मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
जुलाई, 2017 सत्र


सोमवार, दिनांक 24 जुलाई, 2017


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


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किसान क्रेडिट कार्ड अंतर्गत किसानों की साख का निर्धारण

[सहकारिता]

1. ( *क्र. 1757 ) श्री दिनेश राय (मुनमुन) : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सिवनी अंतर्गत कितने किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड बने हुये हैं? सहकारी साख संस्‍थावार सूची उपलब्‍ध करावें (ख) किसान क्रेडिट कार्ड अंतर्गत किसानों की साख निर्धारण हेतु क्‍या मापदण्‍ड एवं प्रक्रिया नियत है? क्‍या कृषि भूमि का सत्‍यापन कर साख निर्धारण किया जाता है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित मापदण्‍ड एवं प्रक्रिया के अनुरूप विधानसभा क्षेत्र सिवनी अंतर्गत क्‍या सभी साख संस्‍थाओं ने साख्‍ा निर्धारण किया है? यदि हाँ, तो कौन-कौन जवाबदेह अधिकारियों द्वारा मॉनीटरिंग की गई? (घ) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित प्रावधान अनुसार साख्‍ा निर्धारण्‍ा न करने संबंधी कितनी शिकायतें विगत 03 वर्षों में अनुभाग स्‍तर पर या जिला स्‍तर पर प्राप्‍त हुईं हैं? प्राप्‍त शिकायतों पर क्‍या कार्यवाही की गई? क्‍या राजस्‍व विभाग से समन्‍वय स्‍थापित कर साख्‍ा निर्धारण में विसंगतियाँ न हों, इस हेतु प्रभावी कार्यवाही की जाकर दोषियों पर कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्‍या व कब तक?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) 27545, प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थावार विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जिला स्तरीय तकनीकी समूह द्वारा खरीफ एवं रबी फसलों के फसलवार प्रति हेक्टेयर ऋणमान निर्धारित किये जाते हैं। कृषकों द्वारा आवेदन में दी जाने वाली जानकारी के आधार पर उत्पादित की जाने वाली फसलों के रकबे एवं निर्धारित ऋणमान अनुसार कृषक की साख सीमा निर्धारित की जाती है। इस हेतु कृषि भूमि का सत्यापन नहीं किया जाता है। (ग) जी हाँ। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के शाखा प्रबंधकों द्वारा निर्धारित साख सीमा की समीक्षा की जाती है। (घ) कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''एक''

चम्‍बलेश्‍वर जलाशय की क्षमता में वृद्धि

[जल संसाधन]

2. ( *क्र. 2132 ) श्री कैलाश चावला : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चम्‍बलेश्वर जलाशय कजार्डा को एक फीट ऊँचा उठाने का प्रस्‍ताव सर्वे के पश्‍चात् जल संसाधन विभाग नीमच द्वारा किस दिनांक को भेजा गया? (ख) उक्‍त प्रस्‍ताव पर प्रश्‍न दिनांक तक विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है। प्रस्‍ताव किस स्‍तर पर लंबित है? (ग) उक्‍त प्रस्‍ताव को कब तक स्‍वीकृत कर दिया जावेगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) चम्‍बलेश्‍वर जलाशय के वेस्‍ट वियर को एक फुट ऊँचा उठाकर जलाशय की क्षमता बढ़ाने के प्रस्‍ताव की साध्‍यता दिनांक 20.06.2017 द्वारा प्रदान की गई है। डी.पी.आर. बनाने की कार्यवाही मैदानी कार्यालयों में प्रचलित होने से समय-सीमा बताना संभव नहीं है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

समय-सीमा में सड़कों का निर्माण

[लोक निर्माण]

3. ( *क्र. 2234 ) श्रीमती प्रतिभा सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्र. 4460, दिनांक 09.3.2017 के उत्‍तर (अ) में बतायी गयी 24 सड़कों की जो स्‍वीकृति प्रदान की गयी थी, में से अब तक दो ही सड़कें पूर्ण हो सकी हैं। शेष सड़कें अभी तक पूर्ण नहीं हुईं, जबकि समय-सीमा समाप्‍त होना बाकी है। उक्‍त सड़कों का निर्माण कब तक पूर्ण होगा? (ख) काटव खैरी से सुनपुरा मार्ग के निर्माण का कार्य अब तक प्रारंभ क्‍यों नहीं हुआ है? उक्‍त मार्ग का निर्माण कब तक किया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

बांध एवं स्टॉप डेम का निर्माण

[जल संसाधन]

4. ( *क्र. 1578 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत माछारेवा नदी, शेढ़ नदी, बारूरेवा नदी, सींगरी नदी, ऊमर नदी, कनेरा नदी एवं पतरूआ नाला पर जल संरक्षण के लिए बांध/स्टॉप डेम निर्माण की शासन की कोई योजना है? यदि हाँ, तो सूची उपलब्ध करावें। (ख) क्‍या माछारेवा रेवा नदी पर कोदरास कला के पास ग्राम बुढैना में जल संरक्षण के लिए बांध प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो इसका निर्माण कब तक कर दिया जावेगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

भू-खण्‍ड विक्रय के दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही

[सहकारिता]

5. ( *क्र. 1979 ) श्री तरूण भनोत : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 564, दिनांक 22.02.2017 के उत्‍तर (क) में बताया गया था कि दोषी पदाधिकारियों के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज करने एवं भू-खण्‍ड के विक्रयपत्र शून्‍य करने संबंधी कार्यवाही के निर्देश दिये गये हैं एवं उत्‍तर (ख) एवं (ग) में बताया गया था कि दोषी प्रभारी अधिकारी के विरूद्ध सहकारी सोसायटी अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही हेतु उपायुक्‍त सहकारिता जबलपुर को निर्देशित किया गया है, तो तथ्‍यों से अवगत होने के बावजूद एक ही सदस्‍य को दूसरे भू-खण्‍ड का विक्रय करने वाले प्रभारी अधिकारी के विरूद्ध एफ.आई.आर. करने एवं अन्‍य कार्यवाही से उपायुक्‍त क्‍यों बच रहे हैं? नियमानुसार कार्यवाही कब तक की जावेगी? (ख) उक्‍त भू-खण्‍ड विक्रय पत्र को शून्‍य कराने हेतु उपायुक्‍त द्वारा अब तक क्‍या कार्यवाही की गई?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। जी हाँ, उप आयुक्त सहकारिता, जिला जबलपुर द्वारा पूर्व अध्यक्ष के विरूद्ध मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 76 (2) के अन्तर्गत कार्यवाही प्रक्रियाधीन है एवं प्रशासक/प्रभारी अधिकारी के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दायर करने हेतु अधिनियम की धारा 76 (2) के अंतर्गत अंतिम आदेश जारी कर दिया गया है। (ख) भूखण्ड का विक्रय पत्र शून्य कराने हेतु न्यायालय व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 जबलपुर में वाद दायर कर दिया गया है, जिसका प्रकरण क्रमांक 184 ए/2017 है।

भोपाल संभाग में प्‍याज की खरीदी

[सहकारिता]

6. ( *क्र. 313 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा इस वर्ष भी प्‍याज की खरीदी की जा रही है? यदि हाँ, तो भोपाल संभाग में कितने केन्‍द्रों पर किस-किस दर पर खरीदी की जा रही है? (ख) क्‍या प्‍याज की खरीदी विलम्‍ब से की जा रही है? यदि हाँ, तो क्‍या कारण है? भोपाल संभाग में प्‍याज की फसल किस माह तक पूर्ण रूप से बाजार में आती है? (ग) भोपाल संभाग में विगत 03 वर्ष के दौरान प्‍याज का उत्‍पादन क्‍या रहा? जिलावार, वर्षवार ब्‍यौरा दें (घ) गत वर्ष की गई प्‍याज खरीदी के दौरान कुल कितनी प्‍याज खरीदी गई और कितनी प्‍याज विक्रय की गई? खराब हुई प्‍याज का क्‍या निष्‍पादन किया गया? प्‍याज खरीदी, रख-रखाव, परिवहन पर खर्च की गई राशि का ब्‍यौरा दें।

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ, केन्‍द्रवार सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार, राशि रू. 800 प्रति क्विंटल की दर से। (ख) जी नहीं, माह मई से जून तक। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) 10,40,835.25 क्विंटल प्‍याज की खरीदी की गई एवं 2,78,098.23 क्विंटल प्‍याज का विक्रय किया गया। खराब हुई प्‍याज को नष्ट कर निष्‍पादन किया गया, प्‍याज खरीदी, रख-रखाव, परिवहन पर खर्च की गई राशि की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

परिशिष्ट - ''दो''

चेटीखेड़ा बांध की प्रशासकीय स्वीकृति

[जल संसाधन]

7. ( *क्र. 2085 ) श्री रामनिवास रावत : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 21.03.2017 को विधान सभा में जल संसाधन विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान मान. मंत्री जी ने विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में 9950 हेक्टेयर की चेटीखेड़ा परियोजना हेतु रु. 330 करोड़ की स्वीकृति की घोषणा की थी, तो उक्त घोषणा के पश्चात क्या परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर राशि का आवंटन कर दिया गया है? (ख) यदि हाँ, तो प्रशासकीय स्वीकृति आदेश की प्रति उपलब्ध करावें? यदि नहीं, तो कब तक प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर राशि आवंटित कर दी जावेगी? (ग) प्रश्नांकित दिनांक तक श्योपुर जिले में सिंचाई का रकबा बढ़ाये जाने हेतु कौन कौन सी योजनाएं सर्वेक्षित हैं? इनमें से कौन-कौन सी योजनाएं साध्य पाई जाकर डी.पी.आर. तैयार की जा चुकी है? इनमें से किन किन योजनाओं की डी.पी.आर. प्रशासकीय स्वीकृति हेतु शासन को भेजी जा चुकी हैं, कौन सी नहीं एवं क्यों? (घ) क्या विभाग विजयपुर में सिंचाई का रकबा बढ़ाने हेतु ग्राम गांवडी में लौड़ी नाला पर तालाब निर्माण हेतु सर्वेक्षण करायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। चेटीखेड़ा मध्‍यम सिंचाई परियोजना (सूक्ष्‍म सिंचाई योजना) के लिए लागत रू. 370.73 करोड़ की डी.पी.आर. तैयार की गई थी। विजयपुर नगरपालिका व जिले के ग्रामीण क्षेत्र की पेयजल की आवश्‍यकताओं की पूर्ति के लिए परियोजना प्रस्‍ताव पुनरीक्षित किया जाना प्रक्रियाधीन है। डी.पी.आर. अंतिम नहीं होने से प्रशासकीय स्‍वीकृति दी जाने की स्थिति नहीं है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) जी नहीं। वर्ष 2011 में कराए गए सर्वेक्षण के अनुसार चयनित स्‍थल तकनीकी रूप से उपयुक्‍त नहीं होने के कारण साध्‍य नहीं है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

परिशिष्ट - ''तीन''

कुक्षी विधानसभा क्षेत्र के ग्रामों को लिफ्ट इरीगेशन से जोड़ा जाना

[जल संसाधन]

8. ( *क्र. 2420 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह बघेल : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कुक्षी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम तलावड़ी, खेडली, मोगरा, कवड़ि‍याखेड़ा, कुडदीगपुरा, आवली, जोगदड़ी, भत्‍यारी, खडलाई को फाटा डेम से लिफ्ट इरीगेशन द्वारा कब तक जोड़ा जाएगा? (ख) इस संबंध में प्रश्‍नकर्ता के प्रमुख सचिव को प्रेषित पत्र डी.एन./170/एम.एल.ए./kushi, दिनांक 24.03.2017 पर प्रश्‍न दिनांक तक विभाग ने क्‍या कार्यवाही की है? (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार कार्य की समय-सीमा देवें। (घ) यदि (ख) अनुसार कार्यवाही नहीं की है, तो कारण देवें?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (घ) फाटा डेम अर्थात जोबट परियोजना जल संसाधन विभाग के कार्य क्षेत्र में नहीं आती है। प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित पत्र दिनांक 24.03.2017 अभिलेखों में प्राप्‍त होना नहीं पाया गया तथा ग्राम तलावड़ी, खेडली, मोगरा, कवड़ि‍याखेड़ा, कुडदीगपुरा, आवली, जोगदड़ी, भत्यारी, खडलाई को फाटा डेम से लिफ्ट ऐरिगेशन से जोड़ने संबंधी कोई प्रस्‍ताव जल संसाधन विभाग में विचारधीन नहीं है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

नरसिंहगढ़ विधानसभा क्षेत्रांतर्गत सड़कों का निर्माण

[लोक निर्माण]

9. ( *क्र. 1744 ) श्री गिरीश भंडारी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नरसिंहगढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जर्जर/खराब/नवीन सड़कों का निर्माण कराने से संबंधित कितने प्रस्‍ताव स्वीकृति‍ हेतु लंबित हैं? इस संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा कितने प्रस्‍ताव दिये गये हैं, उन पर शासन ने कब-कब क्‍या कार्यवाही की है? कौन-कौन सी सड़कों का निर्माण कराने हेतु कब कितनी राशि की तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति दी गई? वर्ष 2013-14 से वर्ष 2016-17 तक की जानकारी दें (ख) क्‍या नरसिंहगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कुरावर से साहूखेड़ी, मेंगलादीप, कोटरीकलॉ होते हुये ग्राम ताजीपुरा तक की सड़क का प्रस्‍ताव शासन के पास है? यदि हाँ, तो उक्‍त सड़क कब तक स्वीकृत कर दी जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) तीन। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। इसके अतिरिक्‍त नरसिंहगढ़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत एन.डी.बी. योजना के अंतर्गत नरसिंहगढ़-बैरसिया मार्ग एवं बैरसिया-नरसिंहगढ़ मार्ग लंबाई 17.83 कि.मी. हेतु रूपये 37.19 करोड़ की प्रशासकीय स्‍वीकृति शासन के पत्र दिनांक 01.12.2016 को प्रदान की गई। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''चार''

किसानों की कर्ज माफी

[सहकारिता]

10. ( *क्र. 637 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधान सभा क्षेत्र सहित पूरे टीकमगढ़ जिले में संपूर्ण मध्‍यप्रदेश के किसानों पर भारी संकट है तथा को-ऑपरेटिव सोसायटियों एवं बैंकों के कर्ज से किसान परेशान है? क्‍या ऐसी समस्‍या को दृष्टिगत रखते हुये किसानों पर जो बैंकों एवं सोसायटियों का कर्ज है, क्‍या वह माफ किये जाने की शासन के पास कोई योजना है? यदि हाँ, तो किसानों के ऋण कब तक माफ कर देंगे? समयावधि बतायें? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण स्‍पष्‍ट करें। (ख) क्‍या खरगापुर विधान सभा के किसानों द्वारा कर्ज माफी के संबंध में दिनांक 14.06.2017 को मध्‍यप्रदेश के राज्‍यपाल महोदय के नाम ज्ञापन तहसीलदार पलेरा के माध्‍यम से दिया था? यदि हाँ, तो उस पर शासन द्वारा क्‍या विचार किया गया? यदि विचार किया गया तो खरगापुर विधानसभा सहित टीकमगढ़ जिले के एवं संपूर्ण मध्‍यप्रदेश के कृषकों के कर्ज कब तक माफ कर दिये जावेंगे? कर्ज/ऋण माफ करने की समयावधि बतायें? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें कि किसानों के कर्ज ऋण क्‍यों माफ नहीं किये जा सकते हैं?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) टीकमगढ़ जिले सहित संपूर्ण मध्यप्रदेश के किसानों पर संकट नहीं है तथा को-ऑपरेटिव सोसायटियों एवं सहकारी बैंकों के कर्ज से किसान परेशान नहीं है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। कलेक्टर टीकमगढ़ द्वारा किसानों का ज्ञापन दिनांक 05.07.2017 को सचिव, म.प्र. शासन, सामान्य प्रशासन विभाग को भेजा गया है। उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होते।

पत्रकारों की अधिमान्‍यता का नवीनीकरण

[जनसंपर्क]

11. ( *क्र. 1739 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में राज्‍य एवं जिला तथा तहसील स्‍तरीय कितने अधिमान्‍य पत्रकारों की अधिमान्‍यता का नवीनीकरण किया गया? जिलेवार-तहसीलवार ब्‍यौरा क्‍या है अधिमान्‍यता का मापदण्‍ड क्‍या है? (ख) मध्‍य प्रदेश संचार प्रतिनिधि‍ कल्‍याण समिति का गठन कब हुआ तथा समिति ने वर्ष 2016 में कितने सहायता आवेदनों पर अनुशंसा की एवं कितनी राशि की तथा किस-किस की? पूर्ण ब्‍यौरा दें। (ग) वर्ष 2017 में किस-किस उदेश्‍य हेतु कितना अनुदान दिया गया?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) राज्‍य स्‍तरीय-1207, जिला स्‍तरीय-1672 एवं तहसील स्‍तरीय-612 का नवीनीकरण किया गया। नियमों की प्रति की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) मध्‍यप्रदेश संचार प्रतिनिधि कल्‍याण समिति का पुनर्गठन दिनांक 27.03.2017 को हुआ है वर्ष 2016 में 500 पत्रकारों को 96,39,302/- रूपये की सहायता उपलब्‍ध कराई गई। (ग) वर्ष 2017 में माधवराव सप्रे संग्रहालय को रूपये 10.00 लाख का वार्षिक रख-रखाव अनुदान स्‍वीकृत किया गया।

ग्‍वालियर लक्ष्मीगंज मंडी में विकास कार्य

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

12. ( *क्र. 764 ) श्री नारायण सिंह कुशवाह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृषि उपज मंडी समिति लश्कर जिला ग्वालियर में लक्ष्मीगंज मंडी क्षेत्र में किस-किस मद से विकास कार्यों के लिए वर्ष 2015-162016-17 में कितनी-कितनी राशि‍ शासन या मंडी बोर्ड द्वारा किन-किन कार्यों के लिए स्वीकृत हुई है व कौन-कौन से कार्य हुए व वर्तमान में कौन से विकास कार्य चल रहे हैं? (ख) क्या मंडी प्रांगण में जिस क्षेत्र में कार्य हुए हैं, या हो रहे हैं, उस स्थान पर लक्ष्मीगंज मंडी के सब्जी व्यापारियों ने वहां पर कृषि उपज मंडी सचिव व जिलाधीश ग्वालियर को उस स्थान पर व्यापार दुकान न लेने का विरोध आवेदन देकर किया था? (ग) क्या ग्वालियर शहर स्मार्ट सिटी घोषित हुआ है व उसमें सब्जी व गल्ला मंडी को शहर से बाहर व्यापार करने का बिंदु है? क्या स्मार्ट शहर के तहत यह बिंदु मंडी प्रशासन की नजर में था या नहीं? (घ) अगर स्मार्ट शहर के तहत गल्ला या सब्जी व्यवसाय शहर की घनी बस्ती से बाहर ले जाने का बिंदु है, तब क्‍या मंडी प्रशासन ने शासन की राशि‍ व्यर्थ नहीं खर्च करवाई? यदि हाँ, तो इसमें कौन दोषी है, क्‍या जहाँ यह विकास का कार्य करवाया है, वहां पर भारी वाहन ट्रकों के आवागमन का सुगम रास्ता है? स्पष्ट रूप से जानकारी उपलब्ध करावें

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। अपितु कलेक्‍टर ग्‍वालियर के अर्द्ध शासकीय पत्र क्रमांक/बोर्ड/10447, दिनांक 05.03.2015 एवं अध्‍यक्ष, सब्‍जी व्‍यापार संघ ग्‍वालियर के पत्र दिनांक 18.07.2015 के माध्‍यम से उपरोक्‍त प्रांगण में विकास कार्य कराये जाने हेतु लेख किया गया है। (ग) जी हाँ। स्‍मार्ट सिटी योजना अंतर्गत सब्‍जी व गल्‍ला मंडी को शहर से बाहर व्‍यापार करने का बिंदु योजना में शामिल नहीं है। (घ) स्‍मार्ट शहर के तहत गल्‍ला या सब्‍ज़ी व्‍यवसाय शहर की घनी बस्‍ती से बाहर ले जाने संबंधी कोई योजना नहीं है। वर्तमान में जहाँ विकास कार्य कराया जा रहा है वहां पर मंडी में शुरू से ही भारी ट्रकों के द्वारा सब्‍जी एवं गल्‍ला आता है तथा इसी मार्ग पर सेंट्रल वेयर हाउस, विपणन संघ एवं बीज निगम के गोदाम भी निर्मित हैं, जिनके समस्‍त ट्रकों का आवागमन इसी मार्ग से संचालित होता है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मार्ग निर्माण

[लोक निर्माण]

13. ( *क्र. 1933 ) श्री मानवेन्द्र सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत (गढ़ीमलहरा से चन्‍द्रपुरा पहुंच मार्ग) मार्ग के निर्माण का अनुबंध किस दर पर, किन शर्तों के अधीन किस निर्माण एजेंसी से किया गया? अनुबंध की शर्तों के अनुसार कितनी चौड़ाई की कितनी लं‍बी सड़क कब तक बननी थी एवं मार्ग के मध्‍य कितनी-कितनी लागत से कौन-कौन सी पुल-पुलियों का निर्माण होना था। (ख) उल्‍लेखि‍त मार्ग के निर्माण में अभी तक कौन-कौन सी कितनी-कितनी सामग्री खनित कर उपयोग में लाई गई? उपयोग में लाई गई सामग्री की किस दर से कितनी रॉयल्‍टी वसूली गई? (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित मार्ग के घटिया एवं धीमे निर्माण की कितनी शिकायतें कब-कब प्राप्‍त हुईं एवं उन पर क्‍या कार्यवाही की गई है? उक्‍त मार्ग के निर्माण की गुणवत्‍ता की जाँच एवं निरीक्षण कब-कब किस-किस एजेंसी द्वारा किया गया एवं उसके निष्‍कर्ष क्‍या थे? क्‍या प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य के द्वारा ध्‍यानाकर्षण सूचना क्र. 623 में रोड के क्षतिग्रस्‍त होने के चलते (क्षमता से अधिक भार लेकर भारी वाहनों का आवागमन) विभाग द्वारा सूचना के संदर्भ में क्‍या कार्यवाही की गई? जाँच प्रतिवेदन देवें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं, प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। जी हाँ, खनिज विभाग छतरपुर द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है।

सहकारी संस्‍थाओं के निर्वाचन

[सहकारिता]

14. ( *क्र. 2492 ) डॉ. मोहन यादव : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन जिले में वर्ष 2016-17 में कितनी सहकारी संस्‍थाओं के निर्वाचन लंबित थे, उनमें से कितनी संस्‍थाओं की निर्वाचन प्रक्रिया पूर्ण हो गई, कितनों की प्रक्रिया प्रचलित है? कितनों के प्रस्‍ताव निर्वाचन कार्यालय या रजिस्‍ट्रीकरण हेतु कार्यालय सहकारिता निर्वाचन प्राधिकारी में लंबित हैं? (ख) प्रदेश की कितनी संस्‍थाओं के निर्वाचन प्रस्‍ताव कार्यालय सहकारिता निर्वाचन प्राधिकारी के यहाँ विगत तीन माह से लंबित हैं और क्‍यों? (ग) म.प्र. के कितने जिलों में जिला पंजीयक सहकारिता तीन से अधिक वर्षों से पदस्‍थ हैं तथा कितने जिला पंजीयकों के विरूद्ध लोकायुक्‍त प्रकरण तथा कितने जिला पंजीयकों के विरूद्ध विभागीय जाँच लंबित हैं? (घ) उज्‍जैन संभाग में सहकारिता के क्षेत्र में कितने प्रकरण उच्‍च न्‍यायालय में लंबित हैं? जिलेवार जानकारी प्रदान करें।

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) उज्‍जैन जिले में वर्ष 2016-17 में 387 सहकारी संस्‍थाओं के निर्वाचन लंबित थे इनमें से 202 संस्‍थाओं की निर्वाचन प्रक्रिया पूर्ण हो गई है तथा 177 संस्‍थाओं का निर्वाचन प्रक्रियाधीन है। 08 संस्‍थाओं के निर्वाचन प्रस्‍ताव त्रुटिपूर्ण होने से रजिस्‍ट्रीकरण हेतु कार्यालय म.प्र. राज्‍य सहकारी निर्वाचन प्राधिकारी में लंबित हैं। (ख) कार्यालय म.प्र. राज्‍य सहकारी निर्वाचन प्राधिकारी में प्रदेश की 197 संस्‍थाओं के निर्वाचन प्रस्‍ताव सदस्‍यता सूची निर्धारित प्रारूप में न होने, आवेदन प्रारूप छ-2 अपूर्ण/अप्राप्‍त रहने, प्रस्‍ताव ठहराव एवं उपविधि संलग्‍न न होने, प्रक्रिया शुल्‍क अप्राप्‍त होने इत्‍यादि कारणों से विगत तीन माह से लंबित हैं। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) उज्‍जैन संभाग में माननीय उच्च न्‍यायालय में कुल 22 प्रकरण लंबित हैं, जिलेवार प्रकरण क्रमश: जिला उज्‍जैन के 08, मंदसौर के 07, नीमच का 01, शाजापुर के 05, रतलाम का 01, आगर-मालवा एवं देवास के निरंक हैं।

परिशिष्ट - ''छ:''

किसानों द्वारा आत्‍महत्‍या की घटनाएं

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

15. ( *क्र. 1203 ) श्री अजय सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. राज्‍य को किस-किस वर्ष कृषि कर्मण अवार्ड प्राप्‍त हुए? यह अवार्ड म.प्र. को किस-किस स्‍थान पर क्‍या-क्‍या उपलब्धियों के लिये प्राप्‍त हुआ? बिंदुवार विस्‍तृत विवरण दें। (ख) म.प्र. राज्‍य को वित्‍तीय वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 के दौरान केन्‍द्र सरकार द्वारा किस-किस नाम की कृषि उपज की खरीदी पर बोनस की राशि कितनी कम कर दी एवं बंद कर दी? वित्‍तीय वर्ष 2013-14 के दौरान किस नाम की कृषि उपज पर केन्‍द्र सरकार के द्वारा कितनी राशि बोनस के रूप में राज्‍य शासन के द्वारा खरीदी के समय दी जाती थी? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित वित्‍तीय वर्षों के दौरान किन-किन जिलों में किसानों के द्वारा आत्‍महत्‍या एवं आत्‍महत्‍या के प्रकरण हुये? माहवार, जिलेवार, प्रकरणवार, संख्‍यावार जानकारी दें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) में उल्‍लेखित वित्‍तीय वर्षों में एवं आत्‍महत्‍या एवं हत्‍या के प्रयास के प्रकरणों में शासन द्वारा किस-किस प्रकरण में कितनी-कितनी सहायता राशि किन जिलों में कितने परिवारों को कब-कब दी? प्रकरणवार, राशिवार, जिलेवार, वित्‍तीय वर्षवार जानकारी दें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र 1 एवं 2 अनुसार है। (ख) से (घ) जानकारी एकत्रि‍त की जा रही है।

परिशिष्ट - ''सात''

प्‍याज भंडार गृह योजना का संचालन

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

16. ( *क्र. 885 ) श्री अरूण भीमावद : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उद्यानिकी विभाग द्वारा वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में शाजापुर जिले में कौन-कौन सी किसान हितैषी योजनाएं लागू होकर संचालित की गई हैं? (ख) क्‍या शाजापुर जिले में विभाग द्वारा प्‍याज भंडार गृह (R.K.V.Y.) योजना संचालित है? यदि हाँ, तो वर्ष 2014 से 2017 तक वर्षवार कितने प्‍याज भंडार गृह शासन द्वारा स्‍वीकृत किये गये? कितने पात्र किसानों को इसका लाभ दिया गया है? (ग) वर्ष 2017-18 में शाजापुर जिले में कितने प्‍याज भंडार गृह शासन ने स्वीकृत किये हैं? कितने किसानों को लाभ दिया गया है तथा कितने शेष हैं? (घ) वर्ष 2014 से 2017 तक जो किसान पंजीयन करा रहा है, उसे उक्‍त योजना में अपात्र क्‍यों माना गया है? स्‍पष्‍ट करें।

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) प्रश्‍नाधीन वर्षों में शाजापुर जिले में विभाग की संचालित योजनाओं की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। शाजापुर जिले में राष्‍ट्रीय कृषि विकास योजना अंतर्गत प्‍याज भण्‍डार गृह परियोजना वर्ष 2015-16 से संचालित है। जिले को वर्ष 2015-16 में कोई लक्ष्‍य नहीं था। वर्ष 2016-17 में 741 पात्र कृषकों के 741 प्‍याज भण्‍डार गृह स्‍वीकृत किये गये। प्रश्‍न दिनांक तक 165 कृषकों को लाभान्वित किया गया है। (ग) वर्ष 2017-18 में शाजापुर जिले में 48 प्‍याज भण्‍डार गृह स्‍वीकृत किये गये हैं। स्‍वीकृत प्‍याज भण्‍डारगृह निर्माणाधीन होने से प्रश्‍न दिनांक तक अनुदान का लाभ कृषकों को नहीं दिया गया है। (घ) राष्‍ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत प्‍याज भण्‍डार गृह निर्माण हेतु वर्ष 2014-15 में परियोजना लागू नहीं होने एवं वर्ष 2015-16 में जिले को लक्ष्‍य नहीं होने से पंजीयन का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। वर्ष 2016-17 में प्‍याज भण्‍डार गृह के किसी भी कृ‍षक को अपात्र नहीं माना गया है।

परिशिष्ट - ''आठ''

विभागीय योजनाओं का क्रियान्‍वयन

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

17. ( *क्र. 1451 ) श्री सुदेश राय : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अप्रैल 2014 से शासन द्वारा किसानों हेतु कौन-कौन सी योजनाएं संचालित की गईं हैं? (ख) संचालित की जा रही योजनाओं में कृषक हितग्राहियों को क्‍या-क्‍या सुविधा तथा अनुदान दिये जा रहे हैं? योजनावार पृथक-पृथक जानकारी देवें। (ग) संचालित योजनाओं में विधानसभा क्षेत्र सीहोर के कितने-कितने कृषकगणों को किस-किस योजना अंतर्गत क्‍या सुविधा तथा अनुदान प्रदान किये गये? योजनावार लाभान्वित कृषकगणों की पृथक-पृथक संख्‍यात्‍मक जानकारी स्‍थान सहित बतावें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

राष्‍ट्रीय राजमार्ग 75 का निर्माण

[लोक निर्माण]

18. ( *क्र. 1476 ) श्री राम लल्लू वैश्य : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा सीधी से सिंगरौली राष्‍ट्रीय राजमार्ग-75 का निर्माण कार्य पुल-पुलिया सहित अभी तक कितना हुआ है तथा कितना कार्य अधूरा है? (ख) सड़क निर्माण कार्य कब तक पूरा होगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) प्रश्‍नांकित मार्ग में से म.प्र. सड़क विकास निगम को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, नई दिल्‍ली द्वारा सौंपे गये भाग में से रीवा से सीधी लंबाई 57.8 कि.मी. का निर्माण कार्य पुल-पुलिया सहित पूर्ण हो चुका है एवं सीधी से सिंगरौली खण्‍ड रा.रा. क्र. 75ई लंबाई 102.6 कि.मी. का 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है एवं शेष प्रगतिरत है। (ख) सड़क निर्माण का कार्य प्रगति पर है, मार्च 2018 तक पूर्ण होना संभावित है।

सड़क निर्माण की जाँच

[लोक निर्माण]

19. ( *क्र. 2124 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पहरखा बुसौल जनपद पंचायत गंगेव जिला रीवा के रोड का कार्यादेश कब हुआ एवं अनुबंध क्रमांक क्‍या है? कार्य निर्धारित समय के अंदर हुआ कि नहीं उक्‍त कार्य पर मिट्टी का कार्य जमीन लेबल से कितनी ऊंचाई का होना चाहिए था? क्‍या इस मार्ग में पुरानी रोड थी, मिट्टी का कार्य प्राक्कलन अनुसार किया गया? (ख) प्रश्‍नांश्‍ा (क) के संदर्भ में पूर्व के कार्य का माप कराकर भुगतान एस.डी.. एवं सब इंजीनियर के द्वारा संविदाकार से मिल कर किया गया है, इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है? (ग) उक्‍त कार्य पर क्‍या सी.आर.एम. गिट्टीकरण कार्य पूरी चौड़ाई/मोटाई में किया गया है कि नहीं तथा रोड के कि.मी. 2/3 के नदी में पुल का अतिरिक्‍त मात्रा में कार्य स्‍वीकृत किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍यों? (घ) प्रश्‍नांश (ख) एवं (ग) के संदर्भ में कौन दोषी है एवं दोषी के विरूद्ध कौन-सी दण्‍डात्‍मक कार्यवाही कब तक की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) कार्यादेश दिनांक 01.06.2016 को जारी किया गया है, अनुबंध क्रमांक 27/डी.एल./2015-16 है, जी नहीं, औसतन 50 से.मी. जी हाँ, जी नहीं। (ख) मिट्टी के कार्य के माप की जाँच प्रचलन में होने से अभी किसी को जिम्‍मेदार ठहराना उचित नहीं है। (ग) जी हाँ, जी हाँ 2/3 नहीं अपितु 3/2 पर स्‍थल के आवश्‍यकतानुसार। (घ) प्रश्‍नांश (ख) एवं (ग) के संदर्भ में मिट्टी के कार्य के माप की जाँच प्रचलन में होने से अभी कोई जिम्‍मेदार नहीं है। पुलिया की स्‍वीकृति‍ स्‍थल के आवश्‍यकतानुसार सक्षम अधिकारी से प्राप्‍त है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

भूकम्‍प पीड़ि‍तों के ऋण पर ब्‍याज में छूट

[सहकारिता]

20. ( *क्र. 1511 ) श्री अशोक रोहाणी : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 22 मई, 1997 को जबलपुर में आये विनाशकारी भूकम्‍प से पीड़ि‍त व्‍यक्तियों ने मकान की मरम्‍मत, सुधार व पुनर्निर्माण कराने हेतु सहकारी बैंकों व अन्‍य वित्‍तीय संस्‍थाओं से ऋण लिया था? इनमें ऐसे कितने बकायादार हैं, जिन्‍होंने ऋण की मूल राशि व ब्‍याज की किश्‍त का भुगतान नहीं किया है? इन पर मूलधन व ब्‍याज की कुल कितनी राशि बकाया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) में कितने बकायादारों की मृत्‍यु हो गई है, कितने बकायादारों ने ऋण की एक भी किश्‍त का भुगतान नहीं किया है? शासन ने ऐसे बकायादारों से ऋण की राशि माफ करने का क्‍या प्रावधान रखा है? (ग) क्‍या शासन एक मुश्‍त समझौता योजना के तहत एक निर्धारित समयावधि में मूलधन की राशि जमा करने पर संपूर्ण ब्‍याज व वसूली प्रभार की छूट देने का लाभ प्रदान कराना सुनिश्चित करेगा?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। 2499, मूलधन रू. 1022.68 लाख व ब्याज रू. 2414.08 लाख बकाया है, इस प्रकार कुल रू. 3436.76 लाख राशि बकाया है। (ख) 90 बकायादारों की मृत्यु हो गई है एवं 1044 बकायादारों ने ऋण की एक भी किश्त का भुगतान नहीं किया है। जी नहीं। (ग) जी नहीं।

दलहन की समर्थन मूल्‍य पर खरीदी

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

21. ( *क्र. 1239 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्‍यमंत्री जी द्वारा माह जून 2017 में मूंग, उड़द, अरहर सहित कौन-कौन सी फसलें किस समर्थन मूल्‍य पर खरीदी करने की घोषणा की गयी थी तथा प्रश्‍न दिनांक तक कितने मूल्‍य की कौन-कौन सी फसलें किस समर्थन मूल्‍य पर क्रय की गई हैं? (ख) फर्जी किसान बनकर प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित फसलें बेचने पर माह जून 2017 में कितने लोगों के विरूद्ध प्रकरण दर्ज किये गये हैं? किसानों द्वारा कितनी मंडियों और क्रय स्‍थानों पर खरीदी में विलंब करने की शिकायतें की गई हैं तथा शासन द्वारा उन पर क्‍या कार्यवाही की गई है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) भारत सरकार द्वारा समर्थन मूल्‍य घोषित किया जाता है। राज्‍य शासन के निर्देशानुसार दिनांक 05.06.2017 से भारत सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2016-17 में से निर्धारित न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य एवं बोनस पर मूंग, तुअर एवं उड़द की खरीदी मध्‍यप्रदेश राज्‍य सहकारी विपणन संघ एवं मध्‍यप्रदेश स्‍टेट सिविल सप्‍लाईज कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा की गई है। मध्‍यप्रदेश राज्‍य सहकारी विपणन संघ मर्यादित द्वारा 04.07.2017 की स्थिति में दलहन उपार्जन की मात्रा एवं खरीदी मात्रा की राशि के विवरण की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। मध्‍यप्रदेश स्‍टेट सिविल सप्‍लाईज कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक 67189 मे. टन अरहर रूपये 5050 प्रति क्विंटल की दर से कुल राशि रू. 339.30 करोड़ की क्रय की है। (ख) विभाग स्‍तर पर शिकायत प्राप्‍त होना प्रतिवेदित नहीं है।

परिशिष्ट - ''नौ''

अधिग्रहित भूमि की राशि का मुआवज़ा

[लोक निर्माण]

22. ( *क्र. 2348 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नोतरी दिनांक 09.3.2017 में मुद्रित प्रश्‍न संख्‍या 111, (क्रमांक 5201) के प्रश्‍नांश (ख) का उत्‍तर प्रकरण भू-अर्जन अधिकारी जिला पन्‍ना स्‍तर पर प्रचलन में है, अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है दिया गया है, तो क्‍या भू-स्‍वामियों की भूमि का अधिग्रहण पूर्ण कर अवार्ड राशि भू-स्‍वामियों को पन्‍ना भू-अर्जन अधिकारी द्वारा भुगतान कर दी गई। (ख) यदि हाँ, तो किस-किस को कितनी कितनी राशि दी गई? यदि नहीं, तो कब तक भू-अर्जन की कार्यवाही पूर्ण कर राशि का भुगतान कर दिया जावेगा।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) भू-स्वामियों की भूमि का अभी अधिग्रहण नहीं हुआ है, न ही कोई राशि भुगतान की गई है। (ख) कलेक्टर, पन्ना द्वारा भू-अर्जन अधिनियम 2013 की धारा 11 के अंतर्गत अधिसूचना प्रकाशन की कार्यवाही की जा चुकी है। भू-अर्जन हेतु शासकीय औपचारिकतायें पूर्ण करने के पश्चात् राशि भुगतान की कार्यवाही की जावेगी। अतः राशि के भुगतान की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

किसानों को फसल बीमा की राशि का मुआवजा

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

23. ( *क्र. 43 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2016-17 में भिण्‍ड जिले में किसानों के द्वारा फसल बीमा के प्रीमियम की कितनी राशि जमा करायी गई है एवं फसल खराब होने पर भिण्‍ड जिले की किन-किन तहसीलों के किसानों को कितनी-कितनी फसल बीमा राशि उपलब्‍ध करायी गई? (ख) क्‍या किसानों द्वारा फसल बीमा की प्रीमियम राशि जमा कराये जाने के बावजूद उनकी फसल प्राकृ‍तिक आपदा आदि से खराब होने पर फसल बीमा की राशि मुआवजे के रूप में उपलब्‍ध नहीं करायी गई है? (ग) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में भिण्‍ड जिले की किन-किन तहसीलों में वर्ष 2016-17 में कौन-कौन सी फसलें प्राकृतिक आपदाओं से खराब हुईं थी? (घ) वर्ष 2016-17 में म.प्र. में किसानों ने कितनी-कितनी राशि किन-किन बीमा कंपनियों को बीमा हेतु जमा की तथा प्रदेश में कितनी राशि बीमा कंपनियों ने किसानों को फसलों की क्षति होने पर भुगतान की?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही

[जल संसाधन]

24. ( *क्र. 2003 ) श्री मुकेश नायक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍न क्रमांक 7670, दिनांक 31.03.2017 के उत्‍तर में प्रश्‍नकर्ता द्वारा पूछे गये, क‍ंडिकावार प्रश्‍नों का उत्‍तर न देकर मात्र जाँच प्रतिवेदन की प्रति देकर भ्रमित कर विशेषाधिकार का हनन किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा पूछे गये प्रश्‍न के समस्‍त प्रश्‍नांश का पृथक-पृथक उत्‍तर देते हुये जाँच प्रतिवेदन दिनांक 29.10.2013 के निष्‍कर्ष/निर्देश अनुसार कार्यवाही कर प्रश्‍न का पूर्ण उत्‍तर दिलाया जायेगा? यदि नहीं, तो कंडिकावार प्रत्‍येक प्रश्‍नांश (क) पृथक-पृथक उत्‍तर देते हुये और प्रश्‍न का उत्‍तर दिनांक 31.03.2017 को न देने के कृत्‍य में विधानसभा को भ्रमित करने के लिये संबंधित दोषी उत्‍तरदायी के विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) उत्‍तर में यह स्‍वीकार किया गया है कि सेवा पुस्तिका में आदेश की सही प्रविष्टि करने का कार्य संबंधित कार्यालय प्रमुख द्वारा किया जाता है? क्‍या यह उत्‍तर सही एवं उचित है? यदि हाँ, तो क्‍या यह सही है कि चंद्रमणि‍ मिश्रा ने दिनांक 27.08.2011 के आवेदन द्वारा प्रमुख अभियंता से अनुरोध किया था कि के.पी. वर्मा से वरिष्‍ठ हैं, अत: उसे प्रोफार्मा की पदोन्‍नति दी जाये? यदि हाँ, तो बतायें कि चंद्रमणि‍ द्वारा जब कार्यालय को असत्‍य सूचना देकर अपनी पदोन्‍नतियां प्राप्‍त की हैं तो उसके विरूद्ध कार्यवाही क्‍यों नहीं की जायेगी, जैसे कि प्रमुख अभियंता ने अपने आदेश क्रमांक 3238700/38/2013, 08.08.2016 द्वारा श्री राजेन्‍द्र कुमार वर्मा को गलत सूचना देने के आरोप में निलंबित किया गया था और आदेश दिनांक 22.08.2016 द्वारा आरोप पत्र जारी किये गये।

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) प्रश्‍न क्रमांक 7670, दिनांक 31.03.2017 के उत्‍तर में दी गई जानकारी सही है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। चंद्रमणि मिश्रा ने आवेदन दिनांक 27.08.2011 द्वारा प्रमुख अभियंता से अनुरोध किया कि वे श्री के.पी. वर्मा से वरिष्‍ठ हैं। अत: उन्‍हे मण्‍डल अधीक्षक के पद पर प्रोफार्मा पदोन्‍नति दी जावे। श्री राजेन्‍द्र कुमार वर्मा, सहायक ग्रेड-3 को प्रमुख अभियंता के आदेश दिनांक 17.08.2015 द्वारा सहायक ग्रेड-3 के पद के न्‍यूनतम वेतन पर अवनत करने के दण्‍ड से दण्डित किया गया था। श्री वर्मा द्वारा दण्‍डादेश दिनांक 17.08.2015 को कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, केसली के संज्ञान में लाये बिना स्‍वयं का सहायक ग्रेड-1 के पद के वेतन निर्धारण हेतु आवेदन कार्यपालन यंत्री से हस्‍ताक्षर कराकर वरिष्‍ठ कार्यालय को प्रेषित किये जाने के कारण श्री वर्मा को कार्यालयीन आदेश दिनांक 08.08.2016 द्वारा निलंबित किया गया एवं पत्र दिनांक 22.08.2016 द्वारा आरोप पत्रादि जारी किये गये।

सहकारी संस्‍थाओं में नियुक्ति के मापदण्‍ड

[सहकारिता]

25. ( *क्र. 2435 ) श्री हेमन्‍त सत्‍यदेव कटारे : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आयुक्‍त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्‍थायें म.प्र. के पत्र क्रमांक विधि/निर्वाचन/2006/07, भोपाल दिनांक 21.08.2006 से म.प्र. सहकारी अधिनियम 1960 की धारा 49 (8) को छोड़कर अन्‍य सभी धाराओं के अन्‍तर्गत नियुक्‍त प्रभारी अधिकारी संस्‍थाओं की उपविधियों एवं सेवा नियमों के अन्‍तर्गत प्रदत्‍त अधिकारों का उपयोग करने हेतु अधिकृत किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो विपणन सहकारी संस्‍था अटेर में प्रभारी अधिकारी द्वारा अस्‍थाई रूप से 70/- प्रतिदिन के मान से नियुक्‍त किये गये विक्रेता अनियमित क्‍यों हैं व किस कारण उनकी सेवायें समाप्‍त की गई? (ग) यदि उन कर्मचारियों की नियुक्ति सही है तो दोषी अधिकारियों के विरूद्ध क्‍या और कब तक कार्यवाही की जायेगी?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। (ख) तत्‍कालीन प्राधिकृत अधिकारी द्वारा बिना अनुमति के अस्‍थाई कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी। अत: आयुक्‍त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्‍थाएं, म.प्र. भोपाल के पत्र क्रमांक/विप./वि.स.सं/2016/2399, भोपाल दिनांक 21.07.2016 के निर्देशानुसार अनियमित रूप से भर्ती कर्मचारियों की सेवाएं समाप्‍त की गईं। (ग) जी नहीं, कर्मचारियों की नियुक्ति सही नहीं थी। अत: प्रश्नांश में दर्शित कार्यवाही की आवश्‍यकता नहीं है।

 

 



भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में

परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


आवंटित भूमि पर किये अतिक्रमण को हटाया जाना

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

1. ( क्र. 44 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले की कृषि उपज मंडी समिति आलमपुर के अंतर्गत उपमण्‍डी दबोह को कितनी भूमि कब आवंटित की गई सर्वे क्रमांक रकबा, सहित बताते हुये आवंटन आदेश की प्रति दें? (ख) क्‍या कृषि उपज मंडी समिति आलमपुर एवं राजस्‍व विभाग के अधिकारियों की सांठ-गांठ से करोड़ों रूपये मूल्‍य की शासकीय भूमि अतिक्रमणकर्ता को सौंपकर तथा न्‍यायालयों में प्रभावी कार्यवाही न कर अतिक्रमणकर्ता को लाभ पहुंचाया गया है? यदि नहीं, तो कलेक्‍टर भिण्‍ड द्वारा उपमंडी दबोह की बहुमूल्‍य भूमि को बचाने हेतु उच्‍च न्‍यायालय ग्‍वालियर में क्‍या कार्यवाही की गई? यदि कार्यवाही नहीं की गयी तो क्‍यों? (ग) नगर परिषद् दबोह जिला भिण्‍ड के अंतर्गत शासकीय हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल दबोह की सीमा के समीप राष्‍ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 552 (भिण्‍ड भाण्‍डेर रोड) के किनारे कृषि उपमंडी दबोह एवं राजस्‍व/धर्मस्‍व विभाग के किस मंदिर की वर्ष 1947 में शासकीय भूमि थी वर्तमान में उक्‍त भूमि स्‍वामियों का नाम बतायें? (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार राजस्‍व/धर्मस्‍व विभाग के अंतर्गत मंदिर से लगी हुई कृषि भूमि किस-किस अधिकारी के आदेश से श्री सरमनदास, श्री अमरदेव के बाद उनके पुत्र श्री गोपालकृ‍ष्‍ण, श्री विनोद, श्री राजेन्‍द्र के नाम कब नामांतरित की गई? (ड.) क्‍या अमरदेव एवं उनके पुत्रों नगर आलमपुर जिला भिण्‍ड की सीमा से लगी मंदिर की जमीन भी पुजारी बनकर लाखों रूपये में बेच दी है? यदि हाँ, तो क्‍या उच्‍च स्‍तरीय जाँच कराकर पुन: उक्‍त भूमि शासकीय घोषित की जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : प्रश्‍नांश (क) से (ड.) की जानकारी एकत्रित की जा रही है।

स्‍टापडेमों का निर्माण

[जल संसाधन]

2. ( क्र. 69 ) श्री मेहरबान सिंह रावत : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सबलगढ़ विधानसभा अंतर्गत जनवरी 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक क्‍वारी नदी पर स्‍टाप डेमों के निमार्ण किऐ जाने के लिए जनप्रतिनिधियों एवं शासन एवं विभागीय स्‍तर पर प्रस्‍ताव कब-कब भेजे गये? प्रश्‍नांकित दिनांक तक कौन-कौन से स्‍टापडेम विभाग द्वारा स्‍वीकृत कर दिये गऐ? नाम सहित जानकारी बतावें? (ख) प्रश्‍नांकित (क) की स्थिति में शासन एवं विभागीय स्‍तर पर जल संसाधन विभाग द्वारा उक्‍त स्‍टापडेमों के निर्माण हेतु स्‍वीकृत कर कब तक निर्माण करा दिया जाएगा? ? (ग) रामपुर घाटी के नीचे क्‍वारी नदी के पानी की भीषण कमी को देखते हुए यहाँ सिंचाई के लिये विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही शासन स्‍तर पर की हैं? क्‍या चेटीखेड़ा पर बांध बनाकर इस क्षेत्र में नहर निकालने हेतु विभाग द्वारा प्रस्‍ताव भेजकर कार्यवाही की जा रही है? यदि हाँ, तो डी.पी.आर. बनाकर कब तक कार्य प्रारंभ करवा दिया जावेगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। रामपुरघाट स्‍टापडेम की साध्‍यता स्‍वीकृति दिनांक 20.06.2017 द्वारा प्रदान की गई है। डी.पी.आर. प्राप्‍त होने के पश्‍चात निर्णय लिया जाना संभव होगा। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। शेष परियोजनाओं की साध्‍यता परीक्षणाधीन होने से समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ग) क्‍वारी नदी पर चिन्हित रामपुरघाट स्‍टापडेम साध्‍यता स्‍वीकृति दिनांक 20.06.2017 द्वारा प्रदान की गई है। चेटीखेड़ा मध्‍यम सिंचाई परियोजना का डी.पी.आर. मुख्‍य अभियंता, बोधी में परीक्षणाधीन होने से समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''एक''

पुराने तालाबों का रख-रखाव

[जल संसाधन]

3. ( क्र. 70 ) श्री मेहरबान सिंह रावत : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सवलगढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत स्‍टेट के समय के कितने तालाब हैं? नाम सहित जानकारी बतावें। वर्तमान में इसकी भौतिक स्थिति क्‍या है? कितने तालाबों द्वारा सिंचाई की जा रही है एवं कितने जीर्ण-शीर्ण हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार जीर्ण-शीर्ण तालाबों के सुधार एवं मरम्‍मत हेतु क्‍या शासन द्वारा विभागीय स्‍तर पर कोई कार्यवाही की जा रही है? यदि हाँ, तो कार्यवाही का विवरण बतावें। यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या सबलगढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सौंई नाला डुँगरावती पंचायत, ग्राम मांगरौल अंतर्गत डमखोरा तालाब, अमर खो में नवीन तालाब निर्माण, अनघोरा अंतर्गत महुआ खोह (नवीन) धोवनी पचेर तालाब वलसपुर तालाब, वामसौती के ग्राम भेंराखेरा तालाबों के मरम्‍मत, नवीन एवं जीर्णोद्धार कर इनके आसपास लगी भूमि को सिंचाईयुक्‍त बना दिया जाऐगा? इस हेतु शासन की क्‍या योजना है एवं इनका मरम्‍मत एवं जीर्णोद्धार कब तक करा दिया जावेगा? मांगरौत अंतर्गत डमखोरा, अनघोरा अंतर्गत महुआ खोह में नवीन तालाब कब तक स्‍वीकृत कर दिये जावेंगे?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) स्‍टेट समय के 3 नहरी तालाब क्रमश: टोंगा, जबाहरगढ़ एवं कैमारा क्रियाशील है। निमज्जित तालाब क्रमश: बड़मन एवं नथ्‍थूपुरा चंबल नहर कमांड में आने से अनुपयोगी है। वक्‍सपुर तालाब क्षतिग्रस्‍त है। वर्तमान में निमज्जित तालाबों के सुधार एवं मरम्‍मत हेतु विभाग में कोई योजना प्रचलित नहीं है। (ग) जी नहीं। ग्राम अनधौरा में स्थित जबाहरगढ़ तालाब से 50 हे. क्षेत्र में रबी सिंचाई उपलब्‍ध कराई जाना प्रतिवेदित है। प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित अन्‍य ग्रामों में विभागीय मापदण्‍ड अनुसार स्‍थल उपयुक्‍त नहीं है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

परिशिष्ट - ''दो''

उपवास पर व्‍यय राशि

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

4. ( क्र. 86 ) श्री आरिफ अकील : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माह जून 2017 में आयोजित किसान आंदोलन समाप्‍त करने हेतु माननीय मुख्‍यमंत्री भोपाल के दशहरा मैदान में अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठै थे? (ख) यदि हाँ, तो यह उपवास किस दिनांक से किस दिनांक तक चला और शासन के किस-किस विभाग द्वारा किस-किस निधि से टेंट, डेकोरेशन/लाईटिंग, खान-पान तथा प्रचार-प्रसार विज्ञापन आदि पर कुल कितनी-कितनी राशि व्‍यय हुई?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। (ख) दिनांक 10.06.17 से 11.06.17 तक उपवास किया गया। माननीय मुख्‍यमंत्री जी की सुरक्षा व्‍यवस्‍था को दृष्टिगत जिला प्रशासन द्वारा उनके शयन कक्ष एवं शासकीय कार्य निष्‍पादन हेतु बैठक कक्ष का अस्‍थाई निर्माण मेसर्स भोपाल ग्‍लास एवं टेंट स्‍टोर, इतवारा रोड, भोपाल से कराया गया। जिसका देयक उनके द्वारा राशि रू. 88118.75 का प्रस्‍तुत किया है एवं मेसर्स, मिश्रा रेडियो एंड इलेक्ट्रीशियन 40, इतवारा रोड, भोपाल द्वारा राशि रू. 23,324.00 का देयक उनके द्वारा प्रस्‍तुत किया गया। देयक का भुगतान आज दिनांक तक नहीं किया गया है।

विधान सभा क्षेत्र बड़वाहा में सड़क, पुल पुलिया निर्माण

[लोक निर्माण]

5. ( क्र. 98 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक निर्माण विभाग द्वारा वित्त वर्ष 2016-17 एवं 2017 -18 में बड़वाहा विधान सभा क्षेत्र में कितनी डामरीकृत सड़कें, पुल-पुलिया, कितनी-कितनी लागत की स्वीकृत की गई है. इसकी सूची दी जावें. (ख) प्रश्नकर्ता द्वारा वित्त वर्ष 2016-17 एवं 2017 -18 में सड़कों एवं पुल पुलिया के कितने प्रस्ताव समय समय प्रस्तुत किये गए है. उसकी सूची दी जावे. (ग) प्रश्नकर्ता द्वारा जयंती माता पहुँच मार्ग के निर्माण हेतु प्रस्तुत प्रस्ताव पर क्या कार्यवाही की गई. चूँकि यहाँ लाखों की संख्या में श्रद्धालु प्रति वर्ष दर्शन हेतु आते है. क्या यह मार्ग चालू वित्त वर्ष स्वीकृत हो जावेगा. यदि हाँ, तो कब तक।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। म.प्र. सड़क विकास निगम अंतर्गत कटरगांव-कड़ही पड़लिया मार्ग स्‍वीकृत हुआ है। स्‍वीकृत राशि रू. 69.51 करोड़ है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जयन्‍ती माता मंदिर पहुंच मार्ग लंबाई 0.97 कि.मी. हेतु प्राक्‍कलन संभाग स्‍तर पर तैयार किया जा रहा है। वर्तमान में वित्‍तीय संसाधन सीमित होने के कारण स्‍वीकृति की समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

विभाग द्वारा संचालित कृषक हितैषी योजनाएं

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

6. ( क्र. 102 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्य प्रदेश शासन द्वारा किसानो के हित की कौन- कौन सी योजनायें लागू हैं. उसकी सूची दी जावे. इन योजनाओं में शासन से कितने प्रतिशत की सब्सिडी किसानों की दी जाती है. पृथक-पृथक योजनावार सब्सिडी की जानकारी दी जावे. (ख) प्रश्नकर्ता द्वारा कार्यालयीन पत्र क्रमांक 963 दिनांक 17 मई 17 से तथा पत्र क्रमांक 949 दिनांक 12 मई 2017 से उप संचालक उद्यानिकी खरगोन से क्या-क्या आवश्यक जानकारी चाही गई है? क्या विभाग द्वारा जानकारी उपलब्ध करा दी गई है? संदर्भित पत्र के बिंदु क्रमांक 1 एवं 2 तथा दूसरा पत्र के बिंदु क्रमांक 1 से 4 तक क्या जानकारी चाही गई थी, इस सम्बन्ध में चाही गई जानकारी का विवरण देवें। (ग) क्या प्रश्नांश (ख) के अनुसार चाही गई जानकारी विभाग द्वारा उपलब्ध करा दी गई है. यदि हाँ, तो कब और यदि नहीं, तो क्यों, विभाग द्वारा जानकारी न देने पर संबंधित के विरूद्ध जन प्रतिनिधियों को समय-समय पर जानकारी उपलब्ध न करने पर क्या दाण्डिक प्रावधान है. संबंधित के विरूद्ध क्या कार्यवाही कब तक की जावेगी।

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) प्रश्‍नकर्ता द्वारा चाही गई जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍नांश (ख) अनुसार चाही गई जानकारी उप संचालक उद्यान, जिला खरगोन के पत्र दिनांक 22.06.2017 द्वारा उपलब्‍ध कराई गई है परन्‍तु कृषकवार जानकारी स्‍पष्‍ट रूप से नहीं देने के कारण श्री के.के. गिरवाल, उप संचालक उद्यान‍ जिला खरगोन को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। समय पर जानकारी उपलब्‍ध न कराने को अवचार मानकर संबंधित के विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही का प्रावधान है। कारण बताओ सूचना पत्र का उत्‍तर प्राप्‍त होने पर गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही की जायेगी।

विधानसभा बण्डा में पुलों के निर्माण

[लोक निर्माण]

7. ( क्र. 137 ) श्री हरवंश राठौर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र बण्डा में बहरोल चौकाभेड़ा, पातरीकोटा तथा दलपतपुर में आवागमन की सुविधा के लिए पुलों के निर्माण की स्वीकृति कब-कब प्रदान की गई है। (ख) उक्त स्थानों पर पुलों की निर्माण एजेन्सियों से किन-किन तारीखों में अनुबंध कराए हैं। प्रत्येक पुल के पूर्ण निर्माण की अंतिम तारीख क्या हैं? (ग) वर्तमान के उक्त पुलों के निर्माण की भौतिक स्थिति क्या है? यदि अपूर्ण हैं या कार्य बंद है तो क्या कारण है और कब तक निर्माण पूर्ण हो जावेगा? अनुबंधानुसार अपूर्ण निर्माण या बंद कार्य के लिए कौन दोषी है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) विस्‍तृत जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''तीन''

विधानसभा बण्डा अंतर्गत पुल का निर्माण

[लोक निर्माण]

8. ( क्र. 138 ) श्री हरवंश राठौर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र बण्डा में ग्राम गड़र से सहावन मार्ग पर पुल निर्माण के लिए शासन ने कितनी राशि का प्राक्कलन तैयार किया है? यह कार्य कब तक पूर्ण होना है? (ख) स्वीकृत प्राक्कलन में पुल निर्माण के अलावा कितनी लम्बाई-चौड़ाई तथा कितनी राशि का एप्रोच रोड बनना है? (ग) कितनी मोटाई का एप्रोच रोड बनना है तथा कितनी-कितनी मोटाई पर कौन-कौन सा मटेरियल का उपयोग किया जावेगा, ताकि तकनीकी स्तर पर गुणवत्ता बनी रहे? एप्रोच रोड का निर्माण कब तक पूर्ण हो जावेगा।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''चार''

शासकीय प्याज की खरीदी

[सहकारिता]

9. ( क्र. 158 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश सरकार द्वारा पिछले वित्तीय वर्ष में प्याज की फसल की खरीदी किसानों से की गई थी? (ख) यदि हाँ, तो जिलेवार कुल कितना प्याज, कितनी धनराशि से खरीदा गया तथा प्याज के भण्डारण, बारदान व परिवहन पर जिलेवार कितनी धनराशि‍ का व्यय हुआ? (ग) क्या खरीदी पश्चात प्याज खराब हुई है? (घ) यदि हाँ, तो जिलेवार कुल कितनी प्याज, कितनी लागत की खराब हुई? (ङ) क्या सार्वजनिक प्रणाली के माध्यम से प्याज का विक्रय किया गया था? (च) यदि हाँ, तो कितनी धनराशि से कितने प्याज का जिलेवार विक्रय सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से हुआ तथा शासन को प्‍याज खरीदी से लेकर विक्रय तक में कुल कितने राजस्व की हानि‍ हुई?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। (ग) जी हाँ। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'दो' अनुसार है। (ड.) जी हाँ। (च) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'तीन' अनुसार है। राशि रूपये 1,06,24,66,993.89 की हानि हुई है।

कृषकों को कृषि यंत्र की स्वीकृति

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

10. ( क्र. 206 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभिन्न कृषि यंत्रों के लिये कृषकों का ऑनलाईन पंजीयन किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो विकासखंड क्षेत्र पनागर एवं जबलपुर विकासखंड के बरेला के कितने कृषकों का योजना प्रारंभ से अब तक ऑनलाइन पंजीयन किया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अंतर्गत कितने कृषक लाभान्वित हुये हैं? (घ) क्या शेष कृषकों को कृषि यंत्रों के लिये लाभान्वित किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। (ख) विकासखंड क्षेत्र पनागर एवं जबलपुर विकासखंड के ग्राम बरेला में भारत सरकार द्वारा प्रसारित नवीन डी.बी.टी. निर्देशों के अंतर्गत अभी तक (2017-18) कुल 19 कृषकों का पंजीयन किया गया है। जिसमें पनागर विकासखंड के 19 कृषकों द्वारा पंजीयन कराया गया है। तथा जबलपुर विकासखंड के ग्राम बरेला में कोई भी कृषक पंजीयन नहीं कराया। कृषकों की सूची की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। डी.बी.टी. व्‍यवस्‍था के दिशा-निर्देश की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) आवेदकों के प्रकरण प्रक्रियाधीन है। पात्र पाये जाने पर कृषकों को नियमानुसार अनुदान दिया जायेगा। (घ) जी हाँ। परीक्षण अनुसार पात्र पाये जाने पर किसानों को लाभान्वित किया जायेगा। परीक्षण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

विधानसभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत स्टॉ‍प डेम निर्माण

[जल संसाधन]

11. ( क्र. 207 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या स्टॉप डेम निर्माण होने से बारिश का पानी संग्रहित होकर जलस्‍तर बढ़ाता है? (ख) क्या‍ बरेला क्षेत्र में पानी की सबसे अधिक समस्या है? (ग) क्या‍ बरेला क्षेत्र के हिनौतिया भौई, सिलुआ पड़रिया, कुटैली, बैरागी, महगवां डूंगा, हिनौतिया बारहा, बम्हनी, पड़वार के नदी नालों पर स्टॉप डेम बनाने से इस क्षेत्र में जलस्तर बढ़ सकता है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के अंतर्गत स्‍टॉप डेम बनाने हेतु भेजे गये प्रस्‍ताव यथा (क्र.-1) अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा उपसंभाग जबलपुर द्वारा कार्य. यंत्री ग्रा. यां. से. जबलपुर को दिनांक 12.03.15 को (क्र.-2) विधायक कार्यालय द्वारा जिला योजना अधिकारी जबलपुर को दिनांक 30.04.16 को तथा (क्र.-3) कार्य. यंत्री हिरण जल संसाधन संभाग जबलपुर को दिनांक 05.04.17 को भेजे गये प्रस्तावों पर कार्यवाही क्यों नहीं की गई?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। पानी की अधिक समस्‍या से संबंधित जानकारी विभाग संधारित नहीं करता है। (ग) परियोजना की साध्‍यता पर निर्भर है। (घ) कार्यपालन यंत्री से प्राप्‍त प्रतिवेदन अनुसार परियोजनाएं तकनीकी दृष्टि से साध्‍य नहीं पाई गई हैं। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

सरकार का उद्देश्‍य

[लोक निर्माण]

12. ( क्र. 288 ) श्रीमती पारूल साहू केशरी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या यह सही है कि प्रश्‍नकर्ता द्वारा विधानसभा के बजट सत्र 2017 में तारांकित प्रश्‍न संख्‍या-131 क्रमांक-3415 दिनांक 2 मार्च 2017 के माध्‍यम से पूछे गये प्रश्‍न के उत्‍तर में विभाग द्वारा ग्राम मीरखेड़ी से ग्राम हिरनखेड़ा मार्ग जो 29.7.2013 से कार्यादेश होने के बाद भी निर्माण के इंतजार में प्रश्‍न दिनांक तक भी लंबित पड़ा हुआ है? किसी को भी दोषी नहीं माना था? क्‍यों? (ख) यदि हाँ, तो लोक निर्माण विभाग द्वारा कार्य करने हेतु बार-बार समयवृद्धि (31.5.2015) कर कार्य करने की अनुमति ठेकेदार को किन आधारों पर दी गयी तथा वे कौन से कारण थे जिसके आधार पर उक्‍त सड़क मार्ग बिना निर्माण पूर्ण किये म.प्र. ग्रामीण सड़क प्राधिकरण को 3.6.2015 को स्‍थानांतरित किया गया और फिर ऐसा क्‍या हुआ जिसके तहत ग्रामीण सड़क प्राधिकरण द्वारा पुन: लोक निर्माण विभाग को 26.10.2016 को उक्‍त सड़क मार्ग वापिस कर दिया? (ग) क्‍या यह बात सही नहीं है कि लोक निर्माण विभाग एवं म.प्र. ग्रामीण सड़क प्राधिकरण में कार्य करने वाले एक ठेकेदार को हानि से बचाने के लिये दोनों विभाग के अधिकारियों की मिली भगत से इस तरह के आदेश जारी किये गये? पूरी जानकारी देवें? (घ) क्‍या मध्‍यप्रदेश सरकार का उद्देश्‍य ऐसे ठेकेदारों के हित में कार्य करना है या लोक हित में कार्य करना है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। प्रश्‍नाधीन मार्ग म.प्र.ग्रा.स.वि. प्राधिकरण की सूची में प्रस्‍तावित होने के कारण कार्य नहीं कराया गया। (ख) प्रश्‍नाधीन मार्ग के साथ और दो मार्ग (मसुरयाई तोडा एवं सिहोरा किल्‍लई) अनुबंध में सम्मिलित है ठेकेदार द्वारा निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण न करने के कारण इन दोनों मार्गों को पूर्ण करने हेतु ठेकेदार को समयावृद्धि प्रदान की गई। मार्ग म.प्र.ग्रा.स.वि. प्राधिकरण की सूची में प्रस्‍तावित होने के कारण कार्य नहीं कराया गया। जिला सतर्कता एवं मूल्‍याकंन समिति की बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार मार्ग इस विभाग को वापस किया गया। (ग) जी नहीं। शासन के निर्देशानुसार कि म.प्र.ग्रा.स.वि. प्राधिकरण में स्‍वीकृत सड़कों का कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा न किया जावे। (घ) शासन का उद्देश्‍य लोक हित में काम करना है।

धामनोद से सुन्देरल मार्ग पर सड़क के पुनर्निर्माण

[लोक निर्माण]

13. ( क्र. 338 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धामनोद से सुन्देरल तक सड़क का निर्माण किस वर्ष में किया गया था? सड़क निर्माण के बाद उसकी मरम्मत का कार्य अंतिम बार किस वर्ष में किया गया? (ख) क्या धामनोद से सुन्देरल तक की पूर्णतः जर्जर हो चुकी सड़क के पुनर्निर्माण के लिये या धामनोद से कालीबावडी व्हाया सुन्देरल तक सड़क निर्माण हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रेषित प्रस्तावों पर विचार कर उक्त रोड के पुनर्निर्माण या नवीन सड़क निर्माण की कोई योजना बनाई गई है? यदि हाँ, तो उक्त सड़क का निर्माण कब तक प्रारंभ कर दिया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) विस्‍तृत जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। स्‍वीकृति के अभाव में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''छ:''

घुघरी कटाव से जन-धन की हानि

[जल संसाधन]

14. ( क्र. 385 ) श्री मोती कश्यप : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दिनांक 11-9-2016 को जनदर्शन यात्रा के दौरान में मा. मुख्यमंत्रीजी ने ग्राम खमतरा में ग्रामीणों की मांग पर ग्राम घुघरी के कटाव की घोषणा की है? (ख) प्रश्नकर्त्ता की पहल पर विगत 5 वर्षों की अवधि में किन तिथियों में किन्हीं विभागीय यंत्रियों एवं अन्य‍ विभागीय अधिकारियों द्वारा बेलकुण्डनदी के तटवर्ती घुघरी ग्राम का अध्ययन व सर्वेक्षण किया है और वहां ग्रामीणों के मकान, मंदिर, सीमेंट रोड आदि के कटाव और उसकी गहरायी कितनी पायी है? (ग) प्रश्‍नकर्त्ता ने अपने पत्र दिनांक 11-9-2016 मय फोटोग्राफ सहित मा. मुख्यमंत्रीजी को लि‍खकर कोई सुझाव दिया है, जिस पर विभाग के द्वारा कब क्या योजना बनायी गई व स्वीकृत करायी गई और क्रियान्वयन कराया गया है? विवरण देवें। (घ) क्या प्रश्नांश (क) की घोषणा के बाद किन यंत्रियों के द्वारा नदी के जलप्रवाह का प्रत्यावर्तन, कटाव को पाटकर ग्राम को सुरक्षित करने की कितनी लागत की योजना बनाकर किस स्तर पर प्रस्तुत की है और कब स्वीकृति प्रदान कर निर्माण पूर्ण किया गया है? (ड.) क्या वर्षा व बाढ़ से यदि जन व धन की कोई क्षति होती है, तो प्रश्नांश (ख), (ग) एवं (घ) के किन दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। विगत 5 वर्षों में प्रभारी उपयंत्री द्वारा दिनांक 02.04.2015 को तथा अधीक्षण यंत्री, जल संसाधन मण्‍डल, जबलपुर कार्यपालन यंत्री, अनुविभागीय अधिकारी एवं उपयंत्री द्वारा दिनांक 28.04.2015 को संयुक्‍त स्‍थल निरीक्षण किया जाना प्रतिवेदित है। मान. विधायक के साथ उपयंत्री द्वारा दिनांक 30.08.2016 को भी स्‍थल निरीक्षण किया गया है। सर्वेक्षण रिपोर्ट की प्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) एवं (घ) प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित पत्र दिनांक 11.09.2016 अभिलेखों में प्राप्‍त होना नहीं पाया गया, अपितु मान. प्रश्‍नकर्ता का पत्र दिनांक 07.05.2017 मुख्‍य मंत्री कार्यालय के माध्‍यम से प्राप्‍त हुआ है। कटाव रोकने का प्रस्‍ताव अधीक्षण यंत्री जबलपुर द्वारा पत्र दिनांक 06.07.2017 द्वारा मुख्‍य अभियंता सिवनी को प्रेषित किया जाना प्रतिवेदित है। डी.पी.आर. अंतिम नहीं होने से स्‍वीकृति की स्थिति नहीं है। (ड.) डी.पी.आर. मैदानी कार्यालयों में परीक्षणाधीन होने से अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही करने की स्थिति नहीं है।

परिशिष्ट - ''सात''

महानदी के बसाडी-भदौरा में सेतु निर्माण की स्वीकृति

[लोक निर्माण]

15. ( क्र. 391 ) श्री मोती कश्यप : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला कटनी, वि.खं. बडवारा के ग्राम बसाडी व भदौरा के मध्य सेतु निर्माण का फेज वन का प्राक्कलन रूपये 5.25 करोड़ और डी.पी.आर. रूपये 12.48 करोड़ शासन के अधीन विचाराधीन है? (ख) क्या‍ प्रश्नांश (क) सेतु का निर्माण आगामी पूरक बजट में सम्मिलित कर लिया जावेगा और शीघ्र ही प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) वर्तमान में वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धता सीमित होने के कारण स्‍वीकृत करना संभव नहीं।

राशि गबन के लिये दोषियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने एवं राशि की वसूली

[जल संसाधन]

16. ( क्र. 443 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधान सभा प्रश्‍नोत्‍तरी दिनांक 23 मार्च, 2017 में मुद्रित प्रश्‍न क्रमांक (7019) के उत्‍तर में बताया गया था कि जिन कार्यों के पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किये गये हैं, उन्‍हें गुणवत्‍तापूर्ण कराया जाना प्रतिवेदित होने से दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की स्थिति नहीं है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में त्‍योंथर उद्वहन योजना अंतर्गत कितनी-कितनी लंबाई की कहाँ से कहाँ तक के माईनर नहरों का निर्माण कितनी-कितनी लागत से किन-किन संविदाकारों द्वारा कब-कब कार्यादेश जारी कर कार्य कराया गया? कि प्रति देते हुए जानकारी वर्ष 2011 से प्रश्‍नांश तक की देवें, साथ ही इनमें से किन-किन कार्यों के पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी किये गये? की प्रति भी उपलब्‍ध करायें? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के माईनर नहरों के कार्य गुणवत्‍तापूर्ण एवं शासन के मापदण्‍ड अनुसार अनुबंध की शर्तों के आधार पर कराये गये की जाँच कब-कब, किन-किन वरिष्‍ठ अधिकारी द्वारा की गई एवं करायी गई जाँच प्रतिवेदन की प्रति के साथ विवरण देवें? (घ) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के कार्य मौके पर न कराकर संबंधित ठेकेदारों/संविदाकारों से सांठ-गांठ कर फर्जी बिल वाउचर के आधार पर अधिकारियों द्वारा राशि आहरित करवा दी गई, तो इसके लिये दोषियों से राशि की वसूली के साथ गबन का आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक अगर नहीं तो क्‍यों?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार तथा कार्यादेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के परिशिष्‍ट-ब अनुसार है। परियोजना निर्माणाधीन होने से पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) माईनर नहरों का निर्माण कार्य मापदण्‍ड एवं अनुबंध में निहित शर्तों के अनुसार कराया गया है। प्रश्‍नांश में वर्णित कार्यों की कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं होना प्रतिवेदित होने से जाँच कराने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। कार्यों का वरिष्‍ठ अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण प्रतिवेदन की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (घ) निविदाकार द्वारा किए गए कार्य का ही भुगतान किया जाना प्रतिवेदित होने से किसी अधिकारी के दोषी होने की स्थिति नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

किला रोड से लहार रोड मार्ग निर्माण

[लोक निर्माण]

17. ( क्र. 484 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भिण्‍ड में किला रोड से लहार रोड चौराहा तक 1.30 कि.मी. लागत 361 लाख से मार्ग का निर्माण किया जा रहा है? यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश दिनांक तक मार्ग का कितना निर्माण हो चुका है? कब तक मार्ग पूर्ण होगा? (ख) क्‍या मार्ग निर्माण पूर्ण होने की अवधि जून 2017 थी? यदि हाँ, तो कार्य पूर्ण क्‍यों नहीं हुआ है, अद्यतन जानकारी क्‍या है? (ग) प्रश्‍नांश (क) के अंतर्गत समय पर मार्ग पूर्ण न होने के लिये कौन अधिकारी दोषी हैं? क्‍या उन पर कठोर कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? अपूर्ण मार्ग के कारण लोगों को हो रही परेशानी के लिये क्‍या उपाय किये जायेंगे? (घ) मार्ग निर्माण पूर्ण करने में क्‍या कठिनाई उत्‍पन्‍न हो रही हैं? मार्ग कब तक पूर्ण कर लिया जायेगा?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। प्रश्‍न दिनांक तक 500 मीटर लंबाई एवं 7.00 मीटर चौड़ाई में मार्ग निर्माण हो चुका है। मार्ग दिनांक 31.03.2018 तक पूर्ण होना संभावित है। (ख) जी हाँ। मार्ग MPEB के द्वारा विद्युत पोलों को शिफ्टिंग करने में विलंब होने, मार्ग के बीच में निर्माण व अतिक्रमण हटाने में विलंब तथा ठेकेदार द्वारा धीमी गति से कार्य करने के कारण विलंब हुआ। (ग) कोई नहीं। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। ठेकेदार को समय-समय पर माइलस्‍टोन अनुसार कार्यप्रगति बढ़ाये जाने हेतु नोटिस जारी किये गये, परन्‍तु ठेकेदार द्वारा कार्य की प्रगति न बढ़ाने के कारण कार्य को अनुबंध की धारा 27.3 के तहत निरस्‍त किया गया। मुख्‍य अभियंता लो.नि.वि. (उ) ग्‍वालियर द्वारा ठेकेदार को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया। ठेकेदार द्वारा अधीक्षण यंत्री लो.नि.वि. मण्‍डल ग्‍वालियर को अनुबंध पुनर्जीवित करने हेतु अनुरोध किया है। (घ) मार्ग निर्माण में पोल शिफ्टिंग एवं अतिक्रमण हटाने में कठिनाई उत्‍पन्‍न हो रही है। मार्ग दिनांक 31.03.2018 तक पूर्ण कराये जाने का लक्ष्‍य है।

विजयगढ़ मुरम्‍या से स्‍टॉपडेम निर्माण

[जल संसाधन]

18. ( क्र. 553 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या टोंकखुर्द तहसील अंतर्गत विजयगढ़ मुरम्‍या में स्‍टॉपडेम स्वीकृत हैं? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? (ख) यदि स्‍वीकृत है तो कब तक इसका निर्माण कार्य शुरू होगा? यदि स्‍वीकृत नहीं है तो क्‍या विभाग द्वारा इसकी स्‍वीकृति हेतु कोई कार्यवाही प्रचलित है? (ग) यदि कार्यवाही प्रचलित है तो जानकारी स्‍पष्‍ट करें? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) जी नहीं। चिन्हित विजयगढ़ मुरम्‍या स्‍टॉपडेम का जलग्रहण क्षेत्र कम होने से परियोजना साध्‍य नहीं है। शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होते है।

सोनकच्‍छ के पीलिया खाल पर पुल का निर्माण

[लोक निर्माण]

19. ( क्र. 560 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सोनकच्‍छ से जलेरिया रोड पर स्थित पीलिया खाल पर पुल निर्माण हेतु कोई कार्यवाही की जा रही है? हां या नहीं जानकारी दें। (ख) यदि नहीं, तो क्‍या क्षेत्रवासियों के हित में विभाग द्वारा उक्‍त पुल निर्माण की कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) क्‍या बारिश के दौरान उक्‍त पीलिया खाल पर पानी अधिक होने से आवागमन बंद हो जाता है? यदि हाँ, तो क्‍या आगामी बारिश तक उक्‍त खाल पर बड़ा पुल स्‍वीकृत किया जा सकेगा या नहीं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। मार्ग लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत नहीं आता है अत: कार्यवाही का प्रश्‍न ही नहीं है। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

शासन की ओर से वकील

[विधि और विधायी कार्य]

20. ( क्र. 583 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनेश पिता मांगीलाल जैन निवासी महिदपुर रोड जिला उज्‍जैन के विरूद्ध मान.उच्‍च न्‍यायालय (इंदौर खंडपीठ) में चल रहे प्रकरण में शासन की ओर से कौन-कौन वकील नियुक्‍त किए गए हैं? (ख) उपरोक्‍त प्रकरण में अभी तक कितनी तारीखें लगी हैं? इनमें नियुक्‍त वकीलों की उपस्थिति/अनुपस्थिति बतावें। प्रकरण की अद्यतन स्थिति भी बतावें? (ग) राजस्‍व मंडल ग्‍वालियर द्वारा दिनेश पिता मांगीलाल जैन के विरूद्ध आदेश पारित किया लेकिन विभाग द्वारा इस संबंध में मान.उच्‍च न्‍यायालय में केवियट क्‍यों नहीं लगाई गई कारण स्‍पष्‍ट करें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

बायपास सड़क निर्माण कार्य का प्रारंभ

[लोक निर्माण]

21. ( क्र. 638 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या टीकमगढ़ प्रवास के दौरान माननीय मुख्‍यमंत्री महोदय द्वारा नगर बल्‍देवगढ़ में बायपास सड़क निर्माण स्‍वीकृत किये जाने की घोषणा की गई थी। (ख) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री महोदय के स्‍वीकृति घोषणा के उपरांत बल्‍देवगढ़ बायपास सड़क निर्माण का कार्य प्रारंभ कब तक करा दिया जावेगा? समयावधि बतायें, यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें। (ग) क्‍या मात्र स्‍वीकृति की घोषणा भर की गई है, निर्माण कार्य में शासन द्वारा किस प्रकार की योजना बनाई गई है और यदि योजना नहीं बनाई गई है तो कब तक बनाई जावेंगी। (घ) क्‍या डी.पी.आर. एवं कार्ययोजना बनाई जा चुकी है? यदि हाँ, तो कब बनाई गई, यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं बनाई गई, कारण स्‍पष्‍ट करें। तथा कब तक बायपास सड़क निर्माण का कार्य प्रारंभ करा दिया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। वर्तमान में बल्‍देवगढ़ बायपास मार्ग का डी.पी.आर. बनाने का कार्य प्रगति पर है। डी.पी.आर. की स्‍वीकृति हेतु केन्‍द्र शासन से प्राप्‍त होने के उपरांत निविदा की कार्यवाही की जा सकेगी। (ग) जी नहीं, शासन की योजना अनुसार डी.पी.आर. बनाने की कार्यवाही प्रगति पर है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) डी.पी.आर. बनाने का कार्य प्रगति पर है, जिसके पूर्ण होते ही अग्रिम कार्यवाही की जा सकेगी। वास्‍तविक समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

स्‍थायी वित्‍त समिति लोक निर्माण विभाग के क्रियाकलापों

[लोक निर्माण]

22. ( क्र. 650 ) श्री बलवीर सिंह डण्‍डौतिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) P.W.D. द्वारा गठित स्‍थायी वित्‍त समिति के क्रियाकलाप क्‍या-क्‍या हैं व उनके क्रियान्‍वयन हेतु क्‍या-क्‍या मार्गदर्शिका प्रचलन में है? (ख) P.W.D. खण्‍ड मुरैना द्वारा विधान सभा क्षेत्र-07 दिमनी जिला मुरैना से संबंधित लोक निर्माण कार्य जनवरी 2014 से मई 2017 तक कितने कार्य स्‍थायी वित्‍त समिति भोपाल को अग्रिम कार्यवाही हेतु भेजे गये? की जानकारी कार्य विवरण, लागत मूल्‍य कार्य की दूरी आदि से अवगत करावें? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित कितने कार्य स्‍वीकृत व प्रक्रियाधीन है? जानकारी दी जावे।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) मार्गदर्शिका पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश '' के अनुसार।

विधानसभा क्षेत्र 07 दिमनी जिला मुरैना में रोड निर्माण

[लोक निर्माण]

23. ( क्र. 651 ) श्री बलवीर सिंह डण्‍डौतिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र 07 दिमनी जिला मुरैना में विगत 03 वर्षों में रोड निर्माण से संबंधित प्रश्‍नकर्ता द्वारा व PWD खण्‍ड मुरैना द्वारा निर्माणों से संबंधित कितने प्रस्‍ताव रोड स्‍वीकृति हेतु शासन को भेजे गये? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में कितने कार्य पूर्ण, निर्माणधीन एवं कितने प्रक्रियाधीन हैं? (ग) प्रक्रियाधीन एवं अपूर्ण कार्यों की भी जानकारी, कार्य विवरण, दूरी लागत राशि आदि सहित विस्‍तार से बतावें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। दो प्रस्‍ताव। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश '' अनुसार।

असिंचित ग्रामों में सिंचाई सुविधा उपलब्‍ध कराना

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

24. ( क्र. 679 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्‍योपुर विधान सभा क्षेत्रांतर्गत सी.आर.एस.सी. के बायीं ओर बसे तीन दर्जन से अधिक ग्रामों में वर्तमान तक सिंचाई सुविधा के अभाव के कारण इन ग्रामों की हजारों हेक्‍टेयर भूमि असिंचित रहने के कारण इनमें निवासरत ग्रामीण आर्थिक दृष्टि से दयनीय जीवन जीने को विवश हो रहे हैं। उन्‍हें कई कठिनाइयां आ रही हैं। (ख) उक्‍त कठिनाइयों के निवारण हेतु उपसंचालक कृषि श्‍योपुर द्वारा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनांतर्गत पार्वती उद्वहन सिंचाई योजना के निर्माण का प्रस्‍ताव श्‍योपुर जिले की डी.आई.पी. में संचालनालय को भेजा था, जिसे दिनांक 22.12.2016 को संपन्‍न राज्‍य स्‍तरीय मंजूरी समिति की बैठक में अनुमोदित भी किया जा चुका है। लेकिन ई.ई.डब्‍ल्‍यू.आर.डी. श्‍योपुर द्वारा प्रति हेक्‍टेयर लागत ज्‍यादा होने से योजना को असाध्‍य माना गया। (ग) यदि हाँ, तो कृषकों के हित में क्‍या शासन, लागत राशि के मापदण्‍डों को शिथिल करते हुए अथवा योजना की लागत वैकल्पिक तकनीक अपनाकर कम करके योजना को स्‍वीकृति प्रदान करने के उपरांत केन्द्र सरकार से इसे अनुमोदित करवाकर इसे बजट में शामिल करेगा तथा योजना का कार्य धरातल पर प्रारंभ करवाएगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी नहीं। (ख) कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग श्‍योपुर ने अपने पत्र क्रमांक 2041 दिनांक 5/7/2017 के माध्‍यम से अवगत कराया है कि चंबल नहर किनारे 35 ग्रामों को पानी प्रदाय करने हेतु पार्वती उद्वहन सिंचाई योजना प्रस्‍तावित थी। परन्‍तु प्रति हेक्‍टेयर लागत अधिक आने से योजना असाध्‍य हो गई एवं पार्वती नदी के चंबल अभ्‍यारण्य के अधिसूचित क्षेत्र की सीमा के अंतर्गत आने से कोई कार्य करने के पूर्व उच्‍चतम न्‍यायालय से स्‍वीकृति आवश्‍यक होगी। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश (ख) अनुसार।

परिशिष्ट - ''आठ''

सड़क मार्ग का उन्‍नयन/उन्‍नतीकरण

[लोक निर्माण]

25. ( क्र. 680 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत प्रेमसर मूंढला मुख्‍य जिला मार्ग यातायात एवं कृषि उत्‍पादन परिवहन की दृष्टि से महत्‍वपूर्ण मार्ग है मार्ग की स्थिति कई भागों में अत्‍यंत खराब है, नतीजन नागरिकों को आवागमन में कठिनाइयाँ आती है? (ख) क्‍या राज्‍य योजना आयोग द्वारा श्‍योपुर जिले के मार्गों के निर्माण/उन्‍नयन हेतु जिला योजना में प्‍लान सिलिंग में पर्याप्‍त धनराशि का प्रावधान भी रखा गया है? (ग) क्‍या उक्‍त मार्ग पर वर्तमान यातायात घनत्‍व एवं सड़क मार्ग की सतह के खराब स्थिति के कारण नागरिकों को आ रही कठिनाइयों के मद्देनजर ई.ई.लो.नि.वि. श्‍योपुर द्वारा उक्‍त मार्ग के उन्‍नतीकरण हेतु 45 करोड़ का प्राक्‍कलन तैयार कर शासन/विभाग को प्रेषित किया गया है, इसे बजट में शामिल किये जाने हेतु कार्यवाही वर्तमान में प्रमुख अभियंता कार्यालय में प्रक्रियाधीन भी है यदि हाँ, तो क्‍या शासन क्षेत्र हित में उक्‍त प्रक्रियाधीन कार्यवाही को अविलंब पूर्ण करवाकर उक्‍त मार्ग के उन्‍नतीकरण कार्य को चालू वर्ष के अनुपूरक बजट में शामिल करके इसे शीघ्र स्‍वीकृ‍ति प्रदान करेगा यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। जिला सेक्‍टर में नवीन स्‍वीकृति के लिये पर्याप्‍त राशि उपलब्‍ध नहीं है। (ग) वर्तमान में वित्‍तीय संसाधन सीमित होने के कारण स्‍वीकृति की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग क्रं. 03, के शेष भाग के तहत रोड/नालियों का निर्माण

[लोक निर्माण]

26. ( क्र. 735 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पुराने मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग क्र. 03, पर फोरलेन निर्माण के दोरान शेष बचे भाग के तहत ग्राम खलघाट, धामनोद एवं गुजरी के आबादी क्षेत्र में सी.सी. रोड निर्माण व आबादी क्षेत्र से फोरलेन तक डामरीकरण कार्य स्वीकृत होकर प्रगतिरत है? (ख) यदि हाँ, तो आबादी क्षेत्र में स्वीकृत सी.सी. रोड निर्माण के साथ ही नाली निर्माण का प्रावधान भी स्वीकृत डी.पी.आर. में रखा गया है अथवा नहीं? क्या नागरिकों एवं क्षेत्रिय जनप्रतिनिधियों व प्रश्नकर्ता के द्वारा आबादी क्षेत्र में सर्वप्रथम नाली निर्माण करने का प्रस्ताव विभाग को दिया गया है अथवा नहीं? (ग) यदि हाँ, तो ग्राम खलघाट, धामनोद एवं गुजरी में नाली निर्माण की स्वीकृति प्रदान कर कब तक नाली निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। जी नहीं। (ग) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

आदर्श किसान बीज उत्‍पादक सहकारी संस्‍था मर्या. सीहोरा कुरबाई

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

27. ( क्र. 828 ) श्री वीरसिंह पंवार : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आदर्श किसान बीज उत्‍पादक सहकारी संस्‍था मर्यादित सीहोरा कुरबाई जिला विदिशा को वर्ष 2013 से 2017 तक खरीफ एवं रबी फसलों का बीज विक्रय करने से कितनी बार कब-कब प्रतिबंधित किया गया अलग-अलग जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ख) उक्‍त संस्‍था का बीज अमानक स्‍तर का पाये जाने पर भी दुबारा बीज विक्रय की अनुमति कैसे और क्‍यों प्रदान कर दी जाती है? क्‍या शासन को अपने ही अधिकारी जिन्‍हें बीज का मानक स्‍तर जाँचने का अधिकार और पात्रता है उन पर विश्‍वास नहीं है? यदि विश्‍वास है तो फिर इस संस्‍था को अनुमति कैसे दे दी जाती है? (ग) क्‍या इस संस्‍था की जाँच उपरांत पदेन अनुज्ञप्ति अधिकारी (बीज) एवं उप संचालक किसान कल्‍याण एवं कृषि विकास जिला विदिशा द्वारा दिनांक 10.3.17 के पत्र द्वारा बीज विक्रय भण्‍डारण हेतु जारी अनुज्ञप्ति संख्‍या 16 दिनांक 10.4.15 को तत्‍काल प्रभाव से निलंबित किया था? यदि हाँ, तो ऐसे क्‍या कारण रहे कि कुछ दिन बाद ही संयुक्‍त संचालक किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास भोपाल द्वारा पुन: बहाल कर हजारों क्विंटल बीज की सप्‍लाई दे दी गई? (घ) य‍ह कि उपरोक्‍त संस्‍था का पंजीयन कई दफा निलंबित हो चुका है क्‍या शासन द्वारा इनका पंजीयन स्‍थाई तौर पर निरस्‍त करने की कार्यवाही की जावेगी? जिससे किसानों के नुकसान को बचाया जा सके।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) बीज अधिनियम 1966, बीज नियम 1968 तथा बीज (नियंत्रण) आदेश 1983 द्वारा प्रदत्‍त शक्तियों का उपयोग करते हुये निहित प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जाती है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जी हाँ, बीज (नियंत्रण) आदेश 1983 की धारा 16 के तहत अपीलीय अधिकारी सह संयुक्‍त संचालक, कि‍सान कल्‍याण तथा कृषि विकास, संभाग-भोपाल को अध्‍यक्ष, आदर्श किसान बीज उत्‍पादक सहकारी संस्‍था मर्यादित सीहोरा द्वारा दिनांक 22.03.2017 को अपीलीय आवेदन प्रस्‍तुत किया गया, जिस पर सुनवाई के उपरान्‍त गुण-दोष के आधार पुन: उक्‍त संस्‍था की बीज अनुज्ञप्ति बहाल की गई, जिसके फलस्‍वरूप बीज की सप्‍लाई की गई। (घ) उक्‍त संस्‍था का पंजीयन मात्र एक बार दिनांक 10.03.2017 को निलंबित किया गया। जी नहीं, बीज अधिनियम 1966, बीज नियम 1968 तथा बीज (नियंत्रण) आदेश 1983 द्वारा प्रदत्‍त शक्तियों का उपयोग करते हुये निहित प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जाती है।

परिशिष्ट - ''नौ''

सागर जिले में किसानों को देय अनुदान

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

28. ( क्र. 861 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर जिला में वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक किसानों को देय विभिन्‍न योजनाओं का कितना अनुदान/भुगतान बकाया है? विकासखण्‍डवार एवं योजना घटकवार बतायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में किसानों को राशि भुगतान क्‍यों नहीं की जा रही है? क्‍या शासन ने भुगतान पर रोक लगाई है? यदि नहीं, तो शासन से राशि प्राप्‍त होने पर भी संस्‍थाओं एवं किसानों को भुगतान नहीं करने वाले दोषियों पर शासन क्‍या कार्यवाही करेगा? (ग) क्‍या वर्ष 2016-17 में किसानों को देय अनुदान राशि शासन ने सागर जिले को उपलब्‍ध करायी थी? यदि हाँ, तो कितनी राशि, योजना घटकवार बतायें? यदि नहीं, तो किस योजना की कितनी राशि शासन से प्राप्‍त नहीं हुई?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) शासन द्वारा भुगतान पर रोक नहीं लगाई गई है। डी.बी.टी. प्रणाली से कृषकों के बैंक खातें में भुगतान करने में भुगतान निम्‍नलिखित कारणों से लंबित है। 1. किसानों के बैंक खाता नंबर, आई.एफ.सी.ओ. कोड, आधार नंबर नहीं होने से असफल ई-पेंमेन्‍ट होने से किसानों के बैंक खाते में नहीं पहुँचा है। 2. जिला सेवा सहकारी समितियों द्वारा किसानों के बैंक खाता नंबर, आई.एफ.सी.ओ. कोड आधार नम्‍बर उपलब्‍ध न होना। 3. माह जून 2017 एवं माह जुलाई 2017 में आवंटन प्राप्‍त होना। 4. सी.सी.बी. द्वारा देयक वित्‍तीय वर्ष 2016-17 समाप्ति उपरान्‍त देयक प्रस्‍तुत किया जाना। 5. प्रदायक संस्‍थाओं द्वारा कृषकों के बैंक खाता नंबर, आई.एफ.सी.ओ. कोड आधार नंबर विलंब से/अप्राप्‍त होना। 6. जिला कोषालय का सर्वर दिनांक 28.03.2017 से खराब होने से। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

एन.एच.86 को फोरलेन किया जाना

[लोक निर्माण]

29. ( क्र. 862 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सागर से लेकर सांची तक के राष्‍ट्रीय राजमार्ग क्र.86 को फोरलेन में तब्‍दील करने के लिये किसी प्रस्‍ताव को शासन द्वारा स्‍वीकृति दी गयी है? यदि हाँ, तो कहाँ से कहाँ तक का निर्माण प्रस्‍तावित है? इसकी लागत कितनी है तथा पूर्ण होने की समय-सीमा क्‍या है? (ख) क्‍या इस प्रस्‍ताव में सागर नगर से लेकर भोपाल के बीच का कुछ हिस्‍सा छोड़ दिया गया है? क्‍या शासन इस छूटे हुये हिस्‍से को शामिल करायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) यदि नहीं, तो क्‍या शासन इस छूटे हुए मार्ग को फोरलेन निर्माण हेतु अलग से स्‍वीकृत करेगा और कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) फोरलेन नहीं, अपितु टू-लेन विथ पेव्‍हड शोल्‍डर्स की स्‍वीकृति मध्‍यप्रदेश शासन नहीं भारत सरकार के द्वारा दी गई है। शेष जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर अनुसार।

परिशिष्ट - ''दस''

सिरोंज से बासौदा रोड निर्माण

[लोक निर्माण]

30. ( क्र. 879 ) श्री गोवर्धन उपाध्‍याय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विदिशा जिले के सिरोंज से बासौदा मुख्‍य रोड का निर्माण किये जाने के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिनांक 21.03.2017 के द्वारा सिरोंज से बासौदा रोड निर्माण किये जाने के संबंध में ध्‍यानाकर्षण सूचना लगाई गई थी, उस पर शासन द्वारा अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार क्‍या उक्‍त सड़क निर्माण कार्य को शासन द्वारा स्‍वीकृति प्रदान की गई? यदि हाँ, तो कब पूर्ण जानकारी देंवे? नहीं तो क्‍यों कब तक स्‍वीकृत किये जाने की संभावना है? स्‍वीकृत न किये जाने का क्‍या कारण है? स्‍वीकृति हेतु क्‍या प्रक्रिया अपनाई जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ, न्‍यू डेव्‍हलपमेंट बैंक (एन.डी.बी.) की ऋण सहायता से करने हेतु रूपये 98.58 करोड़ की स्‍वीकृति दिनांक 01.12.2016 को जारी। (ख) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर अनुसार। शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

विदिशा जिले में सड़क‍ का निर्माण

[लोक निर्माण]

31. ( क्र. 880 ) श्री गोवर्धन उपाध्‍याय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विदिशा जिले के विधान सभा क्षेत्र सिरोंज एवं लटेरी क्षेत्र में कहाँ से कहाँ तक विभाग द्वारा वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में कौन-कौन सी सड़कें बनाई गई? उनके नाम व खर्च की गई राशि सहित पृथक-पृथक बतायें? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार ऐसी कौन-कौन सी सड़कें हैं, जिनके निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं और कौन-कौन सी सड़कें हैं जिनके कार्य अधूरे है? कौन-कौन सी सड़कें हैं जो गुणवत्‍ताविहीन होने के कारण उखड़ गईं या जिनमें गड्ढे हो गये हैं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है। कोई नहीं, बनाई गई सड़कें मानक स्‍तर की है।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

नदी/नालों पर पुलिया का निर्माण

[लोक निर्माण]

32. ( क्र. 886 ) श्री अरूण भीमावद : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शाजापुर विधानसभा क्षेत्र में ग्राम लडावद नाले पर पुलिया निर्माण, ग्राम लालाखेड़ी गुर्जर में लखुन्‍दर नदी पर पुलिया एवं ग्राम लोहरवास नाले पर पुलिया निर्माण कार्य योजना शासन स्‍तर पर लंबित है? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त ग्रामों की पुलिया निर्माण की स्‍वीकृति वित्तीय वर्ष 2017-18 में दी जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

विधानसभा क्षेत्र महेश्‍वर में मार्ग निर्माण एवं सेतु निर्माण की स्‍वीकृति

[लोक निर्माण]

33. ( क्र. 907 ) श्री राजकुमार मेव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा जिला खरगोन (पश्चिम निमाड़) में विधानसभा क्षेत्रवार किन-किन कार्यों के लिए कितनी-कितनी राशि के मार्ग निर्माण एवं सेतु निर्माण हेतु वर्ष 2016-17 में 2017-18 में स्‍वीकृति प्रदान की गई? विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी दी जावे? (ख) क्‍या विधानसभा क्षेत्र महेश्‍वर में मार्ग निर्माण एवं सेतु निर्माण हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा वर्ष 2016-17 से प्रश्‍न दिनांक तक कोई प्रस्‍ताव विभाग को प्रस्‍तुत किये गये है? यदि हाँ, तो कब-कब, किन-किन कार्यों के प्रस्‍ताव दिये गये? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रस्‍तुत प्रस्‍तावों को विभाग द्वारा वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 की कार्य योजना में सम्मिलित किया गया है? क्‍या प्रस्‍तावों की डी.पी.आर. तैयार कराई गई है? यदि हाँ, तो कार्यवार विस्‍तृत जानकारी दी जावे? यदि नहीं, तो कारण बतावें? (घ) प्रश्‍नांश (ख) एवं (ग) के संबंध में क्‍या प्रस्‍तावित मार्गों एवं सेतु निर्माण की स्‍वीकृति हेतु बजट में प्रावधान किये जाने हेतु सम्मिलित किया गया है? यदि हाँ, तो बतावें? यदि नहीं, तो क्‍या कारण है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एव 'अ-1' अनुसार है। (ख) से (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

प्रधानमंत्री सिंचाई योजना अंतर्गत तालाबों का निर्माण

[जल संसाधन]

34. ( क्र. 908 ) श्री राजकुमार मेव : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) महेश्‍वर विधान सभा क्षेत्र की जनपद पंचायत महेश्‍वर एवं बड़वाह में विभाग एवं प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के तहत वर्ष 2016-17 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने तालाबों के निर्माण अथवा अन्‍य सिंचाई योजना तैयार की जाकर प्रस्‍ताव स्‍वीकृति हेतु तैयार किये गये? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में कितनी योजनाएं कितनी राशि की स्‍वीकृत की गई? यदि नहीं,, की गई तो क्‍या कारण हैं? क्‍या विभाग द्वारा निर्मित तालाबों के रख-रखाव, नहरों का सुदृढ़ीकरण नवीन नहरों का निर्माण किये जाने हेतु कितना बजट प्रावधान किया गया है? यदि हाँ, तो कौन-कौन सी योजना में कितनी-कितनी राशि स्‍वीकृत की गई है? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में जनपद पंचायत महेश्‍वर एवं बड़वाह के लिये प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के तहत एवं अन्‍य सिंचाई योजनाओं की स्‍वीकृति एवं तालाबों के रख-रखाव, सुदृढ़ीकरण एवं नहरों के पुन: निर्माण, नवीन नहरों के निर्माण हेतु वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक कब-कब प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रस्‍ताव दिये गये एवं उन पर वर्तमान में क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संबंध में क्‍या विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई तो कारण सहित स्थिति से अवगत करावें?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत जल संसाधन विभाग में ए.आई.बी.पी., एस.एम.आई., आर.आर.आर. एवं केडवम के अंतर्गत कार्य कराए जाते हैं। महेश्‍वर विधान सभा क्षेत्र की जनपद पंचायत महेश्‍वर एवं बड़वाह में वर्ष 2016-17 से प्रश्‍न दिनांक तक नई परियोजना का कोई भी प्रस्‍ताव स्‍वीकृत हेतु प्रस्‍तुत नहीं किया गया है। (ख) उत्‍तरांश (क) अनुसार। तालाबों के रख-रखाव एवं सुदृढ़ीकरण की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) एवं (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब एवं स अनुसार है । शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता ।

मा.मुख्‍यमंत्री द्वारा किए गए उपवास की जानकारी

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

35. ( क्र. 923 ) श्री जितू पटवारी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्‍यमंत्री द्वारा भोपाल में किसान आंदोलन के संबंध में किस दिनांक को किस समय से उपवास प्रारम्‍भ किया गया तथा किस दिनांक को किस समय उपवास समाप्‍त (खोला) किया गया इस अवधि में कौन-कौन सांसद, मंत्रीगण विधायक एवं उनके परिवार जन उपवास में शामिल हुये? (ख) उपवास स्‍थल पर टेंट, एसी कूलर, पंखे, फ्रिज एवं अन्‍य सम्‍पूर्ण विविध कार्य पर किये गये शासकीय खर्च की जानकारी दें तथा बतावें कि खर्च संबंधी राशि का भुगतान किस व्‍यक्ति (फर्म) संस्‍था को किस दर से किया गया? (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित उपवास अवधि में मुख्‍यमंत्री जी ने कौन-कौन से शासकीय कार्य सम्‍पन्‍न किये तथा कितने किसान अथवा प्रतिनिधि मंडल (सदस्‍य संख्‍या भी बतावें) उनसे मिले तथा किस किसान अथवा प्रतिनिधि मंडल ने उनसे उपवास खत्‍म करने का अनुरोध किया नाम, गाँव का नाम, सहित बतावें? (घ) मुख्‍यमंत्री के उपवास किये जाने संबंधी नोटशीट की प्रति देवें तथा बतावें कि इस हेतु क्‍या महामहिम राज्‍यपाल से अनुमति ली गई तथा बतावें कि उपवास संबंधित विज्ञापन पर कितनी राशि खर्च की गई?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) माननीय मुख्‍यमंत्रीजी द्वारा भोपाल में किसान आंदोलन के संबंध में दिनांक 10.06.17 को समय लगभग 11:30 बजे भेल दशहरा मैदान भोपाल में उपवास प्रारंभ किया गया तथा दिनांक 11.06.17 दोपहर 3:00 बजे उपवास खोला गया। उपवास स्‍थल पर आगंतुकों के आगमन का रिकार्ड संधारित नहीं किया गया। (ख) माननीय मुख्‍यमंत्रीजी के उपवास स्‍थल पर आमजन की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुये नगरपालिका निगम भोपाल द्वारा स्‍थल के आस-पास साफ सफाई एवं पेयजल की व्‍यवस्‍था की गई थी। कानून व्‍यवस्‍था बनाये रखने एवं माननीय मुख्‍यमंत्रीजी की सुरक्षा व्‍यवस्‍था के दृष्टिगत जिला प्रशासन द्वारा उनके शयनकक्ष एवं शासकीय कार्य निष्‍पादन हेतु बैठक कक्ष का अस्‍थाई निर्माण मेसर्स भोपाल ग्‍लास एवं टेन्‍ट स्‍टोर इतवारा रोड भोपाल से कराया गया। जिसका देयक उनके द्वारा राशि रूपये 88,118.75 का प्रस्‍तुत किया गया है एवं मेसर्स मिश्रा रेडियो एंड इलेक्ट्रिकल्स 40, इतवारा रोड भोपाल द्वारा राशि रूपये 23,324.00 का देयक उनके द्वारा प्रस्‍तुत किया गया है। देयकों का भुगतान आज दिनांक तक नहीं किया गया है। (ग) उपवास की अवधि में माननीय मुख्‍यमंत्रीजी द्वारा वृक्षारोपण महाअभियान की समीक्षा, खरीफ की फसल की तैयारी की समीक्षा, हमीदिया अस्‍पताल की व्‍यवस्‍थाओं की समीक्षा एवं ''स्‍कूल चलें हम'' एवं ''मिल बांचे हम अभियान'' की समीक्षा, शासकीय फाइलों का निष्‍पादन तथा किसानों एवं प्रतिनिधि मंडलों से भेंट की गई। इस दौरान बड़ी संख्‍या में किसान तथा प्रतिनिधि मंडल के लोग जिन में से 64 प्रति‍निधि मंडलों ने लिखित में किसानों की सार्वजनिक समस्‍याओं से जुड़े ज्ञापन दिये गये। जिन किसानों/प्रतिनिधि मंडलों ने मौखिक अनुरोध किया, उनकी जानकारी संधारित नहीं किये जाने से जानकारी दिया जाना संभव नहीं है। (घ) संधारित अभिलेख के आधार पर जानकारी उपलब्‍ध नहीं है। उपवास संबंधित विज्ञापन पर व्‍यय राशि निरंक है।

टेण्‍डर प्रक्रिया

[लोक निर्माण]

36. ( क्र. 953 ) श्री अनिल जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या लोक निर्माण विभाग में निर्माण कार्य कराने हेतु ऑनलाईन टेण्‍डरिंग प्रक्रिया अपनायी जाती है व विभाग के द्वारा शासकीय दरों से कम दरों (ब्‍लो) पर टेण्‍डर स्‍वीकार किये जाते हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) में विभाग द्वारा कम दरों पर (ब्‍लोरेट) टेण्‍डर स्‍वीकार करने की क्‍या कोई अधिकतम सीमा निर्धारित की गई है? यदि हाँ, तो स्‍वीकार्य अधिकतम ब्‍लो रेट की सीमा बतायी जावे और यदि यह सीमा निर्धारित नहीं की गई है तो क्‍या विभाग इस पर कोई विचार करेगा? (ग) प्रश्‍नांश (क) में क्‍या विभाग में ब्‍लो रेट के टेण्‍डर स्‍वीकार करने के कारण कार्यों की गुणवत्‍ता प्रभावित होती है? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा इस स्थिति को सुधारने के लिये अब तक क्‍या-क्‍या प्रयास किये गये हैं? विवरण सहित बताया जावे।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सिंचाई सुविधा से वंचित ग्राम

[जल संसाधन]

37. ( क्र. 954 ) श्री अनिल जैन : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधान सभा क्षेत्र निवाड़ी में नवनिर्मित राजापुर बांध (बरूआनाला) से निकलने वाली नहरों से प्रस्‍तावित कमाण्‍ड एरिया के कई गांव सिंचाई सुविधा से वंचित रह गये हैं? यदि हाँ, तो इसके प्रस्‍तावित एवं लाभान्वित तथा शेष रह गये गांवों की सूची कमाण्‍ड एरिया सहित दी जावे। साथ ही बतावें कि शेष रह गये गांवों में नहरों के निर्माण कार्य को अंतिम रूप कब तक दिया जा सकेगा? (ख) क्‍या ओरछा तहसील अंतर्गत राजघाट नहर परियोजना की नहरों से भी कई गांव लाभान्वित होने से वंचित रह गये हैं? यदि हाँ, तो उन गांवों के नाम बतायें तथा कारण भी बताया जावे कि उन गांवों में नहर का निर्माण क्‍यों नहीं किया जा सका है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में प्रश्‍नगत गांवों में सिंचाई सुविधा हेतु नहर विस्‍तार के लिये कोई सर्वेक्षण किया गया है? यदि नहीं, तो इन गांवों का सर्वेक्षण कब तक पूर्ण कर निर्माण कार्य शुरू किया जा सकेगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। विधान सभा क्षेत्र निवाड़ी में नव-निर्मित राजापुर बांध (बरूआनाला तालाब योजना) से निकलने वाली नहरें पूर्ण नहर हो पाने से दो गांव क्रमशः पोहाभाटा एवं पोहाखास आंशिक रूप से एवं निवाड़ीभाटा पूर्ण रूप से सिंचाई से वंचित हैं। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। कमाण्‍ड क्षेत्र में सम्मिलित 10 ग्रामों के अतिरिक्‍त नहर विस्‍तार करने की कोई योजना विचाराधीन नहीं है। (ख) राजघाट नहर परियोजना के अंतर्गत ओरछा तहसील में दतिया वाह‍क नहर से सिंचाई की जाती है जिसमें ओरछा डिस्‍ट्रीब्‍यूटरी की उपशाखाओं द्वारा कृषि हेतु जल प्रवाह किया जाता है। दोनों डिस्‍ट्रीब्‍यूटरी की निर्मित क्षमता 3383 हे. है। जिसमें कमाण्‍ड में आने वाले सभी ग्रामों को पानी दिया जा रहा है। कमाण्‍ड के अंतर्गत कोई भी ग्राम सिंचाई से वंचित नहीं होना प्रतिवेदित है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

परिशिष्ट - ''बारह''

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का क्रियान्‍वयन

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

38. ( क्र. 1059 ) श्री हरवंश राठौर : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना कब से लागू की गई है एवं प्रावधान क्या हैं? (ख) विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत क्‍या प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की कार्य योजना बनाई गई है? यदि हाँ, तो कार्ययोजना शासन को स्वीकृति हेतु कब भेजी गई एवं कार्ययोजना में कौन-कौन से कार्य सम्मिलित किए गए हैं? (ग) विधानसभा क्षेत्र में नवीन तालाब, तालाबों के रख-रखाव, गहरीकरण जीर्णोद्धार, क्षतिगस्त स्टॉपडेमों की मरम्मत तथा सुदृढ़ीकरण एवं नहरों के निर्माण की स्वीकृति हेतु भी प्रस्ताव कार्ययोजना में सम्मलित किए गए हैं? (घ) उक्तानुसार भेजे गए प्रस्तावों पर प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की गई है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) प्रदेश में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना वर्ष 2016-17 से लागू है एवं वर्ष 2016-17 से 2021-22 तक राशि रू. 2652.37 करोड़ के कार्यों का जिला सिंचाई योजना (डी.आई.पी.) में प्रावधान किया गया है। (ख) प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनांतर्गत सागर जिले की जिला सिंचाई योजना (डी.आई.पी.) बनायी गई है। दिनांक 24.06.2016 को जिला योजना समिति से अनुमोदन उपरांत संचालनालय को दिनांक 21.09.2016 को प्राप्‍त हुई है,जिला सिंचाई योजना (डी.आई.पी.) में सम्मिलित कार्यों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। सभी कार्य जिला सिंचाई योजना (डी.आई.पी.) में सम्मिलित किये गये है। (घ) दिनांक 22.12.2016 को राज्‍य स्‍तरीय मंजूरी समिति की बैठक में जिला सिंचाई योजना (डी.आई.पी.) का अनुमोदन किया जा चुका है। आगामी कार्यवाही प्रचलन में है।

परिशिष्ट - ''तेरह''

खरीफ 2016 में प्रधानमंत्री फसल बीमा की मुआवजा राशि

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

39. ( क्र. 1070 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बीमा कंपनियों को विषयांकित फसल के लिए किसानों द्वारा राज्‍य सरकार तथा केन्‍द्र सरकार द्वारा कितनी प्रीमियम की राशि दी जानी थी पृथक-पृथक बतायें? इनमें से कितनी-कितनी राशि बीमा कंपनियों को जमा कर दी गई है? इसकी भी जानकारी पृथक-पृथक दें? (ख) बालाघाट जिले में विषयांकित फसल के मुआवजे हेतु कितने कृषकों द्वारा बीमा कंपनी को विधिवत आवेदन किया गया? सहकारी सोसायटी अनुसार जानकारी दें? (ग) बालाघाट जिले में कितने किसानों के आवेदन बीमा कंपनियों द्वारा स्‍वीकृत कर फसल की नुकसानी का सर्वे करवाया गया? किसानों को दी गयी मुआवजा राशि के संबंध में जानकारी दें? (घ) समस्‍त प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद भी यदि किसानों को मुआवजा राशि नहीं मिली है तो इसके लिये शासन अधिकारियों पर क्‍या कार्यवाही करेगा? क्‍या विषयांकित योजना को ऐच्छिक बनाने हेतु क्‍या शासन विचार करेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

ग्राम-रन्हाईकलां एवं कुकरावद के बीच नदी पर पुल/पुलिया निर्माण

[लोक निर्माण]

40. ( क्र. 1092 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिनांक 07/03/2017 को ग्राम रन्हाईकलां एवं कुकरावद के बीच नदी पर पुल/पुलिया निर्माण कराये जाने के संबंध में प्रस्तुत की गई याचिका पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? (ख) विभाग द्वारा उक्त स्थल पर पुल/पुलिया निर्माण कराये जाने के संबंध में कोई योजना अथवा प्रस्ताव पारित किया है? (ग) यदि हाँ, तो उक्त स्थल पर पुल/पुलिया का निर्माण कब तक कर लिया जावेगा? (घ) यदि नहीं, तो उसका क्या कारण है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) प्रारंभिक सर्वेक्षण कराया गया है। (ख) जी नहीं। (ग) उत्‍तरांश '' अनुसार। (घ) वर्तमान में न तो स्‍वीकृत है और न ही प्रस्‍तावित है।

सुसरी नदी पर पुलिया निर्माण

[लोक निर्माण]

41. ( क्र. 1117 ) श्री दीवानसिंह विट्ठल पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र के ग्राम राखी बू में सुसरी नदी पर नवीन पुल निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया हैं? यदि हाँ, तो स्वीकृति आदेश की प्रति उपलब्ध करावें? (ख) यदि प्रश्नांश (क) के अनुसार कार्य स्वीकृत हो चुका हैं, तो कार्य कब तक प्रारम्भ हो जावेगा? विभाग के द्वारा वर्तमान में क्या कार्यवाही की जा रही हैं? (ग) क्या वर्तमान में उक्त पुलिया का एक हिस्सा ध्वस्त हो जाने से लगभग 5-6 ग्रामों का सम्‍पर्क टूट चूका हैं व उन्हें 30-40 कि.मी. घूमकर जाना पड़ रहा हैं? क्या विभाग के द्वारा ग्रामीणों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था करने का प्रावधान हैं? यदि हाँ, तो क्या एवं उसे कब तक अमल में लाया जावेंगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) वर्तमान में निविदा का कार्य प्रक्रियाधीन होने से कार्य प्रारंभ की तिथि बताना संभव नहीं है चौथी बार निविदा आमंत्रित की गई है जो 17.07.2017 को खोली जाना है। (ग) जी हाँ। जी हाँ। मार्ग एवं क्षतिग्रस्‍त विद्यमान पुल विभाग के अधीन नहीं। अत: प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''चौदह''

एम.डी.आर. मार्ग घोषित किया जाना

[लोक निर्माण]

42. ( क्र. 1133 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 3486 दिनांक 09 मार्च 2017 के प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में क्‍या पूछा गया था कि एन.एच 7 मऊगंज एम.डी.आर. सड़क से मऊगंज घोघम पहुंच मार्ग हनुमना-बहरी-सीधी जिला मार्ग को जोड़ने वाले मार्ग की कुल लम्‍बाई 28.30 किमी. से गुजरने वाली 25817 जनसंख्‍या पूर्णत: ध्‍वस्‍त मार्ग से आवागमन कर रही है? इस मार्ग को एम.डी.आर. घोषित किये जाने हेतु मार्ग की कटेगरी बी का प्रस्‍ताव शासन को भेजा गया है, पुनर्निर्माण कराना आवागमन की दृष्टि से नितांत आवश्‍यक है? (ख) क्‍या मुख्‍य अभियंता लोक निर्माण विभाग रीवा परिक्षेत्र रीवा का पत्र क्रमांक 592 दिनांक 01.05.2017 द्वारा मुरैठा से मझिगंवा मार्ग लंबाई 9.90 किलोमीटर अमहटा से पाँचर पहुंच मार्ग लंबाई 3.890 किलोमीटर, बीरादेई से पांती पहुंच मार्ग लंबाई 3 किमी. के मजबूतीकरण का प्राक्‍कलन प्रस्‍तुत कर मार्ग स्‍वीकृत कराये जाने हेतु प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग निर्माण भवन मध्‍यप्रदेश भोपाल की ओर भेजा गया है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के प्रकाश में यदि हाँ, तो (क) के प्रकाश में माननीय मंत्री जी द्वारा सदन में एम.डी.आर. मार्ग घोषित करने की घोषणा की गई थी? (घ) प्रश्‍नांश (क),(ख),(ग) के प्रकाश में यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई कार्यवाही की प्रति उपलब्‍ध करावे? घोषित एम.डी.आर. मार्ग एवं प्रश्‍नांश (ख) के मार्गों को कब तक बजट उपलब्‍ध कराकर पु‍नर्निर्माण कराया जावेगा? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। एम.डी.आर. घोषित किया जाना प्रस्‍तावित नहीं है। जी हाँ। (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। (घ) जी नहीं। वर्तमान में न तो प्रस्‍तावित है और न ही किसी योजना में सम्मिलित है।

अधूरे निर्माण को पूरा कराया जाना

[लोक निर्माण]

43. ( क्र. 1134 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍य्रपेदश सड़क विकास निगम रीवा द्वारा रीवा हनुमना फोरलेन का कार्य विन्‍ध्‍याचल एक्‍सप्रेस के द्वारा एवं मऊगंज से कटरा टू-लेन का निर्माण दिलीप बिल्‍डकॉन द्वारा एवं डी.बी.आर. कम्‍पनी द्वारा हनुमना-बहरी टू लेन का निर्माण कराया गया था? (ख) यदि हाँ, तो मऊगंज तहसील अन्‍तर्गत ग्राम पंचायत डगडौआ नं. 1 के सड़क के किनारे श्‍यामलाल मिश्रा के घर के पास नाली की खुदाई कर नाली का निर्माण एवं रीवा से हनुमना तक हैण्‍डपंप का प्रतिस्‍थापन का कार्य देवरा, बिझौली एवं अन्‍य स्‍थानों पर अभी बहुत शेष कार्य विन्‍ध्‍याचल एक्‍सप्रेस-वे द्वारा नहीं किया एवं ग्राम पंचायत हिड़वार के ग्राम ढढ़नी बस्‍ती में नाली खोदकर दिलीप बिल्‍डकॉन द्वारा छोड़ दिया गया तथा डी.बी.आर. द्वारा हनुमना नगर पंचायत एवं भुअरी आदि में नष्‍ट संरचनाओं का निर्माण प्रश्‍न दिनांक तक नहीं किये गये? (ग) प्रश्‍नांश (क), (ख) के प्रकाश में प्रश्‍नकर्ता द्वारा उपरोक्‍त कार्य हेतु कई बार पत्राचार किया गया तथा श्‍यामलाल मिश्रा द्वारा सी.एम. हेल्‍पलाइन में 8 जुलाई 2016 से 9 जून 2017 तक 4 बार शिकायत की गई, किन्‍तु निराकरण प्रतीक्षारत है? (घ) प्रश्‍नांश (क),(ख) एवं (ग) के प्रकाश में यदि कार्य पूर्ण किये गये हैं तो इसके लिए क्‍या कार्यवाही की गई? कार्यवाही की प्रति उपलब्‍ध करावें? उपरोक्‍त कार्य कब तक पूर्ण कराये जावेंगे समय-सीमा बतावे? नहीं कराये जायेंगे तो क्‍यों कारण स्‍पष्‍ट करें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) रीवा-हनुमना 4-लेन के कार्य में ग्राम डगडौआ, खटखरी, पन्नी, बहुती एवं बिझौली आदि गांवों में भू-अधिग्रहण के बाद भी नाली निर्माण में स्थानीय लोगों द्वारा विरोध जताने के कारण नाली निर्माण का कार्य अपूर्ण है। रीवा से हनुमना तक मार्ग पर बाधक हैण्डपंपों का प्रतिस्थापन भारत सरकार सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा स्वीकृत प्राक्कलन अनुसार करा दिया गया है एवं मार्ग का निर्माण पूर्ण हो चुका है। ग्राम पंचायत हिडवार के ग्राम ढढ़नी में कच्ची नाली का निर्माण किया जाना था जो कि दिलीप बिल्डकॉन प्रा.लि. द्वारा किया गया है। अनुबंध के अनुसार हनुमना नगर पंचायत एवं भुअरी आदि में जी.व्ही.आर. कंपनी द्वारा किया गया कार्य पूर्ण है। (ग) सी.एम. हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत के निराकरण में भी शिकायतकर्ता को सूचित किया जा चुका है कि स्थल पर आबादी द्वारा जगह उपलब्ध न कराते हुये नाली निर्माण से रोका गया है। (घ) कार्य पूर्ण। अनुबंध के अनुसार मार्ग निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नियम 120 म.प्र. सिंचाई नियम 1974 में संशोधन प्रारूप

[जल संसाधन]

44. ( क्र. 1184 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या गजट नोटिफिकेशन क्र. 54 (जलसंसाधन विभाग) दिनांक 02/02/2012 में एक सूचना एवं संशोधन प्रारूप के माध्‍यम से यह पारित किया गया कि म.प्र. के किसान अपनी भूमि जो कि उद्वहन सिंचाई से सिंचाई कर रहे हैं वह माध्‍यम चाहे नदी, नाला, ट्यूबवेल या अन्‍य माध्‍यम हो, उनसे वही जल दर वसूल किया जो प्रवाह सिंचाई से वसूल किया जा रहा है? (ख) क्‍या यह संशोधन मात्र प्रारूप संशोधन या जिसमें सभी किसानों को 30 दिवस का समय उनकी दावे आपत्तियों के लिये पारित किया था? (ग) क्‍या इस प्रारूप संशोधन की आड़ में म.प्र. जल संसाधन विभाग ने जल दर वसूली की कार्यवाही शुरू कर दी है एवं करोड़ों रूपये की वसूली की जा रही है? (घ) क्‍या उक्‍त संबंध में विदिशा के किसानों द्वारा दिनांक 12.06.17 को मुख्‍य सचिव प्रमुख सचिव, जलसंसाधन विभाग विदिशा एवं मा. मुख्‍यमंत्री जी को संज्ञान में लाया गया था तथा प्रश्‍नकर्ता द्वारा मा. मुख्‍यमंत्री जी को पत्र लिखा था। यदि हाँ, तो उस पर आज दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? कब तक कार्यवाही की जायेगी एवं किसानों से वसूली की कार्यवाही कब तक रोकी जायेगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) जी हाँ। गजट नोटिफिकेशन क्र. 54 दिनांक 02.02.2012 द्वारा प्रारूप संशोधन प्रकाशित किया गया था एवं सुझाव/आपत्तियों के लिए 30 दिवस का समय दिया गया था। गजट नोटिफिकेशन दिनांक 22.10.2012 के द्वारा नियम 120 में अंतिम संशोधन जारी किया गया है। राजपत्र की प्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। अत: प्रारूप संशोधन के आधार पर कोई कार्यवाही करने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। प्रमुख अभियंता से वस्‍तुस्थिति का प्रतिवेदन चाहा गया है।

परिशिष्ट - ''पंद्रह''

शासकीय या अशासकीय उपवास एवं खर्च की जानकारी

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

45. ( क्र. 1205 ) श्री अजय सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 10 जून 2017 को माननीय मुख्‍यमंत्री भोपाल में किस स्‍थान पर शासकीय अथवा अशासकीय रूप से भोपाल में उपवास पर बैठे? स्‍पष्‍ट करें? (ख) उक्‍त उपवास के दौरान किन-किन विभागों की समीक्षा बैठकें हुई? किस-किस नाम/पदनाम के अधिकारी वहां किस-किस दिनांकों को मौजूद रहें? (ग) उक्‍त उपवास के दौरान किस-किस मद में कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई? प्रश्‍नतिथि तक किस-किस मद में किस-किस को कितना भुगतान दे दिया गया हैं या देना बाकी हैं? (घ) उक्‍त उपवास के दौरान शासकीय रूप से व्‍यय की स्‍वीकृति किस दिनांकों को किस विभाग के किस नाम/पदनाम के अधिकारियों द्वारा दी? जारी सभी आदेशों की जानकारी उपलब्‍ध करायें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) माननीय मुख्‍यमंत्री जी, भेल दशहरा मैदान भोपाल में शासकीय रूप से उपवास पर रहे। (ख) उपवास की अवधि में माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा, ''वृक्षारोपण महाअभियान की समीक्षा'', किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास विभाग से संबंधित, ''खरीफ की फसल की तैयारी की समीक्षा'', चिकित्‍सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत, ''हमीदिया अस्‍पताल की व्‍यवस्‍थाओं की समीक्षा'' एवं स्‍कूल शिक्षा विभाग से संबंधित, ''मिल बांचे हम अभियान की समीक्षा'' एव अन्‍य शासकीय विभागों की फाईलों का निष्‍पादन किया गया। उपवास स्‍थल पर उपस्थित अधिकारियों के नाम एवं पदनाम संबंधी जानकारी संधारित नहीं किये जाने से दिया जाना संभव नहीं है। (ग) माननीय मुख्‍यमंत्री जी के उपवास के दौरान जिला प्रशासन द्वारा उनके शयन कक्ष एवं शासकीय कार्य निष्‍पादन हेतु बैठक कक्ष का अस्‍थाई निर्माण मेसर्स भोपाल ग्‍लास एवं टेंट स्‍टोर, इतवारा रोड भोपाल से कराया गया। जिसका देयक उनके द्वारा राशि रू. 88,118.75 किया गया है एवं मेसर्स, मिश्रा रेडियो एण्‍ड इलेक्‍ट्रीशियन 40, इतवारा रोड भोपाल, द्वारा राशि रू. 23,324.00 का देयक उनके द्वारा प्रस्‍तुत किया गया है। उक्‍त देयकों का भुगतान आज दिनांक तक नहीं किया गया है। अत: प्रश्‍नांकित अवधि तक मदवार व्‍यय की जानकारी निरंक है तथा उपरोक्‍तानुसार राशि का भुगतान बकाया है। (घ) प्रश्‍नांकित अवधि में भुगतान नहीं किया गया है।

मा.उच्‍च न्‍यायालय से पारित आदेशों का पालन

[सहकारिता]

46. ( क्र. 1224 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय उच्‍च न्‍यायालय में प्रचलित याचिका क्र. 16800/2011 एवं अन्‍य याचिकाओं में माननीय उच्‍च न्‍यायालय ने तिलहन संघ के सेवायुक्‍तों को 5वें एवं छठवें वेतनमान में निर्धारण करके याचिकाकर्ताओं को वेतन का भुगतान करने का निर्णय आदेश में पारित किया है? (ख) यदि हाँ, तो माननीय उच्‍च न्‍यायालय के आदेश में पारित निर्णय अनुसार शासन के विभाग कर्मचारियों को वेतन का भुगतान कर रहे हैं? यदि हाँ, तो विभागवार सूची उपलब्‍ध करायें? (ग) क्‍या शासन के कुछ विभाग माननीय उच्‍च न्‍यायालय के आदेश के पालन में तिलहन संघ के सेवायुक्‍तों को 5वें एवं 6वें वेतनमान में निर्धारण करते हुए वेतन का भुगतान नहीं कर रहें है। यदि हाँ, तो विभागवार सूची उपलब्‍ध करायें। (घ) क्‍या सामान्‍य प्रशासन विभाग ने माननीय उच्‍च न्‍यायालय द्वारा पारित आदेश अनुसार समान प्रकरणों में निर्धारित अवधि अथवा 4 सप्‍ताह में माननीय न्‍यायालय के आदेश का पालन करने अथवा पालन नहीं करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही करने का निर्देश जारी किया है? यदि हाँ, तो इसके पालन में कितने विभाग (नामवार सूची) कार्यवाही प्रारंभ/पूर्ण कर चुके हैं। यदि नहीं, तो ऐसे विभागों के उत्‍तरदायी अधिकारियों के विरूद्ध शासन क्‍या कार्यवाही करेगा और कब तक?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) याचिका क्रमांक 16800/2011 माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष अंतिम निर्णय हेतु लंबित है, अन्य याचिकाओं के संबंध में जानकारी एकत्र की जा रही है। (ख) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

प्‍याज खरीदी में अनियमितता

[सहकारिता]

47. ( क्र. 1289 ) श्री बाला बच्‍चन : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2016 में किस दिनांक से कितनी दिनांक तक कितनी मात्रा में कितनी राशि का प्‍याज खरीदा गया? इस दौरान हम्‍माली, तुलाई, भंडारण परिवहन पर हुए व्‍यय की जानकारी जिलेवार देवें। (ख) प्‍याज खरीदी परिवहन की पूरी जानकारी देकर बतावें कि खरीदा गया प्‍याज किन स्‍थानों पर किन परिवहनकर्ताओं द्वारा पहुंचाया गया? खरीदी स्‍थान नाम, पहुंच स्‍थान नाम, परिवहनकर्ता फर्म का नाम, वाहन नंबर सहित देवें। इसके टेंडर की प्रमाणित प्रति टेंडर प्राप्‍तकर्ताओं के नाम सहित देवें? (ग) विगत वर्ष कुल कितना नुकसान शासन को उठाना पड़ा इसके लिए जिम्‍मेदार अधिकारियों पर शासन ने क्‍या कार्यवाही की? इस वर्ष नुकसान न हो इसके लिए शासन ने क्‍या कदम उठाये हैं? (घ) इस वर्ष दिनांक 25.06.2017 तक खरीदे प्‍याज की जिलेवार जानकारी प्रश्‍नांश (क) अनुसार देवें।

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) दिनांक 04.06.2016 से 30.06.2016 तक, जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 2 अनुसार, परिवहनकर्ता फर्म, ट्रक वाहन नंबर की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 3 अनुसार, प्‍याज परिवहन हेतु टेण्‍डर आमंत्रित नहीं किये गये थे अपितु समर्थन मूल्‍य पर गेहूँ उपार्जन हेतु निर्धारित परिवहन दरों पर परिवहन कार्य कराया गया। (ग) राशि रू. 1,06,24,66,993.89 प्‍याज की क्षरणशील प्रकृति होने एवं भण्‍डारण हेतु तकनीकी गोदाम न होने से क्षति हुई है जिसके लिये कोई अधिकारी/कर्मचारी दोषी नहीं है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। शासन द्वारा उपार्जन अवधि के दौरान ही खपत वाले जिलों में एवं प्रदेश के बाहर नीलामी के माध्‍यम से विक्रय एवं उपार्जन करने वाले जिलों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्‍यम से प्‍याज का वितरण कराया गया है एवं उपार्जन अवधि के पश्‍चात उपार्जन वाले जिलों में नीलामी के माध्‍यम से एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली में वितरण की व्‍यवस्‍था की गई है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 4 अनुसार, शेष जानकारी संकलित की जा रही है।

नवीन सिंचाई परियोजनाओं की स्वीकृति

[जल संसाधन]

48. ( क्र. 1326 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन संभाग अंतर्गत विगत 02 वर्षों में किन-किन सिंचाई परियोजनाओं के लिए साध्यता के आदेश जारी किए गए हैं? इनमें से किन-किन सिंचाई परियोजनाओं की स्वीकृति हुई हैं? (ख) प्रश्नकर्ता के परि.अता. प्रश्न क्रमांक 681 दिनांक 19 जुलाई 2016 के उत्तरांश (ग) में क्षेत्रान्तर्गत 5 बैराज गुदरावन, छार्दा, देवपुर, पड़ाना एवं मेघाखेड़ी की साध्यता के आदेश जारी किए जाना एवं डी.पी.आर. अंतिम नहीं होने से स्वीकृति की स्थिति नहीं आना बताया गया था तो क्या उक्तानुसार बैराज की डी.पी.आर. अंतिम स्थिति में आ गई है? यदि हाँ, तो स्वीकृति कब तक होगी? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में प्रस्तावित बैराज की वर्तमान स्थिति का पृथक-पृथक पूर्ण विवरण देवें? कौन सी परियोजना किस स्तर पर, किस कारण से लंबित हैं?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) उज्जैन संभाग अंतर्गत विगत 02 वर्षों में 121 सिंचाई परियोजनाओं की साध्यता स्‍वीकृति के आदेश जारी किए गए। इनमें से 67 सिंचाई परियोजनाओं की प्रशासकीय स्वीकृति दी जाना प्रतिवेदित है। जिलेवार, परियोजनाओं की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के ''प्रपत्र-अ'' एवं '''' अनुसार है। (ख) मेघाखेड़ी बैराज की प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक 20.09.2016 को जारी की जाकर निविदा स्वीकृत की जा चुकी है। प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित गुदरावन, देवपुर एवं पाड़ना बैराज की डी.पी.आर. प्रक्रियाधीन है तथा छार्दा बैराज की डी.पी.आर. प्रमुख अभियंता कार्यालय में विवेचनाधीन है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है।

ऋण/अनुदान पर कृषि यंत्रों, दवाइयों एवं बीज का प्रदाय

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

49. ( क्र. 1327 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा अनुदान पर किन-किन कृषि यंत्रों का एवं कीटनाशक या खरपतवार नाशक दवाइयों, खाद एवं बीज का प्रदाय किया जाता हैं? योजनावार पूर्ण प्रक्रिया, पात्रता सहित पूर्ण विवरण देवें? (ख) विभाग द्वारा ऋण उपलब्ध करा कर किन-किन कृषि यंत्रों का प्रदाय किया जाता हैं? योजनावार पूर्ण प्रक्रिया, पात्रता सहित पूर्ण विवरण देवें? (ग) प्रश्नांश (क) उल्लेखित योजना अंतर्गत विगत 02 वर्षों में विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत कितने कृषकों को लाभान्वित किया हैं? क्या इसमें निर्धारित प्रक्रिया एवं पात्रता का पूर्ण पालन किया गया हैं? यदि हाँ, तो मानीटरिंग किन-किन अधिकारियों द्वारा की गई विवरण देवें? (घ) प्रश्नांश (ख) उल्लेखित योजना अंतर्गत विगत 02 वर्षों में विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कितने कृषकों को लाभान्वित किया है? क्या बैंकों द्वारा आवश्यक सहयोग प्राप्त हो रहा है? यदि हाँ, तो किन-किन बैंकों ने कितना-कितना ऋण दिया? बैंकवार पूर्ण विवरण देवें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। प्रश्‍नांश की शेष जानकारी एकत्र की जा रही है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) से (ड.) की जानकारी एकत्र की जा रही है।

बनखेडी-उमरधा-सांडिया मार्ग के निर्माण

[लोक निर्माण]

50. ( क्र. 1332 ) श्री ठाकुरदास नागवंशी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग अन्तर्गत बनखेडी-उमरधा सांडिया मार्ग का वर्क आर्डर किस दिनांक में हुआ? (ख) वर्क ऑर्डर के पश्चात आज दिनांक तक ठेकेदार को कितना कार्य किये जाने का लक्ष्य प्रदान किया गया था एवं वर्तमान में कितना कार्य किया गया? (ग) लक्ष्य के अनुसार यदि कार्य नहीं किया गया है तो क्या ठेकेदार पर कार्यवाही की जाना सुनिश्चित किया जावेगा? नहीं तो क्यों? (घ) क्या ठेकेदार द्वारा समय पर कार्य न करने व लक्ष्य प्राप्ति न होने के कारण विभाग द्वारा ठेकेदार को कोई नोटिस जारी किया गया? यदि हाँ, तो कौन-कौन से नोटिस जारी किये गये तथा इन नोटिसों पर क्या‍-क्या कार्यवाही की गई? नोटिसवार जानकारी प्रदान करें। (ड.) वर्तमान में ठेकेदार को किस-किस कार्य का कितना भुगतान किया जा चुका है तथा कितना भुगतान किया जाना शेष हैं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) दिनांक 30.06.2016 को हुआ। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) अनुबंध में प्रावधानित शर्तों के अनुरूप कार्यवाही की जावेगी। विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ड.) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''सोलह''

शासकीय आवासों की जानकारी

[लोक निर्माण]

51. ( क्र. 1335 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वारासिवनी नगर में कुल कितने शासकीय आवास है? संख्‍या सहित जानकारी देवें। (ख) क्‍या वारासिवनी नगर में अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा शासकीय आवास के पट्टे बांट दिये गये है? हां, या नहीं? (ग) उक्‍त अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ विभाग क्‍या कार्यवाही करेगा और कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार। (ख) जी नहीं। शासकीय आवास अधिकारियों/कर्मचारियों को पदस्थापना के दौरान रहने हेतु आवंटित किये जाते है। (ग) प्रश्नांश (ख) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''सत्रह''

कृषि केबिनेट की बैठकों का आयोजन

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

52. ( क्र. 1406 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश सरकार द्वारा कृषि केबिनेट का गठन किया गया है? यदि हाँ, तो कब और किन उद्देश्‍यों के लिए? क्‍या केबिनेट में सदस्‍य नामांकित किए गए हैं यदि हाँ, तो अध्‍यक्ष सहित सदस्‍यों की कृषि योग्‍यता, विशेषज्ञता का ब्‍यौरा दें? (ख) क्‍या कृषि केबिनेट के गठन के बाद बैठकों का आयोजन किया गया है? यदि हाँ, तो कब-कब, किन-किन विषयों पर चर्चा/निर्णय हुए/बैठकवार ब्‍यौरा दें? (ग) क्‍या कृषि केबिनेट में नीतिगत सुझावों को लिया गया है? यदि हाँ, तो ब्‍यौरा दें तथा उन नीतियों पर अ‍ब तक क्‍या और किस स्‍तर पर पालन किया गया?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्र की जा रही है।

किसानों का विदेश भ्रमण

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

53. ( क्र. 1407 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश सरकार द्वारा प्रश्‍न दिनांक से विगत 3 वर्ष के दौरान कृषि अध्‍ययन अथवा प्रदर्शन के लिए किसानों के दल विदेश भ्रमण पर भेजे गये हैं? यदि हाँ, तो कब और किस देश में भ्रमण पर कितने किसान गए वर्षवार ब्‍यौरा दें। (ख) क्‍या किसानों के दल के साथ कृषि अथवा अन्‍य विभागों के अधिकारियों ने भी विदेश भ्रमण किया है? यदि हाँ, तो यात्रावार अधिकारियों के नाम सहित ब्‍यौरा दें? (ग) क्‍या शासकीय अधिकारियों ने पृथक व स्‍वतंत्र रूप से विदेश भ्रमण किया है? यदि हाँ, तो किस अधिकारी ने किस प्रयोजन के लिए विदेश यात्रा की? यात्रावार वर्षवार ब्‍यौरा दें। (घ) क्‍या कृषक दल और अधिकारियों के विदेश भ्रमण का खर्च शासन द्वारा व्‍यय किया गया है? यदि हाँ, तो यात्रावार खर्च का ब्‍यौरा एवं किस मद से भुगतान किया गया? पूर्ण ब्‍यौरा दें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। ख) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'दो' अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश '' अनुसार (घ) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'तीन' अनुसार है। म.प्र. शासन के निर्देशानुसार ''मुख्‍यमंत्री विदेश अध्‍ययन यात्रा योजना'' मद के अंतर्गत वर्ष 2014-15 में मंडी बोर्ड की बोर्ड निधि से राशि रूपयें 64,37,040/- राशि का भुगतान शासन द्वारा अधिकृत एजेंसी एस.एफ..सी. नई दिल्‍ली को किया गया।

परिशिष्ट - ''अठारह''

कृषि विकास दर निर्धारण

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

54. ( क्र. 1408 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा कृषि विकास दर निर्धारण के लिए वर्ष 2004-05, 2013-14 और 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में कौन-कौन सी फसलों के उत्‍पादन के आंकड़े सम्मिलित किए गए थे? सम्मिलित आंकड़ों का वर्षवार ब्‍यौरा दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर में दी गई सम्मिलित फसलों का उत्‍पादन का फसल ब्‍यौरा प्रदान करें एवं बोई गई फसलों का फसलवार वर्षवार बोनी का रकबा का ब्‍यौरा दें? (ग) कृषि विकास दर की गणना में शामिल विभिन्‍न वर्ग जैसे कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, वानिकी, मत्‍स्‍य पालन आदि का वर्गवार वर्षवार, उत्‍पादनवार ब्‍यौरा प्रदान करें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जानकारी एकत्र की जा रही है।

जमीन का हस्‍तांतरण

[जल संसाधन]

55. ( क्र. 1427 ) श्रीमती नंदनी मरावी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जल संसाधन विभाग सिहोरा जिला जबलपुर के अधीन अनुपयोगी जमीन ख.नं. 1214/1 रकबा 0.101 एवं 1214/2 रकबा 1.023 को क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा नगर पालिका सिहोरा को सार्वजनिक पार्क हेतु हस्‍तांतरण किये जाने की मांग लंबे समय से की जा रही है तथा इस संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा 17/12/16 से प्रश्‍न दिनांक तक कई बार पत्राचार किये जा चुके हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) नगर पालिका सिहोरा को कब तक जमीन हस्‍तांतरित कर दी जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) मान. प्रश्‍नकर्ता का पत्र दिनांक 24.04.2017 प्राप्‍त हुआ था। जल संसाधन विभाग द्वारा प्रश्‍नाधीन भूमि राजस्‍व विभाग को पत्र दिनांक 10.07.2017 द्वारा हस्‍तांतरित कर दी गई है। पत्र की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''उन्नीस''

सतना वि.स. क्षेत्र में सड़कों की स्‍वीकृति

[लोक निर्माण]

56. ( क्र. 1462 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना विधान सभा क्षेत्र में विभाग की कितनी सड़कें कहाँ-कहाँ स्‍वीकृत हैं? स्‍वीकृत सड़कों का नाम व लागत के साथ पूर्ण विवरण बतायें। (ख) कौन-कौन सी सड़कें पूर्ण हो गई है और कितनी सड़कें अपूर्ण हैं? सड़कें अपूर्ण रहने का क्‍या कारण है? (ग) प्रस्‍तावित सड़कें कब तक पूर्ण करा ली जावेंगी? विलम्‍ब के लिये दोषी अधिकारियों पर शासन क्‍या कार्यवाही करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (ख) विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है। (ग) निश्चित तिथि बताना संभव नहीं। विलंब के लिये कोई अधिकारी दोषी नहीं है, अत: कार्यवाही का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

सहकारी समिति के सहायक सचिव की शिकायत

[सहकारिता]

57. ( क्र. 1531 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के परि.अता. प्रश्‍न क्रमांक 10 दिनांक 22 फरवरी 2017 के संदर्भ में बताए कि ओंडेर सोसायटी के अध्यक्ष राजाबाबू दांगी द्वारा जब सहायक सचिव अरविंद शर्मा की शिकायत की तो उस पर कार्यवाही कर सहायक सचिव को हटाकर या वहाँ पूर्णकालीन सचिव भेजने के बजाय अध्यक्ष राजाबाबू दांगी को ही पद से हटा देने का क्‍या कारण हैं? (ख) उक्त प्रश्न के प्रश्नांश (क) का परिशिष्ट तीन में बिन्दु 14 में सहायक सचिव अरविंद शर्मा के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज की गई व भले न्यायालय से स्थगन मिला हो पर उन्हें गेहूँ वितरण से अलग कर वहाँ पूर्णकालीन सचिव क्यों नहीं भेजा जा रहा है तथा बाकी सभी बिन्‍दुओं में प्रश्‍नकर्ता के पत्र व शिकायतों पर औपचारिकताएँ पूरी कर कार्यवाही के लिये भेजने का लिखा है, उन सभी में आज तक क्या कार्यवाही हुई?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्या., ओंडेर के अध्यक्ष राजाबाबू दांगी द्वारा सहायक समिति प्रबंधक, श्री अरविंद शर्मा के विरूद्ध की गई शिकायत जाँच में अप्रमाणित पायी गई। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्या., गुना के अंतर्गत समिति प्रबंधकों के पदों की अत्यधिक कमी होने के कारण पूर्णकालिक सचिव की व्यवस्था नहीं की जा सकी। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्या., ओंडेर के 7 संचालक सदस्य जिनमें अध्यक्ष श्री राजाबाबू दांगी भी शामिल हैं, 12 माह से अधिक अवधि के व्यतिक्रमी होने के कारण संस्था के संचालक मंडल को मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 53 (12) के अंतर्गत हटाया गया है। (ख) प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्या., ओंडेर के सहायक समिति प्रबंधक श्री अरविंद शर्मा के विरूद्ध खाद्य विभाग, जिला अशोकनगर द्वारा एफ.आई.आर दर्ज करायी गई। उक्त एफ.आई.आर. के विरूद्ध श्री अरविंद शर्मा द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, ग्वालियर में दायर याचिका में माननीय न्यायालय द्वारा स्थगन दिया गया है। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्या., गुना में समिति प्रबंधकों के अत्यधिक कमी होने के कारण समिति में पूर्णकालिक समिति प्रबंधक की व्यवस्था नहीं की जा सकी। शेष सभी बिन्दुओं पर की गई कार्यवाही की अद्यतन स्थिति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

फसल बीमा योजना का पंजीयन

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

58. ( क्र. 1584 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या फसल बीमा योजना संपूर्ण मध्यप्रदेश में लागू है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में यदि हाँ, तो फसल बीमा योजना में पंजीयन करवाये जाने हेतु नियम एवं योजना से प्राप्त होने वाले लाभ की जानकारी प्रदान करें। (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव में जनपद पंचायत गोटेगांव एवं जनपद पंचायत नरसिंहपुर के कितने कृषकों द्वारा फसल बीमा योजना में पंजीयन कराया गया है? सूची उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में जिन कृषकों का पंजीयन हुआ है उनमें से कितने कृषकों को योजना का लाभ प्रदान किया गया? सूची उपलब्ध करावें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

कृषकों को अनुदान राशि का भुगतान

[सहकारिता]

59. ( क्र. 1603 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल/सागर संभाग अन्तर्गत कृषक सहकारी समितियों से वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में किसानों द्वारा कितना कितना बीज खरीफ एवं रबी की बोनी हेतु उठाया गया है। उक्त बीज पर प्रति क्विंटल शासन द्वारा कितना अनुदान कृषकों को दिये जाने का प्रावधान है? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित समितियों द्वारा उठाये गये बीज पर मिलने वाले शासकीय अनुदान का शासन से कितने क्विंटल का क्लेम किया गया है? यदि हाँ, तो क्या अनुदान राशि का कृषकों के खाते में समायोजन किया गया है? (ग) प्रश्नांश (ख) का उत्तर यदि नहीं, तो कितनी अनुदान राशि कृषकों से वसूल की गई तथा कितना ब्याज उक्त राशि पर वसूला गया या लेना बाकी है? समितिवार जानकारी देवें? (घ) प्रश्नांश (ग) यदि हाँ, तो कृषकों को होने वाली अनुदान राशि की हानि के लिए कौन उत्तरदायी हैं एवं उनके ऊपर क्या कार्यवाही की जावेगी?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) भोपाल एवं सागर संभाग के बीज उठाव की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। कृषकों को दिये जाने वाले अनुदान की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ख) शासन से अनुदान क्‍लेम की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार, जानकारी एकत्र की जा रही है। (ग) एवं (घ) जानकारी एकत्र की जा रही है।

कुण्डालिया वृहद सिंचाई परियोजना के डूब क्षेत्र के किसानों को मुआवजा वितरण राशि

[जल संसाधन]

60. ( क्र. 1610 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले में कुण्डालिया वृहद सिचाईं परियोजना का निर्माण किस दिनांक से प्रारम्‍भ होकर आज पर्यन्‍त तक कितने प्रतिशत कार्य हो चुका है? भौतिक एवं वित्तीय प्रगति से अवगत करावें? (ख) डूब क्षेत्र में विधानसभा क्षेत्र सारंगपुर के कुल कितने ग्राम प्रभावित हो रहे हैं? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अंतर्गत सारंगपुर तहसील के ग्राम कालापीपल एवं सामगीघाटा के डूब प्रभावित कृषकों को पूर्व में भू-अर्जन अधिकारी द्वारा चिन्हित किया गया था किन्तु अब उनमें से अधिकांश कृषकों एवं ग्रामवासियों को किस आधार पर अप्रभावित बताया जा रहा है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) में दर्शित ग्रामों में यदि जल भराव का स्तर कम किया गया है तो सम्पूर्ण बांध की डिजाईन एवं लागत में होने वाले परिवर्तन से नवीन लागत एवं डिजाईन के सापेक्ष तुलनात्‍मक जानकारी से अवगत करावे? (ड.) प्रश्‍नांश (ग) अंतर्गत क्या डेम के जल भराव क्षेत्र के बिल्कुल समीप रहने वाले परिवारों को जहरीले जीव-जन्तुओं एवं जल भराव क्षेत्र में रहने से होने वाली बीमारियों से निपटने हेतु विभाग कोई सुविधाएं उपलब्ध कराएगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) कुण्‍डालिया वृहद सिंचाई परियोजना का कार्य दिनांक 05.05.2015 से प्रारंभ होकर दिनांक 30.06.2017 तक निर्माण कार्य एवं भू-अर्जन की लागत सहित रू. 984.35 करोड़ व्‍यय होकर भौतिक प्रगति 28.54 प्रतिशत है। (ख) विधानसभा क्षेत्र सारंगपुर अंतर्गत परियोजना के डूब क्षेत्र में 11 ग्राम प्रभावित होना प्रतिवेदित है। (ग) ग्राम कालापीपल एवं सामगीघाटा के डूब प्रभावित कृषकों की संपत्तियों का प्राथमिक सर्वेक्षण कार्य एजेंसी द्वारा किया गया था। विभागीय अधिकारियों द्वारा भौतिक सत्‍यापन किए जाने के आधार पर जो मकान जलाशय के अधिकतम जलस्‍तर (एम.डब्‍ल्‍यू.एल) तक की सीमा में डूब में आ रहे है, उनकों नियमानुसार डूब प्रभावित मान्‍य किया जाना प्रतिवेदित है। (घ) परियोजना के रूपांकन एवं बांध के जल स्‍तर में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। सर्वेक्षण कार्य हेतु निर्धारित एजेंसी द्वारा प्राथमिक सर्वे के पश्‍चात विभागीय सत्‍यापन में डूब में आने वाले मकानों की संख्‍या में परिवर्तन आना प्रतिवेदित है। (ड.) विभाग के अधीन ऐसी कोई व्‍यवस्‍था नहीं है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

कानून व्‍यवस्‍था की शांति बहाली हेतु उपवास

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

61. ( क्र. 1644 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश के माननीय मुख्‍यमंत्री जी दिनांक 10 एवं 11 जून 2017 को भोपाल के भेल दशहरा मैदान में उपवास करने हेतु अस्‍थाई टेंट/डोम आदि अत्‍यावश्‍यक व्‍यवस्‍थाओं के साथ बैठे थे? (ख) यदि हाँ, तो मा. मुख्‍यमंत्री जी को उपवास पर किन कारणों को लेकर बैठने को विवश होना पड़ा एवं किन परिस्थितियों में उपवास तोड़ा गया ब्‍यौरा दें? (ग) क्‍या मुख्‍यमंत्री जी का उपवास संघीय व्‍यवस्‍था के अनुकूल था या नहीं स्‍पष्‍ट करें एवं मा. महामहिम राज्‍यपाल महोदय, म.प्र. से उपवास पर बैठने के पहले अनुमति/सलाह ली गई थी? यदि हाँ, तो उन्‍होंने क्‍या सलाह दी? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) उक्‍त अवधि में उपवास स्‍थल पर कौन-कौन से शासकीय कार्य संपादित किये गये? (ड.) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में उक्‍त उपवास स्‍थल पर टेंट/डोम एसी आदि अन्‍य की व्‍यवस्‍था पर कितनी-कितनी राशि किस-किस मद से व्‍यय की गई? इस व्‍यवस्‍था हेतु कार्यादेश किस-किस को दिए गये थे।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। (ख) माननीय मुख्‍यमंत्री जी, को किसान/किसान संगठनों द्वारा किसानों से संबंधित सार्वजनिक समस्‍याओं के शांतिपूर्ण निराकरण एवं प्रदेश में शांति का माहौल बनाये रखने हेतु उपवास पर बैठे एवं किसान संगठनों तथा गणमान्‍य जनप्रतिनिधियों के अनुरोध पर उपवास तोड़ना पड़ा। (ग) संधारित अभिलेख के आधार पर जानकारी उपलब्‍ध नहीं है। (घ) उपवास की अवधि में माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा वृक्षारोपण महाअभियान की समीक्षा, खरीफ की फसल की तैयारी की समीक्षा, हमीदिया अस्‍पताल की व्‍यवस्‍थाओं की समीक्षा एवं ''स्‍कूल चलें हम'' एवं ''मिल बांचे हम अभियान'' की समीक्षा, शासकीय फाईलों का निष्‍पादन तथा किसानों एवं प्रतिनिधि मंडलों से भेंट की गई। (ड.) माननीय मुख्‍यमंत्री जी के उपवास स्‍थल पर आमजन की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुये नगर पालिका निगम भोपाल द्वारा स्‍थल के आस-पास साफ सफाई एवं पेयजल की व्‍यवस्‍था की गई थी। कानून व्‍यवस्‍था बनाये रखने एवं माननीय मुख्‍यमंत्री जी की सुरक्षा व्‍यवस्‍था के दृष्टिगत जिला प्रशासन द्वारा उनके शयनकक्ष एवं शासकीय कार्य निष्‍पादन हेतु बैठक कक्ष का अस्‍थाई निर्माण मेसर्स भोपाल ग्‍लास एवं टेंट स्‍टोर इतवारा रोड भोपाल से कराया गया। जिसका देयक उनके द्वारा राशि रू. 88,118.75 का प्रस्‍तुत किया गया है एवं मेसर्स मिश्रा रेडियो एण्‍ड इलेक्‍ट्रिकल्‍स 40, इतवारा रोड भोपाल द्वारा राशि रू. 23,324.00 का देयक उनके द्वारा प्रस्‍तुत किया गया है। देयकों का भुगतान आज दिनांक तक नहीं किया गया है।

समर्थन मूल्‍य पर खरीद

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

62. ( क्र. 1711 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्‍त वर्ष 2016-17 में जबलपुर जिला अंतर्गत कहाँ-कहाँ पर शासन द्वारा समर्थन मूल्‍य पर अरहर (राहर) खरीदी हेतु केन्‍द्र खोले गये तथा खरीदी केन्‍द्रों में कब-कब किस-किस की किस दर से कितना-कितना दलहन (अरहर) समर्थन मूल्‍य पर खरीदा गया? केन्‍द्रवार सूची देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में खरीदे गये अरहर का कितने कृषकों को कितना-कितना भुगतान किस प्रकार से किया गया तथा कितना भुगतान प्रश्‍न दिनांक तक शेष था? क्‍या कृषकों को अरहर खरीद पर दिये गये चेक खाते में पैसा न होने के कारण बाउंस हो रहे हैं? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर में यदि हाँ, तो इसका दोषी कौन है, समर्थन मूल्‍य पर अरहर खरीद का कृषकों का बकाया भुगतान किस प्रकार से कब तक कर दिया जावेंगा? (घ) प्रदेश में किन-किन कृषि उपज मं‍डियों में सिंघाड़ा गोटी का विक्रय होता है तथा इन मंडियों में वित्‍त वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक वर्षवार कितनी-कितनी मात्रा में सिंघाड़ा गोटियों का विक्रय हुआ, नीलामी की वर्षवार न्‍यूनतम बोली एवं अधिकतम बोली सहित सूची देवें? (ड.) क्‍या शासन अन्‍य कृषि उपज की तरह सिंघाड़ा गोटी ब्रिकी का भी समर्थन मूल्‍य घोषित करेगा तथा अन्‍य कृषि उत्‍पादन करने वाले सिंघाड़ा उत्‍पादक कृषकों को अधिक वर्ष या अल्‍पवर्ष की स्थिति में सिंघाड़ा उत्‍पादन प्रभावित होने पर मुआवजा राशि तथा फसल बीमा की सुविधा प्रदान करेगा। यदि हाँ, तो किस प्रकार से कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) वित्‍तीय वर्ष 2016-17 में जबलपुर जिले में कृषि उपज मंडी में विपणन सहकारी समिति जबलपुर को केन्‍द्र स्‍थापित कर समर्थन मूल्‍य पर अरहर 8164.50 क्विंटल की खरीदी रूपये 5050/- प्रति क्विंटल की दर से क्रय किया गया। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) में दर्शित अरहर मात्रा की खरीदी 201 किसानों से की गई है एवं समर्थन मूल्‍य की दर अनुसार राशि रूपये 4,12,30,725/- (चार करोड़ बारह लाख तीस हजार सात सौ पच्‍चीस रूपये) का भुगतान किसानों को चेक के माध्‍यम से किया गया है। चेक बाउन्‍स की शिकायत प्रतिवेदित होना नहीं पाया गया। (ग) उत्‍तरांश (ख) के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रदेश में जबलपुर संभाग अंतर्गत कृषि उपज मंडी समिति सिहोरा एवं कटनी में सिंघाड़ा गोटी का विक्रय होता है। प्रश्‍नांश (घ) की शेष जानकारी एकत्र की जा रही है। (ड.) जी नहीं। वर्तमान में ऐसी कोई योजना नहीं है। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

सड़क निर्माण

[लोक निर्माण]

63. ( क्र. 1718 ) श्रीमती संगीता चारेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कौन-कौन से मार्ग विभाग की पुस्तक में दर्ज हैं? इनकी लम्बाई तथा वर्तमान स्थिति क्या है? क्या पुस्तक में दर्ज सभी मार्गों पर डामरीकृत सड़क निर्माण हो गया है? यदि नहीं, तो ऐसे कितने मार्ग शेष बचे हैं जिन पर डामरीकृत सड़क का निर्माण किया जाना है? इसके लिए विभाग की क्या योजना है? (ख) क्या जो मार्ग विभाग की पुस्तक में दर्ज नहीं हैं उनका डामरीकरण विभाग द्वारा नहीं किया जाता है? यदि नहीं, तो ऐसे मार्ग जहां ग्रामीणों का अधिक आवागमन है तथा ये मुख्य मार्ग से जुड़े हुए हैं इन्हें विभाग की पुस्तक में दर्ज किए जाने अथवा इन पर डामरीकरण सड़क बनाए जाने के क्या नियम हैं? (ग) विगत 5 वर्षों में सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विभाग के ऐसे कितने पुराने रोड हैं जिनका संधारण विभाग या ठेकेदार द्वारा किया गया? कब व कितनी लम्बाई की सड़क का संधारण किसके द्वारा किया गया मय लागत जानकारी उपलब्ध करावें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है। जी हाँ। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। अपितु नवीन मार्गों को योजना मद में स्‍वीकृति उपरांत निर्माण कार्य किया जाता है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। इसके अतिरिक्‍त म.प्र. सड़क विकास निगम के अंतर्गत विगत पाँच वर्षों में से वर्ष 2013-14 में रतलाम-सैलाना-बांसवाड़ा मार्ग लंबाई 43.58 कि.मी. का संधारण जोनल कान्‍ट्रेक्‍ट के तहत ठेकदार श्री जगदीश प्रसाद शर्मा अनुबंध क्रं. 45/2013 एवं कार्यादेश दिनांक 26.09.2013 में स्‍वीकृत राशि 69.65 लाख होकर मार्ग पर कुल राशि रूपये 25.45 लाख का व्‍यय किया गया है, जिसमें सैलाना विधानसभा क्षेत्र का भाग शामिल है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

विभागीय योजनाएं

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

64. ( क्र. 1719 ) श्रीमती संगीता चारेल : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विभाग द्वारा वर्ष २०१२-१३ से प्रश्‍न दिनांक तक कितने हितग्राहियों को किस किस योजनान्तर्गत लाभान्वित किया गया? इस पर कितना व्यय हुआ वर्षवार योजनावार मय लागत जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) क्या विभाग द्वारा उद्यानिकी मिशन अंतर्गत नीबू एवं संतरे के बगीचे लगाए जाने हेतु कृषकों को अनुदान दिया जाता है? इसकी पात्रता की क्या शर्तें हैं तथा इसमें शासन द्वारा दिए जाने वाले अंशदान की जानकारी प्रदान करें? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में क्या आदिवासी बाहुल्य विकासखंड में विभाग द्वारा कोई विशेष योजना संचालित की जा रही है? यदि हाँ, तो जानकारी उपलब्ध करावे? यदि नहीं, तो क्‍या विभाग इस संबंध में कोई कार्ययोजना बनाएगा?

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत नींबू एवं संतरे के बगीचे लगाने हेतु अनुदान दिया जाता है। पात्रता की प्रमुख शर्त में कृषक के पास स्‍वयं की भूमि एवं सिंचाई का साधन होना तथा विभागीय पोर्टल पर आधार नम्‍बर के साथ ऑनलाईन पंजीयन/आवेदन आवश्‍यक है। सफलतापूर्वक रोपण होने पर निर्धारित इकाई लागत का 40 प्रतिशत अनुदान तीन वर्षों में 60:20:20 के अनुपात में देय है। (ग) आदिवासी बाहुल्‍य विकासखण्‍डों में अलग से कोई विशेष योजना संचालित नहीं है। विभाग में संचालित योजनाएँ ही आदिवासी बाहुल्‍य विकासखण्‍डों में लागू हैं, पृथक से कोई योजना संचालित करना विचाराधीन नहीं है, अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''बीस''

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