतर्गत इस वित्तीय वर्ष में जबलपुर में कितनी शिकायतें किस-किस अस्पताल के विरूद्ध आई और शासन द्वारा उस पर क्या कार्यवाही की गयी? (घ) आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों को निजी व शासकीय अस्पतालों में उपचार में आ रही कठिनाईयों और अतिरिक्त राशि वसूलने की शिकायतों के संबंध में क्या कोई निगरानी समिति बनाई गयी है? यदि हाँ, तो उसकी संपूर्ण जानकारी दें।
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जबलपुर में आयुष्मान योजना के अंतर्गत कुल 818414 कार्ड बने हैं। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। प्राप्त शिकायतों पर दोष सिद्ध होने पर सम्बद्ध अस्पतालों के विरूद्ध अनुबंध की शर्तों के अनुसार कार्यवाही की गई है। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है।
स्वास्थ्य केन्द्रों की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
66. ( क्र. 3847 ) श्री अशोक ईश्वरदास रोहाणी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केण्ट विधानसभा के अंतर्गत सिविल अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों की संख्या कितनी है? (ख) अस्पताल, स्वास्थ्य केन्द्र एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों में पदस्थ डॉक्टर्स, स्टॉफ नर्स एवं अन्य स्टॉफ की जानकारी विस्तार से देवें। (ग) किन केन्द्रों में कौन से डॉक्टर्स, स्टॉफ नर्स एवं अन्य स्टॉफ की कमी है? (घ) अगर कमी है तो उनकी पूर्ति कब तक की जायेगी?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) केण्ट विधानसभा अंतर्गत 01 सिविल अस्पताल, 04 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, 02 सिविल डिस्पेंसरी एवं 04 उप स्वास्थ्य केन्द्र है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार जानकारी संलग्न परिशिष्ट में समाहित है। (घ) निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है।
अत्याधुनिक प्रसव केन्द्र विकसित करने की योजना
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
67. ( क्र. 3856 ) श्री प्रदीप अमृतलाल जायसवाल (गुड्डा) : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मातृ स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने की दृष्टि से सिविल अस्पताल वारासिवनी को अत्याधुनिक प्रसव केन्द्र में विकसित करने की योजना में चिन्हित किया गया है? यदि हाँ, तो इस योजना के अंतर्गत सिविल अस्पताल वारासिवनी में क्या-क्या सुविधायें विकसित की गयी हैं? इसमें कितनी राशि व्यय की गई हैं? (ख) अत्याधुनिक प्रसव केन्द्र योजना में क्या-क्या सुविधायें विकसित किये जाने का प्रावधान है? क्या योजना के अनुरूप सिविल अस्पताल वारासिवनी में समस्त सुविधायें विकसित कर ली गई हैं? यदि नहीं, तो क्या कारण है कि अत्याधुनिक प्रसव केन्द्र योजना में चिन्हित सिविल अस्पताल वारासिवनी को आज पर्यन्त सर्वसुविधायुक्त नहीं किया जा सका है? कब तक यह कार्य पूर्ण कर लिया जावेगा? (ग) क्या अत्याधुनिक प्रसव केन्द्र में महिला चिकित्सक की नियुक्ति नितांत आवश्यक है? यदि हाँ, तो अत्याधुनिक प्रसव केन्द्र के रूप में विकसित सिविल अस्पताल वारासिवनी को महिला चिकित्सक विहीन रखे जाने का क्या कारण है? महिला चिकित्सक की नियुक्ति के संबंध में विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है एवं कब तक नियुक्ति कर दी जावेगी?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी हाँ, लक्ष्य कार्यक्रम अंतर्गत प्रसव कक्ष एवं मेटरनिटी ऑपरेशन थियेटर उन्नत किये जाने हेतु सिविल अस्पताल वारासिवनी को वर्ष 2021-22 में चिन्हित किया गया है। उक्त योजना के अंतर्गत वारासिवनी में प्रसव कक्ष का उन्नयन, नर्सिंग स्टेशन का निर्माण, एक्लेम्पिशया/हाई रिस्क प्रसव निगरानी कक्ष का निर्माण एवं गलियारे का उन्नयन किया गया है। उक्त कार्य हेतु 4.25 लाख की राशि का व्यय किया गया है। (ख) लक्ष्य कार्यक्रम अंतर्गत लेबर रूम, ऑपरेशन थियेटर/नर्सिंग स्टेशन, बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, ट्राएज, वेटिंग एरिया आदि सुविधाएं विकसित किये जाने का प्रावधान है। प्रसव कक्ष का उन्नयन, नर्सिंग स्टेशन का निर्माण एवं एक्लेम्पिशया/हाई रिस्क प्रसव निगरानी कक्ष का निर्माण तथा गलियारे का उन्नयन कर लिया गया है। शेष कार्य आगामी तीन माह में पूर्ण कर लिया जाएगा। (ग) जी नहीं। वर्तमान में डॉ. श्रुति बिसेन, नियमित पी.जी.एम.ओ. स्त्री रोग विशेषज्ञ संस्था में पदस्थ है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
कर्मचारियों का नियमितीकरण
[सामान्य प्रशासन]
68. ( क्र. 3858 ) श्री महेश परमार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश शासन ने सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा दैनिक वेतनभोगी/मस्टरकर्मी/आउटसोर्स कर्मचारी के नियमितीकरण के प्रावधान के निर्देश सभी विभागों को दिये हैं? यदि हाँ, तो उन प्रावधान के परिपालन में उज्जैन संभाग के सभी विभागों में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी/ मस्टरकर्मी/आउटसोर्स कर्मचारी को नियमितीकरण की क्या व्यवस्था दी है? क्या भर्ती परीक्षा में अतिरिक्त अंक दिये जाने का प्रावधान है?क्या पदों का आरक्षण दिया जाएगा? यदि हाँ, तो अब तक क्या कार्यवाही की है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार कितने कर्मचारी कार्यरत हैं? नाम, पद, पदस्थापना नियुक्ति दिनांक, नियोक्ता अधिकारी कार्यानुभव वर्ष के साथ नियमितीकरण की प्रक्रिया से अवगत कराएं। कितने कर्मचारियों को नियमित किया जा चुका है? कितने शेष हैं? (ग) शेष बचे सेवायुक्तों को कितनी अवधि तक नियमित किया जाएगा? (घ) उज्जैन संभाग के सभी विभागों ने डाइनिन वेतन भोगियों के नियमितीकरण को लेकर प्रश्न दिनांक तक शासन के किन परिपत्रों पर किन कर्मचारियों को नियमितीकरण किया जाने के प्रस्ताव एवं कार्यवाही संपादित की है?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) सामान्य प्रशासन विभाग के ज्ञाप क्रमांक, एफ-5-3/ 2006/1-3, दिनांक 16 मई, 2007 एवं समसंख्यक ज्ञाप दिनांक 8.2.2008, 6.9.2008 एवं 14.9.2014 द्वारा दैनिक वेतनभोगी, अस्थायी कर्मचारियों का नियमितीकरण के संबंध में सभी विभागों को निर्देश जारी किये गये हैं। इन निर्देशों में उज्जैन संभाग के लिए पृथक से कोई व्यवस्था नहीं दी गई। मस्टरकर्मी एवं आउटसोर्स कर्मचारी के नियमितीकरण के संबंध में भी कोई व्यवस्था नहीं दी गई है। इसके अतिरिक्त सामान्य प्रशासन विभाग के ज्ञाप क्रमांक, एफ-5-1/2013/1/3, दिनांक 7.10.2016 द्वारा कार्यरत दैनिक वेतनभोगी श्रमिकों के लिए ''स्थायी कमिर्यों'' को विनियमित करने के संबंध में योजना लागू कर सभी विभागों को कार्यवाही के निर्देश जारी किये गये हैं। इस सेवा में कार्यरत कर्मियों को भर्ती परीक्षा में अतिरिक्त अंक दिये जाने का कोई प्रावधान नहीं है। पदों का आरक्षण दिये जाने के संबंध में शासन स्तर पर कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। शेषांश प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) संभागान्तर्गत जिला देवास, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर मालवा की जानकारी संबंधित जिला कलेक्टर द्वारा निरंक प्रतिवेदित की गई है। कलेक्टर, जिला शाजापुर एवं उज्जैन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ग) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) उत्तरांश ''ख'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नई आबकारी नीति बनाने हेतु प्राप्त सुझाव
[वाणिज्यिक कर]
69. ( क्र. 3866 ) श्री कुणाल चौधरी : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग को पिछले पांच वर्षों में आबकारी नीति बनाने के लिये जनता से सुझाव प्राप्त हुये हैं? यदि हाँ, तो सुझाव देने वाले का नाम बतावें तथा उनकी प्रति देवें। इस संबंध में विभाग द्वारा सुझावकर्ता को भेजे गये पत्र की प्रति देवें। (ख) शराब की तस्करी के अवैध शराब के परिवहन, नकली होलोग्राम की शराब के, अन्य विभिन्न प्रकार के वर्ष 2016 से 2021 तक कितने-कितने प्रकरण पाये गये और उसमें किस-किस डिस्टलरी की भागीदारी पायी गयी? (ग) दिनांक 31 जनवरी, 2022 की स्थिति में प्रदेश में कार्यरत डिस्टलरी के नाम, मालिक भागीदार के नाम तथा वर्ष 2016 से वर्ष 2021 तक उत्पादन का नाम तथा मात्रा बतावें तथा बतावें कि प्रश्नाधीन अवधि में उक्त डिस्टलरी में से किस-किस डिस्टलरी में क्या-क्या अनियमितता पायी गयी तथा क्या कार्यवाही की गई? (घ) क्या राजस्थान और असम सरकार ने सागर और भिण्ड की दो डिस्टलरी के संचालकों पर फर्जी दस्तावेज बनाकर शराब तस्कारी करने के आदेश दिये हैं? यदि हाँ, तो डिस्टलरी के नाम तथा की गई कार्यवाही से अवगत करायें। (ड.) क्या अधिकारियों एवं डिस्टलरी के गठजोड़ से परेशान होकर शराब व्यापारी ने दुकानों के ठेके लेने में रूचि नहीं दिखा रहे हैं? यदि हाँ, तो बतावें कि व्यापारियों के बिन्दु क्या हैं तथा उसका समाधान कैसे किया जावेगा?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
संविदा कर्मचारियों के वेतन की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
70. ( क्र. 3888 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2018 में माननीय मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के वेतन के 90 प्रतिशत के बराबर वेतन देने की घोषणा की गई थी? यदि हाँ, तो इस संबंध में किन-किन विभागों को कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया? तत्सम्बन्धी आदेश उपलब्ध कराएं। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्या एन.एच.एम. के संविदा कर्मियों को अब तक इस वेतन का लाभ नहीं दिया गया है? यदि हाँ, तो क्यों? क्या इस सम्बंध में ग्वालियर खंडपीठ द्वारा सरकार को एक माह में 90 प्रतिशत वेतन देने के प्रकरण का निराकरण करने के निर्देश दिए गए थे? यदि हाँ, तो माननीय न्यायालय के आदेश के परिपालन में क्या कार्यवाही की गई?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी हाँ। सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा समस्त विभागों को निर्देशित किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी के लिये 05 जून 2018 को जारी संविदा कर्मचारियों की नीति का लाभ नियमित कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन का 90 प्रतिशत वेतन के सबंध में प्रकरण तैयार कर नस्ती वित्त विभाग को प्रस्तुत की गई थी, वित्त विभाग द्वारा परामर्श दिया गया कि कोविड-19 की परिस्थिति को दृष्टिगत रखते हुये विभागीय प्रस्ताव पर विचार आगामी वित्तीय वर्ष किये जाने का परामर्श हेतु लेख किया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियों को रू. 1000 से 4000/- तक वित्त विभाग की सहमति से अतिरिक्त विशेष प्रोत्साहन भत्ता (स्वास्थ्य) जून-2021 पेड जुलाई-2021 से प्रदान किया गया। 90 प्रतिशत के प्रस्ताव को वित्त विभाग द्वारा फिलहाल प्रतीक्षारत रखा गया है। जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
शराब के ठेकों का नवीनीकरण
[वाणिज्यिक कर]
71. ( क्र. 3889 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आबकारी एक्ट धारा 34/2 में आरोपितों को शराब ठेका दिए जाने के सम्बंध में विभाग के क्या नियम हैं? वर्तमान में प्रदेश में ऐसे कितने ठेकेदार हैं जिनके विरुद्ध 34/2 के प्रकरण कायम हुए हैं? क्या वर्ष 2022-23 के लिए इनके ठेकों का नवीनीकरण किया जाएगा? यदि हाँ, तो कारण बताएं। यदि नहीं, तो ऐसे समूहों की जिलेवार सूची उपलब्ध कराएं, जिनके लायसेंस इस वजह से नवीनीकरण नहीं किये जायेंगे? (ख) क्या यह सही है कि मण्डला जिला अंतर्गत अंजनियाँ समूह के वर्तमान लाइसेंसी ठेकेदार के विरुद्ध आबकारी एक्ट की धारा 34/2 का मामला होने के बाद भी वर्ष 2017-18 में इन्हें ठेका दिया गया एवं तब से लेकर वर्ष 2021-22 तक इसका नवीनीकरण किया जा रहा है? यदि हाँ, तो इसमें कौन-कौन दोषी है? उनके विरुद्ध क्या कार्यवाही की जाएगी? क्या उक्त ठेकेदार के विरुद्ध गंभीर आपराधिक मामले दर्ज होने के कारण कोतवाली थाना मण्डला पुलिस के द्वारा ठेकेदार का लायसेंस निरस्त करने हेतु जिला आबकारी अधिकारी मण्डला को पत्र को लिखा गया है? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा इसमें क्या कार्यवाही की गई? (ग) क्या उक्त ठेकेदार का लाइसेंस निरस्त करने व वर्ष 2022-23 में नवीनीकरण नहीं करने हेतु प्रश्नकर्ता द्वारा माननीय मंत्री जी प्रमुख सचिव व मण्डला कलेक्टर को पत्र दिया गया है? यदि हाँ, तो इसमें क्या कार्यवाही की गई है या की जा रही है?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
उद्योगों की स्थापना हेतु भूमि का आवंटन
[सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम]
72. ( क्र. 3904 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी, 2019 से प्रश्न दिनांक तक उज्जैन संभाग में उद्योगों की स्थापना हेतु कहाँ-कहाँ कितनी भूमि शासन द्वारा विभाग को आवंटित की गई है तथा शासन द्वारा कितनी राशि का निवेश किया गया है? वर्तमान में किन-किन जिलों में उद्योगों की स्थापना हेतु भूमि आरक्षित किये जाने की प्रकिया प्रचलन में है। (ख) प्रश्नांश (क) में उद्योगों की स्थापना हेतु किन-किन जिलों में उद्यमियों को भूमि आवंटित की जा चुकी है तथा उद्यमियों की कोई मांग न होने के कारण औद्योगिक क्षेत्र हेतु विकसित भूमि प्रश्न दिनांक तक रिक्त पड़ी हुई है, जिसके कारण शासन की कितनी राशि का निवेश निष्प्रयोजित हुआ है? जिलेवार ब्यौरा दें। (ग) क्या नीमच जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योग स्थापना हेतु पर्याप्त मात्रा में भूमि उपलब्ध होने के उपरान्त भी उद्योगों की स्थापना हेतु नवीन औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने हेतु शासन से भूमि आवंटन की मांग प्रक्रियाधीन है? यदि हाँ, तो किन-किन उद्योगों की स्थापना हेतु शासन की किस नीति के तहत उद्योगों की स्थापना हेतु भूमि आवंटन की मांग की जा रही है? (घ) क्या नीमच, विधानसभा अंतर्गत उद्योगों की स्थापना हेतु शासन से चाही गई भूमि शहरी क्षेत्र से लगी हुई है? यदि हाँ, तो क्या यह क्षेत्र के पर्यावरण की दृष्टि से हानिकारक होगा?
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ( श्री ओमप्रकाश सखलेचा ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' एवं ''2'' अनुसार है। (ख) भूमि अविकसित होने के कारण आवंटित नहीं हुई है। भूमि अविकसित है। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) म.प्र. राज्य औद्योगिक भूमि तथा भवन आवंटन एवं प्रबंधन नियम 2021 के परिशिष्ट 'डी' अनुसार अविकसित भूमि पर क्लस्टर की स्थापना हेतु भूमि की मांग की जा रही है। (घ) जी नहीं। चाही गई भूमि शहरी क्षेत्र से लगी हुई नहीं है।
कौशल विकास योजनांतर्गत दक्ष युवाओं की पदस्थापना
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
73. ( क्र. 3907 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में प्रधानमंत्री कौशल उन्नयन योजना अंतर्गत स्वास्थ्य क्षेत्र से संबंधित विभिन्न कोर्सेस तथा जनरल ड्यूटी असिस्टेंट, इमरर्जेन्सी मेडिकल टेक्नीशियन, फार्मेसी असिस्टेंट, मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नीशियन आदि को विभाग मान्यता प्रदान करता है? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्नांश (क) के क्रम में प्रशिक्षित युवाओं को विभाग में विभिन्न शासकीय नियुक्तियों में क्या कोई प्रावधान है? (ग) यदि नहीं, तो क्या इस प्रकार प्रशिक्षित युवाओं को स्वास्थ्य क्षेत्र के निजी चिकित्सालयों, लेबोरेट्रीस, नर्सिंग होम्स में नियुक्तियां मिल सकती हैं? यदि हाँ, तो किन पदों पर नियुक्ति प्रदान की जा सकती है व पात्रता संबंधी क्या प्रावधान है? यदि नहीं तो क्या विभाग इस हेतु प्रावधान निर्मित करेगा? (घ) क्या कोरोना काल में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सी.एच.ओ.) के प्रशिक्षण प्राप्त प्रशिक्षणार्थी भी निजी चिकित्सालयों/नर्सिंग होम्स में नियुक्ति प्राप्त कर सकते हैं? यदि हाँ, तो किन पदों पर, इस संबंध में क्या प्रावधान है? यदि नहीं, तो क्या विभाग इस हेतु प्रावधान निर्मित करेगा?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी नहीं। प्रधानमंत्री कौशल उन्नयन योजना मूलत: कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय, भारत सरकार की योजना है। उक्त योजना अंतर्गत संचालित स्वास्थ्य क्षेत्र से संबंधित विभिन्न कोर्सेस यथा जनरल ड्यूटी असिस्टेंट, इमरर्जेन्सी मेडिकल टेक्नीशियन, फार्मेसी असिस्टेंट, मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नीशियन आदि को लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, म.प्र. द्वारा मान्यता देने संबंधी कोई कार्यवाही नहीं की जाती है। (ख) प्रश्नांश (क) में दिए गए उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) स्वास्थ्य क्षेत्र के निजी चिकित्सालयों, लेबोरेटरी, नर्सिंग होम्स में जनरल डयूटी असिस्टेंट, इमरर्जेन्सी मेडिकल टेक्नीशियन, फार्मेसी असिस्टेंट, मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नीशियन की नियुक्ति म.प्र. उपचर्या गृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनायें (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन) अधिनियम एवं नियम अंतर्गत विनियमित नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जी नहीं, विभाग की ऐसी कोई योजना नहीं है। (घ) जी नहीं। कोरोना काल में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सी.एच.ओ.) के प्रशिक्षण प्राप्त प्रशिक्षणार्थी निजी चिकित्सालयों/नर्सिंग होम्स में नियुक्ति प्राप्त नहीं कर सकते हैं। भारत सरकार के दिशा-निर्देश अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सी.एच.ओ.) की पदस्थापना केवल उप स्वास्थ्य केन्द्र स्तरीय हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर्स पर ही की जायेगी। अत: विभाग द्वारा इस हेतु कोई प्रावधान निर्मित नहीं किया जायेगा।
शाला त्यागी बालिकाओं हेतु टेकहोम राशन का प्रदाय
[महिला एवं बाल विकास]
74. ( क्र. 3980 ) श्री हर्ष विजय गेहलोत (गुड्डू) : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 11-14 वर्ष की शाला त्यागी किशोरी बालिकाओं को टेकहोम राशन के लिये वर्ष 1920-21 से 2021-22 तक बजट प्रावधान तथा वास्तविक व्यय की सूची देवें तथा बतावें कि टेकहोम राशन के हितग्राहियों की वर्षवार संख्या क्या है? (ख) शाला त्यागी बालिकाओं के लिये प्रतिवर्ष 2018-19 के लिये बजट प्रावधान 224.67 करोड़ था उसके स्थान पर कुल व्यय मात्र 55.47 करोड़ ही क्यों हुआ तथा क्या टेक होम राशन प्रदाता को बी.पी.एल. की दर से खाद्यान्न प्रदान किया जाता है। यदि हाँ, तो प्रश्नांश (क) में लिखित वर्ष में दिये गये खाद्यान्न की मात्रा बतावें। (ग) क्या रतलाम जिले में शाला त्यागी बालिका प्रदायित टी.एच.आर. हितग्राहियों की संख्या वर्ष 2018-19 से 2020-21 तक क्रमशः 3466, 2284 तथा 9050 है। यदि हाँ, तो संख्या वर्षवार इतना परिवर्तन क्यों है तथा वर्ष 2020-21 में 9050 हितग्राही का व्यय 1.20 करोड़ की गणना कैसे की गई है?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) वर्ष 2018-19 से योजना में परिवर्तन होने के कारण 11 से 18 वर्ष के स्थान पर केवल 11 से 14 वर्ष तक की शाला त्यागी बालिका को ही टेकहोम राशन दिया जाना था। इस कारण से प्रावधानित राशि के विरूद्ध कम व्यय हुआ। जी हाँ। खाद्यान्न की मात्रा की जानकारी संलग्न परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है।
आदिवासी उपयोजना की राशि का उपयोग
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
75. ( क्र. 3981 ) श्री हर्ष विजय गेहलोत (गुड्डू) : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रतलाम जिले में विभिन्न स्तर के शासकीय अस्पतालों की शहर/गांव अनुसार वह कितनी-कितनी क्षमता के हैं तथा उन सभी में डॉक्टर तथा पैरामेडिकल स्टाफ के पद मार्च 2022 अनुसार कितने हैं तथा कितने पद खाली हैं? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित विभिन्न केटेगरी के शासकीय अस्पतालों में वर्ष 2016 से 2021 वर्ष तक कितने-कितने आउटडोर तथा इन्डोर मरीज का इलाज किया गया तथा इलाज के दौरान कितने मृत हुये? वर्षवार बतावें। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित अस्पतालों को वर्ष 2016-17 से 2021-22 तक किस-किस मद में, किस-किस कार्य के लिये कितनी राशि स्वीकृत की गई तथा कितनी भेजी गई? प्रत्येक वर्ष के लिये विभिन्न मद में राशि का आवंटन किस अनुसार किया जाता है? अस्पताल प्रशासन द्वारा भेजी गई मांग अनुसार या अस्पताल की केटेगरी अनुसार बतावें। (घ) रतलाम जिले में आदिवासी उपयोजना क्षेत्र सैलाना तथा बाजना में सिविल अस्पताल का निर्माण क्यों नहीं किया गया तथा इन दोनों क्षेत्र में सामान्य राशि तथा आदिवासी उपयोजना की राशि कितनी-कितनी वर्ष 2016-17 से 2020-21 तक दी गई? (ड.) क्या वर्ष 2016-17 से 2021-22 तक आदिवासी उपयोजना की राशि का उपयोग जिला चिकित्सालय रतलाम में किया गया? यदि हाँ, तो कितना तथा क्यों?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। विभिन्न मदों में राशि का आवंटन अस्पताल प्रशासन शाखा द्वारा प्रदाय मापदण्डों के आधार पर किया जाता है एवं समय-समय पर जिले की मांग एवं उपलब्धता के आधार पर किया जाता है। (घ) रतलाम जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सैलाना एवं बाजना का सिविल अस्पताल में उन्नयन न होने के कारण निर्माण कार्य कराया जाना संभव नहीं है तथा उक्त दोनों क्षेत्र में सामान्य राशि तथा उपयोजना की राशि प्राप्त नहीं हुई है। (ड.) वर्ष 2016-2017 से 2021-2022 तक आदिवासी उपयोजना की राशि का उपयोग जिला चिकित्सालय रतलाम में नहीं किया गया है।
शासन/विभाग के निर्देशों का पालन
[सामान्य प्रशासन]
76. ( क्र. 4056 ) श्री प्रह्लाद लोधी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के विधानसभा प्रश्न क्रमांक 568, दिनांक 18.03.2020 के प्रश्नांश (ख) से (ड.) की जानकारी एकत्रित की जा चुकी है? यदि हाँ, तो एकत्रित जानकारी बताइए और उद्भूत तथ्यों पर की गयी कार्यवाही से अवगत कराइए। (ख) पन्ना जिले में जिला स्तरीय एवं पवई विधानसभा अंतर्गत विगत 03 वर्षों में किन-किन शासकीय कार्यक्रमों का आयोजन किस-किस विभाग एवं कार्यालय द्वारा कब-कब किया गया? कार्यक्रमों में कौन-कौन जनप्रतिनिधि अतिथि के तौर पर शामिल हुये और किन-किन जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया? क्या इन कार्यक्रमों में प्रश्नकर्ता को भी अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया और कार्यक्रमों की सूचना दी गयी? यदि हाँ, तो किस प्रकार एवं किसके द्वारा और कब-कब? यदि नहीं, तो क्यों? क्या इस पर कोई कार्यवाही की जाएगी? (ग) क्या विभाग के पत्र दिनांक 08.10.2020 से आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के संदर्भ में सुशासन सेक्टर में कार्यवाही आंरभ करने के निर्देश दिए गए हैं? यदि हाँ, तो यह निर्देश क्या थे और निर्देशों के पालन में अब तक क्या-क्या कार्यवाही की गयी? (घ) क्या प्रश्नांश (ख) निर्देशों का पन्ना जिले में पालन किया जा रहा हैं? यदि हाँ, तो कैसे और किन आदेशों/निर्देशों के अध्यधीन? कार्यालय/ विभागवार बताइये। (ड.) क्या माननीय मुख्यमंत्री जी की मंशानुसार नागरिक सुविधाओं और योजनाओं के समुचित क्रियान्वयन के निर्देश दिये गये हैं? यदि हाँ, तो विगत 02 वर्षों में दिये गये इन विषयों के निर्देशों पर पन्ना जिले में किस-किस विभाग एवं कार्यालय द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गयी और योजनाओं के सुचारू संचालन के लिए क्या-क्या प्रयास और कार्यवाही की गयी? इसके क्या परिणाम परिलक्षित हुये? विवरण उपलब्ध करायें।
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
संस्कृति का उन्नयन, संवर्धन एवं संरक्षण
[संस्कृति]
77. ( क्र. 4057 ) श्री प्रह्लाद लोधी : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) शासन द्वारा संस्कृति के उन्नयन और संरक्षण के लिए क्या-क्या कार्य और कार्यवाही की जाती है और इसके लिए जिला एवं प्रदेश स्तर पर कौन-कौन से कार्यालय और शासकीय सेवक कार्यरत हैं? (ख) बुन्देलखण्ड क्षेत्र की संस्कृति में नृत्य, कला, साहित्य, बोली, भाषा, रहन-सहन एवं अन्य क्या-क्या विशेषताओं का समावेश है और क्या बुन्देलखण्ड संस्कृति के उन्नयन और संवर्धन के क्या-क्या कार्य विगत वर्षों में किए गए और क्या आगामी समय में बुन्देली संस्कृति के उन्नयन, संवर्धन और संरक्षण की कोई योजना है? यदि हाँ, तो क्या? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या प्रश्नांश (क) कार्यों हेतु शासन द्वारा राशि का प्रावधान किया गया? यदि हाँ, तो विगत 03 वर्षों में कितनी-कितनी राशि किन-किन कार्यों हेतु आवंटित की गयी और कितनी-कितनी राशि किन-किन कार्यों में कब-कब व्यय की गयी एवं व्यय राशि से किए गए कार्यों के क्या लाभ परिलक्षित हुये? (घ) क्या पन्ना, छतरपुर, दमोह एवं सागर जिलों में पुरातत्व महत्व के भवन, मंदिर एवं अन्य संरचनाएं तथा प्राचीन कला-कृतियां एवं मूर्तियां पायी गयी हैं? यदि हाँ, तो कहाँ-कहाँ एवं कब-कब तथा इन इमारतों एवं कला-कृतियों और मूर्तियों के सरंक्षण के लिए अब तक क्या-क्या कार्य एवं कार्यवाही की गयी और क्या आगामी समय हेतु कोई कार्ययोजना बनाई गयी है? यदि हाँ, तो क्या? यदि नहीं, तो क्यों? (ड.) प्रश्नांश (घ) क्या समुचित दर्शनीय स्थल पर संग्रहालय का निर्माण कर जिलों में पायी गयी कला-कृतियों एवं मूर्तियों का एकत्रीकरण किया जायेगा? यदि हाँ, तो किस प्रकार और कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) शासन द्वारा संस्कृति के उन्नयन एवं संरक्षण देने के उद्देश्य से चाही गई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-01 अनुसार है. विभाग अंतर्गत संस्कृति संचालनालय के जिला स्तर पर कार्यालय संचालित नहीं है. राज्य स्तर कार्यालय/मुख्यालय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-02 पर तथा विभिन्न जिलों में अधीनस्थ संचालित संगीत तथा ललित कला महाविद्यालयों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-03 एवं 04 अनुसार है. (ख) जी हाँ. बुन्देलखण्ड संस्कृति के उन्नयन और संवर्धन के संबंध में विगत वर्षों में किए गए कार्यों का विवरण पुस्कालय में रखे परिशिष्ट-05 अनुसार है. बुन्देली संस्कृति के उन्नयन, संवर्धन और संरक्षण के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-01 अनुसार है. (ग) जी हाँ. जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-06 अनुसार है. (घ) जी हाँ. पन्ना, छतरपुर, दमोह एवं सागर जिलों का ग्राम से ग्राम पुरातत्वीय सर्वेक्षण कराया गया है. सर्वेक्षण में चिन्हित महत्वपूर्ण स्मारकों को संरक्षित किया गया है, जिसकी सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-07 अनुसार है. जिलों में बिखरी हुई कलाकृतियों को जिलों में स्थित विभागीय संग्रहालयों में संरक्षित किया गया है. राज्य संरक्षित स्मारकों एवं संग्रहालयों का उन्नयन एवं विकास कार्य विभाग की सतत् प्रक्रिया अंतर्गत है. इनका संरक्षण बजट की उपलब्धता एवं प्रशासकीय अनुमोदन पर निर्भर करता है. (ड.) विभाग अंतर्गत संचालनालय पुरातत्व द्वारा इन जिलों में संग्रहालय स्थापित किए गये हैं. इनमें कलाकृतियों एवं मूर्तियों को एकत्र कर संरक्षित किया गया है. इनमें जिला पुरातत्व संग्रहालय हिन्दुपत महल, पन्ना, रानी दमयंती पुरातत्व संग्रहालय, दमोह, महाराजा छत्रसाल संग्रहालय धुबेला, जिला छतरपुर तथा जिला पुरातत्व संग्रहालय लेडी डफरिन हॉस्पिटल बिल्डिंग, सागर प्रमुख हैं.
खजुराहो फेस्टिवल में बुन्देलखण्ड की संस्कृति को बढ़ावा
[संस्कृति]
78. ( क्र. 4065 ) कुँवर प्रद्युम्न सिंह लोधी : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) खजुराहो बुन्देलखण्ड मिट्टी का एक अभिन्न अंग है। खजुराहो फेस्टिवल में बुन्देलखण्ड की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिये क्या-क्या प्रयास किये गये हैं? (ख) खजुराहो महोत्सव का कार्यक्रम हर वर्ष आयोजित किया जा रहा है। यदि हाँ, तो बुन्देलखण्ड की लोक कला प्रस्तुति उत्सव कार्यक्रम में दी जावेगी? (ग) क्या शासन खजुराहो महोत्सव कार्यक्रम में बुन्देलखण्ड संस्कृति लोक गायन एवं लोक नृत्यों को शामिल किया जायेगा? यदि नहीं, तो क्यों?
पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) जी हाँ. संस्कृति विभाग द्वारा खजुराहो फेस्टिवल का आयोजन नहीं किया जाता है अपितु खजुराहो में खजुराहो नृत्य समारोह किया जाता है. (ख) जी नहीं. खजुराहो महोत्सव संस्कृति विभाग द्वारा नहीं किया जाता है. अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है. जहां तक खजुराहो नृत्य समारोह का प्रश्न है, संस्कृति के नृत्य विधा से संबंधित है, जिसमें शास्त्रीय नृत्य का आयोजन होता है. (ग) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता.
आगंनवाड़ियों द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी
[महिला एवं बाल विकास]
79. ( क्र. 4095 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन/विभाग द्वारा मातृ-शिशु मृत्यु दर नियंत्रण हेतु एवं माता व शिशु के स्वास्थ्य एवं सर्वांगीण, समुचित देखभाल प्रबंधन हेतु आगंनवाड़ियों के माध्यम से प्रदेश भर में केन्द्र/राज्य प्रवर्तित योजनाओं के माध्यम से विभिन्न कार्य किये जा रहे हैं? (ख) यदि हाँ, तो प्रदेश भर में आगंनवाड़ियों के माध्यम से क्या-क्या कार्य किये जा रहे हैं? वर्ष 2018-19 से लेकर प्रश्न दिनांक तक किन-किन माध्यमों से क्या-क्या कार्य किये गये? (ग) जानकारी दें कि प्रदेश भर में जिलेवार मातृ-शिशु मृत्यु दर में कितना सुधार हुआ तथा प्रदेश भर में विभिन्न कार्यों हेतु सामग्रियों का क्रय किस नियम प्रक्रिया से कितनी-कितनी लागत का जिलेवार किया गया? वर्षवार बतायें। (घ) प्रदेश भर में दवाईयां, पौष्टिक आहार अथवा अन्य प्रकार की भी आवश्यक सामग्रियों का क्रय किस नियम प्रक्रिया से किस स्थान से किस प्रकार किया जा रहा है? उस पर वर्षवार प्रदेश भर में कितना व्यय होकर वितरण हुआ? यदि जिलेवार किया जाता है तो वर्षवार जिलेवार जानकारी दें।
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग यह कार्य कर रहे हैं। (ख) आंगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से पूरक पोषण आहार प्रदाय, पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा, गृह भेंट, संदर्भ सेवा, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण आदि सेवाएं प्रदाय की जा रही हैं। प्रश्नाधीन अवधि में उक्त कार्य आंगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से किए गए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण 4 डी (डिफेक्ट, डिसीज, डिफिसयंसी, डेव्लपमेंट डिले) अन्तर्गत मोबाईल हेल्थ टीम द्वारा किया जा रहा है। (ग) स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार भारत सरकार द्वारा जारी एस.आर.एस. रिपोर्ट में 2018 से 2019 तक शिशु मृत्यु दर में दो अंकों की गिरावट दर्ज की गई एवं 2019 के बाद भारत सरकार द्वारा एस.आर.एस. की रिपोर्ट जारी नहीं की गई है। भारत सरकार द्वारा जारी रिपोर्ट में सिर्फ राज्य स्तर के आंकड़े जारी किये जाते हैं, अतः जिलेवार जानकारी दिया जाना संभव नहीं है। प्रदेश भर में जिलेवार मातृ मृत्यु के आंकड़े प्राप्त नहीं होते हैं। वर्ष 2012-13 वार्षिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण में प्रदेश की संभागवार मातृ मृत्यु दर की जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''01'' अनुसार है। तत्समय प्रदेश की मातृ मृत्यु दर 227 प्रति लाख जीवित जन्म थी। प्रदेश की मातृ मृत्यु दर 163 प्रति लाख जीवित जन्म (एस.आर.एस. 2017-19) हो गई है। आंगनवाड़ी केन्द्रों में टेक होम राशन के रूप में पूरक पोषण आहार राज्य सरकार के उपक्रम एम.पी. एग्रो के बाड़ी संयंत्र एवं महिला आजीविका औद्योगिक सहकारी संस्था मर्यादित देवास, धार, सागर, होशंगाबाद, मंडला, शिवपुरी एवं रीवा संयंत्रों के माध्यम से एवं 03 वर्ष से 06 वर्ष तक के बच्चों को ग्रामीण क्षेत्र में सांझा चूल्हा के माध्यम से तथा शहरी क्षेत्र में स्थानीय स्व-सहायता समूहों के माध्यम से नाश्ता एवं भोजन प्रदाय किया जा रहा है। आंगनवाड़ी केन्द्रों में उपलब्ध करायी जाने वाली मेडिसिन किट का क्रय, म.प्र. भंडार क्रय नियम तथा उपार्जन नियम 2015 के अन्तर्गत राज्य शासन के उपक्रम मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम के माध्यम से राज्य स्तर पर क्रय किया जा कर वितरित किया जाता है। व्यय राशि की जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''02'' अनुसार है। (घ) आंगनवाड़ी केन्द्रों में टेक होम राशन के रूप में पूरक पोषण आहार राज्य सरकार के उपक्रम एम.पी. एग्रो के बाड़ी संयंत्र एवं महिला आजीविका औद्योगिक सहकारी संस्था मर्यादित देवास, धार, सागर, होशंगाबाद, मंडला, शिवपुरी एवं रीवा संयंत्रों के माध्यम से एवं 03 वर्ष से 06 वर्ष तक के बच्चों को ग्रामीण क्षेत्र में सांझा चूल्हा के माध्यम से तथा शहरी क्षेत्र में स्थानीय स्व-सहायता समूहों के माध्यम से नाश्ता एवं भोजन प्रदाय किया जा रहा है। आंगनवाड़ी केन्द्रों में उपलब्ध करायी जाने वाली मेडिसिन किट का क्रय, म.प्र. भंडार क्रय नियम तथा उपार्जन नियम 2015 के अन्तर्गत राज्य शासन के उपक्रम मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम के माध्यम से राज्य स्तर पर क्रय किया जा कर वितरित किया जाता है। व्यय राशि की जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''02'' अनुसार है।
उद्योगों की स्थापना एवं संचालन
[सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम]
80. ( क्र. 4096 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रतलाम जिले में शासन/विभाग अंतर्गत किस-किस सर्वे नंबर की भूमि को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग धंधे स्थापित किये जाने हेतु चिन्हित किये गये हैं, तो किस-किस सर्वें नंबर की कितनी-कितनी भूमि चिन्हित की जाकर औद्योगिक कार्य में उपयोग किया जा रहा है? स्थानवार जानकारी दें। (ख) बताएं कि जिले भर के उपरोक्त प्रश्नांश (क) में उल्लेखित चिन्हित स्थानों पर कितने उद्योग धंधे स्थापित होकर संचालित किये जा रहे हैं? कितने चालू हैं एवं कितने बंद पड़े हैं तो किन कारणों से? कब से बंद पड़े हैं? (ग) साथ ही बताएं कि नियमानुसार उक्त स्थलों पर अनुबंधित किये कार्य ही किये जा रहे हैं अथवा अन्य कार्य भी किये जा रहे हैं, तो किस अनुमति से तथा अनुबंधित/आवंटित निर्धारित भूमि से ज्यादा अतिक्रमण कर भी कार्य हो रहा है? (घ) अवगत कराएं कि किन-किन स्थानों पर भूमि रिक्त पड़ी होकर आवंटन योग्य है? कहाँ-कहाँ पर हैं? साथ ही विगत कई वर्षों पूर्व शासन/विभाग से अनुबंध निष्पादन कराने के बावजूद भी सिर्फ कब्जा कर किसी भी प्रकार का औद्योगिक कार्य विगत वर्षों में कभी नहीं किया गया तो ऐसे कितने स्थान हैं एवं उनके विरूद्ध क्या विभागीय कार्यवाहियां की जा रही हैं?
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ( श्री ओमप्रकाश सखलेचा ) : (क) से (घ) सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग की जानकारी पुस्तकालय रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1, 2, 3, 4, 5 एवं 6 अनुसार है।
बैरसिया तहसील अंतर्गत नल-जल योजना के कार्यों की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
81. ( क्र. 4125 ) श्री विष्णु खत्री : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैरसिया तहसील अंतर्गत ऐसे कितने ग्राम हैं, जिन्हें नल-जल योजना/जल जीवन मिशन से जोड़ दिया गया है? (ख) बैरसिया तहसील अंतर्गत ऐसे कितने ग्राम हैं जिनमें नल-जल योजना एवं जल जीवन मिशन का कार्य पूर्ण हो गया है एवं कितने ग्रामों में उक्त कार्य प्रगति पर है? (ग) बैरसिया तहसील अंतर्गत जिन ग्रामों में नल-जल योजना/जल जीवन मिशन का कार्य अपूर्ण है? कितने समय में पूर्ण कर लिया जायेगा?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) बैरसिया तहसील के अंतर्गत सभी 220 ग्रामों को जल जीवन मिशन के अन्तर्गत एकल/समूह जल योजना से लाभान्वित किया जाना प्रावधानित है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) 14 ग्रामों में एकल नल-जल योजना का कार्य भौतिक रूप से पूर्ण हो गया है एवं 64 ग्रामों में कार्य प्रगतिरत है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) 64 योजनाएं प्रगतिरत, 15 अप्रारंभ एवं 100 की निविदा प्रक्रियाधीन है, इसके अतिरिक्त 27 ग्राम संजय सागर समूह नल-जल योजना में सम्मिलित हैं, इस समूह योजना की निविदा प्रक्रियाधीन है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
प्राथमिक एवं नवीन उप-स्वास्थ्य केन्द्र की स्थापना
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
82. ( क्र. 4126 ) श्री विष्णु खत्री : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बैरसिया विधानसभा के ईंटखेड़ी, सोहाया उप-स्वास्थ्य केन्द्र सोहाया को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बनाये जाने की पात्रता रखते है? यदि हाँ, तो इस संबंध में विभाग कि क्या कार्ययोजना है? (ख) क्या परवलिया सड़क, अर्रावती, गांगापिपलिया, मेंगराकलां नवीन उप स्वास्थ्य केन्द्र की पात्रता रखते हैं? यदि हाँ, तो इस संबंध में विभाग की क्या कार्ययोजना है? विस्तृत जानकारी उपलब्ध करायें।
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी हाँ। बैरसिया विधानसभा क्षेत्र ईंटखेड़ी एवं सोहाया अंतर्गत नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की स्थापना का प्रस्ताव नवीन स्वास्थ्य संस्थाओं की स्थापना/उन्नयन के प्रस्तावों की सूची में सम्मिलित है, जिन पर वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर निर्णय लिया जा सकेगा। (ख) जी हाँ। मध्यप्रदेश शासन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के परिपत्र क्रमांक एफ 12-22/2021/सत्रह/मेडि-3, भोपाल दिनांक 23.09.2021 द्वारा परवलिया सड़क में नवीन उप स्वास्थ्य केन्द्र की भवन निर्माण कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। ग्राम अर्रावती, गांगापिपलिया एवं मेंगराकलां अंतर्गत नवीन उप स्वास्थ्य केन्द्र की स्थापना का प्रस्ताव नवीन स्वास्थ्य संस्थाओं की स्थापना/उन्नयन के प्रस्तावों की सूची में सम्मिलित है, जिन पर वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर निर्णय लिया जा सकेगा।
मंदिरों/ट्रस्टों की भूमि पर अतिक्रमण
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
83. ( क्र. 4135 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) भिण्ड जिले की तहसील लहार के कस्बा आलमपुर में तत्कालीन होल्कर स्टेट ऑफ इंदौर के द्वारा विभिन्न मंदिरों/ट्रस्टों को दी गई भूमि के किस-किस सर्वे क्रमांक की भूमि पर किन-किन व्यक्तियों ने अतिक्रमण कर लिया है? (ख) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में क्या यह सही है कि वर्ष 2015 में तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी राजस्व लहार श्री राजेश राठौर ने अतिक्रमण हटाने के नोटिस जारी किए गये थे? यदि हाँ, तो अतिक्रमणकारियों के नाम, पता सहित बतायें एवं किस-किस सर्वे क्रमांक की भूमि पर अतिक्रमण हटाया गया? (ग) क्या खासगीदेवी अहिल्याबाई ट्रस्ट आलमपुर स्थित छत्री को राज्य शासन के अधीन राज्य सरंक्षित घोषित की गई है? यदि हाँ, तो उक्त छत्री को राज्य संरक्षित घोषित किये जाने के संबंध में कब अधिसूचना जारी की गई? (घ) आलमपुर स्थित उक्त छत्री के रख-रखाव हेतु शासन द्वारा प्रतिवर्ष कितनी राशि विभाग को दी जाती है तथा वर्ष दि. 01 जनवरी, 2012 से दि. 31 जनवरी, 2022 तक छत्री की मरम्मत पर कितनी-कितनी राशि व्यय की गई एवं किस-किस एजेन्सी को कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया गया?
पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) भिण्ड जिले की तहसील लहार के कस्बा आलमपुर में स्थित भूमि सर्वे क्रमांक 759/1 रकबा 24.407, 759/2 रकबा 0.809, 986 रकबा 3.683, 1003 रकबा 1.499 हेक्टेयर होल्कर ट्रस्ट के अंतर्गत आती है जिसमें से सर्वे क्रमांक 986 पर 33 व्यक्तियों द्वारा अतिक्रमण एवं सर्वे क्रमांक 1003 पर 45 व्यक्तियों द्वारा अतिक्रमण किया गया है। अतिक्रामकों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''क'' एवं ''ख'' अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उद्भूत नहीं होता। (ग) जी हाँ। संस्कृति विभाग की अधिसूचना क्रमाक एफ 6-7-06-सं-तीस दिनांक 23 जून 2006 को जारी की गई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ग'' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''घ'' अनुसार है।
नियम विरूद्ध पोषण आहार का प्रदाय
[महिला एवं बाल विकास]
84. ( क्र. 4136 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्र/उप आंगनवाड़ी केन्द्रों में 03 से 06 वर्ष की आयु तक के बच्चों को पूरक पोषण आहार प्रदान किए जाने हेतु विभाग द्वारा पूर्व के निर्देशों को संशोधित कर दिनांक 05 मई 2021 को नवीन निर्देश जारी किए थे? (ख) यदि हाँ, तो गीता स्व-सहायता समूह को लाभ पहुंचाने हेतु जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग भिण्ड ने दिनांक 24 मई 2021 को जारी विज्ञप्ति में संशोधित निर्देशों का उल्लेख क्यों नहीं किया गया? क्या अक्रियाशील गीता स्व-सहायता समूह का खाता पुन: 02.09.2021 को केनरा बैंक में खुलवाया गया है? (ग) क्या नगर परिषद् अकोड़ा जिला भिण्ड द्वारा नगरीय क्षेत्र अकोड़ा में पंजीबद्ध स्व-सहायता समूहों की उपेक्षा कर नियम विपरीत भिण्ड नगर पालिका क्षेत्र के स्व-सहायता समूह गीता स्व-सहायता समूह को नगरीय क्षेत्र अकोड़ा के 10 आंगनवाड़ी केन्द्रों का पोषण आहार प्रदाय किया जा रहा है? यदि हाँ, तो किस आदेश के तहत? आदेश की प्रति दें। (घ) क्या दिनांक 29.07.2021, 24.08.2021 एवं 12.11.2021 को अध्यक्ष, महाकाल आजीविका स्व-सहायता समूह नगर परिषद् अकोड़ा जिला भिण्ड ने कलेक्टर जिला भिण्ड को नियम विपरीत गीता स्व-सहायता समूह भिण्ड से पोषण आहार प्रदाय कराने के संबंध में शिकायतें की थी? यदि हाँ, तो शिकायतों की जांच किस अधिकारी से कब कराई गई? जांच प्रतिवेदन की प्रति दें एवं जांच निष्कर्षों के आधार पर क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
आंगनवाडी कार्यकर्ताओं/सहायिकाओं की समस्याओं का निराकरण
[महिला एवं बाल विकास]
85. ( क्र. 4149 ) श्री दिलीप सिंह गुर्जर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को कोरोना काल में मुख्यमंत्री जी ने दस हजार रूपये प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की थी? यदि हाँ, तो क्या राशि दे दी गयी है? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) क्या उज्जैन जिले की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को विगत 3 वर्षों से यात्रा भत्ता नहीं दिया गया है? यदि हाँ, तो कब तक दिया जायेगा? (ग) आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं/सहायिकाओं से आये दिन अन्य विभागों का कार्य किस नियम के तहत कराया जा रहा है? (घ) क्या मुख्यमंत्री जी ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका के सेवानिवृत्त होने पर सहायिका को 75 हजार व कार्यकर्ता को एक लाख रूपये देने की घोषणा की थी? यदि हाँ, तो यह योजना लागू कर दी गयी है? (ड.) शासन द्वारा पोषण ट्रेकर एप जो अंग्रेजी में है, इसे हिन्दी में करने व सैम व मैम जो कुपोषण बच्चों का एप है उसको सुधारने के लिए क्या कार्यवाही की जा रही है? यदि हाँ, तो कब तक कर दिया जायेगा? (च) क्या आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को शासन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी घोषित करने पर विचार कर रही है? यदि हाँ, तो कब तक और नहीं तो क्यों?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी नहीं। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उज्जैन जिला अन्तर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के यात्रा देयक, भुगतान हेतु लंबित नहीं है। अतः शेष जानकारी का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है। (ग) आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका द्वारा अपने कार्यों के साथ-साथ राष्ट्रीय/अन्य राज्य हित के शासकीय कार्य भी समय-समय पर आवश्यकतानुसार किये जाते हैं। इस संबंध में कोई नियम प्रचलित नहीं है। (घ) जी नहीं। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) पोषण ट्रेकर एप भारत सरकार, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा निर्मित एवं संचालित है। पोषण ट्रेकर एप्लीकेशन हिन्दी में है किन्तु इसमें प्रविष्टियां अंग्रेजी में की जाती हैं। सैम व मैम कुपोषित बच्चों हेतु पृथक से कोई एप नहीं है। सैम व मैम कुपोषित बच्चों की निगरानी हेतु विकसित माड्यूल क्रियाशील है, जिसमें क्षेत्रीय आवश्यकता/सुझाव अनुसार समय-समय पर सुधार किया जाता हे। अतः शेष जानकारी का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है। (च) जी नहीं। भारत सरकार द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका का पद मानसेवी श्रेणी में निर्धारित किया गया है, मानसेवी होने के कारण इन्हें चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी घोषित किया जाना संभव नहीं हैं। अतः शेष का प्रश्न ही नहीं है।
आंगनवाडी कार्यकर्ताओं/सहायिकाओं को मानदेय का प्रदाय
[महिला एवं बाल विकास]
86. ( क्र. 4150 ) श्री दिलीप सिंह गुर्जर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के क्षेत्र में कितनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका कार्यरत हैं? उनके नाम सहित उनको प्रतिमाह कितना मानदेय दिया जा रहा है? क्या राज्य व केन्द्र सरकार द्वारा घोषित मानदेय नहीं दिया जा रहा है, क्यों? (ख) मध्यान्ह भोजन रसोइयों को खाना बनाने के लिए शासन के द्वारा 2000 रूपये के स्थान पर 5000 रूपये दिए जाने, रसोइयों के लिए बीमा कराने, स्व-सहायता समूह के अध्यक्ष व सचिव को गेहूं और चावल का आरो दिया जाता है, अभी एक वर्ष से कहीं पांच किलो तो कहीं 20 किलो गेहूं दिया जा रहा है। इसकी जांच कर सही दर दिए जाने और प्रत्येक बच्चा पर 7.85 रूपये है, इसे बढ़ाकर 15 रूपये किया जाये। स्कूलों में मध्यान्ह भोजन में 5 रूपये दिया जाता है, इसे बढ़ाकर 10 रूपये किया जाये या इन दरों में महंगाई के पॉईन्टर्स जोड़े जायें व प्रदेश में 445 कम्प्यूटर ऑपरेटर डेलीवेजेस पर हैं, इन्हें संविदा में करने की मांग कर्मचारी संगठनों व आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिकाओं द्वारा की जा रही है? यदि हाँ, तो शासन इस पर क्या कार्यवाही कर रहा है? (ग) क्षेत्र की कितनी शहरी व ग्रामीण आंगनवाड़ियां स्वयं के भवन/किराये के भवन में संचालित हो रही हैं? भवन निर्माण हेतु शासन क्या कार्यवाही कर रहा है?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र नागदा-खाचरोद अंतर्गत 284 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता 287 सहायिकाएं कार्यरत हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को 10000/- रूपये प्रतिमाह, आंगनवाड़ी सहायिका को 5000/- रूपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा निर्धारित मानदेय का भुगतान किया जा रहा है। अतः शेष जानकारी का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधीन गठित संस्था प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण इकाई से प्राप्त जानकारी अनुसार, प्रधानमंत्री पोषण निर्माण योजनान्तर्गत शासन के निर्देशानुसार राशि रू. 2000/-प्रति रसोईया प्रति माह भुगतान किया जाता है। जिसमें राशि रू. 600/- केन्द्रांश एवं राशि रू. 1400/- राज्यांश सम्मिलित है। प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों के मान से प्राथमिक शाला हेतु प्रति विद्यार्थी 100 ग्राम प्रति दिवस खाद्यान्न एवं माध्यमिक शाला हेतु प्रति विद्यार्थी 150 ग्राम प्रति दिवस खाद्यान्न प्रदाय किया जाता है। विद्यार्थियों को पका हुआ भोजन उपलब्ध कराने हेतु प्राथमिक शाला के विद्यार्थियों हेतु प्रति विद्यार्थी प्रति दिवस राशि रू. 4.97/- एवं माध्यमिक शाला के विद्यार्थियों हेतु प्रति विद्यार्थी प्रति दिवस राशि रू. 7.45/- का प्रदाय किया जाता है। विभाग अन्तर्गत कोई भी कम्प्यूटर ऑपरेटर डेलीवेजेस पर कार्यरत नहीं होने से शेष जानकारी का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) विधानसभा क्षेत्र नागदा-खाचरोद के 313 आंगनवाड़ी केन्द्रों में से शहरी क्षेत्र के 17 आंगनवाड़ी केन्द्र विभागीय/अन्य शासकीय भवनों में तथा 116 आंगनवाड़ी केन्द्र किराये के भवनों में एवं ग्रामीण क्षेत्र के 177 आंगनवाड़ी केन्द्र विभागीय/अन्य शासकीय भवनों तथा 3 आंगनवाड़ी केन्द्र किराये के भवन में संचालित किये जा रहे हैं। आंगनवाड़ी भवन निर्माण वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर है। अतः शेष जानकारी का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
अनुकम्पा नियुक्ति के लंबित प्रकरणों का निराकरण
[सामान्य प्रशासन]
87. ( क्र. 4182 ) श्री के.पी. सिंह कक्काजू : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल जिले में दिनांक 1 जनवरी, 2021 तक अनुकम्पा नियुक्ति के किस-किस विभाग के कितने आवेदन लंबित थे? विभागवार सूची उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्न दिनांक तक उपरोक्त लंबित प्रकरणों में से कितने आवेदकों को अनुकम्पा नियुक्ति दी गई? (ग) भोपाल जिले में उपरोक्त में से किस विभाग के कितने अनुकम्पा नियुक्ति के आवेदन अभी भी लंबित है? सूची उपलब्ध करावें। (घ) उत्तरांश (ग) में उल्लेखित ऐसे कितने अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरण हैं, जो विगत एक वर्ष से अधिक की अवधि से लंबित हैं तथा लंबित रहने का कारण क्या है?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार। (ग) एवं (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार।
कन्या भ्रूण हत्या पर दर्ज प्रकरण
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
88. ( क्र. 4183 ) श्री के.पी. सिंह कक्काजू : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, शिवपुरी की शिकायत पर पोहरी रोड, शिवपुरी स्थित सिद्धिविनायक मल्टीस्पेशेलिटी हॉस्पिटल के विरूद्ध कन्या भ्रूण हत्या डीलिंग संबंधी वीडियो के आधार पर एफ.आई.आर. पंजीबद्ध हुई थी? क्या इसी एफ.आई.आर. में अस्पताल प्रबंधन द्वारा दर्ज कराई गई ब्लैक मेलिंग संबंधी शिकायत को भी समाहित किया गया? जबकि दोनों ही प्रकरणों में फरियादी अलग-अलग थे। क्या यह उक्त केस को कमजोर करने की रणनीति नहीं है? यह किसके निर्देश पर किया गया बतावें। (ख) क्या उक्त केस की जांच प्रचलन में होने के दौरान सिद्धिविनायक मल्टीस्पेशेलिटी हॉस्पिटल का लायसेंस निलंबित कर अस्पताल की प्रसूति एवं स्त्री रोग संबंधी उपचार की सुविधाएं प्रतिबंधित की गई थी? यदि हाँ, तो मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, शिवपुरी द्वारा किस आधार पर प्रतिबंधित सेवाओं को बहाल किया गया? (ग) सिद्धिविनायक मल्टीस्पेशेलिटी हॉस्पिटल, शिवपुरी के संचालन के चेंबर में बैठकर अस्पताल के आर.एम.ओ. की पत्नी नर्स द्वारा कन्या भ्रूण हत्या संबंधी कथित डीलिंग की और डिप्टी कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा प्रमाणित पाये जाने पर अस्पताल प्रबंधन के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज क्यों नहीं कराई गई? जबकि मात्र 2 नर्सों के विरूद्ध मामला दर्ज किया गया, जबकि इनके नियुक्तिकर्ता तथा इनके कार्य से लाभान्वित होने वाले अस्पताल के संचालन मण्डल को कार्यवाही के जद से बाहर किस आधार पर रखा गया? पूर्ण जानकारी दें।
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी हाँ। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, शिवपुरी द्वारा एफ.आई.आर. क्र. 0506 दिनांक 07/09/2021 को दर्ज कराई गई है। जी नहीं। सिद्धिविनायक मल्टीस्पेशेलिटी हॉस्पिटल के संचालक द्वारा पृथक से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। जांचकर्ता पुलिस अधिकारी द्वारा इस शिकायत को अपराध से संबंधित होने के कारण प्रकरण में समाहित किया गया। (ख) जी हाँ। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, शिवपुरी द्वारा आदेश दिनांक 02/12/2021 द्वारा कोविड की तृतीय लहर एवं लोकहित को दृष्टिगत रखते हुए सिद्धिविनायक मल्टीस्पेशेलिटी हॉस्पिटल में ऑब्सट्रेटिक एवं गायनिक चिकित्सा सुविधाओं को बहाल किया गया। (ग) कलेक्टर, जिला शिवपुरी के आदेश दिनांक 04/09/2021 द्वारा डिप्टी कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति की जांच रिपोर्ट अनुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी शिवपुरी द्वारा प्रथम दृष्टया गर्भपात का चिकित्सकीय समापन अधिनियम, गर्भधारण पूर्व एवं प्रसवपूर्ण निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम एवं म.प्र. उपचर्यागृह एवं रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन) अधिनियम एवं अन्य वैधानिक अधिनियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित स्टाफ नर्स श्रीमती पूनम खान तथा चिकित्सक डॉ. रहीस खान के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई। एफ.आई.आर. की कार्यवाही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, शिवपुरी द्वारा जांच रिपोर्ट में पाये गए दोषियों पर कराई गई।
मंत्रियों की निजी स्थापना में विशेष सहायक रखने के नियम
[सामान्य प्रशासन]
89. ( क्र. 4189 ) श्री प्रागीलाल जाटव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में राज्य मंत्री, स्वतंत्र प्रभार एवं कैबिनेट मंत्री के यहां विशेष सहायक तथा कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में किस-किस वर्ग के अधिकारियों को रखने का नियम है? उनके पद, नाम एवं वेतनमान सहित सम्पूर्ण जानकारी देवें। (ख) दिनांक 1 जनवरी 2021 से प्रश्न दिनांक तक कुल कितने और कौन-कौन से राज्य प्रशासनिक अधिकारियों को कब-कब आई.ए.एस. के रूप में पदोन्नत किया गया है? उनके नाम एवं पद नाम सहित जानकारी देवें। आई.ए.एस. पदोन्नत होने के बाद उनकी पदस्थापना कहाँ-कहाँ पर किस-किस पद पर कब-कब की गई? नवीन पदस्थापना सहित जानकारी देवें। (ग) क्या प्रश्नांश (क) के अनुसार राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी को आई.ए.एस. पदोन्नति मिलने के बाद राज्य मंत्री/स्वतंत्र प्रभार/कैबिनेट मंत्री के यहां विशेष सहायक पद पर रखा जा सकता है? यदि नहीं, तो वर्तमान के कौन-कौन से अधिकारी किस-किस मंत्री के यहां पर विशेष सहायक के पद पर पदस्थ हैं? नाम सहित जानकारी देवें। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के संदर्भ में यदि आई.ए.एस. अधिकारी को विशेष सहायक विशेष कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के पद पर रखने का नियम नहीं है, तो ऐसे अधिकारियों को मंत्रियों के यहां से कब तक हटा दिया जायेगा? यदि नहीं, तो क्यों?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) प्रदेश में राज्य मंत्री, स्वतंत्र प्रभार एवं कैबिनेट मंत्री की निजी स्थापना में विशेष सहायक के पद पर द्वितीय एवं प्रथम श्रेणी के अधिकारियों को पदस्थ किये जाने के निर्देश है। निर्देशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) प्रश्नाधीन अवधि में भारत सरकार, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, नई दिल्ली द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 17.01.2022 द्वारा 17 राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदोन्नति प्रदान की गई है। भारत सरकार द्वारा जारी अधिसूचना की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा पदस्थापना आदेश दिनांक 24.01.2022 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। (ग) भारत सरकार, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 30.12.2016 अनुसार मध्यप्रदेश संवर्ग हेतु निर्धारित असंवर्गीय पदों पर भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को पदस्थ किया जा सकता है। इस विभाग के आदेश दिनांक 24.01.2022 द्वारा श्री चन्द्रशेखर शुक्ला भाप्रसे (2014) को विशेष सहायक, माननीय राज्यमंत्री जी, नर्मदा घाटी विकास तथा उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के असंवर्गीय पद पर पदस्थ किया गया है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नांश ''ग'' के उत्तर के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
शिवपुरी जिले में पेयजल की आपूर्ति
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
90. ( क्र. 4190 ) श्री प्रागीलाल जाटव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पेयजल की आपूर्ति के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जल निगम के माध्यम से विधान सभा क्षेत्र-23 करैरा में क्या-क्या कार्य किस-किस ग्राम पंचायत में कितनी-कितनी लागत से कार्य किये जा रहे हैं? प्राक्कलन सहित जानकारी देवें। (ख) किये जा रहे कार्यों की स्थिति किस-किस ग्राम पंचायत एवं ग्रामवार जानकारी देवें। (ग) क्या जो कार्य किये जा रहे हैं प्राक्कलन के अनुसार नहीं किये जा रहे हैं? किये जा रहे कार्य की एजेन्सी कौन-कौन सी है या फिर सरकार या विभाग द्वारा कराए जा रहे हैं? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के सन्दर्भ में किये जा रहे कार्यों में बहुत भ्रष्टाचार किया जा रहा है? क्या इसकी जांच कब तक की जाएगी? नहीं की जाएगी तो कारण सहित बतायें।
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) विधानसभा क्षेत्र 23 करैरा अंतर्गत मड़ीखेड़ा समूह जल प्रदाय योजना का क्रियान्वयन कार्य किया जा रहा है, जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। समूह योजना का एकजाई प्राक्कलन बनाया गया है, ग्राम/पंचायतवार राशि प्राक्कलित नहीं है। (ख) वर्तमान में मध्यप्रदेश जल निगम कीमड़ीखेड़ा समूह जल प्रदाय योजना के अंतर्गत करैरा विधानसभा के किसी भी ग्राम पंचायत अथवा ग्राम में कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। (ग) योजनान्तर्गत समस्त कार्य प्राक्कलन के अनुसार ही किये जा रहे हैं, एजेंसी की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
मेगा प्रोजेक्ट सूची में भेदभाव
[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]
91. ( क्र. 4192 ) श्री नीलांशु चतुर्वेदी : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुख्यमंत्री जी द्वारा प्रदेश के कुछ विधायकों से उनके क्षेत्र के विकास कार्य हेतु 15-15 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट की सूची मांगी गई है? यदि हाँ, तो किन-किन से जिलेवार विधान सभावार जानकारी दें। (ख) सतना जिले के कितने विधायकों से मेगा प्रोजेक्ट की सूची मांगी गई है व कितने विधायकों से नहीं मांगी गई? (ग) क्या सरकार यह मानती है कि प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित विधायकों के क्षेत्र में विकास कार्य की आवश्यकता नहीं है? यदि नहीं, तो इस भेदभाव का क्या कारण है?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी नहीं। (ख) प्रश्नांश ''क'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। प्रश्नांश ''क'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
जन स्वास्थ्य रक्षकों को राशि का वितरण
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
92. ( क्र. 4193 ) श्री नीलांशु चतुर्वेदी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के 50 हजार जन स्वास्थ्य रक्षकों को केन्द्र शासन/राज्य शासन द्वारा 6 माह का प्रशिक्षण दिया जाकर उनकी सेवायें ग्रामीण जनता को घर-घर जाकर दी जा रही है? यदि हाँ, तो संचालनालय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जो कार्ययोजना बनाकर प्रस्ताव पारित किया गया एवं उसके लिये केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा कितना-कितना बजट प्राप्त हुआ? उसकी पृथक-पृथक जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) के बिन्दु क्या थे एवं इस प्रस्ताव के परिप्रेक्ष्य में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जन स्वास्थ्य रक्षकों को जो प्रोत्साहन राशि दी जानी थी, जिसकी सहमति वित्त विभाग द्वारा 2000/- रूपये प्रतिवर्ष प्रस्तावित थी, आज दिनांक तक क्यों नहीं दी गई? (ग) प्रश्नांश (क), (ख) महत्वपूर्ण एवं महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत करोड़ों रूपये की राशि का वितरण नहीं किये जाने की स्थिति में कौन-कौन अधिकारी दोषी हैं? उनके ऊपर क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों? प्रदेश में 50 हजार जन स्वास्थ्य रक्षकों को राशि का वितरण कब तक किया जायेगा?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) म.प्र. शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आदेश दिनांक 29.09.1995 के द्वारा जन स्वास्थ्य रक्षक के प्रशिक्षण को ट्रायसेम योजना के अंतर्गत एक ट्रेड के रूप में मान्य किया जाकर उम्मीद्वारों को 06 माह का प्रशिक्षण दिलाया गया था। जन स्वास्थ्य रक्षक पूर्णतः स्वैच्छिक कार्यकर्ता थे। वर्तमान में इनकी सेवायें भी नहीं ली जा रही हैं और न ही जन स्वास्थ्य रक्षक का कोई पद विभाग में स्वीकृत है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। विभाग में न तो जन स्वास्थ्य रक्षक का कोई पद स्वीकृत है न ही उनकी सेवायें लिये जाने हेतु निर्देश दिया गया है। (ग) प्रश्नांश ''ख'' के उत्तर के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
बाल विवाह करने पर मजबूर करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही
[महिला एवं बाल विकास]
93. ( क्र. 4198 ) श्री आरिफ अक़ील : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या केन्द्र सरकार की मंशानुसार प्रदेश में भी विवाह की आयु 21-24 वर्ष किया जाना प्रस्तावित है को दृष्टिगत रखते हुए 18-21 की आयु के बच्चों के विवाह सम्पन्न हुए और कई कम आयु के विवाह शासन द्वारा रूकवाए गए हैं? यदि हाँ, तो जिलेवार यह अवगत करावें कि 18-21 वर्ष की आयु के कितने बच्चों के विवाह सम्पन्न हुए हैं तथा 18-21 वर्ष से कम आयु के कितने बच्चों के विवाह रूकवाए गए और संपन्न हुए? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में यह अवगत करावें कि 21-24 वर्ष की आयु विवाह के लिए निर्धारित की जा रही है तो क्या 18 की अपेक्षा 21 वर्ष में बालिग माना जायेगा और उन्हें वोट डालने तथा शासकीय नौकरी पाने का अधिकार भी 21 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर ही दिया जावेगा? यदि नहीं, तो 21-24 वर्ष की आयु विवाह हेतु किन कारणों से निर्धारित किया जाना प्रस्तावित किया गया है और कब से लागू किया जाना प्रस्तावित है? (ग) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में यह अवगत करावें कि शासन द्वारा प्रस्तावित आयु से पूर्व ही नाबालिग अवस्था में मजबूरीवश विवाह कर अपराध किया है। इस अपराध को उकसाने के लिए किन-किन की जिम्मेदारी निर्धारित की जावेगी और उनके विरूद्ध क्या तथा कब तक कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो क्यों?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) प्रदेश में विवाह की आयु 21-24 वर्ष किए जाने हेतु विभाग द्वारा कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया है। 18-21 वर्ष के आयु के कितने बच्चों के विवाह सम्पन्न हुए, विभाग से संबंधित नहीं है। विभाग द्वारा 18-21 वर्ष (18 वर्ष से कम आयु की बालिका व 21 वर्ष से कम आयु के बालक) से कम आयु के 1022 बच्चों के विवाह रूकवाए गए और 06 बच्चों के विवाह सम्पन्न हुए, जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न ही नहीं उठता।
फ्लोरोसिस परियोजनांतर्गत वित्तीय अनियमितता
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
94. ( क्र. 4199 ) श्री आरिफ अक़ील : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अलीराजपुर जिले में फ्लोरोसिस परियोजना में जिले के कलेक्टर व पी.एच.ई. के कार्यपालन यंत्री सहित अन्य की मिलीभगत के चलते धरातल की अपेक्षा कागजों में करोड़ो रूपये का घोटाला किए जाने का मामला उजागर हुआ है? (ख) यदि हाँ, तो किस-किस की शिकायत के आधार पर किन-किन लोगों के विरूद्ध एफ.आई.आर. हुई? उनके विरूद्ध प्रश्न दिनांक की स्थिति में क्या कार्यवाही की गई? अद्यतन स्थिति से अवगत करावें। (ग) प्रश्नांश (क), (ख) के परिप्रेक्ष्य में यह अवगत करावें कि मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण उनके विरूद्ध निलम्बन या अन्यत्र स्थानांतरित करने जैसी कार्यवाही करने की अपेक्षा उन्हें घोटला स्थल पर ही पदस्थ रखा गया है? यदि हाँ, तो इससे साक्ष्य नष्ट या प्रभावित नहीं होंगे? बतावें।
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
शासन की राशि का दुरूपयोग
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
95. ( क्र. 4204 ) श्रीमती कल्पना वर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रेगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नल-जल योजना का कार्य का संचालन कौन से ठेकेदार को दिया गया है? ठेकेदार का नाम एवं लागत, सूची सहित जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) रेगांव विधानसभा क्षेत्र में गुणवत्ता विहीन कार्य किया गया है, जिससे शासन की राशि का दुरूपयोग किया गया है? क्या शासन द्वारा जांच कराकर कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो जानकारी देवें। यदि नहीं, तो क्यों? कारण बतायें। (ग) ठेकेदार द्वारा मनमाने तरीके से रोड को खोदकर जर्जर हालत में कर दिया गया है? क्या यह कार्य ठेकेदार को खोदने के बाद मरम्मत करना था? मरम्मत नहीं किया तो क्यों? कारण सहित जानकारी देवें। (घ) प्रश्नांश (ख) एवं (ग) में यदि दोषी ठेकेदार एवं अधिकारी पाये जाते हैं, तो क्या शासन उन पर कोई कार्यवाही करेंगे? यदि हाँ, तो क्या? यदि नहीं, तो क्यों?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) नल-जल योजना का निर्माण कराने वाले ठेकेदार द्वारा अनुबंध में प्रावधानित समयावधि तक योजना का संचालन किया जाता है, जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) विभागीय मापदण्डानुसार गुणवत्ता के साथ कार्य किये गये हैं, शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) सीमेंट कांक्रीट रोड में आवश्यकतानुसार ट्रेन्च खोदकर पाइप लाइन कार्य किये जा रहे हैं, ट्रेन्च में पाइप बिछाने के बाद फिलिंग करके मार्ग को आवागमन योग्य बनाया जाता है तथा पाइप लाइन की हाइड्रो टेस्टिंग उपरांत सीमेंट कांक्रीट डालकर सी.सी. रोड को पूर्ववत किया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्तरांश ''ग'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
जनभागीदारी योजनांतर्गत संपादित कार्यों का क्रियान्वयन
[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]
96. ( क्र. 4209 ) श्री बैजनाथ कुशवाह : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) योजना आर्थिक एवं सांख्यिकीय विभाग द्वारा जनभागीदारी योजना से संबंधित क्या-क्या कार्य संपादित होकर उनके क्रियान्वयन हेतु क्या गाइड-लाइन प्रचलन में है? प्रति दी जावे। (ख) क्या प्रश्नांश (क) के प्रकाश में वर्ष 2019-20 से फरवरी 2022 तक कितनी राशि जिला मुरैना को प्राप्त हुई व क्या इस राशि से कोई अनुशंसा पत्र मान. जन प्रतिनिधिगणों (मान.सांसद, मान. विधायक) आदि प्राप्त करने का प्रावधान है? (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार कहाँ-कहाँ कितनी-कितनी राशि किन-किन के अनुशंसा/प्रस्ताव अनुसार दी गई? प्रदाय राशि/कार्य विवरण/मांग संख्या/लेखा व उपशीर्ष/वर्ष दिनांक प्राप्तकर्ता का नाम, विभाग का नाम, संख्या आदि सहित बतावें।
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) नियम की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जनभागीदारी योजना में जिला मुरैना को वित्तीय वर्ष 2019-20 में कोई आवंटन प्राप्त नहीं हुआ। वित्तीय वर्ष 2020-21 में राशि रुपये 65, 65, 095/- एवं वित्तीय वर्ष 2021-22 में राशि रुपये 20, 00, 000/- का आवंटन प्राप्त हुआ। जी नहीं। (ग) वित्तीय वर्ष 2019-20 से फरवरी 2022 तक जिले में कोई भी नवीन कार्य स्वीकृत नहीं किया गया है। प्राप्त आवंटन से पूर्व वर्षों में स्वीकृत कार्यों का भुगतान किये जाने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
नल-जल योजनांतर्गत कार्यों की भौतिक तथा वित्तीय स्थिति
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
97. ( क्र. 4228 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले के विकासखंड भितरवार एवं घाटीगांव के किन-किन ग्रामों में नल-जल योजना दिनांक 28/02/2022 की स्थिति में योजना प्रारम्भ दिनांक से स्वीकृत है? इनमें से कौन-कौन सी पूर्ण तथा प्रगतिरत है? प्रशासकीय स्वीकृति राशि, कार्यादेश दिनांक संभावित पूर्णता दिनांक बतावें। ऐसे कौन-कौन ठेकेदार हैं जिनके कार्यों के निर्माण की गुणवत्ता निम्न स्तर की है तथा कार्यों के निर्माण की समय-सीमा का ध्यान नहीं दिया जा रहा है? क्या निर्माण कार्य कार्यादेश से पूर्णता दिनांक की समय-सीमा के अन्तर्गत कराये जा रहे हैं? यदि नहीं, तो ऐसे ठेकेदार जो कार्य में गुणवत्ता एवं समय-सीमा का ध्यान नहीं रख रहे हैं, उनकी इस लापरवाही के लिये प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की गई हैं? ठेकेदार का नाम, किस कार्य में लापरवाही की जा रही है उसका नाम, उस कार्य की प्रश्न दिनांक तक भौतिक तथा वित्तीय स्थिति क्या है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में नल-जल योजनाओं को किन-किन ठेकेदारों को कौन-कौन से कार्य, कितने प्रतिशत अधिकतम एवं न्यूनतम दर पर स्वीकृत किए हैं, उनकी संपूर्ण जानकारी दें। निर्माणकर्ता ठेकेदारों को कितना-कितना भुगतान किया गया है? प्रश्न दिनांक की स्थिति में उन कार्यों की भौतिक तथा वित्तीय स्थिति क्या है? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में नल-जल योजनाओं का किन-किन अधिकारियों द्वारा कब-कब किस-किस दिनांक को निरीक्षण किया है एवं निरीक्षण में क्या-क्या कमियां पाई गई? पूर्ण विवरण दें। दोषी ठेकेदारों एवं दोषी अधिकारियों के नाम स्पष्ट करें। क्या इन पर कोई कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो क्या? यदि नहीं, तो क्यों?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का स्तर निम्न स्तर का नहीं पाया गया, समय-सीमा में विलंब के लिये अंतिम देयक निराकरण के पूर्व अनुबंध की शर्तों के अनुसार कार्यवाही की जाती है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। निर्माण कार्य उचित गुणवत्ता का ही मान्य होने के कारण किसी ठेकेदार/अधिकारी पर कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
कैबिनेट मंत्री एवं राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त व्यक्तियों का प्रोटोकाल
[सामान्य प्रशासन]
98. ( क्र. 4229 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राज्य शासन द्वारा विभिन्न निगम, मण्डल एवं आयोग के अध्यक्षों/सदस्यों को कैबिनेट एवं राज्य मंत्री का दर्जा दिया जाता है? यदि हाँ, तो राज्य मंत्री अथवा कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिये जाने वाले व्यक्ति को क्या-क्या सुविधाएं प्राप्त होती हैं? वेतन-भत्तों सहित पूर्ण विवरण दें। (ख) क्या राज्य मंत्री/कैबिनेट मंत्री का दर्जा रखने वाले व्यक्ति को विभिन्न जिलों में जाने पर फालोगार्ड वाहन, सर्किट हाउस या अन्य संसाधनों की भी पात्रता है? कैबिनेट मंत्री/राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त व्यक्ति के विस्तृत प्रोटोकाल एवं गाइड-लाइन की जानकारी स्पष्ट करें। (ग) दिनांक 28 फरवरी 2022 की स्थिति में म.प्र शासन द्वारा किस-किस व्यक्ति को कैबिनेट एवं राज्यमंत्री का किस विभाग/निगम मण्डल या अन्य के रूप में दर्जा दिया गया है? किस दिनांक से किस दिनांक तक के लिये दर्जा दिया है?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। शेष प्रश्नांश की जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) दिनांक 28.02.2022 की स्थिति में कैबिनेट एवं राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त व्यक्तियों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। आदेश जारी होने अथवा कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से दर्जा दिया जाता है। यह दर्जा सामान्यत: उनके पद पर रहने तक रहता है।
रजिस्ट्री में हुई अनियमतिताओं की जानकारी
[वाणिज्यिक कर]
99. ( क्र. 4237 ) श्री हर्ष यादव : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) संत सिंगाजी शिक्षा समिति, औझर, तहसील राजपुर, जिला बड़वानी द्वारा ग्राम औंझर खसरा-नंबर 26/02 ई पंजीकरण संख्या MP028872016A1625913 दिनांक18/11/2016 एवं सर्वे नंबर26/3 ई पंजीकरण संख्या MP028872016A1625991 दिनांक 18/11/2016 एयू स्मॉल बैंक फाइनेंस लिमिटेड, शाखा बड़वानी में मॉर्डग्रेज है या नहीं? यदि है तो किस दिनांक को कमर्शियल लोन उक्त भूमि पर स्वीकृत हुआ? विस्तृत जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) कि दोनों ही रजिस्ट्रियों में श्री विनय सोनी को संत सिंगाजी शिक्षा समिति, औझर की ओर से अचल सम्पत्ति के क्रय अधिकार देने वाले पंजीकृत मुख्यत्यारनामा रिकार्ड पर नहीं होने पर भी विक्रय-विलेख श्री हरजीत ठाकुर के द्वारा पंजीकृत किया गया? (ग) क्या प्रश्नांश (क) कि दोनों ही रजिस्ट्रियों के पंजीकरण में झूठे चैक क्रेता-विक्रेता के द्वारा छद्म-अन्तरण के लिए दर्शाये गए हैं? चैक क्र. 000952 दिनांक 02/11/2017 एवं चैक क्र. 000951 दिनांक 01/01/2017 सब रजिस्ट्रार से मिलीभगत कर मात्र दिखावे के लिए उपयोग किए गए हैं, जबकि इन चैकों से प्रतिफल का भुगतान नहीं हुआ? (घ) क्या प्रश्नांश (क) कि दोनों ही रजिस्ट्रियों में क्रेता-विक्रेता के स्थायी खाता क्रमांक एवं पेनकार्ड की प्रति रजिस्ट्री के समय नहीं थी और न ही समिति का पेनकार्ड रजिस्ट्री के समय था? (ड.) प्रश्नांश (ख), (ग) एवं (घ) यदि सही है, तो इस संबंध में शिकायतकर्ता श्री आरिफ एहमद शेख बड़वानी के द्वारा महानिरीक्षक पंजीयन को दिनांक 15/01/2022 को पंजीकृत डाक से भेजी गई शिकायत जिसकी एक प्रति जिला पंजीयक बड़वानी को दिनांक 18/01/2022 को दी गई थी, क्या निलंबित किया जावेगा एवं झूठे चैक प्रदर्शित करने वाले क्रेता-विक्रेता पर अपराध दर्ज कराया जाएगा या नहीं?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) उप पंजीयक कार्यालय में उपलब्ध अभिलेख अनुसार प्रश्नांकित दस्तावेज बंधक होने का तथ्य प्रकाश में नहीं आया है। शेष प्रश्न विभाग से संबंधित नहीं। (ख) जी हाँ। समिति के अधिकृत प्रतिनिधि के लिये पृथक से मुख्यत्यारनामे की आवश्यकता नहीं। (ग) पंजीयन हेतु दस्तावेज में वर्णित चैक की सत्यता की जांच करना पंजीयन अधिकारी के दायित्वाधीन नहीं है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित दस्तावेजों के पेनकार्ड की प्रति दस्तावेज के साथ अपलोड होना नहीं पाई गई। (ड.) प्रश्नांश (घ) के परिप्रेक्ष्य में संबंधित उप पंजीयक के विरूद्ध म.प्र. सिविल सेवा वर्गीकरण एवं अपील नियम 1966 के अंतर्गत कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। प्रश्नांश (ग) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सिविल सर्जन एवं शासकीय चिकित्सक के दायित्व
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
100. ( क्र. 4240 ) डॉ. अशोक मर्सकोले : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय जिला चिकित्सालयों में कार्यरत सिविल सर्जन के द्वारा क्या-क्या कार्य किये जाते हैं? शासन द्वारा इनके क्या-क्या दायित्व निर्धारित किये गए हैं? इनका कोई ड्यूटी मैन्युअल हो तो उपलब्ध कराएं। (ख) क्या सिविल सर्जन द्वारा मृतकों के इंश्योरेंस के डेथ क्लेम फॉर्म भरकर देना इनके शासकीय दायित्व अंतर्गत आता है? यदि हाँ, तो इस संबंध के निर्देश की प्रति उपलब्ध कराएं। क्या इंश्योरेंस डेथ क्लैम का फॉर्म भरना गैर शासकीय कार्यों अंतर्गत आता है? (ग) शासकीय चिकित्सकों द्वारा निजी क्लीनिक या निजी हॉस्पिटल्स में प्रेक्टिस करने या इलाज करने हेतु विभाग के क्या नियम हैं? नियम निर्देश की प्रति उपलब्ध कराएं। क्या ऐसे चिकित्सक जो शासन से एन.पी.ए. नहीं लेते हैं वे निजी प्रेक्टिस कर सकते हैं?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) जी नहीं। प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। जी हाँ। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है।
बालिकाओं हेतु पोषण आहार के मापदंड का निर्धारण
[महिला एवं बाल विकास]
101. ( क्र. 4255 ) श्री सुनील उईके : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या प्रदेश के अलग-अलग जिलों में प्रति बालिका पोषण आहार के लिये स्वीकृत की जाती है जैसे भोपाल जिले में प्रति बालिका 1328 रूपये, आलीराजपुर जिले में 2646 रूपये, रतलाम जिले में 2635 रूपये, शाजापुर में 2635 रूपये सिहोर में 1083 रूपये तो क्या राज्य सरकार द्वारा मध्यप्रदेश के अन्य जिलों में भी इस प्रकार से बालिकाओं के पोषण आहार का मापदंड अलग-अलग निर्धारित किया गया है?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी नहीं। भारत सरकार महिला एवं बाल विकास द्वारा 11-14 वर्ष तक की शाला त्यागी किशोरी बालिकाओं हेतु राशि रू. 9.50 प्रति बालिका प्रति दिवस निर्धारित है।
सहायक गतिविधियों का प्रचार-प्रसार
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
102. ( क्र. 4260 ) श्री राज्यवर्धन सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 01 जनवरी 2019 से प्रश्न दिनांक तक राजगढ़ जिले में सहायक गतिविधियों अंतर्गत प्रचार-प्रसार का कार्य किस-किस संस्था/एन.जी.ओ./आई.एस.ए. द्वारा किस दर पर कितनी-कितनी राशि का क्या-क्या कार्य कब-कब कराया गया एवं इस संबंध में शासन के क्या दिशा-निर्देश थे तथा उक्त कार्य टेन्डर से कराया गया अथवा कोटेशन से? यदि टेन्डर से कराया गया था तो उसकी क्या दरे थीं अथवा कोटेशन से कराये गये तो उसकी क्या दरे थीं? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में क्या उक्त गतिविधियों का प्रचार-प्रसार विकासखण्ड स्तर एवं पंचायत स्तर पर कराया गया है? यदि हाँ, तो कब-कब तथा किन-किन जनप्रतिनिधियों को इसमें आमंत्रित किया गया है? (ग) उपरोक्तानुसार क्या गांव-गांव में जल (पानी) समितियों का गठन हुआ? यादि हाँ तो उनकी विस्तृत जानकारी सहित बतावें तथा क्या जन जागरूकता रथ से प्रचार-प्रसार हुआ है? यदि हाँ, तो इसमें किन-किन जनप्रतिनिधियों को आमंत्रण दिया गया?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1, 2, 3, 4 एवं 5 अनुसार है। शासन के दिशा-निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-6 अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2, 3 एवं 5 अनुसार। माननीय सासंद महोदय, विधायक महोदय, अध्यक्ष जिला पंचायत, अध्यक्ष/उपाध्यक्ष, जनपद पंचायत एवं ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं गणमान्य नागरिकों को आमांत्रित किया गया था। (ग) जी हाँ। पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 एवं 5 अनुसार है। जन जागरूकता रथ से प्रचार-प्रसार किया गया। माननीय सांसद महोदय, विधायक महोदय, अध्यक्ष जिला पंचायत, अध्यक्ष/उपाध्यक्ष जनपद पंचायत एवं ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं गणमान्य नागरिकों को आमंत्रित किया गया था।
पेयजल संकट ग्रस्त ग्रामों में जल का प्रदाय
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
103. ( क्र. 4261 ) श्री राज्यवर्धन सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 2594 दिनांक 03.03.2021 के उत्तर अनुसार राजगढ़ जिले के विधानसभा क्षेत्र नरसिंहगढ़ अंतर्गत घर-घर नल के माध्यम से (स्त्रोत आधारित समूह नल-जल योजना) पेयजल प्रदान करने हेतु योजना जल जीवन मिशन के मापदण्ड अनुसार तैयार की जा रही है? डी.पी.आर. तैयार होने पर आगामी कार्यवाही की जा सकेगी, संबंधी जानकारी दी गई थी? यदि हाँ, तो उक्त के संबंध में प्रश्न दिनांक तक अद्यतन स्थिति क्या है? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में क्या विधानसभा क्षेत्र नरसिंहगढ़ को छोड़कर शेष जिले की अन्य विधानसभाओं में समूह नल-जल योजना का कार्य स्वीकृत होकर लगभग पूर्णत: की ओर है? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा नरसिंहगढ़ विधानसभा क्षेत्र में योजना की स्वीकृति हेतु प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? (ग) उपरोक्तानुसार क्या शासन विधानसभा क्षेत्र नरसिंहगढ़ के पेयजल संकट ग्रस्त ग्रामों में घर-घर नल के माध्यम से पेयजल प्रदान करने हेतु उक्त वर्णित नल-जल योजना की स्वीकृति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। डी.पी.आर. तैयार की गई है। (ख) जी हाँ। मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा नरसिंहगढ़ विकासखंड की समूह जल प्रदाय योजना के लिए जल संसाधन विभाग से पत्र दिनांक 12-02-2018 के माध्यम से पार्वती परियोजना के बांध से जल आवंटन किए जाने की मांग की गई। जल संसाधन विभाग ने पत्र दिनांक 21-03-2018 द्वारा जल आवंटन की स्वीकृति दी, तदुपरान्त जल निगम ने वर्ष 2021 में समूह जल प्रदाय योजना की डी.पी.आर. तैयार कराई, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन नरसिंहगढ़ ने पत्र दिनांक 10-12-2021 द्वारा मध्यप्रदेश जल निगम को पार्वती परियोजना के बांध से जल की उपलब्धता न होने की सूचना दी गई है तथा सुठालिया परियोजना से जल आवंटन प्रदाय किया जाना प्रस्तावित किया गया है, परंतु सुठालिया परियोजना स्त्रोत से नरसिंहगढ़ की समूह जल प्रदाय योजना बनाया जाना साध्य नहीं है। (ग) उत्तरांश ''ख'' अनुसार जल आवंटन उपलब्ध होने पर कार्यवाही की जा सकेगी। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है, तथापि विभाग द्वारा 69 रेट्रोफिटिंग एवं 131 नवीन इस प्रकार कुल 200 ग्रामों की एकल नल-जल योजना स्वीकृत की गई हैं। 5 ग्राम पूर्व से क्रियान्वित मुख्य मंत्री नल-जल योजनाओं से पूर्ण आच्छादित हैं तथा 2 ग्रामों की एकल ग्राम नल-जल योजना की डी.पी.आर. बनाया जाना शेष है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
किसानों को मुआवजा राशि का प्रदाय
[नर्मदा घाटी विकास]
104. ( क्र. 4271 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या 25% से अधिक जमीन, सरदार सरोवर परियोजना में डूब में आने वाले प्रभावित किसानों को सर्वोच्च अदालत के दिनांक 8 फरवरी 2017 के फैसला अनुसार 2 हेक्टेयर जमीन के बदले 60 लाख रुपए मिलने थे? क्या शिकायत निवारण प्राधिकरण द्वारा आदेश के बावजूद मनावर विधानसभा के लगभग 60 प्रभावित किसानों को मुआवजा राशि 60 लाख रुपए नहीं दिए गए? यदि हाँ, तो क्यों? (ख) शासन के आदेशों के अनुसार क्या दिनांक 05/06/2017 से दिनांक 05/08/2017 तक जो डूब प्रभावित मूल-गांव में निवासरत थे, उनके मकान डूब में आए या लेवल में आए? उनको 5.80 लाख रुपए की अनुदान राशि मिलनी थी? क्या ऐसे सैकड़ों परिवार आज भी बाकी हैं? क्या उनमें से लगभग 50 परिवार एकलवारा में टीन-शेड में 3 साल से पड़े हैं, जिनका निराकरण नहीं किया गया? यदि हाँ, तो क्यों? (ग) क्या पुनर्वास स्थल पर प्रभावितों को घर/प्लॉट के वितरित भू-खंड को विभाग द्वारा निःशुल्क रजिस्ट्री करके देना था? विभाग द्वारा प्रश्न दिनांक तक भी निःशुल्क रजिस्ट्री नहीं करवाने का कारण बताएं। निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करवाने का समय-सीमा बताएं। (घ) पुनर्वास स्थलों पर नर्मदा से पाइप-लाइन डालकर पीने के पानी की व्यवस्था, आंतरिक रोड पक्के/डामर करना, टापू बन रही जमीनों तक पहुंच मार्ग का निर्माण एवं चरनोई भूमि की व्यवस्था प्रश्न दिनांक तक भी नहीं करने का विधिसम्मत कारण बताएं। कब तक उक्त व्यवस्था की जाएगी?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। जिन्हें वैकल्पिक भूमि आवंटन की पात्रता का पूर्ण लाभ प्राप्त नहीं हुआ है, उन्हें प्रति विस्थापित परिवार रू. 60 लाख फुल एवं फाईनल सेटलमेंट राशि के रूप में भुगतान करने के आदेश दिये गये हैं। मनावर विधानसभा क्षेत्र के कुल 37 विस्थापित पात्र पाये गये, जिनमें से 36 विस्थापितों को भुगतान किया गया है। एक विस्थापित परिवार ने पात्रता अनुसार दी जाने वाली एक यूनिट की राशि मान्य नहीं करते हुए अलग-अलग राशि की मांग करते हुए राशि प्राप्त नहीं की है। (ख) डूब क्षेत्र में निवासरत ऐसे परिवार जिनके पास डूब क्षेत्र के बाहर पक्का मकान नहीं है और वे वास्तविक रूप से विस्थापित हो रहे हैं, को डूब क्षेत्र के बाहर मकान निर्माण किये जाने हेतु राशि रूपये 5.80 लाख दिये जाने का प्रावधान है। कलेक्टर धार द्वारा गठित दल द्वारा प्रस्तुत सर्वे सूची अनुसार डूब क्षेत्र में निवासरत मनावर विधानसभा क्षेत्र के 888 पात्र परिवारों को राशि रू. 5.80 लाख का भुगतान किया गया है। ग्राम एकलवारा के 25 परिवार अस्थाई टीन शेड में निवासरत हैं। इनमें से 03 परिवारों को पात्रता अनुसार मकान निर्माण हेतु राशि रू. 5.80 लाख का भुगतान किया गया है। 03 विस्थापित अपने भाई/पिता के साथ निवासरत हैं जिनके पिता को राशि रू. 5.80 लाख का भुगतान किया जा चुका है, 06 परिवार सर्वे के पश्चात डूब क्षेत्र में निवासरत हुए हैं, जो पात्र नहीं हैं, 13 गैर विस्थापित परिवार मजदूरी करते हैं एवं सर्वे के पश्चात अनाधिकृत रूप से टीन शेड में निवासरत हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) यह एक अंतर्विभागीय विषय होने से कार्यवाही प्रचलन में है। अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) विधानसभा क्षेत्र मनावर के प्रभावित ग्रामों के विस्थापितों हेतु 15 पुनर्बसाहट स्थल विकसित किये गये हैं। इन पुनर्वास स्थलों पर एन.डब्ल्यू.डी.टी. अवार्ड एवं पुनर्वास नीति के प्रावधानों के अनुसार समस्त मूलभूत नागरिक सुविधाएं यथा बिजली, पानी, सड़क इत्यादि उपलब्ध कराई गई हैं, 09 पुनर्बसाहट स्थलों पर नर्मदा नदी से पाइप-लाइन द्वारा एवं 06 पुनर्बसाहट स्थलों पर हैंडपम्प तथा नलकूप में मोटर पम्प स्थापित कर जल प्रदाय किया जा रहा है। आंतरिक रोड पर डामरीकरण का कार्य आवश्यकता अनुसार चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। चरनोई हेतु 14 पुनर्बसाहट स्थलों पर 200.612 हेक्टेयर शासकीय भूमि सुरक्षित रखी गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
विज्ञान लायब्रेरी की स्थापना
[विज्ञान और प्रौद्योगिकी]
105. ( क्र. 4277 ) श्री सचिन सुभाषचन्द्र यादव : क्या सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र कसरावद में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में विद्यार्थियों के लिए विज्ञान लायब्रेरी प्रारंभ करने का कोई प्रस्ताव है? यदि हाँ, तो बताएं। (ख) नवाचार के रूप में कसरावद विधानसभा में एक जिले के मॉडल के रूप में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी उपकरणों के मॉडलों के साथ लायब्रेरी की स्थापना की मांग लंबे समय से की जा रही है? इस हेतु क्या कोई कार्यवाही की जाएगी? हाँ तो क्या? (ग) नवाचार से जिले के विद्यार्थियों को लाभान्वित करने के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में रूचि बढ़ाने के लिए कब तक लाइब्रेरी की स्थापना कर दी जाएगी?
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ( श्री ओमप्रकाश सखलेचा ) : (क) जी नहीं। वर्तमान में कोई प्रस्ताव नहीं है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश ''क'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
प्रदेश में शासकीय विद्यालयों में बालिकाओं की संख्या
[महिला एवं बाल विकास]
106. ( क्र. 4281 ) श्री जितु पटवारी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शाला त्यागी बालिकाओं उम्र 11 से 14 साल की वर्ष 2020-21 से 2021-22 तक दिये गये टेक होम राशन के हितग्राही की संख्या जिलेवार देवें तथा वर्ष 2020-21 से 2021-22 तक दर प्रति हितग्राही प्रति दिवस तथा कुल भुगतान वर्षवार बतावें। (ख) प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्र. 2776 दिनांक 03.03.2021 के उत्तर (ग) के संदर्भ में बतावें कि क्या विभाग के पास शाला त्यागी बालिकाओं के नाम, पता, माता/पिता का नाम, उम्र इत्यादि की जानकारी रहती है या नहीं? क्या इनके टेक होम राशन दिया गया है? उन बालिकाओं या अभिभावकों से कोई सत्यापन कराया जाता है या नहीं? टेक होम राशन प्राप्त करने के संबंध में अपनाई गई प्रक्रिया के संदर्भ में जारी समस्त परिपत्र, पत्र की प्रति उपलब्ध करायें। (ग) प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 2776 दिनांक 03.03.2021 के प्रश्नांश (ग) तथा (घ) के उत्तर में उल्लेखित समस्त प्रकार के दस्तावेज की प्रति इंदौर और रतलाम जिले के वर्ष 2016-17 की उपलब्ध करावें। आंगनवाड़ी/जिला कार्यक्रम अधिकारी का सत्यापन, राजस्व अधिकारी द्वारा बनाया गया पंचनामा, परियोजना से प्राप्त चालान, टेक होम राशन की सत्यापित जानकारी दें।
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -''01'' अनुसार है। भारत सरकार, महिला एवं बाल विकास के नार्मस अनुसार 11 से 14 वर्ष की शाला त्यागी बालिकाओं हेतु पूरक पोषण आहार की दर राशि रू. 9.50 प्रति बालिका प्रति दिवस निर्धारित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -''02'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जी हाँ। जी हाँ। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''03'' अनुसार है। (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
ग्रामीण परिवारों को नलों के माध्यम से जलापूर्ति
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
107. ( क्र. 4290 ) श्री करण सिंह वर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्तमान में केन्द्र एवं राज्य सरकार के संयुक्त अंशदान से जल जीवन मिशन (ग्रामीण) योजना अंतर्गत म.प्र. राज्य के ग्रामीण परिवारों को नलों के माध्यम से जलापूर्ति की कोई योजना है? यदि हाँ, तो क्या? (ख) विधान सभा क्षेत्र इछावर अंतर्गत वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक कुल कितने गांवों को उक्त योजना से जोड़ा गया? कृपया ग्रामवार जानकारी देवें। (ग) विधान सभा क्षेत्र इछावर में प्रश्न दिनांक तक कितने गांव नल-जल योजना से वंचित हैं? कृपया ग्रामवार जानकारी देवें। (घ) क्या नल-जल योजना से वंचित उक्त गांवों को निकट भविष्य में प्रश्नांश (क) में उल्लेखित योजना में जोड़ा जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। जल जीवन मिशन योजना अन्तर्गत केन्द्र एवं राज्य सरकार के संयुक्त अंशदान से वर्ष 2024 तक समस्त ग्रामीण परिवारों को नल के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराये जाने का प्रावधान है। (ख) विधानसभा क्षेत्र इछावर के 78 ग्रामों में जीवन मिशन के अन्तर्गत एकल ग्राम योजना स्वीकृत की गई, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) विधानसभा क्षेत्र इछावर में 8 गांव पूर्व में क्रियान्वित मुख्यमंत्री नल-जल योजनाओं से पूर्ण आच्छादित है, तथा 78 ग्रामों की नल-जल योजनाएं उत्तरांश ''ख'' अनुसार जल जीवन मिशन में स्वीकृत हैं। शेष 185 ग्रामों में से 48 ग्राम पूर्व में क्रियान्वित नल-जल योजनाओं से आंशिक आच्छादित है एवं 147 गांवों में वर्तमान में कोई नल-जल योजना स्वीकृत अथवा क्रियान्वित नहीं है, उक्त 195 ग्रामों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) उत्तरांश ''ग'' अनुसार विधानसभा क्षेत्र इछावर में जल जीवन मिशन योजना अन्तर्गत नल-जल योजना से वांछित सभी 195 ग्रामों को नर्मदा नदी स्त्रोत आधारित ''अष्टा रानीपुरा समूह जलप्रदाय योजना'' की डी.पी.आर. में जोड़ा जाकर राज्य स्तरीय योजना स्वीकृति समिति का अनुमोदन प्राप्त किया गया है।
अस्पताल व मेडिकल स्टोर पर कार्यवाही
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
108. ( क्र. 4293 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) महिदपुर वि.स. क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम घोसला में गुरूनानक हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर में कार्यरत डॉक्टर्स, पैरामेडिकल स्टॉफ की जानकारी उनकी डिग्रियों की प्रमाणित प्रति सहित देवें। कार्यरत समस्त स्टॉफ नाम, पी.एफ. नम्बर, कर्मचारी अंशदान, नियोक्ता अंशदान सहित जानकारी विगत 3 वर्ष के संदर्भ में देवें। (ख) दिनांक 01-01-19 से 28-02-22 तक 1 दिन से अधिक भर्ती मरीजों की जानकारी मरीज नाम, बीमारी नाम, मरीज से वसूली राशि सहित देवें। इन मरीजों के मोबाइल नम्बर, पता भी साथ में देवें। क्या कारण है कि शासन द्वारा निर्धारित दरों से अधिक वसूली इस हॉस्पिटल द्वारा की जा रही है? इस अवधि के मरीजों के समस्त बिलों की प्रमाणित प्रति देवें। (ग) महिदपुर विधान सभा क्षेत्र के पुरूषोत्तम मेडिकल घोसला द्वारा दि. 04-01-19 से 28-02-22 तक विक्रय की गई समस्त अल्प्राजोलाम, फेन्सीडिल सायरप विक्रय की जानकारी किसे विक्रय की गई के अनुसार देवें। दि. 01-01-18 से 30-11-2021 तक उपरोक्त दवाएं क्रय की जानकारी बिलवार देवें। (घ) प्रश्नांश (ख) अनुसार मरीजों से अधिक राशि वसूलने व प्रश्नांश (ग) अनुसार दवाओं का विक्रय रजिस्टर मेन्टेन न करने वालों क्रमश: गुरूनानक हॉस्पिटल व पुरूषोत्तम मेडिकल पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा? पुरूषोत्तम मेडिकल के लाईसेंस धारक व संचालक के नाम भी देवें।
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) महिदपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम घोसला में गुरूनानक हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर नामक कोई संस्था संचालित नहीं है अपितु गुरूनानक दवाखाना संचालित था। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) उक्त गुरूनानक दवाखाना के संचालक द्वारा प्रस्तुत जानकारी के अनुसार उक्त संस्था में दिनांक 01.01.2019 से 28.02.2022 तक एक दिन से अधिक किसी भी मरीज को भर्ती नहीं रखा गया। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) संयुक्त जांच दल को निरीक्षण दिनांक 07/03/2022 को महिदपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम घोसला के फर्म जी. पुरूषोत्तम मेडिकल स्टोर द्वारा अल्प्राजोलाम, फेन्सीडिल सायरप का विक्रय संबंधी कोई बिल का संधारण नहीं होना पाया गया परन्तु निरीक्षण के दौरान फर्म में फेन्सीडिल एल.एम. सायरप के क्रय संबंधी एक बिल पाया गया, जिसका बिल क्र. 1001830 तथा जारी दिनांक 02/10/2021 था। बिल की प्रतिलिपि संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) अनियमितताओं के कारण गुरूनानक दवाखाना एवं फर्म जी. पुरूषोत्तम मेडिकल स्टोर को जांच उपरान्त सील किया गया है। फर्म जी. पुरूषोत्तम मेडिकल स्टोर के लाईसेंस धारक व संचालक का नाम श्री गिरीश पिता मुकेश जेठवानी है।
डॉक्टर्स द्वारा आदेशों का पालन न किया जाना
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
109. ( क्र. 4296 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्य शासन के आदेश क्रमांक 01जी/विज्ञप्त/सेल-05/2021/1560 भोपाल दिनांक 31.08.2021 के अनुसार एस.टी. याचिका गुप्ता को सिविल हॉस्पिटल महिदपुर एवं डॉ. शोभना भंवर को सामुदायिक स्वा. केन्द्र झारड़ा में पदस्थ किया गया था, लेकिन इन्होंने प्रश्न दिनांक तक ज्वाईनिंग नहीं दी, क्यों? (ख) इसी तरह आदेश क्रमांक/01जी/विज्ञप्ति/सेल-05/2021/ 1269, दिनांक 26.07.2021 के अनुसार डॉ. नितीन आचार्य का सिविल हॉस्पिटल महिदपुर से सामुदायिक स्वा. केन्द्र सोंडवा, जिला आलीराजपुर स्थानांतरण किया गया, किन्तु ये अभी भी वहां ज्वाईन न कर महिदपुर में ही प्राईवेट प्रैक्टिस कर रहे हैं, क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार सेवा नियमों में कदाचरण के लिए इन पर कार्यवाही कब तक करते हुए इन्हें सेवा से पृथक कर दिया जाएगा? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) प्रश्नांश (क) व (ख) अनुसार आदेशों का पालन करवाने के जिम्मेदार अधिकारियों के नाम, पदनाम सहित देकर बतावें कि आदेशों का पालन न करने वाले डॉक्टर्स को ये संरक्षण क्यों दे रहे हैं? इसके लिए इन पर कब तक कार्यवाही होगी?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी नहीं, अपितु संचालनालय के आदेश क्रमांक 01जी/विज्ञप्त/सेल-05/2021/1480 दिनांक 23.8.2021 के द्वारा डॉ. याचिका गुप्ता का स्थानांतरण प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पंथपिपलई उज्जैन से सिविल अस्पताल महिदपुर उज्जैन किया गया है। मुख्य खण्ड चिकित्सा अधिकारी उज्जैन (ग्रामीण) द्वारा डॉ. याचिका गुप्ता, को दिनांक 25.09.2021 को सिविल अस्पताल महिदपुर हेतु कार्यमुक्त किया गया। संचालनालय के आदेश क्रमांक 01/जी/विज्ञप्त/सेल-05/2021/1560 भोपाल, दिनांक 31.08.2021 के द्वारा डॉ. शोभना भंवर को सिविल अस्पताल नागदा उज्जैन से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र झारड़ा उज्जैन स्थानांतरित किया गया था। मुख्य खण्ड चिकित्सा अधिकारी नागदा, उज्जैन के आदेश दिनांक 23.09.2021 द्वारा डॉ. शोभना भंवर को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र झारड़ा, उज्जैन हेतु कार्यमुक्त किया गया परंतु संबंधित चिकित्सक द्वारा स्थानांतरित स्थल पर कार्यग्रहण नहीं किया गया है। उक्त चिकित्सक अनाधिकृत अनुपस्थित है। (ख) जी हाँ, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला उज्जैन द्वारा डॉ. नितीन आचार्य को दिनांक 06.08.2021 को कार्यमुक्त किया गया है एवं परंतु संबंधित चिकित्सक द्वारा स्थानांतरित स्थल पर कार्यग्रहण नहीं किया गया, इस कारण संचालनालय द्वारा डॉ. नितीन आचार्य को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 अंतर्गत निहित प्रावधान अनुसार कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 17.02.2022 को जारी किया गया। (ग) मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 अंतर्गत निहित प्रावधान अनुसार कार्यवाही प्रचलन में है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) डॉ. संजय शर्मा प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, उज्जैन द्वारा संबंधित चिकित्सकों को नियमानुसार स्थानांतरित स्थल हेतु कार्यमुक्त कर दिया गया था एवं कार्यग्रहण न करने के कारण अनुशासनात्मक कार्यवाही का प्रस्ताव संचालनालय को प्रेषित किया गया, अतः इनके द्वारा संबंधित अधिकारियों को सरंक्षण प्रदान नहीं किया जा रहा है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
पुरानी पेंशन योजना लागू करने का प्रस्ताव
[वित्त]
110. ( क्र. 4301 ) श्री बाला बच्चन : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. के शासकीय अधिकारियों/कर्मचारियों को वर्ष 2005 के पूर्व की पेंशन व्यवस्था बहाली के आदेश कब तक जारी किए जाएंगे? (ख) इस संबंध दि. 01.04.2020 से 28.02.2022 तक मा. मुख्यमंत्री जी द्वारा कितने आदेश/निर्देश/पत्राचार किए गए की जानकारी तिथिवार इनकी प्रमाणित प्रति सहित देवें। (ग) इस संबंध में दि. 01.04.2020 से 28.02.2022 तक कितनी बैठकें आयोजिक की गईं? उसमें उपस्थितों के नाम, पदनाम सहित देकर बतावें कि प्रत्येक बैठक में क्या निर्णय लिए गए? इस अवधि में मा. मुख्यमंत्री जी को इस संबंध में जो पत्र प्राप्त हुए हैं, उन पर की गई कार्यवाही से अवगत करावें। (घ) कब तक पुरानी पेंशन व्यवस्था (2005 के पूर्व की) लागू कर दी जाएगी?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) वर्तमान में पुरानी पेंशन योजना लागू करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। (ख) उक्त के संबंध में मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी निर्देश, आदेश, पत्राचार की जानकारी निरंक है। (ग) एवं (घ) उत्तरांश "क" एवं "ख" के परिप्रेक्ष्य में शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
बंद पड़ी नल-जल योजनाओं का पुन: संचालन
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
111. ( क्र. 4310 ) श्री सुनील सराफ : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र कोतमा जल जीवन मिशन अंतर्गत दिनांक 15 अगस्त, 2019 से प्रश्न दिवस तक कितनी गाम पंचायतों, ग्रामों में नल-जल योजनाओं की स्थापना की जा चुकी है? स्थापना का वर्ष, लागत राशि, प्रदाय किये नल कनेक्शनों की संख्या एवं जलप्रदाय की स्थिति की जानकारी देवें। क्या स्थापना के बाद कई ग्राम पंचायतों में नल-जल योजना बंद है? यदि हाँ, तो विवरण देवें तथा बंद का कारण बतावें। (ख) क्या ग्राम पंचायत वेबगवाँ के चटहाटोला में विगत 10 वर्षों से नल-जल योजना बंद पड़ी है? यदि हाँ, तो विधानसभा कोतमा क्षेत्र के ऐसे कितने ग्रामों में नल-जल योजना बंद है? ग्रामवार कारण सहित जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार बंद पड़ी नल-जल योजनाओं को पुन: संचालित करने के लिये विभाग के पास क्या कोई कार्ययोजना है? क्या आगामी ग्रीष्म ऋतु में पूर्व स्थापित नल-जल योजनाओं के माध्यम से ग्रामवासियों को पानी मिल सकेगा? यदि नहीं, तो कारण बतावें। (घ) क्या विभाग द्वारा नल-जल योजनाओं के बंद होने के कारण उत्तरदायी कर्मचारी/अधिकारियों के विरूद्ध जांच संस्थित कर कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) विधानसभा क्षेत्र कोतमा में जल जीवन मिशन अंतर्गत प्रश्नांकित अवधि में ग्राम पकरिहा की योजना पूर्ण होकर स्थापित की जा चुकी है, जो वर्तमान में चालू है, योजना स्थापना का वर्ष 2021-22, स्वीकृत लागत रूपये 17.78 लाख, 43 नल-जल कनेक्शन प्रदाय किये गये हैं, वर्तमान में जलप्रदाय चालू हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) ग्राम चटहाटोला की नल-जल योजना की पाइप-लाइन क्षतिग्रस्त होने से कुछ घरों में आंशिक जलप्रदाय हो रहा है, जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम की रेट्रोफिटिंग योजना स्वीकृत की गई है। कोतमा विधानसभा क्षे़त्र के गामों में वर्तमान में बंद नल-जल योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है (ग) बंद पड़ी नल-जल योजनाओं को चालू करने का दायित्व, योजनाओं का संचालन, संधारण का कार्य ग्राम पंचायत का है। ग्राम पंचायतों के पास उपलब्ध पंचायत निधि, जल उपभोक्ता शुक्ल से प्राप्त राशि एवं 15वें वित्त आयोग के ''टाईड ग्रान्ट'' की राशि से बंद योजनाओं का सुधार कार्य कराया जा सकेगा। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित नल-जल येजनाआं के संचालन, संधारण की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायतों की है। कोई भी कर्मचारी/अधिकारी दोषी न होने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाली हेतु उठाए गए कदम
[वित्त]
112. ( क्र. 4315 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. के शासकीय अधिकारियों/कर्मचारियों को वर्ष 2005 के पूर्व की तरह की पेंशन व्यवस्था कब तक बहाल कर दी जाएगी? (ख) शासन द्वारा इस संबंध में उठाए गए कदमों की जानकारी देवें। इस संबंध में हुए समस्त पत्राचारों, आदेशों की प्रति देवें। (ग) इस संबंध में मा. मुख्यमंत्री जी को कितने कर्मचारी संगठनों, जनप्रतिनिधियों के पत्र प्राप्त हुए? उनके नाम देवें। इन पर की गई कार्यवाही से अवगत करावें।
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) 01-01-2005 अथवा उसके पश्चात् नियुक्त लोक सेवकों के लिए वर्तमान में पुरानी पेंशन योजना लागू करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। (ख) शासन के अंतर्गत प्रावधानों में विचार विमर्श एक निरंतर प्रक्रिया है। उपरोक्त "क" के प्रकाश में शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) यह सही है कि वर्तमान में विभिन्न संगठनों से ज्ञापन प्राप्त हुए है। मांग पत्र प्राप्त होना एक सतत् प्रक्रिया है। यथा समय राज्य सरकार द्वारा आवश्यक निर्णय लिया जाता है।
दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही
[महिला एवं बाल विकास]
113. ( क्र. 4327 ) श्री सज्जन सिंह वर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या महिलाओं और बच्चों से संबंधित योजनाओं के लिए प्रदेश के लगभग सभी जिलों में आयरन फ्रेम बोर्ड वर्ष 2017-18 में लगवाये गये थे? यदि हाँ, तो यह कार्य किस फर्म/ठेकेदार को किन शर्तों के साथ कितनी राशि के कार्यादेश दिये गये थे? फर्म/ठेकेदार के संचालक का नाम व पता बतायें। (ख) क्या निविदा की शर्तों के विरूद्ध छोटे साइज के बार्ड लगाये गये थे, जिसमें से आधे स्थानों पर बोर्ड नहीं लगाये थे? विभाग के अधिकारियों द्वारा बगैर सत्यापन किये एजेंसी को भुगतान कर दिया गया था? यदि हाँ, तो इस मामले की कराई गई जांच में निविदा शर्त के साथ कार्य नहीं किये जाने एवं नियम विरूद्ध भुगतान किये जाने का मामला प्रकाश में आने के बावजूद विभाग द्वारा संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों के विरूद्ध अभी तक कोई कार्यवाही नहीं किये जाने के लिये कौन उत्तरदायी है? (ग) वर्ष 2014 से वर्ष 2017 की अवधि में भोपाल, सागर, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, भिण्ड, मुरैना आदि जिलों में विभाग की परियोजनाओं में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में व्यापक स्तर पर अनियमितताएं की जाने का मामला प्रकाश में आया था? यदि हाँ, तो इस मामले में कितनी राशि का घोटाला उजागर हुआ एवं दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही नहीं किए जाने के लिए कौन-कौन उत्तरदायी हैं?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु संचालनालय जनसंपर्क के माध्यम से आयरन फ्रेम बोर्ड वर्ष 2017-18 में लगवाए गए थे, विभाग द्वारा किसी को सीधे कार्य आदेश नहीं दिये गये। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) कार्य की जाँच प्रचलन में है। जांच उपरान्त निर्णयानुसार आगामी कार्यवाही की जा सकेगी। (ग) जी हाँ। किन्तु सागर जिले में अनियमितता का मामला प्रकाश में नहीं आया। वर्ष 2014 से वर्ष 2017 की अवधि में भोपाल, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, झाबुआ, भिण्ड, मुरैना जिलों में अनियमितता पाई गई, जिसमें राशि रुपये 8, 90, 87, 634/- का अनियमित आहरण पाया गया। 05 दोषी कर्मियों को सेवा से पदच्युत किया गया। 27 कार्मिकों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रचलन में है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
पुरानी पेंशन योजना बहाली के निर्णय पर कार्यवाही
[वित्त]
114. ( क्र. 4332 ) कुमारी हिना लिखीराम कावरे : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्य के ऐसे शासकीय कर्मचारी जिनकी नियुक्ति दिनांक 01 जनवरी 2005 के पश्चात हुई है पर लागू न्यू पेंशन स्कीम की खामियों से क्या विभाग सहमत है? (ख) क्या शासन राजस्थान सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों को पुरानी पेंशन स्कीम बहाली के आदेश की तरह मध्यप्रदेश अपने कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाली पर विचार करेगा? (ग) भारतीय जनता पार्टी के कितने विधायकों तथा सांसदों ने माननीय मुख्यमंत्री जी को पत्र लिखकर पुरानी पेंशन बहाली की मांग की है?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) भारत सरकार की योजना के अनुक्रम में मध्यप्रदेश में दिनांक 01-01-2005 तथा उसके पश्चात नियुक्त लोक सेवकों हेतु पूर्ण विचार उपरांत नवीन पेंशन योजना लागू की गई है। (ख) प्रत्येक राज्य सरकार के पृथक-पृथक नियम/प्रावधान है। वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। (ग) मांग पत्र प्राप्त होना एक सतत् प्रक्रिया है।
अनुकम्पा नियुक्ति के लंबित प्रकरण
[सामान्य प्रशासन]
115. ( क्र. 4333 ) कुमारी हिना लिखीराम कावरे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभिन्न विभागों में अनुकम्पा नियुक्ति हेतु पात्र ऐसे कितने प्रकरण हैं जिन्हें अनुकम्पा नियुक्ति नहीं दी गयी है? कोविड से मृत्यु वाले शासकीय कर्मियों के प्रकरण में लंबित मामलों की भी जानकारी दें। (ख) विभिन्न विभागों में तृतीय तथा चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पद होने के बावजूद अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरण लंबित के कारण स्पष्ट करें। (ग) क्या शासन कोई ठोस नीति बनायेगा, जिससे अनुकम्पा नियुक्ति के लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया जा सके?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र दिनांक 29.09.2014 एवं 05.01.2019 द्वारा अनुकम्पा नियुक्ति के लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश हैं।
रानी अवंती बाई लोधी सागर परियोजना से भूमि की सिंचाई
[नर्मदा घाटी विकास]
116. ( क्र. 4339 ) श्री संजय यादव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रानी अवंती बाई लोधी सागर परियोजना अंतर्गत कितने हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई का प्रावधान है? इसमें से कितनी कृषि भूमि में विधिवत सिंचाई हेतु फील्ड चेनल्स का निर्माण किया जा चुका है? (ख) इस परियोजना के अंतर्गत कितने हेक्टेयर कृषि भूमि ऐसी है जिसको सिंचित करने हेतु अभी तक फील्ड चेनल्स का निर्माण नहीं किया गया है? इसका कारण बतायें। (ग) रानी अवंती बाई लोधी सागर परियोजना के अंतर्गत कितने हेक्टेयर कृषि भूमि में फील्ड चेनल्स का निर्माण कराया जाना शेष है? उसकी लागत क्या होगी एवं उनका निर्माण कब तक पूर्ण होगा?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) बांयी तट मुख्य नहर से 1, 57, 000 हेक्टेयर में सिंचाई का प्रावधान है। 69, 290 हेक्टेयर में फील्ड चेनल्स का निर्माण किया गया है। (ख) बांयी तट मुख्य नहर में 87, 710 हेक्टेयर में फील्ड चेनल्स का निर्माण कार्य शेष है। वित्तीय संसाधनों के अभाव के कारण। (ग) बांयी तट मुख्य नहर में 87, 710 हेक्टेयर में फील्ड चेनल्स का निर्माण कराया जाना शेष है जिसकी लागत राशि रू. 26, 000 प्रति हेक्टेयर की दर से राशि रू. 228.05 करोड़ होगी। उत्तरांश 'ख' के परिप्रेक्ष्य में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
मोरन गंजाल माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना की प्रोजेक्ट राशि
[नर्मदा घाटी विकास]
117. ( क्र. 4350 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मोरन गंजाल माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना की स्वीकृति कब हुई तथा इस योजना को पूर्ण करने के लिए किस कम्पनी से किस दिनांक को एग्रीमेंट किया गया? कब तक बनकर तैयार होगा? (ख) इस मोरन गंजाल माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना की प्रोजेक्ट राशि क्या है? (ग) इस योजना से मोरन गंजाल डेम से कितने एम.सी.एम. पानी मिलेगा? किस-किस जिले की कितनी-कितनी भूमि सिंचित हो सकेगी? (घ) इस मोरन गंजाल डेम के डूब क्षेत्र में किस जिला की कितनी हे. भूमि एवं ग्राम आ रहे हैं तथा डूब में आने वाले गांवों के लोगों के विस्थापन की क्या व्यवस्था की गई है?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) एवं (ख) 18 अक्टूबर 2017 को प्रशासकीय स्वीकृति राशि रू. 2, 813 करोड़ जारी की गई है। नवयुगा इंजीनियरिंग लिमिटेड हैदराबाद एवं पी.ई.एल. (जे.व्ही.) के साथ दिनांक 06.02.2020 को अनुबंध किया गया। पूर्ण करने की अवधि 48 माह अर्थात 05.02.2024 है। (ग) मोरण्ड बांध से 226 एम.सी.एम. तथा गंजाल बांध से 87.00 एम.सी.एम. इस प्रकार कुल 313 एम.सी.एम. पानी मिलेगा। योजना से नर्मदापुरम जिले की 1286.124 हेक्टेयर, हरदा जिले की 29658 हेक्टेयर तथा खण्डवा जिले की 17930 हेक्टेयर भूमि इस प्रकार कुल 48874 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। (घ) नर्मदापुरम जिले की 1733.429 हेक्टेयर तथा बैतूल जिले की 296.84 हेक्टेयर भूमि एवं हरदा जिले में 873.844 हेक्टेयर इस प्रकार कुल 2904.113 हेक्टेयर भूमि एवं 5 ग्राम हैं। प्रभावित ग्रामों के विस्थापन के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम की धारा 11 के पश्चात विस्तृत सर्वेक्षण कर पुनर्वास नीति, शासन की गाइड-लाइन एवं ''भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013'' के अनुसार कार्यवाही किया जाना लक्षित है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
118. ( क्र. 4351 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सिवनी मालवा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर नर्स एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के कितने पद स्वीकृत हैं? अलग-अलग बताएं। (ख) सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिवनी मालवा एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुखतवा में कितने पदों पर नियुक्ति है एवं कितने पद रिक्त हैं? अलग-अलग बतावें। (ग) इन रिक्त पदों पर कब तक नियुक्तियां कर दी जावेगी? (घ) क्या सिवनी मालवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को उन्नयन कर सिविल अस्पताल बनाए जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) विधानसभा क्षेत्र सिवनी मालवा के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सहित समस्त संस्थाओं में डॉक्टर, नर्स एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' में समाहित है। (ग) विभाग रिक्त पदों की पूर्ति हेतु निरंतर प्रयास कर रहा है परंतु प्रथम श्रेणी विशेषज्ञों के समस्त पद पदोन्नति से भरे जाने के प्रावधान के कारण एवं पदोन्नति के संदर्भ में माननीय उच्चतम न्यायालय में माह मई 2016 से प्रचलित प्रकरण के कारण प्रथम श्रेणी विशेषज्ञ व अन्य श्रेणी के पदोन्नति के पदों की पदोन्नति की प्रक्रिया विलंबित है। चिकित्सकों के सीधी भर्ती के रिक्त पदों की पूर्ति की कार्यवाही लोक सेवा आयोग के माध्यम से निरंतर जारी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से संविदा चिकित्सकों की तथा बंधपत्र के अनुक्रम में चिकित्सकों की पदस्थापना की कार्यवाही उपलब्धता अनुसार निरंतर की जाती है। पैरामेडिकल संवर्ग के कर्मचारियों की भर्ती मध्यप्रदेश प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड के माध्यम से तथा प्रदेश अंतर्गत शासकीय नर्सिंग कॉलेजो से उत्तीर्ण स्टॉफ नर्सों की नियुक्ति की कार्यवाही निरंतर की जाती है। शत्-प्रतिशत पदपूर्ति हेतु निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। (घ) जी हाँ, विभाग द्वारा दिनांक 23.09.2021 को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सिवनी मालवा का 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल भवन उन्नयन एवं निर्माण कार्य हेतु प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। स्वीकृति पत्र की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
विलंब से जानकारी देने वाले अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही
[सामान्य प्रशासन]
119. ( क्र. 4358 ) श्री राजेश कुमार प्रजापति : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 652 दिनांक 10/08/2021 को माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा उत्तर दिया था कि जानकारी एकत्रित की जा रही है? हाँ या नहीं (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार यदि हाँ, तो क्या उक्त जानकारी को एकत्रित कर लिया गया है? हाँ या नहीं? (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार यदि हाँ, तो प्रति उपलब्ध कराई जाए? (घ) प्रश्नांश (ख) के अनुसार यदि नहीं, तो क्यों? कारण स्पष्ट करें। (ड.) क्या सक्षम अधिकारी द्वारा जानकारी एकत्रित कर माननीय मुख्यमंत्री जी को देने में विलंब क्यों किया जा रहा है? कारण स्पष्ट करें। (च) क्या शासन सक्षम अधिकारी द्वारा विलंब से जानकारी देने वाले अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही करने के आदेश जारी करेगा? हाँ या नहीं? (छ) प्रश्नांश (च) के अनुसार यदि हाँ, तो कब तक समय-सीमा बताएं। यदि नहीं, तो क्यों? कारण स्पष्ट करें।
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) एवं (ख) जी हाँ (ग) दिनांक 08/11/2021 विधान सभा को पूर्ण उत्तर भेजा जा चुका है, जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (घ) प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है (ड.) प्रश्नांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में जानकारी एकत्रित कर विभाग द्वारा दिनांक 08/11/2021 को जानकारी भेज दी गई है, चूंकि दिनांक 08/11/2021 को प्रश्न की पूर्ण जानकारी विधानसभा को प्रेषित की जा चुकी है। अत: प्रश्न के प्रश्नांश (च), (छ) का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है।
पुरानी पेंशन योजना की मांग
[वित्त]
120. ( क्र. 4364 ) श्री आलोक चतुर्वेदी : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जनवरी 2005 के पश्चात् नियुक्त शासकीय अधिकारी/कर्मचारियों हेतु लागू नवीन पेंशन योजना पुरानी पेंशन योजना की तुलना में लाभदायक है? यदि हाँ तो कैसे? छतरपुर जिला अंतर्गत कितने अधिकारी/कर्मचारी उक्त योजना से पेंशन लाभ ले रहे हैं? उनकी अंतिम वेतन कितनी थी एवं कितनी पेंशन वर्तमान में उन्हें मिल रही है? (ख) नवीन पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना लागू करने हेतु कर्मचारी संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा सरकार से मांग की जा रही है? यदि हाँ तो उक्त मांग पर सरकार क्या निर्णय लेगी?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) मध्यप्रदेश शासन वित्त विभाग के ज्ञाप क्रमांक एफ-9/2003/नियम/चार, दिनांक 13-04-2005 के द्वारा 01-01-2005 के बाद नियुक्त शासकीय कर्मचारियों पर नवीन परिभाषित पेंशन योजना लागू है। पुरानी पेंशन योजना मध्यप्रदेश सिविल सेवा (पेंशन) नियम 1976 से शासित होती है तथा नयी पेंशन योजना पी.एफ.आर.डी.ए. द्वारा विनियमित होती है, अत: तुलना किये जाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। छतरपुर जिला अंतर्गत 318 (वर्ष 2005 से अद्यतन स्थिति में) बहिर्गमित प्रकरण है। राष्ट्रीय पेंशन योजना अंतर्गत अभिदाता द्वारा पी.एफ.आर.डी.ए. द्वारा अधिकृत चयनित एन्युटी सर्विस प्रोवाईडर से एन्युटी सीधे अभिदाता को दी जाती है। (ख) वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
टीकाकरण अभियान में व्यय राशि
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
121. ( क्र. 4366 ) श्री विनय सक्सेना : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कोविड-19 टीकाकरण अभियान अंतर्गत जबलपुर जिले को किस-किस मद में, कब-कब कितना-कितना बजट आवंटित किया गया? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्राप्त बजट में से कब-कब, कितनी-कितनी राशि, किस-किस कार्य हेतु व्यय की गयी? समस्त देयक एवं नस्तियां सदन के पटल पर रखें। (ग) क्या टीकाकरण के लिए प्राप्त बजट से तत्कालीन जिला कार्यक्रम प्रबंधक एवं क्रय लिपिक द्वारा बिना सक्षम अनुमति के बजट का उपयोग टीकाकरण में न करके अन्य गतिविधियों में किया गया? यदि हाँ, तो इस मामले में जिम्मेदारों के विरुद्ध क्या-क्या कार्यवाही की गयी? (घ) क्या कर्मचारी संघों ने भी उक्त मामले में ग्रामीण क्षेत्रों में पेरासिटेमोल व अन्य दवाइयां तथा जीवन रक्षक मास्क, सेनीटाईजर, PPE किट प्रदान नहीं कराने संबंधी शिकायतें की हैं? यदि हाँ, तो उस पर क्या-क्या कार्यवाही की गयी?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। (ग) टीकाकरण के लिए प्राप्त बजट से ही सक्षम अनुमति से बजट का उपयोग टीकाकरण कार्य में किया गया है। (घ) शिकायतों के संबंध में जाँच दल गठित किया गया है, जांच प्रक्रियाधीन है।
पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कार्यवाहियां
[सामान्य प्रशासन]
122. ( क्र. 4369 ) श्री विनय सक्सेना : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01 जनवरी, 2021 से प्रश्न दिनांक तक मानवाधिकार आयोग द्वारा पुलिस के खिलाफ कुल कितनी शिकायतें भेजी गईं? (ख) इनमें से कितनी शिकायतें एफ.आई.आर. दर्ज न करने के संबंध में थी? (ग) उपरोक्त अवधि में एफ.आई.आर. दर्ज करने से मना करने पर कितने अधिकारियों पर दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 154 या 155 के तहत कार्यवाही की गई?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
संविदा कर्मचारियों के 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान
[सामान्य प्रशासन]
123. ( क्र. 4370 ) श्री शशांक श्रीकृष्ण भार्गव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 05 जून, 2018 की नीति में राज्य के समस्त संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के वेतनमान का 90 प्रतिशत वेतन देने के निर्देश थे? यदि हाँ, तो कितने विभागों में संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों का 90 प्रतिशत वेतनमान प्रदान किया गया है एवं कितने विभागों द्वारा संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों का वेतनमान प्रदान नहीं किया गया है? इन विभागों द्वारा संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों का 90 प्रतिशत वेतनमान प्रदान नहीं किये जाने के कारण सहित जानकारी दें? कब तक उक्त कर्मचारियों को वेतनमान का लाभ दिया जायेगा? (ख) दिनांक 05 जून, 2018 की नीति एवं मध्यप्रदेश राजपत्र असाधारण क्रमांक 493 दिनांक 17 सितम्बर, 2018 के द्वारा राज्य के समस्त संविदा कर्मचारियों को लोक सेवा आयोग के द्वारा की जाने वाली भर्ती परीक्षा में प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के पदों को छोड़कर अन्य सभी पदों में 20 प्रतिशत पद आरक्षित करने के निर्देश थे, परन्तु राज्य सेवा परीक्षा 2019, 2020 एवं 2021 में तृतीय श्रेणी के पदों में राज्य के समस्त संविदा कर्मचारियों हेतु 20 प्रतिशत पद आरक्षित नहीं किए गए, के संबंध में कारण सहित जानकारी दें कि आगामी परीक्षा में संविदा कर्मचारियों के लिए तृतीय श्रेणी में 20 प्रतिशत पद आरक्षित किए जायेंगे या नहीं?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। दिनांक 05 जून, 2018 को जारी संविदा नीति-निर्देश अनुसार वेतनमान दिये जाने के निर्देश हैं। शेषांश जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) जी हाँ। उत्तरांश ''क'' में उल्लेखित नीति-निर्देश में यह प्रावधान है। शेषांश जानकारी एकत्रित की जा रही है।
महंगाई भत्ता एवं पुरानी पेंशन योजना प्रदान किया जाना
[वित्त]
124. ( क्र. 4380 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या केंद्र के समान राज्य कर्मचारियों को भी 31% मंहगाई भत्ता (D.A.) कब-तक दिया जाएगा? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) राज्य कर्मचारियों को भी राष्ट्रीय पेंशन योजना (N.P.S.) के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना (O.P.S.) से कब-तक लाभान्वित किया जाएगा? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) मध्यप्रदेश के राज्य कर्मचारियों को भी केंद्र के समान ग्रेड-पे (Grade-Pay) कब-तक दिया जाएगा? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) राज्य कर्मचारियों को भी केंद्र के समान गृह भाड़ा भत्ता (HRA) कब-तक दिया जाएगा? यदि नहीं, तो क्यों?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) राज्य कर्मचारियों को 31 प्रतिशत डी.ए. देने का प्रकरण विचाराधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। राज्य शासन अपने वित्तीय संसाधनों के आधार पर निर्णय लेता है। (ख) वर्तमान में पुरानी पेंशन योजना लागू करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) केन्द्र सरकार द्वारा सातवें वेतनमान अंतर्गत ग्रेड-पे का प्रावधान नहीं है। अत: शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) राज्य शासन अपने वित्तीय संसाधनों के आधार पर निर्णय लेता है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों को 05 जून, 2018 नीति का लाभ
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
125. ( क्र. 4386 ) श्री बाबू जन्डेल : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एन.एच.एम.) में कार्यरत कर्मचारियों को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा बनायी गई 5 जून, 2018 नीति का लाभ दिया जा रहा है या नहीं? यदि नहीं, दिया जा रहा है तो क्यों नहीं दिया जा रहा है? (ख) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत कार्यरत कर्मचारियों को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा बतायी गई 05 जून, 2018 की नीति की क्या स्थिति है? स्पष्ट करें। (ग) क्या स्वास्थ्य विभाग में आउट सोर्स एजेन्सी के माध्यम से नियुक्ति कर्मचारी शासकीय संविदा सेवक नहीं है? यदि हाँ, तो ध्यानाकर्षण प्रश्न क्र. 149, दिनांक 27.02.2013 के द्वारा दिये गये निर्देशों के पालन में विशेष अनुकम्पा के तहत स्वास्थ्य विभाग श्योपुर में संविदा पर एन.एच.एम. के तहत नियुक्त वार्डबॉय के पद पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला श्योपुर के कार्यालयीन आदेश क्र./स्था./आर.सी.एच.एम./2014/12007-16 श्योपुर, दिनांक 09.12.2014 द्वारा की गयी थी? यदि हाँ, तो श्री दिनेश रावत को संविदा से हटाकर आउट सोर्स में नियम विरूद्ध नियुक्ति दी जाकर कर्मचारी के साथ अन्याय एवं म.प्र. विधानसभा में ध्यानाकर्षण में दिये गये निर्देशों का सरेआम उल्लंघन किया गया है? यदि हाँ, तो श्री दिनेश रावत को कब तक संविदा पर नियुक्ति दे दी जावेगी? यदि नहीं, तो कारण बताएं।
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी नहीं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी के लिये 05 जून, 2018 को जारी संविदा कर्मचारियों की नीति का लाभ नियमित कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन का 90 प्रतिशत वेतन के संबंध में प्रकरण तैयार कर नस्ती वित्त विभाग को प्रस्तुत की गई थी, वित्त विभाग द्वारा परामर्श दिया गया कि कोविड-19 की परिस्थिति को दृष्टिगत रखते हुये विभागीय प्रस्ताव पर विचार आगामी वित्तीय वर्ष किये जाने का परामर्श हेतु लेख किया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियों को रू. 1000 से 4000/- तक वित्त विभाग की सहमति से अतिरिक्त विशेष प्रोत्साहन भत्ता (स्वास्थ्य) जून-2021 पेड जुलाई-2021 से प्रदान किया गया। 90 प्रतिशत के प्रस्ताव को वित्त विभाग द्वारा फिलहाल प्रतीक्षारत रखा गया है। (ख) प्रश्नांश ''क'' में दिये गये उत्तर अनुसार। (ग) जी हाँ। जी नहीं, संविदा पर नहीं अपितु कार्यालय के आदेश क्रमांक/स्था./आर.सी.एच.एम./2014/12007-16 श्योपुर, दिनांक 09.12.2014 के द्वारा श्री दिनेश रावत को एन.एच.एम. में कलेक्टर दर पर एस.एन.सी.यू. जिला चिकित्सालय श्योपुर पर वार्ड बॉय के पद पर नियुक्त किया गया था। संबंधित एन.एच.एम. के माध्यम से उपस्थिति दिनांक 24.12.2014 से दिनांक 31.07.2017 तक रोगी कल्याण समिति जिला चिकित्सालय श्योपुर से नवम्बर 2020 तक एवं दिसम्बर 2020 से आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से निरंतर अपनी सेवा वार्ड बॉय के पद पर एस.एन.सी.यू. जिला चिकित्सालय श्योपुर में दी जा रही है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
नियम विरूद्ध अवैध कब्जे को हटाया जाना
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
126. ( क्र. 4390 ) श्री अजय कुमार टंडन : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सतना जिला शारदा मंदिर समिति यात्री निवास क्रमांक 1 के बाजू से दुकान क्र. 14 व 15 अवैध रूप टीन शेड का अतिक्रमण क्र. 1004/16, दिनांक 03/9/2016 नियम विरुद्ध अतिक्रमण आवंटन निरस्त कर क्र. 1520, दिनांक 11/03/2020 दुकान क्र. 14 एवं 15 की सरकारी दीवार तोड़ कर 1000 X 3000 वर्गफुट अवैध अतिक्रमण नियमानुसार हटाया जाकर आवंटन निरस्त कर दोषियों पर क्या कार्यवाही करेंगे, बतायें? यदि हाँ, तो समयावधि बतायें। (ख) सतना जिला शारदा मंदिर प्रबंधक समिति द्वारा यात्री निवास क्रमांक 1 के बाजू से दुकान क्र. 14 एवं 15 आयुक्त रीवा पत्र क्र. 5805, दिनांक 02/11/2016 दुकान क्र. 14 एवं 15 श्री गोविन्द चौरसिया एवं गंगा चौरसिया को, समिति प्रीमियम राशि से, 551000=00 से कम से 3,51,000 कम में दे दी गई? क्या आयुक्त रीवा के पत्र क्रमांक 5815] दिनांक 02/11/2016 जनसुनवाई पत्र क्रमांक 5805, दिनांक 02/11/2016 जिलाध्यक्ष दिनांक 05/09/2016 एवं दिनांक 20/09/2016 के बाद शिकायत के बाद ₹ 2,00,000 जमा कर समिति की क्षतिपूर्ति की गई, जिसके बाद भी दुकान क्र. 14 ₹ 17,000, दुकान क्र. 15 ₹ 57,000 का राजस्व का नुकसान हुआ? दोषियों पर क्या कार्यवाही करेंगे, बतायें।
पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाये जाने के संबंध में
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
127. ( क्र. 4391 ) श्री अजय कुमार टंडन : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में सभी आशा कार्यकर्ताओं को शासन द्वारा मानदेय दिया जाता है? आदेश की प्रति देवें। क्या आशा कार्यकर्ताओं में 2000 रूपये मानदेय दिया जाता है? क्या मानदेय बढ़ाये जाने के संबंध में शासन विचार कर रहा है? यदि हाँ, तो कब तक बढ़ाया जायेगा? (ख) क्या भोपाल एवं होशंगाबाद संभाग में आशा कार्यकर्ताओं को एंड्रायड मोबाईल खरीदने के लिए 7000 रूपये का भुगतान किया गया है? यदि हाँ, तो किस आदेश से? आदेश की प्रति देवें। क्या सागर संभाग में आशा कार्यकर्ताओं को भी एंड्रायड मोबाइल खरीदने के लिए राशि का भुगतान किया गया है? यदि हाँ, तो कितना? नहीं तो इन लोगों को पीछे क्यों किया जा रहा है? इन्हें कब तक भुगतान किया जायेगा? ऐसा करने वाले अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा? (ग) क्या कोरोना काल में शासन द्वारा मानदेय तय किया गया था, वह प्रदेश में कहां-कहां वितरित किया गया है? नहीं किया गया है तो ऐसा करने वाले अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा एवं इन्हें कब तक भुगतान कर दिया जायेगा?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) आशा कार्यकर्ताओं को भारत शासन के दिशा निर्देशानुसार कार्य आधारित प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है, दिशा-निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। आशा कार्यकर्ताओं को अपने क्षेत्र में अनिवार्य गतिविधियों के सम्पादन हेतु रू. 2000/- प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। जी नहीं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश के पत्र क्रमांक/एन.एच.एम./आशा/2022/374 भोपाल, दिनांक 17.01.2022 द्वारा। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। जी नहीं। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। भारत सरकार द्वारा आशा कार्यकर्ताओं को मोबाईल प्रदान किये जाने हेतु चरणानुसार बजट स्वीकृति दी जा रही है, वित्तीय वर्ष 2021-22 की वार्षिक कार्ययोजना में प्राप्त बजट से भोपाल व होशंगाबाद संभाग की समस्त आशाओं को मोबाईल हेतु राशि प्रदान की गई है, वित्तीय वर्ष 2022-23 की वार्षिक कार्ययोजना में 15000 आशा कार्यकर्ताओं हेतु राशि प्रस्तावित की गई है, बजट स्वीकृति के आधार पर प्रदेश के अन्य जिलों में आशाओं को चरणबद्ध तरीके से आगामी वर्षों में मोबाईल उपलब्ध कराया जायेगा। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) कोविड-19 संबंधी गतिविधियों हेतु भारत शासन के दिशा-निर्देशानुसार आशाओं को मार्च 2022 तक रूपये 1000/- प्रतिमाह तथा आशा पर्यवेक्षकों को रूपये 500/- प्रतिमाह अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जा रही है, प्रदेश के समस्त जिलों/विकासखण्डों में इस राशि का भुगतान किया जा रहा है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
स्थानांतरित अधिकारियों को भारमुक्त किया जाना
[सामान्य प्रशासन]
128. ( क्र. 4399 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2021-22 में जबलपुर, डिन्डोरी, कटनी जिले में स्थानांतरण अवधि में किन-किन विभाग के किस-किस राजपत्रित प्रथम एवं द्वितीय वर्ग के अधिकारियों के स्थानांतरण विभाग प्रमुख/शासन स्तर से किये गये? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में स्थानांतरित कर्मचारियों में प्रश्न दिनांक तक किस-किस विभाग के कौन-कौन से अधिकारियों को भार मुक्त नहीं किया गया? कारण बताएं। भार मुक्त नहीं करने के लिए कौन अधिकारी दोषी हैं? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरित अधिकारियों को कब तक भार मुक्त किया जायेगा? यदि नहीं, तो क्यों?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
पाइप लाइन एवं टंकी निर्माण में अनियमितता
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
129. ( क्र. 4404 ) कुँवर रविन्द्र सिंह तोमर भिड़ौसा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में जल प्रदाय योजना हेतु पाइप लाइन डाले जाने एवं पानी की टंकी निर्माण के संबंध में शासन के क्या निर्देश हैं? (ख) क्या दिमनी विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा पाइप लाइन डाली जा रही है एवं पानी की टंकी बनाई जा रही है? यदि हाँ, तो उक्त योजना की निविदा सूचना कार्यादेश, योजना की लागत, कार्य पूर्ण किये जाने हेतु समय-सीमा बताई जावे? (ग) क्या दिमनी विधानसभा अंतर्गत उक्त योजना के अंतर्गत उक्त निर्माण कार्य में शासन द्वारा जारी गाईड लाइन के अनुरूप डाली जा रही है? (घ) दिमनी विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत किये जा रहे उक्त निर्माण कार्य में विभिन्न अनियमिततायें की जा रही हैं, जैसे टंकी निर्माण में काली डस्ट का उपयोग किया गया? पाइप लाइन कहीं एक फुट, कहीं आधा फुट एवं कहीं भूमि की सतह पर डाली गई है? इसकी जाँच कब तक कराई जावेगी एवं दोषियों के विरूद्ध कब तक क्या कार्यवाही की जावेगी?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) पाइप लाइन एवं टंकी निर्माण अनुबंध एवं सी.पी.एच.ई.ओ. मैन्युअल अनुसार किये जाने के निर्देश हैं। (ख) जी हाँ। निविदा सूचना क्रमांक 43/डिजा.एण्ड मोनि./म.प्र.ज.नि.मर्या./2017-18, दिनांक 16.01.2018 कार्यादेश क्रमांक 1320/333/डिजा. एण्ड मोनि.-1/प्रोक्य./म.प्र.ज.नि.मर्या./2018, भोपाल दिनांक 14.03.2018, लागत रूपये 32.24 करोड़। अनुबंधानुसार कार्य पूर्ण किये जाने की अवधि कार्यादेश दिनांक से 18 माह की है, वर्तमान में कार्य प्रगतिरत हैं, तथापि कार्य पूर्ण होने की संभावित तिथि 30.06.2022 है। (ग) जी हाँ। (घ) जी नहीं। पाइप लाइन मानक अनुसार 90 से.मी. कवर के साथ डाली गई है। केवल हार्ड राक वाले स्थानों पर पाइप लाइन की गहराई कम है, इन स्थलों पर पाइप लाइन को हाईड्रो टेस्टिंग के उपरांत कांक्रीट से इनकेसिंग किया जायेगा। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
नर्मदा जल से रतलाम में पेयजल आपूर्ति
[नर्मदा घाटी विकास]
130. ( क्र. 4410 ) श्री चेतन्य कुमार काश्यप : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता द्वारा दिनांक 16.02.2021 को मान. मुख्यमंत्री जी को पत्र दिया गया था, जिसमें LIS से नर्मदा पानी बदनावर और पेटलावद लाने की योजना का उल्लेख कर दो प्रस्ताव प्रस्तावित हैं। (1) बदनावर की योजना में रबी की फसल के पश्चात ग्रीष्म ऋतु में नर्मदा का पानी रतलाम ग्रामीण के विभिन्न तालाबों में लाये जाने से सिंचाई के साथ-साथ रतलाम शहर की पेयजल आपूर्ति में सुगमता रहेगी। (2) पेटलावद की योजना के तहत नर्मदा का पानी सरोज सरोवर धोलावाड़ा बांध में लाया जाना प्रस्तावित है। (ख) क्या उपरोक्त दोनों प्रस्तावों का परीक्षण करा लिया गया है एवं इस संबंध में आगे क्या कार्यवाही की जा रही है?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। बदनावर उद्वहन माईक्रो सिंचाई योजना एवं नर्मदा-झाबुआ-पेटलाबाद-थादला-सरदारपुर उद्वहन सिंचाई योजना से सिंचित होने वाला कमाण्ड क्षेत्र एवं जल की मात्रा पूर्व से निर्धारित है। अत: इन योजनाओं से अतिरिक्त क्षेत्र हेतु जल उपलब्ध कराना तकनीकी रूप से संभव नहीं है।
बांधवगढ़ विधान सभा क्षेत्र में आर्ट गैलरी प्रारंभ किया जाना
[संस्कृति]
131. ( क्र. 4412 ) श्री शिवनारायण सिंह (लल्लू भैया) : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) संस्कृति विभाग के लिए वर्ष 2021-22 के लिए कुल कितना बजट का प्रावधान रखा गया है? दिनांक 31-12-2021 तक किस-किस मद में कितना खर्च हो चुका है? (ख) प्रश्नकर्ता द्वारा विधान सभा क्षेत्र बांधवगढ़ के ग्राम लोढ़ा में आदिवासी कलाकारों के लिए आर्ट गैलरी खोले जाने हेतु माननीय मुख्यमंत्री जी को दिनांक 01-07-2021 को लिखित पत्र द्वारा अनुरोध कर संस्कृति विभाग से प्रारंभ करने का निवेदन किया गया था? (ग) प्रश्नांश (ख) के अंतर्गत प्रश्नकर्ता के पत्र पर संस्कृति विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई?
पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) प्रश्नांश 'ख' अनुसार विभाग द्वारा आर्ट गैलरी खोले जाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
कर्मचारियों हेतु पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करना
[वित्त]
132. ( क्र. 4416 ) श्री सुखदेव पांसे : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची में दर्शित राज्य सूची के विषयों की 42वीं प्रविष्टि में राज्य शासन के कर्मचारियों को दी जाने वाली पेंशन राज्य का विषय है? राज्य शासन अपने कर्मचारियों को केन्द्र सरकार के हस्तक्षेप के बिना पेंशन दे सकती है? यदि हाँ, तो तत्संबंध में जानकारी प्रदान करें। (ख) क्या दिनांक 22 दिसंबर, 2003 को एन.पी.एस. हेतु केन्द्र सरकार द्वारा जारी संकल्प में यह प्रावधान किया गया है कि एन.पी.एस. व्यवस्था राज्य हेतु वैकल्पिक होगी तथा राज्य जब चाहे इसके स्थान पर अन्य कोई पेंशन प्रणाली अपना सकते हैं? यदि हाँ, तो जानकारी प्रदान करें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में क्या कारण है कि पेंशन राज्य सूची का विषय होने तथा एन.पी.एस. व्यवस्था अनिवार्य न होने पर भी कर्मचारियों के लिये लाभकारी पुरानी पेंशन व्यवस्था को बंद करने का अलोकप्रिय निर्णय लिया गया है, जबकि पश्चिम बंगाल राज्य में यह आज लागू हैं, साथ ही राजस्थान में कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए पुरानी पेंशन व्यवस्था को लागू करने की घोषणा की गई है? (घ) क्या मध्यप्रदेश में पुरानी पेंशन प्रणाली को पुन: आरंभ करने के संबंध में कर्मचारियों के द्वारा लंबे समय से मांग की जा रही है? यदि हाँ, तो उक्त मांग को ध्यान में रखते हुए सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हितों को दृष्टिगत रखते हुए क्या म.प्र. में पुरानी पेंशन प्रणाली को लागू किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। दिनांक 22 दिसम्बर, 2003 का संकल्प केवल केन्द्र सरकार के कर्मचारियों के संबंध में है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उपरोक्त "क" एवं "ख" के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। राज्य सरकारें अपने आर्थिक एवं सामाजिक परिप्रेक्ष्य में पृथक-पृथक नियम बनाने के लिये सक्षम है। (घ) कुछ कर्मचारी संगठनों से इस संबंध में मांग प्राप्त हुई है। वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
केन्द्र के समान वेतन भत्ते एवं पुरानी पेंशन योजना लागू किया जाना
[वित्त]
133. ( क्र. 4421 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश सरकार ने दिनांक 01.01.2005 के पश्चात नियुक्त कर्मचारियों को भारत सरकार के अनुसार ही अंशदायी पेंशन योजना प्रणाली अथवा राष्ट्रीय पेंशन योजना दोनों में कौन सी योजना म.प्र. सिविल सेवा (पेंशन) नियम 1976 जो भारत के संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक के अंतर्गत लागू की है? यदि हाँ, तो प्रदेश में दोनों पेंशन लागू है अथवा कोई एक पेंशन लागू है? पेंशन नियम 1976 क्या है और इसमें क्या संशोधन, क्यों और कब, किस कारण से, किसकी अनुमति से किया गया है? (ख) उपरोक्त के संबंध में क्या प्रदेश सरकार ने भारत सरकार के अनुसार ही राष्ट्रीय पेंशन योजना प्रणाली अंगीकृत यथास्वरूप में प्रदेश के कर्मचारियों पर लागू की है? यदि हाँ, तो भारत सरकार के कर्मचारियों को देय वेतन, भत्ते और पेंशन योजना में से केवल पेंशन योजना ही क्यों लागू की है? क्या प्रदेश सरकार भारत सरकार के कर्मचारियों के समान देय वेतन, भत्ते भी लागू कर प्रदेश के कर्मचारियों का इसका लाभ देगा? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) उपरोक्त के संबंध में प्रदेश सरकार राष्ट्रीय पेंशन योजना को पेंशन नियम 1976 में संशोधन कर लागू कर सकता है तो क्या इस नियम को पुन: संशोधित कर पुरानी पेंशन योजना का लाभ देगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्र. 5791, उत्तर दिनांक 19/3/2021 में कण्डिका (क) में म.प्र. के सिविल सेवा के पदों पर लागू किया गया है? यदि हाँ, तो इसके अंतर्गत प्रदेश सरकार के कौन-कौन से पद, वेतनमान, ग्रेड-पे के अधिकारी आते हैं? यदि नहीं, तो सदन में गलत जानकारी दी गई है? यदि हाँ, तो इसके लिये उत्तरदायियों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? (ड.) प्रश्नांश (घ) के परिप्रेक्ष्य में कण्डिका (ग) के उत्तर में नवीन पेंशन प्रणाली को बंद पुरानी पेंशन बहाल किये जाने का कोई प्रस्ताव वर्तमान में विचाराधीन नहीं है? यदि हाँ, तो इस संबंध में दिनांक 28 फरवरी, 2022 तक कितने कर्मचारी संगठनों एवं किन-किन मान. विधायकों ने मान. मुख्यमंत्री/शासन को पत्र लिखे हैं एवं उनमें क्या-क्या कार्यवाही की गई?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) दिनांक 01-01-2005 के पूर्व नियुक्त कर्मचारियों के लिये पेंशन नियम, 1976 अंतर्गत पेंशन योजना प्रचलित है। यह योजना राज्य के सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के पेंशन/उपादान से संबंधित है। प्रदेश सरकार ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 309 के परंतुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए 01-01-2005 को अथवा उपरांत नियुक्त राज्य के कर्मचारियों हेतु परिभाषित अंशदान पेंशन योजना लागू की है, जो कि वर्तमान में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली नाम से प्रचलित है। अंशदान पेंशन योजना एवं राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली वस्तुत: एक ही योजना है। (ख) राज्य शासन द्वारा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली राज्य के संसाधनों, आवश्यकताओं एवं सामाजिक परिप्रेक्ष्य के दृष्टिगत लागू की है, योजना के नियम निर्देश बनाते समय भारत शासन के नियम निर्देशों को भी ध्यान में रखा गया है। राज्य शासन अपने उपलब्ध संसाधनों के आधार पर यथा समय उचित निर्णय लेती है। (ग) वर्तमान में राज्य शासन में ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। (घ) पूर्व में विधानसभा प्रश्न क्रमांक 5791 के उत्तर में त्रुटि नहीं है। राज्य सरकार के सिविल सेवा में शासन के विभागों के समस्त नियमित पद आते हैं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) वर्तमान में राज्य शासन में पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने के संबंध में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। यह सही है कि विभिन्न संगठनों से ज्ञापन प्राप्त हुये हैं, जो एक सतत् प्रक्रिया है।
जी.एस.टी. राशि का भुगतान
[वाणिज्यिक कर]
134. ( क्र. 4432 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विदिशा जिले की ग्राम पंचायत उनारसीकलां, कालादेव, सेमरा मेघनाथ, झुकरजोगी, चौड़ीखेड़ी भौरिया, पामाखेड़ी पगरानी द्वारा निर्माण कार्यों के किन-किन फर्म, व्यक्ति एवं संस्था के बिलों का भुगतान किया गया एवं कितना-कितना जी.एस.टी. विभाग को प्राप्त हुआ? यदि विभाग द्वारा जी.एस.टी. नहीं वसूला तो इसके लिये दोषी कौन-कौन से अधिकारी हैं? अधिकारी/कर्मचारी का नाम, पदनाम सहित बतावें तथा इन अधिकारियों/कर्मचारियों पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो कब तक की जावेगी? (ख) क्या जी.एस.टी. पंजीयन दिनांक से GSTIN-23AXCPB1843P1ZL यादव ट्रेडर्स कंस्ट्रक्शन सिरोंज एवं GST NO. 23CTPPR1172N1Z4 संस्कार ट्रेडर्स छोटी राघोगढ़ तहसील लटेरी द्वारा जी.एस.टी. कर कब-कब और कितना-कितना जमा किया? यदि जमा नहीं किया गया तो इसके लिये कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी हैं? जी.एस.टी. कर कब तक जमा करवा लिया जावेगा? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में उक्त फर्मों द्वारा पंचायत दर्पण पोर्टल पर कितने बिलों का भुगतान हुआ एवं कितना-कितना जी.एस.टी. कर जमा होना था? कितना शेष है? शेष कर कब तक जमा करवा लिया जावेगा?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
रिक्त पदों की पूर्ति
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
135. ( क्र. 4443 ) श्री जालम सिंह पटैल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला नरसिंहपुर में अधिकारी/कर्मचारी के कितने-कितने पद स्वीकृत हैं? कितने पद रिक्त हैं? कितने पद भरे हैं? कितने पदों पर डबल चार्ज है एवं क्या उक्त खाली पदों को भरा जावेगा? पदवार संपूर्ण जानकारी प्रदान करें। (ख) क्या विभाग के पास उक्त जिलों में चल रही नल-जल योजना, जल जीवन मिशन के निर्माण कार्यों की तुलना में कितने अधिकारी/कर्मचारी पर्याप्त एवं अपर्याप्त हैं एवं क्या अधिकारी/कर्मचारी की कमी के कारण निर्माण कार्यों की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है? यदि हाँ, तो इसके लिये दोषी कौन होगा? (ग) उक्त जिले में कितने मीटर पाइप-लाइन, कितनी पानी टंकी, कितने नल कनेक्शन एवं कितने समूह पेयजल की योजना बनाई गई है? वर्ष 2024 तक घर-घर पानी पहुंचाने के लिये विभाग द्वारा क्या रणनीति बनाई गई है? जानकारी प्रदान करें। (घ) उक्त निर्माण कार्यों को पूर्ण करने की क्या कोई योजना बनाई गई है? यदि हाँ, तो कितने दिनों में पूर्ण किया जावेगा? क्या गुणवत्ता परीक्षण के लिये कोई कार्ययोजना बनाई गई है? (ड.) उक्त कार्य को समय-सीमा में न करने वाले एवं गुणवत्ताहीन कार्य करने वाले अधिकारी/कर्मचारियों एवं ठेकेदारों पर क्या कार्यवाही होगी?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) पदवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। जी हाँ। (ख) नरसिंहपुर जिले में स्वीकृत पदों के विरूद्ध कार्यरत अधिकारी/कर्मचारियों की कमी के उपरान्त भी तृतीय पक्ष एजेन्सी के द्वारा निर्माण कार्यों का सतत् निरीक्षण किया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 के अनुसार है। सफल स्त्रोतों की उपलब्धता एवं जल जीवन मिशन की गाईड लाईन के अनुसार प्रत्येक ग्रामीण परिवार को क्रियाशील घरेलू कनेक्शन द्वारा सतत् पेयजल वर्ष 2024 तक उपलब्ध कराया जाना प्रावधानित है। (घ) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 के अनुसार है। जी हाँ। विभागीय अधिकारियों एवं तृतीय पक्ष निरीक्षण एजेंसी द्वारा गुणवत्ता का परीक्षण का कार्य सतत् किया जाता है। (ड.) अनुबंध की शर्तों के अनुसार कार्यवाही की जाएगी, गुणवत्ताहीन कार्य नहीं कराया जा रहा है, अतः प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
डब्ल्यू. बी.एम. निर्मित सड़कों पर कांक्रीट सड़क बनाना
[नर्मदा घाटी विकास]
136. ( क्र. 4444 ) श्री जालम सिंह पटैल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रानी अवंती बाई नहर परियोजना बांयी तट मुख्य नहर पर क्या डब्ल्यू.बी.एम. निर्मित सड़क से आवागमन होता है? यदि हाँ, तो जानकारी प्रदान करें? (ख) जिला नरसिंहपुर में कितने बड़ी एवं छोटी नहरों पर डब्ल्यू.बी.एम. सड़क निर्मित है एवं कितनी नहरों की सड़कों से आवागमन होता है? नहरवार जानकारी प्रदान करें। (ग) उक्त नहरों पर डामर या कांक्रीट सड़क का निर्माण किया जाता है तो पुरानी कमजोर नहर मजबूत होगी और आवागमन में दूरी कम होगी विभाग एवं जनता को लाभ होगा? क्या विभाग इसके लिये कोई कार्य योजना बनायेगा एवं विभाग द्वारा क्या समय-समय पर नहरों की डब्ल्यू.बी.एम. सड़कों में सुधार कार्य कराया जावेगा? (घ) क्या विभाग द्वारा उक्त डब्ल्यू.बी.एम. सड़कों पर डामर एवं कांक्रीट सड़क निर्माण किया जा सकता है? यदि हाँ, तो जानकारी प्रदान करें।
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) आमजनों के आवागमन के लिए नहीं है। इन सड़कों का उपयोग विभाग द्वारा नहरों के निरीक्षण एवं रख-रखाव हेतु किया जाता है। (ख) नरसिंहपुर जिले से होकर जाने वाली मुख्य नहर कुल 72.08 कि.मी. की लम्बाई में डब्ल्यू.बी.एम. सड़क निर्मित है। छोटी नहरों में डब्ल्यू.बी.एम. सड़क निर्मित नहीं है। शेषांश उत्तरांश (क) अनुसार। (ग) एवं (घ) वर्तमान में कोई कार्य योजना नहीं है। डब्ल्यू.बी.एम. सड़कों में आवश्यकता अनुसार सुधार कार्य कराया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती में प्राप्त शिकायतों पर कार्यवाही
[महिला एवं बाल विकास]
137. ( क्र. 4449 ) श्री बीरेन्द्र रघुवंशी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शिवपुरी जिले में प्रश्न दिनांक से पूर्व विगत तीन वर्षों के दौरान कुल कितनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती कब-कब की गई? इन सभी भर्तियों के विरुद्ध कुल कितनी आपत्तियां और शिकायतें अभ्यर्थियों एवं अन्य लोगों द्वारा दर्ज कराई गईं है? विकासखण्डवार सम्पूर्ण ब्यौरा दें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में की गई भर्तियों के विरूद्ध प्राप्त हुई आपत्तियों/शिकायतों पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? क्या प्राप्त शिकायतों के निराकरण हेतु जांच समिति गठित कर शिकायतों का विधिवत निराकरण कर शिकायतकर्ता को सूचित किया गया? यदि हाँ, तो शिकायतवार किए गए निराकरण शिकायतकर्ता को शिकायत निराकरण की दी गई सूचना तत्कालीन सक्षम अधिकारी द्वारा दिए गए शिकायतवार निराकरण के प्रतिवेदन की जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में क्या तत्कालीन विकासखण्ड परियोजना अधिकारियों द्वारा भर्ती के संबंध में प्राप्त शिकायतों/आपत्तियों को दर किनार कर आपत्तियों का निराकरण किए बगैर तथा बिना सक्षम अधिकारी के जांच कराए नियम विरूद्ध ढंग से नियुक्तियां कर दी गईं? ऐसे दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही करने हेतु सक्षम अधिकारी कौन थे? उनके द्वारा कार्यवाही क्यों नहीं की गई?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) महिला एवं बाल विकास विभाग जिला शिवपुरी द्वारा 52 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, 52 आंगनवाड़ी सहायिकाओं एवं 06 मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, कुल 110 की भर्ती प्रश्न दिनांक से विगत तीन वर्षों के दौरान की गई। वर्षवार एवं परियोजना/विकासखण्डवार की गई भर्ती की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' पर है। उक्त 110 भर्तियों के विरूद्ध कुल 177 आपत्तियां और शिकायतें अभ्यर्थियों एवं अन्य लोगों द्वारा दर्ज कराई गई, जिसकी वर्षवार/परियोजनावार/विकासखण्डवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' पर है। (ख) विभाग के पत्र क्र. एफ 3-2/06/50-2, दिनांक 10.07.2007 के निर्देशानुसार आपत्तियों/शिकायतों का निराकरण किया गया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं आंगनवाड़ी सहायिका की भर्ती प्रक्रिया में खण्ड स्तरीय समिति द्वारा अनन्तिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों के विरूद्ध दावे/आपत्तियों आमंत्रित किये जाने का प्रावधान है, उक्त शिकायत/आपत्तियों को विभाग के पत्र क्र. एफ 3-2/06/50-2, दिनांक 10.07.2007 के परिप्रेक्ष्य में जिला स्तरीय समिति निराकरण हेतु सक्षम है। जिला स्तरीय समिति द्वारा प्राप्त आपत्तियों/शिकायतों का विहित प्रक्रिया अनुसार निराकरण किया गया एवं आपत्तिकर्ता/शिकायतकर्ता को प्रक्रिया अनुसार समक्ष में सुनकर उनके प्रकरण का निराकरण करते हुये, उनके निर्णय से अवगत कराया गया। आपत्तियों एवं शिकायतों के निराकरण से संबंधित प्रतिवेदन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' पर है। (ग) नियुक्ति प्रक्रिया नियमानुसार होने से शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
खरीद व भुगतान में अनियमितता की जाँच
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
138. ( क्र. 4454 ) श्री तरबर सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर स्थित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भंडार शाखा में खरीद व भुगतान का विहित प्रभार किस-किस अधिकारी, कर्मचारी के पास कब से हैं? (ख) प्रश्नांश (क) में दर्शित कार्यालय में दिनांक 01 जनवरी, 2021 से प्रश्न दिनाँक तक किस कर्मचारी की आई.डी. से कितनी राशि की क्या-क्या सामग्री क्रय की गई, बतायें? इस सामग्री का भुगतान किस अधिकारी ने कब-कब कितना-कितना किया है? (ग) प्रश्नांश (ख) में दर्शित अनुसार जिस व्यक्ति की आई.डी. से सामग्री क्रय की गई है, क्या उसे सम्बन्धित शाखा का प्रभार प्राप्त हुआ है? यदि नहीं, हुआ तो उसकी आई.डी. कैसे बनी एवं उसकी आई.डी. से खरीद कैसे सम्भव हुई? (घ) क्या जिस कर्मचारी को प्रभार प्राप्त नहीं है, उसके नाम से अन्य अधिकारियों ने फर्जी आई.डी. बना कर खरीद में व्यापक अनियमितता की है? क्या शासन इस घोटाले की जांच इसमें संलिप्त अधिकारियों को निलंबित करके, विशेष जांच दल से कराएगा? यदि हाँ, तो कब? यदि नहीं, तो क्यों?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) जी हाँ। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
रोजगार योजनांतर्गत सब्सिडी उपलब्ध करायी जाना
[सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम]
139. ( क्र. 4463 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना और मुख्यमंत्री उद्यमी योजना को प्रदेश में कब से प्रारंभ किया गया था? उन्हें कब और क्यों बंद किया गया? (ख) उपरोक्त योजनाओं में क्या लाभार्थी को शासन द्वारा कोई सब्सिडी दिये जाने का प्रावधान किया गया था? यदि हाँ, तो किस-किस के लिये कितना-कितना? पृथक-पृथक बतावें। (ग) उपरोक्त योजना में सिवनी जिले के अंतर्गत सब्सिडी कब-कब एवं कितनी किस-किस योजना में दी गई है एवं कितनी शेष है? योजनावार बतायें। (घ) क्या सिवनी जिले में उपरोक्त योजनाओं को बंद करने से पहले जिन युवा बेरोजगारों को कर्ज दिया गया था, उनमें से किन-किन बेरोजगारों की किस-किस योजना में कितनी-कितनी सब्सिडी रोकी गई है? इन बेरोजगारों को कब तक सब्सिडी की राशि उपलब्ध करायी जायेगी? (ड.) उपरोक्त के संबंध में क्या बैंकों द्वारा भी लंबित सब्सिडी के लिये पत्राचार अथवा डिमाण्ड भेजी गई है? यदि हाँ, तो उस पर कब-कब, क्या-क्या कार्यवाही की गई?
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ( श्री ओमप्रकाश सखलेचा ) : (क) मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना एवं मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का प्रारंभ वर्ष 2014-15 से किया गया था तथा मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना का प्रारंभ वर्ष 2017-18 से किया गया था। इन योजनाओं को वर्ष 2020-21 से बंद कर समाप्त कर दिया गया है। इन योजनाओं के स्थान पर युवाओं को स्व-रोजगार से जोड़ने के लिये अधिक प्रभावी एवं व्यापक मुख्यमंत्री उद्यम क्रान्ति योजना वर्ष 2021-22 से प्रारंभ की गई है। (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित योजनाओं में हितग्राहियों को मार्जिन मनी अनुदान तथा 7 वर्षों तक ब्याज अनुदान एवं गारंटी निधि शुल्क अनुदान दिये जाने का प्रावधान है। हितग्राहियों को अनुदान भुगतान किये जाने की निर्धारित प्रकिया के अंतर्गत संबंधित बैंक शाखायें नोडल बैंक से सीधे अनुदान राशि क्लेम करते हैं। सब्सिडी क्लेम सेटलमेंट की यह प्रक्रिया एक सतत् प्रक्रिया है, जिसके अभिलेख बैंक में संधारित किये जाते हैं। (घ) विभाग द्वारा हितग्राहियों की सब्सिडी रोके जाने संबंधी कोई आदेश नहीं दिए गये हैं। हितग्राहियों के अनुदान भुगतान की प्रक्रिया एक सतत् प्रक्रिया है, जिसमें बैंक शाखाएं, नोडल बैंक से हितग्राहियों की अनुदान राशि सीधे क्लेम करती है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) उपरोक्त के संबंध में बैंकों शाखा द्वारा नोडल बैंक कों हितग्राही की पैंडिग सब्सिडी हेतु पत्राचार/डिमांड भेजी जाती है, क्योंकि बैंक शाखाएं नोडल बैंक से सीधे अनुदान राशि क्लेम करती है। नोडल बैंक द्वारा बैंक शाखाओं से प्राप्त डिमांड अनुसार अनुदान राशि जारी की जाती है जो कि एक सतत् प्रक्रिया है।
NPS कर्मचारियों के संबंध में
[वित्त]
140. ( क्र. 4465 ) श्री मनोज चावला : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत वर्ष 2021 में अप्रैल व मई माह में कुल कितने कार्यरत शासकीय कर्मचारी दिवंगत हुए? (ख) प्रश्नांश (क) में कितने कर्मचारी NPS और कितने OPS वाले हैं? (ग) प्रश्नांश (ख) में वर्णित NPS कर्मचारियों में कितने कार्मचारियों को एक्सग्रेशिया व समूह बीमा योजना के अतिरिक्त अन्य कोई भुगतान अर्थात ग्रेच्युटी या मुख्य मंत्री विशेष अनुग्रह राशि का भुगतान नहीं हो पाया और क्यों? (घ) प्रश्नांश (ख) में वर्णित दिवंगत NPS कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति में सामान्य प्रशासन विभाग के ज्ञाप क्रमांक सी-3/122013/1/3, दिनांक 29/12/2014 के बिंदु क्रमांक 4 के अनुसार अपात्र घोषित कर दिए गए? (ड.) ऐसे कितने परिवार हैं जो प्रश्नांश (ग) वर्णित exgratia और GIS के अतिरिक्त अन्य किसी प्रकार प्रकार का भुगतान नहीं हुआ? साथ ही उन्हें प्रश्नांश (घ) के संदर्भ अनुसार अनुकंपा नियुक्ति से भी वंचित कर दिया गया? (च) प्रश्नांश (ड.) के सन्दर्भ में ऐसे परिवारों से सहानुभूति रखते हुए सरकार उन्हे केंद्र की भांति पुरानी पेंशन व्यवस्था का लाभ और असामयिक महामारी के कारण परिवार के सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति के नियमों में क्रमांक 4 की शर्त में शिथिलता प्रदान कर नियुक्ति प्रदान करने का विचार कर रही है?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) से (च) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
नल-जल योजनांतर्गत नल कनेक्शन की सुविधा
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
141. ( क्र. 4466 ) श्री मनोज चावला : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आलोट विधानसभा क्षेत्र में कितने गाँवों में घर-घर नल कनेक्शन की सुविधा दी जा चुकी है? (ख) उपरोक्त विधानसभा क्षेत्र में प्रश्न दिनांक तक कौन-कौन से गाँव ऐसे हैं, जो घर-घर नल कनेक्शन की सुविधा से वंचित हैं? (ग) जिन गांवों में घर-घर नल कनेक्शन की सुविधा नहीं है, उन गांवों में किस दिनांक तक सुविधा मिल सकेगी? (घ) नल-जल योजना अंतर्गत प्रश्न दिनांक तक कितने गावों का कार्य पूर्ण हो चुका है और कितने गावों में शेष है, सूची देवें और बतायें की कार्य किस ठेकेदार/कम्पनी द्वरा किया गया है और उन्हें कितनी राशि का भुगतान हुआ है? क्या पूर्ण हुई नल-जल योजना में सम्पूर्ण गाँव में पेयजल उपलब्ध हो गया है या नहीं? इस संबंध में प्रतिवेदन देवेंl
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) 47 ग्रामों में। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) सफल स्त्रोत की उपलब्धता एवं जल जीवन मिशन की गाइड लाइन के अनुसार वर्ष 2024 तक प्रत्येक घर को घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में गुणवत्ता युक्त पेयजल उपलब्ध कराया जाना प्रावधानित है। निश्चित तिथि बताना संभव नहीं है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1, 2 एवं 3 अनुसार है।
चिकित्सालयों में भोजन व्यवस्था
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
142. ( क्र. 4471 ) श्री सूबेदार सिंह सिकरवार रजौधा : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुरैना जिला में विभिन्न चिकित्सालय में भोजन नास्ता इत्यादि उपलब्ध कराया जाता है? (ख) मुरैना जिले के चिकित्सालयों में वर्ष 2017-18 से प्रश्न दिनांक तक प्रश्नांश (क) के संबंध में कितनी-कितनी राशि आवंटित की गयी? भोजन व्यवस्था हेतु कौन-कौन सी संस्थाओं को किस-किस अवधि के लिए किस प्रकिया का पालन कर, विज्ञापन प्रसारण कर ठेका दिया गया? वर्षवार सम्पूर्ण व्यय की जानकारी पृथक-पृथक चिकित्सालयवार देवें। (ग) क्या भोजन व्यवस्था का समय-समय पर भौतिक सत्यापन किया जाता है? यदि हाँ, तो अधिकारियों द्वारा किस-किस चिकित्सालय में सत्यापन किया गया है और उक्त व्यवस्था के संबंध में क्या-क्या अभिमत दिये गये? अभिमतों की प्रतिलिपि उपलब्ध करावें। (घ) क्या जनप्रतिधियों एवं अन्य अपेक्षित व्यक्तियों की बैठक कब-कब आयोजित की गयी और उक्त व्यवस्था के संबंध में क्या-क्या अनुमोदन प्राप्त किये गये?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी हाँ। (ख) वर्ष 2017-18 से प्रश्न दिनांक तक राज्यमद एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से प्राप्त आवंटन एवं व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। जिला चिकित्सालय में मध्यप्रदेश भण्डार क्रय नियम 2015 का पालन कर विज्ञापन प्रसारण कर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के अधीनस्थ स्वास्थ्य संस्थाओं में इनहाऊस किचिन के माध्यम से उक्त अवधि में भोजन व्यवस्था की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (ग) जी हाँ। जिला चिकित्सालय मुरैना में भोजन व्यवस्था का समय-समय पर अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा परीक्षण किया जाता है। खाद्य निरीक्षक द्वारा भी परीक्षण किया जाता है। अभिमत सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार है।
नल-जल योजनांतर्गत पानी की टंकी एवं पाईप लाईन का कार्य
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
143. ( क्र. 4479 ) श्री शिवदयाल बागरी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र 59 गुनौर में नल-जल योजना अन्तर्गत प्रत्येक ग्राम में पानी की टंकी का निर्माण एवं पाइप लाइन बिछाने का कार्य किया गया है? यदि हाँ, तो प्रत्येक ग्राम में टंकी निर्माण एवं पाइप लाइन बिछाने में कितनी लागत का कार्य किया गया है? प्रत्येक ग्रामवार जानकारी दें। (ख) क्या पाइप लाइन बिछाने के दौरान ग्रामों में बनी सी.सी. रोड को तोड़ा गया है? यदि हाँ, तो सी.सी. रोड की फिलिंग आज दिनांक तक क्यों नहीं कराई गई है और कब तक फिलिंग कराई जावेगी? (ग) क्या कई ग्राम पंचायतों में नल-जल योजना का सम्पूर्ण कार्य पूर्ण हो जाने के पश्चात भी ग्राम पंचायतों को आज दिनांक तक हैण्डओवर नहीं किया गया है? क्या कारण है? (घ) क्या नल-जल योजना अन्तर्गत जो टंकी निर्माण कार्य एवं पाइप लाइन बिछाने का कार्य किया गया है, वह प्राक्कलन आधार पर कराया गया है? यदि हाँ, तो इसकी जांच कराई जावेगी?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) विधानसभा क्षेत्र 59 गुनौर में जल जीवन मिशन अंतर्गत प्रश्न दिनांक तक 76 ग्रामों में पानी की टंकी का निर्माण एवं पाइप लाइन का कार्य स्वीकृत किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) सीमेंट कांक्रीट रोड पर ट्रेन्च में पाइप लाइन का कार्य किया गया है, ट्रेन्च में पाइप बिछाने के बाद ''फिलिंग'' करके मार्ग को आवागमन योग्य बनाया जाता है तथा पाइप लाइन की टेस्टिंग व कमीशनिंग उपरांत कांक्रीट डालकर सी.सी. रोड को पूर्ववत बनाया जाता है। (ग) पूर्ण की गयी योजनायें संबंधित ग्राम पंचायत को हस्तांतरित (हैण्ड ओव्हर) की गयी है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) टंकी तथा पाइप लाइन के कार्य प्राक्कलन के आधार पर कराये गये हैं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
जिला चिकित्सालय में पदस्थ कर्मचारियों एवं 108 चिकित्सा वाहन की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
144. ( क्र. 4480 ) श्री शिवदयाल बागरी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्ना जिले के जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं उप सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में कौन-कौन से पद स्वीकृत हैं तथा उनमें से कितने पदों पर कर्मचारी पदस्थ हैं एवं कितने पद रिक्त हैं? रिक्त पदों पर कर्मचारी की पदस्थी या रिक्त पदों की भर्ती कब तक की जावेगी? (ख) क्या मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पन्ना द्वारा जिले में वर्ष 2019 से कितने अधिकारी/कर्मचारियों को अपनी मूल पदस्थापना से दूसरी जगह संलग्न कर रखा गया है? यदि हाँ, तो किस आधार पर संलग्न किया गया है? (ग) क्या पन्ना जिले में देवेन्द्र नगर में पोस्टमार्टम भवन पूर्व से स्वीकृत है, जिसका निर्माण कार्य आज दिनांक तक क्यों नहीं कराया गया है? (घ) 108 चिकित्सा वाहन पूरे पन्ना जिले में कहां-कहां कितनी संख्या में हैं? इनका उपयोग जिले में हो रहा है, जिसका संचालन और तात्कालिक उपयोग को लेकर जिला चिकित्सा अधिकारी को अधिकार है या नहीं? यदि नहीं, तो क्यों?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) पन्ना जिले में स्वीकृत, कार्यरत, रिक्त पदों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। रिक्त पदों पर विभाग द्वारा प्रदेश स्तर पर नियमानुसार भर्ती प्रक्रिया अपनाई जाकर विभाग के नियंत्रक मध्यप्रदेश लोक सेवा अयोग एवं मध्यप्रदेश प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड, भोपाल म.प्र. के माध्यम से परीक्षा आयोजित कराई जाकर उत्तीर्ण चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति किये जाने संबंधी कार्यवाही की जाकर रिक्त पदों की पूर्ति की जाती रही है। साथ ही अनुकंपा नियुक्ति के माध्यम से तृतीय/चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों की पूर्ति की जाती है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। प्रशासकीय कार्य सुविधा की दृष्टि से राष्टीय कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन हेतु 20 अधिकारी/कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। पन्ना जिले में देवेन्द्र नगर में पोस्टमार्टम भवन हेतु कलेक्टर जिला-पन्ना द्वारा जिलास्तर से आदेश क्रमांक-3079/डी.एम.एफ./जेडपी-02/2020 पन्ना, दिनांक 12.06.2020 द्वारा जिला-खजिन प्रतिष्ठान मद अंतर्गत राशि रूपये 15.79 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई, किन्तु नवीन पोस्टमार्टम भवन निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण जिला-कलेक्टर पन्ना द्वारा आदेश क्रमांक-3769/डी.एम.एफ./जेडपी-02/2021, दिनांक 23.07.2021 द्वारा खनिज प्रतिष्ठान मद अंतर्गत राशि रूपये 5.36 लाख की संशोधित पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई, जिसमें देवेन्द्र नगर के पुराने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन के रिक्त कमरों का रिनोवेशन एवं टॉयलेट निर्माण कर पोस्टमार्टम भवन के रूप में परिवर्तित कर निर्माण एजेन्सी लोक निर्माण विभाग पन्ना द्वारा दिनांक 20.09.2021 को करा दिया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। (घ) पन्ना जिले में 108 एम्बूलेंस की संख्या-10 है। क्रमश: जिला-चिकित्सालय पन्ना-02, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र. देवेन्द्र नगर-01, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सलेहा-01, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रैपुरा-01, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र.गुनौर-01, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अमानगंज-01, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के पवई-01, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द, शाहनगर-01, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजयगढ़-01, 108 चिकित्सा वाहन के संचालन को लेकर जिला-चिकित्सा अधिकारी को अधिकार नहीं है। 108 चिकित्सा वाहन का संचालन केन्द्र एकीकृत 108 कॉल सेंटर द्वारा किया जाता है। जिले में जिला-समन्वयक द्वारा वाहन के संचालन की व्यवस्था देखी जाती है, विशेष परिस्थितियों में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के संज्ञान में आने पर एकीकृत रेपरल ट्रसपोर्ट सर्विस भोपाल से संपर्क कर पीड़ित को सीधे मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाता है।
नियम विरूद्ध क्रय सामग्री की जांच
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
145. ( क्र. 4481 ) श्री प्रणय प्रभात पाण्डेय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2021 से प्रश्न दिनांक तक कटनी जिला अंतर्गत जल परीक्षण प्रयोगशाला स्लीमनाबाद के नाम पर कौन-कौन सी सामग्री क्रय की गई? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित क्रय सामग्री की निविदा दिनांक सहित भुगतान की गई राशि एवं संधारित स्टाक व वितरण पंजी का विवरण देवें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में क्रय सामग्री किसके-किसके द्वारा खरीदी गई? खरीदी सामग्री का भौतिक सत्यापन किसके द्वारा किया गया? क्या शासन नियम विरूद्ध गुणवत्ता विहीन अधिक कीमत पर खरीदी गई सामग्री खरीदी की जांच कर दोषियों पर कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो किस प्रकार से कब तक? यदि नहीं, तो क्यों नहीं?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) कटनी जिला अन्तर्गत जल परीक्षण प्रयोगशाला स्लीमनाबाद के लिये क्रय की गई सामग्री का विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश ''क'' में उल्लेखित क्रय सामग्री का कोटेशन दिनांक, भुगतान राशि एवं संधारित स्टॉक पंजी का विवरण संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) सामग्री प्रभारी कार्यपालन यंत्री द्वारा खरीदी गई। खरीदी सामग्री का भौतिक सत्यापन कैमिस्ट द्वारा किया गया। गुणवत्ता विहीन व अधिक कीमत पर सामग्री नहीं खरीदी गई, अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
आंगनवाड़ियों में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति कार्य
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
146. ( क्र. 4482 ) श्री प्रणय प्रभात पाण्डेय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग द्वारा कटनी जिले में शासकीय स्कूलों एवं आंगनवाड़ियों में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति का कार्य निविदाकारों द्वारा कराया गया है? (ख) प्रश्नांश (क) का उत्तर यदि हाँ, तो बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कितनी-कितनी लागत से कहां-कहां पर कौन-कौन से कार्य कराये गये एवं पेयजल व्यवस्था प्रारंभ की गई? (ग) क्या उल्लेखित स्कूलों/आंगनवाड़ियों में मेक्र ब्राण्ड निर्धारित कंम्पनी के स्थान पर लोकल गुणवत्ता विहीन सामग्री तथा समर्सिबल पंप, मोटर एसवाल कम्पनी के तथा तीन लेयर पानी की टंकी लगाये जाने के स्थान पर दो लेयर पानी की टंकी लगाये जाने की शासन जांच कर दोषियों पर कार्यवाही करेगा? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्य में उपरोक्त निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन एवं भुगतान किस सक्षम अधिकारी द्वारा किया गया है? नाम, पद नाम सहित उनकी मूल पद एवं पदस्थापना स्थल सहित जानकारी देवें। क्या उन्हें उल्लेखित कार्य के सत्यापन की तकनीकी योग्यता है? यदि नहीं, तो उन्हें तकनीकी कार्यों के इस महत्वपूर्ण पद पर क्यों पदस्थ किया गया है?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत कराये गये कार्य का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के अनुसार है। (ग) निविदा की शर्तों के अनुरूप गुणवत्ता युक्त सामग्री लगाई गई है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (घ) निविदा कार्यों का भौतिक सत्यापन उपयंत्रियों एवं सहायक यंत्रियों द्वारा किया गया, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। भुगतान प्रभारी कार्यपालन यंत्री श्री सतारेलाल कोरी द्वारा किया गया है, जिन्हें उपखण्ड बेगमगंज जिला रायसेन से उपखण्ड स्लीमनाबाद जिला कटनी में कार्य करने हेतु दिनांक 20 जनवरी, 2021 को आदेशित किया गया तथा दिनांक 31/3/2021 को कटनी खण्ड के प्रभारी कार्यपालन यंत्री के सेवानिवृत्त होने के कारण इन्हें कार्यपालन यंत्री पद का प्रभार दिया गया। पदस्थ उपयंत्री, सहायक यंत्री तथा प्रभारी कार्यपालन यंत्री उल्लेखित कार्यों के सत्यापन के लिये उपयुक्त तकनीकी योग्यता धारित करते हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
चिकित्सा अधिकारी के पद पर पुन: वापस कार्य करने के संबंध में
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
147. ( क्र. 4484 ) श्री संजय उइके : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या चिकित्सा अधिकारी के पद पर लोक सेवा आयोग से चयनित होने के उपरांत नियुक्त किये गये चिकित्सा अधिकारियों द्वारा अपने पदस्थापना स्थान पर उपस्थिति देने के उपरांत कुछ दिन/वर्ष कार्य करने के बाद अपने पद से त्यागपत्र आयुक्त को दिया गया है? (ख) यदि हाँ, तो जिला बालाघाट में वित्तीय वर्ष 2018-19 से प्रश्न दिनांक तक कहां-कहां के, किन-किन चिकित्सा अधिकारियों द्वारा कब-कब, त्यागपत्र दिया गया है एवं आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को पुन: चिकित्सा अधिकारी के पद पर कार्य करने हेतु कहां-कहां के किन-किन चिकित्सा अधिकारियों द्वारा कब-कब आवेदन किया गया है? सूची उपलब्ध करावें। (ग) क्या मध्यप्रदेश में चिकित्सकों की कमी होने के बावजूद भी चिकित्सा अधिकारी के पद पर पुन: वापस कार्य करने हेतु आयुक्त को आवेदन करने के पश्चात भी आवेदन पत्रों पर निर्णय नहीं लिया जा रहा है, जिसके कारण चिकित्सकों की कमी विभाग में लगातार बनी हुई है? क्या कारण है कि आवेदन पत्रों में निर्णय लेने में विलंब किया जा रहा है?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी हाँ। (ख) जिला बालाघाट में वित्तीय वर्ष 2018-19 से प्रश्न दिनांक के मध्य लोक सेवा आयोग से चयनित किसी भी चिकित्सक द्वारा नियुक्ति उपरांत कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात् त्याग-पत्र नहीं दिया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है (ग) जी नहीं, समय-समय पर प्राप्त आवेदन पत्रों पर विचारोपरांत नियमानुसार त्याग-पत्र स्वीकृत न होने की स्थिति में प्रकरण के परीक्षण उपरांत कार्यग्रहण कराये जाने संबंधी कार्यवाही की जाती है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
चिकित्सकों का मास्टर ऑफ पब्लिक हेल्थ पाठ्यक्रम हेतु चयन
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
148. ( क्र. 4493 ) श्री अर्जुन सिंह काकोडि़या : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं म.प्र. द्वारा वर्ष 2017 से 2022 तक कितने चिकित्सकों को मास्टर ऑफ पब्लिक हेल्थ पाठ्यक्रम हेतु चयनित किया जाकर अध्ययन कराया गया हैं? इनमें से कितने चिकित्सकों द्वारा अध्ययन पूर्ण किया गया है और कितनों ने नहीं किया है? वर्षवार, नामवार तथा अध्ययन संस्था के नाम सहित स्पष्ट सूची उपलब्ध कराएं। (ख) उक्त अध्ययन अनुउत्तीर्ण रहने पर शासन द्वारा किए गए व्यय की वसूली की जाती है अथवा नहीं? ऐसे कितने चिकित्सक हैं, जिनसे वसूली की गई? निष्कासित चिकित्सकों के विरुद्ध संचालनालय द्वारा क्या कार्रवाई की गई? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) एम्स जोधपुर से मास्टर ऑफ पब्लिक हेल्थ पाठ्यक्रम पूर्ण करने का आवेदन संचालनालय में जनवरी 2019 में प्रस्तुत करने पर संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा 2 चिकित्सकों की नियुक्ति उप संचालक के पद पर की गई थी, जबकि दोनों चिकित्सकों को एम्स संस्थान जोधपुर द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई कर निष्कासित कर दिया गया था? (घ) क्या उक्त चिकित्सकों द्वारा गलत जानकारी के आधार पर उच्च स्तर पर पदस्थापना प्राप्त कर जांच को प्रभावित किया जा रहा है? यदि नहीं, तो विगत 3 वर्ष में जांच पूर्ण नहीं होने के क्या कारण हैं? क्या जांच पूर्ण कर संबंधित को निलंबित किया जावेगा? यदि नहीं, तो क्यों? क्या सरकार इनका बचाव कर रही है?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, म.प्र. द्वारा वर्ष 2017 से 2022 तक मास्टर ऑफ पब्लिक हेल्थ पाठ्यक्रम हेतु विभाग द्वारा चयनित चिकित्सकों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। विभाग द्वारा चयनित 6 चिकित्सकों में से सभी के द्वारा अध्ययन पूर्ण किया गया है। वर्षवार, नामवार तथा अध्ययन संस्था के नाम सहित स्पष्ट सूची जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। इसके अतिरक्ति संचालनालयीन पत्र क्र. 01/विज्ञप्त/सेल-संविदा/17/110, दिनांक 20/01/2017 द्वारा डॉ. रितेश तंवर तथा पत्र क्र. 01/विज्ञप्त/सेल-संविदा/17/116, दिनांक 20/01/2017 डॉ. हिमानी यादव को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जोधपुर, राजस्थान में मास्टर ऑफ पब्लिक हेल्थ पाठ्यक्रम हेतु अनुमति एवं अध्ययन अवकाश प्रदान की गई है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जोधपुर, राजस्थान द्वारा पत्र क्र./1691, दिनांक 15/02/2021 द्वारा अवगत कराया गया है कि उक्त दोनों चिकित्सकों के प्रार्थना पत्र के आधार पर कुल सचिव द्वारा सर्टिफिकेट दिया गया था कि इन्होंने कोर्स को करने के लिए आवश्यकताएं पूरी कर ली हैं, परन्तु कोर्स कम्पलीशन सर्टिफिकेट प्रदान नहीं किया गया है जो कि केवल परीक्षा परिणाम आने के बाद ही दिया जा सकता है तथा एम्स, जोधपुर द्वारा मास्टर ऑफ पब्लिक हेल्थ की डिग्री प्रदान नहीं की गई है। (ख) जी नहीं। अध्ययन अनुत्तीर्ण करने वाले चयनित चिकित्सकों की जानकारी निरंक है। संकायाध्यक्ष, कार्यालय (शैक्षिक), अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जोधपुर, राजस्थान द्वारा पत्र क्र./एस.एन./ए.एस.डी./2019/2322, दिनांक 27/02/2019, संचालनालय को प्रेषित कर यह अवगत कराया गया कि डॉ. रितेश तंवर एवं डॉ. हिमानी यादव के विरूद्ध स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ से प्राप्त शिकायतों के संबंध में अनुशासनात्मक समिति की अनुशंसा के आधार पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जोधपुर से उन्हें निष्कासित किया गया है एवं उक्त चिकित्सकों को एम्स, जोधपुर द्वारा मास्टर ऑफ पब्लिक हेल्थ की डिग्री प्रदान नहीं की गई है। संचालनालय को उक्त जानकारी प्राप्त होने पर डॉ. रितेश तंवर एवं डॉ. हिमानी यादव, स्थानीय कार्यालय को पत्र दिनांक 20/01/2021 के माध्यम से कारण बताओ नोटिस जारी कर प्रतिवाद उत्तर चाहा गया। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। जी हाँ। (घ) जी नहीं। एक वर्ष पूर्व जारी कारण बताओ नोटिस के प्रतिवाद उत्तर में डॉ. रितेश तंवर एवं डॉ. हिमानी यादव द्वारा अवगत कराया गया है कि एम्स, जोधपुर द्वारा किए गए उनके निष्कासन पर उनके द्वारा राजस्थान के माननीय उच्च न्यायालय, मुख्यपीठ, जोधपुर में याचिका क्र. सी.डब्ल्यू/4563/2019 द्वारा चुनौती दी गई है जो कि विचाराधीन तथा उक्त अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रचलित है। जांच प्रक्रिया प्रचलित होने के कारण शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जी नहीं।
जिला योजना अधिकारी के रिक्त पदों पर पदस्थापना
[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]
149. ( क्र. 4494 ) श्री अर्जुन सिंह काकोडि़या : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों के जिला योजना अधिकारी द्वारा विधायकों के अनुशंसा के उपरांत संबंधित क्रियान्वयन एजेंसी से कमीशन की मांग की जाती है? यदि कमीशन नहीं दिया जाता है तो ए.एस. जारी करने पर विलंब किया जाता है और परेशान करने के लिए अत्याधिक नियम शर्तों का उपयोग किया जाता है? (ख) मध्य प्रदेश के ऐसे कितने जिला योजना अधिकारी हैं, जिन्हें एक से अधिक जिले का प्रभार दिया गया है और क्यों? प्रशासन द्वारा रिक्त पदों पर पदस्थापना क्यों नहीं की जा रही है, बताएं? (ग) क्या प्रशासन द्वारा कोई ऐसी टीम गठित की गई है जो इन जिला योजना अधिकारी के कार्यों की मॉनिटरिंग करता है? यदि नहीं, तो क्यों? प्रदेश में ऐसे कितने जिला योजना अधिकारी वर्तमान में पदस्थ हैं, जिनके ऊपर न्यायिक कार्यवाही चल रही है? इन्हें क्यों नहीं हटाया गया? (घ) मध्यप्रदेश के बुंदेलखण्ड क्षेत्र में पदस्थ सभी जिला योजना अधिकारी के विगत 10 साल के चल-अचल संपत्ति की जानकारी दी जाए एवं परिवार के सदस्यों की भी सम्पति की जानकारी पटल पर रखी जाये।
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी नहीं। (ख) म.प्र. के ऐसे 07 जिला योजना अधिकारी है, जिन्हें अन्य जिले का पद रिक्त होने के कारण एक से अधिक जिलों का प्रभार दिया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। इन पदों की पदोन्नति प्रक्रिया प्रारंभ होने पर पदस्थापना की जावेगी। (ग) जी हाँ। संचालनालय द्वारा मॉनिटरिंग हेतु निरीक्षण अधिकारी नियुक्त किये जाते हैं। शेष प्रश्नांश की जानकारी निरंक। (घ) बुन्देलखण्ड क्षेत्र के अंतर्गत पदस्थ संयुक्त संचालक एवं जिला सांख्यिकी अधिकारियों के उपलब्ध चल-अचल संपत्ति विवरण पत्रक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है।
पुष्पराजगढ़ क्षेत्र की नल-जल योजनाओं की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
150. ( क्र. 4507 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जल निगम द्वारा पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कितनी नल-जल योजनायें बनाई जा रही हैं? राशिवार, स्थलवार कार्य एजेंसी सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्न दिनांक की स्थिति तक उक्त विधानसभा क्षेत्र की कौन-कौन सी नल-जल योजनायें कब से एवं क्यों बंद हैं? नल-जल योजनावार कारण बतायें। (ग) उक्त बंद नल-जल योजनायें प्रारंभ करवाने हेतु विभाग के अधिकारियों द्वारा वित्तीय वर्ष 2019-20 से प्रश्न दिनांक की अवधि में कितनी राशि कब-कब व्यय की तथा नल-जल योजना प्रारंभ क्यों नहीं हो सकी? (घ) प्रश्न दिनांक की स्थिति में उक्त विधानसभा क्षेत्र की बंद नल-जल योजनाओं पर कितनी बिजली का बिल बकाया है? बंद नल-जल योजनाओं पर कितनी बिजली का बिल बकाया है? बंद नल-जल योजनाओं का बिल सुधरवाने हेतु विभाग द्वारा क्या कार्यवाही हुई? उक्त बंद नल-जल योजनाओं को कब तक प्रारंभ करा दिया जायेगा तथा कौन-कौन सी नल-जल योजना सुधार योग्य नहीं है?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित द्वारा पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 02 समूह जल प्रदाय योजनाओं का क्रियान्वयन किया गया है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। योजनाएं ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित हैं, अत: शीघ्र बकाया बिजली बिल भुगतान कर बंद योजनाओं को चालू करने हेतु लेख किया गया है।
भाग-2
स्थायी
आदेश 13-क के
अनुसरण मॆं
अतारांकित
प्रश्नोत्तर
कोरोना
से मृतक
व्यक्ति के
परिवार को
मुआवजा
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
1. ( क्र. 211 ) श्री रामचन्द्र दांगी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश शासन का आदेश है कि वर्ष 2020-21 तक कोरोना से मृतक व्यक्तियों के परिवार को 50 हजार का मुआवजा दिया जाएगा? यदि हाँ, तो जिले राजगढ़ में कोरोना से मृतक व्यक्तियों के कितने आवेदन प्राप्त हुए? सूची उपलब्ध कराने का कष्ट करें। (ख) अभी तक कोरोना से मृतक व्यक्तियों के प्राप्त आवेदन पत्रों में से कितने आवेदन पर मुआवजा की स्वीकृति प्रदान की गई है और कितने आवेदन पत्र स्वीकृत हेतु लंबित हैं? सूची सहित उपलब्ध कराएं। (ग) मुआवजा स्वीकृत हेतु क्या प्रावधान हैं व कौन-कौन से दस्तावेज लगाना अनिवार्य है? (घ) लंबित आवेदनों को कब तक स्वीकृति प्रदान की जाएगी?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी हाँ। जिले राजगढ़ में कोरोना से मृत व्यक्तियों के कुल 460 आवेदन प्राप्त हुये। संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें के परिपत्र क्रमांक-आई.डी.एस.पी./2020/666, दिनांक 19.05.2020 एवं मध्यप्रदेश शासन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के आदेश क्रमांक एफ/IDSP/2020/सत्रह/मेडि-1045, दिनांक 03.07.2020 में दिये गये निर्देशानुसार कोविड-19 से संक्रमित मरीजों की सूचना गोपनीय रखी जाना है। परिपत्र एवं आदेश की प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' एवं ''ब'' अनुसार है। (ख) अभी तक कोरोना से मृतक व्यक्तियों के प्राप्त आवेदन पत्रों से कुल 308 आवेदन पर मुआवजा की स्वीकृति प्रदान की गई है ओर 94 आवेदन स्वीकृत हेतु लंबित है, साथ ही 58 आवदेन अपात्र पाये गये है। परिपत्र एवं आदेश की प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' एवं ''ब'' अनुसार सूचना गोपनीय रखी जाना है। (ग) मध्यप्रदेश राजस्व विभाग, मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल के पत्र क्रमांक/रा.आ./सात/शा-8/2021/943, भोपाल, दिनांक 18.11.2021 के दिशा-निर्देशानुसार भुगतान किये जाने का प्रावधान है। दिशा-निर्देश जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। (घ) कलेक्टर कार्यालय द्वारा गठित दल द्वारा लंबित आवेदनों का परीक्षण निराकरण कार्यवाही एक निरंतर सतत् प्रक्रिया है, इसमें निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को प्रोत्साहन राशि का भुगतान
[महिला एवं बाल विकास]
2. ( क्र. 334 ) श्री रामचन्द्र दांगी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ब्यावरा जिला राजगढ़ में आंगनवाड़ी के कुल कितने केंद्र हैं? (ख) उपरोक्त में से कितने आंगनवाड़ी केंद्र ऐसे हैं जिनमें कार्यरत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि (प्रदेश सरकार से मिलने वाला अतिरिक्त मानदेय) का भुगतान बंद है? (ग) यदि भुगतान नहीं दिया जा रहा है तो किस अवधि से बंद है? (घ) प्रोत्साहन राशि (प्रदेश सरकार से मिलने वाला अतिरिक्त मानदेय) का भुगतान बंद होने का क्या कारण है?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) बाल विकास परियोजना ब्यावरा, जिला राजगढ़ में 232 आंगनवाड़ी केन्द्र हैं। (ख) उपरोक्त में से किसी भी आंगनवाड़ी केन्द्र की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं का अतिरिक्त मानदेय का भुगतान बंद नहीं किया गया है। (ग) प्रश्नांश (ख) की जानकारी के परिप्रेक्ष्य में शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्नांश (ख) की जानकारी के परिप्रेक्ष्य में शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
आनंद उत्सव के संबंध में
[आनंद]
3. ( क्र. 391 ) श्री कमलेश्वर पटेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी एवं सिंगरौली जिले में कुल कितनी ग्राम पंचायतें है? (ख) उपरोक्त जिलों में से कितनी ग्राम पंचायतों को आनंद उत्सव मनाने के लिए शामिल किया गया तथा कितने क्लस्टर बनाये गये? (ग) इन क्लस्टर को कितना-कितना धन किस मद से आनंद उत्सव के लिए दिया गया? (घ) इस आनंद उत्सव में अलग-अलग क्लस्टर में कितने-कितने लोगों ने भाग लिया?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) सीधी एवं सिंगरौली जिले में क्रमश 400 एवं 316 ग्राम पंचायतें हैं। (ख) आनंद उत्सव आयोजन हेतु सीधी एवं सिंगरौली जिलों की समस्त ग्राम पंचायतों का शामिल करते हुए क्रमश: 133 एवं 105 क्लस्टर पंचायतराज संचालनालय द्वारा तय किए गये है। (ग) राज्य आनंद संस्थान द्वारा आनंद उत्सव हेतु धन नहीं दिया गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आनंद उत्सव मनाये जाने हेतु प्रति क्लस्टर रूपये 15,000/- धन राशि आवंटित किये जाने संबंधी निर्देश जारी किए गए है। (घ) सीधी एवं सिंगरौली जिले में आनंद उत्सव कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय स्तर से स्थगित रहा। अत: जानकारी निरंक है।
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना
[सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम]
4. ( क्र. 392 ) श्री कमलेश्वर पटेल : क्या सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के आरंभ होने के बाद प्रश्न दिनांक तक सीधी व सिंगरौली जिले में स्वरोजगार स्थापित करने के लिए जिला उद्योग केन्द्र में कुल कितने हितग्राहियों के आवेदन मिले? (ख) प्रत्येक हितग्राही का नाम, चाहे गये ऋण की राशि और आवेदन करने की तारीख बताएं एवं उपरोक्त में कौन-कौन से आवेदन किस-किस बैंक को किस-किस तारीख को भेजे गये? (ग) प्रश्न दिनांक तक कुल कितने और कौन-कौन से हितग्राही को कितना-कितना ऋण स्वीकृत हुआ? (घ) क्या सरकार ने इस योजना के क्रियान्वयन के लिए कोई लक्ष्य निर्धारित किया है? क्या लक्ष्य पूरा हुआ है? यदि नहीं, तो इसका क्या कारण है?
सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ( श्री ओमप्रकाश सखलेचा ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में वित्तीय वर्ष 2021-22 में सिंगरौली एवं सीधी जिलों के लिये 80-80 प्रकरणों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निर्धारित लक्ष्य 31 मार्च 2022 तक के लिये है, अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से सहायता राशि
[सामान्य प्रशासन]
5. ( क्र. 475 ) श्री रामचन्द्र दांगी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता द्वारा विगत 1 अप्रैल, 2021 से प्रश्न दिनांक तक मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से सहायता योग्य प्रयोजनों के लिए अनुदान दिए जाने हेतु कितनी अनुशंसाएं अग्रेषित की गई थी? (ख) उपरोक्त में से किस-किस अनुशंसा के लिए कितना-कितना अनुदान दिया गया प्रकरणवार बतावें? (ग) यदि कोई अनुदान नहीं दिया गया तो इसका क्या कारण है।
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
स्टॉम्प ड्यूटी का भुगतान
[वाणिज्यिक कर]
6. ( क्र. 527 ) श्री
अनिल जैन : क्या
वित्त मंत्री
महोदय यह
बताने की कृपा
करेंगे कि (क) नगर
पंचायत
निवाड़ी एवं
नगर पंचायत
ओरछा में वर्ष
2013-14 से 2021-22 तक स्टॉम्प
ड्यूटी के साथ
नगरीय कर की
कितनी राशि
वसूली की गई
है? (ख) प्रश्नांश
'क' के परिप्रेक्ष्य
में पंजीयन
विभाग द्वारा
मध्यप्रदेश
नगर पालिका
निगम अधिनियम 1956
अंतर्गत वसूल
की गई शुल्क
की संग्रहित
राशि में से
कितनी राशि का
आवंटन नगर
पंचायत
निवाड़ी एवं
नगर पंचायत
ओरछा को दिया
गया?
वित्त
मंत्री ( श्री
जगदीश देवड़ा
) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख)
जानकारी
एकत्रित की जा
रही है।
शासकीय कर्मचारियों के निधन के उपरांत मिलने वाली पारिवारिक पेंशन
[वित्त]
7. ( क्र. 694 ) श्री तरूण भनोत : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में सरकारी नौकरी में रहे माता-पिता का निधन होने पर दी जाने वाली पारिवारिक पेंशन में अविवाहित बेटियों, विधवा बेटियों को पारिवारिक पेंशन दिए जाने का प्रावधान नहीं है? (ख) क्या केन्द्र सरकार अविवाहित बेटियों और विधवा बेटियों को पारिवारिक पेंशन का लाभ दे रही है? (ग) यदि हाँ, तो प्रदेश में अविवाहित बेटियों और विधवा बेटियों को पारिवारिक पेंशन का लाभ न दिए जाने का क्या कारण है? (घ) क्या सरकार नियमों में संशोधन कर अविवाहित बेटियों और विधवा बेटियों को पारिवारिक पेंशन का लाभ देने का प्रावधान करेगी?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी नहीं। मध्यप्रदेश सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1976 के नियम 47 में एवं उल्लेखित परिवार के सदस्यों को नियत पात्रता क्रम में परिवार पेंशन पाने का अधिकार है। मध्यप्रदेश सिविल सेवा (पेंशन) नियम 1976 के नियम 47 की कंडिका 14 (ख) (ii) के अनुसार राज्य शासन द्वारा समय-समय पर विहित किये गये आय के मापदण्ड के अधीन रहते हुये अविवाहित एवं विधवा या विच्छिन्न विवाह पुत्री को 25 वर्ष की आयु पूरी करने तक अथवा उसके विवाह/पुनर्विवाह की तारीख तक, इनमें से जो भी पूर्ववत हो, परिवार पेंशन की पात्रता होगी। (ख) जी हाँ। (ग) एवं (घ) उपरोक्त उत्तरांश "क" अनुसार।
जबलपुर में मिडवाईफरी ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट की स्थापना
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
8. ( क्र. 709 ) श्री तरूण भनोत : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह सही है कि प्रसूताओं की डिलेवरी को प्रमुखता देने की दृष्टि से जबलपुर एल्गिन हॉस्पिटल में शासन द्वारा मिडवाईफरी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट प्रारंभ करने का प्रस्ताव है? (ख) यदि हाँ, तो, उक्त इंस्टीट्यूट की स्थापना को लेकर कितने बजट का प्रावधान किया गया है और उसके स्थापना की वर्तमान स्थिति क्या है? (ग) इस इंस्टीट्यूट की स्थापना उपरांत प्रसूताओं को मिलने वाले लाभ के संबंध में संक्षेप में जानकारी दें।
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी हाँ। (ख) मध्यप्रदेश में मिडवाईफरी कार्यक्रम प्रारंभ किये जाने हेतु मिडवाईफरी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (एन.एम.टी.आई.) जबलपुर के लिये राशि रू. 2,96,07,671/- (दो करोड़ छियान्वे लाख सात हजार छः सौ इकहत्तर रूपये मात्र) का आवंटन किया गया है। (ग) इंस्टीट्यूट की स्थापना से मिडवाईफ नर्सिंग द्वारा गुणवत्तापूर्ण मात्र एवं नवजात शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच तथा सामान्य प्रसव हेतु सकारात्मक अनुभव के साथ प्रसव को बढ़ावा दिया जा सकेगा। मातृ स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं हेतु गर्भावस्था एवं बच्चे के जन्म को सम्मानजनक तरीके बढ़ावा देने के साथ ही जटिलताओं की पहचान कर आवश्यकता अनुसार महिलाओं एवं नवजात शिशुओं का चिन्हांकन, प्रबंधन, उपचार तथा/अथवा रेफर किया जा सकेगा। मिडवाईफरी सेवाओं के अन्तर्गत गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व, प्रसव दौरान, प्रसवोपरांत, नवजात की निरन्तर देखभाल, प्रारंभिक अवस्था में जटिलताओं की पहचान कर, कुशल प्रबंधन में दक्ष किया जा सकेगा।
राज्य सरकार के हवाई जहाजों पर किया गया व्यय
[विमानन]
9. ( क्र. 785 ) श्री विशाल जगदीश पटेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्य सरकार के स्टेट प्लेन सुपर किंग एयर बी- 250 ग्वालियर में किस तारीख को क्रेश हुआ था? (ख) उपरोक्त प्लेन के क्रेश के बाद से प्रश्न दिनांक तक माहवार किराये से लिए गये हवाई जहाज पर सरकारी खजाने से कितना-कितना व्यय किया गया? (ग) क्या सरकार नया जेट प्लेन खरीदने जा रही है? (घ) यदि हाँ, तो इसकी कितनी कीमत और क्या क्या विशेषताएं हैं?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) दिनांक 06 मई, 2021. (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। (घ) खरीदी की कार्यवाही प्रक्रियाधीन होने से अभी कीमत और विशेषताएं बताई जाना संभव नहीं है।
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा का बजट
[वित्त]
10. ( क्र. 788 ) श्री विशाल जगदीश पटेल : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्तीय वर्ष 2021- 22 में प्रदेश में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के लिए कितना बजट प्रावधान किया गया था? (ख) उपरोक्त वित्तीय वर्ष में प्रदेश में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के लिए कितना व्यय किया गया? (ग) वित्तीय वर्ष 2021- 22 में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के लिए प्रदेश में प्रति व्यक्ति कितना खर्च किया गया?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) वित्तीय वर्ष 2021-22 में मांग संख्या 19 लोक स्वास्थ्य अंतर्गत बजट प्रावधान 8045.76 करोड़, प्रथम अनुपूरक में 1575.61 करोड़ एवं द्वितीय अनुपूरक में 1059.30 करोड़, कुल 10680.67 करोड़ तथा मांग संख्या 52 चिकित्सा शिक्षा में प्रावधान 2661.81 करोड़, प्रथम अनुपूरक में 7.35 करोड़ एवं द्वितीय अनुपूरक में 147.73 करोड़, कुल 2816.89 करोड़ बजट प्रावधान किया गया था। (ख) वित्तीय वर्ष 2021-22 अभी समाप्त नहीं हुआ है, इस वर्ष के लिये वित्त लेखे अभी तक महालेखाकार मध्यप्रदेश से प्राप्त नहीं हुए है। अत: जानकारी दिया जाना संभव नहीं है। (ग) प्रश्नांश "ख" के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
प्राथमिक तथा उप स्वास्थ केन्द्रों में रिक्त पदों की पूर्ति
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
11. ( क्र. 789 ) श्री विशाल जगदीश पटेल : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) देपालपुर विधानसभा 203 क्षेत्र में किस-किस स्थान पर प्राथमिक तथा उप स्वास्थ्य केंद्र हैं। (ख) उपरोक्त प्राथमिक तथा उप स्वास्थ्य केन्द्रों के लिए अलग-अलग कितने-कितने चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं? (ग) चिकित्सकों के स्वीकृत पदों में से किन प्राथमिक तथा उप स्वास्थ्य केन्द्रों में पद रिक्त हैं? (घ) रिक्त पदों को कब तक भरा जाएगा?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) चिकित्सा अधिकारी का 1 पद केवल प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र धन्नड में रिक्त है, उप स्वास्थ्य केन्द्रों में चिकित्सा अधिकारी का पद स्वीकृत नहीं होता है। (घ) चिकित्सा अधिकारी के रिक्त पदों की पूर्ति निरंतर जारी है, लोक सेवा आयोग से चयन सूची प्राप्त होने पर उपलब्धता एवं पद रिक्तता अनुसार पदस्थापना की जाती है, निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
प्रदेश का हैप्पीनेस इंडेक्स
[आनंद]
12. ( क्र. 790 ) श्री
विशाल जगदीश
पटेल : क्या
मुख्यमंत्री
महोदय यह
बताने की कृपा
करेंगे कि
(क) क्या राज्य
सरकार ने
प्रदेश का
हैप्पीनेस इंडेक्स
निकालने के
लिए कोई
अनुबंध किया
है?
(ख)
यदि
हाँ, तो
किस
एजेंसी/संस्था
के साथ अनुबंध
किया गया है? (ग) उपरोक्त
अनुबंध की
फोटोकापी
उपलब्ध
कराएं। (घ) इस
कार्य के लिए
कितनी राशि
अग्रिम दिया
गया और कितना
राशि बाद में
भुगतान किया
जाना है? (ड.) हैप्पीनेस
इंडेक्स
मापने के लिए
कौन से पैमाने
तय किये गये
हैं?
मुख्यमंत्री
( श्री शिवराज
सिंह चौहान ) : (क) राज्य
आनंद संस्थान
ने हैप्पीनेस
इण्डेक्स
तैयार करने के
लिए किसी संस्था
से कोई अनुबंध
नहीं किया है, बल्कि
इस कार्य हेतु
एम.ओ.यू. किया
है। (ख) यह
एम.ओ.यू.
आई.आई.टी.
खडगपुर के साथ
किया गया है। (ग)
एम.ओ.यू. की
प्रति पुस्तकालय
में रखे
परिशिष्ट-अ अनुसार।
(घ) हैप्पीनेस
इण्डेक्स
हेतु राशि
रूपये 20.00
लाख का अग्रिम
भुगतान दिया
गया है। हैप्पीनेस
इण्डेक्स
रिपोर्ट
तैयार करने तक
कुल राशि
रूपये 63.60
लाख का भुगतान
राज्य आनंद
संस्थान
द्वारा किया
जाना है। पुस्तकालय
में रखे
परिशिष्ट-ब
अनुसार। शेष
राशि रूपये 43.60 लाख का भुगतान
कार्य की
प्रगति
अनुसार किया
जाना है।
(ड.) हैप्पीनेस
इण्डेक्स
मापने के लिए
डोमेन का
निर्धारण
किया जाकर प्रश्नावली
तैयार की गई
है, प्रश्नावली
की प्रति पुस्तकालय
में रखे
परिशिष्ट -स अनुसार।
म.प्र. सरकार द्वारा 2019 में बनाई गई स्टार्टअप नीति
[सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम]
13. ( क्र. 927 ) कुँवर विक्रम सिंह (नातीराजा) : क्या सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. सरकार द्वारा 2019 में स्टार्टअप नीति बनाई गई थी यदि हाँ, तो यह नीति 1 अप्रैल 2020 से लागू की गई है? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) म.प्र.वेंचर फाईनेन्स लिमिटेड की विगत 3 वर्षों के किये गये कार्यों की जानकारी बतावे? (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार उक्त कंपनी में 100 करोड़ रू. फंड की व्यवस्था थी उसका उपयोग कहां-कहां किया गया किन-किन स्टार्टअप को वित्त, टेक्नीकल एवं अन्य सपोर्ट किन्हें प्रदान किया गया? (घ) भारत सरकार के द्वारा लागू 2016 स्टार्टअप नीति को प्रदेश क्रियान्वयन हेतु आगे क्या नीति/योजना हैं? (ड.) भारत शासन द्वारा स्टार्टअप इंडिया (डी.आई.पी.पी.) डिपार्टमेंटल इंडस्ट्री प्रमोशन एण्ड पॉलिसी द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप के लिये म.प्र. शासन क्या सहायता कर रही है, वित्त एवं तकनीकी या अन्य दिये गये सहयोग की जानकारी देवें। यदि नहीं, तो क्यों?
सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ( श्री ओमप्रकाश सखलेचा ) : (क) राज्य शासन की ''मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति, 2019'' 1 अप्रैल 2020 से लागू की गई। (ख) मध्यप्रदेश वेंचर फाईनेंस लि. के द्वारा एक संस्था मेसर्स वायु इंडिया लि. को रूपये 2.00 करोड़ का इक्विटी फाइनेंस किया गया था जिसके एवज में मध्यप्रदेश वेंचर फाईनेंस लि. को संस्था से कनवर्टेबल डिबेंचर्स प्राप्त हुए। (ग) जी नहीं। मध्यप्रदेश वेंचर फाईनेंस लि. की प्रावधिक बैंलेस शीट दिनांक 31 मार्च 2021 अनुसार कंपनी को मध्यप्रदेश शासन से रूपये 5.00 करोड़ ग्रांट के रूप में तथा रूपये 50.00 लाख ऋण के रूप में प्राप्त हुए है। शेष प्रश्न का उत्तर प्रश्नांश (ख) अनुसार है। (घ) राज्य में स्टार्टअप्स के प्रोत्साहन के लिए राज्य शासन द्वारा दिनांक 25/02/2022 को मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति एवं कार्यान्वयन योजना, 2022 अधिसूचित की गई है। नीति का मुख्य उद्देश्य राज्य में सुदृढ़ स्टार्टअप ईको सिस्टम को विकसित करना है। (ड.) मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति एवं कार्यान्वयन योजना, 2022 अंतर्गत स्टार्टअप इंडिया (डी.पी.आई.आई.टी.) से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप के लिये दी जा रही सहायता एवं सहयोग का विस्तृत विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
14. ( क्र. 1538 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में संचालित विभिन्न योजनाओं/कार्यक्रमों में स्वीकृत रिक्त पदों पर कितने-कितने कर्मचारी/अधिकारी संविदा पर पदस्थ हैं? इनके नियमितीकरण की क्या योजना हैं? शासन ने स्वीकृत रिक्त पदों की भर्ती करने हेतु विगत तीन वर्षों में कब क्या निर्देश जारी किये हैं? (ख) सामान्य प्रशासन विभाग म.प्र. शासन ने विभागों में स्वीकृत रिक्त पदों पर संविदा पर पदस्थ कर्मचारियों/अधिकारियों को नियमित पदस्थ कर्मचारियों/अधिकारियों का स्वीकृत नियमित वेतनमान का 90 प्रतिशत वेतन देने बावत कब क्या निर्देश जारी किये हैं तथा क्या इसका पालन विभाग ने किया है? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन म.प्र. भोपाल के तहत संचालित किन-किन योजनाओ/कार्यक्रमों में संविदा पर पदस्थ कर्मचारियों/अधिकारियों के संविदा मानदेय में कब से वृद्धि नहीं की गई है एवं क्यों? किन-किन योजनाओं/कार्यक्रमों में संविदा पर पदस्थ कर्मचारियों/अधिकारियों को नियमित कर्मचारियों/ अधिकारियों के स्वीकृत वेतनमान का 90 प्रतिशत वेतन कब स्वीकृत किया गया है? यदि नहीं, तो क्यों? संविदा कर्मचारियों/अधिकारियों के नियमितीकरण करने की क्या योजना है। इस संबंध में केन्द्रीय शासन के क्या दिशा-निर्देश हैं?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
शिशु मृत्यु दर की शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
15. ( क्र. 1539 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में 0 से 1 वर्ष तक तथा 1 वर्ष से 5 वर्ष तक के शिशुओं बच्चों की मृत्यु दर प्रति 1000 पर कितनी-कितनी है? वर्ष 2019-20 से 2021-22 तक की शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की जानकारी देवें? (ख) प्रदेश में 0 से 1 वर्ष तक तथा 1 वर्ष से 5 तक के कितने-कितने बच्चों/शिशुओं की मृत्यु कुपोषण, निर्बलता कम वजन व एनिमिया तथा अन्य किन कारणों से हुई है। इसमें बालक/बालिकाओं का प्रतिशत कितना-कितना है। जिलावार व वर्षवार जानकारी दें? (ग) प्रदेश में स्वास्थ्य केन्द्रों, चिकित्सालयों में इलाज हेतु भर्ती किये गये कितने शिशुओं/बच्चों की मृत्यु इलाज के दौरान हुई हैं तथा कितने बच्चों की आग लगने की घटनाओं, आक्सीजन की कमी व अन्य कारणों से हुई है। जिलावार व वर्षवार जानकारी देवें? (घ) प्रदेश के कितने स्वास्थ्य केन्द्रों, चिकित्सालयों में शिशु रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ के स्वीकृत कितने-कितने पद रिक्त हैं एवं क्यों? जिलावार जानकारी देवें? (ड.) केन्द्रीय शासन द्वारा सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एस.आर.एस.) बुलेटिन के अनुसार देश में शिशु मृत्यु दर के मामले में प्रदेश का नम्बर क्या है?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) एस.आर.एस. 2019 के अनुसार 0 से 1 वर्ष तक की मृत्यु दर में 46 प्रति हज़ार जीवित जन्म एवं 1 वर्ष से 5 वर्ष तक की मृत्यु दर 7 प्रति हज़ार जीवित जन्म है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (ग) प्रश्नांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। (घ) प्रदेश की स्वास्थ्य संस्थाओं के शिशु रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ के स्वीकृत एवं रिक्त पदों की जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार है। वर्ष 2016 से पदोन्नति का प्रकरण माननीय उच्च न्यायालय में विलंबित होने के कारण प्रदेश में विशेषज्ञ के पदों की पद पूर्ति नहीं की जा सकी है। (ड.) भारत सरकार द्वारा जारी सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एस.आर.एस. 2019) बुलेटिन के अनुसार देश के बड़े राज्यों में प्रदेश का 21वां स्थान है।
राज्य शासन की वित्तीय स्थिति
[वित्त]
16. ( क्र. 1540 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्य शासन की कुल राजस्व प्राप्तियाँ एवं देनदारियाँ कितनी-कितनी हैं? शासन पर वित्तीय संस्थानों, अन्य स्त्रोतों से लिये गये कर्ज की कितनी-कितनी राशि बकाया हैं? कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया हैं? वर्ष 2019-20 से 2021-22 तक की निम्न प्रारूप में जानकारी देवें। 1. वित्तीय वर्ष, 2. वास्तविक कर्ज, 3. सरकारी कर्ज, 4. कुल कर्ज, 5. कुल देनदारियाँ (ख) प्रदेश शासन को किन-किन शासकीय विभागों, सहकारी संस्थाओं, निगम मण्डलों, उपक्रमों से कर्ज की कितनी-कितनी राशि लेना बकाया हैं? राज्य शासन ने विद्युत वितरण कम्पनियों से सस्ती बिजली लेने से सब्सिडी की कितनी राशि का भुगतान नहीं किया हैं? विद्युत वितरण कम्पनियों ने शासन को कर्ज की कितनी राशि का भुगतान नहीं किया हैं? वर्षवार पृथक-पृथक जानकारी देवें? (ग) प्रदेश शासन ने राज्य की वित्तीय स्थिति में सुधार लाने हेतु क्या उपाय किये हैं? अनावश्यक खर्चों में कितने-कितने प्रतिशत की कमी की हैं। इससे शासन को कितनी राशि की बचत हुई हैं? शासन ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में बाजार से कब-कब कितना-कितना कर्ज लिया हैं?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) वित्तीय वर्ष 2021-22 के पुनरीक्षित अनुमान अनुसार राज्य शासन की कुल राजस्व प्राप्तियाँ राशि रूपए 1,71,697.24 करोड़ है एवं वित्तीय वर्ष 2019-2020, 2020-2021 तथा वित्तीय वर्ष 2021-22 के 31 मार्च की समाप्ति पर राज्य सरकार पर संस्थावार ऋणों का अनुमान पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। उक्त अवधि में भुगतान की गयी राशि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। माननीय सदस्य द्वारा जिस प्रारूप में जानकारी चाही गई है पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। (ख) प्रदेश शासन को जिन-जिन शासकीय विभागों, सहकारी संस्थाओं, निगम मण्डलों, उपक्रमों से कर्ज की कितनी-कितनी राशि लेना बकाया है, उनका विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है। वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए विद्युत वितरण कम्पनियों के अंकेक्षित लेखे प्राप्त नहीं होने से इन कम्पनियों द्वारा राज्य शासन से क्लेम की गई सब्सिडी की जानकारी दी जाना संभव नहीं है। नियंत्रक एवं महालेखाकार से वित्तीय वर्ष 2021-22 के अंतिम लेखे प्राप्त नहीं होने के कारण दर्शाई अवधि में विद्युत वितरण कम्पनियों द्वारा शासन को किये गये कर्ज के भुगतान की जानकारी दी जाना संभव नहीं है। (ग) राज्य सरकार द्वारा राज्य की वित्तीय स्थिति में सुधार हेतु निरन्तर प्रयास किए जाते है तथा समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाते है। बजट के माध्यम से विभागों को आवश्यकता अनुसार ही राशि उपलब्ध कराई जाती है। अत: अनावश्यक व्यय का प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में बाजार ऋण का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-5 अनुसार है।
मंदिरों को स्वीकृत राशि
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
17. ( क्र. 1559 ) श्री अनिल जैन : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्ष 2019-20 से वर्ष 2021-22 तक निवाड़ी विधानसभा क्षेत्र के कितने मंदिरों को कितनी राशि स्वीकृत की गई, वर्षवार जानकारी देवें? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में यह भी बतावें कि कितने पुजारियों का मानदेय किस समय से लंबित हैं एवं कब तक पुजारियों को मानदेय प्रदान कर दिया जावेगा?
पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) जिला निवाडी में वर्ष 2019-20 से वर्ष 2021-22 तक किसी भी मंदिर को राशि प्रदान नहीं की गई है। (ख) जिला निवाडी अंतर्गत किसी भी पुजारी का कोई भी मानदेय लंबित नहीं है। समस्त पुजारियों को नियमित रूप से प्रतिमाह मानदेय प्रदान किया जा रहा है।
जिला उद्योग केन्द्र सिवनी द्वारा हितग्राहियों को ऋण
[सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम]
18. ( क्र. 1772 ) श्री योगेन्द्र सिंह (बाबा) : क्या सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला उद्योग केन्द्र सिवनी द्वारा प्रत्येक विधानसभावार/विकासखण्डवार स्वरोजगार स्थापित करने के लिये जिला उद्योग केन्द्र सिवनी में कुल कितने हितग्राहियों के आवेदन पत्र 2021-22 में प्राप्त हुआ तथा कितनी राशि कब-कब स्वीकृत की गई विधानसभावार, विकासखण्डवार बतावें? (ख) प्रश्न दिनांक तक कुल कितने हितग्राहियों को कितनी राशि तथा किस बैंक से स्वीकृत की गई? (ग) जिला सिवनी में विधानसभावार, विकासखण्डवार हितग्राहियों को ऋण आवंटन के लिये कितना लक्ष्य वर्ष 2021-22 में निर्धारित किया गया था क्या उक्त लक्ष्य की पूर्ति हुई अथवा नहीं? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार लखनादौन जिला सिवनी की जानकारी दें।
सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ( श्री ओमप्रकाश सखलेचा ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (ग) योजनान्तर्गत विधानसभावार अथवा विकासखण्डवार लक्ष्य निर्धारित नहीं किये जाते हैं, तथापि वित्तीय वर्ष 2021-22 में सिवनी जिले के लिए मुख्यमंत्री उद्यम क्रान्ति योजनान्तर्गत 80 प्रकरणों तथा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम अंतर्गत 56 प्रकरणों का लक्ष्य रखा गया है। उक्त निर्धारित लक्ष्य 31 मार्च 2021-22 तक के लिये है। अत: शेष प्रश्न का वर्तमान स्थिति में उत्तर दिया जाना संभव नहीं है। (घ) लखनादौन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, सिवनी द्वारा संचालित मुख्यमंत्री उद्यम क्रान्ति योजना में 1 प्रकरण राशि रू. 3.00 लाख का तथा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम अंतर्गत 21 प्रकरण रू. 160.96 लाख के स्वीकृत किये गये हैं।
चिन्हित सरकारी सम्पति को विक्रय करने के संबंध में जानकारी
[लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन]
19. ( क्र. 1930 ) श्री अजब सिंह कुशवाह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना जिले में कौन-कौन सी ऐसी सरकारी सम्पत्ति चिन्हित की गई हैं जिसे अनुउपयोगी और खाली पड़ी मानकर ब्रिकी की जाना है? वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक कितनी सम्पत्ति चिन्हित की गई? सूची उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार किस-किस सम्पत्ति का क्या-क्या मूल्य आंका गया? सूची उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के अनुसार मुरैना जिले की कौन-कौन सी सरकारी सम्पत्ति को प्रश्न दिनांक तक बेच दिया गया है और कितनी-कितनी राशि में बेचा गया है? सूची उपलब्ध करावें।
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
रिक्त कर्मचारियों के पदों की जानकारी
[सामान्य प्रशासन]
20. ( क्र. 1932 ) श्री अजब सिंह कुशवाह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना जिले में प्रश्न दिनांक तक विभिन्न विभागों में द्वितीय एवं तृतीय वर्ग एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के कितने पद, किस कार्यालय में रिक्त हैं? सूची उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार रिक्त पदों को भरने के लिए सरकार ने क्या योजना बनाई है? यदि हाँ, तो रिक्त पद कब तक भरे जायेंगे? नहीं तो क्यों?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) कार्यवाही प्रचलन में है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
औद्योगिक ईकाइयों से हो रहे पर्यावरण प्रदूषण की जानकारी
[सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम]
21. ( क्र. 1937 ) श्री अजब सिंह कुशवाह : क्या सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सुमावली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली, नगरीय क्षेत्र में कई औद्योगिक ईकाई स्थापित हैं जिनके द्वारा स्थानीय पर्यावरण को दूषित किया जा रहा है जिसका दुष्प्रभाव औद्योगिक ईकाइयों के आसपास रहने वाले लोगों पर बुरा पड़ रहा है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार प्रश्नकर्ता द्वारा संचालित औद्योगिक ईकाइयों व नगरीय प्रशासन विभाग को अवगत कराया किन्तु प्रश्न दिनांक तक औद्योगिक ईकाइयों में पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है, उन पर नगरीय प्रशासन ने कोई कार्यवाही क्यों नहीं की?
सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ( श्री ओमप्रकाश सखलेचा ) : (क) सुमावली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नगरीय क्षेत्र में स्थापित औद्योगिक ईकाइयों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। पर्यावरण विभाग अनुसार सुमावली विधानसभा क्षेत्र के नगरीय क्षेत्र में औद्योगिक इकाई स्थापित होने से आसपास रहने वाले लोगों पर दुष्प्रभाव नहीं है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ख) पर्यावरण विभाग अनुसार नगरीय प्रशासन के आयुक्त, नगर पालिका निगम, मुरैना को औद्योगिक ईकाइयों से पर्यावरण प्रदूषित होने की शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नलकूप व सिंगल फेस मोटर पंप की स्वीकृति
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
22. ( क्र. 2034 ) श्री उमंग सिंघार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या धार जिले की गंधवानी विधानसभा अंतर्गत विकासखण्ड गंधवानी, बाग एवं तिरला में दिनांक 1 अप्रैल, 2019 से प्रश्न दिनांक तक नलकूप खनन कार्य एवं सिंगल फेस मोटर पंप स्वीकृत किये गये हैं? (ख) प्रश्नांकित (क) अनुसार यदि हाँ, तो गंधवानी, बाग एवं तिरला विकासखण्डों में किन-किन ग्राम पंचायतों में कितने-कितने नलकूप खनन एवं सिंगल फेस मोटर पंप कितनी-कितनी राशि के स्वीकृत किये गये हैं? विकासखण्डवार, वर्षवार, तिथिवार, पंचायतवार, जानकारी उपलब्ध करावें एवं यदि स्वीकृत नहीं किये गये तो क्यों कारण स्पष्ट करें? (ग) उक्त स्वीकृत नलकूप खनन एवं सिंगल फेस मोटर पंप कहां-कहां पर लगाये गये हैं? विकासखण्डवार, पंचायतवार, स्थानवार जानकारी उपलब्ध करावें? उक्त खनन किये गये नलकूप कितनी-कितनी मीटर/फीट गहराई में खनन किये गये? प्रत्येक नलकूप की जानकारी उपलब्ध करावें एवं उक्त नलकूप कितने सफल रहे एवं कितने असफल रहे? उनकी भी जानकारी बतावें? (घ) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा गंधवानी विधानसभा में नलकूप खनन कार्य एवं सिंगल फेस मोटर पंप स्वीकृत किये जाने हेतु विभाग को पत्र जारी किये गये थे? यदि हाँ, तो कौन-कौन सी दिनांक को कौन-कौन से पत्र जारी किये गये थे एवं जारी किये पत्रों के संबंध में क्या कार्यवाही की गई एवं यदि कार्यवाही नहीं की गई है तो क्यों तथा इसका जिम्मेदार कौन है?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (घ) जी हाँ। प्राप्त पत्रों पर की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
मान परियोजना नहर के रखरखाव हेतु राशि का आवंटन
[नर्मदा घाटी विकास]
23. ( क्र. 2036 ) श्री उमंग सिंघार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मान परियोजना की दांयी तट एवं बांयी तट नहर एवं इनके अंतर्गत आने वाली माईनर एवं सबमाईनर नहरों हेतु साफ-सफाई एवं रखरखाव हेतु प्रतिवर्ष राशि का आवंटन होता है? (ख) प्रश्नांकित (क) अनुसार यदि हाँ, तो वर्ष 2010-11 से प्रश्न दिनांक तक दोनों ही नहरों हेतु प्रतिवर्ष कितनी-कितनी राशि का आवंटन प्राप्त हुआ है? वर्षवार, राशिवार जानकारी उपलब्ध करावें? (ग) प्रश्नांकित (ख) अनुसार प्राप्त आवंटन में से प्रतिवर्ष कितनी-कितनी राशि खर्च की गई है? वर्षवार एवं राशिवार विवरण देवें एवं खर्च की राशि के बिल व्हाउचर की प्रमाणित छायाप्रति वर्षवार उपलब्ध करावें?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ग) जल उपभोक्ता संथाओं को उपलब्ध कराई गई राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' एवं परिशिष्ट-''स'' अनुसार है।
प्रदेश के अनाथ बच्चों को शिक्षा सुविधायें
[महिला एवं बाल विकास]
24. ( क्र. 2109 ) श्री यशपाल सिंह सिसौदिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन संभाग में कुल कितने अनाथ बच्चे कहाँ-कहाँ पंजीकृत है सूची उपलब्ध कराएं? (ख) उक्त बच्चों के लिए जाति, पिता का नाम जैसी जानकारियों के लिए क्या प्रावधान है? क्या यह बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त कर आरक्षण जैसी शासन की योजनाओं का लाभ ले पाते हैं? यदि नहीं, तो इन्हें किस श्रेणी (कैटेगिरी) में रखा जाता है? (ग) उज्जैन संभाग में 1 जनवरी 2015 के पश्चात कितने बच्चों ने हायर सेकण्डरी था कितनों ने स्नातक कर शासन की सुविधा का लाभ लेकर शासकीय/अशासकीय रोजगार प्राप्त किया?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) उक्त बच्चों के लिए जाति, पिता का नाम जैसी जानकारियों के लिए किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 में कोई प्रावधान नहीं दिया गया हैं। किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के तहत् पंजीकृत बाल देखरेख संस्था में निवास करने वाले अनाथ बच्चे जिनके माता-पिता एवं जाति की जानकारी ज्ञात है ऐसे बच्चों के जाति प्रमाण पत्र सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किये जाते हैं तथा दत्तक ग्रहण के माध्यम से परिवारों में पुनर्वासित बच्चों के जाति प्रमाण उनके वैधानिक माता–पिता की जाति के आधार पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किये जाते हैं एवं संस्था में निवासरत अन्य अनाथ बच्चे जिनके माता-पिता ज्ञात नहीं होते हैं उनके पिता/माता के नाम के स्थान पर संस्था के प्रभारी व्यक्ति का नाम दिया जाता हैं। इस प्रकार के अनाथ बच्चों हेतु आरक्षण संबंधी कोई भी प्रावधान नहीं होने से उन्हें अनारक्षित श्रेणी (कैटेगरी) में रखा जाता हैं। जी हाँ, उपरोक्त अनुसार बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त कर उनकी श्रेणी (कैटेगरी) अनुसार शासन की योजनाओं का लाभ ले पाते हैं। (ग) उज्जैन संभाग में 1 जनवरी 2015 के पश्चात पंजीकृत बाल देखरेख संस्था में निवास करने वाले अनाथ 05 बच्चों ने हायर सेकेंडरी 02 बच्चों ने स्नातक किया एवं 01 बच्चे ने शासन की सुविधा का लाभ लेकर अशासकीय रोजगार प्राप्त किया।
डॉक्टरों की कमी की पूर्ति
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
25. ( क्र. 2208 ) श्री गोपीलाल जाटव : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला चिकित्सालय गुना में आसपास के क्षेत्रों का दबाव रहता है, क्या चिकित्सक बहुत कम हैं? (ख) रिक्त पदों के विरूद्ध चिकित्सकों की पूर्ति कब तक कर दी जायेगी? (ग) क्या उक्त रिक्त पदों को स्थानांतरण अथवा संविदा से भरने की क्या योजना है?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी हाँ, जिला चिकित्सालय में आसपास के क्षेत्रों का दबाव रहता है, यह कहना सही नहीं है कि चिकित्सक कम हैं, जिला चिकित्सालय गुना में 09 विशेषज्ञ व 25 चिकित्सा अधिकारी, 3 बंधपत्र चिकित्सक एवं 01 दंत चिकित्सक पदस्थ होकर आमजन को स्वास्थ्य सेवायें प्रदान कर रहे हैं। (ख) जिला चिकित्सालय गुना हेतु चिकित्सा अधिकारी के 19 तथा ट्रामा सेन्टर हेतु 06 पद, रोग निदान केन्द्र हेतु 02, कुल 27 पद स्वीकृत हैं एवं 27 चिकित्सा अधिकारी कार्यरत हैं, कार्यरत 27 चिकित्सकों में 24 चिकित्सक पी.जी. योग्यता के हैं। प्रथम श्रेणी विशेषज्ञों के शतप्रतिशत पद पदोन्नति से भरने का प्रावधान है एवं माह मई 2016 से पदोन्नति के संदर्भ में माननीय उच्चतम न्यायालय में प्रचलित प्रकरण के कारण पदोन्नति प्रक्रिया विलंबित है, अतः विशेषज्ञ के पदों की पूर्ति नहीं हो पा रही है। विशेषज्ञों के शतप्रतिशत पदपूर्ति हेतु निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। (ग) विभाग रिक्त पदों की पूर्ति हेतु निरंतर प्रयासरत है। पी.जी. बंधपत्र चिकित्सकों/राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत पी.जी. संविदा चिकित्सकों की उपलब्धता अनुसार पदस्थापना की कार्यवाही एक निरंतर प्रक्रिया है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के आय-व्यय का ब्यौरा
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
26. ( क्र. 2364 ) श्री धर्मेन्द्र भावसिंह लोधी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबेरा विधानसभा क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तेंदूखेड़ा एवं जबेरा अंतर्गत आने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं उप-स्वास्थ्य केंद्रों में किन-किन मदों से व अन्य स्रोतों से वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 में कितनी राशि शासन से प्राप्त हुई? (ख) उक्त राशि को भवन मरम्मत, वाहन किराया, डीज़ल, साफ-सफाई आदि किन-किन मदों में व्यय की गई? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार वर्षवार आय-व्यय का ब्यौरा एवं क्रय की गई सामग्री तथा वाहनों के किराए आदि पर किए गए व्यय के बिलों की छायाप्रति उपलब्ध कराएं?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें द्वारा जिला मुख्यालय स्तर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी/सिविल सर्जन को आवंटन जारी किया जाता है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर आवंटन जारी नहीं किया जाता। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जबेरा/तेन्दूखेडा के अंतर्गत आने वाले उप स्वास्थ्य केन्द्रों में वित्तीय वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 में शासन से प्राप्त राशि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) उक्त राशि से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों की साफ-सफाई हेतु कार्यरत कर्मचारियों के वेतन, साफ-सफाई हेतु सामग्री क्रय, स्टेशनरी क्रय, दैनिक रिपोर्टिंग प्रपत्रों की प्रिंटिंग, विद्युत मरम्मत कार्य, जल व्यवस्था, कम्प्युटर एवं प्रिंटर्स की रिपेयरिंग, गद्दों का क्रय, अलमारी, कुर्सी आदि का क्रय एवं उपचार हेतु आने वाले मरीजों की सुविधा हेतु विभिन्न सामग्री का क्रय किया गया। (ग) व्यय की गई राशि के बिलो की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है।
विधायकों से मेगा प्रोजेक्ट के तहत कार्यों की सूची
[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]
27. ( क्र. 2459 ) श्री अजय कुमार टंडन : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुख्यमंत्री जी द्वारा प्रदेश के विधायकों से उनके क्षेत्र के विकास कार्य हेतु 15-15 करोड़ रूपये के मेगा प्रोजेक्ट की सूची मांगी गई है? (ख) यदि हाँ, तो कितने विधायकों से उनके क्षेत्र के विकास कार्य हेतु 15-15 करोड़ रूपये के मेगा प्रोजेक्ट की सूची मांगी गई है? जिलेवार विधानसभावार जानकारी दें? (ग) कितने विधायकों से मेगा प्रोजेक्ट की सूची नहीं मांगी गई है? (घ) प्रश्नांश (ग) में उल्लेखित विधायकों के क्षेत्र में विकास कार्य की सूची ना मांगने का क्या कारण है?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी नहीं। (ख) से (घ) प्रश्नांश ''क'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
हेण्डपम्प खनन एवं मोटर पम्प वितरण की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
28. ( क्र. 2473 ) श्री कमलेश जाटव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2020 से प्रश्न दिनांक तक जिला मुरैना में विभाग को कुल कितनी-कितनी, 2 एच.पी., 3 एच.पी., 5 एच.पी., तथा 7 एच.पी., सबमर्सिवल (मोटर पम्प) शासन से प्राप्त हुए हैं तथा उक्त आवंटन के विरुद्ध विभाग द्वारा उक्त मोटर पम्पों को किस-किस ब्लॉक के किन-किन स्थानों पर किस को वितरित की गई? जानकारी वर्षवार, ब्लॉकवार, चयनित स्थानवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) जनवरी 2020 से प्रश्न दिनांक तक विभाग को नवीन हेण्डपम्प खनन कर हेण्डपम्प संधारण कार्य किये जाने हेतु शासन से कुल कितनी मात्रा में हेण्डपम्प संधारण सामग्री उपलब्ध करवाई गई थी एवं जिले के किस-किस ब्लाक में किन-किन स्थानों पर विभाग द्वारा हेण्डपम्प खनन हेतु निविदायें आमंत्रित कर खनन कराया गया तथा उक्त खनन उपरांत किस-किस ठेकेदार को कितने हेण्डपम्प सेट वितरित किये गए तथा किस-किस ब्लॉक के किस-किस ग्राम में किन-किन स्थानों पर हेण्डपम्प चालू कर जल प्रदाय किया जा रहा है? (ग) विभाग द्वारा किस-किस ठेकेदार को प्रश्नांश (ख) अनुसार खनन एवं हेण्डपम्प संधारण कार्य पूर्ण किये जाने पर कितने-कितने हेण्डपम्पों का कितना-कितना भुगतान किया गया?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2, प्रपत्र-3 एवं प्रपत्र-4 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र--5 एवं प्रपत्र-6 अनुसार है।
नर्मदा नदी किनारे शराब की बिक्री
[वाणिज्यिक कर]
29. ( क्र. 2668 ) श्री देवेन्द्र सिंह पटेल : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा नर्मदा नदी के दोनों तरफ 5 कि.मी. की परिधि में शराब दुकान बंद करने का निर्णय लिया था, यदि हाँ, तो उक्त निर्णय के पालन में किन-किन जिलों की कितनी दुकाने बंद हुई? (ख) रायसेन, नरसिंहपुर एवं होशंगाबाद जिलों में नर्मदा नदी के दोनों तरफ 5 कि.मी. की परिधि में शराब ठेकेदारों द्वारा अवैध रूप से शराब की बिक्री की जा रही हैं, उसे रोकने हेतु विभाग द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गई? (ग) रायसेन जिले में शराब ठेकेदारों द्वारा गांव-गांव में अवैध रूप से शराब बेची जा रही है इसको रोकने हेतु विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा क्या प्रयास/कार्यवाही की गई? (घ) रायसेन जिले में शराब ठेकेदारों द्वारा संचालित दुकानों पर वाहनों के खड़े रहने का क्या औचित्य हैं? उक्त वाहनों द्वारा ही गांव-गांव अवैध शराब भेजी जाती है, उक्त वाहनों को विभाग के अधिकारियों द्वारा जब्त क्यों नहीं किया जा रहा है?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ। माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा नर्मदा नदी के दोनों तरफ 5 कि.मी. की परिधि में शराब दुकान बंद किये जाने के निर्णय के पालन में मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 27 दिनांक 18.01.2017 की कंडिका 9.4 अनुसार दिनांक 01.04.2017 से नर्मदा किनारे के शहरों में 5 किलोमीटर तक की दूरी में स्थित देशी एवं विदेशी मदिरा दुकानों को बंद किया जाना निर्देशित है। उक्त अनुक्रम में बंद की गई मदिरा दुकानों की जिलावार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) रायसेन, नरसिंहपुर एवं होशंगाबाद जिले में नर्मदा नदी के दोनों तरफ 5 कि.मी. की परिधि में शराब ठेकेदारों द्वारा मदिरा का अवैध रूप से विक्रय करने संबंधी कोई भी प्रकरण प्रकाश में नहीं आया है। रायसेन, नरसिंहपुर एवं होशंगाबाद जिले में नर्मदा नदी के दोनों तरफ 5 कि.मी. की परिधि में शराब दुकानें बंद होने के फलस्वरूप विभाग द्वारा अवैध शराब के विक्रय, परिवहन तथा संग्रहण पर प्रतिबंध लगाने हेतु विशेष अभियान चलाये जा रहे हैं। (ग) रायसेन जिले में शराब ठेकेदारों द्वारा मदिरा का अवैध रूप से विक्रय करने संबंधी कोई भी प्रकरण प्रकाश में नहीं आने से ठेकेदारों के विरूद्ध प्रकरण पंजीबद्ध नहीं किया गया है। रायसेन जिले में अन्य व्यक्तियों के द्वारा मदिरा के अवैध विक्रय एवं परिवहन के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही एवं रोकथाम हेतु जिला उड़नदस्ता एवं आबकारी वृत्तों में पदस्थ अधिकारी/कर्मचारियों के द्वारा निरंतर कार्यवाही की जा रही है। (घ) रायसेन जिले में संचालित मदिरा दुकानों पर संबंधित मद्यभाण्डागार से मदिरा की आपूर्ति हेतु लायसेंसी के वाहन के साथ-साथ मदिरा दुकानों पर अधिकांश वाहन ग्राहकों के खड़े होते हैं। रायसेन जिले में माह अप्रैल 2021 से प्रश्न दिनांक तक 14 वाहन, जिसमें 005 चार पहिया वाहन एवं 09 दो पहिया वाहन धारा 34 (2) के अंतर्गत जप्त किये जाकर नियमानुसार कार्यवाही की गई है।
कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर की भर्ती
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
30. ( क्र. 2672 ) श्री देवेन्द्र सिंह पटेल : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले में किन-किन उपस्वास्थ्य केन्द्रों में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर की नियुक्ति की गई तथा उनके द्वारा मरीजों को क्या-क्या सुविधायें दी जा रही हैं? (ख) रायसेन जिले में उपस्वास्थय केन्द्रों पर पदस्थ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर तथा अन्य कर्मचारियों द्वारा किस-किस दिन क्या-क्या कार्य किये जाने के शासन के निर्देश हैं तथा उनका जिले में पालन क्यों नहीं किया जा रहा है? (ग) रायसेन जिले में किन-किन उपस्वास्थ्य केन्द्रों में कोई भी कर्मचारी पदस्थ नहीं है तथा क्यों? कारण बतायें कब तक कर्मचारियों की पदस्थापना की जायेगी? (घ) रायसेन जिले में किन-किन अधिकारी/कर्मचारियों का संलग्नीकरण क्यों एवं किसके आदेश से किया गया हैं? कारण बतायें? क्या संलग्नीकरण नियमानुसार उचित हैं संलग्नीकरण कब तक निरस्त किया जायेगा?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, म.प्र. द्वारा रायसेन जिले में 125 कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। कार्यरत एवं 34 नवीन कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स विगत दिवसों में पदस्थ जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। दिनांक 15/07/2020 को विभाग द्वारा कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर के कार्य दायित्व के संबंध में पत्र जारी किया गया था। (ख) रायसेन जिले में ए.एन.एम./आशा कार्यकर्ता/आशा सहयोगी एवं कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर के द्वारा मैदानी स्तर पर समस्त शासकीय कार्य दिवसों में विभाग के निर्देशानुसार राष्ट्रीय कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु कार्य कर रहे हैं। इसके साथ ही दिनांक 15/07/2020 को जारी पत्र अनुसार कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर के द्वारा अनुसार ए.एन.एम./आशा कार्यकर्ता/आशा सहयोगी के साथ कार्य सम्पादित किया जा रहा है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। (ग) रायसेन जिले में समस्त उपस्वास्थ्य केन्द्रों पर कर्मचारी कार्यरत है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) हां, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, रायसेन के द्वारा जिले में राष्ट्रीय कार्यक्रमों के सुचारू संचालन एवं कार्य की अधिकता को देखते हुये कुछ अधिकारी/कर्मचारी अन्य स्थानों पर कार्य पूर्ण होने तक ड्यूटी लगाई गई है। कार्य पूर्ण होने के उपरांत संबंधित अधिकारी/कर्मचारी को पदस्थापना स्थल हेतु कार्यमुक्त कर दिया जायेगा। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार है।
बागली विधानसभा क्षेत्र में नलजल योजना
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
31. ( क्र. 2812 ) श्री पहाड़सिंह कन्नौजे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) देवास जिला अन्तर्गत बागली विधानसभा क्षेत्र में नलजल योजना का कार्य पूर्ण हो चुका है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कितने गांवों में नलजल योजना अन्तर्गत क्या-क्या कार्य प्रस्तावित किये गये? क्या सभी गांवों में घर-घर जल पहुंच रहा है? हाँ या नही? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में यदि हाँ, तो कितनी जगह शतप्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है? यदि नहीं, तो क्यों कार्य पूर्ण नहीं किया जा रहा है? कारण स्पष्ट करें? (घ) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कब तक कार्य पूर्ण किया जायेगा? विलंब के क्या कारण हैं? अधिकारियों की क्या जिम्मेदारी थी? कितने समय में कार्य पूर्ण कराया जाना था? कार्य क्यों पूर्ण नहीं हुआ? विलंब के लिये दोषियों पर कोई कार्यवाही की जायेगी?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) बागली विधानसभा क्षेत्र में प्रश्न दिनांक तक नौ ग्रामों की नलजल योजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है। (ख) विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जी नहीं, वर्तमान में कार्य प्रगतिरत है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) पर्याप्त भूजल स्त्रोत की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुये जल जीवन मिशन की गाइड लाइन अनुसार वर्ष 2024 तक सभी ग्रामों में प्रत्येक घर में घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध करवाया जाना प्रावधानित है। कार्य प्रगतिरत है अत: विलंब का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। योजनाओं के रूपांकन अनुसार समय-सीमा में गुणवत्तापूर्वक कार्य करवाने का दायित्व रहता है, विलम्ब के लिये अनुबंध की शर्तों के अंतर्गत संबंधित ठेकेदार के विरूद्ध कार्यवाही की जाती है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
कोरोना काल में स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई नियुक्तियाँ
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
32. ( क्र. 2827 ) श्री बापूसिंह तंवर : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कोरोना महामारी से निपटने के लिए शासन स्तर पर नियुक्तियां की गई थी? यदि हाँ, तो किस नियम से? किस संवर्ग के कितने पद राजगढ़ जिले में स्वीकृत थे? चयन प्रक्रिया के नियम बताते हुए समस्त संवर्ग के कितने कर्मचारी/ चिकित्सक/अन्य लोगों की नियुक्तियां की गई? संवर्ग सहित जानकारी बताएं। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार क्या स्वीकृत पदों पर ही नियुक्तियां हुई? अथवा स्वीकृत पद से अधिक नियुक्तियां दे दी गई? (ग) प्रश्नांश (ख) का उत्तर यदि हाँ, तो स्वीकृत पदों से अधिक नियुक्ति दी गई हैं, तो क्या उन लोगों को वेतन दे दिया गया? यदि हाँ, तो जानकारी दें। स्वीकृत पदों से अधिक पदस्थ लोगों को वेतन किस नियम से दिया गया? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) में यदि कोई आर्थिक अनियमितता व प्रशासनिक अनियमितता हुई है तो दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जायेगी? जानकारी दें। नहीं तो क्यों नहीं?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। राजगढ़ जिले में स्वीकृत संवर्ग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। स्वीकृत पद से अधिक नियुक्ति नहीं की गई है। स्वीकृत संवर्ग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। जिला राजगढ़ में कोविड-19 अंतर्गत की गई भर्ती में कोई अनियमितता नहीं की गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
रेडक्रॉस सोसायटी समिति का गठन एवं संचालन
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
33. ( क्र. 2917 ) श्री निलय विनोद डागा : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में जिला स्तरीय रेडक्रॉस सोसायटी समिति का गठन किस आधार पर किया जाता है? समिति में पदों एवं सदस्यता के लिए क्या-क्या अर्हताएं निर्धारित हैं? गठित समिति का कार्यकाल कितने वर्ष के लिए होता हैं? नियमावली उपलब्ध करावें। (ख) क्या वर्तमान में बैतूल जिले में जिला स्तरीय रेडक्रॉस सोसायटी की प्रबंध समिति गठित है? यदि हाँ, तो समिति का निर्वाचन अंतिम समय कब किया गया? तत्समय निर्वाचन प्रक्रिया में कौन-कौन अधिकारी व मतदाता शामिल था? उनके नाम व चुनाव प्रक्रिया के समस्त दस्तावेज उपलब्ध करावें। (ग) जिला रेडक्रॉस सोसायटी बैतूल को विगत् 5 वर्षों में किन-किन दानदाताओं एवं अन्य मदों से आय प्राप्ति हुई है एवं इनका व्यय किन-किन कार्यों में किया? आय-व्यय का ब्यौरा, ऑडिट रिपोर्ट, दानदताओं की प्राप्ति रसीद, बिल व्हाउचर एवं सक्षम अधिकारी की स्वीकृति सहित सत्यापित प्रति उपलब्ध करावें। (घ) वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 के कोविड काल अवधि में नगरीय क्षेत्र में गरीब बेसहारा लोगों के भोजन व्यवस्था में कितना व्यय किया गया?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जिला स्तरीय रेडक्रॉस सोसायटी समिति का गठन समिति के आजीवन सदस्यों की साधारण सभा की बैठक आयोजित कर किया जाता है। समिति में पदों एवं सदस्यता के लिए रेडक्रॉस सोसायटी का आजीवन सदस्य होना आवश्यक है। गठित समिति का कार्यकाल 03 वर्षों के लिए होता है। नियमावली जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। वर्तमान में बैतूल जिले में जिला स्तरीय रेडक्रॉस सोसायटी की प्रबंध समिति गठित है। समिति का निर्वाचन अंतिम समय दिनांक 14.01.2022 को किया गया था। समिति के गठन में कलेक्टर की ओर से अधिकृत अपर कलेक्टर एवं प्रभारी अधिकारी रेडक्रॉस सोसायटी एवं रेडक्रॉस सोसायटी के आजीवन सदस्य उपस्थित थे। चुनाव प्रक्रिया के दस्तावेज जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। (घ) वर्ष 2020-21 के कोविड काल में नगरीय क्षेत्र में गरीब बेसहारा लोगों के भोजन व्यवस्था में 289500/- रूपये का व्यय किया गया है। वर्ष 2021-22 में जानकारी निरंक है।
वित्त अधिकारियों के पदोन्नति एवं समयमान वेतनमान
[वित्त]
34. ( क्र. 2918 ) श्री निलय विनोद डागा [ श्री अनिरुध्द (माधव) मारू ] : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के वित्त विभाग के अधिकारियों के पदोन्नति एवं समयमान वेतनमान देने के लिये नियम एवं प्रक्रिया क्या है? (ख) सी.आर. लिखे जाने के संबंध में शासन द्वारा क्या समय-सीमा निर्धारित है? (ग) पदोन्नति एवं समयमान वेतनमान देने के लिये सी.आर. की उपलब्धता न होने से कितने अधिकारी लाभ से वंचित रहे? विगत् पांच वर्षों की वर्षवार सूची उपलब्ध कराये? (घ) वित्त विभाग अन्तर्गत विभागाध्यक्ष स्तर के अधिकारियों के पास सी.आर. कब से लंबित हैं एवं उनको स्वीकृतकर्ता अधिकारी के पास समय पर क्यों नहीं भेजी जा रही है? न भेजे जाने का कारण स्पष्ट करें एवं विभागाध्यक्ष स्तर पर लंबित सी.आर. की वर्षवार, संख्यात्मक जानकारी उपलब्ध करायें? (ड.) जिन अधिकारियों ने सी.आर. निर्धारित समय-सीमा में शासन को प्रेषित नहीं की गई एवं लंबित रखी गई एवं उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? अगर उनके विरूद्ध कार्यवाही नहीं की गई तो कार्यवाही कब तक की जावेगी?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) वित्त विभाग के अधिकारियों को पदोन्नति वेतनमान देने हेतु 1. मध्यप्रदेश राज्य वित्त सेवा राजपत्रित भर्ती तथा सेवा की शर्ते नियम, 2018, 2. मध्यप्रदेश अधीनस्थ लेखा सेवा (भर्ती एवं सेवा की शर्तें) नियम, 1965, 3. मध्यप्रदेश कोषालयीन सूचना प्रौद्योगिकी सेवा भर्ती नियम, 2003, 4.स्थानीय निधि संपरीक्षा (राजपत्रित) सेवा भरती नियम, 1991, 5. मध्यप्रदेश अल्प बचत एवं राज्य लॉटरी (राजपत्रित) सेवा भरती नियम, 1989, 6. मध्यप्रदेश वित्तीय प्रबंध सूचना प्रणाली सेवा भरती नियम, 2007 एवं समयमान वेतनमान दिये जाने हेतु मध्यप्रदेश शासन वित्त विभाग के परिपत्र क्रमांक एफ 11/1/2008/नियम/चार, भोपाल,दिनांक 24 जनवरी 2008 एवं क्रमांक एफ-5 (ए)/23/2008/ई/चार, भोपाल, दिनांक 14 सितम्बर, 2009 तथा क्रमांक एफ 11-17/ 2014/नियम/चार भोपाल, दिनांक 30 सितम्बर, 2014 से जारी दिशा निर्देश लागू हैं। (ख) म.प्र.शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय भोपाल द्वारा सी.आर. लिखे जाने के संबंध में निर्धारित समय-सीमा संबंधी निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 पर है। (ग) विगत पांच वर्षों में सी.आर. की उपलब्धता न होने से पदोन्नति हेतु वंचित अधिकारी की संख्या निरंक है। समयमान वेतनमान हेतु वंचित अधिकारियों की वर्षवार सूची पुस्तकालय में परिशिष्ट-2 पर है। (घ) वित्त विभाग अंतर्गत विभागाध्यक्ष स्तर के कार्यालयों में लंबित सी.आर. की संख्या निरंक है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश (घ) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
कार्मिकों की सेवा शर्तों की जानकारी
[सामान्य प्रशासन]
35. ( क्र. 2964 ) श्री संजय शुक्ला : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सालो से संविदा/मस्टर/विनियमितिकरण किये गये उपयंत्री/कर्मचारी जो लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, जल संसाधन, पंचायत, पीएचई व अन्य विभागों में वर्षों से कार्यरत हैं को सरकार उनकी सेवायें मर्ज करेंगी? यदि हाँ, तो कब तक किया जायेगा? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्या संविदा/मस्टर/विनियमितिकरण उपयंत्रियों एवं नगर निगमों में रखे गये वर्षों से कार्यरत उपयंत्री/ कर्मचारियों का समायोजन/मर्ज कर उनके लिये पद आरक्षित रखे गये हैं? क्या उन्हें रिक्त/पदों पर पदस्थ किया जायेगा? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्या निगम में वर्षों से कार्यरत विनियमित कर्मचारियों को नियमित किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक नियमितिकरण किया जायेगा? समय-सीमा बतायें। मस्टर से विनियमित किये कर्मचारियों को शासन आदेशानुसार वर्षों से मस्टर पर कार्यरत कर्मियों को स्थायीकर्मी माना गया है या नही? (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में यदि हाँ, तो विनियमित कर्मचारियों की मृत्यु होने पर उनके परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति का लाभ क्यों नहीं दिया जा रहा है? क्या शासन वर्षों से कार्यरत मस्टर से विनियमित किये गये कर्मचारियों की मृत्यु होने पर उनके परिजनों को मस्टर पर नियुक्ति देगा? क्या पूर्व में मस्टर से विनियमित किये गये कर्मचारी के परिजन को निगम में रखा गया हैं?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) सामान्य प्रशासन विभाग का परिपत्र क्रमांक, सी-5-2/ 2018/1/3, दिनांक 5 जून, 2018 द्वारा संविदा पर नियुक्त कर्मियों को नियमित पदों पर नियुक्ति का अवसर प्रदान करने के संबंध में सभी विभागों को निर्देश जारी किये गये है। इस नीति में 20 प्रतिशत संविदा कर्मचारी हेतु पृथक से सभी आरक्षण नियमों का समावेश कर पद आरक्षित किये गये हैं। परिपत्र क्रमांक, एफ-5-3/2006/1/3, दिनांक 16 मई, 2007 एवं समसंख्यक ज्ञाप दिनांक 8.2.2008, 6.9.2008 एवं 14.9.2014 द्वारा दैनिक वेतन भोगी, अस्थायी कर्मचारियों का नियमितिकरण के संबंध में सभी विभागों को निर्देश जारी किये गये हैं। तद्नुसार विनियमित किये गये कर्मचारियों के संबंध में भी कार्यवाही का जा सकती है। मस्टरकर्मी के नियमितिकरण/सेवा मर्ज करने के संबंध में पृथक से कोई व्यवस्था नहीं दी गई हैं। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेषांश प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्तरांश ''क'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश ''क'' में उल्लेखित नीति-निर्देश अनुसार संबंधित विभाग का अंतिम निर्णय होगा। (घ) सामान्य प्रशासन विभाग का परिपत्र दिनांक 29 सितम्बर, 2014 को जारी निर्देशों में दैनिक वेतन भोगी (अस्थाईकर्मी) के दिवंगत होने पर अनुकम्पा नियुक्ति की पात्रता नहीं है, परन्तु परिवार के आश्रित नामांकित सदस्य को एक मुश्त रूपये 2.00 लाख (रूपये दो लाख) की राशि अनुकंपा अनुदान के नाम से दिये जाने का प्रावधान है। यह शासन का नीतिगत निर्णय है। उक्त निर्देशों में मस्टर पर नियुक्त कर्मचारियों के लिए पृथक से कोई व्यवस्था नहीं दी गई है। शेषांश प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सौर ऊर्जा आधारित नल-जल योजना
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
36. ( क्र. 3059 ) श्री रामपाल सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) फरवरी 2022 की स्थिति में रायसेन जिले में किन-किन स्थानों पर सौर ऊर्जा प्लांट आधारित नल-जल योजना चालू हैं तथा किन-किन स्थानों पर कब से क्यों बंद हैं? योजनावार कारण बतायें। (ख) बंद योजनाओं को चालू करवाने हेतु लोकस्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा क्या-क्या प्रयास/ कार्यवाही की गई? (ग) क्या रायसेन जिले में सौर ऊर्जा प्लांट का कार्य गुणवत्तापूर्ण न होने के कारण अधिकांश नल-जल योजनायें बंद हैं तथा विभाग के अधिकारियों तथा ठेकेदार द्वारा सौर ऊर्जा प्लांट में सुधार का कोई कार्य नहीं किया गया यदि हाँ, तो क्यों? (घ) रायसेन जिले में सौर ऊर्जा प्लांट आधारित बंद नल-जल योजनायें कब तक प्रारंभ होंगी? इस हेतु लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की जायेगी?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) बंद योजना को चालू करवाने के संबंध में विभाग द्वारा ऊर्जा विकास निगम के अधिकारियों एवं सोलर पंप निर्माता इकाई के साथ दिनांक 4.01.18 एवं 27.03.18 को वरिष्ठ स्तर पर चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त मैदानी अधिकारियों द्वारा ऊर्जा विकास निगम से इस संबंध में सतत पत्राचार भी किया गया। (ग) रायसेन जिले में सोलर ऊर्जा प्लांट आधारित 24 नलजल योजनाओं में से वर्तमान में 10 योजनायें सोलर पंप द्वारा तथा 02 योजनाएं विद्युत पंप के माध्यम से चालू है। विभाग द्वारा किये गये प्रयासों के फलस्वरूप मार्च 2021 में 06 बन्द नलजल योजनायें ठेकेदार द्वारा चालू की गई जो वर्तमान में भी चालू है। (घ) सौर ऊर्जा प्लांट की स्थापना का कार्य म.प्र. ऊर्जा विकास निगम के माध्यम से कराया गया हैं। सोलर पंपों में 05 वर्ष की सी.एम.सी. (गारण्टी अवधि) में सुधार कार्य ठेकेदारों द्वारा किया गया है। सी.एम.सी. कार्य के अंतर्गत केवल उन्हीं सोलर पंपों का सुधार कार्य किया जाता है, जो तकनीकी रूप से अकार्यशील हो गये है, (अर्थात पंप कंट्रोलर में तकनीकी खराबी आने से या कनेक्टिंग वायर इत्यादि के लूज या अलग हो जाने के कारण सोलर पंप का कार्य न करना)। सोलर पंप के क्षतिग्रस्त हो गये कंपोंनेंट की मरम्मत का कार्य सी.एम.सी. कार्य की शर्तों में शामिल नहीं है। वर्तमान में जो सोलर पंप आधारित योजनाऐं बंद हैं, उनके पैनल/स्टार्टर/पंप सुधार योग्य नहीं हैं। सौर ऊर्जा आधारित नलजल योजनायें जहां मोटर पंप/मोटर/स्टार्टर क्षतिग्रस्त होने अथवा सोलर पैनल क्षतिग्रस्त होने के कारण बंद है। उनमें से 04 योजनाओं में जल जीवन मिशन के अन्तर्गत रेट्रोफिटिंग योजनाओं की स्वीकृति प्राप्त की गई है जिनमें से 01 योजना में कार्य प्रगतिरत है एवं 03 योजनाओं में निविदा की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है इसके अतिरिक्त 02 योजनाओं में मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा सेमरी जलाशय समूह योजनान्तर्गत कार्य किया जा रहा है। शेष योजनाओं को भी रेट्रोफिटिंग के अन्तर्गत सम्मिलित कर चालू करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र का संचालन
[महिला एवं बाल विकास]
37. ( क्र. 3060 ) श्री रामपाल सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले में किन-किन स्थानों पर मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित हैं तथा उनमें बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को क्या-क्या सुविधायें मिलती हैं? (ख) मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र खोलने के संबंध में शासन के क्या-क्या निर्देश है? रायसेन जिले में किन-किन ग्रामों में मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र नहीं हैं? (ग) रायसेन जिले के ग्रामों में मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र खोलने के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री जी तथा जिले के अधिकारियों को 1 जनवरी, 2020 से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में प्रश्नकर्ता विधायक के पत्र कब-कब प्राप्त हुये तथा उन पर क्या-क्या कार्यवाही की गई? (घ) प्रश्नकर्ता विधायक के पत्रों में उल्लेखित किन-किन स्थानों पर मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र स्वीकृत किये गये तथा किन-किन स्थानों पर मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र क्यों स्वीकृत नहीं किये गये?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' पर है। आंगनवाड़ी केन्द्र के हितग्राहियों को पात्रतानुसार पूरक पोषण आहार, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच, पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा, शालापूर्व शिक्षा, संदर्भ सेवाएं आदि सुविधाएं प्रदान की जाती है। (ख) ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्र हेतु 150 से 400 की जनसंख्या पर मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र तथा आदिवासी क्षेत्र/ मजरे/टोले हेतु 150 से 300 की जनसंख्या पर मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र खोले जाने का प्रावधान है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' पर है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' पर है। (घ) वर्तमान में भारत सरकार द्वारा आंगनवाड़ी केन्द्र/मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र की स्वीकृति प्रदान नहीं की जा रही है। अतः शेष जानकारी का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
प्रदेश में लोकायुक्त के प्रकरण
[सामान्य प्रशासन]
38. ( क्र. 3079 ) श्री यशपाल सिंह सिसौदिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 1 जनवरी 2015 से प्रश्न दिनांक तक प्रदेश में लोकयुक्त के छापों में कुल किस-किस श्रेणी के कर्मचारी/अधिकारी पर कार्यवाही हुई? नाम पद सहित जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) संदर्भित छापों में उक्त अवधि में सबसे अधिक किस विभाग के, किस पद तथा किस जिले के कर्मचारियों पर कार्यवाही हुई? (ग) उक्त अवधि में डाले गए छापों में कितने प्रकरण विचाराधीन हैं तथा कितने प्रकरणों की न्यायालय में डायरी सौंप दी गई है तथा न्यायालय द्वारा कितनों को दोषी पाया गया, कितनों को निर्दोष?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्कालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) सबसे अधिक सहकारिता विभाग के, समिति प्रबंधक के तथा इंदौर जिले के कर्मचारियों पर कार्यवाही हुई। (ग) उक्त अवधि में डाले गये छापों में 110 प्रकरण विवेचनाधीन है तथा 10 प्रकरणों में चालान पेश किया गया है तथा न्यायालय द्वारा दोषी पाये गये प्रकरण निरंक है एवं 01 प्रकरण में आरोपी को दोषमुक्त किया गया है।
उज्जैन, इंदौर संभाग में संचालित मेडिकल जांच सेंटर
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
39. ( क्र. 3083 ) श्री यशपाल सिंह सिसौदिया : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन, इंदौर संभाग में कुल कितनी निजी लेबोरेटरी सोनोग्राफी सेंटर, सीटी स्कैन सेंटर, एक्सरे सेंटर व अन्य मेडिकल जांच सेंटर कहाँ-कहाँ संचालित हैं? (ख) क्या प्रश्नांश (क) संदर्भित सभी सेंटर शासन के नियमों के साथ संचालित हैं? यदि हाँ, तो सभी की विभाग द्वारा दी गई अनुमति की प्रतिलिपि देवें। (ग) क्या उक्त सभी सेंटर को संचालित करने के लिए ऑपरेटर के मापदंड तय है? यदि है, तो उक्त सेंटर को संचालित करने के लिए क्या-क्या योग्यता आवश्यक है? क्या उपरोक्त सभी सेंटर इसकी पूर्ति कर रहे है? यदि नहीं, तो ऐसी शिकायत विभाग को कब-कब प्राप्त हुई? विभाग द्वारा उन पर क्या कार्यवाही की गई? की गई कार्यवाही की रिपोर्ट देवें?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) उज्जैन, इंदौर संभाग में पंजीकृत निजी लेबोरेटरी, सोनोग्राफी सेंटर, सीटी स्केन सेंटर, एक्स-रे व अन्य मेडिकल जांच सेंटर की पतेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। पंजीकृत सेंटरों को दी गई अनुमति (पंजीयन प्रमाण-पत्र) की प्रतिलिपि जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (ग) जी हाँ। उक्त सेंटर को संचालित करने हेतु ऑपरेटर की योग्यता जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। जी हाँ। उपरोक्त सभी संचालित सेंटर में ऑपरेटरों के मापदण्ड के विपरित कार्य करने संबंधी विभाग को प्राप्त शिकायत की जानकारी निरंक है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
बजट में सम्मिलित कार्यों की जानकारी
[वित्त]
40. ( क्र. 3178 ) श्री देवीलाल धाकड़ (एडवोकेट) : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र 227 गरोठ अंतर्गत वर्ष 2020-2021 व 2021-2022 के बजट में क्या-क्या स्वीकृतियां क्षेत्र को प्राप्त हुई थीं? कौन-कौन से विभाग के क्या-क्या कार्य थे व कितनी-कितनी राशि स्वीकृत की गई थी? (ख) क्या उक्त समस्त बजट में स्वीकृत कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति शासन ने जारी की है या नही? कितने कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है व कितने कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति जारी नहीं की गई? (ग) जिन कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है, क्या वे सभी कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं या किये जाना शेष हैं, तो क्या कारण हैं व कब तक पूर्ण होंगे? (घ) जिन कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति जारी नहीं की है उसका कारण क्या है? उनकी प्रशासकीय स्वीकृति कब तक जारी की जावेगी? इन कार्यों का कार्य कब प्रारम्भ होगा व कब तक पूर्ण किया जावेगा? बजट में उक्त स्वीकृतियों अंतर्गत, अन्तर्राज्यीय मुख्य मार्ग, रेल्वे ओवर ब्रिज, मुख्य मार्ग की पुलिया सम्मिलित है?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) बजट प्रावधान मांग संख्यावार विधानसभा के समक्ष प्रस्तुत किये जाते है। किसी विधानसभा क्षेत्र विशेष के लिए पृथक से प्रावधान नहीं किये जाते है। नवीन मद के रूप में रू. 1 करोड़ से अधिक लागत के कार्यों को परीक्षित/अपरीक्षित मद के रूप में बजट पुस्तिका में शामिल किया जाता है, परन्तु यह विधानसभा क्षेत्रवार अंकित नहीं किया जाता। अत: विधानसभावार जानकारी दी जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) से (घ) उत्तरांश "क" के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
लैंगिक उत्पीड़न समिति का गठन
[महिला एवं बाल विकास]
41. ( क्र. 3202 ) श्री राम दांगोरे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम 2013 के तहत कितने शासकीय/अशासकीय कार्यालयों में आंतरिक परिवार समिति का गठन किया गया है? यदि शासकीय/अशासकीय कार्यालयों में समिति का गठन नहीं किया गया है तो उनके विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई है? (ख) खंडवा जिले में शासकीय/अशासकीय क्षेत्रों में उक्त अधिनियम के अंतर्गत विगत 3 वर्षों में कितने प्रकरण दर्ज किए गए हैं? दर्ज प्रकरणों पर कितने व्यक्ति दोषी पाए गए हैं? दोषियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई है?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध, प्रतितोष) अधिनियम 2013 के तहत 2378 शासकीय/अशासकीय कार्यालयों में आंतरिक समिति का गठन किया गया है l शेष कार्यालयों में समिति गठन की जानकारी एकत्रित की जा रही हैl यदि शासकीय/ अशासकीय क्षेत्रोँ में समिति का गठन नहीं किया गया है तो अधिनियम की धारा 26 (1) अनुसार रूपये 50000/- जुर्माने की कार्यवाही की जाती है l (ख) खंडवा जिले में शासकीय/अशासकीय क्षेत्रोँ में अधिनियम के अंतर्गत विगत 3 वर्षोँ में 01 प्रकरण दर्ज कियाl दर्ज प्रकरण में 01 व्यक्ति दोषी पाया गया, जिसकी वार्षिक वेतनवृद्धि रोकी गयी, दूरस्थ स्थान पर पदस्थ किया गया एवं प्रतिकर के रूप में शिकायतकर्ता को भुगतान करने हेतु दण्डादेश जारी किया गया l
पिछड़ा वर्ग की पैरवी हेतु वकीलों की फीस का भुगतान
[सामान्य प्रशासन]
42. ( क्र. 3249 ) श्री
पाँचीलाल
मेड़ा : क्या
मुख्यमंत्री
महोदय यह
बताने की कृपा
करेंगे कि (क) प्रदेश
में 01
अप्रैल, 2020
से 15 फरवरी, 2022 तक की
अवधि में
पिछड़े वर्ग
(ओ.बी.सी.) के
आरक्षण को
लेकर माननीय
उच्चतम न्यायालय
एवं प्रदेश की
हाईकोर्ट में
लगी विभिन्न
याचिकाओं के
संबंध में
राज्य सरकार
ने अपना पक्ष
रखने के लिए
किन-किन एडवोकेटों
(वकीलों) को
नियुक्त
किया था? (ख) उक्त
वकीलों को फीस
के रूप में
किन-किन
याचिकाओं के
लिए किन-किन
एडवोकेट
(वकीलों) को
कितनी-कितनी
राशि का भुगतान
किया गया और
कितनी राशि का
भुगतान किया जाना
शेष है?
मुख्यमंत्री
( श्री शिवराज
सिंह चौहान ) : (क) प्रदेश
में 01 अप्रैल, 2020
से 15 फरवरी, 2022 की
अवधि में
पिछड़े वर्ग
(ओ.बी.सी.) के
आरक्षण को
लेकर माननीय
उच्चतम न्यायालय
में कोई
एडवोकेट
(वकील) नियुक्त
नहीं किया है
एवं माननीय
उच्च न्यायालय, जबलपुर
में लगी
विभिन्न
याचिकाओं के
संबंध में
राज्य सरकार
ने अपना पक्ष
रखने के लिए
श्री तुषार मेहता, सॉलिसिटर
जनरल, सर्वोच्च
न्यायालय, श्री
के.एम. नटराज, एडिशनल
सॉलिसिटर
जनरल, सर्वोच्च
न्यायालय, श्री
रामेश्वर
सिंह ठाकुर, अधिवक्ता
एवं श्री
विनायक
प्रसाद शाह, अधिवक्ता
को नियुक्त
किया गया है। (ख)
श्री तुषार
मेहता को कुल
राशि रूपये 75,00,000/- (पचहत्तर
लाख रूपये/-), श्री
के.एम. नटराज
को कुल राशि
रूपये 11,00,000/- (ग्यारह
लाख रुपये/-) का
भुगतान किया
गया है। श्री के.एम.
नटराज के कुल
राशि रूपये 44,00,000/- ( चवालीस
लाख रूपये/-), श्री
रामेश्वर
सिंह ठाकुर के
कुल राशि
रूपये 7,50,000/- (सात
लाख पचास हजार
रूपये/-) तथा
श्री विनायक
प्रसाद शाह के
कुल राशि
रूपये 7,50,000/- (सात
लाख पचास हजार
रूपये/-) की
राशि का
भुगतान किया
जाना शेष है।
पर्यटकों की संख्या में वृद्धि
[पर्यटन]
43. ( क्र. 3390 ) डॉ.
सीतासरन
शर्मा : क्या
पर्यटन
मंत्री
महोदया यह
बताने की कृपा
करेंगी कि (क)
प्रदेश में
विगत पांच
वर्षों में
कितने पर्यटक
मध्यप्रदेश
आये। वर्षवार
बतावें कि
प्रदेश के किस
पर्यटन स्थल
पर कितने देशी
एवं कितने
विदेशी
पर्यटक आये? (ख) प्रदेश
के किन-किन
पर्यटन
स्थलों पर
पर्यटकों की
संख्या में
कितनी कमी या
वृद्धि हुई? (ग) विगत
पांच वर्षों
में
नर्मदापुरम
जिले में कितने
देश/विदेशी
पर्यटक
किन-किन
स्थलों पर आए, वर्षवार
जानकारी दें? (घ) नर्मदापुरम
जिले में
पर्यटन को
बढ़ावा देने के
लिए कौन सी
योजनाओं को
क्रियान्वित
की जाना है? (ङ) क्या
शासन
नर्मदापुरम
जिले में नये
पर्यटन
क्षेत्र
विकसित करेगा
ताकि रोजगार
की संभावना
प्रबल हो सके?
पर्यटन
मंत्री (
सुश्री उषा
ठाकुर ) : (क)
जानकारी पुस्तकालय
में रखे
परिशिष्ट के
प्रपत्र ''अ'' अनुसार
है। (ख)
जानकारी
पुस्तकालय
में रखे परिशिष्ट
के प्रपत्र ''ब'' अनुसार
है। (ग)
जानकारी पुस्तकालय
में रखे
परिशिष्ट के
प्रपत्र ''स''अनुसार
है। (घ)
जानकारी
पुस्तकालय
में रखे परिशिष्ट
के प्रपत्र ''द'' अनुसार
है। (ड.) पर्यटन
क्षेत्र
विकसित करने
के लिये
उपरोक्तानुसार
कार्य
संपादित किये
गये है।
प्रक्रिया
सतत जारी है।
प्रमुख अधीक्षक अग्निशमन इन्दौर के विरूद्ध पंजीबद्ध अपराध
[सामान्य प्रशासन]
44. ( क्र. 3397 ) श्री आरिफ मसूद : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरों इन्दौर में राम सिंह निंगवाल वर्तमान प्रमुख अधीक्षक, अग्निशमन सेवा के विरूद्ध पूर्व में एवं वर्तमान में कौन-कौन से अपराध दर्ज है तथा अपराधों की वर्तमान स्थिति क्या है एवं इनके विरूद्ध वर्तमान में और कौन-कौन सी शिकायतें लंबित है शिकायतकर्ता एवं शिकायत नम्बर सहित बतावे? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में क्या राम सिंह निंगवाल स्वयं के विरूद्ध पंजीबद्ध आपराधिक प्रकरण में लंबे समय तक न्यायिक अभिरक्षा में रहे एवं निलंबित रहे? (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में क्या राम सिंह निंगवाल वर्तमान प्रमुख अधीक्षक अग्निशमन सेवा ने निरीक्षक पद पर प्रतिनियुक्ति के दौरान अवैध वसूली कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने के आरोप में जेल गये थे यदि हाँ, तो क्या वह वर्तमान में पुन: उसी विभाग में प्रतिनियुक्ति पर वरिष्ठ पद पर पदस्थ हैं, प्रतिनियुक्ति संबंधी नियम व दस्तावेज उपलब्ध कराएं? (घ) प्रश्नांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में क्या राम सिंह निंगवाल विशेष सशस्त्र बल में प्लाटून कमांडर पद से भर्ती हुए है तथा इन्होंने अग्निशमन से संबंधित कोई प्रशिक्षण प्राप्त नहीं किया है। यदि हाँ, तो राम सिंह निंगवाल को मूल विभाग (विशेष सशस्त्र बल) में वापस किया जायेगा यदि नहीं, तो क्यों?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ इकाई इंदौर में श्री राम सिंह निंगवाल, तत्का. निरीक्षक पुलिस फायर बिग्रेड इंदौर के विरूद्ध अपराध क्रमांक 14/2000 पंजीबद्ध हुआ था, शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। वर्तमान में श्री राम सिंह निंगवाल तत्का. निरीक्षक पुलिस फायर बिग्रेड, इंदौर के विरूद्ध कोई भी अपराध/शिकायत लंबित नहीं है। (ख) श्री रामसिंह निंगवाल, तत्का. निरीक्षक पुलिस फायर बिग्रेड, इंदौर दिनांक 27.12.2003 से 07.02.2004 तक न्यायिक अभिरक्षा में रहे तथा दिनांक 24.08.2004 से 19.12.2012 तक निंलबित रहे। (ग) श्री राम सिंह निंगवाल तत्का. निरीक्षक पुलिस फायर बिग्रेड, इंदौर के पद पर प्रतिनियुक्ति के दौरान गबन करके शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने के आरोप में अपराध पंजीबद्ध किया जाकर गिरफ्तार किया गया। जिस पर माननीय न्यायलय द्वारा उन्हें जेल भेजा गया था। शेष प्रश्नांश की जानकारी एकत्रित की जा रही है। (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
कोरोना उपचार हेतु आवंटित राशि
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
45. ( क्र. 3414 ) श्री पी.सी. शर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कोरोना बीमारी के उपचार हेतु पिछले 02 वर्ष में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को प्रत्येक जिले में कितनी राशि आवंटित की गई है? (ख) प्रत्येक जिले में आवंटित राशि में से कितनी राशि व्यय की गई? (ग) क्या व्यय की गई राशि में व्यापक भ्रष्टाचार हुआ है यदि हाँ, तो क्या भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जाँच की जावेगी?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
अपना घर अपना दफ्तर के नाम से संचालित खाता
[वित्त]
46. ( क्र. 3441 ) श्री संजीव सिंह : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भिण्ड जिले में तत्कालीन कलेक्टर द्वारा अपना घर अपना दफ्तर के नाम से कोई बैंक खाता खोला गया? यदि हाँ, तो इस खाते में आज दिनांक तक कितनी राशि जमा हुई है? कितने लोगों से यह राशि ली गई? (ख) क्या अपना घर-अपना दफ्तर एक एन.जी.ओ. है? यदि हाँ, तो क्या इस एन.जी.ओ. का ऑडिट किया गया? इस खाते में से कितनी राशि व्यय की गई और किन-किन कार्यों के लिए व्यय की गई? क्या राशि बिना ऑडिट के व्यय की जा सकती थी यदि नहीं, तो व्यय करने वाले उक्त अधिकारियों पर क्या कार्यवाही की गई? (ग) किस-किस व्यक्ति से राशि जमा कराई जा सकती है? क्या यह एन.जी.ओ. शासकीय अधिकारी/कर्मचारी के कल्याण के लिए है? यदि हाँ, तो किस-किस का कल्याण किया गया?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ। उक्त खाते में राशि रू. 18,85,200/- जमा है। कुल 392 व्यक्तियों से राशि प्राप्त की गई है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) स्वेच्छानुसार राशि जमा कराई गई है। राशि कार्यालय को व्यवस्थित करने के लिए व्यय की गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
गौशाला कमेटी के सदस्यों द्वारा शासकीय जमीन को खुर्द-बुर्द करना
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
47. ( क्र. 3445 ) श्री संजीव सिंह : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) कटनी जिले के अंतर्गत श्री गौशाला कटनी का पंजीयन कब हुआ था पंजीयन की प्रति उपलब्ध करावे प्रश्न दिनांक की स्थिति में उक्त कमेटी में कितने सदस्य हैं उनके नाम, पते, सहित विवरण दें? वर्तमान समिति का चुनाव कब हुआ था? पूर्ण जानकारी सहित विवरण उपलब्ध करावें? उक्त कमेटी का पंजीयन ट्रस्ट या समिति के रूप में हुआ था? यह भी बताएं। (ख) प्रश्नांश (क) की समिति में कुल कितनी भूमि कहाँ-कहाँ स्थित थी, खसरा नं. सहित विवरण दें? उक्त भूमि में से कितनी-कितनी भूमि किस-किस को विक्रय किया, क्यों और प्रयोजन से किया इसके लिये कौन अधिकृत था? (ग) प्रश्नांश (क) की समिति द्वारा कितनी भूमि लीज पर किस-किसको प्रदाय की गई? नाम पता, खसरा न. सहित पूर्ण विवरण दें? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्य में श्री गौशाला कमेटी द्वारा नियमों के प्रावधानों के विपरीत जमीनों के खुर्द-बुर्द करने वाले पदाधिकारियों के विरूद्ध पुलिस थाने में प्राथमिकी कब तक दर्ज करा दी जावेगी? यदि नहीं, तो क्यों कारण बताए? (ड.) श्री गौशाला कटनी के बायलाज (नियमावली) की प्रति उपलब्ध करावें तथा विगत 5 वर्षों की ऑडिट रिपोर्ट की प्रति दें।
पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
श्रमजीवी पत्रकारों के आश्रित परिवार के सदस्यों को आर्थिक सहायता
[जनसंपर्क]
48. ( क्र. 3446 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में श्रमजीवी पत्रकारों के आश्रित परिवार के सदस्यों को आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है तो वर्ष 2020 - 2021 एवं फरवरी 2022 तक कितने श्रमजीवी पत्रकारों के परिवारों को आर्थिक सहायता दी गई है? जिलावार, राशि सहित जानकारी दी जावें। (ख) ग्वालियर एवं चम्बल सम्भाग के कितने श्रमजीवी पत्रकारों को केन्सर, हृदय की बाईपास सर्जरी, एन्जियोप्लास्टी, न्यूरोसर्जरी जैसे गम्भीर रोगों हेतु पचास हजार रूपये दिये गये हैं? पत्रकारों के नाम, जिला सहित पूर्ण जानकारी दी जावें। (ग) क्या गम्भीर रोगों के लिये यह राशि अपर्याप्त है जबकि उक्त बीमारियों पर लाखों रूपये खर्च होते हैं श्रमजीवी पत्रकारों के परिवार पर यह राशि वहन करना असम्भव है? क्या शासन राशि बढ़ाने पर विचार कर रहा है? (घ) शासन श्रमजीवी पत्रकारों के लिये हृदय रोग, लीवर रोग, अस्थमा, आर्थोराइटस (घुटने के दर्द) स्पाइन आदि रोगों के आर्थिक सहायता देने का प्रावधान करेगा? यदि हाँ तो कब तक? नहीं तो क्यों नहीं? तथ्यों सहित जानकारी दी जावें।
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। वर्ष 2020-2021 में 388 पत्रकारों को रूपये 1 करोड़ 65 लाख 79 हजार एवं वर्ष 2021-2022 में (फरवरी 2022 तक) 653 पत्रकारों को रूपये 6 करोड़ 38 लाख 4 हजार की आर्थिक सहायता दी गई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) वर्ष 2020-2021 में ग्वालियर/चंबल संभाग के 34 पत्रकारों को रूपये 20 लाख 80 हजार एवं वर्ष 2021-2022 में (फरवरी 2022 तक) 52 पत्रकारों को रूपये 53 लाख 87 हजार की आर्थिक सहायता दी गई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (ग) पात्रता/नियमानुसार उपचार के लिये राशि स्वीकृत की जाती हैं। (घ) वर्तमान में प्रावधान हैं।
विकासखण्ड खिलचीपुर एवं जीरापुर में नलकूप खनन
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
49. ( क्र. 3477 ) श्री प्रियव्रत सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले के अंतर्गत 5 वर्षों से विकासखण्ड खिलचीपुर एवं जीरापुर में कितने नलकूप खनन किए गए हैं? योजनावार स्थान का नाम सहित दर्शाएं। (ख) इनमें से कितने उक्त स्त्रोत जीवित स्थिति में हैं? कितने खनन बंद हो चुके हैं व किन कारणों से बंद हुए हैं? (ग) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा जनवरी 2019 से प्रश्न दिनांक तक ग्रामीणजनों की सुविधा की दृष्टि से नलकूप खनन हेतु पत्राचार किया गया हैं? (घ) यदि हां, तो उन पर क्या कार्यवाही की गई? वर्षवार सूची उपलब्ध कराएं। यदि नहीं, तो क्यों?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जी हाँ। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।
विकास निधि अंतर्गत सामुदायिक भवन निर्माण की राशि में विलंब
[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]
50. ( क्र. 3478 ) श्री प्रियव्रत सिंह : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले की खिलचीपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रानगर विकासखण्ड जीरापुर में क्या प्रश्नकर्ता द्वारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास निधि अंतर्गत सामुदायिक भवन निर्माण हेतु राशि 10.00 लाख रूपये की अनुशंसा पर जिला योजना एवं सांख्यिकी राजगढ़ द्वारा स्वीकृति जारी कर निर्माण एजेंसी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा को बनाया गया था? (ख) यदि हां, तो क्या उक्त निर्माण कार्य के निर्माण हेतु पूर्ण राशि क्रियान्वयन एजेंसी को प्रदाय कर दी गई? (ग) यदि नहीं, तो कब तक राशि उक्त एजेंसी को प्रदाय कर दी जाएगी? यदि हां, तो क्या निर्माण एजेंसी को इसका पूर्ण भुगतान कर दिया गया? विलंब के क्या कारण हैं? इनमें कौन दोषी हैं?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। प्रथम किस्त की राशि रुपये 5.00 लाख जिला कार्यालय के पत्र क्रं. 60 दिनांक 01-01-2021 को बी.सी.ओ. पर आई.एफ.एम.एस. के माध्यम से आई.डी. क्रं. BUD_SURR_DDO10000002/2020/05-01-2021 के द्वारा क्रियान्वयन एजेन्सी को प्रदाय हेतु समर्पित की गई तथा द्वितीय किश्त की राशि रुपये 5.00 लाख चालान क्रमांक 40 दिनांक 24.03.2021 के द्वारा क्रियान्वयन एजेन्सी कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा राजगढ़ को बॉय ट्रांसफर से प्रदाय की गई है। क्रियान्वयन एजेन्सी द्वारा राशि का उपयोग नहीं करने के कारण वित्तीय वर्ष समाप्ति पर राशि रुपये 5.00 लाख लेप्स हुई। (ग) क्रियान्वयन एजेन्सी को राशि का भुगतान किए जाने में विलंब नहीं हुआ है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
पेंशनर्स को केन्द्र के समान महंगाई राहत एवं एरियर देना
[वित्त]
51. ( क्र. 3496 ) श्री राकेश मावई : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह सही हैं कि शासन के नियम और नीति अनुसार केन्द्र सरकार जब-जब अपने पेंशनर्स की महंगाई राहत बढ़ाती हैं उसी तिथि से प्रदेश सरकार भी अपने पेंशनर्स की राहत राशि बढ़ाती हैं यदि हाँ, तो जुलाई 2019 से सितम्बर 2021 तक प्रदेश के पेंशनर्स सभी प्रकार की राहत राशि (31%) से वंचित क्यों हो रहे हैं? प्रदेश के पेंशनर्स को उक्त अवधि की राहत राशि कब तक दी जाएगी? (ख) जनवरी 2006 से 31 अगस्त 2008 तक पेंशनर्स निर्धारण का 32 माह का एरियर प्रश्न दिनांक तक नहीं दिया गया तथा 01.01.2016 से 31.03.2018 तक पेंशन निर्धारण का 27 माह का एरियर भी प्रदेश सरकार नहीं दें रही हैं इस संबंध में म.प्र. पेंशनर्स एसोसियेशन द्वारा माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में याचिका क्रमांक 5773/2016 के निर्णय में न्यायालय ने 06% ब्याज सहित 06 माह के भीतर 32 माह के एरियर भुगतान करने का आदेश दिया गया यदि हाँ, तो माननीय न्यायालय के आदेश का पालन क्यों नहीं किया गया। पेंशनर्स को कब तक एरियर का भुगतान कर दिया जाएगा। (ग) प्रदेश सरकार पेंशनर्स की आयु 80 वर्ष होने पर अतिवृद्ध पेंशनर्स को 20 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन कब से देना प्रारंभ करेगी तथा स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ देने के लिए चिकित्सा भत्ता देना कब प्रारंभ किया जाएगा?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी नहीं। राज्य शासन अपनी वित्तीय संसाधनों के आधार पर पेंशनर्स की महंगाई राहत बढ़ाने के संदर्भ में यथा समय निर्णय लेती है। राज्य के पेंशनर्स को छत्तीसगढ़ राज्य से सहमति के आधार पर महंगाई राहत दी जा रही है। (ख) वित्त विभाग के परिपत्र क्रमांक एफ 9-2/2009/आर/चार दिनांक 03-08-2009 द्वारा छठवें वेतनमान का लाभ 01 सितम्बर 2008 से देय है एवं वित्त विभाग के ज्ञापन क्रमांक एफ 9-2/2018/R/IV दिनांक 11 जून 2018 द्वारा सातवें वेतनमान का लाभ माह अप्रैल 2018 से देय है। अत: 32 माह एवं 27 माह के एरियर्स की स्थिति निर्मित नहीं होती है। जी हाँ। शासन द्वारा आगामी विधिक कार्यवाही की जा रही है। (ग) वित्त विभाग के परिपत्र क्रमांक एफ 9-2/2009 दिनांक 03 अगस्त 2009 से जारी आदेश में 80 वर्ष पूर्ण होने पर 20 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन दिये जाने का प्रावधान है। वर्तमान में यह व्यवस्था लागू है।
बस स्टैण्ड (पुराने) की जमीन का विक्रय
[लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन]
52. ( क्र. 3514 ) श्री जालम सिंह पटैल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला नरसिंहपुर के परिवहन विभाग द्वारा बस स्टैण्ड (पुराने) की जमीन का विक्रय किया गया है? यदि हाँ, तो जानकारी प्रदान करें। (ख) अगर जमीन का विक्रय किया है तो कब किया है, किस पद्धति से विक्रय किया है और कितनी जमीन, कितनी राशि में विक्रय की गई है और किस कंपनी या व्यक्ति द्वारा जमीन का क्रय (खरीदी) की गई है?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ख) जमीन का विक्रय ई-टेण्डर कम ई-ऑक्शन पद्धति से किया गया। जमीन का कुल क्षेत्रफल 2997.21 वर्गमीटर का विक्रय राशि रूपये 19,99,99,999/- में किये जाने हेतु एच-1 निविदाकार मेसर्स नर्मदा डेवलपर्स को दिनांक 21/01/2022 को एल.ओ.आई. जारी की गई।
आशा सहयोगी चयन में अनियमतिता
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
53. ( क्र. 3524 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक जिला राजगढ़ अंतर्गत आशा कार्यकर्ता से आशा सहयोगी में चयन हेतु विभागीय स्तर पर कब-कब आवेदन आमंत्रित किए गए? वर्षवार प्राप्त आवेदनों के विरुद्ध कितने आशा सहयोगी को नियुक्ति प्रदान की गई एवं कितने प्रकरण नियुक्ति हेतु शेष हैं? वर्षवार, नामवार, आवेदक की शैक्षणिक योग्यताओं की जानकारी सूची सहित देवें। (ख) क्या आशा सहयोगी के चयन प्रक्रिया में शैक्षणिक योग्यताओं के संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी राजगढ़ द्वारा संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भोपाल से मार्गदर्शन चाहा गया था? तत्संबंध में कब-कब पत्राचार किया गया? उनकी छायाप्रति एवं वरिष्ठ कार्यालय से क्या मार्गदर्शन मिला, उसकी छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ग) संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भोपाल से प्राप्त मार्गदर्शन उपरांत कितने आशा सहयोगी को नियुक्तियां प्रदान की गई एवं कितने प्रकरण किस कारण से शेष हैं? सूची प्रदान करें। क्या जानबूझकर भी नियुक्ति से लंबित रखने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही की जावेगी?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक केवल एक बार, वर्ष 2019 में आवेदन आमंत्रित किये गये थे। कुल प्राप्त 71 आवेदनों के विरूद्ध कुल 56 आवेदकों को आशा सहयोगी हेतु चयनित किया गया, कोई प्रकरण शेष नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। 24.08.2020 को पत्राचार किया गया था, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। राज्य कार्यालय द्वारा लिखित मार्गदर्शन अप्राप्त, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) राज्य कार्यालय द्वारा लिखित मार्गदर्शन अप्राप्त अत: प्रश्न उपस्थित नहीं होता, जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति द्वारा माह फरवरी 2022 में जिला स्वास्थ्य समिति से अनुमोदन पश्चात 08 आशा पर्यवेक्षकों को चयनित किया गया सूची जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
वर्ष 2011 में की गई जनगणना में वर्षों से निवासरत लोगों के नाम नहीं होना
[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]
54. ( क्र. 3541 ) श्री संजय शुक्ला : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2011 में की गई जनगणना का रिकार्ड अपटेट किया जाकर कम्यूटराईज किया गया है? हाँ या नहीं? हाँ तो इन्दौर जिले की वार्डवार सॉफ्ट कॉपी उपलब्ध करायें? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में यदि हाँ, तो क्या वर्षों से जिला/शहरों/वार्डों में निवासरत जो कि वर्षों एक ही पते पर दो या तीन पीढि़यों से निवासरत हैं? उनके नाम सर्वे सूची में क्यों/नहीं हैं? क्या कई नागरिकों को आयुष्मान कार्ड बनवाने में उक्त त्रुटियों का सामना करना पड़ रहा है? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में यदि हाँ, तो वर्ष 2011 की जनगणना रिकार्ड को अपडेट किया जाकर नागरिकों को आयुष्मान कार्ड व शासकीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाये? यदि हाँ, तो स्पष्ट करें? इन्दौर जिले में कौन-कौन अधिकारी आयुष्मान योजना का कार्य संपादित कर रहे हैं? उनके नाम नंबर सहित सूची उपलब्ध करायें? (घ) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्या मध्यमवर्गीय परिवारों को भी आयुष्मान योजना व अन्य योजनाओं से जोड़ा जायेगा? जिला इन्दौर कितने नागरिकों को आयुष्मान कार्ड की सुविधा उपलब्ध कराई गई है? कितने आवेदकों द्वारा आयुष्मान कार्ड हेतु आवेदन किया गया? कितने कार्ड जारी किये गये? कितने आवेदकों के कार्ड जारी नहीं किये गये?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।
राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते, ग्रेड पे, गृह भाड़ा भत्ते एवं पुरानी पेंशन
[वित्त]
55. ( क्र. 3545 ) श्री शिवदयाल बागरी : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या केन्द्र के समान राज्य कर्मचारियों को भी 31 प्रतिशत महंगाई भत्ता कब तक दिया जायेगा? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) क्या मध्यप्रदेश के आंदोलनरत राज्य कर्मचारियों को भी राष्ट्रीय पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना से कब तक लाभान्वित किया जाएगा? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या मध्यप्रदेश के राज्य कर्मचारियों को भी केन्द्र के समान ग्रेड-पे कब दिया जाएगा? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) क्या मध्यप्रदेश के आंदोलनरत राज्य कर्मचारियों को भी केन्द्र के समान गृह भाड़ा भत्ता कब तक दिया जाएगा? यदि नहीं, तो क्यों?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। राज्य शासन अपने वित्तीय संसाधनों के आधार पर निर्णय लेता है। (ख) वर्तमान में पुरानी पेंशन योजना लागू करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) केन्द्र सरकार द्वारा सातवें वेतनमान अंतर्गत ग्रेड पे का प्रावधान नहीं है। अत: शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) राज्य शासन अपने वित्तीय संसाधनों के आधार पर निर्णय लेता है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
ग्वालियर बस स्टेण्ड की लीज बरकरार रखना
[लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन]
56. ( क्र. 3565 ) श्री राकेश मावई : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्य सरकार ग्वालियर बस स्टेण्ड की भूमि की लीज के बजाय बिक्री कर रही है? अगर हाँ तो उस भूमि कर जिनकी दुकान है और उनकी लीज की अवधि कई साल शेष है क्या उनका पुनर्वास किया गया है? यदि नहीं, तो क्यों? क्या दुकान संचालकों के पुनर्वास की शासन द्वारा नीति बनाई गई है? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) ग्वालियर में बस स्टेण्ड के दुकानदारों के पुनर्वास की क्या स्थिति है? क्या ग्वालियर में बस स्टेण्ड के दुकान संचालकों की लीज निरस्त करने के मामले में भेदभाव हुआ है? यदि हाँ, तो क्यों? (ग) क्या यह भी सही है कि ग्वालियर बस स्टेण्ड की चालीस दुकानों पर काबिज रीजेंसी स्क्वायर की लीज बरकारार रखी गई है लेकिन छोटे दुकानदारों को हटाया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्यों?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) संभागीय प्रबंधक, संभागीय कार्यालय, सड़क परिवहन निगम, ग्वालियर से प्राप्त जानकारी अनुसार ग्वालियर स्थित सड़क परिवहन निगम के मुख्य बस स्टेण्ड का संचालन वर्तमान में नगर निगम द्वारा किया जा रहा है। बस स्टेण्ड पर स्थित 1 केंटीन तथा 5 दुकानों एवं रीजेंसी स्क्वेयर की दुकानों का किराया सड़क परिवहन निगम द्वारा लिया जाता है। मुख्य बस स्टेण्ड के छोटे 5 दुकानदारों सहित केंटीन व रीजेंसी स्क्वेयर की 40 दुकानों की लीज को बरकरार रखते हुये किसी को भी विस्थापित नहीं किया जा रहा है। (ख) उत्तरांश ''क'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश ''क'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
जल जीवन मिशन अन्तर्गत निर्माण कार्यों की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
57. ( क्र. 3626 ) श्री हर्ष विजय गेहलोत (गुड्डू) : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्राम कुआझागर विकासखण्ड रतलाम में उच्च स्तरीय पानी की टंकी बनाने हेतु ठेकेदार के साथ अनुबंध सम्पादित कर कार्यादेश दिनांक 27.01.2021 को जारी किया गया? यदि हाँ, तो बतावे कि कार्य कब तक समाप्त होना था तथा विलम्ब पर किस अनुसार पेनल्टी का प्रावधान था? (ख) क्या उक्त अनुबंध अनुसार कुकडीपाड़ा मजरा ग्राम कुआझागर में उच्च स्तरीय पानी की टंकी का निर्माण प्रारम्भ होकर स्थान परिवर्तन के लिये रोक दिया गया है? यदि हाँ, तो बतावें कि चयनित स्थल पर टंकी निर्माण किसके आदेश से रोकी गयी? आदेश की प्रति देवें तथा बतावें कि टंकी अब किस स्थान पर बनाई जावेगी? (ग) रतलाम जिले में विधानसभावार बतावें कि किस-किस स्थान पर उच्च स्तरीय पानी की टंकी निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है? किस स्थान पर निर्माणाधीन है तथा किस स्थान पर निर्माण प्रारम्भ नहीं हुआ है? (घ) जल जीवन मिशन के तहत रतलाम जिले में विधानसभावार स्वीकृत तथा प्रस्तावित कार्य की जानकारी दें तथा बतावें कि आदिवासी उपयोजना क्षेत्र बाजना तथा सैलाना में कितनी-कितनी राशि का कौन-कौन सा कार्य आदिवासी उपयोजना राशि से हो रहा है तथा कौन सा कार्य सामान्य राशि से हो रहा है?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। दिनांक 27.07.21 को समाप्त होना था, विलंब होने पर पैनाल्टी का प्रावधान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। ग्रामीणों की सहमति नहीं होने से निर्माण कार्य रोका गया। पृथक से कोई आदेश जारी नहीं किया गया। ग्राम पंचायत द्वारा चयनित स्थान पर। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 एवं प्रपत्र-4, अनुसार है। जल जीवन मिशन मद से कार्य किया जा रहा है, जिसमें आदिवासी उपयोजना श्रेणी भी सम्मिलित है।
शराब की दुकानों एवं अहातों का निरीक्षण
[वाणिज्यिक कर]
58. ( क्र. 3631 ) श्री कमलेश जाटव : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन द्वारा अनुबंधित अंग्रेजी/देशी शराब की दुकानों आहतों को विभाग के किन-किन अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन शराब के स्टॉक एवं बिक्री तथा अहातों को चलाए जाने की शर्तों का निरीक्षण किये जाने का कोई प्रावधान है? यदि हाँ, तो नियम निर्देश उपलब्ध कराते हुऐ, शहर मुरैना एवं मेरी सम्पूर्ण विधानसभा क्षेत्र में किस-किस दुकानों पर किस-किस दिनांकों में किस-किस अधिकारी द्वारा किस-किस स्थान पर निरीक्षण किया गया? अप्रैल 2021 से प्रश्न दिनांक तक किये गए निरीक्षणों की रिपोर्टों की छायाप्रति के साथ जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) क्या शासकीय अनुबंधित अंग्रेजी/ देशी शराब की दुकानों द्वारा शराब की बिक्री के साथ में शराब को पिलाने हेतु शासन के नियमानुसार किसी प्रकार के अहाते (एफ.एल.-2) खोलने का कोई नियम एवं प्रावधान है? यदि हाँ तो नियम/निर्देश के साथ उक्त अहातों की शर्तें, अहातों द्वारा नियमानुसार दी जाने वाली सुविधाओं तथा अहाते हेतु कुल नियमानुसार कितनी जगह (स्क्वायर फिट में) होना आवश्यक है? सभी जानकारियां उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार विभाग द्वारा निरीक्षण किये जाने पर कोई अनियमितता एवं शिकायत पाई गई? यदि हाँ तो संबंधित शराब विक्रेता के विरूद्ध कोई कार्यवाही की गई? उक्त कार्यवाही की समस्त छायाप्रतियों के साथ जानकारी उपलब्ध करावें।
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन राशि भुगतान
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
59. ( क्र. 3635 ) श्री अनिल जैन : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, भोपाल द्वारा कोविड-19 टीकाकरण अभियान हेतु आशा कार्यकर्ताओं को कोविड-19 टीकाकरण सत्र के दौरान समुदाय मोविलाईजेशन करने हेतु राशि रूपये 200/- प्रति मोबिलाईजर प्रति सत्र के मान से राशि प्रदाय किये जाने हेतु आदेश जारी किये गये थे? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में यदि हाँ, तो क्या निवाड़ी जिले की विधानसभा क्षेत्र निवाड़ी में आशा कार्यकर्ताओं को उक्त राशि प्रदान की गई है? यदि हाँ, तो नामवार एवं भुगतान की तिथिवार जानकारी देवें एवं यदि उक्त राशि आज दिनांक तक प्रदान नहीं की गई है तो क्यों एवं इसके लिए कौन-कौन दोषी हैं एवं दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। वर्तमान में कोई राशि दिया जाना लम्बित नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
प्रशिक्षित जन स्वास्थ्य रक्षकों का समावेशन
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
60. ( क्र. 3749 ) श्री महेश परमार : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन 1995 में जन स्वास्थ्य रक्षक योजना के अंतर्गत भर्ती किए गए जन स्वास्थ्य रक्षकों को स्वास्थ्य विभाग में सहभागिता के लिए नवीन कम्यूनिटी हेल्थ वालेंटियर बनाने एवं समावेशित करने का आदेश जारी करने का कष्ट करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? (ख) क्या कारण है कि दिनांक 29/06/2021 को कम्यूनिटी हेल्थ वालेंटियर बनाकर 2000 प्रतिमाह मानदेय का आदेश संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएँ मध्यप्रदेश ने जारी करने से पूर्व प्रशिक्षित जन स्वास्थ्य रक्षकों को समावेशित करने का प्रावधान अथवा उल्लेख स्पष्ट रूप से नहीं किया है? (ग) क्या मध्यप्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 1995 में जन स्वास्थ्य रक्षक योजना लागू की थी? यदि हाँ, तो योजना की नियमावली एवं वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक जारी विभागीय पत्र और परिपत्र की प्रतियाँ देवें। (घ) तराना विधान सभा क्षेत्र अन्तर्गत कितने युवक-युवतियों को वर्ष 2019-20 से 2021-22 तक जन स्वास्थ्य रक्षक का प्रशिक्षण दिया गया था? प्राप्त उत्तीर्ण ग्रामवार प्रतिभागियों की संख्या दी गयी शिष्यवृत्ति का ब्यौरा उपलब्ध करायें। (ड.) क्या 04 मार्च 2008 को शासकीय कमेटी बैठक की आयोजित की गयी थी? यदि हाँ, तो बैठक कार्यवाही विवरण के साथ स्वीकृत प्रस्तावों एवं अनुमोदनों की प्रतियाँ देवें।
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्नांश ''क'' के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) 04 मार्च 2008 को कमेटी का गठन किया गया था। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
आरक्षक के विरूद्ध शिकायत पर कार्यवाही
[वाणिज्यिक कर]
61. ( क्र. 3768 ) श्री
शरद जुगलाल
कोल : क्या
वित्त मंत्री
महोदय यह
बताने की कृपा
करेंगे कि
(क) आबकारी
विभाग में
शहडोल जिले के
कितने आरक्षक
के पद स्वीकृत
हैं। इनमें से
कितने भरे व
कितने रिक्त
हैं, जो
भरे हुये पद
हैं उन पर
आरक्षक कितनी
अवधि से कार्यरत
हैं? (ख) प्रश्नांश
(क) के तारतम्य
में श्री
अरविन्द
मिश्रा
आरक्षक जो
विगत कई
वर्षों से
पदस्थ हैं।
जिनके द्वारा
पैकारी का काम
कराया जाता
है। मजदूरों
से शराब
बिकवाने का
कार्य जबरन कराया
जाता है न
करने पर
मारपीट व
अभद्रता की जाती
है। जिसके
संबंध में कई
बार प्रश्नकर्ता
सदस्य
द्वारा वरिष्ठ
अधिकारियों
से शिकायत भी
की गई लेकिन
इनको अन्यत्र
नहीं हटाया जा
रहा क्यों इस
बाबत् क्या
निर्देश
देंगे? (ग) प्रश्नांश
(ख) के श्री
मिश्रा का स्थानान्तरण
विधानसभा
क्षेत्र ब्यौहारी
से अन्यत्र
किया गया था
बाद में संबंधित
विभाग
प्रमुखों
द्वारा व्यक्तिगत
हितपूर्ति कर
ब्यौहारी
में पदस्थ
किया गया क्यों? क्या इन्हें
अन्यत्र
हटाने बाबत्
निर्देश
देंगे? (घ) प्रश्नांश
(क), (ख) एवं
(ग) अनुसार 3 वर्ष से
अधिक अवधि से
एक ही क्षेत्र
व जिले में
कार्यरत
आरक्षकों को
जिनके द्वारा
शराब की
पैकारी के साथ
मजदूरों से अभद्रता
कर मारपीट के
साथ झूठे
प्रकरण तैयार
कर परेशान
करने की
शिकायतें मिल
रही है। जिन
संबंधितों को
अन्यत्र
हटाये जाने
बाबत् क्या
निर्देश
देंगे? अगर
नहीं तो क्यों?
वित्त
मंत्री ( श्री
जगदीश देवड़ा
) : (क) आबकारी
विभाग शहडोल
में आबकारी
आरक्षक के 09 पद स्वीकृत
हैं जिनके
विरूद्ध 08
आबकारी
आरक्षक
कार्यरत हैं।
उक्त आबकारी
आरक्षकों की
शहडोल जिले
में पदस्थापना
की तिथि (अवधि
एवं वर्तमान
पदस्थापना
की तिथि (अवधि)
संबंधी जानकारी
संलग्न परिशिष्ट अनुसार
है। (ख) श्री
अरविंद
मिश्रा
आबकारी
आरक्षक वृत्त
ब्योहारी
जिला शहडोल
में दिनांक 29.06.2015 से
कार्यरत हैं।
श्री अरविंद
मिश्रा के
द्वारा
पैकारी का काम
कराये जाने
तथा मजदूरों
से जबरन शराब
विक्रय कराये
जाने तथा
मारपीट किये जाने
संबंधी
शिकायत
प्राप्त हुई
थी। शिकायत की
जांच कार्यालय
जिला आबकारी
अधिकारी जिला
शहडोल के पत्र
क्रमांक/आब./शिका./
2021/2048
दिनांक 06.12.2021 के द्वारा
सुश्री
सावित्री भगत
सहायक जिला आबकारी
अधिकारी से
कराई गई।
शिकायत की
जांच कराये
जाने पर
शिकायत तथ्यहीन
एवं निराधार
होने के फलस्वरूप
श्री अरविंद
मिश्रा के विरूद्ध
अनुशासनात्मक
कार्यवाही
नहीं की गई
है। श्री
अरविंद मिश्रा
आबकारी
आरक्षक को
वृत्त ब्यौहारी
से जिले के
अन्य वृत्त
में शासकीय
कार्य कराये
जाने हेतु
कार्यवाही की
जा रही है। (ग) कलेक्टर
जिला शहडोल के
आदेश
क्रमांक/आब./स्था./2021/1379
दिनांक 06.08.2021 को श्री
अरविंद
मिश्रा
आबकारी
आरक्षक को वृत्त
ब्योहारी से
वृत्त बुढार
में शासकीय
कार्य किये
जाने हेतु आदेशित
किया गया था।
उक्त आदेश को
कलेक्टर
जिला शहडोल के
आदेश
क्रमांक/आब./स्था./2021/1474
दिनांक 31.08.2021 को निरस्त
किया गया है।
श्री अरविंद
मिश्रा
आबकारी
आरक्षक को
वृत्त ब्योहारी
से जिले के
अन्य वृत्त
में शासकीय
कार्य कराये
जाने हेतु
कार्यवाही की
जा रही है।
जिले में 03 वर्ष
से अधिक अवधि
से एक ही
क्षेत्र व
जिले में
कार्यरत
आरक्षकों की
सूची संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
श्री अरविंद
प्रसाद मिश्रा
आबकारी
आरक्षक को छोड़कर
जिले में
कार्यरत
आरक्षकों के
विरूद्ध शराब
की पैकारी के
साथ मजदूरों
से अभद्रता कर
मारपीट किये
जाने संबंधी
कोई शिकायत
प्राप्त
नहीं हुई है। (घ)
श्री अरविंद
मिश्रा
आबकारी
आरक्षक को
वृत्त ब्योहारी
से जिले के
अन्य वृत्त
में शासकीय
कार्य कराये
जाने हेतु
कार्यवाही की
जा रही है।
श्रम विभाग के निरीक्षकों की विभिन्न समस्याएं
[वित्त]
62. ( क्र. 3804 ) श्रीमती रक्षा संतराम सरोनिया : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्रम विभाग में निरीक्षकों का वेतनमान वर्तमान में रूपये 2800 ग्रेड-पे है जबकि कई अन्य विभागों में निरीक्षक का वेतनमान रूपये 4800 ग्रेड-पे है। श्रम निरीक्षकों को हो रही वित्तीय हानि के लिए कौन जिम्मेदार है, मुख्यमंत्री कार्यालय के पत्र क्र 12216/CMS/PUB/2018 भोपाल दिनांक 30/10/2018, श्रमायुक्त कार्यालय के निम्नलिखित पत्र क्र.812 इंदौर दिनांक 06/07/2018, पत्र क्र.925 इंदौर दिनांक 09/08/2018, पत्र क्र.28 इंदौर दिनांक 09/01/2019, पत्र क्र.12 इंदौर दिनांक 03/01/2020 एवं पत्र क्र.67 इंदौर दिनांक 10/01/2020 के माध्यम से श्रम विभाग को निरीक्षकों के वेतनमान में सुधार की कार्यवाही हेतु अनेक बार पत्र प्रेषित किये गए है। प्रश्न प्राप्ति दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई है? (ख) अधिकांश विभागों में जिला अधिकारी एवं निरीक्षक की नियुक्ति लोक सेवा आयोग के द्वारा सीधी भर्ती की जाती है तथा उक्त दोनों पदों के मध्य के सहायक/उप जिला अधिकारी के पद को 100% पदोन्नति हेतु आरक्षित होता है, किन्तु श्रम विभाग में उक्त तीनों पदों पर सीधी भर्ती की जाती है। ऐसे में प्रश्न प्राप्ति दिनांक तक कितने कर्मचारियों को सम्पूर्ण सेवाकाल में एक भी बार पदोन्नति नहीं मिली तुलनात्मक जानकारी दें, कारण बताएं तथा इसका क्या समाधान है?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
जन्म, मृत्यु पंजीयन कार्य की जानकारी
[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]
63. ( क्र. 3852 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्रामीण क्षेत्रों में जन्म, मृत्यु पंजीयन कार्य ग्राम पंचायतों के माध्यम से हो रहा है यह कार्य जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को रजिस्ट्रार एवं पंचायत सचिव/कर्मी को उप पंजीयक रजिस्ट्रार घोषित किया गया है यह कार्य कब से चालू है? (ख) क्या उक्त कार्य ग्वालियर, मुरैना जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों के पंचायत कार्यालय व्यवस्थित नहीं होने के कारण इस महत्वपूर्ण कार्य में सरपंच, सचिव रूचि नहीं ले रहे है ना ही अधिकारी इस कार्य की छ: माह/वर्ष में समीक्षा करते है क्यों? क्या शासन उसे करायेगा? (ग) उक्त जिलों की पंचयतों में किन-किन पंचायतों में रजिस्टर मेनटेन किये जा रहे हैं जिसमें जन्म/मृत्यु की तिथि, माह वर्ष की जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। फरवरी 2022 की स्थिति में जानकारी दी जावे। (घ) क्या जन्म तारीख एकमात्र प्रमाणिक दस्तावेज, राशनकार्ड में नाम दर्ज, स्कूल में प्रवेश, वृद्धावस्था पेंशन हेतु आवश्यक एवं कानून जरूरी है क्या शासन, इसे आवश्यक रूप से लागू करायेगा उक्त जिलों की कितनी पंचायतों में यह कार्य किया जा रहा है?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ। 01.01.2004 से ग्राम पंचायतों के माध्यम से जन्म-मृत्यु पंजीयन का कार्य किया जा रहा है। (ख) जी नहीं। ग्वालियर एवं मुरैना जिले की ग्राम पंचायतों में जन्म-मृत्यु पंजीयन का कार्य विधिवत रूप से संचालित हो रहा है, साथ ही जनपद स्तर पर समय-समय पर आयोजित बैठक में समीक्षा किये जाने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) ग्वालियर जिले में 255 तथा मुरैना जिले में 478 ग्राम पंचायतें है। सभी ग्राम पंचायतों में रजिस्टर संधारित किया जा रहा है। प्रश्नानुसार चाही गई जानकारी सांख्यिकी भाग की नहीं होने के कारण शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) विभाग द्वारा ऐसे कोई निर्देश जारी नहीं किये गये है और न ही वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्ताव होने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
नर्मदा डूब प्रभावितों को मुआवजा दिया जाना
[नर्मदा घाटी विकास]
64. ( क्र. 3854 ) श्री पहाड़सिंह कन्नौजे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र बागली व नर्मदा डूब प्रभावित तहसील उदयनगर, हरसूद, पुनासा अन्तर्गत कौन-कौन से क्षेत्र डूब प्रभावित हुये? सन् 2013 से प्रश्न दिनांक तक किन-किन गांव में किस-किस खसरे, रकबे नंबर के कृषकों व अन्य को कितनी-कितनी राशि मुआवजा दिया गया? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में विधानसभा क्षेत्र बागली अन्तर्गत डूब क्षेत्र के कितने किसानों की कृषि भूमि को डूब क्षेत्र घोषित किया गया? कृषकों को कितनी राशि मुआवजे की दी गई तहसीलवार, ग्रामवार जानकारी उपलब्ध करायें? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में किस-किस किसान/व्यक्ति को विधानसभा बागली की तहसील उदयनगर, धाराजी, कोथमिर, गुवाडी, रामपुरा व समस्तल नर्मदा डूब क्षेत्रों में तहसील उदयनगर, हरसूद, पुनासा तहसीलों में प्रश्न दिनांक तक कई कृषकों को मुआवजा नहीं दिया गया? (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में यदि हाँ, तो क्या कारण हैं? कब तक शेष रहे कृषकों को मुआवजा दिया जायेगा? यदि मुआवजा दिया गया हैं, तो सभी की नामवार, ग्रामवार सूची कितनी कब-कब कितनी राशि दी गई खसरे नंबर सहित जानकारी दें?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्कालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' एवं परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। (ग) एवं (घ) जानकारी पुस्कालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार है। जिन डूब प्रभावितों के आपसी विवाद, न्यायालयीन विवाद हैं, जिनके वारसान प्रमाण पत्र एवं बैंक खाते उपलब्ध नहीं हैं, उनके भुगतान शेष हैं। विवादों के निराकरण तथा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने पर आगे कार्यवाही संभव है। जानकारी पुस्कालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है।
महाकाल मंदिर के गर्भगृह में 1500 की रसीद से दर्शन
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
65. ( क्र. 3859 ) श्री महेश परमार : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) दिनांक 01 जुलाई 2021 से प्रश्न दिनांक तक कितने श्रद्धालुओं को गर्भगृह में दर्शन के लिए 1500 रुपए की रसीद जारी की गयी? उनके नाम, पते, मोबाइल, दर्शन दिनांक और आधार नंबर की पूर्ण जानकारी देवें। (ख) महाकाल मंदिर प्रशासन ने 1500 रुपए की रसीद के माध्यम से श्रद्धालुओं से प्राप्त राशि का उपयोग किन कार्यों के लिए किस अवधि में किन प्रयोजनों के लिए किया? खर्च का हिसाब और खर्च से पहले अनुमोदन और भुगतान किनके द्वारा किया गया प्रमाण सहित जानकारी देवें। (ग) उक्त राशि को खर्च करने से पूर्व कलेक्टर महोदय और आयुक्त महोदय से अनुमोदन प्राप्त किया गया अथवा नहीं? यदि किया है तो अनुमोदन की प्रति देवें। (घ) क्या त्रैमासिक ऑडिट प्रशासन द्वारा कराई जाती है? यदि हाँ, तो उक्त अवधि की त्रैमासिक ऑडिट रिपोर्ट एवं आपत्तियाँ उपलब्ध कराएं। (ड.) वित्तीय नियम महाकाल मंदिर में खर्च और आय को लेकर क्या बनाए गए हैं? उनकी नियम पुस्तिका उपलब्ध कराएं।
पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
शालात्यागी बालिकाओं को राशन वितरण
[महिला एवं बाल विकास]
66. ( क्र. 3869 ) श्री कुणाल चौधरी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शाजापुर तथा रतलाम जिले में विधानसभावार शालात्यागी बालिकाओं को दिये गये टेक होम राशन के हितग्राहियों की संख्या वर्ष 2015-2016 से वर्ष 2021-2022 तक की बतावें? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित हितग्राहियों को किस दर से प्रति हितग्राही प्रति दिवस टेक होम राशन दिया गया? (ग) क्या प्रश्न क्रमांक 2776 दिनांक 03.03.2021 के अनुसार जिले में मार्च 2018 में हितग्राहियों की संख्या मार्च 2019 में 75 प्रतिशत घटकर 1088 तथा फरवरी, 2020 में 70 प्रतिशत घटकर 347 हो गयी? (घ) क्या शाजापुर जिले में शालात्यागी बालिकाओं को वर्ष 2018-2019 से 2020-2021 तथा इन पर व्यय क्रमश: 34.39 लाख 16.19 लाख हुआ तथा 5.34 लाख हुआ, यदि हाँ, तो बतावें कि 300 दिवस के T H R की गणना प्रश्नाधीन वर्ष की किस प्रकार की गई? (ड.) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित विषय पर पारदर्शिता हेतु क्या प्रक्रिया की गई तथा उल्लेखित विषय के संबंध में सम्पूर्ण जानकारी किन पोर्टल पर कैसे प्राप्त की जा सकती है?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) वर्ष 2015-16 में सबला योजनान्तर्गत किशोरी बालिकाओं हेतु राशि रू.5.00 तथा वर्ष 2018-19 से किशोरी बालिका योजनान्तर्गत 11 से 14 वर्ष तक की शालात्यागी बालिकाओं को राशि रू.9.50 प्रति बालिका पूरक पोषण आहार दिए जाने का प्रावधान है। (ग) जी हाँ। (घ) जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) शालात्यागी बालिकाओं की संख्या निर्धारण के संबंध में विभाग निर्देशानुसार आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने सर्वेक्षण के दौरान 11 से 14 वर्ष की ऐसी किशोरी बालिकाओं की जानकारी एकत्रित की जाती है जिन्होंने स्कूल छोड़ दिया है, शाला में प्रवेश नहीं लिया है। एक बार शाला में प्रवेश तो ले लिया है परन्तु शाला नहीं जा रही है या कुछ समय जाकर शाला जाना बन्द कर दिया है। यह नामजद संख्या पर्यवेक्षक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से प्राप्त कर विभागीय एम.आई.एस. पोर्टल में दर्ज करती है। वर्तमान में किशोरी बालिकाओं के आधार पंजीयन के आधार पर विभागीय एम.आई.एस. में जानकारी दर्ज की जा रही है। उल्लेखित विषय के संबंध में सम्पूर्ण जानकारी विभागीय एम.आई.एस. पोर्टल पर उपलब्ध रहती है।
जिला उमरिया में पर्यटन स्थल
[पर्यटन]
67. ( क्र. 3887 ) श्री शिवनारायण सिंह (लल्लू भैया) : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) म.प्र. शासन की पर्यटन नीति क्या है? जिला उमरिया में किन-किन स्थानों को पर्यटन केन्द्र चिन्हित किया गया है? (ख) क्या जिला उमरिया के दशरथ घाट, जोझा फॉल, जोहिला वाटर फॉल, सिंहपुर गढ़ी, अमोल खोल, बरबसपुर वाटर फॉल को पर्यटन केन्द्र के रूप में मान्यता प्रदान करने का कोई प्रस्ताव है? जानकारी देवें। (ग) वर्ष 2021-22 में किस-किस पर्यटन स्थल को जिला उमरिया में सौंदर्यीकरण एवं अन्य विकास के लिए चयन किया गया है? (घ) वित्तीय वर्ष 2021-22 में पर्यटन विकास के लिए जिला उमरिया को कितनी राशि आवंटित की गई है?
पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) विभाग द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु विभाग द्वारा पर्यटन नीति 2016 संशोधित 2019 जारी की गई है। उक्त नीति के अंतर्गत पर्यटन स्थलों को चिन्हित करने का कोई प्रावधान नहीं है। (ख) उमरिया जिले के पर्यटन क्षेत्र के लिये मंगठार डेम पाली, ग्राम मकरा के पास जोहिला नदी पर वाटरफॉल एवं ग्राम कौडिया के पास झोझाफाल को पर्यटन स्थल के रूप में मान्यता प्रदान करने का कोई प्रावधान नहीं है। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार। (घ) उमरिया जिले को वित्तीय वर्ष 2021-22 में प्रश्न दिनांक तक कोई राशि आवंटित नहीं की गई है।
संविदा कर्मचारियों के संबंध में
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
68. ( क्र. 3890 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) एन.एच.एम. के संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के वेतन के 90 प्रतिशत के बराबर वेतन देने के संबंध में विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है? क्या इस संबंध में वर्ष 2018 में माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा घोषणा की गई थी? क्या इस संबंध में ग्वालियर खंडपीठ द्वारा विभाग को एक माह में प्रकरण का निराकरण करने हेतु निर्देशित किया था? यदि हाँ, तो माननीय न्यायालय के आदेश के परिपालन में विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? संविदा कर्मचारियों को कब तक उक्त वेतन दिया जाएगा? (ख) क्या एन.एच.एम. के संविदाकर्मियों को प्रमोशन देने हेतु वर्ष 2020-21 में परीक्षा आयोजित की गई थी? यदि हाँ, तो क्या इसमें उत्तीर्ण कर्मचारियों की मेरिट तैयार कर प्रमोशन की सूची जारी की गई थी? यदि हाँ, तो क्या ये प्रमोशन दिए गए? यदि नहीं, तो क्यों? क्या उक्त परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के चलते प्रमोशन की कार्यवाही निरस्त की गई है? यदि हाँ, तो इन गड़बड़ियों के लिए कौन-कौन दोषी है? उनके विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई या की जाएगी?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी के लिये 05 जून 2018 को जारी संविदा कर्मचारियों की नीति का लाभ नियमित कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन का 90 प्रतिशत वेतन के संबंध में प्रकरण तैयार कर नस्ती वित्त विभाग को प्रस्तुत की गई थी, वित्त विभाग द्वारा परामर्श दिया गया कि कोविड-19 की परिस्थिति को दृष्टिगत रखते हुये विभागीय प्रस्ताव पर विचार आगामी वित्तीय वर्ष में किये जाने का परामर्श हेतु लेख किया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियों को रू.1000 से 4000/- तक वित्त विभाग की सहमति से अतिरिक्त विशेष प्रोत्साहन भत्ता (स्वास्थ्य) जून-2021 पेड जुलाई-2021 से प्रदान किया गया। 90 प्रतिशत के प्रस्ताव को वित्त विभाग द्वारा फिलहाल प्रतीक्षारत रखा गया है। जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
मण्डला जिले में बी.एम.ओ. व डी.एच.ओ. के संबंध में
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
69. ( क्र. 3891 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मण्डला जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थ बी.एम.ओ. कब से उक्त स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थ हैं? क्या तीन वर्ष में स्थानांतरित करने या स्थान बदलने के नियम हैं? यदि हाँ, तो क्या उपरोक्त में से ऐसे बी.एम.ओ. जो तीन वर्ष से अधिक समय से एक ही जगह पदस्थ हैं क्या उन्हें जिले में ही दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाएगा? यदि नहीं, तो क्यों? क्या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिछिया में लंबे समय से पदस्थ रहे बी.एम.ओ. श्री दिनेश टाकसांडे गत दिनों लोकायुक्त पुलिस के द्वारा रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किए गए हैं? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? क्या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिछिया में किसी बी.एम.ओ. की पदस्थापना की गई? यदि नहीं तो क्यों और कब तक पदस्थापना कर दी जाएगी? (ख) मण्डला जिले में डी.एच.ओ. के कितने पद स्वीकृत हैं? इनमें से कितने पद रिक्त हैं एवं क्यों? क्या रिक्त पदों के कारण सम्बंधित कार्यक्रम का संचालन सही नहीं हो पा रहा है एवं अपेक्षित प्रगति भी नहीं मिल पा रही है? इस हेतु विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जाएगी?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। जी नहीं, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दिनांक 20 जून 2021 को जारी स्थानांतरण नीति की कण्डिका 18 अनुसार प्रशासनिक आधार पर किये जाने वाले स्थानांतरणों में ''निर्माण एवं नियामक स्वरूप के विभागों को छोड़कर अन्य विभागों में मात्र 03 वर्ष की अवधि को ही स्थानांतरण का आधार न बनाया जाय'' लेख है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जी हाँ, डॉ. टाकसांडे के विरूद्ध लोकायुक्त प्रकरण दर्ज होने के उपरांत विभाग द्वारा निलंबित किया जाकर इनका मुख्यालय नरसिंहपुर नियत किया गया है। जी हाँ। सा.स्वा.के. बिछिया का प्रभार दिनांक 21.02.2022 से डॉ. रविकांत उइके को सौंपा गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) मण्डला जिले में जिला स्वास्थ्य अधिकारी का 01 तथा जिला परिवार कल्याण अधिकारी का 01 पद स्वीकृत है। उक्त दोनों पद अप्रैल 2018 से रिक्त हैं परंतु रिक्त पदों का प्रभार वरिष्ठ चिकित्सकों को सौंपकर संबंधित कार्यक्रम का कार्य संपादित कराया जा रहा है। नियमित जिला स्वास्थ्य अधिकारी एवं जिला परिवार कल्याण अधिकारी के शत प्रतिशत पद पदोन्नति से भरे जाने का प्रावधान है एवं माह मई 2016 से माननीय उच्चतम न्यायालय में पदोन्नति प्रक्रिया विलंबित होने के कारण नियमित अधिकारियों की पदस्थापना किए जाने में कठिनाई हो रही है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
आवंटन एवं व्यय की जानकारी
[विज्ञान और प्रौद्योगिकी]
70. ( क्र. 3905 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी, 2019 से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में विभिन्न प्रयोजनों हेतु कितनी राशि का बजट प्रावधान निहित किया गया तथा प्रावधानित राशि के विरुद्ध कितनी-कितनी राशि का व्यय किन-किन परियोजनाओं में किस-किस प्रयोजनों हेतु किया गया है। व्यय राशि का योजनावार घटकवार ब्यौरा दें। (ख) क्या विभाग अंतर्गत संचालित परियोजनाएं किसी निजी एजेंसी/ एन.जी.ओ. के माध्यम से संचालित हो रही है? यदि हाँ, तो प्रश्नाधीन अवधि में इन निजी एजेंसी/ एन.जी.ओ. को परियोजनाओं के विरुद्ध कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया गया। भुगतान की गई राशि का विस्तृत ब्यौरा दें। (ग) प्रश्नांश (ख) में क्रियान्वित निजी एजेंसी/एन.जी.ओ. के द्वारा किन-किन परियोजनाओं का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा किन परियोजनाओं का कार्य पूर्ण होना शेष है?
सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ( श्री ओमप्रकाश सखलेचा ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
लिपिक वर्गीय कर्मचारियों के संबंध में
[सामान्य प्रशासन]
71. ( क्र. 3921 ) श्री नागेन्द्र सिंह (गुढ़) : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या लिपिक वर्गीय कर्मचारियों के पद नाम परिवर्तन हेतु मध्यप्रदेश सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय परिपत्र क्रमांक सी/3-2/96/3/एक भोपाल दिनांक 18 मार्च 1996 एवं परिपत्र क्रमांक –1206/ 1439/2016/1-3 भोपाल दिनांक 21.07.2016 के द्वारा सहायक, उच्च श्रेणी लिपिक के स्थान पर क्रमश: सहायक ग्रेड-1, सहायक ग्रेड-2 एवं सहायक ग्रेड-3 पद नाम परिवर्तन किये जाने हेतु आदेश जारी किये गये थे? (ख) क्या कुछ विभाग जिसमें किसान कल्याण तथा कृषि विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, राजस्व इत्यादि में सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश दिनांक 18 मार्च 1996 एवं दिनांक 21.07.2016 के आधार पर पद संरचना बनाई गयी है? सहायक ग्रेड- 3 से पदोन्नति पर सहायक ग्रेड-2 तथा सहायक ग्रेड-2 से पदोन्नति पर लेखापाल, ऑडीटर के पद पर पदोन्नति की कार्यवाही की गई है जबकि सहायक ग्रेड-2 से सहायक ग्रेड-1 के पद पर पद संरचना अनुसार कार्यवाही की जानी चाहिये थी। यदि विभागीय कार्यवाही पूर्ण की गई तो सूची दी जाये। यदि नहीं, किया गया है तो कारण बतावें? (ख) क्या कुछ विभागों में सहायक ग्रेड-1 से लेखाधिकारी के पद स्वीकृत किये गये हैं किन्तु कुछ विभागों में ऐसा नहीं किया गया, विभागवार जानकारी दी जावे। क्या सभी विभागों में लेखाधिकारी के पद विभागीय संरचना में बनाये जावेंगे? विभागवार पद संरचना अनुसार सहायक ग्रेड-1, ग्रेड-2 एवं ग्रेड- 3 की वरिष्ठता सूची से अवगत कराया जावे।
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) एवं (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
नल-जल योजना का क्रियान्वयन
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
72. ( क्र. 3940 ) श्री ब्रह्मा भलावी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैतूल जिले के किस ग्राम में वर्ष 2018-19 से प्रश्नांकित दिनांक तक कितनी लागत की नल-जल योजना को स्वीकृति प्रदान की गई? इसमें से किस योजना का कितना कार्य हो चुका है? किस योजना के तहत कितने घरों में कनेक्शन दिये जा चुके है, कितने सार्वजनिक कनेक्शन दिये है? पृथक-पृथक बतावें। (ख) नल-जल योजना पूर्ण होने के बाद उसकी परीक्षण अवधि कितनी निर्धारित की गई है, योजना का कितनी अवधि तक संचालन किये जाने के बाद योजना पंचायत को सौंपे जाने का प्रावधान है इस अवधि में से कितनी अवधि के बिजली बिल का भुगतान संबंधित अनुबंधकर्ता को करना है कितने बिल का भुगतान पंचायत को करना है? (ग) किस योजना में कितने स्पेसिफिकेशन के पाईप लगाये जाने, मोटर लगाये जाने का अनुबंध में क्या-क्या प्रावधान किया गया है गेज पाईप सहित पृथक-पृथक जानकारी दें?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) परीक्षण अवधि 90 दिन निर्धारित है। अनुबंध अनुसार परीक्षण/संचालन अवधि के पूर्ण होने पर एकल ग्राम नलजल योजना ग्राम पंचायत को, समूह जल प्रदाय योजना की अंत: ग्राम पेयजल वितरण व्यवस्था कार्य पूर्ण एवं कमिशनिंग पश्चात ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति को सौंपे जाने का प्रावधान है। एकल ग्राम नलजल योजना में परीक्षण/संचालन अवधि का बिजली बिल का भुगतान संबंधित ग्राम पंचायत के द्वारा किया जाना है। (ग) सभी योजनाओं के अनुबंध में बी.आई.एस. स्पेसिफिकेशन के पाइप तथा मोटर पंप लगाये जाने का प्रावधान किया गया है, तद्नुसार ठेकेदार द्वारा विभाग में सूचीबद्ध किये गये निर्माता/फर्मों से पाइप एवं मोटर-पंप क्रय करके लगाये जाने का प्रावधान है।
राजस्व विभाग द्वारा प्रतिवेदित आंकड़ों का प्रकाशन
[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]
73. ( क्र. 3941 ) श्री ब्रह्मा भलावी : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग 1956 से लगातार प्रतिवर्ष प्रकाशित होने वाली सांख्यिकी में राजस्व विभाग द्वारा प्रतिवेदित राजस्व भूमि खाते एवं गैरखाते की मदवार भूमि आंकड़े भी प्रकाशित करते आया है? (ख) यदि हाँ, तो विभाग ने वर्ष 1956-57 से 2019-20 तक किस-किस वर्ष में प्रकाशित राज्य की सांख्यिकी में कितनी राजस्व भूमि उसमें से कितनी खातें की भूमि, कितनी गैरखाते की किस-किस मद में दर्ज भूमि होना प्रकाशित किया है? किस-किस वर्ष में राजस्व विभाग द्वारा प्रतिवेदित कितनी वन भूमि होना सांख्यिकी में प्रकाशित किया है? (ग) सांख्यिकी विभाग राज्य के भूमि से संबंधित प्रकाशित आंकड़ों को भारत सरकार के किस-किस विभाग एवं संगठन को प्रतिवेदित करता है?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) विभाग द्वारा 1956 से लगातार प्रतिवर्ष प्रकाशित होने वाली सांख्यिकी में राजस्व विभाग द्वारा प्रतिवेदित कुल राजस्व भूमि के आंकड़े प्रकाशित करते आया है। खाते एवं गैर खाते की मदवार भूमि के आंकड़े प्रकाशित नहीं किये जाते है। (ख) जी हाँ। विभाग द्वारा वर्ष 1956-57 से 2019-20 तक प्रकाशित राज्य की सांख्यिकी में राजस्व भूमि एवं वन विभाग द्वारा सूचित वन भूमि प्रकाशित की गई है, की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) विभाग द्वारा राज्य के भूमि से संबंधित प्रकाशित आंकड़ों को भारत सरकार के विभाग एवं संगठन को उनकी मांग अनुसार ही प्रेषित करता है।
पचमठा मंदिर के सौंदर्यीकरण के संबंध में
[पर्यटन]
74. ( क्र. 3947 ) श्री अशोक ईश्वरदास रोहाणी : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जबलपुर आधारताल स्थित 1100 वर्ष पूर्व प्राचीन पचमठा मंदिर के सौन्दर्यीकरण की क्या कार्य योजना है? (ख) सौन्दर्यीकरण प्रस्तावित है तो कब तक स्वीकृत होगा? समय-सीमा बतावें। (ग) प्रस्तावित नहीं है तो कब तक प्रस्तावित होना स्वीकृत होगा?
पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) जबलपुर आधारताल स्थित पचमठा मंदिर के सौन्दर्यीकरण हेतु घाट, पाथवे, कम्पाउण्ड वाल, रेलिंग, पार्किंग, कथा मण्डप लेण्डस्केपिंग, स्ट्रीट लाईट एवं स्ट्रीट फर्नीचर आदि कार्यों की कार्य योजना तैयार की गई है। (ख) कार्य योजना उपरांत बजट की उपलब्धता एवं कार्य के औचित्य के आधार पर आगामी कार्यवाही की जाती है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार।
धार्मिक पर्यटन स्थलों का उन्नयन
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
75. ( क्र. 3957 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) शासन/विभाग की धार्मिक स्थलों के उन्नयन हेतु वर्तमान में क्या योजना चल रही है? (ख) म.प्र. के ऐसे कौन-कौन से धार्मिक स्थल है जिन्हें पर्यटन स्थल घोषित किया जावेगा? उनके नाम बतावें। (ग) प्रश्नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत पहाड़ों के बीच सतनगरी जामवंत गुफा जो कि लोगों, पर्यटकों की आस्था के केन्द्र है क्या जामवंत गुफा को पर्यटन स्थल घोषित किये जाने संबंधी शासन की कोई योजना है?
पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
पुरानी पेंशन की बहाली
[वित्त]
76. ( क्र. 3976 ) श्री बाबू जन्डेल : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2005 म.प्र. के सभी विभागों में कार्यरत सरकारी कर्मचारियों के लिये म.प्र. सिविल सर्विस पेंशन नियम 1976 पुरानी पेंशन व्यवस्था को बंद कर, नवीन पेंशन योजना लागू करने के पीछे सरकार की क्या मंशा थी? क्या नवीन पेंशन योजना लागू करते समय कर्मचारी संघों से सरकार ने सहमति लेकर लागू की गयी थी या सरकार का एक तरफा निर्णय था? (ख) नवीन पेंशन योजना के तहत कर्मचारियों के कुल वेतन से 10% राशि की कटौती की जाती है तथा 14% राशि सरकार अपना अंशदान शामिल करती है, कुल 24% राशि प्रत्येक माह, को सरकार क्या कोषालय में जमा किया है अथवा शेयर बाजार में लगाया है, कर्मचारी के अचानक दिवंगत होने पर अथवा सेवानिवृत्ति होने पर क्या यही जमा राशि मय ब्याज के पूरी वापस होगी, अथवा नहीं? (ग) प्रदेश के समस्त विभागों के अधिकारी कर्मचारी नवीन पेंशन योजना को बंद कर, पुरानी पेंशन योजना को ही पुनः लागू करवाने हेतु न्यू मूवमेंट फार ओल्ड पेंशन संघ मध्यप्रदेश के बैनर तले धरना, प्रदर्शन सत्याग्रह आंदोलनों के माध्यम से सरकार तक निरन्तर ज्ञापन भेजकर पुरानी पेंशन योजना पुनः लागू करने की मांग की गयी है? यदि हाँ, तो सरकार कब तक पुरानी पेंशन योजना पुनः लागू करेगी? यदि नहीं, तो क्यों?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) भारत सरकार की योजना के अनुक्रम में मध्यप्रदेश में दिनांक 01-01-2005 तथा उसके पश्चात् नियुक्त लोक सेवकों हेतु पूर्ण विचार उपरांत नवीन पेंशन योजना लागू की गई है। (ख) नवीन पेंशन योजना के तहत् कर्मचारियों को कुल वेतन (वेतन+महंगाई भत्ता) से 10 प्रतिशत राशि कटौती की जाती है तथा नियोक्ता अंशदान (10 प्रतिशत तथा दिनांक 01-04-2021 से 14 प्रतिशत) कुल 24 प्रतिशत राशि, अंशदान की सम्पूर्ण राशि पी.एफ.आर.डी.ए. द्वारा चयनित सक्षम फण्ड मैनेजरों को उपलब्ध कराई जाती है। सेवानिवृत्ति पर अभिदाता की कुल राशि की 40 प्रतिशत राशि की एन्युटी अभिदाता को मासिक पेंशन के भुगतान के रूप में (Annuity Purchase) एवं शेष 60 प्रतिशत राशि अभिदाता को एकमुश्त भुगतान की जाएगी। सेवानिवृत्ति आयु के पूर्व सेवात्याग करने पर जमा राशि के 80 प्रतिशत की एन्युटी खरीदी जाएगी एवं 20 प्रतिशत राशि का एकमुश्त भुगतान अभिदाता को किया जायेगा। मृत्यु की स्थिति में अभिदाता की पूर्ण जमा राशि का उसके नॉमिनी/वैद्य उत्तराधिकारी को एकमुश्त भुगतान कर दिया जायेगा। (ग) यह सही है कि कुछ संगठनों से ज्ञापन प्राप्त हुये है। वर्तमान में पुरानी पेंशन योजना लागू करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
साहित्यकारों को शरद जोशी सम्मान प्रदान करने के संबंध में
[संस्कृति]
77. ( क्र. 3997 ) श्री राजेश कुमार प्रजापति : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या प्रदेश में संस्कृति विभाग द्वारा प्रदान किए जाने वाले शरद जोशी शिखर सम्मान साहित्यकारों को किया जाता है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार यदि हाँ, तो क्रमश: वर्ष 2019 से प्रश्न दिनांक तक किन-किन व्यक्तियों को प्रदान किए गए हैं। नामवार सूची उपलब्ध कराएं। (ग) प्रश्नांश (क) के अनुसार उक्त विभाग द्वारा सम्मान के संबंध में प्रदान करने हेतु साहित्यकारों का चयन किस आधार पर किया जाता है। (घ) उक्त शरद जोशी सम्मान वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक किन-किन साहित्यकारों ने प्रविष्ठियां भेजी हैं। सूची प्रदान करें। (ड.) प्रश्नांश (घ) के अनुसार क्या उक्त प्रविष्टियों के आधार पर ही साहित्यकारों को सम्मान प्रदान किया गया था? हाँ या नहीं। (च) प्रश्नांश (घ) के अनुसार यदि हाँ, तो सूची उपलब्ध कराई जाए। (छ) प्रश्नांश (घ) के अनुसार यदि नहीं, तो क्यों? (ज) क्या शासन उक्त व्यक्तियों को शासन के नियम व निर्देशों के अनुसार सम्मान ना देने वाले अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय जांच एवं जांच दल गठित कर जांच के आदेश जारी करेगा? हाँ या नहीं। (झ) प्रश्नांश (ज) के अनुसार यदि हाँ, तो कब तक? (ट) प्रश्नांश (ज) के अनुसार यदि नहीं, तो क्यों?
पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) जी हाँ। (ख) वर्ष 2019 में श्री कैलाश मंडलेश्वर, खण्डवा तथा वर्ष 2020 में श्री विजय मनोहर तिवारी, भोपाल। (ग) सम्मान नियम के बिन्दु क्रमांक-5 (दो) में उल्लेखित अनुसार ''चयन समिति हेतु मनोनीत सदस्य संबंधित कला एवं साहित्य के (सम्मानों के अनुरूप) राष्ट्रीय एवं राज्य श्रेष्ठ कलाकार, साहित्यकार अथवा विशेषज्ञ होंगे। नियम की प्रति पुस्कालय में रखे परिशिष्ट-'ख' अनुसार है। (घ) सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-क अनुसार है। (ड.) जी नहीं। (च) प्रश्नांश (ड.) के तारतम्य में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (छ) सम्मान नियम के बिन्दु क्रमांक-9 (तीन) में उल्लेखित ''चयन समिति प्राप्त नामांकनों की समीक्षा करेगी''। चयन समिति को यह स्वतंत्रता होगी कि यदि कोई नाम छूट गया हो तो उक्त सम्मान के लिए योग्य है तो स्वविवेक से उस नाम को विचारार्थ शामिल कर सकेंगे। (ज) सम्मान नियम के बिन्दु क्रमांक-6 (एक) में उल्लेखित अनुसार ''चयन समिति का निर्णय सर्वसम्मति से होगा'' (दो) ''चयन समिति की सर्वसम्मत अनुशंसा राज्य शासन के लिए बंधनकारी होगी''। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (झ) प्रश्नांश (ज) अनुसार प्रश्न उदभुत नहीं होता। (ट) प्रश्नांश (ज) अनुसार प्रश्न उद्भुत नहीं होता।
समयमान वेतनमान दिए जाने के संबंध में
[वित्त]
78. ( क्र. 3998 ) श्री राजेश कुमार प्रजापति : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्त विभाग के आदेश अनुसार समयमान वेतनमान की पात्रता शासन के समस्त विभागों के शासकीय सेवकों को है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार यदि हाँ, तो क्या वन विभाग के तृतीय वर्ग (लिपकीय संवर्ग) को 20 वर्ष एवं 30 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर द्वितीय एवं तृतीय समयमान वेतनमान का लाभ दिया जा रहा है? हाँ या नहीं। (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार यदि हाँ, तो छतरपुर वन वृत्त के कितने लिपिकों को द्वितीय एवं तृतीय समयमान वेतनमान का लाभ दिया गया है। सूची उपलब्ध कराएं। (घ) प्रश्नांश (ख) के अनुसार यदि नहीं, तो क्या वन विभाग ने कार्यरत लिपिकों को समयमान वेतनमान का लाभ न दिए जाने का पृथक से आदेश जारी किया गया है? हाँ या नहीं। (ड.) प्रश्नांश (घ) के अनुसार यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्ध कराएं। (च) प्रश्नांश (घ) के अनुसार यदि नहीं, तो क्या वन विभाग के लिपिकों को उक्त वेतनमान का लाभ दिया जावेगा? हाँ या नहीं। (छ) प्रश्नांश (च) के अनुसार यदि हाँ, तो कब तक? (ज) प्रश्नांश (च) के अनुसार यदि नहीं, तो क्यों?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ। (ख) से (ज) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्य
[महिला एवं बाल विकास]
79. ( क्र. 4060 ) श्री प्रह्लाद लोधी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग की कौन-कौन सी योजनायें एवं परियोजनायें पन्ना जिले में संचालित हैं और कौन-कौन से कार्यालय एवं संस्थान कहां-कहां संचालित हैं,? पदस्थ शासकीय सेवकों के क्या-क्या पदीय दायित्व हैं और संस्थानों में क्या-क्या सुविधाएं उपलब्ध हैं? इनका किन कार्यों हेतु उपयोग किया जा रहा है? (ख) प्रश्नांश (क) संचालित योजनाओं/परियोजनाओं के किन-किन कार्यों और आवश्यकता की पूर्ति हेतु विगत 03 वर्षों में शासन/विभाग के किन मार्गदर्शी निर्देशों से क्या-क्या सामग्री और कितनी-कितनी राशि पन्ना जिले को वर्षवार प्राप्त हुई? प्राप्त सामग्री का क्या उपयोग किया गया? (ग) बच्चों किशोरी बालिकाओं एवं महिलाओं को समुचित एवं क्या-क्या पोषण आहार की उपलब्धता और देखभाल के क्या शासनादेश/विभागीय निर्देश हैं? क्या पन्ना जिले में इन आदेशों/निर्देशों का पालन किया जा रहा है? यदि हां, तो किस प्रकार? विगत 03 वर्षों में वर्षवार पोषण आहार में कितनी राशि व्यय हुई? (घ) पन्ना सहित बुंदेलखंड के सभी जिलों में प्रजनन, कुपोषण एवं बाल मृत्यु दर के असंतुलन को दूर करने के लिए क्या योजना बनाई और क्रियान्वित की गयी तथा विगत 03 वर्षों में क्या-क्या कार्य किस प्रकार किए और इसके अब तक क्या परिणाम रहे? क्या बुंदेलखंड क्षेत्र की आवश्यकता को दृष्टिगत कर, विभाग द्वारा क्षेत्र हेतु विशेष योजना बनाई जाएगी? यदि हां, तो किस प्रकार और कब तक? (ड.) प्रश्नांश (क) से (ग) के परिप्रेक्ष्य में क्या विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र क्रमांक –एफ 11-03/2016/1/9, दिनांक 04/02/2016 के निर्देशानुसार तृतीय पक्ष मूल्यांकन कराया गया? यदि हां, तो कब और क्या परिणाम रहे? यदि नहीं, तो क्यों?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) विभाग द्वारा संचालित योजनाओं/परियोजनाओं/ सेवाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''01'' पर है। पन्ना जिले में संचालित कार्यालयों एवं संस्थानों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''02'' पर है। शासकीय सेवकों के पदीय दायित्वों से संबधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''03'' पर है। संस्थानों में उपलब्ध सुविधायें एवं इनके उपयोग के विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''04'' पर है। (ख) संचालित योजनाओं/परियोजनाओं में प्राप्त सामग्री से संबधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''05'' पर है। जिले को प्राप्त राशि एवं उसके उपयोग से संबधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''06'' पर है। (ग) पूरक पोषण आहार से संबधित निर्देशों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''07'' पर है। जी हां, योजनाओं का क्रियान्वयन करके विभाग निर्देशों का पालन किया जा रहा है। पूरक पोषण आहार अन्तर्गत व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''08'' पर है। (घ) पन्ना सहित बुन्देलखंड के सभी जिलों में कुपोषण एवं बाल मृत्यु दर के असंतुलन को दूर करने के लिये लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा प्रदेश व्यापी योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। जिनका विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''09'' पर है। बाल मृत्यु दर कम किये जाने हेतु किये जा रहे योजनाओं एवं कार्यों के परिणाम स्वरूप प्रदेश की बाल मृत्यु दर 55 से कम हो कर 53 प्रति हजार जीवित जन्म हो गयी है। विगत 03 वर्षों में शिशु स्वास्थ्य पोषण अन्तर्गत किये गये कार्यों का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''10'' पर है। विभाग द्वारा कुपोषण निवारण हेतु पूरक पोषण आहार का प्रदाय, क्षेत्र के सभी पात्र हितग्राहियों को किया जा रहा है। कुपोषित बच्चों को चिन्हांकन उपरान्त स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित पोषण पुनर्वास केन्द्र में संदर्भित किया जाकर स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाएं उपलब्ध कराई गई। वर्ष 2020 से वर्तमान तक कुपोषण निवारण हेतु मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम अन्तर्गत समेकित पोषण प्रबंधन रणनीति का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसके अन्तर्गत चिन्हित बच्चों का संस्थागत तथा समुदाय स्तर पर पोषण प्रबंधन किया जा रहा है। साथ ही पोषण अभियान के अन्तर्गत गतिविधियों का क्रियान्वयन किया जा रहा है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे -5 वर्ष 2020-21 में वर्ष 2015-16 के राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे -4 की तुलना में प्रदेश में बच्चों के कुपोषण की दर में कमी परिलक्षित हुई है। (ड.) कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, शेष का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है।
लोक सुविधा प्रदत्त करने वाली संस्थाओं पर करारोपण
[वाणिज्यिक कर]
80. ( क्र. 4061 ) श्री प्रह्लाद लोधी : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा प्रश्न क्रमांक 571, दिनांक 19/03/2020 के प्रश्नांश (क) के उत्तरानुसार लोक सुविधाओं के लिए शुल्क प्राप्त करने वाली संस्थाओं से जी.एस.टी. ना लिए जाने का क्या कारण हैं? जबकि इनके द्वारा सभी सेवायें, उपयोगकर्ताओं से शुल्क प्राप्त कर प्रदाय की जाती हैं और नगरीय निकायों द्वारा निर्मित प्रसाधन ग्रहों, शौचालयों के संचालन का कार्य, निविदा में भागीदारी कर प्राप्त किया गया हैं और इसके एवज में प्रतिमाह बड़ी राशि प्राप्त की जा रही है? (ख) प्रश्नकर्ता के विधानसभा प्रश्न क्रमांक 571 दिनांक 19/03/2020 के प्रश्नांश (ख) के उत्तरानुसार सुलभ इंटरनेशनल पर सर्विस टैक्स से संबंधित कार्यवाही संस्था पर कब एवं क्यों की गई तथा अब तक की गई कार्यवाही से अवगत कराये? (ग) क्या प्रश्नकर्ता के विधानसभा प्रश्न क्रमांक 571 दिनांक 19/03/2020 के प्रश्नांश (घ) का उत्तर वर्ष 1983 से अनुबंध के आधार पर सुलभ इंटरनेशनल के सार्वजनिक/सामुदायिक शौचालयों का निर्माण करवाया गया जिसमें जल एवं विद्युत देने का उद्देश्य संचालन एवं संधारण लागत कम करना था? (घ) प्रश्नांश (ग) यदि हाँ, तो उल्लेखितानुसार वर्ष 1983 में किए गए अनुबंध का विवरण बताइये और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराइए और बताइये कि क्या वर्तमान में भी यही अनुबंध लागू हैं? यदि हाँ, तो कैसे? यदि नहीं, तो वर्तमान में लागू अनुबंध बताइये और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराइए? (ड.) प्रश्नांश (क) से (घ) के परिप्रेक्ष्य में क्या लोक सुविधाओं के परिसरों के उपयोग का नागरिकों से शुल्क प्राप्त करने वाली और नगरीय निकायों के परिसरों को निविदा प्रक्रिया से प्राप्त करने और संचालन के एवज में राशि प्राप्त करने वाली संस्थाओं के कारोबार और आय का आंकलन कर समुचित कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो किस प्रकार और कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
संस्कृति संचालनालय द्वारा अनुदान हेतु आमंत्रित आवेदन
[संस्कृति]
81. ( क्र. 4073 ) श्रीमती कृष्णा गौर : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या संस्कृति संचालनालय द्वारा वर्ष 2020-21 के पंजीकृत सांस्कृतिक/साहित्यक संस्थाओं से सहायता अनुदान, योजना के अंतर्गत आवेदन आमंत्रित किये गये थे? यदि हाँ, तो इस बावत् कितनी संस्थाओं से आवेदन प्राप्त हुये हैं? उनके नाम एवं पते बताये जाये। (ख) क्या प्रश्नांश (क) में संदर्भित संस्थाओं का परीक्षण कर लिया गया है? यदि हाँ, तो उनके कौन-कौन सी संस्थायें पात्र पाई गई है और उन्हें कितनी राशि अनुदान अनुशंसित की गई है। (ग) प्रश्नांश (ख) में चयनित संस्थाओं को कब तक अनुदान राशि उपलब्ध कराई जायेगी?
पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) जी हाँ। कुल 625 आवेदन निर्धारित समय-सीमा में प्राप्त हुए। नाम एवं पते की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) शासन द्वारा गठित अनुदान समिति द्वारा प्राप्त आवेदनों के परीक्षण की कार्यवाही प्रचलित है। उक्त समिति की अनुशंसा/प्रतिवेदन अभी अपेक्षित है। (ग) प्रश्नांश 'ख' के परिप्रेक्ष्य में समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।
बिरला हवाई पट्टी का उपयोग
[विमानन]
82. ( क्र. 4085 ) श्री दिलीप सिंह गुर्जर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नागदा में बिरला उद्योग समूह की हवाई पट्टी/एयरपोर्ट है? यदि हाँ, तो इस पर कितने सीटर विमान उतरने की शासन से अनुमति है? वर्तमान में हवाई पट्टी विमान उतरने योग्य है कि नहीं? (ख) 01 जनवरी 2017 से दिनांक 26/02/2022 तक मुख्यमंत्री/केन्द्रीय मंत्री/राज्य केबिनेट मंत्री, अधिकारीगण/उद्योग के अधिकारीगण व अन्य कौन-कौन व्यक्ति किस-किस सीटर क्षमता वाले विमान से उद्योग समूह की नागदा हवाई पट्टी पर उतरे एवं उड़ान भरी? दिनांक, वर्षवार सहित सम्पूर्ण विवरण दें।
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ, हवाई पट्टी है। विमान उतरने की अनुमति भारत सरकार का विषय है। जी हाँ। (ख) प्रश्नाधीन अवधि में माननीय मुख्यमंत्रीजी, म.प्र.शासन द्वारा 7 सीटर क्षमता वाले शासकीय विमान से दिनांक 18.9.2018 एवं 26.11.2020 तथा माननीय केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा 5 सीटर वाले निजी विमान से दिनांक 12.12.2021 को उतरे/उड़ान भरी।
स्वास्थ्य केन्द्र की व्यवस्थाओं के संबंध में
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
83. ( क्र. 4097 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जावरा व पिपलौदा तहसील अन्तर्गत स्वास्थ्य सुविधाओं को सुगमतापूर्वक क्रियान्वित किये जाने हेतु किन-किन स्थानों पर किस-किस प्रकार के स्वास्थ्य केन्द्रों के संचालन हेतु कितने पद स्वीकृत हैं? (ख) उपरोक्त उल्लेखित स्थानों/केन्द्रों पर स्वीकृत कुल पदों के विरूद्ध कितनी पदपूर्ति की जाकर कितने पद रिक्त पड़े है? कब भरे जायेंगे? (ग) कितने ऐसे स्वास्थ्य केन्द्र हैं, जो भवन विहीन होकर अन्य स्थानों पर संचालित किये जा रहे है? शेष रहे भवन विहीन स्थानों पर भवन निर्माण की स्वीकृति कब तक दी जा सकेगी? (घ) पिपलौदा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जिसके अन्तर्गत 52 ग्राम पंचायतों के लगभग 100 ग्रामों की अनुमानित 1 लाख से अधिक आबादी का क्षेत्र एवं लगी राजस्थान की सीमा का दबाव भी होने से इसे सिविल हॉस्पिटल के रूप में उन्नत किये जाने हेतु शासन/विभाग द्वारा किस प्रकार की कार्ययोजना बनाकर क्या किया जा रहा है?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) उत्तर (क) की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट में समाहित है। रिक्त पदों की पूर्ति निरंतर जारी है, निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है। (ग) वर्तमान में जावरा तहसील अन्तर्गत 01 शहरी स्वास्थ्य केन्द्र संचालित है, जो किराये के भवन में है, शहरी स्वास्थ्य केन्द्र आवश्यकता अनुसार विस्थापित होते रहते है, इनके स्थाई भवन बनाने का प्रावधान नहीं है एवं तहसील जावरा में 13 उप स्वास्थ्य केन्द्र भवन विहीन है जिसमें से 08 उप स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन निर्माण की स्वीकृति राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत आदेश क्रमांक/भवन/ एन.एच.एम./2021-22/1076 दिनांक 21.10.21 द्वारा जारी की गई है। वर्तमान में पिपलौदा तहसील अन्तर्गत कुल 05 उप स्वास्थ्य केन्द्र भवन विहीन है जिसमें से 03 उप स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माण की स्वीकृति भी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के आदेश दिनांक 21.10.2021 को उक्त आदेश में जारी की गई है। सभी भवन विहीन उप स्वास्थ्य केन्द्रों के निर्माण कराये जाने हेतु वित्तीय संसाधनों की सीमित उपलब्धता एवं भूमि आबादी में उपलब्धता नहीं होने से निर्माण नहीं हो सका है, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का आदेश क्रमांक/5/भवन/एन.एच.एम./2016-17/ 14199 दिनांक 03.02.2017 द्वारा नवीन उप स्वास्थ्य केन्द्रों के भवनों को किराए के भवन में संचालित कराये जाने हेतु आदेश प्रसारित किये गये है। शेष रहे भवन विहीन स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन निर्माण की निश्चित समय-सीमा बतलाया जाना संभव नहीं है। (घ) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पिपलौदा का सिविल अस्पताल में उन्नयन का प्रस्ताव नवीन स्वास्थ्य संस्थाओं की स्थापना/ उन्नयन के प्रस्तावों की सूची में सम्मिलित है, वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर निर्णय लिया जा सकेगा।
पर्यटन स्थल के विकास हेतु कार्य योजना
[पर्यटन]
84. ( क्र. 4100 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विगत वर्षों से पिपलौदा तहसील के सुजापुर पर्यटन स्थल एवं जावरा तहसील अंतर्गत नदांवता पर्यटन स्थल का शासन/विभाग द्वारा उन्नत किये जाने हेतु कार्ययोजना बनाई जाकर विभिन्न कार्य किये जाना प्रस्तावित किये हैं? (ख) यदि हाँ, तो शासन/ विभाग द्वारा उपरोक्त स्थलों जहां पर वर्ष भर में हजारों की संख्या में पर्यटकों का आना-जाना बना रहता है वहां पर्यटकों को मूलभूत सुविधाएं मिल सके, इस हेतु क्या-क्या किया जाना कार्य योजना में प्रस्तावित किया गया है? (ग) शासन/विभाग द्वारा उपरोक्त स्थलों का निरीक्षण कब किया जाकर कार्य योजना कब बनाई गई? (घ) शासन/विभाग द्वारा विगत वर्षों में उपरोक्त स्थलों के उन्नयन एवं पर्यटकों की मूलभूत सुविधाओं को प्रदान किये जाने की जो कार्य योजना बनाई गई है वह स्थलवार कितनी-कितनी लागत की होकर कार्य योजना की स्वीकृति कब दी जाकर कार्य कब प्रारंभ होगा?
पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ग) निरीक्षण रिपोर्ट की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (घ) उत्तरांश (ख) अनुसार। कार्य के औचित्य, पर्यटकों की संख्या तथा बजट की उपलब्धता के आधार पर कार्यों की स्वीकृति दी जाती है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
आउटसोर्स कर्मचारियों को टेण्डर की शर्तों के अनुसार वेतन नहीं दिया जाना
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
85. ( क्र. 4134 ) श्री
मेवाराम जाटव
: क्या
लोक
स्वास्थ्य
एवं परिवार
कल्याण
मंत्री महोदय
यह बताने की
कृपा करेंगे
कि (क) स्वास्थ्य
विभाग मध्यप्रदेश
के अंतर्गत
सफाईकर्मी
एवं सुरक्षाकर्मी
सहित अन्य
किन-किन पदों
पर आउटसोर्स
पर दि. 01
जनवरी, 2021
से दि. 31
जनवरी, 2022
तक कर्मचारी
रखने की स्वीकृति
प्रदान की गई
है एवं इन पदों
पर रखे जाने
हेतु क्या-क्या
नियम/
प्रावधान है? (ख) भिण्ड
जिले में जिला
चिकित्सालय
भिण्ड, सिविल
हॉस्पिटल
लहार एवं
प्राथमिक स्वास्थ्य
केन्द्रों
में किन-किन
पदों पर
कितने-कितने
आउटसोर्स
कर्मचारी
कितने-कितने
प्रतिमाह
यथासमय वेतन
पर किस-किस
आउटसोर्स
एजेन्सी के
रखे गये हैं? कर्मचारियों
के नाम एवं पद
सहित विवरण
दें? (ग) क्या
सिविल अस्पताल
लहार जिला
भिण्ड में
आउटसोर्स पर
पदस्थ
सफाईकर्मियों
एवं
सुरक्षाकर्मियों
को प्रतिमाह 5-5 हजार
रूपये 4
से 6 माह
बाद दिया जा
रहा है? यदि
हाँ, तो
उक्त
कर्मचारियों
को वेतन
भुगतान किये
जाने की क्या
व्यवस्था
है एवं क्या
उक्त
कर्मचारियों
को यू.ए.एन. नम्बर
जारी कर उनके
ई.पी.एफ. खातों
में प्रतिमाह
यथासमय राशि
जमा की जा रही
है? यदि
हाँ, तो
प्रत्येक
कर्मचारी के
ई.पी.एफ. खातों
में प्रतिमाह कितनी-कितनी
राशि कब-कब
जमा कराई गई? (घ) इन
आउटसोर्स
कर्मचारियों
को
अनुबंधानुसार
किन-किन पदों
हेतु
प्रतिमाह
कितना-कितना
वेतन/पारिश्रमिक
दिया जाना
चाहिये? क्या
अनुबंधानुसार
निर्धारित
राशि उक्त
कर्मचारियों
को प्रतिमाह
वेतन भुगतान
बैंक खाते के
माध्यम से
वेतन दिया
जाना आवश्यक
है? (ड.) यदि
हाँ, तो
आउटसोर्स
एजेन्सी
द्वारा
नियम/प्रावधानों/अनुबंध
के अनुसार
कर्मचारियों
को वेतन
भुगतान नहीं
किया जा रहा
है तो संबंधित
आउटसोर्स
एजेन्सी के
विरूद्ध क्या
कार्यवाही की
जायेगी?
लोक
स्वास्थ्य
एवं परिवार
कल्याण
मंत्री ( डॉ.
प्रभुराम
चौधरी ) : (क) स्वास्थ्य
विभाग
मध्यप्रदेश
के अंतर्गत
सफाईकर्मी, सुरक्षाकर्मी, डाटा
एंट्री
ऑपरेटर, मल्टी
टास्क वर्कर, कुक
एवं केयर टेकर
आदि की
स्वीकृति
अनुसार आउटसोर्स
एजेंसी का चयन
करते हुये
एजेंसी के माध्यम
से
आवश्यकतानुसार
प्राप्त किये
जाते हैं। (ख)
जानकारी
पुस्तकालय
में रखे
परिशिष्ट के
प्रपत्र ''अ'' अनुसार
है। (ग) जी नहीं।
शेष प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता है। (घ)
जानकारी
पुस्तकालय
में रखे
परिशिष्ट के
प्रपत्र ''ब'' अनुसार
है। जी हाँ। (ड.)
आउटसोर्स
एजेंसी के
द्वारा समय पर
भुगतान न करने
की स्थिति में
संबंधित
एजेंसी का
भुगतान रोकते
हुए संबंधित
एजेंसी के
विरूद्ध
सूचना-पत्र
जारी कर
निविदा शर्त
अनुसार
अनुबंध राशि राजसात
कर संबंधित
एजेंसी को
ब्लेकलिस्ट
करने की
कार्यवाही का
प्रावधान है।
जन औषधि अनुज्ञप्ति धारी के विरूद्ध कार्यवाही
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
86. ( क्र. 4139 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा सत्र मार्च, 2021 में विधानसभा प्रश्न क्रमांक 2638 दिनांक 19 मार्च 2021 के प्रश्नांश (घ) के उत्तर में कार्यालय थाना प्रभारी, थाना शाहजहानाबाद भोपाल से प्राप्त जानकारी के अनुसार आपराधिक दायित्व के निर्धारण हेतु दस्तावेजों एवं कथनों का संकलन किया जा रहा हैं एवं प्रकरण की जांच वर्तमान में प्रचलन में हैं की जानकारी दी गई है? (ख) यदि हाँ, तो उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में क्या दस्तावेजों का संकलन कर लिया गया है? (ग) क्या खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने अपने आदेश क्रमांक 2020/137 दिनांक 01.10.2020 के जरिये कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर म.प्र. स्टेट को-ऑपरेटिव्ह जन औषधि मार्केटिंग फेडरेशन लिमि. शॉप/प्लाट नं. ए-7 सुरेन्द्र विहार होशंगाबाद रोड भोपाल को स्वीकृत औषधि अनुज्ञप्ति को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया था? यदि हाँ, तो उक्त संबंध में अभी तक एफ.आई.आर. दर्ज क्यों नहीं की गई एवं कब तक एफ.आई.आर. दर्ज की जाएगी? (घ) क्या कार्यालय आयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा दो अनुज्ञप्तियां निरस्त की गई थी? यदि हाँ, तो निरस्ती आदेश की प्रतियां उपलब्ध कराएं? (ड.) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में किस आधार पर एक अनुज्ञप्ति को निरस्त करने के बाद दूसरी अनुज्ञप्ति को कुछ समय बाद निरस्त किया गया? स्पष्ट करें।
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) प्रश्नाधीन संस्था द्वारा औषधि विक्रय अनुज्ञप्ति प्रदाय हेतु प्रस्तुत आवेदन में सक्षम व्यक्ति के अनुभव प्रमाण-पत्र जारी करने वाली संस्था के अस्तित्व विहीन एवं औषधि लायसेंस विहीन पाये जाने के कारण, सक्षम व्यक्ति के अनुभव प्रमाण-पत्र सही नहीं पाये गये, जिस कारण सक्षम व्यक्ति की अर्हता के अपालन होने के कारण प्रश्नाधीन संस्था को स्वीकृत औषधि विक्रय अनुज्ञप्तियों को खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आदेश क्रमांक भोपाल/2020/137 भोपाल दिनांक 01.10.2020 के द्वारा नहीं अपितु आदेश क्रमांक भोपाल/2020/317 भोपाल दिनांक 01.10.2020 के द्वारा निरस्त किया गया था। औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 में पृथक से एफ.आई.आर. दर्ज करने का कोई प्रावधान नहीं है। उक्त आदेश की सूचना थाना शाहजहाँनाबाद, भोपाल को आवश्यक कार्यवाही हेतु दी गई थी। यह उल्लेखनीय है कि प्रश्नाधीन फर्म द्वारा लासयेंस निरस्तीकरण आदेश के विरूद्ध सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के समक्ष अपील प्रस्तुत की गई थी, जिसके अपास्त किये जाने पर प्रश्नाधीन फर्म द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर में रिट पिटीशन क्रमांक 08532/2021 प्रस्तुत की गई है। अतः प्रकरण में इस प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही शेष नहीं है। (घ) औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी, भोपाल के आदेश दिनांक 01.10.2020 द्वारा एक फर्म मेसर्स म.प्र. स्टेट को-ऑपरेटिव्ह जन औषधि मार्केटिंग फेडरेशन लिमि. पता-शॉप/प्लाट नं. ए-7 सुरेन्द्र विहार, ऑशिमा मॉल के पास, होशंगाबाद रोड, भोपाल को स्वीकृत दो औषधि विक्रय अनुज्ञप्तियाँ क्रमांक 20बी/2224/27/2019 एवं 21बी/2225/27/2019 निरस्त की गई थीं। निरस्तीकरण आदेश जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ड.) प्रश्नांश (घ) में दिये गये उत्तर के अनुसार दो अनुज्ञप्तियाँ जो कि फार्म 20बी एवं 21बी में प्रदत्त थीं एक साथ निरस्त की गई थीं। अतः शेष प्रश्नांश ही उपस्थित नहीं होता।
संपूर्ण लॉकडाउन के समय पोषण आहार का वितरण
[महिला एवं बाल विकास]
87. ( क्र. 4140 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्ड जिले में कोरोना वायरस कोविड-19 की प्रथम लहर एवं द्वितीय लहर के समय संपूर्ण लॉकडाउन के दौरान कब से कब तक आंगनवाड़ी/उप आंगनवाड़ी केन्द्र बंद रहे? (ख) उक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में कोरोना काल में लागू प्रतिबंध के समय भिण्ड जिले में कितनी राशि का पोषण आहार प्रदाय किय गया? विकासखण्डवार बतायें। (ग) कोरोना काल में संपूर्ण प्रतिबंध के दौरान विधानसभा क्षेत्र लहार जिला भिण्ड के किन-किन आंगनवाड़ी केन्द्रों/आंगनवाड़ी उपकेन्द्रों में कितनी-कितनी राशि का पोषण आहार का वितरण किया गया? (घ) विधानसभा क्षेत्र लहार के शहरी क्षेत्र लहार, मिहोना, दबोह एवं आलमपुर में पोषण आहार वितरण करने हेतु कौन-कौन से स्व-सहायता समूह पंजीबद्ध हैं एवं उनके द्वारा कब से पोषण आहार वितरण का कार्य किया जा रहा है? स्व-सहायता समूह के नाम पता सहित बतायें?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) भिण्ड जिले में कोविड संक्रमण काल में प्रथम लहर में दिनांक 14.03.2020 से 18.01.2021 तक सम्पूर्ण लॉक डाउन के दौरान आंगनवाड़ी केन्द्र/उप आंगनवाड़ी केन्द्र बन्द रहे है। द्वितीय लहर में दिनांक 19.04.2021 से 15.11.2021 तक आंगनवाड़ी/ उप आंगनवाड़ी केन्द्र बन्द रहे है। (ख) विकासखण्डवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' पर है। (ग) कोरोना काल में संपूर्ण प्रतिबंध के दौरान विधानसभा क्षेत्र लहार जिला भिण्ड के आंगनवाड़ी केन्द्रों/उप आंगनवाड़ी केन्द्रों में प्रदाय किए गए पोषण आहार राशि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' पर है। (घ) विधानसभा क्षेत्र लहार के शहरी क्षेत्र लहार, मिहोना, दबोह एवं आलमपुर में पोषण आहार वितरण करने हेतु पंजीबद्ध स्व-सहायता समूह के सूची एवं जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' पर है।
राज्य सम्मान निधि की बहाली
[सामान्य प्रशासन]
88. ( क्र. 4159 ) श्री नारायण त्रिपाठी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री लक्ष्मीनारायण शुक्ल निवासी जिला रीवा के विरूद्ध की गई झूठी व निराधार शिकायत को निरस्त करते हुए रोकी गई राज्य सम्मान निधि बहाल करने के संबंध में अनुविभागीय अधिकारी मऊगंज रीवा द्वारा प्रस्तुत किया गया जांच प्रतिवेदन क्रमांक 34/अन.अधि./ तह. मउगंज/2012 दिनांक 14/05/2012 क्या कलेक्टर रीवा द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया है? (ख) यदि प्रश्नांश (क) का उत्तर हाँ है तो कब तक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री शुक्ल की राज्य सम्मान निधि बहाल कर दी जायेगी?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ, कलेक्टर रीवा द्वारा अनुविभागीय अधिकारी तहसील मऊगंज का जांच प्रतिवेदन दिनांक 14/05/2012 को पूर्णत: कूटरचित ढंग से तैयार होना बताते हुए उसे कलेक्टर द्वारा अमान्य किया जा चुका है। कलेक्टर की जांच रिपोर्ट के आधार पर श्री लक्ष्मीकांत शुक्ला जिला रीवा, राज्य स्वतंत्रता संग्राम सैनानी सम्मान निधि गलत जानकारी के आधार पर ले रहे थे, जिसे सामान्य प्रशासन विभाग ने तथ्यों को स्पष्ट करते हुए आदेश दिनांक 27/10/2005 से सम्मान निधि प्रदाय करने का आदेश निरस्त करते हुए उन्हें प्रदत्त सम्मान निधि की राशि की वसूली के आदेश दिये गये है। उक्त आदेश के पालन में अब तक श्री शुक्ला से रूपये 1,82,323/- मात्र की वसूली कलेक्टर रीवा द्वारा की जा चुकी है। (ख) प्रश्नांश (क) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्नांश (ख) उत्पन्न नहीं होता है।
पेयजल योजनाओं की स्वीकृति
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
89. ( क्र. 4162 ) श्री दिलीप सिंह गुर्जर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2019 से प्रश्न दिनांक तक नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र में कितनी नल जल योजनाएं तथा अन्य पेयजल योजनाएं स्वीकृत हुई हैं? योजना का नाम, गांव का नाम, वर्षवार सम्पूर्ण विवरण दें। (ख) दि. 01 जनवरी 2019 से दिनांक 26 फरवरी 2022 तक नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र में कितनी नल जल योजनाएं, समूह योजनाएं तथा पेयजल हेतु अन्य योजनाएं स्वीकृत हुई हैं? योजना का नाम, गांव का नाम, वर्षवार सहित सम्पूर्ण विवरण दें। (ग) प्रश्नकर्ता के क्षेत्र में जल जीवन मिशन के अन्तर्गत कितनी योजनाएं कितनी लागत की स्वीकृत हुई हैं? स्थान के नाम सहित विवरण दें? उनमें से कितनी योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं? कितनी अधूरी है? कितनी अप्रारंभ हैं? (घ) कितनी योजनाओं की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई हैं? क्षेत्र में कितने गांवों की योजनाएं स्वीकृति हेतु डी.पी.आर. बनाई जा रही है तथा कितनी योजनाएं स्वीकृति हेतु लम्बित हैं? उक्त योजनाओं की कब तक स्वीकृति प्रदान कर दी जाएगी? ऐसे कितने गांव हैं, जिनकी डी.पी.आर. नहीं बनाई गयी है? गांव के नाम सहित विवरण दें। (ड.) ग्राम राजपुररायती, सेकडीसुल्तानपुर, लुहारी, खुरमुण्डी, खण्डवा, सरवना खाचरौद, सनासला, ब्रहाम्णखेड़ी, लोहचितारा, नारेली, पालकी, मकला, दडिया, बनबनी, गेडावदा, मदगनी, टुमनी, दीपाखेडी आदि गांवों की डी.पी.आर. बनाकर शासन को प्रेषित कर दी गई है? यदि नहीं, तो कब तक कर दी जाएगी?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1, प्रपत्र-2 एवं 3 अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 3 अनुसार है (घ) जल जीवन मिशन के अन्तर्गत 85 ग्रामों की योजनाओं की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है, वर्तमान में कोई भी डी.पी.आर. स्वीकृति हेतु लंबित नहीं है, 19 ग्रामों की डी.पी.आर. बनाई जाना शेष है, उक्त ग्रामों के नाम पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। (ड.) प्रश्नांश (घ) में उल्लेखित ग्रामों में पर्याप्त जल स्त्रोत की उपलब्धता सुनिश्चित किये जाने के उपरांत जल जीवन मिशन की गाइड लाइन अनुसार डी.पी.आर. तैयार की जाना प्रावधानित है, निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है।
नहर का शेष कार्य पूर्ण
[नर्मदा घाटी विकास]
90. ( क्र. 4173 ) श्री नारायण त्रिपाठी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी व्यपवर्तन योजना की विजयराघवगढ़ शाखा नहर का क्या-क्या कार्य शेष है? यह कार्य कब तक आरंभ किया जाकर कब तक पूर्ण करा लिया जायेगा? (ख) उक्त योजना से सतना जिले के किन-किन ग्रामों को सिंचाई हेतु पानी पहुँचाने की योजना है व इस योजना को पूरा करने का लक्ष्य कब तक पूरा कर लिया जावेगा? (ग) इस योजना से मैहर, विधान सभा क्षेत्र के किन-किन ग्रामों को किस तरह लाभ मिलेगा? सम्पूर्ण जानकारी दें व निर्माण कार्य किस कारण बंद है?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) शाखा नहर 57.17 कि.मी. लंबी है जिसमें से 15.00 कि.मी. तक का कार्य पूर्ण है, शेष का निर्माण कार्य मय वितरण प्रणाली के पूर्ण किया जाना है। उपरोक्त कार्यों की निविदा की स्वीकृति प्रक्रियाधीन हैं जिसकी स्वीकृति उपरान्त अनुबंध में नियत 36 माह की समयावधि में कार्य पूर्ण किया जाना है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। उत्तरांश (क) अनुसार। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार ग्रामों को सिंचाई हेतु पानी नहरों में जल प्रवाह से दिया जाना लक्षित है। पूर्व अनुबंधित एजेंसी का अनुबंध विखंडित होने के कारण।
अन्य पिछड़ा वर्ग के क्रीमीलेयर के मापदण्ड
[सामान्य प्रशासन]
91. ( क्र. 4178 ) श्री नीरज विनोद दीक्षित : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश शासन एवं भारत सरकार द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी के क्रीमीलेयर के मापदण्डों के संबंध में क्या-क्या दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं? समस्त आदेशों की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) क्या श्री रोहित सिंह पुत्र श्री इंद्रजीत सिंह निवासी सतना तहसील रघुराजनगर जिला सतना को कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा प्रकरण क्र. 2072/बी121/2004-05/बी-121/जाति एवं प्रमाण पत्र क्रम आरएस/429/0118/158/2022 दिनांक 21.01.2022 को जारी किया गया है? यदि हाँ, तो प्रमाण पत्र जारी कराने हेतु कौन-कौन से दस्तावेज संलग्न किये गये थे? छायाप्रति दें। (ग) क्या प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित प्रमाण पत्र के लिये आवेदक के पिता की आय रू. 1084000.00 वेतन से होने का शपथ पत्र दिया गया था? यदि हाँ, तो क्या वेतन से आय की गणना क्रीमीलेयर के लिये की जाती है? यदि नहीं, तो इसे मापदण्ड बनाकर प्रमाण पत्र क्यों जारी किया गया? क्या यह आवेदक पिछड़ा वर्ग की जाति प्रमाण पत्र की पात्रता रखते हैं अथवा नहीं? (घ) क्या कुमारी श्रेया कश्यप द्वारा एसडीएम खण्डवा के यहां ओबीसी जाति प्रमाण-पत्र हेतु आवेदन किया गया है? यदि हाँ, तो क्या इनका प्रमाण-पत्र जारी कर दिया गया है? यदि नहीं, तो क्यों?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) मध्यप्रदेश शासन एवं भारत सरकार द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी के क्रीमीलेयर मापदण्डों संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। (ख) जी हाँ। प्रमाण-पत्र जारी कराने हेतु संलग्न दस्तावेजों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। (ग) जी हाँ। सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र क्रमांक एफ 7-28/ 2009/आ.प्र./एक दिनांक 02.11.2017 की कंडिका 6 अनुसार विगत 3 वर्षों की कुल वार्षिक आय का उल्लेख करते हुये जारी किया गया है उत्तरांश (ख) में वर्णित जाति प्रमाण पत्र पात्रता के आधार पर न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी रघुराजनगर से नियमानुसार कंडिका 03 में वार्षिक आय का उल्लेख करते हुए जारी किया गया है। आवेदक पिछड़ा वर्ग की जाति का होकर क्रीमिलेयर के अन्तर्गत आने का प्रमाण पत्र पाने की पात्रता रखता है, जो उसे नियमानुसार प्रदाय किया जा चुका है। (घ) जी हाँ। कुमारी श्रेया कश्यप द्वारा एसडीएम खण्डवा के यहाँ दिनांक 22.01.2022 को ओबीसी जाति प्रमाण पत्र हेतु आवेदन किया गया था। आवेदिका श्रेया कश्यप का जाति प्रमाण पत्र का आवेदन दिनांक 03.03.2022 को निरस्त कर दिया गया है। (1) क्योंकि म.प्र. शासन पशुपालन विभाग के आदेश क्रमांक एफ3-41/2010/पैंतीस दिनांक 24.12.2013 के द्वारा आवेदिका के पिता को वेतनमान 15600 -39100 + 6600 स्वीकृत किया गया है जिसे मध्यप्रदेश राजपत्र क्रमांक 592 पशुपालन विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल दिनांक 30.12.2011 के अनुसार प्रथम श्रेणी में माना गया है। आवेदिका के पिता 35 वर्ष की आयु में प्रथम श्रेणी अधिकारी बन गये है, जो म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के पत्र क्रमांक. एफ-7-28-2009-आ.प्र.- एक, भोपाल दिनांक 07.02.2014 की कंडिका 5 के अनुसार 40 वर्ष की आयु या उसके पूर्व प्रथम श्रेणी अधिकारी बन जाये तो सम्पन्न वर्ग कें अंतर्गत आएगें। (2) आवेदिका द्वारा प्रस्तुत आवेदन के साथ सम्पत्ति विवरण में आवेदिका के परिवार की सम्पत्ति 2,38,00,000/- (रुपये दो करोड़ अड़तीस लाख/-) दर्शायी गई थी। जिसमे नगर पालिका निगम खण्डवा से जानकारी ली गई जिसमें आवेदिका के परिवार की परिसम्पत्तिया कर योग्य है। जो म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के पत्र क्रमांक. एफ-7--28-2009-आ.प्र.-एक,भोपाल दिनांक 07.02.2014 की कण्डिका 10 के अनुसार अप्रात्र होने से आवेदिका का आवेदन निरस्त किया गया। (3) आवेदिका के द्वारा आवेदन के साथ प्रस्तुत आय बाबत् स्वघोषणा पत्र में परिवार की वार्षिक आय 16,96,000/- (सोलह लाख छियान्वे हजार रूपये/-) दर्शाई गई है। म.प्र. शासन सामन्य प्रशासन विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल क्रमांक एफ 7-28/2009/आ.प्र./भोपाल दिनांक 02.11.2017 के अनुसार आवेदिका के परिवार की वार्षिक आय 8,00,000/- (आठ लाख रूपये/-) से अधिक नहीं होना चाहिए। अतएव उक्त आधार पर श्रेया द्वारा प्रस्तुत आवेदन पत्र निरस्त किया गया।
जीवन निर्वाह भत्ता व वेतन रोकने वालों के विरूद्ध कार्यवाही
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
92. ( क्र. 4181 ) श्री धरमू सिंग सिरसाम : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कोविड लॉक डाउन 2021 में कर्मचारियों के वेतन भत्ते निलंबन भत्ता नहीं रोके जाने के शासन के आदेश हैं? (ख) यदि हाँ, तो दिसम्बर 2021 में होशंगाबाद से निलंबित खाद्य निरीक्षण शिवराज सिंह पाठक का निलंबन भत्ता किस नियमों के तहत रोका गया है? यदि नहीं, तो कब तक आहरित किया गया? वेतन पर्ची उपलब्ध करावें। (ग) क्या गंभीर लापरवाही करते हुये संबंधित निरीक्षण की एलपीसी 10 माह बाद सागर भेजी गई? जिसके कारण निलंबन भत्ता व बाद का वेतन आज तक भुगतान नहीं किया गया है, निलंबित खाद्य निरीक्षण जो परिवार सहित कोविड महामारी से प्रताड़ित रहा, उसको निलंबन भत्ता व वेतन भुगतान न करने वाले अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो कब तक की जावेगी?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी नहीं। (ख) इस प्रशासन में खाद्य निरीक्षण नाम से कोई पद स्वीकृत नहीं है ओर न ही शिवराज सिंह पाठक नामक कोई अधिकारी/कर्मचारी पदस्थ है, अपितु दिसम्बर, 2011 में होशंगाबाद जिले में पदस्थ खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री शिवराज पावक को निलंबित कर उनका मुख्यालय कार्यालय उपसंचालक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन जिला सागर नियत किया गया था, जहाँ से जीवन निर्वाह भत्ता देय था। श्री शिवराज पावक को देय जीवन निर्वाह भत्ता रोके जाने के संबंध में इस प्रशासन द्वारा किसी प्रकार का आदेश जारी नहीं किया गया। श्री शिवराज पावक को देय जीवन निर्वाह भत्ता किन कारणों से आहरित नहीं हो सका, का परीक्षण किया जा रहा है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं, श्री शिवराज पावक द्वारा निलंबन के दो माह से अधिक अवधि पश्चात अपना चार्ज कार्यालय को सौंपा था। निलंबन से पूर्व लंबित देयक कुल 2,00,308/- का भुगतान जिला होशंगाबाद से किया गया है। कार्यालय उपंसचालक जिला होशंगाबाद के पत्र क्रमांक 775, दिनांक 14.07.2021 के द्वारा श्री पावक को एलपीसी कार्यालय उपसंचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन जिला सागर को भेजी गई थी, जो दिनांक 27.07.21 को कार्यालय उपसंचालक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन जिला सागर में प्राप्त हो गयी थी। इसके पूर्व श्री शिवराज पावक को निलंबन से बहाल करते हुए जिला राजगढ़ पदस्थ होने से कार्यालय उपसंचालक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन जिला सागर द्वारा दिनांक 07.07.21 को राजगढ़ जिले हेतु कार्यमुक्त किया गया। अतः दिनांक 07.10.21 को सागर जिले से एलपीसी राजगढ़ जिले को भेजी गयी। एलपीसी भेजने में विलम्ब किन कारणों से हुआ, का परीक्षण कराया जा रहा है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।
एकीकृत बाल संरक्षण योजना का संचालन
[महिला एवं बाल विकास]
93. ( क्र. 4185 ) श्री के.पी. सिंह कक्काजू : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या एकीकृत बाल संरक्षण योजना के अंतर्गत बाल गृह, शिशु गृह/खुला आश्रय गृह/बालिका गृह/आउट केयर होम का संचालन गैर सरकारी संस्थाओं/एन.जी.ओ./ट्रस्ट आदि के माध्यम से संचालित किया जा रहा है? यदि हां, तो शिवपुरी जिले की संस्थाओं का ब्यौरा दें। (ख) उपरोक्त संस्थाओं का सोशल ऑडिट कब-कब तथा किन माध्यमों से कराया गया? विस्तृत जानकारी दें। उपरोक्त संस्थाओं के चयन में पारदर्शी प्रक्रिया का अनुपालन किया गया है? प्रक्रिया का ब्यौरा दें। वर्तमान में सभी ग्रहों के लिए संचालित करने वाली संस्थाओं स्थापना नियमावली बायलॉज एवं संचालकों की पृष्ठ भूमि की जानकारी दें। (ग) उपरोक्त संस्थाओं को विगत 05 वर्षों में भारत सरकार एवं म.प्र. शासन द्वारा जारी अनुदान एवं अन्य सहायता की संस्थावार जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) क्या विभाग के पास वर्तमान में अन्य ऐसे ग्रहों के संचालन हेतु संस्थाओं के प्रस्ताव लंबित हैं? यदि हां, तो ब्यौरा दें। प्रस्ताव क्यों और कितनी अवधि से लंबित हैं?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। शिवपुरी जिले में वर्तमान में कोई संस्था संचलित नहीं हैं। (ख) एवं (ग) "क" के परिप्रेक्ष्य में जानकारी निरंक है। (घ) शिवपुरी जिले से 02 अशासकीय संस्थाओं से गृह के संचालन हेतु प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिसकी वस्तुस्थिति की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार हैं।
संविदा कर्मचारियों को नियमित किये जाने की कार्यवाही
[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]
94. ( क्र. 4186 ) श्री के.पी. सिंह कक्काजू : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जन अभियान परिषद के संविदा कर्मचारियों को विगत 02 वर्षों में नियमितीकरण की कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो कब-कब कितने कर्मचारियों को नियमित किया गया? कर्मचारियों के नियमितीकरण संबंधी आदेश, शासन आदेश तथा वित्त विभाग द्वारा नियमितीकरण के संबंध में दिये गये अभिमत की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ख) क्या जन अभियान परिषद की तरह अन्य विभाग के कर्मचारियों जैसे- समग्र शिक्षा अभियान, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग, खेल और युवक कल्याण, महिला एवं बाल विकास, बाल भवन आदि विभागों में भी संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक और नहीं तो क्यों? (ग) क्या जन अभियान परिषद के संविदा कर्मचारियों को नियमित करने हेतु अपनाई गई प्रक्रिया तथा अन्य विभागों के संविदा कर्मचारियों को नियमित करने में अलग-अलग प्रक्रिया अपनाई जा रही है? यदि हाँ, तो यह भेदभाव क्यों और यदि नहीं, तो अन्य विभागों के कर्मचारियों को कब तक नियमित किया जावेगा?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ। 01 संविदा कर्मचारी को दिनांक 23.08.2021 को नियमित किया गया। नियमितीकरण संबंधी आदेश एवं वित्त विभाग का अभिमत की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी संकलित की जा रहीं है।
दिनांक 01/01/2016 से वेतन निर्धारण
[वित्त]
95. ( क्र. 4194 ) श्री नीलांशु चतुर्वेदी : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 के नियम 5 के तृतीय पैरा में 01 जनवरी 2016 से 20 जुलाई 2017 के बीच पदोन्नति वेतनमान के स्तरोन्नयन आदि के कारण उच्चतर ग्रेड वेतन में रखे गये शासकीय सेवक को पदोन्नति/स्तरोन्नयन की तारीख से संशोधित वेतन संरचना में आने का विकल्प चुनने का प्रावधान किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो यदि किसी शासकीय सेवक को दिनांक 19 जुलाई 2016 को समयमान वेतनमान प्राप्त हुआ और वह उसी दिनांक अर्थात 19 जुलाई 2016 से संशोधित वेतन संरचना में आने का विकल्प देता है, तो सातवें वेतनमान में उसका वेतन उसके द्वारा प्रस्तुत विकल्प अनुसार दिनांक 19 जुलाई 2016 को समयमान वेतनमान प्राप्त होने के दिनांक से निर्धारित किया जायेगा या उसके विकल्प को नजर अंदाज कर दिनांक 01/01/2016 से ही सातवें वेतनमान में वेतन निर्धारित किया जायेगा? (ग) क्या मध्यप्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 में स्पष्टीकरण संबंधी जारी वित्त विभाग का आदेश दिनांक 02/11/2017 के बिंदु 5 में दिया गया स्पष्टीकरण केवल दिनांक 01/01/2016 से ही सातवें वेतनमान को स्वीकार करने का विकल्प लेने वाले शासकीय सेवकों पर लागू होगा न कि प्रश्नांश (ख) अनुसार विकल्प लेने वाले शासकीय सेवक पर। (घ) प्रश्नांश (ग) का उत्तर यदि नहीं, है तो, शासन द्वारा विकल्प प्राप्त करने का औचित्य क्या है?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ। (ख) वित्त विभाग के परिपत्र दिनांक 02.11.2017 से जारी स्पष्टीकरण सुस्पष्ट है। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार। (घ) वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 के अंतर्गत वेतन निर्धारण के लिए विकल्प का प्रावधान है। पदोन्नति स्तरोन्नयन की स्थिति में पहले सातवें वेतनमान में वेतन पुनरीक्षण किया जाना आवश्यक है।
जन स्वास्थ्य रक्षकों को निर्धारित प्रोत्साहन राशि एवं नियुक्ति
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
96. ( क्र. 4195 ) श्री नीलांशु चतुर्वेदी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में शासन द्वारा प्रशिक्षित जन स्वास्थ्य रक्षकों से नियमित स्वास्थ्य कार्य करवाया जा रहा है? यदि हाँ, तो शासन द्वारा खोले गये आरोग्य केन्द्रों की रजिस्टर पंजी में जन स्वास्थ्य रक्षक का नाम होने के बाद भी इतनी महत्वपूर्ण योजना में उसकी नियुक्ति नहीं की जा कर सिर्फ महिला कार्यकर्ताओं को ही पदस्थ किया गया है? जबकि आकस्मिक दुर्घटना एवं यौन संक्रमित रोगों की रोकथाम के लिए पुरूष स्वास्थ्य कार्यकर्ता का होना अनिवार्य है? जन स्वस्थ्य रक्षकों को आरोग्य केन्द्रों में पदस्थ करने की क्या योजना है? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों? (ख) क्या जन स्वास्थ्य रक्षकों को संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें डिपो होल्डर बनाकर स्वास्थ्य से संबंधित समस्त कार्य करवाये जा रहे हैं? वर्ष 1995 में जन स्वास्थ्य रक्षकों के लिये म.प्र. शासन एवं भारत शासन ने निर्णय लिया था कि वर्ष 1977 का विलेज हेल्पगाईड एवं जन स्वास्थ्य रक्षकों से यह कार्य करवाया जावेगा एवं संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें के आदेशानुसार वैकल्पिक वैक्सीन वितरण प्रणाली हेतु जन स्वास्थ्य रक्षकों/विलेज हेल्प गाईड की ड्यूटी लगाई गई और उन्हें कितना मासिक परिश्रम दिया गया? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) 24 घण्टे नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवा देने वाले जन स्वास्थ्य रक्षकों को आरोग्य केन्द्रों में नियुक्ति क्यों नहीं की जाकर निर्धारित प्रोत्साहन राशि क्यों नहीं दी जा रही है? कब तक इनकी नियुक्त कर प्रोत्साहन राशि दी जायेगी?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी नहीं। प्रदेश में न तो जन स्वास्थ्य रक्षक के नाम से कोई पद स्वीकृत है, न ही नियुक्ति किये जाने का प्रावधान है। जी नहीं। आकस्मिक दुर्घटना एवं यौन संक्रमित रोगो की रोकथाम के लिये प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, सिविल अस्पताल, जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों एवं कुशल स्टॉफ द्वारा उपचार किया जाता है। आरोग्य केन्द्रों में जन स्वास्थ्य रक्षको को पदस्थ किये जाने की कोई योजना नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। म.प्र. शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आदेश दिनांक 29.09.1995 के द्वारा जन स्वास्थ्य रक्षक के प्रशिक्षण को ट्रायसेम योजना के अंतर्गत एक ट्रेड के रूप में मान्य किया जाकर उम्मीदवारों को 06 माह का प्रशिक्षण दिलाया गया था। जन स्वास्थ्य रक्षक पूर्णतः स्वैच्छिक कार्यकर्ता थे। वर्तमान में इनकी सेवायें भी नहीं ली जा रही हैं और न ही जन स्वास्थ्य रक्षक का कोई पद विभाग में स्वीकृत है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) आरोग्य केन्द्रों में जन स्वास्थ्य रक्षको को पदस्थ किये जाने की कोई योजना नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
वार्ड बॉय से दवाइयों का वितरण कराया जाना
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
97. ( क्र. 4202 ) श्री आरिफ अक़ील : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2020-21 के स्वास्थ्य विभाग के प्रशासकीय प्रतिवेदन के अनुसार प्रदेश में 91 सिविल अस्पताल, 324 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 1207 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं 10204 उप स्वास्थ्य केन्द्र हैं? (ख) यदि हाँ, तो क्या अधिकांश अस्पताल एवं स्वास्थ्य एवं उपस्वास्थ्य केन्द्रों पर फार्मासिस्ट पदस्थ नहीं होने के कारण वार्ड बॉय एवं अप्रशिक्षित व्यक्तियों से दवाइयों के संधारण एवं वितरण का कार्य कराया जा रहा है? (ग) यदि हाँ, तो यह कृत्य रोगियों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने एवं लापरवाही किए जाने का नहीं है? इस लापरवाही के लिए कौन-कौन जिम्मेदार है? उनके विरूद्ध क्या तथा कब तक कार्यवाही करते हुए फार्मासिस्ट को पदस्थ किया जावेगा?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। विभाग के अधीन नियमित पदों के विरूद्ध पदस्थ फार्मासिस्ट ग्रेड-2 एवं एन.एच.एम. के अंतर्गत कार्यरत संविदा फार्मासिस्ट द्वारा दवाईयों का संधारण एवं वितरण का कार्य संपादित किया जा रहा है। (ग) जी नहीं उत्तरांश (ख) के अनुक्रम में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अर्जित अवकाश का नगदीकरण
[वित्त]
98. ( क्र. 4203 ) श्री आरिफ अक़ील : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ-6/2018/नि/चार दिनांक 28.07.2018 के अनुसार अर्जित अवकाश के संचयन की अधिकतम सीमा 300 दिवस की है? यदि हाँ, तो यह अवगत करावें कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कितनी सेवा अवधि पूर्ण करने के पश्चात 300 दिवस के अवकाश नगदीकरण की पात्रता होगी? (ख) क्या शासन कर्मचारी हित को दृष्टिगत रखते हुए वर्ष 1991 के पूर्व की गणना को विलोपित करते हुए सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खाते में जमा अर्जित अवकाश नगदीकरण के आदेश जारी करेगा? यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्यों?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ। मध्यप्रदेश शासन वित्त विभाग के परिपत्र दिनांक 08.03.2019 के साथ संलग्न गणना के उदाहरण अनुसार अवकाश समर्पण की पात्रता का निर्धारण होता है। (ख) उपरोक्त (क) के प्रकाश में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
संचालित हैण्डपम्पों की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
99. ( क्र. 4205 ) श्रीमती कल्पना वर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रैगांव विधान सभा अन्तर्गत पेयजल हेतु कितने हैण्डपम्प विधान सभा क्षेत्र में संचालित हैं एवं कितने हैण्डपम्प खराब हालत में हैं? (ख) पेयजल हेतु मरम्मत एवं रखरखाव के लिये शासन द्वारा कितना बजट का प्रावधान है? कितनी राशि 2020-21 में खर्च की जा चुकी है? कितनी राशि शेष है? (ग) विधान सभा क्षेत्र अन्तर्गत कितने नये हैण्डपम्प किस-किस योजना के तहत किन-किन स्थानों के लिये स्वीकृत हुये हैं? स्थानवार जानकारी उपलब्ध कराए। (घ) लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कितने कर्मचारी विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत कार्यरत हैं? नाम, सहित सूची उपलब्ध करावें।
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) सतना जिले के रैगांव विधानसभा अन्तर्गत पेयजल हेतु 3703 हैण्डपंप संचालित है तथा 403 हैण्डपंप खराब हालत में है। (ख) शासन द्वारा विभाग को वर्ष 2020-21 में हैण्डपंपों के अनुरक्षण (मरम्मत एवं रखरखाव) हेतु प्रदेश के लिये रूपये 84.95 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया था, रूपये 83.54 करोड़ व्यय किया गया, रूपये 1.41 करोड़ अव्ययीत रहे। (ग) इस वर्ष 2021-22 में स्वीकृत नये हैण्डपंपों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।
विकास कार्यों हेतु विधानसभा क्षेत्रों में मेगा प्रोजेक्ट
[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]
100. ( क्र. 4212 ) श्री बैजनाथ कुशवाह : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मान. मुख्यमंत्री महोदय द्वारा प्रदेश के विधायकों से उनके क्षेत्र के विकास कार्य हेतु 15-15 करोड़ रूपये के मेगा प्रोजेक्ट की सूची मांगी गई है? (ख) यदि हाँ, तो कितने विधायकों से उनके क्षेत्र विकास कार्य हेतु 15-15 करोड़ रूपये के मेगा प्रोजेक्ट की सूची मांगी गई है? जिलेवार, विधानसभावार जानकारी दी जावे। (ग) कितने विधायकों से मेगा प्रोजेक्ट की सूची क्यों नहीं मांगी गई है? कारण बताते हुए जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) क्या सरकार यह मानती है कि प्रश्नांश (ग) में उल्लेखित विधायकों के क्षेत्र में विकास कार्य की आवश्यकता नहीं है?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी नहीं। (ख) एवं (ग) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
शासकीय सेवक पर चल रहे प्रकरण
[वित्त]
101. ( क्र. 4219 ) श्री आरिफ मसूद : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश शासन के अंतर्गत आने वाले विभागों के कर्मचारी पर यदि कोई आपराधिक प्रकरण माननीय न्यायालय में विचाराधीन है तो वह अपनी सेवानिवृत्ति के बाद भी पेंशन का हकदार नहीं होगा? यदि हाँ, तो नियम सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में क्या यह कहना सही है कि किसी शासकीय सेवक के ऊपर भ्रष्टाचार का प्रकरण दर्ज होने के कारण वह निलंबित है फिर भी वह स्वैच्छिक सेवानिवृत्त योजना का लाभ ले सकता है? यदि हाँ, तो नियम बतावें।
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) ऐसा शासकीय सेवक, जिसके विरूद्ध आपराधिक प्रकरण माननीय न्यायालय में विचाराधीन है, सेवानिवृत्ति के पश्चात् वह प्रावधिक पेंशन पाने का हकदार होगा। नियम की प्रति संलग्न परिशिष्ट पर है। (ख) इस संबंध में मध्यप्रदेश सिविल सेवा (पेंशन) नियम 1976 के नियम 42 (1) (क) के द्वितीय परन्तुक के अनुसार कार्यवाही किये जाने का प्रावधान है। उक्त नियम निम्नानुसार है- सरकारी सेवक 20 वर्ष की अर्हता सेवा पूर्ण करने के पश्चात् किसी भी समय, नियुक्ति प्राधिकारी को प्रारूप 28 में उस तारीख से, जिसको की वह सेवानिवृत्त होना चाहता है, कम से कम एक मास की पूर्व सूचना (नोटिस) देकर या उसके द्वारा एक मास की कालावधि के लिए या उस कालावधि के लिए, जिसके लिए उसके द्वारा वास्तविक रूप से दी गई सूचना एक मास से कम होती हो, वेतन तथा भत्ता का उसके द्वारा भुगतान करने पर सेवानिवृत्त हो सकेगा।
लोकायुक्त पुलिस जिला भोपाल में दर्ज एफ.आई.आर.
[सामान्य प्रशासन]
102. ( क्र. 4220 ) श्री आरिफ मसूद : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त पुलिस जिला भोपाल ने दिनांक 01 जनवरी 2019 से लेकर 31 दिसम्बर 2021 तक आय से अधिक सम्पत्ति, भ्रष्टाचार एवं रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथ पकड़े गए मामलों में कितनी एफ.आई.आर. दर्ज की गई? आरोपियों के नाम उनके विभाग एवं पद सहित वर्षवार जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में दर्ज एफ.आई.आर. में से किन-किन मामलों में कितने चालान किये गए एवं किन-किन मामलों में खातमा/खारजी लगाई गई तथा किन मामलों में विवेचना जारी है?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) कुल 82 मामलों में एफ.आई.आर. दर्ज की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) 05 प्रकरणों में माननीय न्यायालय में चालान पेश किये गये, 03 प्रकरणों में चालानी कार्यवाही की जा रही है, 03 प्रकरणों में आरोपी की मृत्यु हो जाने के कारण खात्मा तथा 62 प्रकरण विवेचनाधीन है। शेष 08 प्रकरण अभियोजन स्वीकृति हेतु शासन के पास लंबित हैं तथा 01 प्रकरण में अभियोजन स्वीकृति परीक्षणाधीन है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
रोकी गई सब्सिडी उपलब्ध कराये जाना
[सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम]
103. ( क्र. 4230 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सूक्ष्म, लघु एवं उद्यम विभाग द्वारा ग्वालियर जिले में दि. 1 अप्रैल 2019 से प्रश्न दिनांक तक कितना-कितना वित्तीय आंवटन प्राप्त हुआ है? प्राप्त वित्तीय आवंटन का किस-किस रूप में उपयोग किया है? (ख) ग्वालियर जिले में सूक्ष्म, लघु एवं उद्यम विभाग द्वारा कौन-कौन सी दि. 1 अप्रैल 2019 से प्रश्न दिनांक तक योजनायें चलाई जा रही हैं या चलाई गई हैं? इन योजनाओं का ग्वालियर जिले में किस-किस हितग्राही को किस-किस प्रकार से लाभ दिया है? हितग्राही का नाम, पिता/पति का नाम, पता, किस योजना में प्रश्न दिनाक तक क्या-क्या लाभ दिया है? (ग) मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और मुख्यमंत्री कृषि उद्यमी योजना को प्रदेश में कब से प्रारंभ किया गया था? उन्हें कब और क्यों बंद किया गया? कारण सहित स्पष्ट करें। (घ) सूक्ष्म, लघू एवं मध्यम उद्यम विभाग में ग्वालियर जिले में 28 फरवरी, 2022 की स्थिति में कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी पदस्थ हैं? उनका नाम, पद, पदस्थापना दिनांक, वर्तमान पद पर पदस्थ दिनांक, मुख्यालय एवं मोबाईल नम्बर बतावें।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ( श्री ओमप्रकाश सखलेचा ) : (क) सूक्ष्म, लघु एवं उद्यम विभाग द्वारा ग्वालियर जिले में दि. 1 अप्रैल, 2019 से प्रश्न दिनांक तक कुल 418.00 लाख का वित्तीय आवंटन का एसएसएमई प्रोत्साहन योजना मद में उपयोग किया गया है। (ख) ग्वालियर जिले में प्रश्नांश अवधि में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा राज्य शासन की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी, मुख्यमंत्री स्वरोजगार, मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना एवं मुख्यमंत्री उद्यम क्रान्ति योजना संचालित की गई है तथा भारत सरकार की प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना संचालित की गई है। उपरोक्त योजनाओं में प्रश्न दिनांक तक लाभान्वित हितग्राहियों का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना एवं मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का प्रारंभ वर्ष 2014-15 से किया गया था तथा मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना का प्रारंभ वर्ष 2017-18 से किया गया था। इन योजनाओं को वर्ष 2020-21 से बंद कर समाप्त कर दिया गया है। इन योजनाओं के स्थान पर युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिये अधिक प्रभावी एवं व्यापक मुख्यमंत्री उद्यम क्रान्ति योजना वर्ष 2021-22 से प्रारंभ की गई है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसारहै।
मंदिरों हेतु शासन द्वारा स्वीकृत राशि
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
104. ( क्र. 4232 ) श्री हर्ष यादव : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्ष 2019-20, 2020-21, 2021-22 में भिण्ड जिले के किन-किन ग्रामों के मंदिरों के जीर्णोद्धार/मरम्मत के लिए कितनी-कितनी राशि कब—कब स्वीकृत कर कब—कब जारी की गई? (ख) विभाग के आदेश क्र एफ 3-22-2019/अड़सठ भोपाल, दिनांक—16.01.2010 एवं पत्र क्र. एफ 3—22/2019/अड़सठ भोपाल, दिनांक 17.03.2020 में स्वीकृत राशि की निविदाएं आमंत्रित कर निर्माण एजेन्सियों द्वारा कार्य पूर्ण कराने के बाद भी 02 वर्ष से अधिक समय व्यतीत होने के उपरात भी प्रश्न दिनांक तक राशि संबंधित निर्माण एजेन्सी को भुगतान न करने का कारण बताएं तथा पूर्ण राशि का भुगतान कब तक कर दिया जावेगा? (ग) विभाग के पत्र क्र.एफ-3-22/2019/68 भोपाल, दिनांक 23.01.2020 भिण्ड जिले के ग्राम अचलपुरा स्थित श्री बीहड़ वाले हनुमान मंदिर तथा ग्राम थरेट स्थित श्री जगन्नाथ जी मंदिर के जीर्णोद्धार/मरम्मत हेतु राशि स्वीकृत करने बावत् कलेक्टर भिण्ड द्वारा प्रस्ताव तैयार कर आयुक्त के माध्यम से मांगा गया था? यदि हाँ, तो कलेक्टर भिण्ड ने प्रस्ताव कब प्रेषित किया तथा कितनी राशि स्वीकृत की गई? यदि नहीं, तो क्यों?
पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) शासन स्वीकृति अनुसार निर्माण कार्यों की राशि निर्माण एजेंसी को भुगतान कर दी गई है। (ग) जी हाँ। मंदिर शासन संधारित नहीं होने के कारण राशि आवंटित नहीं की गई। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता।
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के माध्यम से ऋण स्वीकृति
[सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम]
105. ( क्र. 4233 ) श्री हर्ष यादव : क्या सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के आरम्भ होने के बाद प्रश्न दिनांक तक सागर जिले में स्वरोजगार स्थापित करने के लिए जिला उद्योग केन्द्र में कुल कितने हितग्राहियों के आवेदन मिले हैं? (ख) प्रत्येक हितग्राही का नाम, चाहे गये ऋण की राशि और आवेदन करने की तारीख क्या है? (ग) उपरोक्त में कौन-कौन से आवेदन किस-किस बैंक को किस-किस तारीख को भेजे गये हैं? (घ) प्रश्न दिनांक तक कुल कितने और कौन-कौन से हितग्राही को कितना-कितना ऋण स्वीकृत हुआ है? (ङ) क्या सरकार ने इस योजना के क्रियान्वयन के लिए कोई लक्ष्य निर्धारित किया है? क्या लक्ष्य पूरा हुआ है? यदि नहीं, तो इसका क्या कारण है?
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ( श्री ओमप्रकाश सखलेचा ) : (क) प्रदेश में मुख्यमंत्री उद्यम क्रान्ति योजना के आरंभ होने के बाद प्रश्न दिनांक तक सागर जिले में स्वरोजगार स्थापित करने के लिए जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र सागर में कुल 22 हितग्राहियों के आवेदन मिले है। (ख) एवं (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) प्रश्न दिनांक तक 1 हितग्राही सुश्री प्रियंका ठाकुर का 24.75 लाख का ऋण स्वीकृत हुआ। (ङ) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में सागर जिले में योजनान्तर्गत 120 हितग्राहियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निर्धारित लक्ष्य 31 मार्च 2021-22 तक के लिये है। अत: शेष प्रश्न का वर्तमान स्थिति में उत्तर दिया जाना संभव नहीं है।
मेगा प्रोजेक्ट के प्रस्ताव
[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]
106. ( क्र. 4242 ) डॉ. अशोक मर्सकोले : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुख्यमंत्री जी द्वारा प्रदेश के विधायकों से उनके क्षेत्र के विकास कार्य हेतु 15-15 करोड़ रूपये के मेगा प्रोजेक्ट की सूची/प्रस्ताव मांगी गई है? (ख) यदि हाँ, तो किन-किन विधायकों से उनके क्षेत्र के विकास कार्य हेतु 15-15 करोड़ रूपये के मेगा प्रोजेक्ट की सूची मांगी गई है? जिलेवार विधानसभावार जानकारी दें। (ग) कितने विधायकों से मेगा प्रोजेक्ट की प्रस्ताव की सूची नहीं मांगी गई? (घ) क्या सरकार यह मानती है कि (ग) में उल्लेखित विधायकों के क्षेत्र में विकास कार्य की आवश्यकता नहीं हैं?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी नहीं। (ख) एवं (ग) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
बैगा जनजाति एवं अन्य विशिष्ट जनजाति की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
107. ( क्र. 4246 ) डॉ. अशोक मर्सकोले : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा वर्ष 1979 में बैगा आदिवासी एवं अन्य विशिष्ठ आदिवासी के नसबंदी पर रोक लगाये जाने या जोर जबरदस्ती न करने संबंधी आदेश जारी किये गये थे? (ख) यदि हाँ, तो इनमें कौन-कौन से जनजाति सम्मिलित हैं? प्रश्न दिनांक तक उक्त संबंध में कौन-कौन से आदेश जारी किये गये हैं? आदेशों की प्रति उपलब्ध करावें। (ग) वर्ष 2003 से प्रश्न दिनांक तक म.प्र. के किन-किन जिलों में बैगा जनजातियों के महिला पुरूषों की नसबंदी की गई है? जिलेवार जानकारी प्रदान करें। (घ) प्रश्नांश (ग) क्या इस संबंध में विभाग द्वारा शासन से अनुमति ली गई है? यदि नहीं, तो क्या इन्हें प्रलोभन दिया जाकर नसबंदी कराया जा रहा है? इसके लिए कौन जिम्मेदार है? क्या जिम्मेदारों पर कार्यवाही की जावेगी?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी हाँ। संयुक्त मध्यप्रदेश के 26 विकासखण्डों के लिये आदेश जारी किया गया था। (ख) मध्यप्रदेश शासन एवं लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग पत्र क्र. 1725/17/मेडि-5 दिनांक 13.12.1979 में उल्लेखित जनजाति निम्नानुसर है:- 1. आंध 2. बैगा चक के बैगा आदिवासी 3. पाताल कोट के सहरिया आदिवासी 4. बिझवार 5. बिरहर या बिरहर आदिम जाति समूह 6. रायगढ सरगुजा जिले के पहाड़ी कोरवा 7. कीर आदिवासी समूह 8. मांझी आदिवासी समूह 9. बस्तर के अबूझमाडिया। विभाग का पत्र क्र 1725/17/मेडि-5 दिनांक 13.12.1979, संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें भोपाल के पत्र क्रमांक 3/प.क./सेल-4/2017/39 दिनांक 19.12.2017 एवं पत्र क्रमांक 3/प.क./सेल-4/2017/298 दिनांक 24.03.2017 प्रतिलिपि जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (घ) प्रश्नांश (ख) के उत्तर में संदर्भित दिशा-निर्देश अनुसार अनुमति ली गई। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
जल जीवन के तहत पानी के स्थाई स्त्रोतों का विकास
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
108. ( क्र. 4253 ) श्री सुनील उईके : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या छिन्दवाड़ा जिला पहाडी वनक्षेत्र एवं नदियों, नालों का जिला है? जल मिशन के तहत गांव-गांव में पाईप लाईन बिछाकर के नलजल योजना शुरू की जा रही है? माननीय मंत्री बताने की कृपा करें, इसके लिये सरकार द्वारा पानी के स्थाई सोर्स विकसित करने हेतु क्या उपाय किये गये हैं? (ख) क्या पूर्व में विगत वर्षों में समस्त जिलों में मोहल्ले में, गांव में अनेकों बार हैण्डपंप लगाये गये, हैण्डपंप को गहरीकरण किया गया एवं हैण्डपंपो को रिचार्ज किया गया? लेकिन जैसे वर्षा का सीजन समाप्त होता है एवं गरमी का सीजन आता है, अधिकांश हैण्डपंप सूख जाते हैं। अत: माननीय मंत्री महोदय से निवेदन है कि गांव में नदी नालों के किनारे स्थाई पानी के सोर्स विकसित किये जायें एवं इन पानी के स्त्रोतों से ही नल-जल योजना को जोड़ा जाये, जिससे भविष्य में गर्मियों में आने वाले जलसंकट का निराकरण किया जा सके। क्या इस पर मंत्री महोदय विचार करेगें? (ग) जुन्नारदेव विधानसभा में देनवा नदी, बर्रावन, कन्हान एवं अन्य बारामासी बहने वाली नदी नालों पर पक्के स्टॉप डेम एवं बड़े तालाब बनाकर जल जीवन मिशन की योजना को सफल करने हेतु माननीय मंत्री महोदय विचार करेगें? यदि हाँ, तो कब तक?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। जिले में पेयजल के स्थायी निदान हेतु जल जीवन मिशन के अंतर्गत 711 ग्रामों की माचागोरा जलाशय आधारित समूह नलजल प्रदाय योजना लागत रूपये 996.21 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है। मोहगांव बांध आधारित स्त्रोत विकासखंड सौंसर/पांढुर्णा के 288 ग्रामों में पेयजल हेतु रूपये 369.00 करोड़ (स्टेज-1) की समूह नलजल योजना प्रस्तावित की गई हैं एवं विभाग द्वारा राज्यांश मद से भी 12 ग्रामों में पेंचव्हेली समूह जल प्रदाय योजना लागत रूपये 32.02 करोड़ के कार्य करायें जा रहे है, जो प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त जिले में जल जीवन मिशन के अन्तर्गत 854 रेट्रोफिटिंग योजनायें क्रियान्वित की जा रही हैं। (ख) वर्तमान में जिले में स्थापित 11859 हैंडपंपों में से मात्र 24 हैंडपंप जलस्तर की कमी से बंद है। यद्यपि जिले की भौगोलिक स्थिति एवं पहाडी स्थलाकृति के कारण भूजल पुनर्भरण में कमी तथा विगत कुछ वर्षों में भू-जल स्तर में निरंतर गिरावट के कारण अधिकांशत: ग्रामीण हैण्डपंप एवं योजनाओं की क्षमता ग्रीष्म काल में कम हो जाती हैं। जिले में छोटे छोटे बांध, नदी नाले के किनारे मध्यप्रदेश पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ समन्वय कर स्टाप डेम/तालाब बनाने की कार्यवाही की जा सकेगी (ग) स्टापडेम/बांध बनाने हेतु जल जीवन मिशन के मद में प्रावधान नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
विभिन्न विभागों में स्वीकृत बजट एवं व्यय की जानकारी
[वित्त]
109. ( क्र. 4254 ) श्री सुनील उईके : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिन्दवाड़ा जिले में माननीय पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ जी द्वारा विभिन्न प्रोजेक्टों में स्वीकृत राशि किन कारणों से बजट में कटौती की गई है? क्या यह सही है कि छिन्दवाड़ा आदिवासी बाहुल्य जिला है, लेकिन उनके हितों पर कुठाराघात कर आपके द्वारा स्वीकृत योजनाओं के बजट में कटौति की जा रही है? अगर की जा रही है तो उसका कारण बतायें। (ख) छिन्दवाड़ा जिलें में स्वीकृत कन्हान प्रोजेक्ट, कृषि महाविद्यालय, उद्यानिकी महाविद्यालय एवं चिकित्सा शिक्षा महाविद्यालय के निर्माणाधीन भवनों में पर्याप्त बजट स्वीकृत करने की कृपा करेगें? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) जुन्नारदेव विधानसभा में इस वित्तीय वर्ष 2021- 22 में किन-किन योजनाओं में नवीन बजट की स्वीकृति प्रदान की गई है? (घ) जुन्नारदेव विधानसभा में इस वित्तीय वर्ष 2021-22 बजट में कौन-कौन सी सड़कों, पुल, पुलिया की स्वीकृति प्राप्त हुई है एवं कितनी राशि स्वीकृत हुई है? जानकारी प्रदाय करने की कृपा करें।
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) राज्य शासन की योजनाओं में जिलावार अथवा विधानसभावार बजट प्रावधान नहीं रखा जाता है अपितु विभाग की मॉग पर उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के आधार पर संपूर्ण प्रदेश के लिये आवश्यक बजट प्रावधान रखा जाता है। अत: किसी जिला विशेष के लिये बजट में कटौती का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उत्तरांश 'क' के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) एवं (घ) उत्तरांश (क) अनुसार।
आदर्श आंगनवाड़ी केन्द्र एवं वाहनों पर व्यय
[महिला एवं बाल विकास]
110. ( क्र. 4262 ) श्री राज्यवर्धन सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2016 से प्रश्न दिनांक तक महिला एवं बाल विकास विभाग राजगढ़ को आदर्श आंगनवाड़ी केन्द्र बनाये जाने हेतु राशि उपलब्ध कराई गई? यदि हाँ, तो कब-कब तथा उक्त राशि से क्या–क्या कार्य किस नियम प्रक्रिया से कराये जाने के निर्देश थे? निर्देशों की प्रति सहित बतावें। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में उक्त अवधि में विधानसभा क्षेत्र नरसिंहगढ़ अंतर्गत किन-किन आंगनवाड़ियों को आदर्श आंगनवाड़ी केन्द्र हेतु चयन कर कब-कब, क्या-क्या कार्य कितनी राशि से किन-किन के माध्यम से कराये गये तथा प्रश्न दिनांक तक उक्त कार्यों की क्या स्थिति है? भौतिक सत्यापनकर्ता अधिकारियों के नाम सहित बतावे? (ग) विगत 3 वर्षों में महिला दिवस पर भोपाल में आयोजित कार्यक्रमों में समूह/महिला हितग्राहियों व कार्यकर्ता/सहायिकाओं को विभिन्न वाहनों से कब-कब भेजा गया? वाहन नंबर, अनुबंध एवं वाहन देयकों के भुगतान की पूर्ण जानकारी सहित बतावें कि वाहनों का भुगतान किस योजना के तहत किया गया? भोजन व्यवस्था व भुगतान संबंधी हितग्राहियों की सूची सहित बतावें।
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। आदर्श आंगनवाड़ी केन्द्र हेतु वित्तीय वर्ष 2017-18 में राशि रूपये 95.50 लाख का आवंटन उपलब्ध कराया गया। उपलब्ध राशि से कराये जाने वाले कार्य एवं नियम-निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 पर है। (ख) विधानसभा क्षेत्र नरसिंहगढ़ अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2017-18 में आदर्श आंगनवाड़ी केन्द्र हेतु चयनित आंगनवाड़ी केन्द्रों के नाम, कराये गये कार्यों का विवरण, व्ययित राशि, कार्य का माध्यम, कार्य की स्थिति एवं भौतिक सत्यापनकर्ता अधिकारी/कर्मचारी के नाम का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 पर है। (ग) विगत 3 वर्षों में महिला दिवस पर भोपाल में आयोजित कार्यक्रमों में समूह/महिला हितग्राहियों व कार्यकर्ता/सहायिकाओं को विभिन्न वाहनों से भेजे जाने से संबंधित जानकारी निरंक है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास, भोपाल के द्वारा की गई भोजन व्यवस्था व भुगतान संबंधी हितग्राहियों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 पर है।
जनसंपर्क निधि वर्ष 2021-22 के लंबित प्रस्ताव
[सामान्य प्रशासन]
111. ( क्र. 4263 ) श्री राज्यवर्धन सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग द्वारा भजन/सत्संग मंडलियों एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों हेतु बाद्य यंत्र क्रय किये जाने हेतु जनसम्पर्क निधि वर्ष 2021-22 का वित्तीय आवंटन राजगढ़ जिले को प्रदान कर दिया गया है? यदि हाँ, तो क्या प्रश्नकर्ता द्वारा विधानसभा क्षेत्र नरसिंहगढ़ के अंतर्गत जनसम्पर्क निधि वर्ष 2021-22 से स्वीकृति हेतु प्रस्ताव अपने पत्र दिनांक 24.11.2021 से कलेक्टर जिला राजगढ़ एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी को प्रेषित किये जा चुके हैं? यदि हाँ, तो क्या प्रश्न दिनांक तक उक्त प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान कर संबंधितों के खातों में राशि प्रदान कर दी गई है? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में क्या जनसम्पर्क निधि वर्ष 2021-22 का जिले को प्रदाय किया गया आवंटन 31 मार्च 2022 के पूर्व उपयोग न करने की स्थिति में लेप्स हो जाएगा? यदि हाँ, तो प्राप्त आवंटन का पूर्ण उपयोग समय-सीमा में हो सके, इस हेतु कलेक्टर जिला राजगढ़ द्वारा प्रश्न दिनांक तक कोई कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो क्या? (ग) उपरोक्तानुसार क्या शासन जनसम्पर्क निधि वर्ष 2021-22 के वित्तीय आवंटन का समय-सीमा में पूर्ण उपयोग करने सहित प्रश्नकर्ता के लंबित प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान करने तक कोई कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो क्या और कब तक?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
औद्योगिक इकाइयों को नियम विरुद्ध वित्तीय अनुदान/सहायता
[सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम]
112. ( क्र. 4266 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01/01/2019 से प्रश्न दिनांक तक किन-किन इकाइयों को किस योजना अंतर्गत कितना-कितना वित्तीय अनुदान/सहायता दी गई? भोपाल, रायसेन, बैतूल, धार, इंदौर, रतलाम जिले की जानकारी पृथक-पृथक प्रति सहित देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में इकाइयों की कामर्शियल प्रोडक्शन की दिनांक क्या थी? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में प्रश्नांश (ख) से संबंधित इकाइयों द्वारा श्रम विभाग, खाद्य एवं औषधि विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी उपयुक्त अनापत्ति, अनुमति, लायसेंस आदि प्रमाण-पत्र कब प्राप्त हुए, विभाग द्वारा किये निरीक्षण-प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध कराएं। (घ) क्या भोपाल, रायसेन, धार, बैतूल, इंदौर, रतलाम जिले में औद्योगिक इकाइयों द्वारा कामर्शियल प्रोडक्शन शुरू करने से पहले श्रम विभाग, खाद्य एवं औषधि विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी उपयुक्त अनापत्ति, अनुमति, लायसेंस आदि प्रमाण पत्र न मिलने पर भी वर्तमान में इकाइयों को वित्तीय अनुदान/सहायता दी जा रही है? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा नियमों/योजनाओं की अवमानना कर वित्तीय सहायता/अनुदान देने वाले बैतूल, धार, इंदौर, रतलाम जिले में पदस्थ किन-किन अधिकारियों एवं इकाई-संचालकों के विरुद्ध क्या कार्यवाही किस नियम के अनुसार की जा रही है? इकाई एवं अधिकारियों का नाम पदनाम सहित ब्यौरा देवें।
सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ( श्री ओमप्रकाश सखलेचा ) : (क) दिनांक 01/01/2019 से प्रश्न दिनांक तक भोपाल, रायसेन, बैतूल, धार, इन्दौर और रतलाम जिलों में विभाग द्वारा प्रदत्त वित्तीय सहायता की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जानकारी अत्यंत विस्त़ृत है तथा संकलित की जा रही है। (घ) औद्योगिक इकाई को स्थापित एवं कार्यरत होने के लिये संबंधित विभागों से अनापत्ति, अनुमति, लायसेंस आदि प्राप्त करने का दायित्व सभी संबंधित इकाइयों का है, वांछित अनापत्ति, अनुमति, लायसेंस आदि प्राप्त न करने पर संबंधित विभागों के द्वारा इकाइयों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जा सकती है, जिसका दायित्व संबंधित विभागों का है। विभाग द्वारा औद्योगिक इकाइयों को सहायता दिये जाने के पूर्व यह सुनिश्चित किया जाता है कि इकाई द्वारा पूंजी निवेश किया जाकर, दर्शाये गये उत्पाद हेतु उत्पादनरत है।
पर्यटन को बढावा देने पर्यटक स्थल विकसित किया जाना
[पर्यटन]
113. ( क्र. 4278 ) श्री सचिन सुभाषचन्द्र यादव : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) खरगोन जिले की कसरावद विधानसभा क्षेत्र के माँ नर्मदा पावन तट के किनारे बसे ग्रामों को पयर्टक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए क्या कोई प्रस्ताव प्रस्तावित है? हाँ तो बताएं नहीं तो इस संबंध में विभागीय स्तर पर क्या कार्रवाई की गई? (ख) 500 वर्ष प्राचीन शालीवाहन मंदिर और नावड़टोड़ी तट को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की क्या कार्य योजना बनाई गई है? यदि हाँ, तो कब तक स्वीकृति प्रदान की जाएगी? (ग) विधानसभा क्षेत्र कसरावद में पुरातत्व संग्रहालय की क्या स्थिति है? क्या इसके रख रखाव हेतु केयरटेकर पदस्थ हैं? नहीं तो क्यों? (घ) क्या संग्रहालय के उन्नयन का कोई प्रस्ताव प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो बतायें नहीं तो प्रश्न दिनांक की स्थिति में स्थल निरीक्षण कर प्रस्ताव प्रस्तुत कर वस्तुस्थिति से अवगत करावें।
पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) खरगोन जिले के कसरावद विकासखण्ड के ग्राम नवदाटोली एवं बोथू को ग्राम पर्यटन परियोजना हेतु चयनित परियोजना सहयोग संस्था को आवंटित किया गया है। (ख) पर्यटन बोर्ड में प्राचीन शालीवाहन मंदिर और नावड़टोड़ी तट को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की कोई कार्य योजना प्रचलन में नहीं है। (ग) कसरावद में नर्मदा परियोजना के अंतर्गत डूब क्षेत्र से संकलित कलाकृतियों का संग्रह है जिसे स्थापित पुरातत्व संग्रहालय में प्रदर्शित किया गया है। वर्तमान में इस संग्रहालय में 01 केयर टेकर एवं 03 गार्ड तैनात है। (घ) संग्रहालय का उन्नयन व विकास कार्य विभाग की सतत प्रक्रिया के अंतर्गत आता है जिसका उन्नयन बजट की उपलब्धता पर निर्भर करता है। निरीक्षण रिपोर्ट संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
धार्मिक स्थलों का जीर्णोद्धार एवं विकास
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
114. ( क्र. 4279 ) श्री सचिन सुभाषचन्द्र यादव : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विगत दो वर्षों में कसरावद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार एवं विकास कार्यों के लिए कितने प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए हैं? स्थानवार जानकारी दें। (ख) विगत दो वर्षों में प्रश्न दिनांक की स्थिति में कितने प्रस्ताव की स्वीकृति प्रदान की गई? कितने लंबित हैं और क्यों एवं इनकी स्वीकृति कब तक प्रदान कर दी जाएगी? (ग) उपरोक्त प्रश्नों के संदर्भ में प्रश्नकर्ता द्वारा किन-किन धार्मिक स्थलों के मंदिरों के जीर्णोद्धार हेतु पत्र लिखे गए एवं उन पर प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? (घ) प्रश्नांश (ग) मैं दर्शित धार्मिक स्थलों का निरीक्षण कर प्रश्न दिनांक की स्थिति में जानकारी दें कि धार्मिक स्थलों के मंदिरों के जीर्णोद्धार के निर्माण कार्य के लिए कितनी-कितनी राशि स्वीकृति हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाएंगे और उनकी स्वीकृति कब तक प्रदान की जाएगी?
पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
पुरानी पेंशन लागू करने
[वित्त]
115. ( क्र. 4287 ) श्री जितु पटवारी : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में 31 जनवरी, 2022 की स्थिति में कितने स्थायी कर्मचारी कार्यरत हैं, जिन्हें पेंशन की पात्रता है उनमें से कितने पुरानी पेंशन योजना (1972) तथा कितने नयी पेंशन योजना (2004) के अंतर्गत पात्रता रखते है? (ख) प्रदेश में राज्य की सेवा से सेवानिवृत्त हुये कितने पेंशनधारी 31 जनवरी 2022 की स्थिति में है, उसमें से कितनों को पुराने पेंशन नियम के तहत तथा कितनों को नई पेंशन स्कीम के तहत पेंशन प्राप्त हो रही है? क्या यह सही है, कि किसी शासकीय कर्मचारी की आखरी तनखाह 78 हजार रू (इनहैंड) थी तो क्या यह सही है की उसे नई पेंशन स्कीम के तहत हर माह पेंशन या एन्युटी के नाम पर सिर्फ 3693रू. मिलते हैं तथा पुरानी पेंशन व्यवस्था के तहत 39000 रू. हर महीने मिलते हैं? तो यदि हाँ, तो बतावें कि इतने अंतर का कारण क्या है? (ग) क्या शासकीय कर्मचारी को पेंशन की नीति बनाना राज्य का विषय है, यदि हाँ, तो बतावें की सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारी के हित सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन की किस योजना में ज्यादा है पुरानी या नई? (घ) पेंशन की पुरानी योजना (1972) तथा नई योजना (2004) के प्रमुख पांच अंतर बताएं। (ड.) क्या शासन को कर्मचारी संगठनों द्वारा समय-समय पर पुरानी पेंशन योजना (1972) लागू करने के लिये आवेदन मिले है? यदि हाँ, तो बतावें कि क्या शासन पुरानी पेंशन योजना लागू करने के पक्ष में है या नहीं? यदि नहीं, तो क्यों?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) जी हाँ। नवीन पेंशन योजना में जमा राशि शासकीय सेवक की सेवा अवधि पर निर्भर करती है। प्रत्येक प्रकरण में अलग-अलग स्थिति होती है। दोनों पेंशन योजनाएं पृथक-पृथक है। (घ) पुरानी पेंशन योजना एवं नवीन अंशदायी पेंशन योजना में पृथक-पृथक प्रावधान है। प्रावधानों के संबंध में जानकारी संलग्न परिशिष्ट पर है। (ड.) जी हाँ। वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
रिक्त पदों पर पदस्थापना
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
116. ( क्र. 4292 ) श्री कमलेश प्रताप शाह : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिविल अस्पताल अमरवाड़ा एवं सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र हर्रई में चिकित्सकों के कुल कितने पद स्वीकृत हैं? स्वीकृत पदों के अनुसार वर्तमान में कुल कितने पद रिक्त हैं? चिकित्सों के रिक्त पदों पर पदस्थापना कब तक की जावेगी? (ख) सिविल अस्पताल अमरवाड़ा एवं सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र हर्रई में पैरामेडिकल स्टाफ के स्वीकृत पदों के विरूद्ध कुल कितने कर्मचारी पदस्थ हैं? यदि पद रिक्त हैं तो उन पदों पर कब तक पदस्थापना कर दी जावेगी? पदवार जानकारी से अवगत करावें। (ग) विधानसभा अमरवाड़ा क्षेत्र के अंतर्गत कुल कितने प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र एवं उपस्वास्थ केन्द्र है? इन स्वास्थ केन्द्रों में चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टॉफ के कितने पद स्वीकृत हैं? स्वीकृत पदों के विरूद्ध कितने पद रिक्त हैं, जानकारी प्रदान करें एवं रिक्त पदों पर कब तक पदस्थापना की जावेगी? (घ) विकासखण्ड हर्रई एवं अमरवाड़ा में कितने उपस्वास्थ्य केन्द्र भवन विहीन हैं तथा भवन विहीन स्वास्थ केन्द्रों के भवनों का निर्माण कब तक किया जावेगा?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। विभाग रिक्त पदों की पूर्ति हेतु निरंतर प्रयास कर रहा है परंतु प्रथम श्रेणी विशेषज्ञों के समस्त पद पदोन्नति से भरे जाने के प्रावधान के कारण एवं पदोन्नति के संदर्भ में माननीय उच्चतम न्यायालय में माह मई 2016 से प्रचलित प्रकरण के कारण प्रथम श्रेणी विशेषज्ञ व अन्य श्रेणी के पदोन्नति के पदों की पदोन्नति की प्रक्रिया विलंबित है। चिकित्सा अधिकारी के सीधी भरती के रिक्त पदों की पूर्ति की कार्यवाही निरंतर जारी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से संविदा चिकित्सकों की तथा बंधपत्र के अनुक्रम में चिकित्सकों की पदस्थापना की कार्यवाही उपलब्धता अनुसार निरंतर की जाती है। शत-प्रतिशत पदपूर्ति हेतु निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। पैरामेडिकल के सीधी भर्ती के पदों की प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड, अनुकंपा नियुक्ति तथा स्थानांतरण के माध्यम से तृतीय श्रेणी के पदों की पूर्ति की कार्यवाही निरंतर जारी है। पदपूर्ति हेतु निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। (ग) विधानसभा क्षेत्र अमरवाड़ा में 09 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं 64 उप स्वास्थ्य केन्द्र संचालित हैं। चिकित्सकों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है एवं पैरामेडिकल संवर्ग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। उप स्वास्थ्य केन्द्रों में चिकित्सक का पद स्वीकृत नहीं होता है, उप स्वास्थ्य केन्द्रों में पदस्थ स्टाफ की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। रिक्त पदों की पूर्ति के संदर्भ में जानकारी उत्तरांश ''क'' एवं ''ख'' अनुसार है। (घ) विकासखण्ड हर्रई एवं अमरवाड़ा में भवन विहीन उप स्वास्थ्य केन्द्रों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार है। मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के आदेश क्रमांक/5/भवन/एन0एच0एम/2016-17/14199 दिनांक 03.02.2017 द्वारा नवीन उप स्वास्थ्य केन्द्रों के भवनों को किराए के भवन में संचालित कराये जाने के आदेश प्रसारित किए गये हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ड'' अनुसार है। वित्तीय संसाधनों की सीमित उपलब्धता होने से भवन निर्माण की निश्चित समय-सीमा बतलाया जाना संभव नहीं है।
महिदपुर वि.स. क्षेत्र में चल रही जांच
[वाणिज्यिक कर]
117. ( क्र. 4297 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वि.स. क्षेत्र महिदपुर में वाणिज्यिक कर अधिकारी उज्जैन द्वारा किन-किन प्रकरणों में कब से जांच प्रक्रियाधीन है? (ख) जिन प्रकरणों में जांच चल रही है, उनमें क्या संबंधितों के बैंक स्टेटमेंट लिए जा चुके हैं? यदि नहीं, तो क्यों? कितने प्रकरणों में पेनाल्टी लगाई गई है और उनमें कितनी वसूली हुई है? (ग) लंबित जांच प्रकरणों का कब तक निराकरण होगा? (घ) वसूली के लंबित प्रकरणों में कब तक वसूली होगी?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 67 में व्यवसायी की जांच के प्रावधान हैं, जांच की कार्यवाही आयुक्त द्वारा अधिकृत अधिकारी द्वारा ही की जाती है। महिदपुर, कार्यालय वाणिज्यिक कर अधिकारी, उज्जैन वृत्त-3 के अंतर्गत आता है। वाणिज्यिक कर अधिकारी, उज्जैन वृत्त-3 को धारा 67 के तहत जांच हेतु अधिकार पत्र जारी नहीं किए गए हैं। अत: जांच प्रक्रियाधीन होने संबंधी जानकारी निरंक है। (ख) एवं (ग) प्रश्नांश (क) के उत्तर अनुसार जानकारी निरंक है। (घ) प्रश्नांश (क) के उत्तर अनुसार जांच प्रकरणों की निरंक जानकारी होने से जांच से संबंधित प्रकरणों की बकाया एवं वसूली की स्थिति नहीं है।
वित्तीय मद में कम राशि जमा होना
[वित्त]
118. ( क्र. 4298 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन जिले में दिनांक 01/01/2018 से 25/02/2022 तक म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण, जल संसाधन, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा आगम पारित शीर्ष मद में कब-कब, कितनी-कितनी राशि जमा करायी गई? दिनांकवार, विभागवार, राशि, खनिज नाम सहित बतावें। (ख) क्या कारण है कि कुछ विभागों द्वारा समय पर उक्त राशि नहीं जमा कराई गई? यह भी बतावें कि हुए निर्माण कार्यों के अनुपात में गिट्टी, मुरम की कम मात्रा की रायल्टी राशि इस मद में जमा करायी गई है, जबकि खनिज विभाग द्वारा अधिक मात्रा में अभिवहन पास जारी किये गये हैं, इसकी जांच कब तक की जायेगी? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार अवधि में जमा समस्त रॉयल्टी राशि के निर्माण कार्य, नाम, स्थान भी वर्षवार, विभागवार देवें। (घ) जिन विभागों द्वारा आगम पारित शीर्ष मद में नियत राशि से कम राशि जमा की गई है, उनके अधिकारियों पर विभाग कब तक कार्यवाही करेगा?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
नहरों का निर्माण कार्य
[नर्मदा घाटी विकास]
119. ( क्र. 4306 ) श्री बाला बच्चन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजपुर विधानसभा क्षेत्र में लोअर गोई परियोजना में ग्राम वासवी, निहाली, बाजड़, ठान अगलगांव शामिल थे, लेकिन प्रश्न दिनांक तक इनमें नहर निर्माण का कार्य प्रारंभ क्यों नहीं हुआ? (ख) क्या कारण है कि उपरोक्त ग्रामों को इस परियोजना से वंचित कर दिया गया? कारण बतावें तथा इन ग्रामों को वंचित करने के संबंध में हुए समस्त पत्राचार की छायाप्रति देवें। (ग) कब तक इन्हें शामिल कर नहर निर्माण का कार्य प्रांरभ कर दिया जायेगा?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) लोअर गोई परियोजना के कमाण्ड क्षेत्र 13,760 हेक्टेयर में ग्राम वासवी का सैच्य क्षेत्र 482.16 हेक्टेयर एवं ग्राम निहाली का सैच्य क्षेत्र 19.99 हेक्टेयर शामिल है, इन ग्रामों में पिपरी वितरण शाखा नहर एवं माईनरों का निर्माण कार्य प्रारंभ है। इस परियोजना के कमाण्ड क्षेत्र में ग्राम बाजड़, ठान एवं अगलगांव शामिल नहीं हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) एवं (ग) 03 ग्राम बाजड़, ठान एवं अगलगांव योजना की डी.पी.आर. में शामिल नहीं हैं। अत: कोई पत्राचार नहीं किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
वित्तीय मद में बड़वानी जिले में कम राशि जमा
[वित्त]
120. ( क्र. 4307 ) श्री बाला बच्चन : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वानी जिले में दिनांक 01/01/2016 से 31/12/2018 तक एवं दिनांक 01/05/2020 से दि. 25/02/2022 तक म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण, जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा आगम प्राप्ति शीर्ष मद में कब-कब, कितनी-कितनी राशि जमा कराई गई? दिनांकवार, विभागवार, राशि, खनिज नाम सहित बतावें। (ख) क्या कारण है कि कुछ विभागों द्वारा समय पर उक्त राशि नहीं जमा कराई गई? यह भी बतावें कि हुये निर्माण कार्यों के अनुपात में गिट्टी-मुरम की कम मात्रा की रायल्टी राशि इस मद में जमा कराई गई है जबकि खनिज विभाग द्वारा अधिक मात्रा में अभिवहन पास जारी किये गये हैं? इसकी जांच कब तक की जाएगी? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार अवधि में जमा समस्त रायल्टी राशि के निर्माण कार्य, नाम, स्थान भी वर्षवार, विभागवार देवें। (घ) जिन विभागों द्वारा आगम प्राप्ति शीर्ष मद में नियत राशि से कम राशि जमा की गई है, उनके अधिकारियों पर विभाग कब तक कार्यवाही करेगा?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
पदोन्नति में मनमानी पर कार्यवाही
[वाणिज्यिक कर]
121. ( क्र. 4311 ) श्री सुनील सराफ : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) किसी शासकीय सेवक को पदोन्नति के लिए विभागीय पदोन्नति समिति द्वारा तय किए गए गोपनीय चरित्रावली में अंकों को उसी वर्ष उच्च स्तरीय वेतनमान देने के लिए उपयुक्त माना जाता है या नहीं? यदि किसी अधिकारी की किसी वर्ष की गोपनीय चरित्रावली उपलब्ध नहीं तो इसकी गणना के क्या नियम हैं? क्या विभागीय पदोन्नति समिति द्वारा तय गोपनीय चरित्रावली के अंकों को विभागीय उप सचिव द्वारा अमान्य किया जा सकता है तो इस संबंध में नियम की प्रति देवें। (ख) क्या कारण है कि वाणिज्यिक कर विभाग में श्री आर.के. तिवारी जिन्हें पदोन्नति समिति द्वारा 05 वर्षों के 16 अंक प्रदान किए थे लेकिन तत्कालीन उप सचिव रत्नाकर झा द्वारा आदेश क्रमांक 2184/1600/2020/1/पांच, दिनांक 22-12-2020 परित कर 05 वर्षों के स्थान पर 03 वर्ष के 9 अंक ही प्रदान कर तृतीय क्रमोन्नति से वंचित कर दिया गया? ऐसा क्यों? कारण व नियम बतावें कि वर्ष 2012 व 2013 के अंक क्यों छोड़े गए? (ग) क्या कारण है कि श्री आर.के. तिवारी द्वारा दीर्घावधि से प्रस्तुत अभ्यावेदन का निराकरण उप सचिव वाणिज्यिक कर विभाग कैलाश वानखेड़े द्वारा अभी तक नहीं किया गया? जबकि सहायक आयुक्त श्री एस.के. सोमटके के अभ्यावेदन का तत्काल निराकरण कर दिया गया? इनके संबंध में गोपनीय चरित्रावली के कमेंट की जानकारी भी देवें। क्या इसके निराकरण की समय-सीमा 4 सप्ताह है? (घ) यदि हाँ, तो कब तक इस प्रकरण का निराकरण कर दिया जाएगा एवं नियम की अवहेलना करने वाले व प्रश्नांश (ख) अनुसार अनुचित कार्य करने वाले अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा? यदि नहीं, तो क्यों?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
अहिरखेड़ी इंदौर में भूखण्ड पंजीयन प्रक्रिया
[वाणिज्यिक कर]
122. ( क्र. 4314 ) श्री सुनील सराफ : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदौर स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस गृह निर्माण सहकारी संस्था अहिरखेड़ी इंदौर (पूर्व में नाम विदुर नगर) द्वारा वर्ष 2012 से विक्रेता रूप में कितनी रजिस्ट्रियों का पंजीयन किस-किस भूखण्ड रकवा नंबर पर कराया गया? क्रेता नाम, पंजीयन नंबर, भूखण्ड रकबा नंबर, आकार, दिनांक सहित देवें। वर्ष 2012 से प्रश्न दिनांक तक के संदर्भ में देवें। (ख) क्या इस संस्था द्वारा विक्रय भूमि पंजीयन के दस्तावेजों की मांग के लिये इंदौर सहकारिता विभाग द्वारा इंदौर के पंजीयन कार्यालय में कोई पत्र लिखा/लिखे गए? यदि हाँ, तो पत्र/पत्रों की प्रमाणित प्रति देवें। (ग) क्या ये दस्तावेज इंदौर सहकारिता विभाग को उपलब्ध करा दिए गये हैं? यदि हाँ, तो दस्तोवजों की प्रमाणित प्रति देवें। क्या प्रश्नांश (क) अनुसार संस्था के प्लाट क्रय-विक्रय पर विभाग में कोई प्रतिबंध लगाए? यदि हाँ, तो किस अवधि के लिये? (घ) प्रश्नांश (क) अनुसार विक्रेता के रूप में संस्था के किस-किस अधिकारी ने पंजीयन प्रक्रिया निष्पादित कराई? नाम, पता, मोबाईल नंबर सहित देवें।
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) सुभाषचंद्र बोस गृह निर्माण सहकारी मर्यादित इंदौर द्वारा विक्रेता के रूप में कोई भी दस्तावेज पंजीयन होना नहीं पाया गया है। (ख) जी हाँ। कार्यालय उप आयुक्त सहकारिता, जिला इंदौर द्वारा पत्र क्रमांक शिका./2021/3042, दिनांक 06/12/2021 की प्रति संलग्न परिशिष्ट-एक अनुसार है एवं पत्र क्रमांक/गृह/2021/3186, दिनांक 15/12/2021 वरिष्ठ जिला पंजीयक इंदौर को पत्र लिखा गया, जिसकी प्रति संलग्न परिशिष्ट-दो अनुसार है। (ग) कार्यालय वरिष्ठ उप पंजीयक, उप जिला इंदौर-4 द्वारा वस्तुस्थिति की जानकारी पत्र दिनांक 22/12/2021 के माध्यम से उपायुक्त, सहकारिता जिला इंदौर को उपलब्ध करा दी गई है, जिसकी प्रति संलग्न परिशिष्ट-तीन अनुसार है। प्रश्नांश (क) अनुसार संस्था के प्लाट क्रय-विक्रय पर पंजीयन विभाग द्वारा कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है, अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नांश (क) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
म.प्र. लघु उद्योग निगम द्वारा भोपाल में प्रदाय सामग्री
[सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम]
123. ( क्र. 4317 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. लघु उद्योग निगम भोपाल में दिनांक 01/04/2022 से 25/02/2022 तक सामग्री प्रदायकर्ताओं द्वारा प्रदाय की गई है? सामग्री की जानकारी वर्षवार देवें। प्रदायकर्ता का नाम, जी.एस.टी. नंबर, प्रस्तुत बिलों की प्रमाणित प्रतियां, भुगतान राशि, भुगतान दिनांक, भुगतान पर काटे गये टी.डी.एस. की राशि सहित देवें। इनके क्रय आर्डर की प्रमाणित प्रतियां भी देवें। (ख) क्या कारण है, कि कई फर्मों द्वारा छोटे-छोटे बिल प्रस्तुत कर भुगतान लिया जाता रहा, ताकि जी.एस.टी. भरने से बचा जा सकें? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार प्रदाय सामग्री का एक बार में आर्डर न निकालकर टुकड़ों में सामग्री क्रय के आदेश देने वाले अधिकारियों के नाम, पदनाम सहित देकर बतावें कि इसके लिए विभाग उन पर कब तक कार्यवाही करेगा? (घ) भविष्य में इस तरह के क्रय आर्डर न बने जिससे जी.एस.टी. अयवचन हो, पर रोक लगाने के लिये विभाग कब तक कार्यवाही करेगा?
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ( श्री ओमप्रकाश सखलेचा ) : (क) म.प्र. लघु उद्योग निगम द्वारा दिनांक 1/4/2021 से 25/02/2022 तक कार्यालयीन उपयोग हेतु आवश्कतानुसार सामग्री कय की गई है। माह 1/4/2021 से 25 फरवरी 2022 तक की दैनंदिनी कार्यालयीन उपयोग हेतु स्टेशनरी, सेनेटरी गुड्स विक्रेताओं की सूची, जी.एस.टी. नम्बर तथा उनके बिलों से काटी गई जी.एस.टी., टी.डी.एस. की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) सभी बिलों से नियमानुसार जी.एस.टी. काटा जाता है तथा शासन को चालान द्वारा प्रतिमाह जमा किया जाता है। (ग) रखरखाव के कारण सामग्री के खराब होने से नुकसान भी होता है, उक्त स्थिति से बचने हेतु यह प्रक्रिया अपनाई जाती है। (घ) अलग-अलग क्रय करने पर भी कर अयवचन (अपवंचन) नहीं किया जा रहा है प्रत्येक बिल से जी.एस.टी. की राशि काटकर जमा किये जाने की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
फर्जीवाड़े पर कार्यवाही
[वाणिज्यिक कर]
124. ( क्र. 4318 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केटस्कील इंफ्रा प्रोजेक्टस प्राइवेट लिमिटेड जिनका जी.एस.टी. नंबर 23AADCC2668J1Z0 है जो इंदौर में A1-103 बालाजी स्कायस भवन प्रामिनेंट स्कूल के पास इंदौर में पंजीकृत है जिस पर दिनांक 04/01/2022 को निलंबन की कार्यवाही की गई पर कितनी वसूली राशि शेष है? (ख) उपरोक्त फर्म पर किस कारण से निलंबन की कार्यवाही की गई है? क्या प्रश्नांश (क) अनुसार फर्म का उपरोक्त पता फर्जी हैं? इसके सत्यापन की रिपोर्ट देवें। क्या फर्म के दस्तावेजों में दर्शाये समस्त फोन नंबर बंद हैं? यदि हाँ, तो इस संबंध में पत्र व्यवहार, फोन, ई-मेल किन व्यक्तियों, नंबरों, ई-मेल से किए जाते हैं की जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार इस कंपनी द्वारा किए फर्जीवाड़े पर विभाग ने अब तक कोई कार्यवाही क्यों नहीं की? इस फर्म द्वारा कई फर्मों का भुगतान रोककर शासन के जी.एस.टी. को लंबित किया जा रहा है, कब तक जी.एस.टी. नंबर में दर्शाये अनुसार फर्म के स्वामी पर कार्यवाही की जाएगी? (घ) इस पर कार्यवाही न करने वाले सर्कल के जिम्मेदार अधिकारियों के नाम, पदनाम देकर बतावें कि इसके लिए शासन इन्हें कब तक दंडित करेगा?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) केटस्कील इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड का जी.एस.टी. नंबर 23AADCC2668J1Z0 है। यह कम्पनी वाणिज्यिक कर कार्यालय इंदौर वृत्त 3 से पंजीयत है। इसका पता A1-103 बालाजी स्कायस भवन प्रामिनेंट स्कूल के पास, इंदौर है। इकाई पर रूपये 17,56,851/- की बकाया लम्बित है। इनका जीएसटी पंजीयन दिनांक 04/01/2022 से निलंबित है। (ख) व्यवसाई द्वारा प्रस्तुत की गई जीएसटी विवरणी में मिसमैच की स्थिति पाई जाने के कारण जीएसटी पंजीयन निलंबित किया गया है। व्यवसाई जीएसटी लागू होने के पूर्व वेट अधिनियम के तहत पंजीयत रहे हैं। अत: जीएसटी लागू होने के समय वेट से माईग्रेट होने के आधार पर जीएसटी पंजीयन जारी हुआ है। अत: पंजीयन के सत्यापन स्थिति नहीं थी। व्यवसाई की डीलर प्रोफाईल में दर्ज मोबाईल नंबर 09822068114 एवं ई-मेल आईडी rsg[at]catskillinfra.com प्रचलन में है। प्रोफाईल में दर्ज एक अन्य मोबाईल नंबर 9922440527 बंद है। (ग) व्यवसाई के संबंध में कर अपवंचन संबंधी तथ्य के संज्ञान में आने पर विभाग द्वारा व्यवसाई के व्यवसाय स्थल की जांच जीएसटी अधिनियम की धारा 67 (2) के तहत दिनांक 24.10.2020 को की गई। जांच के पश्चात् व्यवसायी से रूपए 67.22 लाख नगद एवं रूपए 75.49 लाख आईटीसी के माध्यम से, कुल रूपए 142.71 लाख जमा कराए गए। (घ) व्यवसाई के व्यवसाय स्थल की जांच जीएसटी अधिनियम की धारा 67 (2) के तहत दिनांक 24.10.2020 को की गई। जांच पश्चात प्रश्नांश (ग) के उत्तर अनुसार रूपए 142.71 लाख का जीएसटी जमा कराया गया है। व्यवसाई का जीएसटी पंजीयन निलंबित किया गया है। अत: किसी अधिकारी को जिम्मेदार ठहराने अथवा दंडित किए जाने की स्थिति नहीं है।
माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय का पालन
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
125. ( क्र. 4326 ) श्री मेवाराम जाटव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या श्रीमती सरोज मान्यता, रिफ्रेंस क्लर्क, कार्यालय लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी संधारण उपखण्ड क्र. 1 लश्कर पूर्व, ग्वालियर को सहायक ग्रेड-3 के पद का नियमित वेतनमान एवं वेतनवृद्धि दिए जाने संबंधी अभ्यावेदन का निराकरण करने के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर द्वारा दिनांक 16.08.2021 को निर्देश जारी किए गए थे? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में क्या यह भी सही है कि मुख्य अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ग्वालियर द्वारा अपने पत्र क्र. 5687/स्था./मु.अ./लो.स्वा.यां.वि./परिक्षेत्र ग्वा./2021 दिनांक 03.12.2021 द्वारा प्रमुख अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग म.प्र. से माननीय न्यायालय के आदेश के संदर्भ में मार्गदर्शन मांगा गया था? (ग) यदि हाँ, तो प्रमुख अभियंता द्वारा मुख्य अभियंता को क्या मार्गदर्शन दिया गया एवं माननीय न्यायालय के निर्णय के पालन में कब तक श्रीमती सरोज को सहायक ग्रेड-3 का वेतनमान एवं वृद्धि का लाभ दिया जाएगा? (घ) क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी परिक्षेत्र ग्वालियर के अंतर्गत विगत वर्षों में कई कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-3 का वेतनमान एवं वेतनवृद्धि प्रदान की गई है? यदि हाँ, तो किन-किन कर्मचारियों को? नाम एवं पद सहित बताएं।
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) माननीय न्यायालय के निर्णय के परिप्रेक्ष्य में प्रमुख अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा मुख्य अभियंता, परिक्षेत्र ग्वालियर को नियमानुसार निराकरण करने के निर्देश दिये गये है। कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
कार्यभारित कमचारियों का समयोजना
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
126. ( क्र. 4328 ) श्री सज्जन सिंह वर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जे.पी. चिकित्सालय भोपाल के 1995 से कार्यभारित कर्मचारियों को समायोजन किया है? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) उक्त कर्मचारियों को समायोजन किये जाने के संबंध में कार्यवाही एन.जी. शाखा, सतपुड़ा भवन, भोपाल में लंबे समय से किन कारणों से लंबित है? यह कार्यवाही कब से प्रारंभ की गई थी और प्रश्न दिनांक तक उक्त प्रकरण में क्या-क्या कार्यवाही की गई है? (ग) क्या उक्त समायोजन की कार्यवाही स्वास्थ्य संचालनालय अथवा मंत्रालय स्तर से की जानी है? (घ) उपरोक्त कर्मचारियों के समयोजन समय-सीमा में नहीं किये जाने के लिये कौन उत्तरदायी और उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की जायेगी एवं समायोजन कब तक कर दिया जायेगा?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी नहीं। कार्यभारित कर्मचारियों को मध्यप्रदेश शासन लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के आदेश क्र./एफ-03-01/2016/17/मेडि-1 भोपाल दिनांक 23.06.2016 के द्वारा नियमितिकरण हेतु योग्य पाया गया जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) ''क'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) एवं (घ) प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
EWS के तहत बने मकानों की रजिस्ट्री
[वाणिज्यिक कर]
127. ( क्र. 4337 ) कुमारी हिना लिखीराम कावरे : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा निजी कालोनियों तथा मल्टी भवनों में EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के लिए मकान तथा प्लाट रखने की अनिवार्यता के बाद EWS के प्लाट तथा मकानों की रजिस्ट्री के संबंध में जानकारी जिले अनुसार तथा वित्तीय वर्ष अनुसार विस्तृत देने की कृपा करें। (ख) क्या प्रदेश में EWS के प्लाट तथा मकानों की रजिस्ट्री तो कम हुई है, साथ ही साथ EWS की अनिवार्यता के बाद कालोनियों के सामान्य मकानों तथा प्लाटों की बिक्री में भी कमी आयी है तथा इससे शासन के राजस्व में कमी आयी है? (ग) क्या विभाग राजस्व बढ़ाने के लिए तथा यह देखते हुए की प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत आर्थिक कमजोर वर्ग के लिए पर्याप्त मात्रा में मकान उपलब्ध कराये जा रहे हैं, नगरीय विकास एवं आवास मंत्रालय म.प्र.शासन को पत्र लिखकर EWS की बाध्यता समाप्त करने पत्र लिखेगा?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) दस्तावेजों के ई-पंजीयन की प्रणाली 'संपदा' लागू होने की दिनांक 01/07/2015 से वित्तीय वर्ष 2021-22 (08 मार्च 2022) तक की वर्षवार व जिलेवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) EWS के प्लाट तथा मकानों की रजिस्ट्री में वर्ष 2015-16 से अब तक वर्षवार कमी तथा वृद्धि की जानकारी संलग्न परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। EWS की अनिवार्यता के बाद कालोनियों के सामान्य मकानों तथा प्लाटों की बिक्री में वित्तीय वर्ष 2015-16 से निरंतर वृद्धि हो रही है तथा शासन के राजस्व में भी वृद्धि परिलक्षित हो रही है। (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
फर्जी देयकों का भुगतान
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
128. ( क्र. 4338 ) कुमारी हिना लिखीराम कावरे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मैकेनिकल खण्ड जबलपुर के द्वारा परिक्षेत्र सिविल खण्ड डिण्डौरी एवं अनूपपुर में बिना कार्य निष्पादन के लगभग 11 करोड़ के फर्जी डीजल देयक प्रस्तुत किया गया एवं श्री विनोद कुमार मरावी तत्कालीन कार्यपालन यंत्री द्वारा भुगतान किया गया? यदि हाँ, तो कौन-कौन दोषी अधिकारी है एवं उनसे कितनी-कितनी राशि वसूल की गई?यदि राशि वसूल नहीं की गई तो उसके लिए कौन-कौन दोषी है? वसूल नहीं करने वाले दोषी अधिकारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, की गई तो क्यों एवं कब तक की जावेगी? (ख) दोषी शासकीय सेवक में से कौन-कौन सेवानिवृत्त हो गये? सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारी/अधिकारी से कितनी-कितनी राशि वसूल की गई? अगर नहीं वसूली गई तो क्यों? यदि प्रकरण शासकीय धन हानि का है,तो क्या दोषी अधिकारी के विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 120 (बी) एवं 420 के तहत एफ.आई.आर. दर्ज की गई? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) दोषी शासकीय सेवकों के विरूद्ध फर्जी देकयों के भुगतान संबंधी कार्यवाही प्रचलन में थी तो इनके स्वत्वों का भुगतान हेतु किन-किन अधिकारी द्वारा अनापत्ति/नोडयूज प्रमाण पत्र जारी किया? अधिकारी का नाम बतावें। झूठा प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारियों पर क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, की गई तो क्यों?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) प्रश्नांश (क) अनुसार उक्त कार्यों एवं भुगतान की जाँच हेतु शासन द्वारा विभागीय जाँच संस्थित की गई है। विभागीय जाँच पर अंतिम निर्णय उपरांत गुणदोष के आधार पर कार्यवाही की जाना प्रावधनित है। (ख) प्रकरण में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग अंतर्गत श्री व्ही.के. मरावी कार्यपालन यंत्री (सिविल), श्री एस.के. उपाध्याय सहायक यंत्री (मैकेनिकल), श्री डी.एस. जवाहर, सहायक यंत्री (मैकेनिकल), श्री व्ही.के.सेठी, उपयंत्री (मैकेनिकल), श्री एस.के.राजपूत, उपयंत्री (मैकेनिकल), श्री हरचरण सिंह, प्रभारी सहायक यंत्री (मैकेनिकल) एवं श्री डी.के.साहू, उपयंत्री (मैकेनिकल) सेवानिवृत्त हो गये है। चूंकि इनके विरूद्ध संस्थित विभागीय जाँच प्रचलन में है, जिसमें शीघ्र निर्णय लिया जाकर यथोचित कार्यवाही की जावेगी। (ग) श्री एस.के. उपाध्याय, सहायक यंत्री (मैकेनिकल), श्री व्ही.के. सेठी, उपयंत्री (मैकेनिकल),एवं श्री एस.के. राजपूत, उपयंत्री (मैकेनिकल), को विभागीय जाँच प्रारंभ होने के पूर्व ही उनके स्वत्वों के भुगतान हेतु अनापत्ति/नोडयूज प्रमाण पत्र जारी किये गये थे। तत्पश्चात सेवानिवृत्त अधिकारियों के विरूद्ध विभागीय जाँच किये जाने के निर्णय के क्रम में क्रमश: श्री एस.के. उपाध्याय, श्री व्ही.के. सेठी एवं श्री एस.के. राजपूत, के विरूद्ध आरोप-पत्रादि जारी किये जाने हेतु मंत्रि-परिषद् आदेश दिनांक 12.12.2017 को प्राप्त कर संबंधित तीनों सेवानिवृत्त अधिकारियों को आरोप-पत्र दिनांक 23.12.2017 को जारी किया गया है। शेष श्री व्ही.के. मरावी, कार्यपालन यंत्री (सिविल), श्री हरचरण सिंह, प्रभारी सहायक यंत्री (मैकेनिकल), श्री डी.एस. जवाहर, सहायक यंत्री (मैकेनिकल) एवं श्री डी.के. साहू, उपयंत्री (मैकेनिकल) के विरूद्ध आरोप पत्र, इनकी सेवानिवृत्त के पूर्व जारी हो चुके थे। अत: इनके अनापत्ति/नोडयूज प्रमाण पत्र जारी नहीं होने के कारण स्वत्वों भुगतान नहीं हुआ है। अतएवं शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
इलाज में बरती गई लापरवाही की शिकायत पर कार्यवाही
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
129. ( क्र. 4340 ) श्री संजय यादव : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 24 मई, 2021 को डॉ. वंदना शर्मा, न्यू जर्सी, अमेरिका द्वारा ई-मेल द्वारा, जिला कलेक्टर जबलपुर को एवं दिनांक 22 जुलाई, 2021 को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला जबलपुर को अपने पिता स्व. महेश किशोर शर्मा एवं माता स्व. श्रीमती लक्ष्मी शर्मा जी के इलाज में गैलेक्सी हॉस्पिटल, उखरी रोड, जबलपुर द्वारा बरती गई घोर लापरवाही की वजह से मृत्यु हो जाने की विस्तृत शिकायत पर क्या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित हास्पिटल द्वारा बरती गई लापरवाही पर हास्पिटल प्रबंधन/डॉक्टर्स के विरूद्ध किसी प्रकार की कोई कार्यवाही प्रस्तावित है क्या? अगर नहीं तो क्यों? (ग) गैलेक्सी हास्पिटल उखरी रोड जबलपुर के खिलाफ विगत दो वर्षों में अन्य किन-किन लोगों द्वारा लापरवाही की शिकायतें की गई हैं? की गई शिकायतों का विस्तृत विवरण प्रदान करें एवं इन शिकायतों पर की गई कार्यवाही से भी अवगत करावें।
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) दिनांक 24 मई 2021 तथा 19 जुलाई 2021 को डॉ. वंदना शर्मा, न्यू जर्सी, अमेरिका द्वारा क्रमश: जिला कलेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जबलपुर को प्रेषित विस्तृत शिकायत के संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जबलपुर द्वारा दिनांक 10 अगस्त 2021 तथा 07 जनवरी 2022 को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। (ख) जी नहीं। गैलेक्सी हॉस्पिटल, उखरी चौराहा, विजय नगर जबलपुर की जांच निष्कर्ष अनुसार स्व. श्री महेश किशोर शर्मा एवं स्व. श्रीमती लक्ष्मी शर्मा जी के ईलाज में किसी प्रकार की लापरवाही परिलक्षित न होने के कारण हॉस्पिटल प्रबंधन/डॉक्टर्स के विरूद्व कोई कार्यवाही प्रस्तावित नहीं है। (ग) दिनांक 23 अप्रैल 2021 को गैलेक्सी हॉस्पिटल, उखरी तिराहा, जबलपुर में रात्रि में शोर शराबा होने के फलस्वरूप 3 सदस्यीय जांच समिति का गठन कर जांच की गई। प्रकरण का जांच प्रतिवेदन एवं की गई कार्यवाही संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
फार्मासिस्ट संवर्ग की समस्याएं
[वित्त]
130. ( क्र. 4345 ) श्री संजय यादव : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वित्त विभाग (राज्य वेतन आयोग प्रकोष्ठ) मंत्रालय द्वारा अपने आदेश क्रमांक एफ -8-1 2015/नियम/ चार दिनांक 07/06/2018 द्वारा आयोग की अनुशंसा अनुसार चिन्हित पदों के वेतनमानों का पुनरीक्षण किया गया है जिसमे फार्मासिस्ट संवर्ग के सन्दर्भ में जेल विभाग को क्यों नहीं जोड़ा गया है, जबकि जेल विभाग में भी फार्मासिस्ट संवर्ग के पद स्वीकृत हैं? (ख) इसी प्रकार उक्त आदेश में ही क्रमांक 10 पर स्टोर कीपर का वेतनमान ग्रेड पे 2100 से 2400 कर रिमार्क वाले कालम में स्टोर कीपर के पद को फार्मासिस्ट ग्रेड-2 में समाहित करने की शर्त पर अंकित किया गया है जबकि उक्त रिमार्क नियमानुसार क्रमांक 05 पर उल्लेखित फार्मासिस्ट ग्रेड 1 के सम्मुख अंकित की जानी चाहिए क्योकि स्टोर कीपर का पद ग्रेड 1 में समाहित होने के पश्चात बिंदु क्रमांक 10 में उल्लेखित स्टोर कीपर का पद स्वतः ही समाप्त हो जायेगा फिर पुनरीक्षण का क्या औचित्य है? (ग) क्या विभाग द्वारा किसी विशेष संवर्ग से उपकृत होकर उक्त त्रुटी की गयी है ताकि फार्मासिस्ट संवर्ग का वेतन पुनरीक्षण प्रकरण लंबित रह सके। (घ) यदि नहीं, तो उक्त त्रुटियाँ विभाग की जानकारी में आने के उपरांत भी प्रश्न दिनांक तक निराकरण क्यों नहीं किया गया? उक्त त्रुटियों का निराकरण कर संशोधित आदेश कब तक जारी किया जायेगा?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) राज्य वेतन आयोग द्वारा जेल विभाग के फार्मासिस्ट के वेतन पुनरीक्षण की अनुशंसा नहीं की गयी थी। (ख) वर्तमान में वेतन विसंगति के प्रकरणों के परीक्षण हेतु कर्मचारी आयोग गठित है। (ग) जी नहीं। (घ) उत्तर (ख) अनुसार। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
नर्मदापुरम जिले में मेला आयोजन
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
131. ( क्र. 4352 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नर्मदापुरम जिले में वर्षभर में कुल कितने मेले किन-किन स्थानों पर आयोजित किए जाते हैं? विधानसभा क्षेत्रवार बताने का कष्ट करें? (ख) मेलों में किन-किन विभागों के द्वारा विभिन्न जन उपयोगी योजनाओं के स्टॉल लगाकर जानकारी दी जाती है? (ग) मेला व्यवस्थित एवं सुरक्षित हो इसके लिए क्या उपाय किए जाते हैं? (घ) क्या मेले में अच्छा प्रदर्शन करने वाले स्टॉलों, कृषक, पशुपालक, सांस्कृतिक कलाकारों एवं व्यापारियों आदि को पुरस्कृत करने का प्रावधान रखा जाता है?
पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) मेलों में कृषि विभाग, शिक्षा विभाग, जल संसाधन विभाग, वन विभाग, उद्यान विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, पशुपालन विभाग, रेशम विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, उद्योग विभाग एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के विभिन्न कार्यों के स्टाल लगाकर शासकीय योजना की जानकारी दी जाती है। (ग) मेला में सुरक्षा अस्थाई पुलिस चौकी, यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था, सफाईकर्मी आग सुरक्षा हेतु अग्निशामक यंत्र विद्युत व्यवस्था, सांस्कृतिक कार्यक्रमों हेतु मंच की व्यवस्था, झूलों की सुरक्षा हेतु गाईडलाईन जारी की जाती है एवं मेला व्यवस्थित एवं सुरक्षित हो उसके लिये जनपद पंचायत पुलिस प्रशासन एवं होमगार्ड सैनिकों द्वारा व्यवस्था की जाती है। (घ) मेलें में अच्छा प्रदर्शन करने वाले स्टॉलों कृषक, पशुपालक, सांस्कृतिक कलाकारों का प्रमाण एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया जाता है।
तारांकित प्रश्न क्र. 794 दिनांक 18.03.2020 के संदर्भ में
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
132. ( क्र. 4359 ) श्री आलोक चतुर्वेदी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा तारांकित प्रश्न क्र. 794 दिनांक 18.03.2020 के संदर्भ में उत्तर दिया गया था कि ''भोज, इग्नू से प्रशिक्षण प्राप्त आवेदक अपात्र होंगे। किन्तु भोज मुक्त विश्वविद्यालय से पोस्ट बेसिक बी.एस.सी. नर्सिंग पाठ्यक्रम उत्तीर्ण आवेदक सम्मिलित हो गये थे'' उक्त आवेदकों को सम्मिलित करने के लिए कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी जिम्मेदार थे? उन पर क्या कार्यवाही की गई? नहीं तो क्यों? उक्त प्रकरण में आज दिनांक तक की गई जांच कार्यवाही/ नोटशीट पत्र की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित प्रश्न के उत्तर से स्पष्ट हो गया था कि इस भर्ती परिक्षा को आयोजित कराने में संलग्न कर्मचारी द्वारा अधिकारियों/एम.पी. ऑनलाईन से साठ-गांठ कर स्वयं को तथा अन्य को अपात्र होने के बाद भी परीक्षा में सम्मिलित कराया गया था फिर भी संबंधित कर्मचारी के विरूद्ध आज दिनांक तक कार्यवाही नहीं कर उसे संरक्षण प्रदान किया जा रहा है, क्यों? तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री की नोटशीट पत्र क्र. 338 दिनांक 11.02.2020 द्वारा भी संबंधित कर्मचारी को निलंबित करने हेतु आदेशित किया गया था, उक्त पर की गई कार्यवाही की जानकारी उपलब्ध करावे?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी हाँ। विज्ञप्ति में भोज एवं इग्नू से प्रशिक्षण प्राप्त आवेदक अपात्र होगें के उपरान्त भी अपात्र स्टॉफ नर्स श्रीमती सीमा टिले, श्रीमती योगिता दोनोडकर, श्रीमती मर्सरत मिर्जा द्वारा आवेदन किया गया। इसलिए इन्हें चयन सूची से पृथक कर कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया गया। कारण बताओं सूचना पत्र का जवाब मान्य करते हुए, प्रकरण नस्तीबद्व किया गया। पूरे प्रकरण की जाँच 03 सदस्यीय जाँच कमेटी द्वारा कराई गई। जाँच कमेटी द्वारा किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं पाई गई। जांच प्रतिवेदन जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कार्यालय की नोटशीट क्रमांक 338 दिनांक 11.02.2020 में माननीय मंत्री जी द्वारा निर्देशित प्रकरण में कुसुम कवडकर तथा रीता भारती के चयन की पात्रता की पूर्ण विवेचना व परीक्षण किया गया एवं उच्च अध्ययन हेतु एम.एस.सी. नर्सिंग की नियम पुस्तिका में उल्लेखित अहर्ताओं की पूर्ति न होने के कारण उक्त आवेदिकाओं को अपात्र किया गया, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
आयुष्मान भारत योजनातंर्गत पात्र हितग्राही
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
133. ( क्र. 4360 ) श्री आलोक चतुर्वेदी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आयुष्मान भारत योजनांतर्गत छतरपुर विधानसभा के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में कितने पात्र हितग्राही हैं? ग्रामवार-शहरवार संख्यात्मक जानकारी प्रदाय करें। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुक्रम में कितने हितग्राहियों के पास आयुष्मान कार्ड है? ग्रामवार व शहरवार नामवार जानकारी प्रदाय करें। (ग) प्रश्नांश (क) के अनुक्रम में किन-किन हितग्राहियों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं हैं? कार्ड नहीं बनने के क्या कारण हैं?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) दिनांक 14/03/2022 की स्थिति में छतरपुर विधानसभा के शहरी क्षेत्र में 172779 एवं ग्रामीण क्षेत्र में 86146 हितग्राही है। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुक्रम में 143074 हितग्राहियों के पास आयुष्मान कार्ड है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (क) के अनुक्रम में 115851 हितग्राहियों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं है। कार्ड बनाये जाना एक सतत् प्रक्रिया है पात्र हितग्राही के आवेदन करने पर कार्ड बनाये जाते है।
प्रयोगशाला में कार्य संपादन
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
134. ( क्र. 4367 ) श्री विनय सक्सेना : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सीहोर की प्रयोगशाला में कार्यरत कौन-कौन से कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति मई, 2021 में हुई है? नाम पदनाम बतावें। (ख) उक्त सेवानिवृत्तियों के पश्चात किन-किन कर्मचारियों की पदस्थापना किस-किस पद के विरुद्ध की गयी? पदस्थापना आदेश की प्रतियां पटल पर रखे। (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में क्या जिन व्यक्तियों की पदस्थापना कर कार्य सौपें गए वे उन कार्यों को संपादित करने की पात्रता रखते थे? यदि हाँ, तो कार्यवार नियमानुसार निर्धारित पात्रता व कार्यरत लोक सेवक की योग्यता बतावें। (घ) मई 2021 से आज दिनांक तक उक्त प्रयोगशाला में संपादित हुए समस्त कार्य व संपादित करने वाले लोकसेवक के विवरण, कार्यवार उपलब्ध करावें। (ङ) क्या उक्त प्रयोगशाला में जल परीक्षण कर रिपोर्ट जारी करने का कार्य किसी लोक सेवक को सौंपा गया है? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति देवें। यदि नहीं, तो उक्त प्रयोगशाला में जल नमूने के परीक्षण की रिपोर्ट जिस लोकसेवक के हस्ताक्षर से जारी की जा रही है? उसकी क्या वैधता है? (च) विभाग की किन-किन जिलों की प्रयोगशालाओं में केमिस्ट के पद रिक्त हैं? उक्त स्थानों पर किस स्तर के अधिकारी द्वारा जल नमूने के परीक्षण के कार्य संपादित किये जा रहे हैं?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) श्री जी.एस. ओझा कार्यभारित रसायनज्ञ दिनांक 31.05.2021 को सेवानिवृत्त हुए है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जी हाँ। कार्यभारित सहायक रसायनज्ञ हेतु निर्धारित पात्रता हायर सेकेण्ड्री अथवा 10+2 प्रणाली के तहत 12वीं कक्षा रसायनशास्त्र एक विषय के साथ उत्तीर्ण है। श्री देवेन्द्र बागवान की योग्यता हायर सेकेण्ड्री 10+2 प्रणाली रसायनशास्त्र विषय के साथ एवं बी.एस.सी (माइक्रोबायलॉजी)। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ड.) जी हाँ। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (च) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है।
क्षतिग्रस्त धार्मिक स्थानों का जीर्णोद्धार
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
135. ( क्र. 4372 ) श्री शशांक श्रीकृष्ण भार्गव : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विदिशा जिला अंतर्गत कितने धार्मिक स्थान शासन अधीन हैं? नामवार, स्थानवार जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) प्रश्नांश (क) के क्रम में स्थित धार्मिक स्थानों के मरम्मत एवं रखरखाव सौंदर्यीकरण हेतु विगत 3 वर्षों में कितनी-कितनी राशि स्वीकृत की गई? कराये गये कार्यों के विवरण सहित उपलब्ध कराई गई राशि के मान से जानकारी दें।
पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) जी हाँ। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। (ख) जी हाँ। विभाग को प्राप्त बजट की उपलब्धता अनुसार राशि स्वीकृत की जाती है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। (ग) वर्ष 2019-2020 एवं 2020-2021 में मंदिरों को स्वीकृति राशि की जानकारी संलग्न परिशिष्ट पर है। अत: शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता।
कर्मचारियों को कोरोना काल अवधि का भुगतान
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
136. ( क्र. 4389 ) श्री अजय कुमार टंडन : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों पर जून 2018 की संविदा पालिसी लागू होगी या नहीं? यदि हाँ, तो क्या कारण है कि 3 वर्ष बाद भी संविदा नीति लागू क्यों नहीं की गई? (ख) क्या सरकार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियों को राज्य का कर्मचारी नहीं मानती है? यदि हाँ, तो क्यों? (ग) क्या जून 2018 की पालिसी केवल रेगुलर संविदा कर्मचारियों पर लागू होगी, या सभी विभागों के संविदा कर्मचारियों पर लागू होगी? यदि सभी संविदा पर लागू होना है तो 3 वर्ष बाद भी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों पर लागू क्यों नहीं हुई? यदि होगी तो कब तक? (घ) क्या राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों के लिए सरकार के पास बजट का प्रावधान है? यदि हाँ, तो कोरोना काल में अपनी जान की परवाह किये बिना निरंतर स्वास्थ्य सेवाएं दी हैं? उक्त कोरोना काल में दी जाने वाली अतिरिक्त राशि का भुगतान किया गया है? यदि हाँ, तो कितना यदि नहीं, तो कब तक किया जाएगा?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जून 2018 संविदा पॉलिसी लागू होने के संबंध में नीतिगत निर्णय विचाराधीन है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी के लिये 05 जून 2018 को जारी संविदा कर्मचारियों की नीति का लाभ नियमित कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन का 90 प्रतिशत वेतन के सबंध में प्रकरण तैयार कर नस्ती वित्त विभाग को प्रस्तुत की गई थी, वित्त विभाग द्वारा परामर्श दिया गया कि कोविड-19 की परिस्थिति को दृष्टिगत रखते हुये विभागीय प्रस्ताव पर विचार आगामी वित्तीय वर्ष में किये जाने का परामर्श हेतु लेख किया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियों को रू. 1000 से 4000/- तक वित्त विभाग की सहमति से अतिरिक्त विशेष प्रोत्साहन भत्ता (स्वास्थ्य) जून-2021 पेड जुलाई-2021 से प्रदान किया गया। 90 प्रतिशत के प्रस्ताव को वित्त विभाग द्वारा फिलहाल प्रतीक्षारत रखा गया है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। प्रश्नांश ''ग'' का उत्तर प्रश्नांश ''क'' में समाहित है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी हाँ। जी हाँ। जी हाँ, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी के लिये 05 जून 2018 को जारी संविदा कर्मचारियों की नीति का लाभ नियमित कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन का 90 प्रतिशत वेतन के सबंध में प्रकरण तैयार कर नस्ती वित्त विभाग को प्रस्तुत की गई थी, वित्त विभाग द्वारा परामर्श दिया गया कि कोविड-19 की परिस्थिति को दृष्टिगत रखते हुये विभागीय प्रस्ताव पर विचार आगामी वित्तीय वर्ष किये जाने का परामर्श हेतु लेख किया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियों को रू. 1000 से 4000/- तक वित्त विभाग की सहमति से अतिरिक्त विशेष प्रोत्साहन भत्ता (स्वास्थ्य) जून-2021 पेड जुलाई-2021 से प्रदान किया गया। 90 प्रतिशत के प्रस्ताव को वित्त विभाग द्वारा फिलहाल प्रतीक्षारत रखा गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
लीज पर दिए गए औद्योगिक भूखण्ड
[सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम]
137. ( क्र. 4394 ) श्री नागेन्द्र सिंह (गुढ़) : क्या सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2010 से प्रश्न दिनांक तक रीवा जिले में किन-किन कंपनियों/व्यक्तियों को उद्योग स्थापित करने हेतु कहाँ-कहाँ पर भूखण्ड लीज पर दिए हैं? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार ऐसे कितने लीजधारी हैं जिनके द्वारा भूखण्ड आवंटन के पश्चात कोई औद्योगिक गतिविधि प्रारम्भ नहीं की गई है व भिन्न प्रयोजन हेतु भूखण्ड का उपयोग किया जा रहा है? क्या ऐसे भूखण्ड धारियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो की गई कार्यवाही का विवरण उपलब्ध करायें। यदि नहीं, तो क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार आवंटित भूखण्डों पर संचालित औद्योगिक इकाइयों का विवरण, नियोजित व्यक्तियों की संख्या उपलब्ध कराएं।
सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ( श्री ओमप्रकाश सखलेचा ) : (क) एवं (ख) सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग तथा औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक एवं दो अनुसार है। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग अनुसार किसी औद्योगिक प्रयोजन के भूखण्ड का उपयोग भिन्न प्रयोजन हेतु नहीं किया जा रहा है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक एवं दो अनुसार है। प्रश्नांश के शेष भाग की जानकारी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग तथा औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग द्वारा संधारित नहीं की जाती है।
भ्रष्टाचार की शिकायतों पर कार्यवाही
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
138. ( क्र. 4395 ) श्री नागेन्द्र सिंह (गुढ़) : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा डॉ. एम.एल. गुप्ता, प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला रीवा द्वारा किये गए भ्रष्टाचार की शिकायत प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को पत्र क्रमांक 246 - 50 दिनांक 18/06/2021 के द्वारा गई थी? यदि हाँ, तो संबंधित शिकायती पत्र में प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों? यदि होगी तो कब तक? (ख) क्षेत्रिय संचालक स्वास्थ्य सेवाएँ रीवा क्षेत्र अंतर्गत कितने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों, खण्ड चिकित्सा अधिकारियों, अन्य चिकित्सकों/कर्मचारियों (सेवारत/सेवा निवृत्त) के विरुद्ध सेवा काल के दौरान भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतों की जाँच ई.ओ.डब्लू./ लोकायुक्त एवं विभागीय स्तर पर विचाराधीन हैं? विवरण उपलब्ध करायें, कितने प्रकरणों में जाँच पूर्ण हो चुकी है? दोषमुक्त/दोषसिद्ध प्रकरणों की जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) रीवा जिले में संचालित समस्त नर्सिंग होम/निजी चिकित्सालयों में उपलब्ध सेवाओं, पदस्थ मेडिकल, पैरामेडिकल एवं तकनीकी स्टाफ की जानकारी नाम, पदनाम, शैक्षणिक योग्यता सम्बन्धी प्रमाण पत्रों की प्रति सहित उपलब्ध करायें।
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी हाँ। माननीय विधायक महोदय से प्राप्त शिकायत की छायाप्रति, जांच हेतु कलेक्टर, रीवा की ओर संचालनालय के पत्र क्रमांक 1480 दिनांक 06.09.2021 द्वारा प्रेषित कर, शिकायती प्रकरण का जांच प्रतिवेदन, अभिमत सहित चाहा गया जो उनसे अप्राप्त होने पर संचालनालय स्तर से पुनः स्मरण पत्र क्रमांक 1896 दिनांक 09.11.2021, पत्र क्रमांक 264 दिनांक 11.02.2022 एवं पत्र क्रमांक 458 दिनांक 14.03.2022 कलेक्टर, रीवा को प्रेषित किया गया। जांच प्रतिवेदन अपेक्षित है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवायें, रीवा क्षेत्र अंतर्गत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों, खण्ड चिकित्सा अधिकारियों, अन्य चिकित्सकों/कर्मचारियों (सेवारत/सेवानिवृत्त) के विरूद्ध सेवाकाल के दौरान, भ्रष्टाचार से संबंधित कुल 92 शिकायतों की जांच, ई.ओ.डब्ल्यू/लोकायुक्त एवं विभागीय स्तर पर विचाराधीन है। प्रश्न की अग्रिम संपूर्ण जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है।
मंदिरों (देवस्थान) की सम्पति पर अवैध कब्जा
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
139. ( क्र. 4405 ) कुँवर रविन्द्र सिंह तोमर भिड़ौसा : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला मुरैना अन्तर्गत विभाग के अधीन कितने मंदिर हैं एवं अन्य संपत्तियां है? जानकारी देवें। (ख) क्या कई मंदिर एवं संपत्तियों पर अनाधिकृत कब्जाधारी काबीज है? यदि हाँ, तो कौन-कौन से मंदिर के व्यवसायिक एवं आवासीय परिसरों पर किन-किन व्यक्तियों, संस्थाओं का कब-कब से अनाधिकृत कब्जे हैं? विवरण देवें। (ग) क्या सरकार इन अवैध कब्जेधारियों के कब्जे हटाकर उनके खिलाफ कार्यवाही करने का विचार रखती है? यदि हां, तो तीन वर्षों में क्या-क्या कार्यवाही की गई?
पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) मुरैना जिले में शासन संधारित मंदिर कुल 863 है। उक्त मंदिरों की अन्य कोई व्यवसायिक संपत्तियां नहीं है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता। (ग) प्रश्नांश (ख) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उद्भूत नहीं होता।
जीर्णोद्धार योजना एवं नलजल योजनांतर्गत कार्यों की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
140. ( क्र. 4408 ) श्री संजीव सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्ड विधानसभा अंतर्गत किन-किन ग्रामों में जीर्णोद्धार योजना के तहत विगत दो वर्षों में स्वीकृत योजनाएं एवं इनमें किस निर्माण एजेन्सी द्वारा कार्य कराया गया है? कार्य की लागत सहित बतायें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित योजना से कितने ग्रामों को पेयजल प्राप्त हो रहा है एवं कितनी योजनाएं बंद हैं व कार्य पूर्ण कराकर कितनी ग्राम पंचायतों को हैण्ड ओवर किया गया है एवं कितनी शेष है? (ग) वर्ष 2019-20 से प्रश्न दिनांक तक किस योजना से नलजल योजना का संधारण कार्य कराया गया है एवं निर्माण एजेन्सी द्वारा कितने मीटर पाईप लाइन विस्तार किया गया है? क्या कार्यपूर्ण हो चुका है या अपूर्ण है? अगर कार्य अपूर्ण है तो कब तक पूर्ण किया जायेगा? निर्माण कार्य की लागत क्या है? क्या ग्रामवासियों को इस योजना से पेयजल प्राप्त हो रहा है?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) वर्ष 2019-20 के पूर्व पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई राशि से बंद नलजल योजनाओ के जीर्णोद्धार के कार्य स्वीकृत किए गए थे, परंतु विगत 2 वर्षों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से राशि प्राप्त नहीं होने के कारण नलजल योजनाओ के जीर्णोद्धार की योजनाएं स्वीकृत नहीं की गई है, तथापी विगत 2 वर्षों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत रेट्रोफिटिंग की 19 योजनाऐं स्वीकृत की गई है, जिनकी जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी उत्तरांश (क) अनुसार है। (ग) पूर्ण व हस्तांतरित नलजल योजनाओं के संधारण का दायित्व संबंधित ग्राम पंचायतों का है, विभाग द्वारा प्रश्नांकित अवधी में नलजल योजनाओं का संधारण कार्य नहीं कराया गया है, तथापि वर्ष 2019-20 से प्रश्न दिनांक तक जल जीवन मिशन के अन्तर्गत स्वीकृत की गई रेट्रोफिटिंग योजनाओं से नलजल योजनाओं में पाइप लाइन विस्तार का कार्य कराया गया है, जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।
सहायक संचालकों की परिवीक्षा अवधि समाप्त किया जाना
[महिला एवं बाल विकास]
141. ( क्र. 4413 ) श्री शिवनारायण सिंह (लल्लू भैया) : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र.लोक सेवा आयोग इंदौर द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग में सहायक संचालक पद के लिए वर्ष 2013 में विज्ञापन जारी किया गया था? यदि हाँ, तो विज्ञापन की प्रति उपलब्ध कराई जावे। (ख) क्या प्रश्नांश (क) द्वारा जारी विज्ञापन से चयनित सहायक संचालकों को दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि हेतु वर्ष 2016 से नियुक्त किया जाकर, विभिन्न जिलों में पदस्थ किया गया था? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के अंतर्गत चयनित कितने सहायक संचालकों की परिवीक्षा अवधि समाप्त हो चुकी है और कितने सहायक संचालकों की परिवीक्षा अवधि समाप्त होना शेष है? विलंब का क्या कारण है?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। विज्ञापन की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 पर है। (ख) जी हाँ। (ग) प्रश्नांश (ख) के अंतर्गत विभाग में कार्यरत 15 सहायक संचालकों में से 08 सहायक संचालकों की परिवीक्षा अवधि हटाये जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 पर है।
कोविड 19 वायरस से मरीजों की मृत्यु
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
142. ( क्र. 4418 ) श्री सुखदेव पांसे : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) होशंगाबाद के जिला चिकित्सालय में दिनांक 28/09/2020 से 02/10/2020 तक किन-किन मरीजों को कोविड 19 वायरस से पीड़ित मानकर कोविड वार्ड में एडमिट किया गया था तथा कितने मरीजों की उक्तावधि में मृत्यु हुई? मृत्यु का कारण, नाम एवं पता सहित सूची प्रदान करें। (ख) प्रश्नांश (क) अंतर्गत किन-किन मरीजों का रेपिड एंटीजन टेस्ट एवं आर.टी.पी.सी.आर. टेस्ट कराया गया? उक्त टेस्ट की रिपोर्ट क्या-क्या थी? क्या दोनों रिपोर्ट सभी मरीजों की आज दिनांक तक प्राप्त हो गई है? यदि हाँ, तो रिपोर्ट की छायाप्रति दें। (ग) क्या आर.टी.पी.सी.आर. रिपोर्ट प्राप्त नहीं होने के बाद भी अस्पताल प्रशासन द्वारा मरीजों को रेमडिसीवर इंजेक्शन कोविड वायरस के उपचार हेतु लगाये गये? जिसमें से कतिपय मरीजों की दिनांक 02/10/2020 को मृत्यु हो गई? उनके मृत्यु के कारण क्या दर्शाये गये? क्या मृतकों की आज दिवस तक आर.टी.पी.सी.आर. रिपोर्ट में पॉजिटिव बताया गया अथवा नहीं? यदि नहीं, तो रेमडिसीवर इंजेक्शन लगाये जाने के क्या कारण थे? (घ) क्या प्रश्नांश (क) में उल्लेखित ऐसे कितने मृतक मरीज थे जिनका अंतिम संस्कार कोविड प्रोटोकॉल के तहत अस्पताल/नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा ही किया गया? नाम, पते सहित सूची दें। प्रश्नांकित कारणों को दृष्टिगत रखते हुए मृतकों के पीड़ित को शासन द्वारा घोषित मुआवजा राशि क्यों नहीं दी गई? कब तक दी जायेगी?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) होशंगाबाद के जिला चिकित्सालय में दिनांक 28/09/2020 से 02/10/2020 तक 11 मरीजों को कोविड-19 वायरस से पीड़ित मानकर कोविड वार्ड में एडमिट किया गया था तथा 04 मरीजों की उक्तावधि में मृत्यु हुई। मरीजों की मृत्यु कोविड-19 संक्रमण के कारण हुई। संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें के परिपत्र क्रमांक-आई.डी.एस.पी./2020/666, दिनांक 19.05.2020 एवं मध्यप्रदेश शासन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के आदेश क्रमांक एफ/IDSP/2020/सत्रह/मेडि-1045, दिनांक 03.07.2020 में दिये गये निर्देशानुसार कोविड-19 से संक्रमित मरीजों की सूचना गोपनीय रखी जाना है। परिपत्र एवं आदेश की प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' एवं ''ब'' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) अंतर्गत सभी मरीजों का रेपिड एंटीजन टेस्ट एवं आर.टी.पी.सी.आर. टेस्ट कराया गया। उक्त टेस्ट की रिपोर्ट कोविड-19 पॉजिटिव थी। जी हां, दोनों रिपोर्ट सभी मरीजों की आज दिनांक तक प्राप्त हो गई है। कोविड-19 से संक्रमित मरीजों की सूचना गोपनीय रखी जाना है। परिपत्र एवं आदेश की प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' एवं ''ब'' अनुसार है। (ग) जी नहीं, आर.टी.पी.सी.आर. रिपोर्ट प्राप्त होने उपरांत रेमडिसीवर इंजेक्शन कोविड वायरस के उपचार हेतु प्रोटोकॉल अनुसार लगाये गये। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) मुख्य नगर पालिका, नर्मदापुरम के कर्मचारियों के द्वारा कोविड प्रोटोकॉल के तहत 04 मृतकों का अंतिम संस्कार किया गया। कोविड-19 से संक्रमण से मृत होने पर मृतक के वारिसान को अनुग्रह राशि 50,000/- प्रदान करने की कार्यवाही नियमानुसार प्रचलन में है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।
बोगस कंपनियों की आड़ में जीएसटी चोरी
[वाणिज्यिक कर]
143. ( क्र. 4425 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग में स्टेट जीएसटी की एंटी इवेजन टीम कार्यरत हैं? यदि हाँ, तो उसके क्या उत्तरदायित्व एवं कर्तव्य हैं? इसका कार्यालय कहां-कहां पर है? इसमें कितने अधिकारी, कर्मचारी तकनीकी एवं गैर तकनीकी स्टाफ, आउटसोर्स, अनुबंधित स्टॉफ कार्यरत हैं? इस टीम ने वर्ष 20 मार्च 2020 से प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या लक्ष्य निर्धारित कर उनके विरूद्ध कितने लक्ष्य प्राप्त किये हैं? कितने लक्ष्य किस कारण से अधूरे हैं? कब तक लक्ष्य प्राप्त कर लिये जायेंगे? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में किस फर्म एजेंसी से कितनी-कितनी जीएसटी फर्जीवाड़े में कितनी-कितनी राशि, कब-कब वसूल की गई है? फर्म/एजेंसी का नाम, मालिक का नाम, पता, जीएसटी की वसूली राशि सहित पृथक-पृथक कार्यालयवार संपूर्ण जानकारी दें। यदि नहीं, तो क्यों? (ग) उपरोक्त के संबंध में जीएसटी के अतिरिक्त और कौन-कौन सी श्रेणी के अपराध में लिप्त पाये गये हैं? क्या अपराधवार पृथक-पृथक एजेंसियों को भी इसमें सम्मिलित कर कार्यवाही संपादित कराई गई है? यदि हाँ, तो किस-किस के विरूद्ध और क्या-क्या? स्पष्ट करें। यदि नहीं, तो क्यों? (घ) उपरोक्त के संबंध में बोगस कंपनियों के नाम पर जीएसटी चोरी का काम कैसे और कब से संचालित हो रहा है? इसे कंपनियां किस तरह से अंजाम दे रही हैं? कंपनीवार, घटनावार कार्यालयवार पृथक-पृथक बतायें।
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार हेतु सब्सिडी
[सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम]
144. ( क्र. 4426 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के 5 लाख से अधिक युवाओं को ऋण स्वीकृति एवं वितरण द्वारा स्वरोजगार से जोड़ने के लिये दिनांक 25.02.2022 शहडोल सहित पूरे प्रदेश के जिला मुख्यालय में रोजगार दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया था? यदि हाँ, तो कार्यक्रम आयोजन में विभाग ने कितना-कितना व्यय किस-किस कार्य पर, किया? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में 5 लाख युवाओं का डाटा, किस-किस योजना में कितना-कितना ऋण, किस-किस बैंक से, कितनी-कितनी विभागीय सब्सिडी के साथ दिया गया? जिलेवार योजना, ऋण राशि, सब्सिडी का पृथक-पृथक बतायें। कितना-कितना प्रतिशत स्वरोजगार दिया गया? (ग) उपरोक्त के संबंध में यह भी स्पष्ट करें विभाग के पास प्रदेश के युवा बेरोजगारों का कोई डेटाबेस है? यदि हाँ, तो कब, किससे और कैसे डेटाबेस बनाया गया? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) उपरोक्त के संबंध में प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को वर्ष 2018-19, 2019-20, 2020-21 में जो स्वरोजगार के लिये बैंकों से ऋण दिलाया गया था, उनकी सब्सिडी संबंधित बैंकों में विभाग ने जमा करा दी है? यदि हाँ, तो जिलेवार, ऋण और सब्सिडी की संपूर्ण जानकारी सहित बतायें। यदि नहीं, तो क्या सभी युवा प्रदेश से बाहर के थे? यदि नहीं, तो उनके साथ इस तरह का पक्षपातपूर्ण, भेदभावपूर्ण रवैया प्रदेश सरकार क्यों कर रही है? कब तक उन्हें सब्सिडी प्रदान करा दी जायेगी? यदि नहीं, तो क्यों?
सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ( श्री ओमप्रकाश सखलेचा ) : (क) जी हाँ। कार्यक्रम आयोजन अंतर्गत राज्य स्तरीय कार्यक्रम की व्यवस्था/कार्य मध्यप्रदेश माध्यम द्वारा की गई थी तथा अन्य जिलों में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न विभागों के समन्वय से की गई थी। प्रारंभिक अनुमानित जानकारी के अनुसार कार्यक्रम आयोजन में लगभग राशि रूपये 2.68 करोड़ विभिन्न गतिविधियों पर व्यय किया गया। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में विभाग से संबंधित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना का जिलेवार विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। उल्लेखित 5 लाख युवाओं का डाटा एक अवधि विशेष का था जिसमें कोई लक्ष्यांक नहीं था अत: कितने प्रतिशत स्वरोजगार दिया गया की जानकारी का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। विभाग द्वारा बेरोजगारों का डेटा संधारित नहीं किया जाता है। (घ) जी हाँ। उपरोक्त प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की वर्ष 2018-19, 2019-20 एवं 2020-21 की प्रगति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
मठ, मंदिर एवं धर्म स्थलों के निर्माण कार्य
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
145. ( क्र. 4435 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) भोपाल संभाग के अंतर्गत शासन द्वारा संधारित मठ, मंदिर एवं धर्म स्थल कौन-कौन से हैं? जिले के अनुसार ग्राम/नगरवार सूची उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्या विभाग शासन द्वारा संधारित मठ, मंदिरों एवं धर्म स्थलों के जीर्णोद्धार, निर्माण या विकास के लिए आर्थिक राशि स्वीकृत करता है? यदि हां, तो संभाग के अंतर्गत आने वाले जिलों में मठ, मंदिरों एवं धर्मस्थलों के लिए 1 जनवरी 2018 से प्रश्नांकित अवधि तक कुल कितनी राशि स्वीकृत की गई है? वर्षवार तहसील एवं जिलावार जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में क्या विभाग के पास विदिशा जिले के कार्य स्वीकृत करने हेतु कितने प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं? कितने कार्य स्वीकृत किये गये हैं? कितने शेष है? शेष कार्य कब तक स्वीकृत किये जावेंगे?
पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
एम्बूलेंसों की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
146. ( क्र. 4436 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 01 अप्रैल, 2018 से प्रश्नांकित अवधि तक 108 संजीवनी, एम्बूलेंस, जननी एक्सप्रेस एवं अन्य वाहन कौन-कौन सी सेवा प्रदाता कंपनी द्वारा वाहन उपलब्ध कराये गये हैं एवं किस-किस चिकित्सालय को कितने-कितने वाहन एम्बूलेंस, संजीवनी वाहन उपलब्ध कराये गये है? वर्षवार, जिलावार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में उक्त सेवा प्रदाता संस्थाओं को कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया गया है? वर्षवार जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में उक्त सेवाओं के लिए कितनी-कितनी कंपनी, फर्म, संस्थाओं ने टेण्डर प्रक्रिया में भाग लिया? (घ) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में उक्त सेवा प्रदाता कंपनियों के संचालन में अनियमितताओं, लापरवाही की कितनी शिकायतें प्राप्त हुई हैं और इन पर क्या कार्यवाहियां की गई हैं? (ड.) सिविल अस्पताल सिरोंज एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लटेरी में विधायक निधि से स्वीकृत एम्बूलेंस का उपयोग किन-किन कार्यों में किया जा रहा हैं? एम्बूलेंसों का रजिस्ट्रेशन कब कराया गया? एम्बूलेंस के रजिस्ट्रेशन की छायाप्रति उपलब्ध करावें एवं इन एम्बूलेंसों का कितने मरीजों को रेफर करने में उपयोग किया गया? (च) 1 जनवरी 2019 से प्रश्नांकित अवधि तक 108 संजीवनी, एम्बूलेंस, जननी एक्सप्रेस एवं अन्य वाहनों द्वारा सिविल अस्पताल सिरोंज एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लटेरी में कितने मरीजों, को लाया अथवा ले जाया गया? वर्षवार एवं अस्पतालवार बतावें एवं इन सेवा प्रदत्त एजेन्सियों को कितना-कितना भुगतान किया गया?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) 01 अप्रैल, 2018 से प्रश्नांकित अवधि तक 108 संजीवनी एम्बूलेंस, जननी एक्सप्रेस वाहनों का संचालन एक ही संस्था मेसर्स जिगित्सा हेल्थ केयर लिमिटेड द्वारा राज्य स्तरीय केन्द्रीयकृत 108 कॉल सेंटर के माध्यम से किया जा रहा है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (ग) उक्त अवधि में मेसर्स जिगित्सा हेल्थ केयर लिमिटेड सेवा प्रदाता संस्था द्वारा सेवा प्रदाय की गई है। उक्त संस्था का चयन वर्ष 2015 में जारी राष्ट्रीय स्तर की निविदा के माध्यम से किया गया है। उक्त निविदा में कुल 03 निविदाकारों क्रमशः (1) जी.व्ही.के. ई.एम.आर.आई., (2) बी.व्ही.जी. इंडिया लिमिटेड एवं (3) मेसर्स जिगित्सा हेल्थ केयर लिमिटेड द्वारा भाग लिया गया। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। (ड.) सिविल अस्पताल सिरोंज एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लटेरी में विधायक निधि से स्वीकृत एम्बूलेंस का उपयोग मरीजों को रेफर करने तथा उपचार संबंधी कार्यों में किया जा रहा है। एम्बूलेंसों का रजिस्ट्रेशन अभी नहीं हुआ है। उक्त एम्बुलेंसों द्वारा सिरोंज अस्पताल से 08 मरीजों को तथा लटेरी अस्पताल से 07 मरीजों को रेफर किया गया है। (च) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' में समाहित है।
अपराध क्र. 43/19 की विधिसम्मत विवेचना/अनुसंधान
[सामान्य प्रशासन]
147. ( क्र. 4437 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या आरक्षी केन्द्र ई.ओ.डब्ल्यू. भोपाल के अपराध क्र. 43/2019 दिनांक 26.10.2019 पंजीबद्ध कर प्रकरण अनुसंधान में लिया गया था? (ख) यदि हाँ, तो शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में क्या-क्या लेख किया गया था एवं अनुसंधान के दौरान उनसे क्या दस्तावेज प्राप्त कर विवेचना किस स्तर के किस अधिकारी द्वारा की गई है? क्या शिकायतकर्ता द्वारा उक्त किये गये अनुबंध को फर्जी तथा कूटरचित होना बताया गया था? यदि हाँ, तो क्या इसका अनुसंधान किया गया? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या उक्त प्रकरण में खात्मा प्रतिवेदन क्र. 02/2021 दिनांक 03.03.2021 को लगाकर अस्वीकार कर दिया गया है? (घ) क्या उक्त खात्मा प्रतिवेदन क्र. 02/2021 के विरूद्ध लगाई याचिका में मा.विशेष (न्यायाधीश आर्थिक अपराध) इंदौर ने अपने आदेश दिनांक 06.01.2022 में प्रकरण में कोई अनुसंधान किया जाना प्रकट नहीं होना एवं प्रकरण में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का अपराध प्रथम दृष्टया गठित होना प्रकट होना बताते हुए उक्त संबंध में कार्यवाही करते हुए तीन माह के भीतर आवश्यक रूप से अंतिम प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की कार्यवाही हेतु आदेश में लेख किया गया है? यदि हाँ, तो मा.न्यायालय के आदेश के पालन में क्या विधि सम्मत विवेचना/अनुसंधान किस अधिकारी द्वारा की जा रही है एवं अपराध क्र. 43/2019 में सही अनुसंधान नहीं किये जाने के लिये उत्तरदायियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) शिकायतकर्ता ने अनावेदकगणों- 1. श्री तुलसीदास पिता स्व. ताराचंद्र मनवानी निवासी 5/2 न्यू पलासिया, मनपंसद पार्क के सामने थाना पलासिया इंदौर 2. श्री गिरीश मतलानी पिता स्व. श्री कृष्ण मतलानी निवासी 38, पटेल नगर थाना जूनी इंदौर 3. श्रीमती चांदनी देवी पति श्री गिरीश मतलानी 38, पटेल नगर इंदौर 4. हीना वाधवानी 5. इंदौर विकास प्राधिकरण के संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा आपस में संगनमत होकर एवं मिलीभगत कर आपराधिक षडयंत्र रचते हुए कपटपूर्वक फर्जी दस्तावेज तैयार कर, दस्तावेज इंदौर विकास प्राधिकरण से निष्पादित करवाकर, बोगस भागीदारी लेख तैयार कर, खुद ही भागीदारी लेख से आवेदक को हटाकर उसकी बिना अनुमति व जानकारी के कपटपूर्वक उसकी संपत्ति हडपने के संबंध में आरोप लगाये है। शिकायत पर अपराध क्रमांक 43/2019 पंजीबद्ध किया गया है। (ग) जी हाँ। (घ) यह सही नहीं है कि माननीय विशेष न्यायालय इंदौर के समक्ष आवेदक द्वारा कोई याचिका लगाई गई थी। वस्तुस्थिति यह है कि माननीय न्यायालय में अपराध क्रमांक 43/2019 के खात्मा प्रतिवेदन पर विचारण के दौरान माननीय न्यायालय में शिकायकर्ता द्वारा कथन में जिस अनुबंध को फर्जी एवं कूटरचित होना बताया गया है, न्यायालय द्वारा उस अनुबंध के विषय में ''अनुसंधान किया जाना प्रकट नहीं हुआ है'' उल्लेख किया है, न कि संपूर्ण प्रकरण के संबंध में। माननीय न्यायालय के द्वारा खात्मा प्रतिवेदन पर अतिरिक्त बिन्दुओं पर जांच कर तीन माह में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया है, जिनका पालन करने के संबंध में प्रकोष्ठ मुख्यालय से प्रकरण के अनुसंधानकर्ता अधिकारी उप पुलिस अधीक्षक श्री अजय जैन को निर्देशित किया गया है। अनुसंधान दण्ड प्रक्रिया संहिता के प्रावधानानुसार किया जा रहा है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
कोरोना पीड़ित मरीजों के उपचार पर व्यय राशि
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
148. ( क्र. 4438 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कोविड 19 महामारी में कोविड मरीजों के इलाज पर शासकीय एवं निजी चिकित्सालयों में उपचार किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो धार जिले में 01 अप्रैल, 2020 से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में प्रदेश के शासकीय चिकित्सलयों में कोविड के उपचार (दवाएं, जांच आदि) में कितनी राशि व्यय की गई एवं निजी चिकित्सालयों को इसी अवधि में उपचार के लिये कितनी राशि का भुगतान शासन द्वारा किया गया? (ग) विभाग को कोविड महामारी से निपटने के लिए केन्द्र सरकार से कितनी राशि प्राप्त हुई एवं राज्य सरकार ने अपने मद से कितनी राशि व्यय की तथा किन-किन संस्थाओं एवं दानदाताओं द्वारा कितनी राशि प्राप्त हुई?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी हाँ। (ख) धार जिले में 01 अप्रैल, 2020 से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में प्रदेश के शासकीय चिकित्सालयों में कोविड के उपचार (दवाएं, जांच आदि) में व्यय राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। जिले में विभाग द्वारा किसी निजी चिकित्सालयों को कोविड मरीज के उपचार हेतु राशि का भुगतान नहीं किया गया। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है।
शासकीय कर्मचारियों की लंबित मांगों का निराकरण
[सामान्य प्रशासन]
149. ( क्र. 4440 ) श्री सज्जन सिंह वर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी, राज्य मंत्री सामान्य प्रशासन, मुख्य सचिव मध्यप्रदेश शासन एवं अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विभाग को विगत एक वर्ष में मंत्रालय के किन-किन कर्मचारी संगठनों द्वारा कर्मचारियों की मांगों के संबंध में कब-कब ज्ञापन सौंपे थे? उन ज्ञापनों में उल्लेखित किन-किन मांगों का निराकरण किया गया है एवं किन-किन मांगों का निराकरण किन कारणों से आज तक नहीं किया जा सका है? (ख) क्या मध्यप्रदेश सचिवालयीन, मंत्रालयीन कर्मचारी संघ ने माह जुलाई 2021 में शासन को कर्मचारियों की ज्वलंत 15 मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा था? इन 15 सूत्रीय मांगों में से किन-किन मांगों का निराकरण नहीं किया जा सका और कब तक निराकरण कर दिया जायेगा? (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में शासन, राजभवन, सचिवालय एवं अन्य सचिवालय के अनुभाग अधिकारियों को तीसरे समय-वेतनमान में ग्रेड-पे रू. 4800 के स्थान पर 5400/- दिये जाने के संबंध में शासन ने कोई निर्णय लिया है? यदि हाँ, तो क्या? यदि नहीं, तो क्यों?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ख) जी हाँ। जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) जी नहीं। राज्य वेतन आयोग की अनुशंसा अनुसार राज्य शासन द्वारा आदेश क्रमांक एफ 8-1/2015/नियम/चार दिनांक 07/06/2018 अनुसार म.प्र. मंत्रालय के अनुभाग अधिकारी एवं निज सचिव को वेतनमान 9300-34800+4200 ग्रेड पे को उन्नयन कर वेतनमान 9300-34800+4800 ग्रेड पे किया गया है।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की नीति
[सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम]
150. ( क्र. 4445 ) श्री जालम सिंह पटैल : क्या सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला नरसिंहपुर में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा वर्ष 2020 से आज दिनांक तक क्या-क्या उपाय एवं प्रयास किये गये हैं? (ख) सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग से कितने लोग लाभान्वित हुये? कितने लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ, नामवार जानकारी प्रदान करें। (ग) सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की क्या नीति है? विस्तृत जानकारी प्रदान करें।
सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ( श्री ओमप्रकाश सखलेचा ) : (क) जिला नरसिंहपुर सहित समस्त प्रदेश में विभाग द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग की स्थापना को प्रोत्साहित करने हेतु ''म.प्र. एमएसएमई विकास नीति 2021'', विभागीय आधिपत्य के औद्योगिक क्षेत्रों में रियायती दरों पर भू-आवंटन हेतु ''मध्यप्रदेश एमएसएमई को औद्योगिक भूमि तथा भवन आवंटन एवं प्रबंधन नियम, 2021'' और स्टार्टअप पारिस्थिति की तंत्र के विकास हेतु ''स्टार्टअप नीति 2022'' जारी की गई है। साथ ही युवाओं को स्वरोजगार प्रदान करने हेतु ''मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना'' लागू की गई है। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित अवधि में जिला नरसिंहपुर में लाभान्वित व्यक्तिओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। (ग) सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग की नीति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है।
औद्योगिक जिलों को सब्सिडी का प्रदाय
[सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम]
151. ( क्र. 4446 ) श्री जालम सिंह पटैल : क्या सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल जिलांतर्गत कुल कितने क्षेत्रफल में औद्योगिक क्षेत्र विकसित हैं? औद्योगिक क्षेत्रवार बतायें। (ख) उक्त औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित इकाइयों को शासन द्वारा सब्सिडी प्रदान करने की क्या प्रक्रिया निर्धारित है? (ग) किन-किन औद्योगिक क्षेत्रों की किस-किस इकाई की कितनी-कितनी सब्सिडी किन-किन कारणों से कब-कब से लंबित है? इकाईवार जानकारी दें। (घ) कब तक इकाइयों को सब्सिडी का भुगतान कर दिया जायेगा?
सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ( श्री ओमप्रकाश सखलेचा ) : (क) सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग की जानकारी पुस्तकालय रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है तथा औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अधीनस्थ मध्यप्रदेश इण्डस्ट्रीयल डव्लपमेंट कार्पोरेशन अनुसार भोपाल जिला अंतर्गत कुल 274.36 हेक्टेयर क्षेत्रफल में औद्योगिक क्षेत्र बगरौदा (128.02 हेक्टेयर) तथा औद्योगिक क्षेत्र अचारपुरा (146.34 हेक्टेयर) विकसित है। (ख) एम.एस.एम.ई. प्रोत्साहन योजनाओं की औद्योगिक इकाइयों को सब्सिडी प्रदान करने हेतु जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में, जिला स्तरीय सहायता समिति गठित है। औद्योगिक इकाइयों के सब्सिडी प्रकरण पर जिला स्तरीय समिति द्वारा निर्णय लिया जाता है। समिति के निर्णय अनुसार इकाई को सब्सिडी प्रदान की जाती है। मध्यप्रदेश इण्डस्ट्रीयल डव्लपमेंट कार्पोरेशन अनुसार उनके अधीनस्थ उक्त औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित वृहद श्रेणी की इकाइयों पर भी वर्तमान में विभाग की उद्योग संवर्धन नीति 20214 (यथा संशोधित 2021) प्रभावशील है उक्त नीति अंतर्गत प्रावधानित सुविधाओं का लाभ प्रदान करने हेतु म.प्र. निवेश प्रोत्साहन योजना 2014 जारी की गई है। उक्त योजना के द्वारा उद्योग संवर्धन नीति 2014 में वृहद श्रेणी की पात्र औद्योगिक इकाइयों हेतु प्रावधानित सुविधा/सहायता स्वीकृत हेतु प्रक्रिया का निर्धारण किया गया है। विस्तृत विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। (ग) सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग की जानकारी पुस्तकालय रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। मध्यप्रदेश इण्डस्ट्रीयल डव्लपमेंट कार्पोरेशन अनुसार भोपाल जिले के उनके अधीनस्थ औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित किसी भी वृहद श्रेणी की औद्योगिक इकाई का सब्सिडी क्लेम प्रकरण स्वीकृति उपरांत लंबित नहीं है। (घ) सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग को बजट उपलब्ध होने पर नियमानुसार इकाइयों को सब्सिडी का भुगतान किया जा सकेगा।
अकादमियों को बजट आवंटन
[संस्कृति]
152. ( क्र. 4448 ) श्री जालम सिंह पटैल : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश की उर्दू साहित्य अकादमी, पंजाबी साहित्य अकादमी, मराठी साहित्य अकादमी, भोजपुरी साहित्य अकादमी, सिंधी साहित्य अकादमी और उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी भोपाल को वित्तीय वर्ष 2018-2019, 2019-2020 एवं 2021-2022 में कितनी-कितनी राशि का बजट आवंटन किया गया? वर्षवार बताएं। (ख) उपरोक्त में से किस-किस अकादमी का वर्ष 2021-2022 के लिये अतिरिक्त राशि के बजट आवंटन का प्रस्ताव शासन के पास कब से विचाराधीन है? (ग) वित्तीय वर्ष समाप्ति को दृष्टिगत रख कब तक संबंधितों को राशि का आवंटन कर दिया जाएगा?
पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित किसी भी अकादमी का वर्ष 2021-22 का अतिरिक्त राशि के बजट आवंटन का प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर व्यय राशि
[महिला एवं बाल विकास]
153. ( क्र. 4450 ) श्री बीरेन्द्र रघुवंशी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं अन्य कर्मचारियों के कुल कितने प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला/परियोजना स्तर पर पिछले चार वर्षों में किन-किन दिनाकों में कहाँ-कहाँ व किन उद्देश्यों हेतु आयोजित किये गए? सभी कार्यक्रमों का सम्पूर्ण ब्यौरा दें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित समस्त प्रशिक्षण के लिए जिला परियोजना अधिकारी अथवा विभाग द्वारा विकासखण्ड प्रशिक्षण प्रभारियों/परियोजना अधिकारियों को कुल कितनी-कितनी राशि इस अवधि में जारी की गई? कार्यक्रमवार एवं दिनांकवार प्राप्त राशि की जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में सक्षम अधिकारियों द्वारा इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों हेतु प्राप्त राशि किन-किन कार्यों पर खर्च की गई? क्या प्रशिक्षण हेतु प्राप्त समस्त राशि से क्रय मध्यप्रदेश भण्डार क्रय नियम के तहत किया गया? राशि के व्यय की जानकारी हेतु समस्त बिल एवं व्हाउचर की स्वच्छ छायाप्रति सहित कार्यक्रमवार, मदवार उपलब्ध कराऐं।
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) शिवपुरी जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग अन्तर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं अन्य कर्मचारियों के कुल 102 प्रशिक्षण जिला/ परियोजना स्तर पर पिछले चार वर्षों में आयोजित किये गये। प्रशिक्षण आयोजन का उद्देश्य आयोजन का दिनांक एवं आयोजन स्थल का ब्यौरे की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -''अ'' पर है। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित समस्त प्रशिक्षण के लिये संचालनालय महिला एवं बाल विकास म.प्र. भोपाल द्वारा जिला कार्यक्रम अधिकारी जिला शिवपुरी को प्रशिक्षणवार जारी की गई राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' पर है। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में सक्षम अधिकारियों द्वारा प्राप्त राशि जिन-जिन कार्यों पर खर्च की गई, की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। हाँ। राशि के व्यय की कार्यक्रमवार, मदवार बिल एवं व्हाउचर की स्वच्छ छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' पर है।
जी.एस.टी. की कटौती
[वाणिज्यिक कर]
154. ( क्र. 4461 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में जिला पंचायत, जनपद पंचायत एवं ग्राम पंचायत को जी.एस.टी. पंजीयन करवाया जाना एवं जी.एस.टी. कटौती करने के संबंध में क्या-क्या प्रावधान किस दिनांक से लागू हुये हैं? उनका पालन नहीं किये जाने पर क्या-क्या प्रावधान लागू हैं? (ख) जबलपुर संभाग की किस जिला पंचायत एवं किस-किस जनपद पंचायत व ग्राम पंचायत ने जी.एस.टी. का पंजीयन किस दिनांक को करवाया? पंजीयन समय पर नहीं करवाये जाने पर विभाग ने किस-किस के विरूद्ध क्या-क्या कार्यवाही की? जिला, जनपद व ग्राम पंचायतवार जानकारी देवें। (ग) जिला पंचायत, जनपद पंचायत व ग्राम पंचायत द्वारा जी.एस.टी. की कटौती कर जमा नहीं करवाये जाने पर विभाग ने किस-किस दिनांक को किस-किस के विरूद्ध क्या कार्यवाही की है? यदि नहीं, की हो तो कारण बतावें। कब तक क्या कार्यवाही की जावेगी?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
अनुपयोगी हैण्डपंपों की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
155. ( क्र. 4464 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा सिवनी क्षेत्र अंतर्गत ऐसे कितने हैण्डपंप हैं, जो मौके पर स्थापित हैं, लेकिन अनुपयोगी हैं? कुछ हैण्डपंपों में रेत भरा होने से वाटर लेवल कम होने से छड-सरिया अन्य मटेरियल न होने से अनुपयोगी है (ख) प्रश्नांश (क) के तारतम्य में जिन हैण्डपंपों का वाटर कम होने से, रेत भरा होने से व अन्य तकनीकी खराबी होने के कारण अनुपयोगी हो गये हैं। क्या उन खराब हैण्डपंपों में सुधार किया जावे तो हैण्डपंपो का उपयोग हो सकेगा व वित्तीय भार भी नहीं पड़ेगा खराब हैण्डपंपों को कब तक ठीक करवाकर उपयोगी बनाया जायेगा?
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) विधानसभा क्षेत्र सिवनी के अन्तर्गत अनुपयोगी हैण्डपंपों का विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (ख) के अनुसार अनुपयोगी हैण्डपंपों का विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। वॉटर लेवल कम वाले हैण्डपंप ग्रीष्म ऋतु पश्चात वर्षाकाल में रिचार्ज होकर स्वत: ही चालू हो जाते हैं। पुराने भरे पटे असुधार योग्य हैण्डपंपों को केप किया जा रहा है, इनका सुधार कार्य किया जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
आई.टी. कम्पनियों को सब्सिडी
[विज्ञान और प्रौद्योगिकी]
156. ( क्र. 4467 ) श्री मनोज चावला : क्या सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्न दिनांक तक प्रदेश में कितनी आई.टी. कम्पनियां ऐसी हैं जिन्हें सरकार द्वारा सब्सिडी दी गई है? (ख) वित्तीय वर्ष 2014- 15 से वित्तीय वर्ष 2021-22 तक उपरोक्त में से किस किस कम्पनी को कितनी-कितनी सब्सिडी दी गई? वर्षवार जानकारी दें। (ग) उपरोक्त में से किस किस कम्पनी को सरकार द्वारा कितनी-कितनी जमीन रियायती दरों पर दी गई है? किस दर पर दी गई? (घ) उपरोक्त वित्तीय वर्षों में अलग-अलग किस-किस कम्पनी द्वारा कितने मध्यप्रदेश के मूल निवासी लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया?
सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ( श्री ओमप्रकाश सखलेचा ) : (क) प्रश्न दिनांक तक कुल 184 आई.टी. कंपनियों को विभाग द्वारा मध्यप्रदेश आई.टी. निवेश प्रोत्साहन नीति 2014 एवं 2016 के अंतर्गत सब्सिडी दी गयी है। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।
सार्वजनिक न्यासों द्वारा नियम विरूद्ध सम्पत्ति विक्रय
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
157. ( क्र. 4470 ) श्री सूबेदार सिंह सिकरवार रजौधा : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मुरैना जिला में जौरा विधान सभा क्षेत्रांतर्गत किस-किस नाम से पंजीबद्ध सार्वजनिक न्यास हैं? उनके कार्यकारिणी के नामों सहित अवगत करावें। (ख) क्या प्रत्येक अचल सम्पत्ति विक्रय से पूर्व सक्षम अधिकारी से अनुमति लेना आवश्यक है? किस-किस न्यास ने विगत दो वर्षों में अचल का विक्रय किया है? कब-कब और कितना? सक्षम अधिकारी द्वारा दिया गया अभिमतों से अवगत करावें। (ग) विधानसभा क्षेत्र जौरा अन्तर्गत वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक न्यासों द्वारा विक्रय अचल सम्पत्ति की धनराशि एवं क्रेताओं के नाम सहित जानकारी देवे एवं यह भी अवगत करावें कि न्यासों द्वारा प्रस्तावित प्रयोजनों में धनराशि का उपयोग किया गया है? (घ) प्रश्नांश (ख) एवं (ग) के नियम विरूद्ध विक्रीत अचल सम्पत्ति से प्राप्त राशि को प्रस्तावित प्रयोजन के पृथक जगह उपयोग करने वाले न्यासों पर कार्यवाही की जावेगी? कितने न्यासों द्वारा नियम विरूद्ध कार्य किये गये हैं और कौन कौन कार्यवाही के दायरे में आते हैं?
पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
सिविल अस्पताल डबरा में कार्यरत अधिकारी/कर्मचारी
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
158. ( क्र. 4472 ) श्री सुरेश राजे : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिविल अस्पताल डबरा जिला ग्वालियर में प्रथम श्रेणी/द्वितीय श्रेणी/तृतीय श्रेणी तथा चतुर्थ श्रेणी के स्वीकृत, भरे, रिक्त पद सहित वर्षवार डबरा में कब से कब तक कार्यरत हैं? वर्तमान में सौंपे गए दायित्वों की जानकारी उपलब्ध करावें l (ख) वर्ष 2018-19 से 2021-22 में सिविल अस्पताल डबरा में माहवार कितनी प्रसूताएं प्रसव हेतु पंजीकृत की गई? इनमें से माहवार कितनी डिलेवरी डबरा अस्पताल में हुई तथा इनमें से कितनी प्रसूताओं को अन्य चिकित्सालयों हेतु रेफ़र किया गया? क्या ऐसी प्रसूताओं को शासकीय एम्बुलेंस उपलब्ध करवाई गई?यदि नहीं तो कारण बतावें। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार वर्ष 2018-19 से 2021-22 में सिविल अस्पताल डबरा में प्रसव उपरांत प्रसूताओं को प्रदाय राशि की सूची वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावेंl
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। जी हाँ, 1422 प्रसूताओं को अन्य चिकित्सालयों में रेफर किया गया। जी हाँ, 108 एम्बुलेंस वाहन उपलब्ध कराये गए। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) वर्ष 2018-19 से 2021-22 में सिविल अस्पताल डबरा में प्रसव उपरांत प्रसूताओं को प्रदाय राशि की सूची जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है।
रोगी कल्याण समिति का कार्य एवं संचालन
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
159. ( क्र. 4473 ) श्री सुरेश राजे : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रोगी कल्याण समिति के कार्य एवं संचालन हेतु नियम व अधिकार संबंधी प्रति के साथ आय एवं व्यय करने का क्या प्रावधान है? 'क्रय समिति' का गठन एवं अधिकार संबंधी प्रति उपलब्ध करावेंl (ख) विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 19 डबरा अंतर्गत सिविल अस्पताल डबरा एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिछोर/बिलौआ में रोगी कल्याण समिति को वर्ष 2018-19 से 2021-22 में किन-किन श्रोतों से वर्षवार कितनी आय हुई? प्राप्त राशि से किस अधिकारी द्वारा किस दिनांक को कितनी राशि की किस फर्म/दुकान से क्या सामग्री क्रय की गई? फरवरी 2022 अंत तक कितनी राशि समिति के खाते में शेष है? (ग) सिविल अस्पताल डबरा में कितनी विभागीय एम्बुलेंस चालू हालत में हैं तथा वर्ष 2019-20 से 2021-22 में किस अधिकारी द्वारा किस व्यक्ति/फर्म को कब से कब तक के लिए अनुमति दी गयी? वाहन मालिक का नाम एवं वाहन का मॉडल तथा नंबर सहित जानकारी उपलब्ध करावेंl
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) रोगी कल्याण समिति के दिशा-निर्देश (नियमावली) 2018 के अनुसार कार्य, संचालन नियम तथा आय व्यय करने का प्रावधान है, नियमावली की प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (ग) वर्तमान में सिविल अस्पताल डबरा में 01 विभागीय एम्बुलेंस (वाहन क्रमांक MP 07 DA 1171) चालू हालत में है। वर्ष 2019-20 से 2021-22 फरवरी तक किसी भी अधिकारी द्वारा किसी भी फर्म/व्यक्ति को अनुबंधित नहीं किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
औकाफ एवं वक्फ बोर्ड के देवस्थल तथा इनके स्वामित्य की कृषि भूमि
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
160. ( क्र. 4474 ) श्री सुरेश राजे : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला ग्वालियर में औकाफ एवं वक्फ बोर्ड अंतर्गत मंदिर (देवस्थल) तथा मुस्लिम धर्म स्थान कहाँ-कहाँ हैं? प्रत्येक धर्मस्थल के आधिपत्य में कुल कितनी-कितनी भूमि है? धर्म स्थल का नाम/ तहसील/ग्राम/शहर का नाम/पटवारी हल्का क्रमांक/खसरा नंबर/रकबा सहित बतावेंl (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार औकाफ एवं वक्फ बोर्ड की भूमि वर्तमान में किस-किस व्यक्ति को कब से कब तक लिए किस प्रयोजन हेतु प्रतिवर्ष कुल कितनी-कितनी राशि में दी गई है? वर्तमान स्थिति सहित बतावेंl (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार ग्वालियर जिला के किस-किस स्थान की भूमि का प्रकरण माननीय न्यायलय में विचाराधीन है? धर्मस्थल का नाम/व्यक्ति व फर्म का नाम/ग्राम या शहर का नाम/भूमि का खसरा क्रमांक एवं रकबा क्रमांक सहित पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावेंl
पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत सब्सिडी प्रदाय
[सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम]
161. ( क्र. 4476 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत सागर जिला में विगत 05 वर्षों में कितने हितग्राहियों को उद्योग स्थापित किये जाने हेतु प्रकरण स्वीकृत किये गये? (ख) मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत कितने प्रकरणों में सब्सिडी/ब्याज सब्सिडी का प्रावधान था? (ग) क्या स्वीकृत प्रकरणों में शासन द्वारा सब्सिडी प्रदान की गई है? यदि हाँ, तो कितने प्रकरणों में जानकारी देवें एवं कितने प्रकरण लंबित हैं? (घ) स्वीकृत प्रकरणों में सब्सिडी कब तक प्रदान की जायेगी?
सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ( श्री ओमप्रकाश सखलेचा ) : (क) मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत सागर जिले में विगत 5 वर्षों में 1809 हितग्राहियों के ऋण प्रकरण विभिन्न बैंक शाखाओं द्वारा स्वीकृत किये गये। (ख) मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत सभी प्रकरणों में सब्सिडी/ ब्याज सब्सिडी का प्रावधान था। (ग) मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना अंतर्गत हितग्राहियों को मार्जिन मनी अनुदान तथा 7 वर्षों तक ब्याज अनुदान एवं गारंटी निधि शुल्क अनुदान दिये जाने का प्रावधान है। हितग्राहियों को अनुदान भुगतान किये जाने की निर्धारित प्रकिया के अंतर्गत संबंधित बैंक शाखाये नोडल बैंक से सीधे अनुदान राशि क्लेम करते है। सब्सिडी क्लेम सेटलमेंट की यह प्रक्रिया एक सतत् प्रक्रिया है, जिसके अभिलेख बैंक में संधारित किये जाते है। (घ) सब्सिडी क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया एक सतत् प्रक्रिया है, जिसके अंतर्गत नोडल बैंक द्वारा हितग्राहियों को सब्सिडी भुगतान किये जाने की प्रक्रिया प्रचलन में है।
कम्प्युनिटी हेल्थ ऑफिसर की भर्ती प्रक्रिया
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
162. ( क्र. 4498 ) श्री अनिरुध्द (माधव) मारू : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 6 दिसंबर, 2020 को कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर की वैकेंसी निकाली गई थी, उस भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत कितने अभ्यर्थियों का चयन किया गया एवं चयन प्रक्रिया के क्या-क्या नियम एवं शर्तें थी? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार कितने अभ्यर्थियों के लिए वैकेंसी निकाली गई थी और कितने अभ्यर्थियों का चयन किया गया? वैकेंसी की विस्तृत जानकारी प्रदान करें। (ग) इस भर्ती प्रक्रिया के विरुद्ध कुछ अभ्यर्थियों द्वारा उच्च न्यायालय के समक्ष प्रकरण क्रमांक WP 18263/2020 के द्वारा अपील की गई थी, उसके पश्चात 8 अभ्यर्थियों को अलग से परीक्षा में शामिल किया गया था, उनका क्या परीक्षा परिणाम रहा? (घ) उच्च न्यायालय में अपील के पश्चात इन 8 अभ्यर्थियों का परीक्षा परिणाम किस आधार पर रोका गया है? इसका कारण स्पष्ट करें। (ड.) जानकारी अनुसार 265 अभ्यर्थियों की चयन सूची निकाली गई है, उसमें इन 8 अभ्यर्थियों को प्रक्रिया में किस आधार पर शामिल नहीं किया गया कारण स्पष्ट करें। (च) कब तक इन 8 अभ्यर्थियों का परीक्षा परिणाम घोषित कर चयन प्रक्रिया में शामिल कर लिया जायेगा?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) दिनांक 6 दिसंबर, 2020 को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (म.प्र.) द्वारा कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर की भर्ती हेतु वैकेंसी/विज्ञापन नहीं जारी किया गया था। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) मान. उच्च न्यायालय के समक्ष प्रकरण क्रमांक WP 18263/2020 के अंतिम निर्णय में याचिका को 21/12/2020 को खारिज कर दिया गया था। अतः प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) मान. उच्च न्यायालय के समक्ष प्रकरण क्रमांक WP 18263/2020 के अंतिम निर्णय में परीक्षा परिणाम जारी करने निर्देश न होते हुये, याचिका को 21/12/2020 को खारिज कर दिया गया था। अतः अभ्यर्थियों का परीक्षा परिणाम जारी नहीं किया गया। (ड.) मान. उच्च न्यायालय के समक्ष प्रकरण क्रमांक WP 18263/2020 के अंतिम निर्णय में याचिका को 21/12/2020 को खारिज कर दिया गया था। अतः प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (च) मान. उच्च न्यायालय के समक्ष प्रकरण क्रमांक WP 18263/2020 के अंतिम निर्णय में याचिका को 21/12/2020 को खारिज कर दिया गया था। अतः विभाग द्वारा इस संबंध में कोई कार्यवाही नहीं की जायेगी।
शासकीय सेवकों के इंक्रीमेंट, एरियर की राशि का भुगतान
[वित्त]
163. ( क्र. 4502 ) श्री रामलाल मालवीय : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. शासन वित्त विभाग के पत्र क्रमांक/879/1072/नियम/चार भोपाल. दिनांक 22 अक्टूबर, 2021 से म.प्र. के समस्त शासकीय सेवकों को देय वेतनवृद्धि एरियर राशि का 50 प्रतिशत भुगतान किये जाने के आदेश जारी किये गये हैं? (ख) यदि हाँ, तो क्या आई.एफ.एम.आई.एस. साफ्टवेयर में उक्त इंक्रीमेंट एरियर की सही गणना न हो पाने के कारण आज दिनांक तक अधिकांश विभागों के शासकीय सेवकों को उक्त एरियर राशि का भुगतान नहीं हुआ है? (ग) विभागवार जानकारी दें कि किन-किन विभागों के शासकीय सेवकों का इंक्रीमेंट एरियर का भुगतान किया जा चुका है एवं कितने शासकीय सेवकों को भुगतान नहीं हुआ है? आई.एफ.एम.एस. साफ्टवेयर में सुधार करवाकर शेष शासकीय सेवकों को कब तक भुगतान कर दिया जावेगा? इस संबंध में कौन दोषी है एवं उसके विरुद्ध क्या कार्यवाही की गयी है?
वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ। (ख) शासकीय सेवकों को उक्त एरियर राशि का भुगतान किया जा रहा है। (ग) शासकीय सेवकों के इंक्रीमेंट एरियर भुगतान संबंधी विभागवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। शेष का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है।
हवाई पट्टियों के नवीनीकरण/मरम्मत
[विमानन]
164. ( क्र. 4504 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में जनवरी, 2018 से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में हवाई पट्टियों के नवीनीकरण/ मरम्मत हेतु किन-किन जिलों से प्रस्ताव शासन को प्राप्त हुए तथा इस हेतु कितनी राशि का बजट प्रावधान निहित किया जाकर कितनी राशि किन-किन प्रयोजनों हेतु व्यय की गई? व्यय राशि का जिलेवार ब्योरा दें। (ख) क्या प्रश्नाधीन अवधि में उज्जैन संभाग से भी कोई प्रस्ताव शासन को प्राप्त हुए हैं? यदि हाँ, तो जिलेवार विस्तृत ब्योरा दें। (ग) प्रश्नांश (ख) में नीमच विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाली हवाई पट्टी के संबंध में कितनी राशि के प्रस्ताव शासन को प्राप्त हुए हैं? क्या शासन प्राप्त प्रस्ताव पर अपनी स्वीकृति प्रदान करते हुए नवीनीकरण/मरम्मत का कार्य पूर्ण करायेगा? यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें।
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
तीन वर्ष की प्रगतिरत योजना की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
165. ( क्र. 4509 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र पुष्पराजगढ़ जिला अनूपपुर में विभाग द्वारा विगत तीन वर्षों में स्वीकृत नल जल योजनाओं की जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) उक्त क्षेत्र की प्रगतिरत योजनाओं में किये गये भुगतान एवं मूल्यांकन की जानकारी उपलब्ध करावें।
मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) विधानसभा क्षेत्र पुष्पराजगढ़ जिला अनूपपुर में विगत तीन वर्षों में विभाग द्वारा स्वीकृत योजनाओं की जानकारी संलग्न परिशिष्ट -1 अनुसार है। (ख) विधानसभा क्षेत्र पुष्पराजगढ़ जिला अनूपपुर में प्रगतिरत योजनाओं में किये गये भुगतान एवं मूल्यांकन की जानकारी संलग्न परिशिष्ट-2 अनुसार है।
आउटसोर्स पर रखे गये कर्मचारियों की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]
166. ( क्र. 4510 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग के अधीन कार्य हेतु दिनांक 01 जनवरी 2019 से उत्तर दिनांक तक कितनी आउटसोर्स एजेंसियां कार्यरत हैं? उक्त अवधि में इन एजेंसियों से अलग-अलग वित्तीय वर्ष में कितने-कितने आउटसोर्स कर्मचारी, जैसे डाटा एन्ट्री ऑपरेटर, सहायक स्टॉफ एवं अन्य लगाये गये? (ख) इनमें से कितने कर्मचारी नियमित संस्थाओं के लिये एवं कितने कर्मचारी कोविड-19 वेक्सीनेशन और सेम्पलिंग के लिये कौन-कौन सी संस्थाओं में कहां-कहां पदस्थ किये गये? (ग) उक्त कर्मचारियों की सेवा के लिये आउटसोर्स एजेंसियों को कितना भुगतान प्रतिमाह प्रति कर्मचारी के मान से कितनी राशि भुगतान की गई? एजेंसी द्वारा संबंधित कर्मचारी के बैंक खाते में कितनी राशि जमा की गई? माहवार विवरण उपलब्ध करावें। (घ) अनूपपुर जिले में कितने जन स्वास्थ्य रक्षक कार्यरत हैं? विकासखण्डवार, नामवार पदस्थी का दिनांक एवं स्थान सहित जानकारी उपलब्ध करावें।
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) अनूपपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग के अधीन कार्य हेतु दिनांक 01 जनवरी, 2019 से 03 एजेंसियां कार्यरत है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) नियमित संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (ग) आउटसोर्स एजेंसियों को प्रतिमाह प्रति कर्मचारी के मान से राशि भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। (घ) प्रदेश में जन स्वास्थ्य रक्षक के नाम से कोई पद स्वीकृत नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।