मध्यप्रदेश विधान सभा
प्रश्नोत्तर-सूची
मार्च, 2025 सत्र
गुरुवार, दिनांक 13 मार्च, 2025
भाग-1
तारांकित
प्रश्नोत्तर
छात्रावासों
में
अधीक्षक/वार्डन
की नियुक्ति
[स्कूल शिक्षा]
1. ( *क्र. 816 ) श्री बृजेन्द्र सिंह यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अशोकनगर जिले में स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत कितने बालक-बालिका छात्रावास संचालित हैं? नाम एवं स्थान सहित जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अंतर्गत कौन-कौन से छात्रावासों में किस-किस अधीक्षक/वार्डन की वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक नियुक्ति की गई है? प्राप्त आवेदनों के तुलनात्मक प्रपत्र एवं नियुक्ति पत्र की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ग) वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक छात्रावासों में अधीक्षक/वार्डन की नियुक्ति हेतु कब-कब विज्ञप्ति जारी की गई है, उसकी छायाप्रति उपलब्ध करावें। (घ) छात्रावासों में अधीक्षक/वार्डन की नियुक्ति के क्या प्रावधान हैं? परिपत्र की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ड.) क्या किसी छात्रावास में अधीक्षक/वार्डन को समय अवधि से अधिक समय तक पदस्थ किया गया है तो क्यों? ऐसी परिस्थिति निर्मित होने के लिये किस अधिकारी/कर्मचारी द्वारा लापरवाही बरती गई है? अगर लापरवाही बरती गई है तो संबंधित पर क्या कार्यवाही की गई है? कार्यवाही आदेश की छायाप्रति उपलब्ध करावें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) एवं (ख) जिला अशोकनगर में स्कूल शिक्षा विभाग (सेकेण्ड्ररी एजुकेशन) अंतर्गत कुल 6 बालक-बालिका छात्रावास संचालित हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' एवं ''ब'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' एवं ''स'' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार है। (ड.) छात्रावासों में 02 वार्डन के परिवर्तन की कार्यवाही हेतु दिनांक 24.02.2025 को नियुक्ति समिति की बैठक आयोजित की गयी है। बैठक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ई'' अनुसार है।
जी.एन.एम. पाठ्यक्रम
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
2. ( *क्र. 1290 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जी.एन.एम. पाठ्यक्रम के छात्र एक ही कक्षा में 3 वर्षों से अध्ययनरत हैं? यदि हाँ, तो क्यों? (ख) यदि हाँ, तो उक्त अध्ययनरत छात्रों का नामांकन करवा कर परीक्षा तिथि कब तक घोषित की जावेगी? (ग) उक्त पाठ्यक्रम या कक्षा में अध्ययनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति दिये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो कितनी-कितनी छात्रवृति का भुगतान किया गया है? (घ) प्रदेश में उत्तीर्ण/रजिस्ट्रेशन हो चुके कितने छात्र-छात्राओं की एन.ओ.सी./माइग्रेशन की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है एवं शेष छात्र-छात्राओं की एन.ओ.सी./माइग्रेशन की प्रक्रिया कब तक पूर्ण कर दी जायेगी? (ड.) प्रश्नांश (घ) के संबंध में शेष छात्र-छात्राओं की एन.ओ.सी./माइग्रेशन की प्रक्रिया क्यों पूर्ण नहीं हुई है एवं इसके लिये कौन-कौन जिम्मेदार है? क्या कार्यवाही की गई?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। माननीय उच्च न्यायालय में प्रकरण प्रचलन होने से लंबित था। (ख) जी हाँ। माननीय न्यायालय द्वारा दिये गये आदेश के अनुपालन में नामांकन किया जाकर परीक्षा की समय-सारणी जारी की जा चुकी है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ग) जी हाँ। छात्रवृत्ति भुगतान संबंधी जानकारी एकत्रित की जा रही है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। एन.ओ.सी./माइग्रेशन सतत् चलने वाली प्रक्रिया है। आवेदन प्राप्ति पर कार्यवाही की जाती है। (ड.) उत्तरांश 'घ' अनुसार शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
भारतीय सार्वजनिक स्वास्थ्य मानक 2012 के मानदण्ड
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
3. ( *क्र. 1239 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन ने भारतीय सार्वजनिक स्वास्थ्य मानक 2012 के न्यूनतम मानदंड में राज्य अनुसार संशोधन कर माना था? यदि हाँ, तो किस-किस मानक में क्या-क्या संशोधन क्यों किये गये? (ख) प्रश्न दिनांक तक प्रदेश के विभिन्न कैटिगरी के चिकित्सालय अनुसार उनकी संख्या तथा इनमें विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ के स्वीकृत, भरे एवं रिक्त पदों की संख्या बताएं? प्रत्येक कैटेगरी के कितने प्रतिशत पद कम है तथा कारण क्या है? इन चिकित्सालय में इलाज के दौरान इंडोर मरीजों के मृत होने की संख्या कितनी-कितनी है? चिकित्सालय की कैटेगरी अनुसार बताएं। (ग) वर्ष 2016 से 2024 तक विभिन्न कैटेगरी के चिकित्सालय में प्रसव तथा प्रसव के दौरान महिलाओं की मृत्यु तथा नवजात शिशु की मृत्यु की संख्या कितनी है तथा कितने प्रतिशत प्रसव ऑपरेशन से हुए? (घ) कैग द्वारा लोक स्वास्थ्य अधोसंरचना पर जारी 2024 के प्रतिवेदन में स्वास्थ्य सेवाओं पर कौन-कौन से निष्कर्ष से शासन सहमत है? (ड.) विधानसभा क्षेत्र जौरा अंतर्गत चिकित्सालय जौरा, कैलारस व समस्त उप-स्वास्थ्य केंद्रों में किस-किस रोग के विशेषज्ञ एवं सामान्य चिकित्सकों के कितने पद स्वीकृत, भरे एवं रिक्त हैं? जौरा एवं कैलारस दोनों चिकित्सालयों में चिकित्सा एवं जाँच हेतु क्या उपकरण होने चाहिये एवं क्या-क्या उपलब्ध हैं? कितने अनुपयोगी एवं बंद हैं? चिकित्सालयवार सूची प्रदान करायें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
धनवाही माइक्रो सिंचाई योजना
[जल संसाधन]
4. ( *क्र. 1417 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मैहर तहसील अंतर्गत किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराये जाने की दृष्टि से कौन-कौन सी लघु उद्वहन सिंचाई योजनायें बनायी गयी हैं? योजनाओं की नामवार, स्थानवार, लागतवार जानकारी दी जावे। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार क्या धनवाही माइक्रो सिंचाई योजना का निर्माण कराया जाना कार्य योजना में सम्मिलित है? यदि हाँ, तो इस योजना का निर्माण कार्य कब तक प्रारंभ किया जावेगा? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार क्या बहुप्रतीक्षित समय के बाद उक्त सिंचाई योजना का निर्माण कार्य प्रारंभ न होने से क्षेत्रीय किसानों का कृषि व्यवसाय प्रभावित है? यदि हाँ, तो क्या अविलंब धनवाही माइक्रो सिंचाई योजना का निर्माण कार्य प्रारंभ किया जावेगा? यदि नहीं, तो क्यों कारण सहित जानकारी दी जावे।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) तहसील मैहर के अन्तर्गत बनाई गई योजनाओं की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ, राशि रू. 53.73 करोड़ का प्रस्ताव साधिकार के समक्ष रखे जाने हेतु प्रक्रियाधीन है। वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी नहीं। वर्तमान में योजना के क्रियान्वयन/स्वीकृति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। प्रशासकीय स्वीकृति उपरांत योजना का क्रियान्वयन संभव है, अतः कृषि प्रभावित होने का प्रश्न नहीं। योजना की प्रशासकीय स्वीकृति के अभाव में कार्य प्रारंभ नहीं किया जा सकता। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
घोड़ारोज की समस्या का निदान
[राजस्व]
5. ( *क्र. 55 ) श्री विपीन जैन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) घोड़ारोज (रोजड़े) से किसानों की फसलों को हो रहे नुकसान से रोकथाम के लिए सरकार द्वारा क्या प्रयास किये जा रहे हैं? (ख) इनके द्वारा प्रतिदिन बढ़ रहे सड़क हादसों की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा क्या प्रभावी कदम उठाये जा रहे हैं?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) वन्य प्राणियों से फसल क्षति होने पर राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 की कण्डिका (11-क) के अंतर्गत ''राजस्व एवं वन ग्रामों में वन्य प्राणियों द्वारा फसल हानि किये जाने की सूचना अथवा प्रभावित व्यक्ति का आवेदन प्राप्त होने पर तहसीलदार यथाशीघ्र स्थल निरीक्षण कर फसल हानि का पंचनामा तैयार करेगा, जिस पर वन विभाग के बीट गार्ड अथवा परिक्षेत्र सहायक, जो भी उपलब्ध हो, से इस बाबत् प्रमाणीकरण प्राप्त करेगा कि फसल हानि वन्य प्राणियों द्वारा की गई है। स्थल निरीक्षण पंचनामा प्रमाणीकरण के उपरान्त सक्षम राजस्व अधिकारी द्वारा परिपत्र के मानदंड अनुसार सहायता राशि स्वीकृत की जायेगी।'' के प्रावधान निहित हैं। (ख) घोड़ारोज (नीलगाय) से सड़क हादसों के रोकथाम के लिये आमजन को जागरूक करने हेतु सड़कों पर स्पीड ब्रेकर एवं सड़क किनारे वन्यजीवों की उपस्थिति के सूचक बोर्ड लगाये गये हैं।
वाहनों के अधिग्रहण में फर्जीवाड़ा
[परिवहन]
6. ( *क्र. 1231 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल एवं शिवपुरी जिला में वर्ष 2016 से 2024 तक मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री के किन-किन जिलों में कितने-कितने कार्यक्रम आयोजित हुए और उन कार्यक्रमों में कितनी राशि खर्च की गयी? परिवहन विभाग द्वारा कितनी-कितनी बसें, किस-किस जिले में अधिग्रहण की गयी और कितनी-कितनी राशि आवंटित की गयी? कितनी राशि का भुगतान किया गया? (ख) भोपाल एवं शिवपुरी जिले में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय भोपाल द्वारा वर्ष 2016 से 2024 तक मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री के विभिन्न कार्यक्रमों के द्वारा कितनी-कितनी राशि व कितनी-कितनी बसे अधिग्रहण की गई? (ग) कोरोना लॉकडाउन के तहत क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय भोपाल एवं शिवपुरी जिले द्वारा कितने-कितने वाहन बसें, मैजिक गाड़ी, लोडिंग एवं सभी प्रकार के ऑटो वाहन लगवाये गये और कितनी धन राशि खर्च की गई, किन-किन फर्मों के खातों में राशि डाली गई? (घ) क्या भोपाल एवं शिवपुरी जिले में "बस अधिग्रहण" में करोड़ों रुपये के फर्जी वाहन नम्बरों पर भुगतान किए जाने की शिकायतें की गई हैं? जिसकी जाँच परिवहन आयुक्त कार्यालय ग्वालियर को भेजी गई, परिवहन आयुक्त कार्यालय ने जाँच हेतु दिनांक 25.09.2019 को दो सदस्यीय टीम गठित की गई, जाँच समिति के दो सदस्यों के नाम एवं पद की जानकारी दें एवं आज तक की गई जाँच के दस्तावेज उपलव्ध करायें एवं दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं फर्जी भुगतान प्राप्त करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, की तो क्यों?
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) भोपाल एवं शिवपुरी जिले में वर्ष 2016 से 2024 तक मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों की जानकारी एवं उक्त कार्यक्रम हेतु संबंधित जिला कलेक्टर द्वारा अधिग्रहित की गई बसों की संख्या की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। कार्यक्रमों में खर्च की गई राशि, आवंटित राशि तथा भुगतान की गई राशि की जानकारी संबंधित कार्यक्रम के नोडल विभाग से उपलब्ध कराने हेतु जिला कलेक्टरों को संबंधित जिलों के परिवहन अधिकारियों द्वारा पत्र जारी किये गये हैं, जानकारी संकलित की जा रही है। (ख) शासकीय कार्यक्रमों हेतु वाहनों का अधिग्रहण संबंधित जिला कलेक्टर द्वारा किया जाता है। भोपाल एवं शिवपुरी जिले में वर्ष 2016 से 2024 तक मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री के विभिन्न कार्यक्रमों हेतु अधिग्रहित की गई बसों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ग) प्रश्न का संबंध कलेक्टर, भोपाल एवं शिवपुरी से है। जानकारी प्राप्त करने हेतु संबंधित जिले के परिवहन अधिकारियों द्वारा कलेक्टरों को पत्र प्रेषित किये गये हैं। पत्र की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (घ) उक्त विषय के संबंध में दो सदस्यीय समिति द्वारा कोई जांच आदेशित होना अथवा जांचाधीन होना नहीं पाया गया। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सिंध नदी पर निर्मित होने वाली जल संरचनायें
[जल संसाधन]
7. ( *क्र. 1058 ) श्री इंजीनियर हरिबाबू राय : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अशोकनगर की सीमा पर बहने वाली सिंध नदी पर कितनी जल संरचनायें निर्माणाधीन प्रस्तावित हैं? जिले का कितना सिंचाई क्षेत्र इन परियोजनाओं से लाभान्वित होगा? कितनी परियोजनाएं किस-किस नाम से निर्माणाधीन/प्रस्तावित हैं? कितने ग्रामों में कितना रकबा कितने कृषक लाभान्वित होंगे? कृपया नाम सहित बतायें। (ख) सिंध नदी पर कौन-कौन से स्थान पर यह परियोजनायें बन रही है? सैंच्य क्षेत्र के साथ योजना का साईट प्लान भी दर्शाकर जानकारी देने की कृपा करें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जिला अशोकनगर की सीमा पर बहने वाली सिंध नदी पर प्रस्तावित जल संरचनाएं, लाभान्वित सिंचाईं क्षेत्र की रकबा एवं कृषकवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) सिंध नदी पर प्रस्तावित/निर्माणाधीन परियोजनाओं के निर्माण स्थल एवं सैंच्य क्षेत्र की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
रिक्त पदों की पूर्ति
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
8. ( *क्र. 1495 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला टीकमगढ़ के सिविल हॉस्पिटल जतारा के लिये एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्यावनी हेतु कितनी-कितनी राशि स्वीकृत की जा चुकी है? कृपया संपूर्ण जानकारी प्रदान करें। (ख) सिविल हॉस्पिटल जतारा के लिये जो भूमि आवंटित हुई थी, पर भवन निर्माण का कार्य क्यों बन्द है? कृपया संपूर्ण जानकारी प्रदान करें एवं जब प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्यावनी का जहाँ भवन निर्माण कराया जा रहा था, जिसके ठीक सामने खुला मुक्तिधाम है, वहाँ क्यों बनाया जा रहा था? ग्रामीणों की मांग के आधार पर अन्य स्थान की भूमि आवंटित कब तक कर दी जावेगी? (ग) जिले में चिकित्सकों एवं अन्य के रिक्त पदों को शासन से कब तक भरकर सिविल हॉस्पिटल जतारा का बन्द पड़ा भवन निर्माण कार्य पुनः चालू कर दिया जावेगा एवं पी.एच.सी. स्यावनी के भवन निर्माण हेतु अन्य स्थान की भूमि कब तक ग्रामीणों को मांग अनुसार आवंटित कर दी जावेगी? विभाग द्वारा प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की गई है?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जिला टीकमगढ़ के सिविल अस्पताल जतारा एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्यावनी हेतु स्वीकृत राशि की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) सिविल अस्पताल जतारा के लिये आवंटित भूमि मत्स्य पालन तालाब अंतर्गत थी, भवन की नींव खुदाई के दौरान अत्यधिक काली मिट्टी एवं साइट तालाब के पास होने से ग्राउण्ड वाटर टेवल ऊपर होने के कारण गड्ढों में लगातार पानी का रिसाव हो रहा था, साइट अस्पताल हेतु उपयुक्त नहीं होने के कारण आवंटित भूमि पर निर्माण नहीं कराया जा रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्यावनी का भवन निर्माण राजस्व विभाग द्वारा आवंटित भूमि पर कराया जा रहा है, प्लिंथ स्तर तक कार्य हो गया है, जिसमें राशि रूपये 12.91 लाख का व्यय हो चुका है। इसके अन्यत्र स्थान पर बनाने की कोई योजना नहीं है। (ग) पद पूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है, निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। वर्तमान 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का पुराना भवन जीर्ण शीर्ण होने के कारण उक्त परिसर में सिविल अस्पताल जतारा का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जायेगा। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्यावनी का भवन निर्माण अन्यत्र स्थान पर कराने की कोई योजना नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सैलाना विधानसभा में शासन को प्रेषित की गई परियोजना
[जल संसाधन]
9. ( *क्र. 1271 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सैलाना विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2016 से प्रश्न दिनांक तक स्वीकृति हेतु वरिष्ठ कार्यालय/शासन को कितनी परियोजना प्रेषित की गई? परियोजना का नाम दर्शाते हुए जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह बतायें कि कितनी योजना स्वीकृत हो गई? स्वीकृत योजनाओं के नाम दर्शाते हुए जानकारी दें कि उत्तर दिनांक तक कितनी योजनाओं पर निविदा आमंत्रित कर ली गई? कितनी योजनाओं पर कार्य प्रारंभ हो गया? (ग) रतलाम जिले में जल संरक्षण की प्रभावी योजना तैयार करने की दिशा में सरकार क्या करने जा रही है? सैलाना विधानसभा में एक बड़ा हिस्सा सूखे और बंजर होने के खतरे से जूझ रहा है? इस हेतु सरकार क्या कार्ययोजना अपनाने जा रही है?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) सैलाना विधान क्षेत्र में वर्ष 2016 से प्रश्न दिनांक तक स्वीकृति हेतु 25 लघु योजनाओं के प्रस्ताव प्रेषित किये गये, जिनमें से 23 योजनाओं की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। विवरण संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र "अ" अनुसार है। (ख) प्रश्नांश 'क' के अनुसार 23 लघु सिंचाई योजनाओं की स्वीकृति प्राप्त है। इन सभी योजनाओं की निविदा आमंत्रित की जाकर 20 योजनाओं के कार्य पूर्ण हो चुके हैं एवं 3 योजनाओं में अनुबंध संपादित किए जा चुके हैं। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र "ब" अनुसार है। (ग) जल संरक्षण के अंतर्गत अति लघु जल संरचनाओं का निर्माण किया जाता है, ऐसी योजनाओं का निर्माण जल संसाधन विभाग द्वारा नहीं कराया जाता है। प्रश्नागत क्षेत्रान्तर्गत जल संसाधन विभाग द्वारा क्रियान्वित योजनाओं की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र "स" अनुसार है, इन योजनाओं से भी जल संरक्षण का कार्य होता है।
स्थाई पट्टों की जानकारी
[राजस्व]
10. ( *क्र. 1023 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या खरगापुर विधान सभा-47 की नायब तहसील कुड़ीला में नायब तहसीलदार कुड़ीला के द्वारा राजस्व प्रकरण क्र.96/अ/10/1984-85 के अनुसार भूमि खसरा क्र. 1/1 रकबा 3,228 का स्थाई पट्टा कौन-कौन से आवेदकों, कृषकों के नाम जारी किया गया था? संपूर्ण जानकारी सहित दस्तावेज उपलब्ध करायें। (ख) क्या जब नायब तहसीलदार कुड़ीला ने स्थाई पट्टा का आदेश जारी किया वह किसान 1984-85 में कितने वर्ष के थे कहाँ के निवासी थे? क्या दोनों आवेदक पति-पत्नी थे तथा नायब तहसीलदार कुड़ीला ने जिनके नाम पट्टा जारी किया, वह न्यायालय में आवेदन देने एवं पट्टे का आदेश लेने आये होगें? स्पष्ट करें। (ग) क्या उक्त बेश कीमती भूमि को पाने हेतु फर्जीवाड़ा किया गया है तथा स्थाई पट्टा प्राप्त करने वाले वाले वर्ष 1984-85 में आवेदक की जन्म तिथि 10.06.1985 तथा आवेदक की पत्नी की उम्र-जन्मतिथि के अनुसार 05.03.1986 है, क्या इस प्रकार का फर्जीवाड़ा करने वालों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा कई पत्र शासन/प्रशासन को जाँच कराये जाने हेतु लिखे गये हैं? प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई तथा इसी आशय के प्रश्न के उत्तर में जी नहीं, जी नहीं, प्रश्न उपस्थित नहीं होता है, बताया गया था। जब पट्टा बनाये जाने की तारीख प्रकरण क्र. प्रश्नकर्ता को प्रश्न के माध्यम से बताया गया तो जी नहीं उत्तर दिया गया क्या प्रश्नकर्ता द्वारा जो प्रकरण क्रमांक दर्शाया है, वह है ही नहीं? यदि प्रकरण क्रमांक गलत है तो सही क्या है? संपूर्ण जानकारी सहित फर्जी पट्टा बनवाने वाले आवेदक पति, पत्नी सहित दण्ड के पात्र हैं? क्या दोनों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) नायब तहसीलदार कुड़ीला के रा.प्र.क्र 96/3-19/1984-85 की राजस्व दायरा पंजी में उक्त नंबर पर श्री सुरेंद्र सिंह तनय चुरामन लोधी, श्रीमती भागवती, पत्नी सुरेंद्र सिंह लोधी के नाम ग्राम रमपुरा, नज.हटा की भूमि ख.नं. 1/3, रकबा 3.228 है. कर भूमि स्वामी स्थायी पट्टा जारी होना लेख किया गया है। फर्जी पट्टों की शिकायत होने पर कमिश्नर द्वारा गठित संयुक्त जाँच दल की रिपोर्ट अनुसार दायरा पंजी से बिना पट्टा जारी हुये अवैधानिक प्रविष्टियां दर्ज की थी, जाँच उपरांत दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध प्राथमिकी थाना बल्देवगढ़ में प्राथमिकी (FIR) 46/2025, दिनांक 08.02.2025 को दर्ज कराई जा चुकी है। प्रश्नानुसार सुरेन्द्र सिंह एवं भागवती लोधी को पट्टा जारी नहीं किया गया है। ख.नं. 1/1 के वर्तमान कम्प्यूटर अभिलेख में ख.नं. 1/1/1 लगायत 1/1/16 तक बटांकन दर्ज है। जिनके किसी भी बटांकन पर श्री सुरेंद्र सिंह तनय चूरामन लोधी एवं श्रीमती भागवती पति सुरेंद्र सिंह लोधी का नाम दर्ज नहीं पाया गया। वर्तमान कम्प्यूटर अभिलेख में ख.नं. 1/3 रकबा 5.878 है. भूमि शासकीय बंजर रूप में दर्ज है। जिस पर संबंधित का नाम दर्ज नहीं पाया गया है। वर्ष 1984-85 की दायरा पंजी के प्र.क्र. 96/3-19/84-85 आदेश दिनांक 30.09.1985 के अनुसार भूमि ख.नं. 1/3 रकबा 3.228 है. भूमि का पट्टा जारी होने का लेख है, जबकि वर्तमान में भूमि ख.नं. 1/3 रकबा 5.878 है. भूमि शासकीय बंजर के रूप में दर्ज है। जिस पर संबंधित के पट्टा जारी होने के संबंध में किसी भी प्रकार की कोई प्रविष्टि अंकित नहीं है। वर्तमान कम्प्यूटर खसरा बी-1 अभिलेख की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। साथ में दायरा पंजी में दर्ज प्रविष्टि की नकल संलग्न है। वर्ष 1984-85 की दायरा पंजी में दर्ज प्र.क्र. 96/3-19/84-85, आदेश दिनांक 30.09.1985 की खोज की गई जो न्यायालय नायब तहसीलदार कुड़ीला/डारगुवां एवं जिला अभिलेखागार टीकमगढ़ में उक्त प्रकरण उपलब्ध नहीं होना पाया गया है। (ख) उत्तरांश 'क' के अनुक्रम में प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ग) शासकीय भूमियों की हेरा-फेरी के संबंध में शिकायत के आधार पर माननीय कमिश्नर सागर संभाग द्वारा गठित संयुक्त जाँच दल की रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण क्रमांक 108/थ-121/24-25, दिनांक 20.02.2025 अनुसार दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध प्राथमिकी सूचना (F.I.R.) क्रमांक 0046/2025, दिनांक 08.02.2025 थाना बल्देवगढ़ में पंजीबद्ध कराया गया है। एफ.आई.आर. की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। (घ) उत्तरांश 'क' एवं 'ख' अनुसार।
स्वास्थ्य केन्द्रों के उन्नयन एवं रिक्त पदों की पूर्ति
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
11. ( *क्र. 1085 ) श्री माधव सिंह (मधु गेहलोत) : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आगर जिला चिकित्सालय व आगर विधानसभा क्षेत्र में कितने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, उप स्वास्थ्य केन्द्र में डॉक्टरों, स्टाफ नर्स एवं अन्य स्टाफ के कितने पद स्वीकृत हैं? स्वास्थ्य केन्द्रवार जानकारी देवें। स्वीकृत पदों के विरूद्ध कितने रिक्त पद हैं? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार आगर विधानसभा स्थित नगर परिषद कानड में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, ग्राम बिजानगरी के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं ग्राम तनोडिया के उप-स्वास्थ्य केन्द्र को उन्नयन किये जाने हेतु विभाग स्तर पर क्या कार्यवाही की जा रही है? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु क्या नगर परिषद कानड, के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, ग्राम बिजानगरी के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा ग्राम तनोडिया के उप-स्वास्थ्य केन्द्र का उन्नयन किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) प्रश्नांश (क) अनुसार रिक्त पदों की पूर्ति कब तक कर दी जावेगी?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) वर्तमान में आगर विधानसभा स्थित नगर परिषद कानड प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, ग्राम बिजानगरी के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं ग्राम तनोडिया के उप स्वास्थ्य केन्द्र को उन्नयन किये जाने हेतु विभाग स्तर पर कोई कार्य योजना प्रस्तावित नहीं है। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) पदपूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है, निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है।
भवन निर्माण एवं रिक्त पद
[स्कूल शिक्षा]
12. ( *क्र. 1352 ) श्री हरी सिंह सप्रे : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र कुरवाई जिला विदिशा में कितने सी.एम. राईज स्कूल स्वीकृत हैं? कितने सी.एम. राईज स्कूल निर्माणाधीन हैं, उक्त स्कूलों का निर्माण किस एजेंसी/ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है? कार्य पूर्ण होने की अनुबंध अवधि कब तक की है? अनुबंध की प्रति एवं ड्रॉईंग की प्रति स्कूलवार उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार कुरवाई विधानसभा क्षेत्र के कितने सी.एम. राईज स्कूलों में छात्र-छात्राओं हेतु परिवहन सुविधा है एवं उक्त परिवहन किस एजेंसी के माध्यम से किया जा रहा है? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार कुरवाई विधानसभा क्षेत्र के सी.एम. राईज स्कूलों में स्टाफ के कितने पद रिक्त हैं? रिक्त पदों के विरूद्ध कितने अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं? रिक्त पदों की पूर्ति कब तक की जावेगी? (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में डांस, संगीत के कितने शिक्षक हैं, कितने पद रिक्त हैं? जानकारी देवें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। पदों की पूर्ति एक सतत् प्रक्रिया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है।
सिल्परा-बेला रिंग रोड अंतर्गत भू-अधिग्रहण
[राजस्व]
13. ( *क्र. 1134 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सिल्परा-बेला रिंग रोड के अंतर्गत किये गये समस्त अधिग्रहण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अनुमोदित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के तहत किया गया है? (ख) ग्राम पंचायत सिल्परा (जिला रीवा) अंतर्गत क्या माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर का कोई ऑर्डर जारी किया गया है एवं उसका पालन किया जा रहा है? (ग) क्या चेनेज 12 + 245 किलोमीटर में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अनुमोदित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के तहत ही अधिग्रहण किया गया है? यदि नहीं, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्यवाही की गयी है? (घ) क्या मुआवजा वितरण पूर्व संबंधितों के बैंक डिटेल्स अथवा आधार नियमों के तहत लिया गया था या बैंक डिटेल्स अथवा आधार का उपयोग पूर्व संबंधितों से आई.टी. एक्ट 2000 एवं आधार की धारा 7 के तहत सहमति ली गयी थी? (ड.) यदि सहमति नहीं ली गयी थी तो क्या यह आई.टी. एक्ट 2000 या आधार की धारा 7 का उल्लंघन नहीं है? यदि उल्लंघन है तो संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गयी है?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। प्रकरण क्र. W.P. No. 11332/2022 वर्तमान में माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में विचाराधीन है। (ग) राष्ट्रीय राजमार्ग क्र. 39 के सिलपरा-बेला खण्ड का निर्माण कार्य अनुमोदित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के अनुसार ही किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) बेला-सिलपरा रिंग रोड के अंतर्गत किये गये अधिग्रहण से संबंधित मूल अवार्ड नस्ती का अवलोकन किया गया। प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि भुगतान हेतु अवार्डधारी द्वारा तत्कालीन भू-अर्जन अधिकारी के समक्ष शपथ पत्र एवं बैंक खाता डिटेल्स स्वयं प्रस्तुत की गई थी। (ड.) उत्तरांश 'घ' के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
राज्य स्तरीय कमेटी का गठन
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
14. ( *क्र. 1448 ) श्री मुकेश टंडन : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या संचालनालय लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, म.प्र. शासन भोपाल के ज्ञाप.क्र. 1940, दिनांक 19.11.2024 एवं ज्ञाप.क्र. 2088, दिनांक 04.12.2024 के माध्यम से जिला अस्पताल विदिशा के तत्कालीन सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक के विरूद्ध विभागीय गतिविधियों के क्रियान्वन में लापरवाही एवं वित्तीय अनियमितता किये जाने संबंधी शिकायतें प्राप्त होने पर जिला स्तरीय कमेटी का गठन कर जाँच करायी गयी? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) प्रश्नांश (क) का उत्तर यदि हाँ, तो जाँच रिपोर्ट प्रस्तुत करें। क्या शासन जाँच रिपोर्ट के आधार पर हुई विभिन्न लापरवाहियों एवं वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में राज्य स्तरीय कमेटी का गठन कर जाँच करायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) कलेक्टर, जिला विदिशा द्वारा उनके आदेश क्रमांक 18028, दिनांक 13.12.2024 द्वारा प्रकरण की जाँच हेतु तीन सदस्यीय जाँच दल का गठन किया गया है। आदेश की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। प्रकरण में जाँच रिपोर्ट अप्राप्त है। (ख) जाँच संबंधी कार्यवाही प्रश्नांश (क) अनुसार पूर्व से ही आदेशित है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
निर्माण कार्यों की जानकारी
[स्कूल शिक्षा]
15. ( *क्र. 1320 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश के आदेश क्रमांक लो.शि.सं./सी/57/2024/549, दिनांक 07.10.2024 को जिला उज्जैन अंतर्गत शासकीय हाई स्कूल बोलखेड़ा नाऊ में 26,71,882/- रुपये राशि की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई थी। उक्त राशि से कौन-कौन से निर्माण कार्य कितनी-कितनी लागत से किसके द्वारा किया गया? टेंडर, निर्माण कंपनी ठेकेदार के नाम सहित संपूर्ण विवरण देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार उक्त निर्माण एजेंसी द्वारा विगत 2 वर्षों में उज्जैन जिले में क्या-क्या कार्य कितनी-कितनी लागत से किये गये हैं? कहाँ-कहाँ कार्य पूर्ण या अपूर्ण हैं? अपूर्ण रहने के क्या कारण हैं? उक्त निर्माण कार्यों का कितना-कितना भुगतान कब-कब किया गया? कितना भुगतान करना शेष है? संपूर्ण विवरण वर्षवार, जिलेवार, विकासखंडवार देवें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी निरंक है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
परीक्षाओं का संचालन
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
16. ( *क्र. 1453 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मार्च 2020 से प्रश्न दिनांक तक विभाग अन्तर्गत लोकायुक्त, सी.बी.आई., ई.ओ.डब्ल्यू., ई.डी. सहित अन्य जाँच एजेन्सियों में कितनी शिकायतें, एफ.आई.आर., किन के विरूद्ध, किन धाराओं में कब दर्ज हुई? संबंधितों के नाम, पदनाम, कार्यालय का नाम, सहित संपूर्ण जानकारी गौशवारा बनाकर बतायें। (ख) उपरोक्त के अनुक्रम में कितने प्रकरणों में लोक अभियोजन की स्वीकृति चाही गई थी? कितने प्रकरणों में प्रदान की गई? कितने प्रकरणों में किन कारणों से लंबित है? (ग) क्या म.प्र. आयुर्विज्ञान वि.वि. जबलपुर एवं म.प्र. नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल के एकेडमी कैलेन्डर जारी किये गये थे? यदि हाँ, तो इसमें वर्णित किन कार्यों को निश्चित समयावधि में पूर्ण किया गया है? कितने कार्य किन कारणों से कब से लंबित हैं? उन पर कब तक कार्यवाही पूर्ण कर ली जायेगी? (घ) प्रश्नांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में वर्ष 2019 से प्रश्न दिनांक तक उपरोक्त संस्थानों में कितने छात्र-छात्राओं को परीक्षाओं के लिये पंजीकृत कर परीक्षा के संचालन की कार्यवाही की गई? जिलेवार, कॉलेजवार पृथक-पृथक बतायें। (ड.) उपरोक्त के अनुक्रम में नर्सिंग काउंसिल से गायब दस्तावेजों, सी.सी.टी.व्ही. फुटेज की शिकायत एवं एफ.आई.आर. की कॉपी और किसके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो क्यों? (च) वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में न्यायालयीन प्रकरणों में किन-किन अधिवक्ताओं को अनुबंधित किया गया? कितने प्रकरणों में किस दर से कब और कितना भुगतान किया गया?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) से (च) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
मत्स्य पालन हेतु जलाशयों/तालाबों का आवंटन
[मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास]
17. ( *क्र. 224 ) श्री ओम प्रकाश धुर्वे : क्या राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला डिण्डौरी के अंर्तगत कितने जलाशय एवं तालाबों को किन 5 समितियों को कब से कब तक के लिये आवंटित किया गया है? विकास खण्डवार बतायें। (ख) प्रश्नांश "क" के अनुसार कितने समितियों के कार्यकाल पूरा होने के उपरान्त भी मत्स्य पालन कर रहे हैं? (ग) उक्त जलाशयों एवं तालाबों में मत्स्य पालन हेतु किन 5 समितियों ने कितनी-कितनी राशि बैंक से लोन के रूप में लिये हैं? उनमें से कितनी-कितनी राशि जमा कर दी गई है? (घ) क्या उक्त जलाशयों के आवंटन में कार्य क्षेत्र से बाहर एवं निजी जमीन तो डूब में नहीं आ रही है? ऐसे कितनी समितियाँ एवं लोगों को जलाशय आवंटित कर दिये गये? इसके लिए दोषी कौन है?
राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास ( श्री नारायण सिंह पंवार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ख) जानकारी निरंक। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। (घ) त्रिस्तरीय पंचायत स्वामित्व के तालाब/जलाशयों के आवंटन कार्यक्षेत्र की सहकारी समितियों को ही दिये गये हैं। मत्स्य पालन नीति निर्देशानुसार मत्स्य पालन समिति का गठन कर जलाशय का अवंटन किया गया है।
लंबित सीमांकन एवं नक्शा तरमीम के प्रकरणों का निराकरण
[राजस्व]
18. ( *क्र. 496 ) श्री दिव्यराज सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या तहसील जवा के अधीन ग्राम डभौरा के कुछ निवासियों के द्वारा आराजी क्रमांक 1105/14, 1105/21 एवं 1105/23 किता 03 रकबा 4.08 एकड़ का नक्शा तरमीम एवं सीमांकन का सशुल्क आवेदन दिनांक 27.09.2016 को जमा कर पावती प्राप्त की गई थी? यदि हाँ, तो क्या कारण है कि 08 वर्षों तक उक्त प्रकरण को लंबित रखा गया है? (ख) क्या उक्त प्रकरण के निराकरण हेतु आवेदकगणों के द्वारा सी.एम. हेल्पलाइन में कुल 09 अलग-अलग तिथियों में शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी है? (ग) क्या कारण है कि आवेदकगणों के द्वारा लगातार अपनी भूमि के सीमांकन एवं नक्शा तरमीम के मामले के निराकरण हेतु बार-बार राजस्व अधिकारियों के समक्ष फरियाद दर्ज कराने के बाद भी कार्यवाही नहीं की गई? क्या विगत 08 वर्षों से लंबित उक्त प्रकरण पर उदासीन अधिकारियों/कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर दण्डित करने की कार्यवाही की जावेगी? इस तरह के लंबित मामलों पर जवाबदेही कब तय होगी? उक्त प्रकरण का कब तक संपूर्ण निराकरण सुनिश्चित हो सकेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी नहीं। नायब तहसीलदार डभौरा से प्राप्त प्रतिवेदन अनुसार ग्राम डभौरा निवासी जगमोहनलाल यादव एवं परिवार के अन्य सदस्यों के द्वारा आराजी क्रमांक 1105/14, 1105/21 एवं 1105/23 किता 03 रकबा 4.08 एकड़ का नक्शा तरमीम एवं सीमांकन आवेदन से संबंधित कोई प्रकरण न्यायालय नायब तहसीलदार डभौरा में प्रकरण दर्ज होना नहीं पाया गया है। (ख) प्रश्नांश ''क'' के अनुसार प्रकरण दर्ज न होने से शिकायतकर्ता द्वारा सी.एम. हेल्पलाईन में शिकायत करने का औचित्य ही नहीं है। शिकायतकर्ता द्वारा 06 शिकायतें सीमांकन की एवं 03 अन्य मद की हैं, जिसमें तत्संबंधित अधिकारियों द्वारा नियमानुसार सी.एम. हेल्पलाईन में जबाव दर्ज किया गया है। (ग) दिनांक 27.09.2016 में आराजी क्रमांक 1105/14, 1105/21 एवं 1105/23 का नक्शा तरमीम एवं सीमांकन से संबंधित कोई प्रकरण दर्ज नहीं है। लंबित प्रकरण पर अधिकारियों/कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर दण्डित करने का प्रश्न ही नहीं उठता है।
मेडिकल कॉलेज की स्थापना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
19. ( *क्र. 1327 ) डॉ. विक्रांत भूरिया : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) झाबुआ जिले में अभी कोई भी मेडिकल कॉलेज संचालित नहीं हो रहा है, विभाग की और से सरकारी मेडिकल कॉलेज निर्माण करने की क्या कार्ययोजना है? कार्ययोजना की आज दिनांक तक की यथास्थिति की संपूर्ण जानकारी प्रदान करें। (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में वर्ष 2024-25 में मेडिकल कॉलेज के सर्वे, निर्माण हेतु कितना बजट रखा गया है?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) वर्तमान में झाबुआ जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने की विभाग की कोई योजना नहीं हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्तरांश (क) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
मंदिर को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाना
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
20. ( *क्र. 1268 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माननीय मुख्यमंत्री कार्यालय के पत्र क्रमांक 114/सी.एम.एस./बी.एच.वाय./2024, दिनांक 14.06.2024 के माध्यम से अमझेरा स्थित माँ अमका झमका मंदिर (रूक्मणी हरणस्थल), राजराजेश्वर मंदिर को तीर्थ के रूप में विकसित करने एवं अमर शहीद महाराव बख्तावर सिंह जी के महल परिसर, लालगढ़ किले का जीर्णोद्धार करने एवं शहीद गैलरी निर्माण के लिए विभाग को प्रेषित किया गया था, उस पर क्या कार्यवाही की गई? समस्त नोटशीट एवं दस्तावेज उपलब्ध करावें। (ख) धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग मध्यप्रदेश के पत्र क्रमांक-747/1186808/2023/68, भोपाल, दिनांक 31.03.2023 के तहत विधानसभा सरदारपुर अंतर्गत ग्राम कुमारियाखेड़ी (भानगढ़) में श्री देवनारायण मंदिर के जीर्णोद्धार के संबंध में जिला कलेक्टर धार से वस्तु स्थिति प्रतिवेदन चाहा गया था? क्या वह प्रतिवेदन विभाग को प्राप्त हुआ? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो पत्रों की कोई समय-सीमा में प्रतिवेदन नहीं भेजने पर क्या दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्यवाही की जायेगी। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार उल्लेखित पत्र का प्रतिवेदन जिला कलेक्टर धार द्वारा भेजने के लिए कोई समय-सीमा तय है? यदि हाँ, तो उसकी प्रति देवें? यदि नहीं, तो 2 वर्ष उपरांत भी प्रतिवेदन नहीं भेजा तो कितने वर्ष में जिला कलेक्टर धार द्वारा प्रतिवेदन भेजा जायेगा। (घ) सरदारपुर विधानसभा में मंदिर जीर्णोद्धार के कितने प्रस्ताव प्राप्त हुए? उन पर क्या कार्यवाही की गई? सरदारपुर विधानसभा में कितने शासकीय मंदिर है, उनमें कितने मंदिरों में जीर्णोद्धार की आवश्यकता है, उसके लिए विभाग की क्या योजना है?
राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) अमझेरा स्थित माँ अमका झमका मंदिर (रूक्मणी हरण स्थल), राजराजेशवर मंदिर एवं अमर शहीद महाराव बख्तावर सिंह जी के महल परिसर, लालगढ़ किला, शहीद गैलरी आदि स्थल जिले के शासन संधारित मंदिरों की सूची में दर्ज नहीं होने से विभाग द्वारा प्रकरण में कार्यवाही किया जाना संभव नहीं है, की स्थिति से मुख्यमंत्री कार्यालय को प्रेषित टीप दिनांक 29.07.2024 द्वारा अवगत कराया गया। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। जी नहीं। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता। कोई अधिकारी-कर्मचारी दोषी नहीं है। (ग) प्रश्नांश 'ख' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उद्भूत नहीं होता। (घ) सरदारपुर विधानसभा के मंदिर जीर्णोद्धार हेतु कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं है। सरदारपुर विधानसभा अंतर्गत कुल 158 मंदिर शासन संधारित हैं। मंदिर के जीर्णोद्धार हेतु कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं है।
पट्टा वितरण अनुसार कब्जा
[राजस्व]
21. ( *क्र. 1481 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत राजस्व एवं वन विभाग से संबंधित भूमि के मामले प्रचलन में है, का विवरण देते हुये बतावें, उनके प्रचलन की अवधि कितने वर्ष हो चुकी, इनके निराकरण बावत् शासन के क्या निर्देश हैं? प्रति देते हुये बतावें। (ख) प्रश्नांश (क) के तारतम्य में राजस्व विभाग के द्वारा जिन किसानों को/संबंधीजनों को पट्टा वितरित किया गया था, लेकिन उन पट्टे की भूमि पर वन विभाग द्वारा कब्जा किया गया है, उनके खाली करके संबंधीजनों को दिये जाने बावत् क्या निर्देश देंगे? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के तारतम्य में अनुविभाग ब्यौहारी में राजस्व की भूमि है, जिनको अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों को पट्टे प्रदान किये गये हैं, का विवरण तहसीलवार देवें। साथ ही यह भी बतावें कि इन प्राप्त पट्टों की आराजी/भूमि पर गैर अनुसूचित जाति एवं जनजाति के कितने लोग काबिज हैं, का विवरण पृथक से राजस्व क्षेत्र ब्यौहारी, मुदरिया, नौढ़िया, कल्हारी, मैर टोला आदि राजस्व ग्रामों की देवें। (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में उल्लेखित तथ्यों अनुसार राजस्व व वन विभाग के लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिये कौन जिम्मेदार है एवं अनुसूचित जाति एवं जनजाति की भूमियों पर गैर लोग जो काबिज हैं, उनको हटाकर जिनको पट्टा प्राप्त है, उनको कब्जा दिलाये जाने बावत् क्या निर्देश देंगे?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) विधानसभा अन्तर्गत तहसील ब्यौहारी एवं अंशभाग जयसिंहनगर में वनभूमि एवं राजस्व भूमि के सीमाअन्तर्गत वनभूमि राजस्व पट्टे की भूमियों से संबंधित शिकायतें प्राप्त हैं। इनकी जाँच तहसीलदार एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी संयुक्त रूप से करके निराकरण की कार्यवाही प्रचलित है। (ख) राजस्व विभाग के द्वारा किसानों को/संबंधित जनों को वितरित किये गये पट्टों पर वन विभाग के द्वारा कब्जा किये जाने के संबंध में प्रकरण तहसील न्यायालय में विचाराधीन है। (ग) राजस्व क्षेत्र ब्यौहारी, मुदरिया, नौढ़िया, कल्हारी, मैरटोला आदि ग्रामों का जाँच कराये जाने पर ग्राम मुदरिया के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति के भूमि पर गैर अनुसूचित जनजाति के 04 व्यक्तियों का कब्जा होना प्रतिवेदित किया गया है। जिस पर प.ह. मुदरिया को विस्तृत जाँच कर भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 170 (ख) के अंतर्गत प्रतिवेदन मय दस्तावेज के साथ प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया है। (घ) उत्तर (क) के अनुसार निरंक है। अनुसूचित जनजाति के भूमिस्वामियों के भूमि पर काबिज व्यक्तियों के विरूद्ध भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 170 (ख) के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।
चिकित्सीय पदों की पूर्ति
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
22. ( *क्र. 1339 ) श्रीमती सेना महेश पटेल : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अलीराजपुर जिले अन्तर्गत जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्य विशेषज्ञ अधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी के पद स्वीकृत हैं? क्या स्वीकृत पद के अनुरूप समस्त पद भरे हुए हैं? यदि नहीं, तो कौन-कौन से पद किस प्रकार के कितने रिक्त हैं? रिक्त पदों की पूर्ति हेतु शासन स्तर से क्या कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो रिक्त पद की पूर्ति की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (ख) जिला अलीराजपुर में कुपोषण, सिकलसेल के कितने मरीज हैं? वर्तमान मरीजों की क्या स्थिति है? स्वास्थ्य विशेषज्ञ अधिकारी की कमी के कारण मरीजों के उपचार हेतु बाहर भेजा जाता है? यदि हाँ, तो क्या उन्हें विशेष रूप से उपचार हेतु शासन स्तर से सहायता प्रदान की जा रही है? यदि हाँ, तो क्या-क्या दी जा रही है? (ग) क्या अलीराजपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधा हेतु वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक आवंटन दिया गया है? यदि हाँ, तो किस प्रयोजन हेतु आवंटन दिया गया? प्राप्त आवंटन का व्यय किया गया है? यदि हाँ, तो किस-किस प्रयोजन में कितना-कितना व्यय किया गया? बिलों के भुगतान की जानकारी उपलब्ध करावें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जिला अलीराजपुर में जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में विशेषज्ञ तथा चिकित्सा अधिकारियों के स्वीकृत, कार्यरत एवं रिक्त पदों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर की संस्थाओं में विशेषज्ञों के पद स्वीकृत नहीं होते हैं। पदपूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है, निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। (ख) जिला अलीराजपुर में एन.आर.सी. में भर्ती कुपोषण के मरीजों की संख्या 1685 है तथा सिकल सेल मरीजों की संख्या 1148 है। शासन निर्देशानुसार सिकल सेल के मरीजों को आयॅरन फोलिक एसिड एवं हाईड्रोक्सी यूरिया दवाई निःशुल्क दी जाती है। आवश्यकता पड़ने पर सिकल सेल मरीजों को निःशुल्क ब्लड ट्रांसफ्यूजन की व्यवस्था जिला चिकित्सालय अलीराजपुर में की जाती है। वर्तमान में जिले में 02 मेडिकल विशेषज्ञ पदस्थ हैं, जिनके द्वारा मरीजों को भर्ती कर उपचार दिया जाता है। गंभीर अवस्था के मरीजों को ही हायर सेंटर शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय/चिकित्सालय में रैफर किया जाता है। शासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप समस्त रोगियों को आवश्यक उपचार प्रदान किया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है।
विभागीय कर्मचारियों की उच्च शिक्षा की पात्रता
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
23. ( *क्र. 293 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के द्वारा एम.पी. आनलाईन के माध्यम से विभागीय कर्मचारियों हेतु पो. बेसिक बी.एस.सी. नर्सिंग एवं मास्टर ऑफ साइंस नर्सिंग हेतु परीक्षा आयोजित की गयी? चयन हेतु कौन से नियम बनाये गये? कौन-कौन चयनित विभागीय कर्मचारी उच्च शिक्षा हेतु पात्र होंगे? (ख) स्वास्थ्य विभाग एवं एम.पी. आनलॉईन तथा म.प्र. नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल भोपाल द्वारा काउंसलिंग के समय विस्तृत दिशा-निर्देश जारी नहीं किये जाने से चयनित नर्सिंग ऑफिसरों द्वारा प्रायवेट नर्सिंग स्कूल एवं नर्सिंग महाविद्यालयों में एडमिशन ले लिया गया है? क्या पूर्व में विभाग द्वारा निर्देश जारी किये गये थे कि विभागीय कर्मचारी सिर्फ शासकीय संस्थाओं से उच्च अध्ययन प्राप्त कर सकते हैं? प्रायवेट संस्था में एडमिशन लेने से हुई आर्थिक हानि की वसूली एवं दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही कब तक की जावेगी? अशासकीय संस्था हेतु चयनित नियमित शासकीय नर्सिंग ऑफिसरों को कब तक शासकीय एवं स्व-शासकीय नर्सिंग स्कूल एवं महाविद्यालयों में उच्च शिक्षा प्रवेश हेतु आदेश जारी किये जावेंगे? विभागीय उच्च अधिकारियों द्वारा नियम बनाकर नर्सिंग केडर को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। यदि हाँ, तो क्यों? (ग) क्या विभाग द्वारा नियम एवं शर्तों के संबंध में राजपत्र/मंत्री परिषद से कोई भी नियम पारित किये गये हैं?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ख) जी नहीं। जी हाँ। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। अशासकीय संस्था हेतु चयनित नियमित शासकीय नर्सिंग ऑफिसरों को उच्च शिक्षा प्रवेश हेतु आदेश जारी करना नियमानुसार प्रावधानित नहीं है। अत: प्रश्न उपस्थित नहीं होता। पूर्वांश के क्रम में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। विभाग द्वारा नियम एवं शर्तों के संबंध में प्रशासकीय अनुमोदन प्राप्त किया गया है।
नीमच सी.एम. राइज विद्यालय के निर्माण में देरी
[स्कूल शिक्षा]
24. ( *क्र. 1284 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता विधायक के तारांकित प्रश्न क्रमांक 726, दिनांक 03.07.2024 के खण्ड ''ग'' में बताया गया है कि भवन निर्माण जनप्रतिनिधियों द्वारा अन्य स्थान पर किए जाने का लेख है, जिसके परीक्षण में समय लग रहा है? यदि हाँ, तो क्या स्थल परीक्षण करवा लिया गया है? प्रगति रिपोर्ट दें। (ख) क्या प्रश्नकर्ता के उक्त प्रश्न के उत्तर में यह कहा गया है कि नीमच शहर स्थित शास. कन्या उ.मा. विद्यालय नीमच केन्ट में पूर्व में भूमि का चयन किया गया था? यदि हाँ, तो क्या सी.एम. राइज स्कूल के मानदंडों के अनुसार आवश्यक भूमि उक्त विद्यालय में उपलब्ध थी/है? यदि नहीं, तो किस समिति ने बिना जनप्रतिनिधियों के इस स्थल का चयन किया? समिति के सदस्यों के नाम बताएं। (ग) क्या मान. मुख्यमंत्री जी एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने केन्द्रीय विद्यालय के पास सी.एम. राईज विद्यालय का भूमि पूजन किया था? इस स्थल पर निर्माण कार्य प्रारंभ न करने का वर्तमान में क्या कारण है?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। स्थल परीक्षण करवा लिया गया है। (ख) जी, हाँ सी.एम. राईज शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नीमच कैंट हेतु 5.9 एकड़ भूमि उपलब्ध थी, जहां पर विभाग द्वारा डी.पी.आर. तैयार करवा कर भवन निर्माण करवाने का निर्णय लिया गया था। (ग) जी हाँ। भूमि पूजन किया गया था। नवीन चिन्हांकित भूमि का स्थल निरीक्षण कर भूमि आवंटन प्रक्रियाधीन है, परंतु विमानन विभाग का पत्र क्र. एफ 3-2/1998/45, दिनांक 21.02.2025 के अनुसार नीमच हवाई पट्टी जो कि चयनित भूमि से लगी हुई है, के विस्तार विकास हेतु सैद्धांतिक पुष्टि हुई है एवं डी.पी.आर. बनाना प्रक्रियाधीन है, जिससे कि हवाई पट्टी से लगी हुई शासकीय भूमियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया है। अत: सी.एम. राईज शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नीमच कैंट हेतु चयनित भूमि आवंटित नहीं की गई।
भू-सर्वेक्षण के संबंध में
[राजस्व]
25. ( *क्र. 1255 ) श्री विवेक विक्की पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले में वर्ष 1914-15 में लगभग 110 वर्ष पूर्व बंदोबस्त हुआ था? म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 एवं भू सर्वेक्षण नियम 2020 में दिये गये प्रावधान अनुसार ग्राम/नगर में नवीन भू सर्वेक्षण कार्य किया जाता है? जिला बालाघाट के अंतर्गत आने वाले ग्राम/नगर में भू सर्वेक्षण किये जाने हेतु म.प्र. भू.रा. संहिता 1959 एवं भू सर्वेक्षण नियम 2020 में दिये गये प्रावधान अनुसार निर्धारित प्रारूप में प्रस्ताव प्राप्त किए जाने की कार्यवाही प्रचलन में है एवं नियमानुसार प्रस्ताव प्राप्त होने पर सर्वेक्षण/पुन:सर्वेक्षण कराया जायेगा? यदि हाँ, तो प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में निर्धारित प्रारूप में कितने प्रस्ताव प्राप्त हुए एवं क्या सर्वेक्षण/पुनःसर्वेक्षण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है? यदि हाँ, तो विस्तृत जानकारी देवें। यदि नहीं, तो क्यों? (ख) क्या आयुक्त भू अभिलेख, म.प्र. द्वारा अपने पत्र क्र. 158/2021/ग्वालियर, दिनांक 16.02.2021 को समस्त कलेक्टर्स को ग्रामीण क्षेत्रों की भूमियों (आबादी को छोड़कर) का सर्वे कराये जाने एवं पत्र क्र. 136/2021/भू.प्र./नगरेत्तर सर्वे/2021 ग्वालियर, दिनांक 07.03.2021 द्वारा समस्त कलेक्टर्स को नगरेत्तर भूमियों (आबादी भूमियों को छोड़कर) सर्वे के संबंध में प्रशिक्षण बावत् निर्देशित किया गया था? यदि हाँ, तो पत्र दिनांक से प्रश्न दिनांक तक कितने प्रशिक्षण कहाँ-कहाँ कराये गये एवं कितने अधिकारी एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया? नाम, पदनाम सूची सहित विवरण देवें। यदि नहीं, तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ, बालाघाट जिले में वर्ष 1914-15 में लगभग 110 वर्ष पूर्व बन्दोबस्त हुआ था। म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 एवं भू सर्वेक्षण नियम 2020 में दिये गये प्रावधान अनुसार ग्राम/नगर में नवीन भू सर्वेक्षण कार्य किया जाता है। जिला बालाघाट के अन्तर्गत आने वाले ग्रामों में भू सर्वेक्षण किये जाने हेतु म.प्र. भू राजस्व संहिता 1959 एवं भू- सर्वेक्षण नियम 2020 में दिये गये प्रावधान अनुसार निर्धारित प्रारूप में कुल 152 राजस्व ग्रामों के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उक्त 152 राजस्व ग्रामों में सर्वेक्षण/पुनः सर्वेक्ष्ण का कार्य प्रारंभ किये जाने हेतु पत्र कमांक/267/अ.भू.अ./रा.नि./नवीन सर्व/2025 बालाघाट दिनांक 24.02.2025 (पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार)। के द्वारा प्रारूप बारह में अनुसूची तैयार कर अधिसूचना प्रकाशन हेतु आयुक्त भू अभिलेख कार्यालय मध्यप्रदेश ग्वालियर को पत्र प्रेषित किया गया है। इसका नियमानुसार परीक्षण कर योग्य अग्रेत्तर कार्यवाही की जायेगी। (ख) जी हाँ, आयुक्त भू अभिलेख कार्यालय म.प्र. के पत्र क्र. 158/2021/ग्वालियर, दिनांक 16.02.2021 से समस्त कलेक्टर्स को ग्रामीण क्षेत्रों की भूमियों (आबादी को छोड़कर) का सर्वे कराये जाने एवं पत्र क्र. 136/2021/भू, प्र./नगरेत्तर सर्वे/2021 ग्वालियर दिनांक 07.03.2021 (पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार) द्वारा समस्त कलेक्टर्स को नगरेत्तर भूमियों (आबादी भूमियों को छोड़कर) सर्वे के संबंध में उपरोक्त पत्रों के द्वारा सर्वेक्षण की कार्यवाही हेतु विस्तृत मार्गदर्शिका एवं राज्य शासन का परिपत्र संलग्न कर निर्देशित किया है। उक्त के पालन में सभी तहसीलों से निर्धारित प्रारूप में प्रस्ताव प्राप्त कर अधिसूचना प्रकाशन हेतु आयुक्त भू अभिलेख मध्यप्रदेश ग्वालियर को पत्र कमांक/267/अ.भू.अ./रा.नि./नवीन सर्वे/2025 बालाघाट दिनांक 24.02.2025 द्वारा अनुसूची संलग्न कर पत्र प्रेषित किया गया है। म.प्र. भू राजस्व संहिता 1959 एवं भू सर्वेक्षण नियम 2020 के प्रावधान अनुसार भू-सर्वेक्षण का प्रारंभ की अधिसूचना प्रकाशन उपरांत प्रशिक्षण आयोजित किये जाने हेतु शासन के निर्देश है। बालाघाट जिले के प्रस्ताव का नियमानुसार परीक्षण कर योग्य अग्रेत्तर कार्यवाही की जायेगी।
भाग-2
नियम
46 (2) के
अंतर्गत
अतारांकित
प्रश्नोत्तर
के रुप में
परिवर्तित
तारांकित
प्रश्नोत्तर
निजी
स्कूलों की
मान्यता
[स्कूल शिक्षा]
1. ( क्र. 10 ) श्री महेश परमार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या स्कूल शिक्षा विभाग में निःशुल्क शिक्षा का अधिकार लागू है? यदि हाँ, तो निजी स्कूलों से 1 वर्ष के लिए 4000, 2 वर्ष के लिए 8000, 3 वर्ष के लिए 12000 रुपए मान्यता शुल्क क्यों लिया जा रहा हैं? (ख) निःशुल्क शिक्षा प्रबंध का दायित्व शासन का, फिर भी वसूली निजी शैक्षणिक संस्थाओं से, यह विसंगति क्यों? (ग) मध्यप्रदेश में कितने निजी स्कूल हैं? कितने स्कूलों से 30,000 कितने स्कूलों से 40000 की एफडी मान्यता के नाम से ली जा रही हैं? उक्त एफडी का मूल उद्देश्य क्या हैं? निःशुल्क शिक्षा के अधिकार अधिनियम में यह विधान किस पेज पर किस धारा में उल्लेखित हैं? (घ) क्या निःशुल्क शिक्षा के अधिकार अधिनियम में निःशुल्क एवं अनिवार्य रूप से प्रारंभिक शिक्षा पूर्ण करने का अधिकार बालक-बालिकाओं को दिया गया हैं? यदि हाँ, तो यह निजी शैक्षणिक संस्थाओं से अधिनियम के विपरीत वसूली का कारण स्पष्ट करें। (ड.) क्या वर्तमान स्कूल शिक्षा मंत्री जी ने 1 वर्ष की नियमों में शिथिलता का आश्वासन विभिन्न अशासकीय शाला संगठनों से किया था? यदि हाँ, तो उक्त आश्वासन कब तक पूरा किया जाएगा? (च) क्या स्कूल शिक्षा मंत्री जी अपने सचिवों एवं जिम्मेदार अधिकारियों पर निःशुल्क शिक्षा के अधिकार अधिनियम के विरुद्ध बनाए गए नियमों पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के तहत दंडात्मक कार्यवाही करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। राजपत्र दिनांक 06.01.2023 अनुसार प्रकाशित मान्यता नियमों के परिपालन में मान्यता शुल्क लिया जा रहा है। सभी शासकीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है। इसमें किसी प्रकार की विसंगति नहीं है। (ख) जी हाँ। राजपत्र दिनांक 06.01.2023 अनुसार प्रकाशित मान्यता नियमों के परिपालन में मान्यता शुल्क लिया जा रहा है। सभी शासकीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है। इसमें किसी प्रकार की विसंगति नहीं है। (ग) मध्यप्रदेश में 30338 निजी स्कूल संचालित हैं। कक्षा 1 से 8 तक मान्यता प्राप्त करने के लिए मान्यता नियम 11 (6) (क) तथा 11 (6) (ख) अनुसार अशासकीय विद्यालयों हेतु सुरक्षा निधि के लिए प्रावधान किए गए हैं। वर्तमान में प्रचलित मान्यता नियम निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 38 के अनुसार प्रकाशित एवं लागू है। (घ) जी हाँ। उत्तरांश (ग) अनुसार। (ड.) जी नहीं। (च) उत्तरांश (क) से (ग) के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
सिंचाई तालाबों एवं नहरों का मरम्मतीकरण
[जल संसाधन]
2. ( क्र. 32 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह जिले की विधानसभा क्षेत्र हटा 057 अंतर्गत विकासखंड हटा, पटेरा एवं दमोह में जल संसाधन अंतर्गत ऐसे कितने तालाब हैं जिनकी नहरें क्षतिग्रस्त है? (ख) किसानों को सुचारू रूप से सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिये इन तालाबों एवं नहरों के मरम्मतीकरण हेतु कोई प्रावधान है? यदि हाँ, तो कब तक समय-सीमा बतायें? यदि नहीं, तो कारण बतायें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) दमोह जिले की विधान सभा क्षेत्र हटा 057 अंतर्गत विकासखण्ड हटा, पटेरा एवं विधानसभा क्षेत्र दमोह 055 अंतर्गत 07 जलाशयों की नहरें कतिपय स्थानों पर क्षतिग्रस्त होना प्रतिवेदित है। (ख) जी हाँ। क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत हेतु आर.आर.आर. योजनान्तर्गत प्रस्ताव तैयार किया जाना प्रक्रियाधीन है। स्वीकृति उपरांत कार्य कराया जा सकेगा। निश्िचत समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
ग्राम सलैया व चितौआ के भूमि अधिग्रहण हेतु विशेष पैकेज
[राजस्व]
3. ( क्र. 34 ) श्री वीरेन्द्र सिंह लोधी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बंडा विधानसभा की बंडा परियोजना के कमान्ड क्षेत्र में आये ग्राम सलैया एवं चितौआ में किसानों को दिये जाने वाले मुआवजा हेतु भूमि की दरें 3,28,000 रू प्रति हेक्टर है? (ख) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित ग्रामों से सटे ग्रामों की भूमियों की उपजाऊ क्षमता लगभग समान होते हुये भी सलैया एवं चितौआ की भूमि की दरों की तुलना में लगभग दोगुनी या उससे अधिक हैं? (ग) क्या यह स्पष्ट रूप से कहा जा सकता है कि ग्राम सलैया एवं चितौआ में भूमि का विक्रय नहीं होने के कारण इन ग्रामों की भूमि की बाजारू-दरें वास्तविक कीमत से बहुत कम हैं? (घ) क्या इन ग्रामों के कृषकों की भूमि-अधिग्रहण हेतु विशेष पैकेज द्वारा दरों के अंतर का समायोजन किया जायेगा? (ड.) अगर हाँ तो कब तक और अगर नहीं तो इसका कारण क्या है? (च) विशेष पैकेज संभव नहीं होने की दशा में क्या यह संभव है कि ग्राम सलैया एवं चितौआ के कृषकों को उनसे सटे ग्रामों की भूमि की दरों के औसत के अनुसार दरों से मुआवजा दिया जाय। अगर हाँ तो इसके आदेश कब तक जारी होंगे? अगर नहीं तो इसमें क्या बाधा है?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) बण्डा सिंचाई परियोजनांतर्गत ग्राम सलैया एवं चितौआ में किसानों को दिये जाने वाले मुआवजा की दर प्रति हे.निम्नानुसार है:-
प्र.क्र. |
ग्राम का नाम |
सिचित हे.में |
असिंचित हे.में |
34/17-18 |
सलैया खुर्द |
328000 |
217391 |
36/17-18 |
चितौआ |
410000 |
230000 |
उपरोक्त दर निर्धारण में कलेक्टर गाइड-लाइन एवं धारा 11 के प्रकाशन के पूर्ववर्ती तीन वर्षों की औसत दर में से अधिकतम दर के आधार पर भूमि का मूल्य निर्धारण किया जाकर प्रतिकर राशि की गणना की गई है। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित ग्राम सलैया खुर्द एवं चितौआ से सटे निम्नानुसार ग्रामों में उनके समक्ष दर्शित दर से प्रतिकर राशि निर्धारण की कार्यवाही की गई है:-
ग्राम का नाम |
दर सिंचित प्रति हे. |
दर असिचित प्रति हे. |
1 |
2 |
3 |
सेमरा अहीर |
468750 |
256000 |
राखसी |
540000 |
290000 |
बहरोल |
720000 |
480000 |
(ग) ग्राम सलैया एवं चितौआ की भूमि की बाजारू दरें वास्तविक कीमत से बहुत कम नहीं है। (घ) से (च) उत्तरांश (क) एवं (ख) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
आवास मुआवजा हेतु पात्र हितग्राहियों की संख्या
[राजस्व]
4. ( क्र. 35 ) श्री वीरेन्द्र सिंह लोधी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बंडा विधानसभा के ग्राम-बहरोल एवं पिपरिया-इल्लाई में कुल कितने-कितने आवास-गृह हैं एवं उनमें आवास-मुआवजा हेतु पात्र हितग्राहियों की संख्या कितनी-कितनी है? (ख) क्या डेम के कमान्ड क्षेत्र में आने वाले आबादी के रास्ते के दोनों ओर बने आवासों को मुआवजे की पात्रता है? (ग) क्या ग्राम-बहरोल एवं पिपरिया-इल्लाई के बंडा-परियोजना के कमान्ड क्षेत्र में आये रास्ते पर बने आवासों में से एक ओर के आवासों को मुआवजे का पात्र तथा रास्ते के दूसरी ओर बने आवासों को अपात्र बताया गया है? (घ) अगर हाँ तो ऐसे लापरवाही-पूर्ण सर्वे के लिये कौन-कौन अधिकारी जिम्मेदार हैं और उन पर क्या कार्यवाही की जायेगी? (ड.) क्या डूब में आने वाले रास्तों पर बने आवासों की मुआवजा-पात्रता के सर्वे में हुई ऐसी विसंगतियों को ठीक करने के लिये पुनः-सर्वे करवाकर मुआवजे की पात्रता का सही निर्धारण करवाया जायेगा? (च) बंडा परियोजना के कमाण्ड क्षेत्र में आने वाले ग्राम-बहरोल, पिपरिया, कुल्ल, किरोला आदि की तरह और कौन-कौन से ग्राम है जिनमें कुल आबादी के लगभग 25 प्रतिशत से कम ग्रामवासी मुआवजा के दायरे के बाहर हैं? (छ) क्या ऐसे ग्रामों में शेष आबादी की सुरक्षा एवं रोजगार का संकट उत्पन्न होने की संभावना है? (ज) क्या कमाण्ड क्षेत्र में शेष इस आबादी को रोजगार एवं सुरक्षा के संकट को दृष्टिगत रखकर मुआवजे के दायरे में लेकर स्थानांतरित किया जायेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) :(क) बण्डा सिंचाई परियोजनांतर्गत विधानसभा बण्डा के प्रभावित ग्राम बहरोल एवं पिपरिया इल्लाई के सर्वेक्षण में निम्नानुसार कुल आवास गृह इत्यादि एवं आवास मुआवजा हेतु हितग्राही पाये गये है:-
स.क्र. |
ग्राम |
ग्राम में कुल मकान संख्या |
कुल प्रभावित हितग्राही संख्या |
1 |
2 |
3 |
4 |
1 |
बहरोल |
828 |
436 |
2 |
पिपरिया इल्लाई |
639 |
482 |
प्रकरणों में धारा 21 के तहत दावे/आपत्तियों की सुनवाई की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है प्राप्त दावे/आपत्तियों के निराकरण उपरांत ही वास्तविक पात्र हितग्राहियों की संख्या विदित हो सकती है। (ख) जी नहीं। (ग) ग्राम बहरोल एवं पिपरिया इल्लाई में कमाण्ड क्षेत्र में नहीं है अत: जानकारी निरंक है। (घ) लागू नहीं। (ड.) डूब में आने वाले रास्तों पर बने एवं डूब में प्रभावित समस्त आवासों का भू-अर्जन किया जा रहा है। अवार्ड की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (च) ग्राम किरोला एवं पिपरिया इल्लाई (छ) कोई विशिष्ट निष्कर्ष नहीं दिया जा सकता है। (ज) पात्रता अनुसार निर्धारित मापदण्ड के अनुसार कार्यवाही की जाती है।
सिंचाई योजनाओं की स्वीकृति
[जल संसाधन]
5. ( क्र. 43 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परासिया विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत निम्न सिंचाई योजनाओं 1. मंडला पंडापुल नाला जलाशय, 2. झुर्रेमाल शंकरपुर रोड खमडोढ़ा नाला पर जलाशय, 3 दमुआ भीमसेन ढाना के पास घटामाली नदी पर कोहका दमुआ बैराज की स्वीकृति हेतु प्रश्नकर्ता द्वारा मान. मंत्री महोदय से समक्ष में मिलकर निवेदन किया जा चुका है एवं कई पत्र मान. मंत्री जी व विभागीय अधिकारियों को पूर्व में प्रेषित किये जा चुके हैं विभागीय अधिकारी द्वारा न तो सिंचाई योजनाओं का सर्वे कराया जा रहा है और न ही डी.पी.आर. तैयार कर स्वीकृति हेतु प्रस्ताव शासन स्तर पर प्रेषित किये जा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण अभी तक सिंचाई योजनाओं की स्वीकृति प्राप्त नहीं हो पाई है, जबकि कृषकों की सुविधा हेतु सिंचाई योजनाओं का निर्माण कराया जाना आवश्यक है विभागीय अधिकारियों द्वारा सिंचाई योजना से संबंधित विभिन्न औपचारिकताओं व कार्यवाही को कब तक पूर्ण कर लिया जायेगा? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार विभिन्न सिंचाई योजनाओं की स्वीकृति कब तक प्रदान कर दी जायेगी? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित सभी सिंचाई योजनाओं के निर्माण कार्य की स्वीकृति हेतु प्रश्नकर्ता द्वारा मान. मंत्री जी पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2025/50 दि. 07.02.2025 व प्रमुख सचिव महोदय को पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2025/51 दि. 07.02.2025 को प्रेषित किए गये है, जिन पत्रों पर अभी तक क्या कार्यवाही की गई है?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) प्रश्नांश में उल्लेखित योजनाओं में से दो योजनाएं क्रमश: (1) मंडला पण्डापुल नाला पर जलाशय (2) झुर्रेमाल शंकरपुर रोड खमडोढ़ा नाला पर जलाशय की साध्यता स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजनाओं का डी.पी.आर. मैदानी स्तर पर प्रक्रियाधीन है। वर्तमान में निश्िचत समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (3) दमुआ भीमसेन ढाना के पास घटामाली नदी पर कोहका दमुआ बैराज योजना के निर्माण कार्य पूर्ण होना प्रतिवेदित है। इसके अतिरिक्त माननीय विधायक जी के पत्र में उल्लेखित एक अन्य जामुनबर्रा जलाशय योजना दूधी नदी परियोजना के कमांड से ओवरलेप होने के कारण योजना के निर्माण का औचित्य नहीं है। (ख) जानकारी उत्तरांश (क) अनुसार। (ग) प्रश्नांश में संदर्भित पत्र प्राप्त होना नहीं पाया गया।
शासकीय जमीन पर वर्षों से निवासरत लोगों को पट्टे का प्रदाय
[राजस्व]
6. ( क्र. 51 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासकीय भूमि पर वर्षों से निवासरत लोगों को भूमि के पट्टे दिए जाने की योजना बंद हो चुकी है। (ख) यदि हाँ, तो उक्त योजना के बंद होने का क्या कारण है? (ग) यदि नहीं, तो शासकीय भूमि का पट्टा दिए जाने के क्या-क्या नियम व प्रावधान है? (घ) विगत पाँच वर्षों में हरदा जिला अंतर्गत कितने लोगों को शासन द्वारा पट्टे प्रदाय किए गए है? विकासखण्डवार, ग्रामवार, व्यक्तिवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ड.) वर्तमान में हरदा जिला अंतर्गत शासकीय भूमि पर वर्षों से निवासरत लोगों को कब तक भूमि का पट्टा दिया जावेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) हरदा जिले में स्वामित्व योजना का कार्य पूर्ण हो चुका है। शहरी क्षेत्र अंतर्गत धारणाधिकार योजना के अंतर्गत आवेदन प्राप्त कर निराकरण किया जा रहा है। (ख) उत्तरांश ''क'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) वर्तमान में शहरी क्षेत्र अंतर्गत धारणाधिकार योजना के अंतर्गत आवेदन पत्रों का निराकरण किया जा रहा है। योजना के निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ड.) उत्तरांश ''क'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का संचालन
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
7. ( क्र. 58 ) श्री विपीन जैन : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दलौदा जिला मंदसौर में प्राथमिक स्वा. केन्द्र के भवन का निर्माण कब और कितनी लागत से किया गया था? (ख) क्या उक्त स्वास्थ्य केन्द्र का संचालन किया जाकर स्वास्थ्य सुविधाएं दी जा रही है?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) शासन द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन दलौदा का निर्माण कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक 25.03.2013 को राशि रूपये 95.00 लाख की जारी की गई थी। उक्त निर्माण कार्य दिनांक 19.03.2018 को पूर्ण हुआ। (ख) जी नहीं, मानव संसाधन स्वीकृत नहीं होने से वर्तमान में स्वास्थ्य केन्द्र संचालित नहीं है।
बिना जनसुनवाई व सी.एम. हेल्पलाइन की शिकायतों को निराकृत बताना
[राजस्व]
8. ( क्र. 75 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कलेक्टर नर्मदापुरम को जनसुनवाई में दि. 05.09.2023 (क्र. 230905125105), दि.23.01.2024 (क्र. 240123131104), दि. 20.02.2024 (क्र. 240220130421), दि. 27.02.2024 (क्र. 240227132030), दि. 12.03.2024 (क्र. 240312124730) तीन बिन्दुओं क्रमशः (1) पुराने तहसील/थाने के पास दो मंजिला दुकान निर्माण एवं जीना निर्माण। (2) नारायण नगर स्थित आवास के सामने मार्ग पर ट्यूबवेल खनन कर मार्ग बंद करने (3) नारायण नगर स्थित आवास के पीछे अतिक्रमण कर अवैध निर्माण की शिकायत की गयी थी। (ख) क्या जनसुनवाई में शिकायतों का निराकरण न होने पर भी सी.एम. हेल्पलाइन में की गयी शिकायत क्र. 25782152 एवं 26129448 को भी शासकीय अभिलेख में निराकृत बताया गया है। यदि हाँ, तो बतायें कि प्रश्नांश (क) में उल्लेखित बिन्दुवार शिकायतों का किसके द्वारा, कब, क्या निराकरण किया गया। नाम सहित जानकारी दें। (ग) क्या नजूल विभाग द्वारा बिना सीमांकन कराये ही प्रश्नांश (क) एवं (ख) में उल्लेखित जनसुनवाई/सीएम हेल्पलाइन में की गयी शिकायतों को नगरपालिका द्वारा नस्तीबद्ध कर दिया गया। यदि हाँ, तो क्यों? (घ) प्रश्नकर्ता द्वारा उपरोक्त शिकायतों के संबंध में जनवरी/फरवरी 2025 में पत्र लिखकर नर्मदापुरम मुख्य नगरपालिका अधिकारी नजूल अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी से जानकारी चाही गयी थी। यदि हाँ, तो चाही गयी बिन्दुवार जानकारी उपलब्ध करावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) सी.एम.हेल्पलाइन क्र 25782152 को शिकायकर्ता द्वारा स्वयं अपनी सहमति से दिनांक 11-03-2024 को बंद करवाया गया था एवं सी.एम.हेल्पलाइन क्र 26129448 को दिनांक 08-05-2024 को न्यायालय अपर कलेक्टर नर्मदापुरम के प्रकरण क्र. 45/बी-121/15-16 में पारित आदेश के आधार पर एल-1 अधिकारी मुख्य नगरपालिका अधिकारी नर्मदापुरम के प्रतिवेदन के आधार पर एल-3 अधिकारी संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास, नर्मदापुरम संभाग नर्मदापुरम द्वारा नस्तीबद्ध किया गया था। अपर कलेक्टर के आदेश की प्रति एवं सी.एम.हेल्पलाइन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट –'अ' अनुसार। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में उल्लेखित जनसुनवाई/सी.एम.हेल्पलाइन में की गयी शिकायतों को नगरपालिका द्वारा न्यायालय अपर कलेक्टर नर्मदापुरम के प्रकरण क्रमांक 45/बी-121/15-16 में पारित आदेश के आधार पर नस्तीबद्ध किया गया। नजूल अधिकारी नर्मदापुरम अपने पत्र क्रमांक 132 दिनांक 28/02/2025 द्वारा तहसीलदार शहरी नर्मदापुरम को सीमांकन कार्यवाही हेतु निर्देशित कर वांछित कार्यवाही हेतु लिखा है। (घ) नगर पालिका परिषद नर्मदापुरम के पत्र क्र.1619 दिनांक 25-02-2025 द्वारा माननीय प्रश्नकर्ता महोदय को जानकारी उपलब्ध करा दी गई है। प्रदत्त की गई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट –'ब' अनुसार।
मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
9. ( क्र. 102 ) श्री हेमन्त विजय खण्डेलवाल : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बैतूल जिले में शासन द्वारा मेडिकल कॉलेज खोले जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है? (ख) यदि हाँ, तो मेडिकल कॉलेज प्रारम्भ किये जाने के संबंध में क्या कार्यवाही की गई है? मेडिकल कॉलेज प्रारम्भ करने की समय-सीमा बतावें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। (ख) सार्वजनिक जन भागीदारी मॉडल अंतर्गत बैतूल में मेडिकल कॉलेज खोलने हेतु निविदा प्रक्रिया प्रचलन में है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं हैं।
कोसमी हनुमान मंदिर को धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग में शामिल किया जाना
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
10. ( क्र. 118 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र परासिया में ग्राम कोसमी में श्री हनुमान जी का प्राचीन एवं प्रसिद्ध मंदिर स्थित है। जहां प्रतिदिन श्री हनुमान जी के दर्शन एवं पूजा अर्चना करने हेतु सैकड़ों श्रद्धालुगण आते हैं परन्तु कोसमी हनुमान मंदिर धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग में शामिल नहीं है, जिसके कारण मंदिर से संबंधित कार्यों जैसे जीर्णोद्धार कार्य व अन्य निर्माण कार्य हेतु शासन द्वारा राशि प्रदान नहीं की जाती है जबकि मंदिर के प्रशासक वर्तमान में तहसीलदार परासिया है और मंदिर का संचालन भी तहसीलदार परासिया एवं समिति के द्वारा किया जाता है। ऐसी स्थिति को देखते हुए कोसमी हनुमान मंदिर को विभाग की सूची में शामिल किया जाना अत्यंत ही आवश्यक है। उपरोक्त संबंध में विभाग द्वारा कब तक कार्यवाही की जायेगी? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार कोसमी हनुमान मंदिर को धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग में शामिल किए जाने के संबंध में विभाग द्वारा विभिन्न औपाचारिकताओं व कार्यवाही को कब तक पूर्ण करते हुये कोसमी हनुमान मंदिर को विभाग की सूची में शामिल कर लिये जायेगा? (ग) कोसमी हनुमान मंदिर को धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग में शामिल किए जाने के संबंध में प्रश्नकर्ता द्वारा मान. विभागीय राज्य मंत्री महोदय को पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2025/52 दिनांक 07.02.2025 को प्रेषित किया गया था, जिस पत्र पर अभी तक विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है?
राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) कोसमी हनुमान मंदिर को विभाग की सूची में शामिल किये जाने के संबंध में कोई नियम निर्देश नहीं है। कोसमी हनुमान मंदिर प्रदेश के शासन संधारित मंदिरों की सूची में दर्ज नहीं है। किसी भी मंदिर को शासन संधारित मंदिरों की सूची में सम्मिलित किए जाने के संबंध में कोई नियम-निर्देश नहीं है। (ख) शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ग) कोसमी हनुमान मंदिर को धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग में शामिल किए जाने के संबंध में प्रश्नकर्ता द्वारा माननीय विभागीय राज्यमंत्री महोदय के पत्र क्रमांक वि.स./परासिया/127/2025/52 दिनांक 07/02/2025 विभाग में प्राप्त नहीं हुआ है। कोसमी हनुमान मंदिर शासन संधारित मंदिर नहीं है, जिससे इस मंदिर को धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग में शामिल किया जाना संभव नहीं है। पूर्व में इस संबंध में मान. विधायक को विभाग के विभिन्न पत्रों के माध्यम से दिनांक 08/02/2021, 21/02/2023, 13/05/2024 एवं 06/02/2025 द्वारा अवगत कराया गया है।
शिक्षा विभाग में कार्यरत समस्त आउटसोर्स कर्मचारियों की जानकारी
[स्कूल शिक्षा]
11. ( क्र. 182 ) डॉ.
रामकिशोर
दोगने : क्या
स्कूल शिक्षा
मंत्री महोदय
यह बताने की कृपा
करेंगे कि (क) हरदा
जिले में
स्कूल शिक्षा
विभाग
अंतर्गत कुल
कितने
आउटसोर्स
कर्मचारी
कार्यरत हैं व
शासन और
नियुक्तिकर्ता
आउटसोर्स
कम्पनी
द्वारा
उन्हें क्या-क्या
सुविधाएँ दी
जा रही है? पृथक-पृथक
विस्तृत
जानकारी
उपलब्ध
करावें। (ख) क्या
कारण है कि
शिक्षा विभाग
द्वारा
कम्पनी को
अधिक राशि
आउटसोर्स
कर्मचारियों
के वेतन भुगतान
हेतु दी जाती
है और विभाग
में कार्य करने
वाले आउटसोर्स
कर्मचारी को
कम्पनी
द्वारा कम
वेतन भुगतान
किया जाता है।
(ग) क्या
शिक्षा विभाग
में कार्यरत
कम्प्यूटर
ऑपरेटरों को
अंडरटेकिंग
कर विभाग
द्वारा सीधे मानदेय
का भुगतान
करने कोई
योजना प्रचलन
में है? यदि
हाँ, तो
उसे कब तक
लागू किया
जावेगा। जिससे
की
कर्मचारियों
को बिना कटौती
के सम्मानजनक
वेतन मिल सके।
(घ) उप
सचिव स्कूल
शिक्षा विभाग
के पत्र
क्रमांक/404/1900831/2024/20-2
भोपाल दिनांक 04/03/2024 पर क्या
कार्यवाही की
गई है। क्या
उक्त पत्र को
निरस्त किया
गया है? यदि
हाँ, तो
कारण बतायें। यदि
नहीं, तो
कम्प्यूटर
ऑपरेटरों को
अण्डरटेकिंग
कर
पारिश्रमिक
का शिक्षा विभाग
द्वारा सीधे
भुगतान करने
की व्यवस्था कब
तक की जावेगी?
स्कूल
शिक्षा
मंत्री ( श्री
उदय प्रताप
सिंह ) : (क) हरदा
जिले में
आउटसोर्स से
कार्यरत
कर्मचारियों
की जानकारी
पुस्तकालय में रखे
परिशिष्ट-1 पर है। एजेंसी
के साथ किये
गये अनुबंध की
प्रति
पुस्तकालय में रखे
परिशिष्ट-2 पर है। अनुबंध
अनुसार
सुविधाएं
प्रदान की
जाती है। (ख) अनुबंध
के अनुसार ही
एजेंसी
द्वारा राशि
भुगतान की
जाती है। (ग) जी
नहीं। अनुबंध
के अनुसार
एजेंसी
द्वारा
भुगतान किया
जाता है। (घ) जी
हाँ। विभागीय
पत्र क्र. 500/1900831/2024/20-2
भोपाल दिनांक 27.03.2024 के
द्वारा
दिनांक 04.03.2024 का
पत्र निरस्त
कर दिये जाने
के कारण
कार्यवाही का
प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता। शेषांश
का प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता है।
बिलगांव जलाशय में अनियमितता
[जल संसाधन]
12. ( क्र. 225 ) श्री ओम प्रकाश धुर्वे : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पूर्व मुख्य मंत्री मा. शिवराज सिंह चौहान को शिकायत एवं संपर्क के दौरान बिलगांव जलाशय में जो अनियमितता पाई गयी, उस पर कितनी राशि गबन पाया गया? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में किन-किन ठेकेदारों एवं कर्मचारी पर क्या कार्यवाही की गई? क्या काली सूची में भी ठेकेदार को डाला गया एवं उनसे राशि की वसूली की गई? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में नहर मरम्मत हेतु एवं विस्तारीकरण हेतु कितनी राशि, किस-किस कार्य के लिये स्वीकृत की गई एवं कितना व्यय हुआ, जानकारी दें। (घ) बिलगांव जलाशय के नहरों से अंतिम छोर तक पानी नहीं जाने के लिए दोषी कौन है, उसके विरूद्ध क्या कार्यावाही की गई?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) बिलगांव जलाशय के बांध एवं नहरों के निर्माण/रख-रखाव में अनियमितता के संबंध में गठित जाँच दल के प्रतिवेदन में गबन संबंधी तथ्य प्रतिवेदित नहीं है। शिकायत के परिप्रेक्ष्य में विभागीय जाँच की कार्यवाही प्रचलन में होना प्रतिवेदित है। (ख) बिलगांव जलाशय के बांध एवं नहरों के रख-रखाव में लापरवाही बरतने के कारण संबंधित श्री वंशगोपाल सिंह सांड्या, सहायक यंत्री एवं प्रभारी कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डोरी, श्री महेन्द्र कुमार रोहितास, प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी एवं श्री सुनील कुमार चौधरी के विरुद्ध निलंबन की कार्यवाही की जाकर विस्तृत विभागीय जाँच की कार्यवाही प्रक्रियाधीन होना प्रतिवेदित है। ठेकेदारों के विरुद्ध दोष सिद्ध नहीं होने पर काली सूची में नहीं डाला जाना प्रतिवेदित है। अतः ठेकेदार से वसूली का प्रश्न ही नहीं उठता। (ग) नहर मरम्मत एवं विस्तारीकरण हेतु राशि रू.11.43 करोड़ स्वीकृत की गई है जिसमें अब तक लगभग राशि रू.05.70 करोड़ व्यय होना प्रतिवेदित है। (घ) बिलगांव जलाशय के नहरों से अंतिम छोर तक पानी नहीं जाने के संबंध में जाँच प्रक्रियाधीन है अतः शेष प्रश्नांश का प्रश्न नहीं उठता।
कोविड-19 प्रशिक्षण कार्यक्रम
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
13. ( क्र. 267 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अतारांकित प्रश्न क्र. 1907, दिनांक 27/03/2023 के उत्तर के संदर्भ में कोविड-19 प्रशिक्षण कार्यकम हेतु राशि 2 लाख कब आवंटित की गई? प्रशिक्षण हेतु क्या दिशा निर्देश जारी किये गये? प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु कितने प्रशिक्षणार्थियों के प्रशिक्षण हेतु किस स्तर पर क्या-क्या व्यवस्था की गई एवं किस-किस मद में कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? बतलावें। (ख) प्रश्नांकित प्रशिक्षण कार्यक्रम कब से कब तक कहाँ पर आयोजित किया गया? इसमें दिनांक व बैचवार कितने-कितने स्वास्थ्य कर्मचारियों/आशा कार्यकर्ताओं को कब से कब तक कितने-कितने घंटे का किन-किन अधिकारियों/प्रशिक्षकों ने प्रशिक्षण दिया एवं इन्हें मानदेय की कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया गया? प्रशिक्षण के दौरान कितने बजे चाय, नाश्ता, भोजन दिया गया एवं इस पर कितनी राशि व्यय हुई? बतलायें। दिनांक व बैचवार प्रशिक्षणार्थियों की सूची बिल की छायाप्रति दें। (ग) प्रश्नांश (क) में संलग्न नोटशीट में फोटो कॉपी 83×600 = 49800/- रू. कब किस के आदेश से किसने कब कहाँ से कराई है? स्टेशनरी क्रय व्यय राशि 49,800/- कब किसने किसके आदेश से क्रय की है? स्टेशनरी एवं फोटो कॉपी का क्या उपयोग किया गया? बिलों का कब भुगतान किया गया? बिलों की छायाप्रति दें। (घ) प्रश्नांकित फर्जी प्रशिक्षण कार्यक्रम के सम्बंध में प्राप्त शिकायत की जाँच शासन ने कब किस से कराई है? जाँच रिपोर्ट पर कब क्या कार्यवाही की गई? जाँच रिपोर्ट की शिकायत सहित छायाप्रति दें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) :(क) कोविड-19 प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु राशि 2.00 लाख वित्तीय वर्ष 2019-20 में जिला जबलपुर को आवंटित की गई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु लगभग 600 प्रशिक्षणार्थियों के प्रशिक्षण के लिए जिला स्तर पर स्टेशनरी, चाय, नाश्ता, भोजन-पानी की व्यवस्था की गई। कोविड-19 प्रशिक्षण मद B.31.8.1 में राशि रूपये 1,99,800.00 व्यय हुई। (ख) प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनांक 15 मार्च 2020 से 20 मई 2020 तक जिला चिकित्सालय संभागार जबलपुर में आयोजित किया गया। प्रश्न भाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार एवं कोविड-19 प्रशिक्षण कार्यक्रम में मानदेय देने का प्रावधान नहीं था। प्रशिक्षण प्रारंभ होते ही लगभग 15 मिनिट पश्चात चाय, नाश्ता दिया गया व 2 घंटे पश्चात भोजन प्रदान किया गया, इस पर कुल राशि 1,50,000.00 व्यय हुई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार। (ग) प्रश्नांश (क) में संलग्न नोटशीट में फोटो कॉपी नहीं कराई गई, प्रश्न उपस्थित नहीं होता। स्टेशनरी क्रय व्यय राशि 49800/-मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जबलपुर के निर्देश से क्रय की गई। स्टेशनरी का उपयोग प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षणार्थी को प्रदान कर किया गया। बिलों का भुगतान 31 मार्च 2020 को किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार। (घ) फर्जी प्रशिक्षण कार्यक्रम के संबंध में शिकायत दिनांक 13.02.2025 को प्राप्त हुई है। उक्त शिकायत की जाँच हेतु समिति गठित कर जाँच की जा रही है।
मोबिलिटी सपोर्ट में वाहनों पर व्यय
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
14. ( क्र. 268 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला जबलपुर को मोबिलिटी सपोर्ट में वाहनों का किराया व पी.ओ.एल. के लिए किस-किस गतिविधि में कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई एवं कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? इस संबंध में क्या निर्देश जारी किये गये हैं? वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक की जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) में अनुबंध एवं निविदा की शर्तों के तहत कब तक कौन-कौन से कितने वाहन किस दर पर कब तक के लिये अनुबंधित किये गये? वाहनों का किराया पर माहवार कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? इनके बिलों की कितनी-कितनी राशि का कब-कब भुगतान किया गया? सितम्बर 2020 से दिसम्बर 2020 तक एवं जनवरी 2022 से 2024-25 प्रश्न दिनांक तक की माहवार जानकारी दें। अनुबंधित वाहनों का प.क. दिनांक माडल प्रकार सीट, संख्या बिलों व भुगतान संबंधी नोटशीट की छायाप्रति दें। (ग) प्रश्नांश (क) में अनुबंधित कौन-कौन सा वाहन माहवार कब से कब तक कितने-कितने कि.मी.चला हैं? किन-किन अधिकारियों ने किन-किन वाहनों का कब से कब तक किस कार्य में उपयोग किया हैं? (घ) प्रश्नांश (क) में अनुबंधित किन-किन वाहनों का बैक्लीन कार्य में एवं किन-किन एम्बुलेंस वाहनों का माहवार कब से कब तक कितने-कितने दिवसीय उपयोग किन-किन अधिकारियों ने किया हैं? इनके किराया पर कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? बिलों एवं लाग बुक की छायाप्रति दें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) वाहनों का किराया व पी.ओ.एल. के लिये आवंटित राशि एवं व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। जारी दिशा निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार (ख) अनुबंध की निविदा एवं शर्तों के तहत अनुबंधित वाहनों की श्रेणी, वाहनों की संख्या की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार। दर की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार, वाहनों के किराये पर माहवार व्यय की गई राशि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ई'' अनुसार। बिलों के राशि के भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ज'' अनुसार। सितम्बर 2020 से दिसम्बर 2020 तक एवं जनवरी 2022 से 2024-2025 प्रश्न दिनांक तक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ज'' अनुसार। अनुबंधित वाहनों का पंजीयन क्रमांक, दिनांक, मॉडल प्रकार, सीट संख्या की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''फ'' अनुसार। बिलों तथा भुगतान संबंधी नोटशीट की छायाप्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ज'' अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ज'' अनुसार (घ) वैक्सीन वाहनों एवं एम्बुलेंस वाहनों का उपयोग अधिकारियों द्वारा नहीं किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
विभाग द्वारा कराए गये कार्यों की जानकारी
[स्कूल शिक्षा]
15. ( क्र. 296 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह सही है कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी जिला बालाघाट द्वारा लोक शिक्षण संचालनालय म.प्र.भोपाल के आदेश क्रमांक/भवन/अ/9545/03/2024/465 भोपाल दिनांक 25/10/2024 के अंतर्गत विभागीय परिसंपत्तियों के सामान्य मरम्मत कार्य हेतु कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी बालाघाट को आवंटन की स्वीकृति प्रदान की गई है। कितनी की स्वीकृति की गई? सम्पूर्ण जानकारी देवें, स्वीकृत राशि से किन स्कूल में कौन-कौन से कार्य कराये गये हैं कार्य सम्बंधित खर्च से सम्बंधित सम्पूर्ण विवरण देवें। (ख) क्या उपरोक्त समस्त स्वीकृत कार्य को बिना किसी निविदा/तकनीकी स्वीकृति/प्रशासकीय स्वीकृति या अनुबन्ध के मध्यप्रदेश शासन के दिशानुसार कार्य कराये गये है या नियम विरुद्ध कार्य कराये गये है नियम विरूद्ध कार्य करने के दोषी अधिकारी, कर्मचारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी एवं कब तक? (ग) उपरोक्त समस्त प्रकरण की उच्चस्तरीय जाँच कब तक की जावेगी? समय-सीमा बतावें। (घ) बिना निविदा के कार्य कराये जाने वाले अधिकारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? नियम अवगत करावें। (ड.) प्रकरण से सम्बंधित समस्त नस्ती दस्तावेजों की सत्यापित छायाप्रति उपलब्ध करावें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। राशि रु. 50.00 लाख। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'एक' अनुसार है। (ख) मरम्मत कार्य नियमानुसार कराये गये है। अतः शेषांश उद्भूत नहीं होता। (ग) एवं (घ) उपरोक्त संबंध में अद्यतन कोई शिकायत संज्ञान में नहीं है। अतः प्रश्नांश (ख) के उत्तर के प्रकाश में शेषांश उद्भूत नहीं होता। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'दो' अनुसार है।
सागर जिला चिकित्सालय को यथावत बनाये रखने की मांग
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
16. ( क्र. 316 ) श्री भूपेन्द्र सिंह : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सागर जिला मुख्यालय पर स्थित सागर जिला चिकित्सालय का अस्तित्व यथावत बनाये रखने की माँग जिले के नागरिकों, जिला चिकित्सालय एवं अधीनस्थ समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के स्टॉफ द्वारा की जा रही है? यदि हाँ, तो इस संबंध में विभाग द्वारा लिये गये निर्णय का ब्यौरा क्या है? (ख) क्या जिला अस्पताल सागर का मर्जर मेडीकल कॉलेज में किये जाने हेतु जिले के जनप्रतिनिधियों को विश्वास में नहीं लिया गया? क्या विरोध स्वरूप दिनांक 07 फरवरी 2025 से करीब 400 डॉक्टर, नर्सिंग कर्मचारी, पेरामेडिकल स्टाफ व लिपिक काली पट्टी बांधकर प्रदर्शनरत हैं?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। विभाग द्वारा लिए गए निर्णय का ब्यौरा की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ख) प्रदेश की चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने, रोगियों को तृतीयक स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के दृष्टिगत पी.जी./यू.जी. सीट वृद्धि हेतु बुन्देलखण्ड चिकित्सा महाविद्यालय, सागर एवं जिला चिकित्सालय, सागर का विलय किया गया है। जी हाँ।
सर्वशिक्षा अभियान अंतर्गत निर्मित क्षतिग्रस्त भवनों की जानकारी
[स्कूल शिक्षा]
17. ( क्र. 317 ) श्री भूपेन्द्र सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र खुरई में सर्व शिक्षा अभियान अन्तर्गत वर्ष 2004 के पूर्व निर्मित प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के भवनों का ब्यौरा क्या है? क्या उक्त भवन पूर्णतः क्षतिग्रस्त हो चुके हैं? यदि हाँ, तो इनको डिस्मेन्टल कर नवीन भवन कब तक स्वीकृत कर दिये जावेंगे? जानकारी विकासखण्डवार बतायें। (ख) क्या पूर्णतः क्षतिग्रस्त भवनों को डिस्मेंटल करने हेतु कलेक्टर सागर द्वारा वर्ष 2024 में आदेश दिये जा चुके हैं? यदि हाँ, तो बतायें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर है। जर्जर एवं जीर्ण शीर्ण भवनों को लोक निर्माण विभाग द्वारा नियमानुसार राईट आफ कर डिस्मेन्टल की कार्यवाही की जाती है। जर्जर एवं जीर्ण शीर्ण भवनों के विरूद्ध नवीन भवन निर्माण हेतु स्वीकृति बजट की उपलब्धता पर निर्भर करेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) लोक निर्माण विभाग द्वारा नियमानुसार जर्जर एवं जीर्ण-शीर्ण भवनों को राईट आफ कर डिस्मेन्टल की कार्यवाही सतत् प्रक्रिया है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति
[स्कूल शिक्षा]
18. ( क्र. 348 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक शिक्षक भर्ती हेतु कौन-कौन सी परीक्षाएं कब आयोजित हुई इन परीक्षाओं में कितने अभ्यार्थी सम्मिलित हुए। संख्यात्मक जानकारी उपलब्ध करावे। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित परीक्षाओं में पात्र उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को परीक्षावार संख्या की जानकारी उपलब्ध कराएं। कितने अभ्यार्थियों के आदेश जारी किये गये संख्यात्मक जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार क्या विभाग द्वारा रिक्त पदों की पूर्ति हेतु ज्ञात संख्या के हिसाब से पूरे पद भरे जा चुके हैं? यदि नहीं, तो क्या विभाग शेष रिक्त पदों को भरने के लिए कब तक तीसरी काउंसलिंग कराकर शेष चयनित अभ्यार्थियों को नियुक्तियां देगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो शेष चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति क्यों नहीं दी जाएगी?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। प्रवर्गवार विज्ञापित पदों पर नियुक्ति का प्रावधान हैं। अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण से संबंधित न्यायालयीन प्रकरणों में पारित अंतरित आदेशों के अनुक्रम में अन्य पिछड़ा वर्ग के पद होल्ड पर है एवं आरक्षित प्रवर्ग (एससी, एसटी) के पात्र अभ्यार्थी उपलब्ध नहीं होने से पद रिक्त रहे, इन रिक्त पदों पर अन्य किसी प्रवर्ग के अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी जा सकती। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
लेपटॉप योजना के संबंध में
[स्कूल शिक्षा]
19. ( क्र. 349 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सरकार द्वारा 10वीं एवं 12वीं के उत्तीर्ण मेधावी छात्र-छात्राओं को लेपटॉप देने की कोई योजना है? यदि हाँ, तो क्या? (ख) सरकार द्वारा योजना लागू होने से प्रश्न दिनांक तक कितने छात्र-छात्राओं को लेपटॉप दिये गये है? जिलावार जानकारी देवें। (ग) क्या सरकार द्वारा 70 हजार से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं को लेपटॉप देने का मामला लंबित है? यदि हाँ, तो? (घ) कब तक लेपटॉप मिलने से वंचित छात्र-छात्राओं को लेपटॉप मिल जायेंगे? समय-सीमा बतावें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं, अपितु माध्यमिक शिक्षा मण्डल से 12वीं कक्षा में प्रथम प्रयास में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंकों से उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप क्रय हेतु राशि रू. 25,000/- प्रति विद्यार्थी के मान से उनके बैंक खाता में अंतरित की जाती है। (ख) से (घ) उत्तरांश (क) के प्रकाश में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
कारम डेम के कटाव की रोकथाम
[जल संसाधन]
20. ( क्र. 359 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या धार जिले कि धरमपुरी विधानसभा में निर्माणाधीन कारम डेम अधिक वर्षा के कारण फुट गया था? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार यदि हाँ, तो उक्त डेम के निचले स्तर में नदी के दोनों किनारों पर भारी मात्रा में भूमि का कटाव हुआ था? (ग) क्या उक्त कटाव कि रोकथाम हेतु मनरेगा योजना अंतर्गत अनुमत कार्य वेरिफेरल स्टोन बंद निर्माण कार्य हेतु पत्र जारी किया गया था? यदि हाँ, तो उक्त कार्यों का सामग्री अनुपात 80 प्रतिशत किया जायेगा? यदि नहीं, तो क्यों कारण स्पष्ट करें। (घ) प्रश्नांश (ग) अनुसार उक्त कार्यों को स्पेशल कैटेगरी में लिया जायेगा? जिससे आदिवासी अंचल के लोगों को लाभ मिल सकें?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी नहीं, धरमपुरी विधानसभा में कारम सिंचाई परियोजना डेम में रिसाव होने से बांध कटाव नियंत्रण तकनीकी का उपयोग करते हुये चैनल बनाकर सुरक्षित पानी की निकासी की जाना प्रतिवेदित है। (ख) जी हाँ, डेम से पानी निकासी पर निचले स्तर में नदी के किनारों पर स्थित निजी भूमि की मिट्टी का कटाव आंशिक रूप से हुआ था, जिसका राजस्व विभाग द्वारा क्षति का आंकलन कर सहायता राशि दी जाना प्रतिवेदित है सूची संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) कारम डेम के कटाव के रोकथाम हेतु मनरेगा परिषद से कोई पत्र प्राप्त नहीं होना प्रतिवेदित है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उक्त कार्यों को स्पेशल कैटेगरी में लिये जाने का प्रावधान नहीं है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
राहत राशि का भुगतान
[राजस्व]
21. ( क्र. 375 ) श्री कुँवर सिंह टेकाम : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सीधी जिले के तहसील मझौली एवं कुसमी और सिंगरौली जिले के तहसील देवसर के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में अतिवृष्टि/ओलावृष्टि से घर, कुआं एवं फसल का नुकसानी हुआ था? यदि हाँ, तो जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में राजस्व पुस्तिका 6-4 के अनुसार घर, कुआं एवं फसल के नुकसान का सर्वे किया गया था? यदि हाँ, तो किसानवार नुकसान की जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में कितने किसानों को राहत राशि का भुगतान कर दिया गया है? यदि हाँ, तो किसानवार राशि सहित जानकारी उपलब्ध कराये। (घ) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में कितने किसानों को राहत राशि का भुगतान नहीं किया गया है? यदि हाँ, तो कब तक राशि का भुगतान कर दिया जावेगा? समय-सीमा बतावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। वर्ष 2024-25 में सीधी जिले की तहसील मझौली एवं मडवास में अतिवृष्टि/ओलावृष्टि से मकान एवं कुआं का नुकसान हुआ है किन्तु फसल क्षति नहीं हुई थी। तहसील कुसमी अंतर्गत मकान, कुआं एवं फसल क्षति हुई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। सिंगरौली जिले के तहसील देवसर के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में अतिवृष्टि/ओलावृष्टि से घर, कुआं की नुकसानी हुई है। तहसील देवसर में फसल क्षति नहीं हुई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। प्रश्नांश (क) के संदर्भ में राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के अनुसार घर, कुआं एवं फसल के नुकसान का सर्वे किया गया था। जिलेवार किसानवार नुकसान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' एवं ''ब'' अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में किसानों को राहत राशि के भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' एवं ''ब'' अनुसार है। (घ) उत्तरांश (ख) के संदर्भ में सभी किसानों को राहत राशि का भुगतान किया जा चुका है। कोई भी पात्र किसान भुगतान हेतु शेष नहीं है। अत: शेष प्रश्नांश उद्भूत नहीं होता।
खेल मैदान एवं बस स्टैण्ड हेतु भूमि आवंटन
[राजस्व]
22. ( क्र. 384 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम टिमरनी जो वर्तमान में नगरीय सीमा में शामिल है के खसरा क्रमांक 155 का कुल कितना रकबा दर्ज था वर्तमान में खसरा क्रमांक 155 का कितना-कितना रकबा किस-किस के नाम पर दर्ज है। (ख) कलेक्टर ने किस-किस प्रकरण क्रमांक आदेश दिनांक से किस-किस कार्य के लिए खसरा क्रमांक 155 का (ख) कितना-कितना हिस्सा किस-किस को आवंटित किया है आदेश की प्रति सहित बतावें। (ग) खसरा क्रमांक 155 से शासकीय वन डिपों को अन्यत्र स्थानांतरित किए जाने में क्या-क्या वैधानिक दिक्कत है यदि कोई वैधानिक दिक्कत नहीं है तो यह भूमि टिमरनी बस स्टैण्ड एवं खेल मैदान के लिए आवंटित करने हेतु कलेक्टर क्या कार्यवाही कर रहे है। (घ) कब तक खसरा क्रमांक 155 खेल मैदान एवं बस स्टैण्ड के लिए आवंटित कर दिया जावेगा समय-सीमा सहित बतावें अगर खसरा क्रमांक 155 में खेल मैदान हेतु मद परिवर्तन नहीं कर सकते तो राधास्वामी स्कूल के प्रांगण में स्थित मैदान को टिमरनी विधानसभा के युवाओं हेतु खेल मैदान आवंटित किया जाए और बस स्टैण्ड के लिए भूमि आवंटन हेतु कार्यवाही की जाये अगर नहीं किया जा सकता तो प्रमाण सहित कारण बताया जाए क्यों नहीं किया जा सकता।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) मिसल बंदोबस्त वर्ष 1915-16 के अनुसार ग्राम टिमरनी का खसरा क्रमांक 155 का रकबा 32.22 एकड़ शंकरराव भुस्कुटे जागिरदार नम्बरदार के नाम से दर्ज था। वर्तमान में खसरा नंबर 155 राजस्व अभिलेख में दर्ज है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–''अ'' अनुसार है। (ख) कलेक्टर जिला हरदा/होशंगाबाद द्वारा सर्वे नंबर 155 जो कि अधिकार अभिलेख/जिनका कि निर्माण 1954-55 में हुआ इसके पूर्व मध्यभारत जमींदारी समाप्ति विधान 1951 लागू हो गया था। तदानुसार भूमि के वास्तविक उपयोग दखलकारों के अनुसार भू-अभिलेखों का निर्माण हुआ जिसके कारण सर्वे नंबर 155 (अविभाजित) की भूमि 3.2380 हे. यानी (8 एकड़) पूर्व से ही वन विभाग की वन उत्पाद/अन्य अनुशांगिक उपयोगों में आने के कारण उक्त 08 एकड़ भूमि जिसका वर्तमान सर्वे नंबर 155/2 है शासन मद (सरकारी डिपो) में तब से लेकर अब तक दर्ज चली आ रही है तथा प्रश्नांश "क" में उल्लेखित वन विभाग के नाम पर अंकित भूमि जिसका की सर्वेनंबर 155/1, 155/6, 155/10 वन विभाग द्वारा वर्ष 1969-70 में निजी भूमि स्वामी से अर्जन करके प्राप्त किया है। जिसका प्रकरण क्रमांक 19/31-82/69-70 आदेश दिनांक 28/12/1976 है। इसी प्रकार म.प्र. शासन सिंचाई विभाग द्वारा इसी सर्वे नंबर 155 में से 4.69 एकड़ तथा 2.44 एकड़ कुल रकबा 7.13 एकड़ भूमि का अर्जन राजस्व प्रकरण क्रमांक 02/अ-82/1969-70 आदेश दिनांक 08/10/1971 एवं प्रकरण क्रमांक 66/अ-82/1969-70 दिनांक 27/01/1971 को निजी भूमिस्वामी से अर्जन किया गया है। म.प्र. शासन सिंचाई विभाग द्वारा अर्जित की गयी भूमि में से आदिम जाति कल्याण विभाग को छात्रावास निर्माण के लिये 0.1240 हे. भूमि कलेक्टर महोदय द्वारा आवंटित की गयी। जिसका वर्तमान सर्वे नंबर 155/15 है। उक्त दस्तावेजों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–''ब''अनुसार है। इसके अतिरिक्त म.प्र. शासन सिंचाई विभाग द्वारा अर्जित की गयी भूमि में तहसील कार्यालय एवं तवा कॉलोनी, उत्कृष्ट हाई स्कूल एवं व्यवहार न्यायालय भी निर्मित,स्थित एवं संचालित है। (ग) टिमरनी में स्थित शासकीय वन डिपो को अन्यत्र स्थानांतरित करने हेतु वन विभाग के अधिकारियों को ग्राम बघवाड़, रायबोर, नौसर, मेंडियाखेडी में भूमियां विकल्प के रूप में चिन्हित की गयी है। (घ) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। राधास्वामी स्कूल के प्रांगण में स्थित मैदान के सम्बन्ध में राधास्वामी ट्रस्ट द्वारा माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में रिट पीटिशन क्रमांक 10193/2023 में आदेश दिनांक 04/10/2024 द्वारा यथा स्थिति बनाए रखने के आदेश होने के कारण उक्त भूमि खेल मैदान के लिये आवंटित करने के सम्बन्ध में निर्णय नहीं लिया जा सकता है। स्थगन आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–''स'' अनुसार है।
निजी भूमि का अर्जन
[राजस्व]
23. ( क्र. 385 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2014 से लागू भूमि अर्जन के 2013 में बने कानून की धारा 24 (2) में प्रतिकर का सदाय नहीं किया हो तो कार्यवाहियों के संबंध में यह समझा जावेगा कि वह व्यपगत हो गई है एवं भूमि अर्जन की कार्यवाही नए सिरे से की जावेगी'' के प्रावधान के बाद भी प्रश्न क्रमांक 358 दिनांक 18/12/2024 में बताई गई ग्राम टिकारी की भूमि के अर्जन की कार्यवाही प्रश्नांकित दिनांक तक भी प्रारंभ नहीं करने का क्या कारण हैं। (ख) ग्राम टिकारी की भूमि खसरा क्रमांक 1078 रकबा 2.57 का कब्जा किस दिनांक को लिया, अवार्ड आदेश किस दिनांक को दिया, कलेक्टर बैतूल को उद्योग विभाग ने किस दिनांक को राशि का भुगतान किया वह राशि आर.डी.एकाउन्ट में किस बैंक खाते में किस दिनांक को जमा की गई वर्तमान में वह राशि किस बैंक एकाउन्ट में जा हैं। (ग) कृषक चन्द्रशेखर, रामशंकर, शंभूरतन आ. छोटेलाल को मुआवजा राशि प्राप्त करने के संबंध में कलेक्टर बैतूल या भू-अर्जन अधिकारी बैतूल या जिला उद्योग केन्द्र ने किस-किस दिनांक को सूचना पत्र दिए? (घ) धारा 24 (2) के अनुसार कब तक कार्यवाही की जावेगी समय-सीमा सहित बतावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) संबंधित कृषकों द्वारा स्वयं मुआवजा राशि प्राप्त नहीं की गई। उद्योग विभाग द्वारा वर्ष 1974 में ही प्रश्नगत भूमि का कब्जा प्राप्त कर लिया गया है। अत: भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 उक्त खसरा नम्बर 1078 रकबा 2.57 के कृषकों पर उक्त प्रावधान लागू नहीं होने के कारण कार्यवाही प्रारंभ नहीं की गई। (ख) ग्राम टिकारी की भूमि खसरा क्रमांक 1078 रकबा 2.57 का कब्जा दिनांक 17.12.1974 को उद्योग विभाग को दिया गया। दिनांक 28.06.1978 को अवार्ड पारित किया किया गया। उद्योग विभाग के द्वारा दिनांक 27-03-1979 को क्षतिपूति राशि का प्रदाय किया गया। प्रतिकर की राशि कोषालय में आर.डी. में जमा किये जाने संबंधी चालान की प्रति संलग्न परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ग) संबंधित कृषकों को मुआवजा राशि प्राप्त किये जाने हेतु कलेक्टर बैतूल के सूचना पत्र दिनांक 05.05.1979 को जारी किया गया था, प्रति संलग्न परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (घ) प्रकरण में भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 24 (2) के प्रावधान लागू नहीं होने के कारण समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
पुलिस थानों में दर्ज मुकदमों पर कार्यवाही
[राजस्व]
24. ( क्र. 423 ) श्री कामाख्या प्रताप सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या छतरपुर जिला अंतर्गत ग्राम दौरिया के खसरा नं. 850 में शासकीय भूमि पर निर्मित अवैध निर्माण पर कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो कब्जा कब हटाया? कब्जा न हटाने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जावेगी? (ख) ग्राम दौरिया के खसरा नं. 90 में किसका कुल कितने एरिया में शासकीय भूमि में कब्जा है? यह शासकीय भूमि किस उपयोग हेतु विभाग द्वारा आवंटित की है/कार्यवाही प्रचलन में है? यदि हाँ, तो विभाग/प्रशासन द्वारा कब तक कब्जा से मुक्त कराया जायेगा? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार खसरा पर कब्जाधारियों पर कब तक कार्यवाही की जायेगी? नहीं तो क्यों नहीं? (घ) क्या कब्जाधारियों पर किस-किस थानों में कौन-कौन सी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज है? दर्ज मुकदमों पर पुलिस द्वारा कब तक कार्यवाही की जावेगी?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) ग्राम दौरिया अंतर्गत खसरा नं. 850 में श्री धीरज सिंह तनय वीरसिंह ठाकुर का मकान के पीछे का कोना व सेप्टिक टेन्क बना पाया गया जिसका अतिक्रमण प्र.क्र. 0009/अ-68/2024-25 आदेश दिनांक 11/09/2024 को बेदखली आदेश पारित किया गया था वर्तमान में उक्त प्रकरण की अपील क्र.185/अपील/2024-25 अनुविभागीय अधिकारी नौगांव के न्यायालय में प्रचलित है। (ख) ग्राम दौरिया के खसरा नं. 90 पर रामप्रताप तनय वीरसिंह ठाकुर का कब्जा था जिसकी रिपोर्ट हल्का पटवारी द्वारा दी गई थी जिसका प्रकरण क्रमांक 0071/अ-68/2024-25 दर्ज किया गया दिनांक 04.02.2025 को बेदखली का आदेश पारित किया गया एवं अनावेदक को मौके से बेदखल किया गया। पटवारी रिपोर्ट के आधार पर शासकीय भवन पर अनाधिकृत कब्जा हटाने का प्रकरण क्रमांक 0071/अ-68/24-25 दर्ज कर अनावेदक को बेदखल कर दिया गया है। वर्तमान में खसरा नं. 90 में स्थित शासकीय भवन खाली है। यह शासकीय भूमि उपस्वास्थ्य केंद्र दौरिया के लिए आबंटित किए जाने हेतु प्रकरण प्रचलित है। (ग) उत्तरांश (क) में खसरा नं. 850 के प्रकरण क्रमांक 0009/अ-68/2024-25 आदेश दिनांक 11.09.2024 को बेदखली का आदेश पारित किया गया जिसकी अपील धीरज सिंह द्वारा अपील क्रमांक 185/अपील/24-25 अनुविभागीय अधिकारी नौगांव के न्यायालय में विचाराधीन है। उत्तरांश (ख) अनुसार खसरा पर कब्जाधारी को बेदखल कर दिया गया है। (घ) प्रश्नांश (क) के अनुसार कब्जाधारी श्री धीरज सिंह तनय वीर सिंह के विरूद्ध दर्ज अपराध की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
अवैध कब्जा हटाने हेतु की गई कार्यवाही
[राजस्व]
25. ( क्र. 424 ) श्री कामाख्या प्रताप सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राजस्व प्रकरण क्रमांक 10227/अ-68/2020-21 दिनांक 20.07.2021 का तहसीलदार नौगांव द्वारा निर्णय पारित किया गया? जिसमें खसरा नं. 104 पर अवैध कब्जा पाया गया है? यदि हाँ, तो उक्त अवैध कब्जा हटाने के लिए विगत 4 वर्षों में क्या-क्या कार्यवाही की गई। कब्जा नहीं हटाने के क्या कारण है। अवैध कब्जा कब तक हटा दिया जावेगा समय-सीमा बतायें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) वर्णित अवैध अतिक्रमण के संबंध में वहां पर पदस्थ पंचायत सचिव को निलंबित किया गया एवं जाँच भी जारी है? पंचायत सचिव के विरूद्ध जाँच लंबित है तो कब तक पृथक कर दोषियों के विरूद्ध एवं अवैध कब्जा हटाने की कार्यवाही की जावेगी? समय-सीमा बतायें। क्या पंचायत सचिव को आदर्श आचार संहिता में निलंबित किया गया था? यदि हाँ, तो बर्खास्त की कार्यवाही कब की जावेगी। नहीं तो क्यों? (ग) क्या सागर संभाग द्वारा पारित निर्णय दिनांक 30.12.2024 पंचायत सचिव को पुनः उसी पंचायत में पदस्थ किस नियम के तहत किया है? जांच लंबित होने तक अन्य पंचायत में कब तक पदस्थ किया जावेगा समय-सीमा बतायें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ, प्रकरण क्रमांक 10227/अ-68/2020-21 में ख.न. 104 पर अवैध कब्जा पाया गया। राजस्व प्रकरण क्रमांक 0227/अ-68/2020-21 में पारित आदेश दिनांक 20.07.2021 को न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) नौगांव के प्रकरण क्रमांक 0053/अपील/2021-22 में पारित आदेश दिनांक 20.07.2023 के द्वारा अपास्त किया गया जिससे कब्जा हटाने की कार्यवाही नहीं की गई। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' में है। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ख) ग्राम पंचायत सचिव द्वारा न्यायालय तहसीलदार नौगांव के प्रकरण क्रमांक 01/3-68/2021-22 में पारित आदेश दिनांक 24.02.2022 पारित आदेश दिनांक 24.02.2022 का पालन नहीं किये जाने कार्यालय कलेक्टर जिला छतरपुर के आदेश क्रमांक 123/स्थापना/2024 दिनांक 03.07.2024 के द्वारा सचिव ग्राम पंचायत बिलहरी को निलंबित किया गया। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' में है। कार्यालय कलेक्टर जिला छतरपुर के आदेश क्रमांक 721/पन्द्रह/निर्वाचन/2023 दिनांक 13.01.2023 के द्वारा सचिव ग्राम पंचायत बिलहरी को भ्रमण के दौरान संपत्ति विरूपण आदि की कार्यवाही होना नहीं पाया गया जो कि आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन होने से सचिव ग्राम पंचायत बिलहरी को निलंबित किया गया। तत्पश्चात कार्यालय मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत छतरपुर के आदेश क्रमांक 03/जि.पं./पंचायत प्रकोष्ठ/2024 दिनांक 12.01.2024 के द्वारा निलंबन से बहाल करते हुए विभागीय जाँच संस्थित की गई। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'स' में है। विभागीय जाँच की कार्यवाही प्रचलन में है, जिसका निराकरण 3 माह में कर लिया जायेगा। उत्तरांश (क) के अनुक्रम में अवैध कब्जा के संबंध में वर्तमान में प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ग) न्यायालय कमिश्नर सागर संभाग सागर के प्रकरण क्र. 0252/अपील/2024-25 आदेश दिनांक 30.12.2024 अनुसार कलेक्टर जिला छतरपुर के आदेश को निरस्त करते हुए सचिव को निलंबन से यथावत बहाल किये जाने से पंचायत सचिव को यथावत् पदस्थ किया गया तथा इनके विरुद्ध पूर्व से संस्थित विभागीय जाँच को 03 माह में निराकृत किए जाने हेतु आदेशित किया गया है। विभागीय जाँच की कार्यवाही प्रचलन में है। अन्य पंचायत में पदस्थापना का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है।
महाकाल नगरी उज्जैन में नागरिकों के साथ दोहरे मापदंड
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
26. ( क्र. 455 ) श्री महेश परमार : क्या राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या महाकाल मंदिर प्रबंध समिति मंदिर की दान राशि का दुरुपयोग करते हुए महाकाल मंदिर क्षेत्र के विस्तारीकरण में आने वाले मकानों जमीनों को मुआवजा राशि प्रदान कर रही हैं? यदि हाँ, तो श्री महाकालेश्वर मंदिर अधिनियम की किन-किन धाराओं और प्रावधानों के तहत दान की राशि का दुरुपयोग किया जा रहा हैं? (ख) क्या दूसरी तरफ उज्जैन नगर के नागरिकों के साथ सौतेला व्यवहार करते हुए सड़कों के चौड़ीकरण में जो भाग मकान या जमीन का आता है उसके मालिक को मुआवजा राशि देने का सरकार ने कोई प्रावधान नहीं किया? नागरिकों के साथ इस सौतेले व्यवहार के लिए क्या मोहन सरकार जिम्मेदार नहीं हैं? (ग) क्या सरकार सभी को समान मानते हुए उक्त जमीनों के अधिग्रहण के लिए एफ.ए.आर. एवं सभी को समान रूप से मुआवजा देगी? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) महाकाल मंदिर क्षेत्र में मुआवजा किसके द्वारा दिया जा रहा हैं? शासन की स्मार्ट सिटी मद/नगर निगम उज्जैन/श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति के दान से प्राप्त राशि से क्या मुआवजा दिया जा रहा हैं? पूर्ण विवरण दें। (ड.) नगर के चौड़ीकरण एवं महाकाल के विस्तारीकरण हेतु कितनी-कितनी जमीन मकान पर नगर निगम उज्जैन द्वारा अधिग्रहण की कार्यवाही की जा रही हैं? अलग-अलग जानकारी सर्वे क्रमांक एवं भुगतान राशि के साथ उपलब्ध करावे।
राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा दान राशि का दुरूपयोग नहीं किया गया, अपितु श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या को दृष्टिगत रखते हुए विभिन्न आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भू-अर्जन अधिनियम 2013 के अंतर्गत भूमि अधिग्रहित की गई, भूमि रकबा 0.175 हे. पर फैसेलिटी सेंटर 02 (मानसरोवर भवन), त्रिवेणी संग्रहालय के समीप 4.452 हे. भूमि सरफेस पार्किंग, भव्य अन्नक्षेत्र, अतिथि निवास इत्यादि का निर्माण श्रद्धालुओं की सुविधार्थ कराया गया है, जिसमें दानराशि का दुरूपयोग करने का प्रश्न ही उत्पन्न नहीं होता। (ख) एवं (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (घ) श्री महाकालेश्वर मंदिर परिक्षेत्र में श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति एवं शासन द्वारा मुआवजा राशि दी गई है जिसका पूर्ण विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
अपूर्ण उत्तर के पूर्ण उत्तर का प्रदाय
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
27. ( क्र. 481 ) श्री राजेश कुमार शुक्ला : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 176 (क्र. 1618) दिनांक 18 दिसंबर 2024 की जानकारी यदि प्राप्त कर ली गई हो तो बताएं कि जानकारी किस-किस कार्यालयों से एकत्रित करने हेतु पत्राचार किया गया। सभी स्तर से किस तिथि तक जानकारी प्रदाय करने के निर्देश थे। किए गए पत्राचार एवं उसके प्रति उत्तर में क्या जानकारी भेजी गई। विवरण दें। (ख) निर्धारित तिथि तक ऐसी जानकारी प्रस्तुत नहीं करने पर विभाग ने क्या कार्यवाही की।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : जी हाँ। दिनांक 30/01/2025 से किये गये पत्राचार की प्रति एवं प्रश्न क्रमांक 1618 के उत्तर की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
आर.टी.ई. के तहत निःशुल्क शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों की सूची
[स्कूल शिक्षा]
28. ( क्र. 558 ) सुश्री मंजू राजेन्द्र दादू : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला बुरहानपुर अन्तर्गत शिक्षा विभाग एवं आदिमजाति कल्याण विभाग अन्तर्गत आर.टी.ई. के तहत कितने विद्यार्थी के, किस विद्यालय, किस कक्षा में निःशुल्क शिक्षा प्राप्त कर रहे है, की सूची उपलब्ध कराये। इन सभी अध्यनरत विद्यार्थी को किस आधार पर चयनित किया गया विवरण, निर्देश सहित पत्रों की प्रति उपलब्ध करायें। (ख) जिला बुरहानपुर अन्तर्गत आर.टी.ई. के तहत अध्यनरत विद्यार्थी के माता एवं पिता का व्यवसाय, नौकरी, समग्र आई.डी., परिवार के मुखिया का मूल निवास स्थान, यदि माता-पिता शासकीय नौकरी में है तो उनका पदनाम, कार्यालय का नाम, प्राप्त वेतन की संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) क्या जिला बुरहानपुर अन्तर्गत ऐसे विद्यार्थी है, जिनके माता-पिता शासकीय सेवा में है एवं उनके बच्चे आर.टी.ई. के तहत निःशुल्क शिक्षा प्राप्त कर रहे है। यदि हाँ, तो सूची देवें। शासन स्तर से ऐसे प्रकरणों में क्या कार्यवाही, कब तक की जावेगी? (घ) क्या आर.टी.ई. के तहत शासकीय सेवा में कार्यरत माता-पिता (जो आयकर दाता है) के बच्चे निःशुल्क शिक्षा प्राप्त कर सकते है यदि हाँ, तो विवरण नियम निर्देशों के तहत देवें। यदि नहीं, तो ऐसे प्रकरणों में शासन स्तर से क्या कार्यवाही कब तक की जावेगी बतायें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' एवं ''ब'' अनुसार। (ग) जी हाँ। सूची की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार। प्रवेश नियमानुसार प्रदान किए गए है। अत: शेषांश का प्रश्न ही नहीं उठता। (ग) जी हाँ। निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 12 (1) (सी) के तहत अशासकीय स्कूलों में प्रवेश हेतु शासन द्वारा वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग को चिन्हित किया गया है। जिसके विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' की कंडिका 02 एवं 03 में स्पष्ट है, शेषांश का प्रश्न ही नहीं उठता।
परिवहन विभाग द्वारा जारी हो रहे बकाया कर राशि
[परिवहन]
29. ( क्र. 595 ) श्री सुरेन्द्र सिंह हनी बघेल : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल शहरी बस सेवा में वर्ष 2023 से शहरी बसों का संचालन भोपाल नगर निगम/भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड द्वारा नगरीय सीमा से 25 कि.मी. तक संचालन किया जा रहा था, का वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक इन बसों के शहरी कर (टैक्स), जो नगर निगम/बी.सी.एल.एल. के तहत हैं पर कितना कर (टैक्स) बकाया था और कितना भरा गया का पूर्ण विवरण मय दस्तावेज प्रदाय करें एवं इस टैक्स के भरे बगैर कितनी बार विभाग द्वारा इन बसों के परमिट जारी/रिन्यू किए गए का बस क्रमांक एवं दिनांक के आधार पर गौशवारा बनाकर मय दस्तावेज प्रदाय करें। (ख) नगर निगम के स्वामित्व की बसों का मार्च 2024 में कितना कर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी/शासन को भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड भोपाल (नगर निगम, भोपाल) द्वारा जमा किया गया? इससे संबंधित विभाग द्वारा एवं बी.सी.एल.एल. द्वारा किए गए पत्राचार की छायाप्रति प्रदान करें। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार जमा राशि में स्पेयर टैक्स/इन्टरसिटी टैक्स/सिटी संचालन टैक्स कितना-कितना भरा गया? कृपया बसवार, वर्षवार जानकारी प्रदान करें। यह टैक्स किसके द्वारा एवं किस माध्यम से भरा गया का पूर्ण विवरण मय दस्तावेज प्रदाय करें। (घ) क्रमांक 2138/2024/आठ भोपाल दिनांक 02.12.2024 परिवहन विभाग द्वारा जारी किए गए पत्र के उपरांत इंदौर, जबलपुर, होशंगाबाद में कितने धारा 87 (1) (सी) अस्थाई परमिट जारी हुए और कितनों के नहीं जारी हुए का आवेदन अनुसार, शहर अनुसार पृथक-पृथक गौशवारा बनाकर मय दस्तावेज आदेश एवं नोटशीट प्रदाय करें।
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। भोपाल नगर निगम/भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड द्वारा नगरीय सीमा से 25 कि.मी. तक संचालन किये जाने वाले वाहनों के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश खण्डपीठ जबलपुर की याचिका क्रमांक 1853/2023 के क्रम में उक्त वाहनों से बकाया वसूली की कार्यवाही की गई। मध्यप्रदेश शासन, परिवहन विभाग के आदेश क्रमांक 22/1780383/2023/आठ, दिनांक 04.01.2024 के क्रम में जनता के आवागमन की सुविधा हेतु मोटरयान कर एवं शास्ति जमा किये बगैर वाहनों को माह जनवरी 2024 में अस्थाई परमिट जारी किये गये जिसकी सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। उक्त सभी वाहनों के बकाया मूल मोटरयान कर का भुगतान माह जनवरी 2024 में कर दिया गया। वाहनों के मूल मोटरयान कर जमा होने तथा शास्ति की राशि बकाया होने पर भी जनता के आवागमन की सुविधा हेतु माह मार्च 2024 में वाहनों के अस्थाई परमिट जारी किये गये जिसकी सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। (ख) नगर निगम के स्वामित्व की बसों का मार्च 2024 तक की स्थिति में बकाया कर एवं जमा किये गये कर की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है। परिवहन विभाग एवं नगर निगम द्वारा किये गये पत्राचार की छायाप्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-इ अनुसार है। (ग) वाहनों पर जमा राशि की जानकारी तत्समय परिवहन विभाग की वेबसाइट से प्राप्त की गई थी। उक्त राशि में स्पेयर टैक्स/इन्टरसिटी टैक्स/सिटी टैक्स का पृथक-पृथक विवरण अंकित नहीं होता है। भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के पत्र क्रमांक बीसीएलएल/2025/6549, दिनांक 28.02.2025 के अनुसार उक्त टैक्स भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड द्वारा ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से भरा गया। उक्त पत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-फ अनुसार है। (घ) क्रमांक 2138/2024/आठ भोपाल दिनांक 02.12.2024 परिवहन विभाग द्वारा जारी किये गये पत्र के उपरांत इंदौर, जबलपुर, होशंगाबाद में जारी हुए और जारी नहीं किये गये धारा 87 (1) (सी) के अस्थाई परमिटों की आवेदन अनुसार, शहर अनुसार गौशवारा निम्नानुसार है-
शहर का नाम |
प्राप्त आवेदन संख्या |
जारी किये गये परमिट |
जारी नहीं किये परमिट |
इंदौर |
345 |
43 |
302 |
जबलपुर |
75 |
29 |
46 |
नर्मदापुरम |
138 |
134 |
04 |
वांछित दस्तावेज आदेश एवं नोटशीट की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ज अनुसार है।
पदमा राजे कॉटन मिल के द्वारा अवैधानिक तरीके से विक्रय किए गए पट्टे
[राजस्व]
30. ( क्र. 620 ) श्री सतीश मालवीय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नागदा स्थित ग्रेसीम जिस भूमि पर स्थित है, वह पूर्व में ग्वालियर राज के गज़ट नोटिफिकेशन क्रमांक 7 एवं 70 दिनांक 17/07/1943 एवं 24/02/1945 के अनुसार शासन के पदमा राजे कॉटन मिल को दिनांक 25/05/1944 को उक्त पट्टे पर दी गयी भूमि का कब्जा दिया था? उक्त भूमि में 111.439 हेक्टेयर नागदा की एवं 245.995 हेक्टेयर भूमि मेहतवास की एवं 73.236 हेक्टेयर भूमि पाड्लियाकला की पट्टे पर दी गयी थी? (ख) क्या पट्टे की भूमि पदमा राजे कॉटन मिल ने दिनांक 29/03/1956 को ग्रेसीम को यह कहकर विक्रीत कर दी कि वह पदमा राजे कॉटन मिल कि उत्तराधिकारी इकाई है, जबकि विक्रेता को विक्रय करने का वैधानिक अधिकार नहीं था और न ही विक्रय पूर्व विक्रेताओं ने भूमि विक्रय कि शासन से किसी प्रकार कि अनुमति प्राप्त कि थी? (ग) क्या इंदौर हाईकोर्ट में दाखिल याचिका क्रमांक 1090/1989 में शासन द्वारा दिये गए उत्तर में कहा गया कि विक्रेता पदमा राजे कॉटन मिल ने पट्टे कि शर्तों का उल्लंघन किया है? यदि हाँ, तो क्या उपरोक्त विक्रय कि गयी पट्टे कि भूमि को शासन अपने आधिपत्य में लेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) तत्कालीन ग्वालियर गवर्नमेंट के द्वारा गजट नोटिफिकेशन क्रमांक 07 दिनांक 17/07/1943 में बिरला ब्रदर्स को टेक्सटाईल्स मिल्स हेतु कुल 1202 बीघा 16 बिस्वा शासकीय भूमि दी गई थी। ग्वालियर गवर्नमेंट के द्वारा गजट नोटिफिकेशन क्रमांक 70, दिनांक 24/02/1945 के द्वारा बिरला ब्रदर्स को पदमावती राजे काटन मिल्स, नागदा निर्माण हेतु कुल 577 बीघा 22 बिस्वा शासकीय जमीन गजट नोटिफिकेशन के द्वारा कारखाना निर्माण हेतु दी गई। (ख) प्रश्नागत भूमियों के संबंध में एसएलपी क्रमांक 15837/2019 माननीय सर्वोच्च न्यायालय में शासन विरूद्ध ग्रेसिम इंडस्ट्रीज प्रचलित है, शेष प्रश्नांश माननीय न्यायालय के अधीन है। (ग) प्रश्नागत भूमियों के संबंध में एसएलपी क्रमांक 15837/2019 माननीय सर्वोच्च न्यायालय में शासन विरूद्ध ग्रेसिम इंडस्ट्रीज प्रचलित है, शेष प्रश्नांश माननीय न्यायालय के अधीन है।
स्वीकृत उप स्वास्थ्य केंद्रों की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
31. ( क्र. 622 ) श्री सतीश मालवीय : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) घट्टिया विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक कितने नवीन उप स्वास्थ्य केन्द्र कहाँ-कहाँ स्वीकृत हुए हैं? इनकी लागत कितनी है? स्वीकृत कितने उप स्वास्थ्य केन्द्र पूर्ण हो चुके है? कितने अपूर्ण हैं एवं कितने कार्य प्रारंभ नहीं हो पाये हैं? सम्पूर्ण दस्तावेजी जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) उप स्वास्थ्य केन्द्र की निर्माण एजेन्सी कौन-कौन से हैं एवं किस उप स्वास्थ्य केन्द्र के निर्माण में कितनी राशि का भुगतान किया गया है? उप स्वास्थ्य केन्द्रवार सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) निर्माणाधीन उप स्वास्थ्य केन्द्र या पूर्ण हो चुके उप स्वास्थ्य केन्द्र में गुणवत्ता के निर्माण गुणवत्ता के संबंध में किस-किस अधिकारियों द्वारा कब-कब कहाँ-कहाँ निरीक्षण किया गया एवं निर्माण में लाई गई कौन-कौन सी सामग्री का परीक्षण लेब में किया गया? निरीक्षण की स्थानवार दिनांकवार, सामग्री टेस्टिंग की भी स्थानवार सम्पूर्ण जानकारी प्रतिवेदन सहित उपलब्ध करावें। (घ) उप स्वास्थ्य केन्द्र के निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग या अन्य प्रकार की कितनी शिकायतें कहाँ-कहाँ, कौन-कौन से अधिकारियों को प्राप्त हुई है? शिकायतों की जाँच रिपोर्ट सहित संपूर्ण जानकारी देवें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। (घ) निर्माण कार्य एवं सामग्री के संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता हैं।
राजस्व विभाग द्वारा चलाये जा रहे राजस्व अभियान
[राजस्व]
32. ( क्र. 623 ) श्री सतीश मालवीय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन जिले में विगत 1 वर्ष में राजस्व अभियान के तहत कितने प्रकरण त्रुटि सुधार, बंटवारा, नक्शा सुधार, नामांतरण एवं सीमांकन किए गए हैं एवं कितने प्रकरण लंबित हैं? प्रकरणवार सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) उज्जैन जिले के कितने पटवारियों को राजस्व कार्यालय/अन्य कार्यालयों में संयोजित (अटेचमेन्ट) कहाँ-कहाँ, किस-किस का एवं कितने समय से किया गया है? संयोजन (अटेचमेन्ट) के नियम क्या हैं? क्या संयोजन नियमानुसार किया गया है? सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) क्या पटवारियों के संयोजित (अटेचमेन्ट) किए जाने से शासन के महत्वपूर्ण राजस्व अभियान प्रभावित नहीं हो रहा है? यदि प्रभावित हो रहा है तो शासन हित में पटवारियों का संयोजन (अटेचमेन्ट) कब तक समाप्त कर हल्के में पदस्थ किया जावेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) उज्जैन जिले में विगत 1 वर्ष में राजस्व अभियान के तहत प्रकरणों की जानकारी निम्नानुसार है :-
मद |
दर्ज संख्या |
निराकृत संख्या |
लम्बित प्रकरण |
त्रुटि/नक्शा सुधार |
4201 |
3175 |
679 |
बंटवारा |
7860 |
6882 |
948 |
नामांतरण |
68456 |
61817 |
7784 |
सीमांकन |
12970 |
11866 |
659 |
(ख) उज्जैन जिले के 21 पटवारियों को राजस्व कार्यालयों में संयोजित (अटेचमेंट) किया गया है कहाँ और कब से किया है सूची संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। प्रशासनिक कार्य सुविधा की दृष्टि से पटवारी को वर्कलोड पटवारी के रूप में संयोजित किया जाता है। (ग) शासन के महत्वपूर्ण राजस्व अभियान में जिला उज्जैन द्वारा प्रभावी कार्य किया गया है। राजस्व अभियान की विभिन्न मदों में प्रकरणों के निराकरण का प्रतिशत 90 है। अत: विभिन्न कार्यालयीन कारणों से किये गये पटवारियों के संयोजन से राजस्व अभियान प्रभावित नहीं हो रहा है। प्रशासकीय कार्य सुविधानुसार संयोजित पटवारियों को हल्के में पदस्थ किया जावेगा।
महाकाल मंदिर पर खर्च का ब्योरा
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
33. ( क्र. 639 ) डॉ. चिंतामणि मालवीय : क्या राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2024 से 31 दिसम्बर 2024 के बीच महाकाल मंदिर निर्माण/जीर्णोद्धार तथा अन्य मद में कितनी राशि स्वीकृत हुई? (ख) स्वीकृत राशि को कहाँ-कहाँ खर्च किया गया। (ग) निर्माण/जीर्णोद्धार के लिए किन-किन ठेकेदारों को ठेका दिया गया उनकी सूची देवें। (घ) निर्माण/जीर्णोद्धार के लिए जारी की गई निविदा में कौन से प्रक्रिया ऑनलाईन अपनाई गई अथवा ऑफलाईन?
राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) बजट स्वीकृत राशि स्वीकृत मद के अन्तर्गत ही खर्च किया जाता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (घ) निर्माण/जीर्णोद्धार के लिये जारी की गई निविदा में ऑनलाईन प्रक्रिया अपनाई गई।
दखल रहित भूमि के आवंटन का प्रकरण
[राजस्व]
34. ( क्र. 655 ) डॉ. योगेश पंडाग्रे : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्न क्रमांक 1048 दिनांक 18 दिसम्बर 2024 में बताई गई बैतूल जिले की 74612.478 हेक्टेयर एवं बालाघाट जिले की 97823.920 हेक्टेयर वर्किंग प्लान में शामिल दखल रहित भूमियों को आवंटित किए जाने का कोई प्रकरण कलेक्टर बैतूल के यहाँ प्रश्नांकित दिनांक तक भी पंजीबद्ध नहीं किया गया। (ख) किस ग्राम की कितनी दखल रहित भूमि, कितनी निजी भूमि वन विभाग ने वर्किंग प्लान, एरिया रजिस्टर, वनकक्ष इतिहास, वनकक्ष मानचित्र में शामिल कर संरक्षित वन प्रतिवेदित करते हुए कब्जे में ले ली है। (ग) दखल रहित भूमि वन विभाग को आवंटित करने का प्रकरण कलेक्टर के कार्यालय की दायरा पंजी में किस क्रमांक पर किस दिनांक को पंजीबद्ध किया, किस दिनांक को वन विभाग को दखल रहित भूमि का कब्जा राजस्व विभाग ने सौंपा। (घ) दखल रहित भूमि को आवंटित किए बिना एवं कब्जा सौंपे बिना वन विभाग ने किस प्रावधान के अनुसार वर्किंग प्लान में दर्ज कर कब्जा कर लिया है।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) प्रश्न क्रमांक 1048 दिनांक 18 दिसम्बर 2024 में बैतूल जिले की बताई गई 74612.478 हेक्टेयर भूमि वर्किंग प्लान में शामिल दखिल रहित भूमियों को आवंटित किये जाने के संबंध में प्रकरण न्यायालय कलेक्टर में प्रचलित न होकर प्रावधान अनुसार वन व्यवस्थापन अधिकारी संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के न्यायालयों में दर्ज होकर प्रचलित है। वन विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार वर्किंग प्लान में शामिल भूमियों का रकबा 74612.478 न होकर वस्तुत: 74031.853 हे. है। (ख) जिला बैतूल वन विभाग से प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। जिला बालाघाट वनमंडलाधिकारी दक्षिण/उत्तर सा. वनमंडल बालाघाट के वनखंड में मध्यप्रदेश राजपत्र में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा-29 एवं धारा-4 में विभिन्न अधिसूचनाओं द्वारा प्रकाशित रकबा 97823.920 हे. भूमि को वर्किंग प्लान में दर्ज कर संरक्षित वन प्रतिवेदित करने हुये कब्जे में ली गई है। (ग) उत्तरांश (क) के उत्तर के अनुक्रम कोई प्रकरण कलेक्टर न्यायालय में दर्ज नहीं है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जिला बैतूल वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश राजपत्र में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 29 एवं 4 (1) में अधिसूचनाओं द्वारा भूमि वर्किंग प्लान में शामिल की गई है। धारा 4 (1) का प्रकाशन होने से उक्त भूमि वन विभाग द्वारा नियंत्रण एवं प्रबंधन की दृष्टि से भारत सरकार के अनुमोदन उपरांत कार्य आयोजना में शामिल की गई है। जिला बालाघाट :-उक्त भूमियों को वनभूमि अधिसूचित होने के कारण दक्षिण/उत्तर सा. वनमंडल बालाघाट के वनखंड में उत्तरांश (क) में वर्णित अनुसार म.प्र. राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के आधार पर प्रश्नांश में दर्शित भूमि को वर्किंग प्लान में दर्ज किया गया है।
वर्किंग प्लान में शामिल निजी भूमि का अर्जन
[राजस्व]
35. ( क्र. 656 ) डॉ. योगेश पंडाग्रे : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैतूल एवं नर्मदापुरम जिले के किस अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के समक्ष भा.व.अ.1927 की धारा 11 के तहत भूमि अर्जन का आदेश किए जाने का कौन सा प्रकरण लम्बित है उसमें किस ग्राम के किस किसान के भूस्वामी हक में दर्ज किस खसरा नम्बर का कितना रकबा शामिल है यह प्रकरण कब से लम्बित है? (ख) निजी भूमि अर्जन के संबंध में राज्य मंत्रालय भोपाल से पत्र क्र. 774/एफ 25-08/2015/10-3 दिनांक 1 जून 2015 एवं पत्र क्रमांक एफ. 25-08/2015/10-3 दिनांक 4 जून 2015 में कलेक्टर्स एवं आयुक्त को क्या-क्या निर्देश दिए गए उसका पालन किए जाने के संबंध में प्रश्नांकित दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? (ग) निजी भूमि के अर्जन की अधिसूचना की समय-सीमा समाप्त हो जाने के बाद भी अर्जन का प्रकरण निरस्त नहीं किए जाने या वन विभाग को वापस नहीं किए जाने का क्या कारण हैं, इस संबंध में धारा 4 की पुन: अधिसूचना प्रकाशन के संबंध में पत्र दिनांक 1 जून एवं 4 जून 2015 में क्या उल्लेख है? (घ) कब तक निजी भूमि अर्जन के प्रकरण निरस्त किए जावेंगे या वन विभाग को लौटाए जावेंगे?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिला बैतूल के अंतर्गत सभी अनुविभागीय अधिकारी (रा.) के कार्यालय की प्रश्नगत जानकारी निरंक है। नर्मदापुरम जिले के न्यायालयीन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं वन व्यवस्थापन अधिकारी पिपरिया जिला नर्मदापुरम में अनुविभाग पिपरिया क्षेत्रांतर्गत सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के 11 वनखण्डों, राजस्व प्रकरण क्र. 0001/अ-19 (4)/2024-25 ग्राम खामखेड़ी 15.560 हे., 0002/अ-19 (4)/2024-25 ग्राम मुआर 11.584 हे., 0003/अ-19 (4)/2024-25 ग्राम घोघरी 31.740 हे., 0004/अ-19 (4)/2024-25 ग्राम जामुनढोंगा 28.839 हे., 0005/अ-19 (4)/2024-25 ग्राम कांजीघाट 2.124 हे., 0006/अ-19 (4)/2024-25 ग्राम मोगरा 69.683 हे., 0007/अ-19 (4)/2024-25 ग्राम रोरीघाट 4.917 हे., 0008/अ-19 (4)/2024-25 ग्राम विनौरा 11.575 हे., 0009/अ-19 (4)/2024-25 ग्राम काजरी 0.692 हे., 0010/अ-19 (4)/2024-25 ग्राम बदकछार 17.433 हे. एवं 0011/अ-19 (4)/2024-25 ग्राम बरगोंदी 90.112 हे. राजस्व भूमि को भारतीय वन अधिनियम 1927 के प्रावधानों के अंतर्गत आरक्षित वन बनाने हेतु प्रकरण संस्थित कर भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 05 से 19 तक की कार्यवाही प्रचलन में है। वर्तमान में उक्त प्रकरणों में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 11 में दिए गए प्रावधानों के अंतर्गत भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 में निहित प्रावधानों के अंतर्गत धारा-11 की अधिसूचना का प्रकाशन राजपत्र में दिनांक 31/01/2025 को किया जा चुका है। उक्त अधिसूचना में किसानों की भूमि की जानकारी उल्लेखित है। अधिसूचना की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के अनुलग्नक 1 से 11 अनुसार है। (ख) निजी भूमि अर्जन के संबंध में राज्य मंत्रालय भोपाल से पत्र क्र. 774/एफ 25-08/2015/10-3 दिनाक 1 जून 2015 एवं पत्र क्रमांक एफ. 25-08/2015/10-3 दिनांक 4 जून 2015 के पालन में नर्मदापुरम जिले के न्यायालयीन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं वन व्यवस्थापन अधिकारी सोहागपुर द्वारा अनुविभाग सोहागपुर क्षेत्रांतर्गत सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के 04 वनखण्डों नांदनेर 59.789 हेक्ट., कूकरा 59.626 हेक्ट., सोनपुर 441.869 हेक्ट., चित्तौड़ पट्टन 62.934 हेक्ट., को भारतीय वन अधिनियम 1927 के प्रावधानों के अंतर्गत आरक्षित वन बनाने हेतु क्रमशः 1) -रा.प्र.क्र./0001/अ-19 (4)/2022-23, 2)-रा.प्र.क्र./0002/अ-19 (4)/2022-23, 3)-रा.प्र.क्र./0003/अ-19 (4)/2022-23 एवं 4)-रा.प्र.क्र./0004/अ-19 (4)/2022-23 प्रकरण संस्थित कर भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 05 से 19 तक की कार्यवाही प्रचलन में है। वर्तमान में उक्त प्रकरणों में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा-06 की उद्घोषणा का प्रकाशन किया जा चुका है। जिला कलेक्टर द्वारा न्यायालयीन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं वन व्यवस्थापन अधिकारी पिपरिया जिला नर्मदापुरम में अनुविभाग पिपरिया क्षेत्रांतर्गत क्षेत्रांतर्गत सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के 11 वनखण्डों, राजस्व प्रकरण क्र.0001/अ-19 (4)/2024-25 ग्राम खामखेड़ी 15.560 हे., 0002/अ-19 (4)/2024-25 ग्राम मुआर 11.584 हे., 0003/अ-19 (4)/2024-25 ग्राम घोघरी 31.740 हे., 0004/अ-19 (4)/2024-25 ग्राम जामुनढोंगा 28.839 हे., 0005/अ-19 (4)/2024-25 ग्राम कांजीघाट 2.124 हे., 0006/अ-19 (4)/2024-25 ग्राम मोगरा 69.683 हे., 0007/अ-19 (4)/2024-25 ग्राम रोरीघाट 4.917 हे., 0008/अ-19 (4)/2024-25 ग्राम विनौरा 11.575 हे., 0009/अ-19 (4)/2024-25 ग्राम काजरी 0.692 हे., 0010/अ-19 (4)/2024-25 ग्राम बदकछार 17.433 हे. एवं 0011/अ-19 (4)/2024-25 ग्राम बरगोंदी 90.112 हे. में भू-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा-11 का मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशन दिनांक 31.01.2025 किया जा चुका है। (ग) जिला बैतूल के लिये प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में जानकारी निरंक है। नर्मदापुरम जिला-प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित प्रकरणों में अनुविभाग सोहागपुर क्षेत्रांतर्गत सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के 04 वनखण्डों में धारा- 06 की उद्घोषणा का प्रकाशन किया जा चुका है एवं अनुविभाग पिपरिया क्षेत्रांतर्गत सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के 11 वनखण्डों में भू-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा-11 की अधिसूचना जारी कर मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशन किया जा चुका है। अत: समय-सीमा समाप्त होने का प्रश्न ही नहीं उठता है। (घ) भा.व.अ. 1927 की धारा 11 के तहत निजी भूमि के अर्जन के प्रकरण अनुविभागीय अधिकारियों के समक्ष लंबित नहीं होने के कारण प्रश्नगत समय-सीमा बताये जाने की आवश्यकता नहीं है। नर्मदापुरम जिला प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित प्रकरणों में अनुविभाग सोहागपुर क्षेत्रांतर्गत सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के 04 वनखण्डों में धारा- 06 की उद्घोषणा का प्रकाशन किया जा चुका है एवं अनुविभाग पिपरिया क्षेत्रांतर्गत सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के 11 वनखण्डों में भू-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा-11 की अधिसूचना जारी कर मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशन किया जा चुका है। अत: निजी भूमि अर्जन के प्रकरण निरस्त करने या वन विभाग को लौटाए जाना का प्रश्न नहीं उठता है।
तालाब से सिंचाई व अन्य व्यवस्था
[जल संसाधन]
36. ( क्र. 664 ) श्री चन्दरसिंह सिसौदिया : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गरोठ विधानसभा अन्तर्गत पालखंडा तालाब निर्माण तथा हाड़ाखों एवं गोवर्धनपुरा जलाशय के नहर निर्माण, तालाब निर्माण में किसानो का भू-अर्जन उपरांत नहरे तो बन गई, किन्तु नहर चालु क्यों नहीं की जा रही हैं? (ख) नहरों के चालु न होने से क्षेत्र के किसानों की भूमिया सिंचाई से वंचित हो रही हैं। क्या शासन इन्हें कब तक प्रारंभ करेगा? (ग) उक्त संबंध में तालाबों की मरम्मत, जल ठहराव, नहरों के प्रारंभ करने संबंधी प्रस्ताव क्या शासन को प्राप्त हुए हैं? यदि हाँ, तो उन पर क्या कार्यवाही स्वीकृति दिशा में अब तक की गई?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) गरोठ विधानसभा की तहसील गरोठ के अंतर्गत पालखण्डा तालाब निर्माण वर्ष 2008 में पूर्ण किया जाना प्रतिवेदित है। यह एक पुराना सिंचाई तालाब है इसमें मामूली पानी का रिसाव परिलक्षित होता है तत्संबंध में जल ग्रहण क्षेत्र में लिफ्ट कर किसानों द्वारा निरन्तर सिंचाई की जा रह हैं तहसील भानपुरा के अंतर्गत हाड़ाखों तालाब का निर्माण कार्य वर्ष 2012 में किया गया था। इस तालाब में पानी एक माह ही रूकता है, पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण पानी परकुलेट हो जाने से तालाब खाली हो जाना प्रतिवेदित है। इस योजना का कमाण्ड क्षेत्र भानपुरा नहर परियोजना से सिंचित हो रहा है। गोवर्धनपुरा तालाब का निर्माण कार्य की स्वीकृति दिनांक 07.12.2004 को जारी की गई थी, तालाब का लगभग शीर्ष कार्य 70 प्रतिशत एवं नहर कार्य 40 प्रतिशत पूर्ण हो चुका था। तालाब का कार्य वन विभाग की आपत्ति के कारण अवरूद्ध हो चुका था, वर्तमान में उक्त तालाब का कमाण्ड क्षेत्र में भानपुरा नहर परियोजना के कमाण्ड क्षेत्र में आने के फलस्वरूप शेष कार्य प्रारम्भ कर पूर्ण किये जाने का कोई औचित्य नहीं होना प्रतिवेदित है। (ख) एवं (ग) उक्त तालाब में नहर नहीं है किन्तु किसानों द्वारा उद्वहन कर सिंचाई हेतु पानी लिया जा रहा है, वर्तमान में इन नहरों का कार्य पुनः किया जाने का कोई भी औचित्य नहीं है, क्योंकि इन योजनाओं का कमाण्ड क्षेत्र गरोठ सूक्ष्म सिंचाई परियोजना एवं भानपुरा नहर परियोजना के कमाण्ड क्षेत्र में आ रहा है, इससे कृषकगण पानी ले रहे हैं।
सहारा समूह की सम्पत्ति के नीलामी की जानकारी
[राजस्व]
37. ( क्र. 687 ) श्री आरिफ मसूद : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पिछले 5 वर्षों में प्रदेश के किन-किन जिलों में सहारा समूह की सम्पत्ति, भूमि, भवन इत्यादि की नीलामी हुई है? सम्पत्तियों के विवरण की समस्त जानकारी सहित खरीदारों के नाम, पते तथा व्यवसायिक प्रतिष्ठानों सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) पिछले 5 वर्षों में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, सागर, उज्जैन, दमोह तथा गुना में कितने लोकेशन पर कलेक्टर गाइड-लाइन घटाई गई? लोकेशनों के नाम सहित जानकारी उपलब्ध करावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) पिछले 05 वर्षों में सहारा समूह की संपत्ति भूमि/भवन इत्यादि की नीलामी नहीं हुई है। संपत्ति के संबंध में समस्त निर्णय माननीय उच्चतम न्यायालय के अधीन है। (ख) पिछले 05 वर्षों में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, सागर, उज्जैन, दमोह तथा गुना में किसी भी लोकेशन पर कलेक्टर गाइड-लाइन घटाई नहीं गई है। कलेक्टर भोपाल के अनुसार वर्ष 2018-2019 में संपूर्ण लागू दरों में आवासीय/व्यवसायिक, सिंचित/असिंचित की संपूर्ण दरों में 20 प्रतिशत की कमी राज्य शासन द्वारा की गई है। जिला ग्वालियर में वर्ष 2023-24 कुल 02 लोकेशन पर कलेक्टर गाइड-लाइन घटाई गई। लोकेशनों के नाम ग्राम बरा एवं ग्राम अकबरपुर मुजफ्ता का सम्पूर्ण क्षेत्र है।
आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत फर्जी भुगतान
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
38. ( क्र. 697 ) श्री केशव देसाई : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सी.एच.एस. एप्पल हॉस्पिटल, गीता कॉलोनी हॉस्पिटल रोड, ग्वालियर में संचालित हैं? यदि हाँ, तो उक्त हॉस्पिटल को कब तक मान्यता दी गई? यदि हाँ, तो उक्त हॉस्पिटल के कौन-कौन संचालक हैं, उनके नाम,पिता का नाम, पता एवं पंजीयन सहित पूर्ण विवरण दें। (ख) क्या उक्त हॉस्पिटल खोलने के लिए शासन द्वारा निर्धारित पार्किंग सहित अन्य मानकों की पूर्ति की गई है? यदि हाँ, तो निर्धारित मानकों की विषयवार सूची दें। यदि नहीं, तो बिना मानकों की पूर्ति के अस्पताल की मान्यता देने के लिए कौन-कौन उत्तरदायी है? क्या इसकी जाँच कराकर कार्यवाही की जाएगी? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) उक्त हॉस्पिटल प्रारंभ होने से 31 जनवरी 2025 तक आयुष्मान भारत योजना के तहत कितने मरीजों का किन-किन बिमारियों का इलाज किया गया एवं आयुष्मान योजना के तहत कितनी-कितनी राशि के दावों (क्लेम) भुगतान प्राप्त किया गया एवं कितना भुगतान प्रस्तावित है? (घ) क्या उक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में उक्त हॉस्पिटल में आयुष्मान योजना के अंतर्गत संबंधित योजना के अधिकारी/कर्मचारियों की मिलीभगत से कागजों पर खानापूर्ति कर बिना इलाज के दावों (क्लेम) का फर्जी भुगतान प्राप्त किया गया? क्या इन दावों के नियमित रूप से डेस्क मेडिकल ऑडिट के साथ-साथ फील्ड ऑडिट भी कराया गया है? यदि हाँ, तो ऑडिट के परिणामस्वरूप अनियमितता पाए जाने पर अस्पताल को पेनल से हटाने के साथ ही सस्पेंड करने की कार्यवाही की गई है या नहीं? (ड.) क्या उक्त हॉस्पिटल में अभी तक आयुष्मान योजना के अंतर्गत मरीजों के किए गए उपचार से संबंधित दस्तावेजों की उच्च स्तरीय जाँच कराई जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। उक्त अस्पताल की मान्यता दिनांक 31.03.2027 तक वैध है। उक्त अस्पताल के पंजीकृत संचालक श्री शैलेन्द्र कुमार निरंजन पुत्र श्री राधेश्याम निरंजन, निवासी 101, ओम शांति अपार्टमेंट, हरिशंकरपुरम लश्कर है। सी.एच.एस. एप्पल हॉस्पिटल के पंजीयन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ख) कार्यालय आयुक्त, नगर-पालिका निगम, ग्वालियर द्वारा कार्यालयीन प्रकरण क्रमांक Z12W45/0308/2016/3x3/जनकार्य, दिनांक 17.05.2016 द्वारा सी.एच.एस. एप्पल हॉस्पिटल के भवन की अनुमति श्री गोविंद बागरोडिया पुत्र स्व. श्री उमाशंकर बागरोडिया, गीता कॉलोनी दाल बाजार, ग्वालियर को तल घर+भूतल+प्रथम तल+द्वितीय तल की अनुमति व्यावसायिक निर्माण हेतु प्रदत्त की गई है जिसमें वर्तमान में हॉस्पिटल संचालित है एवं तल घर में पार्किंग संचालित है। हॉस्पिटल खोलने के लिये शासन द्वारा निर्धारित मानकों की विषयवार सूची की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जी नहीं। प्रश्नांश के प्रथम भाग में दिये गये उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उक्त हॉस्पिटल प्रारंभ होने से 31 जनवरी 2025 तक आयुष्मान भारत योजना के तहत कुल 4316 मरीजों का ईलाज पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' पर उल्लेखित सूचीबद्ध बीमारी/सेवाओं हेतु किया गया है एवं आयुष्मान योजना के तहत कुल राशि रूपये 14,41,52,776/- के दावों (क्लेम) का भुगतान किया गया है तथा राशि रूपये 2,52,63,913/- के क्लेम विभिन्न स्तरों पर लंबित है। (घ) जी नहीं। आयुष्मान कार्यालय के अंतर्गत सतत् प्रक्रिया अनुसार TPA (Third Party Agency) के द्वारा विभिन्न माध्यमों से सभी संबद्ध चिकित्सालयों के समस्त प्रकरणों का परीक्षण किया जाता है। संबद्ध चिकित्सालय के द्वारा अनुबंध की शर्तों का उल्लघंन करने पर Standard Operating Procedure (SOP) के दिशा-निर्देश अनुसार चिकित्सालय पर कार्यवाही की जाती है। सी.एच.एस. एप्पल हॉस्पिटल का फील्ड ऑडिट नहीं किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) उत्तरांश ''घ'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
पवई विधानसभा में सिंचाई संसाधनों की कमी
[जल संसाधन]
39. ( क्र. 700 ) श्री प्रहलाद लोधी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पवई विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत पिछले 5 वर्षों में प्रश्न दिनांक तक कितनी सिंचाई योजनाओं की स्वीकृति शासन/विभाग द्वारा प्रदान की गई है? इनमें से कितनी सिंचाई योजनाओं के कार्य प्रारंभ किये जा चुके हैं, कितनी सिंचाई योजना के कार्य प्रारंभ किया जाना शेष है, कितनी सिंचाई योजना को कार्य पूर्ण हो चुके हैं और कितनी सिंचाई योजना का अपूर्ण है? सभी सिंचाई योजनाओं की भौतिक स्थिति की जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) केंद्र एवं राज्य सरकार की योजना हर खेत तक पानी पहुंचाने की है ऐसी स्थिति में पवई विधानसभा के किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए विभाग द्वारा कौन सी योजनाएं तैयार की जा रही है एवं इन योजनाओं का क्रियान्वयन कब होगा। (ग) क्या केन बेतवा लिंक परियोजना से पवई विधानसभा क्षेत्र के रैपुरा, शाहनगर एवं हरदुआ क्षेत्र के किसानों को सिंचाई सुविधाओं का लाभ मिलेगा? यदि नहीं, तो इन क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं हेतु सरकार की कौन-कौन सी योजनाएं हैं? (घ) क्या केन बेतवा लिंक परियोजना के कारण क्षेत्र की अधिकतर सिंचाई योजनाओं के कार्य को रोक दिया गया है, यदि हाँ, तो क्यों जबकि विधानसभा के एक बड़े क्षेत्र को केन बेतवा लिंक परियोजना का लाभ नहीं मिलना है।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) विवरण संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-''अ'' अनुसार है। (ख) जी हाँ केन्द्र व राज्य सरकार की प्रत्येक खेत तक पानी पहुंचाने की योजना है विभाग द्वारा पवई विधानसभा क्षेत्र में 09 योजनाओं के प्रस्ताव परीक्षणाधीन होना प्रतिवेदित है। विवरण संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-''ब'' अनुसार है। (ग) केन बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत पतने एवं ब्यारमा परियोजना के सर्वेक्षण कार्य में रैयपुरा, शाहनगर तहसील के ग्राम सम्मिलित नहीं होना प्रतिवेदित है। किन्तु हरदुआ क्षेत्र के ग्राम सम्मिलित होना प्रतिवेदित है। शेष उत्तरांश ''ख'' अनुसार। (घ) जी नहीं। केन बेतवा लिंक परियोजना के कारण क्षेत्र की किसी योजना का कार्य नहीं रोका गया है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
शासकीय भूमि के अपात्रों को आवंटन
[राजस्व]
40. ( क्र. 713 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्राम उत्तमपुरा में भूमि खसरा नं. 87 के पट्टे उन लोगों को प्रदत्त किये गये जो किराना व्यापारी है एवं टीकमगढ़ के निवासी है? कृषक की परिभाषा में ही नहीं आते। (ख) क्या अपर कलेक्टर टीकमगढ़ एवं आयुक्त संभाग सागर ने स्वयं निगरानी में दिनांक 06.05.2003 पट्टे निरस्त कर भूमि पर म.प्र. शासन दर्ज करने के आदेश दिये थे। (ग) क्या राजस्व मंडल का प्रकरण क्र. 580-2106 आदेश दिनांक 19.06.2012 फर्जी तैयार कर पुन: अरविन्द्र जैन और संजय जैन का नाम दर्ज कर दिया राजस्व मंडल का आदेश प्रश्नकर्ता को उपलब्ध कराया जाये? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) में वर्णित आदेशों का सत्यापन किये बिना कलेक्टर टीकमगढ़ ने म.प्र. भू.रा. संहिता 1959 की धारा 165 (7) के तहत विक्रय की अनुमति दे दी और भूमि भू-माफियाओं ने क्रय कर अपना नाम दर्ज करवा लिया।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) ग्राम उत्तमपुरा के भूमि खसरा क्रमांक 87 में पट्टे जारी किये गये थे। भूमि खसरा नं. 87/2/1 एवं 87/2/2 के पट्टाधारियों के निवास की जाँच के संबध में न्यायालय अपर कलेक्टर के द्वारा प्रकरण क्रमांक 34/स्व निगरानी/2002-03 एवं 33/स्व निगरानी/2002-03 में अनुविभागीय अधिकारी टीकमगढ़ के प्रस्ताव अनुसार संजय कुमार तनय कुंदनलाल जैन एवं अरविंद तनय कुंदनलाल जैन को टीकमगढ़ का निवासी मानते हुए तहसीलदार टीकमगढ़ द्वारा जारी पट्टों को निरस्त किया गया। न्यायालय अपर आयुक्त सागर संभाग द्वारा पुर्नीक्षण 666/अ-19/2002-03 एवं 665/अ-19/2002-03 में अपर कलेक्टर टीकमगढ़ के आदेश को यथावत रखा गया है एवं पुर्नीक्षणकर्ताओं अरविंद तनय कुंदनलाल जैन एवं संजय तनय कुंदनलाल जैन को टीकमगढ़ का निवासी होना अपने आदेश में लेख किया गया है। न्यायालय राजस्व मंडल ग्वालियर द्वारा प्रकरण 579-दो-06 एवं 580-दो-06 के द्वारा उपरोक्त न्यायलय अपर कलेक्टर टीकमगढ़ द्वारा पारित आदेश एवं न्यायालय अपर आयुक्त सागर द्वारा पारित आदेश को निरस्त किया गया है। (ख) जी हाँ। (ग) राजस्व मंडल के आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) आवेदक द्वारा प्रस्तुत आवेदन पत्र पर शासन नियमानुसार अधीनस्थ न्यायालय तहसीलदार टीकमगढ़ के प्रकरण क्रमांक 951/ब-121/2020-21 दिनांक 06.02.2021 एवं न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी टीकमगढ़ की उक्त प्रकरण में अनुशंसा दिनांक 12.02.2021 में विधिवत विस्तृत जाँच रिपोर्टों एवं आवेदकों के शपथ पत्रों के आधार पर इस न्यायालय के प्रकरण क्रमांक 07/अ-21/2020-21 आदेश दिनांक 17.02.2021 द्वारा म.प्र.भू.रा. संहिता की धारा 165 (7) में विहित प्रक्रिया अनुसार भूमि विक्रय की अनुमति जारी की गई।
शासकीय एवं निजी चिकित्सालयों की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
41. ( क्र. 740 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में कितने शासकीय एवं निजी चिकित्सा महाविद्यालय संचालित है? शासकीय एवं निजी चिकित्सा महाविद्यालयों की स्वीकृति एवं मान्यता कब-कब प्रदान की गई है? जिलेवार जानकारी उपलब्ध करावें। क्या पंजीकृत शासकीय/निजी चिकित्सा महाविद्यालय मान्यता हेतु निर्धारित मापदण्डों का पालन करते हैं? यदि मापदण्ड पूरे नहीं करते हैं, तो उन पर मान्यता रद्द हेतु क्या कार्यवाही की गई? शासकीय एवं निजी चिकित्सा महाविद्यालयवार जिलेवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में उक्त शासकीय/निजी चिकित्सा महाविद्यालय में चिकित्सक, शैक्षणिक, गैर शैक्षणिक, परा चिकित्सक सहित अन्य स्टाफ की जानकारी उपलब्ध करावें। शासकीय/निजी चिकित्सा महाविद्यालय में कितने पद स्वीकृत हैं? पदनाम सहित शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयवार जानकारी देवें। उनके विरूद्ध कितने पद रिक्त हैं? रिक्त पदों की पूर्ति कब-तक की जावेगी? समय-सीमा बतावें। (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में संचालित शासकीय/निजी चिकित्सा महाविद्यालय में कौन-कौन से पाठ्यक्रम की कितनी-कितनी फीस निर्धारित हैं? फीस निर्धारण के भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश सरकार एवं विभाग द्वारा कब-कब आदेश, निर्देश परिपत्र जारी किये? (घ) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 में कितने छात्रों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की तथा कितने छात्रों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद भी प्रवेश नहीं लिया? शासकीय/निजी चिकित्सा महाविद्यालयवार जानकारी उपलब्ध करावें। एमबीबीएस, एमडी एवं अन्य पाठ्यक्रम में कितने छात्रों ने प्रवेश लिया। (ङ) क्या शासकीय एवं निजी चिकित्सा महाविद्यालय की एमबीबीएस एवं एमडी की फीस में अंतर है? क्या निजी चिकित्सा महाविद्यालय संचालकों द्वारा मनमानी फीस वसूली जा रही है? यदि हाँ, तो किस-किस चिकित्सा महाविद्यालय की शिकायत प्राप्त हुई? शिकायत का क्या निराकराण किया गया तथा कौन-कौन दोषी पाये गये? शिकायतवार जानकारी देवें। दोषियों पर क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) वर्तमान में प्रदेश के 17 शासकीय एवं 13 निजी महाविद्यालय संचालित है। शासकीय एवं निजी चिकित्सा महाविद्यालयों की स्वीकृति एवं मान्यता की जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार। जी हाँ। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) शासकीय/निजी चिकित्सा महाविद्यालय में चिकित्सक, शैक्षणिक, गैर-शैक्षणिक पैरा चिकित्सक सहित अन्य स्टॉफ की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशष्ट-2 अनुसार है। रिक्त पदों की पूर्ति निरंतर प्रक्रिया है समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। (ग) शासकीय/निजी चिकित्सा महाविद्यालयों में निर्धारित फीस एवं फीस निर्धारण के भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश सरकार एवं विभाग द्वारा जारी आदेश, निर्देश एवं परिपत्र की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार। (घ) वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 राष्ट्रीय परीक्षा एजेन्सी में स्नातक पाठ्यक्रम के अंतर्गत क्वालिफाईड एवं प्रवेशित छात्रों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार। (ड.) जी हाँ। जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सिंचाई परियोजनाओं की जानकारी
[जल संसाधन]
42. ( क्र. 741 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल संभाग में विभाग अंतर्गत वर्ष 2014 से प्रश्नांकित अवधि तक कौन-कौनसे मद में, कौन-कौन सी योजनाओं में, कौन-कौन से निर्माण/विकास कार्य हेतु बजट आवंटित किया गया? कार्य का नाम, मद, स्वीकृत राशि, निविदा, कार्यादेश, तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति आदेश, कार्य की भौतिक स्थिति सहित तहसीलवार, जिलेवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में भोपाल एवं ग्वालियर संभाग में विभाग द्वारा कौन-कौन सी लघु, मध्यम, वृहद सिंचाई परियोजनाएं, नदी, तालाब, बैराज आदि स्वीकृत हैं तथा प्रगतिशील हैं? विकासखण्डवार लघु, मध्यम, वृहद् सिंचाई परियोजनावार, जानकारी उपलब्ध करावें। कितनी परियोजनाओं की डीपीआर बन चुकी है? कितनी परियोजनाओं की साध्यता हो चुकी है? कितनी परियोजनाओं की साध्यता होना शेष है? विस्तृत जानकारी परियोजनावार, विकासखण्डवार, जिलेवार उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में विदिशा जिले में उक्त सिंचाई परियोजनाओं का कार्य कब से प्रारंभ हैं? कार्यादेश की छायाप्रति, तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति, कार्य पूर्णतः की दिनांक सहित अभी तक हुये कार्य का विवरण एवं वर्ष 2008 से प्रश्नांकित अवधि तक सिंचाई परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति, ठेकेदार को भुगतान की जानकारी, शेष भुगतान की जानकारी का विवरण माहवार, परियोजनावार बतावें। यदि इन योजनाओं का कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है तो कार्य प्रारंभ कब-तक कर दिया जावेगा? समय-सीमा बतावें एवं विलंब के लिए दोषी कौन है? दोषी पर कब-कब क्या-क्या कार्यवाही की गई? कृत कार्यवाही की छायाप्रति तथा कार्य पूर्ण कब तक कर दिया जावेगा? (घ) विदिशा जिले में टेम सिंचाई परियोजना अंतर्गत तहसील लटेरी, जिला विदिशा के 1800 हेक्टेयर भूमि पर प्रेशराइज पाइप-लाइन द्वारा सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने हेतु स्वीकृति होने के बाद कब-कब निविदा जारी की गई? प्रशासकीय स्वीकृति एवं जारी की गई निविदा की छायाप्रति उपलब्ध करावें तथा उक्त निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर तहसील लटेरी के लिए महत्वपूर्ण योजना को कब तक प्रारंभ किया जावेगा बतावें। (ड.) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में सिरोंज विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कौन-कौन सी सिंचाई परियोजना प्रस्तावित एवं स्वीकृति हैं? सिंचाई योजना का नाम सहित जानकारी देवें तथा कब-तक स्वीकृति हो जावेगी? समय-सीमा बतावें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
नवीन जिले बनाने की प्रक्रिया/ नियम
[राजस्व]
43. ( क्र. 766 ) श्री विपीन जैन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 12/03/2024 को शासन द्वारा नवीन प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग की जारी अधिसूचना के पूर्व जारी दिनांक 28/07/2023 को नागदा को जिला बनाने की गजट अधिसूचना व दावें/आपत्तियों के निराकरण के पश्चात किन भू-राजस्व संहिता के नियमों के अधीन परीक्षणाधीन आती है? अधिसूचना का पूर्ववर्ती प्रभाव किन नियमों के अन्तर्गत आता है? छायाप्रति सहित विवरण दें। (ख) नवीन नागदा जिला बनाने के संबंध में गजट अनुसार आपत्ति नियत अवधि में निराकरण के बाद राजपत्र दिनांक 28/09/2018 के भाग-4 (ग) के नियम-05 के अन्तर्गत कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए जाने की प्रतिलिपि उपलब्ध कराएं? यदि हाँ, तो कब? नहीं तो क्यों? कब तक निर्देश दिए जाएंगे? (ग) दिनांक 28/07/2023 को गजट अधिसूचना के बावजूद शासन द्वारा विधानसभा में प्रश्न क्र. 53, 272, दिनांक 18/12/2024 व 194, दिनांक 12/02/2024 के उत्तर के अनुसार किस नियम/आदेश/परिपत्र के तहत नवीन प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग के समक्ष परीक्षण कराया जाएगा? क्या इस हेतु विधिक अधिकारियों से विधिक राय ली गई? सम्पूर्ण विवरण की छायाप्रति दें। (घ) राजस्व विभाग द्वारा भू-राजस्व संहिता की धारा-13 के अन्तर्गत जिला बनाने की प्रक्रिया एवं प्रशासकीय इकाई पुनर्गठन आयोग द्वारा जिला बनाने की प्रक्रिया में क्या समानता व अंतर है? दोनों के नियमों की छायाप्रति सहित पृथक-पृथक विवरण दें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रकरण आपत्तियां सहित आयोग के समक्ष विचाराधीन है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) आयोग के समक्ष प्रकरण विचाराधीन है शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश का अनुसार।
धर्मस्व विभाग अंतर्गत मंदिरों का जीर्णोद्धार
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
44. ( क्र. 787 ) श्रीमती छाया गोविन्द मोरे : क्या राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पंधाना विधानसभा क्षेत्र में ऐसे कितने मन्दिर है जिनका संचालन धर्मस्व विभाग द्वारा किया जाता है, सूची उपलब्ध करावें। (ख) विधानसभा क्षेत्र में ऐसे कितने मन्दिरों के जीर्णोद्धार की प्रशासनिक स्वीकृति अभी नहीं हुई है? यदि हो गई है तो क्या जीर्णोद्धार हो गया है? (ग) विधानसभा क्षेत्र के घाटीखास स्थित प्रसिद्ध गुप्तेश्वर महादेव मन्दिर, भोजाखेड़ी स्थित देवझीरी मन्दिर, रुस्तमपुर स्थित स्वयंभू शिवलिंग महादेव मन्दिर, सिरसोद स्थित प्रसिद्ध श्रीराम मन्दिर के जीर्णोद्धार की क्या कार्य योजना है? यदि कार्य योजना अब तक नहीं बनी है तो कब तक बनकर उक्त मन्दिरों का जीर्णोद्धार हो जायेगा?
राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) पंधाना विधानसभा क्षेत्र में कोई भी मंदिर धर्मस्व विभाग द्वारा संचालित नहीं हैं। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ग) पंधाना तहसील क्षेत्रातंर्गत ग्राम घाटीखास स्थित प्रसिद्ध बड़ा महादेव मंदिर वन विभाग की भूमि पर बना है एवं रूस्तमपुर स्थित गुप्तेश्वर महादेव मंदिर निजी भूमि पर बना है। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
लोकसेवकों को प्रदाय किये गये वाहन
[परिवहन]
45. ( क्र. 792 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला धार में समस्त विभागों में विगत 04 वर्षों में किस-किस अधिकारी और कर्मचारी या लोकसेवकों को प्रशासन द्वारा कौन-कौन से वाहन अनुबंध कर उपलब्ध कराए गए है? वाहन नाम, क्रमांक, प्रकार सहित वाहनों की कॉलमवार जानकारी उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित समस्त अनुबंधों की शासकीय प्रक्रिया निविदा/टेंडर किस-किस तिथि को प्रकाशित किये गए? कितनी कार्य एजेंसी ने निविदा में हिस्सा लिया तथा विज्ञापन, बिल, वाउचर साथ ही समस्त प्रकार की राशि के भुगतान संबंधित बिल, वाउचर, केस बुक के दस्तावेज उपलब्ध करावें? (ग) क्या अनुबंधित वाहन 3 वर्षों से अधिक पुराने समय अवधि के वाहनों से अनुबंध नहीं किया जा सकता? यदि हाँ, तो क्या 3 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों को भी अनुबंधित किया गया? किस कारण? स्पष्ट करें। (घ) क्या एक विभाग प्रमुख या लोकसेवकों के लिए एक निश्िचत कंपनी का वाहन अनुबंधित किये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो पृथक-पृथक विभाग के अनुबंधित वाहनों की जानकारी देवें?
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' पत्रक-1 से 26 अनुसार है। (ग) एवं (घ) जी नहीं, शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
भूमि अधिग्रहण में मुआवजा राशि की दरें
[राजस्व]
46. ( क्र. 798 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में राज्य की शासकीय योजनाओं जैसे सड़क, नहर, बांध या अन्य में निजी भूमियों के अधिग्रहण के लिये शासकीय कलेक्टर की गाइड-लाइन दर से प्रति एकड़/हेक्टेयर कितने गुना ज्यादा दर का मुआवजा देने के नियम ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में कब से लागू है? नियमों/आदेशों की एक प्रति उपलब्ध करावें? (ख) म.प्र. में केन्द्र सरकार की योजनाओं जैसे रेलमार्ग, रक्षा परियोजना या अन्य राष्ट्रीय स्तर के महत्व की योजनाओं के लिये भूमि अधिग्रहण करने में निजी भूमियों के अधिग्रहण के लिये शासकीय कलेक्टर की गाइड-लाइन की दर से प्रति एकड़/हेक्टेयर कितने गुना ज्यादा दर का मुआवजा देने के नियम ग्रामीण क्षेत्र एवं शहरी क्षेत्रों में कब से लागू है? नियमों एवं आदेशों की एक-एक प्रति उपलब्ध करावें? (ग) म.प्र. शासन की मुआवजा दरें क्या केन्द्र की मुआवजा दरों से कम है? किन-किन प्रकरणों में बिन्दुवार जानकारी दें? (घ) सतना एवं मैहर जिले में म.प्र. शासन एवं केन्द्र शासन की मुआवजा दरें ग्रामीण क्षेत्रों/शहरी क्षेत्रों में कलेक्टर गाइड-लाइन से प्रति एकड़/हेक्टेयर कितने गुना ज्यादा है? जानकारी उपलब्ध करायें?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) भू-अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के तहत निर्धारित कलेक्टर गाइड-लाइन के आधार पर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में मुआवजा का निर्धारण किया जाता है। म.प्र. शासन राजस्व विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के ज्ञाप क्र. 16-15- (1)- सात-शा 2ए-भोपाल दिनांक 29 सितम्बर 2014 के द्वारा अधिनियम 2013 (2013 का 30) की धारा 3 के खण्ड (ड़) के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग में लाते हुये राज्य सरकार, एतद द्वारा, यह अधिसूचित करती है कि किसी जिले में लोक प्रयोजन हेतु कलेक्टर को भू-अर्जन की शक्तिया प्रदत्त की गई है। अध्यक्ष केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड एवं महानिरीक्षक पंजीयन मध्यप्रदेश के द्वारा निर्धारित गाइड-लाइन वर्षवार कृषि, आवासीय, व्यवसायिक, औद्योगिक मुआवजा दरें ग्रामीण क्षेत्र एवं शहरी क्षेत्रों के लिये कृषि भूमि हेतु उपबन्ध जारी किये जाते हैं, भू-अर्जन अधिनियम 2013 की धारा 26 के तहत भूमि के बाजार मूल्य का निर्धारण तथा धारा 30 के तहत निर्धारित प्रतिकर की राशि का 100 प्रतिशत समतुल्य तोषण की रकम अधिरोपित की जाती है, साथ ही 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से संगणित कर मुआवजे का निर्धारण किया जाता है। गाइड-लाइन के आधार पर मुआवजा की दरें निर्धारित कर अवार्ड पारित किये जाते हैं, नियमों/आदेशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) म.प्र. में केन्द्र सरकार की योजनाओं जैसे रेलमार्ग, रक्षा परियोजना या अन्य राष्ट्रीय स्तर के महत्व की योजनाओं के लिये भूमि अधिग्रहण करने में निजी भूमियों के अधिग्रहण के लिये कलेक्टर की गाइड-लाइन प्रति एकड़/हेक्टेयर की दर से ग्रामीण क्षेत्र एवं शहरी क्षेत्रों में मुआवजे का निर्धारण किया जाता है। मुआवजे का निर्धारण भू-अर्जन अधिनियम 2013 की धारा 26 के तहत भूमि के बाजार मूल्य का निर्धारण तथा धारा 30 के तहत निर्धारित प्रतिकर की राशि का 100 प्रतिशत समतुल्य तोषण की रकम अधिरोपित की जाती है, साथ ही 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से संगणित कर मुआवजे का निर्धारण किया जाता है। भूमि का मूल्यांकन कारक 1 गुना के आधार पर किया जाता है। मुआवजा कलेक्टर गाइड-लाइन एवं भू-अर्जन अधिनियम 2013 के तहत ही निर्धारित किया जाता है। अधिनियम में ज्यादा दर से मुआवजा देने का नियम नहीं है। नियमों एवं आदेशों की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ग) जी नहीं। (घ) जिला सतना एवं मैहर में म.प्र. शासन एवं केन्द्र शासन की मुआवजा दरें ग्रामीण क्षेत्र एवं शहरी क्षेत्रों में मुआवजा कलेक्टर गाइड-लाइन के अनुसार हैं।
दोषी लोकसेवकों पर दंडात्मक कार्यवाही
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
47. ( क्र. 820 ) श्री मधु भगत : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला बालाघाट द्वारा वर्ष 2022-23, 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक एन.एच.एम.की राशि से कौन-कौन सी सामग्री, औषधि, उपकरण आदि स्थानीय स्तर पर क्रय किए गए? तिथिवार सूची, कीमत सहित उपलब्ध करावें। उक्तावधि में स्टोरकीपर तथा खरीदी प्रभारी लिपिक के पद पर कौन-कौन पदस्थ थे? तिथिवार, नामवार सूची उपलब्ध करावें। (ख) एन.एच.एम. की राशि से क्रय की गई समस्त प्रकार की सामग्रियों की निविदा प्रक्रिया के समस्त दस्तावेज, साथ ही क्रय समिति के प्रस्ताव तथा सक्षम अधिकारी से लिए गए अनुमोदन की नोटशीट तथा समस्त नस्तियों के दस्तावेज उपलब्ध करावें। (ग) डी.पी.एम. द्वारा प्रिंट आई.एन.जी. का कार्य स्टोर की पर से न करवा कर स्वयं ही किस नियम के आधार पर कराया जा रहा है? नियमावली, शासन का सर्कुलर की प्रतियां उपलब्ध करावें। (घ) सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपायली जिला बालाघाट में विगत 5 वर्षों से कौन-कौन से लोकसेवक कार्यरत/पदस्थ है? समस्त लोकसेवकों को विभाग प्रमुख द्वारा विगत तीन वर्षों से दिए गये कार्यों का विवरण उपलब्ध करावें। प्रश्नकर्ता के निरीक्षण में पाया गया कि एक कर्मचारी 2022, 2023, 2024 से अपनी पदस्थापना से नदारद है? उक्त कर्मचारी अनुपस्थित होने के बावजूद भी वेतन आहरण कैसे किया गया? बतायें। सार्थक एप की उपस्थिति के दस्तावेज विगत तीन वर्षों के उपलब्ध करायें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' एवं ''ब'' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार। (ग) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश भोपाल के पत्र क्रमांक 4359 दिनांक 02.06.2023 के अनुसार एन.एच.एम. अंतर्गत गतिविधियों का क्रियान्वयन जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई द्वारा नियमानुसार किया जाता है। सर्कुलर की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ई'' अनुसार। सामु.स्वा. केन्द्र रामपायली में पदस्थ शासकीय सेवकों से उनके पद के अनुरूप ही कार्य लिया जा रहा है। सामु.स्वा. केन्द्र रामपायली में कोई भी कर्मचारी अपनी पदस्थापना से अनुपस्थित नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। सामु.स्वा.केन्द्र रामपायली में कर्मचारियों द्वारा सार्थक एप के स्थान पर उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर किया जा रहा है। उपस्थिति पंजी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''फ'' अनुसार।
जिला शिक्षा केन्द्र द्वारा क्रय सामग्री
[स्कूल शिक्षा]
48. ( क्र. 822 ) श्री मधु भगत : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्न दिनांक की स्थिति में भी जिला पंचायत का अध्यक्ष जिला शिक्षा केंद्र में जिला क्रय समिति का अध्यक्ष है और जिला नियुक्ति समिति में भी सदस्य हैं? (ख) क्या राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के द्वारा अपने आदेश क्रमांक 7912 भोपाल दिनांक 03.11.2015 में परिवर्तन किया गया है? यदि हाँ, तो परिवर्तन करने के लिए जिस बैठक में निर्णय लिया गया है संपूर्ण कार्यवाही का विवरण दीजिए? (ग) जिला शिक्षा केंद्र बालाघाट में वर्ष 2022-23 से लेकर प्रश्न दिनांक तक कुल कितनी राशि की सामग्री क्रय की गई है? क्रय की गई समस्त राशि की नोटशीट, बिल, वाउचर, टेंडर, कैश बुक की प्रमाणित प्रति देवेंl (घ) जनवरी 2022 से लेकर प्रश्न दिनांक की स्थिति में जिला शिक्षा केंद्र के द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावास, कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास एवं ए.पी.सी.,brc,bac,cac के पदों पर कब-कब नियुक्ति की गई? भर्ती संबंधी समस्त अभिलेख देवें एवं किस-किस भर्ती में प्रक्रिया में जिला पंचायत अध्यक्ष को सम्मिलित किया गया है? और किस-किस बैठक में नहीं किया गया है? बैठक का सम्पूर्ण रिकॉर्ड देवें? (ड.) सीधे कलेक्टर से अनुमोदन लेकर समिति की बैठक न बुलाने के मामले में शासन डीपीसी बालाघाट के विरुद्ध जाँच के आदेश जारी करेगा या नहीं?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) एवं (ख) जिला पंचायत अध्यक्ष जिला स्तरीय कय समिति के अध्यक्ष थे परन्तु राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक दिनांक 21.10.22, 17.05.2023, 31.07.2024 एवं 26.11.2024 में निर्णय लिया गया है कि राज्य स्तरीय क्रय समिति द्वारा निर्धारित किये जाने वाले स्पेसिफिकेशन अनुसार सामग्री का क्रय समिति द्वारा निर्धारित किये जाने वाले स्पेसिफिकेशन अनुसार सामग्री का क्रय जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा जेम पोर्टल के माध्यम से की जावें। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 पर है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 2 पर है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 पर है। जिला शिक्षा केन्द्र में भर्ती/नियुक्ति संबंधी प्रक्रिया में जिला पंचायत अध्यक्ष को सम्मिलित किया गया। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ प्रदाय किया जाना
[स्कूल शिक्षा]
49. ( क्र. 827 ) श्री सुनील उईके : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्य प्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा व्याख्याता तथा प्राचार्य को 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ दिया गया है यदि हाँ, तो इस विभाग में कार्यरत सहायक शिक्षक एवं उच्च श्रेणी शिक्षकों को इस लाभ से वंचित क्यों रखा गया है क्या शासन इन्हें भी चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ देगा यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों? (ख) क्या राज्य शिक्षा सेवा अंतर्गत कार्यरत उच्च माध्यमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक एवं प्राथमिक शिक्षकों को भी प्रश्नांश (क) अनुसार लाभ प्रदाय किया जायेगा। यदि नहीं, तो क्यों।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। सहायक शिक्षक एवं उच्च श्रेणी शिक्षक संवर्ग को चतुर्थ समयमान वेतनमान का वर्तमान में प्रावधान नहीं है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उच्च माध्यमिक शिक्षक को चतुर्थ समयमान वेतनमान का प्रावधान है। प्राथमिक शिक्षक एवं माध्यमिक शिक्षक संवर्ग को चतुर्थ समयमान वेतनमान का प्रावधान नहीं है।
उच्च पद का प्रभार
[स्कूल शिक्षा]
50. ( क्र. 828 ) श्री सुनील उईके : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्य प्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्राचार्य हायर सेकेंडरी के कितने पद रिक्त हैं। (ख) क्या शासन इन रिक्त पदों पर ऐसे व्याख्याता जो कि वर्तमान में प्राचार्य हाईस्कूल का उच्च पद प्रभार प्राप्त कर कार्यरत हैं, उन्हें रिक्त प्राचार्य हायर सेकेंडरी के पद पर उच्च पद का प्रभार प्रदाय करेंगे। यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या वर्ष 2022-23 में प्राचार्य हायर सेकण्डरी एवं प्राचार्य हायर सेकण्डरी के पद को एकीकृत कर समान घोषित करने का निर्णय लिया गया था। यदि हाँ, तो यह निर्णय कब तक लागू किया जायेगा? यदि नहीं, तो क्यों?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) मध्यप्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत प्राचार्य उ.मा.वि. के 2577 पद रिक्त हैं। (ख) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
गोटेगांव विधानसभा के स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों पर पूर्ति
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
51. ( क्र. 839 ) श्री महेन्द्र नागेश : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या गोटेगांव विधानसभा में स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत रिक्त पद है? जिस पर अभी वर्तमान समय तक रिक्त पदों पर पूर्ति नहीं हुई हैं। यदि हाँ, तो रिक्त पदों पर पूर्ति कब तक होगी? यदि नहीं, तो क्यों नहीं?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। पदपूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है, निश्िचत समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अपूर्ण कार्य को पूर्ण किया जाना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
52. ( क्र. 846 ) श्री सुरेश राजे : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र डबरा के अंतर्गत गत 10 वर्ष पूर्व स्वीकृत ग्राम करियावटी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन निर्माण हेतु किस वर्ष में कुल कितनी राशि स्वीकृत हुई? इस भवन का निर्माण किस निर्माण एजेंसी एवं किस ठेकेदार द्वारा करवाया जा रहा है? जिसकी कार्य पूर्ण करने की अवधि क्या है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करियावटी में निर्माणाधीन भवन पर प्रश्न दिनांक तक कितनी राशि व्यय की गई तथा कितना प्रतिशत कार्य करवाया जाना शेष है? जिसे कब से कब तक पूर्ण किया जायेगा? समयावधि बतावें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के अनुसार क्या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करियावटी के भवन निर्माण की अवधि समाप्त हो चुकी है? यदि हाँ, तो निर्माण एजेंसी के विरूद्ध अभी तक क्या कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो प्रमाण देवें। यदि नहीं, तो दोषी विभागीय अधिकारी एवं एजेंसी के विरुद्ध क्या कार्यवाही की जाएगी? यदि नहीं, तो कारण सहित बतावें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) विधानसभा क्षेत्र डबरा अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र करियावटी के निर्माण कार्य हेतु राशि रूपये 14.85 लाख की दिनांक 03.03.2003 को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई थी। जिसकी निर्माण एजेन्सी लोक निर्माण विभाग थी। शेष जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) एवं (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
जमीन के विक्रय होने पर मांगी जाने वाली खसरा
[राजस्व]
53. ( क्र. 866 ) श्री
राजेश कुमार
शुक्ला : क्या
राजस्व
मंत्री महोदय
यह बताने की
कृपा करेंगे
कि (क) रजिस्टर्ड
विक्रय पत्र
के माध्यम से
किसी जमीन के
विक्रय होने
पर किस वर्ष
की खसरा को
मान्य किया
जाता है। (ख) क्या
छतरपुर जिले
में अलग-अलग
स्थानों पर विक्रय
पत्र के
माध्यम से
भूमि क्रय
करने पर अलग-अलग
वर्षों की
खसरा मांगी
जाती है?
(ग)
यदि
हाँ, तो
इस संबंध में
एकरूपता
क्यों नहीं है।
(घ) इस
विसंगति को
दूर कर, एकरूपता
लाने के लिए
सरकार का
अभिमत है।
राजस्व
मंत्री ( श्री
करण सिंह
वर्मा ) : (क)
चालू वर्ष के खसरा
को मान्य किया
जाता है। (ख) छतरपुर
जिले में चालू
वर्ष की खसरा
प्रविष्टियों
के आधार पर
भूमि का क्रय
विक्रय
निष्पादित
होता है। (ग) एवं (घ) प्रश्न
ही उद्भूत
नहीं होता है।
जिला चिकित्सालय चिकित्सकों/कर्मचारियों की पदस्थापना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
54. ( क्र. 895 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अनूपपुर में कितने चिकित्सालय संचालित है तथा उनमें कितने चिकित्सक पदस्थ है? संख्यात्मक जानकारी उपलब्ध करावें? प्रत्येक चिकित्सालयों में किन-किन कर्मचारियों के पदों की स्वीकृति शासन से प्राप्त है तथा उनमें से कितने कर्मचारियों के पद भरे हुए है तथा कितने रिक्त है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार जिला अनूपपुर में जिला चिकित्सालय में कितने पद चिकित्सकों एवं अन्य कर्मचारियों के पद शासन से स्वीकृत है तथा उनमें कितने चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के पद रिक्त है तथा कितने पद भरे हुए है? वरीष्ठता सूची की अद्यतन जानकारी उपलब्ध करावें? (ग) क्या जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी का पद रिक्त होने के कारण प्रमुख खण्ड चिकित्सा अधिकारी विकासखण्ड कोतमा के खण्ड चिकित्सा अधिकारी को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के पद का सामान्य प्रभार एवं वित्तीय प्रभार नियम विरूद्ध तरीके से वरीष्ठता क्रम को अनदेखी करते हुए सौंपी गई है? यदि हाँ, तो आदेश की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (घ) क्या प्रमुख खण्ड चिकित्सा अधिकारी कोतमा को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला अनूपपुर का प्रभार दिये जाने के उपरांत प्रमुख खण्ड चिकित्सा अधिकारी विकासखण्ड कोतमा का पद रिक्त हो चुका है? यदि हाँ, तो उसका प्रभार संविदा अथवा नियमित चिकित्सा अधिकारी को सौंपा गया है? यदि हाँ, तो आदेश की छायाप्रति उपलब्ध करावें और यदि नहीं, तो क्यों? (ड.) वर्तमान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला अनूपपुर के द्वारा प्रमुख खण्ड चिकित्सा अधिकारी के पद पर रहते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कोतमा में वर्ष 2018-24 के मध्य कितने लैब टेक्नीशियन एवं नर्सों की नियुक्ति की गई है? यदि हाँ, तो किस नियम व आधार पर सूची उपलब्ध करावें। यदि नियुक्ति नियमानुसार की गई थी तो उन्हें सेवा से पृथक क्यों किया गया? उनका मानदेय भुगतान नियमित रूप से किया जा रहा अथवा नहीं? यदि नहीं, तो क्यों?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''अ'' अनुसार है। (ख) जिला चिकित्सालय में स्वीकृत/कार्यरत/रिक्त पदों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''अ'' अनुसार है। वरिष्ठता सूची की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''ब'' अनुसार है। (ग) जी नहीं। राज्य स्तर से सी.बी.एम.ओ. को सी.एम.एच.ओ. का प्रभार दिया गया है, आदेश की छायाप्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''स'' अनुसार है। (घ) जी नहीं, वर्तमान में सी.बी.एम.ओ. कोतमा का प्रभार नियमित चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज सिंह को सौंपा गया है। आदेश की छायाप्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''द'' अनुसार है। (ड.) वर्तमान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला अनूपपुर दिनांक 19.05.2023 से 27.12.2024 तक प्रमुख खण्ड चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कोतमा के पद पर पदस्थ थे, उक्त अवधि में इनके द्वारा किसी भी लैब टेक्नीशियन एवं नर्स की नियुक्ति नहीं की गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
अनूपपुर में चिकित्सा शिक्षा महाविद्यालय की स्थापना
[राजस्व]
55. ( क्र. 896 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या माननीय मुख्यमंत्री जी का जिला अनूपपुर प्रवास के दौरान 16/08/2024 को अधोहस्ताक्षरी एवं जिले के अन्य जनप्रतिनिधियों के द्वारा जिला मुख्यालय अनूपपुर में बेहतर चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध कराने एवं गंभीर बीमारी की ईलाज हेतु यहां के गरीब ग्रामीणों को चिकित्सा हेतु देश के अन्य प्रान्तों में न जाना पड़े इसके लिए जिले में संचालित केन्द्रीय इंदिरा गांधी जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक की शाखा चिकित्सा शिक्षा महाविद्यालय की स्थापना हेतु जिला प्रशासन से भूमि उपलब्ध कराकर नवीन चिकित्सा शिक्षा महाविद्यालय की स्थापना कराए जाने की मांग की गई थी? यदि हाँ, तो क्या शासन द्वारा जिला प्रशासन से भूमि उपलब्ध कराये जाने का आदेश जारी किया गया है? यदि हाँ, तो आदेश की छायाप्रति उपलब्ध करावें? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार केन्द्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक के नवीन चिकित्सा शिक्षा महाविद्यालय खोलने के लिए कितनी भूमि की आवश्यकता है और शासन स्तर से जनजातीय केन्द्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति/जिम्मेदार अधिकारी को महाविद्यालय खोले जाने हेतु पत्राचार किया गया है? पत्र की छायाप्रति उपलब्ध करायें? यदि पत्राचार किया गया है तो कुलपति या जनजातीय विश्वविद्यालय के प्रशासन द्वारा क्या निर्देश प्राप्त हुए? अब तक महाविद्यालय खोले जाने की क्या प्रगति हुई है तथा महाविद्यालय खोले जाने की प्रक्रिया कब तक अस्तित्व में आएगी तथा कब तक महाविद्यालय का संचालन हो सकेगा? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार म.प्र. शासन के द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी के घोषणानुसार चिकित्सा शिक्षा महाविद्यालय खोलने हेतु जिला मुख्यालय के आस-पास कौन से गांव/शहर में खोलने हेतु भूमि आवंटित कराये जाने की तैयारी में है? (घ) प्रश्नांश (ग) अनुसार निर्धारित मापदण्ड के आधार पर जिला मुख्यालय के आस-पास कितनी शासकीय भूमि और कहाँ पर उपलब्ध है? यदि महाविद्यालय हेतु निर्धारित मापदण्ड अनुसार यदि शासकीय भूमि उपलब्ध नहीं है, तो ऐसी स्थिति में क्या शासन द्वारा निजी भूमियों को अधिगृहित किये जाने हेतु जिला प्रशासन को अनुमति प्रदान करेगी? यदि हाँ, तो कब तक जिला प्रशासन को भूमि आवंटित किये जाने का निर्देश प्रदान किया जाएगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। माननीय मुख्यमंत्री महोदय म.प्र. शासन द्वारा घोषणा क्रमांक-डी 180 दिनांक 18.08.2024 द्वारा जिला अनूपपुर में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की गई है। ग्राम कदमटोला तहसील अनूपपुर की शासकीय भूमि खसरा नम्बर 812/1/1 रकबा 17.467 हे. मेडिकल कॉलेज हेतु आवंटन के लिए जिला नजूल निर्वर्तन समिति के समक्ष प्रारंभिक स्तर पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) उत्तरांश ''क'' के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश (क) अनुसार ग्राम कदमटोला में भूमि का चिन्हांकन किया गया है। (घ) पर्याप्त शासकीय भूमि उपलब्ध है, निजी भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं है।
सिंचाई परियोजनाओं की स्वीकृति
[जल संसाधन]
56. ( क्र. 917 ) श्री बृजेन्द्र सिंह यादव : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अशोकनगर जिले में सिंचाई हेतु कौन-कौन सी परियोजनायें स्वीकृत की गई है। किस परियोजना को कब स्वीकृत किया गया था। उसकी परियोजना लागत एवं परियोजना अवधि की जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) कौन-कौन सी परियोजना जिनकी समयावधि पूर्ण हुई है, क्या उनका कार्य पूर्ण हो गया है। जानकारी देवें। यदि नहीं, तो क्यों? (ग) परियोजना की समयावधि में पूर्ण न होने के कारण संबंधित निर्माण एजेन्सी/अधिकारियों पर क्या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, की गई है तो क्यों? (घ) क्या लम्बित योजनाओं को आगामी समयावधि में पूर्ण किया जायेगा, अगर हाँ तो कब तक?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) अशोकनगर जिले में स्वीकृत परियोजनाओं की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-"अ" अनुसार है। (ख) कुकरेठा स्टापडेम का निर्माण कार्य पूर्ण है। थूबोन तालाब योजना, कोंचा एडीशनल तालाब योजना, नाहरगढ़ तालाब योजना एवं सतहरी स्टाप डेम की अनुबंध अनुसार समयावधि पूर्ण हो गई, किंतु इनका कार्य पूर्ण नहीं होना प्रतिवेदित है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-"ब" अनुसार है। (ग) परियोजनाओं में प्रभावित वन भूमि एवं निजी भूमि के भू-अर्जन की विधिसम्मत प्रक्रियाओं, कृषकों के व्यवधान, न्यायालयीन प्रकरण एवं कोविड के मुख्य कारणों की वजह से विलंब हुआ। अत: सबंधित निर्माण एजेंसियों/अधिकारियों पर कार्यवाही की स्थिति नहीं है। (घ) निर्माण एजेंसियों द्वारा नियमानुसार निर्माण कार्य पूर्ण करने हेतु समयवृद्धि का आवेदन प्रस्तुत किया जाना प्रतिवेदित है। लम्बित योजनाओं को पूर्ण करने की आगामी समयावधि की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-"स" अनुसार है।
शासकीय खसरों में प्रविष्टि दर्ज करने का अधिकार
[राजस्व]
57. ( क्र. 922 ) श्री जगन्नाथ सिंह रघुवंशी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खसरे में कब्जे की प्रविष्टि के अधिकार किस अधिकारी को है। सर्कुलर की कॉपी देवें। प्रश्न दिनांक तक तहसील चन्देरी अंतर्गत ऐसे कितने शासकीय सर्वे क्रमांक है जिनमें कब्जे की प्रविष्टि दर्ज है और यह प्रविष्टि किन अधिकारी/कर्मचारियों के द्वारा की गई है नाम, पदनाम सारणी अनुसार बतावें। (ख) प्रश्नांश (क) में सक्षम अधिकारी के आदेश के बिना कितनी प्रविष्टि की गई है और किसके द्वारा की गई है जानकारी देवें। क्या ऐसी प्रविष्टियों को शासन हटायेगा और प्रविष्टि करने वाले अधिकारी/कर्मचारियों पर विभाग दण्डात्मक कार्यवाही करेगा। यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों नहीं। (ग) शासकीय भूमियों एवं निस्तार की भूमियों की नोईयत परिवर्तन के अधिकार किस अधिकारी को है सर्कुलर की कॉपी देवें। विगत-40 वर्षों में तहसील चन्देरी अंतर्गत कितनी शासकीय भूमियों और निस्तार की भूमियों की नोईयत परिवर्तित की गई है सर्वे क्रमांक और रकबा सहित जानकारी देवें। यह नोईयत किसके आदेश पर परिवर्तित की गई है? यदि बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के परिवर्तित की गई है तो उनके सर्वे नंबर एवं रकबा की जानकारी देवें। (घ) यह अवैध-तरीके से किए गए नोईयत-परिवर्तन को सुधार कर पुनः मूल स्थिति में कब तक लाया जाएगा और क्या दोषी अधिकारी/कर्मचारियों पर कार्यवाही की जायेगी, यदि हाँ, तो, कब तक यदि, नहीं तो क्यों नहीं।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) खसरे में कब्जे की प्रविष्टि का अधिकार राजस्व न्यायालय को हैं। शासकीय सर्वे क्रमांक कस्बा चन्देरी एवं फतेहाबाद के 99 खसरों में कब्जे की प्रविष्टि दर्ज हैं। जो कि निम्नानुसार हैं- कस्बा चन्देरी के सर्वे क्रमांक 10, 32, 53/1, 66, 76, 80, 136, 153, 154, 158, 167, 169, 171, 175, 186, 188, 189, 191, 193, 195, 196, 200, 201, 203/1/8, 204/1, 204/2, 206, 211, 212, 213, 214/1, 257, 277, 321, 346, 368, 375, 445, 472, 488, 496, 500, 501, 503, 506, 509, 579, 591, 679, 683, 696, 699, 795, 796, 801, 804, 805, 808, 811, 813, 826/1, 826/2/1, 827/2, 832, 833, 837, 841, 842, 843, 852, 864, 865, 867, 877, 881, 883, 888, 911, 915, 925, 940, 941, 949, 958, 967, 968, 972, 977, 987/1, 995, 996, 999, 1001/58 एवं ग्राम फतेहाबाद के सर्वे क्रमांक 5/1/1, 5/1/2, 290, 297, 485/1/2/3, 489, जिसमें शासकीय सर्वे नम्बर 80 के कॉलम नम्बर 12 कैफियत में विभिन्न प्रकार की प्रविष्टियां अंकित पाई गई जैसे कि वृक्ष वेर-3, खिन्नी पेड़-1, इमली-1, अब्दुल गनी के पाये गये। उक्त प्रविष्टियों के संबंध में खसरा वर्ष 1972-73 से 1976-77 (सम्वत-2031-2035) खसरा पांचसाला वर्ष 1985-86 से 1988-89 (सम्वत-2041-2045) तथा खसरा पाँचसाला 1989-90 से 1993-94 (सम्वत-2045-2050) जिला अभिलेखागार में उपलब्ध खसरा वर्ष 1994-95 से वर्तमान खसरा रिकार्ड से मिलान किया एवं वृक्षों/रेहंट/कुऐ से संबंधित कब्जे की प्रविष्टि दर्ज पाई गई। उक्त प्रविष्टि के संबंध में राजस्व अभिलेखों की जाँच उपरांत पाया कि यह प्रविष्टि वर्ष 1972-73 से वर्तमान तक अंकित हैं एवं उसके पश्चात मिसल बंदोबस्त रिकार्ड 1956-57 (सम्वत 2013) का अवलोकन किया तथा सर्वे नम्बरों में भी प्रविष्टियां अंकित पाई गई। खसरा के इन्द्राज में किस अधिकारी एवं कर्मचारी के द्वारा प्रविष्टि की गई हैं नाम उल्लेखित नहीं हैं। शेष जानकारी संकलित की जा रही है। (ख) तहसील चन्देरी में कुल 99 प्रविष्टियां पाई गई जिसके संबंध में प्रकरण क्रमांक 278/बी-121/2024-25 दिनांक 24/11/2024 से दर्ज होकर प्रविष्टि हटाने के संबंध में कार्यवाही प्रचलित हैं। जिसमें शासकीय सर्वे नम्बर 80 के कॉलम नम्बर 12 कैफियत में विभिन्न प्रकार की प्रविष्टियां अंकित पाई गई जैसे कि वृक्ष वेर-3, खिन्नी पेड़-1, इमली-1. अब्दुल गनी के पाये गये। उक्त प्रविष्टियों के संबंध में खसरा वर्ष 1972-73 से 1976-77 (सम्वत-2031-2035) खसरा पाँचसाला वर्ष 1985-86 से 1988-89 (सम्वत-2041-2045) तथा खसरा पाँचसाला 1989-90 से 1993-94 (सम्वत-2045-2050) जिला अभिलेखागार में उपलब्ध खसरा वर्ष 1994-95 से वर्तमान खसरा रिकार्ड से मिलान किया एवं वृक्षों/रेहंट/कुऐ से संबंधित कब्जे की प्रविष्टि दर्ज पाई गई। उपरोक्त प्रविष्टियों के संबंध में सभी पक्षकारों को विधिवत सुनवाई का अवसर प्रदान कर एवं जाँच उपरांत नियमानुसार निराकरण कर वैधानिक कार्यवाही की जावेगी। (ग) मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 237 के प्रावधान के अनुसार कलेक्टर महोदय को नोईयत परिवर्तन के अधिकार हैं। प्रकरण 06/अ-59/2024-25 आदेश दिनांक 26/12/2024 ग्राम डांगबैरसिया सर्वे नम्बर 3 रकबा 14.057 हे. में से रकबा 2.000 हे. भूमि सेहरिया परिवारों को आवास हेतु आरक्षित की गई, लोवर बांध परियोजना में प्रभावित सेहरिया परिवारों को आरक्षित प्रकरण क्रमांक 0011/3-20 (5) 2023-24 आदेश दिनांक 24/10/2024 को ग्राम चन्देरी की भूमि सर्वे क्रमांक 10 रकबा 77.633 हे. में से रकबा 1.000 हे. वीरांगना पार्क हेतु नजूल निवर्तन नियम 2018 अनुसार 1.000 हे. नोईयत परिवर्तन करके आवंटित की गई। (घ) शेष जानकारी संकलित की जाकर जाँच कार्यवाही प्रचलन में हैं। जाँच उपरांत नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जावेगी।
भूमियों के वर्किंग प्लान की जानकारी
[राजस्व]
58. ( क्र. 932 ) श्रीमती मनीषा सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पत्र क्रमांक 774/एफ 25-08/2015/10-3 दिनांक 01 जून, 2015 से वनखण्ड एवं वर्किंग प्लान में शामिल निजी भूमियों को पृथक करने बावत् दिए गए किसी भी निर्देश का कलेक्टर शहडोल, उमरिया एवं अनूपपुर ने प्रश्नांकित दिनांक तक पालन किया है? यदि हाँ, तो जानकारी उपलब्ध करायें। यदि नहीं, तो क्यों? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार दिनांक 01 जून, 2015 में किन-किन भूमियों के संबंध में की गई किन-किन कार्यवाहियों को लेकर क्या-क्या निर्देश दिये गये हैं? उनका पालन किये जाने के संबंध में कलेक्टर शहडोल, उमरिया एवं अनूपपुर ने किस-किस दिनांक को क्या-क्या कार्यवाही की है तथा किस-किस दिनांक को किस-किस अधिकारी को पत्राचार किया गया है? यदि पत्राचार किया गया है तो छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार किस अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के समक्ष किस-किस वनखण्ड में शामिल किस-किस ग्राम के किस-किस किसान के किस खसरा नंबर का कितना-कितना रकबा को पृथक करने की कार्यवाही लंबित है इनमें से किस-किस खसरा नंबर पर वन विभाग का कब्जा है? (घ) प्रश्नांश (ग) अनुसार वनखण्ड में शामिल निजी भूमि के संबंध में अनुविभागीय अधिकारी एवं कलेक्टर के द्वारा क्या कार्यवाही कराई जा रही है? यदि हाँ, तो कार्यवाही की प्रति उपलब्ध करायें? यदि नहीं, तो कब तक कार्यवाही करा लिये जायेंगे? समय-सीमा बतायें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) पत्र क्रमांक 774/एफ-25-8/2015/10-3 दिनांक 01 जून 2015 अप्राप्त हैं। प्राप्त पत्र क्र.974/एफ-25-08/2015/10-3 दिनांक 01 जून 2015 के द्वारा प्राप्त निर्देशों के क्रियान्वयन हेतु समस्त अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को निर्देशित किया गया है। भारतीय वन अधिनियम 1929 की धारा 5 से 19 की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) पत्र क्रमांक 974/एफ-25-8/2025/10-3 दिनांक, 01 जून 2015 की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"अ" अनुसार है। उक्त पत्र में प्राप्त निर्देश के क्रियान्वयन हेतु अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को विभिन्न पत्रों के द्वारा निर्देशित किया गया है। पत्रों की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- "ब" अनुसार है। (ग) 130 वन खंडों की 1268.78 हे. निजी भूमियों की कार्यवाही लंबित है। निजी भूमि की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"स" अनुसार है। (घ) वन अधिनियम 1927 की धारा 5 से 19 तक की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
राजस्व प्रकरणों के निराकरण में विलंब
[राजस्व]
59. ( क्र. 953 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सिवनी जिले के राजस्व अनुभाग, तहसील, उपतहसील व अन्य शाखा में राजस्व अधिकारियों की अनियमितताओं/गतिविधियों के कारण स्थानीयजनों के राजस्व प्रकरणों के निराकरण में विलंब की जनप्रतिनिधियों से कोई शिकायत/पत्र प्राप्त हुआ है? यदि हाँ, तो उन पत्रों में प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) क्या राजस्व विभाग अनुभाग सिवनी में पदस्थ अधिकारियों की कार्यप्रणाली एवं अनियमितताओं की अनेक शिकायतें स्थानीय जनप्रतिनिधियों से प्राप्त हुई है? यदि हाँ, तो उन पत्रों पर प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई है, यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या सिवनी जिले में राजस्व विभाग द्वारा अधिसूचित नदी, नालों, नहरों में अतिक्रमण है? यदि हाँ, तो अतिक्रमण से मुक्त कराने हेतु कोई कार्यवाही की जावेगी? (घ) क्या सिवनी जिले की अधिसूचित श्मशान घाट की भूमि में अतिक्रमण है? यदि हाँ, तो उसमें क्या कार्यवाही की गई, यदि नहीं, तो कब तक कार्यवाही की जावेगी?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) सिवनी जिले के राजस्व अनुभाग, तहसील, उप तहसील व अन्य शाखा में राजस्व अधिकारियों की अनियमितताओं/गतिविधियों के कारण स्थानीयजनों के राजस्व प्रकरणों के निराकरण में विलंब की जनप्रतिनिधियों से कोई शिकायत/पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। शेष प्रश्नांश उत्पन्न नहीं होता है। (ख) जी नहीं। (ग) जी नहीं। अत: शेष प्रश्नांश उत्पन्न नहीं होता। (घ) जी हाँ। सिवनी जिला अंतर्गत अधिसूचित शमशान घाट की भूमियों में अतिक्रमण पाया गया था, जिन्हें अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है।
राजस्व प्रकरणों का निराकरण
[राजस्व]
60. ( क्र. 965 ) श्री अभय मिश्रा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या रीवा व मऊगंज जिले में राजस्व विभाग द्वारा दिये गये निर्देश के पालन में राजस्व अभियान के आयोजन के निर्देश जारी किये गये थे जिसके पालन में कुल कितने राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया गया का विवरण देवें। इन निराकृत प्रकरण किस तरह के थे? (ख) प्रश्नांश (क) के तारतम्य में विधानसभा तारांकित प्रश्न क्रमांक 517 विधानसभा सत्र दिसंबर 2024 में कलेक्टर रीवा के पत्र क्रमांक 02 दिनांक 01.01.2025 के माध्यम से दी गई जानकारी में तहसीलवार बंटवारा सीमांकन एवं नक्शा तरमीम के लंबित प्रकरणों की संख्या अत्यधिक बताई गई है जबकि प्रश्नकर्ता सदस्य द्वारा पत्र क्रमांक 806 दिनांक 29.01.2025 द्वारा मुख्य सचिव म.प्र. शासन भोपाल एवं आयुक्त राजस्व रीवा संभाग रीवा को जाँच एवं कार्यवाही बावत पत्र लिखा गया, पत्र पर कार्यवाही की स्थिति क्या है बतावें, 10 वर्षों से ज्यादा अवधि के कितने प्रकरण किन राजस्व न्यायालयों में लंबित है उनके निराकरण बावत क्या निर्देश देंगे साथ ही इसके लिये उत्तरदायी कौन है उन पर कार्यवाही हेतु क्या आदेश जारी करेंगे बतावें अगर नहीं तो क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के तारतम्य में तहसील न्यायालयों द्वारा वारिसाना एवं वसीयत के आधार पर नामांतरण किये जाने के आदेश वर्ष 2022 से प्रश्नांश दिनांक तक कितने पारित किये गये का विवरण तहसीलवार जिलेवार देवें इनके नामांतरण आदेश बावत् शासन के क्या आदेश है प्रति देते हुये बतावें वारिसाना नामांतरण आदेश के पूर्व मृतक के परिवार के सदस्यों का सत्यापन किनके द्वारा कराया जाकर नामांतरण की कार्यवाही की गई पदनाम सहित जानकारी देवें? वसीयत के नामांतरण बावत् शासन के क्या निर्देश है बतावें, माननीय सिविल न्यायालय के आदेश के बिना नामांतरण आदेश वसीयत पर पारित किये गये तो क्यों, न्यायालय के आदेश के बिना वसीयत नामांतरण आदेश जारी किये गये नियम विरूद्ध आदेश पारित करने पर कार्यवाही के क्या निर्देश देंगे बतावें नहीं तो क्यों? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) में उल्लेखित तथ्यों की जाँच एवं सत्यापन की कार्यवाही के निर्देश के साथ नियम विरूद्ध आदेश पारित करने एवं समय पर लंबित प्रकरणों का निराकरण न करने के लिये कौन-कौन उत्तरदायी है उनपर कार्यवाही के क्या निर्देश देंगे बतावें अगर नहीं तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) राजस्व विभाग द्वारा दिये गये निर्देश के पालन में रीवा जिले में राजस्व अभियान के दौरान कुल 12,173 प्रकरणों का निराकरण किया गया है। यह प्रकरण नामांतरण, बंटवारा व सीमांकन के है। जी हाँ। जिला मऊगंज अंतर्गत राजस्व अभियान में नामांतरण/बंटवारा/रास्ता विवाद एवं सीमांकन से संबंधित प्रकरणों का निराकरण किया गया, तहसीलवार जानकारी निम्नानुसार है –
क्र. |
तहसील का नाम |
प्रकरणों की संख्या |
1 |
मऊगंज |
4574 |
2 |
नईगढी |
788 |
3 |
हनुमना |
687 |
योग |
6049 |
(ख) प्रश्नांश (क) के तारतम्य में माननीय सदस्य द्वारा प्रेषित पत्र क्रमांक 806/दिनांक 29/01/2025 की कार्यवाही प्रचलित है। 10 वर्ष से अधिक अवधि के कोई प्रकरण राजस्व न्यायालयों में लंबित नहीं है। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के तारतम्य में वर्ष 2022 से तहसील न्यायालयों द्वारा वारिसाना एवं वसीयत के आधार पर निम्नानुसार नामांतरण स्वीकृत किये गये है।
क्र. |
तहसील का नाम |
वारिसाना नामांतरण |
वसीयत |
योग |
1. |
गुढ़ |
809 |
- |
809 |
2. |
रायपुर कर्चु. |
979 |
14 |
993 |
3. |
हुजूर |
2561 |
- |
2561 |
4. |
हुजूर नगर |
3166 |
- |
3166 |
5. |
सेमरिया |
3591 |
- |
3591 |
6. |
जवा |
1759 |
19 |
1778 |
7. |
मनगवां |
834 |
02 |
836 |
8. |
त्योंथर |
988 |
- |
988 |
9. |
सिरमौर |
1354 |
06 |
1360 |
|
योग |
16041 |
41 |
16082 |
वारिसाना, नामांतरण आदेश के पूर्व मृतक के परिवार के सदस्यों का सत्यापन सरपंच/पार्षद द्वारा प्रस्तुत सजरा खानदान एवं हल्का पटवारी से प्रतिवेदन लिया जाकर नामांतरण आदेश की कार्यवाही न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत की जाती है। वसीयत के नामांतरण बावत् मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 109/110 के तहत किये जाने का प्रावधान है। जिला मऊगंज अंतर्गत वर्ष 2022 से वारिसाना एवं वसीयत के आधार पर किये गये नामांतरण की तहसीलवार जानकारी निम्नानुसार है–
क्र. |
तहसील का नाम |
प्रकरणों की संख्या |
1 |
मऊगंज |
1869 |
2 |
नईगढी |
2449 |
3 |
हनुमना |
2568 |
योग |
6886 |
वारिसाना नामांतरण आदेश के पूर्व मृतक के परिवार के सदस्यों का सत्यापन संबंधित पटवारी हल्का से कराया जाकर नामांतरण की कार्यवाही की गई है। (घ) जी नहीं। प्रकरणों में नियमानुसार समय-सीमा में आदेश पारित किए गये है।
नहर निर्माण की जानकारी
[जल संसाधन]
61. ( क्र. 966 ) श्री अभय मिश्रा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा संभाग अन्तर्गत आने वाले जिलों में जल संसाधन विभाग द्वारा वर्ष 2017 से प्रश्नांश दिनांक के दौरान किस-किस तरह की नहरों के निर्माण बावत् विभाग द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी? प्रति देते हुये बतायें कि इनकी लागत क्या थी व कार्यादेश कब-कब किन-किन संविदाकारों को किन-किन शर्तों पर जारी किये गये का विवरण नहरवार, जिलेवार, अनुविभागवार देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के निर्मित नहरों के गुणवत्ता का सत्यापन कब-कब किन-किन सक्षम अधिकारी द्वारा किया गया? उनके पदनाम का विवरण देते हुये बतायें कि नहरों के निर्माण कार्य अनुबंध की शर्तों अनुसार कब-कब पूरे हुये? कब-कब कार्यावधि बढ़ाई गई? कार्यावधि बढ़ाने के पूर्व अपनायी गई विधि प्रक्रिया के साथ अधिरोपित दण्ड की जानकारी नहरवार देवें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के तारतम्य में परियोजना प्रशासन कमाण्ड क्षेत्र विकास जल प्रबंधन प्रकोष्ट रीवा के पत्र क्रमांक 06 आदेश दिनांक 01.01.2018, पत्र क्रमांक 07 आदेश दिनांक 01.01.2018, पत्र क्रमांक 79 आदेश दिनांक 23.11.2018, पत्र क्रमांक 99 आदेश दिनांक 30.01.2018, पत्र क्रमांक 102 आदेश दिनांक 30.01.2018, पत्र क्रमांक 139 आदेश दिनांक 02.02.2018, पत्र क्रमांक 161 आदेश दिनांक 19.02.2018, पत्र क्रमांक 162 आदेश दिनांक 19.02.2018, पत्र क्रमांक 163 आदेश दिनांक 19.02.2018, पत्र क्रमांक 515 आदेश दिनांक 18.09.2017, पत्र क्रमांक 574 आदेश दिनांक 06.10.2017, पत्र क्रमांक 689 आदेश दिनांक 08.11.2017, पत्र क्रमांक 710 आदेश दिनांक 11.01.2018, पत्र क्रमांक 727 आदेश दिनांक 29.11.2017, पत्र क्रमांक 747 आदेश दिनांक 11.12.2017, पत्र क्रमांक 759 आदेश दिनांक 17.12.2017, पत्र क्रमांक 763 आदेश दिनांक 13.12.2017, पत्र क्रमांक 770 आदेश दिनांक 27.11.2017, पत्र क्रमांक 772 आदेश दिनांक 18.12.2017, पत्र क्रमांक 788 आदेश दिनांक 19.12.2017 पत्रों पर उल्लेखित अनुसार वसूली एवं कार्यवाही बावत् निर्देश न देने, पत्रों को लंबित रखने के लिये कौन-कौन जिम्मेदार है? पदनाम के विवरण के साथ कार्यवाही बावत् क्या निर्देश देंगे? नहीं तो क्यों? (घ) प्रश्नांश (क) के गुणवत्ता विहीन नहरों के निर्माण कर राशि का गबन करने एवं प्रश्नांश (ख) अनुसार अनुबंध की शर्तों का पालन कर समय पर कार्य न कराने एवं प्रश्नांश (ग) में उल्लेखित पत्रों पर कार्यवाही के साथ राशि वसूली की कार्यवाही के साथ आपराधिक प्रकरण दर्ज न करने के लिये कौन-कौन जिम्मेदार है? जिम्मेदारों पर कार्यवाही बावत् क्या निर्देश देंगे? अगर नहीं तो क्यों?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) रीवा संभाग अन्तर्गत आने वाले जिलों में जल संसाधन विभाग द्वारा वर्ष 2017 से प्रश्न दिनांक के दौरान नहरों हेतु प्रदान की गई प्रशासकीय स्वीकृति की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-"अ" अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) के निर्मित नहरों के गुणवत्ता का सत्यापन गुण नियंत्रण इकाई रीवा एवं संबंधित कार्यपालन यंत्री द्वारा किया जाना प्रतिवेदित है। विवरण संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-"अ'' अनुसार है। निर्माण कार्य अनुबंध की शर्तों के अनुसार किये जाना प्रतिवेदित है तथा आवश्यकता अनुसार कार्यावधि विभागीय नियमों के अनुरूप बढ़ायी जाना प्रतिवेदित है। (ग) परियोजना प्रशासक कमाण्ड़ क्षेत्र विकास, जल प्रबंध प्रकोष्ठ, रीवा के पत्र जो प्रश्न में उल्लेखित है, पत्र आदेश मुख्यतः काडा नालियों के निर्माण का निरीक्षण प्रतिवेदन थे, जिन्हें मुख्य अभियंता गंगा कछार रीवा को कार्यवाही हेतु लेख कर प्रमुख अभियंता, आयुक्त कमाण्ड क्षेत्र विकास, अधीक्षण यंत्री, बाणसागर नहर मंडल रीवा व कार्यपालन यंत्री को पृष्ठांकित किया गया है। जिनमें कार्य की उपयोगिता निर्धारण हेतु सक्षम प्राधिकारी को पूर्ण अभिलेख प्रेषित किये जाने का उल्लेख है। मुख्य अभियंता गंगा कछार रीवा द्वारा पत्र क्रमांक-689 दिनांक 08.11.2017, पत्र क्र.-727 दिनांक 29.11.2017 एवं पत्र क्रमांक-747, दिनांक 11.12.2017 के द्वारा प्रस्तावित वसूली के संबंध में जाँच पश्चात अपने पत्र क्रमांक-1870 दिनांक 16.03.2023 द्वारा प्रकरण समाप्त किया गया है। पत्र आदेश क्र-727 दिनांक 29.11.2017 पत्र क्रमांक-515 दिनांक 18.09.2017, 574 दिनांक 06.10.2017, 163 दिनांक 19.02.018, क्योटी नहर संभाग रीवा द्वारा सिंचाई नालियों के निर्माण के संबध में थे, जिनमें जाँच उपरान्त दण्डादेश पारित कर वसूली की गई है, विवरण संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-"अ" अनुसार है। अन्य पत्रों पर गठित की गई जाँच की कार्यवाही प्रक्रियाधीन होना प्रतिवेदित है। जाँच समिति द्वारा जाँच पूर्ण होने पर गुण-दोष के आधार पर वसूली की कार्यवाही की जा सकेगी। (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के नहरों का कार्य विभागीय मानकों के अनुरूप अनुबंध की शर्तों के अनुसार किया जा रहा है, अतः गबन का प्रश्न उपस्थित नहीं होता तथा (ग) में उल्लेखित पत्रों पर कार्यवाही की जाकर दोषी कर्मचारियों पर दण्ड अधिरोपित कर वसूली की कार्यवाही संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-"ब" अनुसार की जाना प्रतिवेदित है। अपराधिक प्रकरण दर्ज कराने की औचित्यता नहीं है।
सिविल हॉस्पिटल के निर्माण में अनियमितता पर कार्यवाही
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
62. ( क्र. 1036 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुसनेर विधानसभा क्षेत्र जिला आगर-मालवा में सिविल हॉस्पिटल का नवीन भवन कब एवं कितनी लागत से स्वीकृत किया गया था? उक्त सिविल हॉस्पिटल का निर्माण किस एजेंसी एवं ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है? (ख) सिविल हॉस्पिटल सुसनेर का भवन किस जगह पर बनाया जा रहा है वह जमीन राजस्व विभाग में किस नाम से दर्ज है? सिविल हॉस्पिटल हेतु कहां जमीन आवंटित की गई थी तथा सिविल हॉस्पिटल के निर्माण हेतु कितनी भूमि की आवश्यकता होती है? (ग) क्या सिविल हॉस्पिटल तथा स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण नेशनल क्वालिटी इंश्योरेंस स्टैंडर्ड के अनुरूप किया जाता है तो क्या सुसनेर के सिविल हॉस्पिटल का निर्माण नेशनल क्वालिटी इंश्योरेंस स्टैंडर्ड के अनुरूप किया जा रहा है यदि नहीं, तो क्यों कारण सहित बतायें? सिविल हॉस्पिटल की ड्राईंग एवं नक्शें की सत्यापित प्रतिलिपि उपलब्ध करावें? सिविल हॉस्पिटल का निर्माण किस इंजीनियर एवं अधिकारियों की निगरानी में किया जा रहा है? (घ) प्रश्नांस (ग) अनुसार यदि सिविल हॉस्पिटल का निर्माण तय मापदण्डों के अनुरूप नहीं किया गया तो इसके लिए कौन दोषी है दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जायेगी?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) शासन द्वारा दिनांक 08.03.2022 को राशि रूपये 868.62 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई थी। निर्माण एजेन्सी म.प्र. पुलिस आवास एवं अधोसंरचना विकास निगम लिमि. के माध्यम से नियुक्त ठेकेदार मेसर्स अशोक इन्फ्राटेक राजगढ़ द्वारा निर्माण किया जा रहा है। (ख) सिविल हॉस्पिटल सुसनेर का निर्माण कार्य पूर्व से संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के समीप चिन्हित शासकीय भूमि पर किया जा रहा है, राजस्व विभाग में शासकीय भूमि दर्ज है। सिविल अस्पताल के निर्माण हेतु लगभग 1 से 1.5 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होती है। (ग) जी नहीं। नेशनल क्वालिटी इश्योरेंस स्टैंडर्ड, निर्माण कार्यों का मानक नहीं है। सिविल अस्पताल का निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग के मानक मापदण्डानुसार किया जा रहा है। ड्राइंग/नक्शे की सत्यापित प्रति की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। निर्माण एजेन्सी म.प्र. पुलिस आवास एवं अधोसंरचना विकास निगम लिमि. के निम्न इंजीनियर एवं अधिकारियों की निगरानी में किया जा रहा है:- 1. श्री आर.के. शर्मा, परियोजना यंत्री, उज्जैन 2. श्री जे.पी. गोस्वामी, परियोजना यंत्री (विद्युत) 3. श्री तरूण रावत, सहायक यंत्री (सिविल) 4. श्री निर्मल मालवीय, सहायक यंत्री (विद्युत) 5. श्री अजंत गौतम, उपयंत्री (सिविल) 6. श्री पारस वर्मन, उपयंत्री (विद्युत)। (घ) उत्तरांश ''ग'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
पिपलिया खेड़ा बालाजी मंदिर के जीर्णोद्धार की कार्यवाही
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
63. ( क्र. 1037 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुसनेर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मध्यप्रदेश एवं राजस्थान की सीमा पर स्थित प्रसिद्ध पिपलिया खेड़ा बालाजी मंदिर के जीर्णोद्धार एवं विकास हेतु शासन द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है? जिला कलेक्टर द्वारा कब-कब विभाग को प्रस्ताव भेजे गए? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार पिपलिया खेड़ा बालाजी मंदिर के जीर्णोद्धार एवं विकास हेतु विभाग द्वारा कब तक स्वीकृति कर दी जायेगी? (ग) सुसनेर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नलखेड़ा में विराजित प्रसिद्ध माँ बगुलामुखी मंदिर परिसर में माँ बगुलामुखी लोक बनाये जाने हेतु प्रश्नकर्ता द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी को प्रेषित पत्रों पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? क्या लाखों करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केन्द्र माँ बगुलामुखी मंदिर पर बगुलामुखी लोक बनाया जायेगा?
राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) श्री पिपलिया खेड़ा बालाजी मंदिर के जीर्णोद्धार एवं विकास हेतु धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग के पत्र क्रमांक एफ 3-11/2021/अड़सठ, दिनांक 30/09/2021 द्वारा राशि रुपये 60,82,581/- की स्वीकृति प्रदान की गई है। (ख) धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग के पत्र क्रमांक एफ 3-11/2021/अड़सठ, दिनांक 30/09/2021 द्वारा राशि रुपये 60,82,581/- की स्वीकृति प्रदान की गई है। (ग) मां बगुलामुखी लोक निर्माण संबंधी कार्य विभागीय कार्यों की परिधि में न होने से मां बगुलामुखी लोक बनाए जाने के संबंध में कोई प्रस्ताव विभाग में प्रचलित नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
हरपुरा नहर का बार-बार टूटना
[जल संसाधन]
64. ( क्र. 1039 ) श्री नितेन्द्र बृजेन्द्र सिंह राठौर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या हरपुरा नहर जो विधानसभा क्षेत्र पृथ्वीपुर में मोहनगढ़ जिला टीकमगढ़ के पास स्थित है करोड़ों रूपये खर्च करने के पश्चात भी मोहनगढ़ अचर्रा व अन्य तालाबों में पानी नहीं आ पा रहा है? क्या यह नहर बार-बार टूट जाती है? क्या जनसुविधा में इसकी जाँच कराई जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : जी हाँ, हरपुरा नहर विधानसभा क्षेत्र पृथ्वीपुर में मोहनगढ़ जिला टीकमगढ़ के पास स्थित है किंतु इससे मोहनगढ़, अचर्रा एवं अन्य 08 तालाबों को भरा जा रहा है। जी नहीं अतिवृष्टि के कारण हरपुरा नहर कतिपय स्थानों पर क्षतिग्रस्त होना प्रतिवेदित है। आवश्यक सुधार कार्य करवा कर रबी सिंचाई का कार्य सुचारू रूप से सम्पन्न किया जाना प्रतिवेदित है। अत: जाँच कराये जाने की स्थिति नहीं है।
राजस्व रिकार्ड का दुरूस्तीकरण
[राजस्व]
65. ( क्र. 1041 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा सत्र जुलाई 2024 के तारांकित प्रश्न क्रमांक 1344 के उत्तर में गुनौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत तहसील गुनौर, देवेन्द्र नगर, अमानगंज में नामांतरण, बटवारा, सीमांकन के 2022-23 एवं 2023-24 में कुल 3736 प्रकरण खारिज करने का उल्लेख किया गया था? यदि हाँ, तो इन 3736 प्रकरणों को किन-किन कारणों से खारिज किया गया है? प्रकरणवार बतावें। खारिज किये गये प्रकरणों में कौन-कौन से कारण विधि संगत है और कौन-कौन से कारण विधि संगत नहीं है? क्या बिना विधि संगत कारणों के भी प्रकरण खारिज किया जा सकता है? जो प्रकरण विधि संगत तरीके से खारिज नहीं किये गये है उसके लिये कौन उत्तरदायी है। इससे कितने किसान परेशान हुये, है क्या यह चिंतनीय नहीं है? (ख) गुनौर विधानसभा में यदि नक्शा जीर्ण-शीर्ण होने या तरमीम न होने के कारण सीमांकन प्रकरण खारिज किया जाता है तो जीर्ण-शीर्ण नक्शे की जगह नया नक्श बनाना, तरमीम करना किसकी जिम्मेदारी में शामिल है? इस कार्य को कब तक दुरूस्त कर लिया जावेगा? यदि नहीं, तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। निरस्त किये गये प्रकरणों की कारण सहित प्रकरणवार सूची जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। सभी प्रकरणों का निराकरण विधि संगत किया गया है कोई भी प्रकरण विधि विरूद्ध खारिज नहीं किया गया है। (ख) वर्तमान में राजस्व विभाग अंतर्गत ई बस्ता व्यवस्था लागू है समस्त ग्रामों के डिजिटाइज्ड नक्शे विभागीय वेबसाइट पर ऑनलाइन उपलब्ध हैं। तहसीलदार से पटवारी नक्शा जीर्ण-शीर्ण होने की सूचना प्राप्त होने पर अधीक्षक भू-अभिलेख कार्यालय द्वारा डिजिटाइज्ड नक्शे का प्रिंट आउट निकालकर प्रदान किया जाता है। नक्शा तरमीम का कार्य शासन द्वारा चलाये गये विभिन्न अभियानों के दौरान किया गया है तथा शेष नक्शा तरमीम का कार्य निरंतर जारी है।
बकाया राशि की वसूली
[परिवहन]
66. ( क्र. 1048 ) श्री बाला बच्चन : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल, इंदौर व ग्वालियर संभाग में यात्री वाहन मद संख्या 872 एवं मालवाहन मद संख्या 873 में कितनी राशि दिनांक 10/02/2025 की स्थिति में वसूली जाना शेष है? जिलावार, संभागवार दोनों मदों में पृथक-पृथक देवें। (ख) ऐसे प्रकरण जो अपीलिय अधिकारी के पास लंबित है की जानकारी संख्या सहित संभागवार, जिलावार देवें। छ:माह से अधिक लंबित प्रकरणों की जानकारी प्रकरण दिनांक, प्रकरण क्रमांक नाम सहित जिलावार, संभागवार देवें। साथ में लंबित राशि भी प्रकरणवार कारण सहित देवें। (ग) राशि वसूली में विलंब के लिए उत्तरदायी अधिकारियों के नाम, पदनाम सहित जिलावार देवें। उपरोक्तानुसार राशि की वसूली कब तक की जाएगी? (घ) राशि वसूली में विलम्ब के उत्तरदायी अधिकारियों पर विभाग कब तक कार्यवाही करेगा?
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) एनआईसी के ''वाहन-4 पोर्टल'' के अनुसार जानकारी संलग्न परिशिष्ट-"अ" अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-"ब" अनुसार है। (ग) एवं (घ) बकाया राशि की वसूली हेतु संबंधित वाहन संचालक को परिवहन कार्यालय में उपलब्ध पते पर नोटिस प्रेषित किये जाते है तथा वाहन चैकिंग के दौरान ऐसे वाहनों को चिन्हित कर उनसे बकाया राशि की वसूली की कार्यवाही की जाती है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
300 बिस्तरों के अस्पताल का निर्माण
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
67. ( क्र. 1060 ) श्री इंजीनियर हरिबाबू राय : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अशोकनगर जिले में बहुप्रतीक्षित 300 बिस्तरों की अस्पताल के निर्माण की अध्यतन स्थिति क्या है? कितनी भूमि निर्माण हेतु आरक्षित कर ली गई है? क्या निविदा आमंत्रित कर ली गई है? कितनी लागत का निर्माण होना है? यह निर्माण कब तक पूरा करने का लक्ष्य है? (ख) क्या अशोकनगर जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना भी साथ में की जावेगी? प्रस्तावित निर्माण स्थल के लिए संकीर्ण रास्ता है। रास्ते की चौड़ाई बढ़ाने के लिए क्या अभी तक कोई कार्यवाही की गई है?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जिला चिकित्सालय अशोकनगर में नवीन 200 बिस्तरीय अस्पताल भवन के लिये शासन के आदेश क्रमांक 726 दिनांक 12.09.2023 द्वारा राशि रूपये 3000.00 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई थी तथा 50 बिस्तरीय क्रिटिकल केयर हेल्थ ब्लॉक एवं 100 बिस्तरीय वार्ड के संयुक्त नवीन भवन के लिये राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अन्तर्गत दिनांक 10.08.2023 को राशि रूपये 3157.78 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई थी, इस प्रकार कुल 350 बिस्तर अस्पताल भवन के लिए कुल राशि रूपये 6157.78 लाख की प्रशासकीय स्वीकृतियां पृथक-पृथक जारी हुई है। कलेक्टर अशोकनगर द्वारा स्वास्थ्य विभाग को इसके निर्माण के लिये 7.83 हेक्टयर भूमि आवंटित की गई है। जी हाँ, निर्माण एजेन्सी लोक निर्माण विभाग (भवन) द्वारा निविदा आमंत्रित की जा चुकी है। निविदा स्वीकृति की कार्यवाही प्रचलन में है। निविदा स्वीकृत होने एवं अनुबंध होने के उपरांत 24 माह में कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। (ख) जी नहीं, जिला अशोकनगर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना पी.पी.पी. मोड पर स्थापित करने की कार्यवाही पृथक से प्रचलन में है। प्रस्तावित जिला चिकित्सालय के निर्माण स्थल के लिये पर्याप्त रास्ता चिन्हित है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
माननीय विधायक के नाम भू-खण्ड का आवंटन
[राजस्व]
68. ( क्र. 1062 ) श्री कामाख्या प्रताप सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले के अंतर्गत बिजावर विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 1972-77 एवं 1980-85 में विधानसभा के सदस्य रहे मान. स्व. श्री यादवेन्द सिंह, पूर्व विधायक को आवास हेतु आवंटित भूमि जिला मुख्यालय छतरपुर में जिला प्रशासन द्वारा किस खसरा नं. के कितने क्षेत्रफल का आवंटन किया गया था? यदि हाँ, तो पूर्ण जानकारी प्रस्तुत करें। (ख) प्रश्नांश "क" के संबंध में आवंटित भूमि पर किस व्यक्ति/संस्था के द्वारा कब्जा किया गया है? यदि हाँ, तो अवैध कब्जाकर्ता को बेदखल की कार्यवाही कब तक की जावेगी? समय-सीमा बतायें। (ग) प्रश्नांश "ख" के संबंध में बेदखल की कार्यवाही कर प्रश्नांश "क" उत्तराधिकारी के नाम पर भूमि हस्तांतरण की कार्यवाही की जावेगी। यदि हाँ, तो कब तक? समय-सीमा बतायें। नहीं तो क्यों नहीं? (घ) क्या छतरपुर जिले के अंतर्गत 48 बिजावर वि.स. क्षेत्र से 1993-98 तक विधानसभा के सदस्य रहे पूर्व विधायक श्री मानवेन्द्र सिंह के नाम पर छतरपुर में आवास हेतु भूमि आवंटित की गई थी? यदि हाँ, तो पूर्ण जानकारी उपलब्ध करायें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) कोई आवंटन नहीं किया गया। (ख) एवं (ग) उत्तरांश ''क'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रब्याजी एवं भूभाटक की राशि के अभाव में आवास हेतु भूमि आवंटन नहीं किया गया।
सामुदायिक केन्द्र के नये भवन का निर्माण
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
69. ( क्र. 1068 ) श्री अजय विश्नोई : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश शासन ने जबलपुर जिले की तहसील मझौली के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के नये भवन के लिये 10.35 करोड़ रू. की राशि जारी की है? (ख) क्या प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य विभाग के मंत्री द्वारा सामुदायिक केन्द्र मझौली के नये भवन का भूमिपूजन दिनांक 05 अक्टूबर 2024 को किया है? (ग) सामुदायिक केन्द्र मझौली का निर्माण कार्य प्रारम्भ नहीं होने के क्या कारण है? (घ) सामुदायिक केन्द्र मझौली के नये भवन का निर्माण कार्य कब तक प्रारम्भ हो जायेगा और कब तक पूरा करा लिया जायेगा?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मझौली के नये भवन के निर्माण कार्य के लिये राशि रूपये 10.35 करोड़ की नहीं, अपितु राशि रूपये 9.95 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से 15वें वित्त आयोग योजनांतर्गत जारी हुई है। (ख) जी हाँ। (ग) 15वें वित्त आयोग अंतर्गत तीसरी किस्त की राशि भारत सरकार से आवंटन अपेक्षित होने कारण। (घ) उत्तरांश ''ग'' के परिप्रेक्ष्य में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
तहसीलों में कर्मचारियों के पद एवं उनकी पूर्ति
[राजस्व]
70. ( क्र. 1069 ) श्री अजय विश्नोई : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले की पाटन, कटंगी, मझौली तथा पौडा तहसीलों में अधिकारी/कर्मचारियों के कौन-कौन से और कितने पद सृजित है? (ख) तहसीलवार कौन-कौन से पद भरे हुये है और कौन-कौन से पद रिक्त है? (ग) उक्त तहसीलों के रिक्त पदों पर कब तक कर्मचारियों की नियुक्ति कर दी जावेगी?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिला जबलपुर अंतर्गत तहसील कटंगी, पाटन, माझौली, हेतु अधिकारी/कर्मचारियों के सृजित पदों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। पौंडा तहसील हेतु पदों की स्वीकृति अप्राप्त है। (ख) भरे एवं रिक्त पदों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) आवश्यकतानुसार समय-सीमा पर रिक्त पदों की पूर्ति की जाती है।
शाला भवनों का निर्माण एवं मरम्मत कार्य
[स्कूल शिक्षा]
71. ( क्र. 1083 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी पन्ना व जिला शिक्षा केन्द्र पन्ना को किस-किस योजना मद में नवीन शाला भवनों, अतिरिक्त कक्षों के निर्माण मरम्मत एवं पुर्ननिर्माण हेतु कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई है एवं कितनी राशि व्यय हुई है? वर्ष 2021-22 से वर्ष 2024-25 तक की जानकारी देवें। (ख) प्रश्न (क) में वर्णित राशि में से गुनौर विधानसभा में कितने स्कूल शाला भवनों का निर्माण, पुनर्निर्माण, अतिरिक्त कक्षों का निर्माण, सुधार एवं मरम्मत कार्य कितनी-कितनी राशि से कब कब कराया गया है? वर्षवार स्कूल के नाम सहित जानकारी देवें। (ग) गुनौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत प्रश्न (क) में वर्णित राशि में से कराये गये निर्माण कार्यों का निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण कब-कब किसके द्वारा किया गया? निरीक्षण में कोई कमी पाई गई अथवा नहीं विवरण देवें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- "एक" अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"दो" अनुसार है। (ग) समय-समय पर निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण अधिकारियों द्वारा निर्माण एजेंसी शाला प्रबंधन समिति को तकनीकी मार्गदर्शन दिया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"तीन" अनुसार है। निरीक्षण में कोई बड़ी तकनीकी कमी नहीं पाई गई।
स्टापडेम तथा तालाब निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति
[जल संसाधन]
72. ( क्र. 1086 ) श्री माधव सिंह (मधु गेहलोत) : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आगर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जल संसाधन विभाग अंतर्गत कितने स्टाप डेम/तालाब/टैंक आदि की स्वीकृति हेतु शासन स्तर पर लंबित है कितने स्टाप डेम/तालाब/टैंक की साध्यता स्वीकृत है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार जिन परियोजनाओं की साध्यता स्वीकृति हो चुकी है उनकी प्रशासकीय स्वीकृति कब तक कर दी जायेगी? (ग) आगर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत हडाई डेम की स्वीकृति पूर्व में हुई थी उक्त डेम का निर्माण किन कारणों से नहीं हो पाया जानकारी देवें? विभाग द्वारा हडाई डेम के निर्माण हेतु कोई कार्यवाही की जा रही है यदि हाँ, तो क्या जानकारी देवें? (घ) आहू नदी परियोजना अंतर्गत 10 से 12 गांव उक्त योजना में छूट गए है कुछ ऐसे गांव है जिनकी जमीन गई है परन्तु उनको भी सिंचाई हेतु पानी नहीं मिल पा रहा है उक्त ग्रामों को सिंचाई सुविधा हेतु आहू नदी परियोजना में जोडे जाने हेतु विभाग द्वारा कोई कार्यवाही की गई है यदि हाँ, तो उक्त परियोजना से वांछित ग्रामों को कब तक परियोजना में सम्मिलित कर लिया जायेगा?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जल संसाधन संभाग शाजापुर के अंतर्गत आगर विधानसभा क्षेत्र की कोई भी स्टाप डेम/तालाब/टैंक की स्वीकृति शासन स्तर पर लंबित नहीं है। 04 लघु सिंचाई योजनाओं की साध्यता स्वीकृति प्रदान की गई है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) डीपीआर मैदानी स्तर पर प्रक्रियाधीन है। वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। (ग) जी हाँ। प्रभावित कृषकों द्वारा अधिक मुआवजे की मांग एवं विरोध के कारण कार्य नहीं होना प्रतिवेदित है। वर्तमान विभागीय दर सूची एवं भू-अर्जन गाईड लाईन दर सूची की 2.00 गुना दर से प्रावधान सम्मिलित करते हुए योजना की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त किये जाने हेतु राशि रू. 2364.79 लाख का डी.पी.आर. तैयार किया जाना प्रतिवेदित है। (घ) जी हाँ। निर्माणाधीन आहू मध्यम परियोजना अंतर्गत भीमलोद (पाचारूंडी), बापचा, नरवल, रतनखेड़ी, दाबडिया, कांकरिया, तोलाखेडी एवं काशीबर्डिया ग्राम आंशिक रूप से डूब प्रभावित हो रहे है। जिनकी शेष बची हुई भूमि में कृषक द्वारा स्वयं के संसाधनों से सिंचाई की जाना संभावित है। उपलब्ध जल की मात्रा के अनुसार अतिरिक्त अन्य ग्रामों को वर्तमान में जोड़ा जाना संभव नहीं होना प्रतिवेदित है।
जाति प्रमाण पत्र के संबंध में
[राजस्व]
73. ( क्र. 1089 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनुसूचित जाति के बच्चे जिन्होंने मध्य प्रदेश में जन्म लिया क्या सरकार उन्हें मध्य प्रदेश का नागरिक मानती है? (ख) जिन्होंने शिक्षा मध्य प्रदेश में प्राप्त की है क्या सरकार उन्हें यहां का नागरिक मानती है? (ग) क्या मध्यप्रदेश में जन्म लेकर शिक्षा प्राप्त कर बालिक बच्चों को भी 50 वर्ष का रिकॉर्ड मांगना उचित है? (घ) क्या जिन बालिक विद्यार्थियों के जाति प्रमाण पत्र बनाने एवं उनके उज्जवल भविष्य के लिए सरकार की कोई योजना या नियम बनाए हैं? यदि हाँ, तो नियम की प्रति उपलब्ध करावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) सामान्य प्रशासन विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा मध्यप्रदेश के स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र के संबंध में दिनांक 20/12/2011 के जारी परिपत्र अनुसार निम्नलिखित मापदण्ड निर्धारित हैं। (1) आवेदक मध्यप्रदेश में पैदा हुआ हो तथा मध्यप्रदेश राज्य में स्थित किसी भी शिक्षण संस्थान में निरन्तर कम से कम तीन वर्ष तक शिक्षा प्राप्त की हो (मूक, बधिर, अन्ध तथा अशिक्षित के प्रकरण में शिक्षा का प्रावधान लागू नहीं होगा)। (2) आवेदक मध्यप्रदेश में कम से कम 15 वर्ष से निरन्तर निवासरत हो। (3) आवेदक मध्यप्रदेश में पिछले 10 वर्षों से निरन्तर निवासरत हो और मध्यप्रदेश में अचल संपत्ति धारित करता हो/उद्योग/व्यवसाय करता हो। (4) आवेदक राज्य शासन का सेवारत् या सेवानिवृत्त शासकीय सेवक हो। (5) आवेदक मध्यप्रदेश शासन के अंतर्गत स्थापित संस्था/निगम/मण्डल/आयोग का सेवारत/सेवानिवृत्त कर्मचारी हो। (6) आवेदक केन्द्र शासन का, मध्यप्रदेश की सीमा में, 10 वर्ष से सेवारत शासकीय सेवक हो। (7) आवेदक अखिल भारतीय सेवाओं के मध्यप्रदेश राज्य को आवंटित अधिकारी हो। (8) आवेदक मध्यप्रदेश में संवैधानिक अथवा विधिक पद पर महामहिम राष्ट्रपति/महामहिम राज्यपाल द्वारा नियुक्त हो। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी उत्तरांश ''क'' अनुसार। (ग) सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के जाति प्रमाण पत्र हेतु जारी दिशा निर्देश दिनांक 13/01/2014 की कंडिका 5.3 में अनुसूचित जाति/जनजाति के लिये 1950 एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लिये 1984 के निवास के दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने पर किस प्रकार जाति प्रमाण पत्र जारी किये जाने की कार्यवाही की जावेगी। यह स्पष्ट किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार है।
स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
74. ( क्र. 1098 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सरकार द्वारा प्रदेश में टेलीमेडिसिन योजना चलाई जा रही है? अगर हाँ तो इसकी आवश्यकता क्यों पड़ी? योजना कब से प्रारंभ की गई? किस कम्पनी का टेंडर किस दर पर, किस आधार पर किस कमेटी द्वारा स्वीकृत हुआ? विवरण देवें। (ख) योजना के क्रियान्वयन हेतु राज्य स्तर से कोई उपकरणों की खरीदी की गई है? अगर हाँ तो उपकरण का नाम, मूल्य सहित संस्थावार प्रदाय की जानकारी देवें? क्या इन उपकरणों से मरीजों को लाभ मिल रहा है? (ग) योजना प्रारंभ से प्रश्न दिनांक तक लाभान्वित मरीजों की संस्थावार, जिलेवार जानकारी देवें? (घ) संस्थाओं/निजी एजेन्सी को योजना प्रारंभ से प्रश्न दिनांक तक किन-किन मदों में कितना- कितना आवंटन दिया गया मदवार सम्पूर्ण विवरण देवें?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ, सरकार द्वारा प्रदेश में टेलीमेडिसिन योजना, भारत सरकार की टेलीमेडिसिन योजना के अन्तर्गत मरीजों को सुदूरवर्ती इलाकों में गुणवत्तापूर्ण उपचार सुविधा उपलब्ध कराने की दृष्टि से ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से योजना माह अगस्त 2020 से प्रारंभ की गई। विशेषज्ञ टेलीकंसलटेशन सेवाएँ हेतु आउटसोर्स एंजेसियों का चयन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन म.प्र. द्वारा एम.पी. ई-टेंडर पोर्टल के माध्यम से जारी निविदाओं से प्राप्त दर पर किया गया। निविदावार दरों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''अ'' अनुसार है। (ख) जी नहीं, प्रश्नांश के प्रथम भाग में दिये गये उत्तर के तारतम्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) योजना प्रांरभ से प्रश्न दिनांक तक लाभान्वित मरीजों की संस्थावार, जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''ब'' अनुसार है। (घ) संस्थाओं/निजी एजेन्सी को योजना प्रांरभ से प्रश्न दिनांक तक किये गये भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''स'' अनुसार है।
निर्माणाधीन तालाबों एवं बैराजों की जानकारी
[जल संसाधन]
75. ( क्र. 1099 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरगोन जिले में जल संसाधन विभाग के कितने तालाब, बैराज और अन्य सिंचाई संरचनाएं निर्मित एवं निर्माणाधीन है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार क्या तालाबों, बैराजों की डीपीआर में सिंचाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया था? अगर हाँ तो डीपीआर अनुसार प्रश्न दिनांक में कितना कृषि रकबा सिंचित हो रहा साथ ही वर्तमान में सिंचाई रकबा कम हुआ या बढ़ा है? योजना का नाम जिले सहित जानकारी दें। (ग) खरगोन जिले में निर्मित या निर्माणाधीन तालाब, बैराज स्वीकृत राशि, एजेंसी से किया गया अनुबंध, एजेंसी का नाम नम्बर सहित योजनावार जिलेवार जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) विधानसभा क्षेत्र कसरावद की शासन स्तर पर कोई योजनाए लंबित हैं? अगर हाँ तो कौन-कौन सी, कब तक स्वीकृति प्राप्त होगी?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) खरगोन जिले में जल संसाधन संभाग, खरगोन अंतर्गत 01 मध्यम, 154 लघु तालाब, 09 बैराज एवं 22 पिक अप-वियर, कुल 186 सिंचाई संरचनाएं निर्मित है एवं निर्माणाधीन-03 तालाब एवं 01 बैराज निर्माणाधीन हैं। विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''अ'' एवं प्रपत्र-''ब'' अनुसार है। (ख) जी हाँ प्रश्न दिनांक में कुल 53,261 रकबा सिंचाई होना प्रतिवेदित है। साथ ही वर्तमान में रखी सिंचाई का रकबा बढ़ना प्रतिवेदित है। योजना का नाम जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''अ'' एवं प्रपत्र-''ब'' अनुसार है। (ग) खरगोन जिले में निर्माणाधीन तालाब बैराज स्वीकृत राशि एजेंसी से किया गया अनुबंध एजेंसी का नाम नंबर सहित योजनावार जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''स'' अनुसार है। (घ) विधानसभा क्षेत्र कसरावद की शासन स्तर पर कोई योजना लंबित होना नहीं पाया गया।
विधानसभा क्षेत्र सिवनी मालवा में नहरों का लाइनिंग कार्य
[जल संसाधन]
76. ( क्र. 1106 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सिवनी मालवा जिला नर्मदापुरम में तवा परियोजनान्तर्गत नहरों की लाइनिंग हेतु कितनी-कितनी राशि कब-कब स्वीकृत हुई? (ख) विधानसभा क्षेत्र सिवनी मालवा जिला नर्मदापुरम में तवा परियोजनान्तर्गत नहरों की लाइनिंग का कितना कार्य पूर्ण हुआ है तथा कितना कार्य शेष है? (ग) शेष नहरों की लाइनिंग का कार्य कब तक पूर्ण होगा? (घ) नहरों की लाइनिंग कार्य तय मानकों गुणवत्ता युक्त किया गया है?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) विधानसभा क्षेत्र सिवनी मालवा में जिला नर्मदापुरम अंतर्गत संबंधित नहर सीमेंटीकरण की योजना संपूर्ण तवा परियोजना अंतर्गत ई.आर.एम. कार्य हेतु दिनांक 29.04.2016 द्वारा तृतीय एवं चतुर्थ चरण में क्रमश: राशि रू.325.00 करोड़ एवं रू.75.00 करोड़ स्वीकृत की गई है। (ख) विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत स्वीकृति के समक्ष तवा बांयी मुख्य नहर आर.डी.-45.78 कि.मी. से 90.24 कि.मी. एवं 05 क्यूमेक से अधिक जल प्रवाह क्षमता की मकड़ाई, मिसरोद, रायगढ़ उपनहरों का सीमेंटीकरण कार्य वर्ष 2018 में तथा 03 क्यूमेक से अधिक जल प्रवाह क्षमता की चौतलाय एवं भिलाड़िया उप नहरों का सीमेंटीकरण कार्य वर्ष 2019 में पूर्ण हो चुका है। (ग) परियोजना अंतर्गत नहर सीमेंटीकरण का कार्य (03 क्यूमेक व इससे कम जल प्रवाह की नहरों हेतु) के प्रस्ताव प्रक्रियाधीन होना प्रतिवेदित है। वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। (घ) जी हाँ।
निर्माण कार्यों की जानकारी
[स्कूल शिक्षा]
77. ( क्र. 1109 ) डॉ. प्रभुराम चौधरी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिला अंतर्गत स्कूल शिक्षा विभाग के कौन-कौन से स्वीकृत निर्माण कार्य वर्तमान में निर्माणाधीन व अपूर्ण है? किन-किन निर्माण एजेसियों द्वारा किन तकनीकी अधिकारियों की देखरेख में उक्त निर्माण कार्य पूर्ण कराये जा रहे है? प्रत्येक कार्य की लागत सहित प्रश्न दिनांक तक की स्थिति में कार्य पूर्णता का प्रतिशत बतावें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) में उल्लेखित निर्माण कार्यों में विभागीय अधिकारियों द्वारा सतत् निगरानी न करने एवं निर्माण एजेंसियो द्वारा निर्माण कार्य गुणवत्ताहीन किये जा रहे है? क्या वरिष्ठ अधिकारी निरीक्षण कर इन कार्यों का गुणवत्ता परीक्षण करेंगे? नहीं तो क्यों? (ग) रायसेन तहसील अंतर्गत ऐसे कितने-कितने निर्माण कार्य समयावधि में पूर्ण किये गये है? यदि नहीं, तो समयावधि समाप्त उपरांत भी निर्माण कार्य अपूर्ण है? उन कार्यों को कब तक पूर्ण किया जावेगा? निर्माण एजेंसी का नाम एवं समय-सीमा बतावें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''एक'' अनुसार है। (ख) प्रश्नाधीन जिला अंतर्गत निर्माण कार्यों की सतत् निगरानी विभागीय अधिकारियों द्वारा की जाती है। निर्माण कार्य में पाई गई कमियों की सूचना संबंधित निर्माण एजेंसियों को प्रेषित की जाती है एवं आवश्यक सुधार हेतु निर्देशित किया जाता है। निर्माण कार्य के गुणवत्ता का निर्धारण संबंधित निर्माण एजेंसियों, गुणवत्ता नियंत्रण एवं पर्यवेक्षण एजेंसी (SQC) का दायित्व है। अतः शेषांश उद्भूत नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''दो'' अनुसार है।
मछली पालन हेतु हितग्राहियों को अनुदान
[मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास]
78. ( क्र. 1110 ) डॉ. प्रभुराम चौधरी : क्या राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले में मछुआ एवं मत्स्य कल्याण विभाग द्वारा मछली पालन हेतु कितने-कितने हितग्राहियों को अनुदान उपलब्ध कराया गया? हितग्राहीवार जानकारी देवें। (ख) विभाग में आज दिनांक तक कितने आवेदन लंबित हैं? यदि हाँ, तो लंबित आवेदनों सहित जानकारी देवें। (ग) विभाग द्वारा आगामी वित्तीय वर्षों में मछली पालन हेतु लक्ष्य निर्धारित किया गया है? तहसीलवार जानकारी देवें।
राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास ( श्री नारायण सिंह पंवार ) : (क) रायसेन जिले में विभाग द्वारा मछली पालन हेतु हितग्राहियों को उपलब्ध कराये गये अनुदान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ख) विभाग में आज दिनांक तक लंबित आवेदनों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। (ग) विभाग द्वारा आगामी वित्तीय वर्ष हेतु लक्ष्य निर्धारित तहसीलवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार है।
अंधरखोह तालाब के मरम्मत कार्य को पूर्ण किया जाना
[जल संसाधन]
79. ( क्र. 1114 ) श्री सुरेन्द्र सिंह गहरवार : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या चित्रकूट विधानसभा अंतर्गत मझगवां तहसील में अंधरखोह तालाब का निर्माण 1978 से 1987 के मध्य कराया गया था? यदि हाँ, तो कार्य की लागत, कार्यादेश की प्रति, भूमि के खसरे की प्रति दें? क्या तालाब निर्माण के समय भूमि शासकीय थी, किस विभाग के अधीन थी? (ख) क्या उक्त तालाब के सुधार कार्य, विशेष मरम्मत हेतु जल संसाधन विभाग के आदेश दिनांक 21/6/2023 द्वारा 72.19 लाख की प्रशासकीय स्वीकृत प्रदान की गई है? यदि हाँ, तो प्रशासकीय स्वीकृति आदेश, कार्यादेश की प्रति देवें? क्या कार्यादेश अनुसार निश्चित कार्य अवधि में कार्य पूर्ण किया जा चुका है? यदि नहीं, तो क्यों, कारण स्पष्ट कर बतायें कि उत्तरदायी कौन है? (ग) क्या प्रश्नांश (क) अनुसार तालाब निर्माण के समय भूमि राजस्व विभाग की रही है? यदि हाँ, तो वर्तमान में उक्त तालाब की भूमि वन विभाग के अंतर्गत कैसे, कब, किसके आदेश से हो गई? वन विभाग तालाब के सुधार मरम्मत कार्य में किस सक्षम आदेश के तहत रोक लगाया है? इसके लिये उत्तरदायी कौन है जनहित के उक्त कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने वालों को कब तक निलंबित किया जाकर उनकी जाँच कराई जायेगी? (घ) प्रश्नांश (ख) अनुसार स्वीकृत कार्य कब तक पूर्ण करा दिया जायेगा?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी, हां। योजना की प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक 07.03.1980 को रु. 9.98 लाख राहत मद अंतर्गत आयुक्त रीवा संभाग, रीवा द्वारा प्रदाय की गयी थी। तत्समय योजना का निर्माण श्रमिक नियोजित करने हेतु रोजगार मूलक कार्य, अंतर्गत कराया गया था। तालाब निर्माण के समय प्रभावित भूमि वन भूमि थी, जो कि म.प्र. शासन वन विभाग के अधीन थी। खसरे की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''1'' अनुसार है। (ख) जी हाँ, प्रशासकीय स्वीकृति आदेश, कार्यादेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''2'' एवं ''3'' अनुसार है। जी नहीं, वन विभाग अमले द्वारा ठेकेदार को मरम्मत कार्य करने से रोकने के कारण कार्य पूर्ण नहीं किया जा सका। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। तालाब निर्माण के समय प्रभावित भूमि शासकीय वन विभाग के अधीन थी, जो कि वर्तमान में भी वन विभाग के अंतर्गत होना प्रतिवेदित है। वन विभाग अमले द्वारा ठेकेदार को कार्य नहीं करने दिया जाना प्रतिवेदित है। इसके लिये जल संसाधन विभाग अंतर्गत कोई उत्तरदायी नहीं है। शेष प्रश्नांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। वन संरक्षण पर्यावरण अधिनियम 1980 (1984 से प्रभावशील) है। खसरे की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''1'' अनुसार है। (घ) वन विभाग द्वारा अंधरखोह तालाब की मरम्मत कार्य हेतु अनुमति के पश्चात ही कार्य पूर्ण कराया जाना संभव हो सकेगा।
गृह तहसील में स्थानांतरण
[राजस्व]
80. ( क्र. 1145 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा प्रश्न क्रमांक 347 (अतारांकित) के उत्तर दिनांक 18.12.2024 में भितरवार में गृह तहसील में पदस्थ पटवारी, सहायक ग्रेड-3 के स्थानांतरण, ''स्थानांतरण नीति'' जारी होने के उपरांत कार्यवाही की जायेगी। (ख) यदि हाँ, तो क्या वर्तमान में शासन द्वारा स्थानांतरण नीति जारी कर स्थानांतरण किये जाने के निर्देश जारी किए गए है? यदि हाँ, तो विधानसभा भितरवार क्षेत्र में गृह तहसील में पदस्थ पटवारी एवं सहायक ग्रेड-3 के स्थानांतरण प्रस्ताव तैयार किए गए है? स्थानांतरण कब तक कर दिये जायेगें? समय-सीमा बताएं। (ग) भितरवार विधानसभा क्षेत्र में दिनांक 01.01.2024 से प्रश्न दिनांक तक नामांतरण, बटवारा एवं इन्द्राज दुरूस्ती के कितने प्रकरण प्राप्त हुए है? पटवारी हल्का वार जानकारी दें। प्राप्त प्रकरणों में से कितने प्रकरण निराकृत किए गए तथा कितने प्रकरण वर्तमान में लंबित है? लंबित रहने का कारण प्रकरणवार बताएं। प्रकरणों में विलंब के लिए कौन दोषी है? दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जायेगी एवं कब तक?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) पटवारी एवं सहायक ग्रेड-3 जिला स्तरीय पद हैं। राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दिनांक 29 जनवरी, 2025 को जारी ''राज्य स्तर पर अधिकारियों/कर्मचारियों की स्थानान्तरण नीति (संशोधन) वर्ष 2025'' के अनुसार वर्तमान में स्थानान्तरण पर प्रतिबंध हैं, इस आदेश से पूर्व की स्थानांतरण नीति दिनांक 24 जून, 2021 की प्रतिबंध अवधि संबंधी कण्डिका 09 में संशोधन जारी किया गया है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) भितरवार विधान सभा क्षेत्र में दिनांक 01.01.2024 से प्रश्न दिऩांक तक नामांतरण, बटवारा एवं इन्द्राज दुरूस्ती के दर्ज/निराकृत/लंबित प्रकरणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। प्रकरणो का निराकऱण न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत किया जाना है। अत: कोई भी दोषी नहीं है। फलस्वरूप कार्यवाही का प्रश्न ही उत्पन्न नहीं होता है।
नहरों का सुदृढ़ीकरण एवं चौड़ीकरण कार्य
[जल संसाधन]
81. ( क्र. 1146 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्वालियर जिले में विधानसभा 18 भितरवार अंतर्गत आरौन-पाटई क्षेत्र के 17 गांवों के लिए लिफ्ट इरिगेशन योजना राशि 105 करोड़ एवं पनिहार से हिम्मतगढ़ सिंचाई परियोजना राशि 19.86 लाख की योजनाएं शासन स्तर पर स्वीकृति हेतु लंबित है? यदि हाँ, तो कब से एवं किस स्तर पर? (ख) क्या मड़ीखेड़ा बांध से मोहनी सागर बांध तक पानी लाने वाली आवक नहर का चौड़ीकरण मोहनीसागर बांध से हरसी बांध तक पानी पहुंचाने वाली नहर का चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण, गहरीकरण का प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित है? यदि हाँ, तो कब से एवं किस स्तर पर? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में उल्लेखित कार्यों की स्वीकृति कब तक जारी की जायेगी? समय-सीमा बताएं।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) प्रस्ताव विभाग स्तर पर परीक्षणाधीन होना प्रतिवेदित है। जी नहीं अपितु हिम्मतगढ़ तालाब को नून पिक-अप वियर से भरने हेतु पाईप लाईन का प्रस्ताव राशि रू. 1455.53 लाख विभाग स्तर पर परीक्षणाधीन होना प्रतिवेदित है। (ख) जी नहीं, शेषांश प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश 'क' अनुसार निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
किलकिला फीडर नहर का निर्माण
[जल संसाधन]
82. ( क्र. 1147 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्ना जिले में पूर्व से निर्मित किलकिला फीडर जिसकी नहर जल भराव हेतु धरमसागर से लोकपाल सागर तक जाती थी। जीर्णशीर्ण हो जाने पर पुनः जीर्णोद्धार एवं मरम्मत कराए जाने की प्रशासकीय स्वीकृति कब प्रदाय की गई थी? उक्त कार्य की कार्य पूर्णता दिनांक बतावें? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार लंबी अवधि व्यतीत हो जाने के बाद भी किलकिला फीडर नहर का कार्य पूर्ण न होने का क्या कारण है? कब तक कार्य पूर्ण कर लिया जावेगा? क्या उक्त नहर के जीर्णोद्धार का कार्य लोकपाल सागर तक कराया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ। मरम्मत कराये जाने की प्रशासकीय स्वीकृति विशेष मरम्मत मद में दिनांक 24.07.2020 को प्रदाय की गई थी। उक्त कार्य को दिनांक 23.06.2025 तक पूर्ण करना लक्षित है। (ख) किलकिला फीडर नहर में स्थानीय व्यक्तियों द्वारा नहर पर किये गये अतिक्रमण एवं मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी द्वारा लगाये गये बिजली के पोल को शिफ्ट किए जाने के कारण कार्य पूर्ण नहीं हो सका। उक्त कार्य जून-2025 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है। जी हाँ, उक्त नहर के जीर्णोद्धार का कार्य लोकपाल सागर तक कराया जाना प्रावधानित है। अत: शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।
भौतिक चिकित्सकों के नाम के साथ डॉ. अभिधान की अनुमति
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
83. ( क्र. 1149 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भारत सरकार द्वारा लागू नेशनल कमीशन फॉर अलाइड एण्ड हेल्थ केयर प्रोफेशन्स एक्ट-2021 की धारा2 (i) के तहत फिजियोथेरेपिस्ट को विधिक रूप से चिकित्सक मान्य किया गया है? यदि हाँ, तो एक्ट की धारा 2 (r) के schedule (See Section2 (r) ISCO Code2264 के तहत उक्त भौतिक चिकित्सक स्वतंत्र रूप से भौतिक चिकित्सा व्यवसाय रोग निदान उपचार करने हेतु प्राधिकृत है या नहीं? (ख) क्या प्रश्नांश (क) अनुसार उक्त एक्ट 2021 की धारा 68 (1) के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये म.प्र सहबद्ध और स्वास्थ्य देख-रेख वृत्ति नियम 2024 अधिसूचित कर प्रदेश में लागू किये गये है या नहीं? (ग) क्या मध्यप्रदेश सहबद्ध और स्वास्थ्य देखरेख वृत्ति नियम 2024 के नियम 3 (k) के अंतर्गत वह स्वास्थ्य देखरेख व्यवसायी जिसने अधिनियम के तहत वैद्य डिग्री प्राप्त की है को नियमानुसार वैज्ञानिक चिकित्सक मान्य किया है अथवा नहीं? वैध डिग्रीधारी फिजियोथेरेपिस्ट प्रदेश में स्वतंत्र रूप से भौतिक चिकित्सा अभ्यास करने हेतु प्राधिकृत है या नहीं?यदि नहीं, तो क्यों? (घ) म.प्र.शासन/म.प्र.आयु.वि.वि. द्वारा मान्य बीपीटी एवं एमपीटी उपाधियां नेशनल कमीशन फॉर अलाइड एण्ड हेल्थ केयर प्रोफेशनल एक्ट-2021 के प्रयोजन हेतु विधि मान्य उपाधियां है अथवा नहीं? (ड.) यदि प्रश्नांश (क), (ख), (ग) एवं (घ) का उत्तर हाँ है तो भौतिक चिकित्सकों को अपने नाम के साथ डॉ. अभिधान के उपयोग की अनुमति है या नहीं? यदि है तो किस नियम के तहत? यदि नहीं, तो क्यों?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) जी हाँ। (ग) एवं (घ) उत्तरांश 'क' अनुसार। (ड.) भौतिक चिकित्सकों को अपने नाम के साथ डॉ. अभिधान के उपयोग की अनुमति संबंधी स्पष्ट निर्देश भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से प्राप्त कर, तदानुसार कार्यवाही की जा सकेगी।
किसानों के जमीनों का नक्शा दुरस्तीकरण
[राजस्व]
84. ( क्र. 1160 ) श्री विजयपाल सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला नर्मदापुरम के विधानसभा क्षेत्र सोहागपुर में ग्राम गुढला, गोरा, शुक्करवाड़ा, शिवपुर तहसील माखननगर के साथ-साथ अन्य ग्रामों में भी पूरे गांव के किसानों के जमीनों के नक्शे तथा खसरा नं. गलत रिकार्ड में क्यों चढ़े है? क्या जहां किसान की जमीन है वहां रिकार्ड में किसी दूसरे की जमीन बताई जा रही है? विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाये? (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में यह कार्य राजस्व की चकबंदी बंदोबस्त के तहत कब तक किया जायेगा? क्या इसमें शासन की ओर से मिशल नक्शा शीट दुरूस्त कराई जायेगी? यह कार्य कब किया जायेगा? (ग) क्या उक्त विसंगति होने के कारण किसानों को शासन की योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है? इस समस्या के कारण किसानों के सीमांकन तथा बंटवारे के प्रकरण जो काफी समय से लंबित है इनका भी निराकरण कब तक कर दिया जायेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिला नर्मदापुरम के विधानसभा क्षेत्र सोहागपुर के ग्राम गुढला, गौरा, शिवपुर, शुक्करवाड़ाकलां एवं अन्य ग्रामों में जमीनों के नक्शे तथा खसरा गलत रिकार्ड में नहीं चढ़े है। अधिकांश खसरे एवं नक्शों का मौका मिलान होता है। किसान के आवेदन पर या संज्ञान में आने पर गलत नक्शे को म.प्र. भू-राजस्व संहिता की धारा 115,116 के तहत सुधार किया जाता है। ग्राम गुढला, गौरा शिवपुर, शुक्करवाडा कलां सहित तहसील माखननगर के समस्त ग्रामों में खसरों एवं नक्शे लिंकिंग का कार्य राजस्व महा अभियान के दौरान निरंतर जारी है। उक्त ग्रामों के खसरे एवं नक्शों की स्थिति निम्नानुसार है-
ग्राम का नाम |
कुल खसरा |
कार्य पूर्ण |
शेष लिंकिंग खसरा |
गुढला |
637 |
458 |
179 |
गोरा |
468 |
464 |
4 |
शुक्करवाडाकलां |
682 |
466 |
216 |
शिवपुर |
443 |
214 |
229 |
(ख) बंदोबस्त योजना वर्तमान में समाप्त हो चुकी है। नवीन भू-सर्वेक्षण 2020 एवं मध्य प्रदेश भू- राजस्व संहिता 1959 अनुसार यथा संशोधित 2018 में दिए गए प्रावधानों अनुसार भू-सर्वेक्षण की कार्यवाही की जा रही है। (ग) समस्त किसानों को पी.एम. किसान योजना एवं सी.एम. किसान योजना सहित सभी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है। आवेदन प्राप्त होने पर सीमांकन एवं बटवारा का कार्य निरंतर नियमानुसार किया जा रहा है।
नियम विरूद्ध प्राचार्य का प्रभार देने के संबंध में
[स्कूल शिक्षा]
85. ( क्र. 1181 ) श्री अम्बरीष शर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन द्वारा सीएम राइस स्कूल के प्राचार्य को अन्य किसी कार्य का प्रभार नहीं दिया जावें। यदि हाँ, तो इसी क्रम में सीएम राईस स्कूल जो संकुल तथा जनशिक्षा केन्द्र भी थे उनके प्राचार्य को संकुल प्रभारी एवं जनशिक्षा केन्द्र प्रभारी से मुक्त किया गया है। (ख) यदि हाँ, तो भिण्ड जिले में सीएम राइस स्कूल हायर सकेण्डरी नां. 2 के प्राचार्य श्री पी.एस. चौहान को शासकीय उत्कृष्ट हायर सेकेण्डरी स्कूल नं. 1 के प्राचार्य का प्रभार क्यों दिया गया है। संचालनालय लोक शिक्षण भोपाल के जिस अधिकारी द्वारा ऐसा किया गया है, तो उसके विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी एवं कब तक।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं। जी हाँ, पद रिक्तता की स्थिति में चालू प्रभार प्रशासकीय आधार पर दिया जाता है। (ख) एक परिसर होने से प्रशासकीय आधार पर प्रभार दिया गया है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
जल संसाधन विभाग द्वारा किये गये कार्यों की जानकारी
[जल संसाधन]
86. ( क्र. 1182 ) श्री अम्बरीष शर्मा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्ड जिले में जल संसाधन विभाग में वित्तीय वर्ष 2021-22, 2022-23, 2023-24, 2024-25 में कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किये गये? वित्तीय वर्षवार स्वीकृत कार्य का नाम एवं स्वीकृत राशि, व्यय की राशि कार्य की स्थिति (पूर्ण/अपूर्ण) जिम्मेदार कार्यपालन यंत्री का नाम, सहायक यंत्री का नाम सहित सूची उपलब्ध करायें। (ख) भिण्ड जिले में नहरों का जीर्णोद्धार होने के बाद 2 वर्ष में ही पुनः टूट गई है उनके लिये कौन जिम्मेदार है? उन नहरों की सूची तथा जिम्मेदार अधिकारियों एवं ठेकेदार के नाम सहित सूची उपलब्ध करावें एवं उन ठेकेदार एवं अधिकारियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी एवं कब तक?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट I - IV अनुसार है। (ख) जी नहीं, भिण्ड जिले में नहरों का जीर्णोद्धार होने के बाद 2 वर्ष में नहरों में कोई क्षति प्रतिवेदित नहीं है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
पेंच व्यपवर्तन योजना माचागोरा डेम की जानकारी
[जल संसाधन]
87. ( क्र. 1190 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पेच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत पेंच माइक्रो सिंचाई काम्प्लेक्स-1 योजना के तहत कितने गाँव सिंचित होंगे एवं इस योजना की लागत क्या है? (ख) वर्तमान तक कितनी राशि आहरित कर ली गई हैं एवं कितना कार्य पूर्ण हो चुका है? (ग) कब तक इस योजना के अन्तर्गत किसानों को पानी मिल पायेगा? (घ) जल संसाधन विभाग के अधिकारी द्वारा किसानों को लिखित में जून 2024 तक कार्य पूर्ण करने की जानकारी दी गई थी क्या इस पर विभाग संज्ञान लेगा? (ड.) क्या समय-सीमा में कार्य पूर्ण न होने पर जिम्मेदार ठेकेदार पर विभाग कोई कार्यवाही करेगा?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) पेंच व्यपवर्तन परियोजना अंतर्गत पेंच माईक्रो सिंचाईं काम्पलेक्स-01 योजना के तहत 47 ग्राम में सिंचाई प्रस्तावित है तथा इस योजना की लागत रू. 142.76 करोड़ है। (ख) वर्तमान तक राशि रू. 103.66 करोड़ आहरित कर ली गई है एवं 73 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। (ग) दिसम्बर-2025 तक। (घ) जी हाँ। जून 2024 की स्थिति में बांध पूरा खाली नहीं होने के कारण पम्प हाउस की फाउन्डेशन में पानी भरा रहने के कारण कार्य में विलम्ब हुआ था, विभाग द्वारा संज्ञान में ले कर कार्य को दिसम्बर-2025 तक पूर्ण करना लक्षित है। (ङ) जी नहीं, कार्य अनुबंध में निहित प्रावधानों के अनुरूप संपादित किया जा रहा है, अत: ठेकेदार के विरूद्ध कार्यवाही की स्थिति नहीं है।
जमुनिया माइक्रो इरीगेशन योजना के कार्य पूर्ण करने की अवधि
[जल संसाधन]
88. ( क्र. 1191 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जमुनिया माइक्रो इरीगेशन योजना के कार्य पूर्ण करने की अवधि कब तक थी? (ख) क्या समय-सीमा में कार्य पूर्ण होकर योजना शुरु कर दी गई हैं, यदि नहीं, तो कब तक किसानों को इस योजना के तहत पानी मिल जायेगा।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जमुनिया माइक्रो इरीगेशन योजना के कार्य पूर्ण करने की अनुबंधित अवधि दिनांक 26.02.2020 थी तथा दिनांक 30.06.2023 तक प्रदान की गई थी। (ख) जी हाँ। जमुनिया माइक्रो इरीगेशन योजना का कार्य पूर्ण हो चुका है एवं किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ प्रदान किया जाना प्रतिवेदित है। अत: शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।
पात्र किसानों को किसान सम्मान निधि की राशि का भुगतान
[राजस्व]
89. ( क्र. 1199 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत कुल कितने किसान निवासरत् है? कृपया ग्रामवार, तहसील वार जानकारी उपलब्ध करायें। उक्त कुल किसानों में से कितने किसानों को किसान सम्मान निधि प्राप्त करने हेतु पात्र है? कृपया ग्रामवार, तहसीलवार जानकारी उपलब्ध करायें तथा पात्रता के मापदण्ड क्या है? कृपया शासन की नियमावली बताएं तथा कितने पात्र किसानों को किसान सम्मान निधि प्राप्त हो रही है? कृपया ग्रामवार, तहसीलवार जानकारी उपलब्ध करावें तथा कुल कितने किसान पात्रता होने के उपरान्त किसान सम्मान निधि प्राप्त नहीं हो रही है? कृपया ग्रामवार, तहसीलवार जानकारी उपलब्ध करावें तथा इसका क्या कारण है तथा इसके लिए कौन दोषी है और शत प्रतिशत पात्र किसानों को कब तक राशि उपलब्ध करायी जायेगी?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : विधानसभा भीकनगांव क्षेत्रान्तर्गत कुल 67437 खातेदार हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"1" अनुसार हैं। उक्त खातेदारों में से 38277 पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ प्राप्त हो रहा हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"2" अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"3" अनुसार है। विधानसभा क्षेत्र भीकनगांव में 38277 हितग्राहियों को योजना का लाभ प्राप्त हो रहा है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"2" अनुसार है। योजना के पात्रता मापदण्ड एवं अनिवार्य कार्यवाही पूर्ण करने वाले हितग्राहियों को योजना का लाभ प्राप्त हो रहा है, अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
प्रसूती सहायता की राशि का भुगतान
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
90. ( क्र. 1200 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक कुल कितने प्रसव हुए है? कृपया विकासखण्डवार जानकारी प्रदाय करें। उक्त प्रसव में कितनी महिलाओं को प्रसव सहायता प्रदाय की गई है तथा कितनी महिलाओं को प्रश्न दिनांक तक राशि उपलब्ध नहीं कराई गई है तथा क्या कारण है? (ख) उक्त शेष महिलाओं को कब तक राशि प्रदाय की जायेगी तथा यह भी बताएं की इस विलम्ब भुगतान के लिए कौन-कौन अधिकारी, कर्मचारी जिम्मेदार है तथा इन पर क्या कार्यवाही की जायेगी?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत वर्ष 2020 से फरवरी 2025 तक हुए प्रसव की विकासखण्ड वार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। इन प्रसव में से कुल 19985 महिलाओं को प्रसव सहायता की विभिन्न योजनान्तर्गत राशि प्रदान की गई है। भीकनगांव विधानसभा क्षेत्र की कुल 756 महिलाओं के द्वारा सही बैंक खाते की अथवा सही समग्र आईडी की जानकारी प्रदाय नहीं की गई है इस कारण इन महिलाओं को प्रसव सहायता की विभिन्न योजनान्तर्गत राशि प्रदान नहीं की गई है। (ख) हितग्राहियों से सही बैंक खाते एवं सही समग्र आई.डी. का विवरण प्राप्त कर इन महिलाओं को योजनान्तर्गत पात्रतानुसार राशि प्रदान किए जाने की कार्यवाही सतत् रूप से की जा रही है। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
माधवगढ़ फोर्ट हैरिटेज की जानकारी
[पर्यटन]
91. ( क्र. 1203 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या माधवगढ फोर्ट हैरिटेज होटल के लिये जिसका क्षेत्रफल 3.002 हेक्टेयर की एकमात्र प्राप्त निविदा 17.03.2020 को 25,01,101 रूपये की मामूली कीमत पर मेसर्स अष्ट विनायक सिलिकान प्रा.लि.सतना के नाम स्वीकृति की गई है? क्या इस भूमि की अनुमानित कीमत 30 करोड़ से अधिक है? (ख) क्या पूर्व में दिनांक 12.05.2016 को आमंत्रित निविदा में 2 निविदा प्राप्त हुई, उच्चतम निविदा 3,90,00000₹ तीन करोड़ 90 लाख प्राप्त हुई थी, प्रीमियम जमा ना होने पर निरस्त की गई थी? (ग) क्या 01.09.2021 को निवेशक को पर्यटन विभाग द्वारा कब्जा 90 साल की लीज के तौर पर सौंप दिया गया था? क्या माधवगढ़ फोर्ट का वार्षिक प्रीमियम 25012 रूपये+जीएसटी मात्र है? (घ) यदि प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) सही है तो निविदा राशि में 3.65 करोड़ की क्षति के लिये आयुक्त पर्यटन क्यों दोषी नहीं है? लीज अनुबंध अनुसार हैरिटेज होटल कितने दिन में प्रारंभ कर दिया जाना था? अब तक कितना काम हुआ, छायाचित्र दें? कब होटल शुरू होगा? शुरू न होने पर कब तक लीज निरस्त कर दी जायेगी? समय-सीमा भी दें।
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जी हाँ, नियमानुसार पारदर्शी तरीके से आमंत्रित निविदा के सफल निविदाकार को निविदा स्वीकृत की गई है। पर्यटन नीति 2016 यथा संशोधित 2019 के अनुसार हेरिटेज भवन तथा उससे लगी समस्त अनुशांगिक भूमि का निविदा हेतु ऑफसेट मूल्य रू. एक लाख प्रावधानित है। उक्त ऑफसेट मूल्य के अनुसार ही निविदा जारी की गई थी। (ख) एवं (ग) जी हाँ। (घ) जी नहीं। नियमानुसार निविदा स्वीकृत की गई है। किसी भी प्रकार की क्षति का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। अनुबंध अनुसार कब्जा प्राप्ति की दिनांक से 5 वर्ष में कार्य पूर्ण किया जाना है। कार्य प्रगति पर है। पर्यटन नीति में निहित प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही की जाती है।
नागदा में हुई पत्रकार की मृत्यु की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
92. ( क्र. 1211 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता द्वारा 04/07/2024 को नागदा के एक पत्रकार की नागदा शासकीय अस्पताल में हुई मृत्यु के संदर्भ में लापरवाही की शिकायत की गयी थी उस मामले में क्या जाँच की गयी? (ख) क्या जाँच में कोई दोषी पाया गया यदि हाँ, तो उनके विरुद्ध क्या कार्यवाही की गयी? (ग) क्या वर्तमान में भी नागदा व खाचरौद शासकीय अस्पताल में ICU व अन्य आवश्यक सेवा संचालित हो रही है? (घ) चिकित्सकों की स्थिति व एम्बुलेंस संचालन की स्थिति क्या है? (ड.) भविष्य में इन दोनों स्थानों की व्यवस्था ठीक करने की दिशा में विभाग क्या कार्यवाही करने वाला है और कब तक करेगा?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जाँच कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) जानकारी उत्तरांश (क) अनुसार है । (ग) सिविल हॉस्पिटल नागदा में वर्तमान में प्रशिक्षित स्टॉफ एवं चिकित्सा विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं होने से आई.सी.यू. का सुव्यवस्थित संचालन नहीं किया जा रहा है किन्तु वर्तमान में डे-केयर के रूप में 02 बिस्तरीय आई.सी.यू. का संचालन किया जाकर अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं का सुचारू रूप से संचालन किया जा रहा है। (घ) चिकित्सकों की स्थिति संबंधी जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-''अ'' अनुसार है एवं एम्बुलेंस संचालन की स्थिति की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-''ब'' अनुसार है। (ड.) विशेषज्ञ/चिकित्सा अधिकारी/पैरामेडिकल स्टॉफ का चयन सूची प्राप्त होने एवं नियुक्ति उपरान्त उक्त स्थानों का व्यवस्थाओं में सुधार परिलक्षित होना संभव है। पद पूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है जिसमें निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।
स्वामित्व प्रमाण पत्र का वितरण
[राजस्व]
93. ( क्र. 1212 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा ड्रोन सर्वे (हवाई सर्वे) करवाकर ग्रामीण क्षेत्र में मकानों के स्वामित्व प्रमाण पत्र ग्रामवासियों को वितरण किये जा रहे है नागदा खाचरौद विधानसभा में कितने हितग्राही को स्वामित्व प्रमाण पत्र बना कर दिए जा रहे है संख्या बताएं साथ ही कितने ही पात्र ग्रामवासी जो गाँव के मूलनिवासी होकर भी इन लोगों का स्वामित्व प्रमाण पत्र नहीं बना है या स्वामित्व प्रमाण पत्र नहीं दिया गया है (ख) ऐसे लोगों को कब तक स्वामित्व प्रमाण पत्र प्रदान कर दिए जाएँगे? (ग) कई ग्रामवासी गाँव से कुछ ही दूरी पर नई आबादी बनाकर निवास कर रहे हैं जो गाँव की आबादी में शामिल नहीं है इस कारण ये सभी लोग स्वामित्व प्रमाण पत्र पाने से वंचित है इस विषय में विभाग द्वारा क्या कोई ऐसी योजना या नीति बनाई है या इस विषय में कोई कार्यवाही विभाग कर रहा है जिससे की गाँव से कुछ ही दूरी पर रहने वाले ग्रामीणजनों को भी स्वामित्व प्रमाण पत्र मिल जाए, उन्हें गाँव में शामिल कर लिया जाए और अन्य सेवाओं का लाभ भी मिल सके?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ, तहसील नागदा एवं तहसील खाचरौद में स्वामित्व योजनान्तर्गत स्वामित्व प्रमाण पत्र ग्रामवासियों को वितरित किये गये हैं। नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र अर्न्तगत तहसील नागदा के 30 ग्रामों में कुल 5490 एवं तहसील खाचरौद के 109 ग्रामों में कुल 21552 स्वामित्व प्रमाण पत्र तैयार किये गये वितरित किये गये हैं। ग्राम आबादी में निवासरत समस्त पात्र व्यक्तियों को स्वामित्व प्रमाण पत्र प्रदान किये गये हैं स्वीकृत आबादी से बाहर निवासरत ग्राम के मूल निवासियों को स्वामित्व योजनान्तर्गत पात्रता नहीं होने से स्वामित्व प्रमाण पत्र नहीं बनाये गये हैं। (ख) जिले द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार स्वामित्व योजना अंतर्गत ग्राम आबादी में निवासरत पात्र हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख का वितरण किया जा चुका है। (ग) नवीन घोषित आबादी किए जाने की शक्तियां जिले के कलेक्टर को धारा 243 के तहत है योजना के प्रारंभ होने के समय जिलों द्वारा जिन ग्रामों की अधिसूचना जारी की गई थी केवल उन्हीं में घोषित आबादी में निवासरत हितग्राहियों को वर्तमान में अधिकार अभिलेख वितरण की कार्यवाही की गई है। ऐसी कोई योजना शासन स्तर पर विचारण में नहीं है।
मिशनरी स्कूलों को अनुदान का प्रदाय
[स्कूल शिक्षा]
94. ( क्र. 1219 ) श्री घनश्याम चन्द्रवंशी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन द्वारा म.प्र. में संचालित मिशनरी कॉनवेंट स्कूलों को अनुदान दिया जाता हैं? यदि हाँ, तो विगत 5 वर्षों में शासन द्वारा कितना अनुदान दिया गया? वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावें? (ख) क्या मिसनरी कान्वेन्ट स्कूल RTE के नियमों का पालन करते है? यदि हाँ तो अब तक कितने विद्यार्थी को RTE के तहत प्रवेश दिया गया है? विगत 5 वर्ष की जानकारी प्रदान करें? (ग) शाजापुर जिले में कितने मिशनरी कान्वेन्ट स्कूल संचालित है तथा उनमें विगत 5 वर्षों में कितने विद्यार्थी को RTE के तहत प्रवेश दिया गया है? विधानसभावार, स्कूलवार विगत 5 वर्ष की जानकारी प्रदान करें? (घ) क्या शासन द्वारा मिशनरी स्कूलों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है? यदि हाँ तो विगत 5 वर्षों में शाजापुर जिले में संचालित मिशनरी स्कूलों का कब-कब निरीक्षण किया गया तथा उनमें क्या-क्या कमियां पाई गई तथा उन पर उक्त संबंध में क्या कार्यवाही की गई विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी प्रदान करें?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) अशासकीय शिक्षण संस्थाओं को अधिनियम 1978 के तहत वेतन अनुदान दिया जाता है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। शासन द्वारा WP 95/2010 में माननीय उच्चतर न्यायालय के आदेश के तहत अल्पसंख्यक स्कूलों को शासनादेश क्रमांक एफ-44-21/2011/20-2 भोपाल दिनांक 26.07.2012 के अनुसार आरटीई से मुक्त रखा गया है। (ग) शाजापुर जिले में 07 मिशनरी कॉन्वेंट स्कूल हैं। उत्तरांश (ख) के अनुसार शेष जानकारी निरंक है। (घ) आवश्यकतानुसार/शिकायत प्राप्त होने पर निरीक्षण किया जाता है। जिला शिक्षा अधिकारी शाजापुर, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी एवं जिला परियोजना समन्वयक द्वारा कुछ स्कूलों का औचक निरीक्षण किया गया है। औचक निरीक्षण में कमियां तथा तदानुसार कार्यवाही की जानकारी निरंक है।
सिविल अस्पताल की स्थापना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
95. ( क्र. 1221 ) श्री घनश्याम चन्द्रवंशी : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कालापीपल विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में कितने स्वास्थ्य केंद्र एवं उप-स्वास्थ्य केंद्र है तथा वह कहां-कहां स्थित है? उक्त स्वास्थ्य केंद्र एवं उप-स्वास्थ्य केंद्र में कितने चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ के पद स्वीकृत है तथा स्वीकृत पदों के विरुद्ध कितना स्टाफ कार्य कर रहा है स्वास्थ्य केंद्र एवं उप-स्वास्थ्य केंद्रवार जानकारी प्रदाय करें? (ख) क्या कालापीपल विधानसभा क्षेत्र में नगर पंचायत कालापीपल में सिविल अस्पताल आरंभ किए जाने के संबंध प्रश्नकर्ता द्वारा कब-कब पत्र प्रेषित किए गए तथा उन पत्रों पर क्या कार्यवाही की गई जानकारी उपलब्ध करावें? (ग) क्या शासन द्वारा नगर पंचायत कालापीपल में एवं नगर परिषद पोलायकलाँ में सिविल अस्पताल खोले जाने की कोई योजना है यदि हाँ तो कब तक उक्त स्थानों पर सिविल अस्पताल आरंभ किया जाएगा यदि नहीं, तो क्यों नहीं कारण बताएं?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) कालापीपल विधानसभा क्षेत्र में नगर पंचायत कालापीपल में सिविल अस्पताल आरंभ किए जाने के संबंध में प्रश्नकर्ता के माध्यम से शासन स्तर पर पत्र क्रमांक 675 दिनांक 18.06.2024, पत्र क्र. 698 दिनांक 22.06.2024 एवं पत्र क्र.1200 दिनांक 26.12.2024 प्राप्त हुये है एवं वर्तमान में कालापीपल में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का उन्नयनीकरण विभागीय कार्ययोजना में सम्मिलित नहीं है। (ग) जी नहीं। उत्तरांश ''ख'' अनुसार।
मनावर विधानसभा क्षेत्र के जर्जर/क्षतिग्रस्त स्कूल
[स्कूल शिक्षा]
96. ( क्र. 1225 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के क्र./राशिके./निर्माण-1/2024/4992 भोपाल दिनांक 28/10/2024 के क्रमांक 92 पर अंकित भीलपुरा (उदियापुर) में शाला निर्माण के लिए स्वीकृत राशि प्रश्न-दिनांक तक भी जारी नहीं किए जाने का क्या कारण है? कब तक राशि जारी की जाएगी? समय-सीमा सहित बताएं। (ख) मनावर विधानसभा क्षेत्र में कितनी शाला जर्जर/क्षतिग्रस्त के रूप में चिह्नित की गई हैं, उक्त में कितनी शालाओं के निर्माण लिए राशि जारी की गई, कितनी शालाओं के लिए किन कारणों से राशि जारी नहीं की गई? शालावार ब्यौरा देवें। (ग) प्रश्नकर्ता ने मनावर विधानसभा क्षेत्र के कितने जर्जर/क्षतिग्रस्त स्कूलों के निर्माण के लिए कब-कब विभाग को, माननीय मुख्यमंत्री को पत्र प्रेषित किए, उक्त पत्रों पर क्या कार्यवाही हुई? प्रति सहित बताएं। (घ) मनावर विधानसभा क्षेत्र के किन-किन स्कूलों की तरफ से विगत पाँच वर्षों में स्कूलों के क्षतिग्रस्त/जर्जर होने या अन्य कार्य के लिए विभाग को कब-कब अवगत कराया गया? उक्त सूचना की पुष्टि एवं उस पर अन्य क्या कार्यवाही की गई है? उन सभी स्कूलों की एवं की गई सभी कार्यवाहियों की जानकारी देवें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जिला स्तर से तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति उपरांत जिले को राशि जारी कर दी गई है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। जर्जर/क्षतिग्रस्त चिन्हित प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं हेतु प्रस्ताव वार्षिक कार्ययोजना वर्ष 2025-26 में प्रस्तावित किया गया है। राशि की स्वीकृति बजट की उपलब्धता एवं सक्षम स्वीकृति पर निर्भर करता है। विधानसभा क्षेत्रांतर्गत परिशिष्ट में उल्लेखित हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूलों हेतु प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। (घ) प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालयों में कार्य की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुये, प्रति वर्ष जिले द्वारा वार्षिक कार्य योजना में निर्माण कार्यों हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाता है। बजट की उपलब्धता एवं भारत शासन से स्वीकृति अनुसार कार्यवाही की जाती है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- ''स'' एवं ''द'' अनुसार है।
पट्टे की आवंटित भूमि का कब्जा
[राजस्व]
97. ( क्र. 1226 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राज्य शासन द्वारा सीहोर जिले के बुधनी विधानसभा क्षेत्र के तहसील नसरूल्लागंज, रेहटी और बुधनी में भूमिहीन आदिवासी एवं गैर-आदिवासियों को शासन की योजना के तहत शासकीय भूमि पट्टे पर आवंटित की गई थी, जिसका राजस्व विभाग ने खसरा पंजी आदि में भू-स्वामी हक भी पट्टेधारियों को प्रदान कर भू-अधिकार पुस्तिका भी उपलब्ध करवाई है? (ख) क्या पट्टा आवंटन और नामांतरण करते समय और भू-स्वामी हक तथा भू-अधिकार पुस्तिका दिए जाते समय पट्टेधारियों को सीमांकन कर भूमि का कब्जा नहीं दिलवाया गया है? (ग) पट्टेधारियों द्वारा लगातार भूमि का कब्जा दिलवाए जाने हेतु बार-बार आवेदन देने के बावजूद भी प्रश्न-दिनांक तक भूमि का कब्जा क्यों नहीं दिया गया? कब तक भूमि पर कब्जा दिया जाएगा, समय-सीमा सहित बताएं। (घ) भूमिहीनों को कब्जा दिए जाने के लिए जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) संगठन सीहोर द्वारा एसडीएम नसरूल्लागंज एसडीएम बुधनी को कब-कब आवेदन दिया गया, उक्त आवेदन पर प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई है? (ङ) प्रश्नकर्ता द्वारा दिनांक 12/06/2023 को माननीय मुख्यमंत्री को इस संबंध में प्रेषित पत्र पर क्या कार्यवाही की गई है।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हां। शासन के नियमानुसार कार्यवाही की गयी है। (ख) शासन के नियमानुसार कार्यवाही की गयी है। (ग) पट्टेधारियों को कब्जा दिलाये जाने की कार्यवाही पूर्व वर्षों में की गयी है। ऐसे पट्टेधारी जिनका भूमि पर कब्जा नहीं है, की जानकारी संज्ञान में आने पर कब्जा दिलवाने की नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। (घ) कब्जा दिये जाने के लिए जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) संगठन द्वारा फरवरी 2023 में ज्ञापन दिया गया था। ज्ञापन एवं पट्टाधारियों के आवेदन पर कब्जा दिलाने की कार्यवाही की जा रही है। (ड.) प्रश्नांश 'घ' के उत्तर के अनुक्रम में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
मत्स्य विभाग के विभागीय योजनाओं की जानकारी
[मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास]
98. ( क्र. 1234 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर/चंबल संभाग में मत्स्य विभाग के अंतर्गत नीलक्रांति, PMSY/RKVY एवं अन्य विभागीय योजनाओं के तहत RAS, बायोफ्लाक, केज/पेन कल्चर एवं नवीन तालाब निर्माण इन्पुट्स, तालाब सुधार, सर्कूलर हैचरी निर्माण/बर्फ संयंत्र, फिश फीड मिल, मत्स्य परिवहन हेतु इन्सूलेटेड वाहन छोटे एवं बड़े सहित समस्त विभागीय योजनाओं में किन-किन हितग्राहियों के आवेदन प्राप्त हुए, उनकी सूची एवं विभाग द्वारा किन-किन हितग्राहियों को उक्त योजनाओं का लाभ/अनुदान दिया गया, उनका कार्य आदेश तथा कार्य पूर्ण उपयोगिता प्रमाण पत्र, कार्य का फोटो सहित एवं मत्स्य में कितनी वृद्धि एवं लाभ प्राप्त हुआ है ब्लॉक एवं जिला स्तर पर समस्त जानकारी दी जावें। (ख) म.प्र. के इंदौर में यशवंद सागर जलाशय में केज स्थापना में करीब 1.25 करोड़ रूपये के अनुदान का फर्जीवाड़ा तथा नियम विरूद्ध बिना कार्य किये अनुदान राशि का भुगतान पूर्व में करने के संबंध में तथा उक्त मामले में विभागीय अधिकारी द्वारा आत्महत्या करने का प्रयास संबंधी शिकायतें समाचार पत्रों प्रकाशित हुई थी एवं कई शिकायतें शासन स्तर पर की कई थी, उक्त मामले में दोषियों के खिलाफ क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, की गयी, तो क्यों? (ग) वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत मत्स्य विभाग को प्राप्त हितग्राहियों के आवेदन समस्त योजनाओं के तहत कितने प्राप्त हुए एवं शासन/प्रशासन स्तर पर कितने आवेदन लंबित है जिला/ब्लॉकवार सूची दी जावे।
राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास ( श्री नारायण सिंह पंवार ) : (क) ग्वालियर/चम्बल संभाग में विभाग द्वारा संचालित योजनांतर्गत लाभान्वित हितग्राहियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ख) इन्दौर के यशवंत सागर जलाशय में केज स्थापना अनुदान का फर्जीवाड़ा के संबंध में विभाग को कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नांश अवधि में विभाग कों विभिन्न योजनान्तर्गत हितग्राहियों से प्राप्त आवेदन 2214 एवं लंबित आवेदन 711 जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है।
शिवपुरी जिले के नवग्रह एवं सत्यनारायण मंदिर का जीर्णोद्धार
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
99. ( क्र. 1235 ) श्री देवेन्द्र कुमार जैन : क्या राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शिवपुरी में शासन संधारित मंदिर श्री नवग्रह मंदिर एवं श्री सत्यनारायण मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य हेतु जारी की गई प्रशासकीय स्वीकृति के उपरांत किये गए कार्यों में अपूर्ण कार्य की राशि रू. 242.75 लाख की मांग कार्यकारी एजेन्सी मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अद्योसंरचना मण्डल गुना द्वारा की गई है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्या उक्त राशि के अभाव में मंदिर परिसर का शेष जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण नहीं होने से मंदिर परिसरों में अभी तक किये गए समस्त कार्यों में भव्यता एवं सुंदरता नहीं मिल पा रही है? बार-बार मांग किये जाने के उपरांत भी राशि का आवंटन अभी तक क्यों नहीं किया गया? सकारण उत्तर दें तथा उक्त कार्यों को पूर्ण करने हेतु कब तक अपूर्ण कार्यों की राशि रू. 242.75 का आवंटन निर्माण एजेंसी को किया जायेगा?
राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जी हाँ। (ख) अपेक्षित पूर्ण जानकारी के अप्रभाव में पुर्नआंवटन राशि जारी नहीं की गई है। प्रकरण में अपेक्षित जानकारी की पूर्ति उपरांत ही शेष राशि जारी की जाती है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
शासकीय फिजीकल कॉलेज शिवपुरी में संचालित कोर्स
[स्कूल शिक्षा]
100. ( क्र. 1237 ) श्री देवेन्द्र कुमार जैन : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में शासकीय शारीरिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण महाविद्यालय कहाँ-कहाँ व कब से स्वीकृत हैं? कितने वर्तमान में संचालित एवं कितने बंद हैं? व क्यों? क्या शिवपुरी के शासकीय तात्या टोपे राज्य शारीरिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण महाविद्यालय (फिजीकल कॉलेज) में संचालित डीपीएड पाठ्यक्रम में भी विगत 03 वर्षों से प्रवेश प्रक्रिया बंद है? यदि हाँ, तो क्यों व किस आदेश के तहत?सकारण उत्तर दें? (ख) प्रश्नांश(क) के संदर्भ में क्या शिवपुरी में संचालित महाविद्यालय का खेल एवं युवा कल्याण विभाग को हस्तांतरित किया जाना प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो इस संबंध में प्रचलित कार्यवाही की अद्यतन जानकारी दें? हस्तांतरण उपरांत खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा कौन-कौन से पाठ्यक्रम संचालित किया जाना प्रस्तावित किया है? प्रकरण में अब तक की गई कार्यवाही के समस्त दस्तावेजों की छायाप्रतियां उपलब्ध करावें? सकारण उत्तर दें कि हस्तांतरण की कार्यवाही पूर्ण होने तक छात्रहित में प्रवेश प्रक्रिया को जारी क्यों नहीं रखा गया है? (ग) क्या प्रदेश के शारीरिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण महाविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया बंद होने के कारण विद्यार्थियों को निजी महाविद्यालयों/प्रशिक्षण संस्थानों में अत्यधिक फीस देकर डीपीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने को मजबूर हैं? विगत 03 वर्षों में प्रदेश में संचालित निजी शारीरिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण महाविद्यालयों/संस्थानों में कुल कितने विद्यार्थियों ने डीपीएड पाठ्यक्रमों में प्रवेश लिया? जिलावार निजी संस्थानों एवं उनमें वर्षवार प्रवेशित विद्यार्थीयों की संख्या बताएं?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) विभागान्तर्गत एक शासकीय शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षण महाविद्यालय शिवपुरी में वर्ष 1956 से स्वीकृति है। यह महाविद्यालय वर्तमान में मंत्री परिषद् की बैठक दिनांक 26 सितम्बर 2023 में खेल एवं युवा कल्याण विभाग को हस्तांतरित किये जाने संबंधी निर्णय के अनुक्रम में संचालित नहीं है। जी हाँ, म.प्र. शासन खेल युवा कल्याण विभाग के आदेश दिनांक 04.10.2023 के तहत खेल एवं युवा कल्याण विभाग को हस्तांतरित किये जाने संबंधी निर्णय हो जाने से प्रवेश प्रक्रिया बंद है। (ख) उत्तांश (क) अनुसार हस्तांतरित किये जाने का निर्णय लिया गया है, अतः संचालनालय के पत्र दिनांक 19.03.2024 एवं 02.04.2024 द्वारा खेल एवं युवा कल्याण विभाग को पत्र प्रेषित किये गये है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा अभी तक आधिपत्य/प्रभार नहीं लिये जाने से शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग को हस्तांतरण की प्रकिया प्रांरभ हो जाने के कारण प्रवेश प्रक्रिया जारी नहीं रखी गई है। (ग) निजी शारीरिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण महाविद्यालय/संस्थान विभाग के अधीन नहीं होने से जानकारी विभाग स्तर पर संधारित नहीं है।
100 करोड़ से अधिक की निविदाओं की जानकारी
[जल संसाधन]
101. ( क्र. 1240 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा पिछले तीन वर्षों में ₹100 करोड़ से अधिक राशि के कितने टेंडर जारी किए गए हैं, उनकी टेंडरवार, राशिवार जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) बिंदु (क) की अवधि अनुसार विभाग द्वारा कितने ऐसे टेंडर जारी किए गए हैं, जिनमें टेंडर जारी होने से पहले पर्यावरणीय स्वीकृति नहीं ली गई थी? निविदावार जानकारी प्रदान की जाए। (ग) पिछले तीन वर्षों में पाइप इरिगेशन से संबंधित निविदाओं में ठेकेदारों को अब तक पाइप खरीदी का कितना भुगतान किया गया है? भुगतान किए पाइपों का वर्तमान बाजार मूल्य भी प्रदान किया जाए। (घ) समान अवधि में यह जानकारी भी दें कि कितने टेंडरों में वन विभाग से स्वीकृति प्राप्त किए बिना पाइपलाइन का भुगतान किया गया है? निविदावार भुगतान की राशि बताएं।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"अ" अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित स्वीकृत कार्य जिसमें टेंडर जारी होने से पहले पर्यावरणीय स्वीकृति नहीं ली गई थी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"ब(i-x)" अनुसार है। (ग) पिछले तीन वर्षों में पाइप इरिगेशन से संबंधित निविदाओं में ठेकेदारों को अब तक पाइप खरीदी के भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"स(i-x)" अनुसार है। टर्न-की निविदा होने के कारण ठेकेदार को पाइपों का भुगतान निविदत्त दरों के अनुसार किया जाता है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) पिछले तीन वर्षों में वन विभाग से स्वीकृत प्राप्त किए बिना पाईप लाइन के भुगतान की निविदावार एवं राशिवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"स(i-x)" अनुसार है।
एडीपीसी के पद पर प्रतिनियुक्ति का प्रावधान
[स्कूल शिक्षा]
102. ( क्र. 1245 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत स्वीकृत एडीपीसी के पद पर कितने वर्ष की अवधि के लिए प्रतिनियुक्ति का प्रावधान है? भोपाल संभाग के अंतर्गत वर्तमान में कितने एडीपीसी प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं और वे कितने वर्षों से प्रतिनियुक्ति पर हैं, इसकी समयावधि बताएं? (ख) क्या प्रश्नांश (क) में उल्लिखित कार्यरत एडीपीसी में से कुछ एडीपीसी को विभाग द्वारा हटाने के बाद पुनः एडीपीसी के पद पर नियुक्त किया गया है? यदि हाँ, तो क्यों? क्या विभाग द्वारा पुनः एडीपीसी के पद पर नियुक्त करने वाले अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) प्रतिनियुक्ति की अवधि पूर्ण होने और एक ही लोक सेवक को बार-बार एडीपीसी के पद पर पदस्थ किया गया है, तो ऐसे लोक सेवकों की प्रतिनियुक्ति कब तक समाप्त कर दी जाएगी? यदि नहीं, तो क्यों?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत एडीपीसी के पद पर प्रथमतः 02 वर्ष के लिए सेवाएं ली गई थी। विभागीय सहमति से वृद्धि का प्रावधान है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"01" अनुसार है। (ख) जी हाँ। जिला सीहोर में ए.डी.पी.सी. प्रथम बार दिनांक 20.01.2016 से 22.01.2020 तक कार्यरत रहे तथा पुनः 07.11.2020 से निरंतर ए.डी.पी.सी. के पद पर पदस्थ है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"02" अनुसार है। प्रशासकीय निर्णय के आधार पर कार्यवाही की गई। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) समग्र शिक्षा अभियान एक केन्द्र प्रवर्तित योजना है, जिसका संचालन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किया जाता है। इन योजनाओं में पदस्थ अधिकारी/कर्मचारी स्कूल शिक्षा विभाग के लोक सेवक है। स्कूल शिक्षा विभाग आवश्यकता होने पर केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु पदस्थ कर सकता है अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
APC एवं BAC की प्रतिनियुक्ति संबंधी
[स्कूल शिक्षा]
103. ( क्र. 1246 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्य शिक्षा केंद्र अंतर्गत संचालित जिला शिक्षा केंद्र एवं जनपद शिक्षा केंद्र कार्यालय में APC (Assistant Project Co-ordinator), BAC (Block Academic Coordinator), जन शिक्षक के पदों पर प्रतिनियुक्ति से भरे जाने का क्या प्रावधान है एवं कितने वर्षों के लिए प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ किया जाता है? (ख) भोपाल संभाग अंतर्गत जिला शिक्षा केंद्र एवं जनपद शिक्षा केंद्र में पदस्थ APC, BAC, जन शिक्षक की प्रतिनियुक्ति का विज्ञापन कब जारी किया गया? क्या शासन नियमों के अनुसार प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ किया गया है? यदि नहीं, तो क्यों एवं जारी विज्ञापन की प्रति उपलब्ध करावें? (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार जिन लोक सेवकों को बिना विज्ञापन जारी किए रखा गया है अथवा निर्धारित प्रतिनियुक्ति अवधि समाप्त हो चुकी है इन्हें कब तक हटाया जाएगा अवधि बतावें एवं दोषी अधिकारी के विरुद्ध विभाग द्वारा क्या कार्रवाई की जावेगी? यदि नहीं, तो क्यों?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"अ" अनुसार है। (ख) ए.पी.सी. के पदों की पूर्ति के संबंध में विज्ञापन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"ब" अनुसार है। बी.ए.सी. एवं जनशिक्षक की सेवायें वरीयता सूची से लिये जाने का प्रावधान है। जी हाँ। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"स" अनुसार है।
शासकीय भूमियों पर अवैध अतिक्रमण
[राजस्व]
104. ( क्र. 1248 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना एवं मैहर जिले में वर्ष 1958-59 की खसरा, खतौनी में किस-किस तहसील के लिये किस-किस ग्राम में किस-किस आराजी क्रमांकों में कितने-कितने रकबों के शासकीय/नजूल/ निस्तार पत्रक एवं अन्य की भूमियों पर तालाब एवं मंदिर दर्ज थे? पटवारी हल्कावार/ग्रामवार/ तहसीलवार/रकबोंवार/आराजी क्रमांकोंवार/जिलेवार जानकारी उपलब्ध करायें? (ख) दिनांक 01-01-2025 तक की स्थिति में प्रश्नांश (क) में वर्णित किन-किन स्थानों के तालाबों एवं मंदिरों की भूमियों का कितना-कितना रकबा कैसे और किस सक्षम अधिकारी (एस.डी.एम./कलेक्टर/अन्य सक्षम कार्यालयों) द्वारा जारी आदेशों से कम हुआ? सभी आदेशों की एक-एक प्रति उपलब्ध करायें? क्या निजी भू स्वामित्व में तब्दील/हस्तान्तरित हुआ? तहसीलवार/रकबावार/आराजी क्रमांकोंवार/स्थानवार/ग्रामवार/ पटवारी हल्कावार/जिलेवार बतायें? (ग) सतना विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले धवारी तालाब/ नारायण तालाब/ट्रांसपोर्ट नगर तालाब/जगतदेव तालाब/बगहा तालाब एवं अन्य सभी तालाबों एवं मंदिरों की कितनी भूमि वर्ष 1958-59 के खसरा, खतौनी में दर्ज थी? प्रश्नतिथि तक कितनी बची है? किस-किस नाम/पते के कब्जे पर प्रश्नतिथि तक है? सूची दें? कब तक अवैध अतिक्रमण हटाया जायेगा और जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराया जायेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिला सतना अंतर्गत वर्ष 1958-59 के खसरा खतौनी अनुसार शासकीय/नजूल/निस्तार पत्रक एवं अन्य भूमियों पर तालाब एवं मंदिर की जानकारी तहसीलवार, ग्रामवार, आराजी क्रमांकवार, रकबावार सूची की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" अनुसार है। (ख) दिनांक 01.01.2025 की स्थिति में तहसील रघुराजनगर को छोड़कर अन्य तहसीलों की जानकारी निरंक है। तहसील रघुराजनगर के तालाबों की भूमियों में स्वत्व परिवर्तन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–"ब" अनुसार व शेष प्रश्नांश के संबंध में जाँच प्रचलित है। (ग) सतना विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले धवारी तालाब/नारायण तालाब ट्रांसपोर्ट नगर तालाब/जगतदेव तालाब/बगहा तालाब की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट –"अ" अनुसार है। इन तालाबों में कोई अतिक्रमण नहीं है। शेष प्रश्न उदभूत नहीं होता है।
भूमि के अवैध आवंटन को निरस्त किया जाना
[राजस्व]
105. ( क्र. 1250 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सतना जिला अंतर्गत रामपुर बघेलान तहसील के मौजा करही पटवारी हल्का सगौनी की आराजी नं. 574 रकबा 1.41 एकड़, 573, रकबा 0.71 एकड़ भूमि निस्तार पत्रक में दर्ज होकर शासकीय विद्यालय हेतु आवंटित एवं आरक्षित थी? और 1963 से 1975 तक राजस्व खसरे में शासकीय विद्यालय दर्ज है किन्तु खसरे में हेर-फेर करके पूर्व के रकबे को कम कर दिया क्यों? (ख) क्या मौजा करही पटवारी हल्का सगौनी के आराजी क्र.597 रकबा 2.39 एकड़ आराजी नं. 596 रकबा 0.17 एकड़ 572/2 रकबा 0.009 एकड़ किसी सरकारी कर्मचारी या उसके वारिस को अवैध तरीके से भूमि स्वामी बनाया गया है? (ग) आराजी नं. 311/199 रकबा 3.55 एकड़ वर्ष 1963-1980 तक म.प्र. शासन निस्तार पत्रक के रूप में राजस्व खसरे में दर्ज थी? तो फिर विजय नारायण सिंह के निधन के बाद उनके वारिसों के नाम किस कानून/नियम के तहत दर्ज की गई? (घ) क्या म.प्र. शासन/आम निस्तार, शासकीय विद्यालय हेतु आरक्षित/सुरक्षित एवं निर्मित विद्यालय के रकबे को किसी व्यक्ति विशेष तत्कालीन शिक्षक लक्ष्मीनारायण सिंह पिता अमरीक सिंह (मूल पवाईदार) या उनके परिवार को भूमि आवंटित की जा सकती है? यदि नहीं, तो क्यों की गई? यदि हाँ, तो नियम की प्रति दें? (ङ) प्रश्नांश (क), (ग) एवं (घ) में वर्णित आराजियों के अवैध आवंटन को निरस्त करके शासकीय घोषित किया जाकर सम्पत्ति हड़पने वालों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ, मौजा करही के निस्तार पत्रक में आराजी नं. 573, 574 शासकीय विद्यालय हेतु आरक्षित थी। वर्ष 1963 से 1975 तक राजस्व खसरे के रकबा में कोई हेरफेर नहीं किया गया। वर्ष 1975-76 में आराजी नं. 573 में स्कूल 0.246 व मकान 0.041 हे. में, कौषल बानी आबाद एवं 573/1, 0.30 डि. सरकारी एवं 573/2, 0.36 डि. लक्ष्मीनारायण सिंह वश. नं. 572/3 एवं 573/3, 0.05 डि. कौशल बानी सा. देह शा. पट्टेदार 10 साल दर्ज अभिलेख है। 2023-24 में 573/1 रकबा 0.122 हे. (भूमिस्वामी कॉलम निंरक) एवं 573/2/1/1/1/1 रकबा 0.005 हे. अमृतलाल पिता रामप्रकाश बानी एवं 573/2/1/1/1/2 रकबा 0.003 हे. महेन्द्र पिता रामजी गुप्ता एवं 573/2/1/1/2 रकबा 0.045 हे. पुष्पेन्द्र पिता प्रताप सिंह एवं 573/2/1/2 रकबा 0.016 हे. दिनेश प्रसाद पिता रामबहोरी गुप्ता एवं 573/2/2/1 रकबा 0.025 हे. नीरज पिता सुन्दरलाल गुप्ता एवं 573/2/2/2 रकबा 0.026 हे. रजनीश कुमार पिता सुन्दरलाल गुप्ता एवं 573/2/2/3 रकबा 0.026 हे. वीरेन्द्र पिता सुन्दरलाल गुप्ता एवं 573/3 रकबा 0.020 हे. कौशल प्रसाद तनय रामबहोरी बानी के नाम दर्ज है, वर्ष 1963-64 से 1974-75 तक व 2023-24 में रकबा में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। वर्ष 1963-64 में खसरे की आराजी नं. 574 का रकबा 1.41 एकड़ दर्ज था, वर्ष 1963-64 से 1974-75 तक रकबे में कोई परिवर्तन नहीं किया गया। वर्ष 1975-76 में लक्ष्मीनारायण सिंह बल्द अम्बरीक सिंह सा. देह शा. पट्टाधारी 10 वर्ष एवं बाहुक्म वंटन अधी. दी. 4.5.76 को मंजूर हस्ता. अवाच्य लेख किया गया एवं खसरा अभिलेख 2023-24 में आराजी नं. 574/1/1 रकबा 0.057 हे. अनिल पिता तेजबहादुर सिंह एवं 574/1/1/2 रकबा 0.056 हे. सुनील पिता तेजबहादुर सिंह एवं 574/1/2 रकबा 0.069 हे. गीता पति लालबिहारी सिंह 1/3 शैलेन्द्र पिता लालबिहारी 1/3 एवं सोमेन्द्र सिंह पिता लालबिहारी सिंह 1/3 एवं 574/1/3/1 रकबा 0.015 हे. पुष्पेन्द्र सिंह पिता उग्रसेन सिंह परिहार एवं 574/1/3/1/1 रकबा 0.010 हे. महेन्द्र कुमार पिता रामजी गुप्ता, 574/1/3/1/1/1/1/1 रकबा 0.090 हे. लक्ष्मीनारायण पिता अमरीक सिंह एवं 574/1/3/1/1/1/1/2 रकबा 0.090 हे. अशोक पिता लक्ष्मीनारायण सिंह एवं 574/1/3/1/1/1/2 रकबा 0.001 हे. आशुतोष पिता सहदेव सिंह एवं 574/1/3/1/1/1/3 रकबा 0.010 हे. अमृतलाल पिता रामप्रकाश बानी एवं 574/1/3/1/1/2 रकबा 0.004 हे. आशुतोष पिता सहदेव सिंह एवं 574/1/3/1/2 रकबा 0.010 हे. अमृतलाल पिता रामप्रकाश बानी एवं 574/1/3/1/3 रकबा 0.073 हे. पुष्पेन्द्र सिंह पिता प्रताप सिंह एवं 574/1/4 रकबा 0.032 हे. रामेश्वर पिता शिवशंकर सिंह, 574/1/5 रकबा 0.028 हे. राजेश्वर पिता शिवशंकर सिंह एवं 574/1/6 रकबा 0.010 हे., अमृतलाल रामप्रसाद गुप्ता एवं 574/2 रकबा 0.012 हे. कैलाशचन्द्र पिता रामलल्ला गुप्ता एवं 574/3 रकबा 0.012 हे. नवदुर्गा प्रसाद तनय रामलल्ला के नाम दर्ज है। 574 का कुल रकबा वर्तमान में 1.43एकड़/0.579 हे. दर्ज है। (ख) जी हाँ, मौजा करही, पटवारी हल्का सगौनी की आराजी नं. 597 रकबा 2.39 एकड़, आराजी नं. 596 रकबा 0.17 एकड़, 572/2 रकबा 0.009 एकड़ लक्ष्मीनारायण सिंह शासकीय शिक्षक के नाम दर्ज करने का आदेश खसरा वर्ष 1975-76 में बाहुक्म वंटन अधि. दिनांक 04.05.76 को मंजूर की प्रविष्टि दर्ज है। (ग) प्रश्नाधीन आराजी नं. 311/199 खसरा अभिलेख में दर्ज नहीं है। (घ) म.प्र. शासन/आम निस्तार/शासकीय विद्यालय हेतु आरक्षित/सुरक्षित एवं निर्मित विद्यालय के रकबे को किसी व्यक्ति विशेष तत्कालीन शिक्षक लक्ष्मीनारायण सिंह पिता अमरीक सिंह या उनके परिवार को भूमि आवंटित करने का प्रावधान नहीं है, आवंटन किस आधार पर किया गया, इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी रामपुर बाघेलान के न्यायालय में प्रकरण विचाराधीन है। (ड.) प्रश्नांकित भूमि की जाँच, न्यायालय कलेक्टर सतना के प्रकरण क्रमांक 144/निगरानी/2020-21 में पारित आदेश दिनांक 27.12.2024 में दिये गये निर्देशों के पालन में प्रकरण अनुविभागीय अधिकारी रामपुर बाघेलान के न्यायालय में जाँच विचाराधीन है।
स्वास्थ्य अधिकारियों की पदस्थापना एवं सामग्री क्रय
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
106. ( क्र. 1251 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग अंतर्गत एएनएम, सीएचओ, एमपीडब्लू की मूल पदस्थापना से अन्य स्थान में कार्य करवाने हेतु क्या नियम हैं? मंडला जिले में एएनएम, सीएचओ, एमपीडब्लू के नाम, मूल पदस्थापना एवं वर्तमान में कार्यरत स्थान की जानकारी उपलब्ध कराएं, सभी आदेशों की प्रतियाँ प्रदान करें? मूल पदस्थापना से अन्यत्र कार्य करवाने हेतु उक्त कर्मचारियों के आदेश किस नियम के तहत किस-किस के द्वारा किया गया है? इसके लिए कौन-कौन दोषी है? उसके विरुद्ध क्या कार्यवाही की जाएगी? (ख) सीएमएचओ कार्यालय मंडला में फील्ड के कितने कर्मचारी कार्य कर रहे हैं? किस नियम के तहत फील्ड के कर्मचारियों से सीएमएचओ कार्यालय में कार्य करवाया जा रहा है? (ग) वर्ष 2020-21 से प्रश्न दिनांक तक दवाइयां, उपकरण, प्रशिक्षण एवं प्रचार प्रसार हेतु कितनी-कितनी राशि कब-कब, किस-किस मद में जिला मंडला को प्रदाय की गई? इस राशि का व्यय/उपयोग कहाँ-कहाँ किस-किस कार्य में किया गया? सम्बंधित समस्त बिल व्हाउचरों की छायाप्रतियाँ उपलब्ध कराएं? (घ) क्या यह सही है कि कोरोनाकाल के दौरान जिले को प्रदाय राशि के उपयोग में गड़बड़ी एवं खरीदी में अनियमितता को लेकर तत्कालीन जिला कलेक्टर द्वारा जाँच करवाई गई थी? यदि हाँ, तो जाँच प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं? (ङ) जिले की आशा कार्यकर्ताओं को कुल कितनी एचबीएनसी किट वितरित की गई हैं? इस किट की खरीदी कहाँ से कितनी मात्रा में किस दर में की गई, बिलों की छायाप्रति उपलब्ध कराएं? क्या उक्त किट घटिया क्वालिटी की होने के कारण अनेक आशा कार्यकर्ताओं ने किट वापस की है? यदि हाँ, तो घटिया किट खरीदी हेतु कौन दोषी हैं? क्या इसकी जाँच करवाकर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी? क्या संबंधित सप्लायर को ब्लैक लिस्ट किया जायेगा?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
शिकायतों एवं अनियमितता की जाँच
[स्कूल शिक्षा]
107. ( क्र. 1252 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शिकायतकर्ता विशन सिंह मरावी की शिकायत पर संचालक राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के पत्र क्रमांक/राशि के/जीजीयू/2024/3125, दिनांक 07/11/2024 के अनुसार जिला स्तर पर जाँच दल गठित कर जाँच करवाई गई है? यदि हाँ, तो जाँच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध कराएं! क्या इस जाँच में पूर्व वार्डनों को बुलाया गया था? यदि नहीं तो क्यों, जबकि शिकायत पूर्व वार्डनों से भी संबंधित थी? क्या पुनः पूर्व वार्डनों के कथन लिए जायेंगे? क्या जाँच के दौरान ए.पी.सी. को प्रभार से अलग किया गया था? यदि नहीं, तो क्यों? क्या प्रभार में रहते हुए इनके द्वारा नवीन वार्डनों को भय दिखाकर जाँच प्रभावित की गई? (ख) क्या वर्ष 2024-25 में मंडला जिले के सभी छात्रावासों में मद परिवर्तन करवाये बिना, बगैर टेंडर प्रक्रिया के एक ही फर्म से बच्चों के लिए स्वेटर एवं एक अन्य फर्म से ट्रैकसूट, नाईटसूट एवं एक अन्य फर्म से सी.सी.टी.व्ही. कैमरा की खरीदी करवाई गई है? सभी के बिल उपलब्ध कराएं। क्या उक्त खरीदी ए.पी.सी. द्वारा अधीक्षकों पर दबाव डालकर एक ही फर्म से करवाई गई? क्या इसकी जाँच करवाई जाएगी? (ग) क्या वर्ष 2024-25 में जिले के ब्लॉक बीजाडांडी की एक फर्म सफर स्टेशनरी से जिले के समस्त छात्रावासों में स्टेशनरी सप्लाई करवाई गई? सभी बिलों की छायाप्रति उपलब्ध कराएं। क्या इसकी जाँच करवाई जाएगी? (घ) क्या मवई ब्लॉक के बी.आर.सी. रहे राजेश महोबिया द्वारा ए.पी.सी. शेषमणि गौतम के विरुद्ध शिकायत जिला कलेक्टर मंडला से की गई थी? क्या इसकी जाँच की गई? यदि हाँ, तो जाँच प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं। यदि नहीं तो क्यों? कब तक जाँच कर कार्यवाही की जाएगी?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) कलेक्टर जिला मण्डला द्वारा जिला स्तर पर जाँच दल गठित किया गया। जाँच प्रक्रियाधीन है। (ख) वर्ष 2024-25 में मण्डला जिले में बच्चों के लिये स्वेटर एवं ट्रैक सूट के बिल वाउचर की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – 'क' अनुसार है। (ग) वर्ष 2024-25 में मण्डला जिले के बीजाडांडी ब्लॉक में खरीदी गयी स्टेशनरी के बिल वाउचर की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – 'ख' अनुसार है। (घ) उक्त शिकायत के संबंध में जाँच समिति गठित की जा चुकी है तथा जाँच प्रक्रियाधीन है।
शिक्षक/कर्मचारियों को अर्जित अवकाश के नगदीकरण का लाभ
[स्कूल शिक्षा]
108. ( क्र. 1257 ) श्री विवेक विक्की पटेल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. शासन के निर्देशानुसार 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों को एक वेतन वृद्धि दिए जाने के संबंध में आदेश जारी किए गए हैं? यदि हाँ, तो जिला बालाघाट में विभाग अंतर्गत वर्ष 2024 में 30 जून 2024 को कितने शिक्षक/कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए हैं? क्या उन सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों/कर्मचारियों को उच्च न्यायालय जबलपुर से एक वेतन वृद्धि दिए जाने के आदेश उपरांत संबंधितों के प्रकरण जिला शिक्षा अधिकारी बालाघाट द्वारा आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल को अनुमोदन हेतु भेजे गए हैं? यदि हाँ, तो क्या आज दिनांक तक संबंधितों को एक वेतन वृद्धि दिए जाने के संबंध में आदेश जारी किए गए हैं? यदि हाँ, तो कितने कर्मचारियों/ शिक्षकों के आदेश जारी किए जा चुके हैं? कितने कर्मचारियों/शिक्षकों के आदेश जारी किया जाना शेष हैं एवं क्यों? कारण बतायें। (ख) जिला बालाघाट अंतर्गत 01 जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक विभाग से सेवानिवृत्त हुए कितने शिक्षकों/कर्मचारियों को अर्जित अवकाश के नगदीकरण का लाभ गणना उपरान्त दिया गया है? यदि हाँ, तो कितनों को अर्जित अवकाश नगदीकरण का लाभ दिया जाना शेष है? अर्जित अवकाश नगदीकरण की गणना का पैमाना क्या है एवं कौन सा फॉर्मूला लगाकर गणना की जाती है? लाभ प्राप्त एवं शेष के नाम, पदनाम सहित संपूर्ण विवरण प्रदान करें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। बालाघाट जिले में 30 जून 2024 को स्कूल शिक्षा विभाग के 16 शिक्षक/कर्मचारी सेवानिवृत्त हुये हैं। उक्त सेवानिवृत्त शिक्षक/कर्मचारियों को वेतन वृद्धि दिये जाने संबंधी आदेश जारी किये गये हैं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जिला बालाघाट अंतर्गत दिनांक 01.01.2024 से प्रश्न दिनांक तक 42 शिक्षक/कर्मचारियों को अर्जित अवकाश के नगदीकरण का लाभ प्रदान किया गया। अर्जित अवकाश नगदीकरण का लाभ 71 शिक्षक/कर्मचारियों को दिया जाना शेष है, जिनके प्रकरण जिला स्तर पर परीक्षणाधीन हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''एक'', ''दो'' एवं ''तीन'' अनुसार।
वाहनों से चौथ वसूली
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
109. ( क्र. 1259 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जयप्रकाश अस्पताल (1250) भोपाल की पार्किंग का ठेका शर्मा इंटरप्राइजेस को कितने वर्ष के लिए दिया गया था तथा निविदा की शर्तों में कितनी-कितनी राशि का कब-कब भुगतान किया जाना था? (ख) पार्किंग ठेकेदार द्वारा निविदा की शर्तों का समय रहते पालन नहीं करने पर अस्पताल प्रबंधन द्वारा क्या-क्या कार्रवाई की गई तथा यह भी अवगत करावें कि कितनी राशि का ठेका दिया गया था और टेंडर समाप्ति के पूर्व ठेकेदार द्वारा कितनी राशि का भुगतान किया गया? (ग) प्रश्नांश (क) व (ख) के परिप्रेक्ष्य में यह अवगत करावें कि क्या पार्किंग ठेके की अवधि समाप्त होने के पश्चात भी लोगों से पार्किंग के नाम पर चौथ वसूली की जा रही है? यदि नहीं, तो किस आधार पर किन-किन के द्वारा किसके संरक्षण में पार्किंग वसूली की जा रही है? क्या इसकी जाँच कराई जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जय प्रकाश चिकित्सालय भोपाल की पार्किंग का ठेका शर्मा इंटरप्राइजेस को 01 वर्ष के लिए दिया गया है तथा निविदा की शर्तों के अनुसार सफल निविदाकार को 25 प्रतिशत राशि अग्रिम ठेका लेने के पूर्व तथा शेष राशि 05 समान किश्तों में भुगतान किया जाना निर्धारित किया गया है। (ख) पार्किंग ठेकेदार द्वारा निविदा की शर्तों का समय रहते पालन नहीं करने पर अस्पताल प्रबंधन द्वारा समय-समय पर चेतावनी पत्र जारी किये गये है। उक्त ठेका राशि रूपये 22, 51, 000/- का है। ठेकेदार द्वारा ठेका समाप्ति तक राशि रूपये 9, 40, 000/-का भुगतान किया गया तथा शेष राशि रूपये 13, 11, 000/- का भुगतान जनवरी 2025 तक किया जा चुका है। (ग) उत्तरांश (क) व (ख) के परिप्रेक्ष्य में ठेके की अवधि समाप्त होने के पश्चात् पार्किंग का ठेका संचालन हेतु निविदा की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। नवीन निविदा स्वीकृत होने तक शर्मा इंटरप्राईजेस द्वारा पार्किंग संचालन किया जा रहा है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
शासकीय भूमि पर अवैध निर्माण
[राजस्व]
110. ( क्र. 1262 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भोपाल के वार्ड नंबर 18 अंतर्गत समदडिया बिल्डर द्वारा पंचमुखी हनुमान मंदिर का अस्तित्व समाप्त करते हुए बलपूर्वक शासकीय भूमि पर अवैध रूप से हजारों की संख्या में पेड़ों की कटाई कर हाई स्ट्रीट मॉल एवं मल्टी निर्माण कार्य किया जा रहा है? (ख) यदि हाँ, तो यह भूमि राजस्व रिकॉर्ड में कितनी व क्या दर्ज है तथा उपरोक्त निर्माण की अनुमति कब व किसके द्वारा किस नियम के तहत दी गई? यह भी अवगत करावें कि शासकीय भूमि पर निर्माण एवं पेड़ों की कटाई पर रोक नहीं लगाई जाने हेतु कौन-कौन जिम्मेदार है? उनके विरुद्ध शासन द्वारा क्या-क्या तथा कब-कब कार्रवाई की जावेगी? यदि नहीं, तो क्यों? कारण सहित बतावें। (ग) क्या उक्त शासकीय भूमि पर निर्माणाधीन कार्य के संबंध में जिला प्रशासन के समक्ष आरटीआई के तहत कोई आपत्ति प्राप्त हुई है? यदि हाँ, तो किसके द्वारा उस पर प्रश्न दिनांक की स्थिति में क्या कार्रवाई की गई? यदि नहीं, तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। शासकीय भूमि पर अतिक्रमण किया गया हैं। (ख) खसरा क्रंमाक 644 रकबा 4.683 हे. भूमि मद आबादी सेन्टर रेल्वे एवं आबादी गाँवठान में दर्ज हैं। अतिक्रमण के संबंध में न्यायालय तहसीलदार नजूल शहर वृत का प्रकरण क्रमांक 006/अ-68/ 2024-25 न्यायालय में प्रचलनशील हैं। (ग) आर.टी.आई के तहत कोई आपत्ति प्राप्त नहीं हुई हैं।
तालाब, बैराज, स्टॉप डैम एवं नहरों का निर्माण
[जल संसाधन]
111. ( क्र. 1263 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वानी जिले में विभाग द्वारा वर्ष 2020-21 से प्रश्न दिनांक तक कितने लघु, मध्यम, वृहद् परियोजना अन्तर्गत तालाब, बैराज, स्टॉप डैम, नहरे एवं अन्य निर्माण कार्य कराये गये हैं? लाभान्वित क्षेत्रों की ग्राम पंचायतों के नाम एवं लाभान्वित कृषकों की संख्या बतायें। (ख) विभाग द्वारा कराये कार्य कितने पूर्ण हो गये एवं कितने अपूर्ण हैं? समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं होने की स्थिति में क्या कारण रहे तथा संबंधित एजेंसी/ठेकेदार के विरूद्ध क्या-क्या कार्यवाही की है? उसकी जानकारी देवें। (ग) विभाग वर्ष 2020-21 से प्रश्न दिनांक तक कराये गये कार्यों की पृथक-पृथक वित्तीय/प्रशासकीय स्वीकृति, निविदा की विज्ञप्ति, निविदा का तुलनात्मक पत्रक, कार्यादेश, कराये गये निर्माण कार्य के किये गए भुगतान की जानकारी उपलब्ध करायें। (घ) उक्त परियोजना की गुणवत्ता एवं निरीक्षण कर जाँच की गई हो तो जाँच प्रतिवेदन की प्रतिलिपि प्रदान की जाए। कराये गये कार्य के संबंध में ग्राम पंचायत के ठहराव/प्रस्ताव की प्रति प्रदाय की जाए।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) बड़वानी जिले में जल संसाधन संभाग बड़वानी अंतर्गत वर्ष 2020-21 से आज दिनांक तक कुल 14 लघु सिंचाई योजनाएं जिसके अंतर्गत 01 तालाब, 09 बैराज एवं 01 नहर कार्य का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया एवं 03 तालाब का कार्य प्रगतिरत हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के ''प्रपत्र-अ'' अनुसार है। (ख) उपरोक्त अवधि में कुल 14 लघु सिंचाई योजनाओं में से 11 योजनाएं पूर्ण एवं 03 तालाबों के कार्य प्रगतिरत होना प्रतिवेदित है। पूर्ण एवं अपूर्ण कार्यों की कारण सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के ''प्रपत्र-ब'' अनुसार है। 02 तालाबों में भू-अर्जन के कारण विलम्ब होने से कार्य समय-सीमा में पूर्ण नहीं होने से एजेन्सी के विरूद्ध कोई कार्यवाही की स्थिति नहीं है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के ''प्रपत्र-स'' अनुसार है। (घ) उक्त 14 योजनाओं का कार्य गुणवत्तापूर्ण किया जाना प्रतिवेदित है, जिसमें से 01 योजना (सनफदेव बैराज) की गुणवत्ता को लेकर जाँच किये जाने हेतु मांग पत्र प्राप्त हुआ, जिसका पंचनामा/प्रतिवेदन/जाँच रिपोर्ट पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के ''प्रपत्र-1'' अनुसार है। उक्त कार्यों के ग्राम पंचायत के ठहराव/प्रस्ताव की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के ''प्रपत्र-2'' अनुसार है।
प्रदेश के चैक-पोस्टों पर प्राप्त शुल्क
[परिवहन]
112. ( क्र. 1270 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता द्वारा प्रमुख सचिव को लिखे गये पत्र क्र. 40/2025 दिनांक 3.1.2025 का उत्तर दिलाया जाये तथा बतावें कि प्रदेश के चैक-पोस्ट पर वर्ष 2024 में कितने वाहन को रोक कर कितने वाहन से कितनी राशि में शुल्क तथा शास्ति ली गई? (ख) हवलदार सौरभ शर्मा किस हैसियत से किस-किस चैक-पोस्ट पर या कार्यालय में कार्य पर था? वह किस अधिकारी के अंतर्गत किस कार्य के लिये आदेशित किया गया था? उस चैक-पोस्ट पर सी.सी.टी.वी. कैमरा था या नहीं तथा उस चैक-पोस्ट पर किस अवधि में हवलदार सौरभ शर्मा कार्यरत था? कुल कितनी गाड़ियों के दस्तावेज का परीक्षण किया गया तथा कुल कितनी राशि किस-किस मद में कितनी-कितनी गाड़ियों से ली गई? (ग) मुख्य सचिव को चैक-पोस्ट के कर्मचारियों द्वारा दिये गये ज्ञापन जिसे मुख्य सचिव कार्यालय में क्रमांक 7707 दिनांक 2/12 में दर्ज किया गया, वह विभाग को कब प्राप्त हुआ तथा उसका क्या जवाब दिया गया? उसकी प्रति देवें। (घ) क्या हवलदार सौरभ शर्मा के प्रकरण की विभागीय जाँच की गई? यदि हाँ, तो उसकी रिपोर्ट की प्रति देवें। यदि नहीं, तो क्यों? (ड.) जिन-जिन चैक-पोस्ट अथवा कार्यालय में हवलदार सौरभ शर्मा कार्यरत रहा उसके समस्त स्थायी तथा अस्थायी कर्मचारी अधिकारी के नाम, पद सहित सूची देवें।
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) प्रश्नकर्ता द्वारा प्रस्तुत प्रश्नाधीन पत्र पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। प्रदेश के चैक-पोस्टों पर वर्ष 2024 में 5531044 वाहनों को रोक कर उनके दस्तावेज परीक्षण किये गये तथा 114669 वाहनों में कमी पाये जाने पर उनके विरूद्ध चालानी कार्यवाही कर उनसे रू. 31, 40, 34, 094/- की राशि शुल्क तथा शास्ति के रूप में ली गयी। विस्तृत विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) सौरभ शर्मा परिवहन विभाग में परिवहन आरक्षक के पद पर प्रदेश के विभिन्न परिवहन कार्यालयों तथा चैक-पोस्टों पर संबंधित कार्यालय प्रमुखों एवं चैक-पोस्ट प्रभारियों के अधीन परिवहन आरक्षक के पदीय दायित्वों के निर्वहन हेतु पदस्थ रहा। पदस्थापना संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। जिन चैक-पोस्टों पर सौरभ शर्मा नियुक्त रहा उनमें से इंटीग्रेटेड चैक-पोस्ट नयागाँव, पिटोल तथा सौंसर पर सी.सी.टी.व्ही. कैमरे स्थापित थे। चैक-पोस्टों पर सौरभ शर्मा की पदस्थी के दौरान 1997335 वाहनों के दस्तावेजों का परीक्षण किया गया तथा 70589 वाहनों से की गयी शासकीय राजस्व राशि का मदवार राजस्व का पत्रक पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है। (ग) मुख्य सचिव कार्यालय के जावक क्र. 7707 दिनांक 2/12 से विभाग में कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं, सौरभ शर्मा परिवहन विभाग से सेवानिवृत्त होकर वर्तमान में पदस्थ नहीं है अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''द'' अनुसार है।
आदिवासियों की भूमि का गैर आदिवासियों को विक्रय
[राजस्व]
113. ( क्र. 1272 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2005 से प्रश्न दिनांक तक रतलाम तथा झाबुआ जिले में आदिवासियों की जमीनें गैर आदिवासियों ने ओने-पौने भाव में खरीदी गई। जमीनों के सर्वे नम्बर सहित जानकारी देवें एवं आदेश देने वाले सक्षम अधिकारी के नाम, पदनाम सहित समस्त आदेशों की जानकारी पृथक-पृथक बतावें। साथ ही उन आदिवासियों के पास वर्तमान में कितनी-कितनी जमीनें बची है, उनकी भी जानकारी पृथक-पृथक बतावें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित ऐसी कुल कितनी जमीनें हैं जो आदिवासियों से गैर आदिवासी लोगों द्वारा खरीदी गई है? जानकारी पृथक-पृथक बतावें। क्या उन आदिवासियों से अवैध रूप से खरीदी जमीनें वापस कर दी जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? कारण सहित जानकारी पृथक-पृथक बतावें। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित आदिवासियों की जमीनों को गैर आदिवासियों के पक्ष में जमीनों के आदेश करने वाले दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? जानकारी पृथक-पृथक बतावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) रतलाम जिले में वर्ष 2005 से प्रश्न दिनांक तक आदिवासियों की जमीन गैर आदिवासियों को विक्रय की अनुमति आदिवासियों का पक्ष रखते हुए सुविधा के संतुलन व एवज में अन्य भमि क्रय करने व अन्य सुसंगत शर्तों पर गाईड-लाईन अनुसार अनुमतियों प्रदान की गई है। शेष प्रश्नांश उद्भूत नहीं होता है। जिला झाबुआ में कोई प्रकरण संज्ञान में नहीं है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश (क) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
रिक्त पदों की पूर्ति
[स्कूल शिक्षा]
114. ( क्र. 1276 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत प्रश्नकर्ता द्वारा शैक्षणिक कार्यों के अत्यंत महत्वपूर्ण विभिन्न कार्यों के संबंध में निरंतर पत्रों के माध्यम से शासन/विभाग को अवगत कराया जाता रहा है? (ख) यदि हाँ, तो जावरा नगर स्थित सी.एम. राइज स्कूल में प्राचार्य उप प्राचार्य कार्यालय एवं सुविधा घर, स्टाफ हेतु सुविधा घर, इंडोर स्टेडियम/ऑडिटोरियम, पुस्तकालय एवं वाचनालय, खेल मैदान में 400 मीटर रनिंग ट्रैक सहित सुविधा घर, बास्केटबॉल एवं फुटबॉल मैदान के साथ ही पुराने ऐतिहासिक निर्मित भवन का जीर्णोद्धार कर सौंदर्यीकरण का भी आग्रह किया है? (ग) यदि हाँ, तो क्या विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत भवन विहीन आठ स्थानों पर नवीन हायर सेकेंडरी भवन निर्माण एवं 15 स्थान पर भवन विहीन नवीन हाई स्कूल भवन निर्माण बजट स्वीकृत किए जाने का भी निरंतर आग्रह किया है? (घ) यदि हाँ, तो साथ ही आदर्श उ.मा.वि. (मॉडल स्कूल) जावरा में विगत कई वर्षों से पदपूर्ति नहीं की जा सकी है तो रिक्त पदों की पूर्ति के साथ छात्र-छात्राओं हेतु नवीन बसों को प्रदान किए जाने हेतु भी आग्रह निरंतर किया जा रहा है? यदि है तो उपरोक्त उल्लेखित प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) अंतर्गत अत्यंत आवश्यक शैक्षणिक कार्यों की बजट स्वीकृत एवं आगामी अन्य कार्यों की आगामी कार्यवाही कब तक की जा सकेगी?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) नवीन भवन निर्माण बजट की उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर करता है। (घ) आदर्श उ.मा.वि. (मॉडल स्कूल) जावरा में वर्ष 2008 से स्थाई शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई है। आवश्यकतानुसार अंशकालीन शिक्षकों से कार्य करवाया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि अंशकालीन शिक्षकों के पक्ष में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा याचिका क्रमांक 3373-2024 में आदेश दिनांक 22.04.2024 के अनुसार स्टे आदेश को दृष्टिगत रखते हुए चयन की कार्यवाही नहीं की गई है। आदर्श उ.मा.वि. (मॉडल स्कूल) जावरा में नवीन बसें प्रदान किये जाने हेतु कोई आग्रह प्राप्त नहीं हुआ है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सिंचाई कार्ययोजनाओं की स्वीकृति
[जल संसाधन]
115. ( क्र. 1277 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जावरा एवं पिपलोदा तहसील अत्यंत जल दोहित क्षेत्र होकर जल स्तर अनेक स्थानों पर 1000 से लेकर 1200 फीट तक भूमि के नीचे स्तर तक पहुंच गया है? (ख) यदि हाँ, तो क्या शासन/विभाग द्वारा केंद्र/राज्य प्रवर्तित योजनाओं के माध्यम से भूमि जल स्तर में सुधार हेतु अनेक कार्य किये जा रहे हैं एवं कार्ययोजना भी बनाई जा रही है? (ग) यदि हाँ, तो उपरोक्त उल्लेखित दोनों तहसीलों के अंतर्गत सूक्ष्म सिंचाई परियोजना गांधी सागर बांध अथवा माही डैम से जोड़कर बनाए जाने हेतु शासन/विभाग को प्रश्नकर्ता द्वारा पत्रों के माध्यम से आग्रह किया है? (घ) यदि हाँ, तो क्या साथ ही पिपलोदा तहसील अंतर्गत मचून तालाब क्रमांक-2 एवं रतलाम-मंदसौर जिला सीमा स्थित खोडाना तालाब कार्ययोजना को स्वीकृति दिए जाने हेतु भी आग्रह निरंतर किया जा रहा है तो प्रश्नगत अत्यंत आवश्यक महत्वपूर्ण कार्ययोजनाओं को बजट में सम्मिलित कर कब तक स्वीकृति दी जा सकेगी?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) विभाग द्वारा स्थाई कूप एवं 30, 60, 90, 120 मीटर तक के पीजो मीटर स्थापित कर भू-जल स्तर की मॉनिटरिंग का कार्य किया जाना प्रतिवेदित है। भू-जल स्तर 1000-1200 फीट तक नीचे जाने की जानकारी नहीं है। दोनों ब्लॉक की विगत 05 वर्षों के औसत भू-जल स्तर की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। विभाग द्वारा नवीन तालाब, बैराज एवं सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाएं प्रस्तावित है। (ग) जी हाँ। (घ) जी हाँ, वर्तमान में पिपलोदा तहसील अंतर्गत मचून तालाब क्रमांक-2 की प्रशासकीय स्वीकृत हेतु वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है एवं रतलाम-मन्दसौर जिला सीमा स्थित खोडाना तालाब तकनीकी एवं वित्तीय मापदंडों पर असाध्य होना प्रतिवेदित है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
निजी एवं शासकीय चिकित्सालय में हुए प्रसव की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
116. ( क्र. 1280 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2000 से प्रश्न दिनांक तक मंदसौर शहर में स्वास्थ्य विभाग के अन्तर्गत पंजीकृत निजी चिकित्सालय/नर्सिंग होम के पंजीयन की दिनांक एवं नाम सहित जानकारी देवें। (ख) उपरोक्त चिकित्सालयों/नर्सिंग होम एवं शासकीय जिला चिकित्सालय में विगत 03 वर्षों में कितने नार्मल और सिजेरियन प्रसव हुए? चिकित्सालय के नाम एवं दिनांक सहित नार्मल और सिजेरियन प्रसव की पृथक-पृथक जानकारी देवें। (ग) विगत 03 वर्षों में उपरोक्त चिकित्सालयों/नर्सिंग होम के विरूद्ध प्राप्त शिकायतों की जानकारी देवें। प्राप्त शिकायतों पर विभाग की और से क्या कार्यवाही की गई? जानकारी देवें। (घ) उपरोक्त शिकायतों पर कार्यवाही हेतु विभाग द्वारा कब-कब जाँच दल का गठन किया गया था? जाँच दल में सम्मिलित अधिकारियों/कर्मचारियों के नाम, पदनाम सहित जानकारी देवें। कब-कब जाँच दलों में परिवर्तन किया गया तथा परिवर्तन करने का क्या कारण रहा? जाँच दल द्वारा की गई कार्यवाही की रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जनवरी 2000 से प्रश्न दिनांक तक मंदसौर शहर में पंजीकृत निजी चिकित्सालय/नर्सिंग होम की पंजीयन की दिनांकवार, नामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ख) मंदसौर शहर के शासकीय चिकित्सालय व पंजीकृत चिकित्सालयों/नर्सिंग होम में विगत 3 वर्षों में संचालित नॉर्मल और सीजेरियन प्रसव की चिकित्सालयवार, वर्षवार व दिनांकवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। (ग) विगत 03 वर्षों में उपरोक्त चिकित्सालय/नर्सिंग होम के विरूद्ध प्राप्त शिकायतों तथा शिकायत पर विभाग की ओर से की गई जाँच दल के गठन की कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार। (घ) उपरोक्त शिकायतों पर कार्यवाही हेतु विभाग द्वारा गठित जाँच दल में सम्मिलित अधिकारियों/कर्मचारियों के नाम, पदनाम सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार। आवेदक श्री दशरथ पिता गोवर्धनलाल निवासी पारसी तहसील सीतामउ जिला मंदसौर द्वारा ''लापरवाहीपूर्वक डिलीवरी के दौरान मेरी पुत्री (नवजात शिशु) को पेरेनियल इंज्यूरी (गंभीर कट) करने विषयक'' शिकायत में आवेदक द्वारा स्थानीय दल द्वारा की गई जाँच से असंतुष्ट होकर कलेक्टर मंदसौर को की गई शिकायत को दृष्टिगत रखते हुए संयुक्त कलेक्टर, जिला मंदसौर के आदेश क्रं. 99/शिकायत/2024 दिनांक 21.06.2024 द्वारा संभाग स्तर से विषय विशेषज्ञों के दल का परिवर्तित गठन किया गया। जाँच दल द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार।
राजस्व ग्राम घोषित करने के संबंध में
[राजस्व]
117. ( क्र. 1281 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर कलेक्टर के पत्र क्रं. 2679/भू-प्र/कारानि/म.टो./2019 मंदसौर दिनांक 13/12/2019 आयुक्त भू अभिलेख एवं बंदोबस्त म.प्र. ग्वालियर को सुवासरा विधानसभा के कौन-कौन से राजस्व ग्राम घोषित होने का पत्र लिखा गया? (ख) उपरोक्त पत्र में दर्शाए गए राजस्व ग्रामों की सूची दिनांक 13.12.2019 से प्रश्न दिनांक तक विगत 5 वर्षों से वर्तमान में राजस्व ग्रामों कि राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है या नहीं? जानकारी देवें। (ग) यदि दर्ज है तो विगत 5 वर्षों में वहां के छात्र/छात्राओं को शासकीय योजना का लाभ मिला या नहीं तथा ग्रामीण क्षेत्र की जनता को केन्द्र एवं राज्य शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिला या नहीं? (घ) उपरोक्त ग्राम राजस्व रिकॉर्ड में राजस्व ग्राम विगत 5 वर्षों से दर्ज नहीं होने के कारण स्थानीय जनता शासन की योजनाओं से वंचित रही, इसके लिए कौन जवाबदेह? उपरोक्त राजस्व ग्रामों को कब तक राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कर शासन की योजनाओं का लाभ दिया जाएगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। उक्त पत्र द्वारा सुवासरा विधानसभा के ग्राम मोतीजी का खेडा, बागरीखेडा, पादरीखेडा, कालबेलिया का डेरा, ओडवा, चंदवासा का खेडा, हरिपुरा, रणायरा का खेडा को मजरा टोला से राजस्व ग्राम घोषित किये जाने के, बाद अधिसूचना जारी होकर म.प्र. भू-सर्वेक्षण तथा भू-अभिलेख नियम 2020 के तहत भू-सर्वेक्षण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। (ख) जी हाँ। ग्रामों को राजस्व रिकार्ड में दर्ज करने हेतु सर्वेक्षण वर्तमान में प्रचलित है। (ग) सुवासरा विभानसभा में प्रत्येक छात्र/छात्राओं को तथा अन्य को शासकीय योजना का लाभ मिल रहा है। (घ) उत्तरांश ''ग'' अनुसार।
ड्रोन सर्वे से आई विसंगतियों का निराकरण
[राजस्व]
118. ( क्र. 1286 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ड्रोन सर्वे के पश्चात रिकॉर्ड में निजी भूखंडो को भी नीमच जिले में शासकीय दर्ज कर दिया गया है? यदि हाँ, तो ऐसी कितनी शिकायतें किस-किस व्यक्ति ने गत 1 जनवरी 2022 के पश्चात कहाँ-कहाँ की। प्राप्त शिकायतों पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्नांश (क) में संदर्भित, क्या पटवारियों की अनियमितता के चलते नीमच विधानसभा क्षेत्र में पहले ग्राम दुरस्ती में खाली शासकीय आबादी भूमि को लोगों के नाम दर्ज करने तथा कुछ निजी संपत्तियों में हेराफेरी भी की गई? ऐसे कितने प्रकरण उक्त अवधि में शासन के प्रकाश में आए उस पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? (ग) क्या नीमच जिले में ड्रोन सर्वे का कार्य पूर्ण हो चुका है? क्या इस संबंध में प्रत्येक ग्राम पंचायत पर शिविर लगाकर ग्रामीणों को अवगत कराकर ग्रामवासियों की शिकायतों का निराकरण कर दिया गया है?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) नीमच जिले में ड्रोन सर्वे के पश्चात शासन के नियमानुसार उन संपति धारकों का अधिकार अभिलेख तैयार किया गया है जो म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959, संशोधन दिनांक 25.09.2018 लागू होने की तिथि से आबादी भूमि पर अधिभोगी थे इसके अतिरिक्त शेष सभी रिक्त और खुली पड़ी भूमियों को शासन के नियमानुसार शासकीय भूमि (आबादी) के रूप में दर्ज किया गया है तथा इस संबंध में 1 जनवरी, 2022 के उपरांत उक्त रिक्त भूखंडों को निजी स्वत्व में दर्ज किये जाने संबंधी शिकायतों का नियमानुसार निराकरण किया गया है। पश्चात प्राप्त दावों का म.प्र. भू-राजस्व संहिता की धारा 113 में निराकरण किया जा रहा है। (ख) नीमच विधानसभा क्षेत्र में उक्त नियमों के अनुसार आबादी के रिक्त भू-खंडों को शासकीय दर्ज किया गया है, निजी संपत्तियों में हेराफेरी का कोई मामला प्रकाश में नहीं आया है। प्रस्तुत दावे-आपत्तियों का स्वामित्व सर्वे के दोरान नियमानुसार निराकरण किया गया है। (ग) नीमच जिले में ड्रोन सर्वे का कार्य पूर्ण हो चुका है। इस संबंध में ग्राम पंचायत में विधिवत सूचना से ग्रामीणों को अवगत कराये जाने के उपरांत प्रथम प्रकाशन किया जाकर दावे-आपत्तियों का निराकरण कर अंतिम प्रकाशन किया जा चुका है। पश्चात् प्राप्त आवेदनों का म.प्र. भू-राजस्व संहिता की धारा 113 के तहत निराकरण किया जा रहा है।
आवदा बांध की विशेष मरम्मत की प्रशासकीय स्वीकृति
[जल संसाधन]
119. ( क्र. 1291 ) श्री बाबू जन्डेल : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या श्योपुर जिले में आई भीषण बाढ़ 2022 से सिंधिया रियासत के समय बनाया गया आवदा बांध क्षतिग्रस्त हुआ था? यदि हाँ, तो इसकी मरम्मत अभी तक क्यों नहीं कराई गई? (ख) क्या मुख्य अभियन्ता यमुना कछार जल संसाधन विभाग ग्वालियर द्वारा अपने कार्यालयीन पत्र क्र.220/कार्य/आवदाबांध/23 दि. 28.07.23 के द्वारा प्रमुख अभियन्ता जल संसाधन विभाग भोपाल को आवदा बांध श्योपुर की मरम्मत हेतु 1000.50 लाख की पुनरीक्षित तकनीकी स्वीकृति जारी कर प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान करने हेतु प्रेषित किया गया था? यदि हाँ तो अभी तक प्रशासकीय स्वीकृति जारी क्यों नहीं की गई? अब कब तक प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर राशि आवंटित की जावेगी? समय-सीमा बताएं? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? अवगत करावें। (ग) क्या बाढ़ के समय तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा घोषणा की गई थी कि आवदा बांध की अतिशीघ्र मरम्मत कराई जावे? उक्त घोषणा पर अभी तक क्या अमल हुआ? (घ) आवदा बांध क्षतिग्रस्त होने के कारण वर्षांत के समय पानी ओवर-फ्लो होने के कारण टूटने-फूटने एवं जनधन हानि होने तथा भारी तबाही की संभावना है? यदि हाँ तो शासन द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी नहीं, अपितु श्योपुर जिले में अगस्त 2021 में आई भीषण बाढ़ में सिंधिया रियासत में बनाया गया आवदा बांध की बेस्ट वियर से पानी ओवरफ्लो होने के कारण मिट्टी बांध एवं टो आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो जाना प्रतिवेदित है। बांध के टो का मरम्मत कार्य एस.डी.एम.एफ. मद से राशि रू. 71.42 लाख कराया जा चुका तथा बांध के मरम्मत हेतु प्रस्ताव राशि रू.1311.15 लाख विभाग स्तर पर प्रक्रियाधीन है। (ख) जी हाँ, वर्तमान में बांध मरम्मत कार्य का प्रस्ताव विभाग अंतर्गत परीक्षणाधीन है। स्वीकृति उपरांत राशि आवंटन की कार्यवाही एवं कार्य कराया जाना संभव होगा। वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) एवं (घ) जी नहीं। अत: शेषांश प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
चम्बल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की शासन स्तर से जाँच
[जल संसाधन]
120. ( क्र. 1293 ) श्री बाबू जन्डेल : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या चम्बल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना श्योपुर पूरी तरह विफल हो चुकी है? यदि हाँ तो क्या कारण रहा? इसकी जांच शासन स्तर से कमेटी बनाकर कराई जावेगी? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार नहीं तो इस वर्ष कौन-कौन से गांव की किस-किस किसान के कौन-कौन से सर्वे नम्बर में सिंचाई हुई? उक्त सिंचित हुई फसल की जांच किसानों एवं प्रश्नकर्ता द्वारा तथा किसान संघर्ष समिति सदस्यों के समक्ष/उपस्थिति में कराई जावेगी? यदि हाँ तो कब तक? समय-सीमा बताएं। यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या उक्त परियोजना में लगाऐ गये MS बॉक्सों को आज दिनांक तक पानी पाइप लाइन से नहीं जोड़ा गया? यदि हाँ तो सिंचाई कैसे हो रही है? सत्यता की जांच समिति बनाकर कराई जावे? (घ) क्या उक्त परियोजना गारन्टी पीरियड में है? यदि हाँ, तो निर्माण एजेन्सी से उक्त क्षतिग्रस्त एवं अन्य आवश्यक सुधार कार्य कराये जावेंगे? यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? (ड.) उक्त परियोजना से संबंधित किसानों द्वारा शिकायतें शासन एवं जिला प्रशासन से एवं प्रश्नकर्ता द्वारा सदन में कितने प्रश्नों के माध्यम से आवाज उठाई गई? अवगत कराएं एवं उन पर क्या कार्यवाही हुई?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी नहीं। परियोजना से ग्रेविटी मेन-1 (6816.5 हेक्टेयर) एवं ग्रेविटी मेन-2 (255.75 हेक्टेयर) इस प्रकार कुल 7072.25 हेक्टेयर में सिंचाई हेतु सिस्टम तैयार है एवं ग्रेविटी मेन-3 (4927.75 हेक्टेयर) की टेस्टिंग एवं ट्रायल रन का कार्य प्रगतिरत है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। उल्लेखित जन प्रतिनिधियों द्वारा मांग किये जाने पर विचार किया जा सकता है। वर्तमान में ऐसी स्थिति नहीं है। अत: शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं, चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के सभी 413 ओ.एम.एस. बाक्सों को पानी की पाईप-लाईन से जोड़ दिया जाना प्रतिवेदित है। वर्तमान में 122 क्षतिग्रस्त ओ.एम.एस. बॉक्सों में लूप बनाकर सिंचाई की जा रही है, इसके साथ ही निर्माण ऐजेन्सी द्वारा सुधार एवं मरम्मत कार्य भी प्रगतिरत होना प्रतिवेदित है। अत: शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। ओ.एम.एस. बॉक्स को अज्ञात व्यक्तियों द्वारा क्षति पहुंचाने के संबंध में पुलिस प्रशासन को शिकायत दर्ज कराई गई है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ड.) जी हाँ। समय-समय पर उक्त परियोजना से संबंधित किसानों द्वारा शिकायतें शासन एवं जिला प्रशासन से की जाती रही हैं तथा प्रश्नकर्ता माननीय विधायक महोदय द्वारा भी सदन में इससे पहले 03 बार विधानसभा प्रश्न लगाये गये। सभी शिकायतों का समय-समय पर निराकरण किया जाना प्रतिवेदित है।
कड़ान सिंचाई परियोजना की अद्यतन स्थिति
[जल संसाधन]
121. ( क्र. 1294 ) श्री इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या निर्माणाधीन कड़ान मध्यम सिंचाई परियोजना की वर्तमान में अद्यतन स्थिति क्या है? (ख) निर्माणाधीन कड़ान सिंचाई परियोजना का प्रश्न दिनांक तक कितना कार्य शेष है एवं शासन द्वारा परियोजना पर कितनी राशि व्यय की गई है? (ग) निर्माणाधीन कड़ान सिंचाई परियोजना से लाभान्वित होने वाले ग्रामों में किसानों को कब तक सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा? जानकारी देवें तथा लाभान्वित ग्रामों की सूची एवं किसानों की संख्या से अवगत करावें। (घ) क्या कड़ान सिंचाई परियोजना के सफल क्रियान्वयन हेतु विभाग द्वारा पुनरीक्षित प्राक्कलन की स्वीकृति को शासन स्तर पर भेजा गया है? यदि हाँ, तो पुनरीक्षित प्राक्कलन कब तक स्वीकृत होगा?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) निर्माणाधीन कड़ान मध्यम सिंचाई परियोजना में बांध कार्य लगभग 80 प्रतिशत तथा एवं प्रेशराईज्ड नहर प्रणाली का कार्य लगभग 90 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। (ख) निर्माणाधीन कड़ान मध्यम सिंचाई परियोजना में बांध कार्य लगभग 20 प्रतिशत तथा प्रेशराईज्ड नहर प्रणाली का कार्य लगभग 10 प्रतिशत शेष है। परियोजना पर जनवरी 2025 तक राशि रू. 397.71 करोड़ व्यय किया जाना प्रतिवेदित है। (ग) निर्माणाधीन परियोजना से किसानों को आंशिक सिंचाई का लाभ आगामी रबी फसल नवम्बर-2025 से दिया जाना लक्षित है। पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति के अभाव में पूर्ण सिंचाई सुविधा के लिए निश्चित समय-सीमा बताया जाना सम्भव नहीं है। परियोजना से 48 ग्रामों के 18, 101 किसान लाभान्वित होंगे। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जी हाँ, विभाग द्वारा परियोजना का पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति हेतु राशि रू .560.32 करोड़ का प्रस्ताव विभाग स्तर पर परीक्षणाधीन है। अत: वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
निर्माणाधीन संत रविदास स्मारक की अद्यतन स्थिति
[पर्यटन]
122. ( क्र. 1295 ) श्री इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सागर जिला अंतर्गत संत रविदास स्मारक का कार्य निर्माणाधीन है? यदि हाँ, तो सम्पूर्ण जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में निर्माणाधीन स्मारक में किन-किन निर्माण कार्यों/अन्य कार्यों को निर्माणाधीन स्मारक में प्रस्तावित किया गया है? (ग) प्रश्नांश (ख) में वर्णित प्रस्तावित कार्यों में कितने कार्यों का प्रश्न दिनांक तक निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है? शेष कार्यों की प्रश्न दिनांक तक क्या अद्यतन स्थिति है? कार्यवार जानकारी देवें। (घ) प्रश्नांश (ख) में वर्णित कार्यों की निविदा शर्त अनुसार कार्य पूर्णता की अवधि दिनांक से अवगत करायें तथा निर्माणाधीन स्मारक कब तक पूर्ण होगा?
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट 'अ' अनुसार। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट 'ब' अनुसार। (ग) जानकारी उत्तरांश (ख) अनुसार। (घ) कार्य पूर्णता की अवधि दिनांक 10/08/2025 है तथा कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाना प्रावधानित है।
शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार
[स्कूल शिक्षा]
123. ( क्र. 1300 ) श्री सुरेन्द्र सिंह गहरवार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या चित्रकूट विधानसभा में वर्ष 2008 से 2013 के मध्य बच्चों की शिक्षा की आवश्यकता को देखते हुये हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी विद्यालयें खोली गई थी, उक्त अवधि में खोली गई हाई स्कूल/हा.से. विद्यालयों की सूची, वर्षवार प्रश्न दिनांक तक कक्षावार छात्रसंख्या की जानकारी विद्यालयवार दें? (ख) क्या प्रश्नांश (क) की स्कूलों की कक्षाओं में वर्षवार प्रवेशित छात्रों की संख्या और दैनिक उपस्थिति में 30 से 50प्रतिशत की कमी आई है? क्या इसका कारण शिक्षकीय व्यवस्था का जर्जर होना, प्रैक्टिकल ना होना, अध्ययन-अध्यापन की कमी, आदि नहीं है? (ग) क्या एक आँकलन अनुसार बच्चों की शिक्षा हेतु सरकार प्रति छात्र 3000 से 12000 रूपये तक शिक्षकों पर व्यय कर रही है फिर भी जिला शिक्षा अधिकारी के साथ प्रश्नकर्ता द्वारा विद्यालयों के औचक निरीक्षण में कई विद्यालयों में उपस्थित छात्र-संख्या लगभग 30 से 50 प्रतिशत की कमी पाई गई, कक्षाओं में बच्चों के प्रवेश भी अत्यंत कम पाये गये, ऐसा क्यों? दोषी कौन हैं? (घ) चित्रकूट क्षेत्र जंगली, पहाडी, गरीब एवं डकैती क्षेत्र है, जहां के अधिकांश बच्चे शासकीय स्कूलों के भरोसे हैं, शैक्षणिक व्यवस्था की कमी के चलते शासकीय स्कूलों में प्रवेश नहीं ले रहे हैं, इसके लिये क्या विद्यालयों में पदस्थ संबंधित शिक्षक उत्तरदायी नहीं हैं? ऐसी स्थिति में उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई है? क्या व्यवस्थागत सुधार किया जायेगा?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्कालय में रखे परिशिष्ट-01 पर है। (ख) उन्नयन शालाओं में वर्षवार प्रवेशित छात्रों की संख्या एवं दैनिक उपस्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-01 पर है। शालाओं में पदस्थ शिक्षकों एवं अतिथि शिक्षकों के माध्यम से अध्यापन एवं निर्धारित प्रायोगिक कार्य कराया जाता है। (ग) निरीक्षण की गई शालाओं में दर्ज छात्रसंख्या, उपस्थित छात्रसंख्या की स्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-02 पर है। विधान सभा क्षेत्र चित्रकूट में मान्यता प्राप्त अशासकीय शालाऐं भी संचालित है, जिसमें बच्चे प्रवेश लेते है, जिसके कारण भी शासकीय शालाओं के नामांकन में आंशिक कमी दर्ज की गई है। (घ) चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र की शासकीय शालाओं में सभी पात्र बच्चों को प्रवेश दिया जाता है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
शासकीय माध्यमिक शाला खम्हरिया का उन्नयन
[स्कूल शिक्षा]
124. ( क्र. 1303 ) श्री धीरेन्द्र बहादुर सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा दिनांक-11/09/2016 कटनी प्रवास के दौरान जनदर्शन कार्यक्रम में विकासखंड-ढ़ीमरखेड़ा के शासकीय माध्यमिक शाला खम्हरिया डाइस कोड-23380616201के हाई स्कूल में उन्नयन की घोषणा की गयी थीं? यदि हाँ, तो घोषणा की पूर्ति की गयी? हाँ, तो किस प्रकार? नहीं तो क्यों? (ख) क्या जिला शिक्षा अधिकारी कटनी द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा के संबंध में पत्र क्रमांक-मुमभ्र/उन्नयन/2016/4104 दिनांक-30/09/2016 से आयुक्त लोक शिक्षण को प्रेषित पत्र की कंडिका- 06 में विकासखंड ढ़ीमरखेड़ा के शासकीय माध्यमिक शाला खम्हरिया के हाई स्कूल में उन्नयन हेतु लेख किया गया था? यदि हाँ, तो पत्र की कंडिका-06 के अनुरूप की गयी कार्यवाही से अवगत कराइए। (ग) क्या जिला शिक्षा अधिकारी कटनी द्वारा पत्र क्रमांक/उन्नयन/योजना/RMSA/2018/1052, दिनांक-01/06/2018 एवं माननीय सांसद श्रीमती हिमाद्रि सिंह के पत्र दिनांक–28/08/2023 के संदर्भ में कलेक्टर कटनी द्वारा पत्र क्रमांक-समग्र-शिक्षा/उन्नयन/2023/6638, दिनांक-04/09/2023 से आयुक्त लोकशिक्षण को त्रुटि सुधार विषयक पत्र प्रेषित किया गया? हाँ, तो क्या पत्रानुसार त्रुटि सुधार किया गया? हाँ, तो विवरण दीजिये, नहीं तो क्यों? (घ) प्रश्नांश (क) से (ग) के तहत क्या माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा के पालन में विकासखंड बहोरीबंद के ग्राम खम्हरिया की शामाशाला डाइस कोड-23380112301 के त्रुटिवश किए गए उन्नयन के बजाय विकासखंड ढ़ीमरखेड़ा के ग्राम खम्हरिया के शासकीय माध्यमिक शाला डाइस कोड-23380616201 का उन्नयन किया जायेंगा? हाँ, तो किस प्रकार एवं कबतक? नहीं तो क्यों?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं। वर्ष 2016 में सी एम डैशबोर्ड से प्राप्त सूची में शासकीय माध्यमिक शाला खम्हरिया (खमतरा) की घोषणा का उल्लेख नहीं है। माननीय विधानसभा सदस्य श्री मोती कश्यप जी के प्रस्ताव पर माननीय शिक्षा मंत्री जी की अनुशंसा उपरांत माननीय मुख्यमंत्री जी, के अनुमोदन पर म.प्र. शासन स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय का आदेश क्रमांक एफ 44-10/2018/20-2 दिनांक 23.05.2018 द्वारा शासकीय माध्यमिक शाला खम्हरिया विकासखण्ड बहोरीबंद जिला कटनी डाइस कोड-23380112301 का हाईस्कूल में उन्नयन आदेश जारी किया गया था। अतः किसी प्रकार की लिपिकीय त्रुटि नहीं हुई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। उत्तरांश ''क'' अनुसार। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जिला शिक्षा अधिकारी कटनी का पत्र क्रमांक/योजना/उन्नयन/आरएमएसए/2018/1052 दिनांक 01.06.2018 एवं माननीय सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह के पत्र दिनांक 28.08.2023 एवं कलेक्टर कटनी का पत्र क्रमांक 6638 दिनांक 04.09.2023 द्वारा प्रेषित पत्र में त्रुटि सुधार का उल्लेख किया गया है। उत्तरांश ''क'' के अनुक्रम में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) शालाओं का उन्नयन बजट उपलब्धता एवं सक्षम स्वीकृति पर निर्भर करेगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
राजस्व अभिलेखों को अद्यतन किया जाना
[राजस्व]
125. ( क्र. 1304 ) श्री धीरेन्द्र बहादुर सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजस्व अभिलेखों को अद्यतन के क्या नियम वर्तमान में लागू हैं और किन-किन निर्देशों से किन-किन राजस्व अभिलेखों में सुधार की किस-किस पदनाम के शासकीय सेवकों को अधिकारिता हैं? (ख) वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत कटनी जिले के किन-किन ग्रामों में ग्राम स्तरीय वन अधिकार समिति का गठन किया गया? किन-किन ग्रामों में कितनी भूमि के अधिकार मान्य किए गए? व्यक्तिगत और सामुदायिक वन अधिकार दावों की ग्रामवार जानकारी प्रदाय करें और क्या वन अधिकार दावों को राजस्व अभिलेखों में दर्ज किया गया? हाँ, तो विवरण बताइये, नहीं तों क्यों कारण बताइये, (ग) कटनी जिला अंतर्गत शासकीय एवं सार्वजनिक निस्तार की वर्ष 1958-59 की खतौनी में दर्ज भूमियों को किन-किन व्यक्तियों संस्थाओं को किस नियम और किन-किन आदेशों से स्थानांतरित किया गया और किन-किन शासकीय भूमियों की भूमि स्वामी हक की भूमियों से किन-किन आदेशों से और क्यों अदला-बदली की गयी?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) म.प्र. भू राजस्व संहिता 1959 (यथा संशोधित वर्ष 2018) में वर्णित प्रावधान/नियम अनुसार राजस्व अभिलेखों को अद्यतन किया जाता है। संहिता की धारा 115 के अंतर्गत राजस्व अभिलेख में शुद्धिकरण के अधिकार अनुविभागीय अधिकारी एवं कलेक्टर को है। (ख) वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत कटनी जिले में ग्राम स्तरीय वन अधिकार समिति का गठन ग्रामों की सूची, ग्रामवार वितरित भूमि के अधिकार मान्य व्यक्तिगत एवं सामुदायिक दावों की ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। वन अधिकार दावों को राजस्व अभिलेखो में दर्ज राजस्व विभाग एवं वन विभाग द्वारा किया जाता है। (ग) जानकारी संकलित की जा रही है।
तहसील, ब्लॉक, जिला एवं संभागों की सीमाओं का परिवर्तन
[राजस्व]
126. ( क्र. 1307 ) श्री सुनील उईके : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता द्वारा विगत विधानसभा सत्रों से लगातार जुन्नारदेव को जिला बनाने हेतु मांग की जा रही है? तो क्या जुन्नारदेव एवं तामिया तहसीलों को मिलाकर जुन्नारदेव को जिला बनाने पर प्रशासनिक ईकाई पुर्नगठन आयोग विचार कर रहा है? (ख) क्या विधानसभा जुन्नारदेव अंतर्गत अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग बाहुल्य क्षेत्र को रोजगार एवं सुविधा की दृष्टि से जुन्नारदेव को नया जिला बनाए जाने पर विचार किया जा रहा है? (ग) क्या छिन्दवाड़ा जिले को वर्ष 2008 से तत्कालीन मुख्यमंत्री जी द्वारा लगातार संभाग बनाने की घोषणा की जाती रही थी, इस पर प्रशासनिक ईकाई पुर्नगठन आयोग कोई विचार कर रहा है? यदि हाँ तो कब तक? (घ) क्या विगत माह में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जुन्नारदेव द्वारा तामिया एवं जुन्नारदेव विकासखण्ड को जोड़कर जुन्नारदेव को नया जिला बनाने संबंधी कोई प्रस्ताव कलेक्टर जिला छिन्दवाड़ा को भेजा गया है? यदि हाँ तो कब तक जुन्नारदेव को जिला बनाया जायेगा।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। कलेक्टर से प्रस्ताव प्राप्त होने पर आयोग को विचारार्थ प्रेषित किया जायेगा। (ख) उत्तरांश ''क'' के परिप्रेक्ष्य में विभाग के पत्र क्रमांक 152/2012955/2024/सात-शा-7 भोपाल दिनांक 10/07/2024 द्वारा प्रस्ताव चाहा गया है। प्रस्ताव प्राप्त होने पर आयोग को विचारार्थ अग्रेषित किया जाता है। (ग) जी हाँ। प्रकरण प्रचलित है। (घ) जी हाँ। कार्यवाही प्रचलन में है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
परिवहन विभाग के चैक-पोस्ट हटाने से हो रहा नुकसान
[परिवहन]
127. ( क्र. 1309 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश सरकार द्वारा परिवहन विभाग से संचालित चैक-पोस्ट को बंद किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो किन-किन चैक पोस्टों को बंद किया गया है? इन चेक पोस्टों पर कितने-कितने कर्मचारी कार्यरत थे? (ग) इन चैक-पोस्ट को बंद कराने से सरकार को कितना वित्तीय घाटा हो रहा है, इस घाटे की पूर्ति कहां से की जाएगी? (घ) जिन लोगों को आउटसोर्स पर रखा गया था, क्या सरकार उनको कहीं अन्यत्र रोज़गार प्रदान कराने पर कोई विचार कर रही है?
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''अ'' एवं ''ब'' अनुसार है। (ग) इस वित्तीय वर्ष 2024-25 में परिवहन विभाग द्वारा विगत वित्तीय वर्ष 2023-24 की तुलना में अधिक राजस्व संग्रहण किया गया है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) विभाग में परिवहन चैक-पोस्टों पर आउटसोर्स पर किसी भी कर्मचारी को नहीं रखा गया था। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
संत महंत को मानदेय का प्रदाय
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
128. ( क्र. 1310 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सरकार को जानकारी है कि महाराष्ट्र राज्य के समीपवर्ती पांढुर्णा तथा छिंदवाड़ा जिले में वारकरी संप्रदाय के लाखों की संख्या में भक्तजन निवास करते हैं और इस सम्प्रदाय के अनेक संत-महंती धार्मिक आध्यात्मिक आयोजनों के माध्यम से भजन, पूजन, भागवत, कथा आदि करते हैं? (ख) क्या महाराष्ट्र में इन सभी वारकरी समुदाय के पुजारी महाराज कथावाचक को मानदेय दिया जाता है? (ग) यदि हाँ, तो क्या मध्यप्रदेश सरकार महाराष्ट्र के समान पांढुर्णा तथा छिंदवाड़ा जिले में रहने वाले वारकरी समुदाय के संत महंत और महाराज के लिए योजना बनाकर उन्हें मानदेय प्रदान करेगी?
राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जनपद पंचायत सौसर जिला पांर्ढुना अंतर्गत वारकरी संप्रदाय के भक्तजन निवास करते हैं तथा संत-महंत धार्मिक, आध्यात्मिक आयोजनों के माध्यम से भजन, पूजन आदि करते हैं। जिला छिन्दवाड़ा की जानकारी निरंक है। (ख) विभाग में इस तरह की जानकारी उपलब्ध नहीं है। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
महिदपुर अंतर्गत संचालित सिंचाई परियोजनाएं
[जल संसाधन]
129. ( क्र. 1321 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र महिदपुर में कौन-कौन सी सिंचाई परियोजनाएं संचालित हैं? निर्माणाधीन बनी हरबाखेड़ी बैराज, सामाकोटा बैराज, डुंगरिया बैराज एवं चितावद वृहद सिंचाई परियोजना में किन-किन ग्रामों को शामिल किया गया एवं किन-किन ग्रामों को छोड़ दिया गया है? सूची देवें। (ख) इन्दौख परियोजना से किन-किन ग्रामों को शामिल किया गया है? क्या बैराज के समीप के ग्रामों को इस परियोजना में नहीं जोड़ा गया? विभाग द्वारा छोड़े गए ग्रामों को जोड़ने के लिए क्या कार्यवाही की गई? नहीं जोड़ने के क्या कारण थे? इसके लिए कौन जिम्मेदार है? कब तक छूटे हुए ग्रामों को जोड़ दिया जायेगा? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार निर्माणाधीन बैराजों का कार्य कब तक पूर्ण किया जाकर किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी? कार्यादेश दिनांक एवं कार्यपूर्णता दिनांक सहित कितना प्रतिशत कार्य पूर्ण एवं कितना भुगतान किया गया? कितना भुगतान किया जाना शेष है? संपूर्ण विवरण देवें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) विधानसभा क्षेत्र महिदपुर अंतर्गत 02 मध्यम परियोजनाएं एवं 12 लघु परियोजना संचालित हैं। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के ''प्रपत्र-अ'' अनुसार है। निर्माणाधीन बनी हरबाखेड़ी बैराज, सामाकोटा बैराज, डुंगरिया बैराज परियोजनाओं में लाभान्वित ग्रामों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के ''प्रपत्र-ब'' अनुसार है। इन परियोजनाओं से लाभान्वित ग्रामों की सूची अनुसार विभाग द्वारा किसी भी ग्राम को छोड़ा जाना प्रतिवेदित नहीं हैं। चितावद वृहद् सिंचाई परियोजना का एजेन्सी द्वारा सर्वेक्षण कार्य किया जा रहा हैं। सर्वेक्षण उपरांत ही परियोजना से होने वाले लाभान्वित ग्रामों को चिन्हित किया जा सकेगा। (ख) इन्दौख परियोजना अंतर्गत लाभान्वित ग्रामों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के ''प्रपत्र-ब-1'' अनुसार है। परियोजना में स्वीकृत किये गये लाभान्वित ग्रामों की सूची अनुसार विभाग द्वारा किसी भी ग्राम को नहीं छोड़ा गया हैं। अत: शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के ''प्रपत्र-स'' में दर्शित है।
किसानों से अनुचित बिल की वसूली
[जल संसाधन]
130. ( क्र. 1322 ) श्री चन्द्रशेखर देशमुख : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पारसडोह परियोजना में मुलताई विधानसभा के लिए 10769 हेक्टेयर कमांड निर्धारित किया गया है? यदि हाँ, तो क्या ठेकेदार द्वारा समय-सीमा में निर्धारित कमांड में सिंचाई प्रणाली स्थापित कर दी गई है? हाँ तो ग्रामवार खसरा नम्बर एवं रकबा सहित कमांड क्षेत्र की सूची उपलब्ध करावें। (ख) क्या परियोजना के कमांड क्षेत्र के किसानों को वित्तीय वर्ष 2021-22, 2022-23 एवं 2023-24 हेतु सम्पूर्ण कमांड का सिंचाई बिल प्रदान किया गया है? यदि हाँ, तो क्या संभाग के अमीनों द्वारा वर्षवार सिंचाई का सत्यापन किया गया था? यदि हाँ, तो किस अधिकारी के आदेश से किस-किस अमीन द्वारा किस-किस वर्ष में किस-किस ग्राम का सत्यापन किया गया? (ग) प्रश्नांश "ख" में यह भी बताया जावे कि सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध कराने पर वर्षवार विद्युत कम्पनी द्वारा विद्युत प्रभार कितना-कितना अधिरोपित किया गया है? (घ) परियोजना हेतु निर्धारित कमांड क्षेत्र के प्रत्येक चक में स्थापित सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली का सत्यापन किस-किस अधिकारी द्वारा किस-किस दिनांक को किया गया?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ, समय-सीमा में निर्धारित कमाण्ड में सिंचाई प्रणाली स्थापित कर दी गई है। ग्रामवार, खसरा नंबर, रकबा सहित कमाण्ड क्षेत्र की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के ''प्रपत्र-अ'' एवं ''अ-1'' अनुसार है। (ख) जी नहीं, अपितु किसानों द्वारा जितने क्षेत्र में सिंचाई की गई है, तद्नुसार सिंचाई बिल प्रदाय किया गया है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के ''प्रपत्र-ब'' अनुसार है। (घ) विभागीय नियमानुसार अनुबंध के प्रावधान अनुरूप निर्माण के समय पदस्थ तत्कालीन कार्यपालन यंत्री, अनुविभागीय अधिकारी एवं उपयंत्री द्वारा किये गये सत्यापन पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के ''प्रपत्र-स'' अनुसार है।
सिंचाई हेतु निर्मित बांध के पानी का दुरूपयोग
[जल संसाधन]
131. ( क्र. 1323 ) श्री चन्द्रशेखर देशमुख : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्धा उद्वहन सिंचाई परियोजना की कुल जल भराव क्षमता 23.46 मै. घन मी. निर्धारित है जिसमें 5700 हेक्टेयर की सिंचाई हेतु 20.30 मै. घन मी. एवं समूह जल प्रदाय योजना हेतु 2.85 मै. घन मी. के अलावा 0.31 मै. घन मी. पानी डेड स्टोरेज एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु आरक्षित है? (ख) यदि हाँ, तो बांध में अन्य उपयोग हेतु पानी शेष नहीं होने पर ब्लूबेरी प्रोजेक्ट को आवंटित वार्षिक 0.20 मै. घन मी. पानी कहाँ से उपलब्ध होगा? यदि पानी उपलब्ध नहीं था तो क्या विभाग द्वारा उद्योग को पानी का गलत आवंटन किया गया है? यदि हाँ, तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है? (ग) क्या उद्योग द्वारा आवंटन की शर्त अनुसार पानी के उपयोग हेतु जल मापन यंत्र स्थापित किया गया है? यदि नहीं, तो क्या रोपित 7 लाख पौधों की सिंचाई हेतु आवंटित मात्रा से अधिक 0.60 मै. घन. मी. पानी उपलब्ध कराकर कार्यपालन यंत्री किसानों के हितों से खिलवाड़ कर रहे हैं? (घ) क्या कार्यपालन यंत्री द्वारा जिला जल उपयोगिता समिति से अनुशंसा लेकर उद्योग को पानी उपलब्ध कराया गया है? यदि नहीं, तो क्या उद्योग को आवंटित जल निरस्त कर पद के दुरूपयोग हेतु कार्यपालन यंत्री के प्रति विभाग कार्यवाही करेगा?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ। (ख) वर्धा नदी की कुल यील्ड 48.73 एमसी.एम. है, जिसमें से 23.46 एमसी.एम. पानी वर्धा जलाशय में एवं 12.34 एमसी.एम. अन्य जल संरचनाओं में संग्रहित किया जाता है। वर्धा जलाशय वर्धा नदी पर पूर्व से निर्मित जलाशयों तथा जल प्रदाय योजनाओं को सम्मिलित करने पर वर्धा नदी में उपलब्ध 48.73 एमसी.एम. जल में से मात्र 38.27 एमसी.एम. जल का ही उपयोग हो पा रहा है, वर्धा नदी में शेष यील्ड 10.46 एमसी.एम. में से आई.जी. बेरिस मुम्बई की मांग पर 0.20 एमसी.एम. जल आवंटित किया गया है। अतः शेषांश प्रश्न उपस्थित ही नहीं होता। (ग) जी हाँ, शेषांश प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं, अपितु जल आवंटन का आदेश वृहद परियोजना नियंत्रण मण्डल, भोपाल द्वारा जारी किया गया है। अतः कार्यपालन यंत्री के विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्न ही नहीं उठता है।
अनुसूचित जनजाति उपयोजना के तहत बजट आंवटन
[संस्कृति]
132. ( क्र. 1335 ) श्री संजय उइके : क्या राज्य मंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग को अनुसूचित जनजाति उपयोजना (सब स्कीम) के तहत योजना/कार्यक्रम/मद में बजट आंवटन प्राप्त होता है? (ख) यदि हाँ तो श्री देवी महालोक सलकनपुर, संतश्री रविदास महालोक सागर, श्रीराम राजा महालोक ओरछा, श्री रामचन्द्र वनवासी महालोक चित्रकुट, अटल बिहारी बाजपेयी स्मारक में वित्तीय वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक कितनी–कितनी राशि कब-कब जारी की गई? जारी राशि से कौन-कौन से कार्य कब-कब, कितनी-कितनी राशि के कराये गये? जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश “ख” में उल्लेखित महालोक एवं स्मारक स्थलों में अनुसूचित जनजाति संस्था मिली है? क्या यह सही है कि विभाग को प्रश्नांश “क” में उल्लेखित बजट अनुसूचित क्षेत्र के आदिवासी देव स्थलों पर व्यय किया जाना चाहिए था? यदि हाँ तो आदिवासी देव स्थलों पर उक्त बजट की राशि किन कारणों से व्यय नहीं की गई? बतावें।
राज्य मंत्री, संस्कृति ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जी हाँ। (ख) देवी महालोक सलकनपुर, संत श्री रविदास महालोक सागर, श्रीराम राजा महालोक ओरछा, श्री रामचन्द्र वनवासी महालोक चित्रकूट, अटल बिहारी वाजपेयी स्मारक हेतु वित्तीय वर्ष 2023-24 तक कोई राशि जारी नहीं की गई है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी उत्तरांश 'ख' अनुसार है।
पर्यटन अधोसंरचना का विकास
[पर्यटन]
133. ( क्र. 1336 ) श्री संजय उइके : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग को अनुसूचित जनजाति उपयोजना (सब स्कीम) के तहत योजना/कार्यक्रम/मद में बजट आंवटन प्राप्त होता है? (ख) यदि हाँ, तो वित्तीय वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक पर्यटन अधोसंरचना का विकास, पर्यटन नीति के क्रियान्वयन, में कितनी-कितनी राशि कब-कब प्राप्त हुई? प्राप्त राशि को कहाँ-कहाँ, कब-कब, कितनी-कितनी, किन-किन कार्यों पर व्यय किया गया? जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित बजट के व्यय करने संबंधी विभाग के आदेश/निर्देश की प्रति उपलब्ध करावें।
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट “अ” अनुसार। (ग) स्थलों के विकास कार्यों हेतु राशि प्राप्त होती है उस राशि को उन्हीं स्थलों के विकास कार्यों में व्यय किया जाता है। वर्ष 2023-24 में अनुसूचित जनजाति उपयोजना के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट “ब” अनुसार।
किसानों की अधिग्रहित भूमि का मुआवजा
[जल संसाधन]
134. ( क्र. 1342 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या धार जिले की धरमपुरी विधानसभा में कारम डेम में किसानों की अधिग्रहित भूमि की मुआवजा राशि का भुगतान क्या पूर्णतः किया जा चुका है? (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में किसानों को भुगतान किये गये मुआवजा राशि की ग्रामवार, किसानवार सर्वे नंबर एवं रकबावार तथा प्रत्येक किसान को भुगतान की गयी राशिवार, वर्षवार, पटवारी हल्कावार जानकारी निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध करायी जावे। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) से संबंधित परियोजना में आने वाले ग्रामों के किसानों को प्रश्न प्रस्तुत दिनांक तक मुआवजा राशि का पूर्ण रुपेण भुगतान नहीं किया गया है, यदि हाँ, तो क्या ऐसे किसानों को वर्तमान प्रचलित दर पर मुआवजा राशि का भुगतान किया जावेगा? समयावधि सहित भुगतान किये जाने की जानकारी दें। यदि नहीं, तो कारण सहित जानकारी दी जावे।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी नहीं, धार जिले की धरमपुरी विधानसभा में कारम डेम में किसानों की अधिग्रहित भूमि की मुआवजा राशि का भुगतान कुल 226 किसानों में से 211 किसानों को किया जा चुका है। (ख) किसानों को भुगतान की गई मुआवजा राशि पटवारी हल्कावार, किसानवार, ग्रामवार, रकबावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के ''प्रपत्र-अ'' अनुसार है। (ग) जी हाँ, परियोजना में प्रभावित 226 किसानों में से 211 किसानों को पूर्ण भुगतान किया जा चुका है। शेष किसानों को पारित अवार्ड अनुसार भुगतान की कार्यवाही "किसानों द्वारा संयुक्त बैंक खाता पासबुक की छायाप्रति एवं पहचान के दस्तावेज उपलब्ध कराये जाने के अभाव में लंबित है।" संबंधित किसानों द्वारा आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जाने पर ही भुगतान किया जाना संभव होगा। अत: निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
विद्यार्थियों हेतु अपार आई.डी. की सुविधा
[स्कूल शिक्षा]
135. ( क्र. 1353 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अपार आई.डी. के माध्यम से कक्षा 1 से कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों को सारी सुविधाएँ, आवश्यक जानकारी एवं रिजल्ट आदि प्राप्त हो सकेंगे? (ख) कक्षा 1 से कक्षा 12 वीं तक के कितने विद्यार्थियों की अपार आई.डी. बन चुकी है। (ग) शेष कितने विद्यार्थियों की अपार आई.डी. किन कारणों से अभी तक नहीं बनी है। (घ) 100 प्रतिशत अपार आई.डी. कब तक बन जाएगी।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ, जानकारी संलग्न परिशिष्ट-एक पर है। (ख) एवं (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-दो पर है। (घ) अपार आई.डी. बनना प्रक्रियाधीन है। अतः समय-सीमा बताना संभव नहीं है।
भूमि अतिक्रमण मुक्त करायी जाना
[राजस्व]
136. ( क्र. 1355 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन शहर के जयसिंहपुरा स्थित कृषि भूमि (1) खसरा क्र. 2368/1 UID 1499830143 815F9PD89SAEHO 0.3030 हेक्टेयर (2) 2368/3 UID 1499830165 0.0630 हेक्टेयर (3) 2352 UID 1499620185 815FDL08NRTLHO 0.199 हेक्टेयर कुल 02 बीघा 16.5 बिस्वा (0.565 हेक्टेयर) भूमि राजस्व अभिलेख में किन-किन नामों में दर्ज है? (ख) प्रश्नांकित कृषि भूमि पर प्रश्न दिनांक में कौन-कौन व्यक्ति किस-किस खसरा नंबर पर काबिज है? भूमि के प्रत्येक खसरा क्रमांक एवं रकबे की चतुर्सीमा का नक्शा प्रदान करें तथा क्या उक्त कृषि भूमि में से कतिपय खसरा क्र. की भूमि विक्रय कर दी गई है? यदि हाँ, तो कौन-कौन से खसरा क्र. की कितने रकबे की भूमि कब किस को विक्रय की गई? पूर्ण जानकारी दें। (ग) क्या प्रश्नांकित भूमि पर भवन, कुआं एवं मंदिर भी स्थापित है? यदि हाँ, तो वह किन के आधिपत्य में है? खसरा क्रमांक सहित बताएं। (घ) क्या प्रश्नांकित भूमि पर किसी अतिक्रामक का अतिक्रमण है? यदि हाँ, तो अतिक्रामक का नाम व अतिक्रमित कब्जे का विवरण दें तथा उक्त भूमि का अतिक्रामकों द्वारा क्या-क्या उपयोग किया जा रहा है? क्या उक्त भूमि से अतिक्रमण मुक्त कराने हेतु किन-किन व्यक्तियों के द्वारा कब-कब शिकायतें विभाग को प्राप्त हुई हैं? उन पर विभाग ने क्या-क्या कार्यवाही की?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) खसरा अनुसार- (1) 2368/1 अमरीष योगेष, काष्पेय व कपील पिता पुरुषोतम, दाक्षिणी पिता पुरुषोत्तम, मंजुला बेवा याग्यवल्क, विषाल, ऋतू, रानी पिता याग्यवल्क के नाम दर्ज हैं (2) 2368/2 शासकीय दर्ज है। (3) 2368/3 अमरीष योगेष, काष्पेय व कपील पिता पुरुषोत्तम, दाक्षिणी पिता याज्ञवल्क, मंजुला बेवा याज्ञवल्क, विशाल, रितु, रानी पिता याज्ञवल्क के नाम दर्ज हैं (4) 2352/1 कपील पिता याज्ञवल्क, दाक्षिणी पुत्री का नाम दर्ज है। (5) 2352/2 अनिल वैरागी पिता प्रधान दास दर्ज है। (ख) भूमि मौके पर रिक्त है। भूमि के क्रय विक्रय की स्थिति जिला पंजीयन के संपदा ऑनलाइन पोर्टल पर नहीं है। (ग) सर्वे क्रमांक 2312 के अंश भाग पर भवन, कुंआ, जीर्ण शीर्ण भवन स्थित है। (घ) भूमि मौके पर रिक्त है। शेष प्रश्नांश उद्भूत नहीं होता है।
जर्जर एवं भवन विहीन शालाएं
[स्कूल शिक्षा]
137. ( क्र. 1359 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला छतरपुर की बड़ामलहरा विधान सभा क्षेत्र में कितनी प्राथमिक एवं माध्यमिक शालायें हैं? इनमें कितनी शालायें भवन विहीन एवं कितनी शालाओं के भवन जर्जर हालत में है? (ख) क्या शिक्षा के क्षेत्र में सरकार समुचित ध्यान नहीं दे रही है? (ग) यदि नहीं, तो प्रश्नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र में भवन विहीन शालाओं को भवन निर्माण हेतु क्या इस बजट सत्र में राशि उपलब्ध करवा रही है या नहीं?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जिला छतरपुर की बड़ामलहरा विधानसभा अंतर्गत 270 प्राथमिक शालाएं एवं 132 माध्यमिक शालाएं, कुल 402 शालाएं है, जिनमें से 08 शालाओं के स्वयं के भवन नहीं है। जर्जर शालाओं की संख्या निरंक है। (ख) जी नहीं। (ग) शाला भवन निर्माण बजट उपलब्धता, प्राथमिकता एवं सक्षम स्वीकृति पर निर्भर है।
जूनियर डाटा एन्ट्री ऑपरेटर का स्थानांतरण
[राजस्व]
138. ( क्र. 1391 ) श्री बृज बिहारी पटैरिया : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कार्यालय आयुक्त भू-अभिलेख, मध्यप्रदेश ग्वालियर के आदेश दिनांक 05.10.2022 द्वारा श्रीमती भावना त्रिपाठी, जूनियर डाटा एन्ट्री ऑपरेटर का स्थानान्तरण प्रशासनिक आधार पर (वेतन आहरण डी.ई.ओ. के पद से) देवास से उज्जैन किया गया था? वर्तमान में इनका वेतन कहाँ से आहरित किया जा रहा है और क्यों? (ख) कार्यालय कलेक्टर भू-अभिलेख जिला उज्जैन के पत्र क्रमांक 1445/भू.अ./स्था./2023 दिनांक 01.06.2023 एवं कार्यालय आयुक्त भू-अभिलेख, मध्यप्रदेश ग्वालियर के पत्र क्रमांक 899 स्था. एक/सर्वे तक/229739/2023 दिनांक 31.07.2023 पर अब तक क्या-क्या कार्यवाही किस-किस स्तर से की गई है? नहीं तो क्यों? कारण बतावें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में उल्लेखित समस्या अथवा तकनीकी कारणों से हो रही वेतन आहरण की समस्या का निराकरण आयुक्त भू-अभिलेख द्वारा कब तक करा लिया जावेगा? स्पष्ट समय-सीमा बतायें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। वर्तमान में इनका वेतन डाटा एन्ट्री ऑपरेटर के पद के विरुद्ध तहसील महिदपुर से आहरित किया जा रहा है क्योंकि भू-अभिलेख के डी.डी.ओ. कोड 4300704004 में डाटा एन्ट्री ऑपरेटर का एक ही पद स्वीकृत था जिसके विरुद्ध पूर्व से ही श्रीमती विथिका विश्वकर्मा जूनियर डाटा एन्ट्री ऑपरेटर का वेतन आहरित किया जा रहा था, फलस्वरूप श्रीमती भावना त्रिपाठी जू.डा.ए.आ का वेतन महिदपुर के डी.डी.ओ. कोड 4300709006 में रिक्त डाटा एन्ट्री ऑपरेटर के पद के विरुद्ध प्रतिमाह आहरित किया जा रहा है। चूँकी जूनियर डाटा एन्ट्री ऑपरेटर एवं डाटा एन्ट्री ऑपरेटर का ग्रेड पे 2400/- है। (ख) कार्यालय कलेक्टर भू-अभिलेख जिला उज्जैन के पत्र क्रमांक 1445/भू.अ./स्था./2023 दिनांक 01.06.2023 के क्रम में इस कार्यालय द्वारा आयुक्त, कोष एवं लेखा भोपाल को पत्र क्रमांक 899 स्था.एक/सर्वे.तक/229739/2023 दिनांक 31.07.2023 एवं स्मरण पत्र क्रमांक 1377/स्था.एक/सर्वे.तक/229739/2023 दिनांक 19.12.2023, तहसील महिदपुर के डी.डी.ओ. कोड से डाटा एन्ट्री ऑपरेटर का एक पद जिला भू-अभिलेख शाखा उज्जैन में अंतरित किये जाने का लेख किया गया है। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में उल्लेखित समस्या के निराकरण हेतु आयुक्त भू-अभिलेख मध्यप्रदेश ग्वालियर द्वारा पत्र क्रमांक 899/स्था.एक/सर्वे.तक/229739/2023 दिनांक 31.07.2023 एवं स्मरण पत्र क्रमांक 1377/स्था.एक/ सर्वे.तक/229739/2023 दिनांक 19.12.2023 से आयुक्त, कोष एवं लेखा भोपाल को तहसील महिदपुर के डी.डी.ओ. कोड से डाटा एन्ट्री ऑपरेटर का एक पद जिला भू-अभिलेख शाखा उज्जैन में अंतरित किये जाने का लेख किया गया है, जिसकी कार्यवाही प्रचलित है। वेतन आहरण संबंधी कोई समस्या नहीं है, वेतन प्रतिमाह आहरित किया जा रहा है।
पवई विधानसभा क्षेत्र में चिकित्सा व्यवस्थाएं
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
139. ( क्र. 1394 ) श्री प्रहलाद लोधी : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पवई विधानसभा अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों/उप स्वास्थ्य केन्द्रों/सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों, पेरा मेडिकल स्टाफ के कितने पद स्वीकृत है, कितने कार्यरत हैं एवं कितने रिक्त है? रिक्त पदों की पूर्ति हेतु क्या कार्रवाई की जा रही है एवं इन रिक्त पदों की पूर्ति कब तक की जाएगी? कार्यरत् एवं रिक्त पदों की सूची उपलब्ध करावें। (ख) क्या विधानसभा पवई अंतर्गत दोनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पवई एवं शाहनगर में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर की पदस्थापना नहीं है? यदि हाँ, तो क्यों नहीं जबकि स्त्रियों के एक बड़े वर्ग को स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर की जरूरत पड़ती रहती है और भविष्य में दोनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्त्री रोग विशेषज्ञ की पद स्थापना कब तक की जाएगी? (ग) विधानसभा अंतर्गत भविष्य में कौन-कौन से उप स्वास्थ्य केंद्र/प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र/सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रस्तावित है? कृपया जानकारी उपलब्ध करायें। (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में क्या विभाग द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रैपुरा का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन का कोई प्रस्ताव है? यदि नहीं, तो क्यों नहीं जबकि 50 किलोमीटर दूर तक कोई भी अस्पताल न होने से लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है एवं तत्कालीन मुख्यमंत्री माननीय श्री शिवराज सिंह चौहान जी द्वारा भी इसकी उन्नयन हेतु घोषणा की गई थी।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। रिक्त पदों की पूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है, पदपूर्ति हेतु निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। कार्यरत एवं रिक्त पदों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) जी हाँ। प्रदेश में स्त्री रोग विशेषज्ञों की अत्यधिक कमी है, अतः संस्थाओं में विशेषज्ञों की पदपूर्ति में कठिनाई हो रही है। पदपूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है, निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। (ग) हाल ही में विभागीय आदेश दिनांक 09.09.2024 द्वारा 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पवई जिला पन्ना का उन्नयन 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। अन्य किसी संस्था के उन्नयन/सृजन संबंधी जानकारी निरंक है। (घ) जी नहीं। वर्तमान में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रैपुरा के उन्नयन के संबंध में कोई कार्ययोजना प्रस्तावित नहीं है। वर्तमान में विभाग अंतर्गत नवीन पूंजीगत कार्यों कि स्वीकृति हेतु बैंक ऑफ सेन्कशन ऋणात्मक होने के कारण कोई कार्ययोजना प्रस्तावित नहीं है।
नहरों में टेल पोजीशन तक पानी नहीं पहुँचना
[जल संसाधन]
140. ( क्र. 1403 ) श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भिण्ड विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न नहरों का उचित रख-रखाव न होने तथा पानी का दबाव कम होने के कारण टेल पोजीशन तक पानी नहीं पहुँच पा रहा है, जिस कारण से क्षेत्रीय किसानों को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है? (ख) भिण्ड विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न नहरों की मरम्मत व निर्माण कार्यों में विगत वर्षों में कितनी धनराशि का व्यय किया गया है? (ग) क्या भिण्ड विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नवीन नहरों का निर्माण व पूर्व की नहरों में कांक्रीट कराने की योजना विभाग द्वारा बनाई गई है? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) और (ग) में दिये गये प्रश्नों की समयावधि व विभाग की नियोजित योजना की जानकारी दें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी नहीं। किसानों को पानी से संबंधित कोई भी समस्या नहीं होना प्रतिवेदित है। (ख) भिण्ड विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न नहरों की मरम्मत कार्यों में विगत वर्षों में धनराशि के व्यय की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। कोई भी नवीन निर्माण कार्य नहीं कराया जाना प्रतिवेदित है। (ग) जी नहीं, नवीन नहरों के निर्माण की कोई योजना नहीं है। पूर्व की नहरों में जहां कंक्रीट नहीं है, वहां लाइनिंग एवं स्ट्रक्चर कार्य संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना अंतर्गत सम्मलित किये गये हैं। (घ) निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
किसानों को फसल क्षति की तृतीय किस्त का भुगतान
[राजस्व]
141. ( क्र. 1413 ) श्री बाला बच्चन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्न क्र. 3116 दिनांक 16/03/2023 के प्रश्नांश (ग) उत्तर में वर्णित जिले आगर, मालवा, देवास, हरदा एवं सीहोर में फसल क्षति की राशि की प्रथम किश्त में कितनी राशि का भुगतान कितने किसानों को किया गया? तहसीलवार, किसान संस्था, राशि सहित जिलावार देवें। इसी अनुसार द्वितीय किश्त की जानकारी भी तहसीलवार, किसान संख्या राशि सहित जिलावार देवें। (ख) क्या कारण है कि प्रथम किश्त में किसानों की संख्या एवं द्वितीय किश्त में किसानों की संख्या में काफी अन्तर है? तहसीलवार अन्तर का कारण स्पष्ट करें। (ग) प्रदेश के लगभग 21 लाख किसानों को तृतीय किश्त का भुगतान कब तक किया जायेगा? इस संबंध में हुये समस्त पत्राचार की प्रमाणित प्रतियां देवें। क्या कारण कारण है कि वर्ष 2021 के चार वर्ष बाद भी तृतीय किश्त का भुगतान नहीं हो पाया है। (घ) तृतीय किश्त का भुगतान न होने के उत्तरदायी अधिकारियों पर विभाग कब तक कार्यवाही करेगा? समय-सीमा देवें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) प्रश्न क्र. 3116 दिनांक 16/03/2023 के प्रश्नांश (ग) उत्तर में वर्णित जिले आगर-मालवा, देवास, हरदा एवं सीहोर में फसल क्षति की राशि की प्रथम किश्त एवं द्वितीय किश्त की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रथम किश्त में किसानों की संख्या एवं द्वितीय किश्त में किसानों की संख्या में तहसीलवार अंतर का कारण जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता की सीमा में शासन के निर्णय अनुसार प्रभावित कृषकों को राहत राशि का भुगतान किया गया है। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता (घ) शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता।
परिवहन अधिकारी की पदस्थापना
[परिवहन]
142. ( क्र. 1418 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नवगठित जिला मैहर में परिवहन विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी की पदस्थापना मय स्टाफ किये जाने के संबंध में अभी तक क्या कार्यवाही की गयी है? जानकारी दी जावे। (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में मैहर में परिवहन अधिकारी का कार्यालय खोला जाना अति आवश्यक है? यदि हाँ, तो कब तक परिवहन अधिकारी की पदस्थापना कर कार्यालय प्रारंभ करा दिया जावेगा? समयावधि की जानकारी दें। यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट किया जावे।
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) नवगठित मैहर जिले में जिला परिवहन कार्यालय प्रारंभ करने के संबंध में नवीन पदों के सृजन से संबंधित कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) जी हाँ। कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
बानसुजारा नहर योजना से वंचित किसान
[जल संसाधन]
143. ( क्र. 1426 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या खरगापुर विधानसभा-47 के ग्राम - देवीनगर, छारकी, जटेरा, जिनागढ़, सुजानपुरा, भिलौनी, वनयानी, सिजौरा, बलवंतपुरा, सरकनपुर, भितरवार, मझगुंवा, राजनगर, वनपुरा, वैसाखास, वैसाऊगढ़ झिंनगुवा, दुर्गानगर, गनेशपुरा, लुहेरा, सुकौरा, लड़वारी, कछियाखेरा, अटार, नारायणपुर, वावाखेरा, डूंडाखेरा, सेवार आदि के किसानों को बानसुजारा की नहर योजना से वंचित रखा गया है? इन किसानों को बानसुजारा की नहर योजना से जोड़कर कब तक लाभान्वित किया जावेगा? कृपया जानकारी स्पष्ट करें तथा इन किसानों द्वारा कई बार ज्ञापन पत्रों के माध्यमों से मांग की जा रही है परन्तु जल संसाधन विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। क्या इस क्षेत्र के किसान शासन की योजना से वंचित ही रहेंगे? बार-बार विधान सभा में प्रश्नों के माध्यम से प्रश्नकर्ता द्वारा किसानों को बानसुजारा नहर योजना से जोड़कर लाभ दिये जाने हेतु बजट में शामिल कब तक कर लिया जावेगा? सम्पूर्ण जानकारी से अवगत करायें। (ख) क्या यदि बानसुजारा से इस क्षेत्र के किसानों को लाभ नहीं दिया जा सकता है तो केन-बेतवा नहर परियोजना से जोड़ दिया जाये या केन बेतवा नहर परियोजना से बल्देवगढ़ के तालाब, लडवारी, अहार, नारायणपुर, खरगापुर, बलवंतपुरा सरकनपुर वैसाखास, जटेरा आदि तालाबों का भराव करके उन तालाबों से छोटी-छोटी नहरें बनाकर वर्णित ग्रामों के किसानों को सिंचाई की सुविधा प्रदान करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक, यदि नहीं, तो क्यों? कारण स्पष्ट करें तथा संसाधन विभाग को निर्देश करते हुये वर्णित ग्रामों एवं तालाबों का सर्वे कराते हुये किसानों की समस्या का निराकरण कब तक करा लिया जावेगा? सम्पूर्ण जानकारी से अवगत करायें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी नहीं, खरगापुर विधानसभा-47 के ग्राम सरकनपुर, भितरवार, मझगुवां एवं राजनगर में बानसुजारा वृहद सिंचाई परियोजना से सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। बानसुजारा बांध में संग्रहित जल भराव का पूर्ण उपयोग होने से अतिरिक्त ग्रामों में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराया जाना संभव नहीं है। (ख) जी नहीं। खरगापुर विधानसभा क्षेत्र में बल्देवगढ तहसील के प्रश्नांकित लडवारी, अहार, नारायणपुर, खरगापुर, बलवंतपुरा, सरकनपुर वैसाखास, जटेरा तालाबों का भराव करके सिंचाई सुविधा केन बेतवा लिंक परियोजना प्राधिकरण, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जनवरी 2024 में तैयार किये गये विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन में केन वेतबा लिंक नहर के मार्ग में मध्यप्रदेश राज्य के जीर्णोद्धार नवीनीकरण हेतु चयनित तालाबों में प्रश्नांधीन तालाब सम्मिलित नहीं है।
आयुष्मान योजना के अंतर्गत उपचार
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
144. ( क्र. 1428 ) श्री उमंग सिंघार : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन नगर में कितने निजी अस्पतालों को वर्तमान में आयुष्मान योजना का लाभ दिया जा रहा है? (ख) विगत तीन वर्षों में कितने निजी अस्पतालों ने आयुष्मान योजना के अंतर्गत रोगियों का उपचार किया तथा उन्हें कितनी राशि शासन से प्राप्त हुई है? (ग) उज्जैन में स्थित कितने सरकारी अस्पतालों में विगत तीन वर्षों में कितने रोगियों का उपचार आयुष्मान योजना के अंतर्गत किया गया? राशि सहित जानकारी दें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) उज्जैन नगर में वर्तमान में 06 निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना का लाभ दिया जा रहा है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है।
शासकीय मेडिकल कॉलेजों में पदों की पूर्ति
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
145. ( क्र. 1432 ) श्री राजेन्द्र भारती : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में कितने प्राइवेट मेडिकल कॉलेज एवं शासकीय मेडिकल कॉलेज (Autonomous) कितने और कहाँ-कहाँ संचालित हो रहे हैं? कृपया अलग-अलग विवरण दें। (ख) शासकीय मेडिकल कॉलेजों में कितने चिकित्सकों और कितने पैरामेडिकल के पद स्वीकृत हैं? कृपया अलग-अलग संख्या बताते हुये जानकारी प्रदाय करें कि उक्त स्वीकृत पदों के विरुद्ध कितने-कितने चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ कार्यरत हैं? कृपया मेडिकल कॉलेजवार अलग-अलग जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) क्या मेडिकल कॉलेजों में पी.एस.एम. विभाग भी कार्यरत है? यदि हाँ, तो पी.एस.एम. विभाग में कितने-कितने पद कब-कब से रिक्त हैं? कृपया जानकारी उपलब्ध करायें। क्या उक्त मेडिकल कॉलेजों में पी.एस.एम. विभाग के अंतर्गत चिकित्सकों/व्याख्याताओं की आवश्यकता है? यदि हाँ, तो शासन द्वारा भर्ती हेतु क्या कार्यवाही की जा रही है पी.एस.एम. कृपया जानकारी प्रदाय करें। (घ) क्या शासन/विभाग द्वारा शासकीय मेडिकल कॉलेजों में विद्यार्थियों की आवश्यकताओं एवं मरीजों के इलाज की जरुरतों को देखते हुये चिकित्सकों/व्याख्याताओं एवं पैरामेडिकल स्टाफ की कमियों को पूरा करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? कृपया विस्तृत जानकारी दें। क्या दतिया मेडिकल कॉलेज में स्वीकृत पदों के विरुद्ध चिकित्सकों, मेडिकल स्टाफ की संख्या पर्याप्त है? यदि हाँ, तो विवरण दें। दतिया मेडिकल कॉलेज में मरीजों के लिये अल्ट्रासाउंड, डायलिसिस, सी.टी. स्कैन, एक्स-रे एवं मशीनों को ऑपरेट करने वाले ऑपरेटरों की पर्याप्त व्यवस्था है? यदि हाँ, तो विवरण दें। यदि नहीं, तो क्या विभाग पूर्ति करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रदेश में संचालित प्राइवेट मेडिकल कॉलेज एवं शासकीय मेडिकल कॉलेज की सूची की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ पर है। (ख) शासकीय मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सक/पैरामेडिकल के स्वीकृत पद एवं स्वीकृत पद के विरूद्ध कार्यरत सेवकों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) जी हाँ। पी.एस.एम. विभाग में रिक्त पद की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। जी हाँ। चिकित्सकों/व्याख्याताओं की आवश्यकता के दृष्टिगत पदों को भरने की कार्यवाही सतत् रूप से की जाती है। (घ) जी हाँ। पद पूर्ति एक सतत् प्रक्रिया होने से निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। जी हाँ। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय दतिया में चिकित्सकों के कुल स्वीकृत 132 पदों में से 79 भरे हुए हैं एवं रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया महाविद्यालय की कार्यकारिणी समिति द्वारा नियमित विज्ञप्ति जारी कर सतत् रूप से की जा रही है, पैरामेडिकल स्टाफ के कुल स्वीकृत 154 पदों के विरुद्ध 71 पद भरे होकर कार्यरत है। दतिया मेडिकल कॉलेज में मरीजों के लिये अल्ट्रासाउण्ड, सी.टी. स्कैन, एक्स-रे एवं मशीनों को ऑपरेट करने वाले कार्यरत ऑपरेटरों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है। पैरामेडिकल स्टाफ के रिक्त पदों की पूर्ति कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से विज्ञप्ति जारी कर लिखित परीक्षा आयोजित कर की जाती है।
नामांतरण के लंबित प्रकरणों का निराकरण
[राजस्व]
146. ( क्र. 1436 ) डॉ. अभिलाष पाण्डेय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अहस्तांतरणीय एवं न्यायालय में विचाराधीन कृषि भूमियों को मध्यप्रदेश राजस्व पोर्टल पर स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाएगा, ताकि आम जनता को क्रय-विक्रय के समय ही यह जानकारी मिल सके कि संबंधित भूमि नामांतरण योग्य है या नहीं? इससे नामांतरण हेतु लंबित राजस्व प्रकरणों में कमी आ सकेगी। (ख) वर्तमान में प्रदेश में कितने नामांतरण प्रकरण केवल इस कारण लंबित हैं कि वे अहस्तांतरणीय भूमि से संबंधित हैं? क्या इन प्रकरणों की समयबद्ध समीक्षा की गई है और इनके निराकरण के लिए कोई ठोस योजना बनाई गई है? (ग) क्या इन लंबित प्रकरणों के कारण प्रदेश के विकास की गति बाधित नहीं हो रही है? यदि विभाग सहमत है कि यह समस्या विकास में बाधा उत्पन्न कर रही है, तो इन प्रकरणों के शीघ्र समाधान के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं? क्या विभाग इस संबंध में कोई नीति बनाएगा? यदि हाँ, तो उसकी समय-सीमा क्या होगी?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रदेश में अहस्तांतरणीय भूमि से संबंधित नामांतरण प्रकरण लंबित नहीं है। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ग) शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
स्वास्थ्य सूचकांकों के सुधार हेतु लागू योजना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
147. ( क्र. 1437 ) डॉ. अभिलाष पाण्डेय : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार मध्यप्रदेश अन्य राज्यों की तुलना में किन-किन स्वास्थ्य सूचकांकों में पिछड़ा हुआ है? कृपया विस्तृत जानकारी दें। (ख) एनएफएचएस-5 (NFHS-5) की रिपोर्ट के अनुसार, मध्यप्रदेश में पिछली सर्वे रिपोर्ट की तुलना में किन-किन स्वास्थ्य सूचकांकों में कोई सुधार नहीं हुआ है? कृपया इसकी विस्तृत जानकारी प्रदान करें। (ग) कौन-से प्रमुख स्वास्थ्य सूचकांक हैं, जिनमें मध्यप्रदेश अन्य राज्यों से पिछड़ा हुआ है? इन सूचकांकों में सुधार हेतु सरकार द्वारा अब तक कौन-कौन सी योजनाएं लागू की गई हैं? (घ) उक्त स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार न होने के पीछे क्या प्रमुख कारण है? इनका समाधान खोजने हेतु क्या विभाग द्वारा कोई सर्वेक्षण या अनुसंधान कराया जा रहा है? यदि हाँ, तो कृपया उसकी विस्तृत जानकारी दें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (एनएफएचएस) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार अन्य राज्यों की तुलना में मध्यप्रदेश के प्रमुख स्वास्थ्य सूचकांको की स्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ख) एनएफएचएस-5 (NFHS-5) की रिपोर्ट के अनुसार, मध्यप्रदेश में पिछली सर्वे रिपोर्ट की तुलना में सुधार परिलक्षित न करने वाले स्वास्थ्य सूचकांकों की जानकारी तथा पिछली सर्वे रिपोर्ट की तुलना में मुख्य सूचकांकों में सुधार परिलक्षित हुआ है, स्वास्थ्य सूचकांकों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। (ग) प्रमुख स्वास्थ्य सूचकांक जिनमें मध्यप्रदेश अन्य राज्यों से पिछड़ा हुआ है की जानकारी उत्तरांश 'क' में वर्णित है। इन सूचकांकों में सुधार हेतु सरकार द्वारा लागू योजनायें एवं की जा रही गतिविधियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार। (घ) जी हाँ, विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार।
आदिवासियों की भूमि का सीमांकन
[राजस्व]
148. ( क्र. 1440 ) श्री मुकेश मल्होत्रा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला श्योपुर की तहसील श्योपुर, वडोरा, वीरपुर, विजयपुर और कराहल में वर्तमान स्थिति में सीमांकन और पोथी नामातंरण बंटवारे के कितने आवेदन लंबित है? तहसीलवार, ग्राम पंचायतवार पृथक-पृथक जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) क्या सीमांकन, पोथी, नामातंरण, बंटवारे के आवेदन पत्रों के निराकरण की कोई समय-सीमा निश्चित है? यदि हाँ, तो नियम की प्रति सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) क्या कारण है कि सीमांकन, पोथी, नामातंरण, बंटवारे की समय-सीमा निश्चित होने के बाद भी प्रश्नांश (क) में उल्लेखित क्षेत्रों में आवेदन पत्रों का निराकरण समय-सीमा में नहीं किया जा रहा है? क्या विभाग विलंब के दोषियों पर कार्यवाही करेगा? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित क्षेत्रों में लंबित आवेदनों का निराकरण कब तक किया जावेगा? समय-सीमा बतावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिला श्योपुर अंतर्गत सीमांकन, फ़ौती नामांतरण, बंटवारा के लंबित प्रकरणों की जानकारी निम्नानुसार है
क्रमांक |
तहसील |
नामांतरण |
बंटवारा |
सीमांकन |
1 |
श्योपुर |
137 |
136 |
05 |
2 |
बड़ौदा |
35 |
65 |
05 |
3 |
कराहल |
38 |
09 |
24 |
4 |
वीरपुर |
57 |
17 |
00 |
5 |
विजयपुर |
75 |
14 |
01 |
योग |
342 |
241 |
35 |
(ख) जी हाँ। सीमांकन, फ़ौती नामातंरण आवेदन पत्रों के निराकरण हेतु 45 दिवस एवं अविवादित बंटवारा के आवेदन पत्रों के निराकरण हेतु 90 दिवस समय-सीमा निश्चित है। (ग) समस्त प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण किया जाता है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
शासकीय भूमि मुक्त कराना
[राजस्व]
149. ( क्र. 1441 ) श्री मुकेश मल्होत्रा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्योपुर जिले में कितनी शासकीय भूमि, SC/ST वर्ग की भूमि आदि पर भू-माफिया द्वारा कब्जा किया गया है तथा इस संबंध में कितनी शिकायतें विगत 05 वर्षों में प्राप्त हुयी हैं? शिकायतों पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? जानकारी देवें। साथ ही कितनी भूमि पर कब्जा किया गया है? शासकीय भूमि तथा SC/ST वर्ग की भूमि की पृथक-पृथक जानकारी देवें। (ख) श्योपुर जिले की शासकीय भूमि एवं SC/ST वर्ग की कितनी भूमि पर कब्जा किया गया है? विकासखंडवार, तहसीलवार, ग्राम पंचायतवार जानकारी उपलब्ध करावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिला श्योपुर में शासकीय भूमि के 3413.196 हे. रकबा एवं SC - ST वर्ग की भूमि के 128.482 हे. रकबा पर अन्य व्यक्तियों का कब्जा है। इस संबंध में विगत 5 वर्षों में 455 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। शासकीय भूमि पर कब्जा होने पर म.प्र. भू-राजस्व संहिता की धारा 248 के तहत अर्थदंड आरोपित कर बेदखल किया किया गया है तथा SC - ST वर्ग की भूमि रकबा 117.295 हे. पर से कब्जा सौंपने की कार्यवाही की गई है। (ख) श्योपुर जिले में शासकीय भूमि के 3413.196 हे. रकबा पर कृषकों का अतिक्रमण है, जिसके संबंध में म.प्र. भू राजस्व संहिता की धारा 248 के तहत विधिवत कार्यवाही प्रचलित है। इसी प्रकार वर्तमान में SC-ST वर्ग की भूमि रकबा 11.187 हे. से कब्जा सौंपने की कार्यवाही प्रचलित है। विकासखंडवार, तहसीलवार जानकारी निम्नानुसार है -
क्र. |
विकासखण्ड |
तहसील |
शासकीय भूमि (हे.) |
SC/ST भूमि (हे.) |
1 |
श्योपुर |
श्योपुर |
0 |
0 |
2 |
बड़ौदा |
375 |
0 |
|
3 |
कराहल |
कराहल |
2518.196 |
0 |
4 |
विजयपुर |
विजयपुर |
520 |
11.187 |
5 |
बीरपुर |
0 |
0 |
|
योग |
3413.196 |
11.187 |
ग्राम पंचायतवार जानकारी एकत्रित की जा रही है।
स्कूल संचालकों से अतिरिक्त राशि की वसूली
[स्कूल शिक्षा]
150. ( क्र. 1444 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश के प्राइवेट स्कूल के संचालकों से रजिस्ट्रर्ड किरायानामा के नाम पर अतिरिक्त राशि वसूल की जा रही है जिसके कारण प्राइवेट स्कूल संचालकों द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है एवं रजिस्टर्ड किरायानामा को समाप्त किए जाने की मांग की जा रही है? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में क्या प्रदेश शासन रजिस्ट्रर्ड किरायानामा समाप्त कर नोटरीकृत किरायानामा लागू एवं सुरक्षा निधि समाप्त कर व 12000 आवेदक शुल्क हटाया जाकर आर.टी.आई. के पैसे समय-सीमा में प्रदाय करेगा? यदि हाँ, तो कब और नहीं तो क्यों? (ग) क्या शासन प्राइवेट स्कूल संचालकों में जो सहायता नियम निर्धारित किए गए उन नियमों को शिथिल कर स्कूल संचालकों को रजिस्टर्ड किरायानामा एवं सुरक्षा निधि की मान्यता में छूट प्रदान करते हुए पाँच साल की नवीनीकरण मान्यता प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब और नहीं तो क्यों?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं। कक्षा 09 से 12 तक के लिये मध्यप्रदेश माध्यमिक शाला एवं उच्चतर माध्यमिक शालाओं की मान्यता नियम 2017 के नियम-5 (ग) के तहत भूमि अथवा भवन को किराये पर देने की दशा में उनके अभिलेख वैद्य रूप से रजिस्ट्रीकृत होना प्रावधानित है। कक्षा 01 से 08 तक के लिये राजपत्र दिनांक 06.01.2023 के अनुक्रम में मान्यता प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही की जाती है। (ख) जी नहीं। आर.टी.ई. फीस प्रतिपूर्ति एक सतत प्रक्रिया है। बजट की उपलब्धता की स्थिति में अशासकीय विद्यालयों को राशि जारी की जाती है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ग) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
हितग्राहियों को स्थायी पट्टे का वितरण
[राजस्व]
151. ( क्र. 1445 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले की केवलारी विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक किस-किस ग्राम में कितने हितग्राहियों को स्थाई पट्टे वितरित किये गये हैं तथा ऐसे कितने हितग्राही हैं जिन्हें स्थायी पट्टे दिये जाने हेतु चिन्हित किया गया है? (ख) प्रश्नांश (क) में दर्शित चिन्हित हितग्राहियों को कब तक पट्टों का वितरण कर दिया जावेगा? (ग) कितने स्थाई पट्टेदार ऐसे हैं जिनके पट्टों के नवीनीकरण, शर्त उल्लंघन एवं आंकलन के मामले लंबित हैं? ऐसे प्रकरणों में कार्यवाही नहीं होने से शासन को भू-भाटक के रूप में होने वाली आय में लगभग कितना नुकसान हुआ है और इसके लिए कौन दोषी है?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) सिवनी जिले की केवलारी विधानसभा अंतर्गत आने वाली नगर परिषद् में वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक निम्नानुसार धारणाधिकार घृति अधिनियम के अंतर्गत पट्टे वितरित किये गये हैः-
नगर परिषद् का नाम |
वितरित किये गये पट्टे |
चिन्हांकित हितग्राही |
केवलारी |
26 |
0 |
छपरा |
226 |
0 |
(ख) उत्तरांश ''क'' के परिप्रेक्ष्य में जानकारी निरंक है। (ग) कोई प्रकरण लंबित नहीं होने के कारण शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
विद्यालयों की मान्यता का नवीनीकरण
[स्कूल शिक्षा]
152. ( क्र. 1454 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आयुक्त लोक शिक्षण कार्यालय अंतर्गत कितने बैंक खाते संचालित हैं? बैंक का नाम एवं पता, खाता नं., खाते का प्रकार, खाते के प्रथम पृष्ठ की जानकारी, कब खोला गया तथा खाते में कितनी राशि जमा है? संपूर्ण जानकारी का गौशवारा बनाकर बतायें। (ख) उपरोक्त के अनुक्रम में गुना जिलान्तर्गत विभाग में ऑनलाइन प्रक्रिया के अंतर्गत कितनी वेबसाईट, इंटरफेस का उपयोग विभाग स्वयं, निजी स्कूल संस्थानों एवं आम जनता के लिये संचालित कर रहा है? किस इंटरफेस से मान्यता नवीनीकरण हेतु वर्ष 2024-25 में कब से प्रक्रिया प्रारंभ की गई? नवीनीकरण हेतु निजी स्कूलों को ऑनलाइन क्या दस्तावेज अपलोड करना है, इसके आदेश की प्रति सहित बतायें। दस्तावेज अपलोड होने पर किस स्तर पर अनुशंसा होने के उपरांत मान्यता नवीनीकरण प्रमाण-पत्र जारी किये गये? संपूर्ण जानकारी जिलेवार संस्था का नाम, समिति का नाम, पता, शुल्क का प्रकार सहित गौशवारा बनाकर बतायें। (ग) उपरोक्त के अनुक्रम में गुना जिलान्तर्गत पूर्व में मान्यता प्राप्त संस्थाओं के मान्यता नवीनीकरण प्रमाण-पत्र किन-किन कारणों से अमान्य किये जा रहे हैं? जिलेवार स्कूल का नाम, पूर्व मान्यता प्रमाण-पत्र की प्रति, इस वर्ष क्या आपत्ति किसके द्वारा लगाई? गौशवारा एवं दस्तावेज सहित बतायें। (घ) गुना जिले में मान्यता नवीनीकरण में परेशानियों के आने से निजी स्कूल संचालकों एवं जनप्रतिनिधियों ने विभागीय मंत्री, आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय, संबंधित जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र, ज्ञापन, शिकायत आवेदन प्रस्तुत किये गये हैं, संपूर्ण पत्रों की प्रति सहित बतायें कि किस-किस प्रकरण में क्या आपत्तियां दर्ज की जाकर किस प्रकरण में क्या निराकरण किया गया है? यदि नहीं, तो क्यों? (ड.) डी.ई.ओ. भोपाल में निजी शिक्षण संस्थाओं से ऑनलाइन किताबों की सूची कब मांगी गई थी, कितने विद्यालयों ने उपलब्ध करा दी, कितने शेष है? स्कूलवार, कक्षावार, विषयवार गौशवारा बनाकर बतायें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - 1 अनुसार है। (ख) प्रश्नांतर्गत एजुकेशन पोर्टल, शिक्षा पोर्टल एवं विमर्श पोर्टल संचालित है। सत्र 2024-2025 में कक्षा 9 से 12 तक की मान्यता नवीनकरण के लिए dpi-mponline-gov-in के माध्यम से दिनांक 09.10.2024 से प्रक्रिया प्रारंभ की गयी है। कक्षा 9 से 12 तक की मान्यता नवीनकरण हेतु निजी स्कूलों को ऑनलाइन दस्तावेज अपलोड करने संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - 2 अनुसार है। दस्तावेज अपलोड होने पर म.प्र. माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शालाओं के मान्यता नियम 2017 (यथा संशोधित 2020 एवं 2021) अनुसार संभागीय सयुंक्त संचालक लोक शिक्षण ग्वालियर संभाग द्वारा मान्यता नवीनीकृत होने पर मान्यता नवीनकरण प्रमाण-पत्र जारी किये गये हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - 3 अनुसार है। (ग) गुना जिले में अशासकीय हाई स्कूल व हायर सेकेण्डरी मान्यता प्रकरणों सें संबंधित जानकारी निरंक है। शेषांश प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) गुना जिले में अशासकीय हाई स्कूल व हायर सेकेण्डरी मान्यता प्रकरणों से संबंधित जानकारी निरंक है। शेषांश प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) दिनांक 02.01.2025 के द्वारा विद्यालयों से जानकारी मांगी गई थी। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - 4 अनुसार है।
पूर्व परिवहन आरक्षक की अनुकंपा नियुक्ति
[परिवहन]
153. ( क्र. 1456 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पूर्व परिवहन आरक्षक सौरभ शर्मा को अनुकंपा नियुक्ति देने संबंधी परिवहन आयुक्त कार्यालय के आदेश क्र. 6084/स्था./टीसी/16, दिनांक 29.10.2016 की छायाप्रति व आदेश प्रतिलिपि के बिन्दु क्र. 2 में निज सहायक, परिवहन मंत्री को मंत्री की जिस नोटशीट दिनांक 14.09.2016 के संदर्भ में सूचनार्थ प्रेषित किया गया है, उस नोटशीट की छायाप्रति सहित इस अनुकंपा नियुक्ति संबंधी प्रकरण की संपूर्ण नस्ती की छायाप्रति उपलब्ध करायी जाये। (ख) क्या परिवहन विभाग में आरक्षक की भर्ती के लिये परिवहन मंत्री को कोई शक्तियां या अधिकार प्रदान किये गये हैं? यदि नहीं, तो क्या परिवहन मंत्री ने जिस सौरभ शर्मा की नियुक्ति में कलेक्टर ग्वालियर के पत्र क्रमांक क्यू/2-ख/स्था./6-2/27/2016/10877, दिनांक 12/08/2016 में स्वतः संज्ञान लेकर अभिमत मांगा, उसका क्या आधार था जबकि वह पत्र मंत्री को प्रेषित नहीं किया गया था? क्या यह मंत्री जी द्वारा सीधे हस्तक्षेप करके सौरभ शर्मा की नियुक्ति में सहायता की गई? उसकी जाँच की गई या नहीं? यदि हाँ, तो जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रतियां एवं कलेक्टर ग्वालियर के पत्र की छायाप्रति उपलब्ध कराई जाये। (ग) आवेदक सौरभ शर्मा का अनुकंपा नियुक्ति संबंधी आवेदन/प्रकरण परिवहन आयुक्त, म.प्र. को किस माध्यम से कब प्राप्त हुआ, जिसे परिवहन आयुक्त के पत्र क्र. 4349/स्था/टीसी/16, दिनांक 15.02.2016 द्वारा कलेक्टर, जिला ग्वालियर को किन नियमों के तहत परिवहन आरक्षक पद पर अनुकंपा नियुक्ति की अनुशंसा करने हेतु प्रेषित किया? बताएं। परिवहन आयुक्त के उक्त पत्र की छायाप्रति सहित कलेक्टर, ग्वालियर द्वारा परिवहन आयुक्त को भेजे पत्र क्र. क्यू/2020/स्था/16-2/27/2016 ए 10876, दि. 12.08.2016 की छायाप्रति भी उपलब्ध करायी जाये। कलेक्टर ग्वालियर द्वारा प्रकरण में अनुकंपा नियुक्ति सबंधी परिपत्र सी-12/2013/1/3 दिनांक 29.09.2014 के नियम 8.1 अनुसार आवेदक को संविदा शाला शिक्षक के पद पर नियुक्ति कार्यवाही न कर विभाग विशेष के विशेष पद परिवहन आरक्षक प्रकरण परिवहन आयुक्त को किन परिस्थितियों में लौटाया गया? पूर्ण जानकारी दी जाये। (घ) सौरभ शर्मा के भाई शासकीय सेवक होते हुये भी सौरभ शर्मा को नियुक्ति दी गई, जो कि नियमों के विपरीत है? यदि हाँ, तो किन कारणों से और जो उनके द्वारा झूठा शपथ पत्र दिया गया, क्या उस शपथ पत्र का परीक्षण करना विभागीय अधिकारियों के दायित्व नहीं हैं? यदि हाँ, तो किन विभाग के अधिकारियों द्वारा परीक्षण किया गया एवं उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? (ड.) क्या सौरभ शर्मा की अनुकंपा नियुक्ति के लिये स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पद नहीं था? यदि हाँ, तो सौरभ शर्मा को संविदा शाला शिक्षक के पद पर पदस्थ किया जाना था? यदि हाँ, तो शिक्षक क्यों नहीं बनाया गया? कारण बतायें। साथ ही सौरभ शर्मा की अनुकंपा नियुक्ति के लिये म.प्र. शासन के इतने विभागों में से परिवहन विभाग ही क्यों चुना गया? इसके क्या-क्या आधार हैं? आधार की छायाप्रतियां उपलब्ध कराई जाये।
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) सौरभ शर्मा की अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित मूल अभिलेख परिवहन आयुक्त के पत्र क्रमांक 600/प्रर्व.स्था-3/टीसी/2025 ग्वालियर, दिनांक 06.02.2025 के द्वारा विशेष उप पुलिस अधीक्षक वि.पु.स्था., लोकायुक्त कार्यालय भोपाल, संभाग भोपाल की ओर प्रेषित किया गया है। परिवहन आयुक्त में मूल नस्ती एवं नोटशीट की सुरक्षित रखी गई छायाप्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) जी नहीं। विभाग में परिवहन आरक्षक की नियुक्तियां परिवहन विभाग के भर्ती नियम 2011 (संशोधित नियम 2014) के प्रावधान के अनुसार की जाती हैं। जी नहीं। तत्कालीन परिवहन मंत्री द्वारा अनुकम्पा नियुक्ति में सीधे हस्तक्षेप कर सौरभ शर्मा की नियुक्ति में सहायता नहीं की गई है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। कलेक्टर ग्वालियर के पत्र क्रमांक क्यू/2-ख/स्था./6-2/27/16/10877 दिनांक 12/08/2016 की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) आवेदक सौरभ शर्मा का नियुक्ति संबंधी आवेदन/प्रकरण परिवहन आयुक्त कार्यालय, म.प्र. को कलेक्टर, ग्वालियर के माध्यम से दिनांक 12.08.2016 को प्राप्त हुआ। प्रश्न में उल्लेखित पत्र दिनांक 15.02.2016 को परिवहन आयुक्त द्वारा कलेक्टर, ग्वालियर को कोई अनुसंशा पत्र प्रेषित नहीं किया गया। कलेक्टर, ग्वालियर द्वारा परिवहन आयुक्त को भेजे गये पत्र क्र. क्यू/2020/स्था/16-2/27/2016 ए 10876, दिनांक 12.08.2016 की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है। म.प्र. शासन, सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय के परिपत्र क्रमांक सी-12/2013/1/3 दिनांक 29.09.2014 की कंडिका 5.2 के तहत परिवहन विभाग में आरक्षक के पद पर भी अनुकंपा नियुक्ति दिये जाने का प्रावधान है। परिपत्र की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''द'' अनुसार है। (घ) सौरभ शर्मा के अनुकम्पा नियुक्ति हेतु प्राप्त प्रस्ताव के साथ प्रस्तुत आवेदन एवं शपथ पत्र में इस तथ्य की जानकारी नहीं दी गई थी कि उनका कोई सदस्य शासकीय सेवा में है। शपथ-पत्र पर जब तक कोई आपत्ति अथवा तत्सम्बधी कोई विपरीत तथ्य संज्ञान में न आ जाये, परीक्षण किया जाना अपेक्षित नहीं है। तत्समय शपथ पत्र में दी गई जानकारी झूठी होने सम्बधी कोई आपत्ति एवं तथ्य प्रस्तुत न होने के कारण विभागीय अधिकारियों द्वारा परीक्षण किए जाने का प्रश्न ही उत्पन्न नहीं होता है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) स्वास्थ्य विभाग द्वारा पद रिक्त न होने संबंधी प्रमाणीकरण दिये जाने एवं कलेक्टर ग्वालियर द्वारा परिवहन विभाग को प्रस्ताव भेजे जाने के अनुक्रम में सौरभ शर्मा की अनुकंपा नियुक्ति म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग के ज्ञाप क्रमाक सी-12/2013/1/3 दिनांक 29.09.2014 के प्रावधानों के तहत की गई है। परिपत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''द'' अनुसार है।
परिवहन आयुक्त कार्यालय में पदस्थ अधिकारी/कर्मचारियों की जानकारी
[परिवहन]
154. ( क्र. 1457 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान परिवहन आयुक्त के स्टेनो/निज सहायक के पद पर पदस्थ श्री सत्य प्रकाश शर्मा, पूर्व परिवहन निरीक्षक सर्वश्री दशरथ पटेल और अलीम खान तथा वर्तमान परिवहन निरीक्षक सर्वश्री वीरेश तुमराव व किशेर सिंह बघेल के विरूद्ध अब तक ई.ओ.डब्ल्यू. और लोकायुक्त में की गई शिकायतों की पूर्ण जानकारी सहित प्राप्त शिकायतों की जिन-जिन अधिकारियों ने जाँच की? शिकायत जाँचकर्ता अधिकारी के नाम सहित सभी शिकायतें व उनके जाँच प्रतिवेदनों सहित उससे संबंधित समस्त दस्तावेजों की छायाप्रतियां उपलब्ध करायी जावे। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित समस्त वर्तमान एवं पूर्व अधिकारी/कर्मचारियों ने अब तक कितनी विदेश यात्राएं की गई तथा की गई विदेश यात्राओं को कब-कब विभाग से अनुमति प्राप्त की? पूर्ण जानकारी सहित अनुमति से लेकर स्वीकृति तक के संपूर्ण दस्तावेजों की छायाप्रतियां उपलब्ध करायी जावे। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित समस्त वर्तमान एवं पूर्व अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा विभाग में हुई नियुक्ति की ज्वाईनिंग के समय प्रस्तुत किये चल-अचल संपत्तियों के विवरण सहित संपूर्ण सेवाकाल के दौरान प्रस्तुत की गई वार्षिक चल-अचल सम्पत्ति विवरणी की छायाप्रतियां उपलब्ध करायी जायें। (घ) उपरोक्त सभी अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध प्राप्त शिकायतों की जाँच के आधार पर कब-कब आरोप-पत्र जारी किये गये? पूर्ण जानकारी उपलब्ध करायी जावे।
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) लोकायुक्त कार्यालय, मध्यप्रदेश से प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -''अ'' अनुसार तथा आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ, मध्यप्रदेश से प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। (ख) कार्यालयीन अभिलेखानुसार सर्व श्री दशरथ पटेल, वीरेश तुमराम, किशोर सिंह बघेल द्वारा विदेश यात्रा हेतु विभाग से कोई अनुमति प्राप्त नहीं की गयी है। श्री अलीम खान, परिवहन निरीक्षक (स्वैच्छिक सेवानिवृत्त) द्वारा की गई विदेश यात्राओं की अनुमति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार है। श्री सत्यप्रकाश शर्मा निज सहायक, परिवहन आयुक्त द्वारा सक्षम स्वीकृति प्राप्त किए बिना विदेश यात्रा की गई है, विदेश यात्रा हेतु स्वीकृत अवकाश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''द'' अनुसार है। (ग) कार्यालय में उपलब्ध रिकॉर्ड अनुसार परिवहन आयुक्त के स्टेनो/निज सहायक श्री सत्यप्रकाश शर्मा के वर्ष 2010, 2011, 2012, 2013, 2014, 2015, 2016, 2017, 2018, 2019, 2020, 2021, 2022-23, 2023-24, श्री दशरथ पटेल भूतपूर्व परिवहन निरीक्षक के वर्ष 2010 श्री अलीम खान, भूतपूर्व परिवहन निरीक्षक के वर्ष 2009-10, 2011, 2012, 2013, 2014, 2015, 2016, 2017, 2018, 2019 श्री वीरेश तुमराम, परिवहन निरीक्षक वर्ष 2007 से 2010, 2020, 2021, 2022, 2023, 2024 तथा श्री किशोर सिंह बघेल, परिवहन निरीक्षक वर्ष 2003 के अचल संपत्ति पत्रक उपलब्ध हैं, जिनकी छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''य'' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' एवं ''ब'' अनुसार है।
आगजनी से पीड़ित को सहायता राशि दिये जाने का प्रावधान
[राजस्व]
155. ( क्र. 1460 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में आगजनी/अतिवर्षा के कारण मकान क्षतिग्रस्त होने/जनहानि-पशुहानि के दौरान हानि होने पर पीड़ित परिवार को मुआवजा राशि दिये जाने के क्या नियम हैं? नियमावली की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) विगत 2 वित्तीय वर्षों में (1 अप्रैल, 2024 से प्रश्न दिनांक तक) अनूपपुर जिले में मुआवजा राशि के संबंध में कितने आवेदन प्राप्त हुये और कितने प्रकरण दर्ज किये गये तथा दर्ज प्रकरणों में से कितने हितग्राहियों को मुआवजा राशि का भुगतान किया गया। ग्रामवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) जिला अनूपपुर अंतर्गत नगर पंचायत अमरकंटक में जैन मंदिर के पास दिनांक 03.12.24 को दुकानों में भीषण आग लगने का क्या कारण था, इसमें किसकी लापरवाही सामने आई, क्या विभाग आग लगने के कारण के दोषियों के विरूद्ध कोई कार्यवाही करेगा? आगजनी से जिन परिवारों को आर्थिक क्षति हुई है, उनको अभी तक कितनी मुआवजा राशि का भुगतान किया जा चुका है? नामवार-ग्रामवार जानकारी उपलब्ध करावें। जिन प्रभावितों को अभी तक मुआवजे का भुगतान नहीं हुआ है, उनको कब तक मुआवजा राशि प्रदान कर दी जावेगी?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिले में आगजनी/अतिवर्षा के कारण मकान क्षतिग्रस्त होने/जनहानि-पशुहानि के दौरान क्षति पर पीड़ित परिवार को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के निहित प्रावधानों अन्तर्गत मुआवजा राशि प्रदाय किये जाने का प्रावधान/नियम है। नियमावली पुस्तकालय में रखे अनुसार परिशिष्ट-अ है। (ख) विगत 2 वित्तीय वर्षों में (1 अप्रैल, 2024 से प्रश्न दिनांक तक) अनूपपुर जिले में 941 आवेदन प्राप्त हुये और 941 प्रकरण दर्ज कर 941 प्रभावितों को राहत राशि रूपये 1, 70, 57, 860/- का भुगतान किया गया। ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) जिला अनूपपुर अंतर्गत नगर पंचायत अमरकंटक में जैन मंदिर के पास दिनांक 03.12.2024 को आग न लगकर, दिनांक 23.12.2024 को दुकानों में भीषण आग लगी थी, जिसका कारण अज्ञात है। पुलिस थाना अमरकंटक द्वारा की गई जाँच में भी कोई दोषी नहीं पाया गया है। आगजनी से 13 दुकानदारों को क्षति हुई थी, जिनको रूपये 1, 56, 000/- की आर्थिक सहायता राशि का भुगतान कर दिया गया है। नामवार-ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है। अत: शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
जीवन निर्वाह भत्तों का भुगतान
[स्कूल शिक्षा]
156. ( क्र. 1472 ) श्री बृज बिहारी पटैरिया : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर संभाग अंतर्गत वर्ष जनवरी 2023 से जनवरी 2025 तक कुल कितने अधिकारी कर्मचारी प्रा.शि.मा.शि. उच्च शि.जो शैक्षणिक कार्य करते हैं, निलंबित किये गये? विवरण देवें। (ख) प्रश्नांश (क) से दमोह जिले के ऐसे कितने शिक्षक प्रा.शि.मा.शि. उच्च शि. निलंबित किये गये, उनके नाम एवं बहाली दिनांक बतायें। (ग) क्या 6 माह से अधिक अवधि तक निलंबित रहने वाले लोगों को शासन द्वारा 75 प्रतिशत जीवन निर्वाह भत्ता दिये जाने के प्रावधान है? (घ) यदि हाँ, तो कितने लोगों को 75 प्रतिशत जीवन निर्वाह भत्ते का भुगतान नहीं किया गया? कारण सहित बतायें। क्या चालू वित्तीय वर्ष में उन्हें अन्तर की राशि का भुगतान कर दिया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों? स्पष्ट करें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-एक अनुसार। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-दो अनुसार। (ग) मूलभूत नियम-53 के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता नियमानुसार प्रदाय किया जाता है। (घ) दमोह जिलान्तर्गत निलंबित लोकसेवकों को पात्रतानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदाय किया गया है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नवीन परियोजना की स्वीकृति
[जल संसाधन]
157. ( क्र. 1482 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला शहडोल अन्तर्गत कुल कितनी सिंचाई परियोजनायें संचालित हैं? इन परियोजनाओं के द्वारा कुल कितना रकवा सिंचित हो रहा है का विवरण तहसीलवार देवें एवं यह भी बतावें कि अभी कुल कितना रकवा सिंचाई से वंचित है? (ख) प्रश्नांश (क) के तारतम्य में जो रकवा सिंचाई से वंचित है उसको सिंचित किये जाने बाबत् शासन की क्या कार्ययोजना है? उनमें सिंचाई की व्यवस्था हेतु क्या निर्देश देंगे? जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार संचालित परियोजनाओं में से ऐसी कितनी परियोजनायें हैं, जिनमें कार्य प्रारंभ है? उन्हें पूर्ण कर सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध कराये जाने बाबत् शासन के क्या निर्देश हैं? अगर योजनायें अनुबंध की शर्तों अनुसार पूरी नहीं की गई तो इसके लिये कौन-कौन जिम्मेदार है? उन पर क्या कार्यवाही करेंगे? (घ) प्रश्नांश (क) अनुसार संचालित परियोजनाओं से सिंचित रकबे तय सीमा अनुसार रकबे सिंचित नहीं हो रहे हैं। उनको सिंचित करने, जिन रकबे में सिंचाई हेतु पानी नहीं पहुंचाया जा रहा है, उनमें पहुंचाने एवं प्रश्नांश (ग) अनुसार परियोजनाओं को समय पर पूरा कर सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध न कराने पर कौन-कौन जिम्मेदार है? इन पर कार्यवाही के क्या निर्देश देंगे? बतावें। साथ ही बचे हुये रकबे को सिंचित करने बाबत् क्या योजना है? यह भी बतावें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जिला शहडोल अंतर्गत निर्मित 88 एवं निर्माणाधीन 12 कुल 100 सिंचाई परियोजनाएं हैं। निर्मित परियोजनाओं से 31, 250 हेक्टेयर रकबा सिंचिंत हो रहा है। तहसीलवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के "प्रपत्र-अ" अनुसार है। वर्तमान में जिला शहडोल में 2, 26, 755 हेक्टेयर क्षेत्र विभागीय सिंचाई परियोजनाओं से वंचित होना प्रतिवेदित है, विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के "प्रपत्र-ब" अनुसार है। (ख) उत्तरांश “क“ के तारतम्य में जो रकबा सिंचाई से वंचित है, उनमें से 50, 428 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हेतु 05 परियोजनाएं प्रस्तावित की जाना प्रतिवेदित है, विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के "प्रपत्र-स" अनुसार है एवं निर्माणाधीन 12 परियोजनाओं से 23, 047 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचित किया जाना प्रस्तावित है, विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के "प्रपत्र-द" अनुसार है। शेष बचे हुए रकबे के लिए स्थल निरीक्षण आदि करने के पश्चात योजनाएं तकनीकी एवं वित्तीय मापदण्डों के अनुरूप पाए जाने पर योजनाओं की साध्यता स्वीकृति दी जाना संभव होगा। (ग) उत्तरांश “क“ अनुसार संचालित 12 परियोजनाओं में कार्य प्रारंभ है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के "प्रपत्र-द" में दर्शित है। कुल 12 निर्माणाधीन परियोजनाओं को पूर्ण करने हेतु पृथक-पृथक समयावधि निर्धारित की गई है, अनुबंध की शर्तों के अनुरूप कार्य में विलंब किये जाने पर नियमानुसार कार्यवाही किये जाने का प्रावधान है, गुण-दोष के आधार पर जिम्मेदारी का निर्धारण किया जाता है। दोषी पाये जाने पर संबंधितों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। योजनाओं के पूर्ण होने में हो रहे विलंब का कारण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के "प्रपत्र-द" में उल्लेखित है। (घ) संचालित परियोजनाओं से सिंचित रकबे तय सीमा के अनुसार सिंचित करने का सतत प्रयास किया जाना प्रतिवेदित है। जलाशयों में जल भराव कम होने पर भी कृषकों की मांग के अनुरूप सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध कराया जाना प्रतिवेदित है। जहां पानी नहीं पहुंच पा रहा है वहां क्षतिग्रस्त नहरों का प्राक्कलन आर.आर.आर. योजना अंतर्गत प्रक्रियाधीन है। अनुबंध की शर्तों के अनुसार योजनाएं पूर्ण न होने पर दोषी पाए जाने वालों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। सिंचाई हेतु शेष बचे हुये रकबे की जानकारी उत्तरांश "ख" एवं "ग" के उत्तर में वर्णित है।
रजिस्ट्रियों के आधार पर नामांतरण
[राजस्व]
158. ( क्र. 1496 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राजस्व रिकार्ड की भूमि का समय-समय पर बन्दोबस्त कराये जाने हेतु शासन के आदेश हैं तो ऐसे आदेशों की छायाप्रतियां प्रदाय करें। (ख) प्रदेश में किस किस जिले में सरकार द्वारा कब कब बन्दोबस्त का कार्य किया गया है? टीकमगढ़ एवं छतरपुर जिले का प्रश्न दिनांक तक बन्दोबस्त क्यों नहीं कराया गया है? सम्पूर्ण जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बतायें कि राजस्व रिकार्ड के आधार पर वर्तमान में अद्यतन न होने से प्रदेश के कौन-कौन से जिलों में रजिस्ट्री होने उपरांत नामान्तरण/परिवर्तन करने हेतु संवत 2015 का या वर्ष 1958-59 की नकलें मांगी जाती हैं? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बतायें कि प्रदेश के जिस जिले का प्रश्न दिनांक तक राजस्व रिकार्ड की भूमि संबंधी बन्दोबस्त अद्यतन कराये जाने का कमिश्नर भू-अभिलेख ग्वालियर द्वारा आदेश जारी नहीं किया गया है, ऐसा आदेश जारी किया जावेगा तो कब तक? नहीं तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 तथा संशोधित अधिनियम क्रमांक 23 वर्ष 2018 में राजस्व रिकार्ड की भूमि का बन्दोवस्त कराये जाने के प्रावधान नहीं है परन्तु मध्यप्रदेश भू राजस्व संहिता 1959 यथा संशोधित अधिनियम वर्ष 2016 के अध्याय 7 की धारा 61 से 77 में भू सर्वेक्षण कराये जाने के प्रावधान है तथा धारा 77 के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा मध्यप्रदेश भू राजस्व संहिता (भू सर्वेक्षण तथा भू अभिलेख ) नियम 2020 लागू है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट –'अ' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट –'ब' अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट –'स' अनुसार। (घ) वर्तमान में बंदोबस्त की कार्यवाही नहीं की जाती है। नवीन भू सर्वेक्षण नियम 2020 एवं नगरीय तथा नगरेत्तर मार्गदर्शिका में दिए गए प्रावधानों अनुसार जिलों द्वारा भू सर्वेक्षण के प्रस्ताव प्राप्त होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट –'द' अनुसार।
गौंड सिंचाई परियोजनाएं
[जल संसाधन]
159. ( क्र. 1499 ) श्री कुँवर सिंह टेकाम : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी एवं सिंगरौली जिले अंतर्गत गौंड सिंचाई परियोजना की स्वीकृति कब एवं कितने राशि की दी गई थी? जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में गौंड सिंचाई परियोजना का निर्माण कार्य कब तक प्रारंभ किया जावेगा? समय-सीमा बतायें। (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में गौंड सिंचाई परियोजना का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है लेकिन प्रश्न दिनांक तक कितनी राशि का व्यय हो चुका है? जानकारी उपलब्ध करायें। निर्माण कार्य में व्यय राशि किन-किन मदों से किया गया है? मेजरमेंट बुक की छायाप्रति उपलब्ध करायें। (घ) सीधी जिले के अंतर्गत अमहोरा बांध का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं होने के क्या कारण है? जानकारी उपलब्ध करायें। अमहोरा बांध मड़वास का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण करा लिया जावेगा? समय-सीमा बतायें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) सिंगरौली जिले अंतर्गत गौंड सिंचाई परियोजना की स्वीकृति वर्ष 2017 में रू. 1097.67 करोड़ की प्रदान की गयी थी। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में गौंड सिंचाई परियोजना का निर्माण कार्य भारत-सरकार से वन एवं पर्यावरण स्वीकृति के अभाव में प्रांरभ किया जाना संभव नहीं है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में गौंड सिंचाई परियोजना के निर्माण कार्य पर प्रश्न दिनांक तक निर्माण कंपनी को परियोजना के सर्वेक्षण एवं प्रोक्योरमेंट पर भुगतान किया जाना प्रतिवेदित है, विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (मेजरमेंट बुक की छायाप्रति) (घ) सीधी जिले के अन्तर्गत अमोहराडोल बांध सिंचाई योजना में प्रभावित संजय टाइगर रिजर्व के कोर जोन के वन्य प्राणी एवं वन भूमि की स्वीकृति प्राप्त न होने के कारण निर्माण कार्य पूर्ण नहीं किया जा सका, जिसमें से संजय टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र के परिक्षेत्र मड़वास की प्रभावित भूमि 11-963 हेक्टेयर में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य जीव) एवं मुख्य वन्य जीव अभिरक्षक मध्यप्रदेश भोपाल के पत्र दिनांक 13.01.2025 द्वारा वन्य प्राणी की अनुमति प्रदान की जाना प्रतिवेदित है। वन विभाग से वन भूमि के प्रथम स्टेज की स्वीकृति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। अमोहराडोल बांध सिंचाई योजना में प्रभावित 11.963 हे. वनभूमि के बदले ग्राम रतवार की 04.925 हे. एवं ग्राम चमराडोल की 07.038 हे. कुल 11.963 हे. राजस्व भूमि वन विभाग के नाम नामांतरित की जा चुकी है। वन विभाग से वनभूमि की स्वीकृति प्राप्त होने के उपरांत निर्माण कार्य पूर्ण किया जाना संभावित है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
आरक्षित पदों की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
160. ( क्र. 1512 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण (राजपत्रित) सेवा भर्ती नियम 2022 के तहत चिकित्सकीय संवर्ग से विभिन्न संवर्ग/पदों के चयन हेतु अनुसूची चार 'क' में कुल स्वीकृत एवं दर्शित पदों में अनुसूचित जाति एवं जनजाति आरक्षण नियम 1994 के तहत कितने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित किए गए हैं तथा कितने भरे गए हैं एवं कितने रिक्त हैं? पदवार स्पष्ट विस्तृत विवरण दें। (ख) प्रश्नांश (क) के तारतम्य में यदि आरक्षण नियमों का पालन नहीं किया गया है अथवा आरक्षण खत्म कर दिया है तो आरक्षण खत्म करने वालों के खिलाफ क्या कार्यवाही की गई है। यदि नहीं, तो कब तक क्या कार्यवाही की जाएगी? समय-सीमा बताएं। (ग) संविधान के अनुच्छेद 335 के 82 में संशोधन के तहत अनुसूचित जाति, जनजाति के लिए आरक्षण प्रावधान किया गया है। यदि नहीं, तो क्या समाप्त कर दिया गया? स्पष्ट उल्लेख करें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) पदोन्नति में आरक्षण संबंधी न्यायालयीन वाद प्रचलित होने तथा उच्च पदों की रिक्तियों को दृष्टिगत रखते हुए विभाग द्वारा चयन संबंधी प्रावधान मध्यप्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा (राजपत्रित) सेवा भर्ती नियम 2022 में किए गए है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) चयन संबंधी प्रावधान किए जाने के कारण प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश ''ख'' के अनुरूप प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
भाग-3
अतारांकित
प्रश्नोत्तर
शिकायत
पत्रों पर
जाँच शुरू
करने में विलंब
[स्कूल शिक्षा]
1. ( क्र. 15 ) श्री महेश परमार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दिनांक 20 दिसम्बर 2024 को सदन में प्रस्तुत प्रश्नकर्ता की शून्यकाल सूचना पर प्रश्न दिनांक तक कोई जाँच कार्यवाही की हैं? यदि हाँ, तो जाँच की कार्यवाही का विवरण देवें। (ख) 20 दिसम्बर 2024 से प्रश्न दिनांक तक उक्त शून्यकाल के सूचना अनुक्रम में विभाग द्वारा कब क्या कार्यवाही किस के द्वारा की गई? पूर्ण विवरण देवे और सूचना के अनुसार शिकायत के जाँच के बिंदु, जाँच का प्रतिवेदन, आरोप पत्र, आधार पत्र, समस्त कथन, निष्कर्ष के साथ गठित जाँच दल का विवरण, संलग्न शिकायत एवं जाँच कार्यवाही में प्रयुक्त समस्त दस्तावेजों की विवरण देवें। (ग) क्या शून्यकाल सूचना पर कार्यवाही से पूर्व सामान्य प्रशासन विभाग के विभागीय जांचों का निर्धारण समय-सीमा में निराकरण की गाइडलाइन क्रमांक सी-6-02/2022/3/1 दिनांक 27 अप्रैल 2022 को संज्ञान में लिया है? यदि हाँ, तो प्रति देवें। (घ) क्या राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल ने ई.एंड.आर. शाखा से नोटशीट परिचालन उपरांत उल्लेखित निर्देश जारी किए हैं? यदि हाँ, तो क्रमांक 2865 दिनांक 10/05/18, 5841 दिनांक 25/10/21, अर्ध शासकीय पत्र क्रमांक 100 दिनांक 13/08/21, 857 दिनांक 30/01/20, 6794 दिनांक 6/10/18, 5557 दिनांक 5/7/15, 7797 दिनांक 27/10/17, 4754 दिनांक 03/07/17 की निर्देशों की प्रमाणित प्रति उपलब्ध करावे।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) शून्यकाल सूचना क्रमांक-34 प्रकरण में अवगत कराया गया है कि पृथक से जाँच की कोई आवश्यकता नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–'1' अनुसार है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश 'क' अनुसार। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट– '2' अनुसार है।
चीन से एम.बी.बी.एस. पूर्ण किए विद्यार्थियों की इंटर्नशिप
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
2. ( क्र.
26 ) श्री
महेन्द्र
हार्डिया : क्या
उपमुख्यमंत्री, लोक
स्वास्थ्य
एवं चिकित्सा
शिक्षा महोदय
यह बताने की
कृपा करेंगे
कि (क) क्या
वर्ष 2020
के पूर्व चीन
गए एम.बी.बी.एस.
विद्यार्थियों
को एम.सी.आई.
द्वारा एक
वर्षीय
इंटर्नशीप
चाहे भारत
अथवा चीन में
की गई को
मान्य किया
जाता था? (ख) क्या
वर्ष 2020
के पूर्व बैच
के चीन गए
एम.बी.बी.एस.
विद्यार्थियों
को
मध्यप्रदेश
में तीन वर्ष
की इंटर्नशीप
किए जाने के
आदेश दिए गए
है? (ग)
क्या यह
मानवीय आधार
पर उचित है कि
प्रदेश का कोई
विद्यार्थी
चीन से पाँच
वर्षीय
एम.बी.बी.एस.
करें और एक
वर्षीय
इंटर्नशीप
करके प्रदेश में
फिर से तीन
वर्षीय
इंटर्नशिप
पूर्ण करें। (घ) इस
अमानवीय आदेश
को कब निरस्त
किया जावेगा?
उपमुख्यमंत्री, लोक
स्वास्थ्य
एवं चिकित्सा
शिक्षा ( श्री
राजेन्द्र
शुक्ल ) : (क) जी
हाँ। राष्ट्रीय
आयुर्विज्ञान
आयोग,
नई दिल्ली
द्वारा
प्रकाशित
अधिसूचना
दिनांक 18 नवंबर 2021 के
प्रावधान
अनुसार मान्य
किया जाता था।
(ख)
जी नहीं। जानकारी
पुस्तकालय में
रखे परिशिष्ट अनुसार।
(ग) जानकारी
उत्तरांश 'ख' अनुसार।
(घ)
उत्तरांश 'ख' के
संदर्भ में
प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता।
मध्य प्रदेश में चल रहे प्रदूषण युक्त वाहनों पर कार्यवाही
[परिवहन]
3. ( क्र. 29 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में चल रहे प्रदूषण युक्त वाहनों पर कार्यवाही की जा रही है? (ख) यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की जा रही है? (ग) यदि नहीं, तो क्यों नहीं?
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) एवं (ग) वाहन चेकिंग के दौरान वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र किसी वाहन पर न पाये जाने पर उसके विरूद्ध मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 190 (2) के तहत चालानी कार्यवाही की जाकर उक्त अधिनियम की धारा 200 में प्रदत्त शक्तियों के अनुक्रम में राज्य सरकार द्वारा विहित शमन शुल्क उक्त वाहन स्वामी से वसूल किया जाता है। प्रदेश में चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में परिवहन विभाग द्वारा 999 वाहनों के विरूद्ध वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र न होने के कारण उनके विरूद्ध चालानी कार्यवाही कर उनसे शमन शुल्क कुल राशि 25,81,500/- वसूल किया गया। इसके अतिरिक्त समस्त परिवहन यानों के फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी करते समय तथा गैर परिवहन यानों का पुनः पंजीयन के समय वाहन का वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र प्रस्तुत कराया जाता है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
जैन तीर्थ कुंडलपुर में हवाई सेवा सुविधा
[पर्यटन]
4. ( क्र. 31 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दमोह जिले की विधानसभा क्षेत्र हटा 057 अंतर्गत विश्व प्रसिद्ध जैन तीर्थ कुंडलपुर में जन अपेक्षा को ध्यान में रखते हुये शासन की हवाई सेवा उपलब्ध कराए जाने की कोई योजना प्रस्तावित है? (ख) यदि हाँ, तो कब तक समय-सीमा बताएं? यदि नहीं, तो क्यों नहीं?
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जी नहीं। (ख) उत्तरांश “क” अनुसार।
धारा 11 के प्रभाव लागू रखकर दोबारा प्रकाशन
[राजस्व]
5. ( क्र. 38 ) श्री वीरेन्द्र सिंह लोधी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बंडा सिंचाई परियोजना के प्रभावित ग्रामों में ग्राम-बहरोल एवं ग्राम-पिपरिया इल्लाई में धारा-11 का प्रकाशन दिनांक-31.01.2019 को हुआ था? (ख) क्या प्रश्नांश (क) अनुसार धारा-11 के प्रकाशन से वर्तमान तक ब्याज सहित मुआवजा देने के स्थान पर ग्राम-बहरोल एवं पिपरिया-इल्लाई के लिये दिनांक 04 एवं 05 सितम्बर 2023 को पुनः धारा-11 का प्रकाशन कर वर्ष 2023 से मुआवजे व ब्याज की गणना की गई है? (ग) क्या धारा-11 के प्रभाव लागू होने के कारण वर्ष 2019 से 2023 के मध्य ग्राम-बहरोल एवं ग्राम-पिपरिया इल्लाई में शासन की ओर से कोई विकास कार्य नहीं करवाया गया। (घ) क्या वर्ष 2019 से 2023 तक प्रशासन के उदासीन रवैये तथा धारा-11 के प्रभाव निष्प्रभावी होने की स्पष्ट रूप से जानकारी नहीं होने का नुकसान निर्दोष किसानों व प्रभावित ग्रामवासियों को उनकी मुआवजा राशि पर पड़ रहा है? (ड.) वर्ष 2019 में हुये धारा-11 के प्रकाशन अनुसार कार्यवाही नहीं होने के लिये कौन-कौन अधिकारी जिम्मेदार हैं? (च) क्या इसके लिये समस्त प्रभावित किसान दोषी हैं? (छ) क्या धारा-11 का दो बार प्रकाशन एवं विलम्ब की स्थिति का नुकसान निर्दोष किसानों को हो रहा है? (ज) क्या वर्ष 2019 में हुये धारा-11 के प्रकाशन को अंतिम मानकर दिशा-निर्देश जारी करके प्रभावित किसानों एवं ग्रामवासियों के साथ न्याय किया जावेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) ग्राम बहरोल एवं पिपरिया इल्लाई की दिनांक 31/1/2019 को जारी प्रारंभिक अधिसूचना आलोच्य अवधि में लोकसभा निर्वाचन की आदर्श आचारण संहिता प्रभावशील होने, ग्रामीणों द्वारा सर्वेक्षण कार्य पर आपत्ति करने से सर्वेक्षण कार्य बाधित होने एवं प्रस्तावित भूमि अर्जन हेतु अर्जक विभाग से मुआवजा राशि प्राप्त न होने के कारण व्यपगत हो गई थी। प्रस्तावित भूमियों एवं स्थावर परिसम्पत्तियों के अर्जन हेतु ग्राम बहरोल तथा पिपरिया इल्लाई में नवीन धारा 11 की प्रारंभिक अधिसूचना दिनांक 04 एवं 05 सितम्बर 2023 को जारी नहीं की गई है अपितु दिनांक 05/10/23 को जारी की गई है। (ग) ग्राम बहरोल एवं पिपरिया इल्लाई में आलोच्य अवधि में धारा 11 के प्रकाशन के पूर्व स्वीकृत निर्माण/विकास कार्यों को पूर्ण कराया गया है धारा 11 के प्रकाशन उपरांत शासन की ओर से कोई नवीन निर्माण/विकास कार्य स्वीकृत नहीं है। (घ) परियोजनांतर्गत सर्वेक्षण कार्य पर ग्रामीणों की आपत्ति होने से सर्वेक्षण कार्य में विलंब तथा प्रस्तावित भूमियों एवं स्थावर परिसंपत्तियों के अर्जन हेतु मुआवजा राशि की उपलब्धता न होने के कारण भू-अर्जन अधिनियम 2013 की धारा 19 (2) के परंतु अनुसार धारा 19 (1) के तहत घोषणा एवं सार का प्रकाशन नहीं किया जा सका था तथा धारा 11 की कार्यवाही व्यपगत हो चुकी थी। प्रस्तावित भूमियों एवं स्थावर परिसंपत्तियों के अर्जन हेतु नवीन धारा 11 का प्रकाशन कर अर्जन कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ड.) परियोजनांतर्गत सर्वेक्षण कार्य पर ग्रामीणों की आपत्ति होने से तथा प्रस्तावित भूमियों एवं स्थावर परिसंपत्तियों के अर्जन हेतु मुआवजा राशि की उपलब्धता न होने के कारण वर्ष 2019 में हुये धारा 11 के प्रकाशन अनुसार कार्यवाही पूर्ण नहीं की जा सकी थी। (च) जी नहीं। (छ) विभाग द्वारा प्रभावित भूमियों एवं स्थावर परिसंपत्तियों पर कब्जा प्राप्त किये जाने संबंधी कोई कार्यवाही नहीं की गई है तथा कृषकों द्वारा प्रभावित भूमियों पर कृषि कार्य कर लाभ प्राप्त किया जा रहा है पुन: धारा 11 का प्रकाशन किये जाने से कृषकों को नुकसान नहीं हुआ है। (ज) उत्तरांश (छ) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नर्मदापुरम में पाँच फीट की सड़क पर तीन फुट अतिक्रमण
[राजस्व]
6. ( क्र. 86 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्रीमती लता साहू पति श्री रामेश्वर साहू एवं अन्य निवासी वर्मा कालोनी ग्वालटोली, नर्मदापुरम् द्वारा दर्शायी गयी पाँच फीट की सड़क पर लगभग तीन फीट अतिक्रमण किये जाने के संबध में नर्मदापुरम के तहसीलदार/अनुविभागीय अधिकारी/नजूल अधिकारी/कलेक्टर को वर्ष जून 2024 से दिसम्बर 2024 की अवधि में आवेदन किस-किस दिनांक को प्राप्त हुए। (ख) क्या प्रश्नकर्ता भी जुलाई से सितम्बर 2024 की अवधि में प्रश्नांश (क) में उल्लेखित अधिकारियों से पत्र प्रेषित कर समस्या का निराकरण का अनुरोध किया था। (ग) क्या उक्त संबंध में अतिक्रामकों के खिलाफ कार्यवाही की गयी। यदि हाँ, तो क्या? क्या समस्या का निराकरण हो गया? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा कलेक्टर नर्मदापुरम को लिखे पत्र वि/हो/क्र/6993/2024/दिनांक 19.09.2024 से अनुरोध किया था कि उक्त समस्या के निराकरण किसके द्वारा किया जावेगा इस संबंध में मार्गदर्शन देने का कष्ट करें ताकि उनसे संपर्क किया जा सके? (ड.) यदि हाँ, तो उक्त निराकरण किसके द्वारा किया जावेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) न्यायालय नजूल अधिकारी नर्मदापुरम के न्यायालय में दिनांक 18.7.2024 को श्रीमति लता साहू पत्नि रामेश्वर साहू एवं अन्य के द्वारा आवेदन पत्र प्रस्तुत किये जाने पर न्यायालय नजूल अधिकारी नजूल अधिकारी के न्यायालय में रा.प्र. कं.0009/ब-/2024-25 पंजीबद्ध किया गया। तहसीलदार नगर नर्मदापुरम को आवेदन पत्र क्र. 594 दिनांक 15.7.2024 एवं पत्र क्र. 613 दिनांक 22.7.2024 के माध्यम से प्राप्त हुआ। कार्यालय कलेक्टर नर्मदापुरम को पत्र क्र. 14774/शिका/न.कं.460/2024 दिनांक 3.9.24 प्राप्त जिसको अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व नर्मदापुरम को दिया गया। उनके द्वारा नजूल अधिकारी नर्मदापुरम को मूलतः प्रेषित किया गया एवं 25 सितम्बर 2024, 27 सितम्बर 2024 एवं 14 जनवरी को संभाग आयुक्त एवं जिला कलेक्टर को पत्र प्राप्त हुए। उक्त शिकायत नजूल अधिकारी नर्मदापुरम को शिकायत के निराकरण हेतु पत्र क्र. 16598/शिकायत/दिनांक 14.11.2024 प्रेषित की गई है। (ख) जी, हां। (ग) 1. श्रीमति लता साहू पत्नि रामेश्वर साहू निवासी वार्ड नं. 31 वर्मा कालोनी ग्वालटोली एवं अन्य 11 विरूद्ध श्रीमति ललताबाई कटारे पत्नि दुलारे प्रसाद कटारे निवासी वार्ड नं. 31 वर्मा कालोनी ग्वालटोली एवं अन्य 2 के आवेदन पत्र पर न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत सुनवाई की गई जिसमें आवेदकगणों के द्वारा आवेदन पत्र में उल्लेख न करने, चिन्हांकित नक्शा प्रस्तुत न करने से एवं आवेदन के पक्ष समर्थन में कोई परम्परागत प्रमाणिक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये। 2. तथापि इस प्रकरण की जाँच निरीक्षक से कराई गई उसमें पाया गया है कि नगर नर्मदापुरम की नजूल शीट नं. 3/21अ रकवा 35147.5 वर्गफुट भूमि नंदकिशोर पिता गिरधारी, नन्हीबाई बेवा हेमराज, खुशीलाल, संतोष, राकेश पिता हेमराज, प्रीति, तृप्ति ना.बा. पिता हेमराज निवासी ग्वालटोली होशंगाबाद के नाम नजूल अभिलेख में दर्ज है। शासकीय नक्शा शीट में कोई भी शासकीय रास्ता अंकित नहीं है। वर्मा कालोनी के भूखंडों की बिक्री पूर्व से ही बगैर ले-आउट के की गई। 3. न्यायालय नजूल अधिकारी के प्रकरण क्र. 0009/ब-121/2024-25 में दिनांक 29.11.2024 को आवेदकगणों का आवेदन पत्र इस आधार पर समाप्त किया गया कि नर्मदापुरम शहर में निजी स्वामित्व की भूमि पर अतिक्रमण हटाने की उन्हें अधिकारिता और आवेदकगण सक्षम न्यायालय से निराकरण कराने हेतु स्वतंत्र है। इस प्रकरण में लता साहू के द्वारा निर्णय के विरूद्ध न्यायालय अपर कलेक्टर के समक्ष अपील प्रस्तुत कर दी हैं। उक्त न्यायालय में अपील प्रकरण क्र. 0073/अपील/2024-25 लता साहू एवं बनाम ललताबाई एवं अन्य पंजीबद्ध किया जाकर न्यायालीन प्रक्रिया में विधिवत सुनवाई हेतु दिनांक 13.03.2025 नियत है नजूल न्यायालय के प्रकरण को न्यायालय अपर कलेक्टर द्वारा पत्र क्र. 788/रीडर/ए.डी.एम./2024, नर्मदापुरम दिनांक 14.2.2025 के द्वारा तलब कर लिया गया है। (घ) उत्तरांश (ग) अनुसार न्यायालय अपर कलेक्टर के न्यायालय में न्यायालीन प्रकिया के तहत सुनवाई की जाकर विधि के अनुरूप निराकरण किया जाएगा। (ड.) उत्तरांश (ग) अनुसार न्यायालय अपर कलेक्टर के न्यायालय में न्यायालीन प्रक्रिया के तहत सुनवाई की जाकर विधि के अनुरूप निराकरण किया जाएगा।
आयुक्त एवं अन्य अधिकारियों को लिखे पत्र पर कार्यवाही
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
7. ( क्र. 87 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या उपमुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आयुक्त, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उपसंचालक (विकास), अपर संचालक (अस्पताल प्रशासन) को उनकी ई-मेल आईडी क्रमश: commrhealth@mp.gov.in, adhealth@mp.gov.in, director.dhs@mp.gov.in पर जनवरी 2024 से जनवरी 2025 तक प्रश्नकर्ता के कौन-कौन से पत्र किस दिनांक को, किस विषय में प्राप्त हुए? (ख) प्रश्नकर्ता को नियमानुसार पत्र प्राप्ति की सूचना दी गयी। यदि नहीं, तो क्यों? (ग) प्रश्नकर्ता के पत्रों पर कब-कब, क्या-क्या कार्यवाही की गयी? (घ) उक्त पत्रों में उल्लेखित विषयों का निराकरण कब तक होगा?
उपमुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) ई-मेल आईडी commrhealthmp.gov.in पर प्राप्त पत्रों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट “अ” पर है। ई-मेल आईडी adhealthmp.gov.in निर्मित एवं संचालित नहीं है तथा ई-मेल आईडी director.dhsmp.gov.in विगत 02 वर्षों से उपयोग में नहीं है। (ख) जी हाँ। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट “ब” पर है। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट “ब” में समाहित है।
शासकीय चिकित्सालयों में चिकित्सकों के रिक्त पदों की पूर्ति
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
8. ( क्र. 103 ) श्री हेमन्त विजय खण्डेलवाल : क्या उपमुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश के समस्त शासकीय चिकित्सालय में चिकित्सकों के कितने पद स्वीकृत है? स्वीकृत पदों के विरूद्ध कितने पद रिक्त है? संख्यात्मक जानकारी दी जाये? (ख) बैतूल जिले के समस्त शासकीय चिकित्सालयों में चिकित्सकों के स्वीकृत पदों के विरूद्ध कितने पद रिक्त है? संख्यात्मक जानकारी दी जाये? (ग) आदिवासी बाहुल्य जिला बैतूल में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराये जाने हेतु चिकित्सकों के रिक्त पदों की पूर्ति कब तक कर दी जायेगी?
उपमुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रदेश में विशेषज्ञों के 5443, चिकित्सा अधिकारियों के 6513 एवं दंत शल्य चिकित्सकों के 728 पद, इस प्रकार कुल 12684 पद स्वीकृत हैं। उक्त पदों के विरूद्ध 1495 विशेषज्ञ, 318 संविदा एन.एच.एम. पीजी चिकित्सक तथा 3824 चिकित्सक, 1947 एन.एच.एम. संविदा चिकित्सक तथा 1387 बंधपत्र चिकित्सकों, 226 नियमित दंत चिकित्सक, 89 संविदा दंत चिकित्सक एवं 30 बंधपत्र दंत चिकित्सकों की पदस्थापना है, इस प्रकार चिकित्सकों के कुल 12684 स्वीकृत पदों के विरूद्ध 9316 चिकित्सक कार्यरत हैं एवं 3368 पद रिक्त हैं (947 आयुष चिकित्सक अतिरिक्त कार्यरत हैं)। (ख) बैतूल जिले में विशेषज्ञों, चिकित्सा अधिकारियों, दंत शल्य चिकित्सकों के कुल 190 पद स्वीकृत हैं, 152 चिकित्सक (विशेषज्ञ/ नियमित चिकित्सक/दंत शल्य चिकित्सक/संविदा एन.एच.एम./बंधपत्र चिकित्सक) कार्यरत हैं एवं 38 पद रिक्त हैं (29) आयुष चिकित्सक अतिरिक्त कार्यरत हैं)। (ग) रिक्त पदों की पूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है, शतप्रतिशत पदपूर्ति हेतु निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।
प्रदेश में शत्रु सम्पति के आधिपत्य की जानकारी
[राजस्व]
9. ( क्र. 155 ) श्री चन्दरसिंह सिसौदिया [श्री गोपाल सिंह इंजीनियर, श्री दिलीप सिंह परिहार] : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन द्वारा प्रदेश में शत्रु संपति घोषित की गई है? यदि हाँ, तो कब एवं प्रदेश के किस-किस जिले, शहर/ग्राम में? कृपया जिलावार/ शहरवार/ग्रामवार जानकारी उपलब्ध करावे। (ख) प्रश्नांश "क" में उल्लेखित संपति वर्तमान में किसके आधिपत्य में हैं? (ग) प्रश्नांश "क" एवं "ख" में उल्लेखित जो संपति शासन के आधिपत्य में अभी भी नहीं हैं, उसे अपने आधीपत्य में लेने की शासन की कोई कार्ययोजना हैं? यदि हाँ, तो क्या? (घ) प्रश्नांश "क","ख" एवं "ग" में उल्लेखित सम्पति जो शासन के आधिपत्य में नहीं हैं, उसे शासन कब तक आधीपत्य में ले लेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में उल्लेखित जो संपत्ति शासन के आधिपत्य में अभी भी नहीं हैं। उक्त संपत्ति को आधिपत्य में लिए जाने की शासन की पृथक से कोई विशेष कार्ययोजना नहीं है। (घ) प्रश्नांश ''क'', ''ख'' एवं ''ग'' में उल्लेखित सम्पति जो शासन के आधिपत्य में नहीं हैं उक्त सम्पत्ति को आधिपत्य में लिए जाने हेतु स्पष्ट समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
ग्रेसिम उद्योग द्वारा अतिक्रमण
[राजस्व]
10. ( क्र. 157 ) श्री चन्दरसिंह सिसौदिया : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 26 अगस्त 1994 को मध्य प्रदेश विधानसभा में प्रश्न संख्या 23 क्रमांक 1577 श्री पारस जैन विधायक उज्जैन ने प्रश्न किया था कि ग्रेसिम उद्योग नागदा जिला उज्जैन ने शासन की राजस्व भूमियों पर अतिक्रमण किया है, उसे हटाने के लिए क्या कार्यवाही की गई? उक्त प्रश्न के उत्तर में उपमुख्यमंत्री जी ने कहा था कि प्रकरण पंजीबद्ध किया जाकर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही प्रचलित है, क्या यह सही है? (ख) 30 वर्षों में ग्रेसिम उद्योग के पाड़लिया कला व महेतवास की शासकीय भूमियों पर से अब तक अर्थदंड बेदखली की कार्यवाही नहीं होने का क्या कारण है? (ग) क्या आम नागरिकों के अतिक्रमण प्रशासन तुरंत हटा देता है, तो ग्रासिम के अतिक्रमण को हटाने में प्रशासन मौन क्यों है? (घ) उक्त अतिक्रमण हटाने के संबंध में अब तक की गई तमाम कार्यवाहियों के प्रोसेडिंग की प्रतिलिपियां प्रदान करें तथा अतिक्रमण कब तक हटा दिया जाएगा, स्पष्ट उत्तर दें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) तहसील नागदा के ग्रामों पाडल्याकला एवं मेहतवास की शासकीय भूमि पर ग्रेसिम उद्योग के अतिक्रमण संबंधी कोई 30 वर्ष पुराना प्रकरण लंबित नहीं है। (ग) अतिक्रमण संबंधी जानकारी प्राप्त होने पर बिना किसी भेदभाव के सभी अतिक्रामकों पर म.प्र.भू. राजस्व संहिता की धारा 248 के तहत् नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। वर्तमान में ग्राम पाडल्याकला की भूमि सर्वे क्र. 1290 रकबा 0.355 हे. में से 0.115 हे. पर ग्रेसिम उद्योग के अतिक्रमण संबंधी प्रकरण क्रमांक 33/अ-68/22-23 लंबित है जिसके संबंध में नियमानुसार कार्यवाही प्रचलित है एवं ग्राम मेहतवास की शासकीय भूमि पर अतिक्रमण के संबंध में प्रकरण क्रमांक 34/अ-68/22-23 एवं 35/अ-68/22-23 में आदेश दिनांक 19.02.2025 को बेदखली आदेश पारित किया गया है। (घ) उत्तरांश (ग) अनुसार ग्रेसिम उद्योग के अतिक्रमण संबंधी प्रचलित प्रकरण की सत्यप्रतिलिपि पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार एवं प्रकरण क्रमांक 34/अ-68/ 22-23 एवं 35/अ-68/22-23 में पारित आदेश की सत्यप्रतिलिपि पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। उक्त भूमियों के संबंध में व्यवहार न्यायालय में प्रकरण क्रमांक आरसीएसए 76ए/23, आरसीएसए 36/23, आरसीएसए 36/23, ग्रेसिम उद्योग के द्वारा दायर किये गये है, जो प्रचलित है। ऐसी स्थिति में अतिक्रमण हटाये जाने की स्पष्ट अवधि नहीं बताई जा सकती है।
अपूर्ण सिहुडी जलाशय की जानकारी
[जल संसाधन]
11. ( क्र. 202 ) श्री प्रणय प्रभात पांडे : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी जिले की बहोरीबंद तहसील अंतर्गत सिहुडी जलाशय के निर्माण का अनुबंध किस निविदाकार से किन नियम-शर्तों पर कब किया गया, इसका निर्माण कब प्रारंभ हुआ, निविदाकार को अनुबंध की शर्तों के अनुरूप इसका निर्माण कब तक पूर्ण करना था? (ख) प्रश्नांक 'क' में उल्लेखित जलाशय का कितनी लागत से कितना निर्माण कार्य किया गया तथा प्रश्न दिनांक तक कितना निर्माण कार्य किया जाना शेष है एवं सन् 2022 से किन कारणों से जलाशय का निर्माण बंद है। (ग) क्या निर्माण एजेन्सी को अनुबंध की शर्तों के अनुरूप समय पर कार्य न करने पर अनुबंध की किस कण्डिका के अंतर्गत कब-कब नोटिस दिये गये तथा निविदाकार द्वारा उसका क्या प्रतिउत्तर दिया गया? पत्रों की छायाप्रति देवे एवं यह भी बतलावे कि इन प्रतिउत्तरों पर कब किसके द्वारा क्या कार्यवाही की गई। (घ) क्या समय पर निर्माण न करने पर सिहुडी जलाशय की निविदा अनुबंध का विखण्डन किया गया, उत्तर में यदि हाँ, तो निविदाकार की कितनी राशि जप्त की गई। यदि विखण्डन नहीं किया गया तो क्यों नहीं किया गया। (ड.) क्या सिहुडी जलाशय निर्माण का अनुबंध निरस्त कर नवीन कार्य-एजेन्सी नियुक्त की जावेगी, उत्तर में यदि हाँ, तो किस प्रकार से कब तक यदि नहीं, तो क्यों नहीं बतलावे।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) कटनी जिले की बहोरीबंद तहसील अंतर्गत सिहुडी जलाशय का अनुबंध मेसर्स अर्जुन सिंह कान्ट्रेक्टर एंड सप्लायर, चित्रकुट (उ.प्र.) से दिनांक 07.07.2020 को शासन द्वारा अनुबंध में निहित प्रावधानों एवं निर्धारित शर्तों के अनुरूप किया जाना प्रतिवेदित है। सिहुडी जलाशय का निर्माण दिनांक 07.07.2020 से प्रारंभ हुआ एवं निविदाकार को अनुबंध की शर्तों के अधीन दिनांक 06.10.2021 तक पूर्ण किया जाना था। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित जलाशय का प्रश्न दिनांक तक राशि रू.201.58 लाख की लागत से 40 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया गया है एवं वर्तमान में 60 प्रतिशत कार्य शेष है। वर्ष 2022 से जून 2023 तक परियोजना की लागत में वृद्धि होने के फलस्वरूप पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति के अभाव में कार्य बंद रहा, जुलाई 2023 में जलाशय की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त होने के उपरांत फरवरी 2024 तक संबंधित ठेकेदार द्वारा कार्य किया गया एवं इसके उपरांत कार्य बंद किया किया जाना प्रतिवेदित है। (ग) सिहुडी जलाशय का निर्माण कार्य समय-सीमा में न किये जाने पर जल संसाधन संभाग, कटनी द्वारा संबंधित ठेकेदार को कार्यालयीन पत्र क्र. 2007 दिनांक 18.07.2023, पत्र क्र.-2370 दिनांक 04.09.2023, पत्र क्र.-2449 दिनांक 12.09.2023 एवं पत्र क्र.-2661 दिनांक 06.10.2023 नोटिस दिये गये एवं अंतिम नोटिस अनुबंध की कंडिका-27, प्रारूप-5 के तहत दिनांक 29.04.2024 को दिया गया। ठेकेदार के प्रतिउत्तर की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (पत्रों की छायाप्रति) प्रति उत्तर पर विभाग द्वारा की गई कार्यवाही पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (घ) जी हाँ, समय पर निर्माण कार्य पूर्ण न किये जाने के कारण अनुबंध विखण्डन की कार्यवाही वर्तमान में प्रक्रियाधीन है। गुण-दोष के आधार पर अनुबंध विखण्डन की कार्यवाही निविदाकार की राशि जब्त किये जाने हेतु सक्षम अधिकारी द्वारा निर्धारित की जाना प्रतिवेदित है। अत: शेष प्रश्नांश का प्रश्न नहीं होता। (ड.) जी हाँ, सिहुडी जलाशय निर्माण का अनुबंध विखण्डन की कार्यवाही पूर्ण होने पर कार्य एजेन्सी नियुक्त की जावेगी। वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
जिला डिण्डौरी में जलाशय निर्माण
[जल संसाधन]
12. ( क्र. 226 ) श्री ओम प्रकाश धुर्वे : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला डिण्डौरी के अंतर्गत 5 जलाशय निर्माण के लिए प्रस्ताव शासन के पास कहाँ लम्बित है। (ख) जिले में कहां 5 DPR बनाने के लिए प्रस्तावित है। क्या मेंहदबानी के अंतर्गत खुरपार जलाशय के प्रस्ताव है? (ग) किन जलाशयों के पक्की नहरीकरण के प्रस्ताव शासन के पास लम्बित है। (घ) क्या आगामी वाले बजट में शामिल कर लिया जायेगा?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जिला डिण्डौरी अन्तर्गत 05 जलाशय नहीं अपितु 04 जलाशय क्रमशः (1) सागवा जलाशय (2) रावनकुण्ड जलाशय (3) रसोई जलाशय (4) सरई डायवर्सन की डी.पी.आर. संभाग स्तर पर प्रक्रियाधीन है। (ख) उत्तरांश ''क'' अनुसार 04 जलाशय क्रमशः (1) ग्राम सागवा के समीप जलाशय (2) ग्राम रावनकुण्ड के समीप जलाशय (3) ग्राम रसोई के समीप जलाशय (4) ग्राम सरई के समीप सरई डायवर्सन योजना प्रस्तावित है। जी नहीं। (ग) जिला डिण्डौरी अन्तर्गत सूची संलग्न परिशिष्ट अनुसार 12 योजनाओं की नहरों के पक्कीकरण प्रस्ताव आर.आर.आर. योजनांतर्गत परीक्षणाधीन होना प्रतिवेदित है। (घ) स्वीकृति उपरांत बजट में शामिल किया जाना प्रक्रियाधीन है।
जबलपुर जिले के अंतर्गत स्कूल चलो अभियान
[स्कूल शिक्षा]
13. ( क्र. 235 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कक्षा पहली में पिछले साल की तुलना में इस साल कम एडमीशन हुये हैं? (ख) यदि हाँ, तो क्यों? कारण बताये? (ग) क्या ऐसे भी स्कूल हैं जिनमें पहली कक्षा में 1 भी छात्र का एडमीशन नहीं हुआ है? (घ) यदि हाँ, तो स्कूलों के नाम बतावें?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) सत्र 2024-25 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुपालन में प्रवेश की न्यूनतम आयु सीमा 6 वर्ष निर्धारित की गई है। जबकि विगत वर्षों में 6 वर्ष से कम उम्र के छात्रों का भी प्रवेश कक्षा 1 में होता था। इसके अतिरिक्त जन्म दर में कमी के कारण भी 0 से 6 आयु वर्ग के बच्चों की संख्या में कमी आई है। (ग) एवं (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
रबी फसलों की सिंचाई
[जल संसाधन]
14. ( क्र. 241 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बरेला क्षेत्र के गाडरखेड़ा, सिहोरा, लहंगी, महगवां, देवरी पटपरा, हिनौतिया भोई की लगभग 945 एकड़ की रबी फसलें सिंचाई न मिलने के कारण प्रतिवर्ष सूख जाती है? (ख) यदि हाँ, तो क्या प्रश्नांश (क) में उल्लेखित ग्रामों की सिंचाई के लिये कोई व्यवस्था की जावेगी? यदि हाँ, तो क्या व्यवस्था की जावेगी? (ग) क्या बरेला क्षेत्र की रानवे नदी एवं डूंगा मेहगांव जलाशय प्रत्येक वर्ष नवंबर-दिसम्बर में सूख जाते हैं? (घ) यदि हाँ, तो क्या जल भराव के लिये कोई नई परियोजना पर विचार किया जा सकता है?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) बरेला क्षेत्र के 06 ग्रामों में से 02 ग्राम लहंगी एवं महगवों का आंशिक क्षेत्र जल संसाधन विभाग के मेहगांव टोला जलाशय की नहर से सिंचित होना प्रतिवेदित है। प्रस्तावित हिनोतिया वियर परियोजना से हिनोतिया भोई ग्राम में सिंचाई प्रस्तावित की जाना प्रतिवेदित है। शेष 03 ग्राम गारखेड़ा, सिहोरा एवं देवरी पटपरा कमाण्ड़ क्षेत्र से बाहर होना प्रतिवेदित है। (ख) 03 ग्रामों की आंशिक सिंचाई जल संसाधन विभाग द्वारा एवं उत्तरांश ''क'' अनुसार शेष 03 ग्रामों की सिंचाई नर्मदा-घाटी विकास प्राधिकरण के द्वारा की जाना प्रस्तावित है। (ग) जी नहीं। (घ) डूँगा महगांव जलाशय का कुल जलग्रहण क्षेत्र 28.50 वर्ग कि.मी. है, जिसके अनुसार अधिकतम 10.52 घनमीटर भण्डारण क्षमता का बांध बनाया जा चुका है। अतः अतिरिक्त जल भराव किया जाना संभव नहीं है।
भोपाल की केरवा एवं कलियासोत नहर की जानकारी
[जल संसाधन]
15. ( क्र. 248 ) श्री रामेश्वर शर्मा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल के केरवा एवं कलियासोत डेम से सिंचाई की नहरों से पानी चोरी को रोकने के लिए विभाग की कोई योजना है? (ख) केरवा एवं कलियासोत नहरों से कुल कितना रकबा सिंचित किया जा रहा है? खसरे सहित जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) भोपाल में नहरों के विस्तार की योजना की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराएं?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) भोपाल के केरवां एवं कलियासोत डेम से सिंचाई के दौरान नहरों से पानी की चोरी रोकने के लिये विभागीय अमले द्वारा निरन्तर पेट्रोलिंग की जाती है। (ख) केरवा डेम से 3100 हेक्टेयर एवं कलियासोत डेम से 3100 हेक्टेयर क्षेत्र में रबी सिंचाई की जा रही है, खसरों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) भोपाल में नहरों के विस्तार से संबंधित वर्तमान में कोई योजना प्रस्तावित नहीं होना प्रतिवेदित है।
संविदा पर पदस्थ कर्मचारियों/अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
16. ( क्र. 269 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या उपमुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सामान्य प्रशासन विभाग म.प्र.शासन भोपाल द्वारा जारी नई संविदा नीति 2023 में एवं संविदा मानव संसाधन मैन्युअल (संशोधित) 2021 में संविदा पर पदस्थ शासकीय सेवकों के विरूद्ध लोकायुक्त संगठन व आर्थिक अपराध अन्वेक्षण ब्यूरों में पंजीकृत आर्थिक अपराध आपराधिक मामलों के संबंध में विभागीय स्तर पर जाँच कराने व तत्संबंध में कार्यवाही करने बावत् क्या-क्या प्रावधान है। संविदा नीति और मैन्युअल की छायाप्रति देवें। (ख) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन म.प्र.भोपाल द्वारा संविदा पर पदस्थ किन-किन कर्मचारियों/ अधिकारियों के विरूद्ध पंजीकृत अपराध के संबंध में कब-कब क्या कार्यवाही की गई है? किस-किस की सेवाएं विभागीय छवि खराब/धूमिल होने के आधार पर कब एकतरफा समाप्त कर दी गई है? सूची दें। वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक की जानकारी दें। (ग) प्रश्नांकित कार्यवाही से व्यथित होकर किस-किस शासकीय सेवक द्वारा मा.म.प्र. उच्च न्यायालय जबलपुर में कब प्रस्तुत रिट याचिका पर तथा मैन्युअल (संशोधित) 2021 की कंडिका 11.4 के तहत प्रस्तुत्त विभागीय अपील/अभ्यावेदन पर कब क्या फैसला/आदेश पारित किया गया है? पारित आदेश की छायाप्रति दें। (घ) सेक्शन आफिसर मा.प्रधानमंत्री कार्यालय नई दिल्ली का पत्र क्र./पी.एम.ओ.पी.जी./डी./2024/0144864/दिनांक 15/07/2024 पर एवं तत्संबंध में किस-किस स्तर पर प्राप्त पत्रों पर शासन ने कब क्या कार्यवाही की हैं तथा कब क्या संवैधानिक आदेश पारित किया गया है? यदि नहीं, तो प्रकरण कब से लम्बित हैं एवं क्यों? पत्रों व आदेश की छायाप्रति दें।
उपमुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) सामान्य प्रशासन विभाग म.प्र. शासन द्वारा जारी नई संविदा नीति 2023 की कंडिका 9 एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, म.प्र. की संविदा मानव संसाधन मैनुअल 2021 (संशोधित) की कंडिका 11 में संविदा पद पर पदस्थ शासकीय सेवकों के विरूद्ध जाँच संबंधी प्रावधान स्थापित है। संविदा नीति और मैनुअल की छायाप्रति क्रमशः जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र''अ'' एवं ''ब'' अनुसार है। (ख) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भोपाल द्वारा संविदा पर पदस्थ कर्मचारियों/अधिकारियों के विरूद्ध पंजीकृत अपराध दर्ज होने पर वर्ष 2021-22 से 2024-25 में की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। विभागीय छवि/धूमिल होने के आधार पर किसी कर्मचारी/ अधिकारी की सेवाएं एकतरफा समाप्त नहीं की गई। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता। (ग) सेवा समाप्ति से व्यथित होकर श्रीमती श्रद्धा ताम्रकार, संविदा जिला लेखा प्रबंधक, जिला जबलपुर द्वारा मा. म.प्र. उच्च न्यायालय, जबलपुर में दायर याचिका क्र. 6576/2024 में दिनांक 21/03/2024 को आदेश पारित किया गया है। पारित आदेश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार है। (घ) सेक्शन ऑफिसर मा. प्रधानमंत्री कार्यालय, नई-दिल्ली का पत्र क्र/पी.एम.ओ.पी.जी. (डी)/2024/0144864/दिनांक 15/07/2024 एवं तत्संबंध में प्राप्त पत्रों के अनुक्रम में श्रीमती श्रद्धा ताम्रकार, संविदा जिला लेखा प्रबंधक, जिला जबलपुर के अपील आवेदन दिनांक 21/06/2024 पर विधिवत् आदेश पारित किया जा चुका है। आदेश की प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''इ'' अनुसार है।
शिकायतों की जाँच
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
17. ( क्र. 270 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या उपमुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तारांकित प्रश्न 15 (क्र.91) दिनांक 12.02.2024 के पूरक प्रश्न के उत्तर में मा. उपमुख्यमंत्री म.प्र. शासन द्वारा सदन में दिये गये आश्वासन पर कब क्या कार्यवाही की गई हैं? (ख) प्रश्नांश (क) में पदस्थ प्रभारी डी.पी.एम. जबलपुर को कब प्रभारी पद से हटाकर उसके स्थान पर मूल पदधारी किस डी.पी.एम. की कब पदस्थी की गई हैं? यदि नहीं, तो क्यों? सदन में दिये गये आश्वासन का पालन न करने का क्या कारण हैं? (ग) प्रश्नांकित के विरूद्ध प्राप्त किन-किन शिकायतों की निष्पक्ष जाँच कब किससे कराई गई हैं? यदि नहीं, तो क्यों? आरोपी को प्रभारी डी.पी.एम. पद से पृथक न कर एवं शिकायतों की जाँच न कराकर उसे संरक्षण देने का क्या कारण हैं? बतलावें। (घ) प्रश्नांकित पदस्थ प्रभारी डी.पी.एम. के विरूद्ध जनवरी 2024 से लेकर प्रश्न दिनांक तक किस-किस स्तर से शासन एवं विभाग को कब-कब क्या शिकायतें मिली है? बतलावें। इन शिकायतों की जाँच कब किससे कराई गई हैं? यदि नहीं, तो क्यों? बतलावें। शिकायतों की छायाप्रति दें।
उपमुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) तारांकित प्रश्न 15 (क्र.91) दिनांक 12.02.2024 के पूरक प्रश्न के उत्तर में मा. उपमुख्यमंत्री म.प्र.शासन द्वारा सदन में दिये गये आश्वासन की पूर्ति की जा चुकी है। जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) में मूल पदधारी डी.पी.एम. की पदस्थापना राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के आदेश क्रमांक/एनएचएम/एचआर/2025/555 दिनांक 24.01.2025 द्वारा की गई है परन्तु चयनित अभ्यर्थी द्वारा जिला जबलपुर में ज्वाईनिंग में असमर्थता व्यक्त करते हुए प्रस्तुत प्रार्थना पत्र दिनांक 25.01.2025 एवं वांछित पदस्थल की रिक्ती को दृष्टिगत रखते हुए आदेश क्रमांक/ एनएचएम/एचआर/2025/574 दिनांक 25.01.2025 द्वारा पदस्थल आवंटन में परिवर्तन किया गया है। सदन में दिए गए जाँच कराए जाने संबंधी आश्वासन की पूर्ति की जा चुकी है। (ग) प्रश्नांकित के विरूद्ध प्राप्त शिकायतों की निष्पक्ष जाँच क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं, जबलपुर संभाग द्वारा कराई गई है। तत्संबंध में शिकायत में उल्लेखित आरोप प्रमाणित न होने के कारण तथा मूल पदधारी डी.पी.एम. की पदस्थी न होने के कारण प्रश्नांकित पदस्थ प्रभारी डी.पी.एम. को पद से पृथक नहीं किया गया है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता। (घ) प्रश्नांकित पदस्थ प्रभारी डी.पी.एम. के विरूद्ध जनवरी 2024 से लेकर प्रश्न दिनांक तक 02 शिकायतें प्राप्त हुई जिनकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। शिकायतों की जाँच संबंधी कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शिकायतों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है।
भूमि हस्तांतरण आदेश की जाँच
[राजस्व]
18. ( क्र. 300 ) श्री सचिन बिरला : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता का प्रश्न क्रमांक 659 दिनांक 18 .12.2024 का परीक्षण करने वाले अधिकारियों का नाम पदनाम बतावें l (ख) क्या दिनांक 13.12.2023 के पूर्व ग्राम पंचायत कदवालिया (खोड़ी) की भूमि सर्वे नंबर 31 रकबा 7.652 हेक्टेयर भूमि एसोसिएट एंड बेवरेज लिमिटेड खोड़ी को वाणिज्यिक एवं औद्योगिक प्रयोजन हेतु कलेक्टर जिला खरगौन के प्रकरण क्रमांक 554/अ -74/2016-17 आदेश दिनांक 5.5.17 से 30 वर्ष के लिए लीज पर दी गई थी और दिनांक 13.12.2023 के पूर्व उक्त भूमि निजी हाथों में थी? (ग) यदि हाँ, तो किस आधार पर जिला कलेक्टर एवं विभाग के द्वारा इसे प्रश्न क्रमांक 659 दिनांक 18/12/2024 के उत्तर (ख) में दिनांक 13.12.2024 के पूर्व उद्योग विभाग को भूमि का आवंटन दर्शाया गया? (घ) प्रश्नांश (ग) यदि सही है तो नजूल भूमि नियम 2020 की कंडिका 142 के बिंदु 1,2,3,4 का उल्लंघन करने वाले तत्कालीन अधिकारियों के नाम, पदनाम बतावे? क्या भूमि की हेरफेर करने और नियम विरूद्ध आवंटन पर राज्य सरकार जाँच के आदेश जारी करेगी या नहीं?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) विधानसभा प्रश्न का जबाब संबंधित तहसीलदार से प्राप्त कर नोडल अधिकारी द्वारा परीक्षण कर प्रस्तुत किया गया है। (ख) प्रश्नांश से संबंधित जानकारी में आवंटित भूमि खसरा नं. 31 में से पैकि रकबा 2.205 हे. भूमि मध्यप्रदेश शासन औद्योगिक नीति एवं प्रोत्साहन विभाग भोपाल को हस्तांतरित की गई है। उक्त रकबा 2.205 हस्तांतरण से पूर्व निजी हाथों में नहीं था। (ग) प्रश्नांश से संबंधित भूमि खसरा नं. 31 रकबा 18.90 एकड़ (7.652 हे) में से 9.21 एकड़ भूमि (3.727 हे) भूमि महाप्रबंधक,जिला उद्योग एवं व्यापार केन्द्र, जिला खरगौन को हस्तांतरित की गई है। चूंकि उक्त इकाई औद्योगिक नीति एवं निवेश विभाग के अंतर्गत आने से उनके द्वारा कार्यवाही की जाती है। (घ) प्रश्नांश संबंधित भूमि म.प्र. नजूल निर्वर्तन निर्देश, 2020 के अध्याय दो के अनुसार मध्यप्रदेश शासन, औद्योगिक नीति एवं प्रोत्साहन विभाग को हस्तांतरित की गई है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
भूमि हस्तांतरण मामले के लिए एस.आई.टी. का गठन
[राजस्व]
19. ( क्र. 304 ) श्री सचिन बिरला : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कलेक्टर जिला खरगौन के प्रकरण क्रमांक 554/अ -74/2016-17 आदेश दिनांक 5.5.17 से 30 वर्ष के लिए किसे लीज पर दी गई थी? लीज का सम्पूर्ण प्रकरण का रिकॉर्ड देवेंl (ख) क्या प्रश्नांश (क) में आवंटित पट्टा एसोसिएट एल्कोहोल्स ब्रेवरीज लिमिटेड खोड़ी का निरस्त कर दिया गया है? यदि हाँ, तो क्यों किया गया? विस्तृत प्रतिवेदन देवेंl (ग) क्या आवंटित पट्टा निरस्त करने के लिए जिला कलेक्टर खरगौन के द्वारा मध्य प्रदेश राज्य औद्योगिक भूमि एवं प्रबंधन नियम 2019 यथा संशोधित 2022 का पालन किया गया है? यदि हाँ, तो संशोधित नियम 2022 भाग - चार पट्टे का निरस्तीकरण हेतु निर्धारित प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं किया गया? (घ) यदि हाँ, तो पंजीकृत डाक से भेजी गई सूचना, पट्टादाता के द्वारा जारी किया गया निरस्तीकरण का आदेश, आधिपत्य पंचनामा, की प्रति देवेंl (ड.) लीज डीड निरस्त होने पर आधिपत्य वापिस mpidc को प्राप्त होने पर आवंटी अधिकारी द्वारा भू-खंड विशेष हेतु निरस्तीकरण डीड निष्पादित कराते हुए पंजीकृत कराई गई है? यदि हाँ, तो प्रति देवें यदि नहीं, तो क्यों नहीं? (च) प्रश्नांश (ग) यदि सही है तो नजूल भूमि नियम 2020 की कंडिका 142 के बिंदु 1,2,3,4 का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध जाँच के आदेश जारी करेगी या नहीं?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) भूमि महाप्रबंधक,जिला उद्योग एवं व्यापार केन्द्र जिला खरगौन को हस्तांतरित की गई है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्नांश ''ख'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) निरंक जानकारी। (ड.) औद्योगिक नीति एवं प्रोत्साहन विभाग से संबंधित। (च) राजस्व विभाग द्वारा भूमि राज्य शासन के विभाग को आवंटित की जाती है, जिसका आवंटन विभाग द्वारा अपने स्तर से संबंधित निवेशक इकाई को किया जाता है।
स्कूलों के भवन एवं कक्ष निर्माण की जानकारी
[स्कूल शिक्षा]
20. ( क्र. 318 ) श्री भूपेन्द्र सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र खुरई अन्तर्गत वर्ष 2014-2015 से अभी तक उन्नयन किये गये माध्यमिक से हाईस्कूल एवं हाईस्कूल से हायर सेकेण्डरी विद्यालयों के भवन निर्माण, अतिरिक्त कक्ष एवं प्रयोगशाला कक्ष निर्माण का ब्यौरा क्या है? विकासखण्डवार बतायें? (ख) प्रश्नांश 'क' अनुसार विधानसभा क्षेत्र खुरई में कितने हाईस्कूल भवनों, अतिरिक्त कक्षों, पुस्तकालय कक्षों एवं प्रयोगशाला कक्षों के निर्माण की माँग वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा विभाग से की गई? विभाग द्वारा स्वीकृति का ब्यौरा क्या है?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट 'ब' अनुसार है।
मालथौन ब्लॉक के मंगरा जलाशय योजना की स्वीकृति
[जल संसाधन]
21. ( क्र.
319 ) श्री
भूपेन्द्र
सिंह : क्या जल
संसाधन
मंत्री महोदय
यह बताने की
कृपा करेंगे
कि क्या विधानसभा
क्षेत्र खुरई
अन्तर्गत
वर्ष 2017-18
में मालथौन
विकासखण्ड के
ग्राम मंगरा
के समीप मंगरा
जलाशय योजना
को साध्यता
परीक्षण एवं तकनीकी
स्वीकृति
उपरांत 32.62 करोड़ की
डी.पी.आर.
तैयार की गई
थी? यदि
हाँ,
तो उक्त योजना
को प्रशासकीय
स्वीकृति कब
तक दी जावेगी?
जल संसाधन
मंत्री ( श्री
तुलसीराम
सिलावट ) : जी
हाँ।
विधानसभा
क्षेत्र खुरई
अंतर्गत मालथौन
विकासखण्ड
के ग्राम
मंगरा के समीप
मंगरा जलाशय
योजना की
प्रशासकीय स्वीकृति
दिनांक 24.08.2017 द्वारा
रू.4235.75
लाख राशि की 1230 हेक्टेयर
सैंच्य
क्षेत्र हेतु
प्रदान की गई
है।
सीमांकन किए जाने की कार्यवाही
[राजस्व]
22. ( क्र. 327 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र.शासन के राजस्व अभियान 1.0, 2.0, 3.0 में कृषक राजेन्द्र व रणजीत द्वारा नागदा पाडल्या कलां भूमि सर्वे क्रं. 1160/1/1/2 व 1160/1/1/1 का विधिवत सीमांकन किए जाने की मांग के बावजूद भी राजस्व निरीक्षक, पटवारी व अन्य राजस्व अधिकारियों द्वारा जानबूझकर किसी न किसी बहाने से टालकर लंबित कर सीमांकन नहीं कर शासन के निर्देशों का उल्लंघन किया है? यदि हाँ, तो क्या की गई शिकायतों पर जाँच कर कार्यवाही की जाएगी? सीमांकन कब तक कर दिया जाएगा? (ख) म.प्र. शासन द्वारा 01 जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक राजस्व अभियान 1.0, 2.0, 3.0 चलाया गए थे? जिसके अन्तर्गत नागदा, झारड़ा, महिदपुर तहसील में बंटवारा, नामांतरण, सीमांकन के कितने आवेदन प्राप्त हुए थे? कितने प्रकरणों का निराकरण किया गया है तथा कितने प्रकरणों को निरस्त कर निराकृत दिखाया गया है? आवेदक के नाम, पता सहित सम्पूर्ण विवरण दें। (ग) कितने सीमांकन त्रुटि सुधार, बंटवारा, नामांतरण के प्रकरण के आवेदन अस्वीकृत व विचाराधीन है? राजस्व अधिकारियों द्वारा समय-सीमा में कार्यवाही नहीं करने के कारण कितने प्रकरण निरस्त हुए है? आवेदनकर्ता के नाम, कारण सहित विवरण दें। (घ) रेरा के गठन के पश्चात नागदा-खाचरौद, झारड़ा, महिदपुर तहसील में कितने कॉलोनीनाईजर द्वारा कॉलोनी विकसित करने हेतु आवेदन दिए है? उनमें से कितने आवेदनों की स्वीकृति प्रदान की गई है? कितने आवेदन लंबित है? सभी प्रकरणों के स्थान, आवेदक के नाम, भूमि सर्वे क्र., पटवारी हल्का सहित जिनकी स्वीकृति दी गई है उनके नियम, शर्तों का विवरण देते हुए सभी प्रकरणों की छायाप्रति उपलब्ध कराएं।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) तहसील नागदा के ग्राम पाडल्याकलां स्थित भूमि सर्वे क्रमांक 1160/1/1/2 एवं 1160/7/1/1 के सीमांकन हेतु कार्यालय कलेक्टर भू-अभिलेख, जिला उज्जैन के आदेश क्रमांक 42/भू.अ./रा.नि./2025 उज्जैन दिनांक 13-1-25 से दल का गठन किया गया था। दल द्वारा संबंधित पक्षों को सूचित कर दिनांक 28-01-2025 को सीमांकन की कार्यवाही की गई है। (ख) जिला उज्जैन की तहसील नागदा, खाचरौद, महिदपुर व झारडा में राजस्व अभियान 1.0, 2.0, 3.0 में निम्नानुसार प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया गया है।
तहसील |
नामान्तरण (अ-6) |
बंटवारा (अ-27) |
सीमांकन (अ-12) |
नागदा |
1498 |
65 |
28 |
महिदपुर |
314 |
9 |
39 |
झारडा |
736 |
125 |
22 |
उक्त समस्त प्रकरणों का निराकरण समयावधि में किया जा चुका है। कोई भी प्रकरण निरस्त कर निराकृत नहीं किया गया है। प्रकरणों का निराकरण गुण-दोष के आधार पर किया गया है। (ग) बंटवारा, नामान्तरण, सीमांकन के विचाराधीन प्रकरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। समय-सीमा के कारण प्रकरण निरस्त नहीं किये जाते हैं। प्रकरणों का निराकरण गुण-दोष के आधार पर किया गया है। (घ) रेरा गठन के पश्चात म.प्र. नगर पालिका (कॉलोनाईजर का रजिस्ट्रीकरण निर्बन्धन एवं शर्त) नियम 1998 एवं म.प्र. नगर पालिका (कॉलोनियों का विकास) नियम 2021 तथा म.प्र. ग्राम पंचायत (कालोनियों का विकास) नियम 2014 के प्रावधानों के अंतर्गत नागदा-खाचरौद में 14 व ग्राम भीमाखेड़ा महिदपुर में 01 कॉलोनाईजर द्वारा कॉलोनी विकसित करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किए गए हैं जिनकी विकास अनुमति जारी की गई है। कोई भी आवेदन लंबित नहीं है। स्वीकृति संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
डॉक्टरों की कमी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
23. ( क्र. 351 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या उपमुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा अम्बाह के सिविल अस्पताल अम्बाह एवं पोरसा में पद अनुसार विशेषज्ञ डॉक्टर की कमी है? यदि हाँ, तो कहाँ-कहाँ पर कौन-कौन से पद रिक्त हैं? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार रिक्त विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से मरीजों को सिविल अस्पताल अम्बाह एवं पोरसा के बिना इलाज किये ही जिला अस्पताल मुरैना एवं ग्वालियर रेफर किया जाता है? यदि हाँ, तो क्यों कारण सहित जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार रिक्त विशेषज्ञ डॉक्टरों के पदों को कब तक भरा जाएगा?
उपमुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं, उपलब्ध विशेषज्ञ/चिकित्सकों द्वारा आमजन को आवश्यक उपचार प्रदान किया जाता है, केवल गंभीर मरीजों को ही प्राथमिक उपचार उपरांत जिला चिकित्सालय मुरैना अथवा ग्वालियर रेफर किया जाता है। (ग) पदपूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है, निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।
जानकारी प्राप्त करवाए जाना
[राजस्व]
24. ( क्र. 402 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 1712 एवं प्रश्न क्रमांक 1713 दिनांक 10 जुलाई 2024 के किस-किस प्रश्नांश की जानकारी संकलित कर ली गई है वह उपलब्ध करवाएं। (ख) बड़े झाड़, छोटे झाड़ के जंगल मद, पहाड़ चट्टान, घास मद में दर्ज जमीनों की चाही गई जानकारी प्रश्न क्रमांक 1712 एवं 1713 में उपलब्ध नहीं करवाए जाने का क्या कारण रहा है। (ग) बड़े झाड़, छोटे झाड़ के जंगल, पहाड़ चट्टान, घास, चरनोई मद में जमीन दर्ज करने का भू-राजस्व संहिता 1959 की किस धारा में क्या-क्या प्रावधान है इन मदों की जमीनों को किन-किन प्रयोजनों में दर्ज करने का संहिता में क्या-क्या प्रावधान है। (घ) प्रश्न क्रमांक 1712 एवं 1713 की पूर्ण जानकारी संकलित कर कब तक उपलब्ध करवा दी जावेगी समय-सीमा सहित बतावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिला देवास से पत्र क्रमांक 2021 व पत्र क्रमांक 2023 दिनांक 28.01.2025 से जानकारी प्रेषित की गयी है। इंदौर जिले से पत्र क्र. 3346 एवं 3349 दिनांक 10.12.2024 द्वारा जानकारी प्रेषित की गई है। जिला कटनी से प्रश्न क्रमांक 1712 एवं 1713 के प्रश्नांश की जानकारी पत्र क्रमांक 237 एवं 236 दिनांक 28/02/2025 के माध्यम से प्रेषित की गई है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में जिला देवास एवं जिला कटनी की जानकारी निरंक। जिला इंदौर द्वारा पूर्व में प्रेषित विधानसभा प्रश्न क्र.1712 के उत्तर (ख) एवं प्रश्न क्र.1713 के उत्तर (ख) में चाही गई जानकारी उपलब्ध कराई गई है। (ग) म.प्र.भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 237 (1) इस संहिता के अधीन बनाये गये नियमों के अध्यधीन रहते हुये, कलेक्टर दखल रहित भूमि को निम्नलिखित प्रयोजन के लिये पृथक रख सकेगा अर्थाक (क) इमारती लकड़ी या ईंधन के लिये आरक्षित (ख) चारागाह, घास बीड या चारे के लिये आरक्षित (ग) कब्रस्तान तथा श्मशान भूमि के लिये (घ) गोठान के लिये (ड.) शिविर भूमि के लिये (च) खलिहान के लिये (छ) बाजार के लिये (ज) खाल निकालने के लिये (झ) खाद के गड्डों के लिये (ण) पाठशालाओं खेल मैदानों, उघानों, सड़कों, गलियॉ, नालियॉ जैसे तथा उसी प्रकार के लोक प्रयोजन के लिये (ट) किन्ही अन्य प्रयोजनों के लिये विहित किए जाये। उक्त प्रयोजन के लिये दर्ज की जा रही है। (घ) जिला देवास एवं जिला इंदौर तथा जिला कटनी से जानकारी प्रेषित किये जाने, जानकारी निरंक।
शासकीय सेवकों की जानकारी
[राजस्व]
25. ( क्र. 427 ) श्री कामाख्या प्रताप सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) एसडीएम/तहसील कार्यालय एवं जनपद कार्यालय नौगांव में कुल कितने शासकीय सेवक कार्यरत है? 03 साल से अधिक कार्यरत शासकीय सेवक कौन-कौन है पदवार/नामवार जानकारी देवें। कितने गृह तहसील के कर्मचारी कार्यरत है? यदि हाँ, पूर्ण जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार शासन नियमानुसार 03 साल से अधिक कार्यरत अधिकारियों/कर्मचारियों को कब तक स्थानांतरित कर दिया जावेगा? समय-सीमा बतायें। किन-किन अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध शिकायतें हैं। यदि हाँ, तो इनके विरूद्ध क्या कार्यवाही कब तक की जावेगी?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) एसडीएम/तहसील कार्यालय एवं जनपद कार्यालय नौगांव में 96 शासकीय सेवक कार्यरत है। 03 साल से अधिक अवधि से कार्यरत 75 शासकीय सेवकों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) स्थानांतरण नीति के परिप्रेक्ष्य में समय-समय पर स्थानांतरण किए जाते हैं। शेष प्रश्नांश की जानकारी निरंक है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के नियम
[राजस्व]
26. ( क्र. 474 ) श्रीमती एडवोकेट निर्मला सप्रे : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में पात्रता के क्या नियम हैं? इसके अंतर्गत सागर जिले की बीना विधानसभा में कुल कितने किसान पंजीकृत हैं व कितने किसान पंजीकृत नहीं हैं? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार ऐसे किसान जो योजना में अभी तक पंजीयन नहीं करा सके उनको पंजीकृत कराने हेतु कोई योजना बनाई गई है। यदि हाँ, तो क्या? (ग) क्या सत्र 2024-25 में पंजीकृत सभी किसान, योजना में लाभान्वित हुए? यदि नहीं, तो क्यों? योजना के लाभ से वंचित किसानों को कब तक लाभान्वित किया जायेगा, जिन पात्र किसानों को पिछले वर्षों में किसान सम्मान निधि की राशि किसी समस्या के कारण नहीं मिल सकी, क्या उन किसानों को वो पिछली किस्त जारी की जावेगी? यदि हाँ, तो कब? यदि नहीं, तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। सागर जिले की बीना विधानसभा में कुल 37472 हितग्राही पंजीकृत हैं। पात्रता मापदण्ड एवं आवश्यक कार्यवाही पूर्ण करने वाले कृषकों को योजना का लाभ प्राप्त हो रहा है तथा नवीन हितग्राही पी.एम. किसान पोर्टल के माध्यम से पंजीयन कर सकते हैं। (ख) जी हाँ। राजस्व महाअभियान एवं मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान का आयोजन किया गया है। (ग) योजना के पात्रता मापदण्ड एवं अनिवार्य कार्यवाही पूर्ण करने वाले समस्त हितग्राहियों को योजना का लाभ प्राप्त हो रहा है। जी हाँ। पात्रता मापदण्ड एवं अनिवार्य कार्यवाही पूर्ण करने वाले हितग्राही उनकी पात्रता अवधि हेतु योजना के लाभ के लिये पात्र हैं।
किसान सम्मान निधि एवं किसान कल्याण निधि जमा करना
[राजस्व]
27. ( क्र. 523 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र में किसान सम्मान निधि कितने कृषकों के खातों में डाली जाती है एवं किसान कल्याण निधि म.प्र सरकार द्वारा कितने कृषकों के खातों में डाली जाती है? (ख) क्या सभी पात्र कृषकों को किसान सम्मान निधि एवं किसान कल्याण निधि का लाभ मिल रहा है? (ग) जिन कृषकों को किसान सम्मान निधि एवं किसान कल्याण निधि का लाभ नहीं मिल रहा है, उनका नाम इस योजना में कब तक जोड़कर उनको लाभ पहुंचाया जावेगा? (घ) सिवनी मालवा विधानसभा क्षेत्र में कितने कृषकों को किसान सम्मान निधि एवं किसान कल्याण निधि मिल रही है एवं कितने कृषक इन योजनाओं से वंचित है। इन कृषकों को कब तक जोड़ा जावेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 19वीं किस्त के तहत 8393989 हितग्राहियों को योजना का लाभ प्रदान किया गया है एवं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना वर्ष 2024-25 की तृतीय किस्त 8114559 हितग्राहियों को लाभ प्रदान किया गया है। (ख) प्रदेश में पात्रता मापदण्ड एवं अनिवार्य कार्यवाही को पूरा करने वाले समस्त पात्र हितग्राहियों को मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना एवं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिया जा रहा है। (ग) पात्रता मापदण्ड एवं अनिवार्य कार्यवाही को पूरा करने वाले समस्त पात्र कृषकों को योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। नवीन पंजीयन हेतु पी.एम. किसान पोर्टल के माध्यम से पंजीयन की कार्यवाही की जा सकती है। (घ) सिवनी मालवा अन्तर्गत 29904 पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं 28401 पात्र हितग्राहियों को मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का लाभ प्राप्त हो रहा है। योजना के पात्रता मापदण्ड एवं अनिवार्य कार्यवाही पूर्ण करने वाले कृषक इन योजनाओं से वंचित नहीं हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
सम्मान निधि की जानकारी
[राजस्व]
28. ( क्र. 525 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना एवं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से म.प्र. में कितने किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है? जिलेवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश 'क' के संदर्भ में उक्त योजनाओं में कितने कृषक को पात्रता मापदण्डों को पूरा करने के उपरांत भी वित्तीय सहायता नहीं दी जा रही है? उन कृषकों की कारण सहित जिलेवार जानकारी उपलब्ध करावें। पात्र किसानों को मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना एवं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि कब तक स्वीकृत कर वित्तीय सहायता प्रदान की जावेगी? समय-सीमा बतावें। (ग) प्रश्नांश 'क' एवं 'ख' के संदर्भ में विदिशा जिले में कितने कृषकों द्वारा किसान कल्याण योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायतें की गई हैं? शिकायतकर्ता के नाम, ग्राम का नाम सहित जानकारी देवें तथा शिकायत पर क्या कार्यवाही की गई? कौन दोषी पाये गये? दोषियों पर क्या कार्यवाही की गई? कब तक शिकायतों का निराकरण कर किसान सम्मान निधि का वितरण कर दिया जावेगा? (घ) प्रश्नांश 'ग' के संदर्भ में कितने कृषकों द्वारा किसान कल्याण योजना का लाभ न मिलने पर सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की थी तथा उनमें से कितनी शिकायतों का निराकरण किया गया तथा कितनी शिकायत शेष हैं? कब तक शिकायतों का निराकरण कर दिया जावेगा? समय-सीमा बतावें। (ङ) जिला स्तर पर और प्रदेश स्तर पर सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत होने पर जिन किसानों के योग्य होने के बाद भी भुगतान नहीं हुआ है तो उसके लिए दोषी कौन है? उन पर क्या कार्यवाही की जावेगी?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) पात्रता मापदण्ड को पूरा करने एवं अनिवार्य कार्यवाही पूर्ण करने पर योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। शिकायतों का निराकरण करवाकर पात्रता मापदण्डों को पूरा करने वाले शिकायतकर्ताओं को किसान सम्मान निधि का वितरण किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्नांश 'ग' के संदर्भ में 19681 कृषकों द्वारा किसान कल्याण योजना का लाभ न मिलने पर सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की थी, उनमें से 18905 शिकायतों का निराकरण किया गया है। शेष 776 शिकायतों में से 663 शिकायत माह फरवरी की नवीन शिकायतें हैं जिनका निराकरण निर्धारित प्रक्रिया अनुसार किया जा रहा है। 113 शिकायतों का निराकरण दर्ज किया जा चुका है परंतु शिकायतकर्ता द्वारा संतुष्ट न होने से शिकायतें पोर्टल पर लंबित प्रदर्शित हो रही हैं। (ड.) योजना के पात्रता, मापदण्डों को पूरा करने एवं अनिवार्य कार्यवाही पूर्ण करने पर योजनांतर्गत भुगतान की कार्यवाही की जा रही है। अत: प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
चरनोई भूमि की उपलब्धता एवं संधारण
[राजस्व]
29. ( क्र. 542 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुवासरा विधानसभा में पंचायतों को गौशालाओं के निर्माण एवं संचालन हेतु आवंटित भूमि एवं पंचायत क्षेत्र में चरनोई भूमि की ग्रामवार जानकारी देवें। (ख) चरनोई की भूमि किस उद्देश्य के लिए सुरक्षित रखी जाती है एवं उसे सुरक्षित तथा रख-रखाव की जवाबदारी किस विभाग की होती है? (ग) सुवासरा विधानसभा के पंचायतों एवं ग्रामों के अन्तर्गत चरनोई भूमि के हेक्टयर की ग्रामवार जानकारी देवें एवं वर्तमान की स्थिति से अवगत कराएं कितनी भूमि पर अतिक्रमण है तथा कितनी भूमि सुरक्षित है ग्रामवार जानकारी देवें? (घ) उपरोक्त भूमि ग्राम पंचायतों के रिकार्ड में दर्ज है या नहीं जानकारी देवें एवं राजस्व विभाग द्वारा स्थानीय ग्राम पंचायतों को रिकॉर्ड उपलब्ध कराया गया है या नहीं? यदि रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया तो कारण बताएं।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में (तहसील सीतामउ, सुवासरा एवं शामगढ़) पंचायतों को गौशालाओं के निर्माण एवं संचालन हेतु भूमि आवंटित एवं चरनोई भूमि के संबंध में ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) चरनोई की भूमि ग्राम के मवेशियों को चराने हेतु सुरक्षित रखी जाती है तथा रख-रखाव की जवाबदारी राजस्व विभाग की होती है। (ग) सुवासरा विधानसभा के क्षेत्र (तहसील सीतामउ, सुवासरा एवं शामगढ़) के ग्रामों के चरनोई एवं वर्तमान स्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। (घ) उपरोक्त भूमि राजस्व रिकार्ड में दर्ज है, जो भू-लेख पोर्टल पर उपलब्ध है।
खेल स्टेडियम हेतु भूमि आवंटन
[राजस्व]
30. ( क्र. 586 ) श्री भंवर सिंह शेखावत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माननीय पूर्व मंत्री खेल एवं युवा कल्याण विभाग मध्यप्रदेश शासन के पत्र क्रमांक 237 दिनांक 20/03/2023 के अनुसार अधोहस्ताक्षरकर्ता द्वारा कार्यालयीन पत्र क्रमांक 85 दिनांक 02/03/2024 द्वारा राजस्व विभाग से बदनावर जिला धार में इनडोर खेल स्टेडियम हेतु 3-4 एकड़ भूमि आवंटन हेतु अनुरोध किया गया था। (ख) प्रश्न दिनांक तक उल्लेखित खेल स्टेडियम हेतु भूमि का आवंटन नहीं किया गया है। भूमि का आवंटन कब होगा।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) मध्यप्रदेश नजूल निर्वर्तन निर्देश,2020 में उल्लेखित प्रावधान अनुसार खेल एवं युवा कल्याण विभाग से भूमि आवंटन हेतु कलेक्टर कार्यालय,धार को आनलाईन आवेदन प्रस्तुत नहीं होने से इनडोर खेल स्टेडियम हेतु प्रकरण प्राप्त नहीं हुआ है। (ख) उत्तरांश ''क'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
लिपिकीय त्रुटी सुधार के संबंध में आवश्यक कार्यवाही
[राजस्व]
31. ( क्र. 587 ) श्री भंवर सिंह शेखावत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश भू-राजस्व की धारा 115 अन्तर्गत राजस्व विभाग में लिपिकीय त्रुटी का खामियाजा कृषक वर्ग को भुगतना पड़ता है। क्या विभाग संज्ञान में आने पर त्रुटियों को स्वयं ठीक करेगा। यदि नहीं, तो क्यों? (ख) प्रश्नांश (क) के सन्दर्भ में मध्यप्रदेश भू राजस्व की धारा 115 अन्तर्गत समस्त प्रकरणों का निराकरण क्या प्रदेश के प्रत्येक विकासखण्ड स्तर पर किया जा सकता है यदि हाँ, तो कृषक का समय एवं राशि की बचत होगी। यदि नहीं, तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) मध्यप्रदेश भू-राजस्व की धारा 115 अन्तर्गत (यथा संशोधित-2018) में अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व स्व-प्रेरणा से या व्यथित व्यक्ति के आवेदन पर अभिलेख को सुधार किया जाने का प्रावधान है। (ख) मध्यप्रदेश भू-राजस्व की धारा 115 अन्तर्गत (यथा संशोधित-2018) में अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व स्तर पर किये जाने का प्रावधान है। विधिक प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है।
अवैध रूप से क्लिनिक चलाना एवं ईलाज करना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
32. ( क्र. 601 ) श्री सुरेन्द्र सिंह हनी बघेल : क्या उपमुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र कुक्षी के ग्राम डेहरी के आसपास डॉक्टरों द्वारा अवैध तरीके से क्लिनिक का संचालन व ईलाज किया जा रहा है। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार क्या उक्त डॉक्टरों पर अंकुश लगाने संबंधी कोई कार्यवाही पूर्व में की गई है? इनके पास शासन द्वारा मान्यता प्राप्त कोई डिग्री/डिप्लोमा किया गया है? यदि हाँ, तो प्रतिलिपि उपलब्ध करवाए। (ग) क्या उक्त डॉक्टरों के खिलाफ पूर्व में शिकायत प्राप्त हुई है, यदि हाँ, तो कार्यवाही क्यों नहीं की गई? यदि नहीं, तो प्रशासन स्तर पर इसकी जाँच करवाई जाएगी कि किस आधार पर क्लिनिक का संचालन व ईलाज किया जा रहा हैं? (घ) क्या उक्त डॉक्टरों द्वारा अवैध तरीके से क्लिनिक संचालन एवं ईलाज के दौरान मनमाने पैसे गरीब आदिवासियों से वसूले जा रहे हैं? यदि हाँ, तो उस पर क्या जाँच की गई और यदि नहीं, तो क्या शासन स्तर पर इसकी जाँच करवाई जाएगी और यदि हाँ, तो कब तक समय-सीमा बताने का कष्ट करें।
उपमुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ, विधानसभा क्षेत्र कुक्षी के ग्राम डेहरी के आसपास गैर मान्यता प्राप्त व्यक्तियों द्वारा अवैधानिक रूप से क्लिनिक का संचालन किया जा रहा था जिनकी जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) जी हाँ, वर्ष 2022 में श्री तापसदास, ग्राम डेहरी के क्लिनिक पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र डेहरी, राजस्व विभाग एवं पुलिस विभाग के संयुक्त दल द्वारा दिनांक 03/06/2022 को पंचनामा बनाकर उचित कार्यवाही हेतु लिखित प्रतिवेदन चौकी प्रभारी डेहरी को दिया गया है। साथ ही श्री सुखलाल सोलंकी द्वारा शासकीय ड्रेसर होते हुये ग्राम डेहरी में अवैध निजी क्लिनिक का संचालन करने की पुष्टि होने पर कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, धार के आदेश क्र./स्थापना-शिकायत/2022/3569 दिनांक 17/03/2022 द्वारा निलंबित किया गया है। जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। ग्राम डेहरी एवं लोंगसरी के ग्रामवासियों से प्राप्त शिकायत दिनांक 20/12/2024 के अनुक्रम में की गई कार्यवाही की जिनकी जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जाँच एवं की गई कार्यवाही की जिनकी जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
बंटवारा व राजस्व अभिलेख के इंद्राज के लंबित प्रकरण
[राजस्व]
33. ( क्र. 602 ) श्री सुरेन्द्र सिंह हनी बघेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले के तहसील कार्यालय नालछा में बंटवारा राजस्व अभिलेख इंद्राज कृषक की मृत्यु उसकी भूमि को समस्त वारिसों में बंटवारा संबंधी प्रकरण कितने लंबित है? (ख) क्या कृषक की मृत्यु उपरांत उसकी भूमि को समस्त वारिसों में बंटवारा कर राजस्व अभिलेख में नाम दर्ज कर पृथक-पृथक ऋण पुस्तिका वारिसों को उपलब्ध कराने का नियम है? हाँ या नहीं। (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार यदि हाँ, तो नालछा तहसील में राजस्व अभिलेख में नाम दर्ज कर पृथक-पृथक कर ऋण पुस्तिका वारिसों को उपलब्ध करवा दी गई है यदि हाँ, तो कितने प्रकरण कई महीनों से लंबित पड़े है उनका निराकरण न करने वाले अधिकारियों पर क्या कार्यवाही की जाएगी? (घ) क्या शासन कई बार आदेश दे चुकी है कि समस्त इस प्रकार के प्रकरणों का निराकरण समय-सीमा में किया जाना है, यदि हाँ तो तहसील नालछा में शासन के आदेशों की घोर अवहेलना अधिकारियों द्वारा की जा रही है, उन पर क्या और कब तक कार्यवाही की जाएगी? जिसका प्रमाण मेरे पास है? जो इस प्रकार है ग्राम मेघापूरा का सर्वे क्रमांक 22, 33/2, 39, 46, 51 की क्या स्थिति है आवेदन की धारा 109, 110, 178 म.प्र.भू.रा.सं के तहत आवेदन किया था इस कार्य की स्थिति क्या है लंबित रखने का क्या कारण है?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) धार जिले के न्यायालय नायब तहसीलदार वृत्त नालछा तहसील पीथमपुर में आर.सी.एम.एस. पोर्टल अनुसार चालु राजस्व वर्ष में आज दिनांक तक बंटवारा के कुल 259 प्रकरण दर्ज हुए जिन्हें म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 में दिये गये प्रावधान/नियमों के अधीन गुण-दोष के आधार पर निर्धारित समय-सीमा में 249 बंटवारा प्रकरणों का निराकरण किया गया है। बंटवारा संबंधी कुल 10 प्रकरण (0-3 माह की अवधि) लंबित है। नियमानुसार लंबित प्रकरणों का निराकरण समय-सीमा में किया जावेगा। (ख) जी नहीं। म.प्र.भूराजस्व संहिता 1959 की धारा 109/110 के तहत कृषक की मृत्यु उपरांत उसके समस्त वैध वारिसों का नाम राजस्व अभिलेखों में मृतक के स्थान पर दर्ज किये जाने का प्रावधान है। तदुपरांत यदि मृतक के वारिस जो अब सह-खातेदार के रूप में दर्ज हैं, यदि चाहें तो म.प्र.भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 178 तहत बंटवारे का आवेदन प्रस्तुत कर अपना पृथक-पृथक बंटवारा कर राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज कराकर नियमानुसार पृथक-पृथक ऋण पुस्तिका प्राप्त कर सकते हैं। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में नामांतरण एवं बंटवारा की पृथक-पृथक प्रक्रियाएं है, जिनके अनुसार आवेदक राजस्व अभिलेखों में नामांतरण/बंटवारा उपरांत ऋण पुस्तिकाएं प्राप्त कर सकते हैं। न्यायालय नायब तहसीलदार वृत्त नालछा तहसील पीथमपुर में नामांतरण/बंटवारा के समयावधि के ही प्रकरण लंबित हैं। (घ) जी हाँ। यह सही है कि शासन द्वारा प्रश्नांश (क) में उल्लेखित प्रकरणों का निराकरण समय-सीमा में किया जाना है। न्यायालय नायब तहसीलदार वृत्त नालछा तहसील पीथमपुर अंतर्गत ग्राम मेघापुरा स्थित सर्वे क्रमांक 22, 33/2, 39, 46, 51 के संबंध में म.प्र.भू.रा.स. 1959 की धारा 109,110 अंतर्गत फौती नामांतरण हेतु न्यायालय में आवेदन प्राप्त हुआ है, जिसका प्रकरण क्रमांक 0306/अ-06/2023-24 पर दर्ज होकर मृतक कृषक के स्थान पर प्रार्थीगण/वारिसों का राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज किया जा चुका है प्रकरण में अब कोई कार्यवाही शेष नहीं है। प्रश्नांकित भूमि के खसरों के संबंध में म.प्र.भू.रा.स. की धारा 178 अंतर्गत प्रथक-प्रथक बंटवारा किये जाने का आवेदन पत्र न्यायालय में प्राप्त नहीं हुआ है, तत्संबंध में आवेदन पत्र प्राप्त होने पर विधि अनुरूप समय-सीमा में निराकरण किया जावेगा।
राजस्व निरीक्षकों के स्थानान्तरण की जानकारी
[राजस्व]
34. ( क्र. 638 ) डॉ. चिंतामणि मालवीय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के सभी जिलों में राजस्व निरीक्षकों के कितने पद रिक्त हैं? (ख) रिक्त पदों के विरूद्ध कब तक पूर्ति की जा सकेगी? (ग) वर्ष 2012 के बाद से राजस्व निरीक्षकों के स्थानान्तरण जिले से बाहर कब-कब किए गए। (घ) यदि स्थानान्तरण किए गए तो प्रशासनिक, स्वेच्छिक, आपसी सहमति से मेचवल तथा मेडिकल ग्राउंड पर कितने किए गए?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) प्रदेश में राजस्व निरीक्षकों के वर्तमान कुल 800 पद रिक्त हैं। (ख) वर्तमान में आयुक्त भू-अभिलेख मध्यप्रदेश एवं प्रमुख राजस्व आयुक्त कार्यालय के मर्जर की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। नवीन सेटअप उपरांत राजस्व निरीक्षकों के रिक्त पदों की पूर्ति संबंधी कार्यवाही की जा सकेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) वर्ष 2012 के बाद राजस्व निरीक्षकों के स्थानांतरण वर्ष 2015, वर्ष 2017, वर्ष 2018, वर्ष 2019, वर्ष 2021, वर्ष 2022, वर्ष 2024 एवं 2025 में राजस्व निरीक्षक के स्थानांतरण जिले से बाहर किये गए हैं। (घ) राजस्व निरीक्षकों के स्थानांतरणों में 462 प्रशासनिक आधार पर एवं स्वयं के व्यय पर 521 स्थानांतरण किए गए हैं।
बैतूल जिले में संरक्षित वन अधिसूचित भूमि
[राजस्व]
35. ( क्र. 657 ) डॉ. योगेश पंडाग्रे : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्य प्रदेश स्वामित्वाधिकारों के अन्त का कानून 1950 के तहत बैतूल जिले के कितने राजस्व ग्रामों की कितनी-कितनी जमीन किस प्रकरण क्रमांक आदेश दिनांक से अर्जित की गई यह जमीन राजस्व अभिलेखों में किन-किन प्रयोजनों के लिए दर्ज जमीन है? (ख) 1950 के कानून से अर्जित किन जमीनों को भा.व.अ.1927 की धारा 29 के अनुसार दिनांक 1 अगस्त 1958 को संरक्षित वन अधिसूचित किया? (ग) बैतूल जिले के कितने राजस्व ग्रामों की कितनी जमीन संरक्षित वन सर्वे में शामिल की गई इनमें से कितने ग्रामों की कितनी भूमि का ब्यौरा अधिसूचना में प्रकाशित करने के बजाय समस्त भूमि भा.व.अ.1927 की धारा 34अ में 1972 में डीनोटीफाईड की गई? (घ) जिले के कितने ग्रामों की कितनी दखल रहित जमीन वर्तमान वर्किंग प्लान में शामिल है यह जमीन कलेक्टर बैतूल ने किस प्रकरण क्रमांक आदेश दिनांक से वन विभाग को आवंटित की है यदि आवंटित नहीं की तो वन विभाग ने भूमि पर कब्जा कैसे किया?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) मध्यप्रदेश स्वामित्वाधिकारों और मालिकाना हको के अन्त करने के अधिनियम 1950 के तहत बैतूल जिले के 1277 राजस्व ग्रामों की 201052.580 हे. जमीन प्राप्त होकर निस्तार पत्रक/मिसल बंदोबस्त में संलग्न प्रारूप नमूना ख (B) में दर्ज है जिनमें प्रकरण क्रमांक, आदेश दिनांक का उल्लेख नहीं हैं, ये जमीनें राजस्व अभिलेख में इमारती लकड़ी या ईंधन के लिये आरक्षित क्षेत्र, चारागाह, घास, बीड़ या चारे के के लिये आरक्षित क्षेत्र, कब्रिस्तान तथा शमशान भूमि, गोठान, शिविर भूमि, खलिहान, बाजार, खाल निकालने, खाद के गड्ढों के लिये, पाठशालाओं, खेल के मैदानों, उद्यानों, सड़कों, गलियों आदि प्रयोजनों के लिए दर्ज जमीने हैं। (ख) भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 29 (3) के विशिष्ट प्रावधान का उपयोग करते हुये संरक्षित वन की अधिसूचना क्रमांक 9-X-58 दिनांक 10.07.1958 राजपत्र में प्रकाशन दिनांक 01.08.1958 को जारी की गई जिसमें भूमियों का विस्तृत विवरण न देकर उनके अर्हता का उल्लेख था। इस अधिसूचना की अनुसूची में किसी क्षेत्र को संरक्षित वन के रूप में मान्य करने हेतु निम्न विवरण उल्लेखित है: 1. M.P. Abolition of Proprietary Rights (Estate, Mahala & Alienated Lands) Act- 1950 के तहत् वन भूमि राज्य शासन से निहित हो। 2. प्रबंधन हेतु राजस्व विभाग से वन विभाग को हस्तांतरित की गई हो तथा 3. यह पूर्व से अधिसूचित संरक्षित/आरक्षित वन न हो। उक्त अर्हता वाली भूमियों को संरक्षित वन में शामिल किया गया। (ग) वनमंडलों के अंतर्गत उपलब्ध अभिलेख डिमार्केशन कम्पलीशन रिपोर्ट अनुसार बैतूल जिले के 680 राजस्व ग्रामों की 149495.059 हे. भूमि संरक्षित वन सर्वे में शामिल की गई। इनमें से 243 ग्रामों की संरक्षित वनभूमि राजपत्र में 15 सितम्बर 1972 को भा.व.अ.1927 की धारा 34 (अ) में 1972 में डीनोटीफाईड की गई (राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना में ग्राम के नाम के समक्ष खसरा नं. एवं रकबा का उल्लेख नहीं है। (घ) जिले के 516 ग्रामों की 93025.982 हे. भूमि वर्तमान वर्किंग प्लान में शामिल है। उक्त भूमियों को विधिवत वनभूमि अधिसूचित होने के कारण नियंत्रण एवं प्रबंधन की दृष्टी से वर्किंग प्लान में शामिल किया गया है।
औद्योगिक जल उपयोग
[जल संसाधन]
36. ( क्र. 666 ) श्री चन्दरसिंह सिसौदिया : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन संभाग में नदियों, तालाबों व अन्य जल स्रोतों से किन-किन उद्योगों को कितनी-कितनी मात्रा में जल उपयोग अनुमति दी गई है? किन शर्तों पर पूर्ण विवरण उद्योगवार दें। (ख) किन-किन उद्योगों पर कितना-कितना जल कर दिसम्बर 2024 तक बकाया है व किस कारण? (ग) क्या उद्योग प्रबंधक अपने उपयोग में जल लेकर अन्य संस्थाओं को राशि लेकर पेयजल विक्रय कर सकते हैं? यदि नहीं, तो नागदा नगर पालिका से ग्रेसिम उद्योग ने चंबल के पानी के एवज में लाखों रूपए वाटर चार्जेस के नाम पर किस आधार पर वसूले हैं? (घ) शासन इसकी जाँच कर नगर पालिका को राशि वापस लौटने का आदेश क्यों नहीं दे रहा है?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) उज्जैन संभाग में नदियों, तालाबों व अन्य जल स्त्रोतों से उद्योगों को आवंटित जल की उद्योगवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के "प्रपत्र-अ" अनुसार है। मध्यप्रदेश सिंचाई नियम 1974 के नियम 71-क में उल्लेखित शर्तों पर जल आवंटन किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -1 अनुसार है। (ख) संबंधित उद्योगवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ में अनुसार है। (ग) एवं (घ) जी नहीं, उद्योग प्रबंधक अपने उपयोग में जल लेकर अन्य संस्थाओं को जल विक्रय नहीं कर सकते है। नगर पालिका नागदा द्वारा ग्रेसिम इण्डस्ट्रीज लिमिटेड बिरलायाम नागदा को भुगतान की गई राशि मेनेजमेंट चार्जेज की राशि है जो कि पानी की सप्लाई में ग्रेसिम इण्डस्ट्रीज लिमिटेड, बिरलाग्राम नागदा के संसाधनों यथा पम्पहाउस, पाइपलाईन, प्लांट मशीनरी, मोटर पम्प आदि के उपयोग एवं रखरखाव से संबंधित होना प्रतिवेदित है।
प्रसूति सहायता राशि का भुगतान
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
37. ( क्र. 682 ) श्री हरी सिंह सप्रे : क्या उपमुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिसम्बर 2023 की स्थिति में कुरवाई विधानसभा क्षेत्र सहित जिला विदिशा में विभिन्न स्वास्थ्य केन्द्रों में प्रसूति सहायता राशि भुगतान के कितने प्रकरण कब से एवं क्यों लंबित हैं कारण बतायें तथा कब तक राशि का भुगतान होगा? (ख) प्रसूति सहायता राशि भुगतान के संबंध में शासन के क्या-क्या निर्देश हैं? कितने दिन के भीतर प्रसूति सहायता की राशि का भुगतान हो जाना चाहिए? विदिशा जिले में उक्त निर्देशों का पालन क्यों नहीं हो रहा है? (ग) दिसम्बर 2023 से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में विदिशा जिले में प्रसूति सहायता की राशि भुगतान के संबंध में सीएम हेल्पलाईन 181 तथा अन्य माध्यमों से कुल कितनी शिकायतें प्राप्त हुई? उनमें से कितनी शिकायतों का निराकरण हुआ तथा कितनी शिकायतें लंबित है? उनका कब तक निराकरण होगा?
उपमुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) दिसम्बर 2023 से फरवरी 2025 की स्थिति में कुरवाई विधानसभा क्षेत्र सहित जिला विदिशा में विभिन्न स्वास्थ्य केन्द्रों में प्रसूति सहायता राशि भुगतान के 438 प्रकरण लंबित हैं। हितग्राहियों के द्वारा प्रदाय किये गये बैंक विवरण एवं समग्र आईडी विवरण सही नहीं होने अथवा बैंक खातों के बंद होने के कारण प्रकरण लंबित है। हितग्राहियों द्वारा सही बैंक खाते एवं समग्र आई.डी. का विवरण प्राप्त किए जाने हेतु कार्यवाही की गई है। जानकारी प्राप्त कर इन महिलाओं को योजनान्तर्गत पात्रतानुसार राशि प्रदान किए जाने की कार्यवाही सतत् रूप से की जा रही है। (ख) प्रसूति सहायता राशि भुगतान के संबंध में शासन के निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। विदिशा जिले में निर्देशों का पालन हो रहा है। (ग) दिसम्बर 2023 से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में विदिशा जिले में प्रसूति सहायता की राशि भुगतान के संबंध में सीएम हेल्पलाईन 181 के माध्यम से कुल 6465 शिकायतें प्राप्त हुई है। उनमें से 5488 शिकायतों में आवश्यक कार्यवाही कर निराकरण किया गया है। 977 शिकायतें हितग्राही के द्वारा सही बैंक खाते का विवरण एवं सही समग्र आईडी का विवरण प्रदान नहीं करने के कारण अथवा योजनान्तर्गत अपात्र होने के कारण निराकृत नहीं हुई है। इनमें हितग्राही से सही जानकारी प्राप्त कर शिकायतों के निराकरण हेतु कार्यवाही सतत् रूप से की जा रही है।
पद का दुरूपयोग किए जाने की जाँच एवं कार्यवाही
[स्कूल शिक्षा]
38. ( क्र. 698 ) श्री केशव देसाई : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2024 से 2025 प्राचार्य शासकीय उ.मा.वि. मिहोना शिक्षा विकासखण्ड रौन जिला भिण्ड द्वारा वर्ष 2024-2025 तक शाला विकास शुल्क प्राप्त की गई एवं म.प्र. शासन के द्वारा एस.एम.डी.सी. की कितनी राशि तथा डी.जी. लोक मद में कितनी राशि प्राप्त हुई? वर्षवार, दर्ज छात्र संख्या, शाला विकास शुल्क, एस.एम.डी.सी. की राशि एवं लोकमद में प्राप्त राशि में व्यय की राशि, बैंक में जमा राशि एवं ठहराव प्रस्ताव सहित पूर्ण विवरण दें? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार क्या उक्त राशि से सामग्री क्रय करने में भण्डार क्रय किया गया? यदि हाँ, तो जिन फर्मों से खरीदी की गई उन फर्मों के बिल व्हाउचर, जी.एस.टी. कटौत्रा सहित विवरण की अग्रेषण रिपोर्ट दें? यदि भण्डार क्रय नियम का पालन नहीं किया गया तो क्या प्राचार्य के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या माध्यमिक शिक्षा मण्डल भोपाल द्वारा संबल कार्डधारी छात्र/छात्राओं को बोर्ड परीक्षा शुल्क में छूट प्रदान की गई है? (घ) यदि हाँ, तो वर्ष 2020 से 2024-25 तक उक्त योजना के तहत शासकीय उ.मा.वि. मिहोना शिक्षा विकासखण्ड रौन जिला भिण्ड को कितनी राशि प्राप्त हुई? छात्रवार, वर्षवार, वसूल की गई राशि, बैंक में जमा राशि, वितरित की गई राशि एवं शेष राशि की जानकारी दें?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-01 एवं 02 अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 03 अनुसार है। भण्डार क्रय नियम का पालन किया गया है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। (घ) विद्यालय को प्रश्नांश के संदर्भ में कोई राशि प्राप्त नहीं है, अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
जीएफएमएस पोर्टल पर सुधार किया जाना
[स्कूल शिक्षा]
39. ( क्र. 699 ) श्री केशव देसाई : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शिक्षक पात्रता परीक्षा हेतु फार्म भरने के लिए आवेदक को विभाग का जीएफएमएस पोर्टल पर जानकारी अपलोड की जाती है? (ख) वर्ष 2024-25 में शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण ऐसे कितने अभ्यर्थियों के किन-किन संकुल केन्द्रों पर जीएमएफ पोर्टल पर जानकारी भरने के दौरान एसएसएस-3 के स्थान पर एसएसएस-2 एवं एसएसएस-2 के स्थान पर एसएसएस-3 सत्यापित किए जाने से अभ्यर्थियों को शिक्षक/अतिथि शिक्षक के पद पर नियुक्ति नहीं दी जा सकी है? संकुल केन्द्र एवं अभ्यर्थियों के नाम पता सहित विवरण दें? (ग) क्या विभाग द्वारा उक्त जीएमएफ पोर्टल एमपीटीईटी की जानकारी में सुधार कराने हेतु कदम उठाए गए हैं? यदि नहीं, तो कब तक उक्त पोर्टल पर सुधार कराए जाएगा? समयावधि बताएं? (घ) उक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में प्रायमरी स्कूल टीचर पात्रता परीक्षा-2020 में श्री सुमित सविता पुत्र श्री कृपाराम सविता निवासी चौरई तहसील लहार जिला भिण्ड द्वारा पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद जीएफएमएस-पोर्टल पर एमपीटीईटी की जानकारी में एसएसएस-3 के स्थान पर एसएसएस-2 सत्यापित किए जाने पर पोर्टल में सुधार करने के संबंध में आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय मध्यप्रदेश को वर्ष 2024-25 में शिकायत/आवेदन प्राप्त हुआ है? यदि हाँ, तो क्या पोर्टल पर सुधार करवा दिया गया है? यदि नहीं, तो क्यों तथा कब तक सुधार कराया जाएगा? समयावधि बताएं?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं। पात्रता परीक्षा का फॉर्म कर्मचारी चयन मंडल द्वारा एम.पी.आनलाईन के माध्यम से आनलाईन भरवाया जाता है। (ख) अतिथि शिक्षक के पद पर नियुक्ति दिये जाने का कोई प्रावधान नहीं है। सीधी भर्ती के विज्ञापित पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति पात्रता परीक्षा एवं चयन परीक्षा के आधार पर मेरिट क्रम में की जाती है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी.एम.एफ. पोर्टल एम.पी.टी.ई.टी नाम से कोई पोर्टल नहीं है। जी.एफ.एम.एस. पोर्टल पर अकादमिक सत्र समाप्ति के उपरान्त प्रतिवर्ष मई, जून माह में अतिथि शिक्षकों के रूप में कार्य करने के इच्छुक अभ्यार्थियों को अपनी जानकारी सुधार करने का अवसर प्रदान किया जाता है। अभ्यार्थियों द्वारा स्वयं जानकारी की प्रविष्टि कर संकुल प्राचार्य से सत्यापन कराया जाता है। संकुल प्राचार्य के सत्यापन उपरान्त स्कोर कार्ड जारी होता है। शैक्षणिक सत्र 2024-25 में संचालनालय के पत्र क्रमांक/अति.शि./2024-25/182 दिनांक 9/9/2024 एवं पत्र क्र./184 दिनांक 12/09/2024 अनुसार संशोधन करने की सुविधा दिनांक 15/09/2024 तक उपलब्ध कराई गई। समय-सीमा में कार्यवाही करने का दायित्व संबंधित आवेदक का है। (घ) जी हाँ। संबंधित द्वारा समय-सीमा के बाद अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया। निर्धारित समय-सीमा में ही पोर्टल पर कार्यवाही होती है। शेषांश उत्तरांश ''ग'' अनुसार।
कृषि भूमि का दुबारा विक्रय
[राजस्व]
40. ( क्र. 703 ) श्री प्रहलाद लोधी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र 47 खरगापुर अंतर्गत वर्ष 2023 एवं 2024 में ऐसे कितने मामले विभाग के संज्ञान में आए हैं जिसमें एक ही व्यक्ति द्वारा इस भूमि का दो बार विक्रय किया गया हो? (ख) क्या तहसील बल्देवगढ़ के ग्राम भेसली निवासी घीसा उर्फ घसीटा कुशवाहा पुत्र नन्ने भैया कई काछी का मामला विभाग के संज्ञान में है? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में यदि हाँ, तो मामले में विक्रेता पर क्या कार्रवाई की गई है? यदि नहीं, तो नायब तहसीलदार वृत्त डारगुवा के प्र.क्र. 681/अ-6/23-24 में पारित आदेश दिनांक 14/02/2024 के बाद विभाग द्वारा की गई कार्यवाही बतावें? (घ) प्रश्नांश (ग) मामले में विक्रेता सहित आवेदिका को विभाग द्वारा दोषी माना जावेगा? यदि हाँ, तो इनके विरूद्ध कब तक हुआ? क्या कार्रवाई की जावेगी?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जानकारी पृथक से संधारित किये जाने का प्रावधान नहीं हैं। नामांतरण प्रकरणों में इश्तहार अवधि/प्रचलन के दौरान आपत्ति आने पर गुण-दोष के आधार पर प्रकरणों का निराकरण किया जाता हैं। (ख) प्रकरण क्रमांक 681/अ-6/2023-24 में प्रचलन के दौरान रम्बू बेबा धर्मा काछी निवासी भेलसी द्वारा दिनांक 30.01.2024 को आपत्ति प्रस्तुत की गई आपत्ति के आधार पर मामला संज्ञान में आया। (ग) भूमि से संबंधित यदि कोई व्यक्ति/विक्रेता मिथ्या संव्यवहार करता है तो पीडि़त व्यक्ति भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्यवाही के लिये स्वतंत्र हैं। रजिस्ट्री की वैधानिकता की जाँच राजस्व न्यायालय द्वारा नहीं की जा सकती हैं। प्रकरण क्रमांक 681/अ-6/2023-24 में नामांतरण प्रक्रिया के दौरान रम्बू बेवा धर्मा काछी निवासी भेलसी द्वारा दिनांक 30.01.2024 को आपत्ति की गई। आपत्ति सत्य पाये जाने पर नामांतरण आवेदन दिनांक 14.02.2024 को निरस्त किया गया। (घ) यदि कोई व्यक्ति मिथ्या संव्यवहार/भूमि का दो बार विक्रय करता है तो इसके संबंध में सिविल न्यायालय को रजिस्ट्री को वैधानिकता तय करने एवं नियमानुसार कार्यवाही की अधिकारिता है। राजस्व न्यायालय को इस संबंध में अधिकारिता नहीं है।
वरिष्ठ अधिकारियों के पत्रों पर कलेक्टर टीकमगढ़ द्वारा कार्यवाही न करना
[राजस्व]
41. ( क्र. 721 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कार्यालय कलेक्टर टीकमगढ़ द्वारा अपने वरिष्ठ कार्यालय के पत्रों पर कार्यवाही नहीं की जाती है। केवल पत्रों को मार्क कर कर्तव्य की इतिश्री कर दी जाती है। मॉनीटरिंग नहीं की जाती यदि नहीं तो ऐसा क्यों? (ख) कमिश्नर सागर, संभाग सागर का पत्र क्र. 42/शाखा छः शिकायत 2025 दिनांक 29.01.2025 एवं पत्र क्र. 41 शाखा छः शिकायत/2024 सागर दिनांक-27.01.2025 व पत्र क्र. 556 दिनांक-26.12.2024 एवं प्रश्नकर्ता का पत्र क्र. 442/दिनांक-06.09.2024 पत्र क्र. 388/ दिनांक 13.08.2024 पर क्या कार्यवाही की गई विस्तृत विवरण दें? (ग) प्रश्नांश 'ख' में वर्णित पत्रों पर कार्यवाही न होने के लिये कौन-कौन दोषी है उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) क्या वरिष्ठ अधिकारियों के पत्रों पर कार्यवाही न होने से संबंधीजन पर अनुशासनात्मक कार्यवाही नहीं की जा सकती है यदि नहीं, तो क्यों? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) कलेक्टर कार्यालय टीकमगढ़ में वरिष्ठ कार्यालय से प्राप्त होने वाले पत्रों को अधीक्षक जिला कार्यालय द्वारा मार्क करने उपरांत संबंधित विभागों को भेजे जाते है एवं प्रति सप्ताह सोमवार को कलेक्टर द्वारा टी.एल. बैठक में जिले के अधीनस्थ विभागों की लंबित पत्रों की समीक्षा की जाकर मॉनीटरिंग की जाती है। (ख) कमिश्नर सागर संभाग सागर के पत्र क्र. 42/शाखा/छै:/शि./2025 दिनांक 29.01.2025 प्राप्त होने पर इस कार्यालय के पत्र क्र.113/शिकायत/2025 दिनांक 04.02.2025 एवं पत्र क्र. 41/शाखा/छै:/शि./24 दिनांक 27.01.2025 प्राप्त होने पर इस कार्यालय के पत्र क्र. 100/शि/2025 दिनांक 30.01.2025 के द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व टीकमगढ़ को जाँच प्रतिवेदन अभिमत सहित भेजने हेतु लेख किया गया है एवं स्मरण पत्र दिनांक 20.02.2025 को भेजा गया हैं। इसी प्रकार पत्र क्र. 556/24 दिनांक 26.12.2024 प्राप्त होने पर इस कार्यालय के पत्र क्र. 30/2025 दिनांक 08.01.2025 के द्वारा अपर कलेक्टर टीकमगढ़ को जाँच हेतु भेजा गया है एवं प्रश्नकर्ता मान. विधायक का पत्र क्र. 442/2024 दिनांक 06.09.2024 एवं पत्र क्र. 388 दिनांक 13.08.2024 के संबंध में जाँच दल का गठन किया गया हैं। उक्त सम्पूर्ण तथ्यों के संबंध में जाँच की कार्यवाही प्रचलित है। (ग) उत्तरांश 'ख' के प्रकाश में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) उक्त संबंध में कार्यवाही प्रचलित है, इसलिए अनुशासनात्मक कार्यवाही की स्थिति नहीं हैं।
अशासकीय स्कूलों को शासनाधीन किया जाना
[स्कूल शिक्षा]
42. ( क्र. 722 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में विगत 10 वर्ष में कुल कितने अशासकीय स्कूल शासनाधीन किये गये स्कूलों का नाम पता सहित बतायें? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित स्कूलों में कार्यरत कर्मचारियों की सूची पृथक-पृथक कर्मचारी नाम सहित योग्यता एवं पद सहित बतायें? (ग) क्या प्रश्नांश (ख) में वर्णित कर्मचारियों को निकायाधीन मान्य किया था? सभी कर्मचारियों को निकायाधीन सुविधाएं कब से प्रदान की गई? (घ) शासकीय उ.मा.वि.कारी के शासनाधीन होने पर कितने कर्मचारियों को शासकीय सुविधा प्रदान की गई नाम, पता, योग्यता सहित विस्तृत विवरण दें?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) विगत 10 वर्ष में किसी भी अशासकीय विद्यालय को शासनाधीन नहीं किया गया है। (ख) प्रश्नांश 'क' के उत्तर के प्रकाश में जानकारी निरंक है। (ग) प्रश्नांश 'ख' के उत्तर के प्रकाश में जानकारी निरंक है। (घ) विद्यालय शासनाधीन न होकर निकायाधीन है। शेषांश का प्रश्न ही उपस्थिति नहीं होता।
वेलकुआ रिपेयर की जानकारी
[जल संसाधन]
43. ( क्र. 734 ) श्री वीरसिंह भूरिया : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता विधानसभा क्षेत्र थांदला-194 के अंतर्गत सिंचाई तालाबों के वेलकुआ खराब होने से तालाबों का पानी काफी अधिक मात्रा में बह जाता है, जो कि क्षेत्र के किसानों को पानी का लाभ नहीं मिल पाता है। इस संबंध में प्रश्नकर्ता द्वारा ग्राम तलई-तालाब, तोरनिया तालाब, हेथम तालाब तीन तालाबों के वेलकुआ खराब होने के कारण से सारा पानी निकल कर बह जाता है। इनके वेलकुआ रिपेयर करने की मांग विभाग को पत्र के माध्यम से दी गई है। क्षेत्र के किसानों की मांग एवं प्रश्नकर्ता द्वारा समय-समय पर उक्त संबंध में विभाग को अवगत भी कराया गया परंतु आज दिनांक तक सरकार का ध्यान इस ओर नहीं गया है? (ख) किसानों की इस महत्वपूर्ण समस्या के संबंध में सरकार का ध्यान नहीं है। जल संसाधन विभाग से अनुरोध है कि यह जनहित का कार्य होगा या नहीं? इसका कौन जवाबदार है?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी नहीं, थांदला विधानसभा क्षेत्र में 61 लघु सिंचाई परियोजनाएं होना प्रतिवेदित है। जिनके द्वारा रबी सिंचाई की जा रही है। प्रश्न में उल्लेखित तलई-तालाब, तोरनिया तालाब, हेथम तालाब में आंशिक सीपेज प्रतिवेदित है, जिन्हें वार्षिक मरम्मत अंतर्गत सुधार कार्य कराया जाना प्रस्तावित है। (ख) किसानों की समस्या को ध्यान में रखकर शीघ्र मरम्मत कार्य कराया जाना लक्षित है।
शासकीय भूमि पर हुये अतिक्रमण को हटाना
[राजस्व]
44. ( क्र. 735 ) श्री वीरसिंह भूरिया : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता विधानसभा क्षेत्र के मेघनगर बस स्टैंड पर शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 490 पर अतिक्रमण कर बाफना बिजनेसमैन के परिवार के 07 वर्षों से हाईकोर्ट में केस चल रहा है और शासन द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। (ख) क्या आप इस अतिक्रमण को हटवाये जाने के आदेश प्रदान करेंगे या नहीं। कार्यवाही कब करेंगे और उक्त संबंध में हाईकोर्ट में जवाब आपका विभाग कब प्रस्तुत करेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) मेघनगर स्थित प्रश्नाधीन भूमि सर्वे नंबर 490 पर अनावेदकगणों के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय इंदौर में प्रथम अपील प्रस्तुत की जाकर प्रकरण क्रमांक 324/2007, 325/2007, 3 26/2007, 327/2007 प्रचलित हैं। समय-समय पर शासकीय अधिवक्ता से सम्पर्क स्थापित किया जाकर प्रकरण में शासन पक्ष मजबूती से रखा जा रहा है। (ख) प्रकरणों में द्वितीय अपर जिला न्यायाधीश झाबुआ द्वारा दिनांक 13/04/2007 को निर्णय व जयपत्र पारित किया जाकर वादी द्वारा प्रस्तुत वाद स्वीकार किया जाकर म.प्र. शासन के विरूद्ध निर्णय पारित किया गया है। अतः प्रश्नाधीन भूमि से कब्जेधारियों को वर्तमान में हटाने की कार्यवाही नहीं की जा सकती हैं। शासन पक्ष में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा जयपत्र खारिज उपरांत ही कार्यवाही की जा सकेगी। माननीय उच्च न्यायालय में शासन द्वारा अपील प्रस्तुत की गई हैं। अतः विभाग द्वारा हाईकोर्ट में जवाब प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं हैं।
मध्यप्रदेश राज्य संरक्षित स्मारकों की जानकारी
[संस्कृति]
45. ( क्र. 742 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या राज्य मंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल संभाग में किन-किन ऐतिहासिक इमारते, पुरातात्विक स्थलों, सांस्कृतिक संपत्तियों आदि अन्य को विभाग द्वारा कब-कब संरक्षित किया गया है? संरक्षित स्मारक का नाम, स्थल, कब से संरक्षित है, की जानकारी जिलेवार, तहसीलवार देवें। (ख) प्रश्नांश 'क 'के संदर्भ में उक्त स्मारकों में 1 अप्रैल 2008 से प्रश्नांकित अवधि तक किन-किन सुरक्षा एजेन्सियों द्वारा सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराये गये हैं? सुरक्षा कर्मियों के नाम, पदस्थापना स्थल, मानदेय सहित माहवार जानकारी उपलब्ध करावें। विभाग द्वारा सुरक्षा एजेन्सियों को कितना-कितना भुगतान किया गया है? एजेन्सी का नाम, भुगतान राशि सहित तहसीलवार, जिलेवार, वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) विदिशा जिले में ऐतिहासिक इमारते, पुरातात्विक स्थलों, सांस्कृतिक संपत्तियों आदि अन्य राज्य संरक्षित स्मारकों में 1 अप्रैल 2008 से प्रश्नांकित दिनांक तक कौन-कौन से सुरक्षा गार्डों को कितना-कितना मानदेय भुगतान किया गया है? सुरक्षाकर्मी का नाम, मानदेय, पदस्थापना स्थल सहित जानकारी उपलब्ध करावें तथा तहसील सिरोंज में म.प्र.राज्य संरक्षित स्मारकों पर पूर्व में लगभग 8-10 वर्षों से पदस्थ सुरक्षा गार्डों को किसके आदेश से दिनांक 27.04.2023 में हटाया गया है? आदेश की छायाप्रति उपलब्ध करावें तथा यदि बिना सूचना एवं आदेश के हटाया गया है, तो इसके लिए दोषी कौन हैं? दोषियों पर क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो कब-तक की जावेगी? (घ) प्रश्नांश 'घ' के संदर्भ में विभाग अंतर्गत विदिशा में पदस्थ पुरातत्व संग्रहालय अधिकारी/कर्मचारी की अवैध वसूली तथा आर्थिक अनियमितताओं, फर्जी भुगतान की विभाग को शिकायतें प्राप्त हुई हैं? यदि हाँ, तो उन पर क्या कार्यवाही की गई? किन-किन अधिकारियों द्वारा जाँच की गई? जाँच में दोषी कौन पाया गया? दोषियों पर कार्यवाही कब-तक की जावेगी? (ड.) प्रश्नांश 'क' के संदर्भ में रावजी की हवेली सिरोंज, अंग्रेजों की कब्रे ग्राम सारंगपुर, तहसील सिरोंज आदि राज्य संरक्षित स्मारकों को किसके आदेश से राज्य संरक्षित स्मारकों की सूची में से हटाया गया है? आदेश की छायाप्रति उपलब्ध करावें तथा क्या प्रश्नकर्ता के पत्र क्रमांक 381/बीपीएल/2023 दिनांक 11.05.2023 आयुक्त पुरातत्व अभिलेखागार, बाणगंगा रोड भोपाल तथा पत्र क्रमांक 382/बीपीएल/2023 दिनांक11.05.2023, पत्र क्र. 393/बीपीएल/2023 दिनांक 16.05.2023 कलेक्टर विदिशा को तथा पत्र क्रमांक 384/बीपीएल/2023 दिनांक 11.05.2023 प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन को प्राप्त हुए हैं? यदि हाँ, तो उक्त पत्रों पर क्या-क्या कार्यवाही की गई? पत्र की पावती एवं कृत कार्यवाही से प्रश्नकर्ता को कब-कब अवगत कराया गया? पत्रों की छायाप्रति उपलब्ध करावें तथा यदि कार्यवाही नहीं की गई, तो इसके लिए दोषी कौन हैं? दोषियों पर क्या कार्यवाही की जावेगी? बतावें तथा उक्त ऐतिहासिक रावजी की हवेली को म.प्र.राज्य संरक्षिक स्मारकों में शामिल कब-तक कर लिया जावेगा?
राज्य मंत्री, संस्कृति ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
एम्ब्यूलेंस संबंधी जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
46. ( क्र. 743 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या उपमुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में 2014 प्रारंभ से प्रश्नांकित दिनांक तक 108 संजीवनी एम्बुलेंस एवं अन्य कौन-कौन से वाहनों का संचालन कौन सी कंपनी द्वारा किया जा रहा है? विकासखण्डवार, जिलेवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कंपनी को कब टेंडर किया गया है? टेंडर प्रकाशन से लेकर टेंडर के पूर्ण होने तक के समस्त दस्तावेज उपलब्ध करावें? क्या कंपनी मध्यप्रदेश से बाहर की गाड़ियां संचालित कर रही हैं? यदि हाँ, तो कैसे? मध्यप्रदेश को परिवहन शुल्क और रोड टेक्स का नुकसान हुआ है? यदि नुकसान हुआ तो कितना? नुकसान के उत्तरदायी कौन है? क्या कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में एम्बुलेंस सेवा पंजी राइट को कितना भुगतान कार्यादेश होने के बाद कब-कब, कितना-कितना भुगतान किया गया है? विकासखण्डवार, जिलेवार भुगतान की समस्त दस्तावेजों सहित उपलब्ध करावें। क्या भुगतान में आर्थिक अनियमितता की शिकायतें प्राप्त हुई हैं? यदि हाँ, तो उन शिकायतों पर क्या कार्यवाही की गई? किन-किन अधिकारियों द्वारा जाँच की गई? जाँच में दोषी कौन-कौन पाये गये तथा यदि जाँच नहीं की गई? तो कब-तक की जावेगी? समय-सीमा बतावें। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के संदर्भ में एम्बुलेंस प्रदाता कंपनी द्वारा मध्यप्रदेश में कितनी एम्बुलेंस चलायी जा रही हैं? सभी गाड़ियों के नंबर उनकी आरसी बुक और कौन सी गाड़ी किस माह कितनी किलोमीटर चली है उसकी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। साथ ही एम्बुलेंस से वंजी रोहित में प्रतिमाह कितना भुगतान एम्बुलेंसवार किया जा रहा है? भुगतान की जानकारी उपलब्ध करावें। (ङ) प्रश्नांश (घ) के संदर्भ में पूर्व में जो कंपनी काम करती थी उसको कितना भुगतान किया गया? प्रतिमाह किये गये भुगतान की जानकारी विकासखण्डवार, जिलेवार वर्षवार उपलब्ध करावें तथा अब कितना भुगतान किया जा रहा है तुलनात्मक विवरण भी उपलब्ध करावें।
उपमुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) मध्यप्रदेश में 2014 प्रारंभ से प्रश्नांकित दिनांक तक संचालित संजीवनी - 108 एम्बुलेंस तथा जननी एक्सप्रेस वाहनों के संचालनकर्ता कंपनियों की वर्षवार, विकासखंडवार तथा जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ख) उत्तरांश ''क'' के सन्दर्भ में उक्त कंपनियों को प्रदायित टेंडर की दिनांकवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। टेंडर प्रकाशन से लेकर टेंडर के पूर्ण होने तक के समस्त दस्तावेज राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के आधिकारिक लिंक https://www.nhmmp.gov.in/Webcontent/tender/ 20210809133623021_tenderdocument.pdf तथा जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार। जी हाँ। निविदा प्राप्त कंपनी को 108 एम्बुलेंस तथा जननी एक्सप्रेस वाहनों का संचालन, निष्पादित अनुबंध की कण्डिका 4.3 Operation and Management Phase की उप-कण्डिका B.AMBULANCES/VEHICLES (20) अनुसार किया जाना है जिसको दृष्टिगत रखते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, म.प्र. के कार्यालयीन पत्र क्र./ एन.एच.एम./आईआरटीएस/2023-23/6030 भोपाल, दिनांक 11.08.2023, क्र./एन.एच.एम./ आईआरटीएस/2023-24/485 भोपाल, दिनांक 18.01.2024, क्र./एन.एच.एम./आईआरटीएस/2023-24/ 1231 भोपाल, दिनांक 26.02.2024 तथा क्र./एन.एच.एम./आईआरटीएस/2024-25/2378 भोपाल, दिनांक 24.04.2024 द्वारा परिवहन शुल्क और रोड टेक्स पर यथोचित कार्यवाही करने हेतु कम्पनी को निर्देशित किया गया है। पत्रों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार। शेष जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) उत्तरांश ''ख'' के सन्दर्भ में एम्बुलेंस सेवा 108 के अनुबंधित कंपनी को किए गए केन्द्रीयकृत भुगतान की जानकारी एवं इस संबंधी दस्तावेज की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''फ'' अनुसार। विकासखंडवार, जिलेवार भुगतान नहीं किये जाने के कारण प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जी हाँ। प्राप्त शिकायत एवं उन पर की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ज'' अनुसार। प्रश्नांश के प्रथम भाग में दिए गए उत्तर के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता। (घ) उत्तरांश 'क', 'ख' एवं 'ग' के सन्दर्भ में एम्बुलेंस सेवा हेतु अनुबंधित कंपनी द्वारा वर्तमान में समूचे प्रदेश में कुल 2061 एम्बुलेंस चलाई जा रही हैं। सभी संचालित वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर एवं प्रतिमाह चली किलोमीटर हेतु ओडोमीटर रीडिंग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ह'' अनुसार। भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''फ'' अनुसार। (ड.) उत्तरांश (घ) के सन्दर्भ में एम्बुलेंस सेवा हेतु पूर्व में अनुबंधित कम्पनी को किये गए केन्द्रीयकृत भुगतान की वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''फ'' अनुसार। केन्द्रीयकृत भुगतान होने के कारण विकासखण्डवार व जिलेवार जानकारी का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। पूर्व में किए गए भुगतान एवं अब किए जा रहे भुगतान के तुलनात्मक विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''क'' अनुसार।
ब्लॉक एवं तहसील टप्पा बनाया जाना
[राजस्व]
47. ( क्र. 759 ) श्री मोंटू सोलंकी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा कितनी आबादी के आधार पर तहसील को ब्लॉक का दर्जा दिया जा सकता है नवीन ब्लॉक गठन के संबंध में नियमावली क्या है उपलब्ध करावे? (ख) सेंधवा विधानसभा अन्तर्गत तहसील वरला में 46 ग्राम पंचायत है जिनका ब्लॉक सेंधवा है जो वरला के कुछ ग्रामों से 70 कि.मी. से अधिक है ऐसे में लोगों द्वारा वरला तहसील को अलग ब्लॉक बनाने की मांग की गई है क्या शासन के पास वरला ब्लॉक बनाने की कोई कार्य योजना है? यदि हाँ तो कब तक वरला तहसील को अलग ब्लॉक का दर्जा मिल पावेगा? (ग) ग्राम पंचायत चाचरिया विकासखण्ड सेंधवा को अलग टप्पा तहसील बनाने की मांग चाचरिया के ग्रामीणों द्वारा लगातार की गई है क्या उक्त संबंध में शासन के पास कोई कार्य योजना है यदि हाँ, तो कब तक उक्त योजना अमल में लाई जावेगी? (घ) ग्राम पंचायत चाचरिया एक बड़ा ग्राम है किन्तु चाचरिया में आज तक केवल चौकी है जबकि चाचरिया क्षेत्र के आस-पास के कई ग्राम चाचरिया से सीधे जुड़े हैं क्या ऐसे में शासन के द्वारा चाचरिया में थाना स्थापित किया जा सकता है यदि हाँ तो कब तक ग्राम चाचरिया में थाना स्थापित हो सकेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) राजस्व विभाग की अधिसूचना क्रमांक 79 दिनांक 12 मार्च, 2024 अनुसार म.प्र. प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग गठित किया है जो विकासखण्डों सहित नवीन प्रशासनिक इकाइयों के गठन हेतु मार्गदर्शी सिद्धान्तों के संबंध में अनुशंसा करेगा। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। ब्लॉक गठन का कार्य भारत सरकार के अध्याधीन है। (ख) जानकारी उत्तरांश (क) अनुसार है। (ग) उप तहसील कार्यालय (टप्पा) कार्यालय खोले जाने के संबंध में विभाग के पत्र क्रमांक एफ 1-3/2015/सात/शा-6 दिनांक 16/01/2015 द्वारा समस्त कलेक्टरों को निर्देश दिये गये है। कलेक्टर स्वयं उपलब्ध स्टाफ का उपयोग कर उप तहसील (टप्पा) कार्यालय खोले जाने का निर्णय लेने हेतु सक्षम है। (घ) प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है।
ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा व्यवस्था
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
48. ( क्र. 763 ) श्री मोंटू सोलंकी : क्या उपमुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा सेंधवा क्षेत्र में शासन द्वारा लाखों रूपये की लागत से बड़े आयुष्मान आरोग्य मंदिर/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र निर्मित किए गए है किन्तु उक्त अस्पतालों में पर्याप्त संसाधन नहीं होने तथा चिकित्सक नहीं होने की वजह से ग्रामीण क्षेत्र मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिलता तथा वे इलाज के आभाव में भटकते रहते है शासन द्वारा ऐसे अस्पतालों में कब तक अच्छे इलाज की सुविधा मुहैया करवाई जावेगी तथा सेंधवा विधानसभा में निर्मित आयुष्मान आरोग्य मंदिर/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर उपलब्ध संसाधन और सुविधाओं को केन्द्रवार सूची देवें? (ख) सेंधवा विधानसभा में ग्राम बलवाड़ी, धवली, वरला, धनोरा और चाचरिया क्षेत्र के बड़े ग्राम है उक्त ग्रामों के अस्पतालों से आस-पास के बहुत से ग्राम जुड़े हैं किन्तु उक्त अस्पतालों में सुविधा नहीं होने से मरीजों को रेफर कर दिया जाता? क्या विभाग द्वारा उक्त ग्रामों में 50 बिस्तरीय अस्पताल स्वीकृत किये जायेंगे यदि हाँ, तो कब तक? (ग) सेंधवा विधानसभा क्षेत्र में संचालित शासकीय अस्पतालों में एम्बुलेस सुविधा नहीं होने से दुर्घटनाग्रस्त एवं गंभीर मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता है जिससे कई बार जनहानी हो जाती है उक्त अनुसार सेंधवा विधान सभा अंतर्गत शासकीय एम्बुलेंस की अस्पतालवार जानकारी देवें तथा एम्बुलेंस नहीं होने की स्थिति में कब तक आवश्यक एम्बुलेंस सेवा मिल जावेगी?
उपमुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) विधानसभा सेंधवा क्षेत्र में कुल 90 आयुष्मान आरोग्य मंदिर क्रियाशील है समस्त आयुष्मान आरोग्य मंदिर में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र 03 में चिकित्सक का पद रिक्त है जिसकी भर्ती की प्रक्रिया निरंतर है। सेंधवा विधानसभा क्षेत्र में निर्मित आयुष्मान आरोग्य मंदिर/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर उपलब्ध संसाधन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' एवं स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। (ख) सेंधवा विधानसभा क्षेत्र में मध्यप्रदेश शासन, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग मंत्रालय के आदेश क्रमांक 834/ पी.एच.एफ.डब्ल्यू.-579/2024/सत्रह/मेडि-3 भोपाल, दिनांक 09.09.2024 के द्वारा 06 बिस्तरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र धवली का उन्नयन कर 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वास्थ्य संस्थाओं की स्थापना/उन्नयन विभाग की निरंतर प्रक्रिया है, स्वास्थ्य संस्थाओं की स्थापना/उन्नयन स्थानीय जनसंख्या, संस्था का बेड ऑक्यूपेंसी रेट, स्थानीय आवश्यकता, नजदीकी स्वास्थ्य संस्थाओं की दूरी तथा वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर निर्धारित की जाती है। तदानुसार 50 बिस्तरीय अस्पताल स्वीकृत करने की निश्चित दिनांक बताया जाना संभव नहीं है। (ग) सेंधवा विधानसभा क्षेत्र में कुल 08 एम्बुलेंस (04 बी.एल.एस. एवं 04 जननी एम्बुलेंस) उपलब्ध है जिनके द्वारा दुर्घटनाग्रस्त एवं गंभीर मरीजों को त्वरित उपचार हेतु अस्पतालों में परिवहन हेतु अस्पतालों में परिवहन सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
तालाबों से खेती की सिंचाई
[जल संसाधन]
49. ( क्र. 764 ) श्री मोंटू सोलंकी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा सेंधवा क्षेत्र की तहसील वरला अन्तर्गत टोरी तालाब से कितने ग्राम के किसानों को सिंचाई हेतु जल प्रदाय किया जाता है सूची उपलब्ध करावें तथा उक्त तालाब का रख-रखाव पर शासन द्वारा कितना व्यय किया जाता है क्या यह सही है कि ग्राम हिंगवा से मात्र 3 कि.मी. दूर स्थित ग्राम वरला को उक्त तालाब का पानी प्रदाय नहीं किया जाता है यदि हाँ तो कब तक वरला एवं उसके आस-पास के ग्रामों को उक्त तालाब का पानी मिल पावेगा समय-सीमा बतावें? (ख) विधानसभा क्षेत्र सेंधवा स्थित रलावटी तालाब के आस-पास सहायक नहरें बनी है किन्तु उक्त तालाब का मेन्टनेंस नहीं होकर सहायक नहरों की स्थिति खराब है जिस कारण आस-पास के ग्रामों को उक्त तालाब से पानी नहीं मिलता है क्या विभाग द्वारा उक्त तालाब की नहरों को व्यवस्थित कर उसके आस-पास के ग्रामों को पानी प्रदाय किया जावेगा यदि हाँ तो कब तक? (ग) विभाग द्वारा विधानसभा सेंधवा क्षेत्र में कितनी लागत के कितने बैराज निर्मित किए गए है उक्त बैराजों में से कितने बैराज उपयोगी एवं कितने अनुउपयोगी है सूची उपलब्ध करावें? क्या विभाग द्वारा अनुउपयोगी बैराजों के स्थान पर किसानों के हित में नवीन निस्तार तालाब स्वीकृत किए जा सकते है यदि हाँ तो कब तक समय-सीमा बतावें?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) विधानसभा सेंधवा क्षेत्र की तहसील वरला अंतर्गत टोरी तालाब से 07 ग्रामों क्रमशः-हिंगवा, सेली, किरमला, बरला, खुटवाडी, बलवाडी एवं होल के किसानों को सिंचाई हेतु जल प्रदाय किया जाना प्रतिवेदित है। उक्त तालाब के रख-रखाव पर शासन द्वारा कोई भी राशि व्यय नहीं की जाना प्रतिवेदित है। जी नहीं वरला ग्राम में वरला माईनर से सिंचाई हेतु जल प्रदाय किया जाता है तथा वरला के आस-पास के ग्रामों में वरला बैराज द्वारा सिंचाई हेतु जल प्रदाय किया जाना प्रतिवेदित है। अतः शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) विधानसभा क्षेत्र सेंधवा स्थित रलावती तालाब योजना की 02 मुख्य नहरें है। नहरों को प्रवाहमान बनाये जाने हेतु प्रतिवर्ष रबी सिंचाई पूर्व साफ-सफाई का कार्य कराया जाना प्रतिवेदित है। दांयी नहर से ग्राम रनावती चिकली, सेवन्या पानी एवं मोडदड़ तथा बांयी तट नहर से ग्राम मोहाला, हिंदली, गोदी, शाहपुरा एवं बावगढ़ ग्रामों को सिंचाई हेतु उक्त तालाब का पानी उपलब्ध कराया जाता है। अतःशेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) विभाग द्वारा सेंधवा विधानसभा क्षेत्र में राशि रू.6178.33 लाख की लागत से 15 बैराज निर्मित हैं एवं सभी बैराज वर्तमान में उपयोगी है। सूची संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।
आधिपत्यधारियों के स्वत: एवं आधिपत्य का सर्वे
[राजस्व]
50. ( क्र. 765 ) श्री मोंटू सोलंकी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि सेंधवा शहर जिन भूमियों पर स्थापित है। उन भूमियों के आधिपत्यधारियों के स्वत: एवं आधिपत्य का सर्वे एवं निर्धारण किये बगैर नजूल को किस आधार पर अंकित किया है।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : कार्यालय जिला अध्यक्ष भू-अभिलेख पश्चिम निमाड खरगौन के पत्र क्रमांक 2689/क्यू/भू-अभि/72, खरगौन दिनांक 10/07/1972 द्वारा नगर सेंधवा की नजूल भूमि की घोषणा दिनांक 07/06/1972 को की जाकर सेंधवा स्थित शासकीय भूमि को नजूल भूमि घोषित किया गया है, जो कि पूर्व से ही शासकीय मद में दर्ज थी।
शॉपिंग काम्प्लेक्स से अतिक्रमण हटाया जाना
[राजस्व]
51. ( क्र. 772 ) श्री विपीन जैन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर स्थित कालाखेत पर साठिया समुदाय द्वारा शॉपिंग काम्प्लेक्स पर अवैध रूप से किए गए कब्जे को अतिक्रमण से मुक्त किए जाने के संबंध में प्रश्नकर्ता के पूर्व प्रश्नों पर क्या-क्या कार्यवाही वर्तमान दिनांक तक की गई है, कार्यवाही से अवगत कराये। (ख) प्रश्नकर्ता द्वारा इस संबंध में शून्य काल सूचना क्र. 21 में प्रेषित उत्तर में जिला प्रशासन के सहयोग से कालाखेत स्थित दुकानों का अतिक्रमण वर्षाकाल बाद हटाने को कहाँ गया था वर्षाकाल बीते चार माह से भी अधिक समय हो गया है अभी तक अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही क्यों नहीं की गई है? (ग) इन्हें वहां से हटाकर अन्यत्र विस्थापित करने हेतु स्थानीय प्रशासन की क्या प्लानिंग है? क्या प्रशासन इस हेतु गंभीर नहीं है?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) मंदसौर स्थित कालाखेत पर साठिया समुदाय द्वारा शापिंग काम्पलेक्स पर अवैध रूप से किए गए कब्जे को अतिक्रमण से मुक्त किए जाने के संबंध में समय-समय पर कार्यवाही की गई है परंतु साठिया समाज के लोग पुनः उसी स्थान पर आकर अस्थाई रूप से निवास करने लगते है। (ख) मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिका मंदसौर से प्राप्त जानकारी अनुसार कालाखेत स्थित शापिंग काम्पलेक्स दुकानों का निर्माण मध्यप्रदेश गृह निर्माण मण्डल के द्वारा किया जाकर शिक्षा विभाग को हैण्डओवर किया गया है जो सम्पत्ति शिक्षा विभाग की होकर उनके आधिपत्य में है निकाय द्वारा वर्ष 2021 में प्रशासन के सहयोग से अतिक्रमण हटाया गया था किन्तु साठिया समाज कुछ दिनों बाद पुनः उक्त स्थल पर आकर बस जाते है। साठिया समुदाय के लोगों को कालाखेत से अन्यत्र विस्थापित करने हेतु स्थानीय प्रशासन द्वारा सर्वे कार्य करवाया जा रहा है। (ग) साठिया समुदाय के लोगों को कालाखेत से अन्यत्र विस्थापित करने हेतु स्थानीय प्रशासन द्वारा सर्वे कार्य करवाया जा रहा है।
जिला चिकित्सा की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
52. ( क्र. 795 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या उपमुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्य चिकित्सा अधिकारी धार द्वारा वर्ष 2022-23, 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक एन.एच.एम. की राशि से कौन-कौन सी साम्रगी, औषधि, उपकरण आदि स्थानीय स्तर पर क्रय किये गये है? तिथिवार सूची, साम्रग्रीवार, कीमत सहित उपलब्ध करावे? उक्त अवधि में स्टोर कीपर तथा खरीदी प्रभारी लिपिक की पद पर कौन-कौन पदस्थ थे? तिथिवार, नामवर सूची उपलब्ध करावे? (ख) एन.एच.एम. की राशि से क्रय की गई समस्त प्रकार की सामग्रियों के निविदा प्रक्रिया के समस्त दस्तावेज उपलब्ध करावे साथ ही क्रय समिति के प्रस्ताव तथा सक्षम अधिकारी से लिए गए अनुमोदन की नोटशीट तथा नस्तियों की प्रतियां उपलब्ध करावें? (ग) डी.पी.एम. द्वारा प्रिंट आई.एन.जी. का कार्य स्टोर कीपर से ना करवाकर स्वयं ही किस नियम के आधार पर कराया जा रहा है? नियमावली/शासन के सर्कुलर की प्रति उपलब्ध करावे?
उपमुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। उक्त अवधि में निम्न स्टोर कीपर तथा खरीदी प्रभारी लिपिक पदस्थ थे-
क्र. |
वर्ष |
स्टोर कीपर |
प्रभारी क्रय लिपिक |
1. |
01 अप्रैल 2022 से 28 अक्टूबर 2024 तक |
दीपक चौधरी |
अजय मसानी |
2. |
28 अक्टूबर 2024 से 02 फरवरी 2025 तक |
अक्षय चंदेल |
अजय मसानी |
3. |
03 फरवरी 2025 से निरंतर |
अक्षय चंदेल |
विजय कन्नौज |
(ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' एवं ''स'' अनुसार। (ग) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश भोपाल के पत्र क्रमांक 4359 दिनांक 02.06.2023 के अनुसार एन.एच.एम. अंतर्गत गतिविधियों का क्रियान्वयन जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई द्वारा नियमानुसार किया जाता है। सर्कुलर की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार।
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के नवीन कार्यालय का निर्माण
[राजस्व]
53. ( क्र. 810 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी विधानसभा 96 अंतर्गत शहपुरा तहसील मुख्यालय, जनपद मुख्यालय होने के साथ ही नगर परिषद क्षेत्र हैं एवं शहपुरा तहसील शहपुरा, चरगवा एवं बेलखेड़ा सर्किलों में विभाजित हैं। क्या बड़ी संख्या में लोगों के आने पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व का कार्यालय का क्षेत्रफल अत्यंत कम होने से जगह की कमी पड़ती है। अत: क्या शहपुरा में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के नवीन आधुनिक कार्यालय निर्माण की माँग लगातार की जा रही हैं? (ख) क्या इस संबंध में कोई प्रस्ताव या योजना शासन के पास लम्बित हैं? यदि हाँ, तो क्या है? नहीं तो निर्माण की स्वीकृति कब तक प्रदान की जा सकती हैं? जानकारी प्रदान करने का कष्ट करें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ शहपुरा में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के नवीन आधुनिक कार्यालय भवन के निर्माण की माँग की गई है। (ख) नवीन आधुनिक कार्यालय भवन निर्माण के प्राप्त प्रस्ताव के संदर्भ में नियमानुसार आवश्यक जानकारियों की पूर्ति कलेक्टर जबलपुर से कराई जा रही है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
राजस्व प्रकरणों का निराकरण
[राजस्व]
54. ( क्र. 812 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत तहसील शहपुरा एवं जबलपुर अंतर्गत जनवरी 2023 से प्रश्नांश दिनांक तक फौती, नामांतरण सीमांकन एवं अविवादित बंटवारा के कितने प्रकरण प्राप्त हुये? नाम सहित अलग-अलग सूची उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) प्रकरणों में कितने-कितने प्रकरण का निराकरण कब-कब किया गया एवं कितने प्रकरण लंबित हैं? प्रकरण लंबित रहने के क्या कारण हैं? कब तक निराकरण कर दिया जावेगा? समय-सीमा बतायें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) बरगी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत तहसील शहपुरा एवं जबलपुर अंतर्गत जनवरी 2023 से प्रश्नांश दिनांक तक फौती, नामांतरण सीमांकन एवं अविवादित बंटवारा की जानकारी निम्नानुसार है।
प्रकरण का विवरण |
प्राप्त आवेदन |
फौती |
2806 |
नामांतरण |
13044 |
सीमांकन |
5220 |
अविवादित बंटवारा |
1391 |
जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) निराकृत प्रकरणों की संख्या -
प्रकरण का विवरण |
निराकृत आवेदन |
लंबित आवेदन |
फौती |
2498 |
308 |
नामांतरण |
12249 |
795 |
सीमांकन |
4754 |
466 |
अविवादित बंटवारा |
1241 |
150 |
प्रकरणों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा में किया गया है। उपरोक्त तालिका अनुसार लंबित प्रकरण समय-सीमा में लंबित है एवं लंबित प्रकरणों में न्यायालयीन प्रक्रिया पूर्ण होने पर विधि अनुसार प्रकरणों का निराकरण यथाशीघ्र शासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा में किया जाता है।
स्कूल भवन निर्माण की जानकारी
[स्कूल शिक्षा]
55. ( क्र. 813 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत विकासखण्ड शहपुरा एवं जबलपुर अंतर्गत कितने प्राथमिक शाला/ माध्यमिक शाला/हाई स्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूल संचालित हैं? सूची उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) सूची अनुसार कौन-कौन सी शालायें भवन विहीन है एवं कितनी जर्जर और मरम्मत योग्य हैं? प्रश्नकर्ता द्वारा जनवरी 2024 से प्रश्नांश दिनांक तक कब-कब किन-किन स्कूल भवनों के निर्माण हेतु विभाग को पत्र लिखा गया उस पर क्या कार्यवाही की गई? (ग) भवन विहीन शालाओं में कब तक भवन निर्माण एवं मरम्मत का कार्य करा दिया जावेगा?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक पर है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो पर एवं शेषांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-तीन पर है। (ग) शालाओं में नवीन भवन निर्माण बजट की उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर है। अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
अशासकीय स्कूलों के संचालन की मान्यता
[स्कूल शिक्षा]
56. ( क्र. 817 ) श्री बृजेन्द्र सिंह यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अशोकनगर जिले में स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत कितने अशासकीय स्कूल संचालित है, नाम एवं स्थान सहित जानकारी देवें। (ख) वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक कितने अशासकीय स्कूलों को संचालन करने के लिये मान्यता प्रदान की गई है? (ग) मान्यता हेतु क्या मापदण्ड हैं? परिपत्र की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (घ) क्या सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों के मापदण्डों का भौतिक सत्यापन कर लिया गया है? यदि हाँ, तो कौन-कौन से स्कूल का किस-किस अधिकारी द्वारा कब-कब सत्यापन किया गया है, दिनांकवार सत्यापन अधिकारी का नाम सहित जानकारी देवें। (ड.) क्या कभी अवैधानिक तरीके से अशासकीय स्कूल संचालन करने की जानकारी प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया अथवा लोगों द्वारा की गई है? अगर हां, तो उस पर क्या कार्यवाही की गई है? कार्यवाही आदेश की प्रति उपलब्ध करावें। यदि नहीं, की गई है तो क्यों?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-तीन अनुसार है। (घ) स्कूलों को मान्यता प्रदान किये जाने के पूर्व एक निरीक्षण दल गठित कर अशासकीय विद्यालयों का भौतिक सत्यापन कराया जाता है एवं जो संस्थाएं मान्यता के मापदण्ड की पूर्ति करती है उन्हें ही नियमानुसार मान्यता प्रदान की जाती है। जिला अशोकनगर में वर्ष 2025-26 में अशासकीय हाई/हायर सेकेण्डरी विद्यालयों के सत्यापन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-चार-अनुसार है। (ड.) ऐसा कोई प्रकरण संज्ञान में नहीं आये है। शिकायत प्राप्त होने पर जाँच के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जाती है।
अशासकीय पैथोलॉजी लैब का संचालन
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
57. ( क्र. 818 ) श्री बृजेन्द्र सिंह यादव : क्या उपमुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अशोकनगर जिले में स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत कितने अशासकीय पैथोलॉजी लैब संचालित है, नाम एवं स्थान सहित जानकारी देवें। (ख) वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक कितने अशासकीय पैथोलॉजी लैब को संचालन करने के लिये मान्यता प्रदान की गई है? (ग) मान्यता हेतु क्या मापदण्ड हैं? परिपत्र की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (घ) क्या सभी मान्यता प्राप्त पैथोलॉजी लैबो के मापदण्डों का भौतिक सत्यापन कर लिया गया है? यदि हाँ, तो कौन-कौन से पैथोलॉजी लैब का किस-किस अधिकारी द्वारा कब-कब सत्यापन किया गया है, दिनांकवार सत्यापन अधिकारी का नाम सहित जानकारी देवें। (ड.) क्या कभी अवैधानिक तरीके से अशासकीय पैथोलॉजी लैब संचालन करने की जानकारी प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया अथवा लोगों द्वारा की गई है? अगर हां, तो उस पर क्या कार्यवाही की गई है? कार्यवाही आदेश की प्रति उपलब्ध करावें। यदि नहीं, की गई है तो क्यों?
उपमुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) अशोकनगर जिले में स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत संचालित अशासकीय पैथोलॉजी लैबों की नाम एवं स्थानवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ख) वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक 19 अशासकीय पैथोलॉजी लैबों के संचालन हेतु मान्यता प्रदान की गई है। (ग) अशासकीय पैथोलॉजी लैब के संचालन हेतु मापदण्ड मध्यप्रदेश उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन) अधिनियम, 1973 तथा नियम, 1997 (यथासंशोधित) 2021 में प्रावधानित है। अधिसूचना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। (घ) जी हाँ। पैथोलॉजी लैब के सत्यापनकर्ता अधिकारियों की नामवार, दिनांकवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार। (ड.) जी हाँ। जिला अशोकनगर में अवैधानिक तरीके से अशासकीय पैथोलॉजी लैब संचालन के संबंध में प्रिंट मीडिया के माध्यम से प्राप्त जानकारी के आधार पर जिला स्तरीय निरीक्षण उपरांत मुंगावली में 02 पैथोलॉजी एवं नईसराय में 01 लैब को म.प्र. उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन) अधिनियम, 1973 की कंडिका 3 के अनुक्रम में सील किया गया है। कार्यवाही आदेश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार।
वित्तीय एवं निर्माण कार्यों की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
58. ( क्र. 823 ) श्री मधु भगत : क्या उपमुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले में वर्ष 2020-21, 2021-22, 2022-23, 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक समस्त प्रकार से कितनी-कितनी राशि किस-किस कार्य हेतु शासन से आवंटित हुई तथा उक्त राशि को किस-किस कार्य में खर्च की गई ब्यौरा उपलब्ध करावे? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित समस्त मदों/राशि से किस-किस कार्य हेतु निविदा कार्यवाही की गई तथा किन-किन कार्यों में निविदा प्रक्रिया ना कर बगैर निविदा के कार्य करवाकर भुगतान किया गया ब्यौरा देवें? (ग) प्रश्न (क) एवं (ख) में उल्लेखित समस्त कार्यों में किस-किस कार्य एजेंसी या निविदाकार फर्म या अन्य को कितनी-कितनी राशि का भुगतान किस-किस तिथि को किया गया जानकारी दी जावें। (घ) बालाघाट में कायाकल्प/नवीनीकरण/मरम्मत किए गए भवनों या अन्य समस्त कार्यों में कितनी-कितनी राशि किसे भुगतान की गई? उक्त कार्यों में विगत 3 वर्षों में कितनी अनियमितता संबंधी कितनी शिकायत प्राप्त हुई? क्या निराकरण किया गया जाँच कमेटी की कार्यवाही से अवगत करावे? (ड.) अपैक्स किडनी केयर कंपनी द्वारा जिले में डायलेसिस विभाग में विगत 3 वर्षों की निविदा पर कार्यवाही एवं कर्मचारियों के वेतन भुगतान की जानकारी उपलब्ध करावे?
उपमुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। कार्यों में निविदा प्रक्रिया ना कर बगैर निविदा के कार्य करवाकर भुगतान की जानकारी निरंक है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार। विगत 3 वर्षों में अनियमितता संबंधी शिकायत की जानकारी निरंक है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) डायलिसिस सेवाओं हेतु राज्य स्तरीय निविदा के माध्यम से चयनित सेवा प्रदाता कंपनी अपेक्स किडनी केयर प्रा.लि. कंपनी द्वारा विगत 03 वर्षों से डायलिसिस सेवायें प्रदान की जा रही है। निविदा अनुसार डायलिसिस सत्र के आधार पर भुगतान किया जा रहा है। सेवा प्रदाता कंपनी अपेक्स किडनी केयर प्रा.लि. कंपनी के निविदा शर्तों के अनुरूप, उनके द्वारा नियुक्त कर्मचारियों को किए गए वेतन भुगतान की जानकारी विभाग द्वारा संकलित नहीं की जाती है।
स्थायीकर्मी बना कर हितलाभ दिया जाना
[राजस्व]
59. ( क्र. 867 ) श्री राजेश कुमार शुक्ला : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले की तहसीलों में कार्यरत सेक्शन राइटर (खंड लेखक) को स्थायीकर्मी बनाए जाने हेतु कलेक्टर छतरपुर ने माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश एवं शासन के दिशा-निर्देशों के परिपालन में अपने 02 आदेशों क्रमशः क्र.0088/बी -121/याचिका/सेक्शन राइटर/2023-24 छतरपुर दिनांक 10.01.2024 एवं क्र./118/स्था। /सेक्शन राइटर/2024 छतरपुर दिनांक 28.06.24 द्वारा कितने खंड लेखकों को स्थायीकर्मी बनाने का आदेश किया था। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुक्रम में कितने सेक्शन राइटर को म.प्र. शासन वित्त एवं राजस्व विभाग से हितलाभ भुगतान हेतु अनुमति मिल चुकी है। कितने शेष है? शेष सेक्शन राइटर को किस कारण अनुमति नहीं मिल पा रही है। इन्हें कब तक अनुमति मिल जाएगी।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश एवं शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के परिपालन में कलेक्टर छतरपुर के आदेश क्र. 0088/बी-121/ याचिका/सेक्शन राइटर/2023-24 छतरपुर दिनांक 10.01.2024 द्वारा 25 सेक्शन राइटरों को तथा आदेश क्रमांक/118/स्था/सेक्शन राइटर/2024 दिनांक 28.06.24 द्वारा 03 खंड लेखकों को स्थायीकर्मी बनाने का आदेश जारी किया गया है। (ख) कलेक्टर छतरपुर के आदेश क्र. 0088/बी-121/ याचिका/ सेक्शन राइटर/2023-24 दिनांक 10.01.2024 से 25 सेक्शन राइटरों को एवं आदेश क्रमांक/118/ स्था/ सेक्शन राइटर/2024, दिनांक 28.06.2024 द्वारा 03 सेक्शन राइटरों को स्थायीकर्मी बनाने का आदेश किया जाकर हितलाभ भुगतान हेतु म.प्र. शासन वित्त एवं राजस्व विभाग को प्रेषित किया गया है, जिसके अनुक्रम में 11 सेक्शन राइटरों को म.प्र. शासन वित्त एवं राजस्व विभाग के आदेश क्रमांक एफ 3-1/2/0012/2023/सात/4, दिनांक 17.01.2025 से अनुमति जारी की गई है। शेष सेक्शन राइटर को स्थाईकर्मी मान्य किये जाने हेतु प्रस्ताव माननीय न्यायालय द्वारा पारित आदेश के अनुक्रम में परीक्षण उपरांत वित्त विभाग को सहमति हेतु प्रेषित किये जावेंगे। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
संविदा, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के 05 वर्षों का ब्यौंरा
[पर्यटन]
60. ( क्र. 868 ) श्री राजेश कुमार शुक्ला : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा विगत 05 वर्षों में छतरपुर जिले में किए गए निर्माण, जीर्णोद्धार, मरम्मत आदि का विवरण, स्थान, मूल्य आदि सहित प्रदाय करें। सभी कार्यों की भौतिक स्थिति क्या है। (ख) विभाग को विगत 05 वर्षों में केंद्र, राज्य या अन्य एजेंसी से कितना बजट मिला। इन बजट से क्या-क्या कार्य हुए? किए गए कार्यों का विवरण (लागत, कार्य की प्रकृति, कार्य एजेंसी, कार्य की भौतिक स्थिति आदि) प्रदाय करें। (ग) छतरपुर जिले में नियमित, संविदा, आउटसोर्सिंग या अन्य माध्यम से कौन-कौन पदस्थ है, इनसे क्या कार्य लिए जा रहे। विगत 05 वर्षों का भी ब्यौंरा प्रदाय करें कि कौन कहां-कहां कब तक पदस्थ रहा, इनसे क्या कार्य संपादित करवाए गए।
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट “अ” अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट “अ” एवं “ब” अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट “स” अनुसार।
सीमांकन तथा नामांतरण नहीं करने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही
[राजस्व]
61. ( क्र. 882 ) श्री योगेन्द्र सिंह (बाबा) : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रमुख सचिव, राजस्व को पत्र क्रमांक-240, 03.02.2025 तथा कलेक्टर, शिवपुरी को पत्र क्रमांक 241 दिनांक 03.02.2025 के पश्चात भी अभी तक पटवारी हल्का नंबर 00125 ग्राम सरजापुर सर्वे नंबर 584 रकबा 2.02 हेक्टेयर भूमि कोलारस, शिवपुरी का सीमांकन, नामांतरण कब तक किया जायेगा? (ख) खसरा 584 रकबा 2.02 हेक्टेयर में विगत 35 वर्षों से खसरा से कोई भी टिप्पणी तथा दिशा-निर्देश अंकित नहीं होने पर ही रजिस्ट्री क्रमांक MP392942024A11283132 दिनांक 25.10.2024 को क्रेता तथा विक्रेता आदिवासी वर्ग के होने पर ही रजिस्ट्री सम्पादित की गई थी। आदिवासी वर्ग के होने के कारण सीमांकन तथा नामांतरण नहीं करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी तथा सीमांकन तथा नामांतरण किया जायेगा। (ग) खसरा-584 रकबा 2.02 हेक्टेयर में सन् 1986-87 में परिवर्तन के आदेश सुरक्षित रखने के लिए तहसील-कोलारस, जिला शिवपुरी के लैंड रिकार्ड में आदेश सुरक्षित नहीं रखने की जिम्मेदारी क्रेता-विक्रेता की नहीं होकर संबंधित अधिकारियों की होने पर भूमि का नामांतरण नहीं करने के लिए स्पष्ट दोषी है खसरा-584 में परिवर्तन आदेश का उल्लेख 35 वर्षों से कोई टिप्पणी अंकित नहीं होने पर रजिस्ट्री होने पर नामांतरण तथा सीमांकन करने के आदेश प्रदान किये जायेंगे तथा आदिवासी वर्ग को परेशान करने से बिना वजह के नियमों को शिथिल किया जायेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिला शिवपुरी के ग्राम सरजापुर तहसील कोलारस स्थित भूमि सर्वे नं.584 का सीमांकन हेतु आवेदन मीना भोरिया के द्वारा दिनांक 19.11.2024 को कार्यालय में प्रस्तुत किया गया था। उक्त सर्वे नम्बर 584 लीलाबाई आदिवासी के नाम भूमिस्वामी स्वत्व पर दर्ज है। आवेदक मीना भोरिया के द्वारा सर्वे नम्बर 584 का स्वत्व विधि पूर्वक अर्जित नहीं किया है और ना ही उसका नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। अत: उसके आवेदन पर सीमांकन नहीं किया जा सका। सर्वे नं.584 रकवा 2.02 हे. का नामांतरण हेतु प्राप्त प्र.क्र.1066/अ-6/2024-25 को निरस्त कर प्रकरण का निराकरण दिनांक 14.02.2025 द्वारा किया जा चुका है। (ख) जिला शिवपुरी के ग्राम सरजापुर तहसील कोलारस स्थित भूमि सर्वे नं.584 रकवा 2.02 हे. सन् 1986-87 अधिकार अभिलेख में काशीराम पुत्र रघुआ सेहर भूमिस्वामी विक्रय से वर्जित अंकित है। फौती नामांतरण उपरांत उक्त सर्वे नम्बर 584 लीलाबाई आदिवासी के नाम भूमिस्वामी स्वत्व पर दर्ज हुआ। रजिस्ट्री क्रमांक MP392942025A11283132 दिनांक 25.10.2024 के संबंध में प्र.क्र.1066/ अ-6/2024-25 दर्ज हुआ था जिससे म.प्र. भू-राजस्व संहिता की धारा 165 (7)ख के प्रावधानों के पालन न किये जाने के कारण निरस्त कर नामांतरण प्रकरण का निराकरण दिनांक 14.02.2025 द्वारा किया जा चुका है। उक्तानुसार शेष प्रश्नांश पर कोई भी अनुशासनात्मक कार्यवाही वांछित नहीं है। (ग) खसरा अभिलेख के कॉलम नं.12 में प्र.क्र.0348/अ-6/2022-23 आदेश दिनांक 08.07.2022 की प्रविष्टि अंकित है जिससे काशीराम पुत्र रघुआ सेहर का फौती नामांतरण स्वीकार कर वारिसान लीलावाई पुत्री काशीराम सेहर का नाम अंकित किया गया है। प्रश्नाधीन भूमि शासन से प्राप्त भूमि थी जिसका विवरण अधिकार अभिलेख में स्पष्ट रूप से अंकित है। प्रश्नाधीन भूमि विक्रय से वर्जित उल्लेखित है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
मूल निवासी प्रमाण-पत्र निरस्त कर अपराधिक प्रकरण
[राजस्व]
62. ( क्र. 883 ) श्री योगेन्द्र सिंह (बाबा) : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तहसीलदार सारंगपुर, जिला-राजगढ़ में शिकायत पर मूल निवासी प्रमाण-पत्र क्रमांक/आर.एस./ 442/0101/696/2013, दिनांक 01.03.2013 को निरस्त करने, जाँच प्रचलित होने पर शिकायतकर्ता द्वारा दिनांक 27.01.2025 तथा उनके पति द्वारा दिनांक 31.01.2025 को उनके अभ्यावेदनों तथा साक्ष्यों को दृष्टिगत रखते हुये मूल निवासी प्रमाण-पत्र निरस्त किया गया है या नहीं स्पष्ट करें। (ख) मूल निवासी प्रमाण-पत्र बनाने के लिए म.प्र. शासन, मंत्रालय के आदेश क्रमांक सी-3/17/1/3/2011, भोपाल, दिनांक 20.12.2011 का स्पष्ट उल्लंघन करके अपने शपथ-पत्र में असत्य कथन करके प्राप्त करने की स्पष्ट दोषी होने पर मूल निवासी प्रमाण-पत्र निरस्त कर अपराधिक प्रकरण दर्ज करवाया गया है? (ग) मूल निवासी प्रमाण-पत्र निरस्त करके उपरोक्त आदेश से रजिस्ट्रार, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल तथा कलेक्टर, हाथरस उ.प्र. एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, हाथरस उ.प्र. तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, हाथरस (उ.प्र.) तथा शिकायतकर्ता को अवगत कराया गया है, स्पष्ट करें। यदि हाँ, तो कब तक नहीं तो क्यों नहीं स्पष्ट करें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) तहसीलदार सारंगपुर के प्रकरण क्रमांक आरएस/442/ 0101/696/2013 दिनांक 01.02.2013 में जारी स्थानीय मूल निवासी प्रमाण-पत्र के विरूद्ध शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत के संबंध में जाँच सक्षम प्राधिकारी तहसीलदार सांरगपुर के न्यायालय में प्रक्रियाधीन है तथा शिकायतकर्ता द्वारा 27.01.2025 एवं दिनांक 31.01.2025 को उक्त शिकायत के संदर्भ में अभ्यावेदन के बिन्दुओं की जाँच एवं निराकरण की कार्यवाही उक्त प्रकरण अंतर्गत प्रचलित है। प्रकरण अन्तर्गत जाँच पूर्ण होने के पश्चात ही आगामी वैधानिक कार्यवाही की जा सकेगी। (ख) प्रश्नांश (क) उत्तर के अनुसार वर्तमान में प्रकरण अंतर्गत कार्यवाही प्रचलित है। जाँच कार्यवाही पूर्ण होने के पश्चात आगामी वैधानिक कार्यवाही संभव हो सकेगी। (ग) जाँच उपरांत शिकायतकर्ता को उसके चाहने पर नियम अनुसार प्रतिलिपियां प्रदाय की जावेगी।
नामांतरणों के लंबित प्रकरण
[राजस्व]
63. ( क्र. 884 ) श्री योगेन्द्र सिंह (बाबा) : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तहसील कोलारस, जिला शिवपुरी में आदिवासी वर्ग की वर्ष 2024-25 में कितनी रजिस्ट्री होने के पश्चात नामांतरण किन नियमों के तहत नहीं किये गये है? उन नियमों को शिथिल करते हुये रजिस्ट्री के पश्चात नामांतरण किये जायेंगे? (ख) ग्राम सरजापुर, पटवारी हल्का नंबर-125 खसरा नंबर 584 तहसील कोलारस, जिला शिवपुरी में मिशल बंदोबस्त 1986-87 के पश्चात खसरा नंबर 584 में जो भी परिवर्तन हुये किसके आदेश से हुये, कब हुये? उसका उल्लेख खसरा नंबर 584 में अंकित नहीं होने तथा जो परिवर्तन हुये उसके संबंध में कोई भी आदेश रिकार्ड में संधारित नहीं होने पर नामांतरण में आपत्ति लगाने के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही कर नामांतरण किया जायेगा? (ग) खसरा क्रमांक 584 में विगत 36 वर्षों से कोई भी आवश्यक दिशा-निर्देश आदेश का उल्लेख नहीं होने पर दिनांक 25.10.2024 को क्रेता-विक्रेता दोनों आदिवासी वर्ग के होने पर रजिस्ट्री सम्पादित होने पर बिना किसी आदेश निर्देश के नामांतरण नहीं करने पर नियम विरूद्ध आपत्ति निरस्त कर नियमों को शिथिल कर नामांतरण करवाया जायेगा? (घ) यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों नहीं?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिला शिवपुरी की तहसील कोलारस अंतर्गत आदिवासी वर्ग की वर्ष 2024-25 में प्राप्त रजिस्ट्री नामांतरण प्रकरणों में केवल एक प्रकरण में नामांतरण क्रेता के पक्ष में नहीं किया गया है। नामांतरण प्रकरण क्रमांक 1066/3-6/2024-25 जो कि सायवर तहसील अंतर्गत दर्ज हुआ था जिसमें पटवारी प्रतिवेदन में अंकित आपत्ति क्रमांक 05 म.प्र.भू.रा.सं. 1959 (क्रमांक 20 सन 1959) की धारा 158 की उपधारा (3) की भूमिस्वामी की है, के अंतर्गत आती है, लगाई जाने से इस प्रकरण का निराकरण सायबर तहसील के अंतर्गत न किया जाकर इस न्यायालय में प्राप्त हुआ। ग्राम सरजापुर में स्थित भूमि सर्वे नं. 584 रकवा 2.02 हे. मिशल बन्दोवस्त वर्ष 1986-87 में विक्रय से वर्जित दर्ज होने के कारण उक्त प्रकरण निरस्त किया गया है। विक्रेता लीलावाई सेहर द्वारा उक्त भूमि विक्रय करने के पूर्व म.प्र.भू.रा.सं.1959 की धारा 165 (7-ख) के तहत सक्षम अधिकारी से विक्रय की अनुमति नहीं ली है इस आधार पर नामांतरण नहीं किया जा सका है। वर्तमान में नियमों को शिथिल किए जाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। (ख) जिला शिवपुरी के ग्राम सरजापुर तहसील कोलारस स्थित भूमि सर्वेक्षण नं. 584 रकवा 2.02 हे. सन 1986-87 अधिकार अभिलेख में काशीराम पुत्र रघुआ सेहर, भूमिस्वामी विक्रय से वर्जित अंकित है वर्ष 1997 से 2014 के हस्तलिखित खसरा अभिलेख में विक्रय से वर्जित अंकित है एवं कम्प्यूटर खसरा अभिलेख वर्ष 2008-09 से वर्तमान अभिलेख वर्ष 2024-25 में लीलाबाई पुत्री काशीराम सेहर अंकित है वर्तमान खसरा अभिलेख के कॉलम नं. 12 में प्र.क्र. 0348/2022-23/अ-6 आदेश दिनांक 08.07.2022 की प्रविष्टि अंकित है जिससे काशीराम पुत्र रघुआ सेहर का फौती नामांतरण स्वीकार कर वारिसान लीलाबाई पुत्री काशीराम सेहर का नाम अंकित किया गया है। जो कि नायब तहसीलदार द्वारा किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) एवं (घ) उत्तरांश (क) अनुसार।
न्यू क्लियर पॉवर प्लांट के भू-अर्जन एवं मुआवजा
[राजस्व]
64. ( क्र. 885 ) श्री योगेन्द्र सिंह (बाबा) : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भारत सरकार के उपक्रम न्यू क्लियर पावर कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने म.प्र. में 04 नवीन न्यू क्लियर पावर प्लांट प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है जिसमें एक किंदरई, जिला-सिवनी में स्थापित करने हेतु किन-किन गाँवों की कितनी-कितनी भूमि अधिग्रहीत करने की कार्यवाही प्रचलित है? (ख) किंदरई, जिला-सिवनी आदिवासी बाहूल क्षेत्र होने के कारण प्रोजेक्ट की स्थापना हेतु ग्रामसभा की अनुमति तथा पेसा एक्ट के नियमों का पालन सुनिश्चित किया जायेगा? (ग) प्रोजेक्ट के जितनी भूमि अधिग्रहीत की जायेगी उसका मुआवजा प्रदान करने के क्या-क्या मापदण्ड होंगे? (घ) अधिक्रमित भूमि में आदिवासी ग्रामसभा से अनुमति लेकर भूमि होने के कारण पेसा एक्ट का पालन किया गया है, पेसा एक्ट के नियमों का पालन किया जायेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) ग्राम किंदरई तहसील घंसौर जिला सिवनी में न्यू क्लियर पावर कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड स्थापित करने हेतु वर्तमान में भूमि अधिग्रहण प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है। (ख) से (घ) उत्तरांश (क) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
अनियमितता की जाँच
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
65. ( क्र. 897 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला अनूपपुर में वर्ष 2019-20 में दवाओं एवं उपकरणों के क्रय हेतु निविदा आमंत्रित की गई थी। जिसमें कार्यालय के अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा दवा कंपनियों के साथ मिलीभगत कर निविदा की फाइनेंशियल बिड के मूल प्रारूप में षड़यंत्र पूर्वक तकनीकी हेराफेरी कर अपने चहेते दवा कंपनियों की फाइनेंशियल बिड स्वीकार कर करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार किये जाने का शिकायत हुआ था, जिसकी आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में शिकायत होने पर प्रकरण पंजीबद्ध हुआ? यदि हाँ, तो उसमें दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार अगर प्रकरण पंजीबद्ध किया गया तो उसमें दोषी कौन-कौन थे और किनके विरूद्ध कार्यवाही हुई? प्रकरण पंजीबद्ध होने की जानकारी विभाग को दी गई है? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा उक्त प्रकरण और क्या कार्यवाही किया? यदि नहीं, तो क्यों? जानकारी विभाग को नहीं दी गई विभाग की जानकारी न देने के पीछे दोषी कौन है? विभाग द्वारा जानकारी न देने वाले के विरूद्ध क्या कार्यवाही करेगी? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार वर्तमान में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय अनूपपुर अंतर्गत कितने अधिकारी कर्मचारियों के विरूद्ध लोकायुक्त में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है? नामजन सूची उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्नांश (ग) अनुसार किसी भी अधिकारी कर्मचारी के विरूद्ध यदि आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में प्रकरण पंजीबद्ध होने पर क्या उन्हें वित्तीय प्रभार दिये जाने का प्रावधान है? अथवा नहीं? यदि हां, तो नियमावली की छायाप्रति उपलब्ध करावें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
पटवारी हल्का अमगवां के ग्राम गुवारी की भूमियां
[राजस्व]
66. ( क्र. 912 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर जिले के जैतहरी तहसील अंतर्गत पटवारी हल्का अमगवां के ग्राम गुवांरी की खसरा नं. 158/5, 414/7, 414/13, 429/8 रकवा वर्ष 2009 में एम.बी. पावर प्रोजक्ट हेतु म.प्र. शासन ने भू-अर्जन की कार्यवाही किया है? यदि हाँ, तो मूल भू-स्वामी का नाम उसके पुत्र-पुत्रियों के नाम तथा भू-स्वामी किस जाति व वर्ग का था? (ख) क्या मूल भू-स्वामी के नाम से भू-अर्जन की कार्यवाही व धारा 4 व 9 अंतर्गत प्रक्रिया उपरांत जैतहरी का एक तथा कथित भू-माफिया व असामाजिक तत्व ने भूमि क्रय कर लिया था? यदि हाँ, तो उसका नाम, पिता का नाम, पता क्या था? धारा 4 व 9 की कार्यवाही के दरम्यान भूमि क्रय करना वैधानिक है? (ग) क्या गरीब कृषक व अनुसूचित जाति के कृषक से अवैधानिक ढंग से भूमि क्रेता ने भूमि क्रय कर मोजर बेयर से मुआवजा प्राप्त कर अपने परिजन को रोजगार दिलाने तथा अन्य लाभ अर्जित किया है? पूर्ण जानकारी दस्तावेज सहित देवें। (घ) क्या प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के क्रेता स्वाती पर कानूनी कार्यवाही व आपराधिक प्रकरण कायम कराया जायेगा? यदि नहीं, तो क्यों? इस तरह पूरे प्रदेश में भू-अर्जन कार्यवाही प्रक्रिया में भू-माफिया या जालसाज भूमि क्रय कर वास्तविक कृषक को आर्थिक शोषण उचित है?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। खसरा क्र. 158/5, की भूमिस्वामी रामप्रताप पिता रामजियावन जाति कुम्हार था खसरा क्र. 414/7, 414/13, 429/8 की भूमि स्वामी दुक्खू पिता रामजियावन जाति कुम्हार था। भू-अर्जन की कार्यवाही धारा 4 व 9 अंतर्गत प्रक्रिया के समय रकवा वर्ष 2009 खसरा क्र. 158/5, की भूमिस्वामी रामप्रताप पिता रामजियावन जाति कुम्हार था खसरा क्र. 414/7, 414/13, 429/8 की भूमि स्वामी दुक्खू पिता रामजियावन था। भू-अर्जन प्रकरण क्रमाक 03/अ-82/2009-10 अवार्ड आदेश दिनांक 07.01.2010 से अर्जन करना पाया गया। भूमिस्वामी दर्ज खसरा अनुसार वर्ष में 18.06.2009 के पूर्व दुक्खु पिता रामजियावन कुम्हार रहा है। भूस्वामी की जाति कुम्हार उपवर्ग प्रजापति है। भूमि स्वामी दुक्खू पिता रामजियावन की एक पुत्र फूलकू (फौत) एवं एक पुत्री बोड़डी है जो वर्तमान में ग्राम मनौरा निवारसत है। (ख) भू-अर्जन के समय मुआवजा का दावा करने वाले व्यक्ति की ओर से गैर न्यायिक स्टाम्प पर अपंजीकृत विक्रय विलेख प्रस्तुत किया गया था। दावा कर्ता का नाम मदनलाल सोनी है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) भूमि स्वामी या उनके वारिसों की ओर से भूमि अंतरण अवैधानिक होने का दावा प्रस्तुत नहीं किया है। शेष पर जाँच की जा रही है। (घ) जी हाँ। जाँच में दोष सिद्ध होने पर आपराधिक प्रकरण सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत किया जा सकता है।
कंपनी स्थापना हेतु भूमि का अधिग्रहण
[राजस्व]
67. ( क्र. 931 ) श्रीमती मनीषा सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल जिले में रिलायंस कंपनी कब और कहाँ स्थापित हुई है? रिलायंस कंपनी को स्थापित करने के लिए कितनी शासकीय भूमि और कितनी निजी भूमि को अधिग्रहीत की गई है? अलग-अलग स्पष्ट जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार कंपनी द्वारा शासकीय भूमि का कंपनी के उपयोग हेतु अधिग्रहण के पूर्व किस प्रशासनिक अधिकारी से सहमति एवं अनुमति प्राप्त की है? कंपनी स्थापित किये जाने हेतु प्राप्त अनुमति की छायाप्रति उपलब्ध करावें तथा शासकीय भूमि का भी मुआवजा शासन को दिया गया है? यदि हाँ, तो उक्त मुआवजे की राशि को किस कार्यालय में जमा की गई है? कितनी राशि किस खाते में जमा की गई? राशि का (बिल वाउचर) रसीद व खाता नंबर प्रदान करें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार कंपनी स्थापना के समय कितनी निजी भूमि का अधिग्रहण किया गया है और उक्त अधिग्रहीत भूमि का किस अधिकारी की अनुमति से भूमि का अधिग्रहण किया गया है? अधिग्रहीत भूमि का अधिग्रहण के समय भू-स्वामि से सहमति प्राप्त की गई थी और कंपनी स्थापना के लिए अनुबंध कराया गया था? यदि हाँ, तो अनुबंध की छायाप्रति उपलब्ध करावें तथा अनुबंध की शर्त व मुआवजे की राशि किस दर से कितनी और किस खाते में प्रदाय की गई? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार कंपनी की स्थापना के पूर्व ग्राम पंचायत के प्रस्ताव की छायाप्रति, पटवारी प्रतिवेदन की छायाप्रति, तहसीलदार एवं अनुविभागीय अधिकारी व जिला दंडाधिकारी सहित प्राप्त अनापत्ति प्रमाण-पत्र व सहमति व कंपनी स्थापना की अनुमति की छायाप्रति शर्तों सहित उपलब्ध करावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) शहडोल जिल में रिलायंस सी.बी.एम. प्रोजेक्ट का संचालन वर्ष 2003 में प्रारंभ हुआ है जो तहसील सोहागपुर, जैतपुर, बुढार एवं गोहपारू अंतर्गत स्थापित हैं। उक्त प्रोजक्ट हेतु 5.544 हेक्टर शासकीय भूमि आवंटित की गई है तथा 8.503 हेक्टर निजी भूमि का भू-अर्जन रिलायंस कम्पनी के पक्ष में किया गया है। (ख) रिलायंस सी.बी.एम. प्रोजेक्ट हेतु कलेक्टर शहडोल के आदेश दिनांक 06/08/2019 द्वारा 2.015 हेक्टर शासकीय भूमि एवं प्रमुख सचिव मध्यप्रदेश शासन राजस्व विभाग के पत्र दिनांक 14/12/2010 द्वारा 3.529 हेक्टर कुल क्षेत्रफल 5.544 हेक्टर शासकीय भूमि आवंटित की गई है। आदेश की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। आवंटित शासकीय भूमि हेतु जमा की गई प्रीमियम भू-भाटक कुल राशि 5,61,051 एवं 2,71,589 कुल राशि रूपये 8,32,640/- के चालान की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) शहडोल जिले में रिलायंस सी.बी.एम. प्रोजेक्ट हेतु तहसील सोहागपुर अंतर्गत ग्राम सोनवर्षा की 4.081 हेक्टर निजी भूमि अवार्ड दिनांक 16 जनवरी 2012 एवं तहसील जैतपुर अंतर्गत ग्राम छोटकीटोला की 4.422 हेक्टर निजी भूमि अवार्ड दिनांक 08 फरवरी 2012 कुल क्षेत्रफल 8.503 हेक्टर निजी भूमि का तत्समय के भू-अर्जन अधिनियम 1894 के तहत अर्जन की कार्यवाही की गई है। भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 11 (1) के तहत कलेक्टर शहडोल द्वारा उपरोक्त निजी भूमियों के लिये अर्जन अवार्ड की कार्यवाही की गई है। भू-अर्जन अधिनियम 1894 के तहत निजी भूमि के लिये भू-अर्जन की कार्यवाही की गई है। कलेक्टर शहडोल एवं रिलायंस कम्पनी के मध्य अनुबंध/करार की कार्यवाही उपरांत निजी भूमि के लिये अर्जन की कार्यवाही की गई है। ग्राम छोटकीटोला की 4.422 हेक्टर निजी भूमि का गाइड लाइन वर्ष 2010-11 प्रति हेक्टर रूपये 1,50,000/- के मान से भू-अर्जन अधिनियम 1894 के प्रावधान अनुसार भूमि का कुल मुआवजा राशि 9,35,199/- निर्धारित किया गया था एवं ग्राम सोनवर्षा की 4.081 हेक्टर निजी भूमि का गाइड लाइन वर्ष 2010-2011 प्रति हेक्टर रूपये 3,00,000/- के दर पर भूमि का भू-अर्जन अधिनियम 1894 के प्रावधान अनुसार भूमि का 17,99,721/- निर्धारित किया गया था। (घ) रिलायंस सी.बी.एम. प्रोजेक्ट हेतु तहसील सोहागपुर अंतर्गत ग्राम सोनवर्षा की 4.081 हेक्टर निजी भूमि एवं तहसील जैतपुर अंतर्गत ग्राम छोटकीटोला की 4.422 हेक्टर निजी भूमि के भू-अर्जन की कार्यवाही के पूर्व ग्राम पंचायत का प्रस्ताव, पटवारी प्रतिवेदन, तहसीलदार एवं अनुविभागीय अधिकारी का प्रतिवेदन पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है।
अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरण
[स्कूल शिक्षा]
68. ( क्र. 950 ) श्री प्रणय प्रभात पांडे : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले में 2018 से अब तक कितनी अनुकम्पा नियुक्ति की गयी है, कितने की शिकायत हुई है, कितने जाँच हुए है अभी वर्तमान में कितनी नियुक्तियां बची है? कारण सहित बतावें। (ख) क्या बालाघाट जिले में राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अंतर्गत मरम्मत हेतु राशि प्राप्त हुई? जानकारी देवें। (ग) क्या बगैर मूल्यांकन कर राशि आहरण किया गया है, यदि हाँ, तो जिम्मेदार अधिकारी पर क्या कार्यवाही करेंगे? (घ) क्या जिलाध्यक्ष भाजपा इसकी जाँच हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को जाँच हेतु पत्र लेख किया है? यदि हाँ, तो क्या-क्या कार्यवाही हुई? जानकारी देंवे।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) बालाघाट जिले में वर्ष 2018 से अद्यतन अनुकम्पा नियुक्ति से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। जिले में अनुकम्पा नियुक्ति के शेष प्रकरणों से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ख) जी नहीं। जिला बालाघाट अंतर्गत राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (रमसा) अंतर्गत मरम्मत हेतु राशि प्राप्त नहीं हुई है। (ग) उत्तरांश (ख) के अनुक्रम में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी हाँ। मुख्यकार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बालाघाट के द्वारा जाँच संस्थित की गई है। गुणदोष के अनुसार प्रतिवेदन प्राप्त होने पर कार्यवाही की जावेगी।
यात्री वाहनों में जरूरी उपकरण
[परिवहन]
69. ( क्र. 955 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. शासन परिवहन विभाग ने यात्री वाहनों, बसों आदि में यात्रियों की सुरक्षा, अग्नि दुर्घटनाओं की रोकधाम, सुरक्षा एवं उपाय हेतु अग्निशमन उपकरणों/संसाधनों आदि की व्यवस्था हेतु क्या दिशा-निर्देश जारी किये गये है एवं उस पर क्या कार्यवाही की है? (ख) वर्ष 2020-21 से प्रश्न दिनांक तक जबलपुर संभाग में घटित कितनी यात्री वाहन/बस दुर्घटनाओं, अग्नि दुर्घटनाओं में कितने यात्रियों की मृत्यु हुई/कितने घायल/अपंग हुये है? (ग) जिला सिवनी में लंबी दूरी की चलने वाली यात्री वाहनों बसों, टूरिस्ट बसों में यात्रियों की सुरक्षा हेतु आपातकालीन प्रवेश दरवाजे/खिड़की, अग्निशमन उपकरणों आदि की व्यवस्था की जाँच कब-कब, किन-किन अधिकारियों ने की है एवं किन-किन ट्रेवल्स/एजेन्सी के यात्री वाहनों/बसों में पर्याप्त सुरक्षा के प्रबंध अग्निशामक उपकरण व आकस्मिक आपातकालीन प्रवेश द्वार/खिड़की आदि की व्यवस्था नहीं पाई गई है, तत्संबंध में किस-किस के विरूद्ध क्या-क्या कार्यवाही की गई? किस-किस के परमिट निरस्त किये गये है? (घ) प्रश्नांश (ग) में कितने खटारा अनफिट वाहनों के संचालकों, ओव्हरलोड चालकों, ओव्हरस्पीड व शराब पीकर वाहन संचालकों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की है?
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) मध्यप्रदेश मोटरयान नियम, 1994 के नियम 176 के अनुसार प्रत्येक यात्री बसों में क्षमता अनुसार एक या अधिक चालू हालत में अग्नि शमन यंत्र लगवाये जाते हैं। केन्द्रीय मोटरयान नियम, 1989 के नियम 125 (ग) में विहित प्रावधानों के तहत समस्त नवीन एम 3 प्रवर्ग की टाईप III बसों एवं स्कूल बसों में फायर डिटेक्शन अलार्म सिस्टम (एफडीएएस) एवं फायर डिटेक्शन सप्रेशन सिस्टम (एफडीएसएस) तथा फायर अलार्म एवं प्रोटेक्शन सिस्टम लगा होने पर ही उनका पंजीयन किया जा रहा है। प्रदेश में यात्री वाहनों, बसों आदि के पंजीयन एवं उनके फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी करते समय उपरोक्त प्रावधानों की जाँच की जाती है तथा वाहन चैकिंग के दौरान उक्त नियमों का पालन न करते हुए पाये जाने पर उक्त वाहन के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जिला सिवनी में लंबी दूरी की चलने वाली यात्री बसों, टूरिस्ट बसों में यात्रियों की सुरक्षा हेतु आपातकालीन प्रवेश दरवाजे/खिड़की, अग्निशमन उपकरणों आदि की व्यवस्था की नियमित जाँच की जाती है। उक्त बसों के फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी करते समय नियमानुसार आपातकालीन दरवाजा/खिड़की एवं अग्निशमन यंत्र होने की जाँच की जाती है। वर्ष 2020-21 से प्रश्न दिनांक तक सिवनी जिले में पदस्थ अति. क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, श्री देवेश बाथम द्वारा वाहन चैकिंग के दौरान चेक की गयी सभी यात्री बसों में आपातकालीन दरवाजा/खिड़की एवं अग्निशमन यंत्र पाये गये। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) सिवनी जिले में प्रश्न अवधि के दौरान वाहन चैकिंग में - 1. 17 अनफिट पायी गईं यात्री बसों के विरूद्ध चालानी कार्यवाही कर उनसे शमनशुल्क रू. 74,000/- वसूल किया गया। 2. 3317 ओव्हरलोड यात्री बसों के विरूद्ध चालानी कार्यवाही कर उनसे शमनशुल्क रू. 60,16,200/- वसूल किया गया, 3. ओव्हर स्पीड एवं शराब पीकर वाहन चलाने वाले यात्री वाहन संचालकों पर कार्यवाही निरंक है।
प्रसूता महिलाओं को प्रोत्साहन राशि
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
70. ( क्र. 956 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में प्रसूता महिलाओं को प्रसव के बाद शासन से कोई आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है? यदि हाँ, तो योजना में क्या-क्या मार्गदर्शन/निर्देशिका/ अर्हता है? (ख) सिवनी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत योजना प्रारंभ से प्रश्न दिनांक तक कितने प्रसूता महिलाओं को उक्त आर्थिक सहायता प्रदान की गई? वर्षवार सूची उपलब्ध करावें? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में क्या उक्त लाभ के लिये वर्षों तक हितग्राहियों को इंतजार करना पडता है? यदि हाँ, तो इसके लिये कौन-कौन अधिकारी कर्मचारी दोषी है? नाम व पद सहित बतावें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। जननी सुरक्षा योजना एवं मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना अन्तर्गत आर्थिक सहायता प्रसूता महिलाओं को प्रदान की जाती है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ख) सिवनी विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत जननी सुरक्षा योजना एवं मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना अन्तर्गत लाभान्वित हितग्राहियों की वर्षवार संख्या की सूची जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। (ग) पात्र हितग्राहियों को योजना की अर्हता पूर्ण करने पर लाभ दिया जाता है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता है।
शासकीय नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
71. ( क्र. 978 ) श्री अभय मिश्रा : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. सरकार द्वारा कितने शासकीय नर्सिंग प्रशिक्षण कॉलेजों की मान्यता समाप्त की गई एवं कितने ऐसे शासकीय नर्सिंग प्रशिक्षण कॉलेज संचालित हैं, जिनमें प्रशिक्षण हेतु वर्तमान में काउंसिलिंग एवं प्रवेश की कार्यवाही की गई? उन कॉलेजों में कितने प्रवेश दिये गये का विवरण कॉलेजवार देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार मान्यता समाप्त किये गये शासकीय नर्सिंग कॉलेजों को पुनः मान्यता देकर अगर प्रारंभ किया जाता है तो इनमें कुल कितनी सीटे होगी, जिनमें प्रशिक्षण हेतु प्रशिक्षणार्थियों को जिन्होंने प्रवेश हेतु परीक्षा दी है, प्रवेश देकर प्रशिक्षित किया जा सकता है का विवरण कॉलेजवार देवें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के तारतम्य में नर्सिंग प्रशिक्षण बाबत् कितने वर्षों बाद परीक्षा आयोजित कर परिणाम जारी कर प्रवेश की कार्यवाही प्रारंभ की गई? जिन परीक्षार्थियों को प्रवेश से वंचित रखा गया, अगर बन्द किये गये/मान्यता समाप्त किये गये नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता बहाल कर प्रवेश की कार्यवाही की जाती है तो कितने परीक्षार्थियों को इसका लाभ मिलेगा का विवरण वर्गवार देवें। (घ) प्रश्नांश (क) अनुसार बन्द शासकीय नर्सिंग प्रशिक्षण कॉलेजों की मान्यता बहाल करने एवं वंचित परीक्षार्थियों को प्रवेश देकर प्रशिक्षण बाबत् क्या निर्देश देंगे? बतावें। अगर नहीं तो क्यों जबकि काउंसिलिंग की कार्यवाही माह जनवरी 2025 में प्रारंभ की गई, उसी कड़ी में इन बचे हुये परीक्षार्थियों को प्रवेश बाबत् मान्यता बहाल कर प्रवेश देकर प्रशिक्षण बाबत् निर्देश देंगे तो बतावें। अगर नहीं तो क्यों?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) माननीय न्यायालय से प्राप्त आदेश अनुसार कुल 09 शासकीय नर्सिंग संस्थाओं को सी.बी.आई. जाँच में डिफिसीऐन्ट पाये जाने पर मान्यता का नवीनीकरण वर्ष 2024-2025 के लिये नहीं किया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार। वर्तमान में कुल 16 शासकीय नर्सिंग कॉलेज संचालित है। जिनमें प्रवेश ऑनलाईन काउसिंलिग के माध्यम से दिया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार। (ख) किसी भी शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय की मान्यता समाप्त नहीं की गयी है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार। (ग) माननीय उच्च न्यायालय में प्रचलित प्रकरण 1080/2022 में दिनांक 18/7/2024 को पारित आदेश अनुसार वर्ष 2024 में ए.एन.एम., जी.एन.एम., बी.एस.सी., पी.बी.बी.एस.सी. व एम.एस.सी. पाठयक्रम हेतु प्रवेश परीक्षा का आयोजन कराया गया। वर्ष 2022 में नियम अनुसार शासकीय महाविद्यालयों के लिये बी.एस.सी. में प्रवेश हेतु प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया गया था। किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा से वंचित नहीं रखा गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार। (घ) प्रकरण माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में प्रचलित है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
कार्यादेश जारी करने व पूर्व की निविदा की जाँच
[स्कूल शिक्षा]
72. ( क्र. 979 ) श्री अभय मिश्रा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या लोक शिक्षण संचालनालय म.प्र. भोपाल के पत्र क्रमांक/सी.एम.राईज/87/परि./ग्वा-रीवा/32 भोपाल दिनांक 25.01.2024 द्वारा सी.एम. राइज विद्यालयों में विद्यार्थियों के परिवहन हेतु निविदा दिनांक 12.03.2024 को जारी की गई थी? (ख) यदि प्रश्नांश (क) हाँ तो निविदा की तकनीकी वित्तीय तिथि क्या थी? किन माध्यमों से निविदा की जानकारी आम लोगों को देने बाबत कौन-कौन सी विधि प्रक्रिया अपनायी गई का विवरण देते हुये बतावें अगर निविदा की जानकारी आम जनों को न देकर व्यक्तिगत रूप से एक ही व्यक्ति से निविदा आहूत कराकर कार्यादेश जारी किये गये इसकी जाँच एवं कार्यवाही बाबत क्या निर्देश देगें बतावें। (ग) प्रश्नांश (क) के जारी निर्देश में प्रश्नांश (ख) अनुसार समया स्कूल बस ट्रांसपोर्टेशन द्वारा तैयार तुलनात्मक चार्ट की प्रति एल.ओ.ए. एवं अनुबंध का प्रारूप आपकी ओर भेजकर लेख है कि निविदाकार से अनुबंध की कार्यवाही कर तत्काल एल.ओ.ए. जारी कर इस कार्यालय को अवगत कराना सुनिश्चित करें, निविदा की कार्यवाही जिलेवार न कराकर संभाग स्तर से कराने एवं एक ही निविदाकार को बस संचालक हेतु कार्यादेश जारी करना जाँच एवं कार्यवाही का विषय है गलत प्रक्रियाओं के आधार पर टेण्डर की कार्यवाही कर कार्यादेश जारी करने के निरस्त करने एवं पुन: टेण्डर कर कार्यादेश बाबत निर्देश देंगे बतावें अगर नहीं तो क्यों? (घ) प्रश्नांश (क) के निर्देश में प्रश्नांश (ख) अनुसार समया स्कूल बस ट्रांसपोर्टेशन को जारी किये गये कार्यादेश के पूर्व टेण्डर की प्रक्रिया का नियमानुसार पालन नहीं कराया गया मनमानी तरीके से व्यक्तिगत हितपूर्ति कर एक व्यक्ति से टेण्डर मंगाकर कार्यादेश जारी करने की जाँच कराने एवं टेण्डर निरस्त कर पुन: कार्यादेश जारी करने बाबत निर्देश देंगे तो बतावें अगर नहीं तो क्यों?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) तकनीकी निविदा की तिथि 12.04.2024 एवं वित्तीय निविदा की तिथि 18.06.2024 थी। निविदा एम.पी. ई-टेंडर पोर्टल पर जारी की गयी। शेषांश का प्रश्न उद्भूत नहीं होता। (ग) पूर्व में निविदा की कार्यवाही जिला स्तर पर जिला वार कराई गयी थी, किन्तु निविदाएं असफल होने पर संभाग स्तर पर संभाग वार निविदा कराई गयी। सी.एम. राइज विद्यालयों में विद्यार्थियों की परिवहन व्यवस्था के लिए बसों के प्रति सीट औसत दर कम होने से संबंधित निविदाकारों को बस संचालन हेतु नियमानुसार कार्यादेश जारी किये गये। शेषांश का प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (घ) जी नहीं। ई-टेण्डर की प्रक्रिया आनलाइन ई-टेण्डर पोर्टल के माध्यम से प्रकाशित की गयी थी। 06 निविदाकारों द्वारा निविदा प्रस्तुत की गयी थी। प्रतिस्पर्धात्मक रूप से प्रस्तुत निविदाओं का तुलनात्मक रूप से ऑन लाईन परीक्षण उपरांत प्रति सीट औसत दर कम पाये जाने पर नियमों की परिधि में संबंधित निविदाकार को कार्यादेश संबंधित जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा जारी किया गया है जिसमें किसी प्रकार की अनियमितता नहीं की गयी है। शेषांश का प्रश्न उद्भूत नहीं होता।
सेल्फ डिफेंस कार्यक्रम में लापरवाही
[स्कूल शिक्षा]
73. ( क्र. 988 ) श्री जगन्नाथ सिंह रघुवंशी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता का अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1394 सदन दिनांक 10/07/2024 में प्रश्नांश (ग) में जिला अशोकनगर के व्यय राशि के बिल व्हाउचर एवं बैंक स्टेटमेंट का संकलन किया जा रहा है, बताया गया है। तो जानकारी संकलित करने हेतु क्या कार्यवाही की गई और जानकारी कब तक प्रदाय की जावेगी। यदि प्रश्न दिनांक तक जानकारी संकलित नहीं की गई तो जिम्मेदार अधिकारी पर क्या कार्यवाही की जायेगी और कब तक? (ख) जिला अशोकनगर वित्तीय वर्ष 2023-24 में किस-किस प्रशिक्षक द्वारा कौन-कौन से विद्यालय में रानी लक्ष्मी बाई आत्म रक्षा प्रशिक्षण दिया गया है। सारणीवार सूची देवें। प्रशिक्षक के योग्यता सर्टिफिकेट की छायाप्रति देवें। प्रशिक्षण संबंधी सामग्री क्रय करने के देयकों की छायाप्रति विद्यालयवार देवें और बतावें की भुगतान संबंधित फर्म को किया गया है अथवा प्राचार्य/कर्मचारी के खाते में। सूची देवें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जिला अशोकनगर अन्तर्गत 04 विकासखण्ड चंदेरी, ईशागढ़, अशोकनगर एवं मुंगावली में प्रशिक्षणकर्ता के खाते में राशि ट्रांसफर की गयी है। जिसका बैंक विवरण की सूची एवं अन्य जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 एवं 2 पर है। (ख) विद्यालयों की सूची, प्रशिक्षणकर्ता के योग्यता सर्टिफिकेट की छायाप्रति एवं सामग्री क्रय के देयक की छायाप्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -1 एवं 3 पर है।
उद्योगों के लिए जमीन का चयन
[राजस्व]
74. ( क्र. 993 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम एवं उद्योग विभाग के लिए जमीनों का चयन किए जाने, जमीनों से संबंधित वन विभाग की वैधानिक औपचारिकता और राजस्व विभाग की वैधानिक औपचारिकता पूरी किए जाने के संबंध में वर्तमान में क्या-क्या व्यवस्था प्रचलित है? (ख) मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 237 (1) के तहत किस-किस प्रयोजन के लिए दर्ज जमीनों को उद्योग स्थापना हेतु चयन किए जाने, आवंटित किए जाने से संबंधित संहिता की धारा 237 (2) एवं 237 (3) में क्या-क्या प्रावधान दिया गया है? (ग) वर्तमान में शासन ने उद्योगों की स्थापना हेतु किस जिले की कितनी भूमि का चयन किया हुआ है तथा उक्त भूमि में से किस ग्राम की कितनी भूमि को वन विभाग वन भूमि दर्शा रहा है? इसका सत्यापन कब और किसने किया? जानकारी दें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) म.प्र. नजूल निर्वतन नियम 2020 के अनुसार संबंधित संस्था द्वारा भूमि मांग पर विधिवत आर.सी.एम.एस. के आवंटन माडयूल पर आवेदन प्राप्त होने पर प्रस्ताव नजूल निवर्तन समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाकर आवंटन का प्रावधान है। (ख) मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 237 (1) के तहत इमारती लकड़ी या ईधन, चारागाह, घास, बीड़ या घारे, कब्रिस्तान, गोठान, शिविर, खलिहान, बाजार, खाट्य निकालने, खेल मैदानों, उद्यानों जैसे प्रयोजन के लिए दर्ज जमीनी को उद्योग स्थापना हेतु चयन किये जाने पर म.प्र.भू-रा.सं. 1959 (संशोधित 2018) की धारा 237 (3) के तहत कृषक भूमि के न्यूनतम 2% प्रतिशत तक सुरक्षित रखने के पश्चात आवंटन किये जाने के प्रावधान है। मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 237 (2) संशोधित अधिनियम 2018 के द्वारा विलोपित की जा चुकी है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
एक जिला एक उत्पाद योजना की जानकारी
[पर्यटन]
75. ( क्र. 999 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) एक जिला एक उत्पाद योजना अंतर्गत नर्मदापुरम् जिले में क्या-क्या कार्य किये जा रहे हैं? (ख) इस योजना अंतर्गत सिवनी-मालवा विधानसभा क्षेत्र में कहाँ-कहाँ, क्या-क्या कार्य किये जा रहे हैं? (ग) इस कार्य योजना से कितने लोग लाभान्वित होंगे?
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ख) सिवनी-मालवा विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में कोई कार्य स्वीकृत नहीं है। (ग) प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
शासकीय कर्मचारियों के परिजनों के लिए स्वास्थ्य सुविधा
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
76. ( क्र. 1007 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश शासन के शासकीय कर्मचारियों एवं उनके परिवार के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं हेतु क्या-क्या प्रावधान किए गए हैं? (ख) क्या भविष्य में सभी कर्मचारियों के परिवार के उपचार हेतु फोटोयुक्त पहचान पत्र सहित स्वास्थ्य पुस्तिका बनाकर दिए जाने की योजना है? यदि हाँ, तो कब तक, यदि नहीं, तो क्या मध्य प्रदेश में संचालित कंपनियों की तरह उन्हें परिवार स्वास्थ्य पहचान पत्र की आवश्यकता है? (ग) क्या शासकीय कर्मचारियों के स्वास्थ्य हेतु प्रतिवर्ष अनुबंधित प्राइवेट हास्पिटल की जानकारी सभी कर्मचारी संगठनों को प्रदाय की जाती है?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) मध्यप्रदेश शासन के शासकीय कर्मचारियों एवं उनके परिवार के स्वास्थ्य सुविधाओं हेतु मध्यप्रदेश सिविल सेवा (चिकित्सा परिचर्या) नियम, 2022 को मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) में दिनांक 03 अगस्त 2022 को अधिसूचित कर प्रदेश में प्रवृत्त किया गया है जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) जी नहीं। शासकीय कर्मचारियों द्वारा स्वयं अथवा उनके आश्रितों के उपचार हेतु शासकीय विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र के साथ आवश्यक दस्तावेजों की प्रस्तुति पर प्रदेश के सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में उपचार एवं नैदानिक सुविधाएं प्राप्त की जा सकती है। (ग) शासकीय कर्मचारियों के स्वास्थ्य हेतु प्रतिवर्ष अनुबंधित प्राईवेट हॉस्पिटल की जानकारी समस्त कर्मचारियों के सुलभ संदर्भ हेतु लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, म.प्र. के विभागीय पोर्टल https:// www.health.mp.gov.in/en/department-section/medical-reimbursement-mr पर उपलब्ध है।
रिक्त पदों एवं काउंसलिंग की वैधता
[स्कूल शिक्षा]
77. ( क्र. 1034 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्कूल शिक्षा विभाग में उच्च माध्यमिक शिक्षक वर्ग 1 के कुल कितने पद स्वीकृत है और स्वीकृत पदों में से कितने पदों पर वर्ग 1 के शिक्षक दिसम्बर 2024 की स्थिति में कार्यरत है? (ख) विभाग अंतर्गत उच्च माध्यमिक शिक्षक के कुल कितने पद वित्तीय स्वीकृत है जो सीधी भर्ती द्वारा भरे जाने है जो कि अभी तक रिक्त हैं? (ग) उच्च माध्यमिक शिक्षक के कुल विषयवार रिक्त पदों की जानकारी प्रश्न दिनांक तक की स्थिति में देवें? उच्च माध्यमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2023 की वैधता फरवरी 2025 को समाप्त हो रही है क्या विभाग इसमें वृद्धि करेगा यदि हाँ तो स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सेकेंड काउंसलिंग की जायेगी। यदि हाँ तो कितने पदों पर कब तक की जायेगी? (घ) वर्ष 2024-25 के लिए उच्च माध्यमिक शिक्षक पद पर कुल कितने पदों पर अतिथि शिक्षक रखे गए विषयवार जानकारी देवें? (ङ) दिनांक 01/01 2020 से 31/12/2024 तक कितने उच्च माध्यमिक शिक्षक सेवानिवृत हुए है?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) स्कूल शिक्षा विभाग में उच्च माध्यमिक शिक्षक (व्याख्याता सहित) के 55056 पद स्वीकृत है एवं दिसम्बर 2024 की स्थिति में 34097 लोक सेवक कार्यरत है। (ख) दिसम्बर 2024 की स्थिति में उच्च माध्यमिक शिक्षक के सीधी भर्ती के 4701 पद रिक्त है। उक्त रिक्त पदों में 3030 पद आरक्षित प्रवर्ग के पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होने से रिक्त तथा 911 पद अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण से संबंधित याचिकाओं में पारित अंतरिम आदेश के क्रम में होल्ड होने से रिक्त रहे पद भी सम्मिलित है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''एक'' अनुसार है। जी हाँ। जी नहीं, प्रवर्गवार विज्ञापित पदों में से शेष रिक्त पदों पर प्रतीक्षा सूची से कार्यवाही की जायेगी। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''दो' अनुसार है। (ड.) प्रश्नांकित अवधि में कुल 303 उच्च माध्यमिक शिक्षक/व्याख्याता सेवानिवृत्त हुए है।
आवंटित पट्टे की निरस्ती
[राजस्व]
78. ( क्र. 1049 ) श्री बाला बच्चन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम पंचायत कदवालिया (खोड़ी) जिला खरगोन की भूमि सर्वे नंबर 31 रकबा 7.652 हेक्टेयर भूमि एसोसिएट एवं बेवरेज लिमिटेड खोड़ी को वाणिज्यिक एवं औद्योगिक प्रयोजन हेतु कलेक्टर जिला खरगोन के प्रकरण क्र. 554/अ-74/2016-17 आदेश दिनांक 5.5.17 से 30 वर्ष के लिये लीज पर दी गई थी? यदि हाँ, तो सम्पूर्ण प्रकरण का रिकार्ड देवें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) में आवंटित पट्टा एसोसिएट एल्कोहोल्स ब्रेवरीज लिमिटेड खोड़ी का निरस्त कर दिया गया है? यदि हाँ, तो क्यों किया गया? विस्तृत प्रतिवेदन देवें। (ग) क्या आवंटित पट्टा निरस्त करने के लिए जिला कलेक्टर खरगोन के द्वारा मध्यप्रदेश राज्य औद्योगिक भूमि एवं प्रधान प्रबंधन नियम 2019 यथा संशोधित 2022 का पालन किया गया है? यदि हाँ, तो संशोधित नियम 2022 भाग-चार पटटे का निरस्तीकरण हेतु निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया है? (घ) यदि हाँ, तो पंजीकृत डाक से भेजी गई सूचना, पट्टा दाता के द्वारा जारी किया गया निरस्तीकरण का आदेश, आधिपत्य पंचनामा, की प्रति देवें। लीज डीड निरस्त होने पर आधिपत्य वापिस mpidc को प्राप्त होने पर आवंटी अधिकारी द्वारा भूखंड विशेष हेतु निरस्तीकरण डीड निष्पादित कराते हुए पंजीकृत कराई गई है? यदि हाँ, तो प्रति देवें यदि नहीं, तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एम.आई.डी.सी. ने कोई आवंटन निरस्त नहीं किया है। (ग) एवं (घ) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में जानकारी निरंक।
आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
79. ( क्र. 1075 ) श्री कामाख्या प्रताप सिंह : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी छतरपुर में आउटसोर्स पर 140 कर्मचारियों की भर्ती की गई? यदि हाँ, तो किस नियम तहत। किस कंपनी को टेण्डर दिया गया है? (ख) क्या प्रश्नांश (क) अनुसार वित्तीय अनियमितता हुई है? यदि हाँ, तो जिम्मेदार के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जावेगी? समय-सीमा बताये। (ग) टेण्डर कंपनी द्वारा कितना प्रतिशत सर्विस टैक्स लिया जा रहा है? सीएमएचओ द्वारा किस नियम के तहत दूसरी कंपनी कितने प्रतिशत पर काम दिया गया है यदि हाँ, शासन को आर्थिक क्षति हुई? यदि हाँ, तो जिम्मेदार के खिलाफ क्या कार्यवाही की जावेगी? (घ) क्या उक्त भर्ती कर्मचारी प्रशिक्षित है एवं योग्यता रखते है? यदि नहीं, तो ज़िम्मेदार के खिलाफ क्या कार्यवाही की जावेगी? (ड.) प्रश्नांश (क) एवं (ग) सेडमेप को पत्र लिखा गया है? यदि हाँ, तो पत्र उपलब्ध करावें। दूषित भर्ती प्रकिया की सेवा कब तक समाप्त की जावेगी?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हां। संचालनालय द्वारा जारी निर्देश पत्रों के तहत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ”अ“ अनुसार है। उद्यमिता विकास केन्द्र म.प्र. भोपाल (सेडमेप) से अनुबंध किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ”ब“ अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) अनुबंधित संस्था सेडमेप द्वारा 10 प्रतिशत सर्विस टैक्स लिया जा रहा है। अन्य किसी दूसरी कंपनी को कार्य नहीं दिया गया है। जी नहीं। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। जी हाँ। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) जी हॉं। प्रश्नांश (क) के संबंध में पत्र लिखा गया। प्रश्नांश (ग) के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ”स“ अनुसार है। । शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
ए.आर.टी. केन्द्रों के रेकरिंग कास्ट का वहन
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
80. ( क्र. 1079 ) श्री केशव देसाई : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भारत सरकार के राजपत्र क्रमांक-227, दिनांक 27 जून, 2019 भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद् के अधिक्रमण में शासी बोर्ड संशोधन अधिसूचना नई दिल्ली 25 जून, 2019 के अनुसार प्रत्येक शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में एम.बी.बी.एस. पाठ्यक्रम संचालित किये जाने हेतु ए.आर.टी. (एंटी रेट्रोवायरल ट्रीटमेंट) केन्द्र होना अनिवार्य किया गया है, उक्त राजपत्र के अनुसरण करते हुए संयुक्त सचिव, राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के पत्र क्रमांक-T- 11020/59/2019/NACO/CST, Dated 30/08/2019 के अनुसार शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयो में ए.आर.टी. केन्द्र नाको, भारत सरकार के सहयोग से स्थापित है। इन केन्द्रों की मानव संसाधन व रेकरिंग कॉस्ट का वहन चरणबद्ध रूप से मध्यप्रदेश शासन के अंतर्गत शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों द्वारा स्वयं किये जाने संबंधी उक्त राजपत्र में निर्देश प्रदान किये गये है। उक्त के अनुसरण में राज्य सरकार के विभाग स्तर से वर्ष 2019 से वर्ष 2025 तक की गई कार्यवाही के समस्त विवरण दें? (ख) भारत सरकार द्वारा जारी राजपत्र के निर्देशानुसार मध्यप्रदेश शासन को चरणबद्ध रूप से मध्यप्रदेश के शासकीय चिकित्सा महविद्यालयों में ए.आर.टी. केन्द्र स्थापित किये जाने हेतु वर्ष 2019 में निर्देश के पालन में ए.आर.टी. केन्द्रों के रेकरिंग कास्ट का वहन वर्तमान तक क्यों नहीं किया गया उचित कारण देवें? भारत सरकार के उपर्युक्त आदेश के अनुपालन में यदि राज्य शासन द्वारा वर्तमान तक ए.आर.टी. केन्द्रों के रेकरिंग कास्ट का वहन के संबंध में उचित कार्यवाही सुनिश्चित नहीं की गई है तो संबंधित अधिकारियों पर क्या कार्यवाही की गई है? यदि उक्त संबंध में कोई कार्यवाही नहीं की गई है तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी कब तक सुनिश्चित की जावेगी समय-सीमा बतावे? (ग) भारत सरकार के राजपत्र क्रमांक-227, दिनांक 27 जून 2019 भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद् के अधिक्रमण में शासी बोर्ड संशोधन अधिसूचना नई दिल्ली 25 जून, 2019 के अनुसरण में कब तक ए.आर.टी. केन्द्रों के रेकरिंग कास्ट का वहन किये जाने संबंधी कार्यवाही पूर्ण कर ली जावेगी? समय-सीमा बतावें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) संयुक्त सचिव, NACO (National AIDS Control Organization), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के पत्र दिनांक 30.08.2019 के संदर्भ में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा उक्त निर्देशों पर कार्यवाही करने हेतु प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, चिकित्सा शिक्षा विभाग को पत्र दिनांक 25.09.2019 प्रेषित गया जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) NACO (National AIDS Control Organization) द्वारा प्रतिवर्ष शासकीय संस्थाओं में स्थापित एआरटी केन्द्रों के मानव संसाधन एवं रिकरिंग कॉस्ट हेतु मध्यप्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति को निरंतर बजट उपलब्ध कराये जाने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उद्भूत नहीं होता।
सेल्फ डिफेंस कार्यक्रम
[स्कूल शिक्षा]
81. ( क्र. 1082 ) श्री पन्नालाल शाक्य : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता का अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1175 सदन दिनांक18/12/2024 में प्रश्नांश (ग) के प्रति उत्तर के परिशिष्ट 3 में कॉलम 13 में सेल्फ डिफेंस से भिन्न सामग्री कुछ विद्यालयों द्वारा क्रय की गई है जो नियम के विरूद्ध है। ऐसे विद्यायलो में सामग्री क्रय करने वाले प्राचार्यो पर क्या कार्यवाही की जायेगी। समस्त विद्यालयो की सामग्री क्रय के देयको की सत्यापित छायाप्रति देवें एवं बतावें की भुगतान नियमानुसार संबंधित फर्म को किया गया है अथवा नियम विरूद्ध कर्मचारी के खाते में सारणीवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (ग) के प्रति उत्तर के परिशिष्ट 4 में मात्र 46 विद्यालयो द्वारा प्रशिक्षण कराना बताया है। जबकि राशि परिशिष्ट 3 में 125 विद्यालयो द्वारा आहरित की गई है। इसका तात्पर्य शेष विद्यालयों द्वारा फर्जी भुगतान किया गया है। परिशिष्ट 4 में राधा धाकड़ द्वारा 7 एवं पवन शर्मा द्वारा 6 विद्यालयो में प्रशिक्षण दिया गया है जो 1 दिवस के समय में पूर्ण किया जाना संभव नहीं है और कुछ विद्यालयों में प्रशिक्षण बिना योग्यता वाले प्रशिक्षक से कराया गया है इससे स्पष्ट होता है कि सेल्फ डिफेंस कार्यक्रम में जिला गुना में बड़ा घोटाला किया गया है। क्या शासन उक्त घोटाले की जाँच प्रश्नकर्ता के प्रतिनिधि को सम्मिलित करते हुए राज्य स्तरीय दल से करायेंगे एवं संरक्षण देने वाले अधिकारी पर निलंबन की कार्यवाही करेंगे यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों नहीं?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) विधान सभा अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1175 सदन दिनांक 18.12.2024 में प्रश्नाशं (ग) के प्रति उत्तर में अनियमितता करने वाले 71 शिक्षकों की जिला शिक्षा अधिकारी गुना के द्वारा गठित दल द्वारा जाँच की जाकर वसूली की कार्यवाही की गयी है पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। समस्त विद्यालयों की सामग्री कय के देयकों की सत्यापित प्रति प्रश्न क्रमांक 1175 दिनांक 18.12.2024 के उत्तर के रूप में पुस्तकालय में रखी गयी है। (ख) जी नहीं। 125 विद्यालयों में प्रशिक्षण पर व्यय किया गया है (104 विद्यालयों में प्रशिक्षण तथा 21 विद्यालय पर प्रशिक्षण सामग्री एवं अन्य पर व्यय किया गया है।) पूर्व में प्रश्न क्रमांक 1175 में 46 ऐसे विद्यालयों की सूची उपलब्ध कराई गई थी, जहां महिला प्रशिक्षकों के समक्ष पुरूष प्रशिक्षक द्वारा प्रशिक्षण कराया गया। अनियमितता करने वाले विद्यालयों के प्रभारी शिक्षकों को जिला शिक्षा अधिकारी गुना के द्वारा गठित दल द्वारा जाँच की जाकर वसूली की कार्यवाही की गयी है। पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थिति नहीं होता।
मंदिरों के जीर्णोद्धार
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
82. ( क्र. 1087 ) श्री माधव सिंह (मधु गेहलोत) : क्या राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आगर विधानसभा क्षेत्र जिला आगर-मालवा अंतर्गत कितने शासन संधारित मंदिर है? ग्रामवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक कितने मंदिरों के जीर्णोद्धार हेतु प्रस्ताव कलेक्टर जिला आगर-मालवा द्वारा शासन को भेजे गए है? कितने मंदिरों के जीर्णोद्धार हेतु राशि स्वीकृत की गई है? कितने मंदिर जीर्णोद्धार की स्वीकृति हेतु शेष है, शेष मंदिरों के निर्माण हेतु कब तक प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी जायेगी?
राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जिला आगर-मालवा अंतर्गत कुल 390 शासन संधारित मंदिर दर्ज है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'द' अनुसार है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
बडे़ झाड़, छोटे झाड़ के जंगल मद में दर्ज जमीने
[राजस्व]
83. ( क्र. 1102 ) श्री संजय उइके : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 1048 दिनांक 18/12/2024 में बताई गई बालाघाट जिले की 97823.920 हेक्टेयर एवं बैतूल जिले की 74612.478 हेक्टेयर भूमि निस्तार पत्रक अधिकार अभिलेख, खसरा पंजी में किस-किस सार्वजनिक एवं निस्तारी प्रयोजन के लिए किस-किस मद में दर्ज जमीन है? इन्हें वर्किंग प्लान में किसकी अनुमति या आदेश से शामिल किया? (ख) बडे़ झाड़, छोटे झाड़ के जंगल मद में दर्ज जमीनों के संबंध में राज्य मंत्रालय के पत्र क्रमांक व अधि./08/1047 दिनांक 10 जून, 2008 से क्या निर्देश दिए आयुक्त आदिवासी विकास भोपाल के पत्र क्रमांक 621/वन अधि/15/136 दिनांक 16/04/2015 के द्वारा वनखण्डों में शामिल भूमियों से संबंधित क्या निर्देश दिए, इन दोनों का ही पालन नहीं किए जाने का क्या-क्या कारण रहा है? (ग) बालाघाट जिले की 97823.920 हेक्टेयर एवं बैतूल जिले की 74512.478 हेक्टेयर भूमि पर कब तक पत्र दिनांक 10 जून, 2008 एवं दिनांक 16 अप्रैल, 2015 के अनुसार सामुदायिक वन अधिकार पत्र प्रदान कर दिए जावेंगे? समय-सीमा सहित बतावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिला बालाघाट जिला अन्तर्गत प्रश्न क्रमांक 1048 दिनांक 18/12/2024 में बताई गई जिले की 97823.920 हेक्टेयर भूमि वन विभाग द्वारा संरक्षित वन अन्तर्गत प्रतिवेदित किया गया है। उक्त भूमियां निस्तार पत्रक, अधिकार अभिलेख एवं खसरा पंजी में दर्ज सार्वजनिक एवं निस्तारी प्रयोजन में दर्ज भूमियां नहीं है। मध्यप्रदेश राजपत्र में विभिन्न अधिसूचनाओं द्वारा भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा-29 एवं धारा-4 में प्रकाशित वनखण्डों के आधार पर वर्किंग प्लान में शामिल किया है। जिला बैतूल में प्रश्न क्रमांक 1048 दिनांक 18/12/2024 में बताई गई बैतूल जिले की 74612.478 हेक्टेयर भूमि निस्तार पत्रक, अधिकार अभिलेख, खसरा पंजी में इमारती लकड़ी या ईंधन, चारागाह, घास, कब्रस्तान, शमशान, बडे़ झाड़, छोटे झाड़ के जंगल एवं पहाड-चट्टान, रास्ता, चरनोई मद के सार्वजनिक एवं निस्तारी प्रयोजन के लिए दर्ज जमीने है, इन्हें वनभूमि अधिसूचित होने के कारण नियंत्रण एवं प्रबंधन की दृष्टी से वर्किंग प्लान में शामिल किया गया है। (ख) जिला बालाघाट में बडे़ झाड़, छोटे झाड़ के जंगल मद में दर्ज जमीनों के संबंध में राज्य मंत्रालय के पत्र क्रमांक व अधि/08/1047 दिनांक 10 जून, 2008 से दिए गए निर्देश तथा आयुक्त आदिवासी विकास भोपाल के पत्र क्रमांक 621/वन अधि/15/136 दिनांक 16/04/2015 के द्वारा वनखण्डों में शामिल भूमियों से संबंधित दिए गए निर्देशों की छायाप्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार। बालाघाट जिला अन्तर्गत 987 सामुदायिक दावों के अधिकार पत्र जारी किए गए हैं। जिला बैतूल में मध्यप्रदेश शासन आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग मंत्रालय के पत्र क्रमांक/व.अधि./08/1047 दिनांक 10 जून, 2008 एवं आयुक्त आदिवासी विकास भोपाल के पत्र क्रमांक 621/वन अधि/15/136 दिनांक 16/04/2015 से प्राप्त निर्देशो की प्रतियां क्रमश: पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' एवं 'ब' अनुसार। निर्देशो के अनुक्रम में बैतूल जिला अंतर्गत 155 सामुदायिक दावे पर वनाधिकार पत्र जारी किये गये है। (ग) जिला बालाघाट एवं बैतूल में प्रश्नांश में वर्णित पत्रों के अनुसार ग्रामवासियों से सामुदायिक दावों के आवेदन उपखण्ड स्तरीय वन अधिकार समिति के माध्यम से जिला स्तरीय वन अधिकार समिति को प्राप्त हुए जिनका निराकरण कर लिया गया है। वर्तमान में जिला स्तरीय समिति के पास कोई दावा लंबित नहीं है।
बालाघाट, मंडला एवं उमरिया ने पार्क से विस्थापित
[राजस्व]
84. ( क्र. 1103 ) श्री संजय उइके : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जनवरी 2014 से भूमि अर्जन पुर्नवासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 लागू होने के बाद भी कलेक्टर बालाघाट, मंडला एवं उमरिया ने पार्क से हटाए जाने वाले ग्रामीणों के लिए विधिवत धारा 23 धारा, 30 एवं धारा 31 का अवार्ड आदेश जारी नहीं किया? (ख) वन विभाग को पार्क से हटाए जाने पर भूमि अर्जन कानून 2013 का पालन किए जाने और विकल्प एक और विकल्प दो के अनुसार आदेश दिए जाने की छूट मध्यप्रदेश सरकार एवं भारत सरकार ने किस अधिसूचना दिनांक से प्रदान की है? वन विभाग पर भूमि अर्जन कानून 2013 के कौन-कौन से प्रावधान लागू है? (ग) भूमि अर्जन कानून 2013 लागू होने के दिनांक से कलेक्टर बालाघाट, मंडला एवं उमरिया ने पार्क से विस्थापित किए जाने वालो के संबंध में किस-किस दिनांक को आदेश जारी किया? यह आदेश किस कानून की किस धारा के अनुसार किया गया? आदेश की प्रति साहित बतावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिला उमरिया द्वारा भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 23, धारा 30 एवं धारा 31 के तहत अवार्ड आदेश जारी किये गये हैं, जिला मण्डला एवं जिला बालाघाट द्वारा उक्त धाराओं के अंतर्गत आदेश जारी नहीं किये गये हैं। (ख) तत्समय प्रचलित मध्यप्रदेश शासन, वन विभाग का परिपत्र क्रमांक एफ-3-8/07/10-2/2129 दिनांक 30.10.2008 पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'क' अनुसार भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 के प्रावधान अंतर्गत लोक प्रयोजन के लिये भूमि का अर्जन किये जाने के प्रावधान है। (ग) जिला बालाघाट-भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 लागू होने के दिनांक से कार्यालय कलेक्टर बालाघाट के 1) आदेश क्रमांक 5304/भू-अर्जन/2016 बालाघाट दिनांक 23.06.2016 अनुसार वनग्राम रनवाही तहसील बैहर, 2) आदेश क्रमांक/2443/भू-अर्जन/2018 बालाघाट दिनांक 17-04-2018 अनुसार वनग्राम सिलेझरी, तहसील लालबर्रा एवं 3) आदेश क्रमांक 2444/दिनांक 17-04-2018 अनुसार वनग्राम मलधर तहसील लामता बालाघाट के विस्थापन आदेश जारी किये गये हैं। उक्त आदेश म.प्र. शासन, वन विभाग भोपाल के पत्र क्रमांक एफ-3-8/07/10-22129 दिनांक 30 अक्टूबर 2008 एवं राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण द्वारा पत्र क्रमांक 3-1/2003 पी-टी दिनांक 25-02-2008 के अनुसार आदेश पारित किया गया। आदेश प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ख, ग, घ, क अनुसार है। जिला मण्डला-भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 लागू होने के दिनांक से कार्यालय कलेक्टर मण्डला के पत्र क्रमांक 2216/स.आ.भू.अ.2/कारीवाह/2015 आदेश दिनांक 08.04.2015 अनुसार ग्राम कारीवाह के विस्थापन आदेश जारी किये गये हैं। उक्त आदेश म.प्र. शासन, वन विभाग भोपाल के पत्र क्रमांक एफ-3-8/07/10-2/1229 दिनांक 30 अक्टूबर, 2008 एवं राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण द्वारा पत्र क्रमांक 3-1/2003 पी-टी दिनांक 25-02-2008 के अनुसार आदेश पारित किया गया। आदेश प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-च, क अनुसार है। जिला उमरिया-भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 लागू होने के दिनांक से ग्राम ताला की भूमियों का अवार्ड प्र.क्र./05/अ-82/2025-16 आदेश दिनांक 03/09/2016 ग्राम मिल्ली का अवार्ड प्र.क्र./06/अ-82/205-16 आदेश दिनांक 03/09/2016 ग्राम घघोड़ की भूमियों का अवार्ड प्र.क्र./05/अ-82/2016-17 आदेश दिनांक 27/12/2018 ग्राम घघोड़ की भूमियों का अवार्ड प्र.क्र./04/अ-82/2017-18 आदेश दिनांक 27/12/2018 ग्राम गढ़पुरी प्र.क्र./03/अ-82/2022-23 आदेश दिनांक 19/10/2022 में भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 के अनुसार अवार्ड पारित किया गया है। आदेश की प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'छ' अनुसार है।
वाहनों का रजिस्ट्रेशन
[परिवहन]
85. ( क्र. 1113 ) डॉ. प्रभुराम चौधरी : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले में 01 अप्रैल, 2019 से प्रश्न दिनांक तक कितने नवीन वाहन पंजीकृत किये गये है? सभी गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन कार्ड आवेदको को भेज दिये गये है यदि नहीं, तो क्यों? बिना रजिस्ट्रेशन कार्ड के वाहन चलाने पर विभाग का क्या उत्तरदायित्व निर्धारित होता है? नियम सहित बतायें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार वाहन रजिस्ट्रेशन कराते समय किसी अन्य जिले का वाहन चालक किसी अन्य जिले से वाहन रजिस्ट्रेशन कराता है, तो इसके पूर्व क्या नियम थे तथा वर्तमान में क्या नियम है? नियमों की प्रति उपलब्ध करावें। (ग) उपरोक्त अवधि में जिले में कितने स्थाई ड्रायविंग लायसेंस जारी किये गये है? क्या सभी लायसेंसधारियों को स्मार्ट कार्ड जारी कर दिये गये है? यदि नहीं, तो क्यों? नियमों सहित बतायें। (घ) सांची विधानसभा अंतर्गत विगत तीन वर्षों में चार पहिया एवं दो पहिया वाहनों के ड्रायविंग लायसेंस बनाने हेतु शासन द्वारा आवेदक से निर्धारित शुल्क लिया जाता है यदि हाँ, तो कितना-कितना वाहन का प्रकार सहित जानकारी देवें।
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) एनआईसी के वाहन-4 पोर्टल के अनुसार रायसेन जिले में 01 अप्रैल, 2019 से प्रश्न दिनांक तक 1,02,026 नवीन वाहन पंजीकृत किये गये हैं। वाहन विक्रेताओं द्वारा दिनांक 01.10.2024 तक जिन वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगा कर वाहन पोर्टल पर इसकी जानकारी इन्द्राज कर दी गई है, नियमानुसार उन वाहनों के रजिस्ट्रेशन कार्ड जारी कर दिये गये हैं। विभागीय अधिसूचना क्रमांक एफ-22-13-2018/आठ, भोपाल दिनांक 03.10.2024 द्वारा दिनांक 01.10.2024 से वाहन पंजीयन प्रमाण-पत्र इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी किये जाने का निर्णय लिया गया है। जिसके पालन में उक्त दिनांक से इलेक्ट्रॉनिक रूप से ई-रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी किये जा रहे हैं। मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 211क सहपठित केन्द्रीय मोटरयान नियम, 1989 के नियम 172 में ड्राइविंग लायसेंस और पंजीयन प्रमाण-पत्र को इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी किये जाने तथा उक्त नियमों के नियम 139 के अनुसार उन्हें वैधानिक रूप से मान्य किये जाने के प्रावधान विहित किये गये हैं। रजिस्ट्रेशन कार्ड अथवा इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी रजिस्ट्रेशन प्रमाण न होने पर उक्त अधिनियम में विहित प्रावधानों के अनुसार संबंधित वाहन स्वामी के विरूद्ध चालानी कार्यवाही की जाती है। (ख) मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 40 में विहित प्रावधानों के अनुसार किसी अन्य जिले का वाहन चालक राज्य में किसी अन्य जिले से वाहन रजिस्ट्रेशन करा सकता है। उक्त अधिनियम में वर्ष 2019 में हुए संशोधनों के पूर्व वाहन स्वामी द्वारा अन्य जिले में वाहन पंजीयन कराने के प्रावधान नहीं थे। प्रतियाँ जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) उपरोक्त अवधि में एनआईसी के सारथी पोर्टल के अनुसार रायसेन जिले में 38,378 स्थाई ड्रायविंग लायसेंस जारी किये गये हैं जिनमें से 35,393 लायसेंसधारियों को स्मार्ट कार्ड जारी किये गये हैं। मध्यप्रदेश शासन, परिवहन विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ-22-13-2018/आठ, भोपाल दिनांक 03.10.2024 द्वारा दिनांक 01.10.2024 से ड्रायविंग लायसेंस प्रमाण-पत्र इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी किये जाने का निर्णय लिया गया है। जिसके पालन में उक्त दिनांक से इलेक्ट्रॉनिक रूप से ई-ड्रायविंग लायसेंस सर्टिफिकेट जारी किये जा रहे हैं। (घ) जी हाँ। चार पहिया एवं दो पहिया वाहनों के ड्रायविंग लायसेंस बनाने हेतु शासन द्वारा निर्धारित शुल्क क्रमश: रू. 774.34 एवं रू. 774.34 है तथा दोनों प्रकार के वाहनों के संयुक्त ड्रायविंग लायसेंस बनाने हेतु निर्धारित शुल्क रू. 1074.34 है।
सेंधवा शहर की नजूल भूमि
[राजस्व]
86. ( क्र. 1121 ) श्री मोंटू सोलंकी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सेंधवा कस्बा के 1925-26 मिसल बंदोबस्त आबादी खसरे में कितने हैक्टर भूमि पर आधिपत्यधारी काबिज थे? उक्त आधिपत्यधारियों की सूची प्रदान करें। (ख) क्या संपूर्ण सेंधवा कस्बा नजूल की भूमि पर काबिज है या नहीं। जिसमें कितने हैक्टर भूमि पर आधिपत्यधारी को नजूल की भूमि दी गई है? सेंधवा शहर में नजूल की भूमि पर आधिपत्यधारियों को सेंधवा राजस्व अनुभाग ने कितने कब्जेदारियों को किस दिनांक से नोटिस देने आरंभ किये है?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) कस्बा सेंधवा के 1925-26 मिसल बन्दोबस्त आबादी खसरे अनुसार कुल रकबा 91.60 एकड़ अर्थात 37.070 हेक्टर आबादी भूमि दर्ज है। जिसमें काबिज अधिपत्यधारीयो का रिकार्ड अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय सेंधवा एवं तहसील कार्यालय सेंधवा में उपलब्ध नहीं हैं। (ख) जी नहीं। कार्यालय कलेक्टर, पश्चिम निमाड खरगोन जिला खरगोन म.प्र. द्वारा वर्ष 1972 में जारी ज्ञापन क्रमांक/क्यु./5-अ/1971 अनुसार सेंधवा के नगरीय क्षेत्र में स्थित शासकीय भूमि कुल रकबा 127.58 हेक्टर को नजूल भूमि घोषित करते हुए रेकार्ड में अमल किया गया था। वर्ष 1974-75 एवं 1982-83 मध्यवर्ती एवं उत्तरवर्ती कालों में आवंटन के माध्यम से तत्कालिन कलेक्टर महोदय एवं सक्षम प्राधिकारी द्वारा नजूल भूमि का रकबा 6.674 हेक्टर कुल 48 निजी व्यक्तियों को शर्ताधीन निजी आवंटन किया गया था। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सेंधवा के द्वारा दिनांक 06/04/24 को 40 नोटिस, दिनांक 15/04/24 को 15 नोटिस, दिनांक 24/05/24 को 45 नोटिस, दिनांक 30/05/24 को 18 नोटिस, दिनांक 27/06/24 को 01 नोटिस, दिनांक 01/07/24 को 12 नोटिस, दिनांक 04/07/24 को 11 नोटिस, दिनांक 18/07/24 को 21 नोटिस दिनाक 05/08/24 को 08 नोटिस दिनांक 08/08/24 को 01 नोटिस, दिनांक 13/08/24 को 02 नोटिस, दिनांक 22/08/24 को 02 नोटिस, दिनांक 12/11/24 को 13 नोटिस, दिनांक 14/11/24 को 02 नोटिस, दिनांक 30/11/24 को 03 नोटिस, कुल 194 नोटिस नजूल भूमि पर अतिक्रमण के सबंध में जारी किए गए है।
आवश्यक उपकरण व फर्नीचर उपलब्ध कराया जाना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
87. ( क्र. 1137 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिविल अस्पताल परासिया में आवश्यक उपकरण व फर्नीचर को क्रय किये जाने के लिये 177.00 लाख रूपये की स्वीकृति शासन द्वारा लगभग 5 वर्षों से अधिक समय पूर्व प्रदान की जा चुकी है, परन्तु फिर भी अभी तक उक्त सामग्री क्रय कर अस्पताल को उपलब्ध नहीं कराई गई है, पिछले विधानसभा सत्र में माननीय विभागीय मंत्री महोदय द्वारा मुझे आश्वासन दिया गया था कि शीघ्र ही मुझसे चर्चा कर समस्या का निदान कर सिविल अस्पताल परासिया को सामग्री प्रदान करा दी जायेगी, परन्तु फिर भी अभी तक आवश्यक उपकरण व फर्नीचर अस्पताल को उपलब्ध नहीं कराये गये है? जिसका क्या कारण है, अवगत करायें। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार आवश्यक उपकरण व फर्नीचर सामग्री को कब तक सिविल अस्पताल परासिया को उपलब्ध करा दिया जायेगा? तिथि निर्धारित कर अवगत करायें। (ग) सिविल अस्पताल परासिया को आवश्यक उपकरण व फर्नीचर सामग्री प्रदान किये जाने के संबंध में मेरे द्वारा मान. मुख्यमंत्री महोदय को (अनुस्मरण 05) पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2024/857 दि. 16.12.2024 एवं मान. राजेन्द्र शुक्ल जी उप-मुख्यमंत्री महोदय को (अनुस्मरण 06) पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2024/ 856 दि. 16.12.2024 तथा विभागीय प्रमुख सचिव पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2024/858 दि. 16.12.2024 को प्रेषित किया गया है, जिन पत्रों पर अभी तक क्या कार्यवाही की गई है? कब तक कार्यवाही को पूर्ण करते हुए सिविल अस्पताल परासिया को उक्त सामग्री उपलब्ध करा दी जायेगी? अवगत करायें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) विभागीय आदेश क्रमांक एफ 12-4/2019/सत्रह/मेडि-तीन भोपाल दिनांक 24-09-2019 के द्वारा 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल परासिया के भवन निर्माण की राशि रूपये 1400.00 लाख तथा उपकरण एवं फर्नीचर 177.40 लाख की स्वीकृति जारी की गई। विभागीय प्रक्रिया अनुसार भवन निर्माण पूर्ण होने उपरांत अस्पताल में फर्नीचर एवं उपकरण उपलब्ध कराया जाता है। भवन निर्माण पूर्ण होने उपरांत वर्ष 2023-24 में राज्य स्तर से राशि रूपये 26,33,055/- के कुल 23 प्रकार के 174 उपकरण एवं फर्नीचर प्रदान किये गये है तथा स्वास्थ्य संस्था द्वारा प्राप्त किया जा चुका है तथा राशि रूपये 15,49,203/- के कुल 07 प्रकार के 171 उपकरण एवं फर्नीचर के क्रयादेश राज्य स्तर से जारी किये जा चुके है, इन उपकरणों एवं फर्नीचर की प्रदायगी की जा रही है। इसके साथ ही कुल राशि रूपये 13,20,412/- के कुल 19 प्रकार के 146 उपकरण एवं फर्नीचर को स्थानीय स्तर से क्रय किये जाने हेतु बजट प्रदान किया गया, जिन्हें जिले द्वारा क्रय किया जाना है। इसके अतिरिक्त भी आवश्यकता अनुसार राज्य स्तर से समय-समय पर विभिन्न उपकरण प्रदान किये जाते है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) एवं (ग) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
धार्मिक स्थलों में आमजनों को सुविधा
[पर्यटन]
88. ( क्र. 1138 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परासिया विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत ग्राम पंचायत इटावा में प्रसिद्ध स्थल जिल्हेरी घाट एवं ग्राम पंचायत तुरसी में प्रसिद्ध धार्मिक स्थल देवरानी दाई, ग्राम पंचायत अम्बाड़ा में स्थित हिंगलाज मंदिर तथा ग्राम पंचा. सोनापीपरी के ग्राम कोसमी में स्थित हनुमान मदिर, नगर पंचायत चांदामेटा में स्थित मॉं खेड़ापति मन्दिर में उपरोक्त पांचों पर्यटक/धार्मिक स्थलों में प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रृद्धालुओं/पर्यटक/आमजनों का आना-जाना रहता है परन्तु फिर भी उपरोक्त पांचों पर्यटक/धार्मिक स्थलों में आमजनों की सुविधा हेतु जो विकास/निर्माण कार्य होने चाहिये व कार्य नहीं हो पा रहे है, जिससे श्रृद्धालुओं/पर्यटकों/आमजनों को बहुत अधिक असुविधा होती है, क्या विभाग द्वारा उपरोक्त सभी पर्यटक/धार्मिक स्थलों का निरीक्षण कराकर आवश्यकता अनुसार विभिन्न विकास/निर्माण कार्यों को कराये जाने के संबंध में कार्यवाही की जायेगी? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित उपरोक्त सभी प्रसिद्ध पर्यटक/धार्मिक स्थलों का विभाग द्वारा कब तक निरीक्षण कराकर आवश्यकता अनुसार विभिन्न विकास/निर्माण कार्यों को कराये जाने के संबंध में कार्यवाही करते हुए कार्यों की स्वीकृति प्रदान कर दी जायेगी, ताकि श्रृद्धालुओं/पर्यटकों/आमजनों को सुविधा प्राप्त हो सके।
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) वर्तमान में कोई योजना स्वीकृति नहीं है। (ख) कार्य के औचित्य एवं बजट की उपलब्धता अनुसार कार्यों की स्वीकृति दी जाती है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
हंडिया को पर्यटन स्थल बनाया जाना
[पर्यटन]
89. ( क्र. 1139 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा जिला अंतर्गत कौन-कौन से क्षेत्र को पर्यटन स्थल में शामिल किया गया है? हरदा जिले के कौन-कौन से क्षेत्र को पर्यटन स्थल में शामिल किए जाने की प्रक्रिया चल रही है? दोनों की पृथक-पृथक जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) क्या हरदा जिला अंतर्गत माँ नर्मदा के तट पर स्थित हंडिया को पर्यटन सक्रीट में लिया गया है? (ग) यदि हाँ, तो हंडिया के लिए क्या-क्या सुविधाएँ दी गई है? (घ) नहीं तो उसका कारण स्पष्ट करें। (ड.) हंडिया को कब तक पर्यटन स्थल घोषित किया जावेगा? समय-सीमा बतायें।
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) मध्यप्रदेश पर्यटन नीति 2016 यथा संशोधित नीति 2019 में किसी भी स्थल को पर्यटन स्थल घोषित करने का कोई प्रावधान नहीं है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) वर्तमान में कोई योजना प्रस्तावित नहीं है। (ग) एवं (घ) उत्तरांश (ख) अनुसार। (ड.) मध्यप्रदेश पर्यटन नीति 2016 यथा संशोधित नीति 2019 में किसी भी स्थल को पर्यटन स्थल घोषित करने का कोई प्रावधान नहीं है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
चालानी कार्यवाही से वसूली राशि का उपयोग
[परिवहन]
90. ( क्र. 1142 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा जिला अंतर्गत परिवहन विभाग द्वारा विगत 05 वर्षों में प्रश्न दिनांक तक कितनी चालानी कार्यवाही की गई? विस्तृत जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) विगत 05 वर्षों में प्रश्न दिनांक तक की गई चालानी कार्यवाही से कितनी राशि की वसूली की गई है? वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) विगत 05 वर्षों में वसूल की गई राशि का क्या उपयोग किया गया? वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावें।
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) वसूल की गई राशि को बैंक चालान के माध्यम से निर्धारित शासकीय राजस्व प्राप्ति शीर्ष में जमा किया गया। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
जर्जर स्कूल भवन का निर्माण
[स्कूल शिक्षा]
91. ( क्र. 1143 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जर्जर, जीर्णशीर्ण स्कूलों के मरम्मत/नवीन भवन बनाये जाने के शासन द्वारा निर्देश जारी किये गये हैं? यदि हाँ, तो नियमों की प्रति उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) में जारी निर्देशों के पालन में विधानसभा क्षेत्र भितरवार के कौन-कौन से प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल, हायर सेकेण्डरी स्कूल भवनों को चिन्हित किया गया है? स्कूलवार जानकारी दें। (ग) क्या प्रश्नांश (क) में दिये गए शासन निर्देशों के अनुसार प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित कौन-कौन से विद्यालयों के नवीन भवन स्वीकृत किये जा रहे हैं एवं कब तक? विद्यालयवार जानकारी उपलब्ध कराएं।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। नवीन निर्माण बजट की उपलब्धता पर निर्भर है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'एक' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'दो' अनुसार है। (ग) नवीन भवन निर्माण बजट की उपलब्धता पर निर्भर करता है। अतः निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेषांश उदभूत नहीं होता।
स्वास्थ्य केन्द्रों का उन्नयन
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
92. ( क्र. 1144 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले में कितने स्वास्थ्य केन्द्रों के उन्नयनीकरण हेतु प्रस्ताव प्राप्त हुए है? सूची उपलब्ध करायें। (ख) यदि हाँ, तो विधानसभा भितरवार क्षेत्र के स्वास्थ्य केन्द्रों के उन्नयनीकरण हेतु प्रश्नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक 115 दिनांक 06.02.2024, 501 दिनांक 06.07.2024 तथा 91 दिनांक 03.02.2025 द्वारा शासन से अनुरोध किया गया है। (ग) यदि हाँ, तो प्रस्ताव अनुसार कितने एवं कौन-कौन से स्वास्थ्य केन्द्रों का उन्नयनीकरण किया जा रहा है?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) ग्वालियर जिले में कुल 7 स्वास्थ्य केन्द्रों के उन्नयनीकरण हेतु प्रस्ताव प्राप्त हुए है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ख) जी हाँ। (ग) वर्तमान में इन स्वास्थ्य केन्द्रों का उन्नयनीकरण विभागीय कार्ययोजना में शामिल नहीं है।
बी.पी.टी. पाठ्यक्रम प्रारंभ किया जाना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
93. ( क्र. 1148 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दिनांक 24.12.2021 को प्रस्तुत वि.स. प्रश्न क्रमांक 496 के उत्तर में शासन द्वारा जानकारी दी गई है कि शिक्षण सत्र 2020-21 के लिये सागर मेडिकल कालेज में बी.पी.टी. पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों के प्रवेश हेतु 30 सीट्स एवं रीवा मेडिकल कालेज में एम.पी.टी. की 05 सीट्स निर्धारित थी? यदि हाँ, तो सागर एवं रीवा मेडिकल कालेजों में शिक्षण सत्र 2020-21 से वर्षवार प्रवेशित एवं अध्ययनरत विद्यार्थियों की संख्या बतायें? (ख) क्या तत्कालीन शिक्षा मंत्री महोदय ने गांधी मेडिकल कालेज भोपाल में शिक्षण सत्र 2023-24 से शेष अन्य मेडिकल कालेजों में शिक्षण सत्र 2024-25 से बी.पी.टी. पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की घोषणा की थी? यदि हाँ, तो क्या गांधी मेडिकल कालेज सहित अन्य मेडिकल कालेजों में प्रवेश प्रारंभ हो गया है? यदि हाँ, तो सत्रवार प्रवेशित व अध्ययनरत विद्यार्थियों की संख्या बतायें? यदि नहीं, तो कारण बतायें? प्रवेश कब तक प्रारंभ कर दिये जायेगे? (ग) क्या भौतिक चिकित्सक स्वतंत्र रूप से भौतिक चिकित्सा व्यवसाय करने के प्राधिकृत है? यदि हाँ, तो क्या इन्हें भी क्लीनिकल एण्ड एस्टेब्लिश एक्ट के तहत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के यहां अपनी क्लीनिक पंजीकृत कराना आवश्यक है? यदि हाँ, तो क्या संबंधित पोर्टल में फिजियोथेरेपी के पंजीयन का विकल्प उपलब्ध है? यदि हाँ, तो किस नाम से? यदि नहीं, तो क्यों? कारण बताये?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। सागर एवं रीवा मेडिकल कॉलेज में शिक्षण सत्र 2020-21 से वर्षवार प्रवेशित एवं अध्ययनरत विद्यार्थियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) जी हाँ। जी नहीं। गांधी मेडिकल कॉलेज द्वारा फिजियोथैरेपी पाठ्यक्रम हेतु आवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया। अन्य शासकीय एवं निजि चिकित्सा महाविद्यालयों में सत्र (2024-25) हेतु परिषद को सशुल्क आवेदन करने पर अनुमति दी जावेगी। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। जी हाँ। जी हाँ। NHS Portal के ''क्लीनिकल एस्टेबलिशमेन्ट टैब'' में ''फिजियोथैरेपी टैब'' अंतर्गत पंजीयन का विकल्प उपलब्ध है।
स्कूलों का उन्नयन
[स्कूल शिक्षा]
94. ( क्र. 1150 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्राथमिक शाला, माध्यमिक शाला एवं हाई स्कूल के उन्नयन संबंधी क्या नीति है? विगत 3 वर्षों में प्राथमिक शाला को माध्यमिक शाला, माध्यमिक शाला को हाई स्कूल एवं हाई स्कूल को हायर सेकेण्डरी में उन्नयन किये जाने हेतु कितने पत्र प्रश्नकर्ता द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी जिला पन्ना को प्रेषित किये गये है एवं उनमें से कितने पत्र जिला शिक्षा अधिकारी जिला पन्ना द्वारा आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल को प्रेषित किये गये है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार कितने पत्रों पर कार्यवाही करते हुये स्कूलों का उन्नयन किया गया है? यदि नहीं, तो क्यों? कब तक कार्यवाही की जाकर स्कूलों का उन्नयन किया जावेगा?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। विगत 03 वर्षों में 03 पत्र शाला उन्नयन के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी जिला पन्ना को प्रेषित किये गये। जिला शिक्षा अधिकारी जिला पन्ना द्वारा 03 पत्र शाला उन्नयन के संबंध में आयुक्त, लोक शिक्षण को प्रेषित किये गये है। (ख) शालाओं का उन्नयन बजट उपलब्धता एवं सक्षम स्वीकृति पर निर्भर करता है, अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
सिंचाई हेतु नहर बनाया जाना
[जल संसाधन]
95. ( क्र. 1162 ) श्री विजयपाल सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता विधानसभा क्षेत्र सोहागपुर के अंतर्गत सतपुड़ा टाईगर रिजर्व द्वारा वन ग्रामों का विस्थापन किया गया है, परन्तु उपरोक्त क्षेत्र में विस्थापित आदिवासियों को कृषि कार्य में सिंचाई हेतु वर्तमान में क्या व्यवस्था है? (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में जल संसाधन विभाग द्वारा क्या पूर्व में इन क्षेत्रों सिंचाई हेतु नहर बनाये जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है यदि हाँ, तो उसके संबंध में जानकारी उपलब्ध कराई जाये? (ग) सतपुड़ा टाईगर रिजर्व के विस्थापित ग्रामों में किसानों को सिंचाई हेतु नहर कब तक बना दी जायेगी?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) विधानसभा क्षेत्र सोहागपुर के अंतर्गत सतपुड़ा टाईगर रिजर्व द्वारा विस्थापित ग्रामों के आदिवासियों के लिए सिंचाई हेतु वर्तमान में विभाग द्वारा कोई व्यवस्था नहीं की जाना प्रतिवेदित है। अपितु कृषक द्वारा स्वयं अपने संसाधनों से सिंचाई की जाना प्रतिवेदित है। (ख) एवं (ग) जी नहीं, अपितु विभाग द्वारा विस्थापित ग्रामों को वर्तमान में सिंचाई उपलब्ध कराने हेतु तवा परियोजना की बागरा ब्रांच कैनाल से बागरा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना राशि रू.83.74 करोड़ की 4200 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए प्रस्तावित की गई है। प्रस्ताव वर्तमान में विभागीय स्तर पर परीक्षणाधीन है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
पेंच व्यपवर्तन योजना माचागोरा डेम के सम्बन्ध में
[जल संसाधन]
96. ( क्र. 1192 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पेंच व्यपवर्तन परियोजना की दायी तट नहर में भांड खापा के पास मुख्य नहर में डाले गए पाइप निकाल दिए गए हैं? (ख) पिछले सत्र में लगाए गए प्रश्न के उपरांत इस पर क्या कार्यवाही की गई? (ग) क्या पाइप नियमानुसार डाले गए हैं, यदि नहीं, तो कब तक निकाल दिए जायेंगे ताकि पानी टेल तक पहुंच सके?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी नहीं। (ख) कृषकों के विरोध एवं रबी सिंचाई प्रगतिरत होने के कारण कोई कार्यवाही नहीं की जा सकना प्रतिवेदित है। (ग) जी नहीं, पाइप नियमानुसार नहीं डाले गए हैं। कृषकों को समझाइस देते हुए जिला प्रशासन का सहयोग प्राप्त कर निकाला जाना प्रस्तावित है।
किसानों को मुआवजा
[जल संसाधन]
97. ( क्र. 1194 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत डूब क्षेत्र के 31 गांवों के लिए विगत 17-04-2024 को माननीय मुख्यमंत्री जी ने सभा के दौरान मुआवजा की घोषणा की थी? (ख) क्या उपरोक्त गामों के किसानों को चार गुना मुआवजा प्ररान करने की योजना है? (ग) क्या पुनर्वास ग्रामों में सभी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध करा दी गई हैं? (घ) क्या पुनर्वास के ग्रामों में पेयजल की समुचित व्यवस्था कर दी गई है। यदि नहीं, तो कब तक हो जावेगी?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी नहीं, पेंच व्यपवर्तन परियोजना के डूब प्रभावित 35 ग्रामों में मुआवजा का भुगतान पूर्व में किया जा चुका है। (ख) जी नहीं, उपरोक्त ग्रामों के किसानों को 4 गुना मुआवजा प्रदान करने का भू-अर्जन आधिनियम में कोई प्रावधान नहीं है। (ग) जी हॉं, पुनर्वसित ग्रामों में उपलब्ध कराई गई मूलभूत सुविधाओं का विवरण ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के ''प्रपत्र-अ'' अनुसार है। (घ) जी हॉं, पुनर्वसित ग्रामों में पेय जल की व्यवस्था का विवरण ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के ''प्रपत्र-ब'' अनुसार है।
विद्यालयों का उन्नयन
[स्कूल शिक्षा]
98. ( क्र. 1197 ) श्रीमती प्रियंका पैंची : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता द्वारा विधानसभा चाचौड़ा के क्षेत्रवासियों द्वारा ग्राम पेची, ग्राम नसीरपुर, ग्राम उकावद, ग्राम बांसाहेडा एवं सानई के हाई स्कूल को हायर सेकेण्ड्री में एवं ग्राम सिंगापुरा, ग्राम कोन्याकला के माध्यमिक विद्यालय का हाई स्कूल में उन्नयन हेतु मांग की गई थी क्या इनका उन्नयन होना संभव है? यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें? (ख) विधानसभा चाचौड़ा के कितने स्कूल में बाउण्ड्रीवाल स्वीकृत है और उनका कार्य कब तक पूर्ण होगा? (ग) शासकीय विद्यालयों में बच्चों के बैठने हेतु फर्नीचर व्यवस्था के क्या मापदंड है? क्या माध्यमिक एवं हाई सहित हायर सेकेण्ड्री स्कूलों में पर्याप्त फर्नीचर उपलब्ध है? यदि हाँ, तो और यदि नहीं, तो क्यों?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। शासकीय माध्यमिक शाला कोन्याकला को छोड़कर, शेष उल्लेखित शालाओं के उन्नयन की मांग की गई थी। शासकीय हाईस्कूल पैंची, नसीरपुर, उकावद एवं सानई निर्धारित मापदण्ड अनुसार पूर्ति करती है एवं शासकीय हाई स्कूल बांसाहेड़ा, माध्यमिक शाला सिंगापुरा निर्धारित मापदण्ड की पूर्ति नहीं करती है। शालाओं का उन्नयन बजट उपलब्धता एवं सक्षम स्वीकृति पर निर्भर करता है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) प्रश्नाधीन जानकारी निरंक है। (ग) शासकीय शालाओं में शिक्षण कक्षों के मान से फर्नीचर प्रदान किये जाने की व्यवस्था है। जी नहीं। फर्नीचर प्रदाय करना बजट की उपलब्धता पर निर्भर करता है।
स्वीकृत तालाबों को पूर्ण किया जाना
[जल संसाधन]
99. ( क्र. 1201 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत वर्तमान में कुल कितने तालाबों की स्वीकृति प्रदाय होकर प्रगतिरत है? (ख) उक्त तालाबों की स्वीकृति कब जारी की गई है तथा पूर्ण की समयावधि क्या निर्धारित है? क्या निर्धारित समयावधि में तालाब कार्य पूर्ण हो जायेंगे? नहीं तो क्या कारण है तथा समय-सीमा में पूर्ण करने हेतु क्या कार्यवाही की जा रही है?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रांतर्गत वर्तमान में कुल 06 तालाबों की स्वीकृति प्राप्त हुई है, जिसमें से 04 तालाबों का निर्माण कार्य प्रगतिरत है। (ख) उक्त तालाबों की स्वीकृति संबंधी, पूर्ण होने की निर्धारित समयावधि, विलम्ब का कारण एवं समय-सीमा में पूर्ण करने हेतु की गई कार्यवाही से संबंधी जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
सरकारी जमीन का अतिक्रमण
[राजस्व]
100. ( क्र. 1204 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मऊगंज जिले में नगरीय निकायों और ग्रामीण क्षेत्रों में कुल कितनी सरकारी जमीन है? सरकारी आराजियों का खसरा नंबर सहित गांववार और निकायवार रकबा बताएं। (ख) क्या जिले की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण है? यदि हाँ, तो जिला बनने के बाद कितनी सरकारी जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई गई? (ग) सरकारी जमीनों को कब तक अतिक्रमणकारियों से मुक्त करा लिया जायेगा? अगर नहीं तो क्यों? कारण बताएं।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिला मऊगंज अंतर्गत नगरीय क्षेत्र में कुल रकवा 2129.652 हेक्टेयर एवं ग्रामीण क्षेत्र में कुल रकवा 31506.2255 हेक्टेयर सरकारी जमीन है। mpbhulekh.gov.in पब्लिक पोर्टल से सरकारी आराजियां का खसरा नंबर ग्रामवार और निकायवार रकवा की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। (ख) जी हाँ। जिला मऊगंज बनने के बाद 1.591 है. सरकारी जमीन अतिक्रमण मुक्त कराई गयी है। (ग) शासकीय भूमियों में अतिक्रमण की जानकारी प्राप्त होने पर मध्यप्रदेश भू राजस्व संहिता की धारा 248 के तहत प्रकरण दर्ज कर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही सतत् रूप से की जाती है।
मंदिरों की जमीन पर अतिक्रमण
[राजस्व]
101. ( क्र. 1205 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मऊगंज जिले के महादेवन मंदिर, हाटा में हाटेश्वर नाथ मंदिर, दुबिया के चतुर्भुज मंदिर की कुल कितनी जमीन है? तीनों मंदिरों की सम्पूर्ण आराजी का रकबा नम्बर सहित वर्ष 1958 से रिकार्ड उपलब्ध कराएं? क्या इन मंदिरों के परिसर की जमीन पर अवैध कब्ज़ा किया गया है? अगर हाँ तो इन मंदिरों से लगी चारों तरफ की 500 मीटर जमीन के भूमि स्वामियों के नाम आराजी नंबर की जानकारी दें? कितनी जमीन पर अतिक्रमण है और किन-किन लोगों ने अतिक्रमण किया है सूची दें? (ख) क्या महादेवन और हाटा मंदिर की जमीन बचाने एसडीएम और तहसीलदार की कोर्ट में आवेदन दिए गए थे? यदि हाँ, तो कब? आवेदनों के साथ संबंधित न्यायालयों से हुए फैसलों की प्रति भी उपलब्ध कराएं? (ग) मंदिरों के पक्ष में फैसले हुए तो समय-सीमा के अंदर अवैध कब्जे क्यों नहीं हटाए गए इसके लिए कौन-कौन अधिकारी जिम्मेदार हैं? (घ) क्या जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाई की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक? अगर नहीं तो क्यों कारण बताएं?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) मऊगंज जिले के महादेवन मंदिर, हाटा में हाटेश्वर नाथ मंदिर, दुबिया में चतुर्भुज मंदिर की जमीन जानकारी निम्नानुसार हैं :- इन मंदिरों के खसरा सन 1958-59 से 2005 तक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। उक्त मंदिरों के परिसर की जमीन पर कोई अवैध कब्जा नहीं किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) महादेवन और हाटा मंदिर की जमीन बचाने के लिये एसडीएम और तहसीलदार की कोर्ट में कोई आवेदन नहीं दिये गये है। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
क्र. |
तहसील |
ग्राम का नाम |
मंदिर का नाम |
खसरा |
रकबा |
1 |
हनुमना |
देवरा |
महादेवन मंदिर |
127 |
0.024 |
2 |
हनुमना |
हाटा |
हाटेश्वर मंदिर |
267 |
0.162 |
3 |
हनुमना |
दुबिया |
चुतुर्भुज मंदिर |
6/1 |
0.454 |
आवेदनों का निराकरण
[राजस्व]
102. ( क्र. 1206 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मऊगंज जिले में राजस्व महाअभियान वन और टू में विभाग द्वारा कितने गांवों में शिविर लगाए गए? इन शिविरों में नक्शा तरमीम, बंटवारा, केवाईसी, वारिसाना समेत अन्य समस्याओं के कितने आवेदन प्राप्त हुए? (ख) जिन गांवों में शिविर लगाए गए हर आवेदनकर्ता के नाम और आवेदन की प्रति उबलब्ध कराएं। दोनों महाअभियान में प्राप्त कितने आवेदनों का निराकरण प्रश्न दिनांक तक हो चुका है? उन आवेदन कर्ताओं की सूची गांववार उपलब्ध कराएं। (ग) जिन आवेदनों का प्रश्न दिनांक तक निराकरण नहीं हुआ उसका कारण और समय-सीमा बताएं की कब तक में निराकरण होगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) राजस्व महाभियान 1 एवं 2 के संबंध में जारी निर्देश के अंतर्गत गांवों में शिविर लगाने के निर्देश नहीं थे, परन्तु महाभियान के दौरान जिला द्वारा निम्न प्रकरणों का निराकरण किया गया।
|
महाभियान 1.0 |
महाभियान 2.0 |
नामांतरण |
1322 |
1887 |
बट्बारा |
949 |
726 |
सीमांकन |
981 |
सीमांकन शामिल नहीं था। |
अभिलेख दुरुस्ती |
101 |
32 |
नक्शा बटाकन |
|
78737 |
(ख) एवं (ग) निरंक।
सी.एम. राइज स्कूल के नवीन भवन का निर्माण
[स्कूल शिक्षा]
103. ( क्र. 1213 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नागदा खाचरौद तहसील में अब तक मात्र एक CM राइज स्कूल खाचरौद में संचालित हो रहा है दूसरा नागदा के उत्कृष्ट शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को भी CM राइज स्कूल में उन्नयन किया गया है, लेकिन CM राइज स्कूल निर्माण या अन्य सुविधाओं के साथ उन्नयन की दिशा में अब तक कोई कार्य नहीं हुआ है कब तक इस दिशा में कार्य प्रारंभ होंगे? (ख) प्रदेश में एक विधानसभा क्षेत्र में तीन से चार CM राइज स्कूल दिए गए हैं, जबकि नागदा खाचरौद विधानसभा क्षेत्र में दो तहसील होने के बाद भी मात्र दो CM राइज स्कूल दिए गए हैं जबकि प्रश्नकर्ता द्वारा लगातार 04 CM राइज स्कूल की मांग की जा रही है क्या आगामी सत्र में नागदा खाचरौद ग्रामीण क्षेत्र के लिए भी CM राइज स्कूल स्वीकृत किए जाने की संभावना है। इस सन्दर्भ में विभाग द्वारा कोई कार्यवाही की जा रही है?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ, सी.एम. राइज स्कूलों के भवन निर्माण एवं अन्य सुविधाओं की व्यवस्था बजट की उपलब्धता एवं सक्षम स्वीकृति पर निर्भर है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) बजट की उपलब्धता एवं सक्षम स्वीकृति पर निर्भर है।
नवीन भवन की स्वीकृति
[स्कूल शिक्षा]
104. ( क्र. 1214 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि नागदा खाचरौद तहसील में कितने हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी विद्यालय भवन विहिन है और भवन के अभाव में माध्यमिक शालाओं के भवनों में संचालित हो रहे हैं इन विद्यालयों के लिए पृथक से भवन बनाने की शासन की क्या योजना है? कब तक भवन स्वीकृत कर बनाने की योजना है?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : प्रश्नाधीन तहसील अंतर्गत 08 शासकीय हाई स्कूल एवं 01 शासकीय हायर सेकेण्डरी विद्यालय का पृथक भवन नहीं है। सभी विद्यालयों का संचालन माध्यमिक शालाओं के भवन में हो रहा है। शासकीय हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन निर्माण योजना बजट की उपलब्धता, भवन/कक्षों की आवश्यकता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर करता है। अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
गोचर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाना
[राजस्व]
105. ( क्र. 1224 ) श्री घनश्याम चन्द्रवंशी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शाजापुर जिले में कितनी शासकीय एवं कितनी गोचर भूमि है? विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी दें। (ख) कालापीपल विधानसभा क्षेत्र में प्रश्नांश (क) में उल्लेखित भूमि पर किसी प्रकार का कब्जा अथवा अतिक्रमण किया गया है, वर्ष 2020 से वर्तमान तक कि जानकारी प्रदाय करें। (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित भूमि से अतिक्रमण/कब्जा हटाने के लिए प्रशासन द्वारा कब-कब एवं क्या-क्या कार्यवाही कि गई तथा कितनी गोचर भूमि को कब्जे/अतिक्रमण से मुक्त किया गया है? दस्तावेज सहित जानकारी प्रदाय करें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) शाजापुर जिले के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र-167 शाजापुर में शासकीय भूमि 18266.00 हे. और गोचर भूमि 2962 हे. है एवं विधानसभा क्षेत्र-165 सुसनेर शासकीय भूमि 4187.00 हे. है और गोचर भूमि 621.00 हे. है तथा विधानसभा क्षेत्र-168 शुजालपुर में शासकीय भूमि 10690.94 हे. है और गोचर भूमि 3119.839 हे. है एवं विधानसभा क्षेत्र-169 कालापीपल में शासकीय भूमि 12769.650 हे. है और गोचर भूमि 3850.694 हे. है। (ख) कालापीपल विधान क्षेत्र में प्रश्नांश (क) में उल्लेखित भूमि में से तहसील कालापीपल में 383 एवं तहसील पोलायकला में 81 सर्वे क्रमांकों पर अस्थाई अतिक्रमण किया गया है जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) संबंधित तहसील कार्यालय द्वारा समय-समय पर अतिक्रमणकारियों को सूचना पत्र जारी कर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराकर अर्थदण्ड से दण्डित किया जाता है।
स्वशासी गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल के आरक्षित पद
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
106. ( क्र. 1227 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा प्रश्न क्रमांक 864 (क) से (घ) दिनांक 03 जुलाई, 2024 की जानकारी प्रश्न दिनांक तक भी नहीं दिए जाने का क्या कारण है, विभाग इसके लिए किसको दोषी और जिम्मेदार मानता है? कब तक जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी? समय-सीमा सहित बताएं। (ख) मेडिकल कॉलेजों द्वारा जानकारियां किस प्रारूप में कितने दिनों में संकलित की जाती हैं? क्या विभाग के अंतर्गत जानकारियां संकलित करने की कोई नियम है, यदि हाँ, तो क्या? प्रश्नांश (क) की जानकारी किस प्रारूप के तहत आती है? (ग) मेडिकल कॉलेजों में आरक्षण रोस्टर कॉलेजवार लागू होता है या कॉलेज के विषयवार/विभागवार? स्वशासी गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल के आरक्षित-अनारक्षित सभी पदों की सूची आरक्षणवार उपलब्ध करवाएं। (घ) स्वशासी गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल में किस-किस विषय के कौन-कौन से पद किस-किस विज्ञप्ति में किस-किस वर्ग के लिए कब-कब आरक्षित किए गए, उक्त आरक्षित पदों में किस पद पर आरक्षित वर्ग की नियुक्ति हुई, किस पद को समर्पित कर दिया गया, किस पद को दूसरे कॉलेजों में स्थानांतरित किया गया, किस पद को आरक्षित सूची से हटाकर उसपर अनारक्षित वर्ग की नियुक्ति की गई, प्रतिसहित बताएं।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्न क्रमांक 864 एवं 806 में प्रदर्शित बिंदुओं के संबंध में जाँच हेतु संचालनालय स्तर पर जाँच समिति गठित कर जाँच प्रक्रियाधीन है, की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार। जाँच की कार्यवाही पूर्ण होने पर जानकारी उपलब्ध कराई जावेगी। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) सभी जानकारियां समय-सीमा में प्रेषित की जाती है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) मेडिकल कालेजों में विषयवार आरक्षण रोस्टर संधारित किया जाता है, गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल के आरक्षित-अनारक्षित पदों की सूची आरक्षणवार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार। (घ) स्वशासी मेडिकल कालेज भोपाल द्वारा जारी विज्ञप्ति एवं नियुक्ति से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार। पद समर्पण एवं स्थानांतरण जारी आदेश की प्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार।
पार्क एवं अभ्यारण्य की भूमि का अर्जन
[राजस्व]
107. ( क्र. 1228 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भूमि अर्जन पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 23 धारा 30 एवं धारा 31 के प्रावधानों का पालन किए बिना ही कलेक्टर उमरिया, सीधी, श्योपुर एवं नर्मदापुरम् ने पार्क एवं अभ्यारण की सीमा में आने वाली भूमि, मकान, आदि से विस्थापित करने का आदेश जारी किए हैं? (ख) वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 24 एवं धारा 25 में भूमि अर्जन से संबंधित क्या प्रावधान दिए हैं, इन प्रावधानों में भू-अर्जन अधिनियम 1894 के स्थान पर भूमि अर्जन अधिनियम 2013 के प्रावधानों का पालन किया जाना कब संशोधित किया है? (ग) भूमि अर्जन अधिनियम 2013 लागू होने के बाद राज्य के किस-किस पार्क एवं अभ्यारण से कितने परिवारों को विकल्प एक एवं विकल्प दो के अनुसार हटाए जाने का आदेश उमरिया, सीधी एवं नर्मदापुरम् कलेक्टर ने जारी किया है? (घ) कलेक्टर भूमि अर्जन अधिनियम 2013 की बजाय विकल्प एक एवं विकल्प दो के आधार पर किस कानून की किस धारा के अनुसार आदेश दे रहे हैं?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी नहीं। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। भू-अर्जन अधिनियम 1894 के स्थान पर भूमि अर्जन पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 के प्रावधान 1 जनवरी, 2014 से प्रभावशील है। (ग) जिला सीधी अंतर्गत भूमि अर्जन अधिनियम 2013 लागू होने के संजय टाइगर रिजर्व से विकल्प-एक में 1001 परिवारों को पुनर्व्यवस्थापित किया गया। 1. नर्मदापुरम जिले के अंतर्गत सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान, बोरी एवं पचमढ़ी अभ्यारण्य से 3794 परिवारों में से विकल्प-एक (क) के तहत 2649 परिवारों एवं विकल्प-दो के तहत 1145 परिवारों को शासन द्वारा निर्धारित पैकेज का लाभ देकर विस्थापित किया गया है। 2. श्योपुर जिले के अन्तर्गत कूनो राष्ट्रीय उद्यान से पात्र किये गये 223 परिवारों को विकल्प दो के तहत शासन द्वारा निर्धारित पैकेज का लाभ देकर विस्थापित किया गया है। 3. जिला उमरिया अंतगर्त बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान से विकल्प-एक में 714 परिवार को विस्थापित किए जाने का आदेश जारी किए गए है। (घ) वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 38 V (5) के तहत ग्रामीणों की विस्थापन/पुनर्वास हेतु स्वैच्छिक सहमति प्राप्त होने पर भारत शासन के राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकारण द्वारा जारी दिशा-निर्देश अनुसार पार्क एवं अभ्यारण्य की सीमा से विस्थापन हेतु सहमत ग्रामों के ग्रामीणों द्वारा ग्राम सभा में पारित प्रस्ताव अनुसार कलेक्टर, द्वारा ग्रामीणों के पात्रता निर्धारण हेतु समिति का गठन का आदेश किया गया है। पात्र किये गये परिवारों को विकल्प-एक (क) एवं विकल्प-दो के तहत शासन द्वारा निर्धारित पैकेज का लाभ देकर विस्थापित किया गया है।
जर्जर भवनों की मरम्मत
[स्कूल शिक्षा]
108. ( क्र. 1232 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शिवपुरी जिले में 3500 बच्चे आज भी स्कूल भवन के इंतजार में है यदि हाँ, तो शिवपुरी जिले में स्कूल भवन नहीं बनाये जाने का कारण क्या है? (ख) शिवपुरी जिले में भवनों के क्षतिग्रस्त होने के कारण से बच्चों को किन-किन स्थानों पर पढ़ाया जा रहा है क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मते क्यों नहीं करायी जा रही? (ग) सरकार द्वारा बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं योजना चलायी जा रही है, लेकिन शिवपुरी जिले में बच्चों को पढ़ाने हेतु भवन तक नहीं है, यदि हाँ, तो क्यों नहीं है? (घ) शिक्षा विभाग द्वारा बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है विधानसभा क्षेत्र 24 पोहरी के नरवर में स्कूल भवन क्षतिग्रस्त होने से बेटी घायल हो गयी थी, लेकिन शिक्षा विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गयी, दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गयी? क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मत कब तक करा दी जाएगी एवं भवनहीन स्कूलों में भवन कब तक बना दिये जाएगे? समय-सीमा बतायी जावे। (ङ) शिवपुरी जिले के स्कूलों में कागजों में बच्चों को पानी पिलाया जा रहा है स्कूलों में लगी पानी की टंकिया एवं बोर बंद पाये गये हैं, बच्चों को पानी हेतु क्या व्यवस्था की गयी है? यदि नहीं, तो क्यों? दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गयी?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'एक' पर है। नवीन शाला भवन निर्माण बजट की उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर करता है। (ख) शासकीय हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन मरम्मत हेतु जिले को 50.00 लाख की राशि प्रदान की गई है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'दो' पर है। उपलब्ध बजट अनुसार कार्यवाही की गई अतः शेषांश उद्भूत नहीं होता। (ग) स्कूल भवन निर्माण बजट की उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर करता है। (घ) प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत शासकीय प्राथमिक विद्यालय सुल्तानपुर में गठित दुर्घटना में संबंधित शाला प्रभारी एवं विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक को कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया गया था। उक्त क्षतिग्रस्त कक्ष में कक्षाओं का संचालन रोक दिया गया है। नवीन भवन निर्माण बजट की उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर करता है। अतः निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ड.) शासकीय हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में पेयजल सुविधा उपलब्ध है। शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में जहाँ पानी की टंकियाँ एवं बोर बन्द है, वहाँ अन्य स्त्रोतों (मटके एवं टंकी) से पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
पुजारियों को मानदेय
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
109. ( क्र. 1233 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या तहसील बदरवास, जिला शिवपुरी के पुजारियों को मानदेय राशि हर माह दी जा रही है यदि हाँ, तो, क्यों नहीं दी जा रही है? (ख) क्या मानदेय (नेमणूक) राशि माह मार्च 2023 से तहसीलदार द्वारा बैंक बचत खातों में नहीं भेजी गयी है, जबकि अन्य तहसीलों में जैसे करैरा, नरवर, पोहरी एवं शिवपुरी में लगातार हर माह राशि पुजारियों को वितरित की जा रही है, इस संबंध में प्रश्नकर्ता द्वारा अनुविभागीय अधिकारी कोलारस को पत्र क्रमांक/2024/532 दिनांक 09.09.2024 से मानदेय भुगतान हेतु पत्र भी लिखा गया था, किंतु आज दिनांक तक मानदेय का भुगतान नहीं किया गया, क्यों? (ग) विधानसभा क्षेत्र 24 पोहरी में कुल कितने मंदिर है किन-किन पुजारियों द्वारा पूजा की जा रही है तथा मंदिरों के नाम कितनी-कितनी जमीन/सम्पत्ति शासन द्वारा दी गई है? रकवा, नाम व मोबाइल नंबर सहित ग्रामवार जानकारी दी जावे।
राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जी हाँ। तहसील बदरवास अंतर्गत पुजारियों को मानदेय (नेमनुक) की राशि नियमित रूप से दी जा रही है। माह जनवरी 2025 तक के मानदेय का भुगतान नियम एवं पात्रता अनुसार संबंधित पुजारियों के खाते में किया जा चुका है। (ख) तहसील बदरवास अंतर्गत पुजारियों को मानदेय (नेमनुक) की राशि नियमित रूप से दी जा रही है। माह जनवरी 2025 तक के मानदेय का भुगतान नियम एवं पात्रता अनुसार संबंधित पुजारियों के खाते में किया जा चुका है। (ग) तहसील पोहरी अंतर्गत 142 मंदिर के नाम 489.404 हेक्टेयर जमीन है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
सनघटा सिंचाई परियोजना के निर्माण की प्रगति
[जल संसाधन]
110. ( क्र. 1236 ) श्री देवेन्द्र कुमार जैन : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी में सनघटा सिंचाई परियोजना के निर्माण की स्वीकृति कब हुई थी? उक्त परियोजना के निर्माण हेतु कितनी लागत राशि निर्धारित की गई थी? वर्तमान में सनघटा सिंचाई परियोजना के निर्माण की अद्यतन स्थिति क्या है? परियोजना से क्षेत्र के कौन-कौन से ग्रामों की कृषि भूमि का कुल कितना रकवा सिंचित होगा? ग्रामों के नाम की सूची विकासखण्डवार उपलब्ध करावें तथा परियोजना का निर्माण कार्य कब तक प्रारंभ होगा? सम्पूर्ण जानकारी का विविरण दें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार सनघटा सिंचाई परियोजना का निर्माण कार्य प्रारंभ होने में विलंब होने के क्या-क्या कारण हैं? सभी का विस्तृत उल्लेख करें। परियोजना के निर्माण में होने वाले विलंब के कारणों का निराकरण करने हेतु विभाग द्वारा अभी तक क्या-क्या कार्यवाही की गई है? सम्पूर्ण ब्यौरा दें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार क्या यह सही है कि परियोजना के निर्माण कार्य की शुरूआत करने में जिम्मेदारों द्वारा अत्यधिक विलंब किया जा रहा है तथा जिससे अंचल के किसानों को परियोजना का लाभ मिलने में देर हो रही है तथा उनमें रोष व्याप्त है?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जिला शिवपुरी में सनघटा (ऐर) मध्यम सिंचाई योजना की प्रशासकीय स्वीकृति राशि रू. 145.45 करोड़ दिनांक 28.08.2020 को प्रदान की गई। परियोजना के निर्माण हेतु दिनांक 23.01.2023 को अनुबंध राशि रू. 96.52 करोड़ निष्पादित किया जाना प्रतिवेदित है। सर्वेक्षण पूर्ण कर जीएडी, ड्राइंग/डिजाईन का अनुमोदन किया जाना प्रतिवेदित है। प्रथम चरण की वन स्वीकृति दिनांक 08/07/2024 को प्राप्त है। परियोजना के डूब क्षेत्र में प्रभावित होने वाली निजी भूमि के भू-अर्जन प्रकरण आपसी सहमति क्रय नीति के अन्तर्गत तैयार कर अधिसूचना प्रकाशन की कार्यवाही की जा चुकी है। पर्यावरण प्रकरण की स्वीकृति हेतु राज्य स्तरीय विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति की बैठक दिनांक 28/01/2025 के द्वारा अनुशंसा की जा चुकी है। राज्य स्तरीय पर्यावरण समाधान निर्धारण प्राधिकरण म.प्र. की 870वीं बैठक दिनांक 18/02/2025 का कार्यवाही विवरण जारी हो चुका है। परियोजना से विकासखण्ड पिछोर के 22 ग्रामों की कुल 4677.976 हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी, ग्रामवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त होने के उपरांत निर्माण कार्य प्रारंभ होना संभव है। वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जी नहीं, परियोजना का निर्माण कार्य समय-सीमा के भीतर प्रक्रियाधीन है। अत: शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं, अंचल के किसानों में रोष व्याप्त होना प्रतिवेदित नहीं है।
सरकुला मध्यम सिंचाई परियोजना
[जल संसाधन]
111. ( क्र. 1238 ) श्री देवेन्द्र कुमार जैन : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पोहरी में स्वीकृत सरकुला मध्यम सिंचाई परियोजना के निर्माण की स्वीकृति वर्ष 2018 के समय निर्माण लागत की राशि कितनी थी? क्या प्रश्न दिनांक तक उक्त निर्माण लागत राशि में कोई वृद्वि की गई है अथवा प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो कितनी? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार परियोजना स्वीकृति वर्ष 2018 को सिंचाई का रकबा कितना था? क्या बाद में सिंचाई के रकबे में कोई वृद्वि हुई अथवा प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो कितनी सम्पूर्ण जानकारी दें? (ग) प्रश्नांश (क), (ख) अनुसार परियोजना में वन एवं पर्यावरण स्वीकृति दिनांक 23.10.2023 के उपरांत से प्रश्न दिनांक तक कितने प्रतिशत कार्य पूर्ण हुआ है? क्या जिस गति से परियोजना का निर्माण कार्य चल रहा है, उससे निर्माण कार्य लक्षित दिनांक 21.8.2026 तक पूर्ण कर लिया जावेगा? (घ) क्या उक्त परियोजना में निजी भूमि का अधिग्रहण किया जाना प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो कितना रकबा अधिग्रहण किया जाना है? इस हेतु कितनी मुआवजा राशि निर्धारित की गई है? सम्पूर्ण जानकारी दें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) पोहरी में स्वीकृत सरकुला मध्यम सिंचाई परियोजना के निर्माण की वर्ष 2018 में स्वीकृति के समय निर्माण लागत राशि रू.171.29 करोड़ थी। जी नहीं शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) परियोजना स्वीकृति वर्ष 2018 में परियोजना अंतर्गत सिंचाई रकबा 6,500 हेक्टेयर था। जी नहीं, शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) परियोजना को दिनांक 21.08.2026 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है। (घ) जी हाँ, परियोजना प्रभावित डूब क्षेत्र के 09 ग्रामों की 64.22 हेक्टेयर निजी भूमि का अधिग्रहण किया जाना है, जिसकी अनुमानित मुआवजा राशि रू.13.85 करोड़ आंकलित है।
भ्रष्टाचार की शिकायतों पर कार्यवाही
[राजस्व]
112. ( क्र. 1241 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2016 से 2024 तक राजस्व विभाग के कितने कर्मचारी, अधिकारियों के खिलाफ लोकायुक्त संगठन को प्राप्त शिकायत पर प्रारंभिक प्रकरण पंजीबद्ध कर विभाग से जानकारी प्राप्त की गई तथा इस अवधि में कितने-कितने अपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए? (ख) लोकायुक्त पुलिस द्वारा वर्ष 2016 से 2024 तक विभाग के कितने कर्मचारी/अधिकारियों के विरुद्ध रिश्वत, आय से अधिक संपत्ति, पद के दुरुपयोग के संबंध में प्रकरण दर्ज किए गए वर्षवार बताएं। (ग) वर्ष 2016 से 2024 तक विभाग में कितने कर्मचारी/अधिकारियों के खिलाफ शिकायत प्राप्त हुई तथा कितनी शिकायतों पर जाँच में सत्यता पाई गई तथा कितने कर्मचारी/अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय जाँच की गई तथा उनमें से कितने प्रकरण में आरोप से बरी हुए तथा कितनो में आरोप सिद्ध हुए वर्षवार जानकारी दें। (घ) वर्ष 2016 से 2024 तक वर्षवार जिलेवार विभागीय कर्मचारियों/अधिकारियों के विरुद्ध मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों की जानकारी दें एवं जिला मुरैना के संदर्भ में बताएं कि उक्त अवधि में कितने प्रकरणों का संतोषजनक निराकरण किया गया?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) वर्ष 2016 से 2024 तक राजस्व विभाग/भू-अभिलेख अन्तर्गत कुल प्रकरण संख्या 308 कर्मचारियों एवं अधिकारियों के विरूद्ध दर्ज प्रकरण किए गये। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) लोकायुक्त पुलिस द्वारा वर्ष 2016 से 2024 तक विभाग के कुल 280 के विरुद्ध रिश्वत, आय से अधिक संपत्ति, पद के दुरुपयोग के संबंध में प्रकरण दर्ज किए गए। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) वर्ष 2016 से 2024 तक विभाग में कुल 679 कर्मचारी/अधिकारियों के खिलाफ शिकायत प्राप्त हुई। 95 के विरूद्ध आरोप सिद्ध हुए एवं 181 में आरोप से बरी हुए है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) वर्ष 2016 से 2024 तक वर्षवार जिलेवार विभागीय कर्मचारियों/अधिकारियों के विरुद्ध मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों की संख्या कुल 464 है। जिला मुरैना में 87 प्रकरणों का निराकरण किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कार्यवाही
[राजस्व]
113. ( क्र. 1242 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चंबल नदी में बाढ़ आने पर बाढ़ प्रभावित ग्रामों में शासन द्वारा क्या व्यवस्था की जाती है? विगत 3 वर्ष में विधानसभा क्षेत्र जौरा अंतर्गत चंबल के किनारे बसे हुए ग्रामों में बाढ़ आने पर ग्राम वासियों के पुनर्वास एवं मुआवजा प्रदान किए जाने हेतु शासन द्वारा क्या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में बाढ़ प्रभावित ग्रामों का निरीक्षण किन अधिकारियों द्वारा किया गया एवं क्या रिपोर्ट शासन को भेजी गई एवं शासन द्वारा रिपोर्ट के संबंध में क्या कार्रवाई की गई? जाँच रिपोर्ट एवं शासन द्वारा की गई कार्यवाही से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराएं। (ग) विधानसभा क्षेत्र जौरा अंतर्गत ऐसे कितने गांव हैं जो प्रतिवर्ष चंबल नदी में आने वाली बाढ़ से प्रभावित होते हैं एवं उनके अन्यत्र पुनर्वास हेतु यदि कोई कार्यवाही प्रचलन में है तो जानकारी उपलब्ध कराएं?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) चम्बल नदी में बाढ़ आने पर प्रभावित ग्रामों के व्यक्तियों के सुरक्षित विस्थापन हेतु NDRF/SDERF तथा स्थानीय निवासियों के सहयोग से रेस्क्यू आपरेशन संचालित कर पूर्व से चयनित सुरक्षित स्थानों पर स्थापित अस्थाई राहत शिविर में ठहराया जाकर उनके प्राथमिक उपचार एवं भोजन/राशन की व्यवस्था की जाती है। विगत 3 वर्ष में विधानसभा क्षेत्र जौरा अन्तर्गत चम्बल नदी के किनारे बसे बाढ़ प्रभावित ग्रामों के निवासियों के सुरक्षित विस्थापन हेतु जनपद पंचायत से 07 ग्रामों के ले-आउट प्राप्त होने पर कुल 1042 परिवारों को आवासीय पट्टे प्रदाय किये गये है। वर्ष 2021-22 तथा 2023-24 में चम्बल नदी में कोई बाढ़ नहीं आई हैं। वर्ष 2022-23 में चम्बल नदी में बाढ़ आने पर राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 में निहित प्रावधान अनुसार बाढ़ प्रभावित ग्रामों में मकान क्षति, फसल क्षति, पशुहानि तथा कुओं/नलकूप क्षति हेतु आर्थिक सहायता राशि प्रदाय की गई है। (ख) बाढ़ प्रभावित ग्रामों का निरीक्षण जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार तथा समस्त कार्यालय प्रमुख द्वारा किया गया। निरीक्षण उपरान्त बाढ़ प्रभावित 07 ग्राम (12 मजरा) में कुल 1042 परिवारों को आवासीय पट्टे स्वीकृत किये गये तथा वर्ष 2022-23 में बाढ़ प्रभावित ग्रामों का राजस्व/कृषि/पंचायत विभाग के संयुक्त सर्वेक्षण दल द्वारा जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में सर्वेक्षण किया गया। सर्वे उपरांत संयुक्त सर्वेक्षण दल से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर जिला मुरैना की तहसील पोरसा, अंबाह, मुरैना, जौरा एवं सबलगढ़ में अतिवृष्टि। बाढ से प्रभावितों को फसल क्षति, मकान क्षति, कुओं/नलकूप क्षति तथा पशुहानि हेतु राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 में विहित प्रावधान अनुसार आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत कर प्रभावितों के बैंक खातो में अंतरित की गई। सभी मदो में ग्लोबल बजट से भुगतान किये जाने से शासन स्तर से पृथक से कोई कार्यवाही अपेक्षित नहीं थी। अतः शेष प्रश्न उदभूत नहीं होता। (ग) विधानसभा क्षेत्र जौरा अन्तर्गत कुल 07 ग्राम (12 मजरा) चम्बल नदी में आने वाली बाढ़ से प्रभावित होते हैं। उक्त बाढ़ प्रभावित ग्राम ताजपुर में 84, ग्राम सरसैनी में 43, ग्राम सिंगरौली में 179, ग्राम चिन्नौनी चम्बल में 200, ग्राम बृजगढ़ी में 222, ग्राम बरेंड में 184 तथा तिन्दोखर में 130 पीड़ित परिवारों के पुनर्वास हेतु सुरक्षित स्थान पर आवासीय पट्टे प्रदाय किये गये है। वर्तमान में राजस्व विभाग अंतर्गत कोई कार्यवाही शेष नहीं है।
अधिग्रहित भूमि का अक्स
[राजस्व]
114. ( क्र. 1243 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना जिले की बामौर तहसील अंतर्गत ग्राम रीठौरकलां में ग्वालियर इटावा नई बड़ी रेल लाइन हेतु अधिग्रहण की गई भूमि का आज दिनांक तक राजस्व विभाग द्वारा अक्स नक्शा में तार्मीय क्यों नहीं किया गया? उचित कारण देवें एवं बताएं कि जिम्मेदार अधिकारी के विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई? (ख) क्या उक्त अधिग्रहण की गई भूमि को राजस्व महाअभियान के तहत अक्स नक्शा में तार्मीय किया जाएगा? यदि हाँ, तो समय-सीमा निर्धारित करें। (ग) क्या ग्राम रीठौरकलां पटवारी द्वारा अपनी मनमर्जी से किसी के किसी के खसरे/सर्वे नं. को किसी के भी नाम पर बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के चढ़ा देते हैं? यदि नहीं, तो सर्वे नंबर 4186 के बटांकन किसके आदेश से बदल गया? सर्वे नंबर 4186/4 जो शासकीय रोड अंकित था उसे बिजली घर के लिए अलॉट कैसे किया? (घ) क्या उक्त पटवारी के विरुद्ध जाँच कर कार्रवाई की जाएगी यदि हाँ, तो कब तक?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) मुरैना जिले की बामौर तहसील अन्तर्गत ग्राम रिठौराकलां में ग्वालियर इटावाबड़ी नई रेल्वे लाइन हेतु अधिग्रहण की भूमि का मूल प्रकरण उपलब्ध न होने से अक्स नक्शा में तरमीम नहीं किया जा सका है। मूल प्रकरण का शोध किया जा रहा है। शोध हेतु दल का गठन भी किया गया है। जैसे ही मूल प्रकरण उपलब्ध होगा नक्शा तरमीम की कार्यवाही की जावेगी एवं जाँच उपरान्त जिम्मेदार अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही की जावेगी। (ख) मूल प्रकरण शोध उपरान्त उपलब्ध होने पर अतिशीघ्र नक्शा तरमीम कर लिया जायेगा। (ग) ग्राम रिठौराकलां में वर्तमान में पदस्थ पटवारी द्वारा सर्वे क्रमांक 4186 में स्वेच्छा से कोई परिर्वतन नहीं किया गया है उक्त सर्वे नं. में परिवर्तन कलेक्टर के न्यायालयीन प्र.क्र.15/2007-08/अ-19 (3) आदेश दिनांक26.12.2007के पालन में किया गया है। (घ) प्रथम दृष्ट्या पटवारी का कोई दोष प्रमाणित नहीं होता पटवारी द्वारा कलेक्टर के आदेश का अमल किया गया है, जो उसका दायित्व है।
पैरामेडिकल पाठ्यक्रम का संचालन
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
115. ( क्र. 1247 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश सह-चिकित्सीय परिषद द्वारा सत्र 2019-20 से 2022-23 तक पैरामेडिकल पाठ्यक्रम संचालन हेतु विभिन्न अशासकीय संस्थाओं एवं अशासकीय विश्वविद्यालयों को अनुमति प्रदान की गई है? यदि हाँ, तो कृपया उन सभी संस्थाओं एवं विश्वविद्यालयों की सूची निम्नलिखित विवरण अनुसार उपलब्ध कराएं। (1) संस्था का नाम (2) संचालक का नाम (3) संचालित जिला (4) स्वीकृत सीटों की संख्या (5) संस्था प्रमुख की जानकारी (ख) मध्यप्रदेश सहचिकित्सीय परिषद् द्वारा सत्र 2019-20 से 2022-23 के दौरान अशासकीय संस्थाओं एवं विश्वविद्यालयों में पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों की सीट संख्या में वृद्धि की गई है? यदि हाँ, तो निम्नलिखित जानकारी उपलब्ध कराएं (1) सीट वृद्धि, संबंधी नियमों का संक्षिप्त विवरण (2) उन संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों की सूची जिनकी सीट संख्या में वृद्धि की गई है। (3) वृद्धि की गई सीटों की संख्या एवं वर्तमान सीट संख्या (4) संस्था प्रमुख का नाम एवं समिति की जानकारी (5) विभिन्न विषयों एवं पाठ्यक्रमों में वृद्धि की गई सीटों की संख्या (6) सीट वृद्धि हेतु संस्था द्वारा प्रस्तुत किए गए आवश्यक दस्तावेजों का विवरण दें। (ग) राज्य शासन ने प्रश्नतिथि तक किस नाम/पदनाम पर कब व क्या कार्यवाही की गई बिन्दुवार/प्रकरणवार विवरण दें?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार। (ख) जी हाँ। सीट वृद्धि के नियम की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2, संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों में की गई सीट वृद्धि एवं वृद्धि की गई सीटों की संख्या एवं वर्तमान सीट संख्या की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार, विभिन्न विषयों एवं पाठ्यक्रमों में वृद्धि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार, संस्था प्रमुख का नाम एवं समिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार, सीट वृद्धि हेतु संस्था द्वारा प्रस्तुत किये गए दस्तावेजों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार। (ग) उत्तरांश (क), (ख) में स्थिति वर्णित है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
ओव्हर लोड वाहनों पर कार्यवाही
[परिवहन]
116. ( क्र. 1249 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. शासन उच्च न्यायालय जबलपुर की रिट पिटीशन क्र. 8368 वर्ष 2021 से जो आदेश/निर्देश जारी/पारित किया था उस पर प्रश्नतिथि तक प्रदेश के किन-किन जिलों में किस-किस आर.टी.ओ./ए.आर.टी.ओ. कार्यालयों ने कब व क्या कार्यवाही कर पालन किया है? जिलेवार/ प्रकरणवार/माहवार/वर्षवार/जानकारी दें। (ख) कार्यालय परिवहन आयुक्त म.प्र. ग्वालियर के पत्र क्रमांक 5564/टी.सी./2022 ग्वालियर दिनांक 14/10। 2022 एवं भारत सरकार के रोड, ट्रान्सपोर्ट एवं हाईवे मंत्रालय के अंडर सेक्रेट्री एस.के. ग्रीवा के हस्ताक्षर से जारी 24 या 29 मई, 2023 के पत्र जो सभी राज्यों के प्रमुख सचिव परिवहनों को भेजे गये थे, के बाद क्या-क्या कार्यवाही राज्य शासन ने की? प्रकरणवार सभी जारी पत्रों/आदेशों की एक प्रति दें। (ग) क्या मोटर व्हीकल एक्ट 1989 की धारा 113, 114, 194 एवं 199 के अंतर्गत कब-कब, किन-किन कार्यालयों में क्या-क्या कार्यवाही हुई? प्रकरणवार की गई कार्यवाही की जानकारी दें? (घ) क्या प्रश्नांश (क) एवं (ख) में उल्लेखित पत्रों/ आदेशों का पालन म.प्र. में कहाँ-कहाँ हुआ? दिनांक 01/04/2021 के बाद प्रकरणवार जानकारी दें।
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर की रिट पिटीशन क्रमांक 8368/2021 में पारित निर्णय दिनांक 24.02.2022 के क्रम में परिवहन आयुक्त, कार्यालय द्वारा जारी पत्र क्रमांक 5564/टीसी/2022 दिनांक 14.10.2022 द्वारा समस्त अधीनस्थ परिवहन कार्यालयों/समस्त चैकपोस्टों एवं समस्त परिवहन सुरक्षा स्क्वॉड को मालवाहन मोटरयानों द्वारा ओवरलोडिंग की स्थिति में मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 113, 114 एवं 194 के अंतर्गत तथा धारा 199 के अंतर्गत विधि सम्मत कार्यवाही किये जाने हेतु दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। उक्त निर्देशों के क्रम में प्रदेश के समस्त परिवहन कार्यालयों द्वारा चालानी कार्यवाही नियमित रूप से की जा रही है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रदेश में की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित रिट पिटीशन एवं प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित परिवहन आयुक्त कार्यालय के पत्र क्रमांक 5564/टीसी/2022 दिनांक 14.10.2022 द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के पालन में मध्यप्रदेश के समस्त परिवहन कार्यालयों द्वारा ओवर लोडिंग वाहनों पर चालानी कार्यवाही की जाकर शमन शुल्क वसूल किया गया है। कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
शिक्षकों को पुरानी पेंशन
[स्कूल शिक्षा]
117. ( क्र. 1254 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नगरपालिका के नियमित कर्मचारियों को जिनकी भर्ती 2005 के पूर्व हुई है जीपीएफ, ओल्डपेंशन, ग्रेच्युटी का लाभ देने का नियम है यदि हाँ, तो नगरपालिका भर्ती नियम 1998 के अंतर्गत नियोजित शिक्षा कर्मियों को जो बाद में अध्यापक और फिर प्राथमिक माध्यमिक उच्च माध्यमिक शिक्षक बन गए हैं क्या उन्हें जीपीएफ ओल्डपेंशन का लाभ मिल रहा है यदि नहीं, तो क्यों नहीं जबकि उनकी भर्ती 2005 के पूर्व हुई थी और नगरपालिका शिक्षा कर्मी भर्ती नियम 1998 के नियम 11 के अनुसार अन्य सेवा शर्तें नगरपालिका के अन्य कर्मचारियों के समान होने का उल्लेख था? (ख) प्रश्नांश (क) का जवाब हाँ है तो क्या किसी नवीन शैक्षणिक संवर्ग के शिक्षकों की सेवानिवृत्ति पर ग्रेच्युटी के लिए सेवा अवधि की गणना शिक्षाकर्मी के पद पर नियुक्ति दिनांक से की जाती है, यदि नहीं, तो क्यों नहीं? इस संबंध में स्पष्ट प्रावधान बताने का कष्ट करें? यदि प्रश्नांश का उत्तर नहीं है तो यह बताने का कष्ट करें कि भर्ती के समय जीपीएफ, पेंशन ग्रेच्युटी आदि का लाभ देने का बनाया हुआ नियम बाद में समाप्त किया जा सकता है, यदि नहीं, तो क्या इन्हें लाभ दिया जाएगा? (ग) क्या संकुल प्राचार्यों को गैर विश्रामावकाश संवर्ग का मानकर वर्ष में 30 दिन का अर्जित अवकाश व उसके नगदीकरण का लाभ दिया जाता है यदि हाँ, तो क्या इन प्राचार्यों के समान प्रभारी संकुल प्राचार्यों को जो म.प्र. सिविल सेवा अवकाश नियम 1977 उपनियम 27 और 25 के अनुसार वर्ष भर विश्राम अवकाश का उपयोग नहीं करते हैं को भी अर्जित अवकाश और उसके नगदीकरण लाभ देय होगा? यदि हाँ, तो इस बावत् विभाग से कोई पत्र जारी किया गया है नहीं तो क्या जारी किया जाएगा?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) मध्यप्रदेश नगर पालिका कर्मचारी (भर्ती तथा सेवा शर्ते) नियम, 1968 एवं मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम (अधिकारियों तथा सेवकों की नियुक्ति तथा सेवा की शर्ते) नियम, 2000 में वर्णित प्रावधानों के अंतर्गत जिन कर्मचारियों की नियुक्ति वर्ष 2005 के पूर्व हुई है अथवा अन्य संस्थाओं के जिन नियमित कर्मचारियों का संविलियन वर्ष 2005 के पूर्व नगरीय निकायों में हुआ है केवल उन कर्मचारियों को सामान्य भविष्य निधि, पुरानी पेंशन एवं उपादान का लाभ प्रदान किया जा रहा है। जी नहीं, वर्ष 1998 में नगरीय निकायों में नियुक्त शिक्षाकर्मियों की नियुक्ति मध्यप्रदेश नगर पालिका शिक्षाकर्मी (भर्ती तथा सेवा शर्ते) नियम 1998 नियम के तहत हुई थी। वर्ष 1998 में नियुक्त शिक्षाकर्मियों को दिनांक 01.04.2007 से अध्यापक संवर्ग में संविलियन होने के पश्चात अप्रैल 2011 से इनके लिए नवीन पेंशन योजना लागू है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं। मध्यप्रदेश राज्य स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षणिक संवर्ग) सेवा शर्ते एवं भर्ती नियम 2018 में प्रावधान अनुसार स्थानीय निकायों में कार्यरत लोक सेवकों को दिनांक 01.07.2018 से नवीन संवर्ग में नियुक्त किया है। अतः नवीन संवर्ग में नियुक्ति तिथि के आधार पर ही ग्रेच्युटी के लिए सेवा अवधि की गणना की जाती है। भर्ती के समय बनाये हुए नियम समाप्त नहीं किये गये। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) नियमित प्राचार्यों को लाभ प्रदान किया जाता है। अन्य शैक्षणिक संवर्ग के लोक सेवकों के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "एक" एवं "दो" अनुसार है।
नामांतरण, बंटवारा, फौती एवं सीमांकन से संबंधित प्रकरण
[राजस्व]
118. ( क्र. 1256 ) श्री विवेक विक्की पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भूमियों का सर्वे कार्य न होने से नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन सहित अन्य प्रक्रियाएं बाधित हो रही हैं? यदि हाँ, तो सर्वेक्षण कार्य में लापरवाही के लिए उत्तरदायी अधिकारी/कर्मचारी की जिम्मेदारी निर्धारित कर उन पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों? कारण सहित विस्तृत विवरण देवें। (ख) जिला बालाघाट अंतर्गत तहसील वारासिवनी एवं खैरलांजी में वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक नामांतरण, बंटवारा, फौती एवं सीमांकन से संबंधित कितने आवेदन प्राप्त हुए? कितनों का निराकरण कर नस्तीबद्ध किया गया? कितने प्रकरण अभी तक प्रक्रियाधीन है एवं क्यों? कारण सहित विस्तृत विवरण मय नाम, पता, ग्रामवार सूची प्रदान करें। (ग) तहसील वारासिवनी एवं खैरलांजी में वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक भू-अभिलेख दुरुस्तीकरण के कितने आवेदन प्राप्त हुए एवं कितनों को निराकृत कर नस्तीबद्ध किया गया? कितने प्रकरण विचाराधीन चल रहे हैं? मय सूची सहित विवरण देवें। (घ) तहसील वारासिवनी एवं खैरलांजी में उपपंजीयक कार्यालय से रजिस्ट्री के पश्चात वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक नामांतरण हेतु कितने प्रकरण प्रस्तुत हुए एवं कितने प्रकरणों का निराकरण होकर नामांतरण पूर्ण कर प्रकरण नस्तीबद्ध किये गए? कितने प्रकरण लंबित हैं? सम्पूर्ण विवरण सहित सूची ग्रामवार प्रदान करें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी नहीं। भूमियों का सर्वे कार्य न होने से नामांतरण, बटवारा एवं सीमांकन सहित प्रक्रियाएं बाधित नहीं हो रही है। (ख) अनुभाग वारासिवनी की तहसील वारासिवनी एवं खैरलांजी में वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक नामांतरण बटवारा, फौती एवं सीमांकन से संबंधित प्राप्त/निराकृत एवं लंबित प्रकरणों का विवरण जानकारी संलग्न परिशिष्ट-अ अनुसार। तहसील वारासिवनी एवं खैरलांजी के प्रकरणों की सूची जानकारी संलग्न परिशिष्ट–ब अनुसार। (ग) तहसील वारासिवनी एवं खैरलांजी में वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक भू-अभिलेख दुरूस्ती के प्रकरणों के निराकरण की जानकारी संलग्न परिशिष्ट–ब अनुसार। (घ) तहसील वारासिवनी एवं खैरलांजी में उप पंजीयक कार्यालय से रजिस्ट्री के पश्चात वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक नामांतरण प्रकरणों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट-'स' अनुसार। तहसील वारासिवनी एवं खैरलांजी द्वारा प्रेषित सूची जानकारी संलग्न परिशिष्ट–ब अनुसार।
नर्सिंग ऑफिसर्स की पदोन्नति
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
119. ( क्र. 1258 ) श्री विवेक विक्की पटेल : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. शासन के स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत नर्सिंग ऑफिसरों की पदोन्नति हेतु कुल कितने पद स्वीकृत है? सम्पूर्ण विस्तृत विवरण देवें। विभाग के अंतर्गत पदस्थापना से सेवानिवृत्त होते तक कितने नर्सिंग ऑफिसरों को कभी पदोन्नति नहीं मिली विगत पाँच वर्षों की जानकारी उपलब्ध करावें? (ख) क्या पदोन्नति के पदों पर नियमित भर्ती के माध्यम से पदस्थापना कर नर्सिग केडर के अधिकारों का हनन किया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्यों? क्या उच्च योग्यताधारी वरिष्ठ कर्मचारी विभाग में उपलब्ध होने के बावजूद भी नर्सिंग ऑफिसरों को पदोन्नति से वंचित किया जा रहा है? सीधी भर्ती से पद निकालने के कारण कभी भी इन्हें पदोन्नति नहीं मिल पायेगी? कारण स्पष्ट करें। विभाग द्वारा ऐसा क्यों किया जा रहा है? कारण बतावें। (ग) क्या सिविल अस्पताल वारासिवनी में हृदय रोग चिकित्सक न होने एवं आवश्यक उपकरणों के अभाव में रोगियों को तत्काल बालाघाट, गोंदिया, नागपुर रेफर कर दिया जाता है जिस कारण रास्ते में मरीज दम तोड़ देता है? यदि हाँ, तो शासन द्वारा ह्रदय रोग चिकित्सक एवं उसके उपचार से संबंधित आवश्यक उपकरणों एवं अन्य उपकरण डायलिसिस मशीन जैसे उपकरणों की उपलब्धता क्यों नहीं की जा रही? कब तक व्यवस्था बना दी जाएगी? समय-सीमा बताएं?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''अ'' अनुसार। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''ब'' अनुसार। (ख) जी नहीं। विभाग अंतर्गत भारतीय उपचर्या परिषद के दिशा-निर्देश अनुसार पदोन्नति हेतु अर्ह उम्मीदवार न होने अथवा पदोन्नति पर प्रतिबंध होने के कारण नर्सिंग केडर के शैक्षणिक पदों को पदोन्नति पदों पर सीधी भर्ती से भरे जाने हेतु नियमों में संशोधन किया गया। क्लीनिकल कैडर के पदोन्नति के पद यथावत है। (ग) सिविल अस्पताल में हृदय रोग चिकित्सक का पद स्वीकृत नहीं होता है अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
कर्मचारियों को हटाने की कार्यवाही
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
120. ( क्र. 1260 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या गांधी मेडिकल कॉलेज एवं हमीदिया अस्पताल प्रबंधन द्वारा लगभग 400 आउटसोर्स कर्मचारियों को अनुभव न होने के कारण हटाने की कार्रवाई की जा रही है? (ख) यदि हाँ, तो क्या उपरोक्त कर्मचारी कोरोना महामारी जैसे विकट परिस्थितियों में अपनी जान को जोखिम में डालकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे थे? यदि हाँ, तो कितने कितने वर्षों से कार्यरत हैं और इन्हें कितने-कितने माह का वेतन भुगतान नहीं किया गया है तथा कब तक कर दिया जावेगा? (ग) प्रश्नांश (क), (ख) के परिप्रेक्ष्य में यह अवगत करावे की जिन कर्मचारियों ने कोरोना जैसी महामारी में अपनी जान को जोखिम में डालकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया ऐसे जांबाज सिपाहियों को मानवीय आधार पर हटाने की अपेक्षा क्या शासन नियमित करने की कार्रवाई करेगा?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं। (ख) एवं (ग) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
भर्ती प्रक्रिया में सुधार
[स्कूल शिक्षा]
121. ( क्र. 1266 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मण्डल, भोपाल द्वारा मध्य प्रदेश शासन स्कूल शिक्षा के अन्तर्गत माध्यमिक शिक्षक (विषय, खेल एवं संगीत-गायन वादन), प्राथमिक शिक्षक (खेल, संगीत-गायन वादन एवं नृत्य) तथा मध्यप्रदेश शासन, जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत माध्यमिक शिक्षक (विषय), प्राथमिक शिक्षक (खेल एवं संगीत-गायन वादन एवं नृत्य ) चयन परीक्षा-2024 परीक्षा संचालन नियम-पुस्तिका अनुसार विभिन्न पदों/विषयों/वर्गों के लिए 20 मार्च, 2025 से प्रारंभ होना है। जिसके संलग्न पद कोड 24 हिंदी (अतिथि शिक्षक प्रवर्ग), पद कोड 25 गणित (अतिथि शिक्षक प्रवर्ग), पद कोड 26 विज्ञान (अतिथि शिक्षक प्रवर्ग), पद कोड 31 विज्ञान (गैर अतिथि शिक्षक प्रवर्ग) तालिका में EWS अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग सीधी भर्ती हेतु अत्यन्त कम पदों की आरक्षण तालिका प्रकाशित की गई है। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार उक्त पद कोड अन्तर्गत EWS, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के पात्र अभ्यार्थियों के लिए सीधी भर्ती प्रक्रिया में पदों की संख्या में क्या वृद्धि की जावेगी? (ग) यदि हाँ, तो कब तक संशोधित नियम-पुस्तिका प्रकाशित की जायेगी। (घ) यदि नहीं, तो कारण बतायें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) विद्यालयवार स्वीकृत पद संरचना एवं विषयवार आवश्यकता के आधार पर निर्धारित आरक्षण प्रावधानों के अनुसार सीधी भर्ती के पदों को विज्ञापित किया गया है। (ख) जी नहीं। (ग) उत्तरांश (ख) के अनुक्रम में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश (क) अनुसार।
विद्यार्थियों का नामांकन
[स्कूल शिक्षा]
122. ( क्र. 1267 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्र.2277 दिनांक 10/07/2024 का उत्तर दिलाया जाय बतावें कि राज्य शिक्षा केन्द्र के पत्र दिनांक 1.3.2024 अनुसार किस-किस जिले के कलेक्टर ने जाँच कर अंतिम प्रतिवेदन राज्य शिक्षा केन्द्र को भेजा दिया है। (ख) प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 तक विद्यार्थियों के नामांकन वर्ष 2020-21 से 2024-25 अनुसार स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विद्यालय तथा जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों की वर्षवार, कक्षावार, बतावें 2024-25 में नामांकन यू डाइस द्वारा नहीं तय किये गये तो उसे स्कूल शिक्षा विभाग अनुसार बतावें। (ग) प्रदेश के निजी विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 तक विद्यार्थियों के नामांकन वर्ष 2020-21 से 2024-25 अनुसार बतावें तथा बतावें कि इन वर्षों में वार्षिक परीक्षा में एम.पी. बोर्ड की परीक्षा तथा अन्य बोर्ड की परीक्षा में कितने-कितने विद्यार्थी कक्षा 10वीं तथा 12वीं की परीक्षा में शामिल हुये। (घ) प्रदेश के निजी तथा शासकीय विद्यालयों में मिलाकर कक्षा 1 से 5, कक्षा 6 से 8 तथा कक्षा 11 से 12 के कुल नामांकनांक वर्ष 2015-16 से 2024-25 तक बतावें। (ड.) प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 में मध्यान्ह भोजन, गणवेश, पुस्तकें, साईकिल तथा छात्रवृत्ति के हितग्राही की संख्या वर्ष 2015-16 से 2024-25 अनुसार वर्षवार बतावें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) विधानसभा प्रश्न 2277 में उल्लेखित जिला सीधी एवं सिंगरौली का जाँच प्रक्रिया प्रचलन में है तथा भोपाल एवं रतलाम में वित्तीय अनियमितता संबंधी जानकारी निरंक है। पूर्व में प्रेषित शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'1' पर है। (ग) म.प्र. माध्यमिक शिक्षा मंडल, म.प्र. राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड, महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान एवं मदरसा बोर्ड की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 पर है। सी.बी.एस.ई. एवं आई.सी.एस.ई. द्वारा संपादित परीक्षाओं संबंधी जानकारी विभाग द्वारा संधारित नहीं की जाती है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'1' पर है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'2' पर है।
संचालित स्वास्थ्य केन्द्र की व्यवस्थाएं
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
123. ( क्र. 1269 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले में चिकित्सा महाविद्यालय, जिला चिकित्सालय, सिविल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, उपस्वास्थ्य केन्द्र, संजीवनी क्लिनिक संचालित है इनमें कितने-कितने पद स्वीकृत है कितने पदों पर पदस्थापना है कितने पद रिक्त है विधानसभावार जानकारी देवें। (ख) सरदारपुर विधानसभा के राजगढ़ में संजीवनी क्लिनिक में कितने पद स्वीकृत है? चिकित्सकों एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की पदस्थापना कब तक की जाएगी? (ग) धार जिले में कितने स्वास्थ्य केन्द्र की एम्बुलेंस में वाहन चालक नहीं है, एम्बुलेंस के लिए वाहन चालक की भर्ती कब तक की जावेगी? (घ) क्या धार जिले में पी.पी.पी. मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए सरकार द्वारा कौन-कौन सी सुविधाएं, संसाधन, भूमि भवन, किस दर और किन शर्तों पर सरकारी अस्पताल प्रॉयवेट सेक्टर को सोपने जा रही है उसके नियम, शर्तों एवं प्रक्रिया की जानकारी देवें। (ड.) क्या सरकार द्वारा शासकीय अस्पतालों में ड्रेसर का पद समाप्त कर दिया गया है यदि हाँ, तो क्यों एवं नहीं तो ड्रेसरों की भर्ती कब तक की जाएगी? क्या भर्ती नहीं होने तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जावेगी। यदि हाँ, तो जानकारी उपलब्ध करावें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) वर्तमान में धार जिले में चिकित्सा महाविद्यालय संचालित नहीं है। जिले में निम्न स्वास्थ्य संस्थायें संचालित हैः- (1) जिला चिकित्सालय - 01 (2) सिविल अस्पताल - 04 (3) सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र- 12 (4) प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र-46 (5) उप स्वास्थ्य केंद्र-473 (6) मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिक-15 (7) शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र -03 उक्त स्वास्थ्य सेवाओं में स्वीकृत रिक्त एवं भरे पदों की जानकारी विधानसभा वार निम्नानुसार है:- 1. जिला चिकित्सालय, धार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। 2. चिकित्सा अधिकारी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। 3. अन्य पद की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार। 4. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिक एवं शहरी प्राथमिक केंद्र की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार। (ख) सरदारपुर विधानसभा के राजगढ़ में संजीवनी क्लिनिक में स्वीकृत पदों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ड'' अनुसार। चिकित्सकों एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की पदस्थापना की प्रक्रिया प्रचलन में है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) धार जिले के 08 स्वास्थ्य केंद्र की एबुलेंस में वाहन चालक नहीं है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''च'' अनुसार। सामान्य प्रशासन विभाग, म.प्र. के पत्र क्रमांक सी-3-1/2003/3/एक दिनांक 06.02.2003 के द्वारा वाहन चालक के पदों को समाप्त किया गया है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''छ'' अनुसार। (घ) धार जिले में पी.पी.पी. मोड पर मेडिकल कॉलेज खोलने के लिये सरकार द्वारा निर्धारित नियम शर्तों एवं प्रक्रिया की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ज'' अनुसार। (ड.) जी हाँ। प्रशासनिक दृष्टिकोण से नीतिगत निर्णय लिया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
निर्माणाधीन/निर्मित स्वास्थ्य केंद्रों की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
124. ( क्र.
1273 ) श्री
कमलेश्वर
डोडियार : क्या
उप मुख्यमंत्री, लोक
स्वास्थ्य
एवं चिकित्सा
शिक्षा महोदय
यह बताने की
कृपा करेंगे
कि (क) वर्ष 2018 से
प्रश्न
दिनांक तक
सैलाना
विधानसभा
क्षेत्र में
कितने
प्राथमिक, उप
स्वास्थ्य
केन्द्रों के
कितने भवन
स्वीकृत किए
गए? वर्षवार, केंद्रवार, स्थान
नाम सहित
देवें। कार्य
प्रारंभ
दिनांक भी साथ
में देवें। (ख) निर्माणाधीन/निर्मित
भवनों के
संबंध में पूर्ण
जानकारी
भुगतान राशि, भुगतान
दिनांक, निर्माणकर्ता
फर्म का नाम, जीएसटी
नंबर,
टीडीएस
कटौत्रा राशि
सहित भवनवार
देवें। (ग) क्या
कारण है कि
उपरोक्त भवनों
के निर्माण
में स्तरहीन
सामग्री प्रयुक्त
होने से बहुत
से भवन अभी से
जर्जर होने लगे
हैं? प्रत्येक
भवन के संबंध
में जानकारी
दी जावें। (घ) स्तरहीन
कार्य करने
वाली
निर्माणकर्ता
फर्मों पर कब
तक जाँच की
जाकर उन पर
कार्यवाही की जाएगी? क्या
तब तक उनका
भुगतान व बैंक
गारंटी रोकी
जाएगी? यदि नहीं, तो क्यों?
उप मुख्यमंत्री, लोक
स्वास्थ्य
एवं चिकित्सा
शिक्षा ( श्री
राजेन्द्र
शुक्ल ) : (क) वर्ष
2018
से प्रश्न
दिनांक तक
सैलाना
विधानसभा
क्षेत्र में 04
प्राथमिक
स्वास्थ्य
केन्द्र एवं 41 उप
स्वास्थ्य
केन्द्र भवन
स्वीकृत किये
गये। जानकारी
पुस्तकालय में
रखे परिशिष्ट अनुसार।
(ख)
जानकारी पुस्तकालय में
रखे परिशिष्ट अनुसार।
(ग)
जी नहीं, उपरोक्त
भवनों के
निर्माण में
गुणवत्तापूर्ण
सामग्री
प्रयुक्त की
गई है,
कोई भी
निर्माणाधीन/निर्मित
भवन जर्जर
नहीं हो रहे
है। शेष प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता। (घ) उत्तरांश
''ग'' के
परिप्रेक्ष्य
में प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता।
क्रय की गई सामग्री
[स्कूल शिक्षा]
125. ( क्र.
1274 ) श्री
कमलेश्वर
डोडियार : क्या
स्कूल शिक्षा
मंत्री महोदय
यह बताने की कृपा
करेंगे कि (क) वर्ष
2019
से प्रश्न
दिनांक तक
विभाग के जिला
रतलाम में
कितनी राशि की
कौन-कौन सी
सामग्री क्रय
की गई?
वर्षवार, देवें।
(ख)
इसके लिए
जिला रतलाम
द्वारा जिन
फर्मों को भुगतान
किया गया उनके
नाम, भुगतान
राशि,
प्रस्तुत
बिलों के
विवरण सहित
देवें। (ग) इस
भुगतान के लिए
जो टी.डी.एस.
काटा गया वह
भी साथ में
देवें। यदि
टी.डी.एस. नहीं
काटा गया तो इसका
कारण भी
बतावें। (घ) बिना
टी.डी.एस. काटे
भुगतान करने
वाले अधिकारियों
पर शासन कब तक
कार्यवाही करेगा?
स्कूल
शिक्षा
मंत्री ( श्री
उदय प्रताप
सिंह ) : (क) से (घ)
जानकारी पुस्तकालय में रखे
परिशिष्ट
अनुसार है। टी.डी.एस.
का
नियमानुसार
कटौत्रा किया
गया है। शेषांश
का प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता है।
विभागीय कार्यवाही
[स्कूल शिक्षा]
126. ( क्र. 1278 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा क्षेत्रीय आवश्यकताओं को दृष्टिगत रख जावरा तहसील अंतर्गत शासन/विभाग को मॉडल स्कूल (आदर्श उ.मा.वि) जावरा के स्टॉफ क्वार्टर को हैंड ओवर करने तथा जावरा तहसील अंतर्गत बालिका छात्रावास ढोढर के भवन निर्माण की बजट स्वीकृति हेतु आग्रह किया है? (ख) यदि हाँ, तो इसी के साथ पिपलोदा तहसील अंतर्गत बालिका छात्रावास सुजापुर भवन निर्माण एवं दिव्यांग छात्रावास पिपलोदा के नवीन भवन निर्माण के बजट की स्वीकृति का आग्रह भी किया है? (ग) यदि हाँ, तो प्रश्नकर्ता द्वारा निरंतर क्षेत्रीय आवश्यकताओं को दृष्टिगत रख सदन में प्रश्नों के माध्यम से एवं शासन/विभाग को पत्रों के माध्यम से भी निरंतर आग्रह कर कार्यवाही किए जाने का निवेदन किया है? (घ) यदि हाँ, तो जावरा मॉडल स्कूल के स्टॉफ क्वार्टर के हैंड ओवर की कार्यवाही कर कब तक पात्र संबंधित विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों को आवंटित कर दिए जाएंगे? साथ ही उपरोक्त उल्लेखित प्रश्नांश (क) एवं (ख) अंतर्गत क्षेत्रीय आवश्यकताओं के भवन निर्माण बजट की स्वीकृति कब तक दी जा सकेगी?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) से (ग) जी हाँ। मॉडल स्कूल आदर्श जावरा के कुल 11 स्टॉफ क्वार्टर को मण्डल द्वारा आधिपत्य में ले लिया गया है। बालिका छात्रावास ढोढर एवं सुजापुर तथा दिव्यांग छात्रावास पिपलोदा के भवन की स्वीकृति बजट की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। (घ) जी हाँ। मॉडल स्कूल आदर्श जावरा के कुल-11 स्टॉफ क्वार्टर को मण्डल द्वारा आधिपत्य की कार्यवाही पूर्ण कर पात्र संबंधित विभागीय अधिकारी/कर्मचारियों को आवंटित कर दिये गये हैं। उत्तरांश 'क' अनुसार।
अतारांकित प्रश्न क्र. 1138 दि. 18.12.2024 का पूर्ण उत्तर
[राजस्व]
127. ( क्र. 1279 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा दिसंबर 2024 सत्र बुधवार दिनांक 18 दिसंबर, 2024 को अतारांकित प्रश्न संख्या 148 (क्रमांक 1138) के द्वारा रतलाम जिला अंतर्गत शासकीय नजूल एवं राजस्व भूमियों की स्थिति के संबंध में प्रश्न द्वारा जानकारी एवं कार्यवाही चाही थी? (ख) यदि हाँ, तो उपरोक्त उल्लेखित सत्र उत्तर दिनांक पर शासन/विभाग द्वारा ब्लॉकवार/तहसीलवार जानकारी चाही जाने पर "जानकारी संकलित की जा रही है "प्रत्युत्तर दिया था? (ग) यदि हाँ, तो शासन विभाग द्वारा दिए गए उत्तर में "जानकारी संकलित की जा रही है" को काफी समय व्यतीत हो चुका है,जबकि उपरोक्तानुसार उल्लेखित पूछे गए प्रश्न अंतर्गत जानकारियां शासन/विभाग में संधारित की जाकर उपलब्ध रहती है? (घ) यदि हाँ, तो उपरोक्त उल्लेखित सत्र के दौरान किए गए प्रश्न संख्या 148 (क्रमांक 1138) अतारांकित प्रश्न के भाग संख्या के (क), (ख), (ग) एवं (घ) की स्पष्ट जानकारी प्रदान करें एवं की गई कार्यवाही से अवगत कराएं।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) से (ग) जी हाँ। विस्तृत स्वरूप की होने से संकलित की गयी। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
भू-सर्वेक्षण तथा भू-अभिलेख की जानकारी
[राजस्व]
128. ( क्र. 1282 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्र में मध्यप्रदेश (मूल सर्वेक्षण तथा भू-अभिलेख) नियम 2020 के तहत विभाग द्वारा क्या-क्या कार्य किए जाते है? (ख) सुवासरा, शामगढ़, सीतामऊ नगर परिषद् क्षेत्र के अन्तर्गत मध्य प्रदेश (मूल सर्वेक्षण तथा भू-अभिलेख) नियम 2020 के प्रावधानों के तहत प्रावधान लागू होने से प्रश्न दिनांक तक भू-सर्वेक्षण का कार्य हुआ है या नहीं? (ग) यदि उपरोक्त सर्वेक्षण हुआ तो विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराएं? (घ) यदि उपरोक्त सर्वेक्षण नहीं किया गया है तो सर्वेक्षण का कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जाएगा? सर्वेक्षण नहीं होने का क्या कारण रहा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) मंदसौर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में मध्यप्रदेश (भू सर्वेक्षण तथा भू-अभिलेख) नियम 2020 के तहत समस्त आबादी ग्रामों का स्वामित्व योजना अंतर्गत सर्वेक्षण कार्य पूर्ण होकर अधिकार अभिलेख निर्माण का कार्य पूर्ण हो चुका है एवं नगरीय क्षेत्र में शासन द्वारा सर्वेक्षण का कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है। (ख) सुवासरा, शामगढ़, सीतामऊ नगर परिषद् क्षेत्र होने से शासन स्तर से सर्वेक्षण का कार्य चालू करने संबंधित कोई निर्देश नहीं होने से सर्वेक्षण कार्य नहीं हुआ है। (ग) उत्तरांश ''ख'' अनुसार। (घ) भूमि संसाधन विभाग भारत सरकार द्वारा मध्यप्रदेश के 10 नगरीय क्षेत्रों को पायलट प्रोजेक्ट के तहत नगरीय सर्वेक्षण हेतु चुना गया है, जिसमें जिला मंदसौर शामिल न होने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
ग्राम पंचायत के अन्तर्गत नई आबादी घोषित करना
[राजस्व]
129. ( क्र. 1283 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम पंचायतों की मांग पर ग्राम पंचायतों के अन्तर्गत नई आबादी को आबादी घोषित करने का क्या प्रावधान है और वर्तमान में ग्राम पंचायतों के अंदर नई आबादी राजस्व विभाग द्वारा घोषित की जा रही है या नहीं? (ख) उज्जैन संभाग में विगत 2 वर्षों में कितनी ग्राम पंचायतों में नई आबादी घोषित की गई है जिले एवं ग्राम पंचायतवार, दिनांक, वर्ष, स्थान सहित जानकारी देवें? (ग) मंदसौर जिले में नई आबादी घोषित करने हेतु राजस्व विभाग द्वारा कितनी आबादी क्षेत्र को चिंहित किया गया है ग्राम पंचायत एवं ग्राम के नाम सहित जानकारी उपलब्ध करावें? विगत 2 वर्षों में सुवासरा विधानसभा क्षेत्र की कितनी ग्राम पंचायतों से नई आबादी घोषित करने हेतु आवेदन प्राप्त हुए है तथा उन पर क्या कार्यवाही की गई, की गई कार्यवाही की जानकारी उपलब्ध कराएं (घ) उपरोक्त ग्राम पंचायतों में आबादी घोषित नहीं होने के कारण जनता शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रही उसके लिए कौन जवाबदार है? सुवासरा विधानसभा में वंचित नई आबादियों को कब तक आबादियों घोषित कर दिया जाएगा जानकारी देवें?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। MPLRC की धारा 237 के अधीन आवश्यकता अनुसार नई आबादी घोषित की जा रही है। (ख) उज्जैन संभाग के अन्तर्गत विगत 02 वर्षों में 253 प्रकरणों में आवादी घोषित करने की कार्यवाही की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) विगत दो वर्षों में सुवासरा विधानसभा क्षेत्र से आबादी घोषित करने के 04 प्रस्ताव प्राप्त हुए है जो जाँच हेतु संबंधित अनुविभागीय अधिकारी एवं तहसीलदारों को भेजे गये है। प्रतिवेदन प्राप्त होने पर म.प्र. भू राजस्व संहिता 1959 संशोधित 2018 की धारा 237 (3) के तहत परीक्षण उपरांत विधि संगत निराकरण किया जावेगा। (घ) वर्तमान में शासकीय भूमि को आबादी मद में परिवर्तित करने संबंधी कोई प्रस्ताव सक्षम अधिकारी के समक्ष लंबित नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सिंचाई योजनाओं के तहत निर्मित बांधों से जल चोरी
[जल संसाधन]
130. ( क्र. 1287 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन संभाग में विभिन्न सिंचाई योजनाओं के तहत निर्मित बांध, तालाब एवं अन्य सिंचाई स्त्रोतों से जल चोरी के कितने प्रकरण 1 जनवरी, 2020 के पश्चात कहाँ-कहाँ दर्ज किए गए तथा किस-किस व्यक्ति ने जल चोरी की, शिकायत कहाँ-कहाँ पर दर्ज कराई, व्यक्ति का नाम सहित जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) में संदर्भित शिकायत की जाँच किस सक्षम अधिकारी ने की एवं दोषियों के खिलाफ किस तरह की कार्यवाही किस-किस दिनांक को की गई? शिकायत प्रतिवेदन की प्रतिलिपि दें। (ग) क्या शासकीय योजनाओं से जल चोरी को लेकर पुलिस विभाग में प्रकरण दर्ज कराने का कोई नियम है? यदि हाँ, तो किन-किन दोषियों के खिलाफ पुलिस में प्रकरण दर्ज कराया गया है? (घ) नीमच के हमेरिया डेम से विभिन्न उद्योगों द्वारा अवैध रूप से पाइप लाइन के माध्यम से जल चोरी किया जा रहा है। इसकी जाँच कब-कब किस-किस सक्षम अधिकारी ने की? इसके लिए किस-किस व्यक्ति ने कब-कब शिकायत दर्ज कराई और उस पर क्या कार्यवाही की गई?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) उज्जैन संभाग में विभिन्न सिंचाई योजनाओं के तहत निर्मित बांध एवं अन्य सिंचाई स्त्रोतों से जल चोरी के कोई भी प्रकरण 01 जनवरी, 2020 के पश्चात कहीं भी दर्ज नहीं किए गए है, शेष चाही गई जानकारी निरंक है। (ख) प्रश्नांश ''क'' अनुसार जानकारी निरंक। (ग) जी नहीं। प्रश्नांश ''क'' के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रकरण नहीं होने से जानकारी शून्य मानी जावें। (घ) जी नहीं। अतः शेष प्रश्नांश का प्रश्न नहीं।
छात्रवृत्ति की राशि का भुगतान
[स्कूल शिक्षा]
131. ( क्र. 1289 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र/छात्राओं को संस्कृत विषय में 75 से अधिक अंक लाने पर छात्रवृति दिये जाने का वर्तमान में प्रावधान है? यदि हाँ, तो कक्षावार कितनी-कितनी छात्रवृति प्रदान की जाती है? (ख) प्रश्नांश (क) के ग्वालियर संभाग के जिलों में शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में कितने छात्र/छात्राओं को शैक्षणिक सत्र 2022-23 तथा 2023-24 में छात्रवृत्ति की राशि का भुगतान किया गया है? कितने छात्रों को राशि भुगतान करने हेतु शेष है? (ग) प्रश्नांश (ख) के छात्र/छात्राओं को छात्रवृत्ति का भुगतान कब तक किया जायेगा और अगर नहीं किया जा सकता है तो क्यों? (घ) प्रश्नांश (ख) के छात्र/छात्राओं को छात्रवृत्ति की राशि का भुगतान न होने के लिये कौन-कौन जवाबदार है तथा उनके विरूद्ध क्या-क्या कार्यवाही की गई?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं, ऐसी कोई योजना वर्तमान में संचालित नहीं है अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) से (घ) उतरांश 'क' के प्रकाश में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
शासकीय शालाओं की जानकारी
[स्कूल शिक्षा]
132. ( क्र. 1292 ) श्री बाबू जन्डेल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्योपुर विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत किन-किन ग्राम पंचायतों एवं नगर पालिका/परिषदों में शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक/हाईस्कूल/उच्चतर माध्यमिक विद्यालय है? उनमें से किन-किन विद्यालय में भवन नहीं है या बहुत पुराने एवं जर्जर भवन है? सम्पूर्ण जानकारी दें? (ख) उक्त विद्यालयों में कितने-कितने पद किस-किस स्तर के शिक्षकों/कर्मचारियों के स्वीकृत है? प्रश्न दिनांक तक की स्थिति में पदस्थ शिक्षकों/कर्मचारियों का नाम पद पदस्थापना दिनांक बतावें? प्रश्न दिनांक तक की स्थिति में कितने पद कहाँ-कहाँ रिक्त है? उन पदो को कब तक भरा जावेगा? समय-सीमा बतायें । (ग) उक्त विद्यालयों में किन-किन में फर्नीचर है एवं किन-किन में फर्नीचर नहीं है? विद्यालयवार सूची उपलब्ध कराएं? क्या फर्नीचर उपलब्ध कराने की कोई योजना प्रस्तावित है? जानकारी दें? शेष विद्यालयों में फर्नीचर कब तक उपलब्ध कराया जावेगा। (घ) क्या श्योपुर विधानसभा के ग्राम पंचायत लूण्ड में पेड़ के नीचे विद्यालय लगाना पड़ रहा है? प्रश्नांश (क) के संदर्भ में भवन विहीन/जर्जर क्षतिग्रस्त भवन के नवीन निर्माण की कोई योजना प्रस्तावित है यदि हाँ, तो कब तक? भवन स्वीकृत कर निर्माण कार्य कराये जावेंगे। यदि नहीं, तो क्यों अवगत कराएं?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'एक' पर है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'दो' पर है। रिक्त पदों की पूर्ति एक सतत् प्रक्रिया है, अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'तीन' पर है। फर्नीचर उपलब्ध कराने की नियमित योजना है। बजट की उपलब्धता एवं सक्षम स्वीकृति अनुसार फर्नीचर प्रदाय किया जाता है। अतः निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जी हाँ। शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल के नवीन भवन निर्माण योजना बजट की उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर करता है। अतः निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का उन्नयन
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
133. ( क्र. 1296 ) श्री इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, मकरोनिया का उन्नयन सिविल अस्पताल में किया गया है? यदि हाँ, तो सिविल अस्पताल हेतु भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदाय की गई है? विस्तृत जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित सिविल अस्पताल का भवन निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है तथा निर्माण कार्य पूर्ण होने की अवधि कितनी है? जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) क्या शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, मकरोनिया का सिविल अस्पताल में क्रियान्वयन/संचालन हेतु विभाग द्वारा कोई कार्यवाही की गई है? जानकारी देवें। (घ) शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, मकरोनिया/सिविल अस्पताल के सफल संचालन हेतु विभाग द्वारा अधिकारी-कर्मचारियों के पद स्वीकृत किये गए हैं? यदि हाँ, तो स्वीकृत पदपूर्ति हेतु कब तक कार्यवाही की जाएगी? विस्तृत जानकारी देवें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) जी हाँ, अनुबंध अनुसार कार्य पूर्ण करने की निर्धारित समयावधि दिनांक0 3.09.2025 तक है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ग) जी हाँ,शासन द्वारा दिनांक 17.01.2025 को मानव संसाधन की स्वीकृति जारी हुई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (घ) जी हाँ। पदपूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है, निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।
शिक्षकों की सेवा पुस्तिका में सुधार करना
[स्कूल शिक्षा]
134. ( क्र. 1297 ) श्रीमती एडवोकेट निर्मला सप्रे : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत प्राथमिक, माध्यमिक, उ.मा.शिक्षकों की सेवा पुस्तिका के संधारण करने के क्या नियम हैं? सेवा पुस्तिका के संधारण का दायित्व किस स्तर पर किस अधिकारी के पास है? (ख) क्या प्रत्येक शिक्षक की सेवा पुस्तिका का संधारण उनके मूल अभिलेखों से मिलान कर किया जाता है एवं सेवा पुस्तिका की किसी जानकारी में सुधार की एक प्रक्रिया है? (ग) प्रश्नांश ''ख'' में हाँ है, तो क्या विधानसभा बीना के विकासखंड बीना में कार्यरत शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति आदेश दिनांक एवं कार्यभार ग्रहण करने का दिनांक एक समान होने पर भी कुछ शिक्षकों की सेवा पुस्तिका में प्रथम नियुक्ति दिनांक में सम्बंधित अधिकारी द्वारा किस नियम के तहत सही दिनांक को काटकर गलत प्रथम नियुक्ति दिनांक दर्ज की गई? ऐसे कितने शिक्षक हैं जिनकी प्रथम नियुक्ति आदेश दिनांक से भिन्न/गलत प्रथम नियुक्ति दिनांक सेवा पुस्तिका में दर्ज की गई? (घ) क्या शिक्षकों के सेवा पुस्तिका जैसे महत्त्वपूर्ण अभिलेख की जानकारी में द्वेष भावना से परिवर्तित की गई नियुक्ति दिनांक में सुधार कर सही नियुक्ति दिनांक दर्ज की जा चुकी है, यदि नहीं, तो क्यों व कब तक सुधारी जावेगी एवं इस कृत्य को करने वाले अधिकारी के विरुद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षकों के सेवा पुस्तिका का संधारण, संबंधित के प्रथम नियुक्ति आदेश, शैक्षणिक योग्यता संबंधी प्रमाण पत्र (अंक सूचियां) अन्य आवश्यक अभिलेखों एवं संस्था में कार्यभार ग्रहण दिनांक के आधार पर संबंधित संकुल केन्द्र प्राचार्य के माध्यम से किया जाता है। (ख) जी हाँ। किसी शासकीय शिक्षक/लोक सेवक की सेवा पुस्तिकाओं में सुधार सक्षम अधिकारी से अनुमति मिलने पर संबंधित लोक सेवक के मूल अभिलेखों से मिलान कर सेवा पुस्तिका में सुधार कराने का प्रावधान है। (ग) जी नहीं। शेषांश जानकारी निरंक है। (घ) उत्तरांश ''ग'' के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
अनुकंपा नियुक्ति हेतु चयन परीक्षा प्रावधान में शिथिलता
[स्कूल शिक्षा]
135. ( क्र. 1298 ) श्रीमती एडवोकेट निर्मला सप्रे : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्कूल शिक्षा विभाग के राजपत्र दिनांक 01 दिसम्बर 2022 की अनुसूची-3 तीन के कॉलम 6 (अभ्युक्ति) में प्राथमिक शिक्षक/विज्ञान प्रयोगशाला सहायक पद पर अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों में विभाग चयन परीक्षा से चयन संबंधी प्रावधान शिथिल कर सकेगा, का उल्लेख किया गया है या नहीं? (ख) प्रश्नांश (क) का उत्तर हाँ है तो अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों में प्राथमिक शिक्षक/प्रयोगशाला शिक्षक पद पर नियुक्ति हेतु विभाग चयन परीक्षा से चयन संबंधी प्रावधान में कब तक शिथिल करेगा? समय-सीमा बतावें। यदि नहीं, तो कारण देवें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार चयन परीक्षा संबंधी मध्यप्रदेश राजपत्र में अंकित प्रावधान अभ्युक्ति अंतर्गत है। राजपत्र प्रकाशन के साथ ही यह प्रावधान लागू हो चुका है।
कृषि भूमि संबंधी प्रकरण
[राजस्व]
136. ( क्र. 1299 ) श्रीमती एडवोकेट निर्मला सप्रे : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग द्वारा तहसील स्तर पर किसानों के विभिन्न कृषि भूमि से सम्बंधित (सीमांकन, नामांतरण आदि) व अन्य सभी प्रकार के प्रकरणों के समाधान हेतु कोई समय-सीमा तय की गई है? यदि हाँ, तो क्या? जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, है तो क्या बीना विधानसभा क्षेत्र की बीना तहसील में किसानों के कई वर्षों से लंबित मामलों का समाधान समय से हो रहा है? बतावें। (ग) प्रश्नांश (ख) यदि हाँ, है तो बीना विधानसभा की तहसील बीना में विगत पाँच वर्षों में किसानों के कृषि भूमि से सम्बंधित (सीमांकन, नामांतरण आदि) व अन्य सभी प्रकार के कितने प्रकरण दर्ज किये गए एवं कितने प्रकरण हल किये गए व कितने लंबित हैं, की वर्षवार सूची उपलब्ध करावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) म.प्र.शासन राजस्व विभाग द्वारा कृषि भूमि से संबंधित (सीमांकन, नामांतरण आदि) व अन्य सभी प्रकार के प्रकरणों के निराकरण हेतु समय-सीमा निर्धारित की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ'अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। सागर जिले की तहसील बीना में विगत पाँच वर्षों में किसानों के कृषि भूमि से संबंधित (सीमांकन, नामांतरण आदि) व अन्य सभी प्रकार के दर्ज प्रकरणों, हल प्रकरणों, लंबित प्रकरणों की वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब'अनुसार है।
पटवारियों की पदस्थापना एवं जाँच
[राजस्व]
137. ( क्र. 1301 ) श्री सुरेन्द्र सिंह गहरवार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कितने पटवारी कितनें वषों से किस-किस हल्के में पदस्थ हैं? तहसीलवार जानकारी दें? (ख) प्रश्नांश '’क'’ अनुसार कितने पटवारी अपने हल्का मुख्यालय में नियमित निवास न कर मुख्यालय से अनुपस्थित रहकर अन्यत्र निवास करते हैं? पटवारी मुख्यालय का पता, निवास का पता सहित पटवारी की जानकारी दें? संबंधितों के दैनिक कर्तव्य पर उपस्थित का रजिस्टर कहाँ संधारित होता है, क्या पटवारियों की डायरी जिसमें दैनिक कार्य विवरण का उल्लेख होता है प्राप्त की जाती है? (ग) प्रश्नांश '’क’' एवं ‘'ख'’ अनुसार क्या हल्का पटवारियों ने अपना पटवारी कार्यालय हल्के में संचालित कर सार्वजनिक कर रखा है, क्या कार्यालयों में नियमित उपस्थित रहकर आम जनता व किसानों के कार्य कर रहे हैं? इनका वेतन किस आधार पर भुगतान किया जाता है? (घ) प्रश्नांश '’क'’, ‘'ख'’ एवं '’ग'’ के अनुक्रम में कितने हल्का पटवारियों के विरूद्ध मुख्यालय में ना रहकर ग्रामीणों और किसानों का काम न करने संबंधी तथा भ्रष्टाचार में लिप्त रहने संबंधी शिकायतें प्राप्त हुई हैं, उनमें से कितनी शिकायतों की जाँच उपरांत कार्यवाही हुई है? क्या वर्षों से एक ही अनुभाग मुख्यालय में पदस्थ रहने वाले पटवारियों को हटाकर उनकी आय से अधिक अर्जित संपत्ति की जाँच कराई जायेगी? यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों कारण स्पष्ट करें?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत तहसील विरसिंहपुर में 41 एवं तहसील मझगवां में 54 पटवारी पदस्थ है। तहसीलवार जानकारी पुस्तकालय में परिशिष्ट 'अ' एवं 'स' अनुसार है। (ख) तहसीलवार जानकारी पुस्तकालय में परिशिष्ट 'ब' एवं 'स' अनुसार है। पटवारी के दैनिक कर्तव्य पर उपस्थित का रजिस्टर तहसील के ऑफिस कानूनगो शाखा में संधारित होता है। पटवारियों की डायरी जिसमें दैनिक कार्य विवरण का उल्लेख होता है पी-8 निर्धारित है। वर्तमान समय में मोबाइल के व्हाटस-अप समूह के माध्यम से जानकारी प्राप्त की जाती है। (ग) पटवारियों द्वारा 02 दिवस सोमवार एवं गुरूवार उपस्थित रहकर पटवारी कार्यालय हल्के में संचालित कर सार्वजनिक आम जनता व किसानों के कार्य कर रहे हैं। वर्तमान में पटवारियों का वेतन राजस्व निरीक्षक के उपस्थिति प्रतिवेदन के अनुसार कोषालयीन साफ्टवेयर आई.एफ.एम.एस. के माध्यम से भुगतान किया जाता है। (घ) पटवारियों की भ्रष्टाचार में लिप्त रहने संबंधी शिकायतें प्राप्त नहीं हुई है। इसलिए शेष प्रश्नांश उद्भूत नहीं होता है।
कटनी जिले में संचालित छात्रावास
[स्कूल शिक्षा]
138. ( क्र. 1305 ) श्री धीरेन्द्र बहादुर सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी जिले में किस-किस विभाग के किन-किन स्थानों पर छात्रावास कब से संचालित है? निवासरत विद्यार्थियों हेतु क्या-क्या सुविधाएं हैं और क्या उपलब्ध सुविधाएं मानक अनुरूप हैं? हाँ, तो कैसे? नहीं तो छात्रावासवार किन-किन सुविधाओं की आवश्यकता हैं? इनकी पूर्ति किस प्रकार, कब तक की जाएंगी तथा छात्रावासवार कौन-कौन अधीक्षक कब से वर्तमान में पदस्थ/कार्यरत हैं? (ख) प्रश्नांश (क) छात्रावासों में विगत-03 वर्षों में कितनी-कितनी राशि से मरम्मत एवं निर्माण के क्या-क्या कार्य किस ठेकेदार एजेंसी द्वारा कब-कब किए गए? कार्यों का निरीक्षण,पर्यवेक्षण एवं माप किस नाम/पदनाम के किन-किन तकनीकी शासकीय सेवकों द्वारा कब-कब किया गया? संस्था/कार्यवार बताइये। (ग) प्रश्नांश (क) छात्रावासों हेतु विगत-03 वर्षों में कितनी-कितनी राशि से कितने-कितने मूल्य की क्या-क्या सामग्री किस आवश्यकता हेतु किन सक्षम आदेशों से किस आपूर्तिकर्ता से कब-कब क्रय की गयी और क्या सामग्री क्रय में म.प्र. भंडार क्रय नियम 2015 नियमों का पालन किया गया? यदि हाँ तो सामग्री के मूल्य के विश्लेषण और भौतिक सत्यापन की जानकारी बताइयें। (घ) प्रश्नांश (क) से (ग) के तहत छात्रावासों का विगत-03 वर्षों में किस नाम/पदनाम के शासकीय सेवकों द्वारा कब-कब निरीक्षण किया गया और क्या निरीक्षण प्रतिवेदन दिये गए और प्रतिवेदनों पर प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की गयी? छात्रावासों के संचालन में अनियमितताओं की विगत-03 वर्षों में शिकायतें संबंधित विभागों को प्राप्त हुई? यदि हाँ,, तो शिकायतवार की गयी जाँच/कार्यवाही से अवगत कराइए।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''1'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''2' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''3'' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''4' अनुसार है।
धार्मिक पर्यटन केन्द्रों का विकास
[पर्यटन]
139. ( क्र. 1306 ) श्री सुनील उईके : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य छिन्दवाड़ा के जुन्नारदेव विधानसभा के विकासखण्ड जुन्नारदेव एवं तामिया के धार्मिक पर्यटन स्थलों के लिए जिला कलेक्टर छिन्दवाड़ा के द्वारा प्रस्तावित योजनाओं को स्वीकृत हेतु पत्र क्र. 30 दिनांक 26.10.2019 प्रबंध संचालक म.प्र. राज्य पर्यटन विकास निगम पर्यटन भवन भदभदा रोड भोपाल को भेजा गया था? क्या माननीय मंत्री जी उपरोक्त प्रस्ताव को स्वीकृत कर इस वित्तीय बजट 2025-26 में शामिल करने पर विचार करेंगे? (ख) क्या टूरिज्म बोर्ड द्वारा अनहोनी माता मंदिर, झिरपा तालाब, सतधारा, छोटा महादेव, विसर्जन घाट शनि मंदिर, तामिया रिजर्वर, सांगाखेडा भूराभगत, निमोटी नागदेव मंदिर, खुमकाल का तालखमरा, जुन्नारदेव विशाला मंदिर, लोधेश्वर मंदिर, सतघोघरी, आलमोद नागद्वारी, गिरजामाई मंदिर मुत्तौर धार्मिक पर्यटन केन्द्रों के विकास हेतु इस वित्तीय बजट 2025-26 में शामिल कर स्वीकृत करने पर विचार करेंगे? (ग) विधानसभा जुन्नारदेव में पर्यटन को बढ़ावा देने एवं रोजगार के अवसर हेतु सतपुड़ा नेशनल पार्क एवं तामिया पातालकोट से लगे हुये ग्रामों में होम स्टे स्वीकृत कर इस वित्तीय बजट 2025-26 में शामिल कर अनुदान राशि दिये जाने पर माननीय मंत्री जी विचार करेंगे। (घ) विधानसभा जुन्नारदेव में विगत 5 वर्षों में पर्यटन विभाग से स्वीकृत कार्यों की राशि एवं व्यय की गई राशि की जानकारी प्रदाय करने का कष्ट करें।
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जी हाँ। वर्तमान में कोई कार्य प्रस्तावित नहीं है। (ख) कार्यों की स्वीकृति बजट की उपलब्धता एवं प्रस्तावित कार्यों के महत्व एवं औचित्य के आधार पर की जाती है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) ग्रामीण पर्यटन परियोजना के तहत ग्राम सावरबानी,चोपना एवं धगडिया, काजरा, धूसावानी, चिमटीपुर, घटलिंगा, कठौतिया, श्रीजोत एवं बीजाढाना में होमस्टे का निर्माण किया जा रहा है। (घ) जुन्नादेव विधान सभा में विगत 5 वर्षों में राशि रू. 75.00 लाख के अंतर्गत अनहोनी माता मंदिर में कार्य कराया गया है।
सिविल अस्पताल का उन्नयन
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
140. ( क्र. 1308 ) श्री सुनील उईके : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जुन्नारदेव विकासखण्ड में जुन्नारदेव एवं दमुआ दो नगरपालिका, तामिया विकासखंड की 35 एवं जुन्नारदेव विकासखंड की 97 ग्राम पंचायतों का क्षेत्र आता है। जुन्नारदेव विधानसभा एक आदिवासी आरक्षित विधानसभा है इसमें अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़े वर्ग के लोग निवास करते हैं। क्षेत्रफल की दृष्टि से यह सबसे बड़ी विधानसभा है, लेकिन स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुन्नारदेव पर ही निर्भर है। (ख) क्या सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जुन्नारदेव में स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं शिशु रोग विशेषज्ञ उपलब्धता नहीं है। यदि हाँ, तो कब तक इन रोग विशेषज्ञों की उपलब्धता पर माननीय उप मुख्यमंत्री महोदय जी विचार करेंगे। (ग) क्या माननीय उप मुख्यमंत्री महोदय प्रश्नकर्ता द्वारा उप मुख्यमंत्री कार्यालय में दिये गये पत्र क्र. 6097/दिनांक 28.06.2024 को विधानसभा क्षेत्र जुन्नारदेव की जनता को स्वास्थ्य सुविधाओं की दृष्टि से जुन्नारदेव विकासखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुन्नारदेव का उन्नयन कर सिविल अस्पताल बनाने का इस बजट सत्र 2025-26 में शामिल कर स्वीकृत करेंगे।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। जुन्नारदेव विधानसभा अंतर्गत कुल 03 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा 84 उप स्वास्थ्य केन्द्र संचालित है। (ख) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जुन्नारदेव में 01 स्त्रीरोग विशेषज्ञ एवं 01 शिशु रोग विशेषज्ञ सहित कुल 05 विशेषज्ञों के पद स्वीकृत है तथा रिक्त है। चिकित्सकों की पदपूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है, पदपूर्ति की निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है। (ग) वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जुन्नारदेव को सिविल अस्पताल में उन्नयन किये जाने का कोई प्रस्ताव बजट सत्र 2025-26 में सम्मिलित नहीं है।
शालाओं में भौतिक सुविधाएं
[स्कूल शिक्षा]
141. ( क्र. 1311 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सौसर विधानसभा में कितने एवं कौन-कौन से प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय शौचालय विहीन एवं खेल मैदान तथा बाउण्ड्रीवाल विहीन है? (ख) किस कारण अब तक प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में शौचालय एवं बाउण्ड्रीवाल निर्मित नहीं हो सकें? (ग) कब तक प्रश्नांश (क) अनुसार विद्यालयों में शौचालय तथा बाउण्ड्रीवाल बनवा दी जावेगी? यदि नहीं,, तो क्यों नहीं?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) बाउण्ड्रीवाल एवं खेल मैदान का निर्माण म.प्र. राज्य रोजगार गारंटी परिषद् के पत्र क्र. 5129/MGNREGS-MP/NR-3/2020 पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा किया जाता है। शौचालय निर्माण विद्यालय की आवश्यकता एवं बजट की उपलब्धतानुसार किया जाता है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों के स्वत्वों का भुगतान
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
142. ( क्र. 1313 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) देवास जिले के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग अंतर्गत सिविल हॉस्पिटल कन्नौद से संलग्न बिजवाड़ स्वास्थ्य केन्द्र से वर्ष 2023 में कौन-कौन A.N.M. कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए? (ख) प्रश्नांकित एम्पलाई कोड 10000/242, पी.पी.ओ. क्र.-PPO/ 100/012024/200099544 से सेवानिवृत्त कर्मचारियों के किन-किन स्वत्वों का कितनी-कितनी राशि का भुगतान प्रश्न दिनांक तक कर दिया गया है? क्या भुगतान की गई राशि में कतिपय त्रुटिपूर्ण कारण दर्शाकर विभाग ने भुगतान की जाने वाली राशि से कम राशि का भुगतान किया है? क्या सक्षम स्तर पर पुन: जाँच कराकर पूर्ण राशि का भुगतान कराया जायेगा? यदि हाँ,, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या प्रश्नांकित कर्मचारियों के पूर्ण स्वत्वों का भुगतान अभी तक नहीं किया है? ग्रेच्युटी की राशि कितनी बनी है और किन कारणों से भुगतान रोका गया है? क्या इसकी उच्च स्तर पर जाँच कराई जायेगी? यदि विभाग के द्वारा त्रुटिपूर्ण रूप से राशि रोकी गई है, तो कब तक पूर्ण राशि का भुगतान कर्मचारी की उपस्थिति के अभिलेखों की जाँच कर कराया जायेगा? (घ) क्या कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति के स्वत्वों के भुगतान के संबंध में देवास जिला स्थित कार्यालय में अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा वर्ष 2024 में बड़ा घोटाला किया गया था? जिसकी जाँच भी उच्च स्तर पर की गई थी? उसके परिणाम क्या हैं?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) देवास जिले के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग अंतर्गत सिविल हॉस्पिटल, कन्नौद से संलग्न बिजवाड़ उप स्वास्थ्य केन्द्र से वर्ष 2023 में श्रीमती प्रेमलता चौहान, ए.एन.एम. सेवानिवृत्त हुई है। (ख) प्रश्नांकित एम्पलाई कोड 100001242, पी.पी.ओ. क्र. पीपीओ/100/012024/200099544 से सेवानिवृत्त कर्मचारी को प्रश्न दिनांक तक निम्नानुसार स्वत्वों का भुगतान किया गया-
बीमा बचत निधि राशि - |
राशि रू. 92,361/- |
भुगतान दिनांक 18.01.2024 |
एवं राशि रू. 1,20,858/- |
भुगतान दिनांक 18.01.2024 |
|
समर्पित अर्जित अवकाश नगदीकरण - |
राशि रू. 6,51,070/- |
भुगतान दिनांक 18.01.2024 |
सामान्य भविष्य निधि अंतिम भुगतान- |
राशि रू.5,06,792/- |
भुगतान दिनांक 24.01.2025 |
ग्रेच्युटी राशि |
राशि रू.12,30,075/- |
(भुगतान की कार्यवाही जिला पेंशन अधिकारी, देवास के द्वारादिनांक 23.01.2024 को संपन्नकी गई है। ) |
म.प्र. शासन वित्त विभाग मंत्रालय भोपाल द्वारा महंगाई भत्ता 4 प्रतिशत वृद्धि को विभिन्न स्वत्वों में शामिल कर पुनरीक्षित स्वत्वों का भुगतान किया जाना शेष है एवं उससे संबंधित पुनरीक्षित पी.पी.ओ. दिनांक 28/02/2025 को जारी किया गया है। दिनांक 28.02.2025 को क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं उज्जैन संभाग उज्जैन द्वारा करवायी गयी जाँच रिपोर्ट जानकारी पुस्कालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ प्रश्नाशं 'ख' अनुसार। ग्रेज्युटी की शेष राशि (अंतर की ) 34,650 का भुगतान शीघ्र कर दिया जावेगा। (घ) जी हाँ,। जी हाँ,। थाना प्रभारी पुलिस थाना कोतवाली जिला-देवास के पत्र क्रमांक/कोत./देवास/1314/2024 दिनांक 14.08.2024 के द्वारा शासकीय अधिकारियों, कर्मचारियों के विरूद्ध संदिग्ध/कपटपूर्ण भुगतान के आरोप में अपराध क्रमांक 466/2024 धारा 420, 467, 468, 409, 120 बी भादवि में न्यायिक हिरासत में रखा गया है, उत्तर के संलग्न पुलिस प्राथमिकी एवं संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा उज्जैन संभाग उज्जैन द्वारा की गई जाँच रिपोर्ट तथा क्षेत्रीय संचालक की जाँच रिपोर्ट की प्रति जानकारी पुस्कालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है।
अध्यापकों को द्वितीय क्रमोन्नति
[स्कूल शिक्षा]
143. ( क्र. 1319 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खाचरोद नागदा क्षेत्र की किन शालाओं में कितने अध्यापक, सहायक अध्यापक जिनका शिक्षा विभाग में संविलियन नहीं हुआ है और स्थानीय निकाय में ही पदस्थ हैं इन्हें 2010 में प्रथम क्रमोन्नति प्रदान कर दी गई हैं उनके द्वारा द्वितीय क्रमोन्नति के लिए विभाग प्रमुख को कितनी बार प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया है संपूर्ण विवरण देवें। (ख) क्या इन्हें द्वितीय क्रमोन्नति वेतन देने के लिए दिसंबर 2023 के सत्र में प्रश्नकर्ता द्वारा शिक्षा मंत्री जी का ध्यान आकर्षित कराया गया था यदि हाँ, तो जिला शिक्षा अधिकारी उज्जैन द्वारा क्या कार्यवाही की गई है क्या संचालक व आयुक्त लोक शिक्षण भोपाल से इस विषय में मार्गदर्शन चाहा गया था क्या मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है यदि हाँ, तो कब हुआ है। (ग) क्या इस प्रकरण में पृथक से मार्गदर्शन की आवश्यकता थी संपूर्ण विवरण देवें। (घ) संचालक व आयुक्त लोक शिक्षण के पत्र क्रमांक यू. सी./ए -94/ मार्गदर्शन /2024/2158 दिनांक 4. 12.2024 के परिपालन में कब तक क्रमोन्नति प्रदान कर दी जाएगी। (ड.) आयुक्त के स्पष्ट निर्देश है कि क्रमोन्नति प्रदान की जाए इस हेतु कोई मार्गदर्शन की आवश्यकता नहीं है फिर भी निर्देश की अवहेलना क्यों की जा रही है संपूर्ण विवरण देवें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। जिला शिक्षा अधिकारी उज्जैन द्वारा संचालनालय से चाहे गये मार्गदर्शन के संदर्भ में पत्र क्रमांक 2158 दिनांक 04.12.2024 द्वारा मार्गदर्शन दिया गया है। (ग) जिला शिक्षा अधिकारी उज्जैन ने संचालनालय के पत्र दिनांक 8.3.2021 के क्रम में मार्गदर्शन चाहा था जो अध्यापक संवर्ग के लोक सेवकों से संबधित नहीं होकर नवीन संवर्ग में नियुक्त लोक सेवकों को क्रमोन्नति प्रदान करने से संबधित था जिसके आधार पर संचालनालय द्वारा दिनांक 4.12.2024 को मार्गदर्शन प्रदान किया गया। (घ) संबधित लोक सेवक नगरीय निकाय के कर्मचारी होने से मुख्य नगर पालिका अधिकारी खाचरौद जिला उज्जैन द्वारा तीन लोक सेवकों को द्वितीय क्रमोन्नत वेतनमान के आदेश जारी किये गये है। (ड.) उत्तरांश "घ" अनुसार पात्रतानुसार द्वितीय क्रमोन्नति के आदेश जारी किये गये है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
मत्स्य पालन के हितग्राही और बजट
[मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास]
144. ( क्र. 1326 ) डॉ. विक्रांत भूरिया : क्या राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) झाबुआ और अलीराजपुर, रतलाम जिलो में वर्ष 2020 से 2025 तक विभाग द्वारा कौन-कौन सी योजना संचालित की जा रही है, प्रति वर्ष अनुसार सभी योजना के बजट और खर्च की जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध वर्ष 2020 से 2025 तक झाबुआ, अलीराजपुर, रतलाम जिलों में, संचालित योजना में लाभांवित व्यक्ति की नाम, ग्राम का नाम और योजना का नाम और दी गयी राशि की, जानकारी दें।
राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास ( श्री नारायण सिंह पंवार ) : (क) प्रश्नांश अवधि से प्रश्न दिनांक तक झाबुआ, अलीराजपुर रतलाम जिलों में विभाग द्वारा संचालित योजना के बजट तथा व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) प्रश्नांश अवधि से प्रश्न दिनांक तक विभाग में संचालित योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के नाम/ग्राम तथा उन्हें दी गई अनुदान राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- ब अनुसार है।
आउटसोर्स से किये गए कार्य
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
145. ( क्र. 1328 ) डॉ. विक्रांत भूरिया : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) झाबुआ, अलीराजपुर, रतलाम जिले की सरकारी हॉस्पिटल में वर्ष 2015 से 2025 तक आउटसोर्स किये गए सभी कार्य के टेंडर वैल्यू और एजेंसी जिसने ये टेंडर प्राप्त करें, उनके नाम, पता और किस दर पर ये सभी टेंडर एजेंसी को दिया गए की संपूर्ण जानकारी दी जाए। (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में आउटसोर्स एजेंसी में कार्यरत कर्मचारी की जानकारी और उनके वेतनमान और प्रोविडेंट फंड, दिये जाने की पूर्ण जानकारी दी जाए।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है।
राजस्व कार्यालयों में लंबित प्रकरण
[राजस्व]
146. ( क्र. 1330 ) श्री वीरेन्द्र सिंह लोधी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बण्डा विधानसभा में नामांतरण, सीमांकन, फौती, बंटवारा के लंबित प्रकरणों की संख्या, प्रकरण क्रमांक एवं भूमिस्वामी की जानकारी दी जाये। (ख) क्या सीमांकन प्रकरणों के शीघ्र निराकरण हेतु विधानसभा की तहसीलों में रोबर/TSM मशीन द्वारा सीमांकन का प्रशिक्षण दिया गया है? (ग) क्या विधानसभा क्षेत्र में सीमांकन प्रकरणों और आगामी सीजन में आवेदनों के शीघ्र निराकरण के लिए तहसीलों को एक रोबर और एक TSM मशीन दी जाएगी? अगर हाँ तो मशीन कब तक प्राप्त हो पाएगी? अगर नहीं तो इसमें क्या बाधा है? (घ) क्या जिले स्तर पर उपलब्ध सीमांकन मशीन उचित समय पर प्राप्त नहीं होती? क्या इसका कारण मशीनों की कमी है? (ड.) बण्डा विधानसभा में नामांतरण, सीमांकन, फौती, बंटवारा के कितने प्रकरण अपील स्तर पर लंबित हैं? (च) उन अपीलीय प्रकरणों के क्रमांक, अपील फाईल दिनांक, अपीलार्थी के नाम की जानकारी प्रस्तुत करें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) सागर जिले में बण्डा विधान सभा अंतर्गत नामांतरण, फौती, सीमांकन, बंटवारा के निम्नानुसार प्रकरण लंबित है। न्यायालय, बण्डा में ,नामांतरण 282, फौती 121, सीमांकन 13, बंटवारा 51, न्यायालय शाहगढ़ में नामांतरण 290, फौती 94, सीमांकन 15, बंटवारा 138, इस प्रकार सागर जिले के बण्डा विधान सबमें नामांतरण के कुल 572, फौती के कुल 215, सीमांकन के कुल 28, बटवारा के कुल 189 प्रकरण लंबित है। (ख) जी हाँ। सीमांकन प्रकरणों के शीघ्र निराकरण हेतु विधानसभा की तहसीलों में रोबर/TSM मशीन द्वारा सीमांकन का प्रशिक्षण दिया गया है। (ग) विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत TSM मशीन उपलब्ध है। मांग आवश्यकतानुसार जिले से रोवर मशीन भी तहसीलों को उपलब्ध कराई जाती है। (घ) जिले में सीमांकन हेतु रोबर/TSM मशीन उपलब्ध है। प्रत्येक तहसील हेतु एक-एक TSM मशीन उपलब्ध है। मांग किये जाने पर जिले से रोवर भी उपलब्ध कराया जाता है। (ड.) बण्डा विधानसभा अंतर्गत न्यायालय बण्डा में नामांतरण 15, फौती 3, बंटवारा 26 अपीलीय स्तर पर प्रकरण लंबित है। (च) अपीलीय प्रकरणों की सूची की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
नहरों में अनुरक्षण का कार्य
[जल संसाधन]
147. ( क्र. 1333 ) श्री नागेन्द्र सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या बाणसागर परियोजना अन्तर्गत क्योंटी नहर संभाग एवं अपर पुरवा नहर संभाग की मुख्य नहर, वितरिका एवं उप वितरिका नहरों में अनुरक्षण एवं साफ-सफाई का कार्य कराया जाता है? यदि हाँ, तो वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक उपरोक्तानुसार कराये गये कार्यों के कार्यवार विवरण एवं भुगतान से संबंधित समस्त दस्तावेजों की प्रतियां उपलब्ध करायें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
अतारांकित प्रश्न क्रमांक 4090 दिनांक 18.07.2024 की पूर्ण जानकारी
[राजस्व]
148. ( क्र. 1334 ) श्री नागेन्द्र सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि विषयांकित प्रश्न के उत्तर में विभाग द्वारा (क) से (ख) जानकारी संकलित की जा रही है, लेख किया गया था। क्या जानकारी संकलित हो चुकी है? यदि हाँ, तो प्रश्नानुसार जानकारी कब तक उपलब्ध कराई जायेगी। यदि नहीं, तो क्यों? कारण बतायें। कब तक जानकारी संकलित होगी? समय-सीमा बतायें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिला रीवा विषयांकित प्रश्न 4090 में प्रेषित उत्तर (क) से (ख) की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जिला सतना विधानसभा क्षेत्र नागौद के अंतर्गत बाणसागर परियोजना के तहत कोई भी भू-अर्जन का प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है और न ही भूमि अधिग्रहीत की गई है। (ख) (1) प्रश्नांश (ख) की जानकारी अनुभाग-उचेहरा जिला सतना म.प्र. की जानकारी अनुभाग-उचेहरा जिला सतना म.प्र. से भेजी गई थी, उसके परिपालन में अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1334 के अनुसार कुल 48 शेष प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है तथा नक्शा सुधार का शेष 01 प्रकरण का निराकरण किया जा चुका है। (2) प्रश्नांश (ख) की जानकारी अनुभाग-नागौद जिला सतना म.प्र. अंतर्गत दिनांक 01/01/2022 से दिनांक 03/03/2025 तक कुल खसरा सुधार के 362 प्रकरण प्राप्त हुए, जिसमे से शेष 64 प्रकरणों का निराकरण किये जा चुके हैं। खसरा सुधार के अब कोई भी प्रकरण शेष नहीं है।
बेराज कम कॉजवे निर्माण कार्य
[जल संसाधन]
149. ( क्र. 1341 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या धरमपुरी विधानसभा में बंजारीपुरा बरांज और ऑवलीपुरा बरांज निर्माण कार्य की साध्यता प्राप्त हो गई है? यदि हाँ, तो उक्त कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति कब तक जारी हो जाएगी? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार यदि हाँ, तो इन कार्यों की स्वीकृति हेतु साध्यता कब तक हो जाएगी? (ग) क्या धार जिले की धरमपुरी विधानसभा में फरसपूरा में बरांज कम कॉजवे निर्माण कार्य और गुजरी में बरांज कम कॉजवे निर्माण कार्य के प्रस्ताव शासन स्तर पर प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो उक्त कार्यों की साध्यता कब तक की जाकर प्रशासकीय स्वीकृति की जावेगी?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ, बंजारीपुरा बरांज और ऑवलीपुरा बरांज की साध्यता प्रदान की जा चुकी है। डी.पी.आर. तैयार की जाकर विभाग स्तर पर परीक्षणाधीन है। वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) बंजारीपुरा और ऑवलीपुरा की साध्यता क्रमशः दिनांक 01/03/2024 एवं 18/07/2023 को प्रदान की गई है। (ग) जी हाँ, धार जिले की धरमपुरी विधानसभा में फरसपुरा बरांज कम कॉजवे एवं गुजरी में गुजरी बरांज कम कॉजवे के साध्यता प्रस्ताव पर मुख्य अभियंता नर्मदा ताप्ती कछार, इन्दौर से प्रस्तावित स्थल के अपस्ट्रीम एवं डाउन स्ट्रीम में पूर्व से निर्मित कॉजवे के परिप्रेक्ष्य में स्थल निरीक्षण/परीक्षण कर अभिमत अपेक्षित है। परिक्षणोपरांत स्वीकृति की कार्यवाही संभव हो सकेगी। वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
अवैध सम्पत्ति की जाँच
[परिवहन]
150. ( क्र. 1343 ) श्री महेश परमार : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या परिवहन विभाग के पूर्व कांस्टेबल श्री सौरभ शर्मा ने 12 वर्ष की सेवा में संपूर्ण मध्यप्रदेश में 93 करोड़ से अधिक अवैध संपति विभिन्न जाँच एजेंसियों ने बरामद की हैं? (ख) क्या वर्तमान में लोकायुक्त, प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग में सौरभ शर्मा और उनके सहयोगियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जाँच प्रचलित हैं? (ग) पूर्व कांस्टेबल श्री सौरभ शर्मा ने 12 वर्षों में विभाग के किन-किन कार्यालयों, स्थानों में कितनी अवधि तक पदस्थ रहकर कार्य किया? उनकी गोपनीय चरित्रवाली किन-किन अधिकारियों द्वारा लिखी गई? उन सभी अधिकारियों की वर्तमान पदस्थापना, पद, कार्य एवं वर्तमान स्थिति का शासकीय अभिलेख की प्रमाणित प्रति के साथ रिकॉर्ड देवें। (घ) श्री सौरभ शर्मा की नियुक्ति से 12 वर्ष के सेवाकाल में, कितने परिवहन आयुक्त किस दिनांक से किस दिनांक की अवधि तक कार्यरत रहे हैं? उनका नाम, संवर्ग, साथ रहने की पद अवधि, वर्तमान पदस्थापना एवं उत्तरदायित्व के विवरण सहित शासकीय अभिलेख की प्रमाणित प्रतियां देवें। (ड.) वर्तमान में परिवहन विभाग में खुद के कितने अधिकारी हैं? कितने प्रतिनियुक्ति पर हैं? उनका नाम पता वर्तमान पद कार्य स्थल सहित पूर्ण विवरण सहित रिकॉर्ड देवें। (च) वर्तमान में विभाग के किन-किन कर्मचारियों एवं अधिकारियों पर विभागीय, अन्य जाँच एजेंसियों द्वारा भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग, अवैध संपत्ति, अवैध आय, के प्रकरण दर्ज होकर कार्यवाही प्रचलित हैं? रिकॉर्ड विवरण देवें। (छ) विभाग द्वारा परिवहन चौकियों पर वर्तमान जाँच की प्रक्रिया एवं पूर्व की जाँच प्रक्रिया में क्या-क्या अंतर हैं? स्पष्ट करें।
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) लोकायुक्त कार्यालय, मध्यप्रदेश से प्राप्त जानकारी अनुसार लोकायुक्त संगठन की विशेष पुलिस स्थापना भोपाल के द्वारा दिनांक 19.12.2024 एवं 20.12.2024 को आरोपी श्री सौरभ शर्मा, पूर्व आरक्षक, म.प्र. परिवहन विभाग भोपाल के निज निवास ई-7/78 एवं कार्यालयीन आवास ई-7/657, अरेरा कॉलोनी, भोपाल में विधिवत तलाशी की कार्यवाही सम्पन्न की गई है, जिसमें लगभग राशि 08.85 करोड़ रूपये की चल सम्पत्ति जप्त की गई है तथा लगभग 30 करोड़ रूपये की अचल सम्पत्ति के दस्तावेज जप्त किये गये हैं। (ख) लोकायुक्त कार्यालय, मध्यप्रदेश से प्राप्त जानकारी अनुसार विशेष पुलिस स्थापना (लोकायुक्त संगठन) म.प्र. भोपाल में आरोपी श्री सौरभ शर्मा, पूर्व आरक्षक म.प्र. परिवहन विभाग भोपाल के विरूद्ध अपराध क्रमांक 195/24 दिनांक 19.12.2024 धारा-13 (1) बी सहपठित 13 (2) भ्र.नि.अ. 1988 संशोधित अधिनियम 2018 के अंतर्गत पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर प्रकरण में श्री सौरभ शर्मा, पूर्व आरक्षक म.प्र. परिवहन विभाग भोपाल के अतिरिक्त, 1- श्रीमती दिव्या तिवारी पत्नी श्री सौरभ शर्मा, निवासी ई-7/78 अरेरा कॉलोनी, भोपाल, 2- श्री शरद जायसवाल पिता श्री कैलाश प्रसाद जायसवाल, निवासी ई-8/99, शिवकुंज, 12 नं. बस स्टॉप के पास, भोपाल एवं 3- श्री चेतन सिंह गौड, निवासी ई-7/657, अरेरा कॉलोनी, भोपाल को भी आरोपी बनाया गया है। जिसके अनुक्रम में संबंधित धारायें बढ़ायी जाकर, धारा-12, 13 (1) बी सहपठित 13 (2) भ्र.नि.अ. 1988 संशोधित अधिनियम 2018 तथा धारा-61 (2) भा.न्या.सं. 2023/120 बी भा.द.वि. के अंतर्गत उक्त अपराध क्र. 195/24 की विवेचना जारी है। प्रवर्तन निदेशालय एवं आयकर विभाग से वांछित जानकारी अप्राप्त है। (ग) पूर्व कांस्टेबल श्री सौरभ शर्मा को परिवहन आयुक्त कार्यालय के आदेश क्रमांक 6084/स्था/टीसी/16, दिनांक 29.10.2016 के द्वारा अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की गई थी तथा परिवहन आयुक्त कार्यालय के आदेश क्रमांक 3222/प्रर्व.स्था/टीसी/22, दिनांक 09.06.2023 के द्वारा त्याग-पत्र स्वीकार किया गया। उक्त अवधि में उन्हें जिन स्थानों पर पदस्थ किया गया, पदस्थापना सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (घ) सौरभ शर्मा की नियुक्ति दिनांक 29.10.2016 से उनकी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति दिनांक 09.06.2023 तक पदस्थ परिवहन आयुक्तों की पदस्थापना से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ड़) कार्यालय में उपलब्ध अभिलेखानुसार विभाग में पदस्थ अधिकारियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है। (च) विशेष पुलिस स्थापना (लोकायुक्त संगठन) म.प्र. में वर्तमान में परिवहन विभाग के जिन कर्मचारियों एवं अधिकारियों पर भ्रष्टाचार एवं आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के संबंध में अपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध होकर विवेचनाधीन हैं, उन प्रकरणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''द'' अनुसार है। संगठन की शिकायत एवं जाँच शाखा में पंजीबद्ध जाँच प्रकरणों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''इ'' अनुसार है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ, मध्यप्रदेश में परिवहन विभाग के कर्मचारियों एवं अधिकारियों पर पंजीबद्ध अपराधिक प्रकरणों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -''फ'' अनुसार है। (छ) विभाग में पूर्व में प्रदेश की अन्तर्राज्यीय सीमाओं पर स्थायी रूप से स्थापित जाँच चौकियों पर पदस्थ अमले द्वारा सघन व निरंतर रूप से शत-प्रतिशत वाहनों की चैकिंग एक स्थायी स्थान से की जाती थी जबकि वर्तमान में चैकिंग पॉइन्ट प्रारम्भ किये जाने पर कोई स्थायी स्थान निर्धारित न होने से चैक पॉइंट पर पदस्थ अमले द्वारा अपने क्षेत्राधिकार के अंतर्गत राष्ट्रीय/राजकीय मार्गों पर विभिन्न स्थानों पर चैक पॉइंट लगाकर वाहनों की चैकिंग की जाती है।
सिंचाई योजनाओं की स्वीकृति
[जल संसाधन]
151. ( क्र. 1346 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गुनौर विधानसभा अंतर्गत विगत 5 वर्षों से प्रश्न दिनांक तक कितनी सिंचाई योजनाओं की स्वीकृति शासन/विभाग द्वारा दी गई है? इनमें से कितनी सिंचाई योजनाओं के कार्य प्रारंभ किये जा चुके है कितनी सिंचाई योजनाओं के कार्य प्रारंभ किया जाना शेष है? कितनी सिंचाई योजनाओं के कार्य पूर्ण हो चुके है कितनी सिंचाई योजनाओं के कार्य अपूर्ण है? सभी सिंचाई योजनाओं की भौतिक स्थिति की जानकारी वर्षवार, योजनावार, लागत सहित उपलब्ध करावें। (ख) केन्द्र व राज्य सरकार की प्रत्येक खेत तक पानी पहुंचाने की योजना है ऐसी स्थिति में गुनौर विधानसभा के किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के लिये विभाग द्वारा कौन-कौन सी योजनाएं तैयार की गई है या की जा रही है? इन योजनाओं का क्रियान्वयन कब तक होगा? जानकारी दें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) योजनावार, जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ख) जी हाँ। गुनौर विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत 05 बरांज का सर्वेक्षण कार्य कराया जाना प्रतिवेदित है। विवरण संलग्न परिशिष्ट के ''प्रपत्र-ब'' अनुसार है। वर्तमान में क्रियान्वयन की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
भवन निर्माण एवं रिक्त पदों की पूर्ति
[स्कूल शिक्षा]
152. ( क्र. 1351 ) श्री माधव सिंह (मधु गेहलोत) : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र आगर जिला आगर-मालवा में कितने सीएम राईज स्कूल स्वीकृत है? उक्त सीएम राईज स्कूल में से कितनों के भवन निर्माणाधीन है उक्त स्कूलों का निर्माण किस एजेंसी/ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है कार्य पूर्ण होने की अनुबंध अवधि कब तक की है अनुबंध की प्रति स्कूलवार उपलब्ध करावें? कितने स्कूलों के भवन निर्माण की स्वीकृति शासन से प्राप्त होना शेष है जानकारी देवें? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार आगर विधानसभा क्षेत्र के कितने सीएम राईज स्कूलों में छात्र-छात्राओं हेतु परिवहन सुविधा है एवं उक्त परिवहन किस एजेंसी के माध्यम से किया जा रहा है? कितने स्कूलों में परिवहन सुविधा प्रारंभ नहीं की गई है? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार सीएम राईज स्कूलों में स्टॉफ के कितने पद रिक्त है रिक्त पदों के विरूद्ध कितने अतिथि शिक्षक कार्यरत है विषयवार जानकारी देवें? रिक्त पदों की पूर्ति कब तक की जावेगी। (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में डांस, संगीत के कितने शिक्षक कार्यरत है एवं कितने पद रिक्त है जानकारी देवें?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ पर है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब पर है। पदों की पूर्ति एक सतत् प्रक्रिया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब पर है।
बिना सूचना
दिये भूमि
अधिग्रहण
[राजस्व]
153. ( क्र. 1356 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) देवास जिले के कन्नौद तहसील अंतर्गत कस्बा कन्नौद की भूमि सर्वे नं. 601 पेकी रकबा 0.063 हेक्टेयर एवं भूमि सर्वे क्र. 601/2/1 रकबा 0.140 हेक्टेयर तथा भूमि सर्वे नं. 601/2/1 रकबा 0.1010 हेक्टेयर भूमि राजस्व अभिलेख में किन-किन के नाम दर्ज हैं? (ख) क्या प्रश्नांकित भूमि पर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के अंतर्गत प्रभावित होने से संबंधित भूमि स्वामियों की भूमि पर बिना सूचना दिये अधिग्रहण कर रोड रोलर व जे.सी.बी. के माध्यम से भूमि समतल कर फलदार वृक्षों को बिना सूचना दिये काट दिये गये तथा न तो अधिग्रहण की सूचना दी गई और न ही उक्त भूमि की बाजार दर के हिसाब से पर्याप्त मुआवजा भी नहीं दिया गया है? (ग) क्या विभाग के आदेश अनुसार प्रश्नांकित भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग में प्रभावित होकर पूरक अवॉर्ड में सम्मिलित किया जाना प्रस्तावित है? मुख्य परियोजना निदेशक राष्ट्रीय राजमार्ग इकाई हरदा तथा कलेक्टर भू-अर्जन शाखा देवास के द्वारा न्याय हित में मुआवजा राशि दिलाये जाने हेतु अभी तक क्या-क्या कार्यवाही की है? पूर्ण ब्यौरा दें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) देवास जिले के अनुभाग कन्नौद की तहसील कन्नौद क्षेत्र अंतर्गत कस्बा कन्नौद की भूमि सर्वे नंबर 601/2/1 रकबा 2.5410 हे. वर्तमान में भूरिया पिता कालू जाति माली भूमि स्वामी अंश 764/2541, किरण देवी पति कपिल कुमार जोशी भूमि स्वामी अंश 63/2541, किरण देवी पति कपिल कुमार भूमि स्वामी अंश 140/2541, आशीष कुमार पिता कपिल कुमार भूमि स्वामी अंश 101/2541 तथा धूलीया पिता कालू जाति माली भूमि स्वामी अंश 1473/2541 के नाम दर्ज है। (ख) जी हाँ। प्रश्नाधीन भूमि पर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के अंतर्गत प्रभावित होने से संबंधित भूमि स्वामियों की भूमि पर निर्माण एजेंसी द्वारा फलदार वृक्षों को नहीं काटा गया है। भूमि अधिग्रहण के लिए 3ए का प्रस्ताव राजपत्र में प्रकाशन हेतु दिनांक 13/02/2025 को परियोजना निदेशक राष्ट्रीय राजमार्ग इकाई हरदा को भेजा गया है। नियमानुसार 3डी एवं 3जी (एच) की कार्यवाही उपरांत मुआवजा राशि दी जावेगी। (ग) यह सही है कि परियोजना निर्देशक राष्ट्रीय राजमार्ग इकाई हरदा का पत्र क्र. 5884/2025 दिनांक 08/02/2025 के प्रस्ताव अनुसार न्यायालयीन कार्यवाही के तहत राजस्व प्रकरण क्रमांक 35/अ-82/2024-25 के अनुसार प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 47 (59ए) के कि.मी. 63.550 से कि.मी. 95.00 के लिये भू-अर्जन की जाने वाली संरचना रहित अथवा संरचना सहित वादोक्त भूमि सर्वे नंबर 601/2/1 निजी सिंचित कुल क्षेत्रफल 2.5410 हे. में से पैकि रकबा 0.4600 हे. भूमि का राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 की धारा 3ए के प्रारूप ड्राफ्ट का राजस्व रिकॉर्ड से मिलान पश्चात राजपत्र एवं दो दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशन किये जाने के लिये विभागीय पत्र क्र. 713/प्रवा./2025 कन्नौद दिनांक 13/02/2025 से परियोजना निर्देशक राष्ट्रीय राजमार्ग इकाई हरदा को भेजा गया हैं प्रकाशन पश्चात बादमियाद यदि आपत्ति प्राप्त नहीं होती हैं तो प्रकरण में धारा 3डी का प्रकाशन पश्चात बादमियाद अवधि के धारा 3जी (एच) के तहत अवार्ड पारित कर संबंधितों को भुगतान प्राप्त करने की सूचना दी जाकर भुगतान की कार्यवाही की जावेगी।
राजस्व प्रकरण का निराकृत नहीं किया जाना
[राजस्व]
154. ( क्र. 1363 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में तहसील-घुवारा में तहसीलदार कौन है एवं वे वहां कब से पदस्थ हैं, कितने प्रकरण निराकृत किये गये है, जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) निराकृत प्रकरण में कितने निरस्त किये गये है एवं कितने में आदेश पारित किया गया है जानकारी दें। (ग) यदि प्रकरण बड़ी संख्या में निरस्त किये गये है तो संबंधित तहसीलदार के विरूद्ध क्या अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी बतायें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) छतरपुर जिले में तहसील घुवारा में तहसीलदार घुवारा के प्रभार में श्री कपिल शर्मा, नायब तहसीलदार 01 सितंबर 2024 से पदस्थ है। उनके द्वारा कुल निराकृत प्रकरण 2884 (ख) कुल निराकृत 2884 प्रकरणों में से निरस्त किए गए प्रकरणों की संख्या 339, स्वीकृत किये गये प्रकरण की संख्या- 2545 है। (ग) प्रश्नांश (ख) के संबंध में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
तालाब का घटिया निर्माण
[जल संसाधन]
155. ( क्र. 1364 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला छतरपुर विकासखण्ड बक्स्बाहा के ग्राम गढ़ी-सेमरा में तालाब एवं नहर का निर्माण कितनी लागत से किस एजेंसी से कराया गया है? (ख) क्या पिचिंग एवं तालाब निर्माण घटिया होने के कारण हमेशा पानी रिस रहा है? जिससे किसानों की खेती में हमेशा पानी भरा रहता है? (ग) यदि हाँ, तो जिम्मेदार अधिकारियों ने इस संबंध में क्या निर्माण एजेंसी के विरूद्ध कोई कार्यवाही की है? (घ) यदि नहीं, तो नगर के घटिया निर्माण एवं लगातार पानी रिसाव के बाद भी भुगतान कराने वाले अधिकारियों के विरूद्ध जाँच की जा सकती है? नहर तक पानी न पहुंचने के लिए कौन जिम्मेदार है?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जिला छतरपुर विकासखण्ड बक्स्वाहा के ग्राम गढ़ी-सेमरा में लघु सिंचाई तालाब एवं नहर का निर्माण रू.552.42 लाख की लागत से मेसर्स सांवरिया कन्स्ट्रक्शन कंपनी छतरपुर द्वारा कराया जाना प्रतिवेदित है। (ख) जी नहीं। पिचिंग एवं तालाब निर्माण से किसी प्रकार का रिसाव हो रहा है अथवा किसानों के खेत में पानी भरे जाने संबंधी कोई शिकायत प्राप्त होना प्रतिवेदित नहीं है। (ग) उत्तरांश 'ख' के अनुसार कार्यवाही का प्रश्न ही नहीं उठता। (घ) उत्तरांश 'ख' के अनुसार शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
रेल्वे द्वारा भूमि पर अतिक्रमण
[राजस्व]
156. ( क्र. 1371 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पिपरिया जिले की बनखेड़ी स्थित खसरा नं. 62/11, क्षेत्रफल 0.008 हेक्टेयर एवं खसरा नं. 62/71, क्षेत्रफल 0.008 हेक्टेयर कुल भूमि 0.016 हेक्टेयर जो भू-राजस्व पुस्तिका क्र. 11088796314 में दर्ज है, के भूमि स्वामी कौन-कौन हैं? (ख) क्या प्रश्नांकित भूमि पर विधिवत सीमांकन कर भूमि स्वामियों ने मकान का निर्माण किया है? क्या यह रेल्वे सीमा को छोड़कर बनाया है? क्या उक्त संबंध में राजस्व विभाग को भूमि स्वामियों ने आवेदन क्र. RS/449/036/1420/2024 के द्वारा आवेदन प्रस्तुत किया है? (ग) क्या प्रश्नांकित भूमि स्वामियों की भूमि पर रेल्वे विभाग द्वारा अतिक्रमण करने संबंधी आपत्ति दर्ज कराई गई है? यदि हाँ,, तो सीमांकन एवं भू-राजस्व पुस्तिका के अभिलेख अनुसार वस्तुस्थिति क्या है? (घ) क्या विभाग उपर्युक्त वस्तुस्थिति से रेल्वे विभाग को अवगत कराकर विवादित प्रकरण का निराकरण करायेगा? यदि हाँ,, तो कब तक? यदि नहीं,, तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) प्रश्नाधीन भूमि का भूमि स्वामित्व निम्नानुसार है-1- श्री गोपाल प्रसाद/श्री बानीप्रसाद 2- श्री नारायण सिंह/श्री बैनीप्रसाद 3- सरोज भारके/श्री चैनीप्रसाद। (ख) जी नहीं। भवन निर्माण बिना सीमांकन के किया गया है अतः यह नहीं कहा जा सकता है कि भूमिस्वामियों द्वारा मकान रेल्वे की भूमि सीमा को छोड़कर बनाया है अथवा नहीं। जी हाँ भूमिस्वामियों ने आवेदन क्रमांक आरएस/44/036/1420/2024 प्रस्तुत किया है। (ग) जी नहीं। रेल्वे विभाग द्वारा भूमिस्वामियों की भूमि पर अतिक्रमण दर्ज करने संबंधी कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) रेल्वे विभाग एवं भूमिस्वामियों का विवाद राजस्व विभाग के समक्ष आने पर ही किसी प्रकार की कार्यवाही की जा सकेगी।
शालाओं में भवन कक्ष तथा शिक्षकों की आपूर्ति
[स्कूल शिक्षा]
157. ( क्र. 1372 ) श्री अजय विश्नोई : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पाटन विधानसभा में कुल कितने शासकीय हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूल हैं? (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित किस शाला में कितने छात्र, कितने शिक्षक और कितने कक्ष हैं? शालावार जानकारी दें। (ग) जिन शालाओं में भवन आवश्यक हैं, उनके भवन कब तक बना दिये जावेंगे? (घ) जिन शालाओं में शिक्षकों की कमी है, उनकी पूर्ति कब तक कर ली जायेगी?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) पाटन विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत 25 हाईस्कूल एवं 18 हायर सेकेण्डरी विद्यालय संचालित है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) शाला भवन निर्माण बजट उपलब्धता एवं सक्षम स्वीकृति पर निर्भर करता है, अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) शिक्षक पदपूर्ति एक सतत प्रक्रिया है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
अनुपयुक्त शाला भवनों का उपयोग एवं रख-रखाव
[स्कूल शिक्षा]
158. ( क्र. 1373 ) श्री अजय विश्नोई : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग ने उन प्राथमिक शालाओं को बंद करने का निर्णय लिया है जिन शालाओं में छात्रों की संख्या दस से कम है। (ख) यदि हाँ, तो कृपया बतलायें कि बंद हो चुकी शालाओं के भवन का उपयोग और देख-रेख विभाग कैसे करेगा? (ग) क्या विभाग बंद हो चुकी शाला के भवन को स्थानीय निकाय को सौंपने के आदेश जारी करेगा? जिससे भवन की देख-रेख और सदुपयोग किसी अन्य योजना के लिये हो सके? यदि हाँ, तो कब तक?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रस्ताव प्राप्त होने पर विचार किया जाएगा। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
विद्यालय भवनों की मरम्मत
[स्कूल शिक्षा]
159. ( क्र. 1398 ) श्री प्रहलाद लोधी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्ना जिले के प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों की जर्जर भवनों की मरम्मत के लिए लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा वर्तमान वित्तीय वर्ष में कितनी राशि जारी की गई है। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कितने प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी विद्यालयों की जर्जर भवनों की मरम्मत की आवश्यकता है तथा इसमें कितना-कितना व्यय होना अनुमानित है? (ग) क्या लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा चालू वित्तीय वर्ष में जारी राशि उपरोक्त सभी प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के जर्जर भवनों के मरम्मत के लिए जारी की गई राशि पर्याप्त है? यदि नहीं, तो इन जर्जर भवनों की मरम्मत के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध न होने का क्या कारण है? जबकि जर्जर भवनों के कारण छात्र-छात्राओं के साथ दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। (घ) वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक विभाग द्वारा पन्ना जिले के प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों की जर्जर भवनों की मरम्मत के लिए में कितनी राशि प्रदान की गई विधानसभावार, मदवार जानकारी देवें। दी गई राशि के व्यय संपूर्ण जानकारी भी उपलब्ध करावें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) प्रश्नाधीन जिले में विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण योजना अंतर्गत लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा वर्तमान वित्तीय वर्ष में शासकीय हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों की मरम्मत इत्यादि हेतु कुल राशि ₹ 3,66, 14, 238/- (रूपये तीन करोड़ छियासठ लाख चौदह हजार दो सौ अड़तीस मात्र) जारी किये गये है। प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं की जानकारी निरंक है। (ख) प्रश्नाधीन जिले में लगभग 40 शासकीय हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में आवश्यकतानुसार राशि ₹1,64,50,000/- (रूपये एक करोड़ चौसठ लाख पचास हजार मात्र) का व्यय होना अनुमानित है। प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं की जानकारी निरंक है। (ग) प्रश्नाधीन जिले में लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा शासकीय हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों की मरम्मत हेतु आवश्यकता अनुसार राशि जारी की गई है एवं माँग अनुसार समय-समय पर अतिरिक्त राशि भी जारी की जाती हैं उत्तरांश के प्रकाश में प्रश्न उद्भूत नहीं होता। जर्जर भवनों में कक्षाएं संचालित नहीं किये जाने के निर्देश है। अतः शेषांश उद्भूत नहीं होता। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
स्कूलों का उन्नयन
[स्कूल शिक्षा]
160. ( क्र. 1404 ) श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भिण्ड विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न स्कूलों के उन्नयन का प्रस्ताव प्रस्तावित है, शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में स्कूलों का उन्नयन न होने के कारण क्षेत्र की बालिकाओं को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। (ख) क्या भिण्ड विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नवीन शालाएं प्रारंभ किये जाने की योजना विभाग द्वारा बनाई गई है? (ग) भिण्ड क्षेत्र की शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की शालाओं की बाउण्ड्रीवाल व जीर्णोद्धार की योजना विभाग द्वारा बनाई जा रही है? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) में वर्णित प्रश्नों की समय-सीमा बताने का कष्ट कीजिए?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। विधानसभा क्षेत्र भिण्ड में 15 हाईस्कूल एवं 15 उ.मा.वि संचालित है जिनमें शैक्षणिक सुविधा उपलब्ध है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) बाउण्ड्रीवाल सहित स्कूलों में अन्य निर्माण एक सतत प्रक्रिया है जो बजट उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर है। शाला भवनों की मरम्मत हेतु भिण्ड जिले को राशि रूपये 50.00 लाख (शब्दों में पचास लाख मात्र) की राशि वर्तमान शैक्षणिक सत्र में उपलब्ध कराई गई है। (घ) प्रश्नाधीन कार्य बजट की उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर है, अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
तीर्थ स्थलों को विकसित किया जाना
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
161. ( क्र. 1405 ) श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह : क्या राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भिण्ड शहर अंतर्गत गौरी सरोवर के तट पर पृथ्वीराज चौहान के समय निर्मित कई धार्मिक स्थलों का उचित रख-रखाव व जीर्णोधार न होने के कारण ध्वस्त हो रहे है? (ख) क्या ऐतिहासिक व प्राचीन वनखण्डेश्वर मंदिर की भव्य सजावट करने की क्या कोई योजना विभाग द्वारा की जा रही है? यदि हाँ, तो कब तक योजना क्रियान्वित होगी समय-सीमा बताएं।
राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जी नहीं। (ख) उक्त संबंध में विभाग में कोई योजना प्रचलित नहीं है। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता।
अतिक्रमण पर कार्यवाही
[राजस्व]
162. ( क्र. 1414 ) श्री बाला बच्चन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्न क्र. 961, दिनांक 18/12/2024 के (ग) उत्तरानुसार राजपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम रड़कोट में अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध बेदखली की कार्यवाही प्रचलित है तो क्या कारण है कि प्रश्न दिनांक तक यह कार्यवाही पूर्ण नहीं हो सकी? (ख) क्या उत्तर दिनांक तक अतिक्रमणकारियों को बेदखल कर भूमि को मुक्त करा लिया जायेगा? यदि नहीं, तो इन्हें सरंक्षण देने वाले अधिकारियों के नाम, पदनाम सहित देकर बतावें कि इसके लिए उन पर कब तक कार्यवाही की जायेगी एवं यह अधिकारी अतिक्रमणकर्ताओं को संरक्षण देने का कारण भी स्पष्ट करें। (ग) इस संबंध में दिनांक 15/11/2024 से उत्तर दिनांक तक जारी समस्त आदेशों की प्रमाणित प्रतियां देवें। (घ) अतिक्रमणकर्ताओं पर विभाग द्वारा कब तक कार्यवाही की जायेगी? यदि नहीं, तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) न्यायालय नायब तहसीलदार दवाना तहसील ठीकरी के न्यायालय में ग्राम रड़कोट के अतिक्रमणकर्ताओं के विरूद्ध न्यायालयीन रा.प्र.क्र. 0039/अ-68/2024-25 में अतिक्रामक नानुराम पिता मांगीलाल पर राशि रू. 4000/- अर्थदण्ड से आरोपित कर विधिवत बेदखली आदेश पारित किया गया एवं अतिक्रामक का अतिक्रमण हटा दिया गया है। न्यायालयीन राजस्व प्रकरण क्रमांक 0040/अ-68/2024-25 में अतिक्रामक महेश पिता कालूराम निहाले पर राशि रूपए 3000/- अर्थदण्ड से आरोपित कर विधिवत बेदखली आदेश पारित किया गया एवं अतिक्रामक का अतिक्रमण हटा दिया गया है। वर्तमान में दोनों भूमियां मौके पर रिक्त है। (ख) अतिक्रमणकर्ताओं को बेदखल कर भूमि को मुक्त करा दिया गया है, अत: प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ग) संबंधित प्रकरणों की व आदेश की प्रमाणित प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) प्रश्नांश '’क'’ के प्रकाश में प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
चिकित्सकों के पदों की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
163. ( क्र. 1427 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खरगापुर में कितने पद चिकित्सकों एवं महिला चिकित्सकों के स्वीकृत है तथा वर्तमान में खरगापुर अस्पताल में कौन-कौन डॉक्टर तैनात है नाम सहित एवं उपस्थिति दिनांक अनुसार जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) क्या डॉ. शान्तनु दीक्षित को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी टीकमगढ़ द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बड़ागांव में संलग्न कर बी.एम.ओ. के पद पर किस नियम के तहत पदस्थ किया गया क्या इनकी परिवीक्षा अवधि पूर्ण हो गई है। एक तरफ मुख्य चिकित्सा अधिकारी टीकमगढ़ संविदा का परिवीक्षा अवधि पूर्ण नहीं होने से पलेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र से बी.एम.ओ. को हटाते है दूसरी तरफ बड़ागाव स्वास्थ्य केन्द्र पर नियुक्त करते है इस प्रकार का दोहरा मापदण्ड क्यों अपनाया जा रहा है? शासन के नियम क्या है? आदेशों की प्रतियों सहित सम्पूर्ण जानकारी से अवगत करायें। (ग) क्या डॉ. शान्तनु दीक्षित को मूल पदस्थापना खरगापुर स्वास्थ्य केन्द्र से हटाकर बड़ागांव किया गया है और दिनांक 18/11/24 के आदेश में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी टीकमगढ़ ने डॉ. दीक्षित को दो दिवस मंगलवार एवं गुरूवार को खरगापुर में कार्य करने हेतु आदेश जारी किया गया जिसके परिपालन में डॉ. दीक्षित इन दो दिवसों में अपनी कार्य स्थली खरगापुर में अनुपस्थित रहते है जो प्रश्नकर्ता द्वारा भ्रमण के दौरान उपस्थिति रजिस्टर में पाया है परंतु इनका वेतन कैसे आहरण हो रहा है क्या मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी टीकमगढ़ इस प्रकार का कृत्य करते रहेंगे इनके विरूद्ध कानूनी कार्यवाही प्रस्तावित करके उच्चस्तरीय जाँच करायेंगे यदि हाँ,, तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों? कारण स्पष्ट करें। (घ) क्या करोना काल में डॉ. दीक्षित को दवाईयों के भण्डार स्टोर का प्रभार दिया गया था उसमें इनके द्वारा एवं सी.एम.एच.ओ. के द्वारा कितने बजट की दवाईयां खरीदी गई किन-किन स्थानों पर दी गई कौन से मरीज लाभान्वित किये गये सम्पूर्ण सूची नामवार, दवाओं की सूचीवार अस्पतालों की सूचीवार समस्त जानकारी उपलब्ध करायें तथा इनकी उच्चस्तरीय जाँच कराकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही करेंगे यदि हाँ, तो कब तक। यदि नहीं, तो क्यों?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ख) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बड़ागांव में नियमित सी.बी.एम.ओ. उपलब्ध नहीं होने से नियमित चिकित्सक डॉ शांतनु दीक्षित को कलेक्टर, टीकमगढ़ के अनुमोदन से खण्ड चिकित्सा अधिकारी का प्रभार सौंपा गया था, वर्तमान में उन्हें उक्त प्रभार से मुक्त किया जाकर, मूल पदस्थापना स्थल खण्ड चिकित्सा अधिकारी बल्देवगढ़ के अधीन खरगापुर में कार्य संपादित करने हेतु आदेशित किया गया है। डॉ शांतनु दीक्षित की परिवीक्षा अवधि समाप्ती के आदेश जारी नहीं हुए हैं। पूर्व में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पलेरा में संविदा चिकित्सक को बी.एम.ओ. का प्रभार पूर्व में सौंपा गया था, परंतु संचालनालय के परिपत्र दिनांक 24.03.2022 जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार में दिए गए निर्देशों में संविदा चिकित्सकों को प्रशासकीय/वित्तीय पदों के प्रभार नहीं सौंपे जावे, के निर्देशों के अनुक्रम में संविदा चिकित्सक को प्रभार से हटाते हुए, नियमित चिकित्सक को प्रभार सौंपा गया था। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ, स्थानीय व्यवस्था अंतर्गत डॉ शांतनु दीक्षित की ड्यूटी सप्ताह में 02 दिवस हेतु खरगापुर लगाई गई थी परंतु इनके द्वारा सेवाएं प्रदान नहीं करने के कारण, इन्हें कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया था जिसके प्रतिउत्तर में डॉ. दीक्षित द्वारा अवगत कराया गया कि बड़ागाँव में खण्ड चिकित्सा अधिकारी के पदीय दायित्वों की कार्य अधिकता, सी.एम. हेल्पलाईन प्रकरणों का निराकरण, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की मॉनिटरिंग हेतु आयोजित बैठकों के कारण खरगापुर में चिकित्सकीय सेवाएं नहीं दी जा सकी। तत्समय खरगापुर में अन्य 02 चिकित्सक कार्य संपादित कर रहे थे। डॉ. दीक्षित की बड़ागाँव में कार्य रिपोर्ट के आधार पर वेतन आहरित किया गया है। वर्तमान में उन्हें मूल पदस्थापना स्थल खरगापुर हेतु कार्यमुक्त किया जा चुका है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। कारण बताओ सूचना पत्र एवं मूल पदस्थापना स्थल हेतु कार्यमुक्त किए जाने संबंधी पत्रों की प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार। (घ) जी नहीं, कोरोना काल में डॉ. दीक्षित को दवाईयों का भण्डार स्टोर का प्रभार नहीं दिया गया था एवं न ही डॉ. दीक्षित द्वारा दवाईयों की खरीदी की गई थी। सी.एम.एच.ओ द्वारा जो दवाईयों की खरीदी की गई थी, उक्त दवाईयों को जिले की सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बड़ागांव, जतारा, पलेरा, बल्देवगढ़, खरगापुर एवं जिला चिकित्सालय टीकमगढ़ एवं कोविड केयर सेंटर टीकमगढ़ में प्रदाय की गई। लाभान्वित मरीजों की सूची जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नर्सिंग कॉलोजों की जाँच
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
164. ( क्र. 1430 ) श्री उमंग सिंघार : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नर्सिंग कॉलेज की जाँच से संबंधित मूल नस्ती गायब होने के संबंध में पत्र प्रश्नकर्ता द्वारा प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को दिनांक 25/01/2025 द्वारा भेजा गया है? यदि हाँ, तो इस पर क्या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में इसका उत्तरदायित्व निर्धारित किया गया है? यदि हाँ, तो इस दिशा में क्या कार्यवाही की गई है? (ग) जाँच से संबंधित नस्ती के दस्तावेजों की पूर्ति किस प्रकार की जा रही है? स्पष्ट जानकारी दें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति की मूल नस्ती गायब होने की लिखित सूचना पुलिस आयुक्त भोपाल को दिनांक 01/01/2025 को दे दी गई। पुलिस जाँच प्रतिवेदन अप्राप्त है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार। (ख) जी नहीं। प्रकरण माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार। (ग) कौंसिल में उपलब्ध अभिलेखों से।
राजस्व अभिलेख में अहस्तांतरण प्रविष्ट हटाना
[राजस्व]
165. ( क्र. 1431 ) श्री उमंग सिंघार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या इंदौर संभाग इंदौर के पत्र क्रमांक 160/4/राज/इंदौर एवं कलेक्टर जिला धार के पत्र क्रमांक 13956/राज.अभि/2016 दिनांक 05.12.2016 के द्वारा तहसीलदार बदनावर, सरदापुर, डही, मनावर, गंधवानी, धरमपुरी जिला धार को मिसल बंदोबस्त रिकार्ड में अंकित शासकीय भूमि निजी या किसी अन्य मद में दर्ज प्रविष्टि को चालू खसरे के कॉलम 12 में ''अहस्तांतरणीय'' शब्द लिखे जाने के निर्देश किये गये हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में गंधवानी, टाण्डा, बाग के भूमि स्वामियों की जानकारी दें, जिनके राजस्व अभिलेख में ''अहस्तांतरणीय'' दर्ज है? (ग) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में भूमि का बंदोबस्त होने के बाद भूमि स्वामी हो गये थे, इनकी भूमि में ''अहस्तांरण'' लिखने का क्या औचित्य है? (घ) क्या ऐसे भूमि स्वामी जिनकी भूमि में अहस्तातंरण लिखा गया है उन्हें बैंक लोन आदि की सुविधा नहीं मिल पा रही है? (ड.) शासन धार जिले के ऐसे भूमि स्वामियों जिनकी भूमि में ''अहस्तांतरण'' लिखा गया है के प्रकरण संज्ञान में लेकर इस प्रविष्टि को हटाने के निर्देश देगा? यदि नहीं, तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ,निर्देश दिये गये हैं। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में गंधवानी,टाण्डा एवं बाग ग्राम के भूमिस्वामियों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) आयुक्त, इन्दौर संभाग,इन्दौर के पत्र क्र.160/4/राज./2016 इन्दौर दिनांक 03.03.2016 द्वारा जारी निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में प्रश्नांश (क) अनुसार कार्यवाही किये जाने से प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (घ) जी नहीं। नियमानुसार बैंक लोन आदि सुविधाएं प्राप्त हो रही है। (ड.) अभ्यावेदन प्राप्त होने पर संहिता तथा भू-अभिलेख नियमावली में अधीन नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।
शासकीय प्रशिक्षण कॉलेजों में प्राचार्य व अन्य रिक्त पदों की पूर्ति
[स्कूल शिक्षा]
166. ( क्र. 1434 ) श्री राजेन्द्र भारती : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 31 दिसम्बर 2024 की स्थिति में कितने पद रिक्त थे और 31 दिसम्बर 2025 की स्थिति में स्कूल शिक्षा विभाग के शासकीय बी.एड./एम.एड. प्रशिक्षण कॉलेजों में प्राचार्यों व इन्हीं के समकक्ष संयुक्त संचालक के मिलाकर कुल कितने पद रिक्त हो रहे है? इन पदों पर उच्च पद प्रभार हेतु अब कितने अधिकारियों को विचारण क्षेत्र में रखना पड़ेगा? जे.डी. के इन पदों पर उच्च पद प्रभार के लिये पूर्व में मूल डी.पी.सी. (विभागीय पदोन्नति समिति) की बैठक कब हुई थी तथा क्या उक्त बाबत् विभिन्न पूरक बैठकों के बाद सभी फिट पाये गये तथा क्या उप संचालक के मूल पद वाले अधिकारियों को संयुक्त संचालक का प्रभार दिया जा चुका है। (ख) उच्च पद प्रभार के लिये डी.पी.सी. की बैठक कितनी अवधि में करने का प्रावधान है? प्रश्नांश (क) में अंकित बैठक के बाद अब पुनः जे.डी. व प्रशिक्षण कॉलेज के प्राचार्यों के रिक्त पदों पर उच्च पद प्रभार हेतु नवीन डी.पी.सी. की बैठक कब तक में आयोजित की जावेगी? (ग) क्या विभाग में वर्ष 2023 में प्राचार्यों को सहायक संचालक के उच्च पद का प्रभार दिया गया और फिर उन्हीं को उप संचालक के उच्च पद का प्रभार भी देते हुये पदस्थ किया गया? (घ) विचारण क्षेत्र के लिये जितने अधिकारियों की आवश्यकता है, जब मूल पद उप संचालक के उतने अधिकारी विभाग में उपलब्ध नहीं है तो प्रश्नांश (ग) अनुसार मूल पद सहायक संचालक के ऐसे कार्यरत अधिकारी जिनको उप संचालक के उच्च पद का प्रभार दिया जा चुका है और समयमान वेतनमान मिल जाने से वह जे.डी. के पदों का वेतनमान भी पूर्व से ही प्राप्त कर रहे है जिससे किसी भी प्रकार का वित्तीय भार भी शासन पर नहीं आना है उन्हें भी जे.डी. के रिक्त पदों के उच्च पद प्रभार के लिये विचारण क्षेत्र में लेते हुये नवीन डी.पी.सी. की बैठक कब तक आयोजित की जावेगी? यदि नहीं, तो क्यों और यदि हाँ, कब तक? कृपया जानकारी दें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) 31 दिसम्बर 2024 की स्थिति में शिक्षा महाविद्यालय में प्राचार्य (संयुक्त संचालक समकक्ष) 07 पद रिक्त थे एवं संयुक्त संचालक के 04 पद रिक्त थे। 31 दिसम्बर 2025 की स्थिति में 06 पद रिक्त होंगे। उप संचालक संवर्ग में परिभ्रमण में रहें सभी लोक सेवकों को विचार क्षेत्र में लिया जाएगा। दिनांक 23.02.2023 को एवं पश्चात में आयोजित पूरक बैठकों के द्वारा 22 उप संचालक संवर्ग के अधिकारियों को संयुक्त संचालक का उच्च पद प्रभार दिया गया। (ख) मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) दिनांक 20 दिसम्बर 2022 के अनुसार ''यदि उच्चतर पदों की रिक्तियों को भरने की तत्काल आवश्यकता है और उपयुक्त शासकीय सेवक जो उच्चतर पद के लिए अपेक्षित योग्यता धारित करते हों तथा वरिष्ठता सह उपयुक्तता के आधार पर उपलब्ध तथा पात्र हो, तब ऐसी दशा में नियुक्त प्राधिकारी संबंधित पद पर आगामी आदेश तक स्थानापन्न रूप से उच्चतर पद पर कार्य करने हेतु आदेश जारी किये जाने का प्रावधान है। यह एक सतत् प्रक्रिया है समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी, हाँ। (घ) जी, नहीं। उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित ही नहीं होता।
धार्मिक स्थलों की भूमियों को अतिक्रमण मुक्त किया जाना
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
167. ( क्र. 1438 ) डॉ. अभिलाष पाण्डेय : क्या राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन के पास प्रदेश के समस्त धार्मिक स्थलों की भूमियों का रिकॉर्ड उपलब्ध है? यदि हाँ, तो वर्तमान में कितनी धार्मिक स्थलों की भूमि अतिक्रमण मुक्त है एवं कितनी भूमियों पर अवैध कब्जा अथवा अतिक्रमण है? (ख) क्या विभाग ने उक्त भूमियों को अतिक्रमण मुक्त कराए जाने हेतु ऐसी कोई कार्ययोजना तैयार की है यदि हाँ, तो जानकारी दें कि कब तक समस्त धार्मिक स्थलों की भूमियों को अतिक्रमण मुक्त कराया जा सकेगा?
राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
प्रदेश को शत-प्रतिशत साक्षर बनाया जाना
[स्कूल शिक्षा]
168. ( क्र. 1439 ) डॉ. अभिलाष पाण्डेय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में वर्तमान साक्षरता दर क्या है तथा वर्ष 2011 में साक्षरता दर क्या थी? (ख) वर्ष 2011 से अब तक साक्षरता दर में कितनी प्रतिशत वृद्धि हुई है? (ग) प्रदेश को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने में विभाग की क्या कार्ययोजना है तथा प्रदेश कब तक शत-प्रतिशत साक्षर राज्य बनेगा? समय-सीमा बतायें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) वर्ष 2011 की जनगणना में साक्षरता दर के आंकड़े भारत सरकार द्वारा जारी किये गये है। चूंकि भारत सरकार द्वारा वर्ष 2011 के पश्चात जनगणना नहीं कराई गई है, इस कारण वर्तमान में साक्षरता दर बताई जाना संभव नहीं है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार प्रदेश की साक्षरता दर 69.3 प्रतिशत है। (ख) चूंकि भारत सरकार द्वारा वर्ष 2011 के पश्चात जनगणना नहीं कराई गयी है, इस कारण साक्षरता दर में वृद्धि का प्रतिशत बताया जाना संभव नहीं है। (ग) राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के प्रावधानों के अनुसार भारत सरकार द्वारा 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के असाक्षरों को बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता के ज्ञान के साथ -साथ महत्वपूर्ण जीवन कौशल जैसे-वित्तीय साक्षरता, डिजीटल साक्षरता, कानूनी साक्षरता आदि प्रदान करने हेतु ''उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम'' वर्तमान में संचालित है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार संपूर्ण देश को वर्ष 2030 तक शत् प्रतिशत साक्षर किया जाना है।
अनुसूचित जनजाति के जाति प्रमाण-पत्र का प्रदाय
[राजस्व]
169. ( क्र. 1443 ) श्री मुकेश मल्होत्रा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला श्योपुर के आदिवासी विकासखण्ड कराहल में भील-भिलाला तथा पटेलिया लंबे समय से निवासरत है? यदि हाँ, तो क्या आदिवासी विकासखण्ड कराहल में निवासरत भील-भिलाला तथा पटेलिया के अनुसूचित जनजाति के प्रमाण-पत्र जिला श्योपुर के कराहल से एस. डी. एम. द्वारा बनाये जाते थे? जानकारी प्रदाय करें। (ख) क्या गुना, शिवपुरी में निवासरत भील-भिलाला, पटेलिया जनजाति समुदाय के जाति-प्रमाण जारी हो रहे हैं? (ग) प्रश्नांश (क) का उत्तर यदि हाँ, है तो क्या कारण है कि वर्ष 2005-06 से उक्त क्षेत्र में निवासरत भील-भिलाला, पटेलिया को अनुसूचित जनजाति के प्रमाण-पत्र प्रदाय नहीं किये जा रहे हैं जबकि वर्ष 2005-06 से पूर्व अनुसूचित जनजाति का प्रमाण-पत्र बनाये जाते थे? दस्तावेज सहित कारण बतावें। (घ) क्या विभाग आदिवासी विकासखण्ड कराहल में भील-भिलाला-पटेलिया को अनुसूचित जनजाति के प्रमाण-पत्र बनाना आरंभ करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? कारण बतावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) हां,विकासखण्ड कराहल में निवासरत भील-भिलाला तथा पटेलिया के जनजाति के आवेदकों का पता 1950 की स्थिति में अन्य जिले का होने से ऐसे आवेदकों के आवेदन विकासखण्ड कराहल लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से कुल 4526 आवेदनों को ऑनलाईन एंट्री करने के उपरांत संबंधित जिले को फॉरवर्ड किये गये थे। चूंकि सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय भोपाल का पत्र क्रमांक एफ7-42/2012/आ.प्र./एक भोपाल दिनांक 13 जनवरी, 2014 के बिन्दु क्रमांक 5.1 अनुसार अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के मामले में उनकी जाति तथा आवेदक/उसका परिवार की वर्ष 1950 या उससे पूर्व म.प्र. में निवास की पुष्टि होती है। इस कारण आवेदक कराहल विकासखण्ड में 1950 की स्थिति में निवासरत न होने से अनुविभागीय अधिकारी द्वारा भील-भिलाला तथा पटेलिया अनुसूचित जनजाति के प्रमाण पत्र जारी नहीं किये जा रहे है। (ख) हां, शिवपुरी एवं गुना जिले के अंतर्गत भील-भिलाला तथा पटेलिया जनजाति समुदाय के जाति प्रमाण पत्र नियमानुसार जारी हो रहे है। (ग) प्रश्नांश '’क’' के संदर्भ में प्रश्नांश ‘'ग'’ उद्भुत नहीं होता है। (घ) उत्तरांश प्रश्नांश '’क'’ अनुसार।
स्वीकृत पदों की जानकारी
[जल संसाधन]
170. ( क्र. 1446 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग सिवनी के अधीन कितने संभाग एवं उपसंभाग अस्तित्व में हैं एवं संलग्न अधिकारी के रूप में कार्यपालन यंत्री के कितने पद स्वीकृत हैं एवं वर्तमान में कितने कार्यपालन यंत्री संलग्न हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में स्वीकृत पद के विरूद्ध वर्तमान में कितने कार्यपालन यंत्री एवं कितने सहायक यंत्री पदस्थ हैं? (ग) वर्तमान में कितने सहायक यंत्रियों को कार्यपालन यंत्री का कार्यभार सौंपा गया है, संभाग का नाम एवं प्रभारी कार्यपालन यंत्री का नाम तथा किस दिनांक से अतिरिक्त प्रभार दिया गया है एवं ऐसे सहायक यंत्री (अनुविभागीय अधिकारी) के पास और कौन-कौन से उप संभाग का प्रभार है? स्पष्ट विवरण दें। (घ) मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग सिवनी के अधीन संभाग एवं उप संभाग में पदस्थ किन-किन अधिकारियों के विरूद्ध लोकायुक्त एवं अन्य विभागीय जाँच/विभागीय कार्यवाही के प्रकरण विचाराधीन हैं?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) मुख्य अभियंता बैनगंगा कछार, जल संसाधन विभाग, सिवनी के अधीन संभागीय/उपसंभाग कार्यालय जो अस्तित्व/संलग्न अधिकारी के रूप में कार्यपालन यंत्री के स्वीकृत पद का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''अ'' अनुसार है । (ख) प्रश्नांश (क) के उत्तर में कार्यपालन यंत्री एवं सहायक यंत्री के स्वीकृत/कार्यरत पदों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''ब'' अनुसार है (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रपत्र ‘’एक'' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे प्रपत्र – दो अनुसार है।
ग्राम बागरी की नहर डी.3 की पुलिया का निर्माण
[जल संसाधन]
171. ( क्र. 1452 ) श्री मुकेश टंडन : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला विदिशा अंतर्गत सम्राट अशोक सागर सिंचाई परियोजना के ग्राम बागरी की नहर डी.3 पर पुलिया निर्माण की मांग ग्रामीणों द्वारा जनहित में की जा रही है? क्या इस संबंध में प्रश्नकर्ता ने पत्र क्र. 276 दिनांक 14.06.2024 के माध्यम से विभाग को लिखा है? (ख) यदि प्रश्नांश (क) का उत्तर हाँ तो उपरोक्त संबंध में विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई बतावें। यदि कार्यवाही नहीं की गई तो कारण स्पष्ट करें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में जनहित की मांग की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुये पुलिया निर्माण संबंधी प्रस्ताव ई.आर.एम. मद के अंतर्गत स्वीकृति हेतु विभागीय स्तर पर परीक्षणाधीन है।
आयुष्मान उपचार का लाभ
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
172. ( क्र. 1455 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के समस्त नर्सिंग होम के डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टॉफ की जानकारी विभाग के पोर्टल पर कब से दर्ज की जा रही थी? क्या सार्वजनिक थी? यदि हाँ, तो इसे बंद करने के लिये क्या कारण रहे है? प्रारंभ करने, बंद करने सहित संपूर्ण आदेश, निर्देश, नियमों की जानकारी बतायें। (ख) उपरोक्त के अनुक्रम में प्रदेश के मान्यता प्राप्त समस्त नर्सिंग होम द्वारा मान्यता हेतु किये गये आवेदन और अपलोड किये गये समस्त दस्तावेज, निरीक्षण रिपोर्ट तथा परीक्षण उपरांत जारी किये गये रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्रो की जानकारी का गौशवारा जिलेवार बनाकर दें? (ग) उपरोक्त के अनुक्रम में 20 मार्च, 2020 से प्रश्न दिनांक प्रदेश के कितने नर्सिंग होम आयुष्मान योजना से किन-किन बीमारियों के लिये अनुबंधित है? उक्त अवधि में किस बीमारी के तहत कितने मरीजों का उपचार किया गया है? कितने म.प्र. के आयुष्मान कार्ड धारकों का उपचार अन्य राज्यों में हुआ, जिसका भुगतान म.प्र. सरकार ने किया? कितने अन्य राज्यों के मरीजों ने म.प्र. में उपचार कराया, जिसका भुगतान अन्य राज्य सरकारों से कितना प्राप्त हुआ? कितने नर्सिंग होम को आयुष्मान योजना से किन कारणों से बाहर किया गया? जानकारी देवें। (घ) उपरोक्त के अनुक्रम में दिनांक 10/10/2024 को दैनिक भास्कर भोपाल में प्रकाशित शीर्षक IAS समेत कई अफसरों ने खुद को गैस पीड़ित बताया, आयुष्मान कार्ड बनाये में विभाग ने क्या कार्यवाही? यदि हाँ, तो कब और क्या? यदि नहीं, तो क्यों? कारण सहित बतायें। (ड.) प्रश्नांश (घ) के परिप्रेक्ष्य में 70 वर्ष से अधिक उम्र के कितने आयुष्मान प्रदेश में किन नियम के अन्तर्गत बनाये गये? जिलेवार गौशवारा बनाकर बतायें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रदेश के समस्त नर्सिंग होम के डॉक्टर एवं नर्सिंग स्टाफ की जानकारी विभाग द्वारा एम.पी. ऑनलाईन लिमिटेड के माध्यम से संचालित Nursing Home & Clinical Establishment Online Licensing System पर वर्ष 2015 से दर्ज की जा रही है। जी हाँ, उक्त जानकारी पोर्टल प्रारंभ से 'ई-डिरेक्टरी' टैब पर ttps://nhs. mponline.gov.in/portal/services/NHS/EDirectory/FrmEdirectory.aS/EDirectory/FrmEdirectory.aspx लिंक पर उपलब्ध है। उक्त सेवा बंद नहीं की गई है। ऑनलाईन आवेदन संबंधी नियम, निर्देशों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''क'' अनुसार। (ख) उपरोक्त के अनुक्रम में प्रदेश के मान्यता प्राप्त समस्त नर्सिंग होम द्वारा मान्यता हेतु किए गए आवेदन और अपलोड किए गए दस्तावेज, निरीक्षण रिपोर्ट तथा परीक्षण उपरांत जारी किए गए रजिस्ट्रेशन प्रमाण-पत्रों की जिलेवार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ग) दिनांक 20 मार्च 2020 से प्रश्न दिनांक तक प्रदेश के 505 नर्सिंग होम आयुष्मान योजना से अनुबंधित है जिनकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। उक्त अवधि में बीमारी के तहत उपचारित मरीजों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। मध्यप्रदेश के आयुष्मान कार्ड धारक जिनका अन्य राज्यों में उपचार उपरांत भुगतान म.प्र. सरकार द्वारा किया गया है की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार। अन्य राज्यों के मरीज जिन्होंने म.प्र. में उपचार कराया तथा जिनका भुगतान अन्य राज्य सरकारों से प्राप्त हुआ हो का डाटा राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा संधारित नहीं किया जाता है। आयुष्मान योजना से असंबद्ध किए गए नर्सिंग होम की कारण सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार। (घ) उपरोक्त के अनुक्रम में दिनांक 10/10/2024 को दैनिक भास्कर भोपाल में प्रकाशित खबर के उपरांत भोपाल गैस पीडितों की पात्रता के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ई'' अनुसार अनुरूप कार्यालय आयुष्मान भारत 'निरामयम' राज्य स्वास्थ्य एजेंसी, म.प्र. द्वारा दिनांक 11/10/2024 को इस हेतु नोडल विभाग गैस राहत एवं पुर्नवास विभाग से बिन्दुवार प्रतिवेदन की मांग की गई। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ङ) प्रश्नांश (घ) के परिप्रेक्ष्य में प्रदेश में 70 वर्ष से अधिक उम्र के कुल 13,47,708 हितग्राहियों के आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाए गए हैं जिनके नियम की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''फ'' अनुसार। आयुष्मान वय वंदना कार्ड की जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ज'' अनुसार है।
परिवहन आरक्षक पद पर विगत 10 वर्षों में दी गई अनुकंपा नियुक्ति
[परिवहन]
173. ( क्र. 1458 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परिवहन आरक्षक पद की शैक्षणिक एवं तकनीकी अर्हताएं बताएं? (ख) प्रदेश में विगत 10 वर्षों में परिवहन आरक्षक के पद पर कितनी अनुकंपा नियुक्तियां की गई? पूर्ण विवरण जिसमें दिवंगत शासकीय सेवक का नाम जिसके स्थान पर अनुकंपा नियुक्ति दी गई, दिवंगत शासकीय सेवक किस विभाग में कार्यरत था, किसको अनुकंपा नियुक्ति दी गई नियुक्ति आदेश का क्रमांक दिनांक सहित जानकारी दी जायें। (ग) क्या आलोच्य अवधि में परिवहन आरक्षक पद पर परिवहन विभाग (कार्यालय आयुक्त, परिवहन, म.प्र.) के बाहर के अतिरिक्त अन्य विभागों के दिवंगत शासकीय सेवकों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की गई है? यदि हाँ, तो किनको कब-कब दी गई पूर्ण विवरण दिया जाये। (घ) परिवहन विभाग के अतिरिक्त अन्य विभागों के दिवंगत शासकीय सेवक के आश्रित को परिवहन आरक्षक पद पर अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरण में म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग के अनुकंपा नियुक्ति संबंधी नियम सी-12/2013/1/3 दिनांक 29.09.2014 का पालन क्यों नहीं किया गया? नियमानुसार विभागाध्यक्ष जिसमें कि दिवंगत शासकीय कर्मचारी नियोजित था द्वारा अपने विभाग के रिक्त पदों पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाती किन्तु रिक्त नहीं होने की स्थिति में कलेक्टर को प्रकरण अग्रेषित करने पर वहाँ से नियम 8.1 अनुसार आवेदक को संविदा शाला शिक्षक के पद पर नियुक्ति हेतु सलाह दी जा सकती थी? इस प्रकार नियमों का उल्लंघन किया गया जिसके लिये कौन उत्तरदायी है? बताएं।
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) परिवहन आरक्षक पद हेतु निर्धारित शैक्षणिक एवं तकनीकी अर्हताओं के संबंध में म.प्र. शासन, परिवहन विभाग के राजपत्र दिनांक 06.07.2011 एवं दिनांक 20.01.2017 की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) विभाग में विगत 10 वर्षों में परिवहन आरक्षक के पद पर 13 अनुकंपा नियुक्तियाँ की गयी। पूर्ण विवरण/ जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- ''ब'' अनुसार है। (ग) जी हाँ। नियमावली की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है। (घ) विभाग द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग के अनुकंपा नियुक्ति संबंधी नियम सी-12/2013/1/3 दिनांक 29.09.2014 का पालन किया गया है। प्रतिवेदित ज्ञाप दिनांक 29.09.2014 के नियम 8.1 के अनुसार विभाग में पद रिक्त न होने के दशा में संविदा शाला शिक्षक के पद पर नियुक्ति हेतु सलाह दी जाना चाहिए, परन्तु विभाग में पद रिक्त होने के कारण संबंधित को आरक्षक पद पर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की गई है। अतः नियमों का उल्लंघन नहीं होने से उत्तरादायित्व निर्धारण का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
फिजियोथेरेपिस्ट के स्वीकृत एवं रिक्त पद
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
174. ( क्र. 1459 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आज दिनांक तक मध्यप्रदेश पैरामेडिकल काउंसिल में फिजियोथेरेपिस्ट की जीवित पंजीकृत संख्या बताएं? फिजियोथेरेपिस्ट मास्टर डिग्री एवं बैचलर डिग्री की संख्या बताएं? (ख) मध्यप्रदेश सरकारी अस्पतालों (PHC), (CHC) में फिजियोथेरेपिस्ट के स्वीकृत, भरे एवं रिक्त पदों की संख्या बताएं? (ग) मध्यप्रदेश में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में पंजीकृत फिजियोथेरेपिस्ट क्लीनिक (सेंटर) की संख्या बताएं? (घ) प्रदेश में नेशनल हेल्थ मिशन में फिजियोथेरेपिस्ट के स्वीकृत, भरे एवं रिक्त पदों की संख्या बताएं?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) आज दिनांक तक मध्यप्रदेश पैरामेडिकल काउंसिल में फिजियोथेरेपी की जीवित पंजीकृत संख्या 3028 है। फिजियोथेरेपिस्ट मास्टर डिग्री की जीवित पंजीकृत संख्या 286 है एवं बैचलर डिग्री की जीवित पंजीकृत संख्या 2742 है। (ख) लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के स्वीकृत नवीन राज्य स्तरीय मानक वर्ष 2024 के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में फिजियोथेरेपिस्ट के नियमित पद स्वीकृत नहीं है। (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (घ) प्रदेश में नेशनल हेल्थ मिशन अंतर्गत फिजियोथेरेपिस्ट के कुल 107 संविदा पद स्वीकृत है, कुल 94 कार्यरत 13 पद रिक्त है।
मत्स्य विभाग द्वारा संचालित योजनाएं
[मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास]
175. ( क्र. 1462 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मत्स्य उद्योग विभाग द्वारा जिला अनूपपुर में कितनी व कौन-कौन सी योजनाएं वर्तमान में संचालित की जा रही हैं? (ख) संचालित योजनाओं में कौन-कौन हितग्राही पात्र-अपात्र की श्रेणी में आते हैं? योजना की नियमावली की प्रति उपलब्ध करावें। (ग) अनूपपुर जिले में मत्स्य विभाग अंतर्गत 1 अप्रैल, 2022 से प्रश्न दिनांक तक कुल कितना बजट व कौन-कौन से मद में स्वीकृत किया गया? (घ) जारी किये गये बजट से कौन-कौन से कार्य किये गये हैं? जानकारी उपलब्ध करावें। कार्यों की पूर्ण-अपूर्ण व वर्तमान स्थिति क्या है? अवगत करावें।
राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास ( श्री नारायण सिंह पंवार ) : (क) विभाग द्वारा जिला अनूपपुर में संचालित योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -अ अनुसार। (ख) शासन की गाइड लाइन अंतर्गत हितग्राही पात्र अपात्र योजना की नियमावली जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -ब अनुसार। (ग) अनूपपुर जिले में विभाग अंतर्गत 01 अप्रैल, 2022 से प्रश्न दिनांक तक बजट आवंटन मदवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार। (घ) विभाग द्वारा जारी किये गये बजट में किये गये कार्यों तथा कार्यों के पूर्ण अपूर्ण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार।
मुख्यमंत्री किसान कल्याण एवं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि
[राजस्व]
176. ( क्र. 1463 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना एवं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से जिला अनूपपुर के कितने-कितने किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है? संख्यावार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में उक्त योजनाओं में कितने कृषक को पात्रता मापदण्डों को पूरा करने के उपरांत भी वित्तीय सहायता नहीं दी जा रही है? संख्यात्मक जानकारी उपलब्ध करावें। पात्र किसानों को मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना एवं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि कब तक स्वीकृत कर वित्तीय सहायता प्रदान की जावेगी। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में अनूपपुर जिले की पुष्पराजगढ़ विधानसभा के अंतर्गत रहने वाले किसानों को मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की पात्रता होने पर भी वित्तीय सहायता प्रदान नहीं की जा रही है, इसका कारण बतावें। उक्त विधानसभा क्षेत्र के किसानों को कब से वित्तीय सहायता का भुगतान नहीं किया जा रहा है तथा उक्त क्षेत्र के कृषकों को कब तक मुख्यमंत्री सम्मान निधि की राशि स्वीकृत कर भुगतान किया जा सकेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिला अनूपपुर अंतर्गत 88629 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं 88406 हितग्राहियों को मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। (ख) जिला अन्तर्गत पात्रता मापदण्डों एवं अनिवार्य कार्यपूर्ण करने वाले समस्त कृषकों को मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना एवं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि दोनों योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) पुष्पराजगढ़ विधानसभा के अंतर्गत पात्रता मापदण्डों एवं अनिवार्य कार्यवाही पूर्ण करने वाले समस्त पात्र किसानों को मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
सहायक शिक्षकों के रिक्त पदों पर की गई नियुक्ति आदेशों में संशोधन
[स्कूल शिक्षा]
177. ( क्र. 1467 ) श्री आरिफ मसूद : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग (आरक्षण प्रकोष्ठ) भोपाल के पत्र दिनांक 22/04/1993 के द्वारा प्रदेश में सहायक शिक्षकों एवं शिक्षकों के रिक्त पदों पर की गई, नियुक्ति आदेशों में डॉ. अर्चना भार्गव उपसंचालक शिक्षा सागर म.प्र. द्वारा जारी आदेश क्रमांक/स्था03/परिवीक्षा/96/452-453 सागर, दिनांक 28/12/96 के द्वारा समान रूप से सागर जिले में नियुक्त कितने सहायक शिक्षकों के नियुक्ति आदेश संशोधित किये गये थे तथा संशोधित नियुक्ति आदेशों से कुल प्रभावित सहायक शिक्षकों की संख्यात्मक जानकारी तथा समान रूप से की गई कार्यवाही के द्वारा अधिक वसूली कार्यवाही से शासकीय मद में वसूली गई कुल राशि के देयकों की जानकारी उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में आदेश क्रमांक/स्था03/परिवीक्षा/96/452-453 सागर, दिनांक 28/12/96 जैसी कार्यवाही समान रूप से प्रदेश के कितने जिलों में की गई थी? संशोधन आदेश से प्रभावित सहायक शिक्षकों की जानकारी प्रदाय की जावे। (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में सा. प्र. विभाग (आरक्षण प्रकोष्ठ) भोपाल के पत्र दिनांक 22/04/1993 संदर्भ में नियुक्त सहायक शिक्षकों के नियुक्ति आदेश की सेवाशर्तों को तीन वर्ष पश्चात दिनांक 28/12/96 को संशोधन करने का अधिकार उपसंचालक शिक्षा, सागर को शासन के किस नियम/आदेश के द्वारा प्राप्त था? शासन के नियम/आदेश की छायाप्रति सहित सूचित की जावें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) भोपाल दिनांक 16 जून 1993 के अनुक्रम में संशोधित नियुक्ति आदेशों से कुल प्रभावित सहायक शिक्षक की संख्या 06 है। कार्यरत शिक्षकों के सेवा अभिलेखों एवं उपलब्ध जानकारी अनुसार नियुक्त सहायक शिक्षक को हुये अधिक भुगतान की राशि का समायोजन किया गया। अतः वसूली का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश ''ख'' के संबंध में मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) भोपाल दिनांक 16 जून 1993 के अनुक्रम में संशोधन किया गया। उक्त संशोधन की कार्यवाही उप संचालक (शिक्षा) के अधिकार क्षे़त्रान्तर्गत की गई है।
सहायक अधीक्षक पर पदोन्नति
[राजस्व]
178. ( क्र. 1470 ) श्री आरिफ मसूद : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2014-2015 में राजस्व निरीक्षकों से सहायक अधीक्षक पद पर पदोन्नति पाने वाले कर्मचारियों को वर्ष 2007-2008 में पटवारी से राजस्व निरीक्षक पद पर पदोन्नत किया गया था यदि हाँ, तो उक्त दोनों आदेशों की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में क्या वर्ष 2014-2015 में राजस्व निरीक्षक से सहायक अधीक्षक पद पर पदोन्नति पाने वाले कर्मचारियों को पिछला प्रमोशन 07-08 वर्ष के अंतराल में प्राप्त हुआ था। (ग) वर्ष 1994-1995 में स्पोर्टस कोटे से सीधी भर्ती के 09 राजस्व निरीक्षकों को 22 सालों तक प्रमोशन नहीं दिया गया यदि हाँ, तो प्रमोशन क्यों नहीं दिया गया? स्पष्ट करें तथा उक्त कर्मचारियों को 1994-1995 एवं 2014-2015 तक की अवधि में दो पदोन्नति देने के आदेश कब जारी करेगा यदि नहीं, तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। पदोन्नति आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) वर्ष 2014-2015 में राजस्व निरीक्षक से सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख के पद पर केवल अनुसूचित जनजाति वर्ग के कर्मचारीयों को ही 07-08 वर्षों में प्रमोशन प्राप्त हुए थे। (ग) वर्ष 2014-2015 में राजस्व निरीक्षक की दिनांक 01.04.2013 की वरिष्ठता सूची के क्रम में वर्गवार रिक्त पदों के आधार पर राजस्व निरीक्षक से सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख के पद पर पदोन्नित की गई है। वर्ष 1995 में स्पोर्टस कोटे से चयनित राजस्व निरीक्षक विचार क्षेत्र में नहीं आने के कारण वर्ष 2014-2015 में पदोन्नत नहीं हुए है। वर्तमान में मध्य प्रदेश प्रदेश राज्य में पदोन्नति की कार्यवाही न्यायालय में विचाराधीन है।
लंबित परियोजनाओं की स्वीकृति
[जल संसाधन]
179. ( क्र. 1473 ) श्री बृज बिहारी पटैरिया : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर जिले अंतर्गत वि.स.देवरी में पूर्व से प्रस्तावित बरांज बांध परियोजना एवं सिंदूर बांध परियोजना को कब तक स्वीकृति प्रदान करा दी जावेगी? इनकी कुल अनुमानित लागत क्या है? विलंब का कारण सहित बतायें। (ख) डुढहा बांध मंगेला का सर्वे किया गया था जिसकी अनुमानित लागत क्या है? परियोजना प्रारम्भ होने के विलंब के क्या कारण है? उक्त परियोजना को वित्तीय वर्ष 2025-26 में शामिल किया गया है। विवरण देवें। सोनपुर परि.से पठा, उदयपुर, गुठौरीपाना, मरामाधो तक नहर का विस्तार कब तक करा दिया जावेगा। (ग) क्या आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के पुल डोगरी डाबरी बांध परियोजना टडा सर्वे उपरांत किस स्तर पर लंबित है, क्या उक्त परियोजना विलंब के कारण आदिवासी बाहुल्य के एक हजार हेक्टेयर के किसान अपनी उपज नहीं ले पा रहे है। जिसके कारण उनके सामाजिक एवं आर्थिक विकास अवरूद्ध है। यदि हाँ, तो कब तक परियोजना को स्वीकृति प्रदान कर दी जावेगी। (घ) टड़ा (दुधवारा) बांध के लीकेज/सीपेज लम्बे समय से हो रहा है इसके उपाय क्यों नहीं किये जा रहे है। उक्त के लीकेज/सीपेज को रोकने हेतु कब तक कार्यवाही कर दी जावेगी, यदि नहीं, तो क्यों, कारण सहित स्पष्ट बतायें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) सागर जिले के अंतर्गत विकासखण्ड देवरी में बरांज मध्यम परियोजना के सर्वेक्षण कार्य का प्राक्कलन एवं सिंदूर बांध परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति प्राक्कलन स्वीकृति हेतु विभागीय स्तर पर प्रक्रियाधीन है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। बरांज बांध के सर्वेक्षण कार्य एवं डी.पी.आर. तैयार होने के पूर्व लागत बताया जाना संभव नहीं है। सिंदूर बांध परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति हेतु प्राक्कलन की अनुमानित राशि रू.5794.81 लाख है। प्रकरण में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, अत: विलंब का प्रश्न ही नहीं उठता है। (ख) जी नहीं। डुढहा बांध मंगेला का सर्वेक्षण नहीं किया जाना प्रतिवेदित है। अत: शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। सोनपुर परियोजना में अतिरिक्त जल की उपलब्धता न होने के कारण ग्राम पठा, उदयपुर, गुठौरीपाना, मरामाधो तक नहर विस्तार किया जाना संभव नहीं होना प्रतिवेदित है। (ग) जी नहीं। पुल डोगरी डाबरी बांध परियोजना का सर्वेक्षण नहीं होना प्रतिवेदित है, अत: शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। वर्तमान में टड़ा (दुधवारा) बांध में लीकेज/सीपेज की समस्या दृष्टिगत नहीं होना प्रतिवेदित है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।
पेंशन एवं स्वत्वों का भुगतान
[स्कूल शिक्षा]
180. ( क्र. 1483 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या लोक शिक्षण संचालनालय गौतम नगर भोपाल द्वारा पत्र क्र. 875 दिनांक 05.07.2024 के द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी जिला सीधी को श्री पारसनाथ शुक्ला सेवानिवृत्त प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी सीधी के पेंशन एवं स्वत्वों के भुगतान हेतु अनापत्ति (NOC) किये जाने के निर्देश जारी किये गये। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित पत्र के पालन में जिला शिक्षा अधिकारी सीधी द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी देते हुये बतावें कि अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर पेंशन एवं स्वत्वों के भुगतान बाबत् क्या कार्यवाही की गई एवं भुगतान की स्थिति क्या है? बतावें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के तारतम्य में क्या पारसनाथ शुक्ला द्वारा जिला पेंशन अधिकारी जिला सीधी को पेंशन प्राधिकार पत्र (PPO) जारी करने एवं ग्रेच्युटी भुगतान बाबत् पत्र जरिये डाक रजिस्टर्ड द्वारा 30.12.2024 को सारे तथ्यों का उल्लेख करते हुये भेजा गया जिस पर क्या कार्यवाही की गई कार्यवाही की जानकारी देते हुये बतावें। अगर कार्यवाही कर स्वत्वों का भुगतान नहीं कराया गया तो इसके लिये कौन-कौन जिम्मेदार है, तो क्या इन पर कार्यवाही करेंगे? बतावें। अगर नहीं तो क्यों?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में दायर याचिका क्रमांक डब्ल्यू.पी. 8625/2019 में पारित निर्णय दिनाकं 19.03.2024 में उल्लेखित आपरेटिव्ह पैरा-writ petition filed by petitioner is disposed off directing respondents authorities to make payment of full pension and pensionary benefits to petitioner and State Government will be at liberty to proceed against petitioner as per statutory provisions provided for withholding of pension if petitioner is convicted. के परिपालन में संचालनालय के पत्र क्रमांक-875 भोपाल दिनांक 05.07.2024 के द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी सीधी को निर्देश दिये गये थे। (ख) जी.आई.एस., एफ.बी.एफ, बीमा सह वचत, अर्जित अवकाश नगदीकरण तथा क्रमोन्नति एरियर का भुगतान किया जा चुका है। शेष भुगतान उपादान एवं पेंशन प्रकरण का निराकरण हेतु जिला शिक्षा अधिकारी सीधी के पत्र दिनांक 10.12.2024 के द्वारा जिला पेंशन अधिकारी, जिला सीधी को भेजा गया था। प्रकरण में जिला पेंशन अधिकारी जिला सीधी द्वारा आपत्ति ली गई है। (ग) जिला पेंशन अधिकारी जिला सीधी द्वारा ली गई आपत्ति के संबंध में पेंशन प्रकरण के निराकरण हेतु प्रकरण परीक्षणाधीन होकर, कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित होता है।
समय पर भुगतान नहीं होना
[स्कूल शिक्षा]
181. ( क्र. 1484 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शहडोल व रीवा जिले में प्राथमिक शिक्षकों को टेबलेट क्रय हेतु निर्देश जारी किये गये थे जिसके पालन में टेबलेट क्रय करने का सत्यापन बी.आर.सी. जनपद द्वारा किये जाने के बाद भी राशि जारी नहीं की गई क्यों? इस बावत् क्या निर्देश देंगे बतावें। ऐसे कितने कर्मचारी है जिनके द्वारा टेबलेट क्रय करने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया? (ख) प्रश्नांश (क) के तारतम्य में वर्ष 2016 से प्रश्नांश दिनांक तक के दौरान जिला, ब्लॉक एवं संकुल स्तर पर कब-कब कितने-कितने बार शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया और कब कितनी राशि आवंटित की गई? बिल व्हाउचर सहित जानकारी देवें, यदि प्रशिक्षणार्थी शिक्षकों को खाते में राशि भेजी गई तो कब, बतावें? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में उल्लेखित अनुसार क्या राशियां संबंधितों को प्रदान नहीं की गई, फर्जी तरीके से आहरण कर व्यय किया गया, शासन के निर्देश के बाद भी टेबलेट क्रय की राशि जारी नहीं की गई, इन सब अनियमितताओं के लिये कौन-कौन जिम्मेदार है उनके पद नाम सहित उन पर कार्यवाही के क्या निर्देश देंगे बतावें एवं भुगतान बाबत् क्या निर्देश जारी करेंगे यह भी बतावें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। जिला शहडोल में 67 एवं जिला रीवा में 189 शिक्षकों का भुगतान लंबित है। (ख) प्राथमिक शिक्षकों को टेबलेट क्रय करने संबंधी निर्देश सत्र 2022-23 में दिए गए है तथा इस संबंध में अभी तक जिला/ब्लॉक/संकुल स्तर पर किसी प्रशिक्षण का प्रावधान नहीं होने से शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। शहडोल जिले में बी.आर.सी.सी. द्वारा सत्यापित 2350 के विरूद्ध 2283 एवं जिला रीवा में 4312 के विरूद्ध 4123 का भुगतान किया जा चुका है। शेष का भुगतान प्रक्रियाधीन है। कुछ खाते त्रुटिपूर्ण होने के कारण भुगतान असफल हुआ हैं जिन्हें ऑनलाइन त्रुटि सुधार करने का प्रावधान है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सतधारा बांध का बंद निर्माण कार्य शीघ्र पुन: चालु कराना
[जल संसाधन]
182. ( क्र. 1498 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सतधारा बांध के निर्माण कार्य पूर्ण कराने प्रश्नकर्ता द्वारा प्रश्न क्र. 1438 दिनांक 18 दिसम्बर 2024 विधानसभा में किया गया था? क्या टीकमगढ़ जिले के सतधारा बांध के कार्य को अगस्त 2021 से वन प्रकरण की स्टेज-2 की स्वीकृति अपेक्षित होने के कारण प्रश्न दिनांक तक बन्द है। स्टेज-2 की स्वीकृति वन विभाग कब तक प्रदाय करेगा? निश्चित समय-सीमा सहित बतायें। (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर जानकारी दें कि सिंचाई विभाग द्वारा बन्द कार्य को पूर्ण कराने प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की जा चुकी है और क्या-क्या शेष है? कृपया सम्पूर्ण जानकारी छायाप्रतियों सहित प्रदाय करें एवं अद्यतन जानकारी से अवगत करायें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बतायें कि वन विभाग द्वारा प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही स्टेज-2 की कार्यवाही पूर्ण कराने की जा चुकी है एवं क्या-क्या शेष है? निश्चित समय-सीमा सहित बतायें कि अपूर्ण स्टेज-2 की कार्यवाही कब तक पूर्ण करा दी जावेगी? कृपया सम्पूर्ण जानकारी दें। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बतायें कि जल संसाधन एवं वन विभाग द्वारा संयुक्त बैठक करके स्टेज-2 की कार्यवाही पूर्ण कराने बैठकें क्यों नहीं की जा रही हैं? प्रश्न दिनांक तक अपूर्ण कार्य पूर्ण कराने में किस विभाग के द्वारा लापरवाही की जा रही है? स्टेज-2 की कार्यवाही पूर्ण कब तक कराकर बंद पड़े सतधारा बांध का कार्य पुनः चालू करा दिया जावेगा?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) सतधारा बांध के वन प्रकरण की स्टेज-2 की स्वीकृति हेतु भारत सरकार के पत्र दिनांक 19-01-2023 पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1'' में उल्लेखित शर्तों के पालन हेतु कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग टीकमगढ़ के पत्र क्रमांक 907 दिनांक 07-06-2023 पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 द्वारा पालन प्रतिवेदन वन मंडलाधिकारी क्षेत्रीय वन मंडल टीकमगढ़ की ओर प्रेषित किया जाना प्रतिवेदित है। वन विभाग को भूमि हस्तांतरण की कार्यवाही प्रगतिरत है। (ग) कृत कार्यवाही ''ख''अनुसार है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर जल संसाधन विभाग एवं वन विभाग द्वारा स्टेज -2 स्वीकृति हेतु सतत् कार्यवाही की जा रही है। प्रश्न दिनांक तक अपूर्ण कार्य पूर्ण कराने में किसी भी विभाग की लापरवाही परिलक्षित नहीं होती है। वर्तमान में स्टेज-2 की स्वीकृति एवं बांध का कार्य पुन: चालू कराने की तिथि बताया जाना संभव नहीं है।
सी.एम.राईज स्कूल
[स्कूल शिक्षा]
183. ( क्र. 1500 ) श्री कुँवर सिंह टेकाम : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी एवं सिंगरौली जिले के अंतर्गत कितने विद्यालयों को सी.एम. राइज विद्यालय के रूप में स्वीकृति किया गया है? स्वीकृत राशि सहित जानकारी उपलब्ध करायें। स्वीकृत सी.एम. राइज विद्यालयों में कितने पद स्वीकृत हैं? स्वीकृत पद के विरुद्ध कितने पद भरे हुए हैं एवं कितने पद रिक्त हैं? जानकारी उपलब्ध करायें। रिक्त पदों में पदस्थापना कब तक कर दी जावेगी? समय-सीमा बतायें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में स्वीकृत कितने सी.एम. राइज विद्यालय का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है? व्यय राशि सहित जानकारी उपलब्ध करायें। निर्माणाधीन सी.एम. राइज विद्यालयों को कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा? समय-सीमा बतायें। शेष सी.एम. राइज विद्यालय का निर्माण कार्य कब तक प्रारंभ कर दिया जावेगा? समय-सीमा बतायें। (ग) सीधी जिले के तहसील मझौली अंतर्गत भवन विहीन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ताला, टिकरी, गंजरी, गिजवार, मड़वास एवं कन्या मझौली और शासकीय हाई स्कूल दरिया, शिकरा, घरभरा, जमुआ नं. 1. जमुआ नं. 2 एवं छुही का विद्यालय भवन की स्वीकृति कब तक प्रदान की जावेगी? समय-सीमा बतायें। (घ) सिंगरौली जिले के तहसील देवसर अंतर्गत भवन विहीन शासकीय हाई स्कूल बंजारी, दुधमनिया, साजापानी, धौहनी एवं कुंदवार का विद्यालय भवन कब तक स्वीकृत किया जावेगा? समय-सीमा बतायें। शासकीय हाई स्कूल बंजारी, दुधमनिया, साजापानी, निगरी, धौहनी एवं कुंदवार को हायर सेकेण्ड्री स्कूल के रूप में उन्नयन कब तक कर दिया जावेगा? समय-सीमा बतायें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ', 'ब' एवं 'स' पर है। पदों की पूर्ति सतत् प्रक्रिया है। समय-बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' एवं 'ब' पर है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) नवीन शाला भवन का निर्माण बजट की उपलब्धता एवं सक्षम समिति की स्वीकृति अनुसार किया जाता है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) शासकीय हाईस्कूल धोहनी भवन विहीन नहीं है। शासकीय हाईस्कूल कुदंवार में भवन स्वीकृत हो चुका है। नवीन शाला भवनों का निर्माण बजट की उपलब्धता एवं सक्षम समिति की स्वीकृति अनुसार किया जाता है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। विद्यालयों का उन्नयन राज्य बजट की उपलब्धता एवं सक्षम समिति की स्वीकृति अनुसार किया जाता है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
क्रमोन्नत वेतनमान का प्रदाय
[स्कूल शिक्षा]
184. ( क्र. 1514 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सहायक शिक्षकों को क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ दिए जाने संबंधी मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल के परिपत्र क्रमांक/1477/2796/1/3/5 दिनांक 3.9.2005 क्र./मी 3-05/2017/3/एक दिनांक 26.4.17 एवं क्र.मी. 3-09/2017/3/एक 25.10.17 के अनुक्रम में दतिया, देवास, नर्मदापुरम एवं भोपाल जिलों में सहायक शिक्षक विभागीय पदोन्नति/क्रमोन्नति समिति द्वारा योग्य पाए गए? सहायक शिक्षकों को नियमित वेतनमान में 30 वर्ष की "निरंतर सेवा" अवधि पूर्ण करने के फलस्वरूप तृतीय क्रमोन्नत वेतनमान 6500-9100 (पुनरीक्षित वेतनमान में 9300-34800+4200) में स्वीकृत किया गया है? (ख) यदि हाँ,, तो क्या प्रश्नांश (क) दर्शित जिलों में कतिपय ऐसे सहायक शिक्षक भी हैं, जिनकी नियमित वेतनमान में 30 वर्ष की "निरंतर सेवा" अवधि पूर्ण नहीं हो पाने अर्थात् "ब्रेक इन सर्विस" होने के बावजूद भी तृतीय क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ दे दिया गया है? यदि हाँ, तो कृपया ऐसे सहायक शिक्षकों की नाम सहित शालावार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित आदेश के तारतम्य में यह भी जानकारी दें कि जिन-जिन भी सहायक शिक्षकों को तृतीय क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ प्रश्नांश (क) में दर्शित जिलों में प्रदान किया गया है क्या उन समस्त सहायक शिक्षकों को ''वर्ष 1993 से ही वरिष्ठता एवं पूर्ण वेतनमान का लाभ दिया जाएगा" इस तरह का कोई आदेश स्कूल शिक्षा विभाग, मंत्रालय, आयुक्त, लोक शिक्षण या संबद्ध जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा दिए गए हैं? यदि हाँ, तो ऐसे समस्त आदेशों की छाया प्रतियों उपलब्ध करावें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ (ख) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
शासकीय भूमि पर अतिक्रमण
[राजस्व]
185. ( क्र. 1515 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्न क्रमांक 2851 दिनांक 18/07/2024 कि माननीय मंत्री जी द्वारा उत्तर दिया था कि खसरा नंबर 751 में शासन दर्ज शासन के नियम अनुसार किया एवं खसरा नंबर 1111 में 1958-59 में भूमिस्वामी स्वत्व दर्ज होने के कारण शासन दर्ज करने का प्रश्न ही नहीं उठता है? यदि हाँ, तो क्या खसरा नंबर 751 में वर्ष 1958-59 में भूमिस्वामी स्वत्व दर्ज था? (ख) क्या भू-राजस्व संहिता 1959 लागू दिनांक के पूर्व रीवा भू-राजस्व एवं काश्तकार संहिता 1935 लागू थी? यदि हाँ, तो क्या संहिता 1935 के तहत सक्षम अधिकारी के आदेश से शामन की भूमि निजी भूमिस्वामी स्वत्व दर्ज करने के नियम व निर्देश थे? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के अनुसार यदि हाँ, तो क्या उक्त नियम व निर्देशों के तहत अनुविभागीय अधिकारी द्वारा खसरा नंबर 751 में भू-स्वामी स्वामित्व की भूमि शासन दर्ज करने के एवं उक्त आदेश को कमिश्नर द्वारा यथावत रखा था? (घ) यदि नहीं, तो क्या अनुविभागीय अधिकारी से कमिश्नर तक के अधिकारियों द्वारा पद एवं शक्तियों का दुरुपयोग कर अधिकारिता विहीन शासन दर्ज करने के आदेश पारित किया था? यदि नहीं, तो क्यों किस नियम व निर्देशों के तहत शासन दर्ज करने के आदेश पारित एवं यथावत रखा था? (ड.) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के अनुसार यदि हाँ, तो क्यों खसरा नंबर 1111 एवं 1731 के समस्त बटांकों को शासन दर्ज नहीं किया जा सकता है? (च) क्या खसरा नंबर 1111 एवं 1731 के बटांक नम्बरों को कॉलोनाइजर एक्ट के तहत अवैध भू-खंडों में विक्रय पत्र निष्पादित होने के कारण सक्षम अधिकारी के आदेश से विक्रय पत्र पर प्रतिबंधित एवं प्रबंधक अनुविभागीय अधिकारी लेख कर दिया था? (छ) यदि हाँ, तो क्या उक्त अवैध कॉलोनी को शासन के किस नियम अनुसार तहसीलदार से आयुक्त राजस्व तक के किस अधिकारी द्वारा वैध या प्रबंधक अनुविभागीय अधिकारी विलुप्त कर दिया था? मूलपद एवं नाम बताएं।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। मौजा पलौठा की भूमि खसरा नंबर उपलब्ध रिकार्ड के मुताबिक वर्ष 1958-59 में भूमिस्वामी स्वत्व पर दर्ज था। (ख) जी हाँ। शेष जानकारी शासन से संबंधित है। (ग) जी हाँ। (घ) लागू नहीं। (ड.) इस संबंध में कोई न्यायालयीन आदेश नहीं है। (च) मौजा बगौता के भूमि खसरा नंबर 1111 के समस्त बटांक पर कॉलोनाइजर एक्ट के तहत अवैध भू-खण्डों के विक्रय पत्र निष्पादन होने के कारण तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी द्वारा प्रतिबंधित एवं प्रबंधक अनुविभागीय अधिकारी लेख किया गया था एवं यह आदेश पारित किया गया था कि उक्त आदेश खुले भूखण्डों पर लागू होगा, बने हुए मकानों पर नहीं एवं 1731 के संबंध में उपलब्ध रिकार्ड अनुसार उक्त आशय की टीप का लेख नहीं है। (छ) जी हाँ। उपलब्ध जानकारी अनुसार 1.- सिविल न्यायालय के वाद क्रमांक 22ए/11 को आधार मानकर तत्कालीन तहसीलदार श्री त्रिलोक सिंह पूसाम के द्वारा प्रबंधक अनुविभागीय अधिकारी की टीप विलोपित किये जाने का आदेश पारित किया गया था। 2- अपर कलेक्टर छतरपुर श्री एस.सी. शर्मा।