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मध्य प्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-अप्रैल, 2016 सत्र


सोमवार, दिनांक 29 फरवरी, 2016


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


 

( वर्ग 4 : लोक निर्माण, वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार, खेल एवं युवा कल्याण, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, वन, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास, उच्च शिक्षा )


शासकीय बंगलों का आवंटन

1. ( *क्र. 1562 ) श्री सुदर्शन गुप्‍ता (आर्य) : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या इंदौर जिले में लोक निर्माण विभाग के कई शासकीय बंगले व मकान संबंधित अधिकारी/कर्मचारियों के स्‍थानांतरण होने के बाद भी अधिकारी/ कर्मचारी के कब्‍जे में हैं? यदि हाँ, तो संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के नाम सहित सूची उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्‍न (क) अनुसार शासकीय बंगले व मकानों को संबंधित शासन सेवक से खाली कराने हेतु विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है? (ग) क्‍या इंदौर में विभाग द्वारा शासकीय सेवकों के अलावा अन्‍य लोगों को भी शासकीय आवास आवंटित किये हैं? यदि हाँ, तो क्‍यों, कारण सहित संबंधित के नाम, पते सहित सूची उपलब्‍ध करावें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। शेष जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार(ग) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार

परिशिष्ट - ''एक''

विकास खण्‍ड ढीमरखेड़ा के अंतर्गत मार्ग निर्माण

2. ( *क्र. 232 ) श्री मोती कश्यप : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता विधायक ने अपने पत्र दिनांक 28.09.2015 को मान. मंत्री जी को वि.स.क्षे. बड़वारा के वि.खं. ढीमरखेड़ा के किसी मार्ग को बजट में सम्मिलित किये जाने हेतु लेख किया है? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) मार्ग का प्राक्‍कलन वर्ष 2015 में मुख्‍य अभियन्‍ता, जबलपुर के द्वारा प्रमुख अभियन्‍ता को प्रस्‍तुत किया जा चुका है? (ग) प्रश्‍नांश (क) मार्ग का निर्माण कितने कि.मी. का है और वह जिला कटनी से किन-किन जिलों को जोड़ेगा? (घ) कटनी से शाहपुरा (जि. डिण्‍डोरी) व्‍हाया जबलपुर एवं प्रश्‍नांश (क) मार्ग द्वारा कटनी से शाहपुरा की दूरी कितनी बनती है और कितनी बचत होगी और उससे कटनी जिले को क्‍या लाभ होना संभावित है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) मार्ग का निर्माण 13.02 कि.मी. का है तथा यह जिला कटनी से उमरिया एवं डिण्‍डौरी जिलों को जोड़ेगा। (घ) कटनी से शाहपुरा जिला-डिण्‍डौरी व्‍हाया जबलपुर की दूरी लगभग 181.00 कि.मी. एवं प्रश्‍नांश ''' में वर्णित मार्ग द्वारा कटनी से शाहपुरा की दूरी लगभग 138.00 कि.मी. है। इस मार्ग के निर्माण से 43.00 कि.मी. की बचत होगी तथा कटनी जिले से उमरिया, डिण्‍डौरी, शाहपुरा जाने के लिए कम दूरी की सड़क से आवागमन का लाभ होना संभावित है।

हातोद औद्योगिक क्षेत्र में निर्माण कार्य

3. ( *क्र. 44 ) श्री वेलसिंह भूरिया : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सरदारपुर के हातोद में औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिये ए.के.व्‍ही.एन. ने कितना बजट स्‍वीकृत किया है? (ख) उक्‍त क्षेत्र के विस्‍तार के लिये सड़क, बिजली, पानी के लिये अलग-अलग कितनी राशि स्‍वीकृत की गई है? (ग) हातोद औद्योगिक क्षेत्र के लिये कुल कितनी भूमि शासन द्वारा आवंटित की गई है? (घ) उक्‍त औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने के लिये क्‍या समय-सीमा तय की गई है?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) सरदारपुर के हातोद मे औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिये औद्योगिक केन्‍द्र विकास निगम, इन्दौर के संचालक मंडल द्वारा प्रथम चरण के अंतर्गत रू. 46.53 करोड़ परियोजना की स्‍वीकृति दी गई है। (ख) उक्‍त क्षेत्र के विकास हेतु परियोजना में सड़क हेतु रू. 22.58 करोड़ बिजली हेतु रू. 9.04 करोड़, आंतरिक जल प्रदाय हेतु रू. 5.92 करोड़ का प्रावधान किया गया है। (ग) 152.42 हेक्‍टेयर (घ) निम्‍नानुसार समयावधि निर्धारित की गई है :- विद्युत कार्य - 20.09.2016, सिविल कार्य - 30.11.2016.

छात्रवृत्ति वितरण में अनियमितता की जाँच

4. ( *क्र. 1338 ) श्री गिरीश गौतम : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रीवा जिले के महाविद्यालयों में अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग छात्रों के छात्रवृत्ति में किये गये घोटाले की जाँच के लिए कलेक्‍टर रीवा द्वारा अतिरिक्‍त संचालक, अल्‍प संख्‍यक, पिछड़ा वर्ग विभाग को पत्र लिखा गया है? (ख) क्‍या ए.डी. उच्‍च शिक्षा रीवा ने सीधी जिले के एक महाविद्यालय में छात्रवृत्ति राशि में फर्जी आहरण किये जाने की जाँच रिपोर्ट उच्‍च शिक्षा विभाग को कार्यवाही हेतु प्रेषित की है? (ग) क्‍या कलेक्‍टर रीवा द्वारा ए.डी. उच्‍च शिक्षा रीवा को महाविद्यालयों में उक्‍त विषयांकित छात्रवृत्ति में फर्जीवाड़े की जाँच किये जाने के लिए पत्र दिया गया है? यदि हाँ, तो ए.डी. उच्‍च शिक्षा रीवा द्वारा उस पत्र के आधार पर क्‍या जाँच की तथा किन-किन महाविद्यालयों के संबंध में फर्जीवाड़े से सम्‍बंधित शिकायतों की जाँच कर रहा है? कॉलेजों का नाम बताएं? जाँच कब तक पूरी कर ली जायेगी? (घ) क्‍या रीवा जिले के कई महाविद्यालयों द्वारा छात्रवृत्ति में घोटाला किये जाने की उच्‍च स्‍तरीय जाँच करायी जायेगी?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जाँच हेतु कलेक्टर रीवा द्वारा अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। (ख) जी हाँ, परन्तु ए.डी. उच्च शिक्षा, रीवा के द्वारा प्रेषित रिपोर्ट अस्पष्ट एवं निष्कर्षात्मक नहीं होने से कलेक्टर सीधी को जाँच कराकर उचित कार्यवाही हेतु पत्र क्रमांक 141, दिनांक 17.02.2016 को लिखा गया है। (ग) जी हाँ। ए.डी. उच्च शिक्षा रीवा को फर्जीवाड़े की जाँच हेतु पत्र लिखकर जाँच समिति गठित की गई है। समिति द्वारा उस पत्र के आधार पर 65 महाविद्यालयों की सूची तैयार कर 13 महाविद्यालयों की जाँच की जा चुकी है। शेष 52 महाविद्यालयों की जाँच प्रगति पर है। समिति गठन के पत्र एवं महाविद्यालयों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं प्रपत्र-2 (i, ii, iii) पर है। (घ) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विभाग द्वारा संचालित छात्रवृत्तियों की जाँच कलेक्टर रीवा द्वारा करायी जा रही है।

चचाई से अमलाई पहुंच मार्ग निर्माण की स्‍वीकृति

5. ( *क्र. 3078 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या अनूपपुर जिले के विद्युत नगरीय चचाई से अमलाई पहुंच मार्ग निर्माण हेतु विभाग ने किसी प्रकार की कोई पहल की है? यदि हाँ, तो जानकारी प्रदान करें? (ख) मुख्‍यमंत्री कार्यालय के पत्र क्रमांक 1826/सी.एम.एस./एम.एल.ए./ 087/2014 भोपाल दिनांक 05.08.14 के परिपालन में लोक निर्माण विभाग ने अब तक क्‍या कार्यवाही की है? यदि नहीं, तो क्‍या कारण है? क्‍या विभाग इसी वित्‍तीय वर्ष में कार्य की स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। भविष्‍य में प्राथमिकता से लिए जाने वाले कार्यों में सम्मिलित है। (ख) उत्‍तरांश '' अनुसार। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। प्रस्‍ताव विचाराधीन होने से अभी बताना संभव नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

राजस्‍व विभाग को भूमि का अंतरण

6. ( *क्र. 3355 ) श्री हेमन्‍त विजय खण्‍डेलवाल : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अता. प्रश्‍न संख्‍या - 87 (क्र. 2722) दि. 03.03.2015 में बैतूल जिले की कितनी भूमि 1965 एवं 1971 में राजस्‍व विभाग को अंतरित करना बताया गया है? राज्‍य शासन के पत्र क्रमांक 7036/एक्‍स/66 दि. 14.07.1966 एवं पत्र क्रमांक 4325/2983/ 10/2/75 दिनांक 18 सितंबर 1975 में बैतूल जिले की कितनी भूमि राजस्‍व विभाग को अंतरित करने के आदेश दिए गए? (ख) बैतूल जिले में 1965 एवं 1971 में अंतरित बताई गई भूमि एवं वर्ष 1966 एवं 1975 में अंतरण के लिए आदेशित भूमि में से कितनी भूमि राजपत्र में किस दिनांक को डीनो‍टीफाईड की गई? कितनी भूमि का प्रश्‍नांकित दिनांक तक भी राजपत्र में डीनोटिफिकेशन नहीं किया गया? (ग) 1965 एवं 1971 में अंतरित बताई गई भूमि में से वास्‍तव में कितनी भूमि का प्रभार राजस्‍व विभाग को सौंप दिया है, 1965 एवं 1975 में अंतरण के लिये आदेशित भूमि में से कितनी भूमि का प्रभार राजस्‍व विभाग को सौंप दिया है? तिथिवार बतावें। (घ) अंतरित एवं अंतरण के आदेशित भूमियों का राजपत्र में कब तक निर्वनीकरण कर दिया जायेगा, समय-सीमा सहित बतावें?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) अतारांकित प्रश्न संख्या-87 (क्र. 2722) दिनांक 03.03.2015 में वर्ष 1965 में बैतूल जिले की 2340.866 हेक्टेयर वनभूमि एवं वर्ष 1971 में 25374.353 हेक्टेयर वनभूमि राजस्व विभाग को अंतरित करना बताया गया है। बैतूल जिले के लिये उपसचिव, म.प्र. शासन, वन विभाग के अर्ध शासकीय पत्र क्रमांक/7036/x/66 दिनांक 14.07.1966 से 7976.68 एकड़ एवं सचिव, म.प्र. शासन वन विभाग के अर्ध शासकीय पत्र क्रमांक/4325/2983/10/2/75 दिनांक 18 सितम्बर 1975 से (अंदाजन) 51475.96 एकड़ भूमि राजस्व विभाग को अंतरित करने के आदेश जिला कलेक्टर को दिये गये। (ख) जानकारी संकलित की जा रही है। (ग) वर्ष 1965 एवं 1971 में अंतरित की गई भूमि में से एवं वर्ष 1966 से 1975 में अंतरण के लिये आदेशित भूमि में से वास्तव में कितनी भूमि राजस्व विभाग को अंतरित की गई थी, यह अभिलेखों में पृथक-पृथक संधारित नहीं है, परन्तु अभिलेखों के अनुसार बैतूल जिले में राजस्व विभाग को अंतरित भूमि वर्ष 1965 एवं वर्ष 1971 की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-एक एवं दो पर है। (घ) I.A.No. 2 in WP No 337/1995 में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश दिनांक 13.11.2000 से निर्वनीकरण पर रोक लगाई गई है। अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''दो''

वन्‍य जीव प्राणियों की गणना

7. ( *क्र. 729 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में वन्‍य जीवों (जंगली जानवरों) की गणना के नियम व गणना समय (वर्ष) का ब्‍यौरा क्‍या है? (ख) वर्ष 2015 से पूर्व वन्‍य जीवों की गणना कब की? गणना का ब्‍यौरा क्‍या है? (ग) वर्तमान गणना का ब्‍यौरा क्‍या है? वन्‍य जीवों की कुल संख्‍या, शिकार, मृत्‍यु अवैध परिवहन का वनवार ब्‍यौरा क्‍या है एवं वन्‍य जीवों के शिकार पर की गई कार्यवाही का पिछले दो वर्षों का ब्‍यौरा क्‍या है?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) प्रदेश में वन्यजीवों (जंगली जानवरों) की गणना के निर्देश जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। इनका आंकलन अखिल भारतीय वन्यप्राणी आंकलन के अंतर्गत प्रत्येक 04 वर्ष में एक बार कराया जाता है, जो वर्ष 2006, 2010 एवं 2014 में कराया गया है। (ख) वर्ष 2015 से पूर्व वन्यजीवों का आंकलन तृतीय अखिल भारतीय वन्यप्राणी आंकलन के अंतर्गत कराया गया है। इसके अंतर्गत क्षेत्रीय आंकलन कार्य 20 जनवरी, 2014 से 27 जनवरी, 2014 तक कराया गया था। भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून एवं राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश में 308 बाघ पाये गये हैं। विस्तृत रिपोर्ट अभी अप्राप्त है। (ग) वर्तमान आंकलन के अंतर्गत क्षेत्रीय आंकलन कार्य 31 जनवरी, 2016 से 06 फरवरी, 2016 तक केवल संरक्षित क्षेत्रों में कराया गया है। आंकड़ों का कम्प्यूटरीकरण एवं विश्लेषण का कार्य जारी है। वन्यजीवों के शिकार, मृत्यु, अवैध परिवहन एवं वन्यप्राणी के शिकार पर की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 '' एवं '' अनुसार है।

जयन्‍ती माता पहुँच मार्ग की स्‍वीकृति

8. ( *क्र. 2523 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यानसिंह सोलंकी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बड़वाहा विधान-सभा क्षेत्र के नगर, बड़वाहा के पूर्वी दिशा में लगभग 500 वर्ष पुराना आस्‍था का केन्‍द्र जयन्‍ती माता के मन्दिर पहुँच मार्ग एवं चोरल नदी पर ब्रिज निर्माण हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा समय-समय पर विभाग प्रमुख एवं विभागीय अधिकारियों को पत्र प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत किया गया था? यदि हाँ, तो पत्र प्राप्ति के दिनांक से वर्तमान तक विभाग द्वारा तद्संबंध में क्‍या कार्यवाही की गई है? (ख) प्रस्‍ताव अनुसार कितनी लागत का प्रस्‍ताव कनिष्‍ठ अधिकारी द्वारा वरिष्‍ठ अधिकारी को किस दिनांक को प्रेषित किया गया है? क्‍या उक्‍त प्रस्‍ताव वित्‍त वर्ष 2016-2017 में बजट में शामिल कर स्‍वीकृत किया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। कार्य का प्रस्‍ताव तैयार किया जा रहा है। (ख) कार्य की डी.पी.आर. तैयार की जा रही है। स्‍वीकृति के लिए समय बताया जाना संभव नहीं है।

श्री महाकालेश्‍वर मंदिर प्रबंध समिति के पास उपलब्‍ध भूमि

9. ( *क्र. 3013 ) श्री सतीश मालवीय : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) श्री महाकालेश्‍वर मंदिर प्रबंध समिति की भारतवर्ष के किस-किस स्‍थान पर कितनी-कितनी भूमि है? उक्‍त भूमि पर वर्तमान में किस-किस का कब्‍जा है? विगत 05 वर्षों में उक्‍त भूमि से कितनी आय हुई? कितने कब्‍जाधारी समय पर राशि मंदिर कोष में जमा नहीं करा रहे हैं? सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) श्री महाकालेश्‍वर मंदिर प्रबंध समिति ने विगत 03 वर्षों में मंदिर की भूमि पर अवैध कब्‍जे को प्राप्‍त करने हेतु क्‍या कार्यवाही की? (ग) क्‍या शासन विभिन्‍न प्रान्‍तों एवं स्‍थानों की भूमि पर अपना कब्‍जा प्राप्‍त कर धार्मिक, सामाजिक एवं अन्‍य जन उपयोगी गति‍विधियों का संचालन करेगा? (घ) मंदिर समिति के पास कितना स्‍वर्ण कोष है? क्‍या देश के अन्‍य मंदिरों की भांति श्री महाकालेश्‍वर मंदिर प्रबंध समिति मंदिर की धार्मिक गतिविधियों के अतिरिक्‍त स्‍वर्ण को प्रधानमंत्री स्‍वर्ण योजना में जमा कराने पर विचार किया है, जिससे डंप स्‍वर्ण से मंदिर को आय प्राप्‍त हो?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) भारत वर्ष में मंदिर प्रबंध समिति की भूमि की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। भूमि पर कब्‍जा धारियों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। प्राप्‍त जानकारी के आधार पर उक्‍त भूमियों से 1,59,514/- आय प्राप्‍त हुई है। उपरोक्‍तानुसार सूची संलग्‍न है। (ख) ग्राम चिन्‍तामण जवासिया की सम्‍पूर्ण भूमि मंदिर के कब्‍जे में ली गई है एवं शेष भूमि पर कब्‍जा प्राप्‍त करने हेतु कार्यवाही की जा रही है। (ग) जी हाँ। (घ) मंदिर के कोष में 7371.62 ग्राम स्‍वर्ण कोष है। जी नहीं।

परिशिष्ट - ''तीन''

तवा नदी पर पुल एवं एप्रोच रोड का निर्माण

10. ( *क्र. 2245 ) श्री विजयपाल सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या लोक निर्माण विभाग के सेतु निगम द्वारा बान्‍द्राभान एवं सांगाखेड़ाकला के मध्‍य तवा नदी पर पुल एवं एप्रोच रोड का निर्माण कराया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या पुल एवं एप्रोच रोड का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है? यदि हाँ, तो कब? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा एप्रोच रोड का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं होने के संबंध में विभाग को पत्र प्रेषित किये गये थे? यदि हाँ, तो कब-कब तथा प्रश्‍नकर्ता के पत्र पर विभाग द्वारा प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में कब-कब और क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) उक्‍त एप्रोच रोड का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं होने के लिये कौन-कौन अधिकारी एवं ठेकेदार जिम्‍मेदार हैं? अधिकारी एवं ठेकेदार का नाम बताते हुये क्‍या विभाग द्वारा उनके विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्‍या तथा एप्रोच रोड का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। विस्‍तृत जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं, अपितु माननीय मंत्रीजी की नोटशीट दिनांक 08.04.2010 प्राप्‍त हुई थी। विस्‍तृत जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) कोई अधिकारी जिम्‍मेदार नहीं है, शेष विस्‍तृत जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''चार''

विदिशा जिले में पी.आई.यू. में लंबित कार्य

11. ( *क्र. 272 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विदिशा जिले में पी.आई.यू. के अंतर्गत दिनांक 1 जनवरी 2013 से 31 दिसम्‍बर 2015 तक कितने कार्य स्‍वीकृत किए गए? कार्य का नाम, स्‍थान, स्‍वीकृत राशि, पूर्णता दिनांक सहित बतावें। (ख) उपरोक्‍त कार्यों में से कितने पूर्ण होकर संबंधित विभाग को सुपुर्द कर दिये गये हैं? कितने अपूर्ण हैं। अपूर्ण कार्यों में कितनी राशि आहरित की जा चुकी है, इनकी अद्यतन स्थिति से अवगत करावें? (ग) अपूर्ण कार्यों में ऐसे कितने कार्य हैं जो निर्धारित तिथि तक पूर्ण नहीं हुये हैं, ऐसे में ठेकेदार पर विभाग द्वारा कब-कब क्‍या कार्यवाही की गई? अपूर्ण कार्य कब तक पूर्ण कर लिए जायेंगे?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) 368 कार्य स्‍वीकृत। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के स्‍तम्‍भ 4, 6 एवं 11 अनुसार है। (ख) 44 कार्य पूर्ण एवं विभागों को हस्‍तांतरित 27 कार्य अपूर्ण। आहरित राशि रू. 1304.26 लाख कार्यों की अद्यतन स्थिति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) 13 कार्य। कार्यवाही पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के स्‍तम्‍भ 14 अनुसार है। संभावित पूर्णता तिथि पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के स्‍तम्‍भ 13 अनुसार है।

प्रदेश में विदेशी पूंजी निवेश

12. ( *क्र. 3113 ) श्री रामनिवास रावत : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) 1 जनवरी 2013 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक प्रदेश में विदेशी निवेश को आकर्षित करने के‍ लिए मान. मुख्‍यमंत्री एवं मंत्रि‍मंडल के अन्‍य सदस्‍यों के साथ किन-किन देशों की यात्राएं कब-कब की? इन यात्राओं पर कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) की यात्राओं में किन-किन विदेशी उद्योग समूहों/संस्‍थाओं द्वारा प्रदेश में कौन-कौन से उद्योग/निवेश के लिए एम.ओ.यू. हस्‍ताक्षर किए गए? इन एम.ओ.यू. में से प्रदेश में कितना विदेशी निवेश किस क्षेत्र में अभी तक कहाँ-कहाँ किया गया है? कितना भविष्‍य में प्रस्‍तावित है? कितने एम.ओ.यू. किस कारण से निरस्‍त हुए?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) हस्‍ताक्षरित एम.ओ.यू. की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। उक्‍त एम.ओ.यू. के संदर्भ में विदेशी निवेश होना अपेक्षित है, जिसका आंकलन किया जाना संभव नहीं है। उक्‍त में से कोई एम.ओ.यू. निरस्‍त नहीं हुआ है।

छतरपुर वनमंडल अंतर्गत प्राप्‍त बजट

13. ( *क्र. 2731 ) श्रीमती ललिता यादव : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर वनमंडल अंतर्गत वर्ष 2014-15 तथा 2015-16 में प्रश्‍न दिनांक तक मदवार वार्षिक तथा प्रत्‍येक तिमाही में कितना-कितना बजट प्राप्‍त हुआ? (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में मदवार परिक्षेत्रवार कितने बिल/बाउचर प्रत्‍येक तिमाही में भुगतान हेतु प्राप्‍त हुये तथा कितनों का भुगतान हुआ? (ग) क्‍या मजदूरों/अन्‍य कार्यों का भुगतान एक निश्चित समय-सीमा में करने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो कितनी राशि मदवार मजदूरों/अन्‍य कार्यों का भुगतान न कर प्रत्‍येक तिमाही में समर्पित कर दी गई? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के प्रकाश में मजदूरों एवं अन्‍य कार्यों की सूची जिनका भुगतान नहीं हुआ, उनका भुगतान कब होगा? समय-सीमा में भुगतान न करने वाले अधिकारी/ कर्मचारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी तथा भुगतान कब तक कर दिया जावेगा?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जी हाँ। विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) मजदूरों एवं अन्‍य कार्यों जिनका भुगतान लंबित है, का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। लंबित भुगतान पन्‍द्रह दिवस की अवधि में किया जायेगा। समय-सीमा में भुगतान न करने वाले शासकीय सेवक के विरूद्ध गुण दोष के आधार पर उत्‍तरदायित्‍व निर्धारण किया जावेगा।

अधिग्रहीत भूमियों के मुआवजे का वितरण

14. ( *क्र. 2556 ) पं. रमेश दुबे : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिन्‍दवाड़ा जिले के विकास खण्‍ड बिछुआ में जमुनिया से लोहारबतरी सड़क निर्माण हेतु किन-किन ग्रामों की भूमियों का अधिग्रहण किया गया था? ग्रामवार अधिग्रहीत भूमियों का रकबा, निर्धारित प्रतिकर राशि, भुगतान राशि व शेष राशि की जानकारी दें? (ख) क्‍या अधिग्रहीत भूमियों के सभी भूमिस्‍वामियों को प्रतिकर राशि का भुगतान किया जा चुका है, यदि नहीं, तो क्‍यों? भुगतान नहीं होने के कारण स्‍पष्‍ट करते हुए भुगतान हेतु शेष बचे भूमिस्‍वामियों की संख्‍या, नाम, पता सहित अधिग्रहीत भूमियों का खसरा, रकवा व प्रतिकर राशि की जानकारी दें? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता ने जमुनिया से लोहारबतरी सड़क निर्माण में अधिग्रहीत भूमियों के भूमिस्‍वामियों को मुआवजा राशि शीघ्र भुगतान करने हेतु कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण संभाग छिन्‍दवाड़ा को पत्र प्रेषित किया है? यदि हाँ, तो इस पत्र पर क्‍या कार्यवाही की गयी? (घ) कब तक अधिग्रहीत भूमियों के भूमिस्‍वामियों को प्रतिकर राशि का भुगतान कर दिया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) प्रश्नांकित सड़क निर्माण हेतु किन्हीं भी ग्रामों की भूमि का अधिग्रहण नहीं किया गया क्योंकि मार्ग निर्माण पूर्व गाड़ीदान एवं चालू रास्ते पर किया गया है। अतः तत्समय भू-अधिग्रहण कार्यवाही नहीं की गई। शेष प्रश्नांश की जानकारी का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्नांश अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। कार्यपालन यंत्री, छिंदवाड़ा तहसीलदार बिछुआ जिला छिन्दवाड़ा को उक्त मार्ग निर्माण की भूमि का सीमांकन करने एवं मुआयना प्रकरण तैयार करने हेतु लेख किया गया है। (घ) सीमांकन होने के पश्चात् ही विभाग द्वारा अग्रिम आवश्यक कार्यवाही करना सम्भव होगा। समय-सीमा तय नहीं की जा सकती।

रिक्‍त पदों पर आरक्षित वर्ग की पदोन्‍नति

15. ( *क्र. 1431 ) श्री अनिल फिरोजिया : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के शासकीय/स्‍वशासी पॉलीटेक्निक महाविद्यालयों में व्‍याख्‍याता तकनीकी (संकायवार) के कितने पद स्‍वीकृत हैं? इन पदों में वर्ष 1994 के आरक्षण अधिनियम के अंतर्गत कितने पद एस.सी., एस.टी., ओ.बी.सी. के लिए आरक्षित हैं? वर्तमान में वर्ष 2015 में कितने पदों पर व्‍याख्‍याता तकनीकी (संकायवार) एस.सी., एस.टी., ओ.बी.सी. की भर्ती की गई है? इन भर्तियों में वर्ष 1994 आरक्षण अधिनियम का पालन किया गया है? (ख) क्‍या विभाग द्वारा वर्तमान में व्‍याख्‍याता अंग्रेजी, ग्रंथपाल, सहायक संचालक खेलकूद के पदों पर भर्ती की जा रही है? इन पदों में कुल कितने पद स्‍वीकृत हैं तथा वर्ष 1994 के आरक्षण अधिनियम के अनुसार एस.सी., एस.टी., ओ.बी.सी. के कितने पद आरक्षित किये गये हैं? यदि पद आरक्षित नहीं किये गये हैं तो भर्ती प्रक्रिया को रोका क्‍यों नहीं जा रहा है? (ग) क्‍या वर्ष 2004 के भर्ती नियम के पूर्व में भर्ती किए गये शासकीय व्‍याख्‍याताओं के लिए पदोन्‍नति संबंधी भर्ती नियम बनाने की कोई प्रक्रिया प्रचलन में है? किस कारण शासकीय व्‍याख्‍याताओं को विभागाध्‍यक्ष एवं प्राचार्य के पदों पर पदोन्‍नत नहीं कि‍या जाता है, जबकि प्रदेश के सभी विभागों में पदोन्‍नति की प्रक्रिया प्रतिवर्ष संपादित होती है? यदि कोई पदोन्‍नति संबंधी नियम प्रचलन में है तो कब तक बन सकेंगे?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) शासकीय / स्वशासी पॉलीटेक्निक महाविद्यालयों में व्याख्याता तकनीकी (संकायवार) के स्वीकृत पद की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। वर्तमान में प्रचलित मध्यप्रदेश तकनीकी शिक्षा पॉलीटेक्निक महाविद्यालय (अध्यापन संवर्ग) सेवा (भर्ती) नियम-2004 प्रभावशील होने के कारण रोस्टर का संधारण संस्था स्तर पर विषयवार तथा पदवार किया जा रहा है। संस्था स्तर पर संधारित किये जा रहे रोस्टर के वर्ष-1994 के आरक्षण अधिनियम के अनुसार अनु.जाति के 145 पद, अनु.ज.जा. के 183 एवं ओ.बी.सी. के 56 पद आरक्षित हैं। विवरण की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। जी नहीं, इन भर्तियों में मध्यप्रदेश तकनीकी शिक्षा पॉलीटेक्निक महाविद्यालय (अध्यापन संवर्ग) सेवा (भर्ती) नियम-2004 के प्रावधानों के अनुसार आरक्षण नियमों का पालन किया गया है। (ख) जी हाँ। व्याख्याता अंग्रेजी के 60 पद, ग्रंथपाल के 65 पद एवं सहायक संचालक शारीरिक शिक्षा के 55 पद स्वीकृत हैं। इन पदों पर वर्तमान में प्रचलित मध्यप्रदेश तकनीकी शिक्षा पॉलीटेक्निक महाविद्यालय (अध्यापन संवर्ग) सेवा (भर्ती) नियम-2004 के प्रावधानों के अनुसार आरक्षण नियमों का पालन किया गया है। संस्था स्तर पर संधारित किये जा रहे रोस्टर अनुसार अंग्रेजी विषय में अनु.ज.जाति के 04 पद, ग्रंथपाल हेतु अनु.ज.जाति के 08 पद एवं सहायक संचालक शारीरिक शिक्षा हेतु अनु.ज.जाति के 02 पद आरक्षित हैं। उपरोक्त विषयों में संस्थाओं में अधिकांश पद एकल पद होने के कारण अनारक्षित रखा गया है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता हैं। (ग) जी हाँ। वर्तमान में प्रचलित मध्यप्रदेश तकनीकी शिक्षा पॉलीटेक्निक महाविद्यालय (अध्यापन संवर्ग) सेवा (भर्ती) नियम-2004 में समस्त पद सीधी भर्ती के पद होने के कारण पदोन्नति नहीं की जा रही है। प्रक्रिया प्रचलन में है, समय-सीमा बता पाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''पांच''

बालाघाट में माइनिंग लीज़ डीड एग्रीमेंट में विलंब

16. ( *क्र. 3313 ) श्री जितू पटवारी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के परि. अता. प्र. सं. 162 (क्र. 3185) दि. 30.07.2015 के उत्‍तर के अनुसार बताया गया है कि श्री अनिश पी. त्रिवेदी का माइनिंग लीज़ डीड एग्रीमेंट अभी तक नहीं हुआ है, जबकि लीज़ आवंटित (19.05.2010) हुए लगभग 6 वर्ष हो चुके हैं? इसका कारण स्‍पष्‍ट करें। (ख) इसी प्रकार जे. के. मिनरल्‍स को लीज़ आवंटित (17.07.2013) होने के बाद लीज़ डीड एग्रीमेंट 14.07.2015 को विधान सभा प्रश्‍न लगाने के उपरांत हुआ? कारण बतावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार बगैर माइनिंग लीज़ डीड एग्रीमेंट हुए एवं प्रश्‍नांश (ख) अनुसार 2 वर्ष विलंब से हुए लीज़ डीड एग्रीमेंट के बावजूद खनन कार्य इन कंपनियों द्वारा किस आधार पर किया जा रहा है / किया गया है? (घ) इसके लिए तत्‍कालीन से वर्तमान तक पदस्‍थ कौन से अधिकारी जिम्‍मेदार हैं? इनके नाम, पदनाम सहित बतावें। इन पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा? प्रश्‍नांश (क) (ख) अनुसार इन कंपनी / फर्म पर कितनी पेनल्‍टी लगाई जावेगी एवं इनका आवंटन कब तक निरस्‍त किया जावेगा?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। श्री प्रफुल्लचन्द जे. त्रिवेदी नये उपयोगकर्ता अभिकरण श्री अनीश पी. त्रिवेदी को माईनिंग लीज़ ग्राम फुलचुर तह. खैरलांजी के वन कक्ष क्रमांक 591 रकबा 4.959 हे. क्षेत्र पर मैगनीज ओर खनिज का खनिपट्टा स्वीकृति आदेश खनिज साधन विभाग से अपेक्षित होने से लीज़ डीड का एग्रीमेंट किये जाने का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है। (ख) मेसर्स जे.के. मिनरल्स बालाघाट को सोनेवानी रेंज के वन कक्ष क्रमांक 460, 461, 466 रकबा 10 हे. क्षेत्र पर मैगनीज और खनिज का खनिपट्टा खनिज साधन विभाग के आदेश दिनांक 28.05.2014 के द्वारा स्वीकृत किया गया, जिसके परिपालन में दिनांक 14.07.2014 को उक्त खनिपट्टे का अनुबंध निष्पादन किया गया। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश अनुसार श्री प्रफुल्लचन्द जे. त्रिवेदी नये उपयोगकर्ता अभिकरण श्री अनीश पी. त्रिवेदी को मैगनीज ओर खनिज का खनिपट्टा स्वीकृति आदेश खनिज साधन विभाग से अपेक्षित होने से लीज़ डीड का एग्रीमेंट नहीं होने से खनन कार्य नहीं किया जा रहा है एवं उत्तरांश अनुसार मेसर्स जे.के. मिनरल्स द्वारा दिनांक 14.07.2014 को अनुबंध निष्पादित होने के उपरान्त भारत सरकार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से जारी औपचारिक अनुमोदन में अधिरोपित शर्तों का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किये जाने के उपरान्त व्यपवर्तित वनभूमि को दिनांक 10.01.2015 को गैर वन भूमि प्रयोजन हेतु हस्तांतरित किये जाने के फलस्वरूप खनन कार्य किया जा रहा है। (घ) फर्म/कम्पनी के द्वारा आवश्यक औपचारिकताएँ पूर्ण होने के उपरान्त ही स्वीकृति/अनुमति प्रदान की गई है। अतः तत्कालीन/वर्तमान में पदस्थ अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

गरीबनाथ धाम मेले को मेला प्राधिकरण में सम्मिलित किया जाना

17. ( *क्र. 1131 ) श्री इन्‍दर सिंह परमार : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) शाजापुर जिले के ग्राम अवंतीपुर बड़ोदिया के गरीबनाथ धाम समाधि स्‍थल पर प्रतिवर्ष मेला लगता है? क्‍या गरीबनाथ धाम मेला म.प्र. के अन्‍य मेलों के समान संस्‍कृति विभाग की सूची में सम्मिलित है? मेले में प्रतिवर्ष लगभग कितने श्रद्धालु समाधि स्‍थल पर एकत्रित होते हैं? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित मेले के लिए सांस्‍कृतिक आयो‍जनों हेतु राशि प्रदाय की जाती है? यदि हाँ, तो विगत तीन वित्‍तीय वर्षों में कितनी-कितनी राशि कब-कब प्रदान की गई? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित गरीबनाथ धाम पर लगने वाले ऐतिहासिक मेले को मेला प्राधिकरण के अंतर्गत लिया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ। ग्राम अवंतीपुर बड़ोदिया के गरीबनाथ धाम समाधि स्‍थल पर प्रतिवर्ष रंगपंचमी के त्‍यौहार पर मेला लगता है। गरीबनाथ धाम मेला म.प्र. संस्‍कृति विभाग की सूची में सम्मिलित नहीं है। मेले में प्रतिवर्ष 20-25 हजार श्रद्धालु समाधि स्‍थल पर एकत्रित होते हैं। (ख) जी नहीं। (ग) जी हाँ। म.प्र. तीर्थ स्‍थान एवं मेला प्राधिकरण के अंतर्गत पंजीबद्ध किया गया है।

पनागर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत सड़कों का उन्‍नयन

18. ( *क्र. 388 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. में एम.डी.आर. सड़कों के उन्‍नयन की योजना स्‍वीकृत की गई है? (ख) यदि हाँ, तो पनागर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कितनी एम.डी.आर. सड़कों के उन्‍नयन की योजना स्‍वीकृत की गई है? नहीं तो क्‍यों? (ग) क्‍या पनागर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत (1) जबलपुर से पुरैना (2) पनागर से बेलखाडू (3) पनागर से सिंगलद्वीप मझौली तक की सड़कें आज दिनांक तक स्‍वीकृत नहीं की गई हैं? (घ) यदि स्‍वीकृत की जावेंगी तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) पनागार से सिंगलद्वीप मझौली एम.डी.आर. 36-10 परियोजना परीक्षण समिति की 17 वीं बैठक में अनुमोदित है तथा कार्य को बजट में सम्मिलित करने के उपरांत प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी करने की अनुशंसा की गई है। (ग) विस्‍तृत जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के खण्‍ड-6 अनुसार है।

परिशिष्ट - ''छ: ''

रीवा जिले के वन परिक्षेत्र में कराये गये कार्य

19. ( *क्र. 3252 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले के वन परिक्षेत्र सिरमौर, लालगांव, चाकघाट, अंतरैला, डभौरा, नईगढ़ी में वन विकास के कौन-कौन से कार्य, किस-किस मद से कितने-कितने लागत के वर्ष 1 जनवरी, 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक कराये गये हैं या कराये जा रहे हैं? उक्‍त कार्यों या कराये जा रहे कार्यों की स्‍वीकृति आदेश, लागत, व्‍यय, कार्य की स्थिति, कार्य की वर्तमान स्थिति के साथ जानकारी देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के कार्यों में विभाग के किस-किस श्रेणी के कौन-कौन से अधिकारी कर्मचारी संलग्‍न हैं तथा उक्‍त कार्यों की गुणवत्‍ता की जाँच अथवा संलग्‍न कर्मचारियों को समय-समय पर मार्गदर्शन किस-किस के द्वारा दिया गया है? क्‍या उक्‍त कार्य मेन्‍युअल मजदूरों से कराया जाना था कि मशीन से, संबंधी दिशा निर्देश की प्रति देते हुए जानकारी देवें? उक्‍त कार्यों की कब-कब स्‍थानीय स्‍तर पर शिकायतें हुई हैं? उक्‍त शिकाय‍तों पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) यदि प्रश्‍नांश (क) के परिक्षेत्रों में कराये जा रहे या कराये गये कार्यों को मजदूरों से कराया जाना था तो मशीन से उक्‍त कार्य किसके आदेश से कराये गये हैं, की जानकारी आदेश प्रति के साथ देवें? यदि नियम विरूद्ध तरीके से उक्‍त कार्य मशीन द्वारा कराये गये हैं तो कौन-कौन दोषी हैं, दोषियों के विरूद्ध कब क्‍या कार्यवाही करेंगे? (घ) प्रश्‍नांश (क) (ख) के कार्यों में संलग्‍न मजदूरों को मजदूरी नगद देने का नियम था कि बैंक से, तो कितने मजदूरों को किन-किन वन परिक्षेत्रों में नगद मजदूरी दी गई, कितने को बैंक से? यदि नियम विपरीत मजदूरी भुगतान की गई है तो इसमें कौन-कौन दोषी हैं? दोषी के विरूद्ध कब क्‍या कार्यवाही करेंगे?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) रीवा जिले में वन परिक्षेत्र सिरमौर, चाकघाट, अतरैला एवं डभौरा वन परिक्षेत्र ही है, जिससे संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। लालगाँव एवं नईगढ़ी नाम के परिक्षेत्र रीवा जिले में नहीं हैं। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) उपरोक्त प्रश्नांश अनुसार, कोई अधिकारी कर्मचारी दोषी नहीं है अतः कार्यवाही करने का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) मार्च 2015 तक नगद तथा इसके बाद बैंक से मजदूरी के भुगतान के निर्देशों का पूर्णतः पालन किया गया है। परिक्षेत्रवार मजदूरी का नगद एवं बैंक से किये गये भुगतान का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। अत: कार्यवाही करने का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन में प्रतिनियुक्ति पर पदस्‍थ अमला

20. ( *क्र. 3204 ) श्री के.पी. सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन लिमिटेड में लोक निर्माण विभाग के कौन-कौन एस.डी.ओ. व अन्‍य अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत/पदस्‍थ हैं? उनके नाम, प्रतिनियुक्ति दिनांक सहित जानकारी देवें? (ख) क्‍या प्रतिनियुक्ति के संबंध में सामान्‍य प्रशासन विभाग के परिपत्र क्र. सी/3-14/06/3/एक दिनांक 29.2.2008 में दिये गये निर्देशों की समस्‍त कण्डिकाओं का पालन किया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या शासन/विभाग पारदर्शिता एवं समानता का अवसर व व्‍यवहार के साथ-साथ प्रश्‍नांश (ख) में दिये गये शासनादेशों के स्‍पष्‍ट दिशा निर्देश की कण्डिकाओं के विरूद्ध कई वर्षों से उक्‍त कार्पोरेशन में अनियमित रूप से कार्यरत एस.डी.ओ. व अन्‍य अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति तत्‍काल प्रभाव से समाप्‍त कर उनकी सेवायें मूल विभाग में वापस लिये जाने के आदेश जारी करते हुए प्रतिनियुक्ति‍के संबंध में जारी दिशा निर्देशों का उल्‍लंघन करने वाले दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों पर अनुशासनात्‍मक कार्यवाही किया जाना सुनिश्‍चित करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार(ख) जी हाँ। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) लोक सेवकगण की सेवायें नियमानुसार प्रतिनियुक्ति पर सौंपी गई हैं, अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''सात''

राईपुरा घाटी में घटित सड़क दुर्घटनाएं

21. ( *क्र. 3158 ) श्री पुष्‍पेन्‍द्र नाथ पाठक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश सड़क विकास निगम लिमिटेड द्वारा निर्मित अमानगंज-किशनगढ़-बिजावर-गुलगंज मार्ग का निर्माण कब पूर्ण हुआ? दिनांक बतायें। उक्‍त मार्ग की तकनीकी देखभाल करना किन-किन अधिकारियों की जिम्‍मेदारी है? वर्तमान में कौन-कौन इन पदों पर पदस्‍थ हैं? नाम, पदनाम सहित जानकारी प्रदाय करें। (ख) उपरोक्‍त मार्ग में किशनगढ़-देवरा मार्ग के बीच स्थित राईपुरा घाटी में विभाग एवं पुलिस विभाग के रिकार्ड के अनुसार विगत 5 वर्षों से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी दुर्घटनाएं हुई हैं? इन दुर्घटनाओं में कितनी मृत्‍यु हुई एवं कितनी अन्‍य क्षति हुई? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के अनुसार प्रश्‍नकर्ता द्वारा विभाग के प्रमुख सचिव, प्रमुख अभियंता सहित अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारियों को मौखिक और लिखित सूचना देने के बाद भी उक्‍त घाटी में कोई कारगर सुधार क्‍यों नहीं किया जा सका?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) किशनगढ़ देवरा मार्ग के बीच स्थित राईपुरा घाटी में विभाग एवं पुलिस विभाग के रिकार्ड के अनुसार विगत 5 वर्षों से प्रश्‍न दिनांक तक हुई दुर्घटनाओं संबंधित जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) घाटी में निर्माण अनुबंधित प्रावधान के अनुसार सुरक्षात्‍मक मापदण्‍डों के अनुरूप हुआ है।

परिशिष्ट - ''आठ''

भोपाल नगर निगम सीमान्‍तर्गत रोड/पुल/पुलियों की मरम्‍मत

22. ( *क्र. 1451 ) श्री आरिफ अकील : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल नगर निगम सीमान्‍तर्गत लोक निर्माण विभाग के कौन-कौन से रोड, पुल एवं पुलिए हैं, जिन्‍हें विगत 3 वर्षों की स्थिति में अन्तिम बार कब-कब, कितनी-कितनी राशि से किस-किस ठेकेदार द्वारा निर्मित किए गए तथा ठेकेदार से अनुबंध के अनुसार ग्‍यारंटी समय कब-कब तक रहा? (ख) क्‍या उक्‍त रोड, पुल एवं पुलिए विगत कई वर्षों से मरम्‍मत के अभाव में खराब पड़े हैं? यदि नहीं, तो क्‍या जाँच कराकर उक्‍त रोड, पुल एवं पुलिए का मरम्‍मत कार्य कराया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) भोपाल के वार्ड क्रमांक 07 से 21 के मध्‍य स्थित लोक निर्माण विभाग के मकान कहाँ-कहाँ पर स्थित हैं? क्‍या विभाग के कुछ मकानों पर भूमाफिया, बिल्‍डरों ने विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के चलते अपना कब्‍जा कर लिया है? (घ) यदि नहीं, तो क्‍या जाँच कराकर मकान खाली कराने की कार्यवाही करते हुए कब्‍जाधारियों के विरूद्ध वैधानिक एवं संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध विभागीय एवं वैधानिक कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍नाधीन वार्डों में लोक निर्माण विभाग की भवन पुस्तिका अनुसार लोक निर्माण विभाग के मकान रामनगर, पुलिस लाईन, हरिजन कॉलोनी, बारह महल, गोलघर, परी बाजार, शाहजहांनाबाद, ईदगाह हिल्‍स, पी.जी.बी.टी. कॉलेज, पु‍तलीघर, व्‍ही.पी.आई. गेस्‍ट हाउस, पुराना सचिवालय एवं सदर मंजिल क्षेत्र आदि स्‍थानों पर स्थित हैं। उक्‍त स्थित मकानों पर भूमाफिया, बिल्‍डर द्वारा कब्‍जे का कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया है। (घ) उत्‍तरांश के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

तीर्थ दर्शन योजना में लाभांवित दर्शनार्थी

23. ( *क्र. 2173 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मुख्‍यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में वर्ष 2013 एवं 2014 में खरगोन जिले से लाभान्वित दर्शनार्थियों की संख्‍या एवं साथ में गये विभागीय स्‍टॉफ के नाम एवं पद सहित सूची देवें? इन सभी यात्राओं में खर्च की मदवार सूची यात्रावार देवें। (ख) क्‍या इस योजना में हितग्राही से किसी प्रकार से कोई खर्च हेतु राशि ली गई है? इस योजना में प्रस्‍थान के समय बस/गाड़ी को हरी झण्‍डी दिखाने के लिए किस जनप्रतिनिधि को बुलाया गया? (ग) क्‍या खरगोन से जनवरी 2016 में रामेश्‍वरम यात्रा के लिए गये तीर्थ यात्रियों को नगर पालिका से बस में बैठाकर नगरपालिका अध्‍यक्ष द्वारा हरी झण्‍डी दिखाकर रवाना किया गया? क्‍या बस को हरी झण्‍डी दिखाकर रवाना करने के लिए प्रत्‍येक बार जनप्रतिनिधि को कब आमंत्रित किया जाता है? यदि हाँ, तो किस जनप्रतिनिधि को कब आमंत्रित किया गया? यदि नहीं, तो रामेश्‍वरम की जनवरी 2016 की बस को जनप्रतिनिधि से हरी झण्‍डी दिखाकर रवाना करने का कारण बतायें? क्‍या इस बस यात्रा का खर्च हितग्राहियों से लिया गया है? क्‍या इस राशि को बाद में लौटाया गया है?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) मुख्‍यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में वर्ष 2013 में 3460 हितग्राही एवं वर्ष 2014 में 1133 हितग्राही लाभांवित हुये हैं एवं साथ में गये विभागीय स्‍टॉफ के नाम एवं पद सहित सूची वर्ष 2013 की जानकारी पुस्‍तकालय मे रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है तथा वर्ष 2014 की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है एवं इन सभी यात्राओं में नगर पालिका खरगोन द्वारा किये गये खर्च की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जी नहीं। इस योजना में हितग्राही से किसी प्रकार से कोई खर्च हेतु राशि नहीं ली गई है। इस योजना मे प्रस्‍थान के समय बस/गाड़ी को हरी झण्‍डी दिखाने के लिये नगर पालिका अध्‍यक्ष एवं पार्षदगण को बुलाया गया। (ग) जी हाँ। जनवरी 2016 में रामेश्‍वरम यात्रा के लिये गये तीर्थ यात्रियों को नगरपालिका खरगोन से बस मे बैठाकर उन्‍हें तीर्थ यात्रा की शुभकामना के साथ नगर पालिका अध्‍यक्ष एवं पार्षदगणों द्वारा रवाना किया गया। तीर्थ यात्रा की तिथि घोषित होने के पश्‍चात निश्चित समय पर तीर्थ यात्रियों को रवाना होने की सूचना देते हुये स्‍थानीय विधायक महोदय एवं परिषद के पदाधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों को उपस्थित रहने हेतु मौखिक अनुरोध किया जाता है। लिखित में कोई आमंत्रण पत्र नहीं दिया जाता है। उपरोक्‍त वस्‍तुस्थिति अनुसार वांछित कारण स्‍पष्‍ट है। नगर पालिका खरगोन द्वारा बस यात्रा खर्च किसी भी हितग्राही से नहीं लिया गया, परन्‍तु विभाग के ज्ञाप क्रमांक एफ 3-24/2013/छ: भोपाल दिनांक 6/1/2014 दिनांक 15 जून 2015 के पैरा- 5 में दिये गये निर्देशानुसार समस्‍त हितग्राहियों द्वारा खरगोन से खण्‍डवा तक का बस किराया बस के परिचालक को दिया गया है। ऐसी स्थिति मे राशि वापस लौटाने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

सोनचिरैया अभ्यारण्य में वन्यप्राणियों को संरक्षण

24. ( *क्र. 3370 ) श्रीमती शकुन्‍तला खटीक : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सोनचिरैया अभ्यारण्य करैरा कब से प्रारम्‍भ है एवं प्रारम्‍भ करने के उद्देश्‍य क्‍या थे? (ख) क्‍या वर्तमान में अभ्यारण्य में सोनचिरैयां हैं? अगर हाँ तो संख्‍या बतावें। अगर नहीं तो अभ्यारण्य पर शासन द्वारा राशि का अपव्‍यय क्‍यों किया जा रहा है? (ग) क्‍या अभ्यारण्य जिस उद्देश्‍य से बनाया गया था, उसकी पूर्ति वर्तमान में न होकर कृषकों की कृषि भूमि का क्रय-विक्रय पर प्रतिबंध लगा हुआ है, क्‍या उसको हटायेंगे? (घ) क्‍या शासन अभ्यारण्य को लेकर उद्देश्‍यों की पूर्ति न होने के कारण जनहित में लगाये गये प्रतिबंधों को हटायेगा?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) करैरा अभ्यारण्य दिनांक 21 मई 1981 को सोनचिरैया तथा अन्य वन्यप्राणियों के संरक्षण के लिए अभ्यारण्य घोषित किया गया है। (ख) जी नहीं। अभ्यारण्य क्षेत्र के अंतर्गत कृष्णमृग, नीलगाय, चिंकारा आदि अन्य वन्यप्राणियों के संरक्षण हेतु राशि का उपयोग किया जा रहा है। (ग) सोनचिरैया को छोड़कर अन्य वन्यप्राणियों के संरक्षण के उद्देश्य की पूर्ति हो रही है। वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 20 के अंतर्गत उत्तराधिकार के हक के अतिरिक्त अन्य कोई अधिकार अर्जित नहीं होने संबंधी प्रावधान के कारण भूमि का क्रय-विक्रय प्रतिबंधित है। अधिनियम में संशोधन भारत सरकार द्वारा ही किया जा सकता है। (घ) प्रश्नांश अनुसार कार्यवाही होने पर प्रतिबंध हट सकेगा।

कैमोर से झुकेही मार्ग का निर्माण

25. ( *क्र. 2986 ) श्री संजय पाठक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र विजयराघवगढ़ के अंतर्गत कैमोर से झुकेही मार्ग का निर्माण कब पूर्ण किया गया? अनुबंध के अनुसार परफार्मेंस गारंटी अवधि कब तक की थी? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में परफार्मेंस ग्रांट के समय में कब-कब कौन से कार्य कराये गये एवं गारंटी अवधि समाप्ति के बाद रिन्‍यूवल कार्य में किन-किन वर्षों में कितनी राशि व्‍यय की गई? (ग) क्‍या उक्‍त आवागमन हेतु रोड की स्थिति अत्‍यंत खराब है, जिसके कारण आवागमन बाधित हो रहा है तथा रोड में चलने वाले वाहनों की दुर्घटना तथा जनहानि होने की संभावनायें बढ़ गई हैं? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख), (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में उक्‍त रोड के आवागमन को सुचारू करने के लिये रिन्‍यूअल कार्य द्वारा अथवा पुन: निर्माण कराकर कब तक पूर्ण कर लिया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) मार्ग का निर्माण दिनांक 20.11.2011 को पूर्ण किया गया था। परफार्मेंस गारंटी की अवधि दिनांक 19.11.2012 तक थी। (ख) मार्ग की स्थिति परफार्मेंस गारंटी अवधि में अच्‍छी होने के कारण कोई कार्य नहीं कराया गया। ठेकेदार द्वारा मार्ग का नियमित रख-रखाव किया गया। परफार्मेंस गारंटी की अवधि समाप्‍त होने के बाद रिन्यूअल कार्य में कोई व्‍यय नहीं किया गया है। (ग) जी नहीं। मार्ग आवागमन हेतु सामान्‍य स्थिति में है। जी नहीं दुर्घटना एवं जनहानि की संभावना नहीं है। (घ) वर्तमान में कार्य स्‍वीकृत नहीं है। पुन: निर्माण का कार्य पूर्ण करने की तिथि बताना संभव नहीं है।

 

 

 


 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


रेल्वे स्‍टेशन जावरा के पास रेल्‍वे क्रांसिग पर ओव्‍हरब्रिज/ अण्‍डरब्रिज का निर्माण

1. ( क्र. 10 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता विधायक मुंगावली ने जावरा के नागरिकों का रेल्‍व स्‍टेशन जावरा के पास रेल्‍वे क्रासिंग पर ओव्‍हर ब्रिज/अण्‍डर ब्रिज निर्माण का आवेदन प्रमुख सचिव लोक निर्माण को जनवरी 2016 को अग्रेषित किया है? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त कार्य कब तक स्‍वीकृत हो जायेगा व निर्माण पूरा हो जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) ओव्‍हर ब्रिज का डी.पी.आर. वित्‍तीय व्‍यय समिति से अनुमोदित हो चुका है, तथा कार्य को वर्ष 2016-17 के बजट में शामिल करने हेतु अनुसंशित है। वर्तमान में समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

वन विभाग की भूमि‍का नियमितीकरण

2. ( क्र. 14 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या अशोकनगर जिले के ग्राम सरदारपुर जो मॉडल स्‍कूल सेंट्रल स्‍कूल के सामने के किनारे बसा है, के मकानों से बंजारा आदिवासी लोगों को खाली कराने के नोटिस दिये हैं तथा वहाँ ट्रेचिंग खाइयां खोदी है व ऐसी भूमि को वन विभाग को बतायी है लेकिन उस भूमि पर राजस्‍व विभाग ने खेती करने पर जुर्माने लगाये है? (ख) क्‍या जिले में ऐसी भूमि पर बने मकान वालों की उसी भूमि पर नियमितीकरण करने या अन्‍य भूमि मकान बनाने हेतु उपलब्‍ध कराने पर विचार करेंगे?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

सिंगरौलिया तियरा मार्ग पर म्‍यार नदी पर पुल निर्माण की स्‍वीकृति

3. ( क्र. 55 ) श्री राम लल्लू वैश्य : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्‍या जिला सिंगरौली अंतर्गत बैढ़न, तेलाई से मकरोहर रोड पर म्‍यार नदी पर पुल का निर्माण करने हेतु दिनांक 14/02/2014 को डी.पी.आर. बनाने की घोषणा की गई थी तथा इस संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा कई बार निवेदन किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त पुल का निर्माण करने हेतु स्‍वीकृति कब तक दी जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) घोषणा बाबत जानकारी नहीं है। जी हाँ। (ख) विभाग की स्‍थायी वित्‍तीय समिति से अनुमोदित। प्रशासकीय स्‍वीकृति की कार्यवाही प्रगति पर है। निश्चित तिथि बताना संभव नहीं है।

सिंगरौली जिले में माईनिंग कॉलेज की स्‍थापना

4. ( क्र. 56 ) श्री राम लल्लू वैश्य : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला सिंगरौली अंतर्गत बैढ़न में माईनिंग इंजीनियरिंग कॉलेज की स्‍थापना करने हेतु कार्यवाही कई वर्षों से लंबित है? यदि हाँ, तो इस संबंध में कब तक में कार्यवाही पूर्ण कर ली जावेगी? (ख) माननीय मुख्‍यमंत्री महोदय द्वारा सिंगरौली प्रवास के दौरान दिनांक 14/02/2014 को माइनिंग कॉलेज खोले जाने की घोषणा की गयी है? कब तक कॉलेज खोला जायेगा?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) सिंगरौली में माईनिंग इंजीनियरिंग कॉलेज की स्‍थापना की कार्यवाही प्रगति पर है। डी.पी.आर तैयार करने का कार्य आई.एस.एम. धनबाद द्वारा किया जा रहा है उनके द्वारा तैयार किये गये डी.पी.आर के प्रारूप पर निदेशक एवं समन्‍वयक द्वारा दिनांक 12.02.2016 को राज्‍य शासन के समक्ष प्रस्‍तुतीकरण दिया। डी.पी.आर के अनुमोदन के उपरांत निर्धारित कार्यवाही की जावेगी। (ख) जी हाँ। डी.पी.आर. के अनुमोदन के उपरांत प्रक्रिया अनुसार शीघ्र कार्यवाही की जावेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

धार जिले की सरदारपुर तहसील में ड्रेनेज लाईन सुधार

5. ( क्र. 62 ) श्री वेलसिंह भूरिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला धार तहसील सरदारपुर के ग्राम राजोद में पुलिस थाने के पास की सड़क के दोनों ओर ड्रेनेज लाईन टूट-फूट के कारण बरसात होने पर ग्रामीणों के घरों में पानी घुस जाता है? (ख) क्‍या इस कारण मकानों के गिरने से दुर्घटना होने की स्थिति लगातार बनी है? यदि हाँ, तो उक्‍त संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा विगत 2 वर्षों में कितने पत्र प्रशासन को सौंपे गये तथा उस पर प्रशासन द्वारा कब-कब क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) यदि कार्यवाही नहीं की गई तो क्‍यों? कार्यवाही नहीं किये जाने का कारण दर्शाते हुए जिम्‍मेदारी का निर्धारण कर जिम्‍मेदार अधिकारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई अथवा क्‍या कार्यवाही की जावेगी और कब तक? (घ) उक्‍त ड्रेनेज लाईन कब तक बना दी जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ, परन्तु अस्थाई तौर पर लोगों के घरों में पानी ना घुसे इस हेतु कच्ची नाली एवं पाईप डालकर तत्कालीन समस्या का हल कर दिया गया था। (ख) तत्कालीन व्यवस्था के उपरांत मकान गिरने संबंधित स्थिति से नहीं बनी है। प्रश्नकर्ता द्वारा विगत 2 वर्षों में निम्नानुसार पत्र सौंपे गये हैः- 1. ध्यानाकर्षण सूचना क्र.178 दिनांक 11.12.2014, 2. शासन से प्राप्त पत्र क्र.1220 दिनांक 24.05.2015, 3. विधायक महोदय का पत्र दिनांक 18.06.2015 कलेक्टर धार को संबोधित। 4. विधायक महोदय का पत्र क्र.1469 दिनांक 12.07.2015 से प्राप्त। 5. विधायक महोदय का पत्र क्र.1572/2015 दिनांक 12.10.2015 तकनीकी सलाहकार एम.पी.आर.डी.सी. द्वारा किये गये निरीक्षण दिनांक 21.12.2015 अनुसार उक्त मार्ग पर पक्की नाली एक तिहाई लंबाई में बनायी हुई है एवं आस-पास के घरों का सीवेज एवं पानी का निकास इसी से होता है। मार्ग पर कई जगहों पर अतिक्रमण भी है। वर्षाकाल में सड़क सतह के पानी के निकासी हेतु सड़क के किनारे नाली का निर्माण किया जाता है। उक्त स्थिति में ग्राम राजौद में पानी की उचित निकासी एवं रख-रखाव हेतु स्थानीय निकाय द्वारा स्वयं के संसाधनों से नाली निर्माण कराये जाने हेतु निगम द्वारा भेजा गया प्रस्‍ताव परीक्षणाधीन है। (ग) उत्तर के अनुसार कार्यवाही का प्रश्न ही नहीं उठता। (घ) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

प्राध्‍यापको को यू.जी.सी वेतनमान की शेष राशि का भुगतान

6. ( क्र. 69 ) श्री प्रहलाद भारती : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों के प्राध्‍यापकों एवं प्राचार्यों को 01.01.2006 से 31.03.2010 तक की अवधि के लिये देय यू.जी.सी वेतनमान के एरियर की दो तिहाई राशि संबंधित को दे दी गयी है यदि हाँ, तो शेष एक तिहार्इ राशि का भुगतान कब तक कर दिया जावेगा? (ख) क्‍या माननीय के संज्ञान में यह तथ्‍य है कि जिन प्राध्‍यापकों/प्राचार्यों को उक्‍त एरियर की राशि दी जानी है उसमें से अनेक सेवानिवृत्‍त हो गये है तथा कुछ का तो देहाँत भी हो गया है, ऐसे लोगों को उक्‍त राशि का भुगतान कब तक किया जावेगा? (ग) क्‍या वह विसंगति नहीं है कि जहाँ प्रदेश के वित्‍त विभाग के स्‍पष्‍ट आदेश है कि छठवें वेतनमान के एरियर हेतु जो सेवानिवृत्‍त हो गए है या जो मृत हो गये है उन्‍हें एकमुश्‍त राशि का भुगतान कर दिया जावेगा?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों के प्राध्यापकों एवं प्राचार्यों का 01.01.2006 से 31.03.2010 तक की अवधि के लिए देय यू.जी.सी.वेतनमान के एरियर की प्रथम एवं द्वितीय किश्त के भुगतान हेतु आदेश शासन स्तर से जारी किये गये हैं। तृतीय किश्त के भुगतान संबंधी आदेश संबंधी आदेश प्रशासकीय विभाग द्वारा जारी किये जाना है। अतः प्रश्न प्रशासकीय विभाग से सम्बंधित है। (ख) प्रश्नांश "क" उत्तर के प्रकाश में शासन से संबंधित। (ग) प्रश्नांश "क" उत्तर के प्रकाश में शासन से संबंधित।

अतिथि विद्धान चयन प्रक्रिया में की गई अनियमितताएं

7. ( क्र. 76 ) श्री प्रहलाद भारती : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय कन्‍या महाविद्यालय चाचौड़ा-बीनागंज जिला गुना में गृह विज्ञान विषय में अतिथि विद्वानों के कितने पद स्‍वीकृत हैं? वर्ष 2015-16 हेतु जारी अतिथि विद्वान आमंत्रण की सूचना क्र.1528/499/आउशि/शाखा-2/2015 भोपाल दिनांक 18.07.2015 में किस-किस आवेदक द्वारा आवेदन किया गया था वरीयता अनुसार सूची उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार क्‍या प्रथम अनुसूची के अनुसार उक्‍त पद पर चयनित उम्‍मीदवार द्वारा ज्‍वाईन न करने के कारण पद रिक्‍त रहा? यदि हाँ, तो क्‍या द्वितीय चरण की कॉउन्‍सलिंग में उक्‍त पद के लिये प्राप्‍त आवेदनों की सूची में शास.क.महाविद्यालय, चाचौड़ा-बीनागंज में संयुक्‍त संचालक उच्‍च शिक्षा ग्‍वालियर द्वारा किस आवेदक का नाम जारी सूची में रखा गया? (ग) प्रश्‍नांश (क) व (ख) अनुसार क्‍या उक्‍त पद हेतु प्राचार्य स्‍तरीय तृतीय चरण काउन्‍सलिंग हुई? यदि हाँ, तो उसमें प्राप्‍त आवेदनों में प्राचार्य द्वारा वरीयता सूची क्‍या रही बतावें? क्‍या प्राचार्य द्वारा उच्‍च शिक्षा विभाग के पत्र क्र./2020/499/आउशि-2/2015 भोपाल दिनांक 31.08.2015 का पालन किया गया? (घ) क्‍या यह सही है कि प्राचार्य द्वारा उच्‍च शिक्षा विभाग के पोर्टल दिनांक 02.09.2015 को डॉ.नीरू त्रिपाठी को ज्‍वाईन होना बताया गया है जबकि प्राचार्य द्वारा जारी वरीयता सूची अनुसार प्रथम स्‍थान प्राप्‍त डॉ.मंजू भार्गव को ज्‍वाईन न कराते हुए द्वितीय वरीयता प्राप्‍त डॉ.अर्चना कुशवाह को ज्‍वाइनिंग दी गयी है जो कि नियम विरूद्ध है? (ड.) क्‍या यह सही है कि सहायक संचालक उच्‍च शिक्षा ग्‍वालियर के अधीन शास.माधव महा.वि.चंदेरी में तृतीय चरण काउन्सिलिंग में हिन्‍दी विषय के अतिथि विद्वान पद पर कृष्‍णगोपाल भार्गव को प्रथम चरण काउन्‍सलिंग के आधार पर शास.महा.वि.खिलचीपुर में 22.08.2015 को ज्‍वाईन करने के उपरांत भी ज्‍वाइनिंग दी गयी? इसी आधार डॉ.मंजू भार्गव को शास.क.महा.वि.चाचौड़ा-बीनागंज में ज्‍वाइनिंग क्‍यों नहीं दी गयी? क्‍या सहायक संचालक एवं प्राचार्य द्वारा अतिथि विद्वान आमंत्रण सूचना की कंडिका 3 (ब) की स्‍पष्‍ट अवहेलना की गयी है? यदि हाँ, इसके लिए कौन दोषी है व उन पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी व कब तक?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में अतिथि विद्वानों हेतु कोई पद स्वीकृत नहीं है, रिक्त पदों के विरुद्ध आवश्यकतानुसार अतिथि विद्वानों को आमंत्रित किया जाता है। शासकीय कन्या महाविद्यालय चाचौड़ा में गृहविज्ञान विषय की नियमित पदस्थापना में 01 सहायक प्राध्यापक का पद स्वीकृत है, जो रिक्त है। सत्र 2015-16 हेतु उच्च शिक्षा विभाग द्वारा अतिथि विद्वान व्यवस्था हेतु जारी वरीयता सूची संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र "अ" पर है। (ख) जी हाँ। द्वितीय चरण की वरीयता सूची अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा ग्वालियर द्वारा जारी की गई। तदानुसार गृहविज्ञान विषय में डॉ. मन्जू भार्गव का नाम जारी सूची में अतिरिक्त संचालक क्षेत्रीय कार्यालय ग्वालियर द्वारा शास. कन्या महाविद्यालय चाचौड़ा के लिये रखा गया था। (ग) जी हाँ। महाविद्यालय स्तर की काउंसिलिंग में 04 आवेदन प्राप्त हुए, वरीयता सूची अनुसार डॉ. मंजू भार्गव का स्थान प्रथम रहा जो कि संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र "ब" पर है। उच्च शिक्षा विभाग के पत्र दिंनाक 31.08.2015 के अनुरूप प्राचार्य स्तर से प्रथम वरीयता प्राप्त अभ्यार्थी को आमंत्रण नहीं दिया गया। (घ) महाविद्यालय को डॉ.नीरू त्रिपाठी का कोई ज्वाइनिंग आवेदन प्राप्त न होने से उन्हें ज्वाइन नहीं कराया गया व पोर्टल पर भी दर्ज नहीं किया गया।यह सही है कि प्राचार्य द्वारा तृतीय काउंसलिंग की जारी वरीयता सूची में प्रथम स्थान प्राप्त डॉ. मन्जू भार्गव को ज्वाइन न करा कर द्वितीय वरीयता प्राप्त डॉ. अर्चना कुशवाह को ज्वाइन कराया गया है। (ड.) तृतीय चरण वाक-इन-इन्टरव्यू में प्राचार्य स्तर पर डॉ. कृष्ण गोपाल भार्गव को हिन्दी विषय में वरीयता के अनुसार उनके द्वारा प्रदत्त शपथ पत्र के आधार पर उन्हें ज्वाईनिंग दी गई। महाविद्यालय स्तर पर वाक-इन- इन्टरव्यू में हिन्दी विषय में डॉ. कृष्णगोपाल भार्गव के अतिरिक्त अन्य कोई आवेदन नहीं था। डॉ. भार्गव का अन्य महाविद्यालय में ज्वाइन करना चंदेरी महाविद्यालय के संज्ञान में नहीं था। प्रकरण की जाँच करायी जा रही है।

परिशिष्ट ''नौ''

लेबड नयागांव फोरलेन निवेश कंपनी द्वारा अनियमितता

8. ( क्र. 128 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या 15 (क्रमांक-259) दिनांक 23 जुलाई, 2015 को पूछे गये प्रश्‍न के खण्‍ड में बताया गया की जिन 73 स्‍थलों में से जिन स्‍थलों पर विद्युत संयोजन नहीं हुआ है इसके लिये निवेशकर्ता को नोटिस दिये गये है। तो क्‍या निवेशकर्ता कंपनी द्वारा शेष स्‍थलों पर विद्युत संयोजन कर दिये है। यदि नहीं, तो नोटिस की उपयोगिता सिद्ध करने के लिये कब-कब सक्षम उच्‍च अधिकारी ने जाँच की? (ख) क्‍या एग्रीमेंट अनुसार निवेश कंपनी को प्रत्‍येक पांच साल बाद संपूर्ण सड़क पर डामरीकरण करना आवश्‍यक है यदि हाँ, तो निवेशकर्ता कंपनी द्वारा क्षतिग्रस्‍त रोड पर टुकड़े-टुकड़े में डामरीकरण क्‍यों किया जा रहा है? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (ग) से संबंधित गड्डों को भरने के लिये निवेशकर्ता कंपनियों द्वारा जो डामरीकरण किया जा रहा है। उसकी लेवलिंग नहीं की गई है, जिससे लगातार दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं? यदि हाँ, तो इस संबंध में उच्‍च अधिकारियों द्वारा इसका कब-कब परीक्षण किया गया।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी नहीं। निवेशकर्ता कम्पनी द्वारा 73 स्थलों में से शेष 57 स्थलों पर विद्युत संयोजन नहीं किया गया है। मार्ग की देख-रेख नियमित है जिसमें विद्युत सयोजन कार्य भी सम्मिलित है। (ख) जी नहीं। अनुबन्धानुसार रफनेस टेस्ट किया जाता है। रफनेस टेस्ट में यदि किसी कि.मी. में रफनेस निर्धारित सीमा से अधिक हो, तो चिन्हित कर उक्त हिस्से में ओवर-ले किया जाता है एवं संधारण अन्तर्गत डामरीकरण किया जा रहा है। (ग) जी नहीं। निवेशकर्ता कम्पनी द्वारा मार्ग का संधारण तकनीकी मापदण्ड अनुसार किया जा रहा है एवं संधारण कार्य एक निरन्तर प्रक्रिया है। दुर्घटनाओं का कारण यातायात के नियमों की अवहेलना है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

उद्योग की जमीन पर गैर उद्योगिक कार्य

9. ( क्र. 129 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्‍नकर्ता के परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या 16 (क्रमांक-260) दिनांक 23 जुलाई, 2015 के प्रश्‍नांश में बताया गया की 18 इकाइयों पर गैर औद्योगिक संस्‍थाए कार्य कर रही है। उनकी सूची उपलब्‍ध कराये? (ख) इन्‍दौर, उज्‍जैन संभाग के औद्योगिक क्षेत्र में मूलभूत सुविधाए सड़क पर पर्याप्‍त रोशनी जैसी सुविधाए उपलब्‍ध नहीं है। इनके लिये 01 जनवरी, 2014 के पश्‍चात् कितनी-कितनी राशि कहाँ-कहाँ पर खर्च की गई?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) प्रश्‍नांश के संदर्भ में 18 गैर औद्योगिक इकाइयों की सूची संलग्‍न पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार। (ख) जी नहीं। इन्‍दौर एवं उज्‍जैन संभाग में औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क,बिजली के लिये 1 जनवरी 2014 के पश्‍चात् स्‍वीकृत एवं व्‍यय राशि की जानकारी क्रमश: पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब एवं '' अनुसार।

खण्‍डवा इन्‍दौर सड़क मार्ग पर दुर्घटना से जनहानि

10. ( क्र. 185 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इन्‍दौर, खण्‍डवा, इच्‍छापुर सड़क मार्ग पर विगत तीन वर्षों में कितनी सड़क दुर्घटना हुई? इन दुघटनाओं में कितने लोगों की मृत्‍यु हुई? क्‍या बड़े एवं भारी वाहनों की अनियंत्रित गति से ये दुर्घटनाएं बढ़ रही है? (ख) क्‍या विगत वर्षों से अनुबंधित एंजेसी द्वारा नियमित मेंटेनेंस नहीं करने के कारण इंदौर, इच्‍छापुर मार्ग जर्जर होने की कगार पर है? विभाग द्वारा संबंधित एजेंसी को कब-कब नोटिस जारी किये गये? (ग) क्‍या भविष्‍य में इंदौर, इच्‍छापुर मार्ग को राष्‍ट्रीय राजमार्ग घोषित किया जाएगा? यदि हाँ, तो कब तक? इस मार्ग को फोरलेन बनाने की कार्यवाही किस स्‍तर पर लंबित है? इसका निर्माण कब तक आरंभ किया जाएगा? (घ) इन सड़क दुर्घटनाओं में जन-धन की हानि रोकथाम के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा क्‍या कदम उठाये जा रहे है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) इन्दौर-इच्छापुर सड़क मार्ग पर विगत तीन वर्षों में कुल (1819) सड़क दुर्घटना हुई। इन दुर्घटना में (429) मृत्यु हुई। जी नहीं। दुर्घटनाएँ चालकों की लापरवाही के कारण हुई। (ख) जी नहीं। अनुबंधित एजेन्सी द्वारा मार्ग का नियमित मेंटेनस किया जाता है। अतः नोटिस का प्रश्न ही नहीं उठता। (ग) इन्दौर-इच्छापुर मार्ग को राष्ट्रीय राज्यमार्ग घोषित किए जाने की प्रक्रिया प्रगति पर है। समय बताना संभव नहीं। इस मार्ग को फोरलेन बनाने हेतु फीजिबिलिटी रिपोर्ट का कार्य पूर्ण हो चुका है। राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित होने के उपरान्त एवं भू-अर्जन कार्यवाही पूर्ण होते ही स्वीकृति प्राप्त करने की कार्यवाही की जावेगी। समय-सीमा बताना संभव नहीं। (घ) सड़क दुर्घटनाओं में जन-धन हानि रोकथाम हेतु ही मार्ग को फोरलेन किया जाना प्रस्तावित किया गया है। जिसमें मार्ग का घाट सेक्शन एवं कर्व एवं जंक्शन इन्प्रुवमेन्ट आर.ओ.बी. एवं व्हीकुलर अंडरपास निर्माण भी प्रस्तावित किया गया है।

वि.ख. ढीमरखेड़ा में औद्योगिक विकास

11. ( क्र. 233 ) श्री मोती कश्यप : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्त्‍ता विधायक ने अपने पत्र दिनांक 22.09.2014 एवं 17.02.2012 (मय ग्राम और रकबा सहित) द्वारा 10,009.51 हेक्‍टेयर उपलब्‍ध शासकीय भूमि के विवरण सहित N.I.M.Z. की स्‍थापना हेतु कोई लेख किया है? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) भूमि का विभाग द्वारा परीक्षण कर किसी रकबे की भूमि का चयन किया है और विभाग द्वारा कलेक्‍टर कटनी को वर्ष 2015 में विभागीय किसी संस्‍था को औद्योगिक विकास के लिये आधिपत्‍य में दिये जाने हेतु आदेशित किया गया है? (ग) क्‍या भारत सरकार एवं राज्‍य सरकार के मध्‍य प्रश्‍नांश (क), (ख) क्षेत्र में कोई प्रतिरक्षा संस्‍थान एवं उद्योग स्‍थापित किये जाने की दिशा में प्रयास जारी है? (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (क), (ख) क्षेत्र के करौंदी व खंदवारा ग्राम क्षेत्र में महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र कटनी के साथ किसी विदेशी सोलर इनर्जी कम्‍पनी के द्वारा निरीक्षण किया गया है? जिस पर क्‍या संभावनायें पायी गई हैं?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी, हाँ। (ख) विभाग द्वारा प्रश्‍नांश (क) की भूमि का परीक्षण कर 12 ग्रामों की कुल 1604.160 हेक्‍टेयर भूमि का चयन किया गया है। विभाग द्वारा कलेक्‍टर, कटनी को वर्ष 2015 में रक्षा उत्‍पादन इकाइयों की स्‍थापना हेतु 8 ग्रामों की 629.93 हेक्‍टे., भूमि तथा औद्योगिक क्षेत्र की स्‍थापना हेतु 4 ग्रामों की 974.23 हेक्‍टे. कुल 12 ग्रामों की 1604.160 हेक्‍टे. शासकीय भूमि हस्‍तांतरण के प्रस्‍ताव प्रेषित किए जा चुके हैं भूमि हस्‍तांतरण की कार्यवाही न्‍यायालय, कलेक्‍टर स्‍तर पर प्रक्रियाधीन है। (भूमि का आधिपत्‍य अभी प्राप्‍त नहीं हुआ है) (ग) जी हाँ। (घ) जी नहीं।

कोलारस विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नालियों का निर्माण

12. ( क्र. 297 ) श्री रामसिंह यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या एम.पी.आर.डी.सी. द्वारा कोलारस विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत देहरदा-ईसागढ़ सड़क मार्ग का नवीन निर्माण डामरीकरण किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो मार्ग पर पड़ने वाले ग्रामों पचावली, खतौरा, पीरोंठ आदि में सड़क की ऊँचाई अधिक होने के कारण उक्‍त ग्रामों में मार्ग के दोनों ओर मकानों एवं दुकानों में पानी भरता है? इसलिए नाली निर्माण कराया जाना आवश्‍यक है? यदि हाँ, तो उक्‍त ग्रामों में नालियों का निर्माण कब तक कराया जाएगा? (ग) क्‍या उक्‍त मार्ग में पड़ने वाले ग्रामों की आबादी क्षेत्र में पूर्व से निर्मित सड़क की नवीन सड़क निर्माण के कारण सड़क की ऊँचाई अधिक होने से जल निकासी हेतु नालियों एवं पुलियों का प्रावधान है? क्‍या प्रावधान अनुसार नालियों एवं पुलियों का निर्माण नहीं कराया गया है? यदि हाँ, तो उक्‍त निर्माण कब तक कराया जाएगा? (घ) क्‍या ग्राम खतौरा में उक्‍त सड़क के ऊँचाई अधिक हो जाने तथा सड़क दोनों ओर नालियों का निर्माण न होने एवं ग्राम के दोनों छोर पर सड़क में पुलियों का निर्माण न होने के कारण वर्ष 2015 की बरसात में गांव में पानी भर गया था? यदि हाँ, तो इसकी पुरनावृत्ति न हो इसे रोकने के लिए शासन क्‍या कार्यवाही/व्‍यवस्‍था कब तक करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) कार्य प्रगति पर है। (ख) जी नहीं। जी नहीं। मार्ग पर स्थित ग्राम पचावली, खातौरा एवं पीरोंठ में सड़क के किनारे बने मकानों एवं दुकानों में जल भराव होना सड़क की ऊंचाई के कारण नहीं वरन् अतिक्रमण एवं जल निकास की उचित व्यवस्था न होने के कारण है। जी हाँ। इन ग्रामों में सड़क के किनारे नाली निर्माण कराया जाना आवश्यक है। अनुबंध में इन स्थानों पर नाली निर्माण का प्रावधान है। वर्तमान में सड़क का कार्य प्रगति पर है। शीघ्र नाली निर्माण का कार्य कराया जायेगा। जून 2016 तक नालियों का निर्माण संभावित है। (ग) जी हाँ। उक्त मार्ग पर स्थित ग्रामों की आबादी क्षेत्र में जल निकासी हेतु नाली निर्माण का प्रावधान है। अनुबंध में मार्ग पर पूर्व से स्थित चिन्हित पुल/पुलियों का पुर्ननिर्माण/चौड़ीकरण के कार्य का प्रावधान है। प्रावधान अनुसार पुल/पुलियों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। प्रावधान अनुसार नालियों का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जायेगा। जून 2016 तक नालियों का निर्माण संभावित है। (घ) जी हाँ। ग्राम खातौरा में वर्ष 2015 के वर्षाकाल में पानी भर गया था। यह जल भराव सड़क की ऊंचाई के कारण नहीं वरन् पानी के उचित निकास के अभाव के कारण था। वर्तमान में प्रगतिरत् सड़क कार्य के अंतर्गत यहाँ नाली निर्माण का प्रावधान है। शीघ्र ही यहाँ नाली निर्माण का कार्य कराया जावेगा। अनुबंध में ग्राम खातौरा के दोनों छोर पर पुलिया निर्माण का प्रावधान नहीं है। ग्राम में नाली निर्माण का कार्य कराया जायेगा, जिससे ग्राम से बरसात के जल की सुगम निकासी हो सके।

पड़ोरा-गोराटीला-पिछोर मार्ग पर सिंध नदी पर पुल निर्माण

13. ( क्र. 298 ) श्री रामसिंह यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शिवपुरी जिले के पड़ोरा से गोराटीला, पिछोर मार्ग पर ग्राम गोराटीला के समीप सिंध नदी पर बड़ा पुल नहीं है? जिससे बरसात में उक्‍त मार्ग पर आवागमन सिंध नदी में पानी अधिक होने से बंद हो जाता है? यदि हाँ, तो सिंध नदी पर बड़ा पुल कब तक निर्माण कराया जाएगा? (ख) क्‍या उक्‍त मार्ग पर सिंध नदी पर बड़ा पुल न होने से प्रतिवर्ष वर्षा ऋतु में ग्रामीण चरवाहें एवं मवेशी पानी में बह जाते है? जिससे जन-धन की हानि होती है? यदि हाँ, तो इसे रोकने के लिए शासन क्‍या व्‍यवस्‍था कर रहा है? (ग) क्‍या उक्‍त मार्ग पर सिंध नदी पर बड़ा पुल निर्माण हेतु शासन द्वारा डी.पी.आर. बनवाया गया है? यदि हाँ,तो डी.पी.आर. पर कार्यवाही हुई? यदि नहीं, तो डी.पी.आर. कब तक बनवाया जाएगा? (घ) शासन प्रश्‍नाधीन वर्णित पुल निर्माण की स्‍वीकृति कब तक प्रदान करेगा? यदि नहीं, करेगा तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। स्‍वीकृति के अभाव में, वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जी नहीं। जी नहीं। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। प्रस्‍ताव परीक्षणाधीन है। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

नर्मदा नदी पर पुल निर्माण

14. ( क्र. 314 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धरमपुरी नगर से बेट संस्‍थान पर नवीन पुल निर्माण का प्रस्‍ताव शासन स्‍तर पर किस कारण से लंबित है? (ख) उक्‍त प्रस्‍ताव कितनी राशि का है एवं कब से स्‍वीकृत हेतु लंबित है? स्‍वीकृति न होने का क्‍या कारण है? (ग) उक्‍त पुल निर्माण के प्रस्‍ताव पर कब तक स्‍वीकृति प्रदाय की जावेगी तथा स्‍वीकृति उपरांत यह कार्य कब तक पूर्ण करा लिया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) प्रश्‍नांकित कार्य विभाग के कार्यक्षेत्र अंतर्गत नहीं होने से विभाग द्वारा पुल निर्माण कार्य का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। (ख) एवं (ग) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

खेल गतिविधियों का संचालन

15. ( क्र. 315 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) राज्‍य शासन द्वारा खेल गतिविधियों को ग्रामीण व शहरी अंचलों में संचालन/क्रियान्‍वयन हेतु बनाई गई नई खेल नीति क्‍या है व कब से प्रभावशील है? (ख) खेल नीति के तहत योजनाओं के संचालन हेतु विकासखण्‍ड नालछा व धरमपुरी जिला धार में वर्ष 213-2014 से प्रश्‍न प्रस्‍तुत दिनांक तक क्‍या-क्‍या गतिविधियाँ हुई है? (ग) यदि (ख) का उत्‍तर नहीं है तो क्‍यों व कारण बतायें व इस चयनित आदिवासी विकासखण्‍ड नालछा व धरमपुरी जिला धार में अदिवासी जनजाति युवा खिलाडि़यों को खेल में प्रोत्‍साहन बढ़ाने हेतु कब तक कार्य प्रारंभ हो जायेगा?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) खेल नीति की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। खेल नीति वर्ष 2005 से प्रभावशील है। (ख) विकासखण्ड नालछा व धरमपुरी जिला धार में वर्ष 2013-14 से अब तक आयोजित गतिविधियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) प्रश्नोत्तर के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

प्रदेश में औद्योगिक विकास

16. ( क्र. 319 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विगत चार वर्षों में प्रदेश में नवीन उद्योग स्‍थापित किए जाने एवं औद्योगिक विकास हेतु कुल कितने रूपये के निवेश के कुल कितने एम.ओ.यू. हस्‍ताक्षरित किए गए थे? प्रश्‍नांश दिनांक तक प्रदेश में कितने रूपये का निवेश औद्योगिक संगठनों द्वारा किया गया है? औद्योगिक संगठनों का नाम सहित बतायें? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार निवेश की राशि एवं हस्‍ताक्षरित एम.ओ.यू. में से कितनी यूनिटों में उत्‍पादन प्रारंभ कर दिया है? ये यूनिटें कहाँ-कहाँ स्‍थापित है और इनमें क्‍या उत्‍पादन किया जा रहा है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार प्रदेश में स्‍थापित उद्योगों में कितने प्रतिशत स्‍थानीय निवासियों को किस श्रेणी का रोजगार दिया गया है?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) विगत 04 वर्षों में उद्योग स्‍थापित करने के लिये राशि रू. 1,24,568.28 करोड़ के 507 एम.ओ.यू. हस्‍ताक्षरित हुए। उक्‍त में से क्रियान्वित 117 परियोजनाओं में राशि रू. 4363.14 करोड़ का निवेश हुआ है, इकाइयों के नाम सहित विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) 117 इकाइयों में उत्‍पादन प्रारंभ हुआ है। स्‍थान एवं उत्‍पादन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) वांछित जानकारी संधारित नहीं की जाती है।

मनासा से नीमच तक सीमेंट रोड का कार्य

17. ( क्र. 355 ) श्री कैलाश चावला : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिनांक 19/09/2015 को माननीय लोक निर्माण मंत्री को पत्र लिखकर मनासा से नीमच, सीमेन्‍ट रोड निर्माण के अंतर्गत, मनासा नगर के मध्‍य से गुजरने वाले 1.5 कि.मी. रोड की योजना में विभाग द्वारा छोड़ दिया गया है, इस पर ध्‍यान आकृषित कर उक्‍त 1.5. कि.मी. मार्ग को योजना के अंतर्गत जोड़े जाने का आग्रह किया गया था? (ख) उक्‍त पत्र के प्रकाश में विभाग द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) नीमच से मनासा तक 29.06 कि.मी. लंबाई में ई.पी.सी. योजनांतर्गत कांक्रीट रोड निर्माणाधीन है। इस मार्ग के डी.पी.आर. बनाते समय मनासा नगर के मध्‍य में 1.60 कि.मी. लंबाई में नगर पालिका द्वारा फोरलेन डामर रोड का कार्य निर्माणाधीन होने से इस भाग को शामिल नहीं किया गया था। (ख) उक्‍त 1.60 कि.मी. लंबाई में डामर का निर्माण नगर पालिका द्वारा पूर्ण किया जा चुका है एवं वर्तमान में मार्ग अच्‍छी स्थिति में है। अत: इस हिस्‍से को परियोजना में सम्मिलित करने की कोई कार्यवाही नहीं की गई।

विधानसभा क्षेत्र पनागर में प्रधानमंत्री सड़क एम.डी.आर.योजना में स्‍थानांतरित

18. ( क्र. 389 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. में एम.डी.आर. सड़कों के उन्‍नयन का निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जाना है? (ख) यदि हाँ, तो जबलपुर से पुरैना सड़क जो कि प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत नियमित संधारण में है? इसका उन्‍नयन एवं चौड़ीकरण किस विभाग द्वारा किया जावेगा? (ग) यदि इस सड़क का उन्‍नयन एम.डी.आर. योजना में लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जाना है, तो प्रधानमंत्री सड़क योजना से कब तक लोक निर्माण विभाग को स्‍थानांतरित की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जबलपुर से पुरैना मार्ग वर्तमान में लोक निर्माण विभाग के अधीन नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) इस मार्ग का उन्‍नयन एम.डी.आर. योजना के अंतर्गत प्रस्‍तावित नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज स्‍वीकृत करना

19. ( क्र. 418 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नागदा शहर उज्‍जैन जिले का सबसे बड़ा औद्योगिक शहर है इसके आस-पास महिदपुर, खाचरौद, उन्‍हैल एवं आलोट शहर लगते है? (ख) यहाँ के करीब 2000 युवाओं को इन्‍जीनियरिंग पढ़ाई हेतु, शहर के बारह जाना पडता है जिससे उन्‍हें धन एवं समय की बर्बादी उठानी पड़ती है, यदि नागदा में शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज खोला जाता है तो इस क्षेत्र के विद्यार्थियों को लाभ होगा? (ग) शासन कब तक इस शहर में शा.इंन्‍जीनियरिंग कॉलेज खोले जाने का निर्णय करेगा?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) उज्‍जैन में शासकीय उज्‍जैन इंजीनियरिंग कॉलेज एवं स्‍ववित्‍तीय संस्‍थान स्‍कूल ऑफ इंजीनियरिंग एण्‍ड टेक्‍नोलॉजी के साथ-साथ 05 निजी इंजी‍नियरिंग संस्‍थान संचालित है। रतलाम जिले में 02 इंजीनियरिंग संचालित है। नागदा शहर से इन इंजीनियरिंग कॉलेजों की दूरी 40 से 45 किलोमीटर है। (ग) इस संबंध में शासन की कोई योजना नहीं है।

सारंगपुर-सण्‍ड़ावता मार्ग पर उच्‍च स्‍तरीय पुल का निर्माण

20. ( क्र. 470 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला राजगढ़ की तहसील सारंगपुर अंतर्गत सारंगपुर-सण्‍ड़ावता सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है, यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त मार्ग में 2 नग उच्‍चस्‍तरीय पुल (काई नदी पर एवं ग्राम लीमाचौहान के पास) का निर्माण कार्य भी सम्मिलित है? (ख) प्रश्‍नांश (क) में यदि उक्‍त 2 नग उच्‍च स्‍तरीय पुल का निर्माण कार्य सम्मिलित नहीं है, तो उक्‍त पुलों का निर्माण कार्य कैसे करवाया जावेगा? (ग) क्‍या उक्‍त उच्‍च स्‍तरीय पुलों का प्राक्‍कलन तैयार कर इसे प्रस्‍तावित अनुपूरक बजट में सम्मिलित किया जावेगा? (घ) उक्‍त उच्‍च स्‍तरीय पुलों के सड़क निर्माण कार्य में सम्मिलित न किये जाने के क्‍या कारण है? क्‍या विभाग सड़क निर्माण का त्रुटिपूर्ण प्राक्‍कलन तैयार करने वाले अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। (ख) सक्षम वित्‍तीय समिति के अनुमोदन पश्‍चात् बजट में सम्मिलित कर। (ग) सर्वे कार्य पूर्ण प्राक्‍कलन तैयार किया जा रहा है, वर्तमान में प्रस्‍तावित अनुपूरक बजट में सम्मिलित नहीं किया जा सकता। (घ) उच्‍चस्‍तरीय पुलों के कार्य का प्राक्‍कलन पृथक से तैयार किया जाता है, जिसकी कार्यवाही प्रगति पर है। अत: कार्यवाही का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

जिला राजगढ़ में परियोजना क्रियान्‍वयन ईकाई ब्‍यावरा द्वारा किये जा रहे कार्य

21. ( क्र. 471 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परियोजना क्रियान्‍वयन इकाई/ब्‍यावरा द्वारा जिला राजगढ़ के अंतर्गत वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में प्रश्‍न दिनांक तक किये जा रहे भवन निर्माण कार्य की जानकारी देवें? निर्माण कार्य का नाम, स्‍थान, कार्यादेश की दिनांक, कार्य पूर्ण करने की दिनांक से अवगत करावें? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में दर्शित निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किये जा चुके हैं? यदि नहीं, तो ऐसे कितने-कितने कार्य हैं जो वर्तमान में लंबित है और उनके लंबित रहने के क्‍या कारण हैं? कार्यवार जानकारी देवें? (ग) समय-सीमा में कार्य पूर्ण न करने वाले संबंधित ठेकेदार/अधिकारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गयी है एवं लंबित कार्य कब तक पूर्ण कर दिये जावेंगे? कार्यवार जानकारी देवें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट ''दस''

नील गाय एवं रोज वन प्राणी के द्वारा फसल को नुकसान

22. ( क्र. 497 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर जिले के राहतगढ़ विकासखंड के ग्राम ढाना, मुढि़या, लुहारी एवं खाकरोन में विगत दो वर्ष में किसानों की रबी एवं खरीफ की फसलों को वन्‍य प्राणी नील गाय एवं रोज द्वारा पहुंचाए नुकसान की जानकारी देवें? (ख) विगत दो वर्ष में राहतगढ़ विकासखंड में वन विभाग द्वारा नील गाय एवं रोज वन्‍य प्राणी के आतंक से ग्रामीणों को राहत प्रदान किये जाने हेतु क्‍या-क्‍या उपाय किये गये एवं कितनी नील गायों को पकड़ा गया? (ग) क्‍या वन्‍य प्राणियों द्वारा किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने पर किसानों को विभाग द्वारा मुआवजा प्रदान करने का प्रावधान है? वन विभाग के नियमों सहित जानकारी देवें? (घ) यदि हाँ, तो ग्राम ढाना, मुढि़या, लुहारी एवं खाकरोन में वन्‍य प्राणियों द्वारा यदि किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाया गया है तो वन विभाग ने विगत दो वर्षों में कब-कब कितनी मुआवजा राशि प्रदान की?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) सागर जिले के राहतगढ़ विकासखंड के ग्राम ढाना, मुढि़या, लुहारी एवं खाकरोन में विगत दो वर्षों में किसानों की रबी एवं खरीफ की फसलों को वन्‍यप्राणी नीलगाय एवं रोज द्वारा राजस्‍व विभाग से प्राप्‍त जानकारी के अनुसार कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। (ख) वन्‍यप्राणियों द्वारा किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने के प्रकरण प्रकाश में आने पर राजस्‍व विभाग द्वारा पुस्‍तक परि‍पत्र 6-4 की कण्डिका 11 (क) के अनुसार मुआवजा प्रदान कर राहत दिये जाने का प्रावधान है। अन्‍य कोई विशिष्‍ट उपाय नहीं किये गये हैं। किसी भी नीलगाय को पकड़ा नहीं गया है। (ग) जी नहीं। वन विभाग द्वारा वन्‍यप्राणियों से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने पर किसानों को मुआवजा प्रदान करने का प्रावधान नहीं है। (घ) फसल को वन्‍यप्राणी द्वारा नुकसान पहुंचाये जाने पर मुआवजा राशि वन विभाग द्वारा दिये जाने का कोई प्रावधान नहीं है। अत: वन विभाग द्वारा मुआवजा राशि दिये जाने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

राष्‍ट्रीय राजमार्ग सतना से बेला का बाईपास मार्ग का निर्माण

23. ( क्र. 521 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सतना बेला मार्ग का टेन्‍डर एम.पी. टॉपवर्थ प्रा.लि. के पास था जिसकी पेटी कान्‍ट्रेक्‍टर कम्‍पनी दिलीप विल्डिकॉन थी? (ख) यदि हाँ, तो लगभग डेढ़ वर्ष काम बंद रहने के बाद पुन: चालू कराया गया था, लेकिन दोनों कंपनियों में वित्‍तीय लेन-देन को लेकर पुन: विवाद शुरू हो गया? क्‍या पेटी कान्‍ट्रेक्‍टर दिलीप बिल्डिकॉन ने एम.पी. टॉपवर्थ के ऊपर काम का भुगतान न किये जाने का आरोप लगाते हुए काम रोक दिया गया है? (ग) यदि हाँ, तो उक्‍त मार्ग के निर्माण में देरी होने एवं आये दिन घटित हो रही दुर्घटनाओं के लिए कौन जिम्‍मेदार है? क्‍या सड़कों पर गहरे गड्ढे हो जाने से आये दिन दुर्घटना में लोग मारे जा रहे हैं? (घ) विभाग इन कंपनियों के विरूद्ध कब तक कार्यवाही करेगा उक्‍त मार्ग का काम कब तक पूर्ण कराया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) दिनांक 25.11.2014 से 01.09.2015 तक निर्माण कार्य बंद रहने के उपरांत पुन: चालू कराया गया। डी.बी.एफ..टी. पद्धति से कार्य अनुबंधित होने के कारण विवाद अथवा भुगतान विषयक जानकारी का निवेशकर्ता द्वारा प्रबंधन किया जाता है। वर्तमान में दिलीप बिल्‍डकॉन द्वारा कार्य बंद कर दिया गया है। कन्‍सेशनायर द्वारा पुन: कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। (ग) मार्ग निर्माण कार्य में देरी हुई है, वर्तमान में निवेशकर्ता मै. टापवर्थ टोलवे प्रा.लि. द्वारा मार्ग को मोटरेबल रखा जा रहा है। (घ) अनुबंधानुसार निवेशकर्ता को कार्य शीघ्र पुन: प्रारंभ करने के नोटिस दिये गये है। उक्‍त परियोजना दिसम्‍बर 2016 तक पूर्ण करने की संभावना है।

आरोपियों के विरूद्ध विभाग द्वारा कार्यवाही न किया जाना

24. ( क्र. 533 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍न क्रमांक 947 दिनांक 09/12/14 एवं 1373 दिनांक 27/02/15 एवं नियम 38 (1) के तहत ध्‍यानाकर्षण सूचना दिनांक 27/07/15 द्वारा उल्‍लेखित अधिकारी/कर्मचारी (आर.एस. तोमर भण्‍डार अधिकारी, यू.एस. राजपूत वरिष्‍ठ प्रशिक्षण अधिकारी, एन.एस. तोमर प्रशिक्षण अधिकारी, रामज्ञान प्रजापति भण्‍डार लिपिक/लेखपाल) जिन्‍हें कलेक्‍टर मुरैना के पत्र क्रमांक 10425/15.12.14 के संलग्‍न जाँच प्रतिवेदन क्रमांक 1003/27.09.14 में पूर्णत: दोषी ठहराये गये हैं लेकिन निलंबन/कार्यवाही आज दिनांक तक क्‍यों नहीं की गई? बताएं? (ख) क्‍या जाँच समिति अध्‍यक्ष श्री सी.एल. कटारे, सदस्‍य नितिन मंदसौर वाले, सदस्‍य व्‍ही.के. राव को संयुक्‍त संचालक कौशल विकास ग्‍वालियर ने पत्र क्रमांक/क्षे.का./स्‍था./गोप./शिका./जाँच प्रति./2015/09/ग्‍वालियर दिनांक 14.02.15 ने दोषी ठहराकर कार्यवाही हेतु संचालनालय को लेख किया है, लेकिन इनके विरूद्ध कोई कार्यवाही न करते हुए इनको संभाग की बड़ी आई.टी.आई. में पदस्‍थगी एवं प्रमोशन देकर लाभान्वित किया गया है, क्‍यों? (ग) क्‍या संयुक्‍त संचालक कौशल विकास ग्‍वालियार के पत्र क्रमांक-एम.पी.सी.वेट/स्‍था./गोप/शिका./2015/2446 भोपाल कैंप ग्‍वालियर दिनांक 05/12/15 ने उपरोक्‍त अधिकारी एवं कर्मचारी को दोषी ठहराकर कार्यवाही हेतु संचालनालय को लेख किया है?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) उल्‍लेखित अधिकारी/कर्मचारियों को निलम्बित कर दिया गया हैं। शेष का प्रश्‍न नहीं। (ख) जी हाँ। प्रकरण में अनुशासनात्‍मक कार्यवाही की जा रही हैं। (ग) जी नहीं।

खरगापुर विधान सभा-47 के मजना पलेरा मार्ग का निर्माण

25. ( क्र. 598 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधान सभा क्षेत्र 47 के कई ग्राम जैसे वनयानी, भिलौनी, सरकनपुर, गुना, गोरा, देरी, धनेरा, रमसगरा, वन्‍ने वुर्जुग मजना पलेरा मार्ग पर स्थित है एवं उक्‍त मार्ग टीकमगढ़ जिला मुख्‍यालय को जोड़ता है और उक्‍त मार्ग की हालत जर्जर बनी हुई है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या मजना पलेरा सड़क का निर्माण करायेगें? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों कारण स्‍पष्‍ट करें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। जी नहीं। (ख) प्रश्‍नांकित मार्ग मुख्‍य जिला मार्ग के अंतर्गत ब्रिक्‍स योजना में उन्‍नयन हेतु प्रस्‍तावित है। वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

बल्‍देवगढ़ नगर में बाईपास सड़क का निर्माण

26. ( क्र. 599 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधानसभा क्षेत्र के नगर बल्‍देवगढ़ से टीकमगढ़-छतरपुर मुख्‍य मार्ग निकला हुआ है और बीच बस्‍ती से निकली हुई सड़क से भारी वाहन, बसों आदि का संचालन रहता है? क्‍या यात्रा के दबाव को देखते हुये क्‍या बल्‍देवगढ़ नगर में बाईपास सड़क का निर्माण करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें? (ख) क्‍या उक्‍त बाईपास सड़क निर्माण कराये जाने की विभाग द्वारा कोई योजना बनाई गई है या नहीं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। वर्तमान में बल्‍देवगढ़ बायपास मार्ग निर्माण विभाग की किसी योजना में सम्मिलित नहीं है। (ख) जी नहीं।

चिकली गिरोता गौतमपुरा मार्ग की जानकारी

27. ( क्र. 678 ) श्री मुकेश पण्‍ड्या : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र बड़नगर में ग्राम चिकली गिरोता गौतमपुरा मार्ग जिसकी कुल लम्‍बाई 15.20 कि.मी. स्‍वीकृत हुआ है तथा जिसका निर्माण संभाग इंदौर द्वारा किया जा रहा है? उपरोक्‍त मार्ग की लागत क्‍या है और कुल स्‍वीकृत राशि कितनी है? (ख) विधानसभा क्षेत्र बड़नगर में गिरोता से चिकली तक कुल लम्‍बाई 8.60 कि.मी. में कितनी लम्‍बाई में क्‍या-क्‍या कार्य किये जाना प्रस्‍तावित है? (ग) क्‍या उपरोक्‍त मार्ग को सिंहस्‍थ के दृष्टिकोण से स्‍टेट हाईवें 18 से जोड़ा जाना प्रस्‍तावित है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) लोक निर्माण विभाग संभाग क्रमांक-2 इन्‍दौर के अंतर्गत चंबल गिरोता चिकली मार्ग लंबाई 15.00 कि.मी. स्‍वीकृत है। निर्माण कार्य प्रगति पर है। उपरोक्‍त मार्ग की निविदा लागत (पी..सी.) रूपये 2621.85 लाख होकर स्‍वीकृत राशि रूपये 2676.78 लाख है। (ख) विधानसभा क्षेत्र बड़नगर में गिरोता से चिकली तक कुल लंबाई 8.10 कि.मी. है, जिसमें से वास्‍तविक स्‍वीकृत लंबाई 7.40 कि.मी. होकर 5.50 मी. चौड़ाई में सीमेंट कांक्रीट मार्ग स्‍वीकृत है। (ग) मार्ग को स्‍टेट हाईवे 18 से जोड़ने हेतु पुनरीक्षित प्राक्‍कलन तैयार किया जा रहा है।

सिंहस्‍थ 2016 में बड़नगर विधानसभा में सड़कों का निर्माण

28. ( क्र. 680 ) श्री मुकेश पण्‍ड्या : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) एम.पी.आर.डी.सी. द्वारा निर्मित सड़क बड़नगर से उज्‍जैन मार्ग चौड़ीकरण सिंहस्‍थ 2016 की दृष्टि से आवश्‍यक था अथवा न हीं? जिला अधिकारियों द्वारा इस संबंध में कोई कार्यवाही की गई अथवा नहीं? (ख) क्‍या इस सड़क की चौड़ाई कम होने एवं अंधे मोड़ अधिक होने के कारण आए दिन मौतें होती रहती हैं साथ ही यह सड़क गुजरात एवं राजस्‍थान को जोड़ती है? इतनी महत्‍वपूर्ण मार्ग होने के पश्‍चात् भी सड़क चौड़ीकरण नहीं होने के क्‍या कारण रहे? (ग) क्‍या सिंहस्‍थ पूर्व शासन इस सड़क की ओर ध्‍यान देगा? अंधे मोड़ को ठीक करने के साथ ही चौड़ीकरण कर सिंहस्‍थ में गुजरात एवं राजस्‍थान से आने वाले श्रृद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े? ऐसी घोर लापरवाही करने वाले जिला अधिकारियों पर शासन क्‍या कार्यवाही करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। म.प्र. सड़क विकास निगम द्वारा देवास-उज्जैन-बड़नगर-बदनावर मार्ग के फोरलेन में चौड़ीकरण की बी.ओ.टी. योजना में फिजीबिलिटी रिर्पोट तैयार की गई हैं, जिसका अनुमोदन राज्य स्तरीय साधिकार समिति द्वारा दिनांक 10.04.2014 को किया गया है, किन्तु डिपार्टमेंट ऑफ एकोनोमिक अफेयर्स भारत सरकार द्वारा स्वीकृत नहीं किया गया है। (ख) जी नहीं। सड़क पर दुर्घटना होती है, किन्तु सड़क की चौड़ाई कम होने तथा अंधे मोड़ अधिक होना एक मात्र दुर्घटना तथा मौत का कारण नहीं है। वर्ष-2015 में हुई दुर्घटनाओं का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। विवरण से स्पष्ट है कि सड़क दुर्घटना में मौत का कारण ड्राइवर की लापरवाही एवं यातायात नियमों का पालन न करना है। जी हाँ। यह सड़क गुजरात एवं राजस्थान को जोड़ती है। म.प्र. सड़क विकास निगम संभाग उज्जैन द्वारा देवास-उज्जैन-बड़नगर-बदनावर मार्ग के फोरलेन में चौड़ीकरण की बी.ओ.टी. योजना में फिजीबिलिटी रिर्पोट तैयार की गई हैं, जिसका अनुमोदन राज्य स्तरीय साधिकार समिति द्वारा दिनांक 10.04.2014 को किया गया हैं, परन्तु डिपार्टमेंट ऑफ एकोनोमिक अफेयर्स भारत सरकार द्वारा स्वीकृत नहीं किया गया है। (ग) जी हाँ। सिंहस्थ को दृष्टिगत रखते हुए उज्जैन-बड़नगर मार्ग को 2.2 कि.मी. लम्बाई में 2-लेन के स्थान पर 4-लेन किया गया है। इसके अतिरिक्त सिंहस्थ-2016 महाकुम्भ को ध्यान में रखते हुए मार्ग के अंधे मोड़ों पर केट आईस, साईन बोर्ड, गति संकेतक, गार्ड स्टोन, रिफ्लेक्टर्स लगाये जा रहे है एवं रोड मार्किंग निवेशकर्ता कम्पनी द्वारा निरन्तर की जा रही है। इसके साथ ही दोनों ओर शोल्डर्स को सतत् भराव एवं रख-रखाव किया जा रहा है। ऐसी कोई लापरवाही नहीं बरती गई है, इसलिये अधिकारियों पर कार्यवाही का कोई प्रश्न नहीं उपस्थित होता।

शासकीय महाविद्यालयों का सुदृढ़ीकरण

29. ( क्र. 730 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनुसूचित जाति विधानसभा क्षेत्र के रतलाम जिले एवं विशेषकर आलोट नगर एवं ताल नगर के महाविद्यालयों के लिये क्‍या-क्‍या सुदृढ़ीकरण कार्य किये गये हैं? विगत पांच वर्षों का वर्षवार ब्‍यौरा दें? (ख) क्‍या रतलाम जिले के आलोट नगर के शासकीय महाविद्यालय भवन में भवन के कुछ कक्ष क्षतिग्रस्‍त हो रहे है? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) रतलाम जिले में ताल नगर के शासकीय महाविद्यालय भवन निर्माण करवाये जाने संबंधी विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) शासकीय महाविद्यालय, आलोट हेतु वित्तीय वर्ष 2012-13 में महाविद्यालय भवन के पिछले भाग में शेष बचे निर्माण कार्य हेतु राशि रू. 12.85 लाख एवं स्टाफ रूम निर्माण हेतु राशि रू. 5.00 लाख स्वीकृत की गई है। शासकीय नवीन महाविद्यालय ताल जिला रतलाम की स्थापना दिनांक 01.10.2014 को हुई है। अभी महाविद्यालय भवन निर्माण हेतु भूमि आवंटित नहीं हुई है। (ख) जी हाँ। अनुविभागीय अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, आलोट के पत्र दिनांक 16.02.16 में मरम्मत कार्य शीघ्र करवा दिये जाने का उल्लेख किया गया है। (ग) शासकीय महाविद्यालय ताल, के भवन निर्माण के लिए कलेक्टर, जिला रतलाम को भूमि आवंटित करने हेतु लिखा गया है।

सिंध नदी पर पुल निर्माण

30. ( क्र. 763 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विकासखण्‍ड आरोन में आरोन पनवाड़ीहाट रोड पर ग्राम वरोद के पास सिंध नदी पर पुल का निर्माण किस वर्ष किया गया एवं उक्‍त पुल के लिए निर्माण एजेन्‍सी कौन रखी गई थी? (ख) क्‍या पुल पर टोल नाके की परमिशन थी? यदि हाँ, तो कितने वर्षों के लिए थी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) वर्ष 1997 (दिनांक 31.07.1997) श्री राधेश्‍याम भाकर ग्‍वालियर। (ख) जी हाँ, नियमानुसार पुल निर्माण की कुल लागत वसूली पूर्ण होने तक।

विभागीय कार्यों की जानकारी

31. ( क्र. 800 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले में वित्‍तीय वर्ष 01.04.2013 से प्रश्‍नतिथि तक दो लाख रूपये से कम राशि के क्‍या-क्‍या कार्य, किस-किस स्‍थान पर किये गये? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित जिले में उक्‍त समयानुसार मेन्‍टेनेन्‍स पर कितनी राशि व्‍यय की गयी? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में उल्‍लेखित कार्यों में कितनी राशि का भुगतान किया गया?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशि‍ष्‍ट अनुसार है।

विभागीय कार्यों की जानकारी

32. ( क्र. 804 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले में वित्‍तीय वर्ष 01.04.2013 से प्रश्‍न तिथि तक दो लाख रूपये से ज्‍यादा राशि के क्‍या-क्‍या कार्य, किस-किस स्‍थान पर किये गये? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित जिले में उक्‍त समयानुसार मेन्‍टेनेन्‍स पर कितनी राशि व्‍यय की गयी? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में उल्‍लेखित कार्यों में कितनी राशि का भुगतान किया गया?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशि‍ष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशि‍ष्‍ट के प्रपत्र-अ एवं ब अनुसार है।

गुणवत्‍ताहीन की सड़क मार्ग का निर्माण

33. ( क्र. 832 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड विधानसभा के अंतर्गत पुस्‍तक बाजार से अटेर रोड की पुलिया तक फोर लेन मार्ग का निर्माण किस एजेंसी से कराने हेतु अनुबन्‍ध किया गया है? निर्माण कब तक पूर्ण होना हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित कार्य की लम्‍बाई, चौड़ाई, ऊँचाई, मोटाई क्‍या निर्धारित की गई है? निर्माण कार्य किस अधिकारी की निगरानी में किया जा रहा है? निर्माण कार्य में किस अधिकारी द्वारा कब निरीक्षण किया गया? (ग) क्‍या निर्माण कार्य में गुणवत्‍ताहीन निर्माण कार्य किया जा रहा है? घटिया स्‍तर की सामग्री का निर्माण में प्रयोग किया जा रहा है? किस प्रयोग शाला में सामग्री का परीक्षण किया गया? क्‍या रिपोर्ट प्राप्‍त हुई है? (घ) प्रश्‍नांश (क) के अंतर्गत मार्ग पर कितनी पुलियों का निर्माण प्रस्‍तावित है? क्‍या पुलियों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) पुस्तक बाजार से छोटी नहर की पुलिया तक सीमेन्ट कांक्रीट मार्ग निर्माण कार्य का अनुबंध मैसर्स जगदीश प्रसाद शर्मा कॉन्ट्रेक्टर ग्वालियर से अनुबंध दिनांक 29.12.2014 द्वारा किया गया है। यह कार्य 31.03.2016 तक पूर्ण होने की संभावना है। (ख) इस मार्ग की वास्तविक लम्बाई 1059 मी. है जिसमें से 765 मी. लम्बाई फोर लेन के रूप में 7.25 मी. चौड़ाई एवं 300 मि.मी. मोटाई में, 161 मी. लम्बाई टू लेन के रूप में 8.00 मी. चौड़ाई एवं 280 मि.मी. मोटाई में तथा 133.00 मी. लम्बाई टू लेन के रूप में 11.00 मी. चौड़ाई एवं 280 मि.मी. मोटाई की निर्धारित की गई है। यह निर्माण कार्य श्री एम.क्यू.एच. खान (प्रबंधक) एवं श्री आर.के. दायमा (सहायक महाप्रबंधक) की देखरेख में कराया जा रहा है। श्री आर.के. दायमा (सहायक महाप्रबंधक) द्वारा प्रतिदिन निर्माण कार्य का निरीक्षण किया जाता है। (ग) जी नहीं। जी नहीं। उक्त मार्ग निर्माण से संबंधित समस्त सामग्री टेस्ट मैसर्स ऊमरी- फूफ-प्रतापपुरा टोलवे प्रा. लि. की प्रयोगशाला में कराया जा रहा है। रिपोर्ट मानक अनुसार पाई गयी है। (घ) प्रश्नांश के अंतर्गत मार्ग पर कुल 3 नग पुलियों का निर्माण प्रस्तावित है। जिनमें से 1 नग पूर्ण, 2 नग अपूर्ण है। कार्य प्रगतिरत है।

शासकीय महाविद्यालयों में संचालित स्‍ववित्‍तीय पाठ्यक्रम

34. ( क्र. 870 ) श्री जतन उईके : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिंदवाड़ा जिले के पांढुर्णा शासकीय विज्ञान महाविद्यालय में जनभागीदारी द्वारा स्‍ववित्‍तीय पाठ्यक्रम कितने वर्षों से चलाये जा रहे हैं तथा कितने अतिथि विद्वान कार्यरत हैं? विषयवार बतायें? (ख) क्‍या अतिथि विद्वानों के लिए प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई है? समाचार पत्र का नाम व दिनांक बताएं? (ग) क्‍या इन पाठ्यक्रमों के लिए सहायक प्राध्‍यापकों के पद स्‍वीकृत किये गये हैं? (घ) यदि हाँ, तो कितने-कितने पद स्‍वीकृत किये हैं? विषयवार बतायें? इन पदों को कब तक भरा जायेगा?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) विगत 10 वर्षों से कम्प्यूटर एप्लीकेशन, 07 वर्षों से बी.बी.ए., बी.सी.ए. एवं 03 वर्षों से बी.ए., बी.काम. स्ववित्तीय पाठ्यक्रम चलाये जा रहे है। विषयवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार। (ख) जी हाँ। सत्र 2014-15 में महाविद्यालय के पत्र दिनांक 17.6.2014 को "दैनिक भास्कर" छिन्दवाडा एवं सत्र 2015-16 में महाविद्यालय के पत्र दिनांक 8.6.2015 " जबलपुर एक्सप्रेस " छिन्दवाडा में विज्ञापन जारी किया गया। सत्र 2012-13 एवं सत्र 2013-14 में जिला रोजगार कार्यालय, छिन्दवाडा, जिले के सभी शासकीय अशासकीय महाविद्यालय तथा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, जे.एच. महाविद्यालय बैतूल को रिक्त पदों की सूचना दी गई। (ग) जी नहीं। (घ) प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

शा.महाविद्यालय पोरसा में (मुरैना) प्राध्‍यापकों की पदस्‍थापना

35. ( क्र. 921 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय महाविद्यालय पोरसा (मुरैना) में प्राध्‍यापकों के कितने पद प्राचार्य सहित स्‍वीकृत हैं? वर्तमान में उनकी संख्‍या तथा लिपिकीय वर्ग कर्मचारियों की संख्‍या सहित पूर्ण जानकारी दी जावे? (ख) क्‍या प्रारंभ से वर्ष 2015 तक महाविद्यालय में स्‍थाई प्राचार्य पदस्‍थ नहीं हो सके हैं यदि हाँ, तो क्‍यों? क्‍या कई बार महाविद्यालय के ग्रंथपाल को ही प्रभारी प्राचार्य का प्रभार दिया गया है? (ग) वर्तमान में महाविद्यालय में कितनी संकायों की क्‍लास लगती हैं तथा कक्षावार छात्रों की संख्‍या कितनी है? (घ) क्‍या स्‍थाई प्राध्‍यापक नहीं होने से तथा अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति में विलम्‍ब के कारण अध्‍यापन कार्य सुचारू रूप से नहीं चल सका है। वर्ष 2012 से 2015 के शैक्षणिक सत्र में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति कब हुई? दिनांक सहित वर्षवार शिक्षा सत्रवार जानकारी दी जावे?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र "अ" पर है। (ख) जी नहीं। दिनांक 31.07.2009 से वर्ष 2015 तक नियमित प्राचार्यो की कमी के कारण स्थायी प्राचार्य पदस्थ नहीं हो सका है, प्राचार्यो की पदोन्नति की कार्यवाही विचाराधीन है किन्तु पदोन्नति विरुद्ध न्यायालयीन प्रकरणों के कारण कार्यवाही अवरुद्ध बनी हुई है। जी हाँ। (ग) स्नातक स्तर पर 01 कला संकाय की क्लास लगती है। शेष प्रश्नांश की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र "ब" पर है। (घ) जी नहीं। सहायक प्राध्यापक के रिक्त पदों पर समय समय पर आवश्यकतानुसार अतिथि विद्वान को नियमानुसार आमंत्रित कर अध्यापन कार्य सुचारू रूप से सम्पादित है

परिशिष्ट ''बारह''

लोक निर्माण एवं पी.आई.यू. द्वारा भवन, सड़कों का लोकार्पण

36. ( क्र. 942 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत दो वर्षों में जिला मंदसौर में लोक निर्माण विभाग एवं पी.आई.यू. द्वारा निर्मित भवनों, सड़कों का लोकार्पण किन एजेंसियों, ठेकेदारों या विभाग द्वारा कराया गया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) वर्णित लोकार्पण के किन-किन कार्यक्रम में स्‍थानीय विधायकों को अतिथि के तौर पर आमंत्रित कर कार्यक्रम संपन्‍न कराये गये हैं? विधानसभा क्षेत्रवार बतावें। (ग) विगत दो वर्षों में मुख्‍यमंत्री द्वारा जिले में कितने लोकार्पण भूमि पूजन के कार्यक्रम कहाँ-कहाँ किये गये और किन-किन को अतिथि के रूप में कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया एवं शिलालेख पर नाम अंकित किया गया है? (घ) क्‍या सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में विगत दो माह में विभाग द्वारा निर्मित भवन, सड़क का लोकार्पण विधायक द्वारा कराया गया?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) जी नहीं।

शासकीय आई.टी.आई. में रिक्‍त पदों की पूर्ति

37. ( क्र. 943 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में कितने शासकीय आई.टी.आई. हैं? प्रत्‍येक के स्‍वीकृत पद, कार्यरत पद एवं रिक्‍त पद की जानकारी देवें? (ख) सीतामऊ आई.टी.आई. की बिल्डिंग का किस वर्ष में निर्माण किया गया था? उसमें कुल कितने क‍क्ष (हाल) हैं एवं उसमें कितने हाल एवं कक्षों का उपयोग किस कार्य के लिए किया जा रहा है? (ग) क्‍या सीतामऊ आई.टी.आई. का उपयोग दूसरे कार्यों या विभागों के उपयोग के लिए भी किया जाता है? यदि हाँ, तो कार्यों के नाम एवं विभाग का नाम बतावें?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में एक शासकीय आई.टी.आई. सीतामऊ संचालित है। स्‍वीकृत, कार्यरत एवं रिक्‍त पद का विवरण निम्‍नानुसार है:-

सं.क्रं. स्‍वीकृत पद का नाम स्‍वीकृत संख्‍या कार्यरत संख्‍या रिक्‍त संख्‍या
1 प्रशिक्षण अधीक्षक 01 01 00
2. प्रशिक्षण अधिकारी
(व्‍यवसाय/गणित/ड्रॉईग)
2.1 06 व्‍यवसायों के लिए कुल स्‍वीकृत पद 16
2.2 वर्तमान में संचालित 04 व्‍यवसायों के 07 06 01
लिए आवश्‍यक पदों की संख्‍या
3. रिसोर्स पर्सन 01 00 01
4. कर्मशाला सहायक (दैवेभो.) 01 00 01
5. सहायक वर्ग-3 (दैवेभो.) 02 00 02
6. चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (संविदा) 03 07 03
संचालित व्‍यावसायों के अनुसार 15 07 08

(ख) सीतामऊ आई.टी.आई. की बिल्डिंग का वर्ष 1998-99 में निर्माण किया गया था। उसमें कुल तीन हॉल व दो थ्‍योरी कक्ष है। जिनका उपयोग संचालित व्‍यवसायों के वर्कशाप एवं सैद्धांतिक कक्षाओं के लिए किया जा रहा है। (ग) जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

धर्मश्री सागर-भोपाल बायपास निर्माण

38. ( क्र. 973 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के अतारांकित प्रश्‍न संख्‍या 5 (क्र. 1894) दिनांक 11.03.2013 में बताया गया था कि धर्मश्री सागर-भोपाल बायपास मार्ग को पूर्ण करने की समय-सीमा 21.01.2012 थी एवं भू-अर्जन हेतु कलेक्‍टर सागर को राशि जमा करा दी गई है? क्‍या वर्तमान में भू-अर्जन कर लिया गया है? यदि हाँ, तो कार्य कब तक प्रारंभ कर पूर्ण कर लिया जायेगा? (ख) यदि नहीं, तो क्‍या कारण हैं तथा कब तक भू-अर्जन कर कार्य प्रारंभ कर लिया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। जी नहीं। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रस्‍तावित एकरेखण तकनीकी रूप से उपयुक्‍त नहीं होने से। शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

वन परिक्षेत्रानुसार प्राप्‍त राशि का व्‍यय

39. ( क्र. 988 ) श्री दिनेश राय : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वन विभाग द्वारा सिवनी जिले की सिवनी एवं लखनादौन विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत वन परिक्षेत्रानुसार वित्‍तीय वर्ष 2013-14 से चालू वित्‍तीय वर्ष तक में कितनी-कितनी राशि, किस-किस मद-योजना में प्राप्‍त हुई? (ख) प्रश्‍नांश (क) में प्राप्‍त राशि का किन-किन कार्यों में व्‍यय किया? इसका सत्‍यापन किस अधिकारी ने किया? (ग) प्राप्‍त राशि से कराये गये निर्माण कार्यों/सामग्री हेतु क्‍या निविदा आमंत्रित की गई? यदि हाँ, तो सफल निविदाकार का नाम एवं स्‍वीकृत दर बतावें?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) निर्माण कार्य विभागीय तौर पर कराया गया है तथा सामग्री का क्रय निविदा आमंत्रित कर किया गया है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

खेल परिसर एवं अन्‍य सुविधाएं उपलब्‍ध कराना

40. ( क्र. 989 ) श्री दिनेश राय : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सिवनी जिले में खेल परिसर तथा मिनी स्‍टेडियम बनाये जाने के प्रस्‍ताव कहाँ-कहाँ के विचाराधीन हैं, तथा क्‍यों? (ख) जनवरी, 2016 की स्थिति में सिवनी जिले के शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र में खेल सुविधाएं उपलब्‍ध कराने हेतु विभाग ने क्‍या-क्‍या प्रयास/कार्यवाही की? (ग) 1 जनवरी, 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक खेल सुविधाएँ उपलब्‍ध कराने तथा खिलाडि़यों को प्रोत्‍साहित करने के लिए विभाग ने क्‍या-क्‍या गतिविधियाँ संचालित की? (घ) वित्‍तीय वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में जिले में कितनी राशि प्राप्‍त हुई, तथा कहाँ-कहाँ, किन-किन कार्यों में व्‍यय की गई?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) सिवनी जिले में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की परफारमेंस ग्राण्ट अंतर्गत धनौरा, घंसौर, एवं कुरई में भूमि आवंटित न होने के कारण खेल परिसर निर्माण के प्रस्ताव विचाराधीन है। (ख) शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र में खेल सुविधा उपलब्ध कराने हेतु विकासखण्ड केवलारी, बरघाट, छपारा, लखनादौन तथा सिवनी के प्रस्ताव क्रमशः 484 दिनांक 10.06.2015 एवं 729 दिनांक 09.07.2015 द्वारा प्रमुख अभियंता, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा को प्रेषित किये गये है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र पर है। (घ) वित्तीय वर्ष 2013 से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में जिले में उपलब्ध प्राप्त आवंटन तथा किये गये कार्यों में व्यय की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र पर है।

परिशिष्ट ''तेरह''

रीवा अमरकंटक मार्ग संचालन

41. ( क्र. 1031 ) श्री रामपाल सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रीवा से अमरकंटक राजमार्ग के संचालन के लिये किसी कंपनी से संविदा की गई है? यदि हाँ, तो किस कंपनी से कब और कब तक के लिये की गई है? संचालन की संविदा शर्तें क्‍या है? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) हाँ, तो क्‍या कंपनी द्वारा वाहनों से टोल टैक्‍स की वसूली की जाती है? यदि हाँ, तो उक्‍त सड़क में कितनी-कितनी पर टोल बैरियर लगाने का प्रावधान है और टोल टैक्‍स के नियम क्‍या है? (ग) क्‍या उक्‍त सड़क में बघवार, भैंसहा (अर्जुन नगर), रोहनिया, किररग्राम पोंडकी में संबंधित कंपनी द्वारा पूर्व से टोल टैक्‍स बैरियर लगाये गये हैं? यदि हाँ, तो इन बैरियरों की एक दूसरे से दूरी कितनी है? क्‍या पूर्व में भैंसहा टोल बैरियर को शासन द्वारा अवैध घोषित किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या उसे हटाया गया? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) क्‍या उक्‍त मार्ग में टेटका ग्राम के पास मानपुर तिराहे पर हाल ही में टोल टैक्‍स बैरियर कंपनी द्वारा लगाया जाकर वसूली की जा रही है? यदि हाँ, तो इसकी स्‍वीकृत कब और किस आधार पर दी गई? क्‍या सभी टोल बैरियर वैध है? यदि नहीं, तो क्‍या कार्यवाही कब तक की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। जी नहीं भैसाहा टोल बैरियर को शासन द्वारा अवैध घोषित नहीं किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। जी हाँ। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट ''चौदह''

 

धार्मिक संस्‍थान की परिसंपत्तियां

42. ( क्र. 1037 ) श्री रामपाल सिंह : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या शहडोल जिले के जयसिंहनगर तहसील अंतर्गत कनाडीखुर्द एवं चंदेला में धार्मिक संस्‍थान हैं? जिनके संरक्षक कलेक्‍टर हैं? यदि हाँ, तो उक्‍त संस्‍थानों में कितनी भूमि और क्‍या परिसंपत्तियां है? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के अनुसार भूमि एवं परिसंपत्तियों के रख-रखाव की क्‍या व्‍यवस्‍था है तथा भूमि से विगत 05 वर्ष में कितनी आय हुई और हुई आय में से किस-किस कार्य के लिये व्‍यय किया गया है?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

भितरवार विधानसभा क्षेत्र की जर्जर सड़क का निर्माण

43. ( क्र. 1083 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भितरवार विधानसभा क्षेत्र में आने वाली जर्जर रोडों के निर्माण के लिये प्रश्‍नकर्ता विधायक द्वारा वर्ष 2008 से वर्तमान तक मान. मुख्‍यमंत्री, मान. लोक निर्माण मंत्री, मान. प्रभारी मंत्री ग्‍वालियर, श्रीमान प्रमुख सचिव, श्रीमान कलेक्‍टर ग्‍वालियर, मुख्‍य अभियंता ग्‍वालियर, कार्यपालन यंत्री संभाग क्र. 2 ग्‍वालियर को कई बार पत्रों के माध्‍यम से स्‍वयं मिलकर निम्‍न जर्जर रोड़ो के निर्माण हेतु अनुरोध किया है (1) पार से जखा (2) चरखा से वरऊआ (3) नयागॉव ए.बी. रोड से भितरवार व्‍हाया चीनौर, करईया (4) चीनौर से डबरा (5) डांडाखिरक से तिघरा तक (6) करईया से आरौन व्‍हाया गोलार घाटी (7) बनवार से अमरौल (8) दौलतपुर से पचौरा व्‍हाया वरिगमा (9) करईया से दुबई (10) जौरासी से छीमक मार्ग व्‍हाया ऑतरी, एैराया, कछौआ, बडकीसराह (11) चिटौली रानी घाट मार्ग से लखेश्‍वरी माता मंदिर तक (12) मकोडा से छीमक व्‍हाया लदवाया, खैरवाया, समाया (13) समराई से बडका गांव (14) झॉकरी से पिपरौआ (15) टोडा से धिरौली (16) बराहना से सेकरा मार्ग (17) बरई पनिहार मार्ग से आमी गांव तक? (ख) उक्‍त रोडों को स्‍वीकृत कर कब तक आवागमन हेतु निर्माण करा लिया जावेगा एक निश्चित समय-सीमा अलग-अलग रोड वाईज स्‍पष्‍ट करें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट ''पंद्रह''

भितरवार विधानसभा क्षेत्र में कराये गये निर्माण कार्य

44. ( क्र. 1084 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भितरवार विधानसभा क्षेत्र में वन विभाग द्वारा 1 अप्रैल 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक किस स्‍थान पर कितनी लागत से क्‍या निर्माण, किस एजेंसी/ठेकेदार से कराया गया है तथा कराया जा रहा है? वर्तमान में इस निर्माण की भौतिक तथा वित्‍तीय स्थिति क्‍या है? (ख) ग्‍वालियर जिले में 1 जनवरी 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक वन विभाग से किस-किस प्रकार के खनि‍जों को किस-किस स्‍थान से अवैध उत्‍खनन कराते हुए या जंगल से लकड़ी ले जाते हुये पकड़ा गया है? पकड़े हुये व्‍यक्ति का तथा वाहन का नाम, किस कर्मचारी/अधिकारी द्वारा, किस दिनांक को पकड़ा गया? अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) 1 जनवरी 2016 की स्थिति में ग्‍वालियर जिले के वन विभाग में कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी पदस्‍थ हैं? नाम, पद, पदस्‍थापना दिनांक एवं मुख्‍यालय भी स्‍पष्‍ट करें?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

परफॉरमेंस गांरटी वाली सड़कों के पेंचवर्क/मरम्‍मत कार्य विभाग द्वारा करना

45. ( क्र. 1102 ) श्री विश्वास सारंग : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले में किन-किन सड़कों का पेंचवर्क/मरम्‍मत कार्य 1 जनवरी 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक ठेकेदारों और विभाग द्वारा किया गया है? वर्कवार, सड़क नामवार, ठेकेदार के नामवार, विभागवार व भुगतानवार जानकारी दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के तहत क्‍या रायसेन जिले में वर्ष 2013, 20142015 में विभाग ने परफॉरमेंस गांरटी वाली सड़कों का भी पेंचवर्क/मरम्‍मत कार्य किया है? यदि हाँ, तो कौन-कौन सी सड़कों का? कारण सहित जानकारी दें? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के तहत क्‍या उक्‍त‍ कार्य नियम विरूद्ध किए गए हैं? यदि हाँ, तो इसके लिए किस पदनाम/नाम के अधिकारी जिम्‍मेदार हैं? क्‍या उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '', 'अ-1' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

वृक्षारोपण पर व्‍यय

46. ( क्र. 1103 ) श्री विश्वास सारंग : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 जुलाई 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक वन विभाग द्वारा भोपाल, रायसेन व सतना जिले में कहाँ-कहाँ वृक्षारोपण किया गया? वर्षवार, जिलावार, स्‍थानवार, पौधों की संख्‍यावार जानकारी दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के तहत वृक्षारोपण में कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई? वर्षवार, जिलावार, स्‍थानवार व व्‍यय राशिवार जानकारी दें? (ग) प्रश्‍न (क) व (ख) के तहत वर्तमान में कितने पौधे जीवित हैं? वर्षवार, जिलावार, स्‍थानवार, संख्‍यावार जानकारी दें?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

सतना जिले में दो लाख रूपये से ज्‍यादा राशि के कार्य

47. ( क्र. 1172 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले में वित्‍तीय वर्ष 01.04.2013 से प्रश्‍न तिथि तक 2 लाख रूपये से ज्‍यादा राशि वाले क्‍या कार्य किस स्‍थान पर किये गये? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित जिले में उक्‍त समयानुसार मेन्‍टेनेस पर कितनी राशि, व्‍यय की गयी? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में उल्‍लेखित कार्यों में कितनी राशि का भुगतान किया गया?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

सतना जिले में वित्‍तीय वर्ष 1.4.2013 से 2 लाख रूपये से कम राशि के कार्य

48. ( क्र. 1173 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले में वित्‍तीय वर्ष 01.04.2013 से प्रश्‍नतिथि तक 2 लाख रू. से कम राशि वाले क्‍या-क्‍या कार्य, किस-किस स्‍थान पर, किये गये? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित जिले में उक्‍त समयानुसार मेन्‍टेनेन्‍स पर कितनी राशि, व्‍यय की गयी? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में उल्‍लेखित कार्यों में से कितनी राशि का भुगतान किया गया?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

आगर फोरलेन रोड निर्माण

49. ( क्र. 1267 ) डॉ. मोहन यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आगर रोड फोरलेन निर्माण के संबंध में समय-समय पर जारी निविदा विज्ञप्ति, अनुबंध, डीपीआर की प्रति उपलब्‍ध करावें? (ख) कोयला फाटक रोड से मकोडिया आम चौराहा के निर्माण के संबंध में कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग द्वारा पत्र क्र. 232/कार्य/2014-15 दिनांक 07.01.2015 के पालन में आयुक्‍त नगर निगम द्वारा की गई कार्यवाही का विवरण प्रस्‍तुत करें? (ग) यदि प्रश्‍नांश (ख) की जानकारी नहीं है तो कार्यपालन यंत्री द्वारा उपरोक्‍त पत्र के संबंध में चाही गई जानकारी दिये बिना ही उक्‍त मार्ग हस्‍तांतरण किन नियमों के तहत किया गया? उक्‍त गंभीर अनियमितता, अवैधानिकता, लापरवाही के लिये कौन-कौन अधिकारी दोषी है? दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) मार्ग के निर्माण का कार्य अन्‍य अनुबंध में अतिरिक्‍त कार्य के रूप में सम्मिलित किये जाने से निविदा विज्ञप्ति जारी नहीं की गई। रेलिंग लगाने हेतु आमंत्रित निविदा का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। अनुबंध एवं डी.पी.आर. की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

फोरलेन निर्माण के संबंध में

50. ( क्र. 1272 ) डॉ. मोहन यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन देवास रोड मार्ग पर नागझिरी से स्‍वीमिंग पुल चौराहे तक फोरलेन निर्माण का कार्य विगत 5 वर्षों से चल रहा है? कार्य पूर्ण नहीं होने के क्‍या कारण है। (ख) क्‍या उक्‍त सड़क अत्‍यंत महत्‍व की है किन्‍तु गुणवत्‍ता अत्‍यन्‍त निम्‍न स्‍तर की होकर 1 साल में कई बार टूट रही है? उक्‍त गुणवत्‍ताविहिन कार्यों के लिये कौन-कौन से अधिकारी दोषी है? दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई है, कि गई कार्यवाही से अवगत करावे? यदि कार्यवाही नहीं की गई है तो कारण बतावें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी नहीं कार्य पूर्ण है। शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं केवल कुछ भाग में वर्षाकाल में उपरी सतह में आंशिक क्षति हुई थी। शेष जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट ''सोलह''

नियम विरूद्ध पथकर की वसूली

51. ( क्र. 1313 ) श्री ठाकुरदास नागवंशी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा प्रश्‍न संख्‍या 55 (क्रमांक 1888) दिनांक 30 जुलाई 2015 की कंडिका (ख) में उत्‍तर दिया है? जी नहीं ठेकेदार द्वारा अनुबंध अनुसार पथकर वसूला जा रहा है एवं आंशिक रूप से मरम्‍मत कार्य किया जा रहा है? (ख) प्रश्‍नांश की कंडिका (ख) में जो उत्‍तर दिया गया है वह सही नहीं है? मार्ग क्षतिग्रस्‍त है, इस मार्ग पर कोई मरम्‍मत कार्य नहीं कराया गया? क्‍या विभाग निरीक्षण हेतु दल गठित करेगा? (ग) जीर्ण शीर्ण मार्ग पर जो पथकर वाहन मालिकों से वसूला गया है क्‍या यह उनका शोषण नहीं है? क्‍या शासन कन्‍सेशनायर से पथकर संबंधितों को वापस करायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। मार्ग क्षतिग्रस्‍त नहीं है। निवेशकर्ता द्वारा किये गये मरम्‍मत के कार्य का विस्‍तृत विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। विभाग द्वारा हाल ही में मार्ग का निरीक्षण एवं अनुरक्षण हेतु स्‍वतंत्र अभियंता नियुक्‍त कर दिया गया है। (ग) जी नहीं। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट ''सत्रह''

सुरदहा-परसमानिया से मैहर मार्ग का डामरीकरण

52. ( क्र. 1361 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नागौद विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत नागौद एवं ऊचेहरा विकासखण्‍ड में सुरदहा से परसमनिया से रामपुर वाया मैहर मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्‍त हो चुका है? अत्‍यन्‍त खराब होने के कारण आये दिन वाहन दुर्घटनाएं हो रही है तथा डामरीकरण न होने से वर्षा अवधि में आवागमन अवरूद्ध हो जाता है? (ख) प्रश्‍नांश (क) का यदि जी तो उक्‍त रोड पर पुन: डामरीकरण कब कराया जायेगा और अब तक न कराये जाने के क्‍या कारण है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी नहीं। जी नहीं। जी नहीं। (ख) यह एम.डी.आर. है, जिसकी लंबाई 43.60 कि.मी. है, जिसमें कि.मी. 16/2 से 28/2 तक का डामरीकरण रिन्‍यूवल का कार्य माह 04/2014 में कराया गया था। शेष भाग में डामरीकरण वर्ष 2016-17 के वार्षिक नवीनीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत सम्मिलित कर कराया जाना प्रस्‍तावित है। आवश्‍यकता अनुसार मार्ग का संधारण किया जा रहा है।

मढ़ीमोड़ से सेमरी फतेपुर कटन मार्ग का डामरीकरण

53. ( क्र. 1362 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नागौद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नागौद वि.ख. का मढ़ीमोड़ से सेमरी-फतेपुर-कटन मार्ग काफी वर्षों पुराना डामरीकरण मार्ग हो चुका है? क्‍या इसका डामर पूरी तरह से उखड़ चुका है? तथा डामरीकरण न होने से वर्षा अवधि में आवागमन पूरी तरह से अवरूद्ध हो जाता है? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त रोड पर पुन: डामरीकरण कब कराया जायेगा और अब तक न कराये जाने के क्‍या कारण हैं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। जी नहीं, आंशिक रूप से। जी नहीं। (ख) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

वसूली एवं आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने बाबत्

54. ( क्र. 1387 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दिनांक 10.12.2015 के तारांकित प्रश्‍न संख्‍या-18 (क्र. 302) के तारतम्‍य में फर्जी राशि का आरहण करने एवं मौके पर कार्य न करने के लिए दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही हेतु माननीय प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग को दिनांक 05.01.2016 को एवं आयुक्‍त रीवा संभाग को पत्र क्र. 400 दिनांक 28.12.2015 के माध्‍यम से अनियमितता के लिए दोषियों के विरूद्ध जाँच कर कार्यवाही का आग्रह किया गया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में आयुक्‍त राजस्‍व रीवा संभाग रीवा द्वारा अपने पत्र क्र. 361 दिनांक 20.01.2016 के माध्‍यम से कलेक्‍टर रीवा को अधिकारियों/ कर्मचारियों एवं निर्माण एजेन्सियों के विरूद्ध वसूली की कार्यवाही करते हुए आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करने का उल्‍लेख किया है? (ग) यदि प्रश्‍नांश (ख) हाँ, तो संब‍ंधितों के विरूद्ध जाँच कर कब तक वसूली की कार्यवाही के साथ आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करयेंगे? स्‍पष्‍ट रूप से समय-सीमा बतावें, अगर नहीं करायेंगे तो क्‍यों? इसका कारण बतावें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) सड़क का निर्माण स्‍वीकृत मापदण्‍ड अनुसार न होने की शिकायत की है। (ख) जी हाँ। (ग) कलेक्‍टर रीवा द्वारा जाँच दल गठित किया गया है। जाँच दल से जाँच प्रतिवेदन प्राप्‍त होते ही गुणदोष के आधार पर वांछित कार्यवाही की जा सकेगी। निश्चित तिथि बताना संभव नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

दोषी के विरूद्ध जाँच एवं कार्यवाही

55. ( क्र. 1388 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नोत्‍तरी दिनांक 10.12.2015 में मुद्रित अता. प्रश्‍न संख्‍या 14 (क्र. 305) के परिप्रेक्ष्‍य में वन मण्‍डल रीवा ने अपने पत्र क्र. 5915 दिनांक 15.09.2015 द्वारा अपर प्रधान वन संरक्षक प्रशासन-II म.प्र. सतपुड़ा भवन भोपाल को पत्र लिखा गया था, जिसमें स्‍पष्‍ट उल्‍लेख किया था कि संबंधित दोषी लेखापाल को अन्‍यत्र पदस्‍थ करने के बाद ही निष्‍पक्ष जाँच हो सकती है? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) हाँ, तो संबंधित तात्‍कालीन लेखापाल को अन्‍यत्र हटाने के बाद मुख्‍य वन संरक्षक रीवा द्वारा शिकायतकर्ता की उपस्थिति में क्‍या जाँच की गई? क्‍या इस संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिनांक 19.12.2015 को प्रधान मुख्‍य वन संरक्षक भोपाल को पत्र क्र. 392 लिखकर संबंधित को हटाने के बाद उच्‍च स्‍तरीय जाँच की मांग की थी? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संबंध में क्‍या संबंधित दोषी लेखापाल को अन्‍यत्र हटाते हुए जाँच करायेंगे? हाँ तो कब तक, अगर नहीं तो क्‍यों?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) एवं (ग) शिकायतकर्ता की उपस्थिति में जाँच नहीं की गई है। मुख्‍य वन संरक्षक रीवा द्वारा स्‍वयं जाँच प्रतिपादित की गई तथा ऐसी परिस्थिति नहीं पाई गई जिसके लिए लिपिक को जाँच पूर्व हटाना आवश्‍यक हो। जाँच उपरान्‍त शिकायत निराधार पाई गई। जी हाँ, प्रश्‍नकर्ता का पत्र क्र. 392 दिनांक 19.12.2015 प्रधान मुख्‍य वन संरक्षक कार्यालय में प्राप्‍त हुआ है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

दोषी अधिकारियों की पदस्‍थापना

56. ( क्र. 1433 ) श्री अनिल फिरोजिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक निर्माण विभाग (सिंहस्‍थ शाखा) उज्‍जैन में वर्तमान में कौन कार्यपालन यंत्री पदस्‍थ है? (ख) क्‍या उक्‍त अधिकारी विदिशा जिले में पदस्‍थ रहे हैं? यदि हाँ, तो क्‍या विदिशा जिले में पदस्‍थी के दौरान इनके विरूद्ध आर्थिक अनियमितता का प्रकरण प्रकाश में आया है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार यदि अनयिमितता पाई गई है तो ऐसे दोषी अधिकारी की सिंहस्‍थ जैसे महत्‍वपूर्ण कार्यों में पदस्‍थी का क्‍या कारण है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। शेष जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार।

आदिवासियों को पट्टा वितरण

57. ( क्र. 1439 ) श्री महेन्‍द्र केशर सिंह चौहान : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैतूल जिले के ऐसे कितने वन ग्राम है जिनमें वर्षों से काबिज आदिवासियों को वनभूमि के पट्टे वितरण किये जाने है? (ख) पट्टों का वितरण कब तक किया जाएगा समय-सीमा बतावें? (ग) ऐसे कितने वनग्राम हैं जिन्‍हें पूर्व में पट्टे वितरण किये गये थे जिनका कार्यकाल पूर्ण होने पर पुन: पट्टे दिये गये हैं जिनमें विसंगतियाँ पाई गई है? (घ) विसंगतियों को पूर्ण कर कब तक पट्टे वितरण किये जायेंगे?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) एवं (ख) बैतूल जिले में ऐसा कोई वन ग्राम नहीं है जसमें वर्षों से काबिज आदिवासियों को वनग्राम नियम 1977 के तहत वन भूमि के पट्टे वितरित किया जाना है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) बैतूल जिले के 92 वनग्रामों में वन ग्राम नियम 1977 के तहत वनग्रामवासियों को 15 वर्षीय वनभूमि के पट्टे वितरित किये गये थे। वर्ष 1997 में भारत सरकार से नवीनीकरण की अनुमति प्राप्‍त होने के पश्‍चात् पट्टों का नवीनीकरण किया जाकर पुन: वितरित किया गया। इन पट्टों की अवधि पुन: वर्ष 2007 में पूर्ण हो जाने के कारण, वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 के अन्‍तर्गत नवीनीकरण के प्रस्‍ताव भारत सरकार को प्रेषित किये गये, जिसकी स्‍वीकृति अपेक्षित है। पट्टे वितरण में किसी प्रकार की विसंगति होना नहीं पाया गया। (घ) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में कोई प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

राष्‍ट्रीय एवं राज्‍य स्‍तरीय प्रतियोगिताओं एवं खिलाडि़यों पर व्‍यय राशि

58. ( क्र. 1452 ) श्री आरिफ अकील : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) राष्‍ट्रीय एवं राज्‍य स्‍तर पर आयोजित विभिन्‍न खेल प्रतियोगिताओं में प्रदेश के किन-किन खिलाडि़यों ने हिस्‍सा लिया और पदक प्राप्‍त किए? खिलाडि़यों के नाम प्राप्‍त पदक सहित यह बतावें कि उक्‍त खिलाडि़यों पर प्रदेश शासन द्वारा विगत 3 वर्षों की स्थिति में कितनी राशि व्‍यय की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में उक्‍त प्रतियोगिताओं में प्रदेश के बाहर के किस-किस राज्‍य के किस-किस खेल प्रतियोगिताओं में हिस्‍सा लिया? उनके नाम व मूल निवासी कहाँ-कहाँ के है? (ग) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में खिलाडि़यों को पर्याप्‍त सुविधा जैसे चयन, खान-पान, भत्‍ता, निवास एवं आवागमन में हुई परेशानियों की शिकायत विभाग को प्राप्‍त हुई है? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में किस-किस के विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों कारण सहित बतावें?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर की प्रतियोगितायें विभिन्न खेल संघ एवं शासन के कई अन्य विभागों द्वारा आयोजित की जाती है, राज्य एवं राष्ट्रीय संघ का स्वयं का संविधान एवं कार्यक्षेत्र निर्धारित है एवं विभिन्न विभागो के दिशा निर्देश निर्धारित है जिसमें संचालनालय द्वारा किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं रहता। अतएव जानकारी दी जाना संभव नहीं है। (ख) राज्य एवं राष्ट्रीय संघ पर इस विभाग का कोई अधिकार नहीं होता साथ ही राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सम्मिलित होने हेतु मूल निवासी प्रमाण-पत्र नहीं मागा जाता। अतः जानकारी दी जाना संभव नहीं है। (ग) राज्य एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खिलाडि़यों का चयन राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के संघों व संबंधित विभागों द्वारा किया जाता है। तथा उन्ही के द्वारा खिलाडि़यों की भागीदारी सुनिश्चित की जाती है। संचालनालय द्वारा आयोजित गतिविधियों में खिलाडि़यों को राज्य एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने हेतु किसी भी प्रकार की कोई शिकायत विभाग को प्राप्त नहीं हुई है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

मार्ग निर्माण की स्‍वीकृति

59. ( क्र. 1501 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत चन्‍द्रपुरा-तलावड़ा मार्ग की डी.पी.आर. प्रमुख अभियंता लो.नि.वि भोपाल स्‍तर पर वर्तमान में परीक्षणाधीन हैं यदि हाँ, तो इसे कब तक निपटा लिया जावेगा? (ख) क्‍या उक्‍त मार्ग की दशा वर्तमान में ठीक न होने व इस मार्ग का उन्‍नतीकरण आवश्‍यक होने के तथ्‍य को प्रश्‍नकर्ता के अतारांकित प्रश्‍न संख्‍या-17 (क्रमांक 1229) दिनांक 03.03.2015 के प्रश्‍नांश (क) में स्‍वीकारा भी हैं उक्‍त मार्ग का प्रस्‍ताव स्‍थाई वित्‍तीय समिति की 98वीं बैठक में अनुमोदित भी है? (ग) उक्‍त कारणों से प्रश्‍नकर्ता द्वारा चालू वित्‍त वर्ष में विभागीय मंत्री तथा दिनांक 16.12.2015 को प्रमुख अभियंता लो.नि.वि. भोपाल को पत्र लिखकर उक्‍त मार्ग के उन्‍नतीकरण कार्य को वर्ष 2016-17 के बजट में शामिल कर उक्‍त मार्ग की डी.पी.आर. को स्‍वीकृत कराने हेतु आवश्‍यक कार्यवाही करने पत्र भी लिखा था यदि हाँ, तो जनहित में क्‍या शासन उक्‍त मार्ग के उन्‍नतीकरण कार्य को उक्‍त बजट में शामिल कर इसकी प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी नहीं, शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ, विभाग की स्‍थायी वित्‍तीय समिति की 133वीं बैठक में प्रश्‍नांकित मार्ग को मुख्‍य बजट में सम्मिलित होने पर प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी करने की अनुशंसा की गई है। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

नवीन पुल का निर्माण

60. ( क्र. 1502 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्‍योपुर किले के नीचे से गुजर रही सीप नदी के सोनघटा पर नवीन पुल के निर्माण हेतु प्राथमिक प्रस्‍ताव मुख्‍य अभियंता सेतु भोपाल द्वारा पत्र क्रमांक-3072 दिनांक 07.07.2015 द्वारा प्रमुख अभियंता लो.नि.वि. भोपाल को भेजा गया है? यदि हाँ, तो क्‍या इसकी डी.पी.आर. तैयार करा ली गई है? (ख) क्‍या सोनघटा पर पुल के अभाव में सीप नदी के बायें तरफ विद्यमान दर्जनों ग्रामों के नागरिकों को या तो हर मौसम में नाव के जरिये या फिर 10 से 30 कि.मी. की दूरी सड़क मार्ग से तय कर जिला मुख्‍यालय आना-जाना पड़ता है तथा दोनों स्थिति में नागरिकों को कई प्रकार की कठिनाईयों का सामना भी करना पड़ता है? (ग) क्‍या सोनघटा पर नवीन पुल के निर्माण उपरांत नागरिकों को उक्‍त कठिनाईयों से निजात मिलेगी साथ ही उन्‍हें सीधे आवागमन की सुविधा भी उपलब्‍ध हो जावेगी? (घ) यदि हाँ, तो क्‍या शासन जनहित के मद्देनजर सोनघटा पर नवीन पुल निर्माण कार्य की डी.पी.आर. तैयार कराकर इसे वर्ष 2016-17 के वार्षिक बजट में शामिल कर इस कार्य की प्रशासकीय स्‍वीकृति शीघ्र जारी करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ, जी हाँ। (ख) एवं (ग) जी हाँ। (घ) डी.पी.आर. बनाने की कार्यवाही प्रगति पर है। वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धतानुसार प्रशासकीय स्‍वीकृति हेतु कार्यवाही की जावेगी। शेष प्रश्‍न नहीं उठता।

शासकीय मंदिरों का जीर्णोद्धार

61. ( क्र. 1613 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश सरकार द्वारा शासकीय मंदिरों के जीर्ण-उद्धार हेतु वर्ष 2014-15 में क्‍या कार्य योजना बनाई गई एवं 2015-16 में प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि व्‍यय की गई? (ख) छतरपुर जिले में ऐसे कितने मंदिर हैं जिनके जीर्णोद्धार किया जाना आवश्‍यक है? क्‍या लोक निर्माण विभाग ने मंदिरों के जीर्णोद्धार के संबंध में सर्वे करवाया गया कि कौन से मंदिर खराब स्थिति के है? (ग) क्‍या मंदिरों के जीर्णोद्धार हेतु आवंटन प्राप्‍त हुआ और उसे समर्पित कर दिया गया? यदि हाँ, तो कितनी राशि थी जो समर्पित की गई?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) शासन संधारित मंदिरों के जीर्णोद्धार हेतु विभाग की कार्य योजना है। जिसके तहत कलेक्‍टर,आयुक्‍त के माध्‍यम से तकनीकी प्रस्‍ताव प्राप्‍त किये जाते है। छतरपुर जिले में मंदिरों के जीर्णोद्धार हेतु वर्ष 2015-16 में राशि रूपयें 22,02,000/- का आवंटन सात मंदिरों के जीर्णोद्धार हेतु दिया गया है। (ख) छतरपुर जिले के निम्‍नानुसार 7 मंदिर जीर्णोद्धार हेतु सूचित किये गये थे जिनके जीर्णोद्धार कार्य इसी वित्‍तीय वर्ष में पूर्ण करा दिया जायेगा। (1) जानकी रमण मंदिर चंदनगर (2) श्री धनुषधारी मंदिर राजनगर (3) श्री बिहारी जू मंदिर सांदनी (4) श्री शंकरजी मंदिर पिपट (5) श्री जानकी रमण मंदिर बिजावर (6) श्री रामजानकी मंदिर गिरधौरी (7) श्री बिजारी जू मंदिर पिपरी। (ग) छतरपुर जिले के सात मंदिरों की जीर्णोद्धार हेतु राशि विकास आयुक्‍त कार्यालय भोपाल से सीधे निर्माण कार्य एजेन्‍सी के खाते में ट्रांसफर की जा चुकी है।

रोडों का निर्माण तथा मरम्‍मत

62. ( क्र. 1627 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में राज्‍य सड़क परियोजनाओं के संबंध में वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि स्‍वीकृत की गई? (ख) ऐसे कितने रोडों का निर्माण कराया गया जिनके पूर्णत: प्रमाण पत्र जारी किये गये? उनके नाम बतायें तथा कितनी राशि, कब-कब भुगतान की गई? (ग) विभागीय आवंटन से वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में छतरपुर जिले में कितने कार्य मरम्‍मतीकरण तथा रोडों के किये गये उसका विवरण दें तथा कितनी धनराशि व्‍यय हुई नामवार बतायें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ एवं अ-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ-1 एवं ब अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-स एवं द अनुसार है।

खेल मैदान का निर्माण

63. ( क्र. 1688 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या खेल युवा कल्‍याण विभाग की योजना अनुसार परासिया विधानसभा क्षेत्र में खेल मैदान (स्‍टेडियम) का निर्माण किया जाना प्रस्‍तावित है, क्‍या हम इस हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा ग्राम पंचायत गाजनडोह में प्रस्‍तावित भूमि (स्‍थल) की अनुशंसा भी की जा चुकी है, परंतु विभागीय अधिकारियों द्वारा स्‍टेडियम निर्माण में रूचि न लेते हुए, कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है, जिससे स्‍टेडियम के निर्माण में विलंब हो रहा है, यदि हाँ, तो इसका क्‍या कारण है? (ख) परासिया विधानसभा क्षेत्र में प्रस्‍तावित खेल मैदान (स्‍टेडियम) का निर्माण कार्य कब तक प्रारंभ कर दिया जायेगा? समय-सीमा बतायें? (ग) परासिया विधानसभा क्षेत्र में खेल मैदान (स्‍टेडियम) निर्माण में विभागीय अधिकारियों द्वारा की जा रही लापरवाही के लिए कौन-कौन से अधिकारी जिम्‍मेदार है क्‍या विभाग द्वारा इन लापरवाह अधिकारियों पर कोई उचित कार्यवाही की जायेगी?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी नहीं। अपितु पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की परफारमेंस ग्रांट से प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक आउटडोर खेल परिसर निर्माण की योजना है। जी हाँ, परंतु प्रस्तावित एवं अनुशंसित भूमि के ऊपर हाईटेंशन विद्युत लाईन निकलने से उक्त भूमि पर निर्माण कार्य नहीं किया जा रहा है। अतः अधिकारियों की लापरवाही एवं रूचि नहीं लेने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) प्रस्तावित परासिया विधानसभा क्षेत्र में उपयुक्त भूमि चयन की कार्यवाही प्रचलित है। अतः कार्य प्रारंभ होने की निश्चित समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। (ग) प्रश्नोत्तर में वर्णित स्थिति में किसी अधिकारी द्वारा लापरवाही नहीं बरती गई है। अतः किसी के विरूद्ध कार्यवाही करने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

ग्राम अप्‍तरा से ग्राम मुजावर तक मार्ग निर्माण

64. ( क्र. 1689 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या परासिया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम अप्‍तरा से ग्राम मुजावर तक मार्ग निर्माण का प्रस्‍ताव जिले से प्रशासनिक स्‍वीकृति हेतु पी.डब्‍ल्‍यू.डी. विभाग को भेजा जा चुका है? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई है? (ख) क्‍या ग्राम अप्‍तरा से ग्राम मुजावर तक मार्ग निर्माण का कार्य विभाग द्वारा स्‍वीकृत किया जा चुका है? अगर नहीं किया गया है तो इसकी स्‍वीकृति कब तक प्रदान कर दी जायेगी? (ग) उक्‍त मार्ग निर्माण हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा माननीय मंत्री जी, प्रमुख सचिव, प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग को प्रेषित पत्रों पर विभाग द्वारा अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। प्रस्‍ताव परीक्षणाधीन है। (ख) जी नहीं। वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) मार्ग का सर्वे करवाकर डी.पी.आर. तैयार करवायी गई है। जो कि परीक्षणाधीन है।

लघु उद्योग निगम के क्षेत्रीय कार्यालय का भोपाल स्‍थानांतरण

65. ( क्र. 1761 ) श्री तरूण भनोत : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या जबलपुर स्थित लघु उद्योग निगम के क्षेत्रीय कार्यालयों को भोपाल ले जाने का प्रस्‍ताव प्रचलन में है? क्‍या प्रदेश शासन ने जबलपुर में लघु उद्योग निगम के क्षेत्रीय कार्यालय की स्‍थापना छोटे उद्योगों को मार्गदर्शन देने और उनकी समस्‍याओं को दूर करने के लिये की थी, लेकिन अब ऑनलाईन सर्विस के नाम पर उक्‍त कार्यालय को अनावश्‍यक रूप से जबलपुर की जनता के साथ छलावा कर भोपाल ले जाने की तैयारी कर रहा है? (ख) क्‍या जबलपुर में वर्णित (क) के कार्यालय की उपयोगिता है एवं जबलपुर में रहते उक्‍त कार्यालय के सहयोग से व्‍यापार संचालित करने में मदद मिलती है? (ग) यदि वर्णित (क), (ख) सत्‍य है तो वर्णित (क) के क्षेत्रीय कार्यालय को भोपाल ले जाने का प्रस्‍ताव कब तक निरस्‍त कर दिया जावेगा?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) विपणन का कार्य म.प्र. लघु उद्योग निगम के भोपाल स्थित मुख्यालय तथा जबलपुर, इन्दौर एवं ग्वालियर स्थित कार्यालयों के द्वारा एकीकृत रूप में संपादित किया जाता है। (ग) उपरोक्त प्रश्नांश (क) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

चरनाल-चांदबड़-पारासोन मार्ग को मुख्‍य जिला मार्ग घोषित करना

66. ( क्र. 1779 ) श्री सुदेश राय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या चरनाल से पारासोन मार्ग लम्‍बाई 17.60 कि.मी. में से शेष बचे 12.80 कि.मी. को भी एम.पी. एम.डी.आर. 26/20 से शामिल कर मुख्‍य जिला मार्ग घोषित किये जाने हेतु कलेक्‍टर एवं कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण संभाग सीहोर द्वारा पूर्व में भेजे गये प्रस्‍ताव पर शासन स्‍तर पर कार्यवाही प्रचलित है? (ख) यदि हाँ,