मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च 2017 सत्र


मंगलवार, दिनांक 28 मार्च 2017


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर

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विकासखण्‍ड पुनर्गठन किये जाने के नियम

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

1. ( *क्र. 7222 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विकासखण्‍ड पुनर्गठन (परिसीमन) किये जाने के नियम निर्देश क्‍या हैं? नियम निर्देश की छायाप्रति प्रदाय करें (ख) क्‍या अनुविभागीय अधिकारी अनुविभाग अनूपपुर द्वारा पत्र क्रमांक 685/री-2/95 अनूपपुर दिनांक 19.05.1995 कलेक्‍टर शहडोल को विकासखण्‍ड पुनर्गठन के संबंध में प्रेषित किया गया था? यदि हाँ, तो उक्‍त्‍ा पत्र के आधार पर कलेक्‍टर शहडोल एवं शासन स्‍तर से क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या भौगोलिक एवं जन सुविधा को दृष्टिगत रखते हुये पुन: कलेक्‍टर जिला अनूपपुर से विकासखण्‍ड के पुनर्गठन के अंतर्गत प्रस्‍तावित विकासखण्‍ड क्षेत्र की जानकारी मंगाकर विकासखण्‍ड पुनर्गठन की कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी? यदि हाँ, तो समयावधि बतायें? यदि नहीं, तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। कलेक्टर शहडोल द्वारा विकासखण्‍ड पुनर्गठन के निर्देश न होने से पुनर्गठन संबंधी कार्यवाही प्रारंभ नहीं की गई। शासन को विषयांतर्गत प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ। इसलिये कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) आज की तिथि में प्रश्नांकित कार्यवाही की आवश्यकता प्रतीत नहीं  होती। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। 

विधायक निधि की राशि विभाग के खाते में भेजी जाना

[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]

2. ( *क्र. 6177 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) योजना अ‍ार्थिक एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा विधायकों द्वारा विधायकों की अनुशंसा से स्‍वीकृत तकनीकी कार्य जिसकी कार्य एजेंसी कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी विभाग/लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग/लोक निर्माण विभाग बनाई जाती है तो इसकी राशि जिले से जिला योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा किसके खाते में हस्‍तांतरण की जाती है या स्‍वीकृत की जाती है? (ख) यह स्‍वीकृत राशि विभाग के कार्यपालन यंत्री के खाते में हस्‍तांतरण की जगह पूर्ववत् विभाग प्रमुख को जारी क्‍यों नहीं की जाती है? (ग) सागर जिले के नरयावली विधानसभा क्षेत्र की वर्ष 2014-15, 2015-16, 2016-17 में ऐसी कितनी राशि विभाग प्रमुख के खाते में भेजी गई है? वर्षवार जानकारी देवें। (घ) उक्‍त राशि विभाग प्रमुख द्वारा कब-कब कार्यपालन यंत्री के खाते में भेजी गई है एवं कितनी राशि फरवरी 2017 तक विभाग के खाते में जमा है?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जिला कार्यालय से स्वीकृत होने के पश्चात् आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय के बी.सी.ओ. से संबंधित निर्माण एजेन्सी के बी.सी.ओ. पर हस्तांतरित की जाती है। (ख) वित्त विभाग के आदेशानुसार कार्यवाही की जाती है। (ग) विधानसभा क्षेत्र नरयावली में वित्तीय वर्ष 2014-15 में राशि रूपये 25.50 लाख, वर्ष 2015-16 में 10.00 लाख एवं वर्ष 2016-17 में कोई भी राशि नहीं भेजी गई है। (घ) जिला कार्यालय से समर्पित राशि संबंधित विभाग के बी.सी.ओ. पर प्रेषित किये जाने की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

शासकीय महाविद्यालय शुजालपुर में क्‍लासरूम का निर्माण

[उच्च शिक्षा]

3. ( *क्र. 5913 ) श्री जसवंत सिंह हाड़ा : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शुजालपुर शासकीय महाविद्यालय में 02 स्‍मार्ट क्‍लास, 10 अतिरिक्‍त क्‍लास रूम निर्माण के प्रस्‍ताव शासन स्‍तर पर विचाराधीन हैं? (ख) यदि हाँ, तो शासन प्रश्नांश (क) में अंकित निर्माण कार्यों की स्‍वीकृति हेतु क्‍या कार्यवाही कर रहा है? कब तक निर्माण कार्यों की स्‍वीकृति प्रदान की जावेगी? (ग) क्‍या महाविद्यालयों में कॉमन हाल, सभा गृह, खेल मैदान (इनडोर व आउटडोर) के लिए पर्याप्‍त व्‍यवस्‍था हेतु शासन स्‍तर पर कोई कार्यवाही विचाराधीन है? (घ) यदि हाँ, तो शुजालपुर शासकीय महाविद्यालय हेतु शासन प्रश्‍नांश (ग) में अंकित सुविधा कब तक उपलब्‍ध कराने पर विचार कर रहा है? शासन द्वारा कब तक प्रश्‍नांश (ग) में उल्‍लेखित सुविधाओं के लिए निर्माण की स्‍वीकृति प्रदान की जावेगी।

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी नहीं। (ख) प्राचार्य से निर्माण संबंधी प्रस्ताव प्राप्त होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जा सकेगी। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं। (ग) जी नहीं। (घ) प्रश्नांश (ख) एवं (ग) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुमक्कड़ जाति के व्यक्तियों को प्रदत्‍त बुनियादी सुविधाएं

[नगरीय विकास एवं आवास]

4. ( *क्र. 3833 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र सारंगपुर के नगरपालिका सारंगपुर अंतर्गत विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुमक्कड़ जाति के कितने व्यक्तियों के राशन कार्ड एवं मतदाता परिचय पत्र दर्ज हैं? मुखिया का नाम एवं राशन कार्ड एवं मतदाता परिचय पत्र जारी किए गए वर्ष का उल्लेख कर जानकारी देवें? (ख) क्या प्रश्नांश (क) अंतर्गत व्यक्तियों को नगरपालिका सारंगपुर द्वारा व्यक्तिगत मकान, नल, सड़क एवं विद्युत जैसी बुनियादी व्यवस्था की गई हैं? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) अंतर्गत व्यक्तियों के लिए नगरपालिका सारंगपुर द्वारा भविष्य के लिए क्या योजनाएं बनाई गई हैं?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) नगरीय क्षेत्र सारंगपुर अंतर्गत विमुक्‍त, घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जाति के व्‍यक्तियों के जारी राशन कार्ड की सूची की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। मतदाता परिचय पत्र बनाने का कार्य अनुविभागीय अधिकारी एवं रजिस्‍ट्रीकरण अधिकारी सामान्‍य निर्वाचन कार्यालय तहसील सारंगपुर से प्राप्‍त फोटो निर्वाचक नामावली 2017 के अनुसार जारी मतदाता परिचय पत्र की जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) विमुक्‍त, घुमक्‍क्‍ड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जाति के व्‍यक्तियों, जो वर्तमान में तारागंज में निवासरत हैं, उक्‍त क्षेत्र नगरीय निकाय में वर्ष 2014-15 में परिसीमन पश्चात् सम्मिलित हुआ है, उक्‍त क्षेत्र के निवासरत व्‍यक्तियों को प्रधानमंत्री आवास योजनान्‍तर्गत सर्वे सूची में शामिल किया गया है। निवासरत व्‍यक्तियों के लिये नल, सड़क, विद्युत जैसी मूलभुत सुविधाओं के लिये निकाय द्वारा कार्य योजना प्रस्‍तावित है। (ग) उपरोक्‍त व्‍यक्तियों के लिये मूलभुत सुविधा नल, सड़क, विद्युत जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिये सड़क निर्माण कार्य, पाईप लाइन विस्‍तार कार्य एवं विद्युत पोल लगाने हेतु निकाय द्वारा प्राक्‍कलन आदि तैयार करवाये जा रहे हैं। परिषद एवं प्रशासकीय स्‍वीकृति उपरांत कार्य कराया जाना प्रस्‍तावित है।

परिशिष्ट - ''एक''

छतरपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत निर्माण कार्य

[वन]

5. ( *क्र. 7397 ) श्री मानवेन्द्र सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला छतरपुर के सामान्‍य वन मण्‍डल अंतर्गत कितने वन परिक्षेत्र कार्यालय हैं? उक्‍त मण्‍डल में कितने पद विभिन्‍न श्रेणियों के स्‍वीकृत हैं एवं कितने पद भरे हुए हैं, कितने पद कितने समय से रिक्‍त हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के छतरपुर वन मण्‍डल के वन परिक्षेत्र कार्यालय अन्‍तर्गत वित्‍त वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक विभिन्‍न मदों में कितनी-कितनी राशि वर्षवार प्राप्‍त हुई एवं कितनी राशि व्‍यय की गई? वर्षवार स्‍वीकृत कार्य, राशि, पूर्ण व्‍यय शेष राशि सहित सम्‍पूर्ण जानकारी दी जावे? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित परिक्षेत्र अंतर्गत कितनी वन समितियां हैं? इन वन समितियों में उपरोक्‍त वित्‍त वर्षों में कितनी-कितनी राशि प्राप्‍त हुई एवं कितनी राशि समिति द्वारा खर्च की गई एवं कितनी राशि शेष है? (घ) क्‍या शासन से प्राप्‍त राशि वन समितियों के माध्‍यम से खर्च कराई जाना चाहिए? यदि हाँ, तो नियम की प्रति दी जावे? यदि वन समिति के माध्‍यम से नहीं कराई गई है तो इस संबंध में संबंधित अधिकारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही कब तक की जावेगी?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) 6 शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) 281 शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) जी हाँ। नियम की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सहायक प्राध्‍यापकों की परिवीक्षा अवधि

[उच्च शिक्षा]

6. ( *क्र. 1788 ) श्री पन्‍नालाल शाक्‍य : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. लोकसेवा आयोग द्वारा 2005 में चयनित जिन सहायक प्राध्‍यापकों ने वांछित योग्‍यता हासिल कर ली है, के उपरांत भी उनकी परिवीक्षा अवधि समाप्‍त नहीं की गई है, क्‍यों? (ख) म.प्र. लोकसेवा आयोग द्वारा 2011-12 में चयनित जिन सहायक प्राध्‍यापकों की परिवीक्षा अवधि 2013-14 में पूर्ण कर ली है, जिन्‍होंने वांछित योग्‍यता नियुक्ति दिनांक के पूर्व ही पूर्ण कर ली थी, के बावजूद भी आज दिनांक तक उनकी परिवीक्षा अवधि समाप्‍त क्‍यों नहीं की गई, जबकि इससे शासन पर कोई वित्‍तीय भार नहीं आयेगा। ऐसी परिवीक्षा अवधि कब तक समाप्‍त की जावेगी? (ग) ऐसे सहायक प्राध्‍यापक जिनकी नियुक्ति म.प्र. लोकसेवा आयोग द्वारा 2011-12 में की गई है और उनके द्वारा वांछित योग्‍यता नियुक्ति के पूर्व ही हासिल कर ली गई है अर्थात जिन्‍होंने परिवीक्षा अवधि पूर्ण करने संबंधी समस्‍त शर्तें पूर्ण कर ली हैं, परंतु उनकी आज दिनांक तक चार वर्ष उपरांत भी परिवीक्षा अवधि समाप्ति आदेश जारी क्‍यों नहीं हुआ? ऐसे आदेश कब तक जारी किये जावेंगे?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। परिवीक्षा अवधि समाप्त किये जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) परिवीक्षाधीन प्रकरणों का परीक्षण किया जा रहा है। नियमानुसार वांछित योग्यता रखने वाले सहायक प्राध्यापकों की परिवीक्षा समाप्त की जावेगी। अभी समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ग) परीक्षण कर शीघ्र आदेश जारी किये जावेंगे, समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

बाजार बैठकी शुल्‍क समाप्‍त किया जाना

[नगरीय विकास एवं आवास]

7. ( *क्र. 7526 ) श्री संदीप श्री प्रसाद जायसवाल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्ष 2012 से प्रश्न दिनांक तक नगर पालिक निगम कटनी द्वारा बाजार बैठकी शुल्क समाप्त करने हेतु कितने प्रस्ताव शासन को किस-किस दिनांक को कब-कब भेजे गए हैं और क्या शासन स्तर पर इन प्रस्तावों पर कार्यवाही/निर्णय लिये गये हैं? यदि हाँ, तो क्या? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) प्रश्नांश (क) के तहत गरीब फुटपाथी व्यापारियों को राहत देने की निगम परिषद मंशानुसार निर्णय कब तक लिया जाएगा? अवधि बताएं। वर्ष 2012 से बाजार बैठकी से निगम को क्या आय हुई है? माहवार, विभागीय/ठेकेवार अलग-अलग बताएं (ग) बाजार बैठकी की विभागीय वसूली किये जाने की समयावधि में ठेके की बोली कितनी आयी थी और विभागीय वसूली में से स्टेशनरी व कर्मचारी इत्यादि व्यय घटाने के बाद शेष राशि क्या थी? क्या यह राशि ठेके की प्रस्तावित राशि से कम थी? यदि हाँ, तो क्या निगम को विभागीय वसूली से हानि हुई है? (घ) क्या बाजार बैठकी की प्राप्त ठेके की बोली की स्वीकृति अथवा अस्वीकृति एवं विभागीय वसूली करने या न करने का निर्णय लेने का अधिकार निगम परिषद को होता है एवं निर्णय विधि विरूद्ध प्रतीत होने पर क्रियान्वयन न करने की शक्ति आयुक्त में निहित है? यदि हाँ, तो कार्यवाही लंबित होने का कारण बतायें? यदि नहीं, तो क्यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ, दैनिक बाजार बैठकी की वसूली समाप्‍त किये जाने की अनुमति प्रदान करने हेतु नगर पालिक निगम, कटनी द्वारा निम्‍नानुसार प्रस्‍ताव प्रेषित किये गये है :- (1) पत्र क्रमांक 696 ए/बा.शा./2014 कटनी, दिनांक 10.10.2014 (2) पत्र क्रमांक 1133 ए/2014 कटनी, दिनांक 30.01.2015 (3) पत्र क्रमांक 1128 ए/2015 कटनी, दिनांक 27.02.2015 (4) पत्र क्रमांक 117 ए/2015 कटनी, दिनांक 08.05.2015 (5) पत्र क्रमांक 640 ए/2015 कटनी, दिनांक 07.10.2015 उक्‍त प्रस्‍तावों पर विधि अनुकूल कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) उत्‍तरांश () के परिप्रेक्ष्‍य में विधि अनुकूल कार्यवाही प्रचलन में है। वर्ष 2012-13 से विभागीय रूप से वसूली जा रही बाजार बैठकी की माहवार, वर्षवार वसूली की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) वर्ष 2012-13 में पाँच बार वर्ष 2013-14 में पाँच बार एवं वर्ष 2014-15 में एक बार निविदा किये जाने के बावजूद निविदायें प्राप्‍त नहीं हुई हैं। निविदा प्राप्‍त न होने की स्थिति में निगम के कर्मचारियों को अपने कार्य के साथ-साथ बाजार बैठकी वसूली का दायित्‍व सौंपा गया है। वर्षवार, विभागीय वसूली, स्‍टेशनरी व्‍यय एवं शेष राशि की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। जी हाँ, जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। यह राशि ठेके की प्रस्‍तावित राशि से कम है, राशि कम होने का कारण यह है कि निगम को विभागीय रूप से वसूली कराने में हानि होती है। (घ) जी हाँ, मध्‍यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 189 '''' के तहत प्राप्‍त बोली को स्‍वीकृत अथवा अस्‍वीकृत एवं विभागीय वसूली कराने या न कराने का अधिकार निगम परिषद को प्राप्‍त है। निगम परिषद् के निर्णय विधि विरूद्ध प्रतीत होने पर मध्‍यप्रदेश नगर पालिक निगम, अधिनियम, 1956 मध्‍यप्रदेश नगरपालिका (मेयर इन काउंसिल/प्रेसिडेंट इन काउंसिल के कामकाज का संचालन तथा प्राधिकारियों की शक्तियां एवं कर्तव्‍य) नियम 1998 के नियम 12 (3) से (6) तक के अनुसार कार्यवाही किये जाने का प्रावधान है। दैनिक बाजार बैठकी की वसूली समाप्‍त किये जाने की अनुमति/स्‍वीकृति की कार्यवाही विधि अनुकूल प्रचलन में है।

परिशिष्ट - ''दो''

मुख्‍यमंत्री स्‍व-रोजगार एवं युवा उद्यमी योजना का क्रियान्‍वयन

[सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम]

8. ( *क्र. 4010 ) श्री गिरीश गौतम : क्या राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2014-15, 2015-16 में रीवा जिले में मुख्‍यमंत्री स्‍व-रोजगार योजना एवं मुख्‍यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अन्‍तर्गत कितने आवेदन प्राप्‍त हुए? कितने लोगों को उक्‍त योजनाओं के अन्‍तर्गत किन-किन बैंकों से ऋण वितरण किया गया? वि‍वरण सहित बताएं। (ख) प्रश्‍न दिनांक तक मुख्‍यमंत्री स्‍व-रोजगार योजना एवं मुख्‍यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अन्‍तर्गत कितने प्रकरण लंबित हैं? प्रकरण लंबित रहने का कारण क्‍या है? सभी लम्बित प्रकरण का निराकरण कब तक कर दिया जायेगा?

राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम ( श्री संजय पाठक ) : (क) रीवा जिले में मुख्‍यमंत्री स्‍व-रोजगार योजना एवं मुख्‍यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत वर्षवार प्राप्‍त आवेदन एवं ऋण वितरण की जानकारी निम्‍नानुसार है :-

वर्ष- 2014-15

क्र.

योजना का नाम

प्राप्‍त आवेदनों की संख्‍या

ऋण वितरण की संख्‍या

1

मुख्‍यमंत्री स्‍व-रोजगार योजना

2218

740

2

मुख्‍यमंत्री युवा उद्यमी योजना

70

18

वर्ष- 2015-16

क्र.

योजना का नाम

प्राप्‍त आवेदनों की संख्‍या

ऋण वितरण की संख्‍या

1

मुख्‍यमंत्री स्‍व-रोजगार योजना

3054

1257

2

मुख्‍यमंत्री युवा उद्यमी योजना

80

36

 

बैंकवार ऋण वितरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। (ख) वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 के कोई प्रकरण लंबित नहीं हैं। वर्ष 2016-17 में बैंकों में स्‍वीकृत/वितरण हेतु प्रक्रियाधीन प्रकरणों को लंबित नहीं माना जा सकता है। अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सिंहस्‍थ में किराए पर लिये गये शौचालय

[नगरीय विकास एवं आवास]

9. ( *क्र. 7598 ) श्री बाला बच्‍चन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या कारण है कि प्र.क्र. 803, दिनांक 19.07.2016 सिंहस्‍थ में शौचालय किराये पर देने वाली फर्मों की संख्‍या 25 थी, यह प्रश्‍न क्रमांक 2922, दिनांक 28.02.2017 में 26 हो गई? इन फर्मों के T.D.S. कटौत्रे की जानकारी भी देवें। सारा प्‍लास्‍ट फर्म पहले क्‍यों नहीं बताई गई? (ख) प्र.क्र. 1589, दिनांक 06.12.2016 में जिन फर्मों के पंजीयन निरस्‍त किए जाने की जानकारी वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा दी गई, उन्‍हें किस आधार पर सप्‍लाई दी गई? इस उत्‍तर में गजानंद कंस्‍ट्रक्‍शन उज्‍जैन का पंजीयन 01.04.2015 एवं कनिष्‍का सप्‍लायर्स उज्‍जैन का पंजीयन 01.04.2015 से निरस्‍त बताया गया? इन्‍हें सिंहस्‍थ में सप्‍लाई कैसे दे दी? (ग) प्रश्नांश (क) व (ख) अनुसार सप्‍लाई स्‍वीकृत करने वाले अधिकारियों के नाम, पदनाम सहित बतावें। इनकी जवाबदेही कब तक तय कर इस अनियमितता के लिए इन पर कब तक कार्यवाही की जावेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। यह सही है कि विधान सभा तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 803 में शौचालय किराये पर देने वाली फर्मों की संख्‍या 25 तथा प्रश्‍न क्रमांक 2922 दिनांक 28.02.2017 में 26 दी गई थी, इसका कारण यह है कि सिंहस्‍थ 2016 के दौरान सम्‍पन्‍न पंचक्रोशी पड़ाव स्‍थल में मेसर्स ब्रिक एण्‍ड बॉण्‍ड एवं मेसर्स प्रीसियश इंटरप्राईजेस से कार्य कराया गया था। पंचक्रोशी पड़ाव स्‍थल मेला क्षेत्र से पृथक होने के कारण प्रश्‍न संख्‍या 803 में इन दोनो एजे‍न्सियों की जानकारी नहीं दी गई। मेला क्षेत्र एवं पंचक्रोशी क्षेत्र में शौचालय प्रदायकर्ता समस्‍त 26 फर्मों (जिनकी टी.डी.एस. कटौती की गई है) की टी.डी.एस. कटौती की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। मेसर्स प्रीसियश इंटरप्राईजेस को कोई भुगतान नहीं किया गया है इस कारण टी.डी.एस. कटौती की जानकारी में उक्‍त फर्म का नाम शामिल नहीं किया गया है। सारा प्‍लास्‍ट फर्म की जानकारी दोनो प्रश्‍नों में दी गई है। (ख) मेसर्स गजानंद कन्‍स्‍ट्रक्‍शन उज्‍जैन एवं कनिष्‍का सप्‍लायर्स उज्‍जैन के वाणिज्‍यकर विभाग पंजीयन की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। पंजीयन निरस्‍त होने के संबंध में विभाग को कोई जानकारी प्राप्‍त नहीं हुई है। (ग) उत्‍तरांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

विकास प्राधिकरण की फ्री-होल्‍ड संपत्तियाँ

[नगरीय विकास एवं आवास]

10. ( *क्र. 7635 ) डॉ. मोहन यादव : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) उज्‍जैन विकास प्राधिकरण एवं म.प्र. के अन्‍य विकास प्राधिकरणों में लीज़ होल्‍ड संपत्तियों को फ्री-होल्‍ड में परिवर्तन करने की प्रक्रिया कब से प्रारंभ की गई है तथा उज्‍जैन विकास प्राधिकरण द्वारा फरवरी 2017 तक कितनी संपत्तियों को फ्री-होल्‍ड किया गया है? (ख) प्रश्नांश (क) की जानकारी अनुसार उज्‍जैन विकास प्राधिकरण द्वारा फ्री-होल्‍ड किये जाने के बाद फ्री-होल्‍ड संपत्ति धारकों द्वारा क्‍या उक्‍त फ्री-होल्‍ड संपत्तियों का विभाजन किया गया है अथवा किया जा रहा है? यदि हाँ, तो ऐसी संपूर्ण संपत्तियों की सूची उपलब्‍ध करावें? (ग) उज्‍जैन विकास प्राधिकरण की फ्री-होल्‍ड की गई संपत्तियों का विभाजन करने वाले हितग्राहियों के संबंध में विभाग की क्‍या कार्य योजना है? (घ) म.प्र. के समस्‍त विकास प्राधिकरणों में लीज़ भूमि को फ्री-होल्‍ड किये जाने से रोकने संबंधी कोई आदेश जारी किये गये हैं? यदि हाँ, तो उक्‍त आदेश की प्रतिलिपि उपलब्‍ध करायें?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) म.प्र. नगरीय क्षेत्र में स्थित पट्टे की भूमियों के संबंध में राजस्‍व विभाग द्वारा अधि‍सूचना क्रमांक 2-16-2009-7-6 भोपाल दिनांक 21.09.2010 को फ्री-होल्‍ड अधिकार नियम 2010 प्रभावशील किये गये थे। प्राधिकरणों के द्वारा म.प्र. विकास प्राधिकरणों की सम्‍पत्तियों का प्रबंधन तथा व्‍ययन नियम 2013 के अंतर्गत भूखण्‍डों के व्‍ययन की समस्‍त कार्यवाही की जाती है। प्राधिकरणों के द्वारा उनकी योजनाओं के लिये भूमि तीन प्रकार से यथा शासन से आवंटन, आपसी समझौते से निजी भूमि स्‍वामी से प्राप्‍त करना तथा भू-अर्जन अधिनियम के अंतर्गत भू-अर्जन से प्राप्‍त की जाती है। राजस्‍व विभाग की उक्‍त अधिसूचना राज्‍य सरकार द्वारा प्रदत्‍त शासकीय भूमि पर दिये गये पट्टों के संबंध में प्रभावशील की गई है, जबकि प्राधिकरणों के द्वारा शासकीय भूमि के अतिरिक्‍त आपसी समझौते से निजी भूमि स्‍वामी से भूमि प्राप्‍त करना तथा भू-अर्जन अधिनियम के अंतर्गत सम्‍पत्ति धारित की जाती है। राजस्‍व विभाग की उक्‍त अधिसूचना को म.प्र. विकास प्राधिकरणों की सम्‍पत्तियों का प्रबंधन तथा व्‍ययन नियम 2013 के अंतर्गत प्रभावशील करने हेतु समस्‍त प्राधिकरणों से नीति निर्धारण चाही गई थी, जिस पर नगरीय विकास एवं आवास द्वारा विचार कर परीक्षणोपरान्‍त कार्यवाही प्रचलित है, उज्‍जैन विकास प्राधिकरण द्वारा 284 आवेदनों का निराकरण किया गया है। (ख) प्रश्‍नांश () के परिप्रेक्ष्‍य में पट्टे की भूमियों के संबंध में फ्री-होल्‍ड अधिकार के प्रावधान ''म.प्र. विकास प्राधिकरणों की सम्‍पत्तियों का प्रबंधन तथा व्‍ययन नियम 2013'' में न होने तथा सम्‍पत्ति धारकों द्वारा विभाजन संबंधी जानकारी प्रदाय न करने के कारण प्रश्‍नांश का शेष भाग उपस्थित नहीं होता है। (ग) म.प्र. भूमि विकास नियम 2012 के नियम 22 में भूखण्‍डों के विभाजन के स्‍पष्‍ट प्रावधान विहित हैं। (घ) उत्‍तरांश () अनुसार।

शासकीय महाविद्यालयों में पदों की पूर्ति

[उच्च शिक्षा]

11. ( *क्र. 2800 ) श्री अरूण भीमावद : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शाजापुर विधान सभा क्षेत्र में संचालित शासकीय महाविद्यालय में वर्तमान शिक्षा सत्र में स्‍नातक एवं स्‍नातकोत्‍तर कक्षाओं में कौन-कौन सी संकायों में कितने-कितने छात्र/छात्राएं अध्‍ययनरत हैं? महाविद्यालयवार, कक्षावार, संकायवार जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ख) विधान सभा क्षेत्र शाजापुर में संचालित शास. कन्‍या महाविद्यालय शाजापुर, शास. महाविद्यालय मक्‍सी एवं शास. महाविद्यालय मो. बड़ोदिया में संकायवार प्राध्‍यापकों/फैकल्‍टी एवं अन्‍य प्रकार के कितने-कितने पद स्‍वीकृत हैं? कितने पद भरे एवं कितने रिक्‍त हैं? (ग) क्‍या प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में स्‍वीकृत प्राध्‍यापकों एवं अन्‍य प्रकार के पदों की पूर्ति होगी? यदि हाँ, तो कब तक?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जी हाँ। विषयवार सहायक प्राध्यापकों के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु म.प्र. लोक सेवा आयोग से विज्ञापन दिनांक 19 फरवरी 2016 को जारी किया जा चुका है। चयनित प्रत्याशियों की सूची प्राप्त होने पर प्राथमिकता के आधार पर रिक्त पदों की पूर्ति की जावेगी। पदों की पूर्ति हेतु निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''तीन''

पॉलिटेक्निक कॉलेज भवन निर्माण में अनियमितता

[सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम]

12. ( *क्र. 6454 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्‍योपुर पॉलिटेक्निक कॉलेज भवन का निर्माण, निर्माण एजेन्‍सी लघु उद्योग निगम द्वारा पूर्ण करने के उपरांत भवन का आधिपत्‍य संबंधित विभाग अथवा कॉलेज प्रबंधन को देते समय निर्माण व अन्‍य कार्यों में जो खामियां रह गयीं थीं, उन्‍हें दुरूस्‍त कराने हेतु कॉलेज प्राचार्य द्वारा अपने पत्र क्रमांक स्‍था./340, दिनांक 01.07.2016 को महाप्रबंधक (सा./नि.) लघु उद्योग निगम ग्‍वालियर को पत्र लिखा था? यदि हाँ, तो महाप्रबंधक द्वारा पत्र पर क्‍या कार्यवाही की गई? पत्र की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या निर्माण एजेन्‍सी द्वारा पत्र में उल्‍लेखित खामियां दुरूस्‍त कर दी गई हैं? यदि नहीं, तो कारण बतावें। (ग) क्‍या उक्‍त पत्र में उल्‍लेखित समस्‍त निर्माण व अन्‍य कार्य निर्माण एजेन्‍सी द्वारा प्राक्‍कलन को अनदेखा कर बहुत ही गुणवत्‍ताहीन कार्य कराये गये, इस कारण कॉलेज स्‍टॉफ व छात्रों को कई प्रकार की समस्‍याओं का सामना करना पड़ रहा है? (घ) क्‍या शासन गुणवत्‍ताहीन कार्यों की जाँच कराएगा व दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही करेगा तथा भवन निर्माण व अन्‍य कार्यों में जो खामियां रह गई हैं, उन्‍हें यथाशीघ्र दुरूस्‍त कराएगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम ( श्री संजय पाठक ) : (क) जी हाँ। कॉलेज प्रबंधन को आधिपत्य देते समय कॉलेज प्रबंधन द्वारा किसी भी प्रकार की कमियों के बारे में नहीं बताया गया था और साथ ही उक्त भवन माह जुलाई 2014 से उपयोग में लिया जाने लगा। भवन को पूर्ण हुये 3 वर्ष पश्चात् प्राचार्य पॉलिटेक्निक कॉलेज श्योपुर द्वारा पत्र क्रमांक स्था/2016/340 श्योपुर दिनांक 01.07.2016 के माध्यम से उक्त भवन में कमियों के संबंध में लेख किया गया। (ख) से (घ) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

एल.ई.डी. बल्‍ब और फायवर यूरीनल खरीदी में किये गये भ्रष्‍टाचार की जाँच

[नगरीय विकास एवं आवास]

13. ( *क्र. 5960 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) छिंदवाड़ा जिले की नगर परिषद बिछुआ के अध्‍यक्ष एवं मुख्‍य नगरपालिका अधिकारी के द्वारा जो माह मार्च 2016 में एल.ई.डी. बल्‍ब और फायवर युरीनल खरीदे गये हैं? क्‍या इनकी खरीदी हेतु ऑनलाइन टेन्‍डर प्रक्रिया अपनाई गई है? अगर हाँ तो किन-किन संस्‍थाओं के टेन्‍डर प्राप्‍त हुए हैं और अगर टेन्‍डर प्रक्रिया नहीं अपनाई गई है तो उसका क्‍या कारण है? (ख) क्‍या नगर परिषद बिछुआ के अध्‍यक्ष एवं मुख्‍य नगरपालिका अधिकारी के द्वारा जो एल.ई.डी. बल्‍ब और फायवर यु‍रीनल खरीदे गये हैं, उन एल.ई.डी. बल्‍ब और फायवर युरीनल की कीमत बाजार में कम है और नगरपालिका अध्‍यक्ष एवं मुख्‍य नगरपालिका अधिकारी द्वारा उसी एल.ई.डी. बल्‍ब और फायवर युरीनल को बाजार मूल्‍य से भी अधिक मूल्‍य पर खरीदा गया है, जो सामग्री भंडार एवं क्रय नियमों के विपरीत नहीं है? (ग) नगर परिषद बिछुआ के अध्‍यक्ष एवं मुख्‍य नगरपालिका अधिकारी के द्वारा एल.ई.डी. बल्‍ब और फायवर युरीनल को बाजार मूल्‍य से अधिक मूल्‍य पर खरीदा गया और खरीदी प्रक्रिया में काफी अनियमितता बरतते हुए भ्रष्‍टाचार किया गया है तो क्‍या इस खरीदी प्रक्रिया में हुए भ्रष्‍टाचार की उच्‍च स्‍तरीय जाँच कराई जायेगी? अगर हाँ तो विभाग द्वारा इसकी उच्‍च स्‍तरीय जाँच कब तक करा दी जायेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी नहीं। वर्ष 2016 में सामग्री क्रय नहीं की गई है। जी नहीं। नगर परिषद बिछुआ द्वारा निविदा दिनांक 15.02.2015 को जारी की गई थी, जबकि निविदा आमंत्रण उपरांत शासन आदेश क्रमांक एफ 6-18/2010/18-3/7143 दिनांक 15.07.2015 को जारी किया गया था, अत: आनलाइन टेण्‍डर आमंत्रण करने का प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है। (ख) एवं (ग) प्रकरण में जाँच करवाए जाने के आदेश दिए गए हैं। तीन माह में जाँच पूर्ण करवाई जा सकेगी।

पहुँच मार्गों का निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

14. ( *क्र. 6822 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अनूपपुर की पुष्‍पराजगढ़ विधान सभा क्षेत्र में मुख्‍यमंत्री सड़क योजना/प्रधानमंत्री सड़क योजना मापदण्‍डों के अंतर्गत कितने ग्रामों को पहुंच मार्गों के निर्माण कार्य कर मुख्‍य सड़कों से जोड़ा जाना शेष है, जिला स्‍तरीय अधिकारियों/कर्मचारियों से सर्वे करा कर प्रश्‍न दिनांक तक पहुंच मार्गवार जानकारी उपलब्‍ध करायें? उक्‍त योजनाओं के मापदण्‍डों के अन्‍तर्गत कितने छूटे हुये एवं कितने ग्रामों को डबल कनेक्टिविटी कर जोड़ा जाना आवश्‍यक है और कितने ग्रामों को मुख्‍य मार्गों से जोड़ा जाना आवश्‍यक है? (ख) पुष्‍पराजगढ़ विधान सभा क्षेत्र के अन्‍तर्गत ग्रामों को मुख्‍य मार्ग से जोड़ने के लिये मुख्‍यमंत्री/प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में पहुंच मार्ग निर्माण कार्यों के लिये विभाग के समक्ष कितने-कितने प्रस्‍ताव जिला स्‍तर से शासन के निर्देश पर स्‍वीकृति हेतु पिछले वित्‍तीय वर्ष में प्राप्‍त हुये और उस पर प्रश्‍न दिनांक तक की अद्यतन स्थिति क्‍या है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में दर्शित प्रस्‍तावों में कौन-कौन से पहुंच मार्गों की स्‍वीकृति जारी की गई और उनके निर्माण कार्य कब तक करा दिये जायेंगे। शेष की स्‍वीकृति आदेश कब तक जारी कर इसी वित्‍तीय बजट में निर्माण कार्य कब तक करा दिये जायेंगे।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) पुष्‍पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र में मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत कोई ग्राम जोड़ा जाना शेष नहीं है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के मापदण्‍डानुसार 02 राजस्‍व ग्राम गढ़ीदादर एवं सल्‍हरो को मुख्‍य मार्ग से जोड़ा जाना शेष है। ग्रामों को डबल कनेक्टिविटी देने का प्रावधान न होने से शेष प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होते हैं। (ख) एवं (ग) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में (1) पठैती से सल्‍हरो एवं (2) पठैती से गढ़ीदादर सड़क के निर्माण की स्‍वीकृति दी गई है। पठैती से सल्‍हरो सड़क कार्य निर्माणाधीन होकर वर्ष 2017-18 में पूर्ण करने का लक्ष्‍य है। पठैती से गढ़ीदादर सड़क वन क्षेत्र में होने के कारण कार्य अप्रारंभ है। शेष प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

अशासकीय सदस्यों की नियुक्ति

[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]

15. ( *क्र. 5931 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. के कितने जिलों में जिला योजना समिति कार्यरत है? जिलों के नाम बतावें। (ख) जिला योजना समिति में किन-किन को समिति का सदस्य माना जाता है? (ग) म.प्र. जिला योजना अधिनियम 1995 की धारा 4 (3) के तहत अनुसूची में यथा विनिर्दिष्ट समिति में किन सदस्यों को संख्या में गिना जाता है, पदों के नाम बतावें तथा अशासकीय सदस्यों हेतु गिनती में लिए गए मंदसौर जिला योजना समिति के सदस्यों के नाम व संख्या बतावें? (घ) म.प्र. के कितने जिलों में जिला योजना समिति में अशासकीय सदस्यों की नियुक्ति की गई है एवं कितने-कितने बनाए गए हैं? वर्तमान नियुक्ति की समय-सीमा बतावें। मंदसौर जिले में दो अशासकीय सदस्यों की नियुक्ति किस आधार पर की गई है?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) मध्यप्रदेश के 51 जिलों में जिला योजना समिति कार्यरत है। जिलेवार सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जिला योजना समिति अधिनियम 1995 की समितियों की संरचना के संबंध में अधिनियम की धारा 4 उप धारा (1), (2), (3), (4) एवं (6) में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार जिला योजना समिति के सदस्यों का निर्धारण किया जाता है। पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जिला योजना समिति अधिनियम 1995 की धारा-4 (3) के तहत जिला योजना समिति में निम्नानुसार सदस्यों को संख्या में गिना जाता है :- 1. म.प्र. राज्य का एक मंत्री, जिसे राज्य सरकार द्वारा नाम निर्देशित किया जायेगा, जो समिति का अध्यक्ष (चेयर पर्सन होगा) 2. जिले का कलेक्टर, जो सदस्य सचिव होगा। 3. जहां पर अनुसूची में यथा विनिर्दिष्ट समिति के सदस्य की संख्या - (एक), पन्द्रह है तो एक सदस्य, या (दो) 20 है तो दो सदस्य, जो राज्य सरकार द्वारा निर्देशित किये जावेंगे। मंदसौर जिला योजना समिति के सदस्यों के नाम :- (1) जिला पंचायत, (ग्रामीण क्षेत्र) से 1. श्रीमती शारदा पति डॉ. मुकेश मालवीय, 2. श्री गुणवंत पिता घनश्याम पाटीदार 3. श्री अंशुल पिता राधेश्याम बैरागी, 4. श्री वसंत कुमार रणछोड़ लाल शर्मा, 5. श्रीमती भावना पति अतुल शर्मा, 6. श्री पूनम चंद्र पिता नंदा जी गमितिया, 7. श्री जितेन्द्र सिंह राजेन्द्र सिंह चौहान, 8. श्री रमेशचन्द्र पिता रामलाल गुर्जर, 9. श्री निहालचन्द्र कानाजी मालवीय, 10. श्रीमती रंजना पति चन्द्रप्रकाश पण्डा, 11. श्रीमती श्यामूबाई पति गोकुल सिंह, 12. श्री अमरलाल पन्नालाल मीणा, 13. श्रीमती सीमा पिता राकेश यादव। (2) नगर परिषद (नगरीय क्षेत्र) से 1. श्री अजय कुमार पिता श्री विजय तिवारी (3) नगरपालिका, मंदसौर से 1. श्री निरान्त बग्गा, 2. श्री यशवंत भावसार। समिति के शेष सदस्य :- (क) मध्यप्रदेश राज्य का एक मंत्री (प्रभारी मंत्री) (ख) जिला पंचायत का अध्यक्ष। (ग) जिले का कलेक्टर। (घ) मध्यप्रदेश के 51 जिलों में से 20 जिलों की जिला योजना समिति में अशासकीय सदस्यों की नियुक्ति की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। शासन के आदेश दिनांक 28.1.2017 के अनुसार निम्न 2 अशासकीय सदस्यों को नियुक्त किया गया है :- 1. श्री देवीलाल धाकड़ 2. श्री राधेश्याम पाटीदार।

स्‍टेनो के विरूद्ध कार्यवाही

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

16. ( *क्र. 7536 ) श्री दिनेश राय (मुनमुन) : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या अता. प्रश्‍न संख्‍या 141 (क्रमांक 2287), दिनांक 28 फरवरी 2017 के '''' उत्‍तर में कार्यालय कलेक्‍टर एवं जिला दण्‍डाधिकारी, सिवनी के आदेश क्रमांक 2686, दिनांक 16 अप्रैल, 2013 के अनुसार श्री सुभाष साहू, स्‍टेनो, जिला पंचायत सिवनी के विरूद्ध प्राप्‍त शिकायत की जाँच उपरांत दोषी पाये जाने के बाद भी विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से स्‍टेनो श्री साहू के विरूद्ध कोई कार्यवाही न की जाकर मामला विधानसभा में आने पर मात्र खानापूर्ति करते हुये मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सिवनी द्वारा दिनांक 16.02.2017 को श्री सुभाष साहू, स्‍टेनो को कारण बताओ पत्र जारी कर जबाब मांगा गया? यदि हाँ, तो जाँच प्रतिवेदन दिनांक 24.01.2013 से दिनांक 16.02.2017 के मध्‍य दोषी कर्मचारी के विरूद्ध किसी प्रकार की कोई कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? (ख) मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सिवनी द्वारा दिनांक 16.02.2017 को श्री सुभाष साहू स्‍टेनो को जारी नोटिस की छायाप्रति उपलब्‍ध कराते हुये बतावें कि कर्मचारी द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या जबाब प्रस्‍तुत किया गया? (ग) जाँच प्रतिवेदन दिनांक 24.01.2013 से दिनांक 16.02.2017 तक उक्‍त प्रकरण की नस्‍ती किस अधिकारी/कर्मचारी की अभिरक्षा में थी और उक्‍त अवधि के बीच प्रकरण में कोई कार्यवाही न होने पर दोषी अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध कोई कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक और नहीं तो, क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। शिकायत की जाँच कराई गई। जाँच प्रतिवेदन के परीक्षण उपरांत शिकायत में उल्लेखित बिन्दुओं में श्री सुभाष साहू स्टेनो की संलिप्तता नहीं पाई गई। इसलिये शेष कार्यवाही करने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) स्टेनो को जारी नोटिस की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। स्टेनो द्वारा प्रस्तुत जबाव पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) दिनांक 24.01.2013 से 16.02.2017 तक की अवधि में नस्ती कार्यालय कलेक्टर की शिकायत शाखा में थी। प्रश्नांश (क) के उत्तर के परिपेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

 

बंडा विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत शौचालय का निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

17. ( *क्र. 1431 ) श्री हरवंश राठौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या बंडा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत ग्राम पंचायतों द्वारा खुले में शौच से मुक्त किए जाने हेतु शौचालय निर्माण का कार्य किया गया है? किन्तु जिन परिवारों का नाम बेसलाइन सर्वे सूची में दर्ज नहीं है एवं शौचालय निर्माण कर लिया गया है तथा उनका भुगतान शेष है, उनकी ग्राम पंचायतवार जानकारी दी जाए तथा ऐसे परिवारों का शेष भुगतान कब तक किया जाएगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : जी हाँ। जिन पात्र परिवारों ने शौचालय निर्माण कराए हैं, उन्‍हें प्रोत्‍साहन राशि का भुगतान किया गया है। कोई भुगतान शेष नहीं है। अत: शेष प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होते है।

शिवपुरी में निर्मल भारत स्‍वच्‍छ अभियान अंतर्गत निर्मित शौचालय

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

18. ( *क्र. 7349 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले में आने वाली पंचायतों में वर्ष 2011 से 2014 तक निर्मल भारत एवं मर्यादा अभियान के तहत किस-किस ग्राम पंचायत में कितने-कितने शौचालय कितने हितग्राहियों के नाम से बनाये गये? (ख) क्‍या अधिकांश शौचालय बनाये ही नहीं गये और ग्राम पंचायतों से राशि निकाल कर सरपंच एवं कर्मचारियों ने हड़प ली, हितग्राही का झूठा नाम दे दिया? (ग) क्‍या शौचालय की राशि पहले ग्राम पंचायतों के खातों में आती थी, जिससे सरपंच एवं कर्मचारियों ने काफी भ्रष्‍टाचार किया? इसकी काफी शिकायतें कलेक्‍टर शिवपुरी को भी की गयीं? (घ) प्रश्नांश (क) (ख) (ग) के संदर्भ में इन सबकी जाँच विधानसभा स्‍तर से या लोकायुक्‍त द्वारा करायी जावेगी? यदि हाँ, तो कब तथा नहीं तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है(ख) अनियमितता की शिकायतों पर कार्यवाही की गई है, जिसका विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी हाँ, जून 2016 तक स्‍वच्‍छ भारत अभियान के अंतर्गत शौचालय निर्माण की प्रोत्‍साहन राशि का भुगतान ग्राम पंचायतों द्वारा शौचालय निर्माण कराकर किया जाता था। जिला शिवपुरी में प्राप्‍त शिकायतें और उनके निराकरण की स्थिति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) अनियमितता की शिकायतों पर कार्यवाही की जाने से जाँच की आवश्‍यकता नहीं है।

नगर परिषद भाण्डेर द्वारा नियम विरूद्ध भुगतान

[नगरीय विकास एवं आवास]

19. ( *क्र. 5009 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियाँ : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 345 के लेखा नियम 131 के अनुसार परिषद द्वारा किसी भी कार्य जिसका व्यय 5 लाख रूपये से अधिक हो, क्रय करने से पहले कलेक्टर से प्रशासनिक स्वीकृति लेना आवश्यक है? (ख) क्या भाण्डेर नगर परिषद ने बिना कलेक्टर की प्रशासकीय स्वीकृति के जल प्रदाय पाईप लाइन सामग्री पर 18 लाख रूपये, हैंडपंप सामग्री पर 7 लाख रूपये, मोटरपंप स्टार्टर केबिल पर 10 लाख रूपये एवं टिपर वाहन क्रय पर 30 लाख रूपये खर्च कर दिये हैं? (ग) क्या इसकी जाँच नगरीय विकास अभिकरण दतिया द्वारा की जा रही है और वहां के अधिकारी/शाखा प्रभारी को नगर परिषद भाण्डेर के पदाधिकारी द्वारा जाँच प्रभावित करने हेतु दबाव बनाया गया है? क्या इस फर्जीवाड़े में दिखाई गई सामग्री का भौतिक सत्यापन कराया गया? (घ) नगर परिषद भाण्डेर द्वारा किये गये फर्जीवाड़े/वित्तीय अनियमितता और जाँच प्रभावित करने के संबंध में अभी तक क्या कार्यवाही की गई है। कब तक प्रश्न (ख) की सामग्री का भौतिक सत्यापन करा लिया जावेगा और बिना प्रशासकीय स्वीकृति के क्रय की गई सामग्री के भुगतान के लिए दोषि‍यों के खिलाफ कार्यवाही की जावेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। (ग) एवं (घ) प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में उठाये गये बिन्‍दुओं की जाँच कलेक्‍टर दतिया से कराने के निर्देश दिये गये हैं। जाँच प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर गुण-दोष के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

भगवानपुरा/सेगांव में महाविद्यालय प्रारंभ किया जाना

[उच्च शिक्षा]

20. ( *क्र. 1838 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में विगत 3 साल में स्वीकृत शासकीय महाविद्यालयों की सूची स्थानवार, दिनांक, शिक्षण सत्र प्रारंभ सहित सूची देवें। इन नवीन कॉलेजो में प्रथम तीन वर्षों में प्रवेशित छात्र/छात्राओं की संख्या की वर्षवार सूची देवें। (ख) उक्त नवीन कॉलेजों की सबसे नजदीकी शासकीय कॉलेजों से दूरी बताएं? (ग) विगत 5 वर्ष में भगवानपुरा विधानसभा क्षेत्र में भगवानुपरा, सेगांव, बिस्टान में शासकीय महाविद्यालय प्रारम्भ करने संबंधी किन-किन जनप्रतिनिधियों के पत्र/ज्ञापन विभाग को प्राप्त हुए हैं? नाम, पद सहित सूची देवें। इन पत्रों के जवाब या कार्यवाही की जानकारी देवें। (घ) उपरोक्त बिंदुओं में उल्लेखित नवीन कॉलेजों और भगवानपुरा/सेगांव में कॉलेज खोले जाने की परिस्थितियों में कितनी नीतिगत समानता है तथा कितनी असमानताएं हैं? स्थानवार बतायें।

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) नवीन महाविद्यालय प्रारम्भ करना, वित्तीय संसाधनों को दृष्टिगत कर एक नीतिगत निर्णय होता है। इसी आधार पर पिछले तीन वर्षों में प्रारम्भ किये गए महाविद्यालयों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।

जावरा में सड़क निर्माण की जाँच

[वन]

21. ( *क्र. 3009 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के परि.अता.संख्‍या 6 (क्र. 56), दिनांक 11.12.2014 एवं अता.प्रश्न संख्या 1 (क्र. 81) दिनांक 11.07.2013 के संदर्भ में नगरपालिका जावरा जिला रतलाम में रेल्वे फाटक से गांधी चौराहा होटलवादी तक एकांकी सड़क निमार्ण योजना की शिकायत की जाँच की प्रगति बताते हुए बताएं कि क्या जाँच पूर्ण कर ली गई है? यदि हाँ, तो कौन दोषी पाए गये व उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) प्रश्न संख्या 1 (81) दिनांक 11.07.2013 के उत्तर में बताया गया कि विद्युत वितरण कम्पनी लिमिटेड व लोक निर्माण विभाग से एन.ओ.सी. प्राप्त नहीं होने से कार्य प्रारंभ नहीं हो सका तो बतावें कि क्‍या बिना औपचारिकताएं पूर्ण किये योजना की राशि व्यय कर देना आर्थिक अनियमितता की श्रेणी में नहीं आता? यदि आता है तो कार्यवाही क्यों नहीं की गई? (ग) आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ई.ओ.डबल्‍यू. म.प्र. द्वारा भी उक्त शिकायत क्रमांक 57/13 दिनांक 03.05.2013 को पंजीबद्ध कर सत्यापन में ली गई व पुलिस अधीक्षक प्रकोष्ठ इकाई को पत्र क्रमांक/अप/शि.क्र.57-2013/इंदौर/4/(13) 719 दिनांक 10.05.2013 को जाँच हेतु लिखा गया था? क्या जाँच हो गई? यदि हाँ, तो विवरण दें? यदि नहीं, तो देरी के कारणों को स्पष्ट करते हुए जाँच कब तक पूर्ण कर ली जावेगी?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

नगरीय निकायों में शाला शुल्‍क उपकर शुल्‍क का उपयोग

[नगरीय विकास एवं आवास]

22. ( *क्र. 4024 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश के नगरीय निकायों में वसूले जा रहे शाला उपकर शुल्‍क एवं इस राशि का उपयोग किन कार्यों में किये जाने के प्रावधान हैं? (ख) खण्‍डवा जिलान्‍तर्गत विगत पाँच वर्षों में निकायों को कितना शाला उपकर शुल्‍क प्राप्‍त हुआ है? कृपया वर्षवार आय बताएं। (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार विगत पाँच वर्षों में शाला उपकर शुल्‍क मद में जमा राशि से निकाय द्वारा किन-किन कार्यों पर कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई? वर्षवार बतायें। (घ) शाला उपकर शुल्‍क का उपयोग अन्‍य मद में किया जाना क्‍या नियम संगत है? यदि नहीं, तो क्‍या भविष्‍य में इस शुल्‍क का उपयोग स्‍थानीय शालाओं की मरम्‍मत, अतिरिक्‍त कक्ष निर्माण, खेल मैदान, शौचालय निर्माण्‍ा इत्‍यादि शाला विकास मद में किया जाएगा? (ड.) यदि हाँ, तो क्‍या शासन प्रदेश की नगरीय निकायों को इसके कड़े निर्देश जारी करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) प्रदेश के नगरीय निकायों में वसूले जा रहे शाला उपकर शुल्‍क एवं इस राशि का उपयोग किये जाने का प्रावधान, मध्‍य प्रदेश शासन, नगरीय विकास एवं आवास विभाग, मंत्रालय के परिपत्र क्रमांक एफ 6-6/2016/18-3 भोपाल, दिनांक 26.07.2016 में किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) खण्‍डवा जिले के नगरीय निकायों में वसूले जा रहे शाला उपकर एवं वर्षवार व्‍यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) जी नहीं, व्‍यय किये जाने के निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार शासन द्वारा पूर्व में ही निर्देश जारी किये गये हैं।

नगर परिषद राजगढ़ में 'पालिका निधि' शापिंग कॉम्‍प्‍लेक्‍स का निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

23. ( *क्र. 3379 ) श्री वेलसिंह भूरिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विषयांकित स्‍थल पर ''पालिका निधि'' शॉपिंग कॉम्‍प्‍लेक्‍स के निर्माण हेतु कितनी दुकानों के निर्माण की अनुमति मिली है? इसके विरूद्ध कितनी दुकानों का निर्माण किया गया? क्‍या अनुमति के अतिरिक्‍त भी निर्माण कार्य किया गया है? यदि हाँ, तो इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है? (ख) पूर्व की नीलामी में शेष रही 21 दुकानों ''जिनकी दिसम्‍बर 2016 में पुन: विज्ञप्ति निकाली गई'', को किन-किन व्‍यक्तियों, संस्‍थाओं को किराए पर किन नियमों के तहत दिया गया है? इनसे निर्माणाधीन अवधि से आज तक कितना राजस्‍व प्राप्‍त हुआ है? पृथक-पृथक बताएं (ग) यदि इन 21 दुकानों से राजस्‍व प्राप्‍त नहीं हुआ तो क्‍या इसके लिए जिम्‍मेदार अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध शासन कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) पालिका निधि शॉपिंग कॉम्‍प्‍लेक्‍स में भूतल पर 28, प्रथम तल पर 32 एवं द्वितीय तल पर कार्यालय भवन निर्माण की तकनीकी स्‍वीकृति प्राप्‍त हुई थी, अनुमति के अतिरिक्‍त निर्माण नहीं किया गया है। (ख) दिनांक 16.12.2016 को शॉपिंग कॉम्‍प्‍लेक्‍स की शेष 21 दुकानों की आवंटन की कार्यवाही अचल संपत्ति अंतरण नियम 2016 अनुसार की गई, जिसमें 21 दुकानों में से 09 दुकानों के भाव-पत्र प्राप्‍त नहीं हुए एवं 01 दुकान का शासकीय मूल्‍य से कम का भाव-पत्र प्राप्‍त हुआ। आवंटन की प्रक्रिया में 11 दुकानों के भाव-पत्र प्राप्‍त हुए जिसमें उच्‍चतम भाव-पत्रों परिषद संकल्‍प क्रमांक 153 दिनांक 23.12.2016 अनुसार स्‍वीकृति हेतु संयुक्‍त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, इन्‍दौर को निकाय के पत्र क्रमांक/83/न.पं./2017, दिनांक 27.01.2017 के माध्‍यम से स्‍वीकृति हेतु प्रेषित किया गया है। स्‍वीकृति उपरांत दुकान आवंटन की कार्यवाही की जाएगी। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) शेष 21 दुकानें नगर परिषद के अधिपत्‍य में है, उक्‍त दुकानों की नीलामी 03 बार की जा चुकी है। वर्तमान में की गई दुकान आवंटन की कार्यवा‍ही में 21 में से 11 दुकानों के भाव-पत्र प्राप्‍त हुए हैं। शेष रहीं 10 दुकानों के आवंटन की कार्यवाही की जाएगी, किन्‍तु उक्‍त दुकानें अंदर की ओर होने से इनके भाव-पत्र प्राप्‍त नहीं हो पा रहे हैं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

जनपद पंचायतों द्वारा सामग्री क्रय

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

24. ( *क्र. 3655 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले की धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र की जनपद पंचायत धरमपुरी एवं नालछा के द्वारा विगत 03 वर्ष में कौन-कौन सी सामग्री कितनी-कितनी मात्रा में क्रय की गई है? समस्‍त क्रय सामग्री की जानकारी देवें (ख) क्या प्रश्नांश (क) में उल्लेखित उक्त क्रय की गई सामग्री टेन्डर बुलाकर खरीदी अथवा बाजार दर पर? समस्त क्रय सामग्री की जानकारी देवें। यदि टेन्डर बुलाये गये थे तो उसके तुलनात्मक पत्रक की प्रति भी उपलब्ध करावें? यदि बाजार दर पर खरीदी की गई है, तो वरिष्ठ कार्यालय से कब-कब कितनी-कितनी मात्रा में खरीदी की अनुमति ली गई है? (ग) क्या समस्त क्रय सामग्री में भण्डार क्रय नियमों का पालन किया गया है? यदि नहीं, तो इसके लिये कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी जवाबदार हैं तथा दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी तथा कब तक?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) धार जिले की धरमपुरी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार एवं जनपद पंचायत नालछा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जनपद पंचायत धरमपुरी में क्रय की गई सामग्री म.प्र. पंचायत (सामग्री तथा माल का क्रय) नियम, 1999 के अंतर्गत कंडिका 12 के तहत क्रय की गई है, जिसके लिये प्रश्नांकित प्रक्रिया अपनाई जाने की आवश्यकता नहीं थी। जनपद पंचायत नालछा ने कोटेशन के आधार पर सामग्री क्रय की है। इसका तुलनात्मक पत्रक पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। इनके द्वारा 15,000/- रु. से अधिक लागत की सामग्री क्रय हेतु विभागीय नियमों के अनुसार सक्षम अधिकारी से सहमति प्राप्त नहीं की गयी है। (ग) प्रश्नांकित जनपद पंचायत धरमपुरी म.प्र. पंचायत (सामग्री तथा माल का क्रय) नियम, 1999 के अंतर्गत सामग्री एवं माल क्रय हेतु नियमों में 1999 के तहत कार्यवाही की है। इसलिये प्रश्नांकित कार्यवाही करने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जनपद पंचायत नालछा ने सक्षम अधिकारी से सहमति के बिना सामग्री क्रय की जो कि भंडार नियम के विरुद्ध है। इसलिये तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं वर्तमान में पदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा सहायक लेखाधिकारी को प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुये कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। 

ग्रामीण सड़कों के प्रस्‍तावों की स्‍वीकृति

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

25. ( *क्र. 4945 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. ग्रामीण विकास प्राधिकरण को रतलाम जिले के आलोट विधानसभा क्षेत्र की 13 सड़कों को स्‍टेट कनेक्टिविटि मद से स्‍वीकृति हेतु प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुए हैं? यदि हाँ, तो कब? उक्‍त कार्य की प्रगति का पूर्ण ब्‍यौरा दें। (ख) क्‍या उक्‍त संबंध में माननीय केन्द्रीय सामाजिक न्‍याय व अधिकारिता मंत्री जी ने भी सड़कों की स्‍वीकृति करने हेतु पत्र दिया था? यदि हाँ, तो उक्‍त संबंध में क्‍या कार्यवाही की? (ग) प्रश्नांश (क) सड़कों की आवश्‍यक स्‍वीकृतियाँ कब तक होंगी? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) से (ग) जी हाँ। दिनांक 28.07.2016 को। प्रश्नाधीन ग्राम न्यूनतम एक सड़क से जुड़े होने के कारण स्वीकृति के लिये प्राथमिकता क्रम में नहीं पाये गये हैं। शेष प्रश्नांश उत्पन्न नहीं होते हैं।

 

 



भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में

परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


जनपद स्‍तरों पर पी.एफ.टी. सेन्‍टरों का निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

1. ( क्र. 286 ) श्री जतन उईके : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जनपद स्‍तर पर पी.एफ.टी. सेन्‍टरों का निर्माण किया गया है? यदि हाँ, तो जनपद संख्‍या बतावें? (ख) क्‍या मध्‍यप्रदेश के छिन्‍दवाड़ा में सातों विधानसभा क्षेत्रों में जनपद पंचायतों में पी.एफ.टी. से कार्य प्रारंभ हो गये हैं तथा कब तक सभी जनपदों में पी.एफ.टी. के माध्‍यम से कार्य प्रारम्‍भ हो जावेगा? (ग) प्रश्‍नांश (ख) जिलान्‍तर्गत पी.एफ.टी. में किन-किन कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है? उनके पद, नाम, क्‍या-क्‍या है? क्‍या उसी क्रम में पी.एफ.टी. में उनकी पदस्‍थापना की गई है? सूची उपलब्‍ध करावें।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। आजीविका मिशन के तहत 60 विकासखण्ड में संकुल स्तर पर परियोजना सहजकर्ता दल (पी.एफ.टी.) बनाए गए है। (ख) जी नहीं। वर्ष 2017-18 में गठन करना लक्षित है। (ग) उत्तरांश '' के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

प्रधानमंत्री सड़क योजना की सड़कों का रख-रखाव

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

2. ( क्र. 337 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वाह विधान सभा में विगत ५ वर्षों में कितनी सड़कें प्रधान मंत्री सड़क योजना में बनी हैं, उसकी सूची देवें। (ख) विधान सभा क्षेत्र में विगत ५ वर्षों में ऐसे कितनी सड़कें है जो गारंटी अवधि के पूर्व ही खराब हो गई, उसकी सूची देवें। (ग) प्रश्नकर्ता द्वारा विगत ५ वर्षों में गारंटी अवधि में खराब होने वाली सड़कों के बारे में कितने पत्र लिखे गए एवं प्राप्त पत्र पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई, विवरण देवें।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) 37 सड़कें। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) बड़वाह विधानसभा क्षेत्र में गारंटी अवधि में सड़कें मापदंड अनुरूप संधारित कराई गई। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) 11 पत्र। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''एक''

गोविन्‍दपुरा क्षेत्र के नालों का चैनलाइजेशन

[नगरीय विकास एवं आवास]

3. ( क्र. 444 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगर पालिक निगम भोपाल द्वारा वर्ष 2014, 2015 एवं 2016 में गोविन्‍दपुरा विधान सभा क्षेत्र के किन-किन वार्डों की किन-किन कॉलोनियों के नालों के चैनलाइजेशन की योजना तैयार की गई है? (ख) नगर पालिक निगम द्वारा वर्ष 2014, 2015 एवं 2016 में गोविन्‍दपुरा विधान सभा क्षेत्र के किन-किन नालों के चैनलाइजेशन योजना की स्‍वीकृति प्रदान की गई है? (ग) नगर पालिक निगम द्वारा गोविन्‍दपुरा विधान सभा क्षेत्र के किन-किन नालों के चैनलाइजेशन का कार्य प्रारंभ किया गया है? दिनांक सहित बताया जाए?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) नगर पालिक निगम, भोपाल द्वारा वर्ष 2014, 2015 एवं 2016 में गोविन्‍दपुरा विधानसभा क्षेत्र के वार्डों के अंतर्गत आने वाली कॉलोनियों के नालों के चैनेलाईजेशन की कोई योजना तैयार नहीं की गई है। (ख) एवं (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''दो''

गोविन्‍दपुरा क्षेत्र में महाविद्यालय की स्‍थापना

[उच्च शिक्षा]

4. ( क्र. 445 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या गोविन्‍दपुरा विधान सभा क्षेत्र में महाविद्यालय निर्माण की योजना बनाई गई है? (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा विभागीय मंत्री को लिखे पत्र क्रमांक 374 दिनांक 20.12.2016 पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) महाविद्यालय के निर्माण की योजना कब प्रारंभ की जायेगी?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी नहीं। (ख) सीमित वित्‍तीय संसाधनों को दृष्टिगत कर नवीन महाविद्यालय निर्माण से संबंधित सभी पहलुओं का परीक्षण किया जा रहा है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

उज्जैन में आवासीय टाउनशिप निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

5. ( क्र. 481 ) श्री सतीश मालवीय : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) उज्जैन जिला अंतर्गत उज्जैन (शहरी) क्षेत्र एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले 03 वर्षों में कितनी आवासीय/टाउनशिप को टी.एन.सी.पी. विभाग द्वारा मंजूरी प्रदान की गई है? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) के संदर्भ में उज्जैन शहरी क्षेत्र व ग्रामीण क्षेत्रों में टाउनशिप/कॉलोनियों में नियमानुसार ही निर्माण कार्य किये गए है? कितनी टाउनशिप/कॉलोनियों में छोड़े गये ई.डब्ल्यू.एस. फ्लेटों को आवंटन की विज्ञप्ति बिल्डरों द्वारा पिछले 03 वर्षों में जारी की गई? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में उज्जैन शहरी/ग्रामीण क्षेत्रो में निर्मित टाउनशिप/कॉलोनियों में कहाँ-कहाँ पर ई.डब्ल्यू.एस. गरीब मध्यम आय वर्ग के लोगों के लिये फ्लेट आरक्षण नीति अंतर्गत छोड़े गये एवं उनमें से कितने फ्लेट विज्ञप्तियों द्वारा ई.डब्ल्यू.एस. नीति में आवंटित किये गये? कितने फ्लेट ई.डब्ल्यू.एस. वर्ग के टाउनशिप/मल्टि‍‍यों में शेष है? (घ) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कितनी टाउनशिपों/कोलोनियों में ई.डब्ल्यू.एस. फ्लेट प्रक्रिया का पालन कर पूर्ण किये गये व इन टाउनशिपो/कॉलोनियों में किन-किन अधिकारि‍यों/विभाग द्वारा कार्यपूर्णता का प्रमाण पत्र दिया गया व कितनी टाउनशिपों/कॉलोनियों में कितने प्रतिशत फ्लेट/भूखण्ड का कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र देना शेष है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार(ख) जी हाँ। उज्‍जैन शहरी क्षेत्र की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। ग्रामीण क्षेत्र की जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) एवं (घ) पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार

पश्चिम क्षेत्र जबलपुर स्थित नगर निगम की शालाओं में निर्माण कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

6. ( क्र. 574 ) श्री तरूण भनोत : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्र. 547, दिनांक 11 दिसम्‍बर, 2014 को जानकारी दी गई थी कि पश्चिम क्षेत्र जबलपुर अंतर्गत नगर निगम की शालाओं में बाउन्‍ड्रीवॉल मरम्‍मत कार्य कम्‍प्‍यूटर बिजली एवं छात्रों के बैठने हेतु अतिरिक्‍त कक्षों का निर्माण आगामी वर्ष में किया जाना प्रस्‍तावित है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या शासन द्वारा वर्णित (क) के क्षेत्र की शालाओं हेतु राशिवार, आवंटनवार शालाओं के वर्णित (क) के कार्य करवाये जा चुके हैं अथवा नहीं? यदि नहीं, तो क्‍यों? शासन द्वारा नगर निगम जबलपुर को कितना आवंटन प्राप्‍त हुआ? शालावार जानकारी देवें? (ग) कब तक वर्णित (क) के क्षेत्र की शालाओं के विकास कार्य पूर्ण कर दिये जावेंगे?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। शाला भवनों के कार्य की प्रथम एवं द्वितीय निविदा में किसी भी निविदाकार के द्वारा भाग नहीं लिये जाने के कारण कार्य नहीं कराये जा सके हैं। निर्माण कार्यों की तृतीय निविदा आमंत्रण की कार्यवाही प्रचलन में है। शालाओं के कार्य हेतु राज्य शासन से कोई राशि आवंटित नहीं हुई है एवं कार्य नगर निगम की राशि से संपादित किया जाना है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) निविदा उपरांत कार्य प्रारंभ करवाए जाकर वित्त वर्ष 2017-18 में कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य है।

विधायक निधि के निर्माण कार्यों की राशि के भुगतान का सरलीकरण

[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]

7. ( क्र. 575 ) श्री तरूण भनोत : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश के समस्‍त मान.विधायकगणों की अनुशंसा अनुसार विधायक निधि के निर्माण कार्यों की स्‍वीकृति प्रदान की जाती है जिसमें निर्माण एजेंसी आर.ई.एस., पी.डब्‍ल्‍यू.डी., पी.एच.ई. आदि विभागों को बनाया जाता है? (ख) यदि वर्णित (क) हाँ, तो क्‍या वर्तमान में स्‍वीकृत कार्यों की शासन की नवीन प्रक्रिया अनुसार बी.सी.ओ. टू बी.सी.ओ. (बजट कन्‍ट्रोल ऑफीसर) द्वारा राशि प्रदान की जा रही है जिससे प्रक्रिया अधिक लम्‍बी होने के कारण निर्माण एजेंसियों को राशि प्राप्‍त होने में काफी समय लगता है व भुगतान नहीं होता? (ग) यदि वर्णित (क) एवं (ख) हां, तो शासन की बी.सी.ओ. टू बी.सी.ओ. प्रक्रिया समाप्‍त कर पूर्व की भांति कोषालयों द्वारा निर्माण एजेंसियों को भुगतान किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) वित्त विभाग के आदेश अनुसार कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) प्रस्ताव वित्त विभाग द्वारा अमान्य कर दिये जाने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

मध्‍यान्‍ह भोपाल योजना में चावल दाल की आपूर्ति

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

8. ( क्र. 774 ) श्री मुकेश नायक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यान्‍ह भोजन योजना में हितग्राहियों को चावल और दाल जैसे अनाज के भोजन उपलब्‍ध करायें जाते है यदि हाँ, तो पन्‍ना जिले में वर्ष 2013-14 से वर्ष 2015-16 तक कुल कितना चावल और दाल उपलब्‍ध कराया गया और यह चावल और दाल किन सरकारी अथवा गैर सरकारी स्‍त्रोतों से किस भाव खरीदा गया? (ख) सितम्‍बर 2016 की स्थिति के अनुसार पन्‍ना जिले में इस योजना के तहत हितग्राहियों की संख्‍या कितनी है और इस योजना के लिये कुल कितना वार्षिक बजट है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) मध्यान्ह भोजन योजना के तहत क्रियान्वयन एजेंसी को मध्यप्रदेश नागरिक आपूर्ति निगम के माध्यम से प्रश्नाधीन अवधि में 1646 मेट्रिक टन चावल बी.पी.एल. दर (रू. 5,650 प्रति मेट्रिक टन) पर प्रदाय किया गया है। क्रियान्वयन एजेंसियों ने दाल का क्रय सीधे बाजार से किया है। (ख) सितम्बर, 2016 में पन्ना जिले में मध्यान्ह भोजन के लाभान्वित विद्यार्थियों की संख्या 1,15,463 थी। योजना के तहत पन्ना जिले का वार्षिक बजट रू. 21.16 करोड़ है।

योजनाओं के तहत ऋण स्‍वीकृति एवं लक्ष्‍य पूर्ति

[सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम]

9. ( क्र. 1040 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्‍योपुर जिले में वर्ष 2014-15 से 2016-17 तक मुख्‍यमंत्री स्‍वरोजगार/मुख्‍यमंत्री युवा उद्यमी योजना सहित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजनान्‍तर्गत बेराजगारों से कितने आवेदन ऋण स्‍वीकृति हेतु उद्योग विभाग को वर्षवार प्राप्‍त हुए? (ख) उक्‍त योजनाओं का वर्षवार निर्धारित लक्ष्‍य व इसके विरूद्ध कितने-कितने बेराजगारों का ऋण स्‍वीकृत कर किन-किन बैंको में कितने-कितने प्रकरण वर्षवार विभाग द्वारा ऋण वितरण हेतु भेजे, तत्‍पश्‍चात योजनावार किन-किन बैंको ने कितने-कितने प्रकरण स्‍वीकृत कर कितने-कितने बेराजगारों को ऋण वितरण किया? शेष बचे प्रकरणों को स्‍वीकृत कराने हेतु विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) उक्‍त अवधि में शेष बचे प्रकरणों में विभागीय अमले की उदासीनता व संबंधित बैंक प्रबंधनों की मनमानी के कारण लक्ष्‍य अनुसार बेरोजगारों को ऋण वितरण नहीं हो पाया और वे शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित रह गये? (घ) उक्‍त स्थिति के लिये उत्‍तरदायी विभागीय अमले के विरूद्ध शासन क्‍या कार्यवाही करेगा तथा संबंधित बैंक प्रबंधनों की मनमानी से उनके वरिष्‍ठालयों को अवगत कराएगा, ताकि भविष्‍य में लक्ष्‍य प्राप्ति व बेराजगारों के हित प्रभावित न हों? इस हेतु कड़े कदम उठाएगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम ( श्री संजय पाठक ) : (क) श्योपुर जिले में वर्ष 2014-15 से तक प्रश्नांकित योजनाओं अंतर्गत स्वीकृति हेतु प्राप्त आवेदनों की जानकारी निम्नानुसार है :-

क्र.

योजना का नाम

वर्ष 2014-15

वर्ष 2015-16

2016-17
(15
मार्च तक)

1

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना

664

855

519

2

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना

21

32

21

3

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम

64

56

04

(ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र , ब एवं स अनुसार है। विभाग के अधिकारियों द्वारा निरंतर बैंकों से संर्पक कर ऋण प्रकरणों में स्वीकृति/वितरण की कार्यवाही की जा रही है। जिला स्तरीय समन्वय समिति द्वारा भी समय-समय पर बैंकों की प्रगति की समीक्षा की जा कर अधिक से अधिक ऋण प्रकरणों में स्वीकृति/वितरण प्राप्त करने के प्रयास किये जाते है। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। वित्तीय वर्ष में शेष बचे प्रकरणों को आगामी वित्तीय वर्ष में पुनः बैंकों को प्रेषित कर ऋण स्वीकृति प्राप्त किये जाने का प्रयास विभाग के अधिकारियों द्वारा किया जाता है, ताकि बैंकों को प्रदान किये गये लक्ष्य के अनुरूप स्वीकृति/वितरण प्राप्त हो सकें। (घ) प्रश्नांश '''' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

बल्‍देवगढ़ एवं खरगापुर में महाविद्यालय खोले जाना

[उच्च शिक्षा]

10. ( क्र. 1085 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर एवं बल्‍देवगढ़ में शासकीय महाविद्यालय नहीं है? साथ ही खरगापुर एवं बल्‍देवगढ़ के अन्‍तर्गत बालक हा.से. बल्‍देवगढ़, कन्‍या हा.से. बल्‍देवगढ़ क.हा. से खरगापुर, बालक हा.से. खरगापुर, हा.से. स्‍कूल देरी, हाई स्‍कूल फुटेर, हा.से. हटा, हा.से.कुड़ीला आदि शासकीय संस्‍थायें संचालित है? इन संस्‍थाओं से हा.से. परीक्षा उत्‍तीर्ण छात्र-छात्रायें महाविद्यालय की शिक्षा ग्रहण करने से वंचित रह जाते हैं कुछ गरीबी के अभाव में वंचित रह जाते हैं, क्‍योंकि अशासकीय महाविद्यालय की शुल्‍क भी नहीं दे पाते हैं? (ख) क्‍या शासकीय महाविद्यालय प्रारंभ हो जाने से शिक्षा के व्‍यापीकरण को बढ़ावा मिलेगा और गरीब परिवारों के छात्र-छात्रायें अशासकीय महाविद्यालय में होने वाले अपव्‍यय से भी मुक्‍त होंगे तथा छात्र-छात्रायें लाभांवित होंगे? इस प्रकार शिक्षा का लोकव्‍यापीकरण होने के साथ-साथ छात्र-छात्राओं के हित को ध्‍यान में रखते हुये बल्‍देवगढ़ या खरगापुर में शासकीय महाविद्यालय कब तक प्रारंभ करा दिया जावेगा? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। खरगापुर में एक अशासकीय द्वारिका प्रसाद महाविद्यालय संचालित है तथा खरगापुर से 28 कि.मी. की दूरी पर शासकीय महाविद्यालय पलेरा एवं 33 कि.मी. की दूरी पर शासकीय महाविद्यालय जतारा संचालित है। बल्‍देवगढ़ से 10 कि.मी. की दूरी पर एक अशासकीय द्वारिका प्रसाद महाविद्यालय खरगापुर तथा 27 कि.मी. की दूरी पर दो शासकीय महाविद्यालय (1) शासकीय पी.जी. महावि़द्यालय टीकमगढ़ (2) शासकीय कन्‍या महाविद्यालय टीकमगढ़ एवं 35 कि.मी. की दूरी पर शासकीय महाविद्यालय बड़ामलहरा संचालित है। जहां पर विद्यार्थी अध्‍ययन कर सकते हैं। (ख) वर्तमान में सीमित संसाधनों के कारण नवीन महाविद्यालय खोले जाने में कठिनाई है।

मुख्यमंत्री/प्रधानमंत्री अंतर्गत सड़क निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

11. ( क्र. 1439 ) श्री हरवंश राठौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बंडा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत ऐसे कितने मजरा/टोला है जो राजस्व ग्राम घोषित नहीं हैं, उनकों विगत वर्षों में मुख्यमंत्री सड़क/प्रधानमंत्री सड़क/स्टेट कनेक्टिविटी अंतर्गत में शामिल किया गया है? यदि नहीं, तो क्या कारण है? (ख) उक्त मजरा टोला जो कि राजस्व ग्राम घोषित नहीं हैं उन ग्रामों में भविष्य में शासन द्वारा क्या प्रावधान लागू किया जा रहा है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) बंडा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत 27 मजरे टोले हैं जो राजस्‍व ग्राम घोषित नहीं हैं। जी नहीं। मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजना/प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना/स्‍टेट कनेक्टिविटी योजना अंतर्गत मजरा/टोलो को जोड़ने का प्रावधान नहीं है। महात्‍मा गांधी नरेगा के तहत सुदूर ग्राम संपर्क एवं खेत सड़क उपयोजना के तहत ग्राम पंचायतों द्वारा मजरे टोले जोड़ने के लिए सड़क निर्माण की व्‍यवस्‍था है।

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

12. ( क्र. 1444 ) श्री प्रताप सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह जिले की जबेरा विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2015-16 में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत कितने आवास स्‍वीकृत किये गये हैं? सूची उपलब्‍ध करायी जावे। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित ऐसी कितनी ग्राम पंचायतों के ग्राम हैं जो आवासहीन की सूची में सम्मिलित नहीं किये गये हैं? सूची उपलब्‍ध करायी जावें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) में वर्णित सूची में ग्रामों को प्रश्नांश (क) योजना से कब तक जोड़ा जायेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) वित्तीय वर्ष 2015-16 में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण संचालित नहीं थी। अतः वर्ष 2016-17 से लागू प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत लक्षित हितग्राहियों का चयन क्षेत्र आधारित न होकर SECC-2011 में सूचिबद्ध परिवारों की वंचितता की तीव्रता के आधार पर किया जाने की नीति है। (ख) एवं (ग) शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होते है।

अनुविभागीय अधिकारी राघौगढ़ द्वारा कलेक्टर के आदेशों की अवेहलना

[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]

13. ( क्र. 1541 ) श्रीमती ममता मीना : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कलेक्टर जिला गुना द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राघौगढ़ को ग्राम केदारपुरा में निर्मित रैनबसेरा भवन को अपने आधिपत्य में लेने तथा जनभागीदारी से शासकीय भूमि के स्थान पर जाँच प्रतिवेदन में पाये गये 03 विद्युत ट्रान्सफार्मर, 02 कूप निर्माण, 01 रैनबसेरा तथा 01 सामुदायिक भवन के प्रथम तल पर निर्माण कार्य की राशि वसूली हेतु आदेशित किया गया था? (ख) क्या प्रश्नांश (क) अनुसार अनुविभागीय अधिकारी राघौगढ़ द्वारा 07 निर्माण कार्यों की निजी भूमि स्वामियों से राशि वसूल की जाकर पालन प्रतिवेदन कलेक्टर जिला गुना को उपलब्ध कराया गया है? यदि निजी भूमि स्वामियों से राशि वसूल नहीं की है तो क्यों नहीं की गई है? कब तक वसूल कर शासन को उपलब्ध कराई जावेगी? (ग) क्या प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार निजी भूमि स्वामियों से राशि वसूल न करने वाले अनुविभागीय अधिकारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जा रही है? कार्यवाही कब तक की जावेगी?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) ग्राम केदारपुरा में निर्मित रैनबसेरा भवन को शासकीय आधिपत्य में ले लिया गया है। वर्णित कार्यों में से 03 कार्य ही निजी भूमि पर पाये गये हैं। जिनकी वसूली हेतु संबंधितों को नोटिस जारी कर दिये गये है। (ख) निजी भूमि पर पाये गये 03 निर्माण कार्यों की राशि वसूल करने हेतु संबंधितों को नोटिस जारी किये गये हैं। कार्यवाही प्रचलित है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) वसूली की कार्यवाही प्रचलित हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

विधायक निधि से स्वीकृत कराये जाने वाले कार्य

[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]

14. ( क्र. 1542 ) श्रीमती ममता मीना : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधायक निधि से स्वीकृत होने वाले कार्य विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजनान्तर्गत प्राप्त मार्गदर्शिका अनुसार स्वीकृत किये जाते हैं अथवा नहीं? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो क्या विधायक द्वारा प्रस्तावित कार्य का उल्लेख मार्गदर्शिका में न होने के कारण मनगढ़ंत अन्य आशय निकालते हुये स्वीकृत किये जा सकते हैं अथवा नहीं? (ग) क्या प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार बंगला निर्माण शब्द का किंचित मात्र भी विधायक निधि की मार्गदर्शिका में स्वीकृत किये जाने वाले अनुमत कार्यों की सूची में उल्लेख न होने के उपरांत भी गुना जिले में विकासखण्ड बमोरी एवं गुना अन्तर्गत 08 बंगला निर्माण कार्य क्यों स्वीकृत किये गये हैं? (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के अनुसार गुना जिले में बंगला निर्माण स्वीकृत कराने वाले दोषी कर्मचारियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? समय-सीमा का स्पष्ट उल्लेख करें? (ड.) विधानसभा प्रश्न क्रमांक 1496 दिनांक 28.07.2015 एवं प्रश्न क्रमांक 583 दिनांक 26.07.2016 में भ्रामक जानकारी उपलब्ध कराने वाले अधिकारियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जा रही है?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। (ग) वर्णित 08 बंगला निर्माण चबूतरा एवं चबूतरे पर शेड निर्माण कार्य है। जिसे स्थानीय भाषा में बंगला कहा जाता है। (घ) एवं (ड.) प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

जीर्णोद्धार के नाम पर खर्च की गयी राशि

[नगरीय विकास एवं आवास]

15. ( क्र. 1659 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या सतना शहर के इकलौते टाउन हॉल में विगत 5 वर्षों में 1 करोड़ से अधिक राशि जीर्णोद्धार के नाम पर खर्च कर दी गयी है? यदि हाँ, तो किस-किस काम में कितनी-कितनी राशि खर्च की गयी है? किस ठेकेदार द्वारा एवं किस इंजीनियर द्वारा उक्‍त कार्य कराया गया है? (ख) क्‍या टाउन हाल के अंदर का हॉल अत्‍यंत जर्जर हो चुकी है, फर्नीचर टूट चुका है, मंच में गड्ढे हो गये हैं? क्‍या जितनी राशि जीर्णोद्धार में व्‍यय की गयी है इतनी राशि में नया टाउन हाल बनाया जा सकता था? (ग) यदि प्रश्नांश (क) एवं (ख) सही है तो इस गुणवत्‍ताहीन कार्य के लिए दोषी ठेकेदार एवं इंजीनियर के विरूद्ध शासन क्‍या कार्यवाही करेगा? समय-सीमा दें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी नहीं। सतना शहर स्थित टाउन हॉल में विगत 05 वर्षों में कार्य की आवश्‍यकता अनुसार कुल राशि रू. 58.87 लाख के कार्य कराए गए। कराए गए कार्य तथा व्‍यय की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। कार्य करने वाले ठेकेदारों एवं कराने वाले इंजीनियरों का विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जी नहीं। टाउन हॉल वर्तमान में अच्‍छी स्थिति में है। टाउन हॉल में निर्माण के समय से ही फर्नीचर नहीं लगाया गया है। जी नहीं, इतनी राशि में नया टाउन हॉल का निर्माण संभव नहीं है। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''तीन''

लोक सेवा केन्‍द्रों का संचालन

[लोक सेवा प्रबन्धन]

16. ( क्र. 1711 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तहसील स्‍तर पर संचालित लोक सेवा केन्‍द्रों के संचालन की प्रक्रिया हेतु टेंडर कब जारी किये गये? सोनकच्‍छ विधानसभा क्षेत्र में संचालित लोक सेवा केन्‍द्रों के टेंडर प्रकाशन की छायाप्रति संलग्‍न करें? (ख) वर्तमान में लोक सेवा केन्‍द्रों के संचालन हेतु कितने वर्षों के लिए टेंडर जारी किये गये थे तथा उनके नवीनीकरण का क्‍या आधार है? (ग) कितने वर्षों के बाद नवीन टेंडर जारी किये जाते हैं? टेंडर कौन जारी करता है?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) तहसील स्‍तर पर संचालित लोक सेवा केन्‍द्रों की प्रक्रिया हेतु टेंडर दिनांक 04/02/2016 को जारी किये गये थे। शासन द्वारा इस संबंध में जारी किये गये थे। शासन द्वारा इस संबंध में जारी निर्देश के अनुसार पूर्व में संचालित ऐसे लोक सेवा केन्‍द्रों जिनका कार्य जिला मूल्‍यांकन समिति द्वारा संतोषजनक पाया गया, के साथ जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी द्वारा अनुबंध का नवीनीकरण किया गया। इनमें सोनकच्‍छ विधान सभा क्षेत्र में संचालित लोक सेवा केन्‍द्र टोंकखुर्द एवं सोनकच्‍छ भी सम्मिलित है। सोनकच्‍छ विधान सभा क्षेत्र में संचालित लोक सेवा केन्‍द्रों के टेंडर प्रकाशन 2012 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '1' एवं '2' अनुसार(ख) मध्‍यप्रदेश शासन लोक सेवा प्रबंधन विभाग के निर्देश दिनांक 15/01/2016 द्वारा वर्तमान में लोक सेवा केन्‍द्रों के संचालन हेतु 03 वर्षों के लिए टेंडर जारी किये गये थे। उक्‍त निर्देश के अनुसार निर्धारित प्रक्रिया द्वारा नवीनीकरण की कार्यवाही की गई है। जारी निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार(ग) 03 वर्षों के बाद नवीन टेंडर जारी किये जाते है। टेंडर संबंधित जिले के कलेक्‍टर एवं सचिव जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी द्वारा जारी किये जाते है।

खरगापुर विधानसभा के शासकीय महाविद्यालय में पदों की पूर्ति

[उच्च शिक्षा]

17. ( क्र. 1747 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधानसभा क्षेत्र के पलेरा में संचालित शासकीय महाविद्यालय में स्‍नातकोत्‍तर की कक्षायें संचालित नहीं की जा रही है इसका कारण क्‍या है? क्‍या शासन के पास स्‍नातकोत्‍तर कक्षायें प्रांरभ किये जाने की कोई योजना है? यदि हाँ, तो आदेश जारी कब तक करा दिये जायेगें? समयावधि बतायें। यदि नहीं, तो क्‍यों कारण स्‍पष्‍ट करें? (ख) क्‍या उक्‍त संचालित महाविद्यालय में प्राचार्य, ग्रंथपाल, क्रीड़ा अधिकारी सहायक प्राध्‍यापक, हिन्‍दी राजनीति शास्‍त्र, अर्थशास्‍त्र, समाजशास्‍त्र, भौतिक शास्‍त्र, रसायन शास्‍त्र प्राणीशास्‍त्र तथा वाणिज्‍य के पद रिक्‍त हैं या इन पदों की पूर्ति हेतु विभाग द्वारा कोई योजना बनाई गई है या छात्रों के हित में कभी सोचा गया है यदि हाँ, तो रिक्‍त पदों की पूर्ति हेतु कब तक आदेश जारी कर पद पूर्ति करा देगें? समयावधि बतायें। यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें? (ग) क्‍या उक्‍त पलेरा महाविद्यालय में लेखापाल, सहायक ग्रेड-3 प्रयोगशाला व चौकीदार के रिक्‍त पदों की पूर्ति कब तक करा देगें समयावधि बताये यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें? (घ) क्‍या पुस्‍तकालय और प्रयोगशाला हेतु बजट नहीं मिला ऐसी स्थिति में छात्र-छात्राओं को असुविधा न हो, इस हेतु प्रयोगशाला एवं पुस्‍तकालय हेतु आगामी बजट सत्र में बजट आवंटित करायेंगे तथा विद्यार्थियों को स्‍वल्‍पाहार हेतु कैंटीन की व्‍यवस्‍था करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? समयावधि बतायें। यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। शासकीय महाविद्यालय, पलेरा से 27 कि.मी. की दूरी पर शासकीय महाविद्यालय, नौगांव संचालित हैं। जहां कला संकाय के पाँच विषयों में स्नातकोत्तर कक्षायें संचालित हैं, जहां पर विद्यार्थी अध्ययन कर सकते हैं। वर्तमान में सीमित वित्तीय संसाधनों के कारण स्नातकोत्तर कक्षायें प्रारंभ किये जाने में कठिनाई है। स्नातकोत्तर कक्षायें प्रारंभ करने की वर्तमान में शासन की कोई योजना नहीं है। (ख) जी हाँ। प्राचार्य का पद प्राध्यापक से स्नातक प्राचार्य पद पर पदोन्नति से भरा जाता है। न्यायालयीन प्रकरण आदि के कारण प्राचार्य पद की पदोन्नति की कार्यवाही लंबित है। विषयवार सहायक प्राध्यापक के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु लोक सेवा आयोग से दिनांक 19.02.2016 को विज्ञापन जारी किया जा चुका है। चयनित अभ्यार्थियों की सूची प्राप्त होते ही रिक्त पदों की पूर्ति की जा सकेगी। छात्र हित में शैक्षणिक रिक्त पदों पर अतिथि विद्वानों को आमंत्रित कर अध्यापन कार्य सुचारू रूप से संचालित हो रहा है। पद पूर्ति हेतु निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ग) प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में सहायक ग्रेड-3 के सीधी भर्ती के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु व्यावसायिक परीक्षा मंडल को मांग पत्र प्रेषित किया जा चुका है। कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। अन्‍य पदों की पूर्ति यथासमय स्‍थानांतरण/पदोन्‍नति द्वारा की जा सकेगी। पद पूर्ति हेतु निश्‍चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (घ) जी हाँ। पुस्तकालय एवं प्रयोगशाला हेतु प्रस्ताव प्राप्त होने पर बजट आवंटन की कार्यवाही की जावेगी। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। कैंटीन की व्यवस्था हेतु कोई प्रावधान नहीं है। शेष प्रश्नांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

वॉटर शेड के कार्यों की जाँच बाबत्

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

18. ( क्र. 1983 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह जिले में वॉटरशेड योजनान्‍तर्गत वर्ष 2014-15,2015-16 एवं 2016-17 में कौन-कौन से कार्य कितनी-कितनी राशि से किस कार्य एजेंसी से कराये गये? मदवार जानकारी उपलब्‍ध कराये? (ख) प्रश्‍नकर्ता द्वारा क्षेत्र भ्रमण के दौरान देखा गया कि उक्‍त कार्य पूर्णत: गुणवत्‍ताविहीन है क्‍या जाँच समिति बनाकर इसकी गुणवत्‍ता की जाँच कराई जावेगी? क्‍या जाँच दल में प्रश्‍नकर्ता को रखा जावेगा। पूर्व में भी प्रश्‍नकर्ता द्वारा जाँच कराई गई थी तथा जाँच रिपोर्ट भी शासन को सौंपी गई थी परन्‍तु आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं की गई? (ग) शासन स्‍तर पर लंबित जाँच पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक, नहीं तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) परियोजना कार्यों का भौतिक सत्यापन एवं गुणवत्ता परीक्षण प्रचलन में है। कुल 18 में से 5 परियोजनाओं का भौतिक सत्यापन एवं गुणवत्ता परीक्षण हो चुका है, जिनके कार्य गुणवत्तायुक्त पाये गये हैं। अतः पृथक से जाँच की आवश्यकता नहीं है। पूर्व में प्रश्‍नकर्ता की शिकायत दिनांक 12.12.2014 पर संस्थित जाँच के प्रतिवेदन के आधार पर संबंधित टीम लीडर एवं टीम सदस्य (तकनीकी) को भविष्य के लिए सचेत किया गया है। श्री अजय सिंह, टीम लीडर से रू. 5,913/- की वसूली की गई है।

स्‍थल निरीक्षण/जाँच अभिमत के परिणाम

[वन]

19. ( क्र. 2323 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा ता. प्रश्‍न क्रमांक-661 दिनांक 10.12.15 के प्रश्‍नांश (ग) के संबंध में तार फेंसिंग तथा नवीन वृक्षों के रोपड़ में जहां-जहां तार फेंसिंग की गई वहां पर वृक्ष मौजूद नहीं होने तथा बुन्‍देलखण्‍ड पैकिज की राशि का व्‍यय किए जाने के संबंध में स्‍थल निरीक्षण कराने तथा उससे प्रश्‍नकर्ता को जरूर सूचित कराने हेतु कथन किया था। (ख) जाँच कब हुई जाँच अधिकारी कौन रहे तथा जाँच में क्‍या परिणाम प्राप्‍त हुए?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) दातला पहाड़ी, कक्ष क्रमांक-पी.678 में कराये गये कार्यों की स्‍थल जाँच श्री लक्ष्‍मीप्रसाद श्रीवास, उप वनक्षेत्रपाल द्वारा दिनांक 15.03.2017 को माननीय विधायक, कुंवर विक्रम सिंह जी के साथ की गई तथा पाया कि उक्‍त क्षेत्र में विगत वर्षों में ''बिगड़े वनों का सुधार'' कार्य कराया गया है तथा मौके पर वन का घनत्‍व 0.4 है। जाँच में किसी भी प्रकार की अनियमितता होना नहीं पाया गया। लवानिया पहाड़ राजस्‍व क्षेत्र में स्थित होने तथा रोपण योग्‍य न होने के कारण उक्‍त स्‍थल पर बुन्‍देलखण्‍ड पैकेज के अंतर्गत कोई भी कार्य नहीं कराया गया।

विस्‍थापित परिवारों के संबंध में

[वन]

20. ( क्र. 2328 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला छतरपुर के ग्राम मोटा चौकन, चनारी एवं रेपुरा वर्ष 2004 से विस्‍थापित हुए थे? (ख) क्‍या इन ग्रामों में व्‍यवस्‍थापन के बाद प्रत्‍येक व्‍यक्ति को जमीन के पट्टे दिये गये थे? यदि हाँ, तो कितने को दिये गये? (ग) प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या वह जमीन उन हितग्राहियों के नाम भूमि स्‍वामी हो गई है या नहीं।

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। 165 परिवारों को अस्‍थाई भू-अधिकार प्रमाण पत्र दिये गये हैं। (ग) जी नहीं।

नगरपालिका परिषद् वारासिवनी की बैठकों में पारित संकल्‍प

[नगरीय विकास एवं आवास]

21. ( क्र. 2401 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) शासन के नियमानुसार नगरपालिका परिषद् में समितियों अध्‍यक्षीय परिषद् एवं परिषद् की १ वर्ष में कुल कितनी बैठकें होना चाहिए? (ख) वारासिवनी नगरपालिका परिषद् द्वारा वर्ष २०१५-१६,२०१६-१७ एवं २०१७-१८ में समितियों अध्‍यक्षीय परिषद् एवं परिषद् की कितनी बैठकें की गई? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में विगत वर्षों में समितियों अध्‍यक्षीय परिषद् एवं परिषद् में कौन-कौन से संकल्‍प पारित किये गये? क्‍या संकल्‍प के अनुसार नगरपालिका परिषद् वारासिवनी द्वारा नगर में कोई विकास कार्य किये गये? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) क्‍या संकल्‍प में पारित आदेश अनुसार नगरपालिका अध्‍यक्ष द्वारा किसी भी कार्य को नहीं किया गया? उक्‍त आदेश के अनुसार उक्‍त कार्य को कब तक पूर्ण करवा लिया जावेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) शासन के नियमानुसार समितियों की बैठक प्रत्‍येक माह में कम से कम एक बार, अध्‍यक्षीय समितियों की बैठक आवश्‍यकतानुसार एवं परिषद् की बैठकें प्रत्‍येक दो माह में कम से कम एक बार आहूत की जानी चाहिये। (ख) वर्षवार आयोजित बैठक का विवरण जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश '' '' के परिप्रेक्ष्‍य में बैठकें आयोजित कर विकास कार्यों के संकल्‍प पारित किये गये पारित संकल्‍प अनुसार नगर पालिका द्वारा किये गये विकास कार्यों की सूची जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। सूची में उल्‍लेखित लंबित कार्यों को पू‍र्ण करने की कार्यवाही की जायेगी। (घ) माननीय अध्‍यक्ष महोदय जनप्रति‍निधि होने के नाते प्रशासनिक कार्य संपादित नहीं करते शेष प्रश्‍नांश अंतर्गत शेष कार्यों पर कार्यवाही प्रचलित है।

पंचायत भवन निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

22. ( क्र. 2609 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव में प्रश्न दिनांक तक कितने पंचायत भवन स्वीकृत किये जा चुके हैं? उक्त भवनों को बनाने हेतु कितनी समय-सीमा तय की गई है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में स्वीकृत पंचायत भवनों की स्थित क्या है? कितने भवनों का निर्माण पूर्ण हो चुका है एवं कितने शेष हैं स्वीकृत भवनों की वर्षवार, पूर्ण, अपूर्ण की सूची उपलब्ध करावें।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) विधान सभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत 43 ग्राम पंचायत भवन स्वीकृत किये गये है। भवन निर्माण शीघ्रताशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये गये है। (ख) स्वीकृत पंचायत भवनों में से 13 पूर्ण 28 प्रगतिरत एवं 02 अप्रारंभ है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार

परिशिष्ट - ''चार''

पंचायतों में पंचपरमेश्‍वर मद से स्‍वीकृत कार्य

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

23. ( क्र. 2610 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत पंचपरमेश्वर मद से जो राशि वर्ष 2014-15,2015-16 एवं 2016-17 में स्‍वीकृत की गई व किन किन पंचायतों को प्रदाय की गई वर्ष राशि सहित पंचायतवार विवरण देवें? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में जिन पंचायतों में राशि स्वीकृत की गई उन पंचायतों में उक्त राशि से क्या क्या कार्य कराये जा रहे हैं, उनकी वर्तमान स्थिति क्या है वर्षवार सूची उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में जो कार्य पूर्ण हो चुके हैं उनका मूल्याकंन किस अधिकारी द्वारा किया गया उस अधिकारी का नाम बताएं?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार।

मध्‍यान्‍ह भोजन वितरण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

24. ( क्र. 2616 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान में कितने स्कूलों में मध्यान्ह भोजन वितरण किया जा रहा है? संख्या बतावें। उक्त मध्यान्ह भोजन को कितने स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित किया जा रहा है? सूची उपलब्ध करावें। (ख) क्या वर्तमान में ऐसा कोई स्व-सहायता समूह है जहां पर जाति को आधार मानकर विभाग को कोई शिकायत प्राप्त हुई हो? यदि हाँ, तो जानकारी उपलब्ध करावें। विभाग द्वारा इस पर क्या कार्यवाही की गई। (ग) क्‍या विभाग द्वारा मध्यान्ह भोजन वितरण की जाँच हेतु कोई कमेटी बनाई गई हैं? यदि हाँ, तो कमेटी मेंबर की सूची उपलब्ध करावें। उक्त कमेटी द्वारा कब-कब कितने स्कूलों का निरीक्षण किया गया एवं क्या कार्यवाही की गई।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) वर्तमान में 1,14,721 लाख शालाओं में मध्यान्ह भोजन वितरण किया जा रहा है। 77,058 स्व-सहायता समूहों द्वारा मध्यान्ह भोजन संचालन किया जा रहा है, जिसकी सूची राज्य स्तर पर संकलित एवं संधारित करने की व्यवस्था नहीं है। (ख) जी नहीं, शासन को कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। (ग) जी नहीं, शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होते है।

हबीबगंज अंडरब्रिज से ग्राम मिसरोद तक मास्‍टर प्‍लान सड़क निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

25. ( क्र. 2656 ) श्री रजनीश सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या म.प्र. शासन के आवास एवं पर्यावरण मंत्रालय भोपाल द्वारा दिनांक 29.12.2006 को संचालक नगर एवं ग्रामीण निवेश मास्‍टर प्‍लान सड़क के हबीबगंज अंडरब्रिज से ग्राम मिसरोद का रिवाईज्‍ड एलायमेंट की अनुमति दी? अनुमति क्‍या थी (संलग्‍न करें) । (ख) उक्‍त विचलन से मीराबाई नगर और कलियासोत मुख्‍य नहर के बीच कौन-कौन सी निजी भूमि रिक्‍त हुई? कितना-कितना रकबा था? (ग) रिक्‍त भूमि का मास्‍टर प्‍लान में दर्शित भू-उपयोग पहले क्‍या था और अब क्‍या है? यदि बदला गया तो क्‍या राजपत्र में संशोधन कर आपत्ति एवं सुझाव आंमत्रित किये गये? नहीं, तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार। (ख) उक्‍त विचलन की स्थिति मानचित्र पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट में दर्शित है। (ग) भोपाल विकास योजना 2005 अनुसार प्रश्‍नाधीन भूमि का उपयोग आवासीय एवं मार्ग निर्दि‍ष्‍ट था। मार्ग का पुन: निर्धारण से प्रभावित भूमि का उपयोग प्रस्‍तावित आवासीय, सर्विस रोड तथा वृक्षारोपण है। प्रश्‍नाधीन भू‍मि उपयोग में कोई परिवर्तन न हो इसलिए संशोधित एलाईमेंट में पूर्व प्रस्‍तावित मार्ग की भूमि पर सर्विस रोड तथा त्रिभुज आकार की भूमि पर वृक्षारोपण प्रस्‍तावित किया गया है, इस प्रकार मार्ग के संशोधित एलाईमेंट से पूर्व का मार्ग यथावत रहा है, जिसमें विकास योजना 2005 के मूल प्रस्‍ताव तथा प्रस्‍तावित संशोधित एलाईमेंट से भूमि उपयोग में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। जी नहीं, भोपाल विकास योजना 2005 की कंडिका 5.32 (4) में आपत्ति/सुझाव बुलाये जाने के प्रावधान नहीं है।

जनभागीदारी समिति की बैठकों में स्‍वीकृत प्रस्‍ताव

[उच्च शिक्षा]

26. ( क्र. 3563 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय कला एवं वाणिज्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय हरदा में वर्ष 2014-15 से 2016-17 में प्रश्नं दिनांक तक जनभागीदारी समिति की कब-कब बैठक आयोजित की गई व बैठक में कौन-कौन से प्रस्ताव स्वीकृत किये गये व स्वीकृत प्रस्तावों पर क्या कार्यवाही की गई वर्षवार बतायें। (ख) कार्यालय आयुक्त उच्च शिक्षा म.प्र. भोपाल का पत्र क्रमांक/383/330/आ.उ.शि./शाखा-1/15 भोपाल दिनांक 31.08.15 जो कि अन्य के साथ समस्त प्राचार्य शासकीय महाविद्यालय मध्यप्रदेश को भी प्रेषित किया गया था में बिन्दु क्रमांक-2 पर शासकीय कला एवं वाणिज्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय हरदा द्वारा कार्यवाही नहीं किये जाने का क्या कारण है? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार तत्कालीन मा. उच्च शिक्षा मंत्री महोदय एवं वरिष्‍ठ कार्यालय द्वारा दिये गये निर्देश का पालन नहीं किये जाने के कारण संबंधित दोषी के विरूद्ध अभी तक कार्यवाही नहीं किये जाने का क्या कारण है? (घ) क्या प्रश्नांश (ख) अनुसार आयुक्त उच्च शिक्षा के पत्र में दिये निर्देशों का पालन शासकीय कला एवं वाणिज्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय हरदा में कराया जावेगा? यदि हाँ, तो समय-सीमा बतायें। नहीं तो क्या कारण हैं?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) शासकीय कला एवं वाणिज्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय, हरदा में विगत तीन वर्षों में जनभागीदारी समिति के पदेन अध्यक्ष कलेक्टर हरदा रहे हैं। समिति के सदस्यों के मनोनयन लंबित होने के कारण बैठक आयोजित नहीं की गयी है। इस संबंध में प्राचार्य ने पत्र क्रमांक 1329/15 दिनांक 03.07.2015 एवं पत्र क्रमांक 331/16 दिनांक 10.03.2016 द्वारा कलेक्टर हरदा से पत्राचार किया था। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ख) प्राचार्य के विरूद्ध कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। (ग) प्रश्नांश '' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्नांश '' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है।

महाविद्यालय हरदा को प्राप्त बजट

[उच्च शिक्षा]

27. ( क्र. 3564 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय कला एवं वाणिज्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय हरदा को वर्ष 2014-15 से 2016-17 में प्रश्न दिनांक तक कितनी-कितनी बजट राशि प्राप्त हुई व प्राप्त राशि व व्यय की गई राशि का मद वार व वर्षवार विस्तृत विवरण दें। (ख) प्रश्नांकित (क) वर्षों में आवंटित की गई बजट राशि से कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किये गये? कार्य स्वीकृत किये जाने हेतु जनभागीदारी समिति द्वारा किस बैठक में किस बिन्दु क्रमांक से किस कार्य का अनुमोदन किया गया है। (ग) स्वीकृत कार्यों में से कौन-कौन से कार्य पूर्ण हो गये हैं एवं अपूर्ण कार्यों के लिये कौन जिम्मेदार है व उन पर क्या कार्यवाही की गई? अपूर्ण कार्य कब तक पूर्ण कर लिये जावेंगे? (घ) कार्य में देरी व कार्य अपूर्ण रहने का क्या कारण है व इसके लिये कौन दोषी है व दोषी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) शासन द्वारा प्राप्त राशि के व्यय का विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। जनभागीदारी समिति के सदस्यों का मनोनयन न होने के कारण इन वर्षों में जनभागीदारी समिति की बैठक आयोजित नहीं हुई। अतः प्रश्नांश के शेष भाग का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) पदेन सदस्यों की बैठक नहीं बुलाये जाने के लिए प्राचार्य के विरुद्ध कार्यवाही की जा रही है। (घ) प्रश्नांश '' एवं '' के उत्तर के तारतम्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''पाँच''

निर्माण कार्यों की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

28. ( क्र. 3745 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगर पालिका सनावद में कितने वार्ड हैं? इन वार्डों में शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत कितने-कितने निर्माण कार्य कराये गए हैं? विगत 5 वषों से वर्तमान तक राशि सहित सम्पूर्ण जानकारी देवें। (ख) नगर पालिका सनावद के वार्ड क्रमांक 14 (पूर्व 15) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित वित्त वर्ष से चालू वित्त वर्ष तक क्या क्या निर्माण कार्य कराये गए हैं वर्षवार जानकारी देवें। उक्त वार्ड में प्रश्नांश (क) में दर्शाई अवधि में निर्माण कार्य हेतु कितनी बार निविदायें बुलाई गई हैं तथा किस-किस ठेकेदार को कार्य ठेका प्राप्त हुआ? कार्य कब प्रारंभ हुआ कब समाप्त हुआ? इसकी कार्यवार वर्षवार जानकारी देवें। (ग) क्या उक्त वार्ड में प्रश्नांश (ख) अनुसार निर्माण स्वीकृत हुआ, निविदा भी हुई, न्यूनतम दर पर कार्य की स्वीकृति भी हुई, ठेकेदार द्वारा संस्था से एग्रीमेंट भी कर लिया किन्तु कार्य प्रारम्भ न करने के क्या कारण रहे हैं? क्या निकाय द्वारा ठेकेदार के विरुद्ध कोई कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई यदि नहीं, तो न करने के क्या कारण रहे हैं? दोषीकर्ता के नाम सहित उनके विरूद्ध कार्यवाही की जानकारी देवें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) नगर पालिका, सनावद में कुल 18 वार्ड हैं। जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जी हाँ। जी हाँ। जी हाँ। जी हाँ। ठेकेदार द्वारा कार्य पूर्ण किया गया है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''छ:''

सागर नगर स्थित महाविद्यालयों में पर्याप्‍त स्‍टॉफ एवं संसाधनों की पूर्ति

[उच्च शिक्षा]

29. ( क्र. 3924 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सागर नगर स्थित शासकीय कन्‍या स्‍नात्‍कोत्‍तर महाविद्यालय सागर एवं आर्ट एण्‍ड कामर्स कॉलेज सागर में विद्यार्थियों की संख्‍या के मान से स्‍टॉफ एवं संसाधनों (कक्ष, फर्नीचर, लैब) की पर्याप्‍त व्‍यवस्‍था है? यदि हाँ, तो विवरण सहित बतायें। (ख) क्‍या महाविद्यालयों में विद्यार्थियों की बढ़ती संख्‍या को देखते हुए प्रश्‍नकर्ता द्वारा शैक्षणिक सत्र 2016-17 में विद्यार्थियों की संख्‍या के मान से पर्याप्‍त शिक्षकों की मांग की गयी थी? यदि हाँ, तो क्‍या कार्यवाही की गयी? (ग) क्‍या प्रश्‍नाधीन महाविद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्‍या के मान से शैक्षणिक स्‍टॉफ एवं संसाधनों की पूर्ति सत्र 2017-18 के पूर्व पूर्ण कर ली जावेगी?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय सागर एवं आर्ट एण्ड कामर्स कॉलेज सागर में विद्यार्थियों की संख्या के मान से शैक्षणिक स्टॉफ की कमी है। अशैक्षणिक स्टॉफ पर्याप्त है। शासकीय कन्या महाविद्यालय, सागर में विद्यार्थियों की संख्या के मान से 10 कक्षों की आवश्यकता है। लैब एवं फर्नीचर पर्याप्त है। वर्तमान में सीमित वित्तीय संसाधनों के कारण राशि स्वीकृत किये जाने में कठिनाई है। शासकीय आर्ट एण्ड कामर्स कॉलेज सागर में कक्ष, फर्नीचर एवं लैब की पर्याप्त व्यवस्था है। (ख) जी हाँ। वर्तमान में वित्तीय संसाधनों की कमी होने के कारण नवीन पदों का सृजन किये जाने में कठिनाई है। (ग) उत्‍तर प्रश्‍नांश '' के समान है।

सागर नगर में सिटी फॉरेस्‍ट एवं चिड़ि‍याघर निर्माण

[वन]

30. ( क्र. 3925 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सागर नगर में सिटी फॉरेस्‍ट एवं चिड़ि‍याघर बनाने का प्रस्‍ताव शासन के समक्ष विचाराधीन है? यदि हाँ, तो यह प्रस्‍ताव वर्तमान में शासन स्‍तर पर लंबित है अथवा केन्‍द्र सरकार को प्रेषित किया गया है? (ख) प्रश्‍नाधीन सिटी फॉरेस्‍ट के अंतर्गत किन-किन घटकों का समावेश किया गया है? प्रस्‍तावित स्‍थल कहाँ, कितने क्षेत्रफल का है एवं कितनी लागत आंकलित की गयी है? (ग) प्रश्‍नाधीन प्रस्‍ताव पर कब तक स्‍वीकृति प्रदान की जायेगी?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) भारत सरकार से स्‍वीकृति प्राप्‍त हो चुकी है।

परिशिष्ट - ''सात''

E.W.S. फ्लेटों के आवंटन

[नगरीय विकास एवं आवास]

31. ( क्र. 3963 ) श्री राजेश सोनकर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) अतारांकित प्रश्न क्र. 352 दिनांक 08 दिसंबर 2016 में इन्दौर ग्रामीण क्षेत्र 50 एवं इन्दौर शहरी क्षेत्र 133 कॉलोनी/टाउनशिपों में से कितनी टाउनशिपों/कॉलोनियों ने निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है? (ख) प्रश्नांश '' के संदर्भ में यदि हाँ, तो ई.डब्‍ल्‍यू.एस. भूखण्‍ड के अलावा अन्‍य निर्माणों को निर्मित हुए कितने वर्ष हो चुके हैं? कार्य पूर्ण होने के पश्‍चात् भी क्या ग्रामीण क्षेत्र की 50 एवं शहरी क्षेत्र की 133 की टाउनशिपों/कॉलोनियों में निम्न आर्य वर्ग हेतु आवंटन शेष रहने का क्या कारण है? (ग) प्रश्नांश के संदर्भ में ग्रामीण क्षेत्र की 50 एवं 133 शहरी टाउनशिपों/कॉलोनियों में कमजोर वर्ग, निम्न आय वर्ग हेतु फ्लेट/भूखण्ड देने की समय-सीमा क्या थी व कब तक भूखण्‍ड आवंटन किये जायेंगे एवं क्‍या प्रक्रिया रहेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) इन्‍दौर ग्रामीण क्षेत्र की 50 कॉलोनी/टाउनशिपों में से 2 कॉलोनी/टाउनशिपों का विकास कार्य पूर्ण हुआ है। इन्‍दौर शहरी क्षेत्र में 133 कॉलोनी/टाउन‍शिपों में से 09 कॉलोनी/टाउनशिपों का निर्माण पूर्ण किया गया है। (ख) ग्रामीण क्षेत्र की उक्‍त 02 कॉलोनी में अन्‍य निर्माण कार्य जैसे सड़क, पानी, ड्रेनेज आदी 10 माह पूर्व किये गये है। निम्‍न आय वर्ग हेतु आरक्षित भूखण्‍डों को आवंटित करने की प्रक्रिया का निर्धारण सक्षम प्राधिकारी द्वारा किया गया है। शहरी क्षेत्र में ई.डब्‍ल्‍यू.एस. भूखण्‍ड के अलावा अन्‍य निर्माण जैसे सड़क, पानी, ड्रेनेज आदी निर्माण कार्य 60 कॉलोनियों में विगत 05 वर्ष की अवधि में पूर्ण हो चुका है। म.प्र. नगर पालिका (कॉलोनाईजर का रजिस्‍ट्रीकरण, निर्बधन तथा शर्तें) नियम 1998 के नियम 10 एवं म.प्र. ग्राम पंचायत (कॉलोनियों का विकास) नियम 2014 के नियम 15 में निहित प्रावधान अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर तथा निम्‍न आय वर्ग हेतु आरक्षित भूखण्‍ड/इकाइयों का विक्रय कॉलोनाईजर द्वारा विहित रीति से किया जाना है। (ग) म.प्र. नगर पालिका (कॉलोनाईजर का रजिस्‍ट्रीकरण, निर्वधन तथा शर्तें) नियम 1998 के नियम 10 में ई.डब्‍ल्‍यू.एस. तथा निम्‍न आय वर्ग के लिए आरक्षित भूखण्‍डों के आवंटन हेतु समय-सीमा निर्धारित नहीं है। उपनियम (13) में प्रावधान है कि, कॉलोनाईजर को कॉलोनी में बंधक रखे गये भूखण्‍ड तब तक निर्मुक्त नहीं करेगा, जब तक की नियम 10 (12) (3) अनुसार पात्र व्‍यक्तियों की सूची तैयार कर कलेक्‍टर को प्रस्‍तुत नहीं की जाती है। म.प्र. ग्राम पंचायत (कॉलोनियों का विकास) नियम 2014 के नियम 15 में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों ओर निम्‍न आय वर्गों के लिए आरक्षित भूखण्‍डों को आवंटित करने की प्रक्रिया विहित है, जिसके अनुसार कॉलोनाईजर के धरोहर के रूप में बधंक भूखण्‍ड तब ही मुक्‍त किये जा सकेंगे जब कॉलोनाईजर द्वारा विहित प्रक्रिया का पालन करते हुये भूखण्‍डों का आवंटन कर दिया जावेगा।

इन्दौर संभाग अंतर्गत पंचायत टैक्‍सों की वसूली

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

32. ( क्र. 3965 ) श्री राजेश सोनकर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सावेंर विधान सभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत/जनपद पंचायत द्वारा किन-किन संस्‍थानों/व्‍यवसायियों से मध्‍यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्‍वराज अधिनियम 1993 के तहत टैक्‍स वसूली की जाती है? कौन-कौन से व्‍यवसाय उक्‍त अधिनियम के तहत टैक्‍स के दायरे में आते है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में सांवेर जनपद पंचायत और उसकी ग्राम पंचायतों द्वारा कौन-कौन से टैक्‍स की कितनी-कितनी राशि पंचायत टैक्‍स के रूप में 03 वर्षों में वसूली की गई? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में सांवेर विधानसभा क्षेत्र की कौन-कौनसी पंचायतों में किन-किन फेक्ट्रियों/उद्योगों व अन्‍य संस्‍थानों से कितनी राशि प्राप्‍त हुई व किन संस्‍थानों के द्वारा टैक्‍स नहीं दिया गया है? (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में सांवेर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत/जनपद पंचायत द्वारा विगत 03 वर्षों में प्रश्‍न दिनांक तक टैक्‍स वसूली से प्राप्‍त राशि का उपयोग किस-किस कार्य में किया गया? भविष्‍य में पंचायतों को आत्‍मनिर्भर बनाने की दृष्टि से टैक्‍स प्रणाली संपूर्ण पंचायत क्षेत्रों में लागू की जायेगी क्‍या?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।

शहरी नजूल आबादी पर निवासरत् भू-धारक को राजस्‍व रिकार्ड में भू-स्‍वामी दर्ज करना

[नगरीय विकास एवं आवास]

33. ( क्र. 3982 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या म.प्र. के माननीय उच्‍च न्‍यायालय के निर्णय में शहरी आबादी नजूल भूमि में निवासरत लोगों को भू-स्‍वामी माना हैं? यदि माना है, तो शासन/प्रशासन संबंधित प्रक्रिया को सर्वे कराकर राजस्‍व भूमि-स्‍वामी अभिलेख में दर्ज किया गया है, या नहीं? यदि नहीं, किया गया है, तो कब तक दर्ज करवा लेगा? (ख) क्‍या वारासिवनी शहर में नजूल आबादी को शासन/प्रशासन के द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक राजस्‍व रिकार्ड में भूमिस्‍वामी दर्ज कराने की कोई कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर के निर्णय के तहत ३१/१०/२०१४ तक सर्वे कर प्रक्रिया पूर्ण करना था? यदि हाँ, तो शासन/प्रशासन को उक्‍त आदेश के परिपालन में वारासिवनी शहर में कोई कार्यवाही कि गई या नहीं? (घ) क्‍या वारासिवनी में नजूल आबादी भूमि में निवासरत लोगों को भूमि-स्‍वामी मानते हुये माननीय उच्‍च न्‍यायालय के निर्णय अनुसार उनके नाम राजस्‍व रिकार्ड में दर्ज किये जावेंगे?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ, माननीय उच्‍च न्‍यायालय के निर्णय में शहरी आबादी में निवासरत लोगों को भू-स्‍वामी माना गया है। इस संबंध में सर्वे कराया गया है सर्वेक्षित हितग्राहियों की पात्रता के संबंध में कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) वारासिवनी शहर में नजूल आबादी को राजस्‍व रिकार्ड में भूमि स्‍वामी दर्ज कराने की कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) एवं (घ) कार्यवाही प्रचलन में है।

प्राध्‍यापकों की शैक्षणिक योग्‍यता

[उच्च शिक्षा]

34. ( क्र. 4025 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के शासकीय एवं निजी महाविद्यालयों में उच्‍च शिक्षा विभाग के नियमानुसार प्राध्‍यापकों/सहायक प्राध्‍यापकों की न्‍यूनतम शैक्षणिक योग्‍यता क्‍या है? (ख) प्रदेश में शासकीय महाविद्यालयों में अतिथि विद्वान नियुक्‍त किये जाने के लिए शैक्षणिक योग्‍यता क्‍या है? (ग) क्‍या प्रदेश के निजी महाविद्यालयों में सहायक प्राध्‍यापकों के लिए नेट/स्‍लेट परीक्षा उत्‍तीर्ण को ही नियुक्‍त किये जाने का प्रावधान है? (घ) यदि हाँ, तो ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्र में उच्‍चशिक्षा देने वाले निजी महाविद्यालयों एवं शासकीय महाविद्यालय दोनों में नियुक्ति के समान मापदण्‍ड निर्धारित किये जायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) 1 - प्राध्यापक पद हेतु विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा निर्धारित शैक्षणिक योग्यता संबंधित विषय में पी.एच.डी. अनिवार्य अर्हता, स्नातक/स्नातकोत्तर कक्षाओं में 10 वर्ष का अध्यापन अनुभव आवश्यक है। 2 - सहायक प्राध्यापक हेतु मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से संबंधित विषय में 55 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातकोत्तर उपाधि अथवा किसी भी प्रत्यायित विदेशी विश्वविद्यालय से प्राप्त कोई समतुल्य उपाधि हो। अनु.जाति/अ.ज.जा. तथा निःशक्त श्रेणी के अभ्यर्थियों को न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातकोत्तर उपाधि उर्तीण करना अनिवार्य है। 3 - उपरोक्त अर्हताओं के अतिरिक्त अभ्यार्थियों द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से संचालित राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) अथवा CSIR अथवा इसके समतुल्य परीक्षा जिसे यू.जी.सी. द्वारा प्रायोजित किया गया हो, जैसा कि स्लेट/सेट आदि धारित करना अनिवार्य है। 4 - ऐसे अभ्यर्थी जिनकों यू.जी.सी. नियमन-2009 के अनुरूप पी.एच.डी. डिग्री प्रदान हुई है, नेट/स्लेट/सेट की पात्रता शर्तों की अनिवार्यता से छूट होगी। इस हेतु अभ्यर्थियों को पात्रता से संबधित अभिलेखों के साथ संबधित विश्वविद्यालय से जारी, यह प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा कि उनके द्वारा धारित पी.एच.डी. यू.जी.सी. नियमन-2009 के अनुरूप की गई है। जिन विषयों में नेट/स्लेट आयोजित नहीं की जाती है, उनमें नेट/स्लेट की अनिवार्यता से छूट रहेगी। 5 - महाविद्यालय से संबंधित विश्वविद्यालय के परिनियमों के अनुसार शैक्षणिक योग्यताएँ निर्धारित हैं। (ख) शासन के परिपत्र क्रमांक 969/एफ 01-9/2016/38-1 दिनांक 08.08.2016 की कंडिका-3.1 में प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में अतिथि विद्वान चयन हेतु वरीयता का क्रम निम्नानुसार निर्धारित है: श्रेणी-1 संबंधित विषय में पी.एच.डी. एवं नेट/सेट, श्रेणी-2 संबंधित विषय में पी.एच.डी. अथवा नेट/सेट, श्रेणी-3 संबंधित विषय में एम.फिल, श्रेणी-4 संबंधित विषय में न्यूनतम अर्हता स्नातकोत्तर उपाधि 55 प्रतिशत वाले आवेदक। (ग) उत्तरांश '' अनुसार नियुक्ति की अर्हता है। (घ) विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्र में नियुक्ति हेतु समान मापदण्ड निर्धारित किये गये हैं। शेष प्रश्नांश का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है।

स्‍वरोजगार योजनाओं का संचालन

[सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम]

35. ( क्र. 4165 ) श्री अनिल जैन : क्या राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला टीकमगढ़ में युवाओं को स्‍वरोजगार उपलब्‍ध कराने के लिये केन्‍द्र एवं राज्‍य शासन द्वारा कौन कौन सी योजनायें कब से संचालित हैं एवं संचालन दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक लाभाविन्‍वत हितग्राहियों की संख्‍या विधानसभा क्षेत्रवार बतायी जावें? (ख) प्रश्‍नगत योजना में लक्ष्‍यों की पूर्ति हेतु योजना का क्रियान्‍वयन किन-किन विभागों के माध्‍यम से किया जा रहा है? विधानसभा क्षेत्र निवाड़ी में विभागों द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक की गई लक्ष्‍य पूर्ति तथा लंबित प्रकरणों की जानकारी प्रकरणवार लंबित होने के कारण सहित बतावें? (ग) प्रश्‍नगत योजना में प्रश्‍न दिनांक तक विधान सभा क्षेत्र निवाड़ी के आवेदकों द्वारा 5 लाख से कम, 5 से 10 लाख, 10 से 25 लाख रूपये की लागत राशि के कितने कितने प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत किये गये? इनमें से कितने स्‍वीकृत होकर ऋण वितरित किये गये एवं कितने प्रकरण अस्‍वीकृत किये गये अस्‍वीकृत प्रकरणों के कारण सहित जानकारी दी जावे? (घ) क्‍या बैंकों द्वारा 10 से 25 लाख लागत वर्ग के परियोजना प्रस्‍तवों को प्राय: अस्‍वीकार किया जाता है? यदि हाँ, तो इस स्थिति को सुधारने के लिये विभाग द्वारा क्‍या प्रयास किये जा रहे हैं?

राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम ( श्री संजय पाठक ) : (क) टीकमगढ़ जिले में युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए केन्द्र एवं राज्य शासन की निम्न योजनाएं संचालित हैं :- केन्द्र सरकार की योजनाः- 1. प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम- 2008-09 से। राज्य शासन की योजनाएं:- 1. मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2014-15 से, 2. मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना 2014-15 से तथा 3. मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना-2014-15 से। लाभांवित हितग्राहियों की संख्या विधानसभावार जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) प्रश्नांश '' की योजनाओं का संचालन निम्न विभागों द्वारा किया जाता है :- सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग, नगरीय विकास एवं आवास विभाग, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग एवं खादी ग्रामोद्योग आयोग। विधानसभा क्षेत्र निवाड़ी से संबंधित चाही गई जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) विधानसभा क्षेत्र निवाड़ी से संबंधित चाही गई जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (घ) जी नहीं।

परिशिष्ट - ''आठ''

गलत नामांतरण के संबंध में

[नगरीय विकास एवं आवास]

36. ( क्र. 4189 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पूर्व विधान सभा प्रश्न संख्या 41 (क्रमांक 844) दिनांक 21/02/13 के संदर्भ में बतायें कि नगर पालिका नागदा जिला उज्जैन सम्पत्ति कर एवं शिक्षा उपकर की योग संग्रह की पंजी अर्थवर्ष 2006-07 के रजिस्टर क्रमांक 07 के पृष्ठ क्रमांक 156 के संकल्प 366 पर पाडलियाकलां (पाडलिया बुर्जुर्ग) की भूमि सर्वे क्रमांक 433 रकबा 0.141 किस आधार पर दर्ज की गई समस्त विवरण अनुलग्नकों सहित उपलब्ध कराते हुये बताए कि उक्त भूमि नामांतरण हेतु जो आधार उपलब्ध करावाये गये थे क्या उनकी जाँच किसी सक्षम अधिकारी द्वारा की गई यदि हाँ, तो नाम पते सहित विवरण दे यदि नहीं, तो क्यों व किस आधार पर कब नगर पालिका में नामांतरण हुआ? (ख) प्रश्नांश '''' से संबंधित भूमि अर्थवर्ष 2009-10 के रजिस्टर क्रमांक 6 पृष्ठ क्रमांक 210 सरल क्रमांक 378/1 से 378/5 तक क्रमश: (1) सूर्यप्रकाश पिता नीलकंठ (2) विष्णु पिता रमेशचन्द्र (3) मंजूला पिता सुरेशचन्द्र (4) प्रकाशचंद पिता नीलकंठ (5) श्रीमती विमला पति वीरेन्द्र को एक हिस्सा 17/48 का विक्रय किस आधार पर किया गया समस्त विवरण उपलब्ध करावें? (ग) क्या शासन उपरोक्त भूमि के नामांतरण की जाँच कर दोषियों को दण्डित करते हुए गलत नामांतरण निरस्त करेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) नगर पालिका परिषद्, नागदा जिला उज्‍जैन में सम्पतिकर एवं शिक्षा उपकर की योग संग्रह की पंजी अर्थवर्ष 2006-07 के रजिस्‍टर क्रमांक 07 के पृष्‍ठ क्रमांक 156 के सरल क्रमांक 366 पर पाडलियाकलां (पाडलिया बुजुर्ग) की भूमि सर्वे क्रमांक 433 रकबा 0.141 को सम्‍पत्तिकर पंजी में सर्वेक्षण के आधार पर कर वसूली हेतु दर्ज किया गया था। मध्‍य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1961 की धारा 150 में दिये गये प्रावधान अनुसार कार्यवाही की गई है। (ख) विक्रय-पत्र मकान भाग स्थित जवाहर मार्ग गली नम्‍बर 01, नागदा, विक्रेता विष्‍णु उर्फ रिन्‍कु पिता स्‍व. रमेशचन्‍द्र शर्मा सहमतिदाता (1) प्रकाशचन्‍द्र (2) सूर्यप्रकाश पिता स्‍व. नीलकंठ निवासीगण 90 सुभाष मार्ग खाचरौद ने क्रेता श्रीमती विमला पति श्री वीरेन्‍द्र कुमार जैन के पंजीकृत दस्‍तावेज क्रमांक 538 दिनांक 14.07.2009 पर प्रस्‍तुत नामांतरण आवेदन-पत्र विधिवत प्रक्रियानुसार किया गया उक्‍त समस्‍त विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) मध्‍य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1961 की धारा 150 में दिये गये प्रावधान अनुसार कार्यवाही की गई है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

मनरेगा के कार्य

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

37. ( क्र. 4215 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मनरेगा योजनान्‍तर्गत कौन-कौन से कार्य कराया जाना प्रतिबंधित किया गया है एवं क्‍यों? क्‍या मेंड़ बंधान कराये जाने के नियमों में बदलाव किये गये हैं? यदि हाँ, तो क्‍या नियम हैं? नए नियम अंतर्गत सीधी जिले में जनपदवार कितने कार्य स्‍वीकृत किये जाकर कराये गये हैं? कितना व्‍यय हुआ है? (ख) क्‍या सीधी जिले में मेंड़ बंधान के कार्य नये नियम अनुसार न के बराबर कराये गये हैं जबकि जिले में धान का उत्‍पादन अधिक होता है? यदि हाँ, तो नये नियम अनुसार सीधी जिले में भूमि सुधार का कार्य न के बराबर होने से मनरेगा का लेबर बजट प्रभावित हुआ है, जिससे मजदूरों को रोजगार देने में कमी आई है? (ग) क्‍या पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए पशुशेड से कृषकों को लाभ दिये जाने की योजना बनाई गई थी? यदि हाँ, तो पशुशेड निर्माण कराये जाने पर से प्रतिबंध क्‍यों नहीं हटाया जा रहा है? (घ) क्‍या शासन द्वारा किसानों हेतु अति आवश्‍यक योजनाओं से लाभान्वित किये जाने हेतु इन्‍हें हितग्राही मूलक योजना के रूप में पुन: चालू किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक, यदि नहीं, तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) महात्‍मा गांधी नरेगा के तहत मजदूरी मूलक कार्य जिनसे स्‍थाई परिसम्‍पत्‍तियों का निर्माण होता है, को छोड़कर शेष कार्य प्रतिबंधित है। जी हाँ। राज्‍य स्‍तर से दि. 08.09.2016 से मेंड़ बंधान के कार्य केवल हवेली बंधान पद्धति से धान उत्‍पादक जनपद क्षेत्र में लिये जाने के निर्देश दिए गए है। (ख) उक्‍त उत्‍तर '' अनुसार। रोजगार की मांग करने वाले श्रमिकों के लिये प्रत्‍येक ग्राम पंचायत में कार्य स्‍वीकृत है। वर्तमान में सीधी जिले में 2,429 सामुदायिक कार्य एवं 8,805 हितग्राही मूलक कार्य स्‍वीकृत है। (ग) जी हाँ। महात्‍मा गांधी नरेगा योजना अंतर्गत कार्यों के सम्‍पादन में मजदूरी सामग्री अनुपात 60 : 40 की बाध्‍यता है। (घ) उक्‍त उत्‍तर '', '' '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

छूटी हुई (मिसिंग लिंक) सड़कों का निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

38. ( क्र. 4258 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पनागर विधान सभा क्षेत्रातंर्गत प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री सड़क योजना अंतर्गत विकासखंड मुख्यालय से गांव को जोड़ने हेतु सिंगल कनेक्टिविटी सड़कें निर्मित की गई हैं? (ख) क्या प्रश्नांश (क) के अनुसार गांव से गांव जोड़ने हेतु सड़कें निर्मित नहीं की गई हैं? यदि की गई हैं तो अन्य ग्रामों को जोड़ते हुये की गई है, जिससे एक गांव से दूसरे गांव में जाने के लिये न्यूनतम तीन से चार गांवों का चक्कर लगाना पड़ता है? (ग) क्या पनागर विधान सभा क्षेत्र की ऐसी छूटी हुई सड़कों (मिसिंग लिंक) जिनके लिये 04 पत्र भेजे गये हैं यथा उमरिया से लहसर, पहाड़ीखेड़ा से सिलपुरी (गौमुख रोड) , सिलपुरी से बिलगड़ा, डूंडी से उमरिया, बम्हनौदी से तिलहरी, बम्हनी से मलारा, परतला से पिपरिया, महगवां से जुनवानी, महगवां से परतला, परतला से सिहोरा, परतला से खैरी, सिहोरा से लंहगी, डूंगा महगांव से तिलहरी, बिलहरी से खैरी, बरेला से महगवां, (इन्द्रा) पिपरिया से खैरी, एन.एच.7 से मोहनिया (कुशनेर) , कुशनेर से मोहनिया, एन.एच.7 से कारीवाह, मंगेला से पटना, मंगेला से हरदुआ, मंगेला से औरिया, मंगेला से बेलखाडू, ढीहा से औरिया, सूरतलाई से रैयाखेड़ा, सूखा से औरिया, खिरिया से पड़वार एवं अन्य 73 सड़कों का निर्माण किया जावेगा? (घ) यदि हाँ, तो कब? नहीं तो क्यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) एकल सड़क संपर्कता निर्मित की गई है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। अन्य 73 सड़कों से संबंधित जानकारी प्रश्नांश '' में स्पष्ट न होने के कारण उत्तर देना संभव नहीं है। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
परिशिष्ट - ''नौ''

पनागर विधानसभा में पशु शेड निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

39. ( क्र. 4263 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन द्वारा पशु शेड निर्माण की योजना प्रचलित है? (ख) क्या पनागर में लग रहे वृहद मवेशी बाजार के लिये शेड निर्माण की स्वीकृति दी जायेगी? (ग) यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) महात्‍मा गांधी नरेगा के तहत पशु शेड निर्माण के लिए स्‍वीकृति देने पर रोक लगाई गई है। (ख) जी नहीं। (ग) महात्‍मा गांधी नरेगा अंतर्गत मवेशी बाजार के लिए पशु शेड नहीं बनाए जाते हैं।

प्रधानमंत्री सड़क योजना अंतर्गत किये गये निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

40. ( क्र. 4264 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक पनागर विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत सड़क निर्माण हेतु दिये गये प्रस्तावों में से इमलई से टगर महगवां,जमुनिया से घुघरी मार्ग,पनागर से छतरपुर मार्ग पर क्‍या कार्यवाही की गई है? प्रस्‍ताववार बतावें? (ख) यदि नहीं, तो कारण बतायें? (ग) वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अन्‍तर्गत कितने पुल-पुलिया सहित मार्ग स्‍वीकृत किये गये? कितने निर्मित हुये कितने निर्माणाधीन है? मार्गवार विवरण देवें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।

परिशिष्ट - ''दस''

ग्राम पंचायत का नगर पंचायत के रूप में गठन

[नगरीय विकास एवं आवास]

41. ( क्र. 4295 ) श्री मोती कश्यप : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या मा. मुख्‍यमंत्री ने दिनांक 15-10-2017 को उमरियापान के किसी कार्यक्रम में किसी ग्रामपंचायत को नगर परिषद् के रूप में गठन करने की घोषणा की है? (ख) प्रश्नांश (क) के घोषि‍त ग्राम की जनगणना वर्ष 2001 की कितने प्रतिशत जनसंख्या वृद्धि के अनुपात में अनुमानित कितनी जनसंख्या की तुलना में जनगणना वर्ष 2011 में कितनी जनसंख्या दर्शायी गई है और उसमें अनुमानित कितनी जनसंख्या कम होना पायी गई है? (ग) क्या निर्धारित मापदण्ड की पूर्ति हेतु प्रश्नांश (क), (ख) ग्राम के साथ समीपवर्ती कितनी जनसंख्या के किन ग्रामों का समावेश किया गया है और प्रस्ताव किस स्तर पर विचाराधीन है? (घ) प्रश्नांश (क), (ख), (ग) के ग्राम को कब तक नगर परिषद् के रूप में स्वीकृति प्रदान कर संचालित कर दिया जावेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। दिनांक 15-10-2017 नहीं अपितु दिनांक 15-10-2016 (ख) वर्ष 2001 एवं वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार घोषित ग्रामों की जनसंख्‍या की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र  '''' अनुसार है। (ग) नगर परिषद् उमरियापान के गठन हेतु निर्धारित जनसंख्‍या के मापदण्‍ड को पूर्ण करने हेतु सम्मिलित की जाने वाली ग्राम पंचायत उमरियापान की जनसंख्‍या  9670, ग्राम पंचायत बम्‍हनी की जनसंख्‍या 611 एवं ग्राम पंचायत पचपेढ़ी की जनसंख्‍या 2043 का समावेश किया गया है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है किन्‍तु सम्मिलित की जाने वाली ग्राम पंचायतों द्वारा असहमति प्रस्‍ताव पारित किया गया है जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) मध्‍यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक  584  दिनांक 27 दिसम्‍बर 2011 के अनुसार नगर परिषद् के गठन हेतु जनसंख्‍या का अनुपात 20,000 होना आवश्‍यक है। ग्राम पंचायतों द्वारा असहमति प्रस्‍ताव पारित किया गया है अत: गठन किया जाना संभव नहीं है। 

अनिश्चितकाल से पट्टे अनुबंधित न किये जाना

[खनिज साधन]

42. ( क्र. 4296 ) श्री मोती कश्यप : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या खान एवं खनिज विकास तथा विनिमय अधिनियम 1957 संशोधन अध्यादेश 2015 के अधीन धारा 8 (A) (6) के अनुसार किन्हीं श्रेणी के खनिजों के पट्टों की अवधि 50 वर्षों तक बढ़ाई गई है और जिसमें विभाग द्वारा 30 वर्षों का अनुबंध कराया जाना प्रावधित किया है? (ख) क्या प्रश्नांश (क) के अंतर्गत चैकलिस्‍ट व बकाया राशि का डेडरेन्ट, सरफेसरेन्ट जमा कराकर खनिज अधिकारी कटनी द्वारा अनुबंध कराया जाता रहा है, जिसके अंतर्गत वर्ष 2016 तक किनके अनुबंध किये गये हैं? (ग) क्या विभागीय आदेशानुसार कटनी के पूर्ववर्ती किन्हीं अधिकारियों ने कोई निर्देश जारी किये हैं कि उनके पट्टों के अनुबंध नहीं किये जावेंगे, जिनके विरूद्ध प्रकरण कहीं विचाराधीन हैं? (घ) क्या किसी के विरूद्ध बिना अपराध सिद्ध हुये और बिना दण्डित किये अनिश्चितकाल तक दण्डित किया जाना न्याय सिद्धान्त के विरूद्ध नहीं है और इससे क्या विभाग को राजस्व की अपूर्णीय क्षति नहीं हो रही है तथा क्या उत्पादन अवरूद्ध नहीं हो रहा है? (ड.) क्या विभाग द्वारा प्रश्नांश (ग) , (घ) आदेश निरस्त कर प्रकरणों के अंतिम निर्णय होने तक पट्टे अनुबंधित किये जाना निर्देशित किया जावेगा?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) खान एवं खनिज (विकास तथा विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 8ए (6) का उद्धरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' पर दर्शित है। विभाग द्वारा इसके अनुक्रम में दिनांक 12.03.2015 को निर्देश जारी किये गये हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' पर दर्शित है। (ख) जी हाँ। प्रश्‍नांश की शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' पर दर्शित है। (ग) जी नहीं। (घ) जी नहीं। ऐसा कोई प्रकरण संज्ञान में नहीं आया है। (ड.) प्रश्‍नांश (ग) एवं (घ) में दिये उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

ग्राम पंचायत में विकास कार्य

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

43. ( क्र. 4459 ) श्रीमती प्रतिभा सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी वि.स. क्षेत्र के जबलपुर एवं शहपुरा विधान सभा क्षेत्र की ग्रा.पं. में विगत 3 वर्षों में शौचालय निर्माण, मऊशेड, पंच परमेश्‍वर, इंद्रा आवास परफार्मेन्‍स गांरटी से कितने कार्य कितनी राशि से कराये गये वर्षवार पंचायतवार विवरण दें। (ख) उपरोक्‍त में से किन-किन ग्रा.पं. में निर्माण कार्यों में अनियमितताओं की शिकायतें/जानकारी प्राप्‍त हुई? उक्‍त शिकायतों में कितने उपयंत्री, सचिव, सरपंच, दोषी पाये गये? कार्यों का मूल्‍यांकन किन-किन उपयंत्रियों, मु.का.पा. अधि. द्वारा किया गया?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

अतिथि विद्वानों को समान कार्य समान वेतन दिए जाना

[उच्च शिक्षा]

44. ( क्र. 4684 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या माननीय उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली द्वारा सिविल अपील 313/2013 दिनांक 26 अक्टूबर 2016 द्वारा देश भर के अस्थाई कर्मचारी, दैनिक वेतन कर्मचारियों के लिए समान कार्य के लिए सामान वेतन दिए जाने का आदेश दिया गया था, जिस पर कुछ राज्य सरकारों ने माननीय नयायालय के आदेश का पालन करना शुरू भी कर दिया गया है? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो क्या म.प्र. सरकार द्वारा शासकीय महविद्यालयों में अतिथि विद्वान के पद पर कार्यरत सहायक प्राध्यापकों को शासकीय प्राध्यापकों के समान वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है? कारण सहित बताएँ। (ग) क्या उक्त अतिथि विद्वानों को वर्तमान में मात्र 275 रूपये प्रति कालखंड एवं अधिकतम 825 रूपये प्रति दिन के हिसाब से भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं जबकि इनके द्वारा शासकीय प्राध्यापकों के सामान अध्यापन कार्य किया जा रहा है? (घ) क्या म.प्र. शासन द्वारा माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले को म.प्र. के समस्त शासकीय महाविद्यालयों में पदस्थ अतिथि विद्वानों के लिए लागू किया जाएगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? क्या म.प्र. शासन के विभिन्य विभागों में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को इन अतिथि विद्वानों से अधिक वेतन प्राप्त हो रहा है? यदि हाँ, तो क्या इनके पद एवं गरिमा के अनुरूप सम्मानजनक वेतन प्रदान किया जाएगा?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। (ख) शासन के परिपत्र क्रमांक 969/एफ 01-9/2016/38-1 दिनांक 08.08.16 द्वारा निर्धारित मानदेय का भुगतान किया जा रहा है। अतिथि विद्वानों को अस्थाई रूप से आवश्यकता अनुसार अनिश्चित समय के लिए निर्धारित मानदेय पर आमंत्रित किया जाता है, इसलिए सहायक प्राध्यापकों के समान वेतन देने का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत् नियमित शैक्षणिक अमले के वेतन से अतिथि विद्वान के मानदेय की तुलना करना न्यायोचित नहीं है क्योंकि प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत नियमित शैक्षणिक अमला लोक सेवा आयोग से चयनित है, जबकि प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में रिक्त शैक्षणिक पदों पर छात्रसंख्या/कार्यभार के आधार पर आवश्यकतानुसार अस्थाई रूप से अतिथि विद्वानों का आमंत्रण संबंधित शासकीय महाविद्यालय के सचिव, जनभागीदारी द्वारा आमंत्रित किया जाता है तथा इन्हें नियमित शासकीय सेवक नहीं माना गया है। इसलिए समान कार्य के लिए समान मानदेय का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। नियमित पदस्थापना के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के वेतन से अतिथि विद्वानों के मानदेय की तुलना करना उचित प्रतीत नहीं है। उक्त के संदर्भ में शेष प्रश्नांश का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

सामाजिक सुरक्षा, वृद्धावस्था एवं निराश्रित पेंशन योजना में हुए घोटाले

[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]

45. ( क्र. 4705 ) श्री रामनिवास रावत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के परि. अता. प्रश्न संख्‍या-63 (क्रमांक 701) दिनांक 08-12-16 के सन्दर्भ में इंदौर नगर निगम एवं अन्य संस्थाओं में हुए सामाजिक सुरक्षा, वृद्धावस्था एवं निराश्रित पेंशन योजना में हुए घोटाले के सन्दर्भ में मंत्रि परिषद् समिति की अनुशंसा अनुसार शासन के संकल्प सहित जाँच प्रतिवेदन विधान सभा के पटल पर न रखे जाने के क्या कारण हैं? (ख) क्या बजट सत्र 2017 में उक्त जाँच रिपोर्ट सदन में पटलित कर दी जावेगी? यदि नहीं, तो क्यों? कारण सहित बतावें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) सामाजिक न्याय विभाग द्वारा मंत्रि-परिषद् के समक्ष प्रस्तुत करने हेतु मंत्रि-परिषद् संक्षेपिका, सचिव (समन्वय), सामान्य प्रशासन विभाग को पत्र क्रमांक एफ-2-6 2013/26-2 दिनांक 08.08.2013 द्वारा भेजी गई। पुनः अद्यतन स्थिति दर्शाते हुये मंत्रि-परिषद् संक्षेपिका एवं संकल्प, सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग का पत्र क्रमांक एफ-2-6/2013/26-2 दिनांक 27.08.2015 द्वारा भेजी गई। मंत्रि-परिषद् समिति का परीक्षण प्रतिवेदन एवं जाँच आयोग द्वारा प्रस्तुत जाँच प्रतिवेदन दिनांक 11 जुलाई, 2013 को म.प्र. शासन, सामान्य प्रशासन विभाग को सौंपा गया। शेष कार्यवाही म.प्र. शासन, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा की जाना है। (ख) सदन में पटलित करने की कार्यवाही म.प्र.शासन, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा की जाना।

खनिजों का उत्खनन

[खनिज साधन]

46. ( क्र. 4745 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या रीवा संभाग में सभी प्रकार के खनिजों के उत्खनन में खनन का क्षेत्र बढ़ा है? यदि हाँ, तो 2012 से दिसम्बर 2016 तक वर्षवार कितना-कितना बढ़ा?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : प्रश्‍नाधीन संभाग की जिलेवार प्रश्‍नानुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट पर दर्शित है।

धार्मिक स्‍थलों पर किये जा रहे कार्य

[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]

47. ( क्र. 4777 ) श्री अजय सिंह : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या अभिलेखों में शासकीय भूमि पर स्थित प्राचीन मंदिर जिसके प्रबंधक जिला कलेक्‍टर हैं, क्‍या ऐसे मंदिर शासकीय मंदिर की श्रेणी में आते हैं? (ख) प्रश्‍नांश (अ) से संबंधित क्‍या ऐसे मंदिर परिसर में बिना कलेक्‍टर की पूर्व अनुमति के कोई निर्माण किया जा सकता है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) क्‍या ऐसे मंदिर में बिना शासकीय प्रतिनिधि को शामिल किये रख-रखाव के उद्देश्‍य से कोई ट्रस्‍ट बनाया जा सकता है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) से संबंधित क्या ऐसा ट्रस्‍ट बिना कलेक्‍टर की पूर्व अनुमति से चढ़ौत्री की रकम से अचल सम्‍पत्तियों की खरीद व परिसर की सीमा क्षेत्र तथा उसके बाहर मनमाना निर्माण कर सकता है?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।


सारणी नगर पालिका में विकास कार्यों की निविदाओं में अनियमितता

[नगरीय विकास एवं आवास]

48. ( क्र. 4810 ) श्री रामेश्‍वर शर्मा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सारणी नगरपालिका में जनवरी 2015 से वर्तमान तक जारी निविदाओं में से कितने कार्य पूर्ण हो चुके हैं। कौन से कार्य अधूरे हैं और कब तक पूर्ण हो जाएंगे? कौन से कार्य पूर्ण हो गए हैं, क्या इनकी सी.सी. जारी हो गई? इस अवधि‍ में निर्माण कार्यों एवं सप्लाई हेतु जारी निविदाओं की सूची उपलब्ध करवाएं। (ख) क्या सारणी न.पा. ने पिछले छह माह में कम्पयूटर क्रय, चलित शौचालय क्रय, मेला कार्यों की निविदाओं में पूर्व अनुभव या पात्रता शर्तें लगाई हैं? यदि हाँ, तो क्या इसके लिए नियमानुसार मुख्य अभियंता से स्वीकृति प्राप्त की है? (ग) यदि स्वीकृति नहीं ली है, तो इसके लिए किस अधिकारी पर क्या कार्यवाही होगी? (घ) चलित शौचालय क्रय की एन.आई.टी. में की-डेट्स क्या थी? ऑनलाईन निविदा कब क्लोज की गई? इसमें अंतर क्यों था? क्या इस अनियमितता की जाँच करवाकर कार्यवाही की जाएगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) सारणी नगर पालिका में जनवरी, 2015 से प्रश्‍नांश तिथि तक जारी कुल 242 निविदाओं में से 150 कार्य पूर्ण हो चुके है, 40 कार्य प्रगति पर एवं 52 कार्य 6 माह के भीतर पूर्ण होना लक्षित है। पूर्ण कार्यों की सी.सी. जारी किया जाना शेष है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। (ख) जी हाँ, आमंत्रित की जाने वाली निविदाओं में शर्तों के निर्धारण एवं पालन करवाये जाने के अधिकार प्राधिकृत अधिकारी के क्षेत्रान्‍तर्गत सन्निहित होने से मुख्‍य अभियंता से पूर्व स्‍वीकृति प्राप्‍त नहीं की गई है। (ग) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) चलित शौचालय क्रय हेतु ऑनलाईन निविदा में की-डेट्स निविदा क्रय की अंतिम तिथि 16.11.2016 एवं वित्‍तीय ऑफर खोलने की तिथि 21.11.2016 अंकित थी एवं ऑनलाईन निविदा दिनांक 21.11.2016 को खोली गई थी। ऑनलाईन निविदा हेतु जारी समाचार पत्र हेतु प्रकाशित विज्ञप्ति में टाईपिंग त्रुटिवश निविदा क्रय करने की अंतिम तिथि 16.11.2016 के स्‍थान पर 26.11.2016 अंकित हो गई थी किन्‍तु की-डेट्स में निविदा क्रय करने की तिथि 16.11.2016 ही अंकित है। की-डेट्स की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। प्रकरण में विस्‍तृत जाँच की जा रही है।

भ्रष्टाचार के कारण चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित होना

[नगरीय विकास एवं आवास]

49. ( क्र. 4811 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या नगर पालिका परिषद् हरदा में भ्रष्टाचार के संबंध में तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष को तीन वर्ष के लिये चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो अयोग्य घोषित किये जाने का क्या आधार था, क्या उन पर लगा भ्रष्टाचार संबंधी आरोप सिद्ध हुआ? (ग) यदि हाँ, तो उनके विरूद्ध राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो म.प्र. भोपाल में अपराध पंजीबद्ध नहीं किये जाने का क्या करण था? अब क्या उनके विरूद्ध ई..डब्लू. में अपराध पंजीबद्ध किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो उसका क्या कारण है? (घ) प्रश्नांश '''' अनुसार अयोग्य घोषित किये जाने के मापदण्ड के आधार पर सम्बन्धि से वसूली की कार्यवाही क्यों नहीं की गई उसका क्या कारण है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) एवं (ख) सच यह है कि श्री सुरेन्‍द्र जैन पूर्व अध्‍यक्ष नगरपालिका परिषद् हरदा को विभाग के आदेश क्रमांक एफ 4-206/2009/18-3 दिनांक 04.05.2012 द्वारा कर्तव्‍यों एवं अधिनियमों के अंतर्गत प्रशासकीय नियंत्रण रखने में असफल रहने के कारण दोषी मानकर 3 वर्षों के लिये निर्वाचन के लिये अयोग्‍य घोषित किया गया था। आदेश की प्रति विवरण सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में चूंकि उनके विरूद्ध शासन के आदेश दिनांक 04.05.2012 में आर्थिक अपराध नहीं पाया गया था, इसलिये तत्‍कालीन समय ई.ओ.डब्‍ल्‍यू. में अपराध पंजीबद्ध नहीं कराया गया था। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। विभाग के आदेश दिनांक 04.05.2012 में वसूली हेतु निर्णय पारित नहीं किया गया है। अतएव वसूली करने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

राष्‍ट्रीय वनीकरण योजना

[वन]

50. ( क्र. 4948 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राष्‍ट्रीय वनीकरण योजनांतर्गत वर्ष २०१३ से दिसंबर २०१६ तक कितनी-कितनी राशि वृक्षारोपण हेतु स्‍वीकृत हुई तथा किस-किस मद में कहाँ-कहाँ व्‍यय की? (ख) प्रश्नांश (क) अंतर्गत रतलाम जिला व‍ विशेष कर आलोट विधानसभा क्षेत्र में कराए गये कार्यों का वर्षवार ब्‍यौरा दें? (ग) वर्ष २०१३ से दिसंबर २०१६ तक रतलाम व उज्‍जैन जिले में रोपणियों में तैयार पौधों की किस्‍मवार संख्‍या, निवर्तित पौधों की संख्‍या एवं पौधे विक्रय से आय का पूर्ण ब्‍यौरा क्‍या है?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी निरंक है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार है।

अवैध अतिक्रमणों के कारण शहर के अन्‍दर बाढ़ आ जाना

[नगरीय विकास एवं आवास]

51. ( क्र. 5040 ) श्री अजय सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या 6,7,8 जुलाई 2016 को सतना शहर के अंदर बाढ़ से हालात पैदा होने पर सेना को बुलाया गया था? खेरमाई नाले पर हुये अवैध अतिक्रमण के कारण भरहुत नगर, जवान सिंह कालोनी, खजूरी टोला, खेरमाई रोड़ के हजारों दुकानों एवं घरों में बाढ़ का पानी घुसने के कारण करोड़ो रूपयों का समान बरबाद हुआ? (ख) खेरमाई नाले के अवैध अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध प्रशासन ने प्रश्‍नतिथि तक क्‍या क्‍या कार्यवाही की गयी? 40 चौड़ा नाला 9 फुट चौड़ा हो गया है? एस आर बी एच इंजीनियर्स एवं बिल्‍डर ने नाले पर अवैध अतिक्रमण किया है उस पर तथा अन्‍य पर क्‍या कार्यवाही की गयी है? प्रकरणवार अवैध अतिक्रमणकारी का अलग-अलग विवरण दें? (ग) बांधवगढ़ कालोनी मौजा कोलगवां स्थित महालक्ष्‍मी अपार्टमेंट ने बांधवगढ़ से अयप्‍पा नगर से निकलने वाले नाले पर आराजी क्रमांक 239/240/241/242 पर कब्‍जा कर रखा है? पूर्व में स्‍थानीय रहवासियों की शिकायत पर नजूल व राजस्‍व विभाग ने नपती की तो उसमें अपार्टमेंट के बीच का हिस्‍सा ही अवैध अतिक्रमण में आया? प्रश्‍न तिथि तक प्रकरण में क्‍या किया गया बिन्‍दुवार दें? (घ) क्‍या नजूल व राजस्‍व के अधिकारी/कर्मचारी अवैध अतिक्रमणकारियों से सांठ-गांठ कर नालों की भूमि पर अवैध कब्‍जा करवा रहे है? अगर नहीं तो प्रश्‍नतिथि तक अवैध कब्‍जों को क्‍यों नहीं कराया गया है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। अतिवृष्टि के कारण भरहुत नगर, जवान सिंह कालोनी, खजूरी टोला, खेरमाई रोड की हजारों दुकानों एवं घरों में बाढ़ का पानी घुसने के कारण आर्थिक क्षति हुई। (ख) शहरी क्षेत्र में जल भराव की समस्‍या होने पर नगर पालिक निगम सतना द्वारा 35 अवैध अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाकर अतिक्रमण हटाये गये हैं। शेष अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जा रही है। जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। एस.आर.बी.एच. इंजीनियर्स एवं बिल्‍डर्स की अतिक्रमित बाउण्‍ड्री 10'x80' हटाई जा चुकी है। (ग) माधवगढ़ कालोनी, मौजा कोलगवां की आराजी क्रमांक 239/240/241/242 पर अतिक्रामक श्री मनोहर शीतलानी निवासी माधवगढ़ कालोनी पर कलेक्‍टर गाइड लाइन के अनुसार बाजार मूल्‍य पर 20 प्रतिशत राशि अर्थदण्‍ड अधिरोपित किया जाकर बेदखली आदेश पारित किया गया है। (घ) जी नहीं। अवैध कब्‍जा व अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही मध्‍य प्रदेश भू-राजस्‍व संहिता सहित अन्‍य नियम अंतर्गत प्राधिकारी द्वारा विधि अनुरूप की जा रही है।