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मध्य प्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-अप्रैल, 2016 सत्र


मंगलवार, दिनांक 29 मार्च, 2016


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


 

(वर्ग 4 : लोक निर्माण, वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार, खेल एवं युवा कल्याण, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, वन, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास, उच्च शिक्षा)


नीमच जिले में निर्माणाधीन पुल

1. ( *क्र. 7430 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नीमच जिले में सेतु विकास निगम के माध्‍यम से वर्ष 2004 से प्रश्‍न दिनांक तक कहाँ-कहाँ पर कितनी-कितनी राशि के निर्माण कार्य प्रारंभ किये गये? संरचनावार बताएं। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित कितने निर्माण कार्य आज भी अपूर्ण हैं और क्‍या अपूर्ण कार्यों पर किया गया व्‍यय निष्‍फल है? यदि हाँ, तो निर्माण एजेंसी के विरूद्ध शासन कोई कार्यवाही करेगा? नहीं तो क्‍यों? (ग) क्‍या भड़कसनावदा नाले पर वर्ष 2004 से निर्माणाधीन वृहद पुल पूर्ण हो चुका है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) प्रश्नांश (ग) में उल्‍लेखित वृहद पुल कब तक पूर्ण होगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के स्‍तंभ 6 में दर्शाई गई है। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) पुल अक्‍टूबर 2014 में पूर्ण हो चुका है, पहुंच मार्ग में भूमि विवाद एवं ठेकेदार के द्वारा धीमी गति से कार्य करने के कारण पूर्ण नहीं हो सका। (घ) विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के स्‍तंभ 6 अनुसार है।

औद्योगिक प्रशिक्षण संस्‍थान की स्‍वीकृति

2. ( *क्र. 6528 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले में कितने तहसील मुख्‍यालयों पर आई.टी.आई. स्‍वीकृत होकर चालू है व किन-किन तहसील मुख्‍यालयों पर आई.टी.आई. स्‍वीकृत नहीं है? इन मुख्‍यालयों पर आई.टी.आई. कब तक स्‍वीकृत कर चालू करा दी जावेगी? (ख) राजगढ़ जिले के तहसील मुख्‍यालय नगर जीरापुर में आई.टी.आई. हेतु राजस्‍व विभाग द्वारा भूमि आवंटित कर तकनीकी विभाग को सौंप दी गई है, परन्‍तु शासन स्‍तर पर अभी तक आई.टी.आई. स्‍वीकृत नहीं हुई है। क्‍या कारण हैं? कब तक तहसील मुख्‍यालय जीरापुर में आई.टी.आई. स्‍वीकृत हो जावेगी?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। सभी तहसील मुख्‍यालयों पर आई.टी.आई. संचालित हैं। (ख) जी हाँ। कार्यालय कलेक्‍टर जिला राजगढ़ के आदेश दिनांक 27.12.2010 द्वारा नगर जीरापुर की शासकीय भूमि सर्वे क्रं. 1521/2 रकबा 1.902 हेक्‍टेयर चरनोई में से 03 एकड़ भूमि आई.टी.आई. के लिए आरक्षित की गई है, जिसका आधिपत्‍य प्राप्‍त किया जा चुका है। विभाग की नीति के अनुसार प्रथमत: ऐसे विकासखण्‍डों में जहाँ कोई भी शासकीय/प्रायवेट आई.टी.आई. संचालित नहीं है, में आई.टी.आई. खोलने की योजना है।

कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटरों का नियमितीकरण

3. ( *क्र. 5573 ) श्री अनिल फिरोजिया : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान में वन विभाग के अंतर्गत पूरे प्रदेश में कुल कितने कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटर कार्य कर रहे हैं? उन्‍हें कितना पारिश्रमिक का भुगतान किस मद से किया जा रहा है? (ख) क्‍या कार्यरत कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटरों को जॉब रेट से पारिश्रमिक का भुगतान किया जा रहा है? यदि हाँ, तो जॉब रेट का आधार क्‍या है एवं अन्‍य किस विभाग में जॉब रेट का भुगतान किया जा रहा है? (ग) वन विभाग द्वारा मुख्‍यालय स्‍तर पर विगत 10 वर्षों में कम्‍प्‍यूटरीकरण के लिये कितना व्‍यय किया गया है? (घ) वर्ष 2009 के पूर्व से जो कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटर कार्य कर रहे हैं, उनके लिये विभाग ने क्‍या गाईड लाईन बनाई है तथा उनके नियमितीकरण के संबंध में विभाग क्‍या कार्यवाही कर रहा है?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) वन विभाग के अंतर्गत पूरे प्रदेश में 974 कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटर कार्य कर रहे हैं। उन्‍हें निर्धारित जॉबदर प्रतिघंटे के आधार पर किये गये कार्य अनुसार भुगतान किया जाता है। अत: अर्जित पारिश्रमिक की राशि फिक्‍स न होने के कारण निश्चित प्रतिमाह बताया जाना व्‍यवहारिक नहीं है। यह भुगतान सामान्‍यत: विभागीय 12-मजदूरी बजट मद से किया जा रहा है। (ख) जी हाँ। श्रमायुक्‍त, इन्‍दौर म.प्र. द्वारा कुशल श्रमिक हेतु निर्धारित अधिकतम मासिक पारिश्रमिक को आधार बनाया गया है। प्रश्‍नांश का अन्‍य अंश वन विभाग से संबंधित नहीं है। (ग) वन विभाग में मुख्‍यालय स्‍तर पर विगत 10 वर्षों में कम्‍प्‍यूटरीकरण के लिए होने वाले व्‍यय की जानकारी एकत्रित की जा रही है। प्राप्‍त होने पर पृथक से जानकारी प्रेषित की जायेगी। (घ) कोई गाईड लाईन निर्धारित नहीं है तथा नियमितीकरण की कार्यवाही विचाराधीन नहीं है।

पूर्व विज्ञापित पदों को मान्‍यता देना

4. ( *क्र. 2286 ) श्री मोती कश्यप : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रानी दुर्गावती विश्‍वविद्यालय जबलपुर के किन आरक्षित वर्ग के अतिथि शिक्षकों ने उसके विज्ञापन दिनांक 20.1.2014 द्वारा आरक्षित असिस्‍टेन्‍ट प्रोफेसर के रिक्‍त पदों हेतु अभ्‍यावेदन आमंत्रित किये गये हैं? (ख) क्‍या वर्ष 2014 में प्रश्नांश (क) के आरक्षित वर्गों और विषयों के अतिथि शिक्षकों द्वारा उसके पूर्व के किन्‍हीं वर्षों में किन्‍हीं आरक्षित वर्ग और विषयों के रिक्‍त पदों पर किये गये अभ्‍यावेदनों, जिन पर नियुक्तियां नहीं की गई हैं, उनको आधार बनाकर मा. मध्‍यप्रदेश उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर में वर्ष 2013 से 2015 में कोई याचिकायें दायर किये जाने पर मान. न्‍यायालय द्वारा नियुक्ति किये जाने तक की अवस्‍था हेतु किन्‍हीं दिनांकों को किन्‍हीं याचिकाकर्ताओं को कोई अंतरिम राहत प्रदान की गई है? (ग) क्‍या प्रश्नांश (ख) याचिकाओं में किन्‍हीं वर्षों के वार्षिक वित्‍तीय प्राक्‍कलन, पुनरीक्षित बजट और अनुमानित बजटों में प्रश्नांश (क) के किन्‍हीं आरक्षित वर्ष और विषयों के सहायक प्राध्‍यापकों के स्‍वीकृत व रिक्‍त पदों का कोई उल्‍लेख किया गया है? (घ) क्‍या विभाग द्वारा प्रश्नांश (क) से (ग) के तथ्‍यों का परीक्षण कर पूर्ववर्ती विज्ञापनों द्वारा आमंत्रित पदों जिन पर तत्‍समय नियुक्तियां नहीं की गई हैं, उन्‍हें रिक्‍त पद मानकर उनकी पदपूर्ति कराया जाना सुनिश्चित और निर्देशित किया गया है?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) समस्त आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर के रिक्त पदों हेतु आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए थे। (ख) याचिका क्रमांक3178/14 तथा WP-5560/14 में पारित अंतरिम आदेश क्रमश: दिनांक 11.03.2014 एवं 17.04.2014 द्वारा रिक्त पदों पर होने वाली नियुक्तियां माननीय उच्च न्यायालय के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगी तथा WP-7532/14 में पारित अंतरिम आदेश दिनांक 30.10.2014 में 55 पद आरक्षित वर्ग के बैकलॉग एवं 23 पदों पर अनारक्षित वर्ग से भरने की अनुमति माननीय उच्च न्यायालय के अंतिम निर्णय के अधीन प्रदान की गई थी तथा WP-7326/2015 में दिनांक 27.08.2015 को पारित निर्णय में WP-7532/14 में पारित आदेश अनुसार कार्यवाही करने का आदेश दिया गया है। (ग) बजट में कुल स्वीकृत एवं रिक्त पदों का उल्लेख किया जाता है, प्रवर्गवार एवं विषयवार पदों का उल्लेख नहीं। (घ) प्रश्नांश '''' में दिये गये उत्तर के परिप्रेक्ष्य में माननीय उच्च न्यायालय के द्वारा पारित निर्णय अनुसार आरक्षित वर्ग के 55 एवं अनारक्षित वर्ग के 23 पदों की पूर्ति हेतु विज्ञापन दिनांक 06.03.2016 को कर दिया गया है।

पेड़ों की कटाई/वृक्षारोपण

5. ( *क्र. 3540 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खण्‍डवा जिले में वन विभाग द्वारा विगत तीन वर्षों में कितने क्षेत्र में कितने पेड़ों की कटाई हुई है? उक्‍त कटाई कार्य किस एजेंसी द्वारा करवाया गया? (ख) जिले में की गई कटाई से शासन को प्रतिवर्ष कितना-कितना राजस्‍व प्राप्‍त हुआ? वर्षवार आंकड़े बतायें। (ग) क्‍या पूर्व में विभाग द्वारा पेड़ की कटाई ठूंठ तक की जाने से वह पुन: जीवित हो जाते थे? क्‍या वर्तमान में वन विकास निगम द्वारा जड़ से पेड़ काटने के कारण जंगल पूरी तरह नष्‍ट हो रहे हैं? यदि हाँ, तो क्‍या निगम की अव्‍यवहारिक कटाई पद्धति पर शासन रोक लगायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) क्‍या विभाग द्वारा काटे गए वनों की क्षतिपूर्ति हेतु वृक्षारोपण किया गया है? यदि हाँ, तो विगत 3 वर्षों में कहाँ-कहाँ, कितनी भूमि पर कितनी संख्‍या में पौधरोपण किया गया? (ड.) तीन वर्षों में लगाये गये क्षतिपूर्ति वृक्षारोपणों के पौधों में से कितनी संख्‍या में पौधे जीवित अवस्‍था में हैं? यदि नहीं, तो कौन अधिकारी जिम्‍मेदार है? उन पर क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) खण्‍डवा जिले में विगत तीन वर्षों में 22399.79 हेक्‍टे. क्षेत्र में 1046715 पेड़ों की कटाई वन विभाग एवं वन विकास निगम द्वारा कराई गई। (ख) जिले में की गई कटाई से शासन को प्रतिवर्ष प्राप्‍त राजस्‍व की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। वन विकास निगम द्वारा जड़ से पेड़ काटने के कारण जंगल पूरी तरह से नष्‍ट नहीं हो रहे हैं। अत: शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। अत: शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ड.) काटे गये वनों के लिये कोई क्षतिपूर्ति रोपण नहीं किया जाता है। अत: शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''एक''

हितग्राही मूलक रोजगार योजनाओं का क्रियान्‍वयन

6. ( *क्र. 6795 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या उद्योग विभाग द्वारा सागर नगर के युवाओं को स्‍वरोजगार उपलब्‍ध कराने के लिये वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में भौतिक/वित्‍तीय लक्ष्‍य शासन से आवंटित किये? क्‍या उक्‍त लक्ष्‍य पूर्ति हुई है? हाँ या नहीं? यदि नहीं, तो क्‍या कारण हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में उद्योग विभाग द्वारा वित्‍तीय वर्ष 2014-15 से प्रश्‍नांश दिनांक तक मुख्‍यमंत्री स्‍वरोजगार योजना, मुख्‍यमंत्री युवा उद्यमी स्‍वरोजगार योजना एवं प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजनांतर्गत कितने युवा बेरोजगारों के आवेदन प्राप्त हुए, कितने प्रकरण बैंक शाखाओं द्वारा स्‍वीकृत कर कितनी-कितनी राशि का वितरण कर उन्‍हें मार्जि‍न मनी अनुदान/अनुदान उपलब्‍ध कराया गया है? (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में कितने युवा बेरोजगारों को लाभान्वित किया गया है एवं उनके द्वारा व्‍यवसाय/उद्यम कहाँ-कहाँ स्‍थापित किये गये हैं?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ। भौतिक लक्ष्‍य आवंटित किये गये। उक्‍त लक्ष्‍य की पूर्ति की गई। अत: शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है। (ख) जानकारी निम्‍नानुसार है :-

योजना का नाम
वर्ष 2014-15

प्राप्‍त आवेदन

स्‍वीकृत आवेदन

वितरित राशि
(
रू. लाख में)

मुख्‍यमंत्री स्‍वरोजगार योजना

786

220

रू. 392.80

मुख्‍यमंत्री युवा उद्यमी योजना

38

15

रू. 311.00

प्रधान मंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम

41

33

रू. 322.42


 


योजना का नाम
वर्ष 2015-16
प्रश्न दिनांक तक

प्राप्‍त आवेदन

स्‍वीकृत आवेदन

वितरित राशि
(
रू. लाख में)

मुख्‍यमंत्री स्‍वरोजगार योजना

810

336

रू. 779.89

मुख्‍यमंत्री युवा उद्यमी योजना

54

19

रू. 302.25

प्रधान मंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम

37

21

रू. 262.87

 

(ग) वर्ष 2014-15 में मुख्‍यमंत्री स्‍वरोजगार योजना में 172, मुख्‍यमंत्री युवा उद्यमी योजना में 12 एवं प्रधान मंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में 20 युवा बेरोजगारों को लाभान्वित किया गया है। वर्ष 2015-16 में मुख्‍यमंत्री स्‍वरोजगार योजना में 241, मुख्‍यमंत्री युवा उद्यमी योजना में 16 एवं प्रधान मंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में 14 युवा बेरोजगारों को लाभान्वित किया गया है। लाभान्वित युवा बेरोजगारों द्वारा सागर शहर एवं इसके आस-पास के ग्रामीण अंचलों/क्षेत्रों में व्‍यवसाय/उद्यम स्‍थापित किये गये हैं।

बुरहानपुर जिले में हरियाली महोत्‍सव अंतर्गत पौध रोपण

7. ( *क्र. 6741 ) श्रीमती अर्चना चिटनिस : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में कुछ वर्ष पूर्व हरियाली महोत्‍सव अंतर्गत एक दिवसीय वृक्षारोपण कर रिकार्ड बनाया गया था? (ख) बुरहानपुर जिले में हरियाली महोत्‍सव 2015 के अन्‍तर्गत रोपण कार्यों में कितनी राशि व्‍यय की गई? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में स्‍पष्‍ट करें कि बुरहानपुर जिले में हरियाली महोत्‍सव 2015 में कितने पौधों का रोपण किस स्‍थान पर किया गया था? (घ) इन रोपित पौधों की वर्तमान में क्‍या स्थिति है?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) बुरहानपुर जिले में हरियाली महोत्‍सव 2015 के अंतर्गत रोपण कार्यों में राशि रूपये 1,06,74,836/- व्‍यय की गई है। (ग) बुरहानपुर जिले में हरियाली महोत्‍सव 2015 में 10,30,311 पौधों का रोपण किया गया था। स्‍थलवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) बुरहानपुर जिले में इन रोपित पौधों में से 7,32,511 पौधे जीवित हैं। स्‍थलवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

महाविद्यालय के भवन का निर्माण

8. ( *क्र. 7341 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नरसिंहपुर जिले के विकासखण्‍ड गोटेगांव में शासकीय महाविद्यालय के भवन निर्माण हेतु भूमि कब और कितनी प्राप्‍त की गई? क्‍या प्राप्‍त भूमि पर महाविद्यालय द्वारा आधिपत्‍य प्राप्‍त कर लिया? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो उक्‍त भूमि पर महाविद्यालय का भवन कब और कितनी लागत से बनाए जाने की स्‍वीकृति प्रदान की गई? यदि नहीं, की गई तो कब तक प्रदान कर दी जावेगी?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) नरसिंहपुर जिले के विकासखण्‍ड गोटेगांव में शासकीय महाविद्यालय के भवन निर्माण हेतु 19 एकड़ भूमि दिनांक 10.03.1989 को प्राप्त की गई। जी हाँ। (ख) जी नहीं। प्रश्नांश '''' में उल्लेखित भूमि के पास तालाब एवं शमशान घाट निकट होने के कारण जन आपत्ति दर्ज की गई थी। उक्त आपत्ति के कारण मुख्य भवन का निर्माण कार्य नहीं कराया जा सका। जिला कलेक्टर द्वारा महाविद्यालय के भवन निर्माण हेतु नगर पालिका से प्रदत्त 01 एकड़ भूमि पर शासन के पत्र क्रमांक एफ-21-2/2003/2-38, दिनांक 24.02.2003 द्वारा राशि रू. 78.75 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जाकर आवंटित राशि से भवन निर्माण कार्य कराया गया, जिसमें महाविद्यालय संचालित है।

सह प्राध्‍यापकों की भर्ती हेतु जारी नोटिफिकेशन

9. ( *क्र. 7301 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश पी.एस.सी. द्वारा पिछले दिनों सह प्राध्‍यापकों की भर्ती हेतु नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसमें महत्‍वपूर्ण विषयों बायोटेक्‍नालॉजी, बायोकेमिस्‍ट्री, कम्‍प्‍यूटर साइंस, सूक्ष्‍मजैवीकी आदि हेतु एक भी पद नहीं है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या प्रश्नांश (क) संपूर्ण विषय पिछले 15 सालों से म.प्र. सरकार से मान्‍यता प्राप्‍त लगभग सभी कॉलेजों और विश्‍वविद्यालयों में संचालित है? (ग) क्‍या कॉलेजों में जो विषय पढ़ाए जा रहे हैं, वहां सबसे ज्‍यादा एडमिशन इन्‍हीं में हो रहे हैं। इन विषयों को पढ़ाने के लिए सहायक प्राध्‍यापकों की कभी भी भर्ती नहीं की गई और अभी भी मध्‍यप्रदेश पी.एस.सी. के नोटिफिकेशन में इन्‍हें स्‍थान नहीं दिया गया है? (घ) यदि हाँ, तो इन विषयों के विद्यार्थियों का भविष्‍य क्‍या होगा? उन्‍हें कहाँ जॉब मिलेगा?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी नहीं। (ख) से (घ) उत्तरांश (क) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

वनमण्‍डल शिवपुरी में पदस्‍थ मानचित्रकार के विरूद्ध कार्यवाही

10. ( *क्र. 1941 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वनमण्‍डल शिवपुरी में पदस्‍थ मानचित्रकार की फर्जी नियुक्ति के संबंध में अखिल भारतीय भ्रष्‍टाचार उन्‍मूलन संगठन से जाँच हेतु शिकायत की गई है? यदि हाँ, तो शिकायत की जाँच किस अधिकारी को सौंपी गई, उनका नाम/पद बताएं तथा शिकायत की जाँच में क्‍या तथ्‍य पाए गये? (ख) शिकायत की जाँच प्रतिवेदन में सेवा पुस्तिका के प्रथम भाग में जन्‍मतिथि की कांट-छांट है? सेवा पुस्तिका के प्रथम भाग में जन्‍म तिथि 21.07.67 की गई है, जब कि इनकी सही जन्‍मतिथि 21.07.61 है, जो इनके हायर सेकेण्‍ड्री परीक्षा प्रमाण-पत्र से स्‍पष्‍ट है? इस संबंध में कोई जांच प्रतिवेदन नहीं दिया गया है? (ग) वनमण्‍डलाधिकारी सामान्‍य वनमण्‍डल शिवपुरी के पत्र क्रमांक स्‍था./2011/3076, दिनांक 03.06.2011 के द्वारा संबंधित से जन्‍मतिथि प्रमाणीकरण हेतु हायर सेकेण्‍ड्री की शैक्षणिक योग्‍यता संबंधी अंकसूची की मांग की गई थी? यदि हाँ, तो संबंधित मानचित्रकार द्वारा अंकसूची की छायाप्रति जमा करायी गई है? यदि नहीं, तो संबंधित पर क्‍या कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो अंकसूची की छायाप्रति संलग्‍न करें? (घ) क्‍या शासन गलत जाँच प्रतिवेदन प्रस्‍तुत करने वाले अधिकारी के विरूद्ध कोई कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) से (घ) तथ्‍यपूरक जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''दो''

आरक्षित वर्ग के छात्र-छात्राओं से लिये जाने वाले शैक्षणिक शुल्‍क

11. ( *क्र. 3239 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश के तकनीकी शिक्षा में स्‍वशासी एवं अनुदान प्राप्‍त इंजीनियरिंग महाविद्यालयों में अध्‍ययनरत अनु.जाति एवं जनजाति के छात्र-छात्राओं को प्रवेश के समय लिये जाने वाले शैक्षणिक शुल्‍क/शुल्‍क एवं पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं से लिये जाने वाले शैक्षणिक शुल्‍क/शुल्‍क व्‍यवस्‍था में अंतर है? (ख) यदि हाँ, तो शैक्षणिक शुल्‍क/शुल्‍क व्‍यवस्‍था में अंतर का क्‍या कारण है? (ग) क्‍या अनु. जाति/जनजाति के छात्र-छात्राओं को प्रवेश के समय ली जाने वाली शैक्षणिक शुल्‍क/शुल्‍क को छात्रवृत्ति में समायोजित करने की कोई नीति विभाग द्वारा बनाई गई है अथवा बनाई जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) मध्‍यप्रदेश शासन, पिछड़ा वर्ग एवं अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण विभाग के आदेश के तहत संबंधित संस्‍थाओं के खाते में निर्धारित मापदण्‍डों के अनुरूप शिक्षण शुल्‍क की राशि की प्रतिपूर्ति की जाती है एवं अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के बैंक खाते में शिक्षण शुल्‍क की राशि ऑनलाईन अन्‍तरित की जाती है। संबंधित संस्‍था को शिक्षण शुल्‍क की राशि प्रतिपूर्ति विद्यार्थी द्वारा की जाती है। (ग) जी नहीं। ऐसा कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है।

चेक पोस्‍ट तरेरा में कार्यरत कर्मी

12. ( *क्र. 7370 ) श्री ओम प्रकाश धुर्वे : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला डिण्‍डौरी अंतर्गत तरेरा चेक पोस्‍ट में कितने विभागों से संबंधित किन-किन वस्‍तुओं की जाँच होती है। जब से चेकपोस्‍ट खुला है, तब से मासिक एवं वार्षिक संचालन का खर्च कितना है? (ख) चेक पोस्‍ट संचालन में दैनिक, संविदा एवं स्‍थाई पदों पर कितने कर्मचारी कब-कब भर्ती किये गये? क्‍या इन भर्तियों में आरक्षण या रोस्‍टर का पालन किया गया? सभी कर्मचारियों के नाम, पता, पद वेतन बतावें। (ग) उक्‍त चेक पोस्‍ट में जिनकी भूमि अधिग्रहित की गई है, उन परिवारों को चेकपोस्‍ट में रोजगार देने का प्रावधान है? (घ) क्‍या चेकपोस्‍ट उपयुक्‍त जगह पर संचालित है? यदि नहीं, तो दोषी कौन हैं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) एकीकृत जाँच चौकी पर शासन के 5 विभागों द्वारा चयनित वस्तुओं की जाँच की जाती है। बी.ओ.टी. आधार पर संचालित चेक पोस्ट के ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस के समस्त कार्य निवेशकर्ता द्वारा किया जाता है। विभाग द्वारा उक्त हेतु कोई व्यय नहीं किया जाता है। (ख) विभाग द्वारा कोई भर्ती नहीं की गई है। चेक पोस्ट के संचालन हेतु निवेशकर्ता अपना स्टॉफ रखने हेतु अनुबंधानुसार स्वतंत्र हैं। (ग) जी नहीं। (घ) चेक पोस्ट उपयुक्त जगह पर संचालित है। किसी के दोषी होने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

फोरलेन सड़क का निर्माण

13. ( *क्र. 7920 ) श्री अशोक रोहाणी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केंट विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत रॉझी से सतपुला तक की सड़क को फोरलेन सड़क बनाये जाने हेतु शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है? (ख) क्‍या यहाँ पर यातायात के बढ़ते दबाव को देखते हुए फोरलेन का निर्माण कराया जाना आवश्‍यक है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन इसकी जाँच करवाकर फोरलेन का निर्माण कराना सुनिश्चित करेगा? फोरलेन निर्माण हेतु कार्य प्रारंभ कब तक किया जावेगा? (ग) प्रश्नांश (क) अंतर्गत पूर्व में एम.पी.आर.डी.सी. विभाग द्वारा इस सड़क के निर्माण हेतु कोई प्रस्‍ताव तैयार किया गया था? यदि हाँ, तो इसमें विलंब का क्‍या कारण है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) एवं (ख) इस विभाग के अंतर्गत कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। (ग) जी नहीं इस विभाग द्वारा प्रश्‍नांकित मार्ग के फोरलेन निर्माण हेतु प्रस्‍ताव तैयार नहीं किया गया है।

प्रभारी प्राचार्य को पद से हटाया जाना

14. ( *क्र. 5967 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 3558, दिनांक 22.07.14 के प्रश्‍न में प्रभारी प्राचार्य शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय उमरिया में श्री शक्ति सिंह खटिक के संबंध में जो योग्‍यता एवं पदस्‍थापना की जानकारी उपलब्‍ध कराई गई है, वह महाविद्यालय के प्राचार्य पद के अनुरूप नहीं है। यदि हाँ, तो प्राचार्य की योग्‍यता व मापदंड की जानकारी देवें? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में श्री खटिक की वरिष्‍ठता की जानकारी व उनके बैच के पदांकित प्राचार्यों की सूची उपलब्‍ध करायें? (ग) प्रश्नांश (क), (ख) के संदर्भ में अयोग्‍य एवं अक्षम व विवादित, दंडित प्रभारी प्राचार्य को उक्‍त महाविद्यालय के पद से कब तक प्रभार से हटा दिया जायेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) श्री खटिक की शासकीय सेवा में प्रथम नियुक्ति 19.01.1982 है। श्री खटिक के बैच का कोई भी व्‍यक्ति प्राचार्य के पद पर कार्यरत नहीं है। (ग) प्रदेश के 21 नवीन पॉलिटेक्निक महाविद्वालयों में एक सामान्‍य प्रक्रिया के अंतर्गत व्‍याख्‍याताओं को प्रभारी प्राचार्य का कार्य करने बाबत् अधिकृत किया गया है। नियमित प्राचार्यों की पदस्‍थापना होने के बाद प्रभारी प्राचार्य का कार्य स्‍वयं समाप्‍त हो जायेगा।

परिशिष्ट - ''तीन''

मैसूर सीमेंट लिमिटेड का नाम परिवर्तन

15. ( *क्र. 6944 ) श्री लखन पटेल : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) उद्योग आयुक्‍त के पत्र क्रमांक 195/अधोविक/बी-2/06/2604 भोपाल, दिनांक 08/05/13 द्वारा मैसूर सीमेंट लि. का नाम हाईडल वर्ग सीमेंट लि. किए जाने के लिए अनुमति नि:शुल्‍क नाम परिवर्तन के रूप में दी गई है? (ख) प्रति पट्टाभिलेख में शुल्‍क राशि कितनी निर्धारित की गई? पट्टाभिलेख संख्‍या में कितने, कहाँ-कहाँ, कितने-कितने हेक्‍टेयर में है? नामवार, ग्रामवार एवं पटवारी हल्‍कावार बतायें। (ग) क्‍या वर्ष 2009 में इकाई के नाम परिवर्तन की अनुमति प्राप्‍त की जाना थी? यदि नहीं, तो बगैर नाम परिवर्तन के हाईडल वर्ग सीमेंट लि. का संचालन क्‍यों होता रहा? शासन से क्‍या नज़रअंदाज कर संचालन किया जाता रहा? (घ) इस प्रकार कंपनियों के नाम परिवर्तन करने एवं शासन का भुगतान करने के लिए नवीन इकाई को अधिकतम कितने गुना-भू-भाटक लगाया जा सकता है?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ। (ख) 07 पट्टाभिलेखों में भूमि का भू-भाटक एवं अन्‍य शुल्‍क राशि रूपये 1,20,301/- निर्धारित किया गया था, विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) इकाई का कंपनी रजिस्‍ट्रार के द्वारा दिनांक 16.04.2009 को नाम परिवर्तन किया गया है,जिसकी सूचना इकाई द्वारा जिला व्‍यापार एवं उद्योग केन्‍द्र दमोह को दी थी। इकाई द्वारा अभिलेखों में नाम परिवर्तन की कार्यवाही विलंब से करने पर तत्‍समय प्रचलित नियमानुसार इकाई के उपर विलंब शुल्‍क भू-भाटक का तीन गुना लगाया गया। (घ) मध्‍यप्रदेश राज्‍य औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 की कंडिका 18 (अ) 2 एवं 3 में कंपनियों के नाम परिवर्तन की प्रक्रिया स्‍पष्‍ट की गई है, जो इस प्रकार है :- 2. कंपनी अधिनियम-1956 के अंतर्गत पंजीकृत कंपनियों में कंपनी के नाम परिवर्तन अथवा अंशधारकों में परिवर्तन को इन नियमों के प्रयोजन हेतु हस्‍तांतरण नहीं माना जावेगा बशर्ते कि रजिस्‍ट्रार ऑफ कंपनीज द्वारा कंपनी का पंजीयन क्रमांक परिवर्तन न किया गया हो। अर्थात जब तक किसी पंजीकृत कंपनी का पंजीयन क्रमांक न परिवर्तित हो जाये, हस्‍तांतरण नहीं माना जावेगा। 3. पूर्ण स्‍वामित्‍व वाली सहायक कंपनी का विलय उसकी मूल संचालक कंपनी (होल्डिंग कंपनी) में होने पर तथा मूल संचालक कंपनी का विलय पूर्ण स्‍वामित्‍व वाली सहायक कंपनी में होने पर यदि इकाई का सी.आई.एन. (कार्पोरेट आईडेंटिफिकेशन नंबर) नंबर परिवर्तित हो जाता है, तो ऐसे प्रकरण हस्‍तांतरण की श्रेणी में नहीं आयेगें, इन प्रकरणों के अंतरण में मात्र दस हजार रूपये का हस्‍तांतरण शुल्क लिया जाकर अनुमति प्रदान की जा सकेगी।

परिशिष्ट - ''चार''

शासकीय महाविद्यालय सोनकच्‍छ में नवीन कोर्स प्रारंभ किया जाना

16. ( *क्र. 5149 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासकीय महाविद्यालय सोनकच्‍छ में बी.एस.सी. प्‍लेन संकाय स्‍वीकृत है या नहीं? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? क्‍या भविष्‍य में नगर के शासकीय महाविद्यालय में बी.एस.सी. प्‍लेन शुरू हो सकेगा? (ख) क्‍या शा. महाविद्यालय सोनकच्‍छ में खेल शिक्षक का पद स्‍वीकृत है? यदि नहीं, तो क्‍या आवश्‍यकताओं को देखते हुए भविष्‍य में यह पद स्‍वीकृत हो सकेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) शासकीय महाविद्यालय सोनकच्‍छ में वर्तमान में प्राचार्य पद सहित कितने पद स्‍वीकृत हैं तथा कार्यरत कितने हैं, रिक्‍त कितने हैं? पदों के नाम स्‍पष्‍ट करें। महाविद्यालय में रिक्‍त पदों की पूर्ति कब तक होगी? (घ) महाविद्यालय में कितने पद स्‍वीकृत हैं तथा कितने पद रिक्‍त हैं (शैक्षणिक तथा गैरशैक्षणिक कार्य सहित) रिक्‍त पदों की पूर्ति कब तक कर दी जावेगी?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी नहीं। वर्तमान में शासन द्वारा पूर्व से संचालित पाठ्यक्रमों के सुदृढ़ीकरण एवं उनके गुणवत्ता विकास के प्रयास किए जा रहे हैं। (ख) जी नहीं। (ग) एवं (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।

परिशिष्ट - ''पाँच''

पोलायकला में औद्योगिक क्षेत्र का विकास

17. ( *क्र. 6713 ) श्री इन्‍दर सिंह परमार : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या शाजापुर जिले के पोलायकला को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है? यदि हाँ, तो किस वर्ष में किस-किस गांव की कितने हेक्‍टेयर भूमि औद्योगिक क्षेत्र हेतु आरक्षित की गई है? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित क्षेत्र में प्रश्‍न दिनांक तक कोई औद्योगिक कार्य प्रस्‍तावित किये गये हैं? यदि हाँ, तो सूची देवें। क्‍या केवल औद्योगिक क्षेत्र घोषित करने से उक्‍त क्षेत्र में औद्योगिक इकाईयां स्‍थापित हो जावेंगी? (ग) क्‍या प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित औद्योगिक क्षेत्र में उद्योग स्‍थापित किये जाने हेतु क्‍या-क्‍या सुविधाएं सड़क, पानी आदि की विकसित की जा चुकी है?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) ग्राम मोरटाकेवडी, खडी, टाण्‍डाखुर्द एवं पोलाय की कुल 237 हेक्‍टेयर भूमि का वर्ष 2012-13 में आधिपत्‍य प्राप्‍त किया गया है। (ख) एवं (ग) जी नहीं, औद्योगिक क्षेत्र के विकास कार्य की योजना तैयार करने की कार्यवाही प्रचलित है। औद्योगिक क्षेत्र का विकास पूर्ण होने पर तथा उसे अधिसूचित किये जाने के पश्‍चात उद्योग स्‍थापित हो सकेंगे।

चोरहटा से रतहरा बायपास पर वृक्षारोपण

18. ( *क्र. 7014 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रीवा जिला अंतर्गत नगर निगम रीवा में चोरहटा से रतहरा तक बायपास का निर्माण कराया गया है? यदि हाँ, तो इस कार्य में कितनी लागत लगी है? अनुबंध की शर्तें बतावें। अनुबंध प्राक्‍कलन व तकनीकी स्‍वीकृति अनुसार क्‍या बायपास का कार्य कराया गया? कार्य कराने वाली कंपनी/ठेकेदार/संविदाकार का विवरण देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्‍या बायपास निर्माण के बाद वृक्षारोपण के कार्य कराये जाने की योजना भी सरकार द्वारा बनाई गई थी? क्‍या राशि सरकार द्वारा संबंधित निविदाकार, ठेकेदार/कंपनी को वृक्षारोपण हेतु प्रदान की गई? अगर हाँ तो कितनी राशि संबंधित निर्माण एजेंसी को जारी की गई? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार बायपास में क्‍या वृक्षारोपण के कार्य कराये गये? अगर कराये गये तो किस-किस प्रजाति के वृक्ष क्रय किये गये उनकी लागत क्‍या थी तथा वर्तमान में कितने पौधे/वृक्ष जीवित हैं? वृक्षों के रोपण एवं रख-रखाव में कितनी राशि खर्च की गई तथा उसमें से कितनी राशि का भुगतान किस माध्‍यम से निर्माण एजेन्‍सी को किया गया? (घ) क्‍या प्रश्नांश (ग) के अनुसार वृक्षारोपण के कार्य मौके पर नहीं कराये गये एवं पौधे जीवित नहीं हैं तथा फर्जी तरीके से वृक्षारोपण के नाम पर बिल वाऊचर लगाकर राशि का आहरण भी संबंधित कंपनी द्वारा कर लिया गया? हाँ, तो इसके लिए दोषियों की पहचान कर क्‍या शासन के साथ धोखाधड़ी करने का आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कराने के साथ ब्‍याज सहित भुगतान की गई राशि की वसूली करेंगे? हाँ, तो कब तक अगर नहीं तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। निर्माण कार्य बी.ओ.टी. के तहत भारत सरकार सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय नई दिल्‍ली द्वारा रू. 48.00 करोड़ में कराया गया है। अनुबंध की शर्तें एम.ओ.आर.टी.एच. के कंसेशन एग्रीमेंट के अनुसार। कार्य अनुबंध व तकनीकी स्‍वीकृति अनुसार ही सड़क परिवहन मंत्रालय नई दिल्‍ली द्वारा नियुक्‍त स्‍वतंत्र कन्‍सलटेन्‍ट की देखरेख में मेसर्स पाथ ओरिएन्‍टल हाईवे महू इन्‍दौर द्वारा किया गया। (ख) जी हाँ। अलग से कोई राशि स्‍वीकृत नहीं की गई, न ही संबंधित एजेन्‍सी को अलग से कोई भुगतान किया गया। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) वृक्षारोपण कंसेशन एग्रीमेंट के अंतर्गत कंसेशनायर द्वारा किया गया। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। खर्च का ब्‍यौरा पृथक से विभाग द्वारा संधारित नहीं किया गया। जी नहीं। विभाग द्वारा वृक्षारोपण पर कोई राशि व्‍यय नहीं की गई। अत: शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। (घ) कंसेशनायर में पाथ ओरियेन्‍टल हाइवे को ही कंसेशनायर अनुबंधानुसार वृक्षारोपण करना था, इस हेतु कंसेशनायर को पृथक से भुगतान नहीं किया गया है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। अत: अन्‍य कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''छ:''

वन्‍य प्राणियों से फसलों को क्षति

19. ( *क्र. 5096 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में वन्‍यप्राणियों की संख्‍या में अप्रत्‍याशित वृद्धि हुई है? यदि हाँ, तो शाकाहारी वन्‍यप्राणियों के लिए रहवास एवं आहार का संकट उत्‍पन्‍न होने से कृषकों की खड़ी फसलों को वन्‍यप्राणियों द्वारा नुकसान पहुंचाया जा रहा है? (ख) क्‍या अन्‍य देशों के विशेषज्ञों के द्वारा बनाई गई तकनीक अनुसार वन्‍यप्राणियों के समूह को पकड़ कर एक स्‍थान से दूसरे स्‍थान में स्‍थानांतरित करने की तकनीक पर शासन स्‍तर पर क्‍या विचार किया जा रहा है? (ग) विभाग में संधारित जानकारी के अनुसार प्रदेश के जिलों में वर्ष 2013-14, 2014-15 एवं 2015-16 में वन्यप्राणियों के द्वारा कितने किसानों की कितनी-कितनी फसलों को बर्बाद कर कितना-कितना नुकसान पहुंचाया गया? (घ) क्‍या राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र खण्‍ड छ: क्रमांक 4 में फसल हानि की आर्थिक सहायता में 25 प्रतिशत से कम हानि होने पर प्रभावित किसानों को मुआवजा/अनुदान राशि दिये जाने का प्रावधान का उल्‍ल्‍ेख नहीं होने के कारण उक्‍त किसानों को आर.बी.सी. 6/4 का लाभ प्राप्‍त नहीं हो रहा हैं? यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त प्रावधान में संशोधन कर प्रभावित किसानों को क्षतिग्रस्‍त फसलों का मुआवजा दिया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) भारतीय वन्‍यजीव संस्‍थान द्वारा वर्ष 2014 में अखिल भारतीय वन्‍यप्राणी गणना की गई। गणना में बाघ की संख्‍या में वृद्धि परिलक्षित हुई है, अन्‍य वन्‍यप्राणियों की संख्‍या के आंकड़े अभी प्राप्‍त नहीं हुये हैं। अत: यह नहीं कहा जा सकता कि प्रदेश में वन्‍यप्राणियों की संख्‍या में अप्रत्‍याशित वृद्धि हुई है। यह सही नहीं है कि वन्‍यप्राणियों के रहवास एवं आहार का संकट उत्‍पन्‍न हुआ है। यह सही है कि कृषकों की खड़ी फसलों की ओर वन्‍यप्राणी आकर्षित होते हैं एवं कुछ हद तक फसलों को नुकसान होना स्‍वभाविक है। (ख) जी नहीं। वैज्ञानिक प्रबंधन की दृष्टि से वन्‍यप्राणियों के छोटे समूह को पकड़कर अन्‍य संरक्षित वन क्षेत्रों में स्‍थानांतरित करने की स्‍थानीय तकनीक का प्रयोग प्रदेश में किया गया है। फसल हानि करने वाले वन्‍यप्राणियों को पकड़कर एक स्‍थान से दूसरे स्‍थान पर स्‍थानांतरित करने की कोई योजना विचाराधीन नहीं है। (ग) जानकारी संकलित की जा रही है। (घ) जी हाँ। जानकारी संकलित की जा रही है।

अलीराजपुर जिले में संचालित कौशल विकास केन्‍द्र

20. ( *क्र. 6423 ) श्री माधो सिंह डावर : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अलीराजपुर जिले में कितने कौशल विकास केन्‍द्र संचालित हैं? (ख) उक्‍त केन्‍द्रों में विगत 5 वर्षों में विभिन्‍न मदों में कितना बजट प्राप्‍त हुआ? (ग) प्राप्‍त बजट में क्‍या-क्‍या सामग्री क्रय की गई?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) अलीराजपुर जिलें में चार कौशल विकास केन्‍द्र संचालित हैं। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एक एवं दो अनुसार है।

बाग कुक्षी मार्ग का निर्माण

21. ( *क्र. 7585 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह बघेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले में बाग कुक्षी मार्ग की निर्माण लागत कितनी है? स्‍वीकृति दिनांक, कार्य प्रारंभ दिनांक, कार्य पूर्णता अवधि, ठेका फर्म नाम सहित देवें। (ख) इसमें कितनी राशि कब-कब आहरित की गई? कार्य कितने प्रतिशत पूर्ण है/शेष है? (ग) कार्य पूर्णता विलंब के कारण बतावें? इसके लिए संबंधित फर्म को कितने नोटिस जारी किए उनके फर्म द्वारा जो उत्‍तर दिए उन सभी का विवरण देवें? (घ) कार्य विलंब की अनदेखी करने वाले जिम्‍मेदार अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा? य‍ह कार्य कब तक पूर्ण होगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) म.प्र. सड़क विकास निगम द्वारा धार जिले में बाग कुक्षी मार्ग, जो कि मूल कार्य कुक्षी-बाग-जोबट-झाबुआ राजमार्ग क्रं. 39 के अंतर्गत है, जिसकी लागत रू. 157.44 करोड़ है। इस कार्य की स्‍वीकृति 22.12.2010 को शासन द्वारा जारी की गई है। कार्य प्रारंभ करने की दिनांक 23.05.2011 है। अनुबंध अनुसार कार्य प्रारंभ कर पूर्ण करने की अवधि 24 माह है। यह कार्य मेसर्स गंगोत्री झाबुआ-जोबट-कुक्षी प्रा.लि. लखनऊ को दिया गया है। (ख) यह कार्य बी.ओ.टी. योजना के अंतर्गत स्‍वीकृत होकर निवेशकर्ता कंपनी को दिया गया है, जिसके अंतर्गत निवेशकर्ता द्वारा खुद की पूंजी लगायी होती है। वर्तमान में यह मार्ग 75 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। 25 प्रतिशत कार्य शेष है। (ग) निवेशकर्ता एजेन्‍सी की वित्‍तीय स्थिति ठीक नहीं होने से कार्य में विलंब हुआ है। विलंब हेतु संबंधित फर्म को पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार नोटिस जारी किये गये हैं। फर्म द्वारा प्रस्‍तुत उत्‍तर पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) उत्‍तरांश '''' के अनुसार कार्यवाही का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। शेष कार्य दिनांक 30.06.2016 तक पूर्ण होना संभावित है।

बिगड़े वनों के सुधार योजना का क्रियान्‍वयन

22. ( *क्र. 7607 ) श्री चन्‍द्रशेखर देशमुख : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बिगड़े वनों के सुधार हेतु शासन द्वारा कौन-कौन सी योजना चलाई जा रही है? (ख) मुलताई विधान सभा क्षेत्र में कौन-कौन से क्षेत्र में बिगड़े वनों के सुधार हेतु क्‍या कार्य किये जा रहे हैं? (ग) नये पौधरोपण हेतु गड्ढे की खुदाई कहाँ-कहाँ की जा रही है एवं मजदूरों को किस दर से भुगतान किया जा रहा है?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) कार्य आयोजना क्रियान्वयन अंतर्गत बिगड़े वनों के सुधार की योजना चलाई जा रही है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

विश्‍वविद्यालयों में प्रोफेसरों के रिक्‍त पदों की पूर्ति

23. ( *क्र. 7564 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. के विश्‍वविद्यालयों में प्रोफेसर/असिस्‍टेंट प्रोफेसर के पद खाली हैं? यदि हाँ, तो कितने? (ख) प्रश्नांश (क) अंतर्गत विश्‍वविद्यालयों में कितने विजिटिंग प्रोफेसर नियुक्‍त हैं? (ग) प्रश्नांश (क) में खाली पदों पर कब तक नियुक्तियां कर ली जायेंगी? नियुक्ति में देरी के क्‍या कारण रहे। (घ) भोपाल संभाग अंतर्गत आने वाले महाविद्यालयों में कितने पद प्रश्नांश (क) अनुसार खाली पड़े हैं? महाविद्यालयवार जानकारी देवें।

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। प्रोफेसर/असिस्टेंट प्रोफेसर के कुल 542 पद रिक्त हैं। (ख) केवल देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर में 84 विजिटिंग प्रोफेसर नियुक्त हैं। (ग) विश्वविद्यालयों में नियमानुसार नियुक्ति की प्रक्रिया प्रचलन में होने से समय-सीमा बताना संभव नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''सात''

रायसेन जिलांतर्गत कराये गये निर्माण कार्य

24. ( *क्र. 4514 ) श्री रामकिशन पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले के अंतर्गत आने वाले लोक निर्माण विभाग के सभी संभागों में 01 जनवरी, 2014 से प्रश्‍न तिथि तक 02 लाख रूपये से कम कार्यादेश किस-किस स्‍थान के किस-किस कार्य के जारी हुए? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित समयानुसार मेन्‍टेनेंस के कार्यों पर कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई? किस-किस ठेकेदार को कितना-कितना भुगतान किया गया? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में किये गये कार्यों में से किन-किन कार्यों की शिकायतें अधीक्षण यंत्री/मुख्‍य अभियंता/प्रमुख अभियन्‍ता/राज्‍य शासन को प्राप्‍त हुईं? किन आदेश क्रमांक एवं दिनांक से उक्‍त सक्षम कर्यालयों द्वारा क्‍या कार्यवाही प्रश्‍न तिथि तक की गई? (घ) रायसेन जिले में स्थित लोक निर्माण विभाग के कार्यालयों को 01 जनवरी, 2014 से प्रश्‍न तिथि तक कितनी-कितनी राशि किस-किस कार्य हेतु बजट से आवंटित हुई? कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई? विधानसभावार जानकारी दें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र एवं अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र , स-1 एवं प्रपत्र , प्रपत्र द-1 अनुसार है। विधानसभावार आवंटन/व्‍यय नहीं किया जाता है।

भाण्‍डेर में इन्‍डोर/आउटडोर स्‍टेडियम का निर्माण

25. ( *क्र. 6965 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियाँ : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या भाण्‍डेर विधान सभा हेतु इण्‍डोर/आऊटडोर स्‍टेडियम स्‍वीकृत हुए हैं? (ख) क्‍या इन स्‍टेडियमों हेतु जमीन चिन्हित कर ली गई है? (ग) क्‍या इन स्‍टेडियमों हेतु रु. 80-80 लाख रुपये निर्माण हेतु स्‍वीकृत हुए हैं? (घ) यदि प्रश्‍न (क), (ख), (ग) का उत्‍तर हाँ में है, तो अभी तक निर्माण कार्य प्रारंभ क्‍यों नहीं हुआ और यह निर्माण कार्य कब तक आरंभ कर दिया जावेगा? विलंब के लिए कौन दोषी है?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी नहीं। (ख) जी हाँ। (ग) आउटडोर खेल परिसर के निर्माण हेतु ग्रामीण यांत्रिकी सेवा को राशि रू. 80.00 लाख प्राप्त हो गयी है एवं इन्‍डोर खेल परिसर की निर्माण योजना को भारत सरकार ने पुनः समीक्षा किये जाने के कारण भारत सरकार द्वारा स्थागित किया गया है। (घ) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। 

 

 

 






 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में

परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


सार्वजनिक न्‍यासों की अचल संपत्ति की जानकारी बाबत्

1. ( क्र. 576 ) श्री हरवंश राठौर : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला सागर के किस-किस नाम से पंजीबद्ध सार्वजनिक न्‍यास है? (ख) प्रत्‍येक अचल सम्‍पत्ति के विक्रय के पूर्व क्‍या सक्षम अधिकारी से लिखित अनुमति लेना आवश्‍यक है? (ग) वर्ष 2010 से प्रश्‍न दिनांक तक न्‍यासों द्वारा विक्रित अचल सम्‍पत्ति की धन राशि क्रेताओं के नाम सहित जानकारी तथा किन-किन न्‍यासों ने प्रस्‍तावित प्रयोजन में प्राप्‍त धन राशि का उपयोग नहीं किया है? प्रश्नांश (ख) के उल्‍लघंन में न्‍यासों के विरूद्ध कब तक क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

वन विभाग की भूमि पर कालोनीनाईजर द्वारा अवैध रूप से मार्ग निर्माण बाबत्

2. ( क्र. 620 ) श्री राजेश सोनकर : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खसरा क्रमांक 717/1 बड़ा बागडदा जिला इन्‍दौर पर वन विभाग द्वारा वन विभाग की भूमि में से किसी कालोनाईजर को रास्‍ता निकालने की शिकायतें प्राप्‍त हुई थी? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्‍या उक्‍त कालोनीनाईजर द्वारा वन विभाग की भूमि पर से रास्‍ता निकालने हेतु वन विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों की सहमति दिये जाने की बात कही जा रही थी व कालोनीनाईजर द्वारा वन विभाग के किसी कर्मचारी द्वारा उक्‍त रास्‍ते की मंजूरी दिये जाने संबंधी किसी अधिकारी द्वारा दिया जाना बताया गया था? यदि हाँ, तो क्‍या कालोनीनाईजर द्वारा अवैध रूप से वन भूमि पर रास्‍ता निकाला जाना उचित है? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में वन विभाग द्वारा अखबारों में खबर प्रकाशित होने के पश्‍चात वन भूमि पर निजी रास्‍ते को गिट्टी मोरम डालकर बंद किया गया था? क्‍या उक्‍त स्‍थान पर यशवंत सागर की जल वितरण लाइन नगर निगम द्वारा डाली गई है? (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में यदि हाँ, तो क्‍या नगर निगम की यशवंत सागर से इंदौर शहर के पश्चिम क्षेत्र में पेयजल हेतु डाली गई लाइन पर सुपर कारिडोर के आस-पास विभिन्‍न कालोनीनाईजरों द्वारा सीमेंटेड रोड निर्माण कर लिया गया है?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी नहीं। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) आरक्षित वनखण्‍ड रमणा बिजासन कक्ष क्रमांक 58 में कालोनाईजर द्वारा रास्ता निर्माण करने की खबर दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित होने पर विभाग द्वारा रास्‍ता निर्माण कार्य बंद कराकर, वन राजस्‍व का संयुक्‍त सीमांकन कराये जाने पर उक्‍त रास्‍ता वनक्षेत्र के बाहर पाया गया। उक्‍त स्‍थान पर, यशवंत सागर की जल वितरण लाईन, नगर निगम द्वारा वर्ष 1926 में डाली गई थी। (घ) जी हाँ। यशवंत सागर जल वितरण लाईन, के ऊपर कुछ स्‍थानों पर रास्‍ते का निर्माण किया गया है।

ग्रामवन समितियों का निर्माण

3. ( क्र. 659 ) श्री राजेश सोनकर : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इन्‍दौर जिला अंतर्गत वन विभाग द्वारा विगत 03 वर्षों में कहाँ-कहाँ पर ग्रामवन समिति बनाई व इसमें कौन-कौन से व्‍यक्तियों को शामिल किया गया? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में ग्रामवन समितियों को विगत 03 वर्षों में क्‍या-क्‍या कार्य कराये गये व उस पर कितना-कितना व्‍यय किया गया? (ग) वन विभाग को किन-किन मदों से कितनी-कितनी रशि विगत 03 वर्षों में प्राप्‍त हुई व वन विभाग द्वारा इन्‍दौर जिले में कौन-कौन से क्षेत्रों में विभिन्‍न मदों से क्‍या-क्‍या कार्य जनता/वन सुरक्षा हेतु किये गये? (घ) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्‍या वन विभाग में विभिन्‍न मदों का भुगतान ई-पेमेंट से किया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्‍या कारण हैं?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जिला इन्दौर के अन्तर्गत विगत 03 वर्षों में कोई ग्राम वन समिति नहीं बनाई गई है। अतः इसमें व्यक्तियों को शामिल किये जाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) विगत 03 वर्षों में कोई ग्राम वन समिति नहीं बनाई गई है। अतः ग्राम वन समितियों से कार्य कराने व व्यय करने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) प्रश्नांश (क) के उत्तर के संदर्भ में ई-पेमेन्ट से भुगतान करने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता हैं।

पुलिया निर्माण

4. ( क्र. 1041 ) श्री रामपाल सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शहडोल जिले के ब्‍यौहारी से ग्राम चरका-भोलहरा सड़क मार्ग में समधिन नदी में बना पुल टूट गया है? यदि हाँ, तो उक्‍त पुल कब बना था और किस एजेंसी द्वारा बनाया गया था तथा पुल उपयोग की अवधि क्‍या निर्धारित थी? (ख) क्‍या समधिन नदी में पुल टूटने के कारण वर्षांत में आवागमन की सुविधा बाधित होती है? यदि हाँ, तो नवीन पुल का निर्माण क्‍यों नहीं कराया जा रहा है? कब तक करा लिया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। वर्ष 2003 में, ग्रामीण यांत्रिकी विभाग द्वारा जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।। पुल का निर्माण विभाग द्वारा नहीं किये जाने से उपयोग की अवधि बताया जाना संभव नहीं। (ख) जी हाँ। नवीन पुल निर्माण हेतु वर्ष 2016-17 के बजट में प्रावधानित किया गया है। वर्तमान में निश्चित तिथि बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट ''आठ''

सड़क‍एवं भवनों के रख-रखाव हेतु आवंटित राशि

5. ( क्र. 1064 ) श्री रामपाल सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल जिले के ब्‍यौहारी अनुविभाग अंतर्गत सड़क एवं भवनों के रख-रखाव, मरम्‍मत इत्‍यादि के लिये विगत 03 वर्षों में वर्षवार कितनी राशि आवंटित की गई है? (ख) उक्‍त आवंटित राशि द्वारा किस-किस कार्य के लिये कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

रेस्‍ट हाउस का निर्माण

6. ( क्र. 1273 ) डॉ. मोहन यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन नगर देवास रोड स्थित लोकनिर्माण विभाग के रेस्‍ट हाउस के पुन: निर्माण के संबंध में की गई संपूर्ण कार्यवाही, स्‍वीकृत मानचित्र, निविदा विज्ञप्ति, अनुबंध, प्राप्‍त निविदाएं, उपरोक्‍त संबंध में किन-किन की शिकायतें प्राप्‍त हुई, प्राप्‍त शिकायतों पर की गई कार्यवाही आदि की जानकारी देते हुये उक्‍त निर्माण कार्य कब तक पूर्ण होना है, जानकारी प्रदान करें? (ख) उक्‍त रेस्‍ट हाउस में प्रारंभ में कितने कक्षों का निर्माण किया जाना प्रस्‍तावित था? बाद में किसकी स्‍वीकृति से छ: कक्षों का निर्माण कार्य निरस्‍त किया गया? क्‍या छ: कक्षों के निरस्‍ती की कार्यवाही न्‍याय संगत है? यदि हाँ, तो किस विधान के अनुसार यदि नहीं, तो बिना सक्षम स्‍वीकृति के पूर्व में स्‍वीकृत 12 कक्षों में से छ: कक्षों के निर्माण कार्य को निरस्‍त करने के लिये कौन दोषी है? दोषी के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार(ख) 12 कक्षों का। पूर्व निर्मित रेस्‍ट हाउस के 15 कमरों में लाइट एवं वेंटिलेशन बाधित होने के कारण प्रथम तल के प्रस्‍तावित 06 कक्षों का कार्य रोका गया। जी हाँ। अनुबंध के प्रावधानों के अनुसार ठेके के अंतर्गत स्‍कोप ऑफ वर्क को कम किया जा सकता है। कोई दोषी नहीं होने से कार्यवाही का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट ''नौ''

खरगापुर या बल्‍देवगढ़ में महाविद्यालय खोला जाना

7. ( क्र. 1596 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधान सभा का क्षेत्र और तहसील खरगापुर एवं बल्‍देवगढ़ तहसील मुख्‍यालयों के क्षेत्र काफी विस्‍तृत हैं तथा इन दोनों तहसीलों की परिधि में लगभग 8-10 हायर सेकण्‍डरी स्‍कूल आते हैं तथा क्षेत्र में महाविद्यालय न होने से छात्र-छात्रायें कक्षा बारहवीं उत्‍तीर्ण के बाद महाविद्यालय की पढ़ाई करने हेतु जिला मुख्‍यालय नहीं पहुंच पाते हैं और उच्‍च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं? यदि हाँ, तो छात्रों को शिक्षण ग्रहण करने के हित सहित शिक्षा को प्रोत्‍साहन दिये जाने के उद्देश्‍य से खरगापुर या बल्‍देवगढ़ में महाविद्यालय खोला जावेगा? यदि हाँ, तो समयावधि बताये यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें? (ख) क्‍या बल्‍देवगढ़ प्रवास के दौरान माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा महाविद्यालय खोले जाने की घोषणा की गई थी? उक्‍त घोषणा को पूरा करेंगे या नहीं? यदि हाँ, तो कब तक समया‍वधि बताये यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करे?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ, जी नहीं। शेष जानकारी परिशिष्ट अनुसार है। (ख) माननीय मुख्यमंत्री जी की उल्लेखित घोषणा कार्यालय में प्राप्त नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट ''दस''

आई.टी.आई. विद्यालय खोले जाने की स्‍वीकृति

8. ( क्र. 1601 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधान सभा क्षेत्र 47 में नगर पलेरा तहसील मुख्‍यालय है एवं काफी बड़ा नगर होने के साथ-साथ आसपास का क्षेत्र भी लगा हुआ वृहद पैमाने पर है एवं क्षेत्र के तथा नगर के छात्र-छात्रायें बाहर जाकर तकनीकी शिक्षा का अध्‍ययन करते हैं। (ख) क्‍या नगर पलेरा एवं आस पास के ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्रायें पलेरा में आई.टी.आई. महाविद्यालय न होने के कारण परेशानी उठाते हैं क्‍या शासन के द्वारा पलेरा में आई.टी.आई. महाविद्यालय खोला जा सकता है? यदि नहीं, तो क्‍या कारण है? (ग) क्‍या तकनीकी शिक्षा को बढ़ाने हेतु एवं छात्रों की सुविधा को ध्‍यान में रखते हुये पलेरा में आई.टी.आई. महाविद्यालय खोले जाने की स्‍वीकृति प्रदान करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) विभाग के पास जानकारी उपलब्‍ध नहीं है। (ख) पलेरा के छात्र के टीकमगढ़ जिले में संचालित 04 शासकीय आई.टी.आई. तथा 07 अशासकीय आई.टी.आई. के माध्‍यम से प्रशिक्षण प्राप्‍त कर सकते है। विभाग द्वारा ऐसे विकासखण्‍ड जिसमें कोई भी आई.टी.आई. संचालित नहीं है, में शासकीय आई.टी.आई. खोलने के प्रयास किये जा रहे है। (ग) प्रश्‍नांश '''' अनुसार। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

वन ग्रामों में विद्युतीकरण

9. ( क्र. 2233 ) श्री हरवंश राठौर : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विद्युतविहीन वन ग्रामों में विद्युतीकरण की कोई योजना विभाग द्वारा संचालित है? यदि हाँ, तो किन-किन वन ग्रामों में कार्य पूर्ण हो गया है एवं कार्य प्रगति पर है और किन-किन ग्रामों में योजना प्रस्‍तावित है? (ख) ग्राम खैरवाहा (वन ग्राम) विकासखण्‍ड शाहगढ़ में विद्युतीकरण के लिए मेरे पत्र पर रूपया 1264101/- का प्राक्‍कलन विद्युत विभाग से पत्र क्र.2650 दि. 4/1/2014 को तैयार करवाकर विद्युत विभाग द्वारा वन विभाग को प्रेषित किया गया था विभाग द्वारा अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई है?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। ऊर्जा विभाग द्वारा ग्राम खैरवाहा में विद्युतीकरण कार्य पूर्ण किया जा चुका है।

तहसील कार्यालय भवन का निर्माण

10. ( क्र. 2234 ) श्री हरवंश राठौर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तहसील कार्यालय भवन शाहगढ़ जिला सागर का निर्माण किस वर्ष में किस ठेकेदार द्वारा तथा कितनी लागत से कराया गया है? (ख) भवन निर्माण के दौरान क्‍या विभागीय अधिकारी द्वारा या तकनीकी अधिकारी द्वारा कभी निरीक्षण किया गया है? यदि हाँ, तो कब और किस अधिकारी द्वारा निरीक्षण किया गया है? (ग) भवन निर्माण की गुणवत्‍ता ठीक नहीं होने के कारण दीवारों में दरारें आ जाने के लिए कौन जवाबदार है? क्‍या विभाग द्वारा कार्य एजेंसी या संबंधित तकनीकी अधिकारी के विरूद्ध कोई कार्यवाही की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) तहसील भवन शाहगढ़ का निर्माण वर्ष 2012-13 में श्री संजय केशरवानी ठेकेदार द्वारा रू. 40.83 लाख की लागत से किया गया। विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। अनुविभागीय अधिकारी द्वारा निरीक्षण कर मापों की जाँच की गई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) भवन की दीवारों में दरारें परिलक्षित हो रही है। जाँच हेतु दिनांक 18.03.2016 को जाँच कमेटी गठित की गई है। जाँच प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर गुणदोष के आधार पर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी।

गेस्‍ट फेकल्‍टी नियुक्ति में आरक्षण का पालन

11. ( क्र. 2639 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2015 में इंदौर संभाग के समस्‍त स्‍वशासी इंजीनियरिंग महाविद्यालय, शासकीय एवं स्‍वशासी पॉलीटेक्निक महाविद्यालयों में कार्यरत गेस्‍ट फेकल्‍टी की संख्‍या अजा./अजजा./अ.पि.व./अनारक्षित श्रेणीवार महाविद्यालयवार सूची देवें। इस वर्ष कार्यरत कुल गेस्‍ट फेकल्‍टी तथा रिक्‍त पदों की संख्‍या भी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित गेस्‍ट फेकल्‍टी नियुक्ति में विभागीय पत्र क्रमांक एफ 1-2/2005/42/1 भोपाल, दिनांक 1 जून 2004 में लिखित सातों शर्तों का पालन हुआ है, महाविद्यालयवार बताये। यदि पालन नहीं हुआ है तो कारण बताये। (ग) उक्‍त महाविद्यालयों द्वारा गेस्‍ट फेकल्‍टी नियुक्ति हेतु क्‍या प्रक्रिया वर्ष 2015 में अपनाई गई, चरणवार बतायें।

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) इन्‍दौर संभाग में शासकीय/स्‍वशासी इंजीनियरिंग महाविद्यालय संचालित नहीं है। वर्ष 2015 में इन्‍दौर संभाग के समस्‍त शासकीय एवं स्‍वशासी पोलीटेकनिक महाविद्वालयों में कार्यरत गेस्‍ट फेकल्‍टी की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। संस्‍था स्‍तर पर गेस्‍ट फेकल्‍टी की नियुक्ति हेतु सर्वप्रथम विभागवार/संकायवार आवश्‍यकताओं का आकंलन किया जाकर समाचार पत्रों में विज्ञापन जारी कर, अर्ह उम्‍मीदवारों से आवेदन पत्र आमंत्रित किये जाते है। तदोंपरांत संस्‍था स्‍तर पर गठित चयन समिति समिति द्वारा आवेदकों की न्‍यूनतम उच्‍च शैक्षणिक योग्‍यता, अनुभव एवं साक्षात्‍कार के आधार पर श्रेणीवार मैरिट लिस्‍ट तैयार की जाती है। श्रेणीवार मैरिट क्रम के आधार पर गेस्‍ट फेकल्‍टी नियु‍क्‍त किया जाता है।

परिशिष्ट ''ग्यारह''

अनूपपुर जिले में वनग्रामों का राजस्‍व ग्रामों में परिवर्तन

12. ( क्र. 3075 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर जिले में कुल कितने वन ग्राम हैं वन ग्रामों को राजस्‍व ग्रामों में परिवर्तित करने हेतु विभाग ने क्‍या कार्यवाही की है? जिले में वन व्‍यवस्‍थापन से कितने लोगों को लाभांवित किया गया है वन व्‍यवस्‍थापन के मार्गदर्शी निर्देश क्‍या हैं? (ख) क्‍या अनूपपुर जिले में वनाधिकारी के तहत अधिकार पत्र प्रदान किया गया है? यदि हाँ, तो विगत तीन वर्षों में कितने अधिकार प्राप्‍त व्‍यक्तियों को आवास योजना के तहत मकान बनाने की स्‍वीकृत प्राप्‍त हुई है? हितग्राहियों को कितनी राशि प्राप्‍त हुई है? शेष राशि भुगतान की अवधि क्‍या होगी?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) प्रश्‍नांकित जिले में कोई वन ग्राम नहीं है। वन व्‍यवस्‍थापन के दिशा-निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ, संबंधित जनपद पंचायतों द्वारा अनुसूचित जनजाति और अन्‍य परम्‍परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्‍यता) अधिनियम, 2006 के अंतर्गत विगत तीन वर्षों में कुल 901 वन अधिकार पत्र धारकों को आवास योजना के तहत मकान बनाने की स्‍वीकृति दी गई, जिनमें से 835 अधिकार पत्रधारियों को पूर्ण राशि रूपये 48500/- की दर से तथा शेष 66 वन अधिकार पत्रधारियों को 50 प्रतिशत की दर से प्रथम किश्‍त रूपये 24250/- का भुगतान किया गया। प्रथम किश्‍त की राशि का उपयोग प्रमाण-पत्र प्रस्‍तुत करने पर द्वितीय किश्‍त का भुगतान किया जावेगा।

अग्निपट्टी से संबंधित

13. ( क्र. 3369 ) श्रीमती शकुन्‍तला खटीक : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परि. अता. प्रश्‍न संख्‍या - 28 (क्रमांक 553) दिनांक 23.07.2015 के पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट (ब) के कॉलम क्र. 8 स्‍थल का नाम (मार्ग के दोनों ओर 3 मीटर चौड़ाई में) में जो क्रमांक 1 से 27 तक दोनों ओर की दूरी 221 कि.मी. का कार्य दर्शाया है? तो मार्ग के दोनों ओर 3 मीटर की चौड़ाई के हिसाब से कार्य 221 कि.मी. बताया है पंरतु स्‍थल पर कार्य न के बराबर कराया गया है? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) में वर्णित निर्माण कार्य की जाँच उच्‍चाधिकारियों द्वारा प्रश्‍नकर्ता के समक्ष की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। करैरा अभयारण्य करैरा में वर्ष 2013-14 में मार्ग के दोनों ओर 3 मी. चौड़ी पट्टी की सफाई कर घास, फूस को एकत्रित कर जलाने का कार्य संलग्‍न परिशिष्ट के कॉलम नंबर 8 में दर्शाये गये 1 से 27 तक के सभी स्थलों में पूर्ण किया गया था। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित कार्यों का सम्‍पादन किया गया है। वर्तमान में खरपतवार एवं घांस, फूस पुन: उग आये है। उक्त अवधि के कार्यों की जाँच वर्तमान में मौके पर कराया जाना संभव नहीं है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। 

परिशिष्ट ''बारह''

खेल प्रतियोगिताओं में खिलाडियों के साथ भेदभाव

14. ( क्र. 4422 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शैक्षणिक सत्र 2015-16 में उच्‍च शिक्षा विभाग म.प्र. शासन के द्वारा 21 खेल विधाओं की जिला/संभाग/राज्‍यस्‍तरीय प्रतियोगिता आयोजित की गई? इस प्रतियोगिता में कौन-कौन से महाविद्यालयों के खिलाडियों का अलग-अलग विधाओं में राष्‍ट्रीय स्‍तर पर चयन किया गया? (ख) इस प्रतियोगिता में जिला छिन्‍दवाड़ा के विभिन्‍न महाविद्यालयों से अलग-अलग विधाओं में खिलाड़ी छात्रों ने अपना उत्‍कृष्‍ट प्रदर्शन कर राष्‍ट्रीय स्‍तर (अन्‍तर विश्‍वविद्यालय एवं आल इण्डिया कम्‍बाईन विश्‍वविद्यालय प्रतियोगिता में च‍यनित हुए परन्‍तु रानी दुर्गावती विश्‍वविद्यालय, जबलपुर द्वारा चयनित छात्र/छात्राओं को राष्‍ट्रीय स्‍तर प्रतियोगिता में खेलने की पात्रता प्रदान नहीं की गई, जिसका क्‍या कारण है? (ग) सत्र 2015-16 में सागर विश्‍वविद्यलाय द्वारा भी छिंदवाड़ा जिले के किसी भी महाविद्याल के छात्र/छात्राओं को किसी भी स्‍तर की प्रतियोगिता में सहभागिता के लिए सूचना प्रदान नहीं की गई? जिसका क्‍या कारण है? जबकि पूर्व में सागर विश्‍वविद्यालय की ओर से चयनित छात्र/छात्रायें राष्‍ट्रीय स्‍तर पर सहभागिता रखते थे? (घ) रानी दुर्गावती विश्‍वविद्याल, जबलपुर एवं सागर विश्‍वविद्यालय द्वारा खिलाडियों के साथ किये गये भेदभाव से क्‍या खेल प्रतिभा प्रभावित नहीं होगी? यदि हाँ, तो चयनित खिलाडियों को प्रतियोगिता में शामिल नहीं किए जाने पर इसकी उच्‍च स्‍तरीय जाँच कराकर, दोषी अधिकारियों के ऊपर क्‍या और कब तक कार्यवाही करेंगे?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। विविध प्रतियोगिताओं में राष्ट्रीय स्तर हेतु म.प्र. दल का चयन न किया जाकर राज्य स्तर पर भाग लेने वाले संभागीय दल अपने क्षेत्र के विश्वविद्यालय से अंतरविश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं में सहभागिता करते हैं। (ख) म.प्र.विश्वविद्यालय संशोधन अधिनियम 2011 (क्र.10/2014) द्वारा छिंदवाडा जिले को रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर के अधिकार क्षेत्र में शामिल किया गया। छिंदवाडा जिले के शासकीय/अशासकीय एवं नवीन महाविद्यालयों के सत्र 201516 से स्नातक एवं स्नातकोत्तर के प्रथम सेमेस्टर/वर्ष के छात्रों की संबद्धता रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से की गई। अत: छिंदवाडा जिले के जिन महाविद्यालयों ने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय से संबद्धता हेतु आवेदन किया उन महाविद्यालय के स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं के प्रथम वर्ष (सेमेस्टर) के छात्र/छात्राएं ही विश्वविद्यालय के प्रतिनिधित्व की पात्रता रखते थे। ऐसे पात्र विधार्थियों को विश्वविद्यालय टीमों में अंतरविश्वविद्यालयीन प्रतियोगिता में प्रतिनिधित्व का अवसर प्रदान किया। (ग) प्राप्त जानकारी अनुसार छिंदवाडा जिले के प्राचार्य/क्रीडाधिकारी रानी दुर्गावाती विश्वविद्यालय जबलपुर द्वारा दिनांक 18.08.2015 को आहूत खेलकूद आवंटन बैठक में उपस्थित हुए एवं विभिन्न खेल विधाओं में सहभागिता भी की है। सागर में दिनांक 22.08.2015 को आयोजित बैठक में छिंदवाडा जिला स्वयं उपस्थित नहीं हुआ। (घ) इस संबंध में विभाग में प्राप्त दो शिकायतों पर जांच की जा रही है। जांच उपरांत गुणदोष के आधार पर कार्यवाही की जायेगी। समयसीमा बताना संभव नहीं है।

कूनो अभ्‍यारण्‍य में सिंहों का पुनर्स्‍थापन

15. ( क्र. 4768 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्‍योपुर जिले के कूनों अभ्‍यारण्‍य के क्षेत्रफल विस्‍तार हेतु विभागाध्‍यक्ष स्‍तर पर प्रक्रियाधीन प्रस्‍ताव को अंतिम रूप देकर केन्‍द्र सरकार को स्‍वीकृति हेतु कब भेजा गया है?यदि नहीं, तो कब भेजा जावेगा? (ख) एक्‍शन प्‍लान में दिये गये कार्यों हेतु राशि 6899.50 लाख का जो प्रस्‍ताव केन्‍द्र सरकार को भेजा गया है इसकी स्‍वीकृति हेतु शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय के निर्णय दिनांक 15.04.2013 के अनुरूप कूनो अभ्‍यारण्‍य में सिंहो के पुनर्स्‍थापना हेतु भारत सरकार द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति किन-किन विषयों पर विचार कर रही है? इसका कार्यकाल कितना है कब तक विचार कर समिति प्रतिवेदन भारत सरकार को सौंप देगी? (घ) क्‍या प्रश्नांश (क) में वर्णित प्रस्‍ताव को केन्‍द्र सरकार को भेजने में विलंब करने एवं (ख) में वर्णित स्‍वीकृति हेतु भेजे गये प्रस्‍ताव को केन्‍द्र सरकार से स्‍वीकृत कराने में शीघ्रता न करने के कारण प्रकरण में अग्रिम कार्यवाही नहीं हो पा रही है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन उक्‍त प्रस्‍तावों को अविलम्‍ब स्‍वीकृत कराकर नियमानुसार कार्यवाही पूर्ण करके केन्‍द्र एवं माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय की अनुमति प्राप्‍त कर गिर अभ्‍यारण्‍य से कूनो अभ्‍यारण्‍य में शीघ्र शेरों को मंगवाएगा व कब तक?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी नहीं। कूनो वन्यप्राणी अभयारण्य के वर्तमान क्षेत्रफल 344.686 वर्ग कि.मी. में 350.576 वर्ग कि.मी. अतिरिक्त क्षेत्र जोड़े जाने का प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) कूनो वन्‍यप्राणी अभयारण्य श्‍योपुर की वार्षिक कार्य आयोजना हेतु रूपये 6899.50 लाख का प्रस्ताव प्रधान मुख्‍य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) मध्यप्रदेश, भोपाल के पत्र क्रमांक/बजट-9 (2) /2961, दिनांक 20.05.2014 द्वारा भारत सरकार, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय (वाइल्ड लाइफ डिवीजन) नई दिल्ली की ओर स्वीकृति हेतु प्रेषित किया गया है। स्‍वीकृति भारत सरकार द्वारा जारी की जानी है। अत: राज्य शासन स्तर पर कोई कार्यवाही नहीं की जानी है। (ग) माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय के निर्णय दिनांक 15.04.2013 के परिपालन में भारत सरकार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, नई दिल्‍ली द्वारा पत्र क्रमांक एमएफ. नं. 1/63/2007-डब्ल्यू.एल.-1 (पीटी), दिनांक 17.07.2013 द्वारा विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है, जिसमें समिति द्वारा विचार किये जाने वाले विषयों का उल्‍लेख है। उक्‍त पत्र में समिति का कार्यकाल का उल्‍लेख नहीं है। पत्र की छायाप्रति संलग्‍न परिशिष्ट पर है। समिति द्वारा भारत सरकार को प्रतिवेदन सौंपे जाने की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जी नहीं। प्रश्नांश (क) में वर्णित प्रस्ताव पर राज्य शासन द्वारा ही निर्णय लिया जाना है, अत: केन्द्र शासन को प्रस्ताव भेजने में विलंब का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। प्रश्नांश (ख) में केन्‍द्र सरकार के निर्णय एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय की अनुमति में राज्य शासन का कोई क्षेत्राधिकार नहीं है। अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। 

परिशिष्ट ''तेरह''

मिश्रित वृक्षारोपण में कराए गए कार्य

16. ( क्र. 4769 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्‍योपुर जिले में संचालित सामान्‍य वनमण्‍डल श्‍योपुर को वर्ष 2011-12 से 2015-16 तक नवीन मिश्रित वृक्षारोपण कार्यों हेतु कितनी राशि वर्ष/योजनावार प्रदाय की? (ख) उक्‍त अवधि में कितनी राशि व्‍यय कर कब व कहाँ कहाँ किस-किस योजना के तहत उक्‍त वृक्षारोपण कार्य कराए इनमें किस-किस प्रजाति के कितने-कितने पौधों का लक्ष्‍य निर्धारित कर लक्ष्‍य के विरूद्ध कितने-कितने पौधे रोपे, में से वर्तमान में कितने जीवित/मृत हो गये इनकी सुरक्षा/अन्‍य कार्य हेतु कितने श्रमिक रखे गये? (ग) क्‍या संबंधित विभागीय अमले की अरूचि एवं देखभाल के अभाव में समस्‍त वृक्षारोपण स्‍थलों पर प्रतिवर्ष आधे से अधिक पौधे मृत हो चुके अथवा होते जा रहे हैं, के बावजूद मनमाने तरीके से संबंधित अमले द्वारा अभिलेखों में शासकीय राशि का व्‍यय दर्शाकर इसका दुरूपयोग किया जा रहा है? (घ) क्‍या गोरस, पनार, रामवाड़ी सलमान्‍या, खाड़ी एवं बुढेरा सहित समस्‍त वृक्षारोपण स्‍थलों व उसके आसपास के क्षेत्रों में पदस्‍थ अमले द्वारा वनमाफियाओं से मिलकर पेड़ों को कटावाया जा रहा है एवं वहां स्थित ठूंट इसके गवाह हैं यदि नहीं, तो क्‍या शासन मौके पर वृक्षों की संख्‍या तथा व्‍यय अभिलेखों की जाँच करवाएगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जी नहीं। शासकीय राशि के दुरूपयोग करने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

निजी भूमि में खड़े वृक्षों के अवैध कटाई के प्रकरण

17. ( क्र. 4924 ) श्री संजय उइके : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बालाघाट जिले की बैहर, बिरसा एवं परसवाड़ा तहसील की भूमि स्‍वामी हक की निजी भूमि में खड़े वृक्षों के अवैध कटाई के प्रकरणों में ईमारती काष्‍ठ का परिवहन शासकीय काष्‍ठागार में किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो वित्‍तीय वर्ष 2004-05 से वर्ष 2009-10 तक कलेक्‍टर/अपर कलेक्‍टर/अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) द्वारा किन-किन व्‍यक्तियों के ईमारती काष्‍ठ एवं जलाऊ के प्रकरण विभाग को जाँच एवं परिवहन हेतु प्राप्‍त हुये, नाम, पता, जाति, वृक्ष की प्र‍जाति, वृक्ष संख्‍या, लट्ठा घ.मी. जलाऊ, सक्षम न्‍यायालय, राजस्‍व प्रकरण न्‍यायालय आदेश दिनांक, परिवहन का दिनांक सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ग) ईमारती काष्‍ठ के परिवहन उपरांत किन-किन व्‍यक्तियों को काष्‍ठ की कीमत कितनी-कितनी जारी की गई बतावें?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) से (ग) जी हाँ। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। 

वृहद पुलों का निर्माण

18. ( क्र. 4926 ) श्री संजय उइके : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सेतु निर्माण परिक्षेत्र का गठन वृहद पुलों के निर्माण कार्य हेतु किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो अनुसूचित जन जाति क्षेत्र की ग्रामीण सड़कें जो कि अति नक्‍सल प्रभावित क्षेत्र है, में स्थित नदियों पर वृहद पुलों का निर्माण क्‍यों नहीं किया जा रहा है? (ग) प्रश्‍नकर्ता द्वारा विभाग को इन क्षेत्रों के वृहद पुलों के निर्माण हेतु प्रस्‍ताव दिये गये हैं, क्‍या उनकी स्‍वीकृति दी जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) नक्‍सल प्रभावित क्षेत्र में स्थित ग्रामीण मार्गों में वृहद पुलों का निर्माण किया जाता है। (ग) जी हाँ, जी नहीं, अपितु प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में मार्ग स्थित होने के कारण।

वनोपजों के समर्थन मूल्‍य का निर्धारण

19. ( क्र. 4986 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भारत सरकार एवं मध्‍य प्रदेश सरकार में अराष्‍ट्रीयकृत वनोपजों के न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य निर्धारित किये हैं? यदि हाँ, तो वनोपजवार समर्थन मूल्‍य एवं उक्‍त संबंधी नीति का ब्‍यौरा दें? (ख) विगत तीन वर्षों में किन-किन जिलों में कौन-कौन सी वनोपज कितनी-कितनी मात्रा में संग्रहित की गई? यदि संग्रहण शून्‍य रहा तो किस कारण? संग्रहण बढ़ाने हेतु शासन ने क्‍या-क्‍या कदम उठाये हैं? (ग) क्‍या बाजार में समर्थन मूल्‍य से अधिक मूल्‍य वनोपज के हैं? यदि हाँ, तो शासन ने इसे सुधारने व वनोपज चलाने वालों के हित में कार्य योजना क्यों नहीं बनाई?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। विवरण संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। भारत शासन द्वारा जारी किये गये दिशा निर्देशों में यह लेख किया गया है, कि न्यूनतम समर्थन मूल्य के माध्यम से ऐसी प्रणाली स्थापित की जाये जिससे वनवासियों (संग्रहणकर्ताओं) को उनके द्वारा संग्रहित लघु वनोपजों का उचित मूल्य मिल सकें एवं उनकी सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हो। इस हेतु ट्राईफेड संस्थान के अन्तर्गत एक मूल्य निर्धारण प्रकोष्ठ का गठन किया गया है जो कि विभिन्न लघु वनोपजों हेतु न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रस्तावित करेगा। यह प्रस्ताव सर्वेक्षण के आधार पर प्राप्त किये गये मूल्य, संग्रहण में आने वाली लागत, लघु वनोपजों की सफाई एवं प्राथमिक प्रसंस्करण, पैकेजिंग एवं परिवहन की लागत के आधार पर तय किया जायेगा। म.प्र. शासन द्वारा भी लघु वनोपज के क्रय के लिए प्रदेश के आदिवासियों/ वनवासियों को प्रमुख लघु वनोपज के उचित मूल्य दिलाने हेतु विभिन्न लघु वनोपजों के लिये न्यूनतम समर्थन मूल्य का निर्धारण किया गया है। (ख) प्रश्नाधीन अवधि में संग्रहित की गई वनोपज की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। जहाँ पर संग्रहण निरंक रहा उसका कारण स्थानीय बाजार दर का, शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य से मूल्य अधिक होना रहा है। संग्रहण बढ़ाने हेतु शासन द्वारा उठाये गये कदम संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ग) कुछ जिलों में बाजार मूल्य से न्यूनतम समर्थन मूल्य अधिक होने पर कुछ वनोपज का संग्रहण हुआ है। न्यूनतम समर्थन मूल्य का निर्धारण, भारत सरकार द्वारा राज्य शासन से विचार-विमर्श उपरान्त किया गया है, अतः अलग से कार्य योजना बनाने की आवश्यकता नहीं है।

परिशिष्ट ''चौदह''

अधिनियिम 1973 की धारा 24 (XX) के विरूद्ध जाकर नियुक्तियां

20. ( क्र. 5002 ) श्री आरिफ अकील : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या यह सही है कि मध्‍यप्रदेश विश्‍वविद्यालय अधिनियम 1973 की धारा 24 (XX) में स्‍पष्‍ट प्रावधान है कि विश्‍वविद्यालय शासन की पूर्वानुमति के बिना कोई पद निर्मित नहीं कर सकता है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या यह भी सही है कि बरकतउल्‍लाह विश्‍वविद्यालय कार्यपरिषद् की बैठक दिनांक 30 सितम्‍‍बर 2014 के निर्णयानुसार विश्‍वविद्यालय द्वारा यू.जी.सी. की 12वीं पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत 11 शिक्षकों एवं 01 प्रशासनिक अधिकारी को नियुक्ति दी गई है? यदि हाँ, तो नियम विरूद्ध नियुक्तियों को लेकर माननीय उच्‍च न्‍यायालय में प्रस्‍तुत याचिका क्रमांक 3146/15 एवं 3472/15 में यथास्थिति के आदेश जारी करने के उपरांत दिनांक 10.07.15 को संबंधितों को वेतन भुगतान किए जाने के आदेश जारी किए गए जिस पर विश्‍वविद्यालय की ऑडिट शाखा द्वारा भी आपत्ति ली गई? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या यह भी सही है कि कुलपति द्वारा दिनांक 23 जुलाई 2015 को शासन से संबंधितों को भुगतान करने एवं माननीय उच्‍च न्‍यायालय के आदेश की अवमानना नहीं हो का पत्र जारी किया गया है? (घ) यदि हाँ, तो प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य एवं अधिनियम की धारा 15 (1), (2) एवं 15 (4) का उल्‍लंघन किए जाने वाले कुलपति के विरूद्ध शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों कारण सति यह बतावें कि कब तक अन्‍यत्र स्‍थानांतरित किया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। (घ) कुलपति बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के विरूद्ध प्राप्त शिकायतों की जाँच हेतु राज्य शासन द्वारा पत्र दिनांक 15.04.2015, 20.05.2015, 18.06.2015, 23.07.2015, 30.07.2015, 14.08.2015 एवं 25.08.2015 द्वारा माननीय कुलाधिपति को लिखा गया है, जिस पर राजभवन सचिवालय भोपाल के पत्र क्रमांक एफ 33/2015/रास/यूए1/1218 दिनांक 09.10.2015 के द्वारा डॉ. एम.डी.तिवारी, कुलपति के पदस्थी के दौरान विभिन्न अनियमितताओं की जाँच प्रचलन में है एवं सेवानिवृत्त न्यायाधीश श्री ए.के.गोहिल द्वारा जाँच की जा रही है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।

शासकीय महाविद्यालय की बाउण्‍ड्रीवॉल

21. ( क्र. 5150 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सोनकच्‍छ के शासकीय महाविद्यालय परिसर में बाउण्‍ड्रीवाल है? (ख) यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं है? क्‍या विभाग द्वारा इसके लिये कोई कार्यवाही की जा रही है? यदि नहीं, की जा रही है, तो क्‍यों नहीं की जा रही है? (ग) क्‍या आगामी सत्र में शासकीय महाविद्यालय सोनकच्‍छ के परिसर की बाउण्‍ड्रीवाल हो जायेगी?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी नहीं। (ख) बाउंड्रीवाल के संबंध में प्राचार्य से प्रस्ताव चाहा गया था। प्राचार्य के पत्र क्रमांक 655 दिनांक 16.03.2016 द्वारा बाउंड्रीवाल का प्राक्कलन प्राप्त हुआ है, जिस पर नियमानुसार कार्यवाही प्रचलित है। (ग) प्रश्नांश '''' के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में समयसीमा बताई जाना संभव नहीं है।

ढीमरखेड़ा-सिलौंड़ी-कुण्‍डम मार्ग का एम.डी.आर. में उन्‍नयन

22. ( क्र. 5404 ) श्री मोती कश्यप : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या किन्‍हीं राजमार्गों पर अवस्थित स्‍लीमनाबाद और विलायतकला व सिहोरा से उमरियापान होकर विलायतकला, सिहोरा से सिलौडी तथा जबलपुर से अमरकंटक तक किस स्‍तर के मार्ग हैं और उनमें से कौनसा मार्ग वर्ष 2015 में राष्‍ट्रीय राजमार्ग के रूप में केन्‍द्रीय सड़क परिवहन मंत्री जी द्वारा घोषित किया गया है? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) राष्‍ट्रीय राजमार्गों से व्‍हाया ढीमरखेड़ा तहसील मुख्‍यालय होकर जबलपुर से अमरकंटक नवघोषित राजमार्ग के मध्‍य कहाँ से कहाँ तक प्र.मं.ग्रा.स.यो. और विभागीय किन स्‍तरों के मार्ग हैं? (ग) रेत खदानों, क्रेसर उद्योगों एवं अन्‍य खनिजों के परिवहन के भारी वाहनों से प्रश्नांश (ख) मार्गों की हालत क्‍या है और सिलौडी मार्ग के आगे उन्‍नत मार्ग न होने के कारण सिहोरा से सिलौडी एम.डी.आर. मार्ग की उपयोगिता क्‍या है? (घ) उद्योग संचालनालय के पत्र दिनांक 14-08-2015 के परिप्रेक्ष्‍य में जिला व्‍यापार एवं उद्योग केन्‍द्र कटनी के पत्र दिनांक 19-01-2016 द्वारा अनुविभागीय अधिकारी ढीमरखेड़ा को लिखे पत्र में अनेक ग्रामों की भूमि रक्षा उत्‍पादन इकाईयों एवं औद्योगिक क्षेत्र की स्‍थापना हेतु उद्योग विभाग को हस्‍तांतरित करने हेतु दिये गये निर्देश पर निकट भविष्‍य में आवागमन बढ़ने की दृष्टि से क्‍या ढीमरखेड़ा से दशरमन एवं सिलौंड़ी से कुण्‍डम मार्ग का म.डी.आर. के रूप में उन्‍नयन आवश्‍यक है? (ड.) प्रश्नांश (ख), (ग), (घ) मार्गों का कब तक परीक्षण कराकर डी.पी.आर. बनाई जावेगी और स्‍वीकृति प्रदान कर दी जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) सलीमनाबाद से ढीमरखेड़ा विलायत कलां मार्ग, सिहोरा से उमरियापान होकर विलायतकलां मार्ग, तथा सिहोरा से सिलौडी मार्ग मुख्‍य जिला मार्ग है तथा जबलपुर से अमरकंटक मार्ग वर्तमान में राज्‍य राजमार्ग क्रं. 22 है। जी नहीं। (ख) विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' में दर्शित है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' में दर्शित है। सिहोरा से सिलौडी मार्ग सिहोरा तहसील एवं कटनी जिले के ग्रामों को एन.एच. 7 से जोड़ता है। सुगम आवागमन हेतु मार्ग उपयोगी है। (घ) ढीमरखेड़ा से दशरमन मार्ग प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार। जी हाँ। (ड.) मुख्‍य जिला मार्ग योजना अंतर्गत प्राथमिकता क्रम में परीक्षण उपरांत कार्यवाही की जावेगी। वर्तमान में समय-सीमा बताना संभव नहीं है। 

इन्‍दौर-इच्‍छापुर मार्ग के मरम्‍मत

23. ( क्र. 5771 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यानसिंह सोलंकी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या इन्‍दौर-बुरहानुपर-इच्‍छापुर मार्ग को बी.ओ.टी. के अधीन दिया गया है? क्‍या उक्‍त मार्ग पर टोल वसूली की जिम्‍मेदारी कंपनी की है तो क्‍या सड़क के रख-रखाव की जिम्‍मेदारी भी सड़क निर्माण कंपनी की है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार यदि हाँ, तो प्रश्‍नकर्ता द्वारा उक्‍त मार्ग के मरम्‍मत के संबंध में विभाग प्रमुख को पत्र दिनांक 06/11/2015 को लिखा जाकर मरम्‍मत हेतु लिखा गया था? यदि हाँ, तो इस संबंध में विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) क्‍या उक्‍त मार्ग की निविदा में यह भी शर्त है कि उक्‍त मार्ग के रास्‍ते में आने वाले ग्रामों एवं शहरों में साइड सोल्‍डर पक्‍के करने की शर्तें थी? यदि हाँ, तो किन-किन ग्रामों/शहरों में पक्‍के सोल्‍डर किये गये हैं? (घ) यदि नहीं, किये गये हैं तो क्‍या कारण रहे हैं? क्‍या उक्‍त कार्य न करने से यह शर्तों का उल्‍लंघन है? (ड.) यदि हाँ, तो ठेका कंपनी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही कब तक की जावेगी? क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा ग्राम नावघाटखेड़ी के समीप पुलिया निर्माण के बारे में लिखा गया, जो बार-बार मरम्‍मत के उपरांत भी वह पुलिया धसती जा रही है? उक्‍त पुलिया का निर्माण कब तक किया जावेगा? यदि साईड सोल्‍डर भरे गए हैं तो विगत 5 वर्षों में कितनी रायल्‍टी चुकाई गई है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। जी हाँ। (ख) जी हाँ। माननीय विधायक जी को सूचित कर दिया गया है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न ही नहीं उठता। (घ) उत्‍तर '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही नहीं उठता। (ड.) उत्‍तर '' के परिप्रेक्ष्‍य में ठेका कंपनी के विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्‍न ही नहीं उठता। इन्‍दौर-एदलाबाद मार्ग पर स्थित ग्राम नावघाट के समीप विभाग की कोई भी ऐसी पुलिया नहीं है, जो बार-बार निर्माण के उपरांत धसती जा रही हो अत: निर्माण का प्रश्‍न ही नहीं उठता, एवं शेष जानकारी के लिये भी प्रश्‍न नहीं उठता।

चेनलिंक/फैंसिंग का प्रस्‍ताव

24. ( क्र. 6031 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या छतरपुर जिले के वन विभाग ने किसानों की फसलों को नुकसान करने वाली नीलगायों के लिए चेनलिंक/फैंसिंग करने का प्रस्‍ताव क्रमांक पी.731, 732, 733 क्षेत्रफल 900 हेक्‍टेयर ग्राम ठकुर्रा जनपद पंचायत गौरिहार वि.स. क्षेत्र 49 चंदला का प्रस्‍ताव राज्‍य शासन को भेजा गया है? (ख) यदि हाँ, तो चेनलिंक या फैंसिंग का कार्य वन विभाग द्वारा कब तक करा लिया जायेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री जी ने दिनांक 24/11/2015 को ग्राम सिजई जिला छतरपुर में नीलगायों को जंगल में सुरक्षित रखने हेतु उक्‍त वन क्षेत्र में चेनलिंक/फैंसिंग की घोषणा की थी? (घ) यदि हाँ, तो माननीय मुख्‍यमंत्री जी की घोषणा का पालन कब तक किया जायेगा?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी नहीं। छतरपुर जिले में किसानों की फसलों को नुकसान करने वाली नीलगायों के लिये चेनलिंक/फैंसिंग करने हेतु वन कक्ष क्रमांक पी. 731, 732, 733 क्षेत्रफल 900 हेक्‍टेयर, ग्राम ठकुर्रा जनपद पंचायत गौरिहार वि.स. क्षेत्र 49 चंदला का प्रस्ताव मुख्य वन संरक्षक, छतरपुर द्वारा प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय, वन्यप्राणी को प्रेषित किया गया था। (ख) प्रस्ताव व्यवहारिक न होने के कारण उस पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। अत: चेनलिंक या फैंसिंग का कार्य नहीं कराया गया। (ग) जी हाँ। माननीय मुख्य मंत्री जी द्वारा दिनांक 24.11.2015 की ग्राम सिजई, जिला छतरपुर में निम्‍न घोषणा की गई - ''नीलगायों से खेती की सुरक्षा हेतु फैंसिंग का प्रावधान करेंगे एवं कृषकों को अनुदान देने की घोषणा की गई।'' (घ) वर्ष 2016-17 में वन्यप्राणियों द्वारा फसल नुकसानी नियंत्रित करने के उद्देश्य से 2 ग्रामों हेतु सोलर फैंसिंग के प्रस्ताव मंगाये गये है। इस प्रयोग के सफल होने पर इसे अन्य क्षेत्रों में विस्तारित करने पर विचार किया जा सकेगा।

पी.आई.यू. के कार्य

25. ( क्र. 6071 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आगर जिले में पी.आई.यू. द्वारा 01 जनवरी 2013 से वर्तमान तक कितने कार्य स्‍वीकृत किए गए हैं? कार्य का नाम, स्‍थान, स्‍वीकृत राशि, पूर्णता दिनांक सहित बतावें? (ख) उपरोक्‍त कार्यों में से कितने पूर्ण होकर संबंधित विभाग को सुपुर्द कर दिए गए हैं, कितने अपूर्ण हैं? अपूर्ण कार्यों में कितनी राशि आहरित की जा चुकी हैं? इनकी अद्यतन स्थिति से अवगत करावें? (ग) क्‍या प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत कार्य समय से पूर्ण न करने या मानक अनुरूप कार्य न होने संबंधी शिकायतें प्राप्‍त हुई थीं? यदि हाँ, तो क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो स्‍वप्रेरणा से विलंब से कार्य पूर्ण करने वाले ठेकेदारों पर कार्यवाही की जावेगी? (घ) प्रश्नांश (ग) के संबंध में कार्यों के कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र व किए गए निरीक्षणों का विवरण उपलब्‍ध करावें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) आगर जिले में पी.आई.यू. द्वारा, 01 जनवरी 2013 से वर्तमान तक 24, कार्य स्‍वीकृत किये गये है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) 24 कार्यों में से 5 कार्य पूर्ण कर संबंधित विभाग को सुपुर्द कर दिए गए है एवं 19 कार्य अपूर्ण है। आहरित राशि पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। अद्यतन स्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न ही नहीं उठता। सुसनेर विधानसभा क्षेत्र के कार्यों में विलंब के कारण ठेकेदारों के विरूद्ध की गई कार्यवाही का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) सुसनेर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 1 कार्य राजस्‍व विभाग के 07 नग आवास गृहों का पूर्णता प्रमाण पत्र दिनांक 30.09.2015 को जारी किया गया। निरीक्षण का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

शासकीय महाविद्यालय अशोकनगर में पदस्‍थ शिक्षक/प्राध्‍यापक

26. ( क्र. 6226 ) श्री प्रहलाद भारती : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासकीय नेहरू महाविद्यालय अशोकनगर में शिक्षण सत्र 2015-16 में विधि विषय में प्राध्‍यापकों/सहायक प्राध्‍यापकों के रिक्‍त पदों के विरूद्ध विभाग द्वारा ऑनलाईन प्रक्रिया के माध्‍यम से अतिथि विद्वानों को आमंत्रित किया गया? यदि हाँ, तो क्‍यों? कारण स्‍पष्‍ट करें? (ख) क्‍या यहां जनभागीदारी समिति द्वारा स्‍ववित्‍तीय व्‍यवस्‍था के आधार पर विधि विषय में अध्‍यापन कार्य हेतु शिक्षकों को रखा जाता है? यदि हाँ, तो यह व्‍यवस्‍था कब से चली आ रही है? इस हेतु क्‍या विज्ञप्तियां जारी की जाती हैं? यदि नहीं, तो निर्धारित चयन प्रक्रिया का अनुपालन क्‍यों नहीं किया जाता है? (ग) क्‍या शासकीय नेहरू महाविद्यालय अशोकनगर में प्राध्‍यापकों/सहायक प्राध्‍यापकों के पद स्‍वीकृत हैं एवं एल.एल.बी. 3 वर्षीय पाठ्यक्रम विभाग द्वारा कन्‍वेशनल कोर्स के रूप में स्‍वीकृत है न कि स्‍ववित्‍तीय पाठ्यक्रम के रूप में, तो फिर इस स्थिति में नियम विरूद्ध प्रक्रिया अपनाकर जनभागीदारी समिति के माध्‍यम से स्‍ववित्‍तीय योजना के अंतर्गत शिक्षकों को किस प्राधिकार से रखा जा रहा है? इस विसंगति के लिये कौन-कौन उत्‍तरदायी है व शासन उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही करेगा? (घ) क्‍या शासकीय नेहरू महाविद्यालय अशोकनगर में विधि विषय के तथाकथित अस्‍थाई शिक्षकों/प्राध्‍यापकों के संबंध में माननीय न्‍यायालय में कोई प्रकरण विचाराधीन था? यदि हाँ, तो उक्‍त न्‍यायालयीन प्रकरण के निर्णय एवं उसके अनुपालन की अद्यतन स्थिति से अवगत करावें? (ड.) क्‍या शासकीय नेहरू महाविद्यालय अशोकनगर में विधि महाविद्यालय का पृथककरण किया गया है एवं पृथक से प्राचार्य का पदांकन किया जाकर वित्‍तीय आहरण एवं संवितरण अधिकार प्रदाय कर दिये गये हैं? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें? बार काउन्सिल ऑफ इंडिया के निर्धारित मापदण्‍डों के अनुरूप यहां विधि महाविद्यालय का संचालन हो इसके लिए विभाग क्‍या कदम उठाने जा रहा है?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्नांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। शासनादेश दिनांक 28.03.2001 में दिए गए निर्देशानुसार महाविद्यालय स्तर पर स्ववित्तीय व्यवस्था के आधार अध्यापन व्यवस्था वर्ष 2001-2002 से जारी है, जिस हेतु वर्षवार विज्ञप्ति जारी की जाती रही है। शेष प्रश्नांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। विधि विषय में 01 प्राध्यापक तथा 08 सहायक प्राध्यापक के पद स्वीकृत हैं। एल.एल.बी. पाठ्यक्रम कन्वेंशनल कोर्स के रूप में स्वीकृत है, मान. उच्च न्यायालय की खंडपीठ, ग्वालियर द्वारा याचिका क्रमांक 2232/06 में निर्णय दिनांक 12 जुलाई 2006 तथा बी.सी.आई. का सम्बद्धता संबंधी पत्र क्रमांक 44, दिनांक 07 जनवरी 2008 के अनुक्रम में महाविद्यालय में अतिथि विद्वान की नियुक्ति नहीं करते हुए अस्थाई शिक्षकों को जनभागीदारी समिति के माध्यम से अध्यापन कार्य के लिए रखा जाता है। वस्तुत: न्यायालय प्रकरण होने से विसंगति आदि का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी हाँ। न्यायालयीन प्रकरण क्रमांक डब्ल्यू.पी. 2232/क.6 (पी.आई.एल.) में पारित निर्णय में इस आशय का उल्लेख किया गया था कि विधि के अध्यापन हेतु अतिथि विद्वान नहीं रखे जावेंगे, बल्कि अस्थायी व्यवस्था की जावेगी तदनुसार महाविद्यालय में विधि कक्षाओं में अध्यापन हेतु मान. उच्च न्यायालय के निर्णय अनुसार अस्थायी व्यवस्था कर ली गई थी, जो महाविद्यालय जनभागीदारी समिति ने वर्तमान तक जारी बनाए रखी है। (ड.) पृथक करण का आदेश जारी नहीं हुआ है, परन्तु पृथक प्राचार्य का पद स्वीकृत किया जा चुका है तथा विधि महाविद्यालय भी पृथक भवन में संचालित है। प्राचार्य का पदांकन नहीं है तथा पृथक से आहरण एवं संवितरण अधिकार नहीं प्रदान किए गए हैं, पृथक्करण के औपचारिक आदेश उपरांत प्राचार्य की पदस्थापना तथा आहरण अधिकार प्रदान करने की कार्यवाही की जाती है। महाविद्यालय द्वारा निरीक्षण शुल्क रूपये 1.5 लाख जमा किया जा चुका है तथा आवेदन भी बी.सी.आई. को वर्ष 2011 में ही दिया गया है।

स्‍वीकृत मार्ग के महानदी में सेतु निर्माण

27. ( क्र. 6257 ) श्री मोती कश्यप : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग ने तिलमन, सगौना, कोठी, दादरसिहुंडी, मझगवां, बीजापुरी के कटनी से किन्‍हीं समीपवर्ती जिलों को जोड़ने वाले किसी किलोमीटर मार्ग के जनवरी 2016 की किसी तिथि में किसी समिति की बैठक में अनुमोदन प्रदान किया जाकर किसी तिथि को प्रशासकीय स्‍वीकृति प्रदान की गई है? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) मार्ग में किन्‍हीं जिला व ग्रामों के मध्‍य कोई नदी है और क्‍या उसमें सेतु बनाने हेतु भी कभी कोई प्रशासकीय स्‍वीकृति प्रदान की गई है? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता ने अपने पत्र दिनांक 14/01/2015 एवं 02/0122016 द्वारा मा. मुख्‍यमंत्री जी को प्रश्नांश (क), (ख) के सेतु निर्माण हेतु किये गये लेख पर कोई कार्यवाही की गई है? (घ) प्रश्नांश (ग) की डी.पी.आर. कब तक स्‍वीकृत कर निर्माण प्रारंभ कर दिया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) दिनांक 12.01.2016 को लोक निर्माण विभाग की वित्‍तीय व्‍यय समिति की 57वीं बैठक में रामपुर सगौना, कोठी, दादर सिहुडी, मेहगवां, बीजापुरी मार्ग लंबाई 13.02 कि.मी. के निर्माण हेतु रूपये 1562.60 लाख की राशि बजट में सम्मिलित कर प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी करने हेतु अनुशंसा की गई है। प्रशासकीय स्‍वीकृति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) जी हाँ। जी नहीं। (ग) जी हाँ। पत्र में उल्‍लेखित कार्यों का परीक्षण कराया जा रहा है। (घ) वर्तमान में प्रस्‍तावित नहीं है और न ही स्‍वीकृत है, अत: निश्चित तिथि बताना संभव नहीं है।

ई-टेण्‍डरिंग एवं ई-भुगतान

28. ( क्र. 6365 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विभाग में ई-टेण्‍डरिंग एवं ई-भुगतान किये जाने के संबंध में आदेश कब जारी किये गये एवं म.प्र. शासन, वित्‍त विभाग द्वारा यह व्‍यवस्‍था, विभाग में कब लागू किये जाने के निर्देश दिए गये थे? (ख) विभाग में विलंब से ई-टेण्‍डरिंग एवं ई-भुगतान की व्‍यवस्‍था लागू किये जाने के कारण क्‍या हैं एवं वित्‍त विभाग के आदेश का उल्‍लंघन किये जाने के लिए दोषी कौन है? (ग) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में विभाग में ई-टेण्‍डरिंग एवं ई-भुगतान की व्‍यवस्‍था लागू होने की दिनांक के पूर्व उसी वित्‍तीय वर्ष में बिना ई-टेण्‍डरिंग से कुल रूपये की खेल सामग्री व अन्‍य खरीदी की गई? सामग्री का नाम, संख्‍या सहित सामग्री प्रदाय करने वाली फर्म का नाम सहित ब्‍यौरा दें?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) ई-टेण्डरिंग के आदेश सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा दिनांक 06.12.2014 को जारी किए गये है, जिसके अनुसार रूपये 2.00 लाख से अधिक की निविदा 01.01.2015 से ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल के माध्यम से किये जाने के निर्देश दिये गये है। वित्त विभाग के ई-टेण्डरिंग के संदर्भ में कोई निर्देश विभाग के लिए नहीं थे। ई-भुगतान की व्यवस्था दिनांक 26.02.2010 द्वारा लागू करने के निर्देश वल्लभ भवन कोषालय द्वारा पत्र क्रमांक/कोष/देयक/2010/353 दिनांक 16.02.2010 द्वारा जारी किये गये थे। (ख) ई-टेण्डरिंग ई-भुगतान व्यवस्था लागू करने में कोई विलम्ब नहीं हुआ। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्नांश के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता हैं।

सैफ खेलों में म.प्र. के खिलाडियों का प्रदर्शन

29. ( क्र. 6392 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) दिनांक 5 फरवरी 2016 से 16 फरवरी के मध्‍य असम एवं मेघालय राज्‍य के गौहाटी एवं शिलांग में आयोजित सैफ खेलों में म.प्र. से कितने खिलाडियों ने किन-किन खेलों में हिस्‍सा लिया है? इनकी प्रदेश व राष्‍ट्रीय स्‍तर पर क्‍या-क्‍या उपलब्धियां थी? (ख) प्रश्‍नांकित सैफ खेलों में म.प्र. खेल अकादमी के किन-किन खिलाडियों का किस-किस खेलों हेतु चयन हुआ था? इन खेलों में खिलाडियों के अतिरिक्‍त कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी/कोच प्रतिनिधिमण्‍डल/ऑफिशियल तौर पर किन-किन दिनांकों में सम्मिलित हुए? (ग) प्रश्‍नांकित खिलाडियों एवं अधिकारियों पर शासन ने कितनी राशि खर्च की है? संबंधित अधिकारियों की किन-किन खेलों में क्‍या-क्‍या उप‍लब्धियां थी? (घ) शासन द्वारा इन्‍हें भेजने का क्‍या औचित्‍य था? क्‍या औचित्‍य का परीक्षण करायेंगे? सैफ खेलों में खिलाडियों का क्‍या-क्‍या प्रदर्शन रहा?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) दिनांक 5 फरवरी 2016 से 16 फरवरी के मध्य असम एवं मेघालय राज्य के गुवाहाटी एवं शिलांग में आयोजित सैफ खेलों में म.प्र. से हिस्सा लेने वाले खिलाडि़यों तथा इनकी प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-क अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ख अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ग अनुसार है। (घ) प्रदेश में विगत 10 वर्षों में खेल संस्कृति का विकास हुआ है। प्रदेश के खिलाडि़यों द्वारा राष्ट्रीय ही नहीं वरन् अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभागिता कर उत्कृष्ठ प्रदर्शन किया जा रहा है। ऐशियन गेम्स में प्रदेश के 06 खिलाडि़यों ने प्रतिभागिता की है एवं कॉमन वेल्थ गेम्स में भी प्रदेश के खिलाडि़यों द्वारा प्रतिभागिता कर अकादमी की शूटिंग खिलाड़ी सुश्री वर्षा वर्मन द्वारा कांस्य पदक अर्जित किया है। खेलों में दिन-प्रतिदिन नई-नई तकनीक आ रही है, साथ ही अत्याधुनिक खेल अधोसंरचना व खेल उपकरणों का उपयोग खेलों में किया जा रहा है। वर्तमान परिदृष्य में प्रदेश के खिलाडि़यों के प्रदर्शन में निखार लाने एवं उन्हे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिये तैयार किया जाना अति आवश्‍यक है। चूंकि यह आयोजन भारत में ही हुआ था इसलिये प्रदेश के अधिकारियों का एक दल साउथ एशियन गेम्स के अवलोकन हेतु भेजा गया था, जिससे अधिकारियों की समझ भी अत्याधुनिक खेल तकनीकी ज्ञान के अनुरूप हो सके। अतः औचित्य के परीक्षण का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। प्रदेश के खिलाडि़यों की प्रदर्शन संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-घ अनुसार है। 

अलीराजपुर जिले में कौशल विकास केन्‍द्रों के शिक्षार्थियों को रोजगार

30. ( क्र. 6424 ) श्री माधो सिंह डावर : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अलीराजपुर जिले में कितने कौशल विकास केन्‍द्रों में कितने विद्यार्थी विगत 5 वर्षों में प्रशिक्षण प्राप्‍त कर चुके हैं? (ख) कितने विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप प्रदान की गई? (ग) कितने विद्यार्थियों को रोजगार प्राप्‍त हुआ विकासखण्‍डवार जानकारी प्रदान करें?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (ग) की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट ''पंद्रह''

 

पुल, पुलिया एवं मार्ग निर्माण कार्यों की स्‍वीकृति

31. ( क्र. 6433 ) श्री राजकुमार मेव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक खरगोन जिले में विधानसभा क्षेत्र वार कितने-कितने कार्य, कितनी-कितनी राशि के कौन-कौन से मार्ग, स्‍वीकृत किये गये है? कितने कार्य पूर्ण किये? कितने कार्य अपूर्ण है? समावधि के पश्‍चात अपूर्ण रहने का क्‍या कारण है? दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्‍न (क) के संदर्भ में खरगोन जिले में कितनी राशि के एवं कौन-कौन से कार्य स्‍वीकृत किये कितने कार्य पूर्ण हुये, कितने कार्य अपूर्ण है? कितने कार्य समयावधि के पश्‍चात भी अपूर्ण है? अपूर्ण रहने का क्‍या कारण है? कार्यवार जानकारी दी जावे तथा दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक विधानसभा क्षेत्र महेश्‍वर के अंतर्गत पुल, पुलिया एवं मार्ग निर्माण की स्‍वीकृति हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा कौन-कौन से कार्यों के लिए किस-किस दिनांक को प्रस्‍ताव भेजे गये? प्रस्‍तावों पर क्‍या कार्यवाही की गई? कौन-कौन से मार्ग निर्माण के कार्यों के प्राक्‍कलन बनाने हेतु कनिष्‍ठ अधिकारियों को निर्देश दिये गये? (घ) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिये गये प्रस्‍तावों पर विभाग द्वारा विगत दो वर्षों से कोई भी विचार नहीं किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या कारण है? क्‍या वर्ष 2016-17 के बजट में प्रश्‍नकर्ता द्वारा बताए गए अति महत्‍वपूर्ण प्रस्‍तावित पुल,पुलिया एवं मार्गों की स्‍वीकृति हेतु राशि का प्रावधान किया जावेगा? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करे?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) विस्‍तृत विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' एवं ''अ-1'' अनुसार है। (ख) विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' एवं ''अ-1'' अनुसार है। (ग) विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) जी नहीं। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। शेष विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

झारखंड में आयोजित पदक विजेयताओं खिलाडि़यों के प्रशिक्षकों को प्रावधानित राशि

32. ( क्र. 6453 ) श्री तरूण भनोत : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या दिनांक 13.07.2012 को झारखण्‍ड राष्‍ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले पदक विजेयता खिलाडि़यों को पुरस्‍कार राशि देने के दौरान प्रदेश के मान. मुख्‍यमंत्री ने उनके प्रशिक्षकों को प्रावधानित राशि की दुगनी राशि देने की घोषणा की थी? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या संचालक खेल एवं युवा कल्‍याण म.प्र. ने सचिव, म.प्र शासन खेल एवं युवा कल्‍याण विभाग भोपाल को अपने पत्र क्रमांक 3475 दिनांक 24.08.2012 को राष्‍ट्रीय खेल झारखण्‍ड में पदक विजेयता खिलाडि़यों के प्रशिक्षकों को दुगनी पुरस्‍कार राशि दिये जाने हेतु एवं प्रश्‍नकर्ता ने भी अपने पत्र क्रमांक 2851 दिनांक 17.07.2015 को लेख किया था? (ग) यदि हाँ, तो उक्‍त लेख किये गये पत्रों पर शासन ने अब तक क्‍या कार्यवाही की? (घ) अब कब तक मान. मुख्‍यमंत्री जी की घोषणानुसार एवं लेख किये गये पत्रों के आधार पर उक्‍त प्रशिक्षकों को प्रावधानित राशि से दुगनी पुरस्‍कार राशि का भुगतान किया जावेगा?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) आज दिनांक तक विधिवत घोषणा प्राप्त नहीं हुई है। (ख) जी हाँ। (ग) शासन से संबंधित है। (घ) प्रकरण में समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। 

नयागांव लेवड फोरलेन अतंर्गत रतलाम ग्रामीण के मार्ग का रख-रखाव

33. ( क्र. 6505 ) श्री मथुरालाल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नयागांव से लेबड फोरलेन मार्ग में रतलाम ग्रामीण क्षेत्र का लगभग 55 किमी का फोरलेन मार्ग समाहित है? क्‍या उक्‍त मार्ग एवं डिवायडरों का रख-रखाव, वाहनों व वाहन चालकों एवं यात्रियों की सुविधाओं का ध्‍यान निर्धारित मापदण्‍डों अनुसार किया जा रहा है? निर्धारित किये गये मापदण्‍डों सहित सम्‍पूर्ण जानकारी से अवगत करायें? (ख) प्रश्नांश (क) का हाँ, तो वर्तमान में मार्ग की स्थिति जीर्णशीर्ण क्‍यों है? डिवाइडरों को जगह-जगह से तोड़कर रास्‍ता किस प्रकार और क्‍यों बना लिया जाता है? आसानी से डिवाईडर कैसे तोड़े जा सकते है? तोड़े गये डिवाइडरों की मरम्‍मत क्‍यों नहीं हो पा रही है? डिवाइडरों में वाहनों के लाईट रिफलेक्‍शनों को रोकने के लिये झाडि़यों अथवा बड़े पौधों की रोपड़ी एवं उनका रख-रखाव विगत चार वर्षों से क्‍यों नहीं किया जा रहा है? मार्ग के ब्रिजों पर एवं अन्‍य स्‍थलों पर प्रकाश हेतु प्रावधित की गई स्‍ट्रीट लाटें क्‍यों नहीं जल पा रही है? टोल नाकों पर अत्‍यधिक समय क्‍यों और किन कारणों से लगता है? दो पहिया, आपातकालीन वाहनों एवं व्‍ही.आई.पी. वाहनों के लिये टोल पर पृथक-पृथक व्‍यवस्‍था क्‍यों नहीं की गई है? (ग) प्रश्नांश (क) यदि नहीं, तो क्‍या सरकार उक्‍त फोरलेन पर उपरोक्‍तानुसार वाहनों के आवागमन को सुगम, सुरक्षित, सुविधायुक्‍त एवं जान-माल की हानि न हो इस हेतु कोई सार्थक कार्ययोजना बना रही है? यदि हाँ, तो किस प्रकार की योजना है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। मार्ग के डिवाइडरों का रख रखाव, वाहनों व वाहन चालकों एवं यात्रियों की सुविधाओं का ध्‍यान निर्धारित मापदण्‍डों अनुसार किया जा रहा है। निर्धारित किये गये मापदण्‍ड अनुबंध के शेड्यूल 'के' एवं शेड्यूल 'एम' पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) मार्ग की स्थिति जीर्ण-शीर्ण नहीं है। मार्ग का संधारण एक नियमित सतत् प्रक्रिया है, जिसे निवेशकर्ता कम्‍पनी द्वारा किया जाता है फोरलेन मार्ग पर दांयी लेन से बायीं लेन और बायीं लेन से दांयी लेन जाने हेतु मीडियन ओपनिंग की गई है, जहाँ से वाहन आसानी से दूसरी ओर की लेन में जा सकते है। कतिपय असामाजिक तत्‍वों द्वारा मीडियन (डिवाईडर) तोड़कर वहां से वाहन ले जाते है। उन टूटे हुए डिवाईडर को बार-बार निवेशकर्ता कम्‍पनी द्वारा बनाया जाता है। मीडियन की झाडियों का रख-रखाव भी मार्ग संधारण की श्रेणी में आता है, जिन्‍हें निरंतर किया जाना है। लेबड-जावरा फोरलेन पर अनुबंधानुसार 73 स्‍थानों पर विद्युत संयोजन किया जाना है, जिसमें 16 स्‍थानों पर विद्युत संयोजना किया गया है, शेष प्रगतिरत है। बिलपांक टोल नाके पर भूमि उपलब्‍ध नहीं होने के कारण दो पहिया वाहन के लिये अतिरिक्‍त लेन नहीं बनाई गई, जिस कारण अत्‍यधिक समय लगता है। (भूमि विवाद के कारण उच्‍च न्‍यायालय में प्रकरण प्रचलित है।) (ग) लेबड-नयागांव फोरलेन मार्ग आवागमन के लिये सुगम, सुरक्षित, सुविधायुक्‍त मार्ग है। जनधन की हानि का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। शासन स्‍तर से और कोई योजना विचाराधीन नहीं है।

विश्राम गृह का निर्माण

34. ( क्र. 6535 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ जिलें की विधानसभा क्षेत्र खिलचीपुर अंतर्गत नगर पंचायत छापीहेड़ा एवं नगर पंचायत माचलपुर में विश्राम गृह निर्माण किये जा सकते है? (ख) क्‍या विधानसभा क्षेत्र खिलचीपुर अंतर्गत नगर पंचायत छापीहेड़ा एवं नगर पंचायत माचलपुर में विश्राम गृह निर्माण की कार्य योजना प्रस्‍तावित है? यदि नहीं, तो कब तक प्रस्‍तावित की जावेगी? (ग) क्‍या विश्राम गृह निर्माण की योजना लंबित है? यदि हाँ, तो कब तक विश्राम गृह निर्माण कार्य प्रारंभ हो जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

औद्योगिक क्षेत्र में आवंटित भूखण्‍डों पर उद्योग स्‍थापित

35. ( क्र. 6656 ) श्री के. के. श्रीवास्‍तव : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विगत 5 वर्षों में टीकमगढ़ स्थित औद्योगिक क्षेत्र ढोंगा में कितने उद्यमियों को भूखण्‍डों का आवंटन किया गया है? कब-कब, किसे आवंटन हुआ? नाम सहित सूची उपलब्‍ध करायें। (ख) आवंटित उद्यमियों में से कितने उद्यमियों ने उद्योग स्‍थापित किया? कितनों ने नहीं किया? अलग-अलग सूची दें। (ग) स्‍थापित किये गये उद्योगों में से कितने वर्तमान में चालू है? कितने कब से बंद है? बंद उद्योगों को चालू कराने हेतु क्‍या कार्यवाही हुई? (घ) भूखण्‍ड आवंटन पश्‍चात कितनी समयावधि में उद्योग स्‍थापित करने का नियम है नियमों के उल्‍लंघन की स्थिति में क्‍या आवंटन निरस्‍त होने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो कार्यवाही का पालन क्‍यों नहीं किया गया।

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) से (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) भू-खण्‍ड आवंटन के पश्‍चात आधिपत्‍य दिनांक से लघु उद्योगों हेतु 02 वर्ष, मध्‍यम उद्योगों हेतु 03 वर्ष व वृहद उद्योगों हेतु 04 वर्ष की समय-सीमा में उद्योग स्‍थापित करने का नियम है। जी हाँ। समयावधि में उद्योग स्‍थापना होने के कारण कार्यवाही करने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट ''सोलह''

 

 

शिक्षक संवर्ग के व्‍ही.आर.एस. लेने के आवेदनों पर कार्यवाही

36. ( क्र. 6727 ) श्री जितू पटवारी : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के तकनीकी शिक्षा विभाग में शिक्षकीय संवर्ग में वी.आर.एस. लेने के क्‍या नियम हैं वर्तमान में वी.आर.एस. प्राप्‍त करने के लिए किन-किन शिक्षकों के कितने प्रकरण विचाराधीन हैं? नामवार, विषयवार एवं दिनांकवार जानकारी दी जावे? (ख) तकनीकी शिक्षा विभाग से धारणाधिकार प्राप्‍त कर बरकतउल्‍लाह विश्‍वविद्यालय भोपाल द्वारा स्‍थायी सेवा में चयन किये गये शिक्षकीय संवर्ग के किस आवेदक द्वारा विभाग से नियमों के अनुरूप वी.आर.एस. प्राप्‍त करने हेतु वर्ष 2013 में आवेदन प्रस्‍तुत किया था? यदि हाँ, तो प्रकरण में क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में विभाग के पत्र क्रमांक प्रशा./2/राज./जी/2013/926 दिनांक 14.08.13 एवं क्रमांक 1699 दिनांक 22.12.14 तथा क्रमांक 338 दिनांक 17.03.15 में बरकतउल्‍लाह विश्‍वविद्यालय को लिखे गये पत्रों से संबंधित प्रकरण में वी.आर.एस. स्‍वीकृत किये जाने की कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? विलंब के लिये कौन उत्‍तरदायी है एवं कब तक निर्णय लेकर कार्यवाही की जावेगी?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। डॉ. प्रकाश वर्मा, प्राध्‍यापक मैकेनिकल, इंजीनियर का दिनांक 01.05.2016 से स्‍वैच्छिक सेवानिवृत्ति का आवेदन प्राप्‍त हुआ है। (ख) डॉ. अनुपम पाठक, व्‍याख्‍याता फार्मेसी से प्राप्‍त स्‍वैच्छिक सेवानिवृत्ति स्‍वीकृति आवेदन विभागीय आदेश दिनांक 21.03.2016 द्वारा अमान्‍य किया गया है। (ग) प्रश्‍नांक '''' में दिये गये उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

पवई विधानसभा क्षेत्र में नवनिर्मित सड़कों की स्थिति

37. ( क्र. 6736 ) श्री मुकेश नायक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्‍ना जिले के पवई विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2011-2012 के बाद से फरवरी 2016 तक कौन-कौन सी नई सड़कें बनाई गयी या बनाई जा रही है? (ख) इन सड़कों की लागत और फरवरी 2016 तक निर्माण की स्थिति तथा निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदारों को भुगतान की गयी राशि का विवरण देवें? (ग) क्‍या टिकरिया से बुधरोड़, सिमरा से पवई, बिलपुरा से मलघन और कुंआताल से टपरियन मार्गों की गुणवत्‍ता में कमी और खस्‍ता हालत के बारे में प्रश्‍नकर्ता विधायक और अन्‍य नागरिकों ने विभाग और शासन को समय-समय पर शिकायतें की हैं? यदि हाँ, तो उन शिकायतों पर क्‍या कार्यवाही की गयी? (घ) क्‍या लोक निर्माण के मुख्‍य अभियंता, सागर और अधीक्षण अभियंता समय-समय पर सड़कों की स्थिति की जाँच कराते हैं? यदि हाँ, तो दिनांक 01.04.2011 से फरवरी 2016 तक पवई विधानसभा क्षेत्र में किन सड़कों की जाँच की गयी और उनके क्‍या परिणाम निकले?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' एवं ''अ-1'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ के स्‍तम्‍भ 8 एवं 9 अनुसार है। (घ) जी हाँ। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ के स्‍तम्‍भ 9 एवं 10 एवं '' अनुसार है।

दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही

38. ( क्र. 6738 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) डब्‍ल्‍यू.बी.एम. रिपेयरिंग आफ बरही एप्रोच रोड लम्‍बाई 3 किलोमीटर लोक निर्माण विभाग रीवा द्वारा ई-टेन्‍डरिंग निविदा क्रमांक 20421 (दैनिक जागरण समाचार पत्र) विज्ञापन के माध्‍यम से जारी की गई थी? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में यदि हाँ, तो पी.डब्‍ल्‍यू.डी. विभाग द्वारा परफॉर्मेंस राशि एवं सिक्‍योरिटी राशि जमा कराकर कार्य करने हेतु अनुबंध 264/डी.एल./2014-15 दिनांक 23.02.2015 कार्य समय दो माह कराया गया था? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संबंध में यदि हाँ, तो उपरोक्‍त कार्य प्रारंभ कराये गए? यदि हाँ, तो कार्य की क्‍या स्थिति है? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण स्‍पष्‍ट बतावें? (घ) प्रश्नांश (क), (ख), (ग) के प्रकाश में कौन दोषी है? दोषी का नाम बतावें? दोषी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? कार्यवाही नहीं की गई तो क्‍यों? कारण बताते हुए कार्यवाही की समय-सीमा बतावें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ, निविदा क्रमांक 20421 नहीं अपितु 1042(ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। स्‍थानीय नागरिकों द्वारा विवाद उत्‍पन्‍न होने के कारण कार्य नहीं किया जा सका। (घ) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में कोई दोषी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होते।

नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने हेतु शासन की कोई योजना

39. ( क्र. 6742 ) श्रीमती अर्चना चिटनिस : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या बुरहानपुर जिले में नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के संबंध में शासन की कोई योजना है? (ख) यदि हाँ, तो उद्योग विभाग को कितनी भूमि आवंटित की गई है, तथा इसमें शासन द्वारा क्‍या-क्‍या मूलभूत सुविधाएं विकसित करने एवं गतिविधियां संचालित करने का प्रावधान है? कितना क्षेत्रफल प्रस्‍तावित है? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में यदि शासन द्वारा कार्यवाही की जा रही है तो कार्यवाही की अद्यतन स्थिति क्‍या है? (घ) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में क्‍या शासन द्वारा कार्यवाही पूर्ण किये जाने की कोई समय-सीमा निर्धारित है? यदि हाँ, तो कब तक?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ। (ख) से (घ) बुरहानपुर जिले में ग्राम रेहटा-खाडकोद की 30.58 हेक्‍टेयर भूमि पर नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाना प्रस्‍तावित है। जिसके लिए डी.पी.आर. बनाने हेतु कन्‍सलटेंट नियुक्ति किया गया है। नियुक्‍त कंसलटेंट द्वारा कतिपय तकनीकी एवं व्‍यवहारिक कठिनाई इंगित की गई है। कंसलटेंट द्वारा इंगित कठिनाई के फलस्‍वरूप परियोजना का क्रियान्‍वयन वर्तमान में स्‍थगित रखा गया है।

वनग्रामों तक मूलभूत सुविधाओं के संबंध में

40. ( क्र. 6776 ) श्री सचिन यादव : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदौर संभाग में कुल कितने वन ग्राम हैं? तहसीलवार, वनपरिक्षेत्रवार वनग्रामों की जानकारी दें? (ख) उक्‍त वन ग्रामों में सड़क, बिजली, पानी इत्‍यादि जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्‍ध है हाँ, तो बतायें नहीं तो कारण सहित जानकारी दें? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में कौन-कौन से उक्‍त वनग्राम प्रश्नांश (ख) में दर्शित सुविधाओं से वंचित हैं और इसके लिए शासन स्‍तर पर क्‍या कार्यवाही की जा रही है? (घ) विद्युतविहीन वनग्रामों में कब तक विद्युत सुविधा उपलब्‍ध करा दी जायेगी एवं सड़क विहीन वनग्रामों को सड़क मार्ग निर्माण कराकर उन्‍हें कब तक मुख्‍य धारा से जोड़ा जायेगा? (ड.) विगत 03 वर्षों में उक्‍त वनग्रामों की मूलभू‍त सुविधाएं मुहैया कराये जाने हेतु कुल कितना-कितना बजट किस-किस कार्य के लिए खर्च किया गया और कितना शेष रहा?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) एवं (ख) इन्दौर संभाग में कुल 257 वनग्राम हैं। 8 वन ग्राम जिनमें बिजली की सुविधा नहीं है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) उत्तरांश एवं अनुसार बजट की उपलब्धता अनुसार कार्यवाही की जाती है। (घ) उत्तरांश एवं में वर्णित वनग्रामों में सड़क की सुविधा उपलब्ध है। विद्युतविहीन वनग्रामों में विद्युत व्यवस्था करने की समय-सीमा बतायी जाना संभव नहीं है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

ग्‍वालियर में पी.एच.डी. परीक्षा

41. ( क्र. 6799 ) श्री पन्‍नालाल शाक्‍य : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जीवाजी विश्‍वविद्यालय ग्‍वालियर में पी.एच.डी. प्रवेश परीक्षा सी.ई.टी. 2015 में क्‍या सभी परिक्षार्थियों को दोनों माध्‍यम में प्रश्‍न पत्र विवरण किये गये थे? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) यदि हाँ, तो प्रबंध विषय में मात्र अंग्रेजी माध्‍यम में प्रश्‍न पत्र शोधार्थियों को क्‍यों वितरण किया गया? (ग) क्‍या प्रबंध विषय में आरक्षण नियमों की अनदेखी की गई क्‍या वंचित छात्रों को क्‍या राहत देंगे?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी नहीं। प्रबंध, विधि एवं विज्ञान में अंग्रेजी माध्यम से प्रश्न पत्र वितरित किये गये। (ख) प्रबंध, विधि एवं विज्ञान विषय में अध्ययन/अध्यापन कार्य अंग्रेजी भाषा में किया जाता है। (ग) जी नहीं, समस्त विषयों में आरक्षण नियमों का पूर्णत: पालन किया गया।

स्‍थानांतरण पर कार्य मुक्‍त

42. ( क्र. 6800 ) श्री पन्‍नालाल शाक्‍य : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्रीमती अर्चना श्रोत्रिय प्राध्‍यापक वनस्‍पति शास्‍त्र को स्‍थानांतरण पर शासकीय महाविद्यालय जीरापुर हेतु कार्यमुक्‍त किया गया? इस पर माननीय न्‍यायालय ने यथास्थिति बनाये रखने का आदेश दिया तब श्रीमती श्रोत्रिय को वापिस शासकीय स्‍नातकोत्‍तर महाविद्यालय गुना में किस आदेश के तहत कार्यभार ग्रहण कराया गया? (ख) क्‍या श्रीमती अर्चना श्रोत्रिय स्‍थानांतरण प्रकरण में प्राचार्य शासकीय महाविद्यालय गुना ने उच्‍च शिक्षा विभाग को किसी अधिकारी की भूमिका को संदेहास्‍पद मानते हुये कार्यवाही करने का निवेदन किया है? यदि हाँ, तो प्राचार्य के निवेदन पर उच्‍च शिक्षा विभाग ने क्‍या कार्यवाही की है? यदि कोई जाँच हुई हो तो उस दोषी अधिकारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या श्रीमती श्रोत्रिय ने जिस आधार पर न्‍यायालय की शरण ली थी की वे स्‍वयं एवं उनके पति एक ही संस्‍था में कार्यरत है एवं वर्तमान में यह आधार निष्‍प्रभावी हो चुका है क्‍योंकि श्रीमती श्रोत्रिय के पति वर्तमान में शासकीय महाविद्यालय आरोन में पदस्‍थ है? क्‍या इस तथ्‍य से न्‍यायालय को अवगत कराया गया है, यदि नहीं, तो इसके लिये कौन अधिकारी जिम्‍मेदार है एवं उसके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की? (घ) क्‍या उक्‍त कार्य में तत्‍कालीन मुख्‍य लिपिक की भूमिका संदिग्‍ध है, क्‍योंकि उसने सेवा पुस्तिका में भी रिलीविंग व ज्‍वाईनिंग की प्रविष्टि नहीं की गई? मुख्‍य लिपिक व संबंधित प्राध्‍यापक के खिलाफ क्‍या कार्यवाही करेंगे या कार्यवाही प्रस्‍तावित है?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। कार्यमुक्त पश्चात प्रभारी प्राचार्य गुना द्वारा नियम विरूद्ध पुन: कार्यभार ग्रहण करने से प्रभारी प्राचार्य डॉ. नूतन कुलश्रेष्ठ को निलंबित कर जाँच की जा रही है। (ख) जी हाँ। वर्तमान नियमित प्राचार्य द्वारा प्रतिवेदन भेजे जाने पर तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य डॉ. नूतन कुलश्रेष्ठ को आदेश दिनांक 15.02.2016 द्वारा निलंबित किया गया। विभागीय जाँच के निष्कर्ष उपरांत नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। (ग) जी हाँ। इस तथ्य को अतिरिक्त जवाबदावा के माध्यम से माननीय न्यायालय को अवगत कराने की प्रक्रिया जारी होने से कार्यवाही किए जाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। जाँच में तत्कालीन प्रभारी मुख्य लिपिक श्री संतोष सक्सेना प्रयोगशाला तकनीशियन को निलंबित किया गया है। जाँच के उपरांत नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।

मास्‍टर ऑफ टेक्‍नालॉजी (एम.टेक.) के परिणाम

43. ( क्र. 6819 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्‍वविद्यालय भोपाल द्वारा एम. टेक. डिग्री की अवधि एवं परीक्षा परिणाम कब तक परीक्षा आयोजित करने के कितने समय बाद परिणाम घोषित करने एवं छात्रों को डिग्री देने के क्‍या मापदंड हैं? (ख) क्‍या राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्‍वविद्यालय भोपाल द्वारा वर्ष 2012-14 एम.टेक. डिग्री के सभी ब्रांचों के परीक्षा परिणाम एवं अधीनस्‍थ कॉलेजों द्वारा तय समय-सीमा में घोषित किये जा चुके है एवं छात्रों को डिग्री प्रदान कर दी गई है? (ग) क्‍या कम्‍प्‍यूटर साइंस ब्रांच एम.टेक. वर्ष 2012-14 के परिणाम राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्‍वविद्यालय भोपाल एवं उनके अधीनस्‍थ कॉलेज लक्ष्‍मी नारायण कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी भोपाल द्वारा परिणाम एवं डिग्री छात्र-छात्राओं को प्रश्‍न दिनांक तक प्रदान नहीं की गई है? (घ) कम्‍प्‍यूटर साइंस ब्रांच एम.टेक. वर्ष 2012-14 परिणाम एवं डिग्री कब तक प्रदान की जावेगी?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) की जानकारी एकत्रित की जा रही है।

धामनोद एवं धरमपुरी कॉलेजों में विज्ञान संकाय प्रारंभ करने बाबत्

44. ( क्र. 6846 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय स्‍नातकोत्‍तर महाविद्यालयों में अध्‍ययनरत प्रत्‍येक छात्रों को उच्‍च शिक्षा विभाग द्वारा मान्‍य समस्‍त संकायों की शिक्षा प्राप्‍त करने की उचित सुविधा उपलबध कराना शासन की जवाबदारी है अथवा नहीं? (ख) यदि हाँ, तो धरमपुरी विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत विभाग द्वारा संचालित धामनोद एवं धरमपुरी महाविद्यालयों में अध्‍ययनरत छात्रों को संस्‍था प्रारंभ से ही मात्र कला एवं वाणिज्‍य संकाय की सुविधा ही क्‍यों दी जा रही है? (ग) विज्ञान एवं गणित संकाय आदि की उच्‍च शिक्षा सुविधा उपलब्‍ध कराने की निरंतर मांग करने के बावजूद अब तक उक्‍त सुविधा से वंचित रखे जाने का कारण बतावें, तथा आगामी शिक्षा सत्र 2016-17 से उक्‍त संस्‍थाओं में विज्ञान एवं गणित आदि उ‍च्‍च शिक्षा की सुविधा उपलब्‍ध करा दी जावेगी अथवा नहीं बतावें?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) शासन की मंशा अध्ययनरत छात्रों को उचित सुविधा उपलब्ध कराना है। (ख) उपलब्ध संसाधन एवं आवश्यकता को ध्यान में रखकर निर्णय लिया जाता है। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार।

लोहा व्‍यवसाय को व्‍यापर में शामिल किया जाकर लोहा मण्‍डी की विधिवत स्‍थापना

45. ( क्र. 6849 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या लोहा व्‍यवसायी एवं निर्माता संघ भोपाल के पत्र दिनांक 25-2-13 पर महाप्रबंधक जिला व्‍यापार एवं उद्योग केन्‍द्र भोपाल के द्वारा उद्योग आयुक्‍त उद्योग संचालनालय भोपाल को पत्र पृ.क्र. जिव्‍याउके-भो/अधोविक/2014/1947 दिनांक 1-3-14 प्रेषित कर लोहा व्‍यापार की गतिविधियों को अन्‍य बातों के साथ ही साथ उद्योग विभाग के कार्यक्षेत्र में समाहित किये जाने हेतु निर्माण लिए जाने के लिए प्रेषित किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त पत्र पर उद्योग विभाग द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या लोहा व्‍यापार को उद्योग के रूप में मान्‍य करते हुए इनके व्‍यवसाय को संरक्षण प्रदान करने, उन्‍हें व्‍यवस्थित स्‍थान दिये जाने हेतु उद्योग विभाग सुनियोजित कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्‍यों? कारण बतायें? (घ) क्‍या लोहा मण्‍डी की भोपाल शहर में सुनियोजित स्‍थापना हेतु उद्योग विभाग शीघ्र कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्‍यों? कारण बतायें?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ। (ख) उद्योग संचालनालय ने म.प्र.लघु उद्योग निगम को पत्र भेजकर लोहा व्‍यवसायी एवं निर्माता संघ के व्‍यवस्‍थापन हेतु जिला प्रशासन द्वारा चिन्हित कान्‍हासैया की भूमि पर प्रस्‍ताव चाहा गया है। (ग) एवं (घ) जिला प्रशासन द्वारा चिन्हित कान्‍हासैया की भूमि का हस्‍तांतरण विभाग के नाम होने पर विचार किया जावेगा।

अपूर्ण सड़कें

46. ( क्र. 6853 ) श्री वीरसिंह पंवार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले में 1 अप्रैल 2004 से 2008 की अवधि में मान. मुख्‍यमंत्री जी की घोषणानुसार कौन-कौन सी सड़कों हेतु कितनी राशि स्‍वीकृत की गई? उक्‍त सड़कें की लम्‍बाई तथा पुल-पुलिया की संख्‍या बतायें? (ख) उक्‍त सड़कों में से किन-किन सड़कों का कार्य कब पूर्ण हुआ? किन-किन सड़कों का कार्य अपूर्ण है तथा क्‍यों? सड़कवार कारण बतायें? कार्य कब तक पूर्ण होगा? (ग) उक्‍त सड़कों में कहाँ-कहाँ पर पुल का निर्माण होना था? उक्‍त पुल निर्माण हेतु राशि स्‍वीकृत क्‍यों नहीं की गई? (घ) 1 अप्रैल 14 से प्रश्‍न दिनांक तक मान. मंत्रीजी तथा विभाग के अधिकारियों को उक्‍त सड़कों का कार्य पूर्ण कराने एवं पुल स्‍वीकृत हेतु किन-किन विधायकों के पत्र प्राप्‍त हुए तथा उन पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) मार्गों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं पुल की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'ब-1' अनुसार है।

प्राचीन मंदिरों का रख-रखाव

47. ( क्र. 6876 ) श्री राजकुमार मेव : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सिंहस्‍थ 2016 को दृष्टिगत रखते हुये विधानसभा क्षेत्र महेश्‍वर अंतर्गत नगर महेश्‍वर, मण्‍डलेश्‍वर, करही, ग्राम चोली एवं बाराद्वारी, गंगातखेड़ी आदि ग्रामों में स्‍थापित अति प्राचीन एवं पुरातन महत्‍व के मंदिरों के रख-रखाव, जीर्णोद्धार एवं संकेतक लगाने की क्‍या कार्ययोजना बनाई गई? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कौन-कौन से धार्मिक स्‍थलों के जीर्णोद्धार, रख-रखाव हेतु कितनी-कितनी राशि स्‍वीकृत की गई वर्तमान में स्‍वीकृत कार्यों की क्‍या स्थिति है? (ग) क्‍या श्रद्धालुओं एवं यात्रियों की सुविधा हेतु संकेतक लगाये गये हैं? यदि नहीं, तो कब तक लगाये जावेंगे? क्‍या प्राचीन पुरातन महत्‍व के मंदिर, स्‍थलों आदि की जानकारी हेतु कोई पुस्तिका का प्रकाशन किया गया है? यदि नहीं, तो कब तक कर दिया जावेगा ताकि धर्म प्रेमी जनता को दर्शन करने में सुविधा हो? (घ) विधानसभा क्षेत्र महेश्‍वर अंतर्गत कितने प्राचीन, पुरातन महत्‍व के धार्मिक स्‍थल/मंदिर, विभाग में दर्ज हैं एवं कौन-कौन नाम व ग्राम से दर्ज हैं? सूची उपलब्‍ध कराई जावे? क्‍या अभी भी पुराने प्राचीन मंदिर या दर्शनीय धार्मिक स्‍थल विभाग में दर्ज होने से छूटे हुये हैं? इन्‍हें कब तक विभाग में सूचीबद्ध कर लिया जावेगा?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) विधानसभा क्षेत्र महेश्‍वर के अंतर्गत महेश्‍वर-14 मण्‍डलेश्‍वर - 2 करही - 3 चोली - 3 अति प्राचीन शासन संधारित मंदिर है। ग्राम बारादवारी एवं गंगातखेडी में अति प्राचीन शासन संधारित मंदिर नहीं है। पुरातत्‍व महत्‍व के निम्‍नानुसार मंदिर है :- (1) गोरीसोमनाथ मंदिर-ग्राम चोली (2) कालेश्‍वर मंदिर - महेश्‍वर (3) केशव मंदिर - महेश्‍वर। वर्तमान में शासन संधारित मंदिरों में जीर्णोद्धार की आवश्‍यकता नहीं होने से कोई प्रस्‍ताव विभाग को प्राप्‍त नहीं हुये है। जो मंदिर अति प्राचीन मंदिर शासन संधारित नहीं है उनके जीर्णोद्धार हेतु कोई आवंटन नहीं दिया जाता है। शासन संधारित मंदिरों में संकेतक पूर्व से लगे हुये है कोई कार्ययोजना नहीं बनाई गई है। (ख) वर्तमान में शासन संधारित अति प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार की कोई आवश्‍यकता नहीं होने से राशि स्‍वीकृत नहीं की गई है। (ग) सिंहस्‍थ 2016 में आने वाले श्रद्धालुओं एवं या‍त्रियों की सुविधा हेतु पूर्व से शासन संधारित मंदिरों के संकेतक लगे हुये है। शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी ए‍कत्रित की जा रही है।

खेलों को मान्‍यता

48. ( क्र. 6897 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में देशी खेलकूद प्रोत्‍साहन हेतु किन-किन खेलों का शासन ने मान्‍यता दी? उक्‍त खेलों के अयोजनों, प्रोत्‍साहन आदि पर शासन ने वर्ष 2013 से जनवरी 2016 तक क्‍या-क्‍या कदम उठाये, व्‍यय राशि व निर्धारित नीति का ब्‍यौरा दें? (ख) राष्‍ट्रीय स्‍तर पर भारतीय खेलों में किन-किन खेलों को विभाग द्वारा मान्‍यता दी गई है? प्रदेश के किन-किन खेल संघों को तीन वर्ष में क्‍या-क्‍या खेल सहायता प्रदान की? (ग) उज्‍जैन संभाग में जिलेवार पंजीकृत खेल संस्‍थाओं का जिलेवार ब्‍यौरा क्‍या है?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) विभाग द्वारा प्रदेश के राज्य स्तरीय खेल संघों को नियमानुसार विभागीय मान्यता प्रदान की जाती है, खेलों को नहीं। वर्ष 2015-16 में मध्यप्रदेश एमेच्योर व्हॉलीबॉल संघ देवास, मध्यप्रदेश टेबल टेनिस संघ इन्दौर, मध्यप्रदेश टेनिस संघ इन्दौर, मध्यप्रदेश एमेच्योर कबड्डी संघ भोपाल, मध्यप्रदेश एमेच्योर क्याकिंग कैनोइंग संघ भोपाल एवं मध्यप्रदेश बास्केटबॉल संघ उज्जैन को विभागीय मान्यता प्रदान की गई है। विभाग द्वारा प्रदेश में उक्त खेलों के जिला, संभाग, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के प्रतियोगिता का आयोजन, अधिकृत प्रतियोगिता आयोजन हेतु खेल संघों को अनुदान, खिलाडि़यों को अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में चयन होने पर भाग लेने व किट हेतु आर्थिक सहायता, राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु ट्रेकसूट एवं प्रतियोगिता स्थल पर आने-जाने का किराया (रियायती दरों का), अन्तर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक अर्जित करने पर पुरस्कार राशि प्रदान की गई है। उक्त सारी योजनाओं पर विभाग द्वारा वर्ष 2013 से जनवरी 2016 तक राशि रू. 41,11,70,000/- का व्यय किया गया है। खेल नीति 2005 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) राष्ट्रीय स्तर पर विभाग द्वारा खेल संघों को मान्यता प्रदान नहीं की जाती। प्रदेश स्तर के खेल संघों को संचालनालय द्वारा गत 03 वर्षों में प्रतियोगिता आयोजन हेतु अनुदान स्वीकृत किया गया, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) विभाग द्वारा खेल संस्थाओं के पंजीकरण का कार्य संपादित नहीं किया जाता है, वरन् राज्य स्तरीय खेल संघ/संस्थाओं को नियमानुसार विभागीय मान्यता प्रदान की जाती है। अतएव जानकारी दी जाना सम्भव नहीं है।

फुटबाल संघों को अनुदान

49. ( क्र. 6912 ) श्री बाला बच्‍चन : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने की दृष्टि से राज्‍य सरकार द्वारा प्रदेश के किन-किन फुटबॉल संघों को राज्‍य स्‍तर एवं जिला स्‍तर पर विगत 3 वर्षों में कितनी अनुदान राशि, आर्थिक सहायता प्रदान की गई एवं दी गई राशि से क्‍या कार्य संपन्‍न हुये? (ख) प्रदेश स्‍तरीय एवं जिला स्‍तरीय फुटबॉल संघों को उपलब्‍ध कराये गये अनुदान के उपयोग का सत्‍यापन क्‍या विभाग द्वारा कराया गया है? यदि हाँ, तो किस स्‍तर के अधिकारी ने सत्‍यापन किया एवं जाँच में क्‍या पाया गया? (ग) जिला फुटबॉल संघ भोपाल को विगत 03 वर्षों में विभाग द्वारा दी गई सहायता राशि से आयोजित कार्यक्रमों के संबंध में अनियमितता की कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई? क्‍या उनकी जाँच करायी गयी एवं उसमें क्‍या स्थिति पायी गयी?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) संचालनालय द्वारा विगत 03 वर्षों में फुटबॉल संघ को अनुदान स्वीकृत नहीं किया गया है। जिलों से विगत 03 वर्षों में फुटबॉल संघ को स्वीकृत अनुदान की जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) विभाग द्वारा प्रदेश स्तरीय या जिला स्तरीय खेल संघों को स्वीकृत अनुदान का सत्यापन नहीं किया जाता है। प्रतियोगिता आयोजन उपरान्त खेल संघ प्राप्त अनुदान का उपयोगिता प्रमाण पत्र विभाग को प्रस्तुत करते है। अतएव शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जिला फुटबॉल संघ, भोपाल को विगत 03 वर्षों में विभाग द्वारा किसी प्रकार की आर्थिक सहायता स्वीकृत नहीं की गई है। अतएव शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

विदिशा जिला अंतर्गत सड़क निर्माण कार्य

50. ( क्र. 6936 ) श्री कल्याण सिंह ठाकुर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या लोक निर्माण विभाग द्वारा कुआखेडी से गंज बासौदा तक सड़क निर्माण कराया गया है साथ ही अब पर्यटन सड़क के रूप में सड़क चौड़ीकरण कार्य कराया जायेगा? (ख) क्‍या ग्राम महेन्‍देर तहसील गुलाबगंज के कृषकों की सड़क निर्माण में ली गई भूमि का मुआवजा अभी तक भुगतान नहीं किया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) शासन स्‍तर पर मान. मुख्‍यमंत्री महोदय के निर्देश पर तहसील गुलाबगंज द्वारा सर्वे कर अधिगृहित की गई एवं की जाने वाले कुल रकबा 0.810 हे. का मुआवजा देने का प्रतिवेदन लोक निर्माण विभाग को भेजा गया था परंतु विभाग द्वारा भुगतान न करने का क्‍या कारण? (घ) शासन ग्राम महेन्‍देर के कृषकों को मुआवजा का भुगतान कब तक करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। वर्तमान में चौड़ीकरण का कार्य प्रगति पर है। (ख) जी हाँ। तत्‍समय कृषकों से सहमति लेकर मार्ग का निर्माण कराया गया भूमि अधिग्रहण प्रकरण का परीक्षण किया जा रहा है। (ग) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रकरण परीक्षणाधीन है। निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

सड़कों का कार्य समय-सीमा में पूर्ण करना

51. ( क्र. 6937 ) श्री कल्याण सिंह ठाकुर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र विदिशा में विगत 03 वर्षों में लोक निर्माण विभाग अधीन कितने सड़क कार्य स्‍वीकृत किये गये वर्षवार मार्गवार स्‍वीकृत सड़क निर्माण कार्यों की जानकारी उपलब्‍ध करायें? (ख) प्रश्नांश (क) के क्रम में स्‍वीकृत सड़क निर्माण कार्यों में से कितने सड़क कार्य पूर्ण है एवं कितने अप्रारंभ अवस्‍था में है, अथवा अपूर्ण अवस्‍था में है? (ग) प्रश्नांश (ख) के क्रम में कार्य अपूर्ण अप्रारंभ रहने के कारण सहित जानकारी दें एवं उक्‍त कार्यों के पूर्ण किये जाने की निश्चित अवधि क्‍या थी? क्‍या शासन शीघ्र ही समय-सीमा में कार्य पूर्ण किये जाने के संबंध में कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक जानकारी उपलब्‍ध करायें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार।

चित्रकला, मराठी, संगीत एवं नृत्‍य विषय में स्‍वीकृत रिक्‍त पद

52. ( क्र. 6956 ) श्री अनिल फिरोजिया : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. के शासकीय महाविद्यालयों में चित्रकला, मराठी, संगीत व नृत्‍य के कितने स्‍वीकृत पद हैं? (ख) उक्‍त विषयों में कितने प्राध्‍यापक व सहा. प्राध्‍यापक कार्यरत हैं एवं कितने पद रिक्‍त हैं? (ग) उक्‍त विषयों के रिक्‍त पदों को भरने की क्‍या कार्यवाही की गई है? विषयवार जानकारी उपलब्‍ध करवावे?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) प्रदेश के शासकीय महाविद्यालय में चित्रकला में प्रा. 07, सहा.प्रा. 27, मराठी में प्रा. 02, सहा.प्रा. 09, संगीत में प्रा.05, सहा.प्रा. 35 एवं नृत्य में प्रा. 01, सहा.प्रा. 11 के पद स्वीकृत हैं। (ख) प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में चित्रकला में कार्यरत प्रा. 02, सहा.प्रा. 21/रिक्त प्रा. 05, सहा.प्रा. 06, मराठी में कार्यरत में प्रा. 00, सहा.प्रा. 01/रिक्त प्रा. 02, सहा.प्रा. 08, संगीत में कार्यरत प्रा. 04, सहा.प्रा. 27/रिक्त प्रा. 01, सहा.प्रा. 08 एवं नृत्य में कार्यरत प्रा. 00, सहा.प्रा. 05/रिक्त प्रा. 01, सहा.प्रा. 06 हैं। (ग) उक्त विषयों में रिक्त पदों की पूर्ति हेतु लोक सेवा आयोग द्वारा दिनांक 19.02.2016 को विज्ञापन जारी हो चुका है, जिसमें चित्रकला विषय में छात्र संख्या नगण्य होने से उनके पद विज्ञापित नहीं हो सके हैं। शेष विषयों में मराठी में सहा.प्रा. के 08, संगीत में सहा.प्रा. के 09 एवं नृत्य में सहा.प्रा. के 14 पद विज्ञापित हुए हैं। उल्लेखनीय है कि टंकण एवं गणितीय त्रूटि के कारण संगीत एवं नृत्य विषय में रिक्त पदों से अधिक पद विज्ञापित हो गये हैं जिसमें विज्ञापित पदों में संशोधन कराया जा रहा है।

भिण्‍ड जिले के लहार में आयोजित विधायक कप प्रतियोगिता में आर्थिक अनियमितता

53. ( क्र. 6971 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) भिण्‍ड जिले के लहार विधानसभा क्षेत्र में माह फरवरी 2016 में कौन-कौन सी खेल प्रतियोगिता आयोजित की गई और इन प्रतियोगिताओं हेतु खेल विभाग द्वारा कितनी राशि का आवंटन किस-किस कार्य हेतु दिया गया था उसमें कितना-कितना व्‍यय किस-किस कार्य हेतु किया गया? (ख) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या लहार में कबड्डी खेल हेतु आयोजित विधायक कप प्रतियोगिता में खेल अधिकारी श्रीमती मकसूद मिर्जा द्वारा विभाग द्वारा आवंटित राशि में आयोजन पर हुए व्‍यय का पूर्ण भुगतान न कर आर्थिक अनियमितताएं की है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या इसकी जाँच कराकर दोषी अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा माननीय विभागीय मंत्री एवं संचालक खेल एवं युवा कल्‍याण को माह फरवरी 2016 में लिखित शिकायत की थी? यदि हाँ, तो उक्‍त शिकायत पर क्‍या कार्यवाही की गई?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। (ग) प्रश्नोत्तर के प्रकाश में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। प्राप्त शिकायत पर जाँच की जा रही है।

परिशिष्ट ''सत्रह''

सबलगढ़ से अटार रोड निर्माण

54. ( क्र. 6975 ) श्री मेहरबान सिंह रावत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सबलगढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सबलगढ़ से चंबल नदी अटार घाट तक लगभग 12 कि.मी. सड़क जिस पर सैकड़ों यात्री तथा वाहन प्रतिदिन गुजरते है? सड़क में काफी गहरे गड्डे हो जाने से वाहनों को आने जाने में काफी परे‍शानियों का सामना करना पड़ रहा है? क्‍या शासन द्वारा इस रोड को मंजूर कर दिया गया है? (ख) यदि हाँ, तो बतावें कि इस रोड की लंबाई कितनी है? चौड़ाई कितनी है? स्‍वीकृत राशि कितनी है? (ग) उक्‍त सड़क का कार्य किस ठेकेदार को दिया गया है? ठेकेदार का नाम बतावें एवं कब तक कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) सबलगढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सबलगढ़ से अटार घाट तक के मार्ग का उन्‍नयनीकरण एवं चौड़ीकरण कार्य मय पुल पुलियों का प्रस्‍ताव का कार्य मुरैना-सबलगढ़ मार्ग के चौड़ीकरण, एवं उन्‍नयनीकरण कार्य (ई.पी.सी.मोड में) अनुबंध दिनांक 02.11.2015 के अंतर्गत चेंज ऑफ स्‍कोप के रूप में प्रस्‍तावित किया गया है, जिसकी पुनरीक्षित प्रशासकीय स्‍वीकृति प्राप्‍त होते ही संबंधित को कार्य संपादन हेतु आदेशित किया जावेगा। (ख) इस मार्ग की लंबाई 12.05 कि.मी. एवं चौड़ाई 7.00 मी. प्रस्‍तावित है। कार्य की अनुमानित लागत रू. 39.29 करोड़ है, जिसकी स्‍वीकृति अपेक्षित है। (ग) कार्य स्‍वीकृति उपरांत विद्यमान एजेन्‍सी मेसर्स राजश्‍याम कंस्‍ट्रक्‍शन प्रा.लि. गाजियाबाद द्वारा कार्य प्रारंभ किया जायेगा। समय-सीमा बताना संभव नहीं।

मुख्‍यमंत्री स्‍व रोजगार योजना अंतर्गत बैंकों द्वारा मनमानी

55. ( क्र. 6981 ) श्री मेहरबान सिंह रावत : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मुख्‍यमंत्री स्‍वरोजगार योजना के अंतर्गत सबलगढ़ विधान सभा क्षेत्र में युवाओं को रोजगार उपलब्‍ध कराने हेतु जिला उद्योग केन्‍द्र द्वारा विगत दो वर्षों 2014-15 एवं 2015-16 में कितने प्रकरण स्‍वीकृत किए गए? सूची उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्‍न (क) के अनुसार कितने प्रकरणों में बैंक मैनेजरों ने युवाओं से गारंटी के रूप में डी.डी. अथवा किसी शासकीय कर्मचारी की गारंटी लेकर ही प्रकरण स्‍वीकृत किए हैं? बैंक मैनेजर का नाम एवं उनके खिलाफ क्‍या कार्यवाही कब तक की जावेगी? (ग) 2014-15 एवं 2015-16 में उद्योग विभाग अथवा बैंकों द्वारा कितने प्रकरण अस्‍वीकृत किए है? उन आवेदनों के नाम एवं बैंकों के नाम सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें? (घ) जिन बैंकर्स ने ऋण वितरित नहीं किए गए हैं उनके विरूद्ध जिला प्रशासन क्‍या कार्यवाही करेगा? समयावधि बतावें?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अ अनुसार हैं। (ख) ऐसी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई हैं। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता हैं। (ग) विभाग द्वारा कोई प्रकरण अस्वीकृत नहीं किये गये है। वर्ष 2015-16 में बैंकों द्वारा 8 प्रकरण अस्वीकृत किये गये है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार हैं। (घ) जिला स्तरीय बैकर्स समिति की बैठकों में जिला प्रशासन द्वारा बैकर्स को ऋण वितरण हेतु निर्देशित किया जाता हैं।

संचालक तकनीकी शिक्षा की पी.एच.डी. से संबंधित शिकायत

56. ( क्र. 7001 ) श्री लोकेन्द्र सिंह तोमर : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या संचालक तकनी‍की शिक्षा की पी.एच.डी. से संबंधित शिकायत शासन व राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्‍वविद्यालय, भोपाल को की गई है? यदि हाँ, तो शिकायतकर्ता का नाम, पता एवं शिकायत की जानकारी उपलब्‍ध करायें? (ख) क्‍या शिकायतकर्ता ने उसके शोध कार्य को, श्री डोंगरे द्वारा स्‍वयं का शोध कार्य बताये जाने संबंधी शिकायत की है? यदि हाँ, तो प्रमाण देवें? क्‍या संदर्भ के रूप में लिये गये साहित्‍य का थिसिस में समावेश किया जाता है? संदर्भ के रूप में लिये गये साहित्‍य का थिसिस में समावेश करने का नियम/उपनियम को बतावें? (ग) क्‍या श्री डोंगरे की पी.एच.डी. थिसिस की आर.डी.सी. के स्‍वीकृति हेतु बोर्ड ऑफ स्‍टडी द्वारा क्‍या अनुशंसाएं की गई थी? क्‍या उन पर कुलपति का अनुमोदन लिया गया था? यदि हाँ, तो अनुमोदन का विवरण उपलब्‍ध करावें? (घ) क्‍या प्रश्‍न (क) में उल्‍लेखित पद की पी.एच.डी. थिसिस को मूल्‍यांकन/परीक्षकों को भेजने के पूर्व क्‍या कुलपति द्वारा अनुमोदन लिया गया था? अन्‍यथा कारण बतावें? श्री डोंगरे की शोध प्रबंध के मूल्‍यांकन करने वाले विषय विशेषज्ञों के नाम, पता एवं पद सहित बतावें?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। श्री मनीष दीक्षित, एच-8 स्‍टलिंग ग्रीन, चूना भट्टी कोलार रोड, भोपाल। शिकायत की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। जी हाँ। संदर्भ के रूप में लिये गये साहित्‍य को थीसिस में समावेश के नियम/उपनियम नहीं है। (ग) जी नहीं। (घ) जी हाँ। प्रमोद कुमार सिंह, प्रोफेसर, आई.आई.टी., बी.एच.यू., बनारस प्रोफेसर सी.बी.आर. मूर्ति, प्रोफेसर आई.आई.टी., चैन्‍नई।

परिशिष्ट ''अठारह''

मुख्‍यमंत्री युवा उद्यमी योजना के संबंध में

57. ( क्र. 7004 ) श्री मानवेन्द्र सिंह : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या प्रदेश में मुख्‍यमंत्री युवा उद्यमी योजना संचालित है? हाँ, तो किस वर्ष से, उल्‍ले‍ख कर आदेश/निर्देश जानकारी प्रस्‍तुत करें? (ख) क्‍या उक्‍त आदेश/निर्देश के तारतम्‍य में छतरपुर जिले में वर्ष 2014-15 में युवा बेरोजगारों के नाम ऋण प्रकरण स्‍वीकृत कर ऋण राशि/अंशदान/अनुदान राशि स्‍वीकृत की गई है? हाँ, तो स्‍वीकृत प्रकरणवार युवा उद्यमी का नाम/पता, उद्यम का प्रकार, स्‍वीकृत ऋण राशि, अंशदान/अनुदान की राशि का विवरण प्रस्‍तुत करें। (ग) क्‍या उक्‍त उद्यमियों को स्‍वीकृत ऋण राशि, अंशदान/अनुदान की राशि का भुगतान प्रश्‍न दिनांक तक किया जा चुका है? यदि उक्‍त में से कोई राशि का प्रश्‍न दिनांक तक भुगतान नहीं हो सका है, तो कारण स्‍पष्‍ट करते हुए दोषी अधिकारी/कर्मचारी का नाम/पदनाम बताएं? (घ) शासन, उक्‍त उद्यमियों को स्‍वीकृत ऋण, अंशदान/अनुदान की शेष राशि बैंक में जमा कराकर भुगतान करने के निर्देश जारी कर उक्‍त दोषियों के विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही करेगा? हाँ, तो अवधि बताएं?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) एवं (घ) प्रश्नांश ख के उत्तर में वर्णित स्वीकृत प्रकरणों में, जिनमें ऋण एवं अनुदान का वितरण नहीं हुआ है, प्रक्रियाधीन है। अत: शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

नर्सरियों से प्राप्‍त राजस्‍व एवं व्‍यय राशि

58. ( क्र. 7015 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वन अनुसंधान वृत्‍त रीवा अंतर्गत कितनी नर्सरियां कार्यरत हैं तथा इनके द्वारा वर्ष 2012 से प्रश्‍नांश तक में किन-किन प्रजाति के कितने-कितने पौधे किस-किस नर्सरी में तैयार कर बिक्री किये गये, तथा उनसे कितना राजस्‍व (आय) वन विभाग को किस-किस नर्सरी से प्रश्‍नांश दिनांक तक में प्राप्‍त हुआ? (ख) प्रश्नांश (क) के पौधों को तैयार करने में वर्ष 2012 से प्रश्‍नांश तक में कितनी-कितनी राशि पौधों के सिंचाई सुरक्षा, रख रखाव, क्‍यारियों के निर्माण, पॉलीथिन की खरीदी एवं पौधों के पॉलीथिन में रोपण, खाद बीज के क्रय में खर्च की गई? (ग) यदि प्रश्नांश (क) के पौधों को तैयार करने में राशि शासन से जारी मापदण्‍डों से हटकर खर्च की गई तथा पौधे उस मान से तैयार नहीं हुए, जिससे विभाग को राजस्‍व (आय) कम प्राप्‍त हुआ तो इसके लिये किन-किन को दोषी मानकर क्‍या कार्यवाही कब तक करेंगे? अगर नहीं तो क्‍यों?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) अनुसंधान एवं विस्‍तार वृत्‍त, रीवा के अंतर्गत रोपणियों में पौधे तैयार करने के लिये शासन द्वारा कोई मापदण्‍ड निर्धारित नहीं है। मध्‍यप्रदेश शासन, वन विभाग के ज्ञापन क्रमांक/प्र.मु.व.सं./कक्ष-अनुसंधान विस्‍तर एवं लोकवानिकी/अ.वि. /रोपणी/176/918, दिनांक 11.04.2012 तथा पत्र क्रमांक/अ.वि./रोपणी/176/605,‍दिनांक 06.03.2014 द्वारा जारी मापदंडों के अनुसार राशि व्‍यय किया जाकर इसके अनुरूप पौधे तैयार किये गये हैं। विभागीय रोपण हेतु प्रदाय किये गये पौधों के एवज में राजस्‍व (आय) प्राप्‍त नहीं किया गया है। निजी व्‍यक्तियों एवं संस्‍थाओं को विक्रय किये गये पौधों की राशि निर्धारित दर से प्राप्‍त की गई है। अत: कम राजस्‍व (आय) प्राप्‍त करने के लिए किसी को दोषी मानकर कार्यवाही करने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

शासन प्रावधानों के उल्‍लंघन

59. ( क्र. 7033 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिलान्‍तर्गत लोक निर्माण संभाग नौगांव के तहत वर्ष 2013 से 2016 तक वित्‍तीय वर्षों में सीमित निविदा पद्धति से कौन-कौन से भुगतान किसे-किस, कब-कब किये गये? (ख) जिन फर्मों, संस्‍थाओं, व्‍यक्तियों, ठेकेदारों को भुगतान किया गया क्‍या उनका टेन नंबर वेरी फाईड किया गया था? यदि हाँ, तो संबंधितों का टिन नंबर बतायें? (ग) क्‍या उपरोक्‍त भुगतान में भंडार क्रय नियमों का पालन तथा उसमें विहित प्रक्रिया का पालन किया गया?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) लोक निर्माण विभाग (भ/स) संभाग छतरपुर है, इस संभाग अन्तर्गत उप संभाग नौगांव है तथा वर्ष 2013 से 2016 तक वित्तीय वर्षों में कोई भी सीमित निविदा आंमत्रित नहीं की गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्‍तरांश-क अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्‍तरांश-क अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

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सिवनी जिले में वनों की कटाई

60. ( क्र. 7053 ) श्री दिनेश राय : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले में विगत विगत 5 वर्षों में वनों की कटाई का क्‍या लक्ष्‍य रखा गया था तथा उसके विरूद्ध कितने क्षेत्र में कटाई का कार्य किया गया तथा विगत तीन वर्षों में कितना राजस्‍व प्राप्‍त हुआ? (ख) क्‍या लक्ष्‍य से अधिक वनों की कटाई हो जाने के कारण जंगल कटाई पर शासन द्वारा रोक लगाई गई है? यदि हाँ, तो लक्ष्‍य से अधिक वन कटाई करने के लिए कौन-कौन अधिकारी जिम्‍मेदार हैं? (ग) सिवनी जिले में वनों की कटाई के विरूद्ध वन विभाग द्वारा विगत 5 वर्षों में कितनी भूमि पर पुर्नउत्‍पादन का कार्य किया गया? इस पर कितनी राशि का व्‍यय हुआ? (घ) क्‍या इन वनीकरण की भूमि पर रोपित अधिकांश पौधे देख-रेख के अभाव में नष्‍ट हो गए हैं तथा विभाग द्वारा पौधारोपण के पश्‍चात उनकी देख-रेख में लापरवाही बरती गई है? इसके लिए कौन अधिकारी जिम्‍मेदार है तथा उन पर क्‍या कार्यवाही की जा रही है? क्‍या इनसे इस पौधारोपण में व्‍यय हुई शासकीय धन की वसूली की जाएगी, यदि हाँ, तो कब तक?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) जी नहीं। वनीकरण की भूमि पर रोपित पौधे देख-रेख के अभाव में नष्ट नहीं हुये है और न ही तत्संबंध में कोई लापरवाही बरती गई है। शासन द्वारा निर्धारित प्रतिशत अनुसार पौधे जीवित पाये जाने से किसी भी अधिकारी के विरूद्ध जिम्मेदारी निर्धारित करने तथा हानि की राशि वसूली करने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

शासकीय महाविद्यालयों में रिक्‍त पदों की पूर्ति

61. ( क्र. 7054 ) श्री दिनेश राय : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले में कुल कितने शासकीय स्‍नातक/स्‍नातकोत्‍तर महाविद्यालय हैं? इन महाविद्यालय में प्राचार्य सहित प्राध्‍यापकों, सहायक प्राध्‍यापकों एवं अन्‍य संवर्ग के कितने-कितने अधिकारी/कर्मचारी कार्यरत हैं, कितने पद स्‍वीकृत हैं एवं कितने पद रिक्‍त हैं? जानकारी महाविद्यालयवार दी जावे? (ख) क्‍या उक्‍त पदों के रिक्‍त होने से विद्यार्थियों का कोर्स पूरा नहीं हो पाता है? शासन द्वारा उक्‍त रिक्‍त पदों की पूर्ति कब तक कर दी जावेगी? (ग) शासन द्वारा सिवनी महाविद्यालय में कितने अतिथि विद्वानों की किस-किस विषय में कब से किस मानदेय पर सेवायें ली गई हैं? क्‍या शासन उक्‍त अतिथि विद्वान जो कि कई वर्षों से लगातार सेवायें दे रहे हैं तथा पूर्ण योग्‍यता रखते हैं उन्‍हें पूर्व की भॉति सहायक प्राध्‍यापक बनाने पर विचार कर रहा है? यदि हाँ, तो कब तक उन्‍हें सहायक प्राध्‍यापक बना दिया जावेगा?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) 07 स्नातक तथा 01 स्नातकोत्तर महाविद्यालय संचालित है एवं 01 शासकीय विधि महाविद्यालय सिवनी में स्थित है जो अभी संचालित नहीं है। शेष उत्तर पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' तथा '''' पर दृष्टांकित है। (ख) जी नहीं। रिक्त पदों के विरूद्ध आवश्यकता अनुसार आमंत्रित अतिथि विद्वानों से शैक्षणिक कार्य पूर्ण किया जाता है। रिक्त पदों की पूर्ति हेतु लोक सेवा आयोग द्वारा दिनांक 19.02.2016 को विज्ञापन जारी किया जा चुका है। वस्तुत: रिक्त पदों की पूर्ति हेतु निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) सिवनी स्थित शासकीय पी.जी. महाविद्यालय एवं कन्या महाविद्यालय में वर्तमान में विषयवार आमंत्रित अतिथि विद्वानों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' पर दृष्टांकित है। जी नहीं, अतिथि विद्वानों को सहायक प्राध्यापक बनाये जाने की कोई नीति नहीं है। शेष प्रश्नांश का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

पी.एच.डी. उपाधि पर जाँच

62. ( क्र. 7072 ) श्री केदारनाथ शुक्ल : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विगत दिनों एक शिकायत के आधार पर राजीव गांधी तकनीकी विश्‍वविद्यालय भोपाल में एक शासकीय अधिकारी की पी.एच.डी. उपाधि पर जाँच प्रारंभ की गई है? डिग्री मिलने के कितने वर्ष बाद? क्‍या किसी शोधार्थी द्वारा प्‍लेगेरिजम के आरोप लगाये गये थे? (ख) संबंधित अधिकारी द्वारा अपनी थीसिस मूल्‍यांकन हेतु विश्‍वविद्यालय में कब प्रस्‍तुत की गई थी एवं उन्‍हें उपाधि कब प्रदान की गई? तिथियों सहित जानकारी देवें? प्रस्‍तुत थीसिस के मूल्‍यांकनकर्ताओं का चयन किसके द्वारा व किस आधार पर किया गया था? (ग) उपाधि प्रदान करने के कितने वर्ष बाद तक इस तरह जाँच की जा सकती है? (घ) क्‍या विभाग ने शिकायतकर्ता का नाम, पता व शिकायत का औचित्‍य जानने का प्रयास किया?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। डिग्री जारी होने के 01 माह उपरांत जाँच प्रारंभ की गई। शिकायतकर्ता शोधार्थी है अथवा नहीं बताया जाना संभव नहीं है। (ख) दिनांक 12.07.2012 को संबंधित अधिकारी द्वारा अपनी थिसिस मूल्‍यांकन हेतु विश्‍वविद्वालय में प्रस्‍तुत की। अधिसूचना दिनांक 15.07.2013 को अधिसूचना जारी की गई एवं दिनांक 20.11.2015 को डिग्री जारी की गई। विश्‍वविद्वालय के अध्‍यादेश क्रमांक 11 के प्रावधानों के तहत परीक्षा समिति की अनुशंसाओं के आधार पर माननीय कुलपति द्वारा मूल्‍यांकनकर्ता नियुक्‍त किये गये। (ग) उक्‍त संबंध में अध्‍यादेश 11 में कोई बंधन नहीं है। (घ) जी नहीं।

नियम विरूद्ध सुरक्षा एजेंसी को ठेका

63. ( क्र. 7096 ) श्री जितू पटवारी : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरकतउल्‍लाह विश्‍वविद्यालय भोपाल में सुरक्षा व्‍यवस्‍था हेतु डी.जी.आर. में पंजीकृत संस्‍थाओं से वर्ष 2009-10 में बुलायी गयी निविदा में चयनित एजेंसी को किन नियमों के अंतर्गत आज दिनांक तक निरंतर सुरक्षा संबंधी कार्य सौंपा गया है? (ख) क्‍या प्रत्‍येक वित्‍त वर्ष में सुरक्षा व्‍यवस्‍था हेतु निविदाएं बुलाना चाहिये किन्‍तु डी.जी.आर. दरों के विपरीत विगत छ: वर्षों से सुरक्षा एजेंसी को अनुचित लाभ हेतु वित्‍तीय अनियमितता कर विश्‍‍वविद्यालय अंकेक्षण/वित्‍त अधिकारी के संरक्षण में निविदा शर्तों के विपरीत वर्षवार कितनी राशि का भुगतान किया गया? (ग) क्‍या सुरक्षा एजेंसी द्वारा आलोच्‍य वर्ष में किये गये अनुबंध की शर्तों का उल्‍लंघन किया गया एवं फायनेन्शियल बिड में सुरक्षा एजेंसी द्वारा दो दरें दी गई, जो नियम विरूद्ध होने पर भी विगत छ: वर्षों से सुरक्षा एजेंसी के लाभ पहुँचाने के लिये कौन-कौन अधिकारी उत्‍तरदायी हैं क्‍या वित्‍तीय अनियमितता के लिये संबंधितों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? (घ) क्‍या विश्‍वविद्यालय में सुरक्षा एजेंसी को दिये गये नियम विरूद्ध कार्यादेश के विरूद्ध कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई एवं उन शिकायतों पर क्‍या कार्यवाही की गई? जबकि निविदा में दर्शायी दरों, वास्‍तविक भुगतान एवं तैनात किया गया सुरक्षा बल डीजीआर शर्तों के अनुसार नहीं लगाने के लिये क्‍या उत्‍तरदायित्‍व निर्धारित कर कार्यवाही की जावेगी?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) विश्वविद्यालय द्वारा कार्य-परिषद् की बैठक दिनांक 28.07.2009 में दिए गए अनुमोदन अनुसार संपादित अनुबंध दिनांक 18.08.2009 एवं पुन: संपादित अनुबंध दिनांक 18.02.2010 के अनुसार सुरक्षा हेतु चयनित ऐजेन्सी को सौंपे गये कार्य को निरन्तर किया गया। (ख) जी हाँ। वर्तमान एजेन्सी को वर्षवार किए गए भुगतान की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) इस संबंध में जाँच के लिए म.प्र. विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 की धारा 10 (1) के अंतर्गत मान. कुलाधिपति को लिखा गया है। (घ) '''' के परिप्रेक्ष्य में निष्कर्ष आने पर नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।

परिशिष्ट - ''उन्नीस''

भूमि अधिग्रहण के मुआवजा का निर्धारण

64. ( क्र. 7120 ) श्री संदीप श्री प्रसाद जायसवाल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कटनी जिले के कटनी अनुविभाग में सड़क निर्माण हेतु वर्ष 2012-13 से भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो मुआवजे के ऐसे कौन-कौन से प्रकरण हैं, जिनकी कार्