मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च 2017 सत्र


मंगलवार, दिनांक 21 मार्च 2017


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर

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रायसेन जिले में कार्यरत स्‍व-सहायता समूह/महिला मण्‍डल

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

1. ( *क्र. 3975 ) श्री रामकिशन पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि       (क) रायसेन जिले में कितने स्‍व-सहायता समूह एवं महिला मण्‍डल दिनांक 01.04.2013 से प्रश्‍न तिथि तक कार्यरत हैं? विकासखण्‍ड बाड़ी एवं उदयपुरा में कार्यरत स्‍व-सहायता समूह एवं महिला मण्‍डल के नाम, पता एवं वर्षवार बतावें? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित स्‍व-सहायता समूहों एवं महिला मण्‍डलों को कितनी राशि दी गई? वर्षवार समूहवार बतावें। (ग) बाड़ी एवं उदयपुरा ब्लॉक में विभाग की कौन-कौन सी योजनाएँ संचालित हैं, उनका लक्ष्‍य और बजट अनुसार गत दो वर्षों में कितना खर्च किया? क्‍या उनका अंकेक्षण एवं सत्‍यापन कराया गया है? क्‍या इसमें किसी प्रकार की अनियमितता हुई?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जिले में एस.आर.एल.एम. अंतर्गत महिला मण्‍डल कार्यरत नहीं है। 3027 स्‍व-सहायता समूह कार्यरत हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।        (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। जी हाँ। मनरेगा/मध्‍यान्‍ह भोजन कार्यक्रम/मुख्‍यमंत्री आर्थिक कल्‍याण एवं स्‍वरोजगार योजना तथा राज्‍य ग्रामीण आजीविका मिशन का अंकेक्षण एवं सत्‍यापन कराया गया है। इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं पाई गई है।

पन्‍ना जिले में हीरा भंडार क्षेत्रों का आवंटन  

[खनिज साधन]

2. ( *क्र. 6881 ) श्री बाला बच्‍चन : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले के पन्‍ना में हीरा भंडार क्षेत्र को किन शर्तों पर रियों टिंटों को खुदाई हेतु आवंटित किया गया था? अनुबंध की प्रति उपलब्‍ध करावें तथा बतावें कि क्‍या उन्‍होंने आवंटित भूमि पर ही तयशुदा खनन किया था? इसकी प्रमाणित जानकारी देवें (ख) कंपनी ने उपरोक्‍त भूमि पर स्‍थायी/ अस्‍थायी प्रकृति के कितने निर्माण किए? भूमि वापस करते समय कंपनी द्वारा दी गई सभी संपत्ति स्‍थायी/अस्‍थायी की सूची उनके क्षेत्रफल सहित देवें? यदि भवन है तो भवन के कमरों इत्‍यादि की भी पूर्ण जानकारी देवें? यदि कक्ष या वाहन हैं तो उनके बारे में भी बतावें? (ग) कंपनी ने विगत 10 वर्षों में कितने मूल्‍य का हीरा उपलब्‍ध कराया? उसकी सूची देवें (घ) उपरोक्‍तानुसार अपनी मर्जी से सेवा शर्तों को पूरा किए बिना काम छोड़कर जाने वाली कंपनी एवं इसकी निगरानी करने वाले जिम्‍मेदार अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्‍नाधीन जिले के पन्‍ना क्षेत्र में प्रश्‍नाधीन कंपनी को हीरा भण्‍डार के खनन हेतु कोई क्षेत्र आवंटित नहीं किया गया है। अत: शेष प्रश्‍न उ‍पस्थित नहीं होता। (ख) से (घ) प्रश्‍नांश (क) में दिये उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

निशातपुरा पन्‍नानगर योजना में आवास आवंटन  

[नगरीय विकास एवं आवास]

3. ( *क्र. 5712 ) श्री चम्पालाल देवड़ा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) गृह निर्माण मण्‍डल द्वारा संचालित आवासीय योजना में क्‍या सभी आवश्‍यक स्‍वीकृति प्राप्‍त होने के पश्‍चात् भवन पंजीयन का विज्ञापन जारी किया जाता है? यदि हाँ, तो निशातपुरा पन्‍नानगर योजना में नगर एवं ग्राम निवेश विभाग द्वारा अनुमति प्राप्‍त किये बिना ही योजना में पंजीयन हेतु विज्ञापन जारी कर राशि क्‍यों प्राप्‍त की गई? क्‍या यह कार्यवाही नियमानुसार थी? बोर्ड की योजना अनुसार भवन निर्माण में विलंब होने से क्‍या योजना आर्थिक दृष्टि से बोर्ड के लिये या पंजीयनकर्ता की दृष्टि से हितकारी नहीं होती है? यदि नहीं, तो इस योजना को बोर्ड द्वारा आर्थिक दृष्टि से हितकारी नहीं बताकर प्रकोष्‍ठ योजना क्‍यों लागू की गई? (ख) क्‍या इस योजना को वर्ष 2013 में पुन: जीवित करने हेतु आवेदकों द्वारा माननीय मुख्‍यमंत्री/बोर्ड अध्‍यक्ष, प्रमुख सचिव, आवास एवं पर्यावरण, म.प्र. शासन से निवेदन करने पर योजना को शासन द्वारा पुन: स्‍वीकृति दी गई? यदि हाँ, तो उन आवेदकों की सहमति लिये बिना ही स्‍वतंत्र भवन प्रकोष्‍ठ से बहुमंजिला भवन निर्माण की योजना बोर्ड द्वारा अपनी मर्जी से क्‍यों स्‍वीकृत की गई? (ग) क्‍या शासन इस योजना में शेष बचे आवेदकों जिनके द्वारा पंजीयन राशि वापिस नहीं ली गई है, उन्‍हें पंजीयन के आधार पर स्‍वतंत्र भवन निर्मित कर उसी मूल्‍य पर आवास उपलब्‍ध कराकर शेष भूमि पर प्रकोष्‍ठ के निर्माण की कार्यवाही करने के निर्देश देगा? (घ) यदि उसी स्‍थान पर भवन उपलब्‍ध कराने में बोर्ड को कठिनाई है तो नगर निगम सीमा के अंतर्गत उसी क्षेत्रफल या आवेदकों की मांग अनुसार भवन/भूखण्‍ड पूर्व भवन के मूल्‍य को आधार मानते हुए उपलब्‍ध करायेगा? यदि हाँ, तो कब तक नहीं तो क्‍यों नहीं?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। निशातपुरा पन्ना नगर की योजना अंतर्गत अभिन्यास नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के पत्र क्र. 2728/जी-211/29/जिला/न.ग्रा.नि./2005 दिनांक 21.09.2005 द्वारा 1158 ई.डब्ल्यू.एस. प्रकोष्ठों हेतु स्वीकृत था। उक्त योजनांतर्गत पंजीयन प्राप्त न होने से योजना पुनरीक्षित कर स्वतंत्र एम.आई.जी. भवनों के निर्माण करने की दृष्टि से योजना का अभिन्यास पुनरीक्षित हेतु दिनांक 25.05.2009 को नगर तथा ग्राम निवेश विभाग को अनुमोदन हेतु प्रेषित किया गया। पुनरीक्षित अभिन्यास स्वीकृति की प्रत्याशा में एम.आईजी. भवनों हेतु पंजीयन आमंत्रित किए गए। पूर्व अभिन्यास आवासीय उपयोग हेतु स्वीकृत था एवं पुनरीक्षित योजना जो कि पुनः आवासीय उपयोग की थी। अतः समस्त कार्यवाही नियमानुसार की गई। भवन निर्माण में विलम्ब होने के दृष्टिगत योजना आर्थिक दृष्टि से हितकारी होने अथवा न होने संबंधी प्रश्न उपस्थित नहीं होता। प्रश्नाधीन योजना आर्थिक दृष्टि से हितकारी नहीं होने संबंधी स्थिति का तात्पर्य यह है कि नगर तथा ग्राम निवेश विभाग द्वारा अभिन्यास का भूमि उपयोग यातायात निर्दिष्ट होने के आशय से निरस्त किया गया। अतः मण्डल द्वारा भूमि उपांतरण हेतु नियमानुसार प्रस्तुत आवेदन अंतर्गत नगर तथा ग्राम निवेश विभाग द्वारा रेलवे की सीमा से 30 मी. चौड़ा खुला क्षेत्र अभिन्यास में छोड़ने की शर्त पर भूमि उपांतरण किया गया। इस शर्त के परिप्रेक्ष्य में अभिन्यास अंतर्गत उपलब्ध होने वाली भूमि में स्वतंत्र भवनों की योजना आर्थिक रूप से साध्य न होने से प्रकोष्ठ भवनों के निर्माण की योजना प्रस्तावित की गई। (ख) जी नहीं। पूर्व में प्रस्तावित स्वतंत्र भवनों की योजना साध्य न होने से प्रकोष्ठ भवनों की योजना प्रस्तावित की गई एवं तत्समय पंजीकृत हितग्राहियों को विकल्प प्रदान किया गया कि वे प्रकोष्ठ भवनों की योजना में शामिल हो सकते हैं अथवा अपनी जमा राशि निर्धारित ब्याज सहित प्राप्त कर सकते हैं। अतः बहुमंजिला भवन निर्माण की योजना परिस्थितिजन्य होने से मण्डल द्वारा अपनी मर्जी से स्वीकृत नहीं की गई। (ग) पूर्व योजनांतर्गत शेष बचे ऐसे आवेदक जिनके द्वारा पंजीयन राशि वापिस नहीं ली गई है, उनके लिए प्रश्नाधीन योजनांतर्गत स्वतंत्र भवन निर्मित कर प्रदान करना पुनरीक्षित अभिन्यास में प्रावधान उपलब्ध न होने के परिप्रेक्ष्य में नहीं किया जा सकता है। शेष हितग्राहियों को मण्डल की रिक्त संपत्ति अथवा नवीन योजनाओं अंतर्गत वर्तमान निर्धारित मूल्य पर संपत्ति प्राप्त करने का विकल्प उपलब्ध है, जिसमें उनके द्वारा जमा राशि निर्धारित ब्याज दर पर संपत्ति के मूल्य में समायोजित की जावेगी। (घ) जानकारी प्रश्नांश (ग) अनुसार है।

ग्‍वालियर जिले में अवैध उत्‍खनन पर कार्यवाही

[खनिज साधन]

4. ( *क्र. 6715 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्‍वालियर जिले में प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में किस-किस प्रकार के खनिज के उत्‍खनन करने की स्‍वीकृति किस-किस सर्वे नम्‍बरों से किस-किस व्‍यक्ति, ठेकेदार या फर्म को किस-किस दिनांक से किस दिनांक तक की अवधि तथा कितने राजस्‍व की प्राप्ति के लिये दी गई है?                 (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार स्‍वीकृत खदानों से 01 अप्रैल 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक कितना-कितना राजस्‍व प्राप्‍त हुआ है? अलग-अलग खदानवार स्‍पष्‍ट करें (ग) ग्राम मोहना के सर्वे क्रमांक 314/1 अफरोज खान पुत्र सुल्‍तान खान के नाम से 18.08.2009 से 17.08.2019 तक के लिये खदान स्‍वीकृत थी? क्‍या श्री अफरोज खान द्वारा उक्‍त सर्वे नंबर की खदान को निरस्‍त करा दिया था? यदि हाँ, तो निरस्‍ती आदेश की प्रति दें? क्‍या उस खदान पर मोहना पुलिस की देख रेख में तथा खनिज विभाग के कर्मचारियों/अधिकारियों की मिली भगत से लाखों रूपयों का अवैध उत्‍खनन किया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्‍या प्रश्‍नकर्ता विधायक के साथ भोपाल से वरिष्‍ठ अधिकारियों की टीम गठित कर जाँच कराई जा सकती है? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) ग्‍वालियर जिले में स्‍वीकृत रेत की खदानों से किस-किस प्रकार के वाहनों से कितनी-कितनी मात्रा के लिये      कितनी-कितनी रॉयल्‍टी वसूली का प्रावधान है? नियम की प्रति उपलब्‍ध करावें ठेकेदार द्वारा अधिक राशि वसूलने के लिये क्‍या दण्‍डात्‍मक कार्यवाही का नियम है? यदि है तो प्रति उपलब्‍ध करावें? क्‍या ठेकेदार द्वारा रसीद में लिखी राशि का 5-6 गुना अधिक अवैध वसूली की जा रही है? यदि हाँ, तो क्‍यों? यदि नहीं, तो क्‍या इसकी जाँच कराई जावेगी?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) एवं (ख) प्रश्‍नानुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। जी नहीं। अपितु प्रश्‍नाधीन खदान को माननीय एन.जी.टी. नई दिल्‍ली के प्रकरण क्रमांक 34/2016 में माननीय एन.जी.टी. के आदेश दिनांक 04.05.2016 के परिप्रेक्ष्‍य में कलेक्‍टर कार्यालय, जिला ग्‍वालियर के आदेश दिनांक 31.05.2016 से बंद की गई है। जी नहीं। जिले में समय-समय पर जाँच की कार्यवाही की जाकर, पाए जाने पर अवैध उत्‍खननकर्ताओं एवं परिवहनकर्ताओं पर कार्यवाही की जाती है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) मध्‍यप्रदेश गौण खनिज नियम, 1996 में रेत खनिज की रॉयल्‍टी प्रति घनमीटर की दर रूपए (रूपये 100/- प्रति घनमीटर) अधिसूचित है। परिवहित की जा रही रेत की मात्रा के आधार पर रॉयल्‍टी लिये जाने का प्रावधान है। वाहन के आधार पर रॉयल्‍टी लिये जाने के प्रावधान नहीं है। रेत का विक्रय मूल्‍य खदान के उच्‍चतम बोली के आधार पर निर्भर होता है। ठेकेदार द्वारा बाजार में किस दर पर रेत खनिज का विक्रय किया जायेगा, ऐसे कोई प्रावधान नियमों में नहीं हैं। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

बिगड़े वनों के सुधार योजना का क्रियान्‍वयन

[वन]

5. ( *क्र. 290 ) श्री जतन उईके : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बिगड़े वनों के सुधार हेतु शासन द्वारा कौन-कौन सी योजनाएं चलाई जा रही हैं? (ख) छिन्‍दवाड़ा जिले की सातों विधान सभा क्षेत्र में कौन-कौन से क्षेत्रों में बिगड़े वनों के सुधार हेतु क्‍या कार्य किये जा रहे हैं? (ग) नये वृक्षारोपण हेतु गड्ढे की खुदाई कहाँ-कहाँ की जा रही है एवं मजदूरों को किस दर से भुगतान किया जा रहा है? भुगतान क्‍या ई-पेमेंट से दिया जा रहा है? यदि हाँ, तो कितने मजदूरों का भुगतान ई-पेमेंट से किया गया है और कितने मजदूरों का भुगतान नगद दिया गया है?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) कार्य आयोजना के क्रियान्वयन के अन्तर्गत बिगड़े वनों के सुधार की योजना चलाई जा रही है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। वन विभाग द्वारा स्वीकृत जॉब दर एवं श्रमायुक्त म.प्र. शासन इन्दौर द्वारा स्वीकृत मजदूरी की दर से भुगतान                  ई-पेमेन्ट से किया जा रहा है। जी हाँ। 1470 मजदूरों को मजदूरी का भुगतान ई-पेमेन्ट प्रक्रिया द्वारा किया गया है। नगद भुगतान की जानकारी निरंक है।

औद्योगिक संस्‍थानों में आवंटित भू-खण्‍ड

[सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम]

6. ( *क्र. 4773 ) श्री अजय सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक रीवा संभाग में जिला व्‍यापार एवं उद्योग केन्‍द्र के औद्योगिक संस्‍थानों में आवंटित भूखण्‍डों में कितने भूखण्‍ड स्‍वामियों पर                 गैर-औद्योगिक गतिविधियाँ संचालित करने के लिये व्‍यवसायिक दर से भू-भाटक लेने की शास्ति (पेनाल्‍टी) आरोपित की गई? उनके नाम तथा शास्‍ति‍ का विवरण क्‍या है? (ख) प्रश्नांश (क) से संबंधित ऐसे भू-स्‍वामियों से कितनी राशि वसूल की गई? कितनी राशि वसूल करना बकाया है?                   (ग) प्रश्नांश (ख) से संबंधित ऐसे भू-स्‍वामियों से कब तक वसूल करने तथा ऐसे भू-खण्‍डधारकों पर क्‍या कार्यवाही करने का प्रस्‍ताव है?

राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम ( श्री संजय पाठक ) : (क) रीवा संभाग के जिला व्‍यापार एवं उद्योग केन्‍द्रों के औद्योगिक संस्‍थानों में आवंटित भू-खण्‍डों में किसी भी भू-खण्‍ड स्‍वामी द्वारा गैर औद्योगिक गतिविधि का संचालन नहीं किया जा रहा है। अतएव शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) से (ग) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

आवासीय भूमि का मालिकाना हक प्रदान किया जाना

[नगरीय विकास एवं आवास]

7. ( *क्र. 3652 ) श्री रामपाल सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या ब्यौहारी तहसील अंतर्गत नगर पंचायत खांड में शासकीय भूमि में दुकान, भवन इत्यादि बनाकर लोग जीवन यापन कर रहे हैं? (ख) यदि प्रश्नांश (क) हाँ तो निर्मित भवन, दुकानों को मध्य प्रदेश शासन के नियमानुसार प्रत्येक आवासीय भूमि का मालिकाना हक प्रदान किये जाने के निर्णय मुताबिक उपरोक्त भवन, दुकान निर्माणकर्ताओं को मालिकाना हक प्रदान कर दिया गया है? यदि हाँ, तो कब और नहीं तो क्यों और कब तक प्रदान किया जावेगा।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जिला शहडोल तहसील ब्‍यौहारी के नगर परिषद, खांड के अंतर्गत ग्राम चंदोली में 136 किता रकबा 84.993 हेक्‍टेयर है एवं ग्राम खांड में 17 किता रकबा 6.795 हेक्‍टेयर भूमि पर दुकान व भवन इत्‍यादि निर्मित है जो कि मध्‍य प्रदेश जल संसाधन विभाग के नाम दर्ज राजस्‍व अभिलेख है। (ख) प्रश्नांश (क) में अंकित आराजियां मध्‍य प्रदेश जल संसाधन विभाग दर्ज होने से मालिकाना हक दिया जाना संभव नहीं है।

शासकीय योजनाओं में बैंक द्वारा ऋण प्रदाय

[सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम]

8. ( *क्र. 4985 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्य एवं केन्द्र शासन की कौन-कौन सी ऋण योजनायें एवं अनुदान सह ऋण योजनायें मध्यप्रदेश में संचालित हैं, जिनमें ऋण हेतु ग्यारण्टी या अनुदान शासन की ओर से दिये जाते हैं? योजनावार पूर्ण विवरण देवें (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित योजनाओं के क्रियान्वन में बैंकों की भूमिका की मॉनीटरिंग की कोई व्यवस्था है? यदि हाँ, तो पूर्ण विवरण देवें। (ग) उक्तानुसार योजना क्रियान्वन में बैंको द्वारा सहयोग न करने संबंधी कितनी शिकायतें विगत 03 वर्षों में जिला आगर अंतर्गत नोडल अधिकारी कलेक्टर आगर को प्राप्त हुई हैं? प्राप्त शिकायतों पर क्या कार्यवाही की गई?

राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम ( श्री संजय पाठक ) : (क) राज्‍य एवं केन्‍द्र की योजनाएं विभिन्‍न विभागों द्वारा संचालित की जाने के कारण संबंधित विभागों से जानकारी संकलित की जा रही है। (ख) एवं (ग) जानकारी संकलित की जा रही है।

प्रधानमंत्री आवास योजना का क्रियान्‍वयन

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

9. ( *क्र. 4075 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                 (क) प्रधानमंत्री आवास योजना क्‍या है? इस योजना अंतर्गत किस प्रकार से हितग्राहियों को पात्र मानकर किस प्रकार से आवास निर्माण का प्रावधान है? नियम की छायाप्रति देवें एवं इस योजना को कब किस प्रकार से किसके द्वारा प्रदेश में कुल कितनी धन राशि से संचालित किया जा रहा है? वित्‍त वर्ष 2016-17 में जिलेवार योजान्‍तर्गत कितना धन आवंटित किया गया? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित योजना अंतर्गत पाटन विधानसभा अंतर्गत पाटन एवं मझौली विकास खण्‍डों के      किस-किस ग्राम को कितना-कितना किस श्रेणी का लक्ष्‍य दिया गया? ग्रामवार सूची देवें एवं ग्रामवार आवास निर्माण का लक्ष्‍य किसके द्वारा किस प्रकार से कब निर्धारित किया गया? (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्‍लेखित लक्ष्‍य अनुसार किस-किस ग्राम के कितने हितग्राहियों को कितनी राशि आव‍ंटित की गई? प्रश्‍न दिनांक तक इन स्‍वीकृत प्रधानमंत्री आवासों के निर्माण की अद्यतन स्थिति क्‍या थी?     (घ) प्रश्‍नांक (ख) एवं (ग) के संदर्भ में ग्रामवार स्‍वीकृत आवास निर्माण अनुपातिक क्‍यों नहीं है? क्‍या कुछ अपात्र नाम भी इस सूची में सम्मिलित होने संबंधी शिकायतें शासन स्‍तर में प्राप्‍त हुई हैं? यदि हाँ, तो क्‍या इन स्‍वीकृत आवास निर्माण में प्राप्‍त हुईं हैं? यदि हाँ, तो क्‍या शासन इन स्‍वीकृत आवास निर्माण में हुई विसंगतियों की जाँच कराकर दोषियों पर कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' नुसार है। भारत सरकार ने वर्ष 2016-17 के लिए प्रदेश को 4,48,147 आवास का लक्ष्य दिया है। जिलेवार धन आवंटन नहीं किया गया है। (ख) विकासखण्ड पाटन एवं मझौली के लिए ग्रामवार लक्ष्य की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  '' अनुसार है। प्रदेश के वर्ष 2016-17 के लक्ष्य एवं वर्ष 2017-18 के संभावित लक्ष्य के विरूद्ध राज्य स्तर से वंचितता की तीव्रता के आधार पर हितग्राहियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। (ग) ग्रामवार धनराशि आवंटित करने की व्यवस्था नहीं है। अब तक स्वीकृत आवास अप्रारम्भ से लेकर निर्माण के विभिन्न चरणों में है। (घ) लक्ष्य का आवंटन क्षेत्रवार न होकर हितग्राहियों की परस्पर वंचितता की तीव्रता पर आधारित है। SECC-2011 में सूचीबद्ध परिवारों का भौतिक सत्यापन करने तथा ग्रामसभा में उन पर विचार करके अपात्रों के नाम हटाने की व्यवस्था की गई है। विकासखण्ड पाटन तथा मझौली से अपात्र हितग्राहियों का चयन किये जाने संबंधी कोई शिकायत प्राप्त नहीं है।

इंदिरा आवास की द्वितीय किश्‍त का भुगतान

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

10. ( *क्र. 3193 ) श्री रमेश पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) बड़वानी जिले में प्रश्‍न दिनांक तक ऐसे कितने हितग्राही हैं, जिनकी इंदिरा आवास योजना के तहत द्वितीय किश्‍त शेष है? हितग्राहि‍यों की संख्‍या विधानसभा क्षेत्रवार बतायें (ख) क्‍या कारण है कि इनकी द्वितीय किश्‍त का भुगतान करने में विलंब किया जा रहा है? (ग) इनकी द्वितीय किश्‍त का भुगतान लंबित रखने वाले अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा? (घ) इस द्वितीय किश्‍त का भुगतान कब तक कर दिया जायेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) विधानसभा क्षेत्र बड़वानी, सेंधवा, पानसेमल एवं राजपुर के हितग्राहियों द्वारा प्रथम किश्त से अपेक्षित आवास निर्माण नहीं करने के कारण किसी भी प्रकरण में द्वितीय किश्त देय नहीं हुई है। (ख) एवं (ग) शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) हितग्राहियों द्वारा प्रथम किश्त के विरूद्ध भौतिक निर्माण कार्य पूर्ण करने पर द्वितीय किश्त का भुगतान किये जाने का प्रावधान है। समय-सीमा नियत करना संभव नहीं है।

आई.ए.पी. योजनांतर्गत वेयर हाउस का निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

11. ( *क्र. 5078 ) श्री कमल मर्सकोले : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि          (क) सिवनी जिले में जिला पंचायत सिवनी अंतर्गत वर्ष 2013 से आज दिनांक तक आई.ए.पी. योजना के तहत वेयर हाउस निर्माण कार्य हेतु लघु उद्योग निगम को कितनी-कितनी राशि प्रदान की गई? इसका वर्षवार विवरण देवें। (ख) लघु उद्योग निगम ने वर्ष 2013 से अब तक किन-किन एजेंसियों से सिवनी जिले में कहाँ-कहाँ कितनी लागत से निर्माण कराए हैं। एजेन्‍सी द्वारा कितने वेयर हाउस निर्माण कार्य पूर्ण कराए जा चुके हैं तथा कितने प्रगति पर हैं। निगम द्वारा संब‍ंधित एजेंसी को किस-किस कार्य के लिए कितना-कितना भुगतान किया गया है। (ग) जिला पंचायत सिवनी को लघु उद्योग निगम द्वारा नियुक्‍त एजेंसी से वेयर हाउस निर्माण के चलते वर्ष 2013 से आज तक कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं और उन शिकायतों पर क्‍या कार्यवाही की गई है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) सिवनी जिला अंतर्गत लघु उद्योग निगम को आई.ए.पी. योजना से वेयर हाउस निर्माण हेतु वर्ष 2013 में रू. 149.95 लाख, वर्ष 2014 में रू. 149.95 लाख एवं वर्ष 2015 में रू. 40.00 लाख की राशि प्रदाय की गई। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''एक''

सोनकच्‍छ विधानसभा क्षेत्रांतर्गत सिटी बस का संचालन

[नगरीय विकास एवं आवास]

12. ( *क्र. 900 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या शासन प्रदेश की जनता के बेहतर व सरल आवागमन व परिवहन के लिए जगह-जगह सिटी बस का संचालन कर बेहतर सुविधाएं दे रहा है? यदि हाँ, तो किस माध्‍यम से किस प्रकार की परिवहन संबंधी सुविधाएं दी जा रही हैं? (ख) क्‍या सोनकच्‍छ नगर व आस-पास के ग्रामीण क्षेत्र के हजारों छात्र-छात्राएं, व्‍यापारी, कर्मचारी महिला-पुरूष प्रतिदिन इंदौर, देवास, उज्‍जैन से सोनकच्‍छ आना जाना करते हैं? क्षेत्र में सिटी बसें नहीं चलने के कारण प्रायवेट बस मालिकों द्वारा अपनी मनमर्जी से किराया निर्धारण कर तथा बस स्‍टेशनों पर गाड़ी न लाकर सीधे बायपास से ही बसों को ले जाया जाता है, जिसके कारण विधानसभा क्षेत्र के हजारों लाखों यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है? क्‍या इसके निराकरण हेतु शासन कोई ठोस कार्यवाही करेगा या नहीं? (ग) क्‍या सोनकच्‍छ विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण व शहरी क्षेत्र वासियों को यातायात समस्‍या से निजात दिलाने हेतु विभाग सिटी बस चालू करेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। बसों के माध्‍यम से परिवहन सुविधाएं दी जा रही हैं। (ख) मध्‍यप्रदेश सड़क परिवहन निगम बसों का संचालन बंद किए जाने के कारण वर्तमान में बसों का संचालन निजी बसों के संचालक द्वारा किया जा रहा है। निजी बस संचालकों के मांग के अनुसार परिवहन विभाग द्वारा परमिट जारी किए जाते हैं, बसों का किराया भी परिवहन विभाग द्वारा निर्धारित है। (ग) सोनकच्‍छ में सिटी बस चलाए जाने की कोई योजना नहीं है।

अवैध निर्माण पर कार्यवाही

[नगरीय विकास एवं आवास]

13. ( *क्र. 4953 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) अतारांकित प्रश्‍न संख्‍या 14 (क्र. 96), दिनांक 03 मार्च 2014 के तहत क्‍या विभाग के अभिन्‍यास अनुमोदन क्र. 782/नग्रानि/सी.पी./99 भोपाल दिनांक 09.03.99 के बिन्‍दु 6 में उल्‍लेख है कि भूमि स्‍वामित्‍व संबंधी किसी भी प्रकार का विवाद होने पर यह अनुमति निरस्‍त मानी जावेगी? संदर्भित प्रश्‍न के प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर में कृषकों से विवाद होना बताया गया है? यदि विवाद था तो अनुमति निरस्‍त क्‍यों नहीं की गयी? (ख) प्रश्नांश (क) के तहत क्‍या उक्‍त प्रकरण का आवेदन अभिन्‍यास अनुमोदन हेतु नगर निगम भोपाल के माध्‍यम से ही प्रस्‍तुत हुआ है? क्‍या उक्‍त आदेश में बिन्‍दु क्रमांक 4 के अनुसार सुपर विजन राशि भोपाल नगर निगम में जमा करवाने को आदेशित किया था? यदि हाँ, तो सुपर विजन नगर निगम भोपाल से क्‍यों नहीं कराया गया? (ग) प्रश्‍नांश (क) व (ख) के तहत क्‍या प्रश्‍न दिनांक तक अवैध निर्माण कार्य चल रहा है? यदि हाँ, तो सम्‍पूर्ण अवैध निर्माण को कब तक तोड़ दिया जायेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। संदर्भित अंताराकित प्रश्‍न के संबंध में माननीय विधायक की शिकायत प्राप्‍त होने पर अमलतास गृह निर्माण सहकारी संस्‍था के स्‍वामित्‍व की भूमि रकबा 11.07 एकड़ का सीमाकंन एवं स्‍थल निरीक्षण करने हेतु शासन द्वारा आदेश जारी कर एक समिति का गठन किया गया है। सीमांकन का कार्य पूर्ण होने के बाद विवाद का निराकरण किया जा सकेगा। (ख) जी हाँ। जी हाँ। क्‍योंकि तत्‍समय प्रश्‍नाधीन क्षेत्र नगर पालिक निगम सीमा से बाहर था। (ग) जी हाँ। संस्‍था द्वारा अनुमोदित अभिन्‍यास की स्थिति से भिन्‍न विकास कार्य करने के कारण म.प्र. नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा-37 (1) के अंतर्गत सूचना पत्र दिनांक 11.03.2013 एवं 16.06.2013 को जारी किये गये हैं। श्रीमान न्‍यायिक दण्‍डाधिकारी, प्रथम श्रेणी भोपाल के समक्ष परिवाद दायर है, जिसकी सुनवाई दिनांक 25.03.2017 को नियत है। परिवाद के निर्णय अनुसार अग्रेत्‍तर कार्यवाही संभव हो सकेगी।

जनभागीदारी से स्वीकृत निर्माण कार्यों की जाँच

[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]

14. ( *क्र. 1538 ) श्रीमती ममता मीना : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                (क) क्या अपर कलेक्टर जिला गुना के जाँच प्रतिवेदन दिनांक 22.07.2016 में 06 सी.सी. रोड निर्माण कार्य की जाँच संयुक्त जाँच दल से कराये जाने का लेख किया गया था? (ख) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित संयुक्त जाँच दल द्वारा वर्णित 06 कार्यों की प्रश्न दिनांक तक जाँच नहीं की गई? क्या कारण है? (ग) कार्यपालन यंत्री लो.नि.वि./आर.ई.एस. एवं अनुविभागीय अधिकारी राघौगढ़ कलेक्टर जिला गुना के पत्रों को गंभीरता से लेते हैं अथवा नहीं? कलेक्टर के पत्र क्रमांक 2997 दिनांक 29.07.2016 का प्रश्न दिनांक तक पालन क्यों नहीं किया गया है? पालन न करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई है? (घ) 06 सी.सी. रोड़ निर्माण कार्यों की जाँच किस दिनांक तक करा ली जावेगी?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) संयुक्त जाँच दल द्वारा वर्णित 06 शिकायतों की जाँच पूर्ण कर ली गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) कलेक्‍टर के पत्र क्रमांक 2997 दिनांक 20.07.2016 का पालन किये जाने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता (घ) जाँच पूर्ण हो चुकी है।

डाटा एंट्री ऑपरेटरों को कर्मचारी भविष्‍य निधि का लाभ

[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]

15. ( *क्र. 4122 ) श्री नथनशाह कवरेती : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) संभागीय योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय तथा जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय में नियुक्‍त डाटा एंट्री ऑपरेटर कितने वर्षों से कार्यरत हैं? (ख) क्‍या शासन द्वारा ऐसा कोई प्रावधान है कि इन्‍हें विभाग में ही नियमित पद पर संवि‍लियन कर दिया जायेगा? (ग) क्‍या विभाग में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर को कर्मचारी भविष्‍य निधि अधिनियम 1952 के अंतर्गत कर्मचारी भविष्‍य निधि का लाभ मिल रहा है? अगर नहीं तो कब तक मिल जायेगा? नहीं तो इसके लिए कौन अधिकारी/कर्मचारी जिम्‍मेवार हैं? (घ) क्‍या अन्‍य विभागों में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर की भांति जैसे मनेरगा, जन अभियान परिषद, सर्वशिक्षा अभियान में इन्‍हें भी वेतन का लाभ दिया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक नहीं तो क्‍यों?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) संभागीय योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय तथा जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय में वर्ष 2011 से कार्यरत हैं। (ख) जी नहीं। (ग) जी नहीं। विभाग द्वारा जारी पद स्वीकृति आदेश में इस प्रकार के कोई प्रावधान नहीं हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

ईसागढ़ नगर में महाविद्यालय भवन निर्माण

[उच्च शिक्षा]

16. ( *क्र. 4268 ) श्री गोपालसिंह चौहान (डग्‍गी राजा) : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या चंदेरी विधानसभा के ईसागढ़ नगर में महाविद्यालय हेतु भवन निर्माण किया जाना प्रस्‍तावित है? (ख) यदि हाँ, तो भवन निर्माण कब तक कर दिया जावेगा?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) शासकीय महाविद्यालय ईसागढ़ के भवन निर्माण हेतु लोक निर्माण विभाग (पी.आई.यू.) अशोकनगर के प्राक्कलन अनुसार राशि रूपये 747.30 लाख का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। (ख) समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

ईको विकास समितियों का गठन  

[वन]

17. ( *क्र. 6223 ) श्री पंडित सिंह धुर्वे : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                 (क) मण्‍डला जिले के अंतर्गत बफर जोन वन मण्‍डल द्वारा कितनी ईको विकास समितियों का गठन किया गया है? (ख) गठित समितियों को वर्ष 2013 से वर्तमान तक विभिन्‍न योजना मदों से कितनी-कितनी राशि उपलब्‍ध करायी गयी? (ग) प्राप्‍त राशि से समितियों द्वारा कौन-कौन से कार्य कितनी-कितनी राशि से कराये गये? समितिवार कार्य एवं लागत राशि सहित जानकारी देवें

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) 72 (ख) जानकारी निम्‍नानुसार है :-

वर्ष

2013-2014

2014-2015

2015-2016

2016-2017

राशि

78,56,438

1,24,51,186

1,27,92,696

74,53,267

 

(ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

निविदा स्‍वीकृति में अनियमितता

[नगरीय विकास एवं आवास]

18. ( *क्र. 1802 ) श्री अनिल फिरोजिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगर पालिक निगम उज्‍जैन में ई-टेण्‍डर क्रमांक 1068 में कितनी निविदाएं प्राप्‍त हुईं? क्‍या कोई निगोशिएशन किया गया? यदि हाँ, तो किस नियम के आधार पर? (ख) क्‍या इस प्रकार के कार्यों का टेण्‍डर क्‍वालिटी एण्‍ड कॉस्‍ट बेस्‍ड सिस्‍टम के अंतर्गत किया जा सकता है? यदि हाँ, तो प्रमाणिक आधार देवें? (ग) क्‍या उक्‍त कार्य में न्‍यायालय से कोई स्‍थगन प्राप्‍त हुआ था? यदि हाँ, तो स्‍थगन के बावजूद किस आधार पर कार्य प्रारंभ कराया गया? क्‍या उक्‍त कार्य स्‍थगन के आधार पर रोका नहीं जा सकता था? (घ) टेण्‍डर में दर्शायी गई सामग्री का हस्‍तांतरण ठेकेदार को किस दिनांक को किया गया?  

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) तीन निविदाएं प्राप्‍त हुईं। जी हाँ, मध्‍य प्रदेश कार्य विभाग मैन्‍यूअल की कंडिका 2.086 के प्रावधान के आधार पर। (ख) जी हाँ। निविदा प्रपत्र। मेयर इन काउंसिल के द्वारा स्‍वीकृत किया गया। (ग) जी नहीं, अपितु माननीय उच्‍च न्‍यायालय खण्‍डपीठ इंदौर द्वारा रिट पि‍टीशन क्रमांक 4676/2015 में पारित आदेश दिनांक 06.04.2016 में निविदा एवं कार्यादेश को निरस्‍त कर दिया गया था, जिसके क्रम में माननीय उच्‍चतम न्‍यायालय में दायर एस.एल.पी. क्रमांक 11967/2016 में दिनांक 26.04.2016 को पारित आदेश में माननीय उच्‍च न्‍यायालय इंदौर के आदेश को स्‍थगित किया गया है। उत्‍तरांश () के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''दो''

मजदूरी के विलंबित भुगतान की क्षतिपूर्ति

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

19. ( *क्र. 6678 ) श्री मधु भगत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) बालाघाट जिले के अंतर्गत मनरेगा योजना के अंतर्गत योजना प्रांरभ से 01.01.2017 तक मजदूरी के विलंबित भुगतान में क्षतिपूर्ति का कितना पेमेंट (राशि) मजदूरों को दिया गया और कितने मजदूरों को नहीं दिया गया? (ख) मनरेगा अधिनियम के अंतर्गत मजदूर को मजदूरी का विलंबित भुगतान की क्षतिपूर्ति देने का क्‍या प्रावधान है और मजदूरी के विलंबित भुगतान की क्षतिपूर्ति के लिए कौन-कौन अधिकारी, कर्मचारी जिम्‍मेवार है? नाम और पद सहित उपलब्‍ध कराएं।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (‍क) महात्‍मा गांधी राष्‍ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम-2005 की अनुसूची-2 में दिनांक 24 सितम्‍बर 2013 से मजदूरी के भुगतान में विलम्‍ब पर क्षतिपूर्ति देने का प्रावधान किया गया है। तब से दिनांक 01.01.2017 तक बालाघाट जिले में रू. 231862/- का क्षतिपूर्ति भुगतान मजदूरों को किया गया है। भारत सरकार के पोर्टल नरेगा सॉफ्ट में क्षतिपूर्ति पाने वाले मजदूरों की संख्‍या प्रदर्शित नहीं होने से मजदूरों की संख्‍या बताई जाना संभव नहीं है।                (‍ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। बालाघाट जिले में उत्‍तरांश () में वर्णित क्षतिपूर्ति भुगतान के लिए जिम्‍मेदारी नियत कर दो माह के भीतर वसूली के निर्देश दे दिए गए हैं।

परिशिष्ट - ''तीन''

प्रधानंमत्री सड़क योजना में बेरखेड़ी टाडा सड़क का निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

20. ( *क्र. 5267 ) श्री महेश राय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बेरखेड़ी टाडा को प्रधानमंत्री सड़क योजना में शामिल किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो प्रशासकीय स्‍वीकृति कब तक जारी की जावेगी? (ग) यदि नहीं, तो उक्‍त ग्राम को प्रधानमंत्री सड़क योजना में क्‍यों शामिल नहीं किया गया? इसके लिए कौन दोषी है? (घ) बेरखेड़ी टाडा को कब तक प्रधानमंत्री सड़क निर्माण कार्य योजना में शामिल किया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) बेरखेड़ी टाडा मार्ग को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कोरनेटवर्क में सम्मिलित कराने का प्रस्ताव दिनांक 14.05.2016 को राष्ट्रीय ग्रामीण सड़क विकास एजेंसी, भारत सरकार को भेजा गया है। (ख) से (घ) प्रशासकीय स्वीकृति भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त होने पर निर्भर है जिसके लिए राज्य सरकार द्वारा समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं हैं। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

रतलाम में डेवलपमेंट प्‍लॉन फॉर स्‍पेशल इण्‍डस्ट्रियल परियोजना की प्रगति

[वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार]

21. ( *क्र. 5126 ) श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ली-एसोसिएट्स साऊथ एशिया प्रायवेट लिमिटेड द्वारा डी.एम.आई.सी. के तहत रतलाम के लिये डेवलपमेंट प्‍लॉन फॉर स्‍पेशल इण्‍डस्ट्रियल 450 करोड़ की डी.पी.आर. 10 स्‍क्‍वेयर किलोमीटर की उद्योग परियोजना (जून 2014) दिनांक 06.03.2014 को प्रस्‍तुत की गई है।                     (ख) वर्तमान में इस परियोजना के कार्य की प्रगति क्‍या है? (ग) यह विशेष औद्योगिक क्षेत्र कब से स्‍वरूप ले लेगा? (घ) क्‍या इस हेतु कोई राशि बजट में आवंटित की गई है?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। (ख) डी.एम.आई.सी. परियोजना के चरणबद्ध क्रियान्‍वयन के अंतर्गत प्रथम चरण में पीथमपुर-धार-महू इन्‍वेस्‍टमेंट नोड का विकास किया जा रहा है। रतलाम-नागदा इन्‍वेस्‍टमेंट नोड का विकास द्वितीय चरण में प्रस्‍तावित है।                 (ग) डी.एम.आई.सी. परियोजना के द्वितीय चरण के क्रियान्‍वयन के अन्‍तर्गत। (घ) जी नहीं।

नोटबंदी का प्रभाव

[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]

22. ( *क्र. 5175 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                   (क) क्‍या भारत सरकार द्वारा नोटबंदी की कार्यवाही की गई जिसमें 1000 एवं 500 के नोटों को बंद किया गया? नोटबंदी के कारण चालू वित्‍तीय वर्ष में सकल घरेलू उत्‍पाद (जी.डी.पी.) की वृद्धि दर 0.25 से 0.50 प्रतिशत का नुकसान हुआ? यदि हुआ तो इसका असर समाज के किन-किन वर्गों में पड़ा? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में नगदी संकट के कारण जी.डी.पी. एवं अन्‍य सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों, श्रमिकों, किसानों एवं व्‍यापारियों के व्‍यापार पर इसका असर दिखाई पड़ा, जो आज भी जारी है, जिसके कारण प्रदेश के सभी क्षेत्र प्रभावित हो रहे हैं? (ग) प्रश्नांश (क) के तारतम्‍य में संभाग अंतर्गत शासन को मिलने वाले राजस्‍व पर इसका क्‍या असर रहा? पिछले वर्ष की तुलना में चालू वर्ष में शासन को मिलने वाले राजस्‍व में कितनी गिरावट हुई, का तुलनात्‍मक विवरण       2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 का विभिन्‍न विभागवार देवें? (घ) प्रश्नांश (क) की नोटबंदी से प्रदेश में नोटों को बैंक में जमा करने एवं निकालने के दौरान कितने लोगों की मृत्‍यु हुई, का विवरण देते हुए बतावें कि इन मृत्‍युओं के लिए कौन जबावदार है? क्‍या इनके परिवार को शासन द्वारा क्षतिपूर्ति दी जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (ड.) प्रश्नांश (क) के नोटबंदी के कारण सकल घरेलू उत्‍पाद (जी.डी.पी.) में गिरावट आई प्रश्नांश (ख) अनुसार समाज का प्रत्‍येक वर्ग प्रभावित हुआ, सभी क्षेत्र में इसका असर रहा, बाजार में मंदी रही, श्रमिकों को काम नहीं मिला, इस पर सरकार की क्‍या योजना है? विभिन्‍न क्षेत्रों में हुई गिरावट के सुधार बावत सरकार की क्‍या नीति है?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क)  जी हाँ। जी नहीं,   म.प्र. का सकल घरेलू उत्पाद वर्ष 2016-17 अग्रिम अनुमान के लिये प्रचलित भावों पर रूपये 6 लाख 40 हजार करोड़ हुआ है। यह वर्ष 2015-16 (त्वरित अनुमान) रूपये लाख 44 हजार करोड़ से रूपये 96 हजार करोड़ अधिक है। यह वृद्धि 17.74 प्रतिशत रही है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश की फसल विकास दर 25.81 प्रतिशत रही है। शेष प्रश्न उपस्थित नही होता। (ख) से (ड.) प्रश्न उपस्थित नहीं होता है । 

नर्मदा सेवा यात्रा का आयोजन  

[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]

23. ( *क्र. 5315 ) श्री जितू पटवारी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                    (क) नर्मदा सेवा यात्रा शासन द्वारा आयोजित की जा रही है या गैर शासकीय संस्‍थाओं द्वारा आयोजित की जा रही है आयोजनकर्ता संस्‍था/व्‍यक्ति का नाम बतावें तथा क्‍या यात्रा के प्रारंभ में मुख्‍यमंत्री जी ने यह सही कहा था कि यह यात्रा शासकीय आयोजन नहीं है? (ख) नर्मदा सेवा यात्रा के मद पर खर्च हेतु कितनी राशि का प्रावधान किस विभाग के किस बजट में किस मद संख्‍या में रखा गया है तथा इसकी स्‍वीकृति केबिनेट तथा वित्‍त विभाग से किस-किस दिनांक को प्राप्‍त हुई? (ग) नर्मदा यात्रा पर उत्‍तर दिनांक तक किस-किस मद में कितनी राशि खर्च हुई है? समाचार पत्रों, इलेक्‍ट्रानिक/टी.वी. मीडिया इत्‍यादि में प्रचार-प्रसार पर खर्च की गयी राशि की जानकारी मीडिया का नाम, विज्ञापन की दिनांक, विज्ञापन राशि सहित सूची देवें।

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) नर्मदा सेवा यात्रा शासन द्वारा समाज की सक्रिय भागीदारी से आयोजित की जा रही है। यात्रा के आयोजन हेतु शासन द्वारा योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग नोडल विभाग है। (ख) नर्मदा सेवा यात्रा हेतु सरकार की ओर से कोई राशि प्रस्तावित नहीं की गई है। (ग) नर्मदा सेवा यात्रा वर्तमान में प्रचलन में है।

पनागर विधान सभा क्षेत्रांतर्गत शौचालयों का निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

24. ( *क्र. 1506 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पनागर विधान सभा क्षेत्र में पूर्व वर्षों में 2007 से 2015 के मध्य शौचालय निर्माण कराये गये थे, जो आज दिनांक को अस्तित्व में नहीं हैं? (ख) यदि प्रश्नांश (क) सही है तो खुले में शौच की प्रक्रिया कैसे रूकेगी? (ग) क्या ऐसे हितग्राहियों के यहाँ पुन: शौचालय बनाने हेतु कार्यवाही की जावेगी? (घ) यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) पनागर विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2007 से 2011-12 के मध्‍य निर्मित शौचालयों में से कई शौचालय क्षतिग्रस्‍त/अस्तित्‍वहीन होना प्रतिवेदित है। वर्ष       2012-13 से अब तक निर्मित शौचालय अस्तित्‍व में हैं। (ख) से (घ) दिनांक 18.09.2016 को निर्देश जारी कर व्‍यवस्‍था की गई है, जिसकी प्रति संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''चार''

नागदा के स्कूलों में मध्यान्ह भोजन का संचालन

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

25. ( *क्र. 1581 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के अतारांकित प्रश्‍न संख्‍या 60 (क्रमांक 542) दिनांक 8 दिसम्बर 2016 के उत्तर में बताया गया कि नगर पालिका नागदा के स्कूलों में मध्यान्ह भोजन का संचालन कुमकुम तुलसी महिला मण्डल नागदा एवं घनश्‍याम सेवा समिति नई दिल्ली के द्वारा किया जाता है। संबंधित संस्था द्वारा 2 माह की अवधि‍ में आवश्‍यक मशीनरी संस्था को क्रय नहीं करने के कारण, कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर दिया गया है, किन्तु उक्त संस्थाओं ने प्रश्‍न दिनांक तक आवश्‍यक मशीनें स्थापित नहीं की हैं। (ख) जब संस्था के पास मशीनरी नहीं थी तो इन्हें ठेका किस आधार पर दिया गया था? ठेका अनुबंध की शर्तों का पत्र एवं अनुबंध पत्र की प्रति उपलब्ध करावें। दोषियों पर क्या कार्यवाही की जा रही है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) प्रश्नाधीन प्रश्न एवं उत्तर पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। कुमकुम तुलसी महिला मण्डल, नागदा द्वारा मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराया जाता है। संबंधित संस्था को मशीनरी स्थापित करने के लिए दी गई 2 माह की अवधि में संस्था द्वारा आवश्यक मशीनरी स्थापित नहीं की गई है। (ख) विभाग के दिशा निर्देश पत्र क्रमांक 8747/22/एम.डी.एम./2016 दिनांक 26.07.2016 में चयनित संस्था को पूर्ण अधोसंरचना एवं आवश्यक मशीनरी सहित केन्द्रीयकृत शेड स्थापित करने के लिए अधिकतम 2 माह की समयावधि देने का प्रावधान है। विभागीय पत्र दिनांक 26.07.2016 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार एवं कुमकुम तुलसी महिला मण्डल, नागदा के साथ निष्पादित अनुबंध की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। कलेक्टर उज्जैन द्वारा संस्था पर रू. 7,784/- एवं 157.25 किलोग्राम खाद्यान्न की शास्ति आरोपित की गई है। संस्था द्वारा 7 दिवस के भीतर आवश्यक मशीनरी स्थापित नहीं करने की दशा में अनुबंध निरस्ती की कार्रवाई कर आगामी शैक्षणिक सत्र हेतु अनुबंध का नवीनीकरण नहीं करने की सूचना संस्था को दी गई है।

 

 

 








भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में

परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


इन्दिरा आवास योजना अंतर्गत आवासों की द्वितीय किश्‍तों का भुगतान

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

1. ( क्र. 164 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इन्दिरा आवास योजना के क्‍या नियम हैं, उसकी सूची दी जावे? क्‍या इन्दिरा आवास योजना अंतर्गत पात्र व्‍यक्ति का कच्‍चे आवास के सर्वे में नाम होना आवश्‍यक है? यदि हाँ, तो विकासखण्‍ड, बड़वाह में ऐसे कितने प्रकरण हैं, जिसमें कच्‍चे आवास में नाम न होने पर भी आवास स्‍वीकृत किये गये हैं? क्‍या कच्‍चे आवास में नाम होना 3 प्रतिशत के कोटे में भी लागू होता, जिन्‍हें विधवा, परित्यक्‍ता, अग्नि दुर्घटना में पूरी तरह जल चुके परिवार को दिये जाने के प्रावधान है?         (ख) इन्दिरा आवास योजना के अंतर्गत स्‍वीकृत प्रकरणों में विगत 2 वित्‍त वर्षों में ऐसे कितने परिवार हैं जिन्‍हें सम्‍पूर्ण राशि का भुगतान किया जा चुका है तथा ऐसे कितने हितग्राही हैं, जिन्‍हें भुगतान किया जाना शेष है? जिन्‍हें भुगतान करना शेष है, उनके भुगतान न किये जाने के क्‍या कारण रहे हैं? (ग) क्‍या ग्राम पंचायत बाल्‍या अंतर्गत पीपरीखेड़ा में वित्‍त वर्ष 2013-14 में         श्री रामलाल पिता आपसिंह को आवास हेतु प्रथम किश्‍त राशि का भुगतान किया गया था, किन्‍तु द्वितीय किश्‍त का भुगतान आज दिनांक तक नहीं किया गया है? प्रश्‍नकर्ता द्वारा संबंधित हितग्राही को लंबित भुगतान हेतु जारी पत्रों पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है? यदि द्वितीय किश्‍त का भुगतान किया गया है, तो कब किया गया? यदि नहीं, किया गया तो उसके क्‍या कारण रहे हैं? दोषीकर्ता अधिकारी कर्मचारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी? द्वितीय किश्‍त के भुगतान करने के क्‍या प्रावधान है? कितने दिनों के भीतर भुगतान किया जाना चाहिये? क्‍या संबंधित द्वारा प्रथम किश्‍त में प्राप्‍त राशि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र समय पर प्रस्‍तुत नहीं किया गया था? उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रस्‍तुत करने एवं मूल्‍यांकन का दायित्‍व किसका है? स्‍पष्‍ट करें।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। यद्यपि इंदिरा आवास योजना के अन्‍तर्गत कच्चे आवास का सर्वेक्षण कराने का प्रावधान नहीं था, आवेदक का नाम कच्चा आवासधारी की प्रतीक्षा सूची में होना आवश्यक था। विकासखण्ड बड़वाह में ऐसा कोई प्रकरण संज्ञान में नहीं आया है जिसमें कच्चा आवासधारी नहीं होते हुए भी इंदिरा आवास की स्वीकृति दी गई हो। (ख) 1,015 हितग्राहियों को स्वीकृत अनुदान राशि का पूरा भुगतान किया जा चुका है। शेष 39 हितग्राहियों द्वारा प्रथम किश्त के विरूद्ध निर्धारित भौतिक निर्माण पूर्ण नहीं करने के कारण द्वितीय किश्त देय नहीं हुई है। (ग) छत स्तर तक निर्माण पूर्ण करने पर द्वितीय किश्त देय हो जाती है। श्री रामलाल को द्वितीय किश्त का भुगतान दिनांक 01/03/2017 को किया गया है। भुगतान विलम्ब के लिए उत्तरदायी श्री हेमेन्द्र सिंह चौहान, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत, बड़वाह एवं श्री त्रिलोक चन्द्र सोनी, सहायक विकास विस्तार अधिकारी, विकासखण्ड, बड़वाह को लघु शास्ति के लिए कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। श्री रामेश्‍वर इंगला, ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित किया गया है और उनके विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित की गई है। श्री दिनेश, रोजगार सहायक की अनुबंध सेवा समाप्त करने के लिए उन्हें कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है।

नर्मदा नदी के संरक्षण हेतु योजना

[नगरीय विकास एवं आवास]

2. ( क्र. 442 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या नर्मदा नदी को प्रदूषित होने से बचाने के लिए विभाग द्वारा माँ नर्मदा ''नर्मदा घाटी के संरक्षण हेतु कार्य योजना'' बनाई गई थी? यदि हाँ, तो इस योजना में क्‍या-क्‍या प्रावधान किये गए हैं? (ख) नर्मदा नदी के तट से 10 किलोमीटर की दूरी पर प्रदेश के कौन-कौन से नगर है? (ग) इन नगरों से नर्मदा नदी में मिलने वाले सीवरेज, गंदे नाले, बरसाती जल निकासी, ठोस अपशिष्‍ट प्रबंधन हेतु वर्ष 2013 से अभी तक कितनी-कितनी धनराशि नगरीय निकायों को आवंटित की गई है? (घ) नगरीय निकायों द्वारा प्राप्‍त धनराशि में से अभी तक क्‍या-क्‍या कार्य किये गये? निकायवार जानकारी दी जाए?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। योजना में मुख्‍यत: सीवरेज एवं ठोस अपशिष्‍ट प्रबंधन सम्मिलित है। (ख) से (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''एक''

स्‍मार्ट सिटी के चयनित नगर

[नगरीय विकास एवं आवास]

3. ( क्र. 443 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मध्‍यप्रदेश के किन-किन नगरों को भारत सरकार द्वारा स्‍मार्ट सिटी के रूप में चयनित किया गया है? (ख) भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार द्वारा चयनित नगरों में स्‍मार्ट सिटी के विकास हेतु कितनी-कितनी धनराशि स्‍वीकृत की गई है? (ग) विभाग द्वारा किन-किन नगरों में स्‍मार्ट सिटी का विकास कार्य प्रारंभ किया गया है? (घ) स्‍मार्ट सिटी में क्‍या-क्‍या विकास के प्रावधान किये गए हैं?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) भारत सरकार द्वारा स्‍मार्ट सिटी योजना अन्‍तर्गत स्‍मार्ट सिटी चैलेंज राउण्‍ड-1 में भोपाल, इंदौर एवं जबलपुर शहर तथा स्‍मार्ट सिटी चैलेंज राउण्‍ड-2 में ग्‍वालियर एवं उज्‍जैन शहर को स्‍मार्ट सिटी चयनित किया गया है। (ख) विस्‍तृत जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) वर्तमान में भोपाल, इंदौर एवं जबलपुर शहर में स्‍मार्ट सि‍टी से संबंधित विकास कार्य प्रारंभ किए गए हैं। (घ) शहरी विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी गाईड लाईन अनुसार स्‍मार्ट सिटी मिशन अन्‍तर्गत प्रावधान जिस में क्षेत्र आधारित विकास के अवयव के रूप में शहर सुधार (Retrofitting), शहर पुनर्विकास या पुनर्नवीनीकरण (Redevelopment), हरित क्षेत्र विकास (Greenfield Development) एवं इनके साथ पैन सिटी विकास (Pan City) के लिए एक पहल के रूप में स्‍मार्ट समाधान लागू करना। a. रिट्रोफिटिंग-रिट्रोफिटिंग में, शहर द्वारा नागरिकों के परामर्श से 500 एकड़ से अधिक के क्षेत्र को चिन्हित किया जाएगा। चिन्हित क्षेत्र में अधोसंरचनात्‍मक सेवाओं के वर्तमान स्‍तर और निवासियों के विजन के आधार पर शहर को स्‍मार्ट बनाने के लिए शहर कार्य नीति तैयार करेंगे। b. रिडेवलपमेंट- पुनर्विकास से वर्तमान निर्मित वातावरण को परिवर्तित किया जाएगा और मिश्रित भूमि-प्रयोग तथा बढते घनत्‍व के प्रयोग द्वारा अधोसंरचना सुधार के साथ नए ले-आउट का सुदृढीकरण किया जाएगा। पुनर्विकास में स्‍थानीय निकाय (यूएलबी) द्वारा नागरिकों के साथ परामर्श से 50 एकड़ से अधिक के क्षेत्र का चयन किया जाकर, उसके विकास की परिकल्‍पना की गई है। c. ग्रीनफील्‍ड- (Greenfield) ग्रीनफील्‍ड विकास नवीकृत योजना, योजना वित्‍तपोषण और योजना कार्यान्‍वयन साधनों (जैसे लैण्‍ड पूलिंग/भूमिपुनर्गठन) का प्रयोग करते हुए पूर्व में खाली पड़े क्षेत्र (250 एकड़ से अधिक) में सुव्‍यवस्थित समाधानों (Smart Solutions) को आरंभ किया जाएगा और साथ ही किफायती आवासों का प्रावधान विशेषकर गरीबों के लिए भी किया जाएगा। शहरों के आस-पास बढ़ रही आबादी की जरूरतों को पूरा करने के लिए ग्रीनफील्‍ड विकास अपेक्षित है। d. पैन-सिटी विकास - वर्तमान में शहर-व्‍यापी अधोसंरचना में चुनिंदा सुव्‍यवस्थित समाधानों (Smart Solutions) के प्रयोग की कल्‍पना की गई है। स्‍मार्ट समाधानों के अनुप्रयोग में प्रौद्योगिकी, सूचना और डाटा शामिल है, जो अधोसंरचना और सेवा को सुविधाजनक एवं सरल बनाएंगे। उदाहरणार्थ परिवहन क्षेत्र में (कुशल यातायात प्रबंधन प्रणाली) स्‍मार्ट समाधान का प्रयोग कर यात्रा समय तथा नागरिकों की लागत में कमी लाना, जिससे उत्‍पादकता पर सकारात्‍मक प्रभाव पड़ेगा और उनके जीवन में गुणात्‍मक सुधार होगा।

परिशिष्ट - ''दो''

सिंहस्थ पंचक्रोषी यात्रा में टेंट सामग्री का क्रय

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

4. ( क्र. 484 ) श्री सतीश मालवीय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि          (क) विगत सिंहस्थ पंचक्रोषी यात्रा हेतु टेंट सामग्री किराए पर लेने के लिए किस फर्म की निविदा स्वीकृत हुई? सम्बंधित फर्म को किराए के रुप में कुल कितनी राशि भुगतान की गई? कुल भुगतान योग्य राशि में मेटी के किराए की कुल राशि, दर एवं मात्रा बताएँ। (ख) क्या, सिंहस्थ पंचक्रोषी यात्रा व्यवस्था के लिये मेटी खरीदी गई? यदि हाँ, तो कितने स्‍क्वेयर फीट, किस दर पर क्रय की गई तथा मेटी क्रय हेतु किस फर्म को कुल कितनी राशि भुगतान की गई? (ग) मेटी क्रय की अपेक्षा सिंहस्थ पंचक्रोषी यात्रा अथवा मुख्य सिंहस्थ मेला कार्यालय द्वारा अधिकृत टेंट ठेकेदार से प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित मात्रा में मेटी किराए पर ली जाने पर कुल कितनी राशि व्यय होती? मेटी किराए पर लेने की अपेक्षा क्रय पर कितना अधिक व्ययभार आया? (घ) मेटी किराए पर लेने के स्थान पर रातों-रात मेटी क्रय का आदेश देने वाले एवं भंडारण क्रय नियमों का पालन किए बिना ही क्रय/भुगतान की कार्यवाही करने वाले अधिकारियों के नाम एवं पदनाम सहित विवरण दें? (ङ) प्रश्नांश (ख) अनुसार क्रय की गई मेटी में से कितनी मेटी का उपयोग सिंहस्थ पंचक्रोषी यात्रा के बाद कब-कब तथा किस प्रयोजन के लिये किया गया?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) से (ड.) प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''तीन''

लघु उद्योग निगम के संभागीय एवं उपसंभागीय कार्यालय का स्‍थानांतरण

[सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम]

5. ( क्र. 572 ) श्री तरूण भनोत : क्या राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर स्थित म.प्र. लघु उद्योग निगम के संभागीय एवं उपसंभागीय कार्यालय को इंदौर स्‍थानांतरित किये जाने की प्रक्रिया क्‍या शासन स्‍तर पर चल रही है अथवा शासन का कोई आदेश विधिवत जारी हुआ है? (ख) क्‍या जबलपुर स्थित उक्‍त कार्यालय से छिंदवाड़ा, मण्‍डला, बालाघाट, सिवनी, कटनी, डिण्‍डौरी एवं जवाहर नवोदय विद्यालय सुकमा (छ.ग.) के कार्य संपादित किये जाते हैं? (ग) वर्णित (ख) हां, तो क्‍या विभाग के मुख्‍य महाप्रबंधक एवं प्रभारी महाप्रबंधक जबलपुर/स्थित उक्‍त कार्यालय को इंदौर से संचालित कर रहे हैं? (घ) यदि वर्णित (ख) (ग) सही है तो उक्‍त कार्यालय को जबलपुर से ही संचालित किये जाने का विधिवत आदेश कब तक जारी कर दिया जावेगा?

राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम ( श्री संजय पाठक ) : (क) जी नहीं। जबलपुर स्थित मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम के संभागीय कार्यालय को इन्दौर से ही संचालित किये जाने का विधिवत आदेश लघु उद्योग निगम द्वारा जारी किया है। (ख) लघु उद्योग निगम द्वारा वर्तमान में जिला-छिंदवाड़ा, मण्डला, बालाघाट, कटनी, डिण्डौरी में कोई भी निर्माण कार्य नहीं कराये जा रहे हैं। सिवनी जिले में पूर्व स्वीकृत 1 नग निर्माण कार्य एवं जवाहर नवोदय विद्यालय सुकमा जिला सुकमा का कार्य निष्पादित कराया जा रहा है। (ग) से (घ) सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के आदेश क्रमांक एफ 6-16/2016/अ-तेहत्तर, दिनांक 23.07.2016 जारी किया गया है। जिसके तहत लघु उद्योग निगम की संपदा एवं निर्माण विभाग की गतिविधियों को 01 जुलाई 2016 से समाप्त किया गया है। दिनांक 01 जुलाई 2016 से संपदा एवं निर्माण विभाग कोई भी नवीन निर्माण कार्य नहीं करेगा, न ही निर्माण एजेंसी बनेगा। संपदा एवं निर्माण विभाग के द्वारा समस्त वर्तमान कार्य चरणबद्ध तरीके से उन कार्यों के समय अवधि अनुसार पूर्ण किये जाएंगे। यह प्रशासनिक निर्णय है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

नर्मदा नदी को प्रदूषण मुक्‍त करना

[नगरीय विकास एवं आवास]

6. ( क्र. 573 ) श्री तरूण भनोत : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या नर्मदा नदी को प्रदूषण मुक्‍त करने हेतु शासन स्‍तर पर कोई कार्य योजना है? यदि है, तो जबलपुर स्थित मां नर्मदा के प्रमुख घाटों जैसे दरोगाघाट, उमाघाट जिलेहरीघाट आदि में मां नर्मदा नदी में मिलने वाले प्रदूषित पानी की रोकथाम हेतु नगर निगम जबलपुर द्वारा अब तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में शासन/नगर निगम स्‍तर पर प्रदूषित पानी की रोकथाम हेतु क्‍या कार्ययोजना/प्रस्‍ताव है? इस हेतु कितनी राशि आवंटित है तथा ये कार्य कब तक प्रारंभ होकर किस अवधि तक पूर्ण कर लिये जावेंगे? (ग) जबलपुर स्थित गौर नदी पूरी तरह से दूषित हो चुकी है, जिस कारण इसका अस्तित्‍व समाप्ति की ओर है, इसके अस्तित्व को बचाने हेतु तथा नदी में मिलने वाले प्रदूषित जल के रोकथाम हेतु शासन स्‍तर से क्‍या प्रावधान है? यदि है, तो इसका क्रियान्‍वयन कब तक होगा? यदि नहीं, है तो शासन इस पर कब तक विचार करेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। ग्‍वारीघाट में माँ नर्मदा नदी में मिलने वाले नाले के जल के उपचार हेतु पूर्व में 1.50 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट एवं रिसाईकलिंग प्‍लांट स्‍थापित था। वर्तमान में 4.00 लाख लीटर प्रतिदिन के नए प्‍लांट स्‍थापित कर कुल क्षमता 5.50 लाख लीटर प्रतिदिन की गई है। (ख) जबलपुर शहर में सीवरेज परियोजना को पूर्ण करने हेतु अमृत योजनांतर्गत राशि रू. 350.00 करोड़ का प्रावधान किया गया है। विस्‍तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है। परियोजना प्रतिवेदन की सक्षम स्‍वीकृति उपरांत निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर कार्य प्रारंभ किया जाएगा। मार्च 2020 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है। (ग) गौर नदी में मुख्‍यत: डेरी से प्रदूषण होता है। नदी में प्र‍दूषित जल मिलने की रोकथाम हेतु राज्‍य शासन ने इस एवं ऐसी ही अन्‍य नदियों के किनारे होने वाले प्रदूषण इत्‍यादि को दृष्टिगत रखते हुए ज्ञापन क्रमांक एफ 23-01/2015/35, भोपाल दिनांक 03.08.2015 एवं दिनांक 08.10.2015 द्वारा व्‍यवसायिक डेयरी प्रक्षेत्र मार्गदर्शी सिद्धांत 2015 जारी किए हैं। इनके क्रियान्‍वयन हेतु माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर द्वारा याचिका क्रमांक 1219/1998 में पारित आदेश दिनांक 15.02.2017 से डेयरी मालिकों से छ: माह में समस्‍त आवश्‍यक कार्यवाहियां जिनसे प्रदूषण जल में न जाए पूर्ण कराने हेतु आदेशित किया है। उपरोक्‍त के सिवाय अन्‍य कोई विशेष योजना जबलपुर की इस नदी के संबंध में प्रभावशील नहीं है।

सड़क के किनारे संचालित ढाबों में शौचालय निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

7. ( क्र. 625 ) श्री गिरीश गौतम : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले में रीवा से हनुमना एवं मनगवां से चाकघाट सड़क के किनारे कितने ढाबे संचालित हैं उनके नाम पते सहित जानकारी देवें? (ख) ढाबों के संचालन का लाइसेन्‍स किस संस्‍था से प्राप्‍त किया गया है? सूची उपलब्‍ध करायें। (ग) क्‍या उक्‍त प्रश्‍नांकित सभी ढाबों में शौचालय का निर्माण किया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों? बिना शौचालय के ढाबों की संख्‍या एवं उनका विवरण उपलब्‍ध करायें तथा सभी ढाबों में शत्-प्रतिशत शौचालय निर्माण करने के लिए क्‍या कार्यवाही की जायेगी तथा इसे कब तक पूर्ण कर दिया जायेगा? शौचालयविहीन ढाबों के संचालकों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जायेगी तथा उन्‍हें कब तक बंद कर दिया जायेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है।           (ख) उप संचालक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, रीवा में पंजीकृत ढाबों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है(ग) शौचालयविहीन ढाबों में शौचालय निर्माण कराने के लिए मार्च 2017 तक का समय दिया गया है। इस अवधि में शौचालय निर्माण नहीं कराने की दशा में ढाबों को बंद करने की कार्रवाई करने के निर्देश जिला कलेक्‍टर ने दिये है।

परिशिष्ट - ''चार''

एल.एल.बी. की कक्षाएं प्रारंभ कराना

[उच्च शिक्षा]

8. ( क्र. 1037 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्‍योपुर महाविद्यालय में एल.एल.बी. की कक्षाएं प्रारंभ कराने की घोषणा माननीय मुख्‍यमंत्री जी ने वर्ष 2008 में श्‍योपुर प्रवास के दौरान की थी? (ख) क्‍या उक्‍त घोषणा के पालन में शासन द्वारा उक्‍त कक्षाएं प्रारंभ कराने हेतु नियमानुसार समस्‍त कार्यवाहियां पूर्ण भी कर ली हैं? मात्र बार कांउसिल ऑफ इण्डिया नई दिल्‍ली की अनुमति प्राप्‍त न होने के कारण उक्‍त कक्षाएं महाविद्यालय में प्रारंभ नहीं हो पा रही हैं? (ग) यदि हाँ, तो अनुमति प्राप्‍त करने हेतु वर्तमान तक क्‍या कार्यवाही की गई? शासन अनुमति प्राप्‍त करने में सफल क्‍यों नहीं हो पा रहा है? (घ) क्‍या अनुमति के अभाव में उक्‍त कक्षाएं प्रारंभ न होने के कारण श्‍योपुर जिले के स्‍नातक पास आउट छात्र एल.एल.बी. की शिक्षा हेतु अन्‍यत्र जिलों के कालेजों में एडमिशन लेने को विवश है उन्‍हें कठिनाइयां भी आ रही है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन उक्‍त घोषणा के मद्देनजर प्रभावी कार्यवाही करके उक्‍त अनुमति एक निश्चित समय-सीमा में प्राप्‍त कर उक्‍त कक्षाएं श्‍योपुर महाविद्यालय में प्रारंभ करवाएगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। (ख) उक्‍त संबंध में बार काउंसिल ऑफ इण्डिया, नई दिल्‍ली से अनुमति हेतु पत्राचार जारी है। (ग) उक्‍त संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) प्रश्‍नांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

प्रधानमंत्री योजना के तहत स्‍टेट फण्‍ड से सड़क निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

9. ( क्र. 1084 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधान सभा में ग्राम सैपुरा से मऊकड़वाहा तक एवं वार से पुरैनिया होकर हीरापुर मुख्‍य सड़क तक एवं मऊ से इमलिया तक एवं अहार से गनेशपुरा होकर लुर्हरा तक, देरी से तिगौड़ा होकर खुड़ौ तक एवं लिधौरा, से पूंछा तक एवं लुर्हरा से नारायणपुर तक जाने हेतु सड़कों का निर्माण नहीं हुआ है तथा इन ग्रामों के निवासियों को आवागमन हेतु भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा रहा है? क्‍या इन ग्रामों के निवासियों के आवागमन की सुविधा हेतु प्रधानमंत्री योजना के तहत स्‍टेट फण्‍ड से सड़कों का निर्माण करायेंगे। यदि हाँ, तो समयावधि बतायें यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें। (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) में वर्णित सड़कों के निर्माण किये जाने हेतु शासन द्वारा कोई पहल की गई है तथा उक्‍त सड़कों के अभाव में कितने ग्रामों के निवासी परेशानी उठा रहे है तथा वर्णित सड़कें अति आवश्‍यक है या नहीं? क्‍या इन सड़कों के निर्माण हेतु बजट में राशि मांगे जाने की कोई योजना अभी तक बनाई गई है? यदि हाँ, तो किस योजना के तहत इन सड़कों को स्‍वीकृत किया जावेगा? यदि नहीं, तो ऐसा क्‍या कारण है कि इन सड़कों को स्‍वीकृत नहीं किया जा सकता है? (ग) क्‍या बरसात के समय आम जनता एवं स्‍कूली छात्र-छात्रायें बहुत मुसीबत से आवागमन करते हैं और बीमार मरीजों को मुश्किल से चिकित्‍सालय पहुंचाया जाता है इन सभी समस्‍याओं का हल करते हुये उक्‍त प्रश्‍न में वर्णित सड़कों का निर्माण कब तक करा दिया जावेगा यदि हाँ, तो समयावधि बताये यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) से (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''पाँच

जनपद पंचायत कर्मचारियों की आंशदायी भविष्यनिधि बावत्

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

10. ( क्र. 1440 ) श्री हरवंश राठौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) प्रदेश की कितनी जनपद/जिला पंचायतों में पदस्थ कर्मचारियों को अंशदायी भविष्य निधि या सामान्य भविष्य निधि योजना कब से लागू है? (ख) विधानसभा क्षेत्र बंडा में पदस्थ कर्मचारियों को नियुक्ति दिनांक से अंशदायी भविष्य निधि उनके किस बैंक/पोस्ट आफिस के खातों में जमा कर प्रत्येक माह कर्मचारियों को सूचना दी जा रही है? संधारित बैंक/पोस्ट आफिस की वर्षवार जानकारी दी जाए। (ग) विधानसभा क्षेत्र बंडा अंतर्गत नियुक्ति दिनांक से कर्मचारियों के खातों में कितनी राशि उनके वेतन से काटकर तथा कितनी राशि जनपद पंचायत में अंशदान के तौर पर मिलाकर जमा की जाती है? (घ) क्या कर्मचारी की अंशदायी भविष्य निधि योजनान्तर्गत काटी गई राशि एवं जनपद पंचायत द्वारा अंशदान के तौर पर एवं अन्य एरियर्स जमा राशि का ऑडिट कार्य संपादित किया जाता है? यदि हाँ, तो विगत 3 वर्ष में क्या-क्या आपत्ति दर्ज की गई है? जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) अंशदायी भविष्य निधि योजना वर्ष 1965 से लागू हैं। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) कर्मचारियों के वेतन से 10 प्रतिशत राशि काटकर एवं उतनी ही राशि जनपद पंचायत के उपलब्ध फण्ड में से मिलाकर अंशदायी भविष्य निधि उनके संधारित पोस्ट आफिस/बैंक खातों में अंतरित की जाती हैं।          (घ) भविष्य निधि का ऑडिट नहीं होता है। सामान्य ऑडिट में विगत 03 वर्ष में अंशदायी भविष्य निधि के व्यक्ति खातों पर कोई आपत्ति दर्ज नहीं आई हैं। प्रश्‍नांश उत्पन्न नहीं होता हैं।

मुख्‍यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना अंतर्गत सड़क निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

11. ( क्र. 1445 ) श्री प्रताप सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2015-16 में दमोह जिले में मुख्‍यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के चौथे चरण का कार्य प्रश्‍न दिनांक तक कितने विधान सभा क्षेत्रों में प्रारंभ नहीं हुआ है? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) में वर्णित योजना के तहत क्षेत्रों में कार्य स्‍वीकृत नहीं हुआ? यदि स्‍वीकृत नहीं हुआ तो कारण बतलायें? क्‍या राजस्‍व संभाग सागर के सभी जिलों में चौथे चरण का कार्य पूर्ण हो चुका है? (ग) यदि इन क्षेत्रों में कार्य नहीं हुआ है तो इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है? क्‍या उन अधिकारियों के खिलाफ शासन कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो क्‍या?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) चौथे चरण की सड़कों का दमोह जिले में किसी भी विधानसभा क्षेत्र में कार्य प्रारंभ नहीं हुआ हैं। (ख) जी हाँ, मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत वित्‍तीय संसाधन पूर्व से स्‍वीकृत कार्यों हेतु आबद्ध होने के कारण। राजस्‍व संभाग सागर के छतरपुर एवं सागर जिले में चौथे चरण के 35 कार्य पूर्ण, 106 प्रगतिरत एवं 13 कार्य अप्रारंभ हैं। (ग) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

ग्राम पंचायतों में रोजगार गांरटी एवं अन्य योजनांतर्गत स्‍वीकृत कार्य

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

12. ( क्र. 1507 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पनागर विधान सभा क्षेत्र में महात्‍मा गांधी की राष्‍ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी योजना के अन्‍तर्गत वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक पंचायतवार कितनी राशि से कितने कार्यों की स्‍वीकृत की गई? (ख) प्रश्नांश (क) के अंतर्गत स्वीकृत राशि के विरूद्ध कितने कार्य पूर्ण किये गये एवं कितनी राशि व्‍यय हुई? (ग) अपूर्ण कार्यों का विवरण कारण सहित देवें? (घ) क्या अपूर्ण कार्यों को पूर्ण कराने हेतु जिम्मेवारी एवं समय-सीमा निर्धारित की जाएगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) पनागर विधान सभा क्षेत्र अन्‍तर्गत महात्‍मा गांधी नरेगा योजना के तहत जनपद पंचायत पनागर में राशि रूपये 4470.16 लाख के 2355 कार्य एवं जनपद पंचायत जबलपुर में राशि रूपये 1343.51 लाख के 888 कार्य स्वीकृत किए गए। (ख) जनपद पंचायत पनागर एवं जनपद पंचायत जबलपुर में क्रमश: 1818 एवं 557 कार्य पूर्ण किए गए और राशि रूपये 1439.21 लाख तथा रूपये 278.85 लाख व्‍यय हुई। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) महात्‍मा गांधी नरेगा के तहत निर्माण कार्य श्रमिकों द्वारा रोजगार की मांग एवं ग्राम पंचायत की सक्रियता पर आधारित होने से शासन द्वारा निर्माण पूर्ण कराने की समय-सीमा नियत नहीं की जाती है।

ग्राम केदारपुरा में निर्मित रैनबसेरा का दान-पत्र

[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]

13. ( क्र. 1540 ) श्रीमती ममता मीना : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) अपर कलेक्टर जिला गुना के जाँच प्रतिवेदन दिनांक 22 जुलाई 2016 में ग्राम केदारपुरा में जनभागीदारी से स्वीकृत रैनबसेरा भवन हेतु श्री पुरूषोत्तम द्वारा प्रस्तुत रजिस्टर्ड दान पत्र की प्रमाणित प्रति उपलब्ध करावे। (ख) श्री पुरूषोत्तम द्वारा शासकीय शाला भवन हेतु दान-पत्र का संपादन कराया गया था अथवा रैनबसेरा भवन हेतु? स्पष्ट उल्लेख करें। (ग) श्री पुरूषोत्तम द्वारा ग्राम केदारपुरा में रैनबसेरा निर्माण हेतु किस दिनांक एवं किस कार्यालय में दान-पत्र रजिस्टर्ड कराया गया? (घ) ग्राम केदारपुरा में रैनबसेरा भवन निर्माण हेतु प्रस्तुत रजिस्टर्ड दान-पत्र के आधार पर किस अधिकारी द्वारा अपने आदेश से राजस्व अभिलेखों में इन्द्राज कराया गया? फॉर्म पी-2 में किस अधिकारी द्वारा किस दिनांक को इन्द्राज किया गया?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।         (ख) दान-पत्र शाला भवन हेतु रजिस्टर्ड कराया गया। (ग) तहसील राघोगढ़ में दिनांक 21.4.2005 को शाला भवन हेतु दान-पत्र रजिस्टर्ड कराया गया। (घ) दान-पत्र के आधार पर ग्राम पंचायत नागरखेड़ी के प्रस्ताव क्रमांक-14, दिनांक 15.5.2005 से नामान्तरण किया गया है। पटवारी द्वारा ग्राम पंचायत ठहराव प्रस्ताव के आधार पर हस्तलिखित खसरे में नामान्तरण इंद्राज किया गया है।

पंचायत विभाग के रिक्त पदों की पूर्ति

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

14. ( क्र. 1582 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान में मध्यप्रदेश में सहायक विकास विस्तार अधिकारी (ए.डी.ओ.) एवं पंचायत समन्वयक अधिकारी (पी.सी.ओ.) के कुल कितने पद सृजित हैं, उनमें अभी कितने पद रिक्त हैं? (ख) रिक्त पदों की पूर्ति हेतु शासन स्तर पर क्या योजना बनाई गयी है? रिक्त पदों पर कब तक पूर्ति कर दी जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) सहायक विकास विस्‍तार अधिकारियों के 1640 पद स्‍वीकृत हैं जिनमें से 447 पद रिक्‍त हैं। पंचायत समन्‍वय अधिकारियों के 2937 पद स्‍वीकृत हैं जिनमें से 937 अधिकारी डाइंग कैडर के विरूद्ध कार्यरत हैं और कोई पद रिक्‍त नहीं है।          (ख) सहायक विकास विस्‍तार अधिकारी के 82 पद भरने के लिए व्‍यावसायिक परीक्षा मण्‍डल को लिखा गया है। नियुक्ति की कार्रवाई व्‍यावसायिक परीक्षा मण्‍डल द्वारा चयन की प्रक्रिया पूरी होने पर निर्भर होने से समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

स्‍वच्‍छ भारत अभियान अंतर्गत प्राप्‍त आवंटन एवं व्‍यय राशि

[नगरीय विकास एवं आवास]

15. ( क्र. 1658 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) स्‍वच्‍छ भारत अभियान अंतर्गत नगर निगम सतना को शासन से योजना प्रारंभ से प्रश्‍न दिनांक तक कितना आवंटन प्राप्‍त हुआ है? आवंटन प्राप्‍ति‍ का दिनांक एवं राशि की जानकारी दें? (ख) स्‍वच्‍छ भारत अभियान के तहत नगर निगम सतना के सभी वार्डों में अब तक कौन-कौन से कार्य कितनी-कितनी लागत के कराये गये हैं? (ग) स्‍वच्‍छ भारत अभियान के तहत प्रचार-प्रसार मद में कब-कब कितनी-कितनी राशि का मुद्रण किस-किस संस्‍था से कब-कब कराया गया है? क्‍या भंडार क्रय नियम का पालन किया गया है? (घ) अभियान के तहत अन्‍य व्‍यय एवं कुल व्‍यय की जानकारी भी दें? सतना नगर निगम क्षेत्र को कब तक खुले में शौच से मुक्‍त करा लिया जायेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) स्‍वच्‍छ भारत मिशन अंतर्गत नगर निगम सतना को राशि रू. 971.91 लाख अनुदान प्रदान किया गया है। शेष प्रश्‍नांश की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) स्‍वच्‍छ भारत मिशन अंतर्गत सभी वार्डों में 8000 व्‍यक्तिगत शौचालयों का कार्य स्‍वीकृत किया गया है। जिनमें से 6129 शौचालयों का निर्माण पूर्ण किया जाकर राशि रू. 846.11 लाख का भुगतान किया गया है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। जी हाँ। क्रय नियमों का पालन किया गया है। (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। नगर निगम सतना क्‍वालिटी काउंसिल आफ इण्डिया से प्रमाणित होकर खुले में शौच से मुक्‍त घोषित हो गया है।

परिशिष्ट - ''छ:''

जिला योजना समिति की बैठक

[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]

16. ( क्र. 1663 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) क्‍या दिनांक 29.04.2016 को जिला योजना समिति सतना की बैठक प्रभारी मंत्री की अध्‍यक्षता में आयोजित की गयी थी? (ख) क्‍या बैठक कार्यवाही के एजेण्‍डा क्र. 4 की उप कंडिका 7 अनुसार बी.आर.जी.एफ. योजना के तहत अप्रारम्‍भ/निरस्‍त कार्यों की राशि एवं ब्‍याज की राशि रू.6,56,45,006.00 से नवीन कार्यों के स्‍वीकृत करने एवं व्‍यय करने की स्‍वीकृति दी गयी थी? क्‍या नवीन कार्यों की सूची भी योजना समिति के सदस्‍यों को दी गयी थी? (ग) नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्‍वीकृत निर्माण कार्यों के प्रशासकीय स्‍वीकृति आदेशों का विवरण उपलब्‍ध कराते हुए गोशवारा भी दें कि अब तक कितनी राशि के निर्माण कार्य स्‍वीकृत किये जा चुके हैं तथा अभी कितनी राशि शेष बची है? (घ) यदि प्रश्नांश (क) एवं (ख) सही है तो यह भी बतायें कि बी.आर.जी.एफ. योजना के कार्यों का अनुमोदन जिला योजना समिति को करने के निर्देश हैं या मात्र राशि का अनुमोदन पर्याप्‍त है? गाइड लाइन अनुसार परीक्षण कर बतायें? निर्देश भी उपलब्‍ध करायें।

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। दिनांक 29.4.2016 को जिला योजना समिति सतना की बैठक प्रभारी मंत्री जी की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी। (ख) जी हाँ। नवीन कार्यों की सूची जिला योजना समिति सतना की आयोजित बैठक में माननीय सदस्यों को उपलब्ध कराई गई थी। (ग) नगरीय क्षेत्र में एक निर्माण कार्य तथा ग्रामीण क्षेत्र में 39 निर्माण कार्य अर्थात कुल 40 निर्माण कार्यों के प्रशासकीय आदेश जारी किये जा चुके है। जिनकी कुल लागत राशि रूपये 3,46,08000/- (रूपये तीन करोड़ छयालिस लाख आठ हजार मात्र) है। कार्यवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। वर्तमान में रूपये 3,10,37,006/- शेष है। (घ) बी. आर. जी. एफ. योजना के निर्माण कार्यों का अनुमोदन मान. प्रभारी मंत्री जी द्वारा किया गया है। शासन निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' पर है।

सोनकच्‍छ के पीलिया खाल पर पुल निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

17. ( क्र. 1714 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सोनकच्‍छ से जलेरिया रोड पर स्थित पीलिया खाल पर पुल निर्माण हेतु कोई कार्यवाही की जा रही है? (ख) यदि नहीं, तो क्‍या क्षेत्रवासियों के हित में विभाग द्वारा उक्‍त पुल निर्माण में कोई कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) क्या बारिश के दौरान उक्‍त पीलिया खाल पर पानी अधिक होने से आवगमन बंद हो जाता है? यदि हाँ, तो क्‍या आगामी बारिश तक उक्‍त खाल पर बड़ा पुल स्‍वीकृत किया जा सकेगा या नहीं?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। (ख) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सोनकच्छ से जलेरिया मार्ग पर स्थित पीलिया खाल नाले पर वर्ष 2006 में 25 मीटर लंबाई का 3X1000 एम.एम. व्यास के ह्‌यूम पाइप का व्ही.सी.डब्ल्यू. निर्मित है। (ग) जी हाँ, अल्प समय के लिए मार्ग अवरूद्ध होता है। जी नहीं, योजना के मापदण्डों के तहत पुल का निर्माण अनुमत्‍य नहीं है।

                                                                      

हितग्राहियों को पेंशन

[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]

18. ( क्र. 1715 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सोनकच्‍छ विधान सभा क्षेत्र के ग्रामीणजन जो वृद्धा पेंशन, निराश्रित पेंशन, विकलांग पेंशन, विधवा पेंशन के हितग्रा‍ही हैं उन्‍हें विगत कई माह से पेंशन नहीं मिल पा रही है? (ख) क्‍या कारण है कि हितग्राहियों को पेंशन समय पर नहीं मिल पा रही है? समय पर पेंशन नहीं मिलने के लिए कौन दोषी है? (ग) कब तक सभी हितग्राहियों को पेंशन का भुगतान किया जा सकेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। विधान सभा सोनकच्छ क्षेत्र के निकाय जनपद पंचायत सोनकच्छ, जनपद पंचायत टोंकखुर्द, नगर परिषद् सोनकच्छ, नगर परिषद् टोंकखुर्द, नगर परिषद् पीपलरावा एवं नगर परिषद् भौराया के अंतर्गत सभी पात्र हितग्राहियों को नियमित पेंशन का भुगतान प्रति माह हितग्राहियों के खाते में जमा कराई जा रही है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

अल्प वेतन/मानदेय पर नियुक्ति

[खेल और युवा कल्याण]

19. ( क्र. 1817 ) श्री अनिल फिरोजिया : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विभाग में ग्रामीण युवा समन्‍वयकों की नियुक्ति किन उद्देश्‍यों को लेकर की गई है? (ख) उक्‍त समन्‍वयकों को कितना मानदेय/वेतन दिया जा रहा है? (ग) विभाग में पदस्‍थ अन्‍य संविदा कर्मचारियों को किस मानदेय पर रखा गया है? (घ) क्‍या उक्‍त मानदेय एक व्‍यक्ति की आजीविका चलाने के लिये पर्याप्‍त है? यदि नहीं, तो क्‍या इतने अल्‍प मानदेय पर नियुक्ति से विभाग में नियुक्ति के उद्देश्‍यों की पूर्ति हो सकेगी?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) विभाग में ग्रामीण युवा समन्वयकों की नियुक्ति जिन उद्दश्‍यों को लेकर की गई है, जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) समन्वयकों को 2644/- प्रतिमाह संविदा मानदेय दिया जा रहा है। (ग) विभाग में पदस्थ अन्य संविदा कर्मचारियों के मानदेय की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) संविदा ग्रामीण युवा समन्वयकों को रूपये 2644/- प्रतिमाह मानदेय प्राप्त होता है। यह अंशकालीन कर्मचारी है तथा वह अन्य स्थान पर भी पार्ट टाईम कार्य कर सकते हैं, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''सात''

पंचायत सचिवों का स्थानांतरण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

20. ( क्र. 1872 ) श्री मोती कश्यप : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि          (क) क्या वर्ष 2014 में विभागीय नीति-निर्देश के अंतर्गत राज्य के कई जिलों के ग्राम पंचायत सचिवों के स्थानांतरण किये गये हैं? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्नांश (क) अंतर्गत कटनी जिले के किन विकासखण्डों के पंचायत सचिवों के स्थानांतरण किन कारणों से रोक दिये गये हैं और किन कारणों से कालान्तर के वर्षों में नहीं किये गये हैं? (ग) क्या वर्ष 2016 में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कटनी, बड़वारा एवं ढीमरखेड़ा द्वारा कोई जानकारी एवं स्थानांतरण प्रस्ताव जिला पंचायत को प्रस्तुत किये गये हैं और जो जिला प्रभारी मंत्री के अनुमोदनार्थ प्रस्तुत किये गये हैं यदि हाँ, तो उन पर कब क्या कार्यवाही की गई है? (घ) क्या प्रश्नकर्त्ता ने अपने पत्र दिनांक           3-12-2016 द्वारा मा. विभागीय मंत्री को ग्राम पंचायतों की समस्याओं के संबंध में ध्‍यान आकर्षित कराया है? (ड.) विभाग प्रश्नांश (क) से (घ) के परिप्रेक्ष्य‍ में वि.स. क्षेत्र बड़वारा के पंचायत सचिवों का स्‍थानांतरण कब तक आदेशित करेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) स्थानांतरण नीति 2014 के तहत ग्राम पंचायत के सचिवों के स्थानांतरण की अवधि 01 अगस्त 2014 से 20 अगस्त 2014 तक थी। तत्समय विधान सभा उपचुनाव के कारण आदर्श आचार संहिता प्रभावशील होने से स्थानांतरण नहीं किये गये। वर्ष 2015 में ग्राम पंचायत सचिव के स्थानांतरण की नीति जारी नहीं की गई। वर्ष 2016 में स्थानांतरण नीति अंतर्गत निर्धारित समय-सीमा के भीतर स्थानांतरण प्रस्तावों को सक्षम प्राधिकारी द्वारा अंतिम नहीं किया जा सका। अतः स्थानांतरण नहीं किये गये। (ग) जी हाँ। सक्षम प्राधिकारी द्वारा जिले के सभी विकास खंडों के स्थानांतरण प्रस्ताव निर्धारित समय-सीमा के भीतर अंतिम नहीं किये जाने के कारण स्थानांतरण आदेश जारी नहीं किये जा सके। (घ) जी हाँ।           (ड.) वर्तमान में स्थानांतरण पर प्रतिबंध है।

गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले व्‍यक्तियों को खाद्यान्‍न उपलब्‍ध कराना

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

21. ( क्र. 1910 ) श्री के.पी. सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) विगत एक वर्ष में शिवपुरी जिले में गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले व्‍यक्तियों की सूची में कितने नाम जोड़े गये? जनपद पंचायतवार संख्‍या देवें? (ख) उक्‍तानुसार जोड़े गये व्‍यक्तियों को खाद्यान्‍न नहीं मिलने की कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई है? जनपद पंचायतवार संख्‍या देवें?              (ग) प्रश्नांश (ख) की शिकायतों में कितनी शिकायतों का निराकरण हो गया है? कितनी शिकायतों का निराकरण शेष है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) कुल 12411 नाम जोड़े गये। शिवपुरी में 2617, पोहरी में 1687, कोलारस में 1317, बदरवास में 675, करैरा में 938, नरवर में 987, पिछोर में 618 एवं खनियांधाना में 3572 है। (ख) कुल-373 शिकायतें प्राप्त हुई है। शिवपुरी में 100, पोहरी में 54, कोलारस में 83, बदरवास में 31, पिछोर में 47 एवं खनियांधाना-58, शिकायतें प्राप्त हुई है।            (ग) प्रश्नांश (ख) की शिकायतों में 137 शिकायतों का निराकरण हो गया है। 236 शिकायतों का निराकरण शेष है।

ग्राम पंचायत सरसई के निर्माण कार्यों की जाँच

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

22. ( क्र. 1943 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला भिण्‍ड के ग्राम पंचायत सरसई में वर्ष 2013 से प्रश्‍नांश दिनांक तक कौन-कौन से निर्माण किए गए हैं तथा किस मद से किस कार्य के लिए भुगतान किया गया? (ख) त्रैमासिक समीक्षा बैठक वर्ष 2016 में जनपद पंचायत भिण्‍ड के अनुसार ग्राम पंचायत सरसई के विकास कार्यों की समीक्षा में जाँच हेतु आदेशित किया गया? यदि हाँ, तो जाँच में कौन अधिकारी शामिल किए गए? निरीक्षण रिपोर्ट में क्‍या कमियां पाई गईं? (ग) क्‍या जाँचकर्ता और निर्माण एजेंसी ने मिलकर असत्‍य जाँच प्रतिवेदन तैयार किया है? यदि हाँ, तो इसके लिए कौन दोषी हैं? क्‍या जाँच कार्यपालन यंत्रियों से करवाई जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) क्‍या प्रश्नांश (क) अंतर्गत मनरेगा के तहत फर्जी मस्‍टर रोल भरकर भुगतान लिया गया है? यदि हाँ, तो उपयंत्री, सहायक यंत्री और यंत्री ने एम.बी. पर भुगतान की किस आधार पर प्रविष्टि की गई?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।           (ख) जी हाँ। प्रथम जाँच दल में सहायक यंत्री मनरेगा, खंड पंचायत अधिकारी एवं राजस्व निरीक्षक शामिल थे जिनके द्वारा दिनांक 10.11.2016 को जाँच प्रतिवेदन प्रेषित किया गया। मा.विधायक द्वारा जाँच प्रतिवेदन पर मौखिक आपत्ति किये जाने से पुनः पाँच सदस्यीय जाँच दल गठित किया गया जिसमें सहायक यंत्री, खंड पंचायत अधिकारी, नायब तहसीलदार, अनुविभागीय अधिकारी लोक निर्माण विभाग एवं अनुविभागीय अधिकारी जल संसाधन सदस्य के रूप में शामिल थे। गठित समिति द्वारा दिनांक 04.03.2017 को प्रेषित जाँच प्रतिवेदन में अनियमितता की स्थिति नहीं पाई गई है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होते है। (घ) जी नहीं, मजदूरी भुगतान मजदूरों के बैंक खातों में किया गया है। फर्जी मस्टर रोल बनाने के प्रमाण संज्ञान में नहीं आए हैं शेष प्रश्नांश उत्पन्न नहीं होता है।

शिक्षा उपकर की राशि का व्‍यय

[नगरीय विकास एवं आवास]

23. ( क्र. 1974 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगर पालिका हटा व नगर परिषद् हिण्‍डोरिया में शिक्षा उपकर के नाम पर वर्ष 2011 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि इकट्ठा की गई वर्षवार जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या शिक्षा उपकर के नाम पर वसूल की गई राशियाँ शिक्षा में व्‍यय नहीं की गई? यदि की गई तो स्‍थलवार व्‍यय की जानकारी देवें व नहीं की गई तो क्‍यों वहाँ के जिम्‍मेदार अधिकारियों पर क्‍या कार्यवाही कब तक की जावेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) नगर पालिका परिषद् हटा में शिक्षा उपकर के नाम पर वर्ष 2011 से प्रश्‍न दिनांक तक इकट्ठा की गई वर्षवार राशि की जानकारी इस प्रकार है वर्ष 2011- 12 में वसूल की गई राशि रूपये 42450 वर्ष 2012-13 में वसूल की गई राशि रूपये 38917 वर्ष 2013-14 में वसूल की गई राशि रूपये 61307 वर्ष 2014-15 में वसूल की गई राशि रूपये 63229 वर्ष 2015-16 में वसूल की गई राशि रूपये 47762 एवं वर्ष 2016-17 में वसूल की गई राशि रूपये 37646 है, इस प्रकार कुल राशि रूपये 291311 है। नगर परिषद् हिण्‍डोरिया में शिक्षा उपकर लागू नहीं है। (ख) नगर पालिका परिषद् हटा द्वारा शिक्षा उपकर के नाम पर वसूल की गई राशि से प्राथमिक शाला आजाद वार्ड में राशि रूपये 47719 शासकीय उत्‍कृष्‍ट स्‍कूल में राशि रूपये 115496 शासकीय महारानी कन्‍या शाला में राशि रूपये 110944 प्राथमिक शाला बूढ़ा हटा में राशि रूपये 109855 एवं प्राथमिक शाला बड़ा हटा में राशि रूपये 46714 है, इस प्रकार कुल राशि रूपये 474193 के शालाओं में शौचालयों का निर्माण किया गया है, जिसमें से राशि रूपये 291311 शिक्षा उपकर की वसूली से एवं शेष राशि रूपये 182882 का भुगतान नगर पालिका परिषद् हटा की निकाय निधि से किया गया है। नगर परिषद् हिण्‍डौरिया में शिक्षा उपकर लागू नहीं होने से जानकारी निरंक है, शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

बुन्‍देलखण्‍ड पैकेज के कार्य

[वन]

24. ( क्र. 1975 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला दमोह में बुन्‍देलखण्‍ड पैकेज अंतर्गत वर्ष 2015-16, 2016-17 में कौन-कौन से कार्य, कितनी राशि से कराये गये? स्‍थलवार जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या जिला दमोह में ग्राम खड़ेरा में 50 वर्षों से काबिज किसानों की फसलों को विभाग द्वारा नष्‍ट किया गया है जिससे क्षेत्रीय किसान आक्रोशित हैं? कितने किसान उक्‍त भूमि पर कितने वर्ष से काबिज थे (ग) क्‍या विभाग द्वारा इस प्रकार से कराये गये अनाधिकृत अतिक्रमण की जाँच करायी जाकर संबंधित अधिकारियों पर कार्यवाही प्रस्‍तावित की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक कार्यवाही की जावेगी?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।          (ख) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उतरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्रदेश में भूगर्भ वैज्ञानिकों को प्रशासनिक कार्य में पदस्‍थ करना

[खनिज साधन]

25. ( क्र. 2059 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में वर्तमान जनवरी 2017 की स्थिति में खनिज साधन विभाग में भूगर्भ वैज्ञानिकों (जियोलाजिस्‍टों) के कितने पद स्‍वीकृत हैं एवं कितनों की पदस्‍थापना की गई? संख्‍या सहित पूर्ण जानकारी दी जावें। (ख) क्‍या प्रदेश में जियोलॉजिस्‍टों को शोध कार्य, सर्वेक्षण कार्य के बजाय उन्‍हें जिलों में प्रशासनिक पदों पर पदस्‍थ किया गया है ऐसे अधिकारी प्रदेश के किन-किन जिलों में प्रशासनिक पद, खनिज अधिकारी के पद पर पदस्‍थ हैं? जिलों के नाम सहित पूर्ण जानकारी दी जावें। (ग) क्‍या भूगर्भ वैज्ञानिकों की प्रशासनिक पदस्‍थी के कारण प्रदेश में खनिज सम्‍पदा, खोज सर्वेक्षण, खोज कार्य प्रभावित हो रहा है, इसे कब समाप्‍त किया जावेगा?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) विभाग में भूगर्भ वैज्ञानिक के नाम से कोई पद स्‍वीकृत नहीं है। विभाग में भौमिकी कार्यों हेतु जनवरी 2017 की स्थिति में निम्‍नानुसार पद स्‍वीकृत तथा पदस्‍थापना है:-

पदनाम

स्‍वीकृत पद

पदस्‍थापना

अधीक्षण भौमिकीविद्

5

2

उपसंचालक (तकनीकी)

26

10

सहायक भौमिकीविद्

38

27

योग

69

39

(ख) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट में दर्शित है। (ग) जी नहीं। विभागीय आदेश दिनांक 27.08.2016, 29.11.2016 एवं 27.02.2017 से प्रश्नांश (ख) के साथ संलग्‍न परिशिष्ट में दर्शित अधिकारियों की पदस्‍थापना विभाग के क्षेत्रीय कार्यालयों तथा संचालनालय, भौमिकी तथा खनिकर्म मुख्‍यालय में की गई है। अत: शेष प्रश्‍नांश उपस्थि‍त नहीं होता।

परिशिष्ट - ''आठ''

जनभागीदारी योजना मद से धार्मिक स्‍थलों पर निर्माण

[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]

26. ( क्र. 2322 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जन-भागीदारी मद से धार्मिक स्‍थलों पर कार्य न कराये जाने के आदेश राज्‍य शासन के हैं?                 (ख) यदि हाँ, तो क्‍या विभाग जनहित की दृष्टि से तथा पुनीत कार्य हेतु धार्मिक स्‍थलों पर जनभागीदारी योजना मद से निर्माण कार्य हेतु संशोधित आदेश किये जावेंगे? (ग) क्‍या म.प्र. के जिलों में जनभागीदारी योजना मद में लगभग 80-90 लाख प्रति वर्ष आवंटन दिया जाता है?                 (घ) यदि हाँ, तो वरीयता क्रम के अनुसार धार्मिक स्‍थलों पर निर्माण कार्य हेतु आदेश कब तक कर दिये जावेंगे?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।          (ग) प्रत्येक जिले के लिए राशि के आवंटन का प्रकार पृथक-पृथक होता है। (घ) शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

पुजारियों की नियुक्ति

[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]

27. ( क्र. 2325 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) छतरपुर जिले में शासन संधारित मंदिरों में पुजारियों के पद खाली पड़े है? (ख) क्‍या छतरपुर जिले में 133 ऐसे मंदिर हैं जहां पर पुजारी नियुक्‍त नहीं किये गये? तहसीलवार ग्राम मंदिर का नाम सहित वि‍वरण दें? (ग) क्‍या शासन प्रावधानों के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम सभा तथा शहरी क्षेत्रों में अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व को पुजारियों की नियुक्तियों के अधिकार हैं? (घ) यदि हाँ, तो पंचायतों को तथा राजस्‍व विभाग के जिम्‍मेदार अधिकारियों को समुचित निर्देश दिये जावेंगे?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मंदिरों का निर्माण

[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]

28. ( क्र. 2399 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बालाघाट जिले में ऐसे कितने मंदिर हैं, जिनकी निर्माण की योजना धर्मस्‍व विभाग में बनाई है? मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिये शासन के पास प्रतिवर्ष कितना आवंटन प्राप्‍त होता है? विगत 4 वर्षों की जानकारी देवें? (ख) बालाघाट जिले के कितने मंदिरों को सूचीबद्ध किया गया है एवं किया जा रहा है व जिले में मंदिरों के निर्माण के जीर्णोद्धार की कितनी राशि खर्च करने की योजना है? (ग) बालाघाट जिले के मंदिरों के जीर्णोद्धार एवं मरम्‍मत के लिये पिछले 4 वर्षों में विभाग/कलेक्‍टर को प्राप्‍त आवेदनों पर क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) उपरोक्‍त अ‍वधि में दी गई राशि की ऑडिट रिपोर्ट कहाँ-कहाँ की संस्‍थाओं/धार्मिक स्‍थलों की पूर्ण हो गई है, सूची उपलब्‍ध करावें।

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।


नगरपालिका वारासिवनी के किराये की दुकानों की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

29. ( क्र. 2404 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बालाघाट जिले के वारासिवनी नगर में नगरपालिका द्वारा नजूल भूमि पर कितने व्‍यक्तियों द्वारा कितनी किराये की दुकान संचालित की जा रही है? संख्‍या बतावें?                   (ख) वित्‍तीय वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में कितने दुकानों का नवीनीकरण किया गया? (ग) नगरपालिका वारासिवनी द्वारा किराये की दुकानों का अनुबंध कितनी राशि का किया गया तथा निर्धारित राशि कितनी-कितनी है? पृथक-पृथक बतावें?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) नगर पालिका परिषद्, वारासिवनी द्वारा नजूल भूमि पर 206 व्‍यक्तियों द्वारा कुल 222 दुकानें संचालित की जा रहीं हैं। (ख) वित्‍तीय वर्ष 2014-15, 160 दुकानें, वित्‍तीय वर्ष 2015-16, 164 दुकानें एवं वित्‍तीय वर्ष 2016-17, 153 दुकानों का नवीनीकरण किया गया है। (ग) नगर पालिका, वारासिवनी द्वारा किराये की दुकानों का अनुबंध मध्‍य प्रदेश राजपत्र (असाधारण) भारतीय स्‍टाम्‍प (मध्‍य प्रदेश संशोधन) विधेयक 2015 (क्रमांक 23 सन् 2015) के 38 (क) (दो) के अनुसार संपत्ति के बाजार मूल्‍य का 0.1 प्रतिशत के स्‍टाम्‍प पर अनुबंध संपादित किया जाता है, नगर पालिका, वारासिवनी द्वारा अनुबंध की राशि नहीं ली जाती है, नगर पालिका परिषद्, वारासिवनी द्वारा वित्‍तीय वर्ष 2014-15 में अनुबंध निष्‍पादन उपरांत कुल 160 दुकानों से राशि रू. 1,96,728/- वित्‍तीय वर्ष 2015-16 में कुल 164 दुकानों से राशि रू. 2,07,710/- इसी प्रकार वित्‍तीय वित्‍तीय वर्ष 2016-17 (माह फरवरी, 2017 की स्थिति तक) कुल 153 दुकानों से रू. 2,52,971/- किराया राशि प्राप्‍त हुई है, पृथक-पृथक किराया राशि का ब्‍यौरा निर्धारित प्रारूप में दुकानवार अंकित किया गया है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

द्विव्यांग व सामान्य निर्धन वर्ग के प्रतियोगियों के लिये निःशुल्क कोचिंग

[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]

30. ( क्र. 2451 ) श्री सुदर्शन गुप्‍ता (आर्य) : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं (यू.पी.एस.सी./एम.पी.पी.एस.सी./एस.एस.सी.) की तैयारी के लिये अनुसूचित जाति/अनुसूचित जन जाति वर्ग के प्रतियोगियों के लिये निःशुल्क कोचिंग की सुविधा जिला स्तर पर प्रदान की जाती है? (ख) यदि हाँ, तो क्या शासन द्वारा द्विव्यांग व सामान्य निर्धन वर्ग के प्रतियोगियों के लिये भी इस प्रकार की कोचिंग की सुविधा प्रदान करने की योजना है? यदि हाँ, तो स्पष्ट करें व कब से लागू करेंगे अथवा नहीं तो कारण स्पष्ट करें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) वर्तमान में निःशक्त व सामान्य निर्धन वर्ग के प्रतियोगियों को कोचिंग की कोई योजना संचालित नहीं है।

पी.एम.जी.एस.वाय. एवं मुख्‍यमंत्री सड़क योजना

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

31. ( क्र. 2604 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि          (क) विभाग द्वारा वर्ष २०१३-१४, २०१४-१५, २०१५-१६ एवं २०१६-१७ में गौटेगांव विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्रामीण योजना अन्‍तर्गत एवं मुख्‍यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में किस किस मार्ग के लिए मरम्‍मत हेतु राशि जारी की गई एवं उक्‍त राशि में किस-किस मद से क्‍या-क्‍या कार्य स्‍वीकृत कराये गये सूची उपलब्‍ध करावें? (ख) वर्तमान में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना अंतर्गत एवं मुख्‍यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना द्वारा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत कितनी रोडों का रख-रखाव किया जा रहा है? उन रोडों की वर्तमान में क्या स्थिति है? सूची उपलब्ध करावें।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) प्रश्‍नाधीन अवधि में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अन्तर्गत सड़कों की मरम्मत/संधारण के लिए व्यय की गई राशि की वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना में मरम्मत/रख-रखाव के लिए स्वीकृति नहीं दी जाती है।

स्‍वच्‍छता अभियान में निर्मित शौचालयों की अनुदान राशि का भुगतात

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

32. ( क्र. 2707 ) श्री कैलाश चावला : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि          (क) नीमच जिले की वि‍भिन्‍न विधानसभा में प्रश्‍न दिनांक तक कितने शौचालय का निर्माण स्‍वच्‍छता अभियान के अन्‍तर्गत किया जा चुका है। जनपदवार जानकारी देवें। (ख) उक्‍त निर्मित किए गए शौचालयों में कितने ऐसे हितग्राही हैं, जिन्‍हें अनुदान की राशि का भुगतान प्रश्‍न दिनांक तक नहीं किया गया है? जनपदवार जानकारी प्रदान करें। (ग) इनमें से कितने हितग्राही ऐसे हैं, जिनके शौचालयों का निर्माण किए हुए एक माह से अधिक का समय हो चुका है व इनका भुगतान न किए जाने का क्‍या कारण है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) नीमच जिले में जनपद पंचायत नीमच में 12,879, जनपद पंचायत जावद में 13,671 एवं जनपद पंचायत मनासा में 18,481 शौचालयों का निर्माण हुआ है। (ख) एवं (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार निर्मित शौचालयों में से जनपद पंचायत नीमच में 80, जनपद पंचायत जावद में 156 एवं जनपद पंचायत मनासा में 150 शौचालयों के हितग्राहियों को जारी प्रोत्‍साहन राशि का एफ.टी.ओ. उनके बैंक खाते बंद होने से असफल रहा है।

सब इंजीनियर के सहयोग हेतु नियुक्ति

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

33. ( क्र. 2960 ) श्रीमती योगिता नवलसिंग बोरकर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ग्रामीण स्तर पर सब इंजीनियर के सहयोग हेतु किस पद की नियुक्तियां की गयी हैं? (ख) इस नियुक्ति की पात्रता शर्तें क्या है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) विभाग अंतर्गत मध्‍यप्रदेश राज्‍य रोजगार गारंटी परिषद् द्वारा महात्‍मा गांधी राष्‍ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत ग्रामीण सड़क संपर्कता के लिए उपयंत्री के सहयोग हेतु तकनीकी सहायकों की अनुबंध पर नियुक्ति के निर्देश दिए गए थे।          (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''नौ''

मुख्‍य कार्यपालन अधिकारियों पर दर्ज आपराधिक प्रकरण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

34. ( क्र. 2961 ) श्री ठाकुरदास नागवंशी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अन्तर्गत जिला होशंगाबाद में विगत 5 वर्षों में ऐसे कितने मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी है जिनके विरूद्ध विभागीय जाँच एवं आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं? (ख) जिला होशंगाबाद में ऐसे कितने मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी है जिनके द्वारा परीक्षा उर्तीण करने के बाद भी परिवीक्षा अवधि समाप्‍त नहीं की गई है? (ग) जिला होशंगाबाद में क्‍या कई मुख्य कार्यपालन अधिकारी वर्तमान में ऐसे हैं जिनको नियुक्ति दिनांक के समय का वेतनमान ही दिया जा रहा है एवं उनके वेतन का निर्धारण आज दिनांक तक नहीं किया गया हैं तथा न्यूनतम वेतन प्राप्त कर रहे हैं? यदि हाँ, तो ऐसे मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के नाम एवं पदस्थापना बतायें? इनके वेतन का निर्धारण न होने के लिये कौन उत्तरदायी है? कब तक वेतन निर्धारण कर दिया जावेगा तथा दोषियों के विरूद्ध उत्तरदायित्व का निर्धारण किया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत, पिपरिया          श्री राम निवास गुप्ता के विरूद्ध 02 विभागीय जाँच संस्थित हैं। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत बनखेड़ी के विरूद्ध 01 विभागीय जाँच संस्थित है और लोकायुक्त संगठन में जाँच प्रचलित है। किसी अधिकारी के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज होना विभाग के संज्ञान में नहीं है। (ख) उक्त उत्तरांश '' में उल्लेखित दोनों अधिकारियों की परीवीक्षा अवधि समाप्त नहीं की गई है। (ग) जी नहीं। उत्तरांश '' में उल्लेखित अधिकारियों की विभागीय जाँच प्रचलित होने के कारण उनकी परीवीक्षा अवधि समाप्त नहीं की गई होने से उन्हें वेतन-वृद्धि नहीं दी गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

अवैध खनन पर हुए जुर्माने की राशि वसूली

[खनिज साधन]

35. ( क्र. 2987 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 8 दिसम्बर 2016 के अतारांकित प्रश्न संख्या 13 ( क्रमांक 93 ) के संदर्भ में बताए कि पलकटोरी जिला अशोकनगर में अवैध खनन पर किन लोगों पर दस करोड़ का जुर्माना किया गया तथा पुलिस रिपोर्ट में नामजद अपराधी आरोपी जिन्हें फरार घोषित किया उन्हें गिरफ्तार न कर उन्हें कोर्ट से स्टे प्राप्त करने का मौका क्यों दिया गया? यादवेन्द्र व अजय ने क्या 2016 में दिसम्बर को कई वाहनों से जुलुस निकालकर पर्चे वितरीत कर आमसभा की व इसके पूर्व 15 अगस्त को मण्डी अशोकनगर में झण्डावंदन किया तथा ईसागढ़ नगर परिषद् में एक सांसद के साथ चुनाव प्रचार किया तो इन तीन मौकों पर फरार घोषित दोनों आरोपियों से जुर्माना वसूल क्यों नहीं किया? (ख) यदि कर लिया गया तो कब? यदि नहीं, तो कब तक वसूल कर लिया जावेगा एवं दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार क्यों नहीं किया? कब तक गिरफ्तारी हो जाएगी तथा 15-20 अज्ञात व्यक्तियों के नाम लोगों ने दिये उन पर कार्यवाही क्यों नहीं हो रही है? (ग) क्या अवैध खनन की विधिवत् शिकायत ग्रीन ट्रिब्यूनल भोपाल में की है, ताकि वे भी जुर्माना नियमानुसार लगा सके? यदि नहीं, तो कब तक करेंगे?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) ग्राम पलटकोरी जिला अशोकनगर में अवैध खनन पर वर्तमान में जुर्माना नहीं किया गया है। वरन जुर्माना लगाने का नोटिस दिया गया है। मध्‍यप्रदेश गौण खनिज नियम, 1996 के नियम 53 (5) के अंतर्गत अवैध खनन का प्रकरण वर्तमान में कलेक्‍टर, न्‍यायालय में विचारधीन है। पुलिस द्वारा नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के संबंध में किसी भी न्‍यायालय द्वारा स्‍टे प्रदान नहीं किया है। जुर्माने का प्रकरण वर्तमान में विचारधीन होने के कारण इसकी वसूली का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्नांश (क) में दिये उत्‍तर अनुसार अवैध उत्‍खनन का प्रकरण वर्तमान में कलेक्‍टर कार्यालय में विचाराधीन है। प्रकरण के अंतिम निराकरण पश्‍चात् ही वसूली किये जाने का प्रश्‍न उपस्थित होगा। दो नामजद आरोपी मनोज दांगी एवं लखन यादव को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है। अज्ञात आरोपियों में से वीर पाल एवं करतार को गिरफ्तार कर न्‍यायालय में पेश किया जा चुका है। यादवेन्‍द्र पुत्र देशराज यादव एवं अजय सिंह पुत्र देशराज यादव द्वारा प्रस्‍तुत आवेदन पत्र की अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) अशोकनगर द्वारा जाँच की जा रही है। इसलिये इन आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई है।          (ग) अवैध खनन की शिकायत ग्रीन ट्रिब्‍यूनल में किये जाने का कोई प्रावधान नहीं है। अत: प्रश्‍न उपस्‍थित नहीं होता।

अशोकनगर के नगरपालिका सामुदायिक भवन पर अवैध कब्जे

[नगरीय विकास एवं आवास]

36. ( क्र. 2988 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्‍नकर्ता दिनांक 8 दिसम्बर 2016 के अतारांकित प्रश्न संख्या 12        ( क्रमांक 92) तथा प्रश्‍नकर्ता जुलाई 2016 का अतारांकित प्रश्न संख्या 2 (क्रमांक 109) को दिये उत्तर के संदर्भ में बताए कि जब नगरपालिका सामुदायिक विकास भवन पर अवैध कब्जे की 2013 को शिकायत की गई थी तो दिनांक 02.07.16 को 3 वर्ष बाद नोटिस क्यों दिया? इस हेतु दोषियों की पहचान कर क्या कार्यवाही की गई? (ख) उत्तर में अनुविभागीय दण्डाधिकारी अशोकनगर ने 7 जुलाई 2016 को अतिक्रमण हटाकर कब्जे में लेने की कार्यवाही की उसकी 8 महिने में प्रतिमाह क्या कार्यवाही हुई व विलम्ब के दोषी पर क्या कार्यवाही हुई व कब तक अतिक्रमण हटाकर भवन कब्जे में लेकर नगरपालिका को सौंपा जाएगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) वर्ष 2013 में सामुदायिक भवन पर कब्‍जा होने की प्राप्‍त शिकायत पर जाँच की गई, तत्‍समय सामुदायिक भवन का उपयोग स्‍थानीय नागरिकों द्वारा किया जाकर किसी व्‍यक्ति विशेष का कब्‍जा नहीं होना पाया गया था। इस संबंध में स्‍थानीय नगर पालिका परिषद् द्वारा अपर कलेक्‍टर जिला अशोकनगर को अवगत किया गया था। वर्ष 2013 से जुलाई 2016 तक सामुदायिक भवन पर कब्‍जा संबंधी कोई शिकायत अथवा सूचना प्राप्‍त नहीं हुई इसलिये सामुदायिक भवन पर कब्‍जा नहीं था भवन का उपयोग स्‍थानीय नागरिकों द्वारा किया जा रहा था। जुलाई 2016 में शिकायत प्राप्‍त होने पर भवन रिक्‍त कराने का नोटिस दिया गया। (ख) सामुदायिक भवन से अवैध कब्‍जा हटाये जाने हेतु कलेक्‍टर अशोकनगर द्वारा समिति गठित की गई है, कब्‍जा हटाये जाने की कार्यवाही गतिशील है, जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''दस''

ई-पंचायत भवन एवं सरकारी उचित मूल्य दुकान भवन निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

37. ( क्र. 2994 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) क्या कारण है कि विकासखण्ड सिरमौर की ग्राम पंचायत डिहिया में पिछले 3 वर्षों से रोजगार गारंटी योजना से निर्माणाधीन ई-पंचायत भवन एवं सरकारी उचित मूल्य दुकान भवन का निर्माण पूर्ण नहीं हो सका? (ख) उक्त निर्माणाधीन भवनों का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण हो सकेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) ग्राम पंचायत की शिथिलता के कारण। (ख) प्रश्‍नाधीन दोनों कार्य जुलाई 2017 तक पूर्ण कराना लक्षित है।

राष्‍ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत प्रशिक्षण में अनियमितता

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

38. ( क्र. 3155 ) कुमारी निर्मला भूरिया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) झाबुआ जिले में राष्‍ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना अंतर्गत कौन-कौन से कोर्स उपलब्‍ध हैं तथा वर्ष 2012 से 2017 तक कितने हितग्राहियों को क्‍या-क्‍या प्रशिक्षण दिया गया है? प्रशिक्षण हेतु चयन की क्‍या प्रक्रिया है? (ख) राष्‍ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना अंतर्गत किस-किस एन.जी.ओ. द्वारा कहाँ-कहाँ और कितने-कितने हितग्राहियों को प्रशिक्षण दिया गया है? क्‍या प्रशिक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों द्वारा भौतिक सत्‍यापन किया गया है? यदि हाँ, तो किसके द्वारा? (ग) क्‍या प्रशिक्षणार्थी को स्‍कॉलरशिप उपलब्‍ध कराई जाती है यदि हाँ, तो कितनी-कितनी स्‍कॉलरशिप दी गई? प्रशिक्षण उपरांत वर्तमान में कितने हितग्राहियों को किस तरह का लाभ प्राप्‍त हो रहा है? (घ) राष्‍ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना अंतर्गत प्रशिक्षण पर कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई तथा किस-किस एन.जी.ओ. को प्रशिक्षण हेतु कितनी राशि भुगतान की गई वर्षवार अवगत करावें।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) झाबुआ जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत कोर्स उपलब्ध नहीं है। वर्ष 2012 से 2017 तक हितग्राहियों को दिए गए प्रशिक्षण एवं चयन प्रक्रिया की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है(ख) ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत झाबुआ जिले की दस महिलाओं को एन.जी.ओ. एशियन हेरिटेज फाउण्डेशन द्वारा दिल्ली एवं झाबुआ में प्रशिक्षण दिया गया। जी हाँ नई दिल्ली का सुश्री रेणु ठाकुर संकुल सदस्य झाबुआ जिला झाबुआ एवं विकासखण्ड स्तर पर होने वाले प्रशिक्षण का भौतिक सत्यापन श्री नरेशचन्द्र भाल जिला प्रबंधक लघु उद्यमिता विकास द्वारा किया गया। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। प्रशिक्षण उपरान्त 2866 हितग्राही रोजगार एवं स्वरोजगार से अपनी आजीविका चला रहे हैं। (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। मिशन अन्तर्गत किसी भी एन.जी.ओ. को कोई भुगतान नहीं किया गया है। एन.जी.ओ. एशियन हेरिटेज फाउण्डेशन नई दिल्ली द्वारा निःशुल्क प्रशिक्षण कराया गया।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

कैम्‍पा योजना

[वन]

39. ( क्र. 3156 ) कुमारी निर्मला भूरिया : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) झाबुआ जिले में वन विभाग की कैम्‍पा योजना अंतर्गत विगत 3 वर्ष में कहाँ-कहाँ तथा  कितने-कितने जगह पर पौध रोपण किया गया? विधानसभा क्षेत्रवार अवगत करावें। कैम्‍पा योजना अंतर्गत किन-किन स्‍थानों पर तालाब निर्माण, पहुंच मार्ग तथा तार फेन्सिंग कार्य करवाया गया? (ख) कैम्‍पा योजना अंतर्गत जिले में कब-कब कार्य स्‍वीकृत किये गये तथा करवाये गये कार्यों पर कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई? कार्यवार अवगत करावें। वर्तमान में उक्‍त कार्य की क्‍या स्थिति है? (ग) क्‍या कई जगह केम्‍पा योजना अंतर्गत किया गया पौधा रोपण कार्य वर्तमान में अनुपयोगी है? इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है तथा शासन उस पर क्‍या कार्यवाही करेगा?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी निम्‍नानुसार है :-

क्र.

रोपण वर्ष

विधान सभा क्षेत्र का नाम

परिक्षेत्र का नाम

पौधा रोपण स्‍थल का नाम

क्षेत्रफल हैक्‍टर में

रोपित पौधों की संख्‍या

1

2

3

4

5

6

7

1

2014

-

-

-

-

-

2

2015

पेटलावद

पेटलावल

1477 बेकल्‍दा

50.00

67200

3

2015

पेटलावद

पेटलावल

999 छोटा सलुनिया

15.58

24240

4

2015

पेटलावद

पेटलावल

397/3 खाखरापड़ा

11.52

17200

 

 

 

 योग-रोपण वर्ष 2015

77.10

108640

5

2016

-

-

निरंक

-

-

 

 

 

कुलयोग

77.10

108640

 

कैम्‍पा योजना अंतर्गत जिला झाबुआ में उक्‍त वृक्षारोपण क्षेत्रों में तार फेंसिं‍ग कार्य कराया गया। शेष जानकारी निरंक है।

(ख) जानकारी निम्‍नानुसार है :-

क्र.

कार्य स्‍वीकृत वर्ष

कार्य संख्‍या

किया गया व्‍यय (माह जनवरी 2017 अंत तक)

क्षेत्र तैयारी

रोपण

रखरखाव

योग

1

2010

14

2,39,97,491/-

92,92,000/-

1,07,54,248/-

4,40,43,739/-

2

2011

5

4,71,490/-

8,14,490/-

7,96,817/-

20,82,797/-

3

2013

7

73,03,000/-

36,71,498/-

16,000/-

1,09,90,498/-

4

2015

2

0

0

0

0

 

TOTAL

28

3,17,71,981/-

1,37,77,988/-

1,15,67,065/-

5,71,17,034/-

 

वर्तमान में उक्‍त कार्य की स्थिति अच्‍छी है। (ग) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

वाटरशेड समिति सचिवों को पुन: सेवा में लिया जाना

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

40. ( क्र. 3210 ) श्री मोती कश्यप : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) क्या प्रश्नकर्त्ता ने अपने पत्र दिनांक 12-1-201731-1-2017 द्वारा माननीय मुख्यमंत्री एवं विभागीय मंत्री को राज्य सरकार के किसी पत्र के साथ वाटरशेड मिशन समिति के सचिवों के विषय में कोई लेख किया है? (ख) क्या विभागीय राजीव गांधी जलग्रहण मिशन के वर्ष 2016 की किसी दिनांक के आदेश द्वारा राज्य की किन्हीं समितियों के सचिवों की सेवायें समाप्त कर समिति अध्‍यक्ष एवं पंचायत के अधीन कर दिये जाने से किसी संख्या में उच्च शिक्षित युवक बेरोजगार हो गये हैं? (ग) क्या‍ प्रश्नांश (क) के साथ संलग्न बिहार सरकार के परिपत्र के अनुसार वाटरशेड मिशन समिति के सचिवों की सेवायें निरंतर बनाये जाने की दिशा में कोई प्रयास किये गये हैं और पुन: सेवा में यथावत पदस्थ कर रोजगार प्रदान किया गया है? (घ) क्या विभाग प्रश्नांश (ग) के समान कार्यवाही कर राज्य के बेरोजगार हुए युवा शिक्षितों को रोजगार प्रदान करेगा और कब तक निर्देश जारी कर दिया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) प्रश्नाधीन पत्र विभाग को प्राप्त नहीं है। (ख) से       (घ) भारत सरकार से स्वीकृत जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन परियोजनाओं में प्रशासनिक मद के तहत् उपलब्ध धन राशि समाप्त हो जाने एवं जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन परियोजनाओं का कार्य ग्राम पंचायतों द्वारा कराया जाना संभव होने के परिप्रेक्ष्य में ग्राम स्तरीय वाटरशेड समितियों में मानदेयी सचिवों की सेवाएं बंद की गई हैं। मानदेयी सेवा पूर्णकालिक नहीं थी। अतः शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते।

आवासीय पट्टों का आवंटन

[नगरीय विकास एवं आवास]

41. ( क्र. 3297 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या शासन द्वारा कोई योजना शहरी क्षेत्र में जमीन के आवासीय पट्टे आवंटित करने के संबंध में प्रचलन में है? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में यदि हाँ, तो सागर विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत कितने हितग्राहियों को चिन्हित किया गया है तथा इनको कब तक आवासीय पट्टों का आवंटन कर दिया जायेगा? (ग) क्‍या शासन की इस महत्‍वपूर्ण योजना का प्रचार-प्रसार पर्याप्‍त रूप से किया गया था? यदि नहीं, तो जो पात्र हितग्राही इस सूची से वंचित रह गये है, उनके बारे में क्‍या शासन पुन: विचार करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रधानमंत्री आवास योजनांतर्गत आवासीय इकाईयों के निर्माण हेतु पट्टा आवंटन किये जाने के लिए हितग्रहियों का सर्वे किया जा रहा है। सर्वे उपरांत जिला प्रशासन द्वारा पात्रता अनुसार चयन करने पर पट्टा आवंटन किया जायेगा। (ग) जी हाँ। पट्टा आवंटन किये जाने के संबंध में कार्यवाही प्रचलन में है, जो हितग्राही छूट गये हों वे अभी भी नाम जुड़वा सकते हैं।

हाउसिंग बोर्ड द्वारा हितग्राहियों को भवन आवंटन

[नगरीय विकास एवं आवास]

42. ( क्र. 3370 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्‍नकर्ता के दिनांक 08/12/2016 के तारांकित प्रश्‍न संख्‍या 20 (क्रमांक 36) के (ख) उत्‍तर में बताया गया है कि जिन हितग्राहियों द्वारा भवन की राशि प्राप्‍त नहीं की गई उन्‍हें मण्‍डल की रिक्‍त सम्‍पत्ति अथवा नवीन योजना में वर्तमान निर्धारित मूल्‍य पर भवन उपलब्‍ध कराया जा सकता है? (ख) यदि हाँ, तो जिस प्रकार मण्‍डल वर्तमान बाजार दर पर भवन आवंटित करता है तो हितग्राहियों को उसकी जमा पंजीयन राशि पर तत्‍समय यदि भवन आवंटित हो जाता तो आज उसका बाजार मूल्‍य क्‍या होता? स्‍पष्‍ट करें। (ग) क्‍या उसी बाजार दर के आधार पर वर्तमान के बाजार दर की तुलना कर हितग्राहियों को भवन क्‍यों उपलब्‍ध नहीं कराया जा सकता हैं? (घ) क्‍या मण्‍डल को पूर्व में और वर्तमान में प्राप्‍त भूमि शासकीय दर पर ही प्राप्‍त हुई है तथा मात्र निर्माण लागत की ही बढ़ोत्‍तरी हुई है? यदि हाँ, तो क्‍या वंचित हितग्राहियों को निर्माण लागत पर भवन उपलब्‍ध करवाने के आदेश शासन मण्‍डल को देगा? क्‍या माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय द्वारा जिस प्रकार रिवेयरा टॉउन, भोपाल के प्रोजेक्‍ट में जो नीति अपनाई गई थी उसमें दिशा-निर्देश  क्‍या-क्‍या हैं? क्‍या मण्‍डल द्वारा उनका पालन किया जा रहा है? यदि हाँ, तो इस योजना का पालन क्‍यों नहीं करवाया जा रहा है? (ड.) प्रश्‍नांकित प्रकरण में मूल योजना में आवास आवंटन से वंचित मात्र 6 हितग्राहियों को मण्‍डल द्वारा स्‍वीकृत (पंजीयन के समय) योजना में स्‍वतंत्र भूखण्‍ड पर पूर्व पंजीयत दर पर भवन निर्मित कर उपलब्‍ध करवायें जायेंगे, अथवा गृह निर्माण मण्‍डल के भोपाल की अन्‍य आवासीय योजनाओं में स्‍वतंत्र भूखण्‍ड उपलब्‍ध करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) वर्तमान में भवन निर्मित न होने से शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्नांकित भूमि निजी भूमि होने से भू-अर्जन के अवार्ड उपरांत भूमि प्राप्त होने के क्रम में शासकीय दर पर भूमि प्राप्त होने संबंधी स्थिति उत्पन्न नहीं होती है। मण्डल की योजनाओं अंतर्गत केवल निर्माण लागत पर भवन उपलब्ध कराने संबंधी कार्य प्रणाली प्रचलन में नहीं है। मण्डल द्वारा भोपाल में निर्मित रिवेयरा टॉउन अंतर्गत न्यायालयीन प्रकरण में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णय में वर्णित न्यायिक सिद्धांत के आधार पर मण्डल द्वारा जारी परिपत्र क्र. 10/सं.प्र. दिनांक 08.06.2016 संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। मण्डल द्वारा उक्त परिपत्र का पालन किया जा रहा है। प्रश्नाधीन योजना का अभिन्यास स्वीकृत न होने से योजना अस्तित्व में नहीं है एवं पुनरीक्षित योजना क्रियान्वित की जा रही है। अतः उक्त परिपत्र का पालन किये जाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) इन 6 हितग्राहियों में से 2 हितग्राहियों द्वारा प्रश्नांकित योजना स्थल के समीप मण्डल की हाउसिंग पार्क योजना में भवन लेने की सहमति उपरान्त उन्हें भवनों के आवंटन आदेश दिये जा चुके हैं। शेष 4 हितग्राहियों ने भी रिक्त संपत्ति का अवलोकन कर लिया है, उनके द्वारा लिखित सहमति प्रदान करने पर मण्डल द्वारा रिक्त संपत्ति अथवा नवीन योजना में वर्तमान निर्धारित मूल्य पर भवन उपलब्ध कराया जा सकता है, जिसमें उनकी जमा राशि में 8 प्रतिशत प्रतिवर्ष की ब्याज दर से समायोजित की जायेगी।

परिशिष्ट - ''बारह''

धार जिले के नगर परिषद् राजगढ़ में की गई अनियमितता

[नगरीय विकास एवं आवास]

43. ( क्र. 3376 ) श्री वेलसिंह भूरिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगर परिषद् राजगढ़ जिला धार अंतर्गत मुख्‍यमंत्री पेयजय आवर्धन योजना का शुभारम्‍भ कब एवं किनके द्वारा किया गया एवं वर्तमान में क्‍या स्थिति है? (ख) क्‍या पेयजल का मुख्‍य स्‍त्रोत पुराना रेलिया डेम के नीचे बना नया डेम है, जो कि लीकेज एवं गुणवत्‍ता विहीन है? क्‍या शासन इस आवर्धन योजना के समस्‍त अवयवों के निर्माण कार्य की गुणवत्‍ता की जाँच करेगा? (ग) क्‍या विगत ग्रीष्‍मकाल में इस डेम के लीकेज होने के कारण पेयजल परिवहन की स्थिति बनी? क्‍या शासन पेयजल परिवहन पर व्‍यय राशि की वसूली घटिया डेम निर्माण एजेंसी से करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) नगर परिषद्, राजगढ़ जिला धार में मुख्‍यमंत्री शहरी पेयजल योजना का शुभारंभ 16 मई 2015 को माननीय श्री कैलाश विजयवर्गीय, तत्‍का. मंत्री, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा किया गया है। वर्तमान में उक्‍त योजना पूर्ण होकर नगर में लगभग 2.00 एम.एल.डी. मात्रा का जल प्रदाय किया जा रहा है। (ख) जी हाँ। डेम में लीकेज नहीं है एवं कार्य गुणवत्‍ताविहीन नहीं है। मुख्‍यमंत्री शहरी पेयजल योजनान्‍तर्गत निर्माण कार्यों के पर्यवेक्षण हेतु शासन द्वारा नियुक्‍त एजेंसी IRMA द्वारा योजनान्‍तर्गत स्‍वीकृत समस्‍त अवयवों की जाँच समय-समय पर एवं योजना पूर्ण होने पर की गई है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। बैराज में संग्रहित जल से किसानों द्वारा सिंचाई की जाने से बैराज के जल में कमी होने के कारण पेयजल परिवहन की स्थिति बनी थी। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

सी.सी. रोड निर्माण में अनियमितता

[नगरीय विकास एवं आवास]

44. ( क्र. 3378 ) श्री वेलसिंह भूरिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगर पंचायत राजगढ़ जिला धार के बस स्‍टैण्‍ड में सी.सी. रोड का‍ निर्माण कार्य कब किया गया? इसकी क्‍या लागत थी, इस पर कितना व्‍यय हुआ एवं इसकी कार्य एजेंसी कौन थी? (ख) क्‍या उक्‍त कार्य की गुणवत्‍ता घटिया होने से नगर पंचायत द्वारा इस मार्ग पर लीपा-पोती करने के लिए डामर डाल दिया था, जिसकी जाँच के आदेश कलेक्‍टर ने दिए थे? (ग) यदि हाँ, तो कार्य एजेंसी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है? दोषियों के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जायेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) नगर परिषद्, राजगढ़ जिला धार के बस स्‍टैण्‍ड में सी.सी. रोड का निर्माण वर्ष 2013-2014 में किया गया था। यह कार्य नगर परिषद्, राजगढ़ द्वारा नहीं कराया गया है अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं।  (ग) नगर परिषद्, राजगढ़ द्वारा यह कार्य नहीं कराये जाने के कारण कार्य एजेंसी के विरूद्ध नगर परिषद् द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई है। इस प्रकरण में पदीय दायित्‍व के निर्वहन में लापरवाही बरतने के कारण निकाय के तत्‍कालीन मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी श्री संत राम चौहान को दो‍षी पाये जाने के उपरान्‍त असंचयी प्रभाव से 2 वार्षिक वेतन वृद्धियां रोके जाने की शास्ति अधिरोपित की जा चुकी है।

स्वीकृत क्रेशर खादानों से राजस्व आय

[खनिज साधन]

45. ( क्र. 3408 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि धार जिले में तथा धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र में खनिज विभाग अंतर्गत स्वीकृत/संचालित क्रेशर खदानों से शासन को विगत 10 वर्षों में कितने राजस्व की आय हुई है वर्षवार, खदानवार हुई राजस्व आय की जानकारी देवें?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''', '''' एवं '''' पर दर्शित है।

स्वीकृत एवं संचालित खदानें

[खनिज साधन]

46. ( क्र. 3409 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले में तथा धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र में खनिज विभाग की कितनी रेत खदानें (काली रेत/बालू रेत) स्वीकृत/संचालित हैं? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित खदानों में से कितनी खदानें कब-कब से स्वीकृत हैं? खदानवार जानकारी देवें? कितनी खदानें वर्तमान में चालू हैं? कितनी खदानें बन्द हैं? खदान कब से बन्द है व बन्द होने का क्या कारण है? बन्द खदानों का पूर्ण विवरण उपलब्ध करावें।

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्‍नाधीन जिले में रेत खनिज की 10 खदानें उत्‍खनन पट्टे पर एवं 13 खदानें नीलाम खदान के रूप में स्‍वीकृत हैं। इसकी प्रश्‍नानुसार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' पर दर्शित है। प्रश्‍नाधीन विधानसभा क्षेत्र के संबंध में जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' पर दर्शित है। (ख) प्रश्‍नांश '' में उल्‍लेखित उत्‍खनन पट्टा, जिनकी संख्‍या 10 हैं वर्ष 2010 से स्‍वीकृत हैं तथा नीलाम खदानें जिनकी संख्‍या 13 हैं, वे वर्ष 2014 से स्‍वीकृत हैं। यह समस्‍त खदानें वर्तमान में बंद हैं। प्रश्‍नानुसार शेष वांछित जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' पर दर्शित है।

परिशिष्ट - ''तेरह''

मुख्‍यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

47. ( क्र. 3427 ) श्रीमती पारूल साहू केशरी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर जिले के विधानसभा क्षेत्र सुरखी अंतर्गत मुख्‍यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में         01 जनवरी 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितने मार्ग स्‍वीकृत हुये हैं, इनमें से कितने सड़क मार्गों के टेंडर जारी कर कार्यादेश जारी हो चुके हैं? कितने शेष हैं? सड़क मार्ग के नामवार, टेण्‍डर, कार्यादेश एवं कार्यपूर्ण होने के दिनांक सहित अप्रारंभ सड़क मार्गों की भी जानकारी दी जावें।          (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) अनुसार विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के कारण स्‍वीकृत सड़क मार्ग के निमार्ण कार्य में अत्‍यधिक विलम्‍ब हो रहा है, जिसका प्रभाव उनकी लागत पर पड़ रहा है और निर्माण कार्य का स्‍तर गिरता जा रहा है? (ग) यदि हाँ, तो विलम्‍ब के कारणों की जाँच ई.एन.सी. स्‍तर के अधिकारी से कराकर दोषियों के विरूद्ध कोई कार्यवाही की जावेगी? (घ) यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) से (घ) जी नहीं, परिशिष्‍ट में दर्शायी स्थिति के परिप्रेक्ष्‍य अत्‍यधिक विलंब की स्थिति नहीं है। कार्य की लागत में वृद्धि एवं कार्य की गुणवत्‍ता पर विपरीत प्रभाव होने की स्थिति नहीं है। शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होते हैं।

परिशिष्ट - ''चौदह''

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

48. ( क्र. 3428 ) श्रीमती पारूल साहू केशरी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सागर जिले के सुरखी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना अंतर्गत 5 वर्ष के भीतर के 05 वर्ष से ज्‍यादा अवधि के एवं 10 वर्ष अवधि के कितने सड़क मार्ग ऐसे हैं जो मेन्‍टीनेंस के अभाव में अत्‍यंत जर्जर एवं जीर्ण-शीर्ण हो गये हैं? मार्गों के नाम सहित जानकारी देवें? (ख) क्‍या वास्‍तव में मेन्‍टीनेंस के लिए स्‍वीकृत राशि के फर्जी तौर पर मात्र बिल लगा दिये जाते हैं? मेन्‍टीनेंस का कार्य न तो ठेकेदार द्वारा किया जाता है और न ही विभाग ठेकेदार के कार्य का सत्‍यापन ही कराता है जिससे फर्जी बिल की राशि ठेकेदार को प्राप्‍त हो जाती है और मार्ग यथास्थिति जर्जर एवं जीर्ण स्थिति से बद से बदतर होते जाते हैं? (ग) यदि नहीं, तो क्‍या विभाग विगत 05 वर्ष के मेन्‍टीनेंस संबंधी बिलों की जाँच सेल्‍स टैक्‍स विभाग से तथा सड़क मार्गों की स्थिति के स्‍थल निरीक्षण एस.डी.एम., सी.ई.ओ. संबंधित जनपद पंचायत एवं जन प्रतिनिधियों के दल गठन कर करायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) जी नहीं, ठेकेदार द्वारा संधारण कार्य किये जाने के उपरांत ई-मार्ग पोर्टल के माध्यम से देयक प्रस्तुत किया जाता है, जिसके सत्यापन हेतु सहायक प्रबंधक एवं उपयंत्री द्वारा उक्त मार्ग के छायाचित्र अपलोड कर इंडेक्सिंग कर संपन्न कार्य का ही भुगतान किया जाता है। श्री राजेश चौकसे, महाप्रबंधक, श्री आई.पी. चौबे एवं अनिल कुमार जैन, सहायक प्रबंधक तथा श्री के.एस. ठाकुर, उपयंत्री द्वारा प्रश्नाधीन मार्गों का संधारण करने के लिये आवश्यक प्रस्ताव तैयार नहीं करने के लिए जिम्मेदार पाये गये है। इनके विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित करने का निर्णय लिया गया है।

 परिशिष्ट - ''पंद्रह''

मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

49. ( क्र. 3560 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा जिले में मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन योजनान्तर्गत योजना प्रारंभ दिनांक से जनपदवार कितने हितग्राहियों के प्रकरण बैंकों को प्रेषित किये एवं बैंक द्वारा कितने प्रकरण स्‍वीकृत किये गये? इनके प्राथमिकता निर्धारण का आधार क्‍या है? (ख) वित्‍तीय वर्ष 2016-17 में अब तक प्रेषित ऋण प्रकरणों में कितने प्रकरण स्‍वीकृत होकर ऋण वितरण हो चुका है? कार्यवाही में विलम्‍ब का क्‍या कारण हैं? (ग) हरदा जिले में वित्‍तीय वर्ष 2016-17 में विधानसभावार विकास खंडवार योजनान्‍तर्गत आवास प्रकरणों की स्‍वीकृति का लक्ष्‍य क्‍या है और स्‍वीकृति के मापदण्‍ड क्‍या है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) योजनान्तर्गत योजना प्रारम्भ दिनांक से अब तक जनपद पंचायत हरदा, टिमरनी एवं खिरकिया में क्रमशः 3977, 2634 एवं 2064 हितग्राहियों के प्रकरण बैंकों को प्रेषित किए गए जिनमें से क्रमशः 3265, 2266 एवं 1646 प्रकरण बैंकों ने स्वीकृत किए। ग्राम पंचायत को प्राप्त आवेदनों पर ग्रामसभा में चर्चा उपरान्त प्राथमिकता निर्धारित करने की व्यवस्था है और ऐसा प्राथमिकता क्रम बैंकों के लिए बंधनकारी नहीं है। (ख) वर्ष 2016-17 के लिए योजनान्तर्गत हरदा जिले का लक्ष्य 700 हितग्राहियों को आवास ऋण स्वीकृत करने का था। लक्ष्य के विरूद्ध बैंकों को 1487 प्रकरण भेजे गए जिनमें से बैंकों ने 786 प्रकरण स्वीकृत किए और अब तक 681 प्रकरणों में ऋण की प्रथम किश्त का भुगतान हितग्राहियों को किया जा चुका है। विलम्ब की स्थिति नहीं है। (ग) योजनान्तर्गत हरदा जिले के लक्ष्य 700 आवास गृहों में से जिला स्तर पर जनपद पंचायत हरदा को 300, जनपद पंचायत टिमरनी को 255 और जनपद पंचायत खिरकिया को 165 का लक्ष्य दिया गया। स्वीकृति के मापदण्ड बैंक की नीति पर निर्भर हैं जो सामान्यतः हितग्राही के पूर्व ऋण इतिहास एवं पुनर्भुगतान क्षमता पर आधारित होती है।

ग्रामीण क्षेत्रों में खेलों को बढ़ावा देने के लिए नई योजना प्रारंभ करना

[खेल और युवा कल्याण]

50. ( क्र. 3572 ) श्री राजेश सोनकर : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पिछले 03 वर्षों में खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेल से जुड़े युवाओं के उत्थान हेतु क्या-क्या नीतियां बनाई गई है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में पूर्व में संचालित पायका योजना कब समाप्त हुई एवं क्या खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा पायका योजना के स्थान पर ग्रामीण क्षेत्रों में खेलों को बढ़ावा देने के लिए क्या प्रयास किये जा रहे हैं? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में खेल एवं युवक कल्याण विभाग द्वारा पिछले 05 वित्‍तीय वर्षों में क्या-क्या योजना चलाई गई व किस-किस मद में कितनी-कितनी राशि इन्दौर जिला अंतर्गत कौन-कौन से विकासखण्ड/विधानसभा क्षेत्र को आवंटित की गई एवं कितनी राशि व्यय की गई? (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में ग्रामीण क्षेत्रो में खेलों को बढ़ावा देने एवं खिलाड़ियों के उत्थान हेतु कब तक योजनाएं बनाई जाकर खेल सामग्री वितरित की जायेगी व क्या-क्या सामग्री वितरित की जाने की योजना है?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) प्रश्नांकित अवधि में खेल एवं युवाओं से संबंधित यद्यपि कोई नीतियां नहीं बनाई गई है तथापि इस अवधि में विधायक कप, मुख्यमंत्री कप का आयोजन, एथलेटिक्स एवं तैराकी, ट्रायथलॉन की खेल अकादमियां क्रमशः भोपाल एवं होशंगाबाद जिले में स्थापित की गई तथा युवा कल्याण के अंतर्गत ''माँ तुझे प्रणाम'' एवं युवाओं के लिए रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रम इंदौर एवं शिवपुरी में संचालित किए जा रहे हैं। (ख) पूर्व संचालित पायका योजना वर्ष 2014-15 से संशोधित हुई, जो भारत सरकार की योजना थी। अतः उसके स्थान पर अन्य योजना बनाने का क्षेत्राधिकार राज्य शासन को नहीं होने से कोई कार्यवाही की जाना संभव नहीं है। (ग) प्रश्नांकित अवधि में संचालित योजनाओं से सम्बन्धित जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) पूर्व से ही प्रदेश में जिला स्तर पर मध्यप्रदेश खेल परिषदों को खेल सामग्री का क्रय शीर्ष अंतर्गत प्रति वर्ष आवंटन दिया जा रहा है तथा आवश्यकतानुसार खेल सामग्री क्रय कर वितरित की जा रही है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
परिशिष्ट - ''सोलह''

विवेकानन्द कैरियर मार्गदर्शन योजना

[उच्च शिक्षा]

51. ( क्र. 3591 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में विवेकानन्द करियर मार्गदर्शन योजना कब से संचालित है? (ख) प्रश्नांश (क) में संचालित योजना अंतर्गत उज्‍जैन संभाग में विगत 03 वर्षों में कितने महाविद्यालयों द्वारा विद्यार्थियों को कैरियर मार्गदर्शन/रोजगार उपलब्ध कराया गया है? जिलेवार संख्या बतायें।          (ग) नीमच जिले में इस योजना की क्या प्रगति व उपलब्धि‍ रही है? महाविद्यालयवार बतायें।          (घ) क्या इस योजना को उद्योग विभाग से जोड़ने हेतु कोई योजना शासन के पास विचाराधीन है? यदि हाँ, तो विस्तृत ब्योरा दें।

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) प्रदेश में विवेकानंद करियर मार्गदर्शन योजना वर्ष 2005-06 से संचालित है। (ख) जिलेवार 07 जिलों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) नीमच जिले की प्रगति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) ऐसी कोई योजना विचाराधीन नहीं है किंतु उद्यमिता शिविर में भाग ले रहे वे विद्यार्थी जो अपना स्वयं का व्यवसाय/उद्योग प्रारंभ करना चाहते है उनके लिए प्रारंभिक पंजीयन की प्रकिया जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के माध्यम से महाविद्यालयों में ही कार्यशाला के दौरान बतायी जाती है।

रोजड़े पकड़ने के अभियान में हेलिकॉप्टर पर खर्च राशि

[वन]

52. ( क्र. 3664 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2016-17 में सुवासरा विधानसभा के ग्राम ऐरा में बोमा पद्धति से रोजड़े पकड़ने के अभियान में लगाए गए मजदूरों के नाम पर भोजन व अन्‍य किए गए खर्च राशि की अलग-अलग जानकारी देवें। (ख) क्या अभियान में उपयोग किया गया हेलिकॉप्टर शासन के द्वारा उपलब्ध करवाया गया था या विभाग द्वारा स्वयं के भुगतान पर किसी कंपनी के हेलिकॉप्टर का उपयोग किया गया था? इस पर व्यय की गई राशि की जानकारी देवें? (ग) हेलीकॉप्टर का अभियान में कुल कितने घण्टे उपयोग किया गया तथा उस दिन कितने रोजड़े पकड़े गए? (घ) पूरे अभियान में पकड़े गए रोजड़ों की कुल संख्या एवं अभियान का पूर्ण खर्च बतावें।

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) भोजन आदि व्‍यवस्‍था पर राशि रूपये 2,67,511/- व अन्‍य व्‍यवस्‍था पर राशि रूपये 1,98,222/- का व्‍यय किया गया है। (ख) जी नहीं। हेलिकॉप्‍टर निजी व्‍यक्ति के सौजन्‍य से प्राप्‍त कर उपयोग में लिया गया है। हेलिकॉप्‍टर के लिये ईधन ढुलाई पर कुल राशि रूपये 5,000/- का व्‍यय किया गया है। (ग) हेलिकॉप्‍टर का अभियान में लगभग 02 घण्‍टे उपयोग किया गया था। इसके माध्‍यम से 12 रोजड़ों को पकड़ा गया। (घ) पूरे अभियान में पकड़े गये रोजड़ों की कुल संख्‍या 27 है एवं सम्‍पूर्ण अभियान पर रूपये 41,61,393/- का व्‍यय हुआ है।

चंदन के पेड़ों की अवैध कटाई

[वन]

53. ( क्र. 3732 ) श्री राजेश सोनकर : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                 (क) इन्दौर जिला अंतर्गत वन विभाग द्वारा चंदन के पेड़ के लिए चंदन क्षेत्र को चिन्हित किया गया है? यदि हाँ, तो कहाँ-कहाँ पर चंदन क्षेत्र चिन्हित किये गये हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में वर्तमान में कहाँ-कहाँ पर चंदन के पेड़ हैं? स्थान एवं संख्या बताऍं? चिन्हित क्षेत्रों में चंदन के पेड़ों की वास्तविक स्थिति क्या है? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में कितने वर्षों पूर्व चंदन क्षेत्र चिन्हित किया गया था? क्या इन क्षेत्रों में अवैध चंदन के पेड़ों की कटाई की शिकायतें प्राप्त हुई हैं?           (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में यदि हाँ, तो विगत 5 वर्षों में कहाँ-कहाँ पर अवैध चंदन के पेड़ों की कटाई हुई है वन विभाग द्वारा अवैध पेड़ों की कटाई करने वालों के खिलाफ क्या कार्यवाही की गई? क्या चंदन पेड़ों की तस्करी की रिपोर्ट किसी थाना अन्तर्गत दर्ज हुई है?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। रालामण्डल अभयारण्य कक्ष क्रमांक 260 एवं देवगुड़रियां कक्ष क्रमांक 259(ख) उत्‍तरांश (क) के वनक्षेत्रों में चंदन के कुल 1518 पेड़ है तथा नवरतन बाग, फारेस्ट कैम्पस के अंतर्गत चंदन के 95 वृक्ष एवं 25 झाड़ि‍यां के रूप में है। राजस्व क्षेत्र में रेसिडेंसी, मल्हार आश्रम व अनेक निजी भूमियों पर नगर पालिका निगम इन्दौर द्वारा चंदन के 44 पेड़ों की गणना की गई है। (ग) 3 वर्ष पूर्व। जी हाँ। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है।

गरीबी रेखा अंतर्गत पंजीकृत व्‍यक्ति द्वारा रायल्‍टी भुगतान

[खनिज साधन]

54. ( क्र. 3864 ) श्री मुकेश नायक : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या परि.अता.प्रश्‍न संख्‍या 47 (क्रमांक 2548) दिनांक 15/07/2014 के प्रश्नांश (क) का उत्‍तर में बताया गया है कि ''शिकायत प्राप्‍त होने पर भी जाँच कराई जाती है'' यदि हाँ, तो बतायें कि वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक पन्‍ना जिले से संबंधित और कौन-कौन सी शिकायतों की जाँच कराई गई? (ख) प्रश्नांश (ख) के उत्‍तर में स्‍वीकार किया गया था कि ''वन मंडलाधिकारी की आपत्ति की जाँच कराई जायेगी क्‍या तो क्‍या जाँच करायी गई यदि हाँ, तो तिथिवार ब्‍यौरा देते हुये जाँच का विवरण देवें?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। प्रश्‍नाधीन अवधि में प्रश्‍नाधीन जिले में पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' में दर्शित शिकायतों की जाँच की गई है। (ख) जी नहीं। प्रश्‍नांश '''' में उल्‍लेखित प्रश्‍न क्रमांक 2548 के संबंध में यह उत्‍तर दिया गया था कि वन मण्‍डलाधिकारी की आपत्ति के संबंध में परीक्षण कराया जायेगा। इसके संबंध में कलेक्‍टर खनिज शाखा के प्रतिवेदन दिनांक 06.10.2015 की प्रति पुस्तकालय में रखे के प्रपत्र '''' पर दर्शित है।

युवा स्वरोजगार योजना अन्तर्गत बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराना

[सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम]

55. ( क्र. 3911 ) श्री सुदर्शन गुप्‍ता (आर्य) : क्या राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश शासन द्वारा युवा स्वरोजगार योजना अन्तर्गत प्रदेश के युवाओं को रोजगार के सुअवसर हेतु बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध करवाये जा रहे हैं? यदि हाँ, तो योजना के प्रारम्भ होने से प्रश्न पूछे जाने तक इन्दौर जिले के कितने युवाओं द्वारा आवेदन किया गया व उनमें से कितनों को ऋण उपलब्ध कराया गया? विधानसभावार संख्या स्पष्ट करे। (ख) क्या प्रश्नांश (क) अनुसार युवा स्वरोजगार योजना अन्तर्गत प्राप्त आवेदनों की संख्या अधिक होने के कारण अनेक युवा हितग्राहियों को ऋण उपलब्ध नहीं कराया गया है? यदि हाँ, तो कारण स्पष्ट करें व शेष रहे युवा आवेदकों को ऋण कब तक उपलब्ध करा दिया जावेगा?

राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम ( श्री संजय पाठक ) : (क) जी नहीं। प्रश्नांकित योजना दिनांक 01-04- 2013 से 31-07-2014 तक संचालित थी। योजना के संचालन अवधि में इन्दौर जिले में कुल 6120 युवाओं से आवेदन प्राप्त हुए एवं 1740 युवाओं को ऋण उपलब्ध कराया गया। विधान सभावार संख्या निम्नानुसार हैः-

विधानसभा क्षेत्र क्रमांक

वितरित प्रकरण शहरी क्षेत्र

वितरित प्रकरण ग्रामीण क्षेत्र

कुल वितरित प्रकरण

इंदौर विधानसभा क्षेत्र क्रं.1

76

0

76

इंदौर विधानसभा क्षेत्र क्रं.2

216

0

216

इंदौर विधानसभा क्षेत्र क्रं.3

330

0

330

इंदौर विधानसभा क्षेत्र क्रं.4

176

0

176

इंदौर विधानसभा क्षेत्र क्रं.5

292

0

292

राऊ

11

86

97

सांवेर

0

178

178

देपालपुर

0

133

133

महू

0

242

242

योग

1101

639

1740

(ख) जी हाँ, कुल प्राप्त 6120 आवेदनों के विरूद्ध 1740 आवेदकों को ऋण बैंकों द्वारा उपलब्ध कराया गया है। योजना 31.07.2014 को समाप्त होने के कारण शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

शासकीय निवास महाविद्यालय में कक्षाएँ संचालित करना एवं प्राचार्य, प्रोफेसरों की नियुक्ति

[उच्च शिक्षा]

56. ( क्र. 3916 ) श्री रामप्यारे कुलस्ते : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मण्‍डला जिले के निवास विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मात्र एक महाविद्यालय निवास लगभग २० वर्षों से प्राचार्य एवं प्रोफेसरों की नियुक्ति की प्रतीक्षा में संचालित है? महाविद्यालय में वर्तमान में कितने पद स्‍वीकृत हैं? (ख) आओ बनाओ अपना म.प्र. यात्रा के दौरान माननीय मुख्‍यमंत्री महोदय ने विद्यार्थि‍यों की समस्‍याएँ सुनते हुये बी.एस.सी. एवं स्‍नातकोत्‍तर कक्षाएँ एवं अन्‍य स्‍टॉफ जिसमें प्राचार्य, विषयवार प्रोफेसर की नियुक्ति का आश्‍वासन दिया किंतु आज तक महाविद्यालय में न तो बी.एस.सी. स्‍नातकोत्‍तर की कक्षाएँ प्रारंभ हो पाई हैं और न ही प्राचार्य तथा विषयवार प्रोफेसरों की नियुक्ति हो पाई है। क्‍या वर्णित समस्‍याओं का सामाधान किया जावेगा यदि किया जावेगा? तो कब तक किया जावेगा यह भी बताने का कष्‍ट करेंगे?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी नहीं। मंडला जिले के निवास विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 1987-88 से महाविद्यालय संचालित है जहॉ समय-समय पर प्राचार्य एवं प्राध्यापकों की पदस्थापना होती रही है। महाविद्यालय में वर्तमान में स्वीकृत पदों का विवरण संलग्न परिशिष्ट पर दृष्टांकित है। (ख) जी नहीं। माननीय मुख्यमंत्रीजी द्वारा मध्यप्रदेश बनाओ यात्रा के दौरान निवास विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बी.एस.सी. एवं स्नातकोत्तर की कक्षाएँ तथा शैक्षणिक स्टॉफ की नियुक्ति हेतु जनसमुदाय के समक्ष आश्वासन नहीं दिया गया जिसके संबंध में पूर्व में भी विधानसभा सत्र फरवरी-अप्रैल 2016 के दौरान प्राप्त विधानसभा तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 2518 के माध्यम से अवगत कराया जा चुका है। प्राचार्य के पद पर पदस्थापना पदोन्नति के माध्यम से की जाती है। प्राध्यापक पद से स्नातक प्राचार्य पद पर पदोन्नति की कार्यवाही न्यायालयीन प्रक्रिया के कारण स्थगित है तथा सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति हेतु लोक सेवा आयोग से दिनांक 19.02.2016 को विज्ञापन जारी हो चुका है। निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है। शेष प्रश्‍नांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''सत्रह''

दृष्टि एवं श्रवण बाधितार्थ उ.मा. विद्यालय भवन एवं छात्रावास

[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]

57. ( क्र. 3926 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) क्‍या सागर नगर स्थित दृष्टि एवं श्रवण बाधितार्थ उ.मा.विद्यालय के भवन एवं छात्रावास निर्माण की स्‍वीकृति का प्रस्‍ताव शासन के समक्ष विचाराधीन है? यदि हाँ, तो किस स्‍थान पर, कितनी लागत का प्रस्‍तावित किया गया है? (ख) क्‍या दृष्टि एवं श्रवण बाधितार्थ उ.मा. विद्यालय का भवन एवं छात्रावास काफी पुराना होने से जर्जर हो चुका है, खिड़की एवं दरवाजों के पल्‍ले टूटे होने से असुरक्षित हैं तथा वर्षा ऋतु में पानी का भराव भी हो जाता है? विद्यालय भवन से दूर स्थित सामुदायिक भवन का उपयोग छात्रावास के रूप में किया जा रहा है तथा छात्रायें अन्‍यत्र स्‍थान पर किराये के मकान में निवासरत् हैं? (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में यदि हाँ, तो क्‍या शासन दृष्टि एवं श्रवण बाधित विद्यार्थियों की सुविधाओं को दृष्टिगत रखते हुए नवीन विद्यालय भवन एवं छात्र-छात्राओं को पृथक-पृथक छात्रावास निर्माण की स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। पूर्व में निर्मित छात्रावास भवन में पर्याप्त स्थान एवं व्यवस्था न होने से कलेक्टर सागर द्वारा विद्यालय के समीप सामुदायिक भवन में व्यवस्था की गई है। (ग) जी नहीं। वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्ताव शासन विचाराधीन नहीं है।

युवा बेरोजगारों को रोजगार उपलब्‍ध कराने विषयक

[वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार]

58. ( क्र. 3971 ) श्री राजेश सोनकर : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के युवा बेरोजगारों को रोजगार देने हेतु कौन-कौन सी योजनाएं संचालित की जा रही हैं? इस हेतु शासन स्तर पर क्या-क्या प्रयास किये जा रहे हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में इन्दौर जिला अंतर्गत विगत 3 वर्षों में कितने युवाओं द्वारा शासन की योजनाओं अंतर्गत आवेदन प्रस्तुत किये गये हैं? कितने युवाओं द्वारा योजनांतर्गत व्यवसाय स्थापित किया गया एवं कितने बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में प्रश्नांश (ख) अवधि में क्या इन्दौर जिला स्तर पर रोजगार मेला आयोजित कर उसके माध्यम से युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये गये? यदि हाँ, तो किन-किन कम्पनि‍यों द्वारा किस-किस पद हेतु मेलों के माध्यम से कितने युवाओं को प्रश्न दिनांक तक रोजगार उपलब्ध कराया गया?         (घ) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में स्व-रोजगार/स्वयं के उद्योग स्थापित करने हेतु प्राप्त आवेदनों में से कितने आवेदन स्वीकृत होने के पश्चात् भी प्रश्‍न दिनांक तक उद्योग स्थापित नहीं किये जा सके हैं? कारण स्‍पष्ट करें।

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) विभाग दवारा युवा बेरोजगारों को रोजगार देने हेतु जॉब फेयर योजना संचालित है। इस योजनान्‍तर्गत प्रदेश के जिला रोजगार कार्यालयों के माध्‍यम से रोजगार मेले आयोजित कर निजी क्षेत्र में बेरोजगार आवेदकों का वैतनिक रोजगार हेतु चयन कराया जाता है। (ख) प्रश्‍नांश '''' के उत्‍त्तर के सन्‍दर्भ में इन्‍दौर जिला अन्‍तर्गत विगत 3 वर्षों में जॉब फेयर योजना अन्‍तर्गत 5126 युवाओं को रोजगार प्राप्‍त हुआ। विभाग में स्‍वयं का रोजगार स्‍थापित कराये जाने के संबंध में कोई योजना संचालित नहीं है। अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। कम्‍पनियों एवं पदवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) प्रश्‍नांश '''' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

59. ( क्र. 3993 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सागर एवं राजतगढ़ विकासखंड में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अतर्गत विगत अप्रैल 2015 से दिसम्‍बर 2016 तक कितने नवीन सड़क मार्ग/पुराने सड़क मजबूतीकरण कार्य स्‍वीकृत किये गये हैं? (ख) स्‍वीकृत/पुराने सड़क मजबूतीकरण कार्य की निविदा विभाग द्वारा कब-कब जारी की गई एवं निविदा कार्य किन कार्य एजेंसियों द्वारा लिया गया?            (ग) स्‍वीकृत/पुराने सड़क मजबूतीकरण का कार्य किन-किन सड़क मार्गों में पूर्ण हो चुका है/कितना अपूर्ण हैं/कितने सड़क मार्गों में कार्य प्रारंभ नहीं किया है तथा समयावधि कार्य पूर्ण होने के लिए कितना समय शेष है? सड़क मार्ग वार जानकारी देवें। (घ) यदि निविदा स्‍वीकृति के बाद सड़क मार्ग का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है तो विभाग द्वारा कार्य एजेंसी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) से (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।          (घ) स्वीकृत कोई भी कार्य अप्रारम्भ नहीं है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''अठारह''

नरयावली से कांचरी निर्माण मार्ग

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

60. ( क्र. 3994 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नरयावली से कांचरी सड़क मार्ग का निर्माण कार्य प्रधानमंत्री सड़क परियोजना अंतर्गत कब और कितनी लागत से स्‍वीकृत किया गया था? (ख)