मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्‍नोत्तर-सूची
जुलाई, 2024 सत्र


शुक्रवार, दिनांक 05 जुलाई, 2024


भाग-1
तारांकित प्रश्‍नोत्तर



मत्स्य पालन हेतु आवंटित जलाशय

[मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास]

1. ( *क्र. 1740 ) श्री प्रणय प्रभात पांडे : क्या राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), मछुआ कल्‍याण एवं मत्‍स्‍य विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बहोरीबंद विधानसभा-क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2020-21 से प्रश्‍न-दिनांक तक कितने जलाशयों एवं ग्रामीण-तालाबों का पट्टा मत्स्य-पालन हेतु किन-किन मछुआ-सहकारी-समिति/स्व-सहायता समूहों को प्रदाय किया गया, कितनों में पट्टा अवधि-पूर्ण होने पर पट्टे की कार्यवाही किस स्तर पर लंबित हैं? सूची देवें। (ख) मछुआ-सहकारी-समिति का गठन किस आधार पर किन नियमों के तहत किया जाता है? नियमों की छायाप्रति देवें। वित्त वर्ष 2020-21 से प्रश्‍न-दिनांक तक बहोरीबंद-विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कहां-कहां पर नवीन-समितियां गठित की गईं? जलाशयों के क्षेत्रफल, सदस्यों के नाम-पता सहित-सूची देवें। (ग) शासकीय-जलाशय/ग्रामीण तालाबों को मत्स्य-पालन हेतु मछुआ-सहकारी समितियों/स्व-सहायता-समूहों को प्रति-सदस्य न्यूनतम कितने हेक्टेयर जल ग्रहण-क्षेत्र आवंटित किए जाने के शासन के स्थाई दिशा-निर्देश हैं एवं यह भी बतलावें कि क्या इनका पालन प्रश्‍नांश '' में आवंटित बहोरीबंद-विकासखंड के छपरी और मसंधा-जलाशय के आवंटन में किया गया है? यदि हाँ, तो कार्यवाही की छायाप्रति देवें? यदि नहीं, तो इसका दोषी कौन है? (घ) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित बहोरीबंद-विधानसभा क्षेत्र के छपरी और मसंधा-जलाशय के आवंटन में स्वामित्व की ग्राम पंचायतों/जनपद-पंचायतों/कृषि स्थाई समिति से अनुशंसा प्राप्त की गई है? यदि हाँ, तो अनुशंसा की छायाप्रति देवें? यदि नहीं, ली गई तो इसका दोषी कौन है? (ड.) प्रश्‍नांश (क) एवं (घ) के संदर्भ में क्या शासन कटनी जिले में पदस्थ सहायक-संचालक मत्‍स्‍योद्योग को अन्‍यत्र स्थानांतरित कर जलाशयों के आवंटन में की गई अनियमितता की जांच करायेगा? उत्तर में यदि हाँ, तो किस प्रकार से कब तक? यदि नहीं, तो क्यों नहीं?

राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), मछुआ कल्‍याण एवं मत्‍स्‍य विकास ( श्री नारायण सिंह पंवार ) : (क) बहोरीबंध विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत प्रश्‍नांश अवधि से प्रश्‍न दिनांक तक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) मछुआ सहकारी समिति का गठन मछुआ नीति 2008 के भाग 2 के निर्देशानुसार किया जाता है। वर्ष 2020-21 से प्रश्‍न दिनांक तक बहोरीबंध विकासखंड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत किवलहरा चरगंवा, छपरी, गुजिकला कुल 04 मछुआ सहकारी समिति का गठन किया गया। विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) शासकीय जलाशय/तालाबों को मत्‍स्‍य पालन हेतु समितयों/स्‍व-सहायता समूहों को प्रति सदस्‍य जलग्रहण क्षेत्र मछुआ नीति 2008 के भाग-2 की कंडिका 2.1 अनुसार किया जाता है। वर्तमान में छपरी ओर मसंधा जलाशय किसी भी समिति को आवंटित नहीं है। आवंटन की कार्यवाही जनपद पंचायत बहोरीबंध की कृषि स्‍थायी समिति स्‍तर पर लंबित है। (घ) बहोरीबंध विधान सभा के जनपद पंचायत बहोरीबंध स्‍वामि‍त्‍व के छपरी और मसंधा जलाशय आवंटित नहीं है। कार्यवाही जनपद पंचायत बहोरीबंध की कृषि स्‍थायी समिति में विचाराधीन है। (ड.) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित जलाशयों का आवंटन मछुआ नीति 2008 के निर्देशानुसार ही कार्यवाही की गई है। अत: जांच कराने की स्थिति नहीं है।

पट्टे की भूमि से वन विभाग द्वारा बेदखली

[वन]

2. ( *क्र. 831 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्वालियर जिले में जिन किसानों की भूमि राजस्व रिकॉर्ड में उनके नाम से भूमि स्वामी अंकित है एवं जिन्हें वन अधिकार पत्र दिये गए हैं, को वन विभाग बेदखल कर रहा है? ऐसा क्यों? (ख) सन 2006 के बाद किसानों की भूमि विगत तीस वर्षों से किसानों के नाम अंकित थी, इनकी के.सी.सी. भी बन चुकी है, ऐसी भूमियों पर अहस्तांतरणीय उल्लेखित किया गया है, यह किस आदेश से? कृपया आदेश की प्रति उपलब्ध करायें एवं अहस्तांतरणीय शब्द कब हटाया जायेगा? अवगत करावें। (ग) तहसील घाटीगांव, आंतरी, चीनौर एवं भितरवार के अंतर्गत प्रश्‍नांश (क) अनुसार कितने-कितने पट्टेदारों को वन विभाग द्वारा बेदखल किया गया है/किया जा रहा है? जानकारी तहसीलवार, नामवार उपलब्ध कराई जावे।

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जी नहीं, शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) कार्यालय कलेक्टर जिला ग्वालियर के आदेश क्रमांक/1828, दिनांक 30.07.2012 के द्वारा अहस्तांतरणीय अंकित किया गया। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। ''अहस्तांतरणीय शब्द कब हटाया जायेगा'' के संबंध में निर्णय शासन के निर्देशों के अधीन रहेगा। (ग) उत्तरांश '' अनुसार प्रश्‍नाधीन तहसील में पट्टेदारों को बेदखल नहीं किया गया है।

परिशिष्ट - "एक"

नर्मदा-गंभीर समूह जल प्रदाय परियोजना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

3. ( *क्र. 1788 ) श्री सतीश मालवीय : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नर्मदा-गंभीर समूह जल प्रदाय परियोजनान्तर्गत उज्जैन जिले के कितने ग्रामों को जोड़ा गया है एवं इस संपूर्ण परियोजना पर किस-किस कार्य हेतु कितनी-कितनी राशि का व्यय किया जाना है? डी.पी.आर. के अनुसार संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार घट्टिया विधानसभा के उक्त परियोजना से कितने ग्राम जुड़ रहे हैं और कितने ग्राम परियोजना से छूटे हुए हैं? छूटे हुए ग्रामों को कब तक जोड़ा जावेगा? ग्रामवार संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) उक्त परियोजना निर्माण एजेन्सी के कार्यादेश से कार्य कब तक पूर्ण होना है? कार्यों के पूर्ण होने की समय-सीमा क्या है? संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) क्या उक्त परियोजना में कार्य करने वाली निर्माण एजेन्सी द्वारा ग्रामों के अन्दर पेयजल पाइप लाइन डालने में सीमेन्ट कांक्रीट रोड एवं अन्य सड़कों को खोदकर जीर्ण-शीर्ण कर दिया गया है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में काफी असुविधा होती है? उक्त ग्रामों की सड़कों को कब तक सुधारा जावेगा?

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) नर्मदा-गंभीर परियोजना अंतर्गत उज्जैन जिले के 830 ग्रामों को जोड़ा गया है एवं अनुबंधानुसार संपूर्ण परियोजना कार्य हेतु राशि के प्रावधानित व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 अनुसार है। डी.पी.आर. की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 02 अनुसार है। (ख) नर्मदा-गंभीर परियोजना अंतर्गत घट्टिया विधानसभा के समस्त 254 ग्रामों को जोड़ा गया है, कोई भी ग्राम छोड़ा नहीं गया है। उक्‍त परियोजना में सम्मिलित ग्रामों की ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 03 अनुसार है। (ग) उक्त परियोजना निर्माण एजेंसी के कार्यादेश से दो वर्ष, सितम्बर 2025 तक पूर्ण होना है। कार्यों के पूर्ण होने की समय-सीमा की संपूर्ण जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 अनुसार है। (घ) जी नहीं, निर्माण एजेंसी द्वारा पेयजल पाइप-लाइन डालते समय सीमेंट कांक्रीट रोड एवं अन्य सड़कों को आवश्यकतानुसार खोदा जाता है तथा पाइप लाइन टेस्टिंग के उपरांत खोदी गई सड़कों को अनुबंधानुसार पुनः यथावत कर दिया जाता है।

जल समूह योजना के तहत जल जीवन मिशन की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

4. ( *क्र. 1800 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जल समूह योजना के तहत जल जीवन मिशन से सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में कितने ग्राम खेड़े, मजरे, टोले, आबादी में पाइप लाइन पहुँचाने का कार्य नहीं हो पाया है? जानकारी देवें। (ख) लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी द्वारा नवीन पेयजल योजना एवं रेट्रोफिटिंग योजना जो वर्ष 2020 से 2023 तक दी गई है, उसे क्‍या जल समूह के अंतर्गत समाहित कर पेयजल उस ही नियम के तहत उपलब्ध कराया जावेगा? (ग) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र के नवीन एवं रेट्रोफिटिंग कितने ग्रामों एवं पंचायतों में संचालित हो रही है एवं जल समूह का कार्य कितने ग्राम एवं पंचायत में कार्य किया जा रहा है? जानकारी देवें। (घ) जल समूह योजना के तहत जल जीवन मिशन कार्य योजना में कितने ग्राम एवं पंचायत में कनेक्शन हेतु पाइप डालकर रोड मरम्मत का कार्य कर दिया गया है? ग्राम एवं पंचायत के नाम सहित जानकारी देवें।

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) गांधीसागर-1 समूह जलप्रदाय योजना के तहत् जल जीवन मिशन अंतर्गत सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में 208 ग्रामों एवं इन ग्रामों के सभी खेडे, मजरे, टोले, आबादी में पाइप-लाइन बिछाने संबंधित कार्य प्रगतिरत है। ग्रामों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है, शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी हाँ। बल्क वॉटर सप्लाई ग्रामों में गांधीसागर-1 समूह जल प्रदाय योजना से एक निश्चित स्थान पर बल्क मात्रा में पेयजल प्रदाय किया जावेगा। (ग) नवीन एवं रैट्रोफिटिंग नल-जल प्रदाय योजनाएं 71 ग्राम पंचायतों के 84 ग्रामों में क्रियान्वित हो रही है। जल निगम द्वारा गांधीसागर-1 समूह जलप्रदाय योजना अंतर्गत सुवासरा विधानसभा क्षेत्र की 111 ग्राम पंचायतों के 208 ग्रामों में कार्य किया जा रहा है, शेष 84 ग्रामों में बल्क सप्लाई द्वारा एक निश्चित स्थान पर बल्क मात्रा में पेयजल प्रदाय किया जायेगा। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

प्रधानमंत्री जल जीवन मिशन

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

5. ( *क्र. 1681 ) डॉ. प्रभुराम चौधरी : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र सांची में प्रधानमंत्री जल जीवन मिशन के अंतर्गत कुल कितने ग्राम स्वीकृत हैं? सूची उपलब्ध करायें। (ख) सांची विधानसभा क्षेत्र में उक्त योजनांतर्गत स्वीकृत ग्रामों में से कितने ग्रामों का कार्य पूर्ण हो चुका है? यदि हाँ, तो सूची उपलब्ध करायें? यदि नहीं, तो कार्य अपूर्ण होने की स्थिति में कारण सहित ग्रामवार, पंचायतवार, विकासखण्डवार जानकारी देवें। (ग) क्या सांची विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आगामी वित्तीय वर्षों में नल-जल योजना स्वीकृत की जावेगी? उन ग्रामों की सूची उपलब्ध करावें।

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) एकल ग्राम नल-जल योजनाओं के अंतर्गत 226 ग्रामों के लिए योजनाएं स्वीकृत हैं एवं जल निगम द्वारा क्रियान्‍वयन हेतु विभिन्न स्वीकृत समूह जल प्रदाय योजनाओं में 369 ग्राम सम्मिलित हैं। 226 ग्रामों के लिए स्‍वीकृत एकल ग्राम नल-जल योजनाओं के अंतर्गत 222 ग्रामों में स्‍वीकृत समूह जल प्रदाय योजनाओं से बल्‍क वॉटर प्रदाय किया जाना प्रावधानित है। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 एवं 02 अनुसार है। (ख) एकल ग्राम नल-जल योजनाओं के अंतर्गत 96 ग्रामों एवं जल निगम द्वारा क्रियान्वित बैगमगंज-गैरतगंज समूह जल प्रदाय योजना अंतर्गत 49 ग्रामों में कार्य पूर्ण हो गया हैसूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 03 एवं 04 अनुसार है। अपूर्ण योजनाओं की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 02 एवं 03 अनुसार है। (ग) सभी ग्रामों के लिए नल-जल योजनाएं स्वीकृत हैं। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

जिला चिकित्‍सालय खोला जाना

[पशुपालन एवं डेयरी]

6. ( *क्र. 1776 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नवगठित जिला मैहर के समुचित विकास की दृष्टि से किसानों के व्यावसायिक अंग पशुपालन के स्‍वास्‍थ्‍य उपचार एवं संवर्धन हेतु क्या निकट भविष्य में पशु जिला चिकित्‍सालय खुलवाये जाने की योजना शासन द्वारा बनायी गयी है? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार यदि हाँ, तो कब तक पशु जिला चिकित्सालय मैहर में खोला जावेगा? समयावधि बतायी जावे। यदि नहीं, तो क्यों?

राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) जी नहीं। पूर्व से ही मैहर में पशु चिकित्‍सालय संचालित है। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

जानकारी उपलब्‍ध करायी जाना

[वन]

7. ( *क्र. 1747 ) श्री संजय उइके : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बालाघाट जिले के लिए भा.व.अ. 1927 की धारा 29 के तहत राजपत्र में दिनांक 30 मई, 1958 एवं धारा 34 अ के तहत दिनांक 15.9.1972, दिनांक 3.11.1972 को प्रकाशित अधिसूचनाओं का ब्यौरा तथा प्रविष्टि‍ प्रश्‍नांकित दिनांक तक भी वर्किंग प्लान में दर्ज नहीं की गई? (ख) राजपत्र में दिनांक 30 मई, 1958 को किस ग्राम की कितनी भूमि को संरक्षित वन अधिसूचित किया, उसमें से किस ग्राम की कितनी भूमि को दिनांक 3.11.1972 एवं किस ग्राम की समस्त भूमि को दिनांक 15.9.1972 को राजपत्र में धारा 34 अ के तहत डीनोटीफाईड किया गया? (ग) धारा 29 एवं धारा 34 अ में अधिसूचित भूमि म.प्र. भू-राजस्‍व संहिता 1959 की धारा 237 (1) में किस-किस प्रयोजन के लिए आरक्षित कर निस्तार पत्रक, अधिकार अभिलेख में किन-किन मद में दर्ज भूमि है? (घ) धारा 29 एवं धारा 34 अ में प्रकाशित अधिसूचनाओं से संबंधित कौन-कौन से ब्यौरा या कौन-कौन सी प्रविष्टि‍ वर्किंग प्लान में दर्ज की गई? कौन सी प्रविष्टि‍ किन कारणों से दर्ज नहीं की गई?

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) बालाघाट जिले के अंतर्गत उत्तर सामान्य वनमंडल बालाघाट के क्षेत्रांतर्गत भा.व.अ. 1927 की धारा 29 के तहत राजपत्र में दिनांक 30 मई, 1958 को प्रकाशित अधिसूचनाओं का ब्यौरा वर्किंग प्लान तथा प्रविष्टियां वर्किंग प्लान की पुस्तिका वन भू-अभिलेख में दर्ज की गई है तथा धारा 34 अ के तहत दिनांक 15.09.1972, दिनांक 03.11.1972 को प्रकाशित अधिसूचनाओं का ब्यौरा तथा प्रविष्टि राजस्व विभाग को हस्तांतरित होने के कारण वर्किंग प्लान में दर्ज नहीं की गई है। दक्षिण सामान्य वनमंडल बालाघाट के क्षेत्रांतर्गत भा.व.अ 1927 की धारा 29 के तहत राजपत्र में दिनांक 30 मई, 1958 एवं धारा 34 अ के तहत दिनांक 15.09.1972, दिनांक 03.11.1972 को प्रकाशित अधिसूचनाओं का ब्यौरा तथा प्रविष्टि वर्किंग प्लान की पुस्तिका ''वन भू-अभिलेख'' में दर्ज की गई है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांकित जानकारी वनमण्डलों में प्रतिवेदित नहीं है। सामान्यतः भूमियां पहाड़-चट्टान, छोटे-बड़े झाड़ के जंगल, जंगल जलों, जंगल करात एवं चरनोई इत्यादि मदों में दर्ज है। (घ) उत्तर सामान्य वनमंडल बालाघाट अंतर्गत धारा 29 में प्रकाशित अधिसूचना से संबंधित अधिसूचना क्रमांक दिनांक वनखंड का नाम अधिसूचित रकबा की प्रविष्टि वर्किंग प्लान में दर्ज की गई है। धारा 34 अ में प्रकाशित अधिसूचित रकबे की प्रविष्टि डीनोटिफाइड होने के कारण वर्किंग प्लान में दर्ज नहीं की गई। दक्षिण सामान्य वनमंडल बालाघाट अंतर्गत धारा 29 एवं धारा 34 अ में प्रकाशित अधिसूचनाओं की प्रतियां वर्किंग प्लान की पुस्तिका ''वन भू-अभिलेख'' में दर्ज की गई है।

स्‍वीकृत पेयजल योजनाओं की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

8. ( *क्र. 1512 ) श्री महेन्‍द्र केशरसिंह चौहान : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या बैतूल जिले के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र भैंसदेही में विगत 5 वर्षों में पेयजल योजना स्वीकृत की गई है? यदि हाँ, तो किस-किस ग्राम में कौन-कौन सी योजनायें स्वीकृत की गई हैं? ग्रामवार, योजनावार सूची उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में क्या स्वीकृत योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं? यदि नहीं, तो किस-किस ग्राम की योजना अपूर्ण हैं? अपूर्ण रहने का कारण बतावें तथा कब तक पूर्ण कर ली जावेगी? (ग) क्या जलस्त्रोत के बिना ग्रामों में पाइप-लाइन बिछाने का कार्य किया गया है? यदि हाँ, तो किन-किन ग्रामों में? सूची उपलब्ध करावें। (घ) जल स्त्रोत के बिना ग्रामों में पाइप-लाइन बिछाने के क्या कारण हैं?

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी हाँ। स्‍वीकृत 259 एकल ग्राम नल-जल योजनाओं एवं 01 समूह जल प्रदाय योजना (मेढ़ा समूह जल प्रदाय योजना) में सम्मिलित ग्रामों की जानकारी क्रमश: पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 एवं 02 अनुसार है। (ख) एकल ग्राम नल-जल योजनाओं के संदर्भ में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 अनुसार है तथा स्‍वीकृत मेढ़ा समूह जल प्रदाय योजना का कार्य प्रगतिरत है, जिसे दिनांक 19.03.2025 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है, योजना के पूर्ण होने की निश्चित तिथि बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्तरांश (ग) के अनुसार प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

स्‍कूल एवं आंगनवाड़ियों में पेयजल व्‍यवस्‍था

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

9. ( *क्र. 1321 ) श्री रमेश प्रसाद खटीक : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या शिवपुरी जिले के करैरा विधान सभा क्षेत्र 23 के अंतर्गत जल जीवन मिशन के तहत करैरा-नरवर की तहसीलों से स्‍कूल, आंगनवाड़ी में पेयजल व्‍यवस्‍था हेतु विभाग द्वारा टेण्‍डर स्‍वीकृत होकर उक्‍त फर्म के द्वारा किये गये कार्यों की जानकारी प्रश्‍नकर्ता के पत्र क्र. MLA/211, 20.05.2024 को किये गये कार्यों की संपूर्ण जानकारी कार्यपालन यंत्री, लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रि‍की विभाग, संभाग शिवपुरी से 7 दिवस में मांगी थी, परन्‍तु आज दिनांक तक उक्‍त जानकारी नहीं दी गई? क्‍यों नहीं दी गई? (ख) आंगनवाड़ी व स्‍कूलों में स्‍वीकृत टेंडर की कुल लागत व किस फर्म का टेण्‍डर स्‍वीकृत हुआ था एवं फर्म द्वारा कुल कितने स्‍कूलों एवं आंगनवाड़ियों में क्‍या-क्‍या कार्य किये गये थे? उक्‍त कार्यों का नाम व स्‍थान सहित जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ग) टेण्‍डर अनुसार इले‍क्ट्रिक मोटर पम्‍प, जी.आई पाइप, एच.डी.पी. पाइप की टी.पी.आई. रिपोर्ट व टेण्‍डर अनुसार पाइप-मोटर डाले गये? उसकी लम्‍बाई तथा कितने नवीन बोर उत्‍खनन किये गये? कहां-कहां संपूर्ण जानकारी उपलब्‍ध करायें।

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, खण्ड शिवपुरी के पत्र क्रमांक 1732, दिनांक 13.06.2024 से जानकारी उपलब्ध कराई गई है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (ख) लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी उपखंड करैरा क्षेत्रांतर्गत आंगनवाड़ी व स्कूलों में पेयजल व्‍यवस्‍था हेतु स्वीकृत टेण्डर की कुल लागत रुपये 954.00 लाख है, टेण्‍डर मेसर्स जैन एण्ड सन्स करैरा का स्वीकृत हुआ था। इस टेंडर के अंतर्गत उक्‍त फर्म द्वारा करैरा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत 432 स्कूलों व 250 आंगनवाड़ियों में कार्य किये गये हैं। किये गये कार्यों का नाम व स्थान सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

जल जीवन मिशन

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

10. ( *क्र. 1388 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र धरमपुरी में जल जीवन मिशन अंतर्गत किन-किन ग्रामों में प्रश्‍न दिनांक तक किस फर्म/कम्पनी/ठेकेदार द्वारा कार्य किये गए हैं? प्राक्कलन लागत सहित जानकारी देवें। (ख) क्या जिन ग्रामों में पानी की टंकि‍या बनाई हैं, पाइप लाइन बिछाई गई हैं, वहां सी.सी. रोड को खोदा गया है और खोदने के पश्चात उन्हें सही तरीके से रिपेयर नहीं किया गया है? (ग) क्‍या लाखों रुपए की लागत से बने ग्रामीण क्षेत्रों में सी.सी. रोड का भारी नुकसान ठेकेदारों की लापरवाही से हुआ है? संचालित कार्यों का निरीक्षण किन-किन स्थानीय और उच्च अधिकारियों द्वारा किस पैमाने के आधार पर किया गया है? यदि सी.सी. रोड नहीं सुधरे तो क्या निर्देश नोटिस दिए गए हैं? (घ) जिन ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य पूर्ण होकर पेयजल उपलब्ध हो रहा है, वहां की पंचायत की सहमति, हैंडओवर करने संबंधी जानकारी देवें और संचालित योजनाओं के मेंटेनेंस का कार्य कब तक किस के द्वारा किया जायेगा?

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 एवं 02 अनुसार है। (ख) जी हाँ, पाइप लाइन कार्य पूर्ण होने के उपरांत काटी गई सड़क की ट्रेंच को भरकर मार्ग को समतल/आवागमन योग्य बनाया जाता है एवं पाइप लाइन टेस्टिंग के उपरांत काटी गई सी.सी. रोड को पुनर्निर्माण/सुधार कर यथावत किया जाता है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। संचालित कार्यों का निरीक्षण तृतीय पक्ष संस्था (टी.पी.आई.) के सदस्यों, विभागीय उपयंत्री, सहायक यंत्री के द्वारा समय-समय पर किया जाता है एवं उच्च अधिकारियों द्वारा निरीक्षण के समय मैदानी अधिकारियों को मापदंडानुसार गुणवत्तापूर्ण कार्य करने हेतु मौखिक रूप से स्थल पर निर्देश भी दिए जाते हैं। सी.सी. रोड का सुधार कार्य अनुबंध के प्रावधानों के अनुसार संबंधित कार्य एजेंसियों द्वारा किया जा रहा है, अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) एकल ग्राम नल-जल योजनाओं के कार्य पूर्ण कर तीन माह तक योजना का ट्रायल रन संबंधित निर्माण एजेंसी द्वारा किये जाने के पश्‍चात संबंधित ग्राम पंचायत की सहमति अनुसार संधारण-संचालन के लिए हस्तांतरण किए जाने का प्रावधान है। समूह जल प्रदाय योजनाओं के अनुबंध में योजना पूर्ण होने के उपरांत 10 वर्ष तक योजना का संचालन-संधारण ठेकेदार द्वारा किए जाने का प्रावधान है।

 

वनक्षेत्रों का डूब में आना

[वन]

11. ( *क्र. 757 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या होशंगाबाद जिले के तवा बांध, रायसेन जिले के बारना बांध, सीहोर जिले के कोलार बांध की 1980 के पहले से डूब में आई वन भूमि का विधिवत आवंटन किए जाने, राजपत्र में डीनोटीफाईड किए जाने की कार्यवाही प्रश्‍नांकित दिनांक तक प्रारंभ भी नहीं की गई? (ख) किस जलाशय की डूब में किस-किस आर.एफ., पी.एफ. वनकक्ष का कितना रकबा किस अवधि से डूब में आया है, इस डूब की भूमि को लेकर वर्किंग प्‍लान, एरिया रजिस्‍टर, वनकक्ष इतिहास में क्‍या-क्‍या प्रविष्‍टि‍ वर्तमान में दर्ज है? (ग) जलाशय की डूब में आई वन भूमि को वर्किंग प्‍लान, एरिया रजिस्‍टर, वनकक्ष इतिहास से पृथक नहीं किए जाने का क्‍या-क्‍या कारण है, डूब की प्रविष्‍टी वर्किंग प्‍लान, एरिया रजिस्‍टर एवं वनकक्ष इतिहास में दर्ज नहीं करने का क्‍या-क्‍या कारण है? पृथक-पृथक बतावें।

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) जिला नर्मदापुरम अंतर्गत तवा बांध हेतु 4485.58 एकड़ आरक्षित एवं 113.40 एकड़ संरक्षित वन भूमि डूब में आई है, वन भूमि का कक्षवार विवरण उपलब्‍ध नहीं है। जिला सीहोर अंतर्गत कोलार जलाशय निर्माणार्थ भारत सरकार की स्वीकृति अनुसार आरक्षित वन कक्ष क्रमांक 295, 296, 300, 308, 309, 310, 312, 313, 314, 315, 318, 319, 320, 321, 322, 323, 324, 325, 326, 327, 328, 329, 330, 331, 332, 338, 339, 529, 530, 531, 532, 533, 265, 264, 261, 260, 262, 273, 272, 270, 271, 485, 484, 582 की 2135.926 हेक्टेयर एवं संरक्षित वन कक्ष क्रमांक 506, 505, 340, 341, 342, 349, 348, 343, 509, 486, 491, 492, 345 की 734.324 हेक्टेयर कुल 2870.250 हेक्टेयर वन भूमि वर्ष 1985 में सिंचाई विभाग को उपयोग हेतु दी गई है। जिला रायसेन अंतर्गत स्थित बारना जलाशय का निर्माण वर्ष 1975 में 7700 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई विभाग द्वारा किया गया था। इसमें 3080 हेक्टेयर वनभूमि वर्ष 1975 से ही डूब में आई है। डूब में आई वनभूमि का आर.एफ.पी.एफ. वन कक्षवार विवरण उपलब्ध नहीं है। कोलार जलाशय में प्रभावित वनभूमि का उल्‍लेख एरिया रजिस्‍टर एवं वर्किंग प्‍लान में उल्‍लेखित है। तवा बांध व बारना जलाशय में प्रभावित वनभूमि की वनकक्ष इतिहास, एरिया रजिस्‍टर व वर्किंग प्‍लान में प्रविष्‍ट‍ि नहीं की गई है। (ग) जलाशय की डूब में आई वनभूमि को वर्किंग प्‍लान, एरिया रजिस्‍टर, वनकक्ष इतिहास से पृथक न किए जाने का कारण वनभूमि का निर्वनिकृत नहीं होना है व डूब की प्रविष्‍ट‍ि नहीं किए जाने का कारण अज्ञात है।

प्रदूषण नियंत्रण हेतु मापदण्‍डों का पालन

[पर्यावरण]

12. ( *क्र. 665 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रतलाम जिला अंतर्गत प्रदूषण नियंत्रण हेतु किस-किस प्रकार की फेक्ट्री, इकाइयों खनिज उत्खनन, शासकीय, अशासकीय चिकित्सालय, नर्सिंग होम, नगरीय निकाय की कचरा संग्रहण स्थल (ट्रेचिंग ग्राउंड) इत्यादि प्रकार की क्या कोई और भी वातावरण प्रदूषित करने वाले संस्थान किस-किस प्रकार के चिन्हित किए गए हैं? (ख) किन-किन वर्षों में उपरोक्तानुसार वातावरण को प्रदूषित करने वाली इकाइयां अथवा स्थल चिन्हित किए जा कर, इन्हें वातावरण को प्रदूषण से मुक्त किए जाने हेतु आदेशित/निर्देशित किस-किस दिनांक को किया जाता रहा है? (ग) जिले में वर्ष 2019-20 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक वातावरण को प्रदूषण मुक्त रखे जाने हेतु उपरोक्तानुसार प्रश्‍नों में उल्लेखित आने वाली इकाइयों अथवा कोई अन्य भी जो इस परिधि में आते हैं, ऐसे प्रदूषण फैलाने वाले स्थलों का निरीक्षण कब-कब किस के द्वारा किया जाकर क्या कार्यवाही की गई? (घ) रतलाम जिला अंतर्गत आने वाले समस्त विकासखंडों के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण निर्धारित मानक क्या रहा तथा प्रदूषण फैलाने वाले उल्लेखित स्थलों पर प्रदूषण नियंत्रण किए जाने हेतु केंद्र/राज्य के मानक अनुसार जो मापदंड निर्धारित हैं, इस निर्धारित मापदंड के अनुसार किस-किस ने समुचित प्रबंधन किए? किस-किस ने समुचित प्रबंधन नहीं किए? उनके विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई?

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट कॉलम 2, 3, 4, 5, 6 एवं 7 अनुसार है। (घ) वर्ष 2023-24 में रतलाम जिला अंतर्गत जिला मुख्‍यालय पर परिवेशीय वायु गुणवत्‍ता का मानक 'औसत' (मोडरेट) स्‍तर का रहा तथा जिले में प्रवाहित 05 नदियों के 07 बिन्‍दुओं पर मापी गई जल की गुणवत्‍ता '' 'बी' श्रेणी की पाई गई। पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के कॉलम-2 में उल्‍लेखित उद्योगों/संस्‍थाओं में से जिनके द्वारा उपरोक्‍त मानकों का पालन नहीं किया गया, उनके विरूद्ध की गई कार्यवाही का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के कॉलम-8 अनुसार है।

जल-जीवन मिशन में पुनर्निर्माण व अपूर्ण कार्य

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

13. ( *क्र. 1476 ) श्री बाला बच्चन : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्र.क्र. 920, दिनांक 11.07.2023 के (ग) उत्‍तर अनुसार जो पुनर्निर्माण प्रगतिरत होना बताया गया दिनांक 10.05.2024 में उसकी अद्यतन स्थिति कार्यवार, लंबित लंबाई (मीटर में) सहित देवें। निर्माणकर्ता फर्म का नाम, जी.एस.टी. नंबर सहित देवें। (ख) उपरोक्‍तानुसार कार्य कब तक पूर्ण होंगे? जानकारी कार्यवार देवें। प्रश्‍न क्र. 1536, दिनांक 14.02.2024 के (ख) उत्‍तर में बताया गया जो फर्में कार्य नहीं कर रही उन्‍हें वर्ष 2022 के बाद भुगतान नहीं किया गया तो इनसे हुए समस्‍त पत्राचार की प्रमाणित प्रति देवें। (ग) योजना प्रारंभ होने से प्रश्‍न दिनांक तक कलेक्‍टर बड़वानी द्वारा इस संबंधित कितनी समीक्षा बैठक ली गई? प्रश्‍नांश (ख) से संबंधित कार्य नहीं करने वाली फर्मों के बारे में इन बैठकों में लिए गए निर्णय की जानकारी भी बैठकवार देवें। पुनर्निर्माण संबंधी जानकारी भी देवें। (घ) कार्य लंबित रहने, प्रश्‍नांश (क) अनुसार पुनर्निर्माण में विलंब होने के जिम्‍मेदार फर्मों व इसके उत्‍तरदायी अधिकारियों के नाम, पदनाम देकर बतावें कि इसके लिए विभाग उन पर कब तक कार्यवाही करेगा? यदि नहीं, तो इन्‍हें संरक्षण देने का कारण बतावें।

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है(ख) 19 ग्रामों के शेष रोड रेस्टोरेशन के कार्य प्रगतिरत हैं, पूर्णता की निश्चित समयावाधि बताया जाना संभव नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 के अनुसार है। प्रश्‍न क्रमांक 1536, दिनांक 14.02.2024 के प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार 13 अनुबंधों में से 05 अनुबंधों में कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं तथा शेष 08 अनुबंधों में 05 फर्मों से किए गए पत्राचार की प्रतिलिपि पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार है। (ग) 20 समीक्षा बैठक आयोजित की गई हैं। दिनांक 19.10.2022 एवं दिनांक 20.02.2023 में कार्य नहीं करने वाली फर्मों के विरुद्ध कार्यवाही का निर्णय लिया गया, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-03 अनुसार है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। (घ) कार्य में विलंब करने वाली 03 एजेंसियों क्रमशः 1. मेसर्स के.सी. देवकॉन, इन्दौर, 2. मेसर्स जय खोडियार इन्टरप्राईजेस, अहमदाबाद एवं 3. मेसर्स नीलकंठ कॉर्पोरेशन, अहमदाबाद को ब्लैक लिस्टेड किया गया है, समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं करने वाली एजेंसियों को अनुबंध में दिये गये प्रावधानों के अनुसार शास्ति अधिरोपित की जाकर अंतिम देयकों से समायोजन किया जाता है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

नल-जल योजना के कार्यों की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

14. ( *क्र. 1811 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जल जीवन मिशन अंतर्गत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा विधानसभा क्षेत्र विजयराघवगढ़ के किन-किन ग्रामों में जल जीवन मिशन की योजना स्वीकृत करा कर कार्य कराये गये? जानकारी ग्रामवार देवें एवं यह भी बताएं कि जो कार्य योजना बनायी गयी थी, उस योजना से पूरे गांव के लोग लाभान्वित हुये? यदि नहीं, तो कितनी अतिरिक्त योजनाएं ग्रामवार स्वीकृत करायी गयी? जानकारी देवें। प्रश्‍न दिनांक तक कितनी पूर्ण हुई एवं कितनी योजनाएं अपूर्ण हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ, तो क्या ठेकेदार एवं विभाग द्वारा कार्य पूर्ण नहीं हुआ फिर भी अपूर्ण योजनाएं सरपंचों को स्थानांतरित (हैण्ड ओवर) की गई? जैसे विकासखण्ड विजयराघवगढ़ की ग्राम पंचायत खलवारा और परसवारा की अपूर्ण योजनाएं सरपंचों को प्रदान की गयी है? यदि हाँ, तो अन्य कितनी ग्राम पंचायतों को अपूर्ण योजनाएं स्थानांतरित की गयी हैं तथा यह भी बताएं कि क्या स्थानांतरित योजना से उस गांव के प्रत्येक घर को पानी मिल रहा है? यदि नहीं, तो कौन दोषी है?

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग अंतर्गत स्‍वीकृत एकल ग्राम नल-जल योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 अनुसार है तथा मध्‍यप्रदेश जल निगम अंतर्गत प्रश्‍नांकित विधानसभा क्षेत्र के लिए स्‍वीकृत समूह जल प्रदाय योजनाओं एवं इन योजनाओं में सम्मिलित ग्रामों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 02 अनुसार हैसमूह योजनाओं के कार्य प्रगतिरत है। (ख) विभाग अथवा ठेकेदार द्वारा अपूर्ण योजना का हस्तांतरण ग्राम पंचायतों को नहीं किया गया है। ग्राम खलवारा एवं परसवारा की नल-जल प्रदाय योजना प्रस्ताव एवं डी.पी.आर. के अनुरूप कार्य पूर्ण होने के उपरांत ही संबंधित पंचायत को हस्तांतरित की गई है। जिन योजनाओं से ग्राम के समस्त घरों को पानी नहीं मिल रहा है, उन्हें पुनरीक्षित किया गया है, उक्त दोनों योजनाओं को पुनरीक्षित कर स्वीकृति के लिए कार्यवाही की जा रही है, अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अवैध लकड़‍ियों का व्‍यापार

[वन]

15. ( *क्र. 1875 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह हनी बघेल : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कुक्षी विधान सभा क्षेत्र के डही नगर पंचायत के वार्ड 8 के निवासियों द्वारा आरा मशीन से सागौन की लकड़ी काटकर सागवान की लकड़ियों का व्यापार किया जा रहा है? (ख) यदि हाँ, तो इनके नाम और क्‍या इन्हें आरा मशीन लगाने की अनुमति दी गई है? (ग) क्या इनके द्वारा तस्करी करके लाई गई सागवान की लकड़ी का अवैध व्यापार करने की शिकायत प्राप्त हुई है? (घ) यदि हाँ, तो अवैध कारोबार करने वाले एवं संरक्षण देने वाले अधिकारियों पर क्या कार्यवाही की जाएगी/गई और कब तक समय-सीमा बताने का कष्ट करें।

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जी नहीं। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। ऐसी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

जल जीवन मिशन योजना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

16. ( *क्र. 878 ) श्री अम्बरीष शर्मा : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) भिंड जिले के अंतर्गत विधान सभा क्षेत्र लहार में क्या जल जीवन मिशन योजना संचालित की जा रही है? यदि हाँ, तो योजना की स्वीकृत राशि कितनी है एवं आज दिनांक तक ठेकेदार को कितना भुगतान किया गया है तथा क्षेत्र के कितने ग्राम योजना से लाभान्वित होंगे? कृपया गाँवों के नाम बतावें। (ख) विधानसभा क्षेत्र लहार में संचालित जल जीवन मिशन योजना में की गई अनियमितता के संबंध में विभाग को क्या कोई शिकायत प्राप्त हुई है? यदि हाँ, तो क्या उसकी जांच कराई गई, जांच में क्या पाया गया? (ग) क्या योजना के अंतर्गत पाइप लाइन निर्धारित गहराई में न बिछाई जाकर प्रावधान से कम गहराई में बिछाई गई है? बिछाई गई लाइन की गहराई किस अधिकारी के द्वारा जांच की गई? उसका नाम एवं पद बतावें। (घ) क्या घरों में घरेलू नल कनेक्शन में स्टैंड पोस्ट का निर्माण किया गया है? यदि हाँ, तो कितने घरों में कनेक्शन दिए गए तथा कितने घरों में स्टैंड पोस्ट बनाए गए? (ड.) क्या उच्च घनत्व पॉलि‍थीन पाइप/मध्यम घनत्व पॉलि‍थीन पाइप की जांच केंद्रीय पेट्रो रसायन अभियांत्रिकी एवं प्रोद्योगिकी संस्थान द्वारा कराई गई है? यदि हाँ, तो रिपोर्ट उपलब्ध करावें? यदि नहीं, तो क्यों?

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 अनुसार है। (ख) ग्राम असवार के संबंध में शिकायत प्राप्त हुईं, जांच कराई गई, कार्य स्‍वीकृत ड्रॉइंग डिजाइन के अनुसार गुणवत्‍तापूर्वक कराए गए हैं, पाइप-लाइन लीकेज का सुधार कर दिया गया है। (ग) जी नहीं, पाइप-लाइन के कार्य विभागीय मापदंडानुसार कराये गये हैं। कार्य का मापांकन एवं सत्यापन करने वाले विभाग के उपयंत्री एवं सहायक यंत्रियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 अनुसार है। (घ) 19,236 नल कनेक्शन दिये गये, जिनमें से 14801 में स्टैंड पोस्ट बनाये गये हैं। (ड.) पाइप की जांच केन्द्रीय पेट्रो रसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान से कराई गई है, संदर्भ हेतु रिपोर्ट की एक प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 02 अनुसार है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

मौसम आधारित उद्यानिकी फसलों का बीमा

[उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण]

17. ( *क्र. 691 ) श्रीमती अर्चना चिटनीस : क्या सामाजिक न्‍याय एवं दिव्‍यांगजन कल्‍याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्य में उद्यानिकी फसलों के अंतर्गत फसलवार रकबा कितना है तथा कितने कृषकों द्वारा उद्यानिकी फसलें ली जाती है? (ख) मौसम आधारित उद्यानिकी फसल बीमा के अंर्तगत वर्ष 2014-2019 तक वर्षवार उद्यानिकी फसलों अंतर्गत कितने क्षेत्र का बीमा किया गया तथा वर्षवार कितने प्रीमियम का भुगतान किया गया? प्रीमियम के विरूद्ध कितनी बीमा राशि का वर्षवार भुगतान कृषकों को किया गया? (ग) क्या मौसम आधारित फसल बीमा के अंतर्गत वर्ष 2019-20 से वर्ष 2023-24 तक फसलों का फसल-बीमा का कृषकों के प्रदाय नहीं किया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) अन्य राज्य जैसे महाराष्ट्र आदि के कृषकों को उद्यानिकी फसलों के बीमा कवरेज के लिए कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो राज्य शासन द्वारा म.प्र. में ऐसी कार्यवाही क्यों नहीं की गई? उद्यानिकी फसलों के बीमा कवरेज के लिए शासन समय-सीमा निश्चित करेगा? यदि हाँ, समय-सीमा क्या होगी? (ड.) राज्य में मान. प्रधानमंत्री जी की महत्वाकांक्षी उद्यानिकी फसलों पर मौसम आधारित बीमा योजना लागू नहीं किये जाने के लिए अधिकारियों पर उत्तरदायित्व सुनिश्चित किया जायेगा? दोषी अधिकारियों को दंडित किया जायेगा?

सामाजिक न्‍याय एवं दिव्‍यांगजन कल्‍याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) वर्ष 2019-20 में योजना के क्रियान्‍वयन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। आगामी वर्षों की स्थिति निम्‍नानुसार है :- खरीफ वर्ष 2020 से रबी 2022-23 के लिए 6 बार टेण्‍डर जारी किए गये, परन्‍तु दरें अधिक आने के कारण योजना का क्रियान्‍वयन नहीं किया जा सका। रबी 2022-23 से रबी 2023-24 के लिए निविदा आमंत्रित की गई परन्‍तु एक ही निविदा प्राप्‍त होने के कारण निविदा नहीं खोली गई। खरीफ 2023-24 से रबी 2025-26 के लिए निविदा आमंत्रित की गई परन्‍तु विभाग द्वारा भारत सरकार के नवीन निर्देश दिनांक 30.06.2023 अनुसार कार्यवाही करने का निर्णय लिया गया। (घ) भारत सरकार के नवीन दिशा निर्देशानुसार कार्यवाही प्रक्रियाधीन हैनवीन दिशा-निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ड.) भारत सरकार के नवीन दिशा निर्देशानुसार कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। नवीन दिशा-निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- के प्रपत्र '''' अनुसार है। शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

जल जीवन मिशन के निर्माण कार्यों की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

18. ( *क्र. 108 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायतों, शालाओं, आंगनवाड़ि‍यों और आश्रय शालाओं में 100 दिवस में शुद्ध जल आपूर्ति हेतु कोई योजना संचालित है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में वर्ष 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक विधानसभा क्षेत्र 08 अम्‍बाह के विकासखण्‍ड अम्‍बाह/पोरसा में कितनी ग्राम पंचायतों, शालाओं, आंगनवाड़ी एवं आश्रय शालाएं स्‍वीकृत हैं? सूची उपलब्‍ध करावें। कार्य एंजेसी संबंधित ठेकेदार का नाम प्राक्‍कलित राशि, शीर्ष एवं वर्ष सहित बतावें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के प्रकाश में स्‍वीकृत योजनाएं कितनी संख्‍या में पूर्ण होकर संचालित हैं। कितनी प्रगतिरत हैं और कितनों पर प्रश्‍न दिनांक तक कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है? पृथक-पृथक सूची उपलब्‍ध करावें। (घ) क्‍या संबंधित कार्य एजेंसी द्वारा उक्‍त योजना में प्राक्‍कलन के अनुसार कार्य न कर घटिया एवं गुणवत्‍ता विहीन सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिससे पानी की टंकी, प्‍लेटफॉर्म क्षतिग्रस्‍त होकर आये दिन टूट रहे हैं? जैसे विकासखण्‍ड सबलगढ़ के ग्राम खिरका जनपद पंचायत सबलगढ़ के माध्‍यमिक विद्यालय में उक्‍त सिस्‍टम के भरभरा कर गिर जाने से एक छात्र की मृत्‍यु हो गई? यदि हाँ, तो ऐसे संबंधित कार्य एजेंसी ठेकेदार मॉनिटरिंग अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो कार्यवाही कब तक की जावेगी?

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जल जीवन मिशन के अंतर्गत 100 दिवस में शुद्ध जल आपूर्ति हेतु कोई योजना वर्तमान में संचालित नहीं है। (ख) वर्ष-2022 से प्रश्‍न दिनांक तक विधानसभा क्षेत्र 08 अम्बाह के विकासखण्ड अम्बाह/पोरसा में शालाओं, आँगनवाड़ी में कोई योजना स्वीकृत नहीं है, तथापि विधानसभा क्षेत्र 8 अम्बाह के विकासखण्ड अम्बाह की ग्राम पंचायत चांद का पुरा के ग्राम इनानकी में जल जीवन मिशन के अंतर्गत एकल ग्राम योजना लागत रु. 90.27 लाख की स्वीकृति दिनांक 27.07.2022 को जारी हुई है, जिसका कार्य मैसर्स महेन्द्र एण्ड सन्स द्वारा किया जा रहा है, वर्तमान में योजना का कार्य प्रगतिरत है, इस योजना का कार्य जल जीवन मिशन योजना के शीर्ष के अंतर्गत किया जा रहा है। (ग) जानकारी उत्तरांश (ख) अनुसार है। (घ) कार्य एजेन्सी द्वारा योजनाओं के कार्य विभागीय मापदण्ड के अनुसार किये जाते हैं, प्रचलित प्रक्रिया के अनुसार गुणवत्ता की जांच की जाती है, अतः घटिया/गुणवत्ताविहीन सामग्री के उपयोग एवं आये दिन टंकी/प्लेटफार्म टूटने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। विकासखण्ड सबलगढ़ के ग्राम खिरका में माध्यमिक शाला की पेयजल संरचना दुर्घटनावश क्षतिग्रस्त होने के प्रकरण में प्रथम दृष्ट्या उत्तरदायी मानते हुए संबंधित उपयंत्री को कलेक्टर मुरैना के आदेश क्रमांक 500, दिनांक 14.10.2022 द्वारा निलंबित किया गया एवं पुलिस थाना टेंटरा में संबंधित उपयंत्री, तत्कालीन सहायक यंत्री तथा कार्य एजेन्सी के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज की गई तथा मुख्य अभियंता, ग्वालियर परिक्षेत्र, ग्वालियर के आदेश क्रमांक-381, दिनांक 14.12.2022 द्वारा संबंधित कार्य एजेन्सी को ब्लैक लिस्टेड करने की कार्यवाही की गई। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

वन विभाग में कार्य कराए जाने हेतु जारी टेंडर

[वन]

19. ( *क्र. 579 ) श्री सुनील उईके : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मंत्रालय वन विभाग द्वारा आदेश क्रमांक 2544/2019/10/2 और 27.5.2023 एवं 153/2024 से वन विभाग के कार्यों को ठेकेदारी प्रथा से निविदा के द्वारा कराए जाने का निर्णय लिया गया है? (ख) वन विभाग ने आज दिनांक तक वनमंडल वार कब-कब कितने टेंडर जारी किये हैं? यदि हाँ, तो जानकारी से अवगत कराने का कष्‍ट करें? यदि नहीं, तो क्यों? वित्त विभाग आदेश का पालन कब तक करायेंगे? आज तक आदेश का पालन नहीं करने पर वित्त विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जायेगी?

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। रूपये 2.00 लाख से ऊपर के निर्माण/मरम्‍मत कार्य तथा निविदा के माध्‍यम से तथा राज्‍य शासन के पत्र क्रमांक-एफ-2544/2019/10-2, दिनांक 27.03.2024 से निविदा के माध्‍यम से एवं विभागीय स्‍तर पर कार्य कराये जाने के निर्देश हैं। (ख) उत्‍तरांश '''' के अनुक्रम में अभी तक कोई टेंडर जारी नहीं किये गये हैं। निर्वाचन आचार संहिता, उपयुक्‍त मदों में वित्‍तीय आवंटन प्राप्‍त न होने तथा वृक्षारोपण सीजन को ध्‍यान में रखते हुए दिनांक 31.07.2024 तक विभागीय प्रचलित प्रक्रिया अनुसार कार्य करना अनुमत किया गया है। वित्‍त विभाग से कोई निर्देश जारी नहीं हुये हैं, अत: उनका पालन कराये जाने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

अमानक खाद्यान्न का भंडारण एवं वितरण

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

20. ( *क्र. 1737 ) श्री धीरेन्द्र बहादुर सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 1168, दिनांक 14.02.2024 का प्रश्‍नांश '''' क्या था और क्या प्रश्‍न का उत्तर ''समाचार पत्रों के माध्यम से अमानक/गुणवत्ताविहीन राशन सामग्री वितरण की 03 शिकायतें प्राप्त होना'' था? यदि हाँ, तो कैसे जबकि प्रश्‍नाधीन अवधि में विभाग के प्रमुख सचिव, आयुक्त, कलेक्टर महोदय एवं जिला आपूर्ति अधिकारी कटनी को ई-मेल के माध्यम से दिनांक 20.10.2022 को निकाय के जनप्रतिनिधि ने शिकायत की थी? (ख) प्रश्‍नांश '''' क्या ई-मेल से प्रेषित शिकायतों पर प्रश्‍न दिनांक तक कार्यवाही की गयी? यदि हाँ, तो कार्यालयवार की गयी कार्यवाही से अवगत कराइए? यदि नहीं, तो क्यों और उत्तरानुसार स्टेक चयन के लिए उत्तरदायी शासकीय सेवकों पर समुचित कार्यवाही न करने का कारण बताइये। (ग) अनुबंधित भंडारग्रहों के निरीक्षण और भंडारित सामग्री की गुणवत्ता की जांच और सत्यापन का दायित्व किन-किन शासकीय सेवकों का होता है? क्या इन कार्यों की ज़िम्मेदारी नियत करने के नियम/निर्देश हैं? यदि हाँ, तो क्या और नियमों/निर्देशों के उल्लंघन पर क्या-क्या दंडात्मक/अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाती है? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) कटनी जिले में विगत-03 वर्षों में अनुबंधित भंडारग्रहों एवं भंडारित सामग्री का किस नाम/पदनाम के किन-किन शासकीय सेवकों द्वारा कब-कब निरीक्षण सत्यापन एवं गुणवत्ता का परीक्षण किया गया? क्या प्रतिवेदन दिये गये और कटनी जिले सहित प्रदेश में खाद्यान्न के भंडारण/वितरण में अनियमितताओं को रोकने और कार्यवाही की शासन/विभाग की योजना क्या है?

खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 1168, दिनांक 14.02.2024 का प्रश्‍नांश '' में उल्‍लेखित था कि प्रश्‍नांश '' क्‍या उपभोक्‍ताओं/जनप्रतिनिधियों द्वारा अमानक/गुणवत्‍ताविहीन राशन सामग्री वितरण की भी शिकायतें शासन/विभाग को की गई हैं? हाँ तो जब जांच उपरांत राशन सामग्री वितरण हेतु प्रदाय एवं वितरित की जाती है तो यह शिकायतें होने का कारण बताइये, शिकायतों पर की गई कार्यवाही से अवगत कराइये। जी हाँ, प्रश्‍न का उत्‍तर समाचार पत्रों के माध्‍यम से अमानक/गुणवत्‍ताविहीन राशन सामग्री वितरण की 03 शिकायतें प्राप्‍त होना था। उक्‍त 03 शिकायतों में जिला आपूर्ति अधिकारी कटनी को ई-मेल के माध्‍यम से दिनांक 20.10.2022 को निकाय के जनप्रतिनिधि के द्वारा की गयी शिकायत सम्मिलित थी। जनप्रतिनिधि के द्वारा की गयी उक्‍त शिकायत समाचार पत्र में भी प्रकाशित हुई थी। (ख) जी हाँ, तत्‍समय नागरिक आपूर्ति निगम कटनी के द्वारा खाद्यान्‍न बदलकर मानक खाद्यान्‍न दुकान में उपलब्‍ध करा दिया गया। शेष प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होता। (ग) अनुबंधित भण्‍डारगृहों के निरीक्षण और भंडारित सामग्री की गुणवत्‍ता की जांच और सत्‍यापन जिले में सहायक आपूर्ति अधिकारी, शाखा प्रबंधक, मध्‍यप्रदेश वेयरहाउसिंग एण्‍ड लॉजिस्टिक्‍स कॉर्पोरेशन एवं प्रदाय केन्‍द्र प्रभारी, मध्‍यप्रदेश स्‍टेट सिविल सप्‍लाईज कॉर्पोरेशन के संयुक्‍त जांच दल द्वारा की जाती है। उक्‍त गुणवत्‍ता जांच, मध्‍यप्रदेश स्‍टेट सिविल सप्‍लाईज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के पत्र क्र./गु.नि./53/16-17/192 भोपाल दिनांक 04.10.2016 को प्रबंध संचालक, मध्‍यप्रदेश स्‍टेट सिविल सप्‍लाईज कॉर्पोरेशन, आयुक्‍त खाद्य, प्रबंध संचालक, मध्‍यप्रदेश वेयरहाउसिंग एण्‍ड लॉजिस्टिक्‍स कॉर्पोरेशन के संयुक्‍त हस्‍ताक्षर से जारी निर्देशानुसार की जाती है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अनुसार है। (घ) कटनी जिले में विगम 3 वर्षों में अनुबंधित भण्‍डारगृहों एवं भण्‍डारित सामग्री का जिन शासकीय सेवकों द्वारा निरीक्षण किया गया है कि सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अनुसार है। शासकीय सेवकों द्वारा किये गये निरीक्षण, सत्‍यापन एवं गुणवत्‍ता का परीक्षण संबंधी प्रतिवेदन पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अनुसार है। समर्थन मूल्‍य पर खाद्यान्‍न के उपार्जन, भण्‍डारण एवं लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत प्रदाय के स्‍तर पर खाद्यान्‍न की गुणवत्‍ता परीक्षण की वर्तमान व्‍यवस्‍था को और अधिक सुदृढ़ कर निर्धारित एफ.ए.क्‍यू. के खाद्यान्‍न का उपार्जन एवं वितरण सुनिश्चित किया गया है।

वन भूमि पर अतिक्रमण

[वन]

21. ( *क्र. 1852 ) श्री घनश्याम चन्द्रवंशी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शाजापुर जिले में कुल कितनी भूमि वन विभाग के पास है? विगत तीन वर्षों में उक्त भूमि पर कब- कब, कहाँ-कहाँ वृक्षारोपण किया गया तथा उक्त वृक्षारोपण में कितनी धनराशि व्यय की गयी है? वर्तमान में उक्त वृक्षारोपण की जाँच कब-कब की गयी? उक्त वृक्षारोपण में कितने प्रतिशत वृक्ष जीवित हैं तथा कितने मृत हुए हैं? (ख) कालापीपल विधानसभा क्षेत्र में वन विभाग की कितनी भूमि है? क्या उक्त भूमि का सीमांकन किया गया है? यदि हाँ, तो कब किया गया है? यदि नहीं, तो सीमांकन कब तक किया जावेगा? (ग) कालापीपल विधानसभा क्षेत्र में वन विभाग की कितनी भूमि पर अतिक्रमण किया गया है? अतिक्रमण हटाने को लेकर कितनी शिकायतें विगत 03 वर्षों में प्राप्त हुई हैं तथा विभाग द्वारा उक्त शिकायतों पर कार्यवाही करते हुए कितनी वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया गया है?

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) शाजापुर जिले में वन विभाग के पास 582.07 हेक्टेयर भूमि है। प्रश्‍नांश के शेष भाग की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) कालापीपल विधान सभा क्षेत्र में वन विभाग की भूमि की जानकारी निरंक है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश '' के तारतम्य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "दो"

जल बोर्ड द्वारा विकासखण्‍ड आमला के ग्रामों में पेयजल आपूर्ति

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

22. ( *क्र. 1259 ) डॉ. योगेश पंडाग्रे : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बैतूल जिले के अंतर्गत कितने जलाशयों से जल बोर्ड हेतु कितना पानी आरक्षित कर जिले के कितने ग्रामों में समूह जल योजना के माध्‍यम से पेयजल आपूर्ति प्रस्‍तावित है? कृपया विकासखण्‍ड वार जानकारी देवें। (ख) जिले में ताप्‍ती नदी पर निर्माणाधीन घोघरी जलाशय परियोजना से विकासखण्‍ड आमला के कितने ग्रामों को आपूर्ति हेतु सर्वे आदि किये गये हैं तथा कितने ग्रामों को इस योजना में सम्मिलित किये जाने हेतु जनप्रतिनिधियों द्वारा अनुशंसा की गई है? (ग) विकासखण्‍ड आमला के अंतर्गत ससुन्‍द्रा, अम्‍बाड़ा, बेलमण्‍डई, पंखा, अंधारिया, ससाबड़, नएगांव, बोथियाब्राह्मणवाड़ा, झीटापाटी, नांदपुर, रमली, मोरण्‍डढाना, बल्‍लाचाल आदि बसाहटों के लिये प्रश्‍नकर्ता के पत्र पर बोर्ड द्वारा आज दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) प्रश्‍नांश (ग) में उल्‍लेखित बसाहटों को समूह जल योजना में शामिल किए जाने में विलम्‍ब के क्‍या कारण रहे हैं, इन ग्रामों को कब तक समूह जल योजना में सम्मिलित किया जायेगा?

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) बैतूल जिले अंतर्गत प्रश्‍न दिनांक तक जल निगम हेतु गढ़ा जलाशय से 2.00 मि.घन.मी., मेढ़ा जलाशय से 8.48 मि.घन.मी. घोघरी जलाशय से 4.67 मि.घन.मी. एवं वर्धा जलाशय से 2.85 मि.घन मी पानी आरक्षित कर, कुल 545 ग्रामों को समूह जल प्रदाय योजना के माध्यम पेयजल आपूर्ति प्रस्तावित है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) बैतूल जिले में ताप्ती नदी पर निर्माणाधीन घोघरी जलाशय परियोजना से विकासखण्ड आमला के 03 ग्राम क्रमशः ससुन्द्रा, नांदपुर एवं देवठान को घोघरी समूह जल प्रदाय योजना से पेयजल आपूर्ति हेतु सर्वे किया गया है तथा विकासखण्ड आमला के कुल 13 ग्रामों को घोघरी समूह जल प्रदाय योजना में सम्मिलित किये जाने हेतु जनप्रतिनिधियों द्वारा अनुशंसा की गई हैं। (ग) प्रश्‍नांश में उल्लेखित ग्राम, मेढ़ा समूह जल प्रदाय योजना में सम्मिलित है। शेष प्रश्‍नाश उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्‍नांश (ग) में उल्लेखित ग्राम, मेढ़ा समूह जल प्रदाय योजना में सम्मिलित है, शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "तीन"

मनोरंजन एवं वन्‍यप्राणी अनुभव क्षेत्र से राजस्‍व प्राप्ति

[वन]

23. ( *क्र. 1501 ) श्री अजय अर्जुन सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. शासन वन विभाग द्वारा गत 05 वर्षों में वन मंडलों के कई क्षेत्रों को इको पर्यटन की दृष्टि से मनोरंजन क्षेत्र अधिसूचित किया है? (ख) यदि हाँ, तो किस-किस वनमंडल के कौन-कौन से क्षेत्र को कब-कब मनोरंजन क्षेत्र घोषित किया गया? प्रश्‍नांश (ख) के मनोरंजन क्षेत्रों के प्रत्येक साइट पर कौन-कौन से कार्य कराए गए और उन पर कितना खर्च किया गया? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उत्तर के परिप्रेक्ष्य में किस-किस मनोरंजन क्षेत्र से विभाग को अब तक कितना राजस्व प्राप्त हुआ?

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। प्रश्‍नाधीन अवधि में मध्‍यप्रदेश में 28 मनोरंजन क्षेत्र एवं 01 वन्‍यप्राणी अनुभव क्षेत्र अधिसूचित किये गये हैं। (ख) वनमंडलवार घोषित मनोरंजन एवं वन्‍यप्राणी अनुभव क्षेत्र व कार्यों पर व्‍यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) वनमंडलवार मनोरंजन एवं वन्‍यप्राणी अनुभव क्षेत्र से राजस्‍व प्राप्ति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

अनुसूचित जाति/जनजाति बस्तियों में करायें गये निर्माण कार्य

[अनुसूचित जाति कल्याण]

24. ( *क्र. 1078 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले में वर्ष 2019-20 से 2023-24 तक अनुसूचित जाति बस्ती विकास एवं अनुसूचित जनजाति विकास योजना के अंतर्गत सी.सी. रोड, खरंजा, रपटा, पुलिया, सामुदायिक भवन, हैण्डपंप, टयूबवेल मोटर सहित के कार्य किन-किन ग्रामों की कौन-कौन सी बस्तियों में क्या-क्या कार्य कब-कब कितनी-कितनी राशि के स्वीकृत किये गये? कार्यों की निर्माण एजेंसी का नाम बताते हुए विधानसभा क्षेत्रवार एवं विकासखण्ड वार जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित कार्यों में से कौन-कौन से कार्य कब-कब पूर्ण हुए? कौन-कौन से कार्य प्रश्‍न दिनांक तक अपूर्ण एवं अप्रारंभ हैं? अपूर्ण कार्य कब तक पूर्ण होंगे? उक्त बस्तियों में निर्माण कार्य स्वीकृत करने के मानदंड क्या हैं? प्रतिलिपि संलग्न कर जानकारी दें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में वर्णित कौन-कौन से कार्यों का किन-किन के द्वारा कब-कब कितनी राशि का मूल्यांकन एवं भौतिक सत्‍यापन किया गया? मूल्यांकनकर्ता एवं सत्‍यापनकर्ता अधिकारी का नाम एवं पद सहित बतायें। (घ) क्या प्रश्‍नाधीन वर्णित अवधि में निर्मित कुछ निर्माण कार्य प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में अस्तित्‍व में नहीं है? यदि हाँ, तो वह निर्माण कार्य कौन-कौन से हैं? क्या प्रश्‍नकर्ता यदि अस्तित्व वि‍हीन कार्यों की सूची उपलब्ध करायें तो शासन/प्रशासन राशि वसूली आदि की कोई कार्यवाही करेगा?

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। नियम की छायाप्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। (घ) जी नहीं, शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

औद्योगिक इकाइयों के गंदे पानी से जल प्रदूषण

[पर्यावरण]

25. ( *क्र. 717 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सौंसर विधानसभा क्षेत्र में संचालित औद्योगिक इकाइयों से गंदा दूषित पानी कन्हान नदी तथा छोटे बड़े सभी नाले में छोड़ा जा रहा है, जिसके कारण आसपास के गांवों में पानी दूषित हो चुका है और अब पीने योग्य नहीं रह गया है? (ख) इसके साथ ही इन नदी नालों में बहते पानी को पशु मवेशी पी रहे हैं, जिससे बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है? (ग) क्या सरकार सौंसर क्षेत्र में संचालित औद्योगिक इकाइयों से गंदा दूषित पानी कन्हान नदी तथा छोटे बड़े सभी नाले में छोड़े जाने से होने वाले जल प्रदूषण की उच्चस्तरीय समिति से जांच करवाकर इसे तत्काल रोकने के लिए कार्यवाही करेगी?

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) से (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

 

 

 



भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्‍नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्‍नोत्तर


टीकमगढ़ जिले में वन विभाग की उदासीनता

[वन]

1. ( क्र. 19 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वनमंडल टीकमगढ़ में विगत वर्षों से नियमित वनमंडलाधिकारी की पदस्थापना क्‍यों नहीं की जा रही है? (ख) क्या नियमित वनमण्डलाधिकारी न होने से वन अपराधों पर कोई नियंत्रण नहीं है? मोर एवं नीलगाय के शिकार पर भी बीट बरेठी, सब रेज-दिगौड़ा में कोई कार्यवाही नहीं हुई? (ग) क्‍या सब रेंज मोहनगढ़, दिगौड़ा एवं सम्पूर्ण निवाड़ी जिला की वन भूमि अतिक्रमण की चपेट में है? जो अधिकारी जिम्मेदारी से कार्य नहीं कर अपराध में संलिप्त हैं, उनकी जानकारी दें। (घ) कब तक टीकमगढ़ को नियमित अधिकारी देकर वन अपराधों को रोका जायेगा?

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) अधिकारियों की कमी होने से नियमित वनमण्डलाधिकारी की पदस्थापना नहीं की जा सकी है। (ख) जी नहीं। अतिरिक्त प्रभार के वनमण्डलाधिकारी का अपराधों पर नियंत्रण नियमित वनण्मडलाधिकारी की भांति रहता है। बीट बरेठी के अन्तर्गत मोर के शिकार से संबंधित 2 प्रकरण घटित हुए हैं जिनका पोस्टमार्टम पशु चिकित्सा अधिकारी जतारा एवं दिगौडा द्वारा कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मोर की मृत्यु का कारण हृदय संबंधी विफलता (cardiovascular failure) एवं बिजली के तारों से करंट लगने के कारण होना बताया गया है। बीट बरेठी अन्तर्गत नीलगाय की मृत्यु के प्रकरण में उसका पोस्टमार्टम सहायक पशुचिकित्सक दिगौडा द्वारा कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उक्त नीलगाय की मृत्यु किसी भारी चीज से मारने से होना दर्शाया गया है। इस प्रकरण में वन अपराध प्रकरण क्र. 219/16 दिनांक 17/02/2023 जारी किया जाकर प्रकरण में विधि अनुरूप कार्यवाही की गई है। (ग) जी नहीं। सभी अधिकारी/कर्मचारी अपने पदीय कर्तव्यों पर पूर्ण निष्ठा से कार्य कर रहे हैं। उनके अपराध में संलिप्त होने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। (घ) नियमित वनण्मडलाधिकारी की पदस्थापना प्रक्रियाधीन है। क्षेत्रीय वनमण्डल टीकमगढ़ अन्तर्गत स्थित वनक्षेत्रों में वन अपराधों की रोकथाम हेतु वन स्टाफ द्वारा नियमित व सतत् गस्ती किये जाने से वर्तमान में वन अपराधों पर नियंत्रण बना हुआ है।

पी.डी.एस. का कम आवंटन

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

2. ( क्र. 20 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. शासन द्वारा कोरोना काल में सम्पूर्ण म.प्र. में बिना पॉस मशीन के ऑफ लाईन खाद्यान्न आवंटन के निर्देश मौखिक देकर आवंटन दिया था? (ख) क्या कोरोना काल में दिया गया आवंटन मशीनों में तो दर्ज कर किया गया किंतु विक्रेताओं के स्टॉक से कम नहीं किया? (ग) प्रश्‍नांश "ख" में वर्णित स्टॉक कम न होने से सम्पूर्ण म.प्र. में खाद्यान्न कम दिया जा रहा है इसका उपयोग कलेक्टर एवं खाद्य अधिकारी की लॉगिन से किया जाता है। (घ) टीकमगढ़ कलेक्टर द्वारा सामान्य रूप से भी ऐसी व्यवस्थाओं पर ध्यान न देकर शासन की योजना का दुरूपयोग क्‍यों किया जा रहा है?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) कोरोना काल में पात्र परिवारों को खाद्यान्‍न वितरण हेतु दुकानवार ऑनलाईन आवंटन जारी कर पीओएस मशीन के माध्‍यम से ऑनलाईन खाद्यान्‍न वितरण की व्‍यवस्‍था थी। प्रदेश में पात्र परिवारों को बगैर पीओएस मशीन के खाद्यान्‍न वितरण की कोई मौखिक निर्देश नहीं दिए गए। (ख) खाद्यान्‍न सामग्री के उचित मूल्‍य दुकानों पर प्राप्ति उपरांत पीओएस मशीन में आवक दर्ज कर ऑनलाईन पावती जारी की जाती है एवं पीओएस मशीन से पात्र परिवारों को वितरित खाद्यान्‍न मात्रानुसार पीओएस मशीन के स्‍टॉक से मात्रा स्‍वत: कम हो जाती है। उचित मूल्‍य दुकान पर प्राप्‍त खाद्यान्‍न मात्रा में से विक्रेता द्वारा बगैर पीओएस मशीन के वितरित की गई खाद्यान्‍न मात्रा कम होने का प्रावधान नहीं है। (ग) उचित मूल्‍य दुकान से खाद्यान्‍न वितरण होने के पश्‍चात् पीओएस मशीन में शेष बचत मात्रा का समायोजन कर मासिक आवंटन जारी किया जाता है किन्‍तु, पीओएस मशीन के स्‍टॉक में भिन्‍नता होने की दशा में उचित मूल्‍य दुकान से संलग्‍न पात्र परिवारों की खाद्यान्‍न मासिक हकदारी अनुसार आवंटन उपलब्‍ध कराने की दृष्टि से जिले द्वारा डीएसओ/जेएसओ लॉगिन से पोर्टल पर अतिरिक्‍त खाद्यान्‍न आवंटन दर्ज करने की व्‍यवस्‍था की गई है ताकि पात्र परिवारों को उनकी हकदारी अनुसार खाद्यान्‍न मात्रा का वितरण किया जा सके। पात्र परिवारों की हकदारी से कम खाद्यान्‍न आवंटन जारी नहीं किया जा रहा है। (घ) कलेक्‍टर, टीकमगढ़ द्वारा लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत खाद्यान्‍न आवंटन एवं वितरण व्‍यवस्‍था का दुरूपयोग करने का प्रकरण प्रकाश में नहीं आया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

वृक्षारोपण एवं अन्य कार्यों की जानकारी

[वन]

3. ( क्र. 43 ) श्री वीरेन्द्र सिंह लोधी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वन विभाग द्वारा वर्ष 2019 से वर्तमान तक की अवधि में बंडा विधान सभा क्षेत्र में जिन-जिन स्थानों पर नर्सरी बनाई गई है, उन स्थानों की वर्षवार सूची प्रदान करें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार स्थानों पर जितनी-जितनी संख्या में वृक्षारोपण किया गया उसकी सूची उपलब्ध करवाने की कृपा करें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अंतर्गत सभी कार्यों पर प्रत्येक वर्ष कितना व्यय किया गया पृथक-पृथक कार्य पर व्यय की जानकारी उपलब्ध करवाने की कृपा करें। (घ) उक्त अवधि में प्रत्येक स्थान पर किये गये वृक्षारोपणों की वर्तमान भौतिक स्थिति क्या है? वर्तमान में कितने पेड़ जीवित अवस्था में है। (ड.) वन विभाग द्वारा विगत 5 वर्षों में बंडा विधान सभा क्षेत्र में प्रत्येक वर्ष जलसंरक्षण एवं संवर्धन हेतु किये गये कार्यों एवं मार्गों के निर्माण कार्य का वर्षवार ब्‍यौरा एवं उन पर व्यय का ब्‍यौरा उपलब्ध करवाने की कृपा करें। (च) उक्त अवधि में आस्थामूलक कार्यों के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र के वन परिक्षेत्रों में किये गये कार्यों एवं उन पर व्यय का सम्पूर्ण ब्‍यौरा उपलब्ध करवाने की कृपा करें।

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) वर्ष 2019 से वर्तमान तक बंडा विधान सभा क्षेत्र में नर्सरी नहीं बनाई गयी है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्‍नांश '''' में उल्‍लेखित बंडा विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत वर्ष 2019 से वर्तमान तक किये गये वृक्षारोपण की जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ग) एवं (घ) जानकारी उत्‍तरांश '''' के  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्‍ट-1 अनुसार है। (ड.) वन विभाग द्वारा विगत 5 वर्षों में बंडा विधान सभा क्षेत्र में प्रत्‍येक वर्ष जल संरक्षण एवं संवर्धन हेतु किये गये कार्यों की जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। उक्‍त अवधि में मांर्गों का निर्माण कार्य नहीं कराया गया है। (च) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है।

बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने हेतु सरकारी योजना

[पर्यावरण]

4. ( क्र. 72 ) श्री राजेश कुमार शुक्‍ला : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में लगातर बढ़ती गर्मी और ऊर्जा खपत को कम करने के लिए शहरी इको सिस्टम में सुधार करने एवं शहरों और कस्बों को ठंडा रखने के लिए ऐसी वास्तुकला और भवन संहिता विकसित की जाए जिसमे कार्य स्थल और घरों को अंदर से प्राकृतिक रूप से ठंडा किया जा सके। इस हेतु सरकार की क्या योजना है। यदि नहीं तो बनाने पर विचार करेगी? नहीं तो क्यों?

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) मध्‍यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 के स्‍थान पर लाये जाने वाले मध्‍यप्रदेश एकीकृत भूमि और भवन विकास नियम, 2022 (प्रारूप) के नियम 5 एवं उप नियम (6) में हरित भवन में वैकल्पिक सामग्री, डिजाईन तथा निर्माण कार्य की पद्धति और परीक्षण हेतु प्रावधानों को अनुशंसित किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

पाली हाउस में अनियमितता की जानकारी

[उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण]

5. ( क्र. 197 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या सामाजिक न्‍याय एवं दिव्‍यांगजन कल्‍याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन संभाग में 1 जुलाई 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक विभिन्न जिलों में कितने पॉली हाउस किन-किन किसानों के यहा विभाग द्वारा लगाये गये तथा इनमें विभाग ने कितने किसानों को कितनी-कितनी सब्सिडी दी गई तथा कितने किसानों को सब्सिडी नहीं मिली? जिलेवार सूची देवें। (ख) क्या विभाग द्वारा वर्तमान में सब्सिडी देकर पाली हाउस लगाने की योजना प्रचलन में है? यदि हाँ तो जानकारी की प्रतिलिपी देवें। यदि नहीं तो योजना को बंद करने के क्या कारण रहे? (ग) उक्त अवधि में उज्‍जैन संभाग में घटिया पाली हाउस तथा सब्सिडी नहीं मिलने की किन-किन कृषकों ने किन-किन जिलों में निर्माणकर्ता फर्म एवं अधिकारियों के खिलाफ किस प्रकार की शिकायत की गई? शिकायत पर विभाग द्वारा क्या-क्‍या कार्यवाही की गई?

सामाजिक न्‍याय एवं दिव्‍यांगजन कल्‍याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जिलेवार  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-अनुसार है। (ख) जी हाँ। योजना की  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार  है। शेषांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है। शेषांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

अनुसूचित जाति/जन‍जाति वर्ग पर अत्‍याचार के प्रकरण

[अनुसूचित जाति कल्याण]

6. ( क्र. 332 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला जबलपुर में अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग पर हुये अत्याचार संबंधी कितने-कितने प्रकरण अत्याचार निवारण अधिनियम 1995 की किन-किन धाराओं में पंजीकृत किये गये। कितने-कितने प्रकरणों में कितनी-कितनी राशि स्वीकृत की गई? कितने प्रकरण लम्बित/विवेचना में हैं। कितने प्रकरणों में कितने पीड़ितों को कितनी राशि की आर्थिक सहायता दी गई। कितने प्रकरणों में कितनी राशि वितरित नहीं की है एवं क्योंवर्ष 2020-21 से 2023-24 तक की जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में हत्या, आगजनी, जातिगत अपमान, दुष्कर्म सामूहिक दुष्कर्म, अपहरण व हत्या से सम्बंधित पंजीकृत कितने-कितने प्रकरणों में कितने-कितने पीड़ित परिवारों, पीड़ितों, पीड़ितों के आश्रितों को किस मान से स्वीकृत कितनी-कितनी राशि वितरित की गई। कितनी राशि वितरित नहीं की गई एवं क्यों? (ग) प्रश्‍नांश (क) में दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म, दुष्कर्म व हत्या से सम्बंधित पंजीकृत कितने प्रकरणों में कितनी-कितनी महिलाओं, लड़कियों व नाबालिग कन्याओं को कितनी-कितनी राशि की सहायता दी गई। कितने प्रकरणों में एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई। कितने प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किये गये

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट '''' एवं '''' अनुसार  है। (ख) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट '''' एवं '''' अनुसार  है। (ग) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट '''' में उल्‍लेखित है।

ग्रामीण पेयजल आपूर्ति की स्थिति

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

7. ( क्र. 396 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या जल जीवन मिशन अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर नल से जल पहुंचाने की व्यवस्था किये जाने का प्रावधान है? (ख) यदि हाँ तो धार विधानसभा के कितने ग्रामों को इस योजना में सम्मिलित किया गया है तथा उनमें से कितने ग्रामों में नल योजना का कार्य पूर्ण हो चुका है कितने में प्रचलित है तथा कितनें में कार्य किया जाना शेष है? सूची सहित बताने का कष्ट करें। (ग) जिन ग्रामों में स्पॉट स्त्रोत जल की उपलब्धता नहीं है, वहां पेयजल पहुंचाने हेतु जिले में क्या किन्हीं परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है? यदि हाँ तो धार विधानसभा के इन ग्रामों को किन-किन योजना में सम्मिलित किया गया है तथा उक्त परियोजना की अद्यतन प्रगति व परियोजना पूर्णता की संभावित तिथि से अवगत कराने का कष्ट करें। (घ) जिन ग्रामों में नल-जल योजनाएं पूर्ण हो चुकी है, उसके रख-रखाव व रख-रखाव हेतु किस प्रकार की व्यवस्था सुनिश्‍िचत की गई है? क्या ग्राम पंचायतों को पृथक से बजट आवंटन किया जावेगा? (ङ) इन ग्रामीण नल-जल योजनाओं के मानिटरिंग हेतु जिला स्तर पर या अन्य वरिष्ठ स्तर पर क्या कोई व्यवस्था निर्धारित की गई है तथा तकनीकी समस्याओं का निराकरण किस प्रकार होगा?

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी हाँ (ख) विधानसभा क्षेत्र धार के कुल 128 ग्रामों में से 02 ग्राम मुख्यमंत्री नलजल योजनाओं से आच्छादित हैं, शेष 126 ग्रामों को जल-जीवन मिशन के अंतर्गत नल-जल योजनाओं द्वारा आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है। इनमें से 117 ग्रामों के लिए एकल/समूह जल प्रदाय योजनाओं के अंतर्गत कार्य स्वीकृत हैं, जिनमें से वर्तमान में 73 ग्रामों में कार्य पूर्ण, 44 ग्रामों में प्रगतिरत हैं एवं 09 ग्रामों में कार्य शेष हैजानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है(ग) जल जीवन मिशन अंतर्गत भूगर्भीय जल की उपलब्धता के अनुसार धार विधानसभा क्षेत्र में भू-जल आधारित नल जल योजनाएं (एकल ग्राम नल जल योजनाएं) सतही जल स्त्रोत आधारित समूह जल प्रदाय योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। उपरोक्तनुसार स्वीकृत योजनाओं की अद्यतन प्रगति  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 एवं 02 अनुसार है। प्रगतिरत एकल ग्राम नल जल योजनाओं एवं समूह जल प्रदाय योजनाओं को पूर्ण करने की निश्‍िचत तिथि बताई जाना संभव नहीं है। (घ) पूर्ण की गई एकल नल-जल योजनाओं के हस्तांतरण पश्‍चात उनके रख-रखाव का उत्तरदायित्व संबंधित ग्राम पंचायतों का प्रावधानित है, समूह जल प्रदाय योजनाओं का संचालन एवं रख-रखाव म.प्र. जल निगम की निर्माण एजेंसी द्वारा किया जाता है। जी नहीं, ग्राम पंचायतों को स्वयं के साधनों से नल-जल योजना का संचालन-संधारण किया जाना प्रावधानित है। (ड.) जल जीवन मिशन अंतर्गत जिला स्तर पर "जिला जल एवं स्वच्छता मिशन" गठित है, योजनाओं के संचालन संधारण में समस्या उत्पन्न होने पर विभागीय अधिकारियों द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है।

छात्रावासों में अग्निशमन की व्यवस्था

[जनजातीय कार्य]

8. ( क्र. 397 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन के अग्निशमन मापदण्डों के अनुरूप शासकीय छात्रावास भवनों में आगजनी की घटनाओं की रोकथाम हेतु स्वचलित अग्निशमन प्रणाली व ऑटोमेटिक फायर डिटेक्शन सिस्टम आदि को स्थापित किये जाने की व्यवस्था होती है तथा क्या यह व्यवस्था नव निर्मित भवनों में भवन निर्माण करने वाली एजेन्सी द्वारा स्थापित की जाती है? (ख) यदि नहीं तो क्या विभाग द्वारा अपने स्तर पर अग्निशमन की व्यवस्था छात्रावासों में करता है? (ग) यदि हाँ तो धार जिले के कुल छात्रावासों में कितने छात्रावासों में अग्निशमन की व्यवस्था पूर्व से है तथा कितनों में यह व्यवस्था की जाना शेष है? (घ) क्या विभाग छात्रावासों में पढ़ाई कर रहे है विद्यार्थियों की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए, समस्त छात्रावासों में अग्निशमन स्थापित किये जाने हेतु दिशा-निर्देश जारी करेगा?

जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। नेशनल बिल्डिंग कोड ऑफ इण्डिया पार्ट-4 फायर एण्‍ड लाइफ सेफ्टी की कण्डिका 5.1.2 में टेबल-23 के अंतर्गत आवासीय एवं स्‍कूल भवन में 15 मीटर से अधिक ऊंचाई होने पर आवश्‍यक है। जी हाँ। (ख) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर अनुसार विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों में विभाग स्‍तर पर अग्निशमन स्‍थापित किये जाने की व्‍यवस्‍था की जाती है। (ग) धार जिले अंतर्गत संचालित 268 छात्रावासों में से 111 में सामान्‍य अग्निशमन यंत्र स्‍थापित है, शेष 157 में व्‍यवस्‍था की जाना है। (घ) निर्माण एजेन्‍सी द्वारा नेशनल बिल्डिंग कोड ऑफ इण्डिया में दिये गये प्रावधान अनुसार कार्य पूर्ण कराये जाते है।

जल जीवन मिशन योजना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

9. ( क्र. 434 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या जल जीवन मिशन योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर पेयजल उपलब्ध कराये जाने 376.14 करोड़ रुपये की राशि टीकमगढ़ में स्वीकृत की गई परन्‍तु खरगापुर वि‍धान सभा के स्थानों पर पेयजल का संकट है और रहा भी है। इस राशि का उपयोग करके किन-किन ग्रामों में पेयजल उपलब्ध कराया गया सम्पूर्ण जानकारी ग्रामवार उपलब्ध करायें। (ख) क्या जल जीवन मिशन के तहत मेसर्स इन्वायरो इन्फ्रा इंजीनियर्स प्रायवेट लिमिटेड कम्पनी को किस वर्ष में टेंडर दिया किस विभाग द्वारा विज्ञप्ति जारी की गई इसका कब अनुबंध हुआ, इस कम्पनी द्वारा अभी तक कहाँ-कहाँ पेयजल की व्यवस्था की, कितनी ग्राम पंचायतें लाभान्वित हुई? सम्पूर्ण जानकारी सहित सत्यापित प्रतिया उपलब्ध करायें। (ग) क्या विगत फरवरी के विधान सभा सत्र में अधिकांश मान. विधायकों द्वारा अपने-अपने जिलों की समस्या जल-जीवन मिशन के प्रश्‍न लगाये गये थे, जिसमें मान. संसदीय कार्यमंत्री महोदय द्वारा आश्‍वासन दिया गया था कि जिन मान. विधायकों के प्रश्‍न जल-जीवन मिशन के सबंध में लगाये गये है वह सभी अपने-अपने क्षेत्रों की समस्‍याओं के पत्र मान.मंत्री महोदया को दे दें। प्रश्‍नकर्ता द्वारा सदन में ही मान मंत्री महोदया जी को पत्र दिया गया था परन्तु आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं की गई। (घ) क्या मेसर्स इन्वायरो इन्फ्रा. इंजीनियर्स प्रायवेट लिमिटेड कम्पनी द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल मुहैया नहीं कराया गया है तो कम्पनी का अनुबंध निरस्त करेंगे? यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं तो क्यों? रूपये 376.14 करोड़ की राशि की भ्रष्टाचार की रोक थाम के क्या उपाय करके ग्रामीण क्षेत्र की आम जनता को पेयजल कब तक मुहैया करा देंगे?

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी हाँ, बानसुजारा समूह जल प्रदाय योजना लागत रू. 376.14 करोड़ की स्वीकृत की गई, जिसमें 201 ग्राम सम्मिलित हैं, योजना प्रगतिरत है तथा दिसम्बर 2024 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) वर्ष 2022 में मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा विज्ञप्ति जारी की गई, अनुबंध दिनांक 21.03.2022 को हुआ, योजना के कार्य प्रगतिरत हैं, योजना से वर्तमान में जल प्रदाय प्रारंभ नहीं हुआ है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ, ग्राम पंचायत चंद्रपुरा जनपद पंचायत बलदेवगढ़ की नल जल प्रदाय योजना की शिकायत के संबंध में जिला स्तर पर गठित दल द्वारा जाँच की जाकर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है, जांच में उक्त योजना से पेयजल प्रदाय चालू होना पाया गया। (घ) वर्तमान में योजना के कार्य प्रगतिरत है एवं कार्य दिसम्बर 2024 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है, शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है।

शासकीय उचित मूल्‍य की दुकानों की जानकारी

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

10. ( क्र. 442 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासकीय उचित मूल्य की दुकान ग्राम पाली एवं फूलपुर के विक्रेता की जाँच किये जाने कार्यालय कलेक्टर खाद्य का पत्र क्रमांक - 12/सात/खाद्य/2021/540 दिनांक 15/7/2021 को कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी पलेरा द्वारा जाँच में पाया गया कि विक्रेता द्वारा प्रस्तुत स्टाक पंजी एवं भौतिक सत्यापन में भारी अंतर है जिस कारण म.प्र. सार्वज‌निक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश 2015 की कंडिका 13 (2) एवं 18 का स्पष्ट उल्लंघन किया गया है जिसके तहत विक्रेता के विरुद्ध एफ.आई.आर. प्रश्‍न दिनांक तक क्यों नहीं की गई? (ख) क्या ऐसे विक्रेताओं के विरुद्ध कार्यवाही नहीं करने से क्षेत्र में अन्य विक्रेता मनमानी करके गरीबों के खाद्यान्न की कालाबाजारी करते रहते है और आम जनता शिकायतें करती रहती है इसलिये ऐसे भ्रष्‍ट विक्रेता फूलपुर, पाली के विरुद्ध कब तक एफ.आई.आर. दर्ज करा देंगे कृपया समयावधि बतायें? यदि नहीं तो क्यों? (ग) क्या यह भी सच है कि फूलपुर, पाली के खाद्यान्न विक्रेता द्वारा राजनैतिक दबाव से अनुविभागीय अधिकारी जतारा से सांठ-गांठ कर ली है क्‍या? ऐसे भ्रष्ट विक्रेता पर एफ.आई.आर. अतिशीघ्र कराकर राशि वसूली तथा वैधानिक कार्यवाही अतिशीघ्र कराये? यदि हाँ तो कब तक यदि नहीं तो क्यों?

खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (‍क) जी हाँ उल्‍लेखित पत्र के संबंध में तत्‍कालीन कनिष्‍ठ आपूर्ति अधिकारी पलेरा द्वारा जांच की एवं जांच में पाया कि विक्रेता के स्‍टाक में कुछ खाद्यान्‍न कम पाया गया था। जिसके संबंध में जारी कारण बताओं सूचना पत्र का जवाब समाधान कारक नहीं होने पर शासकीय उचित मूल्‍य दुकान पाली (0305091) को निलंबित की जाकर निकट स्थि‍त शासकीय उचित मूल्‍य दुकान पर संलग्‍न किया गया है। शासकीय उचित मूल्‍य दुकान फूलपुर को पूर्व में ही दोषी समिति से पृथक किया जा चुका है। संबंधित शासकीय उचित मूल्‍य दुकान के विक्रेता के विरूद्ध मध्‍यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश 2015 के तहत प्रकरण के तथ्‍यों के आधार पर कार्यवाही की जा रही है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) संबंधित विक्रेता के विरूद्ध मध्यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश 2015 के अनुसार कार्यवाही की जा रही है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) संबंधित विक्रेता के विरूद्ध मध्यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश 2015 के अनुसार कार्यवाही की जा रही है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

दिव्‍यांग हितग्राहियों को ट्राई साईकिल का प्रदाय

[सामाजिक न्याय एवं दिव्‍यांगजन कल्‍याण]

11. ( क्र. 529 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या सामाजिक न्‍याय एवं दिव्‍यांगजन कल्‍याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दिव्‍यांग हितग्राही को प्रदत्‍त की गई मोटराइज्‍ड ट्राई साईकिल 5 साल एवं सामान्‍य ट्राई साईकिल 3 साल में बदलने का प्रावधान है? (ख) यदि हाँ तो विधानसभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत विगत 5 सालों में कितने हितग्राहियों को बदलकर पुन: मोटराइज्‍ड/ट्राई साईकिल दी गई है? हितग्राहीवार सूची देवें? (ग) क्‍या निर्धारित समय के पूर्व ट्राई साइकिल कंडम हो जाने पर बदली जा सकती है? (घ) यदि नहीं तो क्‍या समय पूर्व बदलने का प्रावधान किया जा सकता है?

सामाजिक न्‍याय एवं दिव्‍यांगजन कल्‍याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जी हाँजानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार(ख) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार(ग) उत्‍तरांश (क) के  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट'''' अनुसार भारत सरकार की एडिप योजना की गाइड-लाइन अनुसार ही कार्यवाही की जाती है, इस संबंध में संशोधन भारत सरकार, सामाजिक न्‍याय और अधिकारिता मंत्रालय दिव्‍यांगजन सशक्तिकरण विभाग का क्षेत्राधिकार है। (घ) जानकारी उत्‍तरांश (ग) अनुसार।

खाद्यान्‍न वितरण में मनमानी

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

12. ( क्र. 602 ) श्री सुरेन्द्र सिंह गहरवार : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले के चित्रकूट विधानसभा में शासकीय उचित मूल्य की दुकानें कहाँ-कहाँ संचालित हैं. दुकानों का संचालन किनके-किनके द्वारा किया जा रहा है? दुकानवार सेल्समैन, प्रबंधक के नाम एवं मोबाइल नम्बर सहित देने का कष्ट करें? (ख) प्रश्‍नांश (क) की दुकानों से क्या-क्या सामाग्री और कितनी मात्रा में कितनी हितग्राहियों किन कीमतों पर वितरित करने के निर्देश है, शासनादेशों सहित देवें? क्या उक्त दुकानें नियमित रूप से संचालित न होकर मनमाने तरीके से संचालित होती है, खाद्यान्न एवं अन्य सामग्री की बिक्री शासन नियमानुसार नहीं की जाती है, अनियमित एवं मनमाने रूप से दुकानों के संचालन से गरीब जनता को अत्यंत परेशानी होती है इसके लिये क्या कार्यवाही की जावेगी स्पष्‍ट करें? (ग) क्या प्रश्‍नांश (क) की दुकानों से सामाग्री की बिक्री/प्रदाय हितग्राहियों/गरीब जनता के थम्ब इम्प्रेशन के माध्यम से किया जाता है अथवा ऑफलाइन से? वित्तीय वर्ष 2022-23 एवं 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक उक्त दुकानों द्वारा कितना माल प्राप्त कर कितना ऑनलाइन एवं कितना ऑफलाइन वितरण/बिक्री किया, जानकारी दुकानवार माहवार देवें? जनवरी 2024 से अभी तक किस-किस माह का खाद्यान्न वितरित नहीं किया गया, अप्रैल 2024 का खाद्यान्न वितरित नहीं किया गया क्यों? जबकि खाद्यान्न उठाया गया है? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के प्रकाश में संचालित दुकानों में से कितनी दुकानों के विरूद्ध शिकायतें वित्तीय वर्ष 2022-23 एवं 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक प्राप्त हुई हैं. इस अवधि में मशीनों के होने के बावजूद ऑफलाइन पद्धति से फर्जी रूप से खाद्यान्न वितरण दर्शाकर दुकानों के सेल्समैनों/प्रबंधकों द्वारा की गई अनियमितता एवं राशन वितरण में अनियमितता संबंधी प्राप्त शिकायतों के जाँच प्रतिवेदन की प्रतियाँ देवें एवं स्पष्‍ट करें कि जाँच में गड़बड़ी पाये जाने पर क्या कार्यवाही की गई? (ड.) क्या अगूठा पहले लगवा लिया जाता है फिर हितग्राही खाद्यान्‍न के लिये महीनों भटकते रहते हैं पीडीएस की सारी अव्यवस्था कब तक ठीक करेंगे?

खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट 'अनुसार है। (ख) उचित मूल्‍य दुकानों से वितरित की जाने वाली सामग्री का नाम, वितरण मात्रा, हितग्राही परिवार एवं वितरण की कीमत की  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट 'अनुसार है। जी नहीं। दुकानों से नियमानुसार खाद्यान्‍न एवं राशन सामग्री का वितरण किया जाता है। (ग) प्रश्‍नांकित दुकानों से सामग्री का प्रदाय/विक्रय हितग्राहियों के अंगूठे से किया जाता है। प्रश्‍नांकित अवधि में दुकानवार आवंटन एवं ऑनलाईन वितरण की  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट 'अनुसार है। जनवरी, 2024 से अभी तक प्रत्‍येक माह में वितरण किया गया है। अप्रैल 2024 की खाद्यान्‍न सामग्री का वितरण 30 मई 2024 तक किया गया है। (घ) प्रश्‍नांकित अवधि में उचित मूल्‍य दुकानों में से किसी भी दुकान के विरुद्ध ऑफलाईन पद्धति से फर्जी वितरण दर्शाकर अनियमितता करने की कोई भी शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है। शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थि‍त नहीं होता। (ड.) जी नहीं, पात्र हितग्राहियों के बॉयोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन से, हितग्राही के आधार से लिंक मोबाईल नंबर पर आये ओटीपी के माध्‍यम से एवं विशेष परिस्थिति में बने नॉमिनी के ऑथेंटिकेशन से राशन सामग्री का वितरण किया जाता है। तत्‍समय ही पीओएस मशीन से पावती प्रदाय की जाती है। शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

आम जनता को पेयजल सुविधा का लाभ

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

13. ( क्र. 603 ) श्री सुरेन्द्र सिंह गहरवार : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) चित्रकूट विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत पीने के पानी की सुविधा आम जनता को उपलब्ध कराये जाने के संबंध में कितनें नलकूप है, कहाँ-कहाँ नल-जल योजना प्रारंभ है? जानकारी पंचायतवार देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार कितने नलकूप वर्तमान में चालू अथवा बिगड़े हैं, पंचायतवार जानकारी देवें? किन-किन ग्रामों में नल-जल योजनाएं प्रारंभ है उनसे कितने परिवार लाभान्वित हो रहे हैं? कहाँ-कहाँ की नल-जल योजनाएं बिगड़ी पड़ी है उन्हे कब तक चालू कराया जायेगा? क्या नल-जल योजनाओं के लिये बनाई गई टंकियां जीर्ण-शीर्ण हो गयी हैं तथा उनमें पानी पूरी तरह नहीं भरता है जिसके कारण आम जनता को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पा रहा, यदि हाँ तो इसके समाधान की क्या योजना है स्पष्‍ट करें? (ग) क्या यह सत्य नहीं है कि चित्रकूट विधानसभा में 1 एस.डी.ओ. एवं 1 ए.ई. मात्र द्वारा पूरे विधानसभा के ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराने एवं नलकूपों की निगरानी एवं नल-जल योजना की जिम्मेवारी है कर्मचारियों की कमी से विधानसभा के ग्रामीणों को पेयजल के लिये दर-बदर भटकना पड़ रहा है? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्य में कर्मचारियों की पूर्ति कब तक की जायेगी साथ ही बंद पड़ी नल-जल योजना को कब तक चालू करा दिया जायेगा?

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट के  प्रपत्र-01 एवं 02 अनुसार है(ग) चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र में उपखंड मझगवां द्वारा कार्य किए जाते हैं, उक्त उपखंड के कार्यक्षेत्र में विकासखंड मझगवां एवं सोहावल सम्मिलित हैं। उपखंड में 2 उपयंत्री पदस्थ हैं, जिनमें से वरिष्ठ उपयंत्री को सहायक यंत्री का चालू प्रभार दिया गया है, जिनके द्वारा नलकूप/हैंडपंप तथा नलजल योजना कार्यों का क्रियान्वयन एवं निगरानी की जाती है। विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्रामों में 6 संविदा तकनीशियन हैंडपंप एवं 07 अन्य कर्मचारियों को हैंडपंप संधारण कार्य आवंटित है, विभाग द्वारा हैंडपंप संधारण आदि कार्य सुचारू रूप से कराये जा रहे हैं, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) नलजल योजनाओं का संधारण कार्य संबंधित ग्राम पंचायतों द्वारा किया जाता है, हैंडपंप संधारण कार्यों के लिए स्थापित हैंडपंपों की संख्या के अनुपात में कर्मचारियों की कम उपलब्धता की स्थिति में आवश्यकतानुसार आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से हैंडपंप संधारण कार्य कराए जाने का प्रावधान है। शेष जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-02 अनुसार है।

लेखा शीर्षों में व्‍यय राशि

[वन]

14. ( क्र. 639 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश शासन से छतरपुर जिले में कर्मचारियों के वेतन भत्तो के अलावा किन-किन लेखा शीर्षो में कितनी-कितनी राशि का आवंटन वर्ष 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक प्राप्त हुआ तथा किन-किन कार्यों पर व्यय किया गया? (ख) विधानसभा क्षेत्र बड़ामलहरा में विभाग द्वारा किन-किन अवधियों में कौन-कौन से निर्माण कार्य/जंगलों की सुरक्षा हेतु कितनी-कितनी राशि का व्यय किया गया क्‍या उस राशि का शासन नियमों के विरुद्ध दुरुपयोग किया गया एवं जंगलों की स्थिति चिन्ताजनक है? (ग) क्या वन समितियों का गठन शासन प्रावधानों के अन्तर्गत किया गया यदि हाँ, तो शासन की गाइड-लाइन सहित जानकारी दें? विभाग द्वारा वर्ष 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक बड़ा मलहरा/वकस्वाहा क्षेत्र के जंगलों में पेड़ लगाये जाने हेतु शासन की जो राशि व्यय की गई उनमें कितने वृक्ष जीवित है कितने मृत हो चुके उनका सम्पूर्ण विवरण है?

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-1 में है। (ख) निर्माण कार्यों की जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-2 में है। प्रश्‍नाधीन अवधि में जंगलों की सुरक्षा पर राशि रूपये 370.00 लाख का व्‍यय हुआ है। यह सही नहीं है कि उक्‍त राशि का शासन के नियमों के विरूद्ध दुरूपयोग किया गया और न ही जंगलों की स्थिति चिंताजनक है। (ग) वन समितियों का गठन शासन के संकल्‍प दिनांक 22.10.2001 के अनुसार किया गया है। शासन के संकल्‍प की प्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-3 में है। बड़ामलहरा/बकस्‍वाहा क्षेत्र के जंगलों में विभाग द्वारा वर्ष 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक 172000 पौधे रोपित किये गये, जिसमें से 171350 पौधे जीवित हैं एवं 750 पौधे मृत हो चुके हैं।

विधायकों के पत्रों पर जानकारी का प्रदाय

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

15. ( क्र. 640 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) छतरपुर जिले से वर्ष 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन लेखा शीर्षो में आवंटन प्राप्त हुआ और कब-कब व्यय किया गया विकास खण्डवार जानकारी दें? (ख) प्रश्‍नकर्ता के पत्र दिनांक 23/1/2024 को कार्यपालन यंत्री PHE छतरपुर को बड़ामलहरा विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों के संबंध में जानकारी चाही गई थी? प्रश्‍नकर्ता के पत्र क्र. लो.स्वा.यां/24 दिनांक 12/02/24 को प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी को पत्र दिया गया था? (ग) यदि हाँ तो जानकारी न देने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही की गई? यदि नहीं तो क्यों? (घ) क्या विभागीय अधिकारियों द्वारा निर्माण कार्यों की नल-जल योजना से संबंधित छतरपुर जिले में टैगिंग की गई जिसमें हजारों रूपयों का व्‍यय किया गया समस्त विवरण दें? जी.ओ. टैगिंग हेतु किस प्रावधान अन्तर्गत कमेटी गठित की गई प्रावधानों सहित विवरण दें?

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार है(ख) प्रश्‍नांश में उल्लेखित पत्र दिनांक 23.01.2024 प्राप्त हुआ है परन्तु पत्र दिनांक 12.02.2024 प्राप्‍त नहीं है। (ग) माननीया सदस्य के पत्र दिनांक 23.01.2024 के संदर्भ में कार्यपालन यंत्री, खंड छतरपुर के निर्देश पर सहायक यंत्री, उपखण्ड बड़ा मलहरा द्वारा माननीया सदस्य को जानकारी उपलब्ध कराई गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जल जीवन मिशन अंतर्गत निर्मित स्रोतों एवं योजनाओं में लगाए गए सूचना पटलों के साक्ष्य संकलित कर भारत सरकार के पोर्टल पर अपलोड किए गए हैं, जियो टैगिंग का कार्य करने के लिए कमेटी गठित नहीं की गई है तथा जियो टैगिंग के कार्य का पृथक से कोई भुगतान नहीं किया गया है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

 

क्षेत्रीय पेयजल योजनाओं की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

16. ( क्र. 666 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत शुद्ध पेयजल उपलब्धता हेतु/राज्य प्रवर्तित योजनाओं के माध्यम से जावरा तहसील एवं पिपलौदा तहसील अंतर्गत कितनी पेयजल योजनाएं संचालित होकर कार्यरत है? (ख) वर्ष 2015- 16 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक जल-जीवन मिशन अन्‍तर्गत स्वीकृत योजनाएं कितने-कितने बजट की होकर किन-किन वर्षों में कार्य प्रारंभ किया गया और कितना व्यय हुआ? साथ ही कितनी योजनाएं पूर्ण हुई, कितनी अपूर्ण रही, कितनी किन कारणों से अप्रारंभ रही? (ग) नल-जल योजनाओं के निर्माण कार्यों की स्थिति में ग्रामीण क्षेत्र के गांव की सीसी सड़कों को तोड़ा जाता है तो तोड़ी गई समस्त ग्रामों की समस्त सड़कों का पुनर्निर्माण किया गया है अथवा शेष है? ग्रामवार जानकारी दें। (घ) योजना अंतर्गत विद्युतीकरण, ट्रांसफार्मर, विद्युत लाइन एवं विद्युत कनेक्शन लिया जाना जैसे कार्य किन-किन स्थानों की पूर्ण हुए? कितने अपूर्ण रहे? साथ ही पेयजल योजना की पाइप की गुणवत्ता, वाल, नल टोटियों की गुणवत्ता, इत्यादि सामग्रियों की गुणवत्ता किस प्रकार रखी गई। खराब एवं गुणवत्ताविहीन सामग्रियाँ जहाँ लाई गई ,इनके विरुद्ध कब-कब, क्या क्या कार्यवाहियां की गई?

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) 103 एकल ग्राम नल-जल योजनाएं, 1785 हैंडपंप आधारित पेयजल योजनाएं तथा 272 सिंगल फेज़ मोटर पंप आधारित पेयजल योजनाएं संचालित होकर कार्यरत हैं। (ख) जल जीवन मिशन अंतर्गत स्वीकृत योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार है। (घ) एकल ग्राम नल-जल प्रदाय योजनाओं के संदर्भ में जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार है। माही समूह  जल प्रदाय योजनांतर्गत विद्युतीकरण, ट्रांसफार्मर, विद्युत लाइन एवं विद्युत कनेक्शन के कार्य वर्तमान में नहीं हुए हैं। योजना में प्रयुक्त होने वाली सामग्री तकनीकी समिति द्वारा निर्धारित मापदण्ड जैसे बी.आई.एस. कोड इत्यादि के अनुरूप एवं पाईप, सीपेट के परीक्षण उपरांत सूचीबद्ध कम्पनियों से लिया जाना प्रावधानित है। विभागीय मापदंड अनुसार उपयुक्त गुणवत्ता की सामग्री उपयोग में लाई गई, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

सांची दुग्ध संघ द्वारा किसानों को भुगतान

[पशुपालन एवं डेयरी]

17. ( क्र. 720 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सौंसर विधान सभा क्षेत्र में दुग्ध उत्पादक किसानों को सांची दुग्ध संघ द्वारा उनसे लिए दूध का माह जनवरी से भुगतान नहीं किया है? (ख) यदि हाँ तो किसानों को सांची दुग्ध संघ द्वारा भुगतान न किये जाने का क्या कारण है? (ग) क्या सरकार इन दुग्ध उत्पादन किसानों को सांची दुग्ध संघ से उनके बकाया का तत्काल भुगतान कराने की व्यवस्था करेगी?

राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) जी नहीं। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

जल निगम द्वारा संचालित समूह योजना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

18. ( क्र. 723 ) श्री मनोज नारायण सिंह चौधरी : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि जल निगम के द्वारा जो समूह योजना संचालित की जा रही है यह योजना जुलाई-अगस्त 2022 में पूर्ण होना थी, किन्तु अभी तक अपूर्ण है। कई गांवों में सड़कों की खुदाई कर पाईप डाल दिए गए हैं उन जगह पर आर.सी.सी. नहीं होने की वजह से एवं गड्ढे होने से लोग परेशान हो रहे है एवं दुर्घटनाएं होती रहती है। पीने के पानी की समस्या की दृष्टि से यह योजना सरकार की बहुत बड़ी योजना है। किन्तु अभी तक वह अधूरी क्यों है? यह कार्य कब तक पूर्ण होगा?

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : जल निगम द्वारा क्रियान्वित की जा रही विभिन्न समूह योजनाओं की पूर्णता तिथि प्रत्येक योजना की स्वीकृत निविदा/अनुबंध अनुसार है। जल जीवन मिशन के तहत योजनाओं को वर्ष 2024-25 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है। जी नहीं, पाईप लाइनों की टेस्टिंग कमीशनिंग होने के उपरान्त सड़कों को सुधार कर पूर्ववत किया जा रहा है। कोविड-19 महामारी के कारण एवं नेशनल हाइवे, वन विभाग व अन्य विभागों से स्वीकृतियां विलंब से प्राप्त होने के कारण विभिन्‍न योजनाओं के क्रियान्वयन में विलंब हुआ है, योजनाओं के पूर्ण होने की निश्‍िचत समयावधि बताया जाना संभव नहीं है।

प्रधानमंत्री आदिवासी आदर्श ग्राम योजना

[जनजातीय कार्य]

19. ( क्र. 724 ) श्रीमती अर्चना चिटनीस : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री आदिवासी आदर्श ग्राम योजनांर्तगत योजना प्रारम्भ से विधानसभा क्षेत्र बुरहानपुर के लिए कितने ग्राम को चयन किया गया है? वर्ष 2011 की जनगणनानुसार विधानसभा क्षेत्र बुरहानपुर के 50% आदिवासी जनसंख्या वाले अधिक कितने ग्राम इस योजना से वंचित रह गए है? वंचित ग्राम आगामी कार्ययोजना में शामिल किए जाएंगे? यदि नहीं तो कारण स्पष्ट करें। (ख) विधानसभा क्षेत्र बुरहानपुर के 50% आदिवासी जनसंख्या वाले अधिक जो ग्राम इस योजना से वंचित रह गए है उन्हें इस योजना में शामिल करने हेतु केन्द्र शासन से आगामी कार्ययोजना में शामिल कर अधोसंचना विकास के कार्यों को शामिल करने हेतु पत्र व्यवहार करेगा? यदि हाँ तो इस कार्य के लिए विभाग समय-सीमा निश्‍िचत करेगा?

जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) प्रधानमंत्री आदि आदर्श ग्राम योजना अंतर्गत प्रारंभ से विधान सभा क्षेत्र बुरहानपुर के लिए 08 ग्रामों का चयन किया गया है। भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा जारी योजना के दिशा निर्देश अनुसार ऐसे ग्राम, जिनमें वर्ष 2011 की जनगणना अनुसार अनुसूचित जनजाति की जनसंख्‍या कम से कम 500 तथा 50 प्रतिशत है, का चयन भारत सरकार द्वारा किया गया है। विधान सभा क्षेत्र बुरहानपुर में उक्‍त दिशा निर्देशों अनुसार 01 ग्राम ''करोली'' भारत सरकार द्वारा चयनित सूची में नहीं है। योजना में ग्रामों का चयन भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा किया जाता है, अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। भारत सरकार द्वारा ग्रामों का चयन किये जाने से समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

पाइप-लाइन बिछाने हेतु काटे गए वृक्षों की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

20. ( क्र. 725 ) श्री अनिरुध्द (माधव) मारू : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या जल-जीवन मिशन अंतर्गत नीमच जिले में पाइप-लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है? क्‍या पी.डब्ल्यू.डी सड़क व ग्रामीण मार्गों के साइड में लाइन डाली जा रही है? उसमें क्‍या हजारों हरे वृक्ष काट दिए गए? क्या इन वृक्षों को काटे जाने की अनुमति प्राप्त की गई थी? यदि हाँ तो कितने वृक्षों की अनुमति थी? (ख) क्या काटे जाने वाले वृक्षों को चिन्हित किया गया था? (ग) यदि अनुमति नहीं ली गई तो किसके संज्ञान में उक्त वृक्षों को काटा गया और वृक्ष जो शासकीय संपत्ति है कहां स्टॉक किए गए विस्तृत जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) क्या सरकार अवैध रूप से काटे गए इन वृक्षों के लिए दोषी अधिकारियों व निर्माण एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई करेगी एवं इन वृक्षों की भरपाई के लिए समुचित उपाय करेगी। कृपया समयावधि का उल्लेख किया जावे।

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। जी नहीं, वृक्ष नहीं काटें गये। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (ख) उत्तरांश "क" अनुसार कुल 157 वृक्षों को चिन्हित किया गया है जिसमें से 27 वृक्षों की कटाई की अनुमति प्राप्त हो गयी तथा 130 वृक्षों की कटाई का प्रकरण प्रक्रियाधीन है, वर्तमान में इन 157 वृक्षों की कटाई नहीं की गयी है। (ग) उत्‍तरांश (ख) अनुसार प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्तरांश "ग" के परिप्रेक्ष्य में उपस्थित नहीं होता है। 27 वृक्षों की कटाई की क्षतिपूर्ति 10 गुना वृक्षों के रोपण हेतु राशि रू. 19,33,663/- कैम्पा मद में जमा की गयी, 130 वृक्षों की क्षतिपूर्ति अनुमति प्राप्त होने पर राशि जमा की जाएगी।

राज्‍यों में प्रदेश की शासकीय सम्‍पत्तियों का विक्रय

[लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन]

21. ( क्र. 743 ) श्री हेमंत कटारे : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वित्त विभाग द्वारा प्रदेश के समस्त विभागों से दूसरे राज्यों में स्थित शासकीय सम्पत्तियों की जानकारी प्राप्त कर उसका आंकलन कराया जा रहा है? (ख) यदि हाँ तो प्रदेश सरकार की अन्य राज्यों में कौन-कौन सी सम्पत्तियां हैं तथा उनका पृथक-पृथक कितना-कितना मूल्य होने का अनुमान है? स्थान/राज्य सहित सभी सम्पत्तियों की जानकारी उपलब्ध करायी जावे। (ग) क्या सरकार अन्य राज्यों में उपलब्ध शासकीय सम्पत्तियों को बेचने का विशेष प्रयास कर रही है? यदि हाँ तो किस उद्देश्य से? (घ) क्या प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2024 से प्रश्‍न दिनांक तक अन्य राज्यों में स्थित कुछ शासकीय सम्पत्तियों को बेचा गया, यदि हाँ तो किस उद्देश्य से तथा किसको, कब व कितने मूल्य में बेची?

जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग द्वारा प्रदेश सरकार की अन्य राज्यों में स्थित परिसम्पत्तियों का रिकार्ड नहीं रखा जाता है। अन्य विभागों द्वारा प्रबंधन/निर्वर्तन हेतु लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन पोर्टल पर इंद्राज प्रदेश सरकार की अन्य राज्यों में स्थित परिसम्पत्तियों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट  अनुसार है। (ग) जी नहीं। वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में अब तक अन्य राज्यों में स्थित परिसम्पत्तियों की निविदा आमंत्रित नहीं की गई है। (घ) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "चार"

संरक्षित वन की अधिसूचना

[वन]

22. ( क्र. 758 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍य प्रदेश राजपत्र में दिनांक 1 अगस्‍त 1958 को भा.व.अ. 1927 की धारा 29 के तहत प्रकाशित अधिसूचना में किस कानून के तहत अर्जित सार्वजनिक एवं निस्‍तारी प्रयोजनों की जमीनों को संरक्षित वन अधिसूचित किया, किन-किन मदों में दर्ज जमीनों को संरक्षित वन अधिसूचित किया पृथक-पृथक बतावें। (ख) दिनांक 1 अगस्‍त 1958 की अधिसूचना के अनुसार किस-किस जिले की संरक्षित वन अधिसूचित भूमियों का किस भू-प्रबंध ईकाई ने किस-किस अवधि में संरक्षित वन सर्वे डिमारकेशन किए जाने की जानकारी वन भवन तुलसी नगर भोपाल में उपलब्‍ध है? (ग) रीवा, सतना एवं छतरपुर जिले में किस भू-प्रबंध ईकाई ने किस अवधि में संरक्षित वन सर्वे डिमारकेशन की कार्यवाही की है इन जिलों की भूमियों को राजपत्र में भा.व.अ. 1927 की धारा 29 के अनुसार प्रश्‍नांकित दिनांक तक भी संरक्षित वन अधिसूचित नहीं किए जाने का क्‍या कारण रहा है? (घ) वन मुख्‍यालय वन भवन भोपाल में किस जिले के कितने राजस्‍व ग्रामों की कितनी भूमियों को किस-किस दिनांक को संरक्षित वन अधिसूचित करने की अधिसूचना वर्तमान में उपलब्‍ध है।

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 29 (3) के विशिष्ट प्रावधान का उपयोग करते हुये संरक्षित वन की अधिसूचना क्रमांक 9-x-58 दिनांक 9-x-58 को जारी की गई जिसमें भूमियों का विस्तृत विवरण न देकर उनके अर्हता का उल्लेख था। इस अधिसूचना की अनुसूची में किसी क्षेत्र को संरक्षित वन के रूप में मान्य करने हेतु निम्न विवरण उल्लेखित है 1. मध्यप्रदेश जागीदारी उन्मूलन एक्ट 1950 (M.P. Abolition of Proprietary Right (Estate, Mahala & Alienated Lands) Act-1950) के तहत वनभूमि राज्य शासन से निहित हो। 2. प्रबंधन हेतु राजस्व विभाग से वन विभाग को हस्तांतरित की गई हो। 3. यह पूर्व से अधिसूचित संरक्षित/आरक्षित वन न हो। उक्त अर्हता वाली भूमियों को संरक्षित वनखण्डों में शामिल किया गया। प्रश्‍नांकित जानकारी वनमण्डलों में प्रतिवेदित नहीं है सामान्य भूमियां पहाड़-चट्टान, छोटे-बड़े झाड़ के जंगल, जंगल जलॉ, जंगल करात एवं चरनोई इत्यादि मदों में दर्ज है। (ख) से (घ) जानकारी वृहद स्वरूप की होने के कारण एकत्रित की रही है।

विभागीय योजनाओं में किए गए व्यय की जानकारी

[वन]

23. ( क्र. 939 ) श्री जगन्‍नाथ सिंह रघुवंशी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वन मंडल अशोक नगर अंतर्गत वर्ष 2021 से लेकर प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में लगाए गए पौधों के स्थान का नाम, पौधों की संख्या एवं उनमें जीवित पौधों की संख्या तथा पौधारोपण कार्यक्रम में कितनी राशि व्यय की गई वर्षवार एजेंसीवार जानकारी देवें? (ख) वन मंडल अशोक नगर अंतर्गत वर्ष 2021 से प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में डीएफओ कार्यालय, ग्राम वन समितियां के माध्यम से जेम पोर्टल से खरीदी गई समस्त सामग्री के प्रस्ताव ठहराव, बिल, वाउचर एवं जारी की गई बीड, निविदा के प्रति देवें? (ग) वन मंडल अशोक नगर को वर्ष 2021 से लेकर प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में विभाग के द्वारा विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए कुल कितने राशि जारी की गई है? जारी राशि की गई राशि का वन मंडल द्वारा दिया गया उपयोगिता प्रमाण पत्र योजनावार, वर्षवार देवें? (घ) वन मंडल अशोक नगर में अधिग्रहित वाहनों के संबंध में प्रचलित नस्ती की प्रति देवे एवं अनुबंध के नियमों को देखकर बताओ कि कितने वाहन नियमानुसार अनुबंधित नहीं है? उन्हें कब तक हटा दिया जाएगा?

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) वनमंडल अशोकनगर के अंतर्गत वर्ष 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक ग्राम वन समितियों के माध्‍यम से जेम पोर्टल से कोई सामग्री क्रय नहीं की गई है। डीएफओ कार्यालय द्वारा वर्ष 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक निविदा के माध्‍यम से खरीदी गई सामग्री से संबंधित जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-2 में है। (ग) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-3 में है। (घ) वन मंडल अशोक नगर के अंतर्गत कोई भी अधिग्रहित वाहन नहीं है। वनमंडल में बिना अनुबंध के कोई भी वाहन नहीं लगाये गये हैं। अतएव शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

मछुआरों को मत्स्याखेट करने की अनुमति

[मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास]

24. ( क्र. 953 ) श्री जगन्‍नाथ सिंह रघुवंशी : क्या राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), मछुआ कल्‍याण एवं मत्‍स्‍य विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश मछुआ नीति अनुसार खुली नदि‍यों और नालों में मछुआरों को स्वतंत्र रूप से मत्स्याखेट करने की अनुमति है यदि हाँ तो राजघाट बांध के डाउन स्ट्रीम में अधिशासी अभियन्ता विद्युत गृह सि. एवं भंडार प्रखण्ड राजघाट द्वारा मत्स्याखेट का ठेका दिया जाना नियम विरूद्ध है अथवा नहीं? (ख) क्या बेतवा नदी अधिशासी अभियन्ता विद्युत गृह सि. एवं भंडार प्रखण्ड राजघाट के अधीन है अथवा नहीं? (ग) प्रश्‍नांश (क) में अधिशासी अभियन्ता विद्युत गृह सि. एवं भंडार प्रखण्ड राजघाट द्वारा अध्यक्ष बेतवा नदी परिषद की ओर से टेंडर विज्ञप्ति में जारी की गई है। क्या अध्यक्ष बेतवा नदी परिषद द्वारा मत्स्याखेट का ठेका देने हेतु आदेश जारी किया गया था यदि हाँ तो आदेश एवं निर्देशों की प्रतिलिपि देवें। (घ) यदि राजघाट बांध के डाउन स्ट्रीम में मत्स्याखेट का ठेका अधिशासी अभियन्ता विद्युत गृह सि. एवं भंडार प्रखण्ड राजघाट अवैध रूप से दिया गया है तो अधिशासी अभियन्ता पर क्या कार्यवाही की जाएगी? और कब तक?

राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), मछुआ कल्‍याण एवं मत्‍स्‍य विकास ( श्री नारायण सिंह पंवार ) : (क) से (घ) मत्‍स्‍य नीति 2008 के अनुसार खुले नदी नालों में मत्‍स्‍याखेट का अधिकार है। अधिसाशी अभियंता के द्वारा टेंडर जारी किया गया था वो नीति विरूद्ध होने के कारण आदेश क्रमांक 354 दिनांक 15.2.2022 द्वारा सचिव बेतवा नदी परिषद झांसी द्वारा जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार अनुमति निरस्‍त कर दी गई है। वर्तमान में यह जलाशय उत्‍तर प्रदेश सरकार के पास है। संचालन संबंधी कोई भी अधिकार विभाग के पास नहीं है।

परिशिष्ट - "पांच"

अनूपपुर जिले में संचालित गौ-शालाएं

[पशुपालन एवं डेयरी]

25. ( क्र. 1004 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अनूपपुर में कितने गौशालायें संचालित है तथा कहां-कहां गौशाला खोले गये है और उनमें वर्तमान में कितने-कितने गाय है तथा उनके रख-रखाव का कार्य किन्हें सौंपा गया है? गायों के भोजन व्यवस्था, चारा इत्यादि के लिए कितनी-कितनी राशि आंवटित की जाती है? शासन के द्वारा गौशाला संचालन हेतु क्या मापदण्ड निर्धारित किये? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार किन-किन गौशालाओं का संचालन का कार्य महिला स्व सहायता समूहों को आवंटित की गई है? क्या समूह के द्वारा गायों को समय-समय पर चारा पानी एवं दाना शासन के निर्धारित मापदण्ड अनुसार दी जाती है? यदि हाँ तो किन-किन गौशालाओं में संचालन अच्छा होता है और किन-किन गौशालाओं का संचालन संतोषप्रद नहीं है? (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार विधानसभा क्षेत्र अनूपपुर में संचालित गौशालाओं में कितनी-कितनी गाय है और वर्ष 2020-21 से प्रश्‍न दिनांक तक उनके आहार के लिए कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई तथा उस अवधि में गौशाला में कितनी गाय मौजूद रही? वहा उनके देख-रेख करने वाले कर्मचारियों को किस आधार पर पारिश्रमिक भुगतान किया जाता है? उन्हें कब तक भुगतान किया जा चुका है और कितना शेष है? शेष है तो क्यो जानकारी उपलब्ध कराये? (घ) क्या जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर गौशालाओं का निरीक्षण किये जाने हेतु दल गठित की गई है? यदि हाँ तो निरीक्षण दल में किन-किन अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को सम्मिलित किया गया है तथा उनके द्वारा कितनी बार गौशालाओं में जाकर निरीक्षण किया गया है? निरीक्षण पंजी में लिखे टीप व निरीक्षण करते समय का गौशाला एवं गायों का छायाचित्र सहित जानकारी उपलब्ध कराये?

राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) जिला अनूपपुर में मुख्‍यमंत्री गौसेवा योजना अंतर्गत 12 गौशालाएं संचालित है। गौशालावार  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट- '''' अनुसार। चारे दाने की राशि एवं गौशाला संचालन के मापदण्‍ड की  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट- '''' अनुसार। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार 10 गौशालाओं का संचालन का कार्य महिला स्‍व-सहायता समूह को दिया गया हैजानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार। जी हाँ, सभी गौशालाओं का संचालन अच्‍छा है। (ग) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार। गौशालाओं में गौवंश की देख-रेख करने वाले कर्मचारियों की व्‍यवस्‍था गौशाला प्रबंधन द्वारा की जाती है। शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) जिले में गौशालाओं के निरीक्षण हेतु नोडल अधिकारी नियुक्‍त किए गए है। जिनके द्वारा गौशालाओं में जाकर समय-समय पर किए गए निरीक्षण/भेंट संबंधी टीप एवं छायाचित्र  की जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट - '''' अनुसार  है।

मध्‍यप्रदेश भण्‍डार क्रय एवं सेवा उपार्जन नियम 2015

[जनजातीय कार्य]

26. ( क्र. 1005 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश भण्डार क्रय एवं सेवा उपार्जन नियम 2015 (यथा संशोधित) 2022 क्या है? संपूर्ण जानकारी नियमावली सहित उपलब्ध करावे। क्या मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी मध्यप्रदेश क्रय भंडार 2015 (यथा संशोधित) 2022 में लम्ड पोर्टल से सामग्री क्रय करने हेतु सक्षम अधिकारी से शासकीय वित्तीय स्वीकृति प्राप्त करना अनिवार्य है? यदि हाँ तो जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत सक्षम अधिकारी कौन है? (ख) क्या अनूपपुर जिले के अंतर्गत जनजातीय कार्य विभाग से संचालित छात्रावासों एवं आश्रमों के अधीक्षकों के द्वारा वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 में जेम्स पोर्टल के माध्यम से सामग्री खरीदी के आदेश जारी किये गये है। यदि हाँ तो क्या उनके द्वारा सक्षम अधिकारी से सामग्री क्रय करने हेतु प्रशासकीय व वित्तीय स्वीकृतियां प्राप्त की गई है। वर्षवार छात्रावास/आश्रमवार जानकारी आदेश सहित उपलब्ध करावें। (ग) वित्तीय वर्ष 2024-25 में अनूपपुर जिला अंतर्गत किन-किन छात्रावासों आश्रम शालाओं के अधीक्षकों के द्वारा लोकसभा अचार संहिता कि दौरान जेम्‍स पोर्टल के माध्यम से क्रय आदेश किसी एक फर्म विशेष को आदेश जारी किये गये है। यदि हाँ तो कौन-कौन से छात्रावास अधीक्षकों द्वारा आदेश जारी किये गये है? (घ) क्या प्रश्‍नांश (ग) अनुसार आदर्श अचार संहिता के दौरान क्रय आदेश जारी किये जा सकते है? यदि हाँ तो आदर्श अचार सहिता उल्लंघन करने वाले दोषियों के विरुद्ध क्या कार्यवाही की जाएगी। यदि हाँ तो कब तक यदि नहीं तो क्यों?

जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (‍क) मध्‍यप्रदेश भण्‍डार क्रय एवं सेवा उपार्जन नियम 2015 एवं जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत सक्षम वित्‍तीय स्‍वीकृति अधिकारी की जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। (ख) जी हाँ। कार्यालय कलेक्‍टर (आदिवासी विकास) जिला अनूपपुर का आ‍देश क्र./आ.वि./2015-16/4223, 4225 दि. 03.09.2015, 4345 दि. 08.09.2015, 3835, 3837 दि. 09.09.2016 एवं क्र. 4142, 4144 दि. 26.09.2016, क्र. 5537, 5539 दि. 7.12.2016 क्र 5827 दि. 28.12.2016 क्र. 1184, 1186 दि. 17.03.2017 क्र. 3749, 3751, 3753 दि. 01.09.2017 के 3965 दि. 14.09.2017 क्र. 4240 दि. 28.09.2017 क्र. 208 दि. 17.01.2018 द्वारा प्रशासकीय एवं वित्‍तीय स्‍वीकृति प्रदाय की गई है। उक्‍त आदेशों के विरूद्ध वित्‍तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 में छात्रावास एवं आश्रमों में सामग्री क्रय की गई है। आदेश की जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। (घ) जी नहीं। संबंधितों को कारण बताओं नोटिस जारी कर प्रतिवेदन चाहा गया है।

निवाड़ी जिले में वन सम्‍पदा नष्‍ट होना

[वन]

27. ( क्र. 1032 ) श्री नितेन्‍द्र बृजेन्‍द्र सिंह राठौर : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या निवाड़ी जिला पूर्व से ही वन सम्‍पदा एवं सागौन से परिपूर्ण सुरक्षित वन क्षेत्र है? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित सागौन के जंगल की कटाई एवं रिजर्व फारेस्‍ट की जमीन पर अवैध कब्‍जा किया जा रहा है? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (ख) में वर्णित सागौन की अवैध कटाई एवं रिजर्व वन क्षेत्र में अवैध खेती करने वालों के विरूद्ध यथोचित कार्यवाही एवं जमीनी फसलों को कुर्क किया जायेगा? (घ) उक्‍त कटाई क्‍यों हो रही है? (ड.) खाली जमीन अथवा वन कटाई के क्षेत्र में पुन: पौधारोपण हेतु शासन की कोई योजना है? यदि हाँ तो कब तक एवं कब-कब उक्‍त क्षेत्र में पौधारोपण किया गया अथवा किया जायेगा?

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। (ग) उत्तरांश () के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश () के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ड.) उत्तरांश '' '' एवं '' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

तेन्दूपत्ता संग्राहकों को सुविधाएं

[वन]

28. ( क्र. 1042 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तेन्दूपत्ता संग्राहकों को विभाग द्वारा क्या-क्या सुविधायें प्रदाय की जाती हैं? तेन्दूपत्ता संग्राहकों के कल्याणार्थ योजनाओं के संबंध में शासन/विभाग के क्या-क्या निर्देश हैं? उनकी प्रति दें। (ख) सिवनी जिले में 01 जनवरी 2018 से 01 अप्रैल 2024 तक की अवधि में कितने व कौन-कौन से तेन्दूपत्ता संग्राहकों की मृत्यु हुई है? किन-किन के प्रकरण बीमा कंपनी को भेजे गए? किन-किन के नहीं? प्रकरणवार कारण सहित बतावें। (ग) बीमा कंपनी तथा विभाग के पास ऐसे कितने प्रकरण कब से लंबित हैं? इन प्रकरणों का निराकरण कब तक होगा? (घ) जिले में उल्लेखित अवधि में कहाँ-कहाँ तेन्दूपत्ता बोनस का वितरण नहीं हुआ है तथा क्यों? कब तक कर दिया जावेगा?

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) वर्तमान में तेन्दूपत्ता संग्राहकों के लिए प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस), एकलव्य शिक्षा योजना, मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल-2.0) योजना 2022, मुख्यमंत्री चरण पादुका योजना के अनुसार सुविधाएं प्रदान की जाती है। दिनांक 26 मार्च 2018 से तेन्दूपत्ता संग्राहकों के कल्याण के लिए ''मुख्यमंत्री तेन्दूपत्ता संग्राहक कल्याण सहायता योजना'' लागू थी। यह योजना दिनांक 16.09.2021 से संबल योजना में सम्मिलित की गई है। योजनाओं के संबंध में शासन/विभाग के निर्देशों की प्रति पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। (ख) सिवनी जिले के वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित, दक्षिण सिवनी में 01 जनवरी 2018 से 01 अप्रैल 2024 की अवधि में 928 तेन्दूपत्ता संग्राहकों की मृत्यु हुई है एवं इसी अवधि में जिला वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित, उत्तर सिवनी में 449 तेन्दूपत्ता संग्राहकों की मृत्यु हुई है। दिनांक 01 जनवरी 2018 से दिनांक 16 सितम्बर 2021 तक की अवधि में जिला यूनियन दक्षिण सिवनी में 708 मृत तेन्दूपत्ता संग्राहकों एवं जिला यूनियन उत्तर सिवनी से 109 मृत तेन्दूपत्ता संग्राहकों के प्रकरण बीमा कंपनी को भेजे गए थे। जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-दो एवं तीन अनुसार है। दिनांक 19 सितम्बर 2021 से दिनांक 01 अप्रैल 2024 तक की अवधि में जिला यूनियन दक्षिण सिवनी में 218 मृत तेन्दूपत्ता संग्राहकों का एवं जिला यूनियन उत्तर सिवनी में 340 मृत तेन्दूपत्ता संग्राहकों का पंजीयन संबल योजना के अंतर्गत किया गया है। जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-चार एवं पांच अनुसार है। (ग) बीमा कंपनी के पास कोई प्रकरण लंबित नहीं है। संबल योजना के अंतर्गत जिला यूनियन दक्षिण सिवनी के 61 प्रकरण एवं जिला यूनियन उत्तर सिवनी के 133 प्रकरण  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-छः एवं सात अनुसार विभिन्न दिनांकों से लंबित है। प्रकरणों का निराकरण किया जा रहा है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जिला लघु वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित, दक्षिण सिवनी एवं उत्तर सिवनी में  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-आठ अनुसार तेन्दूपत्ता बोनस का वितरण नहीं हुआ है। तेन्दूपत्त्ता क्रेताओं के क्रय मूल्य की चारों किश्तें जमा नहीं होने के कारण बोनस का वितरण नहीं हुआ है। चारों किश्तों की राशि जमा होने पर बोनस का वितरण किया जाता है। संग्रहण वर्ष 2023 के लाभ की गणना की जा रही है। लाभ की गणना के उपरांत ही बोनस वितरण किया जाता है।

पशुपालकों से दूध क्रय का भाव

[पशुपालन एवं डेयरी]

29. ( क्र. 1136 ) डॉ. चिंतामणि मालवीय : क्या राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), पशुपालन एवं डेयरी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पशुपालकों से दूध क्रय करने के भाव सहकारी समिति‍यों द्वारा कितने समय से नहीं बढ़ाए गए हैं? (ख) वर्तमान में पशुपालकों से सहकारी समिति‍यों द्वारा किस दर से दूध क्रय किया जा रहा है? (ग) वर्तमान में दूध का बाजार भाव क्या है? (घ) सहकारी समिति‍यों को पशुपालकों को उचित दर दिलाने की कब तक योजना है?

राज्‍य मंत्री (स्वत्रंत प्रभार), पशुपालन एवं डेयरी ( श्री लखन पटैल ) : (क) पशुपालकों से दूध क्रय करने के भाव दुग्‍ध संघों द्वारा समय-समय पर बढ़ाये जाते है। भोपाल तथा इन्‍दौर दुग्‍ध संघ द्वारा 1 अप्रैल 2024, उज्‍जैन तथा तथा बुंदेलखंड दुग्‍ध संघ द्वारा 11 जून 2024 तथा जबलपुर दुग्‍ध संघ द्वारा 1 जनवरी 2024 से पशुपालकों से दूध क्रय करने के भाव बढ़ाए गए हैं। ग्‍वालियर दुग्‍ध संघ द्वारा 21 अक्‍टूबर 2023 को दुग्‍ध क्रय दर निर्धारित की गई। (ख) दुग्‍ध संघवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट  पर है। (ग) वर्तमान में समस्‍त दुग्‍ध संघों की दुग्‍ध विक्रय दर निम्‍नानुसार है:- फुल क्रीम दूध रू. 64/- प्रति लीटर, स्‍टेण्‍डर्ड दूध रू. 58/- प्रति लीटर, टोण्‍ड दूध रू. 52/- प्रति लीटर, डबल टोण्‍ड दूध रू. 48/- प्रति लीटर (घ) दुग्‍ध संघों में दूध की क्रय दरों का निर्धारण दुग्‍धांचल में दूध की उपलब्‍धता, प्रतिस्‍पर्धी संस्‍थाओं को प्रभावशील दुग्‍ध दरों तथा दुग्‍ध संघ की लाभात्‍मकता को देखते हुए किया जाता है जो कि पशुपालकों हेतु दूध की उचित दर के अनुरूप है।

परिशिष्ट - "छ:"

फर्जी भुगतान का भौतिक सत्यापन

[वन]

30. ( क्र. 1139 ) डॉ. चिंतामणि मालवीय : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन, आगर मालवा, शाजापुर एवं ऐसे कई अन्य जिलों में जिनमें शून्य प्रतिशत वन क्षेत्र है उनके वन क्षेत्र की वृद्धि हेतु किसी प्रकार की कोई योजना या रोडमेप हैं? (ख) हरित राजमार्ग नीति अनुसार, मध्य प्रदेश में निकलने वाले समस्त राष्ट्रीय एवं राजकीय हाइवे में लाखों स्थनीय पारंपरिक पेड़-पौधों अंतराष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय निर्माण एजेंसी पेड़ काट कर निर्माण कार्य करती है (ग) हरित राजमार्ग नीति अनुसार छोटे, बड़े, मध्यम आकार के पेड़ जो स्थानीय हो उन्हें नहीं लगा कर कनेर, बोगन वेलिया लगती हैं और कुछ मार्ग जैसे देवास से ब्यावरा, शिवपुरी, तक कोई पेड़ नहीं है। (घ) उज्जैन से देवास हाइवे तक पेड़ विहीन हाइवे है। योजना, प्रस्ताव एवं टेंडर की शर्तों में कार्य पूर्ण उपरांत पेड़ लगाना अनिवार्य है लेकिन बगैर पेड़ लगाए भी कंपनियों को करोड़ों का भुगतान भी पेड़ों के नाम पर हो गया है। (ड.) फर्जी भुगतान का भौतिक सत्यापन कर क्या दांडिक कार्यवाही की जाएगी।

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) वन वृत्त उज्जैन के उज्जैन, आगर-मालवा एवं शाजापुर जिलों में भौगोलिक क्षेत्रफल के विरूद्ध क्रमशः 0.69, 2.94 एवं 0.17 प्रतिशत वन क्षेत्र है। उपरोक्त जिलों में वन क्षेत्र की वृद्धि हेतु वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 के अन्तर्गत स्वीकृत होने वाली परियोजनाओं से संबंधित प्रकरणों हेतु आवश्यक गैर वन भूमि प्राप्त की जाकर इन भूमियों पर क्षतिपूरक वनीकरण किया जाकर भूमियों को वन क्षेत्र के रूप में अधिसूचित किये जाने की कार्यवाही की गई है। (ख) वन वृत्त उज्जैन के रतलाम एवं मन्दसौर वन मण्डल अन्तर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग दिल्ली-बडोदरा-मुंबई 8 लाईन मार्ग निर्माण में प्रभावित वन भूमि पर स्थित क्रमशः 1787 एवं 523 एवं देवास वनमण्डल अन्तर्गत 02 प्रकरणों में 461 वृक्षों की कटाई, भारत सरकार एवं प्रदत्त अधिकारों के तहत जारी स्वीकृति अनुसार की गई है। (ग) वन वृत्त उज्जैन के वनमण्डलों के अन्तर्गत राष्ट्रीय एवं राजकीय राजमार्ग के मध्य अथवा किनारे किसी भी प्रकार का रोपण वन विभाग द्वारा नहीं किया गया है। (घ) एवं (ड.) उत्तरांश "ग" के तारतम्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

स्‍वीकृत नल-जल योजना की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

31. ( क्र. 1178 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत जल जीवन मिशन योजना प्रारंभ से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी नल-जल योजनायें स्‍वीकृत हुई? सूची देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अंतर्गत कौन कौन सी योजनायें पूर्ण हो गई हैं जिनमे हर घर में पानी पहुंचाया जा रहा है? ग्राम के नाम एवं कनेक्‍शन संख्‍या की जानकारी देवें? (ग) क्‍या महगवां परियट, बम्‍हनौदा, बम्‍हनौदी, बिहरिया, नरगवां, मोहास, इमलई, मोहनिया, घाना, सिहोरा, पडरिया, पिपरियाखुर्द, सहित अन्‍य 59 ग्रामों का काम अधूरा पड़ा है? यदि हाँ तो कब तक कार्य पूर्ण होगा एवं वाटर सप्‍लाई प्रारंभ होगी? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के अंतर्गत योजनावार निविदा समाप्ति की दिनांक के साथ ही की गई कार्यवाही की जानकारी देवें?

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) 113 एकल ग्राम नल जल योजनाएं एवं 02 समूह जल प्रदाय योजनाएं क्रमश: पडवार-पडरिया समूह योजना एवं जबलपुर समूह योजना स्‍वीकृत हुईं हैं, जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 एवं 02 अनुसार है। (ख) एकल ग्राम नल-जल योजनाओं के अंतर्गत 63 योजनाएं पूर्ण हो गईं हैं, जिनसे हर घर में पेयजल प्रदाय किया जा रहा है, जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। समूह जल प्रदाय योजनाओं के अंतर्गत कोई भी योजना पूर्ण नहीं हुई है। (ग) प्रश्‍नांश में उल्लेखित ग्रामों में से 10 ग्रामों के कार्य पूर्ण एवं जल प्रदाय प्रारंभ किया जा चुका है, 48 ग्रामों के कार्य प्रगतिरत है तथा 01 योजना डिफेंस एरिया नो कंस्ट्रक्शन्स जोन होने के कारण कार्य नहीं किया जा सका है। प्रगतिरत 48 योजनांतर्गत 27 ग्रामों में जल प्रदाय प्रारंभ कर दिया गया है जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-03 अनुसार है(घ) प्रश्‍नांश (ग) के अंतर्गत योजनावार निविदा समाप्ति की दिनांक के साथ की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है।

पोस्‍ट मैट्रिक आदिवासी छात्रावास भवन का निर्माण

[अनुसूचित जाति कल्याण]

32. ( क्र. 1235 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पोस्ट मैट्रिक आदिवासी छात्रावास अधारताल जबलपुर की वर्तमान में क्या स्थिति हैं? इसमें कितने छात्र निवासरत हैं? प्रदेश शासन ने नये छात्रावास भवन का निर्माण कराने हेतु कब कितनी राशि आवंटित की है? इस राशि का क्या उपयोग किया गया? यदि नहीं तो क्यों? (ख) प्रश्‍नांकित पोस्ट मैट्रिक आदिवासी छात्रावास भवन के निर्माण हेतु शासन ने कब कितनी राशि की प्रशासकीय स्वीकृति दी हैं? प्रस्तावित सर्व सुविधायुक्त छात्रावास भवन की मूल रूपरेखा क्या है? इसकी कुल लागत व अवधि क्या है? (ग) प्रश्‍नांकित आदिवासी छात्रावास भवन निर्माण का भूमि पूजन कब किसने किया था? इसका अभी तक निर्माण न कराने का क्या कारण है? क्या शासन इसकी जांच करवाकर दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही कर इसका निर्माण कार्य कराना सुनिश्‍िचत करेगा?

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) पोस्‍ट मैट्रिक आदिवासी छात्रावास आधारताल जबलपुर वर्तमान में संचालित है। उक्‍त छात्रावास में 44 छात्र निवासरत है। नवीन भवन के निर्माण हेतु कोई राशि आवंटित नहीं की गई है, अत: राशि के उपयोग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्‍नांकित छात्रावास निर्माण हेतु मध्‍यप्रदेश शासन, जनजातीय कार्य विभाग का आदेश क्रमांक/एफ-3-3/2017/25-2/259 दिनांक 05-08-2020 द्वारा नवीन महाविद्यालय छात्रावास भवन निर्माण की स्‍वीकृति राशि रूपये 206.50 लाख प्रदाय की गई। आधारताल में पूर्व से 02 बालक छात्रावास जिनके भवन जर्जर स्थित में है को नवीन स्‍वीकृत भवन निर्माण सहित G+3 अनुसार एक ही स्‍थान पर निर्माण किया जाना प्रस्‍तावित किया गया है। उक्‍त भवन की लागत राशि रूपये 1191.23 लाख निर्धारित की गई, जिसकी संशोधित प्रशासकीय स्‍वीकृति प्रक्रियाधीन है। (ग) प्रश्‍नांकित पोस्‍ट मैट्रिक आदिवासी छात्रावास आधारताल का भूमि पूजन दिनांक 18.09.2022 को माननीय उप-राष्‍ट्रपति द्वारा किया गया है। कार्य की संशोधित प्रशासकीय स्‍वीकृति प्राप्‍त नहीं होने के कारण वर्तमान में कार्य अप्रारम्‍भ है। प्रश्‍नांश का शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नवीन हैण्‍डपंप उत्‍खनन एवं नल-जल योजना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

33. ( क्र. 1247 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला सिवनी अन्‍तर्गत विधान सभा केवलारी में विभाग द्वारा वर्ष 2019 से वर्ष 2023 तक कितने नवीन हैण्‍डपंप उत्‍खनन हेतु वित्तिय एवं भौतिक लक्ष्‍य कितना था और कितने नवीन हैण्‍डपंप उत्‍खनन किये गए?विकासखण्‍ड़वार जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार दिये गये वित्‍तीय वर्ष में हैण्‍डपंप उत्‍खनन हेतु दिये गए भौतिक लक्ष्‍यों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल हेतु व्‍यवस्‍था पूर्ण की जा सकेगी? यदि नहीं तो शासन द्वारा हैण्‍डपंप उत्‍खनन के लक्ष्‍यों को बढ़ाने की क्‍या कार्यवाही की जा रही है? (ग) क्‍या केवलारी विधानसभा क्षेत्र में स्‍थापित/स्‍वीकृत नलजल की भौतिक स्थिति क्‍या है? पूर्व में बंद नलजल योजनाओं को पुन: चालू करने के लिए विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई है? (घ) क्‍या विधानसभा क्षेत्र केवलारी के अंतर्गत पूर्व में स्‍वीक्रत नल जल योजना दिनांक तक विभाग द्वारा कार्य पूर्ण न होने के कारण संबंधित ग्राम पंचायत को हस्‍तांतरित नहीं की गई है, उन्‍हें कब तक पूर्ण कर संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्‍तांतरित कर दी जावेगी?

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) नवीन हैण्डपंपों के लिए भौतिक लक्ष्य विधानसभावार नहीं, अपितु जिलेवार दिए जाते हैं, कार्यों के लिए वित्तीय लक्ष्य नहीं दिए जाते हैं। प्रश्‍नांकित अवधि में विधानसभा क्षेत्र केवलारी के अंतर्गत नवीन हैंडपंप उत्खनन की  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है(ख) पेयजल व्यवस्था मात्र हैंडपंपों द्वारा उपलब्ध नहीं कराई जाती है, अपितु ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचलित नीति के अंतर्गत नल-जल योजनाओं के क्रियान्वयन द्वारा भी पेयजल व्यवस्था किया जाना प्रावधानित है, जिले को जारी भौतिक लक्ष्य के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार हैंडपंपों के कार्य किए जाते हैं, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) एकल ग्राम नल जल योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार है, मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा क्रियान्वित की जा रही समूह जल प्रदाय योजनाओं से संबंधित जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-03 अनुसार है(घ) स्वीकृत एकल ग्राम नलजल योजनाओं को पूर्ण कर ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किए जाने की प्रक्रिया सतत् रूप से जारी है। क्रियान्वित की जा रही एकल ग्राम नलजल योजनाओं को पूर्ण किए जाने एवं संबंधित ग्राम पंचायत को हस्तांतरण किए जाने की निश्‍िचत तिथि बताया जाना संभव नहीं है, शेष  जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-04 अनुसार है।

जनजातीय कार्य विभाग की जानकारी

[जनजातीय कार्य]

34. ( क्र. 1264 ) श्री मधु भाऊ भगत : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) संपूर्ण बालाघाट में कुल कितने छात्रावास है? विकासखंडवार, छात्र-छात्राओं की संख्या बताये? उक्त छात्रावासों में कौन-कौन से अधीक्षक/अधीक्षिका कार्यरत है? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित छात्रावासों में कौन-कौन से छात्रावास भवन विहीन है? कौन से छात्रावास भवन क्षतिग्रस्त है तथा कितने छात्रावास अच्छी स्थिति में है? (ग) क्या जर्जर स्थिति वाले छात्रावास भवनों में कभी भी अनचाही दुर्घटना होने का भय है? उक्त भवनों को कब तक मरम्मत किया जावेगा एवं भवन विहिन छात्रावासों का भवन कब तक स्वीकृत कर निर्माण किया जावेगा? (घ) क्या अधीक्षकों के रिक्त पदों के अनुसार स्वीकृत पद कम है एवं अन्यत्र कर्मचारियों की सेवाएं अधीक्षक के रूप में ली जा रही है? यदि हाँ तो अधीक्षकों के पदों की भर्ती कब तक की जावेगी?

जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जिले में कुल 80 छात्रावास संचालित है। जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है(ख) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है(ग) जी नहीं। जर्जर स्थिति वाले छात्रावास भवन नहीं है। भवनविहीन संस्‍थाओं के भवन निर्माण की स्‍वीकृति नियमानुसार उपलब्‍ध आवंटन की सीमा में प्राथमिकता अनुसार विभाग द्वारा की जाती है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

जल-जीवन मिशन के कार्य

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

35. ( क्र. 1272 ) श्री प्रहलाद लोधी : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्तमान में पन्ना जिले में जल जीवन मिशन द्वारा कितनी योजनायें संचालित की जा रही हैं और कितनी योजनायें प्रस्‍तावित हैं? (ख) क्या पन्ना जिले की पवई विधान सभा अन्तर्गत तेंदुघाट पेयजल परियोजना जिसका उद्देश्‍य 158 ग्रामों में स्वच्छ पेयजल पहुँचाना था, का कार्य वर्ष 2022 तक पूर्ण होना था? यदि हाँ तो प्रश्‍न दिनांक तक अधिकतर ग्रामों में पेयजल सप्लाई का कार्य शुरू क्यों नहीं हो पाया है? समयावधि में कार्य पूर्ण न कर पाने पर ठेकेदार के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जा रही है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में क्षेत्र भ्रमण के दौरान मुझे जनता द्वारा उपयुक्त कार्य गुणवत्ता विहीन होने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। कई ग्रामों की टंकियों में रिसाव हो रहा है। यदि हाँ तो इसका दोषी कौन है? उपयुक्त कार्य का भौतिक सत्यापन किन अधिकारी द्वारा किया गया एवं गुणवत्ता विहीन कार्य के लिये अब तक किस-किस के विरूद्ध क्या-क्या कार्यवाही की गई? (घ) क्या प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में योजना का सर्वे कार्य ठीक से न होने के कारण कई गाँवों में पानी चढ़ नहीं पा रहा है? यदि हाँ तो सर्वे कार्य किन अधिकारियों के द्वारा किया गया है और गलत सर्वे के लिये उन अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्यवाहियों की जा रही है?

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) वर्तमान में पन्‍ना जिले में जल जीवन मिशन अंतर्गत 144 एकल ग्राम नल जल योजनाएं स्‍वीकृत कर क्रियान्वित/संचालित हैं, अन्‍य कोई एकल ग्राम नल जल योजना वर्तमान में प्रस्‍तावित नहीं है। इसके अतिरिक्‍त समूह जल प्रदाय योजनाओं के अंतर्गत 04 योजनाएं क्रमश: पवई बांध समूह जल प्रदाय योजना, मंझगाय बांध समूह जल प्रदाय योजना, पवई ब्‍यारमा समूह जल प्रदाय योजना एवं सिंघौरा-02 समूह जल प्रदाय योजना संचालित है, वर्तमान में नवीन कोई भी समूह योजना प्रस्‍तावित नहीं है। (ख) जी हाँ, जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) योजनांतर्गत कार्य के निरीक्षण हेतु एस.क्यू.सी. एवं टी.पी.आई. कंसलटेंसी नियुक्त है। कार्य गुणवत्ता युक्त किया गया है। टंकियों के रिसाव का सुधार कार्य कर दिया गया है। उपयुक्त कार्य का भौतिक सत्यापन एस.क्यू.सी. एवं टी.पी.आई. एवं जल निगम के अधिकारियों द्वारा किया गया। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है।

प्राथमिक वनोपज समितियां एवं उनके कार्य

[वन]

36. ( क्र. 1273 ) श्री प्रहलाद लोधी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्ना जिले में कितनी प्राथमिक वनोपज समितियां संचालित है? इनके द्वारा विगत 5 वर्षों से प्रश्‍न दिनांक तक कितने-कितने कार्य कब-कब कितनी-कितनी लागत से कराये गये? यह राशियाँ किन-किन मदों से कब-कब प्राप्त हुई? मदवार समितिवार कार्यवार बताये? कार्य की भौतिक स्थितियाँ क्या है इसकी जानकारी भी उपलब्ध कराये। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में विगत 5 वर्षों में कराये गये कार्यों का भुगतान कब-कब, किन-किन के द्वारा कितनी राशि के किये गये विवरण समितिवार एवं समयवार देवें। इन कार्यों का सत्यपन कब-कब, किन-किन जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा किया गया? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में वन समितियों के द्वारा तेंदूपत्ता खरीदी के कार्य प्रश्‍नांश (क) की अवधि‍ अनुसार की गई का विवरण समितिवार देवें। तेंदूपत्ता खरीदी मद से प्राप्त बोनस राशि का उपयोग कब-कब कहाँ-कहाँ किया गया? समितिवार विस्तृत जानकारी बताये।

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) :(क) पन्ना जिले में जिला यूनियन दक्षिण पन्ना अंतर्गत 14 एवं जिला यूनियन उत्तर पन्ना अंतर्गत 21 कुल 35 प्राथमिक वनोपज समितियां संचालित हैं। इनके द्वारा विगत पांच वर्षों से प्रश्‍न दिनांक तक कराये गये कार्यों का विवरण जिला यूनियनवार जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-1 एवं 2 अनुसार है। (ग) जिला यूनियन दक्षिण पन्ना एवं उत्तर पन्ना में प्रश्‍नांश '' एवं '' के संदर्भ में प्राथमिक वनोपज समितियों के द्वारा तेन्दूपत्ता खरीदी के कार्य की जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-3 एवं 4 अनुसार है एवं तेन्दूपत्ता खरीदी मद से प्राप्त बोनस राशि का भुगतान तेन्दूपत्ता संग्राहकों को किया गया। जिसकी जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-5 अनुसार है।

पाड्ल्‍या तालाब नागदा के जल व मिट्टी का प्रदूषित होना

[पर्यावरण]

37. ( क्र. 1298 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नागदा नगर में केमिकल ट्रांसपोर्ट कम्‍पनी एवं केमिकल टेंकर्स घुलाई करने वालो के कारण रसायन युक्‍त पानी पाड्ल्‍या तलाब में जाकर मिलता है तो तलाब के पानी व मिट्टी को प्रदूषित करता है, नगर में यह कार्य अन्‍य स्‍थानों पर भी होता है जिससे उस क्षेत्र की मिट्टी व पानी के स्‍त्रोत प्रदूषित होते हैं। क्‍या इनके खिलाफ आज दिनांक तक कोई कार्यवाही की गई? जिससे पानी व मिट्टी को प्रदूषित होने से बचाया जा सके? (ख) क्‍या टेंकर्स घुलाई करने वाले लायसेंस शुदा है व निश्‍िचत मापदण्‍डों का पालन करते हैं? (ग) यदि नहीं तो इनके खिलाफ आज दिनांक तक कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? जबकि एकाध अवसर पर एक कर्मचारी की कार्य करते हुये मृत्‍यु भी हो गई? (घ) भविष्‍य में शासन ऐसे लोगों के खिलाफ क्‍या कार्यवाही करेगा व कब तक कार्यवाही होगी?

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) मध्‍यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा नागदा नगर में केमिकल ट्रांसपोर्ट कम्‍पनी एवं केमिकल टेंकर्स धुलाई करने वाले संस्‍थानों के विरूद्ध जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1974 एवं वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के अंतर्गत मुख्‍य न्‍यायिक दंडाधिकारी, उज्‍जैन के न्‍यायालय में वाद दायर किये गये हैं। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। खण्‍ड चिकित्‍सा अधिकारी खचरौद से प्राप्‍त जानकारी के अनुसार विगत दो वर्षों में किसी व्‍यक्ति की केमिकल के द्वारा मृत्‍यु नहीं हुई है। (घ) उत्‍तरांश (क) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "सात"

अधूरी योजनाओं को पूर्ण किये जाने की कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

38. ( क्र. 1301 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र में जल जीवन मिशन के अन्तर्गत ग्रामों में पाइप-लाइन डालते समय क्षतिग्रस्त हुई सीमेन्ट कांक्रीट, सड़कों व नालियों को पूर्ववत रिपेयरिंग का काम ठेकेदारों को करना था, जो नहीं किया गया है। (ख) क्या इन ठेकेदारों के खिलाफ विभाग कार्यवाही करेगा एवं कब तक इन ग्रामों की सड़कों व नालियों को पूर्ववत मरम्मत करवाकर ठीक करवा दिया जावेगा? (ग) कई ग्रामों में योजना अधूरी पड़ी हैं। ठेकेदार काम छोड़कर चले गये हैं। कहीं पाइप-लाइन डालना, नल लगाना, बोर खनन कर मोटर डालने जैसे कार्य शेष हैं। शासन योजना पूर्ण करने की दिशा में क्या कार्यवाही करने वाला है?

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) प्रश्‍नांकित क्षेत्र में जल-जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामों में पाइप-लाइन बिछाने/डालने के दौरान तोड़ी गई सीमेन्ट कांक्रीट सड़कों को पाइप-लाइन बिछाने के उपरांत समतल कर आवागमन योग्य किया जाता है, पाइप-लाइन की टेस्टिंग के पश्‍चात उक्त कार्य हेतु काटी कई कांक्रीट सड़क व नालियों को अनुबंध की शर्तों के प्रावधान अनुसार संबंधित ठेकेदार द्वारा मरम्मत/सुधार करके ठीक कराया जाता है, क्रियान्वित योजनाओं में यह एक सतत् प्रक्रिया है। योजना के कार्य पूर्ण किए जाने के दौरान उक्त सुधार कार्य कराए जा रहे हैं, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) पाइप-लाइन टेस्टिंग के उपरांत रोड रेस्टोरेशन का कार्य किया जा सकेगा। निश्‍िचत समयावधि बताया जाना संभव नहीं है। (ग) योजनाओं के कार्य प्रगतिरत हैं। जिन ठेकेदारों के द्वारा कार्य में लापरवाही की जा रही है, उनके विरुद्ध अनुबंध में निहित प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही की जाकर कार्यों को यथाशीघ्र पूर्ण करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

पौधारोपण की जानकारी

[वन]

39. ( क्र. 1359 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक विधान सभा अम्‍बाह के वन परिक्षेत्र में पौधारोपण हेतु शासन से कोई बजट प्राप्‍त हुआ है? यदि हाँ तो कितनी राशि का बजट प्राप्‍त हुआ है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में विभागीय अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा कितने पौधे लगाये उनकी संख्‍या, स्‍थान का फोटो और उन पर व्‍यय की गई राशि की सम्‍पूर्ण जानकारी देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) व (ख) के संदर्भ में लगाये गये कितने पौधे जीवित हैं और कितने सूख गये पौधों के सूखने के दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई?

वन मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक विधान सभा अम्‍बाह के वन परिक्षेत्र में पौधारोपण हेतु बजट प्राप्‍त नहीं हुआ है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) एवं (ग) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सहायक आयुक्त से वसूली

[जनजातीय कार्य]

40. ( क्र. 1380 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या धार जिले में कार्यरत सहायक आयुक्त पर 50 लाख के घोटाले में मंत्रालय आदेश दिनांक 17.10.23 से 47.22 लाख वसूली के आदेश दिए गए थे यदि‍ हाँ, तो यह वसूली किस दिनांक को की गई यदि नहीं की गई तो क्यों क्या वसूली ब्याज सहित की जायेगी यदि‍ नहीं तो क्यों? (ख) क्या सहायक आयुक्त धार पर भ्रष्टाचार में अपराध क्र.4/17 धारा 409,420,34 में 09.05.2017 को गिरफ्तार कर न्यायि‍क अभिरक्षा में भेजा गया था यदि हाँ तो उक्त प्रकरण की अद्यतन स्थिति‍ से अवगत करावें तथा इनका निलंबन किस दिनांक को किसके आदेश से समाप्त हुआ तथा मंत्रालय के आदेश दिनांक 17.10.2023 के पूर्व से ये विभाग में सहायक आयुक्त के पद पर कार्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम 1966 के किस नियम से कर रहे है? (ग) जनजातीय बस्ती विकास योजना के तहत धार जिले की समस्‍त विधानसभाओं में 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई, उस राशि से क्या-क्या कार्य स्वीकृत कराए गए। कार्य का नाम,लागत राशि, पूर्णता एवं अपूर्णता की स्थिति के साथ विधानसभावार जानकारी देवें। धार जिले में वर्ष 2022-23 तथा 2023-24 में किस-किस मद में क्या-क्या खरीदी एक लाख से ज्यादा की गई उसके बिल की प्रतियां देवें। (घ) धार जिले में वर्ष 2023-24 में आवंटित राशि से कार्य स्वीकृत करने हेतु किन-किन जनप्रतिनिधि‍यों से प्रस्ताव लिए गए। जनप्रतिनिधि‍यों द्वारा दिए गए प्रस्तावों की छायाप्रति उपलब्ध करावें। क्या जनप्रतिनिधि‍ से अनुमोदन होने के बाद भी उक्त वर्ष की राशि आवंटित नहीं की गई।

जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ, विभागीय आदेश दिनांक 17.10.2023 से रूपये 47,21,881/- मात्र वसूली का आदेश जारी किया गया है। जिसके विरूद्ध माह फरवरी 2024 तक राशि रूपये 40 हजार वसूल कर ली गयी है। उक्‍त वसूली आदेश के विरूद्ध अपचारी अधिकारी श्री बृजकांत शुक्‍ला ने माननीय उच्‍च न्‍यायालय में याचिका क्रमांक 5213/2024 दायर की गयी। जिस पर माननीय उच्‍च न्‍यायालय के आदेश दिनांक 15.03.2024 से राशि वसूली पर स्‍थगन दिया गया है। इस कारण से वसूली रूकी हुई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ, थाना खालवा, जिला खण्‍डवा में अपराध क्रमांक 4/17 धारा 409, 420, 34 भादवि का पंजीबद्व होकर दिनांक 09.05.2017 को आरोपी श्री बृजकांत शुक्‍ला पिता रामेश्‍वर दयाल शुक्‍ला उम्र-52 निवासी बृजेश्‍वरी एन एयंस बंगाली चौराहा के पास विजय नगर इंदौर को गिरफ्तार कर माननीय न्‍यायालय के समक्ष प्रस्‍तुत किया गया। जिसमें न्‍यायालय द्वारा न्‍यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। प्रकरण की विवेचना पूर्ण कर चालानकर्ता किया गया। श्री शुक्‍ला के विरूद्ध विभाग में अभियोजन स्‍वीकृति का प्रस्‍ताव प्राप्‍त होने पर आग्रिम कार्यवाही की जावेगी। श्री बृजकांत शुक्‍ला को विभागीय आदेश दिनांक 07.03.2020 द्वारा निलंबन से बहाल कर कार्यालय सहायक आयुक्‍त इंदौर में क्षेत्र संयोजक के रिक्‍त पद पद पदस्‍थ करते हुए लेख किया गया कि निलंबन अ‍वधि का निराकरण माननीय न्‍यायालय द्वारा पारित आदेश के उपरांत पृथक से किया जायेगा। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्‍ट '''' एवं '''' अनुसार  है। (घ) धार जिला अंतर्गत वर्ष 2023-24 में प्राप्‍त आवंटन से स्‍वीकृत कराये जाने वाले कार्यों के प्रस्‍ताव जिले के समस्‍त प्रतिनिधियों से चाहे गये थे। प्रस्‍तावों की छायाप्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है जनप्रतिनिधियों से प्राप्‍त प्रस्‍तावों की स्‍वीकृति संबंधी कार्यवाही की गई थी किन्‍तु विधानसभा चुनाव 2023 की आचार संहिता लागू हो जाने से जनप्रतिनिधियों द्वारा दिये गये प्रस्‍तावों से कार्यों का चयन नहीं कराया जा सका। विधानसभा चुनाव 2023 की आचार संहिता समाप्ति उपरांत पुन: जिला स्‍तरीय नवीन समिति का गठन किया गया, किन्‍तु जिले के प्रभारी मंत्री नामित नहीं होने से कार्यों की स्‍वीकृति जारी नहीं हो सकी और कार्यों की राशि आवंटित नहीं की गई।

ग्रामों में स्वीकृत ग्रामीण नल-जल प्रदाय योजना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

41. ( क्र. 1385 ) श्री इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र नरयावली के सागर एवं राहतगढ़ विकासखंड में विभाग द्वारा 75 ग्राम व ग्राम पंचायतों में ग्रामीण नल-जल योजना से प्रशासकीय स्वीकृति प्रदाय की गई थी? यदि हाँ तो विस्तृत जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में स्वीकृत ग्रामीण नल-जल प्रदाय योजना में प्रश्‍न दिनांक तक विभाग ने योजना के क्रियान्वयन के संबंध में क्या-क्या और कब-कब कार्यवाही की। प्रत्येक ग्राम की वास्तविक/अद्यतन स्थिति से अवगत करायें। (ग) प्रश्‍नांश (क) में स्वीकृत किन-किन ग्रामों में ग्रामीण नल-जल प्रदाय योजना संचालित/ग्रामवासियों को पेयजल उपलब्ध हो रहा ह? (घ) यदि प्रश्‍नांश (क) में स्वीकृत योजनाओं की स्वीकृति वर्ष-2021 में की गई थी एवं 75 स्वीकृत ग्रामीण नलजल प्रदाय योजना से अधिकांश योजनाएं/बंद है/कार्यपूर्ण नहीं हुआ है/स्त्रोत स्थापित नहीं हुए/पाइप-लाइन विस्तार का कार्य नहीं हुआ है आदि कारणों से नलजल योजनाएं अपूर्ण पड़ी हैं? तो कौन जिम्मेदार है? क्या विभाग दोषी अधिकारियों/ कर्मचारियों/कार्य एजेन्सी के विरूद्ध कार्यवाही करेगा, तो कब तक?

लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी नहीं, अपितु जल जीवन मिशन अंतर्गत 80 ग्रामों के लिए एकल ग्राम नल जल योजनाएं स्‍वीकृत की गईं हैं तथा इसके अतिरिक्‍त 04 समूह जल प्रदाय योजनाएं जिनमें प्रश्‍नांकित विधानसभा क्षेत्र के 156 ग्राम भी सम्मिलित हैं, स्‍वीकृत की गई हैंविस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01, 02 एवं 03 अनुसार है(ख) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01, 02 एवं 03 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 एवं 03 अनुसार है। (घ) प्रश्‍नांकित विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 80 एकल ग्राम नल-जल योजनाएं स्वीकृत की गई, जिनमें से वर्तमान में 46 पूर्ण, 32 प्रगतिरत एवं 02 अप्रारम्भ हैं तथा 04 समूह जल प्रदाय योजनाओं के कार्य प्रगतिरत हैं। प्रगतिरत योजनाओं को विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों/निर्माण एजेंसियों द्वारा शीघ्र पूर्ण कराये जाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, कार्य पूर्ण होने के उपरांत विलंब के लिए अनुबंध की शर्तों के अंतर्गत कार्यवाही की जाएगी, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

घोड़ारोज और जंगली सूअर द्वारा किसानों की फसलों को नुकसान

[वन]

42. ( क्र. 1389 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या धार जिले में धरमपुरी विधानसभा और अन्य क्षेत्र में विगत कई वर्षों से अत्यधिक संख्या में घोड़ारोज और जंगली सूअर द्वारा किसानों की फसलों का प्रतिवर्ष भारी मात्रा में नुकसान किया जाता है? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार यदि हाँ तो सरकार द्वारा उक्त समस्या के निराकरण हेतु क्या प्रयास किये जा रहे है? (ग) क्या किसानों और जनप्रतिनिधि द्वारा è