मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्‍नोत्तर-सूची
दिसम्‍बर, 2022 सत्र


सोमवार, दिनांक 19 दिसम्‍बर, 2022


भाग-1
तारांकित प्रश्‍नोत्तर


 

राजगढ़ विधानसभा अंतर्गत स्‍कूलों में शिक्षकों की पदपूर्ति

[स्कूल शिक्षा]

1. ( *क्र. 519 ) श्री बापूसिंह तंवर : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र में कितने प्राथमिक, माध्‍यमिक एवं उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय हैं? सूची उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार उपलब्‍ध सूची में समस्‍त विद्यालयों में समस्‍त वर्ग के कितने शिक्षक के पद स्‍वीकृत हैं? स्‍वीकृत पदों की संख्‍या बताएं। (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार उपलब्‍ध स्‍वीकृत शिक्षक के पद अनुसार क्‍या प्रश्‍नांश (क) अनुसार उपलब्‍ध शिक्षण संस्‍थानों में शिक्षक पदस्‍थ हैं? (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार स्‍कूलों में पदस्‍थ शिक्षक प्रश्‍नांश (क) अनुरूप स्‍वीकृत पद अनुसार समस्‍त शिक्षण संस्‍थाओं में पदों की पूर्ति है? यदि नहीं, तो शासन शिक्षक विहीन अथवा स्‍वीकृत पद से कम शिक्षक वाले स्‍कूलों में शिक्षकों की पदस्‍थापना कर देगा? यदि हाँ, तो समय-सीमा बताएं, नहीं तो कारण बताएं।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) राजगढ़ विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत 413 प्राथमिक शाला, 151 माध्यमिक शाला एवं 16 उच्चतर माध्यमिक शालाएं हैं। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) समस्त वर्ग के 1498 पद स्वीकृत है। (ग) जी नहीं। (घ) जी नहीं। पद पूर्ति एक सतत् प्रक्रिया है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शिक्षक विहीन अथवा शिक्षकों की कमी वाली शालाओं में अतिथि शिक्षक की व्यवस्था प्रावधानित है।

ग्राम की सीमा एवं संसाधन

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

2. ( *क्र. 410 ) श्री ब्रह्मा भलावी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजस्‍व ग्राम की सीमा याने पटवारी मानचित्र, खसरा पंजी में दर्ज भूमियों में से सार्वजनिक एवं निस्‍तारी प्रयोजनों, सामुदायिक, परम्‍परागत, रूढ़िक अधिकारों के लिए दर्ज संसाधनों पर संविधान की 11 वीं अनुसूची, पेसा कानून 1996 वन अधिकार कानून 2006 की किस-किस धारा में क्‍या-क्‍या प्रावधान दिए हैं? (ख) संसाधनों पर देश की सर्वोच्‍च अदालत ने सिविल अपील प्रकरण क्रमांक 19869/2010 के आदेश दिनांक 28 जनवरी, 2011 में पंचायती राज व्‍यवस्‍था को अधिकार, नियंत्रण एवं प्रबंधन सौंपे जाने बाबत् क्‍या-क्‍या निर्देश दिए हैं? (ग) पंचायती राज व्‍यवस्‍था को ग्राम से संबंधित राजस्‍व अभिलेख, पटवारी मानचित्र की प्रतियां दिए जाने बाबत् तथा संसाधनों का नियंत्रण, प्रबंधन, अधिकार सौंपे जाने बाबत् किस-किस दिनांक को पत्र, परिपत्र, आदेश, निर्देश जारी किया है? प्रति सहित बतावें। (घ) पंचायत विभाग ने किस नियम की किस‍-किस कंडिका में पंचायती राज व्‍यवस्‍था को संसाधनों पर अधिकार, नियंत्रण, प्रबंधन बाबत् क्‍या-क्‍या प्रावधान किया है?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी संकलित की जा रही है। (ग) तत्संबंधी प्रावधान मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्र. 589, दिनांक 15 नवम्‍बर, 2022 को प्रकाशित म.प्र. पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) नियम 2022 में कर‍ दिया गया है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

सिवनी मालवा स्थित कृषि फार्म

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

3. ( *क्र. 333 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी मालवा विधानसभा क्षेत्र स्थित सिवनी मालवा बीज विकास निगम का कृषि फार्म का कुल रकबा कितने एकड़ का है? (ख) उक्त फार्म में सिंचाई के क्या साधन हैं? (ग) वर्ष 2018-19 से लगाकर वर्ष 2022 -23 तक उक्त कार्य में रबी फसल, खरीफ फसल एवं ग्रीष्म की फसल कितने-कितने एकड़ में बोई गई एवं उनसे वर्षवार अलग-अलग सीजन में अलग-अलग फसल का कितना उत्पादन हुआ?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) म.प्र. राज्‍य बीज एवं फार्म विकास निगम के अधीनस्‍थ जिला नर्मदापुरम (होशंगाबाद) में प्रक्षेत्र सिवनी मालवा है। जिसका कुल रकबा 77.5 एकड़ है। (ख) उक्‍त फार्म में तवॉ नहर एवं कुंआ सिंचाई का साधन है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "एक"

विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं

[स्कूल शिक्षा]

4. ( *क्र. 236 ) श्री प्रवीण पाठक : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले की ग्वालियर दक्षिण विधान सभा क्षेत्र में शिक्षा विभाग द्वारा कितने प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल एवं उ.मा.वि. संचालित हैं? प्रत्येक विद्यालय में अध्ययनरत छात्र संख्या कितनी है? क्‍या छात्र संख्या अनुसार आवश्यक फर्नीचर, भवन उपलब्ध हैं? कितने विद्यालयों में फर्नीचर, भवन की कमी है? विद्यालयवार जानकारी दें। (ख) इन विद्यालयों में नियमित शुद्ध पेयजल व्यवस्था किस प्रकार की उपलब्ध है? यदि नहीं, तो किस कारण? कितने विद्यालयों में आर.ओ. वॉटर प्लांट उपलब्ध है? आर.ओ. वॉटर प्लांट कब स्थापित किया गया? कितनी राशि व्यय हुई? उनकी गारन्टी अवधि क्या है? वर्तमान में कितने वॉटर प्लांट चालू हैं, कितने कब से बन्द हैं? बन्द होने के कारण की विद्यालयवार जानकारी दें। (ग) कितने विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को कम्प्यूटर क्लासेस के माध्यम से पढ़ाई की जाती है? प्रत्येक विद्यालय में कितने कम्प्यूटर स्थापित हैं? उन्हें कब क्रय किया गया? कितनी राशि व्यय हुई? उनकी गारन्टी अवधि क्या है? उत्तर दिनांक तक कितने चालू हैं एवं कितने कब से बन्द हैं? विद्यालयवार जानकारी दें।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) ग्‍वालियर जिले की ग्वालियर दक्षिण विधान सभा क्षेत्र में 20 प्राथमिक, 20 माध्‍यमिक, 05 हाईस्कूल तथा 08 उ.मा.वि. संचालित हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र 01 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र 02 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र 03 अनुसार है।

सी.सी. खरंजा निर्माण कार्य

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

5. ( *क्र. 514 ) श्री राकेश मावई : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र मुरैना की 8 ग्राम पंचायतों में सी.सी. खरंजा निर्माण कार्य कराये जाने हेतु आयुक्‍त, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, पंचायतीराज संचालनालय भोपाल को प्रश्‍नकर्ता द्वारा पत्र क्र. 1033/22, दिनांक 23.05.2022 को दिया गया था? यदि हाँ, तो पत्र पर प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण सहित जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार दिये गये पत्र की वर्णित 08 ग्राम पंचायतों में सी.सी. खरंजा निर्माण कार्य कब तक करा दिया जायेगा? निश्चित समय-सीमा बताएं। यदि नहीं, तो कारण सहित जानकारी देवें।

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जी हाँ, पत्र क्रमांक 1033/22, दिनांक 23.05.2022 पंचायत राज संचालनालय में प्राप्‍त हुआ है। बजट अभाव के कारण निर्माण कार्यों को स्‍वीकृत नहीं किया जा सका है। (ख) बजट उपलब्‍धता के आधार पर निर्माण कार्य स्‍वीकृत किये जाते हैं। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

पौधारोपण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

6. ( *क्र. 498 ) श्रीमती सुमित्रा देवी कास्‍डेकर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कार्या. जि. पंचा. जि. बुरहानपुर के प्रशासकीय स्वीकृति आदेश क्र. 4402/MGNREGS - MP/दि. 04.10.2011 द्वारा श्री नर्मदा निमाड़ विकास संस्थान खरगोन म.प्र. को क्रियान्वयन एजेन्सी बनाते हुये तह. नेपानगर के ग्राम डवाली खुर्द के भूमि पर वृक्षारोपण हेतु राशि जारी की गयी थी? यदि हाँ, तो वृक्षारोपण की वर्तमान स्थिति से अवगत करायें। प्रशासकीय स्वीकृति आदेश की प्रति उपलब्ध करायें। (ख) क्रियान्वयन एजेन्सी को कार्य प्रगति पश्चात राशि भुगतान हेतु अधिकारियों द्वारा अनुशंसा की गयी थी? यदि हाँ, तो उन अधिकारियों के नाम व अनुशंसा की प्रति उपलब्ध करायें तथा स्वीकृत राशि 43.73 लाख के विरूद्ध कितनी राशि का भुगतान किया गया? (ग) क्‍या प्रशासकीय स्वीकृति अनुसार 33 शर्तों के पालन हेतु लेख किया गया था? यदि हाँ, तो क्रियान्वयन एजेन्सी द्वारा कितनी शर्तों का पालन किया गया था? कितने वृक्ष वर्तमान स्थिति में जीवित हैं? यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें। (घ) क्रियान्वयन एजेन्सी वृक्षों को जीवित रखने हेतु विभाग द्वारा अनुबन्ध किया गया था? यदि हाँ, तो अनुबंध की प्रति उपलब्ध करायें। (ड.) क्या शासन प्रदेश स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों का दल गठित कर तथा प्रश्‍नकर्ता को शामिल कर इस वृक्षारोपण की जांच कर दोषी के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित करेगा? यदि हाँ, तो समय-सीमा बतायें।

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) हाँ, क्रियान्वयन एजेन्सी श्री नर्मदा निमाड़ विकास संस्थान खरगोन से वृक्षारोपण से संबंधित राशि वसूली की कार्यवाही प्रचलन में है, प्रशासकीय स्वीकृति आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) कार्य की प्रगति के आधार पर समय-समय पर मांग पत्र प्रस्तुत किये गये थे। मांग पत्र पर तत्कालीन सहायक यंत्री श्री प्रतापसिंह भैसारे एवं उपयंत्री श्री योगेश महोलकर के हस्ताक्षर से प्राप्त हुए थे। तकनीकी स्वीकृति राशि 43.73 लाख के विरूद्ध राशि रुपये 1749541/- का भुगतान किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) हाँ, कुछ शर्तों का पालन क्रियान्वयन एजेंसी श्री नर्मदा निमाड़ विकास संस्थान खरगोन द्वारा नहीं किया गया। जांच प्रतिवेदन दिनांक 08.01.2019 अनुसार सभी शर्तों का पालन नहीं हुआ। प्रशासकीय स्वीकृति अनुसार कुल रोपित 11407 वृक्षों में से प्रतिवेदन अनुसार लगभग 50 वृक्ष जीवित थे। क्रियान्वयन एजेंसी द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति अनुसार कार्य नहीं किये जाने से कार्यालयीन आदेश दिनांक 26.09.2019 द्वारा राशि रू. 1281151/- वसूली अधिरोपित की गयी थी। (घ) हाँ, अनुबंध की प्रति पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '' अनुसार है। (ड.) जिले द्वारा वसूली प्रस्तावित की जा चुकी है। अतः प्रदेश स्तर से जांच दल गठित किये जाने की आवश्यकता प्रतीत नहीं होती है। रिट पिटीशन क्र. 20866/2022 दिनांक 13.09.2022 द्वारा माननीय हाई कोर्ट जबलपुर द्वारा प्रकरण में स्थगन दिया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

छात्र-छात्राओं को साईकिलों का प्रदाय

[स्कूल शिक्षा]

7. ( *क्र. 73 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र द्वारा कक्षा 6वीं एवं कक्षा 9वीं के छात्र-छात्राओं को प्रतिवर्ष नि:शुल्‍क साईकिलें प्रदान की जाती हैं? (ख) यदि हाँ, तो वर्ष 2022-23 में जबलपुर सहित प्रदेश के कितने जिलों में साईकिलें प्रदान की गई हैं? (ग) क्‍या राज्‍य स्‍तर पर साईकिलों की खरीदी में विलंब होने के कारण जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को इस सुविधा से वंचित रहना पड़ा? (घ) क्‍या शासन खरीदी व्‍यवस्‍था जिला स्‍तर पर करने अथवा छात्र-छात्राओं के खातों में सीधे राशि भेजकर समय पर सुविधा देने हेतु विचार करेगा?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 में कोविड-19 की परिस्थितियों के कारण योजना स्थगित रखी गई थी। (ख) वर्ष 2022-23 में बजट उपलब्धता अनुसार जबलपुर जिले सहित समस्त प्रदेश में (भोपाल एवं इंदौर जिले को छोड़कर) साईकिलें प्रदाय की जाने संबंधी अद्यतन स्थिति  संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार(ग) जी नहीं। (घ) वर्ष 2022-23 में पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में भोपाल एवं इंदौर जिले में ई-रूपी वाउचर के माध्यम से हितग्राहियों को लाभान्वित करने की योजना है। जिला स्तर पर क्रय संबंधी कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

परिशिष्ट - "दो"

किसानों को बैल चलित/हाथ चलित यंत्रों का प्रदाय

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

8. ( *क्र. 518 ) श्री शरदेन्दु तिवारी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा आदर्श ग्राम योजना के तहत बी.पी.एल. श्रेणी के अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों को बैल चलित/हाथ चलित कृषि यंत्र प्रदान करने की योजना संचालित है? यदि हाँ, तो कितने जिलों में कितने किसानों को योजना का लाभ मिला? जिलेवार सूची प्रदान करें। (ख) यह भी बतावें कि उक्‍त योजना में कितनी राशि का कृषि यंत्र प्रति किसानों को प्रदान करने का प्रावधान है? कौन-कौन से यंत्र हेतु जिलेवार कुल कितनी राशि खर्च की गई? (ग) उक्‍त कृषि यंत्र किन संस्‍थाओं से किस नियम के तहत क्रय किये गये? क्रय आदेश किस अधिकारी द्वारा दिये गये? जिलेवार जानकारी प्रदान करें। क्‍या कृषि अभियांत्रिकी विभाग भोपाल द्वारा जारी आदेशानुसार किसानों द्वारा अपनी पसंद के कृषि यंत्र पंजीकृत निर्माताओं के स्‍थानीय डीलरों से क्रय कर भौतिक सत्‍यापन उपरान्‍त संबंधितों के खातों में भुगतान करना था? (घ) क्‍या चालू वित्‍त वर्ष में किसानों द्वारा उनकी पसंद के कृषि यंत्र हेतु आवेदन किये गये थे, जिनको नजर अंदाज कर जिले के कृषि अधिकारियों द्वारा अनुपयोगी कृषि यंत्र स्‍वयं क्रय कर किसानों को जबरन वितरित किये गये, जो कि नियम विरूद्ध कार्य है, जिसका विरोध किसान, जनप्रतिनिधियों तथा स्‍थानीय समाचार पत्रों द्वारा किया गया? संयुक्‍त संचालक रीवा द्वारा जांच उपरांत सतना जिले के उपसंचालक कृषि की स्‍वेच्‍छाचारिता को लापरवाही प्रमाणित होने के बावजूद दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कोई कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? यदि हाँ, तो कार्यवाही का विवरण दें। (ड.) क्‍या अनुसूचित जाति वर्ग के गरीब किसानों के साथ धोखाधड़ी के बाद कृषि विभाग के जिला अधिकारी किसानों पर दबाव बनाकर आवेदन पत्र बदल रहे हैं? यदि हाँ, तो ऐसे अधिकारियों के विरूद्ध क्‍या वैधानिक कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) जी हाँ, अनुसूचित जाति विभाग अंतर्गत आदर्श ग्राम योजना के तहत बी.पी.एल. श्रेणी के अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों को बैल चलित/हाथ चलित कृषि यंत्र प्रदान करने की योजना कृषि अभियांत्रिकी संचालनालय के माध्‍यम से संचालित है। जिलेवार लाभान्वित कृषकों की संख्‍यात्‍मक जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ख) योजनान्‍तर्गत आदर्श ग्रामों के बी.पी.एल. श्रेणी के अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों में प्रत्‍येक को राशि रू. 10000/- की राशि के बैल चलित/हाथ चलित कृषि यंत्र प्रदान किये जाने का प्रावधान है। योजनान्‍तर्गत सम्मिलित यंत्रों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। जिलेवार कुल व्‍यय राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर में दर्शित यंत्रों का प्रदाय एम.पी. एग्रो अथवा संचालनालय में पंजीकृत होकर जिलों में प्रदाय करने के इच्‍छुक प्रदायकों के माध्‍यम से किया गया है। कार्यक्रम अंतर्गत कृषकों को राशि रू. 10,000/- के कृषि यंत्रों का नि:शुल्‍क प्रदाय किया जाकर राशि का भुगतान प्रदायक के खातों में किया जाना है। जिले में प्रदाय हेतु सहमति प्रदान करने वाले इच्छुक प्रदायकों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 4 अनुसार है। (घ) योजनान्तर्गत किसानों को अपने पसंद के कृषि यंत्र जिलों में प्रदाय के इच्छुक पंजीकृत निर्माताओं से क्रय किया जाना था। किसानों द्वारा क्रय किये गये यंत्रों का राशि रू. 10000/- का अनुदान भुगतान संबंधित प्रदायक के खाते में किया जाना था। स्‍थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचार तथा प्राप्‍त शिकायतों की जांच के निर्देश संयुक्‍त संचालक किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास संभाग रीवा को आदेश पत्र क्रमांक/तकनीकी/अनु.जाति/2022-23/2405, दिनांक 24.11.2022 द्वारा दिये गये हैंजानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है तथा जांच प्रचलन में है। जांच पूरी होने पर दोषी पाये जाने वाले अधिकारियों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जा सकेगी। (ड.) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर अनुसार सतना जिले के उप संचालक कृषि के विरूद्ध प्राप्‍त शिकायतों की जांच के आदेश संयुक्‍त संचालक किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास संभाग रीवा को दिये गये हैं। जांच पूर्ण होने पर दोषी अधिकारियों के विरूद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जा सकेगी।

मनरेगा के कार्य

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

9. ( *क्र. 1 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन/विभाग द्वारा मनरेगा योजना अन्‍तर्गत वर्ष 2019-20 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक जावरा विधानसभा क्षेत्र अन्‍तर्गत किस-किस वर्ष में कितनी-कितनी लागत के किस-किस प्रकार के कार्य स्‍वीकृत किये? कितने पूर्ण हुये, कितने अपूर्ण रहे? वर्षवार बतायें। (ख) प्रश्‍न में उल्‍लेखित वर्ष अन्‍तर्गत वर्षवार मजदूरी मूलक कार्य किये जाने हेतु कितने जॉब कार्ड वर्षवार बनाये गये तथा वर्षवार जॉब कार्ड के माध्‍यम से कितने कार्य किये गये? इस हेतु कितना भुगतान किया गया? वर्षवार बताएं। (ग) क्‍या अनेक स्‍वीकृत कार्य या तो अप्रारंभ होकर अथवा अपूर्ण होकर अनुपयोगी रहे तथा विगत कई वर्षों से पूर्ण रूप से जन उपयोग नहीं हो पा रहा है? यदि हाँ, तो इस लापरवाही अथवा अन्‍य विलंब के कारणों हेतु संबंधितों के विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई है? (घ) नि‍यमित कार्यों के साथ ही (1.) सुदूर ग्राम सड़क. (2.) शांतिवन शमशान घाट निर्माण व पहुंच मार्ग. (3.) गौशाला निर्माण. (4.) अमृत सरोवर इत्‍यादि के साथ कितने खेल मैदान भी योजना अन्‍तर्गत स्‍वीकृत किये गये एवं कितने स्‍थलों पर कितनी राशि के वृक्षारोपण इत्‍यादि प्रकार के कार्यों की ग्रामवार, वर्षवार, हितग्राहीमूलक योजनावार जॉबकार्ड सहित भौतिक सत्‍यापन की जानकारी से अवगत कराएं।

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) प्रश्‍नांश संबंधी वांछित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश संबंधी वांछित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 262 कार्य अप्रारंभ हैं, अकुशल मजदूरी हेतु मांग आने पर स्‍वीकृत अप्रारंभ कार्यों को समय-समय पर प्रारंभ कराया जाता है एवं अपूर्ण/प्रगतिरत कार्य पूर्ण होने के उपरांत उपयोगी होते हैं। अप्रारंभ कार्यों से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। शेष प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होता है। (घ) प्रश्‍नांश संबंधी वांछित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार है।

कुलपति के पद पर नियम विरूद्ध नियुक्ति

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

10. ( *क्र. 661 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के कृषि विश्‍वविद्यालयों में कुलपति के पद पर नियुक्ति हेतु निर्धारित अर्हता एवं आवेदन करने की अधिकतम आयु सीमा क्‍या है? (ख) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में उक्‍त पद हेतु वर्ष 2022 में किस-किस के आवेदन प्राप्‍त हुए एवं उन आवेदकों में से कौन-कौन अभ्‍यर्थी पात्र पाए गए? नाम, पता, योग्‍यता एवं आयु सहित विवरण दें। (ग) क्‍या 67 वर्ष एवं उससे अधिक आयु का आवेदक कुलपति हेतु आवेदन करने की पात्रता रखता है? यदि हाँ, तो नियम/अधिनियम/परनियम की प्रति उपलब्‍ध कराएं। (घ) क्‍या आदेश क्र. एफ-1-8/22/रा.स./यू.ए.1/1499, दिनांक 17 नवम्‍बर, 2022 द्वारा पांच वर्ष की अवधि के लिए कुलपति पद पर 67 वर्ष से अधिक आयु के शिक्षाविद की नियुक्ति की गई है? यदि हाँ, तो कुलपति के पद पर कितने वर्ष की अवधि तक पदस्‍थ रह सकते हैं? (ड.) प्रश्‍नांश (घ) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या कुलपति की नियुक्ति विधि सम्‍मत है? यदि नहीं, तो क्‍या नियम विरूद्ध की गई नियुक्ति को समाप्‍त किया जायेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

प्रधानमंत्री आवास योजना

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

11. ( *क्र. 156 ) श्री रामपाल सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के किन-किन हितग्राहियों की मृत्‍यु उपरांत उनके परिजन/आश्रित को राशि भुगतान के कितने प्रकरण कब से एवं क्‍यों लंबित हैं? प्रकरणवार कारण बतायें। उनका कब तक निराकरण होगा? (ख) प्रश्‍नांश (ख) के संबंध में मान. मंत्री जी तथा मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रायसेन को प्रश्‍नकर्ता के पत्र दिनांक 01 जनवरी, 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में कब-कब प्राप्‍त हुए तथा उन पर आज दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? पूर्ण विवरण दें। (ग) प्रश्‍नकर्ता के पत्रों में उल्‍लेखित किन-किन बिन्‍दुओं का अभी तक निराकरण क्‍यों नहीं हुआ तथा पत्रों पर की गई कार्यवाही से कब-कब अवगत कराया? यदि अवगत नहीं कराया तो कारण बतायें। (घ) प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों की मृत्‍यु उपरांत उनके परिजन/आश्रित को 1 माह की समय-सीमा में राशि का भुगतान हो इस संबंध में विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही की जायेगी? पूर्ण विवरण दें।

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) कोई प्रकरण लंबित नहीं है। (ख) उल्‍लेखित अवधि में प्रश्‍नकर्ता विधायक से पत्र क्रमांक 1483, दिनांक 23.10.2022 माननीय मंत्री जी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को प्रेषित किये गये। वर्तमान में राज्‍य स्‍तर पर मृत्‍यु से संबंधित कोई प्रकरण लंबित नहीं है। (ग) पत्र का निराकरण कर, कार्यवाही से जिला पंचायत के पत्र क्रमांक 6945, दिनांक 06.12.2022 से अवगत कराया गया है। (घ) जिला स्‍तर से मृत्‍यु के प्रकरण (समस्‍त कार्यवाही पूर्ण उपरांत) पोर्टल पर प्राप्‍त होते हैं, जिन पर राज्‍य स्‍तर से तत्‍काल कार्यवाही की जाती है तथा राशि का भुगतान पोर्टल के माध्‍यम से होता है।

स्मार्ट क्लास हेतु सामग्री खरीदी में अनियमितता

[स्कूल शिक्षा]

12. ( *क्र. 271 ) श्री हर्ष यादव : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. लोक शिक्षण संचालनालय म.प्र. भोपाल के पत्र क्र.स.शि.अ./स्मार्ट क्लास/2022/18 भोपाल, दिनांक 04.01.2022 द्वारा सागर जिले अन्तर्गत हाईस्कूल/हायर सेकेण्ड्री स्कूलों को समग्र शिक्षा अभियान वार्षिक कार्य योजना 2021-22 के अन्तर्गत स्मार्ट क्लास चयनित किया गया था? नामवार, विकासखण्डवार बतावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) सागर जिले में चयनित संस्थाओं में कौन-कौन सी सामग्री, किस-किस संस्था से क्रय की गई? सामग्रीवार/संस्थावार बतावें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) सागर जिले में चयनित संस्थाओं की सामग्री क्रय के संबंध में विभाग द्वारा की गई जांच में कौन-कौन अधिकारी दोषी पाए गए और उन पर क्या-क्या कार्यवाही प्रस्तावित की गई? (घ) प्रश्‍नांश (ग) में दर्शित दोषी अधिकारियों के विरुद्ध विभाग कब तक वसूली एवं अन्य अनुशासनात्मक कार्यवाहियां करेगा?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-1 अनुसार(ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -2 अनुसार(ग) संयुक्त संचालक लोक शिक्षण सागर संभाग, सागर से प्राप्त प्रारंभिक जांच प्रतिवेदन में प्रथम दृष्टया दोषी पाये जाने के परिणामस्वरूप श्री सी.बी.एस. राजपूत, तत्कालीन ए.पी.सी., समग्र शिक्षा (कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी सागर) मूल पद व्याख्याता को लोक शिक्षण संचालनालय के पत्र क्र. 796-797, दिनांक 12.08.2022 द्वारा आरोप पत्रादि जारी किये गये तथा तत्कालीन से.नि. जिला शिक्षा अधिकारी श्री अजब सिंह ठाकुर को पत्र क्रमांक 794-795, दिनांक 12.08.2022 द्वारा अतिरिक्त आरोप पत्रादि जारी किये गये हैं। (घ) प्रश्‍नांक (ग) के प्ररिपेक्ष्य में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

प्रधानमंत्री आवास निर्माण एवं सामुदायिक भवन निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

13. ( *क्र. 348 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री आवास निर्माण हेतु जो राशि हितग्राहियों को दी जाती है, क्‍या उस राशि से हितग्राही आवास निर्माण कर पा रहा है? डिण्‍डोरी जिले में कई हितग्राही आवास निर्माण पूर्ण क्‍यों नहीं कर पा रहे हैं? अगर नहीं, तो बतावें, कम राशि क्‍यों दी जा रही है? (ख) प्रधानमंत्री आवास में राशि बढ़ाने की मांग को लेकर डिण्‍डोरी जिले में किस-किस ने कब-कब मांग व धरना प्रदर्शन किये? उसमें क्‍या कार्यवाही हुई? (ग) पंचायत संचालनालय भोपाल द्वारा डिण्‍डोरी जिले में कौन-कौन से ग्रामों में सामु‍दायिक भवन निर्माण हेतु कब-कब, कितनी-कितनी राशि स्‍वीकृत की गयी, जिसमें कौन-कौन से भवन पूर्ण हुए एवं कौन-कौन से भवन अपूर्ण हैं एवं क्‍यों? इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है? भवन कब तक पूर्ण होंगे?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जी हाँ। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) दिनांक 27.04.2022 को दो ज्ञापन प्राप्‍त हुये। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। इकाई लागत बढ़ाने के लिये प्रस्‍ताव भारत सरकार को पत्र क्रमांक 8512, दिनांक 05.09.2019 तथा पत्र क्रमांक 4380, दिनांक 23.05.2020 को भेजा गया, लागत राशि नहीं बढ़ाई गई। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। 7 अपूर्ण भवनों को 15 वें वित्‍त आयोग के अंतर्गत प्राप्‍त राशि से पूर्ण किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

स्‍कूल की मान्‍यता की निरस्‍ती

[स्कूल शिक्षा]

14. ( *क्र. 549 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जय माँ वैष्‍णों कॉन्‍वेंट स्‍कूल झारड़ा, तहसील महिदपुर, जिला उज्‍जैन के संबंध में याचिका क्रमांक डब्‍ल्‍यू.पी.उ. 5516/2021, दिनांक 06-04-2021 मान. उच्‍च न्‍यायालय खंडपीठ इन्‍दौर का स्‍टे वेकेट हुआ अथवा नहीं? (ख) मान. विभागीय मंत्री जी के विधान सभा आश्‍वासन (मार्च 2021) के बाद भी स्‍कूल की मान्‍यता निरस्‍त कराने में विभाग के संबंधित अधिकारी क्‍यों विफल रहे हैं? क्‍या कारण है कि इस आश्‍वासन के बाद भी मान. न्‍यायालय में विभाग द्वारा उचित ढंग से पैरवी नहीं की जा रही है? (ग) यदि हाँ, तो उसका संपूर्ण विवरण उपलब्‍ध करावें।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं। (ख) माननीय मंत्री जी द्वारा विधानसभा में दिये गये आश्‍वासन के क्रम में शासन द्वारा दो सदस्‍यीय जांच दल गठित किया गया था, जिसके द्वारा जांच प्रतिवेदन प्रस्‍तुत किये जाने के पूर्व भी मान. उच्‍च न्‍यायालय खंडपीठ इंदौर द्वारा दिनांक 06 अप्रैल, 2021 में इस आशय के निर्देश दिये गये कि प्रकरण में माननीय न्‍यायालय द्वारा अंतिम निर्णय पारित किये जाने तक अन्‍य कोई आदेश जारी नहीं किये जायें। अत: उक्‍त के क्रम में प्रकरण में आगामी कार्यवाही नहीं की जा सकी है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्‍नांश '''' के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

मदवार व्‍यय की जानकारी

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

15. ( *क्र. 465 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01.04.2019 से प्रश्‍नति‍थि के दौरान रीवा जिले की किन-किन तहसीलों में, किस-किस मद में, कितनी-कितनी राशि वित्‍तीय वर्षवार प्राप्‍त हुई एवं व्‍यय की गई? तहसीलवार/वर्षवार/ मदवार/प्राप्‍त राशिवार/व्‍ययवार जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित समयानुसार जिले की किन-किन तहसीलों में हितग्राही मूलक योजनाओं एवं अन्‍य अनुदान योजना तथा किस मद में गड़बड़ी पाई जाने पर जांच सम्मिलित हुई? किस-किस के द्वारा क्‍या-क्‍या शिकायतें जिला प्रशासन/राज्‍य शासन में की गईं? क्‍या कार्यवाही किन आदेश क्रमांकों से किन-कि‍न दिनांकों को की गई? जारी सभी आदेशों की एक-एक प्रति दें। (ग) प्रश्‍नतिथ‍ि तक कृषि कल्‍याण विभाग अंतर्गत रीवा जिले में किस-किस नाम/पदनाम के विरूद्ध किन-किन की जांच कब से किस कारण से लंबित हैं? जांचवार/प्रकरणवार जानकारी दें। तयशुदा समय-सीमा में जांच क्‍यों पूर्ण नहीं हो पाई? प्रकरणवार कारण दें। समय पर जांच पूर्ण नहीं करने वाले जांच अधिकारियों पर राज्‍य शासन ने प्रश्‍न तिथ‍ि तक क्‍या कार्यवाही की? जारी आदेशों की प्रति दें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 एवं अनुसार है।

यूरिया खाद का वितरण

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

16. ( *क्र. 1146 ) श्री अनिरुध्द (माधव) मारू : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नीमच जिले में पिछले तीन वर्षों में प्राइवेट और निजी क्षेत्र में यूरिया खाद वितरण का क्या अनुपात रहा है? वर्षवार कंपनीवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) कितना यूरिया खाद नीमच जिले को प्राप्त हुआ? सरकारी व निजी क्षेत्र को कितना-कितना आवंटित किया गया और वितरण के क्या प्रावधान हैं? किस अनुपात में आवंटन किया जाना था? कंपनीवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) यूरिया खाद वितरण की मॉनिटरिंग किसके द्वारा की जाना थी? अनुपात रेशो का पालन नहीं करने पर उसके द्वारा क्या कार्रवाई की गई? अगर नहीं की गई है तो संबंधित के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी? (घ) क्या नीमच जिले में चंबल फर्टीलाइजर्स द्वारा गत तीन वर्षों में अनुपात अनुसार यूरिया सप्लाई नहीं किया गया? अगर हाँ तो नियमों की अवहेलना की दशा में उस के विरुद्ध कोई कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो की गई कार्यवाही का उल्लेख करें। यदि नहीं, तो क्या कंपनी और संबंधित विभाग के अधिकारियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो समय-सीमा सुनिश्चित करें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) नीमच जिले में पिछले तीन वर्षों में प्राइवेट और निजी क्षेत्र में यूरिया उर्वरक वितरण अनुपात 52 : 48 रहा है। वर्षवार, कंपनीवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ख) नीमच जिले में विगत 03 वर्षों में कुल यूरिया उर्वरक 129920.709 मैट्रिक टन प्राप्‍त हुआ, जिसमें से सहकारी क्षेत्र में 67503.70 मैट्रिक टन तथा निजी क्षेत्र में 62427.14 मैट्रिक टन वितरित हुआ। वर्षवार, कंपनीवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। सहकारी तथा निजी क्षेत्र में यूरिया अनुपात वितरण की जानकारी अवधि अनुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। उक्‍त प्रावधान सभी यूरिया प्रदायक कंपनियों के लिये हैं। (ग) म.प्र. शासन द्वारा सहकारिता क्षेत्र में रासायनिक उर्वरकों की व्‍यवस्‍था हेतु म.प्र. राज्‍य सहकारी विपणन संघ को नोडल एजेंसी नियुक्‍त किया गया है। विपणन संघ द्वारा आवश्‍यकता अनुसार प्राप्‍त रेकों का वितरण कार्यक्रम जारी कर यूरिया आवंटित किया जाता है तथा आवंटन अनुसार प्रदायक कंपनियों द्वारा पूर्ति की गई है। अत: कोई कार्यवाही नहीं की गई है। शेष प्रश्‍नांश उद्भूत नहीं होता। (घ) जी नहीं। गत तीन वर्षों में चंबल कंपनी द्वारा आवंटित मात्रा 7086 मेट्रिक टन के विरुद्ध 7851.375 मेट्रिक टन विपणन संघ को सप्‍लाई किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 अनुसार है। अत: चंबल फर्टिलाईजर्स द्वारा किसी भी प्रकार के नियमों की अवहेलना नहीं की गई है, जिससे कंपनी के विरुद्ध कार्यवाही की स्थिति उत्‍पन्‍न नहीं होती। अत: शेष प्रश्‍नांश उद्भूत नहीं होता।

पेसा कानून 1996 एवं पेसा नियम 2022

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

17. ( *क्र. 432 ) डॉ. अशोक मर्सकोले : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पेसा कानून 1996 की धारा 4 उप धारा '' एवं उपधारा '' में समाज की परम्‍पराओं, रूढ़ियों, रीति रिवाजों आदि के संबंध में क्‍या-क्‍या प्रावधान दिया गया है? राज्‍य शासन के पास जनजातीय समुदाय की रूढ़ियों, परम्‍पराओं आदि से संबंधित कौन-कौन सा दस्‍तावेज वर्तमान में उपलब्‍ध है? प्रति सहित बतावें। (ख) पेसा नियम 2022 में जनजा‍तीय समुदाय की किन-किन परम्‍पराओं, किन-किन रूढ़ियों, किन-किन पद्धतियों को ध्‍यान में रखकर किस-किस विषय से संबंधित, क्‍या-क्‍या प्रावधान किया है? नियम 2022 में परम्‍पराओं, रूढ़ियों एवं पद्धतियों के अनुसार प्रावधान नहीं किये जाने का क्‍या कारण रहा है? (ग) जनजातीय समुदाय में विवाह से संबंधित कौन-कौन सी प्रथाएं प्रचलित रही हैं? उन प्रथाओं के अनुसार नियम 2022 में ग्रामसभा को क्‍या-क्‍या अधिकार दिये हैं? प्रथाओं के अनुसार ग्रामसभा के निर्णय को पुलिस हस्‍तक्षेप से मुक्‍त रखे जाने के संबंध में समुचित प्रावधान नियम में नहीं किए जाने का क्‍या-क्‍या कारण रहा है? (घ) जनजातीय समुदाय की परम्‍पराओं, रूढ़ियों एवं पद्धतियों का दस्‍तावेजीकरण किये जाने के संबंध में राज्‍य शासन क्‍या कदम उठा रहा है? कब तक दस्‍तावेजीकरण किया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) पेसा कानून 1996 के प्रावधान पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  '''' अनुसार है। जनजातीय समुदाय की रूढ़ियोंपंरपराओं आदि से संबंधित आवश्यक दस्तावेज आदिम जाति अनुसंधान एवं विकास संस्थान द्वारा संधारित किया जाता है। (ख) पेसा नियम 2022 में तत्संबंधी प्रावधान पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  '''' अनुसार हैशेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश '''' अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) आदिम जाति अनुसंधान एवं विकास संस्थान द्वारा जनजातीय समुदाय की परंपराओं रूढ़ियों एवं पद्धतियों का दस्तावेजीकरण किया जाता हैसमय-सीमा नियत करना संभव नहीं है।

अनियमितता की जांच

[स्कूल शिक्षा]

18. ( *क्र. 476 ) श्री प्रागीलाल जाटव : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्‍कूल शिक्षा विभाग में विगत तीन वर्ष 2019-20, 2020-21 एवं 2021-22 शैक्षणिक सत्र में कौन-कौन सी छात्र हितग्राही योजनाएं चलाई गईं हैं? वर्षवार, योजनावार जानकारी देते हुए बताएं कि रीवा जिले के शा.उ.मा.वि. राउरा, अन्‍दवा, लउआ कोठार में कितने छात्र/छात्राओं को किस-किस योजना से कौन-कौन सा लाभ किस-किस वर्ष दिया गया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के विद्यालयों एवं अवधि में विभाग द्वारा आय एवं व्‍यय का वर्षवार, शालावार विवरण देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) विद्यालयों में क्‍या एस.एम.डी.सी. का गठन हुआ है? यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश (क) वर्षों से प्रश्‍न दिनांक तक एस.एम.डी.सी. समिति की कब-कब‍ बैठक बुलाई गई तथा क्‍या-क्‍या प्रस्‍ताव पारित किये गये? कार्यवाही पंजी एवं एजेंडा पंजी की प्रमाणित छायाप्रति के साथ जानकारी देवें। (घ) प्रश्‍नांश (क) (ख) के संस्‍थाओं में छात्र-छात्राओं से शुल्‍क प्राप्‍त करने का दिनांक, बैंक में जमा करने का दिनांक में यदि काफी अंतर है एवं अन्‍य मदों के व्‍यय राशि एवं शुल्‍क से प्राप्‍त राशियों के अनियमितता की जांच कराकर दोषी प्राचार्यों के विरूद्ध निलम्‍बन एवं विभागीय जॉच करा देंगे? यदि हाँ, तो कब तक?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) समग्र शिक्षा अभियान अंतर्गत कक्षा 01 से 08 तक के छात्रों के लिए शैक्षणिक सत्र 2015-16 से पात्रता अनुसार निःशुल्क पाठ्य पुस्तक, निःशुल्क गणवेश एवं निःशुल्क साइकिल वितरण का प्रावधान है। कक्षा 09 से 12 तक के छात्रों के लिए शैक्षणिक सत्र 2019-20, 2020-21 एवं 2021-22 में हितग्राही मूलक योजनाएं निःशुल्क पाठ्य पुस्तक, निःशुल्क साइकिल वितरण, विविध छात्रवृत्ति एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लैपटॉप प्रदाय योजनाएं आदि चलाई गई हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 अनुसार है। (घ) मदों में व्यय राशि एवं शुल्क से प्राप्त राशियों की अनियमितताओं की जांच हेतु जांच दल का गठन पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 4 अनुसार किया गया है। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर गुण-दोष के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।

जनपद पंचायत नरसिंहपुर में की गई अनियमितता

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

19. ( *क्र. 573 ) श्री जालम सिंह पटैल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ग्राम पंचायत रौसरा जनपद पंचायत नरसिंहपुर में फोरलेन मुआवजा की राशि से स्‍वच्‍छता अभियान अंतर्गत 2 कचरा संग्रहण वाहन का क्रय किया गया है? यदि हाँ, तो किस अधिकारी के आदेश पर किस मद से भुगतान किया गया है? (ख) क्‍या जनपद पंचायत नरसिंहपुर की समस्‍त 86 ग्राम पंचायतों में उज्‍जैन की फर्म से 16110 रू. में घटिया स्‍टेशनरी क्रय की गई है? यदि हाँ, तो किस मद से भुगतान हुआ है और किस अधिकारी द्वारा क्रय की गई है? क्‍या स्‍टेशनरी को ग्राम पंचायत में सप्‍लाई कराई गई है? (ग) क्‍या जनपद पंचायत नरसिंहपुर, चीचली, चावरपाठा एवं जिला पंचायत नरसिंहपुर के कम्‍प्‍यूटरों का सुधार कार्य इटारसी के कम्‍प्‍यूटर दुकान पर किया गया है? यदि हाँ, तो किस अधिकारी द्वारा और कितनी राशि का भुगतान किया गया है? बिल नं., फर्म का नाम, दिनांक सहित संपूर्ण जानकारी प्रदान करें। (घ) क्‍या जनपद पंचायत मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी को ग्राम पंचायतों के सचिवों का स्‍थानांतरण किये जाने का अधिकार है? यदि नहीं, तो क्‍या जनपद पंचायत नरसिंहपुर में मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी द्वारा बिना अधिकार के कितने, कब, किस-किस के स्‍थानांतरण आदेश जारी किये गये हैं? क्‍या आदेश नियमों के विपरीत थे, तो उच्‍चाधिकारी द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? संपूर्ण जानकारी प्रदान करें।

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) यह सही है कि ग्राम पंचायत रौंसरा जनपद पंचायत नरसिंहपुर में तत्‍कालीन सरपंच/सचिव द्वारा पंचायत में राशि के अभाव में प्रारंभ में फोरलेन मुआवजा की राशि से स्‍वच्‍छता अभियान अंतर्गत 02 कचरा संग्रहण वाहन का क्रय किया गया था, जिसका भुगतान तत्‍कालीन मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी एवं पंचायत के सरपंच/सचिव के हस्‍ताक्षर से किया गया था। पंचायत में पंच परमेश्‍वर योजना की राशि प्राप्‍त होने पर इसका समायोजन कर लिया गया है, वर्तमान में फोरलेन मुआवजा राशि पंचायत के पास सुरक्षित है। (ख) जी हाँ। जनपद पंचायत नरसिंहपुर की 50 ग्राम पंचायतों द्वारा उज्‍जैन की फर्म मध्‍यप्रदेश राज्‍य सहकारी उपभोक्‍ता संघ मर्यादित से 16110/- रूपये में स्‍टेशनरी क्रय की गई है, जिसका भुगतान ग्राम पंचायतों द्वारा 14 वें वित्‍त, ब्‍याज की राशि एवं पंच परमेश्‍वर मद से किया गया है। ग्राम पंचायत द्वारा ग्राम सभा में पारित प्रस्‍ताव के आधार पर पंजीकृत अधिकृत विक्रेता फर्म मध्‍यप्रदेश राज्‍य सहकारी उपभोक्‍ता संघ मर्यादित उज्‍जैन से सामग्री क्रय की गई है। जी हाँ, स्‍टेशनरी को ग्राम पंचायत में सप्‍लाई कराई गई है। (ग) जी हाँ। जनपद पंचायत नरसिंहपुर, चावरपाठा एवं जिला पंचायत नरसिंहपुर में कम्‍प्‍यूटरों का सुधार कार्य इटारसी की कम्‍प्‍यूटर दुकान से कराया गया है। तत्‍कालीन मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी श्री सतीश चंद्र अग्रवाल द्वारा इटारसी को कराये गये भुगतान की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है(घ) जी नहीं। जनपद पंचायत नरसिंहपुर के मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी द्वारा किसी भी पंचायत सचिव के स्‍थानांतरण आदेश जारी नहीं किये गये हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "तीन"

जांच प्रतिवेदन पर कार्यवाही

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

20. ( *क्र. 545 ) श्री सुनील सराफ : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍न क्र. 535 दिनांक 25.07.2022 के (क) उत्‍तरानुसार मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अनूपपुर द्वारा दिनांक 04.07.2022 को 15 दिवस में जांच प्रतिवेदन प्रस्‍तुत करने के जो निर्देश दिये गये थे, उसके परिपालन में क्‍या जांच प्रतिवेदन प्रस्‍तुत कर दिया गया है? यदि नहीं, तो इस अवमानना के दोषी अधिकारियों पर विभाग कब तक कार्यवाही करेगा? (ख) यदि जांच प्रतिवेदन प्रस्‍तुत कर दिया गया है तो उसकी प्रमाणित प्रति देवें। इस पर प्रश्‍न दिनांक तक की गयी कार्यवाही से अवगत करावें। (ग) प्रश्‍न क्र. 535, दिनांक 25.07.2022 के (घ) उत्‍तर में वर्णित है कि जांच प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर 'तत्‍काल' गुण दोष के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी तो इसकी अद्यतन स्थिति देवें। यदि जांच प्रतिवेदन अनुसार कार्यवाही नहीं की गयी है तो इसके लिए उत्‍तरदायी अधिकारी कौन है?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जी हाँ। जी नहींजांचकर्ता अधिकारी के द्वारा जांच प्रतिवेदन तत्‍समय निर्धारित समयसीमा में प्रस्‍तुत नहीं करने पर जिला पंचायत अनूपपुर के द्वारा पत्र क्र. 3268, दिनांक 08.12.2022 के माध्‍यम से जांचकर्ता अधिकारी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर 15 दिवस के अंदर जांच प्रतिवेदन चाहा है। समयसीमा में प्रतिवेदन प्राप्‍त न होने पर जांचकर्ता अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी। (ख) उत्‍तरांश (क) अनुसार जांच प्रतिवेदन अप्राप्‍त होने से उसकी प्रमाणित प्रति दिया जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। अद्यतन स्थिति उत्‍तरांश (क) अनुसार है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

21. ( *क्र. 429 ) श्री सुखदेव पांसे : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश में भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसान पंजीकृत हैं? यदि हाँ, तो बैतूल जिले के मुलताई विधान सभा क्षेत्र की तहसीलों के समस्‍त किसानों की संख्‍या उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्‍या मुलताई तहसील के सभी किसानों को वर्ष 2020 में फसलों के हुये नुकसान के बाद प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत राशि प्रदान की गई है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में यदि नहीं, तो कब तक किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की राशि का भुगतान कर दिया जावेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) जी हाँ। बैतूल जिले के मुलताई विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली तहसील मुलताई एवं प्रभात-पट्टन में खरीफ एवं रबी 2020 में 73067 कृषक आवेदनों को बीमित किया गया है। (ख) तहसील मुलताई में खरीफ वर्ष 2020 में योजना के प्रावधान अनुसार फसल नुकसान होने पर पात्र कृषकों को दावों का भुगतान किया गया है। रबी 2020-21 में तहसील मुलताई में किसी पटवारी हल्‍के में किसी भी अधिसूचित फसल हेतु उपज में कमी नहीं पायी गयी थी। अत: योजना के प्रावधान अनुसार क्षतिपूर्ति देय नहीं है। (ग) उत्‍तरांश (ख) अनुसार।

वाटर शेड निर्माण/तालाब निर्माण हेतु भूमि का चयन

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

22. ( *क्र. 452 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अनूपपुर में जनवरी 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक वाटर शेड निर्माण, तालाब निर्माण हेतु भूमि चयन किन-किन नियमों एवं दिशा-निर्देशों के तहत किसके द्वारा किया जाना निर्देशित है तथा वाटर शेड निर्माण तालाब निर्माण की तकनीकी स्‍वीकृति एवं प्रशासकीय स्‍वीकृति किस-किस के द्वारा प्रदान किये जाने का नियम है? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित प्रश्‍नावधि में पुष्‍पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र में कहां-कहां पर वाटर शेड निर्माण कार्य प्रस्‍तावित किये गये हैं तथा वर्तमान समय में इसमें से कितने पूर्ण एवं कितने किन कारणों से अपूर्ण या अप्रारंभ हैं? स्‍वीकृत निर्माण कार्यों की प्रशासकीय एवं तकनीकी स्‍वीकृति की प्रति उपलब्‍ध करावें। यह जानकारी भी दें कि निर्माणाधीन वाटर शेड में से कितने शासकीय भूमि एवं कितने अशासकीय भूमि पर बन रहे हैं? स्‍थल का नाम सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण-परीक्षण, कब-कब, किस-किस अधिकारी के द्वारा किया गया? दोषपूर्ण निर्माण स्‍थलों के चयन का दोषी कौन है? इन कार्यों में कितने मजदूरों को मजदूरी का भुगतान किस माध्‍यम से किया गया है, जिन मजदूरों को उनकी मजदूरी के भुगतान में अनियमितता हुई है, क्‍या इसकी जांच कराकर दोषियों पर कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) वाटरशेड विकास परियोजनाओं के अंतर्गत तालाबों के निर्माण के संबंध में विस्‍तृत दिशा निर्देश परिपत्र क्रमांक 12 (जावक क्रमांक 5933/22/9-वी/दिनांक 07.06.2022) द्वारा जारी किये गये हैं। तकनीकी स्‍वीकृति सहायक यंत्री/कार्यपालन यंत्री (ग्रामीण यांत्रिकी सेवा) तथा प्रशासकीय स्‍वीकृति कलेक्‍टर द्वारा प्रदाय किये जाने का प्रावधान है। (ख) प्रश्‍नाधीन जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार है। (ग) निर्माण स्‍थलों का चयन दोषपूर्ण नहीं हैं, अत: तत्संबंध में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। मजदूरी का भुगतान पी.एफ.एम.एस. प्रणाली के माध्‍यम से किया गया है। मजदूरी भुगतान में अनियमितता नहीं हुई है, अत: जांच एवं अनुवर्ती कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। प्रश्‍नाधीन शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' में दी गई है।

खण्डहर व जर्जर शाला भवनों का पुनर्निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

23. ( *क्र. 286 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश शासन ने जिला शिक्षा अधिकारी व जिला शिक्षा केन्द्र जबलपुर को शाला भवनों का रख-रखाव, सुधार मरम्मत, पुनर्निर्माण व अतिरिक्त कमरों का निर्माण आदि के लिये किस-किस योजना मद में कितनी-कितनी राशि आवंटित की है एवं कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? वर्ष 2019-20 से 2022-23 तक की जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में कितने-कितने शाला भवनों का सुधार, मरम्मत, पुनर्निर्माण व अतिरिक्त कमरों का निर्माण कितनी-कितनी राशि से कराया गया है तथा कितने-कितने शाला भवन जर्जर, खण्डहर, खस्ताहाल हैं? शहरी व ग्रामीण शालाओं की विकास खण्डवार जानकारी दें। (ग) जबलपुर पूर्व विधानसभा क्षेत्र क्र. 97 के तहत कितनी-कितनी शालाएं कच्चे व किराये के भवनों में संचालित हैं? कितनी-कितनी शालाओं के भवन, जर्जर, खण्डहर एवं खस्ताहाल सुविधा विहीन हैं? कितनी-कितनी शालाओं के भवनों की मरम्मत, सुधार एवं पुनर्निर्माण कब-कब कितनी-कितनी राशि में कराया गया हैं? सूची दें। कितनी-कितनी शालाओं के भवनों का निर्माण, पुनर्निर्माण, सुधार व मरम्मत कार्य कराना स्वीकृत/प्रस्तावित है? इनके लिये कितनी राशि का प्रावधान किया है? प्रश्‍नकर्ता का पत्र क्र. 4435, दिनांक 04.09.2022 पर जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग ने क्या कार्यवाही की है?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। जिला शिक्षा अधिकारी को वर्ष 2019-20 में अतिवृष्टि से विद्यालयों को अधोसंरचना में क्षति मरम्मत हेतु 35 विद्यालयों को राशि रू. 58.10 लाख रूपये स्वीकृत किये थे। इसमें से राशि रू. 57.55 लाख रू. व्यय हुये थे। वर्ष 2022-23 में 155 हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी शालाओं को राशि रू. 3,00,000/- (तीन लाख) प्रति शाला के मान से कुल 465 लाख रू. आवंटित किये गये हैं। इस राशि का व्यय किया जा रहा है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। पूर्व विधानसभा क्षेत्र क्र. 97 जबलपुर के अंतर्गत कोई भी शाला कच्चे व किराये के भवनों में संचालित नहीं है। 06 शालाओं के भवन जर्जर हैं। 01 प्राथमिक शाला बालक आधारताल में राशि रू. 1.02 लाख से मरम्मत कार्य किया गया है। भारत सरकार की समग्र शिक्षा की वार्षिक कार्य योजना वर्ष 2022-23 एवं 34 शाला भवनों के मरम्मत कार्य प्रस्तावित थे, जिनमें से समग्र शिक्षा अंतर्गत 02 शाला भवनों की मरम्मत एवं राज्य योजना की विभागीय परिसंपत्तियों का संधारण अंतर्गत 05 शाला भवनों की मरम्मत हेतु कुल 07 मरम्मत कार्य राशि रू. 16.15 लाख के स्वीकृत हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। प्रश्‍नकर्ता का पत्र क्र. 4435, दिनांक 04.09.2022 के संबंध में राज्य, शिक्षा केन्द्र द्वारा आयुक्त, नगर निगम जबलपुर को पत्र क्र./3219, दिनांक 19.10.2022 द्वारा भवनों के जीर्णोद्धार हेतु शिक्षा उपकर की राशि से करने हेतु लिखा गया है।

कृषकों हेतु संचालित योजनाएं

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

24. ( *क्र. 479 ) श्री कुँवर सिंह टेकाम : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश शासन के कृषि विभाग द्वारा किसानों के कल्‍याण हेतु हितग्राही मूलक योजना संचालित की जा रही है? यदि हाँ, तो पूर्ण योजनावार जानकारी उपलब्‍ध करायें। नियम आदेश की प्रति उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में सीधी एवं सिंगरौली जिले में कौन-कौन सी योजनायें किसानों को उपलब्‍ध कराई जा रही है? योजनावार हितग्राहीवार संख्‍या उपलब्‍ध करायें। विकासखण्‍डवार किसानों की संख्‍या उपलब्‍ध करायें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में प्रधानमंत्री किसान समृद्धि योजना एवं मुख्‍यमंत्री किसान कल्‍याण योजना से कितने किसानों को सम्‍मान निधि दी जा रही है? विकासखण्‍डवार जानकारी उपलब्‍ध करायें। शेष कितने किसानों को किसान समृद्धि योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा है तथा क्‍यों? किसान समृद्धि योजना का लाभ सभी को कब तक उपलब्‍ध करा दिया जावेगा? (घ) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में कृषि कार्य करते हुए कितने किसानों की मृत्‍यु वर्ष 2015-16, 2016-17 2017-18, 2018-19, 2019-20, 2020-21 एवं 2021-22 में हुई? विकासखण्‍डवार मृतक किसानों का नाम, पता सहित जानकारी उपलब्‍ध करायें। कृषि विभाग द्वारा किसानों को कृषि कार्य करते हुये मृत्‍युपरांत आर्थिक सहायता दी गई है? यदि हाँ, तो विकासखण्‍डवार हितग्राहियों का नाम, पता सहित जानकारी उपलब्‍ध करायें। यदि नहीं, दिया गया तो कारण बतायें। आर्थिक सहायता कब तक उपलब्‍ध करा दी जावेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 4 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 अनुसार है।

प्रधानमंत्री आवास के संबंध में

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

25. ( *क्र. 864 ) श्री अर्जुन सिंह काकोडि़या : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास का निर्माण कार्य राशि रूपये 1.30 लाख रूपये में किया जाना संभव है? (ख) प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत वर्तमान मंहगाई में इस योजना की राशि कम से कम 4.00 लाख होनी चाहिये। क्‍या इस योजना की राशि बढ़ाने का कोई प्रावधान है या नहीं? यदि है तो सरकार इस दिशा में क्‍या प्रयास कर रही है और कब तक इस योजना की राशि बढ़ाई जायेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

 

 



भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्‍नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्‍नोत्तर


जावरा बहु उत्‍पाद औद्योगिक क्षेत्र के विकास कार्य की स्थिति‍

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

1. ( क्र. 2 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जावरा शुगर मिल परिसर अन्तर्गत शासन विभाग द्वारा "बहुउत्पाद औद्योगिक क्षेत्र" घोषित कर पुराने भवन मशीन, कारखाना डिस्मेंटल कर समतलीकरण किया जाकर चिन्हित भूमि पर ड्राइंग, डिजाईन, नक्‍शा बना कर कार्ययोजना की स्वीकृति दी गई? (ख) यदि हाँ, तो संपूर्ण प्रोजेक्ट कार्ययोजना हेतु कुल कितनी राशि किन-किन कार्यों के लिये स्वीकृत की जाकर कितनी व्यय हुई तथा कुल कितने नवीन उद्योगपतियों ने उद्योग प्रारंभ किये जाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किये? (ग) किन-किन नवीन उद्योगपतियों को कितनी-कितनी भूमि आवंटित की जाकर आवेदकों से कितनी राशि कब प्राप्त हुई एवं इन्हें स्वीकृत प्रोजेक्ट को कब पूर्ण किया जाकर ले आउट दिया जाएगा? कब तक नवीन उद्योग प्रारंभ हो सकेंगे? (घ) उद्योगों हेतु पर्याप्त पानी, आवागमन हेतु सर्किट हाउस रतलामी नाका की ओर अथवा ग्राम लुहारी की ओर मार्ग हेतु क्या कार्यवाही की गई? दोनों दिशाओं में रेलवे ट्रेक होने से फ्लाई ओवर ब्रिज की भी आवश्यकता होगी? (ड.) प्रश्‍नांश (क) एवं (ग) अन्तर्गत संपूर्ण कार्ययोजना कब तक पूर्ण की जा सकेगी?

औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री ( श्री राजवर्धन सिंह प्रेम सिंह दत्‍तीगांव ) : (क) जी हाँ, विकास कार्य प्रारंभ किये जा चुके है। (ख) कार्य योजना के अंतर्गत किये जाने वाले अधोसंरचना कार्यों के लिये राशि रू. 41 करोड़ की स्‍वीकृति प्रदान की गई, जिसके अंतर्गत मुख्‍य रूप से सीमेंट कांक्रीट, सड़कों का निर्माण, पुलियाएं, स्‍ट्रार्म वॉटर ड्रेनेज, स्‍ट्रीट लाईट, उच्‍च दाब व निम्‍न दाब की विद्युत लाईन, बाहृय विद्युत कार्य एवं ट्रांसफार्मर एवं जल वितरण नलिकाओं, आर.सी.सी. ओवर हेड टैंक एवं सम्‍पबेल आदि का निर्माण कार्य सम्मिलित है एवं राशि रू. 0.11 करोड़ का व्‍यय किया जा चुका है। कुल 16 इकाईयों से आवेदन प्राप्‍त हुए जिसका विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट पर है। (ग) नवीन उद्योगपतियों को आवंटित भूमि व प्राप्‍त राशि (प्रब्‍याजी एवं विकास शुल्‍क सहित) का विवरण  संलग्‍न परिशिष्‍ट में है। विभाग के अधीन औद्योगिक क्षेत्रों के ले-आउट का अनुमोदन एमपीआईडीसी द्वारा किया जाता है। संलग्‍न परिशिष्‍ट में उल्‍लेखित इकाईयों से भूमि आवंटन के पश्‍चात लीजडीड का निष्‍पादन नहीं हुआ है इकाईयों को लीजडीड के निष्‍पादन के पश्‍चात स्‍वीकृत ले-आउट के अनुसार भू-खण्‍डों का आधिपत्‍य दिया जायेगा। स्‍वीकृत परियोजना 8 माह में पूर्ण होना संभावित है। भू-आवंटन नियम के अनुसार लघु उद्योगों को उद्योग प्रारंभ करने हेतु 2 वर्ष की समयावधि निर्धारित है। (घ) जल प्रदाय हेतु नगर पालिका जावरा से निवेदन किया गया है। कार्यवाही प्रचलन में है। रेल्‍वे ट्रेक पर फ्लाई ओवर ब्रिज के संबंध में अभी तक कोई भी प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। (ड.) उल्‍लेखित औद्योगिक क्षेत्र में कार्य प्रगति पर है। म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा विद्युत कार्यों की स्‍वीकृति अपेक्षित है। कार्य योजना लगभग 08 माह में पूर्ण की जा सकेगी।

परिशिष्ट - "चार"

राज्‍य सड़क संपर्कता योजनांतर्गत सड़कों की स्‍वीकृति

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

2. ( क्र. 22 ) श्री दिलीप सिंह गुर्जर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा मांग करने पर आगामी अनुपूरक बजट में इंटरलिकिंग योजना/राज्‍य सड़क सम्‍पर्कता योजना अन्‍तर्गत विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख मार्गों की स्‍वीकृति प्रदान करने पर माननीय मंत्री महेन्‍द्रसिंह सिसौदिया के पत्र क्रमांक 2241/मंत्री/पं.ग्रा.वि./20 दिनांक 22.09.2022 को प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को मार्ग निर्माण हेतु कार्यवाही करने के निर्देश के संबंध में स्‍वीकृति हेतु क्‍या कार्यवाही की गई है? कितनी रोडों की स्‍वीकृति प्रदान की गई है? (ख) प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिनांक 18.11.2022 को पत्र द्वारा माननीय मुख्‍यमंत्री महोदय, माननीय मंत्री महोदय, प्रमुख सचिव को अटलावदा व चंदोडिया के मध्‍य नदी पर स्‍टॉप डेम बनाने की मांग करने पर आगामी बजट में स्‍वीकृति हेतु क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) प्रश्‍नकर्ता द्वारा विधायक निधि से 01 जनवरी 2020 से 21.11.2022 तक किन-किन निर्माण कार्यों हेतु राशि की स्‍वीकृति प्रदान की गई है? उनमें से कितने कार्य पूर्ण हो चुके हैं, कितने अपूर्ण हैं तथा कितने अप्रारंभ हैं? कारण सहित वर्षवार पृथक-पृथक विवरण दें। (घ) विधायक निधि से ग्राम नरसिंहगढ़ में माताजी मंदिर के पीछे पुलिया निर्माण लागत रू. 1819591 मनरेगा से दिनांक 20.02.2021 को स्‍वीकृति प्रदान की गई थी? यदि हाँ, तो अधिकारियों द्वारा जानबूझकर निर्माण में किये गये विलम्‍ब के लिये उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई है? (ड.) विधायक निधि द्वारा 01 जनवरी 2014 से वर्ष 2018 तक कितनी राशि टैंकर, प्रतीक्षालय तथा अन्‍य विकास कार्यों हेतु स्‍वीकृत की गई? प्रत्‍येक का वर्षवार पृथक-पृथक विवरण दें। (च) 01 जनवरी 2018 से दिनांक 21.11.2022 तक विधानसभा क्षेत्र में शासन की विभिन्‍न योजनाओं जिसकी कार्य एजेंसी पंचायत/आरईएस है में कितने सामुदायिक भवन, मांगलिक भवन, आंगनवाड़ी भवन, किचन शेड, स्‍वच्‍छता परिसर, तालाब निर्माण, गौशाला निर्माण, प्रा.वि., माध्‍यमिक विद्यालय भवनों, खेत सड़क योजना की स्‍वीकृति प्रदान की गई? उनमें से कितने कार्य पूर्ण हो चुके हैं कितने अपूर्ण हैं तथा कितने अप्रारंभ हैं? स्‍थान के नाम, राशि सहित वर्षवार विवरण दें व उनमें से कितने कार्यों की राशि संबंधित एजेन्‍सी द्वारा निकाल ली गई परंतु निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया है? (छ) प्रश्‍नकर्ता द्वारा कलेक्‍टर/जिला पंचायत सीईओ उज्‍जैन को खेत सड़क योजना/सुदूर सड़क योजना में (1) पिपलोदा पंथ से लुहारी, (2) झिरमिरा से बरखेड़ा, (3) डाबरी से बनबना, (4) परमारखेड़ी से गिन्‍दवानिया, (5) सरवना से पचलासी, (6) भैंसोला से घिनोदा आदि के प्रस्‍ताव पूर्व में तथा दिनांक 18.11.2022 को पत्र क्रमांक 4650 के द्वारा स्‍वीकृति हेतु प्रेषित किये गये? यदि हाँ, तो क्‍या स्‍वीकृति प्रदान कर दी गई है?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : () मान. विधायक के पत्र में उल्लेखित सभी मार्ग दोहरी संपर्कता अंतर्गत है। इस हेतु राज्य संपर्कता योजना की निरंतरता नहीं हैअतः पत्र में वर्णित सड़कों का निर्माण किया जाना संभव नहीं है। () जानकारी संकलित की जा रही है। () ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-अ अनुसार है। शेष जानकारी संकलित की जा रही है। () विधायक निधि से ग्राम नरसिंहगढ़ में माताजी मंदिर के पीछे पुलिया निर्माण लागत राशि रूपये 18,68,000/- तथा मनरेगा मद से राशि रूपये 4,22,000/- कुल राशि रूपये 22,90,000/- की स्वीकृति प्राप्त हुई। उक्त कार्य की स्वीकृति राशि 31 मार्च 2021 को प्राप्त हुई। माह अप्रेल 2021 में कार्य प्रारंभ करने के प्रयास किए गए परंतु स्वीकृति उपरांत कोरोना महामारी एवं मनरेगा कन्वर्जेंस होने के कारण मजदूरों की अनुपलब्धता होने से माह मई 2021 अंत तक लेआउट देने के पश्‍चात् भी कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया। तत्‍पश्‍चात् ग्रामीणजनों द्वारा पुलिया निर्माण स्थल तथा शमशान मार्ग एक ही होने से नींव खोदने से आवागमन अवरूद्ध होगा इस हेतु कार्य वर्षा ऋतु उपरांत किए जाने का निवेदन किया गया। वर्षा ऋतु पश्‍चात् माह फरवरी 2022 तक पानी भरा होने के कारण कार्य कराना संभव नहीं था। मार्च 22 से कार्य प्रारंभ कर पुलिया का 60 प्रतिशत कार्य वर्षा ऋतु के पूर्व तक किया गया। कार्य वर्तमान में प्रगतिरत है। (ड.) जानकारी संकलित की जा रही है। (च) प्रश्‍नांकित अवधि में विधानसभा क्षेत्रांतर्गत विभिन्न योजना में कार्य एजेन्सी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा कराए गए कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-ब अनुसार है  तथा पंचायत राज संचालनालय से सामुदायिक भवनमांगलिक भवन, आंगनवाड़ी भवन निर्माण से संबंधित प्राप्त  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-स अनुसार है। मनरेगा में 1 जनवरी 2018 से दिनांक 21.11.2022 तक विधानसभा क्षेत्र में तालाबगौशालाखेत सड़क स्वीकृति/पूर्ण/अपूर्ण/प्रगतिरत की वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र- द अनुसार है। (छ) प्रश्‍नांकित खेत सड़क योजना/सूदूर सड़क योजना में (1) पिपलोदापंथ से लुहारी, दूरी लगभग 2 किमी (2) झिरमिरा से बरखेडा, दूरी लगभग 3 किमी (3) डाबरी से बनबना दूरी लगभग 3 किमी (4) परमारखेडी से गिंदवानिया, दूरी लगभग 1.5 किमी (5) सरवना से पचलासी दूरी लगभग 2 किमी (6) भैंसोला से घिनोदा दूरी लगभग 4 किमी आदि कार्यों की लागत व दूरी ज्यादा होने से मनरेगा योजना अंतर्गत कार्य किया जाना संभव नहीं है। जिले से प्राप्त जानकारी अनुसार इन सड़कों के प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग द्वारा स्वीकृति हेतु वरिष्ठ कार्यालय को प्रेषित किये जा चुके है।

विद्यालयों का भवन निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

3. ( क्र. 25 ) श्री दिलीप सिंह गुर्जर : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 01 जनवरी 2018 से 31 मार्च 2022 तक नागदा-खाचरोद विधान सभा क्षेत्र में कितने प्रा.विद्यालय, मा.विद्यालय. हाई स्कूल, हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों के निर्माण हेतु राशि की स्‍वीकृति प्रदान की गई है? उनमें से कितने निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा कितने अपूर्ण हैं? उनमें से कितने स्‍कूलों की संपूर्ण राशि संबंधित एजेंसी द्वारा निकाल ली गई है परंतु कार्य पूर्ण नहीं किया गया है? स्‍कूलों के नाम, स्‍थान, एजेंसी के नाम सहित वर्षवार पृ‍थक-पृथक विवरण दें। (ख) क्षेत्र में कितने प्रा.विद्यालय, मा.विद्यालय, हाई स्‍कूल की बिल्डिंग की स्थिति जीर्ण-शीर्ण व जर्जर हैं? स्‍थान के नाम सहित विवरण दें। इनके स्‍थान पर नवीन बिल्डिंग की स्‍वीकृति हेतु शासन क्‍या कार्यवाही कर रहा है? (ग) क्षेत्र के कितने प्रा.विद्यालय, मा.विद्यालय, हाई स्‍कूल में बाउण्‍ड्रीवॉल व मूलभूत सुविधा लाईट, पानी, शौचालय आदि उपलब्‍ध है तथा कितने विद्यालयों में नहीं है? स्‍थान, विद्यालय के नाम सहित पृथक-पृथक विवरण दें। (घ) कितने प्रा.विद्यालय, मा.विद्यालय, हाई स्‍कूल, हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों में पेयजल हेतु ट्यूबवेल खनन व मोटर पम्‍प किस एजेंसी के माध्‍यम से लगाये गए हैं? एजेंसी के नाम सहित संपूर्ण विवरण दें।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ पर है। अपूर्ण कार्य एवं संपूर्ण राशि निकालने वाली एजेंसी के प्रकरणों की जानकारी निरंक है। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूलों के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ पर एवं प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब पर है। प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं के जर्जर भवन निर्माण के प्रस्ताव समग्र शिक्षा की वर्ष 2022-23 की कार्ययोजना में शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार को स्वीकृति हेतु प्रेषित किये गये थे, परंतु स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई। आगामी वर्ष 2023-24 की समग्र शिक्षा की कार्ययोजना में नवीन भवन निर्माण हेतु प्रस्ताव पुनः भारत सरकार को भेजा जाना प्रस्तावित है। हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूलों के भवनों के निर्माण कार्य बजट की उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर करता है। (ग) हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूलों के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ पर एवं प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स पर है। (घ) हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों के नवीन भवन का निर्माण म.प्र. परियोजना क्रियान्वयन इकाई द्वारा किया जाता है, इनमें पेयजल हेतु ट्यूबवेल खनन एवं मोटर पंप आदि परियोजना इकाई द्वारा निर्धारित ठेकेदार द्वारा ही लगवाया जाता है। प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द पर है।

ऑनलाइन शिक्षा हेतु की गई खरीदी

[स्कूल शिक्षा]

4. ( क्र. 34 ) श्री लक्ष्‍मण सिंह : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शैक्षिणिक सत्र 2019-20 से 2022-23 में प्रश्‍न दिनांक तक गुना जिले में स्‍कूलों के छात्र/छात्राओं की ऑनलाइन पढ़ाई के लिए कितनी राशि के कितने टी.वी. खरीदी के लिए ऑर्डर दिये गये हैं या दिए जा रहे हैं? (ख) उपरोक्‍त खरीदी के लिए क्‍या प्रक्रिया अपनाई जा रही है? (ग) खरीदी के ऑर्डर जिला स्‍तर पर दिए गये हैं या पूरे प्रदेश के लिए एक साथ खरीदी ऑर्डर दिए गये है?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) शैक्षणिक सत्र 2019-20 से 2022-23 में राशि 20,97,372.00 के 36 टी.वी. खरीदी के लिए ऑर्डर दिये गये हैं। (ख) खरीदी भंडार क्रय नियम के अनुसार की गई है। (ग) संस्था (SMDC) स्तर से।

फसल बीमा हेतु प्राप्‍त आवेदन

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

5. ( क्र. 35 ) श्री लक्ष्‍मण सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चाचौड़ा विधान सभा क्षेत्र की तहसीलों में जनवरी 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक खरीफ फसलों के लिये कुल कितने किसानों ने बीमा के लिये आवेदन किया? (ख) उपरोक्‍त में से कितने किसानों को बीमा मिला? (ग) उपरोक्‍त क्षेत्र में खरीफ फसल का कुल कितना रकबा था और इसमें से कुल कितना रकबा बीमे के लिये कवर किया गया?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत खरीफ 2022 में चाचौड़ा विधानसभा क्षेत्र की तहसील चाचौड़ा में 20433 तहसील कुंभराज 10617, तहसील मधुसूदनगढ़ में 16395 किसान आवेदन पंजीकृत हुये। (ख) खरीफ 2022 के उपज के आंकड़ों के आधार पर दावों की गणना कर तदानुसार पात्र कृषकों को दावों का भुगतान करने का प्रावधान है। उपज के आंकड़े आने के पश्‍चात बीमा कंपनी द्वारा दावों का भुगतान किया जाता है। (ग) चाचौड़ा विधानसभा क्षेत्र की तहसील चाचौड़ा में खरीफ फसल 2022 का कुल रकबा 39050 हेक्‍टेयर, तहसील कुंभराज का कुल रकबा 39694 हेक्‍टेयर तथा तहसील मधुसूदनगढ़ का कुल रकबा 35165 हेक्‍टेयर है तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत खरीफ 2022 में तहसील चाचौड़ा में कुल 10372 हेक्‍टेयर, तहसील कुंभराज में कुल 6454 हेक्‍टेयर तथा मधुसूदनगढ़ में कुल 9727 हेक्‍टेयर का बीमा किया गया है। आंकडे़ प्रावधिक है।

सूचना और संचार प्रौद्योगिकी योजना के तहत सामग्री की खरीदी

[स्कूल शिक्षा]

6. ( क्र. 44 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विषयांकित योजना के तहत प्रदेश के प्रत्‍येक हायर सेकण्‍डरी स्‍कूलों को सामग्री क्रय हेतु 6 लाख 40 हजार रूपये भेजे गए थे? क्‍या यह भी सही है कि आयुक्‍त लोक शिक्षण संचालनालय के पत्र दिनांक 02/11/22 द्वारा प्रदेश के समस्‍त डी.ई.ओ को अपनी तकनीकी टीम सहित जेम पोर्टल से खरीदी का प्रशिक्षण देने भोपाल बुलाया गया था? (ख) प्रत्‍येक हायर सेकण्‍डरी स्‍कूलों को दी गई राशि से सामग्री स्‍कूलों अनुसार खरीदी जानी थी या समस्‍त जिले की एक साथ खरीदी जानी थी? क्‍या ट्रेनिंग में आए समस्‍त डी.ई.ओ से पासवर्ड और आई.डी लेकर एक साथ जेम पोर्टल पर आर्डर कर दिए गए? (ग) यदि डी.ई.ओ से खरीदी प्रक्रिया में तकनीकी गलती के भय के साथ प्रदेश स्‍तर से आर्डर करने थे तो प्रशिक्षण के नाम पर राशि खर्च करने की क्‍या आवश्‍यकता थी? इसके पूर्व विषयांकित से स्‍कूलों द्वारा कब-कब और कितनी राशि की खरीदी की गई? (घ) प्रदेश के समस्‍त स्‍कूलों में यदि एक ही कम्‍पनी या सप्‍लायर द्वारा खरीदी होगी तो क्‍या किसी एक कम्‍पनी या सप्‍लायर को लाभ देने के उद्देश्‍य से ऐसा किया गया?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं, अपितु समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत बजट प्रावधान है। जी हाँ। (ख) राज्य स्तर पर निर्धारित समय-सारणी के अनुसार। जी नहीं। (ग) जेम पोर्टल में प्रदेश स्तर से आदेश नहीं दिया गया है, अपितु जिले के द्वारा बिड जारी की गई है। शेषांश जानकारी निरंक है। (घ) बिड में तकनीकी पात्र बिड में से न्यूनतम दर वाले बिड को जिले के द्वारा क्रयादेश दिया जाएगा। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

प्रधानमंत्री सड़कों का निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

7. ( क्र. 48 ) श्री प्रह्लाद लोधी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्‍ना जिले में 01 जनवरी 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक विकासखण्‍ड पवई एवं शाहनगर में किन-किन नवीन सड़कों के प्रस्‍ताव तथा पुरानी सड़कों के उन्‍नयन या रख-रखाव के लिए प्रस्‍ताव विभाग द्वारा भेजे गये हैं एवं भेजे गये पत्रों की प्रश्‍न दिनांक तक स्‍वीकृति की क्‍या स्थिति है? (ख) पवई विधान सभा क्षेत्र की महत्‍वपूर्ण सड़क सिमरिया से सुनवानी जो अत्‍यंत जर्जर अवस्‍था में है, क्‍या इसके नवीनीकरण का या उन्‍नयन का प्रस्‍ताव विभाग द्वारा भेजा गया है? यदि हाँ, तो इसका निर्माण कब तक कराया जायेगा? यदि नहीं तो इसका प्रस्‍ताव कब तक भेजा जावेगा? (ग) मडवा से बघवार होते हुए रैपुरा को जोड़ने वाली प्रधानमंत्री सड़क जिसका निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। इस सड़क में स्थित मडवाघाटी की कटाई एवं सड़क निर्माण का प्रस्‍ताव क्‍या विभाग द्वारा भेजा गया है? यदि नहीं तो इसका प्रस्‍ताव कब तक भेजा जायेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) नवीन सड़कों एवं उन्नयन कार्य हेतु प्रस्तावों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-अ अनुसार है  एवं रख-रखाव हेतु प्रस्तावों की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-ब अनुसार है। माननीय विधायक महोदय द्वारा 01 जनवरी 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक प्राप्त पत्रों की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-स अनुसार है। (ख) सिमरिया से सुनवानी मार्ग भारी वाहनों के आवागमन से क्षतिग्रस्त हुआ थाजिसे संविदाकार से संधारित कराकर आवागमन योग्य रखा गया है। जी नहीं। उन्नयन कार्य हेतु प्रस्ताव तैयार करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन हैसक्षम स्वीकृति उपरांत आवश्‍यक कार्यवाही की जा सकेगी। (ग) मड़वा से रैपुरा व्हाया फतेहपुर वघवारकलां मार्ग पैकेज क्रमांक एम.पी. 28702 के अंतर्गत निर्माणाधीन है जिसमे से 29 कि.मी. में बी.टी. एवं सी.सी. का कार्य पूर्ण हो चुका है। मार्ग के कि.मी. 0 से कि.मी. 2.10 के मध्य मड़वाघाटी में घाट कटिंग एवं सड़क निर्माण का कार्य शेष है। घाट कटिंग कार्य हेतु वनविभाग को एफ.सी.ए. अंतर्गत प्रकरण स्‍वीकृति हेतु प्रेषित किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अनुपयोगी कृषि यंत्रों की खरीदी

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

8. ( क्र. 56 ) श्री नीलांशु चतुर्वेदी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सतना जिले में उप स‍ंचालक कृषि विभाग द्वारा अमानक स्‍तर के अनुपयोगी कृषियंत्रों की खरीद को लेकर सतना जिले के किसानों ने 27 अक्‍टूबर को आंदोलन किया था? (ख) क्‍या कृषकों की मांग अनुसार कृषि यंत्र उपसंचालक द्वारा उपलब्‍ध नहीं कराये गये? क्‍या कृषि विभाग द्वारा पंजीकृत निर्माता (डीलर) से खरीदी नहीं की गई? क्‍या 48 आदर्श गांव के किसानों से खरीदी का हक छीना गया है? (ग) क्‍या किसानों ने फार्म भरकर उडानीपंख मशीन और कटिया मशीन की मांग की थी जो उपसंचालक द्वारा उपलब्‍ध नहीं कराई गई जबकि अनुदान से अधिक लगने वाली राशि कृषक देने को तैयार थे? क्‍या किसानों को लोहे का हल और दवा स्‍प्रे मशीन किसानों को जरूरत न होते हुये भी अनावश्‍यक दिया गया है? (घ) यदि प्रश्‍नांश (क), (ख) और (ग) सही है तो 90 लाख रूपये की अमानक कृषि यंत्र खरीदी की उच्‍चस्‍तरीय जांच कराई जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं तो क्‍यों? क्‍या इस अमानक कृषि यंत्र की खरीदी पर उप संचालक के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) सतना जिले में उप संचालक कृषि द्वारा अमानक स्‍तर के अनुपयोगी कृषि यंत्रों की खरीद को लेकर सतना जिले के किसानों के 27 अक्‍टूबर को किये गये किसी आंदोलन की सूचना विभाग को नहीं है। स्‍थानीय समाचार पत्रों में आदर्श ग्राम योजना के तहत बीपीएल श्रैणी के अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों को उनकी इच्‍छा के विपरीत बैल चलित/हाथ चलित कृषि यंत्र प्रदान करने की शिकायतें प्रकाशित हुई है। (ख) प्रकाशित शिकायत अनुसार कृषकों को उनकी मांग अनुसार कृषि यंत्र उपलब्‍ध कराये गये हैं अथवा नहीं इसकी जांच के निर्देश संयुक्‍त संचालक, किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास, रीवा को आदेश पत्र क्रमांक/तक/अनु.जाति/2022-23/2405 दिनांक 24.11.2022 द्वारा दिये गये है तथा जांच प्रचलन में है  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश '''' के उत्‍तर अनुसार। (घ) प्रश्‍नांश '''' के उत्‍तर अनुसार। जांच में अनियमितता पाई जाने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

लीज शर्तों का उल्‍लंघन

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

9. ( क्र. 57 ) श्री नीलांशु चतुर्वेदी : क्या औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले के नगर पालिक निगम सीमा क्षेत्र में स्‍थापित बिरला कार्पोरेशन के सतना सीमेंट वर्क्‍स को कुल कितनी शासकीय भूमि सीमेंट कारखाना स्‍थापित करने हेतु प्रदाय की गई है? आवंटन वर्ष एवं आवंटित रकबे का स्‍पष्‍ट उल्‍लेख करें। आवंटित भूमि में से कितना भू-भाग अभी तक उपयोग किया गया है? आवंटित भूमि में से अभी तक कितना भू-भाग रिक्‍त पड़ा है/उपयोग नहीं किया गया है? भूमि आवंटन के कितने वर्षों तक समस्‍त भू-भाग का उपयोग करने की समय-सीमा निर्धारित है? संस्‍थान द्वारा कितनी भूमि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रस्‍तुत किया गया है? क्‍या रिक्‍त भूमि की वापसी हेतु शासन द्वारा कोई कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो अवगत कराएं। यदि नहीं तो रिक्‍त भूमि के वापसी की कार्यवाही कब तक की जाएगी? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार बिरला कार्पोरेशन के सीमेंट कारखाना स्‍थापित करने के लिए आवंटित भू-भाग में क्‍या सोलर प्‍लांट स्‍थापित है? यदि हाँ, तो सीमेंट कारखाना स्‍थापित करने के लिए आवंटित लीज की शर्तों में क्‍या सोलर प्‍लांट लगाने का प्रावधान था? यदि नहीं तो क्‍या लीज की शर्तों में संशोधन किया गया है? यदि हाँ, तो अनुमति किस आधार पर दी गई है? यदि नहीं तो बिना लीज की शर्तों में संशोधन के सोलर प्‍लांट का निर्माण क्‍या लीज की शर्तों का उल्‍लंघन नहीं है? यदि उल्‍लंघन है तो दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई है? बिरला कार्पोरेशन के द्वारा भूमि का लीज आवंटन के पश्‍चात समस्‍त भू-भाग का उपयोग न करना क्‍या लीज की शर्तों का उल्‍लंघन है? यदि हाँ, तो क्‍या कार्यवाही की जाएगी?

औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री ( श्री राजवर्धन सिंह प्रेम सिंह दत्‍तीगांव ) : (क) मेसर्स बिरला कार्पोरेशन लिमिटेड़ सतना, यूनिट: सतना सीमेंट वर्क्‍स सतना की स्‍थापना 1956 में सतना जिले में की गयी और मध्‍य प्रदेश शासन द्वारा 499.82 एकड़ भूमि सीमेंट उद्योग एवं उसके अनुषांगिक कार्यों हेतु स्‍थायी लीज पर 99 वर्षों के लिये 1956 में आवंटित की गयी है, इसके अतिरिक्‍त मध्‍य प्रदेश शासन द्वारा औद्योगिक उद्देश्‍य हेतु 28.42 एकड़ भूमि वर्ष 2008 एवं 2017 में प्रदान की गयी है। कंपनी को आवंटित भूमि में से सम्‍पूर्ण भूमि का उपयोग किया गया है। आवंटित भूमि पर सीमेंट उत्‍पादन हेतु कारखाना और अनुषांगिक कार्यों हेतु उपयोग में लिया जा रहा है। कंपनी को आवंटित भूमि 99 वर्षों के लिये स्‍थायी लीज भूमि पर सीमेंट उद्योग एवं उसके अनुषांगिक कार्यों के लिये प्रदान की गयी है। चूंकि कंपनी के द्वारा आवंटित भूमि का सम्‍पूर्ण उपयोग किया जा रहा है। अत: शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। नवीकरणीय ऊर्जा खरीद बाध्‍यता (आर.पी.ओ.) के तहत संबंधित विभाग से विधिवत अनुमति प्राप्‍त करने के पश्‍चात आवंटित भूमि पर सोलर प्‍लांट स्‍थापित किया गया है। सोलर ऊर्जा संयंत्र सीमेंट उत्‍पादन के लिए ऊर्जा के स्‍त्रोत की अनुषांगिक प्रक्रिया है। अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

उच्च माध्यमिक शिक्षकों की पदोन्‍नति

[स्कूल शिक्षा]

10. ( क्र. 70 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग द्वारा राज्य शिक्षा सेवा में शामिल किए गए उच्च माध्यमिक शिक्षकों को राजपत्रित अधिकारी का दर्जा प्राप्त है? यदि हाँ, तो राजपत्रित अधिकारी बनाने हेतु जारी किये गये आदेश की प्रति उपलब्ध करायें। म.प्र. में कार्यरत् उच्च माध्यमिक शिक्षक जिन्हें राजपत्रित अधिकारी बनाया गया है ऐसे शिक्षकों की सूची उपलब्ध कराये। (ख) उच्च माध्यमिक शिक्षकों को पदोन्नति प्रदान किये जाने की शासन की क्या प्रक्रिया एवं नियमावली है? म.प्र. में कितने उच्च माध्यमिक शिक्षक कार्यरत् हैं जिन्हें पदोन्नती का लाभ प्रदान किया गया है? उन शिक्षकों की सूची उपलब्ध करायें। (ग) उच्च माध्यमिक शिक्षकों को पदोन्नति‍ का लाभ अगर प्रदान नहीं किया गया है तो इसका क्या कारण है?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) शासन द्वारा जारी राजपत्र दिनांक 28 जुलाई 2018 की कंडिका 14 अनुसार उच्च माध्यमिक शिक्षकों को प्राचार्य हाईस्कूल पर पदोन्नति का प्रावधान है तथा वर्ष 2016 से पदोन्नति पर प्रतिबंध है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार।

प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

11. ( क्र. 72 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत वर्तमान में आवास प्लस सूची में जिला छिंदवाड़ा में कितने हितग्राही का नाम पोर्टल के माध्यम से इनइलीजेबल सूची में रिजेक्ट होने के कारण अपात्र पाये गये हैं? जिले की समस्त जनपद पंचायतवार जानकारी उपलब्ध करायें। मध्यप्रदेश में ऐसे कितने हितग्राही पोर्टल से रिजेक्ट होने के कारण अपात्र पाये गये हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार अपात्र पाये गये हितग्राही क्या वास्तविक रूप से अपात्र हैं? ऐसे हितग्राही जो लैण्डलाईन फोन के कारण अपात्र पाये गये हैं क्या उनके आवासों में लैण्डलाईन फोन है? प्रमाण सहित सत्यापन कर जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार यदि हितग्राहियों के यहॉं लैण्डलाईन फोन नहीं हैं, यदि हितग्राही पात्र है तो राज्य शासन द्वारा हितग्राहियों को आवास का लाभ प्रदान करने हेतु क्या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं की गई है तो कार्यवाही नहीं होने का क्या कारण है? भारत सरकार का इस संबंध में क्या अभिमत है?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। मध्‍यप्रदेश में भारत सरकार के सिस्‍टम से 3.78 लाख परिवार रिजेक्‍ट हुये है। (ख) जी नहीं। जी नहीं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) राज्‍य शासन द्वारा भारत सरकार को पत्र क्रमांक 4239 दिनांक 25.04.2022, पत्र क्रमांक 4888 दिनांक 10.05.2022 एवं पत्र क्रमांक 9981 दिनांक 20.10.2022 से निवेदन किया गया है। भारत सरकार से अभिमत अप्राप्‍त है।

किसानों को अमानक खाद वितरण पर रोक

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

12. ( क्र. 74 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रासायनिक खाद वितरण के पूर्व सैम्‍पल लेकर जांच कराई जाती है, ताकि किसानों को मानक स्‍तर की खाद मिले? (ख) क्‍या विक्रय केन्‍द्रों में खाद पहुंचने पर जांच हेतु सैम्‍पल लेकर प्रयोगशालाओं में भेजे जाते हैं जिसकी रिपोर्ट आने तक अधिकांश खाद विक्रय हो जाती है? (ग) क्‍या रिपोर्ट आने के बाद खाद के अमानक होने की जानकारी मिलती है तब तक किसान खाद का उपयोग कर चुका होता है? यदि हाँ, तो क्‍या रेलवे रैक प्‍वाइंट पर सैम्पिलिंग कराई जा सकती है ताकि विक्रय होने के पूर्व अमानक खाद को वितरण से रोका जा सके? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के अंतर्गत अमानक खाद के उपयोग होने पर फसल का उत्‍पादन कम होने की स्थिति में किसानों की नुकसान की भरपाई के लिये शासन विचार करेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) भारत सरकार के उर्वरक (अकार्बनिक, कार्बनिक या मिश्रित) (नियंत्रण) आदेश, 1985 के खंड 28 (1) (b) अनुसार उर्वरक निरीक्षकों द्वारा रेंडम नमूने लिए जाते हैं। इसके अतिरिक्त प्रदायकर्त्ता कंपनियों के point of origin पर भारत सरकार भी नमूने लेकर जांच कराती है। (ख) उर्वरक निरीक्षकों द्वारा विक्रय केंद्रों से रैंडम उर्वरक नमूने लिए जाते हैं। उर्वरक (अकार्बनिक, कार्बनिक या मिश्रित) (नियंत्रण) आदेश, 1985 में प्रयोगशाला को नमूने प्राप्त होने के 15 दिवस में विश्‍लेषण रिपोर्ट उपलब्ध कराने की समय-सीमा निर्धारित है। विश्लेषण रिपोर्ट प्राप्त होने तक विक्रय रोके जाने का प्रावधान उक्त आदेश में सम्मिलित नहीं है। (ग) रैक पॉइंट से आवश्यकतानुसार नमूने लिए जाते हैं। विश्‍लेषण रिपोर्ट प्राप्त होने तक विक्रय रोके जाने का प्रावधान उक्त आदेश में सम्मिलित नहीं है। (घ) भारत सरकार के उर्वरक (अकार्बनिक, कार्बनिक या मिश्रित) (नियंत्रण) आदेश, 1985 में अमानक उर्वरकों के उपयोग से हानि या नुकसान की भरपाई का प्रावधान नहीं है। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है।

विकासखंड सारंगपुर अंतर्गत स्वीकृत कार्य

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

13. ( क्र. 93 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले के सारंगपुर विकासखंड में वर्ष 2021-22 से प्रश्‍न दिनांक तक ग्रामीण यांत्रिकीय विभाग द्वारा कुल कितने कार्य स्वीकृत किये गये हैं? स्वीकृत किये गये कार्य का विस्तृत विवरण ग्राम पंचायत का नाम, ग्राम का नाम, कार्य का नाम, मद, राशि एवं स्वीकृति दिनांक से अवगत करावें। उक्त कार्य में से कौन-कौन से कार्य विभागीय एवं कौन-कौन से कार्य ठेकेदार पद्धति से कराये जा रहे हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) में दर्शित स्वीकृत कार्यों के विरुद्ध कार्यों की भौतिक एवं वित्तीय जानकारी से अवगत करावें एवं जो कार्य अपूर्ण हैं उन्हें कब तक पूर्ण कराया जावेगा? (ग) प्रश्‍नांश (क) में जो कार्य ठेकेदार पद्धति से कराये जा रहे हैं उन कार्यों के विस्तृत विवरण, ग्राम पंचायत का नाम, ग्राम का नाम, कार्य का नाम, ठेकेदार का नाम, अनुबंधित राशि, कार्य पूर्ण करने की अनुबंधित तिथि, कार्य पूर्ण करने की तिथि एवं कार्य की भौतिक एवं वित्तीय जानकारी से अवगत करावें।

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) राजगढ़ जिले के सारंगपुर विकासखंड में वर्ष 2021-22 से प्रश्‍न दिनांक तक ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत ग्रामीण यांत्रिकी सेवा में कुल 38 कार्य स्‍वीकृत किए गए है। शेष जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "पांच"

गृह प्रवेश कार्यक्रम कार्यक्रम हेतु आमंत्रण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

14. ( क्र. 94 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले में दिनांक 22/10/2022 को गृह प्रवेश कार्यक्रम कौन-कौन से विकासखंड के कौन-कौन से नगर/ग्राम में आयोजित किये गये थे? विकासखंडवार नगर/ग्राम के नाम बतावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में दर्शित स्थानों पर कौन-कौन से जनप्रतिनिधियों को जवाबदार अधिकारी द्वारा आमंत्रित किया गया था? स्थानवार जनप्रतिनिधि के नाम बतावें। (ग) क्या राजगढ़ जिले के सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सारंगपुर क्या विकासखंड स्तरीय कार्यक्रम में स्वयं उपस्थित हुए थे एवं कौन-कौन से जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था? आमंत्रण पत्र की प्रति उपलब्ध करावें। (घ) क्या गृह प्रवेश कार्यक्रम को माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा ग्रामवासियों को संबोधित किया जाना था जिसे मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सारंगपुर द्वारा गंभीरता से नहीं लिये जाने के कारण उनके विरुद्ध विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गयी है?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) राजगढ़ जिले में दिनांक 22.10.2022 को गृह प्रवेश कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित किया गया था। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जनप्रतिनिधियों को मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत द्वारा आमंत्रित किया गया था। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। प्रश्‍नांश (ख) अनुसार माननीय जनप्रतिनिधियों को दूरभाष के माध्‍यम से आमंत्रित किया गया था। आमंत्रण पत्र नहीं छपवायें गये थे। (घ) जी हाँ, मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी,जनपद पंचायत सारंगपुर को मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी,जिला पंचायत राजगढ़ द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है।

विभागीय अनिमितताओं पर कार्यवाही

[स्कूल शिक्षा]

15. ( क्र. 99 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या तत्कालीन प्राचार्य श्री एन.एम.सिंह शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल कारीतलाई जिला कटनी की वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत जन प्रतिनिधियों द्वारा की गयी, जिसकी जांच करायी गयी? यदि हाँ, तो जांच प्रतिवेदन की कॉपी देवें एवं दोषी के ऊपर प्रश्‍न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही गयी? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में जिला एवं राज्य शासन तथा विद्यालय विकास निधि से, छात्रों से एवं विभागीय राशि प्राप्त हुई, उसकी जानकारी देवें। उक्त राशि किस-किस कार्य में व्यय की गयी है? क्या वित्तीय अनियमिताओं से संबंधित दस्तावेज जानबूझकर जलाकर प्रकरण से बचने के लिए संबंधित द्वारा प्राथमिकी दर्ज करायी गयी?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी नही। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थिति नहीं होता है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे  परिशिष्ट-01 अनुसार। जी नहीं। विद्यालय में अभिलेखों की चोरी एवं अभिलेख जलाकर नष्‍ट किये जाने की तत्‍कालीन प्राचार्य शा.उ.मा.वि. कारीतलाई द्वारा थाना विजयराघगढ़ में दिनांक 01-07-2014 को प्राथमिकी दर्ज कराई गई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-02 अनुसार

दोषी अधिकारी का निलंबन

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

16. ( क्र. 100 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या माननीय न्यायालय जे.एम.एफ.सी. शिवपुरी के प्रकरण क्रमांक 1580/15 धारा 294,352,353,506 बी भादवि एवं 3 (1) 10, 3 (1) 7 एससीएसटी एक्ट के तहत् श्री अशोक कुमार राठौर पुत्र श्री बाबूलाल राठौर के ऊपर आरोप पंजीबद्ध किया गया था? न्यायालय के आदेशानुसार थाना कोतवाली शिवपुरी द्वारा संबंधित को दिनांक 18.09.2022 को समय 04.00 बजे ग्वालियर से गिरफ्तार कर दिनांक 19.09.2022 को माननीय न्यायालय में पेश किया गया? दिनांक 20.09.2022 को न्यायिक निर्देश से न्यायालय के आदेश से सायं 06.10 बजे जेल से रिहा किया गया? क्या इसकी जानकारी संयुक्त संचालक कृषि जबलपुर द्वारा संचालक कृषि भोपाल को दी गयी? जनप्रतिनिधियों द्वारा कलेक्टर कटनी को भी अवगत कराया गया? (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ, तो किसी मामले में सेवारत अधिकारी को 48 घंटे से अधिक समय के लिए निरूद्ध/जेल में रखा गया तो निलंबन का प्रावधान है? दोषी के ऊपर अभी तक क्यों कार्यवाही नहीं की गयी? (ग) प्रश्‍नांश (क) (ख) के परिप्रेक्ष्य में संबंधित दोषी अधिकारी पर निलंबन की कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। शासन के नियमानुसार शासन के आदेश क्रमांक 1/1/20/0009/2022-ESTB-FWAD दिनांक 02.12.2022 के द्वारा श्री ए.के.राठौर, उप संचालक, किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास, जिला कटनी को निलंबित किया गयाजानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है।

परिशिष्ट - "छ:"

मनरेगा कार्यों के प्राक्कलन और डी.पी.आर. में भिन्नता

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

17. ( क्र. 104 ) श्री यशपाल सिंह सिसौदिया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 1 जनवरी 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक उज्जैन संभाग में मनरेगा कार्यों में सामग्री की राशि में किन-किन स्थानों पर प्राक्कलन और डी.पी.आर. में भिन्नता आई है? स्थलवार जानकारी देवें। (ख) क्या प्राक्कलन में उल्लेखित सामग्री की राशि व डी.पी.आर. में प्रदर्शित सामग्री की राशि में 15% से 25% तक का अंतर है अर्थात डी.पी.आर. में प्रदर्शित सामग्री की राशि प्राक्कलन राशि से 25% तक कम है? यदि हाँ, तो क्यों? (ग) क्या वर्तमान में राजस्व स्तर से पोर्टल/सॉफ्टवेयर में परिवर्तन होने से देयकों की एम.आई.एस. कराने में कठिनाई हो रही है? यदि हाँ, तो कब-तक सुधार कर लिया जाएगा तथा कब तक प्राक्कलन अनुसार पूर्ण राशि का भुगतान कर अंतर को समाप्त कर दिया जाएगा? (घ) क्या मंदसौर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत रेवास देवड़ा गौशाला में प्राक्कलन में सामग्री की राशि एवं डी.पी.आर. में सामग्री की राशि में भारी अंतर है जिससे गौशाला के अनेक कार्य शेष हैं? यदि हाँ, तो इन्हें कब तक पूर्ण कर लिया जाएगा?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) भारत सरकार द्वारा अप्रैल 2019 से मनरेगा के कार्यों के प्राक्कलन तैयार करने हेतु ऑनलाइन व्यवस्था (SECURE SOR) लागू किया गया है। SECURE साफ्टवेयर से स्वीकृत समस्त कार्यों के DPR तथा प्राक्कलन की राशि में अंतर प्रदर्शित हो रहा है। उक्त के संबंध में जिलेवार, जनपदवार, कार्यवार रिपोर्ट नरेगा साफ्टवेयर पर रिपोर्ट R 8.3.4 पर उपलब्ध है, जिसमें प्राक्कलन तथा DPR की राशि का अवलोकन किया जा सकता है। विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। DPR तथा प्राक्कलन की राशि में अंतर की स्थिति निर्मित नहीं हो रही है। निर्माण कार्यों में SECURE SOR के आयटम की दरों के अनुसार मूल्यांकन एवं भुगतान किये जाने का प्रावधान है। सामग्री के अतिरिक्त विभिन्न प्रकार के विविध व्यय जैसे वाटर चार्ज, टूल्स एवं प्लांट्स तथा डीजल, डीजल आईल विभिन्न प्रकार के विविध व्यय का पृथक से बिलों में भुगतान करने का प्रावधान नहीं है। (ग) जी हाँ। उक्त के समाधान हेतु राज्य स्तरीय SECURE SOR में दरों के पुनर्निर्धारण की कार्यवाही की जा रही है। नरेगा साफ्ट तथा SECURE साफ्टवेयर का संचालन/संधारण भारत सरकार द्वारा किया जाता है। (घ) जी नहीं। प्राक्कलन एवं मूल्यांकन में भारी अंतर नहीं है। ग्राम पंचायत रेवास देवडा अंतर्गत स्वीकृत गौशाला निर्माणाधीन है, कुल स्वीकृत राशि रु. 37.84 लाख के विरुद्ध मूल्यांकन अनुसार रु. 25.82 लाख का भुगतान क्रियान्वयन एजेंसी को किया जा चुका है। मनरेगा अंतर्गत सामग्री की राशि का सतत प्रवाह न होने के कारण कार्य पूर्ण करने की निश्चित समय-सीमा बतलाया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "सात"

कर्मचारियों को नियम विरुद्ध भुगतान

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार]

18. ( क्र. 105 ) श्री यशपाल सिंह सिसौदिया : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) उज्जैन संभाग में कितने तकनीकी शिक्षा महाविद्यालयों (इंजीनियरिंग,पॉलिटेक्निक, आई.टी.आई) में कर्मचारियों/प्रोफ़ेसर/अध्यापक या अन्य कर्मचारियों को सातवें वेतन का एरियर मिल चुका है तथा कितनों को नहीं? पदवार सूची देवें। (ख) क्या 7वें वेतन का एरियर जनभागीदारी (छात्रों की फीस) से लिया जा सकता है? यदि हाँ, तो क्या इसका अनुमोदन जनभागीदारी समिति से लेना आवश्यक है? यदि हाँ, तो कहाँ-कहाँ जनभागीदारी ने इस कार्य के लिए किस नियम के तहत अनुमोदन, एरियर के लिए किया तथा किन-किन कर्मचारियों/प्रोफ़ेसर/अध्यापक या अन्य को एरियर का भुगतान किया जा चुका है एवं किनको नहीं? उनकी सूची उपलब्ध करायें। (ग) रतलाम,मंदसौर,नीमच जिलों में 1 जनवरी 2020 के पश्चात किन-किन शासकीय पॉलिटेक्निक,आई.टी.आई. कालेजों ने 10 हजार से अधिक राशि की सामग्री उपकरण की खरीदी की? उनकी सूची मय राशि, जनभागीदारी अनुमोदन की प्रतिलिपि व अन्य खरीदी नियमों की पूर्णता के दस्तावेज उपलब्ध कराये? यदि टेंडर बुलवाए हों तो उनकी जानकारी भी उपलब्ध करायें।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) इंजीनियरिंग/पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्‍थानों की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-ब अनुसार है(ख) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-स अनुसार है। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्‍थानों के अंतर्गत जनभा‍गीदारी योजना संचालित नहीं है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

भवन विहीन स्कूलों को भवन उपलब्ध कराए जाना

[स्कूल शिक्षा]

19. ( क्र. 109 ) श्री राकेश गिरि : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ विधानसभा क्षेत्र में, ऐसे कितने शासकीय स्कूल/विद्यालय हैं, जो भवन विहीन होने से मान्य स्तर के अनुरूप वैकल्पिक भवनो अथवा शिफ्टों में संचालित हैं? प्राथमिक/माध्यमिक/हाई स्कूल तथा हायर सेकेण्डरी स्तर तक के विद्यालयों की स्तरवार तथा बालक एवं कन्या स्कूलों की प्रवर्गवार सूची दें! (ख) टीकमगढ़ विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत, शासकीय हाई स्कूल क्रमशः कुमरऊ खिरिया, ऊमरी तथा नयागांव एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कारी एवं अजनौर के विद्यालय, क्या भवन विहीन हैं? यदि हाँ, तो इन स्कूलो की कक्षाएं कहां और किस प्रकार संचालित हैं? (ग) प्रश्‍नांश (क) की सूची अनुसार स्कूलों को स्वयं के भवन उपलब्ध/स्वीकृत कराने की शासन की क्या योजना है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार स्कूलों को स्वयं के भवन उपलब्ध कराने की योजनानुसार ऐसे स्कूलों को कब तक स्वयं के भवन उपलब्ध/स्वीकृत करा दिये जायेंगे?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) टीकमगढ़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत संचालित कोई प्राथमिक/माध्‍यमिक शाला भवन विहीन नहीं है। हाईस्‍कूल/हायर सेकेण्‍डरी की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट-'एक' पर है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट-'दो' पर है। (ग) आवश्यकतानुसार स्कूलों को स्वयं के भवन निर्माण कार्य की स्वीकृति बजट की उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर होता है। (घ) शासकीय हाईस्‍कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में भवन निर्माण कार्य की स्वीकृति बजट की उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर होता है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "आठ"

मनरेगा योजनांतर्गत कार्यों के दिशा-निर्देश

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

20. ( क्र. 117 ) श्री पुरुषोत्तम लाल तंतुवाय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मनरेगा योजना अंतर्गत कार्य कराये जाने हेतु भारत सरकार व म.प्र. सरकार के क्‍या दिशा-निर्देश हैं? छायाप्रति उपलब्‍ध करावें। क्‍या आयुक्‍त मनरेगा द्वारा जिला दमोह में मनरेगा अंतर्गत कार्य कराने का प्रतिबंध आदेश जारी किया है? यदि हाँ, तो आदेश की छायाप्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) जिला दमोह के विधानसभा क्षेत्र हटा में मनरेगा योजना अंतर्गत विगत वर्ष 2020-21, 2021-222022-23 में प्रश्‍न दिनांक तक कितने कार्य स्‍वीकृत हुये संख्‍यात्‍मक जानकारी राशि सहित दी जावे व वर्तमान में आयुक्‍त मनरेगा के कार्यालय में अनुमति हेतु भेजे गये प्रस्‍तावों पर क्‍या कार्यवाही की गई?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) भारत सरकार के द्वारा जारी वार्षिक परिपत्र 2021-22 के अध्‍याय-7 महात्‍मा गांधी नरेगा अंतर्गत कार्य के मार्गदर्शिका अनुसार निर्माण कार्य कराये जाते हैं। वार्षिक परिपत्र 2021-22 की प्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। मनरेगा द्वारा जिला दमोह में मनरेगा अंतर्गत कार्य कराने में प्रतिबंध नहीं है। समस्‍त जिलों को विभाग के पत्र क्रमांक 3368 दिनांक 10.08.22 जिसके आधार पर रोक हटाई गई है अपितु विभागीय अनुमति पश्‍चात सुदूर/खेत सड़क के कार्य किये जा सकेंगे, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ख) जिला दमोह के विधान सभा क्षेत्र हटा में मनरेगा योजना अंतर्गत विगत वर्ष 2020-21, 2021-222022-23 तक कुल 11872 कार्य राशि रूपये 154.20 करोड़ के स्‍वीकृत किये गये है। कार्यों की संख्‍यात्‍मक जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट-3 अनुसार है। विभाग के पत्र 3368 दिनांक 10.08.2022 के अनुसार निर्धारित प्रारूप में जिले से प्रस्‍ताव प्राप्‍त होने पर नियमानुसार स्‍वीकृत/अनुमति जारी की जावेगी।

मनरेगा योजना के तहत कराये गये कार्य

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

21. ( क्र. 126 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर एवं मुरैना जिले में वर्ष 2020 से नवम्बर 2022 तक मनरेगा योजना के तहत कितनी गिट्टी-मिट्टी की सड़कें, नालियों का निर्माण कराया गया है? उन पर कितनी राशि खर्च की गई है? वर्षवार तहसीलवार जानकारी दी जावे। (ख) उक्त निर्माण कार्यों में कितने मजदूरों से कार्य कराये गये, उनकी संख्या जिला-तहसीलवार वर्षवार जानकारी दी जावे। (ग) क्या नाली निर्माण कार्यों में बिना उपयोगि‍ता के गुणवत्ताहीन नालियों का निर्माण कराया गया है जो निर्माण के 4-6 महीने में ही या तो नष्ट हो गई या पूर्ण रूप से बन्द हो गई है जिनमें जल निकासी नहीं हो पा रही है? क्या इसकी मॉनीटरिंग अधिकारियों द्वारा कराई गई है? (घ) क्या नालियां एक छोर से दूसरे छोर तक पानी निकासी हेतु न बनाकर अधूरी बनाई गई हैं जिसमें जल निकासी नहीं हो पा रही हैं?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) ग्वालियर एवं मुरैना जिले की ग्राम पंचायतों में वर्ष 2020 से नवम्बर 2022 तक मनरेगा योजना के तहत गिट्टी-मिट्टी की सड़कें, नालियों का निर्माण वर्षवार, तहसीलवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 1.1 एवं 1.2 अनुसार है। (ख) कार्यों पर लगाये गये मजदूरों की संख्‍या वर्षवार, तहसीलवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 1.1 एवं 1.2 अनुसार है। (ग) नाली निर्माण कार्य तकनीकी अधिकारियों जैसे सहायक यंत्री, उपयंत्री, पंचायत समन्‍वय अधिकारी के निरीक्षण एवं निगरानी में किया जाता है। उपयोगिता अनुसार नाली निर्माण तकनीकी मानक का पालन करते हुए गुणवत्‍तापूर्ण कराया गया है। नालियां बनने के 4-6 महीने बाद उसके नष्‍ट होने की कोई भी शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है। यदि नालियों में मलवा, कचरा जमा होता है तो ग्राम पंचायत द्वारा सफाई कराई जाती है। शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है। (घ) पानी की निकासी हेतु तकनीकी मानक का पालन करते हुए उपयोगिता अनुसार नालियों का निर्माण किया गया है। शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

अनियमितता पर कार्यवाही

[स्कूल शिक्षा]

22. ( क्र. 131 ) श्री संजय शर्मा : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अगस्त 2022 में तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी नरसिंहपुर श्रीमती जे.एस.विल्सन को वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं के कारण शासन द्वारा पद से हटाते हुये निलम्बन सहित अन्य अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई थी? कार्यवाही के आदेश की छायाप्रति उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार किन-किन अधिकारियों द्वारा किन-किन बिंदुओं की जांच की गई? क्या अनियमिततायें पाई गईं? सम्पूर्ण प्रकरण के जांच प्रतिवेदन की छायाप्रति उपलब्ध करायें। (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार श्रीमती विल्सन के अलावा शिक्षा विभाग के किन-किन कर्मचारियों के विरुद्ध क्या-क्या कार्यवाही की गई? कर्मचारियों के नाम सहित की गई कार्यवाही की पूरी जानकारी प्रदान करें। (घ) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार, क्या तत्कालीन कलेक्टर नरसिंहपुर द्वारा सम्पूर्ण प्रकरण की सूक्ष्मता से जांच कराकर प्रतिवेदन सम्भाग आयुक्त जबलपुर को भेजा गया था? यदि हाँ, तो भेजे गये प्रतिवेदन की छायाप्रति उपलब्ध करायें। (ङ) प्रश्‍नांश (घ) अनुसार, उक्त प्रतिवेदन पर सम्भाग आयुक्त जबलपुर द्वारा क्या कार्यवाही की गई? की गई कार्यवाही की छायाप्रति उपलब्ध करायें। (च) प्रश्‍नांश (क) अनुसार,क्या शासन द्वारा श्रीमती जे.एस.विल्सन को प्रभारी प्राचार्य डाइट, नरसिंहपुर के पद पर पदस्थ किया गया है? यदि हाँ,तो श्रीमती विल्सन को किसके आदेश से निलम्बन से बहाली की गई? बहाली आदेश की छायाप्रति उपलब्ध करायें। (छ) श्रीमती विल्सन के कार्यकाल में कितने शिक्षकों का संलग्नीकरण एवं निलम्बन किया गया? सभी शिक्षकों के नाम सहित सभी के संलग्नीकरण, निलम्बन एवं बहाली आदेशों की छायाप्रति उपलब्ध करायें।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) निलंबित नहीं किया गया है। पद से हटाया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार। (ख) जांच प्रतिवेदन की प्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-इ अनुसार। (च) जी हाँ। श्रीमती जे.एस.विल्‍सन को निलंबित नहीं किया गया। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (छ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-फ अनुसार।

राष्‍ट्रीय/अंतर्राष्‍ट्रीय खिलाड़ियों को सुविधा का प्रदाय

[खेल एवं युवा कल्याण]

23. ( क्र. 132 ) श्री संजय शुक्ला : क्या खेल एवं युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या खेल विभाग द्वारा विक्रम अवार्ड व अन्य अवार्ड प्राप्त खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में नौकरि‍यां प्रदत्त की जाती है? अन्य प्रदेश की तरह क्या खेल कोटे में नियुक्ति खिलाड़ियों को रेल यात्रा में फ्री पास, न्यूतम शुल्क की सुविधा दी जायेगी? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में शासन द्वारा प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को लिपिकीय एवं अन्य निम्‍न पदों पर नियुक्तियां की जा रही है? क्या शासन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर उच्च पदों पर नियुक्ति क्यों नहीं करता है? क्या खेल कोटे में नियुक्त खिलाड़ियों को गृह जिला/खेल सेंटर जिले से अन्य‍ जिले में क्यों पदस्थ किया जाता है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में क्या शासन द्वारा प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्पर्धा व अंतर्राष्‍ट्रीय स्पर्धा में रोशन करने वाले खिलाड़ियों को भी पूर्व में नियुक्तियां दी जाती रही है? यदि हाँ, तो सीधी भर्ती से नियुक्तियां प्रदान की जायेगी? यदि नहीं तो विक्रम अवार्डियों को ही क्यों नियुक्ति दी जाती है? (घ) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में वर्षों से खेल मैदानों पर खेल गतिविधि संचालित करने वाली खेल संस्थानों को शासन द्वारा खेल मैदान लीज पर बिना प्रीमियम व भू-भाटक के आवंटित किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब त‍क? यदि नहीं तो क्यों नहीं?

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग के दिशा निर्देशानुसार सिर्फ विक्रम अवार्ड प्राप्त उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में नौकरी प्रदान की जाती है। जी नहीं। (ख) जी हाँ। विक्रम अवार्ड प्राप्त उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शैक्षणिक योग्यता के आधार पर तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर ही नियुक्त किए जाने का प्रावधान है तथा इसके अतिरिक्त मध्यप्रदेश गृह विभाग द्वारा मध्यप्रदेश पुलिस (उत्कृष्ट खिलाड़ियों की नियुक्ति) नियम 2021 बनाये गये है, जिसमें मध्यप्रदेश पुलिस विभाग में प्रत्येक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 10 उप निरीक्षक एवं 50 आरक्षक नियुक्त किए जाने का प्रावधान है, शासन के विक्रम पुरस्कार प्राप्त उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शासन के विभिन्न विभागों में रिक्त पद के विरूद्ध नियुक्ति प्रदान की जाती है तदुपरांत संबंधित विभाग रिक्त स्थानों/जिलों में उन्हें प्रशासकीय आवश्यकता अनुसार पदस्थ करता है। (ग) वर्ष 2007 से विक्रम पुरस्कार प्राप्त उत्कृष्ट खिलाड़ियों को नियुक्ति प्रदान की जा रही है तथा मध्यप्रदेश गृह विभाग द्वारा मध्यप्रदेश पुलिस (उत्कृष्ट खिलाड़ियों की नियुक्ति) नियम 2021 बनाये गये है। जिसमें मध्यप्रदेश पुलिस विभाग में उप निरीक्षक एवं आरक्षक के पद पर नियुक्ति प्रदान की जा रही है। (घ) जी नहीं। खेल और युवा कल्याण विभाग अंतर्गत ऐसी कोई योजना विचाराधीन नहीं है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

शासकीय शालाओं की जानकारी

[स्कूल शिक्षा]

24. ( क्र. 133 ) श्री देवेन्‍द्र सिंह पटेल : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिला की उदयपुरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत किन-किन ग्राम पंचायतों एवं नगर परिषदों में शासकीय प्राथमिक/माध्‍यमिक/हाई स्‍कूल/उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय हैं? उनमें से किस-किस विद्यालय में भवन नहीं हैं या बहुत पुराने एवं जर्जर भवन हैं? (ख) उक्‍त विद्यालयों में कितने-कितने पद, किस-किस स्‍तर के कर्मचारियों/शिक्षकों के स्‍वीकृत हैं? स्‍वीकृत पदों के विरूद्ध प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में कितने पद रिक्‍त हैं उन रिक्‍त पदों को कब तक भर दिया जायेगा? (ग) उक्‍त विद्यालयों में किन-किन में फर्नीचर नहीं हैं? यदि फर्नीचर उपलब्‍ध कराने की कोई योजना प्रस्‍तावित है तो जानकारी दें। (घ) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में भवन विहीन/जर्जर भवन के नवीन निर्माण की कोई योजना प्रस्‍तावित है? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं तो क्‍यों?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) विधानसभा क्षेत्र उदयपुरा अंतर्गत संचालित विद्यालयों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक पर है। कोई भी हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन बहुत पुराना या जर्जर नहीं है। कोई भी प्राथमिक/माध्यमिक शाला भवन विहिन नहीं है। जर्जर एवं पुराने प्राथमिक/माध्यमिक शाला भवनों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो पर है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-तीन पर है। पदपूर्ति एक सतत् प्रक्रिया है, निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र में सभी हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी विद्यालयों में फर्नीचर उपलब्ध है। फर्नीचर विहीन प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-चार पर है। भारत सरकार की समग्र शिक्षा योजना अंतर्गत स्वीकृति एवं बजट प्राप्त होने पर फर्नीचर उपलब्ध कराएं जाना प्रस्तावित है। (घ) जी हाँ। भारत सरकार की समग्र शिक्षा योजना अंतर्गत स्वीकृति एवं बजट प्राप्त होने पर नवीन प्राथमिक/माध्यमिक शाला भवन निर्माण कार्य किया जाना प्रस्तावित है। हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूलों का निर्माण बजट की उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर करता है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्रश्‍नकर्ता के पत्रों पर कार्यवाही

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

25. ( क्र. 143 ) श्री शशांक श्रीकृष्ण भार्गव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा 1 जनवरी 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक किस किस पत्र क्रमांक व दिनांक सें किस किस विषय पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत विदिशा/जनपद पंचायत विदिशा/ग्‍यारसपुर को पत्र प्रेषित किए गये हैं? सूचीबद्ध विषयवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में प्रेषित पत्रों की अभिस्वीकृति सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशानुसार निर्धारित प्रपत्र/परिशिष्ट-एक पर प्रेषित की गई है या नहीं? यदि हाँ, तो अभिस्वीकृति पत्रों की प्रति उपलब्ध करावें। यदि नहीं तो जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जा रही है? समय-सीमा बताएं। (ग) प्रश्‍नांश (क) में प्रेषित पत्रों में किस किस ग्राम व पंचायत में तालाव निर्माण, स्टाम्प डेम निर्माण, ग्रेवल सड़क निर्माण, पुलिया निर्माण, सी.सी.सड़क निर्माण, सामुदायिक भवन निर्माण, ग्राम की नदी व नाले का घाट निर्माण नाली निर्माण, शमशानघाट तक सड़क निर्माण, पंचायत भवन शमशानघाट पर टीनशेड निर्माण आदि से संबंधित पत्र प्राप्त हुए? सूचीबद्व जानकारी पृथक-पृथक देवें। प्राप्त पत्र के क्रम में विभाग द्वारा पत्राचार के अतिरिक्त वास्तविक कार्य स्वीकृत हुआ है तो बतावें। यदि नहीं तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है। कब तक कार्य की स्वीकृति जारी की जावेगी? यदि नहीं तो क्यों?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) वांछित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - अ अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में प्रेषित पत्रों की अभिस्‍वीकृति सामान्‍य प्रशासन विभाग के निर्देशानुसार दी गई है। वांछित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - ब अनुसार है। (ग) ग्राम पंचायतों में तालाब निर्माण, स्टॉपडेम निर्माण, ग्रेवल सड़क निर्माण, पुलिया निर्माण, सी.सी. सड़क निर्माण, सामुदायिक भवन निर्माण, ग्राम की नदी व नाले का घाट निर्माण, शमशानघाट तक सड़क निर्माण, पंचायत भवन, शमशानघाट पर टीन शेड निर्माण आदि से संबधित पत्रों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - अ अनुसार है। प्राप्त पत्र के क्रम में विभाग द्वारा पत्राचार के अतिरिक्त वास्तविक 01 ग्रेवल, 01 पुलिया स्वीकृत हुये है। सामुदायिक भवन, मांगलिक भवन मनरेगा योजनान्तर्गत अनुमत कार्यों की सूची में शामिल नहीं होने से मनरेगा से साध्य नहीं है। जिले में मनरेगा योजनान्तर्गत वर्तमान में कुल 539 सुदूर सड़क एवं पुल-पुलिया निर्माण कार्य प्रगतिरत है, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाना लक्षित है। सुदूर सड़क के कार्य बहुतायात संख्या में अपूर्ण होने के कारण नवीन सुदूर सड़क स्वीकृति में सतर्कता बरतने के निर्देश दिये गये है। विभागीय पत्र क्रं. 3368 दिनांक 10.08.2022 द्वारा अति आवश्यक होने पर जिला कलेकटर द्वारा विभागीय अनुमति पश्चात लिये जाने के निर्देश है। योजना मांग आधारित होने से इच्छुक जाबकार्डधारी परिवारों द्वारा रोजगार की मांग तथा मजदूरी व सामग्री मद की राशि के सतत् प्रवाह होने पर निर्भर होने से स्वीकृत कराने की निश्चित तिथि बताया जाना संभव नहीं है। सी.सी. रोड नाली निर्माण, शांतिधाम के कार्य ग्राम पंचायतों को कार्य योजना में शामिल कर नियमानुसार स्वीकृत करने के निर्देश दिये गये है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - स अनुसार है।

सी.एम. राइज स्कूल योजना

[स्कूल शिक्षा]

26. ( क्र. 153 ) श्री संजय शुक्ला : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सी.एम. राइज स्कूल योजना क्या है? योजना अंर्तगत स्कूल के चयन की क्या प्रक्रिया है? इन्दौर जिले के अंतर्गत कितने स्कूलों को इसमें सम्मिलित किया गया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्या चयनित स्कूलों की पूर्व से बनी बिल्डिंग को तोड़कर नवीन बिल्डिंग का निर्माण किया जाना है? यदि हाँ, तो पुरानी बिल्डिंग तोड़ने का कारण स्पष्ट करें। नवीन भवन निर्माण पर कितनी राशि व्यय की जायेगी? क्या-क्या व्यवस्था की जायेगी? किन जिलों में पुराने भवन तोड़कर नवीन भवन बनाये जायेंगे? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में सी.एम. राइज स्कूल का संचालन कब से प्रारंभ होगा? इन स्कूलों के संचालन से कितने किलोमीटर के दायरे में आने वाले प्राथमिक/माध्यमिक स्कूल जिनकी छात्र संख्या 100 से कम है उन्हें विलय करने कि योजना है? यदि हाँ, तो स्पष्ट करें। यदि नहीं तो क्यों विलय नहीं किया जायेगा? (घ) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में यदि हाँ, तो विलयीकृत स्कूल में पदस्थ स्टॉफ को कहां समायोजित किया जायेगा एवं उन स्कूल भवनों का क्या उपयोग किया जायेगा? कितने शिक्षकों की नियुक्तियाँ की जा चुकी हैं? कितने स्कूलों में पूर्व से पदस्थ शिक्षकों को कहां पदस्‍थ किया जायेगा? शिक्षक भर्ती प्रक्रिया क्‍या होगी?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) सी.एम. राइज योजना एवं स्कूल के चयन की प्रक्रिया की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट  अनुसार है। इंदौर जिले में कुल 11 स्कूल सी एम राइज योजना के प्रथम चरण में सम्मिलित है। (ख) जी नहीं, कॉन्‍स्‍पेट प्‍लान अनुसार कुछ विद्यालयों में विद्यालय के कुछ भाग को तोड़ा जाना प्रस्‍तावित है। नवीन भवन निर्माण हेतु स्वीकृति प्रक्रिया प्रचलन में है, अतः निश्चित राशि वर्तमान में बताया जाना संभव नहीं है, नवीन भवन सर्वसुविधायुक्त बनाये जायेंगे वर्तमान में डी.पी.आर. निर्माण एवं स्वीकृति प्रक्रिया प्रचलन में है, अतः निश्‍चत संख्या बताया जाना संभव नहीं है। (ग) प्रथम चरण में चयनित सी.एम. राइज स्कूलों का संचालन 13 जून 2022 से प्रारंभ हो गया है। सी.एम. राइज स्कूल खुलने पर किसी भी प्राथमिक/माध्यमिक स्कूल की विलय की योजना नहीं होने से शेषांश प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश () के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "नौ"

नि:शुल्क साइकिल वितरण

[स्कूल शिक्षा]

27. ( क्र. 155 ) श्री संजय शर्मा : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश में शासकीय शालाओं में अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों के लिये नि:शुल्क साइकिल वितरण योजना संचालित हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार, यदि हाँ, तो वर्ष 2022-23 में नरसिंहपुर जिले में कितने विद्यार्थी उक्त योजना में पात्र हैं? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार, प्रश्‍न दिनांक तक नरसिंहपुर जिले की शालावार, कक्षावार पात्र विधार्थियों की संख्या एवं नि:शुल्क साइकिल प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या उपलब्ध करायें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार, शेष पात्र विद्यार्थियों को साइकिल कब तक प्रदान कर दी जावेगी?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। (ख) वर्ष 2022-23 में नरसिंहपुर जिले में कक्षा 06 के कुल 2887 तथा कक्षा 09 के कुल 6514 छात्र/छात्राएं योजनान्तर्गत पात्र हैं। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे  परिशिष्ट  अनुसार (घ) कार्यवाही प्रक्रियाधीन। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

आवास प्‍लस सूची से काटे गये नाम

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

28. ( क्र. 157 ) श्री रामपाल सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) "आवास प्लस" की सूची में से भारत सरकार द्वारा संचालित आवास सॉफ्ट पोर्टल के द्वारा कितने व्यक्तियों के नाम सूची से क्यों हटा दिये गये? ग्राम पंचायतवार संख्या बताये तथा उनके नाम पुनः सूची में जुड़े इस हेतु क्या-क्या कार्यवाही की गई? (ख) रायसेन जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) "आवास प्लस" की सूची में से परीक्षण उपरांत अपात्रता के कारण किन-किन हितग्राहियों के नाम हटाये गये तथा अपात्रता के क्या-क्या कारण हैं तथा नाम हटाने से पहले संबंधित हितग्राहियों को अपना पक्ष रखने का मौका क्यों नहीं दिया गया? (ग) रायसेन जिले में ऐसे कितने हितग्राही हैं जिनके प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास का कार्य पूर्ण हो गया है परन्तु मजदूरी की राशि का भुगतान नहीं हुआ तथा क्यों? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के संबंध में मान मंत्री जी, विभाग के प्रमुख सचिव तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रायसेन को 1 जुलाई 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रश्‍नकर्ता विधायक के पत्र कब-कब प्राप्त हुए तथा उक्त पत्रों पर की गई कार्यवाही से प्रश्‍नकर्ता विधायक को अवगत क्यों नहीं कराया? किन-किन बिन्दुओं का निराकरण क्यों नहीं हुआ?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है तथा योजना के दिशा निर्देशों के अनुक्रम में नाम सूची से हटायें गये। नाम पुन: जोड़ने हेतु राज्‍य शासन की ओर से भारत सरकार को पत्र क्रमांक 4239 दिनांक 25.04.2022,पत्र क्रमांक 4888 दिनांक 10.05.2022 तथा पत्र क्रमांक 9981 दिनांक 20.10.2022 भेजे गये। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) 2698 हितग्राहियों को मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ है। मजदूरी भुगतान के FTO (फण्‍ड ट्रांसफर आर्डर) कर दिये गये है तथा हितग्राहियों के खाते में राशि पहुंचना एक सतत् प्रक्रिया है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है।

खरीफ फसलों की बीमा राशि का भुगतान

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

29. ( क्र. 185 ) कुँवर विक्रम सिंह (नातीराजा) : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला छतरपुर अन्तर्गत इस वर्ष खरीफ फसलों के लिए कुल कितने किसानों ने बीमा के लिए आवेदन किया? (ख) उपरोक्त में से कितने किसानों को बीमा मिला? (ग) उपरोक्त क्षेत्र में खरीफ फसल का कुल कितना रकबा था और इसमें से कुल कितना रकबा बीमे के लिए कवर किया गया? (घ) बीमे के लिए आवेदन करने के बाद भी किसानों को बीमा न मिल पाने का क्या कारण है? (ङ) जिन किसानों को बीमा नहीं मिला उनके हितों की सुरक्षा करने और भविष्य में बीमा के लिए आवेदन करने वाले सभी किसानों को बीमा दिलाने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाये हैं?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत जिला छतरपुर में खरीफ 2022 में कुल 145454 किसानों का बीमा किया गया है। आंकडे़ प्रावधिक है। (ख) योजना अंतर्गत उपज के आंकड़े निर्धारित होने के उपरांत दावों की गणना कर पात्र कृषकों को क्षतिपूर्ति राशि भुगतान करने का प्रावधान है। (ग) छतरपुर जिले में खरीफ फसल का कुल रकबा 389890 हेक्‍टेयर है तथा कुल 48339.67 हेक्‍टेयर का बीमा किया गया है। आंकडे़ प्रावधिक है। (घ) उत्‍तरांश (ख) अनुसार। (ड.) योजना के प्रावधानों के अनुसार पात्र कृषकों को क्षतिपूर्ति राशि भुगतान करने हेतु सरकार योजना का क्रियान्‍वयन कर रही है।

रासायनिक खादों का अधिक दर पर विक्रय

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

30. ( क्र. 193 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत तीन वर्षों में विभिन्‍न रासायनिक खादों की कितनी मांग विभिन्‍न जिलों से की गयी तथा मांग के विरूद्व कितनी खाद प्राप्‍त हुई? जिले तथा खरीब व रबी फसलों के अनुसार जानकारी दें। (ख) क्‍या यह बात शासन के संज्ञान में है कि सहकारी समितियों के माध्‍यम से बेची जाने वाली रासायनिक खाद भी खुले बाजार में मनमानी रेट पर बेची जा रही है? क्‍या शासन के संज्ञान में यह बात है कि सहकारी समितियों के नाम आर.ओ. काटे जाते हैं किन्‍तु खाद सहकारी समितियों में न आकर या तो खुले बाजार में दुकानदारों को बेच दी जाती है या सीमावर्ती राज्‍यों में खुले बाजारों में बेच दी जाती है? यदि हाँ, तो शासन ने इसे रोकने के क्‍या उपाय किये हैं? (ग) क्‍या शासन संचार माध्‍यम जैसे एफ.एम.रेडियों, टेलीविजन तथा समाचार पत्रों के माध्‍यम से किसानों को सलाह देगा कि अधिक रेट में खाद बेचने वाले दुकानदारों की शिकायत करें तथा उनसे पक्‍का बिल लें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास विभाग में प्रश्‍नांश (ख) के संबंध में कोई शिकायत प्रकाश में नहीं आई है। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है। (ग) उर्वरक संबंधी शिकायत हेतु म.प्र. राज्‍य सहकारी विपणन संघ में काल सेन्‍टर स्‍थापित किया गया है (फोन नं.-0755 2678403)। किसानों को जिला स्‍तर पर समाचार पत्रों, सोशल मीडिया आदि से जानकारी दी जाती है।

अनुविभागीय अधिकारी के पद का प्रभार

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

31. ( क्र. 198 ) श्री रामलाल मालवीय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन जिला सहित मध्यप्रदेश में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा में कितने उपसंभाग हैं और उनके अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कितने स्वीकृत पद हैं? जिलावार बतावें। (ख) स्वीकृत पदों पर वर्तमान में अनुविभागीय अधिकारी के पद पर क्या सहायक यंत्री/उपयंत्रियों को प्रभार दिया गया है? जिलावार बतावें। (ग) क्या अनुविभागीय अधिकारी का प्रभार सौंपे जाने पर म.प्र. शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का आदेश क्र. 3552 दिनांक 20.06.2018 का पालन किया गया है? यदि नहीं तो क्यों? इसके लिए दोषी कौन है? यदि है, तो दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही कब तक होगी?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) उज्जैन जिला सहित मध्यप्रदेश में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा में 182 उपसंभाग हैं और उनके अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के 182 पद स्वीकृत हैं जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) अनुविभागीय अधिकारी का प्रभार सौंपे जाने के संबंध में आदेश क्रमांक 3557 दिनांक 20.06.2018 जारी किया गया एवं पालन किया गया था। तत्‍पश्‍चात ग्रामीण यांत्रिकी सेवा में सहायक यंत्रियों की सेवानिवृत्ति तथा पदोन्‍नति/नियुक्तियां न होने से हुई कमी एवं स्‍थानीय परिस्थितियों को दृष्टिगत जनहित में कार्य सुचारू रूप से चलाने हेतु स्‍थानीय स्‍तर पर वरिष्‍ठ उपयंत्रियों को भी प्रभार दिया गया। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

जीर्ण शीर्ण स्कूल भवनों की मरम्मत एवं बाउंड्रीवाल निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

32. ( क्र. 199 ) श्री रामलाल मालवीय : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन जिले की घट्टिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ऐसे कितने स्कूल भवन हैं जिनमें मरम्मत कार्य व बाउंड्रीवाल निर्माण कार्य कराया जाना आवश्यक है? उनके नाम बतावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार स्कूल भवनों में मरम्मत कार्य के अभाव में भवनों की जीर्ण शीर्ण स्थिति के कारण यदि दुर्घटना घटित होती है और इसकी चपेट में छात्र-छात्राएं आती हैं तो इसके लिए कौन जवाब देह होगा? (ग) उज्जैन जिले में स्कूलों की बाउंड्रीवाल के अभाव में विद्यालयों में पशुओं के बांधने व अपराधियों तथा शराबियों के द्वारा अनैतिक कार्य होने की शिकायतें समाचार पत्रों में छपने के बाद विभाग द्वारा क्या कार्रवाई की गई? (घ) उज्जैन जिले में स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत कहाँ-कहाँ पर और कौन-कौन से स्कूल भवन अपूर्ण हैं? अपूर्ण होने का कारण क्या है और इनको कब तक पूर्ण कर लिया जाएगा?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) उज्‍जैन जिले की घटिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 179 प्राथमिक/माध्‍यमिक शाला भवनों की मरम्‍मत एवं 259 शालाओं में बाउण्‍ड्रीवाल का निमार्ण कार्य कराया जाना आवश्‍यक है। विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार। प्रश्‍नाधीन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 16 हाईस्‍कूल एवं 18 हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल संचालित है। इनमें मरम्‍मत कार्य की आवश्‍यकता नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार। (ख) छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु जीर्ण-शीर्ण शाला भवनों में कक्षाएं संचालित नहीं किए जाने के निर्देश दिनांक 28.06.2022 द्वारा समस्‍त शाला प्रभारी को जारी किए जा चुके है। हाई एवं हायर सेकेण्‍डरी जीर्ण-शीर्ण भवनों में कक्षाएं संचालित नहीं किए जाने के निर्देश है। मरम्‍मत योग्‍य भवनों में जिले से प्राप्‍त प्रस्‍ताव अनुसार आवंटन दिया जाता है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (ग) इस प्रकार की कोई शिकायत विभाग के संज्ञान में नहीं है। (घ) उज्जैन जिले में 76 शाला भवन अपूर्ण है। अपूर्ण रहने के कारण सहित शालावार सूची पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार। हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -द अनुसार।

प्रधानमंत्री फसल बीमा राशि का वितरण

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

33. ( क्र. 212 ) श्री मुकेश रावत (पटेल) : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अलीराजपुर जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा के तहत वर्ष 2017 से जून 2022 तक खरीफ तथा रबी की फसल में कितने-कितने कृषकों का बीमा किया गया? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार अलीराजपुर जिले में किस-किस बीमा एजेन्‍सी को किन-किन शर्तों पर अनुबंधित किया गया? अनुबंध की प्रति देवें तथा बतावें कि इन एजेन्सियों को बीमा शुल्‍क के रूप में कुल कितनी-कितनी राशि दी गई? उसमें कृषक केन्‍द्र शासन तथा राज्‍य शासन की राशि कितनी-कितनी है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार किस-किस एजेन्‍सी ने कितने-कितने कृषकों को कुल मिलाकर कितनी बीमा राशि का क्‍लेम प्रदान किया? कृषकों की सूची देवें l

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) अलीराजपुर जिले में वर्ष 2017, 2018, 2020 एवं 2021 में एग्रीकल्‍चर इंश्‍योरेंस कंपनी इंडिया लि. को निविदा के आधार पर चयनित किया गया। वर्ष 2019 में इफको टोकियो जनरल इंश्‍योरेंस कंपनी लि. को निविदा के आधार पर चयनित किया गया। एजेन्सियों को प्राप्‍त प्रीमियम राशि की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-एक अनुसार है। वर्ष 2017, 2018 एवं 2019 की निविदा शर्तों की प्रति तथा वर्ष 2020 वर्ष 2021 के अनुबंध की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-दो अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है।

किसानों को यूरिया वितरण में अव्यवस्था

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

34. ( क्र. 222 ) श्री महेश परमार : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश और उज्जैन ज़िले कि सभी विधानसभा क्षेत्रों में किसानों को यूरिया समय पर नहीं मिलने के कारण परेशानियों और अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है? (ख) क्या यूरिया कि समस्या को लेकर आए दिन समाचार पत्रों में प्रकाशित हो रही अव्‍यवस्‍थाओं पर जनसम्पर्क विभाग से सूचना प्राप्त होने पर आपके विभाग ने तुरंत कोई कार्यवाही की है जिससे किसानों को परेशानियों का सामना ना करना पड़े? यदि हाँ, तो प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। (ग) क्या प्रदेश की वर्तमान सरकार ने समय पूर्व प्रतिवर्ष यूरिया कि समस्या को देखते हुए पर्याप्त भंडारण नहीं किया था? यदि किया था तो समाचार पत्रों की खबरों से किसानों की परेशानियों को दूर करने के लिए अव्यवस्था के लिए किन-किन अधिकारियों को दोषी मानकर कार्यवाही की गयी? प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। यदि कार्यवाही नहीं की गयी है तो क्या सरकार यूरिया की कमी को स्वीकार करेगी? इस अनदेखी के लिए सरकार किसानों के हित में क्या निर्णय लेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) अक्‍टूबर माह में वर्षा होने से कृषकों की गेहूँ फसल की बुआई में रूझान बढ़ने से गेहूँ फसल के रकबे में बढ़ोत्‍तरी होने के कारण उर्वरक की मांग बढने पर उर्वरक विक्रय केन्‍द्रों पर कृ‍षकों की भीड़ होने से प्रशासन द्वारा सुव्‍यवस्थि‍त तरीके से उर्वरक का वितरण करवाया गया है, ताकि कृ‍षकों को अनावश्‍यक परेशानी का सामना न करना पड़े। (ख) उर्वरक विक्रय केन्‍द्रों पर किसानों की भीड़ होने की जानकारी प्राप्‍त होने पर जिला प्रशासन द्वारा कृषकों की छाया, बैठक तथा पेयजल की व्‍यवस्‍था कराते हुए सुव्‍यवस्‍थित तरीके से उर्वरक का वितरण कराया गया है, ताकि कृषकों को अनावश्‍यक परेशानी का सामना न करना पड़े। (ग) जी नहीं, उपलब्‍धतानुसार समय-समय पर प्रदेश में निरंतर उर्वरक आपूर्ति कराई गई है। अक्‍टूबर माह में वर्षा होने से कृषकों की गेहूँ फसल की बुआई में रूझान बढ़ने से गेहूँ फसल के रकबे में बढ़ोत्‍तरी होने के कारण उर्वरक की मांग बढ़ने पर उर्वरक विक्रय केन्‍द्रों पर कृ‍षकों की भीड़ होने से प्रशासन द्वारा सुव्‍यवस्थि‍त तरीके से उर्वरक का वितरण करवाया गया है, ताकि कृ‍षकों को अनावश्‍यक परेशानी का सामना न करना पड़े। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

निर्विरोध ग्राम पंचायतों हेतु की गई घोषणा

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

35. ( क्र. 223 ) श्री रामचन्‍द्र दांगी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा निर्विरोध चुनी हुई पंचायतों एवं निर्विरोध चुनी गई महिला सरपंच पंचायतों के लिए राशि देने की घोषणा की थी? (ख) यदि हाँ, तो महिला निर्विरोध पंचायतों को कितनी राशि एवं सामान्य निर्विरोध पंचायतों को कितनी राशि की घोषणा की गई थी व कब तक राशि‍ प्रदाय की जाएगी? (ग) मध्य प्रदेश की किन-किन ग्राम पंचायतों को उक्त राशि जारी की जा चुकी है? सूची उपलब्ध करवाएं। यदि नहीं तो कब तक राशि उपलब्ध की जाएगी? (घ) राजगढ़ जिले में कितनी महिला निर्विरोध पंचायत व कितनी सामान्य निर्विरोध पंचायत हैं?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है, यथाशीघ्र राशि प्रदाय की जाएगी। (ग) राशि जारी करने की कार्यवाही प्रचलन में है। समय-सीमा बताना संभव नहीं। (घ) राजगढ़ जिले में 03 ऐसी ग्राम पंचायतें हैं जहॉ सरपंच एवं पंच के सभी पदों पर महिलाओं का निर्वाचन निर्विरोध हुआ है तथा 03 ऐसी ग्राम पंचायतें हैं जहां सरपंच तथा सभी पंच निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं।

परिशिष्ट - "दस"

रबी फसल हेतु खाद व बीज की उपलब्धता

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

36. ( क्र. 226 ) श्री रामचन्‍द्र दांगी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राजगढ़ जिले में रबी फसल हेतु पर्याप्त मात्रा में खाद की उपलब्धता कराई गई थी? यदि हाँ, तो खाद के लिए प्रतिदिन किसानों को क्यों परेशान होना पड़ा? क्या कारण रहा? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार यदि नहीं तो व्यवस्था पूर्व से सुनिश्चित क्यों नहीं की गई? राजगढ़ जिले में क्या खाद के लिए लम्बी कतारों व पुलिस की निगरानी में खाद दिया गया है, क्यों? रबी फसल हेतु विधानसभावार कितनाकितना खाद व बीज उपलब्ध कराया गया था? (ग) क्या राजगढ़ जिले में माह अक्टूबर-नवम्‍बर 2022 में मीडिया व प्रिंट मीडिया द्वारा खाद की किल्लत को बताया गया था? यदि हाँ, तो खाद की कमी व किसानों को हुई परेशानियों का कौन जिम्मेदार है? (घ) ब्यावरा विधानसभा में रबी फसल हेतु कितना कितना खाद व बीज उपलब्ध कराया गया था? भविष्य में खाद की कमी को लेकर कोई कार्य योजना बनाई जा सकती है? यदि हाँ, तो क्या?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) जी हाँ, अक्‍टूबर माह में वर्षा होने से कृषकों द्वारा गेहूँ फसल बुआई करने में रूझान होने से गेहूँ फसल के रकबे में बढ़ोत्‍तरी होने पर उर्वरक की मांग बढ़ी है। मांग बढ़ने पर वितरण केन्‍द्रों पर कृ‍षकों की भीड़ होने से प्रशासन द्वारा सुव्‍यवस्थित तरीके से उर्वरक का वितरण करवाया गया है, ताकि कृषकों को अनावश्‍यक परेशानी का सामना न करना पड़े। (ख) अक्‍टूबर माह में वर्षा होने से कृषकों में गेंहूँ फसल की बुआई में रूझान बढ़ने से गेहूँ फसल के रकबे में बढ़ोत्‍तरी होने के कारण उर्वरक की मांग बढने पर उर्वरक विक्रय केन्‍द्रों पर कृषकों की भीड़ होने से प्रशासन द्वारा सुव्‍यवस्थित तरीके से उर्वरक का वितरण करवाया गया है, ताकि कृ‍षकों को अनावश्‍यक परेशानी का सामना न करना पड़े। शेष प्रश्‍नांश की  जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट  के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जी हाँ, मीडिया और प्रिन्ट के कुछ रिपोर्ट ही सही थे। बढ़ी हुई मांग अनुसार आपूर्ति की गई है और कोई किसान खाद से वंचित नहीं हुआ है। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (घ) ब्‍यावरा विकासखण्‍ड को वर्तमान में उपलब्‍ध कराया गया उर्वरक व बीज की  जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट  के प्रपत्र- 2 अनुसार है। उर्वरक की कमी नहीं होने से कोई कार्ययोजना बनाया जाना प्रस्‍तावित नहीं है।

परिशिष्ट - "ग्यारह"

शैक्षणिक संवर्ग नया सेटअप तैयार किया जाना

[स्कूल शिक्षा]

37. ( क्र. 232 ) श्री महेश परमार : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कारण है कि 04 साल 05 माह प्रश्‍न दिनांक तक पूर्ण होने के बाद भी सर्व शिक्षा अभियान मिशन ने मंत्री परिषद के आदेश क्रमांक 31 एवं 05 जून 2018 की नीति पर कार्य करते हुए अभी तक नया सेटअप तैयार नहीं किया है? यदि किया है तो सेटअप कि प्रति उपलब्ध कराते हुए संबंधित सभी निर्देशों की प्रतियाँ देवें। (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) के अनुसरण में लापरवाही बरती गयी है तो लापरवाही के लिए शासन किन-किन अधिकारियों पर कार्यवाही करेगा और कब तक करेगा? (ग) क्या कर्मचारी हित में सरकार प्रशासनिक अमले की इस नाकामी पर दोषी प्रशासनिक अधिकारियों को लापरवाही बरतने एवं मंत्री‍ परिषद के निर्णय की अवेहलना पर आचरण के नियमावली अनुसार कार्यवाही करेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) संविदा कर्मचारियों के हित में नियमित पदों पर नियुक्ति शासन की नीति अनुसार कब तक दी जाएंगी? प्रमाण सहित जवाब प्रस्तुत करें।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) नया सेटेअप तैयार नहीं किया जाना है अपितु भर्ती नियम में संशोधन किया जाना है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश '''' के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। विभाग द्वारा गैर-शैक्षणिक संवर्ग की सीधी भर्ती किये जाते समय नीति अनुसार लाभ दिया जाएगा। फिलहाल अभी सीधी भर्ती विचाराधीन नहीं है।

उर्वरकों एवं खाद्यान्न का भण्डारण

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

38. ( क्र. 233 ) श्री संजीव सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्ड जिले के अंतर्गत रबी फसलों हेतु यूरिया, डीएपी, एनपीके उर्वरकों का कितना भण्डारण किया गया? विवरण सहित जानकारी बतावें। (ख) यदि शासन द्वारा पर्याप्त मात्रा में खाद्य का भण्डारण किया गया तो किसानों को खाद्य क्यों नहीं उपलब्ध हो पा रहा है? (ग) यदि शासन द्वारा खाद्य का भण्डारण किया गया तो दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लापरवाही के कारण किसानों को दर-दर भटकना पड़ा, इस हेतु दोषियों पर कब तक कार्यवाही की जावेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) किसानों की मांग अनुसार किसानों को सुगमता से उर्वरक उपलब्‍ध कराया जा रहा है। (ग) भिण्‍ड जिले में आवश्‍यकतानुसार पर्याप्‍त मात्रा में उर्वरक का भण्‍डारण कराया गया है। अत: शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है।

परिशिष्ट - "बारह"

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

39. ( क्र. 240 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कारण है कि तहसील जवा अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्राम अन्दवां से बरेती पहुंच मार्ग जो कि वाया रिमारी निर्मित होना था अधूरा पड़ा हुआ है? इसी तरह प्रधानमंत्री ग्राम सड़क हरदोली रोड में नाले के पास का मार्ग अधूरा होने का क्या कारण है? (ख) उक्त मार्ग में कहाँ-कहाँ पर कितने किलोमीटर का मार्ग अपूर्ण है? अपूर्ण मार्ग का निर्माण कब तक पूर्ण करा लिया जावेगा? (ग) विकासखण्ड जवा अंतर्गत कुल ऐसे कितने निर्माण कार्य हैं जो अधूरे पड़े हुए हैं? मार्गों का विवरण, अधूरे मार्गों की दूरी तथा कारण बतावे। ऐसे अधूरे निर्माण कार्य कब तक विभाग के द्वारा पूर्ण करा लिये जावेंगे?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जी नहीं, ग्राम अन्दवां से बरेती पहुंच मार्ग वाया रिमारी मार्ग प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अन्तर्गत स्वीकृत नहीं हुआ था, वस्तुतः बरेती ग्राम की संपर्कता हेतु प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत पैकेज क्रमांक एमपी 3266 में मार्ग बराह डभौरा रोड (अन्दवां) से बरेतीकलां मार्ग लम्बाई 3.70 कि.मी. मार्ग स्वीकृति था। इस मार्ग के आरडी 0 से 350 मीटर (350 मीटर) में निजी स्वत्व का भूमि विवाद के कारण इस विवादित अंश भाग को छोड़कर (सक्षम स्वीकृति मुख्यालय से प्राप्त कर) यह कार्य दिनांक 01.10.2013 को पूर्ण किया गया है। इसी प्रकार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अन्तर्गत पैकेज क्रमांक एमपी 3231 अन्तर्गत हरदोली से डभौरा मार्ग लम्बाई 12.35 कि.मी. स्वीकृत था, इस मार्ग के आरडी 7300 से 7500 (200 मीटर) में निजी स्वत्व की भूमि विवाद के कारण इस विवादित अंश को छोड़कर (सक्षम स्वीकृति मुख्यालय से प्राप्त कर) यह कार्य दिनांक 31.03.2012 को पूर्ण किया गया है। (ख) मार्ग बराह डभौरा रोड (अन्दवां) से बरेतीकलां मार्ग के आरडी 0 से 350 मीटर (लंबाई 350 मीटर) में निजी स्वत्व का भूमि विवाद के कारण कार्य नहीं किया जा सका था। हरदोली से डभौरा मार्ग के आरडी 7300 से 7500 (लंबाई 200 मीटर) में निजी स्वत्व की भूमि विवाद के कारण कार्य नहीं किया जा सका था। दोनों मार्गों के शेष भाग के विलोपन की अनुमति प्राप्त होने के पश्‍चात् पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी किये गये है, अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी संलग्न  परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "तेरह"

ग्राम सड़क योजना के तहत मार्ग निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

40. ( क्र. 241 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जनपद पंचायत जवा के अधीन ग्राम महिलो 444 में सुदूर ग्राम सड़क योजना के तहत मार्ग निर्माण कराया गया है? यदि हाँ, तो मार्ग निर्माण की दूरी एवं लागत कितनी थी? (ख) क्या उक्त मार्ग निर्माण कार्य पूर्ण करा लिया गया है? यदि हाँ, तो उक्त मार्ग के घटिया निर्माण की जाँच क्या पृथक एजेंसी से कराई जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जी हाँ। ग्राम महिलों 444 ग्राम पंचायत डगडैया, जनपद पंचायत जवा, जिला रीवा में सुदूर सड़क योजना के तहत 2.2 कि.मी. राशि रू. 24.96 लाख की सड़क स्वीकृत की गई है। (ख) जी नहीं। जनपद पंचायत जवा के अंतर्गत ग्राम महिलों 444 में वर्तमान में कार्य प्रगतिरत हैं। सरफेस कोर्स का कार्य शेष है। जिले से प्राप्‍त प्रतिवेदन अनुसार कार्य की जांच करायी गयी, कार्य की गुणवत्‍ता संतोषजनक। शेष प्रश्‍न उत्पन्न नहीं होता है।

निर्माण कार्यों की जानकारी

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

41. ( क्र. 250 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क्र) जनपद पंचायत भितरवार एवं बरई में 1 अप्रैल 2021 से प्रश्‍नांकितअवधि तक कौन-कौन से निर्माण कार्य स्वीकृत किये गये हैं? स्वीकृत राशि, व्यय राशि, कितने कार्य पूर्ण हुए, कितने अपूर्ण हैं तथा कितने अप्रारंभ हैं? स्वीकृत राशि सहित ग्राम पंचायतवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) ग्वालियर जिले की भितरवार एवं बरई जनपद में कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी किन-किन कार्यालय तथा ग्राम पंचायतों में पदस्थ हैं? कर्मचारी का नाम, पद, पदस्थापना दिनांक, मुख्यालय,सहित सम्पूर्ण जानकारी दें। भितरवार एवं बरई जनपद पंचायत की ऐसी कौन-कौन सी पंचायतें हैं जहां सचिव तथा सहायक सचिव के पद रिक्त हैं इन रिक्त पदों पर वर्तमान में क्या व्यवस्था कर किस-किस कर्मचारी को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - '''' पर है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - '''' एवं '''' पर है।

कृषि उपज मण्डियों में कराये गये निर्माण कार्य

[किसान कल्याण एवं कृषि विकास]

42. ( क्र. 251 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले की कृषि उपज मण्डी समितियों में 1 जनवरी 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक क्या-क्या निर्माण कार्य, किस-किस निधि से कितनी-कितनी लागत से किस-किस स्थान पर किस-किस कर्मचारी, अधिकारी/यंत्री के सुपरवि‍जन में कराये गये हैं तथा कराये जा रहे हैं? कार्यों की प्रश्‍न दिनांक में भौतिक तथा वित्तीय स्थिति क्या है? (ख) ग्वालियर जिले के मण्डी कार्यालयों में एवं जिले में संचालित किस-किस मण्डी में कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी पदस्थ है? उनका नाम, पद, पद स्थापना दिनांक, मुख्यालय की जानकारी दें। इन मण्डियों में एवं कार्यालयों में कितने-कितने पद किस-किस स्तर के कर्मचारियों/अधिकारियों के स्‍वीकृत हैं? उनमें कितने पद भरे हैं तथा कितने पद रिक्त हैं? इन रिक्त पदों को कब तक भर लिया जावेगा? एक निश्चित समय-सीमा बतावें। (ग) ग्वालियर जिले में 1 अक्टूबर 2017 से पूर्व के कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी पदस्थ हैं जिनको जिले में 5 वर्ष या अधिक हो गये हैं उनका नाम, पद, पद स्थापना स्थान, पद स्थापना दिनांक देवें। क्या इतनी लम्बी अवधि तक पदस्थ कर्मचारियों को जिले से बाहर स्थानान्तरण किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं तो क्यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री कमल पटेल ) : (क) ग्‍वालियर जिले की कृषि उपज मण्‍डी समितियों में 01 जनवरी 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक निर्माण कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-   अनुसार है। (ख) ग्‍वालियर जिले के अन्‍तर्गत संचालित कृषि उपज मण्‍डी समिति लश्‍कर, डबरा, भितरवार में पदस्‍थ कर्मचारियों/अधिकारियों के नाम, पद, पदस्‍थापना दिनांक एवं मुख्‍यालय की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-   अनुसार है। इन मण्‍डी कार्यालयों में स्‍वीकृत, भरे एवं रिक्‍त पदों की संवर्गवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-स अनुसार है। रिक्‍त पदों की पूर्ति करने के लिए निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में 2017 से पूर्व के पदस्‍थ कर्मचारियों/अधिकारियों के नाम, पद, पदस्‍थापना स्‍थान, स्‍थापना दिनांक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-द अनुसार है। जी नहीं, मण्डियों में पदस्‍थ मण्‍डी बोर्ड के कर्मचारियों/अधिकारियों को प्रशासनिक एवं कार्य की आवश्‍यकता को दृष्टिगत रखते हुए स्‍थानान्‍तरण किये जाते है। मंडी समिति के कर्मचारियों का स्‍थानांतरण का प्रावधान नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

नवीन शा.प्रा.वि. विद्यालय की स्‍थापना

[स्कूल शिक्षा]

43. ( क्र. 262 ) श्री सूबेदार सिंह सिकरवार रजौधा : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जौरा विधानसभा में वर्ष 2013 से आज दिनांक तक कितनी अनुदान प्राप्त शालायें शिक्षकों के सेवानिवृत्त हो जाने से बंद हो गयी हैं? (ख) क्या शासन द्वारा अनुदान प्राप्त शालाओं के बंद होने पर उनके स्थान पर नवीन शासकीय प्राथमिक विद्यालय खोलने की कोई कार्यवाही की है? यदि कार्यवाही की गयी है तो कितनी अनुदान प्राप्त शालाओं के स्थान नवीन शासकीय प्राथमिक विद्यालय खोले गये हैं? यदि हाँ, तो कहां-कहां पर? यदि नहीं तो शासन द्वारा कब तक नवीन शासकीय प्राथमिक विद्यालय खोले जावेंगे?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जिला मुरैना के विधानसभा जौरा में वर्ष 2013 से आज दिनांक तक कुल 34 अनुदान प्राप्‍त शालाएं, शिक्षकों के सेवानिवृत्‍त हो जाने से बंद हो चुकी है। (ख) जी हाँ। 09 प्राथमिक शाला को संचालन की स्‍वीकृति प्रदान की गई है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

शासकीय हाई स्कूल भवन निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

44. ( क्र. 263 ) श्री सूबेदार सिंह सिकरवार रजौधा : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जौरा विधानसभा में शासन द्वारा शासकीय माध्यमिक विद्यालय से नवीन शासकीय हाई स्कूल भर्रा व विलगांव किस वर्ष में उन्नयन किये एवं दोनों शासकीय हाई स्कूलों के लिए आज दिनांक तक शासन द्वारा भवन निर्माण न करा पाने के क्या कारण हैं? अद्यतन स्थिति से अवगत करावें। (ख) वर्तमान में इन दोनों विद्यालयों का संचालन कहां पर किया जा रहा है? क्या बच्चों के लिए बैठने हेतु पर्याप्त जगह उपलब्ध है? अद्यतन स्थिति से अवगत करावे। (ग) क्या दोनों शासकीय हाई स्कूलों के भवन निर्माण हेतु कोई जगह चिन्हित की गयी है एवं भवन निर्माण हेतु विभाग द्वारा मद राशि आवंटित की गयी है? यदि हाँ, तो कहां और कितनी? (घ) प्रश्‍नांश (क) (ख), (ग) के परिप्रेक्ष्य में दोनों विद्यालयों के भवन निर्माण हेतु कब तक पूर्ति की जावेगी?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) :(क) जौरा विधानसभा अंतर्गत शासकीय माध्यमिक शाला भर्रा का दिनांक 29.01.2018 को एवं शासकीय माध्यमिक शाला बिलगांव का दिनांक 23.05.2018 को हाईस्कूल में उन्नयन किया गया। स्कूल भवन निर्माण बजट की उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर करता है। (ख) प्रश्‍नाधीन हाईस्कूलों का संचालन संबंधित माध्यमिक शाला भवनों में किया जा रहा है। जी हाँ। (ग) सामान्यतः जिन माध्यमिक शालाओं का उन्नयन हाईस्कूल में किया जाता है, उसी परिसर में हाईस्कूल भवन का निर्माण बजट की उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति उपरांत किया जाता है। भवन निर्माण बजट की उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति उपरांत ही होता है। जी नही। शेषांश उद्भूत नहीं होता। (घ) उत्तरांश '''' एवं '' के प्रकाश में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

ग्राम संपर्क एवं खेत सड़क योजना

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

45. ( क्र. 266 ) श्री सुरेश राजे : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत खेत सड़क योजना किस माह से प्रारंभ की गयी तथा किस दिनांक से बंद है? प्रारंभ एवं बंद होने संबंधी शासन आदेशों की सत्यापित प्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार योजना विगत 5 वर्षों से जिला ग्वालियर की जनपद पंचायत डबरा की किस ग्राम पंचायत में कहाँ से कहाँ तक कितने मीटर रोड बनवायी गयी? पंचायतवार प्रत्येक रोड पर कुल कितनी राशि व्यय की गयी तथा प्रत्येक रोड पर कितने मजदूरों को कितने दिन रोजगार मिला? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार जनपद पंचायत डबरा की ग्राम पंचायतों में बनवाए गए मिट्टी-मुरम के रोडों पर वर्षा के कारण गहरे गड्डे हो जाने से वहां आए-दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, क्या इन रोडों की मरम्मत मनरेगा मद की राशि से करवाई जा सकती है? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं तो ग्राम पंचायत की किस मद से यह कार्य करवाया जायेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) महात्‍मा गांधी नरेगा अंतर्गत (सुदूर ग्राम संपर्क एवं खेत सड़क उपयोजना) माह दिसम्‍बर 2013 से प्रारंभ की गयी। निर्देशों की प्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। सुदूर सड़क का कार्य सामग्री मूलक एवं अधोसंरचना निर्माण की श्रेणी में आता है। योजना के प्रावधान अनुसार जिला स्‍तर पर मजदूरी एवं सामग्री अनुपात 60:40 का संधारण तथा अधोसंरचना निर्माण के सभी कार्यों पर कुल 35 प्रतिशत तक व्‍यय किया जाना है। उक्‍त प्रावधान का पालन सुनिश्‍चित करने के लिये सुदूर सड़क के वृहद संख्‍या में अपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराने तथा नवीन कार्य अति आवश्‍यक होने पर राज्‍य स्‍तर से अनुमति लेकर लिये जाने के निर्देश विभाग के पत्र क्र. 3368 दिनांक 10.08.2022 के आधार पर रोक हटाई गई है। विभागीय अनुमति पश्‍चात कार्य किये जा सकेंगे। शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ख) वांछित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। (ग) वार्षिक परिपत्र 2021-22 के 7.7.छ-बारहमासी ग्रामीण सड़क सम्‍पर्क (गैर-पी.एम.जी.एस.वाई. सड़क मानको के लिये निर्मित) के नियमित रख-रखाव और उसके लिए धन की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की होगी। इस प्रयोजन के लिए 14वें वित्त आयोग की निधियों और अन्य राज्य अनुदानों का उपयोग किया जा सकता है तथा मनरेगा अंतर्गत पूर्व में सड़कों का निर्माण कार्य किया गया था वहां पर सीमेंट कंक्रीट (सीसी) सड़क के मामले में कम-से-कम 10 वर्षों के लिए और ग्रेवल/डब्ल्यूबीएम सड़कों के मामले में कम-से-कम 5 वर्षों के लिए महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत सड़क का निर्माण नहीं किया जाएगा। तकनीकी मंजूरी (टीएस) देने वाला प्राधिकरण टीएस दस्तावेजों में इनको सत्यापित और प्रमाणित करेगा। उपर्युक्त वर्ष से पहले सड़क के हिस्से के निर्माण का प्रमाण-पत्र कार्य फाइल का हिस्सा होना चाहिए। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है।

अतिथि शिक्षकों का नियमितीकरण

[स्कूल शिक्षा]

46. ( क्र. 269 ) श्री सुरेश राजे : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण करने पर सरकार का क्या निर्णय है? सरकार अतिथि शिक्षकों को कब तक नियमित करेगी? यदि करेगी तो नियमितीकरण की नीति क्या होगी? (ख) क्या वर्तमान सरकार ने मार्च 2020 से नवंबर 2022 तक किसी कैबिनेट मीटिंग में अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण पर कोई चर्चा या प्रस्ताव पारित किया है? यदि हाँ, तो विवरण प्रदान करेंl (ग) क्या विभागीय स्तर पर कोई निर्णय मंत्रालय ने अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण पर लिया? या कोई नीति तय की? यदि हाँ, तो विवरण प्रदान करेंl

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) म.प्र. राजपत्र स्कूल शिक्षा विभाग के राजपत्र क्र. एफ 1-59/2018/20-1 दिनांक 28 जुलाई 2018 मध्यप्रदेश राज्य स्कूल शिक्षा (शैक्षणिक संवर्ग) सेवा शर्तें एवं भर्ती नियम 2018 के नियम 11 उपनियम (7) (ख) (चार) में उल्लेखित प्रावधान के अनुसार शैक्षणिक संवर्ग अंतर्गत सीधी भर्ती के शिक्षकों के पदों के उपलब्ध रिक्तियों की 25 प्रतिशत रिक्तियां अतिथि शिक्षक वर्ग के लिये आरक्षित की गई है। जिनके द्वारा न्यूनतम तीन शैक्षणिक सत्रों में एवं न्यूनतम 200 दिवस शासकीय विद्यालयों में अतिथि शिक्षक के रूप में अध्यापन कार्य किया गया है। उक्त नियमों के अनुसार कार्यवाही की जा रही है। शेषांश प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) एवं (ग) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

दुकानों के निर्माण में की गई अनियमितता

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

47. ( क्र. 272 ) श्री हर्ष यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा सत्र सितम्बर-2022 के प्रश्‍न क्र.360 के (क) के उत्तर अनुसार जनपद पंचायत केसली द्वारा निर्मित 135 दुकानों के स्थान पर 130 दुकानों की टीएस कराई गई, शेष 05 दुकानों का निर्माण बिना तकनीकी प्राक्कलन के कार्य कराने वाले कौन-कौन से अधिकारी/एजेंसी है, नाम एवं पदनाम सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित अधिकारी/एजेंसी के विरुद्ध विभाग क्या वसूली/अनुशानात्मक कार्यवाही करेगा? यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं तो क्यों? (ग) विधानसभा सत्र सितम्बर-2022 के प्रश्‍न क्र.360 के (ग) के उत्तर अनुसार उत्तर में वर्णित जांच पूर्ण हो चुकी है? यदि हां तो दोषियों के विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई? (घ) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार जनपद पंचायत केसली द्वारा निर्मित कराई गई 135 दुकानों के निर्माण कार्य एवं निर्मित 135 दुकानों में से कितनी दुकानें आवंटित की जा चुकी हैं एवं कितनी शेष हैं? आवंटित दुकानों की नामवार सूची एवं आवंटन की निर्धारित प्रक्रिया से अवगत करावें।

पंचायत मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जनपद पंचायत केसली के अभिलेखों के परीक्षण के अनुसार 130 दुकानों की प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी की गई है एवं 130 ही दुकानों के निर्माण के लिये राशि एजेन्‍सी को प्रदाय की गई है। जिसका मूल्‍यांकन भी हुआ है शेष 05 दुकानों के संबंध में जनपद पंचायत से कोई प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी नहीं की गई है। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। जनपद पंचायत केसली द्वारा निर्मित कराई गई 130 में से 42 दुकानें आवंटित की गई है। सूची संलग्‍न परि‍शिष्‍ट अनुसार है तथा दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया लॉटरी सिस्‍टम से की गई है।

परिशिष्ट - "चौदह"

औद्योगिक प्लाटों का स्थानांतरण

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

48. ( क्र. 276 ) श्री अनिल जैन : क्या औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में उद्योग की भूमि को नामित व्यक्ति द्वारा अन्य व्यक्ति को स्थानांतरण के क्या नियम हैं? (ख) निवाड़ी जिले में वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी-कितनी उद्योग भूमि का कब-कब, कहां-कहां स्थानांतरण किया गया? क्या स्थानांतरण शासन के नियमानुरूप किया गया? क्या दोनों पक्षों ने विभाग को स्थानांतरण हेतु आवेदन किया था? यदि हाँ, तो आवेदन की प्रतिलिपि देवें। (ग) निवाड़ी जिले में वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक उद्योग विभाग की भूमि पर उद्योग के अलावा अधिकारियों की मिलीभगत से अन्य गैर औद्योगिक व्यवसाय कहां-कहां पर चल रहे हैं? इसकी कितनी शिकायतें विभाग को प्राप्त हुई एवं उन पर क्या कार्यवाही की गई? (घ) जिला निवाड़ी अंतर्गत ऐसे कितने औद्योगिक प्लाट हैं जिसमें प्लाट अलॉट किए गए मालिक द्वारा 05 वर्ष या इससे अधिक समय बीत जाने के बावजूद भी किसी प्रकार की कोई भी औद्योगिक इकाई स्थापित नहीं की गई? विभाग के नियमों के मुताबिक औद्योगिक प्लाट अलॉट होने के बाद औद्योगिक इकाई कितने समय में स्थापित हो जानी चाहिए? ऐसे कितने औद्योगिक प्लाट हैं जिनमें समयावधि में इकाई स्थापित न होने से उनके निरस्तीकरण की कार्यवाही की गई?

औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री ( श्री राजवर्धन सिंह प्रेम सिंह दत्‍तीगांव ) : (क) मध्‍यप्रदेश राज्‍य औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम 2019 (यथा संशोधित 2022) में हस्‍तांतरण के प्रावधान उल्‍लेखित है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) निवाड़ी जिले में वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक 52 इकाईयों का हस्‍तांतरण/अंतरण किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। नियमानुसार क्रेता इकाई द्वारा सेलडीड एवं अन्‍य सहपत्रों सहित हस्‍तांतरण हेतु आवेदन पत्र प्रस्‍तुत किया जाता है। जिस पर नियमानुसार हस्‍तांतरण की कार्यवाही की जाती है। (ग) वर्तमान में औद्योगिक क्षेत्र के भूखण्‍डों पर गैर औद्योगिक व्‍यवसाय नहीं चल रहा है तथा इस संबंध में इस कार्यालय में कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है। (घ) जिला निवाड़ी अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्र प्रतापपुरा में एक इकाई में राही ग्रेनुअल्‍स द्वारा भूखण्‍ड आवंटन से 5 वर्ष या अधिक समय बीत जाने के बावजूद इकाई स्‍थापित न करने के कारण इकाई का आवंटन आदेश निरस्‍त किया गया है।

हाई स्कूल एवं माध्यमिक स्कूल का उन्नयन

[स्कूल शिक्षा]

49. ( क्र. 277 ) श्री अनिल जैन : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र निवाड़ी में वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने हाईस्कूल व माध्यमिक स्कूल का उन्नयन हुआ एवं कितने स्कूलों के उन्नयन हेतु प्रस्ताव प्राप्त हुए? उन प्रस्तावों पर क्या-क्या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में ऐसे कितने उन्नयन हुये हाईस्कूल व हायर सेकण्डरी स्कूल हैं, जिनके नवीन भवनों का निर्माण आज दिनांक तक नहीं हुआ है? उक्त स्कूलों के भवनों का निर्माण कब तक कर दिया जावेगा? क्या कारण रहा कि अभी तक उक्त स्कूलों के भवनों का निर्माण नहीं हो पाया?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक प्राप्त प्रस्ताव के क्रम में 13 माध्यमिक शाला से हाईस्कूल में एवं 05 हाईस्कूल का हायर सेकेण्डरी में उन्नयन किया गया है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट-1 अनुसार प्राप्त प्रस्ताव पर परीक्षण उपरान्त मापदण्ड की पूर्ति करने वाली समस्त शालाओं का उन्नयन संभव नहीं हो पाता है। शाला उन्नयन बजट की उपलब्धता तथा सक्षम स्वीकृति पर निर्भर करता है। शाला उन्नयन संबंधी कोई कार्यवाही प्रस्तावित नहीं है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट-02 अनुसार। स्कूल भवनों का निर्माण बजट की उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर है। अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "पंद्रह"

शासकीय शालाओं के भवनों के मरम्मत

[स्कूल शिक्षा]

50. ( क्र. 278 ) श्री धर्मेन्द्र भावसिंह लोधी : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह जिले के जबेरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विकासखंड तेंदूखेड़ा एवं जबेरा में कितने शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक, हाई सेकेण्‍डरी स्कूल के भवन क्षतिग्रस्त हैं तथा कितनी शासकीय शालाओं के परिसर में बाउण्‍ड्रीवॉल नहीं है? शालावार जानकारी प्रदाय करे। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार विकासखंड तेंदूखेड़ा के प्राथमिक शाला पटेरिया, प्राथमिक शाला पतलोनी, प्राथमिक शाला बैलवाड़ा, माध्यमिक शाला मोहरा,माध्यमिक शाला मोहड़, माध्यमिक शाला पोंडी एवं विकासखंड जबेरा में प्राथमिक शाला विजय सागर, प्राथमिक शाला आमघाट, प्राथमिक शाला मनगुआघाट, प्राथमिक शाला पारना, एकीकृत शाला परस्वाहा, एकीकृत शाला साखा, एकीकृत शाला सगरा क्षतिग्रस्त है? क्या ज़र्ज़र हो चुके इन शालाओं के भवन में कक्षाएं संचालित की जा रही हैं जिससे कभी भी दुर्घटना हो सकती है? इन शालाओ की मरम्मत कार्य हेतु क्या कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो किन-किन शालाओं में कितनी राशि प्रदाय की गई है? शालावार जानकारी प्रदाय करें। यदि नहीं तो कब तक मरम्मत कार्य किया é