मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्‍नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च, 2026 सत्र


मंगलवार, दिनांक 24 फरवरी, 2026


भाग-1
तारांकित प्रश्‍नोत्तर



स्व-सहायता समूहों के माध्यम से गणवेश वितरण

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

1. ( *क्र. 2264 ) श्रीमती रीती पाठक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि     (क) राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा विद्यालयों में विद्यार्थियों के गणवेश वितरण का कार्य क्या वर्तमान में किया जा रहा है और वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 में                  स्व-सहायता समूहों के माध्यम से गणवेश वितरण का जो कार्य किया गया था, क्या उसका भुगतान लंबित है? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित गणवेश वितरण कार्य का भुगतान यदि लंबित है, तो यह राशि कितनी है? जिलावार एवं वित्तीय वर्षवार जानकारी उपलब्ध कराएँ एवं भुगतान कब तक कर दिया जायेगा? (ग) सीधी विधानसभा अंतर्गत गोवंशों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थित करने हेतु तीन वृहद गोशालाओं की मांग की जा रही है, इसकी स्वीकृति कब तक प्रदान की जायेगी? (घ) वित्तीय वर्ष 2025-26 में सीधी जिले अंतर्गत चयनित गोवर्धन ग्रामों हेतु कितनी राशि स्वीकृति की जा रही है एवं इन्हें किन-किन विकास कार्यों में खर्च किया जायेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) वर्तमान में आजीविका मिशन के माध्यम से गणवेश वितरण का कार्य नहीं कराया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में गणवेश सिलाई का कार्य किया गया है। सत्र 2024-25 के लिये गणवेश सिलाई का कार्य समूहों को नहीं दिया गया है। गणवेश सिलाई का भुगतान संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार लंबित है।                                (ख) गणवेश सिलाई के लंबित भुगतान का जिलेवार विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। जिलों से सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत, राज्य शिक्षा केन्द्र से आवंटन प्राप्त कर राशि का भुगतान किया जायेगा। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ग) मनरेगा अंतर्गत विभाग के पत्र क्रमांक 2258, दिनांक 01.07.2024 के बिन्‍दु क्र. 08 अनुसार 05 पशुओं तथा 10 पशुओं के पशुशेड हेतु जारी मॉडल प्राक्‍कलन अनुसार ही S.H.G. हेतु पशुशेड निर्माण के कार्य वित्तीय वर्ष 2024-25 में लिये जाने का लेख है। अत: निर्देशानुसार वृहद स्‍तर की गौशाला का निर्माण मनरेगा योजनांतर्गत नहीं किया जा सकता है। (घ) जिला-सीधी अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में कोई भी गोवर्धन ग्राम चयनित नहीं है।

परिशिष्ट - "एक"

आजीविका मिशन में गंभीर अनियमितता

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

2. ( *क्र. 1687 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में आजीविका मिशन के तहत वर्ष 2024 से प्रश्‍न दिनांक तक गणवेश हेतु कितनी राशि का व्यय किया गया? विकासखण्डवार बतायें तथा उक्त कार्य किस-किस एजेंसी/संस्था को शासन के प्रावधानों के तहत दिए गये नियमों की गाइड-लाइन सहित विवरण दें। (ख) क्या बड़ामलहरा, बक्स्वाहा विकासखंडों में स्व-सहायता समूहों के माध्यम से लाखों की राशि में गंभीर अनियमितताएं प्रमाणित पाई गई? यदि हाँ, तो कौन-कौन दोषी है? (ग) क्या उक्त योजना के संबंध में जिला पंचायत छतरपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जाँच टीम अथवा शासन की राशि के दुरुपयोग न होने के संबंध में परीक्षण किया? यदि हाँ, तो कब तक जाँच अभिमत सहित रिपोर्ट उपलब्ध करवा देंगे? (घ) क्या सरकार दोषी अधिकारि‍यों के विरुद्ध कार्यवाही करेगी? समय-सीमा बतायें।

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) छतरपुर जिले में आजीविका मिशन के तहत वर्ष 2024 से प्रश्‍न दिनांक तक गणवेश हेतु राशि रु. 9,52,91,550/- राशि का व्यय किया गया है। विकासखण्डवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। विभाग का पत्र                      क्र. 9119, दिनांक 19.07.2023 अनुरूप स्व-सहायता समूहों की उपार्जन नीति के अनुसार समूहों द्वारा स्वयं संस्था/एजेंसी का चयन किया है। सामग्री क्रय करने हेतु शिखर ट्रेडर्स-सीहोर, संस्कार इन्टरप्राईजेज-दमोह, साथी ट्रेडर्स-अलिपुरा, श्री माधव जी ट्रेडर्स-खजुराहो, आर.आर. इन्टरप्राईजेज-टीकमगढ़, स्वरूप ट्रेडर्स, नमन ट्रेडर्स-विदिशा, साथी टेक्सटाईल-छतरपुर, रजवी क्लॉथ                 स्टोर-टीकमगढ़, पारस ट्रेडर्स-सीहोर के साथ प्रक्रिया की गई है। शासन के नियमों की गाइड-लाइन प्रपत्रों की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ख) बड़ामलहरा विकासखण्ड में प्रभारी विकासखण्ड प्रबंधक श्री प्रेमचन्द यादव, सहायक विकासखण्ड प्रबंधक                 श्री अमित गुप्ता और श्री उपेंद्र गौतम की अनियमितता संबंधी शिकायतें प्राप्त हुईं हैं। शिकायतों की जांच हेतु जिला स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है। (ग) आदेश क्रमांक 5416/एस.आर.एल.एम./2025, दिनांक 11.12.2025 के माध्यम से जिला स्तरीय जांच समिति गठित की गई है। दिनांक 28 फरवरी, 2026 तक अभिमत सहित जांच रिपोर्ट उपलब्ध करा दी जायेगी। (घ) जांच प्रतिवेदन में दोषी पाये जाने पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। कार्यवाही के समय-सीमा का निर्धारण संभव नहीं है।

 

जानकारी प्रदाय करने बाबत्

[उच्च शिक्षा]

3. ( *क्र. 2285 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरगोन जिले अन्तर्गत क्रांतीसूर्य टंट्या भील विश्‍वविद्यालय में कौन-कौन से विश्‍वविद्यालय और कौन से स्थान पर संचालित हैं? वर्तमान में उक्त वर्णित विश्‍वविद्यालय में                 कौन-कौन से विषय की शिक्षा प्रदान की जा रही है? क्या वर्तमान में स्वीकृत सभी पाठयक्रम संचालित किये जा रहे हैं? यदि हाँ, तो कौन-कौन से संचालित किये जा रहे हैं? कृपया वर्णन प्रदाय करें तथा ऐसे कौन-कौन से पाठयक्रम हैं, जो वर्तमान में शासन की अनुमति के अभाव में संचालित नहीं है? (ख) क्या नवीन विषय की मॉंग अनुसार संचालित करने की शासन द्वारा अनुमति प्रदाय की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्या कारण है तथा उक्त विश्‍वविद्यालय में कितने पद व्याख्याता के स्वीकृत हैं तथा कितने पदों पर वर्तमान में पदपूर्ति‍ है? कितने पद रिक्त हैं? उक्त रिक्त पदों पर कब तक पदपूर्ति‍ की जायेगी?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) खरगोन जिले अंतर्गत क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्‍वविद्यालय खरगोन में ही संचालित है। उक्‍त विश्‍वविद्यालय में विश्‍वविद्यालय के निर्णय से वर्तमान में स्‍नातक स्‍तर पर कृषि, कला, वाणिज्‍य (कम्‍प्‍यूटर), विज्ञान (कम्‍प्‍यूटर) तथा स्‍नातकोत्‍तर स्‍तर पर अर्थशास्‍त्र पाठयक्रम संचालित है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) विश्‍वविद्यालय में विषय संचालन का निर्णय विश्‍वविद्यालय द्वारा अधिनियम/परिनियम/अध्‍यादेश अनुसार किया जाता है, अत: प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। विश्‍वविद्यालय के लिये सहायक प्राध्‍यापक के 80 पद, सह प्राध्‍यापक के 40 पद तथा प्राध्‍यापक के 20 पद, कुल 140 शैक्षणिक पद स्‍वीकृत किये गये हैं। वर्तमान में सभी पद रिक्‍त हैं। पदपूर्ति की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

शासन की स्‍वीकृति के बिना कुल सचिव द्वारा करोड़ों का भुगतान

[उच्च शिक्षा]

4. ( *क्र. 1902 ) श्रीमती ललिता यादव : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) महाराजा छत्रसाल बुंदेलखण्ड विश्‍वविद्यालय, छतरपुर में निर्मित कुलपति निवास, प्रशासनिक भवन, अकादमिक भवन एवं बाउंड्रीवॉल निर्माण पर प्रश्‍न दिनांक तक कुलसचिव द्वारा कुल कितनी राशि का भुगतान किया गया है? (ख) क्या उक्त निर्माण कार्य के भुगतान की कुलसचिव द्वारा उच्च शिक्षा विभाग से प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त की गई? हाँ अथवा नहीं? यदि प्रशासकीय स्वीकृति‍ ली गई तो कितनी राशि की ली गई? (ग) क्या कुलसचिव बिना प्रशासकीय स्वीकृत लिये 40 करोड़ का भुगतान कर सकता है? या नहीं? यदि हाँ, तो कुलसचिव क्या स्वयं प्रशासकीय स्वीकृति देकर स्वयं भुगतान कर सकता है? यदि हाँ, तो आदेश प्रस्तुत करें। (घ) बिना प्रशासकीय स्वीकृति के कुलसचिव द्वारा किये गये करोड़ों के भुगतान क्‍या वित्‍तीय अनियमितता है? यदि हाँ, तो शासन इनके द्वारा किये गये भुगतान के लिये इन पर कब तक कार्यवाही करेगा?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) विश्‍वविद्यालय की कार्यपरिषद द्वारा स्‍वीकृति तथा विश्‍वविद्यालय के वार्षिक बजट में प्रावधानित की गई राशि के अनुसार विश्‍वविद्यालय के द्वारा कुलपति निवास एवं प्रशासनिक भवन के लिये राशि रू. 17 करोड़ एवं बांउड्रीवॉल, गेट निर्माण एवं गार्ड रूम निर्माण के लिये राशि रू. 10 करोड़ 50 लाख का भुगतान किया गया। इस प्रकार कुल राशि 27 करोड़ 50 लाख का विश्‍वविद्यालय द्वारा लोक निर्माण विभाग पी.आई.यू. जिला छतरपुर को भुगतान किया गया है। अकादमिक भवन के लिये विश्‍वविद्यालय द्वारा किसी राशि का भुगतान नहीं किया गया है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। म.प्र. विश्‍वविद्यालय अधिनियम 1973 की धारा 24 की उपधारा 14 के अंतर्गत निर्माण कार्य की स्‍वीकृति विश्‍वविद्यालय की कार्यपरिषद द्वारा दी गई है, जिसके आधार पर विश्‍वविद्यालय द्वारा बजट में प्रावधानित की गई राशि में से भुगतान की कार्यवाही की गई है। (घ) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

जिले में उद्योगों की स्थापना

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार)]

5. ( *क्र. 2234 ) श्रीमती सेना महेश पटेल : क्या राज्‍य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अलीराजपुर में वर्ष 2023-24 से प्रश्‍न दिनांक तक जिले में बेरोजगारी की वर्तमान स्थिति क्या है? जिले में कुल कितने पंजीकृत बेरोजगार युवक-युवतियाँ हैं? वर्षवार एवं विकासखंडवार जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) जिले में उद्योग स्थापित कर रोजगार सृजन हेतु राज्य सरकार द्वारा अब तक कौन-कौन सी योजनाएं एवं नीतियाँ लागू की गई हैं? योजनाओं के अंतर्गत कितने लघु, मध्यम एवं बड़े उद्योग स्थापित हुए हैं तथा उनसे कितने स्थानीय युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ? संख्‍या बतायें। (ग) क्या जिले में औद्योगिक क्षेत्र, फूड प्रोसेसिंग, कृषि आधारित उद्योग, हस्तशिल्प अथवा आदिवासी उत्पादों पर आधारित उद्योग स्थापित करने की कोई ठोस कार्ययोजना प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो उसकी समय-सीमा बताई जाये? यदि नहीं, तो बेरोजगारी दूर करने हेतु सरकार की योजना क्या है? जानकारी उपलब्ध करायें।

राज्‍य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) विभाग द्वारा बेरोजगारों की स्थिति की जानकारी संधारित नहीं की जाती, अपितु एम.पी. रोजगार पोर्टल पर जिला अलीराजपुर में पंजीकृत आकांक्षी युवक-युवतियों की जानकारी वर्षवार निम्‍नानुसार है :-

वर्ष

पोर्टल पर पंजीकृत आकांक्षी युवाओं की संख्‍या

योग

युवक

युवती

2023-24

1061

948

2809

2024-25

3059

5274

8333

2025-26                                (दिनांक 03.02.2026 तक)

963

445

1408

योग

5883

6667

12550

विकासखण्‍डवार जानकारी संधारित नहीं की जाती है। (ख) प्रदेश में उद्योग स्‍थापित कर रोजगार सृजन हेतु राज्‍य सरकार द्वारा औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्‍साहन विभाग अंतर्गत उद्योग संवर्धन नीति-2025 लागू की गई है। एम.पी. इण्‍डस्‍ट्रीयल डेव्‍हलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड क्षेत्रांतर्गत              जिला-अलीराजपुर में वर्तमान में कोई औद्योगिक क्षेत्र एवं कोई वृहद उद्योग स्‍थापित नहीं है। प्रदेश में निवेश के माध्‍यम से रोजगार की संभावनाओं में वृद्धि करने के उद्देश्‍य से सूक्ष्‍म, लघु ओर माध्‍यम उद्यम विभाग द्वारा म.प्र. एम.एस.एम.ई. विकास नीति-2025 लागू की गई है। नीति अंतर्गत औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्‍साहन विभाग द्वारा स्‍वयं कोई उद्योग स्‍थापित नहीं किया जाता है, अपितु उद्योगों की स्‍थापना को प्रोत्‍साहित करने हेतु स्‍थापना उपरांत प्रोत्‍साहन राशि प्रदान की जाती है। अलीराजपुर जिले में वर्ष 2023-24 से दिनांक 31 जनवरी, 2026 तक भारत सरकार के उद्यम पंजीयन पोर्टल अनुसार 740 विनिर्माण इकाइयां पंजीकृत हुई हैं, जिनमें कुल 3027 व्‍यक्तियों को रोजगार प्राप्‍त हुआ है। (ग) औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्‍साहन विभाग द्वारा जिले में औद्योगिकरण हेतु ग्राम खरपई की 42.95 हेक्‍टेयर एवं ग्राम अजन्‍दा 76.25 हेक्‍टेयर भूमि चिन्हित कर विभाग के पक्ष में हस्‍तांतरण हेतु आर.सी.एम.एस. पोर्टल के माध्‍यम से आवेदन जिला कलेक्‍टर कार्यालय में प्रस्‍तुत किया गया है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। सूक्ष्‍म, लघु और माध्‍यम उद्यम विभाग द्वारा प्रदेश में एम.एस.एम.ई. की स्‍थापना को प्रोत्‍साहित करने हेतु म.प्र. एम.एस.एम.ई. विकास नीति-2025 लागू की गई है, जिसमें अनुसूचित जनजाति वर्ग के उद्यमियों हेतु पृथक से अतिरिक्‍त सुविधा का प्रावधान है, नीति अलीराजपुर जिले में भी लागू है। सूक्ष्‍म, लघु ओर माध्‍यम उद्यम विभाग द्वारा अलीराजपुर जिले के छकतला में 6 हेक्‍टेयर भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र का विकास किया जा रहा है तथा कुल 21.83 हेक्‍टेयर भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र का निर्माण सेजवाड़ा, तहसील चंद्रशेखर आजाद नगर में किया गया है। विभाग अंतर्गत संपूर्ण प्रदेश में जिला रोजगार कार्यलयों के माध्‍यम से जॉब फेयर योजनान्‍तर्गत रोजगार मेलों के माध्‍यम से निजी क्षेत्र में नियुक्ति हेतु निजी क्षेत्र के नियोजकों द्वारा आकांक्षी युवाओं को ऑफर लेटर प्रदाय किये जाते हैं।

हकारी शक्कर कारखाने के वाहन का दुरूपयोग

[सहकारिता]

6. ( *क्र. 1292 ) श्रीमती अर्चना चिटनीस : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नवलसिंह सहकारी शक्कर कारखाना, बुरहानपुर द्वारा आयुक्त, सहकारिता व पंजीयक सहकारी संस्थाएं के पत्र विप/शमी/2017/2524, दिनांक 16.10.2019 तथा म.प्र. शासन, वित्त विभाग द्वारा पत्र एल-179/2009/नियम/4, दिनांक 19.08.2009 के द्वारा निर्देशों के विरूद्ध संचालक मंडल ने निर्णय लेकर लग्‍ज़री वाहन फॉर्च्यूनर रूपए 35 लाख का क्रय किया? यदि हाँ, तो वाहन किस पदाधिकारी के द्वारा उपयोग में लाया गया? (ख) क्या वाहन कारखाने के हित में अध्यक्ष के उपयोग के लिये क्रय किया गया था? यदि हाँ, तो दिनांक 20 जून, 10, 14, 28 जुलाई तथा 7, 10 अगस्त 2020 को वाहन का कहां-कहां उपयोग किया गया। क्या वाहन का उपयोग अन्य बाहरी व्यक्तियों द्वारा किया गया? क्या उपयोग करने वाले व्यक्ति कारखाने के पदाधिकारी या निर्वाचित सदस्य थे? यदि नहीं, तो वाहन क्रय व अन्य बाहरी व्यक्ति को वाहन उपलब्ध कराने के लिये उत्तदायित्व निर्धारित करते हुए दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी? यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें। क्रय दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक लॉगबुक, वाहन चालक वेतन/भत्ते के समस्त व्यय ब्यौरा उपलब्ध कराएं?

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। तत्कालीन अध्यक्ष द्वारा वाहन               समय-समय पर उपयोग में लाया गया। (ख) वाहन कारखाने के उपयोग के लिये क्रय किया गया। दिनांक 20 जून, 2020, 10, 14 एवं 28 जुलाई, 2020 तथा 7 एवं 10 अगस्त, 2020 को वाहन उपयोग की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 01 अनुसार है। वाहन लॉगबुक अनुसार वाहन का उपयोग कारखाना के अध्यक्ष द्वारा किया जाना दर्शित है। बाहरी व्यक्तियों द्वारा वाहन का उपयोग, वाहन क्रय आदि से संबंधित प्राप्त शिकायत की जांच हेतु आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं, म.प्र. भोपाल के द्वारा जांच दल गठित किया जाकर जांच कराई जा रही है। कार्यवाही जांच प्रतिवेदन के निष्कर्षाधीन। क्रय दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक वाहन चालक, वेतन भत्ता एवं व्यय की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 02 अनुसार है।

परिशिष्ट - "दो"

विभाग की जानकारी व कार्यवाही

[आयुष]

7. ( *क्र. 2259 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या आयुष मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) क्या म.प्र. शासन द्वारा मध्यप्रदेश की जनता को गुणवत्तापूर्ण दवाइयों की खरीदी के लिये कौन से नियम, नीति, निर्देश बनाये गये हैं, जिसमें दवाइयों के खरीदी एवं गुणवत्ता हेतु पब्लिक हेल्थ कॉर्पोरेशन कार्य करता है? (ख) क्या आयुष विभाग आयुर्वेदिक दवाइयों को ओपन टेन्डर से क्रय करता है? क्या म.प्र. राज्य लघु वनोपज संघ से बिना टेंडर प्रक्रिया के सीधे क्रय करता है? वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24, 2024-25, 2025-26 में आयुर्वेदिक दवाइयों के क्रय हेतु जारी टेंडरों से खरीदी तथा सीधे खरीदी के क्रय आदेशों की प्रति उपलब्ध करायें? फर्म द्वारा जारी क्रय आदेश की शर्तों के अनुसार सभी दवाई सप्लाई नहीं गई है या कितनी दवाइयां गुणवत्ता परीक्षण में फेल पाई गई हैं? यदि हाँ, तो संस्था पर क्या कार्यवाही की गई है? (ग) क्या राज्य लघु वनोपज संघ दवाई सप्लाई के लिये प्रदेश भण्डार एवं सेवा उपार्जन नियम में अनुमोदित संस्था है? यदि नहीं, तो क्या ये नियमों का उल्लंघन है? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की जा रही है? (घ) प्रश्‍नांश (ख) अंर्तगत विद्या हर्बल को औषधि खरीदी के लिये वर्ष 2024 एवं वर्ष 2025 में क्रय आदेश जारी किये गये हैं, तो कितने मूल्य की औषधियां सप्लाई की गई हैं एवं कितने मूल्य की शेष हैं एवं क्यों? यदि हाँ, तो दवाई सप्लाई करने वाली संस्था पर कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही है?  

आयुष मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। म.प्र. शासन, सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल का परिपत्र क्रमांक एफ-19-111/2009/1/4, दिनांक 30 सितम्बर, 2009 एवं म.प्र. शासन लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, मंत्रालय के परिपत्र क्रमांक एफ 12-47/2013/सत्रह/मेडि-3, दिनांक 26 सितम्बर, 2013 तथा म.प्र. भण्डार क्रय नियम एवं सेवा उपार्जन नियम 2015 (यथा संशोधित 2022) के नियम '6' के अनुसार म.प्र. पब्लिक हेल्थ सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड भोपाल से आयुष औषधि क्रय की कार्यवाही की जा रही है।            (ख) जी नहीं। जी हाँ। क्रयादेशों की प्रतियां पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। गुणवत्ता परीक्षण में मानक पाई गई औषधियों की ही आपूर्ति अधीनस्थ संस्थाओं में कराई जाती है, अतः कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) मंत्रिपरिषद् के निर्णयानुसार म.प्र. शासन, सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय वल्लभ भवन, भोपाल के परिपत्र क्रमांक-एफ-19-111/2009/1/4, दिनांक 30 सितम्बर, 2009 के परिपालन में प्रथमतः आयुर्वेद औषधि क्रय की कार्यवाही की जाती है। नियमानुसार होने से कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।                            (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। औषधियों का प्रदाय निरंतर होने से प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

वित्त आयोग की राशि से निर्माण कार्यों की जानकारी

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

8. ( *क्र. 2246 ) श्री कमलेश्‍वर डोडियार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रतलाम के सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत समस्त ग्राम पंचायतों में पांचवां वित्त आयोग एवं पंद्रहवां वित्त आयोग की राशि से वर्ष 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से निर्माण कार्य कराये गये हैं? उपरोक्त प्रत्येक निर्माण कार्य के संबंध में पृथक-पृथक पंचायतवार एवं वर्षवार जानकारी बतावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित कार्य का नाम एवं प्रकृति, स्वीकृत राशि, व्यय की गई राशि, कार्य प्रारंभ एवं पूर्ण होने की तिथि, संबंधित ठेकेदार/एजेंसी का नाम, भुगतान किये गये बिलों की राशि एवं तिथि आदि की जानकारी पृथक-पृथक वर्षवार अनुसार बतावें। (ग) क्या किसी पंचायत में बिना कार्य पूर्ण हुए या गुणवत्ता जांच के बिना भुगतान किया गया है? यदि हाँ, तो संबंधित पंचायतों, कार्यों एवं जिम्मेदार अधिकारियों/ठेकेदारों की जानकारी बतावें? अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध कोई कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो कार्यवाही का विवरण क्या है और यदि नहीं, तो क्यों नहीं?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

निर्वाचन अवैधानिक किया जाना

[सहकारिता]

9. ( *क्र. 2223 ) श्री अम्बरीष शर्मा : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 2289, दिनांक 15.07.2024 को मार्केटिंग सोसायटी लहार के अध्यक्ष पद हेतु निर्वाचन में अवैधानिक प्रक्रिया अपनाये जाने के संबंध में जानकारी चाही गई थी? (ख) क्या उक्त जानकारी के आधार पर सदन में आश्वासन दिया गया था कि प्रक्रिया की जांच करा कर अध्यक्ष को अयोग्य एवं निर्वाचन प्रक्रिया को अवैध घोषित किया जावेगा? यदि हाँ, तो आज तक क्या कार्यवाही की गई? (ग) क्या निर्वाचन प्रक्रिया को अवैध एवं अध्यक्ष को अयोग्य घोषित किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? समय-सीमा बताएं।

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी नहीं। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) निर्वाचन प्रक्रिया को अवैध घोषित करने के संबंध में म.प्र. सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1960 की धारा 64 (2) (5) में निर्वाचन दिनांक से 45 दिवस के अंदर विवाद प्रस्तुत करने का प्रावधान है। निर्धारित समय-सीमा में न्यायालय में कोई विवाद प्रस्तुत नहीं किया गया है, अत: शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है।

सरपंच व वार्ड पंचों के मानदेय में बढ़ोत्‍तरी

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

10. ( *क्र. 20 ) श्री मुकेश मल्होत्रा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                (क) क्‍या सरकार सरपंच व वार्ड पंचों को मानदेय भुगतान कर रही है? यदि हाँ, तो सरपंच व पंच को वर्तमान में कितना-कितना मानदेय प्रतिमाह दिया जा रहा है? (ख) क्या मध्यप्रदेश में सरकार द्वारा सरपंच को 4250/- रूपए एवं वार्ड पंच को ₹200 प्रति माह मानदेय दिया जाता है, क्या इतने कम मानदेय में सरपंच में वार्ड पंच अपनी आजीविका चला सकते हैं? (ग) क्‍या सरपंच का मानदेय ₹25 हजार रुपये एवं वार्ड पंच का मानदेय 15 हजार प्रति माह करने का प्रस्ताव स्वीकृत करेगी, जिससे जनप्रतिनिधियों को लाभांवित किया जा सके। (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) में उल्लेखित सरपंच एवं पंच के मानदेय में वृद्धि करने का प्रस्ताव कब तक सरकार लायेगी? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? कारण बतावें।

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। सरपंच को वर्तमान में रूपये 4250/- प्रतिमाह/पंच को रूपये 300/- प्रति मासिक बैठक के मान से अधिकतम रूपये 1800/- वार्षिक दिये जाने का प्रावधान है। (ख) वर्तमान में सरपंच को रूपये 4250/- प्रतिमाह/पंच को रूपये 300/- प्रति मासिक बैठक के मान से अधिकतम रूपये 1800/- वार्षिक दिया जाता है। सरपंच एवं पंच का चुनाव उनकी स्‍वेच्‍छा से समाज सेवा के लिये होता है, आजीविका अर्जन हेतु नहीं। अत: प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। (घ) मानदेय वृद्धि का कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

ग्राम पंचायतों में की गई अनियमितताओं की जानकारी

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

11. ( *क्र. 2262 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जनपद पंचायत पोहरी की ग्राम पंचायत उपसिल, पिपरघार, देवरीखुर्द, मरोराअहीर, वेसी, भौराना एवं बछौरा में दिनांक 01.04.2019 से 31.12.2025 तक कोई निर्माण कार्य स्वीकृत किये गये हैं? यदि हाँ, तो किन-किन पंचायतों में कौन-कौन से कहां-कहां के कितनी-कितनी राशि के किस योजना अन्तर्गत कब-कब स्वीकृत किये गये? स्वीकृत कार्यों की तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति‍ की छायाप्रति संलग्न कर जानकारी दें कि कार्यों की वर्तमान में भौतिक स्थिति कैसी है?                                  (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित पंचायतों में दिनांक 01.04.2019 से 31.12.2025 तक क्या-क्या सामग्री कितनी-कितनी राशि की कहां-कहां से कब-कब क्रय की गई? क्रय की गई समस्त प्रकार की सामग्री के भुगतान बिलों की छायाप्रति संलग्न कर जानकारी दें।

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ, शिवपुरी जिला अंतर्गत जनपद पंचायत पोहरी की ग्राम पंचायत उपसिल, पिपरघार, देवरीखुर्द, मरोराअहीर, वेसी, भौराना एवं बछौरा में दिनांक 01.04.2019 से 31.12.2025 तक स्‍वीकृत निर्माण कार्यों की सूची एवं कार्यों की भौतिक स्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। स्‍वीकृत कार्यों की तकनीकी एवं प्रशासकीय स्‍वीकृतियां पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।                                    (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

शासकीय आवास आवंटन एवं अवैध कब्जे

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

12. ( *क्र. 1725 ) श्री साहब सिंह गुर्जर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्ड जिले के जनपद पंचायत लहार के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का आवास किस अधिकारी के आदेश से किस नियम के तहत आवंटित किया गया है? यदि आवास आवंटित नहीं किया गया है तो क्या आवास पर जबरन कब्जा किया गया है? (ख) पूर्व से बने भवन में नवीन निर्माण, सजावट तथा ए.सी. आदि लगाने में किस विभाग ने कितनी राशि किस मद से स्वीकृत कर खर्च की गई? पूर्ण विवरण दें। (ग) क्या जनपद पंचायत कार्यालय के समीप मुख्य कार्यपालन अधिकारी लहार के निवास पर राजनैतिक व असामाजिक गतिविधियों सहित सभायें आयोजित होती हैं? यदि हाँ, तो मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत लहार का आवास कब तक खाली करा दिया जावेगा तथा निवास आवंटित या कब्जा कराने वाले अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो क्यों? कारण बतावें। (घ) मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत लहार का आवास कब तक रिक्त करा दिया जावेगा? समय अवधि बतावें।

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) अनुभाग लहार के आदेशानुसार आमजन की समस्‍या सुनने हेतु विभागीय आदेश क्रमांक 963, दिनांक 17.01.1992 के पालन में मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत लहार के द्वारा माननीय श्री अम्‍बरीश शर्मा, विधायक विधानसभा क्षेत्र लहार को आवंटित किया गया है। (ख) मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत के आवास में जनपद पंचायत लहार द्वारा अथवा अन्‍य किसी भी विभाग द्वारा किसी भी प्रकार का नवीन निर्माण नहीं कराया गया है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्‍तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

मध्यप्रदेश राज्य बीज एवं फॉर्म विकास निगम की जानकारी

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

13. ( *क्र. 330 ) श्री राजन मण्‍डलोई : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश राज्य बीज एवं फॉर्म विकास निगम के मध्यप्रदेश में कितने बीज उत्पादन फॉर्म तथा बीज प्रसंस्करण इकाइयां हैं? इनके नाम, स्थान, रकबा, कर्मचारि‍यों के नाम पदनाम बतायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार वर्ष 2023-24 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रत्येक बीज उत्पादन फॉर्म तथा बीज प्रसंस्करण इकाइयों द्वारा उत्पादित एवं प्रसंस्करी‍त बीज का नाम तथा बीज की मात्रा की जानकारी देवें। (ग) वर्ष 2023-24 से प्रश्‍न दिनांक तक मध्यप्रदेश के प्रत्येक बीज उत्पादन फॉर्म तथा बीज प्रसंस्करण इकाइयों द्वारा उत्पादित एवं प्रसंस्करीत बीज की खपत           कहां-कहां, कैसे की गई? बड़वानी जिले में खपत हुये बीजों का विवरण देवें। बीज प्राप्तकर्ता किसानों के नाम, पता तथा विक्रय किये गये बीज का वजन एवं मूल्य तथा प्राप्त की गई राशि का विवरण देवें। (घ) वर्ष 2023-24 से प्रश्‍न दिनांक तक बड़वानी जिले में स्थित फॉर्म पर कार्य करने वाले मजदूरों के नाम, पते, मजदूरी दिनांकवार भुगतान की राशि की जानकारी देवें। (ड.) वर्ष 2023-24 से प्रश्‍न दिनांक तक बड़वानी जिले में स्थित फॉर्म में डीजल, पेट्रोल, विद्युत तथा रख-रखाव हेतु प्राप्त आवंटन तथा किये गये? व्यय की जानकारी देवें।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) मध्यप्रदेश राज्य बीज एवं फॉर्म विकास निगम के मध्यप्रदेश में 47 बीज उत्पादन फॉर्म तथा 48 बीज प्रसंस्करण इकाइयां हैं, इनके नाम, स्थान, रकबा, कर्मचारियों का नाम, पदनाम की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) प्रश्‍न (क) अनुसार वर्ष 2023-24 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रत्येक बीज उत्पादन फॉर्म तथा बीज प्रसंस्करण इकाइयों द्वारा उत्पादित एवं प्रसंस्करीत बीज का नाम तथा बीज की मात्रा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (ग) वर्ष 2023-24 से प्रश्‍न दिनांक तक मध्यप्रदेश के प्रत्येक बीज उत्पादन फॉर्म तथा बीज प्रसंस्करण इकाइयों द्वारा उत्पादित एवं प्रसंस्करीत बीज की खपत की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के                प्रपत्र-तीन अनुसार है। बड़वानी जिले में खपत हुये बीजों का विवरण कृषकों के नाम, पता तथा विक्रय किये गये बीज की मात्र एवं मूल्य तथा प्राप्त की गई राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-चार अनुसार है। (घ) वर्ष 2023-24 से प्रश्‍न दिनांक तक बड़वानी जिले में स्थित फॉर्म पर कार्य करने वाले मजदूरों के नाम, पते, मजदूरी दिनांकवार भुगतान की राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-पांच अनुसार है। (ड.) जिले में स्थित फॉर्म में डीजल, पेट्रोल, विद्युत तथा रख-रखाव हेतु प्राप्त आंवटन तथा किये गये व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-छ: अनुसार है।

कम्‍प्‍यूटर की आधुनिक लैब स्थापित की जाना

[उच्च शिक्षा]

14. ( *क्र. 1519 ) इंजीनियर हरिबाबू राय : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अशोकनगर के अंतर्गत सबसे बड़ा शासकीय स्नाकोत्तर महाविद्यालय (नेहरू डिग्री कॉलेज) में 1000 कम्प्यूटर की आधुनिक लैब बनाये जाने की योजना शासन के पास विचाराधीन है? यदि हाँ, तो कब लैब तैयार कर उपलब्‍ध करा दी जावेगी। (ख) क्या म.प्र. के प्रत्येक जिले में संचालित प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंसी में आधुनिक कम्प्यूटर लैब स्थापित करने की कोई योजना है या नहीं, अगर हाँ तो कब तक लैब स्थापित हो जायेगी, बताने की कृपा करें।

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।                   (ख) जी हाँ, प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्‍सीलेंस योजना अंतर्गत प्रत्‍येक महाविद्यालय में उपलब्‍ध अधोसंरचना एवं आवश्‍यक अधोसंरचना का गैप एनालिसिस किया जाकर आवश्‍यकता, प्राथमिकता एवं वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धता अनुसार कम्‍प्‍यूटर लैब या अन्‍य अधोसंरचना की स्‍वीकृतियां प्रदान की गई हैं।

 

 

नियम विरूद्ध नियुक्ति के संबंध में शिकायतों पर कार्यवाही

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

15. ( *क्र. 2172 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्‍वविद्यालय, ग्वालियर में दिनांक 28 अक्टूबर, 2022 को नियुक्त किये गये कुलगुरू, श्री अरविन्द कुमार शुक्ला के विरुद्ध कृषि विभाग मंत्रालय, म.प्र. भोपाल, आई.सी..आर. नई दिल्ली, राजनेताओं, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, कृषक संगठनों एवं नागरिकों के द्वारा कुलगुरू की अवैध नियुक्ति, भ्रष्टाचार एवं वित्तीय अनिमितताओं के संबंध में कार्यालय कुलाधिपति महोदय, राजभवन भोपाल में कुलगुरू की सेवाओं को समाप्त किये जाने हेतु शिकायतें प्राप्त हुईं है? यदि हाँ, तो कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं है? नामवार एवं दिनांकवार, समस्त दस्तावेजों सहित विस्‍तृत जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में कार्यालय कुलाधिपति महोदय, राजभवन भोपाल के द्वारा प्राप्त पत्रों पर क्या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? यदि हाँ, तो, नामवार एवं दिनांकवार, समस्त दस्तावेजों सहित विस्तृत जानकारी दें।                           (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के अनुसार कुलाधिपति कार्यालय द्वारा वि.वि. में की गई कुलगुरू की अवैध नियुक्ति, भ्रष्टाचार एवं वित्तीय अनिमितताओं सेवाओं के दोषी कुलगुरू शुक्ला को कार्यालय कुलाधिपति महोदय, राजभवन भोपाल के द्वारा कब तक पद से हटाया जायेगा? निश्चित                       समय-सीमा बताएं।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र -1 में सरल क्र. 01 से 17 पर उल्‍लेखित शिकायतें समान स्‍वरूप की होने से परीक्षण उपरांत कुलपति की नियुक्ति नियमानुसार पाई जाने के कारण कुलाधिपति द्वारा नस्‍तीबद्ध किया गया है। इस संबंध में माननीय उच्‍च न्‍यायालय, खण्‍डपीठ ग्‍वालियर में याचिकाकर्ता श्री अशोक गोस्‍वामी की रिट याचिका क्र. 40316/2024 तथा याचिकाकर्ता श्री लखनसिंह सिकरवार की रिट याचिका क्र. 3791/2025 विचाराधीन हैं। माननीय न्‍यायालय के आदेशानुसार अग्रिम कार्यवाही की जा सकेगी। सरल क्र. 11 (आंशिक भाग) एवं 18 से 25 तक की शिकायतें प्रशासकीय विभाग/कुलगुरू को आवश्‍यक कार्यवाही हेतु भेजी गई हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। (ग) नियुक्ति नियमानुसार होने से कोई कार्यवाही नहीं की गई है। इन शिकायतों के संबंध में माननीय उच्‍च न्‍यायालय, खण्‍डपीठ ग्‍वालियर में श्री अशोक गोस्‍वामी की रिट याचिका क्र. 40316/2024 एवं श्री लखनसिंह सिकरवार की रिट याचिका क्र. 3791/2025 विचाराधीन हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। प्रकरण माननीय उच्‍च न्‍यायालय, खण्‍डपीठ ग्‍वालियर में विचाराधीन होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत किये गये पेचवर्क

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

16. ( *क्र. 336 ) श्री मुरली भँवरा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत देवास जिले की बागली विधानसभा में विगत 10 वर्षों में कौन-कौन-सी सड़कें कहां से कहां तक निर्मित की गई हैं? कृपया उनकी लंबाई, स्वीकृति वर्ष एवं कार्य पूर्णता तिथि सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) क्या प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत निर्मित समस्त सड़कें परफॉर्मेंस गारंटी/दोष देयता अवधि के अंतर्गत होती हैं? (ग) यदि हाँ, तो कृपया यह बताने का कष्ट करें कि परफॉर्मेंस गारंटी अवधि के दौरान ठेकेदार द्वारा पैच वर्क/मरम्मत कार्य कितने समय में एवं किन परिस्थितियों में किया जाना अनिवार्य है? साथ ही देवास जिले में उक्त कार्य की अनिवार्यता एवं गुणवत्ता की निगरानी किस अधिकारी/विभाग द्वारा की जाती है?                  (घ) निर्धारित समय-सीमा में पैच वर्क नहीं किये जाने की स्थिति में संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध क्या-क्या दंडात्मक अथवा वित्तीय कार्रवाई किये जाने का प्रावधान है? प्रश्‍न दिनांक तक पैच वर्क नहीं करने पर अब तक देवास जिले में कितने ठेकेदारों पर कार्रवाई की गई है?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत देवास जिले की बागली विधानसभा में विगत 10 वर्षों में कुल 43 सड़कें, लम्बाई 201.53 कि.मी. में निर्मित की गई थी। जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित समस्त सड़कों के पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किये जाने के पश्‍चात 05 वर्ष की परफॉर्मेंस गारंटी अवधि होती है। (ग) परफॉर्मेंस गारंटी अवधि के दौरान संविदाकार द्वारा पेचवर्क/मरम्मत कार्य अनुबंध में दिये गये प्रावधान अनुसार नियमित रूप से किया जाता है। देवास जिले में उक्त कार्य की अनिवार्यता एवं गुणवत्ता की निगरानी सहायक प्रबंधक/उपयंत्री द्वारा नियमित रूप से की जाती है एवं मार्गों का निरीक्षण महाप्रबंधक द्वारा भी किया जाता है। (घ) संविदाकार द्वारा मार्ग का संधारण/रख-रखाव कार्य निर्धारित समय-सीमा में नहीं किये जाने पर संविदाकार को उस अवधि का भुगतान नहीं किया जाता है तथा संबंधित संविदाकार को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया जाता है एवं कारण बताओ सूचना पत्र जारी किये जाने के पश्चात यदि 15 दिवस के अंदर संविदाकार द्वारा मार्ग का संधारण/रख-रखाव कार्य पूर्ण नहीं किया जाता है एवं सूचना पत्र का उत्तर प्रस्तुत नहीं करता है अथवा उत्तर संतोषजनक नहीं होता है तो संविदाकार का अनुबंध निरस्त करने की कार्यवाही की जाती है एवं अनुबंध निरस्ती के पश्‍चात संविदाकार की विभाग के पास जमा परफॉर्मेंस गारंटी की राशि को राजसात किया जाता है एवं अनुबंधानुसार वसूली योग्य राशि की गणना करके वसूली की जाती है। प्रश्‍न दिनांक तक देवास जिले में इकाई कार्यालय के अंतर्गत भिन्न-भिन्न योजनाओ में चल रहे गारंटी अवधि (D.L.P.) के कार्यों में पेचवर्क का कार्य नहीं करने के कारण विगत 10 वर्ष में कुल 08 संविदाकारों के अनुबंध निरस्त करने की कार्यवाही की गई है।

परिशिष्ट - "तीन"

जिला बालाघाट ग्राम पंचायत द्वारा कराए जाने वाले कार्य

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

17. ( *क्र. 1106 ) श्री विवेक विक्की पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला बालाघाट ग्राम पंचायत द्वारा कराये जाने वाले कार्यों में क्या वर्तमान में खेत सड़क/सुदूर सड़क/ग्रेवल सड़क हेतु राशि आवंटन की योजना प्रचलित है? (ख) ग्राम पंचायतों के माध्यम से मेड बंधान कार्य पशु शेड निर्माण एवं नवीन तालाबों का निर्माण, पुराने तालाबों का गहरीकरण कार्य वर्तमान में कराये जाने की शासन द्वारा कौन सी योजना चलाई जा रही है? (ग) क्या जिला बालाघाट में पंचायतों को प्रश्‍नांश (ख) में वर्णित कार्यों हेतु वर्ष 2026-27 में राशि का आवंटन किये जाने की योजना है?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ, सुदूर संपर्क/खेत-सड़क मनरेगा योजना अंतर्गत प्रचलित है, प्रगतिरत कार्यों का क्रियान्वयन नियमानुसार किया जा रहा है। वर्तमान में सुदूर संपर्क/खेत-सड़क के संबंध में ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार का अर्द्ध शासकीय पत्र क्रमांक 11017, दिनांक 20 मई, 2025 नई दिल्‍ली द्वारा महात्‍मा गांधी नरेगा अंतर्गत ग्रामीण संयोजकता के कार्यों हेतु मार्गदर्शी दिशा-निर्देश जारी किये हैं,जिसके अनुक्रम में परिषद का पत्र क्रमांक 844, दिनांक 27.05.2025 से भारत सरकार द्वारा जारी किये गये मार्गदर्शी दिशा-निर्देशों के प्रकाश में नवीन दिशा-निर्देश जारी होने तक सुदूर संपर्क/खेत सड़क‍ के नवीन कार्य नहीं लिये जाए, का लेख किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) ग्राम पंचायतों के माध्यम से मेड बंधान कार्य पशु शेड निर्माण एवं नवीन तालाब का निर्माण, पुराने तालाबों का गहरीकरण कार्य के संबंध में म.प्र. शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग भोपाल का पत्र क्रमांक/5191/MGNREGS-MP/NR-3/Tech./2024, दिनांक 19.11.2024 के अनुसार 35 प्रकार के कार्यों की जिलों को स्वीकृति दिये जाने के निर्देश जारी किये गये हैं। उक्त पत्र के सदंर्भित पत्र क्रमांक 2258, दिनांक 01.07.2024 के बिन्दु क्रमांक 08 के अनुसार पशुशेड निर्माण हेतु लेख है कि 5 पशुओं तथा 10 पशुओं के पशुशेड हेतु जारी मॉडल Estimate अनुसार ही S.H.G. हेतु पशुशेड निर्माण के कार्य ही लिये जा सकते हैं। मेंढ़ बधांन एवं तालाब गहरीकरण कार्य विभाग का पत्र क्रमांक 5191, दिनांक 19.11.2024 के निर्देशानुसार जिला स्तर से स्वीकृति हेतु 35 कार्यों में सम्मिलित नहीं है। नवीन तालाबों का निर्माण/जीर्णोद्धार कार्य 35 कार्यों में सम्मिलित है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के पत्र क्रमांक 2258, दिनांक 01.07.2024 के अन्य महत्वपूर्ण बिन्दु (h) के अनुसार अतिरिक्त अन्य किसी अनुमत्य कार्य को लिये जाने की आवश्‍यकता उत्पन्न होने की स्थिति में औचित्य सहित प्रस्ताव परिषद को भेजा जाये जिस पर विकास आयुक्त/परिषद की अनुमति उपरांत ही कार्य को लिये जाने का लेख है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।                            (ग) भविष्यात्मक प्रश्‍न का उत्तर दिया जाना संभव नहीं है।

ग्रामीण यांत्रिकी सेवा में कार्यरत सहायक यंत्री एवं उपयंत्री

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

18. ( *क्र. 2243 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत मध्य प्रदेश ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (R.E.S.) में कार्यरत सहायक यंत्री एवं उपयंत्रियों को मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण (M.P.R.R.D.A.) में प्रतिनियुक्ति पर कार्य करने हेतु किन-किन सहायक यंत्रियों एवं उपयंत्रियों को अनापत्ति प्रमाण पत्र (N.O.C.) प्रदान किया गया है? उनके नाम, पदनाम, N.O.C. जारी करने की तिथि एवं अवधि (कब से कब तक) की सूची उपलब्ध कराई जाए। (ख) R.E.S. द्वारा उक्त N.O.C. सामान्यतः कितने समय के लिये प्रदान की जाती है? N.O.C. की अवधि समाप्त होने के उपरांत किन-किन सहायक यंत्रियों एवं उपयंत्रियों को पुनः N.O.C. जारी की गई है? यदि किसी को पुनः N.O.C. जारी नहीं की गई है, तो वे वर्तमान में किस नियम अथवा प्रावधान के अंतर्गत M.P.R.R.D.A. में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं? (ग) जिन सहायक यंत्री एवं उपयंत्रियों की प्रतिनियुक्ति अवधि समाप्त हो चुकी है, उन्हें अब तक R.E.S. में वापस क्यों नहीं बुलाया गया? प्रतिनियुक्ति अवधि समाप्त होने के पश्चात भी उन्हें अन्य विभाग में बनाए रखने के लिये कौन अधिकारी/प्राधिकारी उत्तरदायी है? उक्त मामले में संबंधित अधिकारी के विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई है?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) मंत्रि परिषद की संक्षेपिका के आयटम क्रमांक 34, दिनांक 01.10.2018 द्वारा स्वीकृत ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के स्वीकृत पदों के पुनर्निर्धारण में म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण में कार्य करने हेतु प्रतिनियुक्ति रक्षित पद हैं, जिसके अनुसार संरचना में सृजित पदों के अनुरूप प्राधिकरण की मांग के आधार पर ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा अधिकारियों की प्राधिकरण में कार्य करने हेतु सेवाएं सौंपी जाती है। दोनों अनुषांगिक निकायों के एक ही विभाग के अधीन होने के फलस्वरूप प्राधिकरण द्वारा इन सेवाओं हेतु एन..सी. नहीं अपितु अनुशासनात्मक कार्यवाही एवं गोपनीय प्रतिवेदन की जानकारी मांगी जाती है। सौंपी गई सेवाओं की नवीनीकरण के प्रस्ताव भी प्राधिकरण द्वारा प्रेषित नहीं किये जाते हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है (ग) उत्‍तरांश '''' के अनुक्रम में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

नियम विरूद्ध प्‍लाट आवंटन

[सहकारिता]

19. ( *क्र. 1844 ) श्री सिद्धार्थ तिवारी : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के पूर्व प्रश्‍न क्र. 2356, दिनांक 04 अगस्‍त, 2025 के प्रश्‍न '' के उत्‍तर में स्‍वीकार्य किया था कि अल्‍प आय वर्ग गृह निर्माण सहकारी संस्‍था समिति रीवा के द्वारा नियम विरूद्ध रजिस्‍ट्री कराये जाने के लिये तत्‍कालीन संस्‍था का संचालक मंडल दोषी है, जिसमें संचालक मंडल को अधिक्रमित किया जाकर संचालक मंडल के विरूद्ध मध्‍यप्रदेश सहकारी सोसाइटी अधिनियम 1960 की धारा 76 (2) के अंतर्गत कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, तो यह कार्यवाही कब तक पूर्ण होगी एवं कूटरचित दस्‍तावेज के आधार पर निरस्‍त सुदा प्‍लाट पुन: आवंटित कर रजिस्‍ट्री कराने वाले दोषियों के विरूद्ध पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई जावेगी एवं उक्‍त आवंटित प्‍लाट निरस्‍त कर उसकी रजिस्‍ट्री शून्‍य कराये जाने की कार्यवाही की जावेगी। (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्र. 2356, दिनांक 04 अगस्‍त, 2025 के उत्‍तर '' में सदन को बताया गया था कि संस्‍था के पूर्व अध्‍यक्ष से प्रश्‍नांश से संबंधित अभिलेख प्राप्‍त नहीं होने से जानकारी दिया जाना संभव नहीं है, अभिलेख उपलब्‍ध न कराने के कारण सहकारिता अधिनियम 1960 की धारा 57–क-(1) के अंतर्गत अभिलेख जप्‍ती की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। यह कब तक पूर्ण कर जानकारी उपलब्‍ध करा दी जावेगी? बतावें।

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। मध्यप्रदेश सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1960 की धारा 76 (2) के अंतर्गत दोषियों के विरूद्ध सक्षम न्यायालय के समक्ष अभियोजन संस्थित किये जाने की स्वीकृति दिनांक 06.02.2026 को प्रदान की गई है। नियम विरूद्ध आवंटित प्लाटों की सूची तैयार की जाकर गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही की जायेगी। (ख) म.प्र. सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1960 की धारा 57 (क) के तहत् अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनुविभाग हुजूर रीवा द्वारा जप्ती की कार्यवाही पूर्ण कराकर समस्त अभिलेख संस्था को प्रदाय किये जा चुके हैं। जप्त अभिलेखों में से संचालक मंडल एवं आमसभा की कार्यवाही पंजी की छायाप्रति संस्था द्वारा माननीय सदस्य को उपलब्ध कराते हुए ग्राम रतहरी एवं बर्रा कोठार की भूमि के संबंध में पारित नक्शा एवं अन्य जानकारी संस्था में उपलब्ध नहीं होने की जानकारी से अवगत कराया गया है।

ठेकेदार के द्वारा सड़क निर्माण में लापरवाही

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

20. ( *क्र. 513 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि        (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा के ग्राम रूंदलाय-भवरास, बिल्लौद-रुंदलाय, कासरनी-आमसागर तथा पॉडरमाटी-झाड़बीड़ा रोड तक कुल 04 सड़कों के निर्माण की मौके निरीक्षण अनुसार दस्तावेजों में वर्तमान स्थिति क्या है? उक्त कार्य किस ठेकेदार के माध्यम से कराये जा रहे हैं? उक्त निर्माण हेतु कुल कितना आवंटन कब-कब प्राप्त हुआ? ठेकेदार को कुल कितना भुगतान किस आधार पर कब-कब किया गया? ठेकेदार एवं विभाग के मध्य उक्त सड़कों को लेकर हुए अनुबंध की प्रति उपलब्ध करावें। समस्त दस्तावेजों की सत्यप्रतियाँ उपलब्ध करावें। (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित सड़कों का निर्माण कार्य स्वीकृत होने के लगभग 03 वर्ष से अधिक समय से लंबित है? यदि हाँ, तो कब से तिथि बतावें। ठेकेदार के इस लापरवाही पूर्ण रवैये के विरूद्ध विभाग द्वारा अब तक क्या-क्या कार्यवाही कब-कब की गई है? कार्य समय-सीमा में पूर्ण न होने के कारण क्या अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया, पुनः निविदा आमंत्रित की गई एवं ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड किये जाने हेतु क्या कोई कार्यवाही विभाग स्तर पर की गई है? संपूर्ण जानकारी दिनांकवार एवं दस्तावेजों की प्रति सहित विस्तृत उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित सड़कों के निर्माण हेतु वर्तमान ठेकेदार पर निर्भर होने के अलावा विभाग के पास क्या वैकल्पिक उपाय है तथा कब तक इस पर कार्यवाही की जावेगी? ठेकेदार को विगत 05 वर्षों में आवंटित कार्यों का ब्यौरा कार्य का नाम, राशि, पूर्णता की स्थिति, हैण्डओवर दिनांक सहित प्रदान करें।

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) विधानसभा क्षेत्र टिमरनी अंतर्गत प्रश्‍नांकित मार्गों का निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत किया गया था। वर्तमान में मार्ग निर्माण पश्‍चात पैकेज क्रमांक MP15MTN035 एवं MP15MTN040 के अंतर्गत 5 वर्षीय संधारण अवधि (M.T.N.) के अंतर्गत है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। अनुबंध एवं अन्य दस्तावेजों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश '''' में उल्लेखित 5 वर्ष पश्‍चात संधारण अधीन दोनों पैकेज के मार्गों पर संधारण कार्य हेतु कार्यादेश दिनांक 06.03.2024 को जारी किये गये थे। ठेकेदार द्वारा अनुबंधानुसार संधारण एवं रिन्यूवल कार्य नहीं किये जाने के कारण पत्राचार जारी करते हुए कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के उपरांत पैकेज क्रमांक MP15MTN035 का अनुबंध दिनांक 27.11.2024 को एवं पैकेज क्रमांक MP15MTN040 का अनुबंध दिनांक 29.11.2024 को निरस्त किये गये थे एवं संविदाकार को दिनांक 11.12.2024 से डिबार किया जाकर डिबार सूची में सम्मिलित किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''3 अनुसार है। अतः 3 वर्ष से अधिक समय नहीं हुआ है। ठेकेदार की जमा राशि रू. 695000/- राजसात की गई है। दोनों पैकेजों के शेष कार्य की निविदा आंमत्रण हेतु प्रकरण प्रक्रियाधीन है। वर्तमान में शेष कार्य की निविदा की कार्यवाही प्रचलन में हैं। (ग) प्रश्‍नांश '''' में उल्लेखित सडकों के निर्माण हेतु वर्तमान ठेकेदार पर निर्भर होने के अलावा विभाग के पास अनुबंध निरस्तीकरण के बाद शेष कार्य की निविदा आमंत्रित कर नवीन संविदाकार को कार्य संपादन कर सौंपने का विकल्प है, जिसके आधार पर शेष कार्य की निविदा की कार्यवाही प्रचलन में है। ठेकेदार को विगत 05 वर्षों में आवंटित कार्य का ब्यौरा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''4'' अनुसार है।

दोषी अधिकारी पर कार्यवाही

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा)]

21. ( *क्र. 2204 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्‍वविद्यालय (आर.जी.पी.वी.), भोपाल में परीक्षाओं से संबंधित स्कैनिंग कार्य के लिये जारी निविदा निरस्‍त की गई है? यदि हाँ, तो वह किस कारण से निरस्त की गई? (ख) उक्त निविदा में कितनी फर्म ने निविदा प्रस्तुत की थी? क्या सभी फर्म निविदा अनुसार तकनीकी योग्यता की शर्तों को पूर्ण करती है? यदि हाँ, तो सभी फर्म के दस्तावेजों की सत्यापित प्रति उपलब्ध कराएं। (ग) क्या उक्त निविदा हेतु गठित समिति ने अपना कार्य में लापरवाही की? यदि हाँ, तो संबंधितों दोषी अधिकारियों के विरुद्ध की गई कार्यवाही से अवगत कराएं। (घ) उक्त समिति सदस्यों के द्वारा साथ-साथ या पृथक रूप से गोपनीय कार्य हेतु किन-किन निविदाओं में तकनीकी और वित्‍तीय निविदा की जांच की है? क्या उन सभी की जाँच किसी पृथक समिति से की गई है? यदि नहीं, तो सभी निविदाओं एवं उनमें आवेदित सभी निविदाकर्ताओं के दस्तावेजों की सत्यापित प्रति उपलब्ध करायें। (ड.) उक्‍त प्रश्‍नांश के संबंध में कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी पाये गये? उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? यदि कार्यवाही लंबित है तो किस कारण और क्‍यों लंबित है?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं, निविदा निरस्‍त नहीं की गई है, कार्यादेश निरस्‍त किया गया है। कार्यादेश निरस्‍त किये जाने के कारण की जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है(ख) निविदा में 08 फर्मों द्वारा आवेदन प्रस्‍तुत किये गये थे। जी नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्‍वविद्यालय द्वारा प्राप्‍त निविदाओं के तकनीकी मूल्‍यांकन हेतु गठित समिति सदस्‍यों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया। (घ) राजीव गॉधी प्रौद्योगिकी विश्‍वविद्यालय द्वारा गठित चार सदस्‍यीय समिति द्वारा दो निविदाओं (I) स्कैनिंग ऑफ रिफ्लेक्स शीट (II) लोडिंग व्‍हीकल अंतर्गत प्राप्‍त तकनीकी एवं वित्तीय निविदा का परीक्षण किया गया। जी हाँ, जांच पृथक से गठित दो सदस्‍यीय जांच समिति द्वारा की गई। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) राजीव गॉधी प्रौद्योगिकी विश्‍वविद्यालय द्वारा प्राप्‍त निविदाओं के तकनीकी मूल्‍यांकन हेतु गठित समिति सदस्‍यों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "चार"

गोदामों का लीज नवीनीकरण

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

22. ( *क्र. 1272 ) श्री विपीन जैन : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृषि उपज मंडी मंदसौर में व्यापारियों के कुल 77 गोदामों की लीज नवीनीकरण 2021 में पूर्ण हो चुकी है, जिसमें से 39 गोदाम जिसकी लीज का नवीनीकरण के लिये व्यापारियों द्वारा लीज की राशि जमा करा दी गई है, बावजूद उसके लीज नवीनीकरण क्यों नहीं किया जा रहा है? (ख) लीज नवीनीकरण नहीं करने के क्या कारण हैं? विवरण देवें और बताएं की लीज का नवीनीकरण कब तक कर दिया जायेगा?

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। प्रश्‍नानुसार गोदामों की लीज अवधि पूर्ण हो चुकी है। शासन द्वारा अधिसूचित मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी (भूमि एवं संरचना का आवंटन) नियम 2009 अन्तर्गत लीज नवीनीकरण का प्रावधान नहीं होने से प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (ख) उत्तरांश (क) के अनुक्रम में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है।

अमानक खाद वितरकों के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया जाना

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

23. ( *क्र. 2388 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01 अप्रैल, 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में विपणन सहकारी संघ/प्राथमिक कृषि साख समितियों से खाद के कितने सेम्पल लिये गये? उनमें से किन-किन उर्वरक विक्रेताओं के सेम्पल अमानक पाये गये और क्या उन्हें ब्लैक लिस्ट किया गया है? (ख) क्या जो सेम्पल अमानक पाये गये, उनके विरूद्ध विपणन संघ द्वारा खाद कंपनियों से कितनी राशि कटौती की गई? कृपया कम्पनीवार जानकारी दें। (ग) क्या कटौती की गई राशि उन किसानों के द्वारा जिन्होंने अमानक खाद क्रय किया था, उनके द्वारा क्षतिपूर्ति दावा प्रस्तुत करने पर राशि वापस की गई है? यदि हाँ, तो कितने किसानों ने दावे किये हैं और उन्हें कितनी राशि वापस की गई? कटौती की गई शेष राशि में से कितनी राशि नियमानुसार अमानक उर्वरक कोष में जमा कराई गई है? (घ) जिन कंपनियों के बंद के नमूने अमानक पाये गये हैं, उनके विरूद्ध क्या आपराधिक प्रकरण दर्ज कराये गये? यदि हाँ, तो उन कंपनियों के नाम एवं संचालकों के नाम/पते सहित सूची दें। (ड.) प्रश्‍नांश (घ) के परिप्रेक्ष्य में अमानक उर्वरक विक्रेता पूर्व में कब-कब ब्लैक लिस्ट किये गये? सूची दें।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एवं 2 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के            प्रपत्र-अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। अत: शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (ड.) उत्‍तरांश '' '' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

खाद की कालाबाजारी रोकने हेतु की गई कार्यवाही

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

24. ( *क्र. 1936 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना जिले में पिछले एक वर्ष में रबी और खरीफ सीजन के दौरान यूरिया एवं डी..पी. (D.A.P.) खाद के भंडारण और वितरण की क्या प्रक्रिया रही है? क्या जिले में खाद की भारी किल्लत के बावजूद निजी डीलरों के माध्यम से खाद की कालाबाजारी की शिकायतें प्राप्त हुईं हैं? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा इस पर रोक लगाने हेतु अब तक क्या ठोस कदम उठाए गये हैं?                (ख) क्या शासन को जिला विपणन अधिकारी (D.M.O.), मुरैना के विरुद्ध खाद वितरण में पक्षपात करने, अवैध वसूली करने और सरकारी खाद को निजी विक्रेताओं को लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से डायवर्ट करने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं? यदि हाँ, तो इन शिकायतों की जाँच किस स्तर के अधिकारी द्वारा की गई और उसका क्या परिणाम रहा? (ग) क्या विपणन संघ के गोदामों पर किसानों को घंटों कतार में लगने के बाद भी खाद नहीं मिल रही है, जबकि प्रभावशाली व्यक्तियों और बिचौलियों को पिछले दरवाजे से खाद उपलब्ध कराई जा रही है? क्या सरकार उक्त भ्रष्ट अधिकारी के विरुद्ध तत्काल उच्चस्तरीय जाँच बैठाकर उन्हें निलंबित करने की कार्यवाही करेगी? (घ) जिले में खाद की कालाबाजारी रोकने हेतु पिछले 6 माह में कितने निजी विक्रेताओं और विभागीय अधिकारियों पर छापेमार कार्यवाही या एफ.आई.आर. (F.I.R.) दर्ज की गई है? विधानसभावार दोषियों के नाम और उन पर की गई कार्यवाही का विस्तृत विवरण देवें।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जिले को प्राप्त होने वाली उर्वरक मात्रा का प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों, सहकारी विपणन संघ के विक्रय केंद्रों/समितियों, निजी उर्वरक विक्रेताओं एवं एम.पी. एग्रो के विक्रय केंद्रों के माध्यम से विक्रय किया जाता है। जिला मुरैना में पिछले एक वर्ष में रबी और खरीफ सीजन के दौरान यूरिया एवं डी..पी. खाद की पर्याप्त उपलब्धता रही है। विगत एक वर्ष में कालाबाजारी की 3 शिकायतें प्राप्त हुई, जिसमें एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है। (ख) म.प्र. राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित, जिला मुरैना द्वारा अपने भण्डारण केन्द्रों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन के सहयोग टोकन वितरण किया जाकर संबंधित कृषकों को रासायनिक उर्वरकों का विक्रय किया गया है। उर्वरक विक्रय में पक्षपात करने, अवैध वसूली करने, निजी विक्रेताओं को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से उर्वरक डायवर्ट करने के संबंध में कोई शिकायत प्रतिवेदित नहीं है। अत: शेष प्रश्‍नांश उद्भूत नहीं होता है। (ग) म.प्र. राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित, जिला मुरैना द्वारा अपने भण्डारण केन्द्रों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन के सहयोग से टोकन वितरण किया जाकर रासायनिक उर्वरकों का विक्रय किया गया है। घंटो लाईन में लगने जैसी स्थिति नहीं है। प्रश्‍नांश से संबंधित शिकायत प्रतिवेदित नहीं है। अत: शेष प्रश्‍नांश उद्भूत नहीं होता है। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "पांच"

खनिज विभाग को प्राप्त आय

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

25. ( *क्र. 35 ) श्री घनश्याम चन्द्रवंशी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या खनिज विभाग से प्राप्त राजस्व के द्वारा ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों हेतु राशि प्रदाय की जा सकती है? (ख) यदि हाँ, तो विगत 3 वर्षों में शाजापुर जिले की कितनी ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों हेतु राशि आवंटित की गई? विधानसभा वार ब्यौरा देवें।

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। (ख) खनिज विभाग से प्राप्त राजस्व की राशि ग्राम पंचायतों के सचिवों के वेतन एवं जनपद पंचायतों के पदाधिकारियों के मानदेय की प्रतिपूर्ति में व्‍यय होने के कारण विकास कार्यों हेतु कोई राशि आवंटित नहीं की गई।

 



भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्‍नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्‍नोत्तर


म.प्र. सिविल सेवा (पेंशन) नियम 1976 का उल्लंघन

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

1. ( क्र. 22 ) श्री मुकेश मल्होत्रा : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. सिविल सेवा (पेंशन) नियम 1976 के तहत सेवानिवृत्त अधिकारी, कर्मचारी के किसी भी प्रकरण में कार्यवाही करने का प्रावधान है? (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ, तो दिनांक 31-10-2024 को सेवानिवृत्त श्री एस.सी. सिंगादिया, अपर संचालक कृषि के विरूद्ध सात माह बाद संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विभाग, मध्यप्रदेश के आदेश क्र.अ-5-सी-5/शिका./12/2024-25/पार्ट/80 भोपाल दिनांक 18.06.2025 से किस नियम के तहत जाँच आदेशित की गई? कृपया नियम बतायें तथा नियम की प्रति संलग्न करें। (ग) सेवानिवृत्त श्री एस.सी. सिंगादिया के प्रकरण में सेवानिवृत्ति के सात माह बाद यदि प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित पेंशन नियम 1976 के प्रावधानों के विपरीत प्रश्‍नांश (ख) में उल्लेखित जांच आदेशित कर सेवानिवृत्त अधिकारी श्री एस.सी. सिंगादिया के सेवानिवृत्ति स्वत्वों के भुगतान में अनावश्यक विलंब के लिए कौन-कौन अधिकारी एवं कर्मचारी जिम्मेदार हैं तथा ऐसे जिम्मेदारों के विरूद्ध क्या अनुशासनात्मक एवं दण्डात्मक कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो क्यों? कब तक कार्यवाही की जावेगी? कृपया            समय-सीमा बतायें।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) :(क) जी हाँ। (ख) वर्तमान में श्री एस.सी.सिंगादिया के विरूद्ध कोई भी अनुशासनात्‍मक कार्यवाही, विभागीय जांच, लोकायुक्‍त, ई.ओ.डब्‍ल्‍यू. एवं न्‍यायालयीन प्रकरण लंबित नहीं है। (ग) शेष प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है।

सागर में आयुष महाविद्यालय की स्थापना

[आयुष]

2. ( क्र. 67 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या आयुष मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                         (क) प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न क्र. 403, दिनांक 01.12.2025 के उत्तरांश में बताया गया था कि आयुष महाविद्यालय के भवन निर्माण हेतु निविदा जारी की जा चुकी है, उक्त निविदा किस निर्माण एजेंसी को स्वीकृत की गई है तथा क्या निर्माण कार्य प्रारंभ करा दिये गये है? यदि हाँ, तो महाविद्यालय भवन, चिकित्सालय भवन एवं छात्रावासों हेतु कितनी-कितनी राशि व्यय की जाना प्रावधानित है? (ख) आयुष महाविद्यालय से संबंधित समस्त भवनों के निर्माण कार्य को पूर्ण कराये जाने की निर्धारित समय-सीमा क्या है तथा आयुष महाविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया कब से प्रांरभ किए जाने की संभावना है? (ग) क्या प्रश्‍नांश '''' वर्णित महाविद्यालय संचालन हेतु विभाग द्वारा अधिकारियों/कर्मचारियों की पदस्थापना की कार्यवाही प्रचलन में है? यदि हाँ, तो विवरण सहित बताएं।

आयुष मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। मध्यप्रदेश भवन विकास निगम लिमिटेड भोपाल द्वारा निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत कार्यादेश दिनांक 18/08/2025 को मेसर्स ट्रेडिंग इंजीनियर्स को जारी किया गया। निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है। महाविद्यालय भवन, चिकित्सालय भवन, छात्रावासों एवं स्टॉफ क्वार्टर आदि के निर्माण कार्य एवं फर्नीचर/उपकरण हेतु राशि रूपये 70.00 करोड़ प्रावधानित है। प्राप्त प्राक्कलन के आधार पर राशि रू. 69.90 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट  अनुसार। (ख) निर्माण कार्य प्रारंभ होने के उपरांत 18 माह में बनाए जाने का अनुबंध है। निर्माण कार्य संपन्न होने के पश्‍चात नवीन शैक्षणिक सत्र में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ की जावेगी। (ग) पद स्‍वीकृति उपरांत पदस्‍थापना की कार्यवाही की जावेगी।

परिशिष्ट - "छ:"

खेल परिसर भवन की रिनोवेशन/मरम्मत

[खेल एवं युवा कल्याण]

3. ( क्र. 69 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के अतारांकित प्रश्‍न 405, दिनांक 01.12.2025 के उत्तरांश में बताया गया था कि  खेल परिसर भवन के रिनोवेशन/मरम्मत कार्य हेतु प्राप्त प्राक्कलन को संशोधित कर निर्माण एजेंसी म.प्र. भवन निर्माण एवं विकास निगम भोपाल को नवीन प्राक्कलन तैयार करने हेतु लेख किया गया है, तो क्या म.प्र. भवन निर्माण एवं विकास निगम भोपाल द्वारा संशोधित नवीन प्राक्कलन प्राप्त हो चुका है? यदि हाँ, तो वह कितनी राशि का है तथा कौन-कौन से कार्य किये जाना प्रावधानित है एवं वर्तमान तक क्या कार्यवाही प्रचलन में है? (ख) यदि नहीं, तो नवीन प्राक्कलन कब तक प्राप्त कर अग्रिम कार्यवाही शुरू की जायेगी, विवरण सहित बताएँ।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। खेल परिसर भवन के रिनोवेशन/मरम्मत कार्य हेतु निर्माण एजेंसी म.प्र.भवन विकास निगम भोपाल द्वारा राशि            रू. 3.94 करोड़ का प्राक्कलन मय तकनीकी स्वीकृति सहित प्रस्तुत किया गया है, जिसमें भवन मरम्मत, इलेक्ट्रिक वर्क एवं रोड वर्क के कार्य प्रस्तावित है, प्राप्त प्रस्ताव का परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण उपरांत सक्षम समिति के समक्ष प्रस्ताव अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया जावेगा।                   (ख) प्रश्‍नोत्तर '''' के संदर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

शासकीय महाविद्यालयों में पदों की पूर्ति

[उच्च शिक्षा]

4. ( क्र. 81 ) श्री रामनिवास शाह : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि  (क) सिंगरौली जिले में शासकीय महाविद्यालयों में कितने नियमित प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक एवं अतिथि विद्वान कार्यरत है? (ख) प्राध्यापक एवं सहायक प्राध्यापक के महाविद्यालयों में कितने नियमित पद स्वीकृत है और कितने पद भरे तथा रिक्त हैं रिक्त पदों को कब तक भरे जाने की संभावना है? (ग) सभी महाविद्यालयों में विषयवार प्राध्यापक एवं सहायक प्राध्यापक की पदस्थापना कब तक की जावेगी? (घ) क्‍या शासन सिंगरौली जिले में युवाओं एवं जनमानस के मांग की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुये उच्चतर शिक्षा हेतु विश्‍वविद्यालय की स्थापना करेगा? यदि हाँ, तो कब तक किया जावेगा?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) सिंगरौली जिलांतर्गत शासकीय महाविद्यालयों में 00 प्राध्यापक, 36 सहायक प्राध्यापक एवं 80 अतिथि विद्वान कार्यरत हैं। (ख) जानकारी संलग्न  परिशिष्ट  अनुसार है। पदों की पूर्ति एक सतत् प्रकिया है, समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।  (ग) सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 के आधार पर विभिन्न विषयों में जारी चयन सूचि‍यों के अनुक्रम में नियुक्ति की कार्यवाही निरंतर की जा रही है तथा शेष रिक्त पदों की पूर्ति हेतु वर्ष  2024-25 में विज्ञापन जारी किया गया है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। (घ) वर्तमान में सिंगरौली जिले में विभाग द्वारा विश्‍वविद्यालय खोले जाने के संबंध में कोई कार्य योजना प्रस्तावित नहीं है।

परिशिष्ट - "सात"

शासकीय पॉलिटेक्निक इंजीनियरिंग कॉलेज का उन्नयन

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा)]

5. ( क्र. 82 ) श्री रामनिवास शाह : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सिंगरौली जिले में छात्रों को डिप्लोमा इंजीनियरिंग के बाद उच्च शिक्षा के लिये स्नातक कोर्स के लिये की शासकीय एवं अशासकीय संस्थायें संचालित नहीं हैं। क्‍या शासन शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज बैढ़न को इंजीनियरिंग कॉलेज में उन्नयन करेगा? यदि हाँ, तो कब तक उन्नयन/स्थापना किया जावेगा बताये।

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) सिंगरोली जिले में विश्‍वविद्यालय द्वारा इंजीनियरिंग स्‍नातक कोर्स के लिये कोई भी शासकीय एवं अशासकीय संस्‍थायें संचालित नहीं है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता हैं।

मार्केटिंग संस्‍था का गठन

[सहकारिता]

6. ( क्र. 103 ) श्री रमेश प्रसाद खटीक : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) करैरा विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत नल दमयंती मार्केटिंग संस्‍था नरवर के विपणन संघ अंतर्गत संचालक मण्‍डल का निर्वाचन 14 वर्ष से अधिक समय से नहीं किया गया है, जिसके संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा पत्र के माध्‍यम से समय-समय निर्वाचन प्रक्रिया कर संचालक मण्‍डल का गठन कराने संबंधी अनुरोध किया है परन्‍तु आज दिनांक तक उक्‍त संस्‍था का निर्वाचन एवं संचालक मण्‍डल का गठन नहीं हुआ है। (ख) संचालक मण्‍डल का गठन नहीं होने से नल दमयंती मार्केटिंग संस्‍था का संचालन ओ.आई.सी. के द्वारा किया जा रहा है, जिससे संस्‍था का क्रियान्‍वयन ठीक ढंग से नहीं हो पा रहा है एवं संचालक मण्‍डल में स्‍थानीय कृषकों एवं जनता की भागीदारी नहीं होने से संस्‍था की वित्‍तीय स्थिति ठीक नहीं है। (ग) नल दमयंती मार्केटिंग संस्‍था नरवर के संचालक मण्‍डल का गठन आज दिनांक तक क्‍यों नहीं किया गया? अगर किया जावेगा तो कब तक?            समय-सीमा बताएं।

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) नल दमयंती मार्केंटिंग संस्‍था नरवर का निर्वाचन प्रस्‍ताव प्राप्‍त होने पर प्रत्‍यायुक्‍तों के निर्वाचन का प्रथम चरण सदस्‍यता सूची का अंतिम प्रकाशन अर्थात रजिस्‍ट्रीकरण की प्रक्रिया पूर्ण कराई जा चुकी है। संस्‍था के दूसरे चरण के निर्वाचन अर्थात प्रत्‍यायुक्‍तों का निर्वाचन मध्‍यप्रदेश राज्‍य सहकारी निर्वाचन प्राधिकारी का पद रिक्‍त होने से शेष है। प्रत्‍यायुक्‍तों का निर्वाचन उपरान्‍त संचालक मण्‍डल के निर्वाचन की कार्यवाही पूर्ण कराई जा सकेगी। (ख) संस्‍था में वर्तमान में प्रशासक नियुक्‍त है, जिसके द्वारा संस्‍था का कार्य संचालित किया जा रहा है, जिससे वर्ष 2024-25 में संस्‍था को राशि रूपये 12.45 लाख का लाभ हुआ है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश '''' अनुसार। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

महाविद्यालयों में शिक्षकीय पदों की पूर्ति

[उच्च शिक्षा]

7. ( क्र. 183 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गुनौर विधानसभा क्षेत्र के महाविद्यालयों में प्राध्यापक, सह-प्राध्‍यापक, सहायक प्राध्‍यापकों के कितने पद स्‍वीकृत है? स्‍वीकृत पदों के विरूद्ध कितने पद भरे हुये है तथा कितने पद रिक्‍त है?            (ख) गुनौर विधानसभा के महाविद्यालयों में प्राध्‍यापक, सह-प्राध्‍यापक, सहायक प्राध्‍यापकों के रिक्‍त पदों की पूर्ति कब तक की जावेगी? बतावें।

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी संलग्न  परिशिष्ट  अनुसार है। (ख) रिक्त पदों की पूर्ति एक सतत् प्रकिया है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 के आधार पर विभिन्न विषयों में जारी चयन सूचि‍यों के अनुक्रम में नियुक्ति की कार्यवाही निरंतर की जा रही है तथा शेष रिक्त पदों की पूर्ति हेतु वर्ष 2024-25 में विज्ञापन जारी किया गया है।

परिशिष्ट - "आठ"

सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों को समयमान वेतनमान का भुगतान

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

8. ( क्र. 197 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍न क्र. 180 दिनांक 1 दिसम्‍बर 2025 के उत्‍तरांश  (ग) में लेख किया गया है कि गुण-दोषों एवं वित्‍तीय स्थिति के आधार पर निराकरण किया जायेगा?            (ख) यदि हाँ, तो परिशिष्‍ट 3 में 65 कर्मचारियों के लंबित एरियर्स में से कितने कर्मचारियों का भुगतान नहीं किया गया है? गुण-दोषों का उल्‍लेख करते हुये कर्मचारीवार कारण बतावें? (ग) क्‍या सेवानिवृत्‍त हो चुके कर्मचारियों को देय राशि का भुगतान रोकने का नियम है? यदि हाँ, तो नियम उपलब्‍ध करावें? (घ) यदि नहीं, तो भुगतान न करने के लिये कौन दोषी है?

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। (ख) निगम द्वारा 65 कर्मचारियों के लंबित एरियर्स में से कुल 18 कर्मचारियों को समयमान- वेतनमान के एरियर्स का भुगतान नहीं किया गया है। जानकारी संलग्न  परिशिष्‍ट  अनुसार है। (ग) सामान्‍यत: शासकीय सेवक की सेवानिवृत्ति उपरांत देय राशि आदि भुगतान रोकने के संबंध में कोई नियम नहीं है। यदि शासकीय सेवक के विरूद्ध कोई वसूली आदि है और सेवानिवृत्‍त हो जाता है अथवा सेवानिवृत्ति के पूर्व से उनके विरूद्ध कोई आपराधिक प्रकरण/विभागीय जांच आदि लंबित हैं तब मध्‍यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 या बाद में संस्‍थापित होती है तो मध्‍यप्रदेश सिविल सेवा पेंशन नियम 1976 के नियम 9 के अंतर्गत देय स्‍वत्‍व रोके जा सकते है।                   (घ) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "नौ"

सडकों का जीर्णोद्धार/मरम्मत कार्य

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

9. ( क्र. 208 ) श्री सुरेश राजे : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला ग्वालियर अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़कों/पुल/पुलिया के जीर्णोद्धार/मरम्मत हेतु वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक में कितनी-कितनी राशि प्राप्त हुई? वर्षवार बतावें (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार उक्त वर्षों में प्राप्त राशि से जिला ग्वालियर अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की कहाँ से कहाँ तक की सड़क/पुल/पुलिया की जीर्णोद्धार/मरम्मत कार्य हेतु कितनी-कितनी राशि स्वीकृत की गई तथा प्रत्येक कार्य पर प्रश्‍न दिनांक तक व्यय राशि सहित पूर्ण/अपूर्ण का कारण सहित कार्यवार एवं वर्षवार तथा जनपद पंचायतवार पूर्ण जानकारी देवें? (ग) विधानसभा डबरा अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की कौन-कौन सी सड़क है जिनका जीर्णोद्धार/मरम्मत कार्य करवाया जाना प्रस्तावित है? क्या यह सत्य है की डबरा स्थित सिंध नदी से ओवरलोड रेत परिवहन के कारण सड़क निर्माण के कुछ माह बाद ही क्षतिग्रस्त हो रही है जिसकी रोकथाम हेतु विभाग की ओर से क्या कार्यवाही की गई? यदि की गई तो क्‍या? यदि नहीं, तो क्यों?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत सड़कों/पुल/पुलिया के जीर्णोद्धार/मरम्मत हेतु स्वीकृत वर्षवार राशि की जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुए मार्ग जिनका क्रस्ट उन्नयन किया गया है, वर्षवार स्वीकृत राशि जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार। जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''3'' एवं ''4'' अनुसार है। (ग) विधानसभा डबरा स्थित सिंध नदी से ओवरलोड रेत परिवहन के कारण दो मार्ग क्षतिग्रस्त हुए हैं जिसमें से                       (1) मार्ग ग्वालियर झांसी रोड से रायपुर लम्बाई 6.03 कि.मी. के उन्नयन कार्य की निविदा प्रक्रियाधीन है। (2) मार्ग डबरा सिंहपुर रोड से पुट्टी लम्बाई 11.635 कि.मी. के उन्नयन का कार्य प्रस्तावित है। जी हाँ, रेत परिवहन के कारण क्षतिग्रस्त हो रहे मार्गों की रोकधाम हेतु विभाग द्वारा 8 टन से अधिक भार वाले वाहनों के आवागमन को प्रतिबंधित करने हेतु इकाई कार्यालय के पत्र क्रमांक 772 दिनांक 05.05.2022, 1130 दिनांक 14.06.2022, 2092 दिनांक 02.12.2022, 585 दिनांक 08.06.2023 एवं 1182 दिनांक 13.09.2023 द्वारा जिला कलेक्टर ग्वालियर को पत्र प्रेषित किये गये।

कृषि अनुदान योजनाएं

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

10. ( क्र. 367 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उपसंचालक किसान कल्याण व क‍ृषि विकास विभाग जिला जबलपुर को राज्‍य एवं केन्‍द्रीय शासन प्रवर्तित हितग्राही मूलक संचालित किन-किन अनुदान योजनाओं में कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई? कितने-कितने हितग्राही कृषकों को कितनी-कितनी राशि स्‍वीकृत/वितरित की गई? अनुदान की स्‍वीकृत कितनी राशि दी गई? कितनी राशि नहीं दी गई एवं क्‍यों? लक्ष्‍य पूर्ति वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक की योजनावार पृथक-पृथक जानकारी दें।               (ख) प्रश्‍नांकित किन-किन योजनाओं में कितने-कितने स्‍वीकृत हितग्राहियों को किस मान से स्‍वीकृत कितनी-कितनी र‍ाशि कब से नहीं दी गई हैं एवं क्‍यों? किन-किन योजनान्‍तर्गत स्‍वीकृत लक्ष्‍य से कितने-कितने प्रतिशत किसानों को राशि स्‍वीकृत नहीं की गई एवं क्‍यों? कितनी-कितनी राशि का उपयोग नहीं किया गया एवं क्‍यों? (ग) प्रश्‍नांश (क) में ई-कृषि यंत्र अनुदान योजना के तहत कितने-कितने कृषकों को कितनी-कितनी राशि स्‍वीकृत की गई? कितने आवेदन पत्र अस्‍वीकृत किये गये? कितने हितग्राही कृषकों को कितनी राशि के कृषियंत्र एवं सिंचाई के उपकरण प्रदाय किये गये एवं इन्‍हें अनुदान की कितनी-कितनी राशि प्रदाय की गई? कृषि यंत्रों एवं सिंचाई के उपकरणों का क्रय एवं प्रदाय की किस स्‍तर पर क्‍या व्‍यवस्‍था की गई? क्‍या शासन इसमें की गई वित्‍तीय अनियमितताएं, भ्रष्‍टाचार की जांच कराकर दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करेगा?

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) कृषि अनुदान योजनाओं की योजनावार लक्ष्‍य पूर्ति की  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है।           (ख) समस्‍त विभागीय योजनाओं में हिताग्राहियों को प्रावधान अनुसार स्‍वीकृत की गई राशि का भुगतान किया गया है। भुगतान हेतु कोई राशि शेष नहीं है। जिन पात्र कृषकों द्वारा योजना प्रावधान अनुसार आवेदन दिये गये थे उन्‍हें अनुदान भुगतान कर राशि का पूर्ण उपयोग किया गया है।          (ग) ई-कृषि यंत्र अनुदान योजना की  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। कृषि यंत्र एवं सिंचाई के उपकरण के लाभांवित कृषकों की  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। कृषि यंत्र एवं सिंचाई के उपकरणों का क्रय एवं प्रदाय की व्‍यवस्‍था संबंधित निर्देश एवं प्रक्रिया कृषि अभियांत्रिकी संचालनालय स्‍तर पर की जाती है। ई-कृषि यंत्र अनुदान योजना पूर्ण रूपेण ऑनलाइन प्रक्रिया से संचालित होती है, अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

निर्माण कार्य हेतु राशि का आवंटन

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

11. ( क्र. 368 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग जिला जबलपुर को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं अन्य किन-किन योजनान्तर्गत सड़कों, पुल-पुलियों, भवनों का निर्माण, संधारण सुधार एवं मरम्मत कार्य हेतु कितनी-कितनी राशि स्वीकृत की गई एवं कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई तथा             कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक की वर्षवार पृथक-पृथक जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में किस-किस योजना मद में सड़कों, पुल -पुलियों का निर्माण, भवनों का निर्माण हेतु किस स्तर पर कितनी-कितनी राशि स्वीकृत की गई एवं कितनी-कितनी राशि व्यय हुई?          (ग) प्रश्‍नांश (क) में किस-किस योजना मद में कहां से कहां तक कितनी-कितनी लम्बाई एवं चौड़ाई की सड़कों का निर्माण कब किस-किस निर्माण एजेंसी से कितनी-कितनी राशि में कराया गया है? इनकी गुणवत्ता की जांच कब-कब किसने की हैं? बतलावें। निर्माण एजेंसी को कब-कब, कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया गया है? बतलावें। (घ) प्रश्‍नांश (क) में कहां-कहां की पुल/पुलियों का निर्माण संधारण सुधार व मरम्मत कार्य पर कितनी-कितनी राशि व्यय हुई?          (ड.) प्रश्‍नांश (क) में कहां-कहां की निर्मित सड़कें गांरटी पीरियड में खराब होने पर निविदा की शर्तों के तहत दोषी निर्माण एजेंसी पर कब क्या कार्यवाही की गई? कहां-कहां की कितने-कितने कि.मी. खस्ता हाल खराब उबड़-खाबड़ जर्जर सड़कों, पुल-पुलियों का सुधार मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कब से किसने नहीं कराया हैं एवं क्यों? दोषी निर्माण एजेंसी पर कब क्या कार्यवाही की गई?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (घ) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत जबलपुर जिले में पुल-पुलियों के निर्माण कार्य पर पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। प्रश्‍नांकित कार्यों हेतु ग्रामीण यांत्रिकी सेवा को स्‍वीकृति प्राप्‍त नहीं होने से जानकारी निरंक। (ड.) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत जबलपुर जिले एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग जबलपुर में गारंटी पीरियड में वर्ष 2021-22 से वर्ष 2025-26 के बीच निर्मित सड़कें खराब नहीं होने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

पॉलि‍टेक्निक कॉलेज में सिविल एवं मैकेनिकल पाठ्यक्रम की स्‍वीकृति

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा)]

12. ( क्र. 426 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या यह सही है कि पन्ना जिले के पॉलि‍टेक्निक कॉलेज में सिविल एवं मैकेनिकल ब्रांच के पाठ्यक्रमों की स्वीकृति दिनांक 23.11.2016 को प्रदाय की गई थी? यदि हाँ, तो स्वीकृति दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक इन ब्रांचों के पद स्वीकृति हेतु कब-कब क्या कार्यवाही की गई? विवरणवार जानकारी देवें? पद स्वीकृत न होने का क्या कारण है? कब तक पद स्वीकृत किये जावेंगे?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : जी हाँ। समग्र रूप से इंजीनियरिंग एवं पॉलि‍टेक्निक महाविद्यालयों के रिक्‍त शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक पदों के सृजन का प्रस्‍ताव तैयार किया जा रहा है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

छत्रसाल स्टेडियम एवं जुगल किशोर इण्डोर स्टेडियम का निर्माण

[खेल एवं युवा कल्याण]

13. ( क्र. 427 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दिनांक 29.05.2025 को माननीय मुख्यमंत्री जी के पन्ना भ्रमण के दौरान की गई घोषणा अंतर्गत महाराजा छत्रसाल स्टेडियम पन्ना को सर्वसुविधा युक्त बनाने हेतु राशि स्वीकृति के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री कार्यालय के पत्र क्रमांक 1755/सीएमएस/एसडीके/2025 दिनांक 10.09.2025 को एसीएस खेल एवं युवा कल्याण विभाग भोपाल को पत्र प्रेषित किया गया था?            (ख) क्या तत्कालीन माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा वर्ष 2023 में पन्ना में हुये नेशनल वॉलीबाल प्रतियोगिता के समापन के अवसर पर वर्चुअली जुगल किशोर स्टेडियम में इन्डोर वॉलीबाल स्टेडियम का निर्माण कराये जाने की घोषणा की गई थी? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार यदि हाँ, तो उक्त संबंध में क्या कार्यवाही की गई? कब तक छत्रसाल स्टेडियम हेतु राशि स्वीकृत की जावेगी एवं इण्डोर वॉलीबाल स्टेडियम का निर्माण कार्य पूर्ण कब तक कराया जावेगा? समय-सीमा बतावें।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) छत्रसाल स्टेडियम का निर्माण कार्य संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास म.प्र. भोपाल द्वारा पत्र  क्रमांक-13070/मु.श.अधो.वि.यो.-11/यो.प्र./07-5/2017 दिनांक 15.11.2017 द्वारा मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिका परिषद पन्ना को राशि रू. 309.75 लाख स्वीकृत किया गया है। कार्यालय जिला पंचायत पन्ना का पत्र क्रमांक 1761/डी.एम.एफ/जे.पी.2/2023 दिनांक 27.06.2023 द्वारा लागत राशि रू. 3.86 करोड़ स्वीकृत कर नगरीय विकास एवं आवास विभाग को क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त किया गया है। वर्तमान में महाराजा छत्रसाल स्टेडियम का निर्माण कार्य प्रचलन में है। इसके अलावा संचालनालयीन पत्र क्रमांक 8502 दिनांक 26.11.2025 द्वारा छत्रसाल स्टेडियम पन्ना में अतिक्रमण मुक्त कराई गई भूमि में बाउण्ड्रीवाल निर्माण हेतु निर्माण एजेंसी म.प्र.पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन भोपाल द्वारा प्रस्तुत प्राक्कलन अनुसार राशि रू. 55.33 लाख की सैद्धांतिक स्वीकृति जारी की गई है एवं पत्र क्रमांक 7670 दिनांक 29.10.2025 द्वारा छत्रसाल स्टेडियम पन्ना में रिनोवेशन कार्य हेतु म.प्र.पुलिस हाउसिंग के प्राक्क्लन अनुसार जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी पन्ना को राशि रू. 4.86 लाख का आवंटन प्रदान किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। निश्‍िचत समय-सीमा बतायी जाना संभव नहीं है।

कार्यालय का रिनोवेशन किया जाना

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

14. ( क्र. 558 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) संचालनालय किसान कल्याण तथा कृषि विकास भोपाल के कार्यालय का किस योजना में कितनी-कितनी राशि से कब-कब रिनोवेशन किया गया? पूर्व में किये गये रिनोवेशन की लाइफ क्या थी? जिसे किस तकनीकी कमेटी द्वारा डिस्मेंटल करने की अनुशंसा की गई?                (ख) विंध्याचल भवन जर्जर हो जाने से कंडम घोषित होने की सूचना विभाग में आने पर भी विभाग द्वारा इस जर्जर विंध्याचल भवन में किस योजना की कितनी राशि स्वीकृत कर किस निर्माण एजेंसी के माध्यम से रिनोवेशन कार्य पर कितना व्यय किया गया है? इस किये गये रिनोवेशन कार्य की लाइफ कितने वर्ष की हैं? (ग) कंडम घोषित विंध्याचल भवन में पब्लिक मनी से रिनोवेशन पर करोड़ों रुपये की राशि का निश्फल व्यय क्यों किया गया है? इस निश्फल व्यय के लिये कौन-कौन जिम्मेदार हैं तथा इनके विरुद्ध क्या कार्यवाही कब तक की जायेगी? साथ ही इस पब्लिक मनी के दुरुपयोग से निश्फल व्यय राशि की वसूली किससे और कब तक की जायेगी? समय-सीमा बतायें।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) संचालनालय किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास भोपाल के कार्यालय के रिनोवेशन की वर्षवार स्‍वीकृत राशि की  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। पूर्व में वर्ष 2008-09 में स्‍वीकृत प्रोजेक्‍ट से इन्‍टीरियर डिजाईन का कार्य कराया गया था, जिसकी लाइफ बताया जाना संभव नहीं है। जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। कार्यालय भवन की मूल संरचना में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है। (ख) विन्‍ध्‍याचल भवन जर्जर होने संबंधी कोई सूचना प्राप्‍त नहीं है। जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। कार्यालय भवन में इन्‍टीरियर डिजाईन का कार्य राष्‍ट्रीय कृषि विकास योजना अंतर्गत तत्‍कालीन राजधानी परियोजना प्रशासन (सी.पी.ए.) वर्तमान में मध्‍यप्रदेश लोक निर्माण विभाग से कराया गया है। जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। कार्यालय भवन में इन्‍टीरियर डिजाईन का कार्य कराया गया है, जिसकी लाइफ बताया जाना संभव नहीं है। जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। (ग) विन्‍ध्‍याचल भवन को कंडम घोषित नहीं किया गया है, अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है।

अतिथि व्‍याख्‍याताओं के नियमितीकरण हेतु समिति का गठन

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा)]

15. ( क्र. 565 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या अतिथि व्‍याख्‍याताओं को अभी शास.पॉलिटेक्निक एवं इंजीनियरिंग महाविद्यालय में प्रतिदिन अध्‍यापन कार्य कराने पर 2000/- प्रतिदिन या अधिकतम मासिक 50,000/- दिया जा रहा है? (ख) क्‍या हरियाणा राज्‍य में प्रश्‍नांश (क) के आधार पर अतिथि व्‍याख्‍याताओं को नियमित करने की कार्यवाही की जा चुकी है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के अनुसार क्‍या म.प्र. उच्‍च शिक्षा विभाग ने भी उनके विभाग में कार्यरत अतिथि विद्वानों को नियमित करने एक समिति का गठन किया गया है? तो उसमें कौन-कौन हैं, जो इसका परीक्षण कर रिपोर्ट देंगे। (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बताएं कि तकनीकी शिक्षा विभाग में शास. पॉलिटेक्निक एवं शास.इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाने हेतु अतिथि व्‍याख्‍याताओं को नियमित करने प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या ऐसी समिति का गठन किया गया है? अगर नहीं तो कब तक गठन कर दिया जावेगा? निश्‍िचत समय-सीमा सहित बताएं कि कब तक  अतिथि व्‍याख्‍याताओं को नियमित कर दिया जावेगा, स्‍पष्‍ट एवं संपूर्ण जानकारी प्रदाय करें।

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्‍नांश अन्‍य राज्‍य से संबंधित होने के कारण विभाग में जानकारी संधारित नहीं है। (ग) जी हाँ। गठित समिति की  जानकारी संलग्न  परिशिष्‍ट  अनुसार है(घ) जी नहीं। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "दस"

फसल बुआई के समय किसानों को खाद उपलब्ध न होना

[सहकारिता]

16. ( क्र. 579 ) श्री बाबू जन्‍डेल : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) श्योपुर विधानसभा क्षेत्र की सेवा सहकारी मर्यादित समितियों में कितना-कितना डीएपी एवं यूरिया खाद उपलब्ध कराया गया? (ख) क्या शासन के पास किसी प्रकार के आंकड़ें उपलब्ध है कि किस समिति में कौन-कौन सी खाद कितनी-कितनी मात्रा में किसानों को आवश्यकता है। (ग) क्या यह भी सत्य है कि, गरीब किसान खाद के लिए 03-04 दिन तक लम्बी-लम्बी कतारों में रात-दिन लगकर खाद के लिए मजबूर है? (घ) क्या शासन बिचौलिया से आंतरिक समझौता कर जानबूझकर समितियों को समय पर पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं कराया जाता है? यदि नहीं, तो क्या खाद उपलब्ध हो इसके लिए सरकार कोई योजना बना रही है? (ड.) क्या यह सत्य है कि, श्योपुर में गरीब किसानों को खाद समय पर उपलब्ध हो इसके लिए जागरूक किसानों द्वारा आवाज उठाई गई यदि हाँ, तो उनके विरूद्ध प्रशासन द्वारा पुलिस प्रकरण पंजीबद्व कराये गये है? क्या शासन द्वारा ऐसे पुलिस प्रकरण निरस्त किये जावेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं तो क्यों?

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) श्योपुर विधानसभा क्षेत्र की बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में वर्ष 2025-26 में दिनांक 01.04.2025 से दिनांक 05.02.2026 तक यूरिया 16021.070 मे.टन एवं डीएपी 6496.250 मे.टन भंडारण कराया गया।          (ख) बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों द्वारा किसानवार, खादवार एवं मात्रावार जानकारी संधारित नहीं की जाती है। (ग) श्योपुर विधानसभा क्षेत्र की बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में खाद के लिये 3-4 दिन तक लंबी कतारों में लगने संबंधी शिकायतें संज्ञान में नहीं आई है। (घ) जी नहीं। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के पत्र क्र./ई-2/उर्व./पी-2/ई-विकास/2026/5063 भोपाल दिनांक 07.01.2026 के निर्देशानुसार जिले में ई-विकास (वितरण एवं कृषि आपूर्ति समाधान) प्रणाली के माध्यम से किसानों को दिनांक 15.01.2026 से           ई-टोकन से उर्वरक वितरण कराया जा रहा है जिससे किसानों को पारदर्शी एवं सुगम तरीके से खाद उपलब्ध हो रहा है। (ड.) पुलिस अधीक्षक जिला श्योपुर से प्राप्त जानकारी अनुसार खाद समस्याओं/वितरण के संबंध में 02 प्रकरण पंजीबद्ध हुए है जिसमें से 01 प्रकरण विवेचना में तथा दूसरा प्रकरण न्यायालय में लंबित है।

प्रधानमंत्री कृषि विकास योजना अंतर्गत मंडला जिले की जानकारी

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

17. ( क्र. 626 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री कृषि विकास योजना अंतर्गत मंडला जिले में वर्ष 2023-24 से प्रश्‍न दिनांक तक गठित क्लस्टरों की जानकारी, नाम स्थान एवं लाभान्वित किसानों की संख्या सहित उपलब्ध कराएं? योजना अंतर्गत किसानों को प्रति हेक्टेयर दी जाने वाली अनुदान राशि एवं अब तक वितरित कुल राशि का विवरण, किसान का नाम वितरित राशि सहित जानकारी उपलब्ध कराएं? अब तक कितने किसानों को जैविक प्रमाणन प्रदान किया गया हैं उनके नाम पता सहित जानकारी उपलब्ध कराएं? (ख) उक्त वर्षों में योजना अंतर्गत आयोजित किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम, क्षेत्रीय प्रदर्शन (डेमो प्लॉट) एवं जागरूकता कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराएं? क्लस्टर स्तर पर गठित किसान समूह/संगठन (एफपीओ/एफआईजी) के नाम स्थान सदस्यों की जानकारी एवं उनकी गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध कराएं? किसानों के जैविक उत्पादों की ब्रांडिंग एवं विपणन हेतु की गई कार्यवाही की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराएं? (ग) योजना अंतर्गत तैनात कर्मचारियों का विवरण एवं अब तक व्यय राशि का विवरण उपलब्ध कराएं? योजना अंतर्गत तैनात एलआरपी की जानकारी एवं उनको दिए गए मानदेय की माहवार जानकारी उपलब्ध कराएं?             (घ) जिले में योजना संचालन हेतु कौन-कौन सी संस्थाएं कार्य कर रही हैं, उनकी वर्षवार विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराएं? एफपीओ में किसानों को जोड़ने का क्या प्रावधान है? सरकार से इस हेतु कितनी सहयोग राशि प्राप्त हुई है? क्या किसानों से इस हेतु कोई राशि ली गई हैंयदि हाँ, तो क्यों और किस नियम के तहत?

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1  अनुसार है। योजनान्‍तर्गत पात्र किसानों को प्रति हेक्‍टेयर राशि रूपये 5000 प्रति हेक्‍टयर के मान से अधिकतम 2 हेक्‍टयर की सीमा में DBT in cash के माध्‍यम से अनुदान का प्रावधान है। 2661 किसानों को जैविक प्रमाण पत्र प्रदान किये गये है। किसानों को वितरित अनुदान राशि निरं‍क है। (ख) किसान प्रशिक्षण की  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। क्‍लस्‍टर हेतु किसान समूह संगठन FPO की  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के               प्रपत्र-अनुसार है। किसानों के जैविक उत्‍पादों की ब्रांडिंग एवं विपणन हेतु स्‍थानीय स्‍तर जैविक हाट बाजार में सहभागिता की जा रही है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एवं 5 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-6  अनुसार है। एफपीओ में किसानों को स्वैच्छिक आधार पर जोड़ा जाता है। एफपीओ द्वारा निर्धारित सदस्यता शुल्क की राशि किसानों द्वारा एफपीओ के बैंक खाते में जमा की जाकर सदस्यता प्राप्त की जाती है। पृथक से कोई राशि नहीं ली गई है।

रोजगार मेले में हुये व्यय एवं प्रदाय नौकरियां

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार)]

18. ( क्र. 650 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या राज्‍य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले में दिनांक 01.04.2021 से प्रश्‍न तिथि तक           किस-किस स्थान पर, किस-किस विभागों के द्वारा कितनी-कितनी राशि किस-किस मद में व्यय कर कब-कब रोजगार मेले का आयोजन किया गया? क्या रोजगार मेले का व्यय पूर्णतया शासन के विभाग वहन करते हैं? (ख) रोजगार मेला वर्ष 2026 क्या निजी यूनिवर्सिटी में आयोजित किया गया है? उक्त रोजगार मेले का व्यय किस-किस मद में शासन में कौन-कौन से विभाग एवं किस-किस मद में कितनी राशि निजी यूनिवर्सिटी व्यय कर रही है? मदवार/राशिवार/विभागवार दें? (ग) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित अवधि में किस-किस वर्ष में रोजगार मेलों में कौन-कौन सी कंपनियां आई? उन्होंने किस-किस नाम/पते वाले अभ्यर्थियों को किस पदनाम/वेतनमान पर किस स्थान पर नौकरी दी? प्रश्‍न तिथि तक क्या ये नौकरी प्राप्‍त अभ्यर्थी नौकरी कर रहे हैं या नौकरी से निकाल दिये गये हैं? प्रकरणवार जानकारी देंप्रत्येक वर्ष के रोजगार मेले प्राप्त रोजगार की प्रकरणवार जानकारी दें।

राज्‍य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) प्रश्‍नावधि में विभाग द्वारा सतना जिले में रोजगार मेलों पर व्‍यय की गई राशि की  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है  एवं आयोजित रोजगार मेलों की  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। जी हाँ, विभाग द्वारा आयोजित रोजगार मेलों में व्‍यय का वहन विभाग द्वारा किया जाता है। (ख) जी हाँ। इस रोजगार मेले के विभागीय व्‍यय की जानकारी निम्‍नानुसार है :-

क्र.

   मद संख्‍या

व्‍यय राशि

1.

0102- 7133-22-008 (अ.आ. व्‍यय)

6,00,000/-

2.

0101- 7133-22-010 (आ व्‍यय)

1,50,000/-

3.

0101- 7133-37-000 (मे.उ. प्र.)

3,00.000/-

निजी यूनिवर्सिटी द्वारा व्‍यय की गई राशियों की जानकारी संधारित नहीं की जाती है।                (ग) कम्‍पनियों के नाम, अभ्‍यार्थियों के नाम/पते, पदनाम एवं वेतनमान की  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। रोजगार मेलों में ऑफर लेटर प्राप्‍त होने के बाद अभ्‍यार्थियों के नियोजन की जानकारी संधारित नहीं की जाती है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता हैं।

जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक मर्यादित में निर्वाचित संचालक मण्‍डल

[सहकारिता]

19. ( क्र. 722 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक मर्यादित पन्‍ना में निर्वाचित संचालक मण्‍डल नहीं है? यदि हाँ, तो निर्वाचित संचालक मण्‍डल कब से नहीं है? क्‍या शासन द्वारा बैंक के कामकाज हेतु कोई पृथक से व्‍यवस्‍था की गई है? यदि हाँ, तो विवरण देवें। यदि नहीं, तो बैंक के संचालक मण्‍डल एवं प्रशासक के दायित्‍वों का निर्वाहन कैसे हो रहा है? (ख) क्‍या विषयांकित बैंक में निर्वाचित संचालक मण्‍डल न रहने के बाद बैंक के प्रशासक/माननीय कोर्ट कमिश्‍नर महोदय की बैठक, स्‍टाफ उप समिति की बैठक, लोन उप समिति की बैठक, निरंतर चल रही है? यदि हाँ, तो 2020 से अभी तक कितनी बैठकें हुई? बैठकों में कौन-कौन उपस्थित रहे? बैठक में लिये गये निर्णयों/कार्यवाही (कार्यवृत्‍त) की प्रतिलिपि एवं उनके क्रियान्‍यवयन हेतु जारी आदेशों की प्रतिलिपि उपलब्‍ध करावे। (ग) क्‍या विषयांकित बैंक के संचालक मण्‍डल एवं उप समितियों जैसे स्‍टाफ कमेटी, लोन कमेटी की बैठक में लिये गये निर्णय विधि सम्‍मत एवं सहकारी अधिनियम 1960 तथा बैंक उप विधि कर्मचारी सेवा नियमों के अनुकूल है? क्‍या उक्‍त बैठकों की कार्यवाही रजिस्‍ट्रार को प्राप्‍त होती है? यदि नहीं, तो क्‍यों? क्‍या आयुक्‍त सहकारिता एवं पंजीयक उक्‍त सभी बैठकों में लिये गये निर्णयों की वैधानिकता की जांच कर रिपोर्ट प्रस्‍तुत करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। निर्वाचित संचालक मण्डल मई 2015 से नहीं है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय दिनांक 15.05.2015 के द्वारा बैंक के कामकाज संचालन हेतु माननीय उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश को कोर्ट कमिश्‍नर नियुक्त किया गया है, वर्तमान में बैंक का कार्य संचालन माननीय कोर्ट कमिश्‍नर द्वारा ही किया जा रहा है।              (ख) जी हाँ, वर्ष 2020 से अभी तक कुल 85 बैठकें हुई हैं, जिसमें माननीय कोर्ट कमिश्‍नर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी उपस्थित रहे। बैंक के कामकाज हेतु माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशन में कोर्ट कमिश्‍नर की नियुक्ति की गई है, अतः कामकाज कमेटी के निर्णयों/कार्यवाही (कार्यवृत्त) की प्रतियों एवं क्रियान्वयन हेतु जारी आदेशों की प्रतियों माननीय सर्वोच्च न्यायालय की अनुमति प्राप्त होने पर प्रदाय की जा सकेंगी। (ग) जी हाँ, बैंक के माननीय कोर्ट कमिश्‍नर की बैठकों में लिये गये निर्णय विधि सम्मत एवं म.प्र. सहकारी सोसाइटी अधिनियम 1960 तथा बैंक की उपविधि एवं कर्मचारी सेवा नियमों के अनुकूल है, बैंक का निरीक्षण नाबार्ड के अधिकारियों एवं सांविधिक अंकेक्षक द्वारा प्रति वर्ष अंकेक्षण किया जाता है, जिसमें लिये गये निर्णयों एवं पालन के संबंध में किसी भी प्रकार की विपरीत टीप नहीं दी गई है। निर्णयों की प्रतियों रजिस्ट्रार को प्रेषित नहीं की गई, क्योंकि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा माननीय कोर्ट कमिश्‍नर की नियुक्ति की गई है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

आयुष स्वास्थ्य केन्द्रों में रिक्त पदों की पूर्ति

[आयुष]

20. ( क्र. 787 ) श्री विक्रम सिंह : क्या आयुष मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रामपुर बघेलान विधानसभा अंतर्गत कितने आयुष स्वास्थ्य केन्द्र स्थापित हैं? (ख) उक्त केन्द्रों में         कितने-कितने पद स्वीकृत हैं? (ग) इन पदों के विरूद्ध कितने पद भरे हुए हैं? कितने रिक्त हैं?             (घ) रिक्त पदों की पूर्ति कब तक कर दी जावेगी?

आयुष मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) 09 आयुष स्वास्थ्य केन्द्र स्थापित है। (ख) जानकारी संलग्न  परिशिष्ट '''' अनुसार(ग) जानकारी संलग्न  परिशिष्ट  '''' अनुसार(घ) पद पूर्ति सतत प्रक्रिया है समय बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "ग्यारह"

परिसमापक बैंकों के लंबित ऋणों की वसूली

[सहकारिता]

21. ( क्र. 841 ) श्री राजेन्‍द्र भारती : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि     (क) प्रदेश के जिला सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक बंद किये जा चुके हैं, यदि हाँ, तो प्रदेश के जिला बैंकों को किसानों से कितनी राशि लेना शेष है। ब्याज, मूलधन सहित जानकारी उपलब्ध करायें। क्या किसानों से ऋण वसूली में मूलधन, ब्याज में राहत प्रदाय की जा रही हैं यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्ध कराये और यदि नहीं, तो वर्षों से लंबित ऋण वसूली में राहत पर किसान हित में निर्णय किये जाने पर विचार कर रही हैं। यदि नहीं, तो कारण सहित अवगत कराने का कष्ट करें। (ख) बैंकों में प्रतिवर्ष होने वाले आय-व्यय का ऑडिट किया जाता था, यदि हाँ, तो जिला सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक दतिया के विगत 5 वर्षों में किस-किस  एजेन्सी/संस्था से ऑडिट कराया गया? नियुक्त ऑडिटरों के नियुक्ति पत्र वर्षवार उपलब्ध कराये तथा उपरोक्त कालखण्ड में प्रति वर्ष लिये गये ऑडिट आक्षेप एवं बैंक द्वारा दिये गये पालन प्रतिवेदनों की प्रति वर्षवार उपलब्ध करायें। (ग) क्या जिला बैंक दतिया में पदस्थ बैंक सेवायुक्‍तों के संविलियन से पूर्व कितने सेवायुक्‍तों का कितना-कितना वेतन भुगतान हेतु लंबित था सेवायुक्‍तवार जानकारी उपलब्ध कराये। (घ) क्या भुगतान हेतु लंबित वेतन के प्रति सेवामुक्‍तों को वेतन भुगतान ग्रेच्युटी एवं समूह बीमा किया गया है यदि हाँ, तो किस-किस सेवायुक्‍त को और कितनी-कितनी लंबित वेतन का भुगतान किया गया है सेवामुक्‍तवार जानकारी उपलब्ध कराये। क्या वेतन/स्वत्वों का भुगतान किया जाना शेष है? कारण सहित सेवायुक्‍तवार सूची उपलब्‍ध करायें।

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) प्रदेश की जिला सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंके वर्तमान में परिसमापन में है। जिला सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंकवार  जानकारी पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट  के प्रपत्र-1 अनुसार है। किसानों के हित में लागू की गई कालातीत ऋणों की वसूली हेतु लागू एकमुश्त समझौता योजना की अवधि समाप्त हो चुकी है। वर्तमान में यह योजना प्रचलित नहीं है। (ख) जी हाँ। वर्ष 2016-17 से जिला सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक मर्या. दतिया का अंकेक्षण लंबित है। विगत 05 वर्षों में नियुक्त ऑडिटरों/अंकेक्षकों के आदेश की  प्रतियां  पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट  के प्रपत्र- 2, 3, 4 एवं 5 अनुसार है। प्रश्‍नांकित कालखण्ड के अंकेक्षण लंबित होने से शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।                      (ग) जानकारी पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट  के प्रपत्र-6 अनुसार है। (घ) जिला सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक मर्या. दतिया के सेवायुक्तों को वेतन, ग्रेच्युटी और समूह बीमा के भुगतान हेतु शेष की  जानकारी पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट  के प्रपत्र-7 अनुसार है। वेतन/स्वत्वों की शेष राशि का भुगतान न होने का कारण बैंक का परिसमापन में होना, राशि की अनुपलब्‍धता, कृषकों से वसूली प्राप्त नहीं होना एवं ऋण वसूली हेतु बैंक में कर्मचारियों का न होना आदि है।

विज्ञान संकाय प्रारंभ किया जाना

[उच्च शिक्षा]

22. ( क्र. 859 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के अतारांकित प्रश्‍न क्र. 181 दिनांक 01 दिसम्‍बर 2025 के परिप्रेक्ष्‍य में अध्‍यक्ष जनभागीदारी समिति शासकीय महाविद्यालय बरेला के पत्र दिनांक 23 जनवरी 2023 एवं प्राचार्य शासकीय महाविद्यालय बरेला के पत्र क्र. 191 दिनांक 28 जून 2025 के अनुसार बरेला महाविद्यालय में विज्ञान संकाय हेतु संरचना निर्मित की गई है एवं क्षेत्र के विज्ञान संकाय के लगभग 250 विद्यार्थी उत्‍तीर्ण होकर प्रतिवर्ष जबलपुर पढ़ने जाते हैं? (ख) क्‍या महाविद्यालय में नवीन संकाय प्रारंभ करने हेतु विभागीय मापदण्‍डों के अनुसार कॉलेज की मान्‍यता, भूमि एवं भवन, प्रयोगशालायें, पुस्‍तकालय, छात्र सुविधायें, प्रवेश मापदण्‍ड की पूर्ति होती है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या वित्‍तीय संसाधन की पूर्ति शासन स्‍तर से की जा सकती है?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं। अभी महाविद्यालय में विज्ञान संकाय प्रारंभ नहीं किया गया है। विज्ञान संकाय हेतु मापदण्‍ड अनुसार निर्धारित अधोसरंचना निर्मित नहीं है। जी हाँ। (ख) महाविद्यालय में नवीन संकाय हेतु जो विभागीय मापदण्‍ड निर्धारित हैं, उनकी पूर्ति होती है। (ग) वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धता के आधार पर विचार किया जाएगा।

मजदूरी भुगतान समय पर नहीं किया जाना

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

23. ( क्र. 878 ) श्री अभय मिश्रा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित रोजगार गारंटी योजना अन्तर्गत श्रमिकों को एक वर्ष में कितने दिन काम दिये जाने के निर्देश हैं? शासन की प्रति देते हुये बतावें वर्तमान में वर्ष 2023 से प्रश्‍नांश दिनांक के दौरान कितने श्रमिकों को काम दिया गया का विवरण जिलेवार देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार कार्यरत श्रमिकों को उनके मजदूरी का भुगतान कब-कब, किन-किन महीनों में कितनी-कितनी राशि का किया गया एवं कितनी मजदूरी लंबित है का विवरण प्रश्‍नांश (क) की अवधि अनुसार जिलेवार देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार संचालित योजना में श्रमिकों को कार्य के दौरान मिलने वाली सुविधाओं का उल्लेख करते हुये बतावें कि इस बाबत् राशि किन मदों से प्राप्त हो रही है? प्राप्त राशि से सुविधाएं उपलब्ध कराई गई/कराई जा रही है, इस बाबत् व्यय राशि की जानकारी पृथक से जिलेवार कार्यवार देवें। (घ) प्रश्‍नांश (क) अनुसार श्रमिकों को शासन के निर्देशों अनुसार निर्धारित दिनों का कार्य नहीं दिया गया श्रमिक/मजदूर पलायन किये इसके लिये कौन-कौन उत्तरदायी है? उनके पदनाम सहित उन पर कार्यवाही के क्या निर्देश देंगे? बतायें। यह भी बतायें कि इन श्रमिकों की मजदूरी समय से नहीं दी गई आज भी मजदूरी लंबित है तो क्यों? इस पर कार्यवाही के क्‍या निर्देश देंगे? बतावें। अगर नहीं तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) महात्‍मा गांधी राष्‍ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 के अध्‍याय 2 की कंडिका 3 (1) अनुसार पंजीकृत जॉबकार्डधारी परिवारों के वयस्‍क सदस्‍यों को कार्य की मांग करने पर एक वित्‍तीय वर्ष में 100 दिवस (वार्षिक मास्‍टर परिपत्र  2024-25 की कंडिका 4.2.2 अनुसार वनाधिकार पत्र धारकों को अतिरिक्‍त 50 दिवस) का रोजगार दिये जाने का प्रावधान है। नियम की प्रति पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट – '' अनुसार है। वर्ष 2023 से प्रश्‍नांश तक श्रमिकों की संख्‍या जिन्‍हें काम दिया गया है, जिलेवार विवरण नरेगा पोर्टल https://nrega.nic.in की रिपोर्ट R.5.1.1 पर है। पोर्टल पर जानकारी देखने संबंधी फ्लोचार्ट पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट - '' अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार मनरेगा अंतर्गत कार्यरत श्रमिकों को उनके मजदूरी का भुगतान की माहवार/वर्षवार भुगतान/लंबित राशि का जिलेवार विवरण नरेगा पोर्टल https://nrega.nic.in की रिपोर्ट S – 6.18 एवं R.7.1.1 पर है। पोर्टल पर जानकारी देखने संबंधी फ्लोचार्ट पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट- '' अनुसार है। (ग) महात्‍मा गांधी राष्‍ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 की अनुसूची 2 की कंडिका 27 एवं 28 अनुसार मनरेगा अंतर्गत कार्यरत श्रमिकों को कार्यस्थल पर सुविधाएं उपलब्‍ध कराये जाने का प्रावधान है। श्रमिकों को कार्यस्थल पर सुविधाओं पर होने वाला व्‍यय प्रशासनिक व्यय पर भारित होता है। व्‍यय राशि की जानकारी नरेगा पोर्टल https://nrega.nic.in की रिपोर्ट R. 7.1.1 पर है। पोर्टल पर जानकारी देखने संबंधी फ्लोचार्ट पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट- '' अनुसार है। (घ) मनरेगा मांग आधारित योजना है। जॉबकार्डधारी श्रमिकों द्वारा रोजगार की मांग करने पर रोजगार उपलब्‍ध कराया जाता है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

कृषकों को योजना अंतर्गत प्रदाय अनुदान

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

24. ( क्र. 918 ) श्री सुदेश राय : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सीहोर के विधानसभा क्षेत्र सीहोर को विभाग से वर्ष 2018-19 से           2024-25 तक कितना-कितना बजट किस-किस योजना के लिये प्राप्त हुआ तथा वर्षवार योजनानुसार कितना व्यय किया गया? सूची उपलब्ध करावें। (ख) वर्ष 2014-15 से 2018-19 तक कृषकों को योजनावार कितनी-कितनी अनुदान राशि किस-किस योजना के अन्तर्गत प्रदान की गई है। योजनावार कृषकगणों की सूची उपलब्ध करावें?

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) :(क) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है।

कर्मचारियों द्वारा किए गए भ्रष्टाचार की जांच

[सहकारिता]

25. ( क्र. 941 ) श्री विपीन जैन : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                  (क) केंद्रीय सहकारी बैंक मर्यादित मंदसौर में वर्ष 2011 से 2015 तक अनियमितता, गबन की शिकायत बैंक अधिकारियों, कर्मचारियों के विरुद्ध शिकायतें संयुक्त पंजीयक सहकारिता उज्जैन व रजिस्ट्रार सहकारिता को प्राप्त हुई थी, शिकायतकर्ता का नाम, किसके विरुद्ध शिकायत की गई, शिकायत किस बावत की गई थी, शिकायत की दिनांक, किस अधिकारी को शिकायत प्राप्त हुई थी इसका संपूर्ण विवरण देवें। (ख) उक्त शिकायतों पर सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने क्या विभागीय जांच करवाई है? (ग) यदि हाँ, तो जांच प्रतिवेदन में किस अधिकारी, कर्मचारी को दोषी पाया गया है और उस पर क्या कार्रवाई की गई है? (घ) क्या जांच में दोषी पाए जाने पर ऐसे अधिकारी, कर्मचारी पर क्या कार्रवाई की गई है क्या राशि वसूल कर ली गई है या FIR दर्ज कराई गई है इसका संपूर्ण विवरण देवें।

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जानकारी पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट  के  प्रपत्र–1 अनुसार है(ख) जी हाँ। (ग) जानकारी पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट  के प्रपत्र–1 एवं 2 अनुसार है(घ) जी हाँ, विभागीय कार्यवाही, वसूली एवं एफ.आई.आर. की  जानकारी पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट  के प्रपत्र –1 एवं 2 अनुसार है।

सब्‍सिडी से संबंधित योजनाओं की जानकारी

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

26. ( क्र. 951 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृषि विभाग अंतर्गत पूर्व में कौन-कौन सी सब्‍सिडी से संबंधित योजनाएँ प्रचलन में थी, जिन्हें बंद कर दिया गया है? योजना के नाम सहित जानकारी उपलब्ध करावे व योजना बंद करने का कारण स्पष्ट करें। (ख) कृषि विभाग अंतर्गत वर्तमान में कौन-कौन सी सब्‍सिडी से संबंधित योजनाएँ प्रचलन में है? योजना के नाम सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) हरदा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत किन-किन लोगों को वर्तमान में सब्‍सिडी से संबंधित योजना का लाभ दिया गया है? हितग्राही के नाम/पते सहित जानकारी उपलब्ध करावें।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) :(क) विभाग अंतर्गत वित्‍तीय वर्ष 2021-22 से वर्तमान वित्‍तीय वर्ष तक कोई योजना बंद नहीं की गई है। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (ख) विभाग अंतर्गत वर्तमान में सब्सिडी से संबंधित प्रचलित योजनाओं की  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। शेष  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

 

पंचायत एवं सामुदायिक भवन बनाने की स्‍वीकृति

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

27. ( क्र. 1203 ) श्री विश्वामित्र पाठक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि  (क) क्या सीधी एवं सिंगरौली जिले में जिन पंचायतों में पंचायत भवन एवं सामुदायिक भवन निर्मित है उन्हीं पंचायतों में फिर से पंचायत एवं सामुदायिक भवन स्वीकृत किये गये हैं?                      (ख) प्रश्‍नांश () में यदि हाँ, तो जहाँ पंचायत भवन विद्यमान है वहीं दूसरे पंचायत भवन की स्वीकृति एवं जिन पंचायतों की जनसंख्या 05 हजार से कम है वहीं दूसरे सामुदायिक भवन की स्वीकृति के क्या कारण हैं? (ग) जिला सीधी-सिंगरौली में जिन पंचायतों में पंचायत भवन निर्मित नहीं है या क्षतिग्रस्त हो गये हैं एवं सामुदायिक भवन नहीं है? वहां पर पंचायत भवन एवं सामुदायिक भवन कब तक स्वीकृत किये जायेंगे? समय-सीमा बतायें।

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी नहीं। जिला सीधी में ऐसी कोई स्थिति नहीं है। जिला सिंगरौली में पूर्व से निर्मित 7 पंचायत भवन जर्जर एवं अपर्याप्‍त स्‍थान होने से नवीन पंचायत भवन स्‍वीकृत किये गये है, साथ ही ग्राम पंचायत की जनसंख्‍या एवं मजरे टोलो की दूरी व अपर्याप्‍त स्‍थान होने से नवीन सामुदायिक भवन स्‍वीकृत किये गये है। जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट '' एवं '' अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश (क) अनुसार। (ग) बजट की उपलब्‍धता के आधार पर नवीन कार्य स्‍वीकृत किये जाते है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

नियम विरुद्ध सभापति की नियुक्ति

[उच्च शिक्षा]

28. ( क्र. 1250 ) श्री राजन मण्‍डलोई : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के अतारांकित प्र.क्र.-349 उत्तर दिनांक 01/12/2025 के संदर्भ में मध्यप्रदेश निजी विश्‍वविद्यालय विनियामक आयोग भोपाल में प्रोफेसर खेमसिंह डेहरिया को सभापति नियुक्त किये जाने की जानकारी दी गई थी? (ख) यदि हाँ, तो सभापति पद की नियुक्ति हेतु दिनांक 16/05/2025 को दैनिक भास्कर भोपाल में विज्ञापन देकर आवेदन आमंत्रित किये गये थे जिसमें आवश्यक शर्त रखी गई थी कि कोई ऐसा व्यक्ति जिसने म.प्र. निजी विश्‍वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन अधिनियम 2007 के अधीन स्थापित निजी विश्‍वविद्यालय में या राज्य के बाहर किसी भी अधिनियम के अधीन स्थापित किसी निजी विश्‍वविद्यालय में पद धारण कर रहा/चुका है। सभापति/सदस्य/सचिव पद पर नियुक्ति हेतु पात्र नहीं होगा? (ग) यदि हाँ, तो क्या विधानसमा अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक-2407 उत्तर दिनांक 15 जुलाई 2025 में यह जानकारी दी गई थी कि पीपुल्स युनिवर्सिटी में डॉ. खेमसिंह डेहरिया के नियुक्ति किये जाने की जानकारी दी गई थी?                (घ) यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश  (ख) में दी गई आवश्यक शर्त के विरुद्ध डॉ. खेमसिंह खेमरिया की नियुक्ति किस नियम/अधिनियम के आधार पर गई है? यदि यह नियुक्ति नियम विरुद्ध की गई है तो क्या इस नियुक्ति को निरस्त करते हुये संबंधित दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) से (ग) जी हाँ। (घ) मध्‍यप्रदेश निजी विश्‍वविद्यालय (स्‍थापना एवं संचालन) अधिनियम, 2007 की धारा 36 के प्रावधानों के अनुसार प्रोफेसर खेमसिंह डेहरिया को सभापति नियुक्‍त किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

छात्रावास का संचालन

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार)]

29. ( क्र. 1261 ) श्री कुँवर सिंह टेकाम : क्या राज्‍य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी जिले के अंतर्गत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान मझौली में कब से संचालित है? कौन-कौन से ट्रेड संचालित है? पूर्ण जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्‍नांश () के संदर्भ में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिये छात्रावास भवन का निर्माण कराया गया है? यदि हाँ, तो जानकारी उपलब्ध करायें। कितने छात्र-छात्राओं को  छात्रावास में प्रवेश दिया गया है? जानकारी उपलब्ध करायें। यदि छात्रावास में प्रवेश नहीं दिया गया है? तो कारण बतायें। (ग) प्रश्‍नांश () के संदर्भ में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिये निर्मित छात्रावास भवनों का संचालन कब तक प्रारम्भ कराया जायेगा? समय-सीमा बतायें।

राज्‍य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) सीधी जिले के अंतर्गत शासकीय आई.टी.आई., मझौली वर्ष 2015 से संचालित है। जानकारी संलग्न  परिशिष्‍ट  अनुसार है(ख) जी हाँ। शासकीय आई.टी.आई., मझौली में छात्रावास भवन का निर्माण 2020 में किया गया है। वर्तमान में छात्रावास संचालित है, किन्‍तु छात्र-छात्राओं के छात्रावास के लिये आवेदन प्राप्‍त न होने के कारण छात्रावास में प्रवेश की जानकारी निरंक है। शेष का प्रश्‍न का उपस्थित नहीं होता है।  (ग) उत्‍तरांश () के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "बारह"

महाविद्यालयों में पदपूर्ति एवं भवन का निर्माण

[उच्च शिक्षा]

30. ( क्र. 1262 ) श्री कुँवर सिंह टेकाम : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी जिले में संचालित शासकीय महाविद्यालय मड़वास एवं कुसमी में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के कितने पद (आउटसोर्स) स्वीकृत हैं? पदवार जानकारी उपलब्ध करावें। आउटसोर्स से स्वीकृत पदों के विरुद्ध कितने पदों पर प्रश्‍न दिनांक तक नियुक्ति की गई है? पदवार जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्‍नांश () के संदर्भ में आउटसोर्स पदों के पदों की प्रतिपूर्ति नहीं की गयी है? यदि हाँ, तो इसके लिये कौन-कौन उत्तरदायी है? दोषियों के विरुद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी? आउटसोर्स की पद पूर्ति कब तक कर दी जावेगी? समय-सीमा बतायें। (ग) प्रश्‍नांश () के संदर्भ में शासकीय महाविद्यालय मड़वास के लिये भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है? यदि हाँ, तो स्वीकृत राशि एवं दिनांक सहित जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) प्रश्‍नांश () के संदर्भ में भवन का निर्माण कार्य प्रश्‍न दिनांक तक प्रारम्भ नहीं किया गया है? यदि हाँ, तो कारण सहित जानकारी उपलब्ध करायें। भवन का निर्माण कब तक प्रारम्भ कर दिया जायेगा? समय-सीमा बतायें।

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट  अनुसार है। (ख) जी हाँ। म.प्र. शासन उच्च शिक्षा विभाग, मंत्रालय भोपाल के पत्र दिनांक 25.08.2021 के द्वारा समस्त अग्रणी प्राचार्य शासकीय महाविद्यालयों को आउटसोर्स के स्वीकृत पदों पर कार्यवाही किये जाने हेतु लिखा गया था। प्राचार्य प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, संजय गांधी स्मृति शासकीय महाविद्यालय सीधी द्वारा कार्यालय के पत्र दिनांक 06.09.2024 को सैडमेप कार्यालय को मांग पत्र प्रेषित किया गया एवं पत्र दिनांक 08.11.2024 के द्वारा अनुबंध प्रेषित किया गया है। प्राचार्य के मांग पत्र अनुसार नोडल अधिकारी सेडमैप (मेनपावर) भोपाल द्वारा आउटसोर्स के स्वीकृत पदों की पूर्ति हेतु दिनांक 06.02.2026 को साक्षात्कर आयोजन किया गया। ऐसी स्थिति में दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। पद पूर्ति सतत प्रक्रिया है। आउसोर्स के पदों की पद पूर्ति किये जाने की निश्‍िचत समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। (ग) जी नहीं। अतः शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्‍तरांश (ग) के संदर्भ में कार्य प्रारंभ होने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

फर्जी अंकसूची पर कार्यवाही किया जाना

[सहकारिता]

31. ( क्र. 1275 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला छतरपुर में सरकारी समिति सेंधपा में पदस्थ रहे प्रभारी समिति प्रबंधक राजमहेंद्र सिंह एवं सेवा सहकारी समिति रामटोरिया में समिति प्रबंधक यादवेंद्र सिंह दोनों की कक्षा 12वीं की अंकसूची में केवल नाम पिता के नाम के अलावा दोनों की अंकसूची एक जैसी है दोनों अंकसूची की सत्यापित प्रतिलिपि उपलब्ध करवाने की कृपा करें? (ख) यदि अंकसूची एक जैसी है तो दोनों में से कौन सी अंकसूची फर्जी है एवं संस्थापक के विरुद्ध आज दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? (ग) यदि कार्यवाही की गई है तो क्‍या? नहीं की गई है तो कब तक कार्यवाही की जावेगी? समय-सीमा बताने की कृपा करें।

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जिला छतरपुर में सहकारी समिति सेंधपा में पदस्थ रहे प्रभारी समिति प्रबंधक राजमहेंद्र सिंह एवं सेवा सहकारी समिति रामटोरिया में पदस्थ समिति प्रबंधक यादवेंद्र सिंह, दोनों की कक्षा 12वीं की अंकसूची एक जैसी नहीं है। अंक सूचियों की सत्यापित प्रतिलिपियां  संलग्न  परिशिष्ट  अनुसार है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश () के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "तेरह"

संचालक मण्‍डल के भंग होने के पश्‍चात कार्यरत होना

[सहकारिता]

32. ( क्र. 1293 ) श्रीमती अर्चना चिटनीस : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न क्र.177 दिनांक 01.12.2025 के भाग (ख) में यह स्वीकार किया गया है कि अधिनियम धारा 53 (1) (ए/क से सी/ग) नवलसिंह सहकारी शक्कर कारखाना संचालक मंडल बुरहानपुर कर्तव्यों का पालन करने में उपेक्षावान होने से दिनांक 12.11.2021 को भंग किया गया है? यदि हाँ, तो संचालक मंडल दिनांक 19.07.2023 तक किस नियमों के आधार पर कार्यरत रहा? (ख) क्या संचालक मंडल ने दिनांक 12.11.2021 को भंग होने के पश्‍चात दिनांक 19.07.2023 तक कार्यरत रहते हुए लिए गए निर्णयों जैसे विभिन्न खरीदी व विक्रय (शक्कर, मोलासीस, बगास आदि) खरीदी बिलों का भुगतान किया है? यदि हाँ, तो किन अधिनियमों के तहत किया गया? विस्तृत ब्यौरा उपलब्ध कराए। यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें। (ग) क्या भंग मंडल द्वारा प्रश्‍नांश (ख) में लिए गए निर्णयों की वरिष्ठ कार्यालय के सक्षम अधिकारियों से सूक्ष्म जांच कर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्‍िचत करेगा? यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें।

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। संयुक्त पंजीयक सहकारी संस्थाएं, इंदौर संभाग इंदौर के आदेश दिनांक 12.11.2021 के विरूद्ध संचालक मंडल द्वारा माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में दायर याचिका क्रमांक 25462/2021 में पारित स्थगन आदेश दिनांक 03.12.2021 के आधार पर संचालक मंडल कार्यरत रहा। (ख) उत्तरांश () के परिप्रेक्ष्य में कारखाना के संचालक मंडल, कारखाना की उपविधि में संचालक मंडल को प्रदत्त अधिकार एवं गठित उप समिति द्वारा लिये गये निर्णयों की पुष्टि संचालक मंडल द्वारा की गई है। व्यय का विस्तृत ब्यौरा  पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट  अनुसार है। (ग) उत्तरांश () एवं () के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा किये जा रहे कार्य

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

33. ( क्र. 1458 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) क्‍या श्री देवानंद शुक्‍ला पूर्व ए.ई. (सहायक यंत्री) जनपद पंचायत में वर्ष 2019 से 2021 तक पदस्‍थ रहे हैं एवं इनके विरूद्ध एन.एल.एम. की जांच में वसूली निकाली गई थी। यदि हाँ, तो कितनी? (ख) क्‍या श्री शुक्‍ला के विरूद्ध विभागीय जांच में कमिश्‍नर सागर द्वारा दोष मुक्‍त किया है जबकि जांचकर्ताओं द्वारा चेकडेम जैसे पक्‍की संरचनाओं के भौतिक परीक्षण किया जाना व्‍यवहारिक नहीं है ऐसा लिखकर दोष मुक्‍त कराया गया है? (ग) चेकडेम निर्माण अनु.जाति बस्‍ती के पास नादियां चेकडेम निर्माण राजपूत के खेत पास नादिया चेकडेम निर्माण स्‍वामी साहू के खेत के पास वर्माडांग, इसकी आज भी जांच की जा सकती है यदि नहीं, तो क्‍या यह भ्रष्‍टाचार को बढ़ावा देना नहीं है? (घ) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित कार्यपालन यंत्री अभी भी कार्यरत हैं। यदि हाँ, तो इन्‍हें कब तक पद से अलग कर इनकी विस्‍तृत जांच की जावेगी यदि नहीं, तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) श्री देवानन्‍द शुक्‍ला तत्‍का. सहायक यंत्री जनपद पंचायत जतारा में दिनांक 30.11.2019 से दिनांक 02.09.2021 तक पदस्‍थ रहे हैं। इनके विरूद्ध एन.एल.एम. जांच में कोई भी वसूली नहीं निकाली गई है। (ख) जी हाँ, श्री शुक्‍ला के विरूद्ध विभागीय जांच में कमिश्‍नर सागर द्वारा आदेश क्रमांक 1240 दिनांक 13.05.2025 के अनुसार          दोषमुक्‍त किया गया है। अधीक्षण यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा मंडल सागर से प्राप्‍त अभिमत अनुसार ''श्री शुक्‍ला के द्वारा अपने पदीय दायित्‍वों का निर्वहन करते हुए कार्य का क्रियान्‍वयन एवं सत्‍यापन उपरांत पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किया गया है, अत: श्री शुक्‍ला की भूमिका असंदिग्‍ध है। '' इसलिए ही कार्यालय कमिश्‍नर सागर संभाग सागर के आदेश क्रमांक/1240/चार-2/वि.जा./2024 दिनांक 13.05.2025 द्वारा ''श्री शुक्‍ला के विरूद्ध प्रचलित अनुशासनात्‍मक कार्यवाही इसी स्‍तर पर समाप्‍त की जाती है'' का आदेश पारित किया गया था। (ग) अधीक्षण यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा मंडल सागर द्वारा पत्र क्रमांक 712/स्‍था./ई-1/ग्रायांसे./2025 दिनांक 05.05.2025 के माध्‍यम से कमिश्‍नर सागर संभाग सागर को प्रेषित अभिमत में लेख किया गया है कि ''श्री शुक्‍ला के द्वारा अपने पदीय दायित्‍वों का निर्वहन करते हुए कार्य का क्रियांवयन एवं सत्‍यापन उपरांत पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किया गया है, अत: श्री शुक्‍ला की भूमिका असंदिग्‍ध है'', इसलिए कार्य के संबंध में पुन: जांच करने का प्रश्‍न नहीं उठता है। (घ) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित प्रभारी कार्यपालन यंत्री के पद पर दिनांक 27.06.2025 से कार्यरत हैं। चूंकि श्री शुक्‍ला के विरूद्ध प्रचलित अनुशासनात्‍मक कार्यवाही को जांच उपरांत ही कार्यालय कमिश्‍नर सागर संभाग सागर द्वारा पारित आदेश क्रमांक 1240 दिनांक 13.05.2025 द्वारा समाप्‍त किया जा चुका है, इसलिए श्री शुक्‍ला को पद से अलग कर विस्‍तृत जांच करने का प्रश्‍न नहीं उठता है।

आर.ई.एस. विभाग में व्‍याप्‍त भ्रष्‍टाचार

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

34. ( क्र. 1459 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) क्या टीकमगढ़ एवं निवाड़ी जिले में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग में आनलाइन पद्धति से प्राप्त निविदा दर में लगभग 35 प्रतिशत का अंतर है यदि नहीं, तो ग्राम अजनोर, अचर्रा, कंजना, देरी एवं अनंतपुरा के खेल मैदानों की ऑफलाइन निविदा एस.ओ.आर. से एक प्रतिशत कम दर पर एवं ऑनलाइन निविदा अति. कक्ष अटल ट्रेकिंग लैब की निविदायें 35 प्रतिशत कम दर पर क्यों प्राप्त हुई? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) में वर्णित तथ्य सही है तो ऑफलाइन स्वीकृति कर शासन को हानि पहुंचाने वाले कर्मचारी अधिकारी का नाम बतावें? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में वर्णित कर्मचारी अधिकारी के विरूद्ध शासन के क्षति पहुंचाने के कारण क्या कार्यवाही की जावेगी? (घ) टीकमगढ़ एवं निवाड़ी जिले में वर्ष 24-25 एवं 25-26 में कुल कितने काम ऑफलाईन और कितने काम ऑनलाइन किये गये पृथक-पृथक जानकारी विवरण दें?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। (ख) ग्राम अजनोर, अचर्रा, कंजना, देरी एवं अनंतपुरा के खेल मैदानों की ऑफलाइन निविदा की अंतर्गत न्‍यूनतम दर 0.10 प्रतिशत कम एवं अधिकतम 0.95 प्रतिशत कम प्राप्‍त हुई है। ऑनलाइन निविदा अंतर्गत न्‍यूनतम दर 10.60 प्रतिशत कम एवं अधिकतम 37.71 प्रतिशत कम प्राप्‍त हुई है। ऑनलाइन एवं ऑफलाइन निविदा में निविदाकार द्वारा डाली गई दर पर विभाग का कोई नियंत्रण नहीं होता है एवं निविदा मूल्‍यांकन समिति द्वारा पूरी प्रक्रिया का परीक्षण कर निविदा दर स्‍वीकृति की अनुशंसा की जाती है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्‍तरांश  (ख) के क्रम में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।             (घ) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- '' एवं '' अनुसार है।

गोटेगाँव विधानसभा क्षेत्र में आयुष चिकित्सा सेवाएं

[आयुष]

35. ( क्र. 1539 ) श्री महेन्‍द्र नागेश : क्या आयुष मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                    (क) क्या विधानसभा क्षेत्र गोटेगाँव में आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी चिकित्सा से संबंधित शासकीय आयुष औषधालयों में चिकित्सकीय स्टाफ की उपलब्धता पर्याप्त है? (ख) यदि नहीं, तो वर्तमान स्थिति का विवरण क्या है? (ग) क्या उक्त क्षेत्र में आयुष चिकित्सा सेवाओं के विस्तार, रिक्त पदों की पूर्ति एवं औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु कोई प्रस्ताव अथवा कार्ययोजना शासन स्तर पर विचाराधीन है? (ग) यदि हाँ, तो उसकी संभावित समय-सीमा क्या है?

आयुष मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। (ख) वर्तमान में पदस्‍थ शासकीय सेवकों की जानकारी  संलग्‍न परिशिष्‍ट  अनुसार है(ग) आयुष चिकित्‍सा अधिकारी के रिक्‍त 195 पदों का विज्ञापन मध्‍यप्रदेश लोक सेवा आयोग को प्रेषित किया गया। रिक्‍त पदों की पूर्ति एवं औषधी क्रय सतत प्रक्रिया है। (घ) निश्‍िचत समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "चौदह"

जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्‍वविद्यालय की ब्लॉक ग्रांट में वृद्धि

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

36. ( क्र. 1591 ) श्री गोपाल भार्गव : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्‍वविद्यालय, जबलपुर को विगत 05 वर्षों में कितना ब्लॉक ग्रांट वर्षवार जारी किया गया हैं? (ख) क्या जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्‍वविद्यालय की देयतायें उन्हें प्राप्त होने वाली आय तथा शासन प्रदत्त राशि से पूरी नहीं हो पा रही है। इसके लिये शासन की क्या योजना है? कृषि विश्‍वविद्यालय द्वारा स्वयं की आय बढ़ाये जाने के लिए अब तक क्या कार्यवाही की गई है, उसका विवरण दिया जावें? (ग) क्या जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्‍वविद्यालय द्वारा विगत 03 वर्षों में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद एवं किसी अन्य को कौन-कौन से प्रस्ताव शोध कार्यों के लिये प्रेषित किये गये है। अद्यतन सूची प्रस्तुत की जाये तथा प्रत्येक प्रकरण में कार्यवाही की स्थिति स्पष्ट की जायें? (घ) क्या प्रदेश में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा पोषित कृषि विज्ञान केन्द्रों में शैक्षणिक तथा गैर शैक्षणिक संवर्ग को विगत कुछ समय से पूर्ण वेतन परिलब्धियां तथा अन्य अनुषांगिक भुगतान नहीं हो रहा है वस्तुस्थिति स्पष्ट की जाये तथा इस संबंध में कृषि विश्‍वविद्यालय तथा राज्य शासन द्वारा क्या कार्यवाही की गई है?

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। (ख) जी हाँ। प्रतिवर्ष बजट प्रस्ताव वित्त विभाग को प्रेषित किया जाता है। स्वंय की आय बढ़ाये जाने हेतु किये गए प्रयास अंतर्गत कन्सलटेन्सी प्रोसेसिंग सेल एवं प्रक्षेत्र से आय बढ़ाये जाने का प्रयास किया जा रहा है तथा शैक्षणिक फीस में 10 प्रतिशत वृद्धि करने का प्रस्ताव हैं। (ग) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। (घ) कृषि प्रौ‌द्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जबलपुर (अटारी) द्वारा दोनों कृषि विश्‍वविद्यालय-जवाहरलाल नेहरु कृषि विश्‍वविद्यालय, जबलपुर एवं राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्‍वविद्यालय, ग्वालियर के अंतर्गत संचालित कृषि विज्ञान केन्द्रों में कार्यरत कर्मियों के लिए वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 (जनवरी, 2026) के दौरान वेतन एवं भत्‍ते के मद में वर्षवार क्रमशः कुल रूपये 64.02 करोड़, 49.78 करोड़ एवं 76.91 करोड़ की राशि विमोचित की गई। विमोचित वेतन एवं भत्ते की राशि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद्, नई दिल्ली एवं दोनों कृषि विश्‍वविद्यालयों के बीच कृषि विज्ञान केन्द्र स्थापना के दौरान हस्ताक्षर किए गए समझौता ज्ञापन के नियम व शर्तों के साथ-साथ समय-समय पर जारी किये गए दिशा-निर्देशों के आधार पर की गई  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है।

जिला/जनपद पंचायत में कर्मचारियों को पेंशन का भुगतान

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

37. ( क्र. 1635 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2005 के पूर्व पदस्थ जिला/जनपद पंचायत के मूल कर्मचारियों को सेवानिवृत्त उपरांत शासन द्वारा कौनसी पेंशन योजना में शामिल किया गया है? (ख) वर्ष 2005 के पूर्व पदस्थ जिला/जनपद पंचायत के मूल कर्मचारियों को सेवानिवृत्त उपरांत किसी भी पेंशन योजना में शामिल नहीं किया है तो ऐसे कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति उपरांत जीवन यापन हेतु उन्हें कौन सी पेंशन योजना में शासन द्वारा शामिल/लाभांवित किए जाने का प्रावधान/विचार किया जा रहा है?                      (ग) शासन के विभाग मण्डी, निगम, नगरपालिका, नगर परिषद, राज्य विधि सेवा प्राधिकरण जैसे स्थानीय निकाय के कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति उपरांत शासन द्वारा पेंशन स्कीम 1976 का लाभ दिया जा रहा है तो पंचायत के स्थानीय निकाय, जिला/जनपद पंचायत के मूल कर्मचारियों को पेंशन योजना 1976 का लाभ क्यों नहीं दिया जा रहा है? पंचायत के स्थानीय निकाय जिला/जनपद पंचायत के मूल कर्मचारियों के लिए शासन द्वारा पेंशन स्कीम 1976 को लागू करने व लाभ प्रदान किए जाने में विलम्ब क्यों किया जा रहा है यदि उन्हे पेंशन स्कीम 1976 का लाभ दिया जायेगा तो शासन द्वारा कब तक आदेश कर दिये जायेंगे?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) वर्ष 2005 के पूर्व पदस्थ जिला/जनपद पंचायत के कर्मचारियों को किसी भी पेंशन योजना में शामिल नहीं किया गया है। (ख) वर्ष 2005 के पूर्व पदस्थ जिला/जनपद पंचायत के मूल कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति उपरांत सीपीएफ (CPF) योजना अंतर्गत प्रतिमाह की गई कटौत्रा राशि एकमुश्‍त प्रदान की जाती है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) पंचायतों के वित्‍तीय संसाधन सीमित होने से जिला/जनपद पंचायत के मूल कर्मचारियों की सेवा-शर्तों में पेंशन का प्रावधान नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

जनपद पंचायतों में स्‍वीकृत पद एवं रिक्‍त पदों की जानकारी

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

38. ( क्र. 1700 ) श्री जगन्‍नाथ सिंह रघुवंशी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश पंचायती राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 69 (4) के तहत जनपद पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद रिक्‍त होने पर विहित प्राधिकारी द्वारा अस्थायी व्यवस्था का प्रावधान है; क्या जिला कलेक्टर इस हेतु विहित प्राधिकारी हैं तथा वे अन्य अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार सौंप सकते हैं? यदि हाँ, तो प्रक्रिया एवं अधिकतम अवधि क्या है? (ख) सामान्य प्रशासन विभाग के संबंधित परिपत्रों/आदेशों का वर्षवार विवरण एवं जिला कलेक्टर को प्रदत्त शक्तियों का स्पष्टीकरण देवें, प्रतियाँ संलग्न करें? (ग) जिला बड़वानी, खरगोन एवं खंडवा में कुल जनपद पंचायतें, स्वीकृत/भरे/रिक्त पदों की संख्या तथा प्रश्‍न दिनांक तक रिक्त पदों पर अतिरिक्त प्रभार किसे कब से दिया गया है, जिलावार/जनपदवार विवरण देवें? (घ) उपरोक्त जिलों में रिक्त पदों पर अतिरिक्त प्रभार प्राप्त अधिकारियों को प्रभार सौंपने संबंधी आदेशों की प्रतियाँ उपलब्ध करावें?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। विभागीय परिपत्र दिनांक 09.05.2023 के अनुसार जिला कलेक्‍टर द्वारा अतिरिक्‍त प्रभार सौंपा जा सकता है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत का पद अवकाश या अन्‍य स्थिति में रिक्‍त होने पर प्रभार देने के संबंध में विभागीय परिपत्र दिनांक 09.05.2023 की प्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट- एक अनुसार  है। (ग) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट-दो अनुसार  है।                  (घ) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट- तीन अनुसार  है।

खेलों हेतु सर्व सुविधायुक्‍त केन्द्रों का निर्माण

[खेल एवं युवा कल्याण]

39. ( क्र. 1701 ) श्री जगन्‍नाथ सिंह रघुवंशी : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अशोकनगर जिले के प्रत्येक विकासखंड (ब्लॉक) में खेल विभाग का एक पूर्ण सुविधायुक्त केंद्र (जिसमें सभी प्रमुख खेलों जैसे क्रिकेट, फुटबॉल, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, वॉलीबॉल आदि के लिए मैदान, कोर्ट, उपकरण एवं कोचिंग की व्यवस्था हो) स्थापित करने की क्या योजना है? (ख) बजट की कमी के कारण यदि केंद्र स्थापित नहीं हो पा रहे हैं, तो क्या सरकार निजी क्षेत्र से CSR फंड, PPP मॉडल, खेलो इंडिया योजना, या अन्य वैकल्पिक स्रोतों (जैसे स्थानीय उद्योगपति, एनजीओ, खेल संघ) से धन जुटाने एवं सुविधाएं विकसित करने के प्रयास कर रही है? यदि हाँ, तो अशोकनगर जिले में अब तक क्या प्रगति हुई है? यदि नहीं, तो कारण क्या हैं? (ग) युवाओं को खेल से जोड़ने एवं प्रतिभा विकास के लिए जिले में बहुउद्देशीय खेल परिसर/स्टेडियम/नोडल सेंटर स्थापित करने की समय-सीमा क्या है?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) म.प्र.शासन खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा पत्र क्रमांक 693/30/2017/नौ दिनांक 24.03.2017 स्टेडियम निर्माण हेतु मार्गदर्शी सिद्धांत जारी किये गये है, जिसके तह्त विकासखंड या उच्च स्तर पर ही खेल स्टेडियम निर्माण किये जाते है। जिला मुख्यालय अशोगनगर में खेल स्टेडियम पूर्व से निर्मित होकर संचालित है, जिसमें बैडमिंटन, एथेलेटिक्स, कराते, टेबल- टेनिस आदि खेलों हेतु सुविधाएं उपलब्ध है। अशोकनगर जिले के शेष विकासखंड-मुंगावली, चंदेरी एवं ईसागढ़ में समतल व उपयुक्त नगर निकाय सीमा से 2.00 कि.मी. की परिधि में 10.00 एकड़ भूमि जिला प्रशासन द्वारा खेल और युवा कल्याण विभाग के नाम आवंटित होने के उपरांत जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी जिला अशोकनगर से विधिवत प्रस्ताव प्राप्त होने पर प्रस्ताव का परीक्षण करने के उपरांत सक्षम समिति को प्रस्ताव स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किया जा सकेगा। (ख) उत्‍तरांश '''' के संदर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्‍तरांश '''  '''' के संदर्भ में निश्‍िचत समय-सीमा बतायी जाना संभव नहीं है।

नवीन महाविद्यालय प्रारंभ करने एवं एल.एल.बी. कक्षाएं प्रारंभ की जाना

[उच्च शिक्षा]

40. ( क्र. 1732 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन की नवीन महाविद्यालय प्रारंभ करने एवं महाविद्यालयों में एल.एल.बी. कक्षाएं प्रारंभ करने के संबंध में कोई नीति/प्रस्ताव शासन स्तर से तैयार किये जा रहे है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें? (ख) क्या नगर पंचायत स्तर पर/अन्य वृहद ग्राम पंचायतों में शासकीय महाविद्यालय प्रारंभ करने के संबंध में विभाग की कोई नीति है? नगर पंचायत कर्रापुर एवं वृहद ग्राम पंचायत परसोरिया में शासकीय महाविद्यालय स्वीकृत करने के संबंध में शासन/विभाग द्वारा कोई कार्यवाही की गई है?/प्रस्ताव तैयार किया गया है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें। (ग) क्या प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस महाविद्यालय में विधि/एल.एल.बी. कक्षाएं संचालित है। यदि हाँ, तो किन-किन महाविद्यालयों में संचालित है? महाविद्यालय के नाम सहित जानकारी देवें। (घ) क्या प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस महाविद्यालय मकरोनिया में विधि/एल.एल.बी कक्षाएं प्रारंभ करने के लिए विभाग द्वारा कोई कार्यवाही की गई है। यदि हाँ, तो जानकारी देवें? प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस महाविद्यालय में कब तक विधि/एल.एल.बी. कक्षाएं प्रारंभ की जाएंगी। यदि हाँ, तो कब तक जानकारी देवें?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) नवीन महाविद्यालय प्रारंभ करने के विभागीय मापदण्ड निर्धारित हैं। एल.एल.बी. की कक्षाएँ बार कांउसिल ऑफ इण्डिया के नियम के अनुरूप मान्यता प्राप्त कर प्रारंभ की जाती हैं। दिनांक 13.08.2025 को बार कांउसिल ऑफ इण्डिया (बीसीआई) द्वारा जारी मोरेटोरियम अनुसार अगले 3 वर्षों तक नये विधि महाविद्यालय एवं नवीन पाठ्यक्रम खोलने की कार्यवाही स्थगित रखी गई है। (ख) विभागीय मापदण्ड निर्धारित हैं। पंचायत स्तर/अन्य वृहद ग्राम पंचायतों में नवीन महाविद्यालय प्रारंभ करने की पृथक से नीति नहीं है। प्रस्ताव का परीक्षण किया गया। विभागीय मापदण्डों की पूर्ति नहीं हो रही है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी संलग्न  परिशिष्‍ट  अनुसार है। (घ) जी नहीं। दिनांक 13.08.2025 को बार कांउसिल ऑफ इण्डिया (बीसीआई) द्वारा जारी मोरेटोरियम अनुसार अगले 3 वर्षों तक नये विधि महाविद्यालय एवं नवीन पाठ्यक्रम खोलने की कार्यवाही स्थगित रखी गई है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "पंद्रह"

प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति के प्रस्ताव पर कार्यवाही

[सहकारिता]

41. ( क्र. 1734 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कार्यालय उपायुक्त सहकारिता, जिला-सागर द्वारा प्राथमिक कृषि सहकारी समिति मर्यादित, नरयावली की दिनांक 01.01.2016 की पंजी पर कार्यवाही करते हुए माह अक्टूबर 2025 में कोई आदेश जारी किया गया है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें तथा आदेश की प्रतिलिपि/फोटोकापी उपलब्ध करावें। (ख) क्या जिस प्रस्ताव पर विभाग द्वारा कार्यवाही की गई है उस प्रस्ताव पर कार्यवाही पंजी में सदस्यों ने हस्ताक्षर नहीं किये हैं एवं उक्त प्रस्ताव पर कार्यवाही निरस्त करने हेतु कोई आवेदन जिला कलेक्टर, सागर को प्राथमिक सहकारी समिति नरयावली के सदस्यों द्वारा प्रस्तुत किया गया था? (ग) यदि प्रश्‍नांश (ख) में वर्णित प्रस्ताव के संबंध में विभाग को जानकारी थी तो विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रश्‍नांश (क) का आदेश क्यों जारी किया गया? जानकारी देवें तथा उक्त आदेश का तत्कालीन समिति प्रबंधक (कैडर) ने आदेश का परिपालन कराने में विलंब किया था तो क्या विभाग ने उसके विरूद्ध कार्यवाही की है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें। (घ) क्या प्राथमिक सहकारी समिति सदस्यों के आवेदन को अनदेखा/नजरअंदाज कर विभागीय कार्यवाही कर एवं तत्कालीन समिति प्रबंधक (कैडर) के स्थानांतरण नीति न होने को नजर अंदाज करते हुए स्थानांतरण आदेश जारी करने क्या विभाग द्वारा जांच कराई जाएगी एवं दोषी अधिकारी के विरूद्ध विभाग कोई कार्यवाही करेगा?

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। कार्यालय उपायुक्त सहकारिता, जिला सागर द्वारा प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित, नरयावली के प्रशासक को पत्र दिनांक 15.10.2025 जारी किया गया है, पत्र की  प्रति संलग्न  परिशिष्ट  के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ख) जी नहीं, सदस्यों द्वारा हस्ताक्षर किये गये हैं। जी हाँ। (ग) उपायुक्त सहकारिता द्वारा उत्तरांश () में वर्णित पत्र दिनांक 15.10.2025 जारी किये जाने के पश्‍चात सदस्यों द्वारा कलेक्टर जिला सागर को की गई शिकायत दिनांक 31.10.2025 को प्राप्त हुई। जी हाँ, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित सागर द्वारा प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित, नरयावली के समिति प्रबंधक (कैडर) को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया था। समिति प्रबंधक द्वारा उत्तर प्रस्तुत किये जाने के पश्‍चात जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित सागर द्वारा समिति प्रबंधक को भविष्य में पुनरावृत्ति नहीं होने देने संबंधी चेतावनी पत्र जारी किया गया। पत्र की  प्रति संलग्न  परिशिष्ट  के प्रपत्र- 2 अनुसार है। (घ) जी नहीं। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के सेवानियमों अंतर्गत ही प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरण आदेश जारी किये गये हैं, शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "सोलह"

उर्वरक का आवंटन, भंडारण एवं वितरण क्षमता

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

42. ( क्र. 1744 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले को प्राप्त होने वाले डी.ए.पी., यूरिया, ग्रोमोर, सुपर फास्पेट एवं अन्य फर्टीलाइजर (उर्वरक) का कितना आवंटन वर्ष 2022-23 से प्रश्‍नांश दिनांक तक प्राप्त हुआ। फर्टीलाइजर, रैकवार जानकारी दें एवं सहकारिता में कितना एवं निजी विक्रेताओं को रैकवार आवंटन के विरूद्ध कितना फर्टीलाइजर प्रदाय किया गया? आवंटन की प्रक्रिया संबंधी निर्देश एवं आवंटन पत्र की छायाप्रति उपलब्ध करायें। यदि आवंटन संशोधित किया गया तो उसके संशोधन पत्र की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में जिला विपणन अधिकारी द्वारा किस समिति में डबल लॉक केन्द्र से कितना फर्टीलाइजर प्रदाय किया गया? समितिवार, फर्टीलाइजरवार जानकारी देवें एवं कितना नगद विक्रय केन्द्रों से वितरित किया गया। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में आवंटन अनुरूप सहकारिता में उर्वरक न देकर निजी विक्रेताओं को आवंटन अधिक उर्वरक देने के लिये कौन अधिकारी एवं कौन-कौन कंपनी प्रतिनिधि दोषी है? क्या दोषियों के ऊपर कार्यवाही की जायेगी? यदि नहीं, तो क्यों?

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) :(क) से  (ग) जानकारी संकलित की जा रही है।

पंचायत सचिवों का संविलियन एवं समयमान वेतनमान का प्रदाय

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

43. ( क्र. 1748 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पंचायत सचिव महासम्‍मेलन भेल दशहरा मैदान भोपाल दिनांक 16 जनवरी 2026 में मुख्‍यमंत्री महोदय द्वारा पंचायत सचिवों के हित में क्‍या घोषणाएं की गई थी उनका विवरण क्‍या है तथा क्‍या पंचायत सचिवों के विभागीय सं‍विलियन हेतु समिति गठित करने की घोषणा की गई थी समिति का गठन एवं रिपोर्ट प्रस्‍तुत करने की समय-सीमा क्‍या है। (ख) पंचायत सचिवों को मंत्री परिषद के निर्णय दिनांक 04/10/2023 अनुसार समयमान वेतन का लाभ देने हेतु शासन द्वारा दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं? यदि नहीं, तो कब तक जारी किये जायेंगे तथा क्‍या यह लाभ 04/10/2023 से एरियर्स सहित प्रदान किया जायेगा। यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या वित्‍त विभाग के आदेश दिनांक 22/09/2025 के अंतर्गत पंचायत सचिवों का वर्गीकरण किया जायेगा यदि हाँ, तो किस श्रेणी में कब तक? साथ ही सेवा शर्तों में संशोधन हेतु क्‍या कार्यवाही की गई है। (घ) प्रदेश की ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिवों के जिलेवार एवं जनपदवार रिक्‍त पदों की संख्‍या कितनी है तथा जनपदवार लंबित अनुकम्‍पा नियुक्ति प्रकरण कितने हैं जानकारी देवें?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) पंचायत सचिव महासम्‍मेलन दिनांक 16.01.2026 के संदर्भ में मुख्‍यमंत्री डैशबोर्ड पर दिनांक 16.02.2026 की स्थिति में कोई घोषणा दर्ज नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) मध्‍यप्रदेश पंचायत सेवा (ग्राम पंचायत सचिव भर्ती और सेवा की शर्तें) नियम 2011 के संशोधन दिनांक 05 अक्‍टूबर 2019 के अन्‍तर्गत नियम 4 में पंचायत सचिवों को अनुसूची- एक में वर्णित अनुसार वेतनमान देय है। वेतनमान स्‍तर परिवर्तन की प्रक्रिया का सरलीकरण किया जा रहा है। (ग) वित्‍त विभाग के आदेश दिनांक 22.09.2025 में पंचायत सचिवों का वर्गीकरण उल्‍लेखित नहीं है। (घ) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट '''' एवं '''' अनुसार है।

स्टेडियम कम हेलीपैड निर्माण के लिए की गयी घोषणा

[खेल एवं युवा कल्याण]

44. ( क्र. 1758 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे किक्‍या शासन के निर्णय अनुसार प्रत्येक विधानसभा में स्टेडियम कम हेलीपैड निर्माण का निर्णय लिया गया है? क्‍या खाचरोद-नागदा विधानसभा क्षेत्र में भी स्टेडियम निर्माण हेतु शासकीय विक्रम स्नाकोत्तर महाविद्यालय, खाचरोद एवं पुलिस ग्राउंड खाचरोद की भूमि को प्रस्तावित किया गया था? माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा भी दिनांक 02-01- 2026 को खाचरोद में स्टेडियम निर्माण की घोषणा की गई थी? कृपया इस घोषणा के संदर्भ में अब तक की प्रगति से अवगत कराने का कष्ट करें?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा दिये गये निर्देशानुसार सी.एम.युवा शक्ति योजना में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में खेल परिसर/स्टेडियम का निर्माण की योजना प्रस्तावित है, जिसमें एयर एम्बूलेंस आदि आकस्मिक कार्य हेतु हेलीपेड का निर्माण भी किया जाना प्रस्तावित है। जी नहीं। जी हाँ, किंतु स्थान के विषय में स्टेडियम निर्माण हेतु माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा कोई घोषणा नहीं की गई थी। कार्यालय जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी जिला उज्जैन के पत्र क्र./खेयुक/2025/1564 द्वारा स्टेडियम निर्माण हेतु कलेक्‍टर से उपयुक्त 10 एकड़ शासकीय भूमि की मांग की गई है।

नाले पर पुलिया निर्माण में अनियमितता

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

45. ( क्र. 1759 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम अजीमाबाद पारदी में मुख्यमंत्री अवसंरचना के अंतर्गत 15 लाख रुपए की लागत             (वितीय वर्ष 2024 -2025) से नाले पर पुलिया निर्माण की राशि स्वीकृत की गई थी लेकिन घटिया एवं गुणवत्ता विहीन कार्य होने के कारण पहली बारिश में ही पुलिया बह गई इस सम्बन्ध में दिनांक 08-09-2025 को जाँच समिति का गठन भी किया गया था समिति द्वारा क्या कार्यवाही की गयी बतावे? (ख) प्रश्‍नांश (क) के सम्बन्ध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा एवं ग्रामीणजनों द्वारा शिकायत तात्कालिक सीईओ जिला पंचायत, उज्जैन और कलेक्टर जिला उज्जैन को की गयी थी यदि हाँ, तो क्‍या कार्यवाही की गई? जबकि उक्त ग्राम पंचायत में वर्तमान में और भी कई निर्माण कार्यों में घोर अनियमितता स्पष्ट है इस सम्बन्ध में आज दिनांक तक सरपंच और सचिव के खिलाफ कार्यवाही क्यों नहीं की गयी?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ, जांच समिति का गठन किया गया था। समिति द्वारा जांच कर प्रतिवेदन  संलग्‍न  परिशिष्‍ट  पर प्रस्‍तुत किया गया है। (ख) प्रश्‍नांश  (क) के संबंध में तत्‍समय शिकायत के संज्ञान में आने पर मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत उज्‍जैन के पत्र क्रमांक 5350 दिनांक 08/09/2025 के द्वारा जांच दल का गठन किया गया था। जांच दल द्वारा प्रस्‍तुत प्रतिवेदन के आधार पर कार्य की गुणवत्‍ता में कमी पाये जाने के कारण मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत उज्‍जैन के कार्यालयीन पत्र क्रमांक 968 दिनांक 13/02/2026 के द्वारा संबंधित सहायक यंत्री एवं उपयंत्री जनपद पंचायत खाचरोद से स्‍पष्‍टीकरण चाहा गया है। ग्राम पंचायत में प्रचलित अन्‍य निर्माण कार्यों की जांच हेतु मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत के पत्र क्रमांक 926 दिनांक 11/02/2026 के द्वारा जिला स्‍तरीय जांच दल का गठन किया गया। जांच दल द्वारा प्रस्‍तुत जांच प्रतिवेदन के परीक्षण के आधार पर मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत उज्‍जैन के पत्र क्रमांक 997 दिनांक 13/02/2026 के द्वारा ग्राम पंचायत अजीमावाद पारदी के सरपंच एवं सचिव को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है।

परिशिष्ट - "सत्रह"

जीर्ण-शीर्ण भवनों का विनष्टीकरण

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

46. ( क्र. 1760 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी जिले के अंतर्गत विजयराघवगढ़ विधानसभा में पूर्व निर्मित भवन जो जीर्ण-शीर्ण (अनुपयोगी) हैं, उनके स्थान पर नवीन भवनों के निर्माण हेतु डिस्मेंटल (विनिष्टीकरण) हेतु          किन-किन पंचायतों से प्रस्ताव कब-कब एवं कहां-कहां, किन-किन विभागों के प्राप्त हुये है? जनपदवार एवं पंचायतवार विभागवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्राप्त प्रस्तावों पर प्रशासन द्वारा किन-किन भवनों को डिस्मेंटल (विनष्टीकरण) किये जाने हेतु स्वीकृति प्रदान की गयी है? जनपदवार एवं पंचायतवार जानकारी देवें? शेष लंबित प्रस्तावों में कब तक डिस्मेंटल (विनष्टीकरण) हेतु स्वीकृति दी जायेगी? समय बताये? (ग) जीर्ण-शीर्ण (अनुपयोगी) भवनों को डिस्मेंटल (विनष्टीकरण) हेतु नियमानुसार कार्यवाही किये जाने हेतु कौन-कौन सक्षम अधिकारी है? सक्षम अधिकारी का नाम बताएं एवं कितने वर्षों से डिस्मेंटल (विनष्टीकरण) स्वीकृत हेतु प्रस्ताव लंबित है? उक्त अनुमति न मिल पाने एवं उसी स्थान पर स्वीकृत नवीन कार्य न हो पाने से आम जनमानस को हो रही असुविधा हेतु कौन अधिकारी उत्तरदायी है?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट  अनुसार है। (ग) जीर्णशीर्ण (अनुपयोगी) भवनों को डिस्‍मेंटल (विनष्टीकरण) हेतु नियमानुसार कार्यवाही किये जाने हेतु म.प्र. शासन वित्‍तीय शक्तियों की पुस्तिका वर्ष 2025 के खण्‍ड-1 के अनुभाग 4 के बिन्‍दु क्रमांक 4.2 अनुसार 10 लाख की पूंजीगत लागत हेतु क्षेत्रीय कार्यालय प्रमुख एवं 10 लाख से अधिक पूंजीगत लागत हेतु विभागाध्‍यक्ष को पूर्ण शक्तियां प्राप्‍त है। लंबित प्रस्‍तावों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट  अनुसार है। कार्यवाही प्रचलन में है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "अठारह"

पहुंच मार्ग का मरम्मतीकरण

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

47. ( क्र. 1794 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) जवा विकासखण्ड अंतर्गत जवा से नगमा एवं सितलहा से जनकहाई, पैरा, पचामा (त्योंथर) पहुंच मार्ग जो कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत निर्मित था वर्तमान में अत्यंत खराब स्थिति में है। यह कि उक्त मार्ग के जीर्णोद्धार हेतु कुल कितनी राशि स्वीकृत की गई है? निविदा कब जारी की गई है? विवरण उपलब्ध करावें। (ख) उक्त मार्ग के जीर्णोद्धार में खराब सामग्री के उपयोग के संबंध में स्थानीय निवासियों ने शिकायतें की हैं। प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में उक्त मार्ग का गुणवत्तापूर्ण जीर्णोद्धार कब तक कराया जा सकेगा? कृपया समय-सीमा बताने का कष्‍ट करें।

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जवा विकासखण्ड अन्तर्गत जवा से नगमा, सितलहा से जनकहाई एवं पैरा-पचामा (त्योंथर) पहुंच मार्ग वर्तमान में खराब स्थिति में नहीं है। उक्त मार्ग संधारित स्थिति में है। मार्गों की विवरण संबंधी जानकारी संलग्न  परिशिष्‍ट  अनुसार है। (ख) उपरोक्त तीनों मार्गों पर आवागमन सुचारू रूप से प्रचलित है। मार्गों के संबंध में स्थानीय निवासियों द्वारा कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। मार्गों में आवश्‍यकतानुसार संधारण का कार्य सतत रूप से किया जाता है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "उन्नीस"

जिला खनिज प्रतिष्ठान अंतर्गत अनुमोदित कार्यों की स्‍वीकृति

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

48. ( क्र. 1811 ) श्री अनिरुध्द (माधव) मारू : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिला खनिज प्रतिष्ठान जिला नीमच अंतर्गत न्यास मंडल से अनुमोदित प्रस्तावों को नियमानुसार जिला खनिज प्रतिष्ठान पोर्टल पर 81 कार्यों को स्वीकृति हेतु दर्ज किया गया? (ख) जिला खनिज प्रतिष्ठान जिला नीमच द्वारा पत्र क्रमांक 100/डीएमएफ/2024-24 दिनांक 20/03/2025 प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग म.प्र. शासन को स्वीकृति हेतु प्रेषित किया गया। पोर्टल पर दर्ज कार्यों में से कचरा वाहन हेतु मिनी ट्रैक्टर ट्राली क्रय की स्वीकृति प्रदान कर दी गयी। परंतु पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा एक वर्ष के लगभग समय हो जाने के पश्‍चात भी सी.सी. निर्माण कार्यों की स्वीकृति प्रदान नहीं की गई है?                             (ग) डीएमएफ पोर्टल पर दर्ज अनुमोदित कार्यों की स्वीकृति हेतु शासन की क्या नीति निर्धारित है? नियमों की जानकारी उपलब्ध कराएं। (घ) पोर्टल पर दर्ज सी.सी. निर्माण कार्यों की स्वीकृति कब तक प्रदान कर दी जावेगी? कृपया समय-सीमा बताएं। (ड.) उक्त कार्यों की स्वीकृति में विलंब हेतु कौन उत्तरदायी है एवं उनके विरुद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। (ख) सी.सी. निर्माण कार्य की स्‍वीकृति प्रदान की गई है। स्‍वीकृति आदेश की प्रति पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है।                                     (ग) नियमों की जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (घ) पोर्टल पर दर्ज सी.सी. निर्माण कार्यों की प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी की गई है। आदेश की प्रति पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ड.) उत्‍तरांश (घ) के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

संचालक मंडल द्वारा नियम विरूद्ध राशि का आहरण

[सहकारिता]

49. ( क्र. 1845 ) श्री सिद्धार्थ तिवारी : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्‍या दिनांक 20 मार्च 2025 परि.अता.प्र.संख्‍या 77 (क्र. 2235) के उत्‍तर में यह स्‍वीकार्य किया गया है कि अल्‍प आयु वर्ग गृह निर्माण सहकारी संस्‍था समिति अरूण नगर रीवा के खाते से संचालक मंडल के सदस्‍य संतोष तिवारी के व्‍यक्तिगत खाते में 1,35,00,000.00/- करोड़ रू. जमा की गई है। संस्‍था की कार्यवाही अवैधानिक होने से उपायुक्‍त सहकारिता जिला रीवा के द्वारा मध्‍यप्रदेश सहकारी सोसाइटी अधिनियम 1960 धारा 72 के प्रावधानों के अंतर्गत कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है एवं वर्तमान में उपायुक्‍त सहकारिता जिला रीवा का पद रिक्‍त होने के कारण संयुक्‍त आयुक्‍त सहकारिता रीवा संभाग रीवा को कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया है, लेकिन आज दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई बतावें? यदि नहीं, तो क्‍या संबंधित अधिकारी इस भ्रष्‍टाचार में संलिप्‍त हैं, यदि नहीं, तो क्‍या दोषियों के विरूद्ध भष्‍टाचार की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई जावेगी? जानकारी दें।

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : जी हाँ। मध्यप्रदेश सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1960 की धारा 72 (जी/छ) का उल्लंघन करने का आरोप प्रमाणित पाया गया। मध्यप्रदेश सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1960 की धारा 76 (2) के अंतर्गत दोषियों के विरूद्ध सक्षम न्यायालय के समक्ष अभियोजन संस्थित किये जाने की स्वीकृति दिनांक 06.02.2026 को प्रदान की गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

किसानों हेतु यूरिया खाद की आपूर्ति

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

50. ( क्र. 1862 ) श्री अजय अर्जुन सिंह : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रबी विपणन वर्ष 2025-26 के लिए प्रदेश में कुल कितनी यूरिया खाद की आवश्यकता आंकी गई थी और उसके विरुद्ध अब तक कितनी यूरिया की आपूर्ति हुई है? जिलेवार विवरण दें। (ख) रीवा संभाग में सहकारी समितियों के विरूद्ध सरकार के पास प्राप्त शिकायतों की संख्‍या क्या है? ऐसे कितने मामलों में जांच कराई गई तथा दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों/विक्रेताओं पर क्या कार्रवाई की गई? उसका विवरण दिया जाए। (ग) क्या सरकार के संज्ञान में यह तथ्य है कि कुछ उर्वरक विक्रेता यूरिया की कमी का लाभ उठाकर निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूल रहे हैं अथवा अन्य खाद/कीटनाशक की खरीदी अनिवार्य करके यूरिया के साथ बेच रहे हैं? यदि हाँ, तो अब तक प्रदेश में कितनी निरीक्षण कार्यवाहियां की गई? कितने प्रकरणों में प्रकरण दर्ज लाइसेंस निलंबन/रद्द अथवा आर्थिक दंड की कार्रवाई की गई? उसका जिलेवार विवरण दिया जाए। (घ) भविष्य में किसानों  को यूरिया संकट का सामना न करना पड़े, इसके लिए राज्य सरकार द्वारा कौन-कौन से दीर्घकालीन उपाय प्रस्तावित किये? क्या सरकार प्री-पोजिशनिंग, रेल रैक की समय पर उपलब्धता, गोदाम क्षमता वृद्धि, ऑनलाइन टोकन प्रणाली, पारदर्शी वितरण सॉफ्टवेयर, एस.एम.एस. आधारित सूचना प्रणाली आदि को मजबूत करने की कोई योजना बना रही है? यदि हाँ, तो संक्षेप में योजना की रूपरेख बताई जाए।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति) प्रणाली लागू की गई है। शेष  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

इंजीनियरिंग कॉलेज व पॉलिटेक्निक में शिक्षकों की भर्ती

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा)]

51. ( क्र. 1867 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्‍नकर्ता के अतारांकित प्रश्‍न क्र. 92 दिनांक 01.12.2025 के प्रश्‍नांश (ड.) के उत्तर में जानकारी दी गयी है कि भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद द्वारा गेट से ही नियुक्ति किये जाने हेतु निर्देश दिये गये है? (ख) यदि हाँ, तो क्या म.प्र. तकनीकी शिक्षा कौशल, विकास एवं रोजगार विभाग द्वारा सितम्बर 2025 में सहायक प्राध्यापकों/अध्यापकों के रिक्त पदों हेतु जो विज्ञापन जारी किये गये है उनमें गेट से अनिवार्यता का प्रावधान रखा गया है? (ग) प्रश्‍नांश (क) के आलोक में भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद द्वारा गेट की अनिवार्यता मना करने के बाद क्या प्रश्‍नांश (ख) में उल्लेखित विज्ञापनों में संशोधन करेगा? (घ) क्या प्रश्‍नांश (ख) में उल्लेखित विज्ञापनों के माध्यम से की जा रही भर्ती के संबंध में उच्च न्यायालय,  इंदौर द्वारा भी शासन को नोटिस जारी किए गए है?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश () के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उप‍स्थित नहीं होता है। (घ) जी हाँ।

मध्‍यान्‍ह भोजन में अनियमितता की शिकायत पर कार्यवाही

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

52. ( क्र. 1878 ) श्री गिरीश गौतम : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) क्या श्रीमती कनक सिंह द्वारा कलेक्टर मऊगंज को शा.प्रा. पाठशाला चकरहन टोला एवं आंगनवाड़ी केन्द्र चकरहन टोला, विकासखण्ड नईगढ़ी में लकी स्व-सहायता समूह व सिंह           स्व-सहायता समूह द्वारा विद्यालय एवं आंगनवाड़ी केन्द्र में मध्यान्‍ह भोजन में गंभीर अनियमितता किये जाने की शिकायत की गई? (ख) प्रश्‍नकर्ता द्वारा भी कलेक्टर मऊगंज एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तहसील मऊगंज/नईगढ़ी, जिला मऊगंज को पृथक-पृथक पत्र 23.9.2024 को देकर प्रधानाध्यापक शा.प्राथ. पाठशाला चकरहन टोला द्वारा 8.7.2024 को बी.आर.सी.सी. नईगढ़ी को दिये गये पत्रों की तथा बी.आर.सी.सी. के पत्र की प्रतिलिपि उपलब्ध करायें तथा की गई कार्यवाही से अवगत करायें तथा अनियमितता करने वाले समूह का मध्यान्‍ह भोजन बनाने का अनुबंध कब समाप्त किया जायेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट '', '', '' एवं '' अनुसार है। पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट '' के अनुक्रम में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

जी राम जी योजनांतर्गत केन्‍द्रांश एवं राज्‍य की भागीदारी

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

53. ( क्र. 1892 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के मापदण्डों और जी रामजी योजना के मापदण्डों में कोई अंतर है? अगर हाँ तो विवरण दें। (ख) मनरेगा योजना में केन्द्रांश और राज्य अंश की       कितनी-कितनी राशि की भागीदारी होती थी? (ग) जी राम जी योजना में केन्द्रांश और राज्य अंश की कितनी-कितनी राशि की भागीदारी का प्रावधान किया गया है? (घ) क्या यह सही है कि जी राम जी योजना में राज्य अंश की राशि 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत की गई है? अगर हाँ तो क्या राज्य इस अधिभार को वहन करने में सक्षम है? (ड.) विधानसभा क्षेत्र कसरावद में वित्तीय वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक मनरेगा योजनान्तर्गत कितनी राशि व्यय की गई? कितनी भुगतान की जाना शेष है? मजदूरी और सामग्री की शेष राशि का वर्षवार विवरण।

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) महात्मा गांधी राष्‍ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के मापदण्‍ड की जानकारी पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट– '' अनुसार है। विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 के अध्‍याय 1 की कंडिका 1 (2) अनुसार भारत सरकार द्वारा नोटिफिकेशन उपरांत योजना तैयार की जाना है। जानकारी पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट– '' अनुसार है। भारत सरकार से नोटिफिकेशन अप्राप्त है। (ख) महात्मा गांधी राष्‍ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत केन्द्रांश और राज्य अंश की भागीदारी मनरेगा अधिनियम 2005 के अध्याय 5 की धारा 22 अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट – '' अनुसार है(ग) एवं (घ) जानकारी उत्‍तरांश  (क) अनुसार है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्‍ट– '' अनुसार है

अपूर्ण तथा अप्रारंभ कार्यों की जानकारी

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

54. ( क्र. 1900 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि  (क) जनवरी, 2026 की स्थिति में धार जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तथा मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत स्वीकृत कौन-कौन से सड़क तथा पुल निर्माण का कार्य अपूर्ण तथा अप्रारंभ है तथा क्यों? कार्यवार कारण बतायें। उक्त निर्माण कार्य कब तक पूर्ण होंगे? (ख) जनवरी, 2026 की स्थिति में धार जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तथा मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित कौन-कौन सी सड़कें गारंटी अवधि में हैं उनकी मरम्मत, डामरीकरण, पटरी की साफ-सफाई क्यों नहीं करवाई जा रही है? कब तक करवायेंगे? (ग) जनवरी, 2026 की स्थिति में धार जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तथा मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित  किन-किन सड़कों की गारंटी अवधि समाप्त हो गई है? उक्त सड़कों की मरम्मत, डामरीकरण तथा पटरी की साफ-सफाई की क्या योजना है? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के संबंध में 1 जनवरी, 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में मान. मंत्री जी तथा विभाग के अधिकारियों को प्रश्‍नकर्ता विधायक के पत्र कब-कब प्राप्त हुए? उन पर आज दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की गई? पूर्ण विवरण दें।

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जनवरी, 2026 की स्थिति में धार जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अन्तर्गत कोई सड़क/पुल कार्य अप्रांरभ नहीं है, वर्तमान में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-III अंतर्गत 11 पुलों का कार्य अपूर्ण होकर प्रगतिरत है। कार्यवार विलम्ब के कारण एवं निर्माण कार्य पूर्णता संबंधी विवरण की जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा अंतर्गत जनवरी, 2026 की स्थिति में धार जिले में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत कोई कार्य अपूर्ण तथा अप्रारंभ नहीं है। (ख) जनवरी, 2026 की स्थिति में धार जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अन्तर्गत निर्मित 96 मार्ग, लम्बाई 686.69 किमी गांरटी अवधि (DLP) में है। विस्तृत विवरण की जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। गारंटी अवधि अन्तर्गत आने वाले समस्त मार्गों का संधारण कार्य अनुबंधानुसार कराया जा रहा है, जिसमें स्थल की आवश्‍यकता अनुसार मार्गों की मरम्मत, पैचवर्क, शोल्डर की साफ-सफाई एवं अन्य संधारण कार्य सम्मिलित है। संधारण कार्य नहीं करने पर पैकेज क्रमांक MP11602 के अनुबंध निरस्त करने की कार्यवाही की गई है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा अंतर्गत उत्तरांश '''' अनुसार।                (ग) जनवरी 2026 की स्थिति में धार जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अन्तर्गत गारंटी अवधि समाप्त होने वाले मार्गों की जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''3'' अनुसार है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अन्तर्गत निर्मित मार्गों की गांरटी अवधि समाप्त होने के पूर्व ही नवीन संधारण एंजेसी नियुक्त करने हेतु कार्यवाही पूर्ण कर ली जाती है एवं अवधि समाप्त होते ही नवीन अनुबंध सम्पादित कर लिया जाता है, जिससे सड़कों की मरम्मत, रिन्यूअल शोल्डर की             साफ- सफाई एवं अन्य समुचित संधारण कार्य निरंतर जारी रहते है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा अंतर्गत उत्तरांश '''' अनुसार। (घ) प्रश्‍नांश (घ) के परिप्रेक्ष्य में मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय से प्राप्त याचिका क्रमांक 1799 (विधानसभा क्षेत्र धरमपुरी की ग्राम पंचायत आली में प्रधानमंत्री सड़क पर पुलिया निर्माण कार्य स्वीकृत करने के संबंध में) प्राप्त हुई थी। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के पैकेज क्रमांक एमपी 11706 अंतर्गत निर्मित मार्ग बगड़ीफाटा से भीलतलबाड़ा मार्ग वर्तमान में 5 वर्षीय संधारण अवधि (DLP) अंतर्गत है जिसकी संधारण अवधि दिनांक 17/09/2026 को पूर्ण हो रही है। उक्त मार्ग पर स्थित ग्राम आली में पूर्व से रपटा निर्मित है। संधारण के आगामी पैकेज के प्राक्कलन में उक्त स्थान पर पुलिया निर्माण हेतु प्रावधान किया जाना लक्षित है। जानकारी उत्तरांश '''' अनुसार।

प्राईवेट वाहनों पर किराये भुगतान हेतु राशि

[उच्च शिक्षा]

55. ( क्र. 1903 ) श्रीमती ललिता यादव : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) महाराजा छत्रसाल बुंदेलखण्‍ड विश्‍वविद्यालय छतरपुर में परीक्षा एवं अन्‍य कार्यों पर प्राइवेट वाहनों पर वर्ष 2022, 2023, 2024, 2025 में कितनी किराये की राशि व्‍यय की गई? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में भुगतान की गई राशि में 18 प्रतिशत जीएसटी राशि पृथक से भुगतान की गई है अगर हाँ, तो क्‍या शासन से कोई ऐसा आदेश है जिसमें पृथक से जीएसटी देना उल्‍लेखित है प्रति प्रदान करें? (ग) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में प्राइवेट वाहनों के लिए क्‍या कोई प्रशासकीय स्‍वीकृति ली गई थी अगर हाँ, तो स्‍वीकृति सहित बताये? (घ) वाहनों के लिए कब-कब निविदा प्रकाशित की गई निविदाओं की प्रति एवं प्रकाशन सहित बताये?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) महाराजा छत्रसाल बुंदेलखण्‍ड विश्‍वविद्यालय, छतरपुर में परीक्षा एवं अन्‍य कार्यों पर प्राइवेट वाहनों पर व्‍यय की गई राशि क्रमश: वर्ष 2022 में रू. 9,44,379/-, वर्ष 2023 में रू. 2,37,681/-, वर्ष 2024 में रू. 5,81,520/- एवं वर्ष 2025 में रू. 3,00,820/- है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) महाराजा छत्रसाल बुंदेलखण्‍ड विश्‍वविद्यालय, छतरपुर की कार्यपरिषद की 10वीं बैठक दिनांक 19.08.2019 में प्राइवेट वाहन किराये से लेने के लिए स्‍वीकृति प्रदान की गई थी। जानकारी पुस्तकालय में  रखे  परिशिष्‍ट  '' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में  रखे  परिशिष्‍ट  ''  अनुसार है।

सर्वसुविधायुक्त फुटबाल स्टेडियम का निर्माण

[खेल एवं युवा कल्याण]

56. ( क्र. 1948 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा सरदापुर विधानसभा में इन्डोर हॉल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स एवं सर्वसुविधायुक्त फुटबाल स्टेडियम निर्माण एवं फुटबाल सेंटर की विगत कई वर्षों से निरंतर मांग कि जा रही है यदि हाँ, तो विगत वर्षों में उक्त स्टेडियम की स्वीकृति के लिये क्या कार्यवाही की गई समस्त पत्रों की प्रति देवें। (ख) इन्डोर हॉल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के लिये कलेक्टर धार द्वारा RCMS क्र.0064/2024-25/20 (3) के आदेश के द्वारा खसरा क्र.985/2 में से 2 हेक्टेयर जमीन आवंटित हो चुकी है इसकी प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति कब तक की जावेगी समय-सीमा बतावे।              (ग) सर्वसुविधायुक्त फुटबाल स्टेडियम निर्माण एवं फुटबाल सेंटर में भूमि आवंटन प्रक्रियाधीन है तो बतावें कि शासन एवं विभाग द्वारा कब तक सम्पूर्ण कार्यवाही की जाकर प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति दी जावेगी। (घ) प्रश्‍नकर्ता द्वारा विभाग को खेल सामग्री के लिये मांग पत्र दिये गये थे उन पर क्या कार्यवाही की गई एवं खेल सामग्री कब तक दी जावेगी विगत 5 वर्ष में विभाग द्वारा  क्या-क्या खेल सामग्री प्रदाय गई, समस्त जानकारी वर्षवार देवें। (ड.) विगत 5 वर्ष में विभाग द्वारा धार में खेलों को बढ़ावा देने के लिए कितनी खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। खिलाड़‍ियों को प्रोत्साहन एवं खेल सुविधा के लिए किन-किन योजनाओं, किस-किस मद से कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई, कितनी राशि व्यय हुई समस्त जानकारी देवें।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। माननीय सदस्य के आग्रह पर इन्डोर हॉल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के लिये कलेक्टर धार के आदेश क्रमांक RCMS क्र. 0064/2024-2520 (3) दिनांक 06.08.2025 द्वारा ग्राम राजगढ़ तहसील सरदारपुर जिला धार स्थित भूमि खसरा क्रमांक क्र.985/2 क्षेत्रफल 25.294 हेक्टेयर भूमि में से 2.00 हेक्टेयर भूमि खेल और युवा कल्याण विभाग को आवंटित की गई थी, किन्तु उक्त आवंटित भूमि इन्डोर हॉल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स निर्माण हेतु पर्याप्त न होने के कारण संचालनालयीन पत्र क्रमांक 5231 दिनांक 08.08.2025 एवं जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी धार के पत्र क्रमांक 313 दिनांक 19.08.2025 द्वारा विभागीय नीति अनुसार समतल व उपयुक्त नगर निकाय सीमा से 2.00 कि.मी. की परिधि में 10.00 एकड़ भूमि के आवंटन हेतु कलेक्टर धार को लेख किया गया है। जिला और युवा कल्याण अधिकारी धार द्वारा कलेक्टर धार को दिनांक 19.08.2025 को भूमि आवंटन हेतु ऑनलाईन आवेदन भी किया गया है। आवश्यक भूमि आवंटन के पश्‍चात जिले से समुचित प्रस्ताव प्राप्त होने के उपरांत प्रस्ताव का परीक्षण कर बजट उपलब्‍धता अनुसार सक्षम समिति को अनुमोदन हेतु प्रेषित किया जा सकेगा। भूमि आवंटन हेतु किये गये पत्राचार की छायाप्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार  है। (ख) प्रश्‍नोत्तर '''' के संदर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्‍नोत्तर '''' अनुसार आवश्यक भूमि आवंटन होने के पश्‍चात ही प्रशासकीय व वित्तीय स्वीकृति पर विचार किया जाना संभव हो सकेंगा। निश्चित समय-सीमा बतायी जाना संभव नहीं है। (घ) जी हाँ। माननीय सदस्य द्वारा संचालक खेल और युवा कल्याण को पत्र क्रमांक 459 दिनांक 09.10.2025 एवं जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी जिला धार को पत्र क्रमांक 454 दिनांक 07.10.2024 प्रेषित किये गये है। विभाग द्वारा विधानसभावार खेल सामग्री का वितरण नहीं किया जाता है, खेल सामग्री क्रय हेतु प्रतिवर्ष संचालनालय द्वारा जिलों को बजट उपलब्ध कराया जाता है, जिससे संचालनालय के पत्र क्रमांक-1936 दिनांक 04.06.2018 में दिये गये निर्देश अनुसार जिला स्तर पर पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा आवश्‍यकता का आकलन कर उपलब्ध बजट अनुसार म.प्र. भंडार क्रय नियम 2015 (यथा संशोधित 2022) में उल्लेखित प्रावधानों को दृष्टिगत रखते हुए खेल सामग्री का क्रय एवं वितरण का निर्णय लिया जाता है। विगत 5 वर्षों में विभागीय ग्रामीण युवा समन्वयकों एवं प्रशिक्षकों को वितरित खेल सामग्री की जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार  है। (ड.) विभाग द्वारा जिला धार में खेल प्रतियोगिता के आयोजन की जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- 3 अनुसार  है तथा खिलाड़ि‍यों को प्रोत्साहन एवं खेल सुविधा के लिए योजनावार आवंटित राशि एवं व्यय की जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-4 अनुसार  है।

अतिवर्षा से नष्ट फसलों के मुआवजे का भुगतान

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

57. ( क्र. 1951 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री फसल बीमा में 2016 से 2025 तक खरीफ-रबी मौसम का अलग चार्ट बनाकर बीमित कृषक, बीमित रकबा,प्रति कृषक बीमित रकबा,बीमित राशि,प्रति हेक्टेयर बीमित राशि, कृषक, राज्य तथा केंद्र का अंश, कुल प्रीमियम राशि, कुल दावा भुगतान राशि  की‌ जानकारी‌ दें। (ख) खरीफ 2016 से 2024 में बीमित कृषक 38.39 लाख से बढ़कर 97.33 लाख, रकबा 60.8 लाख से घटकर 47.04 लाख हेक्टेयर, कृषक प्रीमियम ₹589 प्रति हेक्टेयर से बढ़कर ₹839 प्रति हेक्टेयर, प्रति कृषक बीमित रकबा 1.58 से घटकर 0.48 हेक्टेयर हो गया। प्रत्येक में वृद्धि/कमी का तथ्यात्‍मक कारण और कृषक की आय पर होने वाले प्रभाव समझाएं। (ग) 2016-17 से 2024-25 रबी के मौसम में कृषक 31.06 लाख से बढ़कर 74.50 लाख, रकबा 57.28 लाख से घटकर 37.35 लाख हेक्टेयर, प्रति कृषक बीमित रकबा 1.84 से घटकर 0.5 हेक्टेयर तथा प्रति हेक्टेयर कृषक प्रीमियम 475 से बढ़कर 642 रुपए क्यों हो गयी। प्रत्येक में वृद्धि/कमी का तथ्यात्मक कारण बताएं। (घ) धार जिले में वर्ष 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने किसानों की खरीफ क्या यह सही है कि2016से2024 खरीफ में बीमा कंपनियों ने ब्याज के अतिरिक्त‌ डेढ़ हजार करोड़ का लाभ प्राप्त किया तथा‌ रबी में 2016-17 से 2024-25 में ब्याज के अतिरिक्त 8350 करोड़ का लाभ अर्जित किया। क्या प्रीमियम दर तथा दावा राशि के फार्मूले का पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा तथा कृषक की प्रीमियम खरीफ में दो प्रतिशत तथा रबी में 1.5 प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत की जाएगी। यदि नहीं, तो क्यों। (ड.) धार जिले में वर्ष 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने किसानों की खरीब एवं रबी की फसल अतिवर्षा, पीलामोजक एवं अन्य प्राकृतिक आपदा में कितने किसानों की फसल क्षति होने से कितने किसानों को किस  दर से कितनी फसल बीमा कि राशि का भुगतान किया गया एवं कितने किसानों को राशि देना शेष है किसान की बीमा प्रीमियम राशि एवं प्राप्त बीमा राशि की पूर्ण जानकारी ग्रामवार एवं किसान संख्‍यावार देवें?

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) वर्ष 2022-23 से प्रदेश के भू-अभिलेखों को भारत सरकार के फसल बीमा पोर्टल से जोड़ा गया है। फलस्‍वरूप पोर्टल पर कृषकों के भूमि खसरों के अनुसार फसलवार बीमा आवेदन बन रहे है। इस कारण बीमित कृषकों की संख्‍या बढ़ी हुई दिख रही है। इसके अतिरिक्‍त भू-अभिलेख के जुड़ने से धारिता से अधिक भूमि का बीमा या एक ही भूमि का एक से अधिक बार बीमा होने संबंधी विसंगतियां/त्रुटियां भी शून्‍य हो गई हैं। प्रश्‍नांकित वृद्धि/कमी का यह मुख्‍य कारण है। कृषक की आय पर इसका कोई पृथक से प्रभाव शून्‍य है। (ग) उत्‍तरांश (ख) अनुसार। (घ) प्रीमियम एवं दावा राशि तथा 80-110 अंतर्गत सरप्‍लस राशि का विवरण जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। प्रीमियम दर/दावा राशि का फार्मूला इत्‍यदि समस्‍त प्रावधान भारत सरकार के अधीन है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।  (ड.) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

राजीव गांधी प्रो. विश्‍वविद्यालय के टेण्‍डर में अनियमितता

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा)]

58. ( क्र. 1984 ) श्री आरिफ मसूद : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजीव गांधी प्रौ‌द्योगिकी विश्‍वविद्यालय में तकनीकी कार्यों के टेण्डर किड्स इंटरनेशनल प्रा.लि. को कब दिये गये तिथि सहित जानकारी दें? (ख) उक्त कंपनी के आईएसओ सर्टिफिकेट की जांच राजीव गांधी प्रौ‌द्योगिकी विश्‍ववि‌द्यालय के अधिकारियों ‌द्वारा की गई थी तो कब? (ग) क्या नियमानुसार टेण्डर देने से पहले कंपनी के दस्तावेज, प्रमाण पत्र और योग्यता की जांच की गई थी? यदि नहीं, तो इसके लिये कौन दोषी है? (घ) प्रकरण में कौन-कौन दोषी है, उनके विरुद्ध एवं कंपनी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो क्यों?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्‍वविद्यालय द्वारा मेसर्स किड्स इंटरनेशनल प्रा. लिमिटेड, आगरा (उ.प्र.) को कार्य आदेश दिनांक 31.12.2025 को दिया गया। (ख) जी हाँ, दो सदस्‍यीय जांच समिति द्वारा दिनांक 08.01.2026 को जांच प्रतिवेदन प्रस्‍तुत किया गया। (ग) जी हाँ। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्‍वविद्यालय द्वारा प्राप्‍त निविदाओं के तकनीकी मूल्‍यांकन हेतु गठित समिति सदस्‍यों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। मेसर्स किड्स इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड का कार्यादेश निरस्त किया गया है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

किसानों को खाद वितरण

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

59. ( क्र. 2080 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले में रबी व खरीफ फसलों के लिये इस वर्ष किसानों को कितने मैट्रिक टन यूरिया, डीएपी, एसएसपी, एनपीके, उर्वरकों की प्रतिवर्ष से कितनी अधिक आवश्‍यकता होने की अनुमानित की गई थी? (ख) क्‍या शासन द्वारा किसानों की आवश्‍यकतानुसार पर्याप्‍त खाद की उपलब्‍धता पूर्व से ही सुनिश्‍िचत की गई थी? यदि हॉं, तो सिवनी जिले में किसानों को उनकी आवश्‍यकतानुसार पर्याप्‍त खाद क्‍यों नहीं मिल पाया? कारण स्‍पष्‍ट करें। (ग) क्‍या सिवनी जिले में यूरिया, डीएपी, एसएसपी, एनपीके, उर्वरकों की विभाग द्वारा मांग की गई थी यदि हाँ, तो कितनी-कितनी, क्‍या मांग अनुसार पर्याप्‍त उर्वरक उपलब्‍ध कराये गये? यदि हॉं, तो किसानों को उनकी मांग अनुसार उर्वरक उपलब्‍ध नहीं होने का क्‍या कारण है? (घ) इस वर्ष रबी व खरीफ फसल के लिये सिवनी जिले में सहकारी समितियों द्वारा कितना यूरिया, डीएपी, एसएसपी, एनपीके, उर्वरकों का वितरण किया गया? कितने किसानों ने रबी व खरीफ की फसल बोनी थी? इनमें से कितने किसानों को खाद उपलब्‍ध कराई गई तथा प्रति किसान कितनी-कितनी खाद दी गई?

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी संलग्न  परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। (ख) जी हाँ, प्रत्‍येक फसल मौसम हेतु भारत सरकार से प्राप्‍त होने वाले रैक अनुसार निरंतर उर्वरकों का भंडारण कराया जाता है। जिसके अनुसार कृषकों को उर्वरक आपूर्ति कराई गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँजानकारी संलग्न  परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उर्वरक विक्रय एवं किसान संख्‍या की  जानकारी संलग्न  परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। राजस्व विभाग के SAARA पोर्टल अनुसार किसानों की संख्या उपलब्ध नहीं है, अपितु सिवनी जिले में 147188.11 हेक्टेयर निजी क्षेत्र में गिरदावरी की गई है। प्रति किसान उर्वरक विक्रय की जानकारी संधारि‍त नहीं की जाती है।

परिशिष्ट - "बीस"

बैटरी चलित कचरा वाहन का लंबित भुगतान

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

60. ( क्र. 2110 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सौंसर विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहखेड़ में स्वच्छता बनाए रखने हेतु पंचायत द्वारा एक बैटरी चलित कचरा एकत्र करने के लिए वाहन ख़रीदा गया था? (ख) क्या उपरोक्त वाहन ग्राम पंचायत द्वारा पारित प्रस्ताव के बाद लगभग दो वर्ष पूर्व नियमानुसार खरीदा गया था? (ग) यदि हाँ, तो क्या कारण है कि आज दिनांक तक क्रय किए वाहन का भुगतान नहीं किया गया है? (घ) वाहन के भुगतान संबंधी प्रकरण किस अधिकारी के पास कितने समय से लंबित है? इतने लंबे समय तक भुगतान रोकने के लिए कौन-कौन अधिकारी दोषी हैं? क्या दोषी अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होगी तथा भुगतान कब तक करा दिया जाएगा?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत छिंदवाड़ा के पत्र क्र.7004/जिपं./एसबीएम/2026 छिंदवाड़ा दिनांक 13.02.2026 अनुसार ग्राम पंचायत मोहखेड़ द्वारा दो वर्ष पूर्व क्रय किये गये बैटरी चलित कचरा वाहन का देयक का भुगतान ई.पी.. क्र.3768988 दिनांक 13.02.2026 के द्वारा एकार्ड मोटर्स छिंदवाड़ा को कर दिया गया है। (घ) उत्‍तरांश  (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अप्रारंभ एवं अपूर्ण कार्यों का भुगतान

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

61. ( क्र. 2112 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले में वर्ष 2023-24 से प्रश्‍न दिनांक तक विभाग द्वारा कितने एवं कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किये गए? वर्षवार, ब्लॉकवार, राशिवार जानकारी दें। विभाग अन्तर्गत स्वीकृत कार्यों के भुगतान के क्या नियम है? क्या कार्य का अंतिम भुगतान कार्य पूर्ण होने एवं पूर्णतः प्रमाण पत्र प्राप्त होने पर किया जाता है? (ख) प्रश्‍नांश (क) का उत्तर यदि हाँ है तो ग्वालियर जिले में ऐसे कितने कार्य है जो अप्रारंभ है एवं अपूर्ण है, का भुगतान कर दिया गया है? वर्षवार, कार्यवार, राशि जानकारी दें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्लेखित कार्यों में से भितरवार विधानसभा क्षेत्र में ऐसे कितने कार्य है जो अप्रारंभ है, अपूर्ण है, जिनका पूर्णतः प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं होने पर भी भुगतान कर दिया गया है? वर्षवार, कार्यवार, राशिवार  जानकारी दें।

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) ग्‍वालियर जिले में वर्ष 2023-24 से प्रश्‍न दिनांक तक विभाग द्वारा मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क एवं अवसंरचना योजना एवं अतिरिक्‍त स्‍टाम्‍प शुल्‍क वसूली के विरूद्ध अनुदान मद अंतर्गत स्‍वीकृत कार्यों की जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। मनरेगा, स्‍वच्‍छ भारत मिशन, 15वां वित्‍त, 5वां वित्‍त की जानकारी योजना के पोर्टल पर उपलब्‍ध है। जिसका विवरण निम्‍नानुसार है :-

क्र.

योजना का नाम

पोर्टल

1

मनरेगा

nrega.nic.in

2

स्‍वच्‍छ भारत मिशन

swachhbharatmission.ddws.gov.in

3

15वां वित्‍त एवं 5वां वित्‍त

mppanchayatdarpan.gov.in

कार्य स्‍वीकृति उपरांत प्रथम किश्‍त प्रदाय की जाती है। तदोपरांत कार्य की भौतिक प्रगति एवं मूल्‍यांकन के आधार पर आगामी किश्‍त जारी की जाती है। कार्य के मूल्‍यांकन के आधार पर अंतिम भुगतान किया जाता है, अंतिम भुगतान के पूर्व पूर्णता प्रमाण-पत्र प्रस्‍तुती की बाध्‍यता नहीं है।  (ख) एवं (ग) जानकारी निरंक है।

निर्माण कार्यों में व्यापक अनियमितता

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

62. ( क्र. 2130 ) श्री बाबू जन्‍डेल : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृषि उपज मण्डी श्योपुर में वर्ष 2020-21 से प्रश्‍न दिनांक तक मण्डी बोर्ड द्वारा एवं मण्डी निधि तथा अन्य समस्त मदों से कौन-कौन से कार्य कितनी-कितनी राशि से कराये गये एवं उन पर कितना-कितना व्यय हुआ तथा कराये गये कार्यों का मूल्यांकन/सत्यापन                                किन-किन उपयंत्री/सहायक यंत्री द्वारा किया गया? विस्‍तृत जानकारी गौशवारा सहित अवगत करावें। (ख) क्या विगत दिवस में निर्मित सी.सी. रोड का घटिया निर्माण होने पर जागरूक किसानों द्वारा शिकायत की गई थी? शिकायत आने पर उक्त घटिया सी.सी. उखाड़कर दुबारा बनवाई गई? यदि हाँ तो इसके लिए दोषी उपयंत्री पर कोई कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों?

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) प्रश्‍नांश की संपूर्ण जानकारी का गौशवारा संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं, सोशल मीडिया के माध्‍यम से शिकायत संज्ञान में आयी है, भारसाधक अधिकारी, मंडी श्‍योपुर एवं कार्यपालन यंत्री, मुरैना द्वारा कार्य मानक स्‍तर का न होने के कारण सी.सी. उखड़वाई गई। इस संबंध में उपयंत्री, सहायक यंत्री तथा कार्यपालन यंत्री को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए हैं। प्राप्‍त उत्‍तर के परीक्षण की कार्यवाही प्रचलन में है।

परिशिष्ट - "इक्कीस"

मनरेगा उपयंत्रियों की 8 सूत्रीय मांग पर कार्यवाही

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

63. ( क्र. 2136 ) श्री भंवर सिंह शेखावत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मनरेगा योजना में कार्यरत उपयंत्रियों द्वारा अपनी 8 सूत्रीय मांगों के समर्थन में दिनांक 18 अगस्त 2025 से 13 नवम्बर 2025 तक हड़ताल की गई थी? यदि हाँ, तो उक्त मांगों के संबंध में शासन स्तर पर क्या-क्या कार्यवाही की गई है? किन-किन मांगों को स्वीकार किया गया है? यदि इस संबंध में कोई आदेश जारी किए गए हों तो कृपया अवगत करवाएं। साथ ही यदि कोई मांगें लंबित हैं तो वे किस स्तर पर तथा किन कारणों से लंबित हैं? इसकी जानकारी प्रदान करें।                        (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में मंत्री महोदय द्वारा सकारात्मक रुख अपनाते हुए सभी मांगों के निराकरण हेतु निर्देश दिए गए थे? यदि हाँ, तो शासन स्तर पर लिए गये सम्पूर्ण निर्णय से अवगत करवायें। (ग) मनरेगा योजना में कार्यरत उपयंत्रियों को हड़ताल अवधि का वेतन कब तक प्रदान किया जाएगा? समय-सीमा बताएं। (घ) क्या यह सत्य है कि मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद् द्वारा पूर्व में पदपूर्ति हेतु (Redeployment) किया गया था? यदि हाँ, तो यह स्पष्ट किया जाए कि योजना में पदस्थ सहायक मानचित्रकार, जो डिग्री/डिप्लोमा धारक हैं, उन्हें उपयंत्री के पद पर (Redeployment) कब तक किया जाएगा?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है(ख) उत्तरांश (क) अनुसार। (ग) उपयंत्रियों के द्वारा हड़ताल अवधि के पारिश्रमिक भुगतान की मांग के संबंध में आवेदन प्राप्‍त हैं। सामान्‍य प्रशासन विभाग के परिपत्र क्र. 3 (70) 3440/2006/1-3, दिनांक 22.01.2006 के संबंध में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जी हाँ, किन्‍तु डिग्री/डिप्लोमा धारक सहायक मानचित्रकार को उपयंत्री के पद पर Redeployment किये जाने का कोई निर्णय परिषद् द्वारा नहीं लिया गया हैं, शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

सहकारी समितियों का गठन

[सहकारिता]

64. ( क्र. 2140 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश सहकारी समितियों के गठन के क्या नियम हैं? क्या सहकारी समितियों में अनुसूचित जाति, जनजाति के स्थानीय सदस्यों एवं पदाधिकारियों को शामिल किए जाने की बाध्यता है? यदि हाँ तो किस नियम से? (ख) क्या मछुआ कल्याण/जलाशयों से मछली पकड़ने/संग्रहण करने वाली समितियों में स्थानीय निवासियों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति सदस्यों को शामिल नहीं किया गया है? यदि हाँ तो क्यों? (ग) क्या ग्वालियर जिले की भितरवार विधानसभा क्षेत्र में स्थित जलाशयों में सहकारी समितियां मछली पकड़ने/संग्रहण का कार्य कर रही हैं? यदि हाँ तो कब से? किस आदेश से? समितियों की नामवार जानकारी दें। क्या इन समितियों में एक ही परिवार के सदस्यों या रिश्‍तेदारों को ही शामिल किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍यों? (घ) प्रश्‍नांश '''' में शामिल समितियों के गठन, पदाधिकारियों एवं सदस्यों की सूची नामवार, पतेवार उपलब्ध कराएं। क्या इनमें स्थानीय, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के सदस्य शामिल है? यदि नहीं, तो क्यों?

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (‍क) प्रदेश में सहकारी समितियों का गठन मध्‍यप्रदेश सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1960 की धारा 6, 7 एवं 9 तथा मध्‍यप्रदेश सहकारी सोसायटी नियम, 1962 के नियम 4 एवं 5 के प्रावधानों के अंतर्गत किया जाता है। प्रावधानों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। जी नहीं, सहकारी संस्‍थाओं के गठन में कार्यक्षेत्र के व्‍यक्तियों को शामिल किया जाता है। (ख) जी नहीं, जिला ग्‍वालियर अंतर्गत कार्यरत सभी समितियों में मत्‍स्‍य नीति 2008 के अनुसार स्‍थानीय निवासियों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के सदस्‍यों को शामिल किया गया है। (ग) जी हाँ। ग्‍वालियर जिले की भितरवार विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत समस्‍त जलाशयों पर कार्यरत मछुआ सहकारी समिति की नामवार सूची, पटटा आदेश की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। उपरोक्‍त कार्यरत समस्‍त मछुआ सहकारी समितियों में एक ही परिवार के सदस्‍यों/रिश्‍तेदारों को शामिल नहीं किया गया है। (घ) उत्तरांश '''' में शामिल समितियों के पदाधिकारियों के नाम तथा समितिवार सदस्‍यों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-तीन अनुसार है। इनमें स्‍थानीय, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के सदस्‍य शामिल है।

सामुदायिक भवन के निर्माण कार्य की स्वीकृति

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

65. ( क्र. 2144 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परासिया विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत क्या आमजनों व ग्रामीणजनों की आवश्यकता अनुसार विभिन्न ग्राम/ग्राम पंचायतों में सामुदायिक भवन निर्माण कार्य की स्वीकृति प्रदान की जायेगी? जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नकर्ता द्वारा विधानसभा क्षेत्र परासिया के अन्तर्गत विभिन्न ग्राम/ग्राम पंचायतों में 20 स्थानों पर सामुदायिक भवन निर्माण कार्य की स्वीकृति के संबंध में माननीय पंचायत मंत्री महोदय जी को पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2025/672 दि. 01.12.2025 पत्र प्रेषित किया गया है, जिस पत्र पर अभी तक स्वीकृति हेतु क्या-क्या कार्यवाही की गई है? जानकारी उपलब्ध करायें।

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) बजट की उपलब्‍धता के आधार पर नवीन कार्य स्‍वीकृत किये जाते है। वर्तमान वित्‍तीय वर्ष के बजट प्रावधानों के दृष्टिगत कोई कार्यवाही प्रस्‍तावित नहीं है। (ख) प्रश्‍नांश में संदर्भित पत्र में उल्लिखित 20 स्‍थानों में से ग्राम पंचायत जमुनिया पठार के ग्राम पायली में दिनांक 18.03.2025 एवं ग्राम पंचायत मोठार में दिनांक 12.11.2025 को राशि रूपये 25.00 लाख के सामुदायिक भवन पत्र प्राप्ति के पूर्व स्‍वीकृत किये गये है। शेष प्रस्‍तावित कार्यों की स्‍वीकृति हेतु वर्तमान में कोई कार्यवाही प्रचलन में नहीं है।

महाविद्यालयों में शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक पदों की पूर्ति

[उच्च शिक्षा]

66. ( क्र. 2167 ) श्री संजय उइके : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) क्या बैहर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत संचालित शासकीय/अशासकीय महाविद्यालयों में विभिन्न शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक पदों की भारी कमी बनी हुई है? (ख) यदि हाँ, तो कृपया वर्षवार एवं महाविद्यालयवार यह बतावें कि कुल कितने पद स्वीकृत हैं? वर्तमान में कितने पदों पर कर्मचारी/प्राध्यापक रिक्त पद के विरूद्ध कितने अतिथि विद्वान कार्यरत हैं? कितने पद रिक्त पड़े हैं? पदवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) रिक्त पदों की पूर्ति हेतु शासन द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है तथा किस समय-सीमा में इन पदों की पूर्ति की जावेगी?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं, महाविद्यालय में वाणिज्य, हिन्दी, भौतिक शास्‍त्र, रसायन में एक-एक व प्राणी शास्त्र विषय में 03, इस प्रकार कुल 07 सहायक प्राध्यापक कार्यरत हैं एवं अध्यापन व्यवस्था हेतु 08 अतिथि विद्वान कार्यरत हैं। अशैक्षणिक पदों में तृतीय श्रेणी में 01 एवं चतुर्थ श्रेणी में 02 पद भरे हैं। अशासकीय (प्राइवेट) एवं अनुदान प्राप्त महाविद्यालय संचालित नहीं है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) रिक्त पदों की पूर्ति एक सतत् प्रकिया है। सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 के आधार पर हिन्दी व रसायन शास्त्र विषय में पदस्थापना की गई है, शेष विषयों में जारी चयन सूचियों के अनुक्रम में नियुक्ति की कार्यवाही निरंतर की जा रही है। रिक्त पदों की पूर्ति हेतु वर्ष 2024-25 में विज्ञापन भी जारी किया गया है। गैर शैक्षणिक पदों की पूर्ति पदोन्नति एवं सीधी भर्ती के माध्यम से की जाती है।                 समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "बाईस"

सड़कों का मरम्मत एवं नवीनीकरण कार्य

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

67. ( क्र. 2171 ) श्री संजय उइके : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                  (क) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बैहर विधानसभा क्षेत्र में योजना प्रारंभ से प्रश्‍न दिनांक तक कहाँ-कहाँ, कौन-कौन सी सड़कों का कब-कब निर्माण किया गया है? (ख) योजनान्तर्गत निर्मित सड़कों का रख-रखाव कार्य कब-कब किया गया? वर्तमान में कौन-कौन सी सड़क मरम्मत/नवीनीकरण योग्य है? उसका मरम्मत/नवीनीकरण कार्य कब तक किया जावेगा?                   (ग) क्या योजनान्तर्गत निर्मित सड़कों के पुल/पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से उसका मरम्मत कार्य विभागीय तौर पर किया गया है? यदि हाँ तो वित्तीय वर्ष 2020-21 से प्रश्‍न दिनांक तक कहाँ-कहाँ के पुलियों/पुल का किस ठेकेदार के द्वारा कितनी-कितनी राशि का कार्य कराया गया? (घ) विभागीय तौर पर मरम्मत कार्य करने के आदेश/निर्देश/नियम की प्रति उपलब्ध करावें।

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनान्तर्गत बैहर विधानसभा क्षेत्र में योजना प्रारंभ से प्रश्‍न दिनांक तक पूर्ण सड़कों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। (ख) सड़कों के निर्माण अवधि पूर्ण होने के उपरांत संविदाकार द्वारा 05 वर्षों तक संधारण की गारंटी अवधि में मार्गों में स्थल की आवश्‍यकतानुसार एवं अनुबंध में निहित प्रावधान अनुसार सतत रूप से संधारण कार्य किया जाता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। संधारण की गारंटी अवधि पूर्ण होने के उपरांत पुनः 05 वर्षीय संधारण/नवीनीकरण हेतु प्राक्कलन तैयार कर निविदा आमंत्रण की जाती है एवं एजेंसी निर्धारण कर पुनः कार्यादेश दिनांक से 05 वर्षीय संधारण अवधि में मार्गों पर स्थल की आवश्‍यकतानुसार मरम्मत/नवीनीकरण कार्य करवाया जाता है। संधारण कार्य अन्तर्गत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''3'' अनुसार है। (ग) जी नहीं। योजनान्तर्गत निर्मित सडकों के पुल-पुलियों के क्षतिग्रस्त होने पर मरम्मत कार्य विभागीय तौर पर नहीं करवाया जाता। अपितु 05 वर्षीय गारंटी अवधि में अनुबंधित संविदाकार द्वारा ही दायित्व अन्तर्गत मरम्मत कार्य कराया जाता है। 05 वर्षीय गारंटी अवधि के पूर्ण होने के उपरांत पुनः संधारण स्तर के मार्गों में पुल-पुलियों के क्षतिग्रस्त होने पर संधारण कार्य की एजेंसी से सक्षम अधिकारी की स्वीकृति प्राप्त होने पर एजेंसी से क्षतिग्रस्त भागों में मरम्मत/सुधार कार्य करवाया जाता है। वित्तीय वर्ष 2020-21 से प्रश्‍न दिनांक तक क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों पर करवाये गये मरम्मत कार्य की जानकारी, व्यय सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''4'' अनुसार है। (घ) विभागीय तौर पर मरम्मत कार्य नहीं करवाया जाता। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

महाविद्यालय जैरा एवं कैलारस में रिक्‍त पदों की जानकारी

 [उच्च शिक्षा]

68. ( क्र. 2175 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय महाविद्यालय जौरा एवं कैलारस में प्राध्यापकों के रिक्त पदों की जानकारी के संबंध में कब-कब प्रश्‍न पूछे गए? उनके उत्तर अनुसार जानकारी की तुलना में जनवरी 2026 तक कितने रिक्त पदों को भरा गया एवं प्रश्‍नकर्ता द्वारा उपरोक्त के संबंध में माननीय मंत्री महोदय से किये गये पत्राचार पर की गई कार्यवाही की जानकारी दें। (ख) शासकीय महाविद्यालयों में प्राचार्य का प्रभार दिए जाने हेतु योग्यता संबंधी क्या प्रावधान है? क्या शासकीय महाविद्यालय जौरा एवं कैलारस में प्राचार्य निर्धारित योग्यता रखते हैं? उपरोक्त महाविद्यालयों में पदस्थ प्राचार्यों की योग्यता संबंधी जानकारी उपलब्ध कराएं। (ग) शासकीय महाविद्यालयों में जनभागीदारी समिति के गठन हेतु क्या प्रावधान है? जनभागीदारी समिति में क्षेत्रीय विधायक की क्या भूमिका है? जौरा एवं कैलारस महाविद्यालयों में जनभागीदारी समिति के गठन, अध्यक्षों एवं सदस्यों की जानकारी, निर्धारित कार्यकाल, विगत दो वर्ष की बैठकों के एजेंडा एवं लिए गए निर्णयों की जानकारी उपलब्ध कराएं। (घ) शासकीय महाविद्यालय जौरा एवं कैलारस तथा दोनों महाविद्यालयों की जनभागीदारी समितियों को विगत दो वर्षों में किस-किस मद से कितनी राशि प्राप्त हुई एवं उसका व्यय                   किस-किस कार्य हेतु किया गया? संपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध कराएं। (ङ) क्या शासकीय महाविद्यालय कैलारस की इमारत का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है? यदि हाँ, तो हैंड-ओवर क्यों नहीं किया गया है? संपूर्ण वस्तुस्थिति से दस्तावेजों सहित अवगत कराएं।

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) शासकीय महाविद्यालय, जौरा एवं कैलारस के संबंध में प्राध्यापकों के रिक्त पदों की जानकारी के संबंध में तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 2081 सत्र जुलाई, 2024 एवं तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 420 जुलाई-अगस्त, 2025 में पूछे गये। पूछे गये प्रश्‍नों के उत्तर अनुसार शासकीय महाविद्यालय, जौरा में 01 तथा कैलारस में 01 पदों को भरा गया है। प्राप्त पत्रों के अनुक्रम में उक्त महाविद्यालयों में 01-01 सहायक प्राध्यापक की पदस्थापना की गई, शेष पदों की पूर्ति की कार्यवाही सतत् की जा रही है। (ख) प्राचार्य के पद पर वरिष्ठ प्राध्यापक/सहायक प्राध्यापक को प्राचार्य का प्रभार दिया जाता है। जी हाँ। शासकीय महाविद्यालय, जौरा एवं कैलारस में पदस्थ प्रभारी प्राचार्य, महाविद्यालय में वरिष्ठतम प्राध्यापक है। (ग) नियम पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" अनुसार है। शासकीय महाविद्यालय, कैलारस में जनभागीदारी समिति का रजिस्ट्रेशन हो चुका है परंतु अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति नहीं हुई है। शासकीय महाविद्यालय, जौरा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "स" अनुसार है। (ङ) जी नहीं। शासकीय महाविद्यालय, कैलारस के नवीन भवन निर्माण हेतु विभाग के पत्र दिनांक 12.10.2022 द्वारा राशि रूपये 617.82 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई थी, किंतु स्वीकृत राशि से निर्माण कार्य पूर्ण न होने के कारण महाविद्यालय भवन का कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है। महाविद्यालय में भवन निर्माण हेतु पुनरीक्षित स्वीकृति की कार्यवाही वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता अनुसार की जा सकेगी।

खिलाड़ियों को दी जाने वाली सुविधाएं

[खेल एवं युवा कल्याण]

69. ( क्र. 2176 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में खिलाड़ियों के उत्थान हेतु कौन-कौन सी योजनाएं वर्तमान में प्रभावशील है? योजनावार जानकारी दी जावे। (ख) ग्वालियर-चंबल संभाग में कितने खिलाड़ियों को किन-किन स्थानों पर ट्रेनिंग दी जा रही है? खेलवार कोचों के नाम और संस्थान के नाम एवं पता सहित जानकारी दी जावे। (ग) ग्वालियर-चबंल संभाग से वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने खिलाड़ियों का चयन प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर पर हुआ? खेल एवं खिलाड़ियों के नाम सहित जानकारी दी जावे। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संबंध में उक्त अवधि में चयनित खिलाड़ियों को क्या-क्या खेल सामग्री एवं कितनी सहायता दी गई? खिलाड़ियों के नाम/राशि/सामग्री सहित जानकारी दी जावे। (ड.) प्रश्‍नांश (ग) के संबंध में उक्त अवधि में चयनित खिलाड़ियों में से कितने खिलाड़ियों को किस-किस विभाग में किस-किस पद पर नियुक्ति प्रदान की गई? यदि नहीं, तो क्यों? कारण सहित जानकारी दी जावे।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) प्रदेश में खिलाड़ियों के उत्‍थान हेतु वर्तमान में विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है (ख) ग्‍वालियर-चंबल संभाग में खिलाड़ियों को दी जा रही ट्रेनिंग के स्‍थल, कोच के नाम, खिलाड़ियों की संख्‍या आदि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है                    (ग) ग्‍वालियर-चंबल संभाग में वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक राज्‍य एवं राष्‍ट्रीय स्‍तर पर चयनित खिलाड़ियों के नाम व उनके खेलों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) प्रश्‍नांश (ग) में उल्‍लेखित अवधि में खिलाड़ियों को दी गई खेल सामग्री, सहायता राशि आदि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। (ड.) म.प्र. शासन के परिपत्र क्र. एफ सी-3-12/09/3/1 दिनांक 17 जून 2009 द्वारा विक्रम पुरस्‍कार प्राप्‍त उत्‍कृष्‍ट खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में नियुक्ति दिये जाने का प्रावधान है। प्रश्‍नांश (ग) में उल्‍लेखित अवधि में ग्‍वालियर-चंबल संभाग के विक्रम पुरस्‍कार से सम्‍मानित खिलाड़ियों को उत्‍कृष्‍ट खिलाड़ी घोषित कर पात्रतानुसार शासकीय सेवा में नियुक्ति प्रदान की गई है, की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

मिट्टी परीक्षण लैब का निजीकरण

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

70. ( क्र. 2179 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मिट्टी परीक्षण लैबों को निजी हाथों में सौंपने का निर्णय किस वर्ष में लिया गया? शासन आदेश की प्रति सहित जानकारी दी जावे। (ख) निजी परीक्षण लैबों द्वारा मिट्टी का परीक्षण किये जाने पर शासन द्वारा कितनी राशि का भुगतान किया जाता है अथवा कृषकों से कितनी राशि ली जाती है? जानकारी दी जावे। (ग) निजी परीक्षण लैबों में मिट्टी का परीक्षण हेतु 'मिट्टी नमूना' लिये जाने हेतु विभाग के क्या मापदण्ड है और इसके लिये कृषकों की भूमि का निर्धारण किस प्रकार किया जाता है? जानकारी दी जावे। (घ) ग्वालियर एवं चंबल संभाग में मिट्टी परीक्षण लैबों को निजी हाथों में सौंपने के लिये गये निर्णय के बाद किस-किस जिले में निजी परीक्षण लैबों के द्वारा फर्जी परीक्षण किये जाने के संबंध में कितने प्रकरण दर्ज किये गये एवं दर्ज प्रकरणों में क्या कार्यवाही की गई और यदि नहीं, तो क्यों? कारण सहित जानकारी दी जावे।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) दिनांक 04.07.2024 को निर्णय लिया गया है। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) प्रति मिट्टी नमूना राशि रू. 235/- का भुगतान किया जाता है। कृषकों से एकत्रित मृदा नमूनों का परीक्षण नि:शुल्‍क किया जाता है। (ग) विभाग के मैदानी अमले द्वारा कृषकों के खेतों से खसरा आधारित, यादृच्छिक (Random) रूप से मृदा नमूने स्‍वाइल हैल्‍थ कार्ड एप के माध्‍यम से एकत्रित किये जाते हैं तथा मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाओं में उपलब्‍ध कराए जाते हैं। मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाओं में युवा उद्यमी/संस्‍थाओं द्वारा मिट्टी नमूनों का परीक्षण किया जाता है। (घ) जिला मुरैना में ''खेत एवं फसलों'' का फर्जी रिकार्ड बनाकर मिट्टी की जांच करने संबंधी प्रकाशित समाचार का एक प्रकरण संज्ञान में आया है। प्रकाशित समाचार में दर्शित किसानों के मिट्टी परीक्षण संबंधी तथ्‍यों का परीक्षण कराया गया। प्रकरण से संबंधित किसानों के खेत से मिट्टी नमूना एकत्रित कर, प्रयोगशाला में परीक्षण उपरांत संबंधित कृषकों को स्‍वाइल हैल्‍थ कार्ड उपलब्‍ध कराये गये हैं। किसानों के नमूनों का फर्जी परीक्षण नहीं किया गया है। स्‍वाइल हैल्‍थ कार्ड एप के माध्‍यम से मिट्टी नमूना एकत्रीकरण करते समय, 02 कृषि विस्‍तार अधिकारियों द्वारा किसानों के मोबाइल नम्‍बर/फसल की जानकारी त्रुटिपूर्ण दर्ज करने की शासकीय कार्य में लापरवाही बरते जाने से संबंधितों के विरूद्ध एक-एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोके जाने की अनुशासनात्‍मक कार्यवाही की गई है। अनुशासनात्‍मक कार्यवाही के आदेशों की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। शेष प्रश्‍नांश उद्भूत नहीं होता है।

आत्‍मा योजना की जानकारी

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

71. ( क्र. 2180 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में आत्मा योजना से कौन-कौन से कार्य किये जा रहे हैं? 1 अप्रैल 2021 से प्रश्नांकित दिनांक तक भारत सरकार से किस-किस मद में बजट प्राप्त हुआ है? भारत सरकार की आत्मा योजना की गाइड-लाइन की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में उक्त बजट जिले में कितना-कितना जारी किया गया? जिलेवार जानकारी देवें तथा जिलों द्वारा किस-किस मद से व्यय किया गया? कार्यवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में आत्मा योजना में जिला स्तर एवं विकासखण्ड स्तर में कौन-कौन से समितियों का गठन किया जाता है? नियम, निर्देश, आदेशों की छायाप्रति उपलब्ध करावें एवं किन-किन जिलों में समितियों का गठन हो गया है एवं कितने जिलों में शेष है? (घ) विदिशा जिले में 1 अप्रैल 2021 से प्रश्‍नांश दिनांक तक किन-किन मदों में कितना कितना बजट प्राप्त हुआ है एवं किस-किस मद में व्यय किया गया है? विकासखण्ड जानकारी देवें।                      (ड.) कृषक जिला योजना क्या है तथा किन-किन जिलों में कृषक मित्रों की नियुक्ति हुई है एवं शेष जिलों में कब तक नियुक्ति की जावेगी? समय-सीमा बतावें।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) म.प्र. में आत्मा योजना अंतर्गत कृषक प्रशिक्षण, कृ‍षक भ्रमण, कृषि विज्ञान मेला, प्रदर्शन, फार्म स्‍कूल, कृषक संगोष्‍ठी, नवाचार गतिविधियां प्रमुख कार्य किये जा रहे हैं। दिनांक 01 अप्रैल 2021 से प्रश्नांकित दिनांक तक भारत सरकार से सामान्‍य (701), अनुसूचित जनजाति (702) एवं अनुसूचित जाति (703) मद में प्राप्‍त बजट की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। भारत सरकार की आत्मा योजना की गाइड-लाइन की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।                        (ख) उत्तरांश (क) के संदर्भ में जिलेवार आवंटित बजट एवं व्‍यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। कार्यवार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ग) उत्तरांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में आत्‍मा योजनांतर्गत जिला स्‍तर पर आत्‍मा गवर्निंग बोर्ड, जिला स्तरीय कृषक सलाहकार समिति, जिला स्‍तरीय आत्‍मा मैनेजमेन्‍ट कमेटी एवं विकासखण्‍ड स्‍तर पर विकासखण्‍ड स्‍तरीय कृषक सलाहकार समिति, विकासखण्‍ड स्‍तरीय तकनीकी दल समिति का गठन किया जाता है। निर्देश की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। नवगठित जिले मैहर, पांर्ढुणा, मऊगंज में आत्‍मा कार्यालय स्‍वीकृत नहीं होने के कारण पूर्ववत जिलों की समितियां ही कार्यरत हैं। आत्मा योजना में जिलों द्वारा गठित समितियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है। (घ) विदिशा जिले में 1 अप्रैल 2021 से प्रश्‍नांश दिनांक विकासखण्‍डवार बजट एवं व्‍यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-6 अनुसार है। (ड.) आत्‍मा अंतर्गत भारत सरकार से जारी गाइड-लाइन के निर्देश अनुसार निर्धारित घटकों का क्रियान्‍वयन जिला योजना में किया जाता है। कृषक मित्रों के नियुक्ति के संबंध में कार्यवाही विचारणाधीन है।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई वाटर शेड योजना

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

72. ( क्र. 2181 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                             (क) प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 वॉटर शेड विकासखण्ड सिरोंज के देवपुर, अनूपपुर, गेंहूखेड़ी, बांसखेड़ी अस्पाल, सरेखो, कचनारिया, भौंरिया ग्राम पंचायतों में संचालित है? यदि हाँ, तो इन ग्रामों के हितग्राहियों को आजीविका के 15% मद से किस-किस ग्राम में कितने समूह को कितना ऋण दिया गया है? समूह का नाम, अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष का नाम, पता सहित जानकारी उपलब्ध करावें।                              (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ उक्त स्व-सहायता समूह के स्वरोजगार हेतु ऋण दिया गया था? क्या उसका उपयोग हितग्राहियों द्वारा उसी कार्य में किया गया है, का प्रमाणीकरण करने वाले अधिकारी कर्मचारी का नाम व पद बतावें। ऐसे कितने समूह है, जिनके द्वारा ऋण लेने के बाद भी जिस गतिविधि के लिए ऋण लिया था? उसे प्रारंभ नहीं किया गया और राशि का दुरूपयोग किया गया है? वॉटर शेड की टीम में कौन-कौन से कर्मचारियों की मिलीभगत से कार्य किया गया है? अधिकारी/कर्मचारी का नाम, पद सहित जानकारी देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में स्वरोजगार आजीविका योजना में की गई आर्थिक अनियमितताओं की जांच विभाग द्वारा कब-कब कराई गई? क्या प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की जांच विभाग द्वारा कराई गई थी, यदि हाँ, तो इसमें कौन-कौन से अधिकारी सम्मिलित थे? जांच प्रतिवेदन की छायाप्रति उपलब्ध करावें।                                    (घ) प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में उद्यानिकी, वानिकी, उन्नत किस्म के बीज पर 15% एवं आस्था मूलक कार्ययोजना से जुड़ाव हेतु कार्य 2% राशि शासन से निर्धारित की गई है? यदि हाँ, तो प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 में कितने ग्रामों के कितने कृषकों को नाम व पता सहित उद्यानिकी से, वानिकी से लाभान्वित किया गया है एवं उन्नत किस्म के बीज कौन-कौन फसल के कितनी मात्रा में वितरण किया गया है एवं आस्था मूलक मद 2% से कौन-कौन से ग्रामों में ग्रामीणों की आस्था अनुसार कौन-कौन से कार्य कितनी-कितनी लागत से निर्मित किये गए हैं? यदि नहीं, तो इसमें कौन-कौन अधिकारी दोषी हैं एवं जांच कब तक की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। प्रश्‍नाधीन शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) जी हाँ। निरीक्षणकर्ता की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। प्रदाय ऋण राशि का उपयोग स्‍व-सहायता समूह द्वारा किया गया है और गतिविधि प्रारंभ कर ली गई है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍नाधीन कार्यों में किसी भी प्रकार की आर्थिक अनियमितता नहीं पाई गई है, अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्‍नाधीन योजनांतर्गत उत्‍पादन प्रणाली मद में 15 प्रतिशत तथा आस्‍था मूलक मद में 02 प्रतिशत परियोजना राशि के उपयोग का प्रावधान है। उन्‍नत किस्‍म के बीज योजनांतर्गत उपलब्‍ध नहीं कराये गये हैं, अत: संबंधित प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। उत्‍पादन प्रणाली मद अंतर्गत लाभान्वित कृषकों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। आस्‍था मूलक मद के कार्यों का उद्देश्‍य ग्रामीणों की आस्‍था अनुसार कार्य कराना नहीं है, अपितु ग्रामीण समाज के साथ तालमेल स्‍थापित करना है। इस हेतु योजना अंतर्गत कृषकों उत्‍पादक संगठनों के माध्‍यम से कस्‍टम हाईरिंग सुविधा स्‍थापित करने का प्रावधान किया गया है। निर्माण कार्य का प्रावधान नहीं किया गया है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

ग्राम पंचायत में निर्माण कार्य एवं भुगतान में अनियमितता

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

73. ( क्र. 2189 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 1/4/2017 से 31/4/2022 के दौरान ग्राम पंचायत झिन्ना जिला मैहर में वर्ष 2021 में कितनी राशि व्यय कर कचरा संग्रहण केंद्र का निर्माण किस स्थान पर हुआ? क्या उक्त कार्य प्रश्‍न तिथि तक स्थल पर मौजूद है? हाँ या नहीं? वर्ष 2022 में कौहरा तालाब के जीर्णोद्धार के नाम पर कितनी राशि आहरित की गई? क्या कार्य स्थल पर प्रश्‍न तिथि मौजूद है? कार्य होने का पंचनामा दें। गुणवत्ता एवं उपयोगिता प्रमाण पत्रों की प्रति दें एवं कितनी राशि आहरित/निकाली गई और कितना भुगतान हुआ? (ख) इसी तरह वर्ष 2018 में इंद्रभान केवट के घर से मेघराज चौरसिया के घर तक पी.सी.सी. नाली का निर्माण कराया गया? कितनी राशि आहरित हुई? किसको भुगतान हुआ? स्थल पर कार्य है या नहीं? (ग) क्या वर्ष 2018 में सिंगरहॉन बस्ती प्राथमिक शाला में बाउंड्रीवॉल के निर्माण में कितनी राशि आहरित कर किसको भुगतान किया गया? स्थल पर कार्य मौजूद है या नहीं? वर्ष 2018 में पी.सी.सी. रोड/नाली निर्माण का दो बार टी.सी. बनाकर मनरेगा से स्वीकृत राशि 62, 814 रुपए से ज्यादा की राशि आहरित की गई? स्थल पर कार्य भी मौजूद है या नहीं? (घ) वर्ष 2018-19 के दौरान किए गए पुलिया/रपटा निर्माण का भुगतान किसको किया गया? उपरोक्त सभी कार्यों का भुगतान जिसे किया गया, उसका जी.एस.टी./टिन क्रमांक सहित बिल की प्रति दें

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) ग्राम झिन्ना, जनपद पंचायत अमरपाटन, जिला मैहर अंतर्गत कचरा संग्रहण केंद्र निर्माण कार्य, जिसकी तकनीकी स्वीकृति क्र. 84 दिनांक 16.06.2021 एवं प्रशासकीय स्वीकृति क्र. 13 दिनांक 20.06.2021 राशि रू. 2.4126 लाख व्यय किया गया। जी हाँ, कार्य स्थल पर मौजूद नहीं है। कौहरा तालाब का जीर्णोद्धार जिसकी तकनीकी स्वीकृति क्र. 942 दिनांक 10.02.2022 एवं प्रशासकीय स्वीकृति क्र. 14 दिनांक 25.02.2022 में कुल स्वीकृत लागत राशि                    रू. 5.50 लाख में मनरेगा योजना से राशि रू. 1.40 लाख व्यय किया गया, जबकि मूल्यांकन राशि                      रु. 0.1773 लाख का है। माननीय लोकायुक्त रीवा में प्रकरण क्र. 502/ई/2024 पंजीबद्ध है, जिसके अभिलेख लोकायुक्त कार्यालय रीवा में जमा है। (ख) मनरेगा योजनांतर्गत पी.सी.सी. रोड एवं नाली निर्माण इंद्रभान केवट के घर से मेघराज चौरसिया के घर तक तकनीकी स्वीकृति क्र. 447 दिनांक 14.09.2018 एवं प्रशासकीय स्वीकृति क्र. 09 दिनांक 15.09.2018 कुल स्वीकृत राशि 1.97 लाख में मनरेगा योजना से व्यय राशि शून्य है एवं अन्य मद से व्यय राशि 1.68 लाख है। मौके पर निर्माण कार्य नहीं पाया गया। माननीय लोकायुक्त रीवा में प्रकरण क्र. 502/ई/2024 पंजीबद्ध है, जिसके अभिलेख लोकायुक्त कार्यालय रीवा में जमा है। (ग) वर्ष 2018 में सिंगरहॉन बस्ती प्राथमिक शाला में बाउंड्रीवॉल के निर्माण कार्य में राशि 1, 96, 891 रू. आहरित किया गया एवं मौका स्थल पर कार्य मौजूद नहीं है। वर्ष 2018 में पी.सी.सी. रोड/नाली निर्माण का दो बार मनरेगा से टी.एस. नहीं किया गया और न ही स्वीकृत राशि 62, 814 रू. से ज्यादा राशि मनरेगा से आहरित की गई, स्थल पर कार्य मौजूद नहीं है। दस्तावेज ग्राम पंचायत झिन्ना में उपलब्ध नहीं, अभिलेख लोकायुक्त कार्यालय रीवा में जमा है। (घ) वर्ष 2018-19 में दौरान किए गए पुलिया/रपटा निर्माण में दो ह्यूम पाइप 600 एम.एम. डायमीटर लगे पाये गये हैं जिसके दोनों तरफ कंक्रीट भी निर्मित की गई है, भुगतान के संबंध में दस्‍तावेज ग्राम पंचायत में उपलब्‍ध नहीं है, अभिलेख लोकायुक्‍त कार्यालय रीवा में जमा है।

सतना एवं मैहर जिले में उर्वरक की आवश्‍यकता

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

74. ( क्र. 2190 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना एवं मैहर जिले में वित्तीय वर्ष 01/04/2022 से प्रश्‍न तिथि के दौरान किस-किस फसलों (रबी व खरीफ) में कितनी-कितनी, किस प्रकार की उर्वरक की आवश्यकता/डिमांड रहती है? शासन से वित्तीय वर्ष 2022 से प्रश्‍न तिथि के दौरान कितने-कितने टन, क्या-क्या उर्वरक, रबी एवं खरीफ की फसलों के दौरान प्राप्त हुए? इन प्राप्त और उर्वरकों को किस-किस स्थान पर कितनी-कितनी मात्रा में रखा जाना तय था? कितनी-कितनी मात्रा में रखा गया? फसलवार/वर्षवार/उर्वरक की मात्रा व नामवार/स्थानवार जानकारी दें। (ख) क्या 29 अक्टूबर 2025 को परिवहनकर्ता के ट्रक क्रमांक एम.पी. 53 एच.ए. 1828 को सोहावल के एस.डी.ओ. के द्वारा पन्ना रोड पर पकड़ा? चेकिंग के दौरान मार्कफेड के शेरगंज गोडाउन के प्रभारी द्वारा जारी उर्वरक प्राप्ति की सील एवं हस्ताक्षर युक्त पेपर उक्त ट्रक में पाए गए जबकि यह ट्रक खाद लेकर शेरगंज गोडाउन में खाली न होकर किसी अन्य (अज्ञात) जगह पर बिना किसी वैध दस्तावेज (चालान/बिल्टी) के जा रहा था? राज्य शासन ने प्रश्‍न तिथि तक किस पर क्या कार्रवाही की है? बिंदुवार/नामवार/पदवार जानकारी दें। (ग) क्या सतना/मैहर जिले में प्रश्‍नांश (क) में वर्णित समय अनुसार कब-कब किस स्थान पर तय मात्रा से ज्यादा/कम उर्वरक प्राप्त हुआ? फसलवार (रबी/ खरीफ)/वर्षवार/उर्वरक के स्थानवार (कम/ज्यादा) मात्रावार जानकारी दें। (घ) शासन किस नाम/पदनाम पर कब तक क्या कार्यवाही करेगा?

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) सतना एवं मैहर जिले में वित्तीय वर्ष 01.04.2022 से प्रश्‍न तिथि के दौरान खरीफ मौसम में धान, ज्वार, बाजरा, कोदो-कुटकी, अरहर, मूंग, उड़द, सोयाबीन, तिल, रामतिल आदि फसलों एवं रबी मौसम में गेहूं, जौ, चना, मटर, मसूर, सरसों, अलसी आदि फसलों हेतु उवर्रकों की आकलित आवश्यकता एवं आपूर्ति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। फसलवार उर्वरक भण्‍डारण नहीं कराया जाता है, शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ख) जी हाँ, विपणन संघ, मण्डल कार्यालय, रीवा द्वारा जारी कार्यक्रम अनुसार भण्डारण केन्द्र शेरगंज में 100 मीट्रिक टन डी.ए.पी. जाना था, जो प्राप्त हो चुका था। इसी कार्यक्रम अनुसार उक्त ट्रक से गैवीनाथ विपणन सहकारी समिति मझगवां (बिरसिंहपुर) को 50 मीट्रिक टन डी.ए.पी. जाना था, जो उक्त ट्रक से जा रहा था, जारी कार्यक्रम की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। अतः शेष प्रश्‍नांश उद्भूत नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। रैक मात्रा का विपणन संघ, मण्डल कार्यालय, रीवा द्वारा जारी कार्यक्रम अनुसार प्राप्त उर्वरकों के भण्डारण के समय तयशुदा गोदाम में जगह न होने अथवा किसानों की मांग न होने के कारण तय स्थान पर भण्डारित न कराकर जिला विपणन अधिकारी, सतना द्वारा सहकारी क्षेत्र के अन्य उर्वरक वितरण केन्द्रों में भण्डारित कराया गया है। (घ) उत्‍तरांश '' के संदर्भ में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है।

महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय की जांच

[उच्च शिक्षा]

75. ( क्र. 2192 ) श्री मधु भगत : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                   (क) क्या मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग सचिवालय मंत्रालय वल्लभ भवन के शासकीय विभागीय अभिलेख नोटशीट R-06/cms/cc/15/38 दिनांक 01 जनवरी 2015 को जारी कर विश्वविद्यालय संचालन एवं महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय की अंकसूची एवं उपाधि वैद्यता पर गंभीर प्रश्‍न चिन्ह सहित राज्य शासन द्वारा संशोधित अधिनियम 1999 के पालन नहीं करने का लेख किया गया है, उस पर क्या कार्यवाही की गई है? सम्पूर्ण दस्तावेजों सहित जानकारी उपलब्ध करायें। यदि कार्यवाही नहीं की गई है तो क्यों? दोषी कौन है? उन पर क्या कार्यवाही की जायेगी और कब तक स्पष्ट जानकारी उपलब्ध करायें (ख) क्या कार्यालय क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा, जबलपुर संभाग जबलपुर पत्र क्र. 440/अति, सं/उशि/योजना/24 दिनांक 22/02/2024 जारी कर जाँच समिति बनाई गई, जिसमें डॉ. वीणा बाजपेई (संयोजक) शासकीय कन्या महाविद्यालय रांझी जबलपुर, डॉ. शैल प्रभा कोष्टा (सह-संयोजक) शासकीय महाकौशल कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, समिति के सदस्य - डॉ. बी.एन. त्रिपाठी (सदस्य), डॉ. अरुण कक्कड़ (सदस्य),                          डॉ. अजीत सिंह (सदस्य) हैं, यदि हाँ, तो उक्त जाँच समिति द्वारा क्या जाँच की गई एवं दोषियों पर क्या कार्यवाही की गई है? संपूर्ण जाँच प्रतिवेदन आदेश सहित उपलब्ध करायें। यदि जाँच नहीं की गई है तो क्यों? स्पष्टीकरण सहित संपूर्ण दस्तावेजों सहित जानकारी उपलब्ध करायें।

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) दिनांक 01-01-2015 की स्थिति में विभागीय अभिलेख में प्रश्‍नांकित क्रमांक की नोटशीट प्रचलित नहीं थी। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी हाँ। समिति गठित की गई, परंतु क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा, जबलपुर संभाग के आदेश दिनांक 01.03.2024 द्वारा गठित समिति को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया गया, अत: उक्त समिति द्वारा जांच नहीं की गई। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

सेवा सहकारी समितियों के निर्वाचन की जानकारी

[सहकारिता]

76. ( क्र. 2195 ) श्री मधु भगत : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                           (क) बालाघाट जिले में सेवा सहकारी समितियों में वर्तमान भंग कार्यकारिणी के निर्वाचन किस-किस तिथि में सम्पन्न हुए? सेवा सहकारी समितिवार, तिथिवार अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित समस्त पदाधिकारियों के नाम, पते सहित सूची उपलब्ध करावें। निर्वाचन पधाधिकारियों के कार्यकाल संबंधी शासन के दिशा-निर्देश की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परि‍प्रेक्ष्य में जिन तिथियों में निर्वाचन सम्‍पन्‍न हुए, क्या उनकी समयावधि समाप्त हो चुकी है? यदि हाँ, तो निश्चित समयावधि में निर्वाचन सम्पन्न क्यों नहीं कराये गए? कौन अधिकारी दोषी हैं? क्या उन पर कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या निर्धारित अवधि समाप्त होने के पश्चात सम्पूर्ण म.प्र. में समितियों में निर्वाचन कराये जाना कार्ययोजना में शामिल हैं? यदि हाँ, तो कब तक निर्वाचन कराये जायेंगे? विस्तृत ब्योरा प्रदाय करें। (घ) क्या बालाघाट जिले की समस्त सहकारी समितियों में धान खरीदी की गई हैं किन्तु कई किसानों के स्लाट बुक न होने के कारण धान क्रय से कई कृषक क्यों वंचित रह गये? वंचित कृषकों के नाम सहित बतायें कि इनकी धान कब तक खरीद ली जावेगी?

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) बालाघाट जिले की सेवा सहकारी समितियों के निर्वाचन संबंधी बिन्दुवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। निर्वाचन पदाधिकारियों के कार्यकाल संबंधी प्रावधान मध्यप्रदेश सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1960 की धारा 49 (7) की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार है(ख) कार्यालय मध्यप्रदेश राज्य सहकारी निर्वाचन प्राधिकारी से प्राप्त जानकारी अनुसार प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं के निर्वाचन वर्ष 2017-2018 से नहीं हुए हैं। प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं के निर्वाचन विधानसभा निर्वाचन 2018 की आदर्श आचार संहिता प्रभावशील होने से, शासन द्वारा जारी जय किसान ऋण्‍ माफी योजना 2018 के अंतर्गत सदस्यों की पात्रता/अपात्रता में परिवर्तन संभावित होने, लोकसभा निर्वाचन 2019 की आदर्श आचार संहिता प्रभावशील होने, वर्ष 2019 में निर्वाचन सूची का नया प्रारूप अधिसूचित होने तथा सदस्यता सूची तैयार कराई जाने, वर्ष 2020 एवं 2021 में कोरोना महामारी एवं वर्ष 2022 में स्थानीय निकाय चुनाव की आचार संहिता प्रभावशील होने, वर्ष 2023 में विधानसभा निर्वाचन की आदर्श आचार संहिता तथा जून 2024 में लोकसभा निर्वाचन की आदर्श आचार संहिता प्रभावशील होने एवं भारत सरकार की ''सहकार से समृध्दि'' योजनान्तर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत में पैक्स/दुग्ध/मत्स्य समितियों का गठन किये जाने हेतु पैक्स संस्थाओं का पुनर्गठन कर नवीन पैक्स बनाए जाने की कार्यवाही प्रचलित होने से संस्थाओं के निर्वाचन नहीं कराए जा सके हैं। (ग) उत्तरांश '''' अनुसार कार्यवाही प्रचलित होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जी नहीं। जिले की 10 सहकारी समितियों द्वारा धान खरीदी की गई, किसानों के स्लॉट बुक नहीं होने के कारण वंचित कृषकों के नामों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-03 अनुसार है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

किसानों को मुआवजा राशि का वितरण

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

77. ( क्र. 2200 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत दिनों पीला मोजक के कारण फसल खराब होने पर शासन से मुआवजा राशि वितरण के बाद सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में किसानों को फसल बीमा कंपनी से बीमा प्राप्त हो सके, इस हेतु शासन द्वारा क्या प्रक्रिया अपनाई गई है? (ख) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में सोसायटी एवं बैकों के माध्यम से कितने-कितने किसानों ने कितनी-कितनी राशि का फसल बीमा कराया है? किसानों की संख्या एवं राशि सहित जानकारी देवें। (ग) फसल बीमा कंपनी द्वारा कब तक बीमा राशि का भुगतान करने की संभावना है, जिससे किसानों को राहत मिल सके।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रावधानों अनुसार खरीफ 2025 में प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल क्षति अनुसार दावा राशि की गणना प्रक्रियाधीन है। संक्षिप्‍त विवरण की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "तेईस"

सुवासरा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत गोदामों का निर्माण

[सहकारिता]

78. ( क्र. 2201 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में कुल कितनी सहकारी समितियां (सोसायटी) हैं तथा कुल कितने गोदाम उपलब्ध हैं? (ख) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में कुल कितनी ऐसी सहकारी समितियां हैं, जिनके पास स्वयं का गोदाम उपलब्ध है? (ग) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में कुल कितनी ऐसी सहकारी समितियां हैं जिनके पास गोदाम उपलब्ध नहीं है? क्या ऐसी समितियां किराए के कमरों/स्थानों में खाद का भंडारण कर रही हैं अथवा अन्य समितियों से खाद लाकर वितरण कर रही हैं? (घ) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में कितने गोदामों का निर्माण होना प्रस्तावित है? सहकारी समिति के नाम सहित जानकारी देवें।

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में कुल 254 सहकारी समितियां तथा कुल 114 गोदाम उपलब्ध हैं। (ख) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में 35 पैक्स में 98 एवं 02 विपणन सहकारी समितियों में 16 गोदाम उपलब्ध है। (ग) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में 01 पैक्‍स समिति को छोड़कर 35 पैक्‍स व 02 विपणन सहकारी समितियों में स्‍वयं के गोदाम उपलब्‍ध है, जबकि मत्‍स्‍य, दुग्‍ध उत्‍पादक, गृह निर्माण, शहरी साख समितियों में गोदाम की आवश्‍यकता नहीं है। पैक्‍स एवं विपणन समितियों द्वारा खाद के अतिरिक्‍त भण्‍डारण हेतु आवश्‍यकता होने पर अस्‍थायी रूप से किराया/अन्‍य भवनों का उपयोग किया जाता है, अन्‍य समितियों से खाद लाकर वितरण नहीं किया जाता है। (घ) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में वर्ष                            2026-27 में ग्राम कुरावन की असाव‍ती पैक्‍स समिति एवं ग्राम ढण्‍ढेडा की साताखेड़ी पैक्‍स समिति में 2 गोदामों के निर्माण हेतु कार्ययोजना है।

फसल बीमा राशि का भुगतान

 [किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

79. ( क्र. 2205 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला आगर-मालवा एवं जिला शाजापुर अंतर्गत फसल बीमा योजना में खरीफ फसल वर्ष 2025 में हुए नुकसान का योजनानुसार अभी तक किसानों को राशि क्‍यों प्रदान नहीं की गई? फसल बीमा योजना के क्‍या नियम हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार जिला आगर-मालवा एवं जिला शाजापुर में खरीफ फसल 2025 में हुई क्षति के सर्वे में कितने प्रतिशत नुकसान का आकलन किया गया? तहसीलवार जानकारी देवें। फसल बीमा हेतु कौन सी कंपनी जिला आगर-मालवा एवं जिला शाजापुर में चिन्‍हित की गई है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार फसल बीमा योजना के प्रावधान अनुसार अभी तक फसल नुकसान का बीमा कपंनी द्वारा किसानों को भुगतान क्‍यों नहीं किया गया?

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) आपदा प्रावधान अंतर्गत दावा भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार है एवं उपज में कमी के दावा गणना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार है। नियम पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार। फसल बीमा हेतु एग्रीकल्‍चर इंश्‍योरेंस कम्‍पनी ऑफ इंडिया लिमिटेड क्रियान्‍वयन एजेन्‍सी है। (ग) उत्तरांश (क) अनुसार। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मनरेगा योजनांतर्गत कार्यों का क्रियान्‍वयन

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

80. ( क्र. 2209 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मनरेगा योजनांतर्गत सिवनी जिले में जिला पंचायतवार/विकासखंड के माध्यम से किस-किस प्रकार के किन-किन कार्यों का क्रियान्वयन वर्ष 2022-23 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक किया जा रहा है? ग्राम पंचायतवार/विकासखंडवार जानकारी दें। (ख) जिला सिवनी में सघन वृक्षारोपण हेतु सामुदायिक वृक्षारोपण, नक्षत्र वाटिका एवं माँ की बगिया इत्यादि मनरेगा योजना के माध्यम से कितनी-कितनी लागत के कितने-कितने वर्षों हेतु वित्तीय वर्ष 2022-23 से प्रश्‍न दिनांक तक के कार्य स्वीकृत होकर किये जा रहे हैं? ग्राम पंचायतवार/विकासखंडवार जानकारी दें। (ग) मनरेगा योजनांतर्गत जल गंगा अभियान के कितने कार्य उपरोक्त प्रश्‍न अंतर्गत उल्लेखित वर्ष अनुसार स्वीकृत किये गये? ग्राम पंचायतवार/विकासखंडवार जानकारी दें। (घ) विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत किन अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा पर मनरेगा योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने कार्य स्वीकृत किये गये एवं स्वीकृत कार्यों का भौतिक सत्यापन किस सक्षम अधिकारी या टीम द्वारा कब-कब किया गया एवं क्या कार्यवाही की गयी?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। ग्राम पंचायतवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। ग्राम पंचायतवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। (ग) जिले में जलगंगा अभियान का प्रारंभ मार्च 2025 में किया गया था। मनरेगा योजनांतर्गत जल गंगा अभियान के उपरोक्‍त प्रश्‍न अंतर्गत उल्‍लेखित वर्ष में विकासखंड बरघाट-670 कार्य, छपारा–403 कार्य, धनौरा - 581 कार्य, घंसौर – 735 कार्य, केवलारी - 812 कार्य, कुरई – 510 कार्य लखनादौन -89 कार्य एवं सिवनी – 436 कार्य, इस प्रकार कुल 4236 कार्य स्‍वीकृत किये गये। ग्राम पंचायतवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। (घ) विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत ग्राम सभा के प्रस्‍ताव के आधार पर मनरेगा योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल 2486 कार्य स्वीकृत किये गये एवं इन कार्यों का भौतिक सत्यापन समय-समय में जिला एवं जनपद स्‍तरीय प्रशासकीय एवं तकनीकी अधिकारी द्वारा किया जाता है। मनरेगा योजनांतर्गत अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा अनुसार कार्य स्‍वीकृत नहीं किये जाते हैं।

आर.ई.एस. द्वारा निर्मित बांधों की गुणवत्ता की जांच

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

81. ( क्र. 2211 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चौरई विकासखंड एवं बिछुआ विकासखंड में विगत छ: वर्षों में कितने स्टॉप डैम/चेक डैम का निर्माण कराया गया है? उनके नाम, जिस ग्राम में बनाए गए, स्वीकृत राशि, लागत एवं वर्तमान स्थिति क्या है की वर्षवार जानकारी देवें। (ख) RES द्वारा निर्मित बाँधों की गुणवत्ता की जाँच किस एजेंसी द्वारा कराई गई है तथा कितने कार्यों में गुणवत्‍ता संबंधी अनियमितताएं पाई गई हैं?                             (ग) क्या उपरोक्त वर्षों में निर्मित कुछ बांध पहली ही बरसात में क्षतिग्रस्त हो गए हैं? यदि हाँ, तो जिम्मेदार अधिकारियों/ठेकेदारों पर क्या कार्यवाही की गई? (घ) RES द्वारा निर्मित बांधों से किसानों को सिंचाई का वास्तविक कितना लाभ मिल रहा है तथा कितने बांध वर्तमान में अनुपयोगी हैं?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) चौरई विकासखण्‍ड एवं बिछुआ विकासखण्‍ड में विगत 06 वर्षों में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग छिंदवाड़ा द्वारा कोई भी स्‍टॉप डैम/चेक डैम का निर्माण नहीं कराया गया है। अत: जानकारी निरंक। (ख) आयुक्‍त मध्‍यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद् भोपाल का पत्र क्रमांक 1558/MGNREGS-MP/NR-3/2023 भोपाल दिनांक 16.05.2023 के माध्‍यम से गठित जांच दल अनुसार कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग मुलताई (बैतूल) द्वारा दिनांक 19.05.2023 से 21.05.2023 एवं दिनांक 26.05.2023 से 28.05.2023 तक आर.ई.एस. द्वारा निर्मित बांधों की गुणवत्ता की जांच की गई है। गुणवत्‍ता संबंधी कोई भी अनियमितता नहीं पायी गई। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। कोई भी बांध वर्तमान में अनुपयोगी नहीं है।

किसानों को मक्का के समर्थन मूल्य का प्रदाय

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

82. ( क्र. 2212 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विकासखंड चौरई एवं बिछुआ में कितने रकबे में मक्का की बोनी की गई थी एवं अनुमानित उत्पादन क्या है? (ख) छिन्दवाड़ा जिले की कृषि उपज मंडियों में किसानों को मक्का के क्या भाव दिए गए? (ग) क्या किसानों को मक्का का समर्थन मूल्य नहीं मिल पाने की स्थिति में सरकार बोनस देने पर विचार कर रही है?

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) चौरई का रकवा 62, 739 हेक्‍टेयर एवं अनुमानित उत्‍पादन 2, 82, 325 मैट्रिक टन रहा है, बिछुआ का रकवा 22, 762 हेक्‍टेयर एवं अनुमानित उत्‍पादन 95, 600 मैट्रिक टन रहा है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) कोई भी प्रस्‍ताव शासन स्‍तर पर विचाराधीन नहीं है।

परिशिष्ट - "चौबीस"

एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउण्ड का निर्माण

[खेल एवं युवा कल्याण]

83. ( क्र. 2215 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता विधायक के तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 2431 दिनांक 04.08.2025 के उत्तर '' में बताया गया था कि एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउण्ड के लिए राजस्व विभाग द्वारा खेल एवं युवा कल्याण विभाग को भूमि उपलब्ध करा दी गई है। यदि हाँ, तो एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउण्ड निर्माण के लिए वर्तमान में क्या कार्यवाही प्रचलन में है तथा निर्माण कार्य कब तक प्रारंभ किया जाएगा? समय-सीमा बताएं। (ख) प्रदेश में वर्तमान में कितने एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउण्ड हैं तथा कितने बनाए जाना प्रस्तावित हैं? क्या मुख्य बजट 2026 में नीमच के एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउण्ड के लिए राशि का प्रावधान किया गया है? यदि हाँ, तो कितनी? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) प्रश्‍नांश (क) और (ख) के संदर्भ में क्या नीमच एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउण्ड के लिए तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है? यदि हाँ, तो नीमच एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउण्ड के लिए कुल कितनी राशि व्यय होगी? (घ) उक्‍त ग्राउण्‍ड निर्माण में देरी के क्‍या कारण है और इसका निर्माण कब तक प्रारंभ कर दिया जाएगा? समय-सीमा बताएं।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ, नीमच में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण हेतु आवंटित भूमि पर प्रथम चरण में इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का राशि रू. 6.89 करोड़ की लागत में निर्माण प्रस्तावित है। निर्माण एजेंसी म.प्र. भवन विकास निगम भोपाल द्वारा लागत राशि रू. 6.89 करोड़ जिसे दिनांक 23.12.2025 को स्थायी वित्तीय समिति की बैठक में अनुमोदित किया गया है। प्रथम चरण में इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स निर्माण पूर्ण होने के उपरांत द्वितीय चरण में हॉकी सिंथेटिक टर्फ निर्माण कार्य हेतु जिले से समुचित प्रस्ताव प्राप्त होने के उपरांत बजट की उपलब्धता व आवश्यकता का आकलन कर सक्षम समिति के समक्ष स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किया जा सकेगा, निश्चित समय-सीमा बतायी जाना संभव नहीं है। (ख) खेल और युवा कल्याण विभाग के वर्तमान में 16 हॉकी सिंथेटिक टर्फ निर्मित, 05 हॉकी सिंथेटिक टर्फ निर्माणाधीन एवं 03 हॉकी सिंथेटिक टर्फ प्रस्तावित है। जी नहीं, उत्‍तरांश '''' के संदर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) एवं (घ) उत्‍तरांश '''' '''' के संदर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

नवीन खेल स्टेडियम का निर्माण

[उच्च शिक्षा]

84. ( क्र. 2218 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 2431 दिनांक 04.08.2025 के उत्तरांश "घ" में बताया गया था कि पी.आई.यू. से प्राप्त 11.91 करोड़ रुपये का प्राक्कलन महाविद्यालय के पत्र क्र. 1146/स्थापना/2024 नीमच दिनांक 26.10.2024 से आयुक्त, उच्च शिक्षा संचालनालय को प्रेषित किया गया है। यदि हाँ, तो कार्य की वर्तमान स्थिति से अवगत कराएं। (ख) प्रश्‍नांश (क) संदर्भित नवीन खेल स्टेडियम हेतु क्या भूमि का चयन कर लिया गया है? यदि हाँ, तो किस स्थल पर? क्या शासकीय सीताराम जाजू कन्या महाविद्यालय में नवीन स्टेडियम हेतु नगर पालिका नीमच से स्टेडियम की भूमि के लिए कोई प्रस्ताव भेजा गया है? क्या नगर पालिका ने भूमि स्थानांतरण हेतु कार्यवाही पूर्ण कर विभाग को स्वीकृति पत्र प्रेषित किया है? (ग) प्रश्‍नांश (क) और (ख) संदर्भित उक्त नवीन स्टेडियम के निर्माण हेतु विभागीय स्तर पर उच्च अधिकारी की उपस्थिति में कब-कब बैठकें आयोजित की गईं? बैठकों में क्या-क्या निर्णय लिए गए? प्रतिवेदन की प्रति दें। यदि बैठकें आयोजित नहीं की गईं, तो कब तक आयोजित कर बाधाओं को दूर किया जाएगा? समय-सीमा बताएं।

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ, श्री सीताराम जाजू शासकीय कन्या महाविद्यालय नीमच में नवीन खेल स्टेडियम निर्माण हेतु म.प्र. शासन, उच्च शिक्षा विभाग, मंत्रालय का आदेश क्रमांक एफ-2/1/14/0001/2025/38-2, दिनांक 01.05.2025 द्वारा राशि रु. 1191.09 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है। निर्माण कार्य अभी प्रारंभ नहीं हुआ है। (ख) जी हाँ, नगर पालिका परिषद् नीमच द्वारा पारित संकल्प दिनांक 16.01.2023 द्वारा नगर पालिका स्वामित्व की बंगला नं. 60 की भूमि में से 2 एकड़ भूमि शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नीमच के खेल मैदान हेतु दिए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। नगर पालिका नीमच द्वारा भूमि का स्थानांतरण नहीं किया गया है। (ग) नियमित प्रक्रिया के अंतर्गत दिनांक 19.08.2025 एवं 07.11.2025 को अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा की अध्यक्षता में स्वीकृत कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई एवं निर्माण एजेन्सीज को शीघ्र अप्रारंभ कार्य प्रारंभ करने तथा प्रगतिरत कार्यों को अनुबंध के अनुसार पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया गया, संबंधित अभिलेख की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। उत्तरांश (क) अनुसार कार्य प्रारंभ कराने हेतु सतत समीक्षा की जा रही है।

नवीन शासकीय महाविद्यालय की स्थापना

[उच्च शिक्षा]

85. ( क्र. 2220 ) श्री निलेश पुसाराम उईके : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पांढुर्णा विधानसभा अंतर्गत ग्राम पाठई में नवीन शासकीय महाविद्यालय खोले जाने की लंबे समय से मांग की जा रही है? यदि हाँ, तो क्या शासन द्वारा उक्त महाविद्यालय की स्थापना हेतु प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है? यदि नहीं, तो स्वीकृति कब तक दी जावेगी? (ख) क्या शासन को यह संज्ञान में है कि पाठई एक जनजातीय बहुल क्षेत्र है और महाविद्यालय न होने से छात्राओं की शिक्षा प्रभावित हो रही है? (ग) क्या शासन/विभाग उक्त महाविद्यालय हेतु भूमि का आवंटन एवं आगामी बजट सत्र में महाविद्यालय निर्माण की स्वीकृति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) छात्राओं के अध्ययन हेतु पाठई के निकट शासकीय महाविद्यालय मुलताई संचालित है जहां पर छात्राएं अध्ययन कर सकती हैं। (ग) भूमि आवंटन एवं बजट सत्र में महाविद्यालय निर्माण की स्वीकृति महाविद्यालय स्वीकृत होने के आधार पर दी जाती है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

सरपंच एवं सचिव द्वारा की गई वित्तीय अनियमितता पर कार्यवाही

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

86. ( क्र. 2224 ) श्री अम्बरीष शर्मा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                  (क) क्या ग्राम पंचायत सिकरी जागीर, जनपद पंचायत लहार, जिला भिण्ड में तत्कालीन सरपंच एवं सचिव द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 में 15वा वित्त तथा मनरेगा से निर्माण कार्य सी.सी. नाला एवं नाली निर्माण, लियाकत खान एवं समरथ कुशवाह के मकान से लोकेन्द्र कुशवाह से पुत्तू कुशवाह तक राशि रू. 165000/- दिनांक 06.10.2023, रू. 150000/- दिनांक 09.11.2023/- दिनांक 25.11.2023, रू. 95000/- दिनांक 28.06.2024 को कुल रू. 425000/- (चार लाख पच्चीस हजार) भुगतान किया गया? (ख) यदि हाँ, तो क्या मौके पर निर्माण कार्य कराया गया? (ग) यदि नहीं, तो क्या उक्त कार्य की शिकायत उपरांत जांच करवाई गई? (घ) यदि हाँ, तो क्या जांच में तत्कालीन सरपंच एवं सचिव ग्राम पंचायत सिकरी जागीर द्वारा राशि रूपये 425000/- (चार लाख पच्चीस हजार) आहरण करने के उपरांत भी जांच दिनांक तक कार्य नहीं होना पाया गया? (ड.) यदि हाँ, तो क्या अभी तक उक्त प्रकरण में तत्कालीन सरपंच एवं सचिव ग्राम पंचायत सिकरी जागीर, जनपद पचायत लहार जिला भिण्ड के विरूद्ध शासकीय राशि के गबन की कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो कब तक की जावेगी? (च) क्या उक्त प्रकरण में सरपंच के विरूद्ध धारा 40/92 की कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो कब तक की जावेगी? समय-सीमा बतावें।

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। (ग) एवं (घ) जी हाँ।                      (ङ) जी हाँ। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (च) जी हाँ, धारा 40/92 का प्रकरण दर्ज किया गया है। न्‍यायालयीन प्रकरण होने के कारण समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

ग्राम पंचायतों में रिक्‍त पदों की पूर्ति एवं भवन का निर्माण

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

87. ( क्र. 2226 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में कुल कितनी ग्राम पंचायत कार्यरत हैं तथा उनमें से कितनी ग्राम पंचायत में सचिव के पद रिक्त हैं? (ख) प्रश्‍नकर्ता विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 136 सिवनी-मालवा में कुल कितनी ग्राम पंचायत भवन विहीन हैं एवं कितनी ग्राम पंचायतों के भवन जीर्ण-शीर्ण हैं? (ग) भवन विहीन ग्राम पंचायतों के भवन कब तक बनकर तैयार हो जाएंगे?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।                                         (ख) विधानसभा क्षेत्र सिवनी-मालवा में 12 ग्राम पंचायत भवन विहीन हैं एवं 10 ग्राम पंचायत जीर्ण-शीर्ण हैं। (ग) बजट उपलब्‍धता अनुसार कार्य स्‍वीकृत किये जाते हैं। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "पच्चीस"

डिफॉल्टर समितियों को नियमित करने के प्रयास

[सहकारिता]

88. ( क्र. 2227 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में कुल कितनी वृहत्ताकार सहकारी समितियां रेगुलर हैं एवं कितनी सहकारी समितियां डिफॉल्टर है? (ख) डिफॉल्टर समितियों को रेगुलर करने के लिए विभाग क्या प्रयास कर रहा है? (ग) मध्यप्रदेश में कुल कितनी सहकारी समितियों पर ऋण बकाया है?

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) प्रदेश की 4588 बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में से 1341 समितियां रेगुलर एवं 3247 समितियां डिफॉल्टर हैं।                  (ख) डिफॉल्टर समितियों को रेगुलर करने के लिए कालातीत ऋणों की वसूली सहित लागू रिस्ट्रक्चरिंग योजना अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है। (ग) 4588 बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों पर ऋण बकाया हैं।

अनुसूचित जनजाति को पर्याप्त प्रतिनिधित्व

[सहकारिता]

89. ( क्र. 2238 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 28/07/2025 अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 171 (क) के परिशिष्ट अनुसार प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्रों में पंजीकृत 851 आदिम जाति सेवा सहकारी सोसाइटी के संचालक मंडल में आधे से अधिक सदस्य अनुसूचित जनजातियों (अ.ज.जा.) के सदस्य होने पर उक्त सोसाइटी के संचालक मंडल के प्रावधान उपविधि अनुसार कितने संचालक सदस्य निर्वाचित होंगे और क्या इन संस्थाओं में अ.ज.जा. वर्ग से अध्यक्ष पद धारित होगा? यदि नहीं, तो क्या शासन इन वर्गों को प्रतिनिधित्व देना नहीं चाहती? (ख) प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्रों में कार्यरत/पंजीकृत कितने जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों में अध्यक्ष पद पर संचालक सदस्यों द्वारा अ.ज.जा. को निर्वाचित किया जाता है? यदि नहीं, तो इन बैंकों की उपविधि में अ.ज.जा. को बैंकों के अध्यक्ष पद का प्रतिनिधित्व शासन ने समाप्त कर दिया है? यदि हाँ, तो क्यों? (ग) अनुसूचित क्षेत्रों में कार्यरत कुल जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों एवं कुल आदिम जाति सेवा सहकारी संस्थाओं परिवर्तित नाम बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं में माननीय गुजरात हाईकोर्ट अहमदाबाद में रिट-पिटीशन (पी.आई.एल.) क्र. 166/2012 राजेंद्र एन. शाह विरूद्ध यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य, दिनांक 22/04/2013 द्वारा 97वे संविधान संशोधन को माननीय न्यायालय द्वारा अल्ट्रावायरस घोषित किए जाने के आदेश के पालन में शासन म.प्र. सहकारी सोसाइटी अधिनियम 1960 में सहकारी बैंकों एवं प्राथमिक साख संस्थाओं के संबंध में कब तक संविधान संशोधन का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजेगा? यदि आवश्यक नहीं तो विधिसम्मत कारण बतावें।

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) मध्‍यप्रदेश सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1960 की धारा 48 (3) में किसी सोसायटी में अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति प्रवर्ग के वैयक्तिक सदस्य होने पर एक स्थान, उस प्रवर्ग के सदस्य के लिए जिसके अन्य की अपेक्षा अधिक सदस्य हों, के लिए आरक्षित रखे जाने का प्रावधान है। अत: उक्त प्रावधान अनुसार प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसायटियों में अनुसूचित जनजातियों के आधे से अधिक सदस्‍य होने पर भी संचालक का एक पद अनुसूचित जनजाति प्रवर्ग हेतु आरक्षित होगा। सहकारी अधिनियम में अध्‍यक्ष का पद आरक्षित करने का प्रावधान नहीं होने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) मध्‍यप्रदेश सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1960 अंतर्गत सोसायटियों में अध्‍यक्ष पद के आरक्षण का प्रावधान नहीं होने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) न्यायालयीन निर्णय के परिप्रेक्ष्य में पूर्ववर्ती प्रावधान लागू करने के संबंध में वर्तमान में संशोधन प्रस्तावित नहीं होने से प्रस्ताव भेजना आवश्यक नहीं है।

श्रम विभाग द्वारा कराए गए कार्यों की जानकारी

[श्रम]

90. ( क्र. 2247 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                 (क) जिला रतलाम के सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक संचालित समस्त श्रम योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों, हितग्राहियों की योजनावार एवं वर्षवार जानकारी क्या है? (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित सैलाना विधानसभा क्षेत्र में पात्र श्रमिकों को योजनाओं की जानकारी समय पर नहीं दिए जाने के कारण वे लाभ से वंचित रहे हैं? यदि हाँ, तो ऐसे मामलों की संख्या क्या है? (ग) क्या संपूर्ण विधानसभा क्षेत्र से अपात्र हितग्राहियों को लाभ देने अथवा पात्र श्रमिकों को लाभ न देने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं? यदि हाँ, तो जानकारी पृथक-पृथक वर्षवार अनुसार बतावें।  उनके निराकरण एवं संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध की गई कार्यवाही की जानकारी दें

श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जिला रतलाम के सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक संचालित समस्त श्रम योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों, हितग्राहियों की योजनावार एवं वर्षवार जानकारी निम्‍नानुसार है:- (1) म.प्र. असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्‍याण मंडल द्वारा संचालित मुख्‍यमंत्री जनकल्‍याण संबंल योजना के संबंध में सैलाना विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत लाभान्वित हितग्राहियों की वांछित जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (2) म.प्र. भवन एवं अन्‍य संनिर्माण कर्मकार कल्‍याण मंडल अंतर्गत जिला रतलाम के सैलाना विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक लाभान्वित हितग्राहियों की चाही गई जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (3) म.प्र. श्रम कल्‍याण निधि अधिनियम, 1982 के प्रावधानों के अंतर्गत मंडल द्वारा प्रदेश की समस्‍त औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों एवं ऐसी स्‍थापनाओं जहां वर्ष के किसी भी कार्य दिवस पर 9 से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं, श्रमिकों के लिये निम्‍नलिखित योजनाओं का संचालन किया जा रहा है:- 1. शैक्षणिक छात्रवृत्ति योजना 2. शिक्षा प्रोत्‍साहन पुरस्‍कार योजना 3. विवाह सहायता योजना 4. अंतिम संस्‍कार सहायता योजना 5. कल्‍याणी सहायता योजना,                             6. उत्‍तम श्रमिक पुरस्‍कार योजना 7. श्रमिक साहित्‍य पुरस्‍कार योजना 8. अनुग्रह सहायता योजना श्रम कल्‍याण मंडल द्वारा संचालित योजनाओं के अंतर्गत रतलाम जिले के सैलाना विधानसभा क्षेत्र से किसी भी श्रमिक द्वारा आवेदन नहीं किये जाने के कारण प्रश्‍नांश '' में चाही गयी जानकारी निरंक है। (ख) जी नहीं, श्रम विभाग अंतर्गत म.प्र. असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्‍याण मंडल, म.प्र. भवन एवं अन्‍य संनिर्माण कर्मकार कल्‍याण मंडल तथा श्रम कल्‍याण मंडल की योजनाएं शहरी एवं ग्रामीण स्‍थानीय निकायों तथा विभाग के माध्‍यम से संचालित है एवं बहुप्रचारित है, अत: सैलाना विधानसभा क्षेत्र में पात्र श्रमिक लाभ से वंचित होने की स्थिति नहीं है। (ग) जी नहीं, सैलाना विधानसभा क्षेत्र से अपात्र हितग्राहियों को लाभ देने एवं पात्र श्रमिकों को लाभ न देने की शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "छब्बीस"

केंद्र एवं राज्य प्रवर्तित योजनाओं की जानकारी

[आयुष]

91. ( क्र. 2250 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या आयुष मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                 (क) क्या यह सही है कि शासन/विभाग द्वारा केंद्र/राज्य प्रवर्तित योजनाओं के माध्यम से रतलाम जिले विभिन्न कार्य किये जा रहे हैं? वर्ष 2020-21 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक प्राप्त बजट आवंटन एवं व्यय की जानकारी दें। (ख) बतायें कि रतलाम जिले में आयुष औषधालय/चिकित्सालय कितने, कहाँ-कहाँ पर संचालित किये जा रहे हैं? उनमें से भवन विहीन एवं जर्जर/क्षतिग्रस्त औषधालय/चिकित्सालय किन-किन स्थानों पर है? इनके भवन के लिए स्वीकृति कब दी जायेगी?                        (ग) जानकारी दें कि उपरोक्त प्रश्‍नांश (क) अंतर्गत समयावधि में जिले के औषधालय में कितने मरीजों का उपचार हुआ? कितने बाह्य रोगी, कितने आंतरिक रोगी थे? उनका किस-किस पद्धति से उपचार किया गया? पंचकर्म जैसी पद्धति से भी उपचार किया जा रहा है तो किन-किन स्थानों पर? किस-किस स्थानों पर कितने-कितने चिकित्सक एवं अन्य कर्मचारियों की स्वीकृत पद के विरुद्ध कितने पदस्थ हैं? (घ) बतायें कि प्रश्‍नकर्ता द्वारा जावरा विधानसभा क्षेत्र में पूर्व में आयुष चिकित्सा की आवश्यकता एवं क्षेत्रीय मांग पर जावरा विकासखंड में ग्राम ढोढर, ग्राम उणी एवं ग्राम मांडवी तथा पिपलोदा विकासखंड में पिपलोदा, ग्राम सुखेड़ा एवं ग्राम आम्बा में आयुष औषधालय प्रारम्भ करने की स्वीकृति कब तक दी जायेगी? साथ ही भवन विहीन औषधालय/चिकित्सालयों के भवन निर्माण की स्वीकृति कब तक दी जा सकेगी?

आयुष मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। राज्य बजट से राशि रूपये 47.58 लाख आवंटित एवं निर्माण एजेन्सी द्वारा व्यय। केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं के अंतर्गत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार। आवश्यकता एवं बजट उपलब्धता अनुसार नवीन औषधालय स्वीकृत किये जाते हैं। निश्चित समय-सीमा बतायी जाना संभव नहीं हैं। (ग) रतलाम जिले के 36 औषधालयों में कुल-941287 मरीजों का उपचार किया गया। बाह्य रोगी कुल संख्या-941072, आंतरिक रोगी संख्या-215 थे। आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी पद्धति से उपचार किया गया। जिला आयुर्वेद चिकित्सालय रतलाम, आयुष विंग एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) शिवपुर में पंचकर्म उपचार किया जा रहा है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार। (घ) आवश्यकता एवं बजट उपलब्धता अनुसार नवीन औषधालय स्वीकृत कर भवन निर्माण किये जाते हैं। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।

सहकारिता क्षेत्र को सशक्‍त करने के विभिन्‍न कार्य

[सहकारिता]

92. ( क्र. 2251 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन/विभाग द्वारा केंद्र/राज्य प्रवर्तित योजनाओं के माध्यम से सहकारिता क्षेत्र को सशक्त करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्य किये जा रहे हैं? (ख) यदि हाँ, तो रतलाम जिले में     किस-किस विकासखंडों में कितनी-कितनी सहकारी समितियां क्रियाशील हैं? यह किस-किस बैंक शाखाओं से संलग्न होकर इसमें कितने अधिकारी, कर्मचारी पदस्थ हैं? कितने नियमित हैं, कितने अस्थाई या आउटसोर्स से नियुक्ति की गई है? (ग) वर्ष 2020-21 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक रतलाम जिले में कितनी समितियों में आर्थिक अनियमितताओं की शिकायत अथवा आवेदन प्राप्त हुए? उन पर विभाग ने क्या कार्यवाही की? कितने स्थानों पर किन-किन के खिलाफ पुलिस प्रकरण की कार्यवाही की गई? कितने स्थानों पर आंतरिक रूप से जांच चल रही है? कितने दोषियों से रिकवरी भी की गई? (घ) केंद्र शासन की नीति अनुसार कितने स्थानों पर कम्प्यूटराईजेशन का कार्य पूर्ण हुआ, कितना कार्य अपूर्ण है? वर्तमान में कितनी समितियां घाटे में संचालित हो रही हैं? उन्हें सशक्त करने के लिए क्या-क्या किया गया है?

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) वर्ष 2020-21 से प्रश्‍न दिनांक तक जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, रतलाम से संबद्ध 03 संस्थाओं में अनियमितता की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इन प्रकरणों को जांच कर उचित कार्यवाही हेतु बैंक को प्रेषित किये गये हैं। प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था नगरा के 02 कर्मचारियों (श्री फकीरचंद प्रजापति एवं श्री आनंदीलाल जैन) के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज की गयी हैं। वर्तमान में किसी भी स्तर से आंतरिक जांच लंबित नहीं हैं। एक संस्था के दोषी कर्मचारी से संबंधित राशि की वसूली पूर्ण कर ली है। (घ) जिले की समस्त कार्यरत 103 बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं में कम्प्यूटराईजेशन का कार्य पूर्ण हो गया हैं। वर्तमान में 86 बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाएं घाटे में हैं। घाटे में चल रही समितियों को लाभप्रद और सक्षम बनाने हेतु कृषि ऋण वितरण के साथ-साथ अन्य विभिन्न प्रकार की व्यवसायिक गतिविधियों का संचालन समितियों द्वारा किया जा रहा है।

परिशिष्ट - "सत्ताईस"

 

शासन नियमों के अंतर्गत निर्माण कार्य एवं खरीदी

[उच्च शिक्षा]

93. ( क्र. 2254 ) श्री संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय तिलक महाविद्यालय कटनी के पिछले 5 वर्षों की जनभागीदारी समिति की बैठकों में लिए गए निर्णय की प्रति उपलब्ध कराएं। (ख) जन भागीदारी समिति द्वारा निर्माण एवं खरीद के कार्यों से संबंधित कौन-कौन से निर्णय कितनी-कितनी राशि के किए गए, उसमें                                     कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? क्या निर्माण कार्य या खरीद के संबंध में शासन के नियमों का पालन किया गया कि नहीं? प्रत्येक कार्य के बारे में अलग-अलग जानकारी प्रदान करें। (ग) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में अगर शासन नियमों के अंतर्गत निर्माण कार्य या खरीदी नहीं की गई है तो संबंधित अधिकारी पर क्या कार्यवाही और कब तक की जावेगी?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'' अनुसार है। (ग) पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट '' एवं '' अनुसार प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

94. ( क्र. 2260 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                    (क) मंत्री महोदय ने अपने उत्तरांश (क) और (ख) में स्वीकार किया है कि 100+ आबादी वाली बसाहटों को 'मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना' के अंतर्गत चिन्हित किया गया है, तो मुरैना विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत अब तक कुल कितनी ऐसी बसाहटें (मजरे-टोले) भौतिक रूप से चिन्हित की जा चुकी हैं? कृपया उनकी ग्रामवार सूची प्रदान करें। (ख) यह भी बताया है कि "भौतिक सत्यापन की कार्यवाही प्रचलन में है।" विभाग स्पष्ट करें कि मुरैना विधानसभा क्षेत्र के लिए यह सत्यापन प्रक्रिया कब शुरू हुई थी और इसे कब तक पूर्ण कर लिया जाएगा? क्या विलंब के कारण ग्रामीणों को हो रही असुविधा के लिए कोई जवाबदेही तय की गई है? (ग) उत्तरांश (ग) में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 'मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना' (क्रमांक 1647) के तहत 100 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान बताया गया है। इस कुल राशि में से मुरैना विधानसभा क्षेत्र की सड़कों के निर्माण के लिए कितनी राशि आवंटित की गई है और अब तक कितनी राशि वास्तव में व्यय हुई है? (घ) यदि विभाग के पास अभी तक मुरैना विधानसभा क्षेत्र के चिन्हित मजरे-टोलों की सटीक संख्या या सूची उपलब्ध नहीं है, तो पूर्व में "सत्यापन प्रचलन में है" जैसा उत्तर देकर सदन को गुमराह क्यों किया गया? क्या शासन उन अधिकारियों पर कार्रवाई करेगा जिन्होंने बिना ठोस डेटा के अपूर्ण जानकारी प्रस्तुत की?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना अंतर्गत मुरैना विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 100 + आबादी वाली 23 बसाहटें सम्पर्क विहीन चिन्हित की गई हैं। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है(ख) उत्‍तरांश '''' में चिन्हित बसाहटों का Resurvey का कार्य करने हेतु अगस्त 2025 में जारी निर्देशों के क्रम में सत्यापन का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना (क्रमांक 1647) के तहत वर्तमान में मुरैना विधानसभा क्षेत्र में डी.पी.आर. निर्माण कार्य प्रक्रियाधीन होने से कोई राशि मुरैना विधानसभा क्षेत्र को आवंटित नहीं की गई है। राशि व्यय का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) योजनांतर्गत प्राथमिकता सूची निर्धारण हेतु सत्यापन का कार्य कराया गया है एवं प्रश्‍नांश '''' अनुसार सम्पर्क विहीन बसाहटें चिन्हित की गई हैं, विभाग की मंशा गुमराह करने की नहीं रही है।

परिशिष्ट - "अट्ठाईस"

ग्रामीण विकास योजनाओं एवं मनरेगा कार्यों में अनियमितता

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

95. ( क्र. 2261 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                           (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न संख्या 582 दिनांक 01/12/2025 के उत्तरांश (क) में विभाग ने ग्रामीण विकास योजनाओं व मनरेगा में अनियमितताओं, लंबित भुगतान तथा अपूर्ण कार्यों को स्वीकार किये जाने के परिप्रेक्ष्‍य में विभाग द्वारा अब तक संबंधित लापरवाह अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई या निलंबन क्यों नहीं किया गया? निर्माण कार्य अधूरे रहने के प्रमुख तकनीकी व प्रशासनिक कारण क्या हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) वर्णित उत्तरांश (ख) के अनुसार मुरैना जिले में वर्ष 2024-25 हेतु स्वीकृत 4623 कार्यों में से केवल 1331 कार्य (लगभग 28.7%) ही पूर्ण हुए हैं। वित्तीय वर्ष समाप्ति के निकट होने के बावजूद प्रगति अत्यंत कम क्यों है? क्या इस विफलता के लिए विभागीय नेतृत्व एवं मॉनिटरिंग तंत्र की जवाबदेही तय की जाएगी? (ग) प्रश्‍नांश (क) वर्णित प्रश्‍न के उत्‍तरांश (ग) में 1593.71 लाख रुपये की लंबित राशि का उल्लेख है। यह राशि कब तक व्यय की जाएगी? क्या इस भारी लंबित धनराशि से वर्तमान वित्तीय वर्ष के नए कार्य प्रभावित नहीं हो रहे हैं? इसके लिए जिम्मेदार कारण क्या हैं? (घ) प्रश्‍नांश (क) वर्णित प्रश्‍न के उत्‍तरांश (घ) में अधूरे कार्यों की जिला व जनपद स्तर पर जांच का उल्लेख है। क्या सरकार वर्तमान व पिछले वित्तीय वर्ष की सभी जांच रिपोर्ट सदन में प्रस्तुत करेगी? साथ ही, इन जांचों में दोषी पाए गए अधिकारियों/कर्मचारियों एवं उनके विरुद्ध की गई कार्रवाई का विवरण दें।

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) विभाग अंतर्गत प्राप्‍त शिकायतों की जांच उपरांत गुणदोष के आधार पर कार्यवाही की जाती है। जॉब कार्डधारी श्रमिकों के द्वारा कार्य की मांग एवं प्रगतिरत कार्यों हेतु भारत सरकार से समय-समय पर सामग्री मद में प्राप्‍त राशि के आधार पर निर्माण कार्यों को पूर्ण कराया जा रहा है, जो एक सतत् प्रक्रिया है। शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है। (ख) मुरैना जिले में वर्ष 2024-25 हेतु स्‍वीकृत 4623 कार्यों में से प्रश्‍न दिनांक तक कुल 1631 कार्य पूर्ण कराये गये, जिनका पूर्णता प्रतिशत 35.28 है। शेष प्रगतिरत कार्यों में से अधिकांश कार्य भौतिक रूप से पूर्ण है जिन्‍हें समय-समय पर सामग्री मद में प्राप्‍त आवंटन अनुसार पूर्ण कराया जा रहा है। शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है। (ग) तत्‍समय वर्णित भुगतान हेतु लंबित रूपये 1593.71 लाख में से राशि रूपये 1180.06 का भुगतान कर दिया गया है। शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है।                        (घ) प्रश्‍नांश '' में वर्णित पूर्व विधानसभा अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक – 582 के उत्‍तरांश '' में उल्‍लेखित अधूरे कार्य वास्‍तविक में प्रगतिरत निर्माण कार्य है जिनका जिला एवं जनपद स्‍तर के तकनीकी अमले द्वारा निरीक्षण किया जाता है एवं निर्माण कार्यों की समय-समय पर समीक्षा कर प्राप्‍त आवंटन अनुसार कार्यों को पूर्ण कराया जा रहा है। प्रगतिरत उक्‍त निर्माण कार्यों में जांच की स्थिति निर्मित नहीं हुई है। शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा के मुआवजे का प्रदाय

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

96. ( क्र. 2263 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रारम्भ से शिवपुरी जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कितने किसानों को कब-कब बीमा प्रदान किया गया? किसानों से कुल काटे गए प्रीमियम की राशि एवं संख्या दिए हुए मुआवजे से अधिक हुआ या कम है? स्पष्ट करें। प्रधानमंत्री फसल बीमा की राशि में कितना अंश/राशि शासन द्वारा मिलाया गया एवं कितना अंश/राशि किसान का स्वयं का रहा? इसमें कब-कब परिवर्तन किया गया? ग्रामवार, किसानों की संख्यावार, फसलवार जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित अवधि में शिवपुरी जिले के अंतर्गत कितने किसानों को फसल बीमा की कितनी राशि का लाभ कितनी फसल क्षति होने पर उपलब्ध कराया गया? इसकी गणना किस आधार पर की गई? किसान संख्यावार, फसलवार, राशिवार जानकारी उपलब्ध करायें। कितने किसानों की बीमा न मिलने की शिकायतें आज दिनांक तक लंबित हैं, उन पर वस्तुस्थिति सहित जानकारी ग्रामवार, किसान संख्यावार उपलब्ध करायें।                                     (ग) बीमा कंपनी द्वारा किसानों को फसल क्षति की बीमा राशि कितने दिनों में उपलब्ध कराने के प्रावधान हैं? कंपनी द्वारा निर्धारित समय में बीमा राशि उपलब्ध नहीं कराने पर कंपनी के विरुद्ध कार्यवाही के क्या नियम हैं? विगत 03 वर्षों में कार्यवाही की जानकारी दें। (घ) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के संबंध में शासन द्वारा क्या दिशा-निर्देश, आदेश एवं नियम जारी किये गये हैं? इसकी प्रतियां उपलब्ध कराई जावे।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत शिवपुरी जिले की प्रीमियम एवं दावा राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। कृषक अंश एवं दावा राशि का अंतर जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 के कॉलम अनुसार है। कृषकों से खरीफ की फसलों हेतु कुल बीमित राशि का 2 प्रतिशत या वास्‍तविक प्रीमियम दर जो भी कम हो कृषक अंश प्रीमियम देय है। उसी प्रकार कपास फसल हेतु 5 प्रतिशत तथा रबी की फसलों हेतु 1.5 प्रतिशत अधिकतम कृषक अंश प्रीमियम देय है। निविदा के आधार पर जिलावार, फसलवार वास्‍तविक प्रीमियम दर निर्धारित होती है। कृषक अंश प्रीमियम राशि घटाकर शेष प्रीमियम राशि राज्‍य एवं केन्‍द्र सरकार द्वारा 50:50 के अनुपात में वहन की जाती है। जिला शिवपुरी की प्रीमियम दर परिवर्तन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ख) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत शिवपुरी जिले की दावा राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। योजनांतर्गत दावा राशि गणना प्रक्रिया की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। उल्‍लेखित अवधि में शिवपुरी जिले की शिकायतों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। (ग) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की मार्गदर्शी निर्देशिका के अनुसार लागू प्रीमियम राशि बीमा कम्‍पनी को भुगतान होने एवं वास्‍तविक उपज के आंकड़े बीमा कम्‍पनी को उपलब्‍ध कराने के 21 दिवस में दावा राशि का भुगतान करने का प्रावधान है। उक्‍त नियम के उल्‍लंघन की स्थिति में बीमा कम्‍पनी पर 12 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्‍याज अधिरोपित करने का नियम है। विगत 3 वर्षों में शिवपुरी जिले में उक्‍त नियम के उल्‍लंघन का कोई प्रकरण संज्ञानित नहीं हुआ है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है।

खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने हेतु संचालित योजनाएं

[खेल एवं युवा कल्याण]

97. ( क्र. 2265 ) श्रीमती रीती पाठक : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सीधी मुख्यालय में सर्व सुविधायुक्त वृहद् इनडोर स्टेडियम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की मांग लगातार की जा रही है, इसकी स्वीकृती के सम्बन्ध में सरकार की क्या योजना है?                                 (ख) जिन जिलों में राष्ट्रीय स्तर के खेल सम्पन्न करने योग्य स्टेडियम एवं आवश्यक अन्य व्यवस्था वर्तमान में नहीं है, उनके लिए ये सुविधाएं और उच्च गुणवत्‍तापूर्ण वृहद् स्टेडियम बनाने की सरकार की कोई योजना है? यदि हाँ, तो सीधी जिले में यह कार्य कब तक किया जायेगा?                      (ग) राष्ट्रीय स्तरीय एवं राज्य स्तरीय खेलों का आयोजन सीधी जिले में पिछले 10 वर्षों में कब-कब किया गया है एवं अगले दो वर्षों में क्या सीधी जिले में राष्ट्रीय स्तर एवं राज्य स्तर की खेल प्रतियोगिताओं के लिए सरकार की कोई योजना है? (घ) सीधी जिले में खिलाड़ियों के प्रोत्साहन एवं खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए क्या-क्या योजनायें संचालित हैं एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 में कितना बजट आवंटित किया गया है? (ड.) सीधी जिले में किन-किन खेलों हेतु खेल प्रशिक्षकों के पद स्वीकृत हैं एवं कितने पद रिक्त हैं और कितने प्रशिक्षक कार्यरत हैं?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) म.प्र. शासन खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा पत्र क्रमांक 693/30/2017/नौ दिनांक 24.03.2017 द्वारा स्टेडियम निर्माण हेतु मार्गदर्शी सिद्धांत जारी किये गये हैं, जिसके अन्तर्गत संचालनालयीन पत्र क्रमांक 2121 दिनांक 13.06.2025, पत्र क्रमांक 8992 दिनांक 12.12.2025 एवं पत्र क्रमांक 11001 दिनांक 09.02.2026 द्वारा कलेक्टर सीधी को विभागीय नीति अनुसार समतल व उपयुक्त भूमि नगर निकाय सीमा के 2.00 कि.मी. की परिधि में खेल और युवा कल्याण विभाग के नाम आवंटित करने हेतु लेख किया गया है, भूमि आवंटन अपेक्षित है। जिला प्रशासन द्वारा खेल और युवा कल्याण विभाग के नाम भूमि आवंटित होने के उपरांत जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी जिला सीधी से विधिवत प्रस्ताव प्राप्त होने पर प्रस्ताव का परीक्षण व औचित्य का आकलन कर प्रस्ताव सक्षम समिति की स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किया जा सकेगा। (ख) म.प्र. शासन खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा पत्र क्रमांक 693/30/2017/नौ दिनांक 24.03.2017 द्वारा स्टेडियम निर्माण हेतु मार्गदर्शी सिद्धांत जारी किये गये है, जिसके अनुसार जिले में स्टेडियम/खेल परिसर का निर्माण किया जाता है। प्रश्‍नोत्तर '''' के संदर्भ में निश्चित समय-सीमा बतायी जाना संभव है। (ग) राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन खेल संघों के द्वारा किया जाता है। कार्यालय में उपलब्ध अभिलेख अनुसार सीधी जिले में अधिकृत राज्य स्तरीय एवं अधिकृत राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं हेतु आर्थिक सहायता स्वीकृत नहीं की गई है। (घ) सीधी जिले में खिलाड़ियों के प्रोत्साहन एवं खेल गतिविधियों की बढ़ावा देने के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ड.) खेल और युवा कल्याण विभाग अन्तर्गत प्रत्येक जिले में संविदा जिला खेल प्रशिक्षक के 02 पद (1 महिला, 1 पुरूष) का स्वीकृत है। जिले में प्रचलित खेल का विज्ञापन जारी कर नियुक्ति प्रदान की जाती है। सीधी में संविदा जिला खेल प्रशिक्षक के स्वीकृत 02 पद में से 01 पद पर श्री मानिन्द शेर अली खान, जिला खेल प्रशिक्षक ग्रेड-2 (वुशू खेल) कार्यरत है तथा 01 पद रिक्त है।

परिशिष्ट - "उनतीस"

पंचायत सचिव की मृत्यु उपरांत उनके आश्रित को अनुकम्पा नियुक्ति दी जाना

 [पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

98. ( क्र. 2266 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                  (क) प्रश्‍न दिनांक तक राजगढ़ जिले में पंचायत सचिव के कितने पद रिक्त हैं? जनपदवार व वर्गवार बतावें। (ख) दिनांक 01.01.2020 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन पंचायत सचिवों की शासकीय सेवा में रहते हुए आकस्मिक मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति दिए जाने हेतु आवेदन प्राप्त हुए हैं? उनके नाम व पता आवेदन प्राप्त होने की दिनांक सहित बतावें। (ग) उपरोक्त प्राप्त आवेदनों में से जिन-जिन आवेदकों को प्रश्‍न दिनांक तक अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान नहीं हो पाई है, उनके नाम तथा नियुक्ति प्रदान नहीं किए जाने के कारण सहित बतावें। (घ) क्या उपरोक्त आवेदकों को अनुकम्पा नियुक्त दी जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्यों नहीं? कारण सहित बतावें।

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (घ) प्रवर्ग में स्‍थान रिक्‍त होने पर अनुकंपा नियुक्ति दी जावेगी।                 समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

अवैध कॉलोनी निर्माण पर दंडात्मक कार्यवाही

 [पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

99. ( क्र. 2268 ) श्री महेश परमार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) क्या उज्जैन जिले की 609 ग्राम पंचायतों में बिना सक्षम अनुमति के अवैध कॉलोनियों का निर्माण किया गया है? यदि हाँ, तो दिनांक 01.01.2018 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितनी अवैध कॉलोनियां चिन्हित की गईं? ग्राम पंचायतवार सूची शासन के रिकॉर्ड में उपलब्ध है या नहीं?                                (ख) क्या धारा 83 के तहत प्रत्येक अवैध कॉलोनी पर FIR दर्ज करना अनिवार्य है? यदि हाँ, तो वर्षवार कितनी FIR दर्ज की गईं? (ग) क्या बिना TNCP एवं विकास अनुमति के कॉलोनी निर्माण के बावजूद, भू-खंडों का पंजीयन, नामांतरण, एवं विद्युत-जल कनेक्शन प्रदान किए गए? यदि हाँ, तो ऐसे मामलों में संबंधित दोषियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही क्यों नहीं की गई? (घ) क्या शासन यह स्वीकार करता है कि धारा 83 के प्रावधानों के पालन में शिथिलता के कारण, अवैध कॉलोनाइजरों को आर्थिक लाभ एवं शासन को राजस्व हानि हुई? यदि हाँ, तो दोषी अधिकारियों से वसूली विभागीय जांच, निलंबन/अभियोजन की कार्यवाही कब तक की जाएगी? (ड.) क्या धारा 83 के अंतर्गत अवैध कॉलोनी निर्माण पर कार्यवाही न करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध अब तक किसी भी प्रकरण में दायित्व निर्धारण (Fixation of Responsibility) वार्षिक गोपनीय चरित्रावली (ACR/APAR) में प्रतिकूल प्रविष्टि अथवा प्रशासनिक दंडात्मक कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो क्या शासन यह बताने की स्थिति में है कि धारा 83 जैसे अनिवार्य (Mandatory) प्रावधान के बावजूद कार्यवाही न करने को कर्तव्यपालन में गंभीर लापरवाही (Gross Dereliction of Duty) क्यों नहीं माना गया?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) ग्राम पंचायतों में बिना सक्षम अनुमति के अवैध कॉलोनियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ख) धारा 83 के तहत अवैध कॉलोनाइजर के विरुद्ध एफ.आई.आर. दर्ज का प्रावधान नहीं है परन्तु मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 61 (घ) के अधीन ग्राम पंचायत जनपद पंचायत महिदपुर में 05 एवं जनपद पंचायत उज्जैन में 07 अवैध कॉलोनाइजर/भूमि स्वामियों के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ग) पंचायत राज संचालनालय के पत्र क्रमांक/पं.रा/एफ-1/2026/3528 दिनांक 16.02.2026 से कलेक्‍टर जिला उज्‍जैन को कार्यवाही हेतु पत्र प्रेषित किया गया। (घ) मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 83 में करों में राहत देने के बारे में राज्य सरकार की शक्ति का उल्लेखित है न कि अवैध कॉलोनी निर्माण पर कार्यवाही के संबंध में। (ड.) जानकारी उत्‍तरांश (घ) अनुसार।

पर्यवेक्षण शुल्क का अनुपालन

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

100. ( क्र. 2269 ) श्री महेश परमार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                             (क) मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 तथा उसके अधीन निर्मित मध्यप्रदेश ग्राम पंचायत (कॉलोनियों का विकास) नियम, 2014 प्रभावशील हैं, यदि हाँ, तो नियम 2014 के प्रभावी होने के पश्चात उज्जैन जिले (विधानसभा तराना सहित) के ग्रामीण क्षेत्रों में विकसित की गई कॉलोनियों का ग्राम, पंचायतवार, कॉलोनाइजरवार वैध, अवैध वर्गीकरण सहित, अद्यतन रिकॉर्ड संधारित किया गया है अथवा नहीं? यदि किया गया है, तो निम्नानुसार विवरण देवें। (1) कॉलोनाइजर का रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र (2) आंतरिक एवं बाह्य विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट (3) ग्राम पंचायत में जमा रजिस्ट्रीकरण/नवीनीकरण शुल्क एवं अनुमति शुल्क की रसीदें (4) सक्षम अधिकारी द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण-पत्र (5) कॉलोनी विकास हेतु देय 02 प्रतिशत पर्यवेक्षण शुल्क की रसीद, ग्राम पंचायत को कॉलोनी हैंड-ओवर का पत्र (ख) क्या आवासीय कॉलोनियों में समाज के कमजोर वर्गों (EWS/LIG) हेतु 15 प्रतिशत विकसित भू-खंड आवंटित किया जाना अनिवार्य है? यदि हाँ, तो — 1. उज्जैन जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में उक्त 15 प्रतिशत भू-खंडों का आवंटन, वास्तविक लाभार्थियों का नाम, पता, आधार नंबर सहित विवरण प्रस्तुत करें। 2. यदि उक्त भू-खंड आवंटित नहीं किए गए हैं, तो संबंधित कॉलोनाइजरों के विरुद्ध अब तक की गई कार्यवाही, प्रस्तावित दंडात्मक कार्यवाही का विवरण दिया जाए। (ग) क्या यह सही है कि दिनांक 05.10.2024 को आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में प्राप्त शिकायतों पर प्रश्‍न दिनांक तक की गई विभागीय जांच, कलेक्टर स्तर पर सत्यापन, दोषी कॉलोनाइजरों/ अधिकारियों पर की गई कार्यवाही का प्रमाणित प्रतिवेदन देवें।

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ, मध्यप्रदेश ग्राम पंचायत (कॉलोनियों का विकास) नियम 2014 प्रभावशील है। नियम 2014 के प्रभावी होने के पश्चात उज्जैन जिले (विधानसमा तराना सहित) के ग्रामीण क्षेत्रों में विकसित की गई वैध कॉलोनियों की जानकारी प्रश्‍नांश के बिन्दु कमांक 1 से 5 तक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ-1 एवं अ-2 (पेन ड्राइव में) व अवैध कॉलोनियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। ग्राम पंचायत को कॉलोनी हैण्ड-ओवर पत्र के संबंध में लेख है कि मध्यप्रदेश ग्राम पंचाय पंचायत (कॉलोनियों का विकास) नियम 2014 के नियम 20 के अंतर्गत कॉलोनी का पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी किया जाता है तथा नियम 18 (2) के अधीन कॉलोनी के संधारण के लिए रहवासी कल्याण संघ को हस्तानांतरित किये जाने का प्रावधान है। (ख) जी नहीं। म.प्र. ग्राम पंचायत (कॉलोनियों का विकास) नियम, 2014 में 15 प्रतिशत विकसित भूखण्‍ड आवंटन की अनिवार्यता नहीं है, बल्कि नियम 11 में विक्रय योग्‍य 6 प्रतिशत प्‍लाट या नियम 12 के अनुसार आश्रय शुल्‍क दिये जाने का प्रावधान है। भूखण्ड आवंटन संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। LIG EWS वर्ग के व्यक्तियों को भूखण्ड आवंटन नहीं किये जाने के संबंध में म.प्र. पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 और उसके अधीन निर्मित मध्यप्रदेश ग्राम पंचायत (कॉलोनियों का विकास) नियम 2014 के अंतर्गत कॉलोनाइजर के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही करने का प्रावधान नहीं है। अपितु यदि कॉलोनाइजर द्वारा नियम 15 के अंतर्गत L.I.G E.W.S वर्ग के व्यक्तियों को भूखण्ड आवंटन की कार्यवाही पूर्ण नहीं करता है तो बंधक रखे गये भूखण्डों को मुक्त नहीं किए जाते हैं। (ग) दिनांक 05.10.2024 को आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति दिशा की बैठक के कार्यवाही विवरण में प्रश्‍नांश में उल्लेखित शिकायत का उल्लेख नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -'''' अनुसार है।

उज्जैन जिले में स्थित कृषि उपज मण्डी की जानकारी

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

101. ( क्र. 2270 ) श्री सतीश मालवीय : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कृषि उपज मण्डी उज्जैन, जिला उज्जैन में 85 अनुज्ञप्तिधारी भू-खण्डधारक गैर कृषि का कार्य मण्डी परिसर के अन्दर कर रहे हैं? क्या यह मण्डी एक्ट का उल्लंघन नहीं है? क्या मण्डी समिति द्वारा इन्हें संरक्षण दिया जा रहा है? कुल 85 भूखण्ड धारक के नाम-पते, गोदाम का साइज एवं लीज-रेंट संबंधी जानकारी उपलब्ध करावें। विगत एक वर्ष में कृषि उपज मण्डी में लीज स्थानांतरण के कितने आवेदन प्राप्त हुए हैं? प्राप्त आवेदनों में कितने आवेदनों की लीज स्थानांतरित की गई हैं? (ख) उज्जैन जिले में कृषि उपज मण्डी समिति में स्थित कुल 16 गोदाम अनुज्ञप्तिधारी व्यपारियों को आवंटित कब किया गया एवं किस-किस व्यापारियों किया गया है? उक्त 16 गोदामों का साइज क्या है? इनका लीज-रेन्ट (किराया पट्टा) क्या है? इन गोदामों का लीज-रेन्ट (किराया पट्टा) कब से नहीं बढ़ाया गया हैं। लीज-रेन्ट (किराया पट्टा) नहीं बढ़ाने के क्या कारण हैं? इसके लिए कौन दोषी हैं? लीज-रेन्ट (किराया पट्टा) कब तक बढ़ा दिया जावेगा। (ग) उक्त 16 गोदामों में व्यापारियों द्वारा क्या कृषि उपज जींसों की खरीदी-बिक्री की जा रही है या सिर्फ लायसेन्स लेकर भण्डार गृह का इस्तेमाल गैर कृषि व्यवसायों में किया जा रहा है? उक्त 16 गोदामों का भौतिक सत्यापन समय-सीमा में कर सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी नहीं, मंडी समिति उज्‍जैन में आवंटित 85 अनुज्ञप्तिधारी, भू-खण्डधारी व्यापारियों द्वारा अधिसूचित कृषि उपज के क्रय-विक्रय के साथ कृषि उपजों के विपणन में सहायक/कृषकों की सुविधा तथा अनुषंगी प्रयोजन अन्‍तर्गत कार्य किया जा रहा है। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है। प्रश्‍नांश अनुसार कुल 85                                       भू-खण्डधारकों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। वर्तमान में प्रभावशील मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी (भूमि एवं संरचना का आवंटन) नियम 2009 में लीज स्थानांतरण का प्रावधान नहीं होने से शेष प्रश्‍नांश उदभूत नहीं होता है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। मंडी समिति उज्‍जैन द्वारा गोदामों के किराये में प्रत्‍येक तीन वर्ष में वृद्धि की जाती है। वित्‍त वर्ष 2023-24 में वृद्धि की कार्यवाही किये जाने से शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (ग) जी नहीं। अनुज्ञप्तिधारी व्यापारियों को किराये पर आवंटित है, व्‍यापारियों द्वारा गैर कृषि व्‍यवसाय नहीं किया जा रहा है। भौतिक सत्‍यापन रिपोर्ट पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाएं

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

102. ( क्र. 2271 ) श्री सतीश मालवीय : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उप-संचालक, कृषि विभाग, जिला उज्जैन द्वारा माह जनवरी 2024 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन सी सहकारी समितियों को कितनी-कितनी सब्सिडी की राशि जारी की गई? समितिवार सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) उप संचालक कृषि विभाग जिला उज्जैन द्वारा किन-किन सहकारी संस्थाओं से कितना-कितना बीज क्रय किया गया है? संस्थावार सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) उज्जैन जिले की विधानसभा क्षेत्र 215-घट्टिया में विभाग द्वारा जनवरी 2024 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन सी योजनाओं का लाभ किन-किन हितग्राहियों/किसानों को किस रूप में दिया गया है? हितग्राहियों/कृषकों की संख्‍या एवं हितग्राहियों के चयन की क्या प्रक्रिया अपनाई गई? सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) विधानसभा क्षेत्र 215-घट्टिया अन्तर्गत कितनी कीटनाशक दवाओं एवं उर्वरकों के लायसेन्स जारी किए गए हैं एवं कौन-कौन से स्थानों पर उक्त दुकानों का संचालन किया जा रहा है एवं स्थानवार, ग्रामवार लायसेंसवार सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ड.) प्रश्‍नांश (घ) के संदर्भ में वर्ष जनवरी 2024 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने लायसेंसों का नवीनीकरण किया गया है एवं कितने नवीन लायसेन्स जारी किए गए हैं? विधानसभा क्षेत्र में कितने ऐसे संस्थान हैं जिनका संचालन बिना लायसेन्स के किया जा रहा है? ग्रामवार, स्थानावार सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) राष्‍ट्रीय खाद्य एवं पोषण सुरक्षा मिशन दलहन एवं राष्‍ट्रीय मिशन ऑन इडिबल ऑइल तिलहन, सब मिशन ऑन एग्रीकल्‍चर मैकेनाइजेशन एवं सब मिशन ऑन सीड्स एवं प्‍लांटिंग मटेरियल योजनाओं अंतर्गत डी.बी.टी. के माध्‍यम से कुल 3683 हितग्राही/कृषकों को लाभान्वित किया गया है। हितग्राहियों/कृषकों का चयन एम.पी. किसान पोर्टल 2.0 पर कृषकों द्वारा किये गये ऑनलाइन आवेदन के आधार पर लक्ष्‍य के अनुसार विकासखण्‍डवार, जनपद पंचायत की कृषि स्‍थाई समिति से अनुमोदन पश्‍चात कृषकों का चयन किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) कीटनाशक के कुल 22 एवं उर्वरक के 79 लायसेंस जारी किये गये है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। (ड.) नवीनीकरण के कुल 38 एवं नवीन के कुल 63 लायसेंस जारी किये गये। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है। किसी भी संस्‍था का संचालन नहीं किया जा रहा है। ग्रामवार, स्‍थानवार जानकारी निरंक है।

रूरबन योजनांतर्गत लम्बित भुगतान का प्रदाय

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

103. ( क्र. 2275 ) श्री सुनील उईके : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                  (क) ग्रामीण यांत्रिकी विभाग में रूरबन योजनांतर्गत ग्राम देलाखारी विकासखण्ड तामिया जिला छिन्दवाड़ा में पशु चिकित्सालय का उन्नयन कार्य का लंबित अंतिम देयक का रू. 13.82 लाख का भुगतान लंबे समय से किन कारणों से नहीं किया गया है? कारण सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार भुगतान नहीं होने की दशा में कौन-कौन अधिकारी दोषी है? उनके नाम एवं पद सहित जानकारी उपलब्ध कराई जाये एवं भुगतान नहीं करने में किसके द्वारा विलंब किया गया? कारण सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) निर्माण एजेंसी को चलित एवं अंतिम देयक के बिलों का भुगतान किये जाने हेतु किस-किस को जवाबदेही दी गई एवं अभी तक निर्माण एजेंसी को किसके द्वारा चलित देयकों का भुगतान किया गया? (घ) शासन आदेशानुसार रूरबन योजना अंतर्गत निर्माण एजेंसियों को भुगतान करने के लिए अधिकृत किया गया? शासन आदेश की प्रति उपलब्ध करायें।

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) ग्रामीण यांत्रिकी विभाग में रूरबन योजनांतर्गत ग्राम देलाखारी विकासखण्‍ड तामिया जिला छिंदवाड़ा में पशु चिकित्‍सालय का उन्‍नयन कार्य का कुल राशि रू. 11.59 लाख के देयक वर्तमान में लंबित है। उक्‍त निर्माण कार्य को ठेकेदार द्वारा 09 माह विलंब से प्रारंभ कराया गया एवं निर्माण कार्य में ठेकेदार द्वारा अनुबंधानुसार 2 वर्ष से भी अधिक का विलंब किया गया। उक्‍त निर्माण कार्य में ठेकेदार द्वारा विलंबता के कारण एवं निम्‍न गुणवत्‍ता युक्‍त कार्य कराये जाने के कारण वर्क आई.डी. भी समय पर नहीं बन पायी जिससे कार्य का आवंटन भी सरेंडर हो गया। (ख) उक्‍त निर्माण कार्य को ठेकेदार द्वारा विलंब से प्रारंभ कराया गया, निर्माण कार्य अनुबंधानुसार 2 वर्ष से भी अधिक का विलंब किया गया एवं निम्‍न गुणवत्‍ता होने से भुगतान नहीं किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उक्‍त कार्य में ठेकेदार द्वारा कार्य विलंब से किया गया तथा चलित देयकों को भी समय पर प्रस्‍तुत नहीं किया जाकर निम्‍न गुणवत्‍ता का कार्य कराया गया, जिसके कारण भुगतान हेतु कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा क्र. 02 छिंदवाड़ा द्वारा दिनांक 30.01.2026 को ठेकेदार को निर्माण कार्य में सुधार हेतु पत्र जारी किया गया एवं अनुबंधानुसार रख-रखाव समयावधि में समस्‍त क्षतिग्रस्‍त जगहों को सुधार किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है एवं उक्‍त कार्य पर कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग क्र. 01 छिंदवाड़ा के निरीक्षण प्रतिवेदन अनुसार भी क्षतिग्रस्‍त कार्यों को सुधार कराने के उपरांत ही भुगतान संभव होगा। (घ) पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी रूरबन मिशन योजना के पत्र क्रमांक/10057 दिनांक 04.08.2021 द्वारा क्रियान्‍वयन एजेंसी को भुगतान हेतु जिला स्‍तर चेकर हेतु मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत तथा मेकर हेतु जिला में पदस्‍थ लेखाधिकारी को अधिकृत किया गया है।

गणवेश का लम्बिन भुगतान

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

104. ( क्र. 2302 ) श्री बाला बच्चन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 2214 दिनांक 04.08.2025 के उत्तरांश (क) में वर्णित लंबित भुगतान राशि का प्रश्‍न दिनांक की स्थिति तक भुगतान नहीं हुआ है? इसके क्‍या कारण हैं? इंदौर संभाग में जिलेवार अद्यतन स्थिति‍ स्‍पष्‍ट करें। (ख) प्रश्‍नांश (क) वर्णित प्रश्‍न के उत्तरांश (ख) में जिलों से सत्‍यापन प्रक्रियाधीन बताया गया जबकि कार्य संपन्‍न हुए लंबा समय हो चुका है? जिन जिलों में सत्‍यापन प्रक्रियाधीन है, उनकी सूची उत्‍तरदायी अधिकारियों के नाम, पदनाम, सहित देवें। इस विलंब के लिए इन उत्‍तरदायी अधिकारियों पर कब तक कार्यवाही होगी? (ग) कब तक लंबित भुगतान कर दिया जाएगा? समय-सीमा देवें। यदि नहीं, तो कारण बतावें। (घ) भुगतान लंबित रखने वाले जिम्‍मेदार अधिकारियों पर विभाग कब तक कार्यवाही करेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) प्रश्‍न क्र. 2214, दिनांक 04.08.2025 के उत्‍तर में वर्णित लंबित राशि के भुगतान हेतु जिलों से गणवेश कार्य की समूहों को प्राप्‍त राशि का सत्‍यापन प्रक्रियाधीन होने से भुगतान लंबित है। इंदौर संभाग में गणवेश सिलाई के भुगतान की स्थिति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) संभाग के समस्‍त जिलों से गणवेश निर्माण के लंबित भुगतान करने के पूर्व जिलों से गणवेश कार्य हेतु समूहों को प्राप्‍त राशि का सत्‍यापन कार्य जिला कलेक्‍टर के माध्‍यम से कराया जा रहा है। इस कार्य के विलंब के लिए कोई भी अधिकारी उत्‍तरदायी नहीं है। अत: कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है। (ग) जिलों से सत्‍यापन रिपोर्ट प्राप्‍त होने के उपरांत, राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र से आवंटन प्राप्‍त कर राशि का भुगतान किया जाएगा।                                             समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (घ) गणवेश निर्माण के लंबित भुगतान करने के पूर्व जिलों से गणवेश कार्य हेतु समूहों को प्राप्‍त राशि का सत्‍यापन कार्य कराया जा रहा है। भुगतान विलंब के लिए कोई भी अधिकारी उत्‍तरदायी नहीं है। अत: कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

परिशिष्ट - "तीस "

हितग्राहियों को लंबित राशि का भुगतान

[श्रम]

105. ( क्र. 2303 ) श्री बाला बच्चन : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                       (क) राजपुर विधान सभा क्षेत्र में संबल व अन्‍य योजनाओं में कितने हितग्राहियों की कितनी राशि प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में लंबित है? 03 माह से अधिक लंबित प्रकरणों की संख्‍या भी देवें।                               (ख) प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न क्र. 1481 दि. 08-07-2024 के (ग) उत्‍तर में बताया गया कि संबल योजना में वर्ष 2022-23 में 1536 करोड़ रू. बजट था, वहीं वर्ष 2023-24 में यह 710 करोड़ रू. हो गया। इस कमी का कारण बतावें जबकि प्रदेश में लाखों हितग्राहियों का भुगतान लंबित था?                        (ग) प्रश्‍न दिनांक से 06 माह से अधिक लंबित भुगतान के कितने प्रकरण हैं? प्रकरण संख्‍या लंबित राशि सहित जिलावार संबल योजना के संदर्भ में देवें। वर्ष 2024-252025-26 में संबल योजना का बजट आवंटन भी देवें। (घ) प्रश्‍नांश (क) (ग) अनुसार लंबित प्रकरणों का निराकरण कर कब तक राशि भुगतान कर दी जाएगी? इस विलंब के उत्‍तरदायी अधिकारियों पर विभाग कब तक कार्यवाही करेगा?

श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) राजपुर विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजनांतर्गत चाही गई जानकारी संबंधी कुल 311 प्रकरण राशि रू. 692.00 लाख के हैं। शेष प्रश्‍नांश में 03 माह से अधिक अवधि संबंधी वांछित जानकारी के 142 प्रकरण हैं। (ख) मुख्‍यमंत्री जन कल्‍याण संबल योजनांतर्गत वर्तमान में 33, 844 प्रकरण स्‍वीकृत एवं डिजिटली हस्‍ताक्षरित होकर राज्‍य स्‍तर पर प्राप्‍त है, जिसके लिए बजट मांग प्रेषित की गयी है। लाखों हितग्राहियों का भुगतान लंबित होने की स्थिति नहीं है। अत: प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना के वांछित जानकारी संबंधी 9492 प्रकरण हैं, जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजनांतर्गत वर्ष 2024-252025-26 की बजट आवंटन संबंधी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (घ) मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजनांतर्गत अनुग्रह सहायता भुगतान एक सतत प्रक्रिया है, योजनांतर्गत प्रत्येक सिंगल क्लि‍क कार्यक्रम में स्वीकृत तथा डिजिटल हस्ताक्षरित प्रकरणों में भुगतान मृत्यु दिनांक के क्रमानुक्रम में बजट उपलब्धता अनुसार किया जाता है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

बैरसिया में खेल स्‍टेडियम का निर्माण

[खेल एवं युवा कल्याण]

106. ( क्र. 2316 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैरसिया में तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री द्वारा दिनांक 14.02.2023 को खेल स्‍टेडियम निर्माण की घोषणा की गई थी। इस संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा पूर्व में विभाग से पूछे गए प्रश्‍न के उत्‍तर में भूमि आवंटन के पश्‍चात खेल स्‍टेडियम के निर्माण का आश्‍वासन दिया गया था? राजस्‍व विभाग द्वारा बैरसिया के इब्राहिमपुरा में 8.097 हेक्‍टेयर भूमि खेल एवं युवा कल्‍याण विभाग को आवंटित कर दी गई है? उक्‍त भूमि आवंटन के बाद खेल स्‍टेडियम निर्माण के संबंध में विभाग की क्‍या कार्ययोजना है? (ख) बैरसिया में खेल स्‍टेडियम का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जायेगा?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। भूमि आवंटन उपरांत प्रस्ताव का परीक्षण कर बजट उपलब्धता अनुसार सक्षम समिति के समक्ष प्रस्तुत किये जाने का लेख किया गया था। जी हाँ। संचालनालयीन पत्र क्रमांक 10558 दिनांक 30.01.2026 द्वारा म.प्र. भवन विकास निगम भोपाल से स्थल निरीक्षण कर प्राक्कलन मय तकनीकी स्वीकृति सहित चाहे गये है। निर्माण एजेंसी से प्राक्कलन प्राप्त होने के उपरांत प्रस्ताव का परीक्षण कर बजट उपलब्धतानुसार सक्षम समिति के समक्ष स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किया जा सकेगा। (ख) उत्‍तरांश '''' के संदर्भ में खेल स्टेडियम निर्माण की निश्चित समय-सीमा बतायी जाना संभव नहीं है।

जगदीशपुर में मास्‍टर प्‍लान का क्रियान्‍वयन

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

107. ( क्र. 2317 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                (क) बैरसिया विधानसभा के ग्राम जगदीशपुर में दिनांक 14.02.2023 को आयोजित कार्यक्रम के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा जगदीशपुर में मास्टर प्लान लाने की घोषणा की गई थी। उक्त घोषणा के क्रियान्वन के संबंध में विभाग की क्या कार्ययोजना है? (ख) उक्त घोषणा के निष्पादन में अब तक विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) यह सही है कि तत्‍कालीन माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा ग्राम जगदीशपुर तहसील हुजूर भोपाल में दिनांक 14.02.2023 को घोषणा की गई थी कि ''जगदीशपुर मास्‍टर प्‍लान बनाया जायेगा'' मास्‍टर प्‍लान बनाने का कार्य संचालनालय नगर तथा ग्राम निवेश म.प्र. भोपाल के द्वारा किया जाता है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की वर्तमान में कोई कार्ययोजना प्रस्‍तावित नहीं है। (ख) मास्‍टर प्‍लान न होने से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से कार्यवाही अपेक्षित नहीं है।

अष्‍टांग आयुर्वेदिक महाविद्यालय की पद संरचना

[आयुष]

108. ( क्र. 2321 ) श्री मनोज निर्भय सिंह पटेल : क्या आयुष मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय अष्‍टांग आयुर्वेदिक चिकित्‍सा महाविद्यालय इन्‍दौर में महाविद्यालय एवं चिकित्‍सालय में तृतीय एवं चर्तुथ श्रेणी के पदों की संरचना और उसके विरूद्ध कितने-कितने कर्मचारी कार्यरत हैं? उसकी जानकारी पदवार उपलब्‍ध करावें। कितने पद किन-किन वर्ग के रिक्‍त हैं? सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) उपरोक्‍त संस्‍थान में कितने तृतीय श्रेणी के कर्मचारी पदस्‍थ हैं? उनमें से कितने कर्मचारी अपने पदांकित स्‍थान पर कार्यरत हैं? सूची उपलब्‍ध करायें। क्‍या कोई कर्मचारी संस्‍था से बाहर अन्‍यत्र कहीं आसंजित हैं? यदि हाँ, तो उसके आदेश की प्रति उपलब्‍ध करायें एवं वह कब से आसंजित हैं, किस नियम के तहत है? उपस्थिति प्रमाण-पत्र उपलब्‍ध करायें। यदि कोई कर्मचारी लंबे समय से अन्‍य संस्‍था में कार्यरत है तो उसके लिए कौन उत्‍तरदायी है? (ग) ऐसे कर्मचारी जो संस्‍था (महाविद्यालय एवं चिकित्‍सालय) से बाहर अन्‍य स्‍थान से आंसजित है, इनके स्‍थान पर क्‍या अन्‍य कर्मचारी की नियुक्ति की गई है? यदि नहीं, तो उनके जिम्‍मे का कार्य कौन कर रहा है? यदि स्‍थाई या अस्‍थाई भर्ती की गई है तो उसकी जानकारी उपलब्‍ध करावें। उसके वेतन भुगतान किस मद से किया जा रहा है? इससे संस्‍था पर कितना वित्‍तीय भार आ रहा है? भर्ती की गई है तो आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें। (घ) ऐसे कर्मचारी जो अन्‍य जगह कार्य कर रहे हैं, उनकी वापसी हेतु क्‍या और कब-कब कार्यवाही की गई? उसके पत्राचार की प्रति उपलब्‍ध करावें। कब तक ये अपने मूल कार्य या कार्य स्‍थान पर आयेंगे? स्‍पष्‍ट समय-सीमा बतावें।

आयुष मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार। (ग) जी नहीं। संस्‍था कार्यरत कर्मचारियों द्वारा। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।

उत्‍कृष्‍ठ खिलाड़ियों की घोषणा

[खेल एवं युवा कल्याण]

109. ( क्र. 2322 ) श्री मनोज निर्भय सिंह पटेल : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 1989 में उत्कृष्ठ खिलाड़ियों की घोषणा की गई थी? यदि हाँ, तो उन खिलाड़ियों के नाम व खेल का नाम उपलब्ध करावें। साथ ही उत्कृष्‍ठ चयन कमेटी व बोर्ड की बैठक का कार्यवाही विवरण एवं कब्बडी खिलाड़ी के चयन आधार वाले दस्तावेज उपलब्ध करायें। (ख) क्या कर्मचारी कल्याण संगठन द्वारा प्रश्नांश में उल्लेखित उत्कृष्ठ खिलाड़ियों को शासकीय विभागों में सीधी भर्ती में नियुक्ति हेतु अनुशंषा पत्र जारी किये गये थे? यदि हाँ, तो अनुशंसा पत्र की प्रति उपलब्ध करायें। (ग) क्या 1988 और 1989 के उत्कृष्ठ घोषित खिलाड़ियों की तुलना में वर्ष 1990 में ऐसे खिलाड़ियों को भी उत्कृष्ठ घोषित किया गया जिन्होंने वर्ष 1985, 1986 एवं 1987 में राज्य का प्रतिनिधित्व किया था? यदि हाँ, तो ऐसे खिलाड़ियों के नाम व पुराने प्रतिनिधित्व के आधार पर 1990 में चयन करने के वैधानिक कारण और नियम स्पष्ट करें। (घ) क्या कर्मचारी कल्याण संगठन द्वारा किसी उत्कृष्ट खिलाड़ी को खनिज विभाग में खनिज निरीक्षक के पद पर नियुक्ति देने हेतु दिनांक 09/12/1990 को कोई पत्र जारी किया गया है? यदि हाँ, तो पत्र की प्रति उपलब्ध करायें। (ड.) 1990 में उत्‍कृष्‍ठ खिलाड़ी घोषित करने के निर्धारित मापदण्‍ड, नियम व पात्रता शर्त क्‍या थी? क्‍या उक्‍त नियमों में किसी वरिष्‍ठ व्‍यक्ति को लाभ पहुंचाने हेतु नियमों में शिथिलता प्रदान की गई थी? नियम पुस्तिका उपलब्‍ध कराएं।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

कृषि योजना हेतु राशि का आवंटन

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

110. ( क्र. 2327 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2023-24 से वर्ष 2025-26 (प्रश्‍न दिनांक तक) की अवधि में उप संचालक कृषि, सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी, परियोजना संचालक आत्मा, जिला अनूपपुर को कुल कितनी राशि आवंटित की गई है? घटकवार प्राप्त एवं व्यय की गई राशि का विवरण, संस्थावार प्रदान करें। (ख) कार्यालय सहायक मृदा संरक्षण अधिकारी, जिला अनूपपुर को प्रश्‍नांश (क) में दर्शित अवधि तक कुल कितने किसानों की मृदा परीक्षण की गई तथा कितने मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किये गये हैं? वर्षवार, किसानवार सूची उपलब्ध करावें। (ग) कृषि अभियांत्रिकी जिला अनूपपुर को उक्त प्रश्‍नावधि में किन-किन कृषकों को कितने-कितने कृषि यंत्र वितरित किये गये? वर्षवार जानकारी प्रदान करें। प्रदत्त यंत्रों पर दिये गये अनुदान की जानकारी भी कृषकवार उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के संदर्भ में कृषि यंत्र वितरित एवं स्वास्थ्य कार्ड जारी करने संबंधी जिला प्रशासन एवं शासन को लिखे गये पत्र एवं प्राप्त शिकायत की जानकारी की प्रति उपलब्ध कराते हुये बतावें कि प्राप्त शिकायत पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई?

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) वर्ष 2023-24 से वर्ष 2025-26 (प्रश्‍न दिनांक तक) की अवधि में उप संचालक कृषि, सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी, परियोजना संचालक आत्‍मा जिला अनूपपुर को आवंटित की गई राशि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार है। घटकवार प्राप्‍त एवं व्‍यय की गई राशि का विवरण, संस्‍थावार  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार है। (ख) कार्यालय सहायक मृदा संरक्षण अधिकारी, जिला अनूपपुर द्वारा प्रश्‍नांश '' में दर्शित अवधि तक मृदा परीक्षण कार्य नहीं किया जाता है। शेष का प्रश्‍न ही उद्भूत नहीं होता है। (ग) जिले में ऑनलाइन पोर्टल के माध्‍यम से कृषि उपकरण वितरण अनुदान कृषकवार एवं वर्षवार पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार है। (घ) प्रश्‍नांश '', '' एवं '' के संदर्भ में कृषि यंत्र वितरण एवं स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड जारी करने संबंधी जिला प्रशासन एवं शासन को लिखे गये पत्र एवं प्राप्‍त शिकायत की जानकारी ''निरंक'' है। शेष का प्रश्‍न ही उद्भूत नहीं होता है।

पी.एम.जी.एस.वाय. योजना अंतर्गत सड़कों का रख-रखाव

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

111. ( क्र. 2328 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पी.एम.जी.एस.वाय. योजना अंतर्गत अनूपपुर जिले में विगत तीन वर्षों में कहाँ-कहाँ पर सड़क बनाई गई तथा इसका रख-रखाव कितने वर्ष का था? वर्तमान में कितनी सड़कें टूट गईं, जिनका रख-रखाव नहीं कराया गया है? कार्य का प्रकार, कहाँ से कहाँ तक की सड़क स्वीकृत हुई, व्यय, रख-रखाव संबंधी जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में सड़कों का रख-रखाव न होने पर स्थानीय निवासियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा क्या शिकायत की गई है? यदि हाँ, तो शिकायत पर विभाग द्वारा की गई कार्यवाही से अवगत करावें। (ग) क्या प्रश्‍नाधीन संदर्भित सड़क के घटिया निर्माण एवं रख-रखाव नहीं किये जाने की स्थिति में शासन द्वारा संबंधित कार्य एजेंसी तकनीकी अधिकारी एवं भुगतानकर्ता अधिकारी से वसूली हेतु तकनीकी एवं प्रशासनिक अधिकारियों की टीम गठित कर जांच कराई जायेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) विगत तीन वर्षों में पी.एम.जी.एस.वाय. योजना अंतर्गत अनूपपुर जिले में कुल 13 सड़कें निर्मित हुई हैं। निर्मित 01 सड़क अनूपपुर विकासखण्ड, 02 सड़क जैतहरी विकासखण्ड एवं 10 सड़क पुष्पराजगढ़ विकासखण्ड में निर्मित हुई है। निर्मित सड़कों का रख-रखाव पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी होने की दिनांक से आगामी पांच वर्ष तक होता है। निर्मित सड़क अच्छी स्थिति में है एवं अनुबंधानुसार मार्गों के संधारण की सतत प्रक्रिया के तहत आवश्‍यकतानुसार कार्य कर, मार्गों को संधारित किया जाता है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में विगत तीन वर्षों में निर्मित सड़कों का रख-रखाव प्रावधान अनुसार पूर्ण होने से माननीय जनप्रतिनिधियों द्वारा रख-रखाव संबंधी शिकायत श्री बुद्धसेन राठौर के द्वारा पैकेज क्रमांक MP46PMJM03 के मार्ग जरहा से बैगा बस्ती एवं सुआडांड से टंगरीटोला में गुणवत्ताहीन कार्य की शिकायत की गई है। उक्त दोनों मार्गों के निर्माण कार्य की गुणवत्‍ता का निरीक्षण स्टेट क्‍वालिटी मॉनीटर/नेशनल क्‍वालिटी मॉनीटर द्वारा कराया गया है जिसमें सभी मापदण्डों पर संतोषप्रद श्रेणी प्रदान की गई है। महाप्रबंधक, इकाई - अनूपपुर द्वारा भी शिकायत के संबंध में मार्गों का निरीक्षण किया गया, निरीक्षण में मार्गों की स्थिति गुणवत्तायुक्त पायी गयी।           (ग) विगत तीन वर्षों में निर्मित सड़कें मानक मापदण्डानुसार सड़कों का रख-रखाव संधारण की प्रक्रिया के तहत मार्गों को मापदण्ड अनुसार संधारित किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "इकतीस"

पंचायतों से शासकीय राशि की वसूली एवं कार्यवाही

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

112. ( क्र. 2331 ) श्री शिवनारायण सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर जिला अंतर्गत जनपद पंचायत जैतहरी में वर्ष 2021 से 31 जनवरी 2026 तक किन-किन पंचायतों के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक सहित अन्य उपयंत्री, सहायक यंत्री पर कितनी राशि वसूली हेतु विधिवत नोटिस दिये गए हैं? नोटिस सहित पूर्ण जानकारी देवें। (ख) क्या शासकीय वसूली योग्य राशि वसूलने में लापरवाही बरती गई है? यदि नहीं, तो अब तक राशि वसूली न होने के लिए कौन-कौन जिम्मेदार है? उनके नाम, पद सहित जानकारी देवें। (ग) क्या ग्राम पंचायत क्योंटार, महुदा के पूर्व एवं वर्तमान सरपंच एवं सचिव पर लाखों रु. वसूली योग्य प्रमाणित है? यदि हाँ, तो वर्तमान सरपंच को पद से पृथक करते हुए पूर्व के सरपंचों से समय-सीमा में वसूली की कार्यवाही की जाएगी? (घ) क्या बिना जी.एस.टी. पंजीयन के लक्ष्मण सिंह राठौर नामक सप्लायर ने धनगवां, बलबहरा, सिवनी सहित कितने पंचायतों में 01 जनवरी 2020 से 31 जनवरी 2026 तक विभिन्न बिल प्रस्तुत कर राशि प्राप्त किया है? उसकी छायाप्रति उपलब्ध कराते हुए पूर्ण जानकारी देवें। (ड.) क्या लाखों रूपयों के बिल प्रस्तुतकर्ता ने 2020 से बिना पंजीयन जी.एस.टी. बिल प्रस्तुत कर शासकीय कर चोरी किया है? यदि नहीं, तो विभाग जी.एस.टी. विभाग को समस्त जानकारी देकर कर चोरी प्रकरण में कार्यवाही का पहल करेंगे?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) अनूपपुर जिला अंतर्गत जनपद पंचायत जैतहरी में वर्ष 2021 से 31 जनवरी 2026 तक जिन ग्राम पंचायतों के सरपंच सचिव, रोजगार सहायक सहित अन्य उपयंत्री, सहायक यंत्री पर विधिवत दी गयी नोटिस की छायाप्रति सूची सहित पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) शासकीय वसूली योग्य राशि वसूलने में कोई लापरवाही नहीं गई है, वसूली की कार्यवाही अर्द्धन्‍यायिक प्रक्रिया होती है। इसलिए शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।                              (ग) ग्राम पंचायत क्योंटार पूर्व सरपंच एवं सचिव पर क्रमशः राशि रूपये 38, 280/- एवं 2, 47, 185/- तथा ग्राम पंचायत महुदा के पूर्व सरपंच एवं सचिव पर क्रमशः राशि रूपये 4, 52, 700/- एवं 4, 52, 700/- वसूली प्रमाणित पायी गई थी। जिनमें से दोनों ग्राम पंचायतों में पूर्व सरपंचों पर ही राशि वसूली अधिरोपित की गई थी। जिसमें ग्राम पंचायत क्योंटार के पूर्व सरपंच द्वारा अपने हिस्से की राशि जमा की जा चुकी है एवं ग्राम पंचायत महुदा के पूर्व सरपंच द्वारा अपने हिस्से की राशि में से राशि रूपये 36, 550/- जमा की गई है, शेष राशि वसूली की कार्यवाही प्रचलन में हैं। वर्तमान सरपंच दोषी होना नहीं पाया गया है इसलिए उसके विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। ग्राम पंचायतों के दोनों ही दोषी पाये गये सरपंच पूर्व सरपंच हैं। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। (घ) लक्ष्मण सिंह राठौर का जी.एस.टी. नं. 23BKGPR8994DIZP है, जो कि दिनांक 01.07.2017 को पंजीकृत हुआ है और वर्तमान में एक्टिव है। जी.एस.टी. पोर्टल से डाउनलोड रिपोर्ट पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'' अनुसार है। (ड.) जानकारी उत्‍तरांश (घ) अनुसार।

हिन्‍दुस्‍तान एम.बी. पावर परियोजना की जानकारी

[श्रम]

113. ( क्र. 2332 ) श्री शिवनारायण सिंह : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                   (क) अनूपपुर जिला अंतर्गत जैतहरी में स्थापित हिन्दुस्तान एम.बी. पावर प्रोजेक्ट में कितने श्रमिक कुशल, अर्धकुशल सहित तथा कंपनी के अंदर अन्य समस्त कर्मचारियों के नाम, प्रतिमाह वेतन/मजदूरी की राशि, प्रति कर्मचारी कटौती की जा रही पी.एफ. राशि का पृथक-पृथक वर्ग अनुसार नाम, पद, वेतन/मजदूरी की जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश "क" स्थापित पावर प्लांट में 1 अप्रैल 2020 से 31 जनवरी 2026 तक सी.एस.आर. में वित्तीय वर्ष अनुसार व्यय की गई है? प्रत्येक व्यय की स्पष्ट व पूर्ण जानकारी देवें। (ग) क्या पावर प्लांट में कार्यरत श्रमिक/कर्मचारियों एवं क्षेत्रीय प्रभावित जनता के लिए चिकित्सालय प्रारंभ है? यदि हाँ, तो 31 जनवरी 2026 की स्थिति‍ में कितने चिकित्सक तथा स्वास्थ सेवा में कार्यरत कर्मचारियों के नाम, पद, योग्यता की जानकारी देते हुए स्पष्ट करें कि चिकित्सक में कितने विशेषज्ञ महिला एवं बच्चों के विशेषज्ञ सेवा में है? उनके नाम, योग्यता के दस्तावेज उपलबध कराएं। प्रतिदिन कितने मरीज ओ.पी.डी. में पंजीकृत हैं की जानकारी देवें। (घ) क्या प्रधानमंत्री जी द्वारा घोषित श्रम नीति व म.प्र. शासन के समस्त आदेशों का पालन किया जाता है? यदि हाँ, तो श्रम उपायुक्त से भौतिक सत्यापन उपरांत जानकारी देवें।

श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) अनूपपुर जिले के जैतहरी में स्थापित हिंदुस्तान एम.बी. पावर परियोजना में कार्यरत श्रमिकों/कर्मचारियों के वेतन/मजदूरी तथा पी.एफ. कटौती से संबंधित समेकित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। श्रम विभाग द्वारा कर्मचारीवार वेतन/मजदूरी की राशि, कटौती की जा रही राशि, पी.एफ. की राशि का संधारण नहीं किया जाता है।                  (ख) सी.एस.आर. व्‍यय की जानकारी श्रम विभाग स्‍तर पर संधारित नहीं होती है। तथापि उक्‍त व्‍यय की संस्‍थान से प्राप्‍त वर्षवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जी हाँ। चिकित्‍सकों के नाम, पद, योग्‍यता संबंधी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। ओ.पी.डी. में पंजीकृत मरीजों की जानकारी श्रम विभागीय स्‍तर परसंधारित नहीं की जाती है।                    (घ) प्रश्‍नांश में उल्‍ले‍खित श्रम नी‍ति ड्राफ्ट प्रारूप में है। केन्‍द्रीय एवं राज्‍य श्रम कानूनों तथा मध्यप्रदेश शासन के समय-समय पर जारी आदेशों का परिपालन सुनिश्चित करने हेतु निरन्‍तर सहायक श्रमायुक्‍त/श्रम अधिकारी/श्रम निरीक्षक द्वारा समय-समय पर भौतिक सत्यापन कर विभिन्‍न श्रम कानूनों संबंधी वैधानिक प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जाता है तथा परिपालन हेतु आवश्यक निर्देश दिए जाते हैं। उल्‍लंघन पाए जाने की स्थिति में सक्षम न्‍यायालय में अभियोजन/दावे प्रस्‍तुत किए जाते हैं। अनूपपुर जिले में पिछले 2 वर्ष में विभिन्‍न श्रम अधिनियमों में संपादित निरीक्षण, प्रस्‍तुत अभियोजन/दावे की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है।

मनरेगा योजना में अनियमितता

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

114. ( क्र. 2350 ) श्री उमंग सिंघार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                         (क) क्‍या विगत दो वर्ष में प्रश्‍न दिनांक तक मध्‍यप्रदेश में मनरेगा योजना के अंतर्गत कराये गये निर्माण कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की शिकायतें विभाग को प्राप्‍त हुई हैं? यदि हाँ, तो प्रदेश में उक्‍त अवधि में कुल कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुईं, उनमें से कितनी शिकायतों की जांच पूर्ण की गई और कितनी लंबित हैं? (ख) क्‍या अनेक ग्राम पंचायतों में मनरेगा के अंतर्गत बिना कार्य कराए ही फर्जी मस्‍टर रोल के माध्‍यम से भुगतान किया गया? यदि हाँ, तो ऐसे कितने प्रकरण किन-किन जिलों में सामने आये? विगत दो वर्ष की जानकारी दें। (ग) उक्‍त अनियमितताओं के संबंध में कितने सरपंचों, सचिवों एवं रोजगार सहायकों के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज की गई तथा कितनी राशि की वसूली की गई? (घ) क्‍या शासन भविष्‍य में मनरेगा भुगतान की पारदर्शिता हेतु कोई नई निगरानी व्‍यवस्‍था लागू करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। विगत दो वर्ष में प्रश्‍न दिनांक तक मध्‍यप्रदेश में मनरेगा योजना के अंतर्गत कराये गये निर्माण कार्यों में अनियमितताओं की 88 शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं, जिनमें से कुल 59 शिकायतों की जांच पूर्ण की गई, शेष 29 शिकायतों पर कार्यवाही प्रचलित है। (ख) जी हाँ। विगत दो वर्ष में ऐसे 16 प्रकरण जिला अनूपपुर, छतरपुर, छिन्‍दवाड़ा, जबलपुर, मण्‍डला, रायसेन, हरदा एवं अशोकनगर में सामने आये हैं। (ग) उक्‍त अनियमितताओं के संबंध में 04 सरपंचों, 02 सचिवों एवं 03 ग्राम रोजगार सहायकों के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज की गई तथा 26.49 लाख रूपये की वसूली की गई। (घ) वर्तमान में मनरेगा भुगतान की पारदर्शिता हेतु जानकारी नरेगा पोर्टल nrega.nic.in पर सार्वजनिक है, जो अत्‍यंत पारदर्शी है। शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में गबन राशि की वसूली

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा)]

115. ( क्र. 2351 ) श्री उमंग सिंघार : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 19.48 करोड़ के गबन की वसूली की क्या कार्यवाही की गई है? (ख) वर्तमान में प्रकरण की क्या स्थिति है? (ग) शासन द्वारा क्या कार्यवाही अपेक्षित है?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्‍वविद्यालय, भोपाल द्वारा प्रकरण की गंभीरता के दृष्टिगत दोषी 05 व्‍यक्तियों यथा-प्रो. आर.एस. राजपूत, तत्‍कालीन कुलसचिव, आरजीपीव्‍ही, श्री ऋषिकेश वर्मा, तत्‍कालीन वित्‍त नियत्रंक आरजीपीव्‍ही, प्रो.सुनील कुमार, तत्‍कालीन कुलपति, आरजीपीव्‍ही, श्री मयंक कुमार गोपाल, दलित संघ सोहागपुर एवं अन्‍य के विरूद्ध अनाधिकृत रूप से हस्‍तांतरित की गई राशि रूपये 19.48 करोड़ के संबंध में क्षेत्र के गांधी नगर थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ.आई.आर.) क्रमाक 0057, दिनांक 03.03.2024 दर्ज की गई थी। प्रकरण जिला न्‍यायालय, भोपाल में विचाराधीन है। (ख) प्रकरण जिला न्‍यायालय, भोपाल में विचाराधीन है। (ग) विभाग द्वारा तत्‍कालीन कुलपति डॉ. सुनील कुमार को दिनांक 08.04.2024 एवं तत्‍कालीन कुलसचिव डॉ.आर.एस. राजपूत को दिनांक 07.03.2024 को निलंबित कर दोनों अधिकारियों के विरूद्ध विभागीय जांच संस्थित की गई है।

दतिया जिले में विभाग के रिक्‍त पदों की स्‍वीकृति

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

116. ( क्र. 2377 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिले में कृषि विस्तार अधिकारियों (A.E.O.) के कितने पद स्वीकृत हैं उनमें से कितने रिक्त एवं भरे हुए हैं? (ख) जिले के अध्य-विकासखण्डों में कृषि विस्तार अधिकारियों (A.E.O.) को प्रभारी कृषि विकास अधिकारी (S.A.D.O.) का प्रभार किन-किन को सौंपा गया है, आदेश की प्रति संलग्न करें तथा (A.E.O.) की विकासखण्डवार वरिष्ठता सूची संलग्न करें। (ग) क्या  शासन नियमों का उल्लंघन कर कृषि विस्तार अधिकारियों (A.E.O.) की वरिष्ठता सूची को नजरअंदाज कर अपनी मनमर्जी अनुसार नियम विरूद्ध कनिष्ठ अधिकारियों को का प्रभार दिया गया है। प्रभार देने वाले अधिकारियों के नाम एवं पद बतायें। (घ) क्या संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग मध्यप्रदेश भोपाल के पत्र क्रमांक/अ-2-3/युडी/स्था./2024-26/2836 भोपाल दिनांक 19/08/2025 के द्वारा (मोस्ट सीनियर) कृषि विस्तार अधिकारियों (कृषि स्नातक) को प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी का प्रभार सौंपने के आदेश दिए गए थे जिनका पालन आज दिनांक तक नहीं किया गया है। इसके लिये कौन उत्‍तरदायी हैं। (ड.) क्या कृषि उपज मंडियों में (AED) प्रभारी (SADD) को प्रतिनियुक्ति पर भेजने के अधिकार शासन स्तर पर हैं, परन्तु दतिया जिले में जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों के विपरीत सक्षम अधिकारी के आदेश के बिना स्थानीय आदेशों के द्वारा प्रभारी मण्डी सचिव नियुक्त किये गए हैं, तो क्या इन नियम विरूद्ध किये गए आदेशों को निरस्त किया जावेगा यदि हाँ, तो कब तक?

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) आदेश की प्रति की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2, 3 एवं 4 अनुसार है। (A.E.O.) की विकासखण्डवार वरिष्ठता सूची संधारित नहीं की जाती है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है। (घ) जी हाँ। आदेश का पालन किया गया है। आदेश की प्रति की  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एवं अनुसार है। (ड.) जी हाँ। मध्‍यप्रदेश राज्‍य कृषि विपणन बोर्ड भोपाल के पत्र क्रमांक/स्‍थापना/अ-1/736/55 दिनांक 06/02/2026 द्वारा कलेक्‍टर जिला दतिया के आदेश दिनांक 10/11/2025 जिसमें मंडियों के प्रभार संबंधी आदेश निरस्‍त किये जाने का लेख किया गया। जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है।

महाविद्यालयों में आवासीय परिसर हॉस्टल की व्यवस्था

[उच्च शिक्षा]

117. ( क्र. 2380 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला शहडोल एवं रीवा अन्तर्गत विश्वविद्यालय अवधेश प्रताप सिंह एवं पंडित शम्भूनाथ शुक्ल के अधीनस्थ समस्त महाविद्यालय में प्रत्येक महाविद्यालय वार छात्र-छात्राओं की संख्या सहित आवासीय परिसर हॉस्टल की व्यवस्था किन-किन महाविद्यालयों में है? (ख) शासन के नियमानुसार महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को आवासीय व्यवस्था के क्या नियम है? तो क्या-क्या व्यवस्था की जा रही है, अगर नहीं तो आगामी क्या कार्य योजना है। (ग) आवासीय व्यवस्था नहीं होने पर छात्र-छात्राओं को प्रदाय की जाने वाली छात्रवृत्ति  कौन-कौन सी है एवं प्रत्येक विद्यालयवार छात्रों की जानकारी सहित सूची उपलब्ध करावें। (घ) उक्त महाविद्यालय में विद्यार्थियों की पाठयक्रम में उपयोगी स्टेशनरी आदि की क्या व्यवस्था की जा रही है? यदि हाँ, तो वर्ष 2020 से अब तक कितने विद्यार्थियों को इसका लाभ मिला है? वर्षवार विद्यार्थियों की सूची उपलब्ध करावें।                 (ड.) विद्यार्थियों के सेमेस्टर व अन्य प्रकार से वित्तीय वर्षों में प्रदाय की जाने वाली अंकसूची वार्षिक परीक्षा परिणाम में वर्ष 2020 से अब तक कितने उत्तीर्ण, कितने अनुत्तीर्ण हुये छात्र की वर्षवार विद्यार्थियों के नाम, विद्यालय का नाम सहित सूची उपलब्ध करावें।

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट '' अनुसार है। जिला शहडोल एवं रीवा अंतर्गत केवल शासकीय गृह विज्ञान कन्‍या महाविद्यालय शहडोल में कन्‍या छात्रावास संचालित है, जिसमें 39 छात्राएं निवासरत हैं। (ख) उच्‍च शिक्षा विभाग द्वारा वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धतानुसार छात्रावास निर्माण किया जाता है एवं विद्यार्थियों के शुल्‍क के माध्‍यम से छात्रावास संचालित किए जाते हैं। छात्रावास में प्रवेश एवं संचालन हेतु महाविद्यालय स्‍तर पर नियम तैयार किये जाते हैं। (ग) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट '' अनुसार है। (घ) शासन के नियमानुसार पात्र छात्र/छात्राओं को स्‍टेशनरी (रजिस्‍टर 2 क्‍वायर-05 नग, बॉल पेन-04 नग, पेंसिल-02 नग, रबर-01 नग, प्‍लास्टिक फाइल-01 नग, कटर-01 नग एवं स्‍केल-01 नग) का वितरण किया जा रहा है। शेष जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ङ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

कम्‍प्‍यूटर लैब के उपकरणों की सप्‍लाई में अन‍ियमितताएं

[उच्च शिक्षा]

118. ( क्र. 2384 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्रीमंत माधवराव सिंधिया शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय ग्वालियर में विश्व बैंक परियोजना से रु.70 लाख की लागत से वर्ष 2022 में बनायी 40 कम्प्यूटर लैब में लगे कम्प्यूटर उपकरणों की सप्लाई में क्या स्वीकृत आदेश में दिये मानदण्डों न होकर नकली उपकरण सप्लाई हुये थे जिसमें लगभग 27 लाख रूपये की राशि की गड़बड़ी प्राचार्य एवं प्रभारी लैब द्वारा की गयी थी? यदि हाँ, तो क्या उक्त संबंध में विभाग द्वारा कोई जांच करायी गयी, यदि नहीं, तो क्यों नहीं? स्वीकृति आदेश व सप्लाई किये उपकरणों के इण्डेन की छायाप्रति सहित पूर्ण जानकारी दी जाये। (ख) महाविद्यालय प्रशासन द्वारा उक्त लैब का प्रभार किस किस प्राध्यापक को सौंपा था उसकी अवधि सहित जानकारी देते हुये बताएं कि क्या लैब तैयार होने के बाद चार साल की अवधि व्यतीत होने तक लैब को छात्रों के लिये खोला ही नहीं गया न ही उपकरणों का उपयोग किया गया? यदि हाँ, संबंधित प्राचार्य एवं लैब प्रभारी प्राध्यापक के विरूद्ध शासन द्वारा क्या कार्यवाही की गयी? (ग) क्या महाविद्यालय में कम्प्यूटर विभाग विगत 30 वर्षों से संचालित है, किन्तु उक्त लैब का प्रभाव कम्प्यूटर विभाग को न सौंपकर रसायन विभाग को आवंटित करने के क्या कारण थे तथा उसका उपयोग क्यों नहीं किया गया? इसके लिये दोषी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गयी। इस लैब को कब छात्रों के उपयोग हेतु खोला जायेगा? समय-सीमा बतायी जावें। (घ) क्या उक्त लैब के प्रभारी रहे डॉ. डी.कुमार का विगत माह पूर्व अन्यंत्र स्थानांतरण हो जाने पर प्राचार्य द्वारा उपरोक्त लापरवाही के संबंध में बिना सूचित किये व बगैर कोई कार्यवाही किये नो-ड्यूज जारी कर कार्यमुक्त भी किया गया है, जबकि डॉ. कुमार पर मान. उच्च न्यायालय द्वारा न्यायालय में गलत दस्तावेज प्रस्तुत करने पर आर्थिक दण्ड से भी दण्डित किया गया था? यदि हाँ, तो कार्यवाही न करने के क्या करण थे।

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं। राज्‍य परियोजना संचालनालय, भोपाल द्वारा विश्‍व बैंक वित्‍त पोषित परियोजना अंतर्गत रूपये 38,30,487/- लागत की कंप्‍यूटर लैब शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय ग्‍वालियर में वर्ष 2023 में स्‍थापित की गई है। सामग्री की गुणवत्‍ता परीक्षण हेतु तृतीय पक्ष एजेंसी MANIT द्वारा Pre-Delivery Inspection कराया गया है। उपकरण मापदण्‍ड के अनुरूप थे। अत: प्राचार्य एवं प्रभारी द्वारा अनियमितता किए जाने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। स्‍वीकृत आदेश एवं उपकरणों के इंडेंट की छायाप्रति व  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) महाविद्यालय के रसायन शास्‍त्र विभागाध्‍यक्ष एवं प्रभारी अधिकारी विश्‍व बैंक वित्‍त पोषित परियोजना डॉ. डी. कुमार को दिनांक 14.12.2023 से महाविद्यालयीन पदस्‍थापना अवधि दिनांक 09.07.2025 तक एवं डॉ. सारिका श्रीवास्‍तव, सहायक प्राध्‍यापक, भौतिक शास्‍त्र को दिनांक 09.07.2025 से आज दिनांक तक कम्‍प्‍यूटर लैब का प्रभार दिया गया। जी नहीं, कंप्‍यूटर लैब छात्रों के प्रशिक्षण हेतु खुला रहा है एवं वर्तमान में भी इसका उपयोग किया जा रहा है। अत: शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ, महाविद्यालय में कम्‍प्‍यूटर विभाग स्‍ववित्‍तीय योजना (जनभागीदारी) अंतर्गत संचालित होने एवं इसमें कोई नियमित शिक्षक पदस्‍थ न होने के कारण इसका प्रभार महाविद्यालय में रसायन शास्‍त्र विभाग के विभागाध्‍यक्ष एवं विश्‍व बैंक वित्‍त पोषित परियोजना प्रभारी अधिकारी डॉ. डी. कुमार को सौंपा गया था। लैब का उपयोग एम.एस-सी. कक्षाओं एवं कौशल विकास के प्रशिक्षणों हेतु किया जा रहा है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (घ) डॉ. डी. कुमार का स्‍थानांतरण होने पर इन्‍हें 09-07-2025 को महाविद्यालय से कार्यमुक्‍त किया गया तथा इनके द्वारा महाविद्यालय में अदेय प्रमाण-पत्र प्रस्‍तुत करने के उपरांत ही इनकी एल.पी.सी. दिनांक 02-12-2025 को जारी की गई है। माननीय उच्‍च न्‍यायालय द्वारा स्‍थानांतरण से संबंधित प्रकरण में रूपये 5000/- का कॉस्‍ट (COST) अधिरोपित की गई थी जो माननीय न्‍यायालय में जमा की जा चुकी है। अत: शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

प्रदेश में अमानक बीज एवं खाद का प्रदाय

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

119. ( क्र. 2385 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बीज और खाद के कितने सैंपल परीक्षण के लिए, किस-किस जिले में वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक लिए गए? उनका किस-किस प्रयोगशाला में परीक्षण किया गया और कितने मानक तथा अमानक पाए गए? (ख) बीज प्रमाणीकरण संस्था द्वारा वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक निजी संस्थाओं द्वारा उत्पादित प्रमाणित बीज के कितने सैंपल लिये गए? उनका परीक्षण किस-किस प्रयोगशाला में किया गया? किस-किस निजी उत्पादक कंपनी के कितने मानक और अमानक पाए गए? (ग) प्रश्‍नांश (क) तथा (ख) में अमानक पाए गए बीज की उत्पादक कंपनियों के नाम तथा पता क्या है तथा उन पर क्या कार्रवाई की गई है? यदि नहीं, की गई तो क्यों नहीं की गई है? क्या सिर्फ विक्रय करने वाले व्यापारियों पर ही कार्रवाई की जाती है? यदि ऐसा है तो नियम क्या है? (घ) बीज प्रमाणीकरण में उज्जैन और ग्वालियर में बीज उत्पादक कंपनियों द्वारा किए गए घोटाले पर ईओडब्ल्यू में चल रहे प्रकरण 293/2023 की अद्यतन स्थिति से अवगत करावें एवं शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए समस्त दस्तावेज की प्रति देवें।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जिलों से प्राप्‍त  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। (ख) 33 जिलों से प्राप्‍त  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। शेष  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। उल्‍लेखित 19 जिलों से जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) अमानक पाए गए बीज से संबंधित उत्पादक कंपनियों के नाम तथा पता तथा उन पर की गई कार्रवाई की जिलों से प्राप्‍त  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। जी नहीं, बीज नमूना अमानक पाये जाने पर बीज अधिनियम 1966, बीज नियम 1968 एवं बीज (नियंत्रण) आदेश 1983  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। के अनुसार बीज उत्‍पादक कंपनियों एवं विक्रेता/डीलर के विरूद्ध प्रावधानुसार कार्यवाही की जाती है। (घ) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। मध्‍यप्रदेश राज्‍य बीज प्रमाणीकरण, ग्‍वालियर के अधिकारी एवं अन्‍य के विरूद्ध शिकायत क्र. 293/2023 दर्ज होकर वर्तमान में ईओडब्‍ल्‍यू ग्‍वालियर में सत्‍यापनाधीन है।

भोपाल उत्‍तर विधानसभा में नये महाविद्यालय खोला जाना

[उच्च शिक्षा]

120. ( क्र. 2389 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल उत्‍तर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कौन-कौन से महाविद्यालय किस-किस संकायों के संचालित है? क्‍या उक्‍त महाविद्यालय सर्वसुविधायुक्‍त है? यदि नहीं, तो किन-किन विद्यालयों में क्‍या-क्‍या कमी है तथा उन कमियों की पूर्ति कब तक की जावेगी? (ख) उपरोक्‍तानुसार महाविद्यालयों में व्‍याख्‍याताओं के कितने-कितने पद स्‍वीकृत है तथा स्‍वीकृत पदों में से प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में कितने पद किन कारणों से रिक्‍त है? शासन द्वारा रिक्‍त पदों को भरने के क्‍या प्रयास किये जा रहे हैं? खेल, लॉयब्रेरियन व अन्‍य व्‍याख्‍याताओं के रिक्‍त पदों की पृथक-पृथक जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या भोपाल उत्‍तर विधानसभा की सघन जनसंख्‍या को दृष्टिगत रखते हुए नवीन महाविद्यालय खोला जाना प्रस्‍तावित है? यदि नहीं, तो क्‍या शासन द्वारा पुनर्विचार कर नवीन विद्यालय खोले जायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) भोपाल उत्‍तर विधानसभा अंतर्गत दो महाविद्यालय शासकीय गीतांजलि महाविद्यालय (कला, वाणिज्‍य, विज्ञान संकाय) तथा शासकीय रामानंद संस्‍कृत महाविद्यालय (संस्‍कृत -शास्‍त्री एवं आचार्य) संचालित हैं। सुविधाओं की  जानकारी सलंग्‍न  परिशिष्‍ट-'''' अनुसार है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) रिक्‍त पदों की जानकारी संलग्न  परिशिष्‍ट -'''' अनुसार है, रिक्‍त पदों की पूर्ति सतत प्रक्रिया है। (ग) जी नहीं। विभागीय मापदण्‍डों की पूर्ति नहीं होने के कारण नवीन शासकीय महाविद्यालय खोले जाने में कठिनाई है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "बत्तीस"

खेल मैदानों की जानकारी उपलब्‍ध कराना

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

121. ( क्र. 2399 ) डॉ. प्रभुराम चौधरी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि     (क) जिला रायसेन अंतर्गत पंचायतों में खेल के मैदान कहां-कहां पर है? पंचायतवार, विधानसभावार जानकारी उपलब्‍ध करायें? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार जिन पंचायतों में खेल मैदान नहीं है उन पंचायतों में विभागीय द्वारा खेल मैदान कब तक बनाये जावेंगे?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट '' अनुसार है। (ख) जिला रायसेन अंतर्गत 217 ग्राम पंचायतों में खेल मैदान नहीं है। 217 ग्राम पंचायतों में से 137 ग्राम पंचायतों में भूमि उपलब्ध नहीं है, 13 ग्राम पंचायतों में वन भूमि है। 18 ग्राम पंचायतों में खेल मैदान के कार्य को आगामी वित्‍तीय वर्ष की एस.ओ.पी. में शामिल किया गया, 01 ग्राम पंचायत में कार्य प्रगतिरत है एवं 48 ग्राम पंचायतों में स्थल पर अतिक्रमण है। ग्राम पंचायतवार जानकारी पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट  ‘' अनुसार है। मनरेगा योजना में अकुशल श्रमिकों द्वारा रोजगार की मांग करने पर श्रमिकों को कार्य आंवटित करते हुये कार्य पूर्ण किये जाते है             समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

निर्माण कार्यों की जांच

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

122. ( क्र. 2408 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि      (क) मुरैना जिले की पोरसा जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत कुरेठा में कराये गये निर्माण कार्य एवं वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित कितनी शिकायतें जनवरी 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक जनपद पंचायत, जिला पंचायत, कलेक्टर-राज्यस्तर पर प्राप्त हुई? शिकायतों पर आज दिनांक तक अंतिम रूप से क्या कार्यवाही की गई? जांच रिपोर्ट सहित कृत कार्यवाही की जानकारी दें। (ख) क्या राज्यसभा सांसद द्वारा प्रेषित शिकायत पर आयुक्त म.प्र. राज्य रोजगार गारंटी परिषद ने पत्र क्र. 9786 से आदेश जारी कर जांच दल गठित किया था, जांच दल की रिपोर्ट एवं उस कृत कार्यवाही से अवगत करायें। (ग) उक्त अवधि में मनरेगा योजनांतर्गत कितने मृत व्यक्तियों के जॉब कार्ड भरकर राशि आहरित की है? मृत व्यक्तियों के नाम पर जालसाजी करने पर क्या निर्माण एजेंसी के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है? यदि हाँ, तो एफ.आई.आर. की प्रति दें, यदि नहीं, तो क्यों नहीं कराई गई? (घ) ग्राम पंचायत में जनवरी 2020 के बाद कितने कार्यों में वसूली की कार्यवाही की गई है? अनियमितता पाये जाने पर किन-किन अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्यवाही की गई है?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) मुरैना जिले की पोरसा जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत कुरैठा में जनवरी 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक निर्माण कार्य एवं वित्‍तीय अनियमितताओं से संबंधित 01 ही शिकायत जनपद पंचायत, जिला पंचायत, कार्यालय कलेक्‍टर एवं राज्‍य स्‍तर से प्राप्‍त हुई है। शिकायत की जांच जिला स्‍तरीय दल से कराई गई। जांच प्रतिवेदन अनुसार की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍टअ अनुसार है। (ख) जी हाँ। जांच की कार्यवाही प्रचलित है। जांच प्रतिवेदन अनुसार आगामी कार्यवाही की जावेगी। (ग) उक्‍त अवधि में मनरेगा योजनांतर्गत 10 मृत मजदूरों को राशि रूपये 41094/- गलत भुगतान होना पाया गया। जी नहीं। कोरोना काल में मजदूरों के गलत खातों में भुगतान की गई राशि की वसूली क्रियान्‍वयन एजेन्‍सी से जमा करा ली गयी है। एजेन्‍सी द्वारा राशि जमा कर देने से एफ.आई.आर. नहीं की गयी है।  (घ) ग्राम पंचायत में जनवरी 2020 के बाद कुल 11 निर्माण कार्यों पर मजदूरी मद में गलत भुगतान होना पाया गया था, जिसमें कार्यवाही करते हुये सरपंच, सचिव ग्राम पंचायत कुरैठा से राशि की वसूली की गयी है। (ड.) सिया अध्‍यक्ष का पत्र पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍टब अनुसार है। जिलों से प्राप्‍त जानकारी अनुसार प्रश्‍नांश की जानकारी निरंक है। शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

कॉलेज द्वारा नियम विरूद्ध परिवहन शुल्‍क की वसूली

[उच्च शिक्षा]

123. ( क्र. 2409 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 20 मार्च 2020 से पीएम कॉलेज ऑफ एक्सिलेंस गुना में विद्यार्थियों की संख्या कितनी है? विद्यार्थियों से प्रति विद्यार्थी परिवहन शुल्क कितना लिया गया एवं प्रत्येक वर्ष में कुल कितनी राशि प्राप्त की गई? उक्त राशि के विरूद्ध विद्यार्थियों को परिवहन हेतु कॉलेज द्वारा कितने वाहन उपलब्ध कराये गये? वाहन का प्रकार, नम्‍बर, स्वयं की अथवा किराये पर, किस संस्था-फर्म से किस दर पर किस अनुबंध के सहित समस्त आवश्यक अनुमतियों की प्रति सहित गौशवारा बनाकर वर्षवार जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में विद्यार्थियों के मान से कितने वाहनों की आवश्यकता है यदि नहीं, तो छात्रों से प्राप्त राशि वसूल करने के क्या कारण है? (ग) प्रश्‍नांश (क) अवधि में प्राप्त परिवहन की राशि को कॉलेज द्वारा कहां पर जमा कराया गया है? खातेदार का नाम, पता, मोबाईल नं, खाते का प्रकार (बचत/चालू), कब खोला गया, प्राप्त ब्याज सहित खाते के प्रथम पृष्ठ की प्रति सहित बैंक पासबुक की प्रति के साथ गौशवारा बनाकर पृथक-पृथक बताये। (घ) क्रांतिवीर तात्याटोपे विवि का संचालन हेतु भूमि कब और कहां पर आवंटित होकर कब तक भवन निर्माण कराया जाकर कक्षाओं का संचालन प्रारंभ किया जायेगा निश्चित समयावधि सहित समस्त दस्तावेज दें?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट  अनुसार है। (ख) 01 वाहन। जी हाँ के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट  अनुसार है। (घ) क्रांतिवीर तात्याटोपे विश्‍वविद्यालय, गुना के भवन निर्माण हेतु जिला कलेक्टर द्वारा दिनांक 29.04.2025 को ग्राम सिंगवासा तहसील गुना में भूमि आवंटित की गई है। वर्तमान में विश्‍वविद्यालय शैक्षणिक विभागों की कक्षाएं नवीन आदर्श महाविद्यालय, जगनपुर, गुना में संचालित की जा रही हैं। भवन निर्माण हेतु वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता अनुसार कार्यवाही की जा सकेगी निश्‍िचत समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

शासकीय महाविद्यालय के नवीन भवन में कक्षाओं का संचालन

[उच्च शिक्षा]

124. ( क्र. 2426 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासकीय महाविद्यालय लिधौरा, जिला टीकमगढ़ का भवन बनकर तैयार हो गया है? जिसका लोकार्पण भी 10.12.2025 को प्रश्‍नकर्ता द्वारा कर दिया गया है? कॉलेज फर्नीचर हेतु एवं बाउंड्रीवॉल निर्माण हेतु कुल 30 लाख रूपये विधायक मद से दे रहे हैं, कॉलेज प्राचार्य क्यों लेने को तैयार नहीं है? वर्तमान में कितने-कितने छात्र-छात्राएं कौन-कौन सी कक्षाओं में अध्ययनरत है एवं कक्षाएं कहां और कितने कमरों  में चल रही हैं? वर्तमान में कौन-कौन अधिकारी एवं कर्मचारी एवं अन्य समस्त स्टाफ वर्तमान में कब से इस महाविद्यालय में पदस्थ है और वह कहां-कहां के निवासी है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के आधार पर बताएं कि नवीन महाविद्यालय में कक्षाएं लोकार्पण होने के बावजूद भी न लगाए जाने के क्या-क्या कारण हैं और स्थानीय कॉलेज द्वारा शासन के समक्ष समस्याओं के निदान हेतु क्या-क्या मांगें कब-कब रखी है? उनकी छायाप्रतियां प्रदाय करें।         (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताएं कि प्रश्‍न दिनांक तक उपरोक्त मांग पत्रों के आधार पर शासन द्वारा, विभाग द्वारा कितनी-कितनी राशि कब स्वीकृत कर क्या-क्या कार्यवाही नवीन महाविद्यालय भवन में कक्षाएं संचालित कराने हेतु की गई है एवं क्या-क्या मांगे शेष है? सम्पूर्ण जानकारी प्रदाय करें। (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बताएं कि नवीन महाविद्यालय भवन में कक्षाएं संचालित कराने हेतु फर्नीचर की व्यवस्था हेतु चारों ओर बाउंड्रीवॉल निर्माण कराने हेतु एवं स्थाई पेयजल व्यवस्था हेतु एवं कॉलेज भवन तक विद्युतीकरण कराने हेतु एवं अन्य कार्यों हेतु कितनी-कितनी धन राशि की आवश्यकता प्रश्‍न दिनांक तक है? कब तक उपरोक्त कार्यों को कराने प्रयोजनार्थ छात्र-छात्राओं के हित में कितनी-कितनी राशि स्वीकृत करेगा तो कब तक? निश्चित समय-सीमा सहित बताएं कि कब तक कॉलेज की कक्षाएं नवीन भवन में संचालित होने लगेगी?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ, लोकार्पण के समय माननीय विधायक द्वारा विधायक निधि से 30 लाख रूपये की राशि शासकीय महाविद्यालय लिधौरा में फर्नीचर एवं बाउण्ड्रीवॉल निर्माण हेतु देने की घोषणा की गई है एवं जिला कलेक्टर टीकमगढ़ को शासकीय महाविद्यालय लिधौरा में फर्नीचर क्रय हेतु रूपये 10.00 लाख दिए जाने का पत्र माननीय विधायक द्वारा लिखा गया है। इस स्थिति में प्राचार्य द्वारा राशि नहीं लिए जाने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। शेष  जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट-1  2 अनुसार है। (ख) जी नहीं, लोकार्पण के बाद से नवीन भवन में ही कक्षाएं संचालित हैं। शेष  जानकारी  संलग्‍न परिशिष्ट-3 अनुसार है। (ग) भवन निर्माण के पश्‍चात दिनांक 28.11.2025 को महाविद्यालय में विद्युतीकरण हेतु राशि रूपये 29.00 लाख तथा फर्नीचर हेतु दिनांक 09.02.2026 को राशि रुपये 5.00 लाख स्वीकृत की जा चुकी है। निर्माण एजेन्सी के प्राक्कलन अनुसार बाउण्ड्रीवॉल निर्माण हेतु वित्तीय संसाधनों की उपलब्धतानुसार कार्यवाही की जाएगी। पेयजल निराकरण हेतु उचित निर्देश जारी किए गए हैं। (घ) बाउण्ड्रीवॉल निर्माण हेतु निर्माण एजेन्सी के प्राक्कलन अनुसार राशि एवं उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के अंतर्गत कार्यवाही की जाएगी, राशि एवं निश्चित समय-सीमा अभी बताई जाना संभव नहीं है। कक्षाएं नवीन भवन में ही संचालित हैं।

परिशिष्ट - "तैंतीस"

नियम विरूद्ध अतिरिक्‍त प्रभार दिया जाना

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

125. ( क्र. 2612 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि       (क) क्या संचालक सोशल ऑडिट के पद पर वर्तमान में पदस्थ अतिरिक्त संचालक स्तर के एक अधिकारी को आजीविका मिशन में हुई अनियमितताओं के मामले में प्राथमिकी दर्ज होने और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो की जांच प्रचलित होने के कारण जल एवं भूमि प्रबंध संस्थान भोपाल के प्रशासकीय अधिकारी के पद से हटाकर अन्यत्र पदस्थ किया गया था? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) का उत्तर यदि हाँ है तो फिर क्यों इसी कदाचारी अधिकारी को बाल्मी में प्रशासकीय अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार पुनः सौंपा गया है? कारण बताएं। क्या विभाग कदाचारी अधिकारी को महत्वपूर्ण दायित्व का नियम विरुद्ध प्रभार देकर संबंधित को उपकृत नहीं कर रहा? (ग) क्या बाल्मी में प्रशासकीय अधिकारी का पद रिक्त है? यदि नहीं, तो फिर उक्त कदाचारी अधिकारी को उक्त अतिरिक्त प्रभार सौंपे जाने के क्या औचित्य एवं कारण है? क्या इस मामले में विभागीय व शासन के नियम निर्देशों का पालन किया गया है? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) प्रश्‍नांश (क) वर्णित उक्त अधिकारी को कब तक जल एवं भूमि प्रबंधन संस्थान भोपाल के प्रशासकीय अधिकारी के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया जाएगा? यदि नहीं, तो क्यों और हाँ तो कब तक?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी नहीं। प्रशासकीय आधार पर अन्‍यत्र पदस्‍थ किया गया। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में दिये गये उत्‍तर के संदर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रशासकीय अधिकारी का पद अतिरिक्‍त संचालक स्‍तर का होने से अतिरिक्‍त प्रभार सौंपा गया। जी हाँ। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्‍तरांश (ग) के संदर्भ में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सड़क सुविधा से वंचित ग्राम

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

126. ( क्र. 2613 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि         (क) जनवरी 2026 की स्थिति में रायसेन जिले में 500 से अधिक तथा 500 से कम जनसंख्या वाले कौन-कौन से ग्राम सड़क सुविधा से वंचित है तथा क्यों, ग्रामवार कारण बताये? बरसात के मौसम में उक्त ग्रामों के निवासियों का आवागमन कैसे होता है? (ख) उक्त ग्रामों के निवासियों को सड़क सुविधा का लाभ मिले इस संबंध में विभाग क्या कार्यवाही करेगा? पूर्ण विवरण दें। (ग) मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा नेट प्रजेन्ट वैल्यू के भुगतान हेतु प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के समान बजटरी प्रोविजन कराये जाये के निर्देश दिये थे? यदि हाँ, तो उक्त निर्देशों का रायसेन जिले में पालन क्यों नहीं हो रहा है? कारण बताये तथा बताएं कि कब तक पालन होगा? (घ) रायसेन जिले में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित किन-किन ग्रेवल मार्गों पर डामरीकरण नहीं करवाया जा रहा है और क्यों? सड़कवार कारण बताये। इस संबंध में शासन के क्या क्या नियम निर्देश है? कब तक डामरीकरण करवाया जायेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जनवरी 2026 की स्थिति में रायसेन जिले में वर्ष 2001 की जनगणना के अनुसार 500 से अधिक आबादी वाले पात्र राजस्व ग्रामों को सड़क सम्पर्कता प्रदान की जा चुकी है। शेष 06 ग्राम विकासखण्ड औबेदुल्लागंज के 05 एवं विकासखण्ड बाड़ी का 01 ग्राम वन क्षेत्र में होने के कारण व वन विभाग से अनुमति न मिल पाने के कारण निर्माण कार्य नहीं हुआ था, लेकिन उक्त 04 ग्रामों को PMGSY-IV में एवं 02 ग्रामों को मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना के अन्तर्गत वर्तमान में चिन्हित किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। वन विभाग की अनुमति के पश्चात् इन 06 ग्रामों को PMGSY-IV/मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना के अन्तर्गत स्वीकृति उपरांत बनाये जाने की कार्यवाही की जावेगी। PMGSY-IV के दिशा निर्देशानुसार वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 500 से अधिक आबादी के पात्र बसाहटों का सर्वे कर लिया गया है। दिशा निर्देश के अनुसार प्राथमिकता क्रम अनुसार DPR बनाये जाने का कार्य प्रगतिरत है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना अंतर्गत MPSeDC द्वारा चिन्हित 728 बसाहटों में से 532 संपर्कता प्राप्त, 196 संपर्क विहीन बसाहटों में से 100 से अधिक आबादी वाली बसाहटों की संख्या 186 है। योजना के मार्गदर्शी सिद्धांतों के अनुसार पात्रता अनुसार संपर्कता प्रदान की जावेगी। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''3'' अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश अनुसार। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा से प्राप्त जानकारी के अनुसार शेष छूटे हुए राजस्व ग्रामों को शासन के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना/मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना या सुदूर सड़क योजना द्वारा किया जाना है। (ग) मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा नेट प्रजेन्ट वैल्यू के भुगतान हेतु प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के समान बजटरी प्रोविजन कराये जाने के निर्देश दिये थे जिनका निर्देशों के तारतम्य में सक्षम अधिकारी से स्वीकृति उपरांत भुगतान किया जाता है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा से प्राप्त जानकारी के अनुसार रायसेन जिले के 02 कार्यों में नेट प्रेजेन्ट वैल्यू की मांग की गई थी, जो कार्य की स्वीकृत राशि से अधिक थी एवं योजनांतर्गत आगे ग्रेवल सड़कों के कार्यों की स्वीकृति की कार्यवाही उत्तरांश (ख) अनुसार होना है, जिस कारण से पालन नहीं किया गया है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) रायसेन जिले में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत निर्मित ग्रेवल मार्गों पर पूर्व में MPRCP योजना के अन्तर्गत जिले के 233 मार्गों का डामरीकरण कार्य वर्ष 2019-20 में पूर्ण कर दिया गया है। वर्तमान में प्राधिकरण के अधीन मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत ग्रेवल मार्ग नहीं होने से डामरीकरण हेतु शेष नहीं हैं। वर्तमान में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के ग्रेवल मार्गों को डामरीकृत किये जाने वाली MPRCP योजना समाप्त हो गई है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत निर्मित ग्रेवल मार्गों का डामरीकरण का कार्य नहीं किया जाता है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

 

 





भाग-3

अतारांकित प्रश्‍नोत्तर


अनुसूचित जाति एवं पिछडा वर्ग छात्रावास का निर्माण

[उच्च शिक्षा]

1. ( क्र. 83 ) श्री रामनिवास शाह : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि  क्‍या शासन जिला मुख्यालय सिंगरौली में 200-200 बिस्तर का अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिये छात्रावास का निर्माण करायेगा? यदि हाँ, तो कब तक निर्माण कराया जावेगा? समय-सीमा बताये।

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : जी नहीं, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

कृषि साख सहकारिता की सहकारी संस्‍थाओं की जानकारी

[सहकारिता]

2. ( क्र. 112 ) श्री रमेश प्रसाद खटीक : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले की करैरा विधान सभा क्षेत्र की विपणन सहकारी संस्‍थाओं की स्थिति अत्‍यंत खराब है जबकि प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्‍थाओं की शासन द्वारा विभिन्‍न योजनाओं का लाभ देकर सुदृढ़ किया जा रहा है शासन विपणन सहकारी संस्‍थाओं की योजनाओं का लाभ प्रदान कर उन्‍हें मजबूत करने का निर्णय लेगी? (ख) विपणन सहकारी संस्‍थाओं के बॉयलॉज नियम में परिवर्तन कर उन्‍हें बहुउद्देशीय बनाने की प्रक्रिया में कितना समय लगेगा? शासन की क्‍या कार्ययोजना है? (ग) यदि कृषकों के हित में कोई कार्ययोजना बनायी जावेगी तथा संस्‍थाओं को आत्‍मनिर्भर बनाया जावेगा और कब तक बताएं?

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी नहीं। शिवपुरी जिले की करैरा विधानसभा क्षेत्र में 02 विपणन सहकारी संस्थाएं कार्यरत है, वित्तीय पत्रक अनुसार दोनों संस्थाएं लाभ में हैं। विपणन सहकारी समितियों को बहुउद्देशीय बनाने के उद्देश्य से मॉडल बायलाज दिनांक 03.06.2025 से प्रभावशील किये गये है। (ख) उत्तरांश '' अनुसार, विपणन सहकारी समितियों को बहुउद्देशीय बनाने के उद्देश्य से मॉडल बायलाज दिनांक 03.06.2025 से प्रभावशील किये गये है, तद्नुसार विपणन संस्थाएं अब विभिन्न प्रकार के कार्य कर सकती हैं। (ग) विपणन सहकारी समितियों द्वारा अपनी वित्तीय सक्षमता के अनुसार कृषकों के हित में खाद वितरण, उपार्जन एवं उचित मूल्य दुकानों आदि कार्यों का संचालन किया जा रहा है। इसके साथ ही कुछ विपणन समितियों द्वारा बहुउद्देशीय होने के अनुक्रम में पेट्रोल पम्प, गैस एजेंसी एवं मैरिज गार्डन आदि अन्य गतिविधियों का भी संचालन किया जा रहा है।



 

तहसील नरवर में डबल लॉक खाद्य गोदाम बनाने की स्‍वीकृति

[सहकारिता]

3. ( क्र. 113 ) श्री रमेश प्रसाद खटीक : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) यह कि करैरा विधान सभा अन्‍तर्गत तहसील नरवर जिला शिवपुरी में डबल लॉक गोदाम बनाने (स्‍वीकृति) हेतु प्रश्‍नकर्ता के पत्र क्रमांक 692 दिनांक 3/09/2025 के द्वारा मा.मुख्‍यमंत्री जी से नरवर-मगरोनी में डबल लॉक गोदाम स्‍वीकृति के संबंध में अनुरोध किया। (ख) तहसील नरवर अंतर्गत डबल लॉक गोदाम नहीं होने से कृषकों को यूरिया, डी.ए.पी. खाद पर्याप्‍त मात्रा में फसलों को समय पर नहीं मिल पाता है। (ग) य‍दि डबल लॉक गोदाम तहसील नरवर में स्‍वीकृति के संबंध में विभाग द्वारा कोई कार्यवाही की है? यदि किया जावेगा तो कब तक।

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) प्रश्‍नकर्ता सदस्य के पत्र क्र. 692 दिनांक 03.09.2025 से नरवर-मगरोनी में डबल लॉक गोदाम स्वीकृति संबंधी प्रस्ताव सहकारिता विभाग को अप्राप्त है। (ख) जी नहीं। विपणन संघ के भंडारण केन्द्रों एवं तहसील नरवर अन्तर्गत विपणन सहकारी समिति तथा प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से कृषकों को यूरिया, डी.ए.पी. खाद का वितरण किया जा रहा है। (ग) तहसील नरवर में डबल लॉक गोदाम बनाने के संबंध में कार्यवाही प्रचलन में नहीं है, अत: शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाओं का संचालन

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

4. ( क्र. 198 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न क्र. 152 दिनांक 16 दिसम्‍बर 2024 में बताये अनुसार 112 करोड़ की लागत से 265 मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालायें निर्मित की गई है? (ख) क्‍या 8 वर्ष पूर्व निर्मित इन प्रयोगशालाओं में मिट्टी परीक्षण हो रहा है? (ग) यदि हाँ, तो प्रयोगशालावार मिट्टी परीक्षण की संख्‍या बतायें? (घ) यदि परीक्षण नहीं हो रहा है तो कारण बतावे?

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) एवं (ख) जी हाँ।                     (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

विकासखण्‍ड स्तरीय विकास कार्यों की समीक्षा बैठक

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

5. ( क्र. 207 ) श्री सुरेश राजे : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                          (क) विकासखण्‍ड स्तरीय गठित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक सम्बन्धी आदेश/नियम की प्रति देवें जिसमें अध्यक्ष/सचिव कौन-कौन अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि शामिल हैं तथा यह बैठक वर्ष में कितने माह बाद आयोजित करने का नियम है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार विकासखण्‍ड डबरा में दिनांक 01/04/2023 से फरवरी 2026 की अवधि में विकासखण्‍ड स्तरीय विकास कार्यों की समीक्षा बैठक किस-किस दिनांक में आयोजित की गई? वर्षवार बतावें तथा नियमानुसार समयावधि में बैठक आयोजित नहीं करने के लिए कौन अधिकारी जिम्मेदार है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के अनुसार विकासखण्‍ड स्तरीय विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की कार्यवाही विवरण की प्रति क्षेत्रीय विधायक एवं विकासखण्‍ड स्तरीय अधिकारी को दी जाना है? यदि हाँ, तो उक्त अवधि में आयोजित बैठकों की कार्यवाही का विवरण क्षेत्रीय विधायक डबरा को दिया गया? यदि हाँ, तो पावती की सत्यापित प्रति देवें, यदि नहीं, तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है? अधिकारी का विवरण देवें।

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी संलग्न प‍रिशिष्‍ट अनुसार है।                         (ख) विकासखण्‍ड डबरा में दिनांक 01/04/2023 से फरवरी 2026 की अवधि में बैठक दिनांक 03.04.2023 को माननीय विधायक की अध्‍यक्षता में संपन्‍न की गई। माननीय विधायक द्वारा प्रदय तिथि व समय के आधार पर अनुविभागीय अधिकारी द्वारा बैठक आहूत की जाती है। नियमित बैठकें सामंजस्‍य के अभाव में नहीं हो सकी हैं। आगामी बैठक हेतु माननीय विधायक महोदय से दिनांक व समय नियत किए जाने हेतु अनुरोध पत्र क्रमांक 16 दिनांक 30.01.2026 जारी किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) बैठक में उपस्थित क्षेत्रीय विधायक एवं विकासखण्‍ड स्तरीय अधिकारियों को समीक्षा बैठक की कार्यवाही विवरण प्रदाय किया जाता है। दिनांक 03.04.2023 की बैठक का रिकार्ड उपलब्‍ध नहीं है।

परिशिष्ट - "चौंतीस"

जिला पंचायत मद से किये गए कार्य

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

6. ( क्र. 332 ) श्री घनश्याम चन्द्रवंशी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि शाजापुर जिले में जिला पंचायत मद से विगत 3 वित्तीय वर्ष में कितने विकास कार्य किये गए? सम्पूर्ण जिले की पंचायतवार जानकारी उपलब्ध करावें।

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) :  जिला पंचायत शाजापुर अंतर्गत विगत 3 वित्‍तीय वर्ष में जिला पंचायत मद से निर्माण कार्य स्‍वीकृत नहीं किये गये हैं। 5वां एवं 15वां वित्‍त आयोग से स्‍वीकृत निर्माण कार्य का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

मुख्‍यमंत्री सीखो कमाओ योजना एवं नेशनल अप्रेंटिसशिप स्‍कीम

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार)]

7. ( क्र. 389 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या राज्‍य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना एवं नेशनल अप्रेंटिसशिप, प्रमोशन स्कीम के तहत जबलपुर जिले के पंजीकृत कितने युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया। इसमें से कितने युवाओं को रोजगार मिला? कितने युवा योजना के लाभ से वंचित रहे एवं क्यों? वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक की लक्ष्य पूर्ति की जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में कितने युवकों को प्रशिक्षण के दौरान स्टाइफंड की किस मान से कितनी राशि का भुगतान किया गया? ई.पी.एफ.ओ. पोर्टल पर कितने उम्मीदवार उपलब्ध थे। इसमें से कितने बेरोजगार युवकों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रदेश में हर वर्ष एक लाख युवाओं को स्वरोजगारमुखी प्रशिक्षण और 3 हजार से 10 हजार तक मासिक स्टाइफंड के तहत कितने युवाओं को स्वरोजगारमुखी प्रशिक्षण दिया गया? वर्षवार जानकारी दें। (ग) केन्द्र सरकार की नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम (एन.ए.पी.एस.) में कितने प्रशिक्षणार्थी युवकों को संस्थानों ने अप्रेंटिस का अवसर दिया एवं कितने युवाओं को प्रशिक्षण का अवसर नहीं दिया गया। प्रशिक्षण प्राप्त कितने युवाओं को रोजगार मिला। किन-किन संस्थाओं द्वारा प्रशिक्षण के दौरान कितने-कितने युवाओं को स्टाइफंड की कितनी-कितनी राशि नहीं दी हैं एवं क्यों?

राज्‍य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) जबलपुर जिले में मुख्‍यमंत्री सीखो कमाओ योजना अंतर्गत कुल 776 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया एवं 1060 प्रशिक्षणरत है, नेशनल अप्रेंटिसशिप, प्रमोशन स्‍कीम अंतर्गत 6080 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षित किया गया। योजनाएं प्रशिक्षण संबंधी है, जिसमें प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार हेतु तैयार किया जाता है, रोजगार देने का प्रावधान नहीं है। योजना लाभ से वंचित युवाओं की जानकारी संधारित नहीं है, शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। प्रश्‍नावधि में योजनाओं के लिये वार्षिक लक्ष्‍य निर्धारित नहीं है। (ख) मुख्‍यमंत्री सीखो कमाओ योजना अंतर्गत युवाओं की शैक्षणिक योग्‍यता के आधार पर प्रदाय किये गये स्‍टाइपेंड की जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एक अनुसार है, नेशनल अप्रेंटिसशिप, प्रमोशन स्‍कीम अंतर्गत 6080 प्रशिक्षणार्थियों को केन्‍द्र शासन के द्वारा स्‍टाइपेंड अधिकतम रूपये 1500 प्रतिमाह डीबीटी के माध्‍यम से प्रदान किया गया है, वास्‍तविक रूप से भुगतान की गई राशि विभागीय लॉग-इन पर अनुपलब्‍ध है। इन योजनाओं का ई.पी.एफ.ओ. पोर्टल से कोई संबंध नहीं है, शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। प्रदेश में मुख्‍यमंत्री सीखो कमाओ योजना के अंतर्गत प्रशिक्षित युवाओं की वर्षवार जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (ग) केन्‍द्र सरकार की नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्‍कीम अंतर्गत प्रदेश में 106634 प्रशिक्षणार्थी युवाओं को प्रतिष्‍ठानों में अवसर प्रदान किया गया। योजना में प्रशिक्षणार्थी का चयन प्रतिष्‍ठान द्वारा किया जाता है, जिसके कारण प्रशिक्षण का अवसर अप्राप्‍त युवाओं की जानकारी संधारित नहीं हैं। योजना प्रशिक्षण संबंधी है, जिसमें प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार हेतु तैयार किया जाता है, रोजगार देने का प्रावधान नहीं है। प्रशिक्षणार्थियों को प्रदाय किये जाने वाले स्‍टाइपेंड की राशि केन्‍द्र शासन द्वारा डीबीटी के माध्‍यम से सीधे प्रशिक्षणार्थियों के बैंक खाते में अंतरित की जाती है, जिसमें राज्‍य शासन का किसी भी प्रकार का वित्‍तीय हस्‍तक्षेप नहीं होता है, शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "पैंतीस"

छात्रों को देने वाली सुविधाओं की जानकारी

[उच्च शिक्षा]

8. ( क्र. 419 ) श्री राजेन्‍द्र भारती : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                   (क) क्या दतिया के शासकीय महाविद्यालय में छात्रों की सुविधा एवं कार्यक्रमों के आयोजन हेतु ऑडिटोरियम अथवा सभागार है? यदि नहीं, तो क्या शासन उक्त महाविद्यालय में छात्रों की सुविधा हेतु ऑडिटोरियम अथवा सभागार का निर्माण करायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? कृपया कारण बताये। (ख) दतिया के शास. विधि महाविद्यालय में वर्तमान में कितने छात्रों को प्रवेश दिया जाता है? कृपया सीटों की संख्या बताते हुये यह भी बतायें कि शासन विधि छात्रों की सुलभ अध्ययन सुविधा हेतु महाविद्यालय में सीटें वृद्धि करेगा? यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्यों नहीं? कृपया कारण सहित बताये। (ग) क्या शासन दतिया के शासकीय विधि महाविद्यालय के छात्रों के अध्ययन की दृष्टि से महाविद्यालय को स्नातकोत्तर स्तर तक अपग्रेड करेगा ? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? कृपया कारण सहित बताये। (घ) क्या शासन दतिया नगर में स्थित शासकीय कन्या महाविद्यालय में छात्राओं की सुविधा हेतु विज्ञान संकाय प्रारम्भ करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? कृपया कारण बताते हुये यह भी बताने का कष्ट करें कि क्या शासन दतिया विधानसभा क्षेत्र के नगर परिषद क्षेत्र बडौनी में छात्रहित में नवीन शासकीय महाविद्यालय बसई क्षेत्र में भवन विहीन शासकीय महाविद्यालय में अध्ययन कार्य की सुविधा हेतु नवीन प्रावधान स्वीकृत प्रदान करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्यों? कृपया कारण बतायें।

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) शासकीय महाविद्यालय दतिया में 1000 की क्षमता का ऑडिटोरियम एवं 100 क्षमता का सभागार उपलब्ध है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (ख) शासकीय विधि महाविद्यालय दतिया में 60 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा सहमति प्राप्त होने के उपरांत ही विभाग द्वारा सीट वृद्धि संबंधी आगामी कार्यवाही की जा सकेगी। वर्तमान में इस संबंध में निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। (ग) जी नहीं, क्योंकि दिनांक 13/08/2025 को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बी.सी.आई.) द्वारा जारी मोरेटोरियम अनुसार नवीन पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की कार्यवाही स्थगित रखी गई है। (घ) जी नहीं, शासकीय कन्या महाविद्यालय, दतिया में विज्ञान संकाय प्रारंभ करने हेतु एवं बड़ौनी में नवीन महाविद्यालय प्रारंभ करने हेतु विभागीय मापदण्डों की पूर्ति नहीं हो रही है। बसई क्षेत्र में शासकीय महाविद्यालय वर्तमान में कृषि मंडी भवन, बसई में मूलभूत सुविधाओं के साथ संचालित है। शासकीय महाविद्यालय, बसई के नवीन भवन निर्माण हेतु दिनांक 10/02/2026 को राशि रूपये 1333.11 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है।

हीरापुर से गिरूआ सड़क निर्माण कार्य

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

9. ( क्र. 428 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                        (क) क्या पन्ना विधानसभा में मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना अन्तर्गत ग्राम हीरापुर से गिरूआ सड़क निर्माण कार्य की पुनरीक्षित एनआईटी अनुमोदन हेतु आरईएस विभाग पन्ना द्वारा पत्र प्रमुख अभियंता भोपाल को प्रेषित किया गया था? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार यदि हाँ, तो उक्त संबंध में क्या कार्यवाही की गई? कब अनुमोदन प्रदाय किया जाकर हीरापुर से गिरूआ रोड का निर्माण कार्य प्रारंभ किया जावेगा? समय-सीमा बतावें?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। कार्यपालन यंत्री पन्‍ना से सीधे प्राप्‍त न होकर द्वारा अधीक्षण यंत्री सागर से प्राप्‍त हुआ है। (ख) अनुबंध हस्‍ताक्षरित होने के उपरांत पुनरीक्षित एनआईटी अनुमोदन का कोई प्रावधान नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

निर्माण कार्यों की जांच

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

10. ( क्र. 478 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2021-22 से प्रश्‍न दिनांक तक ग्राम पंचायत-पाली, बन्ने बुजुर्ग जनपद पंचायत पलेरा एवं ग्राम पंचायत हृदयनगर, डुम्बार, दोह, पटौरी फरका पठराई, द्वारा जितने भी निर्माण कार्य कराये गये वह गुणवत्ताहीन है समस्त निर्माण कार्यों के प्रस्ताव, प्राक्कलन, निर्माण कार्यों के स्वीकृति आदेश की स्‍वच्‍छ एवं प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध करायें। (ख) क्या यह भी सच है कि ग्राम पंचायत का फरका पठराई में तो बहुत लम्बे समय से भ्रष्‍टाचार किया जा रहा है? क्या वर्ष 1980 से वर्तमान तक सरपंच के पदों पर कौन-कौन आसीन रहे? सूची उपलब्ध करायें। (ग) क्या वर्णित ग्राम पंचायतों के निर्माण कार्यों की अनियमितताओं की जाँच समय-समय पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की गई है या नहीं सम्पूर्ण जानकारी से अवगत कराये।

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) वर्ष 2021 -22 से प्रश्‍न दिनांक तक जनपद पंचायत पलेरा की ग्राम पंचायत पाली, बन्‍ने बुजुर्ग एवं जनपद पंचायत बल्‍देवगढ़ के अन्‍तर्गत आने वाली ग्राम पंचायत हदय नगर (टीला) डुम्‍बार, दोह, पटौरी, फरका पठाई में कराये गये निर्माण कार्य गुणवत्‍ताहीन होने का कोई प्रकरण संज्ञान में नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट '' अनुसार है। (ख) ग्राम पंचायत फरका पठाई में पूर्व सरपंच श्री हरिशचंद्र सिंह एवं तत्‍कालीन सचिव श्री मीणा राज तिवारी द्वारा वर्ष 2016- 17 में विभिन्‍न निर्माण कार्यों में मूल्‍यांकन से अधिक राशि का आहरण होने पर राशि रूपये 279961/- की वसूली कराई गई है। इसके सिवाय कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया। ग्राम पंचायत फरका पठराई में सरपंच पद पर आसीन रहे सरपचों की सूची  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '' अनुसार है। (ग) जनपद पंचायत बल्‍देवगढ़ की एक मात्र ग्राम पंचायत फरका पठराई की अनियमितताओं की शिकायत प्राप्‍त होने पर निर्माण कार्यों की जांच जनपद पंचायत स्‍तरीय गठित जांच दल द्वारा की गई थी जिसमें मूल्‍यांकन से अधिक आहरित राशि वसूल की जा चुकी है। शेष वर्णित ग्राम पंचायतों के निर्माण कार्यों में की अनियमितताओं की शिकायतें प्राप्‍त नहीं हुई है।

खाद, उर्वरक एवं डीएपी की उपलब्‍धता

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

11. ( क्र. 533 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01.01.2025 से प्रश्‍न दिनांक तक जिला हरदा में शासन द्वारा कितना-कितना यूरिया/खाद किसानों को वितरण कराये जाने हेतु उपलब्ध कराया गया है? इस उपलब्ध कराये गये यूरिया/खाद में से वितरण हेतु किस-किस संस्था/समिति को कब-कब, कितना- कितना उपलब्ध कराया गया? कुल प्राप्ति एवं कुल वितरण का पूर्ण ब्यौरा दिनांकवार, मात्रावार, संस्थावार देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित संस्थाओं/समिति द्वारा कितने किसानों को किस-किस दिनांक में यूरिया/खाद का वितरण किया गया, इसकी जानकारी उपलब्ध करावें? (ग) प्राइवेट संस्थाओं/एजेंसियों द्वारा कितना यूरिया/खाद किस-किस संस्था से मंगवाया गया तथा यह खाद किस-किस किसान एवं संस्था को वितरण किया गया? क्या इसकी जानकारी कृषि विभाग को नियमित रूप से उपलब्ध कराई गई? यदि हाँ, तो दस्तावेजों की सत्यापित प्रति उपलब्ध करावें।                             (घ) प्रश्‍नांश (क) अवधि में जिले में प्राईवेट डीलरों/अन्य डीलरों के द्वारा डीएपी/यूरिया/उर्वरक की कालाबाजारी के संबंध में विभागीय अधिकारियों द्वारा कितने प्रकरण निर्मित किये गये, इसकी विस्तृत रिपोर्ट एवं वस्तुस्थिति से अवगत करावें? मछवाई पुलिया पिपरिया के पास हरदा के निजी डीलर के पाये गये अवैध डीएपी कालाबाजारी के प्रकरण की वर्तमान स्थिति क्या है? जाँच प्रतिवेदन, पंचनामा, अधिकारी की रिपोर्ट आदि समस्त दस्तावेजों की प्रतियॉं उपलब्ध करावें।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 एवं अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। उर्वरक फुटकर विक्रेताओं द्वारा कृषकों/संस्थाओं को पीओएस मशीन द्वारा विक्रय होने से किसानवार, संस्थावार जानकारी IFMS पोर्टल पर स्‍वत: दर्ज होती है, अत: शेष प्रश्‍नांश उद्भूत नहीं होता है। (घ) जिले में उर्वरकों की कालाबाजारी सम्बन्धी प्रकरण की जानकारी निरंक है। पिपरिया के पास डीएपी से सम्बंधित प्रकरण में सम्बंधित उर्वरक विक्रेता के विरुद्ध एफआईआर क्र. 0345, दिनांक 26.06.2025 दर्ज कराई गई है एवं विक्रेता की उर्वरक अनुज्ञप्ति को निरस्त किया गया है। वर्तमान में प्रकरण पुलिस थाने में प्रक्रियाधीन है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है।

क्षेत्रीय सोयाबीन सहकारी संघ, उज्जैन के कर्मचारियों की सेवा समाप्ति

[सहकारिता]

12. ( क्र. 590 ) श्री भंवर सिंह शेखावत : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या क्षेत्रीय सोयाबीन सहकारी संघ, उज्जैन में कार्यरत कर्मचारियों को वर्ष 1999 में अनावश्यक रूप से सेवा से पृथक किया गया था? यदि हाँ, तो सेवा से पृथक किए गए कर्मचारियों की कुल संख्या कितनी थी? (ख) क्या उक्त कर्मचारियों को पुनः सेवा में लिए जाने तथा वर्ष 1999 से वर्तमान तक के वेतन एवं अन्य देयकों के भुगतान संबंधी प्रकरण उच्च न्यायालय जबलपुर में लंबित हैं? यदि हाँ, तो प्रकरणों की वर्तमान स्थिति क्या है? (ग) क्या यह सत्य है कि सेवा से पृथक किए गए कर्मचारियों में से लगभग 15 से 20 प्रतिशत कर्मचारियों की लंबी न्यायिक प्रक्रिया के दौरान मृत्यु हो चुकी है? यदि हाँ, तो मृतक कर्मचारियों की संख्या कितनी है? (घ) क्या राज्य सरकार मानवीय दृष्टिकोण के आधार पर मृतक कर्मचारियों के आश्रित परिवारों को तथा शेष जीवित कर्मचारियों को कोई विशेष आर्थिक सहायता/अनुग्रह राशि प्रदान किए जाने पर विचार कर रही है? यदि हाँ, तो सहायता की प्रकृति, राशि एवं समय-सीमा क्या है? यदि नहीं, तो इसके क्या कारण हैं?

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) वर्ष 1999 से वर्तमान वेतन एवं अन्य देयकों के भुगतान संबंधी याचिका क्रमांक 15634/2021 एवं 12962/2020 लंबित है। याचिका क्रमांक 15634/2021 में प्रत्यावर्तन प्रस्तुत कर दिया गया है, जिसमें याचिका क्रमांक 12962/2020 संलग्न की गई है प्रकरण विचाराधीन है। (ग) क्षेत्रीय सोयाबीन सहकारी संघ उज्जैन में मृतक कर्मचारियों की जानकारी प्राप्त नहीं हुई है, इसलिये शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश '' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

श्रम न्यायालय नियमित रूप से संचालित करना

[श्रम]

13. ( क्र. 627 ) श्री रामनिवास शाह : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि सिंगरौली जिला क्षेत्रांतर्गत जनहित के कार्यों को दृष्टिगत रखते हुये सिंगरौली जिले में लिंक कोर्ट श्रम न्यायालय प्रत्येक माह 03 दिवस हेतु संचालित की जाती है। श्रम न्यायालय नियमित रूप से कब तक संचालित किया जावेगा, बतायें यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें।

श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : नवीन श्रम संहिता में औद्योगिक न्‍यायाधिकरण की अवधारणा है। इसके अतिरिक्‍त सिंगरौली जिले में उत्पन्न होने वाले प्रकरणों की संख्या एवं नियमित न्‍यायालय हेतु आवश्‍यक संसाधनों को देखते हुए नियमित रूप से श्रम न्यायालय का संचालन प्रस्‍तावित नहीं है।

जनभागीदारी समितियों की आय-व्‍यय विषयक

[उच्च शिक्षा]

14. ( क्र. 767 ) श्री राकेश शुक्ला : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 206 इंदौर के अंतर्गत आने वाले समस्त महाविद्यालयों की जन भागीदारी समितियों द्वारा पिछले 2 वित्त वर्ष में किए गए कार्यों का संपूर्ण लेखा एवं आय व्‍यय का ब्‍यौरा प्रदान करें।

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

आई.टी.आई. में रिक्त पदों की पूर्ति

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार)]

15. ( क्र. 789 ) श्री विक्रम सिंह : क्या राज्‍य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले के रामपुर बाघेलान में संचालित आई.टी.आई. में कितने पद सृजित हैं? नाम पद सहित बतावें? (ख) आई.टी.आई. में संचालित कोर्स अनुसार कितने पद स्वीकृत है? उन पदों की पूर्ति के लिये क्या कार्यवाही की गई है? रिक्त पदों को पूर्ण किये जाने का कब तक प्रावधान है?

राज्‍य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न  परिशिष्‍ट अनुसार है

परिशिष्ट - "छत्‍तीस"

म.प्र.ग्रा.स.वि. प्राधिकरण दतिया में वाहनों का अनुबंध

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

16. ( क्र. 849 ) श्री राजेन्‍द्र भारती : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                (क) क्या वर्ष 2025 में ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण परियोजना क्रियान्वयन इकाई दतिया द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के निरीक्षण/पर्यवेक्षण हेतु टैक्सी के पंजीकृत चार पहिया डीजल वाहन (बोलेरो, स्कार्पियो) के लिये मासिक किराये दर पर वाहन चालक सहित निविदा/प्रस्ताव आमंत्रित किये गये है? यदि हाँ, तो कार्यालय द्वारा जारी शर्तों एवं विज्ञप्ति की प्रति उपलब्ध करायें। (ख) क्या विज्ञप्ति में वाहन किराये पर लगाने हेतु नियम/निर्देश महाप्रबंधक कार्यालय म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण परियोजना ईकाई दतिया द्वारा दिनांक 10/12/2025 को जारी किये गये थे? यदि हाँ, तो उक्त नियमों एवं आदेश की प्रतियां प्रदान करें। (ग) क्या प्रश्‍नांश (क) में चाही गई निविदा में न्यूनतम राशि पर वाहन प्रदान करने वाले वाहन मालिक/फर्म की निविदा स्वीकृत की गई है? यदि हाँ, तो कार्यालय में समस्त निविदाओं की प्रतियां प्रदान करते हुये अवगत कराये कि क्या महाप्रबंधक कार्यालय द्वारा कम दरों की निविदायें छोड़कर अधिक मूल्य पर वाहन प्रदाय करने वाले वाहन मालिक की निविदा स्वीकृत की गई है? यदि हाँ, तो शासन के आदेश के विपरीत अधिक मूल्य पर वाहन लगाकर शासन को क्षति पहुंचाने वाले महाप्रबंधक के विरुद्ध विभाग द्वारा कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? कारण सहित बताये। क्या अधिक दर पर MPRDA लगाये गये वाहन के स्वीकृति निरस्त कर कम दर वाला वाहन लगाया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ, कार्यालय द्वारा जारी की गई विज्ञप्ति एवं शर्तों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्य में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। (ग) जी हाँ, उत्‍तरांश '''' से जारी की गई विज्ञप्ति की अर्हताओं की पूर्ति करने वाले वाहन की न्यूनतम कोटेशन दर स्वीकृत की गई है। कार्यालय महाप्रबंधक, परियोजना क्रियान्वयन इकाई दतिया में कोटेशन जमा करने की निर्धारित दिनांक 30/12/2025 को दोपहर 03:00 बजे तक 05 कोटेशन प्राप्त हुये थे, जिन्हें कोटेशन प्रस्तुतकर्ता की उपस्थिति में दोपहर 03:30 बजे कोटेशन कमेटी की बैठक के समक्ष खोला गया। कमेटी द्वारा प्राप्त कोटेशनों का परीक्षण किया गया। परीक्षण में पाया कि 03 कोटेशन प्रस्तुतकर्ता द्वारा कोटेशन प्रपत्र में वाहन का वांछित विवरण (जैसे वाहन पंजीयन क्रमांक, बीमा पॉलिसी क्रमांक इत्यादि) दर्ज नहीं किया गया तथा एक कोटेशन प्रस्तुतकर्ता द्वारा कोटेशन प्रपत्र में वाहन के प्रकार में वाहन का मॉडल वर्ष 2020 अंकित किया गया था, जोकि विज्ञप्ति की शर्तानुसार दो वर्ष से अधिक पुराना है। इस प्रकार विज्ञप्ति में दी गई अर्हताओं की पूर्ति न करने के कारण चार कोटेशन अस्वीकृत किये गये। शेष एक कोटेशन विज्ञप्ति की अर्हताओं को पूर्ति करने एवं म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण, मुख्यालय भोपाल द्वारा जारी पत्र क्रमांक 13225 दिनांक 21/06/2018 से निर्धारित दर की सीमा में होने से स्वीकृत की गई। वाहन नियोजन की कार्यवाही निर्देशों के अनुरूप होने से शासन को किसी भी प्रकार की क्षति नहीं हुई। अतः महाप्रबंधक के विरूद्ध कार्यवाही की आवश्‍यकता नहीं है। कमेटी द्वारा अनुमोदित तुलनात्मक पत्रक एवं कोटेशन प्रस्तुतकर्ता द्वारा प्रस्तुत किये गये कोटेशन प्रपत्रों तथा पत्र क्रमांक 13225 दिनांक 21/06/2018 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है।

ब्‍याज की राशि माफ कर वसूली

[सहकारिता]

17. ( क्र. 899 ) श्री अभय मिश्रा : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                  (क) क्या म.प्र. राज्य सहकारी आवास संघ मर्यादित भोपाल द्वारा रीवा संभाग में वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक आवास हेतु ऋण वसूली बावत् कितनी राशि के नोटिस कितने हितग्राहियों को जारी किये गये, का विवरण जिलेवार देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार ऋण की राशि प्राप्त करने के बाद ऋण दाताओं द्वारा कितनी राशि जमा की गई, का विवरण हितग्राहीवार जिलेवार देते हुये बतावें कि इनसे जमा राशि के बाद वसूली हेतु कितनी राशि की नोटिस जारी की गई नोटिस में उल्लेखित राशि एवं ऋण की स्वीकृत राशि अनुसार कितने प्रतिशत ब्याज को जोड़ कर वसूली की नोटिस जारी की गई है हितग्राहीवार जानकारी देवें? राज्य सहकारी आवास संघ मर्यादित भोपाल द्वारा क्र./वसूली/867/दिनांक 07.01.2025 द्वारा पड़रा कालोनी रीवा निवासी संबंधित को 4089667.94 रूपये बकाया की वसूली की नोटिस क्षेत्रीय प्रबंधक के हस्ताक्षर से जारी की गई, जबकि भवन निर्माण हेतु आवास ऋण 1,25,000/- रूपये थी, इस पर ऋण माफी/ब्याज माफी कर मूल ऋण की राशि 1,25,000/- की वसूली जमा ऋण राशि को समायोजित कर वसूल किये जाने बावत् निर्देश देंगे बतावें? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार ऋण प्राप्त करने वाले हितग्राहियों से मूलधन के बाद जमा की गई राशि का समायोजन करने के पश्चात वसूली हेतु प्रस्तावित राशि में से ब्याज की माफी करते हुये मूलधन (ऋण की राशि) की वसूली बावत् क्या निर्देश देंगे बतावें जिससे ऋण दाता मानसिक प्रताडि़त न हो सके और मूलधन की राशि वापस कर सकें। (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार उल्लेखित तथ्यों पर कार्यवाही बावत् क्या निर्देश देंगे बतावें अगर नहीं तो क्यों?

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) रीवा संभाग में वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक मध्यप्रदेश राज्य सहकारी आवास संघ द्वारा ऋण वसूली हेतु 27 हितग्राहियों को नोटिस जारी किये गये। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। मध्यप्रदेश राज्य सहकारी आवास संघ का पत्र क्रमांक 867 दिनांक 07.01.2025 रीवा जिले की अल्प आय गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित रीवा के सदस्य श्री प्रदीप मिश्रा से संबंधित है। वर्तमान में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी आवास संघ मर्यादित भोपाल में लागू एकमुश्त समझौता योजना का लाभ लेकर हितग्राही सदस्य अपने ऋण खाते को चुकता करा सकता है, म.प्र. राज्य सहकारी आवास संघ द्वारा संबंधित हितग्राही सदस्य को अवगत कराया गया है। (ग) उत्तरांश '''' अनुसार। (घ) उत्तरांश '''', '''' एवं '''' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "सैंतीस"

अधोसंरचना एवं सामाजिक संरचनाओं का निर्माण कार्य

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

18. ( क्र. 907 ) श्री अभय मिश्रा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले के कितनी ऐसी ग्राम पंचायतें है जिनमें सामुदायिक भवन, पंचायत भवन, बारहमासी सड़कें, आंगनवाड़ी भवन, उप स्वास्थ्य केन्द्र भवन, उचित मूल्यों के दुकानों के भवन, खेल मैदान, स्कूल भवन, पशु औषधालय भवन, औषधालय भवन सड़‌कें जहां आवागमन प्रभावित हो उनका निर्माण न कराया गया हो, का विवरण जिलेवार, जनपदवार, पंचायतवार देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार उल्लेखित अधोसंरचना/सामाजिक संरचनाओं  के निर्माण बावत् अगर स्वीकृति प्रदान कर राशियां जारी की गई तो पिछले पाँच वर्षों में कब-कब, कितने-कितने किन संरचनाओं के निर्माण बावत् उनकी भौतिक स्थिति, पूर्णतः प्रमाण पत्र स्वीकृत आदेशों की प्रति के साथ जिलेवार जनपदवार जानकारी देवें अगर कार्य नहीं कराये गये तो इसका सत्यापन कराकर कार्यवाही बावत् क्या निर्देश देंगे बतावें अगर नहीं तो क्यों? रीवा जिले की जनपदवार जानकारी पृथक से देवें? (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार सामुदायिक संरचनाओं/अधोसंरचनाओं के निर्माण बावत् स्वीकृति प्रदान कर राशियां नहीं दी गई संरचनाओं का निर्माण नहीं हुआ जिससे पंचायत के कार्य/बच्चों का पठन पाठन व आवागमन प्रभावित है इसके लिये कौन-कौन उत्तरदायी है बतावें एवं इनके निर्माण व स्वीकृति बावत् क्या निर्देश देंगे बतावें व प्रश्‍नांश (ख) अनुसार राशि का उपयोग कर कार्य प्रारंभ कर पूरे नहीं किये गये आज भी कार्य अधूरे है इसके लिये जिम्मेदारों के पदनाम व उन पर कार्यवाही बावत् क्या निर्देश देंगे बतावें अगर नहीं तो क्यों?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) कोई सर्वेक्षण उपलब्‍ध नहीं है। तथापि, प्रश्‍नांश में उल्लिखित प्रकार के कार्यों की संकलित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट '' अनुसार है।                                   (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित प्रकृति के कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट '' अनुसार है तथा अधूरे कार्यों को पूर्ण कराने के निर्देश जारी किये गये है। जारी निर्देशों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट '' अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार स्‍वीकृत कार्यों की राशियां दी गई है। प्रश्‍नांश (ख) अनुसार अधूरे कार्यों को पूर्ण कराये जाने हेतु निर्देश जारी किये गये है। जारी निर्देशों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट '' अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

स्‍वीकृत निर्माण कार्य को प्रारंभ किया जाना

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

19. ( क्र. 909 ) श्री अभय मिश्रा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कार्यालय कलेक्टर (जिला खनिज न्यास) जिला रीवा द्वारा पत्र क्रमांक/6154 दिनांक 05.11.2024 द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गयी थी जिसमें निर्माण कार्यों हेतु क्रियान्वयन एजेन्सी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग क्रमांक-01 को बनाया गया था। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार जारी प्रशासकीय स्वीकृति अनुसार कितने निर्माण कार्य पूर्ण/अपूर्ण/प्रारंभ/अप्रारंभ है का विवरण कार्यवार देवें जो कार्य प्रारंभ नहीं किये गये उसके लिये कौन-कौन जिम्मेदार है उन पर कार्यवाही के साथ कार्यों के प्रारंभ कराने बावत् क्या निर्देश देंगे बतावें अगर नहीं तो क्यों? (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार स्वीकृत कार्यों में मनरेगा मद से जो राशि स्वीकृत कर प्राक्कलन/तकनीकी स्वीकृति जारी की गई थी कार्य प्रारंभ नहीं कराये गये वित्तीय वर्ष समाप्त हो चुका है उनके प्रारंभ कराने बावत् क्या निर्देश देंगे बतावें साथ ही जो कार्य प्रारंभ है उनके भुगतान नहीं हुये तो क्यों बतावें इनके भुगतान बावत् क्या निर्देश देंगे बतावें। (घ) प्रश्‍नांश (क) अनुसार स्वीकृत कार्यों की भौतिक स्थिति एवं भुगतान की जानकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी रीवा द्वारा भी पत्र पर चाही गयी थी दी गयी जानकारी की प्रति के साथ भुगतान न करने व कार्य प्रारंभ न कराने पर किन-किन पर कार्यवाही के निर्देश देंगे, कार्य प्रारंभ कराये जाने बावत् क्या निर्देश देंगे बतावें अगर नहीं तो क्‍यों?                            (ड.) प्रश्‍नांश (क), (ख), (ग) एवं (घ) अनुसार उल्लेखित आधारों पर जिम्मेदारों पर कार्यवाही बावत् क्या निर्देश देंगे बतावें अगर नहीं तो क्यों?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। 01 कार्य भूमि विवाद, 02 कार्य निजी भूमि, 02 कार्य तकनीकी खराबी के कारण मनरेगा पोर्टल से जियो टैग नहीं होने एवं 01 कार्य म.प्र.रोजगार गारंटी परिषद् के पत्र क्रमांक 844 दिनांक 27.05.2025 में निहित निर्देश के कारण अप्रारंभ है। इस प्रकार 06 कार्य अप्रारंभ रहने से, कोई भी कर्मचारी जिम्‍मेदार नहीं है। उक्‍त कारणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिये गये है। (ग) उत्‍तरांश (ख) अनुसार 06 अप्रारंभ कार्यों के कारणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिये गये है। प्रारंभ कार्यों में मूल्‍यांकन के आधार पर भुगतान किये जाने के निर्देश पूर्व से ही है। (घ) जी हाँ। जानकारी संलग्न  परिशिष्‍ट अनुसार है। उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) जी हाँ। उत्तरांश (क), (ख), (ग) एवं (घ) अनुसार 06 कार्य यथा भूमि विवाद, निजी भूमि एवं तकनीकी खराबी के कारण मनरेगा पोर्टल से जियो टैग न होने के कारण तथा म.प्र. रोजगार गारंटी परिषद् के पत्र क्रमांक 844 दिनांक 27.05.2025 के निर्देश के संदर्भ में कार्य प्रारंभ नहीं होने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "अड़तीस"

पंजीकृत खिलाडि़यों के खेलों को बढ़ावा देना

[खेल एवं युवा कल्याण]

20. ( क्र. 926 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा जिले में किस-किस खेल हेतु कौन-कौन से खिलाड़ी पंजीकृत हैं इन खिलाड़ियों को मानदेय के रूप में कितनी राशि कब से प्रदान की जा रही है? जिलावार, खिलाड़ी के नामवार, खेलवार, मानदेय प्रारंभ की दिनांकवार जानकारी देवें। (ख) खेलों को बढ़ावा एवं खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराए जाने हेतु तहसील से अनुभाग, जिला, संभाग, प्रदेश एवं राष्ट्र तक भेजे जाने हेतु क्या प्रक्रिया है? इस पर किस प्रकार कार्यवाही की जाती है? इस हेतु कौन अधिकारी प्रभारी होता है? हरदा जिले के प्रभारी अधिकारियों के नाम, पदनाम एवं मोबाइल नंबर सहित जानकारी उपलब्ध करावें? (ग) जिला हरदा में खेल एवं युवा कल्याण हेतु कितना-कितना बजट, किस-किस योजना अंतर्गत, किस-किस मद में, विगत 3 वर्षों में उपलब्ध कराया गया है? इस बजट का उपयोग किस-किस कार्य में कब-कब किया गया? माहवार जानकारी प्रदान करें। (घ) जिले में खेलों को बढ़ावा दिए जाने हेतु कौन-कौन सी योजना प्रचलित है? इसका विस्तृत विवरण देवें। क्या विधायक कप योजना प्रचलन में है? यदि हाँ, तो इसका आयोजन जिले में क्यों नहीं किया जा रहा?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जिला हरदा में खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभागीय प्रशिक्षण केन्द्र खो-खो, हैण्डबाल एवं हॉकी में खिलाड़ी पंजीकृत है। पंजीकृत खिलाड़ियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। पंजीकृत खिलाड़ियों को कोई मानदेय नहीं दिया जाता है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है                             (ख) खेलों को बढ़ावा एवं खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर हेतु खेल संघों के द्वारा प्रतियोगिता एवं चयन स्पर्धा के माध्यम से खिलाड़ियों को विकासखण्ड से तहसील, तहसील से जिला, जिले से संभाग, संभाग से राज्य एवं राज्य से चयनित खिलाड़ियों को राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भेजा जाता है। इस हेतु खेल संघों के पदाधिकारी/प्रशिक्षक प्रभारी होते हैं। हरदा जिले में जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी का पद रिक्त होने के कारण सुश्री उमा पटेल, जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी, जिला-नर्मदापुरम को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। सुश्री उमा पटेल का मोबाईल नम्बर 9340315640 है। (ग) जिला-हरदा को विगत 3 वर्षों में योजनावार व मदवार आवंटित बजट तथा किस-किस कार्य पर व्यय किया गया है की, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 2  अनुसार है। (घ) खेलो को बढ़ावा दिये जाने हेतु योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 3 अनुसार है। विधायक कप हेतु प्रति विधानसभा क्षेत्र राशि रूपये 1.00 लाख की राशि आवंटित की जाती थी जो अत्यन्त कम थी इसके स्थान पर खेल व खिलाड़ियों के प्रोत्साहन हेतु खेलों एम.पी.यूथ गेम्स दिनांक 13 जनवरी, 31 जनवरी, 2026 तक विकासखण्ड से राज्य स्तर तक आयोजित किये गये है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

महाविद्यालयों में नियमित स्टॉफ की पदस्थापना

[उच्च शिक्षा]

21. ( क्र. 933 ) श्रीमती अर्चना चिटनीस : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला-बुरहानपुर के तीन महाविद्यालयों में एक ही महिला प्राचार्य, को प्रभार दिया गया है? यदि हाँ, तो शासकीय महाविद्यालय बुरहानपुर में कार्यरत समस्त स्टॉफ की जानकारी उपलब्ध कराए? क्या तीन महाविद्यालय के एक ही महिला प्राचार्य द्वारा महत्वपूर्ण कार्य सम्पादित करना संभव है? यदि हाँ, तो कारण स्पष्ट करें? (ख) शा. महाविद्यालय बुरहानपुर से वर्तमान स्थानांतरण नीति अन्तर्गत कितने अधिकारियों/कर्मचारियों के स्थानांतरण किए गए? पद नाम सहित जानकारी देवे। यदि नहीं, तो क्या प्रदेश के अन्य शा. महाविद्यालय से भी शा. महाविद्यालय बुरहानपुर के लिए स्थानांतरण किए गए? यदि हाँ, तो पद नाम सहित जानकारी देवे। (ग) क्या शा. महाविद्यालय बुरहानपुर में समस्त शैक्षणिक स्टॉफ गेस्‍ट फैकल्‍टी पर सम्पादित हो रहा है? यदि हाँ, तो समस्त नियमित स्टॉफ की नियुक्ति किस समय-सीमा तक करेगा तथा महाविद्यालय से किए गए स्थानांतरण निरस्त करेगा? क्या महाविद्यालय का प्रशासकीय दायित्व किस स्तर के अधिकारियों को सौंपा गया है? महाविद्यालय किसी भी दुर्घटना के लिए विभाग किस स्तर के अधिकारी का उत्तरदायित्व सुनिश्चित करेगा?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।                                (ख) स्थानांतरण नीति-2025 जारी होने के उपरांत शासकीय महाविद्यालय, बुरहानपुर से श्री कैलाश नागर, सहायक वर्ग-3 का स्थानांतरण हुआ, जिसे विभागीय आदेश दिनांक 04.08.2025 द्वारा निरस्त किया गया। (ग) जी हाँ, पदों की पूर्ति एक सतत् प्रक्रिया है, समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है तथा उत्तरांश "ख" के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। महाविद्यालय का प्रशासकीय दायित्व द्वितीय श्रेणी अधिकारी को सौंपा गया है। नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।

अतिथि व्याख्याताओं की समस्याओं का निरकारण

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा)]

22. ( क्र. 950 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तकनीकी शिक्षा और उच्च शिक्षा में कार्यरत अतिथि व्याख्याता की नियुक्ति के प्रमाण 1996 से है, समान वेतनमान कुछ समय पर मानदेय समान या कम रहा परन्तु समानता होने के बाद भी 12 माह मानदेय और संवैतनिक मातृत्व अवकाश प्रश्‍न दिनांक तक तकनीकी अतिथि व्याख्याताओं को क्यों नहीं दिया जा रहा है? (ख) तकनीकी अतिथि व्याख्याताओं का विभागीय आदेश 30 जून 2018 महाविद्यालय में कार्यरत् होने के लिए आमंत्रण विज्ञापन की आवश्यकता नहीं दर्शाता है एवं विभागीय आदेश 26.05.2022 के अनुसार पूर्व से कार्यरत को कार्यरत बने रहने के निर्देश है अतः लगातार कार्यरत के लिए हरियाणा मॉडल की तरह भविष्‍य की सुरक्षा क्यों नहीं दी जा रही है? (ग) तकनीकी शिक्षा अतिथियों और उच्च शिक्षा अतिथियों की महापंचायत एक साथ मुख्यमंत्री निवास पर हुई थी। जिसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री महोदय द्वारा घोषणा की थी मासिक सैलरी 50 हजार, शासकीय सेवकों के समान अवकाश और लगातार कार्यरत को बाहर ना किया जाना। जबकि विभागों द्वारा प्रति दिवस 02 हजार अधिकतम 50 हजार, 13 आकस्मिक 3 ऐच्छिक अवकाश दिये। ऐसे में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा अतिथियों के भविष्य को सुरक्षित करने हेतु हरियाणा मॉडल लागू करने हेतु समिति बनाई गई है जबकि तकनीकी अतिथियों हेतु नहीं जबकि विभागीय मंत्री एक ही है फिर भी तकनीकी अतिथियों के साथ ऐसा भेदभाव क्यों?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) अतिथि व्‍याख्‍याताओं के दिशा-निर्देशों में 12 माह मानदेय और संवैतनिक मातृत्‍व अवकाश प्रदान किये जाने का प्रावधान नहीं है। (ख) अतिथि व्‍याख्‍याताओं के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्यवाही की जा रही है। (ग) अतिथि व्‍याख्‍याताओं के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्यवाही की जा रही है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल में नियुक्तियाँ

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा)]

23. ( क्र. 1139 ) श्री मोहन शर्मा : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल में अधीक्षक एवं अन्य कई क्लास-3 एवं क्लास-4 कर्मचारियों की नियुक्तियाँ बिना किसी वैधानिक भर्ती प्रक्रिया के की गई हैं? (ख) क्या इन नियुक्तियों की प्रक्रिया वैध है? यदि हाँ, तो किस नियम/प्रावधान के अंतर्गत इन्हें नियुक्त किया गया? (ग) यदि नियुक्तियाँ वैध हैं, तो विश्वविद्यालय में कार्यरत अन्य क्लास-3 एवं क्लास-4 कर्मचारियों को भी उसी प्रक्रिया के अनुसार नियमित क्यों नहीं किया जा रहा है? (घ) यदि नियुक्तियाँ अवैध हैं तथा वैधानिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है, तो अब तक इन नियुक्तियों को निरस्त क्यों नहीं किया गया एवं ऐसी नियुक्तियाँ करने वाले अधिकारियों पर क्या विधिक कार्रवाई की गई?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्‍वविद्यालय में प्रश्‍नांश '' अनुसार की गई समस्‍त नियुक्तियों की जांच करवायी जाकर विधिक कार्यवाही की जायेगी। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

प्रधानमंत्री एक्‍सीलेंस महाविद्यालय हेतु चिन्हित महाविद्यालय

[उच्च शिक्षा]

24. ( क्र. 1233 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में किन-किन महाविद्यालयों को प्रधानमंत्री एक्सीलेंस महाविद्यालय में चिन्हित किया गया है तथा उन महाविद्यालयों में कौन-कौन सी अतिरिक्त सुविधा छात्र-छात्राओं एवं प्राध्यापकों व कार्यरत कर्मचारियों को प्रदान किये जाने का प्रावधान है? (ख) प्रधानमंत्री एक्सीलेंस महाविद्यालयों को विशेष प्रभावी बनाये जाने के लिये कौन-कौन से कार्य कराये जाने एवं नवाचार लाये जाने के लिये कौन सी नवीन तकनीक अपनाये जाने का प्रावधान है तथा उन नवीन तकनीकों से छात्र-छात्राओं में कौन से अमूलचूल परिवर्तन होगा तथा छात्र-छात्राओं के जीवन में क्या लाभ होगा? (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार प्रधानमंत्री एक्सीलेंस के तहत चिन्हित महाविद्यालयों में किन-किन कार्यों व सुविधाओं के लिये कितना-कितना वार्षिक बजट भारत सरकार व राज्य सरकार से प्राप्त हो रहा है? वर्ष 2025-26 में प्राप्त राशि की मदवार जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री एक्सीलेंस महाविद्यालय को प्राप्त कुल राशि एवं खर्च की जानकारी मदवार पृथक-पृथक उपलब्ध करावें। (ड.) प्रश्‍नांश '' '' एवं '' अनुसार प्राप्त कुल बजट का आय-व्यय व निविदा प्रक्रिया की संपूर्ण जानकारी उपलब्‍ध करावें।

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के रूप में उन्नयित किए गए महाविद्यालयों की सूची पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। प्रत्येक प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में निम्नलिखित सुविधाएं प्रदान किए जाने का प्रावधान किया गया है: 1. सह शिक्षा का प्रावधान 2. कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय का अध्ययन 3. सभी विषयों में स्नातकोत्तर अध्ययन की सुविधा 4. सभी प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में भूगोल, संस्कृत, कंप्यूटर साइंस एवं बायोटेक्नोलॉजी अध्ययन की सुविधा 5. अप्रैटेसशिप इम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम की सुविधा 6. आईआईटी दिल्ली के सहयोग से एआई विथ फिनटेक अध्ययन की सुविधा 7. विद्यार्थियों के लिए बस सेवा 8. हिन्दी ग्रंथ अकादमी के काउंटर की स्थापना (ख) अप्रैटेसशिप इम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम, एआई विथ फिनटेक पाठ्यक्रम के साथ भारतीय भाषाओं के अध्ययन हेतु सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की योजना है इससे विद्यार्थियों को रोजगार या स्वरोजगार प्राप्त करने में लाभ मिलेगा। (ग) प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस योजना के क्रियान्वयन हेतु बजट शीर्ष 1438 प्रारंभ किया गया है। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में वर्ष 2025-26 में केवल राज्य सरकार से बजट प्राप्त हुआ है जो निम्नानुसार है: (राशि रूपये लाख में)

वित्‍तीय वर्ष

पूंजीगत मद : सिविल वर्क

राजस्‍व एवं पूंजीगत मद : उपकरण/फर्नीचर

प्रावधानित राशि

स्‍वीकृतियां

विमुक्‍त राशि

प्रावधानित राशि

आवंटित राशि

व्‍यय राशि

 

2025-26

12180.00

26859.24

6000.00

450.00

224.45

96.15

 

(घ) प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस योजना के अंतर्गत पीएमसीओई को मदवार आवंटित एवं व्यय राशि की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 02 अनुसार है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 02 अनुसार ही है।

तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास केन्‍द्रों की समग्र जानकारी

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा)]

25. ( क्र. 1234 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल संभाग में तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत कितने तकनीकी शिक्षा संस्थान संचालित है? तकनीकी शिक्षा के अंतर्गत छात्रों को कौन-कौन से संकायों (ट्रेड) का प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है? किन-किन जिलो में कौन-कौन से संकाय संचालित है। प्रशिक्षण संस्थानवार जिलावार जानकारी उपलब्ध करावे? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार भारत सरकार एवं राज्य सरकार से किन-किन योजनाओं के लिये और अनुसंधान एवं नवाचार एवं रोजगार परक कौशल और इंटर्नशिप के अवसरों को बढ़ावा देने तकनीकी शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता एवं प्रशासन में सुधार उद्योग संरेखित पाठ्यक्रमों में सुधार हेतु कितना-कितना बजट मध्यप्रदेश को प्राप्त हुआ है? जिलेवार, जानकारी उपलब्ध करावे? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार जिला अनूपपुर में किन-किन तकनीकी शिक्षा संस्थानों को वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-252025-26 में बजट प्राप्त हुआ तथा उक्त संस्थानों द्वारा किन-किन मदों में कितनी-कितनी  राशि व्यय किया गया। भण्डारण, खरीददारी व निविदा समिति की जानकारी व जिले में मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना आय व्यय की राशि व लाभार्थियों की सूची सहित जानकारी उपलब्ध करावें? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार समस्त बजट की आय-व्यय की मदवार जानकारी उपलब्ध कराये।

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है(ख) यूआईटी, शहडोल को भारत सरकार/राज्‍य सरकार द्वारा बजट प्रदान नहीं किया जाता है। पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों की जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है(ग) प्रश्‍नावधि से संबंधित शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, अनूपपुर की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 एवं 3 अनुसार है। जिले में प्रश्‍नावधि में मुख्‍यमंत्री व प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की जानकारी निरंक है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है

जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंकों के कर्मचारियों के सेवा नियम

[सहकारिता]

26. ( क्र. 1246 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक के कर्मचारियों के लिये सेवा नियम प्रभावशील है? यदि हाँ, तो क्या सेवा नियमों के अनुसार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में बैक संवर्ग के पदस्‍थ समिति प्रबंधकों की गोपनीय चरित्रावली पर प्रथम मतांकन के लिए संस्थाओं के अध्यक्ष/प्रशासक के स्तर पर टिप्‍पणी प्रारम्भ करने का प्रावधान किया गया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में यदि हाँ, तो कितने जिलों में मतांकन के संबंध में विहित प्राव‌धान का पालन किया गया है? जानकारी दी जावें। यदि नहीं, तो क्यों? कारण सहित जान‌कारी दी जावे। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के प्रकाश यदि प्रथम मतांकन की प्रक्रिया के लिये सेवा नियमों में विहित प्रावधान का पालन अभी तक नहीं किया गया है, तो क्या निकट भविष्य में अनिवार्य रूप से पालन किये जाने के निर्देश जारी किये जायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक नहीं तो क्यों?

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) प्रदेश के समस्त जिलों में गोपनीय चरित्रावली पर मतांकन के संबंध में विहित प्रावधान का पालन किया जा रहा हैं। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश '' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

गोदामों का लीज रेंट जमा किया जाना

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

27. ( क्र. 1273 ) श्री विपीन जैन : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृषि उपज मंडी मंदसौर में व्यापारियों के कुल 77 गोदाम में से 10 गोदाम ऐसे हैं जिनकी लीज खत्म होने के बाद भी मंडी कमेटी लीज रेंट जमा क्यों नहीं करा रही है इसके क्‍या कारण है? (ख) जबकि उक्त गोदाम का लीज रेंट व्यापारी जमा करने को तैयार है बताएं कि उक्त 10 गोदामों का लीज रेंट कब तक जमा करवाकर उनका नवीनीकरण कर दिया जाएगा?

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) लीज नवीनीकरण नहीं होने से लीज रेंट जमा नहीं कराया जा रहा है। (ख) शासन द्वारा अधिसूचित मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी (भूमि एवं संरचना का आवंटन) नियम 2009 अन्तर्गत लीज नवीनीकरण का प्रावधान स्थापित नहीं होने से प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

डीपीआईपी प्रतिनियुक्ति के सेवायुक्‍तों का वेतनमान एरियर भुगतान

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

28. ( क्र. 1299 ) डॉ. राजेन्‍द्र कुमार सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. राज्य तिलहन संघ से ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत डीपीआईपी (गरीबी हटाओ परियोजना) में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ रहे कुल कितने सेवायुक्त है? कृपया उनके नाम, पद, वेतनमान, अवधि सेवायुक्तवार विवरण प्रस्तुत करें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अंतर्गत कितने सेवायुक्तों को पांचवा, छठवां वेतनमान लाभ/एरियर राशि प्रदान की गई है? कृपया सेवायुक्तवार स्वीकृत एवं भुगतान की गई एरियर राशि का विवरण दें? (ग) कितने सेवायुक्तों को पांचवा, छठवां वेतनमान एरियर राशि लंबित है? उनके नाम, पद अवधि लंबित राशि बतायें? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के अंतर्गत एरियर राशि लंबित रहने के कारण सेवायुक्तवार बताएं भुगतान किस समय-सीमा तक किया जाएगा? समान पात्रता होने के बावजूद भुगतान में भेदभाव का क्या कारण है? स्पष्ट करें?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) म.प्र. राज्य तिलहन संघ से ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत डीपीआईपी (गरीबी हटाओ परियोजना) में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ सेवायुक्तों की जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट-अ अनुसार है। (ख) 04 सेवायुक्‍तों को पांचवा, छठवां वेतनमान लाभ/एरियर राशि प्रदान की गई है। जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट-ब अनुसार है। (ग) 09 सेवायुक्‍तों को पांचवा, छठवां वेतनमान लाभ/एरियर राशि संबंधी आवेदन कार्यालय में प्राप्‍त हुए है, संबंधितों को विभागीय स्‍वीकृति पश्‍चात स्‍थानीय निधि संपरीक्षा भोपाल से वेतन निर्धारण के सत्‍यापन पश्‍चात एरियर्स की लंबित राशि की गणना की जावेगी। जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट-स अनुसार है। (घ) विभागीय स्‍वीकृति पश्‍चात नियमानुसार भुगतान की कार्यवाही की जावेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। भुगतान में भेदभाव नहीं किया गया है।

परिशिष्ट - "उनतालीस"

अमृत सरोवर योजना अंतर्गत तालाबों की जानकारी

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

29. ( क्र. 1326 ) श्री नरेन्द्र प्रजापति [इंजीनियर] : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा मनगवां 73 अंतर्गत अमृत सरोवर योजना के तहत मनरेगा योजनान्‍तर्गत कितने तालाबों को चिन्हित किया गया है। इसमें से कितने तालाबों को भू-अभिलेख (खसरे) में इन्द्राज किया गया हैं कितने शेष है, क्यों? (ख) विधानसभा मनगवां 73 अंतर्गत अमृत सरोवर योजना के तहत मनरेगा योजनान्‍तर्गत कितने तालाबों का भौतिक रूप से मौके पर कार्य पूर्ण हो गया है कितने शेष है, देरी का क्या कारण है?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) विधान सभा क्षेत्र मनगंवा 73 अंतर्गत अमृत सरोवर योजना के तहत मनरेगा योजनांतर्गत 13 तालाबों का निर्माण कराया गया है। राजस्व विभाग द्वारा भू-अभिलेख (खसरे) में इन्द्राज नहीं किये गए हैं। भू-अभिलेख (खसरे) में इन्द्राज करने हेतु कार्य से सम्बन्धित राजस्व अधिकारियों को पत्र जारी किया गया है। पत्र की प्रति  संलग्‍न परिशिष्ट  अनुसार है। (ख) विधान सभा क्षेत्र मनगंवा 73 अंतर्गत अमृत सरोवर योजना के तहत मनरेगा योजनांतर्गत 11 तालाबों का कार्य भौतिक रूप से पूर्ण है, 02 कार्य प्रगतिरत हैं। मनरेगा मांग आधारित योजना है, रोजगार की मांग अनुसार उपलब्धता सुनिश्चित कर कार्य पूर्ण कराया जाता है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "चालीस"

राजस्व ग्रामों को सुदूर ग्रामों से जोड़ा जाना

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

30. ( क्र. 1334 ) श्रीमती प्रियंका पैंची : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                  (क) गुना जिले की चाचौड़ा विधानसभा क्षेत्र में कुल कितने राजस्व ग्राम है, जो प्रधानमंत्री सड़क तथा लोक निर्माण विभाग एवं अन्य सुदूर सड़कों से जुड़े हैं तथा जो ग्राम पक्की सड़कों से नहीं जुड़े हैं, उनके न जुड़ने का क्या कारण है? जो ग्राम राजस्व ग्राम हैं, उनमें पक्की एवं सुदूर सड़कें बनाये जाने हेतु शासन की क्या-क्या कार्य योजना है, ऐसे ग्रामों को कब तक पक्की, सुदूर सड़कों से जोड़ा जायेगा? सूची सहित जानकारी दें। (ख) गुना जिले में सड़कों के निर्माण हेतु शासन ने वर्ष 2024-25 में कितनी-कितनी राशि, किन-किन सड़कों की किस-किस की अनुशंसा पर स्वीकृत की गई? विकासखण्डवार जानकारी दी जावे। (ग) विधानसभा क्षेत्र चाचौड़ा में 01 अप्रैल 2024 से किस-किस योजना में कौन-कौन सी सड़कों के निर्माण कार्य, कितनी-कितनी राशि के स्वीकृत किये गये तथा कितने और कौन-कौन से निर्माण कार्य स्वीकृति हेतु लंबित हैं? लंबित निर्माण कार्य कब-तक स्वीकृत किये जायेंगे? (घ) क्या विधानसभा क्षेत्र चाचौड़ा में अतिवृष्टि से खराब हुई सड़कों का सर्वे कर मरम्मत करायी गई है? यदि हाँ, तो कौन-कौन सी सड़कें, कहां-कहां पर, कितनी-कितनी खराब पाई गयी एवं किन-किन सड़कों की मरम्मत की गई? शेष सड़कों की मरम्मत कब तक करायी जायेगी? (ड.) गुना जिले में खेत सड़क योजना हेतु सरकार द्वारा कोई योजना बनायी जा रही है? यदि हाँ, तो कब तक जानकारी दें।

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) गुना जिले के चाचौड़ा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत कुल 407 राजस्व ग्राम है जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से 324 राजस्व ग्रामों को एकल संपर्कता प्रदान की गई है जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की गाईडलाईन अनुसार वर्ष 2001 की जनसंख्या के आधार पर सामान्य क्षेत्र में 500+ आबादी के राजस्व ग्राम पात्र थे। PMGSY-IV की गाईडलाईन अनुसार वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर आदिवासी विकासखण्ड एवं आकांक्षी जिलों में 250+ आबादी की बसाहटों को पात्रता प्रदान की गई है। इस क्रम में विधानसभा क्षेत्र चाचौड़ा अंतर्गत पात्र कुल 16 राजस्व ग्रामों को जोड़े जाने हेतु चिन्हित किया गया है, जिनको संपर्कता प्रदान करने हेतु योजना के दिशा निर्देशानुसार कार्यवाही की जावेगी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''3'' अनुसार है। लोक निर्माण विभाग अंतर्गत गुना जिले के चाचौड़ा विधानसभा क्षेत्र में 44 राजस्व ग्राम लोक निर्माण विभाग के पक्की सडकों से जुडे हुए है। जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''4'' अनुसार है। (ख) गुना जिले में वर्ष 2024-25 में PMJANMAN योजना अंतर्गत 21 मार्ग, लंबाई 31.29 कि.मी. के राशि रूपये 2295.12 लाख की स्वीकृत किये गये है जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''5'' अनुसार है। लोक निर्माण विभाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''6'' अनुसार है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा अंतर्गत गुना जिले में वर्ष 2024-25 में स्वीकृत कार्यों की जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''7'' अनुसार है। (ग) विधानसभा क्षेत्र चाचौड़ा अंतर्गत 01.04.2024 उपरांत एक मार्ग लंबाई 1.13 कि.मी. लागत राशि रू 91.93 लाख को स्वीकृत किया गया है। PMGSY-IV योजना के अंतर्गत वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर आदिवासी विकासखण्ड एवं आकांक्षी जिलों में 250+ आबादी की कुल 60 पात्र बसाहटों (16 राजस्व ग्राम एवं 44 मजरे टोले) को जोड़े जाने हेतु सर्वे कार्य किया गया है जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''8'' अनुसार है। मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना अंतर्गत 100+ आबादी के कुल 53 (16 राजस्व ग्राम एवं 37 मजरे टोले) को चिन्हित किया गया है जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''9'' अनुसार है। उपरोक्त बसाहटों को पक्के मार्ग से संपकर्ता प्रदान करने की कार्यवाही योजना की गाईडलाईन के अनुसार की जावेगी। लोक निर्माण विभाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''10'' अनुसार है एवं जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''11'' अनुसार है। विभाग में नवीन कार्य स्वीकृत किये जाने हेतु बजटीय प्रक्रिया के अलावा कोई विकल्प नहीं है, मार्ग बजट में सम्मिलित नहीं है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र चाचौड़ा में 01 अप्रैल 2024 से योजनावार स्वीकृत कार्यों की जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''12'' अनुसार है। (घ) विधानसभा क्षेत्र चाचौड़ा अंतर्गत वर्ष 2025 के वर्षाकाल के दौरान अतिवृष्टि से कोई भी सड़क क्षतिग्रस्त नहीं हुई है। योजनान्तर्गत निर्मित मार्गों का अनुबंधानुसार संधारण कार्य कराया जाता है। वर्षाकाल उपरांत भी मार्गों पर नियमानुसार आवश्यक संधारण कार्य पूर्ण करा दिया गया है। लोक निर्माण विभाग अंतर्गत वर्ष 2025 के वर्षाकाल के दौरान अतिवृष्टि से कोई मार्ग क्षतिग्रस्त नहीं हुआ है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। योजनांतर्गत निर्मित मार्गों का अनुबंधानुसार संधारण कार्य कराया जाता है। वर्षाकाल उपरांत भी मार्गों पर नियमानुसार आवश्यक संधारण कार्य पूर्ण करा दिया गया है। (ड.) मनरेगा योजना अंतर्गत आयुक्त मनरेगा भोपाल के पत्र क्रमांक 844 भोपाल दिनांक 27.05.2025 अनुसार सुदूर सम्‍पर्क/खेत सड़क के नवीन कार्य नहीं लिये जाने के निर्देश है।

मनरेगा योजना का बकाया भुगतान

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

31. ( क्र. 1466 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                           (क) मनरेगा योजना के अनुसार करवाए गये कार्यों का टीकमगढ़, छतरपुर एवं नरसिंहपुर जिले में कितना-कितना मजदूरों का एवं सामग्री का भुगतान दिसम्बर 2025 तक बकाया है। उक्त भुगतान किये जाने के संबंध में शासन ने प्रश्नांकित दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की है। (ख) मनरेगा योजना किस दिनांक को राज्य में बंद की गई इस योजना के बंद किये जाने के पूर्व तथा इसके बाद बकाया राशि के भुगतान की जिम्मेदारी किसकी है मनरेगा योजना के अनुसार कितने दिनों में बकाया भुगतान किया जाना चाहिए? (ग) बकाया भुगतान कितने दिनों में कर दिया जावेगा? समय-सीमा बतायें?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट – '' अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट – '' अनुसार है। (ख) राज्‍य में मनरेगा योजना संचालित है। मनरेगा योजना अंतर्गत भुगतान किया जाना एक सतत प्रक्रिया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्‍तरांश '' अनुसार।

अतिथि विद्वानों की जानकारी

[उच्च शिक्षा]

32. ( क्र. 1647 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक पद के विरूद्ध कार्यरत ऐसे अतिथि विद्वान जो कि यू.जी.सी. की न्यूनतम योग्यताओं को पूरा करते हैं एवं जिन्होंने 1000 कार्य दिवस (एक हजार दिन) से अधिक कार्य किया हो ऐसे अतिथि विद्वानों की जानकारी उपलब्ध करावें? (ख) क्या यह सही है कि मध्यप्रदेश के शासकीय महाविद्यालय में कार्यरत सहायक प्राध्यापक पद के विरूद्ध अतिथि विद्वानों के लिये हरियाणा पॉलिसी से संबंधित कोई समिति बनाई गई है? यदि हाँ, तो उक्त समिति द्वारा आज दिनांक तक कौन सी रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है? यदि नहीं, तो क्यों? कब तक रिपोर्ट प्रस्तुत की जावेगी समय-सीमा बतायें?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। कार्यवाही परीक्षाधीन है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

विभागीय योजनाओं की जानकारी

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

33. ( क्र. 1648 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक जबलपुर जिले में आत्मा परियोजना हेतु कितना बजट आवंटित किया गया है? वर्षवार, मदवार विवरण उपलब्ध करायें। आत्मा परियोजना अंतर्गत कितने फसल का प्रदर्शन आयोजित किये गये एवं कितनी प्रोत्साहन राशि किसानों को प्रदाय की गई? कितने किसानों को बीज, उर्वरक, कीटनाशक तथा कृषि यंत्र नि:शुल्क एवं छूट पर उपलब्ध कराये गये? विकासखण्ड शहपुरा एवं जबलपुर के किसानों की संख्या वर्षवार विस्तृत विवरण उपलब्ध करायें। (ख) जनवरी 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक जबलपुर जिले में आत्मा परियोजना अंतर्गत किन-किन स्थानों में कब-कब प्रशिक्षण आयोजित किये गये? कितने किसानों ने भाग लिया? प्रत्येक प्रशिक्षण में कितनी-कितनी राशि व्यय की गई? प्रतिभागी संख्या सहित वर्षवार, प्रशिक्षणवार विस्तृत विवरण उपलब्ध करायें।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1, 2 एवं 3 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-4 अनुसार है।

प्राथमिक कृषि साख समितियों पर बकाया ऋण

[सहकारिता]

34. ( क्र. 1669 ) श्री राजन मण्‍डलोई : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 31 मार्च, 2025 की स्थिति में इंदौर संभाग में प्राथमिक कृषि साख समितियों पर कितना-कितना ऋण अलग-अलग प्रकार का बकाया था? बैंकवार, समितिवार जानकारी देवे। (ख) उक्त अवधि में पैक्स समितियों का किसानों पर सभी प्रकार का कितना ऋण बकाया था? समितिवार, जिलावार एवं बैंकवार जानकारी देवे। (ग) 31 मार्च, 2025 की स्थिति में ऋण असंतुलन कितना था बैंकवार/ जिलावार/समितिवार जानकारी देवे। (घ) उक्त ऋण असंतुलन के क्या कारण है? क्या इनकी बैंकवार कोई जांच/अध्ययन कराया गया है? यदि नहीं, तो क्यों और कब तक जांच कराई जायेगी?

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है(ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) पैक्स एवं बैंक की व्यवसायिक प्रकृति भिन्न-भिन्न होने, व्यवसायगत व विभिन्न योजनागत प्राप्ति योग्य राशि में विलम्ब होने आदि ऋण असंतुलन के मुख्य कारण है। जी हाँ, समय-समय पर विश्लेषण एवं समीक्षा की जाती है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

कृषि मंडियों के प्रभार को देना

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

35. ( क्र. 1678 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र.राज्‍य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड के अंतर्गत वर्तमान में किस श्रेणी की कितनी मंडियां कार्यरत है और उनके सापेक्ष किस श्रेणी की मंडी में कितने सचिव कार्यरत है? (ख) क्‍या वर्तमान में मंडी सचिवों के पद रिक्‍त होने के कारण मंडी निरीक्षकों को लंबी दूरी की 02 से 03 मंडियों का प्रभार दिया गया है? क्‍या इस तरह के प्रभार से मंडियों का संचालन सुचारू रूप से न होने के कारण हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ सरलता से प्राप्‍त नहीं हो पाता है? (ग) क्‍या मंडी सचिवों के पद रिक्‍त होने की स्थिति में वर्तमान में मंडी बोर्ड के पास उपलब्‍ध समकक्ष तकनीकी अमले को मंडियों का प्रभार दिया जा सकता है? यदि हाँ, तो क्‍या इस तरह की व्‍यवस्‍था की जावेगी?

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अन्तर्गत कुल 259 कृषि उपज मण्डी समितियां कार्यरत है जिनमें '' श्रेणी की 40, '' श्रेणी की 42 '' श्रेणी की 56 एवं '' श्रेणी की 121 कृषि उपज मण्डी समितियां है। जिनके सापेक्ष 13 सचिव-अ, 25 सचिव-ब एवं 107 सचिव-स कार्यरत है। (ख) जी हाँ। म.प्र. राज्‍य कृषि विपणन बोर्ड के अंतर्गत सचिवों एवं मंडी निरीक्षकों की कमी को दृष्टिगत रखते हुये रिक्‍त सचिव पद का प्रभार/अतिरिक्त प्रभार तात्कालिक व्यवस्था के अन्‍तर्गत सौंपा गया है। सचिवों की पद पूर्ति के लिए मण्डी बोर्ड द्वारा अधिकारी/कर्मचारियों के उच्च पद प्रभार के आदेश दिनांक 09.02.2026 द्वारा जारी किये गये है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

जांच दल गठित किया जाना

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

36. ( क्र. 1693 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 403 दिनांक 01/07/2024 के उत्तर में लोकायुक्त द्वारा करप्शन करने वाले कृषि विभाग के अधिकारियों/ कर्मचारियों के विरुद्ध 9 अपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए, मंडी व्यापारियों द्वारा अनुविभागीय-अधिकारी छतरपुर ज्ञापन दिये जाने का उल्‍लेखित किया गया था? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) हाँ तो क्या कृषि विभाग के 9 अधिकारी/कर्मचारी पर अनैतिक लाभ/वसूली/गलत कार्य करने के कारण करप्शन की धाराओं में आरोपी बनाकर अपराध पंजीबद्ध किया जाना परिलक्षित होता है? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) यदि प्रश्‍नांश (ख) हाँ तो क्या कृषि विभाग में कुछ करप्शन करने वाले अधिकारी/ कर्मचारी पदस्थ होना परिलक्षित होता है? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) यदि प्रश्‍नांश (ग) हाँ तो क्या मंडी-व्यापारियों द्वारा मंडी कार्यालय आवक रजिस्टर 498 दिनांक 20/03/2023 को ज्ञापन देकर आवक-रजिस्टर में दर्ज कराया गया था। यदि हाँ, तो क्यों? (.) क्या उक्त ज्ञापन को अनुविभागीय अधिकारी/भार-साधक अधिकारी छतरपुर द्वारा जांच हेतु प्रस्तावित किया गया था? यदि नहीं, तो क्यों? (च) क्या उक्त प्रश्‍न के माध्यम से भार-साधक अधिकारी से मंत्री तक प्रकरण संज्ञान में आने के उपरांत शासन नियमानुसार किसी व्यक्ति की जीवन/स्वतंत्रता से संबंधित होने पर सक्षम-अधिकारी उक्त ज्ञापन पर पुनः जांच दल गठित कर सकता है? यदि हाँ, तो क्या सक्षम अधिकारी द्वारा जांच दल गठित करने के आदेश पारित किए जाएंगे? यदि नहीं, तो क्यों?

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। (ख) उत्‍तरांश '' के अनुसार संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध है। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है। (ग) प्रश्‍नांश का उत्‍तर उत्‍तरांश '' अनुसार है शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है। (घ) अध्‍यक्ष, सब्‍जी मंडी व्‍यापारी छतरपुर द्वारा ज्ञापन की प्रति दिनांक 20.03.2023 को मंडी कार्यालय छतरपुर में प्रस्‍तुत की गई थी जिसे मंडी समिति, छतरपुर द्वारा आवक पंजी के क्रमांक-498 दिनांक 20.03.2023 में दर्ज किया गया। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है। (ड.) जी नहीं। उक्‍त ज्ञापन पर सचिव कृषि उपज मंडी समिति छतरपुर द्वारा पत्र क्रमांक-1216 दिनांक 20.03.2023 से समस्‍त अनुज्ञप्तिधारी व्‍यापारियों (ज्ञापन कर्ताओं) को मण्‍डी समिति छतरपुर में मण्‍डी अधिनियम 1972 एवं उपविधि 2000 में निहित प्रावधान अनुसार ही समस्‍त कार्य संपादित किया जाता है ऐसा अवगत कराया था एवं किसी का भी उत्‍पीड़न व शोषण नहीं किया जाता है मंडी द्वारा सदैव जनहित एवं कृषक हित में कार्य किया जाता है। सर्वसंबंधितों को उपरोक्‍त जानकारी से अवगत कराकर कार्यवाही पूर्ण की गई है। (च) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है।

 

निर्माणाधीन पी.एम. जनमन सड़कों के प्रस्‍ताव

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

37. ( क्र. 1702 ) श्री जगन्‍नाथ सिंह रघुवंशी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पीएम-जनमन योजना (प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान) के अंतर्गत चंदेरी विधानसभा क्षेत्र की घुरवारकला, पोहरूखेड़ी, मंजरा टोला एवं अन्य कई आदिवासी बस्तियां (मुख्यतः सहरिया जनजाति की) योजना के मापदंडों (50%+ आदिवासी आबादी, न्यूनतम 500 ST आदि) पर खरी उतरने के बावजूद विभागीय सर्वे में लापरवाही एवं उदासीनता के कारण बाहर क्यों कर दी गईं? (ख) उक्त बस्तियों को योजना से बाहर करने के लिए जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध अब तक क्या अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है? (ग) क्या सरकार इन बस्तियों का पूर्ण सर्वे कराकर उन्हें योजना में शीघ्र शामिल करने तथा आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली आदि सुविधाएं प्रदान करने का निर्णय लेगी? यदि हाँ, तो समय-सीमा क्या है? यदि नहीं, तो कारण क्या हैं?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) पीएम जनमन योजना अंतर्गत चंदेरी विधानसभा क्षेत्र की घुरवारकला पोहरूखेड़ी एवं अन्य कई आदिवासी बस्तियां सहित 61 बसाहटों को बारहमासी सड़क द्वारा संपर्कता प्रदान करने हेतु चिन्हांकित किया गया। योजना अंतर्गत 10 बसाहटों की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है, कार्य प्रगतिरत है एवं 4 बसाहटों की स्वीकृति प्रक्रियाधीन है। शेष 47 बसाहटों को योजना के मापदण्डानुसार पात्र नहीं होने से योजना में सम्मिलित नहीं किया जा सका, इनमें से मुख्यमंत्री मजराटोला सड़क योजना अंतर्गत 13 बसाहट एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV अंतर्गत 6 बसाहटों को चिन्हांकित किया गया, जिनको पात्रता अनुसार योजना में शामिल किया जा सकेंगा। शेष 28 बसाहटों में से योजना के मापदण्डानुसार 21 बसाहट डबल कनेक्टिविटि में तथा 6 बसाहट की PVTG जनसंख्या 100 से कम होने से एवं 1 बसाहट डूब क्षेत्र में आने से योजना अंतर्गत पात्र नहीं पायी गयी। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना अंतर्गत MPSeDC द्वारा चंदेरी विधानसभा में चिन्हांकित 132 बसाहटों में से योजना के मापदण्डों के अनुरूप 100 से अधिक आबादी की 71 बसाहटें सम्‍पर्क विहीन चिन्हांकित किया गया है। योजना के दिशा निर्देश के अनुरूप पात्रता अनुसार संपर्कता प्रदान की जायेगी। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV अंतर्गत चंदेरी विधानसभा में 12 बसाहटों को चिन्हांकित किया गया है। योजना के दिशा निर्देश के अनुरूप पात्रता अनुसार संपर्कता प्रदान की जायेगी। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''3'' अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। जनजातिय क्षेत्रीय विकास योजनाएं अंतर्गत भारत सरकार के पत्र कमांक एफ नं. 18015/13/2022 भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय एवं संचालनालय जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजनाएं (पीव्हीटीजी सेल) के पत्र क्रमांक/पीव्हीटीजी/431/ 2023/2476 भोपाल दिनांक 28/08/2023 के द्वारा प्रदत्त निर्देशों के पालन में पीएमजनमन योजना अंतर्गत सर्वे कार्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा किया गया है। जिसमें विधानसभा क्षेत्र चंदेरी अंतर्गत घुरवारकला, पोहरूखेड़ी मंजरा टोला आदिवासी बस्ती को पीएम जनमन योजना में शामिल किया गया है। गतिशक्ति पोर्टल पर दर्ज सूची के सरल क. 105 पर पोहरूखेड़ी एवं सरल क्र. 181 पर घुरवारकला अंकित हैं। विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सर्वे से वंचित आदिवासी बस्तियों को पृथक से सर्वे कराकर योजना में शामिल किया गया है। (ख) योजना के मार्गदर्शित सिद्धांतों के अनुसार कार्यवाही की गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जनजातिय क्षेत्रीय विकास योजनाएं अंतर्गत जिला अंतर्गत जनपदवार सर्वे से छूटे हुये आदिवासी बस्तियों का चिन्हांकित कर पूर्ण सर्वे कार्य कराकर योजना में शामिल किया गया है तथा योजना में शामिल सभी आदिवासी बस्तियों में आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली आदि सुविधाएं प्रदान करने लक्ष्य लिया जाकर वर्ष 2026-27 तक शतप्रतिशत पूर्ण कराये जाने हेतु योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। शेष का प्रश्‍न ही उत्पन्न नहीं होता है।

नईसराय तहसील में उप कृषि उपज मंडी बनाई जाना

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

38. ( क्र. 1704 ) श्री जगन्‍नाथ सिंह रघुवंशी : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अशोकनगर जिले की नईसराय तहसील में कृषि उपज मंडी की स्थापना क्यों लंबित है, जबकि भूमि कई वर्षों से आरक्षित है और मंडी निर्माण कार्य भी कई वर्ष पहले शुरू हो चुका था? (ख) जिले की लगभग सभी तहसीलों (अशोकनगर, मुंगावली, चंदेरी, ईसागढ़, शादौरा आदि) में कृषि उपज मंडियां कार्यरत हैं, फिर नई सराय तहसील के साथ इस प्रकार की उपेक्षा क्यों की जा रही है? (ग) नई सराय तहसील मक्का, गेहूं, धान एवं अन्य फसलों का प्रमुख उत्पादक क्षेत्र है, जिससे परिवहन लागत, समय एवं नुकसान भी होता है। क्या सरकार शीघ्र मंडी निर्माण पूर्ण कर किसानों को राहत प्रदान करेगी? यदि हाँ, तो समय-सीमा क्या है? यदि नहीं, तो कारण बताएं।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) कृषि उपज मंडी समिति शाढौरा अंतर्गत नईसराय तहसील में शासन के मापदंडों की पूर्ति नहीं हो पाने से कृषि उपज मंडी की स्थापना संभव नहीं है। (ख) उत्तरांश (क) के अनुक्रम में उपेक्षा का प्रश्‍न उद्भूत नहीं है।                        (ग) उत्तरांश (क) के अनुक्रम में प्रश्‍न उद्भूत नहीं है।

कृषि उपज मण्डी सागर में निर्माण कार्यों की जानकारी

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

39. ( क्र. 1733 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृषि उपज मण्डी, सागर में वर्ष 2023-24 एवं वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन निर्माण कार्यों के लिए विभाग/शासन से स्वीकृति प्राप्त हुई? कार्य नाम/लागत सहित विस्तृत जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित स्वीकृत निर्माण कार्यों के लिए विभाग ने कब-कब कार्यवाही की? प्रश्‍न दिनांक तक कितने कार्य पूर्ण हो गये/ निर्माणाधीन है। कितने कार्यों की प्रक्रिया शेष है? (ग) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित स्वीकृत निर्माण कार्यों के अतिरिक्त मण्डी निधि से वर्ष 2023-24 एवं वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन निर्माण कार्यों का मण्डी प्रांगण में निर्माण कार्य कराया गया? (घ) प्रश्‍नांश (ख) एवं (ग) में वर्णित निर्माण कार्यां की कार्य गुणवत्ता का परीक्षण किस सक्षम अधिकारी द्वारा कराया गया? जानकारी देवें तथा कार्यगुणवत्ता की विभाग के अतिरिक्त अन्य विभाग से जांच कराई गई है?

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी संलग्न  परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जानकारी उत्‍तरांश (क) के  संलग्न परिशिष्‍ट के कॉलम क्रमांक- (5) से (14) में दी गई है। (ग) जानकारी उत्‍तरांश (ख) अनुसार है। (घ) उत्‍तरांश (क) के  संलग्न परिशिष्‍ट अंतर्गत कार्यों की गुणवत्‍ता का परीक्षण संबंधित सहायक यंत्री तथा कार्यपालन यंत्री द्वारा किया गया है। अन्‍य विभाग से गुणवत्‍ता की जांच का विभागीय प्रावधान नहीं होने से जांच नहीं कराई गई है।

परिशिष्ट - "इकतालीस"

मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

40. ( क्र. 1735 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण द्वारा मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना द्वारा ग्राम व ग्राम पंचायतों के मजरा-टोलों को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए कोई योजना प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें। (ख) क्या नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विकासखण्ड राहतगढ़ एवं सागर की ग्राम पंचायतों व ग्राम के मजरा टोला को मुख्य मार्ग से जोड़ने हेतु मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना में कितने सड़क मार्गां को जोड़ने के प्रस्तावित/प्राक्कलन तैयार किये गये है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में वर्णित मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना अंतर्गत क्या निर्वाचित जनप्रतिनिधि द्वारा प्रस्ताव विभाग को प्रेषित किये गये है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें तथा उन प्रस्तावों पर विभाग द्वारा कोई कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो क्‍या? (घ) प्रश्‍नांश (ख) में वर्णित मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना के प्रस्ताव/प्राक्कलन पर विभाग द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई है? उक्त प्रस्ताव शासन द्वारा कब तक स्वीकृत किये जायेंगे?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना के दिशा निर्देश दिनांक 11.07.2025 को जारी किए गए है। दिशा निर्देशों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना अंतर्गत 11 बसाहटें योजना के मापदण्डानुसार पात्र चिन्हित की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। (ग) जी हाँ। माननीय विधायक विधानसभा क्षेत्र नरयावली के पत्र क्रमांक 7505 दिनांक 10.03.2025 द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण भोपाल को लेख कर नरयावली विधानसभा के अंतर्गत विकासखंड सागर में 6 एवं विकासखंड राहतगढ़ में 5 नवीन मार्गों को जोड़ने की मांग की गई थी। उक्त प्रस्तावों में से कोई भी प्रस्ताव मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना अंतर्गत पात्र नहीं पाये जाने के कारण शामिल नहीं किये गये। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''3'' अनुसार है। (घ) नरयावली विधानसभा क्षेत्र में योजनांतर्गत प्राथमिकता सूची का अनुमोदन प्राप्त किया गया है। योजनांतर्गत डीपीआर कंसल्टेंसी नियुक्त की गई है। योजनांतर्गत पात्रता अनुसार प्रस्ताव स्वीकृत किए जावेंगे। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

विपणन संघ के डबल लॉक के गोदाम की जानकारी

[सहकारिता]

41. ( क्र. 1737 ) श्री नरेन्द्र प्रजापति [इंजीनियर] : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र मनगवां 73 अंतर्गत विपणन संघ का डबल लॉक का गोदाम है? यदि है तो कहां पर है? यदि नहीं, तो कब तक में स्थापित करा दिया जायेगा? कलेक्टर एवं डीएमओ को कई बार बोलने पर भी अभी तक यहां डबल लॉक गोदाम निर्माण आज तक क्यों नहीं किया जा रहा है? (ख) विधानसभा मनगवां 73 अंतर्गत सेवा सहकारी समितियों में कर्मचारियों की विवरणिका उपलब्ध करायें एवं रिक्त पदों को कब तक भर दिया जायेगा?

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी नहीं। जिला विपणन अधिकारी रीवा द्वारा डबल लॉक गोदाम निर्माण हेतु कलेक्‍टर रीवा को दिनांक 10.12.2025 को आवेदन प्रस्तुत किया गया है। जमीन आवंटन उपरांत अग्रिम कार्यवाही की जा सकेगी। (ख) विधानसभा क्षेत्र मनगवां-73 अंतर्गत बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में कर्मचारियों के भरे एवं रिक्त पदों की  जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। इन समितियों में कर्मचारियों की भर्ती पंजीयक द्वारा जारी पैक्स कर्मचारी सेवानियमों के अनुसार की जाती है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "बयालीस"

एक बगिया माँ के नाम एवं ग्राम पंचायतों में पक्के निर्माण कार्य

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

42. ( क्र. 1738 ) श्री नरेन्द्र प्रजापति [इंजीनियर] : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा मनगवां 73 के जनपद पंचायत नईगढ़ी, गंगेव, सिरमौर मनरेगा योजनान्‍तर्गत में एक बगिया माँ के नाम के अभी तक कितने लाभार्थी हैं, संख्या बतलाये। (ख) क्या मनरेगा योजनान्‍तर्गत एक बगिया माँ के नाम योजना अंतर्गत लाभार्थी की भूमि उसी पंचायत में होना अनिवार्य है, जहां का वह निवासी है? वह किसी अन्य पंचायत में जहां का निवासी नहीं है वहां जमीन क्रय करके इस योजना का लाभ प्राप्त करना चाहता है तो क्या वह पात्र है अथवा नहीं? यदि लाभार्थी के पास कहीं भी उपयुक्त जमीन है तो उसे इस योजना के अंतर्गत लाभार्थी बनाया जायेगा क्‍या? (ग) ग्राम पंचायतों में पक्‍की सड़क निर्माण कार्यों की लोडिंग क्षमता 06 टन से बढ़ाकर 18 टन कब तक में की जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) विधान सभा क्षेत्र मनगंवा 73 अंतर्गत जनपद पंचायत नईगढ़ी में 40, जनपद पंचायत गंगेव में 84 तथा सिरमौर में 03 कुल 127 हितग्राहियों को लाभांवित किया गया है। (ख) जी नहीं, मध्‍यप्रदेश राज्‍य रोजगार गारंटी परिषद् के पत्र क्रमांक 1376 दिनांक 08.02.2012 के अनुसार पात्र हितग्राही की निजी स्‍वामित्‍व की भूमि अन्‍य ग्राम पंचायत या जनपद पंचायत या जिले के ग्रामीण क्षेत्र में होने पर या एक से अधिक स्‍थलों में ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि व निवास होने पर उसे किसी एक जगह हितग्राहीमूलक योजना का लाभ इस शर्त के साथ प्राप्‍त होगा कि हितग्राही को मनरेगा जाबकार्ड वापस कर, जिस क्षेत्र में जमीन है, उसी ब्‍लाक/जिले का कार्ड लेना होगा, तभी हितग्राहीमूलक योजना का लाभ मिल सकेगा। सं‍दर्भित पत्र संलग्‍न परिशिष्‍ट  अनुसार है। (ग) ग्रामीण मार्गों की लोडिंग क्षमता के निर्धारण हेतु आई.आर.सी. में निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप यातायात सर्वे कराकर डिजाईन अनुसार भार के अनुरूप आई.आर.सी. संगठन भारत सरकार सेजारी IRC:SP:20-2002,IRC:SP:72-2015,IRC:SP:73-1980 इत्यादि के स्पेशिफिकेशन के अनुसार किया जाता है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "तैंतालीस"

खाद-बीज एवं उर्वरक की उपलब्धता एवं खाद्य प्रसंस्करण संस्थान

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

43. ( क्र. 1739 ) श्री नरेन्द्र प्रजापति [इंजीनियर] : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा मनगवां 73 में समितियों में पात्र किसानों के लिये खाद-बीज एवं उर्वरक की हर सीजन में बोनी के समय उपलब्धता की कमी को कब तक दूर किया जायेगा? (ख) विधानसभा मनगवां 73 में कृषि व अन्य उत्पादों के खाद्य प्रसंस्करण संस्थान की उपलब्धता है या नहीं? यदि है तो कहां? अगर नहीं तो कब तक में कर दिया जायेगा?

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) विधानसभा क्षेत्र मनगवां (73) में समितियों के माध्‍यम से पात्र कृषकों को उपलब्‍धता एवं मांग अनुसार उर्वरक एवं बीज निरंतर उपलब्‍ध कराए जाते हैं। अत: शेष प्रश्‍नांश उद्भूत नहीं होता है। (ख) जी नहीं। वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्‍नांश उद्भूत नहीं होता है।

शासकीय स्नाकोत्तर महाविद्यालय नागदा के नाम की जानकारी

[उच्च शिक्षा]

44. ( क्र. 1756 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि नागदा के कई पूर्व छात्र-छात्राओं के पास उपलब्ध अंकसूची में प्राचार्य के हस्ताक्षर के साथ लगाई गयी सील में एवं उच्च शिक्षा विभाग एवं विश्वविद्यालय के साथ पत्र व्‍यवहार में महाविद्यालय का नाम स्वामी विवेकानंद शासकीय स्नाकोत्तर महाविद्यालय, नागदा लिखा हुआ रहता था लेकिन वर्तमान में कुछ दिनों से स्वामी विवेकानंद जी का नाम विलोपित कर शासकीय स्नाकोत्तर महाविद्यालय नागदा लिखा जाता है। क्या यह लिपिकीय त्रुटी है या पूर्वाग्रह से जानबूझकर की जा रही त्रुटी है?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : महाविद्यालय का नाम स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय, नागदा है। इस संबंध में प्राचार्य, स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय, नागदा को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया जा रहा है।

सचिव एवं लेखापाल की नियुक्ति

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

45. ( क्र. 1757 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृषि उपज मंडी समिति, खाचरोद एवं नागदा में मंडी सचिव नहीं होने के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है, दोनों मंडियों में सचिव के पद कब से रिक्त हैं यह बताने की कृपा करें? (ख) कृषि उपज मंडी समिति खाचरोद एवं नागदा में लेखापाल के पद भी कब से रिक्त हैं? दोनों मंडियों में सचिव एवं लेखापाल के पद पर नियुक्ति कब तक कर दी जावेगी? समय-सीमा बतायें।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (ख) खाचरोद में दिनांक 23-09-2020 एवं नागदा में दिनांक 29-03-2025 से रिक्त है। अतिरिक्‍त प्रभार देकर कार्य कराया जा रहा है। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

फसल बीमा राशि के किसानों को भुगतान

[सहकारिता]

46. ( क्र. 1763 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2024-25 से 2025-26 में कटनी जिले के अंतर्गत विजयराघवगढ़ विधानसभा के कृषकों का बैंक ऋण एवं नगद फसल बीमा खरीफ एवं रवि फसलों हेतु कराया गया है? यदि हाँ, तो वर्षवार, बैंकवार, कृषकवार, रकवा एवं राशि की जानकारी देवें? कृषकों से प्राप्त प्रीमियम राशि बीमा कंपनी को किस-किस दिनांक को भेजी गई बैंकवार, कृषकवार जानकारी उपलब्ध कराये? (ख) क्या प्रश्‍न दिनांक तक विजयराघवगढ़ विधानसभा में ऐसे किसान हैं जिनकी बीमा राशि बैंक द्वारा बीमा कंपनी को जमा नहीं की गई हैं? यदि हाँ, तो वर्षवार, बैंकवार, कृषकवार जानकारी उपलब्ध कराये? बीमा कंपनी को समय-सीमा में राशि जमा न किए जाने के लिए कौन-कौन जवाबदार है?

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है(ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।


फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर शासकीय सेवा प्राप्त करना

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

47. ( क्र. 1769 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नामदेव हेडाऊ व उनके भाई द्वारा फर्जी अनुसूचित जनजाति का जाति प्रमाण पत्र बनवाकर/प्रस्तुत कर किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग में उपसंचालक के पद पर शासकीय सेवा प्राप्त की गई? (ख) यदि हाँ, तो संबंधित के जाति प्रमाण पत्र की जांच किस स्तर पर कराई गई? विवरण देवें। जांच/छानबीन समिति द्वारा उसे फर्जी/अमान्य घोषित किया गया है, क्या? यदि हाँ, तो जाँच रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध करावे। (ग) जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध सेवा समाप्ति/निलंबन/वेतन वसूली सहित क्या दंडात्मक कार्यवाही क्या की गई? कार्यवाही का विवरण देवें। यदि कार्यवाही नहीं की गई है तो कारण स्पष्ट करे। (घ) थाना जहांगीराबाद में दर्ज अपराध क्रमांक 0619/2016 दिनांक 01.07.2016 में अब तक जांच एवं अभियोग पत्र की वर्तमान स्थिति क्या है? यदि कार्यवाही लंबित है तो विलंब के कारण क्या हैं तथा समय-सीमा सहित क्या कार्यवाही की जावेगी? (ड.) उक्त प्रकरण में विभाग के किस-किस अधिकारी/कर्मचारी की भूमिका है? क्या विभाग द्वारा जाँच कराई गई है? यदि हाँ, तो दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो इसका क्या कारण है?

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। (ख) अपर आयुक्‍त आदिवासी विकास म.प्र. के पत्र क्रमांक जा.प्र. समिति/1025/2012/6973 दिनांक 18-03-2016 द्वारा अनुसूचित जनजाति के संदेहास्‍पद जाति प्रमाण पत्रों की छानबीन हेतु गठित उच्‍च स्‍तरीय छानबीन समिति द्वारा श्री नामदेव हेडाऊ एवं श्री जानराव हेडाउ के प्रकरण में दिनांक 19-02-2016 को पारित निर्णय अनुसार कार्यपालिक दण्‍डाधिकारी, तहसील हुजूर, जिला भोपाल के प्रकरण क्रमांक 554/89 दिनांक 25-03-1992 से जारी हलवा अनुसूचित जनजाति के प्रमाण पत्र को निरस्‍त कर विधि अनुरूप कार्यवाही किये जाने का निर्णय लिया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट-01 के प्रपत्र-अ एवं '''' अनुसार है। (ग) जी नहीं। प्रकरण माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर में स्‍थगन के अधीन विचाराधीन होने से दण्‍डात्‍मक कार्यवाही नहीं की गई है। (घ) पुलिस उपायुक्‍त, जोन 01, भोपाल के पत्र क्रमांक/पु.उप./जोन-1/न.पु./भो/री-657/2024 दिनांक 03.07.2024 द्वारा प्रेषित जानकारी अनुसार ''थाना जहांगीराबाद भोपाल में दर्ज अपराध क्रमांक 0619/2016 दिनांक 01.07.2016 के संबंध में रिट पिटीशन 6092/16, 6090/16 में माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर द्वारा स्‍टे जारी रखने हेतु आदेशित किया गया है। प्रकरण वर्तमान में विचारण में है। अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ड.) उत्‍तरांश '' '' एवं '' के संदंर्भ में प्रश्‍नांश उद्भूत नहीं होता है।

अरूण नगर रीवा में भ्रष्‍टाचार की शिकायत

[सहकारिता]

48. ( क्र. 1846 ) श्री सिद्धार्थ तिवारी : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नोत्‍तरी दिनांक 04 अगस्‍त 2025 के अतारांकित प्रश्‍न क्र. 2357 के उत्‍तर में अवगत कराया था, कि रीवा जिले की अल्‍प आय वर्ग गृह निर्माण सहकारी संस्‍था समिति अरूण नगर रीवा में करोड़ों भ्रष्‍टाचार की शिकायत समाज सेवियों द्वारा भिन्‍नभिन्‍न एजेंसियों को प्राप्‍त हुई हैं, जिनकी जानकारी एकत्रित की जा रही है। यह भी अवगत कराया गया था कि संस्‍था के पूर्व अध्‍यक्ष द्वारा कुछ आवश्‍यक दस्‍तावेज उपलब्‍ध नहीं कराये जाने से उनके विरूद्ध मध्‍यप्रदेश सहकारी सोसाइटी अधिनि‍यम 1960 की धारा 57 –क (1) के जब्‍ती की कार्यवाही की जा रही है। यदि हाँ, तो संस्‍था के पूर्व अध्‍यक्ष के द्वारा संस्‍था के दस्‍तावेज प्रदान न करना एवं जांच में असहयोग करने के विरूद्ध दण्‍डात्‍मक कार्यवाही करते हुये प्राथमिकी दर्ज करवाकर जांच कार्य पूरा किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक बतावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में संस्‍था में करोड़ों के भ्रष्‍टाचार के दोषी व्‍यक्तियों के विरूद्ध जो शासन के ''भ्रष्‍टाचार के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस नीति'' की मंशा को प्रभावित करते हैं के विरूद्ध सरकार क्‍या स्‍वत: भी संज्ञान लेकर दंडात्‍मक कार्यवाही करेगी? बतावें।

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। मध्यप्रदेश सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1960 की धारा 57-क (1) के तहत जब्‍ती की कार्यवाही की जा चुकी है। संस्था को पूर्ण दस्तावेज उपलब्ध करा दिये गये। कार्यालय उप पंजीयक रीवा द्वारा जांच पूर्ण की गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) कार्यालय उप पंजीयक रीवा द्वारा की गई जांच के आधार पर संस्था के तत्कालीन संचालक मंडल के विरूद्ध मध्यप्रदेश सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1960 की धारा 76 (2) के अंतर्गत दोषियों के विरूद्ध सक्षम न्यायालय के समक्ष अभियोजन संस्थित किये जाने की स्वीकृति दिनांक 06/02/2026 को प्रदान की गई है।

प्‍लाटों के आवंटन की जानकारी

[सहकारिता]

49. ( क्र. 1847 ) श्री सिद्धार्थ तिवारी : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अल्‍प आय वर्ग गृह निर्माण सहकारी संस्‍था समिति अरूण नगर रीवा में क्‍या प्‍लाटों का आवंटन प्रतिवर्ष तैयार वरिष्‍ठता सूची के आधार पर किये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो क्‍या संस्‍था द्वारा प्‍लाटों का आवंटन वरिष्‍ठता सूची के आधार पर किया गया है? यदि हाँ, तो वर्ष                 2021-22 से 2025-26 तक की वर्षवार वरिष्‍ठता सूची की सत्‍यापित प्रति उपलब्‍ध करावें। यदि नहीं, तो नियम विरूद्ध प्‍लाट आवंटन में क्‍या कार्यवाही की जायेगी? (ख) प्रश्‍नांश '' के प्रकाश में क्‍या संयुक्‍त पंजीयक सहकारिता रीवा संभाग रीवा द्वारा अपने पत्र क्रमांक/गृह/शिका./I/754552/2026 रीवा दिनांक 21/01/2026 से प्रबंधक अल्‍प आय वर्ग गृह निर्माण सहकारी संस्‍था समिति अरूण नगर रीवा द्वारा प्रस्‍तुत रिकार्ड सूची के सरल क्रमांक 01से 16 के कंडिका 12 में स्‍पष्‍ट लेख किया गया है कि संस्‍था में वरिष्‍ठता सूची संधारित नहीं हैं। यदि हाँ, तो वरिष्‍ठता सूची संधारित किये बिना संचालक मंडल द्वारा विधि विरूद्ध प्‍लाटों का आवंटन किया गया जिसमें भ्रष्‍टाचार प्रतीत होता है, निरस्‍त कर रजिस्‍ट्री को अमान्‍य करते हुये दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी?

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। नियम विरूद्ध कार्य हेतु संस्था के तत्कालीन संचालक मंडल के विरूद्ध मध्यप्रदेश सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1960 की धारा 76 (2) के अंतर्गत दोषियों के विरूद्ध सक्षम न्यायालय के समक्ष अभियोजन संस्थित किये जाने की स्वीकृति दिनांक 06/02/2026 को प्रदान की गई है। (ख) जी हाँ। कार्यालय उप पंजीयक रीवा द्वारा की गई जांच के आधार पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

परख साख सहकारिता समिति द्वारा भुगतान न करना

[सहकारिता]

50. ( क्र. 1872 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या  यह सच है कि परख साख सहकारी मर्यादित नर्मदापुरम (पंजीयन क्र. जेआरबी/स्वायत्त/ 2009/05) द्वारा नागरिकों की जमा राशि के भुगतान न करने के संबंध में कलेक्टर नर्मदापुरम एवं उप आयुक्त/सहायक आयुक्त, सहकारिता, नर्मदापुरम को कितने नागरिकों की शिकायतें विगत पांच वर्षों में प्राप्त हुई। (ख) सहकारिता विभाग द्वारा उपरोक्त संबंध में कब-कब, क्या-क्‍या कार्यवाही की गयी? (ग) परख सहकारी समिति के सदस्यों एवं उनके पहचानकर्ताओं एवं जमानतदारों की नाम पते सहित जानकारी देते हुए बतावें कि सहकारिता विभाग से पंजीयन प्राप्त करते समय पंजीयनकर्ता द्वारा स्वयं की कौन-कौन सी संपत्ति होना बताया गया था। (घ) सहकारिता विभाग द्वारा अभी तक परख समिति के खिलाफ क्या कार्यवाही की गयी? क्या सहकारिता विभाग परख साख सहकारी मर्यादित, नर्मदापुरम से जुड़ी संपत्तियों का विक्रय कर पीडि़त उपभोक्ताओं को राशि वापस करेगी?

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) 03 शिकायतेंविवरण संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 01 अनुसार है(ख) जानकारी संलग्न  परिशिष्ट  के प्रपत्र 01 अनुसार है(ग) परख सहकारी समिति के पंजीयन के समय सदस्यों की  जानकारी संलग्न  परिशिष्ट  के प्रपत्र 02 अनुसार है। सदस्यों के पहचानकर्ताओं एवं जमानतदारों की जानकारी तथा पंजीयनकर्ता की संपत्ति की जानकारी प्राप्त करने संबंधी नियम नहीं होने से जानकारी उपलब्ध नहीं है। (घ) उपायुक्त सहकारिता जिला नर्मदापुरम के पत्र क्रमांक/शिका/2025/2054 नर्मदापुरम दिनांक 22/10/2025 से विस्तृत जांच हेतु जांच दल का गठन किया गया है। जांच प्रक्रियाधीन है। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर योग्य कार्यवाही की जायेगी। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "चौवालीस"

मुक्तिधाम विहीन ग्रामों में मुक्तिधाम निर्माण किया जाना

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

51. ( क्र. 1880 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत विकासखण्ड शहपुरा एवं जबलपुर में किन-किन ग्रामों में मुक्तिधाम निर्माण का कार्य किन-किन कारणों से अभी तक नहीं किया गया? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार जनपद पंचायतों द्वारा इन ग्रामों में भूमि उपलब्धता हेतु सक्षम अधिकारियों को कब-कब लेख किया गया? यदि नहीं, तो क्या कारण हैं? मुक्तिधाम विहीन ग्रामों में कब तक मुक्तिधाम निर्माण करा दिया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट – '''' अनुसार है। (ख) पत्राचार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट- '''' अनुसार है। बजट व भूमि की उपलब्‍धता के आधार पर मुक्तिधाम निर्माण कराया जा सकेगा।

आयुष केन्द्र भवन की स्वीकृति

[आयुष]

52. ( क्र. 1881 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या आयुष मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                 (क) बरगी विधानसभा अंतर्गत कितने आयुष केन्द्र संचालित हैं? सूची उपलब्ध करावें। ऐसे कितने आयुष केन्द्र स्वीकृत है जो भवन न होने के कारण अन्य शासकीय/अशासकीय भवन में संचालित हो रहे हैं? क्या शासन द्वारा ऐसे आयुष केन्द्रों में भवन निर्माण कराये जाने हेतु कोई कार्यवाही की जा रही है? यदि हाँ, तो बतायें नहीं तो क्यों? (ख) बरगी विधानसभा अंतर्गत जनवरी 2024 से प्रश्‍नांश दिनांक तक विभाग द्वारा कितने नवीन आयुष केन्द्र स्वीकृत किये गये एवं कितने आयुष केन्द्र हेतु भवनों की स्वीकृति प्रदान की गई?

आयुष मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट  अनुसार है। आवश्यकता एवं बजट उपलब्धता अनुसार नवीन औषधालय स्वीकृत किये जाते है। अतः निश्चित समय-सीमा बतायी जाना संभव नहीं है। (ख) जी नहीं। शासकीय आयुष औषधालय निगरी में भवन निर्माण की स्‍वीकृति जारी की गई है।

परिशिष्ट - "पैंतालीस"

मेट्स, एरिना की स्वीकृति‍ दिये जाने के संबंध में

[खेल एवं युवा कल्याण]

53. ( क्र. 1893 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र कसरावद के अहिरखेडा, सगुर, बरसलाय और बोरावा शासकीय शाला परिसरों में खेलों में बढ़ावा देने के लिये मेट्स/एरिना की स्थापना की जावेगी अगर हाँ तो कब तक नहीं तो कारण क्यों नहीं? (ख) प्रश्‍नकर्ता द्वारा विधानसभा क्षेत्र कसरावद में मेट्स/ एरिना स्वीकृति‍ के लिए कब-कब पत्राचार किया गया है? विवरण दें। (ग) कब तक इन शालाओं को मेट्स/ एरिना प्रदान की जाएगी?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) विभाग द्वारा शासकीय शाला परिसरों में मेट्स/एरिना प्रदाय नहीं किये जाते है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।                                      (ख) मान. सदस्य द्वारा विधानसभा क्षेत्र कसरावद में मेट्स/एरिना स्वीकृति के लिए पत्र क्रमांक 296 दिनांक 29.11.2020, पत्र क्रमांक 838 दिनांक 01.08.2023 एवं पत्र क्रमांक 920 दिनांक 18.06.2024 पत्राचार किया है। पत्र क्रमांक 296 दिनांक 29.11.2020 के संदर्भ में मान. सदस्य की विधानसभा क्षेत्र में 1 सेट कबड्डी मेट्स कार्यादेश क्रमांक 5762 दिनांक 21.01.2021 से प्रदाय की गई है। (ग) उत्‍तरांश '''' के संदर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

आत्मा परियोजना में कार्यरत कर्मचारियों की जानकारी

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

54. ( क्र. 1894 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जुलाई 2023 में सरकार ने संविदा नीति लागू की है?                      (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार उक्त संविदा नीति कृषि विभाग के संविदा कर्मियों पर भी लागू होती है? यदि हाँ, तो आत्मा परियोजना के संविदा कर्मचारियों को इसका लाभ दिया गया है? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? (ग) संविदा नीति लागू हुए लगभग 28 माह व्यतीत हो चुके हैं, इसके बावजूद आत्मा परियोजना के कर्मचारियों को इसका लाभ प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसी स्थिति में यह लाभ उन्हें कब तक प्रदान किया जाएगा? इसकी समय-सीमा बतावें?

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। आत्‍मा परियोजना के संविदा कर्मचारियों को लाभ दिए जाने हेतु कार्यवाही विचाराधीन है। शेष का प्रश्‍न उद्भूत नहीं होताहै। (ग) नीतिगत विषय होने से समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

विभिन्‍न योजनान्‍तर्गत से विकास कार्य हेतु राशि का आवंटन

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

55. ( क्र. 1899 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                 (क) क्या धार जिले में 1 जनवरी 2024 से प्रश्‍न दिनांक तक मनरेगा, 5वां वित्त, 14वां वित्त, 15वां वित्त, स्टाम्प शुल्क मद, ब्‍याज मद और अन्य योजना से विकास कार्य हेतु राशि‍ का आवंटन प्राप्त हुआ है? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार यदि हाँ, तो धार जिले में किन-किन विधानसभाओं में किन-किन मदों से किन-किन कार्यों हेतु कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई है? सम्पूर्ण जानकारी देवें?                            (ग) क्या धरमपुरी विधानसभा में 1 जनवरी 2024 से प्रश्‍न दिनांक तक जनपद पंचायत नालछा और धरमपुरी में ब्‍याज मद का उपयोग किया गया है? यदि हाँ, तो किन-किन कार्यों हेतु कितनी-कितनी राशि‍ का उपयोग किया गया है तथा किसके अनुमोदन से उक्त राशि‍ का उपयोग किया गया है? (घ) क्या शासन के नियम व निर्देशों के अनुसार 5वां वित्त, 14वां वित्त, 15वां वित्त योजना का आवंटन का 50 प्रतिशत स्वच्छता एवं पेयजल के लिये खर्च किया जाता है? यदि हाँ, तो क्या योजना का 50 प्रतिशत स्‍वच्‍छता एवं पेयजल के लिये खर्च किया गया है? यदि हाँ, तो उक्त योजना का 50 प्रतिशत खर्च धरमपुरी विधानसभा में किस-किस कार्य के लिये किस-किस पंचायत में कब-कब किया गया? सूची उपलब्ध करावें। यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) 01 जनवरी 2024 से प्रश्‍न दिनांक तक 5 वां वित्त, 15वां वित्त, स्टाम्प शुल्क मद और अन्य योजना से विकास कार्य हेतु राशि का आवंटन प्राप्त हुआ है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट "अ" अनुसार है। (ग) धरमपुरी विधानसभा में 1 जनवरी 2024 से प्रश्‍न दिनांक तक जनपद पंचायत नालछा और धरमपुरी में ब्याज मद का उपयोग नहीं किया गया है, शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (घ) शासन के नियम व निर्देशों के अनुसार 15वॉ वित्त योजना का आवंटन का 60 प्रतिशत स्वच्छता एवं पेयजल के लिये खर्च किया जाता है एवं 5वॉ वित्त, 14वॉ वित्त का आवंटन का 50 प्रतिशत स्वच्छता एवं पेयजल के लिये खर्च का प्रावधान नहीं है। 15 वॉ वित्त योजना अंतर्गत 60 प्रतिशत स्वच्छता एवं पेयजल के लिये खर्च किया गया है, उक्त योजना अंतर्गत 60 प्रतिशत राशि से धरमपुरी विधानसभा में व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट "ब" अनुसार है।

कृषकों को खाद का वितरण

[सहकारिता]

56. ( क्र. 1901 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या धरमपुरी विधानसभा में सहकारी एवं विपणन समितियों में मांग अनुरूप खाद का भण्डारण नहीं करने के क्‍या कारण है? (ख) यदि नहीं, तो सहकारी समितियों एवं विपणन समितियों द्वारा खरीफ एवं रबी सीजन वर्ष 2025-26 हेतु कब-कब कितनी खाद का भण्डारण किया गया? कितना वितरण किया एवं कितना बचत में है? बतावें।

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र की बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों एवं विपणन सहकारी समिति धामनोद में मांग अनुरूप खाद का भंडारण किया गया है। (ख) धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों एवं विपणन सहकारी समिति द्वारा खरीफ एवं रबी सीजन वर्ष 2025-26 हेतु भंडारित, वितरित एवं शेष खाद की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 एवं 02 अनुसार है

वाहन क्रय में अत्‍यधिक राशि व्‍यय करना

[उच्च शिक्षा]

57. ( क्र. 1910 ) श्रीमती ललिता यादव : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) महाराजा छत्रसाल बुन्‍देलखण्‍ड विश्‍वविद्यालय छतरपुर में वर्ष 2022 से 2025 तक में कितने वाहन किस-किस कार्य के लिए क्रय किए गए इसके लिए कब-कब सूचना प्रकाशित की गई निविदा सहित बतायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में वाहन क्रय पर कितनी राशि का भुगतान किया गया, वाहन क्रमांक एवं वाहन उपयोगकर्ता सहित पृथक-पृथक बतायें। (ग) विश्‍वविद्यालय द्वारा वर्ष 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक विश्‍वविद्यालय के स्‍वयं के वाहनों एवं प्राइवेट वाहनों पर कितनी राशि डीजल पर खर्च की गई एवं विश्‍वविद्यालय के वाहनों के मरम्‍मत में कितनी राशि खर्च की गई? वाहन क्रमांक सहित पृथक-पृथक बतायें।

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) महाराजा छत्रसाल बुंदेलखण्‍ड विश्‍वविद्यालय, छतरपुर में वर्ष 2022 से 2025 तक में विश्‍वविद्यालय का कार्यक्षेत्र 06 जिलों में विस्‍तृत होने से परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण/भ्रमण करने एवं कुलगुरू को शासकीय कार्यों से प्रवास पर आने जाने हेतु 01 इनोवा क्रिस्‍टा 24.07.2023 को सीधे 03 पंजीकृत मोटर एजेन्‍सी से कोटेशन प्राप्‍त कर न्‍यूनतम दर की मोटर एजेन्‍सी से तथा 01 बस छात्र-छात्राओं को सामूहिक रूप से विभिन्‍न गतिविधियों में भाग लेने हेतु बस निर्माता कंपनी से सीधे जेम पोर्टल के माध्‍यम से विश्‍वविद्यालय का आदेश क्रमांक 4771/भण्‍डार छतरपुर, दिनांक 23.10.2024 द्वारा क्रय किया गया है, दोनों वाहनों के क्रय हेतु कार्यपरिषद से अनुमोदन प्राप्‍त किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में वाहन क्रमांक MP16ZD1000 (Innova Crista) बिल की राशि रू. 27,25,222/- एवं वाहन क्रमांक MP16ZH4301 (Bus) कीमत राशि रू. 27,55,000/- का भुगतान किया गया है, उपरोक्‍त दोनों वाहन कुलसचिव, महाराजा छत्रसाल बुंदेलखण्‍ड विश्‍वविद्यालय, छतरपुर के पदनाम से क्रय किए गए हैं। इनोवा क्रिस्‍टा का उपयोग कुलगुरू एवं बस का उपयोग छात्र-छात्राओं द्वारा किया जा रहा है। (ग) विश्‍वविद्यालय द्वारा किराये पर लिए गए वाहनों के लिए राशि रू.20,64,400/- का भुगतान किया गया है। जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "छियालीस"

आवंटित दुकानों का किराया जमा न होना

[उच्च शिक्षा]

58. ( क्र. 1911 ) श्रीमती ललिता यादव : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) महाराजा छत्रसाल बुंदेलखण्‍ड विश्‍वविद्यालय छतरपुर के स्‍टेडियम में कुल कितनी दुकानें आवंटित की गई है? (ख) आवंटित दुकानों का प्रश्‍न दिनांक त कुल कितना किराया प्राप्‍त किया गया और ऐसी कितनी दुकानें है जिन पर किराया लंबित है। पृ‍थक-पृथक बतायें।                                (ग) दुकानों के हस्‍तानांतरण की क्‍या प्रक्रिया है? (घ) क्‍या वर्तमान में हस्‍तानांतरण किया जा रहा है यदि हाँ, या न तो किसके आदेश से हस्‍तानांतरण पर रोक है?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) महाराजा छत्रसाल बुंदेलखण्‍ड विश्‍वविद्यालय, छतरपुर के स्‍टेडियम में वर्तमान में कुल 96 दुकानें आवंटित की गई हैं। (ख) आवंटित दुकानों से दुकान किराये की राशि रू. 82,85,944/- प्राप्‍त की गई तथा लंबित किराये के दुकानों संबंधी जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) महाराजा छत्रसाल बुंदेलखण्‍ड विश्‍वविद्यालय, छतरपुर द्वारा दुकानों के हस्‍तांतरण से संबंधित प्रक्रिया का वर्णन दुकानों के आवंटन हेतु समय-समय पर जारी की गई शर्तों में किया गया है। इस हस्‍तांतरण की प्रक्रिया का उल्‍लेख दुकानों के आवंटनी के साथ किये गये अनुबंध पत्र में भी किया गया है। (घ) जी हाँ। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "सैंतालीस"

संचालन मार्गदर्शिका व बायलाज की जानकारी

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

59. ( क्र. 1949 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                           (क) विभाग अंतर्गत योजनाओं/कार्यक्रमों/परिषद/परियोजनाओं मिशन कार्यक्रमों के राज्य स्तर मुख्यालय पर पदस्थ आयुक्त, संचालक, सीईओ, राज्य समन्वयक, मिशन संचालक के किसी भी प्रकार के आदेश को बदलने, निरस्त करने या फेरबदल संभाग आयुक्त द्वारा किया जा सकता है अथवा नहीं? (ख) राज्य आजीविका फोरम के संचालन मार्गदर्शिका व बॉयलाज किस प्रकार है? बायलॉज में कब-कब संशोधन किए गए प्रतिलिपि उपलब्ध कराये। शुरू से अभी तक RAF के कार्यकारिणी समिति में कौन-कौन अधिकारी रहे है व कार्यकारी समिति में समस्त कार्यों, आदेशों, दिशा निर्देशों के संबंध में अंतिम निर्णय लेने का अधिकार किसको है। (ग) सीईओ आजीविका मिशन द्वारा यदि कोई आदेश, दिशा निर्देश पारित किया जाता है तो क्या उन आदेशों, दिशा निर्देशों के विरुद्ध कार्यकारी समिति निर्णय ले सकती है? RAF में अपर मुख्य सचिव सह विकास आयुक्त तथा आजीविका मिशन के सीईओ की भूमिका किस प्रकार है? RAF में अपर मुख्य सचिव एवं सीईओ के क्या-क्या कार्य एवं दायित्व हैं पृथक पृथक बतावे? (घ) वर्ष 2015 से 2025 तक विभाग अंतर्गत विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों, संगठनों, परिषदों के संचालक, आयुक्त, मुख्य कार्यपालन अधिकारि‍यों को किन-किन मामलों में आर्बिट्रेट/अपील सुनने का अधिकार शासन द्वारा दिया गया है वह मामले कौन-कौन से है व आर्बिट्रेट अपील अधिकारी बनाने के आदेश की प्रतिलिपि उपलब्ध करावे।

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) म.प्र. राज्य आजीविका फोरम के बायलॉज अनुसार संभाग आयुक्त को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, म.प्र. दीनदयाल अंत्योदय योजना राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के किसी आदेश को बदलने, निरस्त करने या फेरबदल करने का अधिकार नहीं है, किंतु उप सचिव, म.प्र. शासन,पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आदेश क्र. 9104, दिनांक 19.07.2023 की कंडिका-8.2 अनुसार मिशन अंतर्गत जिला स्तिर के अन्य संविदा अधिकारी/कर्मचारी तथा विकासखण्ड के समस्त संविदा अधिकारी/कर्मचारी के मामले में संविदा अवधि के दौरान किसी प्रकार का कोई विवाद दोनों पक्षों के मध्यस उत्पन्न होता है तथा संविदाकर्मी, जिनका अनुबंध समाप्त कर दिया जाता है या जिनकी संविदा अवधि में वृद्धि नहीं की जाती है तो इन प्रकरणों में अपीलीय अधिकारी संबंधित संभागायुक्त होंगे, उनका निर्णय अंतिम व दोनों पक्षों के लिए मान्य व बंधनकारी होगा। (ख) राज्य आजीविका फोरम के बायलॉज पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। बायलॉज संशोधन की प्रतिलिपि पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। RAF के कार्यकारिणी समिति में अध्यक्ष एवं पदेन सदस्य की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। कार्यकारिणी समिति में समस्त कार्यों, आदेशों, दिशा निर्देशों के संबंध में अंतिम निर्णय लेने का अधिकार कार्यकारिणी समिति को है। (ग) RAF में अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव तथा सदस्‍य सचिव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, म.प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की भूमिका की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है। RAF में अपर मुख्य सचिव एवं सीईओ के कार्य एवं दायित्व की जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-ई अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-फ अनुसार है।

वर्ष 1990 में 'उत्कृष्ट खिलाड़ी' घोषित करना एवं चयन प्रक्रिया की जानकारी

[खेल एवं युवा कल्याण]

60. ( क्र. 1956 ) श्री मोंटू सोलंकी : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा वर्ष 1990 में प्रदेश के खिलाड़ियों को 'उत्कृष्ट खिलाड़ी' घोषित किया गया था? यदि हाँ, तो खिलाड़ियों के नाम व खेल की सूची पटल पर रखे।                      (ख) उत्कृष्ट खिलाड़ी चयन हेतु गठित स्क्रिनिंग कमेटी/बोर्ड की बैठक की कार्यवाही एवं कबड्डी खिलाड़ियों के चयन आधार से संबंधित अभिलेख क्या विभाग में उपलब्ध हैं? यदि हाँ, तो उनकी प्रमाणित प्रतियां पटल पर रखे। (ग) क्या कर्मचारी कल्याण संगठन द्वारा वर्ष 1990 में घोषित कबड्डी के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शासकीय विभागों में सीधी नियुक्ति हेतु अनुशंसा पत्र जारी किए गए थे? यदि हाँ, तो उनकी प्रतियां बतावें? (घ) क्या वर्ष 1990 में ऐसे खिलाड़ियों को भी उत्कृष्ट घोषित किया गया, जिन्होंने वर्ष 1985-87 में राज्य का प्रतिनिधित्व किया था? यदि हाँ, तो ऐसे खिलाड़ियों के नाम व चयन का वैधानिक आधार स्पष्ट करें। (ड.) क्या दिनांक 09/12/1990 को किसी उत्कृष्ट खिलाड़ी को खनिज विभाग में 'खनिज निरीक्षक' पद हेतु पत्र जारी किया गया था? यदि हाँ, तो पत्र एवं नोटशीट की प्रति दें। (च) वर्ष 1990 में उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित करने के नियम, मापदंड व पात्रता क्या थीं? क्या किसी को लाभ देने हेतु शिथिलता दी गई थी? नियम पुस्तिका की प्रति दें।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) से (च) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

संबल योजना में अवैध तरीके से हितग्राहियों को अपात्र करना

[श्रम]

61. ( क्र. 1957 ) श्री मोंटू सोलंकी : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मृतक रसीद बी (सेंधवा, समग्र आईडी 168641658), यास्मीन (सेंधवा, 193353201), अब्दुल (बाग, 166389759), रियाज (डही, 107170600) एवं जावेद (इन्दौर, 302587348) के वारिस संबल योजना में पात्र होने के बाद भी अनुग्रह सहायता से वंचित क्यों हैं? क्या संबंधित निकाय कर्मचारियों द्वारा लापरवाही या अवैध रूप से इन्हें अपात्र घोषित किया गया? यदि हाँ, तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध अब तक क्या कार्यवाही की गई? (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित प्रकरणों में अपीलीय अधिकारी द्वारा अपील दर्ज कर पुनः पात्र घोषित किया जाएगा तथा अनुग्रह सहायता का भुगतान किया जाएगा? यदि हाँ, तो हितग्राहीवार भुगतान की समय-सीमा क्या है? यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें। (ग) मृतक अनीसा (डही, समग्र आईडी 107171529) की अनुग्रह सहायता स्वीकृत हुए दो वर्ष से अधिक समय हो गया, फिर भी भुगतान लंबित है। इसके कारण, जिम्मेदार अधिकारी, भुगतान की संभावित तिथि तथा विलंब के दोषियों पर प्रस्तावित कार्यवाही की जानकारी दें। (घ) इन्दौर संभाग में संबल योजना अंतर्गत अनुग्रह सहायता से वंचित मामलों की लंबित अपीलों की संख्या अपीलीय अधिकारीवार एवं हितग्राहीवार बताएं। विशेष रूप से सेंधवा SDM कार्यालय में लंबित प्रकरणों के निराकरण व भुगतान की समय-सीमा बताई जाए।

श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) म.प्र. असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्‍याण मंडल अंतर्गत मृतक रसीद बी (सेंधवा, समग्र आईडी - 168641658), की मृत्यु 12 मार्च 2022 को हो चुकी है। आवेदक या आवेदक के परिवार द्वारा जीवित रहते मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजनांतर्गत पंजीयन हेतु आवेदन नहीं किया गया है। उक्त आवेदिका संबल योजना में पंजीकृत नहीं होने से अनुग्रह सहायता की पात्रता नहीं है। मृतक यास्मीन (सेंधवा, 193353201), द्वारा मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजनांतर्गत पंजीयन हेतु दिनांक 18-10-2022 को ऑनलाईन आवेदन किया गया था, जाँच अधिकारी द्वारा जांच में पाया गया कि समग्र आईडी यास्मीन (193353201) में उमर जी निर्बान का नाम प्रदर्शित हो रहा है। जांच अधिकारी द्वारा मौके पर जाँच उपरांत जानकारी गलत होने से आवेदन निरस्त किया गया था। संबल योजना में पंजीकृत नहीं होने से अनुग्रह सहायता की पात्रता नहीं है। मृतक अब्दुल (बाग, 166389759) का मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजनांतर्गत पंजीयन हेतु आवेदन नहीं किया गया है। उक्त आवेदिका संबल योजना में पंजीकृत नहीं होने से अनुग्रह सहायता की पात्रता नहीं है। म.प्र. भवन संनिर्माण कर्मकार कल्‍याण मंडल अंतर्गत श्रमिक स्व. श्री अब्दुल खत्री द्वारा दिनाक 20.01.2016 को म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अन्तर्गत पंजीयन प्राप्त किया गया था। दिनांक 10.04.2018 को श्री अब्दुल द्वारा संबल योजनांतर्गत पंजीयन प्राप्त किया गया, किन्तु दिनांक 30.06.2018 को पोर्टल द्वारा अन्य योजना (म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल) में पंजीकृत होने से संबल पंजीयन स्वतः निरस्त हो गया। वर्तमान में वस्तुस्थिति यह है कि श्रमिक की म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत पंजीयन में जन्मतिथि 01.01.1965 दर्ज है एवं श्रमिक की मृत्यु दिनांक 23.09.2025 को 60 वर्ष से अधिक आयु होने से म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल की योजना अंतर्गत अपात्र है। मृतक रियाज (डही, 107170600) के प्रकरण में अनुग्रह सहायता नियमानुसार व पात्रतानुसार राशि रू. 2.00 लाख का भुगतान किया जा चुका है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। मृतक जावेद (इन्दौर, 302587348) का संबल पंजीयन वर्तमान में अपात्र है। आवेदक या आवेदक के परिवार द्वारा मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजनांतर्गत पंजीयन संबंधी ऑनलाईन अपील दर्ज नहीं की गई है। पंजीयन अपील आवेदन प्राप्त होने के उपरांत अपीलीय अधिकारी द्वारा पात्रतानुसार व नियमानुसार निराकरण की कार्यवाही की जाती है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) सचिव, म.प्र.असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मण्डल के पत्र क्रमांक 4107 दिनांक 29-08-2022 में मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजनांतर्गत श्रमिक/उत्तराधिकारी द्वारा ऑनलाईन अपील आवेदन दर्ज होने के उपरांत अपीलीय प्रकरणों का निराकरण पात्रता संबंधी दस्तावेजो के प्राप्त होने पर उक्त के आधार पर नियमानुसार समय-सीमा में किया जाता है। पात्रता/अपात्रता निर्धारण अनुसार भुगतान का निर्णय लिया जाता है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। म.प्र. भवन संनिर्माण कर्मकार कल्‍याण मंडल अंतर्गत प्रश्‍नांश (क) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में श्रमिक श्री - अब्दुल खत्री के अनुग्रह सहायता योजना के प्रकरण में अपील दायर करने की समय-सीमा पदाभिहित अधिकारी के विनिश्चय की तारीख से 60 दिवस के भीतर है परन्तु अपीलीय प्राधिकारी द्वारा कालावधि का अवसान होने पर भी मानवीय आधार को दृष्टिगत रखते हुए समयावधि शिथिल की जा सकती है, यदि उसका यह समाधान हो जाता है कि समुचित कारणवश अपीलार्थी समय-सीमा में अपील दायर करने में असमर्थ था। (ग) मुख्‍यमंत्री जनकल्‍याण (संबंल) योजनांतर्गत पंजीकृत मृतक श्रमिक श्री अनीसा (107171529) के प्रकरण में अनुग्रह सहायता नियमानुसार व पात्रतानुसार राशि रू.2.00 लाख का भुगतान किया जा चुका है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) इन्दौर संभाग में मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजनांतर्गत अनुग्रह सहायता संबंधी अपीलीय आवेदनों की वांछित जानकारी संलग्न  परिशिष्‍ट  अनुसार है। शेष प्रश्‍नांश में सेंधवा SDM कार्यालय में 1 प्रकरण प्रश्‍नांश सें संबंधित है। श्रमिक/ उत्तराधिकारी द्वारा ऑनलाईन अपील आवेदन दर्ज किये जाने के उपरांत अपीलीय प्रकरणों का निराकरण पात्रता संबंधी दस्तावेजों के प्राप्त होने पर नियमानुसार समय-सीमा में किया जाता है। पात्रता/अपात्रता निर्धारण अनुसार भुगतान का निर्णय लिया जाता है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "अड़तालीस"

वित्तीय मामलों की नस्तियां के अनुमोदन हेतु शासन के दिशा निर्देश

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

62. ( क्र. 1958 ) श्री मोंटू सोलंकी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                              (क) जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत अध्यक्षों के समक्ष वित्तीय नस्तियों के अनुमोदन हेतु शासन द्वारा जारी वर्तमान दिशा-निर्देश क्या हैं? (ख) क्या इन दिशा-निर्देशों में ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, सांसद/विधायक निधि, केंद्र/राज्य प्रवर्तित योजनाओं के लिए अलग-अलग प्रावधान हैं?                                (ग) वित्तीय अनुमोदन की प्रक्रिया में जिला पंचायत/जनपद पंचायत अध्यक्षों की भूमिका को और सशक्त करने हेतु शासन द्वारा क्या कदम उठाए गए हैं? (घ) क्या शासन ने वर्ष 2015 के पंचायत विभाग के आदेश (जारी दिनांक 19 जून 2015) में संशोधन कर अध्यक्षों के वित्तीय अधिकारों को पुनः बहाल करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन है? (ङ) वित्तीय अनुमोदन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने हेतु शासन द्वारा कौन-सी निगरानी व्यवस्था लागू की गई है?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।                     (ख) विभिन्‍न योजनाओं में पृथक-पृथक प्रावधान है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार, समय-समय पर निर्देश जारी किये गये हैं। (घ) उल्‍लेखित पत्र का स्‍पष्‍ट विवरण नहीं होने से जवाब दिया जाना संभव नहीं। (ड.) वित्‍तीय अनुमोदन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की निगरानी व्‍यवस्‍था योजना के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जाती है।

पंचायत सचिव सेवा शर्तों एवं आयुष्‍मान कार्ड की जानकारी

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

63. ( क्र. 1989 ) श्री योगेन्‍द्र सिंह (बाबा) : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. शासन वित्त विभाग वल्लभ भवन-मंत्रालय-भोपाल क्र./2232/आर-512/2024/नियम/चार भोपाल, दिनांक 22 दिसम्बर, 2025 के अनुसार शासन के समस्त विभागाध्‍यक्ष, मध्यप्रदेश को राज्य शासन में कार्यरत कार्मिकों के पदों से संबंधित नियम दिशा-निर्देश जारी करना, अस्थायी स्थायी पद का अंतर समाप्त करना एवं कार्यभारित/आकस्मिकता स्थापना तथा स्थायीकर्मी के सभी पदों को सांख्येत्‍तर घोषित करने संबंधी आदेशित किया गया है इस आदेश के परिपालन में ग्राम पंचायतों में कार्यरत पंचायत सचिवों को किस श्रेणी में वर्गीकृत किया जाएगा और कब तक? उस वर्गीकृत श्रेणी के अनुसार सेवा शर्तों में संशोधन हेतु अभी क्या कार्यवाही की गई है? (ख) क्या पंचायत सचिवों के आयुष्मान कार्ड बनाने हेतु सीईओ जिला पंचायत के माध्यम से जानकारी चाही गई थी? यदि हाँ, तो अभी तक कितने सीईओ जिला पंचायत द्वारा जानकारी प्रेषित कर दी गई है? जिन जिलों की जानकारी प्राप्त हो चुकी है क्या उनकी पात्रता आयुष्मान पोर्टल पर प्रदर्शित होने लगी है? यदि नहीं, तो कब तक प्रदर्शित होगी? जिन जिलों द्वारा अभी तक जानकारी प्रेषित नहीं की गई है उनके विरुद्ध क्या कार्यवाही की जाएगी?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) म.प्र. शासन वित्त विभाग वल्लभ भवन-मंत्रालय-भोपाल क्र./2232/आर-512/2024/नियम/चार भोपाल, दिनांक 22 दिसम्बर, 2025 के परिपत्र में ग्राम पंचायत सचिव के पद का कोई उल्‍लेख नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्‍न अस्‍पष्‍ट होने से जानकारी दिया जाना संभव नहीं है, यह उल्‍लेखनीय है कि लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण विभाग ने पंचायत सचिवों को आयुष्‍मान कार्ड जारी करने के निर्देश जारी किए हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

आकस्मिक परिस्थितियों में मंडी में नष्ट हुई फसलों का मुआवजा

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

64. ( क्र. 2001 ) श्री विपीन जैन : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 56, दिनांक 11.03.2025 और प्रश्‍न क्रमांक 206 (तारांकित) दिनांक 28.7.2025 के प्रेषित उत्तर अनुसार आकस्मिक परिस्थितियों में अधिसूचित कृषि उपज की किसी प्रकार की स्थिति मंडी प्रांगण में पहुंचने के बाद फसलों की सुरक्षा की जिम्मेदारी मंडी प्रशासन की है? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में पर्याप्त व्यवस्था के बावजूद भी अधिकांश जगह ऐसी घटनाएं हुई है कि अतिवृष्टि के कारण मंडी प्रांगण में रखी हुई किसानों की फसले तेज बहाव में बहकर चली गई है और किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ है इसके बावजूद उन्हें कोई मुआवजा नहीं दिया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) वर्णित घटनाएं घटित होने पर नुकसान होने पर मुआवजा प्रदाय करने की जिम्मेदारी किसकी है? क्‍या इस हेतु प्रावधान होना आवश्यक नहीं है?

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। इसके लिए मंडी प्रांगणों में आवश्यक अधोसंरचना, कवर्ड शेड, प्लेटफॉर्म आदि का सृजन किया गया है। (ख) जी नहीं। केवल दो स्थानों मंदसौर एवं छिंदवाड़ा के मंडी प्रांगण में आकस्मिक वर्षा/अतिवृष्टि से कृषि उपज भीगने की स्थिति की जानकारी प्राप्त है, जिसे प्रयत्‍न कर सुरक्षित बचा लिया गया था। अत: कोई नुकसान होना नहीं पाया गया। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है। (ग) मुआवजा प्रदान करने का कोई प्रावधान नहीं है। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है।

 

मुक्तिधाम एवं पहुँच मार्ग का निर्माण

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

65. ( क्र. 2003 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि     (क) जिला आगर-मालवा में कुल कितने ग्रामों में अभी तक मुक्तिधाम बन चुके हैं एवं कितने ग्रामों में मुक्तिधाम नहीं बने हैं? विकासखण्‍डवार ग्रामों की जानकारी देवें (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार जिन ग्रामों में अभी तक मुक्तिधाम नहीं बने हैं उन ग्रामों में मुक्तिधाम के निर्माण हेतु विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है? कब तक मुक्तिधाम का निर्माण किया जायेगा (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार ऐसे कितने ग्राम हैं जहां पर मुक्तिधाम तक पहुँचने हेतु पक्‍का रास्‍ता है तथा कितने ग्रामों में रास्‍ता नहीं है? मुक्तिधाम तक पहुँचने हेतु रास्‍ता निर्माण किये जाने हेतु विभाग की क्‍या योजना है?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट'''' अनुसार है। (ख) 5वें वित्‍त एवं मनरेगा के अभिसरण से वर्तमान में मुक्तिधाम निर्माण के प्रावधान है। उपलब्‍ध बजट प्रावधान अनुसार कार्यवाही जारी है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'''' अनुसार है। मुक्तिधाम तक पहुंचने हेतु रास्‍ता निर्माण किये जाने हेतु ग्राम पंचायतों को 5वें वित्‍त से निर्माण कार्य किये जाने के निर्देश हैं, जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट-'''' अनुसार है।

खेल मैदानों से अतिक्रमण हटाया जाना

[खेल एवं युवा कल्याण]

66. ( क्र. 2007 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र-24 पोहरी अंतर्गत पोहरी एवं बैराड़ नगरीय क्षेत्र में खेल मैदान न होने से बच्चों को खेलने में असुविधा होती है, उक्त दोनों कस्बों में कब तक खेल मैदान स्वीकृत किया जायेगा? (ख) विधानसभा क्षेत्र-24 पोहरी के अन्तर्गत शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में किन-किन स्थानों पर खेल मैदानों की भूमि पर अतिक्रमण किया गया। अतिक्रमण हटाने के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक 2026/02, दिनांक 01.01.2026 में तहसील पोहरी के ग्राम अगर्रा तथा तहासील नरवर के ग्राम गनियार में खेल मैदानों पर अवैध कब्जा होने एवं विधानसभा क्षेत्र-24 पोहरी के सभी ग्रामों के खेल मैदानों से अवैध कब्जा हटाने बावत एवं पत्र अनुविभागीय अधिकारी शिवपुरी/पोहरी एवं करैरा को लिखा गया था। क्या-क्या कार्यवाही की गई है तथा अतिक्रमण कब तक हटाया जावेगा? जानकारी दें। (ग) शिवपुरी नगर में स्थित प्रमुख सार्वजनिक स्थलोंप्लेग्राउंड, बी.टी.पी. ग्राउंड तथा गांधी पार्क के सौंदर्यीकरण एवं विकास हेतु वर्तमान में क्या कार्य योजना तैयार की गई है? इन स्थलों पर खेल सुविधाओं, हरित क्षेत्र, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय तथा सुरक्षा संबंधी प्रावधानों के उन्नयन के लिए क्या, कार्यवाही की जा रही है और कार्य पूर्ण करने की समय-सीमा क्या निर्धारित है? (घ) क्या उक्त मैदानों के समुचित      रख-रखाव एवं आधुनिक सुविधाओं के अभाव में खिलाड़ियों, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा आमजन को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है? यदि हाँ, तो शासन द्वारा अब तक क्या कदम उठाए गए हैं? जानकारी दें।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) विधानसभा क्षेत्र 24 पोहरी अन्तर्गत बैराड़ में विभागीय स्वामित्व का इंडोर स्टेडियम निर्मित होकर संचालित है एवं पोहरी में चमाखुर्द में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का आउटडोर स्टेडियम निर्मित एवं संचालित है। (ख) तहसीलदार नरवर जिला शिवपुरी द्वारा पत्र क्रमांक 76 दिनांक 12.02.2026 द्वारा बताया गया है कि तहसील नरवर के ग्राम गनियार में खेल मेदान हेतु कोई भूमि आरक्षित नहीं है न ही कोई भूमि आवंटन हुआ है ग्राम में खेल मैदान हेतु कोई भूमि चिन्हित नहीं है एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) परगना पोहरी जिला शिवपुरी द्वारा पत्र क्रमांक 1406 दिनांक 13.02.2026 द्वारा अवगत कराया गया है कि तहसील बैराड़ अंतर्गत ग्राम कालामढ़ स्थित भूमि सर्वे नं. 571/1 रकबा 5.04 हेक्टेयर में से लगभग 0.40 हेक्टेयर में इंडोर स्टेडियम बना हुआ है, जिस पर कोई अतिक्रमण नहीं है तथा चारो तरफ बाउण्ड्रीवाल है। तहसील पोहरी अंतर्गत ग्राम मचाखुर्द की शासकीय भूमि सर्वे नं. 5/4/2 रकबा 4.52 हेक्टेयर में से 2.5 हेक्टेयर इंडोर स्टेडियम हेतु आरक्षित है उक्त भूमि पर कोई अतिक्रमण नहीं है एवं ग्राम अर्गरा में कोई खेल मैदान आरक्षित नहीं है। (ग) कार्यालय में उपलब्ध अभिलेख अनुसार वर्तमान में खेल और युवा कल्याण विभाग की ओर से प्लेग्राउंड, बी.टी.पी. ग्राउंड तथा गांधी पार्क के सौंदर्यीकरण एवं विकास हेतु कोई कार्य योजना/प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्‍तरांश '''' के संदर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

कृषकों के नाम से कुटरचित दस्‍तावेज से ऋण निकालना

[सहकारिता]

67. ( क्र. 2017 ) डॉ. राजेन्‍द्र कुमार सिंह : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मैहर जिले के अंतर्गत सेवा सहकारी समिति मर्यादित जरौहा (पैपखरा) पंजीयन क्र. 44 में 01.01.2017 से 31.12.2021 के मध्य समिति प्रबंधक/कैशियर/शाखा प्रबंधक/अन्य के द्वारा विड्रावल के कागजातों में फर्जी हस्ताक्षर कर (1) राम प्रसाद पुत्र ददन प्रसाद बैस (बूढा बाउर) (2) रामश्रय पुत्र ददन प्रसाद बैस (बूढ़ा बाउर) (3) रमा शंकर पुत्र बंश रूप मिश्रा (बांसी) (4) मोहनलाल पुत्र मंगलदीन बैस (पैपखरा) (5) बाबूलाल पुत्र ब्रजवासी मिश्रा (बूढ़ा बाउर) के नाम से राशि आहरित कर उक्त लोगों पर ऋण का बोझ डाल दिया गया है? यदि हाँ, तो कितनी-कितनी राशि? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित सभी पांच लोगों के उक्त लोन के संबंध में की गई विभिन्न शिकायतों पर बयान माह दिसंबर 25 जनवरी 2026 में प्रश्‍नतिथि तक लिखित रूप से विभाग के किस सक्षम अधिकारी को दिये सभी बयानों की एक-एक प्रति उपलब्ध करायें? (ग) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित समयानुसार उक्त तत्कालीन समिति प्रबंधक/कैशियर/शाखा प्रबंधक के विरूद्ध किन थाना क्षेत्रों में आपराधिक प्रकरण दर्ज करवाकर उक्त सभी किसानों जिन पर फर्जी ऋण चढ़ाया गया है कब तक ऋण मुक्त करने की कार्यवाही करेगा? समय-सीमा दें।

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) जांच प्रक्रियाधीन। (ग) कार्यवाही जांच निष्कर्षाधीन। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

 

लम्‍बी अवधि में लंबित प्रकरणों के निराकरण

[सहकारिता]

68. ( क्र. 2034 ) श्री भगवानदास सबनानी : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय न्‍यायालय उप पंजीयक सहकारिता भोपाल में प्रकरणों के निराकरण की कोई समय-सीमा नियत है? (ख) क्‍या यह सही है कि माननीय न्‍यायालय उप पंजीयक सहकारिता भोपाल में प्रकरण क्रमांक 278/2019 से 285/2019 तक के प्रकरण वर्ष 2019 से विचाराधीन होकर निर्णय हेतु लंबित है? इनमें अभी तक अनावेदकगण सहकारी संस्‍थाओं को विधिवत नोटिस का निर्वाह भी नहीं हुआ है? (ग) प्रश्‍नाधीन प्रकरणों में गुणदोष के आधार पर निर्णय/आदेश कब तक पारित होंगे? (घ) क्‍या उक्‍त प्रकरणों के निराकरण में हुए विलम्‍ब के लिए कौन-कौन उत्‍तरदायी है? क्‍या विलम्‍ब के लिए दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी?

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी नहीं। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट  अनुसार है। (ग) उत्तरांश '''' के आलोक में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) उत्तरांश '''' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "उन्चास"

अनुदान राशि में नाम जोड़ना

[उच्च शिक्षा]

69. ( क्र. 2045 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कार्यालय-कलेक्ट्रेट, जिला-छतरपुर मध्यप्रदेश के पत्र क्रमांक/258/व.लि/2001 दिनांक 25/06/2001 की संलग्‍न सूची क्रमांक 12 में उल्लेखित कर्मचारी/अधिकारी को अनुदान राशि दिए जाने के संबंध में लेख है, अनुदान सूची में नाम भेजा गया था? यदि हां/नहीं तो क्यों? (ख) क्या कार्यालय स्वामी प्रणवानन्द महाविद्यालय छतरपुर-मध्यप्रदेश पत्र क्रमांक 688, विधानसभा प्रश्‍न 2022 दिनांक 18/07/2022 की सूची में सहायक-ग्रंथपाल का पद स्वीकृत एवं कार्यरत पद की संख्या एक लेख है? यदि हाँ, तो क्‍यों? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के उल्लेखित पत्रों में संलग्न सूची के कर्मचारी/अधिकारियों की पदस्थापना कब की गई है? उक्त सूची में संलग्न समस्त अधिकारियों/कर्मचारियों को वर्ष 1995-96 अनुदान-सूची स्वामी-प्रणवानंद महाविद्यालय-छतरपुर द्वारा शासन को भेजी गई थी? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार यदि नहीं, तो क्यों? क्या उक्त अधिकारी/कर्मचारी द्वारा अनुदान सूची में सहायक ग्रंथपाल कर्मचारी का नाम अनुदान सूची में क्‍यों नहीं भेजा गया था (ड.) क्या सहायक ग्रंथपाल को स्वीकृत अनुदान प्राप्त अधिकारियों/कर्मचारियों के समान वेतन भत्ता दिया जाएगा? यदि नहीं, तो क्यों? (च) क्‍या सहायक-ग्रंथपाल के पद पर 32 वर्षों से कार्यरत अधिकारियों/कर्मचारियों के आर्थिक शोषण के दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाए‌गी? यदि हाँ, तो कब तक समय-सीमा बतायें। यदि नहीं, तो क्यों?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं। केवल वेतन राशि में से जी.पी.एफ. की राशि संबंधित खाते में भुगतान करने के लिये नाम भेजा गया था। (ख) जी हां, सहायक ग्रंथपाल का पद महाविद्यालय की संचालन समिति द्वारा स्‍वीकृत होने के कारण शामिल है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। जी हाँ। (घ) महाविद्यालय स्‍थापना वर्ष 1986-87 में सोसायटी रजिस्‍ट्रीकरण अधिनियम के अनुसार स्‍वीकृत किये गये शैक्षणिक व अशैक्षणिक पदों पर कार्यरत शिक्षकों व कर्मचारियों की सूची शासन को भेजी गई थी। महाविद्यालय स्‍थापना के समय ग्रंथपाल का पद स्‍वीकृत नहीं था। (ड.) जी नहीं। म.प्र. शासन द्वारा सहायक ग्रंथपाल का पद अनुदान हेतु स्‍वीकृत नहीं किया गया है। (च) महाविद्यालय में छात्रों से प्राप्‍त शुल्‍क के आधार पर यथा समय-समय बढ़ोत्‍तरी कर मानदेय/वेतन का भुगतान किया जा रहा है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

बालाघाट जिले का निर्माणाधीन आयुष महाविद्यालय

[आयुष]

70. ( क्र. 2079 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या आयुष मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि    (क) बालाघाट जिले के आयुष चिकित्सा महाविद्यालय की स्वीकृति कब और किस दिनांक को हुई? महाविद्यालय का भूमि पूजन कब और किसके द्वारा, कितनी राशि का किया गया? यदि हाँ, तो उक्त महाविद्यालय को बनाए जाने में कितनी राशि स्वीकृत की गई? बालाघाट जिले को कितनी राशि आवंटित की गई? शिलान्यास पर बोर्ड पर अंकित राशि, भूमि पूजन, राजनेता का नाम बताएं? (ख) महाविद्यालय किस एजेंसी द्वारा बनाया जा रहा है? उसकी स्वीकृति, विज्ञापन दिनांक, कब तकनीकी स्वीकृति तथा कब प्रशासनिक स्वीकृति किस दिनांक को जारी किया गया? कितने वर्षों में बनाए जाने का अनुबंध किया गया? वर्तमान में कार्य की प्रगति रिपोर्ट क्या है? समय-सीमा सहित जानकारी देवें? (ग) क्या मापदंड अनुसार उच्च महाविद्यालय नहीं बनाया जा रहा हैं? क्या ऐसे दोषी के विरुद्ध कार्रवाई प्रस्तावित की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? कारण स्पष्ट करें तथा कार्य पूर्णता की समय-सीमा बताएं? (घ) महाविद्यालय किस ठेकेदार द्वारा बनाया जा रहा है एजेंसी का नाम तथा कार्य की गुणवत्ता क्या है? कार्य पूर्णता का दिनांक सहित जानकारी देवें क्या नियम विरुद्ध कार्य करने पर निविदा एजेंसी को निरस्त किया जाएगा? यदि हाँ, तो कब तक समय-सीमा बताएं

आयुष मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) आयुष महाविद्यालय जिला बालाघाट की स्वीकृति वर्ष 2024-25 में आयुष मंत्रालय भारत सरकार से दिनांक 04/09/2024 को प्राप्त हुई। दिनांक 12/05/2025 भूमि पूजन माननीय डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री जी के द्वारा किया गया। महाविद्यालय के निर्माण कार्य हेतु राशि रूपये 69.80 करोड़ की स्वीकृति की गई। राशि रू. 672.35 लाख आवंटित की गई। शिलान्यास की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार(ख) मध्य प्रदेश भवन विकास निगम लिमिटेड भोपाल द्वारा निर्माण कार्य किया जा रहा है। निर्माण कार्य हेतु विज्ञापन दिनांक 18/03/2025 को जारी किया गया। तकनीकि स्वीकृति दिनांक 13/01/2025 को जारी की गई। प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक 30/01/2025 को जारी की गई। निर्माण कार्य प्रारंभ होने के उपरांत 02 वर्ष में बनाए जाने का अनुबंध हैं। वर्तमान में कार्य की भौतिक प्रगति 15 प्रतिशत पूर्ण हो गयी है। (ग) महाविद्यालय का निर्माण कार्य निर्धारित मापदण्डों एवं मानकों के अनुसार किया जा रहा है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) महाविद्यालय का निर्माण कार्य M/S ANV Construction भोपाल द्वारा किया जा रहा है। कार्य की गुणवत्ता अनुबंध अनुसार निर्धारित मापदण्डों एवं मानकों के आधार पर किया जा रहा है। निर्माण कार्य पूर्ण होने का अनुमानित दिनांक 06/11/2027 है। नियम विरूद्ध कार्य पाए जाने की स्थिति में निविदा एजेन्सी को निरस्त किये जाने का प्रावधान है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "पचास"

अमृत सरोवरों का निर्माण

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

71. ( क्र. 2081 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी विधानसभा में वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक मनरेगा योजनान्‍तर्गत कितने अमृत सरोवर स्‍वीकृत किये गये है? प्रत्‍येक सरोवर के स्‍थल चयन हेतु किन अधिकारियों ने कब-कब स्‍थल का निरीक्षण किया? तकनीकी/प्रशासकीय स्‍वीकृति सहित जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में शासन द्वारा क्‍या दिशा-निर्देश जारी किये गये थे, क्‍या शासन द्वारा स्‍वीकृति हेतु कम से कम 10 हजार घन मीटर जल संचय की अनिवार्यता की गई थी? यदि हाँ, तो उक्‍त स्‍वीकृति में से कितने सरोवर उक्‍त क्षमता के है? यदि नहीं, तो इस हेतु जल संचय क्षमता कितनी निर्धारित की गई थी? (ग) सिवनी विधानसभा में स्‍वीकृत संरचनाओं की जल संचय क्षमता कितनी है? क्‍या निर्धारित क्षमता नहीं होने के बाद भी सरोवरों की स्‍वीकृति की गई है? यदि हां, तो क्‍यों? क्‍या स्‍वीकृति हेतु गलत जानकारी देकर स्‍वीकृतियां की गई है? यदि हां, तो इसके लिये जिम्‍मेदारों और दोषी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (घ) इन सरोवरों में मत्‍स्‍य पालन, सिंघाडा उत्‍पादन जैसी गतिविधियां संचालित है? यदि हां, तो लाभान्वित होने वाले हितग्राहियों की संख्‍या उपलब्‍ध करावें? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें।

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) सिवनी विधानसभा में वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक मनरेगा योजनान्तर्गत 24 अमृत सरोवर स्वीकृत किये गये हैं, सूची  पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्ट "अ" अनुसार है। अमृत सरोवर के स्थल चयन हेतु निरीक्षण उपयंत्री, सहायक यंत्री, कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा सिवनी के द्वारा दिनांक 01.11.2021 से दिनांक 22.03.2022 एवं दिनांक 13.03.2024 से 07.05.2024 तक किया गया है। तकनीकी/प्रशासकीय स्वीकृति की जानकारी पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट "अ" अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में जारी दिशा-निर्देश की जानकारी पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट "ब" अनुसार है। जी हाँ, शासन द्वारा अमृत सरोवर स्‍वीकृत हेतु जल भण्‍डार क्षमता 10 हजार घनमीटर की अनिवार्यता है। समस्‍त 24 अमृत सारोवर 10 हजार घनमीटर एवं अधिक क्षमता के हैं। जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्ट "अ" अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट "अ" अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्ट "अ" अनुसार है। समस्त 24 अमृत सरोवर का उपयोग सिंचाई हेतु किया जा रहा है, जिससे 294 हितग्राही लाभान्वित है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

 

 

मजदूरों का पलायन एवं आर्थिक सहायता

[श्रम]

72. ( क्र. 2083 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि      (क) सिवनी जिले के अंतर्गत आदिवासी ब्‍लाकों से प्रतिवर्ष लोग मजदूरी और रोजगार के लिये अन्‍य राज्‍य में पलायन कर रहे है, क्‍या विभाग के पास इस प्रकार के पलायन की रोकथाम हेतु जनमन के तहत कोई योजना बनाई जावेगी या उद्योग धंधे स्‍थापित किये जायेगें। यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) प्रश्‍नांश '''' के संबंध में पलायन और प्रवास के दौरान बहुत से मजदूर किसी घटना और दुर्घटना के शिकार हो जाते है, उनकी सहायता करने के लिये क्‍या कोई हेल्‍पलाईन डेस्‍क और नम्‍बर है, यदि हाँ, तो जानकारी दें। (ग) क्‍या प्रश्‍नांश '''' एवं '' '' में वर्णित मजदूरों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। अब तक किन-किन मजदूरों को कितनी-कितनी सहायता राशि वर्ष 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक दी गई है?

श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) शासन के विभ‍िन्न विभागों द्वारा रोजगार मूलक योजनाओं के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया जाता है। अत: शेष प्रश्‍नांश के संबंध में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। (ख) श्रम विभाग द्वारा सभी श्रमिकों की सहायता के लिये हेल्पलाईन नम्बर 1800233888 जारी किया गया है। (ग) मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजनांतर्गत पंजीकृत मृतक श्रमिक श्री जितेन्द्र/केशवप्रसाद ग्राम पिपरिया आयु 35 वर्ष की दुर्घटना में मृत्यु दिनांक 22.03.2021 को महाराष्ट्र में हुई थी, जिनको अंत्येष्टि सहायता राशि 5000/- एवं अनुग्रह सहायता राशि 4 लाख रूपये प्रदाय की गई तथा पंजीकृत श्रमिक स्व. श्री ईश्वर/बोहरन ग्राम मुरेर की सामान्य मृत्यु दिनांक 20.01.2023 को जिला चंद्रपुर महाराष्ट्र में हुई थी, जिनको अंत्येष्टि‍ सहायता राशि 5000/- एवं अनुग्रह सहायता राशि 2 लाख रूपये प्रदान किया गया है।

अपूर्ण सामुदायिक भवन

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

73. ( क्र. 2091 ) श्री प्रणय प्रभात पांडे : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि      (क) क्या बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत पंचायत राज संचालनालय के आदेश क्र/पं.रा/आर-2-66/2018/13558 भोपाल दिनांक 12/09/2018 के द्वारा ग्राम डुगरिया ग्राम पंचायत सिहुडी (छपरा) में 12 लाख की लागत से एक सामुदायिक भवन का निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया था?              (ख) प्रश्‍नांश (क) के उत्तर में यदि हाँ, तो इसके निर्माण हेतु प्रथम किश्त की कितनी राशि कब आवंटन किया गया तथा इस राशि से निर्माण एजेन्सी द्वारा कितना-कितना, कौन-कौन सा निर्माण कार्य कब कराकर किए गये, कार्य का उपयोगिता प्रमाण पत्र लगाकर द्वितीय किश्‍त की राशि की कब मांग की गई? पत्र व्यवहार की छायाप्रति देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित सामुदायिक भवन के अपूर्ण रहने के क्‍या कारण है एवं इसके निर्माण की द्वितीय किश्‍त की राशि किस प्रकार से कब तक प्रदान कर दी जावेगी जिससे इसका निर्माण पूर्ण हो सके बतलावे?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। (ख) ग्राम डुंगरिया ग्राम पंचायत सिहुंडी (छपरा) में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु प्रशासकीय स्‍वीकृति आदेश क्रमांक 13558 दिनांक 12.09.2018 के माध्‍यम से राशि रूपये 12.00 लाख की स्‍वीकृति प्रदान की गई थी एवं प्रथम किश्‍त के रूप में राशि रूपये 6.00 लाख ग्राम पंचायत को प्राप्‍त हुये। मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कटनी से प्राप्‍त पत्र क्रमांक 642402 दिनांक 02.12.2025 द्वारा द्वितीय किश्‍त की मांग की गई। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट  अनुसार है। (ग) वर्तमान में कार्य प्रगतिरत है, पंचायत राज संचालनालय के आदेश क्रमांक 21483 दिनांक 04.12.2025 द्वारा द्वितीय किश्‍त की राशि ग्राम पंचायत को जारी की जा चुकी है।

परिशिष्ट - "इक्यावन"

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

74. ( क्र. 2094 ) श्री चन्दरसिंह सिसौदिया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गरोठ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुल कितनी सड़के प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़कें योजना के अंतर्गत निर्माण हुई है। वर्तमान में इन सड़कों की क्या स्थिति है? सूची उपलब्ध करावें। (ख) गरोठ विधानसभा अंतर्गत क्या कोई ग्राम अभी भी सड़क मार्ग से वंचित है? यदि हाँ, तो सूची उपलब्ध करावें। वचित ग्रामों में सड़क कब तक बन जावेगी? (ग) वर्ष 2005 से 2018 तक जो सड़के बनाई गई थी उसमें कई सड़क की क्षतिग्रस्त होकर उखड़ गई है। इन सड़कों की मरम्मत की क्‍या योजना है? यदि हाँ, तो कौन-सी सड़क की मरम्मत कराई जा रही है? सूची उपलब्ध करावें।

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) गरोठ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुल 83 सड़के प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित हुई है। वर्तमान में सभी सड़के संधारण अंतर्गत संधारित है। जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। गरोठ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 37 संपर्कविहीन बसाहटों (वर्ष 2011 की जनसंख्या अनुसार 500 से अधिक आबादी) को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV के अन्तर्गत चिन्हांकित किया गया है जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है तथा 33 संपर्कविहीन बसाहटों (100 से अधिक आबादी) को मुख्यमंत्री मजरा टोला योजना अंतर्गत चिंहित किया गया है। जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''3'' अनुसार है। इस प्रकार कुल 70 बसाहटे संपर्कविहीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी नहीं, कोई भी सड़क क्षतिग्रस्त होकर उखडी नहीं है। वर्ष 2005 से 2018 तक निर्मित सड़कों का नियमित रूप से संधारण किया जा रहा है। योजनान्तर्गत निर्मित मार्गों पर अनुबंध में निहित प्रावधानों एवं स्थल की आवश्यकतानुसार संधारण का कार्य सतत् रूप से कराया जाता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''4'' अनुसार है।

संबल योजना का क्रियान्‍वयन

[श्रम]

75. ( क्र. 2095 ) श्री चन्दरसिंह सिसौदिया : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                 (क) गरोठ विधानसभा की जनपद पंचायत गरोठ एवं भानपुरा अंतर्गत मध्य प्रदेश शासन द्वारा संचालित संबल योजना (मुख्यमंत्री जन कल्याण योजना)/कर्मकार मंडल योजना के कितने प्रकरण अनुग्रह एवं अंत्येष्टि सहायता के वर्ष 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक भुगतान हेतु लंबित है? कारण सहित ब्यौरा दें। हितग्राही का नाम सहित सूची उपलब्ध करावें। (ख) क्या सरकार संबल एवं कर्मकार मंडल के लंबित प्रकरणों का भुगतान करेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) म.प्र. असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्‍याण मंडल अंतर्गत मुख्‍यमंत्री जनकल्‍याण संबल योजना के गरोठ विधानसभा क्षेत्र से संबंधित प्रश्‍नांश में वांछित जानकारी संबंधी अनुग्रह सहायता के 159 प्रकरण हैं। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। मुख्‍यमंत्री जनकल्‍याण (संबंल 2.0) योजनांतर्गत मृत्‍यु पश्‍चात अंत्‍येष्टि सहायता का कोई भी प्रकरण लंबित नहीं है। म.प्र. भवन एवं अन्‍य संनिर्माण कर्मकार कल्‍याण मंडल अंतर्गत गरोठ विधानसभा की जनपद पंचायत गरोठ एवं भानपुरा में वर्ष 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक अंत्‍येष्टि सहायता एवं अनुग्रह भुगतान योजना अंतर्गत कोई भी प्रकरण लंबित नहीं है। (ख) जी हां, मुख्‍यमंत्री जनकल्‍याण संबल योजनांतर्गत अनुग्रह सहायता भुगतान एक सतत् प्रक्रिया है, योजनांतर्गत प्रत्‍येक सिंगल क्लिक कार्यक्रम में स्‍वीकृत तथा डिजिटल हस्‍ताक्षरित प्रकरणों में भुगतान मृत्‍यु दिनांक के क्रमानुक्रम में बजट उपलब्‍धता अनुसार किया जाता है। म.प्र. भवन एवं अन्‍य संनिर्माण कर्मकार कल्‍याण मंडल के संबंध में प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

महाविद्यालय भानपुरा को प्राप्‍त अनुदान

[उच्च शिक्षा]

76. ( क्र. 2105 ) श्री चन्दरसिंह सिसौदिया : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गरोठ विधानसभा के भानपुरा तहसील में संचालित अनुदान प्राप्त श्री हरक चंद्र चौरडिया महाविद्यालय की संचालन समिति को क्या वर्ष 2003 में विघटित किया जा चुका है? यदि हाँ, तो समिति के विघटन के पश्चात वर्तमान में इसका प्रबंधन किसके द्वारा किया जा रहा है? (ख) क्या उक्त महाविद्यालय में वर्ष 2025 से कला एवं वाणिज्य संकाय की कक्षाएं बंद कर दी गई हैं? यदि हाँ, तो शासन से अनुदान प्राप्त होने के बावजूद इन कक्षाओं को बंद करने का क्या कारण है? (ग) वर्ष 2003 से प्रश्‍न दिनांक तक उक्त महाविद्यालय को शासन द्वारा वर्षवार कितनी अनुदान राशि प्रदाय की गई है? मदवार जानकारी देवें। (घ) क्या शासन भानपुरा के शासकीय महाविद्यालय में छात्रहित में विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय की कक्षाएं आगामी शैक्षणिक सत्र से प्रारंभ करने की योजना बना रहा है? यदि हाँ, तो कब तक?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। वर्तमान में इसका संचालन बी.आर. नाहाटा स्‍मृति संस्‍थान मंदसौर द्वारा किया जा रहा है। (ख) जी हाँ। लगातार घटती प्रवेश संख्‍या के कारण इन कक्षाओं को बंद किया जा रहा है। (ग) संस्‍था को शिक्षकों व कर्मचारियों के वेतन भत्‍तों हेतु वर्ष 2003 से कुल राशि रूपये 13,79,12,945/- का आवंटन किया गया है। वर्षवार विवरण जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) शासकीय महाविद्यालय भानपुरा को एकल संकाय से बहुसंकाय बनाने हेतु विभागीय मापदण्‍डों के परिप्रेक्ष्‍य में प्रकरण परीक्षणाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "बावन"

 

चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

77. ( क्र. 2111 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में कार्यरत, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को चतुर्थ समयमान का लाभ दिया जा चुका है? यदि हां, तो कौन-कौन से एवं किस संवर्ग के? जिलावार जानकारी दें। (ख) क्या ग्वालियर जिले में कार्यरत, सेवानिवृत्त अधिकारी, कर्मचारी को चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ नहीं दिया गया है? यदि हां, तो ऐसे कितने अधिकारी कर्मचारी है? संवर्गवार, पदवार जानकारी दें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्लेखित कर्मचारियों/अधिकारियों को चतुर्थ समयमान क्यों नहीं दिया गया? कारण स्पष्ट करें, चतुर्थ समयमान से वंचित अधिकारी/कर्मचारियों को कब तक दिया जायेगा? समय-सीमा बताएं। नहीं तो क्यों? कारण स्‍पष्‍ट करें।

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में कार्यरत, सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों को चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ दिये जाने की जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'''' अनुसार है। (ख) ग्‍वालियर जिले में कार्यरत, सेवानिवृत्‍त अधिकारी/ कर्मचारी को चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ दिये जाने से शेष अधिकारी/कर्मचारी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'''' अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश (ख) अनुसार है।

कर्मचारियों के वेतन का समय पर भुगतान

[सहकारिता]

78. ( क्र. 2113 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले में कितनी सहकारी समितियां है एवं कौन-कौन से स्थानों पर संचालित है? नामवार, ग्रामवार स्थानवार जानकारी दें। इनमें कौन-कौन से पद स्वीकृत है? इनका वेतन/मानदेय प्रतिमाह कितना-कितना है? (ख) क्या सहकारी समितियों में कार्यरत कर्मचारियों, भृत्यों/चैकीदार को समय पर वेतन/मानदेय का भुगतान नहीं किया जा रहा है? यदि हां, तो क्‍यों? कितने माह का वेतन/ मानदेय भुगतान शेष है? सहकारी समितिवार जानकारी दें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्लेखित कर्मचारियों का वेतन/मानदेय भुगतान कब तक कर दिया जायेगा? समय-सीमा बताएं। क्या यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि वेतन/समयमान समय पर भुगतान किया जायेगा?

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) ग्वालियर जिले में कुल 1595 सहकारी समितियां पंजीकृत हैं। पंजीकृत सहकारी संस्थाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार हैं। पंजीकृत सहकारी संस्‍थाओं में से ऐसी संस्‍थायें जहां कर्मचारी सेवा नियम लागू हैं उनमे स्‍वीकृत पद की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार हैं, जिनको वेतन/मानदेय कर्मचारी सेवा नियम के प्रावधान अनुसार दिया जाता हैं। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 में उल्‍लेखित संस्‍थाओं में से बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्‍थाओं के कर्मचारियों के वेतन/मानदेय के भुगतान की प्रश्‍नांश में चाही गई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार हैं। परिसमापित जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक मर्यादित, ग्वालियर को छोड़कर जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट-2 में उल्‍लेखित अन्‍य संस्‍थाओं के कर्मचारियों को वेतन/मानदेय का भुगतान किया जा रहा है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार हैं। कर्मचारियों को वेतन/मानदेय के भुगतान किये जाने की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं हैं। समय पर भुगतान के संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया हैं।

खेल सामग्री का क्रय एवं वितरण

[खेल एवं युवा कल्याण]

79. ( क्र. 2132 ) श्री बाबू जन्‍डेल : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्योपुर जिला अंतर्गत वर्ष 2020-21 से प्रश्‍न दिनांक तक विभाग द्वारा कितनी राशि आवंटित हुई है? किस-किस प्रयोजन के लिए कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई है? (ख) विभाग के द्वारा कौन-कौन सी योजना संचालित की जा रही है? क्या जिले अंतर्गत प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र में खेल सामग्री वितरण की गई है? यदि हां, तो किनको एवं क्या-क्या, किस-किस की अनुशंसा पर कितने-कितने मूल्य की/राशि आवंटित की गई है? क्या विभाग के द्वारा सामग्री क्रय करने के नियम निर्धारित किये गये है? यदि हां, तो क्या-क्या वितरित की गई खेल सामग्री कहां-कहां से क्रय की गई? जानकारी देवें। (ग) श्योपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत इण्डोर ओर आउटडोर स्टेडियम कितने है? क्या इन स्टेडियमों का रख-रखाव खेल विभाग द्वारा किया जाता है? वर्तमान में इन स्टेडियमों की भौतिक स्थिति कैसी है? वर्तमान में इन स्टेडियमों में खिलाड़ी कितना लाभ ले रहे है? जानकारी देवें।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा जिला श्योपुर में वर्ष 2020-21 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रयोजन हेतु आवंटित राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। (ख) विभाग द्वारा खेल गतिविधियों के विकास/ विस्तार हेतु संचालित की जा रही योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- अनुसार है। विभाग द्वारा विधानसभावार खेल सामग्री वितरण, नहीं किया जाता है, खेल सामग्री क्रय हेतु प्रतिवर्ष संचालनालय द्वारा जिलों को बजट उपलब्ध कराया जाता है, जिससे संचालनालय के पत्र क्रमांक-1936 दिनांक- 04.06.2018 में दिये गये निर्देश अनुसार जिला स्तर पर पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा आवश्यकता का आकलन कर उपलब्ध बजट अनुसार म.प्र. भंडार क्रय नियम 2015 (यथा संशोधित 2022) में उल्लेखित प्रावधानों को दृष्टिगत रखते हुये खेल सामग्री का क्रय एवं वितरण का निर्णय लिया जाता है। जिला श्योपुर अन्तर्गत खेल सामग्री के क्रय, मात्रा व मूल्य एवं वितरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- 3 अनुसार है। (ग) खेल और युवा कल्याण विभाग के स्वामित्व का 01 स्टेडियम श्योपुर विधानसभा क्षेत्र में वीरसावरकर (आउटडोर) स्टेडियम निर्मित होकर संचालित है, जिसमें आउटडोर खेलों की सुविधा का खिलाड़ियों एवं स्थानीय लोगों द्वारा पूरा लाभ लिया जाता है। जी हाँ। स्टेडियम अच्छी अवस्था में है। विभाग का श्योपुर विधानसभा क्षेत्र में कोई भी इंडोर स्टेडियम उपलब्ध नहीं है।

 

खेल सामग्री हेतु बजट आवंटन एवं क्रय

[खेल एवं युवा कल्याण]

80. ( क्र. 2137 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले को विगत 3 वर्षों में खेल सामग्री एवं अन्य व्यय हेतु कितना-कितना आवंटन प्राप्त हुआ तथा उक्त बजट राशि किस-किस कार्य, कौन-कौन सी खेल सामग्री पर व्यय किया गया? वर्षवार पृथक-पृथक जानकारी से अवगत करावें। (ख) धार जिले में विगत 03 वर्षों में प्राप्त हुयी खेल सामग्री कहां-कहां वितरण की गई तथा किसके द्वारा सत्यापन किया गया? सत्यापन रिपोर्ट की प्रमाणित प्रति उपलब्ध करावें।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) धार जिले को विगत 3 वर्षों में खेल सामग्री एवं अन्य व्यय हेतु प्राप्त आवंटन एवं कार्य की वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है एवं खेल सामग्री पर व्यय की पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- अनुसार है। (ख) संचालनालय स्तर से जिले को खेल सामग्री प्रदान नहीं की जाती है। खेल सामग्री क्रय हेतु प्रतिवर्ष संचालनालय द्वारा जिलों को बजट उपलब्ध कराया जाता है। जिससे संचालनालय के पत्र क्रमांक-1936 दिनांक 04.06.2018 में दिये गये निर्देश अनुसार जिला स्तर पर पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा जिलों को आवंटित बजट अनुसार ही आवश्‍यकता का आकलन कर खेल सामग्री क्रय एवं वितरण का निर्णय लिया जाता है। विगत 3 वर्षों में विभागीय ग्रामीण युवा समन्वयकों एवं प्रशिक्षकों को वितरित खेल सामग्री की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है एवं खेल सामग्री वितरण की सत्यापन की प्रमाणित रिपोर्ट पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार है

रिवॉल्विंग फंड एवं सामुदायिक निवेश निधि के संबंध में

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

81. ( क्र. 2138 ) श्री महेश परमार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                        (क) क्या दिसंबर 2025 तक आजीविका मिशन के अंतर्गत प्रदेश में 62.30 लाख महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़ने का दावा किया गया है, जबकि भारत सरकार के LOKOS पोर्टल पर प्रदर्शित जिलेवार समूह-सदस्य आंकड़ों में भिन्नता पाई गई है? क्‍या उक्त डेटा-विसंगति को CAG ऑडिट हेतु चिन्हित किया गया है या नहीं? यदि हाँ, तो उसकी स्थिति क्या है? (ख) दिसंबर 2025 तक प्रदेश में कितने निष्क्रिय स्व-सहायता समूह हैं, जिन्हें पूर्व में रिवॉल्विंग फंड, सामुदायिक निवेश निधि एवं स्टार्ट-अप फंड प्रदत्त किए गए हैं? ऐसे समूहों से संबंधित उपयोगिता प्रमाण-पत्र (UC) उपलब्ध न होने को क्या वित्तीय अनियमितता मानते हुए CAG/विशेष ऑडिट कराया गया है? (ग) सामुदायिक निवेश निधि (CIF) के रोटेशन सिद्धांत का उल्लंघन करते हुए एक ही समूह को बार-बार लाभ दिए जाने के कितने प्रकरण पाए गए हैं? क्या इसे लोकधन के दुरुपयोग की श्रेणी में रखकर जिम्मेदार अधिकारियों/संस्थाओं की जवाबदेही तय की गई है? (घ) दिसंबर, 2025 तक कितने समूहों द्वारा CIF राशि वापस नहीं की गई है? क्या इस राशि को राज्य के बकाया (Recoverable Dues) के रूप में दर्ज किया गया है? यदि नहीं, तो इसके लिए उत्तरदायी अधिकारी कौन हैं? (ङ) क्या राज्य शासन आजीविका मिशन के अंतर्गत RF एवं CIF व्यय का विशेष CAG ऑडिट/थर्ड पार्टी फॉरेंसिक ऑडिट कराने तथा LOKOS–MIS डेटा का समेकित सत्यापन कराने का निर्णय लेगा? यदि हाँ, तो समय-सीमा क्या है, यदि नहीं, तो इसके कारण क्या हैं?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) भारत सरकार के लोकोस पोर्टल पर वर्तमान में 58.94 लाख स्‍व-सहायता समूह सदस्‍य प्रदर्शित हो रहे हैं। LOKOS पोर्टल पर जिलों से स्‍व-सहायता समूह सदस्‍यों की प्रोफाईल सक्रिय अथवा निष्क्रिय किये जाने के कारण प्रदर्शित प्रगति में भिन्‍नता होती है। डाटा विसंगति के संबंध में भारत सरकार से CAG ऑडिट के कोई निर्देश प्राप्‍त नहीं है। (ख) भारत सरकार द्वारा संचालित लोकोस पोर्टल की FD01 रिपोर्ट अनुसार 971 निष्क्रिय स्‍व-सहायता समूहों को चक्रिय निधि (रिवॉल्विंग फंड) एवं 319 निष्क्रिय स्‍व-सहायता समूहों को सामुदायिक निवेश निधि प्रदत्‍त की गई है। मिशन अंतर्गत गठित स्‍व-सहायता समूहों को Startup fund जारी नहीं किया जाता है। चक्रिय निधि स्‍व-सहायता समूहों को एवं सामुदायिक निवेश निधि समूह संगठनों को अनुदान स्वरुप प्रदान की जाती है। अत: स्‍व-सहायता समूहों से उपयोगिता प्रमाण-पत्र (UC) नहीं लिया जाता है। (ग) मिशन अंतर्गत सामुदायिक निवेश निधि अनुदान स्वरुप समूह संगठनों को दी जाती है। समूह संगठनों द्वारा स्व-सहायता समूहों को ऋण के रूप में यह राशि प्रदान की जाती है। इस राशि के संरक्षक समूह संगठन ही होते हैं, समूह संगठनों के द्वारा ही निर्णय लिया जाता है कि कौन से स्व-सहायता समूहों को राशि प्रदान की जानी है अथवा नहीं या एक ही स्व-सहायता समूह एक से अधिक बार ऋण दिया जाना है। (घ) समूह संगठनों द्वारा रोटेशन के आधार पर उनके स्‍तर से ही स्‍व-सहायता समूहों को सामुदायिक निवेश निधि जारी की जाती है। इस राशि के रोटेशन संबंधी जानकारी समूह संगठनों के स्‍तर पर बुक्‍स ऑफ रिकार्ड्स में संधारित की जाती है, जो कि जानकारी संकलित नहीं की जाती है। इस राशि के संरक्षक समूह संगठन ही होते हैं, समूह संगठनों के द्वारा ही निर्णय लिया जाता है कि कौन से स्व-सहायता समूहों को राशि प्रदान की जानी है अथवा नहीं या एक ही स्व-सहायता समूह एक से अधिक बार ऋण दिया जाना है। इसलिए यह राशि राज्य के (Recoverable Dues) के रूप में दर्ज नहीं की जा सकती है। (ड.) मिशन अंतर्गत CAG ऑडिट नहीं कराया जाता है। मिशन अंतर्गत वैधानिक ऑडिट (Statutory Audit) कराया जाता है। लोकोस एमआईएस डाटा का समेकित सत्‍यापन के कोई निर्देश नहीं है।

प्रदेश के घाटे में चल रहे शासकीय कृषि प्रक्षेत्र

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

82. ( क्र. 2142 ) श्री राजन मण्‍डलोई : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में शासकीय कृषि क्षेत्र कितने एवं कहां-कहां पर संचालित है? (ख) क्या विगत पांच वर्षों में उक्त प्रक्षेत्रों पर किये जा रहे व्यय की तुलना में उनसे कम आय हुई है? यदि हाँ, तो कौन-कौन से प्रक्षेत्र से आय कम हो रही है? उक्त आय कम होने के क्या कारण है? स्पष्ट करें। (ग) उक्त शासकीय कृषि प्रक्षेत्र में से किन-किन को बेचने की योजना किन कारणों से प्रस्तावित है?

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-दो एवं प्रपत्र-तीन अनुसार है। (ग) जी नहीं।

परिशिष्ट - "तिरेपन"

प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण अन्तर्गत स्वीकृत राशि

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

83. ( क्र. 2143 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण कार्यालय भोपाल के आदेश पत्र क्रमांक 898/22/वि-9/पीएएम पोषण/बर्तन 2025 दिनांक 22.08.2025 के माध्यम से प्राथमिक एवं माध्यमिक शlलाओं में मध्यान्ह भोजन के क्रियान्वयन हेतु भोजन बनाने, परोसने एवं भण्डारण के नवीन बर्तन/बर्तन रिप्लेसमेंट क्रय करने हेतु जिला पंचायत छिंदवाड़ा को छिन्दवाड़ा जिले के अन्तर्गत 2042 स्कूलों के लिए राशि 2,59,15,000 रूपये आवंटित किए गये है, परंतु बर्तन/किचन डिवाईस क्रय हेतु राशि अभी तक महिला स्व-सहायता समूह/प्रबंधन समिति के खाते में जमा नहीं कराई गई है राशि जमा कराने में अत्यंत विलम्ब किया जा रहा है जिसका क्या कारण है? अवगत कराये। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में कब तक कार्यवाही करते हुए महिला स्व-सहायता समूह/प्रबंधन समिति के खाते में राशि जमा जमा करा दी जायेगी? जानकारी दें। (ग) महिला स्व-सहायता समूह/प्रबंधन समिति के खाते में राशि जमा कराये जाने हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत छिंदवाड़ा को पत्र क्र. वि.स./परासिया/127/2025/51 दि. 21.01.2026 प्रेषित किया गया है जिस पत्र पर अभी तक क्या कार्यवाही की गई है? अवगत कराये।

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ, परिषद के आदेश क्रमांक 898/22/वि-9/पीएम पोषण/बर्तन 2025 दिनांक 22.08.2025 के माध्यम से राशि 2,59,15,000/- रूपये का आवंटन जारी किया गया, जिला पंचायत छिंदवाडा के आदेश दिनांक 16/01/2026 एवं 06/02/2026 के माध्‍यम से बर्तन क्रय हेतु प्राप्‍त समस्‍त राशि 2,59,15,000/- रूपये का आवंटन जारी किया गया है, किन्‍तु 356 शालायें जिनके बैंक खाते मध्‍यप्रदेश ग्रामीण बैंक एवं पीएनबी में है, उनमें तकनीकी समस्‍या होने से खातों में राशि जमा नहीं हो सकी है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में आवश्‍यक कार्यवाही उपरांत राशि जमा करा दी जायेगी। (ग) प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रस्‍तुत संदर्भित पत्र जिला पंचायत छिंदवाडा में दिनांक 27/01/2026 को प्राप्‍त हुआ। प्राप्‍त होने से पूर्व आदेश दिनांक 16/01/2026 को राशि 1,45,60,000 रूपये एवं पत्र प्राप्ति के उपरांत राशि 1,13,55,000 रूपये का आवंटन दिनांक 06/02/2026 को किया जा चुका है, किन्‍तु 356 शालायें जिनके बैंक खाते मध्‍यप्रदेश ग्रामीण बैंक एवं पीएनबी में है, उनमें तकनीकी समस्‍या होने से खातों में राशि जमा नहीं हो सकी है।

कुलपति को पद से हटाया जाना

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

84. ( क्र. 2146 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर के कुलगुरू श्री अरविन्द कुमार शुक्ला के पत्र क्र./कु.स./विधि/388/2024/4740 दिनांक 21/02/2024 से अनिल कलंके समयबद्ध श्रमिक (टी.एस.एल.) जोकि दिनांक 31.12.2016 को 60 वर्ष की अधिवार्षिकी आयु पूर्ण करके सेवानिवृत्त हो गये थे, उनको म.प्र. किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग मंत्रालय, भोपाल के द्वारा जारी आदेशों क्रमश: क्र. एफ 1 ए-6/2018/14-1 दिनांक 30 अगस्त, 2018 एवं क्र.एफ 1 ए-6/2018/14-1 दिनांक 21/02/2022 से स्पष्ट रूप से मना करने के बावजूद, कुलगुरू शुक्ला के द्वारा नियम विरुद्ध एवं स्वयं के आदेशानुसार, श्री कलंके की अधिवार्षिकी आयु 60 के स्थान पर 62 वर्ष मानकर, राशि रु. 7,84,673.00 का वित्तीय अनियमित भुगतान किया गया है? यदि हाँ, तो, जानकारी दें। (ख) क्या माननीय उच्च न्यायालय के द्वारा याचिका क्र. 39789 में आदेश दिनांक 09 अक्टूबर, 2025 में कुलगुरू शुक्ला पर राशि रु. 50,000/- की कॉस्ट लगायी गई थी? माननीय उच्च न्यायालय के द्वारा याचिका में निर्देश भी दिया था कि कॉस्ट का भुगतान शासन अथवा विश्वविद्यालय के द्वारा नहीं किया जायेगा? यदि हाँ, तो कुलगुरू शुक्ला के द्वारा उक्त राशि का नियम विरुद्ध भुगतान करके, माननीय न्यायालय के आदेश की अवमानना की गई है? जानकारी दें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के अनुसार शिकायत सिद्ध होने से श्री अरविंद कुमार शुक्ला को पद से कब तक बर्खास्त किया जायेगा? निश्चित समय-सीमा बताएं।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी नहीं। श्री अनिल कलंके को कृषि महाविद्यालय, ग्वालियर की अधिसूचना/आदेश दिनांक 21.06.2016 अनुसार 60 वर्ष की अधिवार्षिकी आयु पूर्ण करने पर दिनांक 31.12.2016 को सेवानिवृत्ति किया जाना था। उक्त अधिसूचना/आदेश को माननीय उच्च न्यायालय, खण्डपीठ ग्वालियर द्वारा रिट याचिका क्रमांक 9156/2020 श्री अनिल कलंके विरुद्ध म.प्र. शासन एवं अन्य में आदेश दिनांक 26.06.2021 के माध्यम से श्री कालंके के पक्ष में निर्णय देते हुए निरस्त (Quash) कर दिया गया था। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। माननीय न्यायालय के उक्त आदेश के क्रम में विश्वविद्यालय द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, खण्डपीठ ग्वालियर के समक्ष पुनः रिट अपील क्रमांक 1221/2021 दायर की गयी थी। उक्त रिट अपील भी माननीय न्यायालय द्वारा आदेश दिनांक 15.03.2022 के माध्यम से श्री कलंके के पक्ष में निर्णय देते हुए खारिज कर दी गयी थी। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। इसके पश्चात् श्री कलंके द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, खण्डपीठ ग्वालियर के समक्ष अवमानना याचिका क्रमांक 1825/2022 दायर की गयी थी, जो कि माननीय न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। रिट याचिका क्रमांक 9156/2020 के परिपालन में एवं रिट अपील क्रमांक 1221/2021 में माननीय न्यायालय के आदेश की अवमानना से बचने हेतु विश्वविद्यालय आदेश क्र./कु.स./विधि/388/2024/4740 दिनांक 21/02/2024 द्वारा श्री अनिल कलंके को राशि रु. 784673/- का भुगतान किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। (ख) जी नहीं। कुलगुरू श्री शुक्ला के नाम पर व्यक्तिगत कॉस्ट न लगायी जाकर प्रतिवादी क्रमांक-06 अर्थात RAJMATA VIJYA RAJE SCINDIA KRISHI VISHWA VIDHYALAYA THROUGH ITS REGISTRAR GWALIOR, MADHYA PRADESH पर लगायी गयी थी। जी नहीं, इस संबंध में माननीय उच्च न्यायालय, प्रधानपीठ जबलपुर के समक्ष अवमानना याचिका क्रमांक 7586/2025 विचाराधीन है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उद्भूत नहीं होता है।

जिला कार्यालय की स्वीकृति

[खेल एवं युवा कल्याण]

85. ( क्र. 2162 ) श्री अनिल जैन : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला निवाड़ी के गठन के 07 वर्ष व्यतीत होने के पश्चात् भी खेल एवं युवा कल्याण विभाग का जिला कार्यालय स्वीकृत नहीं हुआ है, यदि हाँ, तो बतावें कि कब तक जिला निवाड़ी में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यालय की स्वीकृति पदों के सेटअप सहित कर दी जावेगी? (ख) क्या विभाग द्वारा प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक नवीन स्टेडियम बनाये जाने की कार्ययोजना प्रस्तावित है, यदि हाँ, तो निवाड़ी जिले में नवीन स्टेडियम बनाये जाने की स्वीकृत कब तक दी जा सकेगी, समय-सीमा बतावें?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जिला निवाड़ी हेतु खेल एवं युवा कल्याण विभाग का जिला कार्यालय व पदों का सेटअप स्वीकृत किए जाने की कार्यवाही प्रचलन में है, जिसकी निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है। (ख) माननीय मुख्‍यमंत्री, मध्‍यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार प्रदेश के प्रत्‍येक विधानसभा में सी.एम. युवा शक्ति योजना अन्‍तर्गत खेल परिसर/स्‍टेडियम बनाये जाने की योजना प्रस्‍तावित है। निवाड़ी में पूर्व से स्‍टेडियम निर्माण स्‍वीकृत है जिसका कार्य लगभग पूर्णत की ओर है। अत: पृथक से स्‍टेडियम निर्माण की स्‍वीकृति दिये जाने का औचित्‍य प्रतीत नहीं होता है।

निवाड़ी जिले में जिला कार्यालय स्वीकृत किया जाना

[सहकारिता]

86. ( क्र. 2163 ) श्री अनिल जैन : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                             (क) क्या जिला निवाड़ी के गठन के 07 वर्ष व्यतीत होने के पश्चात् भी सहकारिता विभाग का जिला कार्यालय स्वीकृत नहीं हुआ है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में यदि सहकारिता विभाग का जिला कार्यालय स्वीकृत नहीं हुआ है, तो विभाग द्वारा निवाड़ी जिले में सहकारिता विभाग प्रारंभ किये जाने हेतु क्या कार्यवाही की गई है? पूर्ण जानकारी देवें एवं बतावें कि कब तक निवाड़ी जिले में सहकारिता विभाग का जिला कार्यालय प्रारंभ कर दिया जावेगा? समय-सीमा सहित बतावें

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) निवाड़ी जिलें में जिला कार्यालय का कार्य प्रारंभ किया जा चुका है तथा उक्‍त कार्यालय के सेटअप स्‍वीकृति की कार्यवाही प्रचलन में है।                         (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

पी.एम. श्री महाविद्यालय में पदों की स्वीकृति

[उच्च शिक्षा]

87. ( क्र. 2164 ) श्री अनिल जैन : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                          (क) जिला निवाड़ी स्थित शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय निवाड़ी को पी.एम. श्री महाविद्यालय में उन्नयन किये जाने के पश्चात् कितने नवीन शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक पद स्वीकृत किए गए हैं? (ख) वर्तमान में उक्त महाविद्यालय में स्वीकृत पदों के विरूद्ध कितने पद रिक्त हैं? पदवार विवरण देवें। (ग) क्या व्याख्याता एवं कर्मचारियों की कमी के कारण शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहा है, यदि हाँ, तो रिक्त पदों की पूर्ति हेतु विभाग द्वारा अब तक क्या कार्यवाही की गई है एवं शेष रिक्त पदों को कब तक भर दिया जावेगा? समय-सीमा बतावें

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट-ब अनुसार है। (ग) रिक्‍त पदों की पूर्ति एक सतत् प्रक्रिया है, समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

स्‍वीकृत सड़कों का निर्माण

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

88. ( क्र. 2168 ) श्री संजय उइके : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रधानमंत्री जन मन योजना में बैहर विधानसभा क्षेत्र की सड़के स्वीकृत की गई है? (ख) हाँ, तो योजना प्रारंभ से प्रश्‍न दिनांक तक स्वीकृत सड़कों की निविदा में सफल निविदाकार को किन-किन सड़कों का कब-कब कार्यादेश दिया गया? निविदाकार ने कब अनुबंध किया? कार्य कब प्रारंभ किया गया? (ग) प्रधानमंत्री जन मन योजना में स्वीकृत सड़कों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) की प्रति, निर्माण कार्य में उपयोग किये गये सामग्री के टेस्टर रिपोर्ट की प्रति, उपलब्ध करावें। (घ) सभी सडकों की कब-कब, किस-किस के द्वारा निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की गई? गुणवत्ता, जांच में क्या-क्या पाया गया?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-''1'' अनुसार है। (ग) प्रधानमंत्री जन मन योजना में स्वीकृत सड़कों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-''2'' अनुसार है तथा निर्माण कार्य में उपयोग किये गये सामग्री के टेस्ट रिपोर्ट की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-''3'' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-''4'' अनुसार है।

रोजगार मेले का आयोजन

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार)]

89. ( क्र. 2170 ) श्री संजय उइके : क्या राज्‍य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग द्वारा रोजगार चाहने वालों का पंजीकरण और लाभकारी रोजगार में नियुक्ति, रोजगार की स्थिति का त्रैमासिक अध्ययन एवं निजि क्षेत्र के नियोक्ताओं के लिए रोजगार मेले आयोजित किये जाते हैं? (ख) हाँ, तो वित्तीय वर्ष 2022-23 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रत्येक जिलेवार कितने-कितने रोजगार चाहने वालों का पंजीकरण किया गया? उसमें से कितने-कितने की लाभकारी रोजगार में नियुक्ति हुई एवं रोजगार की स्थिति का त्रैमासिक अध्ययन की प्रति उपलब्ध करावें? (ग) निजि क्षेत्र में नियोक्ताओं के लिए रोजगार मेले का आयोजन वित्तीय वर्ष 2020-21 से प्रश्‍न दिनांक तक बालाघाट जिले में कहां-कहां, कब-कब किया गया? कहां-कहां के किन-किन युवाओं को किन-किन नियोक्ताओं के यहां रोजगार उपलब्ध कराया गया? नाम, पता सहित जानकारी उपलब्ध करावें।

राज्‍य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) विभाग द्वारा संचालित एम.पी. पोर्टल पर आकांक्षी युवाओं का पंजीयन किया जाता है। जॉब फेयर योजनांतर्गत निजी क्षेत्र के नियोजकों के लिए रोजगार मेले आयोजित किये जाते हैं, नियुक्ति संबंधी कार्यवाही नियोजकों द्वारा की जाती है। रोजगार की स्थिति का त्रैमासिक अध्‍ययन नहीं किया जाता है। (ख) प्रश्‍नावधि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। प्रश्‍नावधि में रोजगार मेलों के माध्‍यम से ऑफर लेटर प्राप्‍त आवेदकों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता हैं। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार है

फीस विनियामक समिति की जानकारी

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा)]

90. ( क्र. 2173 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रवेश एवं फीस विनियामक समिति को फीस वृद्धि के लिए शिक्षण संस्थानों से जो आवेदन प्राप्त होते है, उसकी क्रमानुसार प्रकिया की जानकारी दें। वर्ष 2017-18 से 2025-26 के लिए तीनों कैटेगरी के संस्थानों में से कितने-कितने आवेदन प्राप्त हुए तथा उनमें से कितने-कितने में फीस वृद्धि की अनुशंसा की गई? (ख) फीस वृद्धि के लिए प्राप्त आवेदन पर समिति के अधिकृत चार्टर्ड अकाउंटेंट से प्राप्त वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक की परीक्षण रिपोर्ट की प्रतियां तथा परीक्षण के लिए भुगतान किए गए मानदेय/शुल्क की जानकारी वर्षवार दें। (ग) समिति द्वारा चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म के चयन‌ संबंधी संपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध करावें। चार्टर्ड अकाउंटेंट‌ फर्म क्या फीस वृद्धि की अनुशंसा करती है या शिक्षण संस्थानों के दिये गए आवेदन का परीक्षण करती है?                         (घ) फीस वृद्धि के आवेदन पर निर्णय लेने के लिए समिति की बैठक 2017-18 से 2025-26 तक किस-किस दिनांक को हुई और किस-किस बैठक में तीनों कैटेगरी के कितने-कितने संस्थानों के आवेदन पर अंतिम निर्णय लिया गया।

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) प्रवेश एवं शुल्‍क विनियामक समिति अधिनियम, 2007 एवं विनियम-2008 में दिये गये प्रावधानों के अनुसार शुल्‍क निर्धारण हेतु सूचना एवं पत्र के माध्‍यम संस्‍थाओं से निर्धारित प्रोफार्मा में ऑनलाईन आवेदन/प्रस्‍ताव बुलाये जाते हैंप्रवेश एवं शुल्‍क विनियामक समिति के चार्टेड अकाउंटेंट द्वारा आवेदनों का परीक्षण किया जाता हैतत्‍पश्‍चात् समिति की मीटिंग आहुत कर समिति द्वारा शुल्‍क निर्धारण की कार्यवाही की जाती है। प्रश्‍नावधि में तकनीकी शिक्षा, चिकित्‍सा शिक्षा एवं उच्‍च शिक्षा के अंतर्गत प्राप्‍त आवेदनों पत्रों की संख्‍या एवं शिक्षण शुल्‍क की वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1/2/3 अनुसार है(ख) प्रश्‍नावधि से संबंधित शुल्‍क निर्धारण हेतु प्राप्‍त आवेदन पत्रों पर समिति द्वारा शुल्‍क निर्धारण हेतु समिति के चार्टेड अकाउंटेंट से प्राप्‍त कैलकुलेशन शीट की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। प्रवेश एवं शुल्‍क विनियामक समिति सचिवालय द्वारा चार्टेड अकाउंटेंट को किये गये मानदेय/शुल्‍क भुगतान की वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-5 अनुसार है(ग) चार्टेड अकाउंटेंट फर्म के चयन संबंधी दस्‍तावेजों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-6 अनुसार है। चार्टेड अकाउंटेंट फर्म को फीस वृद्धि अथवा अनुशंसा का कोई अधिकार नहीं है, संस्‍थाओं से ऑनलाईन प्राप्‍त आवेदन/प्रस्‍ताव एवं आय-व्‍यय पत्रक का परीक्षण करती है। (घ) प्रश्‍नावधि में प्रवेश एवं शुल्‍क विनियामक समिति द्वारा विभिन्‍न पाठ्यक्रमों के शुल्‍क निर्धारण हेतु प्राप्‍त आवेदन पत्रों पर निर्णय लेने के लिये आहुत की गई बैठकों की वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-7 अनुसार है। आवेदन पत्रों की वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1/2/3 अनुसार है

प्रशिक्षण एवं रोजगार की जानकारी

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार)]

91. ( क्र. 2174 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या राज्‍य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में कितने युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य रखा है और कितनों को वास्तव में रोजगार प्राप्त हुआ है? विभागवार प्रगति विवरण सहित जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) जिला मुरैना में ITI संस्थानों की संख्या, उनकी क्षमता, संचालित व्यवसाय कोर्स और अप्रेंटिसशिप योजनाओं के तहत उद्योगों से हुए समझौतों का विवरण प्रदान करें एवं इन योजनाओं के तहत कितने प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार दिया गया? संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं। (ग) जिला मुरैना अंतर्गत विगत दो वर्षों में कितने रोजगार मेलों का आयोजन किया गया? कितने औद्योगिक एवं व्यावसायिक संस्थान मेलों में आए और उनके द्वारा कितने युवाओं को रोजगार प्रदान किया गया? मेला अनुसार जानकारी उपलब्ध कराएं। (घ) विभाग द्वारा संचालित e-Portal पर पंजीकृत बेरोजगार युवाओं की संख्या, प्लेसमेंट प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल विकास के लिए विशेष पहल क्या हैं? संपूर्ण जानकारी प्रदान करें।

राज्‍य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) मध्‍यप्रदेश में प्रशिक्षण वर्ष 2024-25 में 115800 युवाओं एवं वर्ष 2025-26 में 113280 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्‍य था। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 23380 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य भारत सरकार से प्राप्त हुआ है। प्रशिक्षण वर्ष 2024-25 में 7335 एवं 2025-26 4780 आई.टी.आई. उर्त्‍तीण प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार के अवसर उपलब्‍ध करवाये गये है। (ख) मुरैना जिले में आई.टी.आई. संस्‍थानों के साथ उद्योगों से हुये समझौतों की जानकारी निरंक है। अप्रेंटिसशिप योजना प्रशिक्षण संबंधी है, जिसमें प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार हेतु तैयार किया जाता है, रोजगार देने का प्रावधान नहीं है। (ग) प्रश्‍नावधि में आयोजित रोजगार मेलों, भाग लेने वाले औद्योगिक एवं व्‍यवसायिक संस्‍थानों, ऑफर लेटर प्राप्‍त आवेदकों की जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। रोजगार मेलों में ऑफर लेटर प्रदान किये जाते है, युवाओं को रोजगार प्रदान किये जाने संबंधी जानकारी संधारित नहीं की जाती है। (घ) विभाग द्वारा संचालित एम.पी. रोजगार पोर्टल पर पंजीकृत आकांक्षी युवाओं की संख्‍या 25,36,366 है। रोजगार मेलों के माध्‍यम से वित्‍तीय वर्ष 2024-25 में 78,868 एवं 2025-26 (31 जनवरी, 2026 तक) में 1,05,799 आवेदकों को ऑफर लेटर प्रदान किये गये है, पंजीकृत आकांक्षी युवाओं के प्‍लेसमेंट प्रतिशत की जानकारी संधारित नहीं की जाती है। एम.पी. रोजगार पोर्टल के माध्‍यम से ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल विकास के लिये कार्यवाही नहीं की जाती है, अपितु विभाग अंतर्गत संचालित 290 शासकीय आई.टी.आई. एवं 644 निजी आई.टी.आई. के माध्‍यम से ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को कौशल विकास के लिये प्रशिक्षित किया जाता है।

परिशिष्ट - "चउवन"

किसानों की फसल खरीदी

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

92. ( क्र. 2178 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2025-26 में जिला मुरैना एवं श्योपुर की किन-किन अनाज मण्डि‍यों में कौन-कौन सी फसल किसानों से खरीदी की गई? फसलवार वजन/मूल्य सहित जानकारी दी जावे। (ख) कृषकों से क्रय की जाने वाली फसलों का भुगतान किये जाने हेतु क्या समय-सीमा नियत है? शासन आदेश/परिपत्र की प्रति उपलब्ध कराई जावे। (ग) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में कृषकों से क्रय की गई फसलों का भुगतान कब-कब किया गया? केन्द्रवार भुगतान की गई राशि सहित जानकारी दी जावे। (घ) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में कितने कृषकों को राशि का भुगतान किया जाना शेष है? भुगतान नहीं किये जाने के क्या कारण रहे एवं शेष राशि का भुगतान कब तक कर दिया जावेगा? समय-सीमा सहित जानकारी दी जावे।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जी हाँ। आदेश/परिपत्र की प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

स्व-सहायता समूह का गठन

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

93. ( क्र. 2182 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                               (क) विदिशा जिले में महिलाओं को अजीविका से जोड़ने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत एवं किस-किस ग्राम में कितने समूह (SHG) का गठन किया गया है? गठित समूह की जानकारी पंचायत भवन या शासकीय भवन पर आयल पेंट से अंकित की गयी है अथवा नहीं? प्रमाणित पत्र से अवगत करावें एवं गठित समूह को किस-किस योजना से किस गतिविधि को कितना ऋण दिया गया है? समूहवार जानकारी उपलब्ध करावें एवं ऋण कितनी समय-सीमा के लिए दिया गया है? साक्ष्य सहित जानकारी बतावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में 01 अप्रैल, 2019 से प्रश्नांकित दिनांक तक विकासखण्ड सिरोंज एवं लटेरी में स्व-सहायता समूह का गठन किया गया है एवं इनको आजीविका गतिविधियों के लिए कितना-कितना ऋण एवं अनुदान दिया गया है? समूह का नाम, अध्यक्ष/कोषाध्यक्ष का नाम, पता सहित विकासखण्डवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) विकासखण्ड सिरोंज एवं लटेरी में 'मां की बगिया' योजना की स्वीकृति की गई है? समूह का नाम अध्यक्ष कोषाध्यक्ष का सहित जानकारी उपलब्ध करावें एवं कितने समूह है? जिन्हें 'मां की बगिया' योजना का लाभ नहीं दिया गया? कारण सहित जानकारी उपलब्ध करावें। स्वीकृत मां की बगिया में कितने कार्य पूर्ण है? कितने प्रगतिरत एवं कितने अप्रारंभ है? (घ) आजीविका मिशन में स्व-रोजगार हेतु स्व-सहायता समूह को जो ऋण दिया जा रहा है? उसमें अधिकारियों की मिलीभगत से समूह द्वारा ऋण लेकर रोजगार (गतिविधि‍) प्रारंभ नहीं की गई? समूह का नाम एवं ऋण राशि कितनी-कितनी निकाल कर दुरूपयोग किया गया है? क्या विभाग द्वारा इनकी जांच समिति बनाकर कार्यवाही की गई यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई यदि नहीं, तो कब तक की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) विदिशा जिले में महिलाओं को आजीविका से जोड़ने के उद्देश्य से 11,357 स्व-सहायता समूहों का गठन किया गया है। गठित समूह की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। पंचायत भवन या शासकीय भवन पर गठित स्व-सहायता समूहों की जानकारी अंकित नहीं की गयी है। भारत सरकार के लोकोस पोर्टल पर स्‍व-सहायता समूहों की जानकारी उपलब्‍ध है। आजीविका गतिविधि हेतु समूहवार ऋण उपलब्ध कराया गया है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ख) 01 अप्रैल, 2019 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक विकासखण्ड सिरोंज में 368 एवं लटेरी में 391 स्व-सहायता समूह का गठन किया गया है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स एवं पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है। (ग) जी हाँ। विकासखण्‍ड सीरोंज एवं लटेरी में ''माँ की बगिया'' योजना स्‍वीकृत है, जिसमें पात्रतानुसार समूह सदस्य द्वारा स्‍वयं आवेदन कर लाभ प्राप्त किया गया है। इस योजना का लाभ समूहों को नहीं दिया जाता है। यह योजना हितग्राही मूलक है। विकासखण्ड लटेरी में 98 हितग्राही एवं सिरोंज में 100 हितग्राहियों के ''माँ की बगिया'' योजना का कार्य प्रगतिरत् है। इस प्रकार कुल 198 हितग्राही के कार्य इस योजना में प्रगतिरत् हैं। इस योजना के सभी कार्य प्रारंभ हैं। (घ) आजीविका मिशन में स्वरोजगार हेतु स्व-सहायता समूहों को ऋण दिया जा रहा है। शेष जानकारी निरंक है।

स्‍वीकृत कार्यों की जानकारी

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

94. ( क्र. 2183 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                (क) क्या विभाग द्वारा जल गंगा अभियान प्रारंभ किया था? यदि हाँ, तो इस अभियान में कौन-कौन से जिलों में कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किये गये? पंचायतवार, नगरीय निकायवार, विकासखण्डवार, जिलेवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में उक्त कार्य कौन-कौन से मद से स्वीकृत किये, कार्य का नाम, लागत प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक कार्य पूर्ण/अपूर्ण सहित जानकारी विकासखण्डवार जिलेवार उपलब्ध करावें? (ग) प्रश्‍नांश (क), (ख) के संदर्भ में आरंभ एवं अपूर्ण कार्य को कब तक पूर्ण कर दिया जावेगा तथा इसके लिये कौन-कौन कर्मचारी अधिकारी दोषी है तथा जल संरचनाओं के निर्माण में कौन-कौन सी संस्थाओं की जनभागीदारी कराई गई? कितनी राशि का व्यय हुआ तथा कितनी राशि शासन द्वारा व्यय की गई? जिलावार, विकासखण्डवार जानकारी देवें। (घ) क्या माननीय मंत्री जी द्वारा सिंध नदी के उदगम स्थल का निरीक्षण किया था यदि हाँ, तो नदियों के उदगम स्थलों पर कौन-कौन से कार्य किये जावेंगे? सिंध नदी का जीर्णोद्धार के लिये क्या कार्य योजना बनाई गई है? (ङ) जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत प्रदेश में कहां-कहां, कौन-कौन सी बड़ी जल संरचना बनाई गई अथवा जीर्णोद्धार की गई? प्रत्येक के नाम सहित जानकारी उपलब्ध करावें।

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। अभियान अंतर्गत किए गए कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'' अनुसार है। मनरेगा योजनांतर्गत किए गए कार्यों की जानकारी यथा निर्माण कार्य का नाम, स्‍वीकृत लागत, प्रशासकीय स्‍वीकृति, कार्य की भौतिक स्थिति इत्‍यादि जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'' फ्लोचार्ट अनुसार देखी जा सकती है। मनरेगा के अलावा अन्‍य मदों से किए गए कार्यों की जानकारी यथा स्‍वीकृत मद, स्‍वीकृत लागत, प्रशासकीय स्‍वीकृति एवं भौतिक स्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'' अनुसार है। (ख) जल गंगा संवर्द्धन अभियान अंतर्गत निर्माण कार्य मनरेगा एवं मनरेगा अभिसरण, 5वां वित्‍त, 15वां वित्‍त, वॉटर शेड विकास, एन.आर.एम., एस.बी.एम. की राशि से कराए गए है। अभियान अंतर्गत किए गए कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'' अनुसार है। मनरेगा योजनांतर्गत किए गए कार्यों की जानकारी यथा निर्माण कार्य का नाम, स्‍वीकृत लागत, प्रशासकीय स्‍वीकृति, तकनीकी स्‍वीकृति, कार्य की भौतिक स्थिति इत्‍यादि जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'' फ्लोचार्ट अनुसार देखी जा सकती है। मनरेगा के अलावा अन्‍य मदों से किए गए कार्यों की जानकारी यथा स्‍वीकृत मद, स्‍वीकृत लागत, प्रशासकीय स्‍वीकृति एवं भौतिक स्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'' अनुसार है। (ग) मनरेगा योजना मांग आधारित होने के कारण मनरेगा एवं मनरेगा अभिसरण से स्‍वीकृत कार्य में अकुशल श्रमिकों द्वारा रोजगार की मांग करने पर कार्य आवंटित किया जाता है, जिस कारण समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। प्रदेश में जिलों द्वारा 5वां वित्‍त, 15वां वित्‍त, वॉटर शेड विकास, एन.आर.एम., एस.बी.एम. से स्‍वीकृत किए गए 805 कार्यों में से 800 कार्य पूर्ण है, 05 कार्य प्रगतिरत है। कोई अधिकारी/कर्मचारी दोषी नहीं है। जल संरचनाओं के निर्माण में ग्रामीणों, शासकीय/अशासकीय संस्‍थाओं द्वारा जागरूकता कार्यक्रम किए गए, जिसमें किसी प्रकार के व्‍यय नहीं किया गया है। निर्माण कार्यों पर निर्माण कार्य का नाम, स्‍वीकृत लागत, प्रशासकीय स्‍वीकृति, कार्य की भौतिक स्थिति इत्‍यादि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'' अनुसार है। मनरेगा योजनांतर्गत किए गए कार्यों की जानकारी यथा निर्माण कार्य का नाम, स्‍वीकृत लागत, प्रशासकीय स्‍वीकृति, कार्य की भौतिक स्थिति, व्‍यय इत्‍यादि जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'' फ्लोचार्ट अनुसार देखी जा सकती है। मनरेगा के अलावा अन्‍य मदों से किए गए कार्यों की जानकारी यथा स्‍वीकृत मद, स्‍वीकृत लागत, प्रशासकीय स्‍वीकृति एवं भौतिक स्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'' अनुसार है। (घ) जी हां, सिन्ध नदी के उद्गम स्थल का भ्रमण/निरीक्षण किया गया था। सिंध नदी का उद्गम स्थल नगर परिषद क्षेत्र में है। उद्गम स्थल के जीर्णोद्धार की कार्य योजना तैयार नहीं की गई है एवं नवीन कार्य नहीं लिये गये है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'' अनुसार है। मनरेगा योजनांतर्गत किए गए कार्यों की जानकारी यथा निर्माण कार्य का नाम, स्‍वीकृत लागत, प्रशासकीय स्‍वीकृति, कार्य की भौतिक स्थिति, व्‍यय इत्‍यादि जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'' फ्लोचार्ट अनुसार देखी जा सकती है।

 

ग्राम पंचायत झिन्ना में निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

95. ( क्र. 2188 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ग्राम पंचायत झिन्ना जिला मैहर में 01/04/2012 से 31/04/2017. के दौरान क्या शा. आराजी क्र. 583 में 19 हॉट बाजार दुकानों का निर्माण हुआ एवं उसे जनभागीदारी का नाम दिया गया? कितने मूल्‍य पर एक दुकान बेची गई? क्‍या वर्ष 2013 में मुख्यमंत्री हॉट बाजार योजना में 8 दुकानों के लिए 15 लाख स्वीकृत कराकर पुरानी दुकानों को दिखाकर 7.5 की राशि खुर्द बुर्द कर ली गई? 2012 में पंचायत भवन हेतु 10.50 लाख स्वीकृत करवा कर आधे अधूरे भवन की पूरी राशि आहरित कर ली गई? वर्ष 2014-15, में ककरहा टोला में आंगनवाड़ी केन्द्र 25/09/2015 में शुरू कर उसे बेच दिया गया? (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित अवधि में किस-किस स्थान पर विद्युत मोटर किस-किस बोर में कितनी-कितनी लागत के डाली गई? सभी विद्युत मोटर का भुगतान किसे किया गया? राशिवार/भुगतान प्राप्तकर्तावार जानकारी दें। (ग) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित अवधि अनुसार उक्त हैंडपंपों से कहां-कहां से पाइप/रॉड/सिलेंडर/हैंडल टापा एवं अन्य क्या-क्या सामान निकाला गया? उक्त सामान किसको बेचा गया? उक्त सामान की कुल कीमत क्या थी? बोरवार/वर्षवार/माहवार जानकारी दें। (घ) राज्य शासन तत्कालीन सरपंच/सचिव पर कब तक ई.ओ.डब्लू. में आपराधिक प्रकरण कायम करवायेगा? समय-सीमा दें

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) ग्राम पंचायत झिन्‍ना में 01/04/2012 से 31/04/2017 के दौरान शा.आ. क्र. 583 में जनभागीदारी से 20 हॉट बाजार दुकानों का निर्माण हुआ था। वर्ष 2013 में मुख्‍यमंत्री हॉट बाजार योजना में 8 दुकानें जिसकी लागत 15 लाख रूपये थी जिसमें प्रथम किश्‍त 7.50 लाख जारी हुई जिसकी माप पुस्तिका अनुसार कुल मूल्‍यांकन 6.51908 लाख हुआ। वर्ष 2012 में स्‍वीकृत ग्राम पंचायत भवन भौतिक रूप से पूर्ण व संचालित है। 2014-15 में स्‍वीकृत आंगनवाड़ी केन्‍द्र ककरहा टोला भौतिक रूप से पूर्ण है, जिस पर अवैध कब्‍जा है, जिसका प्रकरण तहसील ताला में प्रकरण क्र. 0041-अ/68/2025 प्रचलन में है। इन कार्यों की जांच लोकायुक्‍त में प्रकरण क्र. 502/2011 एवं प्रकरण क्र- 502/ई/2024 में प्रचलन में है। जिसमें अभिलेख जप्‍ती में होने के कारण शेष उत्‍तर दिया जाना संभव नहीं है। (ख) लोकायुक्‍त में प्रकरण क्र. 502/2011 एवं प्रकरण क्र- 502/ई/2024 प्रचलन में होने एवं अभिलेख जप्‍ती में होने के कारण उत्‍तर दिया जाना संभव नहीं है। (ग) लोकायुक्‍त में प्रकरण क्र. 502/2011 एवं प्रकरण क्र- 502/ई/2024 प्रचलन में होने एवं अभिलेख जप्‍ती में होने के कारण उत्‍तर दिया जाना संभव नहीं है। (घ) लोकायुक्‍त में प्रकरण क्र. 502/2011 एवं प्रकरण क्र- 502/ई/2024 प्रचलन में होने एवं अभिलेख जप्‍ती में होने के कारण उत्‍तर दिया जाना संभव नहीं है।

उर्वरक हेतु ई-टोकन प्रणाली की जानकारी

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

96. ( क्र. 2191 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या किसानों को ई-टोकन प्रणाली के तहत उर्वरक हेतु टोकन-बुक करने एम.पी. ऑन लाइन केंद्रों पर जाकर बुक करना पड़ता है? क्या अन्नदाता/किसान इतना जागरुक है कि वह स्वयं/खुद उर्वरक की बुकिंग कर सकता है? गांव के अधिकांश किसान स्मार्ट-फोन नहीं रखते और न ही चला पाते है वो किसान आखिर क्या करें? एम.पी. ऑनलाइन केंद्रों पर किसानों को अतिरिक्त शुल्क जो ऑनलाइन सेंटर वाले सेवा प्रदान के बदले ले लेते हैं, वह अतिरिक्त-भार किसानों पर आ रहा है? इसके लिए सरकार की कोई सुगम-व्यवस्था लागू क्यों नहीं करती है? (ख) क्या ई-टोकन प्रणाली में अगर टोकन-बुक करने के बाद उर्वरक लेने की तारीख निकल जाए तो पैसा वापसी संभव है? क्या उसी टोकन से अगली तारीख में मिलेगी या नहीं? बिंदुवार विवरण दें। (ग) क्या कई किसान नामांतरण की समस्या से जूझ रहे हैं? जिनकी जमीन अभी पूरी तरह उनके नाम पर दर्ज नहीं है, या बंटवारे की विवाद में फंसी है, क्या वह अपनी भूमि जिसे वो वर्षों से जोत व, बो रहे हैं के लिए ई-टोकन जारी नहीं करवा पा रहे हैं? जानकारी/प्रशिक्षण और वैकल्पिक समाधान के बाद उक्त व्यवस्था लागू होगी तो कारगर होगी? (घ) क्या ई-टोकन का सर्वर पूरे प्रदेश में बिना रुके चल रहा है? किन-किन जिलों में सर्वर के ठप होने की जानकारी शासन के समक्ष आई है? क्या सर्वर सुबह 9:00 के बाद बंद हो जाता है? ई-टोकन बुक करने का समय क्या, निर्धारित किया गया है? बिना सोचे समझे अव्यावहारिक रूप से इस ई-टोकन व्यवस्था को शासन कब बंद करेगा?

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी नहीं। ये अनिवार्य नहीं है कि किसान ई-विकास प्रणाली के तहत उर्वरक क्रय हेतु ई-टोकन के लिए एम.पी. ऑनलाइन केंद्रों पर जाये। किसान स्वयं अपने स्मार्ट-फोनसे भी ई-टोकन बुक कर सकता है। ऐसे किसान जिन के पास स्मार्टफोन नहीं है तथा जो किसान स्‍वयं ई-टोकन बुक नहीं कर सकते है, उनके लिये ई-टोकन की सुविधा सहकारी समितियों, विपणन संघ एवं उर्वरक विक्रेताओं के माध्यम से दी गई है। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है। (ख) ई-टोकन बनाते समय कृषक से कोई भी शुल्‍क नहीं लिया जाता है। यदि ई-टोकन की वैधता अवधि (तीन दिवस) तक उर्वरक प्राप्त नहीं किया जाता है, तो ई-टोकन स्‍वत: निष्‍क्रि‍य हो जायेगा। जिसके उपरांत कृषक द्वारा पुन: आधार से अपना प्रोफाइल लॉगिन कर ई-टोकन प्राप्‍त किया जा सकता है। (ग) जिन किसानों की भूमि का विवरण एग्रीस्‍टेक पर उपलब्‍ध नहीं है, ऐसे किसानों, वन पट्टाधारी किसानों, सिकमी/बटाईदार किसानों, राजस्‍व पट्टा के किसान, मंदिर/ट्रस्‍ट/संस्‍थाओं आदि की भूमि में कृषि हेतु उर्वरक उपलब्‍ध कराने हेतु व्‍यवस्‍था की गई है। संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी, राजस्‍व के अनुमोदन उपरांत ई-टोकन जारी किया जा सकता है। प्रशासकीय आदेश के क्रम में आवश्‍यक प्रशिक्षण के साथ संपूर्ण प्रदेश में ई-विकास प्रणाली लागू की गई है। (घ) जी हाँ। भारत सरकार की आधार सर्विसेज को किसान के प्रोफाइल वेरिफिकेशन हेतु उपयोग किया गया है, जिसके कारण कभी-कभी मोबाइल पर OTP प्राप्त होने में कुछ समय लग जाता है। ई-टोकन बुक करने हेतु प्रातः 07:00 बजे से रात्रि 08:00 बजे तक की समयावधि निर्धारित की गई है। प्रदेश के तीन जिलों (विदिशा, शाजापुर एवं जबलपुर) में सफल पायलेट करते हुए प्रशासकीय आदेश के क्रम में आवश्‍यक प्रशिक्षण के साथ संपूर्ण प्रदेश में ई-विकास प्रणाली लागू की गई है। प्रणाली के कार्यान्वयन के उपरांत, सभी जिलों से प्राप्त जमीनी स्तर के सुझावों को, जो नियम विरुद्ध न हो, समय-समय पर प्रणाली में सम्मिलित कर सुधार एवं अपडेट किया जा रहा है। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है।

 

मनरेगा अंतर्गत नियम विरुद्ध स्वीकृति

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

97. ( क्र. 2193 ) श्री मधु भगत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रभारी कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा सिवनी का स्थानांतरण शिकायत के आधार पर शासन की स्थानांतरण नीति के तहत दिनांक 10 जून, 2025 को सिवनी से सागर संभाग किया गया था? यदि हाँ, तो क्या माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा स्थगन पर से बाध्यता हटाते हुए, पुनः शासन को उचित आदेश पारित करने की स्वतंत्रता दी गई थी, यदि हाँ, तो शासन द्वारा क्या निर्णय लिया गया एवं कब तक इन्हें हटाया जाएगा? (ख) सिवनी जिले में ही पदस्थ श्री संजय जाटव सहायक यंत्री जिनका वरीयता क्रम सूची अनुसार 20 नंबर पर प्रदेश में नाम है, जिनका संवर्ग में नियुक्ति दिनांक 30 मार्च, 2007 है जो कि वर्तमान में श्री उपेंद्र मिश्रा के अधीनस्थ कार्यरत हैं। क्या यदि हाँ, तो सिवनी जिले में ही श्री उपेंद्र मिश्रा जिनका वरीयता क्रम सूची के अनुसार 61 वें नंबर पर नाम है जिनके संवर्ग में नियुक्ति दिनांक 15 नवंबर, 2010 है? क्या श्री उपेंद्र मिश्रा पर भ्रष्टाचार, अनियमितता, ईओडब्ल्यू, मनरेगा अंतर्गत नियम विरुद्ध स्वीकृति (चेक डैम पत्र क्रमांक 2258 भोपाल दिनांक 1/07/2024 के बाद), अवसंरचना निर्माण कार्य की जांच लंबित है?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी नहीं। सिवनी से सागर स्थानांतरण प्रशासनिक आधार पर हुआ था। जी नहीं, दिनांक 13.12.2025 को माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा स्थगन आदेश को स्थाई किया गया एवं स्थानांतरण आदेश को खारिज किया गया तथा प्रतिवादियों को सेवा की आवश्यकता और इस संबंध में बनाये गये नियमों और विनियमों के अनुसार उचित आदेश पारित करने की स्वतंत्रता दी गई। वर्तमान में स्थानांतरण पर प्रतिबंध होने के कारण शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता (ख) जी हाँ। जी हाँ। जी हाँ।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

98. ( क्र. 2194 ) श्री मधु भगत : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में प्रधानमंत्री फसल बीमा व अन्य फसल बीमा योजना क्रियान्वयन एवं उपज नुकसान आकलन के लिए वर्तमान में कौन सा फॉर्मूला लागू है? (ख) उक्त फॉर्मूले के अंतर्गत या फसल को 80 प्रतिशत से कम नुकसान होने पर राज्य सरकार को बीमा कंपनियों से कितनी राशि वर्ष 2020-21 से प्रश्‍न दिनांक तक वापस मिली? (ग) राज्य सरकार की ओर से बीमा कंपनियों को बतौर प्रीमियम कितनी राशि अदा की गई एवं कुल कितनी मुआवजा राशि किसानों को किस-किस फसल की वितरित हुई? उक्त सभी जानकारी, वर्षवार, संभागवार एवं फसल सीजनवार गौशवारा बनाते हुए बताएं।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत उपज नुकसान आकलन एवं योजना का क्रियान्‍वयन भारत सरकार की मार्गदर्शी निर्देशिका के अनुसार किया जा रहा है। मुख्‍य फसलों के उपज नुकसान आकलन में रिमोट सेंसिंग तकनीक का उपयोग किया जा र‍हा है। बीमा कम्‍पनी एवं सरकार में रिस्‍क के बटवारे के उद्देश्‍य से 80-110 सरप्‍लस शेयरिंग मॉडल लागू किया गया है। 80-110 सरप्‍लस शेयरिंग मॉडल का संक्षिप्‍त विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है।

महाविद्यालय में पोस्‍ट ग्रेजुएट कक्षाएं प्रारंभ किये जाना

[उच्च शिक्षा]

99. ( क्र. 2196 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंडला जिले के महाविद्यालय बिछिया, अंजनियां एवं मवई में वर्तमान में कौन-कौन से विषय की कक्षाएं संचालित हैं, इनमें अध्ययनरत विद्यार्थियों की जानकारी नाम, पता व मोबाइल नंबर सहित उपलब्ध कराएं। (ख) उक्त महाविद्यालयों में पोस्ट ग्रेजुएट कक्षाएं प्रारम्भ कराने हेतु महाविद्यालयों द्वारा कब-कब प्रस्ताव भेजे गए? पोस्ट ग्रेजुएट कक्षाएं प्रारम्भ नहीं कराने के क्या कारण हैं? क्या भविष्य में यहाँ पोस्ट ग्रेजुएट कक्षाएं प्रारम्भ की जाएंगी? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों? (ग) मंडला जिले के विकासखंड घुघरी में महाविद्यालय नहीं खोले जाने के क्या कारण हैं? क्या इस ब्लॉक के 100 से अधिक गाँवो के बच्चों को उच्च शिक्षा अध्ययन हेतु मंडला जिला मुख्यालय या अन्य ब्लॉकों में जाने हेतु विवश होना पड़ता है? घुघरी में महाविद्यालय कब तक खोला जायेगा?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) पत्र क्रमांक 568, दिनांक 03.04.2025 प्राप्‍त हुआ है। शासकीय महाविद्यालय बिछिया में स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ करने हेतु विभागीय मापदंडों की पूर्ति नहीं हो रही है। शासकीय महाविद्यालय अंजनिया एवं मवई महाविद्यालय में स्वयं का भवन न होने के कारण स्नातकोत्तर कक्षाएं संचालित करने का प्रस्ताव महाविद्यालय द्वारा नहीं दिया गया है। (ग) घुघरी में नवीन महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने हेतु विभागीय मापदंडों के परिप्रेक्ष्य में पूर्ति नहीं हो रही है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है।

कर्मचारियों के समयमान वेतनमान

[आयुष]

100. ( क्र. 2197 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या आयुष मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों को द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ समयमान वेतनमान स्वीकृत किये जाने के क्या नियम हैं? पात्रता एवं अर्हता सहित जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) जबलपुर संभाग अंतर्गत जो कर्मचारी इस हेतु पात्र हैं उनके नाम, पदनाम सहित जानकारी उपलब्ध कराएं। इन कर्मचारियों को कब से और क्यों समयमान-वेतनमान के लाभ से वंचित रखा जा रहा है?                         (ग) क्या प्रश्‍नकर्ता के अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 423, सदन दिनांक 16/12/24 एवं अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 774, सदन दिनांक 20/03/25 के उत्तर में बताया गया है कि कार्यवाही वित्त विभाग से सहमति हेतु प्रचलन में है? यदि हाँ, तो कार्यवाही से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराएं? क्या इस सन्दर्भ में वित्त विभाग को कोई प्रस्ताव भेजा गया है,यदि हाँ, तो प्रस्ताव की प्रति उपलब्ध कराएं? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) क्या अन्य संभागों में समयमान-वेतनमान के लाभ दिए जाने के दौरान जो आपत्ति जबलपुर संभाग में ली गई थी, वह नहीं ली गई है? तो जबलपुर संभाग अकेले में यह आपत्ति लिए जाने के क्या कारण हैं? (ङ) क्या इस संबंध में संचालनालय आयुष द्वारा पत्र क्रमांक/एफ-/2025/2/स्था./4107-64, भोपाल दिनांक 19/12/2025 के माध्यम से समस्त संभागीय अधिकारी व जिला आयुष अधिकारी को समयमान वेतनमान के प्रशासकीय अधिकार प्रत्यायोजित किये गए हैं? यदि हाँ, तो जबलपुर संभाग में इसके परिपालन में अब तक क्या-क्या कार्यवाही की गई? अवगत करावें। कर्मचारियों के समयमान वेतनमान लंबित रखने वाले संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध क्या कार्यवाही की जाएगी?

आयुष मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार। म.प्र. शासन वित्‍त विभाग पत्र क्र/एफ 11/1/2008/नियम/चार दिनांक 24/01/2008, पत्र क्र. एफ 11-17/2014/नियम/चार दिनांक 30/09/2014 एवं पत्र क्रमांक एफ 8-1/2023/नियम/चार दिनांक 14/08/2023(ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है(ग) जी हाँ। संचालनालय पत्र क्रमांक/264 दिनांक 28/01/2022 के प्रस्‍ताव पर वित्‍त विभाग द्वारा की गई पृच्‍छा के संबंध में कार्यवाही प्रचलन में है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट-स अनुसार है। (घ) सभी संभागों में समयमान प्रदान किये जाने हेतु एक समान मापदण्‍ड का पालन किया जाता है। समयमान-वेतनमान के लिये शासन द्वारा समय-समय पर जारी निर्देश के अनुक्रम में समिति द्वारा सेवा अवधि के साथ विभागीय भर्ती नियम 2013 में पदोन्नति के लिये निर्धारित अर्हता (आयुर्वेद/होम्योपैथी कम्पाउण्डर के लिये) बी.ए.एम.एस./बी.एच.एम.एस. एवं विधि द्वारा निर्धारित बोर्ड में पंजीयन नहीं होने से अनुशंसा नहीं की गई है। (ड.) जी हाँ। जबलपुर संभाग में उक्त निर्देश के परिपालन में समयमान-वेतनमान नियमों के तहत समिति द्वारा निर्धारित मापदंडों के आधार पर अनुशंसा की गई एवं उसमें आदेश प्रसारित किये जा चुके है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट-द अनुसार है।

पात्र हितग्राहियों को राशि का भुगतान

[श्रम]

101. ( क्र. 2203 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                              (क) प्रदेश में संचालित संबल योजना के अंतर्गत सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में जनवरी 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितने प्रकरण स्वीकृत कर राशि दी गई है? उनकी सूची उपलब्ध करावें।                           (ख) उक्त अवधि में संबल योजना के अंतर्गत सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में कुल कितने पात्र हितग्राही वंचित/ लंबित हैं? उनकी सूची उपलब्ध करावें। (ग) उपरोक्त पात्र हितग्राहियों को राशि का भुगतान नहीं होने के कारण की जानकारी देवें। (घ) जिन हितग्राहियों के प्रकरण स्वीकृत हो चुके हैं, उन्हें संबल योजना की सहायता राशि का भुगतान कब तक कर दिया जाएगा?

श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजनांतर्गत सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में जनवरी 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल 557 प्रकरणों में अनुग्रह सहायता राशि का भुगतान किया गया है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है।                          (ख) मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना के संबंध में प्रश्‍नांश में वांछित जानकारी संबंधी सुवासरा विधानसभा क्षेत्र के कुल 193 प्रकरण है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजनांतर्गत पात्र हितग्राहियों के स्वीकृत तथा डिजिटल हस्ताक्षरित प्रकरणों में भुगतान मृत्यु दिनांक के क्रमानुक्रम में बजट उपलब्धता अनुसार किया जता है। (घ) मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजनांतर्गत अनुग्रह सहायता भुगतान एक सतत् प्रक्रिया है, योजनांतर्गत प्रत्येक सिंगल क्ल‍िक कार्यक्रम में स्वीकृत तथा डिजि‍टल हस्ताक्षरित प्रकरणों में भुगतान मृत्यु दिनांक के क्रमानुक्रम में बजट उपलब्धता अनुसार किया जाता है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थ‍ित नहीं होता।

अनुकंपा नियुक्ति के लंबित प्रकरणों का निराकरण

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

102. ( क्र. 2206 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                        (क) पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में कितने अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरण लंबित है? लंबित प्रकरणों पर कब तक कार्यवाही कर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जावेगी? (ख) जनपद पंचायत बुधनी जिला सीहोर में पदस्‍थ पंचायत सचिव स्‍व. श्री विजय भदौरिया के सेवाकाल के दौरान दिनांक 11.05.2017 को मृत्‍यु होने पर उनके परिवार के आश्रित उनके पुत्र को अनुकंपा नियुक्ति दिये जाने हेतु मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सीहोर द्वारा जिला सीहोर में अन्‍य पिछड़ा वर्ग का पद रिक्‍त नहीं होने पर मूल प्रस्‍ताव संचालक पंचायत राज संचालनालय को भेजा गया था? यदि हाँ, तो उक्‍त संबंध में क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संबंध में पंचायत राज संचालनालय द्वारा कब तक नियुक्ति प्रदान कर दी जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ। श्रीमति लीला बाई पत्‍नी स्‍व.श्री विजयसिंह भदौरिया को मृत्‍यु अनुग्रह अनुदान योजना अंतर्गत राशि 1.50 लाख रूपये प्रदाय की गई है। (ग) उत्‍तरांश (ख) अनुसार प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "पचपन"

तिलहन संघ सेवायुक्तों का वेतनमान

[सहकारिता]

103. ( क्र. 2208 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सा.प्रशा. विभाग के आदेश क्र. 407/426/2019/1/3 दि. 29-03-2019 के अंतर्गत म.प्र. राज्य तिलहन संघ से शासन के विभिन्न विभाग में पदस्थ सेवायुक्तों के वेतन/वेतनमान निर्धारण हेतु किस विभाग को नोडल विभाग नियुक्त किया गया है? आदेश की छायाप्रति दें। (ख) यदि नोडल विभाग नियुक्त किया गया है तो आज दिनांक तक तिलहन संघ के कितने सेवायुक्तों का वेतन/ वेतनमान निर्धारण किया गया है? विभागवार विवरण उपलब्ध कराया जाये। (ग) आयुक्त सहकारिता पत्र क्र. 296 दि. 04-03-2024 द्वारा शासन को अवगत कराया गया है कि शासन द्वारा जारी परिपत्रों में उल्लेखित निर्देशों के अनुसार वेतन निर्धारण नहीं हो पा रहा है? यदि हाँ, तो शासन द्वारा अब तक क्या कार्यवाही की गई? क्या ठोस कार्यवाही प्रस्तावित है? उसकी समय-सीमा क्या है? उक्त आदेश की छायाप्रति दें। (घ) तिलहन संघ के सेवायुक्तों के वेतनमान संबंधी कुल कितने प्रकरण उच्च न्यायालयों में लंबित/निराकृत है, जिनकी जानकारी विभाग के संज्ञान में है, प्रत्येक की स्थिति क्या है? प्रकरणवार, प्रकरण क्र., याचिका प्रकार, संबंधित का नाम, पद, लंबित/निराकृत, अध्यनतन स्थिति बतांए।

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश क्र. 407/426/2019/1/3 दिनांक 29-03-2019 के द्वारा तिलहन संघ के सेवायुक्‍तों को पांचवे/छठवे/सातवें वेतनमान का लाभ देने के संबंध में माननीय न्‍यायालयों में दायर प्रकरण/अवमानना को दृष्टिगत रखते हुए शासन के विभिन्न विभागों से समन्वय स्थापित करने एवं मामले का परीक्षण कर उचित कार्यवाही करने के लिये सहकारिता विभाग को नोडल विभाग नियुक्त किया गया है, आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार सहकारिता विभाग को वेतन/वेतनमान निर्धारण हेतु नोडल नहीं बनाये जाने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) आयुक्त सहकारिता के पत्र क्र. 296 दिनांक 04.03.2024 के द्वारा यह लेख नहीं किया गया है कि शासन के परिपत्र अनुसार वेतन निर्धारण नहीं हो पा रहा है, बल्कि अवमानना प्रकरण 3825/2023 (श्री बेन्नी पी.एम. विरूद्ध श्रीमती दीप्ती गौड़ मुखर्जी प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन विभाग एवं अन्य) में पारित निर्णय के पालन के संबंध में शासन को यह अवगत कराया गया है कि सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र दिनांक 12.08.2013 द्वारा जारी संविलियन योजना एवं समय-समय पर सामान्य प्रशासन विभाग एवं वित्त विभाग के द्वारा जारी परिपत्रों के अनुसार तिलहन संघ के सेवायुक्तों के वेतन निर्धारण की कार्यवाही संबंधित विभागों द्वारा की जाती है। उक्त परिपत्रों में जारी निर्देशों में संशोधन किये बिना श्री बेन्नी पी.एम. के आवेदन पर कार्यवाही आयुक्त सहकारिता स्तर से नहीं की जा सकती है तथा अवमानना याचिका के निर्णय के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय में अपील किये जाने का भी लेख है। प्रकरण न्यायालयीन कार्यवाही के अधीन होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) तिलहन संघ के सेवायुक्तों के वेतनमान संबंधी लंबित/निराकृत प्रकरण जो सहकारिता विभाग के संज्ञान में है, की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार है।

लाभान्वित संबल कार्डधारकों की जानकारी

[श्रम]

104. ( क्र. 2210 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. शासन दवारा संचालित संबल योजना अंतर्गत पात्रता के क्या नियम हैं व योजना अंतर्गत संबल कार्ड धारकों को कौन-कौन से लाभ प्रदान किये जाते हैं? विस्तृत जानकारी प्रदान करें।                       (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार बीना विधानसभा क्षेत्र के विकासखण्ड बीना में किस-किस संबल कार्ड धारक को विगत दो वर्ष में कौन-कौन से लाभ प्रदान किए गए? हितग्राही के नाम, पता सहित जानकारी उपलब्ध करावें।

श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) श्रम विभाग द्वारा म.प्र. असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजनांतर्गत पात्रता नियम संबंधिजानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। योजना अंतर्गत दिये जाने वाले हितलाभ संबंधी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।                      (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-स अनुसार है।

खेत सड़क योजना के संबंध में

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

105. ( क्र. 2213 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विकासखंड चौरई एवं बिछुआ में खेत सड़क योजना के प्रस्ताव कि जनपद पंचायत में लिए गए हैं? (ख) क्या खेत सड़क योजना को चालू करने की कोई योजना विभाग द्वारा बनाई जा रही है? (ग) यदि ग्राम से खेतों तक पहुँच मार्ग की अति आवश्यकता है, तो विभाग कब तक उस पर विचार करेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) विधानसभा चौरई के अंतर्गत बिछुआ एवं चौरई में कुल 14 खेत सड़क के प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुए है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'' अनुसार है। (ख) सुदूर संपर्क/खेत-सड़क मनरेगा योजना अंतर्गत प्रचलित है, प्रगतिरत कार्यों का क्रियान्वयन नियमानुसार किया जा रहा है। वर्तमान में सुदूर संपर्क/खेत सड़क के संबंध में ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार का अर्द्ध शासकीय पत्र क्रमांक 11017 दिनांक 20 मई, 2025 नई दिल्ली द्वारा महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत ग्रामीण संयोजकता के कार्यों हेतु मार्गदर्शी दिशा-निर्देश जारी किये हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'' अनुसार है। जिसके अनुक्रम में परिषद का पत्र क्रमांक 844 दिनांक 27.05.25 से भारत सरकार द्वारा जारी किये गये मार्गदर्शी दिशा-निर्देशों के प्रकाश में नवीन दिशा-निर्देश जारी होने तक सुदूर संपर्क/खेत सड़क के नवीन कार्य नहीं लिये जाए, का लेख किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'' अनुसार है। (ग) भविष्यात्मक प्रश्‍न का उत्तर दिया जाना संभव नहीं है।

खेल सामग्री प्रदान किया जाना

[खेल एवं युवा कल्याण]

106. ( क्र. 2214 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2018 से वर्तमान तक अलग-अलग वर्ष में छिन्दवाड़ा जिला में खेल को बढ़ावा देने हेतु खेल विभाग द्वारा क्या-क्या सामग्रियाँ प्रदान की गई? (ख) वर्ष 2018 से वर्तमान तक चौरई विधानसभा क्षेत्र में कौन-कौन सी खेल सामग्रियाँ प्रदान की गई? (ग) जो सामग्रियाँ प्रदान की गई वो किस विभाग को क्या-क्या सामग्री दी गई?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) संचालनालय स्तर से जिले को खेल सामग्री प्रदान नहीं की जाती है। खेल सामग्री क्रय हेतु प्रतिवर्ष संचालनालय द्वारा जिलों को बजट उपलब्ध कराया जाता है। जिससे संचालनालय के पत्र क्रमांक-1936 दिनांक 04.06.2018 में दिये गये निर्देश अनुसार जिला स्तर पर पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा जिलों को आवंटित बजट अनुसार ही आवश्‍यकता का आकलन कर खेल सामग्री क्रय एवं वितरण का निर्णय लिया जाता है। जिला स्तर पर गठित समिति की अनुशंसा पर छिन्दवाड़ा जिले में वर्ष 2018 से वर्तमान तक क्रय की गई सामग्री की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- अनुसार है। (ख) वर्ष 2018 से वर्तमान तक चौराई विधानसभा क्षेत्र में प्रदाय की गई खेल सामग्रियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। (ग) खेल सामग्री का वितरण किसी विभाग को नहीं किया जाता है। खेल सामग्री का वितरण विभिन्न विकासखण्डों में कार्यरत विभागीय ग्रामीण युवा समन्वयकों एवं प्रशिक्षकों को किया जाता है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

नियम विरुद्ध एक ही कंपनी को यूरिया वितरण का कार्य

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

107. ( क्र. 2216 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नीमच, रतलाम, मंदसौर, धार, मेघनगर आदि स्थानों पर अनुदानित रासायनिक खाद के 800 टन यूरिया के वितरण और भंडारण का कार्य एक ही संस्था को दिया गया है? यदि हाँ, तो संस्था का नाम और डीलरशिप प्राप्त व्यक्ति के नाम सहित जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में, क्या भारत सरकार के उर्वरक मंत्रालय और सीवीसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार, एक ही एजेंसी को भंडारण, वितरण और डीलरशिप का कार्य नहीं दिया जा सकता? यदि नहीं, तो नियमों की प्रतिलिपि दें। (ग) प्रश्‍नांश (क) और (ख) के संदर्भ में, 1 जनवरी, 2020 के बाद उक्त डीलर के कालाबाजारी के कारण कितने ट्रक कहाँ-कहाँ जब्त हुए हैं? सूची दें। क्या उक्त ठेकेदार द्वारा गोदामों में गुणवत्ता वाले उर्वरक में नकली माल मिलाकर भारी मात्रा में हेराफेरी की जाती है? यदि नहीं, तो कब-कब, किस-किस सक्षम अधिकारी ने इन गोदामों की जाँच की और रखे यूरिया का परीक्षण करवाया? (घ) क्या उक्त संस्था का एक ट्रक (MP13GE6335, 407 ट्रक) 1 जनवरी, 2025 के पश्चात् पकड़ा गया, जिसे इन्होंने रैक से लोड करवाया, बाद में कागजात बदलकर डीलर के नाम से कागजात बन गए। यह लगभग 20 मिट्रिक टन यूरिया था, जो कि 3 महीनों से ले जाया गया। क्या यह हेराफेरी की श्रेणी में आता है? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई?

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है। (ख) उर्वरक (अकार्बनिक, कार्बनिक या मिश्रित) (नियंत्रण) आदेश, 1985 के खण्‍ड 8 अनुसार थोक एवं खुदरा विक्रेताओं को उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र जारी किये जाते हैं। विक्रेता द्वारा थोक एवं खुदरा व्‍यापार हेतु पृथक-पृथक थोक एवं खुदरा उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र प्राप्‍त किया जा सकता है। जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है। (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के संदर्भ में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है।

परिशिष्ट - "छप्पन"

सेवा सहकारी समिति का गठन

[सहकारिता]

108. ( क्र. 2222 ) श्री निलेश पुसाराम उईके : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के जिला पांढुर्ना/छिंदवाड़ा की तहसील व विकासखण्ड मोहखेड़ की ग्राम व ग्राम पंचायत मुजावरमाल में सेवा सहकारी समिति का पुनर्गठन/केंद्र प्रारम्भ करने बाबत् स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा कोई पत्र/प्रस्ताव शासन/विभाग/जिला प्रशासन को प्राप्त हुआ है? यदि हाँ, तो उस पर क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यो और कब तक सेवा सहकारी समिति का पुनर्गठन/केंद्र प्रारम्भ कर दिया जावेगा? (ख) क्या जिला सिवनी में शासकीय धान खरीदी केंद्रों से क्रय की गई धान को मिलिंग के नाम से लेकर अन्य प्रदेशों में अवैधानिक रूप से विक्रय करने व शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में वितरि‍त किया जाने वाले निम्न स्तर के चावल के संबंध में कोई पत्र स्थानीय जनप्रतिनिधियों व मजदूर संगठनों द्वारा शासन/विभाग/जिला प्रशासन को प्राप्त हुए हैं? यदि हाँ, तो उस पर क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो कब तक कि जावेगी?

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

रिक्‍त पदों की जानकारी

[उच्च शिक्षा]

109. ( क्र. 2228 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 136 सिवनी-मालवा के अंतर्गत शिवपुर में शासकीय महाविद्यालय खोलने की क्या योजना है? (ख) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत शासकीय कुसुम महाविद्यालय सिवनी-मालवा, शासकीय कन्या महाविद्यालय सिवनी-मालवा, शासकीय महाविद्यालय डोलरिया, शासकीय विरसा मुंडा महाविद्यालय सुखतवा में प्राचार्य, प्राध्यापक एवं स्टाफ के कितने पद स्वीकृत हैं एवं कितने पद रिक्त है? विषयवार बताएं। (ग) रिक्त पदों पर कब तक नियुक्ति की जावेगी?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) शिवपुर में नवीन शासकीय महाविद्यालय प्रारंभ करने के संबंध में विभागीय मापदण्‍डों के परिप्रेक्ष्‍य में पूर्ति नहीं हो रही है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) रिक्‍त पदों पर नियुक्ति की कार्यवाही सतत् प्रक्रिया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "सत्तावन"

रवि, खरीफ एवं ग्रीष्म फसलों की जानकारी

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

110. ( क्र. 2229 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 136 सिवनी-मालवा में कृषि फार्म की कितनी जमीन है? (ख) रवि सीजन, ग्रीष्म रवि एवं खरीफ की कौन-कौन सी फसल ली जाती है? (ग) वर्ष 2024-25 और 25-26 रवि, खरीफ एवं ग्रीष्म में कौन-कौन सी फसल कितने-कितने एकड़ में लगाई गई है? वर्ष में कौन-कौन फसल लगाई जाती है? फसलवार बताई जाए।                    (घ) 2024 -25 में वर्ष की लागत व अधिकारियों का वेतन मिलाकर कितना खर्च किया गया, ली गई फसलों से टोटल कितनी राशि प्राप्त हुई?

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) प्रक्षेत्र सिवनी-मालवा का कुल रकबा 26.396 हेक्‍टेयर है। जिसमें से काश्‍तयोग्‍य रकबा 19.400 हेक्‍टेयर है। (ख) प्रक्षेत्र पर मुख्‍य फसल के रूप में रबी सीजन में गेहूं और चना, ग्रीष्‍म सीजन में मूंग और उड़द एवं खरीफ सीजन में सोयाबीन और अरहर फसल ली जाती है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है।                 (घ) 2024-25 में वर्ष की लागत व अधिकारियों का वेतन मिलाकर कुल राशि 21,03,857/- खर्च की गई एवं फसलों से कुल प्राप्‍त राशि रू. 23,34,404/- हुई है।

परिशिष्ट - "अट्ठावन"

रतलाम शहर में कार्यरत सहकारिता संस्‍थाये/समितियां

[सहकारिता]

111. ( क्र. 2249 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रतलाम के रतलाम शहर में सहकारिता विभाग अंतर्गत वर्ष 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी सहकारी संस्थाएँ/समितियाँ कार्यरत हैं? उनका नाम, प्रकार एवं कार्यक्षेत्र क्या है? रतलाम शहर में सहकारिता विभाग द्वारा संचालित समस्त योजनाओं के अंतर्गत योजनावार एवं वर्षवार लाभार्थियों/हितग्राहियों की संख्या बतावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित उपरोक्त योजनाओं के अंतर्गत पृथक-पृथक हितग्राहीवार विव‍रण दें। (ग) क्या हितग्राही का नाम एवं पता, योजना का नाम, प्रदान किए गए लाभ/अनुदान/ऋण की राशि आदि की जानकारी पृथक-पृथक वर्षवार अनुसार बतावें। (घ) लाभ प्रदान करने की तिथि, संबंधित सहकारी संस्था का नाम। क्या रतलाम शहर में सहकारी संस्थाओं में अनियमितता, अपात्र व्यक्तियों को लाभ देने, अथवा पात्र हितग्राहियों को वंचित रखने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं? यदि हाँ, तो की गई जांच एवं दोषी अधिकारियों/संस्थाओं के विरुद्ध की गई कार्यवाही की जानकारी दें।

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) रतलाम शहर में वर्ष 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक 155 सहकारी संस्थायें कार्यरत हैं, संस्था का नाम, प्रकार एवं कार्यक्षेत्र की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। रतलाम शहर में कार्यरत सहकारी संस्थाओं में विभाग की योजना संचालित न होने से हितग्राहियों को लाभान्वित किये जाने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता हैं। (ख) से (घ) उत्तरांश (क) के संदर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

आजीविका मिशन के कार्य

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

112. ( क्र. 2252 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) क्या शासन/विभाग द्वारा केंद्र/राज्य प्रवर्तित योजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है? (ख) यदि हाँ, तो रतलाम जिले में कितने स्व- सहायता समूहों को पंजीकृत किया जाकर कितने ग्रामीणों व महिलाओं को जोड़ा गया है? इन समूहों में से कितने सक्रिय हैं? कितने निष्क्रिय हैं और कितने नए समूहों के लिए आवेदन किया गया है? विकासखण्‍डवार जानकारी देंl (ग) आजीविका मिशन के तहत रतलाम जिले में वर्ष 2020-21 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक कितना-कितना बजट का आवंटन प्राप्त हुआ, जिसे किस-किस कार्य में व्यय किया? जिले में योजनानुसार क्या-क्या कार्य किये गये? (घ) रतलाम जिले में किन-किन स्थानों पर स्व-सहायता समूहों के प्रशिक्षण केंद्र बनाये गये हैं? समूहों द्वारा किये गये कार्यों की मार्केटिंग किस तरह से की जा रही है? उक्त समयावधि में किन-किन उत्पाद की मार्केटिंग कर कितने का व्यवसाय किया गया? इन समूहों को कितना ऋण/अनुदान प्रदान किया गया? मिशन एवं समूहों के कार्यों का भौतिक सत्यापन किस सक्षम अधिकारियों ने कबकब किया?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हां, मिशन की योजनाओं के माध्‍यम से ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्‍त बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। (ख) रतलाम जिले में कुल 8,665 स्‍व-सहायता समूहों को पंजीकृत कर 1,00,068 ग्रामीण महिलाओं को समूह से जोड़ा गया है, कुल पंजीकृत समूह में से 8401 समूह सक्रिय है तथा 264 समूह निष्क्रिय है एवं 09 नये समूहों हेतु आवेदन प्राप्‍त हुआ है। विकासखण्‍डवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट-01 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट-02 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट-03 अनुसार है।

रोजगार मेलों का विवरण

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार)]

113. ( क्र. 2253 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या राज्‍य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन/विभाग द्वारा युवाओं को स्व-रोजगार से जोड़ते हुए तकनीकी शिक्षा दिए जाने एवं कौशल विकास के लिए कार्य किये जा रहे है? (ख) यदि हाँ, तो रतलाम जिले में किन-किन स्थानों पर कौन-कौन से तकनीकी शिक्षा के संस्थान संचालित किये जा रहे है? इन संस्थानों में किस-किस स्तर, पाठ्यक्रम, ट्रेड का अध्ययन कराया जा रहा? किन-किन संस्थानों में कितने-कितने छात्र-छात्राएं अध्ययनरत है? (ग) वर्ष 2020-21 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन स्थानों पर रोजगार मेलों का आयोजन किया गया? इन मेलों में कितने-कितने आकांक्षी युवाओं ने भाग लिया और कितने आकांक्षी युवाओं को रोजगार आफ़र लेटर दिए गये? किन-किन कम्पनियों व संस्थानों ने इन मेलों में भाग लिया? (घ) उपरोक्त समयावधि अंतर्गत कितने युवाओं को रोजगार मिला? रोजगार मेलों के अलावा विभाग ने कितने आकांक्षी युवाओं को रोजगार के लिए क्या-क्या प्रयास किये? वर्षवार एवं विधानसभा क्षेत्रवार उपरोक्तानुसार जानकारी दें।

राज्‍य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है(ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है(घ) प्रश्‍नावधि में रोजगार मेलों के माध्‍यम से ऑफर लेटर प्राप्‍त आकांक्षी युवाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। संस्‍थाओं द्वारा रोजगार के लिये कैम्‍पस डाइव का आयोजन किया गया है, जिसमें 1616 युवाओं को प्राप्‍त रोजगार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार है

इनडोर स्टेडियम में अव्यवस्था

[खेल एवं युवा कल्याण]

114. ( क्र. 2255 ) श्री संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी में माधव नगर क्षेत्र में सर्किट हाउस के पास खेल एवं युवा कल्याण विभाग के इनडोर स्टेडियम में अव्यवस्था एवं खराब स्थिति के लिए क्या खिलाड़ियों द्वारा कोई शिकायत दर्ज कराई गई है, अगर हाँ उस पर क्या कार्यवाही की गई है? (ख) क्या यह इनडोर स्टेडियम अत्यंत खराब स्थिति में है और खिलाड़ियों के न तो खेलने की स्थिति में है, ऊपर के शेड इत्यादि भी अत्यंत खराब स्थिति में है? (ग) अगर हाँ तो इंडोर स्टेडियम में कब तक सुधार कार्य कर दिए जाएंगे? अवधि बताएं यदि नहीं, तो क्यों नहीं कारण बताएं?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) माधवनगर, कटनी स्थित इंडोर हॉल में खराब व्यवस्था के संबंध में वर्तमान में खिलाड़ियों की कोई भी शिकायत लंबित नहीं है। सी.एम. हेल्प लाईन में दिनांक 22.11.2024 को वुडन फ्लोर के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी। इंडोर हॉल में विभागीय आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए नवीन वुडन फ्लोर की स्थापना हेतु राशि रू. 1,00,14,592/- का कार्यादेश संचालनालयीन पत्र क्रमांक 3473 एवं पत्र क्र. 3471 दिनांक 17.07.2025 द्वारा संबंधित फर्म को कार्यादेश जारी कर दिया गया है, जिसके तहत् कार्य प्रगतिरत है। (ख) जी नहीं। वर्तमान में खिलाड़ी स्टेडियम में अभ्यास कर रहे है। इंडोर हॉल की छत शेड रिपेयर हेतु जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी जिला कटनी द्वारा नवीन एस.ओ.आर. दर अनुसार प्राक्क्लन प्राप्त किये जाने हेतु पत्र क्रमांक 658 दिनांक 02.12.2025 द्वारा निर्माण एजेंसी म.प्र. भवन विकास निगम संभाग जबलपुर को लेख किया गया है तथा पत्र क्रमांक 787 दिनांक 10.01.2026 द्वारा स्मरण कराया गया है। (ग) नवीन वुडन फ्लोर की स्थापना हेतु रू. 1,00,14,592/- की स्वीकृति जारी कर दी गई है, जिसका कार्य प्रगतिरत है। शेड रिपेयर हेतु जिले से समुचित प्रस्ताव प्राप्त होने पर प्रस्ताव का परीक्षण कर नियमानुसार स्वीकृति की कार्यवाही की जावेगी, जिसकी निश्चित समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

राजीव गांधी प्रो.वि. भोपाल की निविदा निरस्‍त

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल तकनीकी शिक्षा)]

115. ( क्र. 2258 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) भोपाल में वर्ष 2025-26 में परीक्षाओं से संबंधित स्कैनिंग कार्य के लिए जारी निविदा निरस्त की गई है? यदि हाँ, तो किस कारण से निरस्त की गई हैं? (ख) उक्त निविदा में कितनी फर्म ने निविदा प्रस्तुत की थी क्या सभी फर्म निविदा अनुसार तकनीकी योग्यता की शर्तों को पूर्ण करती है? यदि हाँ, तो सभी फर्म के दस्तावेजों की प्रति उपलब्ध कराएं। (ग) क्या उक्त निविदा हेतु गठित समिति ने अपने कार्य में लापरवाही की, यदि हाँ, तो संबंधितों दोषी अधिकारियों के विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई? उक्त समिति सदस्यों के द्वारा साथ-साथ या पृथक रूप से गोपनीय कार्य हेतु किन-किन निविदाओं में तकनीकी और वित्‍तीय निविदा की जांच की है? क्या उन सभी की जाँच किसी पृथक समिति से की गई है? यदि नहीं, तो सभी निविदाओं एवं उनमें आवेदित सभी निविदाकर्ताओं के दस्तावेजों की प्रति उपलब्ध करायें? (घ) क्या प्रश्‍न पत्रों हेतु जारी गोपनीय निविदा में भी उक्त में से कुछ समिति सदस्यों द्वारा निविदा शर्तों के विपरीत जाकर फर्म को तकनीकी रूप से योग्य घोषित कर निविदा दी गई? यदि हाँ, तो दोषी कौन-कौन से हैं? क्या उनके विरुद्ध दंडात्मक/विभागीय कार्यवाही की गई? यदि कार्यवाही लंबित है, तो उसे कब तक पूर्ण की जावेगी?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं, निविदा निरस्‍त नहीं की गई है कार्यादेश निरस्‍त किया गया है। कार्यादेश निरस्‍त किये जाने के कारण की जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है(ख) निविदा में 08 फर्मों द्वारा आवेदन प्रस्‍तुत किये गये थे। जी नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। राजीव गॉधी प्रौद्योगिकी विश्‍वविद्यालय द्वारा प्राप्‍त निविदाओं के तकनीकी मूल्‍यांकन हेतु गठित समिति सदस्‍यों को कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया गया। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्‍वविद्यालय द्वारा गठित चार सदस्‍यीय समिति द्वारा दो निविदाओं (I) स्कैनिंग ऑफ़ रिफ्लेक्स शीट (II) लोडिंग व्‍हीकल अंतर्गत प्राप्‍त तकनीकी एवं वित्तीय निविदा का परीक्षण किया गया। जी हां, जांच पृथक से गठित दो सदस्‍यीय जांच समिति द्वारा की गई। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "उनसठ"

अनु.जा. एवं जनजाति छात्र-छात्राओं से किराया भुगतान

[उच्च शिक्षा]

116. ( क्र. 2267 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन द्वारा शासकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्र-छात्राएं जो कि छात्रावास में न रहकर किराए के मकान में रहकर अध्ययन कर रहे हैं उनको किराए का भुगतान किए जाने के निर्देश है यदि हाँ, तो कितना मासिक किराया दिए जाने के आदेश है, उसके क्या नियम निर्देश हैं? शासन के आदेश की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजगढ़ में विगत तीन वर्षों में किन-किन छात्र-छात्राएं को मकान का किराया प्राप्त हुआ है? उनके नाम, पिता का नाम, कक्षा, ग्राम का नाम तथा मकान मालिक का नाम व पता सहित बतावें। (ग) क्या उन्हें वर्ष 2025-26 के किराए का भुगतान कर दिया गया है?                                (घ) यदि नहीं, तो उन्हें किराए का भुगतान कब तक कर दिया जाएगा?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) प्रावधान एवं नियम जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट '''' अनुसार है।                        (ग) प्राप्‍त आवेदनों का सत्‍यापन संबंधित शासकीय महाविद्यालय द्वारा किया जाता है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति संवर्ग के विद्यार्थियों को भुगतान संबंधित नोडल विभाग ''अनुसूचित जाति विकास एवं जनजातीय कार्य विभाग'' द्वारा किया जाता है। सत्‍यापित आवेदनों का भुगतान संबंधित विभागों द्वारा कर दिया गया है। (घ) उत्‍तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

महाविद्यालय बीना में विज्ञान एवं कॉमर्स संकाय प्रारंभ करना

[उच्च शिक्षा]

117. ( क्र. 2273 ) श्रीमती निर्मला सप्रे [एडवोकेट] : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र बीना का शासकीय कन्या महाविद्यालय बीना जो विधानसभा क्षेत्र की बच्चियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने एक मात्र कन्या महाविद्यालय है, लेकिन विज्ञान एवं कॉमर्स संकाय नहीं है? क्या क्षेत्र की छात्राओं हेतु शासकीय कन्या महाविद्यालय बीना में विज्ञान एवं कॉमर्स संकाय प्रारम्भ करने की कोई कार्यवाही प्रचलन में है? यदि है, तो क्या? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार क्या इस हेतु संबंधित महाविद्यालय प्रबंधन या प्रश्‍नकर्ता द्वारा शासकीय कन्या महाविद्यालय बीना में विज्ञान एवं कॉमर्स संकाय प्रारम्भ करने हेतु विभाग को कोई पत्राचार किया गया है? यदि हाँ, तो कब? पत्र का कोई संज्ञान लिया गया है या नहीं? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के सन्दर्भ में क्या शासकीय कन्या महाविद्यालय बीना में विज्ञान एवं कॉमर्स संकाय प्रारम्भ करने शासन की कोई योजना है? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) शासकीय कन्या महाविद्यालय बीना में विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय स्ववित्तीय योजनांतर्गत संचालित है। शासन स्तर से विज्ञान एवं कॉमर्स संकाय संचालित करने हेतु विभागीय मापदण्डों की पूर्ति नहीं हो रही है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। संज्ञान लिया गया है। (ग) उत्तरांश (क) अनुसार।

परिशिष्ट - "साठ"

प्रधानमंत्री फसल बीमा की राशि

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

118. ( क्र. 2274 ) श्री विवेक विक्की पटेल : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2024-25, 2025-26 से जिला बालाघाट में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कितने किसानों को कब-कब फसल बीमा प्रदान किया गया? किसानों के कुल काटे गए प्रीमियम की राशि एवं संख्या दिए हुए मुआवजे से अधिक हुआ या कम स्पष्ट करें?                       (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित अवधि में जिला बालाघाट अंतर्गत विधानसभा वारासिवनी अंतर्गत कितने किसानों को फसल बीमा की कितनी राशि का लाभ कितनी फसल क्षति होने पर उपलब्ध कराया गया? इसकी गणना किस आधार पर की गई? किसान संख्यावार, फसलवार, राशिवार जानकारी उपलब्ध करावें। कितने किसानों को बीमा नहीं मिलने की शिकायतें आज दिनांक तक लंबित हैं? उन पर वस्तुस्थिति सहित जानकारी ग्रामवार, किसान संख्यावार उपलब्ध करावें? (ग) बीमा कंपनी द्वारा किसानों को फसल क्षति की बीमा राशि कितने दिनों में उपलब्ध कराने के प्रावधान है? (घ) जिला बालाघाट में क्या खरीफ फसल के प्रधानमंत्री फसल बीमाधारी कृषकों को वर्ष 2025 खरीफ फसल धान में अतिवृष्टि से फसल नुकसान की राहत राशि प्रदाय नहीं की गई है? यदि नहीं, तो  क्यों?

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ 2024 एवं रबी 2024-25 के प्रीमियम एवं दावा भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। योजना के प्रावधानों अनुसार खरीफ 2025 में स्‍थानीयकृत आपदा प्रावधान अंतर्गत दावा भुगतान किया गया है जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। खरीफ 2025 में उपज में कमी अनुसार अंतिम दावा राशि की गणना प्रक्रियाधीन है। (ख) जिला बालाघाट अंतर्गत विधानसभा वारासिवनी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 एवं अनुसार है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत दावा गणना प्रक्रिया की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। शिकायतों का विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। (ग) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की मार्गदर्शी निर्देशिका के अनुसार लागू प्रीमियम राशि बीमा कम्‍पनी को भुगतान होने एवं वास्‍तविक उपज के आंकड़े बीमा कम्‍पनी को उपलब्‍ध कराने के 21 दिवस में दावा राशि का भुगतान करने का प्रावधान है। (घ) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत खरीफ 2025 की स्‍थानीयकृत आपदा प्रावधान अंतर्गत दावा भुगतान किया गया है जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। राजस्‍व पुस्‍त‍क परिपत्र आर.बी.सी. 6- (4) अंतर्गत बालाघाट जिला में अतिवृष्टि के कारण खरीफ की फसलों के नुकसान की क्षतिपूर्ति के संबंध में 25 प्रतिशत से कम क्षति होने से राहत राशि दिया जाना संभव नहीं है।

खेल विभागांतर्गत संचलित गतिविधि‍यां

[खेल एवं युवा कल्याण]

119. ( क्र. 2286 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरगोन जिले अन्तर्गत खेल विभाग को वर्ष 2025-2026 में शासन द्वारा कितना अनुदान राशि‍ उपलब्ध कराई गई? (ख) उक्त उपलब्ध राशि‍ से कौन-कौन से खेल गतिविधियां किस स्थान पर संचालित की गई है तथा संचालित गतिविधि‍यों पर कितनी राशि‍ खर्च की गई है? (ग) क्या विधायक कप के आयोजन हेतु राशि‍ प्रदाय की जायेगी? हाँ तो कब? नहीं तो क्‍यों?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) खेल और युवा कल्याण विभाग को वर्ष 2025-26 में प्राप्त बजट में से खरगौन जिले को 42-सहायक अनुदान में राशि रू 2.35 लाख उपलब्ध कराई गई। (ख) उक्त उपलब्ध कराई गई राशि में से खरगौन जिले में आयोजित खेल गतिविधियां एवं स्थान व संचालित गतिविधियों पर खर्च की गई राशि की जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) विधायक कप हेतु प्रति विधानसभा क्षेत्र राशि रू 1.00 लाख की राशि आवंटित की जाती थी, जो अत्यंत कम थी, इसके स्थान पर खेल व खिलाड़ियों के प्रोत्साहन हेतु खेलो एमपी यूथ गेम्स दिनांक 13 जनवरी से 31 जनवरी, 2026 तक विकासखंड स्तर से राज्य स्तर तक आयोजित किए गए है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "इकसठ"

ग्राम पंचायत में अनियमितता की जांच व कार्यवाही

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

120. ( क्र. 2304 ) श्री बाला बच्चन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                           (क) जिला बैतूल के भैंसदेही विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2010 से 2015 के दौरान ग्राम पंचायत सावलमेढ़ा द्वारा कितनी दुकानें किस भूमि पर किन नियमों के अंतर्गत निर्मित की गईं? क्या कारण है कि छोटे घास के जंगल में इस निर्माण की आवश्यकता पड़ी? इससे संबंधित सभी दस्तावेजों की छायाप्रति देवें। दुकानों को आवंटित करने की पूरी प्रक्रिया की भी छायाप्रति देवें।        (ख) क्‍या नियमों का उल्लंघन करते हुए इस निर्माण और आवंटन पर कोई जाँच संस्थित की गई थी? यदि हाँ, तो जाँच प्रतिवेदन की प्रमाणित प्रति देवें। इस प्रतिवेदन पर की गई कार्यवाही का विवरण देवें। यदि कार्यवाही नहीं की गई या जाँच नहीं हुई तो कब तक जाँच की जाएगी? यदि नहीं, तो इस अनियमितता को संरक्षण देने का कारण बतावें। (ग) इसी ग्राम पंचायत द्वारा वर्ष 2021 से 2025 तक कितने कचरा घर, नाली निर्माण, भवन निर्माण किए गए, की संपूर्ण जानकारी कार्य का नाम, लागत, कार्य पूर्ण/अपूर्ण की स्थिति, आहरित राशि, आहरित दिनांक सहित कार्यवार देवें। क्या कारण है कि पूर्व में निर्मित कचरा घर तोड़ा गया तथा किसके आदेश से तोड़ा गया एवं नवीन कचरा घर शासकीय विद्यालय की भूमि पर बनाया गया? इसकी समस्त अनुमतियों की छायाप्रति देवें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) अवधि में सरपंच के परिवार को कितने राजस्व पट्टे स्वीकृत किए गए? स्थान नाम, स्वीकृत रकबा, हितग्राही नाम, पिता नाम, पता सहित देवें। इस अनैतिक कार्य पर संबंधित अधिकारियों पर कब तक कार्यवाही की जाएगी? यदि नहीं, तो क्यों?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जिला बैतूल के भैंसदेही विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2010 से 2015 के दौरान ग्राम पंचायत सावलमेढ़ा में 17 दुकानों का निर्माण किया गया है। उक्‍त 17 दुकानें खसरा क्रमांक 53 (एस) रकवा 0.6070 हेक्‍टेयर पर जो अभिलेख में छोटे झाड़ का जंगल दर्ज है, ग्राम पंचायत के प्रस्‍ताव दिनांक 22.08.2012 एवं दिनांक 21.09.2012 के आधार पर निर्मित की गई है। भविष्‍य में अतिक्रमण होने की संभावनाओं को देखते हुए निर्मित की गई थी। संबंधित दस्‍तावेज एवं दुकानों को आवंटित करने की पूरी प्रक्रिया पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'''' अनुसार है। (ख) जी हाँ। कार्यालय जिला पंचायत द्वारा जांच स्‍थापित की गई थी। श्रीराम भलावी वर्तमान सरपंच एवं तत्‍कालीन सरपंच ग्राम पंचायत सावलमेढा द्वारा नियम विरूद्ध दुकानों का निर्माण एवं नीलामी करने के फलस्‍वरूप मध्‍यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्‍वराज अधिनियम, 1993 की धारा 65 एवं मध्‍यप्रदेश (स्‍थावर संपत्ति का अंतरण) नियम, 1994 का उल्‍लंघन करना प्रथम दृष्‍टया पाया गया है। इस आधार पर कर्यावाही प्रचलन में है। जांच प्रतिवेदन एवं की गई कार्यवाही का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'''' अनुसार है। (ग) ग्राम पंचायत द्वारा वर्ष 2021 से 2025 तक किये गये कार्य की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'''' अनुसार है। पूर्व में निर्मित कचरा घर नहीं तोडा गया। नवीन कचरा घर ग्राम पंचायत ने आदिम जाति कल्‍याण विभाग के नाम दर्ज भूमि पर बनाया है। नवीन कचरा घर हेतु ग्राम पंचायत ने किसी से कोई अनुमति नहीं ली है।                        (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'''' अनुसार है।

नागदा जंक्‍शन लेंक्‍सेस उद्योग संबंधी

[श्रम]

121. ( क्र. 2305 ) श्री बाला बच्चन : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या औद्योगिक रोजगार (स्थायी आदेश) अधिनियम 1946 के अंतर्गत 100 या अधिक श्रमिकों वाले प्रत्येक संस्थान के लिए स्थायी आदेश (Standing Orders) बनाना एवं उन्हें लागू करना अनिवार्य है, जिनमें श्रमिकों की श्रेणियों जैसे स्थायी, अस्थायी, बदली, प्रशिक्षु, ठेका आदि स्पष्ट रूप से परिभाषित की जाती है? यदि हाँ, तो लैक्सेस उद्योग में वर्तमान व पूर्व में लागू स्थायी आदेशों (Standing Orders) की छायाप्रति उपलब्ध करायें। (ख) क्या मध्यप्रदेश शासन के नियमों एवं औद्योगिक रोजगार (स्थायी आदेश) अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए स्थायी आदेशों के अनुसार उद्योगों में श्रमिकों का विधिसम्मत वर्गीकरण किया जाना अनिवार्य है तथा निरंतर एवं नियमित कार्य करने वाले श्रमिकों का एक बड़ा भाग स्थायी (Permanent) श्रेणी में होना अनिवार्य है? यदि हाँ, तो लैक्सेस उद्योग द्वारा बड़ी संख्या में श्रमिकों से निरंतर कार्य लिए जाने के बावजूद उन्हें स्थायी श्रेणी में वर्गीकृत क्यों नहीं किया गया है? विवरण दें। वर्ष 2013 से 27/01/2026 तक इस संबंध में श्रम विभाग द्वारा की गई जांच/निरीक्षणों का वर्षवार विवरण, दोषी पाए जाने पर उत्तरदायी अधिकारियों/ प्रबंधन के विरुद्ध की गई कार्यवाही एवं संबंधित अभिलेखों की छायाप्रति उपलब्ध करायें। (ग) क्या श्रम नीति के सिद्धांतों एवं लागू स्थायी आदेशों के अनुसार लैक्सेस उद्योग में कार्यरत कुल श्रमिकों की संख्या को देखते हुए कम से कम 500 श्रमिकों को स्थायी किया जाना आवश्यक/उचित है? यदि हाँ, तो उद्योग द्वारा अब तक कितने श्रमिकों को स्थायी किया गया है तथा शेष पात्र श्रमिकों को किस समय-सीमा में स्थायी किया जाएगा? (घ) उद्योग व श्रम संगठन के आगामी प्रस्तावित समझौते में उद्योग में कार्यरत श्रमिकों की वास्तविक संख्या के अनुपात में श्रमिकों को स्थायी किए जाने का प्रावधान किया जाएगा? यदि हाँ, तो कितने श्रमिकों को स्थायी किए जाने का प्रस्ताव है? विवरण दें। (ड.) वर्ष 2025-2026 में लैक्सेस उद्योग व ठेकेदारों द्वारा कितने स्थायी/स्टाफकर्मी व ठेकेदार श्रमिकों को कर्मचारियों की छटनी करने हेतु वीआरएस दिया गया है? उनको कितनी-कितनी राशि उपलब्ध करायी? नाम सहित विवरण दें।

श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) मध्‍यप्रदेश में औद्योगिक संस्‍थानों पर म.प्र. औद्योगिक नियोजन (स्थाई आदेश) अधिनियम 1961 (वर्तमान में औद्योगिक श्रम संहिता, 2020) प्रभावशील है। म.प्र. औद्योगिक नियोजन (स्थाई आदेश) अधिनियम 1961 के प्रावधानानुसार यह अधिनियम 50 या अधिक श्रमिकों को नियोजित करने वाले संस्‍थान पर प्रभावशील होता है, वर्तमान में प्रवर्तित औ़द्योगिक श्रम संहिता, 2020, 300 या इससे अधिक श्रमिकों को नियोजित करने वाले पर प्रभावशील होता है। जो संस्‍थान इन अधिनियम/संहिता के अंतर्गत मानक स्‍थायी आदेश को प्रभावशील करना चाहते है वे उसे कर सकते है और जो संस्‍थान स्‍वयं के पृथक से स्‍थायी आदेश बना कर उसे प्रमाणित कराना चाहते है, वे प्रमाणिकरण अधिकारी से इसे करा सकते है। जिनमें श्रमिकों की श्रेणियों जैसे स्थाई, अस्थाई, परिवीक्षाधीन, बदली, प्रशिक्षु, नियत अवधि, रोजगार कर्मकार को वर्गीकृत किया जाता है। ठेका श्रमिकों के वर्गीकरण का उल्‍लेख अधिनियम में नहीं है। लैक्‍सेस उद्योग द्वारा मानक स्‍थाई आदेशों को लागू किया गया है। उद्योग में लागू स्‍थाई आदेशों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जी हाँ, मध्यप्रदेश शासन के नियमों एवं औद्योगिक नियोजन (स्थाई आदेश) अधिनियम, 1961 के अन्तर्गत बनाये गये स्थाई आदेशों के अनुसार उद्योगों में श्रमिकों का विधि सम्मत वर्गीकरण करना आवश्‍यक है। परन्‍तु प्रत्‍यक्ष रूप से नियोजित श्रमिकों में स्‍थाई कर्मचारी के रूप में वर्गीकरण स्‍पष्‍ट रिक्ति, कार्य की प्रकृति आदि मापदंडों पर आधारित होता है। केवल निरंतर एवं नियमित कार्य करने के आधार पर श्रमिकों को स्‍थाई श्रेणी में लेने की अनिवार्यता नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। वर्ष 2013 से 27-01-2026 तक इस संबंध में श्रम विभाग द्वारा की गई जांच/निरीक्षणों की जानकारी निरंक है। (ग) उत्‍तर (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। अधिनियम अंतर्गत ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। जो केवल कुल संख्‍या के आधार पर एक निश्चित संख्‍या में श्रमिकों को (जैसे-500) को स्‍थाई वर्गीकृत करना अनिवार्य बनाता हो। वर्तमान में लैक्‍सेस उद्योग में कुल 218 स्‍थाई श्रमिक है। लैक्‍सेस उद्योग एक निजी औद्योगिक संस्‍थान है। अत: श्रमिकों के नियोजन, स्‍थायीकरण अथवा सेवा-शर्तो से संबंधित आंतरिक प्रशासनिक निर्णय नियोजक द्वारा लिए जाते है। श्रम विभाग संबंधित श्रम कानूनों के अंतर्गत निरीक्षण एवं अनुपालन की निगरानी करता है।                   (घ) प्रस्तावित समझौते के संबंध में नियोजक पक्ष द्वारा ट्रेड यूनियन के साथ अभी तक कोई चर्चा शुरू नहीं की गई है। इस स्तर पर, कोई समझौता हस्ताक्षरित नहीं हुआ है, इसलिए अभी इसके बारे में कुछ भी खुलासा करना संभव नहीं है। (ड.) लैक्‍सेस उद्योग ने अपने कर्मचारियों के लिए कोई स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) घोषित नहीं की है। लगभग 45 संविदा श्रमिकों ने पांच ठेकेदारों की सेवा से स्वेच्छा से इस्तीफा दे दिया है। ठेकेदारों द्वारा कानूनी देय राशि का भुगतान किया है, जिसमें बकाया वेतन, अवकाश वेतन, राहत की तारीख तक का बोनस और लागू ग्रेच्युटी शामिल है। कानूनी देय राशि के अलावा, ठेकेदारों ने मामले के आधार पर कुछ अनुग्रह राशि भी प्रदान की है। उक्‍त श्रमिकों के भुगतान संबंधी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।

नवीन भवन की स्‍वीकृति

[उच्च शिक्षा]

122. ( क्र. 2308 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिले के सेवढ़ा नगर में स्थित शासकीय गोविंद महाविद्यालय में कुल कितने छात्र-छात्राएं कौन-कौन सी कक्षा में किस-किस विषय में अध्ययनरत हैं, यहाँ कुल कितने एवं कौन-कौन से टीचर एवं स्टाफ कब से पदस्थ हैं, कौन-कौन से विषय यहां संचालित हैं? छात्र-छात्राओं एवं कर्मचारियों की सूची सहित संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) उक्त भवन कितने वर्ष पुराना है? इसमें कुल कितने क्लासरूम है? क्लासरूम का साइज क्या है? बच्चों के खेलने के लिए कितना बड़ा मैदान है? कॉलेज में ग्रंथालय के लिए कितना बड़ा कक्ष है? (ग) क्या उक्त भवन बहुत पुराना संकीर्ण एवं जीर्णशीर्ण है जिससे एक ओर तो यहां दुर्घटना का सदैव खतरा बना रहता है वहीं दूसरी ओर छात्र-छात्राओं के लिए पर्याप्त जगह न होने के कारण वे अध्ययन हेतु नहीं आते है जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। क्या यहां आर्ट्स के अलावा अन्य कोई विषय न होने से यहां के छात्र-छात्राओं को अन्य विषयों के अध्ययन के लिए बाहर के कॉलेज में जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है? (घ) क्या शासकीय गोविंद महाविद्यालय के छात्रों के उज्जवल भविष्य के लिए यहां एक नवीन भवन की स्वीकृति एवं नवीन कोर्स खोले जाने हेतु आदेश प्रसारित करने की कृपा करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? जानकारी दी जाए।

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) वर्तमान भवन में महाविद्यालय वर्ष 1987 से संचालित है एवं महाविद्यालय का भवन 38 वर्षों से अधिक पुराना है। महाविद्यालय में कुल 6 क्लासरूम हैं, प्रत्येक क्लासरूम का साईज 15X20 फीट है। महावि‌द्यालय परिसर में खेल मैदान नहीं हैं, किन्तु खेलकूद गतिविधियों हेतु महावि‌द्यालय से लगा हुआ स्टेडियम है। महाविद्यालय में ग्रंथालय हेतु 25X110 फीट साइज का कक्ष उपलब्ध है। (ग) यह सही है कि शासकीय महावि‌द्यालय, सेवढ़ा का भवन जीर्ण शीर्ण है, तथापि मरम्मत कार्य कराते हुए छात्र-छात्राओं के अध्ययन हेतु पर्याप्त स्थान की व्यवस्था है। जी नहीं, महाविद्यालय में कला संकाय के अतिरिक्त विज्ञान संकाय के विषयों के अध्ययन की भी सुविधा उपलब्ध है।                    (घ) शासकीय गोविंद महाविद्यालय, सेवढ़ा के नवीन भवन निर्माण हेतु जिला कलेक्टर दतिया द्वारा दिनांक 20.11.2025 को नवीन भूमि आवंटित की जा चुकी है। प्रस्ताव प्राप्त होने/विभागीय मापदंडों की पूर्ति उपरांत आगामी कार्यवाही की जा सकेगी। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

ई-टोकन प्रणाली में संशोधन करने

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

123. ( क्र. 2309 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिले में वर्ष 2025-26 में कुल कितने टन यूरिया, डीएपी, एन पी के और कौन-कौन से खाद का आवंटन प्राप्त हुआ? इसके विरुद्ध कितना वितरण दुकानदार, सोसाइटी, राज्य सहकारी विपणन संघ के गोदाम से किसानों को नकद अथवा उधार दिया गया? जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) दतिया जिले में किसानों को खाद प्राप्त करने के टोकन प्रणाली की कब से शुरूआत हुई टोकन प्रणाली के अंतर्गत किसानों को किस-किस जगह से उपलब्ध कराई गई? जानकारी देवें। (ग) क्या खाद प्रक्रिया को ऑनलाइन करने के बाद ई-टोकन के माध्यम से खाद किसानों को प्राप्त करने में बहुत परेशानी हो रही है? छोटे किसान जिन्हें दो बोरी मात्र खाद पोर्टल के माध्यम से लेना है उन्हें पोर्टल पर प्रदर्शित अपने गांव से 100 किलोमीटर दूर के केंद्रों से खाद लेने को मजबूर होना पड़ रहा है दूरी अधिक होने के कारण यह छोटे किसान खाद लेने से वंचित रह रहे हैं। यदि नहीं, तो जांच कराई जावे। (घ) क्या छोटे किसानों को खाद प्राप्त करने के लिए ई टोकन प्रणाली में संशोधन कर प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए उन्हें पास की समिति अथवा गोदाम से खाद उपलब्ध कराए जाने हेतु आदेश प्रसारित करने की कृपा करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक संशोधन किया जाएगा? जानकारी दी जावे।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एवं 2 अनुसार है। (ख) दिनांक 04.12.2025 से प्रारंभ की गई है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। (ग) किसानों के लिये ई-विकास प्रणाली के माध्यम से (लघु/सीमांत/दीर्घ आदि) किसी भी डबल लॉक विक्रय केन्द्र/एम.पी. एग्रो/निजी उर्वरक विक्रेता का स्‍वयं चयन कर ई-टोकन बुक कर उर्वरक प्राप्त कर सकते हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्‍तरांश (ग) अनुसार ई-विकास पोर्टल पर पूर्व से ही यह सुविधा उपलब्ध है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

ग्राम पंचायतों में स्वीकृत कार्यों की जानकारी

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

124. ( क्र. 2313 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2018 से दिसम्बर 2025 के मध्य रीवा एवं मऊगंज जिलों के अंतर्गत ग्राम पंचायतवार कितने कार्य स्वीकृत किए गए? वे कार्य किन-किन मदों (यथा 14वां, 15वां वित्त आयोग, मनरेगा, राज्य योजना, अन्य) से स्वीकृत हुए? प्रत्येक कार्य की कार्यवार, मदवार एवं वर्षवार जानकारी क्या है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में स्वीकृत कार्यों की वर्तमान स्थिति क्या है? वर्षवार कितने कार्य पूर्ण किए गए? जो कार्य पूर्ण हो चुके हैं, उनके वर्षवार पूर्णता प्रमाण-पत्र का विवरण क्या है? जो कार्य अपूर्ण हैं, उनके अपूर्णता के कारण ग्राम पंचायतवार एवं वर्षवार बिंदुवार विवरण क्या है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में अपूर्ण कार्यों के लिए जिम्मेदार अधिकारी/कर्मचारी/एजेंसी कौन है? क्या उनके विरुद्ध अब तक कोई जांच/विभागीय दंडात्मक कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो कार्यवाही का विवरण क्या है? यदि नहीं, तो कार्यवाही कब तक की जाएगी? क्या अपूर्ण अथवा भ्रामक जानकारी देने वाले अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की गई है?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) से (ग) जानकारी संकलित की जा रही है।

ग्रामीण यांत्रिकी विभाग द्वारा पूर्ण एवं अपूर्ण कार्यों की जानकारी

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

125. ( क्र. 2314 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                       (क) ग्रामीण यांत्रिकी विभाग द्वारा वर्ष 2018 से दिसम्बर 2025 के मध्य रीवा एवं मऊगंज जिलों में कुल कितने कार्य स्वीकृत किए गए? स्वीकृत कार्यों की निविदाएं ऑनलाइन/ऑफलाइन किस माध्यम से आमंत्रित की गईं, इसका कार्यवार विवरण क्या है? प्रत्येक स्वीकृत कार्य का नाम, स्वीकृति वर्ष, स्वीकृत राशि अनुबंध का विवरण, अब तक किया गया भुगतान की जानकारी क्या है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में स्वीकृत कार्यों में से वर्षवार कितने कार्य पूर्ण एवं कितने अपूर्ण हैं? जो कार्य पूर्ण हो चुके हैं, उनके वर्षवार पूर्णता प्रमाण-पत्र का विवरण क्या है? जो कार्य अपूर्ण हैं, उनके अपूर्णता के कारणों का बिंदुवार विवरण क्या है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में ग्रामीण यांत्रिकी विभाग में वर्ष 2018 से दिसम्बर 2025 तक वर्षवार कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं? शिकायतों पर यदि कार्यवाही की गई, तो उसका विवरण क्या है? कार्यवाही लंबित है, तो कब तक की जाएगी? उपरोक्त कार्यों के संबंध में EOW में भी कोई शिकायत की गई? यदि हाँ, तो उस पर अब तक की गई कार्यवाही का विवरण क्या है? जिन कार्यों को अपूर्ण पाया गया। उनके लिए जिम्मेदार अधिकारी/एजेंसी कौन है? उनके विरुद्ध क्या विभागीय/दंडात्मक कार्यवाही की गई है या की जायेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा वर्ष 2018 से दिसम्बर 2025 के मध्‍य रीवा एवं मऊगंज जिले में कुल 191 कार्य स्वीकृत किये गये। इनमें से 31 कार्यों की निविदा ऑफलाईन एवं 160 कार्यों की निविदा ऑनलाईन आमंत्रित की गई है। कार्यवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।            (ग) ग्रामीण यांत्रिकी सेवा में रीवा एवं मऊगंज जिले अंतर्गत वर्ष 2018 से दिसंबर 2025 तक प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में आनलाईन/आफलाईन निविदा एवं पूर्ण, अपूर्ण कार्यों से संबंधित शिकायत की जानकारी निरंक होने से कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। स्‍वीकृत कार्यों में से शेष अपूर्ण कार्यों के संबंध में संबंधित निर्माण एजेन्‍सी को नोटिस जारी किए गए है एवं निर्माण एजेन्‍सी के विरूद्ध अनुबंधानुसार कार्यवाही प्रस्‍तावित की जावेगी।

निजी/अशासकीय महाविद्यालयों का संचालन

[उच्च शिक्षा]

126. ( क्र. 2329 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में निजी/अशासकीय महाविद्यालय खोलने के क्या-क्या मापदंड हैं? दस्तावेजी जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) वर्तमान में शहडोल संभाग अंतर्गत कुल कितने निजी/अशासकीय महाविद्यालय संचालित हैं? उक्त सभी महाविद्यालय कहां-कहां पर कितने-कितने क्षेत्र/परिक्षेत्र में किन-किन सुविधाओं के साथ में संचालित किये जा रहे हैं? (ग) क्या इन महाविद्यालय द्वारा शासन के स्थापित सभी मानदंडों का पूर्णयताः पालन किया जा रहा है? यदि हाँ, तो विवरण देवें। (घ) शहडोल संभाग के निजी/अशासकीय महाविद्यालयों का निरीक्षण शिक्षा सत्र 2024-25 से प्रश्‍न दिनांक तक कब किया एवं उनमें क्या कमियां/अनियमितताएं पाई गईं? उन कमियों/अनियमितताओं को दूर करने के लिये महाविद्यालय प्रशासन द्वारा क्या कार्यवाही की गई?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'' अनुसार है। (ख) शहडोल संभाग अंतर्गत कुल 10 निजी/अशासकीय महाविद्यालय संचालित हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'' अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'' अनुसार है। अत: शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है।

आद‍िवासी बाहुल्‍य जिले के लिए विशेष कार्य योजना

[श्रम]

127. ( क्र. 2330 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर जिला आदिवासी बाहुल्य एवं मजदूरी आधारित जिला होने के बाद भी क्या यहां के मजदूर वर्ग को श्रम विभाग की योजनाओं का पूर्ण लाभ नहीं मिल रहा है? यदि हाँ, तो विभाग अनूपपुर जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में श्रमिकों के कल्याण हेतु कोई विशेष कार्य योजना बनाने पर विचार कर रहा है? (ख) अनूपपुर जिले के श्रमिकों के पंजीयन, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं शिक्षा सहायता के लिये वर्तमान में कौन-कौन सी योजनाएं संचालित हैं? (ग) क्या सरकार द्वारा आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के लिये कोई विशेष कार्य योजना जिसमें श्रमिक परिवारों की आजीविका का सुधार एवं कौशल विकास हो सके, इस हेतु नया प्रशिक्षण केन्द्र अथवा कार्यक्रम प्रारंभ करेगा?

श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) अनूपपुर जिले के मजदूर वर्ग को श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ नियमानुसार मिल रहा है। श्रम विभाग द्वारा संचालित योजना संपूर्ण प्रदेश पर लागू है, क्षेत्र विशेष के लिये पृथक से कोई योजना नहीं है, अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।           (ख) श्रम विभाग अंतर्गत असंगठित श्रमिकों हेतु मुख्‍यमंत्री जनकल्‍याण संबल योजना, म.प्र. भवन एवं अन्‍य संनिर्माण कर्मकार कल्‍याण मंडल द्वारा कुल 25 कल्‍याणकारी योजनाएं एवं म.प्र. श्रम कल्‍याण मंडल अंतर्गत श्रमिकों के लिये निम्‍नलिखित योजनाओं का संचालन किया जा रहा है:- 1. शैक्षणिक छात्रवृत्ति योजना 2. शिक्षा प्रोत्‍साहन पुरस्‍कार योजना 3. विवाह सहायता योजना 4. अंतिम संस्‍कार सहायता योजना 5. कल्‍याणी सहायता योजना, 6. उत्‍तम श्रमिक पुरस्‍कार योजना 7. श्रमिक साहित्‍य पुरस्‍कार योजना 8. अनुग्रह सहायता योजना। (ग) श्रम विभाग द्वारा आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र विशेष के लिये कोई पृथक से कोई कार्य योजना प्रस्तावित नहीं है।

 

 

मुख्‍यमंत्रीजी की महाविद्यालय खोलने की घोषणा का क्रियान्‍वयन

[उच्च शिक्षा]

128. ( क्र. 2339 ) श्री शिवनारायण सिंह : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. के मुख्यमंत्री ने जनवरी 2024 में शहडोल संभाग मुख्यालय प्रवास पर शासकीय महाविद्यालय शहडोल में खोलने की घोषणा किए है? यदि हाँ, तो घोषणा अनुसार उच्च शिक्षा विभाग संभाग मुख्यालय में कालेज खोलेगे? (ख) संभाग मुख्यालय में बालकों को उच्च शिक्षा के लिए महाविद्यालय नहीं हैं, यशस्वी मुख्यमंत्री जी के घोषणा के पालन में बालकों के भविष्य को दृष्टिगत रखते हुए महाविद्यालय कब तक प्रारम्भ करेगें?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। प्रकरण का परीक्षण किया गया। नवीन महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने हेतु निर्धारित विभागीय मापदण्‍डों की पूर्ति नहीं हो रही है।                      (ख) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

ग्राम पंचायत केलीकला में अवैध निर्माण कार्य

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

129. ( क्र. 2352 ) श्री उमंग सिंघार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                             (क) ग्राम पंचायत केलिकला तहसील व जिला धार में मनरेगा योजना के तहत हुए निर्माण कार्यों के संबंध में वर्ष 2025 में कुल कितनी शिकायतें प्रकाश में आई? उन पर क्या कार्यवाही की गई? (ख) क्या यह भी सही है कि ग्राम केलिकला के ग्रामवासियों ने वर्ष 2025 के दौरान पंचायत द्वारा किये गये अवैध/अनियमित कार्यों की शिकायत कलेक्टर, जिला धार को की है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) का उत्तर हाँ है तो प्राप्त शिकायत पर क्या कार्यवाही की गई? शिकायत के बिन्दु क्या थे?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) ग्राम पंचायत केलीकला में वर्ष 2025 में 01 शिकायत प्राप्‍त हुई है। शिकायत की जांच में मनरेगा एवं अन्य मद के कार्यों में प्रथम दृष्टया राशि रूपये 649438/- वसूली योग्य पाई गई। संबंधितों को कारण बताओं सूचना पत्र जारी किये गये है। (ख) जी हाँ। (ग) शिकायत की जांच उपरांत राशि रूपये 649438/- वसूली योग्य पाई गई। संबंधितों को कारण बताओं सूचना पत्र जारी किये गये है। शिकायत के बिन्दु संलग्‍न परिशिष्ट पर है।

परिशिष्ट - "बासठ"

अनियमितताओं की जांच

[उच्च शिक्षा]

130. ( क्र. 2353 ) श्री उमंग सिंघार : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. शासन उच्‍च शिक्षा विभाग में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक के विरूद्ध फर्जीवाड़े एवं अनियमितता की शिकायतें प्राप्‍त हुई है? तो कब तथा इस दिशा में क्‍या कार्यवाही की गई है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में क्या यह तथ्य सही है कि इस विश्वविद्यालय के अधिकारियों एवं उनके परिजनों को फर्जी प्रमाण-पत्रों के आधार पर प्रवेश दिया गया है? (ग) क्या शासन द्वारा इस प्रकरण की जांच यूजीसी, सीवीसी अथवा ईओडब्ल्यू/सीबीआई से कराये जाने पर विचार किया जा रहा है? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों? (घ) क्या संबंधित कुलपति, परीक्षा समन्वयक एवं दोषी अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। उच्‍च शिक्षा विभाग में इंदिरा गांधी राष्‍ट्रीय जनजातीय विश्‍वविद्यालय, अमरकंटक, जो एक केन्‍द्रीय विश्‍वविद्यालय है, के विरूद्ध तीन शिकायतें दिनांक 01.11.2023, 06.12.2023 एवं 07.12.2023 को प्राप्‍त हुई हैं, जिन पर की गई कार्यवाही की जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) से (घ) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "तिरेसठ"

म.प्र. की महिलाओं को 179 करोड़ दिया जाना

[पंचायत एवं ग्रामीण विकास]

131. ( क्र. 2379 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                           (क) क्या गवर्नमेंट ऑफ इंडिया मिनिस्टरी ऑफ रूरल डेवलपमेंट का पत्र दिनांक 21 अप्रैल, 2025 (file no: J/11060/27/2013-RL E-329769) द्वारा जारी पत्र में प्रधानमंत्री द्वारा 24/04/2025 को बिहार के मधुबनी से सिंगल क्लिक पर आरएफ और सीआईएफ की 179 करोड़ की राशि भेजने की तैयारी हेतु कहा गया था? इस संबंध में क्या तैयारी की थी? 179 करोड़ की राशि से कितनी समूह की महिलाओं को लाभान्वित किया जाना था? (ख) क्या 24 अप्रैल, 2025 को प्रधानमंत्री द्वारा सिंगल क्लिक पर भेजी गई 179 करोड़ की राशि राज्य को प्राप्त हुई? अप्रैल से दिसम्बर 2025 तक माहवार कितनी राशि जिलों को दी गई? राज्य से जिलों को भेजी गई राशि की बैंक दस्तावेज उपलब्ध कराएं। (ग) समूहों को कैश क्रेडिट लिंकेज CCL कराने का क्या उद्देश्य है? वर्ष 2020 से CCL पर कितना ब्‍याज है? CCL पर इंटरेस्ट सबमिशन क्यों है, क्या नियम है? वर्ष 2021 से 2025 तक वर्षवार कितना इंटरेस्ट सबमिशन समूह को दिया वर्षवार बतावें? RF, CIF, VRF, startup fund के क्या नियम है व समूहों को क्या-क्या राशि व कितनी राशि प्रदान की जाती है? क्या चक्रीय राशि और समुदाय निवेश राशि के बाद CCL किया जाता है?

पंचायत मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) भारत सरकार के संदर्भित पत्र के द्वारा तत्समय SNA खाते में उपलब्ध प्रारंभिक शेष राशि में से चक्रिय राशि एवं समुदाय निवेश राशि का नियमानुसार फण्ड डिस्बर्समेंट मॉड्यूल में प्रस्ताव का परीक्षण कर वितरण हेतु लेख किया गया था। फण्ड डिस्बर्समेंट मॉड्यूल पर जिलों द्वारा दर्ज प्रकरणों के परीक्षण एवं जिलों से प्रस्तुत मांग के सम्बन्ध में लोकोस प्रोफाइल अद्यतन किये जाने तथा लोकोस ट्रांजेक्शन कट-ऑफ़ दर्ज सूक्ष्‍म साख योजना के प्रपत्रों का परीक्षण कर प्रस्‍ताव दर्ज करने हेतु जिलों को अवगत कराया गया था ताकि ई-बुक्स ऑफ़ रिकॉर्ड की पारदर्शिता रहे। जिलों द्वारा फण्ड डिस्बर्समेंट मॉड्यूल पर अपूर्ण प्रस्ताव दर्ज होने के सम्बन्ध में राष्ट्रीय मिशन इकाई की वीडियो कॉन्‍फ्रेंस में भी अवगत कराया गया। राष्ट्रीय मिशन इकाई द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार उक्त कार्यक्रम में राज्यवार राशि वितरण करने की जानकारी प्रदान नहीं की गयी है। जिलों द्वारा फण्ड डिस्बर्समेंट मॉड्यूल पर दर्ज प्रकरणो में राज्य स्तर पर संबंधित समूह में कितनी महिलाएं हैं, यह जानकारी प्रदर्शित नहीं होती है।                          (ख) भारत सरकार के संदर्भित पत्र के द्वारा तत्समय SNA खाते में उपलब्ध प्रारंभिक शेष राशि में से चक्रिय राशि एवं समुदाय निवेश राशि का नियमानुसार फण्ड डिस्बर्समेंट मॉड्यूल में प्रस्ताव का परीक्षण कर वितरण हेतु उल्लेख किया गया था। माह अप्रैल से माह दिसम्‍बर 2025 तक जिलों को दी गयी माहवार चक्रिय राशि एवं समुदाय निवेश राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट–1 अनुसार है। जिलों हेतु निर्धारित की गयी वित्तीय सीमा सम्बन्धी दस्तावेज पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट– 2 अनुसार है। (ग) भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी परिपत्र एवं इंटरेस्ट सबमिशन सम्बन्धी महिला स्व-सहायता समूह अतिरिक्त ब्याज भुगतान योजना 2018 सम्बन्धी दस्तावेज जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट–3 अनुसार है। वर्षवार इंटरेस्ट सबमिशन पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-4 अनुसार है। RF, CIF, VRF सम्बन्धी भारत सरकार के निर्देश पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट–5 अनुसार है। मिशन अंतर्गत गठित स्‍व-सहायता समूहों को Startup fund जारी नहीं किया गया है। समूहों द्वारा आवश्‍यकतानुसार बैंकों से CCL स्वयं उनके स्तर से लिया जा सकता है।

जिम्‍मेदारों पर कार्यवाही किया जाना

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार)]

132. ( क्र. 2382 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या राज्‍य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला शहडोल अंतर्गत कुल कितने कौशल विकास केन्‍द्रों की स्‍थापना वर्ष 2014 से अब तक स्‍थापित किये गये एवं उक्‍त केन्‍द्रों पर कितने बच्‍चों ने प्रशिक्षण लिया, वर्षवार, व्‍यक्तिवार, संबंधित प्रशिक्षित अभ्‍यार्थियों के नाम, पता व केन्‍द्रों के नाम सहित विवरण की सूची उपलब्‍ध करायें। (ख) जिले के अंदर कौशल विकास क्षेत्र शासन द्वारा जिला शहडोल हेतु क्‍या-क्‍या निर्देश प्राप्‍त हुये है एवं उक्‍त आदेश का कितना पालन किया गया, यदि किया गया है तो ठीक है नहीं तो उक्‍त विषय पर क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) कौशल विकास के क्षेत्र में प्रशिक्षित विद्यार्थियों ने कौशल के कौन-कौन से क्षेत्र में उपलब्धियां पाई है? (घ) शासन के कौशल विकास क्षेत्र में शासन द्वारा किये गये प्रयास से शहडोल जिले में कितने व्‍यक्तियों का इसका लाभ मिला है व कितने लोग लाभान्वित हुये उक्‍त लाभान्वित व्‍यक्तियों के नाम, पता केन्‍द्र सहित सूची उपलबध करायें। (ड.) जिले के अंतर्गत कौशल विकास केन्‍द्रों की संख्‍या, स्‍थान, संचालन कर रहे लोगों के नाम व पता सहित सूची विवरण उपलब्‍ध करावें।

राज्‍य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) प्रश्‍नावधि में जिला शहडोल से संबंधित कौशल विकास केन्द्र, गोहपारू की वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है(ख) निर्देशों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन किया गया है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रशिक्षित विद्यार्थियों ने कम्प्यूटर ऑपरेटर, मेसन, इलेक्ट्रीशियन डोमेस्टिक, प्लम्बर एवं जूनियर लैंड सर्वेयर में प्रशिक्षण की उप‍लब्धियां प्राप्‍त की हैंजानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है(घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है (ड.) एक कौशल विकास केन्‍द्र, गोहपारू, जिला-शहडोल संचालित था, जिसका संचालन मध्‍यप्रदेश व्‍यावसायिक शिक्षा एवं रोजगार प्रशिक्षण परिषद, गोविन्‍दपुरा, भोपाल द्वारा किया गया था। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता हैं।

 

पांचवा वेतनमान का लाभ दिया जाना

[सहकारिता]

133. ( क्र. 2387 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अतारांकित प्रश्‍न क्र. 972 उत्तर दिनांक 29.07.2025 के प्रश्‍नांश (क) के उत्तर में तिलहन संघ से प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ कर्मचारियों की जानकारी वर्ष 2000 से 2004 तक चाही गयी किन्तु जानकारी 1998 से 2014 तक दी गयी है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में वर्ष 2000 से 2004 तक की जानकारी किन कारणों से नहीं दी गई? क्या उक्त अवधि की जानकारी विभाग के पास उपलब्ध है? यदि हाँ, तो जानकारी दी जाय। (ग) वर्ष 2000 से 2004 तक की अवधि में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ रहे सभी तिलहन संघ के कर्मचारियों को पांचवा वेतनमान का लाभ दे दिया गया अथवा कुछ कर्मचारियों को लाभ नहीं दिया गया है? इन शेष रहे कर्मचारियों को पांचवे वेतनमान का लाभ कब तक दे दिया जायेगा? समय-सीमा बतायी जावे। (घ) उपरोक्त प्रश्‍नांश के अंतर्गत वित्त विभाग की टीप की छायाप्रति में प्रतिनयुक्ति अवधि हेतु पांचवा वेतनमान का एरियर भुगतान किये जाने का स्पष्ट उल्लेख/अनुमोदन अंकित है? यदि हाँ, तो उक्त टीप के अंतर्गत सभी कर्मचारियों को पांचवा वेतनमान का लाभ क्यों नहीं दिया गया? कारण सहित पूर्ण जानकारी दी जाय।

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) सामान्य प्रशासन विभाग से प्राप्त उत्तर अनुसार, जी हाँ। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। सामान्य प्रशासन विभाग से प्राप्त उत्तर अनुसार अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 972 के उत्तर के साथ पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '' एवं '' में वर्ष 1998 से वर्ष 2014 तक की जानकारी में वर्ष 2000 से 2004 तक की जानकारी सम्मिलित थी। वर्ष 2000 से 2004 तक की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा प्रेषित उत्तर अनुसार तिलहन संघ से प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ सेवायुक्तों को पात्रतानुसार पांचवे वेतनमान का लाभ दिया गया। केवल श्री बेन्नी पी.एम. सेवानिवृत्त क्षेत्रीय अधिकारी को माननीय उच्च न्यायालय में याचिका लंबित होने से पांचवे वेतनमान का लाभ नहीं दिया गया। प्रकरण न्यायालयीन प्रक्रिया में होने के कारण समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा प्रेषित उत्तर के साथ संलग्न वित्त विभाग की टीप की छायाप्रति में वित्त विभाग के अभिमत में यह लेख है कि, ''प्रतिनियुक्ति तिथि से वेतन निर्धारण होने पर प्रतिनियुक्ति अवधि के लिये देय एरियर्स का वास्तविक रूप से भुगतान किया जाना होगा, अत: इस बिन्दु पर भ्रम की स्थिति ही नहीं होनी चाहिये। '' उक्त टीप के अन्तर्गत सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा प्रेषित उत्तर के उत्तरांश '' अनुसार कार्यवाही की गई है, इसलिये शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "चौंसठ"

टी.एन.सी.पी. द्वारा अनुमोदित अभिन्‍यास के विरूद्ध निर्माण कार्य

[सहकारिता]

134. ( क्र. 2391 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल जिले में किन-किन गृह निर्माण सहकारी समितियों द्वारा टी.एन.सी.पी. द्वारा अनुमोदित अभिन्यास के विरूद्ध केजुअल शॉप के लिए आरक्षित भूखण्डों पर अनुमोदित अभिन्यास से भिन्न निर्मित किये गये है? (ख) क्या इस संबंध में प्राप्त शिकायतों के आधार पर कराई गई जांच की रिपोर्ट आने के बाद संबंधित समितियों के पदाधिकारि‍यों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने एवं उनके विरूद्ध अपराधिक प्रकरण दर्ज करने की कार्यवाही प्रस्तावित की गई थी। यदि हाँ, तो इस संबंध में अब तक क्या कार्यवाही की गई एवं संबंधितों के विरूद्ध कार्यवाही नहीं करने के क्या कारण है?

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) उप पंजीयक सहकारी संस्‍थायें भोपाल में प्राप्त शिकायत की जांच उपरांत सर्वजन कल्याण गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित भोपाल एवं बिट्ठल नगर गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित भोपाल द्वारा टी.एन.सी.पी. द्वारा अनुमोदित अभिन्यास के विरूद्ध केजुअल शॉप के लिये आरक्षित भूखण्डों पर अनुमोदित अभिन्यास से भिन्न निर्मित किया जाना पाया गया है। (ख) जी हाँ। संस्थाओं के तत्कालीन संचालक मंडल के विरूद्ध मध्यप्रदेश सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1960 की धारा 76 (2) के अंतर्गत प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट के समक्ष अभियोजन प्रकरण प्रस्तुत करने हेतु प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नियुक्त किया गया। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

कौशल विकास एवं रोजगार

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार (केवल कौशल विकास एवं रोजगार)]

135. ( क्र. 2403 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या राज्‍य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्य प्रदेश में वर्ष 2025-26 तक रोजगार कार्यालयों में कितने युवाओं का पंजीयन किया गया है? मध्य प्रदेश में कुल कितने निजी और शासकीय कौशल विकास संस्थान कार्यरत हैं, इसमें कितने व्यवसायों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है और किन-किन दिनांकों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है? (ख) देवास जिले के अन्तर्गत खातेगांव विधान सभा क्षेत्र में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) में कितनी सीटे स्वीकृत है, क्या आदिवासी बाहुल्य हरणगांव क्षेत्र में नवीन औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था खोलने का कोई प्रस्ताव विभाग के पास लंबित है एवं खातेगांव में ये प्रस्तावित है क्या? (ग) क्या शासकीय आई.टी.आई. में फिटर, वेल्डर, कम्प्यूटर ऑपरेटर, डीजल मैकेनिक और इलेक्ट्रीशियन के आलावा निम्नलिखित हेड जैसे मीटर मैकेनिक, फैशन डिजाइनिंग, स्टेनो आदि खोले जा सकते है? (घ) विभाग बतायें क्या भविष्य में खातेगांव में नवीन औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) खोलने की स्वीकृति मिलने की सम्भावना है। क्या? कन्नौद आई.टी.आई में फैशन डिजाईनिंग, मीटर मैकेनिक, स्टेनो हेड प्रारम्भ हो सकता है?

 राज्‍य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार ( श्री गौतम टेटवाल ) : (क) दिनांक 31 जनवरी, 2026 की स्थिति में एमपी रोजगार पोर्टल पर दर्ज जीवित पंजीयन की संख्‍या 25,36,366 है। प्रदेश में 290 शासकीय आई.टी.आई. एवं 644 निजी आई.टी.आई. संचालित है, इनमें प्रत्‍येक प्रशिक्षण सत्र में 84 व्‍यवसायों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। (ख) देवास जिले के खातेगांव विधानसभा क्षेत्र की  जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। जी नहीं। विभाग की नीति प्रत्‍येक विकासखण्‍ड में एक शासकीय आई.टी.आई. प्रारंभ करने की है। वर्तमान में 51 शासकीय आई.टी.आई. विहीन विकासखण्‍डों में शासकीय आई.टी.आई. प्रारंभ किया जाना विभाग की प्राथमिकता है, जिसमें विकासखण्‍ड खातेगांव भी सम्मिलित हैं। (ग) शासकीय आई.टी.आई. में उपलब्‍ध अद्योसंरचना के आधार पर व्‍यवसाय/यूनिट खोले जाते है। (घ) विभाग की नीति प्रत्‍येक विकासखण्‍ड में एक शासकीय आई.टी.आई. प्रारंभ करने की है। वर्तमान में 51 शासकीय आई.टी.आई. विहीन विकासखण्‍डों में शासकीय आई.टी.आई. प्रारंभ किया जाना विभाग की प्राथमिकता है, जिसमें विकासखण्‍ड खातेगांव भी सम्मिलित हैं। जी नहीं।

परिशिष्ट - "पैंसठ"

मध्‍यप्रदेश मंडियों में इलेक्‍ट्रॉनिक कांटे लगाना

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

136. ( क्र. 2406 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सरकार के द्वारा गेहूं, मूंग, चना, तुअर दाल अथवा समर्थन मूल्‍य पर उपार्जन हेतु इलेक्‍ट्रॉनिक कांटे से तोले जाने का प्रावधान है यदि हाँ, तो क्‍या इस प्रक्रिया में समय और श्रम की बचत होती है? (ख) मध्‍यप्रदेश में किन-किन मंडियों में किसानों की ट्राली अथवा वाहन जो कि उपज का परिवहन करके लाया गया है उसको इलेक्‍ट्रॉनिक कांटो पर तोलने की व्‍यवस्‍था है? बताये। (ग) क्‍या देवास जिले की मंडियों एवं गेहूं उपार्जन केन्‍द्र पर वर्तमान में पारंपरिक तरीके से (बाटों द्वारा) के माध्‍यम से बोरियों में भरकर वजन किये जाने की व्‍यवस्‍था है जिसमें तोलने की प्रक्रिया धीमी किसानों को हम्‍माली आदि में अतिरिक्‍त समय और श्रम करना पड़ता है? यदि हाँ, तो इस व्‍यवस्‍था में कब तक सुधार होगा? (घ) क्‍या विभाग देवास जिले की खातेगांव और कन्‍नौद कृषि उपज मंडियों में अथवा उपार्जन केन्‍द्र पर भविष्‍य में इलेक्‍ट्रॉनिक तोल कांटे से उपज भरे वाहनों का तोल करवायेंगी जिससे समय और अतिरिक्‍त श्रम की बचत हो सके? बताये।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। जी नहीं,समर्थन मूल्‍य पर खाद्यान्‍न उपार्जन हेतु जारी नीति अनुसार उपार्जित गेहूँ को 50 किलोग्राम की मानक बोरी में भरकर डबल सिलाई करने, बोरों पर उपार्जन केन्‍द्र के नाम/उपार्जन वर्ष का छापा एवं किसान कोड अंकित करने का प्रावधान है, जिसमें समय एवं श्रम लगना स्‍वभाविक है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। देवास जिले सहित प्रदेश में समर्थन मूल्‍य पर उपार्जित गेहूँ को 50 किलोग्राम की मानक बोरी में भरकर सिलाई करने की व्‍यवस्‍था बनाए रखने, परिवहन, भण्‍डारण एवं वितरण में सुविधा की दृष्टि से 50 किलोग्राम के बारदाने में गेहूँ की भरती की जाती है। नीतिगत मामला होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।          (घ) प्रश्‍नांश नीतिगत है।

सहकारी बैंकों का किसानों पर ब‍काया ऋण

[सहकारिता]

137. ( क्र. 2410 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में सहकारी बैंकों कृषि साख समितियों पर 30 जून 2025 तक कुल कितना ऋण बकाया है? बैंकवार जानकारी दें। (ख) कृषि साख समितियों का किसानों पर कुल कितना ऋण बकाया है?   30 जून, 2025 पर समितिवार जानकारी दें? (ग) प्रदेश में सहकारी बैंकों में कुल कितना ऋण असंतुलन है? विगत 5 वर्षों की जानकारी बैंकवार दें (घ) ऋण असंतुलन के कारण है? इनकी क्‍या जांच कराई गई? जांच प्रतिवेदन की प्रति दें। यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं कराई गई? (ड.) प्रश्‍नकर्ता के अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 482 उत्‍तर दिनांक 28.07.2025 में वर्णित प्रश्‍नकर्ता के पत्रों पर सहकारिता विभाग के कार्यालयों से अभिस्‍वीकृति प्राप्‍त हुई है, साप्रवि के आदेश दिनांक 22.03.11 बिन्‍दुओं के अनुक्रम में कृत कार्यवाहियों से प्रश्‍न दिनांक तक अवगत नहीं कराने पर साप्रवि के आदेश के बिन्‍दु क्र. 5 के उल्‍लंघन होने पर अभिस्‍वीकृति प्रेषित करने वाले एवं सहकारिता विभाग के समस्‍त जिम्‍मेदारों पर निर्धारित करते हुये उनके विरूद्ध निलंबन की कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों अभिस्‍वीकृति एवं प्रश्‍न के उत्‍तर के अनुक्रम में समस्‍त जानकारी एकल नस्‍ती की प्रति सहित दें? उक्‍त संबंध में दिनांक 26.01.2026 को पीएस सहकारिता को प्रेषित शिकायत में कृत कार्यवाही से अवगत कराये।

सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है(ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।            (घ) बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी स‍मितियों (बी-पैक्‍स) एवं जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंकों की व्‍यवसायिक प्रकृति भिन्‍न-भिन्‍न होने, व्‍यवसायगत व विभिन्‍न योजनांतर्गत प्राप्ति योग्‍य राशि में विलंब होना आदि ऋण असंतुलन के मुख्‍य कारण हैं। ऋण असंतुलन के कारणों का समय-समय पर विश्लेषण एवं समीक्षा की जाती है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता हैं। (ड.) माननीय सदस्य के अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 482 के उत्तर दिनांक 28-7-2025 में वर्णित 06 पत्रों पर तत्समय कृत कार्यवाही से अवगत करा दिया गया था। कार्यवाही की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की जाकर माननीय सदस्य को अवगत करा दिया जावेगा। प्रश्‍नांश में उल्लेखित दिनांक 26-01-2026 का माननीय सदस्य का पत्र विभाग को प्राप्त नहीं हुआ है, अपितु श्री बंटी राजा यादव जिला अशोकनगर का शिकायती पत्र दिनांक 28-01-2026 प्राप्त हुआ है।

प्रदेश के बासमती चावल को जी.आई. टैग दिलाया जाना

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

138. ( क्र. 2411 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग अन्तर्गत कितने जी.आई. टैग प्रदेश को प्राप्त है? उन उत्पादों के नाम, इससे लाभार्थी किसानों की संख्या, जिलेवार बतायें। किन उत्पादों को जी.आई. टैग के दिलाने के लिये विभाग प्रयासरत है एवं किन उत्पादों से जी.आई. टैग क्यों और कब हटाये गये? (ख) प्रश्‍नांश "क" के परिप्रेक्ष्य में संसद सदस्य राज्यसभा द्वारा प्रदेश में उत्पादित बासमती चावल को जी.आई. टैग हेतु पत्र क्र. 1317, दिनांक 01/12/25 को माननीय प्रधानमंत्री जी, भारत सरकार को प्रेषित किया था, उस पत्र पर कब और क्या जानकारी हेतु विभाग को पत्र प्राप्त हुये है? पत्र पर कृत कार्यवाही से अवगत करायें। (ग) क्या प्रदेश में उत्पादित बासमती चावल के लिये वर्ष 2008 से प्रयासरत् है? कब और क्या कार्यवाही की गई? क्या वर्ष 2013 में बासमती चावल को जी.आई. टैग प्राप्त हो गया था? यदि हाँ, तो उसकी समस्त जानकारी उपलब्ध कराये। साथ उसके बाद में कितने कृषकों से कितनी मात्रा में बासमती चावल लिये गये और उन्हें कितना लाभ अर्जित होकर विभाग को कितनी आय हुई? (घ) वर्ष 2016 में किस कारणों से प्रदेश से बासमती चावल का जी.आई. टैग वापस लिया गया? संपूर्ण जानकारी दें।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) विभाग के अन्तर्गत जवाहरलाल नेहरू कृषि वि.वि. जबलपुर के माध्यम से कुल दो उत्पादों को जी.आई. टैग प्राप्त हैं। जो निम्नवत् हैं- 1. बालाघाट चिन्नौर धान एवं 2. रीवा सुंदरजा आम। बालाघाट चिन्नौर धान उत्पाद के लिये 60 किसानों का समिति में पंजीकरण किया गया है एवं रीवा सुंदरजा आम के लिये 20 किसानों का समिति में पंजीकरण किया गया है। जिन उत्पादों को जी.आई. टैग दिलाने के लिये विभाग प्रयासरत है की  जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। प्रदेश में किसी भी उत्पाद से जी.आई. टैग नहीं हटाया गया है। (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) जी हाँ। की गई कार्यवाही की  जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। जी नहीं, शेष का प्रश्‍न नहीं।          (घ) उत्‍तरांश '''' अनुसार प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "छियासठ"

संबल योजनान्‍तर्गत मृत्‍यु सहायता की राशि फर्जी तरीके से आहरण

 [श्रम]

139. ( क्र. 2412 ) श्री अम्बरीष शर्मा : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ग्राम पंचायत वैशपुरा, विधानसभा क्षेत्र लहार जिला भिण्‍ड में उत्‍कर्श सिंह चौहान पुत्र श्री सुनील सिंह चौहान की मृत्‍यु दिनांक 22.01.2021 को हुई जिसका पंजीयन संबल योजना में अपात्र था एवं मृत्‍यु उपरांत संबल आईडी का सत्‍यापन सचिव ग्राम पंचायत वैशपुरा द्वारा दिनांक 28.02.2021 को किया जाकर पांच हजार की अनुग्रह सहायता राशि नियम विरूद्ध स्‍वीकृत कर प्रदान की गई? (ख) क्‍या मृतक उत्‍कर्श चौहान के पिता श्री सुनील सिंह चौहान जनपद पंचायत लहार में लेखापाल के पद पर पदस्‍थ है? मृतक उत्‍कर्श चौहान की मां आरती चौहान पत्‍नी श्री सुनील चौहान द्वारा अनुग्रह राशि का आवेदन दिया गया, जिसे तत्‍समय नियम विरूद्ध मानकर अपात्र माना गया? बाद में पुन: प्रस्‍तुत कर जांच करवाकर नियम विरूद्ध अनुग्रह राशि (400000/-) चार लाख रूपये आवेदिका श्रीमती आरती चौहान पत्‍नी सुनील चौहान को दिनांक 04.12.2021 को प्रदाय की गई है? तत्‍कालीन मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत लहार द्वारा 400000/- (चार लाख) रूपये की राशि नियम विरूद्ध कैसे स्‍वीकृत की गई? (ग) क्‍या उपरोक्‍त प्रकरण की शिकायत होने पर जांच समिति पीसीओ जनपद पंचायत लहार एवं वीपीओ जनपद पंचायत लहार की गठित की गई? यदि हाँ, तो जांच समिति द्वारा जांच में अमर सिंह जाटव सचिव ग्राम पंचायत वैशपुरा, नेहा कुशवाह सरपंच ग्राम पंचायत वैशपुरा, देवेश सिंह राजावत तत्‍का. शाखा प्रभारी, श्री प्रदीप खरे, तत्‍कालीन खण्‍ड पंचायत अधिकारी एवं अरूण त्रिपाठी तत्‍कालीन मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत लहार, श्रीमती आरती चौहान एवं श्री सुनील सिंह चौहान सहायक लेखा अधिकारी लहार को दोषी पाया गया? (घ) यदि हाँ, तो अभी तक दोषियों के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज क्‍यों नहीं की गई तथा एफ.आई.आर. कब तक दर्ज कर संबंधितों पर कार्यवाही की जावेगी? विलम्‍ब करने वाले अधिकारियों पर क्‍या एवं कब कार्यवाही की जावेगी?

श्रम मंत्री ( श्री प्रहलाद सिंह पटैल ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ, मृतक उत्कर्श चौहान के पिता श्री सुनील सिंह चौहान जनपद पंचायत लहार में पूर्व में लेखापाल के पद पर पदस्थ थे, जो वर्तमान में निलंबित है। मृतक उत्कर्ष चौहान की मां आरती चौहान पत्नी सुनील सिंह चौहान द्वारा अनुग्रह सहायता राशि का आवेदन दिया गया। जिसे तत्समय जांच में अपात्र किया गया था। बाद में पुन: जांच में पात्र पाये जाने पर 400000/- रूपये आवेदिका को प्रदाय किये गये। श्री प्रदीप खरे तत्कालीन पीसीओ ज.पं. लहार के जांच प्रतिवेदन में पात्र होने पर तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अध‍िकारी जनपद पंचायत लहार द्वारा अनुग्रह सहायता राशि‍ स्वीकृत की गई। (ग) जी हाँ। (घ) इस संबंध में कार्यवाही प्रचलित है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

खाद्य प्रसंस्‍करण सहकारी समिति मर्या. में हुई अनियमितताएं

[सहकारिता]

140. ( क्र. 2413 ) श्री अम्बरीष शर्मा : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या स्व. मथुरा सिंह खाद्य प्रसंस्‍करण सहकारी समिति मर्या. ने क्षेत्र में शक्कर/खांडसारी इकाई प्रतिष्ठापित करने हेतु तत्समय जिला योजना समिति भिण्ड को प्रस्ताव प्रस्तुत कर स्वीकृति ली गयी थी? यदि हाँ, तो प्रस्ताव किस बैठक में चर्चा में आया तथा क्या-क्या निर्णय लिये गये थे? बैठक के कार्यवाही विवरण की जानकारी उपलब्ध करायी जायें। (ख) उक्त समिति का वर्तमान पता क्या है तथा समिति के वर्तमान में कौन-कौन पदाधिकारी है? समिति का वायलॉज सहित पदाधिकारियों के नाम, पता सहित पूर्ण जानकारी दी जायें। (ग) क्या समिति मर्या. द्वारा क्षेत्र में शक्कर/खांडसारी प्रतिष्ठापित की जाने वाली इकाई हेतु जिले के किसानों से अंश के रूप में राशि प्राप्त की गयी थी? यदि हाँ, तो सहकारी समिति ने जिले के जिन किसानों द्वारा अंश हेतु राशि प्रदान की गयी, उनकी सूची जिसमें किसान का नाम, पता, क्रय किये अंश की राशि, अंश क्रय करने का दिनांक सहित पूर्ण जानकारी दी जायें।                      (घ) सहकारी समिति की ओर से की जाने वाली शक्कर/खांडसारी इकाई क्या स्थापित हो चुकी है? यदि इकाई स्थापित नहीं हुई तो किसानों से समिति को प्राप्त हुई अंशों की राशि को क्या संबंधित किसानों को लौटायी गयी? यदि नहीं, तो क्यों व उक्त राशि वर्तमान में किसके पास व किसके आदेश से जमा है तथा कब तक लौटायी जावेगी? (ड.) क्या समिति का उक्त कार्य वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में नहीं आता? यदि हाँ, तो इस वित्तीय अनियमितता के प्रकरण में अपराध पंजीबद्ध कर कार्यवाही करायी जावेगी?

 सहकारिता मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) समिति का पता वार्ड नं. 5 समता ट्रस्ट भवन, लहार, जिला भिण्ड है। समिति के पदाधिकारियों की  सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 एवं बायलाज की प्रति  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 02 अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। उत्तरांश "ग" के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

 

 

नगर जतारा पलेरा एवं लिधौरा में स्‍टेडियम निर्माण हेतु भूमि आवंटन

[खेल एवं युवा कल्याण]

141. ( क्र. 2428 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नगर जतारा, पलेरा एवं लिधौरा खास हेतु जिला प्रशासन द्वारा खेल के मैदान (स्टेडियम) हेतु भूमि आवंटित कर दी गई है तो कब-कब और किस-किस खसरा नं. में कितनी-कितनी रकबा की? कृपया ऐसे आदेशों की छायाप्रतियां प्रदाय करें। वर्तमान में इन नगरों के बच्चे कहां पर खेल-कूद गतिविधियों में भाग लेते हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के आधार पर बताएं कि प्रश्‍न दिनांक तक कहां-कहां की भूमि का सीमांकन/तरवीन कर ली गई है और उपरोक्त भूमि किस-किस को आवंटित कर दी गई है? स्पष्ट एवं सम्पूर्ण जानकारी दें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताएं कि टीकमगढ़ जिले में जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी का पद कब से रिक्त है? क्या रिक्त पद होने से जिले की खेल-कूद गतिविधियों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है या नहीं?              (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बताएं कि प्रश्‍न दिनांक तक विभाग द्वारा कितनी-कितनी राशि स्टेडियम निर्माण हेतु स्वीकृत की जा चुकी हैं और उसकी एजेंसी कौन-कौन विभाग को बनाया गया है? निश्चित समय-सीमा सहित बताएं। इन तीनों नगरों में स्टेडियम निर्माण का कार्य कब तक प्रारंभ हो जायेगा एवं कब तक रिक्त जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी टीकमगढ़ को पद भर दिया जावेगा?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्री विश्वास कैलाश सारंग ) : (क) जी नहीं। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। वर्तमान में जतारा में शासकीय महाविद्यालय एवं पलेरा में शासकीय मॉडल स्कूल के खेल मैदान में बच्चे खेल कूद गतिविधियों में भाग लेते है। नगर लिधौरा खास में खेल मैदान उपलब्ध नहीं है। (ख) उत्‍तरांश '''' के संदर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी का पद माह अक्टूबर 2022 से रिक्त है। जी नहीं, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ को जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी का प्रभार सौंपा गया है, उनके द्वारा खेल गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। (घ) उत्‍तरांश '''' '''' एवं '''' के संदर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। निश्चित समय-सीमा बतायी जाना संभव नहीं है।

उप संचालक एवं अधिकारियों द्वारा की गई अनि‍यमितता की जांच

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

142. ( क्र. 2429 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले के कृषि विभाग में जनवरी 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक किस-किस मद में, कब-कब, कितनी-कितनी राशि, किस-किस प्रयोजनार्थ हेतु भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा भेजी गई है? कृपया सम्पूर्ण जानकारी प्रदाय करें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के आधार पर बताएं कि उपरोक्त राशि किस-किस प्रयोजनार्थ हेतु कितनी-कितनी राशि किस-किस अधिकारी द्वारा कब-कब व्यय की गई है? कृपया व्यय की गई राशि का भुगतान किस-किस को दिया गया है? कृपया उनकी छायाप्रतियां प्रदाय करें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताएं कि जो राशि व्यय की गई है, उससे क्या और कितने-कितने, कहां-कहां के किसानों को क्या-क्या लाभ मिला है? कृपया सम्पूर्ण जानकारी प्रदाय करें। विभाग क्या भोपाल से टीम बनाकर टीकमगढ़ जिले के इस फर्जीवाड़े की जांच शासन द्वारा करायेंगे तो कब? निश्चित समय-सीमा सहित बताएं। (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बताएं कि क्या शासन फर्जीवाड़े में लिप्त उक्त संचालक (कृषि) एवं अन्य अधिकारियों को जांच के पूर्व हटाएंगे तो कब तक? निश्चित समय-सीमा सहित बताएं।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 एवं ‘’2’’ अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-‘’1’’ एवं ‘’2’’ अनुसार है। जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं। (घ) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उदभूत नहीं होता।

उच्‍चपद का प्रभार देने के नियम

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

143. ( क्र. 2614 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन ने उच्च पद का प्रभार देने हेतु क्या कोई नियम प्रावधान बनाये है? यदि हाँ, तो नियम प्रावधान की प्रति दें। उक्त प्रावधान के परिप्रेक्ष्य में मंडी बोर्ड द्वारा कोई नियम बनाये है? तो उसकी भी प्रति दें। (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में राज्य मंडी बोर्ड सेवा के सहायक उपनिरीक्षक, मण्डी निरीक्षक, विभिन्न वर्ग के सचिवों, लेखापाल, उपयंत्री इत्यादि को एक उच्च पद का प्रभार देने हेतु सूची को अंतिम रूप से प्रकाशित किया गया है या तैयार की गई है यदि हाँ, तो उसकी प्रति उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में जो सूची तैयार की गई है उसमे से कितने कर्मचारी एवं अधिकारी है जिनके विरूद्ध विभागीय जांच, आरोप पत्र, शिकायत एवं कारणदर्शी सूचनापत्र जारी किये गये है? पृथक-पृथक पदवार जानकारी दें। (घ) क्या एक उच्च पद का ही प्रभार दिये जाने का प्रावधान है कि दो उच्च पद प्रावधान के विपरीत प्रभारी मंडी निरीक्षक को प्रभारी सचिव बनाये जाने की योजना अनियमितता और भ्रष्टाचार को बढ़ावा नहीं देगी? क्या यह नियम विरुद्ध नहीं है? (ड.) जिन कर्मचारियों को उक्त योजना के तहत अपात्र किया गया है उनके क्या कारण है पदवार पृथक-पृथक बतायें तथा क्या प्रश्‍नांश (क), (ख), (ग) एवं (घ) के परिप्रेक्ष्य में उक्त कार्यवाही की जांच कराई जावेगी, यदि हाँ, तो कब तक, यदि नहीं, तो क्यों कारण बतायें।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी नहीं। मण्‍डी बोर्ड द्वारा बनाये गये मापदंड की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। (ख) जी हाँ। शेष भाग की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2, 3, 4 एवं अनुसार है। (ग) सचिव-ब के 08, सचिव-स के 11, मंडी निरीक्षक के 55 एवं सहायक उप निरीक्षक के 168 के विरूद्ध आरोप पत्र जारी एवं दण्‍ड की प्रभावशीलता है। (घ) जी नहीं। मंडी की सुचारू कार्य व्‍यवस्‍था के तहत आवश्‍यकतानुसार सचिव का प्रभार दिया जाता है। (ड.) उच्‍च पद का प्रभार देने हेतु विचारण के सभी पदों के लिये अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध विभागीय जांच, दण्‍ड की प्रभावशीलता एवं अन्‍य कारणों से अपात्र किया गया है। उक्‍त कारणों के आलोक में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।