मध्यप्रदेश विधान सभा
प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च, 2026 सत्र
शुक्रवार, दिनांक 20 फरवरी, 2026
भाग-1
तारांकित
प्रश्नोत्तर
निर्माण
कार्यों की
जानकारी
[ऊर्जा]
1. ( *क्र. 1287 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विकाखण्ड सिरोंज एवं लटेरी में दिनांक 01 अप्रैल, 2018 से प्रश्नांकित दिनांक तक कौन-कौन से निर्माण कार्य स्वीकृत हुए? कार्य का नाम, लागत, कार्य प्रारंभ दिनांक, कार्य पूर्णता दिनांक सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में विकाखण्ड सिरोंज लटेरी में कहां-कहां विद्युत उपकेन्द्र स्वीकृत किये गये हैं? प्रशासकीय स्वीकृति आदेश की छायाप्रति उपलब्ध करावें। उक्त उपकेन्द्रों से कृषि फीडर एवं घरेलू फीडर की लाईन विस्तार कर कौन-कौन से ग्रामों में विद्युत लाईन विस्तार के कार्य स्वीकृत हुए थे, कितने लाईन विस्तार के कार्य शेष हैं? कब तक कार्य पूर्ण कर दिये जावेंगे? समय-सीमा बतावें एवं विद्युत उपकेन्द्र, सौजना का कार्य कब तक पूर्ण कर दिया जावेगा? समय-सीमा बतावें। (ग) आर.डी.एस.एस. केन्द्र प्रायोजित योजना से लटेरी से ताजपुरा तक घरेलू विद्युत लाईन विस्तार का कार्य कितनी लागत से स्वीकृत हुआ था, बतावें। उक्त कार्य कब तक पूर्ण कर दिया जावेगा? समय-सीमा बतावें। यदि नहीं, तो क्यों। (घ) सिरोंज लटेरी विकासखण्ड में कौन-कौन से विद्युत उपकेन्द्रों से विद्युत आपूर्ति की जा रही है, बतावें तथा इन विद्युत उपकेन्द्रों से कृषि सिंचाई फीडर एवं घरेलू विद्युत लाईन का विस्तार किन-किन ग्रामों में किया जा रहा है? विद्युत उपकेन्द्रवार जानकारी उपलब्ध करावें।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी एवं म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी अंतर्गत सिरोंज एवं लटेरी विकासखण्डों में दिनांक 01 अप्रैल, 2018 से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में विभिन्न योजनाओं के तहत स्वीकृत कार्यों के नाम, लागत, कार्य प्रारंभ किये जाने की दिनांक एवं कार्य पूर्णता की दिनांक सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) के संदर्भ में विकासखण्ड सिरोंज एवं लटेरी में प्रश्नाधीन अवधि में स्वीकृत नवीन 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्रों एवं उक्त उपकेन्द्रों से निर्गमित 11 के.व्ही. कृषि फीडर एवं 11 के.व्ही. घरेलू फीडर के कार्यों की पूर्णता/अपूर्णता की ग्रामों के नाम सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। संबंधित प्रशासकीय स्वीकृति आदेश की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स' अनुसार है। 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र सौजना का कार्य दिनांक 31.03.2026 तक पूर्ण किया जाना प्रस्तावित है। (ग) आर.डी.एस.एस. योजना अंतर्गत लटेरी से ताजपुरा होते हुए चंदेरी फतेहपुर घरेलू 11 के.व्ही. फीडर लाईन विस्तार का कार्य लागत राशि रूपये 1.09 करोड़ से स्वीकृत हुआ है, उक्त कार्य दिनांक 31 मार्च, 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। (घ) सिरोंज एवं लटेरी विकासखण्ड में 33/11 के.व्ही. के 24 विद्युत उपकेन्द्रों से विद्युत आपूर्ति की जा रही है तथा इन विद्युत उपकेन्द्रों से निर्गमित कृषि फीडरों एवं घरेलू फीडरों के विस्तार से संबंधित ग्रामों की विद्युत उपकेन्द्रवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'द' अनुसार है।
लीज अंतरण एवं नामांतरण में अनियमितता
[नगरीय विकास एवं आवास]
2. ( *क्र. 1359 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नगर पालिका, नीमच के स्वामित्व वाली संपत्ति क्रमांक 07, तरण पुष्कर परिसर स्थित 10 कमरे एवं हॉल (होटल सरोवर) की लीज दिनांक 01.05.1986 को केवल 03 वर्षों के लिये प्रदान की गई थी? क्या लीजधारी द्वारा मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 एवं अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करते हुए किराया बकाया रखा गया तथा लीज से अतिरिक्त भूमि पर अनाधिकृत कब्जा किया गया? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्या नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों/कर्मचारियों की प्रत्यक्ष संलिप्तता एवं कर्तव्यहीनता के कारण उक्त लीज का अवैधानिक अंतरण एवं नामांतरण अन्य व्यक्ति के नाम किया गया तथा दिनांक 19.01.2012 को बिना सक्षम अधिकार एवं वैधानिक प्रक्रिया के इसे स्वीकृत किया गया? यदि हाँ, तो किस नियम के तहत? नियम की प्रतिलिपि दें। (ग) क्या दिनांक 17.05.2025 को मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा परिषद की अनिवार्य स्वीकृति प्राप्त किये बिना 30 वर्षों के लिये नवीन लीज आवंटन आदेश जारी किये गये? यदि हाँ, तो किस नियम के तहत, उस नियम की प्रतिलिपि दें। (घ) प्रश्नांश (ख) एवं (ग) का उत्तर यदि हाँ, है, तो क्या उक्त पट्टा आवंटन एवं नवीनीकरण को निरस्त करने तथा प्रकरण में संलिप्त दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही किये जाने का प्रस्ताव शासन के विचाराधीन है? यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) प्रश्नांश में उल्लेखित संपत्ति दिनांक 01.05.1986 से नहीं वरन दिनांक 06.07.1988 से 03 वर्षों के लिये लीज पर दी गई थी। जी हाँ। जी नहीं। लीज अनुबंध के संलग्न मानचित्रानुसार अतिरिक्त भूमि पर कब्जा नहीं किया गया है। (ख) जी हाँ। विषयाधीन संपत्ति की लीज, अंतरण के संबंध में पारित संकल्प क्र. 34, दिनांक 19.01.2012 का आधार वैधानिक न होने से उक्त संकल्प त्रुटिपूर्ण व निकाय के हित में नहीं पाया गया है। जानकारी पुस्तकालय रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ग) जी हाँ। दिनांक 17.05.2025 को मुख्य नगरपालिका अधिकारी के द्वारा जारी आदेश म.प्र. नगर पालिका अधिनियम (अचल संपत्ति का अंतरण) नियम 2016 के नियम 3-क के विपरीत पाया गया है। जानकारी पुस्तकालय रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। (घ) जी हाँ। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
बैराज निर्माण कार्य के क्रियान्वयन में हुई अनियमितता
[नगरीय विकास एवं आवास]
3. ( *क्र. 1140 ) श्री मोहन शर्मा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नरसिंहगढ़ नगर में निर्मित बैराज के निर्माण में करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताएं पाई गई थी, जिसकी जांच शासन स्तर पर कराई गई थी? यदि हाँ, तो जांच में कुल कितनी राशि की अनियमितता प्रमाणित हुई? (ख) क्या जांच के उपरांत संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध राशि वसूली (रिकवरी) एवं ब्लैक लिस्ट किये जाने के आदेश शासन द्वारा जारी किये गये थे? यदि हाँ, तो उक्त आदेश किस दिनांक को जारी किये गये? (ग) क्या कारण है कि शासन के स्पष्ट आदेशों के बावजूद आज दिनांक तक न तो ठेकेदार से कोई राशि वसूल की गई है और न ही ब्लैक लिस्टिंग की कार्यवाही प्रभावी रूप से लागू की गई है? (घ) क्या शासन द्वारा ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट किये जाने के आदेश के बावजूद नगर पालिका नरसिंहगढ़ द्वारा नियमों के विपरीत पी.आई.सी. की बैठक में ठेकेदार के पक्ष में प्रस्ताव पारित कर शासन को गुमराह किया गया? यदि हाँ, तो क्या ₹ 5 करोड़ से अधिक राशि के कार्यों में परिषद की बैठक में प्रस्ताव पारित किया जाना अनिवार्य नहीं है? (ड.) क्या शासन दोषी ठेकेदार एवं सभी जिम्मेदारों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही कर शासन को हुई वित्तीय क्षति की शीघ्र वसूली कराएगा? यदि हाँ, तो कब तक?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास मध्यप्रदेश भोपाल के आदेश क्रमांक/यां.प्र./07.2020/11689, दिनांक 19.12.2020 से नगरपालिका परिषद नरसिंहगढ़ में मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजनान्तर्गत स्वीकृत बैराज निर्माण कार्य के क्रियान्वयन में हुई अनियमितता एवं गुणवत्ता की जांच हेतु जांच समिति गठित कर जांच कराई गई थी। उक्त जांच प्रतिवेदन के अनुसार वित्तीय अनियमित्ताओं की राशि प्रमाणित नहीं है। (ख) जी हाँ। दिनांक 05.01.2026 को आदेश जारी किये गये थे। (ग) उत्तरांश "ख" के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी हाँ। (ड.) जी हाँ। उत्तरदायी पाये गये तत्कालीन मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगरपालिका परिषद, नरसिंहगढ़ को संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास, मध्यप्रदेश भोपाल के पत्र क्रमांक/शि/06/2025/21315, भोपाल दिनांक 10.10.2025 से एवं तत्कालीन उपयंत्री, नगरपालिका परिषद नरसिंहगढ़ को संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास, मध्यप्रदेश भोपाल के पत्र क्रमांक/शि/06/2025/21317, भोपाल दिनांक 10.10.2025 से आरोप पत्र जारी किये गये हैं। संविदाकार को काली सूची में दर्ज करने हेतु संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास भोपाल के आदेश क्रमांक/यां.प्र./07/2026/74, भोपाल दिनांक 05.01.2026 जारी किया गया है। निकाय प्रेसीडेन्ट-इन-काउंसिल के द्वारा प्रस्ताव क्रमांक 227, दिनांक 06.10.2025 के द्वारा संविदाकार की जमा राशि को राजसात करने का निर्णय पारित किया गया है। उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
बस स्टैंड एवं यात्री प्रतीक्षालय
[नगरीय विकास एवं आवास]
4. ( *क्र. 1418 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राजगढ़ जिला मुख्यालय पर बस के स्टैंड हेतु नगर पालिका द्वारा बस स्टैंड का निर्माण कराया गया था? यदि हाँ, तो कब तथा किस मद से कितनी राशि से किस एजेंसी द्वारा कराया गया था, बतावें? (ख) क्या शासन द्वारा इस हेतु कोई शासकीय भूमि नगरपालिका को आवंटित की गई थी? यदि हाँ, तो शासन द्वारा कब तथा कितनी भूमि आवंटित की गई थी? खसरा नंबर, रकबा सहित बतावें। (ग) क्या उक्त बनाए गये बस स्टैंड पर बसे खड़ी न होकर अन्य स्थानों पर खड़ी होती हैं, जिससे बसों के रुकने एवं यात्री के बैठने उतरने में परेशानी आती है? (घ) यदि हाँ, तो क्या उक्त बस स्टैंड पर बसों का ठहराव एवं यात्री के लिये बने हुये यात्री प्रतीक्षालय का उपयोग यात्रियों के लिये करवाया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों नहीं?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ, नगर पालिका राजगढ़ द्वारा वर्ष 1998-1999 में आई.डी.एस.एम.टी. योजना अन्तर्गत बस स्टैण्ड निर्माण कार्य राशि रूपये 1.00 करोड़ से दिलीप बिल्डकॉन कम्पनी भोपाल द्वारा कराया गया था। (ख) जी हाँ, कार्यालय कलेक्टर, जिला-राजगढ़ के आदेश क्रमांक 39/26/नजूल/98 राजगढ़, दिनांक 03.01.1998 द्वारा सर्वे क्रमांक 791, रकबा 1.223 हे. में से 8789 वर्ग मीटर भूमि वर्ष 1997-98 में आवंटित की गई थी। (ग) जी नहीं, बस स्टेण्ड पर ही बसें खड़ी होती है। बसों के रूकने एवं यात्री के बैठने उतरने में कोई परेशानी नहीं है। (घ) उत्तरांश "ग" के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। यात्री प्रतिक्षालय का उपयोग यात्रियों द्वारा किया जाता है।
गुणवत्ताविहीन कार्य किये जाने के संबंध में
[ऊर्जा]
5. ( *क्र. 1157 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा प्रश्न क्रमांक 669, दिनांक 05.12.2025 के संबंध में दिनांक 01.11.2025 से दिनांक 26.01.2026 तक कुल कितने ट्रांसफार्मर वरीयता सूची अनुसार बढ़ाए गये? क्या कोई ऐसा ट्रासंफार्मर भी है, जिसे वरीयता सूची से पूर्व बढ़ा दिया गया है? यदि हाँ, तो क्यों? (ख) क्या विभाग द्वारा योजना में निम्न गुणवत्ता की सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है? किसी भी योजना में ट्रांसफार्मर, लाईन एवं अन्य समस्त स्थापना हेतु क्या-क्या मानक हैं? क्या उन मानकों का पालन हो रहा है? क्या पोल में सीमेन्ट डालना अनिवार्य है? यदि हाँ, तो जिन ठेकेदारों द्वारा यह कार्य नहीं किया जा रहा है, उनके खिलाफ क्या कार्यवाही की गई? (ग) योजना में बदली गई ग्राम बड़ागांव की केबल को फिर से क्यों बदलना पड़ा? क्या ठेकेदार द्वारा निम्न गुणवत्ता की केबल का उपयोग किया गया था? यदि नहीं, तो केबल बदलने का कारण स्पष्ट करें। केबल बदलने के लिये ठेकेदार के कितने के बिल पास किये गये? (घ) जिले में दिनांक 01.01.2020 से कुल कितने स्थानों पर कुल केबल किस-किस योजना में कब-कब लगाई गई? ट्रांसफार्मरवार जानकारी उपलब्ध करायें। लगाई गई केबल में से कितनी केबल चालू हैं? खराब केबल में विभाग द्वारा ठेकेदार पर क्या कार्यवाही की गई? यदि कार्यवाही नहीं की तो जनता का पैसा भ्रष्टाचार में उड़ाने के लिये कौन-कौन जिम्मेदार है?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) विधानसभा प्रश्न क्रमांक 669, दिनांक 05.12.2025 के संबंध में दिनांक 01.11.2025 से दिनांक 26.01.2026 तक वरीयता सूची अनुसार कुल 11 वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि (क्षमता बढ़ाई गई) की गई है। जी नहीं। (ख) जी नहीं, संचा./संधा. वृत्त आगर अंतर्गत संचालित योजनाओं में गुणवत्तापूर्ण सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। किसी भी योजना में स्थापित किये जाने वाले ट्रांसफार्मर, लाईन एवं अन्य समस्त उपकरणों/स्थापना हेतु मानकों का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। जी हाँ, संचा./संधा. वृत्त आगर अंतर्गत उक्त निर्धारित मानकों का पालन हो रहा है। निर्धारित मानकों के अनुसार पोलों की स्थापना के समय सीमेंट डालने का प्रावधान है। संचा./संधा. वृत्त आगर अंतर्गत ठेकेदारों द्वारा पोल स्थापना के समय मानक अनुसार सीमेंट डाला जा रहा है, अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। (ग) ग्राम बड़ागांव में वर्तमान में उपभोक्ताओं की संख्या में वृद्धि एवं उपभोक्ताओं द्वारा उपयोग किये जा रहे बिजली उपकरणों का भार बढ़ने से, पूर्व से स्थापित केबल जलने/खराब होने की समस्या उत्पन्न हुई थी, जिसके निराकरण हेतु आर.डी.एस.एस. योजना में केबल बदला/क्षमतावृद्धि की जा रही है। जी नहीं, ठेकेदार द्वारा निम्न गुणवत्ता की केबल का प्रयोग नहीं किया गया था। वर्तमान में आर.डी.एस.एस. योजना अन्तर्गत केबल की क्षमतावृद्धि हेतु पुरानी केबल को बदला जा रहा है। वर्तमान में उक्त कार्य हेतु कोई भी बिल प्राप्त नहीं हुआ है। (घ) जिले में दिनांक 01.01.2020 से प्रश्न दिनांक तक की स्थिति में विभिन्न स्थानों पर बदली गयी केबल की स्थान, योजना एवं ट्रांसफार्मर संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। लगायी गयी केबल में से सभी केबल वर्तमान में चालू अवस्था में है। केबल का कार्य स्वीकृत प्राक्कलन/निर्धारित मानक अनुसार किया गया है, अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है।
गौशालाओं का संचालन
[पशुपालन एवं डेयरी]
6. ( *क्र. 1447 ) श्री अजय अर्जुन सिंह : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में वर्तमान में कुल कितनी गौशालाएं संचालित हैं, उनमें से कितनी गौशालाएं गौसंवर्धन बोर्ड के अधीन हैं तथा इन गौशालाओं में लगभग कितने एकड़ भूमि पर कितने गौवंश को आश्रय दिया जा रहा है? (ख) स्वावलंबी गौशाला योजना के अंतर्गत प्रदेश में अब तक कितनी स्वावलंबी गौशालाएं स्वीकृत स्थापित एवं क्रियाशील हैं? (ग) क्या विभाग के संज्ञान में यह तथ्य है कि गौशालाओं तथा स्वावलंबी गौशाला योजना के अपेक्षित रूप से लागू न होने के कारण अनेक निराश्रित पशु सड़कों एवं शहरी क्षेत्रों में घूमते रहते हैं, जिससे दुर्घटनाएं तथा अन्य समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं? (घ) यदि हाँ, तो इन समस्याओं के समाधान तथा निराश्रित पशुओं के पुनर्वास के लिये सरकार द्वारा क्या-क्या ठोस कार्यवाही की गई है अथवा प्रस्तावित है?
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) प्रदेश में वर्तमान में 3038 गौशालायें संचालित हैं, इनमें से केवल एक गौशाला जो कि गौ अभ्यारण्य मध्यप्रदेश गौ संवर्धन बोर्ड के नियंत्रण में है। ग्राम-सालरिया, तहसील सुसनेर, जिला आगर मालवा यह गौ-अभ्यारण्य 472.63 Heelax भूमि पर स्थापित है, वर्तमान में यहां 6661 गौवंश को आश्रय दिया जा रहा है। (ख) प्रश्नांश की जानकारी निरंक है। ''मध्यप्रदेश राज्य में स्वावलंबी गौशालाओं (कामधेनू निवास) की स्थापना की नीति 2025'' के अंतर्गत स्वावलंबी गौशालाओं की स्थापना प्रक्रिया प्रचलन में है। (ग) सड़कों पर घूम रहे पशु अधिकांशत: स्थानीय पशुपालकों के ही होते हैं, जिनको घर पर ही रखे जाने की समझाईश दी जाती है। संचालित गौशालाओं में निराश्रित गौवंश का व्यवस्थापन एक सतत् प्रक्रिया है तथा गौशालाओं की क्षमता तथा आवश्यकतानुसार निराश्रित गौवंश का व्यवस्थापन उनमें किया जाता है। ''मध्यप्रदेश राज्य में स्वावलंबी गौशालाओं (कामधेनू निवास) की स्थापना की नीति 2025'' के अंतर्गत प्रदेश के 29 स्थानों पर पशुपालन एवं डेयरी विभाग को निर्धारित भूमि आवंटित हो चुकी है तथा गौशालाओं की स्थापना नीति के प्रावधानों अनुसार स्थापना प्रकिया की कार्यवाही प्रचलन में है। प्रदेश में 3038 गौशालाएं संचालित हैं, जिनमें मुख्यमंत्री गौसेवा योजना अंतर्गत निर्मित 2324 गौशालाएं, 702 गौशालाएं अशासकीय स्वयं सेवी संस्थाओं द्वारा तथा 12 गौशालाएं स्थानीय निकायों द्वारा संचालित हैं, जिनमें लगभग 4.80 लाख गौवंश उपलब्ध हैं। निराश्रित गौवंश का समुचित व्यवस्थापन गौशालाओं की क्षमता के अनुसार स्थानीय निकाय द्वारा कराया जाता है। गौशालाओं के गौवंश के समुचित भरण पोषण, चारा आहार, मानव संसाधन आदि के लिये प्रति गौवंश प्रति दिवस राशि 20/- से बढ़ाकर 40/- कर दी गई है, जिससे निराश्रित गौवंश के गौशालाओं में रखे जाने को प्रोत्साहन भी प्राप्त हुआ है। (घ) शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
शासकीय संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने वालों पर कार्यवाही
[नगरीय विकास एवं आवास]
7. ( *क्र. 1101 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या उपसंचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, भोपाल द्वारा निकाय की संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने वाले संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज करवाने का आदेश मुख्य नगरपालिका अधिकारी, मनावर को दिया गया था? उक्त निकाय की भूमि को खुर्द-बुर्द करने में संलिप्त समस्त तत्कालीन अध्यक्ष के नाम, तत्कालीन सी.एम.ओ. के नाम एवं तत्कालीन संबंधित कर्मचारी के नाम पदनाम सहित बतावें। (ख) क्या वार्ड क्रमांक-5 स्थित नगरपालिका के स्वामित्व की भूमि को तत्कालीन अध्यक्ष सी.एम.ओ. एवं अधिकारी कर्मचारी लोकसेवक होने के नाते संरक्षित रखने के लिये विधि द्वारा आबद्ध थे? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार यदि विधि द्वारा निकाय का हित सुरक्षित रखने के लिये आबद्ध थे तो फिर उनके विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं की गई। मनावर नगरपालिका परिषद द्वारा विशेष सम्मेलन दिनांक 12.06.2023 प्रस्ताव क्रमांक-21 लीज नवीनीकरण का अनुरोध शासन से किया है। शासन द्वारा पुलिस थाना मनावर को प्राथमिकी दर्ज करने से रोका गया हो ऐसे आदेश की प्रति उपलब्ध करावें। यदि शासन द्वारा प्राथमिकी को स्थगित नहीं किया गया है तो फिर दोषी अध्यक्ष, सी.एम.ओ. एवं कर्मचारियों पर प्राथमिकी दर्ज करने में देरी क्यों की जा रही है? (घ) संबंधित दोषी अध्यक्ष सी.एम.ओ. एवं कर्मचारी पर आपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं कर क्या उन्हें संरक्षित किया जा रहा है और उनके अवैध कार्य को प्रोत्साहन दिया जा रहा है?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। मुख्य नगर पालिका अधिकारी, मनावर द्वारा पत्र क्र. 521, दिनांक 20.02.2023 से संबंधितों के विरूद्ध नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज करने हेतु पुलिस थाना मनावर में आवेदन प्रस्तुत किया गया है। प्राथमिकी के संबंध में नगर पालिका परिषद मनावर द्वारा परिषद का विशेष सम्मेलन आहूत कर संकल्प क्रमांक 21, दिनांक 12.06.2023 पारित किया गया, जिसमें लीज़धारियों को निर्धारित शुल्क जमा कर नवीनीकरण की स्वीकृति एवं राज्य शासन के अंतिम निर्णय तक प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है, तत्संबंध में निकाय के पत्र क्रमांक 2145, दिनांक 20.07.2023 से संभागीय कार्यालय, इंदौर एवं पृष्ठांकन क्रमांक 2146 से संचालनालय भोपाल को प्रेषित किया गया है। प्रकरण में जाँच उपरान्त उत्तरदायी पाये गये पदाधिकारियों/अधिकारियों/कर्मचरियों के विरूद्ध कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (घ) जी नहीं।
मोक्षधाम में सौन्दर्यीकरण उन्नयन कार्य की स्वीकृति
[नगरीय विकास एवं आवास]
8. ( *क्र. 1472 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परासिया विधानसभा क्षेत्र के नगर चांदामेटा में नगरवासियों की सुविधा के लिये वार्ड क्र. 07 स्थित मोक्षधाम में सौन्दर्यीकरण व उन्नयन कार्य हेतु 50 लाख रूपये की राशि स्वीकृत किये जाने के संबंध में प्रश्नकर्ता द्वारा दिसम्बर 2025 विधानसभा सत्र में तारांकित प्रश्न (क्र. 1218) लगाया गया था, जिसके उत्तर के संबंध में सदन में चर्चा के दौरान मान. विभागीय मंत्री द्वारा शीघ्र ही नगर चांदामेटा मोक्षधाम में सौन्दर्यीकरण, उन्नयन कार्य हेतु 50 लाख रूपये की राशि की स्वीकृति हेतु आश्वस्त किया था, परन्तु उपरोक्त कार्य के लिये प्रश्न दिनांक तक राशि स्वीकृत नहीं की गई है, स्वीकृति प्रदान कर राशि प्रदान करने में विलम्ब का क्या कारण है? (ख) प्रश्नांश ''क'' में वर्णित आश्वासन के परिप्रेक्ष्य में प्रश्नकर्ता द्वारा पुनः मान. मंत्री जी को अनुस्मरण कराते हुये दिनांक 24.12.2025 को पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2025/739 प्रेषित किया गया था, जिस पर अभी तक क्या कार्यवाही की गई है? मोक्षधाम में सौन्दर्यीकरण, उन्नयन कार्य हेतु 50 लाख रूपये की राशि कब तक प्रदान कर दी जायेगी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगर परिषद चांदामेटा से प्रस्ताव प्राप्त होने पर विशेष निधि से राशि रूपये 25.00 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) विषय के संबंध में नगर परिषद चांदामेटा से प्रस्ताव प्राप्त कर उत्तरांश 'क' के अनुसार राशि स्वीकृत की गई है। उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
लीज होल्ड भूमि का परिवर्तन
[नगरीय विकास एवं आवास]
9. ( *क्र. 1411 ) डॉ. अभिलाष पाण्डेय : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा में दिनांक 24 मार्च, 2025 को ध्यानाकर्षण के माध्यम से सरकार ने जबलपुर उत्तर मध्य के चार वार्डों की लीज होल्ड भूमि को फ्री-होल्ड करने का आश्वासन दिया था? यदि हाँ, तो नगर निगम जबलपुर की घोर लापरवाही के कारण प्रश्न क्रमांक 1657, दिनांक 31.07.2025 के उत्तर में जानकारी "निरंक" क्यों है? उक्त लंबित प्रकरणों की वर्तमान स्थिति क्या है? (ख) प्रश्न क्रमांक 1657, दिनांक 31.07.2025 के उत्तर में स्वीकार किये गये 171 लंबित प्रकरणों में से विगत महीनों में कितनों का निराकरण हुआ है? यदि नहीं, तो क्या नगर निगम के अधिकारियों पर क्या दंडात्मक कार्यवाही की जायेगी? (ग) क्या नगर निगम, जबलपुर द्वारा जागरूकता शिविरों के आयोजन अनिवार्य करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? समय-सीमा निर्धारित करें। (घ) आश्वासन के एक वर्ष बाद भी नगर निगम जबलपुर द्वारा 171 परिवारों को प्रताड़ित करने का क्या कारण है? क्या विभाग इस विफलता हेतु उत्तरदायी अधिकारियों की जवाबदेही तय कर निराकरण के लिये कोई अंतिम समय-सीमा (Deadline) निर्धारित करेगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जबलपुर उत्तर मध्य विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सुभद्रा कुमारी चौहान वार्ड, भवानी प्रसाद वार्ड, दयानंद सरस्वती वार्ड की लीज होल्ड भूमि को फ्री-होल्ड में परिवर्तित किये जाने के संबंध में नगर निगम जबलपुर के स्तर पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) कार्यवाही प्रक्रियाधीन होने से शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) शिविर आयोजन के संबंध में नगर निगम जबलपुर द्वारा निर्णय लिया जायेगा। (घ) कार्यवाही प्रक्रियाधीन होने से शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
विद्युत आपूर्ति एवं विस्तारीकरण
[ऊर्जा]
10. ( *क्र. 1354 ) श्री विवेक विक्की पटेल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) किसानों के कृषि कार्य हेतु बिजली उपलब्धता के लिये ट्रांसफार्मर, पोल आदि स्थापित किये जाने के लिये विभाग द्वारा कौन-कौन सी योजनाएं संचालित हैं? (ख) जिला बालाघाट अंतर्गत रबी फसल में बिजली आपूर्ति के लिये क्या समय निर्धारित किया गया है और उसके लिये किस दर से निर्धारण सुनिश्चित किया गया है? (ग) कृषि कार्य हेतु विद्युतीकरण कार्य ए.जी.एल. लाइन विस्तारीकरण, पुरानी ए.जी.एल. लाइन में ट्रांसफार्मर स्थापना के संबंध में शासन की क्या कोई योजना प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो पूर्ण जानकारी बतावें और नहीं तो क्यों? (घ) विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 112 के अंतर्गत वितरण केंद्रों रामपायली, खैरलांजी, डोंगरमाली, बोनकट्टा आदि क्षेत्रों में लो वोल्टेज की समस्या निरंतर बनी रहती है? यदि हाँ, तो क्या विकासखंड खैरलांजी नगर में नवीन 132 k.v. उपकेंद्र की स्थापना किये जाने के संबंध में कोई प्रस्ताव विभाग स्तर पर बनाया गया है? यदि नहीं, तो क्यों? यदि हाँ, तो जानकारी उपलब्ध करवाएं।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) वर्तमान में किसानों को सिंचाई हेतु खेतों में नवीन ट्रांसफार्मर एवं आवश्यक 11 के.व्ही. विद्युत लाईन स्थापित किये जाने के लिये ''स्वयं का ट्रासंफार्मर (O.Y.T.)'' योजना एवं ''5 प्रतिशत सुपरविजन योजना'' लागू है। (ख) बालाघाट जिला अंतर्गत रबी सीजन में कृषि कार्य हेतु वर्तमान में कृषि फीडरों पर प्रात: 9:30 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक (6 घंटे) एवं रात्रि में 00:30 से प्रात: 4:30 बजे तक (4 घंटे), इस प्रकार कुल 10 घंटे विद्युत प्रदाय की जा रही है। कृषि उपभोक्ताओं की विद्युत दर का निर्धारण मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी टैरिफ आदेश के टैरिफ शेड्यूल एल.व्ही. 5 में निर्धारण दरों के अनुरूप किया जाता है, जिसकी प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। साथ ही राज्य शासन द्वारा उक्त दरों पर सब्सिडी प्रदान की जाती है। (ग) राज्य शासन की मंशा के अनुरूप प्रदेश में कृषि उपभोक्तओं को 10 घंटे गुणवत्तापूर्ण विद्युत प्रदाय किये जाने के लिये वर्तमान में केन्द्र शासन द्वारा संचालित आर.डी.एस.एस. योजनांतर्गत 11 के.व्ही. मिश्रित फीडरों को 11 के.व्ही. घरेलू एवं 11 के.व्ही. कृषि फीडरों में विभक्त किये जाने का कार्य स्वीकृत है। उक्त कार्य के तहत नवीन 11 के.व्ही. लाईनों एवं निम्नदाब लाईनों तथा वितरण ट्रांसफार्मरों की स्थापना का कार्य किया जाता है। वर्तमान में जिला बालाघाट में योजना अंतर्गत स्वीकृत 11 के.व्ही. के 85 मिश्रित फीडरों के विभक्तिकरण का कार्य किया जाना है। प्रश्न दिनांक तक की स्थिति में 11 के.व्ही. के 70 मिश्रित फीडरों के विभक्तिकरण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। शेष कार्य माह मई 2026 तक पूर्ण किये जाने का लक्ष्य है। (घ) म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वितरण केन्द्रों यथा-रामपायली, खैरलांजी, डोंगर माली एवं बोनकट्टा आदि क्षेत्रों में बेहतर विद्युत आपूर्ति हेतु खैरलांजी नगर में नवीन 132/3 के.व्ही. अति उच्चदाब विद्युत उपकेन्द्र की स्थापना हेतु प्रस्ताव तैयार कर राज्य स्तरीय अंतर कंपनी समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। समिति द्वारा उक्त नवीन 132/33 के.व्ही. अति उच्चदाब विद्युत उपकेन्द्र खैरलांजी के प्रस्ताव को तकनीकी रूप से साध्य पाया गया है।
बैहर विधानसभा क्षेत्र के सड़कों का नवीनीकरण/पुनर्निर्माण
[लोक निर्माण]
11. ( *क्र. 1580 ) श्री संजय उइके : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बैहर विधानसभा क्षेत्र की प्रमुख सड़कें-बैहर से सालेटेकरी, बालाघाट से बैहर एवं गढ़ी से टोपला अत्यंत जर्जर एवं खराब अवस्था में है? उपरोक्त सड़कें कान्हा राष्ट्रीय उद्यान को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग हैं, जिनसे प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक आते हैं, किंतु सड़कों की खराब स्थिति के कारण पर्यटन गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है? (ख) खराब सड़कों के कारण स्थानीय ग्रामीणों, विद्यार्थियों, मरीजों तथा व्यापारियों को आवागमन में हो रही कठिनाइयों से सरकार अवगत है या नहीं? यदि हाँ, तो अब तक क्या कदम उठाए गये हैं? (ग) उपरोक्त सड़कों के नवीनीकरण/पुनर्निर्माण (रीकार्पेटिंग/मजबूतीकरण) हेतु कितनी राशि स्वीकृत की गई है अथवा प्रस्तावित है? कृपया सड़कवार विवरण दें। (घ) इन सड़कों के नवीनीकरण का कार्य कब तक प्रारंभ किया जायेगा तथा इसे पूर्ण करने की समय-सीमा बतावें?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी नहीं। उक्त तीनों मार्ग आंशिक भाग में खराब है। मार्ग मरम्मत एवं रखरखाव कार्य प्रगति पर है। मार्ग मोटरेबल रखा जा रहा है। सड़क की वर्तमान स्थिति के कारण पर्यटन गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ रहा है। (ख) म.प्र. सड़क विकास निगम प्रश्नांश 'क' में उल्लेखित मार्गों की वर्तमान स्थिति से पूरी तरह अवगत है। म.प्र. सड़क विकास निगम द्वारा की जा रही कार्यवाही की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) एवं (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
थांदला विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत सड़क निर्माण
[लोक निर्माण]
12. ( *क्र. 120 ) श्री वीरसिंह भूरिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र 194 थांदला के अंतर्गत बावड़ीपाल से तोरनिया ढेवर तक सड़क का निर्माण/डामरीकरण कब तक होगा? समय-सीमा बताएं।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : प्रश्नांकित मार्ग नवीन मार्ग है तथा लोक निर्माण विभाग की पुस्तिका में अंकित नहीं है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
डबरा शहर में खेल स्टेडियम का निर्माण
[नगरीय विकास एवं आवास]
13. ( *क्र. 205 ) श्री सुरेश राजे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र 19 डबरा अंतर्गत डबरा शहर में विधानसभा उपचुनाव वर्ष 2020 में तत्कालीन मुख्यमंत्री जी द्वारा शहर के वार्ड 28 चांदपुर में खेल स्टेडियम बनाने की घोषणा की गई, जिसके निर्माण के लिये राशि भी नगर पालिका को दी गई, परन्तु कार्य प्रारंभ से पूर्व ही यह राशि शासन द्वारा वापस क्यों एवं किस नियम या आदेश अनुसार ली गई? पत्र/नियम/आदेश की प्रति उपलब्ध करवाएं। (ख) डबरा शहर में कब तक खेल स्टेडियम का निर्माण किया जायेगा? यदि नहीं, किया जायेगा तो कारण देवें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगर पालिका परिषद डबरा को स्टेडियम निर्माण कार्य हेतु वित्तीय वर्ष 2020-21 में विशेष निधि मद से राशि रू. 150.00 लाख की स्वीकृति जारी की जाकर राशि उपलब्ध कराई गई थी, परन्तु नगर पालिका परिषद डबरा द्वारा 06 माह पश्चात भी कार्य को प्रारंभ नहीं कराया गया, जिससे संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास के आदेश क्रमांक/5183/यां.प्र./07/वि.नि.म/2020, भोपाल दिनांक 05.06.2020 की शर्त क्रमांक 06 के अनुसार कार्यवाही की गई थी। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) खेल स्टेडियम निर्माण हेतु जिला कलेक्टर ग्वालियर के माध्यम से खेल एवं युवक कल्याण विभाग को प्रस्ताव प्रस्तुत करने हेतु निकाय को पत्र क्रमांक 2591, दिनांक 01.03.2025 से निर्देशित किया गया है।
उच्च दाब उपकेन्द्र स्थापित किया जाना
[ऊर्जा]
14. ( *क्र. 1175 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मान. मंत्री महोदय यह बताने का कष्ट करेंगे कि सागर जिले में 132/33 उच्च दाब उपकेन्द्र कहां-कहां स्थापित/प्रस्तावित है? विस्तृत जानकारी देवें तथा नरयावली में उपकेन्द्र स्थापित/प्रस्तावित हैं? जानकारी देवें। (ख) क्या नरयावली के अधिकांश ग्रामों में मकरोनिया जिला मुख्यालय से 132/33 उच्च दाब उपकेन्द्र से घरेलू/व्यावसायिक/कृषि विद्युत उपलब्ध कराई जाती है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें तथा उक्त लाईन पर गल्लामण्डी/औद्योगिक क्षेत्र का उच्च दबाव है एवं उक्त क्षेत्र में अतिरिक्त विद्युत भार की वृद्धि प्रस्तावित है? जानकारी देवें। (ग) क्या वर्तमान में 33 के.व्ही. लाईन सेना क्षेत्र, नगर पालिका परिषद, नगर निगम क्षेत्र, छावनी परिषद एवं ग्रामीण क्षेत्र से गुजरती है/निकलती है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें तथा इन क्षेत्रों से गुजरने के कारण विभाग को विद्युत रख-रखाव के लिये अनुमति लेने में अधिक समय लगता है एवं परेशानियों का सामना करना पड़ता है? जानकारी देवें। (घ) क्या प्रश्न (ख) और (ग) में वर्णित विषय को दृष्टिगत रखते हुए नरयावली में 132/33 के.व्ही. उपकेन्द्र की स्थापना हेतु कोई कार्यवाही करेगा, जिससे विद्युत उपभोक्ताओं एवं क्षेत्र के ग्रामीण उपभोक्ताओं को विद्युत समस्याएं हल हो जायेंगी? जानकारी देवें तथा विभाग द्वारा उपकेन्द्र कब तक स्थापित होगा? जानकारी देवें।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) सागर जिलांतर्गत वर्तमान में कुल 09 नं. 132/33 के.व्ही., 01 नं. 220/132/33 के.व्ही., 01 नं. 400/220/33 के.व्ही. उपकेन्द्र स्थापित हैं एवं 01 नं. 132/33 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र प्रस्तावित हैं, जिसका कार्य प्रगतिरत है। उक्त विद्युत उपकेन्द्रों की विस्तृत जानकारी संलग्न परिशष्ट अनुसार है। नरयावली में 132/33 के.व्ही. क्षमता का कोई भी विद्युत उपकेन्द्र वर्तमान में स्थापित/प्रस्तावित नहीं है। (ख) जी नहीं, नरयावली विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न ग्रामों के कृषि, घरेलू एवं अन्य उपभोक्ताओं को कुल 03 नं. 33 के.व्ही. फीडरों यथा 33 के.व्ही. नरयावली फीडर, 33 के.व्ही. मोठी फीडर तथा 33 के.व्ही. भैंसा फीडर जो कि क्रमश: 132/33 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र मकरोनिया एवं 132/33 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र राहतगढ़ से निर्गमित हैं, के द्वारा विद्युत प्रदाय किया जा रहा है, जिनमें से 33 के.व्ही. नरयावली फीडर से ग्रामीण क्षेत्र के साथ-साथ खुरई रोड स्थित गल्ला मंडी, औद्योगिक क्षेत्र एवं अन्य उपभोक्ता संबंधित हैं। भविष्य में उक्त क्षेत्र में भारवृद्धि की संभावना के दृष्टिगत 132/33 के.व्ही. अति उच्चदाब विद्युत उपकेन्द्र सागर से निर्गमित 33 के.व्ही. सीहोरा फीडर से 33 के.व्ही. नरयावली फीडर के इंटर कनेक्शन का कार्य आर.डी.एस.एस. योजनान्तर्गत प्रगतिरत है। (ग) जी हाँ। प्रश्नाधीन उल्लेखित 33 के.व्ही. नरयावली फीडर, नगर पालिका क्षेत्र मकरोनिया, नगर निगम के कुछ क्षेत्रों, केन्ट एवं सेना क्षेत्र से होकर गुजरती है। प्रतिबंधित क्षेत्र होने के दृष्टिगत पूर्वानुमति प्राप्त करने के उपरान्त विद्युत रख-रखाव का कार्य संपादित किया जाता है, जिसमें कोई कठिनाई नहीं होती है। (घ) भविष्य में भारवृद्धि की संभावनाओं के कारण उत्तरांश (ख) में उल्लेखित प्रगतिरत कार्य के दृष्टिगत वर्तमान में विधानसभा क्षेत्र नरयावली अन्तर्गत नवीन 132/33 के.व्ही. अति उच्चदाब विद्युत उपकेन्द्र की स्थापना किया जाना प्रस्तावित नहीं है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है।
नगर पालिका परिषद टीकमगढ़ में भ्रष्टाचार
[नगरीय विकास एवं आवास]
15. ( *क्र. 753 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा सत्र दिसम्बर 2025 के प्रश्न क्र. 698, सरल क्र. 53, दिनांक 05 दिसंबर, 2025 को प्रश्नांश "क" के उत्तर में शिकायत पर तथ्यों की बिन्दुवार जांच कर तथ्यात्मक जांच प्रतिवेदन संभागीय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास सागर संभाग को भेजने हेतु निर्देश दिये गये हैं? यदि हाँ, तो क्या निर्देशों का पालन किया गया है? (ख) नगर पालिका परिषद, टीकमगढ़ कि कुल कितनी शिकायतें हैं, जो संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास संभाग सागर को जांच हेतु भेजी गई विस्तृत विवरण दें। यदि जांच पूर्ण हो गयी हो तो जांच प्रतिवेदन दें? (ग) क्या गिरी पैलेस होटल बिना कमर्शियल अनुमति के संचालित है एवं शासकीय अर्हताएं पूरी न करने के बाद भी जिला प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है, ऐसा क्यों? (घ) क्या गिरी पैलेस के पीछे से निकलने वाले नाले पर संपूर्ण रूप से अतिक्रमण कर नाला अवरूद्ध कर दिया गया है, जिसके कारण शिवशक्ति कॉलोनी, भटनागर कॉलोनी आदि वर्षा के समय जलमग्न हो जाती है? कब तक नाला अतिकमण मुक्त कराया जायेगा।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। उपरोक्त के अनुक्रम में संयुक्त संचालक द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के लिये समय चाहा गया है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) नगर पालिका परिषद, टीकमगढ द्वारा पत्र क्रमांक 1631-1632, दिनांक 28.02.2017 के माध्यम से गिरी पैलेस निर्माण के लिये अनुज्ञा जारी की गई है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। तहसीलदार, टीकमगढ़ के पत्र क्रमांक रीडर/तह.टी/2026/437, दिनांक 22.01.2026 अनुसार गिरी पैलेस के द्वारा नाले पर अतिक्रमण किया जाना नहीं पाया गया।
इंदौर में दूषित जलप्रदाय से जनहानि
[नगरीय विकास एवं आवास]
16. ( *क्र. 1430 ) श्री बाला बच्चन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल से उत्तर दिनांक तक कितनी मृत्यु हुई? मृतकों के नाम, पता सहित देवें। (ख) इस प्रकरण में जिन बीमार लोगों के इलाज का व्यय शासन ने वहन किया? उनकी सूची, प्रदाय उपचार राशि, अस्पताल नाम सहित देवें। लंबित भुगतान राशि भी सूची अनुसार बतावें। (ग) इंदौर नगर निगम क्षेत्र में अमृत 1.0 व अमृत 2.0 तथा अन्य योजनाओं में सीवरेज तथा जल प्रदाय की कितनी पाइप लाइनें कहां से कहां डाली गई? लागत, स्थान नाम, कार्य प्रारंभ दिनांक, कार्य पूर्णता दिनांक सहित योजनावार बतावें। वर्ष 2015 से 2025-26 तक अवधि के संबंध में बतावें। (घ) दिनांक 01.01.2023 से 20.01.2026 तक इंदौर नगर निगम क्षेत्र में कहां-कहां के जलप्रदाय की गुणवत्ता की जांच कब-कब की गई? स्थान नाम, जांच दिनांक, जांच परिणाम सहित जांच रिपोर्ट की छायाप्रति देवें। इन जांच रिपोर्ट पर की गई कार्यवाही की जानकारी भी प्रकरणवार देवें। जिन स्थानों पर जलप्रदाय गुणवत्ताहीन पाया गया, उनसे संबंधित अधिकारियों पर विभाग ने क्या कार्यवाही की? विवरण देवें। यदि नहीं, तो कब तक की जायेगी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित मृत्यु समीक्षा समिति द्वारा मृत्यु के संभावित कारणों में से एक कारण एक्युट डायरियल डिजीज़ होना बताया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुल 20 मृत्यु की पुष्टि की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'द' अनुसार है। जिन स्थानों पर जल मानकों अनुरूप नहीं पाया गया उन स्थानों पर जलापूर्ति पाइप-लाइन आदि का सुधार कर जलगुणवत्ता को सुधारा गया है। जिन स्थानों पर जल मानकों अनुरूप नहीं पाया गया, उन स्थानों पर जलापूर्ति पाइप-लाइन आदि का सुधार कर जलगुणवत्ता को सुधारा गया है। प्राथमिक रूप से श्री शुभम श्रीवास्तव, मस्टर उपयंत्री, जोन नंबर 04, वार्ड नंबर 11 की सेवा आदेश दिनांक 30.12.2025 से समाप्त कर दी गई है। इसके अतिरिक्त आदेश दिनांक 30.12.2025 से श्री सितोले, जोनल अधिकारी, जोन नंबर 04, वार्ड नंबर 11 को लापरवाही के लिये निलंबित कर दिया गया है और उनके विरुद्ध विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। संभागीय आयुक्त, इन्दौर संभाग द्वारा आदेश दिनांक 02.01.2026 से श्री संजीव कुमार श्रीवास्तव, कार्यपालन यंत्री (नर्मदा) को कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही हेतु निलंबित कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त राज्य शासन द्वारा अपर आयुक्त, नगर पालिक निगम, इन्दौर को निलंबित कर विभागीय जांच संस्थित की गई है एवं आयुक्त, नगर पालिक निगम, इन्दौर का स्थानांतरण किया गया है।
एप्रोच मार्ग निर्माण में विलंब
[लोक निर्माण]
17. ( *क्र. 1206 ) श्री विश्वामित्र पाठक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सिहावल क्षेत्रान्तर्गत बारपान एवं भैसाहुड के मध्य गोपद नदी में लोक निर्माण विभाग सेतु निगम द्वारा निर्मित पुल के दोनों तरफ मुख्य मार्ग तक एप्रोच रोड निर्माण में विलम्ब का क्या कारण है? (ख) 02 वर्ष पूर्व पुल का निर्माण कार्य पूर्ण हो जाने पर भी एप्रोच रोड निर्मित न होने से आवागमन बाधित है? कब तक एप्रोच रोड निर्माण का कार्य पूर्ण कराकर जनमानस को सुचारू आवागमन सुविधा उपलब्ध होगी? समय-सीमा बतायें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) निर्मित पुल के दोनों तरफ की कुल पहुंच मार्ग 1600 मीटर स्वीकृत है, भैसाहुड तरफ 1400 मीटर एवं बारपान तरफ 200 मीटर है। भैसाहुड तरफ 1400 मीटर में से 280 मीटर भूमि उपलब्ध थी, जिसमें पहुंच मार्ग का निर्माण कराया गया, शेष भूमि वन विभाग के क्षेत्र में है, जिसमें कार्य करने की अनुमति नहीं थी, वर्तमान में वन विभाग से कार्य करने की अनुमति दिनांक 16.12.2025 को प्राप्त हो चुकी है। निविदा आमंत्रित की गई है। ग्राम बरपान की ओर 200 मीटर लंबाई में निजी भूमि होने से भू-अर्जन की कार्यवाही प्रगतिरत है, वन भूमि से अनुमति एवं भू-अर्जन की प्रक्रिया पूर्ण नहीं होने से कार्य में विलंब हुआ। (ख) वर्तमान में आवागमन संचालित है। निश्चित समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।
सर्किट हाउस निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति
[लोक निर्माण]
18. ( *क्र. 79 ) श्री अरूण भीमावद : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि जिला मुख्यालय शाजापुर में सर्किट हाउस निर्माण कार्य हेतु बजट में अनुमोदन/प्रावधान के उपरांत भी अब तक प्रशासकीय स्वीकृति (A.A.) जारी नहीं हुई है, इसके क्या कारण हैं तथा कब तक प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जायेगी?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : बजट वर्ष 2022-23 के अपरीक्षित बजट में सर्किट हाउस के निर्माण हेतु राशि रू 10.00 करोड़ का प्रावधान किया गया। एस.ओ.आर. में परिवर्तन होने के कारण एवं ड्राईंग में परिवर्तन होने के कारण प्रशासकीय स्वीकृति जारी नहीं हुई है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।
अवैध निर्माण का भुगतान किया जाना
[लोक निर्माण]
19. ( *क्र. 653 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या परिवर्तित अतारांकित प्रश्न 14 (क्रमांक 190), दिनांक 31.07.2025 के उत्तरांश (क) के परिशिष्ट (1) के अनुसार ग्राम कारीतलाई के खसरां नंबर 455/1 में निर्माणाधीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की भूमि उक्त खसरे के कॉलम 12 में मेसर्स सांघी इन्फ्रास्ट्रक्चर के नाम पर दर्ज है? (ख) क्या प्रश्नाधीन उत्तरांश (ख) में विभाग द्वारा उक्त भवन शासकीय भूमि पर निर्माणाधीन है, ऐसा उत्तर दिया जाकर संबंधित निर्माणाधीन एजेंसी द्वारा किये गये भुगतान को वैध माना जाना सदन को गुमराह किये जाने की श्रेणी में आता है? (ग) क्या न्यायालय तहसील विजयराघवगढ़ के द्वारा राजस्व प्रकरण क्रमांक/613/तह.प्रवा./2023, विजयराघवगढ़ दिनांक 03.10.2023 में पारित स्थगन आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि उक्त खसरे की भूमि की लीज कंपनी के नाम होने के कारण उक्त खसरें में निर्माणधीन भवन को अवैध निर्माण मानते हुए स्थगन आदेश जारी किया गया था? (घ) यदि खसरा नंबर 455/1 के भूमि स्वामी कंपनी के नाम दर्ज है तो बिना सहमति/वैधानिक रूप से बिना अर्जित किये गये भूमि पर किया गया? क्या निर्माण वैध माना जायेगा? यदि हाँ, तो नियम बताएं। यदि नहीं, तो उत्तरांश (ग) में उक्त निर्माण को वैध मानकर रू. 36.14 लाख का भुगतान क्यों किया गया? (ड.) प्रश्नांश (क) वर्णित पूछे गये प्रश्न का सदन में गलत उत्तर एवं किये गये गलत भुगतान हेतु कौन-कौन अधिकारी दोषी हैं? दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जायेगी? यदि नहीं, तो क्यों? बतायें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) ग्राम कारीतलाई जिला कटनी के खसरा क्र. 455/1 में निर्माणाधीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की भूमि के संबंध में उक्त खसरे के कॉलम 12 में उल्लेखित अनुसार यह भूमि मेसर्स सांघी इन्फ्रॉस्ट्रक्चर को बाह्य नजूल पट्टे पर दिया जाना इंद्राज है, साथ ही वर्तमान में खसरा 455/1 के कॉलम 5 में यह भूमि ''शासकीय'' नाम से दर्ज है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी नहीं, भवन का निर्माण प्रशासकीय विभाग द्वारा अनुमोदित शासकीय भूमि पर प्रारंभ किया गया था, लोक निर्माण विभाग (भवन) अन्य प्रशासकीय विभागों द्वारा उपलब्ध कराई गई भूमि पर निर्माण कार्य करता है। निर्माण कार्य हेतु भूमि चिन्हित कर उपलब्ध कराया जाना संबंधित प्रशासकीय विभाग का उत्तरदायित्व है। (ग) जी हाँ। (घ) जी नहीं। वर्तमान में खसरा नं. 455/1 के कॉलम नं. 5 में भूमि शासकीय रूप से दर्ज है। सहमति/वैधानिक सहमति प्राप्त करने का उत्तरदायित्व प्रशासकीय विभाग का होने के कारण, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर सिविल अस्पताल विजयराघवगढ़ द्वारा भूमि अनुमोदित कर निर्माण हेतु उपलब्ध कराई गई थी। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। लोक निर्माण विभाग (भवन) निर्माण एजेंसी है। प्रशासकीय विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई भूमि पर निर्माण कार्य कराया गया है, जिसके आधार पर किये गये कार्य का नियमानुसार भुगतान किया गया है। (ड.) प्रश्नांश 'क' में वर्णित पूछे गये प्रश्न का उत्तर विभाग में उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर दिया गया था, जिसमें कोई गलत जानकारी प्रस्तुत नहीं की गई है। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
पीलिया खाल प्रदूषण मुक्त कार्ययोजना
[नगरीय विकास एवं आवास]
20. ( *क्र. 1498 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिका परिषद् जावरा अंतर्गत स्वीकृत होकर निर्माणाधीन पीलिया खाल प्रदूषण मुक्त कार्ययोजना कुल कितने बजट की स्वीकृत होकर कार्य कब प्रारंभ हुआ, कितना पूर्ण हुआ, किन कारणों से कितना कार्य शेष है? साथ ही किये गये कार्यों पर वर्षवार कितना व्यय हुआ? जानकारी दें। (ख) नगर परिषद् पिपलौदा अंतर्गत पेयजल योजना कब स्वीकृत होकर कब पूर्ण हुई? कितना बजट स्वीकृत होकर कितना व्यय किन-किन कार्यों पर हुआ? वर्ष 2015-16 से लेकर प्रश्न दिनांक तक नगर में स्वच्छ पेयजल वितरण फिल्टर प्लांट चालू नहीं एवं बन्द होने से स्वच्छ पेयजल वितरण नहीं किया जा रहा तो किन कारणों से? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अंतर्गत उल्लेखित दोनों निकायों के अत्यंत महत्वपूर्ण जन उपयोगी कार्य गुणवत्ताविहीन किये जाने के कारण अनुपयोगी होकर अनेक शिकायतें प्राप्त हुई? उन पर क्या-क्या कार्यवाही की गई? (घ) नगर पालिका परिषद्, जावरा एवं नगर परिषद्, पिपलौदा में वर्ष 2020-21 से लेकर प्रश्न दिनांक तक मुख्यमंत्री अधोसंरचना, स्थानीय निधि एवं अन्य योजनाओं अंतर्गत कितनी-कितनी राशि का बजट स्वीकृत होकर कौन-कौन से कार्य पूर्ण हुए? कितने अपूर्ण रहे तो किन कारणों से एवं लंबित तथा गुणवत्ताविहीन कार्यों पर क्या कार्यवाही की गई?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। (ग) जी हाँ। प्राप्त शिकायत पर की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार है।
क्षिप्रा नदी पर निर्माणाधीन ब्रिज
[लोक निर्माण]
21. ( *क्र. 1294 ) श्री सतीश मालवीय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कालियादेह पंचक्रोशी मार्ग (क्षिप्रा नदी) जिला उज्जैन पर उच्च स्तरीय निर्माणाधीन ब्रिज कार्यादेश दिनांक व अनुबंधित समय की जानकारी उपलब्ध करावें तथा समयावधि बढ़ाने के कारण व सक्षम स्तर से समयावधि बढ़ाने की अनुमति ली गयी है अथवा नहीं? सम्पूर्ण जानकारी मय दस्तावेज़ उपलब्ध करावें। (ख) निर्माणाधीन ब्रिज की अनुबंधित लागत एवं प्रश्न दिनांक तक किये गये? भुगतान की माप पुस्तिका, देयक पुस्तिका, वाउचर इत्यादि की प्रतिलिपि उपलब्ध करावें एवं उक्त निर्माण के लिये कितनी समय अवधि प्रदान की गयी थी? वर्तमान में निर्माण कार्य अपूर्ण रहने के लिये कौन उत्तरदायी है एवं विभाग द्वारा उन पर क्या कार्यवाही की जा रही है? (ग) पुल निर्माण की स्वीकृति में फाउंडेशन निर्माण की कितनी लागत थी एवं वर्तमान में फाउंडेशन में कितनी लागत है? यदि लागत में वृद्धि हुई है तो उसके लिये कौन उत्तरदायी है? पुल निर्माण की स्वीकृति से यदि सरिये की मात्रा में वृद्धि हो रही है तो उसका कारण एवं लागत बतावें। (घ) पुल निर्माण हेतु ठेकेदार का वर्क प्रोग्राम कार्यपालन यंत्री द्वारा कब अनुमोदित किया गया? छायाप्रति देवें। वर्क प्रोग्राम अनुसार प्रगति नहीं होने पर अनुबंध अनुसार माइलस्टोन हेतु कितनी-कितनी राशि कब-कब काटी गयी? (ड.) निर्माण स्थल पर लैब स्थापित की गयी है अथवा नहीं?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। जी हाँ, सक्षम स्तर से अनुमति ली गई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। विस्तृत विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) अनुबंधित लागत रू. 944.27 लाख है, माप पुस्तिका की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है, देयक पुस्तिका की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 एवं व्हाउचर की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। अनुबंधानुसार समयावधि दिनांक 18.10.2025 तक की है। दिनांक 18.06.2026 तक की समय अवधि स्वीकृत होने के परिप्रेक्ष्य में कोई उत्तरदायी नहीं है, अत: शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार माइलस्टोन हेतु ठेकेदार के 10वें रनिंग बिल में से राशि रूपये 2.00 लाख दिनांक 23.12.2025 एवं 11वें रनिंग बिल में से राशि रूपये 2.00 लाख, दिनांक 23.12.2025 को काटी गई है। (ड.) जी हाँ।
स्वीकृत रेलवे ब्रिज का निर्माण
[लोक निर्माण]
22. ( *क्र. 1489 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम उमरनी के पास रेलवे फाटक और नागदा के गवर्नमेंट कॉलोनी में स्थित रेलवे फाटक उक्त दोनों स्थानों के लिये ब्रिज स्वीकृत किये गये थे, लेकिन विगत कई वर्षों से इनका काम बंद पड़ा था, वर्तमान में उमरनी रेलवे फाटक पर ब्रिज का निर्माण का कार्य अत्यंत ही धीमी गति से चल रहा है, इस ओवर ब्रिज को पूर्ण करने की समय-सीमा कब तक है एवं इसका निर्माण कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जायेगा? (ख) नागदा मंडी और बिरला ग्राम क्षेत्र को जोड़ने वाले ब्रिज का कार्य अभी तक क्यों रुका हुआ है, यह काम कब तक प्रारंभ हो जाएगा? जानकारी दें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ, जी नहीं, जी नहीं, कार्य की समय-सीमा 31.07.2026 तक पूर्ण किये जाने हेतु लक्षित है। (ख) मूल अनुबंधक द्वारा कार्य में रूचि न लेने के कारण दिनांक 14.01.2025 को अनुबंध को निरस्त किया गया। शेष कार्य का कार्यादेश मेसर्स एस.के. तोतला मंदसौर को दिनांक 05.06.2025 को दिया गया है, वर्तमान में कार्य प्रगति पर है।
स्वीकृत निर्माण कार्य पूर्ण न किया जाना
[लोक निर्माण]
23. ( *क्र. 1508 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला ग्वालियर में वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में किस-किस विभागीय योजनान्तर्गत कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किये गये? वर्षवार/कार्यवार जानकारी दी जावे। (ख) प्रश्नांश 'क' के संबंध में उक्त स्वीकृत कार्य हेतु निर्माण कार्यवार कितनी-कितनी राशि स्वीकृत की गई? योजनावार/मदवार कार्य का नाम, कुल स्वीकृत राशि सहित जानकारी दी जावे। (ग) प्रश्नांश (क) के संबंध में उक्त स्वीकृत कार्यों की तकनीकी स्वीकृति, प्रशाकीय स्वीकृति, निविदा कार्यादेश एवं कार्य पूर्ण होने की निर्धारित अवधि सहित जानकारी दी जावे। (घ) प्रश्नांश (क) वर्णित स्वीकृत कार्यों में से कितने कार्य पूर्ण हो चुके हैं, कितने निर्माणाधीन हैं, कितने कार्य अभी तक शुरू नहीं हुये हैं? जानकारी दें। (ड.) प्रश्नांश (क) वर्णित स्वीकृत कार्य निर्धारित अवधि में पूर्ण क्यों नहीं किये गये? इसके क्या कारण रहे, इस लापरवाही के लिये कौन दोषी है तथा उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? नाम/पदनाम सहित जानकारी उपलब्ध करावें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ, 'अ-1' एवं 'अ-2' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ, 'अ-1' एवं 'ब' अनुसार है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ, 'अ-2' एवं 'ब' अनुसार है। पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ के सरल क्रमांक 14 पर उल्लेखित कार्य अनुबंधानुसार दिनांक 29.01.2026 तक पूर्ण होना था, अतिक्रमण के कारण नाला निर्माण में विलंब हुआ है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
विद्युत-विहीन मजरे-टोलों का विद्युतीकरण
[ऊर्जा]
24. ( *क्र. 1278 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सिवनी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत अनेक ग्राम पंचायतों के मजरे एवं टोले आज भी विद्युत-विहीन हैं? विद्युत-विहीन मजरे-टोलों की सूची दें तथा अब तक इन स्थानों तक विद्युत आपूर्ति क्यों नहीं पहुंचाई जा सकी? (ख) प्रश्नांश ''क'' वर्णित क्षेत्रों के ग्रामीणों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा अनेक बार पत्राचार और शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद विद्युत विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई? क्या शासन ऐसे अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुये, उनके विरूद्व अनुशासनात्मक या निलंबन की कार्यवाही करेगा? (ग) यदि शासन यह घोषण कर चुका है कि ''मध्यप्रदेश का कोई भी ग्राम अब विद्युत-विहीन नहीं है'', तो सिवनी क्षेत्र के दर्जनों मजरे-टोले आज भी अंधकार में क्यों है? (घ) सिवनी विधानसभा क्षेत्र के किसानों को उनकी 5 H.P. मोटरों पर 10 से 15 H.P. तक के बिल क्यों भेजे जा रहे हैं और हाल ही में विभाग द्वारा एकतरफा मनमाने तरीके से किसानों के कनेक्शन का भार 5H.P. से 7.5 H.P. एवं 10 H.P. तक क्यों बढ़ा दिया गया है? क्या शासन इस मनमानी भार वृद्धि एवं बढे़ हुये बिलों की प्रदेश स्तर पर जांच कराकर दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्यवाही करेगा तथा वास्तविक भार (लोड) के अनुरूप बिल पुन जारी करेगा?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) विधानसभा क्षेत्र सिवनी अंतर्गत समस्त राजस्व ग्राम एवं उनके संसूचित मजरे/टोले पूर्ववर्ती ग्रामीण विद्युतीकरण योजनाओं के अंतर्गत विद्युतीकृत हैं। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। (ख) प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीणों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा उत्तरांश (क) में उल्लेखित क्षेत्र की ग्राम पंचायतों के संसूचित मजरों/टोलों के विद्युत विहीन होने संबंधी कोई भी पत्राचार/शिकायत म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के संज्ञान में नहीं है, अत: शेष प्रश्न नहीं उठता हैं। (ग) उत्तरांश (क) में उल्लेखानुसार प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र क्षेत्रांतर्गत कोई भी राजस्व ग्राम एवं उनका कोई भी संसूचित मजरा/टोला विद्युत विहीन नहीं है। उल्लेखनीय है कि नये घरों का बनना एक सतत् प्रक्रिया है, जिनके विद्युतीकरण का कार्य समय-समय पर उपलब्ध विद्युतीकरण की योजनाओं के अंतर्गत किया जाता है। इसी क्रम वर्तमान में संचालित धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत जिला सिवनी में 918 जनजातीय घरों के विद्युतीकरण का कार्य स्वीकृत किया गया है, जिनमें से दिनांक 31.01.2026 तक 721 जनजातीय घरों के विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। अत: प्रश्न नहीं उठता हैं। (घ) सिवनी विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत कृषकों के विद्युत कनेक्शन के भार में मनमाने तरीके से नहीं, अपितु उन कृषकों के पम्प कनेक्शनों की मौके पर की गई भार की जाँच में बढ़ा हुआ भार पाये जाने पर ही विद्युत कनेक्शन का भार बढ़ाये जाने की कार्यवाही की जाती है। वर्तमान में मोबईल ऐप के माध्यम से कृषकों के कनेक्शनों पर लगी मोटरों की क्षमता की जांच भौतिक रूप से मापन उपकरण के माध्यम से उपभोक्ता अथवा उसके प्रतिनिधि के समक्ष की जा रही है, जिसके आधार पर अधिक भार पाये जाने पर, विद्युत कनेक्शन के स्वीकृत भार में तद्नुसार वृद्धि की जाकर विद्युत बिल प्रदाय किये जाते हैं। अत: किसी प्रकरण की जांच अथवा अधिकारी पर कार्यवाही का प्रश्न नहीं उठता है।
सर्विस लेन बढ़ायी जाना
[लोक निर्माण]
25. ( *क्र. 936 ) श्री विपीन जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01 जनवरी, 2023 से प्रश्न दिनांक तक नयागांव लेबड़ फोरलेन पर कुल कितनी सड़क दुर्घटनाएं किस-किस स्थान पर हुई है? (ख) उक्त फॉरलेन पर स्थित ग्रामीण क्षेत्रों पर आबादी बढ़ने से सर्विस लेन क्यों नहीं बढ़ाई जा रही है? कारण बतावें। (ग) क्या जब उक्त फोरलेन का निर्माण हुआ था तब से आज दिनांक तक फोरलेन पर स्थित ग्रामीण क्षेत्र की आबादी नहीं बड़ी है? ग्रामीण क्षेत्र का विस्तार होने से सर्विस लेन को बढ़ाया जाना अत्यंत आवश्यक है बताएं कि सर्विस लेन कब तक उक्त ग्रामों में बढ़ा दी जायेगी?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) पुलिस अधीक्षक से प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) अनुबंध में प्रावधान न होने के कारण सर्विस लेन नहीं बढ़ाई जा रही है। (ग) जी हाँ, यह सही है कि फोर लेन पर स्थित ग्रामीण क्षेत्र की आबादी में वृद्धि हुई है, लेकिन अनुबंध में प्रावधान नहीं होने के कारण सर्विस रोड बढ़ाये जाने की कोई योजना वर्तमान में प्रचलित नहीं है। अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
भाग-2
नियम
46 (2) के
अंतर्गत
अतारांकित प्रश्नोत्तर
के रुप में
परिवर्तित
तारांकित प्रश्नोत्तर
तहसील
कराहल एवं
तहसील वीरपुर
को नगर पंचायत
बनाना
[नगरीय विकास एवं आवास]
1. ( क्र. 25 ) श्री मुकेश मल्होत्रा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या तत्कालीन मुख्यमंत्री महोदय शिवराज सिंह चौहान द्वारा 07 मार्च 2007 को ग्राम टिकटोली में तहसील मुख्यालय कराहल एवं वीरपुर को नगर पंचायत बनाने की घोषणा की थी? क्या वर्तमान मुख्यमंत्री महोदय ने भी उक्त संबंध में विजयपुर भ्रमण के दौरान घोषणा की थी? (ख) प्रश्नांश (क) का उत्तर यदि हाँ, है तो वर्तमान समय तक तहसील मुख्यालय कराहल एवं वीरपुर को नगर पंचायत बनाने की दिशा में क्या-क्या कार्यवाही की गयी है? सम्पूर्ण प्रक्रिया की अद्यतन स्थिति की जानकारी दस्तावेज सहित उपलब्ध करावें। (ग) क्या विभाग पूर्व एवं वर्तमान मुख्यमंत्री महोदय की घोषणा एवं क्षेत्र की जनता की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुये तहसील मुख्यालय कराहल एवं वीरपुर को नगर पंचायत बनाने की दिशा में कार्य आरम्भ करेगा? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों नहीं कारण बतावें? (घ) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित तहसील मुख्यालय कराहल एवं वीरपुर के संबंध में पूर्व एवं वर्तमान मुख्यमंत्री महोदय की घोषणा पर वर्तमान तक विभाग द्वारा की गई सम्पूर्ण प्रक्रिया की दस्तावेज सहित जानकारी प्रदाय करें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। (ख) कलेक्टर जिला श्योपुर द्वारा कराहल एवं वीरपुर को नगर परिषद बनाये जाने के संबंध में विधिवत प्रस्ताव विभाग को प्रेषित किया गया है। विभाग द्वारा कलेक्टर जिला श्योपुर से निकाय में प्रस्तावित ग्राम की जनसंख्या, सर्वे नं., क्षेत्रफल, कोर ग्राम से दूरी, ग्राम पंचायतों में कार्यरत कर्मचारियों की जानकारी निर्धारित पत्रक, गूगल मेप, कलर नक्शा संबंधी जानकारी चाही गई है, वर्तमान में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय रखे परिशिष्ट अनुसार है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) एवं (घ) उत्तरांश ''ख'' में समाहित है।
झूलते हुये तारों की समस्या का निराकरण
[ऊर्जा]
2. ( क्र. 41 ) श्री घनश्याम चन्द्रवंशी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2023 में विधानसभा क्षेत्र कालापीपल में कितने स्थानों पर झूलते हुये तारों की समस्या पाई गई थी? (ख) वर्तमान में इन समस्याओं के निराकरण के लिए विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? (ग) विभाग द्वारा वर्ष 2023 में उपलब्ध झूलते तारों की जानकारी के अलावा 1 जनवरी 2026 की स्थिति में कितने ग्रामों में, कस्बों में, खेतों में 11 kv लाइन एवं LT लाइन झूल रहे है एवं मेंटेनेंस की आवश्यकता है ग्रामवार सूची उपलब्ध कराये। (घ) इनके निराकरण हेतु विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है एवं कब तक निराकरण हो सकेगा?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र. पश्िचम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रांतर्गत कालापीपल विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2023 में किए गए क्षेत्रीय निरीक्षण एवं प्राप्त सूचनाओं के आधार पर कुल 220 स्थानों पर विद्युत तारों की ऊँचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई थी। (ख) उत्तरांश (क) में चिन्हित समस्याओं के निराकरण हेतु विभाग द्वारा प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही करते हुए सुरक्षा की दृष्टि से अधिक संवेदनशील स्थानों को प्राथमिकता देते हुए कुल 169 स्थानों पर सुधार कार्य पूर्ण कर दिया गया है, जिसमें पोल की ऊँचाई बढ़ाना, तारों का पुन: कसना/खींचना, क्षतिग्रस्त विद्युत तारों का प्रतिस्थापन तथा लाइन को मानक ऊँचाई पर स्थापित करने जैसे कार्य सम्मिलित हैं। 41 स्थानों पर कार्यवाही नियमानुसार चरणबद्ध रूप से प्रगतिरत है तथा शेष 10 स्थानों पर निराकरण की कार्यवाही लाइन शिफ्टिंग से संबंधित है। म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के क्षेत्रांतर्गत विद्युत अधोसंरचना (वितरण ट्रांसफार्मर, विद्युत लाइन, विद्युत पोल) की स्थापना करते समय निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूर्ण रूप से ध्यान रखा जाता है। केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा विद्युत आपूर्ति और सुरक्षा से संबंधित उपाय के लिये विनियम दिनांक 20.09.2010 को अधिसूचित एवं तत्पश्चात संशोधित किये गये हैं, जिनके अनुसार विद्युत अधोसंरचना में फेरबदल/शिफ्टिंग की आवश्यकता होने की स्थिति में फेरबदल/शिफ्टिंग की आपूर्तिकर्ता द्वारा आंकी गई लागत की राशि आवेदक/अन्य संबंधित संस्थाओं द्वारा जमा करने पर अथवा आवेदक द्वारा विद्युत अधोसंरचना विस्थापित करने हेतु स्वीकृत प्राक्कलन की 5 प्रतिशत राशि सुपरविजन चार्ज के रूप में वितरण कंपनी में जमा करते हुए स्वयं (अ) श्रेणी के ठेकेदार से, विद्युत अधोसंरचना के विस्थापन हेतु कार्यवाही की जा सकती है। उक्त निर्धारित प्रक्रिया अनुरूप उपरोक्त शेष 10 स्थानों से संबंधित लाइन शिफ्टिंग के प्रकरणों का निराकरण किया जा सकता है। (ग) एवं (घ) प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र के ग्रामों, कस्बों एवं कृषि क्षेत्रों में विद्यमान 11 के.व्ही.एवं एल.टी. विद्युत लाइनों का सतत निरीक्षण किया गया है। दिनांक 01 जनवरी 2026 की स्थिति में उत्तरांश (क) में उल्लेखित स्थानों के अतिरिक्त 216 स्थानों पर विद्युत की ऊँचाई निर्धारित मानकों से कम अथवा मेंटेनेंस की आवश्यकता पाई गयी है, जिनकी सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है, जिसमें से 101 स्थानों पर सुधार कार्य पूर्ण कर दिया गया है एवं शेष 115 स्थानों के कार्य वर्तमान में खेतों में फसल खड़ी होने के कारण, कार्य करवाया जाना संभव नहीं है। खेतों के खाली होने पर संबंधित स्थानों पर प्राथमिकता के आधार पर चरणबद्ध रूप से सुधार कार्य संपादित कर दिये जायेंगे। जिस हेतु वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
दूषित पेयजल के संबंध में न्यायालयीय निर्देशों का अनुपालन
[नगरीय विकास एवं आवास]
3. ( क्र. 91 ) श्री महेश परमार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) संविधान के अनुच्छेद 226 के अंतर्गत इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पेयजल संकट के संबंध में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, इंदौर खंडपीठ में कितनी जनहित/रिट याचिकाएँ दायर की गई हैं जो वर्तमान में प्रचलित हैं? प्रत्येक याचिका का प्रकरण क्रमांक, शीर्षक, याचिकाकर्ता, प्रतिवादी विभाग तथा वर्तमान स्थिति की जानकारी दें। (ख) क्या उक्त प्रकरणों में राज्य शासन की ओर से संविधान के अनुच्छेद 165 के अंतर्गत नियुक्त महाधिवक्ता/अतिरिक्त महाधिवक्ता/शासकीय अधिवक्ताओं द्वारा पैरवी की जा रही है? यदि हाँ, तो महाधिवक्ता कार्यालय में उपलब्ध काउंटर एफिडेविट, स्टेटस रिपोर्ट, विधिक अभिमत एवं शासन को दिए गए निर्देशों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं। (ग) क्या माननीय उच्च न्यायालय ने अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) एवं अनुच्छेद 47 (जनस्वास्थ्य) के परिप्रेक्ष्य में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने, प्रभावित नागरिकों के उपचार, स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने एवं मुख्य सचिव की जवाबदेही जैसे निर्देश पारित किए हैं? यदि हाँ, तो आदेशों की प्रति एवं उनके अनुपालन की वर्तमान स्थिति स्पष्ट की जाए। (घ) क्या न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत मृत्यु एवं मुआवजा आंकड़ों में विरोधाभास पाए जाने पर शासन ने सुधारात्मक कदम उठाए हैं? इस संबंध में महाधिवक्ता कार्यालय की विधिक राय का विवरण दिया जाए। (ङ) जब भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 304A, जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 तथा पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के अंतर्गत दायित्व का प्रश्न उठा है, तो क्या अभियोजन/विभागीय कार्यवाही हेतु विधिक अभिमत प्राप्त किया गया है? आगे की कार्यवाही की समय-सीमा बताई जाए।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) इन्दौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल संकट के संबंध में माननीय मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, खंडपीठ इन्दौर में 05 याचिका दायर की गई हैं। विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) जी हाँ। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा प्रदत्त निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब एवं प्रस्तुत स्टेटस रिपोर्ट पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। (ग) माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ इन्दौर दवारा दिये गये निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार हैं। अनुपालन की वर्तमान स्थिति उत्तरांश (ख) अनुसार है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) माननीय उच्च न्यायालय द्वारा एक सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया गया है। गठित आयोग के Terms of Reference (TOR) में "To identify and fix responsibility upon the officers and officials found prima facie responsible Bhagirathpura water contamination incident" सम्मिलित है। जांच का निर्णय प्रतीक्षित है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) जी नहीं, अपितु माननीय उच्च न्यायालय में प्रस्तुत याचिकाओं में प्रदत्त निर्देशों के अनुसार आगामी कार्यवाही की जा रही है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
गोचर भूमि संरक्षण हेतु कार्ययोजना
[पशुपालन एवं डेयरी]
4. ( क्र. 92 ) श्री महेश परमार : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में गोवंश तस्करी निरंतर बढ़ रही है तथा राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर गोवंश से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में नागरिकों की मृत्यु हो रही है? यदि हाँ, तो वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक गोवंश से संबंधित दुर्घटनाओं, मृत्यु एवं तस्करी के पंजीबद्ध प्रकरणों का जिलावार विवरण दिया जाए। (ख) क्या प्रदेश में पर्याप्त गौ-शालाओं,गो-अभयारण्यों एवं गोचर भूमि संरक्षण के अभाव तथा गोचर भूमि पर भूमाफियाओं के अतिक्रमण के कारण गोवंश सड़कों पर विचरण को मजबूर है? यदि हाँ,तो अतिक्रमण हटाने,गोचर भूमि संरक्षण तथा नवीन गौशालाओं की स्थापना हेतु क्या ठोस कार्ययोजना है? (ग) 1 जनवरी 2019 से फरवरी 2020 की अवधि में निर्मित गौशालाओं के अतिरिक्त मार्च 2020 से प्रश्न दिनांक तक मध्यप्रदेश में कुल कितनी नवीन गौशालाओं का निर्माण किया गया है? प्रत्येक गौशाला हेतु स्वीकृत एवं प्रदत्त राशि, संबंधित वित्तीय वर्ष तथा सक्षम प्राधिकारी के आदेशों सहित वर्षवार जानकारी सदन पटल पर रखी जाए। (घ) क्या वर्तमान में प्रदेश में गौवंश संरक्षण हेतु प्रति गौवंश प्रतिदिन लगभग 40 रुपये की सहायता राशि दी जा रही है? यदि हाँ, तो पथमेड़ा गौ-सेवा ट्रस्ट की तर्ज पर इस राशि को बढ़ाकर 71 रुपये प्रतिदिन प्रति गौवंश क्यों नहीं दिया जा रहा है?
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) विगत वर्षों में अवैध गौवंश परिवहन में नियंत्रण होकर पंजीबद्ध अपराधों में कमी परिलक्षित हुयी है। राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर गौवंश से दुर्घटनाओं में मृत्यु में कमी परिलक्षित हुयी है। वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक गौवंश से संबंधित दुर्घटना, मृत्यु एवं तस्करी की जिलवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''क'' अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न ही नहीं उपस्थित होता। (ग) मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद भोपाल द्वारा प्रदत्त जानकारी अनुसार 01 जनवरी 2019 से फरवरी 2020 की अवधि में निर्मित गौशालाओं के अतिरिक्त मार्च 2020 से प्रश्न दिनांक तक मध्यप्रदेश में कुल स्वीकृत गौशालाओं की संख्या 3148 एवं पूर्ण गौशालाओं की संख्या 2883 है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। सक्षम प्राधिकारी के भुगतान के FTO की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। गौशाला से संबंधित निर्देशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है। (घ) जी हाँ। मंत्री परिषद के निर्णय दिनांक 28 जून 2022 के अनुक्रम में राज्य शासन मंत्रालय, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के आदेश क्रमांक 1750/1267/2022/पैंतीस भोपाल दिनांक 14 जुलाई 2022 के परिपालन में पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द पर है। गौ-अभयारण्य अनुसंधान एवं उत्पादन केन्द्र, सालरिया, जिला आगर मालवा के संचालन हेतु श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा लोक पुण्यार्थ न्यास श्री कामधेनु शक्तिपीठ आनन्दवन, पथमेड़ा, राजस्थान से अनुबंध किया गया। अनुबंध अनुसार गौवंश के चारा दाना के अतिरिक्त चारागाह विकास, बायोगैस, जैविक खाद निर्माण, गो-चिकित्सालय, नस्ल सुधार गतिविधियों को समाहित करते हुए गो-अभयारण्य अनुसंधान एवं उत्पादन केन्द्र, सालरिया के संपूर्ण संचालन हेतु राशि रूपये 71/- प्रति गौवंश प्रतिदिवस दिया जाता है। गौशालाओं को रूपये 40/- प्रतिदिवस प्रतिगौवंश के मान से अधिक राशि देने संबंधी योजना प्रस्तावित नहीं है।
कम चौड़ाई की सड़कों का निर्माण
[नगरीय विकास एवं आवास]
5. ( क्र. 101 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल विकास प्राधिकरण, भोपाल की राजाभोज आवासीय योजना, गोंदरमऊ, फेस-2 के अंतर्गत कितने सेक्टर बनाए गए हैं? इन सेक्टरों में कितने-कितने मीटर चौड़ाई की कितनी सड़कें प्रस्तावित की गई हैं? जनवरी, 2026 तक कितनी-कितनी चौड़ाई की किन-किन सड़कों का निर्माण भोपाल विकास प्राधिकरण द्वारा पूर्ण करा लिया गया है? पृथक-पृथक बताया जाएं। (ख) भोपाल विकास प्राधिकरण, भोपाल की राजाभोज आवासीय योजना, गोंदरमऊ, फेस-2 के अंतर्गत क्या प्रस्तावित सड़कों का निर्माण उनकी चौड़ाई कम करके भी कराया गया है? यदि हाँ, तो कितने मीटर चौड़ाई की किन-किन सड़कों का? (ग) भोपाल विकास प्राधिकरण, भोपाल की राजाभोज आवासीय योजना, गोंदरमऊ, फेस-2 योजना लाँच करते समय सड़कों की चौड़ाई अधिक दर्शाया जाना और अधोसंरचना के विकास के समय सड़कों की कम चौड़ाई, किन कारणों एवं किसके आदेश से की गई है? नाम सहित जानकारी दें। (घ) राजाभोज आवासीय योजना, गोंदरमऊ, फेस-2 योजना के तहत प्रस्तावित सड़क का निर्माण कार्य योजना के अनुरूप कब तक पूर्ण कर लिया जाएगा? समय-सीमा सहित बताया जाये।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) भोपाल विकास प्राधिकरण की राजाभोज आवासीय योजना, गोंदरमऊ फेस-2 को चार सेक्टरों क्रमश: A, B, C एवं D में विभाजित कर बनाया गया है। योजना का नगर तथा ग्राम निवेश जिला कार्यालय भोपाल से अनुमोदित अभिन्यास अनुसार सड़कों की चौड़ाई क्रमश: 6.0 मीटर, 7.5 मीटर, 9.0 मीटर एवं 18.0 मीटर प्रस्तावित की गई है। जनवरी 2026 तक जिन सड़कों का निर्माण पूर्ण किया गया है उनकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। प्राधिकरण द्वारा सड़कों का निर्माण नगर तथा ग्राम निवेश जिला कार्यालय भोपाल द्वारा अनुमोदित अभिन्यास अनुसार किया गया है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) राजाभोज आवासीय योजना, गोंदरमऊ फेस-2 में सड़कों की चौड़ाई नगर तथा ग्राम निवेश, जिला कार्यालय भोपाल द्वारा अनुमोदित अभिन्यास अनुसार ही निर्धारित है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) राजाभोज आवासीय योजना का क्रियान्वयन भू-स्वामियों से आपसी करार के माध्यम से किया जा रहा है। योजना में न्यायालयीन प्रकरण प्रचलित होने एवं शेष भू-स्वामियों से अनुबंधों के निष्पादन के उपरान्त योजना में प्रस्तावित शेष सड़कों का निर्माण पूर्ण कराया जा सकेगा। अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
विद्युत विहीन मजरे-टोलों का विद्युतीकरण
[ऊर्जा]
6. ( क्र. 108 ) श्री रमेश प्रसाद खटीक : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) करैरा विधान सभा क्षेत्र के विद्युत विहीन मजरा-टोला सहित अनेक ग्राम पंचायतों के मजरा-टोला पूर्णत: विद्युतविहीन है। उनकी सूची उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित इन मजरा-टोलों पर विद्युत आपूर्ति क्यों नहीं पहुँची? ग्रामीण मजरा-टोलों में मांग करने के बावजूद आज दिनांक तक कार्यवाही नहीं की गयी है? शासन के अनुसार प्रदेश में कोई ग्राम अथवा मजरा-टोला विद्युत विहीन नहीं रहेगा? (ग) करैरा विधान सभा क्षेत्र के विद्युतविहीन मजरों-टोलों का विद्युतीकरण का कार्य कब तक स्वीकृत किया जावेगा? समय-सीमा बताएं।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) जी नहीं। करैरा विधानसभा क्षेत्र सहित शिवपुरी जिले के समस्त राजस्व ग्राम एवं उनके संसूचित मजरे/टोले पूर्ववर्ती ग्रामीण विद्युतीकरण योजनाओं के अंतर्गत विद्युतीकृत किये जा चुके हैं। उल्लेखनीय है कि नये घरों/बसाहटों का निर्माण होना एक सतत प्रक्रिया है। करैरा विधानसभा क्षेत्र में कालांतर में कुछ अतिरिक्त नवीन मोहल्ले एवं बसाहटें विकसित हुई हैं, जो विद्युतीकरण हेतु शेष है, जिनकी अद्यतन सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न नहीं उठता है। तथापि राज्य शासन के पत्र दिनांक 05.05.2025 एवं पत्र दिनांक 07.05.2025 के माध्यम से अविद्युतीकृत घरों/बसाहटों के विद्युतीकरण के लिए विस्तृत सर्वे हेतु दिशा-निर्देश दिए गये हैं, जिनमें 5 घरों से अधिक की अविद्युतीकृत एवं आंशिक रूप से विद्युतीकृत बसाहटों को विद्युतीकरण हेतु शामिल किया जाना है। उक्त दिशा-निर्देश के अनुरूप म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अन्तर्गत विस्तृत सर्वे अनुसार प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत विद्युतीकरण हेतु सर्वे कार्य पूर्ण किया गया है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। प्रश्नाधीन क्षेत्र की नवीन बसाहटों में से 25 बसाहटों के विद्युतीकरण का कार्य केन्द्र शासन की पीएम जनमन योजना में स्वीकृत होकर प्रगतिरत है। शेष कार्य केन्द्र/राज्य शासन की योजनाओं की उपलब्धता/प्रावधानों अनुसार क्रमश: किये जाने संभव हो सकेंगे, जिस हेतु वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
मार्गों का विकास
[लोक निर्माण]
7. ( क्र. 118 ) श्री गोपाल भार्गव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दिनांक 28.02.2025 को माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा गढ़ाकोटा जिला सागर के प्रवास पर गढ़ाकोटा-रेहली-देवरी मार्ग को 2 लेन मय पेव्ड शोल्डर्स निर्मित किये जाने की घोषणा की गई थी? यदि हाँ, तो इस संबंध में अब तक की गई कार्यवाही की जानकारी दी जावें? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित मार्ग का चौड़ीकरण नहीं किये जाने से अब तक कितनी दुर्घटना विगत दो वर्षों में हुई है पूर्ण विवरण दिया जावें? (ग) वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के बजट में प्रस्तावित मार्ग के निर्माण हेतु कितनी राशि का प्रावधान किया गया है जानकारी दी जावें?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। म.प्र. सड़क विकास निगम द्वारा मार्ग को 2 लेन मय पेव्ड शोल्डर्स के रूप में विकसित करने हेतु डी.पी.आर. कार्य प्रगतिरत है। (ख) दुर्घटनाओं की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। दुर्घटनाओं का मुख्य कारण वाहनों को तेज गति से चलाना, ड्राईवरों की लापरवाही, यातायात नियमों का पालन न किया जाना इत्यादि है। (ग) मार्ग बीओटी (एन्युटी) योजना में सितम्बर 2027 तक होने के कारण प्रस्तावित नहीं किया गया।
शिवपुरी से चरिया सड़क का निर्माण
[लोक निर्माण]
8. ( क्र. 139 ) श्री मुरली भँवरा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या देवास जिले की बागली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत शिवपुरी से चरिया सड़क का निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया है? यदि हाँ, तो स्वीकृति वर्ष, स्वीकृत राशि एवं सड़क की कुल लंबाई की जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) यदि उक्त सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया है, तो स्वीकृति के पश्चात भी अब तक सड़क निर्माण कार्य प्रारम्भ नहीं किए जाने के क्या कारण हैं? कारण स्पष्ट करें। (ग) सड़क निर्माण कार्य में विलंब करने वाले संबंधित कर्मचारी/अधिकारी के विरुद्ध अब तक क्या-क्या कार्रवाई की गई है अथवा प्रस्तावित है? उक्त सड़क निर्माण कार्य कब तक प्रारम्भ कर पूर्ण किया जाएगा, इसकी स्पष्ट समय-सीमा बतावें?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। वर्ष 2024-25 में शिवपुर से चारिया मार्ग लम्बाई 5.00 कि.मी. कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति राशि रू. 490.67 लाख की म.प्र. शासन, लोक निर्माण विभाग, मंत्रालय भोपाल के पत्र क्रमांक एफ-43/07/2025/19/यो/649 भोपाल, दिनांक 10.03.2025 से प्रदान की गई है। (ख) वर्तमान में सड़क निर्माण कार्य प्रगतिरत है। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
गौशालाओं की जानकारी
[पशुपालन एवं डेयरी]
9. ( क्र. 146 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा अम्बाह के अन्तर्गत गौवंश की रोकथाम के लिये विभाग द्वारा कितनी शासकीय एवं निजी गौशालाएं किन-किन ग्राम पंचायतों में संचालित हैं? उनके नाम व पता सहित जानकारी देवें। (ख) संचालित गौशालाओं में कितना गौवंश रखने की व्यवस्था है तथा उन गौशालाओं में वर्तमान में कितना गौवंश रखा गया है? गौशालाओं के नाम एवं संख्या सहित जानकारी देवें। (ग) क्या विभाग गौवंश की रोकथाम के लिये और कोई उचित कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक जानकारी देवें।
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) विधानसभा अम्बाह अंतर्गत 07 शासकीय तथा 01 अशासकीय गौशाला संचालित है। गौशाला के नाम एवं पंचायतवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट - ''अ'' अनुसार। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट - ''ब'' अनुसार। (ग) जी हाँ। प्रदेश में निराश्रित गौवंश की समस्या के निराकरण के उपायों की पूर्ति हेतु ''मध्यप्रदेश राज्य में स्वावलंबी गौशालाओं (कामधेनु निवास) की स्थापना की नीति 2025'' राज्य शासन द्वारा दिनांक 16.04.2025 को स्वीकृति प्रदान की गई हे। नीति में न्यूनतम 5000 गौवंश की क्षमता वाली स्वावलंबी गौशाला स्थानपना (कामधेनु निवास) हेतु न्यूनतम 130 एकड़ राजस्व भूमि का प्रावधान किया गया है, जिसमें 5 एकड़ भूमि पर व्यवसायिक गतिविधियां संचालित हो सकेगी। नीति में निहित प्रावधानों एवं मापदण्डों की पूर्ति उपरांत निजी निवेशकों को यूजर राईट के आधार पर गौशाला निर्माण एवं संचालन हेतु उक्त भूमि उपलब्ध कराई जा सकेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
घरेलू विद्युत ट्रांसफार्मर पर कृषि कनेक्शन दिया जाना
[ऊर्जा]
10. ( क्र. 175 ) श्री घनश्याम चन्द्रवंशी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या विद्युत विभाग द्वारा घरेलू विद्युत ट्रांसफार्मर पर कृषि के कनेक्शन दिए जा सकते हैं? यदि हाँ, तो विधानसभा कालापीपल में कितने स्थानों पर विद्युत कनेक्शन दिए गए? वितरण केंद्रों सहित जानकारी उपलब्ध करावें।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : प्रदेश के कृषि श्रेणी एवं गैर कृषि श्रेणी के विद्युत उपभोक्ताओं को क्रमश: 11 के.व्ही. कृषि फीडरों एवं 11 के.व्ही. गैर कृषि फीडरों पर विद्यमान वितरण ट्रांसफार्मरों के माध्यम से 10 घंटे एवं 24 घंटे प्रतिदिन विद्युत प्रदाय किया जाता है। विद्युत वितरण कंपनियों के अंतर्गत सामान्यत: 11 के.व्ही. कृषि फीडरों पर विद्यमान वितरण ट्रांसफार्मरों से कृषि कनेक्शन प्रदाय किये जाते है। उक्त के अतिरिक्त कतिपय स्थानों पर 11 के.व्ही. मिक्स फीडरों पर विद्यमान वितरण ट्रांसफार्मरों से घरेलू एवं कृषक विद्युत उपभोक्ताओं को 10 घंटे थ्री फेस एवं 14 घंटे सिंगल फेस पर विद्युत प्रदाय किया जाता है। तथापि शहरी क्षेत्रों में 11 के.व्ही. घरेलू फीडरों (शहरी क्षेत्रों में पृथक 11 के.व्ही. कृषि फीडर नहीं होने की स्थिति में) पर विद्यमान वितरण ट्रांसफार्मरों से, म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी टैरिफ आदेश की अनुसूची एलवी-5 की कंडिका 5.4 के अनुसार कृषि प्रयोजन हेतु मीटर्ड विद्युत संयोजन जारी किया जा सकता है। कालापीपल विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 03 मीटर्ड विद्युत संयोजन कृषि कार्य हेतु विद्यमान हैं, जिनका वितरण केन्द्रवार विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
सड़क एवं पुल का निर्माण
[लोक निर्माण]
11. ( क्र. 255 ) श्रीमती सेना महेश पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2023-24 से प्रश्नं दिनांक तक जोबट विधानसभा क्षेत्र से कितने सड़क और पुल के निर्माण कार्यों के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सूची उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार प्राप्त प्रस्तावों में से अब तक कितने कार्यों की स्वीकृति प्राप्त हुई है और कितने प्रस्ताव लंबित हैं। लंबित होने का कारण क्या है? (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार भेजे गए प्रस्ताव जो अभी तक स्वीकृत नहीं हुए हैं, कब तक स्वीकृत किये जावेंगे। अवधि बताये।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) स्वीकृत कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब एवं लंबित कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (ग) विभाग में बजटीय प्रक्रिया का प्रावधान है, कार्य वर्तमान में विभागीय बजट में न तो स्वीकृत है एवं न ही प्रस्तावित है। अतः स्वीकृति की समयावधि बताया जाना संभव नहीं है।
सामुदायिक भवन का निर्माण
[लोक निर्माण]
12. ( क्र. 334 ) श्री मुरली भँवरा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या देवास जिले की बागली विधानसभा अंतर्गत ग्राम पंचायत छतरपुरा के बेहरी फाटा पर वर्ष 2005 से एक सामुदायिक भवन का निर्माण कार्य प्रारम्भ किया गया था, जो आज दिनांक तक अधूरा है कारण स्पष्ट करें? (ख) उक्त सामुदायिक भवन के निर्माण हेतु प्रश्न दिनांक तक संबंधित एजेंसी/ठेकेदार को कितनी राशि का भुगतान किया जा चुका है? कृपया भुगतान की वर्षवार एवं मदवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) उपरोक्त भवन निर्माण कार्य में अत्यधिक विलंब के लिए उत्तरदायी अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई है अथवा प्रस्तावित है? साथ ही उक्त सामुदायिक भवन का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण किया जाएगा, इसकी स्पष्ट समय-सीमा बतायें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ, पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त न होने के कारण कार्य अधूरा है। (ख) प्रश्न दिनांक तक ठेकेदार को रू. 24,99,316/- का भुगतान किया गया है। वर्ष 2009-10 में राशि रू. 11,96,359/- एवं वर्ष 2010-11 में राशि रू. 13,02,957/- का मद संख्या 41-4225-02-800-102-8849 आदिवासी क्षेत्र की योजना (पूंजीगत मद) अंतर्गत किया गया है। (ग) प्रश्न उपस्थित नहीं होता। कार्य की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त नहीं होने के कारण। कार्य पूर्ण किये जाने की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
विभागीय जांच का समय-सीमा में निराकरण
[ऊर्जा]
13. ( क्र. 337 ) इंजीनियर हरिबाबू राय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ऊर्जा विभाग अंतर्गत मध्य क्षेत्र कंपनी में विभागीय जांच का कितने समय-सीमा में पूर्ण कर निराकरण किया जाने का प्रावधान है। क्या कंपनी द्वारा परिपत्र क्रमांक M 260 दिनांक 10/07/2023 को परिपत्र जारी कर विभागीय जांच की समय-सीमा निर्धारित की गई थी? यदि हाँ, तो अप्रैल 2023 से प्रश्न दिनांक तक कितने सहायक प्रबंधक, प्रबंधक एवं उपमहाप्रबंधक की विभागीय जांच समय-सीमा में पूर्ण नहीं की गई अधिकारीवार सूची उपलब्ध कराए। (ख) अप्रैल 2023 से अब तक विभागीय जांच का समय-सीमा में निराकरण नहीं किए जाने के कारण कितने अधिकारियों को उच्च पद के वेतनमान से वंचित होना पड़ा एवं कितने अधिकारियों को उच्च पद का प्रभार नहीं दिया गया अधिकारीवार सूची उपलब्ध कराए। समय-सीमा में विभागीय जांच का निराकरण नहीं किए जाने के लिए कौन अधिकारी दोषी है एवं क्या विभाग इन पर कार्यवाही करेगा।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अंतर्गत विभागीय जांच प्रकरणों के निराकरण हेतु विभागीय जांच की अवस्था अनुसार समय-सीमा का प्रावधान पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। जी हाँ, वितरण कंपनी द्वारा परिपत्र क्रमांक क्र.प्र.सं./म.क्षे./स्था/गोप./M-260 (Circular)/1797 दिनांक 10.07.2023 से विभागीय जांच प्रकरणों के निराकरण हेतु समय-सीमा निर्धारित की गई है। प्रश्नाधीन अवधि में सहायक प्रबंधक, प्रबंधक एवं उप महाप्रबंधक के विरूद्ध विभागीय जांच समय-सीमा में पूर्ण नहीं होने की अधिकारीवार सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) के सन्दर्भ में प्रश्नाधीन अवधि में विभागीय जांच कार्यवाही समय-सीमा में पूर्ण नहीं होने के कारण 06 अधिकारियों को तत्समय उच्च पद का वेतनमान स्वीकृत नहीं किया गया एवं 17 अधिकारियों को उच्च पद का चालू प्रभार नहीं दिया गया है। उक्त अधिकारियों के नाम की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'स' एवं 'द' अनुसार है। विभागीय जांच प्रकरणों का निराकरण सामान्यत: निर्धारित समय-सीमा में किया जाना संबंधितों से अपेक्षित होता है। तथापि प्रश्नाधीन अवधि में ऐसा कोई प्रकरण संज्ञान में नहीं आया, जिसमें विभागीय जांच प्रकरणों को अनावश्यक रूप से लंबित रखा गया हो। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है।
क्षतिग्रस्त सड़कों का निर्माण
[नगरीय विकास एवं आवास]
14. ( क्र. 342 ) श्री रामनिवास शाह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि नगर पालिक निगम सिंगरौली क्षेत्रान्तर्गत माजन मोड़ (राजीव चौक) से सूर्या नाला (इंदिरा चौक) तक शहर की मुख्य सड़क में सीवर लाइन, गैस पाइप-लाइन बिछाने का कार्य कर रहे कंपनियों/संविदाकार द्वारा सड़क की खुदाई करने से पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गई है। उक्त सड़क का निर्माण कार्य कब तक कराया जावेगा। समय-सीमा बतायें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : नगर पालिक निगम सिंगरौली क्षेत्रान्तर्गत माजन मोड (राजीव चौक) से सूर्या नाला (इन्द्रा चौक) तक सीवरेज एवं गैस पाईप लाइन का कार्य किया जा रहा है। जिसमें संबंधित एजेन्सियों द्वारा स्थल का रेस्टोरेशन कार्य किया जाता है। पूर्व में सड़क डामरीकरण कार्य मई 2020 में पूर्ण कराया गया था। जिसकी परफारमेन्स गारंटी अवधि 05.05.2024 थी। वर्षाकाल में सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण सड़क डामरीकरण कार्य का 01 वर्ष का पैच रिपेयर कार्य दिनांक 22.01.2025 को कराया गया। वर्तमान में वर्षा एवं व्यस्त यातायात के कारण सड़क पुनः कई स्थानों से उखड़ गई है। शहर का मुख्य मार्ग होने एवं सुगम यातायात के दृष्टिगत डामरीकरण सड़क निर्माण कार्य हेतु राशि रुपये 9,53,54,440.00 का प्रस्ताव तैयार कराया गया। उक्त प्रस्ताव एम.आई.सी. द्वारा डी.एम.एफ. से कराये जाने की स्वीकृति दी गई है। प्रस्ताव निविदा की कार्यवाही में है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
फ्लाई ओवर का निर्माण
[लोक निर्माण]
15. ( क्र. 379 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) एम.पी.आर.डी.सी. जबलपुर ने रद्दी चौकी से लेकर डॉ. आंबेडकर चौराहा जबलपुर तक कितने कि.मी. लम्बा फ्लाई ओवर ब्रिज का निर्माण हेतु डी.पी.आर. तैयार कर इसे स्वीकृति हेतु शासन को कब भेजा हैं? मूल योजना क्या है? इस पर शासन ने क्या कार्यवाही की हैं? जानकारी दें। (ख) क्या शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार एवं जाम की समस्या से निजात दिलाने हेतु तत्कालीन शासन काल वर्ष 2018-19 में इसका निर्माण कराने हेतु सैद्धांतिक प्रशासकीय स्वीकृति दी गई थी? यदि हाँ, तो इसका अभी तक निर्माण कार्य न कराने का क्या कारण हैं? (ग) क्या शासन प्रश्नांकित फ्लाई ओवर ब्रिज के निर्माण की आवश्यकता को देखते हुये इसे प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर बजट में राशि का प्रावधान करके इसका निर्माण कार्य कराना सुनिश्चित करेगा? (घ) अधारताल पुलिस थाना से लेकर रद्दी चौकी जबलपुर तक स्वीकृति फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण की क्या स्थिति हैं? इसके लिये शासन ने कब कितनी राशि आवंटित की हैं? यदि नहीं, तो क्यों?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) रद्दी चौकी से डॉ. अम्बेडकर चौराहा तक जबलपुर के फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण हेतु म.प्र. सड़क विकास निगम द्वारा कोई भी प्रस्ताव शासन को नहीं भेजा है। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं, अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) कार्य किसी भी योजना में सम्मिलित नहीं होने से शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) आधारताल पुलिस थाना से रद्दी चौकी जबलपुर के बीच सेतु बंधन योजनान्तर्गत, फ्लाई ओवर निर्माण हेतु कोई भी कार्य स्वीकृत नहीं है, अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
गोहलपुर मोतीनाला पुलिया का चौड़ीकरण
[नगरीय विकास एवं आवास]
16. ( क्र. 380 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर शहर के गोहलपुर मोतीनाला की सकरी पुलिया चौड़ीकरण न कराने का क्या कारण हैं? नगर निगम जबलपुर एवं जिला प्रशासन ने इस सकरी पुलिया का चौड़ीकरण कराने हेतु कब क्या कार्य योजना बनाई है। इसका कब तक चौड़ीकरण कराया जायेगा? निश्चित समयावधि बतायें। (ख) क्या शहर की फोरलेन सड़क के बीच मोतीनाला पर मात्र 20 फीट चौड़ी सकरी पुलिया तेज रफ्तार गति से चलने वाले भारी वाहन दुर्घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। कई वाहन दुर्घटना ग्रस्त हो चुके हैं। यदि हाँ, तो क्या किसी बड़ी दुर्घटना घटित होने के पश्चात ही इस सकरी पुलिया का चौड़ीकरण कराया जावेगा? (ग) क्या गोहलपुर फोरलेन सड़क जबलपुर के मुख्य व्यापारिक क्षेत्रों बड़ा फुहारा, छोटा फुहारा (मिलौनीगंज) अंधेरदेव, निवाड़गंज, दमोहनाका, बल्देवबाग व औद्योगिक क्षेत्र अधारताल, रिछाई को जोड़ता हैं? यदि हाँ, तो शहर के विकास में बाधक, यतायात में मोतीनाला सकरी पुलिया का चौड़ीकरण न कराने इसकी उपेक्षा करने का क्या कारण है? (घ) क्या यह सत्य है, कि प्रदेश का सबसे बड़ा मदन महल दमोहनाका फ्लाई ओवर का निर्माण करोड़ों रूपयों की लागत से शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार व जाम की समस्या से निजात दिलवाने के लिये कराया गया है? यदि हाँ, तो फ्लाई ओवर पर वाहनों की संख्या और गति बढ़ने से मोतीनाला सकरी पुलिया पर यातायात का दबाव अत्यधिक बढ़ गया है तथा यह सकरी पुलिया अब एक बॉटलनेक बन चुकी हैं? यदि हाँ, तो इस सकरी (पुलिया का चौड़ीकरण फ्लाई ओवर के निर्माण के साथ-साथ न कराने का क्या कारण है? बतलायें। क्या शासन इसके लिये दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही कर सकरी पुलिया का शीघ्र ही चौड़ीकरण कराना सुनिश्चित करेगा? बतलावें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगर पालिक निगम, जबलपुर द्वारा गोहलपुर रोड के मध्य मोतीनाला पुलिया का चौड़ीकरण की 07 बार निविदा जारी की गई परन्तु कोई निविदा प्राप्त नहीं हुई है, वर्तमान में पुन: निविदा आमंत्रित की गई है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) दुर्घटना संबंधित जानकारी नगर पालिक निगम, जबलपुर में नहीं है, सकरी पुलिया का चौड़ीकरण कार्य के लिए नगर पालिक निगम, जबलपुर द्वारा उतरांश (क) अनुसार कार्यवाही की गई है। (ग) जी हां, मोतीनाला सकरी पुलिया के चौड़ीकरण कार्य के लिए नगर पालिक निगम, जबलपुर द्वारा उतरांश (क) अनुसार कार्यवाही की गई है, जिसमे शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं, मोतीनाला सकरी पुलिया के चौड़ीकरण कार्य के लिए नगर पालिक निगम, जबलपुर द्वारा उतरांश (क) अनुसार कार्यवाही की गई है, जिसमें शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
मस्जिदों की संख्या एवं निर्माण वर्ष की जानकारी
[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]
17. ( क्र. 441 ) डॉ. चिंतामणि मालवीय : क्या राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) रतलाम, उज्जैन, इंदौर तथा देवास जिले में कितनी मस्जिदें हैं। (ख) निर्माण का वर्ष कौन सा है (ग) मस्जिदें जिस भूमि पर बनी है वह निजी है अथवा शासकीय (घ) मस्जिदें कौन-कौन से स्थान पर बनी हैं। (ड.) मस्जिदों के मौलवी कौन हैं।
राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती कृष्णा गौर ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) से (ड.) की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है।
विद्युत तार टूटने से किसानों की रोकथाम के प्रबंध
[ऊर्जा]
18. ( क्र. 444 ) डॉ. चिंतामणि मालवीय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विद्युत लाइन के खराब तार बदलने की क्या प्रक्रिया है। (ख) कितने वर्षों में तार बदले जाते हैं। (ग) 1 जनवरी 2025 से प्रश्न दिनांक तक प्रदेश में विद्युत लाइन के तार टूटकर चपेट में आने से कितने लोगों/किसानों की मृत्यु हुई है। (घ) ऐसी दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए क्या प्रबंध किए जा रहे है।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) विद्युत वितरण कंपनियों में विद्युत वितरण प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत प्रदाय हेत, निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रतिवर्ष वर्षा पूर्व एवं वर्षा पश्चात दो बार विस्तृत सर्वे एवं तकनीकी निरीक्षण कराया जाता है। साथ ही विद्युत व्यवधानों/दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से पूरे वर्ष सतत रूप से विद्युत अधोसंरचना के रख-रखाव का कार्य किया जा रहा है। सर्वे के दौरान क्षतिग्रस्त एवं जर्जर तारों की पहचान कर उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग करते हुये उन्हें बदला जाता है। इसके अतिरिक्त, इस आशय की कोई भी शिकायत प्राप्त होने पर उसे प्राथमिकता से दर्ज कर तकनीकी दल द्वारा स्थल निरीक्षण उपरांत आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही करते हुये खराब तारों को बदल कर विद्युत आपूर्ति यथा शीघ्र बहाल कर दी जाती है। इसी प्रकार म.प्र. पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा 400/220/132 के.व्ही. अति उच्च दाब पारेषण लाइनों के संधारण कार्यों हेतु प्रत्येक माह रूटीन ग्राउण्ड पेट्रोलिंग एवं वर्ष में दो बार टॉप पेट्रोलिंग कराई जाती है। साथ ही आवश्यकतानुसार एवं लाइन में व्यवधान आने पर ट्रिपिंग पेट्रोलिंग कराई जाती है। उपरोक्तानुसार पेट्रोलिंग के दौरान लाइन के तारों की भी जांच की जाती है एवं आवश्यकतानुसार संधारण एवं सुधार कार्य कराया जाता है अथवा बदला जाता है। (ख) विद्युत वितरण कंपनियों में विद्युत तार बदलने बाबत कोई निश्चित समयावधि निर्धारित नहीं है। विद्युत तारों को बदलना उनकी भौतिक स्थिति जैसे विद्युत तार अधिक जर्जर/क्षतिग्रस्त या बार-बार टूटने की स्थिति होने पर या भार वृद्धि होने पर प्राक्कलन बनाकर बदले जाते हैं। म.प्र. पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड द्वारा 400/220/132 के.व्ही. अति उच्च दाब लाइनों की पेट्रोलिंग के दौरान तार क्षतिग्रस्त पाये जाने पर आवश्यकतानुसार सुधार कार्य किया जाता है अथवा बदला जाता है। (ग) दिनांक 1 जनवरी 2025 से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में विद्युत लाइन के तार टूटकर उनके सम्पर्क में आने से प्रदेश में कुल 54 लोगों/किसानों की मृत्यु हुई है। (घ) विद्युत वितरण कंपनियों एवं म.प्र. पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी अंतर्गत दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रबंध/प्रयासों का विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
नगर परिषद अध्यक्ष के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव
[नगरीय विकास एवं आवास]
19. ( क्र. 510 ) कुँवर
अभिजीत शाह : क्या
नगरीय विकास
एवं आवास
मंत्री महोदय
यह बताने की
कृपा करेंगे
कि (क) नगर
परिषद सिराली
में अध्यक्ष
के विरूद्ध
अविश्वास
प्रस्ताव
लाया जाकर
सक्षम
अधिकारी के
परीक्षण
उपरांत
कलेक्टर हरदा
के पत्र
क्रमांक 8573/रीडर/2025 दिनांक 16.10.2025 द्वारा
आयुक्त नगरीय
प्रशासन एवं
विकास भोपाल
को प्रेषित
किया गया। उक्त
प्रकरण 03
माह व्यतीत हो
जाने पर भी
वर्तमान में
किस स्तर पर
लंबित है? प्रचलित
कार्यवाही के
पत्राचार
उपलब्ध करावें।
(ख) म.प्र.
राजपत्र
दिनांक 09.09.2025
द्वारा
नगरपालिका
अधिनियम की
धारा 47
में संशोधित
प्रावधान
अनुसार
कलेक्टर से प्राप्त
प्रस्ताव, राज्य
शासन द्वारा
राज्य
निर्वाचन
आयोग को निर्वाचन
हेतु निर्देशित
करेगा। प्रश्नांश
(क) अनुसार
कलेक्टर से
प्रस्ताव
प्राप्त होने
के उपरांत भी
विभाग द्वारा
आगामी
कार्यवाही क्यों
नहीं की गई है.
तथा कब तक की
जावेगी?
विलम्ब
का कारण सहित
प्रस्ताव
राज्य निर्वाचन
आयोग को भेजे
जाने की
समय-सीमा बतावें।
(ग) प्रश्नांश
(ख) अनुसार
कार्यवाही के
विलम्ब हेतु
कौन
जिम्मेदार है? इस
लापरवाही
हेतु उनके
विरूद्ध क्या
कार्यवाही की
जावेगी?
क्या
यह प्रकरण एवं
उसमें हो रहा
विलम्ब आपके एवं
प्रमुख
अधिकारी के
संज्ञान में
है? यदि
हाँ, तो
प्रकरण के
निराकरण हेतु
कब कब, क्या-क्या
निर्देश दिये
गये? बतावें।
(घ) क्या
अविश्वास
प्रस्ताव
लाये जाने से
फैसला न होने
तक अध्यक्ष को
निलंबित रखने, किसी
अन्य को
प्रभार दिये
जाने संबंधित
क्या कोई
शासकीय नियम
है? यदि
हाँ, तो
सत्यापित
प्रति उपलब्ध
कराई जावे।
नगरीय
विकास एवं
आवास मंत्री (
श्री कैलाश
विजयवर्गीय ) : (क) कार्यवाही
प्रचलित है। जानकारी पुस्तकालय में
रखे परिशिष्ट अनुसार
है। (ख) कार्यवाही
प्रक्रियाधीन
है। समय-सीमा
बताया जाना
संभव नहीं है।
(ग) कार्यवाही
प्रक्रियाधीन
होने से विलंब
का प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता। (घ) जी
नहीं। शेषांश
का प्रश्न उपस्थित
नहीं होता है।
घुनवारा से बसौड़ा मार्ग का निर्माण
[लोक निर्माण]
20. ( क्र. 549 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मैहर विधानसभा क्षेत्र घुनवारा से बसौड़ा गांव तक एवं अमदरा कॉलेज से कल्हा पहाड़ पहुंच मार्ग निर्माण शासन स्तर से स्वीकृत होने के बावजूद भी अभी तक निर्मित नहीं कराये गये क्यों? कारण सहित जानकारी दी जावें। (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में क्या उक्त मार्गों का निर्माण लोक निर्माण विभाग एवं वन विभाग के मध्य होने वाली प्रक्रिया लंबित होने के कारण नहीं हो पाया है? यदि हाँ, तो एक लम्बे अर्से से प्रक्रिया के पूर्ण न होने के लिये कौन उत्तरदायी है? जानकारी दी जाये और क्या निकट भविष्य में ऐसी लंबित प्रक्रिया हेतु समन्वय स्थापित करे एवं सरलीकरण कर पूर्ण कराते हुए उक्त मार्गों का निर्माण कार्य पूर्ण कराये जाने की त्वरित कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक नहीं तो क्यों?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) मैहर विधानसभा क्षेत्र घुनवारा से बसोडा गांव तक एवं अमदरा कॉलेज से कल्दा पहाड़ पहुंच मार्ग निर्माण में स्वीकृत सड़क का 95 प्रतिशत भाग वन क्षेत्र से गुजरने के कारण तथा वन भूमि के बदले राजस्व भूमि उपलब्ध होने में विलम्ब एवं वन विभाग से अनुमति प्राप्त न होने से कार्य प्रारंभ नहीं कराया जा सका। विभाग द्वारा की गई कार्यवाही विवरण संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं 'ब' में वर्णित है। (ख) जी हाँ। शासकीय प्रक्रियान्तर्गत होने से लंबित है, कोई भी उत्तरदायी अथवा दोषी नहीं है। वन भूमि के बदले राजस्व भूमि की उपलब्धता होने एवं वन विभाग से अनुमति प्राप्त होने पर कार्य की पुन: प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त कर घुनवारा से बसोड़ा ग्राम तक मार्ग निर्माण कार्य कराया जाना संभव होगा। वर्तमान में कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति की अवधि 3 वर्ष से अधिक होने से कालातीत हो गई है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट-1 अनुसार है। अमदरा कॉलेज से कल्दा पहाड़ मार्ग निर्माण हेतु वन भूमि के बदले राजस्व भूमि प्राप्त हो गई है। राजस्व भूमि को संरक्षित वन भूमि घोषित किये जाने की कार्यवाही धारा 29 के अंतर्गत वन विभाग द्वारा की जा रही है। वन विभाग से अनुमति उपरान्त मार्ग निर्माण की कार्यवाही की जा सकेगी।
केन्द्रीय जेल सागर के नये भवन का निर्माण
[नगरीय विकास एवं आवास]
21. ( क्र. 568 ) श्री
शैलेन्द्र
कुमार जैन : क्या
नगरीय विकास
एवं आवास
मंत्री महोदय
यह बताने की
कृपा करेंगे
कि (क) प्रश्नकर्ता
अतारांकित प्रश्न
क्र. 2334
दिनांक 05.08.2025
''क'' के
उत्तरांश में
बताया गया था
कि, केन्द्रीय
जेल सागर के
नये भवन
निर्माण हेतु ग्राम
चितौरा,
प.ह.नं.
56, 411 एवं 448/1 की कुल 80.00
हेक्टेयर
भूमि आवंटित
की गई है। भवन
निर्माण हेतु
शासन द्वारा
कितना बजट आवंटित
किया गया है
तथा अब तक
क्या
कार्यवाही
प्रचलन में है? जानकारी
दें। (ख) प्रश्नांश
''ख''
के
उत्तर में
बताया गया था
कि, केन्द्रीय
जेल सागर के
नये भवन
निर्माण की डीपीआर
तैयार की जा
चुकी है। साधिकार
समिति से
अनुमोदन होना
शेष है, तो
क्या अनुमोदन
प्राप्त हो
चुका है?
यदि
नहीं, तो
साधिकार
समिति से
अनुमोदन प्राप्त
कर कब तक
निविदा जारी
कर दी जायेगी?
नगरीय
विकास एवं
आवास मंत्री (
श्री कैलाश
विजयवर्गीय ) : (क) जी
हाँ। नवीन जेल
भवन के
निर्माण हेतु
शासन द्वारा
कोई बजट
आवंटित नहीं
किया गया है। नवीन
जेल भवन का
निर्माण पुनर्घनत्वीकरण
योजनांतर्गत
किया जाना
प्रस्तावित
है। योजना का
डी.पी.आर.
अनुमोदन हेतु
साधिकार समिति
के समक्ष
दिनांक 25.08.2025 को
प्रस्तुत की
गई थी, साधिकार
समिति में हुई
चर्चा अनुसार
जेल विभाग से
मण्डल द्वारा
पत्र क्र. 1283, दिनांक 11.05.2025 से
पुनरीक्षित
प्रस्ताव
चाहा गया था। जेल
विभाग के पत्र
क्र. 24992, दिनांक
03.11. 2025 को
पुनरीक्षित
प्रस्ताव
मण्डल को
प्रस्तुत किया
गया है। (ग)
उत्तरांश
"क" अनुसार
समय-सीमा बताई
जाना संभव
नहीं है।
अधिकारियों का दोहरा दायित्व
[नगरीय विकास एवं आवास]
22. ( क्र. 607 ) श्री महेन्द्र हार्डिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इन्दौर नगर निगम के सभी झोन पर अधिकारियों के स्वीकृत पद, कार्यरत पद एवं रिक्त पदों की जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) क्या अधिकारियों की कमी को देखते हुए एक झोन के अधिकारी को दूसरे झोन पर अतिरिक्त कार्य का भी प्रभार दिया जा रहा है। यदि हाँ, तो ऐसे अधिकारी जिन्हें एक से अधिक प्रभार दिए गए की सूची उपलब्ध करावें। (ग) एक से अधिक प्रभार दिए जाने एवं वह भी किसी अन्य झोन पर दिए जाने से अधिकारियों की कार्यक्षमता पर क्या प्रभाव पड़ता है। अधिकारियों की कार्यक्षमता एवं लंबित कार्य की स्थिति को देखते हुए जनहित में अतिरिक्त कार्य से कब मुक्त किया जावेगा? भवन अधिकारी/भवन निरीक्षण एवं अभियंताओं का प्रभार अन्य अधिकारियों को या एक से अधिक पद का प्रभार क्यों दिया जा रहा है।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) मध्य प्रदेश शासन नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, भोपाल के द्वारा पत्र क्रमांक एस-4-52/2012/18-1 भोपाल दिनांक 28.2.2014 के द्वारा नगर निगमों के लिए नवीन कार्मिक संरचना लागू की गई है। नवीन कार्मिक संरचना में पदों की स्वीकृति जोनवार न होकर विभागवार है। निगम में स्वीकृत रिक्त पदों एवं भरे पदों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "01" अनुसार है। (ख) जी हाँ। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''02'' अनुसार है। (ग) नगर निगम इंदौर की सीमा क्षेत्र में नवीन परिसीमन अनुसार हुई वृद्धि के कारण आवश्यक कार्यों के निष्पादन हेतु उपलब्ध अमले में से अधिकारियों/कर्मचारियों को एक से अधिक कार्यों के प्रभार दिए गए हैं जनहित के कार्यों तथा मूलभूत सुविधाओं से संबंधित कायों को समय-सीमा में पूर्ण कराने के निहित उद्देश्य को दृष्टिगत रखते हुए एक से अधिक कार्यों का प्रभार दिया गया है। वर्तमान में कार्यरत अमला निगम सीमा क्षेत्र के मान से कम है पर्याप्त अमला होने पर अतिरिक्त कार्य से मुक्त किया जावेगा।
जिला न्यायालय के निर्माणाधीन भवन हेतु राशि की उपलब्धता
[लोक निर्माण]
23. ( क्र. 629 ) श्री रामनिवास शाह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि सिंगरौली जिला क्षेत्रांतर्गत जिला न्यायालय के निर्माणाधीन भवन का निर्माण कार्य संविदाकार द्वारा देयक राशि का भुगतान नहीं होने का कारण बताकर कार्य रोका गया है। उक्त कार्य पूर्ण कराये जाने हेतु कब तक राशि उपलब्ध करायी जावेगी।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : नहीं। लोक निर्माण विभाग (भवन) सिंगरौली द्वारा निर्माण कार्य की मूल प्रशासकीय स्वीकृति राशि रू. 24.27 करोड़ तक कार्य का भुगतान किया जा चुका है तथा संविदाकार का कोई भी भुगतान शेष नहीं है। कार्य की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त न होने के कारण वर्तमान में अवरूद्ध है। पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति के अभाव में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
नगर पालिका परिषद टीकमगढ़ द्वारा निर्मित दुकानों में भ्रष्टाचार
[नगरीय विकास एवं आवास]
24. ( क्र. 754 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता ने सत्र जुलाई 2024 में तारांकित प्रश्न क्र.-3406 दिनांक 19.07.2024 में दुकानों के निर्माण एवं विक्रय के संबंध में किया था। यदि हाँ, तो क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित प्रश्न के प्रश्नांश (ग) अनुसार संचालनालय का आदेश क्र.-शाखा-02/बीस/2024/14740 दिनांक 24.07.2024 में जांच समिति गठन की जानकारी दी थी। (ख) क्या प्राथमिक जांच प्रतिवेदन में प्रथम दृष्टया अनियमिततायें परिलक्षित हुई है उत्तर दिया था और तत्कालीन अध्यक्ष एवं नगर पालिका अधिकारी उपयंत्री एवं राजस्व प्रभारी जांच में दोषी व उत्तरदायी प्रतीत होते है। उत्तर दिया था उन पर अब तक क्या कार्यवाही हुई? (ग) क्या प्राथमिक जांच में व्यापक भ्रष्टाचार होने के कारण व्यापक जांच की आवश्यकता है उत्तर दिया था अभी तक क्या जांच की गई? (घ) कब तक प्रश्नांश "क" में वर्णित प्रथम दृष्टया दोषियों पर क्या कार्यवाही की गई यदि नहीं, तो क्यों? क्या यह भी सही है कि अधिकांश दुकानों का निर्माण व विक्रय राकेश गिरी एवं लक्ष्मीगिरी के अध्यक्षीय कार्यकाल में हुई इन पर क्या कार्यवाही की जावेगी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) जी हाँ। कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) जांच प्रतिवेदन अनुसार कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (घ) जांच प्रतिवेदन परीक्षणाधीन है, गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही की जायेगी। निकाय में वर्तमान में उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार निकाय की कुल 1037 दुकानों में से 562 दुकानों का निर्माण एवं आवंटन श्री राकेश गिरि गोस्वामी एवं श्रीमती लक्ष्मीगिरी गोस्वामी के अध्यक्षीय कार्यकाल में किया गया। कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
किसानों को सिंचाई हेतु दिन में विद्युत आपूर्ति
[ऊर्जा]
25. ( क्र. 828 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नवगठित जिला मेहर क्षेत्र के किसानों के सिंचाई हेतु विद्युत की आपूर्ति दिन में कराये जाने के संबंध में किसानों द्वारा सतत् मांग की जा रही हैं? यदि हाँ, तो इस संबंध में अभी तक क्या-कार्यवाही की गयी है। जानकारी दी जावे। (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में क्या अन्नदाता किसानों को मानवीय आधार पर तथा उन्हें भी बिना कठिनाइयों के जीवन यापन कर अपना कृषि व्यवसाय उपार्जित करने का अधिकार मुहैया कराये जाने की दृष्टि सिंचाई पम्पों हेतु नीति अनुसार रात के बजाय दिन में विद्युत आपूर्ति किये जाने की समय सारणी निश्चित किया जाना आवश्यक नहीं है? क्या इस संबंध में शासन द्वारा दिशा निर्देश जारी किये जायेंगे? यदि हां, तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों कारण सहित जानकारी दें।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) जिला मैहर क्षेत्र के किसानों को सिंचाई हेतु विद्युत की आपूर्ति दिन में किये जाने हेतु माननीय प्रश्नकर्ता विधायक महोदय (कृषकों द्वारा नहीं) का पत्र दिनांक 17/11/2025 प्राप्त हुआ है। कृषि उपभोक्ताओं को सिंचाई हेतु दिन में विद्युत उपलब्ध/आपूर्ति कराने के उद्देश्य से केन्द्र शासन की प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान (पी.एम.-कुसुम योजना) तथा राज्य शासन की ''प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना'' के अन्तर्गत सौर ऊर्जा आधारित कृषि पंपों की स्थापना एवं कृषि फीडरों के सौर ऊर्जीकरण का कार्य किया जाना/किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त विभिन्न स्तरों पर विद्युत प्रणाली सुदृढ़ीकरण एवं सौर ऊर्जा के माध्यम से अधिक से अधिक विद्युत की उपलब्धता/आपूर्ति दिन में सुनिश्चित हो सके, इस हेतु वृहद स्तर पर विद्युत प्रणाली सुदृढ़ीकरण यथा नवीन विद्युत उपकेन्द्रों की स्थापना, पॉवर ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि, 33 एवं 11 के.व्ही. लाइनों की क्षमता वृद्धि तथा पारेषण स्तर पर उच्च दाब उपकेन्द्रों/लाइनों की क्षमता वृद्धि हेतु कार्ययोजना बनाकर वित्तीय आवश्यकता का आकलन किया जा रहा है। (ख) किसानों को कृषि कार्य हेतु विद्युत प्रदाय की अवधि/समय का निर्धारण विद्युत उपलब्धता, विद्युत प्रणाली की स्थिरता एवं अन्य तकनीकी आधारों पर किया जाता है। उपरोक्त परिप्रेक्ष्य में प्रश्नाधीन क्षेत्रांतर्गत वर्तमान में कृषि उपभोक्ताओं को दिन में औसतन 6 घण्टे एवं रात्रि में औसतन 4 घंटे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। तथापि कृषकों को रात्रि की बजाय दिन के समय विद्युत आपूर्ति किये जाने की कार्यवाही उत्तरांश (क) में उल्लेखानुसार है।
ऊर्जा विभाग की उपभोक्ता कल्याण योजनाएं
[ऊर्जा]
26. ( क्र. 847 ) श्री
राजेन्द्र
भारती : क्या
ऊर्जा मंत्री
महोदय यह
बताने की कृपा
करेंगे कि (क) क्या
प्रदेश शासन
के ऊर्जा
विभाग द्वारा
प्रदेश के
गरीब उपभोक्ताओं
की सुविधा
हेतु योजनाएं
संचालित की जा
रही है? यदि
हाँ, तो
वर्तमान में
विभाग/बिजली
कंपनी द्वारा
उपभोक्ताओं
के हित में कौन-कौन
सी योजनायें
संचालित की जा
रही है? योजनाओं
के संबंध में
जारी आदेशों
की प्रतियां
प्रदान करें। (ख) क्या
प्रदेश में
बिजली का उत्पादन
प्रदेश के
बिजली
संयंत्रों से
ही किया जा
रहा है अथवा
अन्य
प्रदेशों से
बिजली क्रय की
जा रही है? यदि
प्रदेश में ही
उत्पादन
किया जा रहा
है तो बतायें
कि प्रश्न
दिनांक तक
प्रदेश में
पिछले एक वर्ष
2025 में
कुल कितनी
बिजली का उत्पादन
हुआ और कितनी
बिजली की खपत
हुई? कृपया
माहवार
जानकारी
प्रदान करते
हुये यह भी
अवगत करायें
कि क्या
प्रदेश में
बिजली सरप्लस
है अथवा कम है।
(ग) क्या
प्रदेश सरकार
गरीब एवं आम
जनता के लिये
रियायती दरों
पर बिजली
उपलब्ध
कराने पर
विचार कर रही
है? यदि
हाँ, तो
विस्तृत
जानकारी
प्रदान करें यदि
नहीं, तो
क्यों?
कारण
सहित बतायें। (घ) क्या
प्रदेश में
बिजली
कंपनियों
द्वारा बकाया विद्युत
बिलों का
सरचार्ज 100
प्रतिशत माफ
करने की योजना
वर्तमान में
प्रचलित है यदि
नहीं, तो
क्या विभाग
उक्त योजना
को पुन:
प्रारंभ की जा
रही है तो कब? कृपया
अवगत करायें।
ऊर्जा
मंत्री ( श्री
प्रद्युम्न
सिंह तोमर ) : (क) जी
हाँ। विभाग
अंतर्गत
प्रदेश के
गरीब एवं अन्य
विद्युत
उपभोक्ताओं
हेतु वर्तमान
में संचालित
योजनाओं की जानकारी
पुस्तकालय में
रखे परिशिष्ट के
प्रपत्र-'अ' अनुसार है। योजनाओं
से संबंधित
आदेशों/दस्तावेजों
की प्रतियां पुस्तकालय में
रखे परिशिष्ट
के प्रपत्र-'ब' अनुसार है। (ख) जी
नहीं, अन्य
प्रदेशों से
भी बिजली क्रय
की जा रही है। अत:
शेष प्रश्न
नहीं उठता है।
प्रदेश में
मासिक आधार पर
रबी मौसम के
माहों में
विद्युत
ऊर्जा की
उपलब्धता
मांग की तुलना
में कम रहती
है और खरीफ
मौसम के माहों
में प्रदेश
में ऊर्जा आधिक्य
की स्थिति
रहती है,
तथापि
वार्षिक आधार
पर प्रदेश में
विद्युत ऊर्जा
की उपलब्धता
सरप्लस है। (ग) राज्य
शासन द्वारा
प्रदेश की
गरीब एवं आम
जनता को विभिन्न
योजनाओं
यथा-अटल गृह
ज्योति
योजना, अटल
कृषि ज्योति
योजना एवं
नि:शुल्क
विद्युत
प्रदाय योजना
के माध्यम से
विद्युत
देयकों में
रियायत/सब्सिडी
प्रदान की जा
रही है। उक्त
योजनाओं का
विवरण एवं
संबंधित
आदेशों/दस्तावेजों
की प्रति पुस्तकालय में
रखे परिशिष्ट
के प्रपत्र-'अ' एवं
'ब' अनुसार
है।
वित्तीय
वर्ष 2024-25
में विभिन्न
योजनाओं यथा अटल
गृह ज्योति
योजना, अटल
कृषि ज्योति
योजना एवं
नि:शुल्क
विद्युत
प्रदाय
योजनाओं के
तहत क्रमश:
राशि रू. 6495
करोड़, रू. 14772 करोड़
एवं रू.4775
करोड़ की
सब्सिडी
प्रदान की गई
है तथा वित्तीय
वर्ष 2025-26
में क्रमश:
राशि रू. 7131
करोड़, रू. 13909 करोड़
एवं रू. 5299
करोड़ की
सब्सिडी का
प्रावधान
किया गया है। अटल
गृह ज्योति
योजना में
लगभग 1
करोड़, अटल
कृषि ज्योति
योजना में
लगभग 26
लाख एवं
नि:शुल्क
विद्युत
प्रदाय योजना
में लगभग 9.3 लाख
हितग्राही/उपभोक्ता
लाभान्वित हो
रहे हैं। (घ) राज्य
सरकार द्वारा
विद्युत
वितरण
कंपनियों अन्तर्गत
वर्तमान में
घरेलू, गैर-घरेलू, कृषि
एवं औद्योगिक
श्रेणी (उच्च
दाब समेत) के
समस्त
संयोजित तथा
अस्थायी
स्थायी रूप से
विच्छेदित
बकायादार
उपभोक्ताओं (शासकीय
कनेक्शनों को
छोड़कर) के
विद्युत
बिलों में देय
सरचार्ज की
माफी के उद्देश्य
से "समाधान
योजना-2025-26"
दिनांक
03
नवम्बर 2025 से
दिनांक 28
फरवरी 2026 तक
लागू की गई है।
योजना के
प्रथम चरण (दिनांक
03.11.2025 से
दिनांक 31.01.2026 तक) में
एकमुश्त
भुगतान की
स्थिति में
घरेलू एवं कृषि
श्रेणी के
उपभोक्ताओं
को 100
प्रतिशत तथा
गैर-घरेलू एवं
औद्योगिक
श्रेणी के
उपभोक्ताओं
को 80
प्रतिशत
सरचार्ज माफी
का प्रावधान
है। वहीं
किश्तों में
भुगतान की
स्थिति में
क्रमशः 70
प्रतिशत एवं 60
प्रतिशत
सरचार्ज माफी
का प्रावधान
किया गया है। इसी
प्रकार,
योजना
के द्वितीय
चरण (दिनांक 01.02.2026 से
दिनांक 28.02.2026 तक) में
एकमुश्त
भुगतान करने
पर घरेलू एवं
कृषि श्रेणी
के
उपभोक्ताओं
को 90
प्रतिशत तथा
गैर-घरेलू एवं
औद्योगिक
श्रेणी के
उपभोक्ताओं
को 70
प्रतिशत
सरचार्ज माफी
तथा किश्तों
में भुगतान
करने पर
क्रमशः 60
प्रतिशत एवं 50
प्रतिशत
सरचार्ज माफी
का प्रावधान
है।
नगर परिषद बड़ौनी एवं न.पा. दतिया के विकास कार्य
[नगरीय विकास एवं आवास]
27. ( क्र. 848 ) श्री राजेन्द्र भारती : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर परिषद बड़ौनी एवं न.पा. दतिया, सेवढ़ा/इंदरगढ़ एवं भाण्डेर वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या विकास कार्य कराये गये हैं उक्त विकास कार्यों की सूची एवं निर्माण कार्यों की निविदाएं, कार्यादेश, अनुबंध पत्र, डी.पी.आर., भुगतान की गई राशि के देयकों की प्रतियां, भौतिक सत्यापन रिपोर्ट की प्रतियां उपलब्ध करायें। (ख) नगर परिषद बड़ौनी, इंदरगढ़/सेवढ़ा/भाण्डेर एवं न.पा. दतिया द्वारा 2025-26 में क्या-क्या सामग्री क्रय की गई कृपया क्रय की गई सामग्री सूची सहित सामग्री क्रय करने हेतु जारी निविदा की प्रतियां क्रय एवं की गई सामग्री जिस फर्मों/एजेंसी से क्रय की गई है उनके द्वारा जारी बिल वाउचर्स की प्रतियां उपलब्ध करायें। (ग) क्या नगर परिषद बड़ौनी, इंदरगढ/सेवढ़ा/भाण्डेर एवं न.पा. दतिया द्वारा संपत्ति कर, गृहकर पंजी रजिस्टर संधारित किया जाता है, यदि हाँ, तो नगर परिषद बड़ौनी के अस्तित्व में आने से आज दिनांक तक नगर परिषद बड़ौनी एवं वर्ष 2015 से न.पा. दतिया के संपत्ति रजिस्टर की प्रतियां गृहकर पंजी/रजिस्टर एवं उक्त अवधि में जारी समस्त अनापत्ति प्रमाण पत्रों की प्रतियां प्रदान करें। (घ) क्या शासन द्वारा स्थानीय निकायों में संलग्न वाहनों में जीपीएस लगाने के आदेश हैं? यदि हाँ, तो क्या नगर परिषद बड़ौनी एवं दतिया न.पा. में संलग्न समस्त चार पहिया वाहनों में जीपीएस सिस्टम इंस्टॉल है? यदि हाँ, तो समस्त वाहनों की वर्ष 2024-25, 2025-26 की माहवार जीपीएस रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) जी हॉं। नगर परिषद बड़ौनी एवं नगरपालिका परिषद दतिया के सम्पत्तिकर, गृहकर पंजी रजिस्टर की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। नगर परिषद बड़ौनी द्वारा विषयांकित अवधि में जारी किये गये अनापत्ति प्रमाण-पत्रों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है तथा उक्त अवधि में नगरपालिका परिषद दतिया द्वारा कोई भी अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी नहीं किया गया है। (घ) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
सड़क एवं पुल निर्माण की स्वीकृति
[लोक निर्माण]
28. ( क्र. 865 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा सत्र दिसम्बर 2025 के तारांकित प्रश्न क्रमांक 287 दिनांक 05.12.2025 में इटवाकला-मडैयन-बांधीकला नवीन एकरूपण मार्ग निर्माण स्वीकृति, बिलहरी घाट का पुल एवं खोरा भदैया पुल के पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति एवं दसईपुरा से ललार के बीच केन नदी पर पुल निर्माण की स्वीकृति के संबध में पूछे गये प्रश्न के उत्तर में विभाग द्वारा आगामी सक्षम व्यय समिति में प्रस्तावित है एवं दसईपुरा से ललार के बीच पुल निर्माण राज्य बजट में सम्मिलित नहीं है से अवगत कराया गया था? क्या दसईपुरा से ललार के बीच पुल निर्माण एवं इटवाकला-मडैयन-बांधीकला मार्ग निर्माण (सीएम ए प्लस मानिट) में दर्ज है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार यदि हाँ, तो क्या उक्त कार्यों की स्वीकृति व्यय समिति द्वारा प्रदाय की जा चुकी है? यदि हाँ, तो निर्माण कार्य कब से प्रारंभ किये जावेंगे? यदि नहीं, तो क्यों? कब तक स्वीकृति प्रदाय की जावेगी? जानकारी दें। क्या दसईपुरा से ललार के बीच पुल निर्माण राज्य बजट में सम्मिलित किया गया है? यदि नहीं, तो क्यों? कब तक सम्मिलित किया जावेगा?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) :(क) जी हाँ। केवल दसईपुरा से ललार के बीच पुल निर्माण सी.एम. 'ए' प्लस मानिट में दर्ज है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, निश्िचत समय-सीमा बताना संभव नहीं है। जी नहीं। वर्तमान में निश्िचत समय-सीमा बताना संभव नहीं है।
वाटर ट्रीटमेन्ट प्लांट एवं कचरा प्रसंस्करण का निर्माण
[नगरीय विकास एवं आवास]
29. ( क्र. 866 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा सत्र दिसम्बर 2025 के अतारांकित प्रश्न क्रमांक 289 दिनांक 05/12/2025 में प्रश्नकर्ता द्वारा पन्ना नगर में किलकिला वाटर ट्रीटमेंट प्लांट एवं नगर के बाहर कचरा प्रसंस्करण केन्द्र बनाए जाने को लेकर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में विभाग द्वारा क्रमशः डीपीआर में आवश्यक तकनीकी संशोधन किया जाकर पुन: प्रस्तुत न किये जाने से सीवेज ट्रीटमेन्ट प्लांट का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है साथ ही कचरा प्रसंस्करण हेतु डीपीआर तैयार करने की कार्यवाही प्रचलन में है से अवगत कराया गया था? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार क्या उक्त सभी कार्यवाहियां पूर्ण कर ली गई है? यदि हाँ, तो कब तक किलकिला वाटर ट्रीटमेंट प्लांट एवं नगर के बाहर कचरा प्रसंस्करण केन्द्र का निर्माण कराया जावेगा? जानकारी दें। यदि नहीं, तो क्यों? कारण बतावें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। पन्ना नगर में वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट हेतु 22.43 करोड़ की 9 MLD के प्लांट की कार्ययोजना स्वीकृत की गई है। चिन्हित भूमि के स्थल परिवर्तन होने के कारण डी.पी.आर. संशोधन किया जाना अनिवार्य है। संशोधित डीपीआर प्रस्तुत होने पर कार्यवाही प्रस्तावित किया जाना है। नगर के बाहर मटेरियल रिकवरी फैसेलिटी (MRF) एवं कंपोस्टिंग प्लांट स्थापना हेतु स्वीकृत राशि रू. 1.976 करोड़ की कार्ययोजना स्वीकृत की गयी है। निर्माण आरंभ कर दिया गया है।
पद से पृथक कर निर्वाचन कराने की कार्यवाही
[नगरीय विकास एवं आवास]
30. ( क्र. 876 ) श्री अभय मिश्रा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा प्रश्न क्रमांक-848 फरवरी-2024 के लंबित आश्वासन क्रमांक-126 की पूर्ति हेतु नगरीय विकास एवं आवास विभाग के पत्र क्रमांक 5/1/1/0004/2024 दिनांक 13.11.2025 के द्वारा आयुक्त नगरीय विकास एवं आवास को पत्र लिखकर जाँच प्रतिवेदन की प्रति संलग्न कर प्रेषित की गई थी। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार पत्र में संलग्न जाँच प्रतिवेदन के आधार पर संबंधित अधिकारी/प्रशासक/पदाधिकारियों/परिषद् के सदस्यों के विरुद्ध कार्यवाही किये जाने बाबत् अभिमत एवं कारण बताओ सूचना पत्र का प्रारूप तैयार कर विभाग को तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये थे, जिसके पालन में दी गई अभिमत व कारण बताओ सूचना पत्र की प्रति के साथ जानकारी देवें। अगर अभिमत नहीं दिया गया हो तो इसके लिये कौन-कौन उत्तरदायी है? उनके पदनाम के साथ उन पर कार्यवाही बाबत् क्या निर्देश देंगे? बतावें। अगर नहीं तो क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) के पत्र अनुसार प्रश्नांश (ख) के जिम्मेदारों द्वारा परिषद् के सदस्यों को पद से पृथक करने व निर्वाचन बाबत् निर्देश न देकर जिम्मेदारों के कार्यकाल को बढ़ाकर अप्रत्यक्ष रूप से पद पर बनाये रखने का प्रयास है जबकि नगर परिषद् का कार्यकाल एक वर्ष का बचा है। ऐसी स्थिति में सदस्यों के पद की पृथक कर निर्वाचन बाबत् क्या निर्देश देंगे? बतावें। अगर नहीं तो क्यों? (घ) प्रश्नांश (क) अनुसार पत्र पर उल्लेखित अनुसार प्रश्नांश (ख) एवं (ग) अनुसार परिषद् के सदस्यों को पद से पृथक कर निर्वाचन न कराने का अन्य अधिकारियों व प्रशासक पर कार्यवाही न करने के उत्तरदायी पर कार्यवाही के साथ निर्वाचन बाबत् क्या निर्देश देंगे? बतावें। अगर नहीं तो क्यों?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। प्रकरण में उत्तरदायी पाये गये अधिकारियों/कर्मचरियों एवं पदाधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही प्रक्रियाधीन होने से शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) एवं (घ) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही की जावेगी।
अनुदान/नि:शुल्क विद्युत ट्रान्सफार्मर की स्थापना
[ऊर्जा]
31. ( क्र. 920 ) श्री सुदेश राय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सीहोर के ग्रामीण अंचलों में विगत 3 वर्षों में शासन की किस योजनान्तर्गत हितग्राहियों को अनुदान/निःशुल्क विद्युत ट्रान्सफार्मर योजना का लाभ मिला है। नाम सूची सहित बतावें? (ख) कितने प्रकरण वर्तमान में लंबित है तथा कब तक योजना का लाभ हितग्राहियों को उपलब्ध करा दिया जावेगा। सूची नाम सहित बतावें।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत राज्य शासन की अनुदान आधारित ''मुख्यमंत्री कृषक मित्र योजना'' अंतर्गत 01 आवेदक द्वारा योजना के दिशा निर्देशों के अनुरूप आवेदक अंश राशि जमा किये जाने पर योजना अंतर्गत हितग्राही श्री महेश कुमार आत्मज श्री नारायण सिंह, ग्राम पंचायत बिछिया, ग्राम बिछिया हेतु वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित कर योजना का लाभ दिया गया है। उक्त योजना में नि:शुल्क वितरण ट्रांसफार्मर का प्रावधान नहीं था। योजना के प्रावधान अनुसार कार्य की कुल लागत राशि में से 50 प्रतिशत कृषक/कृषक समूह द्वारा, 40 प्रतिशत राज्य शासन द्वारा अनुदान के रूप में तथा 10 प्रतिशत विद्युत वितरण कंपनी द्वारा वहन किया जाना है। इसी अनुक्रम में ''स्वयं का ट्रांसफार्मर योजना'' में प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र में विगत 03 वर्षों में कुल 468 कृषक हितग्राहियों को विद्युत ट्रांसफार्मर स्थापित कर स्थायी विद्युत कनेक्शन का लाभ दिया गया है। उक्त योजना में भी अनुदान/नि:शुल्क विद्युत ट्रांसफार्मर का प्रावधान नहीं है। (ख) अनुदान आधारित ''मुख्यमंत्री कृषक मित्र योजना'' 02 वर्ष की अवधि के लिए लागू की गई थी। उक्त योजना दिनांक 20/09/2025 को समाप्त हो गयी है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है।
मजरा टोला में विद्युतीकरण का कार्य
[ऊर्जा]
32. ( क्र. 921 ) श्री सुदेश राय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सीहोर के ग्रामीण अंचलों के अन्तर्गत कितने ग्रामों के मंजरा टोला में विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है, ग्राम के नाम सहित बतावें? (ख) कितने ग्रामों में योजनान्तर्गत सर्वे का कार्य पूर्ण हो गया है किन्तु कार्य अभी तक प्रारम्भ नहीं हुये कारण सहित जानकारी ग्रामों के नाम बतावें? (ग) कितने कार्य प्रस्तावित है जिनका सर्वे किया जाना है तथा सर्वे का कार्य कब तक पूर्ण करा लिया जावेगा ग्रामों के नाम सहित बतावें?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) विधानसभा क्षेत्र सीहोर क्षेत्रांतर्गत विभिन्न पूर्ववर्ती ग्रामीण विद्युतीकरण योजनाओं के तहत कुल 197 राजस्व ग्रामों के संसूचित मजरों/टोलों में विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है, जिसकी प्रश्नाधीन चाही गयी ग्रामों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। (ख) राज्य शासन के पत्र दिनांक 05.05.2025 एवं पत्र दिनांक 07.05.2025 के माध्यम से अविद्युतीकृत घरों/बसाहटों के विद्युतीकरण के लिए विस्तृत सर्वे हेतु दिशा-निर्देश दिए गये हैं, जिनमें 5 घरों से अधिक की अविद्युतीकृत एवं आंशिक रूप से विद्युतीकृत बसाहटों को विद्युतीकरण हेतु शामिल किया जाना है। उक्त दिशा-निर्देश के अनुरूप म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अन्तर्गत विस्तृत सर्वे अनुसार प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत 26 ग्रामों की कुल 31 बसाहटों में विद्युतीकरण हेतु सर्वे कार्य पूर्ण किया गया है, जिसकी प्रश्नाधीन चाही गयी ग्रामों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है। उक्त विद्युतीकरण कार्यों हेतु स्वीकृति अप्राप्त है। (ग) उत्तरांश (ख) में उल्लेखानुसार सर्वे का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है।
विकास कार्यों में भ्रष्टाचार की जाँच
[नगरीय विकास एवं आवास]
33. ( क्र. 948 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्रमांक 1252 दिनांक 31.07.2025 के उत्तर में यह स्वीकार किया गया है कि दिनांक 25/07/2025 को जाँच दल गठित किया गया तथा अब तक 06 स्मरण पत्र जारी किए जा चुके हैं, तो यह स्पष्ट करे कि लगभग एक वर्ष बीत जाने के बाद भी पूर्ण एवं स्पष्ट जाँच प्रतिवेदन प्रस्तुत न करना प्रशासनिक लापरवाही है या नहीं? (ख) जिन अधिकारियों (कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा हरदा एवं महाप्रबंधक, ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण) द्वारा अब तक स्पष्ट रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की है, उनके विरुद्ध क्या दण्डात्मक कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब और यदि नहीं, तो क्यों कारण स्पष्ट करें। (ग) क्या प्रश्नांश (क) वर्णित जाँच को जानबूझकर लंबित रखकर नगर पालिका हरदा में हुए भ्रष्टाचार को संरक्षण दिया जा रहा है? यदि नहीं, तो पूर्ण जाँच रिपोर्ट विधानसभा पटल पर कब तक रखी जावेगी? समय-सीमा बतावें। (घ) क्या जाँच लंबित रहने के कारण दोषी अधिकारी आज भी अपने पद पर कार्यरत हैं? यदि हाँ, तो क्या यह शासन की शून्य सहनशीलता नीति के विपरीत नहीं है। स्पष्ट करे।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। कलेक्टर जिला हरदा द्वारा पत्र क्रमांक/4/2/4/0037/2025-COMPL-COLL-HDA/मानी/2025 हरदा, दिनांक 31/12/2025 द्वारा जाँच प्रतिवेदन प्रेषित किया गया। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं, जाँच प्रतिवेदन की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर है। (घ) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी पर दण्डात्मक कार्यवाही
[नगरीय विकास एवं आवास]
34. ( क्र. 949 ) डॉ.
रामकिशोर
दोगने : क्या
नगरीय विकास
एवं आवास
मंत्री महोदय
यह बताने की
कृपा करेंगे
कि (क) ऑनलाइन प्रश्न
क्रमांक 1295, दिनांक 05-12-2025 के
उत्तर में यह
कहा गया है कि
कलेक्टर हरदा
द्वारा भेजा
गया पत्र
विभाग को
प्राप्त ही
नहीं हुआ, तो यह
स्पष्ट किया
जाए कि शासन-प्रशासन
के बीच
पत्राचार के
लापता होने की
जिम्मेदारी
किस अधिकारी
की है तथा
क्या इस संबंध
में कोई जाँच
की गई है?
यदि
नहीं, तो
कारण स्पष्ट
करें। (ख) क्या
श्री कमलेश
पाटीदार के
विरुद्ध
विभागीय जाँच
पूर्ण कर
प्रतिवेदन
आयुक्त,
नर्मदापुरम
को भेजा जा
चुका है?
यदि
हाँ, तो
अब तक अंतिम
निर्णय क्यों
नहीं लिया गया? स्पष्ट
करें। (ग) जब
जाँच
प्रतिवेदन
तैयार होकर
भेजा जा चुका
है, तो
उत्तर में यह
कहना कि “प्रकरण
प्रक्रियाधीन
है एवं
समय-सीमा
बताना संभव
नहीं है,
क्या
यह विधानसभा
को गुमराह
करना नहीं है? स्पष्ट
करें। (घ) क्या
जाँच
प्रतिवेदन
में दोष सिद्ध
हुआ है या नहीं? यदि हुआ
है, तो
अब तक संबंधित
पर दण्डात्मक
कार्यवाही
क्यों नहीं की
गई? स्पष्ट
करें।
नगरीय
विकास एवं
आवास मंत्री (
श्री कैलाश
विजयवर्गीय ) : (क) जी
हाँ। चूंकि
उक्त पत्र
विभाग को
प्राप्त
नहीं हुआ था, अत: शेषांश
का प्रश्न
उपस्थित नहीं होता।
(ख) जी
हाँ। जांच
प्रतिवेदन के
आधार पर श्री
कमलेश पाटीदार
के विरूद्ध
संस्थित
विभागीय जांच
प्रकरण समाप्त
किया गया है। (ग) जी
नहीं, क्योंकि
तत्समय
विभागीय जांच
प्रतिवेदन के
आधार पर आयुक्त
कार्यालय, नर्मदापुरम
संभाग के स्तर
पर उक्त
प्रकरण में
अंतिम निर्णय
लिया जाना शेष
था। (घ) जी
नहीं।
संत सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना अंतर्गत सड़कों का निर्माण
[ऊर्जा]
35. ( क्र. 990 ) श्री नारायण पटेल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) संत सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना दोंगालिया से राखड़ एवं भारी वाहन के परिवहन तथा विस्तार हेतु दो मुख्य सड़कें क्रमश: पुरनी चौराहे से बुखारदास बाबा चौराहा 2 कि.मी. एवं पुरनी चौराहे से घोड़ाघाट चौराहे तक 2 कि.मी. जो वर्तमान में जीर्ण-शीर्ण हो गई है, के पुनर्निर्माण की क्या कार्यवाही की जा रही है? (ख) यदि पूर्व में सड़कों के निर्माण की एजेंसी अन्य विभाग थे तो अनापत्ति लेने की क्या कार्यवाही की गई है? (ग) यदि परियोजना की सी.एस.आर. मद से सड़कों का निर्माण कार्य किया जाना है तो परिवहन क्षमता के आधार पर सी.सी.रोड निर्माण हेतु तैयार तकनीकी मापदण्डों से अवगत करायें।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना, दोंगालिया से राखड़ एवं भारी वाहन के परिवहन तथा विस्तार हेतु दो मुख्य सड़कों यथा पुरनी चौराहे से बुखारदास बाबा चौराहे तक एवं पुरनी चौराहे ने घोड़ाघाट चौराहे तक की लंबाई क्रमश: लगभग 1.6 कि.मी. एवं लगभग 2 कि.मी. है। उक्त दोनों सड़कों में से पुरनी चौराहे से बुखारदास बाबा चौराहे तक की सड़क के एक बार उन्नयन हेतु मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सी.एस.आर.) मद में स्वीकृति प्रदान की गई है। उक्त सड़क निर्माण हेतु शीघ्र ही निविदा जारी किये जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। पुरनी चौराहे से घोड़ाघाट चौराहे तक की सड़क के पुनर्निर्माण हेतु वर्तमान में म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी की कोई कार्य योजना नहीं है। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित दोनों सड़कों का स्वामित्व म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी के पास नहीं होने के दृष्टिगत कॉंर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सी.एस.आर.) मद में प्रस्तावित सड़क निर्माण यथा पुरनी चौराहे से बुखारदास बाबा चौराहे हेतु संबंधित मूल सड़क निर्माणकर्ता (एन.एच.डी.सी.लिमिटेड) से निविदा प्रक्रिया के दौरान अनापत्ति ली जावेगी। पुरनी चौराहे से घोड़ाघाट चौराहे तक की सड़क के पुनर्निर्माण हेतु वर्तमान में कोई कार्य योजना नहीं होने के दृष्टिगत अनापत्ति लिए जाने के संबंध में प्रश्न नहीं उठता है। (ग) परियोजना के सी.एस.आर. मद से पुरनी चौराहे से बुखारदास बाबा चौराहा तक (1.6 कि.मी.) कांक्रीट सतहीकृत सड़क का निर्माण किया जाना है। तत्समय में स्वीकृत मानक दर सूची के आधार पर सड़क का प्राक्कलन तैयार किया गया है, जिसके तकनीकी मापदंड संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
नगर परिषद औंकारेश्वर में संचालित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
[नगरीय विकास एवं आवास]
36. ( क्र. 991 ) श्री नारायण पटेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान में नगर परिषद औंकारेश्वर क्षेत्र में कितने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित हैं? (ख) इन प्लांटों का संचारण-संधारण किसके द्वारा किया जा रहा है तथा कितनी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित हैं? (ग) क्या वर्तमान में सभी प्लांट चालू हालत में है? (घ) यदि सभी प्लांट चालू हालत में है तो नगर के गंदे पानी के नर्मदा नदी में मिलने से रोकने हेतु एवं प्लांट की क्षमता विस्तार हेतु क्या कार्यवाही की जा रही है?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) वर्तमान में नगर परिषद ओंकारेश्वर क्षेत्र में 4 सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित है। (ख) सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों का संचालन एवं संधारण का कार्य एमपीपूडीसी के द्वारा संविदाकार मेसर्स जे.एम. वघासिया प्रा.लि के माध्यम से कराया जा रहा है, ओंकारेश्वर नगरीय निकाय अंतर्गत एमपीयूडीसी द्वारा 0.55 एमएलडी क्षमता (ब्रम्हपुरी) तथा 0.45 एमएलडी क्षमता (कैलाश खो) व नगर पालिका ओंकारेश्वर द्वारा 1.0 एमएलडी क्षमता (बालवाडी-पूर्व से निर्मित) व 0.25 एमएलडी क्षमता (जे.पी. चौक-पूर्व से निर्मित) कुल 2.25 एम.एल.डी. के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित है। (ग) जी हाँ। (घ) सभी प्लांट चालू हालत में है। नगर का गन्दा पानी नर्मदा नदी में नहीं मिल रहा है। अपितु ओंकारेश्वर के बाँध से निकलने वाली नहर जो पहाड़ के उपर से गुजरती है, उसका सीपेज का स्वच्छ पानी है जो नर्मदा नदी में मिल रहा है, जिसे रोकने हेतु एन.वी.डी.ए. को लेख किया गया है।
कच्ची सड़कों को जोड़कर पक्की सड़क बनाना
[लोक निर्माण]
37. ( क्र. 1074 ) इंजीनियर हरिबाबू राय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता नवम्बर-दिसम्बर 2025 में अता. प्रश्न क्र. 924 दि. 5.12.2025 के माध्यम से कच्चे मार्गों को पक्की सड़क/कांक्रीटीकरण किये जाने का अनुरोध किया गया था, जिसके उत्तर में सड़कों के निर्माण के संबंध में किसी भी मार्ग के प्रस्तावित या स्वीकृत न होने का बताया गया था तथा न ही कोई आगामी योजना है। लोक निर्माण विभाग जिला अशोकनगर की पुस्तिका में कोई भी कच्चा मार्ग नहीं है जबकि वास्तविक स्थिति यह है कि वर्तमान विधानसभा क्षेत्र अशोकनगर में 190 सड़कें जो ग्रामों को मुख्य सड़क से जोडती है वह कच्ची है। क्या विभाग इन्हें जोड़कर पक्की सड़क बनाने की कार्यवाही करेगा? (ख) क्या विभाग द्वारा विधानसभा क्षेत्र अशोकनगर के विभिन्न ग्रामों में आवागमन के लिए सड़कें बहुत ही महत्वपूर्ण है ये सड़कें विभिन्न लंबाई की है जिनकों चरणबद्ध अलग-अलग योजनाओं में शामिल कर निर्माण कार्य करवाये जाने की कार्यवाही करेगा? (ग) विधानसभा क्षेत्र अशोकनगर में 190 सड़कों को लोक निर्माण विभाग अशोकनगर द्वारा अब तक क्यों शामिल नहीं किया गया है इस संबंध में अब तक की गई कार्यवाही का ब्यौरा एवं स्पष्टीकरण दें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
राज्य के राजमार्गों का उन्नयन
[लोक निर्माण]
38. ( क्र. 1084 ) श्री देवेन्द्र कुमार जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) एशियन विकास बैंक की सहायता से राज्य के राजमार्गो के उन्नयन हेतु परियोजना मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम 6 एवं 7 में शामिल तथा स्वीकृत सड़क मार्ग शिवपुरी-टोंगरा मार्ग के ग्राम पिपरसमा से बिलौआ व्हाया छर्च को क्यों व किन-किन कारणों से परियोजना से पृथक किया गया है? सकारण उत्तर दें तथा योजना से पृथक किये जाने संबंधी समस्त आदेशों की छायाप्रतियां उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार क्या विभाग उक्त मार्ग को परियोजना में शामिल कर पुनः स्वीकृति जारी करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) निविदा दरों पर मध्यप्रदेश शासन एवं एशियन विकास बैंक के मध्य असहमति के कारण मार्ग को परियोजना से पृथक किया गया। आदेश की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। प्रश्नांकित मार्ग बजट में स्वीकृत नहीं है, बजटीय प्रक्रिया के पश्चात ही अग्रिम कार्यवाही की जा सकती है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।
मार्ग पर पुल का निर्माण
[लोक निर्माण]
39. ( क्र. 1085 ) श्री महेंद्र रामसिंह यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कोलारस विधानसभा क्षेत्र में लुकवासा से औघारपुर वाया चंदनपुरा सड़क मार्ग पर केलधार एवं करई नदी पर पुल निर्माण हेतु निविदा कब जारी की गयी? निविदा में किस फर्म को ठेका दिया गया? डीपीआर, तकनीकी प्राक्कलन, प्रशासकीय स्वीकृति, कार्यआदेश, कार्यों की लागत, निविदा शर्तें, समय अवधि आदि जानकारी उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्या संबंधित ठेकेदार ने प्रश्न दिनांक तक कार्य प्रारंभ नहीं किया है यदि हॉं, तो कारण स्पष्ट करें? यदि नहीं, तो कार्य की अद्यतन स्थिति से अवगत करावें? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार क्या उक्त पुलों के निर्माण हेतु जो डीपीआर एवं एस्टीमेट तैयार की गयी थी वास्तविक जल प्रवाह उससे तीन गुना अधिक होने एवं पुल का साईज जल प्रवाह के अनुरूप नहीं है? यदि हॉं, तो डीपीआर किस एजेंसी द्वारा तैयार की गयी व इस हेतु कितनी राशि व्यय की गयी। गलत डीपीआर व एस्टीमेट बनने के व पुल निर्माण में हुए विलबं हेतु कौन-दोषी है व शासन उन पर क्या कोई कार्यवाही करेगा व कब तक? (घ) प्रश्नांश (क) से (ग) के संदर्भ में उक्त पुलों का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण कर आवागमन प्रारंभ कर दिया जावेगा समय अवधि बतावें?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। डी.पी.आर. की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1, तकनीकी प्राक्कलन पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2, प्रशासकीय स्वीकृति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3, कार्यादेश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 एवं कार्य की लागत, निविदा शर्तें एवं समयावधि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-5 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ के स्तभ क्रमांक-7 एवं 8 अनुसार है। दिनांक 03.02.2026 को चतुर्थ निविदा आमंत्रित की गई है। (ग) जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) दिनांक 03.02.2026 को चतुर्थ निविदा आमंत्रित की गई है। वर्तमान में निश्चित तिथि बताया जाना संभव नहीं है।
अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मर की स्थापना
[ऊर्जा]
40. ( क्र. 1096 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन द्वारा ऐसे ग्रामों, मजरे, टोलों के लिये अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने की स्वीकृति दी है जहाँ पर पूर्व से कम क्षमता के ट्रांसफार्मर लगे थे? यदि हाँ, तो बरगी विधानसभा के कितने ग्रामों, मजरों एवं टोलों के लिये ट्रांसफार्मर स्वीकृत किये गये? (ख) प्रश्नांश (क) में स्वीकृत किये गये ट्रांसफार्मर कहां-कहां लगाये गये हैं? ग्रामवार जानकारी दें। क्या उक्त ट्रांसफार्मरों को विद्युत सप्लाई हेतु जोड़ दिया गया है? (ग) बरगी विधानसभा अंतर्गत विद्युत केबिल खराब होने की शिकायत प्रश्न दिनाँक तक किन-किन ग्रामों से संबंधित उपकेन्द्रों को प्राप्त हुई? उक्त शिकायत पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? किन-किन ग्रामों की खराब विद्युत केबिल बदलने के प्रस्ताव बनाये गये हैं? कब तक खराब केबिल बदल दी जावेगी?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ। उल्लेखनीय है कि स्थापित वितरण ट्रांसफार्मर एवं पॉवर ट्रांसफार्मर अतिभारित पाये जाने की स्थिति में समय-समय पर नियमानुसार प्रणाली सुदृढ़ीकरण योजना अथवा सामान्य विकास योजना के तहत तकनीकी साध्यता अनुसार क्षमता वृद्धि अथवा अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मर की स्थापना के प्रस्ताव पर सक्षम स्वीकृति उपरांत वितरण ट्रांसफार्मर एवं पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापना की कार्यवाही की जाती है, जो कि एक सतत् प्रक्रिया है। बरगी विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों/मजरों/टोलों में अतिरिक्त नवीन वितरण ट्रांसफार्मर की स्थापना किये जाने के कुल 16 एवं पूर्व से स्थापित वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि किये जाने के कुल 34 कार्य स्वीकृत किये गये हैं, जिसकी सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) में स्वीकृत किये गये कार्यों में से स्थापित किये गये वितरण ट्रांसफार्मरों की प्रश्नाधीन चाही गई। ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। स्थापित वितरण ट्रांसफार्मरों को विद्युत सप्लाई हेतु ग्रिड से जोड़ा जा चुका है। (ग) बरगी विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत 01 जनवरी, 2005 से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में केबिल खराब होने संबंधी शिकायतों का वितरण केन्द्र एवं ग्राम के नाम सहित विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है। प्राप्त शिकायतों के आधार पर सुधारात्मक कार्यवाही करते हुए विद्युत आपूर्ति बहाल की गई है एवं जिन स्थानों पर केबिल मरम्मत योग्य नहीं पाई गई वहाँ वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए अन्य पोल/लाइन से विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। वर्तमान में प्रश्नाधीन क्षेत्र में किसी भी उपभोक्ता की विद्युत आपूर्ति बाधित नहीं है। पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' में उल्लेखित ग्रामों की खराब केबिलों को बदलने हेतु प्राक्कलन तैयार किये गये हैं, जिसमें से 23 स्थानों पर केबिल बदली जा चुकी है एवं शेष स्थानों पर केबिल बदलने का कार्य वित्तीय उपलब्धता अनुसार क्रमश: किया जाना प्रस्तावित है, जिस हेतु वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
मनावर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वैध एवं अवैध कॉलोनियां
[नगरीय विकास एवं आवास]
41. ( क्र. 1102 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मनावर विधानसभा क्षेत्र में दिनांक 31/12/2021 तक कुल कितनी वैध एवं अवैध कॉलोनी विकसित हुई तथा दिनांक 31/12/2021 के पश्चात प्रश्न-दिनांक तक कितनी अवैध और वैध कॉलोनियां विकसित हुई हैं उनकी सूची, नाम, सर्वे क्रमांक एवं ग्राम पटवारी हल्का नंबर सहित वर्षवार उपलब्ध करावें। (ख) मनावर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत (मनावर नगरपालिका परिषद की सीमा को छोड़कर) प्रश्न-दिनांक तक किन-किन कुल कितने अवैध कॉलोनाइजर के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध करवाए गए, एफ.आई.आर. की कॉपी सहित बतावें। मनावर नगरपालिका परिषद में कितने अवैध कॉलोनाइजर पर एफ.आई.आर. दर्ज हुई, एफ.आई.आर. की कॉपी सहित बतावें। अपराध पंजीबद्ध के पश्चात कितनी कॉलोनियां अवैध रूप से विकसित हुईं, सूची सहित बतावें। (ग) वर्ष 2021 के पश्चात अवैध कॉलोनियों के निर्माण करने वाले अवैध कॉलोनाइजर के विरुद्ध किस सक्षम प्राधिकारी के द्वारा क्या-क्या कार्रवाई की गई, प्रति सहित बतावें? कार्रवाई नहीं की गई तो क्यों? अवैध कॉलोनी निर्माण के विरुद्ध कार्रवाई नहीं करने के लिए कौन-कौन सक्षम प्राधिकारी क्या-क्या दंड के भागी हैं, ऐसे प्राधिकृत अधिकारी के विरूद्ध कितनी एफ.आई.आर. दर्ज करवाई? प्रति सहित बतावें। यदि एफ.आई.आर. दर्ज नहीं करवाई तो स्पष्टीकरण देवें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) मनावर विधानसभा क्षेत्र में 31/12/2021 तक कुल 13 वैध तथा 78 अवैध कॉलोनियॉं विकसित हुई हैं। दिनांक 31/12/2021 के पश्चात प्रश्न दिनांक तक कुल 25 वैध तथा 05 अवैध कॉलोनी विकसित हुई हैं। प्रश्नांकित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। (ख) अपर कलेक्टर जिला धार द्वारा प्रतिवेदित किया गया है कि, मनावर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत (मनावर नगर पालिका परिषद् सीमा को छोड़कर) प्रश्न दिनांक तक विकसित अवैध कॉलोनियों के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध नहीं हुये हैं तथा मनावर नगर पालिका परिषद् क्षेत्र में 61 अनधिकृत कॉलोनियों के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज हुई हैं। एफ.आई.आर. की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है। एफ.आई.आर. दर्ज होने के पश्चात नगरीय क्षेत्र में कोई अनधिकृत कॉलोनी निर्मित नहीं होना पाया गया। (ग) अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), मनावर की जानकारी अनुसार वर्ष 2021 के पश्चात अवैध कॉलोनियों के प्राप्त प्रकरणों में अवैध कॉलोनियों के भू-स्वामियों को सूचना पत्र जारी किये गये हैं। अवैध कॉलोनी निर्माण के विरूद्ध कार्यवाही न करने के लिए मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 339-ग (4) में दुष्प्रेरण के लिए 03 से 07 वर्ष तक का कारावास तथा 10 लाख रूपये तक का जुर्माना और मध्यप्रदेश पंचायत एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 61-ई में दुष्प्रेरण के लिए 03 वर्ष तक का कारावास और 10 हजार रूपये तक का जुर्माना से दण्डित करने के प्रावधान हैं। उत्तरांश अनुसार दायित्वाधीन अधिकारियों द्वारा अवैध कॉलोनियों के विरूद्ध कार्यवाही किए जाने से प्रश्न उपस्थित नहीं होता। उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
भोपाल में गोमांस परिवहन की जांच
[नगरीय विकास एवं आवास]
42. ( क्र. 1149 ) श्री उमंग सिंघार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या माह दिसम्बर 2025 में 26 टन गोमांस से भरा ट्रक भोपाल में जप्त किया गया? यदि हाँ, तो इस संबंध में क्या कार्यवाही की गई? (ख) क्या यह सही है कि जप्त ट्रक बिना जांच रिपोर्ट आए छोड़ दिया गया? यदि हाँ, तो कब? (ग) क्या यह सही है कि मथुरा फोरेंसिक लेब की रिपोर्ट ने मांस गोवंश से संबंधित होने की पुष्टि की है? (घ) मार्डन स्लाटर हाउस जिंसी भोपाल की टेण्डर प्रक्रिया कब अपनाई गई किसे टेण्डर दिया गया तथा शर्तें क्या थी? (ड.) प्रश्नांश (घ) के प्रकाश में पीपीपी आधार पर बने इस स्लाटर हाउस के संचालन की अनुमति का प्रस्ताव नगर निगम परिषद भोपाल के समक्ष किन कारणों से नहीं रखा गया? क्या यह नियमानुकूल है? (च) प्रकरण में किसके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं, अपितु संदिग्ध मांस जप्त किया गया है, प्रकरण पुलिस विवेचना में है। (ख) जी हाँ। पुलिस विभाग द्वारा दिनांक 18.12.2025 को विधिक प्रावधान अनुसार ट्रक सुपुर्दगी की कार्यवाही की गई है। (ग) जी हाँ, पुलिस द्वारा एफ.आई.आर. में इसका लेख किया है। (घ) मॉर्डन स्लॉटर हाऊस जिंसी भोपाल की टेण्डर प्रक्रिया दिनांक 22.12.2021 को अपनाई गयी, जिसमें लाइव स्टाक फूड प्रोसेसर्स प्राइवेट लिमिटेड को टेण्डर दिया गया। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ड.) मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 के अंतर्गत बनाये गये मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम (लेखा एवं वित्त) नियम 2018 के अंतर्गत सार्वजनिक जन निजी भागीदारी के प्रावधान हैं। इन्हीं नियमों में नगर पालिक निगम पदाधिकारियों की वित्तीय शक्तियाँ उल्लेखित हैं। स्लॉटर हाउस संचालन की परियोजना लागत तत्कालीन समय में 10 करोड़ होने के कारण परिषद् के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया। नियमों के प्रकाश में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (च) प्रकरण पुलिस विवेचना में होने के कारण प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
म.प्र. में विद्युत की मांग एवं उत्पादन
[ऊर्जा]
43. ( क्र. 1150 ) श्री उमंग सिंघार : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्तीय वर्ष 2024-25, 2025-26 (31 दिसम्बर 2025 तक) तथा म.प्र. में विद्युत की कितनी मांग रही, कितनी आपूर्ति की, कितना उत्पादन हुआ? (ख) उक्त अवधि में विद्युत वितरण कंपनियों ने कितनी विद्युत अन्य कंपनियों से खरीदी? इन्हें कितनी राशि दी गई? (ग) क्या यह सही है कि उक्त अवधि में विद्युत सप्लाई, कंपनियों ने नहीं की किंतु उन्हें राशि का भुगतान कर दिया गया है तो कितनी राशि, जानकारी दें।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 (31 दिसम्बर 2025 तक) में मध्यप्रदेश में विद्युत मांग/आपूर्ति/उत्पादन संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। (ख) उल्लेखनीय है कि एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड प्रदेश में कार्यरत तीनों विद्युत वितरण कंपनियों यथा म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, जबलपुर, म.प्र.मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, भोपाल एवं म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इंदौर की नियंत्रक कंपनी है। उक्त के दृष्टिगत प्रदेश में विद्युत के क्रय/विक्रय संबंधी कार्यों का संपादन एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा किया जाता है। अत: विद्युत वितरण कंपनियों नहीं अपितु एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा प्रश्नांश (क) में उल्लेखित अवधि में अन्य कंपनियों से खरीदी गयी विद्युत एवं उन्हें अदा की गई राशि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित अवधि में मेरिट ऑर्डर डिस्पैच (एम.ओ.डी) के अंतर्गत कम दरों वाली विद्युत की उपलब्धता के दृष्टिगत महँगी दरों वाली विद्युत उत्पादन इकाइयों से विद्युत क्रय अनुबंध की बाध्यता के कारण विद्युत क्रय किए बिना ही स्थायी प्रभार के भुगतान संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'स' अनुसार है।
ठेका कंपनी के विरूद्ध कार्यवाही
[ऊर्जा]
44. ( क्र. 1158 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा सत्र दिसम्बर 2025 प्रश्न क्रमांक 1303 दिनांक 05.12.2025 के माध्यम से कंपनी की जानकारी एवं उसके विरुद्ध शिकायतों की जानकारी चाही गई थी, जिसके विरुद्ध विभाग द्वारा बताया गया कि कंपनी की कोई शिकायत नहीं है जबकि कंपनी की अनेक शिकायतें एवं अनियमितता के सबूत हैं। विभाग द्वारा गलत जानकारी क्यों प्रदान की गई? (ख) क्या यह सत्य है कि ठेका कंपनी ने लगभग 20 से अधिक कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया है। कर्मचारियों की सूची व कार्य पर उपस्थिति दिनांक उपलब्ध करायें। क्या पूर्व में भी इस प्रकार का कृत्य कंपनी द्वारा किया गया है? यदि हाँ, तो कंपनी के बिल क्यों पास किये जा रहे हैं? कर्मचारियों को किस दिनांक तक वेतन प्रदान किये जाने का प्रावधान है? (ग) श्री लखन वैरागी की पेंशन चालू क्यों नहीं हुई है? आगर में कितने दुर्घनाग्रस्त कर्मचारियों को प्रधानमंत्री बीमा की राशि का भुगतान करवा दिया गया है। जानकारी उपलब्ध करायें? सोयत में दिवंगत कर्मचारी श्री बाबूलाल दांगी को क्या-क्या लाभ मिले हैं एवं नहीं मिले तो कब तक मिलेंगे? अब तक लाभ नहीं मिलने पर ठेकेदार पर क्या कार्यवाही की गई। (घ) आगर जिले में ऐसे कितने कर्मचारी हैं जिनको 1300 रूपए वापस नहीं मिले? कितने कर्मचारी को बीमा का पैसा वापस नहीं मिला है? जब पुराने सुपरवाईजर के भ्रष्टाचार की अनेक शिकायतें मिल गई है फिर भी विभाग द्वारा संरक्षण क्यों दिया जा रहा है? अधिक्षण यंत्री द्वारा लगातार जनप्रतिनिधियों द्वारा बतायें जाने के बाद भी भ्रष्ट ठेका कंपनी पर कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही है।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) विधानसभा सत्र दिसम्बर 2025 के प्रश्न क्रमांक 1303 दिनांक 5/12/2025 के संदर्भ में लेख है कि तत्समय संचा./संधा. वृत्त आगर अंतर्गत कार्यरत बाह्य स्त्रोत सेवा प्रदाता फर्म मेसर्स टीडीएस मैनेजमेंट कंसल्टेंट प्राईवेट लिमिटेड़, मोहाली की कुछ अनियमितताओं की शिकायतें जैसे प्रधानमंत्री जीवन ज्योति एवं प्रधानमंत्री सुरक्षा योजना में कुछ कार्मिकों का बीमाकृत न होना, लेबर लाइसेंस में कार्मिकों की संख्या कम होना, प्राप्त हुई थी। फर्म की उक्त शिकायतें/अनियमितताओं के विरुद्ध नोटिस ऑफ़ डिफाल्ट जारी कर उनका निराकरण कराया गया था। तद्नुसार प्रश्न क्रमांक 1303 में जानकारी प्रेषित की गई थी। उल्लेखनीय है कि कार्मिकों के शोषण संबंधी शिकायतें प्राप्त नहीं हुई थी। विभाग द्वारा प्रश्न क्रमांक 1303 में गलत जानकारी प्रेषित नहीं की गयी है। (ख) जी हाँ। संचा./संधा. वृत्त आगर अंतर्गत माह दिसम्बर 2025 की स्थिति में कुल 20 आउटसोर्स कार्मिकों को वेतन/मानदेय प्रदान नहीं किया गया है। कार्मिकों की सूची एवं कार्य पर उपस्थिति दिनांक की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। वेतन प्राप्त नहीं होने के संबंध में एजेंसी को अवगत कराया गया है जिस पर एजेंसी द्वारा दिनांक 07 फरवरी 2026 तक उक्त कार्मिकों को वेतन प्रदान कर दिया गया है। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति नहीं होने का भी कथन किया गया है। जी हाँ। उल्लेखनीय है कि संचा./संधा. वृत्त आगर द्वारा जारी टेण्डर क्रमांक 2024_MPPKV_ 345127_1 में उल्लेखित भाग 6 (स्पेशल कंडीशन ऑफ कॉन्ट्रेक्ट) के उपभाग 4 (सबमिशन ऑफ बिल) के बिंदु क्रमांक 4.6 (राईट टु पेमेंट) अनुसार किसी भी स्थिति में एजेंसी के देयक में से 80 प्रतिशत राशि का भुगतान अनिवार्य रूप से किया जाना ही है। उक्त कंडिका के आलोक में एजेंसी के देयकों को पारित किया गया है। कार्मिकों को वेतन नहीं मिलने के कारण एजेंसी के देयकों से कुल राशि रूपये 11,54,625/- को रोका गया है। संचा./संधा. वृत्त आगर द्वारा जारी टेण्डर क्रमांक 2024_MPPKV_345127_1 के अनुसार बाह्य स्त्रोत सेवा प्रदाता एजेंसी के माध्यम से नियोजित कार्मिकों को प्रत्येक माह की दिनांक 7 अथवा उससे पूर्व तक वेतन प्रदान किया जाना है। (ग) दिवंगत कार्मिक श्री लखन बैरागी के प्रकरण में बाह्य स्त्रोत सेवा प्रदाता एजेंसी मेसर्स टीडीएस मैनेजमेंट कंसल्टेंट प्राईवेट लिमिटेड़, मोहाली द्वारा कार्मिक के दस्तावेजों को समय से प्रस्तुत नहीं किये जाने के कारण प्रकरण निरस्त हुआ था। संचा./संधा. वृत्त आगर के पत्र क्रमांक 251 दिनांक 15.01.2026 के माध्यम से ईएसआईसी हेड ऑफिस, इंदौर में पुन: अपील की गई है। दिनांक 05.02.2026 को दूरभाष के माध्यम से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रकरण वर्तमान में प्रक्रियाधीन है। संचा./संधा. वृत्त आगर द्वारा जारी टेण्डर के अनुसार किसी भी कार्मिक की दुर्घटना में मृत्यु होने पर एजेंसी पर प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना एवं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना अंतर्गत भुगतान योग्य मुआवजा (बीमा क्लैम) राशि प्रदान की जाने की बाध्यता नहीं है, अपितु मृत कार्मिक के परिजन को बैंक में जाकर राशि को क्लैम करना होता है। संचा./संधा. वृत्त आगर अंतर्गत वितरण केन्द्र सोयत पर कार्यरत बाह्य स्त्रोत कार्मिक श्री बाबुलाल दांगी की मृत्यु दिनांक 04.12.2025 को घातक विद्युत दुर्घटना के कारण स्वंय के घर पर हुई थी। तत्समय कार्मिक कार्य पर उपस्थित नहीं थे। प्रकरण में नियमानुसार हितलाभ प्रदान करवाने हेतु बाह्य स्त्रोत सेवा प्रदाता एजेंसी को अवगत कराया गया है एवं वर्तमान में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। एजेंसी द्वारा टेण्डर की शर्तों एवं नियमों के अंतर्गत कार्य नहीं करने के कारण अनुबंध को टर्मिनेट करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (घ) संचा./संधा. वृत्त आगर अंतर्गत बाह्य स्त्रोत सेवा प्रदाता फर्म मेसर्स टीडीएस मैनेजमेंट कंसल्टेंट प्राईवेट लिमिटेड़, मोहाली द्वारा कुल 385 आउटसोर्स कार्मिकों में से 373 कार्मिकों को, पंजीयन के विरूद्ध ली गई राशि रूपए 1,300/- का भुगतान कर दिया गया है तथा शेष कार्मिकों को भी भुगतान कर दिया जाएगा। संचा/संधा वृत्त आगर अंतर्गत कुल 67 कार्मिकों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना अंतर्गत राशि वापस नहीं मिली है। बाह्य स्त्रोत सेवा प्रदाता एजेंसी मेसर्स टीडीएस मैनेजमेंट कंसल्टेंट प्राईवेट लिमिटेड़, मोहाली के पूर्व सुपरवाईजर के विरूद्ध प्राप्त अनियमितता की शिकायतों के आधार पर उक्त पूर्व सुपरवाईजर को आगर वृत्त अंतर्गत कार्य करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है, अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। जनप्रतिनिधियों से प्राप्त शिकायतों एवं एजेंसी द्वारा की जा रही अनियमितताओं पर नोटिस ऑफ़ डिफाल्ट जारी करने के पश्चात एजेंसी से किये गये अनुबंध को टर्मिनेट करने की कार्यवाही म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अंतर्गत प्रक्रियाधीन है।
नगर पालिका परिषद की बैठक आयोजित करने के नियम
[नगरीय विकास एवं आवास]
45. ( क्र. 1165 ) श्री बाबू जन्डेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिका परिषद पी.आई.सी. की बैठक आयोजित किये जाने के क्या नियम प्रावधान है? नियम बताये? (ख) क्या यह सत्य है कि, नगर पालिका परिषद श्योपुर की बैठक विगत 6 माह से नहीं हुई जिससे समस्त कार्य प्रभावित है? बैठक आयोजन हेतु पार्षदों एवं उपाध्यक्ष द्वारा लिखित रूप से मांग की गई है? यदि हाँ, तो नियमानुसार बैठक कब तक आयोजित की जावेगी? अवगत करावे। यदि नहीं, तो क्यों कारण बतावे? (ग) नगर पालिका परिषद श्योपुर में जलापूर्ति पाइप-लाइन जगह-जगह टूटी पड़ी हुई है, जैसे बोहरा बाजार, मुस्लिम मोहल्ला जिससे दूषित एवं गंदा पानी-पीने को मजबूर है? उक्त सभी टूटी पड़ी पाइप-लाइनों को कब तक सुधार किया जावेगा? (घ) नगर पालिका परिषद श्योपुर एवं कोलोनाईजर के विरूद्व लोकायुक्त ग्वालियर में प्रकरण क्रमांक 254/ई/2022 में जांच प्रकरण में क्या कार्यवाही हुई?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगर पालिका परिषद एवं प्रेसीडेन्ट-इन-काउंसिल की बैठक के आयोजन के संबंध में मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 54, 59 एवं 70 तथा मध्यप्रदेश नगर पालिका (मेयर-इन-काउंसिल/प्रेसीडेन्ट-इन-काउंसिल के कामकाज का संचालन तथा प्राधिकारियों की शक्तियां एवं कर्तव्य) नियम 1998 में प्रावधान वर्णित है। प्रावधान संबंधी प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। अधिनियम एवं नियमों में वर्णित प्रावधान अनुसार परिषदों की बैठक के आयोजन के संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिका परिषद श्योपुर को विभाग की ओर से निर्देश जारी किये जा चुके है। (ग) नगर पालिका परिषद श्योपुर द्वारा क्षतिग्रस्त पाइप-लाइन की मरम्मत करवा दी गई है तथा दूषित पानी की शिकायत दूर कर दी गई है। (घ) जांच प्रकरण लोकायुक्त कार्यालय ग्वालियर में पंजीबद्ध होकर प्रक्रियाधीन है।
लाखा बंजारा झील सागर में स्थापित म्यूजिकल फाउंटेन का संचालन
[नगरीय विकास एवं आवास]
46. ( क्र. 1169 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लाखा बंजारा झील में स्थापित म्यूजिकल फाउंटेन साल भर से बंद है। इस संदर्भ में मानसून सत्र के दौरान मेरे द्वारा (प्रश्नांश क्रमांक 1143, दिनांक 31.07.2025) सदन से प्रश्न भी पूछा गया था, जिसके उत्तर में माननीय विभागीय मंत्री द्वारा बताया गया था कि तकनीकी समस्याओं के कारण ऐसा हुआ है। क्या म्यूजिकल फाउंटेन को फिर से शुरू करने के लिए शासन द्वारा कोई कार्यवाही प्रचलन में है, यदि हाँ, तो यह कब तक शुरू कर दिया जाएगा? (ख) लाखा बंजारा झील में स्थापित म्यूजिकल फाउंटेन के निर्माण के बाद उसके मेंटेनेंस की जिम्मेदारी किसकी की थी? क्या म्यूजिकल फाउंटेन के बंद होने के बाद संबंधित निर्माण एजेंसी पर कार्यवाही प्रचलन में हैं? यदि हाँ, तो विस्तृत जानकारी दें? यदि नहीं, तो क्या कार्यवाही की जाएगी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ, म्यूजिकल फाउंटेन को फिर से शुरू करने की प्रक्रिया प्रचलित है। कलेक्टर सह अध्यक्ष स्मार्ट सिटी सागर के आदेश क्रमांक/2539/शिकायत/2025 सागर द्वारा समिति का गठन किया गया, गठित समिति द्वारा रिपोर्ट दिनांक 24/07/2025 जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है के क्रम में म्यूजिकल फाउंटेन के परीक्षण (तकनीकी मूल्यांकन) हेतु इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज, सागर को पत्र No./SSCL/2026/13 दिनांक 13/01/2026 को भेजा गया है। म्यूजिकल फाउंटेन रिपोर्ट प्राप्त होने पर बोर्ड निर्णय के उपरांत शुरू किया जावेगा, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) लाखा बंजारा झील में स्थापित म्यूजिकल फाउंटेन के संचालन एवं संधारण जिम्मेदारी एजेंसी की है। जी हाँ, निर्माण एजेंसी पर कार्यवाही प्रचलन में है। म्यूजिकल फाउंटेन के बंद होने के संबंध में अनुबंधित एजेंसी को पत्र क्र./SSCL/2025/513 दिनांक 22.07.2025 एवं पत्र क्र./SSCL/2025/410 दिनांक 27/05/2025 को नोटिस जारी किये गये थे। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है। इस संबंध में तकनीकी मूल्यांकन हेतु इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज, सागर में परीक्षण हेतु पत्र क्रमांक No./SSCL/2026/13 दिनांक 13/01/2026 को भेजा गया है। इंजीनियरिंग कॉलेज, सागर की रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत बोर्ड के समक्ष में निर्णय हेतु रखा जायेगा। तदुपरांत बोर्ड के निर्णय अनुसार कार्यवाही की जायेगी। साथ ही एजेंसी की शेष 50% भुगतान राशि रोकी गयी है।
इंदौर दुग्ध संघ द्वारा राशि भुगतान में अनियमितता
[पशुपालन एवं डेयरी]
47. ( क्र. 1180 ) श्री महेश परमार : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या इंदौर दुग्ध संघ का प्रबंधन पूरी तरह से NDDB (राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड) को सौंप दिया गया है? यदि हाँ, तो क्या यह मध्य प्रदेश शासन के नियंत्रण से बाहर है? वर्ष 2024 से वर्तमान तक NDDB के अंतर्गत हुए समस्त क्रय-विक्रय (Purchase-Sales) का तुलनात्मक लेखा-जोखा और अनुबंध की प्रतियां उपलब्ध कराएं। (ख) क्या यह सत्य है कि वर्तमान CEO बलबीर शर्मा द्वारा आशुतोष शर्मा को ₹2.5 करोड़ का भुगतान किया गया है,जिसे पूर्व CEO ने रोक रखा था? यदि हाँ, तो क्यों जारी किया गया स्पष्ट करें। (ग) शासन की ग्रांट (अनुदान) राशि से नियम विरुद्ध भुगतान कर शासन को करोड़ों की क्षति पहुँचाने और बटर (Butter) की खरीद-बिक्री में सुजीत हाजरा एवं CEO की मिलीभगत की जांच रिपोर्ट व संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराएं। (घ) क्या इंदौर दुग्ध संघ को सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे से बाहर कर दिया गया है? यदि एम.डी. गोवानी (भोपाल) द्वारा ऐसा कोई आदेश जारी किया गया है, तो उसका वैधानिक आधार क्या है? क्या घोटालों को छिपाने के उद्देश्य से पारदर्शिता के नियमों का उल्लंघन किया जा रहा। (ड.) इंदौर दुग्ध संघ की पुरानी मार्केटिंग एजेंसी को हटाकर नए पसंदीदा वेंडरों को कार्य देने के पीछे क्या प्रक्रिया अपनाई गई? वर्ष 2024 से अब तक बदली गई एजेंसियों, उनकी चयन प्रक्रिया और उन्हें किए गए भुगतान का पूर्ण विवरण नियम पुस्तिका सहित देंवे।
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) जी नहीं। मध्य प्रदेश सहकारी समिति अधिनियम, 1960 की धारा 16-ए के तहत मध्य प्रदेश सरकार, मध्य प्रदेश सहकारी डेयरी फेडरेशन (“एमपीसीडीएफ”), इंदौर सहकारी दुग्ध संघ मर्यादित (“आईएसडीएसएम”) एवं एनडीडीबी के बीच प्रबंधन विशेषज्ञता प्रदान करने के उद्देश्य से एक कोलैबोरेशन एग्रीमेंट किया गया है। कोलैबोरेशन एग्रीमेंट 13 अप्रैल, 2025 को किया गया है, अत:तुलनात्मक विवरण से संबंधित प्रश्न लागू नहीं होता,अनुबंध की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) इंदौर सहकारी दुग्ध संघ द्वारा श्री आशुतोष शर्मा को कोई पेमेंट जारी नहीं किया गया है। माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर के आदेश अनुसार इंदौर सहकारी दुग्ध संघ द्वारा माननीय जिला एवं सत्र न्यायालय इंदौर में राशि जमा की गयी है। (ग) कोई अनियमित भुगतान नहीं किया गया है। समस्त व्यय शासन द्वारा प्रदत्त अनुदान राशि का उपयोग परियोजना के नियमों और विनियमों के अनुसार व दुग्ध संघ के उपनियमों और कोलैबोरेशन एग्रीमेंट के अनुसार किया गया है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) इंदौर सहकारी दुग्ध संघ में प्रचार-प्रसार हेतु कोई मार्केटिंग एजेंसी नहीं है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
भोपाल स्लॉटर हाउस का संचालन
[नगरीय विकास एवं आवास]
48. ( क्र. 1199 ) श्री आरिफ मसूद : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह कहना सही है कि पिछले दिनों भोपाल स्थित स्लॉटर हाउस को अवैध गोवंश मांस विक्रय के आरोप में सील किया गया? यदि हाँ, तो संबंधित आदेश की प्रति उपलब्ध करावें एवं मॉडर्न स्लॉटर हाउस को कब प्रारंभ किया गया था? आदेश की प्रति भी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में स्लॉटर हाउस संचालन/प्रारंभ किए जाने के संबंध में महापौर, एमआईसी सदस्यों तथा अधिकारियों द्वारा की गई प्रक्रिया/नोटशीट/आदेश सहित संबंधित समस्त दस्तावेज उपलब्ध करावें। (ग) क्या यह कहना सही है कि एनजीटी के मापदण्डों के अनुसार ही स्लॉटर हाउस का निर्माण किया गया है एवं निर्माण कार्य पी.पी. मोड पर कराया गया है? यदि हाँ, तो संबंधित प्रक्रिया/नोटशीट/आदेश सहित समस्त दस्तावेज उपलब्ध करावें। (घ) क्या यह कहना सही है कि भोपाल स्थित स्लॉटर हाउस में स्थानीय बाजार में सप्लाई होने के लिए अलग से स्लॉटिंग की व्यवस्था की गई थी? यदि हाँ, तो जानकारी उपलब्ध करावें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। पुलिस जांच के बाद स्लॉटर हाउस सील किया गया, इस संबंध में पंचनामा आदेश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। मॉर्डन स्लॉटर हाउस को दिनांक 07.11.2025 को प्रारंभ किया गया, आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है। (ख) स्लॉटर हाउस संचालन/प्रारंभ किए जाने संबंधी नोटशीट/आदेश की प्रति एवं संबंधित दस्तावेज पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। (ग) जी हाँ। मान. एनजीटी के प्रकरण क्र. ओ.ए. 337/2014 के निर्देशानुसार कार्य कराया गया। इस संबंध में समस्त दस्तावेज पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है। (घ) जी नहीं। शेष का प्रश्न उत्पन्न नहीं होता है।
केशरवानी जाति को पिछड़ा वर्ग में सम्मिलित किया जाना
[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]
49. ( क्र. 1226 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) भारत सरकार समाज कल्याण मंत्रालय संकल्प क्र. 12011/68/93 बी.सी.सी. (सी) दिनांक 10.09.1993 तथा भारत सरकार का राजपत्र असाधारण भाग 1 खण्ड 1 दिनांक 08 दिसम्बर 2011 अग्रहायण 17-1993 में केसरवानी जाति को पिछड़ा वर्ग में अधिसूचित किया गया है? यदि हाँ, तो राजपत्र सहित पूर्ण जानकारी देवें। (ख) क्या म.प्र. में पिछड़ा वर्ग में केसरवानी जाति को बी.पी. मण्डल आयोग के अनुशंसा अनुसार लाभान्वित करने तथा राज्य में अधिसूचित करने वर्ष 2022 में कितने विधायक/सांसद/मंत्री ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आग्रह किया है, उक्त पत्रों की छायाप्रति उपलब्ध करावें तथा केसरवानी जाति को कब तक म.प्र. में अधिसूचित कर पिछड़ा वर्ग की पात्रता दी जायेगी? (ग) क्या म.प्र. के प्रत्येक जिला तहसील व अनुविभाग में विगत तीन वर्षों से केसरवानी समाज ने धरना आंदोलन कर प्रशासन के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है? यदि हाँ, तो सरकार न्यायपूर्ण मांग पर कब तक पुनर्विचार कर पिछड़ा वर्ग की पात्रता देगी? (घ) क्या काका कालेकर एवं बी.पी. मण्डल आयोग सहित भारत सरकार के अधिसूचना की प्रति उपलब्ध कराते हुये म.प्र. सरकार केसरवानी जाति को न्याय प्रदान करेगी? (ड.) क्या केसरवानी जाति मूलत: रीवा-शहडोल, जबलपुर, सागर, कटनी में ही बहुसंख्यक है? यदि हाँ, तो शासन जनप्रतिनिधियों के आग्रह व समाज के पहल पर कार्यवाही करेगी?
राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती कृष्णा गौर ) : (क) भारत सरकार समाज कल्याण मंत्रालय संकल्प क्र. 12011/68/93 बी.सी.सी. (सी) दिनांक 10.09.1993 में लेख किया गया है कि ''भारत सरकार के कार्मिक लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय (कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग) द्वारा 8 सितम्बर 1993 के कार्यालय ज्ञापन संख्या 36012/22/93 स्थापना (एस.सी.टी.) के माध्यम से जारी किए गए आदेशों के अनुसार पूर्वोक्त आरक्षण के उद्देश्य से प्रथम चरण में अन्य पिछड़े वर्गों के अंतर्गत उन जातियों और समुदायों को रखा जाएगा जो मण्डल आयोग की रिपोर्ट और राज्य सरकार की सूची दोनों में शामिल हो।'' तथा भारत सरकार का राजपत्र असाधारण भाग 1 खण्ड 1 दिनांक 08 दिसम्बर 2011 अग्रहायण 17-1993 में एनसीबीसी ने सोलह राज्यों में केन्द्रीय सूचियों में समावेशन या संशोधन के लिए जातियों एवं समुदायों के लिए की गई सिफारिश में झारखण्ड राज्य की केन्द्रीय सूची के क्रमांक 122 पर केसरवानी जाति को सम्मिलित किया गया है। मध्यप्रदेश राज्य की केन्द्रीय सूची में तथा मध्यप्रदेश राज्य की पिछड़ा वर्ग की सूची में केसरवानी जाति सम्मिलित नहीं होने के कारण शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्न की विषयवस्तु भारत सरकार से संबंधित होने के कारण प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) मध्यप्रदेश राज्य में जातिगत जनगणना न होने के कारण केसरवानी समाज को रीवा-शहडोल, जबलपुर, सागर, कटनी में बहुसंख्यक होने की जानकारी दी जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
बायपास रोड का निर्माण
[लोक निर्माण]
50. ( क्र. 1255 ) श्री वीरसिंह भूरिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि मेघनगर जिला झाबुआ के लिये बायपास निर्माण की मांग वर्षों से चली आ रही है। बायपास का निर्माण होगा या नहीं यदि निर्माण होगा तो कब तक?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) :जी हाँ। मार्ग की संपूर्ण लम्बाई वन क्षेत्र से गुजरती है। वन विभाग से अनुमति मिलने के उपरांत ही अग्रिम कार्यवाही किया जाना संभव हो सकेगा। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
डॉ. श्याम प्रसाद मुखर्जी पार्क में निर्माणाधीन स्केटिंग रिंग कार्य
[नगरीय विकास एवं आवास]
51. ( क्र. 1257 ) श्री भगवानदास सबनानी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र में स्थित डॉ. श्यामा मुखर्जी पार्क, मुख्य मार्ग क्र.-3, भोपाल में स्केटिंग रिंग के निर्माण कार्य की स्वीकृति किस वर्ष में स्वीकृत हुई तथा किस निर्माण एजेन्सी द्वारा यह कार्य किया जाना था, स्वीकृत राशि सहित सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) के सम्बन्ध में स्केटिंग रिंग के कार्य की अद्यतन स्थिति क्या है तथा कार्य पूर्ण किये जाने हेतु विभाग द्वारा कोई समय-सीमा निश्चित की गई थी, यदि हाँ, तो कब तक कार्य पूर्ण कर लिया जावेगा, यदि नहीं, तो कब तक कार्य पूर्ण किया जावेगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
स्मार्ट सिटी परियोजना अन्तर्गत आने वाले शासकीय आवासों की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
52. ( क्र. 1258 ) श्री भगवानदास सबनानी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता की विधान सभा क्षेत्र में स्मार्ट सिटी परियोजना लागू होने के उपरान्त कितने शासकीय आवास प्रभावित हुए है? सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) के सम्बन्ध में स्मार्ट सिटी परियोजना की चपेट में आने के कारण प्रभावित शासकीय आवासों के स्थान पर कितने नवीन शासकीय आवास बनाये गये है तथा शेष कितने शासकीय आवासों का निर्माण किया जावेगा? कृपया जानकारी उपलब्ध करावें? (ग) शासकीय कर्मचारियों के आवास हेतु भोपाल में कुल कितने आवासों की आवश्यकता है? आवश्यकतानुसार आवास कब तक निर्मित किये जाने की योजना है?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) स्मार्ट सिटी परियेजना लागू होने के उपरांत भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग के कुल 3146 शासकीय आवास प्रभावित हो रहे हैं। प्रभावित शासकीय आवासों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) स्मार्ट सिटी परियोजना में प्रभावित शासकीय आवासों के स्थान पर दिनांक 21 जनवरी 2025 की स्थिति में कुल 915 नवीन शासकीय आवासों का निर्माण पूर्ण कर शासन को हस्तांतरित किये जा चुके हैं, जबकि 336 शासकीय आवासों का निर्माण कार्य प्रचलित है। (ग) कार्यालय सचांलक संपदा संचालनालय, भोपाल से प्राप्त जानकारी अनुसार भोपाल स्थित आवास आवटन नियमों 2000 अंतर्गत" नियमानुसार लोक निर्माण विभाग से प्राप्त रिक्त आवासों के आधार पर निर्धारित रोस्टर अनुसार गठित आवास आवंटन समिति में आवास ऑनलाइन आवंटित किये जाते है। वर्तमान में आवास आंवटन संपदा पोर्टल पर विभिन्न श्रेणी के लगभग 4000 आवेदन आवास आवंटन हेतु लंबित है। विभाग अंतर्गत भोपाल स्मार्ट सिटी के माध्यम से 336 शासकीय आवासों का निर्माण कार्य प्रचलित है। शासकीय कर्मचारियों को आवास सुविधा हेतु गृहभाड़ा भत्ता दिये जाने का प्रावधान है।
सीधी/सिंगरौली जिलांतर्गत विद्युतीकरण का कार्य
[ऊर्जा]
53. ( क्र. 1266 ) श्री कुँवर सिंह टेकाम : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी/सिंगरौली जिले के अंतर्गत कितने ऐसे गांव, मजरे टोले एवं 05 से अधिक घर हैं जहां विद्युतीकरण नहीं हुआ है? पूर्ण विवरण ग्रामवार सूची उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में उक्त गांव, मजरे टोलों एवं 05 से अधिक घरों में विद्युतीकरण किये जाने की कोई योजना है? यदि हाँ, तो पूर्ण विवरण सहित जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में कितने गांव, मजरे, टोले एवं 05 से अधिक घरों का सर्वे कराया गया है? यदि हाँ, तो सूची उपलब्ध करायें। अविद्युतीकृत घरों में विद्युतीकरण का कार्य कब तक करा दिया जावेगा? समय-सीमा बताएं।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) जिला सीधी एवं जिला सिंगरौली क्षेत्रान्तर्गत समस्त राजस्व ग्राम एवं इनके संसूचित मजरे/टोले पूर्ववर्ती ग्रामीण विद्युतीकरण योजनाओं के अंतर्गत विद्युतीकृत हैं। उल्लेखनीय है कि नये घरों/बसाहटों का बनना एक सतत प्रक्रिया है। वर्तमान स्थिति में जिला सीधी एवं जिला सिंगरौली में क्रमश: 483 एवं 625 मजरों/टोलों में, नवनिर्मित घर एवं 5 से अधिक अविद्युतीकृत घरों की बसाहटों सहित क्रमश: कुल 7520 एवं कुल 8782 घर अविद्युतीकृत हैं, जिसका प्रश्नाधीन चाहा गया ग्रामों के नाम सहित विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) राज्य शासन के पत्र दिनांक 05.05.2025 एवं पत्र दिनांक 07.05.2025 के माध्यम से अविद्युतीकृत घरों/बसाहटों के विद्युतीकरण के लिए विस्तृत सर्वे हेतु दिशा-निर्देश दिए गये हैं, जिनमें 5 घरों से अधिक की अविद्युतीकृत एवं आंशिक रूप से विद्युतीकृत बसाहटों को विद्युतीकरण हेतु शामिल किया जाना है। उक्त दिशा-निर्देशों के अनुरूप म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अन्तर्गत विस्तृत सर्वे सीधी एवं सिंगरौली जिलों में भी किया गया है, जिसका विवरण उत्तरांश (क) में उल्लेखानुसार है एवं जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। केन्द्र/राज्य शासन की योजनाओं की उपलब्धता अनुसार उक्त घरों के विद्युतीकरण का कार्य किया जाना संभव हो सकेगा, जिस हेतु वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
कालाखेत शॉपिंग कांप्लेक्स से अतिक्रमण हटाया जाना
[नगरीय विकास एवं आवास]
54. ( क्र. 1269 ) श्री विपीन जैन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 208 (तारांकित), दिनांक 31/07/2025 के संबंध में माननीय मंत्री जी द्वारा दिए गए आश्वासन के संबंध में मंदसौर स्थित कालाखेत शॉपिंग कांप्लेक्स से अतिक्रमण को आज दिनांक तक क्यों नहीं हटाया गया है? (ख) अतिक्रमण नहीं हटाए जाने के क्या कारण रहे हैं?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगर पालिका परिषद स्थित कालाखेत शॉपिंग कॉपलेक्स पर अवैध कब्जे को हटाने हेतु न्यायालय तहसीलदार मंदसौर द्वारा म.प्र.भू. राजस्व संहिता 1959 की धारा 248 के तहत प्रकरण दर्ज कर बेदखली के आदेश जारी किए गए है। अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही तहसीलदार, तहसील-मंदसौर द्वारा की जा रही है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार कार्यवाही की गई है, जिसमें शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
नगर परिषद घुवारा के अध्यक्ष के विरूद्ध अभियोजन
[नगरीय विकास एवं आवास]
55. ( क्र. 1274 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर परिषद घुवारा जिला छतरपुर की अध्यक्ष श्री मती गुड्डी बाई एवं पार्षद श्रीमती अंजना सिंह के विरुद्ध ई.ओ.डब्लू द्वारा पत्र क्रमांक/1356 सी 25 भोपाल दिनांक 25/01/2025 से अभियोजन स्वीकृति कलेक्टर छतरपुर से मांगी गई थी एवं मानसून सत्र में विधानसभा प्रश्न क्रमांक 1216 के जवाव में माननीय नगरीय प्रशासन मंत्री जी ने अभियोजना की स्वीकृति दे दिए जाने की सदन में जानकारी दी थी, हाँ या नहीं? (ख) यदि हाँ, तो कलेक्टर द्वारा अभियोजन स्वीकृति आदेश का क्रमांक दिनांक बताये एवं आदेश की प्रति प्रदान करें? (ग) प्रश्नांश दिनांक तक यदि अभियोजन स्वीकृति नहीं दी गई हैं तो मानसून सत्र में गलत एवं भ्रामक जानकारी प्रेषित करने वाले अधिकारी का नाम व पद बताये एवं उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए अभियोजन स्वीकृति जारी की जावेगी यदि हाँ, तो कब तक समय-सीमा बताये यदि नहीं, तो क्यों स्पष्ट कारण बताये?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। विधानसभा सत्र दिसम्बर 2025 में अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1296 के उत्तर में विधिक प्रावधानों के अंतर्गत कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, जानकारी दी गई थी। (ख) कलेक्टर जिला छतरपुर द्वारा पत्र क्रमांक 41/DUDA/2026 दिनांक 04.02.2026 के माध्यम से अभियोजन स्वीकृति प्रदान की गई है। पत्र की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
पंजीकृत गौशालाओं एवं गौवंश की जानकारी
[पशुपालन एवं डेयरी]
56. ( क्र. 1279 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले की सभी पंजीकृत गौशालाओं में कितने-कितने पशु है तथा गौशालाओं को वार्षिक रूप से दी जाने वाली पशुवार सहायता एवं प्रत्येक गौशाला में अब तक कितने पशु मर चुके है, कारण सहित बतावें एवं संचालकों की लापरवाही से हुई मृत्यु पर कितने गौशाला संचालकों पर कार्यवाही हुई है? (ख) जिले में जो गौशाला पंजीकृत है वह वार्षिक या प्रतिमाह शासन से सहायता राशि प्रति पशु नग प्राप्त कर रहे है फिर भी हजारों की संख्या में पशु मुख्य सड़कों पर एवं गलियों में आवारा क्यों घूम रहे है? क्या आवारा पशुओं से संबंधित कोई अधिकारिक जानकारी सरकार के पास है। यदि नहीं, है, तो इन आवारा पशुओं के लिये शासन की आगामी क्या योजना है? (ग) क्या सड़कों पर हजारों की संख्या में पशु घूम रहे है और किसानों के खेतों की फसल को नुकसान पहुंचा रहे है। क्या शासन इस संबंध में जांच करवायेगी? यदि हाँ, तो कब तक?
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) जिला सिवनी में 52 पंजीकृत गौशालाओं में वर्तमान में कुल 7905 गौवंश है। गौशालाओं को प्रदाय राशि, पशुओं की मृत्यु की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। वर्ष 2025-26 में जिला सिवनी की पंजीकृत गौशालाओं में 1682 गौवंश मृत हुये है। गौशालाओं में वृद्ध, अशक्त, बीमार एवं गंभीर रूप से घायल पशु आते हैं, इस कारण से स्वाभाविक एवं प्राकृतिक मृत्यु संभावित होती है। जिला सिवनी में किसी भी गौशाला संचालक की लापरवाही से गौशाला में उपलब्ध किसी भी गौवंश की मृत्यु नहीं हुई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) निराश्रित गौवंश का समुचित व्यवस्थापन गौशालाओं में स्थानीय निकाय द्वारा कराया जाता है। सड़कों पर घूम रहे पशु अधिकांशत: स्थानीय पशुपालकों के ही होते हैं, जिनको घर पर ही रखे जाने की समझाइश दी जाती है। संचालित गौशालाओं में निराश्रित गौवंश का व्यवस्थापन एक सतत् प्रक्रिया है तथा गौशालाओं की क्षमता तथा आवश्यकतानुसार निराश्रित गौवंश का व्यवस्थापन उनमें किया जाता है। 20वीं पशु संगणना अनुसार जिला सिवनी में 1307 निराश्रित गौवंश थे। अद्यतन स्थिति अनुसार जिला सिवनी के कुल 7905 निराश्रित गौवंश, 52 गौशालाओं में व्यवस्थापित है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। जिला सिवनी में पशुओं से किसानों के खेतों में फसल को नुकसान पहुंचाने की जानकारी निरंक है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
बजट में सम्मिलित सड़कों की प्रशासकीय स्वीकृति आदेश
[लोक निर्माण]
57. ( क्र. 1286 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 अप्रैल 2018 से प्रश्नांकित दिनांक तक विदिशा जिले में कौन-कौनसी सड़कें बजट में सम्मिलित थी तथा लोक निर्माण विभाग की स्थाई वित्तीय समिति की बैठक में अनुमोदन उपरांत प्रशासकीय स्वीकृति आदेश जारी हो चुके हैं आदेशों की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में उक्त बजट में सम्मिलित सड़कों में से कितने मार्गों की लोक निर्माण विभाग की स्थाई वित्तीय समिति की बैठक में अनुमोदन नहीं हुआ है कारण सहित जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में उक्त स्वीकृत मार्गों में से कौन-कौन से मार्गों के निर्माण कार्य पूर्ण हुए एवं कौन-कौन से मार्ग अपूर्ण हैं और कौन से अप्रारंभ हैं कारण सहित जानकारी देवें। (घ) 1 अप्रैल 2018 से प्रश्नांकित दिनांक तक कौन-कौनसे मार्गों के रिन्युवल मरम्मत के कार्य स्वीकृत हुए मार्ग का नाम, लागत, स्वीकृत किलोमीटर, ठेकेदार का नाम, कार्य प्रारंभ की तिथि, कार्य पूर्णता दिनांक सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ड.) प्रश्नकर्ता द्वारा श्रीमान प्रमख सचिव जी से भेंट कर बजट में स्वीकृत सड़कों की प्रशासकीय स्वीकृति आदेश जारी करवाने हेतु पत्र दिया गया था तो क्या कार्यवाही हुई है उक्त मार्गों की प्रशासकीय स्वीकृति आदेश कब तक जारी कर दिए जावेंगे समय-सीमा बतावें। (च) माननीय मुख्यमंत्री कार्यालय से बजट में सम्मिलित सड़कों की प्रशासकीय स्वीकृति जारी करवाने हेतु विभाग को पत्र प्राप्त हुआ है यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई है बतावें यदि नहीं तो कब तक की जावेगी।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ, 'अ-1', परिशिष्ट-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं 'अ-1' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब एवं 'ब-1' अनुसार है। (ड.) जी हां, दिनांक 03.11.2025 को पत्र प्राप्त। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (च) जी हां, दिनांक 22.02.2025 को सड़कों को बजट में सम्मिलित कर प्रशासकीय स्वीकृति जारी करने हेतु पत्र प्राप्त। बजट में सम्मिलित करने हेतु प्रारंभिक सर्वेक्षण की कार्यवाही प्रगति पर है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।
नवीन ग्रिड स्वीकृत किए जाना
[ऊर्जा]
58. ( क्र. 1295 ) श्री सतीश मालवीय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र घट्टिया के कितने नवीन 33/11 के.व्ही. विद्युत सब स्टेशन (नवीन ग्रिड) के प्रस्ताव किस स्तर पर लंबित है? उक्त प्रस्तावों पर स्वीकृति कब तक प्रदान की जावेगी? समय-सीमा बताएं। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में विधानसभा क्षेत्र घट्टिया जो कि सिंहस्थ क्षेत्र में भी लगता है, में बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए प्रस्तावित 06 नवीन ग्रिड (बांसखेड़ी/ब्यावरा, मीण, कागदी कराडिया, जीवनपुर खेड़ा, प्रेमनगर, पासलोद) को विभाग द्वारा कब तक स्वीकृति प्रदान की जाएगी? (ग) प्रश्न दिनांक तक विधानसभा क्षेत्र घट्टिया में सिंचाई एवं घरेलू उपयोग संबधी कार्यों के लिए ट्रांसफार्मर क्षमता की वृद्धि के कितने प्रस्ताव विभाग में कितने समय से कहाँ-कहाँ के लंबित हैं एवं ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि नहीं होने से विगत एक वर्ष में कितने ट्रांसफार्मर कहाँ-कहाँ जले अथवा खराब हुए हैं? स्थानवार जानकारी उपलब्ध कराएं। पहले से स्थापित ट्रांसफार्मर में क्षमता की वृद्धि कर नए ट्रांसफार्मर कब तक स्थापित किए जाएंगे?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) विधानसभा क्षेत्र घटि्टया के ग्रामों यथा-जीवनपुर खेड़ा, बांसखेड़ी/ब्यावरा, मताना/प्रेमनगर, गुराडिया गुजर, कागदी कराड़िया, धाबलारेहवारी तथा मीण में नवीन 33/11 के.व्ही. के विद्युत उपकेन्द्र स्थापना के प्रस्ताव संचालन-संधारण वृत्त, कार्यालय उज्जैन को प्राप्त हुए थे। जिसमें से ग्राम धाबला रेहवारी में नवीन 33/11 के.व्ही.विद्युत उपकेन्द्र की स्थापना का कार्य दिनांक 17.03.2025 को स्वीकृत किया गया है एवं ग्राम बांसखेड़ी/ब्यावरा में नवीन 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र के कार्य को प्रणाली सुदृढ़ीकरण योजना वर्ष 2026-27 के प्रस्ताव में सम्मिलित किया गया है तथा शेष ग्रामों यथा-गुराडिया गुजर, कागदी कराडिया, मीण, जीवनपुर खेड़ा एवं मताना/प्रेमनगर में नवीन 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र के निर्माण का कार्य तकनीकी रूप से साध्य नहीं पाया गया है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र में प्रश्नांश में उल्लेखित ग्रामों में से ग्राम बांसखेड़ी/ब्यावरा में नवीन 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र के कार्य को प्रणाली सुदृढ़ीकरण योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रस्ताव में सम्मिलित कर दिया गया है एवं शेष ग्रामों जीवनपुर खेड़ा, मताना/प्रेमनगर, कागदी/कराड़िया एवं मीण में नवीन 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र की स्थापना का कार्य तकनीकी रूप से साध्य नहीं पाया गया हैं तथा नवीन 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र पासलोद के निर्माण हेतु तकनीकी साध्यता के परीक्षण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, जिसकी स्वीकृति हेतु वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र में प्रश्न दिनांक तक की स्थिति में सिंचाई एवं घरेलू उपयोग के 421 वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमतावृद्धि के कार्यों हेतु कार्य योजना तैयार कर वर्ष 2022 में आर.डी.एस.एस. योजना के द्वितीय चरण (सिस्टम मॉर्डनाईजेशन) के तहत प्रस्तावित कर भारत सरकार द्वारा नियुक्त योजना की नोडल एजेंसी मेसर्स पी.एफ.सी.को स्वीकृति हेतु प्रेषित की गई है, जिसकी स्थानवार सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। विगत एक वर्ष से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में वितरण ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि नहीं होने से प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र में स्थापित वितरण ट्रांसफार्मरों से संबद्ध भार के युक्तियुक्तकरण से कोई भी वितरण ट्रांसफार्मर खराब नहीं हुआ है, अतः शेष प्रश्न नहीं उठता है। वर्तमान में आर.डी.एस.एस. योजना के द्वितीय चरण (सिस्टम मॉर्डनाईजेशन) के तहत वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के प्रस्तावित कार्यों की स्वीकृति अप्राप्त है। उक्त परिप्रेक्ष्य में वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के कार्यों हेतु निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
विद्युत लाइन के नीचे रोड का निर्माण
[नगरीय विकास एवं आवास]
59. ( क्र. 1298 ) डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मेसर्स संस्कार पेराडाइस, भोपाल द्वारा राज सम्राट कालोनी, अयोध्या बायपास रोड, भोपाल में उच्च दाब विद्युत लाइन के नीचे किये जा रहे अनधिकृत निर्माण कार्य को रोकने हेतु म.प्र. ट्रांसमिशन कं. गोविन्दपुरा भोपाल द्वारा प्रेषित पत्र क्र. 289 दिनांक 04.07.2023 एवं पत्र क्र. 356 दिनांक 01 जुलाई 2025 तथा नेता प्रतिपक्ष कार्यालय पत्र क्रमांक 2654 दिनांक 04 जुलाई 2025 पत्रों के आधार पर क्या-क्या कार्यवाही की गई? (ख) संबंधित निर्माणकर्ता/भूस्वामी को कितने नोटिस जारी किये पत्र की छायाप्रति दें। (ग) क्या अतिक्रमण को हटाया गया? यदि हाँ, तो दिनांक सहित विवरण दें? यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करेंगे? (घ) वर्तमान में उक्त स्थल की भौतिक एवं वैधानिक स्थिति क्या है? क्या निर्माण कार्य पूर्णतः बंद है अथवा जारी है।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) मेसर्स संस्कार पेराडाइस, भोपाल द्वारा राज सम्राट कालोनी, अयोध्या बायपास रोड, भोपाल में उच्च दाब विद्युत लाइन के नीचे किये जा रहे अनधिकृत निर्माण कार्य को रोकने हेतु नगर पालिक निगम भोपाल की भवन अनुज्ञा शाखा द्वारा म.प्र. नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 302 (1) के अंतर्गत नोटिस दिया गया है। (ख) नोटिस की जानकारी संलग्न परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। (ग) निगम द्वारा स्थल निरीक्षण उपरांत किसी प्रकार का अतिक्रमण होना नहीं पाया गया। स्थल निरीक्षण की रिपोर्ट संलग्न परिशिष्ट-'ब' अनुसार है। (घ) वर्तमान में उक्त स्थल पर कोई भी निर्माण कार्य होना नहीं पाया गया है।
इन्दौर के भागीरथपुरा में प्रदूषित जल से हुई जनहानि
[नगरीय विकास एवं आवास]
60. ( क्र. 1311 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इन्दौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में प्रदूषित जल के सेवन से अब तक कुल कितने नागरिकों की मृत्यु हुई है? कितने उपचाररत हैं? नाम, आयु सहित विवरण देवें। (ख) क्या स्वास्थ्य विभाग, प्रदूषण नियंत्रण मंडल, जिला प्रशासन द्वारा कोई जांच कराई गई है? यदि हाँ, तो जांच में प्रदूषण का क्या कारण रहा? दूषित जल के लिए कौन व्यक्ति, संस्था, उद्योग उत्तरदायी पाए गए? विवरण देवें। (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार दोषियों के विरूद्ध कोई कार्यवाही की गई है? अगर हाँ तो किन पर? विवरण देवें नहीं तो कारण बतावें। (घ) प्रभावित नागरिकों को निःशुल्क उपचार, मुआवजा दिया गया है? यदि हाँ, तो राशि सहित प्रभावितों का विवरण देवें। (ड.) इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार कोई योजना बना रही है? अगर हाँ तो क्या और कब तक प्रभावी होगी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित मृत्यु समीक्षा समिति द्वारा मृत्यु के संभावित कारणों में से एक कारण एक्युट डायरियल डिजीज होना बताया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुल 20 मृत्यु की पुष्टि की गई है तथा उत्तर दिनांक तक 01 मरीज उपचाराधीन है। नागरिकों के नाम, आयु आदि जानकारी संलग्न परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) जी नहीं, अपितु माननीय उच्च न्यायालय द्वारा एक सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया गया है। गठित आयोग के Terms of Reference (TOR) में "To identify and fix responsibility upon the officers and officials found prima facie responsible for the Bhagirathpura water contamination incident" सम्मिलित है। जाच का निर्णय प्रतीक्षित है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ, प्राथमिक रूप से श्री शुभम श्रीवास्तव, मस्टर उपयंत्री, जोन नंबर 04, वार्ड नंबर 11 की सेवा आदेश दिनांक 30.12.2025 से समाप्त कर दी गई है। इसके अतिरिक्त आदेश दिनांक 30.12.2025 से श्री सितोले, जोनल अधिकारी, जोन नंबर 04, वार्ड नंबर 11 को लापरवाही के लिए निलंबित कर दिया गया है और उनके विरुद्ध विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। संभागीय आयुक्त, इन्दौर संभाग द्वारा आदेश दिनांक 02.01.2026 से श्री संजीव कुमार श्रीवास्तव, कार्यपालन यंत्री (नर्मदा), को कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही हेतु निलंबित कर दिया गया है। (घ) जी हाँ, निशुल्क उपचार दिया गया है। मृतकों को दिये गये मुआवजे की जानकारी संलग्न परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ड.) जी हाँ। माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा दिनांक 10 जनवरी 2026 से स्वच्छ जल अभियान प्रारंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य जल सुरक्षा, जल संरक्षण एवं जल सुनवाई कर विभिन्न स्तरों पर कार्यवाही करना है।
खराब सड़कों की मरम्मत हेतु स्वीकृत राशि
[लोक निर्माण]
61. ( क्र. 1312 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरगोन जिले में लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत आने वाली सड़कों की कुल लंबाई कितनी है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार ऐसी कितनी सड़कें है जो जर्जर अवस्था में है? मार्ग के नाम सहित विवरण देवें। (ग) खरगोन जिले में विभाग की खराब सड़कों की मरम्मत के लिए राशि स्वीकृत की गई है? यदि हाँ, तो सड़क के नाम सहित स्वीकृत राशि का विवरण देवें। (घ) राष्ट्रीय राजमार्ग क्र. 347 भुसावल चित्तौड़ की मरम्मत हेतु राशि स्वीकृत की गई है? यदि हाँ, तो मरम्मत करा दी गई है? नहीं तो क्यों नहीं कारण बताएं।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ-1' अनुसार है। लोक निर्माण विभाग खरगोन के कार्यक्षेत्र अंतर्गत सड़कों की कुल लंबाई 1337.57 कि.मी. है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब एवं 'ब-1' अनुसार है। (घ) जी हाँ। जी हाँ। शेष प्रश्नांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
धरमपुरी विधानसभा में विश्राम गृह की जानकारी
[लोक निर्माण]
62. ( क्र. 1316 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धरमपुरी विधानसभा में कितने विश्राम गृह हैं एवं किस-किस स्थान पर बने हुए हैं? इनमें ठहरने के लिए किस-किस व्यक्ति को पात्रता है? (ख) नगर परिषद मांडू में जो विश्राम गृह बने हुये हैं, उन्हें आरक्षित करने का अधिकार किसको है? क्या इसमें आरक्षण की पात्रता विधायक को है? (ग) मांडव में लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक किस-किस व्यक्ति के नाम पर आरक्षित हुआ और उनमें कौन रुका? सूची प्रपत्रों सहित जानकारी दें। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के सन्दर्भ में मांडू विश्राग गृह को अनुविभागीय अधिकारी आरक्षित करते हैं, वह कभी भी सरकारी लोगों के अलावा अन्य किसी व्यक्ति, जैसे मा.विधायक, मा.सांसद को नहीं देते, अनुविभागीय अधिकारी अपनी मनमानी करते है? कार्यवाही की जाएगी? नहीं तो क्यों नहीं?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) धरमपुरी विधानसभा में कुल 03 विश्रामगृह है। माण्डव, गुजरी एवं धरमपुरी। पात्रता नियमावली की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) नगर परिषद मांडू में स्थित विश्राम गृह को आरक्षित करने का अधिकार जिला सत्कार अधिकारी (अनुविभागीय अधिकारी राजस्व धार) जिला धार को है। जी हाँ। (ग) जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक माण्डव विश्रामगृह किसी भी व्यक्ति को आरक्षित नहीं हुआ है। विजीटर पंजी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (घ) विश्रामगृह में आरक्षण हेतु आवेदन प्राप्त होने पर नियमानुसार कार्यवाही जिला सत्कार अधिकारी (अनुविभागीय अधिकारी राजस्व धार) द्वारा की जाती है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नगर परिषद के निर्माण कार्य की जांच
[नगरीय विकास एवं आवास]
63. ( क्र. 1317 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) गुनौर जिला पन्ना द्वारा दिनांक 03/03/2025 को नगर परिषद अमानगंज एवं गुनौर के निर्माण कार्यों में गंभीर अनियमितता एवं गुणवत्ताहीन कार्य के संबंध में शिकायतें प्राप्त होने पर संयुक्त टीम गठित कर निर्माण कार्यों की जांच कराए जाने के आदेश दिए गए थे? यदि हाँ, तो क्या जांच पूर्ण हो चुकी है? यदि जांच पूर्ण हो चुकी है तो उसकी प्रति उपलब्ध करावें। कौन-कौन से निर्माण कार्यों में अनियमितता पाई गई है? उसका ब्यौरा देवें। यदि जांच पूर्ण नहीं हुई है तो विलंब के लिए कौन दोषी है उन पर क्या कार्यवाही की जावेगी? कब तक जांच पूर्ण कर ली जाएगी? (ख) क्या मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय के पत्र क्रमांक 8954 दिनांक 6/5/2025 एवं पत्र क्रमांक 9169 दिनांक 8/8/2025 द्वारा अपर मुख्य सचिव महोदय नगरीय विकास एवं आवास विभाग मध्य प्रदेश शासन को पत्र भेजकर नगर परिषद ककरहटी एवं अमानगंज जिला पन्ना में निर्माण कार्यों में अनियमितता के संबंध में वस्तुस्थिति से अवगत कराने हेतु निर्देशित किया गया था? यदि हाँ, तो क्या अनियमितताओं की जांच कर ली गई है? यदि हाँ, तो जांच प्रतिवेदन उपलब्ध करावे तथा पाई गई अनियमितताओं में क्या कार्यवाही की गई है? यदि कार्यवाही या जांच अभी तक नहीं हो पाई है तो इसके लिए कौन दोषी है? दोषियों पर क्या कार्यवाही की जावेगी तथा यह जांच कब तक पूर्ण हो जाएगी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ, जी नहीं, उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है, अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व, गुनौर, जिला-पन्ना द्वारा गठित, जांच समिति को संबंधित अभिलेख उपलब्ध नहीं कराये जाने के कारण मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर परिषद गुनौर को कारण बताओ सूचना पत्र अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व गुनौर, जिला-पन्ना द्वारा जारी किया गया है। जांच की कार्यवाही की जा रही है, समय-सीमा बताया जाना संभाव नहीं है। (ख) जी हाँ, जी हाँ, जांच प्रतिवेदन पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जो परीक्षणाधीन है। उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
पी.आई.यू. द्वारा किये जा रहे निर्माण कार्य
[लोक निर्माण]
64. ( क्र. 1318 ) श्री
राजेश कुमार
वर्मा : क्या
लोक निर्माण
मंत्री महोदय
यह बताने की कृपा
करेंगे कि (क) पन्ना
जिले में लोक
निर्माण
विभाग (पी.आई.यू.)
अंतर्गत वर्ष 2020 से प्रश्न
दिनांक तक
कितने
निर्माण
कार्य पूर्ण
हो चुके है
तथा कितने
निर्माण
कार्य
प्रगतिरत है? प्रत्येक
निर्माण
कार्य की
विधानसभावार, वर्षवार, कार्य
का नाम, कार्य
का स्थान, प्रशासकीय
आदेश जारी
होने का
दिनांक,
कार्य
की लागत,
कार्य
पूर्ण करने का
दिनांक,
संबंधित
एजेंसी/ठेकेदार
का नाम एवं
उन्हें
भुगतान की गई
राशि सहित
जानकारी
देवें। (ख)
प्रश्नांश
''क''
से
संबंधित
कितने
निर्माण
कार्य ऐसे हैं, जो
समय-सीमा में
पूर्ण कर लिये
गये हैं?
विधानसभावार, वर्षवार, कार्य
का नाम, स्थान
सहित सूची
उपलब्ध
करावें। कितने
निर्माण
कार्य
समय-सीमा में
पूर्ण नहीं
किये गये है? विधानसभावार, वर्षवार, कार्य
का नाम, स्थान
सहित सूची
उपलब्ध
करावें। जो
निर्माण
कार्य
समय-सीमा में
पूर्ण नहीं
हुये हैं, उनके
लिये संबंधित
ठेकेदारों पर
क्या
कार्यवाही की
गई है? (ग) जिले
के किन-किन
तकनीकी
अधिकारियों
ने प्रश्नांश
''क''
से
संबंधित
निर्माण
कार्यों का
किन-किन
अवधियों में
निरीक्षण किया? निरीक्षण
के जांच
प्रतिवेदनों
में क्या
कार्यवाही की
गई? निरीक्षण
करने में शासन
की कितनी राशि
का व्यय हुआ? दिनांकवार
व्यय का विवरण
उपलब्ध
करावें?
(घ)
प्रश्नांश
''क''
से
संबंधित
निर्माण
कार्यों के
लिये विभाग से
कोई
निर्धारित
कार्यक्रम है
जिस अनुसार
जांच किया
जाना आवश्यक
है? यदि
हाँ, तो
क्या उन
नियमों के
अनुसार
निर्धारित
जांच की गई है
तथा जांच
उपरांत
दोषियों पर
कार्यवाही भी की
गई है? यदि
नहीं, तो
दोषी
ठेकेदार/अधिकारियों
के विरूद्ध क्या
कार्यवाही की
जावेगी?
लोक
निर्माण
मंत्री ( श्री
राकेश सिंह ) : (क) जानकारी
पुस्तकालय
में रखे
परिशिष्ट के
प्रपत्र-अ
अनुसार है। (ख) निरंक।
जानकारी
पुस्तकालय
में रखे
परिशिष्ट के
प्रपत्र-ब
अनुसार है।
(ग) जानकारी
पुस्तकालय
में रखे परिशिष्ट
के प्रपत्र-स
एवं परिशिष्ट-1 अनुसार है।
जिले के
तकनीकी
अधिकारी
निर्माण
कार्य को स्वयं
संपादित
कराते है एवं
कार्य का सतत
निरीक्षण कर
आवश्यक दिशा
निर्देश स्थल
पर ही
संविदाकार को
दिये जाकर
कार्यवाही सुनिश्चित
की जाती है। (घ) जी
हाँ। जी हाँ। जी
हाँ। अत: शेष
का प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता।
सड़कों की प्रशासकीय स्वीकृति
[लोक निर्माण]
65. ( क्र. 1333 ) श्री बाबू जन्डेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक श्योपुर जिले में विभाग की कितनी कहां-कहां सड़कें स्वीकृत हुई? प्रशासकीय स्वीकृति लागत सहित व्यय राशि का विवरण विकासखण्डवार जानकारी उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार कितनी सड़कों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, कितनी अपूर्ण है, कितनी अप्रारम्भ एवं अपूर्ण के क्या कारण है? किन-किन अधिकारियों द्वारा कौन-कौन दिनांक में कौन-कौन सी सड़क की गुणवत्ता देखने हेतु औचक निरीक्षण किया गया? निरीक्षण के दौरान क्या-क्या कमियां पाई गई, कमियों के लिए कौन-कौन दोषी है? दोषियों पर क्या कार्यवाही की गई? विस्तृत जांच प्रतिवेदन एवं विवरण उपलब्ध करावें? (ग) श्योपुर जिले के विभाग में मान. मुख्यमंत्री जी द्वारा कौन-कौन से निर्माण कार्य एवं अन्य कार्य कराये जाने की घोषणा की गई? प्रश्नांकित अवधि का ब्यौरा उपलब्ध करावे? कितनी घोषणा पूर्ण हो गई है तथा कितनी बाकी है? कब तक शेष घोषणा पूर्ण होगी? (घ) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित कार्यों में से कौन-कौन से कार्य हेतु किस-किस कार्य एजेन्सी को कितनी-कितनी राशि का भुगतान चैक, बैंक ड्राफ अथवा किस अन्य माध्यम से किया गया है?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) श्योपुर जिले में विभाग अंतर्गत कुल 57 सड़कें स्वीकृत है। विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं 'अ-1' अनुसार है। (ख) विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं 'अ-1' अनुसार है। कुल 32 सड़कें पूर्ण, 16 सडकें अपूर्ण, 8 सड़कें अप्रारंभ है तथा 01 मार्ग का कार्य एन.डी.बी. योजनान्तर्गत प्रगतिरत है। औचक निरीक्षण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। जांच प्रतिवेदन पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 एवं 2 अनुसार है। (ग) कुल 24 घोषणा में से 05 कार्य पूर्ण, 12 कार्य प्रगतिरत एवं 07 कार्य निविदा स्तर पर है, विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब-1' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं 'अ-1' अनुसार है।
नगर तथा ग्राम निवेश द्वारा कॉलोनियों की अनुमतियां
[नगरीय विकास एवं आवास]
66. ( क्र. 1338 ) श्रीमती छाया गोविन्द मोरे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत विगत तीन वर्षों में नगर तथा ग्राम निवेश विभाग द्वारा किन-किन भूमियों का उपयोग आवासीय, व्यावसायिक या औद्योगिक उपयोग हेतु स्वीकृत किया गया है? सूची उपलब्ध कराएं। (ख) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र में विभाग द्वारा अब तक किन-किन गांवों शहरों में कॉलोनियों को निर्धारित नियम एवं प्रारूप आदि के अनुसार अनुमति प्रदान की गई है? कृपया इन कॉलोनियों की सूची, नाम, स्वीकृति क्रमांक और अनुमति की तिथि सहित देवें। (ग) क्या जिले के अनेक क्षेत्रों में नगर तथा ग्राम निवेश विभाग की अनुमति के बिना निजी व्यक्तियों या डेवलपर्स द्वारा कॉलोनी विकसित की जा रही है या प्लॉट विक्रय किए जा रहे हैं? (घ) यदि हां, तो ऐसे प्रकरणों में संबंधित विकासकर्ता, भूमि स्वामी या एजेंटों के विरुद्ध अब तक क्या जांच या दंडात्मक कार्रवाई की गई है? की गई कार्यवाही का ब्यौरा देवें। (ड.) क्या विभाग ने इस संबंध में नगरपालिकाओं, नगर परिषदों एवं जनपद पंचायतों को यह निर्देश जारी किए हैं कि वे बिना विभागीय अनुमति के भूमि उपविभाजन या प्लॉटिंग करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करें?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) प्रश्नकर्ता सदस्य के पंधाना विधानसभा क्षेत्र में मध्य प्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 13 (1) के तहत निवेश क्षेत्र गठित नहीं होने से यहां विकास योजना लागू नहीं है। विकास योजना लागू नहीं होने से नगर तथा ग्राम निवेश द्वारा भूमि उपयोग प्रस्तावित/स्वीकृत नहीं किये गये है, अतः सूची उपलब्ध कराने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उत्तरांश (ख) अनुसार पंधाना विधानसभा क्षेत्र में निवेश क्षेत्र गठित नहीं होने से विकास अनुज्ञा प्रदान नहीं की जाती है। अतः सूची उपलब्ध कराने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) नगर परिषद-मूंदी, पंधाना, छनेरा, ओंकारेश्वर एवं पुनासा में नगर तथा ग्राम निवेश विभाग की अनुमति के बिना निजी व्यक्तियों या डेवलपर्स द्वारा कॉलोनी विकसित नहीं की जा रही है। नगर पालिक निगम, खण्डवा क्षेत्रांतर्गत नियमानुसार आवश्यक अनुमतियाँ प्राप्त किये बिना अनधिकृत कालोनी निर्मित की जा रही है। (घ) नगर पालिक निगम, खण्डवा क्षेत्रांतर्गत अनधिकृत रूप से निर्मित 338 कालोनियों के निर्माणकर्ता व्यक्तियों के विरुद्ध म.प्र. नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा-292-ग के तहत दण्डात्मक कार्यवाही हेतु पुलिस थाने में शिकायत प्रेषित की गई है। 03 अन्य अनधिकृत कालोनियों के निर्माणकर्ता कालोनाईजर संबंधित थाना क्षेत्र में एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है जिसका विवरण इस प्रकार है - 1. श्री अब्दुल लतीफ पिता मोहम्मद युसुफ निवासी नागचून रोड पर मौघट पुलिस थाने में एफ.आई.आर. क्रमांक 239, दिनांक 25/07/2025 को दर्ज कराई गई है। 2. श्री मोहम्मद कासम पिता अब्दुल सत्तार निवासी गुलमोहर कालोनी पर कोतवाली पुलिस थाने में एफ.आई.आर. क्रमांक 0444, दिनांक 30/07/2025 को दर्ज कराई गई है। 3. श्री शोऐब आलम पिता सिंकदर आलम, श्री मोहम्मद रईस पिता मोहम्मद नवाब निवासी बुरहानपुर म.प्र. पर कोतवाली पुलिस थाने में एफ.आई.आर. क्रमांक 0445, दिनांक 30/07/2025 को दर्ज कराई गई है। (ङ) म.प्र. शासन द्वारा मध्य प्रदेश ग्राम पंचायत (कालोनियों का विकास) नियम, 2014 एवं मध्यप्रदेश नगरपालिका (कालोनी विकास) नियम, 2021 पूर्व से ही अधिसूचित है। इन नियमों में बिना अनुमति के भूमि उप विभाजन या प्लाटिंग करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई का प्रावधान है। अतः पृथक से निर्देश जारी करने की आवश्यकता नहीं है।
दूषित पेयजल का प्रदाय
[नगरीय विकास एवं आवास]
67. ( क्र. 1350 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदौर के भागीरथपुरा में किस दिनांक के पाइप-लाइन में वितरित जल, ट्यूबवेल जल आदि की जांच 21 दिसम्बर 2025 के बाद किस-किस एजेंसी द्वारा की गई। जांच रिपोर्ट की प्रतियां देवें। 21 दिसम्बर 2025 से 25 जनवरी 2026 तक किए गए समस्त सुधारात्मक कार्य में, मेन पावर की संख्या एवं उपयोग की गई सामग्री का नाम एवं मात्रा सहित दिनांक अनुसार जानकारी दें। (ख) क्या भारत सरकार के CPHEE Omanual on water supply and severage एवं IS1172 तथा IS2065 के अनुसार वाटर सप्लाई लाइन और सिवर लाइन के बीच न्यूनतम तीन मीटर तथा क्रॉसिंग की स्थिति में पानी की पाइप-लाइन ऊपर रखते हुए कम से कम 300 एमएम की दूरी आवश्यक है। यदि हाँ, तो जानकारी दें कि प्रदेश में अमृत मिशन एक तथा विश्व बैंक एवं अन्य योजनाओं के तहत 43 शहर एवं भागीरथपुरा में डाली गई सीवरेज लाइन में न्यूनतम दूरी क्या रखी गई है। भागीरथपुरा में डाली गई सिवरेज लाइन के डीपीआर तथा ठेकेदार से हुए अनुबंध की प्रतिदेवें। (ग) अमृत मिशन एक में इंदौर में 613 करोड़ की जल प्रदाय योजना एक तथा दो एवं मिशन दो में कार्यरत जलप्रदाय योजना की डीपीआर तथा ठेकेदार से अनुबंध की समस्त प्रतिया तथा प्राप्त बिल की प्रतियां देवें तथा बतावे कि इनमें से किसी भी योजना में भागीरथपुरा की पाइप लाइन को बदलने, ठीक करने को शामिल क्यों नहीं किया गया है। (घ) भागीरथपुरा में दूषित जल से मौत के संदर्भ में माननीय उच्च न्यायालय इंदौर तथा माननीय राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा दिए गए समस्त अंतरिम आदेश की प्रति देते हुए बतावे कि किस-किस आदेश अनुसार क्या-क्या कार्यवाही किस दिनांक को की गई है।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में पाइप-लाइन एवं ट्यूबवेल के जल की नगर निगम द्वारा की गई जांच रिपोर्ट की प्रतियाँ पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ पर है। भागीरथपुरा क्षेत्र में कराये गये सुधारात्मक कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब पर है। (ख) जी हाँ। अमृत एवं अन्य योजनाओं के अंतर्गत क्रियान्वित समस्त कार्यों में स्थल की परिस्थितियों के अनुरूप यथासंभव तय मानकों के अनुसार कार्य क्रियान्वित किये गये हैं। अमृत योजनान्तर्गत भागीरथपुरा क्षेत्र में सीवर कलेक्शन नेटवर्क नहीं बिछाया गया है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) अमृत मिशन 1 एवं 2 की डी.पी.आर. की प्रति, ठेकेदार से किये गये अनुबंध तथा देयको की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स पर है। भागीरथपुरा की पाइप-लाइन को बदलने का कार्य अमृत 2.0 में लिया गया है, जिसकी निविदा स्वीकृति राज्य स्तरीय तकनीकी समिति द्वारा दिनांक 29.01.2026 को प्रदान की गई है। (घ) माननीय उच्च न्यायालय इन्दौर खण्डपीठ में दायर याचिकाओं में पारित अंतरिम आदेश एवं प्रस्तुत पालन प्रतिवेदन की प्रतियाँ पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द पर है। एन.जी.टी. ओ.ए. क्रमांक 05/2026 श्री राशिद नूर खान विरूद्ध मध्यप्रदेश शासन एवं अन्य तथा एन.जी.टी. ओ.ए. क्रमांक 06/2026 श्री कमल कुमार राठी विरूद्ध मध्यप्रदेश शासन एवं अन्य प्रकरण में पारित आदेश की प्रतियाँ पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-इ अनुसार है। जिनके द्वारा न्यायालय में पालन प्रतिवेदन प्रेषित किया गया है।
भागीरथपुरा में दूषित पेयजल के लिए प्राप्त शिकायतें
[नगरीय विकास एवं आवास]
68. ( क्र. 1351 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भागीरथपुरा में दूषित जल से मौत को लेकर शासन स्तर पर जांच हेतु बनाई गई कमेटी की नोटशीट की प्रति तथा सदस्य का नाम एवं पद बताते हुए आदेश तथा जांच रिपोर्ट की प्रति देते हुए निष्कर्ष से अवगत कराये एवं इंदौर में दूषित जल सम्बन्धी नगर कि जनता द्वारा विगत 3 वर्ष में कितनी नगरीय प्रशासन मंत्री, नगर निगम, cm हेल्पलाइन, 311एप एवं जल सम्बन्धी हेल्पलाइन सहित शिकायत प्राप्त हुई उन पर क्या कार्यवाही की गई? (ख) विभाग एवं आयुक्त इंदौर को भागीरथपुरा में दूषित जल सम्बन्धी पार्षद, विधायक, विभागीय मंत्री, महापौर ने कितनी नोटशीट, पत्र, नगर निगम सम्मलेन में कितने प्रस्ताव लिखे एवं उन पर क्या कार्यवाही की गई? (ग) इंदौर में जनवरी 2025 से प्रश्न दिनांक तक पीने के पानी के कितने सैम्पल लिए गए कितने पास हुए और कितने सैम्पल फेल हुए, माहवार जोनवार जानकारी देवें (घ) इंदौर जिले में जनता को पीने और अन्य उपयोग के पानी की व्यवस्था करने, लाइन डालने सहित अन्य कार्यों पर किस योजना, मद से वर्ष 2022 से जानकारी देने के दिन तक की अवधि में महापौर, कमिश्नर, पार्षदों ने कितनी नोटशीट, पत्र, प्रस्ताव लिखे, जिन पर क्या निर्णय लिए गए, स्वीकृत टेंडर आदेशों सहित प्रतियां देवें। कितनी राशि खर्च की गई तथा अवधि में ड्रेनेज लाइन पर किए गए खर्च का विवरण देते हुए जारी आदेशों की प्रतियां देवें। (ड.) भागीरथपुरा की जनता द्वारा नगरीय प्रशासन मंत्री, नगर निगम आयुक्त, cm हेल्पलाइन, 311एप एवं जल सम्बन्धी हेल्पलाइन सहित पार्षद को कितनी शिकायत प्राप्त हुई एवं उन पर क्या कार्यवाही की गई?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) माननीय उच्च न्यायालय द्वारा श्री सुशील कुमार गुप्ता, पूर्व न्यायाधीश, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय को एक सदस्यीय न्यायिक आयोग के रूप में नियुक्त किया गया है। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। जांच का परिणाम अपेक्षित होने से है, शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। इन्दौर में दूषित पेयजल संबंधी शिकायतों की 3 वर्षों की जानकारी संकलित की जा रही है। (ख) जानकारी संकलित की जा रही है। (ग) इन्दौर जलप्रदाय व्यवस्था अंतर्गत जनवरी 2025 से जनवरी 2026 तक कुल 84142 वॉटर सैम्पल लिये गये, जिसमें से 83841 सैम्पल पास हुए तथा 301 सैम्पल फेल हुये। जोनवार जानकारी संधारित नहीं है, माहवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (घ) एवं (ड.) जानकारी संकलित की जा रही है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत आवास की स्वीकृति
[नगरीय विकास एवं आवास]
69. ( क्र. 1358 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 अंतर्गत हितग्राही को आवेदन करने हेतु किन-किन दस्तावेजों की अनिवार्यता/दिशा-निर्देश है? विस्तृत जानकारी देवें। (ख) क्या हितग्राही को आवास स्वीकृति हेतु भूमि/प्लॉट की रजिस्ट्री/भू-अधिकार पत्र पट्टा तहसीलदार स्तर से होना अनिवार्य है? यदि हां, तो जानकारी देवें। (ग) क्या प्रश्नांश (ख) में वर्णित भू-अधिकार पत्र पट्टा ग्राम पंचायत द्वारा हस्तलिखित वर्षों पुराना जिस पर हितग्राही काबिज है/कच्चा घर निर्मित है तथा पैतृक बैनामा संबंधी दस्तावेज होने के कारण हितग्राही का आवास स्वीकृति प्रकरण अमान्य/नस्तीबद्ध किया जा रहा है? यदि हां, तो जानकारी देवें तथा इसकी अनिवार्यता को समाप्त करने के संबंध में शासन कोई कार्यवाही कर रहा है? (घ) नवीन नगर पंचायत एवं नगर पालिका में अधिकांश हितग्राहियों के पास ग्राम पंचायत के भू-अधिकार पट्टे एवं पैतृक बैनामा संबंधी दस्तावेज है जिसके आधार पर हितग्राहियों ने आवास हेतु आवेदन प्रस्तुत किये थे। उन आवेदनों पर क्या सरकार स्वीकृति हेतु शासन स्तर से इस अनिवार्यता को समाप्त करेगा। जिससे आवास हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 अंतर्गत आवास की स्वीकृति प्राप्त हो सके?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अन्तर्गत बीएलसी घटक का लाभ लेने के लिये हितग्राहियों के पास दिनांक 17.03.2025 को जारी विभागीय दिशा-निर्देश की कण्डिका 3.1 के अनुसार दस्तावेज अनिवार्य है। दिशा-निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर है। (ख) जी नहीं, अपितु बीएलसी घटक का लाभ लेने वाले हितग्राहियों के पास स्वंय की भूमि की रजिस्ट्री, पट्टा, भू-अधिकार पत्र या भूमि संबंधी स्पष्ट दस्तावेज जो राजस्व विभाग द्वारा मान्य किए जाने है, उपलब्ध होना अनिवार्य है। (ग) उत्तरांश ''क'' एवं ''ख'' अनुसार दस्तावेज प्रस्तुत न होने पर निकाय द्वारा आवेदन अमान्य किया जा सकता है। उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्तरांश ''क'', ''ख'' एवं ''ग'' अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
डबरा शहर की सड़कों के निर्माण
[नगरीय विकास एवं आवास]
70. ( क्र. 1361 ) श्री सुरेश राजे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्य नगर पालिका अधिकारी डबरा को परिषद् की स्वीकृति बिना कितनी राशि तक के कौन-कौन से निर्माण कार्य स्वीकृत करने का अधिकार है? नियम/आदेश की प्रति देवें, CMO डबरा द्वारा वर्ष 2023-24 से जनवरी 2026 प्रश्न दिनांक तक किस-किस स्थान पर कितनी-कितनी राशि के कौन-कौन से निर्माण कार्य स्वीकृत किये गए? प्रत्येक कार्य पर अभी तक व्यय की गई राशि तथा कार्य पूर्ण करने की दिनांक यदि अपूर्ण है तो कारण सहित बतावें (वर्षवार एवं कार्यवार)? (ख) डबरा शहर स्थित अग्रसेन चौराहा से पुराना गाडी अड्डा रोड तथा अग्रसेन चौराहा से ठाकुर बाबा रोड एवं पिछोर तिराहा से हाईवे की ओर तथा सुभाषगंज से जवाहरगंज मुख्य मार्ग व जवाहरगंज से वाया शांतिधाम जेल रोड एवं थीम रोड के अतिरिक्त डबरा शहर की आंतरिक सड़कें गत 6-7 वर्षों से पूर्णत क्षतिग्रस्त होने के कारण क्षेत्रवासियों को आवागमन में अत्यंत असुविधा हो रही है, जिसमें कई बार हादसों में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, नगर पालिका द्वारा सीवर लाइन डालने का बहाना लेकर इन सड़कों का निर्माण पिछले कई वर्षों से नहीं करवाया जा रहा है, सीवर लाइन का निर्माण कब तक किया जायेगा? यदि नहीं, तो शहर की सड़कों को कब तक बनवाया जायेगा? पूर्ण जानकारी कारण सहित बतावें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) :(क) म.प्र. नगर पालिका अधिनियम 1961 के अन्तर्गत बने लेखा नियम 2018 संशोधित वर्ष 2023 के अनुसार स्वीकृति के प्रावधान है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (ख) नगर पात्रिका परिषद डबरा में अमृत 2.0 योजना के अन्तर्गत जल प्रदाय एवं सोवरेज परियोजना के कार्य कराया जाना प्रस्तावित है। उक्त दोनों परियोजनाओं में रोड रेस्टोरेशन का कार्य शामिल है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
दोषियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही
[नगरीय विकास एवं आवास]
71. ( क्र. 1363 ) श्री चैन सिंह वरकड़े : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या NIT क्रमांक 43 के अनुबंध एवं SLTC के प्रावधानों के तहत ऑपरेटर को केवल 40% Capex के बराबर ही VGF राशि देय थी? यदि हाँ, तो वर्ष 2018 से 2020 तक की SLTC बैठकों में जब 40% VGF का स्पष्ट निर्णय लिया गया था, तो वर्ष 2021-22 की SLTC में इसके विपरीत निर्णय किस आधार पर लिया गया? मेसर्स श्री दुर्गाबा द्वारा प्रस्तुत बिलों के अनुसार देय राशि 6,80,000/- के स्थान पर 10,00,000/- प्रति बस का भुगतान किस नियम के तहत किया गया? (ख) क्या इस भुगतान प्रक्रिया में प्रबंधक (प्रशासन) BCLL द्वारा SLTC को गुमराह किया गया एवं तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत कर ऑपरेटर को अनुचित लाभ पहुंचाया गया? क्या विभाग ने इस विशिष्ट पदनाम (प्रबंधक प्रशासन) की भूमिका और उनके द्वारा प्रस्तुत नोटशीट की शुद्धता की जांच की है? (ग) क्या संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास को इस NIT-43 की गड़बड़ी की शिकायत प्राप्त हुई है? यदि हाँ, तो उक्त प्रबंधक एवं अन्य संबंधित दोषियों के विरूद्ध क्या अनुशासनात्मक या कानूनी कार्यवाही की जाएगी? (घ) प्रकरण की किसी स्वतंत्र एजेंसी या उच्च स्तरीय समिति से जांच कराकर दोषी अधिकारियों/संविदा कर्मचारियों को सेवा से पृथक करने एवं उनसे शासन के धन की वसूली की जायेगी? NIT-43 से संबंधित SLTC की बैठकों के कार्यवृत्त एवं वर्ष 2018 से 2020 के मध्य VGF भुगतान के संबंध में विभाग द्वारा किए गए समस्त पत्राचार एवं नोटशीट की प्रमाणित प्रतिलिपियां प्रदाय करें?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं। बी.सी.एल.एल. द्वारा NIT क्रमांक 43 दिनांक 18.10.2016 को जारी की गई थी एवं सफल निविदाकार बस ऑपरेटर श्री दुर्गाम्बा के साथ अनुबंध निष्पादन कर दिनांक 28.03.2017 को कार्यादेश जारी किया था उक्त जारी निविदा एवं निष्पादित अनुबंध में 40% Capex के बराबर VGF राशि देने का प्रावधान नहीं था, अपितु अनुबंध में “Total Grant in form of V.G.F. to be Quoted by Bidder for full Contract duration” के प्रावधानों अनुसार VGF राशि दिए जाने का प्रावधान था I SLTC की बैठक दिनांक 17.07.2018 एवं 02.05.2020 में निर्णय लिया गया था की “बस मैन्युफैक्चरिंग फर्म द्वारा बस ऑपरेटर (निविदाकार) को, यदि बस निविदा में निर्धारित बस की दर से कम पर प्राप्त होती है तो VGF का भुगतान न्यूनतम क्रय मूल्य के लिए ही किया जाए। यदि बस मैन्युफैक्चरिंग फर्म द्वारा बस ऑपरेटर (निविदाकार) को बस निविदा में निर्धारित बस की दर से अधिक पर प्राप्त होती है तो VGF का भुगतान निविदा में निर्धारित बस की दर तक किया जाए“ साथ ही मध्य प्रदेश शासन, नगरीय विकास एवं पर्यावरण विभाग द्वारा मंत्री परिषद् के लिए संक्षेपिका दिनांक 22.09.2018 अनुसार निविद्कार द्वारा V.G.F. राशि की मांग कुल बस लागत का अधिकतम 40 प्रतिशत तक की जा सकेगी, के सम्बन्धी निर्णय पर अनुमोदन अनुसार V.G.F. राशि दिए जाने का निर्णय लिया गया था I SLTC की बैठक दिनांक 17.07.2018 एवं 02.05.2020 में उपरोक्तानुसार निर्णय लिया गया था परन्तु बी.सी.एल.एल. द्वारा दिनांक 18.10.2016 को पूर्व में जारी निविदा क्रमांक 43 हेतु दिनांक 28.03.2017 को बस ऑपरेटर के साथ अनुबंध निष्पादित किया जा चुका था तथा बस ऑपरेटरों द्वारा 62 बसों का भोपाल शहर में संचालन किया जा रहा था, ऐसी स्थिति में लोक परिवहन के हित में VGF के लिए मान्य प्रति बस राशी 25 लाख की दर से बस ऑपरेटर को बस लागत की 40% VGF राशि अथवा अधिकतम राशि 10,00,000/- प्रति बस के भुगतान की कार्यवाही को विशेष प्रकरण मानते हुए दिए जाने का निर्णय 51वी SLTC बैठक दिनाक 09.07.2021 में लिया गया। तद्नुसार बी.सी.एल.एल. द्वारा राशि रुपए 10,00,000/- प्रति बस के मान से बस ऑपरेटर को भुगतान सम्बन्धी कार्यवाही की गयी I (ख) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास से बी.सी.एल.एल. को NIT-43 से सम्बंधित विभिन्न शिकायतें प्राप्त हुई है, जिसमें से BCLL द्वारा संचालनालय नगरीय प्रशासन के पत्र क्र. 5060, दिनांक 04.03.2025 के संबध में बी.सी.एल.एल. पत्र क्र. 7835, दिनांक 24.10.2025 के माध्यम से NIT-43 के संबध में स्पष्टीकरण एवं वस्तुस्थिति का तथ्यात्मक प्रतिवेदन प्रेषित कर स्पष्ट किया गया कि बी.सी.एल.एल. द्वारा निविदा 43 अंतर्गत शासन द्वारा प्राप्त स्वीकृति के मान से बस ऑपरेटर को VGF का भुगतान किया गया है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उपरोक्त उत्तरांश (क) (ख) एवं (ग) के अनुक्रम में शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
बी.सी.एल.एल. की निविदा-153 इनक्यूबेट साफ्टवेयर की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
72. ( क्र. 1364 ) श्री चैन सिंह वरकड़े : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 05.06.2025 को ऑपरेटर इनक्यूबेट सॉफ्टटेक के साथ आयोजित डिस्प्यूट रिसोलुशन की बैठक का कार्यवृत्त और पारित आदेश की छायाप्रति प्रदान करें। NIT 153 (इनक्यूबेट) द्वारा दिनांक 01.11.2025 से आज दिनांक तक प्रतिदिन कितनी बसें ऑन-रोड रही हैं। (ख) बीसीएलएल के पत्र क्र. 6851 दिनांक 17.06.2025 एवं संचालनालय द्वारा जारी पत्र क्र. 123/शा-11/परिवहन/2018/16113 दिनांक 24.07.2025 की छायाप्रति प्रदान करें। भुगतान से संबंधित जानकारी प्रदान करें। (ग) मेसर्स इनक्यूबेट सॉफ्टवेयर को भुगतान रू. 2,26,25,392 की सब्सिडी राशि की गणना किस कर्मचारी/अधिकारी द्वारा की गई? कृपया उनका नाम और पदनाम प्रदान करें। कितनी बसों और कितनी अवधि पर सब्सिडी का आकलन किया गया? कृपया बस क्रमांक के आधार पर गौशवारा प्रदान करें। उक्त अवधि में कितनी बार किराया संशोधन के प्रस्ताव भेजे गए? (घ) उक्त राशि की गणना के लिए उपयोग किए गए आधार/फॉर्मूला की जानकारी प्रदान करें। क्या इस भुगतान का संवितरण करने से पूर्व आंतरिक लेखा विभाग या चार्टर्ड अकाउंटेंट से परीक्षण (Vetting) कराया गया था? यदि हाँ, तो उनकी ऑडिट रिपोर्ट/नोटिंग की प्रति दें। क्या इस भुगतान हेतु BCLL बोर्ड अथवा मेयर इन काउंसिल से अनुमति ली गई थी? यदि हाँ, तो संबंधित बैठक के प्रस्ताव/Minutes की प्रति प्रदान करें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रदर्श-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रदर्श-3 अनुसार है। बस ऑपरेटर इनक्यूबेट सॉफ्टटेक के साथ आयोजित डिस्प्यूट रिसोलुशन की बैठक में लिए गये निर्णय के क्रम में राशि रू. 1.00 करोड़ का भुगतान बस ऑपरेटर को किया गया। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रदर्श-4 अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रदर्श-5 अनुसार है। 08 बार किराया संशोधन के प्रस्ताव भेजे गए। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रदर्श-6 अनुसार है। जी हाँ। दस्तावेज़ की प्रति पुस्तकालय में रखे प्रदर्श-7 अनुसार है। जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
सफल निविदाकर्ता एवं वेण्डर के विरूद्ध जुर्माना
[नगरीय विकास एवं आवास]
73. ( क्र. 1367 ) श्री सुरेन्द्र सिंह हनी बघेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता का पत्र क्र. 1250, 1251, 1253, 1255, 1257, 1259, 1261, 1263 दिनांक 07.02.2025 जो पी.एस. नगरीय विकास एवं आवास विभाग, भोपाल को प्रेषित किये गये थे, प्राप्ति दिनांक से प्रश्न दिनांक तक कितने दिन हो गए? कितने दिनों में नियमानुसार कार्यवाही होनी थी? क्या कार्यवाही की गई? पत्र अनुसार गौशवारा बनाकर जानकारी प्रदान करें। प्रश्नकर्ता का पत्र क्रमांक 1551, 1552, 1553, 1554, 1555, 1556 दिनांक 15.09.2025 एवं 1557, 1558 दिनांक 24.09.2025 पर बी.सी.एल.एल. द्वारा प्रश्नकर्ता को 10.11.2025 को सूचित किया गया कि प्रश्नकर्ता को की गई कार्रवाई से अवगत कराया जाएगा, जिसके बाद CEO बी.सी.एल.एल. एवं अन्य द्वारा कब क्या कार्यवाही की गई? संबंधित अधिकारी/कर्मचारी का नाम, पदनाम सहित गौशवारा बनाकर जानकारी प्रदान करें। (ख) 1 जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के NIT 41, 43, 121, 122, 153 निविदाकर्ता (successful Bidders ) एवं NIT 25, 115, 78, 123, 127, 142, 147, 148, 183 (Successful Vendors) के विरूद्ध पेनाल्टी Show Cause Notice के लिए जारी पत्रों की सत्यापित छायाप्रति प्रदान करें। क्या यह पेनाल्टी निविदाकर्ताओं द्वारा विभाग में जमा कर दी गई है, हाँ अथवा नहीं? उपरोक्त समय अवधि में विभाग द्वारा इन्हीं निविदाकर्ताओं को किए गए राशि भुगतान की जानकारी - निविदाकार का नाम, भुगतान राशि, भुगतान मद, Show Cause Notice के तहत बकाया राशि एवं अधिकारी जिन्होंने भुगतान किया, का नाम एवं पद गौशवारा बनाकर मय दस्तावेज प्रदाय करें। (ग) बी.सी.एल.एल. में दिनांक 11.12.2025 को आयोजित बैठक, जिसमें CEO, MIC, CA और NIT-13 के सफल ऑपरेटर उपस्थित थे, उस बैठक की नोटशीट जिस पर ऑपरेटरों द्वारा हस्ताक्षर किए गए हैं, उसकी छायाप्रति प्रदान करें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) प्रश्न दिनांक तक 332 दिन हो गए। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–1 एवं ''2'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–3 अनुसार है। अंशत: जी हाँ। कुछ देयकों में अधिरोपित पेनाल्टी का समायोजन किया जा चुका है तथा पेनाल्टी के संबंध में संबंधित निविदाकर्ताओं को समय-समय पर पत्र भी जारी किये गये हैं। पेनाल्टी हेतु कार्यवाही निरंतर जारी है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–4 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–5 अनुसार है।
बी.सी.एल.एल की स्क्रैप प्रक्रिया एवं नोटशीट पर अपूर्ण कार्यवाही
[नगरीय विकास एवं आवास]
74. ( क्र. 1368 ) श्री सुरेन्द्र सिंह हनी बघेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मार्च 2024 में NIT 13 एवं NIT 32 के अंतर्गत संचालित कुल कितनी बसों को स्क्रैप किया गया? क्या इन बसों को स्क्रैप करने की कार्यवाही मध्यप्रदेश शासन के स्टेट गैरेज की अनुशंसा पर की गई है? हाँ/नहीं? बी.सी.एल.एल. द्वारा स्टेट गैरेज को भेजे गए पत्र की प्रतिलिपि उपलब्ध कराएं। (ख) बी.सी.एल.एल. के किस अधिकारी द्वारा इस स्क्रैप प्रक्रिया को अनुमोदित किया गया? साथ ही, किस कर्मचारी द्वारा इन बसों का निरीक्षण किया गया? नाम एवं पद की जानकारी दें। इन बसों से संबंधित आर.टी.ओ. भोपाल या स्क्रैप सेंटर में किस अधिकारी/कर्मचारी द्वारा स्क्रैपिंग की अंतिम कार्यवाही पूर्ण की गई? नाम एवं पद बताएं। (ग) महापौर कार्यालय का नोटशीट, क्रमांक 424 दिनांक 28/05/25, क्रमांक 495 एवं 497 दिनांक 07/10/25, क्रमांक 572 दिनांक 17/12/25 की छायाप्रति प्रदान करें। उपरोक्त चारों नोटशीट पर कितनी समय अवधि में जानकारी प्रदान करनी थी और कितनी समय अवधि से प्रचलित है और कब पूर्ण होगी, का गौशवारा बनाकर चारों नोटशीट की छायाप्रति प्रदान करें। (घ) प्रश्नगत नोटशीट के संबंध में यदि कोई आश्वासन लंबित है, तो कृपया उसकी वर्तमान स्थिति स्पष्ट करें एवं जनवरी 2025 से प्रश्न तिथि तक संचालनालय नगरीय प्रशासन द्वारा बी.सी.एल.एल. विभाग, आयुक्त (नगर निगम) अथवा CEO (बी.सी.एल.एल.) को विधानसभा प्रश्नों/कार्रवाई से संबंधित जो भी पत्राचार किया गया है, उन समस्त दस्तावेजों की छायाप्रति प्रदान करें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) NIT 13 की 35 बसें एवं NIT 32 की 20 बसों को स्क्रैप किया गया। जी हाँ। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) NIT 32 की 20 बसों की स्क्रैप प्रक्रिया को तत्कालीन प्रशासक महोदय द्वारा तथा NIT 13 की 35 बसों की स्क्रैप प्रक्रिया को तत्कालीन आयुक्त महोदय द्वारा अनुमोदित किया गया। म.प्र. शासन के स्टेट गैरेज में पदस्थ तत्कालीन फोरमैन, स्टोर ऑफिसर एवं अधीक्षक की तीन सदस्य समिति द्वारा निरीक्षण की कार्यवाही की गई थी। बसों से संबंधित आर.टी.ओ. भोपाल में श्री संजय सोनी पी.आर.ओ. द्वारा कार्यवाही पूर्ण की गई तथा स्क्रैपिंग एजेंसी को हैण्ड-ओवर करने की कार्यवाही हेतु श्री जीशान खान मैनेजर इंजीनियर एवं श्री आशुतोष शांडिल्य सेफ्टी एंड सिक्योरिटी ऑफिसर को अधिकृत किया गया था। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 एवं ''3'' अनुसार है। चारों नोटशीट की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (घ) आश्वासन यथावत है, शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-04 अनुसार है।
नगर निगम छिंदवाड़ा में बनाये गए एम.आई.जी. भवन
[नगरीय विकास एवं आवास]
75. ( क्र. 1379 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर निगम छिंदवाड़ा द्वारा इमलीखेड़ा में कितने एम.आई.जी. भवन बनाये गए हैं या बनाये जा रहे हैं? इनकी लागत सहित निविदा के समस्त दस्तावेज BOQ की जानकारी सहित उपलब्ध कराएं। (ख) क्या BOQ में मुरम का आइटम सम्मिलित था? यदि हाँ, तो सम्बंधित दस्तावेज उपलब्ध कराएं। क्या यह सही है कि उक्त एम.आई.जी. के मकानों में से 78 मकानों के निर्माण हेतु 18000 क्यूबीक मीटर मुरम का भुगतान निकाला गया है? यदि हाँ, तो क्या इसकी जाँच कर कार्यवाही की जाएगी? (ग) क्या सभी मकानों में एंटी टरमाइट ट्रीटमेंट का कार्य कराया गया है? यदि हाँ, तो कार्य से सम्बंधित फोटोग्राफ़्स एवं दस्तावेज उपलब्ध कराएं। (घ) क्या हितग्राहियों पर जबरन रजिस्ट्री करने का दबाव बनाया गया है एवं बनाया जा रहा है? क्या उनसे 3.50 लाख रूपए अतिरिक्त लिए जाने की शिकायत आई है? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई? (ङ) क्या पूर्व मुख्यमंत्री जी ने अपने अर्द्धशासकीय पत्र क्रमांक 201, भोपाल दिनांक 17 जुलाई 2025 के माध्यम से प्रश्नांश (क) से (घ) में उल्लेखित विषयों पर जाँच व कार्यवाही हेतु लेख किया था? यदि हाँ, उनके पत्राचार के बाद से अब तक क्या कार्यवाही की गई? (च) नगर निगम छिंदवाड़ा अंतर्गत 01/01/2022 से 31/01/2022 तक कितनी सी.एम. हेल्पलाइन आईं, उनका क्या निराकरण किया गया? क्या वर्तमान निगम आयुक्त उन निराकरण को वैध मानते हुए कार्य/कार्यवाही कर रहे हैं?
नगरीय
विकास एवं
आवास मंत्री (
श्री कैलाश
विजयवर्गीय ) : (क) नगर
पालिक निगम छिंदवाड़ा
में
प्रधानमंत्री
आवास योजना (शहरी)
के ए.एच.पी. घटक
अन्तर्गत EWS वर्ग के
आवासों के
हितग्राही
अंश कम करने (क्रास
सब्सिडी) हेतु
78 एम.आई.जी.
भवनों का
निर्माण किया
गया है। इनकी
लागत सहित
निविदा के
समस्त
दस्तावेज, मूल बी.ओ.क्यू.
एवं रिवाइज्यड
बी.ओ.क्यू. जानकारी
पुस्तकालय में
रखे परिशिष्ट-"अ" अनुसार है।
(ख) जी हाँ, भवनों
के निर्माण का
बी.ओ.क्यू.
एवं देयक का Abstract की जानकारी
पुस्तकालय
में रखे
परिशिष्ट-"ब" अनुसार है।
भवनों के
निर्माण हेतु
वास्तविक माप
अनुसार 17854.14
क्यूबिक मीटर
मुरम का
भुगतान किया
गया है। उत्तरांश
के परिप्रेक्ष्य
में शेषांश का
प्रश्न
उपस्थित नहीं होता
है। (ग) इमलीखेडा
स्थित सभी
भवनों में
एंटी टरमाइट
ट्रीटमेंट का
कार्य कराया
गया है। कार्य
से संम्बधित Abstract की जानकारी
पुस्तकालय
में रखे
परिशिष्ट-"स" अनुसार है, किन्तु
टरमाइट
ट्रीटमेंट का
कार्य कराए
जाते समय
फोटोग्राफ्स
नहीं लिए गए
है। (घ) जी
नहीं। किसी भी
आवंटी को
रजिस्ट्री
करने का दबाव
नहीं बनाया जा
रहा है। सम्पूर्ण
राशि जमा करने
के उपरांत
आवंटी स्वयं भवन
की रजिस्ट्री
करा रहे हैं। प्रधानमंत्री
आवास
योजना-शहरी
अंतर्गत इमलीखेड़ा
के एम.आई.जी.
भवनों एवं अधोसंरचना
कार्य के
टेण्डर में
सम्मिलित कार्यों
के अतिरिक्त
अन्य आवश्यक
कार्य सम्पन्न
कराने एवं
एम.आई.जी. आवास
के क्षेत्रफल
में वृद्धि
होने से निर्माण
लागत में
वृद्धि हुई है।
लागत में
वृद्धि होने
से निर्धारित
मूल्य के अतिरिक्त
राशि रू 3.50
लाख की वृद्धि
सक्षम
प्राधिकारी
आयुक्त द्वारा
स्वीकृत है।
(ड.) जी हाँ। शासन
को भेजे गये
पत्र के
परिप्रेक्ष्य
में निकाय
द्वारा
प्रेषित
जानकारी के
आधार पर विभाग
का प्रतिवेदन
पुस्तकालय
में रखे
परिशिष्ट-"द" अनुसार है।
(च) उक्त
संबंध में
दिनांक 01.01.2022 से 31.01.2022 तक सभी
एट्रीब्यूट
के अंतर्गत 306
शिकायतें
सी.एम. हेल्पलाइन
अंतर्गत
प्राप्त हुई
हैं, जिनका
निराकरण
तत्समय किया
जा चुका है।
प्रश्न में
अंकित अवधि
में प्राप्त
शिकायतों का
निराकरण
तत्समय कर
दिये जाने के
कारण वर्तमान
में उनके
निराकरण का प्रश्न
उत्पन्न नहीं
होता है।
विकास की अनुमति
[नगरीय विकास एवं आवास]
76. ( क्र. 1380 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिका परिषद् बैतूल ने जिला जेल बैतूल की कुल कितनी भूमि में से कितनी भूमि पर गत दो वर्षों में किस-किस को कॉलोनी विकास एवं व्यवसायिक परिसर बनाए जाने हेतु किस पत्र क्रमांक दिनांक से अनुमति प्रदान की है, इसके बदले में नगर पालिका को किस-किस मद में कितनी राशि प्राप्त हुई है, कितनी राशि प्राप्त होना शेष है? (ख) कलेक्टर बैतूल ने किस आदेश क्रमांक दिनांक से कितनी भूमि आवंटित की, किस दिनांक को कितनी भूमि की किसके नाम पर रजिस्ट्री करवाई गई, उस भूमि के अतिरिक्त कितनी भूमि पर नगर पालिका परिषद् बैतूल ने अनुमति प्रदान की है? (ग) कलेक्टर बैतूल द्वारा आवंटित एवं रजिस्ट्री करवाई गई भूमि के अतिरिक्त भूमि पर नगर पालिका बैतूल ने किस-किस प्रावधान के अनुसार विकास की अनुमति प्रदान की है? इस अनियमितता के लिए कौन-कौन दोषी है? (घ) शासन इस प्रकरण की जांच करवाकर कब तक दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही करेगा एवं दी गई अनुमति को निरस्त करेगा? समय-सीमा सहित बतावें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) राज्य सरकार की पुनर्घनत्वीकरण योजना के अन्तर्गत जिला जेल की कुल भूमि 2.2985 हेक्टेयर (22985 वर्ग मीटर) पर नगर तथा ग्राम निवेश जिला बैतूल के पत्र क्रमांक BETLP 08102405949 दिनांक 28.10.2024 के द्वारा आवासीय सह व्यवसायिक योजना के लिए स्वीकृत अभिन्यास एवं कार्यालय कलेक्टर बैतूल के द्वारा जारी कॉलोनी विकास की अनुमति क्र. 2025/6327 दिनांक 13.06.2025 के आधार पर नगर पालिका बैतूल द्वारा भवन अनुज्ञा प्रकरण में 22196.090 वर्ग मीटर भूमि पर भवन अनुज्ञा क्र. NAR/BET/BET/0321/485/2024 दिनांक 13.10.2025 जारी की गई है। कॉलोनी विकास की अनुमति एवं भवन अनुज्ञा मद में शुल्क के रूप में नगर पालिका बैतूल को प्राप्त राशि की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। प्रकरण में कोई राशि प्राप्त होना शेष नहीं है। (ख) राज्य सरकार की पुनर्घनत्वीकरण योजना के अन्तर्गत जिला जेल की कुल भूमि 2.2985 हेक्टेयर (22985 वर्ग मीटर) पर प्रस्तावित आवासीय सह व्यवसायिक योजना के लिए कार्यालय कलेक्टर बैतूल के आदेश क्र. 2024/एन.ओ./5678 दिनांक 28.06.2024 के अनुसार अनुबंधित एजेन्सी मेसर्स एस.एस.एन अन्नपूर्णा हाईट्स एल.एल.पी. के पक्ष में ई-रजिस्टर्ड विक्रय पत्र क्र./एम.पी. 039742024ए/1855818 से कलेक्टर जिला बैतूल द्वारा प्रथम चरण में नजूल शीट नं 12 प्लाट नं 13 की 9200 वर्ग मीटर भूमि का विक्रय विलेख दिनांक 03.07.2024 को सम्पादित किया गया है। नगरपालिका परिषद् बैतूल द्वारा नगर तथा ग्राम निवेश जिला बैतूल के पत्र क्रमांक BETLP 08102405949 दिनांक 28.10.2024 के द्वारा आवासीय सह व्यवसायिक योजना के लिए स्वीकृत अभिन्यास के अनुसार 22196.04 वर्ग मीटर भूमि पर भवन निर्माण अनुज्ञा प्रदान की गई है। (ग) राज्य सरकार की पुनर्घनत्वीकरण नीति 2016 की कंडिका 11 (क) अनुसार त्रिपक्षीय अनुबंध निष्पादन के पश्चात चयनित निर्माण एजेन्सी को दी जाने वाली भूमि का व्ययन फ्री-होल्ड आधार पर रजिस्ट्री के माध्यम से निविदा में निर्धारित चरणों में किया जाना था तथा कंडिका 11 (ग) अनुसार व्ययन की जाने वाली भूमि अर्थात योजना हेतु अनुबंधित 22985 वर्ग मीटर भूमि में म.प्र. भूमि विकास नियम 2012 के मास्टर प्लान अनुसार नियोजन मानक एवं भूमि उपयोग की स्थिति स्पष्ट रुप से दर्शाने के लिए रजिस्ट्री करवाई गई भूमि के अतिरिक्त, कार्यालय सहायक संचालक नगर एवं ग्राम निवेश द्वारा व्ययन की जाने सम्पूर्ण भूमि का अभिन्यास स्वीकृत किया गया है। अनुबन्धित एजेन्सी को कॉलोनी विकास की अनुमति एवं भवन निर्माण अनुज्ञा प्रदान करने बाद कॉलोनी विकास की अनुमति पत्र की कंडिका 49 में एवं निकाय द्वारा संशोधित आदेश दिनांक 14.10.2025 में 9200 वर्ग मीटर पर ही निर्माण कार्य करने के निर्देश जारी है एवं अनुबंधित एजेन्सी द्वारा प्रथम चरण में 9200 वर्ग मीटर भूमि पर ही निर्माण किया जा रहा है। प्रकरण में किसी भी तरह की कोई अनियमितता नहीं की गई है बल्कि पुनर्घनत्वीकरण नीति 2016 के अनुसार अनुमति दी गई है। निर्माण एजेन्सी द्वारा रेरा में प्रोजेक्ट का पंजीयन कराया गया है तथा म.प्र. प्रदूषण बोर्ड से कन्सेट ऑर्डर भी प्राप्त किया गया है। प्रकरण में किसी भी तरह की कोई अनियमितता न होने से किसी के दोषी होने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्तरांश (ग) के परिपपेक्ष्य में कोई कार्यवाही करने का प्रश्न उत्पन्न नहीं होता है।
नगरपालिका में किए गये कार्यों की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
77. ( क्र. 1389 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले में नगर पालिका शिवपुरी एवं नगर पंचायत पोहरी एवं मगरौनी में दिनांक 01/01/2024 से प्रश्न दिनांक तक किस-किस कार्य की कितनी-कितनी राशि किस-किस को कब-कब भुगतान की गई? क्या जो राशि भुगतान की गई, उसका कार्य पूर्ण हो चुका है अथवा कार्य अपूर्ण का भुगतान किया गया? (ख) उक्त निर्माण कार्यों के एवं अन्य कार्यों के सत्यापन की जानकारी दें कि क्या जितना मूल्यांकन किया गया है? उतना कार्य स्थल पर हुआ है? (ग) क्या नगरपालिका शिवपुरी, नगर पंचायत पोहरी एवं मगरौनी में वर्णित अवधि में कार्य का अग्रिम भुगतान किया गया है? यदि हाँ, तो किस कार्य का एवं क्यों? (घ) नगर पालिका शिवपुरी, नगर पंचायत पोहरी एवं मगरौनी के विरूद्ध शासन - प्रशासन को दिनांक 01/01/2024 से 22/01/2026 तक किस-किस के विरूद्ध क्या-क्या शिकायतें कहाँ-कहाँ से प्राप्त हुईं? उन शिकायतों पर क्या—क्या कार्यवाही कब-कब की गई? किन शिकायतों पर कार्यवाही नहीं की गई? नहीं की गई तो क्यों? (ड.) नगर पालिका शिवपुरी एवं नगर पंचायत पोहरी एवं नगर पंचायत मगरौनी में वर्तमान में किस-किस वार्ड में कौन-कौन से कार्य चल रहे हैं तथा कितने कार्य स्वीकृति होने के बाद भी बंद हैं? जानकारी दी जावे।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। (ग) जी नहीं। (घ) नगर परिषद् मगरौनी एवं पोहरी के संबंध में कार्यालय कलेक्टर (शहरी विकास) जिला शिवपुरी का पत्र क्रमांक/डूडा/2025/944 शिवपुरी दिनांक 17.12.2025 से निर्माण एवं वित्तीय कार्यों के संबंध में शिकायत की जांच प्रचलित है जिस पर कार्यवाही अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अनुभाग पोहरी एवं करैरा जिला शिवपुरी के कार्यालय में प्रचलित है। नगरपालिका परिषद् शिवपुरी के संबंध में प्राप्त शिकायत के संदर्भ में की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'स' अनुसार है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है।
होल्ड किए गये खातों की जानकारी
[ऊर्जा]
78. ( क्र. 1390 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले में 31 दिसम्बर 2025 की स्थिति में कृषि पम्प, औद्योगिक, व्यावसायिक एवं घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं पर बकाया राशि पर किन-किन के कौन-कौन से कहाँ-कहाँ के विद्युत कनेक्शन धारियों के कितनी बकाया राशि पर बैंक खाते होल्ड किए गये हैं? खाता होल्ड करने वाले सहायक प्रबंधक का नाम एवं वितरण केन्द्र बताते हुऐ जानकारी दें कि बकाया तो हजारों उपभोक्ताओं पर है फिर गिने-चुने गरीब उपभोक्ताओं के खाते किसके आदेश पर होल्ड किये गये? होल्ड आदेश की प्रति संलग्न कर जानकारी दें कि कितनी बकाया राशि पर खाते होल्ड किये गये हैं? (ख) पोहरी विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत ग्राम राजा की मुढैरी तह. शिवपुरी के निवासी श्री चिंगोली जाटव कृषक के 05 हॉर्सपावर कृषि स्थाई पम्प कनेक्शन हेतु 5 रू. के स्थान पर 12732/- रूपये की राशि सहायक प्रबंधक द्वारा जमा कराई गई है। यदि हाँ, तो क्यों और किसके आदेश पर? क्या 05 रूपये से अधिक वसूली गई राशि कृषक को वापिस कराई? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? कारण सहित बताएं। (ग) शिवपुरी जिले में क्षमता से अधिक भार किन-किन उपकेन्द्रों के पावर ट्रान्सफार्मर एवं किन-किन वितरण ट्रान्सफार्मर पर है? वितरण केन्द्रवार एवं उपकेन्द्रोंवार जानकारी देने का कष्ट करें। (घ) पावर ट्रान्सफार्मर एवं वितरण ट्रान्सफार्मर की भार वृद्धि के क्या नियम निर्देश हैं? प्रति संलग्न कर जानकारी दें कि ओवर लोडेड ट्रान्सफार्मरों की क्षमता वृद्धि कब तक की जायेगी?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) शिवपुरी जिले में दिनांक 31 दिसम्बर-2025 की स्थिति में कृषि पम्प, औद्योगिक, व्यावसायिक एवं घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं की बकाया राशि पर होल्ड किये गये बैंक खातों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। खाता होल्ड करने वाले सहायक प्रबंधक का नाम एवं वितरण केन्द्र की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। राज्य शासन के पत्र क्रमांक 3405/2024/तेरह/02 दिनांक 29.05.2024 से जारी दिशा-निर्देशों के परिपालन में बकायादार विद्युत उपभोक्ताओं के बैंक खाते होल्ड करने की कार्यवाही की गई है। उक्त पत्र की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है। (ख) पोहरी विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत ग्राम राजा की मुढैरी तहसील शिवपुरी के निवासी श्री चिंगोली जाटव द्वारा कृषि श्रेणी का 04 माह के लिये अस्थाई लिये जाने कनेक्शन हेतु राशि 12732/- रूपये का रसीद क्रमांक TCP4736ELCO3752 दिनांक 12.12.2025 से भुगतान किया गया था। उपभोक्ता द्वारा 05 रूपये में स्थाई कनेक्शन प्राप्त करने हेतु कोई आवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है और न ही कोई 05 रूपये की रसीद का भुगतान किया गया है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। (ग) वितरण कंपनी क्षेत्रांतर्गत शिवपुरी जिले में 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्रों पर स्थापित पॉवर ट्रांसफार्मरों तथा वितरण ट्रांसफार्मरों के अतिभारित होने संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'स' एवं 'द' अनुसार है। (घ) वितरण कंपनी के क्षेत्रान्तर्गत स्थापित पॉवर ट्रांसफार्मरों एवं वितरण ट्रांसफार्मरों पर संबद्ध भार की समय-समय पर समीक्षा कर भार प्रबंधन की तकनीकी एवं कमर्शियल साध्यता के आधार पर स्वीकृति की कार्यवाही वित्तीय उपलब्धता अनुसार की जाती है। वितरण ट्रांसफार्मरों के संबंध में भी म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के पत्र क्रमांक प्रसं/मक्षे/कार्य एवं योजना/548 दिनांक 14.10.2024 की कंडिका क्रमांक 18 में निहित प्रावधानों के तहत वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि की कार्यवाही की जाती है। पत्र की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ई' अनुसार है। इन प्रगतिरत कार्यों को अनुबंधों में निहित समयावधि में पूर्ण कराने की कार्यवाही की जा रही है।
निवाड़ी नगर में बस स्टैण्ड का निमार्ण
[नगरीय विकास एवं आवास]
79. ( क्र. 1394 ) श्री अनिल जैन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या निवाड़ी जिला बनने के लगभग 06 वर्ष पश्चात् भी निवाड़ी शहर में एक बस स्टैण्ड नहीं है, यदि हाँ, तो इस संबंध में प्रशासन द्वारा आज दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई है? (ख) क्या प्रश्नांश (क) के संदर्भ में निवाड़ी शहर में बस स्टैण्ड के निर्माण हेतु विभाग द्वारा कोई प्रस्ताव कर तकनीकी एवं वित्तीय स्वीकृति हेतु भेजा गया है? यदि हाँ, तो उक्त प्रस्ताव कहाँ लंबित हैं? (ग) क्या प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में प्रश्नकर्ता द्वारा पूर्व में कई बार निवाड़ी शहर में बस स्टैण्ड के निर्माण हेतु शासन स्तर पर पत्रों के माध्यम से मांग की गई है? यदि हाँ, तो प्रश्नकर्ता के पत्रों पर क्या कार्यवाही गई है? यदि पत्रों पर कार्यवाही प्रचलन में है तो कब तक तकनीकी एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जावेगी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। नगर परिषद् निवाड़ी द्वारा बस स्टैण्ड के लिए तिगेला पर खसरा क्र. 802 रकबा 1.85 में स्थित पुरानी मंडी प्रांगण की भूमि चिन्हित कर, आवंटन का आवेदन RCMS पोर्टल पर किया गया है। चिन्हित कर भूमि का आवंटन शेष है। (ख) जी हाँ। नगर परिषद् निवाड़ी द्वारा भूमि आवंटन के लिए उत्तरांश (क) अनुसार कार्यवाही की गई है। भूमि आवंटित होने के पश्चात आगामी कार्यवाही की जा सकेगी। (ग) जी हाँ, प्रमुख अभियंता, संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास, भोपाल द्वारा भूमि आवंटन के लिए कलेक्टर, जिला निवाड़ी को पत्र प्रेषित किया गया है।
जिला मुरैना में सोलर पार्क परियोजना की जानकारी
[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]
80. ( क्र. 1402 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला मुरैना में प्रस्तावित सोलर पार्क परियोजना के फेसवन में यूनिट वन एवं यूनिट टू की निविदा प्रक्रिया में क्रमश: Ceigall India Limited एवं ACME Solar का चयन किया गया है? यदि हाँ, तो क्या कार्यादेश जारी किए जाकर कार्य प्रारंभ हो चुका है? कार्य की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्रदान करें। यदि नहीं, तो दस्तावेजों सहित कारण स्पष्ट करें। (ख) क्या सोलर पार्क परियोजना जिला मुरैना की फेस-2 की निविदा प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है? यदि हाँ, तो किन-किन कंपनियों द्वारा निविदा प्रक्रिया में भाग लिया गया एवं किस कंपनी का चयन किया गया संपूर्ण जानकारी दस्तावेज सहित उपलब्ध कराएं। यदि नहीं, तो कारण दस्तावेजों सहित स्पष्ट करें। (ग) परियोजना में कितनी गोचर भूमि का अधिग्रहण किया गया है एवं उससे कितना पशुधन प्रभावित हुआ है? क्या उसके लिये शासन द्वारा कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई है?
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्ला ) : (क) जिला मुरैना में प्रस्तावित सोलर पार्क परियोजना के फेस वन में यूनिट वन एवं यूनिट टू की निविदा में क्रमश: Ceigall India Limited एवं ACME Solar का चयन किय जा चुका है एवं दिनांक 09.02.2026 को Letter of Award (LOA) जारी किया गया है। म.प्र. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा विकासकों के साथ Power Purchase Agreement (PPA) निष्पादित किए जाने के उपरांत कार्य प्रारंभ हो सकेगा। (ख) जी नहीं। परियोजना संरचना के संबंध में उत्तर प्रदेश के साथ सहमति के आधार पर निविदा दस्तावेज निर्धारित किये जायेंगे। (ग) परियोजना हेतु किसी भी गोचर भूमि का अधिग्रहण नहीं किया गया है। परियोजना हेतु जिला कलेक्टर द्वारा म.प्र. राजस्व संहिता की धारा 237 (3) के अंतर्गत एवं म.प्र.शासन, राजस्व विभाग के परिपत्र क्रमांक एफ 6-75-2019 सात/शा.3 भोपाल दिनांक 24 सितम्बर 2020 के अध्याय-2 की कंडिका 17 के तहत सोलर पार्क हेतु शासकीय भूमि नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग को आवंटित की गई है, शेष प्रश्नांश लागू नहीं होता है।
अटल एक्सप्रेस-वे की जानकारी
[लोक निर्माण]
81. ( क्र. 1403 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुरैना-चंबल क्षेत्र में चंबल अथवा अटल एक्सप्रेस-वे परियोजना प्रस्तावित हैं? यदि हाँ, तो उपरोक्त परियोजना से संबंधित संपूर्ण जानकारी दस्तावेज सहित उपलब्ध कराएं। (ख) क्या प्रश्नांश (क) अनुसार एक्सप्रेस-वे के पूर्व अलाइनमेंट में इसे चंबल नदी के बीहड़ों से होकर जाना था तथा नवीन अलाइनमेंट के अनुसार यह उपजाऊ भूमि से होकर जाएगा? यदि हाँ, तो अलाइनमेंट में परिवर्तन का क्या कारण रहा? संपूर्ण जानकारी दस्तावेज सहित प्रदान करें। (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार परियोजना में कुल कितनी कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जायेगा? नवीन अलाइनमेंट के अनुसार जिला मुरैना के कौन-कौन से गाँव प्रभावित होंगे? संपूर्ण जानकारी दस्तावेज सहित प्रदान करें। (घ) प्रश्नांश (क) अनुसार एक्सप्रेस-वे में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से संबंधित क्या प्रावधान किए गए हैं? संपूर्ण जानकारी एवं दस्तावेज उपलब्ध कराएं। (ड.) क्या प्रश्नांश (क) अनुसार एक्सप्रेस-वे के पूर्व अलाइनमेंट को यथावत रखे जाने हेतु क्षेत्र के किसानों, किसान संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा माननीय मुख्यमंत्री एवं माननीय केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री को पत्राचार किए गए हैं? यदि हाँ, तो उन पत्रों के क्रम में क्या कार्यवाही की गई? संपूर्ण जानकारी एवं दस्तावेज उपलब्ध कराएं।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार लगभग 2350 हेक्टेयर निजी भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (घ) उक्त परियोजना के अंतर्गत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का प्रावधान नहीं किया गया है। (ड.) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है।
नगर परिषद् में की जा रही अनियमितताओं की जाँच
[नगरीय विकास एवं आवास]
82. ( क्र. 1406 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नगर परिषद् मोहना, जिला ग्वालियर के अध्यक्ष के द्वारा की जा रही अनियमितताओं की शिकायत की जाँच के संबंध में नगर परिषद् के पार्षदों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा जिला कलेक्टर ग्वालियर एवं माननीय मंत्री जी, नगरीय विकास एवं आवास, मध्यप्रदेश को समय-समय पर शिकायती पत्र प्रस्तुत किए गए हैं? यदि हाँ, तो कब-कब एवं क्या-क्या? (ख) क्या नगर परिषद् के गठन उपरांत नगर परिषद् अध्यक्ष द्वारा वित्तीय नियम प्रक्रियाओं का पालन किये बिना निर्माण कार्य/सामग्री क्रय कराने एवं चुनिंदा फर्मों को लाभ पहुंचाने के लिए सामग्रियों का क्रय किया जाकर वित्तीय अनियमितता एवं भ्रष्टाचार किया गया है? क्या पूरे कार्यकाल वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक कराए गए निर्माण/सामग्री क्रय की जाँच कराई जायेगी? (ग) क्या शासन संचालनालय स्तर से अधिकारियों की समिति गठित कर प्रश्नांश ''क'' में उल्लेखित शिकायतों एवं प्रश्नांश ''ख'' में उल्लेखित कार्यों की जाँच कराकर नगर परिषद् अध्यक्ष के विरूद्ध कार्यवाही करेगा? यदि हाँ तो क्या? कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। पार्षदगण, नगर परिषद्, मोहना द्वारा कलेक्टर जिला-ग्वालियर को अध्यक्ष, नगर परिषद्, मोहना के विरूद्ध पद का दुरूपयोग, भ्रष्ट गतिविधियों में संलिप्तता एवं नियम विरूद्ध कार्यों के संबंध में दिनांक 25.03.2025 एवं 18.11.2025 को शिकायत की गई थी। (ख) कलेक्टर जिला-ग्वालियर द्वारा पत्र दिनांक 27.03.2025 के माध्यम से अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व घाटीगांव जिला-ग्वालियर को शिकायत की बिन्दुवार जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए है। इसी प्रकार आदेश दिनांक 24.11.2025 के माध्यम से जांच दल गठित किया जाकर शिकायत की बिन्दुवार जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, जांच की कार्रवाई प्रचलित है। पत्र एवं आदेश की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) उत्तरांश 'क' एवं 'ख' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
शासकीय भवनों का डिस्मेंट्रीकरण
[नगरीय विकास एवं आवास]
83. ( क्र. 1409 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय भवनों का डिस्मेंट्रीकरण (विखण्डित) करने के शासन के क्या नियम, निर्देश हैं? प्रति उपलब्ध करावें। क्या बिना नियम निर्देषों के पालन किए बिना शासकीय भवनों को विखण्डित किया जा सकता है? यदि नहीं, तो ऐसे प्रकरणों में क्या कार्यवाही की जाती है? (ख) क्या नगर परिषद् मोहना जिला ग्वालियर में स्थित पंचायत भवन को जो उपयोगी एवं अच्छी सुदृढ स्थिति में था, को नगर परिषद् अध्यक्ष द्वारा बिना किसी निर्धारित नियम प्रक्रिया के विखण्डित कराया गया है? यदि हाँ तो क्यों? किस नियम एवं अधिकार से? (ग) क्या नगर परिषद् अध्यक्ष द्वारा अपने निजी स्वार्थ के चलते प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित सुदृढ़ एवं सुरक्षित शासकीय सम्पत्ति को क्षति पहुँचाई गई है? यदि हाँ, तो क्या नगर परिषद् अध्यक्ष के विरूद्ध शासकीय सम्पत्ति को हानि पहुँचाने का प्रकरण दर्ज कर शासकीय सम्पत्ति को हुई क्षति की वसूली की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक समय-सीमा बताएं। (घ) प्रश्नांश (ख) में की गई कार्यवाही में कितनी राशि किसके द्वारा व्यय की गई? क्या विखण्डन से प्राप्त मटेरियल को नीलाम कर राशि शासकीय कोष में जमा कराई गई? यदि हाँ, तो कितनी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ, नियम की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जी नहीं, म.प्र. नगर पालिका अधिनियम 1961 में उल्लेखित विधित प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही की जाती है। (ख) से (घ) के संबंध में लोकायुक्त कार्यालय म.प्र. लोकायुक्त भवन भोपाल में प्रकरण क्रमांक 223/ई/2025 विरूद्ध श्री राधाकृष्ण यादव, अध्यक्ष एवं श्री सियाशरण यादव, मुख्यनगर पालिका अधिकारी, नगर परिषद् मोहना जिला ग्वालियर विचाराधीन है। लोकायुक्त कार्यालय म.प्र. भोपाल से जाँच प्रतिवेदन के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जाती है।
फ्लाई ओवर की प्रशासकीय स्वीकृति
[लोक निर्माण]
84. ( क्र. 1410 ) डॉ. अभिलाष पाण्डेय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्न क्रमांक 1465, दिनांक 05/12/2025 के उत्तर में विभाग ने स्वीकार किया है कि शिवनगर कृषि उपज मंडी से पाटन-कटंगी मार्ग फ्लाई-ओवर हेतु डी.पी.आर. एवं तकनीकी स्वीकृति की कार्यवाही पूर्ण हो चुकी है? यदि हाँ, तो बजट 2024-25 में ₹ 441.87 करोड़ का प्रावधान होने के बावजूद प्रशासकीय स्वीकृति अभी तक क्यों नहीं दी गई है? उत्तर दिनांक से प्रश्न दिनांक तक की गई समुचित कार्यवाही की प्रति उपलब्ध कराएं। उक्त निर्माण के संबंध में प्रश्नकर्ता द्वारा मुख्य सचिव म.प्र. शासन को किए गए पत्राचार पर क्या कार्रवाई की गई एवं उक्त कार्यवाही से प्रश्नकर्ता को नियमानुसार समय-सीमा में कब अवगत कराया गया? (ख) क्या उक्त विलंब के कारण परियोजना की लागत में वृद्धि (Cost Escalation) होने की संभावना है? यदि हाँ, तो प्रशासकीय स्वीकृति की फाइल वर्तमान में किस स्तर पर लंबित है और इस देरी के लिए कौन उत्तरदायी है? (ग) क्या विभाग इस अत्यंत महत्वपूर्ण और भारी यातायात वाले प्रोजेक्ट को SFC के समक्ष प्रस्तुत करने की तैयारी कर चुका है? यदि हाँ, तो इसे SFC की बैठक में कब तक ले जाया जाएगा? यदि नहीं, तो उसके पीछे क्या कारण है? (घ) क्या विभाग जनहित को देखते हुए आगामी 30 दिनों के भीतर समस्त औपचारिक प्रक्रियाएं पूर्ण कर निविदा (Tender) आमंत्रित करने की घोषणा करेगा? यदि नहीं, तो क्यों?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ, सक्षम वित्तीय समिति से स्वीकृति प्राप्त किये जाने के पश्चात ही अग्रिम कार्यवाही की जा सकती है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। माननीय विधायक जी के पत्राचार पर की गई कार्यवाही पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 एवं 2 अनुसार है। माननीय विधानसभा सदस्य को पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार अवगत कराया गया है। (ख) जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।
निर्माण कार्यों में अनियमितता
[नगरीय विकास एवं आवास]
85. ( क्र. 1414 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्न क्रमांक 1737 दिनांक 31 जुलाई 2025 के उत्तर में जिन पार्कों और सामुदायिक भवनों के निर्माण की जानकारी दी गई थी, वे धरातल पर आज दिनांक तक कितने निर्मित नहीं हुए हैं? कारण बतायें। (ख) क्या नगर निगम के अधिकारियों द्वारा 78 मकानों में 17, 854 घन मीटर मुरम का फर्जी भुगतान किया गया है? इस भुगतान की भौतिक पुष्टि किस अधिकारी द्वारा की गई और क्या सरकार इसकी उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराएगी? (ग) हितग्राहियों पर ₹ 3, 50, 000 की जो अतिरिक्त राशि बढ़ाई गई है, उसकी तकनीकी स्वीकृति (Technical Sanction) किस दिनांक को और किस अधिकारी द्वारा प्रदान की गई? क्या बिना निर्माण कार्य पूर्ण किए हितग्राहियों पर 1% की पेनाल्टी लगाना वैधानिक है? (घ) क्या टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (T&CP) द्वारा स्वीकृत नक्शे के विपरीत कॉलोनी की सड़कों की चौड़ाई कम की गई है और घरों में बुनियादी सुविधाएं (ग्रिल, रेलिंग, सीढ़ी) न होने के बावजूद निर्माण को पूर्ण घोषित कर दिया गया है? (ङ) क्या शासन दोषी अधिकारियों और भ्रष्टाचार में लिप्त ठेकेदार के विरुद्ध पद का दुरुपयोग और वित्तीय गबन का मामला दर्ज कर उन्हें निलंबित करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं, विधानसभा प्रश्न क्रमांक 1737 सत्र जुलाई 2025 में पार्क एवं सामुदायिक भवनों के निर्माण की जानकारी नहीं दी गई थी। योजना में सामुदायिक भवन का निर्माण सम्मिलित नहीं था परन्तु योजना में सम्मिलित पार्क का निर्माण प्रगतिरत है। (ख) जी नहीं। इमलीखेड़ा के 78 मकानों में 17, 854 घन मीटर मुरम का फर्जी भुगतान नहीं किया गया है। किये गये कार्य के माप एवं भुगतान की जांच नगर निगम के कार्यपालन यंत्री एवं विभाग द्वारा नियुक्त परियोजना प्रबंधन परामर्शदता एजिस इंडिया के इंजीनियर द्वारा की गई है। उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी अंतर्गत इमलीखेड़ा के एम.आई.जी. भवनों के टेण्डर में सम्मिलित कार्यों के अतिरिक्त अन्य आवश्यक कार्य करायें जाने से तथा एम.आई.जी. आवास के क्षेत्रफल में वृद्धि होने से निर्माण लागत में वृद्धि हुई है। लागत में वृद्धि होने से निर्धारित मूल्य के अतिरिक्त राशि रू. 3.50 लाख की वृद्धि सक्षम प्राधिकारी आयुक्त द्वारा स्वीकृत है। बी.ओ.क्यू. के विभिन्न आईटम में वेरियेशन एम.आई.सी. के संकल्प क्रमांक 02 दिनांक 20/04/2023 के द्वारा स्वीकृत किये गये है। निर्माण कार्य एवं अधोसंरचना कार्य पूर्ण होने के उपरांत हितग्राहियों की ओर शेष राशि पर म.प्र. नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के पत्र क्रमांक एफ-01-01/2016/18-3 भोपाल दिनांक 11/11/2021 प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के ए.एच.पी. घटक अंतर्गत निर्मित/निर्माणाधीन ई.डब्ल्यू.एस./एल.आई.जी./एम.आई.जी./व्यवसायिक भूमि/भू-खण्डों का आवंटन एवं व्ययन के संबंध में जारी निर्देश की कंडिका 2.3.3 (ii) के अनुसार 1% मासिक साधारण व्याज की दर से पेनॉलिटी अधिरोपित कर वसूल किये जाने हेतु प्रावधानित किया गया है। (घ) जी हाँ। नगर तथा ग्राम निवेश से अनुमोदित अभिन्यास के अनुसार सीमांकन करने पर भूमि कम पाए जाने से तीन सड़कों की चौड़ाई 1.5 मीटर कम होने से नगर निगम द्वारा अभिन्यास की पुनरीक्षित स्वीकृति प्राप्त करने हेतु नगर तथा ग्राम निवेश को पत्र क्र. 2525 दिनांक 21.07.2022 प्रेषित किया गया है। योजना में सभी बुनियादी सुविधाएं प्रदान कर दी गई है एवं 15 हितग्राहियों के द्वारा निवास भी किया जा रहा है। (ड.) उत्तरांश ''क'' से ''घ'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
सौर उर्जा पम्प लगाने हेतु अनुदान राशि के लिए प्रावधान
[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]
86. ( क्र. 1415 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश सरकार द्वारा छोटे एवं सीमांत किसानों हेतु सौर ऊर्जा से संचालित सिंचाई पम्पों पर अनुदान राशि प्रदान किए जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो संबंधित योजना का नाम एवं प्रारंभ वर्ष क्या है? (ख) उक्त योजना अंतर्गत किसानों को कितने प्रतिशत अनुदान (सब्सिडी) प्रदान किया जाता है? कृपया अनुदान की श्रेणीवार जानकारी दें। (ग) सौर पम्प योजना के अंतर्गत किसानों की कौन-कौन सी श्रेणियां निर्धारित की गई हैं? उनकी पात्रता शर्तें एवं नियमावली का संक्षिप्त विवरण सदन पटल पर रखा जाए। (घ) सिवनी जिले में वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक सौर पम्प योजना के अंतर्गत कुल कितने किसान लाभान्वित हुए हैं तथा वर्तमान में कितने आवेदन लंबित हैं? कृपया विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी प्रदान की जाए।
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्ला ) : (क) कुसुम-ब (प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान योजना घटक-ब) केन्द्र शासन द्वारा लागू की गई है। इस योजना का उद्देश्य भारत में किसानों के लिये ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रदेश में कुसुम योजना का घटक-ब प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना के नाम से वर्ष 2025 से संचालित है। कुसुम-ब के अंतर्गत कृषकों के यहां ऑफ ग्रिड सोलर पंपों की स्थापना की जाती है। योजना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) कुसुम-ब प्रदेश में कृषकों की भूमि पर सोलर पंप की स्थापना के लिये वर्तमान में प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना के अंतर्गत किसानों को 1 एच.पी. से 7.5 एच.पी तक क्षमता के पंप पर 90 प्रतिशत सब्सिडी (अनुदान) दिये जाने का प्रावधान है। इस योजना के अंतर्गत सभी वर्ग को समान सब्सिडी (अनुदान) प्रदान की जाती है। योजनांतर्गत 1 से 7.5 हार्सपॉवर तक के सोलर पंप की बेंचमार्क लागत का 30 प्रतिशत अनुदान भारत सरकार द्वारा दिये जाने का प्रावधान है। सोलर पंप की वास्तविक लागत का लगभग 10 प्रतिशत कृषक अंशदान व लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा कृषक ऋण राशि के रूप में लिया जावेगा, जिसका ब्याज सहित भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जाना प्रावधानित है। योजना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) उक्त योजनांतर्गत सभी वर्ग के किसानों को समान रूप से अनुदान दिये जाने का प्रावधान है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (घ) सिवनी जिले में वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक कुल 90 कृषकों के यहां सोलर पंप की स्थापना की जा चुकी है। जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। कुल 1054 हितग्राहियों के आवेदनों में से 940 हितग्राहियों के यहां सोलर पंप स्थापना हेतु कार्यादेश जारी किये जा चुके हैं एवं 102 हितग्राहियों के आवेदन नियमानुसार अपात्र है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है।
पशु चिकित्सालय में किए गए अटैचमेंट की जानकारी
[पशुपालन एवं डेयरी]
87. ( क्र. 1419 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पशु चिकित्सालय जिला राजगढ़ अंतर्गत किस-किस श्रेणी के अधिकारी एवं कर्मचारियों के कौन-कौन से कितने-कितने पद स्वीकृत हैं? (ख) उक्त स्वीकृत पदों में कौन-कौन से पद कब से रिक्त हैं? (ग) उक्त स्वीकृत पदों पर कौन-कौन से अधिकारी-कर्मचारी कब से कहाँ-कहाँ पदस्थ है तथा कहाँ पर कार्यरत है? (घ) क्या अधिकारियों-कर्मचारियों को अन्यत्र अटैच किए जाने के शासन के निर्देश हैं? यदि हाँ, तो निर्देश की प्रति उपलब्ध करावें। क्या राजगढ़ जिले में अधिकारियों एवं कर्मचारियों का अन्यत्र अटैचमेंट किया गया है? यदि हाँ, तो कब से कहाँ पर किस आदेश से? आदेश की प्रति उपलब्ध करावें। (ड.) क्या शासन द्वारा नियम विरुद्ध किए गए अटैचमेंट समाप्त किए जाएंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों नहीं?
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''अ'' अनुसार। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''ब'' अनुसार। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''स'' अनुसार (घ) जी नहीं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता (ड.) उत्तरांश ''घ'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
स्वीकृत ड्राइंग के विपरीत निर्माण कार्य
[लोक निर्माण]
88. ( क्र. 1426 ) डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह [श्री बाला बच्चन] : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मैहर में रिलायंस प्लांट, खेरवा कला तर्ज पर निर्माणाधीन रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य, विभाग द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत एवं रेल्वे के साथ साझा स्वीकृत की गई ड्राइंग (A-2) के सर्वथा विपरीत किया जा रहा है, जिसमें मौके पर पिलरों की संख्या स्वीकृत ड्राइंग से अधिक है तथा ड्राइंग में दर्शाया गया कर्व भी नहीं बनाया गया है? (ख) यदि हाँ, तो विभाग द्वारा माननीय न्यायालय में जनहित याचिका के जवाब में प्रस्तुत स्वीकृत ड्राइंग 'A-2' तथा अनुविभागीय दंडाधिकारी (एस.डी.एम.) को निरीक्षण के दौरान बताई गई ड्राइंग 'A-3' में से कौन सी ड्राइंग रेलवे एवं सेतु विभाग द्वारा संयुक्त रूप से अंतिम रूप से स्वीकृत हैं? यदि ड्राइंग 'A-2' स्वीकृत है, तो मौके पर निर्माण कार्य उससे भिन्न क्यों किया जा रहा है? (ग) क्या कटनी रोड की ओर लुन्दा साहू की भूमि (खसरा क्र. 2678/2/1/1, रकबा 0.026 हेक्टेयर) का अधिग्रहण करने, मुआवजा भुगतान करने एवं भूमि खाली होने के बावजूद, ब्रिज के अलाइनमेंट को जानबूझकर दायीं ओर प्रधानमंत्री सड़क की तरफ मोड़ दिया गया है, जिससे एक अत्यंत खतरनाक 'ब्लैक स्पॉट' का निर्माण हो रहा है? यदि हाँ, तो इस खतरनाक बदलवा के क्या कारण हैं और इसके लिए कौन उत्तरदायी है? (घ) उपरोक्त गंभीर अनियमितताओं, जन सुरक्षा से खिलवाड़, लंबित जनहित याचिका तथा वर्ष 2024 से लगातार स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों की शिकायतों को देखते हुए, क्या सरकार तत्काल निर्माण कार्य रोककर पूरे प्रकरण की एक उच्च स्तरीय, निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने का आदेश देगी? यदि नहीं, तो क्यों?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी नहीं, जी नहीं, ड्राइंग (A-2) में दर्शाये गये कर्व को सुरक्षा मानकों एवं कार्य स्थल की आवश्यकता के अनुसार विभागीय सक्षम अधिकारी द्वारा पुनरीक्षित स्वीकृत ड्राइंग (A-3) के अनुसार एकरेखण को सीधा किया गया है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) रेलवे भाग पर ओवर ब्रिज के निर्माण कार्य की कार्यकारी ड्राइंग क्रमांक A-2 रेलवे एवं सेतु विभाग द्वारा संयुक्त रूप से स्वीकृत है, अपितु ड्राइंग (A-2) में दर्शाये गये कर्व को सुरक्षा मानकों एवं कार्य स्थल की आवश्यकता के अनुसार विभागीय सक्षम अधिकारी द्वारा पुनरीक्षित स्वीकृत ड्राइंग (A-3) के अनुसार सीधा किया गया है। (ग) जी नहीं, जी नहीं, शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्तरांश ''क'' से ''ग'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नगर परिषद् में अनियमितता पर कार्यवाही
[नगरीय विकास एवं आवास]
89. ( क्र. 1431 ) श्री बाला बच्चन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अंजड़ नगर परिषद् जिला बड़वानी को दिनांक 01-03-2023 से 20-01-2026 तक कुल कितना आवंटन किस मद में किस दिनांक को किस कार्य के लिए प्राप्त हुआ? कार्यवार पूर्ण आवंटित राशि सहित बतावें। (ख) उपरोक्त प्राप्त राशि से जो भुगतान किए गए, उनकी जानकारी कार्य नाम, संस्था/व्यक्ति का नाम, संस्था, G.S.T. नंबर, भुगतान राशि, T. D.S. कटोत्रा राशि, भुगतान दिनांक सहित कार्यवार देवें। (ग) क्या कारण है कि बहुत सी सामग्री के भुगतान मूल्य उनके बाजार मूल्य एवं GEM पोर्टल मूल्य से बहुत अधिक रहे हैं? विद्युतीकरण से जुड़े क्रय के भुगतान मूल्य व GEM पोर्टल के तुलनात्मक पत्रक भी देवें। (घ) प्रश्नांश (ग) अनुसार अधिक मूल्य का भुगतान करने वाले व प्रश्नांश (क) व (ख) अनुसार आवंटित राशि के व्यय में अनियमितता करने वाले अधिकारियों के नाम, पदनाम सहित देकर बतावें कि इसके लिए विभाग उन पर कब तक कार्यवाही करेगा? प्रश्नांश (क) अनुसार आवंटन व प्रश्नांश (ख) अनुसार भुगतान में अनियमितता का कारण भी कार्यवार स्पष्ट करें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' पर है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' पर है। (ग) निकाय द्वारा कोटेशन/GEM पोर्टल के माध्यम से समय-समय पर निकाय की आवश्यकता अनुसार सक्षम स्वीकृति उपरांत सामग्री क्रय की गई है। कोटेशन से प्राप्त दर GEM पोर्टल की दर से बहुत अधिक नहीं रही। विद्युतीकरण से जुड़े क्रय के भुगतान मूल्य व GEM पोर्टल के तुलनात्मक पत्रक पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' पर है। (घ) उत्तरांश (ग) अनुसार GEM पोर्टल की दरें बहुत अधिक नहीं होने से किसी प्रकार की अनियमितता एवं कार्यवाही किये जाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नवीन वितरण ट्रांसफार्मरों की स्थापना एवं वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि
[ऊर्जा]
90. ( क्र. 1435 ) श्री अरूण भीमावद : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 167 में कितने मजरा-टोला विद्युत विहीन हैं? क्या दुपाडा, कोन्टा, काकडी, गोयला, कांजा, रेहली आदि ग्रामों में नये ट्रॉसफार्मर लगे हैं? क्या इन ग्रामों में छापीहेंडा, बिकलाखेडी, तुहेडिया, बज्जाहैडा, रूलकी, निपानिया डाबी, साजोद आदि ग्रामों में अधिभारित ट्रांसफार्मर बदले गये हैं? क्या पुरानी विद्युत लाइनों को बदला गया है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार यदि हाँ, है तो क्रमशः ग्रामों के नाम सूची सहित उपलब्ध करावें। यदि नहीं, तो क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के अनुसार विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 167 में उक्त विद्युत आवश्यकताओं को कब तक पूर्ण किया जावेगा? समयावधि बताने का कष्ट करें।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क), (ख) एवं (ग) विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 167 (शाजापुर) क्षेत्रांतर्गत समस्त राजस्व ग्राम एवं संसूचित मजरे/टोले पूर्व से विद्युतीकृत हैं। ग्राम कोन्टा, काकडी, गोयला, कांजा एवं रेहली में अतिरिक्त नवीन वितरण ट्रांसफार्मरों की स्थापना एवं वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के कार्य किये गये हैं, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। ग्राम छापीहेंडा, बिकलाखेडी, तुहेडिया, बज्जाहैडा, रुलकी, निपानिया डाबी एवं साजोद में अतिभारित वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि एवं अतिरिक्त नवीन वितरण ट्रांसफार्मर की स्थापना की गई है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है। प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 11 के.व्ही. के 10 फीडरों के पुराने तारों के स्थान पर नवीन तार लगाने का कार्य आर.डी.एस.एस. योजनान्तर्गत किया गया है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'स' अनुसार है। ग्राम दुपाडा में 02 वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के कार्य स्वीकृत है। उक्त कार्यों के पूर्ण होने की समयावधि कार्यादेश की दिनांक से 02 वर्ष है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'द अनुसार है।
पेय-जल गुणवत्ता का परीक्षण
[नगरीय विकास एवं आवास]
91. ( क्र. 1446 ) श्री अजय अर्जुन सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भोपाल नगर निगम द्वारा हाल में जारी की गयी पेय-जल गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट में हेलिकोबैक पाइलोरी (H, PYLORI) बैक्टीरिया की जांच ही नहीं की गयी, जबकि इंदौर की पेय-जल से संबंधित त्रासदी में उक्त बैक्टीरिया की पुष्टि हो चुकी है और विशेषज्ञों ने इस रिपोर्ट को अधूरी एवं भ्रामक बताया है? (ख) भोपाल शहर में निगम/नगरीय निकाय द्वारा कितने प्रमुख स्त्रोतों (झील, नलकूप, फिल्टर प्लांट आदि) से पेय-जल सप्लाई की जाती है, इन सभी स्त्रोतों के लिए विगत एक वर्ष में कितनी बार जल गुणवत्ता परीक्षण कराया गया तथा प्रत्येक परीक्षण में किन-किन भौतिक, रासायनिक एवं जैविक मानकों (जैसे घुलित ऑक्सीजन, मटमैलेपन, बैक्टीरिया, भारी धातु आदि) की जांच की गयी, इसका विवरण प्रस्तुत किया जाए। (ग) क्या यह तथ्य सही है कि ताजा रिपोर्ट में केवल समिति भौतिक एवं रासायनिक परीक्षण कराए गए एवं घुलित ऑक्सीजन जैव रासायनिक ऑक्सीजन मांग (BOD), कोलीफॉर्म/फिकल कोलीफार्म, H, PYLORI तथा भारी धातु (आर्सेनिक, नाइट्रेट, फ्लोराइड आदि) जैसे महत्वपूर्ण मानकों की जांच शामिल नहीं की गयी? यदि हाँ, तो इसके लिए उत्तरदायी अधिकारी/एजेंसी के विरूद्ध क्या कार्रवाई की जा रही है? (घ) इंदौर में पेय-जल से संबंधित हालिया घटनाओं के मद्देनजर क्या राज्य सरकार ने सभी नगर निगमों/नगर निकायों को पेय-जल परीक्षण में H, PYLORI सहित अन्य रोगजनक जीवाणुओं और खतरनाक रसायनों की अनिवार्य जांच का निर्देश जारी किया है? यदि हाँ, तो उसकी प्रति/मुख्य बिन्दु उपलब्ध कराएं। यदि नहीं, तो इसके लिए क्या कारण है? (ड.) क्या शासन यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में सभी नगर निकायों की जल गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट BIS/WHO मानकों के अनुरूप सभी आवश्यक मानकों को शामिल करते हुए तथा पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक पोर्टल पर अपलोड की जाएं और यदि किसी क्षेत्र में मानक से अधिक प्रदूषण/रोगजनकों की उपस्थिति पाई जाती है, तो तत्काल वैकल्पिक पेय-जल व्यवस्था एवं जिम्मेदार अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जावेगी? यदि हाँ, तो इसकी समय-सीमा एवं कार्ययोजना क्या है? यदि नहीं, तो कारण सहित जानकारी दें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) भोपाल नगर निगम द्वारा पेय-जल गुणवत्ता परीक्षण भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) IS:10500 एवं CPHEEO के दिशा-निर्देशों के अनुसार जल प्रदाय के लिये निर्धारित मापदण्डों पर परीक्षण किया जाता है। इन मानकों के अंतर्गत HELICOBACTER PYLORI (H, PYLORI) का उल्लेख नहीं है। जिसकी वर्तमान में जांच नहीं की जाती है। (ख) भोपाल शहर में नगर निगम द्वारा प्रमुख स्त्रोतों जैसे - नर्मदा नदी, कोलार डेम, केरवा डेम, बड़ा तालाब और नलकूपों से जल आपूर्ति की जाती है। उक्त स्त्रोतों (नर्मदा नदी, कोलार डेम, केरवा डेम, बड़ा तालाब) के कच्चे पानी का परीक्षण प्रतिमाह एवं शोधित जल का परीक्षण प्रतिदिन किया जाता है एवं नलकूपों का परीक्षण प्रति 03 माह में किया जाता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ग) नगर निगम भोपाल द्वारा पेय-जल गुणवत्ता परीक्षण भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) IS:10500 एवं CPHEEO के दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाता है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'अ' अनुसार है। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) IS:10500 एवं CPHEEO के अंतर्गत HELICOBACTER PYLORI (H, PYLORI) का उल्लेख नहीं है, जिसकी वर्तमान में जांच नहीं की जाती है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) पेय-जल गुणवत्ता परीक्षण भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) IS:10500 एवं CPHEEO के दिशा-निर्देशों के अनुसार किये जाने हेतु विभाग द्वारा सभी नगरीय निकायों को अनिवार्य जांच के निर्देश जारी किये गये हैं। निर्देशो की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'ब' अनुसार है। (ङ) विभाग द्वारा MPSEDC के सहयोग से अमृत रेखा पोर्टल विकसित किया गया है जिसमें पेय-जल गुणवत्ता परीक्षण अपलोड करने का विकल्प भी प्रदान किया गया है। किसी क्षेत्र में मानक से अधिक प्रदूषण/रोगजनकों की उपस्थिति पाये जाने पर तत्काल वैकल्पिक पेय-जल व्यवस्था सुनिश्चित की जाती है एवं जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' में उल्लेखित निर्देशों के अनुसार कार्यवाही की जाती है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
विधायक निधी से स्वीकृत कार्यों की स्थिति
[नगरीय विकास एवं आवास]
92. ( क्र. 1451 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भीकनगाँव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत नगर परिषद् भीकनगाँव अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2024 -2025 में विभिन्न मदों में कितनी राशि प्राप्त हुई है? कृपया मदवार प्राप्त राशि की जानकारी प्रदाय करें। (ख) उक्त प्राप्त राशि एवं पुराने वर्ष की शेष राशि से कौन-कौन से कार्य करायें गये हैं? कृपया करायें गये कार्यों की जानकारी उपलब्ध करायें। करायें गयों कार्यों की वर्तमान भैतिक स्थिति क्या है? कृपया कार्यवार जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) विधायक निधी से स्वीकृत कार्य जो वर्तमान में प्रगतिरत है, कौन से वर्ष के स्वीकृत हैं तथा पूर्ण करने हेतु निर्धारित समयावधि क्या थी? कब तक समस्त कार्य पूर्ण किये जायेंगे तथा समय-सीमा में कार्य पूर्ण न होने के लिए कौन जिम्मेदार है? क्या कोई कार्यवाही प्रस्तावित की जोयेगी? यदि हाँ तो कब तक? नहीं तो क्या कारण है?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट 'स' अनुसार है एवं स्वीकृत कार्य के लिए चयनित भूमि का विवाद होने से कार्य प्रारंभ किया जाना संभव नहीं है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
विदयुत विहीन ग्रामों का विदयुतीकरण
[ऊर्जा]
93. ( क्र. 1452 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भीकनगाँव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत कितने ग्रामों में विदयुत केबल वायर जल चुके हैं? कृपया ग्राम के नाम सहित जानकारी उपलब्ध करायें। क्या केबल वायर जलने के उपरान्त नवीन केबल वायर परिवर्तित कर डाल दी गई है? हाँ तो कौन-कौन से ग्राम में केबल परिवर्तित कर नवीन केबल डाल दी गई है? कृपया ग्राम के नाम सहित जानकारी उपलब्ध करायें तथा नहीं तो क्या कारण है? (ख) क्या भीकनगाँव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत केबल वायर की उपलब्धता पर्याप्त है? नहीं तो क्या कारण है तथा प्रश्न दिनांक तक भीकनगाँव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत कितनी मात्रा में केबल वायर की आवश्यकता है तथा विभाग द्वारा आवश्यक केबल वायर कब तक उपलब्ध करा दिया जायेगा तथा भीकनगाँव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत कितने विदयुत विहीन फाल्या हैं? कृपया सूची उपलब्ध करायें तथा उक्त विदयुत विहीन फाल्यों में विद्युतीकरण हेतु शासन की क्या योजना है तथा कब तक इसकी स्वीकृती प्रदाय कर विद्युत उपलब्ध करा दी जायेगी?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इंदौर क्षेत्रान्तर्गत भीकनगाँव विधानसभा क्षेत्र के 21 ग्रामों में विद्युत केबल जली/खराब हुई थी, जिसकी प्रश्नाधीन चाही गयी ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। जी हाँ, उक्त 21 ग्रामों में जली/खराब केबल को नवीन केबल से परिवर्तित करने का कार्य किया गया है, जिसका प्रश्नाधीन चाहा गया ग्रामवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। (ख) जी हाँ, भीकनगाँव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत उपसंभाग भीकनगांव में आवश्यकतानुसार केबल उपलब्ध है। उल्लेखनीय है कि क्षेत्रीय भण्डार गृह में भी पर्याप्त मात्रा में केबल उपलब्ध रहती है। क्षेत्रीय भण्डार गृह से आवश्यकता अनुसार केबल आहरित करवाकर बदलने की कार्यवाही की जाती है। प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत समस्त जली/खराब केबल को नवीन केबल उपलब्ध करवाकर बदल दिया गया है। प्रश्न दिनांक तक की स्थिति में विधानसभा क्षेत्र भीकनगांव अंतर्गत केबल की आवश्यकता नहीं है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। वर्तमान स्थिति में प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्रांतर्गत 400 फाल्ये विद्युत विहीन हैं, जिसकी प्रश्नाधीन चाही गई सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब', 'स' एवं 'द' अनुसार है। उक्त विद्युत विहीन 400 फाल्यों में से 220 फाल्यों को ग्रिड (विद्युत अधोसंरचना द्वारा) एवं 53 फाल्यों को ऑफ ग्रिड (सोलर ऊर्जा से संचालित) के माध्यम से विद्युतीकृत किये जाने के कार्यों को धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत स्वीकृत किया जा चुका है, जिनकी सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' एवं 'स' अनुसार है। वर्तमान स्थिति में 220 फाल्यों को ग्रिड (विद्युत अधोसंरचना द्वारा) के माध्यम से विद्युतीकृत किये जाने के कार्य प्रगतिरत है एवं 53 ऑफ ग्रिड (सोलर ऊर्जा से संचालित) के माध्यम से विद्युतीकृत किये जाने के कार्यों की निविदा कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शेष 127 विद्युत विहीन मजरे/टोले/फाल्ये भारत सरकार की धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना के दिशा-निर्देशों/मापदण्डों के अनुरूप नहीं होने के कारण योजना अंतर्गत स्वीकृत नहीं किये जा सके हैं। तथापि केन्द्र/राज्य शासन की विद्युतीकरण योजना की उपलब्धता अनुसार, भविष्य में प्रश्नाधीन शेष विद्युत विहीन फाल्यों के विद्युतीकरण हेतु आवश्यक कार्यवाही किया जाना संभव हो सकेगा।
नगर पालिक निगम अंतर्गत कराये गए निर्माण कार्यों का भुगतान
[नगरीय विकास एवं आवास]
94. ( क्र. 1470 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिक निगम सतना सीमा के अंतर्गत स्थित जगतदेव तालाब/नारायण तालाब/संतोषी माता तालाब/ट्रांसपोर्ट नगर तालाब/धवारी तालाब/बगहा तालाब/अन्य सभी छोट-बड़े तालाबों में दिनांक 01.04.2022 से प्रश्न तिथि के दौरान किस प्रकार के कितनी लागत के कार्यों के लिये वर्क ऑर्डर जारी किये गये? जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) दिनांक 01.04.2022 से प्रश्न तिथि तक जगतदेव तालाब में हुये क्या-क्या कार्यां पर किस-किस नाम/फर्म/अन्य को कितना-कितना भुगतान किया गया? किस मद से भुगतान हुआ? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित समयानुसार एवं तालाबों में हुये कार्यों के जारी वर्क आर्डरों के तहत कितनी-कितनी राशि का भुगतान हुआ? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) में उल्लेखित किस-किस कार्य का कितना-कितना भुगतान होना प्रश्न तिथि तक शेष है? कार्यवार/नामवार/राशिवार जानकारी दें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) से (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
आयोजनों में हुये व्यय की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
95. ( क्र. 1471 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिक निगम सतना के द्वारा ''गौरव दिवस'' एवं अन्य शासकीय आयोजनों (कार्यक्रमों के नाम दें) में तथा विभिन्न उत्सवों पर अखबारों को दिये शासकीय, विज्ञापनों, शहरों में विभिन्न स्थानों पर लगाई गई होर्डिंगों (छोटी, बड़ी, मध्यम) पर एवं मीटिगों में हुये नाश्ते/भोजों पर दिनांक 01.04.2022 से प्रश्न तिथि तक किस-किस आयोजनों पर/किस-किस मद में/किस-किस दिनांकों को/किन-किन कारणों से कितनी-कितनी राशि व्यय की गयी? ऊपर उल्लेखित व्यय की गई राशि का भुगतान किस नाम/फर्म/संस्था/अन्य को किन चेक क्रमांकों से कितनी-कितनी राशि का किया गया? गौरव दिवसवार/सभी आयोजनवार/आयोजनों के नाम व दिनांकवार/मदवार/ राशिवार/भुगतान प्राप्तकर्ता के नाम/पते/राशिवार जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित समयानुसार किस-किस वार्ड क्रमांकों में क्या-क्या निर्माण कार्यों के वर्क ऑर्डर जारी हुये? सभी वर्क आर्डरों की एक-एक प्रति दें। उक्त कार्यों का प्रकरणवार/वार्डवार/कार्यवार/ठेकेदारवार कितनी-कितनी राशि का भुगतान प्रश्न तिथि तक किया गया की सूची उपलब्ध करायें। (ग) क्या प्रश्नांश (क), (ख) में वर्णित व्यय को ऑडिट द्वारा पास किया? अगर हाँ तो एक प्रति ऑडिट की दें। निर्माण कार्यों का गुणवत्ता एवं उपयोगिता प्रमाण पत्रों की (सभी निर्माण कार्यों की) सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षरयुक्त कार्यवार/वार्डवार उपलब्ध करायें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगर पालिक निगम सतना द्वारा गौरव दिवस एवं अन्य आयोजनों तथा विभिन्न उत्सवों पर अखबारों को दिये गये विज्ञापनों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। नगर पालिक निगम सतना द्वारा गौरव दिवस एवं अन्य आयोजनों तथा विभिन्न उत्सवों पर एवं मीटिंगों में होर्डिंगों (छोटी, बड़ी, मध्यम), नाश्ते/भोजो एवं अन्य व्ययों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित समयानुसार वार्ड क्रमांकवार निर्माण कार्यों/वर्क ऑर्डर की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है। जारी किये गये सभी कार्यादेश की एक-एक प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'द' अनुसार है। (ग) जी हाँ, ऑडिट की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'इ' अनुसार है। निर्माण कार्यों का गुणवत्ता एवं उपयोगिता प्रमाण पत्रों की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ई अनुसार है।
4-लेन मार्ग निर्माण की स्वीकृति
[लोक निर्माण]
96. ( क्र. 1473 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिंदवाड़ा से परासिया (खिरसाडोह) बायपास तक फोर लेन मार्ग निर्माण किए जाने के संबंध में एम.पी.आर.डी.सी. विभाग द्वारा प्रस्ताव प्राक्कलन सम्पूर्ण कार्यवाही के साथ तैयार कर शासन स्तर पर स्वीकृति हेतु प्रेषित किया जा चुका है। उपरोक्त संबंध में शासन/विभाग द्वारा कब तक कार्यवाही को पूर्ण करते हुए आवागमन की सुविधा हेतु आवश्यकता अनुरूप छिंदवाड़ा से परासिया बायपास तक फोर लेन मार्ग निर्माण कार्य की स्वीकृति प्रदान कर दी जायेगी? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित मार्ग निर्माण कार्य की स्वीकृति प्रदान किए जाने के संबंध में प्रश्नकर्ता द्वारा मान. विभागीय मंत्री महोदय को अनुस्मरण पत्र 03 क्र.वि.स./परासिया/127/2025/674 दि. 01.12.2025 को प्रेषित किया गया है, जिस पत्र पर अभी तक स्वीकृति हेतु क्या-क्या कार्यवाही की गई है?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) म.प्र. सड़क विकास निगम द्वारा प्रश्नांश से संबंधित प्रस्ताव शासन को प्रेषित नहीं किया गया है। चूंकि छिंदवाड़ा गांगीवाड़ा सर्कल से परासिया (खिरसाडोह) बायपास तक मार्ग पूर्व से 2-लेन मार्ग निर्मित है एवं वर्तमान में बी.ओ.टी. (टोल) योजना अंतर्गत संचालित है, जिसकी कंसेशन अवधि वर्ष 2033 तक है। म.प्र. सड़क विकास निगम अंतर्गत वर्तमान में छिंदवाड़ा गांगीवाड़ा सर्कल से परासिया (खिरसाडोह) बायपास तक मार्ग को 4-लेन बनाने हेतु कोई कार्ययोजना प्रस्तावित नहीं है। (ख) मार्ग निवेशकर्ता की कंसेशन अवधि में वर्ष 2033 तक है, अत: वर्तमान में मार्ग को फोरलेन बनाने की कोई योजना प्रस्तावित नहीं है। अत: शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
उच्च पद पर प्रभार दिया जाना
[ऊर्जा]
97. ( क्र. 1476 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ऊर्जा विभाग अंतर्गत मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में उच्च पद का चालू प्रभार वरिष्ठता सूची के आधार पर दिया जाने का नियम है। यदि हाँ, तो विगत तीन वर्षों में कितने JE, AE एवम DGM को वरिष्ठता सूची को दरकिनार कर कनिष्ठ होने के बावजूद उच्च पद का प्रभार दिया गया? सूची उपलब्ध कराएं। (ख) उच्च पद का लुक आफ्टर देने के क्या नियम हैं? नियम की प्रति उपलब्ध कराएं। मध्य क्षेत्र कम्पनी के आदेश 1679/2024 दिनांक 26/09/2024 के अनुसार तीन अधिकारियों को उच्च पद का लुक आफ्टर का प्रभार दिया गया था। क्या उक्त आदेश एवं प्रश्नांश (क) अनुसार निकाले गए आदेश का प्रबंध संचालक एम.पी. पावर मैनेजमेंट कंपनी से अनुमोदन लिया गया था? कंपनी अंतर्गत विगत तीन वर्षों में कितने JE, AE एवं DGM पर अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित होने के बावजूद उच्च पद का लुक आफ्टर का प्रभार दिया गया है एवं वरीयता सूची अनुसार अन्य अधिकारियों को उच्च पद के लुक आफ्टर का प्रभारी क्यों नहीं दिया गया है? पदनाम सहित कारण बताएं। (ग) उच्च पद का प्रभार देते समय पदोन्नति के नियमों का पालन किया जा रहा है? क्या पिछले 5 वर्ष की सी.आर. के आधार पर न्यूनतम अहकारी अंक की गणना की जा रही है? क्या आरक्षण के नियम का पालन किया जा रहा है एवं क्या विभागीय जांच लंबित रहने पर लिफाफा बंद करने के नियम का पालन किया जा रहा है? यदि किसी नियम का पालन नहीं किया जा रहा है तो फिर वरीयता सूची अनुसार सभी को उच्च पद का प्रभार क्यों नहीं दिया गया? कारण बताएं एवं छूटे हुए अधिकारियों को कब तक उच्च पद का प्रभार दिया जाएगा एवं यदि नहीं, दिया जाएगा तो नियम सहित कारण बताएं।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ। म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, भोपाल में विभाग द्वारा जारी पत्र दिनांक 06.01.2021 के अनुसार रिक्त उच्च पद का चालू प्रभार केवल वरिष्ठता सूची के आधार पर एवं वितरण कंपनी की डेलीगेशन ऑफ पॉवर पुस्तिका, षष्टम संस्करण के पार्ट-ए, खण्ड-IV, Selection/Appointment/Promotions के बिन्दु क्रमांक 8 में प्रबंध संचालक को प्रदत्त शक्तियों के अनुसार चालू प्रभार सौपें जाने की कार्यवाही की जाती है, जिससे संबंधित पृष्ठों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र–'अ' एवं 'ब' अनुसार है। विगत तीन वर्षों में उक्त निर्धारित प्रक्रिया अनुसार ही JE, AE एवं DGM को उच्च पद का प्रभार दिया गया है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। (ख) म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में उच्च पद का लुक-आफ्टर प्रभार दिये जाने के कोई पृथक नियम नहीं है। जी हाँ, म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के आदेश क्रमांक 1679/2024 दिनांक 26/09/2024 से तीन अधिकारियों को उच्च पद का लुक-आफ्टर प्रभार दिया गया था। उक्त आदेश एवं उत्तरांश (क) के संदर्भ में एम.पी. पावर मैनेजमेंट कंपनी से अनुमोदन लिया जाना आवश्यक नहीं था। म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अंतर्गत विगत तीन वर्षों में JE, AE एवं DGM जिनके विरुद्ध दण्ड अथवा अनुशासनात्मक कार्यवाही लंबित होने पर लुक-आफ्टर प्रभार सौंपा गया है, की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'स' अनुसार है। उक्त आदेश के तहत, वितरण कंपनी के अति आवश्यक कार्यों के सुचारू रूप से संचालन हेतु, पदों की रिक्तता एवं प्रशासनिक आवश्यकता के अनुसार पूर्णत: अस्थाई आधार पर लुक-आफ्टर प्रभार दिया गया है, जिससे कार्य क्षेत्र में कार्यालयीन कार्य प्रभावित न हो। (ग) उच्च पद का प्रभार अस्थाई रूप से उत्तरांश (क) एवं (ख) में उल्लेखित प्रक्रिया/प्रशासनिक आवश्यकता के आधार पर अस्थाई रूप से सौंपा जाता है, जिसमें पदोन्नति के नियम लागू नहीं होते है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। वितरण कंपनी में संगठनात्मक संरचना में स्वीकृत पद एवं कंपनी कार्यालयों में आवश्यकता अनुसार प्रशासनिक आधार पर रिक्त पदों पर वरिष्ठता सूची सहित उपरोक्तानुसार निर्धारित प्रक्रिया एवं दण्डावधि में नहीं रहने पर कार्मिकों को उच्च पद का प्रभार सौंपा जाता है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है।
सिवनी-मालवा में निर्माणाधीन मार्ग की स्वीकृत राशि
[लोक निर्माण]
98. ( क्र. 1483 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 136 सिवनी-मालवा में निर्माणाधीन मार्ग कहारिया, बराखड़, गाजनपुर, भीलटदेव, सतवासा, छापरखेड़ा से बघवाड़ा मार्ग की स्वीकृत राशि क्या है? (ख) उक्त सड़क की लंबाई कितनी है एवं इसमें कितने पुल-पुलिया का निर्माण होना है? (ग) उक्त सड़क की निर्माण अवधि क्या है तथा सड़क कब तक पूर्ण होगी? (घ) क्या सड़क निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान रखा गया है?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) मार्ग की प्रशासकीय स्वीकृत राशि रू. 2732.27 लाख है। (ख) सड़क की लंबाई 17.50 कि.मी. है, इसमें कुल 81 नग पुल-पुलिया का निर्माण किया जाना है। (ग) सड़क की निर्माण की अनुबंधानुसार अवधि 18 माह है तथा कार्य पूर्ण होने की संभावित अवधि दिनांक 30.06.2026 तक लक्षित है। (घ) जी हाँ।
सड़क निर्माण की जानकारी
[लोक निर्माण]
99. ( क्र. 1486 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कोहदा-रांझी–भातना-पीपलगोटा सड़क की लंबाई एवं स्वीकृत राशि क्या है? (ख) उक्त मार्ग में कितने पुल-पुलिया बनना है? (ग) उक्त सड़क निर्माण किस वित्तीय वर्ष में स्वीकृत की गई थी तथा पूर्ण होने की अवधि क्या है?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) कोहदा-रांझी-भातना-पीपलगोटा सड़क की लंबाई 26.00 कि.मी. है एवं स्वीकृत लागत राशि रू. 4626.84 लाख है। (ख) मार्ग में कुल 57 नग पुल-पुलिया बनना है। (ग) मार्ग का निर्माण वित्तीय वर्ष 2023-24 में स्वीकृत हुआ है तथा कार्य अनुबंधानुसार दिनांक 14.03.2026 तक पूर्ण किया जाना प्रावधानित है।
दूषित पेय-जल से स्थानीय निवासियों की मृत्यु
[नगरीय विकास एवं आवास]
100. ( क्र. 1487 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या इंदौर शहर के वार्ड क्रमांक 11 के भागीरथपुरा में दिसम्बर, 2025 के अंतिम एवं माह जनवरी, 2026 में नगर निगम इंदौर की जल प्रदाय की जर्जर पुरानी टूटी-फूटी पाइप लाइनों एवं ट्यूबवेलों में गंदा एवं सीवरेज का पानी सप्लाई किये जाने से उक्त पानी को पीने से स्थानीय निवासियों की मौतें हुई है एवं सैकड़ों लोग बीमार हुये थे? (ख) यदि हाँ, तो कुल कितने लोगों की उक्त प्रदूषित पानी पीने से मौते हुई एवं कितने लोग गंभीर रूप से बीमार हुये तथा मृतकों के निकटतम परिजनों को क्या आर्थिक सहायता प्रदान की गई है? कितनी-कितनी राशि किस मद से दी गई है? कृपया मृतकों के नाम पिता/पति का नाम, उम्र, पता सहित सूची देवें। (ग) उक्त क्षेत्र में वर्षों पुरानी पाइप लाइनें बदलने के लिए नगर निगम इंदौर के द्वारा कब निविदाएं आमत्रित की गई थीं एवं कार्य समय-सीमा में प्रारंभ नहीं कराने के लिए कौन-कौन जिम्मेदार है? उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? (घ) क्या उक्त मामले में जांच समिति गठित की गई थी? यदि हाँ, तो क्या जांच समिति की रिपोर्ट प्राप्त हो गई है? यदि हाँ, तो जांच निष्कर्ष के आधार पर कौन-कौन दोषी पाए गए हैं और उन पर क्या-क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित मृत्यु समीक्षा समिति द्वारा मृत्यु के संभावित कारणों में से एक कारण एक्युट डायरियल डिजीज़ होना बताया गया। (ख) स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुल 20 मृत्यु की पुष्टि की गई एवं 459 व्यक्ति अस्पताल में भर्ती किये गये हैं। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट-अ एवं ''ब'' अनुसार है। (ग) भागीरथपुरा क्षेत्र में पुरानी पाइप-लाइन को बदलने हेतु 03 निविदाएँ आंमत्रित की गई थीं, जिनका विवरण संलग्न परिशिष्ट-स पर है। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा एक सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया गया है। गठित आयोग के Terms of Reference (TOR) में "To identify and fix responsibility upon the officers and officials found prima facie responsible for the Bhagirathpura water contamination incident" सम्मिलित है। जांच का निष्कर्ष प्रतीक्षित है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी उत्तरांश (ग) अनुसार है।
नगर पालिका में अधिकारियों की पदस्थापना
[नगरीय विकास एवं आवास]
101. ( क्र. 1491 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि नागदा नगर पालिका में विगत अक्टूबर 2024 से आज दिनांक तक रिक्त सी.एम.ओ., कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री सिविल, सहायक यंत्री मैकेनिकल, उपयंत्री सिविल, उपयंत्री विद्युत, लेखाधिकारी, स्वास्थ्य निरीक्षक और राजस्व अधिकारी के पदों पर पद स्थापना कब तक की जाएगी? जानकारी दें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (1) सी.एम.ओ.-26 नवम्बर 2025 से मुख्य नगर पालिका अधिकारी खाचरोद को नगर पालिका नागदा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। नगर पालिका नागदा में मुख्य नगर पालिका अधिकारी की पदस्थापना हेतु संचालनालय द्वारा दिनांक 24.10.2025 से प्रस्ताव विभाग को प्रेषित किया गया है। (2) कार्यपालन यंत्री-पदोन्नति का पद होने से रिक्त है। पदोन्नति नियम पर माननीय उच्च न्यायालय से निर्णय उपरांत कार्यवाही की जायेगी। (3) सहायक यंत्री-सिविल पद रिक्त नहीं है। (4) सहायक यंत्री मैकेनिकल-भर्ती हेतु शासन को प्रस्ताव प्रेषित किया गया है। (5) उपयंत्री सिविल-दो पद रिक्त है। संचालनालय के पत्र क्रमांक 19687 दिनांक 18.09.2025 से नगरीय प्रशासन विभाग अंतर्गत राज्य नगरीय यांत्रिकी सेवा के उपयंत्री (सिविल, विद्युत यांत्रिकी) पद पर चयन परीक्षा के माध्यम से नियंत्रक मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल भोपाल म.प्र. को रिक्त पदों पर भर्ती के संबंध में मांग पत्र प्रेषित किया गया है। (6) उपयंत्री विद्युत-पद रिक्त नहीं है। (7) लेखाधिकारी, स्वास्थ्य निरीक्षक, राजस्व अधिकारी-उक्त तीनों पद पदोन्नति का पद होने से रिक्त है। पदोन्नति नियम पर माननीय उच्च न्यायालय से निर्णय उपरांत कार्यवाही की जायेगी। समय-सीमा बताया संभव नहीं है।
नगर परिषद् सैलाना में विकास कार्य
[नगरीय विकास एवं आवास]
102. ( क्र. 1493 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रतलाम के नगर परिषद् सैलाना को वर्ष 2016 से प्रश्न दिनांक तक राज्य शासन/केंद्र शासन/अन्य स्रोतों से वर्षवार कुल कितनी बजट राशि प्राप्त हुई है? वर्षवार पृथक-पृथक जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित उक्त अवधि में प्राप्त बजट राशि से वर्षवार कौन-कौन से विकास कार्य कराए गए हैं? कार्य का नाम, स्वीकृत राशि, व्यय की गई राशि, कार्य की वर्तमान स्थिति (पूर्ण/प्रगतिरत/अपूर्ण) की जानकारी देवें। यदि किसी वर्ष में स्वीकृत बजट के विरुद्ध कार्य पूर्ण नहीं किए गए अथवा राशि अप्रयुक्त रही, तो उसके क्या कारण हैं? संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों/कर्मचारियों के नाम सहित जानकारी पृथक-पृथक वर्षवार अनुसार देवें। (ग) नगर परिषद् सैलाना में कराए गए कार्यों की गुणवत्ता जांच/ऑडिट कब-कब कराया गया है? यदि किसी अनियमितता की पुष्टि हुई हो, तो उस पर की गई कार्यवाही का विवरण दें। आगामी वित्तीय वर्ष में नगर परिषद् सैलाना हेतु प्रस्तावित बजट एवं प्रस्तावित कार्यों का विवरण उपलब्ध करावें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' पर है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' पर है। (ग) नगरीय क्षेत्र में चलने वाले विकास कार्यों की गुणवत्ता की जांच निर्माण कार्यों के दौरान ही ततसमय निकाय द्वारा करवाई जाती है। वित्तीय वर्ष 2017-18 तक का ऑडिट स्थानीय निधि संपरीक्षा उज्जैन संभाग उज्जैन द्वारा किया जा चुका है। शेष वित्तीय वर्षों का ऑडिट कराया जाना शेष है। ऑडिट नहीं होने से किसी प्रकार की कोई अनियमितता की पुष्टि निकाय को प्राप्त नहीं हुई है, जिससे किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गई। आगामी वित्त वर्ष 2026-27 का प्रस्तावित बजट एवं प्रस्तावित कार्यों की कार्ययोजना वर्तमान तक तैयार नहीं की गई है शेष का प्रश्न ही उत्पन्न नहीं होता।
नवकरणीय ऊर्जा परियोजना हेतु निर्माण स्थल की स्वीकृति
[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]
103. ( क्र. 1494 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रतलाम में वर्ष 2014 से प्रश्न दिनांक तक नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के अंतर्गत पवन चक्की (विंड एनर्जी), सोलर अथवा अन्य नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं हेतु कितने निर्माण स्थलों की स्वीकृति दी गई है? जानकारी वर्षवार पृथक-पृथक बतावें। (ख) प्रश्नांश 'क' में उल्लेखित उनकी वर्षवार एवं परियोजनावार सूची क्या है? उक्त अवधि में स्वीकृत प्रत्येक पवन चक्की/परियोजना के लिए निर्माण स्थल (ग्राम/तहसील), भूमि का प्रकार (शासकीय/निजी/वन भूमि), स्वीकृत क्षमता (मेगावाट में) वर्षवार पृथक-पृथक बतावें। (ग) रतलाम जिले अंतर्गत पवन चक्की एवं अन्य नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना हेतु विभाग द्वारा कौन-कौन सी शर्तें एवं मानदंड निर्धारित किए गए हैं? पर्यावरण स्वीकृति, भूमि उपयोग परिवर्तन, स्थानीय प्रशासन/ग्राम सभा की अनुमति एवं वन विभाग/अन्य विभागों की स्वीकृति की स्पष्ट जानकारी देवें। जिला रतलाम में स्वीकृत परियोजनाओं को स्थापित करने से पूर्व एवं पश्चात अनुमति एवं निरीक्षण की प्रक्रिया क्या रही है? किन अधिकारियों द्वारा कितनी बार निरीक्षण किया गया है? वर्षवार विवरण सहित बतावें। यदि किसी परियोजना में निर्धारित शर्तों का उल्लंघन पाया गया हो, तो कितने प्रकरण दर्ज किए गए? संबंधित एजेंसी या कंपनी के विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई? जानकारी वर्षवार पृथक-पृथक बतावें। (घ) जिला रतलाम में वर्तमान में कितनी परियोजनाएं चालू, प्रगतिरत अथवा निरस्त हैं? उनकी जानकारी पृथक-पृथक वर्षवार उपलब्ध कराएं।
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्ला ) : (क) जिला रतलाम में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के अंतर्गत पवन पक्की (विंड एनर्जी) सोलर अथवा अन्य नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) प्रदेश में पवन चक्की एवं अन्य नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना हेतु 'मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा नीति-2025' लागू है, जिसके तहत आवेदक परियोजना लगा सकते है। नीति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। परियोजना की स्थापना एवं कमिशनिंग हेतु प्रश्नांश (ग) में वर्णित सभी आवश्यक स्वीकृतियां स्वयं विकासक/आवेदक द्वारा संबंधित विभागों से ली जाती है, जिसका अनुश्रवण संबंधित विभाग की विषयवस्तु है। शेष प्रश्न लागू नहीं होता है। भारत सरकार की कुसुम-अ एवं ''स'' योजना जिनके तहत भूमि पर (Ground Mounte) सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित एवं कमिशनिंग होते हैं की जानकरी है। पी.एम. कुसुम-अ योजना के दिशा-निर्देश अंतर्गत निगम द्वारा सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना हेतु मुख्यत: कृषक/विकासक श्रेणी में आवेदन प्राप्त किये गये हैं। उक्त दिशा-निर्देशों के आधार पर निगम द्वारा हितग्राहियों का चयन निगम द्वारा जारी पंजीयन चयन प्रक्रिया के आधार पर किया जाता है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। पी.एम. कुसुम-स परियोजना अंतर्गत सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना विकासक द्वारा की जाती है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है। 1. MNRE Scheme Guidelines 2. GoMP Cabinet decision 3. RfP conditions सभी आवश्यक स्वीकृतियां स्वयं विकासक द्वारा संबंधित विभागों से ली जाती है, जिसका अनुश्रवण संबंधित विभाग की विषय-वस्तु है। अत: शेष प्रश्न लागू नहीं होता है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है।
नवीन रोड निर्माण में नियमों का पालन
[लोक निर्माण]
104. ( क्र. 1501 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बसई अरनिया मार्ग की स्वीकृति दिनांक, कुल लागत, लम्बाई, चौड़ाई, एजेंसी का नाम, ठेकेदार के नाम सहित जानकारी देवें। (ख) क्या सुवासरा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत बसई अरनिया रोड का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है तथा सम्पूर्ण प्रक्रिया पूर्ण कर विभाग को हस्तांतरित हो चुका है? यदि हाँ, तो हस्तांतरण दिनांक एवं वर्ष सहित जानकारी देवें। (ग) उपरोक्त मार्ग के निर्माण के समय क्या घटिया निर्माण के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी? प्राप्त शिकायत पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई एवं वर्तमान समय में नवीन रोड पर कुल कितने मरम्मत के पेंच लगे हुए हैं? नवीन मार्ग निर्माण की गुणवत्ता रिपोर्ट की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (घ) क्या इस नवीन रोड के दोनों और साइडें भरी गई हैं? क्या साइन बोर्ड लगाए गए हैं? क्या नवीन रोड निर्माण के लिए आवश्यक नियमों का पालन किया गया है? जानकारी देवें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) उक्त कार्य की स्वीकृति दिनांक 29.04.2022, लम्बाई 31.40 कि.मी., चौड़ाई 5.50 मीटर (इंटरमिडिएट लेन), लागत रू. 2742.73 लाख, एजेन्सी का नाम मेसर्स भाषा कंस्ट्रक्शन भोपाल है। (ख) जी हाँ। जी नहीं, उक्त कार्य दिनांक 31 जनवरी 2025 में पूर्ण एवं दिनांक 30 जनवरी 2030 तक परफॉरमेंस गारंटी में है। (ग) जी हाँ, प्राप्त शिकायत पर विभाग द्वारा निर्माण के दौरान जांच कर, कार्य पूर्णता के पूर्व सुधार कार्य करवाया गया, वर्षाकाल में मार्ग की कुल लम्बाई 26.40 कि.मी. में, 148 वर्ग मीटर में पेंच निर्मित हुए, जो कि मार्ग के कुल क्षेत्रफल का 0.1 प्रतिशत है, जिनका सुधार कार्य वर्षाकाल पश्चात कराया गया। कार्य की गुणवत्ता रिपोर्ट की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जी हाँ, प्राप्त प्रशासकीय स्वीकृति अंतर्गत मार्ग का निर्माण कार्य किया गया है। जी हाँ, कराए गए कार्य में आवश्यक नियमों का पालन किया गया है।
स्टेट हाइवे का निर्माण
[लोक निर्माण]
105. ( क्र. 1502 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुवासरा-गरोठ-भानपुरा स्टेट हाइवे की कुल लंबाई कितनी है तथा इसके अंतर्गत कितनी पुलियाओं/रपट/ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है? उन स्थानों के नाम एवं मार्ग की कुल लागत की जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित मार्ग में क्या समस्त नवीन पुलियाओं/रपटे/ब्रिज का भी निर्माण किया जा रहा है या पुरानी पुलियाओं/रपट/ब्रिज का भी उपयोग इस मार्ग में किया जा रहा है? स्थान के नाम सहित जानकारी देवें। (ग) यदि उपरोक्त मार्ग में पुरानी पुलियाओं/रपटे/ब्रिज पूर्ण/अपूर्ण का उपयोग किया जा रहा है तो उनके स्थानों के नाम एवं लागत सहित जानकारी देवें एवं पुरानी पुलियाओं की गुणवत्ता वर्तमान मार्ग की डिजाइन के अनुरूप है या नहीं? जानकारी देवें। (घ) सुवासरा से श्यामगढ़ तक निर्माणाधीन रोड में बीच में ऐसी कितनी पुरानी पुलियाओं का वर्तमान रोड में उपयोग किया जा रहा है, उनकी संख्या एवं स्थान, इन पुलियाओं की लागत, गुणवत्ता, ठेकेदार का नाम, एजेंसी का नाम, वर्तमान रोड की डिजाइन अनुरूप है या नहीं? सम्पूर्ण रिपोर्ट की जानकारी देवें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) सुवासरा-गरोठ-भानपुरा मार्ग, लंबाई 61.21 कि.मी. का निर्माण किया जा रहा है। यह मार्ग राज्य राजमार्ग क्र.-8 “भानपुरा-गरोठ-मेलखेड़ा-श्यामगढ़-सुवासरा-बसई-सीतामऊ”, लंबाई 96.00 कि.मी. का भाग है। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जी नहीं। मार्ग में पुरानी पुलियों/रपटे/ब्रिज का भी उपयोग किया जा रहा है। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (घ) सुवासरा से श्यामगढ़ तक निर्माणाधीन मार्ग खण्ड में अनुबंधानुसार कुल 13 नग पुरानी पुलियों को यथावत रखा गया है। तथापि अपर्याप्त चौड़ाई के कारण 12 नग पुरानी पुलियों के चौड़ीकरण हेतु चैंज ऑफ स्कोप के अंतर्गत प्रस्ताव विचाराधीन है। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।
जल निकासी हेतु बड़े नाले का निर्माण
[नगरीय विकास एवं आवास]
106. ( क्र. 1505 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नगर मुरैना के वार्ड क्रमांक 27, 28, 29 और 30 में व्यवस्थित जल निकासी (Drainage System) न होने के कारण पूरे क्षेत्र में गंदगी और जल-भराव की विकराल समस्या बनी हुई है? (ख) क्या इन वार्डों में छोटी नालियों का पानी निकासी का रास्ता न होने के कारण सड़कों पर बहता है, जिससे स्थानीय निवासियों का पैदल चलना दूभर हो गया है और संक्रामक बीमारियों (जैसे डेंगू, मलेरिया) के फैलने का निरंतर भय बना रहता है? (ग) क्या विभाग उक्त वार्डों की घनी आबादी को राहत पहुँचाने के उद्देश्य से यहाँ एक 'बड़े मुख्य नाले' (Main Trunk Drain) का निर्माण विचाराधीन है? यदि हाँ, तो इस संबंध में अब तक क्या विभागीय कार्यवाही की गई है? (घ) क्या विभाग इस क्षेत्र की नारकीय स्थिति को देखते हुए जनहित में प्राथमिकता के आधार पर नाला निर्माण की तकनीकी स्वीकृति प्रदान कर कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश जारी करेगा? यदि नहीं, तो इस क्षेत्र के नागरिकों को गंदगी से मुक्ति दिलाने के लिए शासन की क्या वैकल्पिक योजना है?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं। (ख) जी नहीं। नगर पालिक निगम मुरैना द्वारा वार्डों की गलियों में छोटी-छोटी खुली नालियां हैं, जिसमें कभी-कभी कचरा जाम होने से सड़कों में पानी आ जाता है। नगर पालिक निगम मुरैना द्वारा जिसकी सफाई आवश्यकतानुसार समय-समय पर करा दी जाती है। वार्डों की गलियों की छोटी-छोटी नालियों को भूमिगत नाले से जोड़ा गया है। (ग) जी हाँ। बड़े नाले का निर्माण कराये जाने का प्रस्ताव भी नगर पालिक निगम मुरैना द्वारा तैयार किया गया है। (घ) जी हाँ। विषयांकित कार्यों के लिए मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना पचंम चरण विभाग स्तर पर स्वीकृत है।
विद्युत बिलों की बकाया राशि की वसूली
[ऊर्जा]
107. ( क्र. 1506 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना जिले की छ: विधानसभा क्षेत्रों (सबलगढ़, जौरा, सुमावली, मुरैना, दिमनी एवं अंबाह) में वर्तमान में घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं की पृथक-पृथक संख्या कितनी है? उक्त विधानसभाओं में इन दोनों श्रेणियों के उपभोक्ताओं पर कुल कितनी विद्युत राशि बकाया है? विधानसभावार एवं श्रेणीवार जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) विगत एक वर्ष (जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 तक) में उक्त बकाया राशि की वसूली हेतु विभाग द्वारा कितने उपभोक्ताओं के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की गई है? विधानसभावार दर्ज प्रकरणों की संख्या एवं उनसे वसूल की गई वास्तविक राशि का पूर्ण विवरण दें। (ग) क्या वसूली की कार्यवाही और प्रकरण दर्ज करने हेतु कोई विशेष मापदंड अपनाए गए हैं? क्या विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में दर्ज प्रकरणों की संख्या में अत्यधिक असमानता है? क्या इस कार्यवाही में भेदभाव किया गया है? यदि नहीं, तो सभी छ# विधानसभाओं के तुलनात्मक आंकड़े उपलबध कराएं। (घ) पिछले 06 माह में मुरैना जिले की उक्त छ: विधानसभाओं में कुल कितने विद्युत ट्रांसफार्मर (घरेलू एवं कृषि) खराब हुए? इनमें से कितने बदले गए और कितने वर्तमान में लंबित हैं? विधानसभावार सूची दें। क्या शासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर ट्रांसफार्मर बदले जा रहे हैं? यदि नहीं, तो इस विलंब के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध अब तक क्या दंडात्मक कार्यवाही की गई है?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) मुरैना जिले के छ: विधानसभा क्षेत्रों यथा-सबलगढ़, जौरा, सुमावली, मुरैना, दिमनी एवं अंबाह में वर्तमान में घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं की पृथक-पृथक संख्या की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्रों में उक्त दोनों श्रेणियों के उपभोक्ताओं पर कुल विद्युत बिल की बकाया राशि की प्रश्नाधीन चाही गयी विधानसभा क्षेत्रवार एवं श्रेणीवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। (ख) विगत एक वर्ष जनवरी-2025 से माह दिसंबर-2025 तक की अवधि में उत्तरांश (क) में उल्लेखित बकाया राशि की वसूली हेतु म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा नियमानुसार उपभोक्ताओं के विरूद्ध की गई वैधानिक कार्यवाही एवं विधानसभा क्षेत्रवार दर्ज प्रकरणों की संख्या तथा वसूल की गई वास्तविक राशि का प्रश्नाधीन चाहा गया विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है। (ग) जी नहीं, वसूली की कार्यवाही और प्रकरण दर्ज करने हेतु कोई विशेष मापदंड नहीं अपनाए गए हैं। उक्त विधानसभा क्षेत्रों में दर्ज प्रकरणों की संख्या में असमानता नहीं होकर विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में विद्युत बिल बकायादारों की संख्या में परिस्थितिजन्य भिन्नता है। इस कार्यवाही में भेदभाव नहीं किया गया है। विधानसभा क्षेत्रवार तुलनात्मक विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'स' अनुसार है। (घ) पिछले 06 माह (दिनांक 01 जुलाई 2025 से दिनांक 01 दिसम्बर 2025 तक) में मुरैना जिले के विधानसभा क्षेत्रों में जले/खराब वितरण विद्युत ट्रांसफार्मरों (घरेलू एवं कृषि) की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'द' अनुसार है। मुरैना जिले में निर्धारित समय-सीमा में ही वितरण ट्रांसफार्मर बदले जा रहे हैं। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है।
सड़कों का डामरीकण एवं मरम्मत कार्य
[लोक निर्माण]
108. ( क्र. 1514 ) श्री महेंद्र रामसिंह यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कोलारस विधानसभा क्षेत्र के कोलारस, लुकवासा व बदरवास आंतरिक शहरी भाग जो कि पूर्व में एन.एच. 03 का हिस्सा था। उक्त आंतरिक मार्ग वर्तमान में किस विभाग के अधीन है व उनका पुनः निर्माण डामरीकरण कार्य अंतिम बार कब व कितने-कितने हिस्से में किया गया था? (ख) क्या विगत कई वर्षों से उक्त सड़कों की मरम्मत एवं पुनः डामरीकरण न होने के कारण उक्त सड़के जर्जर होकर बेकार हो चुकी हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यदि हाँ, तो उक्त सड़कों का पुनः डामरीकरण व मरम्मत कार्य क्यों नहीं कराया गया? कारण स्पष्ट करें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में उक्त सडक़ों का पुनः डामरीकरण कब तक करा दिया जावेगा? समय अवधि बतावें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) प्रश्नाधीन तीनों मार्ग वर्तमान में लोक निर्माण विभाग (भवन/पथ) के अधीन है। उक्त तीनों मार्गों का डामरीकरण का कार्य लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग ग्वालियर द्वारा कोलारस (4.30 कि.मी.) दिनांक 30.11.2021 को एवं लुकवासा (2.10 कि.मी.) तथा बदरवास (3.10 कि.मी.) दिनांक 03.01.2022 को कुल लम्बाई 9.50 कि.मी. का कार्य किया गया है। (ख) जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उक्त प्रश्नाधीन मार्गों का मरम्मत कार्य आवश्यकतानुसार कराया गया है एवं यातायात सुगम संचालित है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नगर पालिक निगम कटनी द्वारा किराए पर लिए गए वाहन की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
109. ( क्र. 1520 ) श्री संदीप श्रीप्रसाद जायेसवाल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिक निगम कटनी में कौन-कौन से वाहन किराए पर लगाए गए हैं? प्रत्येक वाहन की पूर्ण जानकारी प्रदान करें एवं क्या यह व्यावसायिक प्रयोग के लिए रजिस्टर्ड है कि नहीं? (ख) किराए पर लिए गए किस-किस वाहन को कितना-कितना भुगतान एवं डीजल प्रदाय किया गया है? (ग) इनमें से प्रत्येक वाहन को किस आधार पर किराए पर लिया गया है? क्या इसमें शासकीय निर्देश का पालन किया गया है एवं क्या इनकी लॉग-बुक मेन्टेन की जा रही है? अगर नहीं तो क्यों? कारण बताएं। (घ) किराए पर लिए गए प्रत्येक वाहन के मालिक एवं वाहन मालिक द्वारा दिए गए ड्राइवर का नाम, पिता का नाम, जाति, उपजाति एवं पूर्ण पता तथा स्थाई पता बताएं।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ''अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब''अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार। जी हाँ। जी हाँ। उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''द'' अनुसार।
धारणाधिकर योजना के तहत पट्टों का प्रदाय
[नगरीय विकास एवं आवास]
110. ( क्र. 1521 ) श्री संदीप श्रीप्रसाद जायेसवाल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्यमंत्री नगरीय भू-अधिकार (धारणाधिकर) एवं मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना क्या है? योजना कब लागू हुई और किन नियमों एवं शर्तों के तहत किस प्रयोजन हेतु, किस प्रक्रिया से पट्टे प्रदाय किए जाते हैं? (ख) विधानसभा प्रश्न क्रमांक–73, दिनांक 12/07/2023 के उत्तरानुसार बैठक दिनांक 05/06/2023 में कौन-कौन उपस्थित रहा और क्या-क्या निर्णय लिए गए? निर्णयानुसार प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की गयी? क्या-क्या कार्यवाही शेष हैं? शेष कार्यवाही किस प्रकार और कब तक पूर्ण की जाएंगी? (ग) क्या माधवनगर कटनी की पुनर्वास भूमि पर काबिज पार्षदों सहित रहवासियों द्वारा नगरपालिक निगम-कटनी द्वारा करारोपण कर करों की राशि ली जाने की लगातार मांग की जा रही है? यदि हाँ, तो इस मांग की पूर्ति किस प्रकार की जायेगी? (घ) प्रश्नांश “क” से “ग” के तहत माधवनगर कटनी की पुनर्वास भूमि पर काबिज नागरिकों को किस प्रकार और भूमियों के पट्टे कब तक प्रदाय किए जायेंगे और क्या इस संबंध में शासन/विभाग स्तर से समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश दिये जायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगरीय क्षेत्र में शासकीय भूमि में वर्ष 2020 के पूर्व मकान बनाकर निवासरत हितग्राहियों को निर्धारित प्रीमियम एवं भू-भाटक राशि जमा कराकर आवासीय एवं व्यवसायिक मद के नजूल भूमि के पट्टे 30 वर्ष के लिये मुख्यमंत्री नगरीय भू-अधिकार (धारणाधिकार) योजना के तहत दिये जाने की योजना है, जो वर्ष 2020 से लागू हुई है। (ख) कलेक्टर कटनी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक दिनांक 05.06.2023 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। मप्र नगरीय भू-अधिकार योजना के तहत माधव नगर वासियों द्वारा कुल 2224 आवेदन प्रस्तुत किये गये है। प्राप्त आवदनों में प्रकरण तैयार कर अनुविभागीय अधिकारी/नजूल अधिकारी (रा.) कटनी को प्रेषित किये गये है। प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर 54 व्यक्तियों को पट्टा स्वीकृत कर वितरित किया गया। कुल 647 आवेदक पात्रता में न आने से आवेदन पत्र निरस्त किये गये हैं। शेष आवेदन पत्र जांच प्रक्रिया में है। (ग) जी हाँ। काबिज व्यक्तियों को नियमानुसार धारणाधिकार प्राप्त होने पर विहित प्रक्रिया के अनुसार नामान्तरण स्वीकृति उपरांत सम्पत्ति/समेकित कर अधिरोपित किया जायेगा। (घ) कार्यवाही प्रचलन में है। मुख्यमंत्री नगरीय भू-अधिकार धारणाधिकार योजना के तहत जांच उपरांत प्राप्त प्रकरणों में नियमानुसार पात्रता के आधार पर कार्यवाही की जा रही है।
नगर पालिका परिषद् बालाघाट में संचालित योजनाएं
[नगरीय विकास एवं आवास]
111. ( क्र. 1523 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिका परिषद् बालाघाट में दिनाँक 08.08.2022 से प्रश्न दिनांक तक मुख्यमंत्री अधोसरंचना-4, कायाकल्प 1-2, अमृत 2, सी.एम. मॉनिट, जलावर्धन योजना अंतर्गत कितने निर्माण कार्य संचालित हैं? समस्त संचालित निर्माण कार्यों के कार्य स्वीकृत डी.पी.आर. अनुसार किये जा रहे हैं या नहीं? यदि नहीं, तो शासन से स्वीकृत मूल योजना के डी.पी.आर. में परिवर्तन का अधिकार शासन ने किसको दिया है? डी.पी.आर. परिवर्तन एवं शासन के आदेशों की जानकारी देवें। (ख) दिनाँक 08.08.2022 से प्रश्न दिनांक तक कितने कार्य के डी.पी.आर. से अलग स्थल परिवर्तन एवं नवीन कार्यों में संशोधन/परिवर्तन के पश्चात तकनीकी स्वीकृति या नवीन निविदा आमंत्रित की गई? नहीं की गई तो क्यों? इसके लिये दोषी कौन-कौन हैं? नामवार, पदवार जानकारी देवें। (ग) जिला प्रशासन द्वारा शासन के स्वीकृत कार्यों की मॉनिटरिंग किसके द्वारा की जाती है? यदि नहीं, की गई है तो क्यों? क्या अमृत 2 योजना में गुणवत्ताहीन कार्य किया जा रहा है? उक्त कार्य की उच्च स्तरीय जाँच कब तक की जावेगी? क्या पी.आई.सी. को योजना के क्रियान्वयन के अधिकार शासन द्वारा दिए गए हैं? शासन आदेश की प्रति देवें। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) व (ग) अनुसार उपयुक्त योजना के रिवाइज तकनीकी एस्टीमेट के पूर्व एवं बाद में कितनी राशि का भुगतान किस-किस को कब-कब किया जा चुका है?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। राज्य प्रवर्तित योजनाओं में स्वीकृत डी.पी.आर. में परिवर्तन का अधिकार, म.प्र. नगर पालिका अधिनियम 1961 के वित्त एवं लेखा नियम 2018 के नियम 237 एवं 238 अनुसार सक्षम प्राधिकारियों में वैष्ठित हैं। केन्द्र प्रवर्तित योजना अमृत 2 में स्वीकृत डी.पी.आर. में परिवर्तन के अधिकार राज्य स्तरीय तकनीकी समिति में वैष्ठित हैं। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ग) जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर शासन के स्वीकृत समस्त कार्यों की मॉनिटरिंग की जाती है। जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट 'अ' अनुसार है।
शासन द्वारा नगर पालिका परिषद् को राशि का प्रदाय
[नगरीय विकास एवं आवास]
112. ( क्र. 1524 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिका परिषद् बालाघाट को शासन द्वारा राशि दी गई है। यदि हाँ, तो दिनाँक 08.08.2022 से प्रश्न दिनांक तक किस-किस योजना (राज्य सरकार/केंद्र सरकार) अंतर्गत कितनी-कितनी राशि प्राप्त हुई? साथ ही उक्त समय राजस्व प्राप्ति से कितनी राशि प्राप्त हुई? वर्षवार, मदवार सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार नगर पालिका परिषद् बालाघाट के समस्त विभागों को दिनाँक 08.08.2022 से प्रश्न दिनांक तक प्राप्त राशि से कौन-कौन से निर्माण कार्य एवं सामग्री खरीदी कितनी-कितनी राशि की कब-कब की गई? आदेश, नस्ती की प्रति सहित सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित विभागों द्वारा सामग्री खरीदी के बिल व्हाउचर की प्रति, किन-किन फर्म/कर्मचारी को कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया गया? कार्यालयीन व्यय के बिल व्हाउचर सहित सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्नांश (क) व (ख) में व्यय की गई राशि स्वीकृति किस अधिकारी/कर्मचारी द्वारा किया गया है? नामवार, वर्षवार सम्पूर्ण जानकारी देवें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'क' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ख' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ख' एवं परिशिष्ट 'ग' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'घ' अनुसार है।
आर.डी.एस.एस. योजना अंतर्गत स्वीकृत ट्रांसफार्मर
[ऊर्जा]
113. ( क्र. 1529 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1748 दिनांक 31/07/2025 के उत्तरांश अनुसार अतिभारित ट्रांसफार्मरों का भार कम किए जाने हेतु म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अंतर्गत आर.डी.एस.एस. योजना के प्रथम चरण में 36 नवीन अतिरिक्त ट्रांसफार्मरों को स्वीकृत किए गए हैं? क्या उक्त ट्रांसफार्मरों को स्वीकृत स्थानों पर स्थापित कर दिए गए है? यदि नहीं, तो क्यों? बताएं कि कहाँ-कहाँ स्वीकृत हुए एवं कहाँ स्थापित किए गए हैं? संपूर्ण विवरण सूची सहित देवें। (ख) बताएं कि विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुल 996 अतिभारित ट्रांसफार्मरों में से केवल 36 ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि की गई एवं बाकी 960 अतिभारित ट्रांसफार्मरों को आर.डी.एस.एस. योजना के द्वितीय चरण में प्रस्तावित होने के पश्चात प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई है? बताएं कि उक्त प्रस्तावित ट्रांसफार्मर स्वीकृति हेतु कहाँ लंबित है? लंबित रहने के क्या कारण है? (ग) विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विद्युत विभाग द्वारा बिना सूचना बिना नोटिस दिए बकाया ट्रांसफार्मरों से संपूर्ण ग्राम से बिजली काटी जा रही हे? बताएं कि क्या विभाग द्वारा निरंतर बिजली बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को परेशान किया जा रहा है? बकाया बिल वसूली हेतु विभाग द्वारा क्या कार्ययोजना बनाई गई है? क्या विभाग द्वारा समय पर बिल जमा न करने वालों पर कार्यवाही न करते हुए उपभोक्ताओं को परेशान किया जा रहा है?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1748 दिनांक 31/07/2025 के उत्तरांश अनुसार महिदपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत अतिभारित वितरण ट्रांसफार्मरों का भार कम किए जाने हेतु म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड अंतर्गत आर.डी.एस.एस. योजना के प्रथम चरण में स्वीकृत 36 नवीन अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मरों में से 05 वितरण ट्रांसफार्मरों की स्थापना के कार्य पूर्ण किये जा चुके है एवं शेष 31 का कार्य प्रगतिरत है, जिसकी सूची संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत शेष 960 अतिभारित वितरण ट्रांसफार्मरों का भार कम किये जाने संबंधी कार्यों हेतु आर.डी.एस.एस. योजना के द्वितीय चरण (सिस्टम मॉर्डनाइजेशन) के तहत कार्ययोजना तैयार कर भारत सरकार द्वारा नियुक्त योजना की नोडल एजेंसी मेसर्स पी.एफ.सी. को स्वीकृति हेतु प्रेषित की गई है, जिसकी स्वीकृति वर्तमान में योजना की नोडल एजेंसी मेसर्स पी.एफ.सी. से अप्राप्त है। (ग) जी नहीं। जी नहीं। प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा ऐसे विद्युत उपभोक्ता जिनके द्वारा नियमित रूप से विद्युत बिल की राशि जमा की जाती है, उनका विद्युत कनेक्शन विच्छेदित नहीं किया जाता है एवं ऐसे उपभोक्ताओं को विद्युत प्रदाय सुचारू रूप से किया जाता है। उल्लेखनीय है कि नियत दिनांक तक देयक का भुगतान प्राप्त नहीं होने की स्थिति में ''म.प्र. विद्युत प्रदाय संहिता-2021'' की कण्डिका-9.15 के अनुसार उपभोक्ता को संयोजन के अस्थाई विच्छेदित हेतु 15 दिवसीय नोटिस जारी करने का प्रावधान है। नोटिस अवधि समाप्ति पर भी यदि देयक का भुगतान उपभोक्ता द्वारा नहीं किया जाता है, तो ऐसी स्थिति में संयोजन को अस्थाई रूप से विच्छेदित किया जाता है। उक्त के अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मर से संबद्ध शत्-प्रतिशत उपभोक्ताओं पर विद्युत बिल की बकाया राशि होने पर ही वितरण ट्रांसफार्मर को बंद किया जाता है। राज्य सरकार द्वारा विद्युत वितरण कंपनियों अंतर्गत बकाया राशि की वसूली के उद्देश्य से वर्तमान में घरेलू, गैर-घरेलू, कृषि एवं औद्योगिक श्रेणी (उच्च दाब समेत) के समस्त संयोजित तथा अस्थायी/स्थायी रूप से विच्छेदित बकायादार उपभोक्ताओं (शासकीय कनेक्शनों को छोड़कर) के विद्युत बिलों में देय सरचार्ज की माफी के उद्देश्य से ''सामाधान योजना 2025-26'' लागू की गई है। जी नहीं।
बालाघाट जिले में लोक निर्माण विभाग अंतर्गत किये गये कार्य
[लोक निर्माण]
114. ( क्र. 1534 ) श्री मधु भगत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत लोक निर्माण विभाग बालाघाट द्वारा वर्ष 2023-24-25 से प्रश्न दिनांक तक प्रश्नकर्ता विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले किन-किन ग्रामों/क्षेत्र में पुल/पुल निर्माण कार्य/सड़क रिपेरिंग कार्य एवं नयी सड़क स्वीकृति हेतु कितने प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग भोपाल को भेजे गये है? भेजे गये समस्त प्रस्ताव की प्रति के समस्त दस्तावेज उपलब्ध करावें। (ख) भेजे गये प्रस्ताव में से कितने कार्यों की स्वीकृति लोक निर्माण विभाग भोपाल द्वारा की गई एवं कितने कार्य स्वीकृति के प्रचलन में है। साथ ही कौन-कौन से कार्य लंबित हैं? लंबित कार्य की सूचि उपलब्ध करावें। लंबित कार्य किस कारण से लंबित हैं एवं कब तक लंबित कार्यों की स्वीकृति लोक निर्माण विभाग द्वारा कब तक स्वीकृत किया जावेगा? (ग) बालाघाट से नैनपुर और लामता से बैहर मार्ग कब निर्माण किया गया था? वर्तमान में उसकी क्या स्थिति है? भौतिक स्थिति से अवगत कराते हुए नवीन निर्माण का मरम्मत कार्य कब तक किया जाएगा? प्रकरण तकनीकी स्वीकृति सहित प्रशासन की स्वीकृति का विस्तृत ब्यौरा देवें। (घ) क्या बालाघाट से नैनपुर तक फोरलेन सड़क निर्माण कार्य किया जाना प्रस्तावित हैं? यदि है तो एस्टीमेट की कॉपी एवं भूमि अधिग्रहण संबंधित समस्त दस्तावेज उपलब्ध करावें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रपत्र-अ, 'अ-1' एवं 'ब' अनुसार है। (ग) लामता से बैहर मार्ग की जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रपत्र-'ब-2' अनुसार है। बालाघाट से नैनपुर मार्ग का निर्माण कार्य म.प्र. सड़क विकास निगम द्वारा वर्ष 2010-11 में किया गया था। वर्तमान में मार्ग की स्थिति संतोषजनक है। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। मार्ग की भौतिक स्थिति अच्छी है। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
बालाघाट जिलांतर्गत कराये गए विद्युतीकरण कार्य
[ऊर्जा]
115. ( क्र. 1535 ) श्री मधु भगत : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला बालाघाट अंतर्गत विद्युत ऊर्जा विभाग द्वारा वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक जिले में विभाग द्वारा कितने ट्रांसफार्मर, केबल, विद्युत पैनल एवं मीटर का क्रय कब-कब व किस-किस कंपनी/एजेन्सियों के माध्यम से किया गया? विद्युत उपकरण का नाम, प्रशासकीय स्वीकृति, निविदा प्रक्रिया, अनुबंध की शर्तें चयन प्रकिया का विवरण, फर्म/संस्था/कम्पनी/एजेंसी का नाम, पता सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नकर्ता विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विद्युत ऊर्जा विभाग द्वारा वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्रामों, मजरों, टोलों के विद्युतीकरण कें संबंध में प्रश्न दिनांक तक कौन-कौन सी कार्ययोजना बनाई गई हैं एवं वर्तमान में कौन-कौन सी योजना सूचारू रूप से विभाग द्वारा संचालित हैं? समस्त योजना के दस्तावेज सहित जानकारी उपलब्ध करावें।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा आवश्यक विद्युत सामग्री यथा ट्रांसफार्मर, केबल, विद्युत पैनल एवं मीटर इत्यादि का क्रय, कंपनी क्षेत्रांतर्गत समस्त जिलों के लिए समेकित रूप से कंपनी मुख्यालय स्तर से किया जाता है, जिसमें बालाघाट जिला भी सम्मिलित है। म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रांतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24, वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 (माह दिसम्बर) तक की अवधि में प्रश्नांकित विद्युत सामग्री की क्रय दिनांक, फर्म/एजेंसी का नाम/पता एवं प्रशासकीय स्वीकृति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। विद्युत उपकरण खरीदने की निविदा प्रक्रिया एवं चयन प्रक्रिया का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है। उल्लेखनीय है कि प्रश्नांकित सामग्री के क्रय हेतु पृथक से कोई अनुबंध संपादित नहीं किया जाता है। इस हेतु जारी की गई निविदा एवं क्रय आदेश ही अनुबंध के रूप में मान्य होता है। (ख) परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत प्रश्नाधीन अवधि में केन्द्र शासन की पी.एम. जनमन योजना के प्रावधानों के अनुसार चयनित विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों तथा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के प्रावधानों के अनुसार चयनित जनजातीय समूहों के अविद्युतीकृत घरों के विद्युतीकरण हेतु कार्ययोजना बनाई गई है। वर्तमान में प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र सहित जिला बालाघाट में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत जनजातीय समूहों के अविद्युतीकृत घरों के विद्युतीकरण की योजना संचालित है। उपरोक्त योजनाओं सें संबंधित दस्तावेजों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'स' अनुसार है।
सड़क एवं पुलिया निर्माण के कार्यों की स्वीकृति
[लोक निर्माण]
116. ( क्र. 1536 ) श्री सुनील उईके : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जुन्नारदेव विधानसभा के अल्प पिछड़े आदिवासी अंचलों की सड़क ग्राम गारादेही (बिलावरखुर्द) से सांगाखेडा, नांदिया होते हुये हीवर (पचमढ़ी) तक नवीन सड़क निर्माण कार्य, वार्ड नं 13 सिद्धबाबा दमुआ से गोरखघाट (छाबडा) तक नवीन सड़क निर्माण कार्य, डोरली (रिछेडा) से बिछुआ (केवलारी) तक 1 कि.मी. सड़क निर्माण, मोरछी से पुलिया तक 1 कि.मी. सड़क, वीरपठार से झापूढाना तक 1.5 कि.मी., पालाचौरई से पिपरढाना तक 1 कि.मी. सड़क, सिंघरईमाघो गातलढाना मेन रोड से प्रधान मोहल्ला तक 1 कि.मी. सड़क, धगडिया से बीजाढाना तक 2 कि.मी. सड़क निर्माण कार्यों को स्वीकृत करने पर सरकार विचार करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) विधानसभा जुन्नारदेव की निम्न पुलिया निर्माण कार्य ग्राम हिरदागढ़ से कन्हान नदी पर लोहे की पुलिया, ग्राम दातला से सरेखाढाना मार्ग में टांकिया नदी पर पुलिया, ग्राम डोरली से केवलारी बिछुआ मार्ग पर पुलिया, ग्राम डेहरी प्रा.शा. मतदान केन्द्र मार्ग पर पुलिया, ग्राम भावईखुर्द में बस्ती से हिरदागढ़ रोड में नैंदना नदी पर पुलिया निर्माण, अनहोनी में स्कूल मोहल्ला से ढोंगा मोहल्ले के बीच पुलिया निर्माण, ग्राम माहुलझिर के मनकवाडा में पुलिया निर्माण एवं ग्राम जामुनडोगा से नवरीटोला के बीच में पुलिया निर्माण कार्यों को क्या स्वीकृति प्रदान करने पर विचार करेगें? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी नहीं। प्रश्नांकित सभी मार्ग बजट में सम्मिलित नहीं होने के कारण स्वीकृति हेतु कार्यवाही किया जाना संभव नहीं है। (ख) जी नहीं। प्रश्नांकित पुल/पुलिया बजट में सम्मिलित नहीं होने के कारण स्वीकृति हेतु कार्यवाही किया जाना संभव नहीं है।
आदिवासी अंचलों में विद्युत ट्रांसफार्मर की समस्या
[ऊर्जा]
117. ( क्र. 1537 ) श्री सुनील उईके : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ऊर्जा विभाग के अंतर्गत विद्युत वितरण कंपनियों के द्वारा खराब पड़े विद्युत ट्रांसफार्मर को बदलने के लिए शासन की कोई योजना है? यदि हाँ, तो उसके क्या-क्या दिशा-निर्देश एवं गाइड-लाइन हैं? (ख) क्या विधानसभा जुन्नारदेव अंतर्गत ग्रामीणजनों एवं किसानों की सिंचाई सुविधा को देखते हुये विद्युत की जटील समस्या का निराकरण करने पर माननीय मंत्री महोदय विचार करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) क्या जुन्नारदेव विधानसभा के अति पिछड़े आदिवासी अंचलों में विद्युत ट्रांसफार्मर की समस्या को देखते हुये निम्न ग्राम जैसे ग्राम कलमुण्डी निर्मला पवार के खेत के पास, ग्राम पालाचौरई में राजकुमार पवार के खेत के पास मोक्षधाम के सामने, ग्राम खमराकला के हेटीढाना में रामप्रसाद के खेत के पास, ग्राम रिछेडा में रामप्रसाद बंदेवार के खेत के पास, ग्राम उमराडी के टंटीखेडा में भभूत के घर के पास, ग्राम घोडावाडीकला, ग्राम कुकरपानी, ग्राम लकडबंधी, ग्राम चउमउ का बंधीढाना, ग्राम बानाबेहरा का नांद, ग्राम बिरमडोह, ग्राम मोहगांव मुकासा, ग्राम घुडैला, ग्राम कटंगी के गुंगाढाना में, ग्राम खदवाड़ी, ग्राम टेकापार में विद्युत ट्रांसफार्मर, ग्राम दौरियाखेडा, ग्राम तामिया में तुलतुला मंदिर में विद्युत ट्रांसफार्मर स्वीकृत कराने पर माननीय मंत्री महोदय स्वीकृति प्रदान करने पर विचार करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) विद्युत वितरण कंपनियों के क्षेत्रान्तर्गत वितरण ट्रांसफार्मर के जलने/खराब होने के उपरान्त संबद्ध उपभोक्ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि का 10 प्रतिशत जमा करने अथवा 50 प्रतिशत उपभोक्ताओं द्वारा बकाया राशि जमा करने पर संभागीय मुख्यालय में 12 घंटे एवं अन्य शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में शुष्क मौसम में 3 दिवस तथा मानसून के मौसम के दौरान माह जुलाई से सितंबर तक 7 दिवस में जला/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदलने अथवा विद्युत प्रदाय पुनर्स्थापित करने के प्रावधान हैं। तद्नुसार वितरण कंपनी द्वारा पहुंच मार्ग की उपलब्धतानुसार उक्त निर्धारित समयावधि में जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदलने की कार्यवाही की जाती है, जिससे संबंधित दिशा-निर्देश/ नियम की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जुन्नारदेव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत अपरिहार्य कारणों से आए आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर नियमानुसार कृषि प्रयोजन हेतु प्रतिदिन औसतन 10 घंटे एवं गैर कृषि उपभोक्ताओं को 24 घंटे विद्युत आपूर्ति की जा रही है। उल्लेखनीय है कि विद्युत लाइनों/अधोसंरचना के रख-रखाव हेतु पूर्व निर्धारित शट-डाउन लेने तथा तकनीकी कारणों/प्राकृतिक आपदा से आये आकस्मिक व्यवधानों जैसी अपरिहार्य स्थिति के कारण कतिपय अवसरों पर विद्युत प्रदाय बाधित होता है, जिसमें आवश्यक रख-रखाव/सुधार कार्य कर विद्युत प्रदाय शीघ्र ही सुचारू कर दिया जाता है। (ग) प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत प्रश्नांश में उल्लेखित स्थानों पर स्थापित वितरण ट्रांसफार्मर जिन पर क्षमता से अधिक भार है, उनकी क्षमता वृद्धि की जा चुकी है एवं शेष वितरण ट्रांसफार्मर क्षमता के अनुरूप है। उल्लेखनीय है कि स्थापित वितरण ट्रांसफार्मर अतिभारित पाये जाने की स्थिति में समय-समय पर नियमानुसार प्रणाली सुदृढ़ीकरण योजना अथवा सामान्य विकास योजना के तहत तकनीकी साध्यता अनुसार क्षमता वृद्धि अथवा अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मर की स्थापना के प्रस्ताव पर सक्षम स्वीकृति उपरांत वितरण ट्रांसफार्मर स्थापना की कार्यवाही की जाती है, जो कि एक सतत् प्रक्रिया है।
नाला सौन्दर्यीकरण में अनियमितता
[नगरीय विकास एवं आवास]
118. ( क्र. 1572 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नगर पालिका, नीमच सिटी के सांवरिया मंदिर के समीप मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना क्षेत्र अंतर्गत नाले की सफाई, सौन्दर्यीकरण एवं विकास कार्य हेतु नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा 3.50 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई थी? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो योजना की तकनीकी स्वीकृति, ड्राइंग एवं मापदंडों के समस्त पत्रों की प्रतिलिपि देवें। क्या वर्तमान में निर्माण कार्य उक्त मापदंडों के अनुरूप, प्रशासकीय, तकनीकी एवं वित्तीय स्वीकृति के अनुरूप पूर्ण हो चुका है? इसका भौतिक परीक्षण उपरांत भुगतान किस सक्षम अधिकारी ने किया है? अधिकारी के नाम सहित नोटशीट पर किए गए हस्ताक्षर की प्रतिलिपि देवें। (ग) क्या उक्त निर्माण कार्य ड्राइंग के अनुरूप नहीं किया गया है? ड्राइंग के अनुरूप कार्य के लिए कितनी राशि का निर्माण कार्य समस्त भुगतान के बाद भी शेष है? (घ) प्रश्नांश (ख) व (ग) संदर्भित ड्राइंग के अनुसार कार्य पूर्ण करने हेतु क्या नगर पालिका नीमच ने शासन स्तर पर अतिरिक्त राशि की मांग की है? यदि हाँ, तो कितनी? शासन स्तर पर इस पर क्या कार्यवाही प्रचलन में है?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। निर्माण कार्य मापदण्डों के अनुरूप प्रगतिरत होकर 90% पूर्ण हो चुका है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (ग) जी नहीं। वर्तमान में राशि रू. 53.93 लाख (10%) का कार्य शेष है। (घ) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
नगर पालिका एवं नगर पंचायत द्वारा जारी प्रमाण-पत्र का प्रावधान
[नगरीय विकास एवं आवास]
119. ( क्र. 1582 ) श्री राजेश कुमार शुक्ला : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगरीय निकाय द्वारा भवन-कर पंजी की प्रविष्टि के आधार पर उपभोक्ता (करदाता) के नाम से कर पंजी में भवन दर्ज होने का प्रमाण पत्र जारी किया जाता है? (ख) प्रश्नांश "क" के अनुक्रम में छतरपुर जिले में जनवरी 2020 से प्रश्न दिनांक तक उक्त प्रमाण पत्र के आधार पर, कितने भवनों का विक्रय, रजिस्टर्ड विक्रय पत्र के माध्यम से किया गया? तहसीलवार जानकारी प्रदाय करें। (ग) प्रश्नांश "क" एवं "ख" के अनुक्रम में जब उक्त प्रमाण पत्र के आधार पर रजिस्ट्रार के द्वारा भवन का विक्रय किया गया तो प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में उक्त प्रमाण पत्र को आवास पात्रता हेतु आवश्यक दस्तावेज के रूप में मान्यता प्रदाय हेतु सूचीबद्ध करने पर सरकार विचार करेगी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं, भवन प्रमाण पत्र जारी करने के प्रावधान नहीं है। मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 150 में नगर पालिका क्षेत्र में सम्पत्ति-कर पंजी में दर्ज किसी भूमि/भूखण्ड/भवन के विधिमान्य स्वामी के हक का विधिवत अन्तरण होने पर अंतरक/अंतरिती से धारा 151 के अधीन निर्धारित प्ररूप में प्राप्त सूचना के आधार पर सम्पत्ति-कर संदाय के प्रयोजन से सम्पत्ति-कर पंजी में अंतरिती का नाम दर्ज करने के उपबंध है। हक अंतरण की विधिवत प्रक्रिया पूर्ण होने पर निकाय द्वारा संबंधितों को सूचना जारी की जाती है। (ख) उत्तरांश ''क'' अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश ''क'' एवं ''ख''के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
ओवर ब्रिज का कार्य पूर्ण किया जाना
[लोक निर्माण]
120. ( क्र. 1583 ) श्रीमती कंचन मुकेश तनवे : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खंडवा तीन पुलिया ब्रिज 8 वर्षों से निर्माणाधीन है? यह कार्य कब तक पूर्ण किया जायेगा, कार्य में किन-किन कारणों से इतना विलंब होता रहा है, तथा संबंधित विभाग और संविदाकार पर क्या कार्यवाही की गई है? (ख) 20 जनवरी को इसी निर्माणाधीन पुलिया से एक बाइक 40 फिट नीचे जा गिरी, 2 व्यक्ति जिसमें गंभीर रूप से इलाजरत हैं, मार्ग में कोई बोर्ड- बेरीकेट्स नहीं थे और मार्ग पूरी तरह खुला था तथा ब्रिज के साइड में भी सर्विस मार्ग नहीं है, जिसके चलते वह सीधे चले गए, और एक बाइक नीचे जा गिरी। इस दुर्घटना में साफ-साफ ठेकेदार और विभाग की उदासीनता और लापरवाही प्रदर्शित हो रही है। ऐसे में विभाग व संविदाकार पर अब तक क्या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो कब तक की जायेगी? (ग) क्या उक्त फ्लाई ब्रिज संविदाकार राजेंद्र किलेदार, बैतूल को पूर्व में ब्लैक लिस्टेड किया गया? दुर्घटनाओं का पर्याय बन चुका खंडवा मूंदी मार्ग का निर्माण कार्य कब तक प्रारंभ होगा? वर्तमान में किस स्तर पर प्रक्रियाधीन है?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) कार्यस्थल पर सुरक्षा के मापदण्ड अपनाये जाने हेतु ठेकेदार का अनुबंधीय दायित्व है। अत: उनकी लापरवाही के कारण उनका पंजीयन काली-सूची में इन्द्राज करने हेतु दिनांक 05.02.2026 को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करते हुए जवाब मांगा गया है। प्रकरण में परीक्षण उपरांत गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही की जाना संभव होगी। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी हाँ, खण्डवा-मूंदी राज्य राजमार्ग-70, दो-लेन विथ पेव्हड शोल्डर के निर्माण हेतु डी.पी.आर. कार्य पूर्ण किया जाकर सक्षम समिति से स्वीकृति प्राप्त करने की कार्यवाही प्रचलित है। प्रशासकीय स्वीकृति उपरांत निविदा की कार्यवाही की जा सकेगी।
संचालनालय नगरीय प्रशासन तथा नगर निगम द्वारा राशि का आवंटन
[नगरीय विकास एवं आवास]
121. ( क्र. 1585 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल जिले के समस्त विधानसभा क्षेत्रों में संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास मध्यप्रदेश एवं नगर निगम भोपाल द्वारा किन-किन मान. विधायकगणों की अनुशंसा के उपरांत कितनी-कितनी राशि किस-किस मद/योजना से किन-किन विधानसभा क्षेत्रों में किन-किन विकास कार्यों हेतु स्वीकृत की गई है? विधानसभावार पृथक-पृथक विगत 2 वर्षों की जानकारी दें। (ख) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं नगर निगम भोपाल द्वारा मान. विधायकगणों की अनुशंसा उपरांत विकास कार्यों हेतु राशि स्वीकृत करने के क्या नियम/मापदण्ड है? कृपया स्पष्ट करें। (ग) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में विधायकगणों की अनुशंसा उपरांत स्वीकृत राशि में से शासन/नगरीय प्रशासन/नगर निगम भोपाल द्वारा कितनी राशि विकास कार्यों पर व्यय की गई तथा स्वीकृत कार्यों में से कितने कार्य प्रश्न दिनांक की स्थिति में पूर्ण किये जा चुके है? योजनवार, मदवार, मान. विधायकगणों के अनुशंसा पत्रों की प्रति सहित संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्नकर्ता को संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं नगर निगम भोपाल से प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों हेतु अनुशंसा उपरांत राशि आवंटित की गई है? यदि हाँ, तो कब-कब तथा कितनी-कितनी राशि आवंटित/स्वीकृत की गई है? विगत 2 वर्षों की वर्षवार जानकारी बतावें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) भोपाल जिले के विधानसभा क्षेत्रों के विकास कार्य हेतु नगर निगम भोपाल को विधानसभावार विगत दो वर्षों में प्राप्त राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'अ' अनुसार है। नगर निगम भोपाल सीमा अंतर्गत मान. विधायकगणों के अनुशंसा उपरांत विगत दो वर्षों में किये गये कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है। (ख) माननीय विधायकों की अनुशंसा उपरांत विकास कार्यों हेतु सक्षम स्वीकृति प्राप्त नियमानुसार निविदा आमंत्रित कर कार्य करायें जाते है। उक्त संबंध में राशि स्वीकृत करने के पृथक से कोई नियम/मापदंड नहीं है। (ग) विधानसभावार विगत दो वर्षों के व्यय राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'स' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'द' अनुसार है।
विकास कार्यों हेतु राशि आवंटन में अनियमितता
[नगरीय विकास एवं आवास]
122. ( क्र. 1586 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नगर पालिक निगम, भोपाल के बजट भाषण 2025-26 में मान. महापौर द्वारा विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्य हेतु 01 हजार 500 लाख रूपये का बजट में प्रावधान किये जाने का लेख किया था? (ख) यदि हाँ, तो बजट भाषण 2025-26 से प्रश्न दिनांक की स्थिति में विकास कार्यों हेतु किस-किस विधानसभा क्षेत्र में कितनी-कितनी राशि कब-कब आवंटित की गई? विधानसभावार/वार्डवार बतावें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में क्या उक्त राशि आवंटन में विधानसभा क्षेत्रवार भेदभाव किया गया है? यदि हाँ, तो क्यों? क्या राशि आवंटन में भेदभाव किया जाना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन नहीं है? (घ) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में आवंटित राशि में से प्रश्न दिनांक की स्थिति में किस-किस विधानसभा क्षेत्र में कितनी-कितनी राशि के कौन-कौन से कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं? कितने कार्य अपूर्ण/निर्माणाधीन हैं तथा उक्त कार्यों पर कितनी राशि व्यय की जा चुकी है? विधानसभावार पृथक-पृथक जानकारी दें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है (ग) जी नहीं/शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
संचालित गौशालाओं की जानकारी
[पशुपालन एवं डेयरी]
123. ( क्र. 1589 ) डॉ. प्रभुराम चौधरी : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले में आज दिनांक तक कितनी गौशालाएं संचालित हैं? नामवार, स्थानवार, विकासखण्डवार जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) सांची विधानसभा में मनरेगा अंतर्गत स्वीकृत किन-किन गौशालाओं का कार्य अपूर्ण है, क्यों? उक्त गौशालाओं का कार्य कब तक पूर्ण किया जावेगा? समय-सीमा बतायें। (ग) प्रश्नांश (ख) के संबंध में वित्तीय वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक स्वीकृत गौशालाओं को कितनी-कितनी राशि किस-किस कार्य हेतु राशि उपलब्ध कराई गई? (घ) सांची विधानसभा अंतर्गत विभाग में कितनी गौशालाओं की स्वीकृति हेतु आवेदन लंबित है? यदि हाँ, तो लंबित आवेदन कौन-कौन से हैं? उनको कब तक स्वीकृत किया जावेगा?
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) रायसेन जिले में आज दिनांक तक 64 गौशालाएं संचालित हैं, जानकारी संलग्न परिशिष्ट-''अ'' अनुसार। (ख) परियोजना अधिकारी, मनरेगा, जिला पंचायत रायसेन के अनुसार, सांची विधानसभा में मनरेगा अंतर्गत जनपद पंचायत सांची की ग्राम पंचायत बनगवां, ग्राम पंचायत सेमरा एवं ग्राम पंचायत-सुनारी (कुल 03 गौशाला) में गौशाला का कार्य मनरेगा योजना में सामग्री मद में राशि की उपलब्धता समय पर न होने से अपूर्ण है। उक्त 03 गौशालाओं का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाना संभावित है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) प्रश्नांश (ख) के संबंध में मनरेगा से प्राप्त जानकारी अनुसार वित्तीय वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक कोई गौशाला स्वीकृत नहीं की गई, 03 अपूर्ण गौशालाओं में मनरेगा द्वारा स्वीकृत राशि की जानकारी संलग्न परिशिष्ट–''ब'' अनुसार। (घ) कोई आवेदन लंबित नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नगरीय क्षेत्र में कॉलोनी स्थापित करने के नियम
[नगरीय विकास एवं आवास]
124. ( क्र. 1590 ) डॉ. प्रभुराम चौधरी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले के नगरीय निकाय, नगर पालिका/नगर परिषदों में आवासीय कॉलोनी के स्थापित करने के क्या नियम/शर्तें हैं? क्या विभाग द्वारा उनको दी गई शर्तों के अनुरूप ही कॉलोनियों का निर्माण किया गया है? यदि हाँ, तो कॉलोनी का नाम एवं पता सहित सम्पूर्ण जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित कॉलोनियों में सड़क, पेय-जल, बिजली, नाली निर्माण एवं सुरक्षा हेतु बाउंड्रीवॉल की सुविधा दी जा रही है? यदि हाँ, तो वह कौन-कौन सी कॉलोनियां हैं और नहीं तो उक्त कॉलोनियों को सुविधा कब तक उपलब्ध कराई जावेगी? (ग) विगत 3 वर्षों में नगरीय निकाय अंतर्गत स्थापित कॉलोनियों के विरूद्ध कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं एवं उन पर क्या कार्यवाही की गई? कॉलोनीवार जानकारी देवें। (घ) कॉलोनियों के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने के संबंध में शासन से कब-कब क्या निर्देश प्राप्त हुए एवं उन निर्देशों के पालन में किन-किन कॉलोनियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? शासन नियम के परिप्रेक्ष्य में कितनी कॉलोनियों के विरुद्ध कितने प्रकरण किस-किस न्यायालय में विचारणाधीन हैं?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) मध्यप्रदेश के नगरीय क्षेत्र में कॉलोनी स्थापित करने के लिए वर्तमान में मध्यप्रदेश नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम, 2021 प्रचलित है। जी हाँ, प्रचलित नियम एवं कॉलोनी विकास अनुमति में उल्लेखित शर्तों के अनुरूप कॉलोनियों का निर्माण किया जाना कॉलोनाईजर के लिये बंधनकारी है, नियम एवं शर्तों के उल्लंघन पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा कॉलोनाईजर के विरूद्ध कार्यवाही की जाती है। रायसेन जिले के नगरीय क्षेत्रों में विकास अनुमति प्राप्त कॉलोनियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (घ) कॉलोनी स्थापित करने के लिए म.प्र. नगर पालिका अधिनियम, 1961 की धारा 339-ग (2) में उपबंध एवं प्रचलित मध्यप्रदेश नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम, 2021 में नियम एवं शर्तों के उल्लंघन पर कॉलोनाईजर के विरूद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया विहित की गई है, जिसके अनुसार सक्षम प्राधिकारी द्वारा कार्यवाही की जाती है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है।
सोलर पम्प के गलत उपयोग पर हितग्राही के विरूद्ध कार्यवाही
[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]
125. ( क्र. 1592 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नोत्तरी दिनांक 05-12-2025 में मुद्रति अतारांकित प्रश्न क्रमांक 897 के प्रश्नांश (ख) एवं (ग) में भ्रामक और असत्य उत्तर दिया गया है। प्रश्नांश (ग) में सोलर पंप की स्थापना के नियम प्रावधान बतायें गये हैं, जिसका हितग्राही ने उल्लंघन किया है। फिर भी हितग्राही को विद्युत आपूर्ति हेतु अपात्र प्रावधान अनुसार नहीं किया गया है? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में शिकायतकर्ता श्री सुरेश कुमार शर्मा कैलवाराखुर्द, जिला कटनी ने प्रबंध संचालक नवीन एवं नवीनीकरण ऊर्जा भोपाल को शिकायत की है कि कृषक ने स्वीकृत खसरा नं. 7/3 में सोलर पंप न स्थापित कर खसरा नं. 216/1 आबादी की भूमि पर स्थापित किया गया है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में शिकायतकर्ता की शिकायत पर जांचकर प्रावधान के विपरीत सोलर पंप स्थापित कर अनुदान का गलत लाभ प्राप्त करने, अनुबंध एवं नियम के विपरीत पंप स्थापित करने के लिये दोषी ठेकेदार/कृषक तथा बचाने वाले अधिकारी एवं कर्मचारी के विरूद्ध कब और क्या कार्यवाही करेंगे? यदि नहीं, तो क्यों? कारण बतायें।
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्ला ) : (क) प्रश्नोत्तरी दिनांक 05.12.2025 अतारांकित प्रश्न क्रमांक-897 के उत्तर में दी गई जानकारी सत्य है। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में श्री रामायण प्रसाद त्रिपाठी पिता स्व. रामप्रबोध ग्राम गौरा जनपद पंचायत सोहावत को 3 एच.पी. का सौलर पंप 7/3 खसरा नं. में स्वीकृत किया गया था। संबंधित खसरे में कृषि भूमि पर सिंचाई हेतु दिनांक 24.03.2021 को सोलर पंप की स्थापना की गई है। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में उल्लेखित हितग्राही के यहां ठेकेदार इकाई द्वारा सोलर पंप संयंत्र 7/3 खसरा नंबर में स्थापित किया गया है। स्थापित सोलर पंप का विक्रय या स्थानांतरण नहीं किया जा सकता है। स्थापित सोलर पंप की 5 वर्ष की रख-रखाव की अवधि में पंप को अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया जा सकेगा। योजनांतर्गत सोलर पंप की स्थापना कृषि सिंचाई के लिए की जाती है। अत: इस योजना के हितग्राही को विद्युत कंपनी द्वारा अनुदान पर कृषि सिंचाई के लिए विद्युत आपूर्ति हेतु अपात्र किये जाने का प्रावधान है।
नगर परिषद् में वित्तीय अनियमितता पर कार्यवाही
[नगरीय विकास एवं आवास]
126. ( क्र. 1594 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा नगर परिषद् के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को किसी भी वस्तु/सेवा की खरीदी के लिये वित्तीय स्वीकृति के क्या नियम हैं? नियम की प्रति प्रदान करें। क्या मुख्य नगर पालिका द्वारा क्रय की गई वस्तु/सेवाओं में लेखा नियमों/शासन के आदेशों का पालन किया जा रहा है? यदि हाँ, तो उक्त नियम विरूद्ध क्रय किये जाने को वित्तीय अनियमितता माना जायेगा? यदि हाँ, तो जिला अनूपपुर अंतर्गत नगर परिषद्, बरगवां, डूमरकछार व नगर परिषद्, डोला जिला अनूपपुर में की गई वित्तीय अनियमितता संबंधी शिकायत पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्या वित्तीय अनियमितता के संबंध में जांच हेतु नगरीय प्रशासन विभाग के उच्च अधिकारी श्री देवेन्द्र कुमार व्यास एवं दूसरी बार जांच हेतु संयुक्त संचालक श्री राधेश्याम मंडलोई द्वारा प्रकरण की जांच की गई थी? यदि हाँ, तो जांच में वित्तीय अनियमितता संबंधी शिकायत का भौतिक सत्यापन किया गया था? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में तीनों नगर परिषद् में वित्तीय अनियमितता संबंधी की गई शिकायत पर शासन द्वारा की गई कार्यवाही की प्रति एवं जांच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध करावें। साथ ही जांच उपरांत वित्तीय अनियमितता पर क्या कार्यवाही की गई?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) मध्यप्रदेश नगरपालिका (लेखा एवं वित्त) नियम, 2018 के नियम 239 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। उक्त नियमों में नगर परिषद् के मुख्य नगरपालिका अधिकारी को रूपये दो लाख तक की वित्तीय शक्तियां प्रदान की गई हैं एवं उक्त नियम के विरूद्ध क्रय किए जाने को वित्तीय अनियमितता माना जाएगा। नगर परिषद् डोला, डूमरकछार एवं बनगंवा में सामग्री क्रय एवं अन्य अनियमितताएं किए जाने के संबंध में प्राप्त शिकायतों की जांच के लिए आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास, मध्यप्रदेश, भोपाल द्वारा दिनांक 05.04.2023 को श्री देवेन्द्र कुमार व्यास, सहायक संचालक की अध्यक्षता में एवं दिनांक 30.09.2024 को श्री राधेश्याम मंडलोई, संयुक्त संचालक की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन किया गया था। समिति गठन के आदेशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (ख) जी हाँ। संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास संभाग-शहडोल द्वारा वित्तीय अनियमितता संबंधी शिकायत का भौतिक सत्यापन कराते हुए जांच प्रेतिवेदन प्रेषित किया गया है। (ग) जांच प्रतिवेदन की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है। जांच प्रतिवेदन के अनुसार उत्तरदायी पाए गए अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध दिनांक 09.02.2026 को आरोप पत्रादि के प्रारूप प्रेषित करने के निर्देश संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास संभाग-शहडोल को दिए गए है। पत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'द' अनुसार है।
कृषकों को सोलर पम्प का प्रदाय
[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]
127. ( क्र. 1595 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्न दिनांक से विगत तीन वर्षों में जिला अनूपपुर अंतर्गत कितने कृषकों द्वारा सोलर पंप हेतु पंजीयन कर राशि जमा की गई है? क्या उक्त सभी कृषकों को सोलर पंप प्रदाय किये जाने हेतु प्रकरण स्वीकृत कर अनुदान राशि प्रदान कर दी गई है? यदि हाँ, तो कितनी राशि स्वीकृत की गई है? विस्तृत जानकारी मय सूची एवं दस्तावेज के प्रदान करें। (ख) क्या अनूपपुर जिला अंतर्गत उक्त योजना का प्रचार-प्रसार किया गया है? यदि हाँ, तो इस संबंध में की गई कार्यवाही एवं इस हेतु क्या बजट शासन द्वारा निर्धारित किया गया है? (ग) जिला अनूपपुर में रूफटॉप सोलर के लिये कितने घरों को चिन्हित किया गया है और कितना लक्ष्य निर्धारित कर प्राप्त किया गया है? शेष लक्ष्य कब तक पूर्ण होगा? रूफटॉप सोलर योजना के लिये क्या मानक तय किये गये हैं? सोलर पैनल की गुणवत्ता परीक्षण हेतु किन प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है?
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्ला ) : (क) प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना कुसुम-ब के अंतर्गत कृषकों के यहां ऑफ ग्रिड सोलर पंपों की स्थापना की जाती है। जिला अनूपपुर अंतर्गत विगत तीन वर्षों में कुल 165 कृषकों द्वारा सोलर पंप हेतु पंजीयन कर राशि जमा की गई है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। जिसमें से कुल 158 कृषक पात्र पाए जाने से उनके कार्यादेश जारी किये जा चुके है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। योजनांतर्गत म.प्र. राजपत्र दिनांक 13 मई 2025 एवं मंत्रि-परिषद् आदेश दिनांक 18 नवम्बर 2025 के अनुसार भारत सरकार का अनुदान, कृषक का योगदान एवं कृषक ऋण से विभाग द्वारा पात्र हितग्राही/कृषकों के यहां सोलर पर स्थापना का कार्य किया जाता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (ख) जी हाँ। जिला अनूपपुर सहित संपूर्ण प्रदेश में विभिन्न समाचार पत्रों SMS, Call एवं अक्षय ऊर्जा अधिकारियों के माध्यम से योजना के संबंध में प्रचार-प्रसार किया गया है। प्रचार-प्रसार हेतु जिलेवार पृथक से कोई बजट शासन द्वारा उपलब्ध नहीं कराया जाता है। (ग) प्रश्नांश (ग) के संबंध में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजनांतर्गत भारत सरकार के पोर्टल के माध्यम से इच्छुक हितग्राही द्वारा आवेदन किया जाता है। अनूपपुर में अब तक 181 हितग्राही के घरों में सौर संयंत्रों की स्थापना की गई है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है। भारत सरकार द्वारा जिलेवार लक्ष्यों का निर्धारण नहीं किया गया। इन संयंत्रों की स्थापना हेतु नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, (MNRE) भारत सरकार द्वारा जारी की गई Operational Guidelines के अनुसार कार्य संपादित होता है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है।
विभागीय मद से विद्युतीकरण
[ऊर्जा]
128. ( क्र. 1603 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभागीय मद से खरगापुर विधानसभा के जिन ग्रामों में नवीन विद्युत लाइनें एवं ट्रांसफार्मर स्थापित किये जाने हेतु प्रश्नकर्ता के विधानसभा प्रश्न क्र. 876 दिनांक 05.12.2025 को सदन में चर्चा के दौरान माननीय जल संसाधन मंत्री जी ने आश्वासन दिया था। इस संबंध में की गई कार्यवाही से अवगत करायें। (ख) क्या प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र के प्रस्तावों को विभागीय मद से राशि जारी किये जाने में क्या कठिनाई हो रही है तथा जनहित में विभागीय मद से राशि दी जाना तो उचित माना जाता है? क्या प्रश्नकर्ता के प्रस्तावों के लिये बजट में प्रावधान किये जाने की व्यवस्था करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? कारण स्पष्ट करते हुये जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) क्या माननीय ऊर्जा मंत्री जी के पत्र क्रमांक 2197 दिनांक 07.11.2024 एवं पत्र क्र. 2552 दिनांक 27.12.2024 एवं अपर सचिव ऊर्जा विभाग के पत्र क्र. 63 दिनांक 21.4.2025 में उल्लेख किया गया था कि तत्काल आवश्यक कार्यवाही हेतु संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया गया है जो आज भी प्रश्न दिनांक तक कोई कार्यवाही क्यों नहीं की गई? कारण स्पष्ट करें। (घ) क्या जारी पत्र के निर्देशों के पालन में प्रश्नकर्ता के प्रस्तावों पर कब तक स्वीकृती प्रदान करेंगे?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) माननीय प्रश्नकर्ता विधायक महोदया के प्रश्न क्रमांक 876 दिनांक 05/12/2025 से संबंधित कार्यवाही की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) उल्लेखनीय है कि म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अंतर्गत समय-समय पर प्राप्त विद्युतीकरण संबंधी मांगों/प्रस्तावों का परीक्षण कर, तकनीकी/वित्तीय साध्यता के अनुरूप, कार्यों को कार्ययोजना अथवा संचालित योजनाओं में निहित प्रावधानों के अनुसार प्रस्तावित कर पूर्ण करवाये जाते हैं। उत्तरांश (क) में उल्लेखित प्रश्न में वर्णित विद्युतीकरण कार्य वर्तमान में प्रचलित योजनाओं के दिशा-निर्देशों के अन्तर्गत नहीं आने के कारण स्वीकृत नहीं हैं। अत: इन कार्यों को विभागीय मद से करवाया जाना प्रस्तावित नहीं है। तथापि केन्द्र/राज्य शासन की विद्युतीकरण योजना की उपलब्धता अनुसार, भविष्य में प्रश्नाधीन शेष विद्युतीकरण कार्यों हेतु आवश्यक कार्यवाही किया जाना संभव हो सकेगा। अत: वर्तमान में विद्युतीकरण कार्यों हेतु निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी हाँ। माननीया प्रश्नकर्ता विधायक महोदया से प्राप्त प्रस्तावों का परीक्षण म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा किया गया है एवं परीक्षण उपरान्त की गई कार्यवाही का विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जानकारी उत्तरांश (ख) में समाहित है।
सड़क निर्माण की स्वीकृति
[लोक निर्माण]
129. ( क्र. 1604 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या खरगापुर विधान सभा में खुमानगंज से अनुसूचित जाति बस्ती कोटरा खेरा के बीच में नदी का पुल निर्माण, डारगुंवा से हटा तक सड़क निमीण, चंदेरी मुरुम मार्ग से पुराना दोह होकर टीला तक सड़क, मचौरा पथरीगढ़ से देवराहा तक सड़क, जतारा बाईपास से बम्हौरी अवदा तक सड़क, सैपुरा से सतवारा तक, नयाँगाव से बखतपुरा तक सड़कों का निर्माण कब तक बजट में शामिल करके स्वीकृति आदेश जनहित में जारी कर दिया जावेगा? समयावधि बतायें। (ख) क्या देवपुर तिगैला से वनपुरा साँपौन तक सड़क निर्माण के संबंध में प्रश्नकर्ता के प्रश्न कमांक-875 दिनांक 05 दिसम्बर 2025 के उत्तर में बताया गया था कि कार्य आदेश 25/9/2025 को जारी किया गया है और 24/3/2026 तक पूर्ण किया जाना प्रस्तावित है? मगर उक्त सड़क कार्य अभी तक प्रारंभ ही नहीं किया गया, क्यों? कारण स्पष्ट करें। (ग) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित खुमानगंज से अनु. जाति बस्ती कोटराखेरा के बीच नदी पर ये जनहित में उक्त पुल का निर्माण किये जाने हेतु बजट में प्रावधान करके कब तक निर्माण करा दिया जावेगा? जानकारी स्पष्ट करें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) प्रश्नाधीन सड़कों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। प्रश्नांश में उल्लेखित कार्य किसी योजना में प्रस्तावित नहीं है, अतः स्वीकृति की समयावधि बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ। जी नहीं। कार्य प्रगतिरत है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) खुमानगंज से अनुसूचित जाति बस्ती कोटरा खेरा के बीच में नदी पर पुल निर्माण वर्तमान में किसी योजना में सम्मिलित नहीं है और न ही प्रस्तावित है। अतः निर्माण की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
स्लॉटर हाउस से गौवंश का वध व मांस परिवहन
[नगरीय विकास एवं आवास]
130. ( क्र. 1616 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर निगम भोपाल के स्लॉटर हाउस का संचालन किस योजना में, किस फर्म को, किस दर पर कितनी अवधि के लिये कौन-कौन सी शर्तों पर संचालन का कार्य दिया गया? पूर्ण जानकारी जिसमें संबंधित व्यक्ति/फर्म का नाम, पता, मोबाइल नंबर प्राप्त प्रस्ताव, संपूर्ण स्वीकृति नस्ती जिसमें, टेण्डर दस्तावेज प्रस्ताव दिनांक से स्वीकृति/कार्यादेश जारी दिनांक तक की नोटशीट, आदेश पत्राचार संबंधी सभी दस्तावेजों की सत्यापित छायाप्रतियां उपलब्ध करायी जाये। (ख) क्या पूर्व व्यवस्था जिसमें प्रकरण एम.आई.सी. की स्वीकृति उपरान्त नगर निगम परिषद् में प्रस्तुत कर स्वीकृति प्रदान करने के नियम अनुसार ही स्लॉटर हाउस संचालन का प्रकरण नगर निगम परिषद् में प्रस्तुत कर स्वीकृति प्रदान की गयी थी? यदि नहीं, तो नियम विरूद्ध तरीके से स्लॉटर हाउस संचालन की स्वीकृति देने हेतु कौन दोषी है तथा उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की जायेगी? (ग) क्या स्लॉटर हाउस भोपाल की ओर से कंटेनर क्र. UP-15-JT-4286 में दिनांक 17.12.2025 को भोपाल से बाहर भेजे जा रहे विवादित मांस (2650 कि.ग्रा.) के मिलने की शिकायत पर पुलिस द्वारा कंटेनर जप्त कर सेम्पल परीक्षण हेतु फोरेंसिक लेबोरेटरी मथुरा भेजा गया। जाँच परीक्षण में उक्त मांस गौवंश (SAMPLE BELONG TO COW OR ITS PROGENY) का होने से थाना जहाँगीराबाद भोपाल में अप.क्र. 07/2026, दिनांक 08.01.2026 पंजीबद्ध किया गया है? यदि हाँ, तो क्या आयुक्त नगर निगम, संबंधित चिकित्सक, वाहन मालिक, स्लॉटर हाउस संचालक व स्लाटर हाउस के सभी कर्मचारियों को भी आरोपी बनाया गया? यदि नहीं, तो क्यों? क्या आगे जाँच में आरोपी बनाया जायेगा? पूर्ण जानकारी एफ.आई.आर., फोरेंसिक लेबोरेटरी मथुरा की जांच रिपोर्ट की छायाप्रति सहित उपलब्ध करावें। (घ) क्या पुलिस द्वारा पंजीबद्ध अपराध की विवेचना में स्लॉटर हाउस के संचालक एवं अन्य कर्मचारियों से जप्त किया गौवंश का मांस उन्हें कहाँ से मिला व इसके पूर्व में भी उनके द्वारा किस स्थान पर कब-कब गौवंश का वध कर, किन्हें कितनी मात्रा में विक्रय हेतु प्रेषित किया आदि की जानकारी प्राप्त कर तत्परता से कार्यवाही करते हुये वधकार्य में संलग्न अन्य सभी को सह आरोपी बनाकर उनके विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी? बताएं। (ड.) क्या स्लॉटर हाउस भोपाल की निगरानी हेतु सी.सी.टी.वी. लगाया गया था, वहाँ ड्यूटी में कौन से निगम व निजी वाहन, वाहन चालक कार्यरत थे तथा क्या स्लॉटर हाउस में कौन-कौन सा स्टॉफ नगर निगम का कार्यरत था, इसके अलावा निजी कर्मचारी कौन था? उन समस्त अधिकारी/कर्मचारी व निजी कर्मचारियों की पूर्ण जानकारी, नाम, पदनाम, निवास का पता, मोबाइल नंबर सहित सी.सी.टी.वी. फुटेज की पूर्ण जानकारी दी जाये।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगर निगम भोपाल के स्लॉटर हाउस का कार्य जन निजी भागीदारी योजना अंतर्गत माननीय एन.जी.टी. के प्रकरण क्र. 337/2014 में दिये गये निर्देश के अनुक्रम में फर्म लाइव स्टाक फूड प्रोसेसर्स प्राइवेट लिमिटेड को अनुबंध प्रावधानों के अनुसार राशि रूपये 401000/- के सालाना कन्सेशन फीस (Royalty) पर 5% प्रतिवर्ष बढ़ोतरी पर आगामी 20 वर्षों के लिए किया गया हैं। शेष प्रश्नांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। (ख) जी नहीं। मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 के अंतर्गत बनाये गये मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम (लेखा एवं वित्त) नियम 2018 के अंतर्गत सार्वजनिक जन निजी भागीदारी के प्रावधान हैं। इन्हीं नियमों में नगर पालिक निगम पदाधिकारियों की वित्तीय शक्तियां उल्लेखित हैं। स्लॉटर हाउस संचालन की परियोजना लागत तत्कालीन समय में 10 करोड़ होने के कारण परिषद् के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया। नियमों के प्रकाश में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। प्रकरण पुलिस विवेचना में हैं। (घ) प्रकरण पुलिस विवेचना में होने के कारण प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) जी हाँ, सी.सी.टी.वी. लगवाये गये थे। पी.पी.पी. मोड पर बने स्लॉटर हाउस में नगर निगम वाहन नहीं थे। देख-रेख हेतु कर्मचारियों की ड्यूटी लगायी गई थी। जिनकी सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है। सी.सी.टी.वी फुटेज की डी.वी.आर. पुलिस विवेचना में होने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता हैं।
रोड निर्माण में गुणवत्ता व सुरक्षा मानकों की अनदेखी
[लोक निर्माण]
131. ( क्र. 1617 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भिण्ड बायपास रोड के निर्माण में निर्माण एजेन्सी एस.के.एस. कंपनी द्वारा सड़क निर्माण के गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों की निरंतर अनदेखी व लापरवाही करने की शिकायतें शासन को प्राप्त हुई है? शिकायतों की जाँच में क्या पाया, कार्य पर्यवेक्षण में संलग्न कौन अधिकारी जिम्मेदार हैं तथा निर्माण कंपनी व अधिकारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गयी? पूर्ण जानकारी दी जाये। (ख) बायपास निर्माण कंपनी द्वारा बायपास पर ओवर ब्रिज का भी निर्माण किया जा रहा है। क्या इस निर्माण कंपनी को ओवर ब्रिज निर्माण का अनुभव प्राप्त है? साथ ही कंपनी द्वारा ओवर ब्रिज निर्माण के पूर्व पिलर व स्लैब की क्वालिटी की तकनीकी टीम से टेस्टिंग जिसमें सरिया, रेत, गिट्टी और सीमेंट की गुणवत्ता की जाँच होती है, कराई गयी थी? तकनीकी जांच की पृथक-पृथक पूर्ण जानकारी दी जाये। (ग) निर्माण कंपनी द्वारा निरंतर गुणवत्ता व सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने के कारण ही हाल ही में निर्माणाधीन बायपास रोड पर बनाये जा रहे ओवर ब्रिज के पिलर पर क्रेन की मदद से गार्डर (स्लैब) रखे जाते समय भारी बजनी गार्डर गिरकर टूटने की घटना घटित हुई, जिसमें कुछ मजदूर घायल व गार्डर व स्लैब टूट गया। इस लापरवाही पूर्ण घटना की जाँच किस अधिकारी द्वारा की व जाँच उपरान्त क्या कार्यवाही की गयी? पूर्ण जानकारी दी जाये। (घ) क्या निर्माण कंपनी द्वारा बायपास निर्माण में की जा रही गुणवत्ता व सुरक्षा मानकों की अनदेखी के संबंध में शासन जाँच कराकर निर्माण कंपनी के विरूद्ध टेण्डर निरस्त करने आदि की कार्यवाही करेगी? यदि हाँ, तो कब तक समय-सीमा बतायी जाये।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्नांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। जी हाँ। अनुभव की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। जी हाँ, निर्माण में सरिया, रेत, गिट्टी एवं सीमेंट की जाँच रिपोर्ट पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) निर्माणाधीन भिण्ड बायपास पर ब्रिज के पिलर पर, गर्डर लॉन्चिंग के दौरान गर्डर गिर जाने की घटना की जाँच अधीक्षण यंत्री लो.नि.वि. रा.रा. परिक्षेत्र भोपाल द्वारा की गई। 40 मीटर स्पॉन के गर्डर की लॉचिंग के दौरान गर्डर अपनी निश्चित बियरिंग स्थिति में पंहुचने से पहले अस्थिर होकर बैरिकेड किये गये कार्य क्षेत्र में गिर गया। सुरक्षा उपायों के अपनाये जाने से किसी मजदूर अथवा अन्य की घायल होने की स्थिति नहीं है। गर्डर गिरकर टूटने की स्थिति न होकर, उसे तोड़कर साइट से हटाया गया था। कार्य में लापरवाही हेतु अथॉरिटी इंजीनियर कन्सल्टेंट इंजीनियरिंग कन्सल्टेंसी सर्विस ग्वालियर एवं ठेकेदार मेसर्स एस.के.एस. इन्फ्रा प्रोजेक्ट प्रा.लि. आगरा को मुख्य अभियंता लो.नि.वि. रा.रा. परिक्षेत्र भोपाल द्वारा, उनको 1 माह की अवधि हेतु निविदा प्रक्रिया में भाग लेने हेतु निलंबित किया गया है। (घ) मुख्य अभियंता द्वारा ठेकेदार एवं कन्सल्टेंट के विरूद्ध निलंबन (डिबारमेंट) की कार्यवाही की जा चुकी है, अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
नगर पालिका में अध्यक्ष एवं सी.एम.ओ. के विरूद्ध कार्यवाही
[नगरीय विकास एवं आवास]
132. ( क्र. 1624 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कार्यालय कलेक्टर का क्रमश: पत्र क्र./दि. 448/17.06.2025, 215/10.07.23 एवं 406/29.09.23 जो आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास भोपाल में किस के विरूद्ध कार्यवाही हेतु जारी किया गया, समस्त पत्रों पर प्रश्न दिनांक तक कब और क्या कार्यवाही, किसके द्वारा की गई? संपूर्ण जानकारी एकल नस्ती सहित दें। (ख) ए.डी.एम. राघौगढ़ की जन-सुनवाई क्र. 111 दिनांक 06.01.26 में प्राप्त शिकायत में क्या उल्लेख किया गया है? जिला प्रशासन द्वारा उस पर प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में वर्णित तथ्यों के आधार पर संबंधितों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों और कब तक कार्यवाही की जायेगी? प्रकरणवार पृथक-पृथक बतायें। (घ) अध्यक्ष एवं सी.एम.ओ. के विरूद्ध कौन-कौन से अनियमितताओं की पुष्टि हुई है और उनके विरूद्ध किन मामलों में क्या-क्या कार्यवाही की जा सकती है? नियम/निर्देश/आदेश सहित एकल नस्ती की प्रति दें। (ड.) अधोहस्ताक्षकर्ता का क्रमश: पत्र क्र./दि. 963/19.01.26, 954/12.02.26 जो ए.सी.एस./आयुक्त यू.डी., आयुक्त न.नि.पा.भो. एवं श्री विष्णु प्रसाद अग्रवाल की जनसुनवाई शिकायत दिनांक 20.1.26 जो आयुक्त यू.डी., आयुक्त न.नि.पा.भो. एवं 21.01.26 जो ए.सी.एस. यूडी तथा प्रवक्ता, एम.पी.पी.सी.सी. का पत्र क्र. 2 दि. 17.1.26, 4/19.1.26 जो सी.एस./ए.सी.एस./आयुक्त यू.डी. को प्रेषित की गई, उत्तर दिनांक तक कृत कार्यवाही से एकल नस्ती सहित दें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) उपरोक्त पत्र नगर परिषद्, मधुसूदनगढ़ में की गई विभिन्न अनियमितताओं के लिए उत्तरदायी पाए गए पदाधिकारी/ अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई के लिए जारी किए गए हैं। उपरोक्त आधार पर लोकायुक्त कार्यालय द्वारा जांच प्रकरण क्रमांक 230/ई/25 दर्ज किया गया है, जिसके दृष्टिगत संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास द्वारा पत्र क्रमांक 3518 दिनांक 11.02.2026 के माध्यम से संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास संभाग-ग्वालियर को प्रारंभिक जांच प्रतिवेदन के अनुसार उत्तरदायी पाए गए पदाधिकारी/अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध कारण बताओ सूचना पत्र/आरोप पत्रादि के प्रारूप प्रेषित करने के निर्देश दिए गए है। (ख) उक्त शिकायत में नगर परिषद्, मधूसूदनगढ़ के अध्यक्ष एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा की जा रही अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है, जिस पर परियोजना अधिकारी, जिला शहरी विकास अभिकरण, गुना द्वारा आदेश क्रमांक 872 दिनांक 22.01.2026 के माध्यम से जांच समिति का गठन किया जाकर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए गए है। (ग) उत्तरांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) चूंकि प्रारंभिक जांच प्रतिवेदन के आधार पर आगामी कार्रवाई प्रक्रियाधीन है, अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) 1. पत्र क्रमांक 963/19.01.2026 पर की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। 2. पत्र क्रमांक 954/12.01.2026 पर की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। 3. पत्र क्रमांक 2/17.01.2026 पर की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है। 4. पत्र क्रमांक 4/19.01.2026 कार्यालय को अप्राप्त है।
दूषित पेय-जल के सेवन से हुई मौतों की जांच
[नगरीय विकास एवं आवास]
133. ( क्र. 1625 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदौर में दूषित पेय-जल से अकाल मृत्यु की जानकारी नगर पालिक निगम को कब संज्ञान में आई? अद्यतन स्थिति तक कितनी मौतें हुईं? उनके नाम/पता/उपचाररत चिकित्सालय/कितने दिन उपचार लिया/पोस्टमार्टम रिपोर्ट/आश्रितों को सरकार द्वारा कितनी सहायता प्रदाय की गई? (ख) घटना के बाद राज्य सरकार/अन्य राज्यों के कौन-कौन से विभाग के कितने जांच दल कब, कौन-कौन से बिन्दुओं पर घटना स्थल पर आये? समस्त जानकारी देवें। क्या राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन को रिपोर्ट प्राप्त हो गई है? प्रति दें। (ग) शुद्ध पेय-जल के मानक स्तर क्या है? न.पा.नि. द्वारा किन मानकों पर पानी प्राप्त कर किन उपकरणों-संयंत्रों के माध्यम से उसके मानकों में क्या बदलाव किये जाते थे और पानी सप्लाई के दौरान उसका मानक क्या होता है? जानकारी का गौशवारा वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक माहवार/प्लांटवार/अधिकारी/कर्मचारी का नाम/पदनाम/कब से पदस्थ हैं? पृथक-पृथक मानकवार दें। (घ) न.नि.पा. इंदौर में पेय-जल के संबंध में वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक कितनी शिकायतें प्राप्त होकर उन पर कब और क्या कार्यवाही हुई? शिकायत की प्रति एवं कृत कार्यवाहियों की एकल नस्ती की प्रति दें। (ड.) उपरोक्त अवधि में प्रदेश की नगरपालिकाओं में पेय-जल की आपूर्ति के लिये कितना बजट है? उक्त बजट के खर्च का ब्यौरा सहित संपूर्ण जानकारी जिलेवार/नगरपालिकावार पृथक-पृथक दें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) दूषित पेय-जल से भागीरथपुरा क्षेत्र में लोगो के बीमार होने की जानकारी निगम को 28.12.2025 को प्राप्त हुई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित मृत्यु समीक्षा समिति द्वारा मृत्यु के संभावित कारणों में से एक कारण एक्युट डायरियल डिजीज होना बताया गया। समिति द्वारा उक्त संभावित कारण से कुल 20 मृत्यु की पुष्टि की गई है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग से भारत सरकार NCDC दिल्ली की टीम, कोलकाता ICMR से NIRBI की टीम, AIIMS भोपाल की टीम व IDSP राज्य स्तरीय अधिकारी प्रभावित क्षेत्र में जांच हेतु 03 जनवरी को इंदौर आये। जांच रिपोर्ट शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) रॉ-वॉटर एवं क्लियर वॉटर के मानकों का विवरण टेस्ट रिपोर्ट में अंकित है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। (घ) नगर पालिक निगम, इन्दौर में वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक CM helpline एवं 311 App पर पेय-जल से संबंधित लगभग 45940 शिकायतें प्राप्त हुई है, जिसमें से 45169 शिकायतें निराकृत हुई है। शिकायतें ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज एवं निराकृत होने से एकल नस्ति संधारित नहीं की जाती है, पोर्टल पर निराकरण की प्रक्रिया निरंतर जाती रहती है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है।
मस्टर/दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का विनियमितीकरण
[नगरीय विकास एवं आवास]
134. ( क्र. 1637 ) श्री केशव देसाई : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिका गोहद में मस्टर/दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का विनियमितीकरण करने के आदेश किस अधिकारी/प्राधिकारी द्वारा जारी किये गये है? आदेश जारी करने वाले अधिकारी का नाम व पद, आदेश क्रमांक, आदेश जारी करने की तिथि एवं सक्षम प्राधिकारी के नाम की सत्यापित प्रतिलिपि उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार उक्त विनियमितीकरण किस नियम, नीति, अधिनियम अथवा शासनादेश के आधार पर किया गया है? शासनादेश/नीति का नाम, आदेश क्रमांक, आदेश जारी करने की तिथि, लागू शर्तें (कट ऑफ डेट, सेवा अवधि, स्वीकृत पद) की प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ग) क्या नगर पालिका गोहद में बिना स्वीकृत पद के, बिना विधिवत चयनित समिति की अनुशंसा के अथवा निर्धारित कट ऑफ तिथि के पश्चात कार्यरत कर्मचारियों का विनियमितीकरण किया गया है? यदि हाँ, तो ऐसे मामलों की संख्या एवं विवरण की प्रमाणित छायाप्रतियां उपलब्ध करावें। (घ) वर्ष 2015 से प्रश्न दिनांक तक नगर पालिका गोहद में कुल कितने मस्टर कर्मचारियों का विनियमितीकरण किया गया है? कितने अपात्र पाये गये हैं? प्रत्येक कर्मचारी का पद, नियुक्ति तिथि एवं विनियमितीकरण की तिथि क्या है? नामवार सूची उपलब्ध करावें। (ड.) यदि यह विनियमितीकरण शासन के निर्धारित नियमों एवं उच्चतम न्यायालय के विपरीत पाया जाता है, तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही अथवा एफ.आई.आर. कराई जायेगी? क्या शासन यह सुनिश्चित करेगा कि नगर पालिका गोहद में किसी प्रकार का अवैध विनियमितीकरण नहीं किया जावेगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगर पालिका परिषद्, गोहद में मस्टर दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का विनियमितीकरण करने के आदेश तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी गोहद द्वारा जारी किये गये हैं। आदेश जारी करने वाले अधिकारी का नाम श्री सुरेन्द्र प्रसाद शर्मा है जो प्रभारी मु.न.पा. अधि. के पद पर पदस्थ थे। श्री शर्मा का मूलपद राजस्व उप निरीक्षक था। विनियमितीकरण आदेश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1, 2 एवं 3 अनुसार है, जिसमें आदेश क्रमांक तथा जारी करने की तिथि उल्लेखित है। (ख) विनियमितीकरण हेतु राज्य शासन द्वारा जारी नीति म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय, भोपाल के परिपत्र क्रमांक एफ 5-1/2013/1/3 भोपाल, दिनांक 07.10.2016 एवं म.प्र. शासन, नगरीय विकास एवं आवास विभाग, मंत्रालय, भोपाल के परिपत्र एफ 4-134/2017/18-1 भोपाल, दिनांक 01.08.2017 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 एवं 5 अनुसार है। जिसमें कट ऑफ डेट, सेवा अवधि आदि का उल्लेख है। (ग) जी नहीं। (घ) नगर पालिका परिषद्, गोहद जिला भिण्ड द्वारा वर्ष 2015 से प्रश्न दिनांक तक कुल 127 दै.वे.भो./मस्टर कर्मचारियों को विनियमितीकरण किया गया है। विनियमितीकरण हेतु शासन परिपत्र अनुसार पात्र कर्मचारियों के नाम जिला चयन समिति के समक्ष भेजे गये थे। शासन नीति अनुसार विनियमितीकरण हेतु पद निर्धारित न होकर कर्मचारियों की श्रेणी जिसमें कुशल, अर्द्धकुशल एवं अकुशल श्रेणी प्रावधानित है। विनियमित कर्मचारियों का विवरण उत्तरांश "क" अनुसार है। अपात्र दै.वे.भो./मस्टर कर्मचारियों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-6 अनुसार है। (ड.) शिकायत प्राप्त होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाती है।
जतारा
एवं लिधौरा की
जनता को शुद्ध
पेय-जल का
प्रदाय
[नगरीय विकास एवं आवास]
135. ( क्र. 1649 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नगर जतारा एवं नगर लिधौरा की जनता को शीघ्र नल-जल योजना का कार्य पूर्ण करवाकर शुद्ध पेय-जल उपलब्ध कराने पूर्व में भी विधानसभा प्रश्न प्रश्नकर्ता द्वारा किये गये हैं? जानकारी 2019 से प्रश्न दिनांक तक के मध्य की जानकारी प्रदाय करें। (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर बतायें कि कौन-कौन से कार्य पर प्रश्न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि व्यय की गई? प्रशासनिक स्वीकृत राशि दिनांक सहित तकनीकी स्वीकृत राशि दिनांक सहित, कार्यों की वास्तवित लागत, पी.ए.सी.+ टेण्डर प्रतिशत, ठेकेदार का नाम एवं उनके पता सहित एवं सम्पूर्ण योजनाओं की छायप्रतियां सहित प्रदाय करें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बतायें कि दोनों योजनाओं के अनुबंधानुसार कार्य कब तक पूर्ण होना था? यह भी जानकारी दें कि जतारा एवं लिधौरा नगरों की जनता को शुद्ध पेय-जल उपलब्ध कराने पानी कहाँ-कहाँ से कितने-कितने किलोमीटर दूर से लाने की योजना है? सम्पूर्ण जानकारी प्रदाय करें। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बतायें कि क्या नगर जतारा में पास की उन नदी पर स्टॉप डैम बनाकर या दशान नदी के बांध सुजारा बांध की सिंचाई परियोजना जो जतारा नगर से लगी हुई योजना से एवं नगर लिधौरा की जनता को नजदीकी वराना तालाब से जो हरपुरा सिंचाई परियोजना से स्वीकृत है? उसके आधार पर कम लागत से नगर जतारा एवं लिधौरा की जनता को शुद्ध पेय-जल एवं पर्याप्त दिया जा सकता है? कब तक उपरोक्त योजनाओं में संशोधन कर दिया जावेगा एवं निश्चित समय-सीमा सहित बतायें कि कब तक शुद्ध पेय-जल उपलब्ध हो जावेगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। लिधौरा एवं जतारा की पेय-जल योजना के संबंध में इस प्रश्न सहित 07 विधानसभा प्रश्न किये गये। विधानसभा प्रश्नों का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। (ख) नगर जतारा एवं नगर लिधौरा में किये गये कार्यों एवं व्यय की अद्यतन स्थिति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है एवं शेष प्रश्नांश की जानकारी मय छायाप्रतियों के साथ पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'स' अनुसार है। (ग) नगर जतारा की जलावर्धन योजना का कार्य अनुबंधानुसार 24.07.2022 एवं नगर लिधौरा की जलावर्धन योजना का कार्य अनुबंधानुसार 10.06.2025 को पूर्ण होना था। नगर जतारा के लिए शुद्ध पेय-जल उपलब्ध कराने पानी धसान नदी से जल शोधन संयत्र के माध्यम से नगर खरगापुर एवं जतारा के लिए 26.34 कि. मी. संयुक्त पाइप-लाइन एवं कुल 28.35 कि.मी. नगर जतारा के लिए पृथक पाइप-लाइन बिछाई जाकर लाई जाना है। अतः इस प्रकार कुल 54.69 कि.मी. की दूरी से नगर जतारा के लिए शुद्ध पेय-जल लाया जाना है। नगर लिधौरा के लिए शुद्ध पेय-जल उपलब्ध कराने पानी जामनी नदी से जल शोधन संयंत्र के माध्यम से नगर लिधौरा के लिए 4.71 कि.मी. संयुक्त पाइप-लाइन एवं कुल 34.29 कि.मी. नगर लिधौरा के लिए पृथक पाइप-लाइन बिछाई जाकर लाई जाना है। अत: इस प्रकार कुल 39.00 कि.मी. की दूरी से नगर लिधौरा के लिए शुद्ध पेय-जल लाया जाना है। (घ) नगर जतारा की जलावर्धन योजना हेतु जल स्रोत का निर्धारण म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कंपनी की जल स्त्रोत निर्धारण समिति की 09 बैठक दिनांक 29.08.2018 के माध्यम से जल स्रोत धसान नदी का निर्धारण गुणदोष के आधार पर किया गया। इसी प्रकार नगर लिधौरा की जलावर्धन योजना हेतु जल स्रोत का निर्धारण म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कंपनी की जल स्त्रोत निर्धारण समिति की 09 बैठक दिनांक 29.08.2018 के माध्यम से जल स्त्रोत जामनी नदी का निर्धारण गुणदोष के आधार पर किया गया। उपरोक्तानुसार जल स्त्रोत का निर्धारण किया जाकर डिजाइन का अनुमोदन भी किया गया है एवं कार्य भी प्रारंभ किया गया है। अत: नगर जतारा एवं लिधौरा के लिए किसी अन्य जल स्त्रोत का निर्धारण किया जाना परियोजना की प्रगति के दृष्टिगत इस स्तर पर सम्भव नहीं है। नगर जतारा में शुद्ध पेय-जल प्रदान करने हेतु परियोजना को पूर्ण करने का लक्ष्य दिनांक 31 जुलाई 2026 रखा गया है एवं नगर लिधौरा में शुद्ध पेय-जल प्रदान करने हेतु परियोजना को पूर्ण करने का लक्ष्य दिनांक 31 दिसम्बर 2026 रखा गया है।
नगरीय निकायों में सौंदर्यीकरण व विद्युतीकरण के कार्य
[नगरीय विकास एवं आवास]
136. ( क्र. 1653 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले के नगरीय निकायों में विगत दो वर्षों में सड़क निर्माण, सौंदर्यीकरण व विद्युतीकरण के कितने कार्य स्वीकृत किये गये? कार्य का विवरण, लागत व वर्तमान स्थिति पूर्ण, अपूर्ण, प्रगतिरत की जानकारी दें। इन कार्यों के गुणवत्ताहीन होने हेतु कौन उत्तरदायी है? (ख) प्रश्नांश (क) उल्लेखित कार्यों का भौतिक परीक्षण कब-कब संभागीय कार्यालय के तकनीकी अधिकारियों द्वारा किया गया? इन कार्यों की गुणवत्ता संबंधी रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध कराएं। (ग) प्रश्नांश (क) उल्लेखित निकायों में खरीदी, निर्माण व अन्य मदों के राशि रू. एक लाख तक कितने प्रकरण हैं, जिनमें भुगतान किया गया है? गत दो वर्षों की जानकारी दें। कार्य का विवरण व किसे भुगतान किया गया है की जानकारी दें। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) से संबंधित विभाग को गत दो वर्षों में प्राप्त शिकायतों, उनका परीक्षण एवं उनके निराकरण की स्थिति का शिकायतवार विवरण दें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) रायसेन जिले की नगरीय निकायों में विगत वर्षों में कुल 70 सड़क निर्माण कार्य, 07 सौंदर्यीकरण कार्य एवं विद्युतीकरण के कुल 04 कार्य स्वीकृत किये गये हैं। निकायवार व स्वीकृत कार्यवार लागत एवं वर्तमान स्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। नगर परिषद् गैरतगंज में कायाकल्प योजना अंतर्गत सड़क निर्माण कार्य की शिकायत पर जांच की कार्यवाही प्रचलित है। जांच निष्कर्ष उपरांत उत्तरदायी का निर्धारण किया जाना संभव हो सकेगा। अत: एवं उत्तरदायी बताया जाना संभव नहीं है। शेष अन्य निकायों में सड़क, सौंदर्यीकरण एवं विद्युतीकरण कार्य के गुणवत्ताहीन होने सम्बंधी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) प्रश्नांश 'क' अनुसार उल्लेखित कार्यों का संभागीय कार्यालय के तकनीकी अधिकारियों द्वारा किया गया भौतिक परीक्षण की निकायवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। रायसेन जिले के निकायों से प्राप्त कार्यों की गुणवत्ता रिपोर्ट की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है। (ग) रायसेन जिले के नगरीय निकायों में गत 2 वर्षों से प्रश्न दिनांक तक खरीदी, निर्माण व अन्य मदों के राशि रूपये एक लाख तक के कुल 403 प्रकरण है। निकायवार कार्य का विवरण व भुगतान सम्बंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'स' अनुसार है। (घ) रायसेन जिले की निकाय से सम्बंधित शिकायतों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'द' अनुसार है।
भाग-3
अतारांकित
प्रश्नोत्तर
घटिया सीवेज
लाइन कार्य की
जांच एवं
कार्यवाही
[नगरीय विकास एवं आवास]
1. ( क्र. 102 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल विकास प्राधिकरण भोपाल की राजाभोज आवासीय योजना, गोदरमऊ, फेस-2 की सीवेज लाइन का कार्य किस एजेन्सी के माध्यम से कितनी राशि की लागत से पूर्ण कराया गया है? उक्त कार्य हेतु कितनी राशि का भुगतान किस अधिकारी के भौतिक सत्यापन के बाद किया गया है? पृथक-पृथक नाम सहित बताया जाए। (ख) क्या सीवेज कार्य करने वाली एजेन्सी द्वारा सीवेज चेम्बरों के बीच में घटिया गुणवत्ता की पाइप लाइन डाली गई है, जिसके कारण जगह-जगह पर सीवेज का गंदा पानी भरा रहता है, इसकी जांच कब-कब किस-किस अधिकारी द्वारा की गई? विवरण सहित बताया जाए। (ग) राजाभोज आवासीय योजना, गोदरमऊ, फेस-2 में घटिया सीवेज लाइन डालने की जांच शासन द्वारा किसी कमेटी का गठन कर कराई जाएगी? यदि हाँ, तो कमेटी का गठन कब तक किया जावेगा एवं जांच कब तक पूरी कर ली जावेगी। जानकारी दें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) भोपाल विकास प्राधिकरण की राजाभोज आवासीय योजना, गोदरमऊ फेस-2 में विकास कार्यों हेतु सूची संलग्न परिशिष्ट-अ अनुसार एजेन्सियों से कार्य कराये गये है जिसमें सीवेज लाइन का कार्य भी सम्मिलित है। विकास कार्यों हेतु 78.53 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति में से लगभग राशि रुपये 67.92 करोड़ के कार्य कराये गये है। उक्त कार्यों के भौतिक सत्यापन एवं राशि के भुगतान हेतु समय-समय पर पदस्थ अधिकारियों की सूची संलग्न परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ख) जी नहीं। सीवेज लाईन एवं सीवेज चेम्बरों का कार्य योजना के मानक अनुरूप कराया गया है। योजना में भूखण्डों के आवंटियों द्वारा भवन निर्माण के समय भारी वाहनों से सामग्री लाने एवं चेम्बरों के ऊपर सामग्री खाली करने से सीवेज लाईन, मेन होल के चेम्बर टूटने से सीवेज के पानी का रिसाव हो जाता है, जिसे समय-समय पर प्राधिकरण द्वारा मरम्मत कर सुधार कर दिया जाता है। सीवेज लाईन, मेन होल के चेम्बर टूटने संबंधी जानकारी संज्ञान में आने पर प्राधिकरण के अधिकारियों/इंजीनियरों द्वारा जांच की जाती है, जो की एक सतत प्रक्रिया है, अतः विवरण दिया जाना सभव नहीं है। (ग) जी नहीं, उत्तरांश 'ख' के परिप्रेक्ष्य में कमेटी का गठन एवं जांच कराने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
नवीन स्वीकृत सड़कों की जानकारी
[लोक निर्माण]
2. ( क्र. 150 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा अम्बाह के अन्तर्गत विभाग द्वारा वर्ष 2024 से प्रश्न दिनांक तक कितनी नवीन सड़कें स्वीकृत की गई? नाम, स्थान, पते सहित जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में स्वीकृत सड़कों में कितनी सड़कों का कार्य प्रारंभ कर कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा कितनी सड़कों का निर्माण कार्य प्रारंभ होना शेष है? यदि हाँ, तो सूची उपलब्ध कराये। (ग) विभाग द्वारा स्वीकृत तथा निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया, सड़कों का निर्माण कार्य कब तक प्रारंभ कर दिया जावेगा? समय-सीमा बतायें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
पशुपालन एवं डेयरी के लिए प्रदाय ऋण
[पशुपालन एवं डेयरी]
3. ( क्र. 173 ) श्री घनश्याम चन्द्रवंशी : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2021 से 2025 के बीच विभाग को शाजापुर जिले में संचालित विभिन्न विभागीय योजनाओं में ऋण प्राप्ति हेतु कितने आवेदन पत्र प्राप्त हुये। (ख) वर्ष 2021 से 2025 के बीच पशुपालन एवं डेयरी विभागों द्वारा किन योजनाओं में शाजापुर जिले में कितने हितग्राहियों को ऋण प्रदाय किये गये, हितग्राहियों की नामवार जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) विभाग द्वारा आगामी वित्तीय वर्ष में कितने हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं में ऋण प्रदान करने का लक्ष्य है योजनावार जानकारी उपलब्ध करायें।
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) शाजापुर जिले में ऋण प्राप्ति हेतु आचार्य विद्यासागर गौसंवर्धन योजना हेतु 122 एवं बैंक ऋण अनुदान पर बकरी इकाई हेतु 54 तथा डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनू योजना में 107 इस प्रकार कुल 283 आवेदन प्राप्त हुए है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) आगामी वित्तीय वर्ष हेतु वित्त विभाग द्वारा विभाग को प्राप्त बजट प्रावधान अनुसार योजना के लक्ष्य निर्धारित किये जायेंगे।
नगर परिषद का नगरपालिका में उन्नयन
[नगरीय विकास एवं आवास]
4. ( क्र. 195 ) श्रीमती प्रियंका पैंची : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नगर परिषद चाचौड़ा-बीनागंज को नगरपालिका में उन्नयन करने की कोई प्रक्रिया वर्तमान में प्रचलित है? (ख) यदि हाँ, तो प्रक्रिया किस स्तर पर लंबित है? अब तक कौन-कौन सी प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी है? (ग) क्या इस प्रकरण में जनसंख्या, राजस्व, नगरीय सुविधाएं एवं क्षेत्र सीमा निर्धारण संबंधी सर्वेक्षण किया गया है? (घ) क्या शासन इस प्रकरण को शीघ्र निर्णय हेतु किसी समय-सीमा में हल करने पर विचार कर रहा है? (ङ) नगर परिषद चाचौड़ा-बीनागंज को कब तक नगरपालिका का दर्ज़ा मिल जाएगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रक्रिया कलेक्टर स्तर पर लंबित है। संचालनालय के पत्र क्रमांक 18922 दिनांक 08.09.2025 कलेक्टर जिला गुना को प्रेषित कर नगर परिषद उन्नयन संबंधी विधिवत प्रस्ताव चाहा गया है। (ग) से (ड.) कलेक्टर जिला गुना से मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 5 एवं मध्यप्रदेश राजपत्र दिनांक 27.12.2011 में दिये गये मापदण्ड के अनुसार प्रस्ताव प्राप्त होने पर एवं प्रस्ताव का विधिवत परीक्षणोंपरांत कार्यवाही की जा सकेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
सड़कों एवं भवनों का निर्माण कार्य
[लोक निर्माण]
5. ( क्र. 196 ) श्रीमती प्रियंका पैंची : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र चाचौड़ा अंतर्गत विगत 02 वर्षों में लोक निर्माण विभाग द्वारा कितने नवीन सड़कें/भवन स्वीकृत किये है जितनों का कार्य पूर्ण हो चुका है जानकारी उपलब्ध कराई जावे। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित सड़क/भवन के निर्माण में क्या कार्यादेश जारी किया गया है एवं क्या राशि निर्माणकर्ता एजेंसी को जारी कर दी गई है? जानकारी दिनांक, राशि, फर्म का नाम, बिल नंबर, व्हाउचर नंबर सहित देवें? कार्यादेश एवं निर्माण एजेंसी के अनुबंध की सत्यापित प्रति उपलब्ध करावें? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित सड़क/भवन के निर्माण में यदि ठेकेदार द्वारा कार्य प्रारंभ नहीं किया है, तो उससे कितना अर्थदण्ड वसूल किया गया है अथवा उसे जिले के अन्य निर्माण कार्यों हेतु ब्लैक लिस्टेड किया गया है? यदि हाँ, तो संपूर्ण जानकारी देवें। यदि नहीं, तो क्यों? (घ) ठेकेदार द्वारा लापरवाही करने पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? यदि कोई कार्यवाही की गई है, तो किये गये पत्राचारों की छायाप्रति देवें। यदि नहीं, तो ऐसे अधिकारी के विरूद्ध विभाग मुख्यालय द्वारा क्या कार्यवाही की है जानकारी दें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है एवं कॉम्पोजिट तहसील कार्यालय चाचौड़ा भवन के निर्माण कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति 10 दिसम्बर 2024 को राजस्व विभाग द्वारा रू. 912.46 लाख जारी की गई। वर्तमान में कार्य प्रगतिरत है। (ख) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। कार्यादेश एवं अनुबंध की सत्यापित प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8 एवं 9 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। कार्य वर्तमान में प्रगतिरत है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। ठेकेदार द्वारा कोई लापरवाही नहीं की गई है। अत: प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
आऊटसोर्स सफाई संरक्षकों के वेतन में प्रोविडेंट फण्ड की राशि
[नगरीय विकास एवं आवास]
6. ( क्र. 401 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर निगम, जबलपुर में आऊटसोर्स पर कार्यरत सफाई संरक्षकों के वेतन में प्रोविडेन्ट फण्ड की राशि काटने एवं प्रोविडेन्ट फण्ड में जमा करने के नियम क्या है? कितनी राशि सफाई संरक्षक के वेतन से काटी जाती है एवं कितनी राशि ठेकेदार या नगर निगम जबलपुर द्वारा पी.एफ. खाते में जमा की जा रही है? (ख) नगर निगम जबलपुर में वर्ष 2021-22 से 2023-24 तक की अवधि में कार्यरत लगभग 8500 आऊटसोर्स सफाई संरक्षकों के पी.एफ. खातों में ठेकेदार या नगर निगम जबलपुर द्वारा एवं सफाई संरक्षकों के वेतन से कितनी राशि प्रोविडेन्ट फण्ड के किन-किन खातों में जमा कराई गई है? खाता में सफाई संरक्षक का नाम सहित जानकारी दें। यदि उक्त सफाई संरक्षकों की पी.एफ. राशि उनके प्रोविडेन्ट फण्ड खातों में जमा नहीं कराई जा रही है तो इसके लिए कौन दोषी है? (ग) नगर निगम जबलपुर में 2024-25 की अवधि में कार्यरत आऊटसोर्स सफाई संरक्षकों के प्रोविडेन्ट फण्ड खातों में नियोक्ता एवं सफाई संरक्षक के वेतन से जमा कराई गयी राशि का नाम खाता नम्बर सहित जानकारी दें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम 1952 (EPF & MP Act. 1952) के प्रावधानों के अनुसार प्रोविडेन्ट फण्ड की कटौती की जाती है। सफाई संरक्षक अंशदान – 12% राशि वेतन से काटी जाती है। नियोक्ता (ठेकेदार) अंशदान - 13% राशि वेतन से काटी जाती है। (ख) 2021-22 से 2023-24 तक की अवधि में संभाग क्र. 1 से 16 में कार्यरत आऊटसोर्स सफाई संरक्षकों के पी.एफ. खातों में जमा राशि की, कर्मचारियों के नाम, पी.एफ. खाता संख्या (UAN) सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक (पेनड्राइव) अनुसार है। अनुबंध अनुसार सफाई संरक्षकों की पी.एफ. की राशि जमा करने की संपूर्ण जवाबदारी अनुबंधित संविदाकार (फर्म/एजेंसी) की होती है। (ग) वित्तीय वर्ष 2024-25 की अवधि में संभाग क्र. 1 से 16 में कार्यरत आऊटसोर्स सफाई संरक्षकों के प्रोविडेन्ट फण्ड खातों में जमा राशि का विवरण (नाम और खाता संख्या सहित) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो (पेनड्राइव) अनुसार है।
तालाबों उद्यानों का सौंदर्यीकरण
[नगरीय विकास एवं आवास]
7. ( क्र. 402 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर की पहचान 52 तालाब 84 तलैया बावडि़यों वाले शहर में वर्तमान में कितने तालाब व बावड़ियां जीवित हैं, कितने तालाबों तलैया और बावड़ियों का अस्तित्व समाप्त हो गया है. कितने तालाबों बावड़ियों का पानी प्रदूषित हैं, पेय योग्य नहीं हैं? बतलायें। (ख) नगर निगम जबलपुर स्वामित्व के कितने सतही जल स्त्रोत वाले जलाशय तालाब कुएं एवं बावडि़या हैं। हनुमानताल तालाब सहित किन-किन तालाबों का सौंदर्यीकरण साफ सफाई, देखभाल, सुरक्षा, रख-रखाव, सुधार मरम्मत कार्य पर कितनी-कितनी राशि व्यय हुई हैं। कौन-कौन से तालाब बदहाल कचरा घर में तब्दील हो गये हैं एवं क्यों? बतलायें। वर्ष 2020-21 से 2025-26 तक की जानकारी दें। (ग) नगर निगम जबलपुर द्वारा शहर के किन-किन क्षेत्रों में किस योजना के तहत एक दिन में कितने-कितने गार्डन/उद्यान कब-कब बनवायें गये थे। गार्डन को तैयार करने, पेड़ पौधों का क्रय आदि पर कितनी राशि व्यय हुई। इनकी सुरक्षा देखभाल, रख-रखाव, सिंचाई आदि की क्या व्यवस्था की गई? कितने गार्डन बदहाल उपयोगहीन अस्तित्वहीन हो गये हैं एवं क्यों? बतलायें। (घ) जबलपुर शहर के हृदय स्थल सिविक सेंटर व भवरताल गार्डन महाराजा अग्रसेन वार्ड में चंद्रशेखर आजाद उद्यान एवं अन्य किन-किन गार्डन के सौंदर्यीकरण, संवारने, रखरखाव्, लाइटिंग बच्चों के संसाधनों खेल सामग्री आदि पर कितनी-कितनी राशि व्यय हुई हैं। कहां-कहां के गार्डन बदहाल, बेजान हो गये हैं एवं क्यों? बतलायें। सूची दें। क्या शासन तालाबों, बावड़ियों, उद्यानों में किये गये भ्रष्टाचार की जांच कराकर दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करेगा? बतलायें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगर निगम जबलपुर में 36 तालाब एवं 17 बावडि़या विद्यमान है। इनमें से किसी भी जल स्तोत्र का पानी दूषित न हो इसके लिये अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत सीवरेज का कार्य कराया जा रहा है। जल स्तोत्र का पानी फिल्टर प्लांट से उपचार उपरांत ही पानी पीने योग्य होता है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। तालाबो को कचरा घर में परिवर्तित नहीं किया गया है। उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-'ब' अनुसार है। (घ) जबलपुर शहर के अंतर्गत सिविक सेंटर स्थित उद्यान का निर्माण स्मार्ट सिटी द्वारा कराया गया है, जिसकी व्यय राशि रूपये 1,70,63,896.00 है व भंवरताल उद्यान पूर्व से निर्मित है, जिसका रख-रखाव का कार्य उद्यान विभाग द्वारा किया जाता है एवं महाराजा अग्रसेन वार्ड में चन्द्रशेखर आजाद उद्यान का निर्माण कराया गया है, जिसकी व्यय राशि रूपये 1,22,05,388.00 है, अन्य उद्यानों की तालिका संलग्न परिशिष्ट-'स' अनुसार है। उक्त निर्मित उद्यान वर्तमान में सुचारू रूप से संचालित है। उपरोक्त के संबंध में कोई भी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
पारिका गृह निर्माण संस्था की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
8. ( क्र.
412 ) श्री
योगेन्द्र
सिंह (बाबा) : क्या
नगरीय विकास
एवं आवास
मंत्री महोदय
यह बताने की
कृपा करेंगे
कि (क) जिला
भोपाल के
ग्राम
चूनाभट्टी
स्थित पारिका
गृह निर्माण
सहकारी
संस्था के
अनुमोदित अभिन्यास
में दर्शित
शर्तों के
संबंध में
संयुक्त
निरीक्षण
प्रतिवेदन
श्री भूषण
कुलकर्णी
वरिष्ठ
भू-मापक टी.एण्ड
सी.पी. जिला
भोपाल श्री
प्रदीप जडिया
उपयंत्री नगर
निगम भोपाल, श्री
परवेज अली
राजस्व
निरीक्षक
नजूल कार्यालय
भोपाल द्वारा
दिनांक 20.08.2008 को
प्रस्तुत
किया जाकर, चरण
क्रमांक-12 में
अपूर्ण
भूखण्डों पर
वर्तमान में
भवनों का
निर्माण
स्वीकृति
प्राप्त किये
बिना किया जाना, चरण
क्रमांक 15 में
स्थल सत्यापन
मानचित्र में
दर्शित भूखण्ड
क्रमांक-2, 3 के
मध्य
प्रस्तावित
ड्रेन को कवर
कर पीछे के एम.ओ.एस.
में निर्माण
का लेख है? (ख) पत्र
क्रमांक 3903 से 3904
दिनांक 19.10.2001 द्वारा
अनुमोदित
अभिन्यास का
सीमांकन, सत्यापन, मानचित्र
अनुमोदित
किया गया है।
सीमांकन सत्यापन
की मौके की
स्थिति का
स्थल
निरीक्षण प्रतिवेदन
पंचनामा, तत्संबंधी
नस्ती में
सत्यापनकर्ता
द्वारा अंकित
एवं
हस्ताक्षरित
होकर संलग्न
नहीं है? (ग) पारिका
गृह निर्माण
सहकारी
संस्था फेस-2
चूनाभट्टी
भोपाल के
प्लाट
क्रमांक 01, 02, 03
के धारक, अध्यक्ष को
जारी नोटिस
क्र. 2021
से 2028
दिनांक 15.10.2008 एवं
उनके अनुक्रम
में प्राप्त
जवाब विषयक गुण-दोष
आधारित
स्पीकिंग
आदेश/निर्णय
का अभिलेख
तत्संबंधी
नस्ती में
संलग्न नहीं है।
क्या तदविषयक
कोई त्रुटि
हुई है? यदि हाँ, तो
क्या संबंधित
के विरूद्ध
कार्यवाही की
जावेगी?
नगरीय
विकास एवं
आवास मंत्री (
श्री कैलाश
विजयवर्गीय ) : (क) जी
हाँ। (ख) संयुक्त
संचालक, नगर तथा
ग्राम निवेश, जिला
कार्यालय, भोपाल
में संधारित
नस्ती
क्रमांक LP/33/29/LP/97
की नोटशीट
क्रमांक 56
लगायत 58, में दिनांक 14/09/2001
पर कार्यालय
द्वारा
अनुमोदित
अभिन्यास के चिन्हांकन/निरीक्षण
का उल्लेख
किया गया है। (ग) जी
नहीं,
उत्तरांश 'ख' अनुसार
कोई त्रुटि
नहीं हुई है।
अतः संबंधित के
विरूद्ध
कार्यवाही का
प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता है।
भवन अनुज्ञा संबंधी
[नगरीय विकास एवं आवास]
9. ( क्र. 413 ) श्री योगेन्द्र सिंह (बाबा) : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्राम चूनाभट्टी भोपाल स्थित खसरा क्रमांक 90-91/2/3/1/2/3/1 एवं 90-91/2/3/1/2/3/2 रकबा क्रमश: 0.26 एवं 0.26 एकड़ डी.एस. शर्मा एवं सर्वेश शर्मा, चूनाभट्टी भोपाल की भवन अनुज्ञा क्रमांक 1151/बी.एम.सी./जेड 07/डब्ल्यू. 30/16-17, दिनांक 24.06.2016 से स्वीकृत हुई है? (ख) प्रश्नांश (क) की भवन अनुज्ञा के पश्चात एक वर्ष के लिए एक्सटेंशन किये जाने का आवेदन पत्र विधिवत समय-सीमा में प्रस्तुत होकर उस पर से फाइल नं. बी.एम.सी./3394/जेड-07/डब्ल्यू, 30/15-16 एवं फाइल नं. बी.एम.सी./0269/105/2020/जेड-07 डब्ल्यू 30 Date of Sumission 07 फरवरी 2020 कायम होकर विचाराधीन रही है? (ग) क्या प्रश्नांश (क) एवं (ख) की भवन अनुज्ञाओं की समयावधि में प्रश्नाधीन भूमियों की मौके की स्थिति एवं भूमि स्वामी स्वत्व की स्थिति यथावत समान रही है? यदि हाँ, तो प्रश्नाधीन भवन अनुज्ञा का एक्सटेंशन क्यों? किस कारण एवं विधि के किस प्रावधान अन्तर्गत नहीं हुआ है?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। (ख) उत्तरांश 'क' अनुसार दिनांक 18.03.2021 को ऑनलाईन भवन अनुज्ञा के प्रकरण को निगम द्वारा निरस्त किया गया था। जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। (ग) भवन अनुज्ञा की समय-सीमा अवधि में मौके पर भूखण्ड पर कोई निर्माण कार्य नहीं किया गया। भवन अनुमति की समय-सीमा व्यतीत होने के उपरांत म.प्र. नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 300 के अंतर्गत अनुमति के समय-सीमा में वृद्धि नहीं की जा सकी। जिसकी प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है।
भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड को राशि का भुगतान
[नगरीय विकास एवं आवास]
10. ( क्र. 424 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 01 जनवरी 2023 से प्रश्न दिनांक तक भोपाल सिटी लिंक लि. को राज्य सरकार के विभागों द्वारा कितने विज्ञापन कब-कब प्राप्त हुये है और कितनी राशि बी.सी.एल.एल. को प्राप्त हुई एवं ऑपरेटर को कितना भुगतान हुआ का सम्पूर्ण गौशवारा बनाकर मय दस्तावेज प्रदाय करें। (ख) वर्ष 01 जनवरी 2025 से प्रश्न दिनांक तक भोपाल सिटी लिंक लि. को राज्य सरकार द्वारा किस मद से कितना भुगतान कब-कब प्राप्त हुये है एवं समस्त ऑपरेटर को वी.जी.एफ. अनुदान एवं अन्य किसी मद में कितना भुगतान हुआ की समस्त जानकारी, दस्तावेज प्रदाय करें। (ग) 01 जनवरी 2023 से प्रश्न दिनांक भोपाल सिटी लिंक लि. के निविदाकर्ता एवं वेण्डर के विरूद्ध पेनाल्टी Show cause Notice के लिये जारी पत्रों की सत्यापित छायाप्रति प्रदान करें। क्या यह पेनाल्टी निविदाकर्ताओं द्वारा विभाग में जमा करा दी गई है? हाँ अथवा नहीं?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट -2 अनुसार है। (ग) प्रश्नाधीन दिनांक में भोपाल सिटी लिंक लि. के निविदाकर्ता एवं वेण्डर पर निविदा प्रक्रिया में कोई पेनाल्टी Show cause Notice जारी नहीं किये गए है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नाले को खुला रखना
[नगरीय विकास एवं आवास]
11. ( क्र. 491 ) श्री आरिफ मसूद : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्राम चूनाभटटी भोपाल स्थित दानिश गृह निर्माण सहकारी समिति को अमलतास फेस-2 की विकास अनुज्ञा क्रमांक 3571 दिनांक 03/06/1985 तथा पारिका हाउसिंग सोसायटी फेस-2 की विकास अनुज्ञा क्रमांक 1458-1466 दिनांक 07/05/1997, इनकी भूमियों में प्रवाहित खसरा क्रमांक 70 के नाला/डायवर्टेड नाला/ड्रेन से 3-3 मीटर दूरी खुली रखने के तत्समय प्रचलित प्रावधानों के अनुक्रम में तदाशय का प्रावधान कर प्रदाय की गयी हैं तथा नगर निगम भोपाल द्वारा इन कालोनियों के संबंधित भूखंडों की प्रदाय की गयी भवन अनुज्ञा में प्रश्नाधीन नाले से 3-3 मीटर दूरी खुली रखने के प्रावधान का पालन नहीं हुआ है? (ख) क्या कार्यालय संयुक्त संचालक नगर तथा ग्राम निवेश जिला भोपाल द्वारा आयुक्त नगर पालिक निगम भोपाल को, प्रश्नांश (क) में उल्लेखित दोनों कॉलोनियों के स्थल पर, नाले के किनारे जांच कराकर नियमानुसार कार्यवाही करने हेतु, कार्यालयीन पत्र क्रमांक 1702 दिनांक 30/07/2021 द्वारा सूचित किया गया है? पर नगर पालिक निगम भोपाल में तदविषयक कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं हुई है? क्या अब प्रश्नांश (क) एवं (ख) के अनुक्रम में कोई कार्यवाही होगी? यदि हाँ, तो क्या एवं कब तक? नहीं तो क्यों?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगर तथा ग्राम निवेश मध्यप्रदेश द्वारा ग्राम चूना भट्टी जिला भोपाल स्थित दानिश गृह निर्माण समिति को अमलतास फेज-2 को आवासीय भूखण्ड विकास हेतु पत्र क्रमांक 3571 दिनांक 03.06.1985 विकास अनुज्ञा एवं पत्र क्र. 3902 से 3904 दिनांक 19.10.2001 द्वारा अनुमोदित अभिन्यास का चिन्हांकन सीमांकन मानचित्र जारी किया गया है तथा पारिका हाउसिंग सोसायटी फेज-2 की विकास अनुज्ञां क्र. 1458-1466 दिनांक 07.05.1997 विकास अनुज्ञा प्रदान की गई है। शेष प्रश्नांश से संबंधित कार्यवाही नगर पालिक निगम भोपाल स्तर पर परीक्षणाधीन है। (ख) कार्यालय संयुक्त संचालक नगर तथा ग्राम निवेश जिला भोपाल द्वारा आयुक्त नगर पालिक निगम भोपाल के पत्र क्रमांक 1702 दिनांक 30.07.2021 के पालन में उपलब्ध नस्ती अनुसार निगम द्वारा कार्यवाही प्रचलित है।
भोपाल शहर में उद्यानों का रख-रखाव
[नगरीय विकास एवं आवास]
12. ( क्र. 492 ) श्री आरिफ मसूद : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल शहर में नगर निगम भोपाल व राजधानी परियोजना लोक निर्माण विभाग, द्वारा संधारित सार्वजनिक उद्यानों की सूची, प्रभारी कर्मचारी का नाम एवं पद, क्षेत्र तथा वर्ष 2025-2026 में व्यय की गई राशि का विवरण दिया जावें। (ख) क्या पूर्व में तत्कालीन आयुक्त, नगर निगम, भोपाल द्वारा उद्यानों को जनसहभागिता अथवा Corporate social responsibilities मद में बड़े संस्थानों के माध्यम में संधारित किये जाने के लिये अपील जारी की गई थी यदि हाँ, तो उसकी प्रति तथा संबंधित संस्थानों की सूची पूर्ण विवरण सहित उपलब्ध कराई जावें। (ग) क्या अधिकांश सार्वजनिक उद्यानों का रख-रखाव अपेक्षित रूप से नहीं हो रहा है? यदि हाँ, तो इसके लिये नगर निगम तथा राजधानी परियोजना द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है? कार्ययोजना उपलब्ध कराई जावें। (घ) क्या जीवन बीमा निगम द्वारा अरेरा कॉलोनी ई-7 में सार्वजनिक पार्क का संधारण करने के बाद अचानक कार्य बंद कर दिया है? नगर निगम भोपाल द्वारा इस संबंध में जीवन बीमा निगम के विरूद्ध अब तक क्या कार्यवाही की गई है?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगर निगम भोपाल से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' एवं राजधानी संभाग क्रमांक 02 लोक निर्माण विभाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'ब' अनुसार है। (ख) जी नहीं, शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) नगर निगम तथा राजधानी परियोजना लोक निर्माण विभाग द्वारा संधारित सार्वजनिक उद्यानों का नियमित रख-रखाव किये जाते है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) अरेरा कॉलोनी ई-7 में सार्वजनिक पार्क का संधारण नगर निगम भोपाल तथा राजधानी परियोजना लोक निर्माण विभाग द्वारा नहीं किया जाता है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
बालाघाट जेल विभाग में किये गये निर्माण कार्य
[लोक निर्माण]
13. ( क्र. 582 ) श्री मधु भगत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले के अंतर्गत वर्ष 2024 से प्रश्न दिनांक तक जेल विभाग बालाघाट को किस-किस कार्य के लिए कितनी-कितनी राशि का आवंटन किया गया राशि आवंटन की सूची उपलब्ध करावें? उक्त आवंटन में किन-किन सामग्री पर कितना-कितना भुगतान किया गया हैं? निविदा प्रक्रिया के समस्त दस्तावेज सहित स्टॉक पंजी एवं क्रय की गई सामग्री के सत्यापन एवं किये गए भुगतान के समस्त बिल वाऊचर की प्रति एवं दस्तावेज उपलब्ध करावें? (ख) बालाघाट जेल विभाग में क्या-क्या निर्माण कार्य कराये गये एवं किस-किस मद से कौन-कौन सी योजना मद से निर्माण कार्य कराये गये हैं? कराये गये निर्माण कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति प्राक्कलन एवं निविदा के समस्त दस्तावेजों के साथ-साथ किये गए भुगतान के बिल वाऊचर सहित समस्त दस्तावेज उपलब्ध करावें?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3, 4, 2 एवं 1 अनुसार है।
इन्दौर में मास्टर प्लान की सड़क का निर्माण
[नगरीय विकास एवं आवास]
14. ( क्र. 603 ) श्री महेन्द्र हार्डिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कनाडिया रोड पर यातायात का भारी दबाव रहता है। (ख) क्या इन्दौर स्थित कनाडिया रोड पर बिजली नगर से होते हुए आर.ई.-2 को जोड़ने वाला मार्ग मास्टर प्लान का है। अग्रवाल पब्लिक स्कूल से आगे आर.ई.-2 का निर्माण कब तक पूर्ण कराया जावेगा? (ग) यदि हाँ, तो यातायात के भारी दबाव को देखते हुए उक्त मास्टर प्लान की सड़क का निर्माण कब तक किया जावेगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। नगर पालिक निगम इन्दौर द्वारा जी.आर.पी. लाईन से अग्रवाल पब्लिक स्कूल से आगे आर.ई.-02 सड़क का निर्माण कराया जा रहा था, परन्तु इसके संबंध में माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ इन्दौर में याचिका क्रमांक-WP No. 21131/2019 एवं अन्य याचिकाऐं विचाराधीन होने से समय-सीमा बनाया जाना संभव नहीं है। (ग) उत्तरांश 'ख' के परिप्रेक्ष्य में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
नगर-निगम की विभिन्न कॉलोनियों में लीज नवीनीकरण
[नगरीय विकास एवं आवास]
15. ( क्र. 604 ) श्री महेन्द्र हार्डिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या इन्दौर स्थित विभिन्न कॉलोनियों जैसे- मनोरमागंज, रेसकोर्स रोड, ओल्ड पलासिया व अन्य कॉलानियॉ नगर-निगम की लीज पर है। (ख) यदि हाँ, तो उनकी लीज का नवीनीकरण कार्य अभी तक लंबित है। समय पर लीज नवीनीकरण नहीं होने से हुई राजस्व हानि के लिए कौन जिम्मेदार है। (ग) इन्दौर नगर निगम की विभिन्न कॉलोनियों की समाप्त हुई लीज का नवीनीकरण कब तक किया जावेगा।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। (ख) लीज का नवीनीकरण कार्य मध्यप्रदेश नगरपालिका (अचल संपत्ति का अंतरण) नियम 2016 (यथा संशोधित 2021 एवं 2023) के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों में नवीनीकरण की प्रक्रिया नियमानुसार की जाती है। आवेदनों का निराकरण नियमानुसार होने से राजस्व हानि नहीं हो रही है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) इन्दौर नगर निगम के विभिन्न कॉलोनियों की समाप्त हुई लीज का नवीनीकरण नियमानुसार मध्यप्रदेश नगरपालिका (अचल संपत्ति का अंतरण) नियम 2016 (यथा संशोधित 2021 एवं 2023) के प्रावधानों के अंतर्गत नियमानुसार किया जा रहा है और यह एक सतत प्रकिया है।
इन्दौर के नवलखा क्षेत्र में अवैध ट्रैक्टर ट्राली का प्रवेश
[नगरीय विकास एवं आवास]
16. ( क्र. 605 ) श्री महेन्द्र हार्डिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या इन्दौर में यातायात की स्थिति को देखते हुए नवलखा बस स्टैण्ड को अन्यत्र स्थानांतरित किया गया है? क्या नवलखा क्षेत्र में सघन आवास को देखते हुए यहां पर दिन में भारी वाहनों का प्रवेश निषेध किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो फिर नवलखा क्षेत्र में प्रतिदिन सड़क पर सैक़डों ट्रैक्टर-ट्राली किसके आदेश से वहां खड़े रहते हैं। इससे हो रही यातायात जाम की स्थिति एवं होने वाली दुर्घटनाओं के लिए कौन अधिकारी जिम्मेदार है? (ग) नवलखा क्षेत्र की सड़कों पर प्रतिदिन सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्राली को जनहित में कब हटाया जावेगा एवं भविष्य में फिर से न खड़े हो इसके लिए दिशा-निर्देश कब जारी किए जाएंगे?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। नवलखा क्षेत्र में भारी वाहनों का प्रवेश निषेध है। जिसकी समय-सीमा निम्न प्रकार है:-
(ख) प्रतिबंधित अवधि में भारी वाहनों के प्रवेश पाये जाने पर समय-समय पर क्रेनों के माध्यम से एनाउंसमेंट कर हटवाया जाता है, शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश ''ख'' अनुसार कार्यवाही की जाती है, शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
बिल्डर्स की कॉलोनियों में विकास एवं अन्य अनुमतियां
[नगरीय विकास एवं आवास]
17. ( क्र. 606 ) श्री महेन्द्र हार्डिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या इन्दौर में नागपुर के वात्सल्य बिल्डर्स एण्ड डेवलपर्स द्वारा वर्षों पूर्व विभिन्न कॉलोनियों का निर्माण कर हजारों लोगों को प्लॉट बेचे गए हैं? (ख) यदि हाँ, तो क्या वात्सल्य बिल्डर्स एण्ड डेवलपर्स द्वारा काटी गई कॉलोनियों में से दो कॉलोनियों का विकास जिला प्रशासन के निर्देशानुसार किया जाकर प्लॉटधारकों को प्लॉट सौंप दिए गए है? (ग) इन्दौर स्थित वात्सल्य बिल्डर्स एण्ड डेवलपर्स द्वारा खण्डवा रोड स्थित ग्राम गोकन्या में प्रेस्टिज-1 के नाम से काटी गई कॉलोनी की विभिन्न अनुमति, नक्शा एवं अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराए। प्रेस्टिज-1 कॉलोनी में जिला प्रशासन द्वारा कब तक विकास कार्य प्रारंभ करवाकर भवन अनुमति प्रदान की जावेगी? समय-सीमा बतावें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ, इन्दौर जिले में सक्षम प्राधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा पूर्व में कालोनाइजर वात्सल्य बिल्डर्स एण्ड डेवलपर्स प्रा.लि. को ग्राम गोकन्या स्थित प्रेस्टीज-1 में दिनांक 07/11/2009 ग्राम नेनोद स्थित प्रेस्टीज-2 को दिनांक 19/07/2012 ग्राम राउ स्थित प्रेस्टीज-3 को दिनांक 05/08/2017 ग्राम सिमरोल स्थित प्रेस्टीज-4 को दिनांक 30/01/2013 तथा ग्राम दतोदा में स्थित प्रेस्टीज-5 को दिनांक 19/12/2018 को कॉलोनी विकास की अनुमति प्रदान की गई थी। कॉलोनाईजर द्वारा विकास अनुमति प्राप्त कॉलोनी में प्लाटों को विक्रय करने की जानकारी संधारित न होने से बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जिला कलेक्टर इन्दौर द्वारा कालोनाइजर वात्सल्य बिल्डर्स एण्ड डेवलपर्स प्रा.लि. द्वारा ग्राम नेनोद तहसील मल्हारगंज स्थित प्रेस्टीज-2, ग्राम राउ तहसील राउ स्थित प्रेस्टीज-3 ग्राम सिमरोल तहसील महू स्थित प्रेस्टीज-4 एवं ग्राम दतोदा तहसील महू स्थित प्रेस्टीज-5 में विकास कार्य पूर्ण न करने के कारण सक्षम प्राधिकारी द्वारा कॉलोनियों में रखे गये बंधक भूखण्डों को राजसात कर विकास कार्य किये जाने हेतु स्मार्ट सिटी इंदौर को अधिकृत किया गया था परन्तु माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ में प्रस्तुत याचिका क्रमांक WP No. 46482/2025 में पारित आदेश दिनांक 06/05/2025 एवं WP No. 19382/2025 में पारित आदेश दिनांक 29/05/2025 में स्थगन आदेश जारी होने से बन्धक भूखण्डों की नीलामी न हो पाने के कारण विकास कार्य पूर्ण नहीं किए जा सके हैं। (ग) वात्सल्य बिल्डर्स एण्ड डेवलपर्स द्वारा खण्डवा रोड स्थित ग्राम गोकन्या कॉलोनी प्रेस्टीज-1 से संबंधित प्रश्नांकित अनुसार आवश्यक दस्तावेज कॉलोनी का रजिस्ट्रीकरण प्रमाण पत्र दिनांक 12/03/2009, भूमि व्यपवर्तन आदेश दिनांक 07/01/2009 नगर तथा ग्राम निवेश से जारी पत्र दिनांक 07/01/2009, कॉलोनी विकास की अनुज्ञा दिनांक 07/11/2009 एवं कॉलोनी का कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। उत्तरांश अनुसार कॉलोनी प्रेस्टीज-1 में कार्य पूर्ति प्रमाण पत्र जारी किए जाने से जिला प्रशासन द्वारा विकास कार्य प्रारंभ करने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है एवं कॉलोनी के भूखण्डों पर भवन निर्माण की अनुमति संबंधित कार्यालय से प्राप्त किए जाने में कोई रोक नहीं है।
नवीन जिला जेल का निर्माण
[नगरीय विकास एवं आवास]
18. ( क्र. 610 ) श्री विपीन जैन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 2441 दिनांक 9/7/2024 अनुसार मंदसौर में नवीन जिला जेल पुनर्घनत्वीकरण योजना अंतर्गत नई जेल का निर्माण किया जाना प्रस्तावित था? बताएं की नई जेल निर्माण किए जाने हेतु वर्तमान दिनांक तक क्या कार्यवाही हुई है विवरण देवें। (ख) क्या विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन पर साधिकार समिति का अनुमोदन हो गया है या नहीं बताएं कि नवीन जेल निर्माण की स्वीकृति कब तक कर दी जाएगी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) पुनर्घनत्वीकरण योजना के अंतर्गत मंदसौर में नवीन जेल के निर्माण हेतु कलेक्टर मंदसौर के पत्र क्रमांक 2304 दिनांक 25/07/2022 द्वारा प्रेषित पुनरीक्षित प्रस्ताव को साधिकार समिति की बैठक दिनांक 25/05/2023 में प्रस्तुत किया गया था। साधिकार समिति द्वारा दिए गए अनुमोदन अनुसार मण्डल द्वारा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डी.पी.आर.) तैयार करने के लिए मेसर्स डाइमेन्शन्स भोपाल को वास्तुविद/सलाहकार नियुक्त किया गया है। कार्यवाही विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। वास्तुविद/सलाहकार द्वारा ग्राम भूकी मंदसौर की 15.85 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर प्रस्तावित नई जेल का अभिन्यास एवं विस्तृत मानचित्र तैयार किए गए है। कलेक्टर, मंदसौर ने पत्र क्रमांक 332 दिनांक 22/08/2024 द्वारा योजना के विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डी.पी.आर.) को साधिकार समिति से अनुमोदन कराए जाने हेतु प्रेषित किया गया है। (ख) जी नहीं, साधिकार समिति के निर्णय उपरान्त नवीन जेल निर्माण हेतु आगामी कार्यवाही की जायेगी। समय-सीमा बताया जाना सम्भव नहीं है।
रिडेंसिफिकेशन कार्य योजना
[नगरीय विकास एवं आवास]
19. ( क्र. 691 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन/विभाग द्वारा विगत वर्षों में रिडेंसिफिकेशन योजना के अंतर्गत जावरा उप जेल को भी कार्य योजना में सम्मिलित किया जाकर प्रस्ताव तैयार किए थे? (ख) यदि हाँ, तो शासन के निर्देशों पर क्या जिला प्रशासन द्वारा जावरा उपजेल की कार्य योजना बनाई जाकर रिडेंसिफिकेशन योजना में सम्मिलित किया गया? (ग) यदि हाँ, तो जिला प्रशासन द्वारा शासन/विभाग को उक्ताशय का प्रस्ताव किस दिनांक को किस वर्ष में अग्रेषित किया गया? (घ) जिला प्रशासन द्वारा अग्रेषित किए गए प्रस्ताव के साथ ही प्रश्नकर्ता द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी को पत्र एवं सदन में प्रश्न के माध्यम से उक्ताशय के विषय पर ध्यान आकर्षित किया तो उस पर कार्यवाही कब तक की जा सकेगी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) पुनर्घनत्वीकरण नीति, 2016 के अंतर्गत कलेक्टर, रतलाम ने पत्र क्रमांक 3344/2021, दिनांक 03/12/2021 द्वारा जावरा उपजेल के पुनर्घनत्वीकरण का प्रस्ताव आयुक्त, म.प्र. गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मण्डल को प्रेषित किया गया था। (घ) कलेक्टर रतलाम ने पत्र क्रमांक 3344/2021 दिनांक 03/12/2021 द्वारा तत्समय प्रभावशील पुनर्घनत्वीकरण नीति, 2016 के अंतर्गत जावरा उपजेल की 1.834 हे. भूमि का मूल्य रूपये 3141.71 लाख अवगत कराया गया था, जिसके विरूद्ध नवीन जेल एवं 300 सीटर ऑडियोटोरियम के कार्य हेतु लागत राशि रूपये 3073.66 लाख निर्धारित थी। दिनांक 18/04/2022 से पुनर्घनत्वीकरण नीति, 2022 प्रभावशील है, जिसके अनुसार निर्वर्तन हेतु प्रस्तावित भूमि का अपसेट मूल्य रूपये 18.01 करोड़ आंकलित हुआ। अतः म.प्र. गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मण्डल ने पत्र क्रमांक 2124 दिनांक 27/06/2022 से कलेक्टर रतलाम से उक्त अपसेट मूल्य 18.01 करोड़ के विरूद्ध क्या कार्य रखे जाने है एवं क्या कार्य हटाए जाना है बावत् पुनरीक्षित प्रस्ताव चाहा गया है। कलेक्टर रतलाम से पुनरीक्षित प्रस्ताव प्राप्त होने पर साधिकार समिति से निर्णय प्राप्त कर आगामी कार्यवाही की जा सकेगी। समय-सीमा बताया जाना सम्भव नहीं है।
सड़क एवं पुल निर्माण के लिये बजट में प्रावधान
[लोक निर्माण]
20. ( क्र. 705 ) श्री नरेन्द्र प्रजापति [इंजीनियर] : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र मनगवां-73 में दूरी सहित लोक निर्माण विभाग की सड़कों के नाम की जानकारी बतायें। (ख) वर्ष 2018 के बाद आज तक पीडब्ल्यूडी द्वारा कौन-कौन सी सड़कों का निर्माण कराया गया एवं किन सड़कों का मरम्मतीकरण कराया गया, संविदाकारों को दिये गए भुगतान की जानकारी दिनांक सहित दें। (ग) प्रश्नांश (क) वर्णित विधानसभा क्षेत्र में विभाग की कौन-कौन सी सड़कें गारंटी पीरियड में है? (घ) विधानसभा में वर्ष 2022 से आज तक विभाग की कुल कितनी और कौन-कौन सी सड़क, पुल, पुलिया बजट में सम्मिलित की गई है? बजट में सम्मिलित निर्माण की क्या स्थिति है? बजट में शामिल निर्माण कार्य की क्या निविदा प्रकाशित की गई? यदि नहीं, तो कब तक निविदा प्रकाशित कर निर्माण प्रारम्भ किया जायेगा?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं 'अ-1' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं 'ब' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं 'अ-1' अनुसार है। (घ) कुल 23 सड़कें एवं 02 पुल कार्य की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब-1' अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब-1' अनुसार है। जी हाँ। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
कार्य के पूर्व प्राक्कलन बनाने की प्रक्रिया
[ऊर्जा]
21. ( क्र. 716 ) श्री अनिल जैन कालूहेड़ा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ऊर्जा विभाग एवं विद्युत वितरण कम्पनियों के अंतर्गत किसी भी कार्य को प्रारंभ करने से पूर्व कार्य का प्राक्कलन तैयार करने की प्रक्रिया है? (ख) यदि प्रश्नांश (क) का उत्तर हाँ है तो प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत छत्री चौक जोन उज्जैन में बिना प्राक्कलन बनाए लाइन शिफ्टिंग कार्य किया जाकर पुराना पोल विभाग में जमा न किए जाने का कार्य किया गया है। इस कार्य के लिए कौन दोषी है? दोषी अधिकारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जाएगी?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत छत्री चौक झोन उज्जैन में कार्यरत आऊटसोर्स कार्मिक द्वारा बिना प्राक्कलन स्वीकृति के निम्नदाब लाईन के एक पोल को हटाकर ब्रैकेट लगाने का अवैधानिक कार्य किया गया था। जाँच के दौरान दोषी पाये गये आऊटसोर्स कार्मिक पर कार्यवाही करते हुए उसे तत्काल सेवा से पृथक कर दिया गया है एवं तत्कालीन प्रभारी अधिकारी को स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया गया है।
उज्जैन शहर में पेयजल वितरण व्यवस्था
[नगरीय विकास एवं आवास]
22. ( क्र. 717 ) श्री अनिल जैन कालूहेड़ा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन शहर में विकसित नई कालोनियों में पाईपलाइन एवं नल से पेयजल आपूर्ति की क्या योजना है? (ख) क्या नवीन कालोनियों में भूमिगत जल (बोरिंग का जल) से पेयजल वितरण किया जा रहा है? क्या वितरित किये जा रहे जल का विभिन्न मानकों के आधार पर प्रयोगशाला में परीक्षण किया जा रहा है? (ग) आगामी सिंहस्थ 2028 आयोजन की दृष्टि से उज्जैन शहर में नियमित पेयजल व्यवस्था हेतु विभाग द्वारा क्या योजना बनाई गई है?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) उज्जैन शहर में विकसित नई कालोनियों में पाईपलाइन डालने का कार्य कालोनाईजर द्वारा किया जाता है तथा नलकूप के माध्यम से कॉलोनी में पेयजल आपूर्ति की जाती है। आवश्यक होने पर कॉलोनाईजर की मांग के आधार पर उपभोक्ता कनेक्शन राशि जमा किये जाने पर नगर निगम द्वारा बल्क कनेक्शन प्रदान किया जाता है। (ख) जी, हाँ। भूमिगत जल से पेयजल वितरण का कार्य कॉलोनाईजर द्वारा किया जाता है तथा वितरित किये जा रहे जल का विभिन्न मानकों के आधार पर प्रयोगशाला में परीक्षण का कार्य कॉलोनाईजर द्वारा किया जाता है। (ग) आगामी सिंहस्थ 2028 की दृष्टि से उज्जैन शहर में नियमित पेयजल व्यवस्था हेतु विभाग द्वारा राशि रू. 1133.76 करोड़ की उज्जैन शहर की जल आवर्धन योजना स्वीकृत की गई है।
कचरे का निस्तारण एवं निर्माण कार्य
[नगरीय विकास एवं आवास]
23. ( क्र. 743 ) श्री नरेन्द्र प्रजापति [इंजीनियर] : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर परिषद मनगवां में 15 वार्ड हैं, सभी वार्डों में कचरा उठाने के लिये प्रत्येक वार्ड में कितने वाहनों की उपलब्धता है? वार्डवार वाहन क्रमांक सहित जानकारी दे। (ख) मनगवां नगर परिषद वार्ड क्र.-10, 13 में ओवरब्रिज से बाजार की ओर प्रवेश द्वार पर पुल के समीप संग्रहित कचरा कब तक में उठाकर पुल के आसपास क्षेत्र की सफाई की जायेगी? समय-सीमा बतलाएं। (ग) नगर परिषद मनगवां में 2018 से किये गये सभी निर्माण कार्यों की निविदाकार सहित पूर्ण भुगतान की मूल्यांकनकर्ता की जानकारी दें। (घ) नगर परिषद मनगवां में जिन पार्षदों के घर के लोगों की अवैध नियुक्तियाँ की गई है, उनके अवैध/नियम विरूद्ध नियुक्तियों पर कब तक कार्यवाई सुनिश्चित कर रिकवरी की जायेगी? समय-सीमा बतलाएं। नगर परिषद में कितने शांतिधाम निर्मित है और अभी निर्माण के लिये कितने प्रस्तावित है?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगर परिषद मनगवां क्षेत्र में15 वार्डों में कचरा उठाने हेतु 4 वाहन उपलब्ध है। प्रश्नांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–'अ' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश क्षेत्र में संग्रहित कचरे की सफाई का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इसलिये समय-सीमा दिये जाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है। (घ) कलेक्टर कार्यालय रीवा द्वारा पत्र क्रमांक/206/जांच प्रतिवेदन/डूडा/2024 रीवा, दिनांक 27.09.2024 के माध्यम से जांच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ है। जांच प्रतिवेदन के आधार पर गुण-दोषों का परीक्षण कर कार्यवाही की जायेगी, समय-सीमा नियत किया जाना संभव नहीं है, शेष प्रश्नांश के संबंध में उल्लेखनीय है कि नगर परिषद मनगवां में 5 शान्तिधाम निर्मित है एवं 1 शान्तिधाम प्रस्तावित है।
अतिवृष्टि के कारण जल भराव
[नगरीय विकास एवं आवास]
24. ( क्र. 758 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता ने विधानसभा सत्र जुलाई-अगस्त 2025 में दिनांक 07.08.2025 को सरल क्र. 47 प्रश्न क्र.-2582 किया था। जिसके प्रश्नांश (क) में जी हाँ एवं प्रश्नांश (ख) में अतिवृष्टि के कारण जल भराव हुआ उत्तर दिया था। (ख) क्या प्रश्नकर्ता ने पूर्व में ही कलेक्टर एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी को पत्र के माध्यम से अवगत कराया था नगर में जल भराव की स्थिति न बने और आमजन को असुविधा न हो फिर भी गंभीर स्थिति से निपटने का कोई प्रयास नहीं किया ऐसा क्यों? (ग) क्या बंडा नाला अतिक्रमण मुक्त कराते हुए उसकी व्यापक सफाई कराई गयी किंतु विन्दावन सागर के बाद निकलने वाले नाले पर कोई कार्य नहीं किया गया जिससे आज भी स्थिति यथावत है। (घ) कब तक विन्दावन तालाब से निकलकर झिरकी बगिया सांईपुरम कॉलोनी, शिवशक्ति कॉलोनी, कोशलपुरी कॉलोनी, भटनागर कॉलोनी, शिव नगर कॉलोनी आदि तक के नाले की सफाई कराकर अतिक्रमण मुक्त कराया जायेगा।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। नगरपालिका परिषद टीकमगढ़ द्वारा अतिक्रमण को चिन्हित किये जाने के लिए सीमांकन कराये जाने हेतु पत्र क्र. 4239/न.पा./लो.नि./2025 दिनांक 16.07.2025 को पत्र प्रेषित किया गया है। उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। बण्डा नाला अतिक्रमण मुक्त कराते हुए उसकी व्यापक सफाई कराई गयी। साथ ही एस.डी.आर.एफ. योजनांतर्गत नाले का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। (घ) उत्तरांश "ग" अनुसार कार्य कराया जा रहा है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
विधायक के पत्रों पर कार्यवाही न होना
[ऊर्जा]
25. ( क्र. 759 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पूर्व से स्थापित विद्युत लाइनों पर दिये गये स्थाई कनेक्शनधारी कृषकों को विद्युत आपूर्ति एवं मेंटीनेंस किया जाना विभाग का दायित्व है। (ख) प्रश्नकर्ता द्वारा पत्र क्र. एम.एल.ए./टी.के.जी./1-573/2024 दिनांक 02.12.2024 एवं पत्र क्र.-एम.एल.ए./टी.के.जी./11-1023/ 2025 दिनांक 07.08.2025 द्वारा ग्राम पंचायत चरपुवां में विगत आठ वर्षों से टूटी हुई विद्युत लाईने एवं खंभे सुधार कर विद्युत आपूर्ति सुचारू रूप से चालू करने हेतु लेख किया था। (ग) प्रश्नकर्ता के प्रश्नांश "ख" में वर्णित पत्र पर आज दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई यदि नहीं, तो क्यों? (घ) कब तक प्रश्नांश "ख" वर्णित पत्रों पर कार्यवाही कर किसानों विद्युत आपूर्ति उपलब्ध करा दी जावेगी एवं प्रश्नांश "ख" में वर्णित पत्रों पर अभी तक कार्यवाही न करने वाले अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जावेगी?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ। म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा समस्त स्थापित विद्युत अधोसंरचना के रख-रखाव का कार्य मानसून पूर्व एवं मानसून अवधि के पश्चात करने के अलावा विद्युत व्यवधानों/दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से पूरे वर्ष सतत रूप से किया जा रहा है। (ख) जी हाँ। (ग) प्रश्नांश 'ख' में वर्णित पत्रों पर कार्यवाही की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) प्रश्नांश 'ख' में वर्णित पत्रों में उल्लेखित स्थानों पर म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा आवश्यक कार्यवाही कर विदयुत प्रदाय सुचारू कर दिया गया है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है।
मस्जिद एवं मदरसों को मिलने वाला अनुदान
[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]
26. ( क्र. 766 ) श्री राकेश शुक्ला : क्या राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र 206/3 इंदौर में कितनी मस्जिद, मदरसे है जिन्हें शासन से अनुदान प्राप्त होता है सूची सहित जानकारी प्रदान करें। (ख) इसमें म.प्र. शासन एवं भारत शासन द्वारा प्रदत्त अनुदान की जानकारी दीजिये।
राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती कृष्णा गौर ) : (क) 'जानकारी निरंक। (ख) उत्तरांश (क) के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
इंदौर-3 के विभिन्न हिस्सों में दिये गये पट्टे
[नगरीय विकास एवं आवास]
27. ( क्र. 773 ) श्री राकेश शुक्ला : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्रमांक 206/इंदौर 3 अन्तर्गत साउथ तोडा क्षेत्र क्या शासकीय जमीन पर बसा है? यहां पर कितने लोगों को पट्टे आवंटित किए गए हैं और कितने समय के लिए किए गए हैं? (ख) विधानसभा क्षेत्र 206/इंदौर 3 में चम्पाबाग क्षेत्र को इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा कौन सी स्कीम में लिया गया है? (ग) क्या विधानसभा क्षेत्र 206 अंतर्गत साउथ तोडा, चंपाबाग, दौलतगंज, कबूतरखाना कान्ह नदी किनारे, के कारखाने वैध रूप से संचालित हो रहे हैं? इनके संचालकों की नाम सहित जानकारी प्रदान करें। (घ) कान्ह नदी के पास जीवन रेखा मार्ग का निर्माण किया गया है एनजीटी के नियम के तहत 90 मीटर के दायरे में एक छोर पर निगम द्वारा कितनी संपत्ति के व्यवसायिक नक्शे स्वीकृत किए गए हैं किस नियम के तहत किए गए हैं उसकी जानकारी प्रदान करें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ, साउथ तोडा क्षेत्र ग्राम कस्बा इन्दौर का सर्वे नम्बर 355/2 रकबा 31.421 हे. आबादी मध्यप्रदेश शासन शासकीय भूमि पर बसा है। वर्ष 1998 में कुल 60 लोगों को पट्टे आवंटित किये गये हैं जो 30 वर्ष की कालावधि के लिये दिये जाते है। (ख) विधानसभा क्षेत्र 206, इन्दौर-3 में चम्पाबाग क्षेत्र को इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा योजना क्रमांक 46 में लिया गया है। (ग) उल्लेखित स्थलों पर नगर पालिक निगम इन्दौर द्वारा कारखाने हेतु भवन निर्माण की अनुमति नहीं दी गयी है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उल्लेखित स्थल पर माननीय एन.जी.टी. द्वारा आवेदन क्रमांक 115/2024 (CZ) में दिनांक 30.05.2017 को पारित आदेश के माध्यम से दिये गये निर्देश अनुसार नदी से 33 मीटर तक को "No Construction Zone" घोषित किया गया है। जिसके परिपालन में नगर पालिक निगम इन्दौर द्वारा व्यवसायिक भवनों के नक्शे स्वीकृत नहीं किये गये है।
नर्मदा जल वितरण लाइन एवं ड्रेनेज लाइन का नवीनीकरण
[नगरीय विकास एवं आवास]
28. ( क्र. 774 ) श्री राकेश शुक्ला : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 206 इंदौर के किन वार्डों में नर्मदा जल वितरण की लाइनों के नवीनीकरण/रिपेयरिंग का कार्य चल रहा अथवा प्रस्तावित है? (ख) किन वार्डों में ड्रेनेज लाइन के नवीनीकरण/रिपेयरिंग का कार्य चल रहा है अथवा किया जाना प्रस्तावित है? (ग) उपरोक्त दोनों कार्य के विषय में क्या कोई निविदा प्रक्रिया चल रही है या प्रस्तावित है? (घ) उपरोक्त कार्य के विषय में निविदा प्रक्रिया के विलंब के कारणों से अवगत करवाएं।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) से (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
आर.डी.एस.एस. योजना का क्रियान्वयन
[ऊर्जा]
29. ( क्र. 790 ) श्री विक्रम सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड अंतर्गत आर.डी.एस.एस. योजना कब से प्रारंभ की गई है? समय बतावें? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार आर.डी.एस.एस. योजना अंतर्गत रामपुर बाघेलान विधानसभा में कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किये गये है? उनकी पूर्ण एवं अपूर्ण स्थित की जानकारी बतावें? (ग) आर.डी.एस.एस. योजना-2 कब से संचालित की जायेगी? इसमें नये कार्य प्रस्तावित करने हेतु क्या समय-सीमा निर्धारित की गई है? प्रस्तावित कार्य कब तक स्वीकृत किये जावेंगे?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के क्षेत्रांतर्गत आर.डी.एस.एस.योजना के प्रथम चरण (लॉस-रिडक्शन) एवं स्मार्ट मीटर की स्थापना हेतु विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नियुक्त योजना की नोडल एजेंसी मेसर्स पी.एफ.सी. नई दिल्ली द्वारा दिनांक 17.03.2022 को स्वीकृति प्रदान की गयी है। तदोपरांत योजनांतर्गत स्वीकृत विभिन्न कार्यों के क्रियान्वयन हेतु म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, जबलपुर द्वारा निविदा प्रक्रिया उपरांत कार्य प्रारंभ किये गये है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में आर.डी.एस.एस. योजनांतर्गत विधानसभा क्षेत्र रामपुर बाघेलान में स्वीकृत कार्य एवं कार्यों की पूर्णता/अपूर्णता/प्रगतिरत से संबंधित जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) आर.डी.एस.एस. योजना के द्वितीय चरण (सिस्टम मॉर्डनाईजेशन) के तहत प्रस्तावित कार्यों की स्वीकृति हेतु कार्य-योजना, योजना की नोडल एजेंसी मेसर्स पी.एफ.सी. को स्वीकृति हेतु प्रेषित की गई है एवं वर्तमान में स्वीकृति अप्राप्त है। इसके अंतर्गत नवीन कार्य प्रस्तावित किये जाने के कोई दिशा-निर्देश नोडल एजेंसी मेंसर्स पी.एफ.सी. से प्राप्त नहीं हुए है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता।
गौशाला का संचालन
[पशुपालन एवं डेयरी]
30. ( क्र. 800 ) श्री नरेन्द्र प्रजापति [इंजीनियर] : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र मनगवां - 73 में जनपद गंगेव, जनपद सिरमौर एवं जनपद नईगढ़ी में संचालित गौशालाओं की सूची प्रदान करें। (ख) प्रत्येक गौशाला में कितने कर्मचारी गौशाला का संचालन कर रहे हैं और कौन इन गौशालाओं को जिला स्तर पर एवं ब्लाक स्तर पर देखरेख करता है? जानकारी दें। (ग) यदि गौशालायें संचालित हैं तो फिर निराश्रित पशुओं की मौत सड़कों पर क्यों होती है? सड़कों पर घायल एवं तड़पते पशुओं को अस्पताल ले जाने की क्या व्यवस्था होती है? (घ) पशुओं के उपचार के लिये टोल फ्री नंबर 1962 पर रात्रिकालीन सेवा कब से शुरु की जायेगी? जानकारी दें।
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब' एवं ''स'' अनुसार। (ग) सड़कों पर विचरण करने वाला गौवंश, अधिकांशत: स्थानीय पशु पालकों का होता है। इन पालतू गौवंश के संबंध में स्थानीय निकायों द्वारा उन्हें सड़क पर खुला ना छोड़ने हेतु समझाईश दी जाती है तथा खुले में विचरण करते निराश्रित गौवंश को स्थानीय निकाय एवं गौशाला समिति के सहयोग से क्षेत्र की गौशालाओं में रखा जाना निरंतर प्रक्रिया है। घायल पशुओं के उपचार हेतु टोल फ्री नंबर 1962 उपलब्ध है। घायल पशुओं को स्थानीय पशु चिकित्सा संस्थाओं द्वारा उपचार उपलब्ध कराया जाता है। (घ) वर्तमान में टोल फ्री नंबर 1962 पर रात्रिकालीन सेवाएं उपलब्ध कराने संबंधी कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सौर ऊर्जा का उपयोग
[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]
31. ( क्र. 801 ) श्री नरेन्द्र प्रजापति [इंजीनियर] : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र मनगवां-73 में नवकरणीय ऊर्जा का उपयोग किस जगह पर किया जा रहा है? स्थानों की सूचीवार जानकारी प्रदान करें। (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित स्थान में सौर ऊर्जा का उपयोग किन सरकारी संस्थानों में किया जा रहा है? निकट भविष्य में सौर ऊर्जा के उपयोग की क्या योजना है? (ग) नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा का कार्यालय रीवा जिले में कहाँ पर स्थित है एवं कितने कर्मचारी पदस्थ है? पद सहित जानकारी देने की कृपा करें।
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्ला ) : (क) प्रधानमंत्री कुसुम योजना के घटक-अ की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के घटक-ब (प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना) की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। सोलर रूफटॉप की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है एवं प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। इसके अतिरिक्त नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा नीति अंतर्गत मेसर्स M/s Sunroot Energy private Limited की ग्राम जेपी पुरम एवं बेला तहसील सिरमौर जिला रीवा में 5 मेगावॉट क्षमता की सौर परियोजना स्थापित है। (ख) सोलर रूफटॉप अंतर्गत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। भारत सरकार की प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजनांतर्गत रेस्को मोड में प्रदेश में शासकीय भवनों में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने हेतु निविदा की कार्यवाही पूर्ण कर दरों का मानकीकरण किया जा चुका है। 47 जिलों में रीवा जिले सहित रेस्को विकासकों को कार्यादेश जारी किया जा चुका है। रेस्को परियोजना की दरें विद्युत वितरण कंपनियों की विद्युत दरों से कम है, जिससे शासकीय भवनों को मासिक विद्युत बिल में बचत होगी, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है। भारत सरकार की प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजनांतर्गत घरेलू हितग्राहियों की सोलर रूफटॉप संयंत्र की स्थापना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है। (ग) मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग का कार्यालय प्रथम तल, नवीन कलेक्ट्रेड भवन, रीवा (म.प्र.) में स्थित है। पदस्थ कर्मचारियों की जानकारी कुल 04 है जिसमें जिला अक्षय ऊर्जा अधिकारी-01, कनिष्ठ सहायक (चालू प्रभार) -01, कम्प्यूटर ऑपरेटर (आऊटसोर्स) -01, भृत्य-01 है।
नियम विरूद्ध अतिरिक्त प्रभार
[पशुपालन एवं डेयरी]
32. ( क्र. 812 ) श्री भंवर सिंह शेखावत : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम में कार्यपालक अधिकारी का पद किस वेतनमान/लेवल/ग्रेड का है? क्या डॉ. प्रवीण शिंदे संचालनालय में पदस्थ रहते हुए गौसंवर्धन बोर्ड में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के सन्दर्भ में डॉ. प्रवीण शिंदे का मूल पद क्या है तथा क्या वे म.प्र. राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम में कार्यपालक अधिकारी के पद पर पदस्थ होने हेतु निर्धारित शैक्षणिक योग्यता एवं सेवा अनुभव की पात्रता रखते हैं? यदि नहीं, तो ऐसी स्थिति में उन्हें म.प्र. राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम में कार्यपालक अधिकारी के पद का अतिरिक्त प्रभार क्यों दिया गया? यदि डॉ. प्रवीण शिंदे उक्त पद की पात्रता नहीं रखते हैं, तो उन्हें उनके मूल पद से दो श्रेणी उच्च पद का प्रभार किस नियम/प्रावधान के अंतर्गत दिया गया है? जानकारी दें। (ग) डॉ. प्रवीण शिंदे को गौसंवर्धन बोर्ड एवं म.प्र. राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम के कार्यपालक अधिकारी पद के प्रभार से कब तक हटाया जाएगा? (घ) प्रश्नांश (ग) के सन्दर्भ में यदि उक्त नियुक्ति/प्रभार नियम विरूद्ध की गई है तो, इसके लिए नियुक्तिकर्ता अधिकारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? अवगत करावें। नहीं तो क्यों?
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
वाहन निविदाओं में जीएसटी भुगतान
[लोक निर्माण]
33. ( क्र. 858 ) श्री राजेन्द्र भारती : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. शासन के सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश क्रमांक एफ-19-51/2017/1/4 दिनांक 24.07.2017 द्वारा गठित समिति की बैठक दिनांक 26.07.2017 के बिंदु क्रमांक (2) के तारतम्य में लोक निर्माण विभाग म.प्र द्वारा निर्णय लेकर राज्य मद से वित्त पोषित कार्यों हेतु आमंत्रित निविदाओं में जीएसटी छोड़कर आमंत्रित करने संबंधी आदेश क्रमांक एफ 58/15/17/19/मो. 4295 भोपाल दिनांक 05 अगस्त 2017 लोक निर्माण विभाग के सचिव द्वारा जारी किया गया है? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्ध कराने का कष्ट करें। (ख) क्या लोक निर्माण विभाग म.प्र. शासन के सचिव द्वारा जारी आदेश क्रमांक 4295 दिनांक 05 अगस्त 2017 द्वारा आदेश जारी करने के बाद प्रदेश में उक्त आदेश का पालन करते हुये निविदायें आमंत्रित की गई हैं? यदि हाँ, तो दतिया जिले में उक्त आदेश का पालन लो.नि.वि. भवन दतिया के कार्यपालन यंत्री द्वारा किया गया है? (ग) क्या लो.नि.वि. के सचिव द्वारा जारी आदेश क्रमांक 4295 का पालन न करने पर दतिया के तत्कालीन दोषी अधिकारियों पर शासन कोई कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? कारण सहित अवगत कराते हुए बताये कि जिन निविदाकारों को अधिकारियों की लापरवाही एवं उदासीनता के कारण जीएसटी भुगतान में हानि हुई है उनको जीएसटी का भुगतान पेनाल्टी सहित वापस किया जायेगा यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? कारण सहित बतायें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। जी हाँ। (ग) सचिव लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी आदेश क्रमांक 4295 दिनांक 05.08.2017 का पालन किया गया है। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
निर्माण कार्यों की जांच एवं कार्यवाही
[लोक निर्माण]
34. ( क्र. 913 ) श्री अभय मिश्रा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता सदस्य द्वारा दिनांक 16.01.2026 को प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग को पत्र देकर पत्र में उल्लेखित बिन्दु क्रमांक-01 से 07 तक की जाँच कराकर कार्यवाही का आग्रह किया गया? पत्र अनुसार उल्लेखित बिन्दुओं एवं कार्यों की जांच एवं कार्यवाही का विवरण बिन्दुवार देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार श्री सुधीर शुक्ला प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी के कार्यक्षेत्र में कराये गये कार्यों की गुणवत्ता का सत्यापन प्राक्कलन तकनीकी स्वीकृति अनुसार करावें एवं इनके ऊपर लोकायुक्त की जाँच पर विभाग द्वारा दिये गये पत्र/अनुशंसा की प्रति के साथ कार्यवाही की स्थिति की जानकारी देवें। विभाग द्वारा लोकायुक्त को कौन-कौन से दस्तावेज जांच के दौरान उपलब्ध कराये गये, के संबंध में तैयार पत्र की प्रति के साथ जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुक्रम में मुख्य सचिव मध्यप्रदेश शासन भोपाल को लिखे गये पत्र पर कार्यवाही बावत् प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग को जावक क्रमांक 16368 दिनांक 12.11.2025 द्वारा आवश्यक कार्यवाही कर अवगत कराने का उल्लेख किया गया था पत्र पर की गई कार्यवाही की जानकारी प्रति के साथ देवें? कार्यवाही लंबित है तो क्यों? जानकारी दें। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार उल्लेखित आधारों पर कार्यवाही बावत् क्या निर्देश देंगे? बतायें। अगर नहीं तो क्यों?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। कार्यवाही प्रचलित है। (ख) श्री सुधीर शुक्ला, प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी के विरूद्ध जांच करने सम्बंधी लोकायुक्त कार्यालय से कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। (ग) माननीय विधायक द्वारा मुख्य सचिव को प्रेषित पत्र दिनांक 06.11.2025, मुख्य सचिव कार्यालय के पत्र क्रमांक सीएस/जन.-सीओ/16368 दिनांक 12.11.2025 विभाग में प्राप्त हुआ है, जिसमें कार्यवाही प्रचलित है। (घ) उत्तरांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार कार्यवाही प्रचलित है।
भोपाल संभाग आयुक्त के समक्ष आर्बिट्रेशन की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
35. ( क्र.
956 ) श्री
सुरेन्द्र
सिंह हनी बघेल
: क्या
नगरीय विकास
एवं आवास
मंत्री महोदय
यह बताने की
कृपा करेंगे
कि (क) चलो
मोबिलिटी
विरूद्ध
भोपाल सिटी
लिंक लिमिटेड
के
आर्बिट्रेशन
के प्रकरण से
संबंधित आयुक्त
कार्यालय को
कितने
पत्र/शिकायतें
प्राप्त हुई? पत्रों
की एवं विभाग द्वारा
इन पत्रों पर
किए गए
कार्यवाही
विवरण अथवा
दिए गए जवाब
की छायाप्रति
प्रदाय
करें। (ख) उपरोक्त
आर्बिट्रेशन
प्रकरण की
नोटशीट/Ordersheet एवं
अपीलार्थी
द्वारा जमा की
गई अपील एवं
दस्तावेज
प्रदाय करें। (ग) उपरोक्त
प्रकरण पर
बीसीएलएल
विभाग द्वारा
नियुक्त OIC का
नाम एवं पद और
विभाग द्वारा
दिए गए जवाब
की छायाप्रति
प्रदान करें।
यदि नहीं, दिया
गया तो कितने
समय से जवाब
लंबित हैं? समय अवधि
बताएं। (घ) क्या
बीसीएलएल की 41 वीं
दिनांक 04/04/2025 बोर्ड
बैठक से पहले
आर्बिट्रेटर
द्वारा कोई दोनों
पक्षों में
आपसी सहमति के
लिए लिखित Order पारित
किया था, हाँ अथवा
नहीं?
यदि हाँ, तो Order/Notesheet की
छायाप्रति
प्रदान करें।
नगरीय
विकास एवं
आवास मंत्री (
श्री कैलाश
विजयवर्गीय ) : (क) संभागायुक्त
कार्यालय से
प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में
रखे परिशिष्ट-1 अनुसार
है। (ख)
जानकारी पुस्तकालय में
रखे
परिशिष्ट-2 अनुसार
है। (ग)
उपरोक्त
प्रकरण में बीसीएलएल
विभाग द्वारा
श्री रोहित
यादव,मेनेजर
एडमिनिस्ट्रेशन
को OIC नियुक्त
किया गया है।
बीसीएलएल
द्वारा किये गए
पत्राचार की
प्रति पुस्तकालय में
रखे
परिशिष्ट 3 अनुसार
है। (घ) जी
नहीं। अपितु
आर्बिट्रेटर
महोदय के
समक्ष दिनांक 03.04.2025
को हुई सुनवाई
में चर्चा
अनुसार
एजेंसी चलो मोबिलिटी
के Amicable
Solution सम्बन्धी
पत्र दिनांक 11.02.2025
के संबंध में
आवश्यक
कार्यवाही कर, कृत
कार्यवाही से
आगामी पेशी
दिनांक 28/04/2025 में
अवगत कराने
हेतु
निर्देशित
किया गया। जिसके
उपरांत
बीसीएलएल की 41 वीं
बोर्ड बैठक
दिनांक 04/04/2025 में
आगामी
कार्यवाही की
गई।
मूर्ति स्थापित करना
[नगरीय विकास एवं आवास]
36. ( क्र. 1073 ) इंजीनियर हरिबाबू राय : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अशोकनगर पुरानी सब्जी मण्डी में स्थित नेहरु बाल उद्यान जहां वर्तमान में पुस्तकालय संचालित है तथा अशोकनगर के रहवासियों के लिए भव्य पार्क के रुप में विख्यात है। यह कि उक्त नेहरु बाल उद्यान में पूर्व से ही कीर्ति स्तंभ स्थापित है। (ख) क्या पूर्व से ही नेहरु बाल उद्यान भारत के माननीय पूर्व प्रधानमंत्री पं.श्री जवाहरलाल नेहरु जी के नाम से विख्यात है? (ग) नेहरु बाल उद्यान भारत के माननीय पूर्व प्रधानमंत्री पं.श्री जवाहरलाल नेहरु जी की मूर्ति स्थापित करने हेतु प्रश्नकर्ता द्वारा श्रीमान कलेक्टर जिला अशोकनगर को पत्र क्र. 405/2025/अशोकनगर दिनांक 26.05.2025 एवं पुन: पत्र क्र. 596/2025/अशोकनगर दिनांक 26.07.2025 को पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया है लेकिन आज तक स्थानीय निकाय एवं जिला प्रशासन द्वारा क्या कार्यवाही की गई है, कब तक अनुमति प्रदान की जायेगी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) पार्क में अशोक स्तंभ के चक्र की छवि बनी हुई है। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। नेहरू बाल उद्यान में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्व.पं. श्री जवाहरलाल - नेहरू जी की मूर्ति स्थापना करने के संबंध में दिनांक 17.10.2025 को नगरपालिका परिषद अशोकनगर जिला अशोकनगर परिषद बैठक के दौरान सदन में चर्चा माननीय विधायक जी की उपस्थिति में सम्पन्न हुई है। सदन द्वारा मूर्ति स्थापना की सहमति दी एवं निकाय की वित्तीय स्थिति ठीक ना होने से उक्त कार्य हेतु राशि विधायक निधि से उपलब्ध करवाये जाने का अनुरोध नगरपालिका परिषद अशोकनगर द्वारा माननीय विधायक जी से किया गया, माननीय विधायक जी द्वारा राशि उपलब्ध करवाये जाने की सहमति भी सदन में दी गई है। उक्त संबंध में राशि उपलब्ध करवाये जाने हेतु माननीय विधायक जी को नगरपालिका परिषद अशोकनगर के पत्र क्रमांक 5910 दिनांक 30.10.2025 प्रेषित किया गया। नगरपालिका परिषद अशोकनगर के पत्र क्रमांक 746 दिनांक 03.02.2026 से कलेक्टर महोदय को मूर्ति स्थापना की स्वीकृति एवं विधायक निधि से राशि निकाय को उपलब्ध कराये जाने का अनुरोध किया गया है।
सड़क निर्माण की जानकारी
[लोक निर्माण]
37. ( क्र. 1094 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा बरगी अंतर्गत लोक निर्माण विभाग द्वारा कितनी नवीन रोड स्वीकृत है? उनका नाम, पता, प्राक्कलन राशि और कितनों की निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है? सूची सहित पूर्ण जानकारी देवें। (ख) विधानसभा क्षेत्र बरगी अंतर्गत आने वाले आवागमन के अत्यंत महत्वपूर्ण मार्गों के निर्माण की स्वीकृति हेतु प्रश्नकर्ता द्वारा जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक कब-कब विभाग को पत्रों के माध्यम से मांग कर स्वीकृत हेतु ध्यान आकृष्ट किया गया? सूची उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार विभाग द्वारा किन-किन मार्गों का परीक्षण कर स्वीकृति हेतु प्रस्ताव शासन को भेजे गये एवं प्रश्नकर्ता को उनके पत्रों के जवाब कब-कब दिये गये?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जनवरी 2024 से वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।
बरगी से बरगी बाँध तक की सड़क का अधिग्रहण
[लोक निर्माण]
38. ( क्र. 1095 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा बरगी अंतर्गत ग्राम बरगी से बरगी बाँध तक की जर्जर सड़क 10.65 कि.मी. नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अधीन है। क्या उक्त मार्ग को नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा लोक निर्माण विभाग में अधिग्रहण किये जाने हेतु कोई प्रस्ताव भेजा गया है? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई है? (ख) प्रश्नांश 'क' रोड का अधिग्रहण लोक निर्माण विभाग में किये जाने हेतु प्रश्नकर्ता द्वारा भी विभाग को लिखा गया है? यदि हाँ, तो कब तक रोड का अधिग्रहण कर लिया जायेगा?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। मुख्य अभियंता रानी अवंती बाई लोधी सागर परियोजना बरगी जबलपुर द्वारा 03 मार्गों को लोक निर्माण विभाग के आधिपत्य में लेने हेतु लेख किया गया था, जिसमें बरगी से बरगी नगर (बाध स्थल) तक लंबाई 10.65 कि.मी. भी शामिल था, जानकारी संलग्न परिशिष्ट-1 अनुसार एवं की गई कार्यवाही की जानकारी संलग्न परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ख) जी हाँ। निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है।
बंजारा समाज की सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक स्थिति
[विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण]
39. ( क्र. 1100 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या राज्य मंत्री, विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या राज्य में बंजारा समाज विमुक्त घुमक्कड़ अर्द्ध घुमक्कड़ जातियों की सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक स्थिति काफी दयनीय है? इनके संबंध में राज्य शासन के पास क्या-क्या आंकड़ा है, जातिय जनगणना के संबंध में क्या प्रक्रिया प्रचलित है? राज्य शासन द्वारा इनके लिए क्या-क्या योजनाएं संचालित हैं? (ख) बंजारा समाज विमुक्त घुमक्कड़ अर्द्ध घुमक्कड़ जातियों की सामाजिक-आर्थिक-शैक्षणिक स्थिति दयनीय होने के मद्देनजर क्या राज्य शासन विमुक्त घुमक्कड़ अर्द्ध घुमक्कड़ अभिकरण का आयोग गठन का विचार कर रही है? यदि हाँ, तो कब तक, यदि नहीं, तो क्यों। (ग) बंजारा समाज विमुक्त घुमक्कड़ अर्द्ध घुमक्कड़ जातियों को तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडू राज्यों के तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी आरक्षण दिए जाने बावत् कोई कार्यवाही प्रचलित है? यदि हाँ, तो प्रति सहित बतावें। (घ) बंजारा समाज विमुक्त घुमक्कड़ अर्द्ध घुमक्कड़ जातियों के मजरे-टोले-टाडा को राजस्व गांव घोषित किए जाने के लिए क्या-क्या योजना या कार्यवाही प्रचलित है? विमुक्त जाति प्रमाण पत्र को पूर्ण अधिकार दिए जाने बावत् क्या कार्यवाही प्रचलित है?
राज्य मंत्री, विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण ( श्रीमती कृष्णा गौर ) : (क) यह सही नहीं है कि बंजारा समाज विमुक्त घुमन्तु और अर्ध्दघुमन्तु जातियों की सामाजिक आर्थिक शैक्षणिक स्थिति काफी दयनीय है। बेस लाइन सर्वे जन अभियान परिषद के माध्यम से 12 जिलों में कराया जा रहा है। राज्य शासन द्वारा विमुक्त जातियों को रोजगार सहायता, शिक्षा छात्रवृत्ति, पोस्टमैट्रिक छात्रवृत्तियां, कन्याओं को शैक्षण हेतु प्रोत्साहन कक्षा 11, सैनिक स्कूल में अध्ययनरत विद्यार्थियों के शुल्क की प्रतिपूर्ति, विमुक्त जाति की बस्तीयों का विकास (पूंजीगत), मुख्यमंत्री आवास भाड़ा योजना एवं मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरूष्कार योजना संचालित है। (ख) अभिकरण गठित होने से आय की आवश्यता नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) कोई कार्यवाही प्रचलित नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) कोई योजना या कार्यवाही प्रचलित नहीं है।
नगरपालिका परिषद मनावर के स्वामित्व की वार्ड क्रमांक-5 स्थित भूमि
[नगरीय विकास एवं आवास]
40. ( क्र.
1103 ) डॉ.
हिरालाल
अलावा : क्या
नगरीय विकास
एवं आवास
मंत्री महोदय
यह बताने की
कृपा करेंगे
कि (क) क्या
कार्यालय
नगरपालिका
परिषद मनावर
के पत्र
क्रमांक/2695/रा.शा./2022
मनावर दिनांक 16/08/2022
में संयुक्त
संचालक नगरीय
प्रशासन एवं
विकास इंदौर
संभाग इंदौर
को संदर्भित
पत्र क्रमांक/3शि/21/2021/1956
इंदौर/28/07/2022 में
उल्लेखित
किया था
जिसमें
नगरपालिका
परिषद मनावर
के स्वामित्व
की वार्ड
क्रमांक-5
स्थित भूमि के
11
भूखंडों को
कार्यवाही कर
नगरपालिका
मनावर के
आधिपत्य में
लिया है। उक्त
11
रिक्त भूखण्ड
के दस्तावेज
आधिपत्य
प्राप्ति
पंचनामा व प्रतिवेदन
की कॉपी
उपलब्ध
करावें। (ख) उक्त
11
रिक्त भूखण्ड
नगरपालिका
परिषद मनावर
के प्रश्न-दिनांक
तक आधिपत्य
में हैं, उक्त रिक्त
भूखण्ड का
क्रमांक मूल
लीजधारी का
नाम व अवैध
कब्जाधारी का
नाम सहित
विवरण देवे
तथा
नगरपालिका
परिषद मनावर
के आधिपत्य के
11
रिक्त
भूखंडों पर
प्रश्न-दिनांक
तक निकाय का
आधिपत्य हो
ऐसे दस्तावेज
व भूखंडों के
भौतिक
आधिपत्य
संबंधित
छायाचित्र मय
शपथ पत्र के
उपलब्ध
करावें। (ग) क्या
निकाय द्वारा
रिक्त
भूखंडों का
आधिपत्य
प्राप्त करने
के पश्चात
संबंधित अवैध
कब्जाधारी
द्वारा रिक्त
भूखंडों पर
पक्का निर्माण
बिना
नगरपालिका के
अनुमति से कर
लिया जाकर
नगरपालिका
परिषद मनावर
से आधिपत्य
छीन लिया है? यदि
नहीं,
तो निकाय के
प्राधिकृत
अधिकारी अपना
हलफनामा (शपथ
पत्र)
प्रस्तुत
करें,
यदि हाँ, तो
प्राधिकृत
अधिकारी
द्वारा क्या
कार्रवाई की
गई, प्रति
सहित बतावें।
नगरीय
विकास एवं
आवास मंत्री (
श्री कैलाश
विजयवर्गीय ) : (क) जी
हाँ। जानकारी
पुस्तकालय
में रखे
परिशिष्ट 'अ' अनुसार
है। (ख)
जानकारी पुस्तकालय
में रखे
परिशिष्ट 'ब' अनुसार
हैं। (ग) रिक्त
भूखण्ड पर
अवैध कब्जाधारियों
द्वारा किसी
प्रकार का पक्का
निर्माण नहीं
किया गया है।
शपथ पत्र की जानकारी
पुस्तकालय
में रखे
परिशिष्ट 'ब' में
समाहित है।
व्यापारियों के व्यापार हेतु वैकल्पिक स्थान की व्यवस्था
[नगरीय विकास एवं आवास]
41. ( क्र. 1111 ) श्री अनिल जैन कालूहेड़ा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र उज्जैन उत्तर में महाकाल क्षेत्र, हरसिद्धि क्षेत्र, गोपाल मंदिर आदि स्थानों पर रेहड़ी एवं ठेला व्यापारी जो प्रतिदिन व्यापार कर अपनी आजीविका चलते है उन्हें बार बार व्यवस्था के नाम पर हटाया जा रहा है क्या विभाग द्वारा उनके व्यापार हेतु कोई वैकल्पिक स्थान तय किया गया है? (ख) यदि प्रश्नांश (क) का उत्तर हाँ है तो वैकल्पिक स्थान का चयन उनके व्यापार अनुरूप किया गया है तथा उन्हें चिन्हित स्थान देने की कार्यवाही कब तक की जावेगी? (ग) यदि प्रश्नांश (क) का उत्तर नहीं है तो उनके व्यापार हेतु वैकल्पिक स्थान हेतु क्या प्रयास किए जा रहे है जिससे उनकी आजीविका सुचारू रूप से चलती रहे?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) महाकाल महालोक के निर्माण उपरांत उज्जैन शहर व महाकाल मंदिर परिक्षेत्र में आने वाले अत्यधिक श्रद्धालुओं के आवागमन की व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए जिला/पुलिस/मंदिर प्रशासन के निर्देशों के अनुक्रम में प्रमुख मार्गो/क्षेत्र पर यातायात में बाधक अस्थाई अतिक्रमण (ठेला/गुमटी/ काउंटर/ बैठकी आदि) को हटाने की कार्यवाही समय-समय पर सम्पादित की जाती है तथा संबंधितों को व्यवसाय हेतु उज्जैन शहर की विभिन्न हाकर्स झोनों में अस्थाई रूप से व्यवसाय करने हेतु अवगत कराया गया है। (ख) वैकल्पिक स्थान का चयन नहीं किया गया है, यद्यपि संबंधितों को व्यवसाय हेतु उज्जैन शहर के विभिन्न हाकर्स झोनों में अस्थाई रूप से व्यवसाय करने हेतु अवगत कराया गया है। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित स्थानों या उसके आस-पास के क्षेत्र में सर्व संबंधितों को व्यवसाय हेतु स्थान उपलब्ध करने के लिए निगम स्वामित्व की उपयुक्त भूमि उपलब्ध नहीं होने से स्थान उपलब्ध कराया जाना संभव नहीं है, संबंधित व्यवसाय अपनी आजीविका हेतु नगर निगम उज्जैन के द्वारा पूर्व से चिन्हित हॉकर्स झोन/फाजलपुरा बुधवारिया हॉट पर अपना व्यवसाय करने के लिए स्वतंत्र है।
नवीन एवं नवकरणीय विभाग द्वारा संचालित योजनायें
[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]
42. ( क्र. 1134 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला जबलपुर में नवीन एवं नवकरणीय विभाग द्वारा वर्तमान में कौन-कौन सी कार्य योजनायें संचालित है? इन योजनाओं में सरकार द्वारा कितनी-कितनी राशि का अनुदान दिया जाता है? योजनावार जानकारी देवें। (ख) जिला जबलपुर में नवीन एवं नवकरणीय विभाग द्वारा स्थापित सोलर प्लांट एवं संयंत्रों पर कितने स्थानीय युवाओं को रोजगार दिया गया? (ग) जिला जबलपुर में सौर ऊर्जा प्लांट तथा विभाग के बड़े प्रोजेक्ट जहाँ स्थापित हैं उन्होंने सामुदायिक दायित्व विकास अंतर्गत कितनी राशि किस-किस क्षेत्र में स्थानीय विकास एवं अन्य सुविधाओं पर खर्च की गई? जानकारी दस्तावेज सहित देवें।
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्ला ) : (क) जिला जबलपुर में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी विभाग में संधारित नहीं है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। प्रपत्र-ब में उल्लेखित ईकाइयों का विभाग द्वारा पंजीयन किया गया है उक्त परियोजना कैप्टिव (ईकाई द्वारा स्वयं के उपयोग हेतु) है। सामुदायिक दायित्व विकास से संबंधित जानकारी विभाग में संधारित नहीं है।
अव्यवस्थित टोल प्लाजा पर नागरिक सुविधाओं का अभाव
[लोक निर्माण]
43. ( क्र. 1144 ) श्री जगन्नाथ सिंह रघुवंशी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अशोकनगर–विदिशा मार्ग पर भादोन में स्थित टोल-प्लाजा पर वर्तमान में किस, कंपनी द्वारा टोल वसूली का कार्य, किया जा रहा है और कंपनी किस दिनांक तक टोल वसूली का कार्य करेगी। कंपनी के अनुबंध की स्पष्ट छायाप्रति उपलब्ध करायें। (ख) क्या टोल-प्लाजा संचालन के अनुबंध में स्वच्छता परिसर (शौचालय),एंबुलेंस एवं क्रेन की सुविधा उपलब्ध कराना अनिवार्य शर्त है? यदि हाँ, तो भादोन स्थित टोल-प्लाजा पर ये सुविधाएँ उपलब्ध क्यों, नहीं कराई गई हैं? क्या शासन इस संबंध में निरीक्षण दल गठित कर जांच कराएगा? यदि हां, तो समय-सीमा बतायें। (ग) क्या टोल प्लाजा पर कार्यरत, कर्मचारियों द्वारा, राहगीरों के साथ, मारपीट की घटनाएं सामने आ रही हैं? क्या टोल-प्लाजा पर कार्यरत-कर्मचारियों एवं टोल मैनेजर का पुलिस-सत्यापन कराया गया है? यदि हाँ, तो उसकी स्पष्ट छायाप्रति उपलब्ध कराई जाए। यदि नहीं, तो कर्मचारियों एवं मैनेजर का पुलिस-सत्यापन क्यों नहीं कराया गया? क्या कंपनी द्वारा टोल-प्लाजा पर आपराधिक-प्रवृत्ति वाले-कर्मचारियों को नियुक्ति में प्राथमिकता दी जा रही है? (घ) क्या शासन प्रश्नांश (ख) एवं (ग) में उल्लेखित बिंदुओं की जांच कराकर संबंधित टोल कंपनी पर नियमानुसार जुर्माना एवं दंडात्मक कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो यह कार्यवाही कब तक की जाएगी?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) मेसर्स डीबीएल अशोकनगर, विदिशा, भोपाल द्वारा टोल वसूली का कार्य किया जा रहा है। अनुबंधानुसार निवेशकर्ता द्वारा दिनांक 10.01.2029 तक टोल वसूली का कार्य करेगी। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। अनुबंध में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार टोल प्लाजा पर प्रश्नांकित सुविधायें उपलब्ध हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्तरांश (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
स्मार्ट सिटी इंदौर के कार्य की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
44. ( क्र. 1151 ) श्री उमंग सिंघार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्मार्ट सिटी योजना इंदौर में कब प्रारंभ की गई? अभी तक कितने कार्य हो चुके हैं? संख्यावार बताएं। (ख) वर्तमान में कितने कार्य किये जा रहे हैं? संख्या बताएं? (ग) 24 घंटे पेयजल उपलब्ध कराने की योजना किस स्तर पर है? (घ) शुद्ध पेयजल जो नगर में आपूर्ति की जा रही है उसकी पीएच वेल्यू क्या निर्धारित मापदण्ड के अनुरूप है अथवा नहीं इनकी जांच क्या समय-समय पर करायी गयी है?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) स्मार्ट सिटी योजना इंदौर में 28 जनवरी 2016 को प्रारम्भ की गयी है। स्मार्ट सिटी मिशन अंतर्गत आज दिनांक तक 176 कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं। (ख) स्मार्ट सिटी मिशन अंतर्गत प्रारम्भ किये गये सभी कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं। (ग) ABD क्षेत्र में स्मार्ट सिटी इंदौर के द्वारा स्वयं के वित्तीय प्रबंधन से पेयजल उपलब्ध कराने के शेष कार्य की योजना अंतर्गत 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण किये जाकर कार्य प्रगतिरत है। (घ) जी हाँ, शुद्ध पेयजल की पी.एच. वैल्यू निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप है। जिसकी समय-समय पर नियमानुसार निर्धारित मापदंड के अनुरूप जांच भी की जा रही है।
अमृत योजना के अंतर्गत सीवेज, जल व्यवस्था की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
45. ( क्र. 1152 ) श्री उमंग सिंघार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदौर शहर में इंदौर नगर निगम में अमृत योजना के अंतर्गत कुल कितने कार्य विगत तीन वर्षों में स्वीकृत किये गये? राशि सहित जानकारी दें? (ख) उक्त अवधि में सीवेज कार्य/जल कार्य पर कितनी राशि व्यय की गई? (ग) क्या वर्ष 2017 में अमृत योजना के कार्यों के किये जाने के बाद उन्हीं स्थानों पर कार्य प्रस्तावित किये गये है जहां अमृत योजना के कार्य पूर्व में किये गये थे? तो क्यों कारण सहित जानकारी दें?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
मार्ग का चौड़ीकरण व यातायात व्यवस्था ठीक करना
[लोक निर्माण]
46. ( क्र. 1201 ) श्री आरिफ मसूद : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा अतारांकित प्रश्न संख्या 51 (क्रमांक 2602) दिनांक 07.08.2025 में विभाग द्वारा दिये गये उत्तर के अनुरूप क्या सर्वेक्षण का कार्य किया जा चुका है? यदि हाँ, तो उसकी संक्षिप्त जानकारी दी जावें। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में क्या विषयांकित मार्ग चौड़ीकरण के लिये प्राक्कलन तैयार कर लिया गया है? यदि हाँ, तो उसका संक्षिप्त विवरण दिया जावें। (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में बस स्टॉप नं. 7 से बस स्टॉप नं. 10, 11, 12 तक मार्ग में यातायात की अत्यधिक सघनता हो जाने के कारण क्या मार्ग चौड़ीकरण का कार्य इस वर्ष प्रारंभ कर दिया जावेगा यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट किया जावे।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। विषयांकित मार्ग पर सर्वेक्षण का कार्य करा लिया गया है। मार्ग का संक्षिप्त विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) कार्यवाही प्रचलन में है।
ट्रांसफार्मर लगाने की जानकारी
[ऊर्जा]
47. ( क्र. 1208 ) श्री विश्वामित्र पाठक : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सिहावल अन्तर्गत सौभाग्य योजनांतर्गत ग्रामों में विद्युतीकरण कार्य एवं ट्रांसफार्मर लगाने के कार्य आंशिक रूप से या अधूरे हुये हैं अभी तक कार्य पूरे क्यों नहीं हुये? (ख) सौभाग्य योजना में सम्मिलित ग्रामों टोले मजरों में विद्युतीकरण की कार्यवाही कब तक की जायेगी? समय-सीमा बतायें। (ग) विधानसभा क्षेत्र सिहावल में विद्युतीकरण से विहीन टोले मंजरों में विद्युतीकरण की कार्यवाही कब तक की जायेगी समय-सीमा बतायें?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) विधानसभा क्षेत्र सिहावल सहित जिला सीधी अंतर्गत सौभाग्य योजना के तहत स्वीकृत समस्त कार्य माह मार्च-2019 में पूर्ण किये जा चुके है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न नहीं उठता है। (ग) प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र क्षेत्रांतर्गत कोई भी राजस्व ग्राम एवं उनका कोई भी संसूचित मजरा/टोला विद्युत विहीन नहीं है। उल्लेखनीय है कि नये घरों का बनना एक सतत् प्रक्रिया है, जिनके विद्युतीकरण का कार्य समय-समय पर उपलब्ध विद्युतीकरण की योजनाओं के अंतर्गत किया जाता है। इसी क्रम में वर्तमान में संचालित धरती आबा जनजातिय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र में 234 जनजातिय घरों के विद्युतीकरण का कार्य स्वीकृत किया गया है, जिनके विद्युतीकरण का कार्य प्रगतिरत है। उक्त कार्य मार्च-2026 तक पूर्ण किये जाने का लक्ष्य है। शेष विद्युत विहीन मजरे/टोले/बसाहटें, धरती आबा जनजातिय ग्राम उत्कर्ष योजना के दिशा-निर्देशों/मापदण्डों के अनुरूप नहीं होने के कारण योजना अंतर्गत स्वीकृत नहीं किये जा सके हैं। तथापि केन्द्र/राज्य शासन की विद्युतीकरण योजना की उपलब्धता अनुसार, भविष्य में प्रश्नाधीन शेष नवनिर्मित विद्युत विहीन मजरों/टोलों/बसाहटों/फाल्यों के विद्युतीकरण हेतु आवश्यक कार्यवाही किया जाना संभव हो सकेगा।
फ्लाई ओवर एवं बायपास रोड बनाने की कार्यवाही
[लोक निर्माण]
48. ( क्र. 1209 ) श्री विश्वामित्र पाठक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सिहावल अंतर्गत ग्राम पंचायत नौढि़या आबाद के देवसर बाजार से फोरलेन गुजरता है दोनों तरफ व्यावसायिक प्रतिष्ठान एवं आवासीय मकान होने के कारण आये दिन दुर्घटनायें होती है इससे बचाव हेतु फ्लाई ओवर एवं बायपास निर्माण की कोई योजना है? (ख) क्या ग्राम पंचायत नौढि़या के देवसर बाजार में सुचारू एवं सुरक्षित परिवहन हेतु फोरलेन में फ्लाई ओवर एवं बायपास की स्वीकृति प्रदान की जायेगी। (ग) प्रश्नांश (ख) में यदि हाँ, तो जनमानस की सुविधा एवं सुरक्षित आवागमन, परिवहन हेतु कब तक स्वीकृति प्रदान की जायेगी ? समय-सीमा बतायें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी नहीं। सीधी-सिंगरौली मार्ग (राष्ट्रीय राजमार्ग क्र.39) पर विधानसभा क्षेत्र सिंहावल अंतर्गत ग्राम पंचायत नौढि़या आबाद के देवसर बाजार में फ्लाई ओव्हर एवं बायपास निर्माण की कोई कार्य-योजना प्रस्तावित नहीं है। (ख) उत्तरांश-क के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत आवास
[नगरीय विकास एवं आवास]
49. ( क्र.
1238 ) श्री
बिसाहूलाल
सिंह : क्या
नगरीय विकास
एवं आवास
मंत्री महोदय
यह बताने की
कृपा करेंगे
कि (क) नगर
परिषद जैतहरी
में वार्ड नं. 13 के
पार्षद ने गलत
जानकारी देकर
अपनी पत्नी के
नाम से
प्रधानमंत्री
आवास योजना का
लाभ प्राप्त
किया है? जिसके
विरूद्ध अब तक
क्या
कार्यवाही की
है? पूर्ण
जानकारी
देवें? (ख) क्या
प्रधानमंत्री
आवास जैसे अति
महत्वाकांक्षी
योजना में
अवैधानिक लाभ
लेने की चेष्ठा
व जानकारी
देकर शासन
द्वारा देय
राशि जमा न करने
पर पार्षद को
शासन एवं
जनहित में
अयोग्य घोषित
कर वैधानिक
कार्यवाही की
जायेगी? यदि हां, तो
कब तक?
(ग) क्या
जैतहरी वार्ड
नं. 01 में
खनिज
प्रतिष्ठान
मद से नगर
परिषद जैतहरी द्वारा
सामुदायिक
भवन का
निर्माण
कराया गया था? यदि
हाँ, तो
दोषी पाये
जाने पर
संविदाकार से वसूली
हेतु कितनी
राशि लंबित है? की गई
कार्यवाही की
जानकारी
उपलब्ध
करावें? (घ) क्या
प्रश्नांश
(ग) में दोषी
संविदाकार पद
से पृथक किये
जाने के बाद
वर्तमान में
पार्षद निर्वाचित
है? यदि
हाँ,
तो किस दल से? उनका
नाम, पिता
का नाम सहित
जानकारी
देवें। इनके
विरूद्ध जांच
उपरांत कितनी
राशि कटौती
नहीं की गई है? बकाया
राशि वसूली के
लिये क्या
कार्यवाही की गई
है तथा राशि
वसूली न होने
एवं राशि जमा
न करने की
स्थिति में
दोषी पार्षद
को अयोग्य
घोषित करने की
कार्यवाही की
जायेगी?
नगरीय
विकास एवं
आवास मंत्री (
श्री कैलाश
विजयवर्गीय ) : (क) जी
नहीं,
अपितु नगर
परिषद जैतहरी
में वार्ड न. 13 के
पार्षद की
पत्नि
श्रीमती
पार्वती
राठौर पति
श्री
राजकिशोर
राठौर से
प्रधानमंत्री
आवास
योजना-शहरी के
बीएलसी घटक का
लाभ प्राप्त
करने हेतु
निकाय में
प्राप्त
आवेदन का
सर्वेक्षण दल
द्वारा
पात्रता परीक्षण
एवं जिला
कलेक्टर से
सभी
हितग्राहियों
की सूची के
अनुमोदन
उपरान्त
पात्रता अनुसार
लाभ प्रदान
किया गया है।
उत्तरांश के
परिप्रेक्ष्य
में शेषांश का
प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता है। (ख) उत्तरांश
(क) के
परिप्रेक्ष्य
में प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता है। (ग) जी
हाँ। प्रश्नांकित
कार्य की
लोकायुक्त
प्रकरण क्र 81/ई/2021-22
में संभागीय
संयुक्त
संचालक, नगरीय
प्रशासन एवं
विकास शहडोल
संभाग शहडोल
के जाँच
प्रतिवेदन
दिनांक 10.04.2023 में
संविदाकार से
कोई राशि वसूल
किया जाना प्रस्तावित
नहीं किया गया
है। प्रकरण
में की गई कार्यवाही
की जानकारी
पुस्तकालय
में रखे परिशिष्ट अनुसार
है। (घ) उत्तरांश
(ग) अनुसार
प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता है, यद्यपि
प्रश्नांकित
संविदाकार
श्री
जयप्रकाश
अग्रवाल पिता
स्व. अंबिका
प्रसाद
अग्रवाल
इंडियन नेशनल
काग्रेंस दल
से वार्ड न. 1 से
निर्वाचित
पार्षद है।
उत्तरांश ''ग''के
परिप्रेक्ष्य
में शेषांश का
प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता है।
पुल निर्माण कार्य की स्वीकृति
[लोक निर्माण]
50. ( क्र. 1239 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर जिला अंतर्गत जैतहरी जनपद क्षेत्र में तहसील विकासखण्ड एवं थाना मुख्यालय से झांईताल मार्ग पर स्थित घोघरा नाला एवं तिपान नदी पर पूर्व से निर्मित पुल वर्तमान समय में क्या आवागमन योग्य है? यदि नहीं, तो घोघरा नाला एवं तिपान नदी में नवीन पुल निर्माण के लिये अधोहस्ताक्षरी के द्वारा ध्यानाकर्षण के माध्यम से व्यापक जनहित में पुल निर्माण की मांग किया गया था? यदि हाँ, तो विभाग कब तक पुल निर्माण की स्वीकृति प्रदान करेगी? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार, विगत 02 वर्षों में तिपान पुल में जल स्तर अधिक होने से पुल ध्वस्त होने से कितने लोग पानी में बह कर मर गये है? जानकारी उपलब्ध करावें? (ग) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा मुख्यमंत्री, लोक निर्माण मंत्री सहित विभाग को घोघरा नाला व तिपान नदी पर पुल निर्माण के लिये पत्र लिखा है? यदि हाँ, तो पत्र की प्रति उपलब्ध कराते हुये आदिवासी क्षेत्र में स्थित अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग में घोघरा एवं तिपान नदी पर कब तक पुल निर्माण कराया जायेगा? (घ) क्या यह सत्य है कि घोघरा नाला एवं तिपान नदी के मध्य आदिवासी कन्या छात्रावास का निर्माण प्रगति पर है? यदि हाँ, तो क्या बेटियों एवं अन्य जनों हेतु आवागमन में सुरक्षा हेतु पुल न बनाया जाना जनहित में है?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ, एक पुल जैतहरी झाईताल मार्ग पर घोघरा नाला में निर्मित पुल पर आवागमन संचालित है एवं तिपान नदी पर पूर्व निर्मित पुल जल संसाधन विभाग द्वारा बनाया गया था जो वर्तमान में क्षतिग्रस्त है। जी हाँ। राज्य बजट में स्वीकृत नहीं है, अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। (ख) विगत दो वर्षों में तिपान पुल में जलस्तर अधिक होने के कारण पुल से बहकर मृत्यु होने का कोई भी मर्ग कायम नहीं किया गया है। थाना प्रभारी, जैतहरी जिला-अनूपपुर से प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ग) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 एवं 3 अनुसार है। राज्य बजट में स्वीकृत नहीं है, अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। (घ) जी हाँ, वर्षा ऋतु में आवागमन बाधित रहता है। जी नहीं।
जवाहर नवोदय के पास कचरा डालने पर कार्यवाही
[नगरीय विकास एवं आवास]
51. ( क्र. 1256 ) श्री वीरसिंह भूरिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या प्रश्नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र थांदला में जवाहर नवोदय विद्यालय के पास नगर परिषद द्वारा कचरा डाला जा रहा है। क्या इस संबंध में छात्रों द्वारा कलेक्टर को शिकायत की है। यदि हाँ, तो इस संबंध में अभी तक क्या कार्यवाही की गई? अवगत कराये।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। जी हाँ, नवोदय विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा कलेक्टर जिला झाबुआ को शिकायत की गई है। उक्त संबंध में शेष प्रश्नांश की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
भूनियाखेड़ी आवासीय कॉलोनी में वंचितों को भूखण्ड देने की कार्यवाही
[नगरीय विकास एवं आवास]
52. ( क्र. 1270 ) श्री विपीन जैन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी आवास निगम भोपाल द्वारा ग्राम भूनियाखेड़ी तहसील व जिला मंदसौर में वर्ष 1995 में आवासीय कॉलोनी विकसित की गई थी जिसमें प्रक्रिया अनुसार 518 भूखंडों में से 515 भूखण्ड आवंटित किए गए थे जिनमें से 417 आवंटियों को पट्टा विलेख कर सुपुर्दगी कर दी गई थी निगम द्वारा अभी तक 98 आवंटियों का पट्टाभिलेख होना शेष बताया गया है जबकि उक्त आवंटियों द्वारा पूर्ण राशि जमा करवा दी गई है बाकि उक्त 98 आवंटियों के भूखण्ड पर निगम द्वारा अभी तक पट्टा विलेख की कार्यवाही क्यों नहीं की गई है? (ख) क्या 11 आवंटियों के भूखण्ड निजी भूमि में आने से पट्टा विलेख होना शेष है कृपया उनके भूखण्ड क्रमांक व नाम की सूची वर्गवार दी जाए इनके लिए विभाग द्वारा क्या वैकल्पिक व्यवस्था की जावेगी? (ग) उक्त कॉलोनी भून्याखेड़ी में कितने भूखण्ड शेष बचे हैं (खाली) जिन्हें किसी को भी आवंटित नहीं किया गया है? वर्गवार संख्या सहित बताएं। (घ) आवंटन से शेष बचे हुए भूखण्ड में से प्रभावित/पीड़ित आवंटियों को कब तक भूखण्ड विलेख की कार्यवाही की जावेगी भूखण्ड क्रमांक,वर्गवार एवं प्रभावितो के नाम की सूची देवें। (ड.) क्या विभाग आवंटन से वंचित प्रभावितों की समस्या का समाधान करने के लिए चिंतित नहीं है?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) यह कहना सही नहीं है कि 98 आवंटियों द्वारा संपूर्ण राशि जमा कर दी गई है। पट्टा विलेख हेतु 80 आवंटियों द्वारा संपूर्ण राशि जमा नहीं कराये जाने से पट्टा विलेख नहीं किया गया है। शेष आवंटियों द्वारा राशि जमा कराकर पट्टा विलेख हेतु आवेदन प्रस्तुत किये हैं जिन पर नियमानुसार कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) जी हां, आवासीय योजना अंतर्गत ग्राम भून्याखेड़ी के सर्वे क्रमांक-514 में पश्चिमी ओर ऐसे आवेदकों जिनके भूखण्ड विवादित भूमि में आ गये है, उनको अन्य जगह भूखण्ड उपलब्ध कराने के उददेश्य से परियोजना प्रस्ताव उपलब्ध कराने हेतु कलेक्टर मंदसौर एवं विकास एजेंसी को निर्देशित किया गया है। सूची संलग्न परिशिष्ट पर है। (ग) उक्त कॉलोनी भून्याखेड़ी में कोई भी भूखण्ड आवंटन हेतु शेष नहीं है। (घ) उक्त कॉलोनी भून्याखेड़ी में कोई भी भूखण्ड आवंटन हेतु शेष नहीं है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) निगम द्वारा आवंटन से वंचित प्रभावितों की समस्या का समाधान करने के लिए कलेक्टर, मंदसौर एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी, मंदसौर से परियोजना प्रस्ताव प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया है।
निर्माण कार्यों की स्वीकृति
[लोक निर्माण]
53. ( क्र. 1271 ) श्री विपीन जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत तीन वर्षों में मंदसौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कितनी सड़कों, पुलिया और अन्य निर्माण कार्यों के प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति हेतु भेजे गए हैं उनकी सूची उपलब्ध कराये? (ख) बताये बताएं कि उक्त प्रेषित प्रस्ताव की प्रशासकीय स्वीकृतियां कब तक प्राप्त हो जाएगी?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ, 'अ-1' एवं 'ब' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ, 'अ-1' एवं 'ब' अनुसार है। वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग कार्यालय की स्थापना
[नगरीय विकास एवं आवास]
54. ( क्र. 1280 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टाउन एंड कंट्री प्लानिंग का कार्यालय जिला स्तर पर शुरू किये जाने संबंधी शासन प्रशासन के क्या दिशा- निर्देश है? (ख) क्या सिवनी जिले का टाउन एंड कंट्री प्लानिंग का कार्यालय छिंदवाडा में स्थित है जिसमें सिवनी जिले के कालोनाईजरों और जनता को आवश्यक कार्य हेतु छिंदवाडा जाना पडता है, जिससे काफी परेशानियों का सामना करना पड रहा है। (ग) प्रश्नांश ''ख'' के तारतम्य में कार्य सुविधा के दृष्टि से टाउन एंड कंट्री प्लानिंग का कार्यालय सिवनी में कब शुरू किया जायेगा? क्या इस संबंध में शासन स्तर से पूर्व में कोई कार्यवाही प्रचलन में है या नहीं?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) टाउन एण्ड कन्ट्री प्लानिंग का कार्यालय जिला स्तर पर शुरू किए जाने के संबंध में शासन द्वारा संचालनालय, नगर तथा ग्राम निवेश का सेटअप स्वीकृत किया गया है, स्वीकृत सेटअप अनुसार ही जिला स्तर पर कार्यालय स्थापित है। (ख) जी हाँ। सिवनी जिले का कार्य संचालन नगर तथा ग्राम निवेश के जिला कार्यालय छिंदवाड़ा से संचालित किया जाता है। सिवनी जिले के लिये नगर तथा ग्राम निवेश के अंतर्गत योजना क्षेत्र एवं योजना क्षेत्र के बाहर दोनों प्रकार की भूमि संबंधी अनुमतियों के लिये प्रकरण ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से ही निराकृत किये जा रहे हैं। कार्यवाही उपरांत अनुमतियां भी ऑनलाईन ही जारी की जाती है, जिससे अनुमतियों हेतु कार्यालय आने एवं अधिकारियों से मिलने की आवश्यकता नहीं होती है। (ग) प्रश्नांश 'ख' के परिप्रेक्ष्य में सिवनी जिले हेतु नगर तथा ग्राम निवेश से संबंधित कार्य जिला कार्यालय, छिंदवाड़ा से संचालित होने के फलस्वरूप तथा ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से कार्यवाहियां होने के कारण टाउन एण्ड कन्ट्री प्लानिंग का कार्यालय सिवनी में शुरू किये जाने हेतु शासन स्तर पर कोई कार्यवाही प्रचलित नहीं है।
दुग्ध उत्पादन बढाने की योजना का क्रियान्वयन
[पशुपालन एवं डेयरी]
55. ( क्र. 1281 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दुग्ध उत्पादन बढाने की योजना का क्रियान्वयन प्रदेश के किन-किन जिलो में किया गया? (ख) इस योजना पर शासन का कितना व्यय हुआ? (ग) प्रदेश के कितने पशु पालक लाभान्वित हुये तथा दुग्ध उत्पादन में कितनी वृद्वि हुई? (घ) प्रश्नांश ''क'' के संदर्भ में मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, सहरिया, भारिया, बाहुल्य जिलों में क्रियान्वित है। क्या शासन सिवनी जिले में भी आदिवासी बाहुल्यता को देखते हुये उक्त योजना को जिले में भी लागू करने पर विचार करेगी? यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें।
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय कार्यक्रम (विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, सहरिया,भारिया) के अतिरिक्त दुग्ध उत्पादन बढाने संबंधी समस्त योजनाओं का क्रियान्वयन प्रदेश के सभी जिलों में किया जा रहा है, जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''स'' अनुसार है। वर्ष 2023-24 में दुग्ध उत्पादन 21326 हजार मैट्रिक टन था एवं वर्ष 2024-25 में दुग्ध उत्पादन 22595 हजार मैट्रिक टन था जिससे वृद्धिदर 5.95 प्रतिशत रही है। (घ) जी हाँ। वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
ग्राम हंडिया से ग्राम गुल्लास सड़क मार्ग निर्माण कार्य
[लोक निर्माण]
56. ( क्र. 1283 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या लोक निर्माण विभाग हरदा द्वारा ग्राम हंडिया से ग्राम गुल्लास तक 16 कि.मी. सड़क मार्ग निर्माण कार्य का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है? यदि हाँ, तो भेजे गए प्रस्ताव की प्रति उपलब्ध करावे। (ख) विभाग द्वारा भेजे गए उक्त प्रस्ताव की अनुमानित लागत, कार्य का प्रकार (डामरीकरण/सी.सी./नवीन निर्माण) एवं तकनीकी स्वीकृति की स्थिति क्या है? (ग) शासन स्तर पर प्रस्ताव की वर्तमान स्थिति क्या है? यदि प्रस्ताव लंबित है तो क्यों और अस्वीकृत कर दिया गया है तो क्यों? (घ) क्या उक्त कार्य को स्वीकृति प्रदान कर बजट जारी किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक समय-सीमा बतायें। (ङ) क्या प्रस्ताव स्वीकृत होने तक सड़क की स्थिति को देखते हुए तत्काल मरम्मत/पैचवर्क कराया जाएगा? यदि हाँ, तो कार्य की समय-सीमा एवं राशि बताएं।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) से (घ) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) जी हाँ, मार्ग मरम्मत कार्य हेतु राशि रू. 31.85 लाख की निविदा स्वीकृत की गई है तथा मरम्मत कार्य दिनांक 12.04.2026 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है।
रेल्वे भूमि पर गार्डन और रोड का निर्माण
[नगरीय विकास एवं आवास]
57. ( क्र. 1284 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा प्र.क्र. 196 दि. 05/12/2025 के अनुसार दि. 09/02/2023 को रेल्वे द्वारा स्वयं की भूमि सर्वे क्र. 595 रकबा 23765 वर्गमीटर वर्ष 2026 तक नगरपालिका को गार्डन बनाने हेतु लीज पर दी गई है? यदि हाँ, तो दी गई भूमि पर गार्डन की तार फेंसिंग हटाकर मकान का निर्माण किया गया है? यदि हाँ, तो मकान बनाकर किए गए अतिक्रमण को हटाने हेतु नगरपालिका द्वारा कार्यवाही नहीं करते हुए निर्माण कार्य की अनुमति किस आधार पर दी गई है? विवरण देवें। (ख) नगरपालिका नागदा द्वारा रेल्वे की किन-किन सर्वे नम्बर पर गार्डन व बिरलाग्राम रेल्वे ओव्हर ब्रिज पहुंच मार्ग जो जवाहर मार्ग व कोटा फाटक क्षेत्र को जोड़ती है कौन-कौन से सर्वे नम्बर पर नगरपालिका द्वारा रोड का निर्माण किया गया है? विवरण देवें तथा कितनी रेल्वे भूमि शेष है? जो बिरलाग्राम रेल्वे ओव्हर ब्रिज पहुंच मार्ग रोड के पास खाली पड़ी है? विवरण देवें। (ग) रेल्वे द्वारा नगरपालिका को सर्वे क्र. 595 रकबा 4.171 हेक्टेयर में से 23765 वर्गमीटर भूमि लीज पर दी गई है तथा रेल्वे की शेष भूमि पर नगरपालिका द्वारा रोड तथा अन्य निर्माण कार्य किए गए है? यदि हाँ, तो विवरण देवे।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्नांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) नगरपालिका द्वारा रेल्वे से प्राप्त भूमि सर्वे क्रमांक 595 पर सड़क का निर्माण किया गया है। उपरोक्त सड़क वार्ड क्र. 11 एवं 22 में स्थित है एवं इंगोरिया रोड से एप्रोच ब्रिज तक जनसुविधा हेतु निर्माण किया गया है। जो भूमि निकाय को आवंटित की गई है उसी पर निर्माण किया गया है, बिरला ग्राम एप्रोच रोड की खाली भूमि लीज आवंटन में शामिल नहीं है, यह रेल्वे की अतिरिक्त भूमि है। (ग) जी हाँ। जी हाँ। रेल्वे द्वारा नगरपालिका को सर्वे क्र. 595 रकबा 4.171 हेक्टेयर में से 23765 वर्गमीटर भूमि लीज पर दी गई है। उक्त आवंटित भूमि पर ही पार्क निर्माण के अतिरिक्त 600 X 7.50 (लम्बाई मी. X चौड़ाई मी.) का सी.सी. रोड निर्माण कार्य किया गया है। प्रशासकीय स्वीकृति एवं कार्यादेश की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी
[विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण]
58. ( क्र. 1288 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या राज्य मंत्री, विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विमुक्त घुमंतु और अर्द्ध घुमंतु जातियों के कल्याण के लिए कौन-कौन सी योजनाएं संचालित की जा रही हैं? जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में विदिशा जिले में विमुक्त घुमंतु और अर्द्ध घुमंतु जाति के नागरिक किन-किन ग्रामों में निवास करते हैं एवं इनको मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने हेतु विभाग द्वारा कौन-कौन से निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। 1 अप्रैल 2018 से प्रश्नांकित दिनांक तक जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में उक्त जातियों के लिए कौन-कौन सी जनकल्याणकारी योजनाएं प्रारंभ की गई हैं एवं किन-किन हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है बतलावें। वर्षों से वन भूमि एवं राजस्व भूमि पर काबिज हैं तो क्या इन जातियों को शासन द्वारा कृषि भूमि के पट्टे दिए जाने का प्रावधान है यदि हाँ, तो बतावें यदि नहीं, तो क्या शासन द्वारा पट्टे दिए जाने हेतु कार्यवाही की जावेगी? (घ) क्या विभाग द्वारा सिरोंज एवं लटेरी में उक्त जातियों के छात्रों के लिए छात्रावास भवन की स्वीकृति हुई थी? यदि हाँ, तो प्रशासकीय स्वीकृति आदेश की छायाप्रति उपलब्ध करावें।
राज्य मंत्री, विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण ( श्रीमती कृष्णा गौर ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-'ब' अनुसार एवं 1 अप्रैल 2018 से मूलभूत सुविधायें उपलब्ध कराये जाने हेतु विभाग द्वारा स्वीकृत निर्माण कार्यों की हितग्राहिवार सूची संलग्न परिशिष्ट- 'स' अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट- 'अ' एवं स' अनुसार है। शेष जानकारी विभाग से संबंधित नहीं है। (घ) जी नहीं उक्त दोनों जनपद पंचायत क्षेत्रों में विमुक्त जाति के छात्राओं के लिए छात्रावास भवन की स्वीकृति नहीं हुई है।
कुसुम 'अ', 'ब' एवं 'स' की जानकारी
[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]
59. ( क्र. 1289 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 अप्रैल 2018 से प्रश्नांकित दिनांक तक प्रदेश में कुसुम-अ, कुसुम-ब एवं कुसुम-स योजनाएं संचालित हैं तो कौन-कौन से जिलों में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है यदि हाँ, तो विभाग के क्या नियम निर्देश आदेश हैं, छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कुसुम-अ योजना अन्तर्गत व्यक्तियों एवं निजी संस्थाओं द्वारा सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए गए हैं जिलेवार व्यक्ति का नाम, स्थान, कितनी मेगावाट विद्युत उत्पादन करते हैं जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में उक्त व्यक्तियों एवं संस्थाओं को कितनी-कितनी अनुदान राशि प्रदान की जा रही है बतावें एवं विद्युत उत्पादन के बदले में कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया जा रहा है सौर ऊर्जा संयंत्रवार एवं माहवार जानकारी देवें। (घ) विदिशा जिले में 1 अप्रैल 2018 से प्रश्नांकित दिनांक तक सोलर पंप स्थापना हेतु कितने-कितने आवेदन ऑनलाईन प्राप्त हुए एवं कितने कृषकों के खेतों पर सोलर पंपों की स्थापना कर दी गई है कितने शेष हैं कृषकवार जानकारी देवें।
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्ला ) : (क) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में कुसुम-अ योजना अंतर्गत विभिन्न जिलों से प्राप्त आवेदनों के आधार पर Letter of Award (LOA) जारी किये गये है। कुसुम-अ योजना अंतर्गत जिलेवार सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने हेतु प्रोत्साहित करने का कोई प्रावधान नहीं है। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रधानमंत्री कुसुम-अ योजना में पंजीयन की नवीन सरलीकृत पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धात्मक चयन प्रक्रिया की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। प्रधानमंत्री कुसुम-ब योजना केन्द्र शासन द्वारा लागू की गई है इसे योजना का उद्देश्य भारत में किसानों के लिये ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रदेश में कुसुम योजना का घटक-ब 'प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना' के नाम से संचालित है, कुसुम-ब के अंतर्गत कृषकों के यहां ऑफ ग्रिड सोलर पंपों की स्थापना की जाती है। योजनांतर्गत संपूर्ण प्रदेश में सोलर पंप संयंत्र स्थापित करने हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है। नियम/दिशा-निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। प्रधानमंत्री कुमुम-स योजनांतर्गत 1 अप्रैल 2018 से प्रश्नांकित दिनांक तक प्रदेश के सभी जिलों में संचालित है। योजना के दिशा-निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (ख) कुसुम-अ योजना अंतर्गत स्थापित संयंत्रों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। ऊर्जा विभाग की पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा उपलब्ध कराई गई विद्युत उत्पादन से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (ग) निगम द्वारा कुसुम-अ योजनांतर्गत हितग्राही को कोई भी अनुदान देने का प्रावधान नहीं है। ऊर्जा विभाग की पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी लिमिटेड द्वारा उपलब्ध कराई विद्युत उत्पादन से भुगतान संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है। (घ) प्रधानमंत्री कुसुम-ब योजनांतर्गत विदिशा जिले में कुल 3136 कृषकों के सोलर पंप स्थापना हेतु आवेदन ऑनलाईन प्राप्त हुए है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ई अनुसार है। कुल 891 कृषकों के यहां सोलर पंप की स्थापना की जा चुकी है जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ई अनुसार है। कुल 1849 पात्र कृषकों के यहां सोलर पंप स्थापना हेतु कार्यादेश जारी किये जा चुके है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-फ अनुसार है, शेष 396 कृषकों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-फ अनुसार है। जिनमें 28 पात्र कृषक के यहां सोलर पंप स्थापना हेतु कार्यादेश जारी होना शेष है एवं 268 अपात्र कृषक है।
कृषि क्षेत्रों में सिंचाई उपयोग हेतु विद्युत विस्तार
[ऊर्जा]
60. ( क्र. 1309 ) श्री नारायण पटेल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्रांतर्गत इंदिरा सागर बांध परियोजना के डूब सीमा से लगे कृषि क्षेत्रों में सिंचाई उपयोग हेतु विद्युत विस्तार की कौन सी योजना संचालित है? (ख) यदि हाँ, तो संचालित विद्युत विस्तार योजना से क्षेत्र के कितने किसानों को लाभ प्रदान कराया जा चुका है व कितने किसानों को लाभांवित करने का लक्ष्य है? (ग) क्या संचालित योजनाओं के माध्यम से क्षेत्र के किसानों को स्थाई कृषि कनेक्शन उपलब्ध कराया जा सकता है? (घ) इस योजना से संबंधित प्रस्तावित समस्त दस्तावेज उपलब्ध कराये जाये।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) खण्डवा जिले की प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत इंदिरा सागर बांध परियोजना के डूब सीमा से लगे कृषि क्षेत्रों में सिंचाई उपयोग हेतु विद्युत अद्योसंरचना विस्तार के लिये वर्तमान में अनुदान आधारित कोई भी योजना संचालित नहीं है। (ख) से (घ) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न नहीं उठता हैं।
विद्युत समस्याओं का निराकरण
[ऊर्जा]
61. ( क्र. 1313 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरगोन जिले में विगत 3 वर्षों में विद्युत आपूर्ति में अनियोजित कटौती के कितने मामले सामने आए हैं? विवरण देवें। (ख) क्या खरगोन जिले में विद्युत ट्रांसफॉर्मर, पोल एवं लाइनों की जर्जर अवस्था के कारण विद्युत बाधित हो रही है? अगर हाँ तो इनका सुधार कब तक किया जावेगा? (ग) विधानसभा क्षेत्र कसरावद में विभाग की आर.आर.आर. योजना अन्तर्गत कार्य स्वीकृत किये गये हैं? अगर हाँ तो कहाँ-कहाँ, विवरण देवें।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इंदौर क्षेत्रांतर्गत खरगोन जिले में विगत 03 वर्षों में विद्युत की आपूर्ति में अनियोजित कटौती नहीं की गई है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। (ख) जी नहीं। खरगोन जिले में विद्युत ट्रांसफॉर्मर, पोल एवं लाईनों को संज्ञान में आने पर सुधारने/बदलने का कार्य सतत रूप से कर सुचारू रूप से विद्युत प्रदाय किया जाता है। (ग) जी हाँ। विधानसभा क्षेत्र कसरावद में केन्द्र शासन की आर.डी.एस.एस. (आर.आर.आर. नहीं) योजना अंतर्गत स्वीकृत कार्यों का विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
निर्माण कार्यों की जानकारी
[लोक निर्माण]
62. ( क्र. 1315 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्न दिनांक तक विधानसभा क्षेत्र धरमपुरी, जिला धार में लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत कौन-कौन से ऐसे कार्य हैं, जिनके लिए प्रशासकीय और वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन निर्माण कार्य आरंभ नहीं हुआ है या अधूरा है? (ख) उपरोक्त कार्यों के लिए अलग-अलग प्रशासकीय और वित्तीय स्वीकृति की तारीख बताएं? इन कार्यों को पूरा करने के लिए निर्धारित अवधि का विवरण दें। क्या इन कार्यों को पूरा करने में विलंब हो रहा है? यदि हाँ, तो इसका क्या कारण है? (ग) क्या प्रश्नकर्ता को विभाग द्वारा किये जाने वाले निर्माण कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी दी है? यदि हाँ, तो कब? यदि नहीं, तो जानकारी न देने का क्या कारण है?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। कार्य प्रगतिरत है। अतः पूर्ण करने हेतु विलंब का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। प्रश्नकर्ता को कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग (भ/प) संभाग धार संभाग द्वारा दिनांक 06.11.2025 एवं 20.11.2025 को मौखिक जानकारी दी गई है। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मार्ग निर्माण
[लोक निर्माण]
63. ( क्र. 1327 ) श्री प्रणय प्रभात पांडे : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिसंबर 2018 से प्रश्न दिनांक तक बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कहां-कहां की कौन-कौन सी सड़कों का निर्माण कितनी लागत से कब-कब स्वीकृत किया गया निर्माण एजेंसी के नाम सहित वित्तीय वर्षवार सूची देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लिखित मार्गों का कब निर्माण पूर्ण हुआ एवं कौन-कौन से मार्गों का निर्माण प्रगतिरत या अप्रारंभ है? बतलावें सूची देवें। (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित निर्मित मार्गों की गारंटी अवधि में कब-कब कितनी लागत से संधारण किया गया सूची देवें एवं यह भी बतलावें कि उल्लेखित मार्गों में से कौन-कौन से मार्ग प्रश्न दिनांक में गारंटी अवधि में है। संपूर्ण सूची देवें। (घ) बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कहां-कहां के कौन-कौन से मार्गों का निर्माण होना प्रस्तावित/कार्ययोजना में सम्मिलित है? सूची सहित जानकारी देवें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।
दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने की योजना
[पशुपालन एवं डेयरी]
64. ( क्र. 1328 ) श्री प्रणय प्रभात पांडे : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की कौन-कौन सी योजनाएं वर्तमान समय में प्रचलित है एवं इन योजनाओं का हितग्राहियों को लाभ प्रदान करने हेतु कौन-कौन सी अर्हताऐं/ नियमों का पालन किया जाना आवश्यक है? योजनावार जानकारी देवे। (ख) प्रश्नांश ''क'' में उल्लेखित योजनाओं के प्रारंभ से प्रश्न दिनांक तक बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कहां-कहां के कौन-कौन से हितग्राही किस प्रकार से लाभांवित हुए? हितग्राहियों के नाम, ग्राम सहित विकासखण्डवार एवं वित्तीय वर्षवार संपूर्ण सूची देवें।
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिये चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ''अनुसार, योजनाओं द्वारा हितग्राहियों को लाभ प्रदान करने हेतु अर्हतायें/नियमों की योजनावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब''अनुसार ।(ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है।
घरेलू विद्युत आपूर्ति का विवरण
[ऊर्जा]
65. ( क्र. 1331 ) श्री संजय उइके : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैहर विधानसभा क्षेत्र में कृषि एवं घरेलू विद्युत आपूर्ति हेतु फीडर सेपरेशन का कार्य किन-किन ग्रामों में पूर्ण किया जा चुका है तथा किन-किन ग्रामों में यह कार्य अपूर्ण है या अभी तक प्रारंभ नहीं हुआ है? कृपया ग्रामवार सूची उपलब्ध कराएँ। (ख) बैहर विधानसभा क्षेत्र के कौन-कौन से ग्राम फीडर सेपरेशन कार्य से वंचित रह गए हैं? (ग) फीडर सेपरेशन से वंचित ग्रामों में कार्य लंबित रहने के क्या कारण हैं तथा इन ग्रामों में फीडर सेपरेशन का कार्य कब तक स्वीकृत किया जाएगा? समय-सीमा बतावें। (घ) क्या फीडर सेपरेशन का कार्य पूर्ण न होने के कारण संबंधित ग्रामों में नल-जल योजनाओं एवं कृषि कार्यों के संचालन में बाधा उत्पन्न हो रही है? यदि हाँ, तो सरकार द्वारा इसके निराकरण हेतु क्या ठोस कार्ययोजना बनाई गई है?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) विधानसभा क्षेत्र बैहर अंतर्गत कृषि एवं घरेलू फीडरों के माध्यम से पृथक-पृथक विद्युत आपूर्ति हेतु वर्तमान में संचालित आर.डी.एस.एस.योजना के तहत 11 के.व्ही.के 5 मिश्रित फीडरों यथा गढी, सलघट, बिरसा, कुकर्रा एवं भण्डेरी के विभक्तिकरण का कार्य स्वीकृत है। उक्त मिश्रित फीडरों के विभक्तिकरण का कार्य योजनान्तर्गत ग्रामवार नहीं, अपितु मिश्रित फीडरवार स्वीकृत है तथा मिश्रित फीडरों के विभक्तिकरण की कार्यपूर्णता का निर्धारण, संबंधित 11 के.व्ही. लाईन/निम्नदाब लाईन की स्थापना एवं वितरण ट्रांसफार्मर स्तर पर कृषि एवं घरेलू फीडरों पर कृषि एवं घरेलू कार्य हेतु विद्युत संयोजन पृथक हो जाने के उपरांत किया जाता है, अत: फीडर विभक्तिकरण के कार्यों की पूर्णता/अपूर्णता एवं अप्रारंभ स्थिति की ग्रामवार सूची दिये जाने का प्रश्न नहीं उठता है। तथापि प्रश्नाधीन क्षेत्र में फीडर विभक्तिकरण के स्वीकृत कार्यों के परिप्रेक्ष्य में पूर्ण/प्रगतिरत 11 के.व्ही. फीडर सें संबंधित ग्रामों की फीडरवार सूची संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र–'अ' अनुसार है। (ख) एवं (ग) वर्तमान में संचालित आर.डी.एस.एस. योजना के दिशा निर्देशानुसार, विधानसभा क्षेत्र बैहर क्षेत्रांतर्गत 11 के.व्ही. के 18 मिश्रित फीडरों के विभक्तिकरण का कार्य, उक्त फीडरों पर कृषि भार 30 प्रतिशत से कम होने के कारण, तकनीकी रूप से साध्य नहीं पाया गया हैं। अत: उक्त 11 के.व्ही. मिश्रित फीडरों से संबंधित ग्रामों को वर्तमान में संचालित आर.डी.एस.एस. योजना में फीडर विभक्तिकरण के कार्यों हेतु शामिल नहीं किया जा सका है। उक्त ग्रामों की फीडरवार सूची संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र–'ब' अनुसार है। (घ) जी नहीं। तथापि वर्तमान में बैहर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत आर.डी.एस.एस.योजना के तहत स्वीकृत फीडर विभक्तिकरण का कार्य पूर्णता की ओर है।
म.प्र. में बकरी एवं सूअर पालन योजना का विवरण
[पशुपालन एवं डेयरी]
66. ( क्र. 1335 ) श्री मधु भगत : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि म.प्र. में बकरी एवं सूअर पालन के लिए कौन—कौन सी योजनाएं संचालित हैं एवं इनके क्रियान्वयन पर सरकार की ओर से कितनी राशि का अनुदान हितग्राहियों को दिया जा रहा है? वित्तीय वर्ष 2023—24 एवं 2024—25 में म.प्र. में कितने हितग्राहियों को इन योजनाओं का लाभ मिला? उक्त अवधि में भोपाल एवं जबलपुर संभाग में इन योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के नाम, पता सहित विस्तृत ब्यौरा एवं संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराएं।
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'', ''ब'' एवं ''स'' अनुसार है।
स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत अधिकारियों की भूमिका
[नगरीय विकास एवं आवास]
67. ( क्र. 1340 ) श्री महेश परमार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह तथ्य सही है कि स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत इंदौर नगर निगम क्षेत्र के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल आपूर्ति के कारण लगभग 25 से ज्यादा नागरिकों की मृत्यु हुई? यदि हाँ, तो क्या यह स्थिति मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम,1961 की धारा 71 एवं 299 के अंतर्गत नगर प्रशासन की गंभीर विफलता नहीं है? विवरण दें। निर्दोष नागरिकों की मौतों के लिये गैर-इरादतन हत्या के प्रकरण किन अधिकारियों पर दर्ज हुये? यदि नहीं, तो बचाव का कारण बतायें। (ख) क्या इन घटनाओं में अधिकारी (निगमायुक्त से संभागायुक्त स्तर) पदस्थ था? यदि हाँ, तो म.प्र.सिविल सेवा नियम,1981 (नियम 7-8) एवं आईपीसी 2023 (धारा 166) के तहत जांच क्यों नहीं हुई। वर्तमान स्थिति एवं समय-सीमा बताएं। यदि नहीं, तो, प्रमाण दें। (ग) क्या कान्हा डायवर्सन प्रोजेक्ट से छिप्रा नदी में दूषित जल मिलने का विषय सिंहस्थ 2016 के स्मार्ट मॉडल के बावजूद व्यवस्थागत विफलता है? यदि हाँ,तो स्मार्ट सिटी गाइडलाइंस 2015 एवं म.प्र. नीति 2016 के अनुपालन हेतु उत्तरदायित्व समिति एवं ऑडिट कब तक? यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें। (घ) क्या दोषी अधिकारियों पर म.प्र.नगरपालिका अधिनियम 1961 (धारा 338) एवं पर्यावरण अधिनियम 1986 (धारा 15) के तहत दंडात्मक कार्यवाही हुई? यदि हाँ, तो बिंदुवार रिपोर्ट दें। यदि नहीं, तो जांच प्रारंभ की समय-सीमा बताएं। (ङ) क्या स्मार्ट सिटी में उत्तरदायित्व मजबूत करने हेतु मॉनिटरिंग नीति बनेगी? यदि हाँ, तो म.प्र.वित्तीय संहिता 2021 (अध्याय 10) अनुसार समय-सीमा एवं योजना बताएं। यदि नहीं, तो कारण देवें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) स्मार्ट सिटी परियोजना अंतर्गत भागीरथपुरा में क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति संबंधी कोई कार्य नहीं किया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित मृत्यु समीक्षा समिति द्वारा मृत्यु के संभावित कारणों में से एक एक्युट डायरियल डिजीज होना बताया गया। समिति द्वारा उक्त संभावित कारण से कुल 20 मृत्यु की पुष्टि की गई है। प्रकरण में माननीय उच्च न्यायालय, खण्डपीठ इन्दौर द्वारा एक सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया गया है। आयोग के Terms of Reference (TOR) में To identify and fix responsibility upon the officers and officials found prima facie responsible for the Bhagirathpura water contamination incident सम्मिलित है। जांच के निष्कर्ष अनुसार अग्रिम कार्यवाही की जावेगी। (ख) जानकारी उत्तरांश 'क' अनुसार है। (ग) जी नहीं, कान्ह डायवर्सन योजना द्वारा सिंहस्थ 2016 में सफलतापूर्वक कार्य किया गया है। वर्तमान में भी योजना नॉन-मानसून समय में प्रदूषित जल (5 क्यूमेक) को प्रवाहित कर अपना कार्य सुचारू रूप से संपादित कर रही है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी उत्तरांश 'क' अनुसार है। (ङ) जानकारी उत्तरांश 'क' अनुसार है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
स्वीकृत निविदा आदेशों की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
68. ( क्र. 1347 ) डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना/मैहर/रीवा जिलों में रीडेन्सीफिकेशन प्रोजेक्ट के तहत् किस-किस पटवारी हल्का/अनुविभागों को कितने-कितने रकबे की, किस-किस आराजी क्रमांकों की भूमियों को किन-किन को 01.04.2021 से 31.12.2025 के दौरान किस-किस दर पर (रू. प्रति स्क्वायर फुट/रू. प्रति स्क्वायर मीटर) किन नियमों के तहत् दी गई जारी सभी आदेशों की एक-एक प्रति उपलब्ध करायें? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित समयानुसार एवं जिलों में उक्त भूमियों के लिये किन-किन अखबारों में कब-कब निविदाओं का प्रकाशन किया गया? एक-एक प्रति निविदाओं एवं अखबारों की दें? किस-किस कंपनी/व्यक्ति/अन्य की किस-किस दर पर निविदा आई? किसकी निविदा को स्वीकृत किया गया? स्वीकृत निविदा आदेशों की एक प्रति उपलब्ध करायें? (ग) अनुविभागीय अधिकारी रघुराजनगर (नगरीय) के न्यायालय से राजस्व प्रकरण क्रमांक 186/अ74/2025-26 के तहत् जारी सभी नोटिसों की एक-एक प्रति दें? उक्त जारी नोटिस कुल कितने एकड़ भूमि के लिये जारी की गई हैं? क्या ये वहीं भूमियां हैं (529.36 एकड़) जो कि बिना सक्षम अधिकारी के आदेशों से नायब तहसीलदार/तहसीलदार/एसडीएम/राजस्व मंडल के आदेशों का हवाला देकर निजी भूमियों में तब्दील कर दी गई? (घ) प्रश्नांश (ग) में उल्लेखित प्रकरण में प्रश्नतिथि तक पूरी 529.36 एकड़ भूमि पर काबिज अलग-अलग लोगों को क्या प्रश्नतिथि तक चिंहित किया जा चुका है? अगर हाँ तो सूची दें? अगर नहीं तो कब तक चिंहित किया जायेगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) सतना/मैहर/रीवा जिलो में रीडेन्सीफिकेशन प्रोजेक्ट के तहत भूमियों की जानकारी निम्नानुसार है:-1. सतना एवं मैहर जिले में रीडेन्सीफिकेशन प्रोजेक्ट की जानकारी निरंक है। 2. रीवा जिले में दिनांक 01/04/2021 से दिनांक 31/12/2025 तक रीडेन्सीफिकेशन प्रोजेक्ट के तहत दी गई भूमि की जानकारी:- (i) सिरमौर चौराहा के बोदा रोड स्थित लोक निर्माण विभाग के परिसर की भूमि ग्राम खुटेही हुजूर नगर जिला रीवा, रकबा 1.22 हेक्टेयर, खसरा क्र. 135, 136, 138 एवं 139 (ii) मुख्य अभियंता कार्यालय (गंगा कछार) जल संसाधन विभाग की भूमि ग्राम- रीवा, तहसील हुजूर नगर, जिला रीवा, रकबा 0.5716 हेक्टेयर, खसरा क्र. 403 एवं 459 (iii) जल संसाधन विभाग समान कॉलोनी की भूमि ग्राम समान, हल्का समान, तहसील हुजूर, जिला रीवा, रकबा 6.07 हेक्टेयर, खसरा क्र. 631/1, 632 एवं 633 रीवा जिले में क्रमांक (i) एवं (ii) में उल्लेखित भूमि ऑफर के माध्यम से दी गई है। अतः प्रति स्क्वायर फुट/प्रति स्क्वायर मीटर की दर बताया जाना संभव नहीं है। पुनर्घनत्वीकरण नीति 2016 एवं पुनर्घनत्वीकरण नीति 2022 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अ एवं 'ब' अनुसार है। (ख) उत्तरांश 'क' में वर्णित सतना एवं रीवा जिले की भूमियों के लिये निविदाओं एवं अखबारों की प्रतियाँ पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स एवं 'द' अनुसार है। रीवा जिले की भूमियों के लिये कंपनी/व्यक्तियों द्वारा दी गई दर एवं स्वीकृत निविदाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-इ अनुसार है। स्वीकृत निविदा आदेशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-फ अनुसार है। (ग) अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) रघुराजनगर द्वारा जारी किए गए समस्त नोटिसों की प्रतियाँ पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ज अनुसार है। जी हाँ। (घ) जी नही। उत्तरांश 'ग' में वर्णित प्रकरण में कब्जाधारियों के चिन्हांकन हेतु विस्तृत जांच एवं स्थलीय सत्यापन की कार्यवाही प्रचलन में है। अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
सीवरेज योजना के कार्य
[नगरीय विकास एवं आवास]
69. ( क्र. 1352 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अमृत मिशन एक तथा अमृत मिशन दो में विभिन्न शहरों की सीवरेज योजना के लिए कंसल्टेंट, पीडीएमसी, ठेकेदार के नाम तथा प्रत्येक योजना की निविदा में स्वीकृत लागत, सहित सूची प्रदान करें। कंसल्टेंट को प्रत्येक सीवरेज योजना के लिए कितना-कितना भुगतान राज्य स्तर पर, केंद्र स्तर पर या नगरीय निकाय द्वारा किया गया? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित सीवरेज योजना के लिए कंसल्टेंट का चयन किस प्रक्रिया से किया गया? जानकारी दस्तावेज सहित देवें तथा प्रत्येक योजना में कंसल्टेंट तथा नगरीय निकाय के बीच हुए अनुबंध की पुस्तिका की प्रति प्रदान करें। किस-किस शहर की सीवरेज योजना की डीपीआर में उल्लेखित कार्य की संख्या में कितना-कितना विचलन हुआ तथा उसके लिए किस-किस कंसल्टेंट पर क्या-क्या कार्रवाई की गई? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित सीवरेज योजना में सीवर लाइन को पानी की पाईपलाइन के समानांतर तथा क्रॉसिंग की स्थिति में पानी की पाईपलाइन के ऊपर या नीचे कितने गैप पर लगाए जाने का उल्लेख किस-किस शहर के अनुबंध में क्या-क्या किया गया है? (घ) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित सीवरेज योजना में कार्य पूर्ण करने की दिनांक क्या थी, कार्य किस दिनांक को पूर्ण हुआ, कार्यादेश किस दिनांक को दिया गया, डीपीआर अनुसार कितने भवनों को मकान की फ्रंट-लाइन तथा बैंक लाइन से जोड़ना था तथा कितने जोड़े गए? किस-किस क्षमता के कितने एसटीपी, मेनहोल, हाउस सर्विस चैंबर बनाने थे तथा कितने बनाए गए? कार्य पूर्ण होने के दिनांक बतावें। ठेकेदार को केंद्र, राज्य तथा नगरीय निकाय की राशि में से कितना-कितना भुगतान किया गया?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'अ' एवं 'ब' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'अ' एवं 'ब' अनुसार है। अनुबंध की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'स' अनुसार हैं। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'अ' एवं 'ब' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'द' एवं 'इ' अनुसार है।
टोल रोड पर गलत प्राक्कलन के कारण टोल वसूली
[लोक निर्माण]
70. ( क्र.
1353 ) श्री
प्रताप
ग्रेवाल : क्या
लोक निर्माण
मंत्री महोदय
यह बताने की कृपा
करेंगे कि (क) लेबड़
जावरा तथा
जावरा
नयागांव टोल
रोड पर गलत
प्राक्कलन के
आधार पर अवधि 25 वर्ष
तय करने तथा
लागत से 5-6 गुना वसूली
को लेकर
माननीय
सुप्रीम
कोर्ट में
लंबित पिटीशन
क्रमांक 22979/2022
में विभाग
द्वारा उत्तर
किस दिनांक को
दिया गया।
क्या सुनवाई
दिनांक 24/04/23 के बाद
नहीं हुई।
शासन द्वारा
शीघ्र सुनवाई
हेतु आवेदन
किस दिनांक को
लगाया गया? (ख) क्या प्रश्नांश
(क) में
उल्लेखित
पिटीशन में 33 माह
से सुनवाई
नहीं होने पर
भी शासन
द्वारा शीघ्र
सुनवाई का
आवेदन नहीं
लगाया गया।
क्या शासन
जनहित के
मुद्दे का
शीघ्र
निराकरण नहीं
चाहता है।
क्या शासन
सुनवाई लंबित
रखकर निवेशक
के हित का
संरक्षण कर
रहा है क्या
प्रश्नकर्ता के
अनुरोध पर
शासन माननीय
उच्चतम
न्यायालय में
शीघ्र सुनवाई
हेतु आवेदन
लगाएगा? यदि हाँ, तो कब
तक? (ग)
प्रदेश में
किस-किस
कैटेगरी की
सड़क पर मध्यप्रदेश
सड़क विकास
निगम द्वारा
टोल किस
दिनांक से क्यों
वसूला जा रहा
है। शासन
द्वारा
प्रत्येक सड़क
के लिए जारी
राजपत्र की प्रति
देवें। सड़क
अनुसार लंबाई, लागत
(शासन द्वारा
या पूर्व
निवेशक
द्वारा) रख-रखाव
तथा आर्थिक
प्रबंधन पर
एमपीआरडीसी
द्वारा
दिसंबर 2025 तक किया गया
व्यय तथा
दिसंबर 2025 तक कुल
वसूला गया टोल
की जानकारी
दें। (घ) प्रश्नांश
(ग) में
उल्लेखित टोल
रोड को छोड़कर
शेष टोल रोड पर
टोल प्रारंभ
से दिसंबर 25 तक
वसूले गए टोल
की सड़क
अनुसार
जानकारी दें तथा
बतावे कि
वसूला गया टोल
निवेशक की
लागत (ग्रांट
घटाने के बाद)
का कितना
प्रतिशत है। (ड.)
क्या शासन
भोपाल देवास, लेबर-जावरा
तथा
जावरा-नयागांव
टोल वसूली की
आधी अवधि में
लागत का 5 से 6
गुना टोल
वसूली की जांच
के लिए कोई
कमेटी बनाएगा? क्या
भोपाल बाईपास
की तरह इन
तीनों सड़क का
टोल अनुबंध
निरस्त कर
निवेशक को
निलंबित नहीं
कर सकता?
लोक
निर्माण
मंत्री ( श्री
राकेश सिंह ) : (क) दिनांक
18.05.2023।
जी हाँ। विभाग
द्वारा
शासकीय
अधिवक्ता, मान. उच्चतम
न्यायालय से
समय-समय पर
शीघ्र सुनवाई
हेतु चर्चा की
गई। (ख) लंबित
पिटिशन में
शीघ्र सुनवाई
हेतु शासकीय
अधिवक्ता को
मान.
उच्चतम न्यायालय
के समक्ष
शीघ्र सुनवाई
करने हेतु आवेदन
लगाने का
अनुरोध किया
गया है। जी
नहीं। शीघ्र
सुनवाई हेतु
अनुरोध किया
गया है। शेष
प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता। (ग)
जानकारी पुस्तकालय
में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार।
निगम द्वारा
टोल वसूली का
कार्य विभाग
के द्वारा
जारी
नोटिफिकेशन
के अनुसार
वसूला जा रहा
है। शासन
द्वारा प्रत्येक
मार्ग के लिए
जारी राजपत्र
की जानकारी
पुस्तकालय
में रखे परिशिष्ट-'1' अनुसार
है। शेष जानकारी
पुस्तकालय
में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार।
(घ)
जानकारी पुस्तकालय
में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार।
(ड.) प्रश्नांश-'क' के
परिप्रेक्ष्य
में प्रकरण
मान.
सर्वोच्च न्यायालय
में प्रचलित
है। शेष प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता।
पशुपालकों हेतु संचालित योजनाएं
[पशुपालन एवं डेयरी]
71. ( क्र.
1355 ) श्री
विवेक विक्की
पटेल : क्या
राज्य मंत्री, पशुपालन
एवं डेयरी
महोदय यह
बताने की कृपा
करेंगे कि (क) जिला
बालाघाट में
दुग्ध
उत्पादन
बढ़ाने की कौन-कौन
सी योजनाओं का
क्रियान्वयन
किया जा रहा
है? बालाघाट
जिले में वर्ष
2022-2023
से प्रश्न
दिनांक तक
विभाग द्वारा
संचालित
योजनाओं के
माध्यम से
पशुपालकों को
स्वरोजगार, दुग्ध
उत्पादन, नस्ल
सुधार, पशु
स्वास्थ्य
एवं बीमा
सुरक्षा जैसी
सुविधा
प्रदान की जा
रही है? यदि हां, तो इन
योजनाओं के
माध्यम से अब
तक बालाघाट
जिले में
कितने
हितग्राहियों
को लाभ
प्राप्त हुआ
है विधानसभा
क्षेत्रवार
विवरण उपलब्ध
करवाएं? (ख) विधानसभा
क्षेत्र 112 में
योजनाओं के
अंतर्गत लाभ
प्राप्त करने
वाले
पशुपालकों, महिला
स्व-सहायता
समूह एवं
ग्रामीण
हितग्राहियों
की संख्या एवं
उन्हें प्रदत
सुविधाओं का
विवरण ग्राम
पंचायतवार
उपलब्ध
करावें। (ग) प्रश्नांश
(क) में
संचालित
योजनाओं की
निगरानी हेतु
नियुक्त नोडल
अधिकारी/एजेंसियों
का नाम
कार्यक्षेत्र
एवं निरीक्षण
प्रगति की
जानकारी
उपलब्ध करावें।
राज्य
मंत्री, पशुपालन
एवं डेयरी (
श्री लखन पटैल
) : (क)
जानकारी पुस्तकालय
में रखे
परिशिष्ट ''अ'' अनुसार
है। जी हाँ। जानकारी
पुस्तकालय
में रखे
परिशिष्ट ''ब'' अनुसार
है। (ख)
विधानसभा
क्षेत्र 112-वारासिवनी
में वर्ष 2022-23
से अभी तक 29
पशुपालकों/ग्रामीण
हितग्राहियों
को पशुपालन
योजनाओं का
लाभ दिया गया
है जानकारी
पुस्तकालय
में रखे
परिशिष्ट ''स'' अनुसार
है, किसी
महिला स्व-सहायता
समूह को
योजनाओं का
लाभ नहीं दिया
गया है। (ग)
जानकारी पुस्तकालय परिशिष्ट ''द'' अनुसार
है।
निकायों में नियुक्तियों की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
72. ( क्र. 1356 ) श्री मधु भगत : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश की नगरीय निकायों में कर्मचारियों के कमी को दृष्टिगत रखते हुए नगरीय आवास एवं विकास विभाग के द्वारा म.प्र. नगरपालिका संविदा (अनुबंध तथा सेवा की शर्तें) सेवा 2021 नियम बनाये गये हैं, यदि हाँ, तो उक्त नियम के तहत प्रदेश में किन-किन निकायों में कितनी-कितनी नियुक्तियां की गई हैं निकायवार जानकारी देवें? (ख) संविदा पर नियुक्ति कर्मचारियों के वेतन निर्धारण के संबंध में मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय के आदेश क्रं.सी- 5-2/2018/1/3 भोपाल दिनांक 22.07.2023 के द्वारा निकायों में कार्यरत कर्मचारियों के वेतनमान के पुनर्निर्धारण के निर्देश दिए गये हैं यदि हाँ, तो निकायवार जानकारी दी जावें? (ग) यदि नहीं, तो शासन के प्रश्नांश (ख) में वर्णित आदेश का पालन किया गया हैं, यदि हाँ, तो जानकारी देवें यदि नहीं, तो आदेश का पालन ना करने का कारण बताये और दोषियों के विरूद्ध आदेश ना पालन करने पर क्या कार्यवाही की गई?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। समस्त संभागीय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार एवं समस्त नगर पालिक निगम की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय के परिपत्र क्रमांक सी-5-2/2018/1/3 भोपाल दिनांक 22 जुलाई 2023 के कंडिका 4 अंतर्गत संविदा अधिकारियों/कर्मचारियों के पारिश्रमिक का पुनर्निर्धारण एवं वार्षिक वृद्धि के संबंध में निर्देश दिये गये है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' एवं ''ब'' अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' एवं ''ब'' अनुसार है।
त्रुटिपूर्ण जानकारी का प्रकाशन
[लोक निर्माण]
73. ( क्र. 1360 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा बजट सत्र 2025-26 में लोक निर्माण विभाग की मांग संख्या 24 के अंतर्गत नीमच विधानसभा की 4 सड़कें पुस्तिका में दो बार अंकित हो गई थी? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो प्रश्नकर्ता विधायक ने इस संबंध में विभाग को कब-कब पत्र प्रेषित किए? विभाग द्वारा उन पर क्या कार्यवाही की गई? जानकारी दें। (ग) उक्त पुनरावृत्ति हुई चार सड़कों के स्थान पर प्रश्नकर्ता विधायक द्वारा विभाग को दी गई नवीन सड़कों की स्वीकृति कब तक प्राप्त हो जाएगी? समय-सीमा बताएं।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) इस संबंध में माननीय विधायक महोदय नीमच द्वारा पत्र क्रमांक 286/2025-26 नीमच, दिनांक 11.12.2025 प्राप्त हुए है। पत्र में उल्लेखित मार्गों का परीक्षण किया गया। उक्त कार्य वर्तमान में किसी भी योजना में ना तो स्वीकृत है एवं ना ही प्रस्तावित है। (ग) नवीन सड़क निर्माण कार्य वर्तमान में बजट में ना ही सम्मिलित है एवं ना ही प्रस्तावित है। अतः स्वीकृति हेतु समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।
कार्यरत आऊटसोर्स कार्मिकों की जानकारी
[ऊर्जा]
74. ( क्र. 1362 ) श्री विवेक विक्की पटेल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अंतर्गत में कार्यरत आऊटसोर्स कार्मिकों के कार्य करने की कितनी उम्र तय की गई है? यदि नहीं, तो क्यों और कब तक तय की जावेगी? यदि तय की गई है तो कितनी उम्र तक कार्य करने का प्रावधान है श्रम विभाग का परिपत्र उपलब्ध कराएं। (ख) म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड अंतर्गत में आऊटसोर्स कार्मिक के रूप में विभिन्न पद पर लगातार 3 वर्ष, 5 वर्ष, 7 वर्ष, 10 वर्ष एवं उससे अधिक समय से कार्य करने वाले कार्मिकों की पदोन्नति के क्या प्रावधान है? आदेश की प्रति उपलब्ध करावें? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड में महिला आऊटसोर्स कार्मिक को मातृत्व अवकाश के क्या प्रावधान हैं? (घ) म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड में आऊटसोर्स कर्मचारी को 50 वर्ष की उम्र पूर्ण होने पर कार्य से पृथक किए जाने का प्रावधान है यदि हाँ, तो क्यों? यदि नहीं, तो कितने वर्ष की आयु पूर्ण करने पर कार्य से पृथक किए जाने का प्रावधान है? विस्तृत विवरण देवें?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड अंतर्गत आऊटसोर्स कार्मिकों के नियोजन संबंधी निविदा में निहित प्रावधान अनुसार बाह्य स्त्रोत सेवा प्रदाता फर्म के माध्यम से आऊटसोर्स कार्मिकों का नियोजन अधिकतम 03 वर्ष के लिये किया जाता है। निविदा में निहित शर्तों के अनुसार आऊटसोर्स कार्मिकों के प्रथम नियोजन हेतु न्यूनतम 18 वर्ष एवं अधिकतम 45 वर्ष की आयु सीमा निर्धारित है। पूर्व से कार्यरत आऊटसोर्स कार्मिकों को उनके अनुभव के बराबर अधिकतम आयु सीमा में 05 वर्ष की शिथिलता प्रदान की जाती है। श्रम विभाग के परिपत्र की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अंतर्गत आऊटसोर्स कार्मिकों का नियोजन बाह्य स्त्रोत सेवा प्रदाता फर्म के माध्यम से किया जाता है। उल्लेखनीय है कि आऊटसोर्स कार्मिक विद्युत कंपनी के कर्मचारी नहीं होते हैं, अपितु बाह्य स्त्रोत सेवा प्रदाता फर्म के कार्मिक होते हैं, अत: आऊटसोर्स कार्मिकों को म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा पदोन्नत किये जाने का प्रश्न नहीं उठता है। (ग) म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में बाह्य स्त्रोत सेवा प्रदाता एजेंसी के माध्यम से नियोजित महिला आऊटसोर्स कार्मिकों को मातृत्व अवकाश की पात्रता है। (घ) जी नहीं, उत्तरांश (क) के अनुसार म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में कार्यरत आऊटसोर्स कार्मिकों के नियोजन हेतु आयु सीमा एवं बाह्य स्त्रोत सेवा प्रदाता फर्म के अनुबंध के आधार पर कार्य करने की अधिकतम आयु सीमा निर्धारित है।
भोपाल सिटी में बसों का संचालन
[नगरीय विकास एवं आवास]
75. ( क्र. 1365 ) श्री चैन सिंह वरकड़े : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) BCLL के अंतर्गत विभिन्न NIT क्रमांक 41, 43, 121, 122 एवं 153 के तहत अनुबंधित ऑपरेटरों के पास वर्तमान में कुल कितनी बसें उपलब्ध हैं और उनमें से कितनी बसें वर्तमान में सड़कों पर संचालित हो रही हैं? क्या उपरोक्त एन.आई.टी. के अंतर्गत कुछ बसें वित्तीय कंपनियों द्वारा किश्त न चुका पाने के कारण जब्त कर ली गई हैं? यदि हां, तो ऑपरेटरवार जब्त बसों की संख्या कितनी है? (ख) उपरोक्त ऑपरेटरों को कितनी-कितनी बसों पर, किस-किस दिनांक को कितनी-कितनी राशि VGF के रूप में प्रदान की गई है? क्या VGF की राशि प्राप्त करने के उपरांत भी कई ऑपरेटरों द्वारा बसों का संचालन नहीं किया जा रहा है? यदि हाँ, तो अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करने पर BCLL द्वारा संबंधित ऑपरेटरों के विरूद्ध अब तक क्या कार्यवाही की गई है? यदि अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई, तो कब तक की जावेगी? (ग) क्या BCLL उन ऑपरेटरों से VGF की राशि ब्याज सहित वसूल करेगी जिन्होंने बसें खड़ी कर दी हैं? क्या उन अधिकारियों पर भी कार्यवाही होगी जिन्होंने बसें सड़कों पर न होने के बावजूद VGF राशि का भुगतान जारी रखा? BCLL की 42वीं बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक के एजेंडा और minutes की छायाप्रति प्रदान करें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट –1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–2 अनुसार है। अंशत: जी हां। अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करने पर बी.सी.एल.एल. द्वारा समय-समय पर बस ऑपरेटरों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किये गए हैं, VGF भुगतान राशि में कटौती कर शेष भुगतान बस ऑपरेटरों को किया गया हैं तथा पेनाल्टी का भी समायोजन किया गया है। निविदा अवधि प्रचलन में होने से कार्यवाही निरंतर जारी है। (ग) गुण-दोष के आधार पर निर्णय लिया जाता है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – 3 अनुसार है।
भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड की निविदाओं की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
76. ( क्र. 1366 ) श्री चैन सिंह वरकड़े : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) एनआईटी 147 के तहत कितने बस स्टॉप बनने थे, कितने बने? बीसीएलएल को इस निविदा में टेंडर के आधार पर किस मद में कितनी राशि प्राप्त होनी थी, कितनी प्राप्त हुई? बस स्टॉप जो बने और जो नहीं बने, उनके विवरण का गौशवारा बनाकर प्रदाय करें। यदि राशि कम प्राप्त हुई तो कौन दोषी है? किस संविदा कर्मचारी की कार्य प्रणाली में यह काम शामिल था? कृपया उनका नाम और पद बताएं। (ख) पत्र क्र. PA-TNCP/HM Date 01.09.2025 Indian Audit & Accounts Department, To : मुख्य कार्यपालन यंत्री, बीसीएलएल क्या इस पत्र पर विभाग द्वारा जवाब दिया गया? हाँ अथवा नहीं? (ग) NIT 31/32 में कितनी एडजस्टिबल सिक्यूरिटी डिपॉजिट जमा की गई थी और कितनी वापिस की गई, का गौशवारा बनाकर प्रदाय करें। वापस करने की क्या प्रक्रिया है? कृपया स्पष्ट करें। 2021 से बीसीएलएल विभाग द्वारा जीपीएस सॉफ्टवेयर के लिए कोई निविदा जारी नहीं की गई तो सफल निविदाकारों को 2021 से विज्ञापन का भुगतान किस आधार पर होता है? पूरी प्रक्रिया बताएं। 2021 से किस सफल निविदाकार को इस मद में कितना भुगतान हुआ? इसका गौशवारा बनाकर प्रदान करें। (घ) भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के निविदा 78 में की गई अनियमितता पर कार्यालय प्रधान महालेखाकार (लेखा परीक्षा-1) मध्यप्रदेश का पत्र दिनांक 18/12/2023 की सत्यापित छायाप्रति एवं इस पर भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के विरूद्ध जो ऑडिट ऑब्जेक्शन्स या सवाल पत्र एवं ई-मेल के माध्यम से दिए गए, उनकी सत्यापित छायाप्रति प्रदान करें। उपरोक्त पर विभाग द्वारा दिए गए जवाब की छायाप्रति प्रदान करें। इससे संबंधित विभाग द्वारा प्रश्न दिनांक तक किए गए समस्त पत्राचार की सत्यापित छायाप्रति प्रदान करें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) एनआईटी 147 के तहत 101 बस स्टॉप बनने थे, वर्त्तमान में 79 बस स्टॉप बन चुके हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। अनुबंध की अवधि प्रचलन में है एवं राशि प्राप्त किये जाने की कार्यवाही निरंतर प्रक्रियाधीन है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। बसों के संचालन की सत्यता संबंधित बस ऑपरेटर/एजेंसी द्वारा helpdesk.bcll gmail.com पर जानकारी प्रस्तुत की जाती है, जिसका विभाग के कर्मचारियों द्वारा परीक्षण किया जाता है। बसों पर विज्ञापन करने वाली एजेंसी द्वारा भी बसों के संचालन संबंधी जानकारी की पुष्टि किये जाने पर अनुबंधानुसार संबंधित बस ऑपरेटरों को विज्ञापन अंश की राशि का भुगतान किया जाता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है। (घ) कार्यालय प्रधान महालेखाकार मध्य प्रदेश द्वारा जांच की कार्यवाही की अंतिम रिपोर्ट प्राप्त न हो पाने के कारण संबंधित दस्तावेज प्रदत्त किया जाना संभव नहीं है।
अनियमितताओं की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
77. ( क्र. 1369 ) श्री सुरेन्द्र सिंह हनी बघेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पत्र क्रमांक BCLL/BPL/MORTH/ITMS/2025/7814-7815 (दिनांक 17-10-2025) में इस बात का उल्लेख क्यों नहीं किया गया कि शहर में केवल 40-50 बसें ही संचालित हैं? इसका स्पष्ट कारण बताएं। क्या NIT 183 के लिए MORTH द्वारा स्वीकृत राशि लैप्स हो गई है? हाँ अथवा नहीं में उत्तर दें। यदि राशि लैप्स हो गई है, तो NIT 183 को किस आधार पर वर्तमान में प्रचलित/जारी रखा गया है? इसका स्पष्ट कारण बताएं। इस पत्र के जारी होने के बाद भी NIT 183 के तहत अब तक कितनी राशि का भुगतान किया जा चुका है? भुगतान से संबंधित सभी नोटशीट की छायाप्रति उपलब्ध कराएं और यह भुगतान क्यों किया गया, इसका कारण स्पष्ट करें। (ख) पत्र क्र. BCCL/BPL/2024/6022-6023 दिनांक 24/09/24 इसमें निविदाकार को ब्लैकलिस्टेड किया गया है, राशि रू. 1,20,70,854 विभाग को विलम्ब से जमा की तो विभाग द्वारा निविदाकार पर Penalty भी नहीं लगाई एवं कोई कार्यवाही क्यों नहीं की गई, कारण सहित स्पष्ट करें। क्या पेनाल्टी न लगाने से विभाग/शासन को आर्थिक क्षति हुई? हाँ अथवा नहीं? इस विलम्ब और शासन/विभाग को आर्थिक क्षति के लिए कौन अधिकारी जिम्मेदार है? नाम बताएं। (ग) बीसीएलएल के अधिकारी/कर्मचारी एवं निविदाओं के विरूद्ध 1 जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक Court, लोकायुक्त, ई.ओ.डब्ल्यू. से प्राप्त cases, notices एवं पत्रों की एवं विभाग द्वारा उपरोक्त पर दिए गए जवाब की सत्यापित छायाप्रति प्रदान करें। उपरोक्त का गोशवारा प्रदान करें। 1 जनवरी 2026 से प्रश्न दिनांक तक कितनी आरटीआई प्राप्त हुई, कितनी आरटीआई का जवाब दिया गया, कितनी में जवाब नहीं दिया गया एवं लोक सूचना अधिकारी का नाम का गौशवारा बनाकर जानकारी प्रदान करें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) MORTH द्वारा स्वीकृत इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (आई.टी.एम.एस.) प्रोजेक्ट की कार्य प्रगति सम्बन्धी जानकारी चाही गई थी जो कि प्रश्न में अंकित पत्र के माध्यम से प्रेषित की गई थी। अन्य कोई जानकारी अपेक्षित नहीं थी। जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। दिनांक 17-10-2025 के बाद जनवरी 2026 तक राशि रूपये 82,93,552/- का भुगतान एजेंसी को किया गया है। NIT 183 में अनुबंध के प्रावधानानुसार सक्षम स्वीकृति उपरांत भुगतान सम्बन्धी कार्यवाही की गई है। भुगतान से संबंधित नोटशीट की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) राशि रू. 1,20,70,854/- विलम्ब से जमा किये जाने पर विभाग द्वारा संबंधित एजेंसी पर पेनाल्टी अधिरोपित की गई है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है।
ठेकेदार एवं अधिकारियों द्वारा आर्थिक अनियमितता करना
[नगरीय विकास एवं आवास]
78. ( क्र. 1370 ) श्री सुरेन्द्र सिंह हनी बघेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता की विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नगर परिषद कुक्षी में वार्ड क्र. 3 में माह जून 2023 में निविदा जारी की गई जिसमें विद्युतीकरण कार्य ट्रांसफार्मर स्थापित करने का कार्य किया जाना था? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार यदि हाँ, तो उक्त कार्य की समयावधि क्या 3 माह दी गई थी यदि हाँ, तो कार्य कितने समय में पूर्ण किया गया उसका क्या कारण रहा? (ग) क्या उक्त कार्य में ट्रांसफार्मर एवं अन्य जिस सामग्री का उपयोग किया गया वह गुणवत्ताविहीन सामग्री से किया गया? उक्त स्थान पर कितने पोल लगाये जाने थे? निर्माण कार्य में मात्र 6 पोल ही लगाए गए और उसमें केबल भी नहीं लगाई क्यों? (घ) क्या नगर परिषद के अधिकारियों की मिली भगत से भुगतान भी स्वीकृत करवा लिया गया है, क्या पूर्व में परिषद के द्वारा कई ठेकेदारों को समयावधि में कार्य पूर्ण नहीं करने पर ब्लैक लिस्टेड की कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो उक्त ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड क्यों नहीं किया गया और यहां का ट्रांसफार्मर संशोधित होकर मालपुरा आदिवासी फल्या में स्थापित करना था? उसके विपरित यह ट्रांसफार्मर नगर परिषद के प्रांगण में स्थापित कर दिया गया है? क्या शासन स्तर पर इसकी जांच करवा कर दोषियों पर कार्यवाही की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। स्थल विवाद होने एवं ठेकेदार को भुगतान न होने से कार्य अपूर्ण है। (ग) जी नहीं। 08 पोल लगाये जाने थे, परन्तु स्थल विवाद होने के कारण 06 पोल ही लगाये जा सके है, जिससे केबल भी नहीं लगायी गयी है। (घ) जी नहीं, जी हाँ। प्रश्नांकित कार्य में स्थल विवाद होने से कार्य पूर्ण नहीं कराया जा सका है, स्थल विवाद होने से विलंब के कारण ठेवेपुर को ब्लैक लिस्ट नहीं किया गया, जी नहीं। प्रश्नांकित कार्य में 03 ट्रांसफार्मर कन्या स्कूल के सामने, तलावडी रोड़ एवं नगरपालिका के सामने स्थापित किये जाने थे जिसमें नगरपालिका के सामने वन विभाग की भूमि होने से आपत्ति आने पर यह ट्रांसफार्मर नगर परिषद कार्यालय प्रांगण में सक्षम स्वीकृति उपरांत स्थापित किया गया है। उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
कोयला परिवहन की जानकारी
[ऊर्जा]
79. ( क्र. 1381 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश की म.प्र.पा.ज.कंपनी अंतर्गत किन-किन ताप विद्युत गृहों में निजी फर्मों से रोड (ट्रक/डम्पर) तथा रेलवे के माध्यम से कोयला परिवहन कराया जा रहा है? (ख) वर्ष 2018-2019 से प्रश्न दिनांक तक रोड एवं रेलवे माध्यम से वर्षवार कितने-कितने टन कोयला खदानों से ताप विद्युत गृहों तक परिवहन किया गया तथा प्रतिदिन परिवहन की निर्धारित दरें क्या रहीं? (ग) उक्त अवधि में कोयला परिवहन हेतु निजी फर्मों के चयन के लिए आमंत्रित समस्त निविदाओं से संबंधित पी.क्यू.आर. (प्रारंभिक अर्हता) तथा जारी किए गए सभी कार्यादेश (एल.ओ.आई.) की प्रमाणित छायाप्रतियाँ उपलब्ध कराएं?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) ताप विद्युत गृहों में निजी फर्मों द्वारा रोड मोड एवं आर.सी.आर. (रोड कम रेल) मोड द्वारा कोयले का परिवहन किया जाता है। रेल मोड द्वारा कोयले का परिवहन सीधे कोयला कंपनी द्वारा किया जाता है। तदनुसार वर्तमान में रेल मोड के अलावा तीन ताप विद्युत गृहों यथा-संजय गांधी ताप विद्युत गृह, बिरसिंहपुर, श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह, खण्डवा एवं सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी में क्रमश: आर.सी.आर. (रोड कम रेल) तथा रोड़ के माध्यम से निजी फर्मों द्वारा कोयला परिवहन किया जा रहा है। (ख) वर्ष 2018-19 से प्रश्न दिनांक तक रोड एवं रेलवे के माध्यम से कोयला खदानों से ताप विद्युत गृहों तक वर्षवार परिवहन किए गए कोयले एवं प्रतिदिन परिवहन की निर्धारित दरें नहीं, अपितु प्रति मीट्रिक टन कोयला परिवहन की दरों संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित अवधि में कोयला परिवहन हेतु कंपनी मुख्यालय एवं विद्युत गृहों यथा - संजय गांधी ताप विद्युत गृह, बिरसिंहपुर एवं सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी द्वारा निजी फर्मों के चयन के लिए आमंत्रित समस्त निविदाओं से संबंधित प्रारंभिक अहर्ता (पी.क्यू.आर.) तथा जारी किए गए सभी कार्यादेशों (एल.ओ.आई.) की प्रमाणित छायाप्रतियाँ क्रमश: पुस्तकालय में रखे परशिष्ट के प्रपत्र-'ब', प्रपत्र-'स' एवं प्रपत्र-'द' अनुसार है।
जल विद्युत इकाइयाँ के टूट-फूट/तकनीकी खराबी
[ऊर्जा]
80. ( क्र. 1382 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जल विद्युत गृह सिरमौर में 105 मेगावॉट क्षमता की कुल तीन इकाइयाँ क्रमशः इकाई क्रमांक 1, 2 एवं 3 स्थापित हैं, जिनकी कुल स्थापित क्षमता 315 मेगावॉट है? यदि हाँ, तो वर्ष 2021 से प्रश्न दिनांक तक उक्त तीनों जल विद्युत इकाइयाँ टूट-फूट/तकनीकी खराबी के कारण सुधार एवं रख-रखाव हेतु कितने-कितने दिन बंद रहीं? कृपया वर्ष 2021 से प्रश्न दिनांक तक इकाईवार एवं वर्षवार बंद रहने की अवधि का विवरण प्रदान किया जाए। (ख) उक्त अवधि में तीनों इकाइयों के बंद रहने के दौरान किन-किन पार्ट्स में किस प्रकार की तकनीकी खराबी (फॉल्ट) पाई गई? फॉल्ट सुधार एवं रख-रखाव हेतु जारी किए गए समस्त आदेशों की छायाप्रतियाँ उपलब्ध कराई जाए। साथ ही वर्ष 2021 से प्रश्न दिनांक तक उक्त तीनों इकाइयों से इकाईवार विद्युत उत्पादन में कितने-कितने मिलियन यूनिट की गिरावट आई, इसका विस्तृत विवरण भी उपलब्ध कराया जाए।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ, म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी अंतर्गत टोंस जल विद्युत गृह, सिरमौर में 105 मेगावाट क्षमता की कुल तीन इकाइयाँ (3X105 मेगावाट) हैं, जिनकी कुल स्थापित क्षमता 315 मेगावाट है। वर्ष 2021 से प्रश्न दिनांक तक उक्त तीनों इकाइयों के टूट-फूट/तकनीकी खराबी के कारण रख-रखाव हेतु बंद रहने की इकाईवार/वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित अवधि में टोंस जल विद्युत गृह, सिरमौर की तीनों इकाईयों के बंद रहने के दौरान पाई गई तकनीकी खराबी (फॉल्ट) की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। फॉल्ट सुधार एवं रख-रखाव हेतु जारी किए गए समस्त कार्योदेशों की छायाप्रतियाँ पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है। वर्ष 2021-22 से वर्ष 2025-26 (31 जनवरी, 2026 तक) तक उक्त तीनों इकाईयों से इकाईवार विद्युत उत्पादन की तुलनात्मक जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'स' अनुसार है।
ग्वालियर एवं शिवपुरी जिले की नगर परिषदों में भ्रष्टाचार
[नगरीय विकास एवं आवास]
81. ( क्र. 1387 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले की नगर परिषद भितरवार, आतरी एवं मोहना और शिवपुरी जिले की नगर परिषद पोहरी एवं मगरौनी में कुल कितने कर्मचारी कार्यरत है इनमें से कितने वाहन चालक हैं तथा निकाय में कुल कितने वाहन है कितने खराब है, कितने चालू हैं एवं वर्तमान में कितने वाहनों का इस्तेमाल किया जाता है? (ख) नव गठित नगर परिषद मोहना जिला ग्वालियर एवं नगर परिषद पोहरी तथा मगरौनी जिला शिवपुरी में गठन से 31 मार्च 2025 तक डीजल/पेट्रोल पर कितने रूपये का भुगतान किस फर्म को किया गया है तथा कितने वाहन चलते थे तथा 01 अप्रैल 2024 से प्रश्न दिनांक तक डीजल/पेट्रोल पर कितने रूपये का भुगतान किस फर्म को किया गया है तथा कितने वाहन वर्तमान में चलते हैं बिन्दुवार जानकारी एवं सभी वाहनों की लॉगबुक की प्रति उपलब्ध करावें। (ग) नगर परिषद मोहना एवं पोहरी तथा मगरौनी में हर माह डीजल पेट्रोल के क्रय पर लगभग 02 से 03 लाख रूपये का बिल भुगतान कर भ्रष्टाचार किया गया है। यदि हाँ, तो इसके लिए कोई जांच समिति का गठन किया गया है नहीं तो क्यों क्या इनको वैध ठहराने के लिए फर्जी लॉगबुक तैयार करायी गयी है? (घ) यदि हाँ, तो ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्यवाही अब तक क्यों नहीं की गई है? यदि नहीं, तो क्यों यदि हाँ, तो कब तक जवाब देवें?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) नहीं होता। जी नहीं। इस संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं होने से शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
म.प्र. में लोक निर्माण विभाग में पद स्वीकृति की जानकारी
[लोक निर्माण]
82. ( क्र. 1388 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में लोक निर्माण विभाग में कितने प्रमुख अभियन्ता, मुख्य अभियन्ता, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री के पद स्वीकृत हैं तथा कितने पद भरे हुए हैं और कितने पद खाली हैं तथा किन-किन पदों पर पद विरूद्ध प्रभारी के रूप में संभागों में पदस्थी हैं? गौशवारा सहित जानकारी दें। (ख) पद विरूद्ध उच्च पदों पर प्रभारी के रूप में पदस्थी अनुसार म.प्र. लोक निर्माण विभाग में उपलब्ध किस विधि के तहत उन्हें प्रभारी के रूप में पदस्थ किया गया है? अगर कोई नियम हैं या शासन के निर्देश हैं, तो सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) लोक निर्माण विभाग में विगत 5 वर्षों से प्रश्नांश (क) अनुसार कितने स्वीकृत मूल पद खाली हैं, उन्हें आज तक निर्धारित योग्यतानुसार क्यों नहीं भरा जा सका? इसके लिए कौन दोषी है? अगर हाँ तो शासन द्वारा उन लोगों के खिलाफ अभी तक की गई कार्यवाही से अवगत करावें। (घ) विभाग द्वारा वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में म.प्र. के संभागों को मरम्मत, विशेष मरम्मत कार्य भवन/आवास/क्षतिग्रस्त सड़कों के रख-रखाव पर कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई? आवंटन के विरूद्ध संभागों द्वारा कितनी राशि का उपयोग किया गया? संभागवार गौशवारा में जानकारी दें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार। (ख) विभागीय ज्ञाप दिनांक 22/07/2004 अनुसार। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ के कॉलम 9 अनुसार। मान. सर्वोच्च न्यायालय, दिल्ली के समक्ष पदोन्नति के संबंध में दायर विशेष अनुमति याचिका विचाराधीन होने के कारण पदोन्नति के पद नहीं भरे जा सके हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार।
रेलवे लाइन पर ओवर ब्रिज निर्माण
[लोक निर्माण]
83. ( क्र. 1392 ) श्री अनिल जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या झांसी-मानिकपुर रेलवे लाइन पर स्थित निवाड़ी रेलवे फाटक पर ओव्हर ब्रिज निर्माणाधीन है यदि हाँ, तो कार्य की लागत, निर्माण एजेन्सी का नाम, अनुबंध की तिथि सहित संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित निर्माणाधीन कार्य की गुणवत्ता का कब-कब परीक्षण किया गया बतावें? साथ ही यह बतावें की ब्रिज के निर्माण की क्या समय-सीमा थी। यदि उक्त ब्रिज का निर्माण कार्य समय-सीमा में नहीं किया जाता है तो क्या कार्य एजेंसी के विरूद्ध क्या कार्यवाही प्रस्तावित की जावेगी बतावें। (ग) क्या झांसी-मानिकपुर रेलवे लाइन पर स्थित निवाड़ी रेलवे फाटक पर निर्माणाधीन ओव्हर ब्रिज पर तीसरे लेग के लिए बजट स्वीकृत कर दिया गया है यदि हाँ, तो उक्त कार्य के निर्माण के लिए कब तक निविदा जारी की जाकर कार्य प्रारंभ किया जावेगा?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ, जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के स्तंभ 6, 8 एवं 9 के अनुसार है। (ग) जी हाँ। कार्य वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में शामिल है। प्रशासकीय स्वीकृति अप्राप्त, अतः निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
मार्ग व पुल का निर्माण
[लोक निर्माण]
84. ( क्र. 1393 ) श्री अनिल जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या निवाड़ी विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत ग्राम जनौली-चंदावनी मार्ग में पड़ने वाली कनेर नदी पर पुल निर्माण न होने से वर्षा काल में ग्रामीणजनों को अत्याधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है? यदि हाँ, तो उक्त मार्ग पर स्थित कनेर नदी पर पुल निर्माण कराये जाने की कार्यवाही कब तक की जावेगी? (ख) क्या निवाड़ी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम चचावली से घांघरी उत्तर प्रदेश सीमा तक पक्का मार्ग निर्माण न होने से करीब 10 गांवों के ग्रामवासियों को अन्य लम्बे रास्तों से आना जाना पड़ता है? जिस कारण उन्हें अत्याधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यदि हाँ, तो उक्त मार्ग निर्माण के लिये कब तक कार्यवाही की जावेगी?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। प्रश्नाधीन पुल कार्य प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के मार्ग पर स्थित है। वर्तमान में उक्त कार्य किसी भी योजना में सम्मिलित नहीं है, न ही प्रस्तावित है। अतः निर्माण की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ। वर्तमान में यह मार्ग लोक निर्माण विभाग की पुस्तिका में अंकित नहीं है। यह मार्ग नवीन मार्ग है, जो वर्तमान में किसी भी योजना में सम्मिलित नहीं है। अतः निर्माण की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
ग्रामीण क्षेत्र में विद्युतीकरण कार्य
[ऊर्जा]
85. ( क्र. 1395 ) श्री अनिल जैन : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या निवाड़ी विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत विभिन्न मजरा, खिरक, टोलों पर विद्युत आपूर्ति के लिये खम्भों तथा ट्रांसफार्मर लगाये जा रहे है यदि हाँ, तो उक्त कार्य किस योजना के तहत किया जा रहा है? (ख) प्रश्नांश (क) के सदंर्भ में उक्त कार्य किस-किस ग्राम के मजरा, खिरक, टोलों पर कराया जा रहा है, ग्रामवार, कार्यवार, राशिवार जानकारी देवें। उक्त कार्य के लिए चयनित किये गये मजरा, खिरक, टोलों का चयन किन मापदण्डों के तहत किया गया है? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में क्या जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों को भी इस योजना के तहत शामिल किया गया है, यदि हाँ, तो संपूर्ण जानकारी देवें? (घ) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में मजरा, खिरक, टोलों पर विद्युत आपूर्ति के लिये लगाये जा रहे खम्भों तथा ट्रांसफार्मर का भौतिक सत्यापन कब-कब और किसके द्वारा किया गया है?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ। विधानसभा क्षेत्र निवाड़ी अन्तर्गत वर्तमान में संचालित केन्द्र शासन के धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा चयनित जनजातीय बाहुल्य ग्रामों (500 या अधिक की आबादी वाले और कम से कम 50 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति वाले ग्राम तथा आकांक्षी जिलों में 50 या अधिक अनुसूचित जनजाति आबादी वाले ग्राम) में अविद्युतीकृत जनजातीय घरों के विद्युतीकरण का कार्य किया जा रहा है। (ख) धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र निवाड़ी में किये जा रहे कार्यों की ग्रामवार, कार्यवार एवं राशिवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र–'अ' अनुसार है। उक्त ग्रामों का चयन धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा किया गया है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ग्रामों/मजरों/टोलों का चयन किया गया है, जिसकी प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र–'ब' अनुसार है। (ग) जी नहीं, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत ग्रामों का चयन जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों अनुसार नहीं, अपितु जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा किया गया है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। (घ) विधानसभा क्षेत्र निवाड़ी सहित जिला टीकमगढ़ में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत विद्युतीकरण हेतु खम्भों/पोलों तथा वितरण ट्रांसफार्मर स्थापना का कार्य म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा एस.टी.एम.–एस.टी.सी. संभाग टीकमगढ़ के माध्यम से करवाया जा रहा है। वर्तमान में कार्य प्रगति पर है। जिसका निरीक्षण समय-समय पर एस.टी.एम.–एस.टी.सी. संभाग टीकमगढ के अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है। कार्य पूर्ण होने के उपरांत भौतिक सत्यापन उक्त संबंधित अधिकारियों द्वारा किया जाना प्रावधानित है।
दमोह जिले की न.पा. हटा की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
86. ( क्र. 1401 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह जिले की न.पा. हटा के द्वारा वार्ड क्रमांक 09 चण्डी जी वार्ड में शेखर खटीक के मकान से दीपक खटीक के मकान तक नाली एवं सी.सी. रोड निर्माण कार्य की ई-निविदा जारी की गई थी। क्या व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ ई-निविदा में एकल निविदा में प्राप्त दर को स्वीकृत किया जाने का प्रावधान है? नियम की प्रति उपलब्ध करायें। (ख) क्या पी.आई.सी. की बैठक दिनांक 05.01.2026 के प्रस्ताव क्र. 41 ई-निविदा से प्राप्त दर को यह कहकर निविदा निरस्त कर दी कि एकल निविदा है? (ग) क्या मुख्य नगरपालिका अधिकारी हटा के द्वारा पुनः विचार हेतु पी.आई.सी. को प्रस्ताव वापिस किया गया है। पी.आई.सी. द्वारा प्रस्ताव पर पुनः विचार किया गया हाँ या नहीं यदि नहीं, तो क्यो पुनः विचार नहीं किये जाने पर पी.आई.सी. के विरुद्ध क्या कार्यवाही कब तक की जावेगी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हां। जी हां। नियम की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हां। (ग) जी हाँ। मुख्य नगर पालिका अधिकारी हटा द्वारा अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद के समक्ष प्रस्ताव पुनः विचार हेतु प्रस्तुत किया गया है। वर्तमान में प्रकरण विचाराधीन होने से शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
विद्युत उत्पादन केन्द्रों द्वारा कोयला क्रय
[ऊर्जा]
87. ( क्र. 1404 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के चचाई ATPS, चीर सिंहपुर SGTPS, डोंगलिया SSTPP, सारणी STPS थर्मल पावर हाउस ने किस-किस कंपनी से, कितनी मात्रा में, किस दर से, कुल कितनी राशि का कोयला 2020-21 से 2025-26 (दिस.) तक खरीदा? वर्षवार जानकारी तथा जारी किए गए डेबिट-क्रेडिट नोट्स का विवरण दें। (ख) टेंडर ID क्रमांक 2024_MPPGC_372512_1 एवं 2024_MPPGC_372501_1 के अंतर्गत हसदेव एरिया की Khurja UG, Haldibadi UG एवं Behraband Mines से RCR Mode के माध्यम से संजय गांधी ताप विद्युत गृह हेतु जारी किए गए ट्रांसपोर्टरों के कार्यादेश की प्रतियाँ दें। (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्लिखित कार्यादेश के अंतर्गत आज दिनांक तक कोयला परिवहन हेतु SECL से प्राप्त DO को जिन-जिन ट्रांसपोर्टरों को आवंटित किया गया उनके नाम बतावें तथा पत्र की प्रति दें एवं GPS मॉनिटरिंग हेतु नियुक्त एजेंसी के आदेश की प्रति दें। (घ) BBSB Siding पर कोयले की गुणवत्ता जांच हेतु दौरा करने वाले अधिकारियों के यात्रा प्रतिवेदन की प्रति दें। कार्यादेश के तहत आज दिनांक तक SGTPP को प्राप्त कोयले की Rake के RR, कोयला रखने हेतु रेलवे से प्राप्त अनुमति पत्र और साइडिंग पर रखे कोयले की गुणवत्ता परीक्षण की रिपोर्ट की प्रतियाँ देंवे।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी अंतर्गत अमरकंटक ताप विद्युत गृह, चचाई (ATPS, चचाई) संजय गांधी ताप विद्युत गृह, बिरसिंहपुर (SGTPS बिरसिंहपुर), श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना, डोंगलिया (SSTPP डोंगलिया) एवं सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी (STPS सारनी) में वर्ष 2020-21 से 2025-26 (दिसम्बर-2025 की स्थिति में) तक क्रय किए गए कोयले की मात्रा/दर/राशि संबंधी कंपनीवार जानकारी का वर्षवार विवरण जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। उक्त अवधि में जारी किए गए डेबिट-क्रेडिट नोट्स का विवरण जानकारी पुस्तकालय में रखे परशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है। (ख) टेंडर आई.डी. क्रमांक- 2024_ MPPGC_372512_1 एवं 2024_MPPGC_372501_1 के अंतर्गत हसदेव एरिया की खुर्जा (Khurja), हल्दीबाड़ी (Haldibadi) एवं बेहराबंद (Behraband) खदानों से संजय गांधी ताप विद्युत गृह को आर.सी.आर. (RCR) मोड के माध्यम से कोयला परिवहन हेतु ट्रांसपोर्टरों को जारी किए गए कार्यादेशों की छायाप्रतियाँ पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'स' अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित कार्यादेशों के अंतर्गत कोयला परिवहन हेतु एस.ई.सी.एल. (SECL) से प्राप्त डिलिवरी ऑर्डर (DO) ट्रांसपोर्टर मेसर्स जय अम्बे रोड लाइन्स प्राइवेट लिमिटेड, रायपुर को आवंटित किये गये हैं एवं जारी किये गये पत्रों की प्रतियाँ पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'द' अनुसार है। ट्रांसपोर्टर को दिये गये कार्यादेश में GPS enabled tippers ही कोयला परिवहन हेतु उपयोग किये जाने का प्रावधान सम्मिलित रहता है, जिसकी मॉनिटरिंग हेतु पृथक से किसी एजेंसी की नियुक्ति नहीं की जाती है। अत: शेष प्रश्नांश लागू नहीं होता। (घ) संबंधित अधिकारियों द्वारा अन्य कोयला खदानों एवं रेलवे साईडिंग का दौरा करते समय बिजुरी बलास्ट साईडिंग, बिजुरी (BBSB Siding) का भी दौरा सामान्य गतिविधियों की जाँच हेतु किया गया है। दौरे पर गये अधिकारियों के आदेश एवं यात्रा प्रतिवेदन की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ई' अनुसार है। प्रश्नांकित कार्यादेश के तहत आज दिनांक तक एस.जी.टी.पी.पी. (SGTPP) नहीं, अपितु एस.जी.टी.पी.एस. (SGTPS) को प्राप्त कोयले की रैक (Rake) के आर.आर. (RR) एवं कोयला रखने हेतु रेलवे से प्राप्त अनुमति पत्र की प्रतियाँ पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'फ' अनुसार है। बिजुरी बलास्ट साईडिंग, बिजुरी (BBSB Siding) से आर.सी.आर. के द्वारा ही कोयला परिवहन किया गया है तथा इसके कार्यादेश में साईडिंग पर गुणवता जाँच का प्रावधान नहीं है, अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है।
सड़कों का निर्माण हेतु बजट में प्रावधान
[लोक निर्माण]
88. ( क्र. 1407 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के बजट वर्ष 2025-26 में सड़क निर्माण हेतु कितनी राशि का प्रावधान किया गया था? मूल बजट एवं अनुपूरक बजट सहित? प्रावधानित बजट में से ग्वालियर जिले की भितरवार विधानसभा क्षेत्र की कौन-कौन सी सड़के शामिल की गई है? कितनी-कितनी की एवं कहां से कहां तक? ब्यौरा दें। (ख) प्रश्नांश (क) में भितरवार विधानसभा क्षेत्र की स्वीकृत सड़कों में से किस-किस सड़क की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है एवं कब-कब, क्या स्वीकृत सड़कों का निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है? यदि नहीं, तो क्यों? जानकारी दें। (ग) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा भितरवार विधानसभा क्षेत्र की सड़कों के निर्माण हेतु जनवरी 2025 से प्रश्न दिनांक तक विभागीय मंत्री एवं विभाग को प्रस्ताव प्रस्तुत किये गये है? यदि हां, तो कौन-कौन सी सड़कों के निर्माण की जानकारी दें। (घ) प्रश्नांश (ग) में वर्णित प्रस्तावों में से वर्ष 2026-27 के बजट में सड़कों के निर्माण के प्रस्ताव शामिल किये जायेगे? यदि हां, तो कौन-कौन से एवं कितनी-कितनी राशि के? यदि नहीं, तो क्यों?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) एवं (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।
विद्युत लाईनों का संचालन
[ऊर्जा]
89. ( क्र. 1408 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में घरेलू, कृषि एवं व्यवसाय उपयोग के विद्युत मीटर की रीडिंग के क्या नियम, निर्देश है? प्रति उपलब्ध करावें। वर्तमान में यह कार्य किस प्रकार एवं किसके द्वारा किया जा रहा है? (ख) क्या मीटर रीडिंग प्रतिमाह निश्चित दिनांक तक न की जाकर बिना मीटर रीडिंग के मनमाने विद्युत बिल उपभोक्ताओं को दिये जा रहे है? तो इसके लिए कौन उत्तरदायी है? (ग) क्या ग्वालियर जिले में विद्युत मीटर की रीडिंग एवं लाइनमैन एवं अन्य पदों पर सेवाऐं आउटसोर्स के माध्यम से ली जा रही है? यदि हां, तो ग्वालियर जिले में कौन-कौन सी एजेन्सी आउटसोर्स से मानव संसाधन उपलब्ध करा रही है? एजेन्सी का नाम, पता, संचालक का नाम एवं उपलब्ध कराएं। (घ) क्या आउटसोर्स से मानव संसाधनों हेतु चयन हेतु पदवार योग्यता निर्धारित है? क्या योग्यतानुसार सेवाये ली जा रही है? यदि नहीं, तो क्यों? क्या आउटसोर्स से सेवाऐं लेने में आरक्षण नियमों का पालन किया जाना आवश्यक है? यदि हां, तो आरक्षण नियमों का पालन किया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्यों?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) प्रदेश की विद्युत वितरण कंपनियों के अंतर्गत घरेलू, व्यवसायिक तथा कृषि श्रेणी (मीटरीकृत) विद्युत उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग ''मध्यप्रदेश विद्युत प्रदाय संहिता, 2021'' के प्रावधानों के अनुरूप ली जाती है। उक्त प्रावधानों से संबंधित पृष्ठों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। वर्तमान में वितरण कंपनियों के अंतर्गत स्मार्ट मीटर एवं ए.एम.आर. सुविधा युक्त मीटरों की रीडिंग स्वचलित दूरस्थ प्रणाली के माध्यम से की जा रही है तथा अन्य शेष मीटरों की रीडिंग लाईन मेन/मीटर रीडर/आउटसोर्स कार्मिकों के माध्यम से मोबाईल एप/भौतिक रूप से की जाती है। (ख) जी नहीं। उत्तरांश (क) में उल्लेखानुसार समस्त मीटरीकृत उपभोक्ताओं को प्रतिमाह नियत बिलिंग चक्र के अनुसार प्रतिमाह रीडिंग हेतु निर्धारित समयावधि के अंदर मीटर रीडिंग के उपरांत ही विद्युत देयक जारी किये जा रहे हैं। तथापि कतिपय प्रकरणों में किसी कारणवश निर्धारित बिलिंग चक्र में रीडिंग नहीं हो पाने की स्थिति में नियमानुसार आंकलित खपत अथवा न्यूनतम चार्जेस के देयक जारी किये जाते हैं। ऐसे प्रकरणों में वास्तविक खपत संज्ञान में आने पर तदनुसार बिल को पुनरीक्षित कर दिया जाता है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। (ग) जी हाँ, ग्वालियर जिले में विद्युत मीटर की रीडिंग, लाईन संबंधी तथा अन्य कार्यों हेतु बाह्य स्त्रोत सेवा प्रदाता एजेंसियों के माध्यम से आउटसोर्स कार्मिकों को नियोजित किया जाता है। वर्तमान में ग्वालियर जिले में बाह्य स्त्रोत प्रदाता फर्म/एजेंसी से संबंधित चाही गयी प्रश्नाधीन जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है। (घ) वितरण कंपनी के कार्यों हेतु आउटसोर्स कार्मिकों की योग्यता निर्धारित है एवं योग्यतानुसार ही सेवायें ली जा रही हैं। म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा निविदाओं के माध्यम से चयनित विभिन्न बाह्य स्त्रोत सेवा-प्रदाताओं के माध्यम से आउटसोर्स कार्मिकों का नियोजन किया जाता है। उल्लेखनीय है कि आउटसोर्स कार्मिक वितरण कंपनी के कार्मिक नहीं है, अत: बाह्य स्त्रोत प्रदाता एजेंसी द्वारा नियोजित आउटसोर्स कार्मिकों के नियोजन में आरक्षण नियमों का पालन करने का प्रश्न नहीं उठता है।
आवारा (स्ट्रीट) कुत्तों के नियंत्रण
[नगरीय विकास एवं आवास]
90. ( क्र. 1412 ) डॉ. अभिलाष पाण्डेय : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) “माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आवारा कुत्तों के नियंत्रण एवं प्रबंधन के संबंध में राज्य सरकार को अब तक कौन-कौन से आदेश/दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं? कृपया आदेशों की तिथि सहित संक्षिप्त विवरण उपलब्ध कराएं। (ख) उक्त आदेशों के पालन में राज्य सरकार द्वारा अब तक क्या-क्या कार्यवाही की गई है? कृपया जिलेवार विवरण उपलब्ध कराएं। (ग) आवारा कुत्तों के नियंत्रण, नसबंदी एवं टीकाकरण हेतु राज्य सरकार द्वारा गत वर्ष कितना बजट स्वीकृत एवं व्यय किया गया है? कृपया जिलेवार विवरण दें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) बजट का प्रावधान न होने से जानकारी निरंक है।
विद्युत कनेक्शन नाम परिवर्तन (नामांतरण) के लंबित प्रकरणों
[ऊर्जा]
91. ( क्र. 1413 ) डॉ. अभिलाष पाण्डेय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले में विद्युत कनेक्शन को एक हितग्राही से दूसरे हितग्राही के नाम पर परिवर्तन के कितने आवेदन प्रश्न दिनांक तक लंबित हैं? कृपया संचा.-संधा. संभागवार संख्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराएं। उपर्युक्त लंबित आवेदनों में से कृषि (सिंचाई) कनेक्शनों के नाम परिवर्तन के कितने आवेदन हैं और ये आवेदन कब से (समय-सीमा) लंबित पड़े हैं? (ख) इन प्रकरणों के लंबे समय तक लंबित रहने के मुख्य प्रशासनिक या तकनीकी कारण क्या हैं? क्या विभाग ने इस विषय में किसी समय-सीमा (Time Limit) का निर्धारण किया है? (ग) नियत समय में कार्य न करने के लिए कौन-कौन से अधिकारी/कर्मचारी उत्तरदायी हैं और क्या शासन द्वारा इनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की गई है? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? (घ) क्या शासन इन लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण हेतु कोई “विशेष अभियान” चलाने की योजना बना रहा है? यदि हाँ, तो कब तक इसका लक्ष्य है, यदि नहीं, तो क्यों नहीं? (ड.) क्या विभाग ऐसी किसी योजना पर विचार करेगा जिसमें संपत्ति के विक्रय/ट्रांसफर होने के साथ ही उसे पर लगे विद्युत कनेक्शन स्वत: ही ऑटो मोड में (राजस्व विभाग के नामांतरण की तर्ज पर) क्रेता/नवीन संपत्ति स्वामी के नाम ट्रांसफर हो जाए? यदि हाँ, तो कब तक इसे लागू किया जाएगा?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) जबलपुर जिले में प्रश्न दिनांक की स्थिति में विद्युत कनेक्शन का एक हितग्राही से दूसरे हितग्राही के नाम पर परिवर्तन के लिये लंबित आवेदनों की संख्या 07 हैं। उक्त सभी लंबित आवेदन जबलपुर शहर (उत्तर संभाग) से संबंधित हैं। उपरोक्त लंबित आवेदनों में से कृषि (सिंचाई) कनेक्शनों के नाम परिवर्तन के लिये कोई भी आवेदन लंबित नहीं हैं। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। (ख) उपभोक्ता के द्वारा नियमानुसार आवश्यक औपचारिकताएं/कार्यवाही पूर्ण नहीं करने के कारण आवेदन लंबित रहते हैं। जी हॉ, इस हेतु आवेदन तिथि से 10 दिवस तक की समय-सीमा का निर्धारण किया गया है। (ग) लंबित आवेदन उपभोक्ताओं के द्वारा नियमानुसार आवश्यक औपचारिक/कार्यवाही नहीं करने के कारण लंबित है, अत: इसके लिये किसी अधिकारी/कर्मचारी के उत्तरदायी होने का प्रश्न नहीं उठता है। (घ) जी नहीं। उत्तरांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में आवेदनों पर समय-सीमा में नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। (ड.) वर्तमान में प्रश्नांश में उल्लेखित योजना/प्रक्रिया विचाराधीन नहीं है।
जर्जर मार्गों की मरम्मत
[लोक निर्माण]
92. ( क्र. 1417 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या केवलारी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत केवलारी वि.ख. के ग्राम देवकरन टोला से व्याहा डोभ, बंदेलीटोला, अहरवाडा, मोहगांव, छींदा से पिण्डरई मार्ग अत्यंत ही जर्जर एवं सकरा है? यदि हाँ, तो उक्त मार्गों के निर्माण हेतु क्या विभाग के पास क्या कोई प्रस्ताव लंबित है? यदि हाँ, तो बतायें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार उक्त मार्गों में कब से मरम्मत कार्य नहीं हुआ है? मरम्मत कार्य नहीं होने के क्या कारण है? (ग) यदि उक्त मार्गों के निर्माण हेतु प्रस्ताव लंबित है, तो कब तक इन मार्गों को पूर्ण कर आवागमन हेतु बना दिया जावेगा? समयावधि बतायें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी नहीं, विद्यमान मार्ग सिंगल लेन 3.75 मीटर चौड़ाई का है। विभाग के पास कोई प्रस्ताव लंबित नहीं है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं, अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
आउटसोर्स कर्मचारियों की जानकारी
[ऊर्जा]
93. ( क्र. 1420 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ऊर्जा विभाग में आउटसोर्स पर कर्मचारियों को रखे जाने का प्रावधान है यदि हाँ, तो इसके क्या नियम एवं निर्देश है? निर्देश की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) वर्तमान में संभाग राजगढ़ जिले में आउटसोर्स कर्मचारी किस कंपनी द्वारा रखे गए है? कंपनी का नाम बतावें। (ग) राजगढ़ जिला अंतर्गत किस-किस पद पर किस-किस कर्मचारी को कब से रखा गया है? उनका नाम, पदनाम, योग्यता एवं उन्हें कितना मानदेय दिया जा रहा है?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) ऊर्जा विभाग अंतर्गत विद्युत कंपनियों में निविदा प्रक्रिया से चयनित विभिन्न बाह्य स्त्रोत सेवा-प्रदाता एजेंसियों के माध्यम से आउटसोर्स कार्मिकों का नियोजन किया जाता है। उक्त प्रयोजन हेतु म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा जारी निविदा की छायाप्रति उदाहरण स्वरूप पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। (ख) वर्तमान में राजगढ़ जिला अंतर्गत संचालन-संधारण वृत्त राजगढ़ में बाह्य स्त्रोत सेवा प्रदाता एजेंसी मेसर्स क्वेस्स कॉर्प. लिमि. के माध्यम से आउटसोर्स कार्मिक नियोजित किये गए है। (ग) प्रश्नाधीन जिला अंतर्गत वर्तमान में मेसर्स क्वेस्स कॉर्प. लिमि. के माध्यम से विभिन्न पदों पर नियोजित किए गए आउटसोर्स कार्मिकों की प्रश्नाधीन चाही गई नाम, पदनाम, योग्यता, नियोजन की दिनांक एवं मानदेय संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है।
संचालित दूध डेयरी की जानकारी
[पशुपालन एवं डेयरी]
94. ( क्र. 1421 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग द्वारा राजगढ़ जिले में शासकीय दूध डेयरी संचालित की जा रही है? यदि हाँ, तो किन-किन स्थानों पर कब से की जा रही है? (ख) राजगढ़ जिले में उक्त संचालित दूध डेयरी पर प्रति दिन कितना-कितना दूध संग्रहित किया जा रहा है? (ग) राजगढ़ जिले में संचालित डेयरी पर कौन-कौन से कितने-कितने पद किस-किस श्रेणी के स्वीकृत है? (घ) उक्त स्वीकृत पदों पर कौन-कौन से अधिकारी-कर्मचारी कब से पदस्थ है?
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) भोपाल सहकारी दुग्ध संघ द्वारा राजगढ़ जिले के अंतर्गत पचोर एवं नरसिंहगढ़ में दुग्ध शीतकेन्द्र संचालित किये जा रहे है। (ख) राजगढ़ जिले के अंतर्गत पचोर एवं नरसिंहगढ़ में संचालित दुग्ध शीत केन्द्रों पर 80,936 लीटर दूध प्रतिदिन संग्रहित किया जा रहा है। (ग) राजगढ़ जिले में संचालित दुग्ध शीतकेंद्रों हेतु पृथक से पद स्वीकृत नहीं है। भोपाल सहकारी दुग्ध हेतु स्वीकृत कुल पदों में से ही आवश्यकतानुसार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पदस्थी की जाती है। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
निर्माण कार्य की स्वीकृति
[नगरीय विकास एवं आवास]
95. ( क्र. 1423 ) डॉ. विक्रांत भूरिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) झाबुआ जिले के समस्त नगरीय निकाय मे, आवास, व्यवसायी और अन्य निर्माण कार्य की स्वीकृति के क्या-क्या नियम है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कोई भी निर्माण कार्य के सर्वे और रिपोर्ट हेतु कितने निजी Engineer/firm/Consultancy register है और इस प्रकार के कार्य की स्वीकृति हेतु शासकीय दर/शुल्क प्रदेश के सभी नगरीय एरिया में कितना है और स्वीकृति की समय-सीमा क्या होती है? (ग) झाबुआ जिले की नगरीय निकाय के कार्य स्वीकृति की दर, जानकारी भी प्रदान करें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) झाबुआ जिले के समस्त नगरीय निकायों में आवासीय व्यावसायिक एवं अन्य निर्माण कार्यों की स्वीकृति तत्स्थान पर लागू मास्टर प्लान एवं भूमि विकास नियम 2012 के नियमों के आलोक में दी जाती है। (ख) निर्माण कार्य की स्वीकृति प्राप्त करने हेतु समस्त निकायों अंतर्गत 91 निजी इंजिनियर/फर्म/कंसल्टेंट्स रजिस्टर है, भवन अनुज्ञा प्राप्त करने हेतु निजी कंसल्टेंट्स की नियमानुसार कोई शुल्क निर्धारित नहीं है, जबकि भवन अनुज्ञा की समय-सीमा भूमि विकास नियम 2012 नियम 26 अंतर्गत प्रदान की जाती है। (ग) झाबुआ जिले के समस्त नगरीय निकायों में निर्माण कार्य की स्वीकृति हेतु शासकीय शुल्क (आवेदन शुल्क एवं अनुज्ञा शुल्क) भूमि विकास नियम 2012 के नियम 21 अंतर्गत निर्धारित दरों अनुसार ली जाती है, नियम की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
अमानक स्तर के मटेरियल से सड़क का निर्माण
[लोक निर्माण]
96. ( क्र. 1428 ) डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना-मैहर जिले में नागौद से मैहर के बीच सुरदहा परसमनिया होकर (सी.आई.आर.एफ. केन्द्रीय सड़क निवेश कोष) बनाई जा रही 61 किलो मीटर का डब्लू.एम.एम. प्लांट किस स्थान पर लगा है? डी.बी.एम. (डेंस बिटुमिनस मैकाडम) परत तैयार करने के लिये जो मिक्स प्लांट है, क्या वह पन्ना जिले के गुनौर में लगा है? उक्त सड़क बनाने के लिये जो वर्क आर्डर जारी किया है, उसकी एक स्पष्ट पढ़ी जा सकने वाली लिपि में एक प्रति उपलब्ध करायें। (ख) क्या इस बनने वाली सड़क में परसमनिया पहाड़ से निकलने वाले सॉफ्ट चिप्स स्टोन (नरम पत्थर) को पीसकर सड़क में बिछाया गया है? अगर नहीं तो सड़क में पीसकर बिछाये गये पत्थर की रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज से लैब टेस्ट रिपोर्ट की एक प्रति दें। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित ठेकेदार ने पन्ना जिले में लगभग 40 करोड़ रु. की सकरिया-ककरहटी-गुनौर-डिघौरा सड़क व 80 करोड़ रू. लगभग की पहाड़ी खेड़ा सड़क का काम किया जो मात्र कुछ माह में ही चिथड़े-चिथड़े हो गई है? खुले आम पन्ना/सतना/रीवा के लोक निर्माण विभाग के (भ/स) में भ्रष्टाचार हो रहा है, जिसकी पोल राज्यमंत्री ने राजेश कैला की घटिया सड़क को पकड़कर उजागर की हैं में दोषियों (ठेकेदार/अधिकारी/ई.ई./एस.डी.ओ./सब इंजीनियर) पर शासन कब निलंबित कर कार्यवाही करेगा? (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में उल्लेखित सड़क की घटिया क्वालिटी को लिखित में सहीं दर्शाने वाले प्रभारी एस.डी.ओ. अश्विनी निगम को शासन कब तक निलंबित करेगा? उक्त एस.डी.ओ. ने अपनी शासकीय सेवा के कितने वर्ष किस-किस पद पर सतना जिले में व्यतीत किये हैं? पदस्थापनावार समयवार सूची दें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) डब्ल्यू.एम.एम. प्लांट पन्ना-सतना मार्ग के सितपुरा ग्राम में तथा नागौद से मैहर मार्ग के रामपुर ग्राम में प्लांट स्थापित किया गया है। जी हाँ। वर्क आर्डर की स्वच्छ प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) जी नहीं। मटेरियल की गुणवत्ता का परीक्षण रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज से नहीं कराया गया है, अपितु विभागीय मण्डल रिसर्च सेन्टर एवं लेबोटरी रीवा से कराई गई टेस्ट रिपोर्ट की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) जी नहीं। मार्ग वर्तमान में अच्छी स्थिति में है। निर्माण कार्य निर्धारित मापदण्डानुसार कराये जा रहे है। भ्रष्टाचार का प्रश्न ही नहीं उठता। संविदाकार मेसर्स राजेश कैला द्वारा किये गये अमानक स्तर के कार्य को विभाग द्वारा अमान्य कर पंजीयन एक वर्ष की कालावधि हेतु निलंबित कर दिया गया, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। (घ) मटेरियल मानक स्तर का पाये जाने के उपरान्त ही उपयोग किया गया है। एस.डी.ओ. के विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्न ही नहीं उठता। श्री अश्वनी निगम उपयंत्री/प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी नागौद का पदस्थापना विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है।
भोपाल में निर्माण अनुमति निरस्त पर अमल करने
[नगरीय विकास एवं आवास]
97. ( क्र. 1432 ) श्री बाला बच्चन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल नगर निगम जोन-2 वार्ड नं. 7 अंतर्गत कोहेफिजा क्षेत्र के प्लाट नंबर ए-24 पर किए जा रहे निर्माण से संबंधित कितनी शिकायतें प्राप्त हुए व उन पर उत्तर दिनांक तक की गई कार्यवाही का विवरण देवें। यदि शिकायतों पर कोई कार्यवाही नहीं हुई तो कब तक की जाएगी? (ख) क्या कारण है कि प्लांट नंबर ए-24 पर स्वीकृत नक्शे के अनुसार निर्माण नहीं किया गया? स्वीकृत नक्शे की छायाप्रति व मौके पर मौजूद निर्माण के भौतिक सत्यापन की प्रमाणित प्रति देवें। (ग) क्या कारण है बिल्डर द्वारा स्वीकृत नक्शे में दर्शाये खसरे के तरह अन्य खसरे में निर्माण किया जा रहा है? इसके भी भौतिक सत्यापन की प्रमाणित प्रति देवें। इस संबंध में सक्षम अधिकारी द्वारा दिए नोटिस एवं उसके प्रति उत्तर की जानकारी प्रत्येक नोटिस के संदर्भ में देवें। (घ) क्या कारण है कि निर्माण अनुमति निरस्त होने के बाद भी निर्माण जारी है? इन्हें संरक्षण देने वाले अधिकारियों के नाम, पदनाम देकर बतावें कि इसके लिए इन पर कब तक कार्यवाही होगी? कब तक इस अनुमति निरस्त निर्माण कार्य पर अंकुश लगाया जाएगा? यदि नहीं, तो क्यों?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) भोपाल नगर निगम जोन-02 वार्ड 07 अंतर्गत प्लाट क्र. ए-24 पर कुल 5 शिकायतें प्राप्त हुयी हैं, प्राप्त शिकायत पर निगम द्वारा संबंधित को म.प्र. नगर पालिक अधिनियम 1956 की धारा 302 (1), 307 (2) एवं म.प्र. भूमि विकास नियम 2012 के नियम 25 अंतर्गत संबंधित भूखण्ड पर दी गयी भवन अनुमति रिव्होक की गयी है। जिसकी प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'अ' अनुसार है। (ख) संबंधित द्वारा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण किया गया। स्वीकृत नक्शे की छायाप्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है एवं वर्तमान में भौतिक सत्यापन के फोटोग्राफ की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'स' अनुसार है। (ग) अन्य खसरे पर निर्माण को लेकर संबंधित को सूचना पत्र जारी किया गया है। जिसकी प्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'द' अनुसार है। (घ) निर्माण कार्य रोकने एवं अवैध निर्माण हटाने हेतु निगम द्वारा पत्र क्र. 5258-5263 दिनांक 14.08.2025 प्रेषित कर पुलिस बल चाहा गया था। पुलिस बल उपलब्ध न होने से अवैध निर्माण नहीं हटाया जा सका। अवैध निर्माण हटाने को लेकर संबंधित द्वारा मान. उच्च न्यायालय से प्रकरण क्रं. WP-38267-2025 में पारित निर्णय दिनांक 25.09.2025 को स्थगन (स्टे) प्राप्त किया है जिसकी प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'इ' अनुसार है। मान. न्यायालय के निर्णय उपरांत अग्रिम कार्यवाही की जा सकेगी। इस प्रकरण में किसी भी अधिकारी द्वारा किसी भी प्रकार का संरक्षण नहीं दिया गया है।
आउटसोर्स के कर्मचारियो की सेवाएं नियमित किया जाना
[ऊर्जा]
98. ( क्र. 1453 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सम्पूर्ण प्रदेश में विद्युत विभाग द्वारा अंतर्गत विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा कितने संख्या में आउटसोर्स कर्मचारियों से सेवाये ली जा रही है? वह कौन-कौन से श्रेणी पर कार्यरत है? (ख) वर्तमान में कितना पारिश्रमिक या मानदेय दिया जा रहा है? श्रेणीवार जानकारी उपलब्ध कराये। क्या विद्युत विभाग अन्तर्गत पदस्थ आउटसोर्स कर्मचारियों को दुर्घटना में आकस्मिक कार्य करने हेतु मृत्यु हो जाने पर सहायता राशि प्रदाय की जाती है? हाँ तो कितनी राशि तथा नहीं तो क्या कारण है तथा कब तक राशि प्रदाय करने हेतु शासन से आदेश प्रदाय किया जायेगा? (ग) क्या इन्हें नियमित पदों पर भर्ती करने हेतु शासन की योजना है? हाँ तो कृपया विवरण देवें तथा नहीं तो क्या कारण है तथा कब तक इनकी सेवाये नियमित कर शासकीय कर्मचारियों की तरह वेतन भत्ते सहित अन्य सुविधाएं प्रदान की जायेगी?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) संपूर्ण प्रदेश में वर्तमान में विभाग अंतर्गत कार्यरत विद्युत वितरण कंपनियों यथा-म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, जबलपुर, म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, भोपाल एवं म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इंदौर में बाहय स्त्रोत सेवा प्रदाता एजेन्सियों के माध्यम से क्रमश: कुल 15522, 21574 एवं 18410 आउटसोर्स कार्मिकों का नियोजन किया गया है। उक्त आउटसोर्स कार्मिक उच्चकुशल, कुशल, अर्द्धकुशल एवं अकुशल श्रेणियों के अंतर्गत कार्यरत है। (ख) वर्तमान में आउटसोर्स कार्मिकों को श्रम आयुक्त, म.प्र. शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम मासिक वेतन/मानदेय दिया जा रहा है, जिसकी प्रश्नाधीन चाही गयी श्रेणीवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। जी हाँ, विद्युत वितरण कंपनियों के अंतर्गत कार्यरत आउटसोर्स कार्मिकों की कार्य के दौरान दुर्घटना में आकस्मिक मृत्यु हो जाने पर, नियमानुसार 04 लाख रूपये की आर्थिक अनुदान सहायता राशि पीड़ित परिवार को प्रदान की जाती है। साथ ही संबंधित बाह्य स्त्रोत सेवा प्रदाता एजेंसी द्वारा समस्त आउटसोर्स कार्मिकों का सामूहिक दुर्घटना बीमा कराया जाता है। ईपीएफ एवं ई.एस.आई.सी. नियमानुसार बीमित कार्मिक एवं उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाती है। (ग) जी नहीं। उल्लेखनीय है कि आउटसोर्स कार्मिक वितरण कंपनी के कार्मिक नहीं है, अत: बाह्य स्त्रोत सेवा प्रदाता एजेंसी द्वारा नियोजित आउटसोर्स कार्मिकों के नियमितीकरण का प्रश्न नहीं उठता।
योजनाओं का संचालन
[पशुपालन एवं डेयरी]
99. ( क्र. 1454 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भीकनगॉव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा वर्तमान में कौन-कौन सी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है तथा कौन-कौन सी योजनान्तर्गत किन-किन किसानों या पशुपालक को लाभांवित किया गया है? कृपया योजनावार ग्रामवार किसानों की सूची उपलब्ध कराये तथा प्रदाय अनुदान की जानकारी भी उपलब्ध कराये तथा उक्त योजना में हितग्राही का चयन में क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है? कृपया नियमावली उपलब्ध कराये। (ख) क्या क्षेत्रिय विधायक को विभाग द्वारा की जा रही कार्यवाही एवं योजनाओं के संचालन के संबंध में विभागीय अधिकारियों द्वारा जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए? हाँ तो भीकनगॉव एवं झिरन्या में पदस्थ अधिकारियों द्वारा कब-कब जानकारी प्रदाय की गई है? नहीं तो क्या कारण है? क्या नियमों का पालन न करने से संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध कोई कार्यवाही प्रस्तावित की जायेगी? हां तो क्या तथा नहीं तो क्या कारण है?
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' एवं ''ब'' अनुसार है। (ख) माननीय विधायक गणों के द्वारा चाहे जाने पर विभाग की योजनाओं, कार्यक्रमों व अभियानों की जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। पशुपालन एवं डेयरी विभाग की योजनाओं की जानकारी मुख्यमंत्री जन कल्याण शिविर, संकल्प से समाधान अभियान, कृषि रथ व जनपद स्तरीय बैठकों में दी गई है जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
स्मार्ट मीटर लगाने के नियमों की जानकारी
[ऊर्जा]
100. ( क्र. 1455 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा संभाग सहित पूरे प्रदेश में बिजली के जो स्मार्ट मीटर लगाये जा रहे है क्या उन्हें अनिवार्यतः लगवाना जरूरी है? उपभोक्ता की सहमति से लगाना चाहिये या जबरदस्ती लगाये जायेंगे? ऊर्जा विभाग/विद्युत कंपनियों के द्वारा मीटर लगाये संबंधी (स्मार्ट मीटर) जो आदेश प्रश्नतिथि तक जारी किये गये हैं, उनकी एक-एक प्रति उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित स्मार्ट मीटरों को यदि बिजली उपभोक्ता नहीं लगवाता है/विरोध करता है तो क्या उसके खिलाफ पुलिस विभाग में एफ.आई.आर. का प्रावधान किस नियम के तहत है? नियमों की एक प्रति उपलब्ध करायें। (ग) सतना जिले में किस-किस स्थान पर दिनांक 01.04.2024 से प्रश्नतिथि तक किस-किस स्थान पर बिजली के स्मार्ट मीटरों को लगाने पर आम जनता के द्वारा कहां-कहां विरोध हुआ? बिजली विभाग ने कहां-कहां पर एफ.आई.आर. दर्ज करने का आवेदन किस-किस के विरूद्ध किन नियमों के तहत दिया? कहां-कहां नहीं दिया? प्रकरणवार जानकारी दें। (घ) शासन क्या स्मार्ट मीटर उपभोक्ता की सहमति न हो तो भी क्या जबरदस्ती लगायेगा? हाँ या ना?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के क्षेत्रांतर्गत रीवा जिला सहित प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना दिनांक 23.12.2019 के विनियम-4 एवं विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना दिनांक 31 दिसम्बर, 2020 के विनियम-5 ''मीटरिंग'' तथा मध्यप्रदेश विद्युत प्रदाय संहिता-2021 के अध्याय-8 ''विद्युत मापन तथा बिलिंग'' के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में आर.डी.एस.एस. योजना के अंतर्गत पारदर्शी बिलिंग, मीटर रीडिंग प्रणाली में सुधार और सटीक ऊर्जा लेखांकन के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। उक्त वैधानिक प्रावधानों के अनुसार सहमति लिया जाना आवश्यक नहीं है। विद्युत वितरण कंपनियों के द्वारा प्रश्नाधीन अवधि में स्मार्ट मीटर की स्थापना संबंधी आदेशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) में वर्णित स्मार्ट मीटर लगाये जाने के दौरान यदि कोई उपभोक्ता/जनसामान्य द्वारा शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की जाती है तो ऐसी परिस्थिति में संबंधित के विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 221 के तहत कार्यवाही की जा सकती है, जिसकी प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है। (ग) सतना जिलान्तर्गत प्रश्नाधीन अवधि में मुख्तियारगंज में सार्वजनिक विरोध होने की जानकारी संज्ञान में आयी थी। म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा दिनांक 23.12.2025 को महिन्द्रा शोरूम के सामने, मुख्तियारगंज में स्मार्ट मीटर लगाये जाने हेतु संबंधित कार्य एजेन्सी के कार्मिकों को भेजा गया था। तत्समय कुछ व्यक्तियों के समूह द्वारा उपभोक्ताओं को भ्रामक जानकारी देकर एवं उन्हे भड़काकर स्मार्ट मीटर स्थापना के कार्य में व्यवधान उत्पन्न किया गया। साथ ही स्थापित किये गये 07 स्मार्ट मीटरों को बलपूर्वक निकाल दिया गया, जिसके कारण संबंधित व्यक्तियों के विरूद्ध शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने, कर्मचारियों को डराने/धमकाने एवं बंधक बनाने का प्रयास करने के विरूद्ध उत्तरांश (ख) में उल्लेखित नियमों के अंतर्गत कार्यवाही हेतु थाना प्रभारी, शहर सिटी कोतवाली, जिला सतना को पत्र लिखा गया था, जिसकी छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'स' अनुसार है। (घ) उत्तरांश (क) में उल्लेखित वैधानिक प्रावधानों के अनुसार सहमति लिया जाना आवश्यक नहीं है।
नगरीय निकायों में नियोजित कर्मचारियों की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
101. ( क्र. 1469 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले की नगर परिषद पंचायत नागौद/रामपुर बघेलान/उचेहरा कोटर/चित्रकूट/कोठी/जैतवारा/बिरसिंहपुर में दिनांक 01-04-2021 से प्रश्न तिथि के दौरान किस-किस नाम एवं पते वाले (आधार कार्ड दें) कितने कर्मचारी दैनिक वेतन पर एवं मासिक फिक्स वेतन (कलेक्टर रेट) पर माहवार/वर्षवार नियोजित किए गए? उपरोक्त समय अनुसार माहवार/वर्षवार/ व्यक्तिवार किए गए भुगतानवार/राशिवार जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित नियोजित कर्मचारियों/श्रमिकों की नियुक्ति शासन के किस नियमों/प्रावधानों के तहत की गई थी/है? नियमों/प्रावधानों की एक-एक प्रति दें? नियुक्तियां देने वाले सभी आदेशों की व्यक्तिवार/श्रमिकवार/ वर्षवार/निकायवार एक-एक प्रति उपलब्ध कराएं। (ग) प्रश्नांश (क) में (ख) में नियोजित कर्मचारियों की नियुक्तियों को राज्य शासन वैध मानता है या अवैध? अगर वैध मानता है तो किस-किस निकायों में किस मद से उनके वेतन भत्तों का भुगतान किस समक्ष कार्यालयो की वैध परमिशन (लिखित) के बाद किया गया? अगर अवैध मानता है तो शासन किस नाम/पदनाम के विरुद्ध प्रश्न तिथि तक कब व क्या कार्यवाही करेगा? जारी सभी आदेशों की एक प्रति दें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) प्रश्नांकित दिनांक से अब तक दैनिक वेतन/मासिक फिक्स वेतन (कलेक्टर रेट) पर नियोजित किए गए कर्मचारियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''एक'' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश "क" में वर्णित नियोजित कर्मचारियों की नियुक्ति मध्यप्रदेश नगरपालिका (लेखा एवं वित्त) नियम 2018 के नियम 83 में प्रावधानित मस्टर रोल अंतर्गत कार्य आवश्यकता अनुसार अस्थाई आधार पर दैनिक श्रमिकों को रखने का प्रावधान है। तदनुसार संबंधित नगरपालिका/नगर परिषद की प्रेसिडेंट-इन-काउँसिंल एवं प्रशासक द्वारा प्रदान की गयी स्वीकृति/संकल्प के आधार पर दैनिक वेतन भोगी/मस्टर कर्मियों पर कर्मचारियों का नियोजन किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''दो'' अनुसार है। (ग) नगरीय निकाय, निकाय स्तर पर दैनिक वेतन भोगी/मस्टर कर्मी के अस्थाई रूप से नियोजन करने हेतु सक्षम प्राधिकारी है। मध्यप्रदेश शासन, वित्त विभाग का परिपत्र क्रमांक 656/527/2000/सी/चार दिनांक 28.03.2000 एवं उक्तानुक्रम में मध्यप्रदेश शासन नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी पत्र क्रमांक एफ 3768/3833019/2025/18-1 भोपाल दिनांक 08.10.2025 के माध्यम से दैनिक वेतन पर किसी भी प्रकार की नियुक्ति न करने के संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किये गये है। उक्तानुक्रम में दैनिक वेतन भोगी के रूप में की गई समस्त नियुक्तियाँ अनियमित है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''तीन'' अनुसार है।
विद्युत सब स्टेशन (उपकेन्द्र) स्थापित किये जाने
[ऊर्जा]
102. ( क्र. 1474 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र परासिया के अन्तर्गत ग्राम ढाला से बीजागोरा के मध्य 132 के.व्ही. का विद्युत सब स्टेशन (उपकेन्द्र) स्थापित किया जाना अत्यंत ही आवश्यक है, ताकि उक्त क्षेत्र के जुड़े समस्त कृषि, घरेलू, उद्योगिक एवं अन्य समस्त नागरिक/उपभोक्ताओं को विद्युत संबंधी आने वाली वोल्टेज की समस्या एवं रेलवे क्रासिंग के कारण आये दिन विद्युत लाईन प्रभावित होने की समस्या से राहत मिलेगी, इसमें लगभग 35 से 40 ग्राम पंचायतें व उनके आश्रित ग्रामों में 10 से 15 वर्षों से आ रही विद्युत से जुड़ी विभिन्न समस्याओं का निराकरण होगा एवं प्रत्येक ग्राम, मजरे, टोलों को इस उपकेन्द्र के स्थापित होने से पृथक-पृथक क्षेत्रो में नवीन 33/11 के.व्ही. का विद्युत सब स्टेशन स्थापित करने में आसानी होगी, जिससे की उस उपकेन्द्र से जुड़े समस्त ग्रामों में सरलता पूर्वक विद्युत लाईन का विस्तार कार्य किया जा सकेगा विभाग द्वारा उपरोक्त संबंध में कार्यवाही की जायेगी? (ख) प्रश्नांश ''क'' के अनुसार विद्युत संबंधी समस्या के निराकरण के संबंध में कब तक कार्यवाही करते हुए विभिन्न औपचारिकताओं व प्रक्रिया को पूर्ण कर ग्राम ढाला से बीजागोरा के मध्य में 132 के.व्ही. का विद्युत सब स्टेशन (उपकेन्द्र) स्थापित किये जाने की स्वीकृति प्रदान कर दी जायेगी?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) परासिया विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत अपरिहार्य कारणों से आए आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर समस्त घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को प्रतिदिन नियमानुसार क्रमश: 24 घंटे एवं 10 घंटे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। विगत तीन माह (नवम्बर-2025 से जनवरी-2026 तक) में उक्त क्षेत्रान्तर्गत विद्युत प्रदाय करने वाले घरेलू/मिश्रित/कृषि फीडरों के औसत विद्युत प्रदाय की अवधि संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। भविष्य में विद्युत मांग में संभावित वृद्धि के दृष्टिगत ग्राम ढाला से बीजागोरा के मध्य 132 के.व्ही. अति उच्चदाब विद्युत उपकेन्द्र की स्थापना हेतु तकनीकी परीक्षण कराए जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उक्त परीक्षण से प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर आगामी कार्यवाही किया जाना संभव हो सकेगा। उक्त के अतिरिक्त परासिया विधानसभा क्षेत्र में विद्युत अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण हेतु 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र, दमुआ की स्थापना हेतु स्वीकृति प्रदान की गई है। (ख) उत्तरांश (क) में उल्लेखित तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में ग्राम ढोला से बीजागोरा के मध्य 132/33 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र स्थापना की समय-सीमा बताया जाना वर्तमान में संभव नहीं है।
33/11 के.व्ही. विद्युत सब स्टेशन का कार्य
[ऊर्जा]
103. ( क्र. 1475 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परासिया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम धमनिया दमुआ एवं कोहका के बीच में 33/11 के.व्ही. विद्युत सब स्टेशन स्थापित किये जाने की प्रशासकीय स्वीकृति MP POORV KSHETRA VIDYUT VITARAN CO. LIMITED OFFICE OF THE CHIEF GENERAL MANAGER (WORKS) Jabalpur के आदेश पत्र No. EZ/WS/PLG/WP25-26/1205 JABALPUR Dt. 07-08-2025 के माध्यम से प्राप्त हो चुकी है परन्तु उपरोक्त कार्य हेतु प्रश्न दिनांक तक भूमि आवंटन एवं टेंडर की प्रक्रिया पूर्ण नहीं की गई है जिससे सब स्टेशन का निर्माण कार्य प्रारम्भ होने व सब स्टेशन की स्थापना में काफी विलम्ब हो रहा है जिसका क्या कारण है? (ख) प्रश्नांश ''क'' के अनुसार ग्राम धमनिया दमुआ एवं कोहका के बीच में 33/11 के.व्ही. विद्युत सब स्टेशन की स्थापना व सब स्टेशन का कार्य प्रारम्भ व पूर्ण किये जाने के संबंध में विभिन्न औपचारिकताओं व कार्यवाही को कब तक विभाग द्वारा पूर्ण करते हुये सब स्टेशन हेतु भूमि का आवंटन, टेंडर कर वर्कआर्डर जारी करते हुये स्वीकृत सब स्टेशन के निर्माण कार्य को प्रारम्भ कराकर पूर्ण करा दिया जायेगा? समय-सीमा से अवगत करायें।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) प्रश्नाधीन नवीन 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र स्थापित किये जाने की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात उक्त नवीन उपकेन्द्र के निर्माण कार्य हेतु प्राक्कलन (प्रोजेक्ट क्रमांक 953818) स्वीकृत किया गया है एवं शासकीय भूमि चयन कर आवंटन हेतु आवेदन राजस्व विभाग में प्रस्तुत किया जा चुका है, जिसकी स्वीकृति वर्तमान में लंबित है। संचा./संधा. वृत्त स्तर पर निविदा की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। भूमि आवंटन उपरांत आगामी कार्यवाही किया जाना संभव होगा। (ख) उत्तरांश (क) में उल्लेखानुसार प्रश्नाधीन स्वीकृत नवीन 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र का कार्य भूमि आवंटन के पश्चात प्रारंभ किया जा सकेगा, अत: वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
नगर पालिका में कार्यरत कर्मचारियों की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
104. ( क्र. 1478 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिले की दतिया एवं भाण्डेर नगर पालिका में कर्मचारियों के कितने पद स्वीकृत हैं? पदवार बतायें। (ख) इन पदों में कितने भरे एवं कितने रिक्त हैं? इन भरे पदों पर कौन-कौन पदस्थ हैं? नाम सहित बतायें। (ग) उक्त नगर पालिकाओं में मार्च 2023 से आउटसोर्स से कितने कर्मचारी नियुक्त किये हैं? नाम एवं पद सहित बतायें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगर पालिका परिषद, दतिया की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार एवं नगर परिषद, भाण्डेर की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' एवं ''ब'' में समाहित है।
एफ.डी.आर. चोरी की शिकायत
[नगरीय विकास एवं आवास]
105. ( क्र. 1479 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया की भाण्डेर नगर पंचायत में पदस्थ प्रभारी लेखपाल के विरूद्ध एफ.डी.आर. चोरी की पार्षदों द्वारा शिकायत की गई थी? यदि हाँ, तो इसकी जांच किसे सौंपी गई थी? आदेश की प्रति संलग्न करें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार जांच अधिकारी ने जांच प्रतिवेदन सौंप दिया है यदि हाँ, तो जांच प्रतिवेदन की प्रति संलग्न की जावे। (ग) क्या विभाग ने जांच प्रतिवेदन पर कार्यवाही की है तो प्रतिवेदन की प्रति संलग्न करें यदि नहीं, तो क्यों?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। अपर कलेक्टर जिला-दतिया द्वारा उक्त शिकायत की जांच अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), भाण्डेर को सौंपी गई थी एवं अनुविभागीय अधिकारी द्वारा उक्त शिकायत की जांच तहसीलदार, भाण्डेर को सौंपी गई थी। आदेशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" अनुसार है। (ख) जी हाँ। जांच प्रतिवेदन की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" अनुसार है। (ग) जी हाँ। जांच प्रतिवेदन के अनुसार की गई कार्यवाही का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "स" अनुसार है।
कीरतपुर डेरी फार्मफार्म के दुग्ध उत्पादन से आय
[पशुपालन एवं डेयरी]
106. ( क्र. 1484 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र सिवनी-मालवा में स्थापित कीरतपुर डेरी फार्म कुल कितनी हेक्टेयर भूमि में बना है एवं कितने दुधारू पशु हैं? (ख) प्रतिदिन सुबह शाम में कितना दूध उत्पादन किया जाता है? (ग) प्रति माह पशु आहार एवं अधिकारी-कर्मचारी के वेतन पर एवं रख-रखाव तथा अन्य कुल कितना खर्च किया जाता है? प्रतिमाह दुग्ध उत्पादन से कितनी आए हैं? (घ) वर्ष 2024-25 में कीरतपुर डेरी फार्म को कितना शुद्ध लाभ/हानि हुआ है?
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) कीरतपुर में निगम के अधीन प्रक्षेत्र में 02 ब्रीडिंग फार्म है। (1) केटल ब्रीडिंग फार्म (सी.बी.एफ.) (2) नेशनल कामधेनू ब्रीडिंग सेंटर (एन.के.बी.सी.) उपरोक्त दोनों फार्म का उद्देश्य नस्ल सुधार है। प्रक्षेत्र की कुल भूमि 104.149 हेक्टर है। वर्तमान में सी.बी.एफ. में 75 एवं एन.के.बी.सी. में 96 दुधारू पशु है। (ख) प्रतिदिन सुबह शाम में सी.बी.एफ. में लगभग 199.35 ली. तथा एन.के.बी.सी. में लगभग 327 ली. दुग्ध उत्पादन होता है। जिससे प्रति माह सी.बी.एफ. को लगभग राशि रू. 3,81,549.00 तथा एन.के.बी.सी. को लगभग राशि रू. 5,27,693.00 की आय होती है। (ग) प्रतिमाह पशु आहार पर व्यय-सी.बी.एफ. में लगभग राशि रू. 8,52,032.00 तथा एन.के.बी.सी. में लगभग राशि रू. 6,90,124.00। प्रति माह अधिकारी/ कर्मचारी के वेतन पर व्यय-सी.बी.एफ. में लगभग राशि रू. 7,10,195.00 तथा एन.के.बी.सी. में लगभग राशि रू. 6,57,196.00 व्यय होता है। प्रतिमाह रख-रखाव तथा अन्य होने वाला व्यय सी.बी.एफ. में लगभग राशि रू. 92,233.00 तथा एन.के.बी.सी. में लगभग राशि रू. 72,534.00 का व्यय होता है। (घ) वर्ष 2024-25 में सी.बी.एफ. को लगभग राशि रू. 1,56,43,943.00 तथा एन.के.बी.सी. को लगभग राशि रू. 1,63,83,826.59 की हानि हुई है।
सिवनी मालवा में स्वीकृत उपकेन्द्रों की जानकारी
[ऊर्जा]
107. ( क्र. 1485 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी-मालवा विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में कितने विद्युत उपकेंद्र तथा कितने 132 के.व्ही. विद्युत केंद्र स्वीकृत किए गए हैं? नाम सहित बतावें। (ख) क्या स्वीकृत सभी उप केन्द्रों का निर्माण किया जा चुका है? (ग) यदि नहीं, तो क्यों और किन-किन उपकेंद्रों का निर्माण शेष है?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) सिवनी-मालवा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत वर्ष 2024-25 एवं वर्ष 2025-26 में स्वीकृत किए गए 33/11 के.व्ही. एवं 132/33 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्रों का विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। (ग) सिवनी-मालवा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत वर्ष 2024-25 में स्वीकृत, 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र, साधपुरा का निर्माण कार्य प्रगतिरत है एवं 132/33 के.व्ही. अति उच्चदाब विद्युत उपकेन्द्र, डुडुगाँव के निर्माण की कार्यवाही आवश्यक भूमि एवं वित्तीय उपलब्धतानुसार आगामी वित्तीय वर्षों की पारेषण कार्य योजना के अंतर्गत किया जाना प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री एवं मंत्रीगणों को आवंटित बंगलों की साज-सज्जा
[लोक निर्माण]
108. ( क्र. 1488 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01 जनवरी, 2024 से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में राजधानी भोपाल में माननीय मुख्यमंत्री एवं मत्रीगणों को आवंटित किन-किन शासकीय आवास ग्रहों के रख-रखाव मरम्मत रंग रोगन लघु मुलक कार्य एवं अतिरिक्त निर्माण पर तथा साज-सज्जा विद्युत देयकों एवं नलों के बिलो पर कितनी-कितनी राशि व्यय की गई? पृथक-पृथक बंगलेवार सम्पूर्ण जानकारी देवें। साथ ही उक्त अवधि में उक्त कार्यों पर कुल कितनी राशि व्यय हुई? (ख) विभाग द्वारा राज्य के मुख्यमंत्री सहित किन-किन मंत्रीगणों को उनके ग्रह जिलों में शासकीय आवास आवंटित है? इन आवासों पर प्रश्नांश (क) वर्णित अवधि में रख-रखाव मरम्मत रंग रोगन लघु मुलक कार्य एवं अतिरिक्त निर्माण पर तथा साज-सज्जा विद्युत देयकों एवं नलों के बिलो पर कितनी-कितनी राशि व्यय की गई? पृथक-पृथक जानकारी देवें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ, 'अ-1' एवं 'ब' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स एवं 'द' अनुसार है।
सौर ऊर्जा प्लांट का संचालन एवं लोकार्पण
[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]
109. ( क्र. 1490 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नागदा खाचरौद विधानसभा के अंतर्गत नागदा उज्जैन रोड ग्राम पालकी की सीमा पर तैयार सौर ऊर्जा प्लांट जिसमें विद्युत उत्पादन का कार्य भी प्रारंभ हो गया है उसका विधिवत शुभारम्भ (लोकार्पण) क्यों नहीं किया गया? (ख) भविष्य में प्रश्नांश (क) वर्णित प्लांट के संचालन और रख-रखाव की एजेंसी कौन सी होगी? इसमें काम करने वाले अमले की संख्या क्या होगी? कृपया जानकारी दें। (ग) सौर ऊर्जा प्लांट द्वारा उत्पादित विद्युत का उपयोग किस क्षेत्र में किया जावेगा?
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्ला ) : (क) सौर ऊर्जा प्लांट भारत सरकार की संस्था पॉवर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (PGCIL) का है। लोकार्पण का निर्णय PGCIL से संबंधित है। (ख) उत्तरांश (क) के संदर्भ में पॉवर ग्रिड कॉपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड PGCIL से संबंधित है। (ग) सौर ऊर्जा प्लांट द्वारा उत्पादित विद्युत का उपयोग open access के माध्यम से किया जायेगा।
समाधान योजना का क्रियान्वयन
[ऊर्जा]
110. ( क्र. 1492 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि राज्य शासन द्वारा वर्तमान में प्रारम्भ की गयी समाधान योजना के अंतर्गत नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र के कितने उपभोक्ताओं को इस योजना का लाभ मिला है? जानकारी दें। इस योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए विद्युत विभाग द्वारा क्या कदम उठाये गये है?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : राज्य शासन द्वारा वर्तमान में प्रारंभ की गयी ''समाधान योजना, 2025-26'' के तहत म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रांतर्गत नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र में दिनांक 29.01.2026 तक की स्थिति में कुल 7918 विद्युत उपभोक्ताओं को योजनान्तर्गत लाभ दिया गया है। ''समाधान योजना, 2025-26'' के प्रचार-प्रसार के लिए म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रान्तर्गत प्रत्येक कार्यालय के बाहर उक्त योजना की जानकारी हेतु होर्डिंग्स, बैनर एवं दीवार पर लेखन का कार्य किया गया है एवं प्रतिदिन वितरण केन्द्रवार केम्प लगाकर विद्युत उपभोक्ताओं को इस योजना के लाभ के बारे में बताया जा रहा है तथा कार्यालय के अंतर्गत लगे वाहनों से उक्त योजना से संबंधित घोषणा का कार्य करवाया जा रहा है, साथ ही कार्यरत कर्मचारी एवं अधिकारी द्वारा व्हाट्स एप के माध्यम से उक्त योजना की जानकारी प्रदर्शित की जा रही है तथा स्टेटस लगाये जा रहे हैं, मोबाइल/फोन के माध्यम से भी उपभोक्ताओं से संपर्क किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक संख्या में उपभोक्ताओं को इस योजना का लाभ दिया जा सके।
सैलाना विधानसभा क्षेत्रांतर्गत निर्माण कार्यों हेतु बजट
[लोक निर्माण]
111. ( क्र. 1495 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रतलाम के सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत लोक निर्माण विभाग को वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक शासन से वर्षवार कितनी बजट राशि प्राप्त हुई है? भवन निर्माण/मरम्मत मद सड़क निर्माण/मरम्मत आदि की जानकारी वर्षवार अनुसार पृथक-पृथक बतावें। (ख) उक्त अवधि में लोक निर्माण विभाग के विभागीय रजिस्टर में दर्ज भवन मरम्मत/निर्माण, सड़क मरम्मत/निर्माण से संबंधित कौन-कौन से कार्य कराए गए हैं? (कार्य का नाम, स्थान, स्वीकृत राशि, व्यय राशि एवं कार्य वर्षवार सहित विवरण देवें।) (ग) सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2014 से प्रश्न दिनांक तक कराए गए भवन एवं सड़क मरम्मत कार्यों में से कितने कार्य पूर्ण हुए हैं? कितने कार्य प्रगतिरत हैं? कितने कार्य अपूर्ण/स्थगित हैं? जानकारी वर्षवार अनुसार पृथक-पृथक बतावें। यदि किसी वर्ष में स्वीकृत बजट के अनुरूप कार्य नहीं कराए गए अथवा राशि लैप्स अव्ययित रही हो, तो उसके क्या कारण हैं? संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के नाम सहित जानकारी देवें। उक्त अवधि में कराए गए भवन एवं सड़क मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता जांच/तकनीकी निरीक्षण कब-कब कराया गया है? यदि किसी कार्य में अनियमितता पाई गई हो, तो उस पर की गई कार्यवाही की जानकारी बतावें?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं 'अ-1' अनुसार है। लोक निर्माण विभाग को बजट राशि पूर्ण प्रदेश के लिए प्राप्त होती है, विधानसभावार प्राप्त नहीं होती है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब एवं 'स' अनुसार है।
योजनाओं का क्रियान्वयन
[पशुपालन एवं डेयरी]
112. ( क्र. 1496 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रतलाम के सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में पशुपालन विभाग द्वारा वर्ष 2014 से प्रश्न दिनांक तक कितने आदिवासी किसानों एवं अन्य किसानों को पशुपालन विभाग की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हुए हैं? जानकारी योजनावार एवं वर्षवार पृथक-पृथक देवें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) में उल्लेखित उक्त अवधि में क्या पशुपालन विभाग की योजनाओं की जानकारी ग्रामीण/आदिवासी क्षेत्रों में प्रश्न दिनांक तक पर्याप्त रूप से प्रचारित नहीं की गई है? यदि हाँ, तो किन ग्रामों/क्षेत्रों में योजना की जानकारी नहीं दी गई? इसके लिए कौन-कौन से अधिकारी/कर्मचारी उत्तरदायी पाए गए? योजना की जानकारी नहीं देने वाले संबंधित अधिकारी/ कर्मचारियों के विरुद्ध शासन स्तर से क्या कार्यवाही की गई है अथवा प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो कार्यवाही का प्रकार एवं निश्चित समयावधि बतावें। यदि नहीं, तो क्यों नहीं स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराए? (ग) वर्तमान में आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र हेतु पशुपालन विभाग के अंतर्गत कौन-कौन सी विशेष/सामान्य योजनाएँ संचालित की जा रही हैं? (योजना का नाम, उद्देश्य एवं पात्रता सहित विवरण दें) आदिवासी बाहुल्य एवं ग्रामीण क्षेत्रों के अधिक से अधिक किसानों/पशुपालकों को योजनाओं से जोड़ने हेतु विभाग द्वारा क्या ग्राम स्तर पर जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे? यदि हाँ, तो कब से कब तक तथा किन-किन क्षेत्रों में आयोजित किए जाएंगे? जानकारी दें।
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ख) जी नहीं, विभाग द्वारा शिविरों का आयोजन, युवा संवाद समय-समय पर जनपद पंचायतों की बैठकों तथा ग्राम सभाओं में योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' एवं ''स''अनुसार है।
केन्द्र एवं राज्य प्रवर्तित योजनांतर्गत विद्युतीकरण
[ऊर्जा]
113. ( क्र. 1499 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2021-22 से लेकर प्रश्न दिनांक तक केंद्र/राज्य परिवर्तित योजनाओं के साथ ही कंपनी द्वारा शासन स्तर पर किन-किन वर्षों में विद्युतीकरण के कार्यों किए जाने हेतु वर्षवार, कार्यवार, स्थानवार कितना-कितना बजट स्वीकृत किया? (ख) प्रश्नांश (क) उल्लेखित वर्षों में शासन/विभाग द्वारा स्वीकृत किए गए कौन-कौन से कार्य पूर्ण हुए, कितने कार्य अपूर्ण, कितने अप्रारंभ है तो किन कारणों से? दोषियों पर क्या कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित वर्षों में कार्यों हेतु स्वीकृत राशि से वर्षवार क्या-क्या कार्य हुए? उनका कितना व्यय हुआ, शेष कार्य कब तक पूर्ण कर लिए जाएंगे तथा अप्रारंभ कार्य कब तक प्रारंभ कर दिये जाएंगे? (घ) विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत प्रश्नकर्ता द्वारा एवं क्षेत्र के आमजन द्वारा विभिन्न कार्यों यथा नवीन ग्रिड स्थापना, नवीन ट्रांसफार्मर, ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि, क्षतिग्रस्त पोल एवं जीर्णशीर्ण वायरों को हटाया जाकर नवीन पोल व लाइन कार्य किए जाने की मांग एवं प्रस्ताव पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई एवं शेष प्रस्तावों को कब स्वीकृति दी जाएगी?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में केंद्र/राज्य प्रवर्तित योजनाओं के अंतर्गत म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा किये गये विद्युतीकरण के कार्यों से संबंधित वर्षवार, कार्यवार, स्थानवार एवं स्वीकृत राशि (बजट) की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) में उल्लेखित स्वीकृत कार्यों में से पूर्ण किये गए कार्यों से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है। उक्त स्वीकृत कार्यों में से 24 कार्य वर्तमान में प्रगतिरत हैं, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'स' अनुसार है। उक्त 24 कार्य वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत किये गये है एवं कोई भी कार्य अप्रारम्भ नहीं है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। (ग) उत्तरांश (क) में उल्लेखित अवधि में कार्यों हेतु स्वीकृत राशि में से वर्षवार किये गए कार्य एवं प्राक्कलन अनुसार कार्यों पर किये गये व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है। शेष प्रगतिरत कार्य माह जुलाई, 2026 तक पूर्ण किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, स्वीकृत कार्यों में से कोई भी कार्य अप्रारम्भ नहीं है। (घ) प्रश्नाधीन क्षेत्रांतर्गत माननीय प्रश्नकर्ता विधायक महोदय एवं क्षेत्र के आमजनों से प्रश्नांश में उल्लेखित विभिन्न कार्यों हेतु 58 मांग/प्रस्ताव प्राप्त हुए है, जिनमें से 37 कार्यों को म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा पूर्ण कर लिया गया है एवं 19 कार्य स्वीकृत होकर प्रगतिरत है, जिन्हें माह जुलाई, 2026 तक पूर्ण किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ग्राम जेठाना में 132/33 के.व्ही. अति उच्चदाब विद्युत उपकेन्द्र का प्रस्ताव तकनीकी साध्यता के आंकलन हेतु निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत म.प्र. पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड, जबलपुर को प्रेषित किया गया है। ग्राम रोला के समीप 132/33 के.व्ही. अति उच्चदाब विद्युत उपकेन्द्र ढोढर का निर्माण कार्य प्रक्रियाधीन होने के कारण रतलाम जिले के ग्राम रोला में 132/33 के.व्ही. अति उच्चदाब विद्युत उपकेन्द्र का निर्माण किया जाना तकनीकी रूप से साध्य नहीं पाया गया है। उक्त समस्त मांग/प्रस्ताव पर की गई कार्यवाही से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'द' अनुसार है।
विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु बजट
[विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण]
114. ( क्र. 1500 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या राज्य मंत्री, विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विभाग द्वारा केंद्र/राज्य प्रवर्तित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन एवं मूलभूत अधोसंरचना के कार्यों की स्वीकृति हेतु वर्ष 2020-21 से लेकर प्रश्न दिनांक तक रतलाम जिला अंतर्गत विभिन्न विभागीय कार्यों हेतु कितना-कितना बजट प्राप्त हुआ? कार्यवार जानकारी दें। (ख) विभिन्न कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु प्राप्त बजट के माध्यम से वर्षवार किन-किन स्थानों पर क्या-क्या कार्य स्वीकृत किये गए? कितने कार्य पूर्ण, कितने अपूर्ण तथा कितने अप्रारम्भ रहे तो किन कारणों से? (ग) वर्षवार किए गए कार्यों के गुणवत्ताविहीन किये जाने की किस-किस प्रकार की शिकायतें प्राप्त हुई? उन पर क्या-क्या कार्यवाही की गई, साथ ही वर्षवार कार्यों पर कितना व्यय हुआ? कितनी शेष राशि रही, शेष राशि के माध्यम से क्या किया गया? गुणवत्ताविहीन कार्यों का स्थल निरीक्षण एवं भौतिक सत्यापन किस सक्षम अधिकारी द्वारा किया गया? (घ) प्रश्नकर्ता द्वारा प्रस्तावित क्षेत्रीय अधोसंरचना के कार्यों के साथ ही विमुक्त जाति के आवासीय विद्यालय व छात्रावास की स्वीकृति कब तक दी जाएगी?
राज्य मंत्री, विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण ( श्रीमती कृष्णा गौर ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ग) कार्यों के गुणवत्ता विहीन किये जाने की शिकायत संबंधी जानाकारी निरंक। (घ) ऐसा कोई प्रस्ताव जिले से प्राप्त नहीं।
विद्युत आपूर्ति एवं ओव्हर लोड ट्रांसफार्मर की जानकारी
[ऊर्जा]
115. ( क्र. 1503 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुवासरा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत ऐसे कितने ट्रांसफॉर्मर है जो रबी फसलों की सिंचाई के समय ओव्हरलोड हो जाते है उन ट्रांसफॉर्मरों का नाम, स्थान का नाम, ट्रांसफॉर्मर की क्षमता सहित जानकारी देवें? (ख) सुवासरा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत ऐसे कितने वितरण केन्द्र जहां पर दिन में 10 घण्टे सिंचाई हेतु विद्युत सप्लाई दी गई जानकारी देवें और ऐसे कितने वितरण केन्द्र है जहां दिन-रात 6 घण्टे एवं 4 घण्टे विद्युत सप्लाय की गई दोनों की स्थानों के नाम सहित पृथक-पृथक जानकारी देवें? (ग) सुवासरा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत वर्तमान रबी की फसल 2025-26 के पश्चात प्रश्न दिनांक तक किसानों द्वारा विद्युत सप्लाय को लेकर कितने धरने प्रदर्शन एवं घेराव किया गया है जानकारी देवें? (घ) सुवासरा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत कितने नवीन विद्युत ग्रीड प्रस्तावित है स्थानों की जानकारी देवें तथा जो ट्रांसफॉर्मर ओव्हरलोड है उनकी कब तक पूर्ति कर दी जाएगी?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) सुवासरा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत विगत/वर्तमान रबी सीजन में फसलों की सिंचाई के समय नवीन स्थायी/अस्थायी विद्युत संयोजनों के कारण 133 वितरण ट्रांसफार्मर ओव्हर लोड (अतिभारित) हो गये थे/हुए हैं, जिसकी प्रश्नाधीन चाही गयी वितरण ट्रांसफार्मर की स्थानवार एवं क्षमतावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। (ख) प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत दिनांक 27.11.2025 से पूर्व 10 वितरण केन्द्रों के अन्तर्गत 49 सिंचाई फीडरों पर दिन में लगातार 10 घंटे विद्युत प्रदाय किया गया है एवं दिनांक 27.11.2025 के पश्चात उक्त फीडरों पर दिन में 6 घंटे एवं रात में 4 घंटे विद्युत प्रदाय किया गया है, जिसकी प्रश्नाधीन चाही गई वितरण केन्द्र, 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र एवं 11 के.व्ही. फीडर की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है। उक्त के अतिरिक्त प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र के 07 वितरण केन्द्रों के अंतर्गत शेष 59 सिंचाई फीडरों पर 6 घंटे दिन में एवं 4 घंटे रात में विद्युत प्रदाय किया गया है, जिसकी प्रश्नाधीन चाही गई वितरण केन्द्र, 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र एवं 11 के.व्ही. फीडर की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'स' अनुसार है। (ग) प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत रबी सीजन 2025-26 में प्रश्न दिनांक तक किसानों द्वारा कुल 11 स्थानों यथा-तितरोद, रणायरा, कयामपुर, रहीमगढ, बिश्निया, कांटिया, बसई, गोवर्धनपुरा, रूनिजा, शामगढ़ एवं बापच्या में दिन के समय 10 घंटे लगातार विद्युत प्रदाय दिये जाने को लेकर धरना प्रदर्शन कर संबंधित विद्युत उपकेन्द्र का घेराव किया गया है। (घ) वर्तमान में सुवासरा विधानसभा अंतर्गत ग्राम बाजखेडी में नवीन 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र स्वीकृत है, जिसका निर्माण कार्य प्रगतिरत है। उत्तरांश (क) में उल्लेखित 133 अतिभारित वितरण ट्रांसफार्मरों में से एस.एस.टी.डी. एवं आर.डी.एस.एस. योजना अन्तर्गत क्रमश: 16 एवं 97 वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमतावृद्धि/अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मर की स्थापना के कार्य पूर्ण कर दिये गये हैं। शेष 20 अतिभारित वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमतावृद्धि हेतु के.एफ.डब्ल्यू. वित्त पोषित योजना एवं आर.डी.एस.एस. योजना में क्रमश: 14 एवं 6 वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमतावृद्धि/अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मर की स्थापना के कार्य स्वीकृत किये गये हैं। उक्त कार्यों का अतिशीघ्र प्रारंभ होना संभावित है।
कुसुम ए.बी.सी. योजना का क्रियान्वयन
[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]
116. ( क्र. 1504 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कुसुम ए.बी.सी. योजनान्तर्गत किन-किन श्रेणी में कौन-कौन से कार्य संचालित किए जा रहे है? उनकी पृथक-पृथक जानकारी देवें। (ख) मंदसौर जिला अंतर्गत कुसुम ए.बी.सी. योजनान्तर्गत विगत 2 वर्षों में प्रश्न दिनांक तक कितने विकासक एवं उपभोक्ताओं से अनुबंध कर कार्य प्रारम्भ कराया गया है? जानकारी देवें। विकासकों का नाम, स्थान एवं मेगावॉट की जानकारी देवें। (ग) मध्यप्रदेश में विगत दो वर्षों में कितने निवेशको ने सोलर पार्क (प्लांट) की स्थापना हेतु आवेदन किया है और कितनों से एम.ओ.यू. किया गया है? जानकारी देवें। निवेशको का नाम, स्थान, सोलर पार्क (प्लांट) की क्षमता सहित जानकारी देवें। (घ) प्रश्नांश (ग) में दर्शाये गये निवेशकों द्वारा प्रदेश में किए गए कार्यों की वर्तमान स्थिति से अवगत कराएं?
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्ला ) : (क) कुसुम-अ, कुसुम-ब, कुसुम-स से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) मंदसौर जिला अंतर्गत कुसुम-अ, ब एवं स योजना की वांछित जानकारी निम्नानुसार है:- कुसुम-अ- कुसुम-अ योजना का कार्य म.प्र. ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड द्वारा State implementing Agency (SIA) होने के नाते सिर्फ Bid Process Coordinatior की भूमिका निभाई जाती है एवं हितग्राही को Letter of Award (LOA) जारी किये जाते है। तत्पश्चात हितग्राहियों द्वारा ऊर्जा विभाग के पॉवर मैनेजमेंट कंपनी से power Purchase Agreement (PPA) संपादित किया जाता है। मंदसौर जिला अंतर्गत कुसुम-अ योजनांतर्गत विगत 2 वर्षों में प्रश्न दिनांक तक किये गये अनुबंध की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है एवं ऊर्जा विभाग की पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लि द्वारा उपलब्ध कराई गई PPA की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। कुसुम-ब- कुसुम-बी योजनांतर्गत मंदसौर जिला में पिछले 2 वर्षों से प्रश्न दिनांक तक कुल 1120 हितग्राहियों के यहां सोलर पंप स्थापना के लिए निविदा के माध्यम से पैनलबद्ध (Empanelled) संबंधित इकाईयों को कार्यादेश जारी किया जा चुका है। कुसुम-स से संबंधित जानकारी निरंक है। (ग) म.प्र. में सोलर पार्क (प्लांट) की स्थापना हेतु विगत 2 वर्षों में प्राप्त आवेदनों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। MOU की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है। (घ) प्रश्नांश (ग) के संदभ में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है।
प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना
[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]
117. ( क्र. 1507 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान में मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड द्वारा संचालित 'प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना' के अंतर्गत मुरैना जिले सहित प्रदेश में अब तक कुल कितने आवेदन प्राप्त हुए हैं? इनमें से कितने कृषकों के साथ अनुबंध (Agreement) की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है? (ख) क्या इस योजना के तहत सोलर पंप स्थापना हेतु किसानों से जो अनुबंध कराए जा रहे हैं, उनमें उनकी कृषि भूमि को 5 अथवा 7 वर्ष के लिए 'बंधक' (Mortgage/Hypothecation) रखने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो क्या इसकी लिखित और स्पष्ट सूचना आवेदन के समय किसानों को दी गई है? क्या इस योजना के विज्ञापनों या आवेदन फॉर्म के मुख्य पृष्ठ पर इस 'बंधक' की शर्त का स्पष्ट उल्लेख किया गया है? (ग) क्या शासन को यह ज्ञात है कि योजना के अनुबंधों में निहित इस 'बंधक' की शर्त के कारण किसानों के राजस्व रिकॉर्ड (खसरे) पर सरकारी बोझ दर्ज हो रहा है, जिससे उन्हें विक्रय, बैंकों से अल्पकालिक ऋण (KCC) या अन्य आवश्यक ऋण प्राप्त करने में गंभीर कठिनाई आ रही है? (घ) क्या इस योजना को केवल 'अनुदान आधारित' बताकर प्रचारित किया जा रहा है, जबकि वास्तविक अनुबंधों में किसानों की भूमि की आर्थिक स्वतंत्रता छीनी जा रही है? क्या इस 'बंधक' की शर्त को तत्काल हटाना विचाराधीन है? यदि नहीं, तो क्यों?
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्ला ) : (क) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना के अंतर्गत मुरैना जिले सहित प्रदेश में अब तक पंजीयन राशि सहित कुल 53179 नग सोलर पंप के आवेदन प्राप्त हुए है। योजनान्तर्गत कृषकों के साथ म.प्र. ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड द्वारा कोई अनुबंध (Agreement) नहीं किया गया है। (ख) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में वर्तमान में प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना के अंतर्गत किसानों को 1 एच.पी. से 7.5 एच.पी. तक क्षमता के पंप पर 90 प्रतिशत सब्सिडी (अनुदान) दिये जाने का प्रावधान है, जिसमें सोलर पंप की बेंचमार्क लागत 30 प्रतिशत अनुदान भारत सरकार द्वारा दिये जाने एवं 60 प्रतिशत अनुदान कृषक ऋण के रूप में म.प्र. शासन द्वारा दिया जा रहा है। कृषक ऋण के भुगतान का पूर्ण दायित्व राज्य शासन का है। योजनान्तर्गत 10 प्रतिशत कृषक अंशदान है। योजनान्तर्गत सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया को नोडल बैंक बनाया गया है। सेन्ट्रल बैंक द्वारा कृषक से कृषक ऋण हेतु अनुबंध किया जा रहा है। कृषक ऋण के भुगतान का पूर्ण दायित्व राज्य शासन का है। सेन्ट्रल बैंक द्वारा निष्पादित किये जा रहे अनुबंध पर कृषि भूमि को 5 अथवा 7 वर्ष के लिए बंधक (Mortgage/ hypothecation) रखने का प्रावधान नहीं है। (ग) एवं (घ) उत्तरांश (ख) के संदर्भ में जानकारी निरंक है।
प्रधानमंत्री आवास योजना में आवंटन
[नगरीय विकास एवं आवास]
118. ( क्र. 1509 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री आवास योजना प्रदेश में किस दिनांक से लागू की गई, शासन आदेश एवं परिपत्र की प्रति उपलब्ध कराई जावे। (ख) ई.डब्लू.एस एवं नॉन ई.डब्लू.एस. आवास हेतु कितनी-कितनी राशि हितग्राहियों से लिये जाने का प्रावधान रखा गया है? राशि की जानकारी दी जावे। (ग) जिला ग्वालियर में उक्त योजनार्न्गत किस-किस स्थान पर ई.डब्लू.एस. एवं नॉन ई.डब्लू.एस. आवास निर्मित किये गये, स्थानवार/आवासों की संख्या/श्रेणीवार जानकारी दी जावे। (घ) प्रश्नांश (ग) के संबंध में निर्मित आवासों में से वर्ष 2025-26 में कितने ई.डब्लू.एस एवं नॉन ई.डब्लू.एस. के आवास रिक्त थे एवं रिक्त आवासों का आवंटन किस-किस दिनांक को किया गया? हितग्राही का नाम एवं राशि सहित जानकारी दी जावे। (ड.) प्रश्नांश (घ) के संबंध में यदि उक्त अवधि के दौरान आवंटित आवासों के लिये वरियता क्रम की सूची तैयार की गई थी? यदि हां, तो सूची उपलब्ध कराई जावे और यदि नहीं, तो आवास आवंटन के लिये पात्रता का निर्धारण का क्या आधार निर्धारित किया गया। जानकारी दी जावें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) भारत सरकार, आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय के पत्र क्र. F. No. N-11026/06/2014-PPG/FTS-11733 दिनांक 25 जून, 2015 द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी का शुभारंभ किया गया, मध्यप्रेदश शासन, नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आदेश क्रमांक एफ-10-47/2016/18-2 भोपाल, दिनांक 13 नवम्बर, 2013 द्वारा सैंद्वातिक सहमति प्रदान की गई जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार हैं। (ख) मध्यप्रदेश शासन, नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आदेश क्रमांक एफ-1-01/2016/18-3 भोपाल, दिनांक 15/05/2018 के अनुसार आवासीय इकाई की लागत के अंतिम अनुमोदन हेतु मेयर-इन-काउसिंल (एम.आई.सी.) को अधिकृत किया गया। तत्पश्चात् उक्त आदेश के तारतम्य में मेयर-इन-काउसिंल (एम.आई.सी.) द्वारा संकल्प क्रंमाक 673 दिनांक 16/05/2018 पारित कर ई.डब्ल्यू.एस. एवं नॉन-ई.डब्ल्यू.एस. आवासों की राशि निर्धारित की गई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार हैं। तदोंपरात परिषद के ठहराव क्र. 258 दिनांक 08/01/2020 के पालन में आवासीय इकाईयों के मूल्यों में संशोधन किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार हैं। (ग) ई.डब्ल्यू.एस. एवं नॉन-ई.डब्ल्यू.एस. आवासों की स्थानवार/आवासों की संख्या/श्रेणीवार सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''द'' अनुसार हैं। (घ) वर्ष 2025-2026 में रिक्त आवासों की संख्या सहित आवंटित आवासों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''इ'' अनुसार हैं। (ड.) प्रश्नांश (घ) के संबंध में नॉन-ई. डब्ल्यू.एस. आवासीय इकाईयों के पंजीयन हेतु वरीयता सूची तैयार नहीं की गई थी। उक्त श्रेणी के आवासों का आवंटन न मेयर-इन-काउसिंल (एम.आई.सी.) द्वारा संकल्प क्रमाक-673 दिनांक 16/05/2018 के पालन में "प्रथम आओं प्रथम पाओ" के आधार पर किया गया हैं।
पिछड़ा वर्ग की कल्याण योजनाओं पर व्यय
[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]
119. ( क्र. 1510 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) ग्वालियर संभाग में पिछड़ा वर्ग की कौन-कौन सी योजनाएं स्वीकृत है? योजनाओं के नाम की जानकारी शासन आदेश की प्रति सहित उपलब्ध कराई जावे। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु विगत दो वर्षों में कितनी-कितनी राशि का आवंटन स्वीकृत किया गया एवं किस-किस मद में राशि का व्यय किया गया? जानकारी दी जावे। (ग) ग्वालियर संभाग में विगत दो वर्षों में कहां-कहां छात्रावास खोले गये? छात्रावास का नाम/स्थान सहित जानकारी दी जावे। (घ) क्या छात्रावासों में निवासरत छात्रों के लिये शासन द्वारा छात्रवृत्ति दिये जाने का नियम है? यदि हां, तो शासन प्रति उपलब्ध करावे।
राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती कृष्णा गौर ) : (क) ग्वालियर संभाग में पिछड़ा वर्ग की स्वीकृत योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। योजनाओं के नाम की जानकारी, शासन आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु विगत 02 वर्षों में स्वीकृत आवंटित राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। (ग) ग्वालियर संभाग में विगत दो वर्षों में कोई भी नया छात्रावास नहीं खोला गया। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हां। शासन आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है।
ऊर्जा विभाग में नियुक्तियों कर्मचारियों की जानकारी
[ऊर्जा]
120. ( क्र. 1511 ) श्री सुरेश राजे : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ऊर्जा विभाग में पंजीकृत कंपनी/ठेकेदार द्वारा चतुर्थ श्रेणी, तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों को संविदा/मानसेवी, मानदेय, न्यूनतम वेतन एवं ठेका पर रखने सम्बन्धी आदेश/नियम की सत्यापित प्रति देवें, जिला ग्वालियर में अधीक्षण यंत्री (शहर/ग्रामीण)/उप-महाप्रबंधक/सहायक अभियंता कार्यालयों के अधीन उक्त श्रेणी के कौन-कौन से कर्मचारी किस दिनांक से किस फर्म/कंपनी के अधीन नियुक्त होकर कार्यरत हैं? इनका नाम/पद/शैक्षणिक योग्यता/नियुक्ति दिनांक/वर्तमान में प्रतिमाह देय राशि सहित बतावें तथा इनको कितने वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर नियमित किया जायेगा? यदि हाँ, तो समयावधि बताये यदि नहीं, तो कारण सहित बतावें। (ख) डबरा शहर क्षेत्र का विस्तार एवं नवीन कॉलोनियां बनने से विद्युत विभाग ऐसी कॉलोनियों का कब तक सर्वे करवा कर विद्युत पोल एवं विद्युत डी.पी. लगाकर घरेलु विद्युत कनेक्शन देगा? जिससे जनता/कॉलोनी वासियों को विद्युत सुविधा के साथ विद्युत चोरी रुकेगी, यदि हाँ, तो कब तक कार्य प्रारंभ किया जायेगा? यदि नहीं, तो इन नवीन कॉलोनियों में उक्त कार्य किस प्रकार किया जायेगा? विस्तृत ब्यौरा दें।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) ऊर्जा विभाग अंतर्गत विद्युत कंपनियों में निविदाओं के माध्यम से चयनित विभिन्न बाह्य स्त्रोत सेवा-प्रदाता फर्म/कंपनी द्वारा आउटसोर्स कार्मिकों का नियोजन किया जाता है। आउटसोर्स कार्मिकों को श्रमायुक्त, म.प्र. शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम मासिक वेतन/मानदेय राशि का भुगतान किया जाता है। निविदाओं में उल्लेखित नियम एवं शर्तों के अनुरूप आउटसोर्स कार्मिकों का नियोजन किया जाता है। निविदा की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। ग्वालियर जिलान्तर्गत संचालन/संधारण वृत्त/संभाग/उपसंभाग कार्यालयों के अन्तर्गत वर्तमान में कार्यरत आउटसोर्स कार्मिकों से संबंधित प्रश्नाधीन चाही गयी बाह्य स्त्रोत सेवा प्रदाता फर्मों/एजेंसियों की जानकारी तथा आउटसोर्स कार्मिकों के नाम, पद, शैक्षणिक योग्यता, नियुक्ति दिनांक एवं वर्तमान में प्रतिमाह भुगतान की राशि से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है। उल्लेखनीय है कि आउटसोर्स कार्मिक वितरण कंपनी के कार्मिक नहीं हैं, अत: बाह्य स्त्रोत सेवा प्रदाता एजेंसी के माध्यम से नियोजित आउटसोर्स कार्मिकों के नियमितीकरण का प्रश्न ही नहीं उठता है। (ख) म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रान्तर्गत वैध एवं अवैध कॉलोनियों में विद्युतीकरण एवं नवीन कनेक्शन का कार्य, ''म.प्र.विद्युत प्रदाय संहिता-2021'' के अध्याय 4 एवं ''मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग (विद्युत प्रदाय के प्रयोजन से विद्युत लाइन प्रदान करने अथवा उपयोग किये गये संयंत्र हेतु व्ययों तथा अन्य प्रभारों की वसूली) (पुनरीक्षण द्वितीय) विनियम 2022, {आर.जी.-31 वर्ष 2022 (II) }'' में निहित प्रावधानों के अनुसार किया जाता है, जिनकी छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'स' एवं 'द' अनुसार है। राज्य शासन द्वारा प्रदेश की घोषित एवं अघोषित अवैध कॉलोनियों के रहवासियों को स्थाई विद्युत कनेक्शन प्रदान करने हेतु आवश्यक अधोसंरचना निर्माण की लागत के भुगतान में सुगमता प्रदान करने के लिए ''सुगम विद्युत (सुविधा) योजना, 2024'' संचालित की गई है, जिनकी छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ई' अनुसार है। डबरा शहर क्षेत्र की नवीन कॉलोनियों के विद्युतीकरण हेतु आवेदन प्राप्त होने पर म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा नियमानुसार कार्यवाही की जा सकेगी।
भूखंडों का नामांतरण हेतु प्रावधान
[नगरीय विकास एवं आवास]
121. ( क्र. 1513 ) श्री सुरेश राजे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहरी क्षेत्र में क्रय-विक्रय के भूखंड तथा भवनों के नामांतरण कितनी अवधि में करवाने का प्रावधान है? शासन के नियम/आदेश की सत्यापित प्रति उपलब्ध करवाएं। (ख) नगर पालिका डबरा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2020-21 से जनवरी 2026 तक भूखंड (प्लाट) एवं भवनों के नामांतरण हेतु कितने-कितने आवेदन प्राप्त हुए? जिनमें कितने-कितने निराकरण हुए? कितने-कितने निराकरण हेतु प्रश्न दिनांक तक लंबित हैं? वर्षवार पूर्ण जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार उक्त अवधि में प्लाट एवं भवनों का नामांतरण हेतु लंबित आवेदन किस दिनांक को कार्यालय में प्राप्त हुआ? उसका आवक क्र. एवं दिनांक बताएं तथा इन लंबित आवेदनों को किस दिनांक की बैठक में विचारार्थ रखा गया? जिन्हें किस कारण स्वीकृत नहीं किया गया? भविष्य में इन प्रकरणों को कब तक निराकृत किया जायेगा? समयावधि बतावें यदि नहीं, तो प्रत्येक का कारण सहित बतावें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) शहरी क्षेत्र में क्रय-विक्रय के भूखण्ड तथा भवनों के नामान्तरण के संबंध में म.प्र. नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 150 के प्रावधानुसार क्रय/विक्रय की स्थिति में 90 दिन के भीतर तथा उस व्यक्ति की मृत्यु की दशा में किसी भूमि या भवन या उसके भाग या अंश का हक निहित हो मृत्यु के तीन माह के भीतर परिषद को हक अंतरण की लिखित सूचना दिया जाना प्रावधानित है। नगरीय क्षेत्र में भवन/भूमि के अंतरण संबंधी सेवा, लोक सेवा गांरटी अधिनियम में सम्मिलित है। जिसमें 45 दिवस की समयावधि निर्धारित है। प्रावधान/आदेश की प्रति जानकारी पुस्तकालय रखे में परिशिष्ट “अ” अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय रखे में परिशिष्ट "ब" अनुसार है। (ग) जानकारी उत्तरांश "ख" में समाहित है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिका परिषद डबरा जिला ग्वालियर को समस्त लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर 15 दिवस की समय-सीमा में निराकरण के निर्देश दिये गये है। पत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "स" अनुसार है।
राशि का आवंटन
[नगरीय विकास एवं आवास]
122. ( क्र. 1515 ) श्री महेंद्र रामसिंह यादव : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पंचायत कोलारस, बदरवास एवं रन्नौद में 2020 से प्रश्न दिनांक तक किस-किस मद में कितनी-कितनी राशि का आवंटन प्राप्त हुआ, उक्त आवंटन के विरूद्व कौन-कौन से कार्य संपादित कराये गये व उनमें कितनी-कितनी राशि व्यय की गयी? जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार प्रश्न दिनांक तक सामग्री क्रय एवं निमार्ण कार्य हेतु कौन-कौन सी निविदाएं आमंत्रित की गयी? विवरण दें। उक्त निविदाओं के माध्यम से क्या-क्या सामग्री किस-किस फर्म से किस आदेश के तहत क्रय की गयी व फर्म कितनी राशि का भुगतान किया गया? क्या उक्त सामग्री उचित मानकों को पूर्ण करती है सामग्री का सत्यापन व मूल्यांकन किस-किस अधिकारी द्वारा किया गया? जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार प्रश्न दिनांक तक स्वीकृत निर्माण कार्यों में से कौन-कौन से कार्य पूर्ण हो चुके है? निर्धारित समय-सीमा के उपरांत भी कौन-कौन से कार्य अपूर्ण है, जो स्वीकृति के उपरांत भी आज दिनांक तक प्रारंभ नहीं हो सके हैं क्यों? इसके लिए कौन-कौन दोषी है, उन पर क्या कार्यवाही की जावेगी? अपूर्ण, अप्रारंभ कार्य कब तक पूर्ण कर लिए जावेंगे?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगर परिषद कोलारस की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ', नगर परिषद बदरवास की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' एवं नगर परिषद रन्नौद की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'स' अनुसार है। (ख) नगर परिषद कोलारस की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ', नगर परिषद बदरवास की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' एवं नगर परिषद रन्नौद की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'स' अनुसार है। (ग) नगर परिषद कोलारस की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ', नगर परिषद बदरवास की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' एवं नगर परिषद रन्नौद की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'स' अनुसार है।
सोलर रूफ टॉप स्कीम के संबंध में
[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]
123. ( क्र. 1516 ) श्री महेंद्र रामसिंह यादव : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भारत सरकार की पीएम सूर्य घर योजना के अन्तर्गत सोलर रूफ टॉप एवं कुसुम स्कीम के अन्तर्गत शिवपुरी जिले में योजना प्रारंभ से प्रश्न दिनांक तक कुल कितने आवेदन प्राप्त हुए? उनमें से कितने आवेदन स्वीकृत हुए, कितने अस्वीकृत हुए कारण सहित स्पष्ट करें? जानकारी योजनावार, नामवार, स्थानवार, विकासखण्डवार पृथक-पृथक उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार उक्त सोलर रूफ टॉप एवं कुसुम योजना में लगाये गये सोलर पैनल से कुल कितना विद्युत उत्पादन हुआ एवं हितग्राही द्वारा कुल कितनी विद्युत खपत की गयी? सोलर पैनल लगने के बाद हितग्राही का विद्युत खपत व बिजली उत्पादन में कितना अंतर रहा? योजनावार अवगत करावें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में कितने उपभोक्ताओं को योजना में मिलने वाली की सब्सिडी का भुगतान कर दिया गया है व कितनों का किस-किस कारण से शेष है, जानकारी योजनवार, नामवार, स्थानवार, विकासखण्डवार पृथक-पृथक उपलब्ध करावें?
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्ला ) : (क) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजनांतर्गत भारत सरकार द्वारा पोर्टल विकसित किया गया है, जिस पर आवेदन ऑनलाईन किये जाते है। जिसमें आवेदन स्वीकृत होने या अस्वीकृत होना प्रदर्शित नहीं होता है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। कुसुम योजनाओं की धटकवार जानकारी कुसुम-अ योजनांतर्गत शिवुपरी जिले में योजना प्रारंभ से प्रश्न दिनांक तक प्राप्त एवं अस्वीकृत आवेदन की योजनावार, नामवार, स्थानवार, विकासखण्डवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। कुसुम-ब योजनांतर्गत शिवपुरी जिले में योजना प्रारंभ से कुल 6099 हितग्राहियो/कृषकों के आवेदन प्राप्त हुए है। कुल 466 हितग्राहियों/कृषकों को स्वीकृत कर लाभांवित किया जा चुका है। जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। कुल 2621 हितग्राहियों/कृषकों को स्वीकृत कर उनके यहां सोलर पंप स्थापना हेतु कार्यादेश जारी किया जा चुका है। जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है एवं कुल 380 अस्वीकृत (संबंधित खसरे पर वर्तमान में अथवा पूर्व में विद्युत कनेक्शन के साथ) जिनके हितग्राहियों/कृषकों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। कुसुम-स- भारत सरकार की पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत कुसुम-स योजना की निविदा अंतर्गत शिवपुरी जिले से प्राप्त निविदाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है, जिनमें से स्वीकृत निविदाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है। निविदाओं का मूल्यांकन निविदा की कंडिका क्रमांक-4.4 के तहत किया गया है। पूर्ण निविदा निगम की वेबसाईट पर उपलब्ध है https://mpuvn.mp.gov.in#M71TENDERLIST (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में स्थापित सोलर रूफटॉप संयंत्रों के स्थापित होने के पश्चात नेटमीटरिंग उपरांत हितग्राही द्वारा आवश्यकतानुसार विद्युत की खपत की जाती है। यदि की गई खपत सौर संयंत्र के विद्युत उत्पादन से ज्यादा हुई है और यदि खपत से ज्यादा सौर ऊर्जा उत्पादित होती है तो शेष विद्युत विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (DISCOM) को Export हो जाती है। इस परिप्रेक्ष्य में विद्युत के अंतर का आंकलन स्वत: ही होता है। कुसुम-अ अंतर्गत स्वीकृत किये गये आवेदकों के सौर ऊर्जा संयंत्रों की कमिशनिंग नहीं हुई है। कुसुम-ब अंतर्गत ऑफग्रिड सोलर पंप संयंत्र की स्थापना की जाती है। विद्युत उत्पादन के संबंध में जानकारी निरंक है। कुसुम-स अंतर्गत वर्तमान में जानकारी निरंक है। (ग) प्रश्नांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से 537 उपभोक्ताओं को योजना की सब्सिडी का भुगतान किया जा चुका है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ई अनुसार है। कुसुम-अ निगम द्वारा कुसुम-अ योजनांतर्गत हितग्राही को कोई भी सब्सिडी देने का प्रावधान नहीं है। कुसुम-ब अंतर्गत हितग्राही/कृषक से केवल निर्धारित हितग्राही अंश ही पोर्टल के माध्यम से प्राप्त किया जाता है एवं उक्त हितग्राही राशि, राज्य शासन व केन्द्र शासन के देय अनुदान को मिलाकर पात्र कृषकों को सोलर पंप empanelled इकाईयों के माध्यम से प्रदाय किया जाता है। सीधे हितग्राही/कृषक को अनुदान की राशि प्रदान नहीं की जाती है। कुसुम-स अंतर्गत वर्तमान में जानकारी निरंक है।
कटनी के सीवर लाइन के कार्य
[नगरीय विकास एवं आवास]
124. ( क्र. 1522 ) श्री संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिक निगम कटनी में पिछले 1 वर्ष में कहां-कहां सीवर लाइन का कार्य किया गया है? पूर्ण विवरण बताएं। (ख) सीवर लाइन डालने के दौरान खोदी गई सड़क को बनाकर देने के लिए क्या प्रावधान किए गए हैं? क्या उन प्रावधानों का पालन करते हुए सड़क का निर्माण किया जा रहा है, यदि हाँ, तो पिछले 1 वर्ष में किन-किन सड़कों में सीवर लाइन डाली गई और किस तरह से उनका फिर से निर्माण किया गया एवं सड़क किस प्रकार बनाई गई का पूर्ण विवरण बताएं।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। (ख) सीवर लाईन बिछाई जाकर रोड रेस्टोरेशन कराये जाने का प्रावधान है। जी हां। जानकारी संलग्न परिशिष्ट-'ब' अनुसार है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट-'ब' में उल्लेख अनुसार सड़कों का रेस्टोरेशन कराया गया है।
योजनाओं के क्रियान्वयन एवं छात्रावास की जानकारी
[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]
125. ( क्र. 1525 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा कौन-कौन सी योजनाएं संचालित की जा रही है? योजनावार जानकारी देवें। बालाघाट विधानसभा में उक्त योजनाओं से कितने हितग्राहियों को लाभ प्रदान किया गया है? हितग्राही का नाम, किस योजना में लाभ दिया गया विगत 02 वर्षों की सम्पूर्ण जानकारी देवें। (ख) बालाघाट विधानसभा क्षेत्र में विभाग के कितने छात्रावास कहाँ-कहाँ संचालित है तथा उसमें कितने छात्र अध्ययन कर रहे है? छात्रावासवार जानकारी देवें। (ग) बालाघाट विधानसभा क्षेत्र में विगत 3 वर्ष में विभाग द्वारा कितने छात्र-छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई हैं? छात्रवृत्ति कितने छात्र-छात्रों को नहीं प्राप्त हुई हैं? सूची उपलब्ध करायें। (घ) पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग द्वारा छात्रों को पढ़ाई हेतु विदेश जाने पर क्या लाभ दिया जाता है? उसके क्या नियम है? नियम की प्रति उपलब्ध करावें। बालाघाट विधानसभा क्षेत्र में विगत 3 वर्ष में विभाग द्वारा कितने छात्रों को लाभ दिया गया हैं? सूची उपलब्ध करायें।
राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती कृष्णा गौर ) : (क) पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा बालाघाट जिले में संचालित योजनाओं की सूची की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) बालाघाट विधान सभा क्षेत्र में 02 छात्रावास संचालित है तथा उसमें अध्ययनरत छात्रों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) बालाघाट विधान सभा क्षेत्र में विगत 03 वर्ष में विभाग द्वारा छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। (घ) पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा विद्यार्थियों को विदेश में अध्ययन हेतु छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। योजना नियम की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है। बालाघाट विधान सभा क्षेत्र में विगत 03 वर्ष में विभाग द्वारा लाभ दिए गए विद्यार्थियों की जानकारी निरंक है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
अमृत भारत योजना हेतु स्वीकृत राशि
[नगरीय विकास एवं आवास]
126. ( क्र. 1528 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. में नगरीय निकायों में अमृत भारत योजना अंतर्गत स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने जल प्रदाय परियोजनाओं हेतु कितनी राशि स्वीकृत की गई है? प्रदेश के सभी नगरीय निकायवार स्वीकृत राशि और प्रश्न दिनांक तक व्यय की गई राशि की जानकारी देंवे। (ख) नगर पालिक निगम छिंदवाड़ा में अमृत योजना 2.0 के अंतर्गत क्या-क्या कार्य किए जाने प्रस्तावित हैं? प्रोजेक्ट रिपोर्ट की कॉपी प्रदान करें। (ग) नगर पालिक निगम छिंदवाड़ा में अमृत 2.0 के लिए निर्माण एजेंसी के चयन की प्रक्रिया एवं किए गए टेंडर में प्राप्त दरों का तुलनात्मक विवरण उपलब्ध करावें। (घ) क्या चयनित निर्माण एजेंसी समय पर कार्य प्रारंभ नहीं कर पाई है और उसे वर्क एक्सटेंशन प्रदान किया गया है? यदि हाँ, तो उसकी कॉपी प्रदान करें। उक्त प्रोजेक्ट की कार्य पूर्णता अवधि कब तक है? (ड.) नगर निगम छिंदवाड़ा में अमृत योजना 2.0 में प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या कार्य किया जा चुका है एवं कितनी राशि व्यय की जा चुकी है? कार्य की वर्तमान भौतिक स्थिति की जानकारी के साथ अब तक हुए व्यय के भुगतान पत्रक की कॉपी प्रदान करें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। (ख) अमृत 2.0 योजनांतर्गत नगर पालिक निगम छिंदवाडा में जलप्रदाय, खजरी तालाब का जीर्णोद्धार एवं सीवरेज कार्य प्रस्तावित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है। (ग) निर्माण एजेन्सी का चयन ई-निविदा आमंत्रित की जाकर निविदा में पात्र निविदाकारों में से न्यूनतम निविदा दर पर किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'स' अनुसार है। (घ) एवं (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'द' अनुसार है।
चम्बल नदी पर ब्रिज का निर्माण
[लोक निर्माण]
127. ( क्र. 1530 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा शासन के पत्र क्र. 1707 दि. 24/06/2021 द्वारा नागदा-गिदगढ़-निनावटखेडा-चंदोडिया से तारोद-मोकडी मार्ग को एमपीएमडीआर 26-27 टु-लेन घोषित किया गया था? जिसके निर्माण हेतु वर्ष 2023-24 के प्रथम अनुपूरक बजट में 31.25 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई थी? यदि हां, तो स्वीकृत डीपीआर में 5.50 मीटर चौड़ी रोड निर्माण के साथ-साथ कहाँ-कहाँ पुल निर्माण की स्वीकृति है? (ख) म.प्र. शासन लोक निर्माण विभाग भोपाल पत्र क्र. एफ-43/14/2025/19/यो 868 भोपाल दि. 29/03/2025 द्वारा मांग संख्या 24-5054-4149-0101 निनावटखेडा से किलोडिया-मोकड़ी मार्ग में चम्बल नदी पर पुल का निर्माण करने हेतु 19.15 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई थी? यदि हां, तो क्या टेण्डर आमंत्रित कर दिए गए है? यदि हां, तो कब? यदि नहीं, तो क्यों? कब तक आमंत्रित किए जाएगें? (ग) क्या उक्त रोड व पुल निर्माण का भूमिपूजन/शिलान्यास तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा 20/07/2023 को व दूसरी बार मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा 13/10/2024 को किया गया था? रोड के टेण्डर तो विभाग द्वारा आमंत्रित कर लिए गए थे परंतु चम्बल नदी पर 19 करोड़ की लागत से बनने वाले पुल के निर्माण हेतु टेण्डर अभी तक आमंत्रित नहीं किए गए है? क्यों?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। शासन द्वारा दिनांक 15.03.2024 को राशि रू. 3187.50 लाख की प्रदत्त प्रशासकीय स्वीकृति में केवल सड़क, पुलिया व कलवर्ट की स्वीकृति प्रदान की गई, उक्त प्राप्त प्रशासकीय स्वीकृति में पुल की स्वीकृति सम्मिलित नहीं है। (ख) जी हाँ। जी हाँ। दिनांक 06.02.2026 को निविदा आमंत्रण किया जा चुका है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। मार्ग निर्माण कार्य का भूमिपूजन कराया गया है। पुल निर्माण कार्य का भूमिपूजन नहीं कराया गया है। चम्बल नदी पर पुल निर्माण हेतु दिनांक 06.02.2026 को निविदा आमंत्रण की कार्यवाही पूर्ण की जा चुकी है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
विभाग अंतर्गत पदस्थ कर्मचारियों के संबंध में
[पशुपालन एवं डेयरी]
128. ( क्र. 1531 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कार्यपालिक पदों पर 3 वर्ष से अधिक पदस्थापना पर रोक है? (ख) छिन्दवाड़ा में स्थित उप संचालक कार्यालय पशुपालन विभाग में कितने ऐसे अधिकारी है जो तीन वर्ष से अधिक समय से पदस्थ है? (ग) क्या वर्तमान में उप संचालक वर्ष 1994 से 2012 कृत्रिम गर्भाधान केन्द्र इमलीखेड़ा जिला छिन्दवाड़ा तथा 2015 से 2019 तक पशु प्रजनन कार्यक्रम अधिकारी इमलीखेड़ा छिन्दवाड़ा एवं 2019 से अभी तक 2025 तक उप संचालक के पद पर लगातार पदस्थ है? क्या यह स्थानांतरण नीति के विपरीत है? (घ) प्रश्नांश (ग) के प्रकाश में कब तक इस संबंध में कार्यवाही की जायेगी?
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) जी नहीं। (ख) उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी जिला छिन्दवाड़ा कार्यलय में 3 वर्ष से अधिक समय से 2 अधिकारी पदस्थ है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ग) जी हां। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण निति-2025 के बिन्दु क्रमांक 17 में लेख है कि एक ही स्थान पर सामान्यतः 3 वर्ष या उससे अधिक पदस्थापना की अवधि पूर्ण कर लेने के कारण स्थानांतरण किया जा सकेगा। बिन्दु 18 में ये भी उल्लेख है कि यह अनिवार्य नहीं है कि 3 वर्ष पूर्ण होने पर स्थानान्तरण किया ही जावे। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नदी एवं नाले पर पुल निर्माण
[लोक निर्माण]
129. ( क्र. 1532 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नदी/नालों पर पुल निर्माण कार्य किये जाने हेतु विभाग द्वारा कोई कार्यवाही की गई है? यदि हां, तो जानकारी देवें। (ख) क्या सागर बायपास से बिहारीपुरा मार्ग पर/खाकरोन से इशुरवारा मार्ग पर/एनएच-44 से सेमराहाट मार्ग पर/सानौधा से पड़रिया मार्ग पर कर्रापुर से पिपरिया मार्ग पर/कर्रापुर से खिरिया मार्ग पर/पथरिया हाट से पृथ्वीपुरा मार्ग पर/हीरापुर-रामछायरी मार्ग पर बम्होरी बीका से चावड़ा सड़क मार्ग पर स्थित नदी एवं नालों पर पुल निर्माण के संबंध में विभाग द्वारा प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्नांश (ख) में वर्णित सड़क मार्गों पर नदी एवं नालों पर स्थित पुल निर्माण कार्यों के लिए विभाग ने यदि कोई कार्यवाही की है, तो शासन स्तर से पुल निर्माण कार्य की स्वीकृति कब तक प्राप्त होगी?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांकित कार्य राज्य बजट में स्वीकृत नहीं होने के कारण कार्यवाही किया जाना संभव नहीं। (ग) उत्तरांश (ख) के उत्तर अनुसार। अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
गौसेवक को मानदेय राशि प्रदान करने
[पशुपालन एवं डेयरी]
130. ( क्र. 1533 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पशुपालन एवं डेयरी विभाग अंतर्गत विभिन्न जिलों की ग्राम पंचायतों में गौसेवक पदस्थ है एवं उन्हें विभाग द्वारा प्रशिक्षित किया गया है? यदि हां, तो जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित गौसेवक संपूर्ण मध्यप्रदेश में कितनी संख्या में हैं? जानकारी देवें तथा प्रशिक्षित गौसेवकों को विभाग द्वारा क्या-क्या सुविधा प्रदान की जाती है? (ग) क्या प्रदेश में प्रशिक्षित गौसेवकों द्वारा समय-समय पर विभाग में नियुक्ति एवं मानदेय तथा शासकीय भर्तियों में प्राथमिकता प्रदान करने के संबंध में कोई पत्राचार/मांग पत्र विभाग को प्रेषित किया है? यदि हां, तो जानकारी देवें। (घ) क्या प्रदेश में प्रशिक्षित गौसेवकों को मानदेय एवं अन्य सुविधाएं विभाग द्वारा प्रदान किये जाने की कोई योजना विभाग द्वारा प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो विभाग प्रशिक्षित गौसेवकों को कब तक मानदेय एवं अन्य सुविधाएं प्रदान करेगा?
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों में गौसेवकों को पदस्थ नहीं किया गया है। गौसेवक योजना अंतर्गत प्राथमिक पशु उपचार प्रशिक्षण एवं प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के उपरांत गौसेवक अपनी ग्राम पंचायत में प्राथमिक पशु उपचार कर सकते हैं। (ख) प्रदेश में 21177 गौसेवकों को प्रशिक्षित किया गया है एवं 8365 गौसेवक क्रियाशील हैं। गौसेवक प्रशिक्षण योजना अंतर्गत प्रशिक्षण उपरांत गौसेवकों को रूपए 1200 (एक हजार दो सौ) की प्राथमिक पशु उपचार किट प्रदाय की जाती है। (ग) जी हां, जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं।
प्रशासकीय स्वीकृति एवं बजट आवंटन
[लोक निर्माण]
131. ( क्र. 1540 ) श्री निलेश पुसाराम उईके : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पांढुर्णा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ब्लॉक-पांढुर्णा अंतर्गत जिला मुख्यालय पांढुर्णा से वर्धा नदी (अमरावती मार्ग), चिमनखापा से भैसाडोंगरी, उत्तलमडेरा से ढोलनखापा, छाबडी से धनोरा मेन रोड, लेंढोरी से रैय्यतवाडी ढ़ाना, पिपलपानी मेन रोड से सातभाई ढ़ाना तथा ब्लॉक-मोहखेड अंतर्गत ग्राम डोडिया से डोडियाढाना, कोहट से बीजागोरा, बाकुल से जायदेही, प्रधानघोघरी मेन रोड से निम्बुखेडा, भैरवपूर से पौनार और खैरवाड़ा से खैरवाड़ा कॉलोनी तक के निर्माण/ सुदृढ़ीकरण हेतु विभाग को पिछले दो वर्षों में कितने प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं तो उन पर क्या कार्रवाई की गई है? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) क्या उक्त सड़कें अत्यंत महत्वपूर्ण व्यापारिक और आवागमन मार्ग हैं, फिर भी इन्हें अब तक मुख्य जिला मार्ग या अन्य जिला मार्ग की श्रेणी में शामिल कर बजट क्यों नहीं दिया गया? (ग) क्या विभाग ने इन सड़कों का व्यवहार्यता सर्वेक्षण या डीपीआर तैयार कर लिया है? यदि हाँ, तो इनकी अनुमानित लागत क्या है? यदि नहीं, तो सर्वे में देरी के क्या कारण हैं? सर्वे कब तक कराया जावेगा? (घ) पांढुर्णा के जिला बनने के बाद बढ़ते यातायात को देखते हुए, क्या शासन इन सड़कों के लिए आगामी बजट या अनुपूरक बजट में विशेष प्रावधान करने का विचार रखता है? क्या इन अत्यंत आवश्यक सड़कों को प्रशासकीय स्वीकृति कब तक प्रदान कर दी जाएगी? समय-सीमा बताएं।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) माननीय विधायक विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 128 पांढुर्णा पत्र दिनांक 12.12.2024 में उल्लेखित 17 मार्गों में से विभाग से संबंधित मार्गों के संबंध में कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग संभाग छिंदवाडा के पत्र क्र. 4905 दिनांक 12.12.2024 के द्वारा कलेक्टर छिंदवाडा को अग्रिम कार्यवाही प्रतिवेदन प्रेषित किया जाकर माननीय विधायक को भी अवगत कराया गया, जानकारी संलग्न परिशिष्ट-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं, शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्नांकित मार्ग कच्चा गाड़ीदान ग्रामीण मार्ग है एवं विभाग में नवीन कार्य स्वीकृत किये जाने हेतु बजटीय प्रक्रिया के अलावा कोई विकल्प नहीं है, मार्ग बजट में सम्मिलित नहीं है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
एम.आई.जी. कॉलोनी का निर्माण
[नगरीय विकास एवं आवास]
132. ( क्र. 1541 ) श्री निलेश पुसाराम उईके : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नगर निगम छिंदवाड़ा में पीएम आवास योजना अंतर्गत इमलीखेड़ा में एमआईजी भवन कालोनी निर्माणाधीन है? यदि हाँ, तो क्या उसे निगम द्वारा निर्धारित अवधि व निविदा राशि में पूर्ण कर दिया गया है? यदि नहीं, तो क्यों, उसके विलम्ब के क्या कारण है? (ख) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित योजना अंतर्गत निर्मित कालोनी के पात्र हितग्राहियों से पूर्व निर्धारित राशि से अधिक राशि पुनः निगम द्वारा मांगी जा रही है? यदि हाँ, तो क्यों? क्या उक्त एमआईजी कालोनी वर्तमान में पूर्ण रूप से अनुबंध अनुसार पर्याप्त सुविधा के निर्मित हो चुकी है? यदि नहीं, तो संबंधित हितग्राहियों से अपने-अपने एमआइजी के रजिस्ट्री करने का दबाव निगम द्वारा डाला जा रहा है? यदि हां, तो क्यों? क्या उक्त अनियमितता के संबंध में जिले के स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा कोई पत्र शासन को प्राप्त हुए हैं? यदि हाँ, तो उस पर क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो कब तक की जावेगी? (ग) क्या प्रदेश के नगर पालिका निगम-छिंदवाड़ा व नगर पालिका परिषद-सिवनी के अंर्तगत नगर के मुख्य/सह सीसी/डामरीकृत मार्गों के मध्य में निर्मित गति अवरोधक इंडियन रोड कांग्रेस के तकनीकी मापदंड अनुसार निर्मित है? यदि नहीं, तो क्यों? क्या इस संबंध में स्थानीय जनप्रतिनिधियों/संगठनों द्वारा कोई पत्र निगम/परिषद/शासन को प्राप्त हुए हैं? यदि हां, तो उस पर क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो कब तक की जावेगी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के एएचपी घटक अन्तर्गत EWS वर्ग के आवासों के हितग्राही अंश कम करने (क्रास सब्सिडी) हेतु नगर पालिक निगम छिंदवाडा द्वारा ईमलीखेडा में 78 एम.आई.जी. भवनो एवं अधोसंरचना कार्य पूर्ण किया गया है। जी नहीं योजना पूर्ण करने की निर्धारित तिथि 30/06/2021 तक कार्य पूर्ण नहीं हुआ। अनुबंध अनुसार भवनों का निर्माण 30.06.2021 तक पूर्ण किया जाना था किंतु कोरोना महामारी से उत्पन्न परिस्थितियों एवं भवन आवंटियों द्वारा संपूर्ण राशि जमा न करने के कारण से निकाय में योजना की वित्तीय साध्यता प्रभावित होने के कारण विलम्ब हुआ। (ख) प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी अंतर्गत ईमलीखेड़ा के एम.आई.जी. भवनों एवं अधोसंरचना कार्य के टेण्डर में सम्मिलित कार्यों के अतिरिक्त अन्य आवश्यक कार्य सम्पन्न कराने एवं एम.आई.जी. आवास के क्षेत्रफल में वृद्धि होने से निर्माण लागत में वृद्धि हुई है। लागत में वृद्धि होने से निर्धारित मूल्य के अतिरिक्त राशि रू. 3.50 लाख की वृद्धि सक्षम प्राधिकारी आयुक्त द्वारा स्वीकृत है। जी हां। जी नहीं। निर्माण कार्य एवं अधोसंरचना कार्य पूर्ण होने के उपरांत आवंटियों की ओर शेष राशि पर म.प्र. नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के पत्र क्रमांक एफ-01-01/2016/18-3 भोपाल दिनांक 11/11/2021 प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के ए.एच.पी. घटक अंतर्गत निर्मित/निर्माणधीन ई.डब्लयू.एस./एल.आई.जी./एम.आई.जी./ व्यवसायिक भूमि/भू-खण्डों का आवंटन एवं व्ययन के संबंध में जारी निर्देश की कंडिका 2.3.3 (ii) के अनुसार 1% मासिक साधारण ब्याज की दर से पेनॉलिटी अधिरोपित कर वसूल किये जाने हेतु प्रावधानित किया गया है। तदानुसार अवगत कराया गया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा शासन को भेजे गये पत्र के परिप्रेक्ष्य में निकाय द्वारा प्रेषित जानकारी के आधार पर विभाग का प्रतिवेदन पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) नगर पालिक निगम छिंदवाडा में मुख्य मार्गों में लगे गति अवरोधक इंडियन रोड कांग्रेस (IRC-99-2018) के मानकों अनुसार लगाए गये है। मुख्य मार्गों पर स्पीड ब्रेकर लगाए जाने जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक दिनांक 11/05/2023, 29/04/2024 एवं 30/04/2024 में समय-समय पर निर्देश प्रदान किये गए थे तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा भी आवेदन पत्र दिए गए है जिसके आधार पर आवश्यकतानुसार वर्तमान में 88 स्थानो पर ब्रेकर लगाए गये है। नगर पालिका परिषद सिवनी में निर्मित गति अवरोधक इंडियन रोड कांग्रेस मानक आधार पर ही बनाये गये है।
दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को विनियमित किया जाना
[नगरीय विकास एवं आवास]
133. ( क्र. 1544 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन संभाग अंतर्गत नगर पालिका/नगर परिषद में कुल कितने वेतनभोगी कर्मचारी किस दिनांक से कार्यरत है? नगर पालिका/नगर परिषदवार कर्मचारियों के नाम सहित जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित ऐसे कितने दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी है, जो विनियमितिकरण की पात्रता रखते है नगर परिषदवार कर्मचारियों के नाम सहित जानकारी देवें? (ग) तारांकित प्रश्न क्रमांक 3143 सदन दिनांक 07/08/2025 के (घ) के उत्तर में तथा संचालनालय के पत्र क्र. एक/05/284/2025/10187 भोपाल दिनांक 19/05/2025 के अनुसार क्या उज्जैन संभाग की नगर पालिका/नगर परिषदों द्वारा जानकारी संचालनालय को भेज दी गई है यदि हाँ, तो नगर पालिका/नगर परिषदवार भेजी गई जानकारी की सत्यापित प्रतिलिपि देवें? वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक कितने दैनिक वेतनभागी कर्मचारी जो 10 वर्ष या अधिक सेवा दे चुके है उन्हें विनियमित किया गया है कर्मचारी के नाम सहित नगर पालिका एवं नगर परिषदवार उज्जैन संभाग की जानकारी देवें? (घ) प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास विभाग तथा संचालनालय नगरीय विकास एवं आवास विभाग को वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के विषय में क्या-क्या आदेश/निर्देश भेजे गए उक्त आदेश/निर्देश की छायाप्रति देवें?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) तारांकित प्रश्न क्रमांक 3143 के प्रश्नांश ''घ'' भाग की प्रेषित जानकारी एवं वर्तमान जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' एवं ''ब''में समाहित है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग की योजनाओं की जानकारी
[पशुपालन एवं डेयरी]
134. ( क्र. 1545 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा कौन कौन सी योजना संचालित की जा रही है? (ख) वर्ष 2024 से प्रश्न दिनांक तक जिला आगर-मालवा में पशुपालन एवं डेयरी विभाग की पशुपालकों को स्वरोजगार, दुग्ध उत्पादन, नस्ल सुधार, पशु स्वास्थ्य एवं बीमा सुरक्षा जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही है? यदि हाँ, तो इन योजनाओं के माध्यम से जिला आगर-मालवा के कितने हितग्राहियों को लाभ प्राप्त हुआ है? लाभान्वित हितग्राहियों का वर्षवार विकासखण्डवार जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार ऐसे कितने प्रकरण है जो बैंक द्वारा स्वीकृत किये है एवं कितने अस्वीकृत किये गए, अस्वीकृत प्रकरण किन कारणों से किये गए विकासखण्डवार जानकारी देवें?
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार है।
नीमच बायपास निर्माण में देरी
[लोक निर्माण]
135. ( क्र. 1573 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नीमच बायपास (जैसिंगपुरा, बघाना, धनेरियाकलां, चंगेरा मार्ग) स्वीकृत मार्ग हेतु विभाग द्वारा कुल कितनी राशि किस दिनांक को स्वीकृत की गई थी? (ख) प्रश्नांश (क) में संदर्भित उक्त रिंग रोड में कौन-कौन से ग्राम का धारा 11 का प्रकाशन किया जा चुका है तथा कितने ग्राम का प्रकाशन शेष है? (ग) प्रश्नांश (क) व (ख) में संदर्भित उक्त रिंग रोड मार्ग हेतु वर्तमान में क्या भू-अर्जन की कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है? यदि नहीं, तो क्यों? आ रही कठिनाइयों से अवगत कराएं।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) लोक निर्माण विभाग संभाग नीमच अंतर्गत नीमच बायपास व्हाया जयसिंहपुरा बघाना धनेरियाकला चंगेरा मार्ग लंबाई 21.20 किमी की प्रशासकीय स्वीकृति राशि रू 111.67 करोड़ म.प्र. शासन लोक निर्माण विभाग मंत्रालय भोपाल के पत्र क्रमांक 43/03/2024/19/यो/1032 भोपाल दिनांक 07.03.2024 द्वारा जारी की गई है। (ख) मार्ग निर्माण हेतु ग्राम सगराना, चंगेरा, जयसिंगपुरा, अरनियाकुमार, खड़ावदा कुल 5 ग्रामों का धारा 11 का प्रकाशन किया जा चुका है। शेष 01 ग्राम धनेरियाकलां में राजस्व नक्षा के अपडेशन की कार्यवाही प्रचलन में होने से धारा 11 का प्रकाशन शेष है। (ग) जी नहीं। वर्तमान में 5 ग्रामों में धारा 11 का प्रकाशन किया जा चुका है व धारा 19 की कार्यवाही राजस्व विभाग द्वारा की जा रही है। शेष 01 ग्राम धनेरियाकलां में राजस्व नक्षा के अपडेशन की कार्यवाही प्रचलन में होने से धारा 11 का प्रकाशन शेष है।
शहरी क्षेत्र में घरेलू बिजली के नवीन कनेक्शन का प्रदाय
[ऊर्जा]
136. ( क्र. 1574 ) श्री देवेन्द्र कुमार जैन : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में शहरी क्षेत्रों में नवीन कॉलोनियों में तथा कुछ पूर्व से बनी हुई कॉलोनियों में सामान्य दरों पर बिजली के नये घरेलू कनेक्शन प्रदाय किये जाने पर कोई प्रतिबंध/रोक आदि लगायी गयी है? क्या विशेष दरों पर ऐसे स्थानों पर नवीन घरेलू विद्युत कनेक्शन प्रदाय किये जाने संबंधी निर्देश हैं? यदि हाँ, तो ऐसा प्रतिबंध कब से तथा क्यों लागू किया गया है? किन-किन विशेष दरों पर विद्युत उपभोक्ताओं को नवीन कनेक्शन प्रदाय किये जाने संबंधी प्रावधान किये गये हैं? तत्संबंधी जारी नियम, निर्देश तथा आदेशों की छायाप्रतियां उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्या शहरी क्षेत्र की बसाहटों में सामान्य दरों पर नवीन घरेलू विद्युत कनेक्शन प्रदाय नहीं किये जाने के कारण आम लोगों को अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है? क्या विभाग पूर्व से बनी अवैध कॉलोनियों में सामान्य दरों पर अथवा विशेष दरों में कमी करते हुए घरेलू विद्युत कनेक्शन प्रदाय किये जाने संबंधी कोई योजना बनाने की विचार करेगा? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में दिनांक 01.1.2024 से प्रश्न दिनांक तक शिवपुरी शहरी क्षेत्रांतर्गत विद्युत जोन पूर्व एवं विद्युत जोन पश्चिम क्षेत्र में कुल कितने-कितने नवीन विद्युत कनेक्शन किन-किन उपभोक्ताओं को किन-किन दरों पर कुल कितनी-कितनी राशि प्राप्त कर कहां-कहां प्रदाय किये गए हैं? सम्पूर्ण जानकारी उपभोक्तावार, जारी कनेक्शन नंबरवार, राशिवार, कॉलोनीवार तथा जोनवार प्रदाय करें?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) विद्युत कनेक्शन दिये जाने हेतु ''म.प्र. विद्युत प्रदाय संहिता-2021'' के अध्याय 4 एवं ''मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग (विद्युत प्रदाय के प्रयोजन से विद्युत लाईन प्रदान करने अथवा उपयोग किये गये संयंत्र हेतु व्ययों तथा अन्य प्रभारों की वसूली) (पुनरीक्षण द्वितीय) विनियम 2022, {आर.जी.-31 (II) वर्ष 2022}'' में निहित प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही की जाती है, जिनकी प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ-1' एवं 'अ-2' अनुसार है। उल्लेखनीय है कि वैध कॉलोनियों हेतु नियमानुसार अधोसंरचना विस्तार कार्य उपरांत सामान्य क्षेत्रांतर्गत नवीन विद्युत कनेक्शन लिए जाने हेतु ''मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग (विद्युत प्रदाय के प्रयोजन से विद्युत लाईन प्रदान करने अथवा उपयोग किये गये संयंत्र हेतु व्ययों तथा अन्य प्रभारों की वसूली) (पुनरीक्षण द्वितीय) विनियम 2022, {आर.जी.-31 (II) वर्ष 2022 }'' की कंडिका 4.1 में उल्लेखित विद्युत प्रभारों के अनुसार शुल्क लिये जाने का प्रावधान हैं। घोषित/अघोषित अवैध कॉलोनियों में ''मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग (विद्युत प्रदाय के प्रयोजन से विद्युत लाईन प्रदान करने अथवा उपयोग किये गये संयंत्र हेतु व्ययों तथा अन्य प्रभारों की वसूली) (पुनरीक्षण द्वितीय) विनियम 2022, {आर.जी.-31 (II) वर्ष 2022}'' की कंडिका क्र. 4.6 (अघोषित अवैध कॉलोनियों) के अनुसार कार्यवाही किये जाने का प्रावधान है। (ख) उत्तरांश (क) में उल्लेखित विनियमों के अनुरूप ही नवीन विद्युत कनेक्शन देने की कार्यवाही विद्युत वितरण कंपनियों के अंतर्गत संपादित की जाती है। घोषित/अघोषित अवैध कॉलोनियों में उत्तरांश (क) में उल्लेखित विनियमों की कंडिका 4.6 के अनुसार कार्यवाही किये जाने का प्रावधान है। तथापि राज्य शासन द्वारा प्रदेश की घोषित एवं अघोषित अवैध कॉलोनियों के रहवासियों को स्थाई विद्युत कनेक्शन प्रदान करने हेतु आवश्यक अधोसंरचना निर्माण की लागत के भुगतान में सुगमता प्रदान करने के लिए ''सुगम विद्युत (सुविधा) योजना, 2024'' संचालित की गई है, जिनकी छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ-3' अनुसार है। (ग) उत्तरांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में दिनांक 01.01.2024 से प्रश्न दिनांक तक अवधि में शिवपुरी शहर क्षेत्रांतर्गत संचालन-संधारण, वृत्त शिवपुरी के जोन पूर्व एवं जोन पश्चिम के अंतर्गत प्रदाय किये गये नवीन कनेक्शनों की प्रश्नाधीन चाही गयी उपभोक्ता, कनेक्शन, बकाया राशि, जमा राशि, कॉलोनी/पता की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है।
मनमाने तरीके से मीटर बदलना
[ऊर्जा]
137. ( क्र. 1575 ) श्रीमती निर्मला सप्रे [एडवोकेट] : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र बीना के बीना नगर में विभाग द्वारा विद्युत उपभोक्ताओं के पुराने विद्युत मीटरों के स्थान पर स्मार्ट मीटर लगाने की कार्यवाही प्रचलन में है? यदि हाँ, तो किन नियमों के तहत? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार स्मार्ट मीटर लगाने के पूर्व संबंधित उपभोक्ता की सहमति या उसको सूचना देना एवं नियमानुसार पुराने मीटर की रीडिंग एवं नए स्मार्ट मीटर की रीडिंग उपभोक्ता को बताने का नियम है, या उपभोक्ता को जानने का अधिकार है I हाँ या नहीं? (ग) प्रश्नांश (ख) में यदि हाँ, तो विधानसभा क्षेत्र बीना के बीना नगर में उपभोक्ताओं को बगैर सूचना दिये उपभोक्ताओं की अनुपस्थिति में तानाशाही पूर्ण मनमाने तरीके से जबरन उनके पुराने मीटर को तोड़कर स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य, गैर कानूनी तरीके से क्यों किया गया? इस प्रकार मनमाने एवं गैर कानूनी तरीके से कार्य करने वाले म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमि. बीना के अधिकारियों/कर्मचारियों एवं ठेकेदार के विरुद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ। म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के क्षेत्रांतर्गत बीना विधानसभा क्षेत्र में बीना नगर (शहर) में केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना दिनांक 23.12.2019 के विनियम-4 एवं विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना दिनांक 31 दिसम्बर, 2020 के विनियम-5 ''मीटरिंग'' तथा मध्यप्रदेश विद्युत प्रदाय संहिता-2021 के अध्याय-8 ''विद्युत मापन तथा बिलिंग'' के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में आर.डी.एस.एस. योजना के अंतर्गत पारदर्शी बिलिंग, मीटर रीडिंग प्रणाली में सुधार और सटीक ऊर्जा लेखांकन के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। (ख) उत्तरांश (क) में उल्लेखित वैधानिक प्रावधानों के अनुसार सहमति लिया जाना आवश्यक नहीं है। उल्लेखनीय है कि स्मार्ट मीटर स्थापना के दौरान की जाने वाली मीटर इंस्टालेशन (MI)/कंज्यूमर इंडेक्सिंग (CI) के तहत पुराने व नये मीटर की जानकारी उपभोक्ता के समक्ष दर्ज की जाती है जिसमें नवीन स्मार्ट मीटर की वर्तमान रीडिंग की जानकारी भी शामिल है। (ग) जी नहीं। विधानसभा क्षेत्र बीना के बीना नगर में स्मार्ट मीटर स्थापना के पूर्व मुनादी एवं समाचार पत्र के माध्यम से जानकारी उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है, साथ ही जिस क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य चल रहा है वहाँ पर संबंधित फील्ड स्टॉफ उपलब्ध रहते हैं एवं मीटर लगाने के पूर्व उपभोक्ता को सूचित भी किया जाता है तथा समय-समय पर वितरण केन्द्र प्रभारी द्वारा भी स्मार्ट मीटर से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। विधानसभा क्षेत्र बीना के बीना नगर के उपभोक्ताओं को बगैर सूचना दिये उपभोक्ताओं की अनुपस्थिति में तानाशाही पूर्ण मनमाने तरीके से जबरन उनके पुराने मीटर को तोड़कर स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के संज्ञान में नहीं है। अतः अधिकारियों/कर्मचारियों एवं ठेकेदार के विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्न नहीं उठता है।
सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना
[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]
138. ( क्र. 1584 ) श्री महेश परमार : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन जिले एवं उज्जैन संभाग में वर्तमान में 1, 2 एवं 3 मेगावाट क्षमता के कितने सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित हैं? कृपया जिलावार विवरण देवें। (ख) क्या सरकार द्वारा इन क्षमताओं (1-3 MW) के संयंत्र लगाने वाले स्थानीय उद्यमियों या किसानों के लिए कोई विशेष प्रोत्साहन योजना या सब्सिडी दी जा रही है? यदि हाँ, तो उसका विवरण क्या है? (ग) 1, 2 और 3 मेगावाट के संयंत्र स्थापित करने हेतु प्रति मेगावाट अनुमानित लागत कितनी आती है और इसमें केंद्र एवं राज्य सरकार का अंशदान कितना रहता है? (घ) क्या इन संयंत्रों से उत्पादित बिजली को ग्रिड में जोड़ने और डिस्कॉम (Discoms) द्वारा इसे खरीदने के लिए कोई निश्चित दर (Tariff) निर्धारित की गई है? (ङ) पिछले दो वर्षों में इन लघु क्षमता के संयंत्रों हेतु कितने आवेदन प्राप्त हुए और उनमें से कितने स्वीकृत किए गए? स्वीकृत समस्त प्रकरणों की फाइल की छायाप्रति लंबित आवेदनों का कारण क्या है? लंबित आवेदन की सूची पूर्ण विवरण सहित देवें। (च) तराना विधानसभा में कितने ऊर्जा संयंत्र स्थापित हैं? सौर ऊर्जा पेनल विकास हेतु कौन-कौन सी योजनाएं वर्तमान में प्रचलित हैं? उनका सभी दिशा-निर्देशों के साथ ब्यौरा प्रस्तुत करें। (छ) लघु सेवा संयंत्र के लिए तराना विधानसभा क्षेत्र के कुल कितने आवेदन प्राप्त हुए? कितने निराकृत हुए? कितने शेष हैं? पूर्ण विवरण प्रस्तुत करें।
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्ला ) : (क) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्रों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) पी.एम.कुसुम-अ योजनांतर्गत सब्सिडी का प्रावधान नहीं है। कुसुम-स योजनांतर्गत भारत सरकार द्वारा 1.05 करोड़ प्रति मेगावॉट की केन्द्रीय वित्तीय सहायता (CFA) दिनांक 31.12.2025 तक निष्पादित Power Purchase Agreement पर ही दिये जाने के निर्देश है। जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। प्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा नीति के तहत विकासकों को दिये जाने वाले प्रोत्साहन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में कुसुम योजनांतर्गत सौर संयंत्र स्थापित करने के लिए नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 3.50 करोड़ प्रति मेगावाट की बैंचमार्क दर तय की गयी है। कुसुम-अ योजना में केन्द्र व राज्य का कोई अंशदान नहीं होता है। कुसुम-स योजना में दिनांक 31.12.2025 के पश्चात निष्पादित PPA अनुसार स्थापित किये जाने वाले सौर संयंत्रों पर कोई केन्द्रीय वित्तीय सहायता का प्रावधान पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार अब नहीं है। राज्य का अंशदान कुसुम-स परियोजना में नहीं है। प्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा नीति के तहत विकासकों द्वारा स्वयं के पूर्ण व्यय पर सौर संयंत्र स्थापित किये जाते है। (घ) प्रश्नांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में कुसुम-अ योजना अंतर्गत विद्युत नियामक आयोग द्वारा Levelized tariff के अंतर्गत जो दरे निर्धारित की गई है वह रू. 3.07/यूनिट (मार्च 2024 तक) एवं 3.25/यूनिट (मार्च 2027 तक) है। राज्य की सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना/कुसुम-स योजनांतर्गत निविदा के माध्यम से दरें निर्धारित की जाती है। वर्तमान में खुली निविदा में रू. 2.40 से रू. 2.854 की बोलियां प्राप्त हुई है जो कि Tariff Adoption से संबंधित कार्यवाही हेतु विद्युत नियामक आयोग को कार्यवाही हेतु भेजी गई है। इसके अलावा राज्य की नवकरणीय ऊर्जा नीति के तहत विकासकों द्वारा स्थापित किये जाने वाले सौर ऊर्जा संयंत्रों से उत्पादित विद्युत का उपयोग नीति अनुसार किया जाता है। (ड.) कुसुम-अ योजनांतर्गत उज्जैन संभाग में पिछले 02 वर्षों में कुल 768 आवेदन प्राप्त हुए है और उनमें से 245 स्वीकृत किये गये है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है एवं सभी प्रकरण दो ही प्रकार के है। 1. कृषक श्रेणी। 2. विकासक श्रेणी। स्वीकृत प्रकरणों की नस्तियों का स्वरूप वृहद होने के कारण जानकारी पृथक-पृथक से प्रस्तुत करना अव्यवहारिक है यथा उदाहरण के तौर पर उक्त श्रेणियों की 01.01 फाईल की नस्ती की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है लंबित आवेदनों की जानकारी कारण सहित पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ई अनुसार है। कुसुम-स एवं नवकरणीय ऊर्जा नीति के तहत विकासकों की लघु क्षमता की जानकारी निरंक है। (च) प्रश्नांश (च) के परिप्रेक्ष्य में कुसुम-अ एवं स योजनांतर्गत तराना विधानसभा में कोई भी ऊर्जा संयंत्र स्थापित नहीं है। कुसुम-ब योजनांतर्गत तराना विधानसभा में कुल 33 हितग्राहियों के यहां सोलर पंप की स्थापना का कार्य किया गया है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ई अनुसार है। नवकरणीय ऊर्जा नीति के तहत तराना विधानसभा में स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्र की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-फ अनुसार है। सौर ऊर्जा पेनल विकास हेतु नाम से विभाग में कोई योजना नहीं है। कुसुम-अ, कुसुम-ब, कुसुम-स प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना सोलर रूफटॉप माडॅल सोलर विलेज एवं विभाग की नवकरणीय ऊर्जा नीति-2025 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स, द एवं फ अनुसार है। (छ) प्रश्नांश (छ) के परिप्रेक्ष्य में लघु सेवा संयंत्र नाम से जानकारी निरंक है। कुसुम-अ योजनांतर्गत आवेदनों की तराना विधानसभा क्षेत्र से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ज अनुसार है।
सीवरेज लाईन डालने में अनियमितता
[नगरीय विकास एवं आवास]
139. ( क्र. 1587 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल शहर के किस-किस वार्ड में किस-किस योजना अन्तर्गत सीवरेज लाईन डालने का कार्य कब-कब से प्रारंभ किया गया है और वर्तमान में किन-किन वार्डों में सीवरेज लाईन डालने हेतु कार्य विगत 3 माह से संचालित है? उक्त कार्य कितनी-कितनी राशि के किस-किस फर्म/ठेकेदार से कराये जा रहे है? (ख) क्या सीवरेज लाईन के लिए जेसीबी मशीन से खुदाई करने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो अनुबंध की प्रति देवें। यदि नहीं, तो क्या भोपाल में ठेकेदारों के द्वारा अनुबंध के अनुसार कटर मशीन से खुदाई कराने के बजाय जेसीबी मशीन से खुदाई कराई जाकर रोड खराब कर दिये गये है एवं सीवरेज लाईन खोदने से पानी की पाईप लाईन में गंदा पानी मिल रहा है जिससे आम जनता को प्रदूषित पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है? यदि हाँ, तो क्या इसकी जांच कराई जावेगी? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में निविदा दस्तावेज सीवरेज मेनहोल के निर्माण में इंडियन स्टेण्डर्ड 4111 अनुसार मेनहोल चेम्बर घटिया सीमेंट की ईटो से बनाया जा रहा है जिससे यह चेम्बर कभी भी धराशायी होकर बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है? (घ) भोपाल शहर में डाली गई सीवरेज लाईन को कनेक्ट किया गया है अथवा नहीं? यदि नहीं, तो क्यों? जिन सड़कों एवं सड़कों के किनारे लगे पेवर ब्लॉक हटाकर खुदाई की गई है उन सड़कों की मरम्मत अथवा नवीन सड़क का निर्माण अनुबंध के अनुसार अभी तक नहीं कराया गया है? क्या वार्ड क्रमांक 28 में की गई सड़कों की खुदाई का कार्य पूर्ण होने के बाद संबंधित ठेकेदारों की जेसीबी मशीने लम्बे समय से मुख्य मार्ग पर रखे जाने से अवागमन अवरूद्ध हो रहा है एवं दुर्घटना होने की संभावना है? क्या इस संबंध में संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? बतावें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट-'ब' अनुसार है। जी नहीं, नगर निगम द्वारा आवश्यकता अनुसार तत्काल मरम्मत का कार्य कर दिया जाता है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। अनुबंध अनुसार बी.ओ.क्यू. में उल्लेखित आयटम का N.A.B.L. Lab से परीक्षण कराया जाकर सामग्री/मटेरियल उपयुक्त पाये जाने पर ही निर्माण कार्य में उपयोग की जाती है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी हाँ। उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। भोपाल शहर में पूर्व योजनाओं के अंतर्गत बिछाई गई सीवेज लाईनों से अमृत 2.0 योजनांतर्गत बिछाई जा रही सीवेज लाईनों को आवश्यकता अनुसार जोड़ा जा रहा है। जी नहीं। जिस स्थल पर सड़कों के किनारे पेवर ब्लॉक को हटाकर लाईन बिछाई जा रही है वहां कार्य पूर्ण होने के उपरांत अनुबंध की कंडिका बी.ओ.क्यू., आयटम क्रमांक-16 अनुसार पेवर ब्लॉक को वापस लगाये जाने का कार्य किया जाता है। जी नहीं, उतरांश के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
स्मार्ट मीटरों की शिकायत
[ऊर्जा]
140. ( क्र. 1588 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सरकार द्वारा प्रदेश के भोपाल एवं जबलपुर संभाग में स्मार्ट मीटर लगाये जा रहे हैं? यदि हाँ, तो उक्त संभाग के किन-किन जिलों में प्रश्न दिनांक की स्थिति में कितने-कितने प्रतिशत स्मार्ट मीटर लगाये जा चुके हैं? संभागवार/जिलेवार लगाये गये स्मार्ट मीटरों की प्रतिशत में पृथक-पृथक जानकारी दें। (ख) उपरोक्तानुसार क्या स्मार्ट मीटर में विद्युत बिल अधिक आने तथा फास्ट रीडिंग आदि की शिकायतें शासन/विभाग/डिस्काम कंपनी को प्राप्त हुई है? यदि हाँ, तो प्रश्न दिनांक की स्थिति में कब-कब, कितनी शिकायतें प्राप्त हुई एवं उन प्राप्त शिकायतों के निराकरण की अद्यतन स्थिति क्या है? (ग) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में मध्यप्रदेश विद्युत विनियामक आयोग द्वारा स्मार्ट मीटर लगाने की अनिवार्यता संबंधी कोई निर्देश/आदेश विभाग को प्राप्त हुये हैं? यदि हाँ, तो आदेश/निर्देश की प्रति उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्य में स्मार्ट मीटर लगाने की दिनांक से प्रश्न दिनांक की स्थिति में विद्युत चोरी के प्रकरणों में कितनी कमी आई तथा विभाग को कितनी आय अर्जित हुई? इलेक्ट्रानिक मीटर से स्मार्ट मीटर बदलने की प्रक्रिया में शासन द्वारा प्रश्न दिनांक तक कितनी राशि किन-किन कार्यों में व्यय की गई? विगत वर्षवार, संभागवार पृथक-पृथक जानकारी उपलब्ध करावें।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ। प्रश्न दिनांक तक की स्थिति में भोपाल एवं जबलपुर संभागों के अंतर्गत जिलों में स्थापित स्मार्ट मीटरों की प्रगति एवं जिलेवार प्रतिशत की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। (ख) जी हाँ। म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, जबलपुर एवं म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, भोपाल अंतर्गत स्मार्ट मीटर संबंधी प्राप्त शिकायतों एवं निराकरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है। (ग) केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना दिनांक 23.12.2019 के विनियम-4 एवं विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना दिनांक 31 दिसम्बर, 2020 के विनियम-5 ''मीटरिंग'' तथा म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी मध्यप्रदेश विद्युत प्रदाय संहिता-2021 के अध्याय-8 ''विद्युत मापन तथा बिलिंग'' के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में आर.डी.एस.एस. योजना के अंतर्गत पारदर्शी बिलिंग, मीटर रीडिंग प्रणाली में सुधार और सटीक ऊर्जा लेखाकंन के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। जिनसे संबंधित पृष्ठों की प्रतियाँ पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'स' अनुसार है। (घ) उत्तरांश (क), (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्य में म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, जबलपुर अंतर्गत जबलपुर संभाग में स्मार्ट मीटर स्थापित करने के पूर्व की बिलिंग दक्षता 73.77 प्रतिशत थी। स्मार्ट मीटर स्थापित करने के बाद की बिलिंग दक्षता 82.16 प्रतिशत हो गई है, अर्थात बिलिंग में लगभग 8 प्रतिशत की वृद्धि हुई एवं म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, भोपाल अंतर्गत भोपाल संभाग में स्मार्ट मीटर स्थापित करने के पूर्व की बिलिंग दक्षता 76.86 प्रतिशत थी। स्मार्ट मीटर स्थापित करने के बाद की बिलिंग दक्षता 81.57 प्रतिशत हो गई है, अर्थात बिलिंग में लगभग 5 प्रतिशत की वृद्धि हुई। जिससे यह परिलक्षित होता है कि विद्युत चोरी के प्रकरणों में कमी आई हैं। बिलिंग दक्षता में वृद्धि होने के कारण राजस्व संग्रहण में जबलपुर एवं भोपाल संभाग में क्रमश: रू. 314 करोड़ एवं रू. 378 करोड़ की राशि की वृद्धि हुई हैं। म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, भोपाल एवं म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, जबलपुर अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक मीटर से स्मार्ट मीटर बदलने की प्रक्रिया/कार्यों में प्रश्न दिनांक तक की स्थिति में व्यय राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'द' अनुसार है।
भोपाल नगर निगम क्षेत्र में कॉलोनी के निगम के हस्तांतरण
[नगरीय विकास एवं आवास]
141. ( क्र. 1596 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत किन-किन स्थानों पर कितनी कॉलोनियां वैध तथा अवैध चिन्हित की गई हैं, इनके मानचित्र नगर निगम, नगर निवेश विभाग द्वारा अनुमोदित किये गये हैं, वर्ष 2009 से प्रश्न दिनांक तक की जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में मैपल ट्री (बहुमंजिला) कॉलोनी (16 ब्लॉक 618 फ्लैट्स) नई जेल रोड, भोपाल को निगम द्वारा प्रोजेक्ट के निर्माण की अनुमति कब प्रदान की गई, कब कार्य पूर्ण किया गया तथा बिल्डर और निगम के मध्य हुए अनुबंध की शर्तों का पालन किया गया अथवा नहीं? क्या निगम द्वारा कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी कर मैपल ट्री कॉलोनी का अधिग्रहण कर लिया गया है? यदि हाँ, तो कब? (ग) प्रश्नांश (ख) से संबंधित क्रेता और बिल्डर द्वारा किये गये अनुबंध का पालन किये बिना पूर्णता प्रमाण-पत्र निगम द्वारा जारी करने के क्या कारण रहे हैं, जबकि वहां के निवासियों द्वारा बिल्डर के विरूद्ध अनुबंध के पालन न किये जाने की शिकायत की गई थी? उक्त शिकायत पर प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई, अवगत करावें मैपल ट्री कॉलोनी के निवासियों द्वारा प्रॉपर्टी शुल्क नगर निगम में जमा किया जा रहा है? यदि हाँ, तो कहां किस खाते में, अवगत करावें। (घ) नगर निगम भोपाल द्वारा अपने कार्यक्षेत्र अंतर्गत कितने प्रायवेट बिल्डर/ कंपनियों को आवासीय कॉलोनी निर्माण करने की अनुमति प्रदान की गई है, कितने प्रोजेक्ट पूर्ण हैं कितने अपूर्ण हैं, कितने प्रोजेक्ट नगर निगम को हैंडओवर किये हैं?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) भोपाल नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत प्रश्नांकित अवधि में विकास अनुमति प्राप्त (वैध) कालोनियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' एवं चिन्हित अनधिकृत कालोनियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ख) नगर निगम भोपाल द्वारा प्रश्नांकित प्रोजेक्ट की विकास अनुमति क्र. 558 दिनांक 25/03/2010 जारी की गई। नगर निगम को बिल्डर द्वारा कार्यपूर्णता हेतु कोई आवेदन प्रस्तुत नहीं किए जाने से, नगर निगम द्वारा कालोनी का कार्यपूर्णता प्रमाण-पत्र जारी नहीं किया गया है। अनुबंध एवं विकास अनुमति की शर्तों के पालन कार्य पूर्ति प्रमाण-पत्र जारी करने के पूर्व सुनिश्चित किया जाएगा। उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में कालोनी का कार्यपूर्ति प्रमाण-पत्र जारी होने के पश्चात नगर निगम द्वारा कालोनी का अधिग्रहण नहीं किया जाएगा, बल्कि म.प्र. नगर पालिका (कालोनी विकास) नियम, 2021 के नियम 19 के अनुसार कालोनी कार्यपूर्णता प्रमाण-पत्र जारी किये जाने की तारीख से कालोनी, संधारण के लिए, गठित रहवासी कल्याण समिति को अंतरित मान्य होगी। उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्नांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) कालोनियों के निवासियों द्वारा की गई शिकायत के परिप्रेक्ष्य में नगर निगम द्वारा कालोनाइजर के विरूद्ध की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार है। जी हाँ, कालोनी के निवासियों द्वारा जमा किया गया सम्पत्तिकर कोटक महिन्द्रा बैंक के खाता क्रमांक 4011584528 में आयुक्त नगर पालिक निगम भोपाल के नाम से जमा किया जा रहा है। (घ) नगर निगम द्वारा निजी कालोनाइजर को 1327 आवासीय कालोनी निर्माण करने की अनुमति प्रदान की गई है जिसमें से 259 कालोनियों में विकास कार्य पूर्ण है शेष 1068 कालोनियों में विकास कार्य प्रगतिरत है। कॉलोनाईजर द्वारा कोई भी प्रोजेक्ट नगर निगम, भोपाल को हेण्डओवर नहीं किए गए हैं।
सीवर लाईन के निर्माण एवं भौतिक प्रगति
[नगरीय विकास एवं आवास]
142. ( क्र. 1597 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा शहडोल संभाग अंतर्गत शहडोल, उमरिया एवं अनूपपुर जिले में संचालित सीवर लाइन प्रोजेक्ट की स्वीकृति कब जारी की गई? सीवर लाइन प्रोजेक्ट के तहत सीवर लाइन निर्माण हेतु वर्ष 2023 से आज तक कितनी-कितनी राशि स्वीकृत की गई? प्रोजेक्टवाईज जिलेवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार स्वीकृत सभी सीवर लाइन का निर्माण कब शुरू हुआ? कार्य कब तक पूर्ण होना था, कितना कार्य पूर्ण हो चुका है, कितना शेष है, कब तक पूर्ण होगा? (ग) सभी सीवर लाईनों के निर्माण में प्रश्न दिनांक तक कितना-कितना भुगतान कब-कब किया गया है तथा किस-किस जगह के कार्य की रिवाइज राशि की कितनी मांग की गई है, कितना रिवीजन का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ, कार्यवार, जिलावार जानकारी उपलब्ध करावें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) विभाग द्वारा शहडोल संभाग अंतर्गत अनूपपुर जिले में नगर परिषद अमरकंटक की सीवरेज योजना एवं शहडोल जिले में नगर पालिका परिषद शहडोल की सीवरेज योजना की स्वीकृति क्रमशः दिनांक 12 मई, 2017 एवं 25 जून, 2018 को जारी की गई है। उमरिया जिले की जानकारी निरंक है। सीवर लाईन प्रोजेक्ट के तहत सीवर लाईन निर्माण हेतु वर्ष 2023 से आज तक स्वीकृत की गई राशि की जानकारी निरंक है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है।
प्रथम वर्ष के छात्रों की रैकिंग रोकने
[पशुपालन एवं डेयरी]
143. ( क्र. 1602 ) श्री योगेन्द्र सिंह (बाबा) : क्या राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पशु चिकित्सा महाविद्यालय, जबलपुर में सत्र 2025-26 में प्रथम वर्ष के छात्रों द्वारा सीनियर छात्रों द्वारा रैगिंग की कितनी शिकायत एन्टी रैगिंग कमेटी या महाविद्यालय प्रशासन को की गई थी? प्रथम वर्ष के छात्रों की शिकायत की जांच करवाई गई थी? जांच रिपोर्ट से अवगत कराया जाएगा। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने पर सीनियर छात्रों को निष्कासित किया गया है तथा उनके खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज क्यों नहीं करवाई गई है? संस्था में सीनियर छात्रों की रैगिंग पर पूर्णत: अंकुश लगाने हेतु कार्यवाही की जा रही है? (ग) सीनियर छात्रों द्वारा प्रथम वर्ष के छात्रों के हॉस्टल में रातभर रूककर मानसिक रूप से परेशान किया जाता रहा है सीनियर छात्रों द्वारा कैसे प्रथम वर्ष के छात्रों के हॉस्टल में प्रवेश किया जाता रहा है? सीसीटीवी कैमरे से सीनियर छात्रों की पहचान करते हुये तथा वार्डन की शिथिलता/लापरवाही के कारणों पर कार्यवाही की जाएगी? स्पष्ट करें। (घ) सीनियर छात्रों द्वारा प्रथम वर्ष छात्रों के हॉस्टल में प्रवेश पर पूर्णत: रोक लगाई जाएगी तथा वार्डन द्वारा सीनियर छात्रों के प्रवेश करने पर पूर्णत: प्रतिबंध तथा सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी? इस संबंध में एन्टी रैगिंग कमेटी तथा पशु चिकित्सा महाविद्यालय जबलपुर द्वारा कार्यवाही की जाएगी?
राज्य मंत्री, पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) सत्र 2025-26 में रैगिंग की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) सत्र 2025-26 में रैगिंग की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। संस्था में रैगिंग की शिकायतों पर अंकुश हेतु एन्टी रैगिंग समिति का गठन किया गया है तथा महाविद्यालय अधिष्ठाता एवं वार्डनस् द्वारा छात्रावासों की सतत् निगरानी की जाती है। (ग) महाविद्यालय में सीनियर छात्रों द्वारा प्रथम वर्ष के छात्रों को मानसिक रूप से परेशान करने संबंधी सत्र 2025-26 में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। रैगिंग की रोकथाम हेतु महाविद्यालय छात्रावासों में सी.सी.टी.वी. कैमरे स्थापित किये गए है। प्रथम वर्ष के छात्रों द्वारा यदि शिकायत की जाती है, तो तत्काल उसकी जांच कराई जाती है एवं रैगिंग समिति की अनुशंसा के आधार आवश्यक कार्यवाही की जाती है। शिकायत की जांच के दौरान यदि वार्डनस् की शिथिलता। लापरवाही सिद्ध होती है, तो उनके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही किये जाने का प्रावधान है। (घ) सीनियर छात्रों का प्रथम वर्ष के छात्रावास में प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित है। प्रथम वर्ष के छात्रावास की सी.सी.टी.वी. द्वारा सतत् निगरानी की जाती है। रैगिंग की राकेथाम हेतु महाविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्रावासों की निगरानी हेतु वार्डनस् एवं शिक्षकों की ड्यूटी निर्धारित गई है, ताकि किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधियां पर त्वरित नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।
किसानों के लिये बनी योजना में हितग्राहियों का चयन
[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]
144. ( क्र. 1618 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) किसानों के लिये बनी प्रधानमंत्री कुसुम योजना में प्रदेश से कुल चयनित हुये हितग्राहियों में किसानों का प्रतिशत क्या है? योजना के शेष हितग्राही किस श्रेणी/क्षेत्र के हैं? पूर्ण जानकारी दी जाये। (ख) क्या उक्त योजना में MNRE स्कीम के हिसाब से दिनांक 31.12.2025 तक के हितग्राही को PPA अनुदान स्वीकृत किये जाने का प्रावधान था? यदि हाँ, तो जिन किसानों ने CFA स्कीम के तहत आवेदन किया है उनको CFA कैसे मिलेगा? पूर्ण जानकारी दी जाये। (ग) उक्त निविदा में टेक्निकल बिड खोलने का दिनांक क्या था तथा वित्तीय प्रस्ताव खोलने के बीच की समयावधि क्या रही? पूर्ण जानकारी देते हुये बताएं कि टेक्निकल बिड खोलने से वित्तीय प्रस्ताव खोलने के मध्य व्यतीत हुई लंबी समयावधि के क्या कारण हैं? इस परीक्षण में कितनी भागीदार फर्मों को अयोग्य से योग्य स्थिति में लाया गया? (घ) जब योजना की पूरी प्रक्रिया ऑनलाईन सम्पन्न हो रही थी ऐसी स्थिति में वित्तीय प्रस्ताव को ऑफलाईन खोलने का क्या आधार/कारण थे, स्पष्ट किया जाय? (ड.) क्या MNRE स्कीम के दिशा-निर्देश अनुसार दिनांक 01 जून के पश्चात् कमीशनिंग होने वाले प्लांट में DCR सोलर पैनल की बाध्यता रहेगी?
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्ला ) : (क) प्रश्नांश (क) के संबंध में कुसुम योजना की जानकारी निम्नानुसार है:- कुसुम-अ- प्रधानमंत्री कुसुम-अ योजना अंतर्गत हितग्राहियों में लगभग 80 प्रतिशत हितग्राही किसान है। शेष 20 प्रतिशत हितग्राही विकासक है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। कुसुम-ब प्रधानमंत्री कुसुम (प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान) योजना केन्द्र शासन द्वारा लागू की गई है, इस योजना का उद्देश्य भारत में किसानों के लिये ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रदेश में कुसुम योजना का घटक 'ब' 'प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना' के नाम से संचालित है। कुसुम-ब के अंतर्गत पात्र कृषकों के यहां ऑफ ग्रिड सोलर पंपों की स्थापना की जाती है। यह योजना केवल किसानों के लिए लागू है। कुसुम-स कुसुम स योजना सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना दो श्रेणियो Self Development Mode (कृषक/कृषकों के समूह/कृषक उत्पादक संगठन/जल उपभोक्ता संघ/पंयायत/कृषि संबंधी संस्थान) एवं Develolper Mode (विकासक/निवेशक) में संचालित की जा रही है। निविदा में 8.33 प्रतिशत Self Development श्रेणी के निविदाकर्ताओं को परियोजनाएं आवंटित की गयी है। शेष सफल निविदाकर्ता Develolper Mode श्रेणी के है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में कुसुम-अ- निगम द्वारा कुसुम-अ योजनांतर्गत हितग्राही को कोई भी अनुदान देने का प्रावधान नहीं है। कुसुम-ब- कुसुम-ब योजनांतर्गत PPA का कोई प्रावधान नहीं है। कुसुम-स- उक्त योजना में MNRE दिशा-निर्देशानुसार दिनांक 31.12.2025 तक PPA किये जाने का प्रावधान था। Hon'ble MPERC मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा Tariff adopt किये जाने पर PPA क्रियान्वित किये जा सकेंगें इस हेतु petition file की जा चुकी है। 31.12.2025 तक PPA नहीं हो सकने के संबंध में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार (MNRE) द्वारा जारी OM dated 31.12.2025 है। इस प्रकार के कुल 20 विकासकों को quoted tariff पर CFA के PPA निष्पादित करने हेतु अवसर दिया गया है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में कुसुम-अ संबंधित नही। कुसुम-ब कुसुम-ब से संबंधित जानकारी निरंक है। कुसुम-स- निविदा में टेक्निकल बिड खोलने की दिनांक 25.07.2025 एवं वित्तीय प्रस्ताव खोलने की दिनांक 02.12.2025 थी। इस बिड में कुल 548 विकासकों द्वारा 14 गीगावाट की बिड जमा की गई। इस योजना के इतिहास में इतनी वृहद संख्या में कभी भी सहभागिता नहीं हुई है। प्रत्येक प्रकरण में विस्तार से परीक्षण किये जाने में समय लगा। इसके अतिरिक्त मध्यप्रदेश पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (MPPMCL) के द्वारा क्रय की जाने वाली ऊर्जा की क्षमता पर उच्च स्तरीय बैठके समय-समय पर हुई, जिसमें विभिन्न technical प्रस्तुतीकरण के बाद दिनांक 06.11.2025 को MPPMCL द्वारा revised क्षमता म.प्र. ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड को भेजी गई। इसके उपरांत प्राप्त क्षमता पर MNRE के दिशा-निर्देश अनुसार मध्यप्रदेश शासन द्वारा दिनांक 17.11.2025 को केन्द्रीय वित्तीय सहायता के साथ-साथ greenshoe option एवं UDIN विषय बिड दिनांक 02.12.2025 से दिनांक 04.12.2025 तक खोली गयी। संपूर्ण तकनीकी परीक्षण निविदा शर्तों के अनुसार ही किया गया है। अत: अंतिम रूप से परीक्षण उपरांत योग्य भागीदारों की ही वित्तीय निविदा खोली गई है। भागीदार फर्मों को अयोग्य से योग्य स्थिति में लाने जाने वाली संबंधी जानकारी निरंक है। (घ) प्रश्नांश (घ) के परिप्रेक्ष्य में कुसुम-अ- जानकारी कुसुम-अ से संबंधित नहीं है। कुसुम-ब- कुसुम-ब से संबंधित जानकारी निरंक है। कुसुम-स- निविदा प्रक्रिया अंतर्गत तकनीकी एवं वित्तीय प्रस्ताव टैण्डरिंग पोर्टल के माध्यम से ऑनलाईन ही खोले गये है। Tender Document खोलने की कोई भी प्रक्रिया offline निष्पादित नहीं की गई। (ड.) कुसुम-अ से संबंधित नही। कुसुम-ब-कुसुम-ब से संबंधित जानकारी निरंक। कुसुम-स- बोलीदाताओं द्वारा बिड जमा करने की अंतिम तिथि 22.07.2025 थी जो कि MNRE Om 28.07.2025 अनुसार cut off date 31.08.2025 के पहले है। अत: DCR सोलर पैनल की बाध्यता नहीं रहेगी। विषय से संबंधित OM date 28.07.2025 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है।
बगैर मुआवजा भुगतान के अवैध कब्जा कर निर्माण
[लोक निर्माण]
145. ( क्र. 1619 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2009 में मुआवजा भुगतान किये बगैर राजधानी परियोजना प्रशासन (वर्तमान में लोक निर्माण विभाग) द्वारा अवैध कब्जा कर भूमि खसरा क्र. 446/1/1/2 प्लॉट क्र.-26 रकबा 0.101 हेक्टेयर ग्राम-बागमुगालिया, तहसील कोलार, जिला भोपाल में सड़क निर्माण कर दिया गया है और प्रभावित को आज दिनांक तक मुआवजा भुगतान नहीं किया गया है? (ख) क्या संत आसाराम नगर, कटारा हिल्स होते हुये बाईपास जोड़ने वाली मास्टर प्लान की सड़क से खसरा क्र. 446/1/1/2 रकबा 0.0741 हेक्टेयर भूमि वर्ष 2009 से बगैर भू-अर्जन के अधिग्रहित कर सड़क निर्माण किया गया है? (ग) क्या उक्त भूमि के साथ-साथ कटीले तार फैंसिंग कर प्लांटेशन (ग्रीन जोन) के नाम पर अतिरिक्त 0.0169 हेक्टेयर भूमि पर भी बगैर भू-अर्जन के अवैध कब्जा किया गया है? इन प्रकरणों में क्या कलेक्टर भोपाल के पत्र क्र. 126/भू-अर्जन/2019 भोपाल दिनांक 31.08.2019 के द्वारा निर्देशित किया गया था कि भू-अर्जन, पुनर्वासन एवं पुर्नर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 के प्रावधान अंतर्गत मुआवजे की कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये थे? जिसमें धारा-11 के अंतर्गत प्रकाशन की कार्यवाही अभी तक न हो पाने के कारण एवं उसके लिये जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गयी? (घ) वर्ष 2009 में मुआवजा दिये बगैर सड़क निर्माण का क्या नियम नहीं है? यदि है तो दोषी अधिकारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? (ड.) क्या विलंब के कारण शासन को अतिरिक्त आर्थिक हानि नहीं होगी? अगर होगी तो इसके कौन-कौन अधिकारी जिम्मेदार होंगे?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
कुटीर (प्रधानमंत्री आवास) योजना की जानकारी
[नगरीय विकास एवं आवास]
146. ( क्र. 1626 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राघौगढ़-विजयपुर नगर पालिका में प्रश्न दिनांक तक कुल कितने कुटीर (प्रधानमंत्री आवास) के लिये आवेदन प्राप्त हुये, उसमें कितने हितग्राहियों के आवास स्वीकृत एवं कितनों के किस कारण से अस्वीकृत हुये है? कुटीर निर्माण हेतु कब और कितनी राशि किस योजना/मद से कब प्राप्त हुई? संपूर्ण जानकारी का गौशवारा वर्षवार, योजनावार/मदवार, हितग्राही का नाम/पिता का नाम, पता, आवेदन, कितनी राशि जमा हुई, खाता क्रमांक, बैंक का नाम, योजना/मद का नाम, जारी राशि, कितना, कहां पर उपयोग, कितना, किन कारणों से शेष सहित बतायें। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में उपरोक्त कार्यों में न.पा. के कितने अधिकारी/कर्मचारी उक्त कार्य कर रहे थे? नाम, पदनाम, पदीय दायित्व, कुटीर हेतु किसे/किस जिम्मेदारी का निर्वहन करना था, संपूर्ण जानकारी का गौशवारा मय आदेश/निर्देश/नियमों की प्रति दें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अन्तर्गत कब और कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं? क्या कुछ शिकायतें गलत खाते में राशि जमा होने की भी प्राप्त हुई हैं? तत्समय उसकी मॉनिटरिंग किस अधिकारी के द्वारा की जा रही थी? प्राप्त शिकायत के आधार पर कब और क्या कार्यवाही की जाकर संबंधित हितग्राही के खाते में राशि जमा करा दी गई है? यदि नहीं, तो क्यों? कारण सहित बतायें। शिकायतों की प्रति, एकल नस्ती दें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) राघौगढ़ विजयपुर नगर पालिका में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 एवं 2.0 अन्तर्गत प्राप्त आवेदनों एवं उनकी स्वीकृति/ अस्वीकृति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"अ" अनुसार है। आवास हेतु केन्द्रांश व राज्यांश की प्राप्त राशि एवं प्रदाय की गई व्यय-सीमा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"ब" अनुसार है। हितग्राहियों का नाम, पिता का नाम, पता, आवेदन एवं बैंक विवरण सहित भुगतान की गई राशि की दिनांक सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"स" अनुसार है एवं निकाय के पास प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 अन्तर्गत व्यय सीमा राशि रू 8.00 लाख उपलब्ध है। वर्तमान में लेखापाल ट्रेनिंग पर है, उनके लौटने के उपरांत वितरण की कार्यवाही की जावेगी। (ख) प्रश्नांश "क" से संबंधित अधिकारी/कर्मचारियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"द" अनुसार है। आदेश निर्देशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"ई" अनुसार है। (ग) निकाय स्तर पर कोई भी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है अपितु 181 सी.एम. हेल्पलाईन पर प्राप्त शिकायतों का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''फ'' अनुसार है। दिनांक 15 मार्च, 2024 को बैंक सर्वर प्राब्लम होने से 38 हितग्राहियों के खाते में डबल राशि रू-19.00 लाख हितग्राहियों के खाते में अंतरित हुई। प्रकरण निकाय के संज्ञान में आने पर हितग्राहियों के खातों को होल्ड कर राशि रू. 11.50 लाख राशि वापिस प्राप्त की जा चुकी है शेष की कार्यवाही प्रचलन में है। तत्समय नियंत्रणकर्ता सीएमओ श्री पूरन सिंह कुशवाह मॉनिटरिंग अधिकारी थे। राशि विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"ज" अनुसार है।
नियम विरूद्ध विद्युत मीटर विच्छेदन
[ऊर्जा]
147. ( क्र. 1627 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के पत्र क्र. 948 दिनांक 5/1/26 जो CS, CS कार्या का पत्र क्र. 404 दिनांक 6/1/26 जो ACS ऊर्जा, ACS ऊर्जा कार्या. का पत्र क्र. 456-457 जो MD, MPMKVVCL को प्राप्त हुआ है साप्रवि के आदेश दिनांक 22/3/2011 का पालन करते हुये कब और क्या कार्यवाही की गई प्रकरण से संबंधित समस्त दस्तावेज एवं एकल नस्ती की प्रति दें? क्या साप्रवि के आदेशों का उल्लंघन होने पर आदेश के बिन्दु पांच अनुसार संबंधितों का निलंबन करते हुये कब तक कृत कार्यवाही की जानकारी उपलब्ध कराई जायेगी। (ख) श्री विष्णु अग्रवाल का आवेदन जो ACS ऊर्जा को दिनांक 29/12/25, क्रमशः स्पीड पोस्ट नं. E1746707735IN/E1746707752IN जो MD/GM, MPMKVVCL को प्राप्त होने के उपरांत कब और क्या कार्यवाही की गई, एकल नस्ती की प्रति सहित बताये। यदि नहीं, तो क्यों कारण सहित स्पष्ट करें। (ग) अनावेदक के आवेदन पर विद्युत मीटर विच्छेदन के क्या नियम है? क्या संचालित व्यावसायिक दुकान का मीटर विच्छेदन किया जा सकता है? क्या विद्युत मीटर विच्छेदन पर विभागीय अधिकारी/कर्मचारियों पर अमानत में खयानत का प्रकरण पंजीबद्ध किया जायेगा? क्या दुकान संचालक पर कूटरचित दस्तावेज एवं बिजली चोरी हेतु आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया जायेगा? यदि नहीं, तो क्यों कारण सहित नियम/आदेश/निर्देश सहित बताये।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) माननीय प्रश्नकर्ता विधायक महोदय द्वारा प्रेषित पत्र क्रमांक-948 दिनांक 05.01.2026 पर नियमानुसार प्रकरण में आवश्यक कार्यवाही किये जाने हेतु संबंधितों को निर्देशित किया गया। जिसके परिपालन में मुख्य महाप्रबंधक (सतर्कता) भोपाल क्षेत्र द्वारा पत्र क्रमांक-306 दिनांक 30.01.2026 के माध्यम से जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है। जांच प्रतिवेदन की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के पत्र दिनांक 05.02.2026 के माध्यम से प्रकरण में कृत कार्यवाही से माननीय प्रश्नकर्ता विधायक महोदय को अवगत कराया गया है, जिसकी प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ-1' अनुसार है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। (ख) श्री विष्णु प्रसाद अग्रवाल के आवेदन, जो कि उत्तरांश (क) में उल्लेखित माननीय प्रश्नकर्ता विधायक महोदय के पत्र दिनांक 05/01/2026 के साथ संलग्न श्री विष्णु प्रसाद अग्रवाल के आवेदन में उल्लेखित विषय पर ही है, मुख्य महाप्रबंधक (सतर्कता) द्वारा पत्र क्रमांक 306 दिनांक 30.01.2026 के माध्यम से जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है। जिसकी प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। (ग) अनावेदक के आवेदन पर विद्युत मीटर विच्छेदन के कोई नियम नहीं हैं। चूंकि कार्यालय नगर पालिक निगम, भोपाल के पत्र क्रमांक 49 दिनांक 16.12.2008 से दुकान 16/48 न्यू मार्केट का नामांतरण श्री दुर्गेश अग्रवाल आत्मज श्री देवकीनंदन अग्रवाल के नाम पर हो चुका था, प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है तथा जिसकी पुष्टि जोनल अधिकारी जोन क्रमांक-21, नगर निगम, भोपाल द्वारा पत्र क्रमांक-1116 दिनांक 31/12/2022 से की गई है, प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'स' अनुसार है। दुकान क्रमांक-16/48 एवं उससे लगकर दूसरी दुकान श्री दुर्गेश अग्रवाल के नाम से है। उक्त दोनों दुकानों को मिलाकर एक ही परिसर के रूप में उपयोग किया जा रहा है। अत: आवेदक श्री दुर्गेश अग्रवाल के आवेदन पर म.प्र. विद्युत प्रदाय संहिता की कंडिका 9.19 में प्रावधान अनुसार संबंधित कनेक्शन को स्थायी रूप से विच्छेदित किये जाने की कार्यवाही की गई है, आवेदन की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'द' एवं कंडिका 9.19 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'द-1' अनुसार है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है।
लोकायुक्त की जांच
[नगरीय विकास एवं आवास]
148. ( क्र. 1638 ) श्री केशव देसाई : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिका गोहद में मस्टर कर्मचारियों/मजदूरों से संबंधित कितने मामलों में लोकायुक्त द्वारा कार्यवाही की गई है? (ख) लोकायुक्त जांच में किन-किन अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध आरोप प्रमाणित पाये गये? (ग) लोकायुक्त की अनुशंसा के आधार पर संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध अब तक क्या विभागीय, दंडात्मक अथवा कानूनी कार्यवाही की गई? (घ) यदि किसी प्रकार में कार्यवाही लंबित है तो उसके क्या कारण है तथा उसे कब तक पूर्ण किया जावेगा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगरपालिका परिषद, गोहद में मस्टर कर्मचारियों की नियुक्ति में अनियमितता किए जाने के संबंध में लोकायुक्त कार्यालय द्वारा प्रकरण क्रमांक 157/ई/2022-23 दर्ज किया गया था। (ख) उक्त प्रकरण में विभागीय जाचोपरांत निम्नलिखित अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध आरोप प्रमाणित पाए गए थे :-
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क्र. |
अधिकारी का नाम |
पदनाम |
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1 |
श्री रामप्रकाश जगनेरिया |
तत्कालीन मुख्य नगरपालिका अधिकारी |
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2 |
श्री रिहान अली जैदी |
तत्कालीन मुख्य नगरपालिका अधिकारी |
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3 |
श्री मनोज कुमार चतुर्वेदी |
तत्कालीन प्रभारी लेखापाल |
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4 |
श्री अवधेश सिंह यादव |
सहायक राजस्व निरीक्षक |
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5 |
श्री अजय प्रताप सिंह |
सहायक राजस्व निरीक्षक |
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6 |
श्री गोपाल रावत |
सहायक राजस्व निरीक्षक |
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7 |
श्री हरिओम |
स्वच्छता पर्यवेक्षक |
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8 |
श्री रामसेवक |
स्वच्छता पर्यवेक्षक |
(ग) उत्तरदायी पाए गए समस्त अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास द्वारा दिनांक 19.01.2026 को दण्डादेश पारित किए गए है। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
कर्मचारियों की जानकारी प्रदाय किये जाना
[नगरीय विकास एवं आवास]
149. ( क्र. 1639 ) श्री केशव देसाई : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिका गोहद में हाल ही में किन-किन कर्मचारियों को पदोन्नति प्रदान की गई है? कृपया नाम, वर्तमान पद एवं पदोन्नत पद एवं तिथि सहित विवरण प्रस्तुत करें। (ख) क्या उक्त कर्मचारी के विरूद्ध प्रकरण माननीय न्यायालय में विचाराधीन था तथा न्यायालय द्वारा पदोन्नति पर स्पष्ट रोक लगाई थी? (ग) क्या उक्त कर्मचारियों के विरूद्ध लोकायुक्त द्वारा जांच कर उन्हें दोषी पाया गया है अथवा उनके विरूद्ध कार्यवाही अनुशंसित की गई है? यदि हाँ, तो न्यायालय की रोक एवं लोकायुक्त में दोषी पाये जाने के बावजूद पदोन्नति किस नियम एवं किस सक्षम अधिकारी के आदेश से प्रदाय की गई? (घ) क्या उक्त पदोन्नतियां सेवा नियमों एवं न्यायालीन आदेशों का उल्लंघन नहीं है? (ड.) संबंधित आदेश जारी करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध क्या विभागीय/कानूनी कार्यवाही की गई है यदि नहीं, तो कब तक की जावेगी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगर पालिका गोहद में हाल ही में कोई पदोन्नति नहीं की गई है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) से (ड.) उत्तरांश ''क'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
नेशनल हाइवे में जोड़कर सड़क निर्माण की स्वीकृत
[लोक निर्माण]
150. ( क्र. 1651 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नेशनल हाइवे झांसी-खजुराहो मार्ग-39 मध्यप्रदेश के निवाड़ी एवं छतरपुर जिले की सीमा से गुजरता है? (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर बताये कि क्या नेशनल हाइवे मार्ग क्रमांक 146 भोपाल-सागर-छतरपुर-कानपुर मार्ग का कार्य भी वर्तमान में फोर लाईन के रूप में चल रहा है? कृपया सम्पूर्ण जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताये कि क्या टीकमगढ़ जिले की सीमा से भोपाल या लखनऊ जाने हेतु कोई भी नेशनल हाइवे प्रश्न दिनांक तक स्वीकृत नहीं हुआ है? टीकमगढ़ जिले में ऐसे कौन-कौन से मार्ग है, जो एम.पी.आर.डी.सी. एवं एन.एच. से जुड़े हुये है और वह बन कर तैयार हो चुके है और किस-किस मार्ग का बनना शेष है? सम्पूर्ण जानकारी दें। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बताये कि क्या नौगांव, जतारा, महरौनी, मालथौन, बीना, कुरवाई मेलुआ चौराहा बंगला चौराहा, गंज बासौदा विदिशा भोपाल या दूसरा मार्ग नौगांव पलेरा जतारा, टीकमगढ़, महरौनी, मड़ावरा, मदनपुर, रजवास, खुरई, पठारी, त्योदा, बागरौल चौराहा, फोरलेन सीमा में जोड़ने हेतु भारत सरकार को प्रदेश सरकार से प्रस्ताव स्वीकृत हेतु भेजा जावेगा तो कब तक? निश्चित समय-सीमा सहित बतायें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। प्रश्नांकित मार्ग भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से संबंधित है, उनसे प्राप्त उत्तर पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार। (ग) जी हां, विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। टीकमगढ़ से शाहगढ़ रा.रा. क्र. 539 लंबाई 80.70 किमी., लागत राशि रू. 1111.76 करोड़ की स्वीकृति भारत सरकार सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के द्वारा दिनांक 17.02.2025 को जारी की गई है। (घ) भारत सरकार सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना में सम्मिलित नहीं होने के कारण लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग द्वारा कोई प्रस्ताव नहीं भेजा गया है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
नवीन रेस्ट हाउस एवं सर्किट हाउस बनाने हेतु राशि की स्वीकृति
[लोक निर्माण]
151. ( क्र. 1652 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले के रेस्ट हाउस एवं सर्किट हाउस का निर्माण कब हुआ है और क्या यह वर्षों पुराने कक्षों एवं हॉल सहित पर्याप्त है? (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर बताये कि टीकमगढ़ जिले के रेस्ट हाउस एवं सर्किट हाउस जो वर्षों पुराने कक्षों में संचालित है और प्रतिवर्ष मरम्मत करवाकर संचालित हो रहे है इनके अतिरिक्त नवीन कक्षों को बनाने अतिरिक्त राशि कब तक स्वीकृत की जावेगी? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताये कि टीकमगढ़ जिला मुख्यालय सर्किट हाउस के नवीन भवन निर्माण हेतु 3 करोड़ एवं लिधोरा खास, जतारा एवं पलेरा के नवीन रेस्ट भवन बनवाने हेतु प्रत्येक के लिए 2-2 करोड़ रूपये की राशि विभाग कब तक स्वीकृत करेगा?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) टीकमगढ़ जिले में 05 रेस्ट हाउस एवं 01 सर्किट हाउस है, जिनमें क्रमश: रेस्ट हाउस टीकमगढ़ का निर्माण वर्ष 1962-63 में, रेस्ट हाउस बल्देवगढ़ का निर्माण वर्ष 1956-57 में, रेस्ट हाउस जतारा का निर्माण स्टेट टाईम में, रेस्ट हाउस लिधौरा का निर्माण वर्ष 1956-57 में, रेस्ट हाउस पलेरा का निर्माण वर्ष 1956-57 में एवं सर्किट हाउस टीकमगढ़ का निर्माण स्टेट टाईम में हुआ है। जी नहीं। (ख) जी हां, नवीन कक्षों को बनाने हेतु राज्य बजट में प्रस्तावित नहीं है। (ग) राज्य बजट में प्रस्तावित नहीं है।
विद्युतीकरण के कार्य व ट्रांसफार्मर की मरम्मत
[ऊर्जा]
152. ( क्र. 1655 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले में किन-किन ग्रामों के नए मजरे टोलों, बसाहट व मोहल्लों में विद्युत विस्तारीकरण व नवीन ट्रांसफार्मर स्थापित करने के कार्य गत दो वर्षों में स्वीकृत किये गये हैं? इन कार्यों की क्या स्थिति है? अप्रारंभ, पूर्ण व प्रगतिरत की जानकारी व व्यय राशि का विवरण दें। कार्य गुणवत्ताहीन होने के क्या कारण है व इस हेतु कौन उत्तरदायी है? (ख) सिलवानी विधान सभा क्षेत्र के ग्राम फुलमार, वीकलपुर व सांईखेड़ा में कुल कितने विद्युत ट्रांसफार्मर स्वीकृत हैं व कितने स्थापित है? अंतर का क्या कारण है? (ग) बेगमगंज विद्युत उप संभाग में गत दो वर्षों में कितने जले/फेल ट्रांसफार्मर निकालकर सुधार हेतु भेजे गये विवरण दें कि सुधार उपरांत उन्हें कहां-कहां वापिस स्थापित नहीं किये गये? क्या यह ट्रांसफार्मर स्टाक में है या कहां है, बतावें। ट्रांसफार्मर गायब होने के क्या कारण है? विवरण दें।
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ) : (क) रायसेन जिलान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 (माह दिसम्बर तक) की अवधि में विभिन्न ग्रामों की नवीन बसाहटों एवं मोहल्लों में पीएम-जनमन योजना एवं धरती आबा-जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत पात्र हितग्राहियों के घरों को ऊर्जीकृत करने हेतु विद्युत अधोसंरचना विस्तारीकरण एवं नवीन वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित करने के लिये स्वीकृत किये गये कार्यों एवं कार्यों की वर्तमान स्थिति तथा व्यय की गई राशि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ' अनुसार है। उपरोक्त कार्य उचित गुणवत्ता अनुसार पूर्ण किये गये हैं/किये जा रहे हैं। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। (ख) सिलवानी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम फुलमार में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं ग्राम वीकलपुर में आर.डी.एस.एस. योजना के तहत क्रमश: एक-एक वितरण ट्रांसफार्मर स्वीकृत किया गया। उक्त स्वीकृत वितरण ट्रांसफार्मरों की स्थापना के कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं। ग्राम सांईखेड़ा में कोई भी नवीन वितरण ट्रांसफार्मर स्वीकृत नहीं है, अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है। (ग) संचालन-संधारण उपसंभाग बेगमगंज अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 (माह दिसम्बर तक) की अवधि में कुल 1226 जले/फेल वितरण ट्रांसफार्मर निकालकर सुधार हेतु क्षेत्रीय भंडार गृह को नियमानुसार भेजे गये एवं उक्त जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों के स्थान पर क्षेत्रीय भण्डार गृह में तत्समय उपलब्ध सही वितरण ट्रांसफार्मरों को आहरित कर उक्त समस्त जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों के स्थान पर स्थापित किया गया, जिनका विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब' अनुसार है। संचालन-संधारण वृत्तों के द्वारा जले/फेल वितरण ट्रांसफार्मर संबंधित क्षेत्रीय भंडार गृह को वापस किये जाते हैं। क्षेत्रीय भण्डार गृह द्वारा आवश्यक सुधार कार्य उपरान्त वितरण ट्रांसफार्मरों को नियमानुसार संचा./संधा. वृत्तों/संभागों की मांग अनुसार आवंटित किया जाता है। अत: शेष प्रश्न नहीं उठता है।