मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्‍नोत्तर-सूची
जुलाई, 2024 सत्र


गुरुवार, दिनांक 04 जुलाई, 2024


भाग-1
तारांकित प्रश्‍नोत्तर



बस कंपनियों में बसों के संचालन की अद्यतन स्थिति

[नगरीय विकास एवं आवास]

1. ( *क्र. 1368 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बी.सी.एल.एल., ए.आई.सी.टी.एस.एल. एवं जे.सी.टी.एस.एस. के गठन से प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितनी चल-अचल संपत्ति है? इस संपत्ति के अतिरिक्त और कौन-कौन से आय के स्रोत हैं? कितनी राशि भारत सरकार से, राज्य सरकार से किस-किस प्रयोजन से कब प्राप्त हुई? प्राप्त राशि का उपयोग उपरांत उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर दिया है, तो संपूर्ण जानकारी का पृथक गौशवारा मय दस्तावेजों के दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में बी.आर.टी.एस. कॉरिडोर में बस स्टॉप के साथ दुकानों का निर्माण किया गया है? कुल कितनी दुकानें बनाई गईं, दुकानों का साईज क्या है? इन दुकानों को किसे किस दर पर कितनी अवधि के लिये किसी एजेन्सी विशेष को, अन्य किसे लीज, किराये या विक्रय किया गया है? अनुबंध की प्रति सहित संपूर्ण जानकारी का गौशवारा बनाकर बतायें। दुकानों की अद्यतन स्थिति क्या है? (ग) प्रश्‍नांश अवधि में कितनी-कितनी बसें किस शहर में संचालित हो रही हैं? बसों के संचालन के लिये कितनी निविदा आमंत्रित की गई? किन निविदाकारों से किस दर पर किस प्रकार की कितनी बसें, किस-किस मापदण्डों के आधार पर क्रय की गईं? कब-कब, कितना-कितना भुगतान किस माध्यम से किया गया? वर्षवार, शहरवार, एजेन्सीवार पृथक-पृथक गौशवारा बनाकर बतायें। (घ) प्रश्‍नांश अवधि में कितने प्रश्‍न किस माननीय सदस्यों के कब-कब प्राप्त हुये हैं? संपूर्ण प्रश्‍नों का गौशवारा बनाकर बतायें। विधानसभा में जवाब प्रस्तुत करने वालों, कार्यों के लिये किन्हें क्या जिम्मेदारी तीनों कंपनियों को सौंपी गई थी, उनके नाम, पदनाम, उत्तरदायित्व सौंपा गया था? तीनों कंपनियों में कितने संविदाकर्मी किस पद पर कब से कार्यरत हैं, उनका सेवाकाल कब-कब बढ़ाया गया? नाम, पदनाम, मानदेय सहित गौशवारा बनाकर बतायें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।

अनुसूचित जाति/जनजाति पंप धारक किसानों को नि:शुल्क विद्युत प्रदाय योजना

[ऊर्जा]

2. ( *क्र. 270 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जाति/जनजाति के पंप धारक कृषि उपभोक्ताओं को नि:शुल्क विद्युत प्रदाय किए जाने की योजना वर्तमान में प्रचलन में होकर कृषकों को योजना अंतर्गत लाभ प्रदान किया जा रहा है? (ख) यदि हाँ, तो भोपाल एवं रायसेन जिले में वर्ष 2023 से योजना अंतर्गत नि:शुल्क विद्युत योजना का लाभ प्रदान करने में उपयोग में लाये गए कितने ट्रांसफार्मर जल गए तथा कितने जले ट्रांसफार्मरों को बदला गया? जले हुए ट्रांसफार्मरों को बदलने में कितने वाहनों का प्रयोग किया गया और उन वाहनों में कितना डीजल व्यय किया गया? (ग) प्रश्‍नांश "क एवं ख" के परिप्रेक्ष्य में ट्रांसफार्मर बदलते समय लाइट बंद एवं चालू करने में हुआ विलंब, एक से अधिक बार वितरण केन्‍द्र के अंतर्गत जलने वाले ट्रांसफार्मर की सूची मय कारणों के ट्रांसफार्मर जलने एवं बदलने की तिथि सहित संपूर्ण जानकारी से अवगत करावें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ, प्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जाति एवं जनजाति के 01 हेक्‍टेयर तक की भूमि वाले 05 हॉर्स पावर तक के पंप धारक कृषि उपभोक्‍ता‍ओं को नि:शुल्‍क विद्युत प्रदाय किये जाने की योजना वर्तमान में प्रचलन में है तथा उक्‍तानुसार पात्र कृषकों को योजनांतर्गत लाभ प्रदान किया जा रहा है। (ख) भोपाल जिले में वर्ष 2023 से दिनांक 10.06.2024 तक उक्‍त नि:शुल्क विद्युत प्रदाय योजना का लाभ प्रदान करने में उपयोग में लाये गए 14 वितरण ट्रांसफार्मर फेल/जले थे, जिन्‍हें बदल दिया गया है। रायसेन जिले में वर्ष 2023 से दिनांक 10.06.2024 तक उक्‍त नि:शुल्‍क विद्युत प्रदाय योजना का लाभ प्रदान करने में उपयोग में लाये गए 03 वितरण ट्रांसफार्मर फेल/जले थे, जिन्‍हें बदल दिया गया है। भोपाल एवं रायसेन जिलों के अंतर्गत फेल/जले ट्रांसफार्मर के बदलने हेतु पात्र होने एवं उनके बदलने का विवरण संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा विभाग द्वारा अनुबंधित वाहन का उपयोग कर फेल/जले वितरण ट्रांसफार्मर को बदला जाता है। अनुबंधित वाहन के देयक का भुगतान वाहन मालिक को विद्युत वितरण कंपनी के द्वारा किलोमीटर के आधार पर किया जाता है। वाहन में डीजल भरने की जिम्‍मेदारी वाहन मालिक की होती है, अत: योजना के ट्रांसफार्मर बदलने में हुई डीजल की खपत संबंधी जानकारी पृथक से संधारित नहीं हो पाती है। भोपाल एवं रायसेन जिलों में प्रश्‍नाधीन फेल/जले वितरण ट्रांसफार्मरों को बलदने के लिये क्रमश: 3 एवं 1, वितरण कंपनी द्वारा अनुबंधित वाहनों का उपयोग किया गया। (ग) उत्‍तरांश "क" एवं "ख" के परिप्रेक्ष्‍य में ट्रांसफार्मर बदलते समय लाईट बंद एवं चालू करने में हुए समय का विवरण संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। भोपाल एवं रायसेन जिलों में वर्ष 2023 से दिनांक 10.06.2024 तक अनुसूचित जाति/जनजाति के 5 हॉर्सपावर तक के पंप धारक कृषि उपभोक्‍ताओं को नि:शुल्‍क विद्युत प्रदाय का लाभ प्रदान करने में उपयोग में लाये गये वितरण ट्रांसफार्मरों में से कोई भी वितरण ट्रांसफार्मर एक से अधिक बार नहीं जला है।

परिशिष्ट - "एक"

राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण

[लोक निर्माण]

3. ( *क्र. 1100 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन के प्रावधानों अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग समतल होना चाहिए? (ख) क्‍या नागपुर से जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिवनी जिले अंतर्गत छपारा से बंजारी घाटी के मध्‍य दरारें पड़ गयी हैं? (ग) क्‍या उक्‍त राजमार्ग पर अनेक स्‍थानों पर किये गये पेच वर्क के कारण मार्ग अनेक जगह असमतल हो गया है, जिसके कारण आये दिन दुर्घटनाएं घटित हो रही हैं, फलस्‍वरूप बड़ी संख्‍या में जन-धन की क्षति हो रही है? (घ) यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त मार्ग ठेकेदार से समतल कराये जाने एवं दरारे भरने हेतु विभाग द्वारा लिखा गया है? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण कार्य आई.आर.सी. के मानकों अनुसार कराये जाते हैं। (ख) प्रश्‍नांकित मार्ग प्रमुख अभियंता, लो.नि.वि. के कार्यक्षेत्र अंतर्गत नहीं है, अपितु मार्ग भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण भारत सरकार से संबंधित है, उनसे प्राप्त उत्तर संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) एवं (घ) प्रश्‍नांश '' के उत्तर अनुसार।

परिशिष्ट - "दो"

अधिक बिजली बि‍ल एवं विदयुत व्‍यवस्‍था में सुधार

[ऊर्जा]

4. ( *क्र. 1265 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                    (क) सुसनेर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत अतिभारित किन-किन ग्रि‍डों पर वर्तमान में कितने-कितने एम.वी.ए. ट्रांसफार्मर की ओर आवश्‍यकता है? इस हेतु विभाग से प्राप्‍त मांग पत्र पर शासन द्वारा क्‍या-क्‍या स्‍वीकृति प्रदान की गई है? (ख) विधानसभा क्षेत्र के कई इलाकों में वोल्‍टेज ड्रॉप की समस्‍या तथा अघोषित बिजली कटौती से क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानी का सामाना करना पड़ रहा है, इस लापरवाही का जिम्‍मेदार कौन है? अघोषित कटौती क्‍यों की जा रही है? (ग) सुसनेर विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में कितने स्‍थानों पर लाईनों में केबल डालना आवश्‍यक है तथा अतिभारित ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि कब तक की जावेगी? (घ) वर्तमान में बिजली बिल अत्‍यधिक राशि के दिये जाने का क्‍या कारण है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) वर्तमान में म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इन्‍दौर अंतर्गत सुसनेर विधानसभा क्षेत्र में स्‍थापित कोई भी अति उच्‍चदाब एवं 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र (ग्रिड) अतिभारित नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता। (ख) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र अंतर्गत पर्याप्‍त संख्‍या में 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र एवं अन्‍य विद्युत अधोसंरचना उपलब्‍ध है, जिससे प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में पर्याप्‍त वोल्‍टेज पर आकस्मिक अवरोधों के कारण आए व्‍यवधानों को छोड़कर नियमानुसार कृषि प्रयोजन हेतु प्रतिदिन 10 घंटे एवं गैर कृषि प्रयोजन हेतु प्रतिदिन 24 घंटे गुणवत्‍तापूर्ण विद्युत प्रदाय किया जा रहा है तथा किसी भी प्रकार की अघोषित विद्युत कटौती नहीं की जा रही है। उल्‍लेखनीय है कि विद्युत लाईनों/अधोसंरचना के रख-रखाव हेतु पूर्व निर्धारित                  शट-डाउन लेने तथा तकनीकी कारणों/प्राकृतिक आपदा से आये आकस्मिक व्‍यवधानों जैसी अपरिहार्य स्थिति के कारण कतिपय अवसरों पर विद्युत प्रदाय बाधित होता है, जिसमें आवश्‍यक रख-रखाव/सुधार कार्य कर विद्युत प्रदाय शीघ्र ही सुचारू कर दिया जाता है। विद्युत अधोसंरचना के आवश्‍यक रख-रखाव कार्य हेतु लिए जाने वाले शटडाउन की सूचना विद्युत उपभोक्‍ताओं को अखबार एवं अन्‍य माध्‍यमों से दी जाती है। अत: उक्‍तानुसार की जा रही कार्यवाही के परिप्रेक्ष्‍य में किसी के दोषी होने का प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में 223 स्थानों पर विद्युत लाईनों के के‍बलीकरण का कार्य आवश्‍यक है, इस हेतु आर.डी.एस.एस. योजना के अंतर्गत 109 स्थानों पर केबलीकरण का कार्य स्वीकृत हुआ है। शेष स्‍थानों पर विद्युत लाइनों के के‍बलीकरण का कार्य आर.डी.एस.एस. योजना के द्वितीय चरण (सिस्टम मॉडर्नाईजेशन) में प्रस्तावित है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में वित्‍तीय वर्ष 2022-23 से प्रश्‍न दिनांक तक की स्थिति में कुल 47 अतिभारित वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के कार्य किए गए हैं। वर्तमान में प्रश्‍नाधीन क्षेत्रांतर्गत 108 वितरण ट्रांसफार्मर अतिभारित हैं, जिनमें से 43 वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमतावृद्धि के कार्य एस.एस.टी.डी. योजना अंतर्गत स्‍वीकृत हैं, उक्‍त कार्यों को माह अक्‍टूबर, 2024 तक पूर्ण कर लिया जावेगा। शेष 65 अतिभारित वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के कार्यों को आर.डी.एस.एस. योजना के द्वितीय चरण (सिस्टम मॉडर्नाईजेशन) में प्रस्तावित किया गया है, जिसकी स्वीकृति उपरांत कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जावेगा। (घ) विद्युत उपभोक्ताओं को उनके परिसर में स्थापित विद्युत मीटर में दर्ज विद्युत की वास्तविक खपत एवं म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी टैरिफ आदेश के तहत ही विद्युत देयक जारी किये जाते हैं। कतिपय प्रकरणों में किसी कारणवश त्रुटिपूर्ण विद्युत देयक जारी हो जाने पर विद्युत उपभोक्ता से आवेदन प्राप्‍त होने पर प्रकरण का नियमानुसार समुचित निराकरण किया जाता है।

वैध एवं अवैध कॉलोनी के दिशा-निर्देश

[नगरीय विकास एवं आवास]

5. ( *क्र. 964 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अवैध से वैध कॉलोनी हेतु शासन द्वारा क्या-क्या निर्देश जारी किए हैं?                      (ख) सुवासरा विधानसभा के नगरीय क्षेत्र में चिन्हित अवैध एवं वैध कॉलोनियों के वार्ड क्र., नगर का नाम, कॉलोनाईजर के नाम सहित पृथक-पृथक जानकारी देवें। (ग) शासन द्वारा सीतामऊ, शामगढ़, सुवासरा के नगरीय क्षेत्र में चिन्हित अवैध कॉलोनियों को वैध करने हेतु क्या-क्या कार्यवाही की गई है? वार्ड क्र., कॉलोनी, शहर के नाम सहित जानकारी देवें। (घ) शासन द्वारा उपरोक्त अवैध से वैध कॉलोनी होने पर इनके विकास हेतु कौन जवाबदेह होगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) अवैध से वैध कॉलोनी करने हेतु कोई निर्देश जारी नहीं किए गए हैं, अपितु नगरीय क्षेत्र में निर्दिष्‍ट अवधि के पूर्व अस्तित्‍व में आई चिन्हित अनधिकृत कॉलोनियों में नागरिक अधोसंरचना एवं भवन अनुज्ञा प्रदान करने के लिए म.प्र. नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम, 2021 में प्रावधान किए गए हैं। (ख) अनधिकृत कॉलोनियों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार एवं वैध कॉलोनियों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश '''' के अनुसार नगर पालिका के सक्षम प्राधिकारी अर्थात कलेक्‍टर मन्‍दसौर द्वारा म.प्र. नगरपालिका (कॉलोनी विकास) नियम, 2021 के अंतर्गत चिन्हित अनधिकृत कॉलोनियों में नागरिक अधोसंरचना एवं भवन अनुज्ञा प्रदान करने के लिए की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है, यद्यपि म.प्र. नगरपालिका                   (कॉलोनी विकास) नियम, 2021 के अंतर्गत कार्यवाही पूर्ण होने पर अनधिकृत कॉलोनियों में नागरिक अधोसंरचना के विकास कार्य संबंधित स्‍थानीय नगरीय निकाय द्वारा कराए जायेंगे।

विद्युत लाईन एवं विद्युत आपूर्ति

[ऊर्जा]

6. ( *क्र. 626 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधान सभा के कई ग्रामीण क्षेत्रों के ग्राम कोटरा खेरा अनु.जाति बस्‍ती खुमानगंज, वार्ड नं. 7 लाल्‍ले अहिरवार के घर से खज्‍जू रैकवार के घर तक नगर परिषद बल्‍देवगढ़ एवं ग्राम पठाघाट में ज्‍वाला के कुंआ से छोटे लाल के कुंआ तक घरों वाली लाईन से जोड़े जाने तथा विद्युत मण्‍डल पलेरा, खरगापुर, बल्‍देवगढ़ में प्रश्‍नकर्ता द्वारा स्‍टीमेट हेतु एवं लाईन लगवाकर बिजली आपूर्ति हेतु प्रस्‍ताव पत्र संबंधित अधीक्षण अभियंता (सं./सं.)/कार्यपालन अभियंता (सं./सं.) को लिखे हैं? क्‍या वर्णित लाईनों के कार्य एवं प्रस्‍तावों के अनुसार लाईने लगवाने तथा आम जनता को बिजली आपूर्ति की व्‍यवस्‍था कब तक करा दी जावेगी? (ख) क्‍या खरगापुर विधान सभा इन उल्‍लेखित लाईनों के खम्‍बे लगाकर लोगों को बिजली प्रदान किये जाने के आदेश जारी करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या ऊर्जा विभाग द्वारा जिन स्‍थानों पर बिजली नहीं है, उन स्‍थानों पर बिजली लगाये जाने का सर्वे करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) प्रश्‍नाधीन विद्युतीकरण के कार्यों हेतु माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदया द्वारा अधीक्षण अभियंता (सं./सं.)/कार्यपालन अभियंता (सं./सं.) को नहीं अपितु कनिष्‍ठ यंत्री, विद्युत वितरण केन्‍द्र बल्‍देवगढ़ एवं खरगापुर को पत्र लिखे गये हैं। पत्रों में वर्णित विद्युतीकरण के कार्यों हेतु सर्वे कार्य पूर्ण कराकर जमा योजना अंतर्गत प्राक्‍कलन तैयार कर, प्राक्‍कलित राशि जमा कराये जाने हेतु माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदया को कार्यालय बल्‍देवगढ़ वितरण केन्‍द्र के पत्र दिनांक 15.06.2024 से लेख किया गया है। नियमानुसार प्राक्कलन राशि जमा हो जाने के उपरान्त प्रश्‍नाधीन दोनों स्थानों पर लाईन विस्‍तार कार्य हेतु कार्यवाही की जा सकेगी। (ख) उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित दोनों कार्यों हेतु नियमानुसार प्राक्‍कलित राशि जमा होने के उपरान्त ही आगामी कार्यवाही की जा सकेगी। (ग) विद्युतीकरण हेतु निर्धारित नीति अनुसार सर्वप्रथम प्रदेश के सभी आबाद ग्रामों के विद्युतीकरण का कार्य एवं तदुपरांत आबाद ग्रामों के चिन्हित मजरों/टोलों के विद्युतीकरण का कार्य वित्‍तीय उपलब्‍धता अनुसार क्रमश: केन्‍द्र शासन की विभिन्‍न विद्युतीकरण की योजनाओं, यथा-राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना एवं दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना, में किया गया। तदुपरांत सौभाग्‍य योजना के प्रावधानों के अंतर्गत शत्-प्रतिशत घरों के विद्युतीकरण का कार्य किया गया, किन्‍तु इस योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार खेतों में दूर-दूर अवस्थित घरों को तकनीकी एवं वित्‍तीय साध्‍यता नहीं होने के कारण योजना में सम्मिलित नहीं किया गया। सौभाग्‍य योजना के प्रावधानों के अंतर्गत प्रदेश के शत्-प्रतिशत घरों के विद्युतीकरण का कार्य दिनांक 22.10.2018 को पूर्ण कर लिया गया था। नये घरों/मजरों/टोलों का निर्माण एक सतत् प्रक्रिया है। उक्‍त योजनाओं के क्‍लोज हो जाने के उपरांत निर्मित मजरों/टोलों के विद्युतीकरण का कार्य वित्‍तीय एवं तकनीकी साध्‍यता अनुसार वित्‍तीय उपलब्‍धता के अनुरूप किया जा सकेगा, जिस हेतु वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

नगर निगम जबलपुर के नये वार्डों के वर्ष 2014 के पूर्व के नक्‍शे, पट्टे की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

7. ( *क्र. 523 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2014 के पूर्व के नक्‍शे, पट्टे आदि के अभिलेख उपलब्‍ध हैं?                    (ख) यदि हाँ, तो कौन-कौन से अभिलेख उपलब्‍ध हैं? वार्डवार जानकारी देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) के अंतर्गत क्‍या हितग्राहियों को तत्‍कालीन समय के स्‍वीकृत नक्‍शों एवं पट्टों की जानकारी उपलब्‍ध नहीं कराई जा रही है? (घ) यदि हाँ, तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं। अपितु वर्ष 2014 के पूर्व नये वार्ड नगर निगम सीमांतर्गत न होने के कारण इन वार्डों में अनुज्ञा जारी नहीं की जाती थी। अत: इन वार्डों के नक्‍शे, पट्टे आदि के अभिलेख उपलब्‍ध नहीं है। (ख) से (घ) प्रश्‍नांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

नगर परिषद अम्‍बाह में प्रतिवर्ष लगने वाले मेले से प्राप्‍त राजस्‍व

[नगरीय विकास एवं आवास]

8. ( *क्र. 106 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र अम्‍बाह के नगर परिषद अम्‍बाह में नगर परिषद द्वारा प्रतिवर्ष मौसमी मेला लगाया जाता है? (ख) यदि हाँ, तो वर्ष 2023 में जो मेला लगाया गया था, वह किस ठेकेदार द्वारा और कितनी राशि पर लगाया गया था? क्‍या ठेकेदार से नगर परिषद अम्‍बाह को तय राजस्‍व राशि प्राप्‍त हुई थी? यदि हाँ, तो कितनी? यदि नहीं, तो क्‍यों?                  (ग) राजस्‍व राशि प्राप्‍त नहीं होने पर ठेकेदार के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? यदि कार्यवाही नहीं की गई तो क्‍यों? कारण स्‍पष्‍ट करें। (घ) वर्ष 2023 के पूर्व नगर परिषद अम्‍बाह द्वारा विभागीय कमेटी बनाकर मेला लगाया जाता था? यदि हाँ, तो वर्ष 2023-24 में ठेकेदार द्वारा क्‍यों                        लगवाया गया?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। (ख) निकाय द्वारा वर्ष 2023 में मेला लगाया गया था। उक्त मेले के ठेकेदार मे. पण्डित मेला महोत्सव सर्कस एवं मीना बाजार प्रो. रवि शर्मा पुत्र श्री महेश कुमार शर्मा निवासी डी-12, श्रीराम नगर दर्पण कॉलोनी थाटीपुर ग्वालियर म.प्र. से शासकीय प्रीमियम राशि 25,00,000/- (पच्चीस लाख रूपये) थी, जिसके विरूद्ध ठेकेदार द्वारा निकाय में कुल 11,25,000/- रूपये एवं 2,50,000/- धरोहर राशि राजसात कर निकाय के खाते में कुल 13,75,000/- जमा कराये गये हैं। (ग) शेष राशि वसूल किये जाने हेतु ठेकेदार के विरूद्ध FIR एवं IPC धारा 420 के अंतर्गत केस दर्ज किया गया है, वर्तमान में प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। (घ) जी हाँ। वर्ष 2023-24 में निकाय द्वारा परिषद संकल्प 05, दिनांक 17.02.2023 में निर्णयानुसार उक्त मेले का आयोजन ऑनलाइन निविदा आमंत्रित कर ठेके से आयोजित किया गया।

अवैध कॉलोनियों का निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

9. ( *क्र. 173 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश भर के साथ ही रतलाम जिले में भी नियम विरुद्ध शहरी एवं शहरी क्षेत्र से लगे क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियां निरंतर बनाई जाकर आम गरीब जन को मूलभूत सुविधा से वंचित कर मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है? (ख) यदि हाँ, तो रतलाम जिला अंतर्गत किन-किन स्थानों पर अवैध एवं अविकसित कॉलोनी के साथ बिना किसी नियम प्रक्रिया पालन के काटी गई कितनी कॉलोनियां चिन्हित की गईं? (ग) क्या इनके मानचित्र संबंधित निकाय, नगर निवेश विभाग अथवा ग्राम पंचायत द्वारा अनुमोदित किए गए तो, क्या इन्हें कॉलोनी विकसित किए जाने के समय नोटिस दिए गए? नियमानुसार आश्रय शुल्क जमा किया गया तो कहां किस खाते में जमा किया गया एवं क्या नियमानुसार प्‍लॉट बंधक रखे गए तथा गरीब एवं मध्यम वर्ग हेतु एवं बगीचा इत्यादि हेतु भूमि रिक्त रखी गई? (घ) उपरोक्तानुसार नियम विरुद्ध काटी गई अनियमित कॉलोनियों के संबंध में क्या-क्या कार्यवाही की गई? उन कार्यवाहियों के परिणाम क्या आए? साथ ही विगत वर्षों में कॉलोनाईजर्स के विरुद्ध एफ.आई.आर. दर्ज की गई तो उसके पश्चात क्या विवेचना इत्यादि पूर्ण होकर न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत करवाया गया तथा बंधक प्‍लॉट विक्रय कर विकास कार्य किए गए एवं जमा आश्रय शुल्क की राशि के माध्यम से क्या-क्या कार्य किए गए?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगरीय क्षेत्र एवं नगरीय क्षेत्र से लगे क्षेत्रों में अनधिकृत रूप से कॉलोनियों का निर्माण होता हैजिनके विरूद्ध दण्‍डात्‍मक कार्यवाही करने के लिए अधिनियम में उपबन्‍ध भी रखे गए हैंजिसके अनुसार सक्षम प्राधिकारी द्वारा स्‍थानीय स्‍तर पर कार्यवाही की जाती है। अनधिकृत कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव रहता हैजिसके दृष्टिगत राज्‍य सरकार द्वारा निर्दिष्‍ट अवधि के पूर्व अस्तित्‍व में आई नगरीय क्षेत्र की चिन्हित अनधिकृत कॉलोनियों में नागरिक अधोसंरचना प्रदान करने के लिए म.प्र. नगरपालिका (कॉलोनी विकास) नियम, 2021 में प्रावधान है। (ख) जी हाँ। अनधिकृत कॉलोनियों की जानकारी पुस्‍तकालय रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार तथा विकास अनुमति प्राप्‍त अविकसित कॉलोनियों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट  के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''', '''', '''' एवं  '''' अनुसार है।

मार्ग निर्माण कार्यों की स्वीकृति व भौतिक स्थिति की जानकारी

[लोक निर्माण]

10. ( *क्र. 711 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परासिया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर मार्ग निर्माण कराये जाने हेतु स्वीकृति प्रदान किए जाने के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा मान. उप मुख्यमंत्री महोदय को पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2024/286, दिनांक 22.05.2024 व विभागीय मंत्री महोदय को पत्र अनुस्मरण 01 क्र.वि.स./परासिया/127/2024/134, दिनांक 07.02.2024 को प्रेषित किये गये हैं, जिन पत्रों पर अभी तक क्या कार्यवाही की गई है? कब तक कार्यवाही करते हुए, मार्ग निर्माण कार्यों की स्वीकृति प्रदान करा दी जायेगी? (ख) परासिया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत प्रश्‍न दिनांक से पिछले 3 वर्षों में जितने भी मार्ग निर्माण कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई है, उन सभी स्वीकृत मार्ग निर्माण कार्यों में से कौन-कौन से मार्गों के निर्माण कार्य प्रारंभ कर पूर्ण किए जा चुके हैं और कौन-कौन से मार्गों के निर्माण कार्य अप्रारंभ व अपूर्ण हैं? मार्गों के निर्माण कार्य को पूर्ण किए जाने की समयावधि क्या है? क्या निर्धारित समय-सीमा में संबंधित ठेकेदार द्वारा मार्गों के निर्माण कार्य को पूर्ण किया जा रहा है? अगर नहीं किया जा रहा है तो क्या विभाग द्वारा उन पर कोई कार्यवाही की गई? अप्रारंभ व अपूर्ण मार्ग निर्माण कार्यों को विभाग द्वारा कब तक पूर्ण करा दिया जायेगा?           पृथक-पृथक जानकारी उपलब्ध करायें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ, विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

24 घंटे विद्युत आपूर्ति व्‍यवस्‍था

[ऊर्जा]

11. ( *क्र. 1317 ) श्री बाला बच्चन : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                              (क) राजपुर वि.स. क्षेत्र में कितने ग्रामों/फल्‍यों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की व्‍यवस्‍था नहीं है? ग्राम/फल्‍या नाम सहित देवें। (ख) यह व्‍यवस्‍था लागू करने के लिए विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) कब तक राजपुर वि.स. क्षेत्र के संपूर्ण ग्राम/फल्‍या 24 घंटे विद्युत व्‍यवस्‍था से जुड जायेंगे?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) राजपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत समस्‍त राजस्‍व ग्रामों एवं उनके चिन्हित फाल्‍यों/मजरों/टोलों में घरेलू विद्युत उपभोक्‍ताओं को अपरिहार्य कारणों से आये आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर प्रतिदिन 24 घंटे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में राजस्‍व ग्रामों/आबादी क्षेत्रों से दूर अथवा खेतों में दूर-दूर छोटे-छोटे समूह में बसे 32 फाल्‍यों/मजरों/टोलों में निवासरत परिवारों को समीपस्‍थ उपलब्‍ध विद्युत अधोसंरचना यथा कृषि श्रेणी के 11 के.व्‍ही. फीडरों से संबद्ध कर अपरिहार्य कारणों से आए आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर प्रतिदिन 10 घंटे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है, जिनकी प्रश्‍नाधीन सूची संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।                                            (ख) एवं  (ग) उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित 32 फाल्‍यों/मजरों/टोलों को 24 घंटे वाले फीडरों से जोड़ने के लिए वित्‍तीय एवं तकनीकी साध्‍यता अनुसार वित्‍तीय उपलब्‍धता के अनुरूप विद्युत अधोसंरचना निर्माण का कार्य किया जा सकेगा, जिस हेतु वर्तमान में निर्धारित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "तीन"

नल-जल योजना

[नगरीय विकास एवं आवास]

12. ( *क्र. 935 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर जिला अंतर्गत नगर पंचायत अमरकंटक के लिए 23 करोड़ की नल-जल योजना को वर्ष 2016-17 में स्वीकृति प्रदान की गई थी तथा समय से पूर्ण किया जाना था? परंतु आज दिनांक तक क्यों प्रारंभ नहीं की गई है? (ख) प्रश्‍नांश (क) अंतर्गत नल-जल योजना नगर पंचायत अमरकंटक में कब तक पूर्ण होगी? ताकि नगर पंचायत के रहवासियों को 24 घंटे पेयजल उपलब्ध हो सकेगा? (ग) इस योजना में विलंब के कारण क्या हैं तथा जिम्मेदार कौन हैं? विभाग द्वारा की गई कार्यवाही की छायाप्रति उपलब्ध कराएं।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं, अपितु नगर परिषद अमरकटंक की पेयजल योजना मुख्‍यमंत्री शहरी पेयजल योजनान्‍तर्गत वर्ष 2017-18 में राशि                 रू. 12.56 करोड़ की स्‍वीकृत की गई थी। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) वस्‍तुस्थिति की जानकारी उत्‍तरांश '''' अनुसार है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

नर्मदापुरम से पिपरिया तक फोर लेन मार्ग का निर्माण

[लोक निर्माण]

13. ( *क्र. 200 ) श्री ठाकुर दास नागवंशी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला नर्मदापुरम से पिपरिया तक फोर लेन सड़क का निर्माण कार्य वित्तीय वर्ष 2022-23 के बजट में राशि रूपया 840.00 करोड़ का प्रावधान कर स्वीकृत किया गया है? (ख) क्या इस फोर लेन मार्ग का निर्माण नर्मदापुरम से पिपरिया की ओर (शोभापुर मार्ग पर स्थित हनुमान मंदिर) तक किया जावेगा जो पिपरिया शहर से लगभग 04 कि.मी. (पहले) दूरी पर है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) का उत्तर यदि हाँ, है तो इस फोर लेन मार्ग के निर्माण से पिपरिया शहर फोर लेन की कने‍क्टिविटी से वंचित रह जावेगा तथा शहर को इसका लाभ प्राप्त नहीं हो पायेगा? (घ) क्या प्रश्‍नांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍नकर्ता के कार्यालय द्वारा पत्र क्रमांक 718 पिपरिया, दिनांक 05.09.2023 प्रेषित कर इस मार्ग को पिपरिया शहर के सिलारी चौराहे तक बनाये जाने हेतु लेख किया गया है? (ड.) उपरोक्त प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार इस मार्ग को पिपरिया शहर तक जोडे़ जाने हेतु विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गयी है, विवरण सहित जानकारी प्रदान करें तथा इस मार्ग का निर्माण कार्य कब से प्रांरभ हो जावेगा? वास्तविक स्थिति से अवगत करावें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी नहीं। नर्मदापुरम पिपरिया फोरलेन कार्य वर्ष 2023-24 के बजट में प्रथम स्‍तरीय प्राक्‍कलन अनुसार लागत राशि रू. 840 करोड़ को सम्मिलित कर रू. 1000 का प्रतीक प्रावधान किया गया है। (ख) उत्‍तरांश 'के परिप्रेक्ष्‍य में स्‍वीकृति उपरान्‍त बताया जाना संभव हो सकेगा। (ग) उत्‍तरांश  '' एवं 'अनुसारस्‍वीकृति उपरान्‍त बताया जाना संभव हो सकेगा।                      (घ) जी नहीं। माननीय विधायक श्री ठाकुरदास नागवंशी का पत्र क्रमांक 718, पिपरिया दिनांक 05.09.2023 लोक निर्माण विभाग में प्राप्‍त नहीं है। (ङ) ड्राफ्ट डी.पी.आर. अनुसार परियोजना का ई.पी.सी. मोड में प्रस्‍ताव तैयार किया गया हैजो परिक्षणाधीन है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

ओव्‍हर ब्रिज निर्माण

[लोक निर्माण]

14. ( *क्र. 1299 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नागदा रतलाम रेल्‍वे लाइन पर नागदा मण्‍डी से बिरलाग्राम जाने वाले मार्ग पर रेल्‍वे फाटक गवर्नमेंट कॉलोनी के पास स्‍वीकृत ओव्‍हर ब्रिज एवं इसी लाइन पर नागदा-खाचरौद सड़क मार्ग पर चम्‍बल नदी के पार रेल्‍वे फाटक पर स्‍वीकृत ओव्‍हर ब्रिज पर रेल्‍वे अपना कार्य विगत वर्ष ही पूर्ण कर चुका है, लेकिन लोक निर्माण विभाग अपना कार्य क्‍यों नहीं कर रहा है?                                             (ख) क्‍या नागदा नगर में लोक निर्माण विभाग ने कार्य ही प्रारंभ नहीं किया जबकि खाचरौद-नागदा रोड पर कुछ कार्य प्रारंभ किया गया, दोनों ही कार्य विगत 02 वर्षों से अधिक समय से बंद पड़े हैं? क्‍या दोषी अधिकारियों या ठेकेदार के खिलाफ कार्यवाही की गई है? (ग) कब तक शासन इन ओव्‍हर ब्रिज के कार्य को प्रारंभ करवा पायेगा, क्‍या इन कार्यों को प्रारंभ करने की दिशा में शासन ने कोई कार्यवाही प्रारंभ की है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "चार"

राजधानी परियोजना प्रशासन पुनः आरंभ किया जाना

[लोक निर्माण]

15. ( *क्र. 92 ) श्री आरिफ मसूद : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सरकार राजधानी परियोजना प्रशासन को फिर से आरंभ करने पर विचार कर रही है?              (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में राजधानी परियोजना प्रशासन को बंद करने के क्या कारण थे? क्या इसे बंद करने से पहले किन्हीं विशेषज्ञों से परामर्श लिया गया था? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में क्या अब राजधानी परियोजना प्रशासन को बंद करने के लिए बताये गये कारणों का अब कोई औचित्य नहीं है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) भोपाल में निर्माण कार्य एवं सौंदर्यीकरण हेतु अनेक शासकीय एजेंसियां जैसे-स्मार्ट सिटी, भोपाल विकास प्राधिकरण, हाउसिंग बोर्ड, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग आदि उपलब्ध होने से कार्यक्षेत्र का दोहरीकरण, सड़कों के संधारण में स्पष्ट उत्तरदायित्व एवं अधोसंरचना कार्य सुव्यवस्थित रूप से क्रियान्वित किये जाने हेतु निर्णय लिया गया था। (ग) प्रश्‍नांश (क) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

अवैध कब्जे की जमीन पर पी.एम. आवास की स्वीकृति

[नगरीय विकास एवं आवास]

16. ( *क्र. 952 ) श्री जगन्‍नाथ सिंह रघुवंशी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला अशोकनगर में घर में घुसकर लड़की एवं उसके परिजनों से मारपीट करने वाले आरोपी के पिता का घर वर्ष 2017 में पी.एम. आवास योजना अंतर्गत स्वीकृत होकर निर्माण किया गया है? यदि हाँ, तो अतिक्रमण की जमीन पर पी.एम. आवास स्वीकृत करने हेतु कौन-कौन अधिकारी एवं कर्मचारी जिम्मेदार हैं? (ख) क्या नगरपालिका अशोकनगर अंतर्गत इसी प्रकार अवैध कब्जेधारियों को पी.एम. आवास स्वीकृत किए गए हैं? क्या जिला प्रशासन पहले से बने पक्के मकानों एवं अतिक्रमण की जमीन को पी.एम. आवास योजना में सम्मिलित करने की जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। थाना कोतवाली अशोकनगर की रिपोर्ट दिनांक 18.06.2024 अनुसार जिला अशोकनगर में घर में घुस कर लड़की एवं उसके परिजनों से मारपीट करने वाले आरोपी कल्ला खां के पिता का नाम आबिद खां है, जो रामपुरा मोहल्ला अशोकनगर में निवास करते हैं एवं वार्ड प्रभारी की टीप अनुसार आरोपी के पिता को प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी अंतर्गत आवास स्वीकृत हुआ है। म.प्र. शासन, नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्रालय, भोपाल के आदेश क्रमांक एफ-10-47/2015/18-2, दिनांक 03.04.2018 संलग्‍न परिशिष्ट की कण्डिका क्रमांक 04 के प्रावधान अनुसार ऐसे हितग्राही जो संबंधित आबादी क्षेत्र में पूर्व से निवासरत हैं एवं नगरीय निकाय को नियमित सम्पत्ति/समेकित कर का भुगतान कर रहे हैं, किंतु उनके पास भूमि स्वामित्व संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। इस स्थिति में ऐसे सभी हितग्राहियों को भी योजना के बी.एल.सी. घटक हेतु पात्र माना जाये। जिससे शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) निकाय द्वारा समस्त हितग्राहियों को नियमानुसार ही प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) का लाभ दिया गया है, किसी भी पक्के मकान पर आवास प्रदाय नहीं किया गया है। हितग्राही के कच्चे आवास/प्‍लॉट पर प्रथम स्तर की जियोटेग कराकर ही राशि‍ प्रदाय की जाती है। नगर पालिका अशोकनगर में अवैध कब्जे धारियों को आवास स्वीकृत नहीं किये जाने से कोई भी अधिकारी/कर्मचारी दोषी नहीं है। जिससे शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "पांच"

विभाग संबंधित कार्यों की जानकारी

[लोक निर्माण]

17. ( *क्र. 1186 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक निर्माण विभाग (सड़क एवं पी.आई.यू.) के समस्त कार्यालयों के अंतर्गत विगत 03 वित्तीय वर्षों में किस-किस मद से कौन-कौन से कार्य हेतु कितनी-कितनी राशि शासन से आवंटित हुई? आवंटित राशि में कौन-कौन से कार्य हेतु किस-किस कार्य एजेंसी को निविदा प्रदान की गई? उक्त कार्य किस जनप्रतिनिधि या अधिकारी की अनुशंसा पर स्वीकृत किये गये? (ख) बालाघाट जिले में विभाग में माननीय मंत्री जी, माननीय मुख्यमंत्री जी या अन्य संवैधानिक पदाधिकारी द्वारा                    कौन-कौन से निर्माण कार्य/अन्य कार्य हेतु घोषणा की गई? विगत 03 वर्षों का ब्यौरा देवें। कितनी घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं? कितनी घोषणाएं बाकी हैं? कब तक घोषणाएं पूर्ण हो सकेंगी? (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित कार्यों में से कौन-कौन से कार्य हेतु किस-किस कार्य एजेंसी को कितनी-कितनी राशि का भुगतान किस माध्यम से किया गया? चेक/बैंक ड्राफ्ट/आर.टी.जी.एस./नगद की जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) बालाघाट जिले में कौन-कौन से कार्यालय में कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी पदस्थ हैं? कुल स्वीकृत पद कितने हैं? क्या बहुत सारे लोकसेवक अपनी मूल पदस्थापना से अलग अन्यत्र कार्यरत हैं? उन्हें किस आधार पर संलग्न किया गया है? आदेशों के प्रति बतावें साथ ही कार्यपालन यांत्रिक P.W.D. के विगत 1 वर्ष में जिले में भ्रमण की तिथि एवं खर्च की जानकारी उपलब्ध करावें।  

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के                       प्रपत्र-'', 'अ-1' एवं 'अ-2' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 'ब-1' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ, 'अ-1' एवं 'अ-2' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 'स-1' अनुसार है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 एवं 2 अनुसार है। बालाघाट जिले में लोक निर्माण विभाग में कुल स्‍वीकृत पद 79 हैंजी नहीं। अन्‍य जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1         अनुसार है।

प्राकृतिक आपदा से हुई हान‍ि की क्षतिपूर्ति

[ऊर्जा]

18. ( *क्र. 719 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) क्या आँधी तूफान में बिजली के तार गिरने से करंट लगने और विद्युत खम्बे गिरने से आसपास के क्षेत्र या खेतों में होने वाली जनहानि या पशुओं के होने वाले नुकसान के लिए सरकार द्वारा कोई सहायता या मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो विवरण दें। (ख) प्रश्‍न दिनांक तक विगत दो वर्षों में सौंसर विधानसभा क्षेत्र में किन-किन लोगों को इस प्रकार की सहायता या मुआवजा दिया गया? (ग) यदि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है तो क्या ऐसे प्रकरणों में सहायता या मुआवजा देने की कार्यवाही करेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ, राजस्‍व विभाग, म.प्र. शासन द्वारा जारी राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र खंड-6, क्रमांक-4 (आर.बी.सी., 6-4) जो कि प्राकृतिक आपदाओं से हुई दुर्घटना में, व्‍यक्ति के मृत होने पर एवं शारीरिक अंग हानि होने पर तथा पशुहानि होने पर आर्थिक अनुदान सहायता राशि के भुगतान के संबंध में है, में निर्धारित किए गए प्रावधानों के अनुसार वितरण कंपनियों द्वारा विद्युत दुर्घटना में पीड़ि‍त बाहरी व्‍यक्तियों/परिवारों को आर्थिक अनुदान सहायता राशि का भुगतान किया जाता है। समय-समय पर जारी तत्संबंधी निर्देशों की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अनुसार है। (ख) प्रश्‍नाधीन अवधि में सौंसर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत विद्युत दुर्घटना में जनहानि एवं पशुहानि के प्रकरणों में से नियमानुसार पात्र पाए गए प्रकरणों में पीड़ित परिवारों/पशु मालिकों को दी गई आर्थिक सहायता राशि की प्रश्‍नाधीन चाही गयी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता।

सड़कों एवं पुलों के निर्माण कार्यों हेतु स्वीकृत राशि 

[लोक निर्माण]

19. ( *क्र. 1402 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या टीकमगढ़ जिले की सड़कों एवं पुलों के निर्माण हेतु राशि की स्वीकृति हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रश्‍न क्र. 1594, दिनांक 13.02.2024 विधानसभा में किया गया था, जिसके उत्तर (घ) के पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-स अनुसार रिमार्क में जो जानकारी दी गई है, उसमें कार्य क्र. (1) से लगातार (10) तक रिमार्क में जो जानकारी दी गई है, उन सभी कार्यों की स्वीकृति हेतु विभाग द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की जा चुकी है और क्या-क्या शेष है? निश्चित समय-सीमा सहित बताएं कि उपरोक्त सभी कार्यों की स्वीकृति उपरांत कब तक कार्य प्रारंभ करा दिये जावेंगे? (ख) प्रश्‍नांश (क) के आधार पर बताएं कि जतारा विधानसभा क्षेत्र के वह ऐसे              कौन-कौन से ग्राम हैं जो उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे हुए हैं और आज दिनांक तक म.प्र. एवं उ.प्र. बॉर्डर तक पक्की सड़क एवं पुल न बनने से ग्रामीण जनता अत्यधिक परेशान है? ऐसी सड़कों के नाम एवं किस नदी पर पुलों के निर्माण पर विभाग द्वारा कितनी-कितनी राशि व्यय हो गई?      (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताएं कि इन महत्वपूर्ण सड़कों एवं पुलों के निर्माण में जनहित में कौन-कौन से कार्यों के लिए जुलाई 2024 में बजट राशि में स्वीकृति हेतु प्रावधान किया जा रहा है, तो कितनी-कितनी राशि का? कृपया सम्पूर्ण एवं स्पष्ट जानकारी दें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ, प्रश्‍न क्र. 1594, दिनांक 13.02.2024 के उत्‍तर के साथ संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' के रिमार्क कॉलम में दी गई जानकारी उत्तर दिनांक तक यथास्थिति है। (ख) विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) उत्तर दिनांक तक मुख्य बजट वर्ष 2024-25 (जुलाई-2024) प्रस्‍तावित स्थिति में है। अत: सम्‍पूर्ण जानकारी दिया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "छ:"

प्रधानमंत्री आवास योजना

[नगरीय विकास एवं आवास]

20. ( *क्र. 1223 ) श्री सुरेश राजे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिका डबरा द्वारा वर्ष 2021-22 से 2023-24 में कितने-कितने हितग्राहि‍यों को प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किये गए? वर्षवार संख्या बतावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार                      वर्ष 2021-22 से 2023-24 में जिन हितग्राहि‍यों को प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किये गए, उनमें से किस-किस हितग्राही को अभी तक दूसरी किस्त किस कारण नहीं दी गयी? वर्षवार हितग्राही का नाम सहित जानकारी दें। (ग) क्या नगर पालिका डबरा, जिला ग्वालियर द्वारा वर्ष 2023-24 में प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत किसी भी हितग्राही को आवास स्वीकृत नहीं किये गये? यदि हाँ, तो कारण सहित विस्तृत जानकारी देवें तथा इस लापरवाही के लिए कौन-कौन अधिकारी और कर्मचारी जिम्मेदार हैं? इनके विरुद्ध अभी तक क्या कार्यवाही की गई? नहीं तो क्यों नहीं और कब तक की जायेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगर पालिका डबरा में वर्ष 2021-22 से वर्ष 2023-24 तक वर्षवार निम्नानुसार संख्या में आवास स्वीकृत हुये :-

वर्ष

स्वीकृत आवासों संख्या

2021-22

970

2022-23

निरंक

2023-24

निरंक

 

(ख) प्रश्‍नाश '''' अनुसार वर्ष 2021-22 से वर्ष 2023-24 तक स्वीकृत 970 आवासों में से पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के विवरण अनुसार 183 हितग्राहियों द्वारा योजना के मापदण्ड अनुसार निर्धारित स्तर तक भौतिक प्रगति नहीं किये जाने से द्वितीय किश्त का भुगतान नहीं किया गया है। (ग) भारत सरकार, आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार समस्त पूर्व स्वीकृत परियोजनाओं की समाप्ति अवधि दिसंबर-2024 तक है एवं नवीन आवास स्वीकृत नहीं किये जाने के निर्देश होने से शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

अघोषित विद्युत कटौती

[ऊर्जा]

21. ( *क्र. 1162 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) विधानसभा क्षेत्र मुरैना अंतर्गत भीषण गर्मी के समय गत 2 माह से अघोषित विद्युत कटौती क्‍यों की जा है? शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिदिन 10 से 15 घंटे तक विद्युत सप्लाई बाधित होने के उचित कारण देवें। यदि नहीं, तो गत 2 माह में विधानसभा क्षेत्र मुरैना के समस्‍त विद्युत वितरण केन्‍द्रों द्वारा प्रतिदिन घरेलू एवं कृषि हेतु कितने-कितने घंटे विद्युत प्रदाय की गई? 2 माह की सूची देवें। (ख) उक्त क्षेत्र अंतर्गत अधिकांश सुबह एवं शाम के समय बिजली कटौती कर दी जाती है, वही समय पीने का पानी भरने का होता है, जिससे क्षेत्रवासियों को अत्यधिक असुविधा हो रही है, क्या विभाग इस समस्या के निपटान हेतु विद्युत कटौती के समय में परिवर्तन करेगा, जिससे क्षेत्रवासियों को पेयजल भरने में असुविधा न हो? (ग) विद्युत कंपनी द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 1912 पर फोन लगाए जाने पर उठाया नहीं जाता एवं यदि शिकायत दर्ज भी हो जाती है तो भी 10 से 12 दिनों तक शिकायत लंबित रहती है, इसी प्रकार विभाग द्वारा अधिकारियों को जारी शासकीय यू.जी.सी. सीरीज 623291 के नंबर अधिकारी कर्मचारियों द्वारा भी नहीं उठाए जाते? क्या विभाग इस और ध्यान देते हुए उपभोक्ताओं हेतु सुविधाओं में नवीन परिवर्तन करेगा? यदि हाँ, तो योजना क्या रहेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) विधानसभा क्षेत्र मुरैना अंतर्गत कोई अघोषित विद्युत कटौती नहीं की गई है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिदिन 10 से 15 घंटे तक का विद्युत प्रदाय बाधित नहीं हुआ है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में आकस्मिक अवरोधों के कारण आए व्‍यवधानों को छोड़कर नियमानुसार कृषि प्रयोजन हेतु प्रतिदिन 10 घंटे एवं गैर कृषि प्रयोजन हेतु प्रतिदिन 24 घंटे गुणवत्‍तापूर्ण विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। उल्‍लेखनीय है कि विद्युत लाईनों/अधोसंरचना के रख-रखाव हेतु पूर्व निर्धारित शट-डाउन लेने तथा तकनीकी कारणों/प्राकृतिक आपदा से आये आकस्मिक व्‍यवधानों जैसी अपरिहार्य स्थिति के कारण कतिपय अवसरों पर विद्युत प्रदाय बाधित होता है, जिसमें आवश्‍यक रख-रखाव/सुधार कार्य कर विद्युत प्रदाय शीघ्र ही सुचारू कर दिया जाता है। विद्युत अधोसंरचना के आवश्‍यक रख-रखाव कार्य हेतु लिए जाने वाले शटडाउन की सूचना विद्युत उपभोक्‍ताओं को अखबार एवं अन्‍य माध्‍यमों से दी जाती है। विगत दो माह में विधानसभा क्षेत्र मुरैना के घरेलू एवं कृषि फीडरों पर दैनिक रूप से माह अप्रैल एवं मई-2024 में की गई विद्युत प्रदाय की प्रश्‍नाधीन चाही गयी वितरण केन्‍द्रवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के क्रमश: प्रपत्र 'एवं 'अनुसार है। (ख) प्रश्‍नाधीन क्षेत्रांतर्गत किसी भी प्रकार की विद्युत कटौती नहीं की जा रही है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी का केन्‍द्रीयकृत हेल्पलाइन नंबर 1912, 24 घण्‍टे क्रियाशील रहता है, जिस पर प्रश्‍नाधीन क्षेत्र के उपभोक्‍ताओं द्वारा माह अप्रैल, 2024 में कुल 1126 शिकायतें दर्ज कराई गई, जिनका औसत निराकरण समय 2 घंटे 1 मिनिट है एवं माह मई, 2024 में कुल 2365 शिकायतें दर्ज हुई, जिनका औसत निराकरण समय 3 घंटे 10 मिनिट है। अत: दर्ज शिकायतों का यथा संभव समय-सीमा में निराकरण किया जाता है। म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा अधिकारियों को प्रदाय शासकीय सीयूजी सीरीज के नंबर पर सामान्‍यत: फोन उठाये जाते हैं। वर्तमान में वितरण कंपनी द्वारा उपरोक्‍ताओं की सुविधा हेतु शिकायत दर्ज कराने के लिए केंद्रीय कॉलसेंटर 1912, सी.एम. हेल्‍पलाईन, वॉइस बॉट, चेट बॉट एवं उपाय एप के माध्‍यम से शिकायत दर्ज कराने की सुविधा प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्‍त वर्तमान में अन्‍य कोई योजना विचाराधीन नहीं है।

परिशिष्ट - "सात"

भोपाल विकास योजना

[नगरीय विकास एवं आवास]

22. ( *क्र. 291 ) श्री अनिरुध्द (माधव) मारू : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भोपाल जिला पंचायत द्वारा भोपाल विकास योजना के आगामी प्रारूप में अधिसूचित किए गए निवेश क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों के भूमि क्षेत्र के लिए कोई सुझाव दिए गए हैं? यदि हाँ, तो क्या सुझाव दिए गए, उसकी प्रति उपलब्ध कराएं। क्या नगर तथा ग्राम निवेश संचालनालय अथवा उसके अधीनस्थ कार्यालय द्वारा भोपाल मुख्य नगर के साथ निवेश क्षेत्र में आने वाले ग्रामीण भाग के समन्वित विकास हेतु कोई सुझाव दिए गए हैं?                    (ख) क्या भोपाल विकास योजना में आने वाले ग्रामों के जोनल प्लान बनाने के अधिकार नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 में प्रदत्त किए गए हैं? यदि हाँ, तो अभी तक जोनल प्लान बनाने के लिए क्या-क्या कार्य किए गए और कितने जोनल प्लान तैयार किए गए। (ग) प्रारूप विकास योजना में नगर निगम क्षेत्र के अतिरिक्त अनेक पंचायतों को सम्मिलित किया जाता है, किंतु विकास के प्रस्ताव नगर निगम के क्षेत्र से ही संलग्न भूमि पर रहते हैं, जबकि प्रत्येक गांव में मूलभूत सुविधाओं के होने के पश्चात भी विकास प्रस्ताव नहीं होने के कारण अवैध कॉलोनी विकसित हो जाती है, इस हेतु क्या प्रावधान किए जायेंगे, जिससे अवैध कॉलोनी विकसित नहीं हो?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं। जी नहीं।                         (ख) जी हाँ। म.प्र. नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा-20 के अंतर्गत जोनल प्‍लान तैयार करने का दायित्‍व स्‍थानीय प्राधिकारी का है। स्‍थानीय प्राधिकारी के पास जोनल प्‍लान तैयार करने हेतु अमला न होने के कारण राज्‍य नगर नियोजन के माध्‍यम से सलाहकार स्‍थानीय प्राधिकारी को उपलब्‍ध करा कर जोनल प्‍लान तैयार किये जा रहे हैं। (ग) विकास योजना के संपूर्ण प्रस्‍ताव नगर पालिक निगम सीमा सम्मिलित कर निवेश क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्रामों में भी प्रस्‍तावित किये जाते हैं। अत: यह कहना सही नहीं है कि विकास के प्रस्‍ताव नगर निगम के क्षेत्र से ही संलग्‍न भूमि पर रहते हैं। विकास योजना में ग्रामीण विस्‍तार हेतु कृषि परिक्षेत्र में विहित स्‍वीकार्य एवं स्‍वीकृत उपयोग मान्‍य है। अवैध कॉलोनी का विकास न हो इस संबंध में म.प्र. नगर पालिका (कॉलोनाईजर का रजिस्‍ट्रेशन, निर्बंधन तथा शर्तें) नियम, 1998 में प्रावधान किये गये हैं।

 

जलावर्धन योजना का क्रियान्‍वयन

[नगरीय विकास एवं आवास]

23. ( *क्र. 693 ) श्रीमती अर्चना चिटनीस : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बुरहानपुर नगर निगम के लिए जलावर्धन योजना का कार्य M.P.V.D.C. किस वर्ष स्वीकृत की गई तथा योजना किस वर्ष तक पूर्ण की जाना थी? योजना के लिए शासन द्वारा कितनी राशि का प्रावधान कर, निगम द्वारा कितने राशि का व्यय प्रश्‍न दिनांक तक किया गया है? (ख) प्रश्‍न दिनांक तक योजनांतर्गत कितने परिवारों को पर्याप्त व गुणवत्तायुक्त जलापूर्ति से लाभान्वित किया जाना था? यदि नहीं, तो किस समय-सीमा तक वंचित परिवारों को जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी? यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें। (ग) क्‍या बुरहानपुर शहर में ट्यूबवेल पर आधारित लगभग 45 वर्ष पुरानी जलप्रदाय योजना संचालित है? यदि हाँ, तो इन समस्याओं के लिए शहरवासियों द्वारा पुरानी क्षतिग्रस्त पाईप लाईन होने से दूषित जलापूर्ति की कितनी शिकायतें नगर निगम बुरहानपुर को प्रश्‍न दिनांक प्राप्त हुई हैं? क्या इन समस्यों से नागरिकों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव की गंभीर स्थिति बनी हुई है? (घ) जलावर्धन योजना का कार्य पूर्ण कराने हेतु सतत् निगरानी हेतु शासन स्तर पर दल गठित कर सुनिश्चित करेगा? यदि हाँ, तो समय-सीमा निश्चित करेगा? योजना कब तक पूर्ण हो सकेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) वर्ष 2016 में स्वीकृत की गई थी। मई वर्ष 2019 तक पूर्ण किया जाना था। रु. 16369.75 लाख (एक सौ तिरेसठ करोड़ उनहत्तर लाख पंद्रह हजार) का प्रावधान था। कोई राशि व्यय नहीं की गयी है। (ख) 34000 परिवारों को। 33123 परिवारों को कनेक्शन दिया जा चुका है, शेष 877 परिवारों को सितम्बर 2024 के अंत तक जलापूर्ति सुनिश्चित की जायेगी। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। वर्ष 2021 से कुल 225 शिकायतें प्राप्त हुई है, जिनका तत्काल निराकरण किया गया है। दूषित जलापूर्ति के सुधार के विषय को प्राथमिकता से लेकर लगातार शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।                (घ) प्रोजेक्ट मेनेजमेंट कंसलटेंट (पी.एम.सी.) तथा इनडिपेंडेंट वेरिफिकेशन टीम (आई.वी.टी.) का गठन पूर्व में ही किया गया है। समय-सीमा का प्रश्‍न ही नहीं उठता। माह सितम्बर 2024 तक पूर्ण किया जाना संभावित है।

शासकीय कार्यालय एवं शासकीय आवासों की जानकारी

[लोक निर्माण]

24. ( *क्र. 1198 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जिला मुख्‍यालय राजगढ़ में लोक निर्माण विभाग के कोई शासकीय कार्यालय एवं शासकीय आवास हैं? यदि हाँ, तो कहां-कहां पर कितनी-कितनी साईज के हैं? (ख) क्‍या लोक निर्माण विभाग के उक्‍त शासकीय कार्यालय एवं शासकीय आवासों का वर्तमान में कोई उपयोग किया जा रहा है? यदि हाँ, तो किसके द्वारा और क्‍या उपयोग किया जा रहा है? नाम सहित बतावें। (ग) क्‍या लोक निर्माण विभाग के उक्‍त शासकीय कार्यालय एवं शासकीय आवासों में से कुछ ऐसे भी शासकीय कार्यालय एवं आवास भी हैं, जो पूर्णत: जीर्ण-शीर्ण होकर खंडहर पड़े हुये हैं और उन पर लोगों के द्वारा अतिक्रमण किया जा रहा है? यदि हाँ, तो ऐसे                कौन-कौन से आवास हैं? नाम व स्‍थान सहित बतावें। (घ) क्‍या पूर्व में जिला मुख्‍यालय राजगढ़ में लोक निर्माण विभाग के किसी शासकीय कार्यालय अथवा शासकीय आवास को किसी अन्‍य निजी व्‍यक्ति को विक्रय किया गया है? यदि हाँ, तो कौन सा आवास किसको कितनी राशि में किस के आदेश द्वारा कब विक्रय किया गया है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जी हाँ। पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी हाँ। जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

सोनकच्छ विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

25. ( *क्र. 1194 ) डॉ. राजेश सोनकर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला-देवास अंतर्गत नगर परिषद क्षेत्र सोनकच्छ, नगर परिषद क्षेत्र टोंकखुर्द, नगर परिषद क्षेत्र पीपलरांवा एवं नगर परिषद क्षेत्र भौंरासा में वित्तीय वर्ष 2018-19 से प्रश्‍न दिनांक तक विकास हेतु कितनी राशि से क्या-क्या विकास कार्य किये गये हैं? (ख) प्रश्‍नांश '' के संदर्भ में चारों नगर परिषद क्षेत्र में आधारभूत संरचना एवं सौंदर्यीकरण के क्या-क्या कार्य प्रस्तावित हैं? कार्यों की सूची उपलब्ध करवाने का आग्रह है। (ग) क्या सोनकच्छ नगर परिषद क्षेत्र की अधिकांश सड़कें नल-जल योजना के कार्य हेतु की गई खुदाई से उबड़-खाबड़ हो चुकी है? (घ) प्रश्‍नांश '' के संदर्भ में यदि हाँ, तो उनके पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी किसकी है और वे कब तक पुनः निर्मित कर दी जावेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) एवं (घ) जी हाँ। सड़कों के पुनर्निर्माण की जिम्‍मेदारी संविदाकार की है। पाईप लाईन टेस्टिंग उपरांत संविदाकार द्वारा रोड रेस्‍टोरेशन का कार्य किया जाता है।                   समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

 

 

 





भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्‍नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्‍नोत्तर


मेसर्स ऑलसर्विसेस ग्‍लोबल प्रा.लि. द्वारा अनुबंध का पालन

[ऊर्जा]

1. ( क्र. 17 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2021 में एम.पी.पी.के.वी.वी.सी.एल. टीकमगढ़ सर्कल के तहत विविध कार्यों के लिए आवश्‍यक मैनपावर की आपूर्ति का अनुबंध मेमर्स ऑलसर्विसेस ग्‍लोबल प्रा.लि. को दिया गया था? (ख) क्‍या अनुबंध की शर्तों अनुसार ठेकेदार ने अपने कर्मचारियों के लिए चौबीस महीने की अनुबंध अवधि के लिए डब्‍लू.सी. पॉलसी एम.पी.पी.के.वी.वी.सी.एल. कार्यालय टीकमगढ़ में जमा की थी? (ग) क्‍या पॉलिसी दस्‍तावेज के अनुसार डब्‍लू.सी. पॉलिसी की लागत लगभग 85 रूपया प्रति कर्मचारी थी? जबकि देयक में लिप्‍त कर्मचारी 300 रूपया शुल्‍क वसूल किया? (घ) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित अनुबंध की शर्तों के उल्‍लंघन एवं प्रश्‍नांश (ग) में वर्णित अनियमितता के लिए कौन-कौन कर्मचारी/ अधिकारी दोषी है? दोषियों के विरूद्ध अब तक क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, की गई तो क्‍यों? कब तक दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी? समय-सीमा बतायें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ, वर्ष-2021 में संचालन-संधारण-वृत्‍त टीकमगढ़, म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अंतर्गत विभिन्‍न कार्यों हेतु बाह्य स्‍त्रोत कार्मिकों के नियोजन हेतु मेसर्स ऑल सर्विसेस ग्‍लोबल प्राईवेट लिमिटेड को कार्यादेश प्रदान कर अनुबंध किया गया था। (ख) संचालन-संधारण-वृत्‍त टीकमगढ़ अंतर्गत मेसर्स ऑल सर्विसेस ग्‍लोबल प्राईवेट लिमिटेड द्वारा 01 वर्ष के लिए अनुबंध किया गया था एवं तदोपरान्‍त निविदा में वर्णित शर्तों के अनुसार एक वर्ष का विस्‍तारीकरण आदेश किया गया था। मेसर्स ऑल सर्विसेस ग्‍लोबल प्राईवेट लिमिटेड द्वारा प्रत्‍येक वर्ष की अलग-अलग इम्‍प्‍लॉई कम्‍पनसेशन इन्‍श्‍योरेंस पॉलिसी जमा की गयी थी। (ग) जी नहीं। मेसर्स ऑल सर्विसेस ग्‍लोबल प्राईवेट लिमिटेड द्वारा माह-अप्रैल, 2021 में ली गयी इम्‍प्‍लॉई कम्‍पनसेशन इन्‍श्‍योरेंस पॉलिसी के अनुसार प्रति व्‍यक्ति कर्मचारी लागत लगभग रूपये 14.75/- थी। उल्‍लेखनीय है कि ई.एस.आई.सी. एक्‍ट 1948 के अंतर्गत टीकमगढ़ जिला आंशिक चिन्हित जिला (Partially Notified District) है, अर्थात अधिनियम मात्र जिला मुख्‍यालय पर लागू है, जबकि निवाड़ी जिला गैर-चिन्हित जिला (Non Notified District) है। तदनुसार मेसर्स ऑल सर्विसेस ग्‍लोबल प्राईवेट लिमिटेड द्वारा टीकमगढ़ वृत्‍त अंतर्गत नियोजित बाह्य स्‍त्रोत कार्मिकों में से टीकमगढ़ जिला मुख्‍यालय में कार्यरत कार्मिकों का ई.एस.आई.सी. जमा किया था। शेष ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत कार्मिकों के लिये निविदा की शर्तों के अनुसार इम्‍प्‍लॉई कम्‍पनसेशन इन्‍श्‍योरेंस पॉलिसी ली गयी थी। मेसर्स ऑल सर्विसेस ग्‍लोबल प्राईवेट लिमिटेड द्वारा प्रस्‍तुत देयकों में इम्‍प्‍लॉई कम्‍पनसेशन इन्‍श्‍योरेंस पॉलिसी का क्‍लेम नहीं किया गया। बाह्य स्‍त्रोत प्रदाता फर्म द्वारा प्रस्‍तुत बिल में मेडिकल पॉलिसी 300/- रूपये प्रति कर्मचारी के दर से क्‍लेम की गयी थी। चूंकि निविदा/कार्यादेश में मेडिकल पॉलिसी का कोई पृथक से प्रावधान नहीं है, जिस कारण मेसर्स ऑल सर्विसेस ग्‍लोबल प्राईवेट लिमिटेड द्वारा मेडिकल पॉलिसी हेतु क्‍लेम की गई 24 माह (माह-अप्रैल, 2021 से माह-मार्च, 2023 तक) की राशि का भुगतान नहीं किया गया है। (घ) उत्‍तरांश (क), (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में अनुबंध की शर्तों का उल्‍लंघन एवं किसी प्रकार की अनियमितता होने का प्रश्‍न नहीं उठता।

बाह्रय स्त्रोत कर्मियों का नियोज एवं निष्‍कासन

[ऊर्जा]

2. ( क्र. 18 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                (क) टीकमगढ़ एवं निवाड़ी जिले में बाह्रय स्त्रोत (आउटसोर्स) कंपनी से कुल कितने कर्मचारी लगाये गये सभी का नाम पता व योग्यता श्रेणीबार बतायें? (ख) प्रश्‍नांश "क" में वर्णित कंपनी का नाम बतावें व यह भी बतावे कि बाह्रय स्त्रोत (आउटसोर्स) कंपनी कर्मचारियों की पात्रता का कैसे निर्धारण करती है। (ग) क्या अधीक्षण यंत्री टीकमगढ़ के दबाव में बाह्रय स्त्रोत (आउटसोर्स) से रखे गये कर्मचारियों की नियुक्ति व बर्खास्तगी की जाती है यदि नहीं, तो वर्ष में कुल रखे गये कर्मचारियों के नाम व पता व हटाये गये कर्मचारियों के नाम व पता और हटाये गये कर्मचारियों के स्थान पर रखे गए कर्मचारियों का नाम व पता बतायें? (घ) प्रश्‍नांश "ख" एवं "ग" में की गई अनियमितताओं के लिए कौन दोषी है उसके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई थी? अन्यथा भविष्य में की जावेगी यदि नहीं, तो क्यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) टीकमगढ़ एवं निवाड़ी जिलों के अंतर्गत म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के संबंधित कार्यालयों में बाह्य स्‍त्रोत सेवा प्रदाता फर्मों के माध्‍यम से कुल 660 बाह्य स्‍त्रोत कार्मिक नियोजित किये गये हैं, जिनकी प्रश्‍नाधीन चाही गई नाम एवं पते सहित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'अनुसार  है। (ख) उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित जिलों में 3 बाह्य स्‍त्रोत सेवा प्रदाता फर्मों, यथा- मेसर्स डी.जी. नकरानी भावनगर, गुजरात, मेसर्स प्राईमवन वर्कफोर्स, भोपाल एवं मेसर्स उर्मिला इन्‍टरनेशनल सर्विसेज प्राईवेट लिमिटेड, पटना बिहार, द्वारा बाह्य स्‍त्रोत कार्मिक प्रदाय किये जा रहे है। बाह्य स्‍त्रोत सेवा प्रदाता फर्मों द्वारा बाह्य स्‍त्रोत कार्मिकों की पात्रता का निर्धारण निविदा एवं अनुबंध में वर्णित नियम एवं शर्तों के अनुरूप विभिन्‍न श्रेणी हेतु निर्धारित पात्रता प्रावधान अनुसार किया जाता है। (ग) जी नहीं, बाह्य स्‍त्रोत कार्मिकों का नियोजन एवं निष्‍कासन बाह्य स्‍त्रोत सेवा प्रदाता फर्म के माध्‍यम से निविदा एवं अनुबंध में निहित नियमों एवं शर्तों के अनुसार किया जाता है। वर्तमान वर्ष में रखे गये आउटसोर्स कार्मिकों, पृथक किये गये आउटसोर्स कार्मिकों एवं पृथक किये गये आउटसोर्स कार्मिकों के स्‍थान पर रखे गये आउटसोर्स कार्मिकों की प्रश्‍नाधीन चाही गई नाम एवं पता सहित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'अनुसार है। (घ) प्रश्‍नाधीन जिलो में बाह्रय स्‍त्रोत सेवा प्रदाता फर्मों द्वारा नियमानुसार निविदा एवं अनुबंध में निहित प्रावधानों के अनुरूप बाह्रय स्‍त्रोत कार्मिकों को नियोजित/निष्‍कासित किया जाता है। अत: प्रश्‍न नहीं उठता।

विकासखण्ड जवा अंतर्गत नवनिर्मित सेतु

[लोक निर्माण]

3. ( क्र. 60 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि  (क) क्या कारण है कि विकासखण्ड जवा अंतर्गत ग्राम पंचायत खम्हरिया के ग्राम कोल्हा में नव निर्मित सेतु के संपर्क मार्ग का निर्माण लगभग 07 वर्ष व्यतीत हो जाने पर भी नहीं हो सका है? (ख) क्या माननीय उच्च न्यायालय में याचिका विचाराधीन होने के कारण सेतु संपर्क मार्ग का भूमि अधिग्रहण कार्य न हो पाने से निर्माण अवरुद्ध है? माननीय उच्च न्यायालय में मार्ग हेतु भूमि अधिग्रहण के विरुद्ध लंबित याचिका के निराकरण हेतु विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा क्या प्रयास किये गए हैं? (ग) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में यदि उक्त लंबित याचिका का सकारात्मक निराकरण हो चुका हो तो जनहित में उक्त मार्ग निर्माण हेतु भूमि अधिग्रहण कर मार्ग निर्माण कार्य को कब तक पूर्ण कराया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) :(क) प्रकरण माननीय उच्‍च न्‍यायालय में विचाराधीन होने के कारण। (ख) जी  हाँ। संपर्क अधिकारी द्वारा दिनांक 27.10.2021 को माननीय उच्च  न्यायालय में जवाब  दावा  प्रस्‍तुत किया गया। दिनांक 29.12.2022  एवं दिनांक 12.01.2024 को माननीय उच्‍च न्‍यायालय में आवेदन प्रस्‍तुत कर शीघ्र  सुनवाई का निवेदन किया गया। सुनवाई अपेक्षित है।           (ग) माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय उपरान्‍त  ही मार्ग  निर्माण सम्‍बंधी अग्रिम कार्यवाही किया जाना संभव हो सकेगा।

संबल योजना में अनियमिता

[नगरीय विकास एवं आवास]

4. ( क्र. 93 ) श्री आरिफ मसूद : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नगर निगम भोपाल में संबल योजना के अंतर्गत मृत्यु सहायता राशि में        2 करोड़ रूपये के घोटाले संबंधी मामला संज्ञान में आया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में क्या उपरोक्त मामले की 90 फाइलों में से लगभग 53 मूल फाइलें अभी तक लापता हैं? यदि हाँ, तो जिम्मेदारों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में अब तक निगम ने कुल घोटाले की राशि से कितनी राशि की वसूली किन-किन व्यक्तियों से की है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में क्या निगम ने अब तक पूरे घोटाले में लिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों पर एफ.आई.आर. नहीं कराई है? यदि हाँ, तो कब तक कराई जाएगी? यदि नहीं, तो क्यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं, संबल योजना में कोई घोटाला संज्ञान में नहीं आया हैं। (ख)  से (घ) शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

विद्युत विस्‍तारीकरण के कार्य

[ऊर्जा]

5. ( क्र. 174 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि          (क) म.प्र.पश्‍िचम क्षे.वि.वि.कं.लि. इंदौर के रतलाम जिले के क्षेत्रान्‍तर्गत शासन/विभाग द्वारा केंद्र/राज्य परिवर्तित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से विद्युत विस्तारीकरण के कार्यों हेतु शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक प्रकार के कार्य किया जा रहे हैं? (ख) यदि हाँ, तो वर्ष 2019-20 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक रतलाम जिला अंतर्गत शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में किन-किन योजनाओं के माध्यम से तथा विभागीय अथवा कंपनी द्वारा भी क्या-क्या कार्य, किन-किन स्थानों पर           कितने-कितने बजट के स्वीकृत किन-किन वर्षों में किए गए? वर्षवार, स्थानवार जानकारी दें।                 (ग) प्रश्‍नांश (ख) में स्‍वीकृत परियोजनाओं के अंतर्गत रतलाम जिला में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नवीन विद्युत ग्रिड, नवीन ट्रांसफार्मर, ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि, नवीन पोल लगाया जाना, केबलीकरण, नवीन मीटर लगाया जाना इत्यादि अन्य कार्य भी किन-किन फ़र्मों/एजेंसियों/ठेकेदारों को कार्यों को किए जाने हेतु किस-किस दिनांक को आदेशित किया जाकर कार्य कब प्रारंभ हुए? कितने पूर्ण हुए,कितने अपूर्ण रहे तो किन कारणों से? वर्षवार जानकारी दें। (घ) शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर एवं क्षतिग्रस्त विद्युत पोल के साथ अत्यधिक केबलीकरण तथा ओपन वायर बीच बाजार के मध्य एवं आमने-सामने तथा घरों के नजदीक जंजाल सा होने की स्थिति में विभागीय क्या-क्या कार्रवाई की जा रही ताकि दुर्घटना न हो।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ। (ख) रतलाम जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रान्‍तर्गत वर्ष 2019-20 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में म.प्र. पश्‍िचम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इन्‍दौर द्वारा विद्युत अद्योसंरचना निर्माण के किए गए कार्यों से संबंधित प्रश्‍नांश अनुसार चाही गयी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'एवं 'अ-1' अनुसार है।              (ग) उत्‍तरांश (ख) में उल्‍लेखित आर.डी.एस.एस. योजना के तहत प्रश्‍नाधीन अवधि में रतलाम जिले में किए गए एवं किये जा रहे विभिन्‍न विद्युत अद्योसंरचना के निर्माण कार्यों का सम्‍पूर्ण विवरण फर्म/एजेन्सियों के नाम, कार्यादेश की दिनांक, कार्यादेश अंतर्गत कार्य का संभागवार, कार्यादेशवार पूर्ण किये गये कार्यों की वर्षवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'अनुसार  है एवं अपूर्ण/प्रगतिरत/अप्रारंभ कार्यों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'ब-1' अनुसार है। उल्‍लेखनीय है कि आर.डी.एस.एस. योजनान्‍तर्गत कार्यों की स्‍वीकृति केन्‍द्र शासन से वर्ष 2022 में प्राप्‍त हुई है। इसी प्रकार रतलाम जिले अंतर्गत एस.एस.टी.डी. योजना में वर्ष 2019-20 से प्रश्‍न दिनांक तक स्‍वीकृत कार्यों को विभागीय तौर पर सम्‍पादित किया जा रहा है जिसमें स्‍वीकृत कार्यों का संभागवार, कार्यादेशवार पूर्ण किय जाने का वर्षवार विवरण  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के          प्रपत्र-'अनुसार  है एवं अपूर्ण/प्रगतिरत/अप्रारंभ कार्यों का विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'स-1' अनुसार  है। (घ) म.प्र.पश्‍िचम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा विद्युत लाईनों को व्यवस्थित करने सहित समस्त स्थापित विद्युत अधोसंरचना के रख-रखाव का कार्य मानसून पूर्व एवं मानसून अवधि के पश्‍चात करने के अलावा विद्युत व्यवधानों एवं दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से पूरे वर्ष सतत रुप से किया जाता है। रतलाम जिला अंतर्गत वर्ष 2019-20 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में 3615 जर्जर एवं क्षतिग्रस्त विद्युत पोल बदले गये हैं। साथ ही आर.डी.एस.एस. योजनान्‍तर्गत जिले में खराब केबल/ओपन तार को केबल से बदलने एवं विद्युत दुर्घटना की रोकथाम हेतु 442 किलोमीटर केबलीकरण का कार्य प्रगतिरत है।

ROB में गुणवत्‍ताहीन सामग्री का उपयोग

[लोक निर्माण]

6. ( क्र. 201 ) श्री ठाकुर दास नागवंशी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र पिपरिया जिला नर्मदापुरम अन्तर्गत ग्राम बांसखेड़ा में रेल्वे क्रासिंग पर निर्मित ROB के निर्माण में गुणवत्ताहीन कार्य किये जाने से ROB में रेल्वे ट्रेक के उपर के मुख्य भाग में कांक्रीट उखड़ने लगी हैं जिसमें लोहे की राड निकल आयी हैं तथा जगह-जगह गड्ढे भी दिखायी देने लगे? (ख) क्या बार-बार ब्रिज के मुख्य भाग का संधारण कार्य करने के पश्‍चात भी मुख्य भाग का संधारण ठीक प्रकार से नहीं हो पाने के कारण पुन: वही स्थिति निर्मित हो रही है क्या इस संबंध में तकनीकी अधिकारियों की समिति गठित कर जांच करायी जावेगी यदि हाँ, तो कब तक नहीं तो क्यों? (ग) ब्रिज के इस मुख्‍य भाग का कार्य गुणवत्‍तापूर्वक कब से प्रारंभ किया जावेगा? नहीं तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ, रेल्‍वे भाग का कार्य रेल्‍वे विभाग द्वारा किया गया है। (ख) उत्‍तरांश (के परिप्रेक्ष्‍य में  दिनांक 30.05.2024 को रेल्‍वे विभाग को आर.ओ.बी. की मरम्‍मत गुणवत्‍ता पूर्वक कराये जाने हेतु लेख किया गया है। (ग) उत्‍तरांश (एवं (अनुसार।

फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण

[लोक निर्माण]

7. ( क्र. 330 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) एम.पी.आर.डी.सी. जबलपुर ने रद्दी चौकी से लेकर डॉ. अम्‍बेडकर चौराहा जबलपुर तक कितने कि.मी. लम्‍बा फ्लाई ओवर ब्रिज का निर्माण हेतु डी.पी.आर.तैयार कर इसे स्‍वीकृति हेतु शासन को कब भेजा है? मूल योजना क्‍या है? इस पर शासन ने क्‍या कार्यवाही की है? (ख) क्‍या यह सत्‍य है कि शहर की यातायात व्‍यवस्‍था में सुधार एवं जाम की समस्‍या से निजात दिलाने हेतु तत्‍कालीन शासन काल वर्ष 2018-19 में इसका निर्माण कराने हेतु सैद्धांतिक प्रशासकीय स्‍वीकृति दी गई थी? यदि हाँ, तो इसका अभी तक निर्माण कार्य न कराने का क्‍या कारण है? (ग) क्‍या शासन प्रश्‍नांकित फ्लाई ओवर ब्रिज के निर्माण की आवश्‍यकता को देखते हुये इसे प्रशासकीय स्‍वीकृति प्रदान कर बजट में राशि का प्रावधान करके इसका निर्माण कार्य कराना सुनिश्‍िचत करेगा? (घ) अधारताल पुलिस थाना से लेकर रद्दी चौकी जबलपुर तक स्‍वीकृत फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण की क्‍या स्थिति है? इसके लिये शासन ने कब कितनी राशि आवंटित की है? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) रद्दी चौकी से डॉ. अम्बेडकर चौराहा  तक जबलपुर के फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण हेतु म.प्र. सड़क विकास निगम द्वारा   कोई भी प्रस्ताव शासन को नहीं भेजा है। अतः शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं  होता है। (ख) जी नहीं। अतः शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) कार्य किसी भी योजना में सम्मिलित नहीं होने से  शेष का  प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) आधारताल पुलिस थाना से  लेकर  रद्दी  चौकी जबलपुर के बीच फ्लाई ओवर निर्माण हेतु कोई भी  कार्य स्वीकृत नहीं है।  अतः शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

उच्‍च पद के प्रभार हेतु दिशा-निर्देश

[लोक निर्माण]

8. ( क्र. 331 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग द्वारा उच्च पद के प्रभार हेतु कोई दिशा-निर्देश जारी किये है, यदि हाँ, तो उसकी प्रति उपलब्ध करावें। क्या उच्च पद का प्रभार दिये जाने हेतु वरिष्ठता का ध्यान रखा जाना आवश्यक हैं? यदि हाँ, तो क्या राज्य संवर्ग के कार्यपालिक पदों पर उच्च पद के प्रभार हेतु विभाग द्वारा कोई फिट लिस्ट तैयार की गई है? यदि हाँ, तो क्या उच्च पद का प्रभार वरिष्ठता एवं फिट लिस्ट के आधार पर दिया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्यों? विभाग में वरिष्ठता एवं फिट लिस्ट के आधार पर कब तक प्रभार दिया जावेगा? (ख) विभाग में उच्च पद के प्रभार हेतु मुख्य अभियंता से सहायक यंत्री तक के पद तक के लिए फिट लिस्ट उपलब्ध करावें साथ ही लोक सेवकों की सूची भी उपलब्ध करावें, जो फिट लिस्ट में नहीं आते हैं किन्तु प्रभार दिया गया है? (ग) लोक निर्माण विभाग में उच्च पद के प्रभार हेतु स्थानीय स्तर पर सहायक यंत्री उपलब्ध होते हुए भी क्या किसी उपयंत्री को कार्यपालन यंत्री का प्रभार दिया गया है, यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्ध करावें? यदि उक्त आदेश नियम विरूद्ध है तो उक्त आदेश कब तक निरस्त किया जावेगा, नहीं तो क्यों? नियम विरूद्ध आदेश जारी करने वाले अधिकारी के विरूद्ध विभाग क्या कार्यवाही करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ, जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट  अनुसार है। जी हाँ। जी हाँ। सामान्‍यता वरिष्‍ठता के आधार पर उच्‍च पद का प्रभार दिया जाता है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "आठ"

धार नगर का मास्टर प्लान

[नगरीय विकास एवं आवास]

9. ( क्र. 395 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार नगर का मास्टर प्लान कब लागू हुआ था तथा उसकी समयवधि‍ क्या थी व क्या वर्तमान में भी यही मास्टर प्लान लागू है? (ख) प्रावधान अनुरूप पिछले मास्टर प्लान की समयावधि‍ पूर्ण हो जाने पर क्या धार नगर के लिये नवीन मास्टर प्लान बनाया जावेगा? यदि हाँ, तो क्या विभागीय स्तर पर धार नगर के नवीन मास्टर प्लान को तैयार किये जाने की कार्रवाई प्रचलित है? (ग) क्या इस हेतु समिति का गठन किया जाना प्रावधानित है? यदि हाँ, तो इस विषयक कार्रवाई किस स्तर पर प्रचलित है? (घ) क्या क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से मास्टर प्लान के संबंध में प्रस्ताव व दावे आपत्तियां प्राप्त किये जाने तथा उन पर सुनवाई हेतु बैठकों का आयोजन किया जावेगा? यदि हाँ, तो क्या विभाग द्वारा इसकी कार्य योजना निर्मित की गई है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) धार विकास योजना, 2021 म.प्र. राजपत्र में प्रकाशन दिनांक 30/04/2021 से लागू होकर प्रभावशील है। प्रभावशील विकास योजना का म.प्र. नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा-23 (2) सहपठित धारा-18 (1) के अंतर्गत पुनर्विलोकन होने तक लागू विकास योजना प्रभावशील रहती है। (ख) जी हाँ। भारत सरकार की अमृत योजना की उप योजना के अंतर्गत धार नगर की जी.आई.एस. आधारित पुनर्विलोकित विकास योजना तैयार की जा रही है। (ग) जी हाँ। म.प्र. नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की  धारा-17 (क) (1) के अंतर्गत समिति के गठन के प्रस्‍ताव जिला कार्यालय स्‍तर पर तैयार किये जा रहे है। (घ) जी हाँ। धार विकास योजना (प्रारूप) प्रस्‍ताव तैयार करने के पूर्व अधिनियम की         धारा-15 के अधीन प्रकाशित वर्तमान भूमि उपयोग मानचित्र पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से प्रस्‍ताव प्राप्‍त करने हेतु जिला स्‍तर पर बैठक का आयोजन किया जावेगा। कार्ययोजना तैयार करने का कार्य प्रगति पर है।

ओम कंस्ट्रक्‍शन कंपनी इंडिया लिमिटेड के विरूद्ध कार्यवाही

[लोक निर्माण]

10. ( क्र. 433 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या टीकमगढ़ जिले के लोक निर्माण विभाग द्वारा निविदा क्र. 337651 के तहत पांच सड़कों के निर्माण हेतु 14,84,12000 रूपये स्‍वीकृत हुये थे उक्‍त निविदा में प्रतिर्स्‍पधा में ओम कंस्‍ट्रक्‍शन कंपनी इंडिया प्रायवेट लिमिटेड ने कूट रचित विड बनाकर अनुबंध बैलेंस वर्क में तत्‍व छुपाकर टेण्‍डर डाल दिया गया, जिसकी शिकायत प्रश्‍नकर्ता द्वारा की गई ओम कंस्ट्रक्‍शन के समस्‍त दस्‍तावेज इस पैकेज में जो लगाये गये है उपलब्‍ध करायें। (ख) क्‍या उक्‍त ओम कंस्‍ट्रक्‍शन फर्म को ब्‍लैक लिस्‍टेड किया गया था तथा अर्बन डेवलपमेंट कॉरर्पोशन भोपाल से अनुबंध करके खरगापुर विधानसभा सहित टीकमगढ़ जिले में पेयजल की टंकियों का घटिया निर्माण, आधा अधूरा निर्माण करके राजनैतिक रसूख के चलते ग्राम पंचायतों में हैण्‍डओवर कराता है जिसमें ग्राम पंचायत चन्‍दपुरा एक उदाहरण है इनके द्वारा टीकमगढ़ जिले में कितनी पेयजल टंकियों का निर्माण किया गया है लागत एवं पंचायतवार सूची उपलब्‍ध करायें तथा पेयजल टंकियों की गुणवत्‍ता की जांच करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण स्‍पष्‍ट करें। (ग) क्‍या जिले के कई जनप्रतिनिधियों एवं प्रश्‍नकर्ता द्वारा तथा कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग संभाग टीकमगढ़ के द्वारा पत्र क्र./608/टे.लि. दिनांक 21.3.24 को मुख्‍य अभियंता म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट भोपाल के क्‍या कार्यवाही की गई, संपूर्ण जानकारी से अवगत करायें एवं मुख्‍य अभियंता डेवलपमेंट ने जानकारी एवं कार्यवाही नहीं की गई तो क्‍या इनके विरूद्ध कार्यवाही करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण स्‍पष्‍ट करें तथा ओम कंस्‍ट्रक्‍शन कंपनी इंडिया लिमिटेड के विरूद्ध धोखाधडी एवं फर्जी कूट रचित दस्‍तावेज बनाने वालों के विरूद्ध 420 के अपराध को पंजीबद्ध करायेगें? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण स्‍पष्‍ट करें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ, जी  हाँ। जी नहीं। अपितु माननीय श्री यादवेन्द्र सिंह विधायक  टीकमगढ़ द्वारा शिकायती पत्र दिनांक  29.03.2024  जो प्रमुख अभियंता लो.नि.वि. भोपाल को संबोधित किया गयाजिसकी प्रतिलिपि इस कार्यालय में पृष्ठांकित  हुई। जबकि शिकायत प्राप्ति दिनांक के पूर्व ठेकेदारों द्वारा प्रस्तुत शपथ  पत्र के आधार पर निविदा का तकनीकी मूल्याकंन किया जाकर पात्र सभी  संविदाकारों  के वित्तीय आफर दिनांक 16.3.2024 को खोले गयेजिसमें न्यूनतम  निविदाकार ओम  कंस्‍ट्रक्‍शन  कंपनी इण्डिया प्रायवेट लिमिटेड रहा है। बैलेंस वर्क के दस्तावेज पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश की जानकारी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग  टीकमगढ़ से ली गई जो  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। लोक स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त गुणवत्तापूर्ण कार्य सम्पादित होने से प्रश्‍न उत्पन्न नहीं होता है।  (ग) माननीय विधायक विधानसभा क्षेत्र टीकमगढ़ की दिनांक 20.3.2024  शिकायत के आधार पर कार्यपालन यंत्री लो.नि.वि. संभाग टीकमगढ़ द्वारा  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-3 से 8 अनुसार  एवं पत्र क्रमांक 1243  सागर दिनांक 04.06.2024 द्वारा मुख्य अभियंता म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कार्पोरेशन जोन भोपाल म.प्र. को संबंधित ठेकेदार के बैलेंस वर्क की प्रमाणित छायाप्रति भेजने हेतु लेख किया गया थाजो उन्होंने अपने पत्र क्र. 5390/पी.एम.यू./एम.पी.यू.डी.सी. भोपाल दिनांक 21.06.2024  से संबंधित ठेकेदार के बैलेंस वर्क की जानकारी कार्यपालन यंत्री लो.नि.वि. टीकमगढ़ को दी गई जिसके आधार पर बैलेंस कार्य संविदाकर द्वारा निविदा  के  बैलेंस कार्यों की सूची में सम्मिलित नहीं पाया गयाजिसके कारण निविदा की शर्त एवं शपथ पत्र के आधार पर ओम कन्सट्रक्‍शन कंपनी इण्डिया प्रायवेट लिमिटेड को काली सूची में दर्ज करने हेतु कार्यालयीन पत्र क्र. 1419/सा/24  दिनांक 24.06.2024  से कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। कारण  बताओ  सूचना पत्र  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-9 अनुसार है। कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

प्रधानमंत्री आवास निर्माण योजना

[नगरीय विकास एवं आवास]

11. ( क्र. 501 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला जबलपुर अंतर्गत बरगी विधानसभा के शहपुरा नगर परिषद में प्रधानमंत्री आवास निर्माण योजना में हुये भ्रष्टाचार एवं फर्जीवाड़ा के संबंध में लोकायुक्त द्वारा जाँच की गई थी? जाँच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जावे। (ख) क्या लोकायुक्त जाँच में किसे दोषी पाया गया? यदि हाँ, तो दोषी व्यक्तियों पर अब तक क्या कार्यवाही की गई। यदि कार्यवाही लंबित है तो क्यों? कब तक और क्या कार्यवाही की जायेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं। लोकायुक्त द्वारा जांच नहीं की गई है। लोकायुक्त द्वारा प्रकरण दर्ज किये जाने से नगर परिषद शहपुरा में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के क्रियान्वयन में अनियमितताओं की जांच संभागीय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास जबलपुर संभाग जबलपुर द्वारा की गई है।  जांच  प्रतिवेदन  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) उत्तरांश-'''' के प्रकाश में शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

12. ( क्र. 545 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट किस वर्ष मंजूर हुआ था एवं सरकार द्वारा भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट को कितने वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट की मंजूरी के समय प्रोजेक्ट की कुल लागत राशि क्या निर्धारित की गई थी और लक्ष्य के विलंब होने के कारण प्रोजेक्ट की लागत राशि में कितनी बढ़ोतरी हुई? भोपाल उत्तर विधानसभा क्षेत्र के रहवासियों को भोपाल मेट्रो की सुविधा किस वर्ष तक उपलब्ध हो जाएगी? लक्ष्य निर्धारित तिथियां, लागत राशि सहित पृथक-पृथक अवगत करावें। (ग) प्रश्‍नांश (क), (ख) के परिप्रेक्ष्य में भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट में विलंब होने के कारण सरकार पर अधिक राशि का भार पड़ने के लिए कौन-कौन जिम्मेदार है? क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) केन्द्र सरकार द्वारा भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट की मंजूरी दिनांक 30.11.2018 को दी गई, जिसमें प्रोजेक्ट कार्यान्वयन के लिए 04 वर्ष का समय रखा गया था। (ख) भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट की कुल लागत राशि रु. 6941.40 करोड़ निर्धारित की गयी। प्रोजेक्ट की लागत राशि में बढ़ोत्तरी का मूल्याकंन अभी जारी है। मेट्रो रेल सुविधा आम जनता को वर्ष 2027 तक उपलब्ध कराने की योजना है। (ग) प्रोजेक्ट विलम्ब का कारण किसी व्यक्ति विशेष के अधिकार से बाहर है।

माननीय मुख्‍यमंत्री जी की घोषणाओं का कार्यान्‍वयन

[नगरीय विकास एवं आवास]

13. ( क्र. 596 ) श्री सुरेन्द्र सिंह गहरवार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी द्वारा चित्रकूट विधानसभा में ग्राम पंचायत मझगवॉ को नगर पंचायत बनाये जाने की घोषणा की थी? यदि हाँ, तो उक्त घोषणा कब की गई थी एवं माननीय मुख्यमंत्री जी घोषणा पर अब तक क्या कार्यवाही की गई है पूर्ण जानकारी अभिलेखों सहित देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) की भाँति तत्कालीन माननीय मुख्यमंत्री द्वारा की गई कितनी घोषणायें चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र की अभी तक लंबित हैं, घोषणावार अब तक की गई कार्यवाही की जानकारी देवें? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणाओं को अभी तक लंबित होने के क्या कारण हैं, उन कारणों को दूर कर कब तक, की गई घोषणाओं को पूरा कर दिया जायेगा? (घ) प्रश्‍नांश (क) की घोषणा अनुसार ग्राम पंचायत मझगवॉ को नगर पंचायत बनाये जाने में विलंब का कारण स्पष्‍ट करें, घोषणा को पूरा करने में क्या कठिनाइयां हैं, विलंब के लिये उत्तरदायी कौन है पूर्ण जानकारी देवें साथ ही यह भी बतायें कि मझगवॉ को नगर पंचायत कब तक बना दिया जायेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। दिनांक 30 जुलाई 2017। कलेक्‍टर जिला सतना से प्रस्‍ताव अनुसार नगर परिषद गठन की प्रारंभिक अधिसूचना प्रकाशन कराये जाने तथा प्रभावित नागरिकों से दावे/आपत्ति प्राप्‍त कर निराकरण सहित प्रस्‍ताव चाहा गया है।  जानकारी  पुस्‍तकालय में रखे परि‍शिष्‍ट  '''' अनुसार  है। (ख) जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे परि‍शिष्‍ट  '''' अनुसार है। (ग) एवं (घ) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में विभागीय कार्यवाही प्रक्रियाधीन होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

RRRDS योजना के कार्यों की स्थिति

[ऊर्जा]

14. ( क्र. 600 ) श्री सुरेन्द्र सिंह गहरवार : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि  (क) चित्रकूट विधानसभा अंतर्गत Revamped Distribution Sector Scheme योजना का सर्वे कार्य कब किया गया, सर्वे अनुसार क्‍या-क्‍या कार्य कराया जाना हैं, कार्य योजना की प्रति/सर्वे अनुसार चिन्हित कार्यों की पूर्ण जानकारी एवं कार्य एजेन्‍सी का पूर्ण विवरण दें। (ख) RDSS योजना अंतर्गत अभी तक चित्रकूट विधानसभा में कितना कार्य पूर्ण किया जा चुका है और कितना कार्य किया जाना शेष है, किये गये कार्यों की पूर्ण जानकारी एवं भुगतान राशि का पूर्ण विवरण देंवे? गलत सर्वे के आधार पर बिना उपयोगिता एवं गुणवत्‍ता विहीन किये जा रहे कार्यों के स्‍थान पर नवीन कार्यों को इस योजना में शामिल कराये जाने की क्‍या प्रक्रिया है? खम्‍भों को गाड़ने के क्‍या मापदण्‍ड है, तार, केबिल एवं निर्माण सामग्री की गुणवत्‍ता क्‍या होनी चाहिये, सामग्रीवार शासनादेश सहित पूर्ण जानकारी देंवे? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार इस योजना के तहत किये जा रहे कार्यों के गुणवत्‍ता परीक्षण के लिये क्‍या टीम गठित है, गुणवत्‍ता परीक्षण एवं कार्य उपयोगिता अनुसार किये जाने के लिये उत्‍तरदायी कौन है? क्‍या गुणवत्‍ता परीक्षण के बिना ही मनमाने ढंग से कार्य कराये जा रहे हैं? खम्‍भों को गाड़ने में मनमानी की जा रही है, पथरीली भूमि पर जितनी गहराई में खम्‍भों को गाड़ा जाना चाहिये उतना न गाड़कर नीचे से काटकर लंबाई कम कर गाड़ दिया जाता है, गड्ढे भी सही आकार के नहीं खोदे जाते, जिससे उसकी पुराई/भराई ठीक से नहीं होती, उपयोग में ली जा रही बिजली की तारें गुणवत्‍तायुक्‍त नहीं होती है, जिसके परिणामत: बारिश में गड्ढों में पानी भरने से बिजली के खम्‍भे एक ओर झुक जाते हैं, टूट जाते है, तारे टूट जाती है, विद्युत आपूर्ति बाधित होने से आम जनता परेशान होती है, शासन राजस्‍व की भी क्षति होती है जिसके लिये उत्‍तरदायी कौन है? (घ) क्‍या यह सत्‍य नहीं है कि इसी तरह पूर्व में सौभाग्‍य योजना के तहत पूरे प्रदेश में गुणवत्‍ता विहीन कार्य हुये थे, जिसके जांच में खुलासे हुये? उसी तरह यह योजना भी गुणवत्‍ताविहीन घटिया कार्य का शिकार हो न जाये? क्‍या गुणवत्‍ता की मानीटरिंग के लिये स्‍थानीय विधायक की मौजूदगी में एक समिति गठित करना उचित नहीं होगा? ऐसा किये जाने के निर्देश कब तक जारी किये जायेंगे, यदि नहीं, तो क्‍यों कारण स्‍पष्‍ट करें, साथ ही यह भी बतायें की इस योजना से हो रहे कार्यों की गुणवत्‍ता मानीटरिंग के लिये क्‍या प्रक्रिया अपनाई जायेंगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आर.डी.एस.एस. योजना के प्रथम चरण लॉस रिडक्‍शन अंतर्गत प्रस्‍तावित कार्यों हेतु सर्वे वर्ष 2021-2022 में किया गया। योजना के तहत मुख्‍यत: कैपेसिटर बैंक, नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र, 33 एवं 11 के.व्‍ही. लाईनों के विभक्तिकरण/इंटर कनेक्‍शन तथा कंडक्‍टर क्षमता वृद्धि के कार्य प्रस्‍तावित किये गये हैं। सर्वे एवं कार्ययोजना स्‍वीकृति उपरांत योजना का क्रियान्‍वयन किये जाने हेतु विभिन्‍न एजेंसियों को कार्यादेश जारी किये गये हैं। विधानसभा क्षेत्र चित्रकूट अंतर्गत प्रस्‍तावित कार्ययोजना/सर्वे अनुसार चिन्हित कार्यों एवं कार्य एजेंसियों का विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'अनुसार  है। (ख) आर.डी.एस.एस. योजनांतर्गत चित्रकूट विधानसभा में 10 कैपेसिटर बैंक स्‍थापना का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। उक्‍त के अतिरिक्‍त प्रश्‍नाधीन क्षेत्रांतर्गत 11 के.व्‍ही. के 24 मिश्रित फीडरों के विभक्तिकरण, 33/11 के.व्‍ही. का 1 नवीन उपकेन्‍द्र एवं 33 के.व्‍ही. के 2 लाईन इंटर कनेक्‍शन के कार्य किया जाना शेष हैं। पूर्ण किये कार्यों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'में समाहित  है। 33/11 के.व्ही. नवीन उपकेन्द्र निर्माण कार्य हेतु कार्यरत मेसर्स ए.के. इन्फ्रा को प्रश्‍नाधीन क्षेत्रांतर्गत सहित कार्यादेशानुसार प्राप्त सामग्रियों के विरूद्ध राशि रूपये 36.86 करोड एवं पूर्ण किये गये कार्यों के विरूद्ध राशि रूपये 12.35 करोड का भुगतान हुआ है। कैपिसटर बैंक स्‍थापना के कार्यों हेतु कार्यरत मेसर्स श्रीम इलेक्ट्रिक को प्रश्‍नाधीन क्षेत्रांतर्गत सहित कार्यादेशानुसार मोबलाईजेशन की राशि रूपये 11.33 करोड, प्राप्त सामग्रियों के विरूद्ध राशि रूपये 27.85 करोड एवं पूर्ण किये गये कार्यों के विरूद्ध राशि रूपये 12.27 करोड का भुगतान हुआ है। फीडर विभक्तिकरण के कार्यों हेतु कार्यरत मेसर्स अशोका बिल्डकॉन को प्रश्‍नाधीन क्षेत्रांतर्गत सहित कार्यादेशानुसार मोबलाईजेशन की राशि रूपये 31.58 करोड, प्राप्त सामग्रियों के विरूद्ध राशि रूपये 42.86 करोड का भुगतान हुआ है। उपरोक्त राशि का भुगतान अनुबंध की शर्तों के अनुसार संपूर्ण कार्यादेश के विरूद्ध किया गया है। कार्यादेश तथा अनुबंध अनुसार ठेकेदारों को विधानसभावार भुगतान किये जाने का प्रावधान नहीं है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में गलत सर्वे के आधार पर बिना उपयोगिता एवं गुणवत्‍ताहीन कार्य नहीं किए जा रहे हैं। योजनान्‍तर्गत कार्य निर्धारित जी.आई.एस. सर्वे के आधार पर किया जा रहा है। तकनीकी आधार पर पुनरीक्षण की आवश्यकता होने पर संबंधित अधीक्षण अभियंता के अनुमोदन पश्‍चात योजना के दिशा-निर्देशों एवं प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही की जा सकती है। खम्बों को स्‍थापित किये जाने, तार, केबल एवं निर्माण सामग्रियों की गुणवत्ता निविदा हेतु जारी दस्तावेज अनुसार सुनिश्‍िचत की जाती है, संबंधित निविदा दस्तावेज  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'अनुसार  है। (ग) जी हाँ। गुणवत्ता परीक्षण एवं कार्य उपयोगिता अनुसार किये जाने हेतु मेसर्स एस.जी.एस. इंडिया प्रा.लिमि. को प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एजेंसी (पी.एम.ए.) नियुक्त किया गया है तथा संबंधित अधीक्षण अभियंता को परियोजना प्रबंधक एवं कार्यपालन अभियंता (संचा/संधा)/(शहर)/(एस.टी.एम./एस.टी.सी.) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जी नहीं, कार्य में प्रयोग होने वाली मुख्‍य सामग्री को एन.ए.बी.एल लैब द्वारा टेस्टिंग पश्‍चात निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए जाने पर ही प्रयोग में लाया जाता है। आर.डी.एस.एस. योजना के अंतर्गत ज्यादातर कार्य पी.सी.सी. पोल में हैं, जिसे काटकर लगाना संभव नहीं है एवं निर्धारित नियमानुसार ही पोल स्‍थापित किये जा रहे हैं। योजनांतर्गत कार्य उचित गुणवत्‍ता एवं निर्धारित नियमों के अनुरूप ही किये जा रहे है। उक्त परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्‍न नहीं उठता।                          (घ) सौभाग्य योजनांतर्गत पूरे प्रदेश में नहीं अपितु कुछ स्थानों पर कार्य संपादित नहीं होने संबंधी शिकायतें प्राप्त होने के उपरांत विभागीय जांच संस्थित की गई थी। सौभाग्‍य योजना में गुणवत्‍ता संबंधी शिकायत नहीं थी। आर.डी.एस.एस. योजनांतर्गत संपूर्ण कार्यों का सर्वे तथा कार्य उपरांत मापन जी.आई.एस. एप के माध्यम से किया जा रहा है। साथ ही कार्यों की मॉनिटरिंग प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एजेंसी के साथ-साथ संबंधित अधीक्षण अभियंता एवं कार्यपालन अभियंता (संचा/संधा)/(शहर)/(एस.टी.एम./एस.टी.सी.) द्वारा सुनिश्‍िचत की जाती है। अतः वर्तमान में गुणवत्ता की मॉनिटरिंग हेतु पृथक से कमेटी गठित किये जाने का कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। आर.डी.एस.एस. योजनान्‍तर्गत कार्यों की गुणवत्‍ता मॉनिटरिंग उत्‍तरांश (ग) एवं (घ) में उल्‍लेखानुसार की जा रही है।

सब-स्‍टेशन का निर्माण

[ऊर्जा]

15. ( क्र. 601 ) श्री सुरेन्द्र सिंह गहरवार : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि  (क) क्या चित्रकूट विधानसभा में विद्युत सुविधा हेतु कारीगोही में सब-स्टेशन निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया है, उक्त कार्य कब और कितनी लागत का स्वीकृत किया गया है? (ख) क्या कारीगोही में सब स्टेशन के बन जाने से आसपास के ग्रामों की विद्युत की समस्या का समाधान हो सकेगा? किन्तु सब स्टेशन कार्य स्वीकृत होने भूमिपूजन के उपरांत भी अभी तक कार्य प्रारंभ न कराये जाने का क्या कारण है? (ग) कारीगोही सब स्टेशन निर्माण का कार्य जब स्वीकृत किया गया था तब उसकी लागत क्या थी और वर्तमान में सामाग्री एवं समय के आधार पर उसी कार्य की लागत क्या हो गई है साथ ही यह बतावें कि कार्य की लागत में परिवर्तन होने के कारण शासन के राजस्व में होने वाले नुकसान की भरपाई क्या संबंधित निर्माण एजेन्सी से की जायेगी? यदि नहीं, तो कार्य में विलंब के लिये दोषी कौन है, दोषी पर क्या और कब तक कार्यवाही की जायेगी? (घ) कारीगोही सब स्टेशन का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण करा लिया जायेगा समय-सीमा बतावें? कार्य में विलंब के लिये दोषियों पर क्या कार्यवाही की जायेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ, चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र के कारीगोही में नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र का कार्य केन्‍द्र शासन की आर.डी.एस.एस. योजनांतर्गत माह मार्च, 2022 में स्‍वीकृत किया गया था एवं उक्‍त कार्य की स्‍वीकृत लागत राशि रूपये 279.30 लाख है। (ख) जी हाँ, नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र कारीगोही के निर्माण उपरांत प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में भविष्‍य की विद्युत मांग की आवश्‍यकता के दृष्टिगत गुणवत्‍तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्‍िचत हो सकेगी। उक्‍त नवीन उपकेन्‍द्र का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है एवं कार्य प्रगतिरत है। (ग) उक्‍त नवीन उपकेन्‍द्र के कार्य की स्‍वीकृति के समय लागत राशि रूपये 279.30 लाख थी। वर्तमान में उक्‍त नवीन उपकेन्‍द्र के कार्य की लागत राशि एवं पूर्व में स्‍वीकृत लागत राशि में कोई अंतर नहीं है। अत: राजस्‍व में हानि होने अथवा कोई कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न नहीं उठता। वर्तमान में उक्‍त नवीन उपकेन्‍द्र के निर्माण कार्य में कोई विलंब नहीं है, अत: किसी के दोषी होने अथवा कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न नहीं उठता। भविष्‍य में उक्‍त नवीन उपकेन्‍द्र के कार्य में विलंब होने की स्थिति में कार्यादेश की शर्तों के अनुसार संविदाकार/निर्माण एजेंसी के विरूद्ध नियमानुसार आवश्‍यक कार्यवाही की जावेगी। (घ) उक्‍त नवीन उपकेन्‍द्र का निर्माण कार्य कार्यादेश की शर्तों के अनुसार माह-दिसम्‍बर, 2024 तक पूर्ण किया जाना प्रस्‍तावित है। उक्‍त नवीन उपकेन्‍द्र के निर्माण कार्य में कोई विलंब नहीं है, अत: किसी के दोषी होने अथवा कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न नहीं उठता।

मदवार व्‍यय तथा लंबित जांचों की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

16. ( क्र. 635 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में नगर पालिकाओं/नगर पंचायतों में वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन सी मदों में वर्षवार कितना-कितना, किन-किन कार्यों पर व्‍यय किया गया संपूर्ण विवरण प्रमाणित कर उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के तहत नगर पालिकाओं/नगर पंचायतों में वर्षवार कितनी-कितनी खरीदी किन-किन संस्‍थाओं से वर्षवार की गई उनके नाम तथा राशि सहित विवरण दें। (ग) कचड़ा प्रबंधन पर वर्ष 2020 से 2024 तक शहरों एवं नगरों में सफाई हेतु कितने उपकरण, वाहन तथा दवाईयों का क्रय किया गया? (घ) क्‍या नगर पंचायतों/नगर पालिकाओं की शिकायतें/CM हेल्‍प लाइन प्रश्‍न‍ दिनांक तक लंबित है? क्‍या कार्यवाही की गई जांच अभिमत सहित जानकारी दें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क)  से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।

प्रश्‍न क्रमांक 391 दिनांक 13.02.2024 की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

17. ( क्र. 636 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 391 दिनांक 13.02.2024 के संबंध में सदन में प्रश्‍नकर्ता द्वारा जांच कमेटी गठित हेतु मांग की गई थी तथा सदन में प्रश्‍नकर्ता द्वारा माननीय मंत्री महोदय को लिखित पत्र भी दिया गया? (ख) यदि हाँ, तो जांच कमेटी बनाई गई नहीं तो क्‍यों? विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 391 दिनांक 13.02.2024 के तहत वांछित जानकारी प्रमाणित कर उपलब्‍ध करावें? (ग) क्‍या यह सही है कि प्रश्‍नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक 66 दिनांक 13.03.2024 को मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी बड़ामलहरा को दिया गया था? क्‍या मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी बड़ामलहरा द्वारा शासन प्रावधानों के विपरीत ऑडिटोरियम का लोकार्पण कराया गया प्रश्‍नकर्ता स्‍थानीय विधायक को आमंत्रित नहीं किया न ही विधायक का नाम लिखवाया गया? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के तहत दोषी अधिकारी को कब तक निलंबित किया जावेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। संभागीय कार्यपालन यंत्री, नगरीय प्रशासन एवं विकास सागर संभाग द्वारा आदेश क्रमांक यां.प्र.2024/870 सागर दिनांक 07.06.2024 से जांच कमेटी गठित की गई है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट  अनुसार है। (ग) जी हाँ। जी नहीं, निकाय द्वारा स्‍थानीय विधायक को सम्‍मान पत्र भेजकर आमंत्रित किया गया था। ऑडिटोरियम के लोकार्पण पट्टिका पर भूलवश नाम छूट गया था, जिसके संज्ञान में आते ही दूसरी शिला पट्टिका में माननीय विधायक महोदय का नाम लिखकर स्‍थापित कर दी गई थी।              (घ) मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी को कारण बताओ सूचना-पत्र जारी किया गया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "नौ"

नियमों के विपरीत सप्‍लीमेंट्री राशि बढ़ाया जाना

[लोक निर्माण]

18. ( क्र. 732 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि  (क) दिनांक 01-04-2018 से 31-03-2023 के दौरान रीवा संभाग के अंतर्गत मुख्‍य अभियंता/अधीक्षण यंत्री/कार्यपालन यंत्रियों के द्वारा किन-किन निविदाओं की सप्लीमेंट्री राशि कितनी-कितनी प्रतिशत बढ़ाई? निविदावार जानकारी दें? प्रत्‍येक निविदावार कितनी-कितनी राशि बढ़ी प्रकरणवार दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित समयानुसार मुख्‍य अभियंता/अधीक्षण यंत्री/कार्यपालन यंत्री को कुल निविदा राशि का कितनी सप्‍लीमेंट्री राशि बढ़ाने की शक्ति/अधिकार प्राप्त है? उक्त अधिकारों की एक प्रति देते हुये बताये अगर अधिकार से ज्‍यादा सप्‍लीमेंट्री राशि बढ़ाई जाती है तो शासन/विभाग उस अधिकारी के विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही करता है? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित प्रकरणों में अधिकार से ज्यादा सप्लीमेंट्री राशि बढ़ाने वाले मुख्य/अधीक्षण| कार्यपालन अभियंताओं के विरूद्ध राज्य शासन कब तक आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करवायेगा? प्रकरणवार बतायें कि विभागीय जाँच प्रश्‍नतिथि तक संस्थित क्‍यों नहीं की गई है? (घ) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित समयानुसार सप्लीमेंट्री राशि बढ़ाने किन-किन प्रकरणों में राज्य शासन/विभाग से अनुमति लिखित में लेना अत्यावश्यक था? किन-किन प्रकरणों में ली गई? किन-किन में नहीं ली गई? जारी सभी आदेशों/अनुमतियों की एक-एक प्रति उपलब्‍ध करायें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) विस्तृत विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ, 'अ-1' एवं 'अ-2' अनुसार है। (ख) म.प्र. शासन,लोक निर्माण विभाग के परिपत्र क्रमांक 2257/ 2331/18/19/यो, भोपाल दिनांक 01.06.2018 एवं पत्र क्रमांक एफ-53-12/2012/19/यो/2927/भोपाल दिनांक 03.10.2019 के अनुसार। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-1 एवं 2 अनुसार है।                                (ग) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित प्रकरणों में सप्लीमेंट्री कार्य नियमों के विपरीत स्वीकृत नहीं किया गया। अतः शेष का प्रश्‍न ही नहीं उठता। (घ) प्रश्‍नांश () के उत्तर अनुसार राज्य शासन से अनुमति लेना आवश्यक नहीं है। शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

किसानों को अनुदान पर विद्युत पोल तथा ट्रांसफार्मर की उपलब्धता

[ऊर्जा]

19. ( क्र. 776 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि          (क) प्रदेश में प्रचलित किसान मित्र योजना के अन्तर्गत बिजली के पोल एवं ट्रांसफार्मर अनुदान के लिए पिछले वित्तीय वर्ष में संचालन-संधारण वृत्‍त छिन्‍दवाड़ा में कितने किसानों ने ऑनलाइन आवेदन फार्म भरे थे? (ख) किसानों द्वारा भरे गये उपरोक्त ऑनलाइन आवेदन में से कितने किसानों को किसान मित्र योजना के अन्तर्गत लाभ दिया गया? (ग) क्या किसान मित्र योजना के अन्तर्गत बिजली के पोल एवं ट्रांसफार्मर अनुदान के लिए लाभ पाने वाले किसानों की संख्या आवेदन करने वाले किसानों की तुलना बहुत कम है? (घ) क्या सरकार किसान मित्र योजना के अन्तर्गत बिजली के पोल एवं ट्रांसफार्मर अनुदान के लिए आवेदन करने वाले सभी किसानों को लाभ दिया जाना सुनिश्‍िचत करेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अंतर्गत संचालन-संधारण वृत्‍त छिन्‍दवाड़ा में ''मुख्‍यमंत्री कृषक मित्र योजना'' के तहत विगत वित्‍तीय वर्ष 2023-24 में 3004 कृषकों ने ऑनलाईन आवेदन किये थे। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में योजना के प्रावधानों के अनुरूप वर्तमान स्थिति तक किये गए सर्वे उपरान्‍त योजना के निर्धारित मानदण्‍डों के अनुसार तकनीकी रूप से साध्‍य पाये गए 310 पात्र आवेदकों/कृषकों को उक्‍त योजना के अंतर्गत मांग पत्र जारी किये गए हैं, जिसमें से 32 आवेदकों/कृषकों द्वारा मांग पत्र अनुसार राशि संबंधित कार्यालय में जमा करायी गई हैं एवं इनसे संबंधित कार्य प्रगति पर है। (ग) किसान मित्र योजना के अंतर्गत बिजली के पोल एवं ट्रांसफार्मर अनुदान के लिए लाभ पाने वाले किसानों की संख्‍या आवेदन करने वाले किसानों की तुलना में कम है। (घ) मुख्‍यमंत्री कृषक मित्र योजना में विद्यमान अद्योसंरचना से आवेदकों के स्‍थलों की दूरी अधिक होने के कारण राज्‍य शासन द्वारा ऐसे कृषक आवेदनकर्ताओं को विद्युतीकृत कृषि पंप की सुविधा उपलब्‍ध कराने हेतु ''मुख्‍यमंत्री कृषक मित्र योजना'' अंतर्गत सोलर कृषि पंप भी दिया जाना सम्मिलित करते हुए ''प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना'' लागू करने का निर्णय लिया गया है। उक्‍त नवीन योजना में निहित प्रावधान के अनुसार आवेदनकर्ताओं की सहमति के आधार पर नवीन योजना का नियमानुसार लाभ दिया जाएगा।

सिहोरा नगर में बनाये जा रहे रोड डिवाइडर की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

20. ( क्र. 836 ) श्री प्रणय प्रभात पांडे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिका परिषद सिहोरा द्वारा विजय रेस्‍टोरेन्‍ट से मझौली बायपास तक नाली, रोड-डिवाइडर निर्माण व सेंटर लाइटिंग कार्य किस निविदाकार द्वारा किन-किन नियम शर्तों के अधीन कब प्रारंभ कराया गया, प्रश्‍न दिनांक तक कितनी-कितनी लागत के कौन-कौन से कार्य कराये गये एवं शेष निर्माण कार्य कब तक पूर्ण होगा, निर्माण कार्य की टी.एस. की छायाप्रति देवें। (ख) क्‍या उल्‍लेखित निर्माण कार्य में मार्ग के किनारे पूर्व से लगे विद्युत पोल शिफ्ट किए बिना मार्ग का चौड़ीकरण कर दिया गया है, जिससे आये दिन दुर्घटनाएं हो रही है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर में यदि हाँ, तो क्‍या शासन गैर जिम्‍मेदाराना निर्माण कार्य की शीघ्र जांच कराकर विद्युत पोल शिफ्ट कर दोषियों पर कार्यवाही करेगा, उत्‍तर यदि हाँ, तो किस प्रकार से कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) मुख्‍यमंत्री शहरी अधोसंरचना निर्माण योजना के अन्‍तर्गत विजय रेस्‍टोरेन्‍ट से मझौली चौक तक सड़क उन्‍नयन कार्य निविदाकार श्री अतुलकुमार जैन सिहोरा के द्वारा म.प्र.शासन वर्क्‍स मेन्‍यूअल में प्रावधानित नियम शर्तों के अनुसार सड़क उन्‍नयन अप्रैल 2023 से प्रारंभ कराया गया। प्रश्‍न दिनांक तक निकाय द्वारा सड़क चौड़ीकरण, डिवाइडर एवं स्‍ट्रीट लाईट के संपन्‍न कराये गये कार्य तथा उन पर किये गये भुगतान की जानकारी निम्‍नानुसार है:- 1. सड़क चौड़ीकरण राशि रू. 17222884.98 2. डिवाईडर राशि                      रू. 5079678.13  3. सेन्‍टर लाईट  राशि रू. 5637785.35  कुल योग:- 2,79,40,348.46  उपरोक्‍तानुसार किये गये भुगतान के अलावा राशि रूपये 20,59,651.54 की लागत का निर्माण कार्य संपन्‍न कराया गया जिसका भुगतान किया जाना शेष है। कार्य प्रगतिरत है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। टी.एस.की छायाप्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। (ख) उल्‍लेखित निर्माण कार्ययोजना में पूर्व से लगे विद्युत पोलों को शिफ्ट किये जाने का कार्य डी.पी.आर/प्राक्‍कलन में सम्‍मलित नहीं होने के कारण कार्यादेश अनुसार डी.पी.आर/प्राक्‍कलन में प्रावधानित निर्माण कार्य कराये गये। जी नही, विजय रेस्‍टोरेन्‍ट से मझौली चौक तक सड़क के किनारे पूर्व से लगे हुये विद्युत पोल के कारण किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने बावद किसी भी प्रकार की लिखित शिकायत अभी तक निकाय को प्राप्‍त नहीं हुई है। विद्युत पोलो को शिफ्ट कराये जाने की कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) मुख्‍यमंत्री शहरी अधोसंरचना निर्माण योजना की प्रशासकीय स्‍वीकृति तथा तकनीकी स्‍वीकृति अनुसार डी.पी.आर./प्राक्‍कलन/निविदा/कार्यादेश में सड़क के किनारे पूर्व में लगे हुये विद्युत पोल की शिफ्ट किये जाने का कार्य सम्‍मलित नहीं था तदनुसार स्‍वीकृत निर्माण कार्य संपन्‍न कराया गया। सड़क के किनारे पूर्व में लगे विद्युत पोल को शिफ्ट कराये जाने की कार्यवाही प्रगति पर है। म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लि. सिहोरा, जबलपुर द्वारा सड़क किनारे के विद्युत पोल शिफ्टिंग कार्य के लिये लगभग 255.00 लाख का प्राक्‍कलन तैयार किया गया है राशि की उपलब्‍धता पर पोल शिफ्टिंग का कार्य कराया जा सकेगा। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।


शिवपुरी मड़ीखेड़ा जलप्रदाय योजना

[नगरीय विकास एवं आवास]

21. ( क्र. 874 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शिवपुरी शहर में मड़ीखेड़ा डैम से जलप्रदाय योजना संचालित है? यदि हाँ, तो उक्त योजना हेतु प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितनी राशि किस-किस वर्ष में किस-किस कार्य के लिए स्वीकृत की गई? (ख) क्या उक्त योजना में मड़ीखेड़ा डैम से शिवपुरी शहर तक पेयजल लाने हेतु बार-बार घटियां पाइप डालकर शासन को करोड़ों की हानि पहुंचायी जाकर अधिकारियों/ठेकेदारों द्वारा भारी भ्रष्टाचार किया गया है? बार-बार बदले गये पाइप किन-किन अधिकारियों द्वारा पास किये गये तथा उसका भुगतान किसके द्वारा किस-किस को किया गया? बार-बार पाइप बदलने की आवश्‍यकता क्‍यों हुई? (ग) क्या मड़ीखेड़ा से शिवपुरी तक डाली गई पेयजल लाइन में जो घटियां किस्म के पाइप खरीदे गये उनकी गुणवत्ता के लिए उत्तरदायी अधिकारी एवं कर्मचारियों के विरूद्ध अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई? यदि हाँ, तो उक्‍त कार्यवाही कब तक की जाएंगी? (घ) क्या शासन मड़ीखेड़ा से शिवपुरी तक बार-बार घटिया पाइप लगाकर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने वाले अधिकारियों/ठेकेदारों/कंपनी के विरूद्ध पुलिस में प्रकरण दर्ज दोषी अधिकारियों के ठोस एवं प्रभावी कार्यवाही करेगा? (ङ) शासन प्रशासन को उक्त घोटाले की कब-कब किस-किस के द्वारा            क्या-क्या शिकायत प्राप्त हुई? उक्त‍ शिकायतों पर क्या-क्या प्रभावी कार्यवाही किस-किस के द्वारा की गई? शिकायतों एवं कृत कार्यवाही की प्रति संलग्न कर जानकारी दें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट-'' अनुसार है। (ख) जी नहीं। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट-'' अनुसार है। (ग) पेयजल पाईप लाईन की गुणवत्‍ता की जांच शासन द्वारा नियुक्‍त तृतीय पक्ष एजेंसी एस.जी.एस. एवं अन्‍य द्वारा की जाने के उपरांत ही भुगतान संबंधी कार्यवाही करने से कोई अधिकारी उत्‍तरदायी नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्‍तरांश () के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।             (ड.) उत्‍तरांश () एवं () के परिप्रेक्ष्‍य में  जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थि‍त नहीं होता है।

परिशिष्ट - "दस"

मिहोना-लहार-दबोह-भांडेर मार्ग का निर्माण

[लोक निर्माण]

22. ( क्र. 875 ) श्री अम्बरीष शर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिंड जिला की तहसील लहार में मिहोना लहार दबोह भांडेर मार्ग का निर्माण कब किया गया तथा कार्य कब कितनी राशि का पूर्ण किया गया? (ख) लहार बीच बस्ती से होकर प्रश्‍नांकित मार्ग गुजरता है, मार्ग सीमेंट कंक्रीट का बना है क्या मार्ग की गुणवत्ता की कोई शिकायत विभाग को प्राप्त हुई है, यदि हाँ, तो क्या कार्य गुणवत्ता अनुरूप पाया गया यदि नहीं, तो दोषी अधिकारी, ठेकेदार के विरूद क्या कार्यवाही की गई I (ग) क्या सीमेंट कंक्रीट मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे हो गए है, जिनको अमानक सामग्री से मरम्मत की जाकर छुपाया गया है, क्या सीमेंट कंक्रीट मार्ग की ऊपरी सतह/परत निकल गई है उसके ऊपर डामर की परत बिछा दी गई है? (घ) क्या प्रश्‍नांश (ग) गुणवत्ता विहीन कार्य की श्रेणी में नहीं आता है, कार्य का अंतिम भुगतान अभी कुछ माह पूर्व ही दिया गया है, मार्ग पर बिना पौधरोपण के अंतिम भुगतान किया गया है, क्या यह सच है? (ड.) क्या विभाग लहार बस्ती से गुजरता राष्ट्रीय राजमार्ग- 552 की गुणवत्ता को नजर अंदाज कर एवं अधूरे कार्य को अंतिम भुगतान कर क्या विभाग दोषियों को बचाने का प्रयास कर रहा हैI

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) विस्तृत जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार  है। (ख) जी नहींकार्यालयीन अभिलेख अनुसार कोई  शिकायत प्राप्त नहीं। शेष का  प्रश्‍न  ही उपस्थित नहीं होता। (ग) विस्तृत जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार  है। (घ) उत्तरांश '''' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।  जी नहींमार्ग निर्माण के अनुबंध में स्वीकृति अनुसार ही वृक्षारोपण सहित  सभी कार्य पूर्ण गुणवत्ता के पूर्ण कराते हुये पूर्णता प्रमाण पत्र दिनांक 25.03.2022 को जारी किया गया एवं कराये गये कार्य का ही भुगतान किया गया। (ड.) जी नहींप्रश्‍नांश (के उत्तर अनुसार। शेष का प्रश्‍न नहीं उठता है।

परिशिष्ट - "ग्यारह"

बाईपास निर्माण कार्य में अनियमितता

[लोक निर्माण]

23. ( क्र. 876 ) श्री अम्बरीष शर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिंड जिले की ग्राम लहार में बाईपास का निर्माण कितनी राशि एवं कितनी लम्बाई का कब स्वीकृत हुआ? क्या बाईपास का एकरेखण श्यामपुरा ग्राम की घनी बस्ती से गुजरता है? यदि हाँ, तो क्या विभाग एकरेखण परिवर्तन की कार्यवाही करेगा? (ख) राष्ट्रीय राजमार्ग -552 पर लहार बाईपास के निर्माण में गुणवत्ता के सम्बन्ध में क्या कोई शिकायत विभाग को प्राप्त हुई है? यदि हाँ, तो क्या जांच कराई गई? यदि हाँ, तो कार्य की गुणवत्ता मानक अनुरुप पाई गई? यदि नहीं, तो दोषियों के विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई? (ग) क्या लहार बाईपास में कुछ माह पूर्व किया गया डामरीकरण कार्य क्षतिग्रस्त हुआ है, क्या ठेकेदार पर अनुसार वांछित डामरीकरण कार्य हेतु हॉट मिक्स प्लांट उपलब्ध था? यदि हाँ, तो उसका स्थान तथा कार्यस्थल से उसकी दूरी बताने का कष्ट करें। (घ) यदि ठेकेदार के पास अनुबंध अनुसार वांछित हॉट मिक्स प्लांट निर्धारित दूरी पर स्थित नहीं था तो क्या कार्य को अमानक मानकर भुगतान हेतु अमान्य किया गया है, यदि नहीं, तो क्यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) विस्तृत जानकारी  संलग्‍न  परिशिष्‍ट अनुसार  है। जी हाँ। जी नहीं। (ख) जी हाँ, जांच कराई गई। कार्य की गुणवत्ता मानक अनुरूप पाई गई अतः शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहींजी हाँ, ठेकेदार के पास अनुबंध के अनुसार बैच मिक्स प्लांट  उपलब्ध था तथा बैच मिक्स प्लांट लहार चितौरा मार्ग पर ग्राम बेरजा के पास कार्यस्थल से लगभग 60 कि.मी. दूरी पर स्थित था। (घ) कार्य के अनुबंध में बैच मिक्स प्लांट की निर्धारित दूरी का कोई उल्लेख  नहीं  है। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं  होता।

परिशिष्ट - "बारह"

नर्मदापुरम/इटारसी में पेयजल का प्रदाय

[नगरीय विकास एवं आवास]

24. ( क्र. 885 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नर्मदापुरम जिले की नगर पालिका इटारसी एवं नर्मदापुरम में मुख्यमंत्री/अमृत पेयजल योजना के अंतर्गत इटारसी/नर्मदपुरम के कुल कितने वार्डों/क्षेत्रों में कितनी लंबाई की पाइप-लाइन डाली गई? इस पर कुल कितना व्यय हुआ? पृथक-पृथक जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित जिन वार्डों/क्षेत्रों में पाइप-लाइन डाली गई उन क्षेत्रों में खोदी गई सभी सड़कों का क्या पुन: निर्माण कर दिया गया है। किन क्षेत्रों में किन कारणों से पुनःनिर्माण नहीं किया गया?                   (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित में जिन वार्डों/क्षेत्रों में पाइप-लाइन डाली गई उन क्षेत्रों वार्डवार कितने नल कनेक्शन दिए गए? वार्डवार संख्यात्मक जानकारी दें। (घ) क्या उक्त योजना में जिन नागरिकों को नल कनेक्शन दिये गये उसमें से दोनों समय पानी आ रहा है। यदि नहीं, तो            किन-किन क्षेत्रों/वार्डों/गलियों में कब से पानी किन कारणों से नहीं आ रहा है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। (घ) जी नहीं, एक बार जलप्रदाय किया जाता है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

रेलवे ओव्हर ब्रिज का निर्माण

[लोक निर्माण]

25. ( क्र. 886 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा सोनासॉवरी, इटारसी में प्रस्तावित रेलवे ओव्हर ब्रिज का निर्माण हेतु, कितनी राशि कब स्वीकृत की गयी एवं भूमिपूजन कब किया गया। (ख) उक्त कार्य हेतु निविदाएं कब, किस एजेंसी की स्वीकृत कर कब कार्यादेश दिया गया। कार्यादेश में कौन सा नक्शा दिया गया। क्या लंबे समय से कार्य अप्रारंभ है यदि हाँ, तो इसके क्या कारण है। (ग) उक्त आर.ओ.बी. प्रारंभ करने हेतु वर्ष 2024 में प्रमुख सचिव, लोक निर्माण विभाग, भोपाल, कार्यपालन यंत्री, सेतु निर्माण को प्रश्‍नकर्ता के पत्र कब-कब प्राप्त हुए। प्राप्त पत्रों पर क्या कार्यवाही हुई।

लोक निर्माण मंत्री (श्री राकेश सिंह ) : (क) स्‍वीकृत राशि रूपये 4529.06 लाखदिनांक 28.04.2023 से जारी भूमि पूजन दिनांक 06.10.2023 (ख) उक्‍त आर.ओ.बी. निर्माण कार्य हेतु निविदा मेसर्स वेल्जी रत्ना सोरठिया  प्रा.लि. बड़ोदरा गुजरात की दिनांक 20.09.2023 को स्वीकृत हुई, दिनांक 05.12.2023 को कार्य का एल.ओ.ए. जारी किया गया। कार्य के अनुबंध में  प्रस्तावित आर.ओ.बी. की सामान्य सरंचना मानचित्र संलग्न  परिशिष्‍ट अनुसार है।  जी नहींसंविदाकार द्वारा आर.ओ.बी. निर्माण हेतु        भू-तकनीकी सर्वेक्षण कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा दो लेग हेतु स्ट्रक्चर ड्राईंग प्रदाय की जा चुकी है। शेष रूपांकन कार्य प्रगति पर है। (ग) प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग भोपाल को दिनांक 06.05.2024 एवं कार्यपालन यंत्री को पत्र  02.01.2024  को प्राप्‍त हुये। पत्रों में  उल्‍लेखित बिन्‍दुओं पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

परिशिष्ट - "तेरह"

निर्माण कार्यों की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

26. ( क्र. 915 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पन्ना जिले में छत्रसाल स्टेडियम, श्री जुगल किशोर स्टेडियम, बड़ी देवी मंदिर का पुल, धरमसागर रिंग रोड जैसे स्वीकृत निर्माण कार्य बजट के अभाव अथवा ठेकेदार की उदासीनता के कारण काफी लंबे समय से रूके हुये है।यदि हाँ तो उक्त कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराये जाने हेतु क्या कार्यवाही की जा रही है? यदि नहीं, तो क्यों? इसके लिये कौन दोषी है? कब तक निर्माण कार्य पूर्ण करा लिए जावेंगे? (ख) पन्ना विधानसभा के नगर पालिका पन्ना एवं नगर परिषद अजयगढ़ अंतर्गत कितने चंदेल कालीन तालाब हैं जो कि जल स्रोत के बड़े साधन है जिनकी साफ सफाई एवं घाट निर्माण न होने से उपयोगहीन पड़े हुये हैं। (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार क्या इन तालाबों को उपयोगी बनाने हेतु तालाबों की साफ-सफाई एवं घाट निर्माण किये जाने हेतु कोई कार्यवाही की गई है? यदि हाँ तो क्या? यदि नहीं, तो कब तक कार्यवाही की जावेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट  अनुसार है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) नगर परिषद पन्‍ना में चंदेल कालीन तालाब 11 है जिसमें लोकपाल सागरनिरपत सागर एवं धरम सागर पेयजल आपूर्ति के निकाय के मुख्‍य जल के स्रोत है। वर्तमान में आवश्‍यकता के अनुरूप तालाबों पर घाटों का निर्माण किया गया है तथा नियमित घाटों की सफाई का कार्य किया जाता है। घाटों का सौन्‍द्रर्यीकरण की कार्य योजना तैयार की जा रही है। नगर पालिका अजयगढ़ में चंदेल कालीन 04 तालाब हैं। नियमित घाटों की सफाई का कार्य किया जाता है। (ग) जी हाँ। अमृत-2.0 योजनांतर्गत पन्‍ना का निरपत सागर तालाब का कार्य प्रगतिरत है। अजयगढ़ के हजूरी तालाब की विकास योजना अमृत-2.0 में शामिल है।

परिशिष्ट - "चौदह"

सड़क निर्माण कार्य की जानकारी

[लोक निर्माण]

27. ( क्र. 916 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह सही है कि पन्ना जिले के पहाड़ीखेरा से मजगवां जिला सतना मार्ग का उन्नयन कार्य स्वीकृत है? यदि हाँ, तो उक्त निर्माण कार्य हेतु क्या-क्या कार्यवाही की जा चुकी है? कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा? समय-सीमा बतावें। यदि नहीं, तो क्यों? (ख) विधानसभा सत्र फरवरी 2024 के प्रश्‍न क्रमांक 62 में प्रश्‍नकर्ता द्वारा अजयगढ़ से सतना जिला जाने हेतु भारी वाहन पन्ना शहर से होकर गुजरते है जिसमें यातायात की समस्या से निपटने हेतु अजयगढ़ रोड से            सतना-कटनी एवं छतरपुर जाने हेतु रिंग रोड निर्माण के संबंध में प्रश्‍न पूछा गया था। जिसके संबंध में माननीय मंत्री जी द्वारा भारी वाहनों का पन्ना शहर के अंदर होकर गुजरने के संबंध में स्वीकृति दी थी किन्तु उक्त समस्या के निराकरण हेतु कोई आश्‍वासन नहीं मिला था। क्या शासन पन्ना शहर में होने वाली यातायात की समस्या, दुर्घटना एवं प्रदूषण के निराकरण हेतु अजयगढ़ से सतना-कटनी एवं छतरपुर मार्ग जोड़कर रिंग रोड का निर्माण कराये जाने हेतु कोई कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी  हाँ। कार्य की निविदा दिनांक 19.06.2024 को आमंत्रित।  निविदा स्वीकृति  उपरान्‍त  अनुबंध में निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करना लक्षित है। शेष  प्रश्‍नांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी हाँ। म.प्र. सड़क विकास निगम अंतर्गत अजयगढ़ रोड से सतना-कटनी जाने हेतु बायपास मार्ग निर्माण की कोई भी योजना बनाई नहीं गई हैअपितु अजयगढ़ रोड से छतरपुर जाने हेतु बायपास पूर्व से ही निर्मित है।

मार्ग का गुणवत्ताहीन निर्माण

[लोक निर्माण]

28. ( क्र. 925 ) श्री मनोज नारायण सिंह चौधरी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हाटपिपल्या विधानसभा में कांझर-डिगोद मार्ग, नानूखेड़ा-ग्यारसपुरा मार्ग एवं कुलावड़-बवल्या मार्ग का गुणवत्ताहीन निर्माण किया गया है, जिस कारण उक्त मार्गों की हालत अत्यन्त ही खराब हो गई है। उक्त संबंधित ठेकेदार/अधिकारियों पर क्या कोई उचित कार्यवाही होगी? उक्त सड़कों का पुनः निर्माण कब तक करवा दिया जाएगा? (ख) क्‍या देहरियासाहु से शुक्रवासा सड़क का वर्तमान में कार्य चल रहा है, जिसकी वन विभाग द्वारा पूर्व में स्वीकृति भी दी गई है किन्तु वन विभाग द्वारा उक्त कार्य अनावश्यक रूप से रोक दिया गया है? उक्त सड़क का कार्य कब तक पूर्ण होगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी नहीं। विस्‍तृत जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। जी हाँ। मार्ग के एक रेखण में परिवर्तन होने के कारण वन विभाग से पुन: अनुमति प्राप्‍त करने हेतु आवेदन किया गया है। वन विभाग से अनुमति प्राप्‍त होने के उपरांत मार्ग निर्माण कार्य पूर्ण किया जावेगा। अनुमति प्राप्‍त न होने के कारण वर्तमान में समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "पंद्रह"

ब्रिज निर्माण की जानकारी

[लोक निर्माण]

29. ( क्र. 926 ) श्री मनोज नारायण सिंह चौधरी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि देवास बायपास, राजोदा जैल के पास एक ब्रिज की अति आवश्यकता है। यह रोड चार विधानसभाओं को मिला कर देवास जिले की जीवन रेखा कहलाने वाला रोड है। यहां अंडर ब्रिज बनना चाहिए था, जो कि आज दिनांक तक नहीं बनाया गया है, इसमें किसका दोष है? ब्रिज न होने के कारण यहां पर कई बार दुर्घटनाएं होकर कई जाने चली गई हैं। जब इसकी डी.पी.आर. बनाई गई थी तब यह इतनी बड़ी त्रुटि कर ब्रिज की स्वीकृति छोड़ दी गई थी, इसके लिए कौन जिम्मेदार हैं? क्या उन जिम्मेदार अधिकारियों/कर्मचारियों पर कार्यवाही करेंगे? ताकि भविष्य में कभी कोई बड़ी सड़क बने तब ऐसी दुर्घटनाओं वाले स्थानों पर ब्रिज बनाने से वंचित न रखा जाए, जिससे जो बड़ी जन-धन हानि होती है उसकी पुनरावृत्ति न हो। यहाँ ब्रिज कब बनेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : देवास-बायपास मार्ग का निर्माण बी.ओ.टी. योजनांतर्गत किया गया हैजिसमें राजोदा में  अण्‍डर पास का प्रावधान नहीं था। डी.पी.आर. तत्‍समय की परिस्थितियां अनुसार बनाई गई थी एवं मार्ग का निर्माण बी.ओ.टी. परियोजना अंतर्गत किया गया है। उक्‍त स्‍थान पर  दुर्घटनाएं होती हैअपितु पुलिस अधीक्षकदेवास की रिपोर्ट अनुसार इन दुर्घटनाओं में किसी की जान नहीं गई है। डी.पी.आर. तत्‍समय की परिस्थितियां  अनुसार बनाई गई थी। अत: कोई भी अधिकारी/कर्मचारी जिम्‍मेदार नहीं है  एवं उन पर कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। परियोजना में ब्रिज  सम्मिलित न होने के कारण समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

विद्युत सब स्टेशनों की स्‍थापना

[ऊर्जा]

30. ( क्र. 938 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुल कितने 33/11 के.व्ही के विद्युत सब स्टेशन विद्यमान है? विधानसभा क्षेत्र के कितने ऐसे स्‍थान हैं जहां क्षमता से कम के वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित हैं? जिससे वोल्टेज की कमी, ट्रांसफार्मर जल जाना आदि की समस्या से ग्रामीणों को घरेलू बिजली तथा खेतों में सिंचाई का कार्य प्रभावित हो रहा है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में विधानसभा क्षेत्र के कितने ग्रामों में विगत 1 वर्ष से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक कितने वितरण ट्रांसफार्मर जले, कितनों को पुनः स्थापित किया गया तथा कितने आवेदन संबंधित मैदानी अभियंताओं को वितरण ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि के प्राप्त हुए? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार कंपनी द्वारा पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों में जहां क्षमता से कम के ट्रांसफार्मर हैं उन ग्रामों का सर्वे कर क्षमता वृद्धि की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) विधानसभा क्षेत्र पुष्पराजगढ़ के समस्त ग्रामों, मजरा, टोला, बस्तियों में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति की जा रही है? यदि नहीं, तो क्यों? विद्युत विहीन ग्रामों का विवरण एवं इन गांव में कब तक विद्युत आपूर्ति सुनिश्‍िचत की जाएगी।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) पुष्‍पराजगढ विधानसभा क्षेत्र अन्‍तर्गत 33/11 के. व्‍ही. के कुल 9 विद्युत उपकेन्‍द्र विद्यमान है। वर्तमान में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र अंतर्गत ऐसा कोई भी स्‍थान नहीं है, जहां कम क्षमता के वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित होने से वोल्‍टेज की कमी एवं वितरण ट्रांसफार्मर के जलने/खराब होने के कारण घरेलू या सिंचाई कार्य प्रभावित हो रहा है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्रांतर्गत समस्‍त उपभोक्‍ताओं को नियमानुसार गुणवत्‍तापूर्ण विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र अंतर्गत 43 ग्रामों में विगत 1 वर्ष से प्रश्‍न दिनांक की अवधि में कुल 51 वितरण ट्रांसफार्मर जले/खराब हुये हैं एवं उक्‍त सभी जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों को म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा निर्धारित समयावधि में बदल दिया गया है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में मैदानी अधिकारियों को वितरण ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि के कुल 5 आवेदन प्राप्‍त हुए थे, उक्‍त सभी आवेदनों पर नियमानुसार कार्यवाही कर क्षमता वृद्धि के कार्य पूर्ण कर दिये गये हैं।              (ग) उत्‍तरांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में स्‍थापित वितरण ट्रांसफार्मरों पर उनकी क्षमता के अनुरूप भार संबद्ध है। तथापि भविष्‍य में होने वाली भार वृद्धि के दृष्टिगत प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में 241 स्‍थानों पर केन्‍द्र शासन की आर.डी.एस.एस. योजना अंतर्गत वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के कार्य सर्वे उपरान्‍त चिन्हित किये गये हैं तथा कार्ययोजना तैयार कर नोडल एजेंसी मेसर्स पी.एफ.सी., नई दिल्‍ली को स्‍वीकृति हेतु प्रेषित की गई है। वर्तमान में उक्‍त कार्ययोजना की स्‍वीकृति प्राप्‍त होना शेष है। स्‍वीकृति प्राप्‍त होने पर निविदा प्रक्रिया उपरान्‍त क्रियान्‍वयन एजेंसी का चयन कर उक्‍त कार्य पूर्ण किये जावेंगे, जिस हेतु वर्तमान में निश्‍िचत समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) विधानसभा क्षेत्र पुष्‍पराजगढ़ के सभी राजस्‍व ग्रामों एवं उनके चिन्हित मजरों/टोलों में आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर गैर कृषि उपभोक्‍ताओं को सामान्‍यत: 24 घण्‍टे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। उल्‍लेखनीय है कि विद्युत लाईनों/अद्योसंरचना के रख-रखाव हेतु पूर्व निर्धारित शट-डाउन लेने तथा तकनीकी कारणों/प्राकृतिक आपदा से आये आकस्मिक व्‍यवधानों जैसी अपरिहार्य स्थिति के कारण कतिपय अवसरों पर विद्युत प्रदाय बाधित होता है, जिसमें आवश्‍यक रख-रखाव/सुधार कार्य कर विद्युत प्रदाय शीघ्र ही सुचारू कर दिया जाता है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र अंतर्गत कुल 12 ग्राम यथा- कुई, गिजरी, बुल्‍हुपानी, कुम्‍हनी, डोगरिया, खिरनी, रमना सरकारी-1, दमगढ़, दबनिया, बघाड़, सिलवारी टोला एवं पिपरहा पूर्व में सौर ऊर्जा स्‍त्रोतों के माध्‍यम से ऊर्जीकृत किये गये थे। वर्तमान में सोलर मॉड्यूल एवं संबंधित उपकरण खराब होने के कारण उक्‍त ग्राम अविद्युतीकृत हैं। ग्राम कुई, कुम्‍हनी एवं गिजरी के विद्युतीकरण का कार्य प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजनान्‍तर्गत प्रस्‍तावित किया गया है, जिस पर जनजातीय कार्य विभाग से स्‍वीकृति प्रतीक्षित है, अत: वर्तमान में इन ग्रामों के विद्युतीकरण हेतु समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। ग्राम बुल्‍हूपानी, डोगरिया, खिरनी, रमना सरकारी-1, सिलवारी टोला, दमगढ़ एवं दबनिया के विद्युतीकरण का कार्य पी.एम. जनमन योजनान्‍तर्गत आर.डी.एस.एस. योजना के दिशा निर्देशों के तहत किया जाना प्रस्‍तावित है एवं उक्‍त कार्य दिसंबर 2024 तक पूर्ण किया जाना है। ग्राम पिपरहा के विद्युतीकरण का कार्य जमा योजनान्‍तर्गत जिला खनिज प्रतिष्‍ठान द्वारा आवंटित राशि से किया जा रहा है। वर्तमान में कार्य प्रगतिरत है एवं माह अगस्‍त, 2024 तक पूर्ण किये जाने के प्रयास हैं। शेष एक ग्राम बघाड़ दूरस्‍थ एवं सघन वन क्षेत्र में होने के कारण वर्तमान में ग्रिड के माध्‍यम से विद्युतीकृत किया जाना संभव नहीं है।

फर्जी अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थाओं की जांच

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

31. ( क्र. 956 ) श्री जगन्‍नाथ सिंह रघुवंशी [डॉ. हिरालाल अलावा] : क्या राज्यमंत्री (स्वत्रंत प्रभार), पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्‍न-दिनांक की स्थिति में विभाग के द्वारा प्रदेश में कुल कितनी संस्थाओं को अल्पसंख्यक-शैक्षणिक संस्थान के रूप में मान्यता प्रमाण पत्र/अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया गया है जिलेवार-संस्थाओं की सूची एवं प्रमाण-पत्र की प्रति देवें? (ख) प्रश्‍न-दिनांक की स्थिति में प्रदेश में कितनी अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थाओं के मान्यता प्रमाण-पत्र विभाग के द्वारा निरस्त किए गए हैं उनकी सूची एवं कारण सहित निरस्त होने के आदेश की प्रति देवें? (ग) वर्ष-2019 से लेकर प्रश्‍न दिनांक की स्थिति नेशनल कमीशन ऑफ़ माइनॉरिटी एजुकेशन इंस्टीट्यूट की मान्यता प्राप्त करने हेतु राज्य सरकार की ओर से एनओसी प्राप्त करने के लिए कितनी संस्थाओं के आवेदन प्राप्त हुए उन समस्त आवेदनकर्ता संस्थाओं की सूची एवं उन पर विभाग के द्वारा लिए गए निर्णय की छायाप्रति उपलब्ध करावें?            (घ) एनसीएमईआई द्वारा मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों में यदि अध्ययनरत विद्यार्थी तथा टीचिंग स्टाफ निश्‍िचत अनुपात में नहीं पाया जाता है तो क्या ऐसी संस्थाओं की मान्यता निरस्त करने की क्या प्रक्रिया है और राज्य सरकार की क्या जिम्मेदारी है दस्तावेज के साथ जानकारी देवें?                     (ड.) अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में ऐसी कितनी संस्थाओं के प्रस्ताव प्राप्त हुए जिनमें निर्धारित समय-सीमा में कार्यवाही नहीं करने के कारण नियमों का फायदा उठाकर एनसीएमईई की मान्यता प्राप्त की गई, क्या ऐसे मामले की सीबीआई जांच के आदेश जारी किए जाएंगे या नहीं?

राज्यमंत्री (स्वत्रंत प्रभार), पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती कृष्णा गौर ) : (क) प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में जारी किये गये वैद्य प्रमाण पत्र की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-एक  अनुसार है। (ख) जानकारी निरंक है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) राष्‍ट्रीय अल्‍पसंख्‍यक शैक्षणिक संस्‍थान आयोग अधिनियम 2004 में राष्‍ट्रीय अल्‍पसंख्‍यक शैक्षणिक संस्‍थान आयोग की मान्‍यता प्राप्‍त करने हेतु राज्‍य सरकार की और से एनओसी प्राप्‍त करने संबंधी कोई प्रावधान नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी हाँ। नेशनल कमीशन फॉर माइनॉरिटी एजुकेशनल इंस्‍टीट्यूशन एक्‍फ 2004 के सेक्‍शन 12 में सम्‍पूर्ण प्रक्रिया का उल्‍लेख है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। (ड.) एनसीएमईआई द्वारा जारी मान्‍यता प्रमाण पत्र की जानकारी राष्‍ट्रीय अल्‍पसंख्‍यक शैक्षणिक संस्‍थान आयोग नई दिल्‍ली से संबंधित है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थिति

[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]

32. ( क्र. 959 ) श्री राजेश कुमार शुक्‍ला : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा संयंत्र और रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम हेतु क्या निर्देश दिए गए हैं। (ख) छतरपुर जिले में कितने सरकारी भवनों में इन निर्देशों के अनुक्रम में कार्य किया गया है। कार्यों का ब्यौरा प्रदाय करें। (ग) प्रश्‍नांश () के अनुक्रम में किन-किन सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा संयंत्र और रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम पूरी क्षमता से कार्य कर रहे हैं। किन भवनों में आंशिक या पूर्णरूप से बंद हैं। (घ) प्रश्‍नांश () एवं () के अनुक्रम में शेष सरकारी भवनों में कब तक उक्त सिस्टम लग जायेंगे। आंशिक या पूर्णरूप से बंद भवनों के सिस्टम कब तक सही हो कर पूर्ण क्षमता से कार्य करेंगे।

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्‍ला ) : (क) मध्‍यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा नीति एवं दिशा निर्देश-2022 में म.प्र.शासन द्वारा अपने कार्यालयों को ''ग्रीन कार्यालय'' के रूप में रूपांतरित करने का निर्णय लिया गया है, जिसके अंतर्गत सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्‍थापना की जाना है, जिसकी  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-अ अनुसार  है। भारत सरकार के पी.एम.सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के विभिन्‍न घटकों के अंतर्गत घरेलू क्षेत्र में सोलर रूफटॉप की स्‍थापना के साथ ही शासकीय भवनों में सोलर रूफटॉप संयंत्रों की स्‍थापना निश्‍िचत समय-सीमा में की जाना है।  जिसकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-ब अनुसार  है। म.प्र. भूमि विकास नियम, 2012 की कंडिका 81 अनुसार 140 वर्ग फीट के या अधिक के भू-खण्‍ड पर भवन निर्माण के लिये रेन वाटर हार्वेस्टिंग का प्रावधान है। जिसकी  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-स अनुसार  है। भारत सरकार के जल शक्ति अभियान के तहत नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने परिपत्र (क्र. 954/1297/21/181 दिनां‍क 22.03.2021) द्वारा वाटर हार्वेस्टिंग हेतु निर्देश जारी किये गये है, जिसकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-द अनुसार  है। (ख) छतरपुर जिले में 46 सरकारी भवनों में ऑनग्रिड एवं ऑ‍फग्रिड सौर फोटोवोल्‍टेइक पावर प्‍लांट की स्‍थापना की गई हैजिसकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-इ अनुसार  है। छतरपुर जिले के शासकीय भवनों यथा कलेक्‍टर कार्यालय, जिला पंचायत, जनपद पंचायत, पी.एच.ई. कार्यालय एवं आर.ई.एस कार्यालय में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्‍टम स्‍थापित है, जिसकी  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-ई अनुसार  है। (ग) प्रश्‍नांश () के अनुक्रम में सौर ऊर्जा संयंत्रों की कार्यशीलता की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-इ अनुसार  है। प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित भवनों के रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्‍टम संचालित है। नगर पालिका परिषद छतरपुर द्वारा निकाय के स्‍वामित्‍व के भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्‍टम स्‍थापित किये जा रहे है, निविदा प्रक्रिया प्रचलन में हैजिसकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-ई अनुसार है। (घ) छतरपुर जिले सहित राज्‍य के सभी शासकीय भवनों को मिशन मोड में वर्ष 2025-26 तक सौर ऊर्जीकृत किए जाने के प्रयास किये जा रहे है। रूफटॉप संयंत्रों के परियोजना अवधि तक समुचित संचालन हेतु RESCO मोड में सभी विभागों के भवनों को संकलित (Aggregate) करके उन्‍हें RESCO अंतर्गत संयंत्र स्‍थापना किया जाना प्रस्‍तावित है। शासकीय भवनों में सोलर रूफटॉप संयंत्रों की स्‍थापना व संचालन की मॉनीटरिंग हेतु राज्‍य स्‍तरीय एवं जिला स्‍तरीय समितियों का गठन किया जा चुका है। जिला स्‍तरीय समिति द्वारा प्रस्‍तुत एक्‍शन प्‍लान पर राज्‍य स्‍तरीय समिति के अनुमोदन पर ही Capex एवं RESCO Mode में सौर संयंत्र की स्‍थापना की जावेगी। मध्‍यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड द्वारा केपेक्‍स मोड के तहत संयंत्रों की स्‍थापना 5 वर्षीय वांरटी एवं रख-रखाव के साथ कराई जाती है। इसके उपरांत संयंत्र संचालन की जिम्‍मेदारी हितग्राही संस्‍था (संबंधित विभाग) की होती है। संबंधित संस्‍था से निगम में संयंत्र सुधार हेतु प्रस्‍ताव एवं राशि प्राप्ति होने पर संयंत्र सुधार कार्य किया जा सकेगा।

किसानों को 24 घंटे तीन फेस बिजली प्रदाय

[ऊर्जा]

33. ( क्र. 960 ) श्री राजेश कुमार शुक्‍ला : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि  (क) प्रदेश में बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए विगत 03 वर्षों में किए गए प्रयासों का विवरण देवें। (ख) प्रदेश में बिजली उत्पादन में निजी क्षेत्र के विगत 03 वर्षों में योगदान का ब्यौरा देवें।                 (ग) प्रदेश में निजी क्षेत्र के अनुबंधित विद्युत संयंत्रों से खरीदी गई बिजली की दर माह मई 2024 की स्थिति में क्‍या है जानकारी देवें। (घ) बिजली उत्पादन में निजी क्षेत्र का निवेश बढ़ाने के लिए विगत 03 वर्षों में किए गए प्रयासों का विवरण देवें। ग्रीन ऊर्जा के लिए 03 वर्षों में किए गए प्रयास क्‍या हैं? (ड.) क्या कृषि क्षेत्र के लिए 24 घंटे तीन फेस बिजली प्रदान करने हेतु कोई योजना है? यदि हाँ, तो किसानों को 24 घंटे बिजली प्रदान करने हेतु क्या रणनीति‍ योजना बनाई जा रही है?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) विभाग द्वारा एम.पी.पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के माध्‍यम से विगत वर्षों में प्रदेश की विद्युत मांग के आधार पर आगामी वर्षों हेतु प्रदेश की विद्युत मांग का आंकलन कर, संसाधनों की पर्याप्‍तता (Resource adequacy) को दृष्टिगत रखते हुए, तात्‍कालिक समयबद्ध विद्युत उपलब्‍धता को सुनिश्‍िचत करने के उपरान्‍त विद्युत मांग के अंतर की गणना की जाती है। तत्पश्‍चात म.प्र. विद्युत नियामक आयोग की अनुमति उपरांत विद्युत उत्‍पादन में वृद्धि हेतु कार्यवाही की जाती है। उल्‍लेखनीय है कि वर्तमान में विद्युत उत्‍पादन प्रक्रिया में अनुज्ञा की आवश्‍यकता नहीं है। अत: निजी उत्‍पादकों द्वारा प्रदेश की आवश्‍यकता से अधिक क्षमता के संयंत्र स्‍थापित किये जा सकते हैं। यह सतत् प्रक्रिया है। विगत तीन वर्षों अर्थात वित्‍तीय वर्ष 2021-22 से 2023-24 की अवधि में आगामी वर्षों के दौरान प्रदेश में विद्युत मांग की संभावित वृद्धि की पूर्ति हेतु विद्युत उत्‍पादन क्षमता वृद्धि हेतु तैयार किये गये कार्यक्रम का विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'अनुसार  है। इन प्रयासों के फलस्‍वरूप ही विगत तीन वर्षों में प्रदेश हेतु उपलब्‍ध विद्युत क्षमता में 1946 मेगावाट की वृद्धि हुई है। (ख) निजी क्षेत्र द्वारा विगत तीन वर्षों (वित्‍तीय वर्ष 2021-22 से 2023-24 तक) में विद्युत उत्‍पादन के माध्‍यम से प्रदेश की कुल विद्युत मांग की पूर्ति हेतु दिए गए योगदान का वित्‍तीय वर्षवार विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'अनुसार  है। (ग) प्रदेश में निजी क्षेत्र के अनुबंधित विद्युत संयंत्रों से माह मई 2024 की स्थिति में क्रय की गई विद्युत की दरों का विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'अनुसार   है। (घ) विद्युत उत्‍पादन में निजी क्षेत्र का निवेश बढ़ाए जाने के प्रयासों के अंतर्गत सिंगरौली में मेसर्स महान इनर्जन लिमिटेड द्वारा स्‍थापित किये जा रहे 1320 मेगावाट क्षमता के ताप विद्युत गृह से 1230 मेगावाट विद्युत क्रय हेतु अनुबंध निष्‍पादित किया गया है। साथ ही म.प्र. ऊर्जा विकास निगम द्वारा क्रियान्वित प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्‍थान महाअभियान के अवयव '' एवं '' के अंतर्गत एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा विद्युत क्रय अनुबंध निष्‍पादित किए जा रहे हैं। निष्‍पादित किए गए अनुबंधों का विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'अनुसार  है। हरित ऊर्जा हेतु किए जा रहे प्रयासों के तारतम्‍य में मध्‍यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा भानपुरा तहसील स्थित रातागुराडिया ग्राम में जल संसाधन विभाग के 7 मेगावॉट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र का अधिग्रहण किया गया है, जिससे दिनांक 03.03.2024 से विद्युत उत्‍पादन प्रारंभ हो चुका है एवं मार्च, अप्रैल एवं मई माह में करीब 2 करोड़ 90 लाख यूनिट विद्युत का उत्‍पादन हुआ है। (ड.) जी नहीं, वर्तमान में 11 के.व्‍ही. कृषि फीडरों में 24 घंटे 3 फेज पर बिजली प्रदान किए जाने हेतु कोई योजना विचाराधीन नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता।

अमृत योजनांतर्गत 24x7 जल प्रदाय योजना

[नगरीय विकास एवं आवास]

34. ( क्र. 973 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अमृत योजनांतर्गत सागर में 24x7 जल प्रदाय योजना कब तक पूर्ण की जानी थी एवं प्रश्‍न दिनांक तक इसकी क्या प्रगति है? कई कार्य समय-सीमा में पूर्ण नहीं हो पाए है? यदि हाँ, तो विलम्ब के लिए क्रियान्वयन एजेन्सी पर क्या कार्यवाही की गई? (ख) जल प्रदाय योजना अंतर्गत शहर में पाइप-लाइन बिछाने के बाद सड़कों के रिनोवेशन कार्य में विलंब किया जाता है, जिस कारण कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं साथ ही आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है, तो क्या शासन द्वारा इस दिशा में मॉनिटरिंग की जा रही है? अब तक क्या कार्यवाही की गई? (ग) योजना का मूल उद्देश्य शहर की जनता को 24 घंटे 7 दिन पानी उपलब्ध कराना है, वर्तमान में योजनांतर्गत राजघाट बांध से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। बांध का जल स्तर गर्मी आते आते कम हो जाता है, इसकी जलापूर्ति बांध की ऊंचाई को बढ़ाकर ही संभव है, तो क्या शासन के समक्ष इस दिशा में कोई कार्यवाही प्रचलन में हैं? (घ) क्या योजनांतर्गत जिन इलाकों में पाइप लाइन डालकर पानी की टेस्टिंग की गई है, वहां घरों तक पानी प्रेशर से नहीं पहुंच पाने की शिकायतें सामने आ रही हैं? क्या शासन द्वारा इसके समाधान हेतु कार्यवाही की जा रही है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) अमृत योजनांतर्गत नहीं अपितु ए.डी.बी. वित्‍त पोषित एमपीयूडीसी द्वारा नगर निगम सागर मकरोनिया अंतर्गत संचालित जलप्रदाय परियोजना दिनांक 30.06.2024 तक पूर्ण किया जाना प्रस्‍तावित है। प्रश्‍न दिनांक तक परियोजना की भौतिक प्रगति 76 प्रतिशत है। जी हाँ, समय-समय पर जनप्रति‍निधियों/आमजन की मांग के आधार पर जल वितरण पाइप-लाइन का विस्‍तारीकरण, परियोजना के विभिन्‍न विद्यमान घटकों के मरम्‍मत का कार्य, पुरानी जल वितरण पाइप-लाइन प्रतिस्‍थापन के कार्य से परियोजना में विलम्‍ब हुआ। विलम्‍ब हेतु अर्थदण्‍ड अधिरोपित करने हेतु राशि रोकी गई है। अनुबंध के प्रावधानों अनुसार समयावधि की वृद्धि पर गुण-दोष का परीक्षण कर, कार्य एजेंसी के विरूद्ध प्रकरण पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा अंतिम निर्णय लेकर कार्यवाही की जावेगी। (