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मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च 2017 सत्र


सोमवार, दिनांक 27 मार्च 2017


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर

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राशन वितरण की शिकायतों पर कार्यवाही

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

1. ( *क्र. 3059 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के दिनांक 04 मार्च, 2016 के प्रश्न संख्‍या 28 (क्रमांक 1733) तथा 20 जुलाई 2016 के अतारांकित प्रश्न संख्‍या 1 (क्रमांक 13) के संदर्भ में बताएं कि परिशिष्ट 26 के अनुसार जगदीश कुशवाह के विरूद्ध 19.06.2010 को दोषी कर्मचारी के रूप में प्राथमिकी दर्ज की तथा जिला सहकारी बैंक गुना ने चंदेरी से गुना स्थानांतरण किया है? (ख) यदि हाँ, तो वे अभी कहाँ कार्यरत हैं तथा उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर में रिट पिटीशन क्रमांक 4747/2010 पर जो जगदीश कुशवाह ने स्थगन प्राप्त किया था, वह अब तक वैकेट क्यों नहीं हो पा रहा है तथा परिशिष्ट 1 से 6 तक के प्रकरणों में कार्यवाही का विवरण दें? क्या जगदीश कुशवाह को पुनः चंदेरी स्थानांतरित कर दिया है? (ग) खाद्य विभाग के सुकृति सिंह व चंदेल को की गई राशन वितरण की शिकायतों का विवरण देते हुए उस पर की गई कार्यवाही का विवरण दें। (घ) तत्कालीन प्रमुख सचिव, खाद्य, अशोक वर्णवाल द्वारा कब शिकायतों की जाँच के लिये स्वयं दौरा किया गया तथा उन्होनें क्या निर्देश दिये व किस-किस के विरूद्ध पुलिस रिपोर्ट के निर्देश दिये, उनमें से किस-किस पर पुलिस रिपोर्ट हुई व किस-किस पर नहीं? क्यों? पुलिस रिपोर्ट के बाद कार्यवाही की क्या प्रगति है? (ड.) प्रश्नकर्ता ने पिछले 2 वर्षों में प्रमुख सचिव खाद्य, सहकारिता, जिलाधीश, उपपंजीयक सहकारिता गुना व अशोकनगर को राशन वितरण की क्या-क्या शिकायतें दिसम्बर 2016 से जनवरी 2017 तक की, व उन पर क्या कार्यवाही हुई?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जी हाँ। (ख) वर्तमान में जगदीश कुशवाह जिला अशोकनगर में तहसील चंदेरी अंतर्गत सेवा सहकारी संस्था महोली में कार्यरत है। उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर में दायर रिट पिटीशन क्रमांक 4747/2010 में स्थगन को वैकेट करने का निर्णय माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर के क्षेत्राधिकार में है। वर्तमान में प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। जी हाँजगदीश कुशवाह को जिला सहकारी बैंक गुना द्वारा पुनः चंदेरी स्थानांतरित कर दिया है। (ग) जिला अशोकनगर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के संबंध में प्राप्त शिकायतों के संबंध में वर्ष 2010 में तत्कालीन सहायक संचालकसुकृति सिंह के नेतृत्व में लीड संस्था सेवा सहकारी समिति प्राणपुर एवं उचित मूल्य दुकान-सतपईया, बढेरा, विक्रमपुर, निदानपुर, तगारी, महोली एवं हिरावल की जाँच संयुक्त दल द्वारा की गई थी। उक्त लीड संस्था एवं सात उचित मूल्य दुकानों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई। (घ) तत्कालीन प्रमुख सचिव, खाद्य, श्री अशोक वर्णवाल द्वारा जिला अशोकनगर में किये गये दौरे के दौरान उचित मूल्य दुकानों की जाँच करवाई गई थीजिसमें अनियमितता पाये जाने पर प्राथमिकी दर्ज कराने हेतु निर्देशित किया गया था। उक्त सभी उचित मूल्य दुकान-केनवारा, बीडसरकार, गुन्हेरूसेहराई (अचलगढ़) पर प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है। पुलिस द्वारा विवेचना कर कार्यवाही की जा रही है। (ड.) प्रश्नांश अनुसार दिसम्बर, 2016 से जनवरी, 2017 तक की गई शिकायतें एवं कार्यवाही की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''एक''

रतलाम जिले में स्वीकृत पद

[राजस्व]

2. ( *क्र. 6936 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या रतलाम जिला अत्यंत बड़ा जिला होकर केंद्र/राज्य की योजनाओं के साथ ही शासन/विभाग के अनेक कार्य जिले भर की लाखों आम जनता हेतु किये जा रहे हैं? (ख) यदि हाँ, तो बतायें कि रतलाम जिले में उपरोक्तानुसार शासकीय/विभागीय कार्यों को निरंतर किये जाने हेतु किन-किन विभागों में कुल कितने पद सृजित होकर उनकी कुल संख्या कितनी है? (ग) जिले भर में स्वीकृत पदों के विरुद्ध कुल कितने अधिकारीकर्मचारी कार्यरत हैं एवं कुल कितने पद रिक्त पड़े हैं? (घ) विगत एक वर्ष में माननीय मुख्यमंत्री, माननीय मुख्य सचिव म.प्र. शासन को किन-किन स्थानों के एवं कार्यों के विभाग प्रमुखों के दुर्व्यवहार, कार्यों व योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही के संबंध में जनप्रतिनिधियों के कितने पत्र प्राप्त हुए? उन पर क्या कार्यवाही हुई?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

पार्षद के विरूद्ध कार्यवाही

[गृह]

3. ( *क्र. 4042 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रामभानसिंह भदौरिया, सहायक राजस्‍व निरीक्षक कर्मचारी नगर पालिका भिण्‍ड से झगड़ा गाली-गलौच के संबंध में दी गई धमकी लिखित आवेदन 12.01.2017 को सिटी कोतवाली भिण्‍ड में दिया गया? यदि हाँ, तो अभी तक कोई कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? कौन दोषी है? (ख) क्‍या नगर पालिका भिण्‍ड में दिनांक 30.01.2017 को कार्यालय समय में पार्षद मुकेश गर्ग द्वारा महिला कर्मचारी रेशमवती को गाली-गलौच, अश्‍लील हरकत, धमकी देकर कागज फाड़े गये? यदि हाँ, तो अभी तक कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? बार-बार कर्मचारियों के साथ झगड़ा शासकीय कार्य में अवरोध जैसे संगीन अपराधी के विरूद्ध समुचित कार्यवाही क्‍यों नहीं हो रही है? प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या सिटी कोतवाली भिण्‍ड के प्रथम सूचना प्रतिवेदन 0067 दिनांक 01.02.2017 में भारतीय दण्‍ड संहिता 1860 की धारा 294, 353, 186, 50634 के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई है? (घ) प्रश्नांश (क) के अंतर्गत रेशमवती पुत्री मक्‍केसिंह भदौरिया महिला कर्मचारी के साथ गाली-गलौच धमकी अभद्र व्‍यवहार अश्‍लील हरकत, जान से मारने की धमकी दी गई? दिनांक 30.01.2017 घटना के समय विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। आवेदन पत्र की जाँच पर संज्ञेय अपराध घटित होना नहीं पाया गया। (ख) जी हाँ। महिला कर्मचारी रेशमवती भदौरिया के साथ गाली गलौच देकर कागज फाड़े गये। आवेदन पत्र की जाँच पर अपराध क्रमांक 67/17 धारा 294, 353, 186, 506, 34 भादवि का प्रकरण दिनांक 01.02.2017 को पंजीबद्ध किया जाकर आरोपी मुकेश गर्ग को दिनांक 02.03.2017 को गिरफ्तार किया जाकर विवेचना पूर्ण की जाकर चालान क्रमांक 91/17 दिनांक 16.03.2017 को माननीय न्यायालय में पेश किया गया है। (ग) प्रश्नांश () के उत्तर में समाहित है। (घ) प्रश्नांश का उत्तर प्रश्नांश () के उत्तर में समाहित है। दिनांक 30.01.2017 की घटना के क्रम में कलेक्टर (सक्षम प्राधिकारी) भिण्ड को संबंधित पार्षद के विरुद्ध नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 41 के तहत कार्यवाही हेतु पत्र भेजा गया है।

सतना विधान सभा क्षेत्र में हैण्‍डपंप का संधारण

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

4. ( *क्र. 5222 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या सतना विधान सभा क्षेत्र में हैण्‍डपंप संधारण कार्य ठेके पर दे दिया गया है? क्‍या ठेके पर देने के बाद भी हैण्‍डपंप संधारण का कार्य अभी भी विभाग के तकनीकी अमले से कराया जा रहा है? (ख) यदि प्रश्नांश (क) सही है और हैण्‍डपंप संधारण कार्य ठेके पर दे दिया गया है तो संधारण का कार्य विभागीय कर्मचारियों से क्‍यों कराया जा रहा है? (ग) अब तक सतना विधान सभा क्षेत्र में कितने हैण्‍डपंपों का संधारण किया जा चुका है, कितने हैण्‍डपंप अभी भी बंद पड़े हैं? ग्राम पंचायतवार जानकारी दें मरम्‍मत के नाम पर अभी तक ठेकेदार को कितना भुगतान किया जा चुका है? बंद हैण्‍डपंप कब तक ठीक करा लिये जायेंगे?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) ठेकेदार द्वारा समय-सीमा में कार्य न किये जाने की स्थिति में विभागीय तकनीकी अमले द्वारा हैण्डपंप संधारण का कार्य कराये जाने का प्रावधान है। (ग) 156 हैण्डपंपों का संधारण किया गया है तथा 62 हैण्डपंप वर्तमान में बंद हैं, शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 एवं 2 अनुसार है। कोई भुगतान नहीं किया गया है। साधारण खराबी से बंद हैण्डपम्पों का शिकायत प्राप्ति से 7 दिवस में सुधार कार्य कराया जाता है।

सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना से उड़ने वाली राखड़ से प्रदूषण

[पर्यावरण]

5. ( *क्र. 5528 ) श्री लोकेन्द्र सिंह तोमर : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना में विद्युत उत्पादन करने पर निकलने वाली राखड़, विद्युत उत्पादन बन्द होने की स्थिति में पास के किन-किन ग्रामों तक उड़ती है? (ख) पर्यावरण की दृष्टि से राखड़ उड़ने से आम जन-जीवन पर क्या असर पड़ा है? विभाग द्वारा इसके क्या उपाय किये गए हैं? (ग) क्या परियोजना स्थल से राखड़ को उड़ने से रोकने का कोई स्थाई हल निकाला गया है? यदि हाँ, तो क्या हल निकाला गया है? (घ) क्या परियोजना में बन रही राखड़ की खपत के लिए परियोजना स्थल के आसपास सीमेंट प्लांट लगाया जायेगा या किसी निजी कंपनी को अनुमति दी जायेगी?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) माह मई-जून, 2016 में प्रश्नांकित परियोजना के राखड़ बाँध से ग्राम भुरलाई एवं ग्राम भगवानपुरा तक राख उड़ने की शिकायत पाई गई थी, जिस पर नियंत्रण हो जाने से वर्तमान में कोई समस्या नहीं है। (ख) जी नहीं। आम जन-जीवन पर दुष्प्रभाव रोकने हेतु ऐश पौण्ड राखड़ को मिट्टी की परत से ढांकने, पानी भरकर रखने एवं वाटर स्प्रिक्लिंग सिस्टम स्थापना संबंधी उपाय कराये गये हैं। (ग) जी हाँ। उत्तरांश () अनुसार। (घ) वर्तमान में कोई योजना नहीं है।

सहायक यंत्री को नियम विरूद्ध पदोन्‍नति

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

6. ( *क्र. 3033 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) श्री एम.के. उमरिया सहायक यंत्री पी.एच.ई. भिण्‍ड को किस वर्ग के अंतर्गत प्रथम नियुक्ति कब प्रदान की गई थी? आदेश की प्रति उपलब्‍ध कराएं क्‍या श्री उमरिया को अनुसूचित जाति के वर्ग के होने के बाद भी अनुसूचित जनजाति वर्ग से उपयंत्री से सहायक यंत्री के पद पर पदोन्‍नति दी गई है? यदि हाँ, तो क्‍या श्री उमरिया के विरूद्ध उक्‍त संबंध में प्राप्‍त शिकायतों पर विभागीय कार्यवाही प्रचलित है? यदि हाँ, तो कब तक जाँच पूर्ण की जावेगी? (ख) श्री एम.के. उमरिया, प्रभारी कार्यपालन यंत्री, भिण्‍ड द्वारा किस-किस कार्य हेतु कितनी-कितनी राशि किस-किस दिनांक को किस-किस ठेकेदार अथवा एजेंसी को भुगतान की गई? (ग) क्‍या श्री उमरिया ने पुराने एवं बिना कार्य किये हुये विचाराधीन परकुलेशन टैंक, रूफ वाटर हार्वेस्टिंग तथा तत्‍कालीन कार्यपालन यंत्री द्वारा जारी वर्क ऑर्डर के विचाराधीन फर्जी बिलों का भुगतान किया है? उपरोक्‍त बिलों में भुगतान की राशि का अलग-अलग कार्यवार विवरण दें (घ) श्री उमरिया के प्रभारी कार्यपालन यंत्री के कार्यकाल में जिन कार्यों हेतु राशि का भुगतान किया गया है, क्‍या उन संबंधित कार्यों की जाँच का भौतिक सत्‍यापन कराया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) प्रमुख अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग म.प्र. भोपाल के आदेश क्र. 434/स्था./दिनांक 31.08.1989 द्वारा श्री एम.के. उमरिया को उपयंत्री (सिविल) के पद पर प्रथम नियुक्ति अनुसूचित जनजाति वर्ग के अंतर्गत दिनांक 31.08.1989 को प्रदान की गई थी तथा उपयंत्री से सहायक यंत्री (सिविल) के पद पर अनुसूचित जनजाति वर्ग के अंतर्गत विभाग के आदेश क्र. एफ-2-8/2004/1/34 दिनांक 25.08.2005 द्वारा पदोन्नति प्रदान की गई थी। नियुक्ति आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। श्री एम.के. उमरिया के जाति प्रमाण-पत्र के संबंध में प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा परीक्षण किया जा रहा है, यथाशीघ्र जाँच पूर्ण की जायेगी। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) परीक्षणोपरांत ही बताया जा सकेगा। (घ) विभागीय प्रक्रिया के अनुसार प्रत्येक कार्य के माप का शत-प्रतिशत सत्यापन सहायक यंत्री द्वारा किया जाना प्रावधानित है। किसी विशिष्ट कार्य के संबंध में शिकायत प्राप्त होने पर आवश्यकतानुसार पृथक से भौतिक सत्यापन करवाया जा सकता है।

नज-जल योजना हेतु स्‍वीकृत राशि

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

7. ( *क्र. 4094 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पंधाना विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम आरूद के पंधाना जिला खंडवा में नल-जल योजना के लिए कितनी राशि स्‍वीकृत की गई थी? (ख) उपरोक्‍त योजना में कौन-कौन से कार्य प्रस्‍तावित थे? क्‍या सभी कार्य पूर्ण हो गये? (ग) क्‍या योजना से पेयजल की समस्‍या हल हो गई? नहीं तो क्‍यों नहीं?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) रूपये 21.24 लाख। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। जी हाँ। (ग) जी हाँ। प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''दो''

भूमि डायवर्सन का प्रावधान

[राजस्व]

8. ( *क्र. 5106 ) श्री महेन्‍द्र सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भू-राजस्‍व 1959 की धारा 59 में भूमि के प्रयोजन के आधार पर रेंट बढ़ाने तथा संहिता की धारा 172 में डायवर्सन का प्रावधान है? (ख) क्‍या डायवर्सन संहिता की धारा 172 के अलावा अन्‍य किसी धारा में किये जाने का प्रावधान संहिता में है? पन्‍ना जिले में डायवर्सन के कितने प्रकरण लंबित हैं? कितने प्रकरणों का निराकरण धारा 172 के अंतर्गत एवं कितने प्रकरणों का निराकरण धारा 59 के अंतर्गत किया गया है? वर्ष 2010 से प्रश्‍न दिनांक तक पृथक-पृथक संख्‍यावार उपलब्‍ध करावें (ग) क्‍या किसी भूमि के मौजूदा प्रयोजन के बगैर बदले रेंट में परिवर्तन नहीं किया जा सकता है, जो संहिता की धारा 172 के अंतर्गत ही संभव है या संहिता की धारा 59 भी डायवर्सन की धारा है, जिसके अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व द्वारा डायवर्सन किये जाते हैं? क्‍या शासन द्वारा धारा 59 में डायवर्सन किए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं? यदि हाँ, तो प्रति उपलब्‍ध करावें? (घ) क्‍या संहिता की धारा 59 में डायवर्सन होने एवं धारा 172 में डायवर्सन न होने से बैंक द्वारा उसे डायवर्सन न मानकर गृह ऋण नहीं दिया जाता है, जिससे पन्‍ना जिले के व्‍यक्ति परेशान हैं? गलत धारा में डायवर्सन करने के लिए कौन-कौन अधिकारी जिम्‍मेदार हैं? नामवार सूची उपलब्ध करावें तथा शासन इनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही करेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्‍वविद्यालय की डिग्रियों का वितरण

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

9. ( *क्र. 7208 ) श्री रमेश पटेल : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्‍वविद्यालय भोपाल के अंतर्गत वर्ष 2015-16 जनवरी के छात्र-छात्राओं की उत्‍तीर्ण मार्कशीर्ट/माईग्रेशन/प्रोविजनल डिग्रियां फरवरी 2016 में अनुमोदन के पश्‍चात् प्रिंट नहीं कराई जा सकी हैं, जिसके कारण लगभग 2 लाख विद्यार्थियों को उक्‍त प्रमाण-पत्र नहीं मिल सके हैं? (ख) यदि हाँ, तो उपरोक्‍त के लिये कौन दोषी हैं? क्या विश्‍वविद्यालय में लगभग 65000 डिग्री तैयार रखी हैं, किन्‍तु कंटेनर/लिफाफे एक वर्ष से नहीं होने के कारण छात्र-छात्राओं को डिग्री नहीं मिल सकी है? (ग) क्‍या उपरोक्‍त स्थिति के लिए कुल सचिव प्रथम दृष्‍टया दोषी हैं? यदि हाँ, तो क्‍या प्रशासन ने कुल सचिव को दिनांक 17.01.2017 को उनके मूल विभाग में स्‍थानांतरित कर दिया है? यदि हाँ, तो किन कारणों से उन्‍हें कार्यमुक्‍त नहीं किया गया है? (घ) इन्‍हें कब तक कार्यमुक्‍त कर प्रश्‍न (क) (ख) के‍ लिये उनकी जबावदेही तय की जावेगी? कब तक उन पर दंडात्‍मक कार्यवाही की जावेगी? कब तक प्रश्‍न (क) व (ख) में वर्णित मार्कशीट/माईग्रेशन/ प्रोविजनल/डिग्रियां वितरित कर दी जावेंगी?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) जी हाँ। आज दिनांक तक समस्‍त प्रमाण-पत्र यथा मार्कशीट/माइग्रेशन/प्रोविजनल डिग्रियां संस्‍थाओं को प्रेषित की जा चुकी हैं। (ख) उपरोक्‍त () के संबंध में जाँच प्रचलन में है। जाँच उपरांत ही गुण-दोष के आधार पर उत्‍तरदायित्‍व का निर्धारण किया जा सकेगा। जी नहीं, 23000 उपाधियां लंबित थीं, जो आज दिनांक तक प्रेषित की जा चुकी हैं। (ग) उपरोक्‍त () एवं () के परिप्रेक्ष्‍य में जाँच के निष्‍कर्ष के आधार पर जवाबदेही तय की जावेगी एवं तद्नुसार नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। शासन द्वारा कुलसचिव का स्‍थानांतरण प्रशासनिक कारणों से मूल विभाग में किया गया है। कार्यमुक्ति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (घ) कार्यमुक्ति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। प्रश्‍नांश () अनुसार जाँच उपरांत कार्यवाही की जावेगी। प्रश्‍न (क) एवं (ख) में वर्णित समस्‍त प्रमाण-पत्र संस्‍थाओं/विद्यार्थियों को प्रेषित किये जा चुके हैं एवं निरंतर प्रेषित किये जा रहे हैं।

जिला परिवहन अधिकारी राजगढ़ के विरूद्ध कार्यवाही

[परिवहन]

10. ( *क्र. 7389 ) श्री गिरीश भंडारी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ जिले में पदस्‍थ जिला परिवहन अधिकारी को वर्ष 2016-17 में एक अवैध रूप से बिना परमिट के संचालित बस से दुर्घटना में कई लोगों व बच्‍चों की मृत्‍यु हो जाने से तत्‍काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था? यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त निलंबन के विरूद्ध जिला परिवहन अधिकारी राजगढ़ द्वारा माननीय न्‍यायालय से स्‍थगन प्राप्‍त कर लिया गया था? यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त स्‍थगन में निलंबन स्‍थगित रखने के निर्देश थे अथवा अन्‍यत्र स्‍थानांतरण भी न किये जाने के आदेश दिये गये हैं? (ख) क्‍या उक्‍त अधिकारी द्वारा विगत 5-6 माह से लोक परिवहन से जुड़े हुये लगभग 8000 प्रकरणों को अनावश्‍यक रूप से लंबित रखा गया तथा अपने मुख्‍यालय पर निवास न कर विगत माहों में भोपाल निवासरत रहे, जिसके कारण प्रश्‍नकर्ता द्वारा लंबित कार्यों के निराकरण हेतु जिला प्रशासन को दिनांक 13.02.2016 को ज्ञापन सौंपकर धरना प्रदर्शन कर भूख हड़ताल की गई? यदि हाँ, तो क्‍या शासन ऐसे लापरवाह अधिकारी को अन्‍यत्र पदस्‍थ कर बरती गई लापरवाही के विरूद्ध कोई ठोस कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो क्‍या और कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। जी नहीं। (ख) जी नहीं। यह कहना सही नहीं है कि प्रभारी जिला परिवहन अधिकारी राजगढ़ द्वारा विगत 5-6 माहों में लगभग 8000 प्रकरणों को अनावश्‍यक रूप से लंबित रखा गया। प्रभारी जिला परिवहन अधिकारी श्री के.पी. अग्निहोत्री के निलंबन उपरान्त मान. उच्च न्यायालय से स्थगन प्राप्त करने के बाद श्री के.पी. अग्निहोत्री के अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने एवं मान. विधायक महोदय नरसिंहगढ़ के धरने पर बैठने आदि तथ्‍य संज्ञान में आने पर डिप्टी कलेक्टर श्री प्रवीण प्रजापति को जिला परिवहन अधिकारी राजगढ़ का कार्य संपादन हेतु दिनांक 16.02.2017 द्वारा प्रभार सौंपा गया। डिप्टी कलेक्टर श्री प्रजापति द्वारा जिला परिवहन अधिकारी राजगढ़ का कार्यभार प्राप्त करने के उपरान्त कार्यालय में लंबित पाये गये प्रकरणों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। श्री के.पी. अग्निहोत्री जिला परिवहन अधिकारी राजगढ़ के द्वारा की गई लापरवाही के विरूद्ध आरोप पत्र जारी किये गये हैं, जिसके विरूद्ध श्री अग्निहोत्री द्वारा माननीय न्यायालय से स्थगन प्राप्त किया गया है।

परिशिष्ट - ''तीन''

थाना प्रभारी के विरूद्ध कार्यवाही

[गृह]

11. ( *क्र. 7270 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) थाना रामनगर जिला सतना में मृतक प्रदीप ऊर्फ दीपू तिवारी पिता राजकिशोर निवासी अरगट ग्राम पोड़ी के साथ दिनांक 23, 24 एवं 29 मार्च 2016 को मारपीट की घटना की गई, जिसके कारण दीपू तिवारी की मृत्‍यु हो गई, जिसकी एफ.आई.आर. थाना रामपुर में दर्ज की गई है? एफ.आई.आर की प्रति सहित बताएं। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में एफ.आई.आर. के पश्‍चात् प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा प्रकरण की वर्तमान स्थिति क्‍या है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में मृतक के पिता द्वारा पुलिस अधीक्षक सतना को दिनांक 25.04.2016 को शिकायत पत्र दिया गया, जिसके निर्देश में अपराध किस दिनांक को पंजीबद्ध किया गया है? (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ग) के संदर्भ में विलंब से हुई एफ.आई.आर. के लिये क्‍या थाना प्रभारी रामनगर दोषी हैं? हाँ तो दोषी थाना प्रभारी व अन्‍य पुलिस कर्मी के विरूद्ध हत्‍या जैसे संगीन मामले में लेट-लतीफी के लिये दण्‍डात्‍मक कार्यवाही करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी नहीं। जिला सतना के थाना ताला अन्तर्गत ग्राम पोड़ी कलां में दिनांक 29.03.2016 को मृतक दीपू उर्फ प्रदीप तिवारी मृत अवस्था में पाया गया था, जिस पर मर्ग क्रमांक 05/16 धारा 174 द.प्र.स. की कायमी कर जाँच की गई। जाँच के दौरान मृतक का पोस्टमार्टम कराये जाने पर पी.एम. रिपोर्ट में मृत्यु का कारण ''कार्डियोंरेसपिरेट्री फैलुअर विच सीम्स टू बी ए रिजल्ट ऑफ सस्पेक्टेड पायजनिंग'' पाया गया। मृतक का विसरा जप्त कर एफ.एस.एल. सागर से विसरा का रासायनिक परीक्षण करवाया गया। एफ.एस.एल. की रिपोर्ट में विसरा में रासायनिक विष होना पाया गया। मृतक की जेब से एक हस्तलिखित सुसाइड नोट जप्त किया गया था। सुसाइड नोट में मृतक ने सुनील त्रिपाठी एवं विजय त्रिपाठी द्वारा प्रताड़ि‍त करने के कारण आत्महत्या करना लेख किया गया है। सुसाइड नोट की जाँच हेतु राज्य परीक्षक विवादित दस्तावेज, पुलिस मुख्यालय भोपाल, म.प्र. भेजा गया है। जाँच उपरांत आरोपी सुनील त्रिपाठी व विजय त्रिपाठी पर दिनांक 22.05.2016 को अप.क्र. 89/16 धारा 306,34 भादवि का प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया। एफ.आई.आर. की छायाप्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में दर्ज प्रकरण अप.क्र. 89/16 धारा 306, 34 भादवि के परिप्रेक्ष्य में माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में प्रस्तुत एम.सी.आर.सी. क्रमांक 11906/2016 के निर्णय दिनांक 17.10.2016 के द्वारा उपरोक्त प्रकरण की एफ.आई.आर. क्वेश कर दी गई, अतः प्रकरण में खात्मा क्रमांक-06/2016 दिनांक 26.11.2016 कता किया गया है। (ग) मृतक के पिता राजकिशोर द्वारा दिनांक 25.04.2016 को पुलिस अधीक्षक सतना को शिकायत पत्र दिया गया था। शेष जानकारी प्रश्नांश (क) के उत्तर में समाहित है। (घ) पुलिस द्वारा प्रकरण में विलंब से कायमी एवं विवेचना में लापरवाही हेतु थाना प्रभारी को निंदा की सजा एवं विवेचक को रुपये 500/- अर्थदंड की सजा से दण्डित किया गया है।

परिशिष्ट - ''चार''

जब्‍त दालों को मुक्‍त कराने में अनियमितता

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

12. ( *क्र. 2535 ) श्री बाला बच्‍चन : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍न क्रमांक 3393, दिनांक 27.07.2016 को प्रश्‍नांश (क) उत्‍तर के पुस्‍तकालय परिशिष्‍ट '''' अनुसार जब्‍त दालों में से लगभग 8-9 क्विंटल दाल ही नीलाम की गई जबकि सभी दालें मिलाकर लगभग 33400 क्विंटल जब्‍ती की गई क्‍यों? (ख) क्‍या कारण है कि कुछ फर्मों के प्रकरण चल रहे हैं एवं अधिकांश दालें संबंधित फर्मों के पक्ष में मुक्‍त कर दी गईं? दालें नीलाम करने, प्रकरण चलाने, मुक्‍त करने के क्‍या मापदण्‍ड अधिकारियों ने अपनाये? प्रत्‍येक जब्‍ती प्रकरण में मापदण्‍ड कारण सहित बतायें (ग) दालें मुक्‍त करने में मनमानी व भ्रष्‍टाचार करने वाले अधिकारियों के नाम, पदनाम सहित प्रत्‍येक दाल मुक्‍त कराने के मामले में बतावें? (घ) ऐसे अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही कर मुक्‍त की हुई दाल के तत्‍कालीन बाजार मूल्‍य की वसूली करेगा?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 3393 के पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार कुल 33,514.85 क्विंटल दालों की जप्‍ती की गई थी। नीलाम की गई दालों की कुल मात्रा 4.27 क्विंटल है। प्रचलित कानून के प्रावधान के उल्‍लंघन पर कार्यवाही की गई। (ख) अत्‍यावश्‍यक वस्‍तु अधिनियम, 1955 की धारा 6 (अ) के अंतर्गत जिला कलेक्‍टर को जप्‍त वस्‍तुओं के निवर्तन की शक्ति प्राप्‍त है। उक्‍त अधिनियम में कलेक्‍टर की परिभाषा के अंतर्गत अपर कलेक्‍टर एवं अनुविभागीय अधिकारी से अनिम्‍न स्‍तर का अधिकारी भी शामिल है। उक्‍त सक्षम अधिकारियों द्वारा उभय पक्षों के श्रवण उपरांत जप्‍त वस्‍तुओं को शासन के पक्ष में राजसात अथवा अनावेदक के पक्ष में मुक्‍त किया जाता है। अत्‍यावश्‍यक वस्‍तु अधिनियम, 1955 की धारा 6 (अ) (ब) एवं (स) अंतर्गत जप्‍त वस्‍तुओं के निराकरण के संबंध में विहित प्रावधान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। प्रत्‍येक प्रकरण में कंडिकाओं के उल्‍लंघन एवं गुण-दोष के आधार पर सक्षम अधिकारी द्वारा समग्र पहलुओं के अवलोकन पश्‍चात् निर्णय लिये जाने के कारण सभी प्रकरणों में समान मापदण्‍ड नहीं हो सकते। इसके अतिरिक्‍त अपीलीय न्‍यायालयों से स्‍थगन के कारण भी नीलामी की कार्यवाही नहीं की जा सकी है। (ग) दालों को मुक्‍त करने के संबंध में मनमानी अथवा भ्रष्‍टाचार का कोई प्रकरण अभी तक प्रकाश में नहीं आया है। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

खरई-पड़ोरा एकीकृत जाँच चौकी पर अनियमितता की जाँच

[परिवहन]

13. ( *क्र. 6071 ) श्री रामसिंह यादव : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शिवपुरी जिले में खरई-पड़ोरा इंटीग्रेटेड चेकपोस्‍ट (एकीकृत जाँच चौकी) स्‍थापित है? यदि हाँ, तो इसका संचालन कौन करता है तथा वर्तमान में आर.टी.ओ. स्‍टॉफ में कौन-कौन, किस-किस पद पर कब से पदस्‍थ है? इंटीग्रेटेड चेकपोस्‍ट का उद्देश्‍य क्‍या है? वर्ष 2014-15 से वर्ष 2016-17 तक कितने ओवर लोडेड वाहनों से कितनी जुर्माना राशि वसूल की गई? (ख) क्‍या उक्‍त चेकपोस्‍ट पर ट्रकों/भारी माल वाहनों के लिए आने-जाने के लिए साईड लाइन में तौल कांटे लगे हैं और हल्‍के निजी वाहनों के लिए सेंट्रल लाइन बनी हुई है? यदि हाँ, तो सैकड़ों ट्रक और भारी माल वाहन कंपनी प्रशासन तथा आर.टी.ओ. स्‍टॉफ की मिलीभगत से सेंट्रल लाइन से जिसमें तौल कांटा नहीं लगा है, उससे क्‍यों निकाले जाते हैं? (ग) क्‍या कंपनी प्रशासन और आर.टी.ओ. स्‍टॉफ वाहनों के दस्‍तावेजों में दर्शाये गए भार से अधिक भार लेकर जाते हैं? जिन्‍हें आउट-इन साइड में लगे तौल कांटों से न निकालकर सेंट्रल लाइन से निकाला जा रहा है? यदि हाँ, तो क्‍यों? यदि नहीं, तो शासन को प्रतिमाह हो रही आर्थिक क्षति को रोकने के लिए शासन क्‍या व्‍यवस्‍था कब तक करेगा? (घ) खरई-पडोरा चेकपोस्‍ट पर ओवर लोडेड वाहनों से शासन को होने वाली आय की क्षति कंपनी प्रशासन और आर.टी.ओ. स्‍टॉफ द्वारा की जा रही है? शासन इसकी उच्‍चस्‍तरीय जाँच कराकर क्‍या आवश्‍यक कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। खरई पड़ोरा इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट का निर्माण क्रियान्वयन एजेंसी मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा किया गया है। खरईपड़ोरा इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट का संचालन मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा चयनित निवेशकर्ता एम.पी. वार्डर चेकपोस्ट डेवलपमेंट कम्पनी की इकाई एल्सामैक्स मेन्टेनेन्स सर्विसेज लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। वाहनों से जुर्माना वसूली का कार्य विभागीय अधिकारियों द्वारा किया जाता है। वर्तमान में पदस्थ स्टॉफ की सूची संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। राज्य शासन के विभिन्‍न विभागों द्वारा एक ही स्थान पर वाहनों से उनके विभाग से संबंधित जुर्माना वसूल करने एवं सभी कार्यवाही का लेखा जोखा कम्प्यूटर के द्वारा करने एवं पारदर्शी तरीके से कम से कम समय में वाहनों की जाँच आदि करने के उद्देश्य से प्रदेश में एकीकृत जाँच चौकियों का निर्माण बी.ओ.टी. आधार पर किया गया है। वर्ष 2014-15 से 2016-17 (माह जनवरी-2017) तक ओवर लोडेड वाहनों से वसूले गये राजस्व की सूची संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जी हाँ। उक्त चेकपोस्ट पर ट्रकों, भारी माल वाहनों के लिए आने-जाने के लिये साइड लाइन में तौल कांटे लगे हैं और हल्के निजी वाहनों के लिए सेंट्रल लाइन बनी हुई है। सभी ट्रक एवं भारी मालयानों को साइड लाइन में लगे तौल कांटों से होकर ही निकाला जाता है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) एवं (घ) जी नहीं। ओव्हर लोडेड वाहनों से नियमानुसार कार्यवाही कर समझौता शुल्क वसूलकर कोषालय में बैंक के माध्यम से जमा किया जाता है, जिसके कारण से शासन को आर्थिक क्षति होना संभव नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

विभाग द्वारा सामग्री की खरीदी

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

14. ( *क्र. 5050 ) श्री अजय सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सिंहस्‍थ 2016 के दौरान विभाग द्वारा किस मद से कितनी राशि व्‍यय कर कितनी मात्रा (संख्‍या) में किस दर पर क्‍या-क्‍या सामग्री किस नाम/पते वाली फर्मों/संस्‍थाओं/अन्‍य से कब-कब खरीदी? सामग्रीवार/संख्‍यावार/दरवार/दिनांकवार/माहवार/वर्षवार/राशिवार/विक्रेतावार जानकारी दें (ख) प्रश्‍नांश () में वर्णित आयोजन में सामग्री खरीदी के लिये क्‍या-क्‍या प्रक्रियाएं अपनाई गईं? किन-किन को किस सामग्री हेतु कितनी-कितनी राशि का कब-कब किस प्रकार से किस दर से भुगतान किया गया? (ग) प्रश्‍नांश () में उल्‍लेखित आयोजन हेतु खरीदी के लिए कब-कब निविदायें निकाली गईं? उन्‍हें किन‍-किन नाम के अखबारों में किस-किस दिनांकों को प्रकाशित कराया गया? किस-किस सामग्रियों के लिए निविदायें प्रकाशित नहीं कराई गई? उन्‍हें किस दर पर कितनी मात्रा में खरीदा गया? भुगतान किस-किस को कब-कब कितना-कितना किया गया? (घ) क्‍या खरीदी गई सभी सामग्रियों का दरवार ऑडिट कराया गया? कराये गये ऑडिट की एक रिपोर्ट दें अगर नहीं कराया गया तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। समस्त क्रय सिंहस्थ मद में नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई राशि से किए गए। (ख) आवश्यक सामग्री का क्रय मध्यप्रदेश भण्डार क्रय तथा सेवा उपार्जन नियम-2015 के अनुसार किया गया। भुगतान का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। सभी आवश्यक सामग्री का क्रय नियमानुसार मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम के माध्यम अथवा निविदा के माध्यम से ही किया गया है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। खरीदी गई सामग्रियों का पृथक से ऑडिट नहीं किया जाता है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। 

उप पंजीयक कार्यालयों में पंजीकृत दस्‍तावेज

[राजस्व]

15. ( *क्र. 7634 ) डॉ. मोहन यादव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन जिले के समस्‍त उप पंजीयक कार्यालयों में पंजीकृत होने वाले दस्‍तावेजों की एक प्रति तहसील कार्यालयों में नियमानुसार प्राप्‍त हो रही है अथवा नहीं? इस संबंध में शासन एवं विभाग के क्‍या नियम हैं? (ख) प्रश्नांश (क) की जानकारी अनुसार प्राप्‍त प्रति की तहसील कार्यालय के पटवारी रिकॉर्ड एवं कम्‍प्यूटर रिकॉर्ड में अद्यतन प्रविष्‍टि‍ की जा रही है अथवा नहीं? 01 जनवरी, 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने दस्‍तावेजों की प्रति तहसील कार्यालय में प्राप्‍त हुई? उनमें से कितने दस्‍तावेजों की अद्यतन प्रविष्‍टि‍ की गई? तहसीलवार, माहवार, ग्रामवार जानकारी प्रदान करें यदि अद्यतन प्रविष्‍टि‍ नहीं की गई तो इसके लिये कौन अधिकारी दोषी हैं? दोषियों के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

उनाव बालाजी पहूज नदी पर सुरक्षा एवं रपटा निर्माण

[राजस्व]

16. ( *क्र. 6734 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियाँ : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या उनाव बालाजी पहूज नदी में वर्ष 2016 में जल में डूबने से चार युवकों की अकाल मौतें हो चुकी हैं? (ख) क्‍या विधायक भाण्‍डेर द्वारा पहूज नदी में जलस्‍तर बढ़ने और भावी आशंकाओं को देखते हुये लिखित और मौखिक रूप से कलेक्‍टर दतिया एवं अन्‍य प्रशासनिक अधिकारियों को नदी में नाव डालने, लाईफ जैकेट और सुरक्षागार्डों की तैनाती तथा नदी पर रपटा बनवाने हेतु निवेदन किया था? (ग) क्‍या नदी में नाव/रपटा न होने से नगरवासियों को मुर्दे को गले-गले तक पानी में से निकालकर मुक्तिधाम/कब्रिस्‍तान ले जाना पड़ता है? (घ) यदि प्रश्‍नांश (क), (ख), () का उत्‍तर हाँ में है तो चार मौतों के लिये कौन जिम्‍मेदार है? क्‍या यदि जनप्रतिनिधि के पत्र एवं निवेदन को स्‍थानीय प्रशासन गंभीरता से ले लेता तो उन बच्‍चों की मौतें नहीं होती? कब तक नदी पर नाव की व्‍यवस्‍था कर दी जावेगी और कब तक स्‍थायी हल हेतु नदी पर रपटे का निर्माण करा दिया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) उनाव पहूज नदी में मात्र 02 युवकों की नदी में स्‍नान करते समय मृत्‍यु हुई है। (1) भूपेन्‍द्र सिंह पुत्र राजेन्‍द्र उम्र 20 साल, निवासी सिद्धार्थ कॉलोनी दतिया की दिनांक 01.09.2016 एवं (2) विक्‍की साहू पुत्र स्‍व. श्री वासुदेव साहू, उम्र 22 साल, निवासी प्रीति कॉलोनी डबरा, जिला ग्‍वालियर की दिनांक 27.11.2016 को मेले के दिन नदी में नहाते समय डूबने से मृत्‍यु हुई है। (ख) जी हाँ। (ग) ग्राम पोहरा थाना सीपरी बजार जिला झांसी, उ.प्र. की सीमा पर बने डेम के पुल से आने जाने की वैकल्पिक व्‍यवस्‍था है, जिस पर से होकर ग्रामवासी मुक्तिधाम/कब्रिस्‍तान पर जा सकते हैं। (घ) माननीय जनप्रतिनिधियों के पत्रों को स्‍थानीय प्रशासन गंभीरता से लेता है। मेले के दिन प्रत्‍येक सप्‍ताह के बुधवार, रविवार को नदी पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा हेतु नाव, आवश्‍यक लाईफ जेकेट, रस्‍सा एवं सुरक्षा बल (तैराक) की भी व्‍यवस्‍था की गई है।

जेलों में चिकित्‍सकों सहित अन्‍य स्‍टॉफ की पूर्ति

[जेल]

17. ( *क्र. 6112 ) श्री दिनेश राय (मुनमुन) : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या प्रदेश की अधिकांश्‍ा जेलों में डॉक्‍टरों के पद स्‍वीकृत होने के बावजूद पूर्ति करने की अपेक्षा अंशकालिक डॉक्‍टरों से काम लिया जा रहा है? यदि हाँ, तो पूर्ति नहीं करने के क्‍या कारण हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में जबलपुर संभाग की किन-किन जेलों में कितने-कितने डॉक्‍टरों के पद कब स्‍वीकृत हुये और कब-कब से रिक्‍त हैं? संभाग की जेलों में कितने-कितने कैदियों को रखने की क्षमता है और वर्तमान में कितने-कितने कैदियों को डॉक्‍टरों के अधीन रखा गया है? सेन्‍ट्रल जेल व उनके अधीनस्‍थ जेलों के नाम सहित बतावें (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में डॉक्‍टरों की कमी की पूर्ति एवं जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों को रखने के लिये कौन-कौन जिम्‍मेदार हैं, उनके विरूद्ध शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों कारण सहित बतावें?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण विभाग द्वारा चिकित्‍सकों की कमी होने के कारण प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं जेल विभाग को उपलब्‍ध नहीं करायी गईं। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। 5503 बंदियों को चिकित्‍सकों के अधीन चिकित्‍सा सुविधा हेतु रखा गया है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) डॉक्‍टरों की पूर्ति हेतु प्रयास किये जाने के कारण कोई भी जिम्‍मेदार नहीं है। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''छ:''

सहायक अधीक्षक, भू-अभिलेख के पदों का नायब तहसीलदार के पदों में परिवर्तन

[राजस्व]

18. ( *क्र. 4563 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के दिनांक 16 दिसम्‍बर, 2015 के परिवर्तित अतारांकित प्रश्‍न संख्‍या 74, क्रमांक 1906 में जानकारी एकत्रित की जा रही है, बताया गया था तो क्‍या विभाग द्वारा उपर्युक्‍त प्रश्‍न के उत्‍तर की जानकारी संकलित कर ली गई है? यदि हाँ, तो पूर्ण जानकारी दें? (ख) यदि नहीं, तो विगत लगभग दो वर्षों में भी जानकारी संकलित नहीं करने का क्‍या कारण है? विलंब के लिये कौन-कौन अधिकारी दोषी हैं? विभाग उन पर क्‍या कार्यवाही करेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

राजगढ़ जिले के कलेक्‍ट्रेट कार्यालय में स्‍थानांतरण

[राजस्व]

19. ( *क्र. 6669 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2016 में राजगढ़ जिले की मा. प्रभारी मंत्री की अनुशंसा पर राजगढ़ में कलेक्‍टर कार्यालय सहित राजस्‍व विभाग के कौन-कौन से तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के स्‍थानान्‍तरण किये गये हैं? उनका नाम, पदनाम, पदांकित एवं स्‍थानान्‍तरित स्‍थल सहित बतावें। (ख) क्‍या राजगढ़ जिले में स्‍थानान्‍तरित अवधि‍ वर्ष 2016 में मा. प्रभारी मंत्री की अनुशंसा पर किये गये स्‍थानान्‍तरित कर्मचारी आज भी अपने नवीन स्‍थानान्‍तरित स्‍थल पर न जाकर पूर्व के स्‍थान पर ही कार्यरत हैं? यदि हाँ, तो बतावें और यदि नहीं, तो ऐसे कितने स्‍थानान्‍‍तरित कर्मचारी हैं, जिनका स्‍थानान्‍तरण हुआ था, परन्‍तु वे कार्यमुक्‍त नहीं हुये हैं? उनका नाम, पदनाम, स्‍थान तथा कार्यमुक्‍त नहीं होने अथवा स्‍थानान्‍तरण निरस्‍त किये जाने के कारण बतावें? (ग) क्‍या कुछ कर्मचारियों के कर्मचारी संगठन में पद पर होने से उन्‍हें कार्यमुक्‍त नहीं किया गया है? यदि हाँ, तो उनके नाम तथा कर्मचारी संगठन का नाम और उस कर्मचारी संगठन में उनका पद बतावें? क्‍या किसी कर्मचारी का प्रदेशस्‍तर का पद होने पर उसके विरूद्ध शिकायतें प्राप्‍त होने के बावजूद भी क्‍या उसका उसी जिले की अन्‍य तहसील में स्‍थानान्‍तरण नहीं किया जा सकता है? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) वर्ष 2016 में राजगढ़ जिले की राजस्व स्थापना अंतर्गत तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के प्रशासनिक एवं स्वैच्छिक स्थानान्तरण किये गये हैं। उनके नाम, पदनाम, पदांकित एवं स्थानान्तरित स्थल की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "अ" एवं "ब" अनुसार है। (ख) जी नहीं। राजगढ़ जिले के अन्तर्गत पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "अ" एवं "ब" अनुसार श्री मुस्लिम खान को छोड़कर शेष समस्त स्थानान्तरित कर्मचारी स्थानान्तरित स्थल पर उपस्थित हो चुके हैं। श्री मुस्लिम खान के प्रकरण में मान. उच्च न्यायालय खण्डपीठ इन्दौर द्वारा पारित आदेश दिनांक 30.08.2016 के परिपालन में स्थानान्तरण निरस्त किया जाकर तहसील राजगढ़ में पदस्थ किया गया। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "स" अनुसार है।

पांडिया छपारा में नवीन पुलिस चौकी की स्‍थापना

[गृह]

20. ( *क्र. 6709 ) श्री रजनीश सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा विधानसभा क्षेत्र केवलारी के अंतर्गत पांडिया छपारा में पुलिस चौकी की स्‍थापना हेतु पूर्व में भी विधानसभा प्रश्‍न एवं पत्रों के माध्‍यम से मांग की जा रही है? यदि हाँ, तो इस पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) यदि नहीं, तो क्‍यों? क्‍या नक्‍सल प्रभावित क्षेत्र पांडिया छपारा नवीन पुलिस चौकी खोले जाने के मापदण्‍ड को पूर्ण नहीं करता है? यदि नहीं, तो नवीन चौकी खोले जाने के क्‍या मापदण्‍ड हैं? (ग) क्‍या पांडि‍या छपारा में नवीन पुलिस चौकी खोले जाने हेतु विभाग के पास कोई प्रस्‍ताव लंबित है? यदि हाँ, तो कब तक पांडि‍या छपारा में पुलिस चौकी की स्‍थापना की जायेगी?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। प्रस्ताव निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप नहीं पाये जाने के कारण अमान्य किया गया। (ख) उत्तरांश () अनुसार। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। 

परिशिष्ट - ''सात''

नियम विरूद्ध कार्य करने वाले ठेकेदारों के विरूद्ध कार्यवाही

[श्रम]

21. ( *क्र. 7233 ) श्री संजय शाह मकड़ाई : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) संविदा श्रम अधिनियम 1970 के अन्‍तर्गत हरदा जिले के ठेकेदारों द्वारा ठेका कार्य प्रारंभ करने के पूर्व क्‍या संबंधित श्रम कार्यालय से अनुमति प्राप्‍त करने का नियम है? यदि हाँ, तो विगत 2 वर्षों से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से ठेकेदार द्वारा किस-किस कार्य के लिए विभाग से अनुमति ली गई है? ठेकेदारों के नाम पते सहित ठेका कार्यवार सहित विवरण देवें (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्‍या नियम विरूद्ध कार्य करने वाले ठेकेदारों के विरूद्ध विभाग द्वारा कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो ठेकेदारों के नाम सहित की गई कार्यवाही की जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में भवन एवं अन्‍य संनिर्माण कर्मकार अधिनियम 1996 के अन्‍तर्गत कौन-कौन से ठेकेदार/व्‍यक्ति/संस्‍था द्वारा स्‍थापना का पंजीयन किया गया? नाम व पतेवार विस्‍तृत जानकारी देवें (घ) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में वर्तमान में जिले में भवन एवं अन्‍य संनिर्माण कर्मकार नियोजन तथा सेवा शर्तों का विनियम अधिनियम 1996 की विभिन्‍न धाराओं के तहत ठेकेदारों द्वारा निर्माण कार्य में 10 से या 10 से अधिक कर्मकार नियोजित करने हेतु पंजीयन कराया गया है? यदि हाँ, तो ऐसे ठेकेदारों की सूची उपलब्‍ध करावें?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जी हाँ। संविदा श्रम (विनियम एवं समाप्ति) अधिनियम, 1970 के अंतगर्त 20 से अधिक ठेका श्रमिक नियोजित करने वाले ठेकेदारों को अनुज्ञप्ति प्राप्‍त करने का प्रावधान है। प्रश्‍नांकित अवधि में श्रम कार्यालय, हरदा द्वारा अनुज्ञप्‍त ठेकेदारों की वांछित जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जी नहीं। ठेकेदारों द्वारा नियम विरूद्ध कार्य करने की कोई स्थिति श्रम कार्यालय हरदा के संज्ञान में नहीं आयी है। अत: कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍नांकित जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''आठ''

भू-अर्जन से प्रभावित किसानों को रोजगार व्‍यवस्‍था

[राजस्व]

22. ( *क्र. 7220 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर जिला अंतर्गत हिन्‍दुस्‍तान एम.बी. पावर जैतहरी के लिए 15 जनवरी, 2017 तक भू-अर्जन से अर्जित भूमि का खसरा नं., रकबा व मुआवजा भुगतान राशि का पूर्ण विवरण देवें। (ख) प्रश्नांश (क) से प्रभावित व अर्जित भूमि स्‍वामी व उसके परिजन को प्रदत्‍त रोजगार की स्‍पष्‍ट जानकारी जिसमें खातेदार (कृषक) का नाम, अर्जित भूमि, रोजागार व पद का नाम प्रतिमाह का भुगतान वेतन पी.एफ. क्रमांक जिसमें कर्मचारी को पूर्ण वेतन भुगतान किया जाता है, की जानकारी देवें? (ग) क्‍या शासन की नीति व इकरारनामा अनुसार रोजगार व पुनर्वास नीति का अक्षरश: पालन किया गया है? यदि हाँ, तो 15 जनवरी, 2017 की स्थिति में कलेक्‍टर के प्रतिवेदन सहित जानकारी देवें? (घ) क्‍या कंपनी ने शिक्षा व स्‍वास्‍थ्‍य सेवा में कोई कार्य किया है? यदि हाँ, तो पूर्ण विवरण देते हुए स्‍पष्‍ट करें कि संचालित विद्यालय प्रारंभ करने का दिनांक व कक्षावार छात्रों से निर्धारित फीस तथा अब तक कक्षावार तथा वर्ष अनुसार फीस वृद्धि कब-कब की गयी है? (ड.) कंपनी ने भू-अर्जन से प्रभावित कितने कृषकों को अभी तक रोजगार उपलब्‍ध नहीं कराया है? रोजगार एवं पुनर्वास के लिए हुए इकरारनामा की प्रति उपलब्‍ध कराएं

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

राजाभाऊ महाकाल बस स्‍टैंड पर बसों का ठहराव

[परिवहन]

23. ( *क्र. 5749 ) श्री मुकेश नायक : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन के देवास गेट स्थित राजाभाऊ महाकाल बस स्‍टैंड पर लम्‍बी दूरी की इंदौर व्‍हाया उज्‍जैन आने-जाने वाली बसों को ठहराव की अनुमति क्‍यों नहीं है? (ख) क्‍या उपरोक्‍त बस स्‍टैंड पर लम्‍बी दूरी की 22 बसों के ठहराव न होने से यात्रियों को परेशानी होने के बाबत् यात्रियों, बस ऑपरेटरों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्‍यमंत्री स्‍तर तक शासन से कई बार अनुरोध किया है, फिर भी बस स्‍टैंड पर बसों के ठहराव के आदेश शासन ने नहीं दिये हैं, इसके क्‍या कारण हैं? (ग) कब तक राजाभाऊ महाकाल बस स्‍टैंड पर इन बसों के ठहराव की व्‍यवस्‍था कर ली जायेगी।

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) क्योंकि यह बस स्‍टैंड आवश्‍यकता के मान से छोटा है तथा घनी आबादी क्षेत्र में स्थित है, जिसके कारण कुछ मार्गों की बसें जैसे उज्जैन से बड़नगर, आगर, तराना, महिदपुर, नागदा, खाचरौद का संचालन जिला सड़क सुरक्षा समिति में पारित प्रस्ताव अनुसार जिला प्रशासन द्वारा कराया जा रहा है। उज्जैन के नानाखेड़ा स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय बस स्‍टैंड उज्जैन इन्दौर मार्ग पर स्थित होने एवं इस स्‍टैंड पर सभी आवश्‍यक सुविधाएं उपलब्ध होने से लम्बी दूरी की एवं इन्दौर की ओर जाने वाली बसों का संचालन इस स्‍टैंड से जन सुविधा की दृष्टि से जिला प्रशासन द्वारा कराया जा रहा है। (ख) एवं (ग) जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक दिनांक 16.02.2015 के निर्णय अनुसार बसों के ठहराव की अनुमति जनहित में नहीं दी गई। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

आदिवासी की जमीन का नामांतरण एवं डायवर्सन

[राजस्व]

24. ( *क्र. 4757 ) श्री उमंग सिंघार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पटवारी हल्‍का नंबर 25, खसरा नंबर 326, कुल रकबा 3.2 हेक्‍टेयर (8 एकड़) ग्राम बर्रई तहसील हुजूर कलेक्‍टर भोपाल का आदेश क्रमांक 23/34-21/2010-11 दिनांक 21.03.2011 के अनुसार रजिस्‍ट्री जमना प्रसाद पिता केशरी प्रसाद के नाम से की गई? (ख) क्‍या म.प्र. भू-राजस्‍व संहिता 1959 की धारा 165 (6 ई.ई.) में, के अनुसार डायवर्सन किया गया? यदि नहीं, तो इसके लिये जवाबदार कौन अधिकारी है और उसके लिये क्‍या कार्यवाही की गई? प्रश्नांश (क) के अनुसार उक्‍त भूमि में से कितनी भूमि का किसके नाम से डायवर्सन एवं नामांतरण किया गया? (ग) प्रश्नांश (क) के अनुसार म.प्र. भू-राजस्‍व संहिता 1965 के अंतर्गत 165 (3) के अंतर्गत जमीन मालिक द्वारा दिया गया भूमि विक्रय के आवेदन वैध हैं? यदि नहीं, तो कलेक्‍टर द्वारा आवेदन निरस्‍त क्‍यों नहीं किया गया?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

टेंडर सर्विस प्रोवाईडर के सॉफ्टवेयर में त्रुटि

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

25. ( *क्र. 6200 ) श्रीमती पारूल साहू केशरी : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रश्‍न संख्‍या 171 (क्र. 1755) दिनांक 07.12.2016 को पूछे गये प्रश्‍न के प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण विभाग द्वारा सर्विस प्रोवाईडर व सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी के संबंध में कार्यवाही प्रचलित है बताया गया था तो क्‍या उक्‍त संबंध में मध्‍यप्रदेश स्‍टेट इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स डेवलपमेंट कार्पोरेशन लि. को अवगत कराया गया है अथवा नहीं? (ख) यदि हाँ, तो बतावें कि मध्‍यप्रदेश स्‍टेट इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड ने इस संबंध में क्‍या कार्यवाही की? सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी के संबंध में किये गये सर्विस प्रोवाइडर से पत्राचार का विवरण उपलब्‍ध करावें (ग) यदि प्रश्‍नांश () अनुसार खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण विभाग द्वारा मध्‍यप्रदेश स्‍टेट इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड को अब तक सर्विस प्रोवाईडर के द्वारा सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी के विषय में अवगत नहीं कराया गया है तो क्‍या मध्‍यप्रदेश स्‍टेट इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा इस गंभीर त्रुटि को संज्ञान में लिया जाकर प्रक्रिया में खामी की जाँच कर पूरी वस्‍तुस्थिति से प्रश्‍नकर्ता को अवगत कराया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जी हाँ, सॉफ्टवेयर से संबंधित अधि‍कारियों से चर्चा की गई थी। सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी की स्थिति नहीं पाई गई थी। प्रकरण में त्रुटिकर्ता को कारण बताओ नोटिस जारी कर प्राप्‍त उत्‍तर के परीक्षण उपरांत भविष्‍य के लिये सचेत किया गया है। (ख) आवश्‍यकता उद्भूत नहीं हुई। (ग) प्रश्‍नांश (क) के उक्‍त उत्‍तर के संदर्भ में प्रश्‍नकर्ता को पृथक से शीघ्र अवगत कराया जा रहा है।

 

 

 







 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 


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भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


पुलिस विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए आवास योजना

[गृह]

1. ( क्र. 128 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरगोन जिले में गृह विभाग के अधीन कितने कांस्टेबल हैं? (ख) खरगोन जिले में शासन के नियमानुसार प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित पदों में स्वीकृत पदों के विरूद्ध कितने कार्यरत हैं? पदवार विस्तृत जानकारी दी जावे। क्या पदस्थ कर्मचारी को शासन द्वारा आवास गृह आवंटित किये गए हैं? जिले में ऐसे कितने पुलिस कर्मी हैं, जिनके पास आवास नहीं है? क्या शासन पुलिस कर्मियों को आवास की सुविधा उपलब्‍ध कराने पर विचार कर रहा है। यदि हाँ तो कब तक प्रति पुलिस कर्मी को आवास सुविधा मिल जाएगी? (ग) पद पूर्ति हेतु क्‍या कार्यवाही की जावेगी? समय-सीमा बताई जावे।

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) 835 कांस्टेबल के पद स्वीकृत है। (ख) कुल स्वीकृत 835 पदों के विरूद्ध 746 कांस्टेबल कार्यरत है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। जिले में वर्तमान में कार्यरत (उप पुलिस महानिरीक्षक स्तर से आरक्षक स्तर तक के) कुल 1193 पुलिस कर्मियों में से कुल 631 को आवास गृह आवंटित है। शेष 562 पुलिस कर्मी को आवास आवंटित नहीं है। जी हाँ। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। (ग) पुलिस विभाग में रिक्त पदों की पूर्ति पदोंन्नति एवं सीधी भर्ती से की जाती है, जो निरन्तर चलने वाली प्रक्रिया है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

 परिशिष्ट - ''एक''

गेस्‍ट फेकल्टी नियुक्ति में आरक्षण का पालन

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

2. ( क्र. 305 ) श्री जतन उईके : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2013 में जबलपुर संभाग के समस्‍त स्‍वशासी इंजीनियरिंग महाविद्यालय शासकीय एवं स्‍वशासी पॉलीटेक्निक महाविद्यालय में कार्यरत गेस्‍ट फेकल्‍टी की संख्‍या अ.जा./अ.ज.जा./अ.पि.वर्ग/ अनारक्षित श्रेणीवार महाविद्यालय सूची देवें। इस वर्ष में कार्यरत कुल गेस्‍ट फेकेल्‍टी तथा रिक्‍त पदों की संख्‍या भी देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के उल्‍लेखित गेस्‍ट फेकल्‍टी नियुक्ति में विभागीय पत्र क्रमांक एफ-1-2/2005/42/1 भोपाल दिनांक 1 जून 2004 में लिखित सातों शर्तों का पालन हुआ है, महाविद्यालयवार बतायें? यदि पालन नहीं हुआ तो कारण बतायें। (ग) संबंधित महाविद्यालयों द्वारा गेस्‍ट फेकल्‍टी नियुक्ति प्रक्रिया क्‍या वर्ष 2015 में की गई है? चरणवार बतायें।

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। चरणवार प्रक्रिया निम्‍नानुसार है- 1. गेस्‍ट फेकल्‍टी की आवश्‍यकता का आंकलन किया जाना। 2. आरक्षण रोस्‍टर का पालन करते हुये निर्धारित तिथि में साक्षात्‍कार हेतु विज्ञापन जारी किया जाना। 3. संबंधित विषय में ए.आई.सी.टी.ई. द्वारा निर्धारित अर्हताएं पूर्ण करने वाले उम्‍मीदवारों को आमंत्रित किया जाना। 4. निर्धारित तिथि में उपस्थित अभ्‍यर्थियों का साक्षात्‍कार किया जाना। 5. साक्षात्‍कार में उत्‍तीर्ण/पात्र अभ्‍यर्थियों का चयन।

परिशिष्ट - ''दो''

गरीब रेखा में नाम जोड़ने प्रस्‍तुत आवेदन पत्रों का निराकरण

[राजस्व]

3. ( क्र. 626 ) श्री गिरीश गौतम : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले के तहसील मऊगंज, नईगढ़ी, मनगवां में जनवरी 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक गरीबी रेखा में नाम जोड़ने बाबत् कितने आवेदन पत्र प्रस्‍तुत किये गये, तहसीलवार संख्‍या बताएं। (ख) गरीबी रेखा में नाम जोड़ने बाबत् प्रस्‍तुत आवेदन पत्रों में से कितने आवेदन-पत्रों का निराकरण कर स्‍वीकार किया गया, कितने आवेदन-पत्रों को निरस्‍त किया गया तहसीलवार संख्‍या बताएं? लंबित आवेदन-पत्र की संख्‍या क्‍या है तथा उन्‍हें कब तक निराकृत कर दिया जायेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) तहसील मऊगंज, नईगढी, मनगवां में निम्नानुसार आवेदन प्राप्त हुएः-

क्र.

तहसील का नाम

प्राप्त आवेदन

1

2

3

1.

मऊगंज

214

2.

नईगढ़ी

81

3.

मनगवां

1003

 
(
ख) प्राप्त आवेदनों में निम्नानुसार निराकृत एवं निरस्त किये गये हैः-

क्र.

तहसील का नाम

निराकृत्त
आवेदन

निरस्त
आवेदन

1

2

3

4

1.

मऊगंज

36

178

2.

नईगढ़ी

48

33

3.

मनगवां

422

581

शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

जिले/तहसीलवार तालाबों की संख्‍या

[राजस्व]

4. ( क्र. 1442 ) श्री प्रताप सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर में बंदोबस्‍त के समय वर्ष 2008 में कितने शासकीय तालाब थे, जिलेवार, तहसीलवार बतावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित तालाबों की वर्तमान स्थिति क्‍या है, समस्‍त तालाब शासन के आधिपत्‍य में है अथवा नहीं, स्‍पष्‍ट करें? (ग) सागर संभाग के जिन तालाबों पर अतिक्रमण हुआ है या अभिलेखों में हेराफेरी कर निजी स्‍वामित्‍व में नामांतरण हुआ है, ऐसे सभी तालाबों के जिलेवार, तहसीलवार, मौजावार सूची उपलब्‍ध करावें? (घ) प्रश्‍नांश '' में उल्‍लेखित तालाबों को अतिक्रमणकर्ताओं के आधिपत्‍य से मुक्‍त कराये जाने हेतु शासन की क्‍या योजना है? क्‍या उसे धरातल पर क्रियान्वित किया गया है, यदि हाँ तो कहाँ-कहाँ?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) सागर जिले में बन्‍दोबस्‍त के समय वर्ष 2008 में कुल 146 शासकीय तालाब थे। तहसीलवार शासकीय तालाबों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट में है। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित समस्‍त 146 तालाब शासन के अधिपत्‍य में है। (ग) सागर जिले के सागर तहसील के सागर नगर स्थित 2 तालाबों की सीमांकन प्रक्रिया प्रचलन में है। उक्‍त कार्यवाही पूर्ण होने के पश्‍चात् अग्रिम कार्यवाही की जावेगी तथा सागर तहसील के मौजा सूरजपुरा के 01 तालाब पर अतिक्रमणकर्ताओं को अर्थदण्‍ड में हेराफेरी कर निजी स्‍वामित्‍व में शासकीय तालाबों का नामांतरण नहीं हुआ है। (घ) अतिक्रमण म.प्र.भू-राजस्‍व संहिता, 1959 की धारा 248 के तहत हटाया जाता है, जो न्‍यायालयीन प्रक्रिया है एवं सतत गतिशील रहती है।

परिशिष्ट - ''तीन''

जबलपुर जिले के बाल श्रमिकों बावत्

[श्रम]

5. ( क्र. 1504 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जबलपुर जिले में 25 स्लम बस्तियों के 962 बी.पी.एल. परिवारों के 1591 बाल श्रमिकों का पता चला हैं? (ख) क्या इन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने हेतु कार्यवाही की गई है? (ग) क्या पूर्व वर्षों में सामने आये बाल श्रमिकों को सर्व शिक्षा अभियान एवं प्रशिक्षण केन्द्रों से जोड़ा गया है? (घ) यदि हाँ तो गत 3 वर्षों में कितने बाल श्रमिकों को सर्व शिक्षा अभियान तथा प्रशिक्षण से जोड़ा गया है?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जी हाँ। (ख) जबलपुर जिले में बाल श्रमिकों के सर्वेक्षण कार्य में 25 स्लम बस्तियों के 962 बी.पी.एल. परिवारों के 1591 बाल श्रमिकों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, मार्च-अप्रैल 2017 तक उपरोक्त बच्चों को राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजनान्तर्गत विशेष प्रशिक्षण केन्द्रों में दर्ज कर शिक्षा, मध्यान्ह भोजन, छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य परीक्षण, व्यावसायिक प्रशिक्षण आदि लाभों से लाभान्वित किये जाने की कार्यवाही प्रस्तावित की जायेगी। (ग) जबलपुर जिले में बाल श्रमिकों के सर्वेक्षण कार्य पूर्व में माह सितम्बर-अक्टूबर 2013 में सम्पन्न किया गया था, में चिन्हित बच्चों को परियोजनान्तर्गत पात्र बच्चों को विशेष प्रशिक्षण केन्द्रों में दर्ज कर शिक्षा, मध्यान्ह भोजन, छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य परीक्षण, व्यावसायिक प्रशिक्षण आदि लाभों से लाभान्वित किये जाकर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़े जाने की कार्यवाही निरंतरित है। (घ) राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजनान्तर्गत प्रति वर्ष शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ में शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़े जाने संबंधी कार्यवाही की जाती है, गत तीन वर्षों की स्थिति निम्नानुसार हैः-

वर्ष मुख्यधारा में जोड़े गये बच्चों की संख्या
2012-13
319
2013-14
95
2015-16
78
योग 492

सोनकच्‍छ नगर के नक्‍शे

[राजस्व]

6. ( क्र. 1712 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सोनकच्‍छ नगर का राजस्‍व विभाग के पास नक्‍शा नहीं है? यदि नहीं, है तो कब से नहीं है? (ख) क्‍या सोनकच्‍छ नगर का नक्‍शा जिला राजस्‍व (भु-अभिलेख) देवास कार्यालय या राजस्‍व एवं लेखा विभाग ग्‍वालियर में उपलब्‍ध है? यदि नहीं, तो नक्‍शा कब तक बनाया जायेगा। (ग) नवीन नक्‍शा बनाने के लिए कब से कार्यवाही चल रही है आज दिनांक तक नक्‍शा नहीं बन पाने पर कौन दोषी है? दोषि‍यों पर क्‍या कार्यवाही की गई?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) सोनकच्छ नगर का नक्शा उपलब्ध है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) सोनकच्छ नगर का नक्शा कार्यालय भू-अभिलेख देवास एवं तहसील-सोनकच्छ में उपलब्ध है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) सोनकच्छ नगर का नक्शा उपलब्ध होने से आवश्यक नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

खरगापुर विधानसभा के खरगापुर या पलेरा में आई.टी.आई. कालेज खोले जाने हेतु

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

7. ( क्र. 1740 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधानसभा क्षेत्र के पलेरा एवं खरगापुर के छात्रों को तकनीकी शिक्षा प्राप्‍त करने के लिये काफी दूर अन्‍यंत्र स्‍थानों पर जाना पड़ता है और खरगापुर में आई.टी.आई. महाविद्यालय न होने के कारण आज भी तकनीकी शिक्षा पाने हेतु इधर-उधर भटक रहे है? (ख) क्‍या छात्र-छात्राओं को परेशानी एवं मजबूरी को ध्‍यान में रखते हुये पलेरा या खरगापुर में नवीन आई.टी.आई. महाविद्यालय खोले जाने की शासन के पास कोई योजना है यदि हाँ तो कब तक पलेरा या खरगापुर में आई.टी.आई कालेज प्रांरभ करा देगें यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें।

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) टीकमगढ़ जिले में चार शासकीय आई.टी.आई तथा दस प्राईवेट आई.टी.आई संचालित है, जिनमें पलेरा एवं खरगापुर के आवेदक प्रशिक्षण प्राप्‍त कर सकते है। (ख) विभाग की नीति प्रत्‍येक विकासखण्‍ड में एक आई.टी.आई खोलने की है। खरगापुर विकासखण्‍ड बल्‍देवगढ़ के अंतर्गत आता है, जहाँ एक शासकीय आई.टी.आई संचालित है, अतएव खरगापुर में शासकीय आई.टी.आई खोलने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। बताया जाना संभव नहीं है।

खरगापुर विधानसभा के ग्राम चंदेरी में पुलिस चौकी खोले जाने हेतु

[गृह]

8. ( क्र. 1741 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधानसभा के ग्राम चंदेरी के निवासियों द्वारा जिले के पुलिस अधीक्षक को एवं माननीय गृह मंत्री जी को आवेदन पत्रों के माध्‍यम से अवगत कराया है कि ग्राम चंदेरी में असमाजिक तत्‍वों द्वारा आए दिन आम जनता को परेशान किया जाता है तथा थाना कुड़ीला से ग्राम चंदेरी की दूरी 10 किमी से अधिक है तथा पास ही से धसान नदी के किनारे से छतरपुर जिले की सीमा लगी हुई है जिससे अपराधी अपराध करके इधर से उधर चले जाते है? इसलिये ग्रामीणों की मांग है कि ग्राम चंदेरी में नवीन पुलिस चौकी खोली जावे? (ख) क्‍या आम जनता की मांग एवं सुरक्षा को ध्‍यान में रखते हुये ग्राम चंदेरी में पुलिस चौकी खोले जाने की विभाग में ऐसी कोई योजना है यदि हाँ तो ग्राम चंदेरी में पुलिस चोकी कब तक शुरू करा दी जावेगी यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें कि पुलिस चौकी चंदेरी में क्‍यों नहीं खोली जा सकती है? कब तक जनता की मांग अनुसार पुलिस चौकी खोले जाने के आदेश जारी हो गये है यदि आदेश जारी हो जायेंगे?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। ग्राम चंदेरी थाना कुड़ीला से मात्र 6 किमी दूरी पर स्थित है। किसी भी सूचना पर पुलिस बल को मात्र 10 मिनट ग्राम चंदेरी पहुँचने में लगते है ग्राम वासियों के किसी भी शिकायत पर तत्काल डायल 100 वाहन भेजकर शिकायत का निराकरण कराया जाता है। वर्तमान में ग्राम चंदेरी में शांति है। ग्राम चंदेरी में पुलिस चौकी खोले जाने की कोई आवश्यकता प्रतीत नहीं होती।

वर्तमान में लागू की गई वेव जी आई.एस. वेबसाईट

[राजस्व]

9. ( क्र. 1757 ) श्री लखन पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजस्‍व अभिलेखों में बंदोबस्‍त अभिलेख एवं वर्तमान में लागू की गई वेब.जी.आई.एस. वेबसाईट (जिन जिलों में लागू है ) अनुसार प्रत्‍येक जिले का खाते की भूमि का रकबा व गैरखाते की भूमि का रकबा एवं कुल जिले का रकबा (क्षेत्रफल) कितना है क्‍या इसमें भिन्‍नता है? यदि भिन्‍नता है तो क्‍यों? (ख) वर्तमान में जिन जिलों में वेब जी.आई.एस. वेबसाईट लागू की गई है क्‍या उसमें दर्ज किया गया अभिलेख पूर्णत: शुद्ध है यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) यदि वेब.जी.आई.एस. वेबसाईट पर दर्ज किया गया भूमि अभिलेख शुद्ध नहीं है तो क्‍या लोगों को जारी की जा रही नकल, फसल बीमा, क्षति राशि वितरण, भूमि क्रय विक्रय, कृषकों के भूमि हक व अन्‍य शासकीय योजनाओं के क्रियान्‍वयन पर कोई विपरीत प्रभाव पड़ेगा? यदि हाँ तो इसके सुधार हेतु क्‍या उपाए किये गये हैं? क्‍या दमोह जिले में वेब जी.आई.एस लागू होने पर आई.टी. सेंटर से किसानों को जमीन के नक्‍शों की नकले डिजीटल साईन की हुई प्रदाय की गई है? यदि हाँ तो दिसम्‍बर 2016 में तहसीलवार कितने किसानों को डिजीटल साईन किये हुए नक्‍शें प्रदाय किये गये है यदि नहीं, तो इसके लिए जिम्‍मेदार कौन है? (घ) वेब.जी.आई.एस. वेबसाईट के लागू होने के पूर्व व बाद में मासिक नामांतरण, बंटवारा, नक्‍शा बटांक के कार्य की प्रगति क्‍या है क्‍या वेब.जी.आई.एस. वेबसाईट लागू होने इन कार्यों की प्रगति धीमी हुई है? यदि हाँ तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

वाहनों में विभिन्न रंग की लाईट

[परिवहन]

10. ( क्र. 2305 ) श्री हरवंश राठौर : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में संचालित चार पहिया, तीन पहिया, दो पहिया तथा अन्य वाहनों में कितनी तथा किस-किस रंग की लाइटें लगाने का प्रावधान है? (ख) क्या स्वीकृत प्रावधानों से अधिक लाइटें वाहनों में लगी होने के कारण उनके विरूद्ध कोई कार्यवाही करने का प्रावधान है? (ग) यदि हाँ तो सागर संभाग अंतर्गत गत वर्ष ऐसे कितने प्रकरण तैयार किए जाकर कार्यवाही की गई है? (घ) प्रश्‍नकर्ता द्वारा क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सागर को क्रं. 1331 दिनांक 21/04/16 तथा स्मरण पत्र क्रमांक 1565 दिनांक 18/06/16 को लिखा गया था उसकी जानकारी अभी तक प्रश्‍नकर्ता को उपलब्ध क्यों नहीं कराई गई है?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) प्रदेश में संचालित चार पहिया, तीन पहिया, दो पहिया तथा अन्य वाहनों में लाइटें केन्द्रीय मोटरयान नियम 1989 के नियम 102 से 111 तक वर्णित प्रावधानों के अनुरूप लगाये जाते है। नियमों की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। वाहनों में स्वीकृत प्रावधानों से अधिक लाइटें लगाना केन्द्रीय मोटरयान नियम 1989 के नियम 111 का उल्लंघन है। ऐसी स्थिति में केन्द्रीय मोटरयान नियम 1988 की धारा 177 के अंतर्गत शास्ति वसूल किये जाने का प्रावधान है। (ग) सागर संभाग में गत वर्ष 58 प्रकरण तैयार किए जाकर उनसे शास्ति के रूप में रूपये 29500/- वसूल की गयी है। (घ) माननीय विधायक को कार्यालयीन पत्र क्रमांक 6929 दिनांक 09.03.2017 के द्वारा जानकारी उपलब्ध करा दी गयी है।

जनभागीदारी योजनान्तर्गत नल-जल योजनाओं की स्वीकृति

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

11. ( क्र. 2421 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या ग्रामों में पेयजल उपलब्ध कराने हेतु शासन द्वारा जनभागीदारी योजनान्तर्गत आदिवासी ग्रामों में कुल योजना लागत के 1 प्रतिशत तथा सामान्य बाहुल्य क्षेत्रों में 3 प्रतिशत जनभागीदारी कर उन ग्रामों में शेष राशि शासन द्वारा स्वीकृति कर पेय-जल की योजना स्वीकृत की जाती है? (ख) यदि हाँ, तो विधानसभा क्षेत्र सारंगपुर अंतर्गत कितनी ग्राम पंचायतों द्वारा जनभागीदारी राशि जमा कर योजना बनाने हेतु प्रस्ताव किया गया हैतथा ग्रामीणों द्वारा यह जनभागीदारी राशि कब जमा की गई है? दिनांक सहित ग्रामों के नाम तथा जमा राशि का विवरण देवें? (ग) प्रश्नांश (ख) अंतर्गत जनभागीदारी राशि जमा करने वाले प्रस्तावित ग्रामों में से कितने ग्रामों में योजना की स्वीकृति प्रदान की गई है तथा नहीं की गई तो क्या कारण है? (घ) सांसद आदर्श ग्राम संडावता की नल-जल योजना के निर्माण हेतु निविदा कब तक आमंत्रित की जावेगी तथा कब तक पूर्ण कर ग्रामवासियों को योजना का लाभ दिलाया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। स्वीकृत योजना की पूर्ण राशि दी जाकर, योजना पूर्णता एवं सफल संचालन पर एक वर्ष पश्चात् जनभागीदारी की राशि प्रतिवर्ष 5 समान किश्तों में ग्राम पंचायत को वापस की जाती है। (ख) एक ग्राम पंचायत सण्डावता द्वारा ग्राम सण्डावता के लिये, दिनांक 19.5.2015 को रूपये 2.24 लाख। (ग) उत्तरांश- अनुसार प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) निविदा आमंत्रित कर ली गई है। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती। 

जबलपुर दुग्ध संघ के दूध संकलन एवं वितरण में कमी बावत्

[पशुपालन]

12. ( क्र. 2495 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या संघ का मुख्य उद्देश्‍य ग्रामीण क्षेत्रों से दूध का संकलन कर शहरी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण दूध वितरण करने का है? (ख) यदि हाँ तो क्‍या प्रश्‍नांश क के अंतर्गत वर्ष 2015 की तुलना में वर्ष 2016 में दूध के संकलन में 15% की गिरावट आई है? (ग) क्या संघ के अधिकारियों की निष्क्रियता एवं कर्तव्यों में लापरवाही के कारण गिरावट आई है? (घ) यदि हाँ तो इसके लिए कौन जबावदार है एवं सं‍बंधित के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। (घ) प्रश्नांश '''' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थि‍त नहीं होता है।

हैण्‍डपम्‍पों एवं मैकनिकों के संबंध में

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

13. ( क्र. 2504 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विभाग द्वारा हैण्‍डपम्‍प मैकेनिकों की भर्ती वर्ष 2010 में कब-कब कितनी संख्‍या में कहाँ-कहाँ की गई है। (ख) ग्‍वालियर जिले में कितने हैण्‍डपम्‍प सुचारू रूप से संचालित है एवं कितने बंद है बंद का कारण बतायें तथा मैकेनिकों की संख्‍या कितनी है? जो हैण्‍डपम्‍प बंद है क्‍या शासन उनके समीप नया हैण्‍डपम्‍प खनन करायेगा? (ग) एक मैकेनिक के पास कितने हैण्‍डपम्‍प के संधारण का कार्य रहता है? (घ) ग्‍वालियर विधान सभा क्षेत्र 14 के किस-किस गांव में पेयजल की समस्‍या गर्मी मौसम में रहती है उन गाँवों के पेयजल की समस्‍या हेतु विभाग द्वारा क्‍या योजना। कार्यवाही की जा रही है? उक्‍त विधानसभा क्षेत्र में कितनी नल जल योजनाएं है उनमें से कितनी वर्तमान में सुचारू रूप से संचालित है कितनी बंद है? बंद नल-जल योजनाएं कब तक प्रारंभ कर दी जायेगी?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार 36 जिलों में 874 हैण्डपम्प मैकेनिक वर्ष 2010 में रखे गये हैं। (ख) ग्वालियर जिले में 6882 हैण्डपम्प सुचारू रूप से संचालित हैं, 97 हैण्डपम्प बन्द है, हैण्डपम्प बन्द होने का कारण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 में उल्लेखित है, ग्वालियर जिले में हैण्डपंप मैकेनिकों की संख्या 55 है। जी नहीं, बन्द हैण्डपम्प से 500 मीटर की परिधि में एवं 55 एल.पी.सी.डी. के मान से पेयजल स्त्रोत उपलब्ध हैं। वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता अनुसार आंशिक पूर्ण श्रेणी की बसाहटों में नया हैण्डपम्प खनन करवाये जा सकेंगे। (ग) एक मैकेनिक के पास औसतन 150 हैण्डपम्प के संधारण का कार्य रहता है। (घ) ग्वालियर विधान सभा क्षेत्र 14 में फिलहाल कोई समस्या नहीं है, ग्रीष्मकाल के लिये योजना तैयार कर ली गई है, जिसका क्रियान्वयन आवश्यकतानुसार किया जावेगा। इसके अतिरिक्त 95 आंशिक पूर्ण बसाहटों में 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रति दिन पेयजल उपलब्ध करवाने हेतु नलकूप खनन एवं हैण्डपम्प स्थापना की कार्यवाही की जा रही है। उक्त विधान सभा में 46 नल-जल योजना है जिनमें से 32 चालू एवं 14 बन्द हैं, बन्द नल-जल योजनाओं में 08 दीर्घ सुधार एवं 06 लघु सुधार योग्य हैं। लघु सुधार बन्द योजनायें ग्राम पंचायतों के द्वारा चालू की जा रही हैं। 08 दीर्घ सुधार योग्य बन्द योजनायें संधारण प्रक्रिया के तहत चालू की जा रही हैं। विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

डीजल व पेट्रोल वितरण से आय

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

14. ( क्र. 2589 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में कुल कितने डीजल-पेट्रोल फिलिंग स्‍टेशन्‍स हैं? जिलेवार कंपनीवार ब्‍यौरा दें. (ख) वर्ष २०१५ एवं दिसम्‍बर २०१६ तक कितना-कितना डीजल व पेट्रोल का वितरण हुआ है व शासन को इससे कितनी-कितनी आय हुई? (ग) प्रश्‍नांश (ख) से प्राप्‍त आय को किस मद में खर्च करने का प्रावधान है? शासन ने उपरोक्‍त दो वर्ष की आय किस-किस मद में व्‍यय की? मदवारवर्षवार ब्‍यौरा दें.

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

अनाज एवं मिट्टी तेल वितरण

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

15. ( क्र. 2596 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत ऐसे कितने हितग्राही है, जिन्हें अनाज एवं मिट्टी का तेल शासन की योजनानुसार वितरण किया जा रहा है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में वितरण कितनी दुकानों से किया जा रहा है? उन दुकानों में कितने उपभोक्ता पंजीकृत हैं?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) प्रश्‍नांकित विधानसभा क्षेत्र में 41,021 पात्र परिवारों के 1,65,155 सदस्‍यों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत खाद्यान्‍न, शक्‍कर, नमक एवं केरोसीन का वितरण कराया जा रहा है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर में उल्‍लेखित पात्र परिवारों को 71 (5 शहरी एवं 66 ग्रामीण) उचित मूल्‍य दुकानों के माध्‍यम से राशन सामग्री का वितरण कराया जा रहा है। उत्‍तरांश (क) अनुसार।

रेशम केन्‍द्रों हेतु स्‍वीकृत राशि

[कुटीर एवं ग्रामोद्योग]

16. ( क्र. 2597 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गोटेगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष २०१३-१४, २०१४-१५, २०१५-१६ एवं २०१६-१७ में रेशम केन्द्रों के लिए किस किस मद में कितनी-कितनी राशि जारी की गई? (ख) उक्त वर्षों में जिन कार्यों के लिए राशि जारी की गई उनकी वर्तमान स्थिति क्या है?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।

परिशिष्ट - ''चार''

विधानसभा क्षेत्र स्थित एफ.सी.आई. गोदाम

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

17. ( क्र. 2603 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत एफ.सी.आई. गोदामों में कितने गोदाम पंजीकृत हैं? सूची उपलब्ध करावें। उक्त गोदामों में किस-किस जगह से अनाज का भण्डारण किया जा रहा है वर्तमान में कितने गोदाम रिक्त हैं। (ख) विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कौन-कौन से अनाजों की खरीददारी की गई, उस अनाज का भण्डारण कौन-कौन से गोदामों में किया गया? भण्डारण दिनांक सहित सूची उपलब्ध करावें।

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

फलोराइड युक्‍त ग्रामों में माही परियोजना से पेयजल उपलब्‍ध कराया जाना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

18. ( क्र. 3153 ) कुमारी निर्मला भूरिया : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला झाबुआ अंतर्गत फलोराईड युक्‍त ग्रामों/मजरो/टोलों में माही परियोजना से पेयजल प्रदान करने की योजना की स्‍वीकृति कब एवं किन-किन ग्रामों/मजरो/टोलों के लिये कितनी-कितनी राशि की स्‍वीकृति प्रदान की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उक्‍त कार्य हेतु कब टेण्‍डर आमंत्रित किये गये किस-किस एजेंसी को कार्योंदेश किस-किस दिनांक को दिये गये एवं कार्य पूर्ण करने की अवधि क्‍या निर्धारित की गई? (ग) क्‍या निर्धारित समय व्‍यतीत होने के उपरांत भी उक्‍त कार्य अधूरे पड़े हैं इसके लिए कौन-कौन उत्‍तरदायी है? (घ) इस योजना में आज तक कितनी राशि खर्च की गई है एवं कितने ग्रामों/मजरो/टोलों को पानी का पानी उपलब्‍ध कराया गया है?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) 74 ग्रामों के 205 ग्रामों/मजरे/टोलों हेतु रू. 5049.00 लाख की दिनांक 16/08/2007 को। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) रू 6160.90 लाख। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

सायबर रिकार्ड रूम प्रारंभ करना

[राजस्व]

19. ( क्र. 3154 ) कुमारी निर्मला भूरिया : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के किन-किन जिलों की किस-किस तहसील में से शासन द्वारा सायबर रिकार्ड रूप में बनाये गये है? (ख) इस सायबर रिकार्ड रूम के निर्माण एवं मशीनरी पर कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई? सायबर रिकार्ड रूमवार जानकारी देवें? (ग) प्रश्‍नांश (क) (ख) में निर्मित सायबर रिकार्ड रूम में से कितनों में कार्य प्रारंभ किया जा चुका है कितने अनुपयोगी होकर बंद पड़े है? (घ) क्‍या इन सायबर रिकार्ड रूम में घटिया सामग्री प्रदाय करने से कम्‍प्‍यूटर, सर्वर, ए.सी. लगे होकर भी बंद पड़े हैं और रिकार्ड रूम इस कारण शुरू नहीं हो सके हैं? इस तरह घटिया सामग्री प्रदान करने वाले सप्‍लायर के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी और कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ग) 27 जिलों की 161 तहसीलों में कार्य प्रारम्भ हो चुका है। कोई अनुपयोगी नहीं है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

पाकिस्तान से भारत आए सिंधी समाज के नागरिकों को भारत की नागरिकता

[गृह]

20. ( क्र. 3204 ) श्री सुदर्शन गुप्‍ता (आर्य) : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश शासन द्वारा इन्दौर जिले में पाकिस्तान से भारत आए सिंधी समाज के नागरिकों को भारत की नागरिकता दिलाने हेतु संबंधितों से आवेदन जिला कलेक्टर को जमा करायें जा रहे हैं? यदि हाँ तो प्रश्न पूछे जाने तक जिला कलेक्टर इन्दौर में कितने आवेदन प्राप्त हुए हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार क्या प्राप्त आवेदनों को स्वीकृत कर संबंधितों को भारत की नागरिकता प्रदान कर दी गई है? यदि नहीं, तो कारण व अब तक की गई कार्यवाही स्पष्ट करें एवं कब तक प्रक्रिया पूर्ण कर संबंधितों को भारत की नागरिकता प्रदान कर दी जावेगी?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। अभी तक 4212 आवेदन पत्र जमा कराये गये हैं। (ख) प्रश्‍नांश '' अनुसार आज दिनांक तक 1325 लोगों को भारतीय नागरिकता प्रदान की गई है। शेष प्रकरण प्रक्रि‍याधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।

उचित मूल्‍य की दुकानें नियम विरूद्ध आवंटित करना

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

21. ( क्र. 3450 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण विभाग के पत्र क्रमांक एफ 7-19/2014/29-1 भोपाल, दिनांक 29 मई 2015 की कंडिका 7 (3) अनुसार उचित मूल्‍य की दुकानों का स्‍थान जिला पंचायत की संबंधित विषय समिति द्वारा अनुमोदित किये जाने का निर्देश है? यदि हाँ तो जिला भिण्‍ड में जिला पंचायत की समिति के बिना अनुमोदन के दुकानें आवंटित करने वाले अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) भिण्‍ड जिले के लहार एवं रौन विकासखण्‍ड के ग्रामीण क्षेत्र में प्राथमिक सहकारी समिति के कार्यक्षेत्र में किन-किन उपभोक्‍ता सहकारी भण्‍डारों एवं सहकारी समिति के बाहर की प्राथमिक सहकारी संस्‍थाओं को उचित मूल्‍य की दुकानें आवंटित की गई? (ग) कंडिका 8 (1) एवं 8 (4) का उल्‍लंघन कर अनुविभागीय अधिकारी लहार रौन, मिहोना जिला भिण्‍ड ने ग्रामीण क्षेत्र में उपभोक्‍ता भण्‍डारों एवं क्षेत्र के बाहर की सहकारी समितियों को उचित मूल्‍य की दुकानें आवंटित करने की जाँच कराई जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) आजी मॉ सहकारी उपभोक्‍ता भण्‍डार भिण्‍ड के कंडिका 8 (1) के अनुसार म.प्र. राज्‍य सहकारी उपभोक्‍ता भण्‍डार का सदस्‍य न होने के बाद भी नियम विपरीत कहाँ-कहाँ उचित मूल्‍य की दुकानें आवंटित किस-किस अधिकारी ने की? नाम पद पद सहित बतायें? (ड.) क्‍या भिण्‍ड जिले में गरीबों को वितरित होने वाली खाद्य सामग्री एवं मिट्टी तेल की कालाबाजारी कराने की उच्‍चस्‍तरीय जाँच कराकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जी हाँ। जिले में उक्‍त निर्देश के पालन में किसी भी उचित मूल्‍य दुकान का आवंटन नहीं किया गया है। शेष भाग का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। (ख) प्रश्‍नांकित विकासखण्‍डों में किसी भी समिति के द्वारा अपने कार्य क्षेत्र के बाहर दुकान आवंटित नहीं की गई है। (ग) चूंकि जिले में मध्‍यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 के प्रावधानों के तहत अभी तक उचित मूल्‍य दुकानों का आवंटन नहीं किया गया है। अत: कंडिका 8 (1) एवं 8 (4) के उल्‍लंघन की स्थिति नहीं होने से जाँच की आवश्‍यकता प्रतीत नहीं होती है। (घ) प्रश्‍नांकित संस्‍था को आवंटित दुकानें मध्‍यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 के अधिसूचित होने के पूर्व आवंटित की गई हैं। (ड.) राशन वितरण से संबंधित शिकायत प्राप्‍त होने पर नियमानुसार जाँच कराकर कार्यवाही की जाती है। भिण्‍ड जिले में विगत 1 वर्ष में खाद्य सामग्री एवं मिट्टी तेल की कालाबाजारी के संबंध में 24 शिकायतें प्राप्‍त हुई। जिले में 22 दुकानें निलंबित कर 5 दुकानों के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज की गई है।


क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय धार द्वारा चालान बनाकर वसूले गये जुर्माने की जानकारी

[परिवहन]

22. ( क्र. 3708 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय धार द्वारा विगत ०५ वर्षों के दौरान अवेध परमिट, बीमा नहीं होने आदि कारणों से बनाये गये चालानों के माध्यम से कितना जुर्माना वसूला गया है वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्‍नांश में उल्लेखित प्राप्त राजस्व में से धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र के वाहनों से कितना जुर्माना वसूला गया है वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावें?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जिला परिवहन कार्यालय धार द्वारा विगत पाँच वर्षों के दौरान अवैध परमिट बीमा आदि नहीं होने से बनाये गये चालानों से प्राप्त राजस्व की जानकारी निम्नानुसार हैः-

वर्ष

राजस्‍व राशि (रूपये )

2012

855413

2013

147800

2014

24820

2015

1422948

2016

1351278

(ख) प्रश्नांश '' में उल्लेखित अनुसार राजस्व का संधारण जिला कार्यालयवार किया जाता है। विधानसभा क्षेत्रानुसार नहीं किया जाता है। अत: धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र के वाहनों से वसूले जुर्माने की जानकारी दी जाना संभव नहीं है।

क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय धार द्वारा जारी यात्री बसों के परमिटों की जानकारी

[परिवहन]

23. ( क्र. 3709 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय धार द्वारा विगत ०५ वर्षों के दौरान कितनी यात्री बसों के परमिट स्थाई/अस्थाई दिये गये है वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्‍नांश में उल्लेखित प्रदाय परमिटों में से कितनी बसें चल रही हैं तथा कितनी बसों के परमिट निरस्त हो चुके हैं वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावे?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) स्थाई परमिट संभागीय उप परिवहन आयुक्त इंदौर से जारी किये जाते है। अत: जिला कार्यालय धार द्वारा जारी स्थाई परमिट की संख्‍या निरंक है। अस्थाई परमिटों की जानकारी निम्नानुसार हैः-

वर्ष

परमिटों की संख्‍या

2012-2013

642

2013-2014

785

2014-2015

694

2015-16

596

2016-2017

409

(ख) वर्तमान में माह मार्च 2017 में 12 बसें परमिटों पर चल रही है। अस्थाई परमिट आवेदक द्वारा चाहे गये नियत अवधि के लिये जारी किये जाते है, कोई परमिट निरस्त नहीं किया गया।

तहसीलदार बमोरी एवं उनके रीडर द्वारा राजस्व अभिलेख में कूट रचना

[राजस्व]

24. ( क्र. 3714 ) श्रीमती ममता मीना : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्राम बमोरी खास की भूमि सर्वे क्रमांक 553, जो कि पटवारी रिकार्ड में शासकीय दर्ज है तथा उक्त भूमि पर जनपद पंचायत कार्यालय एवं विश्राम भवन लगभग 0.836 हेक्टेयर भूमि में निर्मित हैं? क्या शेष 0.667 हेक्टेयर रकबा विश्राम भवन एवं जनपद पंचायत कार्यालय के रूप में सार्वजनिक उपयोगी था अथवा नहीं? (ख) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित भूमि 0.667 तहसीलदार बमोरी द्वारा गणेशराम, रतनलाल, खूबचन्द, शंकर लाल निवासी बमोरी से सांठ-गांठ कर अपने न्यायालय में फर्जी प्रकरण चलाते हुये शासकीय भूमि पर फर्जी इन्द्राज दुरूस्ती की गई है? (ग) म.प्र. भू-राजस्व संहिता में तैयार किये गये भू-अभिलेखों में यदि त्रुटि हो जाये तो प्रविष्टि दिनांक से 01 वर्ष के भीतर शुद्धिकरण के लिये तहसीलदार को अधिकार है? साथ ही नवीन प्रविष्टि की सृष्टि नहीं की जा सकती है? उक्त नियम यदि शासन द्वारा निर्मित हैं तो संबंधित तहसीलदार द्वारा प्रश्नांश (ख) अनुसार प्रविष्टि संबंधी कार्यवाही को शासन निरस्त करेगा अथवा राजस्व अभिलेखों में खसरा 2032 लगायत 2041 के लगातार खसरों में भूमि सर्वे क्रमांक 553 शासकीय पुनः घोषित किया जावेगा? (घ) प्रश्नांश (ग) अनुसार यदि तथ्य सही हैं तो संबंधित दोषी तहसीलदार के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी तथा राजस्व अभिलेखों में कब तक पुनः शासकीय घोषित इन्द्राज कराया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। जिल्‍द बंदोबस्त में संवत 2013 में भूमि सर्वे क्रमांक 553 रकबा 7 बीघा 4 बिस्‍वा अर्थात (1.505 हेक्‍टेयर) भूमि उंकार के नाम पर दर्ज थी तत्‍पश्‍चात खसरा संवत 2031 लगायात वर्तमान तक भूमि सर्वे क्रमांक 553 रकबा 0.836 हे. शासकीय अभिलेख में दर्ज है। (ख) प्रश्‍नाधीन भूमि जिल्‍द बंदोबस्‍त में उंकार के नाम पर भूमि स्‍वामी के रूप में दर्ज होने एवं तत्‍पश्‍चात उक्‍त भूमि भू-राजस्‍व अभिलेखों में ब्‍लॉक आबादी दर्ज होने के कारण बंदोबस्‍त के समय अंकित भूमि स्‍वामी उंकार के उत्‍तराधिकारीगण ने इंद्राज दुरूस्‍ती हेतु तहसीलदार न्‍यायालय में संहित की धारा 115-116 के तहत आवेदन पत्र प्रस्‍तुत किया था। जिस पर तहसीलदारा बमोरी द्वारा प्रकरण क्रमांक 32-अ- 6 अ/2014-2015 में पारित आदेश दिनांक 27.10.2016 के द्वारा मध्‍यप्रदेश भू-राजस्‍व संहिता की धारा 115-116 के तहत इन्‍द्राज दुरूस्ती की कार्यवाही की जाकर भूमि सर्वे क्रमांक 553 रकबा 0.667 हे. पर गणेशराम, रतनलान, खूबचन्‍द, शंकरलाल पुत्रगण गोपीलाल सेन के नाम अंकित की गई थी। आदेश पारित किये जाने के बाद तहसीलदार बमोरी को इन तथ्‍यो की जानकारी हुई कि प्रकरण में तथ्‍यों को छिपाया गया है, इस पर से तहसीलदार द्वारा अनुविभागीय अधिकारी से पुनर्विलोकन की अनुमति प्राप्‍त कर हितबद्ध पक्षकारों को सुना जाकर आदेश दिनांक 10.03.2017 से आदेश दिनांक 27.10.2016 को निरस्‍त किया गया एवं भूमि पुन: शासकीय दर्ज की गई है। (ग) जी हाँ। आदेश दिनांक 10.03.2017 द्वारा पूर्व प्रविष्टि निरस्‍त की जाकर भूमि सर्वे क्रमांक 553 पुन: शासकीय घोषित की जा चुकी है। (घ) ग्राम बमोरी की भूमि सर्वे क्रमांक 553 के संबंध में प्रचलित प्रकरण में पुनर्विलोकन की अनुमति ली जाकर आदेश दिनांक 27.10.2016 से तहसीलदार द्वारा किये गये संशोधन की प्रविष्टि निरस्‍त की जाकर अमल किया जा चुका है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

द.प्र. संहिता 1973 में धारा 25 (क) के पालन किया जाना

[गृह]

25. ( क्र. 3894 ) श्री अरूण भीमावद : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) द.प्र. संहिता 1973 में धारा 25 (क) अभियोजना संचालनालय का प्रावधान किया गया है, क्‍या यह वर्तमान में प्रभावशील है? (ख) यदि हाँ तो क्‍या मध्‍यप्रदेश में कार्यरत अभियोजन अधिकारीगण के पदनाम को परिवर्तित किया गया है? (ग) यदि हाँ तो क्‍या म.प्र. लोक अभियोजन (राजपत्रित) सेवाभर्ती नियम 1991 में संशोधन किया जाना आवश्‍यक है? (घ) यदि नहीं, तो क्‍या वर्तमान में उक्‍त द.प्र.सं. की धारा 25 (क) का लाभ अभियोजन अधिकारियों को प्राप्‍त हो रहा है?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। (ख) वर्तमान में प्रदेश में प्रभावशील द.प्र.स. की धारा 25 (क) की उप धारा 2 में संचालक लोक अभियोजन, अतिरिक्त संचालक अभियोजन, संयुक्त संचालक अभियोजन, उप संचालक अभियोजन तथा सहायक संचालक अभियोजन आदि पदनाम दिये गये है। (ग) मूल विधि के अनुरूप आवश्यकतानुसार संशोधन किये जायेगे। (घ) द.प्र.स. की धारा 25 (क) के अनुरूप संचालनालय क्रियाशील है, जिसका प्रशासनिक लाभ अभियोजन अधिकारियों को प्राप्त हो रहा है।

इंदिरा गांधी शास. इंजीनियरिंग कॉलेज सागर का कारपस फण्‍ड

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

26. ( क्र. 3928 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदिरा गांधी शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज सागर के कारपस फण्‍ड में प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितनी राशि जमा है तथा इसका उपयोग किन-किन मदों में करने के निर्देश हैं? प्रति उपलब्‍ध करायें। (ख) वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक कॉलेज के कारपस फण्‍ड से किन-किन कार्यों पर कितनी राशि व्‍यय की गयी? कार्यवार, मदवार विवरण देंवे। क्‍या कार्य का भौतिक सत्‍यापन सक्षम अधिकारी द्वारा किया गया है? यदि हाँ तो, दिनांक एवं पद नाम सहित बतायें? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में यदि उक्‍त फण्‍ड का उपयोग नहीं किया गया, तो इसका क्‍या कारण है तथा इसके लिए कौन जिम्‍मेदार हैं? (घ) क्‍या कॉलेज की बी.ओ.जी. की 16 वीं बैठक में कारपस फण्‍ड में डिपॉजिट राशि को एफ.डी.आर. में शीघ्र परिवर्तित करने का निर्णय लिया गया था? यदि हाँ तो किस दिनांक को? क्‍या एफ.डी.आर. विलम्‍ब से कराने के कारण ब्‍याज दर कम होने से कॉलेज को आर्थिक हानि हुई? यदि हाँ तो इसके लिए कौन दोषी है तथा उस पर क्‍या कार्यवाही की जायेगी एवं कब तक?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) कुल राशि रूपये 18,00,07,696/- (रूपये अठारह करोड़ सात हजार छ: सौ छियानवे) जमा है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) कोई व्‍यय नहीं किया गया। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। (ग) कारपस से व्‍यय न करने की जाँच कराई जावेगी। (घ) शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। जी हाँ। दिनांक 23.06.2016 को निर्णय लिया गया था। जी हाँ। जाँच कर कार्यवाही की जावेगी। समय-सीमा बताना संभव नहीं।

परिशिष्ट - ''पाँ''

संभागीय मुख्‍यालय सागर में श्रमोदय विद्यालय खोले जाना

[श्रम]

27. ( क्र. 3929 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश भवन एवं अन्‍य सनिर्माण कर्मकार मण्‍डल के अंतर्गत प्रदेश में श्रमोदय विद्यालय स्‍वीकृत किये गये हैं? यदि हाँ तो किन-किन शहरों में स्‍वीकृत किये गये हैं, स्‍वीकृत राशि सहित, विद्यालयवार बतायें? (ख) क्‍या सागर संभाग में कर्मकार मण्‍डल के अंतर्गत लगभग 3 लाख श्रमिक पंजीकृत है? क्‍या संभागीय मुख्‍यालय सागर में श्रमोदय विद्यालय खोले जाने का प्रस्‍ताव शासन के समक्ष विचाराधीन है? यदि हाँ, तो उक्‍त प्रस्‍ताव कब तक स्‍वीकृत कर दिया जायेगा? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में यदि नहीं, तो क्‍या शासन श्रमिक परिवारों के हित में श्रमोदय विद्यालय खोले जाने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगा? यदि हाँ तो कब तक?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जी हाँ। मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मंडल के अंतर्गत प्रदेश में स्वीकृत श्रमोदय विद्यालय एवं स्वीकृत राशि की विद्यालयवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत सागर संभाग में जनवरी 2017 की स्थिति कुल 308528 निर्माण श्रमिक पंजीकृत है। संभागीय मुख्यालय सागर में वर्तमान में मंडल द्वारा श्रमोदय विद्यालय खोला जाना का विचाराधीन नहीं है। अतः प्रश्नांश की शेष जानकारी का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
(ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत सागर संभाग में पंजीबद्ध निर्माण श्रमिकों हेतु श्रमोदय विद्यालय खोले जाना का कोई भी प्रस्ताव प्रस्तावित नहीं है।

परिशिष्ट - ''छ:''

अपूर्ण आर.आई.क्‍वार्टर

[राजस्व]

28. ( क्र. 3984 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले की विधानसभा क्षेत्र ११२ अंतर्गत किन-किन स्‍थानों पर आर.आई.क्‍वाटर पूर्ण/अपूर्ण हैं? कितने वर्षों से विकासखण्‍डवार जानकारी देवें? (ख) क्‍या वारासिवनी नगर एवं ग्राम पंचायत बुदबुदा में आर.आई.क्‍वार्टर कई वर्षों से अपूर्ण हैं? उक्‍त अपूर्ण क्‍वार्टरों का पूर्ण भूगतान विभाग द्वारा ठेकेदारों को कर दिया गया है? यदि हाँ तो क्‍यों? (ग) क्‍या उक्‍त क्‍वार्टरों को विभाग द्वारा ढील दी गई? यदि नहीं, तो प्रश्‍न दिनांक तक विभाग ने ठेकेदारों के खिलाफ क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) अपूर्ण आर.आई.क्‍वार्टर के संबंध में कौन अधिकारी/कर्मचारी जिम्‍मेदार हैं? उक्‍त अधिकारी/कर्मचारी के खिलाफ विभाग क्‍या कार्यवाही करेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) बालाघाट जिले की विधानसभा क्षेत्र 112 के अंतर्गत तहसील एवं विकासखण्‍ड वारासिवनी के ग्राम वारासिवनी एवं ग्राम बुदबुदा में आर.आई.क्‍वार्टर क्रमश: वर्ष 2006-2007 एवं 2010-11 से अपूर्ण हैं। (ख) जी हाँ। स्‍वीकृति अनुसार निर्माण एजेन्‍सी लोक निर्माण विभाग द्वारा ठेकेदार को पूर्ण भुगतान कर दिया गया है। भवनों की स्‍वीकृत राशि की सीमा में ही भुगतान किया गया है। लागत वृद्धि के कारण कार्य पूर्ण नहीं हुआ। (ग) जी नहीं। भवनों की स्‍वीकृत राशि की सीमा तक निर्माण पूर्ण किया गया है, इसलिए ठेकेदार के खिलाफ कार्यवाही नहीं की गई। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

कृषि भिन्‍न आश्‍य की भूमि का विक्रय

[राजस्व]

29. ( क्र. 4004 ) श्रीमती संगीता चारेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सैलाना अनुभाग क्षेत्र में वर्ष 2011-12 से प्रश्‍न दिनांक तक कृषि भिन्‍न आशय की भूमि गैर आदिवासी से गैर आदिवासी को विक्रय करने में कलेक्‍टर रतलाम द्वारा कितने लोगों से धारा 165 (6) के अंतर्गत विक्रय की अनुमति दी गई, संख्‍या बताएं? यदि नहीं, तो लंबित आवेदनों की संख्‍या बताएं? (ख) क्‍या सैलाना अनुभाग क्षेत्र में कलेक्‍टर से निम्‍न श्रेणी के अधिकारी को विक्रय की अनुमति का अधिकार है? यदि नहीं, तो सैलाना नगर में तीन अविकसित कॉलोनी को विक्रय का अधिकार किस अधिकारी द्वारा किन-किन नियमों के तहत दिया गया?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

वनग्रामों को राजस्‍व ग्राम में परिवर्तन बावत्

[राजस्व]

30. ( क्र. 4022 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ग्रामीण क्षेत्र के मजरे टोलों को राजस्‍व ग्राम घोषित करने पर ही उन्‍हें मूलभूत सुविधाओं को लाभ शासन की विभिन्‍न योजनाओं के अन्‍तर्गत दिया जा सकता है? (ख) यदि नहीं, तो इन क्षेत्रों में निवासरत लोगों को बिजली पानी एवं सड़क जैसी मूलभूत प्रदान का दायित्‍व किसका है? (ग) खंडवा विधानसभा क्षेत्र के किन-किन ग्रामीण क्षेत्रों को राजस्‍व ग्राम घोषित करने के प्रस्‍ताव शासन स्‍तर पर विचाराधीन हैं? (घ) क्‍या मानवीय आधार पर मजरे टोलों में निवासरत लोगों के जीवनस्‍तर को ऊंचा उठाने के लिए व्‍यापक जनहित में प्रस्‍तावों को राजस्‍व ग्राम घोषित करने के आदेश जारी किये जायेंगे? यदि हाँ तो कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी नही। (ख) मूल राजस्व ग्राम एवं मजरा टोलों को मूलभूत सुविधाएं नियमानुसार दी जा रही है। (ग) खण्डवा विधान सभा क्षेत्र के राजस्व ग्रामों के मजरे टोलों को राजस्व ग्राम घोषित करने हेतु जिले से प्राप्त प्रस्तावों का परीक्षण किया गया एवं संहिता के प्रावधान एवं मापदण्ड अनुसार नहीं पाये जाने से अमान्य किया गया। (घ) म.प्र. भू-राजस्व संहिता के प्रावधान एवं मापदण्ड अनुसार ही मजरे टोलों को पृथक राजस्व ग्राम बनाया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

वारिसाना नामान्‍तरण के लंबित प्रकरण

[राजस्व]

31. ( क्र. 4218 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सीधी जिले में बहरी एवं सिंहावल तहसील एवं सिंगरौली जिले के देवसर त‍हसील में वर्ष 2013-14 से जनवरी, 2017 तक में कितने वारिसाना नामान्‍तरण किये गये हैं व कितने प्रकरण लंबित है? लंबित होने का क्‍या कारण है? कब तक सभी प्रकरणों का निराकरण किया जावेगा? (ख) सिंहावल एवं बहरी में कितने हितग्राहियों को वास दखल का पट्टा दिया गया है एवं कितने आवेदन प्राप्‍त हुए हैं? कितने पात्र व अपात्र हुए हैं, ग्रामवार सूची देवें?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) सीधी जिले के तहसील सिंहावल में 2453 एवं तहसील बहरी में 1521 कुल 3974 वर्ष 2013-14 से जनवरी 2017 तक वारिसाना नामान्‍तरण स्‍वीकृत किये गये है। तहसील बहरी में 16 एवं तहसील सिंहावल में 13 कुल 29 प्रकरण विवादित होने के कारण विचाराधीन है। उभय पक्षों को सुनवाई का युक्ति-युक्‍त अवसर दिया जाकर विधि अनुसार प्रचलित उक्‍त 29 प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जायेगा। सिंगरौली जिले के तहसील देवसर में वर्ष 2013-14 से जनवरी 2017 तक कुल 1678 वारिसाना नामांतरण स्‍वीकृत किए गए है। वारिसाना नामांतरण के प्रकरण लंबित नहीं है। (ख) वास स्‍थान दखलकार अधिनियम के अंतर्गत वर्ष 2012-13 में 560 आवेदन प्राप्‍त हुए थे जिसमें 398 पात्र एवं 162 अपात्र पाये गये है। वर्ष 2015-16 में कुल 300 आवेदन प्राप्‍त हुए जिसमें 135 पात्र एवं 165 अपात्र पाये गये है। पात्र एवं अपात्र व्‍यक्तियों की ग्रामवार सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है

सिंघाड़ा बोर्ड का गठन

[मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास]

32. ( क्र. 4298 ) श्री मोती कश्यप : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग के द्वारा किसी दिनांक को माननीय मुख्यमंत्री के आतिथ्य में जबलपुर में दिनांक 22.08.2008 को किसी वर्ग की कोई पंचायत आयोजित की गई है? (ख) क्या प्रश्नांश (क) कार्यक्रम में माननीय मुख्य‍मंत्री ने किन्हीं जाति-वर्ग के लोगों के कल्याण हेतु कोई घोषणायें की हैं? (ग) प्रश्नांश (क) घोषणाओं में से कौनसी किन विभागों के द्वारा क्रियान्वित करायी गई हैं? (घ) क्या प्रश्नांश (ख) घोषणाओं में किसी बोर्ड का गठन भी सम्मिलित रहा है और क्या उसका गठन कर दिया गया है? यदि नहीं, तो क्यों? (ड.) प्रश्नांश (घ) बोर्ड का गठन कब तक कर दिया जावेगा?
पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) घोषणाओं के क्रियान्‍वयन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) प्रश्‍नांश (ख) के अनुक्रम में घोषणाओं में किसी बोर्ड का गठन सम्मिलित नहीं है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (ड.) प्रश्‍नांश (घ) के उत्‍तर के अनुक्रम में प्रश्‍नांश '' उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''सात''

वाहन डीलरों द्वारा हेलमेट खरीदी के नाम पर राशि वसूली

[परिवहन]

33. ( क्र. 4303 ) श्री राजेश सोनकर : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परिवहन विभाग इन्‍दौर द्वारा वाहन खरीदी के समय वाहन डीलरों से हेलमेट खरीदने की अनिवार्यता की गई है? यदि हाँ तो किन नियमों के तहत की जा रही है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में यदि नहीं, तो वाहन डीलरों द्वारा परिवहन विभाग इन्‍दौर के आदेश की आड़ में नये वाहन क्रेताओं से वाहन के साथ हेलमेट लेने हेतु राशि वसूली जा रही है? यदि हाँ तो किन नियमों के तहत उक्‍त वसूली की जा रही है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में क्‍या प्रदेश के सभी जिलों में नवीन क्रय किये गये वाहन का पंजीयन कराते समय हेलमेट की रसीद होना अनिवार्य है? यदि हाँ तो किन नियमों के तहत और यदि नहीं, तो इन्‍दौर जिले में पंजीयन हेतु हेलमेट की रसीद क्‍यों अनिवार्य की जा रही है?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) से (ग) परिवहन विभाग इंदौर द्वारा वाहन खरीदी के समय वाहन डीलरों से हेलमेट खरीदने की अनिवार्यता नहीं की गई है। अपितु तथ्यात्मक स्थिति यह है कि मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 129 अनुसार दो पहिया वाहन चालकों एवं सवारी (pillionrider) के लिये हेलमेट का प्रयोग करना अनिवार्य है। इसी प्रकार केन्द्रीय मोटरयान नियम-1989 के नियम 138 (4) (च) में वर्णित प्रावधान निम्नानुसार हैः- '' दुपहिया की खरीद के समय दुपहिया विनिर्माता बी.आई.एस. द्वारा भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम 1986 (1986 का 63) के अधीन विहित विनिर्देश के अनुरूप सुरक्षा हेड गियर प्रदान करेगा परंतु ये शर्तें धारा-129 और सम्बद्ध राज्य सरकार द्वारा उसके अधीन बनाये गये नियमों के अनुसार छूट प्राप्त प्रवर्ग के व्यक्तियों को लागू नहीं होगी।'' तदनुरूप मध्यप्रदेश शासन परिवहन विभाग के पत्र क्रमांक एफ 22-41/2011/आठ दिनांक 05.09.2014 द्वारा यह परिपत्र जारी किया गया है कि दो पहिया वाहन के साथ क्रेता को हेलमेट खरीदना होगा। इस प्रकार के हेलमेट खरीदने के प्रमाण के बगैर दो पहिया वाहनों को पंजीयन न किया जाए। इस प्रकार इंदौर ही नहीं अपितु प्रदेश के सभी जिलों में नवीन क्रय किये गये वाहन का पंजीयन कराते समय हेलमेट की रसीद होना अनिवार्य है।

शासकीय भूमि उपलब्ध कराया जाना

[राजस्व]

34. ( क्र. 4316 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा शासकीय प्रयोजन के लिये किसी कृषक की कृषि भूमि को अधिग्रहित किये जाने के बाद कितने दिनों में शासकीय भूमि से विनिमय की प्रक्रिया पूर्ण कर प्रभावित कृषक को जमीन उपलब्ध कराई जाती है। वर्तमान में ऐसे कितने कृषकों के प्रकरण विचाराधीन है जिन्हें शासकीय भूमि उपलब्ध कराया जाना है जिनसे शासन पहले ही उनकी कृषि भूमि अधिग्रहण कर चुका है। (ख) धार जिले की सरदारपुर तहसील के ग्राम अमोदिया के नारायण पिता मोती एवं मांगूबाई पति मोती की कृषि भूमि खसरा नं. 670/2 क्षेत्रफल 0.160 हेक्टर एवं खसरा नं. 670 क्षेत्रफल 3.578 हेक्टर कलेक्टर धार द्वारा महावीर जलाशय मोहनखेड़ा के नहर निर्माण हेतु एवं पॉवर ग्रीड कार्पोरेशन 400 के.व्ही.सब स्टेशन राजगढ़ निर्माण में प्रभावित होने से अधिग्रहित की गई हैं। (ग) कृषि भूमियों के अधिग्रहण कर मुआवजा राशि उपलब्ध न कराते हुये कृषक को शासकीय भूमि ग्राम दलपुरा तहसील- सरदारपुर स्थित शासकीय भूमि खसरा नं. 720 पैकि क्षेत्रफल 2.000 हेक्टर एवं खसरा क्रमांक 728/1 पैकि रकबा 1.678 हेक्टर उपलब्ध कराने की क्या कार्यवाही की गई थी। (घ) कलेक्टर धार द्वारा इस प्रकरण में दिनांक 19/06/2010 पत्र क्रमांक 293/रीडर-1/2010 तथा पत्र क्रमांक 143/रीडर-1/2012 दिनांक 09/02/2012 की प्रति देवें, इन पत्रों पर क्या कार्यवाही की गई।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ, अधिग्रहित भूमि के बदले प्रभावित कृषक को शासकीय भूमि उपलब्‍ध कराने का प्रावधान तत्‍कालिन अथवा वर्तमान में लागू भू-अर्जन अधिनियम 2013 में नहीं है। अत; शेष प्रश्‍नांश उद्भूत नहीं होता। (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। प्रभावित कृषक श्री नारायण पिता मोती द्वारा मुआवजा राशि प्राप्‍त नहीं की गई। उनके द्वारा मुआवजे के स्‍थान पर अधिग्रहित भूमि के बदले ग्राम दलपुरा की प्रश्‍नाधीन भूमि कुल रकवा 3.678 हे. आवंटित करने की मांग की गई थी। कलेक्‍टर धार से प्राप्‍त उपरोक्‍त भूमि विनिमय का प्रस्‍ताव विभागीय आदेश क्रमांक एफ 16-9/2012/सात/2, दिनांक 03 जुलाई, 2013 द्वारा निरस्‍त कर, आवेदक श्री नारायण पिता मोती को भी आदेश प्रति दी गई है। (घ) कलेक्‍टर धार के प्रश्‍नाधीन दोनों पत्रों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। कृत कार्यवाही की जानकारी उत्‍तरांश '' अनुसार।

प्रदूषण की जाँच रिपोर्ट्स

[पर्यावरण]

35. ( क्र. 4557 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) फरवरी २०१७ को नागदा जिला उज्‍जैन में माननीय पर्यावरण मंत्री जी म.प्र. शासन की उपस्थिति में प्रदूषण की जाँच की गई? तत्‍संबंधी ब्‍यौरा क्‍या है? लिये गये सेंपल्‍स की जाँच रिपोर्टस का ब्‍यौरा दें। (ख) क्‍या नागदा में कारखानों से निकलने वाली खतरनाक गैसों से हो रहे प्रदूषण की जाँच की गई? यदि नहीं, तो प्रदूषण की जाँच कैसे पूर्ण मानी जावे? विवरण दें।

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। 06 स्थानों से जल नमूने एकत्र कर प्रदूषण की जाँच की गई, जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जी नहीं। उद्भूत विधानसभा आश्वासन की विषय वस्तुस्थिति के परिप्रेक्ष्य में निरीक्षण किया गया था । अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''आठ''

पटवारी परीक्षा 2012 में चयनित परीक्षार्थी

[राजस्व]

36. ( क्र. 4569 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के दिनांक 24 फरवरी 2016 के तारांकित प्रश्‍न संख्‍या 5 (क्रमांक 2062) के उत्‍तर (क) में बताया था पटवारी चयन परीक्षा 2012 में जिला भोपाल के 14 विज्ञापित पदों के विरूद्ध पटवारी प्रशिक्षण उपरांत परीक्षा हेतु उपस्थिति 75 प्रतिशत संबंधी नामांकित उम्‍मीदवारों द्वारा प्रशिक्षण में उपस्थित नहीं होने पर प्रतीक्षा से सूची से चयनित उम्‍मीदवार द्वारा भी प्रशिक्षण में भाग नहीं लेने के कारण पद रिक्‍त रहे एवं भोपाल जिले के रिक्‍त पदों के विरूद्ध तीन सत्रों में उम्‍मीदवारों को मौका दिया गया? (ख) क्‍या यह सही है कि भोपाल जिले की प्रतीक्षा सूची से चयनित उम्‍मीदवार द्वारा भोपाल जिला कलेक्‍टर को कई बार आवेदन दिये जाने के बाद भी उम्‍मीदवार को प्रशिक्षण का मौका नहीं दिया गया? (ग) यदि नहीं, तो भोपाल कलेक्‍टर द्वारा कब-कब किन पत्रों के माध्‍यम से आवेदकों के नाम राज्‍य स्‍तरीय प्रशिक्षण संस्‍था महलगांव ग्‍वालियर के लिये नाम प्रस्‍तावित किये गये साथ ही प्राचार्य राज्‍य स्‍तरीय प्रशिक्षण संस्‍था महलगांव ग्‍वालियर द्वारा कब-कब प्रतीक्षा सूची से चयनित उम्‍मीदवारों को किन पत्रों के माध्‍यम से उम्‍मीदवारों क मांग की गई? (घ) समयावधि में प्रतीक्षा सूची के चयनित उम्‍मीदवारों के नाम नहीं पहुँचाने एवं समयावधि व्‍यवगत हो जाने में प्रतीक्षा सूची के उम्‍मीदवारों का क्‍या दोष है उनके भविष्‍य के साथ शासन द्वारा क्‍यों खिलवाड़ किया गया दोषी व्‍यक्तियों पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी एवं उम्‍मीदवारों के साथ क्‍या न्‍यायोचित कार्यवाही की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। (ग) भोपाल जिले में पत्र क्र.1549/भू.अभि/2012 दिनांक 10.07.2012 के द्वारा 07 अभ्‍यार्थियों को एवं पत्र क्र. 864/भू.अभि./ 2013 दिनांक 19.03.2013 द्वारा 09 अभ्‍यार्थियों को पटवारी प्रशिक्षण शाला सीहोर हेतु नामांकित किया गया। पटवारी संस्‍था महलगांव द्वारा पत्र क्रमांक 186/प्र.स./प्रशि./2015 ग्‍वालियर दिनांक 22/5/2015 द्वारा 02 प्रशिक्षणार्थियों की अनुपस्थिति की जानकारी दी गई, किन्‍तु चयन सूची की वैधता 30/4/2015 को ही समाप्‍त हो जाने के कारण नये प्रशिक्षणार्थी नहीं भेजे गये। (घ) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अतिक्रमण एव अतिक्रमण हटने के बाद पुन: कब्‍जा होना

[राजस्व]

37. ( क्र. 4831 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 07 दिसम्‍बर 2016 के परि. अता. प्रश्‍न संख्‍या 8 (क्रमांक 82) के संदर्भ के उत्‍तर में बताया था कि बेदखल करने हेतु तहसीलदार अशोकनगर ने दिनांक 06/12/201६ तय की थी उस दिन तथा उसके बाद में बेदखली के बारे में क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) पूर्व प्रश्‍न में यह उत्‍तर दिया था कि इस भूमि पर गुना की तत्‍कालीन जिलाधीश श्रीमति नीलम राव ने पुलिस की मदद से अतिक्रमण हटा दिया था तो दोबारा अशोक नगर नया जिला बनने पर गजराज सिंह पुत्र अमोल सिंह निवासी खानपुर तहसील चंदेरी का कब्‍जा कैसे हो गया तथा इसको रोकने की जिम्‍मेदारी किस अधिकारी एवं कर्मचारी की थी? उस पर कार्यवाही क्‍यों नहीं हुई? (ग) क्‍या 07 दिसम्‍बर 2016 को प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍नांश (ग) का उत्‍तर दिया था कि जून 2016 में पलकटोरी ग्राम में अवैध खनन करने वाले वाहन डम्‍पर आदि अमोल सिंह की अतिक्रमण की भूमि में ही पुलिस और प्रशासन पर हमला कर छुड़ाने के बाद रखे गये थे तो अमोल सिंह को पक्ष क्‍यों नहीं बनाया गया तथा उस पर कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? क्‍या इससे यह सिद्ध नहीं होता है कि अमोल सिंह का बेनामी कब्‍जा है तथा जून 2016 को पलकटोरी में अवैध खनन में पुलिस प्रशासन पर हमलाकर पकड़े गये वाहन इसी बाड़े में रखे गये तथा वास्‍तविक कब्‍जा इस प्रकरण में फरार अपराधियों का है तो इसको रिकार्ड में क्‍यों नहीं लिया गया क्‍योंकि प्रश्‍नकर्ता के 19 जुलाई 2015 के प्रश्‍न संख्‍या 4 (क्रमांक 63) से सिद्ध है कि अवैध खनन के वाहन इसी भूमि से जब्‍त किये गये तथा धारा 353, 341, 126, 379, 147, 148, 149 में प्रकरण दर्ज किये गये? क्‍योंकि इस भूमि पर फरार अपराधियों का बेनामी कब्‍जा सिद्ध होता है? (घ) प्रकरण न्‍यायालय एवं राजस्‍व मंडल में कहाँ लंबित है तथा वर्तमान में स्थिति क्‍या है?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

अशोक नगर शहर के मध्‍य की भूमि भौसले का बाड़ा के बारे में

[राजस्व]

38. ( क्र. 4832 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या अशोकनगर शहर के मध्‍य करोड़ों की भूमि भौसले का बाड़ा शासकीय भूमि जिस पर तत्‍कालीन गुना कलेक्‍टर श्रीमती नीलम राव द्वारा कब्‍जा हटा दिया गया था पुन: बेनामी कब्‍जा गजराज सिंह पुत्र अमोल सिंह खासखेड़ा चंदेरी द्वारा कर लिया है का प्रकरण भी इसी राजस्‍व मण्‍डल के सचिव के पास है व यहां भी निजी व्‍यक्ति के पक्ष में यह सदस्‍य निर्णय उपरोक्‍त दो प्रकरणों की तरह कर सकते है। इस सदस्‍य को इस प्रकरण से हटाने व उपरोक्‍त 2 अन्‍य फैसले जहां शासन विरूद्ध निर्णय दिये है, समीक्षा करने का पत्र प्रश्‍नकर्ता ने मुख्‍यमंत्री जी राजस्‍व मंत्री जी मुख्‍य सचिव प्रमुख सचिव राजस्‍व को नवम्‍बर एवं दिसम्‍बर 2016 में दिया है उस पर क्‍या कार्यवाही हुई? (ख) चूंकि तहसीलदार के फैसले की अपील एस.डी.ओ. व कलेक्‍टर को हो सकती है तथा बाद में संभाग के कमिश्‍नर से हो सकती है तथा तीन स्‍तरीय व्‍यवस्‍था है अत: राजस्‍व मण्‍डल में अपील पर रोक पर विचार करेंगे? (ग) क्‍या प्रदेश शासन राजस्‍व मण्‍डल को समाप्‍त करने पर विचार करेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) प्र.क्र. 8 68/13-14 आदेश दिनांक 10.12.2014 द्वारा अतिक्रामक गजराज सिंह पुत्र अलोल सिंह यादव निवासी खानपुर तहसील चन्‍देरी को म.प्र. भू-राजस्‍व संहिता 1959 की धारा 248 के तहत 10000/- रूपये अर्थदण्‍ड आरोपित कर बेदखल करने का आदेश पारित किया गया, माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर खण्‍डपीठ ग्‍वालियर के प्र.क्र. डब्‍ल्‍यू.पी. 8034 आदेश दिनां‍क 22.12.14 द्वारा अनुविभागीय अधिकारी अशोकनगर के न्‍यायालय में उपरोक्‍त प्रकरण के निराकरण पर स्‍थगन दिया गया। अनुविभागीय अधिकारी अशोकनगर के न्‍यायालयीन प्रकरण क्रमांक 9 अपील/2014-15 में पारित आदेश दिनांक 04.02.2016 से तहसीलदार अशोकनगर का आदेश स्थिर रखा। उक्‍त भूमि के संबंध में राजस्‍व मण्‍डल ग्‍वालियर द्वारा प्रकरण क्र. 788/16 में पारित आदेश दिनांक 14.03.16 द्वारा गजराज सिंह पुत्र अलोल सिंह का नामान्‍तरण आदेश कर दिया गया है जिसके विरूद्ध माननीय राजस्‍व मंडल के अध्‍यक्ष द्वारा प्रकरण पुनर्विलोकन में लेकर कार्यवाही प्रचलित है। (ख) जी नहीं। (ग) जी नहीं।

लघु ओर कुटीर उद्योगों में रोजगार मूलक कार्य

[कुटीर एवं ग्रामोद्योग]

39. ( क्र. 4938 ) श्री सतीश मालवीय : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश सरकार द्वारा बेरोजगारों हेतु लघु और कुटीर उद्योगों के साथ अन्‍य रोजगार मूलक कार्यों के लिए कौन-कौन सी योजनाएँ संचालित हैं? (ख) यदि हाँ, तो क्या उपरोक्त विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन घट्टि‍या विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सफलतापूर्वक किया जा रहा है? (ग) यदि हाँ तो वर्ष २०१३-१४ वर्ष २०१४-१५ एवं वर्ष २०१५-१६ प्रश्न दिनांक तक घट्टि‍या तहसील में कितने आवेदकों के आवेदन प्राप्त होकर उन पर किस-किस प्रकार की कार्यवाही की गई? (घ) साथ ही किन-किन योजनाओं के माध्यम से कितना-कितना ऋण एवं अन्य सुविधायें प्राप्त होकर उपरोक्त उल्लेखित स्थानों के अंतर्गत किस-किस आशय के किस-किस प्रकार के लघु कुटीर उद्योग एवं अन्य कार्य प्रारम्भ हुए?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) प्रदेश सरकार द्वारा बेरोजगारों हेतु मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना एवं मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना का संचालन किया जा रहा है एवं रेशम संचालनालय द्वारा जिले में मलबरी विकास एवं विस्तार योजना संचालित है। (ख) जी हाँ। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है।

छात्र/छात्राओं के जाति प्रमाण पत्र हेतु

[राजस्व]

40. ( क्र. 4941 ) श्री सतीश मालवीय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन जिले की उज्जैन उत्तर एवं दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र/छात्राओं के जाति प्रमाण पत्र हेतु कितने आवेदन पत्र दिनांक 01.07.2013 से प्रश्न दिनांक तक प्राप्त हुए? शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों कई संकुलवार, जातिवार जानकारी उपलब्ध करावे। (ख) प्राप्त आवेदन पत्रों में से कितने छात्र/छात्राओं के जाति प्रमाण पत्र बनाकर छात्रों को वितरित किये गये? लोक सेवा ग्यारंटी केंद्र एवं नगर पालिका निगम उज्जैन द्वारा अनुविभागीय अधिकारी स्तर पर भेजने के पश्चात भी वर्ष से भी अधिक अवधि तक निराकरण न करने के पीछे कार्यालय कलेक्टर जिला उज्जैन की क्या मंशा है? क्या कलेक्टर उज्जैन विद्यालयों से प्राप्त आवेदनों को प्राथमिकता देकर निराकरण करेंगे, यदि हाँ तो कब तक? (ग) एक वर्ष से भी अधिक की अवधि में भी जाति प्रमाण पत्र न बनाए जाने में कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी है? शासन इन दोषी अधिकारियों/कर्मचारीयों पर क्या कार्यवाही करेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) विशेष अभियान के अंतर्गत जाति प्रमाण-पत्र के आवेदन अभियान प्रारंभ दिनांक 01.07.2014 से प्राप्त हुए है। उज्जैन मुख्यालय में 02 लोक सेवा केन्द्र संचालित है, उज्जैन शहरी एवं उज्जैन ग्रामीण उक्त दोनों केन्द्रों में जन शिक्षा केन्द्रों से सत्र 2014-15 में 70939 आवेदन, सत्र 2015-16 में 2986 आवेदन एवं सत्र 2016-17 में 1073 आवेदन पत्र प्राप्त हुए है। जनशिक्षा केन्द्रवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) अभियान अंतर्गत सत्र 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में प्राप्त आवेदन, निराकृत आवेदन एवं लोक सेवा केन्द्र द्वारा वितरण हेतु जनशिक्षा केन्द्र को दिये गये प्रमाण पत्रों की संख्या निम्नानुसार हैः-

 

सत्र

कुल प्राप्त

निराकृत

लंबित

वितरण हेतु जन शिक्षा केन्द्र को दिये गये प्रमाण पत्रों की संख्या

14-15

70939

70783

156

70908

15-16

2986

2978

8

2983

16-17

1073

242

831

0

कुल

74998

74003

995

73891

 
लंबित आवेदन अन्य जिलों में निराकरण हेतु लंबित है। आवेदन पत्रों के निराकरण की अवधि 30 जून 2017 निर्धारित की गई है। इनके निराकरण हेतु अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं संबंधित कलेक्टरों को लिखा गया है। (ग) आवेदन पत्रों के निराकरण की अवधि 30 जून 2017 निर्धारित है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

होटल सूर्या के सम्बंध में

[राजस्व]

41. ( क्र. 4943 ) श्री सतीश मालवीय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन जिले की घट्टिया विधानसभा क्षेत्र के चक ग्राम के पास सूर्या रिसोर्ट का संचालन कब से किया जा रहा है कितनी भूमि पर रिसोर्ट का संचालन किया जा रहा है? (ख) सूर्या रिसोर्ट की कितनी भूमि का डायवर्सन किया गया है एवं कितना टैक्स कब-कब जमा किया गया है, कितना टैक्स बकाया है बकाया टैक्स वसूली के लिये क्या-क्या कार्यवाही की गई है? राशिवार एवं दिनांकवार जानकारी उपलब्ध करावे। (ग) सूर्या रिसोर्ट द्वारा कितनी शासकीय भूमि पर अतिक्रमण किया गया है अतिक्रमण हटाने के लिये प्रशासन द्वारा कब-कब क्या-क्या कार्यवाही की गई?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) सूर्या रिसोर्ट का संचालन फरवरी,2016 से किया जा रहा है एवं सर्वे नं. 443/2/1 रकबा 0.282 हे. पर संचालन किया जा रहा है। (ख) सूर्या रिसोर्ट की भूमि रकबा 0.282 हे. का डायवर्सन अनुविभागीय अधिकारी घट्टिया द्वारा किया गया है। वर्ष 2915-16, 2016-17 में राशि 1640/-रू. प्रतिवर्ष के मान से 2 वर्ष का रू. 3280/- रसीद क्रमांक 25/2953 दिनांक 17.11.2016 को जमा किया गया है। शेष वर्ष 2001-2002 से 2014-15 तक कुल 14 वर्षों की डायवर्सन राशि 22960/- की वसूली की कार्यवाही प्रचलित है। डायवर्सन वसूली की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) सूर्या रिसोर्ट द्वारा शासकीय भूमि पर अतिक्रमण नहीं किये जाने से जानकारी निरंक है।

परिशिष्ट - ''नौ''

प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रेषित पत्र पर कार्यवाही

[राजस्व]

42. ( क्र. 5216 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के पत्र क्रमांक 7019 दिनांक 14 दिसंबर 2016 प्रमुख सचिव राजस्‍व विभाग भोपाल, प्रमुख आयुक्‍त राजस्‍व भोपाल आयुक्‍त भू-अभिलेख एवं बंदोबस्‍त ग्‍वालियर को लिखकर उसकी प्रति सभी 10 संभागायुक्‍तों को प्रेषित कर दखल रहित जमीनों को वर्किंग प्‍लान में शामिल किए जाने से संबंधित जानकारी उपलब्‍ध करवाए जाने अनुरोध किया है? (ख) यदि हाँ, तो पत्र क्रमांक 7019 दिनांक 14 दिसंबर 2016 में चाही गई जानकारी उपलब्‍ध करवाए जाने के संबंध में प्रमुख सचिव प्रमुख आयुक्‍त एवं आयुक्‍त भू-अभिलेख ने किस दिनांक को किस-किस को क्‍या-क्‍या आदेश निर्देश दिए है? (ग) पत्र में किस अनुविभागीय अधिकारी के समक्ष भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 29 एवं धारा 4 में अधिसूचित कितने वनखण्‍डों में शामिल कितनी भूमियों का उल्‍लेख किया है इसमें से कितनी भूमि राजस्‍व विभाग ने राजस्‍व अभिलेखों में दखल रहित भूमियों के रूप में दर्ज भूमि है? (घ) प्रश्‍नकर्ता के पत्र क्रमांक 7019 दिनांक 14 दिसंबर 2016 में चाही गई जानकारी प्रश्‍नकर्ता को कब तक उपलब्‍ध करवाई जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

नागरिक आपूर्ति निगम में समर्थन मूल्‍य की खरीदारी में अनियमितता

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

43. ( क्र. 5225 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सतना जिले में गरीबों को बांटने के लिए जबलपुर से भेजे गये 2 करोड़ की मिट्टी मिला कुल 8 करोड़ का गेहूँ आज भी गोदामों में अनुपयोगी पड़ा है? क्‍या दोषियों पर कार्यवाही न करने के लिए मामले को दबाया जा रहा है? (ख) क्‍या प्रमुख सचिव नागरिक आपूर्ति निगम ने समर्थन मूल्‍य खरीदी में अनियमितता करने वाली संस्‍थाओं, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं परिवहनकर्ताओं पर कार्यवाही के निर्देश दिये, पत्र दें एवं की गई कार्यवाही से अवगत करावें? (ग) यदि प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) सही है तो निम्‍न गुणवत्‍ता की खरीदी करने एवं अन्‍य अनियमितता करने पर कितने खरीदी केन्‍द्रों एवं परिवहनकर्ताओं को ब्‍लैक लिस्‍टेड किया गया? अनियमितता करने वालों की सूची भी दें? (घ) यदि प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) सही है तो खाद्यान्‍न उपार्जन में अनियमितता करने वाली संस्‍थाओं अधिकारियों, कर्मचारियों और परिवहनकर्ताओं के विरूद्ध कब तक आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करा दिया जायेगा?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

वन समितियों द्वारा खाद्यान्‍न वितरण

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

44. ( क्र. 5249 ) श्रीमती अनीता नायक : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग टीकमगढ़ जिले के अंतर्गत वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितने प्रकार की खाद्यान्‍न वितरण समितियां आपूर्ति, स्‍टोर वन समितियां, बहुउद्देश्‍य महिला समिति जिले में खाद्यान्‍न का वितरण कर रहे हैं? उनके ग्राम वार समिति का नाम, ग्रामवार वितरण कर्ता का नाम एवं प्रत्‍येक ग्राम को मिलने वाले समस्‍त प्रकार के खाद्यान्‍न की मात्रा बतायें। (ख) टीकमगढ़ जिले में जो महिला समितियां आपूर्ति स्‍टोर या समूह ग्राम पंचायत शासन द्वारा आवंटित हैं तो वह किस आदेश के तहत हैं व उनका संचालन खाद्य विभाग की नीति के अनुसार है? यदि नहीं, तो उन खाद्यान्‍न की दुकानों को निकट की सहकारी वितरण समिति को क्‍यों नहीं दिया जाता? कब तक देगें? (ग) क्‍या टीकमगढ़ जिले में वन समितियों द्वारा खाद्यान्‍न का वितरण विभिन्‍न ग्रामों में किया जा रहा है? क्‍या इन समितियों को वन मण्‍डल टीकमगढ़ द्वारा अनुमोदन व सहमति प्राप्‍त है? यदि नहीं, तो क्‍यों? इन्‍हें कब तक बंद किया जायेगा? (घ) टीकमगढ़ जिले में खाद्य विभाग द्वारा हितग्राही को प्रत्‍येक तहसील की खाद्य वितरण की एक नियत तिथि क्‍यों नहीं तय की जा सकती? क्‍या टीकमगढ़ जिले के अनुभाग जतारा में समूहों में खाद्यान्‍न वितरण हेतु आवेदन लिये गये थे? उन पर आज तक क्‍या कार्यवाही की गई?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) टीकमगढ़ जिले में स्‍वसहायता समूहों अथवा ग्राम पंचायतों को कोई दुकान आवंटित नहीं है। आपूर्ति स्‍टोर को शासन की नवीन नीति के अनुसार पात्रता नहीं है, परन्‍तु माननीय उच्‍च न्‍यायालय में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 की विभिन्‍न कंडिकाओं को चुनौती देने वाली याचिकाओं में न्‍यायालयीन कार्यवाही प्रचलित होने के कारण प्रकरण के निराकरण उपरांत सक्षम अधिकारी द्वारा प्रावधान अनुसार कार्यवाही की जा सकेगी। (ग) जी हाँ। मध्‍यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 में वन मण्‍डलाधिकारी से अनुमोदन प्राप्‍त करने का प्रावधान नहीं है। शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) मध्‍यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 के प्रावधानानुसार निर्धारित दिवसों में खाद्यान्‍न वितरित कराने का प्रावधान है। पात्र परिवारों को राशन सामग्री उपलब्‍ध कराने के लिए एक नियत तिथि की अपेक्षा निर्धारित दिवसों में राशन सामग्री वितरित कराने का विकल्‍प बेहतर है। इससे उपभोक्‍ता अपनी सुविधा अनुसार राशन सामग्री प्राप्‍त कर सकता है। जी हाँ। शेष भाग की जानकारी प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर अनुसार।

शहरी/देहात थानो की स्‍थापना का मापदण्‍ड

[गृह]

45. ( क्र. 5273 ) श्री महेश राय : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहरी/देहात थाना की स्‍थापना का क्‍या मापदण्‍ड है? कितनी जनसंख्‍या पर एक थाने की स्‍थापना अनिवार्य है? (ख) प्रत्‍येक थाने पर जनसंख्‍या के हिसाब से पदवार कितना कितना बल होना आवश्‍यक है? (ग) विधान सभा क्षेत्र बीना में सन् 2013 के पूर्व निर्मित थानों के अंतर्गत जनसंख्‍या वृद्धि के अनुसार कितने थाने एवं चौकियां बनाई गई और नहीं तो क्‍यों? (घ) क्‍या शासन की कोई योजना थाना व सुरक्षा बल बढ़ाने की है तो कब तक?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार(ख) पुलिस थाने पर जनसंख्या के हिसाब से निम्नानुसार बल होना चाहिए- (1) नगरीय थाना-50,000 जनसंख्या पर 75 का बल (2) नगर पंचायत थाना-50,000 जनसंख्या पर 50 का बल (3) ग्रामीण थाने का बल 40,000 जनसंख्या पर 35 का बल निर्धारित किया गया है। (ग) जी नहीं। निर्धारित मापदण्ड अनुसार थाने एवं चौकियों की स्थापना की जाती है। जिसमें मुख्य रूप से उक्त क्षेत्र में घटित भारतीय दण्ड विधान के अपराधों का वार्षिक औसत के आधार पर थानों/चौकियों की स्थापना की जाती है। (घ) जी हाँ। समय-सीमा बताई जाना सम्भव नहीं है।

 परिशिष्ट - ''दस''

विधानसभा क्षेत्र बीना की ग्राम पंचायत बसाहरी के गांव पटी को राजस्‍व ग्राम घोषित किया जाना

[राजस्व]

46. ( क्र. 5274 ) श्री महेश राय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र बीना की ग्राम पंचायत बसाहरी विकासखण्‍ड खुरई के गांव पटी को राजस्‍व ग्राम का दर्जा क्‍यो प्रदान नहीं किया गया, जबकि वहां की आबादी लगभग 5000 है? (ख) यदि राजस्‍व ग्राम न हो तो क्‍या वहां के रहवासियों को मध्‍यप्रदेश शासन की योजनाओं का लाभ न देने का प्रावधान है? (ग) यदि नहीं, तो ग्राम पटी में मध्‍यप्रदेश शासन की योजनाओं का लाभ जनता को क्‍यों नहीं दिया जा रहा है, जैसे अवागमन हेतु मार्ग, पेयजल की व्‍यवस्‍था आंगनवाड़ी, राशन की दुकान इत्‍यादि? (घ) प्रश्‍नांश '' ग्राम पटी एवं विधान सभा क्षेत्र बीना के अन्‍य ग्रामों को राजस्‍व ग्राम कब तक घोषित कर दिया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) विधान सभा क्षेत्र बीना के ग्राम बसाहरी तहसील खुरई एवं विकासखण्ड खुरई का मजरा पटी, जिसकी आबादी 440 है को राजस्व ग्राम घोषित किये जाने की कार्यवाही की जा रही है। (ख) जी नहीं। ग्राम बसाहरी के मजरा पटी को मध्यप्रदेश शासन की समस्त योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। (ग) ग्राम बसाहरी के मजरा पटी में एक शासकीय माध्यमिक शाला, आशा कार्यकर्ता, पीने के पानी हेतु शासकीय टयूबबेल, एक हैण्डपम्प, एक कुआं है। मजरा पटी का आंगनवाड़ी केन्द्र एवं राशन की दुकान ग्राम बसाहरी में है। मध्यप्रदेश शासन की योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। (घ) विधान सभा क्षेत्र बीना के ग्राम बसाहरी राजस्व ग्राम घोषित किये जाने की कार्यवाही की जा रही है। अन्य ग्रामों के मजरा नवीन राजस्व ग्राम घोषित किये जाने की पात्रता की श्रेणी में नहीं आते हैं। मजरा पटी को नवीन राजस्व ग्राम घोषित किये जाने की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

हैण्‍डपंप सुधारने हेतु सामग्री उपलब्‍ध कराई जाना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

47. ( क्र. 5279 ) श्री महेश राय : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या विधान सभा क्षेत्र बीना के लिए हैण्‍डपंप सुधारने हेतु (आउट सोर्सिंग) लेवर, वाहन सामग्री उपलब्‍ध करायी गयी है? (ख) यदि हाँ, तो विगत 2 वर्षों में कितनी राशि उपलब्‍ध करायी गयी है? (ग) बन्‍द पड़ी गयी नल-जल योजना को प्रारंभ कराने हेतु प्रशासकीय स्‍वीकृति एवं धन राशि स्‍वीकृ‍त कराने का क्‍या प्रावधान है? (घ) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार समय-सीमा बतावें?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। (ख) विधानसभा क्षेत्रवार राशि उपलब्ध नहीं कराई जाती है, अपितु जिलेवार राशि आवंटित की जाती है। (ग) बंद योजनाओं को चालू करने हेतु सुधार कार्य का प्राक्कलन तैयार कर सक्षम तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति के आधार पर उपलब्ध आवंटन के अनुसार राशि जारी करने का प्रावधान है। (घ) प्रश्नांश (क) के अनुसार व्यवस्था की गई है। 

स्टोन क्रेशर/खदानें/सीमेंट उद्योग से हुए प्रदूषण से पर्यावरण को नुकसान

[पर्यावरण]

48. ( क्र. 5439 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले के अंतर्गत स्टोन क्रेशर/खदानें/सीमेंट उद्योग कब से संचालित हैं, उक्त उद्योगों को कब-कब जलवायु सम्मति, पर्यावरण सम्मति प्रदान की गई है नाम एवं दिनांकवार विवरण देवें? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में शिकायतकर्ता छत्रपाल सिंह छत्तू निवासी सतना द्वारा दिनांक 21/09/2016 को क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी को दो पत्र एवं जिला खनिज अधिकारी को 23/09/2016 को दो पत्र दिए गए थे? (ग) प्रश्नांश (ख) में दिए गए पत्रों पर क्या कार्यवाही की गई, उसका विवरण बिंदुवार पृथक-पृथक बताएँ? यदि कार्यवाही नहीं की गई है तो कब तक की जावेगी? अब तक कार्यवाही न करने के लिए उक्त दोनों विभाग के कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी हैं, इन पर कब तक कार्यवाही की जावेगी? (घ) क्या म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भोपाल के मुख्य अभियन्ता हेमंत शर्मा के विरुद्ध लोकायुक्त में प्रकरण पंजीकृत कर विवेचनाधीन है, यदि हाँ तो क्या प्रबंधन द्वारा उक्त प्रकरण में कोई विभागीय जाँच संस्थित है, यदि हाँ तो मुख्य अभियंता से अठारह लाख रूपये वसूलने हेतु कितने बार नोटिस दी गई है एवं कितनी राशि जमा कराई गई? यदि नहीं, तो क्यों एवं कब तक जमा कराई जाएगी?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सतना कार्यालय को श्री छत्रपाल सिंह छत्तू के नाम से दिनांक 23/9/16 को दो पत्र प्राप्त हुए थे,जिसमें सीमेंट उद्योगों,स्टोन क्रेशर एवं खदानों के संबंध में जानकारी चाही गई थी, किंतु पत्र में कोई भी संपर्क का पता/संपर्क नंबर उल्लेखित नहीं होने से जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) लोकायुक्त कार्यालय द्वारा पत्र दिनांक 14/10/2016 के माध्यम से जाँ. प्र. 378/2016 शिकायत के संबंध में चाही गई जानकारी लोकायुक्त कार्यालय को प्रेषित की गई है। श्री हेमंत शर्मा के विरूद्ध वर्तमान में कोई विभागीय जाँच प्रचलित नहीं है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

राजस्व अधिकारियों के रिक्‍त पदों की पूर्ति

[राजस्व]

49. ( क्र. 5451 ) श्री मोती कश्यप : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कार्यालय कलेक्‍टर कटनी एवं जिलों व तहसीलों में डिप्टीकलेक्टर, तहसीलदार, नायब तहसीलदार के कितने स्वीकृत पदों के विरूद्ध कितने पद कहाँ रिक्‍त हैं? (ख) क्या प्रश्नांश (क) कार्यालयों में किन स्तर के राजस्व अधिकारियों के उनसे उच्च स्तर के अधिकारियों के स्थान पर पदस्थ‍ कर सेवायें ली जा रही हैं? (ग) क्या दिनांक 1-1-2015 से आज दिनांक तक किन्हीं राजस्व अधिकारियों को दो स्थानों का दायित्व देकर सेवायें ली गई हैं जिससे वहां पर जनसमस्याओं के निराकरण प्रभावित हो रहे हैं? यदि हाँ तो उन स्‍थानों की सूची दी जायें। (घ) प्रश्नांश (क) अधिकारियों के रिक्‍त पदों की पूर्ति कब तक कर दी जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ख) नायब तहसीलदार एवं सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख को प्रभारी तहसीलदार एवं राजस्व निरीक्षकों को नायब तहसीलदार का प्रभार देकर सेवायें ली जा रही है। (ग) जी हाँ, जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) नायब तहसीलदारों के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु मांग पत्र मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग को भेजा गया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''ग्‍यारह''

 

आदिवासी एवं अनुसूचित जाति विद्यार्थीयों के लिए आवंटित भूमि

[राजस्व]

50. ( क्र. 5454 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कलेक्टर भोपाल के प्रस्ताव दिनांक 01/08/2007 पर बड़वई जिला भोपाल में खसरा नं. 418 से 421 एवं 423 कुल रकबा 7 एकड़ की जमीन म.प्र. शासन द्वारा आदिम जाति कल्याण विभाग को आवंटित की गई थी। (ख) यदि हाँ तो क्या वर्तमान में उस भूमि का उपयोग आदिवासी एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा उक्त समुदाय के विद्यार्थियों हेतु छात्रावास/आश्रम निर्माण में किया जा रहा है? यदि हाँ तो सूची उपलब्ध कराएं। (ग) क्या विभिन्न अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान यह बात स्पष्ट हुई है कि उक्त आवंटित भूमि में से मुख्य मार्ग से राजस्व अधिकारियों भोपाल द्वारा किसी निजी व्यक्ति/बिल्डर को रास्ता दिया गया है, जो शासन आदेश में शामिल नहीं था? यदि हाँ, तो आदिवासी एवं अनुसूचित जाति विद्यार्थियों के लिए आवंटित भूमि में से निजी व्यक्ति/बिल्डर को नियम विरुद्ध रास्ता दिए जाने वाले दोषी राजस्व आधिकारी के विरुद्ध अब तक क्या कार्यवाही की गई? (घ) यदि नहीं, तो क्यों? दोषी के विरुद्ध कब तक कार्यवाही की जावेगी।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

नामांतरण/बंटवारा एवं फोती नामांतरण में अनियमितता बावत्

[राजस्व]

51. ( क्र. 5498 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला राजगढ़ अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र सारंगपुर अंतर्गत 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने नामांतरण/बंटवारे एवं फोती नामातंरण किया गया? ग्रामवार/किसानों की संख्‍यात्‍मक जानकारी प्रदाय करें? (ख) प्रश्नांश अनुसार दर्ज नामांतरण/बंटवारा एवं फोती नामांतरण के क्या नियम हैं? कितने प्रकरण तहसील/टप्पा में दर्ज किये जाकर बंटवारे/नामातंरण एवं फोती नामांतरण के आदेश जारी कर कम्प्यूटर पर दर्ज किये गये हैं? ग्रामवार, किसानों की संख्‍यात्‍मक जानकारी से अवगत करावें? कितने किसानों के नामांतरण/बंटवारे एवं फोती नामांतरण पंजी पर दर्ज किये जाकर कम्प्यूटर पर दर्ज किये गये हैं? कितने प्रकरण प्रश्न दिनांक तक कम्प्यूटर पर दर्ज नहीं हैं? दर्ज नहीं करने का कारण स्पष्ट करें? (ग) प्रश्नांश अनुसार जब प्रकरण दर्ज का नामांतरण/बंटवारा एवं फोती नामांतरण के नियम हैं, तब पटवारी/सक्ष्म अधिकारियों के द्वारा सीधे पंजी पर नामांतरण बंटवारा एवं फोती नामांतरण बिना प्रकरण दर्ज किये क्यों किया गया? शासन ऐसे दोषियों के विरुद्ध कब तक कार्यवाही करेगा? प्रश्‍न दिनांक तक कितने प्रकरण नामांतरण बंटवारे एवं फोती नामांतरण के शेष हैं? शेष प्रकरणों का निराकरण कब तक किया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जिला राजगढ अंतर्गत विधान सभा क्षेत्र सारंगपुर अंतर्गत 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक 6541 नामांकन, बंटवारा एवं फौती नामांतरण किये गये। ग्रामवार/किसानों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार(ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार दर्ज नामांतरण, बंटवारा एवं फौती नामांतरण के नियम म.प्र. भू-राजस्‍व संहिता 1959 की धारा 109,110178 में उल्‍लेखित है। तहसील/टप्‍पा में 304 प्रकरण दर्ज किये जाकर बंटवारे नामांतरण एवं फौती नामांतरण के 296 प्रकरणों का निराकरण कर प्रकरण कम्‍प्‍यूटर में दर्ज किये गये। शेष जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। इसी प्रकार 15452 किसानों के नामांतरण, बंटवारे एवं फौती नामांतरण पंजी पर 6237 दर्ज किये जाकर 5209 प्रकरण कम्‍प्‍यूटर पर दर्ज किये गये है। शेष जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। कुल 1036 प्रकरण प्रश्‍न दिनांक तक कम्‍प्‍यूटर पर दर्ज नहीं है। दर्ज नहीं करने का कारण नवीन साफ्टवेयर WEBDIS की तकनीकी खामियों के कारण एवं संबंधित ग्राम के नक्‍शे नहीं होने के कारण प्रश्‍न दिनांक तक कम्‍प्‍यूटर पर दर्ज नहीं हो सके है। (ग) मध्‍यप्रदेश भू-राजस्‍व संहिता 1959 की धारा 109, 110178 के अधीन एवं सुसंगत नामांतरण नियम क्रमांक 24 में उल्‍लेखित प्रक्रिया अनुसार ही नामांतरण पंजी पर उक्‍त प्रकरणों का प्रमाणीकरण किया जाता है। जो विधि अनुरूप है। प्रश्‍न दिनांक तक कुल 31 नामांतरण 11 फौती नामांतरण एवं 50 बंटवारे के प्रकरण लंबित है। उक्‍त लंबित प्रकरणों का निर्धारित समय अवधि में निराकरण कर दिया जावेगा।

आम रास्तों से अतिक्रमण हटाये जाना

[राजस्व]

52. ( क्र. 5532 ) श्री लोकेन्द्र सिंह तोमर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला खंडवा में पुनासा तहसील के अंतर्गत आम रास्तों पर से तथा खेतों में जाने वाले रास्ते किन-किन ग्रामों में अतिक्रमित किये हुए हैं? (ख) विगत तीन वर्षों में क्या पुनासा तहसील के अंतर्गत आम रास्तों से अतिक्रमण हटाने हेतु किन-किन ग्रामों से कितने आवेदन आये हैं? उसमें कितने आवेदन निराकृत और कितने शेष है? शेष रहने का क्या कारण है?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

फरार अपराधियों की गिरफ्तारी

[गृह]

53. ( क्र. 5619 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रतलाम जिले के किन-किन पुलिस थाना अंतर्गत वर्ष 2014 से दिसम्‍बर 2016 लूट, हत्‍या, डकैती, मादक पदार्थों की तस्‍करी के जैसे गंभीर कितने अपराधी अब तक कितने समय से फरार हैं? थानेवार ब्‍यौरा दें. (ख) फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अब तक क्‍या-क्‍या कार्यवाहि‍यां पुलिस द्वारा की गई? (ग) कितने फरार अपराधियों पर पुलिस ने इनाम घोषित किया है? ब्‍यौरा दें. इनाम घोषणा के मापदण्‍ड क्‍या हैं?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) फरार अपराधियों की तलाश उनके निवास स्थान, रिश्तेदारों, आस-पास के थाना क्षेत्रों एवं संभावित स्थानों पर की गई है। गिरफ्तारी के हरसंभव प्रयास किये जा रहे है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट में समाहित है। प्रकरण की गंभीरता, संवेदनशीलता को देखते हुये विभिन्न स्तर के अधिकारियों द्वारा ईनाम की उद्घोषणा की जाती है। वर्तमान मापदण्ड निम्नानुसार है- पुलिस महानिदेशक म.प्र.-रुपये 50,000/- पुलिस महानिरीक्षक-रू. 30,000/-, उप पुलिस महानिरीक्षक-रुपये 20,000/- पुलिस अधीक्षक-रुपये- 10,000/-

परिशिष्ट - ''बारह''

वर्ष 2016-17 में मनासा विधानसभा क्षेत्र के कृषकों के राजस्‍व विभाग को प्राप्‍त नुकसानी प्रकरण

[राजस्व]

54. ( क्र. 5655 ) श्री कैलाश चावला : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2016-17 में मनासा विधानसभा क्षेत्र के विभिन्‍न गाँव के कृषकों के नुकसानियों के बारे में आर.बी.सी. के प्रावधानों के तहत् हल्‍का पटवारियों से कितने प्रकरण राजस्‍व अधिकारियों को प्राप्‍त हुए हैं। (तहसीलवार, कृषकों की संख्‍या नाम, पंचनामे की दिनांक एवं नुकसानी विवरण बताएं) (ख) उक्‍त प्रस्‍ताव के प्रकाश में उपरोक्‍त कृषकों को कितनी-कितनी राशि प्रदान की गई है। कृषकों की संख्‍या, राशि एवं वितरण दिनांक बतावें। (ग) जिन प्रकरणों में अभी तक निराकरण नहीं हुआ है उन कृषकों की संख्‍या व नुकसानी का विवरण बताए। (घ) इन प्रकरणों के निराकरण न किए जाने के क्‍या कारण हैं व इनका निराकरण कब तक कर दिया जावेगा।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) माह अप्रैल, 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल 557 प्रकरण प्राप्‍त हुए हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "अ" अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश "क" अनुसार कुल 557 प्राप्‍त प्रकरणों में से आर.बी.सी. 6-4 के प्रावधानों के तहत कुल 512 कृषकों को अनुदान राशि स्‍वीकृत की गई एवं 45 कृषक अपात्र होने से उन्‍हें अनुदान सहायता राशि स्‍वीकृत नहीं की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "ब" अनुसार है। (ग) सभी प्रकरणों का निराकरण कर दिया गया है। (घ) प्रश्‍नांश "ग" के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

जातिगत भावना से प्रेरित होकर कर्मचारियों को प्रताड़ित किया जाना

[परिवहन]

55. ( क्र. 5702 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या इंदौर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में पदस्थ श्रीमती अर्चना मिश्रा ए.आर.टी.ओ. द्वारा इंदौर परिवहन कार्यालय में पदस्थ अ.जा./अ.ज.जा. एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के कर्मचारियों के साथ अभद्र व्‍यवहार व जाति सूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित करते हुए प्रताड़ित किया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्या इन वर्ग के कर्मचारियों द्वारा मुख्यमंत्री, अ.जा./अ.ज.जा. आयोग व परिवहन मंत्री तथा प्रमुख सचिव से शिकायत की गई हैं? (ख) क्या उक्त गंभीर शिकायत को गंभीरता से न लेते हुए ए.आर.टी.ओ. को खुली छूट देते हुए भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है, क्या श्रीमती मिश्रा को परिवहन विभाग के अधिकारी का संरक्षण प्राप्त है जिस कारण विभाग इनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं करना चाहता है? (ग) क्या विवेक कुमार वर्मा समाज सेवक (राष्ट्रहित जन-सेवा केंद्र) सी-48 मयूरविहार काम्पलेक्स भोपाल द्वारा ऐसे कृत्यों को रोकने के लिए तथा संबंधित ए.आर.टी.ओ. के विरुद्ध कार्यवाही करने हेतु म.प्र. शासन के मुख्यमंत्री समेत, परिवहन मंत्री, माननीय लोकायुक्त, आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो, प्रमुख सचिव परिवहन विभाग को पत्र प्रेषित किये गए हैं विवरण सहित बताएँ कि अभी तक क्या-क्या कार्यवाही की गई है? (घ) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित ए.आर.टी.ओ. के विरुद्ध एस.सी./एस.टी. एक्ट के तहत मुकदमा पंजीबद्ध कर उक्त कार्यालय से हटाते हुए उच्चस्तरीय जाँच कराकर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जावेगी यदि हाँ, तो कब तक?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी नहीं। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में पदस्थ समस्त अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के कर्मचारियों से पूछा गया, सभी ने जाति सूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित करते हुए प्रताड़ि‍त किये जाने की बात को अस्वीकार किया गया है। (ख) ए.आर.टी.ओ श्रीमती अर्चना मिश्रा द्वारा निष्ठा पूर्वक कार्य सम्पदित किया जाता है। उन्हें परिवहन विभाग के अधिकारी का संरक्षण प्राप्त होने की बात सही नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) श्री विवेक कुमार वर्मा समाज सेवक (राष्ट्रहित जन-सेवा केंद्र) सी-48 मयूरविहार काम्पलेक्स भोपाल द्वारा प्रेषित किया गया ऐसा कोई पत्र कार्यालयीन अभिलेख अनुसार परिवहन विभाग मंत्रालय में आना नहीं पाया जाता। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्‍नांश (क) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

सड़क निर्माण हेतु अधिग्रहित भूमि का मुआवजा

[राजस्व]

56. ( क्र. 5707 ) श्री चन्‍दरसिंह सिसौदिया : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गरोठ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत भू-अर्जन अधिकारी द्वारा किन किन मार्गों हेतु भूमि का अधिग्रहण किया है? क्या अधिग्रहण की गई भूमि का संबंधित खाताधारकों को शासन के मापदण्ड अनुसार मुआवजा वितरित किया गया है? यदि नहीं, तो कौन-कौन सी सड़कों का मुआवजा दिया जाना शेष है? कुल कितनी सड़कें हैं जिनका भू-अर्जन किया जाकर मुआवजा दिया जाना लंबित है और कब से? कृषकवार जानकारी प्रदान करें। इन्हें मुआवजा कब तक दिया जावेगा। (ख) ग्राम पावटी से चिकन्या राजस्थान सीमा तक सड़क निर्माण में वर्ष 2007 में किसानों की भूमि अधिग्रहण की गई थी? क्‍या सम्बधित कृषकों को मुआवाजा राशि भुगतान नहीं हुई हैं? कब तक भुगतान किया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार 08 सड़क निर्माण हेतु भूमि अधिग्रहण किया गया है। इनमें से 1. पावटी से चिकन्‍या पहुँच मार्ग 2. भानपुरा से छोटे बड़े महादेव मंदिर पहुंच मार्ग 3. देथली बुजुर्ग से पनवाडी साठखेडा पहुँच मार्ग हेतु अधिग्रहित भूमि का अवार्ड पारित हो चुका है। लोक निर्माण विभाग द्वारा राशि जमा करने पर तत्‍काल मुआवजा राशि वितरित कर दी जावेगी। शेष 05 योजनाओं में प्रकरण प्रक्रियाधीन है। पहुँच मार्ग, अवार्ड, राशि, प्रभावित कृषक संख्‍या, लंबित रहने का कारण सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार। कृषकवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ख) जी हाँ। अवार्ड अनुमोदन के बाद लोक निर्माण विभाग द्वारा पारित अवार्ड की राशि प्राप्‍त होते ही भुगतान किया जावेगा।

बी.पी.एल. राशन कार्ड के सम्बंध में

[राजस्व]

57. ( क्र. 5763 ) श्रीमती संगीता चारेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सैलाना अंतर्गत विगत 02 वर्षों में कितने नवीन बी.पी.एल. राशन कार्ड बनाए गए हैं? निकायवार/ग्रामवार सूची उपलब्ध करावें? सक्षम अधिकारी अनुविगीय अधिकारी (राजस्व) एवं तहसीलदार द्वारा जारी आदेश की प्रमाणित छाया प्रतियां उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्नाश '' में उल्लेखित राशनकार्ड में से कितने हितग्राहियों को पात्रता पर्ची उपलब्ध कराई गई हैं एवं कितनों को पात्रता पर्ची नहीं दी गई हैं? पात्रता पर्ची किन कारणों से नहीं दी गई एवं इसके लिए कौन दोषी हैं? इन्हें कब तक पात्रता पर्ची उपलब्ध करा दी जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

बैतूल जिले में व्‍ही.टी.पी द्वारा प्रशिक्षण

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

58. ( क्र. 5855 ) श्री हेमन्‍त विजय खण्‍डेलवाल : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय