मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च, 2018 सत्र


मंगलवार, दिनांक 20 मार्च, 2018


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर



भवन विहीन हाई/हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों के भवनों की स्‍वीकृति

[स्कूल शिक्षा]

1. ( *क्र. 3524 ) श्री महेश राय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र बीना में कितने हाई स्‍कूल/हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल भवन वि‍हीन हैं तथा वर्तमान में किसके भवन में संचालित हैं और कब तक भवन स्‍वीकृत हो जायेंगे? सूची उपलब्‍ध करावें (ख) विधान सभा क्षेत्र बीना में लगभग 08-10 वर्षों से संचालित शासकीय हाई स्‍कूल बेसरा कसोई एवं उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय बसाहरी, पथरिया जेगन एवं अन्‍य विद्यालयों के नवीन भवन कार्य योजना में शामिल हैं, अथवा नहीं? (ग) यदि कार्य योजना में शामिल हैं तो विधानसभा क्षेत्र बीना में संचालित हाई स्‍कूल एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों के भवन कब तक स्‍वीकृत हो जावेंगे? (घ) विधान सभा क्षेत्र बीना में आज दिनांक तक उक्‍त विद्यालयों के भवन क्‍यों स्‍वीकृत नहीं किये गये? इसके लिए कौन दोषी है एवं विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गयी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। भवन निर्माण की स्वीकृति बजट उपलब्धता पर निर्भर करेगा। (ख) सीमित वित्तीय संसाधनों के कारण वर्ष 2017-19 की कार्य योजना में शामिल नहीं किया जा सका है। (ग) बजट उपलब्धता पर निर्भर करेगानिश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) भवन निर्माण बजट उपलब्धता पर निर्भर करता है। शेषांश प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''एक''

विधानसभा क्षेत्र महेश्‍वर में मार्ग/सेतु निर्माण की स्‍वीकृति

[लोक निर्माण]

2. ( *क्र. 2049 ) श्री राजकुमार मेव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र महेश्‍वर में प्रश्‍नकर्ता द्वारा वर्ष अप्रैल 2017 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से प्रस्‍ताव मार्ग निर्माण एवं सेतु निर्माण हेतु विभाग को प्रस्‍तुत किये गये हैं? प्रस्‍तावों पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रस्‍तावित कौन-कौन से मार्ग एवं सेतु निर्माण के प्रस्‍तावों में कार्यों की स्‍वीकृति हेतु डी.पी.आर. तैयार कर ली गई है? यदि नहीं, की गयी है, तो क्‍यों? (ग) प्रश्नांश (क) के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रस्‍तुत प्रस्‍तावों को विभाग द्वारा प्रस्‍तावित कार्यों में से कौन-कौन से कार्यों की स्‍वीकृति हेतु वर्ष 2018-19 की कार्य योजना एवं बजट में सम्मिलित किया गया है एवं कौन-कौन से कार्य सम्मिलित नहीं किये गये हैं? कार्यवार कारण स्‍पष्‍ट करें। (घ) क्‍या ग्राम माचलपुर में नदी पर सेतु निर्माण के कार्य को स्‍वीकृति हेतु बजट में सम्मिलित किया गया है? यदि हाँ, तो लागत राशि बताई जावे? यदि नहीं, तो क्‍या कारण हैं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। मार्ग लो.नि.वि. के आधिपत्‍य में नहीं होने के कारण वर्तमान में कार्यवाही संभव नहीं है।

कटंगी में अतिरक्ति जिला एवं सत्र न्‍यायालय कलिंक कोर्ट की स्‍थापना

[विधि और विधायी कार्य]

3. ( *क्र. 4482 ) श्री के.डी. देशमुख : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बालाघाट जिले के कटंगी तहसील मुख्‍यालय में अतिरिक्‍त जिला एवं सत्र न्‍यायालय के लिंक कोर्ट की स्‍वीकृति हेतु म.प्र. उच्‍च न्‍यायालय द्वारा अनुमति प्राप्‍त हुई है? (ख) यदि हाँ, तो लिंक न्‍यायालय प्रारम्‍भ क्‍यों नहीं हो रहा है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) उच्‍च न्‍यायालय की न्‍यायालय स्‍थापना नीति 2014 के अनुसार माननीय उच्‍च न्‍यायालय द्वारा की गई अनुशंसा के अनुरूप मूलभूत सुविधाओं के अंतर्गत न्‍यायालय भवन, न्‍यायाधीश, कर्मचारियों हेतु आवासगृह आदि उपलब्‍ध न होने के कारण तहसील कटंगी में अतिरिक्‍त जिला एवं सत्र न्‍यायाधीश का लिंक कोर्ट प्रारंभ नहीं किया जा सका है।

न्‍यायालयीन आदेश की अवहेलना करने वाले दोषियों पर कार्यवाही

[स्कूल शिक्षा]

4. ( *क्र. 4844 ) श्री हर्ष यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कलेक्‍टर सतना ने आदेश दिनांक 16.10.1996 द्वारा श्रीराम जी पटनहा, लिपिक जिला शिक्षा केन्‍द्र सतना की संविदा नियुक्ति किस कारण से किन परिस्थितियों में समाप्‍त की थी? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) वर्णित आदेश के विरूद्ध याचिका क्रमांक डब्‍ल्‍यू.पी. 4480/96 दायर की गई थी व उक्‍त याचिका के विचाराधीन रहने के दौरान आदेश दिनांक 30.11.1999 द्वारा श्री पटनहा को संविदा आधार पर आगामी आदेश तक नियुक्त किया गया था। (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित याचिका एवं रिव्‍यू याचिका पर क्रमश: दिनांक 20.03.2008, 26.08.2008 एवं 27.06.2008 को माननीय न्‍यायालय से निर्णय प्राप्‍त हो चुका है? क्‍या आदेश दिया गया? माननीय न्‍यायालय के निर्णय के पालन कराने हेतु जिला शिक्षा केन्‍द्र स्‍तर पर कब-कब नोटशीट अधिकारियों के समक्ष प्रस्‍तुत की गई? विवरण दें। दस वर्षों तक निर्णय को दबाये रखने व उसका पालन न कराये जाने हेतु कौन-कौन उत्‍तरदायी है? इस अ‍वधि में स्‍थापना शाखा प्रभारी कौन था? इस प्रकरण में अब तक किसे दोषी माना गया है? (घ) क्‍या माननीय न्‍यायालय के निर्णय दिनांक 20.03.2008 एवं 27.06.2008 के अनुसार श्री पटनहा की संविदा समाप्ति संबंधी आदेश न्‍यायालय द्वारा उचित ठहराये जाने के बाद भी येन-केन प्रकारेण संविदा जारी रखने हेतु वरिष्‍ठ अधिकारियों सहित नियुक्ति समिति को गुमराह करने के मामले में क्‍या उच्‍चस्‍तरीय जांच कराई जाकर दोषियों को दण्डित किया जावेगा और माननीय न्‍यायालय के आदेश का पालन कराया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों? कब तक उक्‍त संविदा नियुक्ति समाप्‍त की जाकर संबंधित दोषी व अन्‍य उत्‍तरदायी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) श्री रामजी पटनहा, लिपिक, जिला शिक्षा केन्‍द्र, सतना को कलेक्‍टर, सतना द्वारा अपने आदेश दिनांक 16.10.1996 के द्वारा क्रय में अनियमितता के कारण संविदा नियुक्ति समाप्‍त की गई थी। (ख) जी हाँ। याचिका क्रमांक 4480/96 विचाराधीन रहने के दौरान रिक्‍त पद पर आदेश दिनांक 30.11.1999 के द्वारा श्री पटनहा को संविदा आधार पर नियुक्‍त किया गया था। (ग) जी हाँ। आदेश की प्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। न्‍यायालयीन निर्णय के पश्‍चात् हुई कार्यवाही के विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। दस वर्ष तक दबाए रखने जैसी स्थिति नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। प्रश्‍नाधीन अवधि के स्‍थापना प्रभारियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। अभी तक किसी को दोषी नहीं माना गया है। (घ) प्रकरण की जांच कराई जाकर गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही की जावेगी।

जिला अनुपपूर अंतर्गत मार्ग का निर्माण

[लोक निर्माण]

5. ( *क्र. 1152 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अनूपपुर अंतर्गत अनूपपुर चचाई अमलई पी.सी.सी. मार्ग निर्माण की प्रशासकीय स्‍वीकृति‍ दिनांक व कार्य की लागत बतायें? (ख) प्रश्‍नांकित मार्ग का भूमि पूजन किस दिनांक को किया गया एवं विभाग द्वारा कार्य पूर्ण होने की समयावधि क्‍या निर्धारित की गई है? (ग) क्‍या प्रश्‍नांकित मार्ग का निर्माण कार्य प्रारम्‍भ कर दिया गया है? यदि हाँ, तो माह जनवरी 2018 की स्थिति में कितना कार्य कर लिया गया? यदि नहीं, तो निर्माण कार्य प्रारंभ न करने का औचित्‍य बतायें? (घ) क्‍या विभाग द्वारा निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण न होने पर निर्माण एजेन्‍सी के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) दिनांक 01.12.2016 एवं लागत रू. 49.85 करोड़ एवं म.प्र. रोड डेव्‍हलपमेंट कर्पोरेशन लि. के अंतर्गत विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) दिनांक 23.11.2017 को अनुबंधानुसार दिनांक 08.04.2019 एवं म.प्र. रोड डेव्‍हलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड के अंतर्गत विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी हाँ, क्‍लीयरिंग एण्‍ड ग्रूविंग एवं सर्वेक्षण कार्य पूर्ण, प्‍लान एवं प्रोफाईल का अनुमोदन पश्‍चात् सबग्रेड का कार्य प्रारंभ कर अनुबंधानुसार पूर्ण कराया जावेगा एवं म.प्र. रोड डेव्‍हलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड के अंतर्गत विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) नियत तिथि में कार्य पूर्ण न होने की स्थिति में अनुबंधानुसार कार्यवाही की जा सकेगी।

परिशिष्ट - ''दो''

बण्‍डा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत शालाओं का उन्नयन

[स्कूल शिक्षा]

6. ( *क्र. 340 ) श्री हरवंश राठौर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में वर्ष 2017-18 में हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी स्‍कूल के उन्नयन हेतु शासन के पास कितना बजट है। (ख) क्या बण्डा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत हाईस्कूल से हायर सेकेण्डरी में उन्नयन हेतु शासन के मापदण्ड अनुसार 06 हाईस्कूल कंदवा, सेसईसाजी, गूगराखुर्द, बहरोल तथा तारपोह को बजट प्रावधान के अंतर्गत स्वीकृति हेतु प्रस्‍ताव किया गया था? (ग) क्या उक्त 06 प्रस्तावों के उन्नयन वर्ष 2018-19 में कर दिए जाएंगे?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) प्रदेश अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2017-18 में हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी के उन्नयन हेतु राशि रू. 78.32 करोड़ उपलब्ध है। (ख) एवं (ग) जी हाँ। विभागीय आदेश क्र44-9/2018/20-2, दिनांक 29.01.2018 द्वारा प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित शालाओं का उन्‍नयन किया जा चुका है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

कृषकों को बीमा की राशि का प्रदाय

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

7. ( *क्र. 1421 ) श्री प्रताप सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह जिले में वर्ष 2016-17 के लिए किन-किन बैंकों में कितने कृषकों की कितनी-कितनी प्रीमियम की राशि जमा करायी गयी तथा बीमा प्रीमियम राशि में से कितनी राशि बीमा कम्पनी को भेजी गई, पटवारी हल्‍कावार, तहसीलवार जानकारी देवें? (ख) मध्यप्रदेश शासन द्वारा फसल बीमा हेतु किन-किन निजी बीमा कम्पनियों को बीमा किये जाने हेतु दमोह जिले में अधिकृत किया है? उनके नाम बतलावें, इन निजी बीमा कम्पनियों द्वारा अभी तक कितने किसानों का बीमा किया गया तथा कितनी-कितनी बीमा की राशि का भुगतान कृषकों को किया गया? तहसीलवार जानकारी देवें। (ग) खरीफ मौसम हेतु प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत क्षतिपूर्ति की राशि का भुगतान औसत पैदावार के आधार पर पात्र कृषकों को किया गया है? यदि हाँ, तो कृषक संख्‍या बतायें? फसलवार पिछले वर्ष की तुलना में उत्पादन की स्थिति क्या रही है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) दमोह जिले में खरीफ 2016 एवं रबी 2016-17 मौसम में बैंक शाखाओं द्वारा बीमांकन हेतु प्राप्‍त घोषणा पत्रों के अनुसार बीमांकन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। (ख) मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत दमोह जिले में एच.डी.एफ.सी. एग्रो को क्रियान्‍वयन एजेंसी के रूप में कार्य करने हेतु अधिकृत किया गया है। बीमा कंपनी द्वारा बीमित कृषकों एवं भुगतान की गई दावा राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार है। (ग) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत खरीफ 2016 मौसम में फसल कटाई प्रयोगों से प्राप्‍त औसत पैदावार के आधार पर दमोह जिले में कुल लगभग 23075 पात्र कृषकों को लगभग राशि रू. 29.80 करोड़ दावा राशि का भुगतान किया गया है। दमोह जिले की खरीफ 2016 एवं खरीफ 2017 के पटवारी हल्‍कावार बीमित फसलों के फसल कटाई प्रयोगों से प्राप्‍त औसत उत्‍पादकता की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''तीन'' अनुसार है।

कटनी जिलांतर्गत पौध रोपण हेतु प्राप्‍त आवंटन/व्‍यय

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

8. ( *क्र. 4680 ) श्री संदीप श्री प्रसाद जायसवाल : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी जिले में विभाग द्वारा विगत 03 वर्षों में कितने एवं कौन-कौन से पौधों का कहाँ-कहाँ रोपण किया गया और विभाग द्वारा कितने पौधे, किस किस्म एवं प्रजाति के कहाँ से एवं किस कीमत पर क्रय किये गये? रोपणवार बतायें। (ख) प्रश्नांश (क) क्या शासकीय रोपणियों (नर्सरियों) में पौधे उत्पादन कार्य नहीं किया जाता? यदि हाँ, तो क्यों? यदि नहीं, तो शासकीय रोपणियों से पौधे क्यों प्राप्त नहीं किये गये और कटनी जिले में कहाँ-कहाँ शासकीय रोपणियां संचालित हैं? विगत 03 वर्षों में कितना-कितना व्‍यय कर किस प्रजाति के कितने-कितने पौधे उत्पादित किये गये? इससे कितनी आय हुई? (ग) पौध रोपण हेतु शासन द्वारा किन योजनाओं के तहत अनुदान प्रदान किया जाता है? प्रश्नांश (क) के तहत कितना-कितना अनुदान उल्‍लेखित अवधि में कितने कृषकों को प्रदान किया गया? (घ) प्रश्नांश (क) से (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में विभागीय योजनाओं से जिले के किन-किन ग्रामों के कितने कृषकों को क्या लाभ हुआ और रोपित पौधों में से कितने पौधे जीवित बचे तथा कितने पौधे मृत हो गये?

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। पौधे क्रय नहीं किये गये हैं, अपितु शासकीय रोपणियों से प्रदाय किये गये हैं, अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) कटनी जिले की शासकीय रोपणियों में पौध उत्‍पादन कार्यक्रम लिया जाता है। उत्‍तरांश (क) के पौधे शासकीय रोपणियों से प्रदाय किये गये हैं, शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

निवाड़ी विधान सभा क्षेत्र के अपूर्ण स्‍कूल भवनों का निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

9. ( *क्र. 4216 ) श्री अनिल जैन : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र निवाड़ी के ग्राम पुछीकरगुवां में कुल कितने शासकीय विद्यालय स्‍वीकृत एवं कार्यरत हैं? विद्यालयों के नाम एवं चालू सत्र में विद्यालयवार, कक्षावार, अध्‍ययनरत छात्रों की संख्‍या बतायी जावे। (ख) प्रश्‍नगत विद्यालयों के लिये कितने-कितने भवन शासन द्वारा स्‍वीकृत, निर्मित एवं निर्माणाधीन हैं? इनके स्‍वीकृति वर्ष, निर्माण प्रारंभ वर्ष एवं पूर्णता तिथि बतायी जावे तथा हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल के निर्माणाधीन भवन का कार्य कब से रूका हुआ है, की तिथि कारण सहित बताई जावे। (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित निर्माणाधीन विद्यालय भवन की स्‍वीकृति किन-किन योजनाओं में की गई तथा शेष कार्य किस योजना के तहत कब तक पूर्ण कराया जायेगा।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। (ख) शा. हायर सेकेण्डरी स्कूल पुछीकरगुवां के लिए जिला पंचायत टीकमगढ़ बी.आर.जी.एफ. योजना के तहत वर्ष 2008 में भवन निर्माण स्वीकृत कर निर्माण एजेन्सी लोक निर्माण विभाग टीकमगढ़ निर्धारित की गई थी। निर्माण एजेन्सी लोक निर्माण विभाग टीकमगढ़ द्वारा वर्ष 2008 में भवन निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया था, जो वर्ष 2015 से बंद है। योजना बंद होने से कार्य पूर्ण नहीं हो पा रहा है। शासकीय प्राथमिक माध्‍यमिक स्कूलों संबंधी जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। (ग) शा. हायर सेकेण्डरी स्‍कूल पुछीकरगुवां के भवन निर्माण की स्वीकृति बी.आर.जी.एफ. योजना के तहत जिला पंचायत टीकमगढ़ द्वारा की गई थी, वर्तमान में बी.आर.जी.एफ. योजना बंद हो गई है। राशि की मांग की गई है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''तीन''

परासिया में अतिरिक्‍त सत्र न्‍यायालय की स्‍थापना

[विधि और विधायी कार्य]

10. ( *क्र. 4591 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परासिया में अतिरिक्‍त सत्र न्‍यायालय प्रारम्‍भ करने हेतु जिस भूमि (स्‍थल) का चयन ग्राम खिरसाडोह में विभाग द्वारा किया गया है, उस भूमि पर ही स्‍टेडियम बनना प्रस्‍तावित है और चयनित भूमि पर पूर्व से छात्रावास है, जिसका पुन: निर्माण होना है तथा चयनित भूमि सभी प्रमुख नगरों के काफी दूरी पर स्थित है? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित पर‍िस्थितियों पर विचार कर क्‍या परासिया शहर के मध्‍य में स्थित नगर चांदामेटा बुटरिया में स्थित शासकीय भूमि जिसका खसरा क्रमांक 35/1 रकबा 19.866 में से लगभग 9 हेक्‍टेयर शासकीय भूमि शेष है, जो स्‍टेट हाईवे से 100 से 200 मीटर की दूरी पर स्थित है एवं यदि उपरोक्‍त स्‍थल का चयन अतिरिक्‍त सत्र न्‍यायालय प्रारंभ किये जाने हेतु किया जाता है, तो निश्चित ही परासिया विधानसभा क्षेत्र के आमजनों व जनता को अत्‍यधिक सुविधा प्राप्‍त हो सकेगी? यदि हाँ, तो क्‍या उल्‍लेखित नगर चांदामेटा बुटरिया में स्थित शासकीय भूमि में अतिरिक्‍त सत्र न्‍यायालय प्रांरभ किया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) परासिया में अतिरिक्त सत्र न्यायालय प्रारंभ करने हेतु जिस भूमि (स्थल) का चयन ग्राम खिरसाडोह में विभाग द्वारा किया गया है, उस भूमि पर स्टेडियम बनाना प्रस्तावित नहीं है तथा चयनित भूमि पर छात्रावास निर्मित नहीं है। चयनित भूमि परासिया नगरपालिका सीमा से मात्र 2 कि.मी. की दूरी पर मुख्य मार्ग खिरसाडोह-परासिया स्टेट हाईवे से लगी हुई है। जो कि न्यायालय भवन के निर्माण हेतु सर्वोत्तम और सर्व-सुविधाजनक भूमि है, जहाँ पर आवागमन के पर्याप्त साधन हैं और न्यायाधीशों के निवास स्थान भी नजदीक स्थित हैं। (ख) जी नहीं। नगर चांदामेटा बुटारिया में स्थित भूमि में भूमिगत खदान होने के कारण अधिवक्ता संघ के सदस्य एवं व्यवहार न्यायालय के न्यायाधीशगणों के द्वारा उस स्थान को चयनित नहीं किया गया। न्यायालय भवन एक से अधिक मंजिला है, इसलिये ऐसे क्षेत्र में न्यायालय भवन का निर्माण नहीं किया जा सकता है, जहां कि भूमि का उपयोग कोल-माईन्स के लिये किया गया हो। चयनित की गई भूमि न्यायालय भवन के निर्माण हेतु सर्वोत्तम और सर्व-सुविधाजनक भूमि होकर आवागमन के पर्याप्त साधन उपलब्ध हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

फूड प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना 

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

11. ( *क्र. 1124 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्‍या माननीय मुख्यमंत्री जी ने दिनांक 10.01.2016 को खाचरौद प्रवास के दौरान खाचरौद में फूड प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना की घोषण की थी? यदि हाँ, तो यह प्रक्रिया किस स्तर पर प्रचलित है?

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : प्रश्‍नाधीन दिनांक को मटर फली के लिये फूड प्रोसेसिंग प्‍लांट की स्‍थापना की घोषणा की गई थी, जिसके लिये विज्ञापन प्रकाशित किया गया, किन्‍तु किसी भी निजी निवेशक द्वारा रूचि नहीं लेने के कारण घोषणा का क्रियान्‍वयन नहीं हो पाया है।

फेयरवेदर सड़कों का डामरीकरण

[लोक निर्माण]

12. ( *क्र. 4500 ) श्रीमती प्रतिभा सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्र. 1618, दिनांक 04.12.2017 के उत्‍तर के संलग्‍न परिशिष्‍ट-32 के अनुसार विधान सभा क्षेत्र में निर्माणाधीन 5 में से 4 फेयरवेदर सड़कों की पुलियों एवं रोड फर्नीचर के कार्य शेष होना एवं दिसम्‍बर 2017 तक पूर्ण होने की जानकारी दी थी? साथ ही 5 वीं फेयर वेदर सड़क कटंगी से लामी का निर्माण किसानों द्वारा विवाद के कारण प्रारंभ नहीं होगा बताया था? यदि हाँ, तो वर्तमान में उक्‍त सड़कों के कौन-कौन से कार्य पूर्ण हो चुके हैं? कौन-कौन से शेष हैं? उक्‍त कार्य कब तक पूर्ण होंगे? (ख) बरगी विधानसभा क्षेत्र की कितनी सड़कों में डामरीकरण की आवश्‍यकता है? क्षतिग्रस्‍त सड़कों के नाम सहित बतावें। उक्‍त सड़कों का डामरीकरण फेयरवेदर योजनांर्तगत कब तक किया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। वर्तमान में समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

विद्यार्थियों को ड्रेस निर्माण हेतु राशि की स्‍वीकृति‍

[स्कूल शिक्षा]

13. ( *क्र. 4736 ) श्री हेमन्‍त सत्‍यदेव कटारे : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा प्राथमिक/माध्‍यमिक विद्यालयों के छात्र/छात्राओं को प्रतिवर्ष स्‍कूल ड्रेस निर्माण हेतु रूपये 400/- की सहायता संबंधित छात्र के अभिभावक के बैंक खाते में जमा कराये जाने के नियम हैं? (ख) यदि हाँ, तो शैक्षणिक सत्र 2016-17 एवं 2017-18 में भिण्‍ड जिले में यह राशि अभिभावकों के खाते में कब जमा करायी गयी? क्‍या अभिभावकों को जमा करायी गई पूरी राशि विद्यार्थी के ड्रेस निर्माण हेतु बैंकों के खाते से प्राप्‍त हुई है? यदि नहीं, तो कितनी? विद्यालयवार जानकारी दी जाये। (ग) क्‍या अभिभावकों के बैंक खातों से संबंधित बैंकों द्वारा न्‍यूनतम बैलेन्‍स कम होने के आधार पर ड्रेस की जमा राशि में से पेनल्‍टी के रूप में राशि काट ली और इस कारण विद्यार्थी को ड्रेस निर्माण हेतु स्‍वीकृत रूपये 400/- की राशि प्राप्‍त नहीं हुई? क्‍या बैंकों द्वारा काटी गयी राशि वापस अभिभावकों के खातों में प्राप्‍त होगी और संबंधित बैंकों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल द्वारा छात्र-छात्राओं एवं अभिभावक के बैंक खातों में सीधे शासकीय स्कूल की शाला प्रबंधन समिति के माध्यम से बच्चों को प्रति छात्र दो जोड़ी के मान से रूपये 400/- की राशि जारी किये जाने के नियम हैं। (ख) भिण्ड जिले में समस्त शा.प्राथ./माध्य. शालाओं को सत्र 2016-17 में राज्य शिक्षा केन्द्र के पत्र क्रमांक 4601, दिनांक 27.06.2016 से 41244 छात्र/छात्राओं रूपये 400/- के मान से रूपये 1,64,97,600/- जारी की गई। इसके पश्‍चात् पत्र क्रमांक 5014/5015 भोपाल दिनांक 08.07.2016 से 98236 छात्र/छात्राओं के लिए रूपये 400/- के मान से रूपये 3,92,94,400/- जारी की गई। सत्र 2017-18 में राज्य शिक्षा केन्द्र का पत्र क्रमांक 1767, भोपाल दिनांक 14.03.2017 से 113707 छात्र/छात्राओं को रूपये 400/- के मान से रूपये 4,54,82,800/- जारी की गई और दिनांक 08.12.2017 को 16251 छात्र/छात्राओं को रूपये 400/- के मान से रूपये 65,00,400/- जारी की गई थी। विद्यालय की शाला प्रबंधन समिति द्वारा बच्चों के खाता धारकों के बैंक एकाउण्ट में रूपये 400/- जारी किये जाते हैं। भिण्ड जिले में इस प्रकार की शिकायत प्राप्त नहीं हुई है कि बच्चों के ड्रेस की राशि बैंक द्वारा काट ली गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) भिण्ड जिले में इस प्रकार की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अंशकालीन लिपिकों/भृत्‍यों की वेतन वृद्धि

[स्कूल शिक्षा]

14. ( *क्र. 3013 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिक्षाकर्मी योजना के तहत भिण्‍ड जिले में कितने-कितने अंशकालीन लिपिक एवं अंशकालीन भृत्‍यों की नियुक्तियां की गई? संख्‍या बताएं। (ख) शिक्षाकर्मी योजना के तहत वर्ग-1, वर्ग-2 एवं वर्ग-3 में नियुक्‍त शिक्षाकर्मियों एवं अंशकालीन लिपिक तथा भृत्‍यों की नियुक्ति कितनी-कित‍नी राशि प्रतिमाह पर की गई थी एवं वर्तमान में उक्‍त सभी कर्मचारियों को प्रतिमाह कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया जा रहा है? (ग) शिक्षाकर्मी योजना के तहत भिण्‍ड जिले में वर्ग-1, वर्ग-2 एवं वर्ग-3 में नियुक्‍त शिक्षाकर्मी एवं अंशकालीन लिपिक तथा भृत्‍यों की नियुक्ति कितनी-कितनी राशि प्रतिमाह पर की गई थी एवं वर्तमान में उक्‍त सभी कर्मचारियों को प्रतिमाह कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया जा रहा है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) शिक्षाकर्मी योजना के तहत अंशकालीन लिपिक एवं अंशकालीन भृत्यों की नियुक्ति का प्रावधान नहीं है। भिण्‍ड जिले में नियुक्त अंशकालीन लिपिक एवं भृत्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। इसकी जाँच कराई जा रही है। (ख) शिक्षाकर्मी एवं अध्यापक संवर्ग के वेतन भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार है। अंशकालीन लिपिक एवं अंशकालीन भृत्यों को नियुक्‍ति दिनांक को देय राशि पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार तथा वर्तमान में प्रदाय राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। (ग) नियुक्‍ति के समय एवं वर्तमान प्रदाय की जा रही राशि की जानकारी परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' एवं ''दो'' में समाहित है।

छात्राओं को साईकिल का वितरण

[स्कूल शिक्षा]

15. ( *क्र. 4795 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) डिण्‍डोरी जिले में वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में कितनी छात्राओं को साईकिल का वितरण किया गया? साईकिल वितरण हेतु कितना आवंटन था, उसमें कितना व्‍यय किया गया? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार वितरण की गई साईकिल की खरीदी किसने की, साईकिल खरीदी हेतु निविदा का प्रकाशन कब किया गया किस-किस माध्‍यम से निविदा का प्रकाशन किया गया? किस-किस ने निविदा खरीदी, कौन-कौन ने निविदा भरी, क्‍या-क्‍या दर भरी थी, किसकी निविदा स्‍वीकृत हुई? अनुबंध कब हुआ, सप्‍लाई कब हुई, भुगतान कब किया गया, कुल कितना भुगतान किया गया, किस अधिकारी ने भुगतान किया? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार क्‍या सभी छात्राओं को साईकिल का वितरण कर दिया गया है? साईकिल की गुणवत्‍ता संबंधी शिकायत कहाँ-कहाँ हुई, क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? किसने-किसने शिकायत की?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार वर्ष 2016-17 में निर्धारित राशि रूपये 3,192/- प्रति साईकिल के मान से राशि लघु उद्योग निगम को उपलब्ध कराई गई थी, व्यय का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार वर्ष 2017-18 में राशि रूपये 3,295/- प्रति साईकिल के मान से दर निर्धारित है। (ख) वर्ष 2016-17 में साईकिल लघु उद्योग निगम के माध्यम से क्रय की गई वर्ष 2017-18 में लघु उद्योग निगम के माध्यम से भारत शासन के जैम पोर्टल के माध्यम से खरीदारी की जा रही है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ग) वर्ष 2016-17 में साईकिल वितरण का कार्य पूर्ण हो चुका है वर्ष 2017-18 में वितरण कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। डिंडोरी जिले के अंतर्गत साईकिल संबंधी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

बालाघाट जिलांतर्गत सड़कों का उन्नयन 

[लोक निर्माण]

16. ( *क्र. 4675 ) श्री संजय उइके : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या लोक निर्माण विभाग द्वारा नवीन सड़क विभाग के अधीन लेने एवं सड़कों के उन्‍नयन हेतु कोई प्रक्रिया/नियम/निर्देश किये गये हैं? (ख) यदि हाँ, तो नियम/निर्देश/प्रक्रिया की प्रति, उपलब्‍ध करावें। (ग) बालाघाट जिले में वित्तीय वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन एवं कहाँ-कहाँ के सड़क मार्गों को विभाग के अधीन लिया गया है? आदेश की प्रति सहित जानकारी देवें। (घ) क्‍या बालाघाट जिले की कुछ सड़कों को विभाग के अधीन लिये बिना ही विभाग द्वारा विभागीय बजट से सड़क निर्माण कार्य कराये गये हैं? यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश (ग) वर्णित अवधि में किन-किन सड़कों का, किस-किस मद/योजना से कितनी-कितनी लागत से निर्माण कार्य कराया गया?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-के प्रपत्र '1' एवं '2' अनुसार है। (ग) निरंक। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। उत्‍तरांश '' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

अवन्ति सूत मिल सनावाद के मजदूरी के स्वत्वों का भुगतान

[सहकारिता]

17. ( *क्र. 125 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या अवंति‍ सूत मिल सनावद में कार्यरत मिल मजदूरों को वर्ष 2001 में वी.आर.एस. दिया गया है एवं मिल के कई मजदूरों को उनके स्वत्वों का भुगतान नहीं हुआ है तथा कई मजदूर श्रम न्यायालय में प्रभावितों के पक्ष में आदेश पारित होने के बाद भी भुगतान न होने से कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं? मिल मजदूरों ने जनवरी 2016 से वर्तमान तक कितनी बार जिला एवं तहसील मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार मिल मजदूरों की कितनी मांगों एवं कितने मजदूरों के स्वत्वों का भुगतान किया गया है? उसकी सूची दी जावे। (ग) अवंति सूत मिल के ऐसे कितने कर्मचारी हैं, जो मिल परिसर में पुराने जर्जर भवनों में निवास कर रहे हैं? क्या इन मजदूरों को उनके द्वारा निवास कर रहे आवासों का स्वामित्व दिए जाने हेतु शासन द्वारा कोई राशि जमा की गई है? यदि हाँ, तो कितनी-कितनी राशि किन-किन भूतपूर्व कर्मचारियों द्वारा जमा कराई गई है? उन्हें कब तक निवासरत आवासों का स्वामित्व दर्ज किया जावेगा?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। मिल में कार्यरत सभी 1016 श्रमिकों/कर्मचारियों को पात्रतानुसार वर्ष 2002 में व्ही.आर.एस. राशि का भुगतान किया गया। 234 मिल श्रमिकों/मजदूरों द्वारा भुगतान की राशि से असंतुष्ट होकर माननीय श्रम न्यायालय खण्‍डवा में प्रकरण दायर किये गये हैं, वर्तमान में प्रकरण लंबित हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। अवंति सूत मिल सनावद, के मजदूरों ने तहसीलदार, तहसील कार्यालय सनावद में दिनांक 19.06.2016 को माननीय मुख्यमंत्री जी को संबोधित पत्र की प्रतिलिपि प्रेषित की थी, जिसमें दिनांक 22.07.2016 से कलेक्टर ऑफिस खरगोन के सामने अपनी मांगो के संबंध में महिला-पुरूषों द्वारा आमरण अनशन पर बैठने की सूचना दी गई थी। परन्तु उक्त दिनांक को कोई भी श्रमिकों द्वारा धरना प्रदर्शन संबंधी गतिविधियां नहीं की गईं। दिनांक 12.09.2017 को कलेक्टर के नाम से दिनांक 23.10.2017 से कलेक्टर कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन संबंधी ज्ञापन दिया गया था। परन्तु उक्त दिनांक को कोई भी धरना प्रदर्शन संबंधी गतिविधियां नहीं की गईं। (ख) 1016 मिल मजदूरों के स्वत्वों का भुगतान किया गया है। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। (ग) अवंति सूत मिल के 65 कर्मचारी/श्रमिकों को मिल परिसर में आवासीय मकान आवंटित किये गये थे। 62 श्रमिक अभी भी आवास गृहों में निवास कर रहे हैं। जिनकी सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। 62 श्रमिक/कर्मचारियों द्वारा राशि रूपये 45,20,000/- जमा कराई गई है। आवास गृहों के विक्रय के संबंध में राशि इस शर्त पर जमा कराई गई थी कि अंतिम निर्णय निगम के संचालक मंडल/राज्य शासन का होगा। राज्य शासन के निर्णय अनुसार अवंति मिल वर्कर्स सोसायटी सनावद की संपत्तियां जैसे-प्लांट, मशीनरी, फैक्‍ट्री एवं आवासीय मकानों का विक्रय एवं पंजीयन सोसायटी के पक्ष में हो चुका है। निवासरत श्रमिकों के पक्ष में आवास गृहों को विक्रय एवं पंजीयन किया जाना संभव नहीं है।

प्रश्‍नकर्ता के पत्र पर कार्यवाही

[सहकारिता]

18. ( *क्र. 4283 ) श्रीमती शकुन्‍तला खटीक : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के पत्र क्रमांक 15/एम.एल.ए./2016 दिनांक 13.04.2016 के माध्‍यम से उप पंजीयक सहकारी संस्‍थाएं जिला शिवपुरी को जिला शिवपुरी में संचालित सहकारी संस्‍थाओं के संबंध में आवश्‍यक जानकारी चाही गई थी, परंतु प्रश्‍नांकित दिनांक तक पत्र की प्राप्‍ति‍ एवं की गई कार्यवाही से अवगत नहीं कराया गया? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या इस प्रकार के जनहित के पत्र पर कार्यवाही न करते हुए, उक्‍त पत्र का उत्‍तर न देना क्‍या सामान्‍य प्रशासन विभाग के निर्देश, आदेश की अवहेलना एवं माननीय विधायकों के विशेषाधिकार का पूर्ण रूप से उल्‍लंघन नहीं है? (ग) क्‍या प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित पत्र पर कार्यवाही कर प्रश्‍नकर्ता को अवगत कराया जावेगा एवं संबंधित उत्‍तर न देने वाले अधिकारी कर्मचारी के खिलाफ शासन के आदेश निर्देशों की अवहेलना करने पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) प्रश्‍नकर्ता का पत्र क्रमांक 15/एम.एल.ए./2016 दिनांक 13.04.2016 कार्यालय उप पंजीयक सहकारी संस्‍थाएं, जिला शिवपुरी के कार्यालयीन अभिलेख अनुसार प्राप्‍त नहीं हुआ है। इस कारण जानकारी से अवगत कराये जाने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश (कअनुसार प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

अध्‍यापक संवर्ग का स्‍थानान्‍तरण/संविलियन

[स्कूल शिक्षा]

19. ( *क्र. 4659 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में वर्ष 2017-18 में अध्‍यापक संवर्ग के संविलियन किये जाने के निर्देश थे? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें? (ख) क्‍या राजगढ़ जिले में वर्ष 2017 -18 में अध्‍यापक संवर्ग के जिले के अन्‍दर जिले के बाहर तथा दूसरे जिले से स्‍थानांतरण/संविलियन किये जाने के आवेदन प्राप्‍त हुये थे? यदि हाँ, तो ऑनलाईन आवेदन की संख्‍या बतावें? (ग) उक्‍त प्राप्‍त कुल ऑनलाईन आवेदनों में से कितने आवेदक स्‍थानांतरण/संविलियन से वंचित रहे हैं? संख्‍या बतावें। उनके स्‍थानांतरण/संविलियन नहीं किये जाने का क्‍या कारण हैं?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। अध्‍यापक संवर्ग के अंतर्निकाय संविलियन के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है(ख) एवं (ग) जी हाँ। राजगढ़ जिलान्तर्गत ऑनलाईन अन्तर्निकाय संविलियन के कुल 872 ऑनलाईन आवेदन प्राप्त हुए हैं। ऑनलाईन संविलियन के आदेश जारी किये जाने की प्रक्रिया प्रचलन में है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

शालाओं का उन्‍नयन

[स्कूल शिक्षा]

20. ( *क्र. 169 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍न क्रमांक 2308, दिनांक 30 मार्च, 2017 के परिशिष्‍ट 04 पर 14 माध्‍यमिक शालाओं के उन्‍नयन की जो सूची दी है? उनमें से कितनी शालाओं का उन्‍नयन किया जावेगा? स्‍पष्‍ट करें (ख) क्‍या वर्ष 2018-19 के आवंटन से राजनगर विधानसभा क्षेत्र में आने वाली माध्‍यमिक शालाओं के हाईस्‍कूल में उन्‍नयन की कार्यवाही आयुक्‍त लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल द्वारा की जायेगी? (ग) यदि हाँ, तो तिथि तथा उन शालाओं के नाम जो मापदण्‍ड पूर्ण करती हैं, उल्‍लेख करें

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) से (ग) वर्ष 2017-18 में शालाओं के उन्‍नयन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शालाओं का उन्‍नयन बजट की उपलब्‍धता, मापदण्‍डों की पूर्ति पर निर्भर करता है। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

रबी सीजन की भावांतर योजना की अवधि में वृद्धि

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

21. ( *क्र. 1380 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में भावांतर योजना अंतर्गत सोयाबीन, उड़द के विक्रय अवधि कम होने के कारण किसानों द्वारा फरवरी 2018 में बेची है? यदि नहीं, तो उक्‍त फसलों के दाम उक्‍त अवधि में कम क्‍यों रहे? यदि हाँ, तो समय कम क्‍यों दिया गया? (ख) प्रश्नांश (क) के अंतर्गत फसलों की विक्रय अवधि के पहले एवं बाद में विक्रय अवधि की तुलना में भाव अधिक रहे हैं? यदि हाँ, तो क्‍या किसानों को कम समय मिलने का व्‍यापारियों ने कम भाव में ख्‍ारीदी कर किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर लाभ कमाया है? (ग) क्‍या भावांतर में कम समय में भारी मात्रा में सोयाबीन, उड़द की खरीदी हुई है? यदि हाँ, तो उक्‍त अवधि में आवक के दबाव में भाव कम हो गये, जिससे किसानों को नुकसान एवं व्‍यापारियों को फायदा हुआ। इस संबंध में शासन को कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुईं? शिकायतवार, कार्यवाहीवार विवरण दें। उक्‍त के परिप्रेक्ष्‍य में शासन रबी सीजन में भावांतर में शामिल फसलों की विक्रय अवधि माह मार्च, 2018 से दिसम्‍बर 2018 तक करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो कारण बतायें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

विधान सभा क्षेत्र केवलारी अंतर्गत स्‍कूलों का उन्‍नयन

[स्कूल शिक्षा]

22. ( *क्र. 3288 ) श्री रजनीश सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र केवलारी अंतर्गत कितने माध्‍यमिक एवं कितने उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय संचालित हैं एवं उक्‍त विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की कितनी संख्‍या दर्ज है? जनपद पंचायतवार, स्‍कूलवार विवरण देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार उक्‍त विद्यालयों में कौन-कौन से विद्यालयों का उन्‍नयन किया जाना है? (ग) क्‍या विगत वर्षों से हाई स्‍कूल अहरवाड़ा, छतरपुर एवं अर्जुनझिर का उन्‍नयन किये जाने हेतु मांग की जा रही है? यदि हाँ, तो कब तक उक्‍त विद्यालयों का उन्‍नयन कर दिया जावेगा और नहीं तो क्‍यों?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) वर्ष 2017-18 में शालाओं के उन्‍नयन की कार्यवाही प्रक्रि‍याधीन है। शालाओं का उन्‍नयन मापदण्‍डों की पूर्ति, बजट की उपलब्‍धता पर निर्भर करता है। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नीमच जिलांतर्गत नि:शुल्क साईकिल का वितरण

[स्कूल शिक्षा]

23. ( *क्र. 2687 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नीमच जिले में सत्र 2016-17 एवं सत्र 2017-18 में बालक एवं बालिकाओं को साईकिल उपलब्‍ध करायें जाने की योजना थी? यदि हाँ, तो शासन के आदेश की प्रति उपलब्‍ध करायें। (ख) वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में नीमच जिले में नि:शुल्क साईकिल वितरण का कितना लक्ष्य प्राप्त हुआ एवं प्राप्त लक्ष्य के विरुद्ध कितनी साईकिल प्रदायकर्ता द्वारा उपलब्ध कराई गयी तथा कितनी साईकिल का वितरण किया गया? विधानसभा क्षेत्रवार बतायें। क्‍या साईकिल वितरण के संबंध में कोई शिकायत प्राप्त हुई है? यदि हाँ, तो तत्‍संबंधी ब्यौरा दें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) में नीमच विधानसभा सभा क्षेत्र में अवितरित साईकिल के क्या कारण रहे हैं? शासन की योजना का समय पर क्रियान्‍वयन न करने के लिए कौन दोषी है? क्‍या दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो समय-सीमा बतायें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। सी.एम. हेल्पलाइन 181 पर शिकायत क्रमांक 3160231 प्राप्त हुई, जिसका परीक्षण करवाया गया। प्रावधान अनुसार बच्चे अपात्र पाए गए। (ग) सत्र 2017-18 के पात्रता निर्धारण मापदण्ड, साईकिल क्रय प्रक्रिया में परिवर्तन होने से प्रक्रिया में विलंब हुआ है, वर्तमान में साईकिल वितरण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

पार्वती नदी पर नवीन पुल का निर्माण 

[लोक निर्माण]

24. ( *क्र. 451 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्‍योपुर विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत पार्वती नदी पर वर्तमान में बना पुल सड़क सतह से बहुत नीचा, संकरा है? इस कारण नागरिकों व परिवहन साधनों को हर मौसम में विशेषकर वर्षाकाल में आवागमन में बहुत ही कठिनाइयां आती हैं तथा इसे वर्तमान की आवश्‍यकता के अनुरूप पर्याप्‍त ऊँचा व चौड़ा बनाने की आवश्‍यकता है एवं इसके निर्माण हेतु रूपये 19.38 करोड़ की डी.पी.आर. ई.ई. सेतु निगम ग्‍वालियर द्वारा शासन को स्‍वीकृति हेतु भी भेज दी है? (ख) क्‍या विभाग में ब्रिक्‍स योजनांतर्गत कार्यों की प्रस्‍तावित सूची को स्‍वीकृ‍त कराने की कार्यवाही वर्तमान में विभाग में प्रचलन में भी है, क्‍या इस प्रचलित सूची में उक्‍त पुल का निर्माण कार्य भी शामिल है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या शासन द्वारा उक्‍त प्रचलित कार्यवाही पूर्ण कर ली है? यदि हाँ, तो उक्‍त पुल निर्माण कार्य को जनहित के मद्देनजर ब्रि‍क्‍स/अन्‍य किसी भी योजना में इसे चयनित कर वर्ष 2018-19 के बजट में निश्‍चित रूप से शामिल किया जावेगा व इसे स्‍वीकृति प्रदान करेंगे? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ, जी हाँ, रूपये 19.38 करोड़ की नहीं अपितु रूपये 1740.82 लाख। (ख) जी हाँ, जी हाँ। (ग) जी नहीं वर्तमान में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

पुलिस को-ऑप‍र‍ेटिव हाउसिंग सोसाइटी के विरूद्ध कार्यवाही

[सहकारिता]

25. ( *क्र. 4463 ) श्री नीलांशु चतुर्वेदी : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या उपायुक्‍त सहकारिता के द्वारा क्र./गृ.नि./12/115, दिनांक 11.12.2012 से पत्र प्रेषित किया गया है? अगर हाँ तो किसको? पत्र की प्रतिलिपि दें। क्‍या जिला सहकारिता भोपाल के द्वारा भोपाल पुलिस कर्मचारी को ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी के संचालक मंडल के विरूद्ध की गयी जांच में संचालक मंडल को दोषी पाया गया? जांच रिपोर्ट की एक प्रति दें। (ख) क्‍या जिस संचालक मंडल को दोषी पाया गया, उसके अध्‍यक्ष को ही आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कराने उपायुक्‍त द्वारा निर्देशित किया? (ग) क्‍या प्रश्नांश (क) में वर्णित सोसायटी में लखबिन्‍दर सिंह, उसकी पत्‍नी हरवंश कौर, बेटी नवनीत कौर के नाम पर प्‍लाट आवंटित है? संजीव नगर पुलिस कॉलोनी में भू-खण्‍ड क्रमांक एच.आई.जी. 110 किसके नाम पर रजिस्‍टर्ड है? एच.आई.जी. 111 किसके नाम पर रजिस्‍टर्ड है। भू-खण्‍ड क्रमांक एम.आई.जी. 528 को किस नाम/पिता का नाम के द्वारा दिनांक 11.06.2014 को किसको विक्रय किया गया? (घ) क्‍या उक्‍त सोसायटी के विरूद्ध कई शिकायतें विभाग सहित अन्‍य सक्षम कार्यालयों को प्राप्‍त हुईं? उन पर प्रश्‍न तिथि तक कब व क्‍या कार्यवाही किन आदेश क्रमांकों से किन दिनांकों को की गयी? सभी पत्रों की एक-एक प्रति दें। उक्‍त सोसायटी के विरूद्ध प्रश्‍न तिथि तक क्‍या कार्यवाही लंबित है? कार्यालयों का नाम शिकायतवार दें।

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

 

 

 





भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


निजी शिक्षण संस्थानों में शिक्षा के अधिकार के अंतर्गत प्रवेश

[स्कूल शिक्षा]

1. ( क्र. 130 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरगोन जिले में कितने निजी स्कूल हैं जो राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार के सी.बी.एस.ई. से मान्यता प्राप्त हैं? संख्‍यात्‍मक जानकारी देवें। (ख) बड़वाह एवं सनावड़ तहसील में कितने निजी स्कूल हैं, जो केंद्र एवं मध्य प्रदेश शासन से मान्यता प्राप्त है? उसकी सूची देवें। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार इन निजी स्कूल में वर्तमान शिक्षण सत्र में शिक्षा के अधिकार के अंतर्गत 25 प्रतिशत से, संस्था अनुसार, कितनी सीट आरक्षित रखी गई है? आरक्षित सीट के विरूद्ध काउंसलिंग अनुसार कितनी सीट में प्रवेश दिया गया हैं? उसकी सूची स्कूलवार दी जावे। इसी प्रकार शेष सीटों की सूची देवें। जिन बच्चों को प्रवेश दिया गया है, क्या उनसे किसी भी प्रकार का शुल्क निजी संस्थान द्वारा लिया जाता हैं? यदि हाँ, तो किस मद में एवं किन सस्थानों द्वारा लिया जा रहा है? आर.टी.आई. के नियम की प्रति दी जावें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) खरगोन जिले में कुल 676 प्रायवेट स्कूल हैं। इनमें से 657 राज्य सरकार से एवं 19 सी.बी.एस.ई. से मान्यता प्राप्त हैं। (ख) बड़वाहा एवं सनावद तहसील में मान्यता प्राप्त 140 प्रायवेट स्कूल हैं। सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- '1' अनुसार(ग) उत्तरांश अनुसार वर्तमान शिक्षण सत्र में शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा 12 (1) (सी) के अंतर्गत इन प्रायवेट स्कूलों में कक्षा 1 या प्री-स्कूल की प्रथम प्रवेशित कक्षा में न्यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर निःशुल्क प्रवेश के प्रावधान के अंतर्गत 1382 सीट आरक्षित रखी गई है। आरक्षित सीटों के विरूद्ध ऑनलाईन प्रवेश प्रक्रिया के तहत उक्त स्कूलों में 813 सीटों में प्रवेश दिया गया है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- '2' अनुसार। शेष सीटों की सूची भी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- '2' में समाहित है। जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

दी मंदसौर कमर्शियल को-ऑपरेटिव बैंक में अनियमितता

[सहकारिता]

2. ( क्र. 133 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 01, दिनाक 27 नवम्बर के प्रश्नांश (क) के जवाब में बताया था कि दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की जा रही है, क्या उनके विरुद्ध कोई FIR की गयी है, यदि नहीं, तो क्यों नहीं? जाँच सक्षम अधिकारी द्वारा की गयी तो बार-बार जाँच का क्या औचित्य हैं? क्या जानबूझकर दोषियों को बचाया जा रहा है, ताकि वे साक्ष्य नष्ट कर दें? साक्ष्य सहित जाँच रिपोर्ट व अद्यतन स्थिति से अवगत करायें। (ख) क्या बैंक के परिसमापन के दौरान कर्मचारियों को नियम अनुसार वसूल की गयी राशि के 3% से ज्यादा राशि का भुगतान अवैध रूप से सेलरी के रूप में किया गया? परिसमापन के दौरान कुल कितनी राशि की वसूली की गयी व कर्मचारियों को कुल कितनी सेलरी दी गयी? प्रति वर्षानुसार बतायें। क्या कर्मचारियों को सेलरी नियमानुसार दी गयी है या संस्था की जमा पूंजी को ही सेलरी के रूप में बाट दिया गया? कुल कितनी राशि की सेलरी दी गयी व कितनी राशि की वसूली की गयी? (ग) उक्त संस्था में प्रबन्धक ने परिसमापन से आज तक कुल कितने अग्रिम भत्ते व नगद ले रखे हैं? अवैध रूप से 5वें - 6वें वेतनमान से बढ़ी हुई राशि से कर्मचारियों की भविष्य निधि में भी भुगतान किया गया या नहीं? पंजीयक से उपरोक्त कार्य की स्वीकृति हैं या नहीं?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) प्रश्न क्र. 7, सत्र नवम्बर-दिसम्बर 2017 के भाग में उत्तर दिया गया था कि- जी हाँ, संयुक्त आयुक्त सहकारिता, उज्जैन संभाग, उज्जैन के पत्र दिनांक 14.9.2017 के पालन में संस्था की कामकाज कमेटी के अध्यक्ष द्वारा दिनांक 12.10.2017 को 10 कर्मचारियों की सेवा समाप्त की गयी तथा 03 कर्मचारियों को दिनांक 12.10.2017 को कलेक्टर रेट पर नियुक्त किया गया, आयुक्त सहकारिता मध्यप्रदेश द्वारा दिनांक 16.10.2017 से उप पंजीयक, मंदसौर के उपरोक्त दोनों आदेशों को निरस्त किया गया।' आपराधिक मामला नहीं होने से एफ.आई.आर. दर्ज नहीं की गयी है। बार-बार जांच नहीं करायी जा रही है। दोषियों को नहीं बचाया जा रहा है। जांच रिपोर्ट  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। परिसमापक के विरूद्ध म.प्र. सिविल सेवा वर्गीकरण नियम 1966 के नियम 14 के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है तथा सहकारी अधिनियम की धारा 58-बी के अंतर्गत परिसमापक एवं प्रबन्धक के विरूद्ध राशि वसूली हेतु प्रकरण दर्ज किया गया है। परिसमापक को स्वीकृत वेतनमान निरस्त करने के निर्देश दिनांक 1.3.2018 को दिये गये हैं। (ख) परिसमापन के दौरान वसूल की गयी राशि में से 50.89 प्रतिशत राशि का वेतन के रूप में भुगतान किया गया। परिसमापन के दौरान रूपये 959.03 लाख की ऋण वसूली की गयी व कर्मचारियों को रूपये 488.05 लाख वेतन के रूप में दिया गया। प्रति वर्ष की गई वसूली एवं भुगतान किये गये वेतन का विवरण  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार है(ग) प्रबन्धक द्वारा लिए गये अग्रिम भत्ते का  विवरण  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -03 अनुसार है। पाँचवे -छठवें वेतनमान से बढ़ी हुई राशि से कर्मचारियों की भविष्य निधि में भुगतान किया गया है। विवरण  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-04 अनुसार है। पंजीयक से उपरोक्त कार्य की स्वीकृति नहीं ली गयी है।

ग्रामीण अचलों में भवनों की जर्जर स्थिति

[स्कूल शिक्षा]

3. ( क्र. 175 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या छतरपुर जिले में विगत 8 वर्ष पूर्व सर्वशिक्षा द्वारा जो भवनों की स्‍वीकृति जारी की गई थी और भवन बनाये गये वह खराब स्थिति में है तथा जर्जर हो चुके हैं? (ख) क्‍या तकनीकी अधिकारियों द्वारा इसकी समीक्षा कराई गई यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) शासन की करोड़ों रुपये की राशि का व्‍यय किया गया और भवन खराब हो गये, जिसके जिम्‍मेदार कौन हैं? स्‍पष्‍ट करें। (घ) भवनों के सुधार हेतु पृथक से कोई राशि विभाग द्वारा जारी की गई, यदि हाँ, तो कब?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। (ख) निर्माण के दौरान तकनीकी अमले द्वारा नियमित मॉनिटरिंग की गई तथा पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करते समय तकनीकी अधिकारी द्वारा समीक्षा की गई। (ग) उत्‍तरांश '' और '' के आलोक में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तारांश '' के प्रश्‍नांश में प्रश्‍न उपस्थि‍त नहीं होता।

जबलपुर जिले के बंद हो चुके अशासकीय स्‍कूलों के छात्रों के अन्‍य स्‍कूलों में प्रवेश

[स्कूल शिक्षा]

4. ( क्र. 239 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जबलपुर जिलान्‍तर्गत गत चार वर्षों में अनेक शासकीय स्‍कूल बंद हो चुके हैं? (ख) यदि हाँ, तो इनकी सूची देवें. (ग) क्‍या इन स्‍कूलों यथा वेदांता पब्लिक स्‍कूल भेड़ाघाट, वाच्‍या पब्लिक स्‍कूल ग्‍वारीघाट, सरस्‍वती ज्ञान मंदिर ग्‍वारीघाट आदि के विद्यार्थियों को अन्‍य स्‍कूलों में प्रवेश हेतु ट्रांसफर सर्टिफिकेट दिये गये हैं? (घ) यदि हाँ, तो बंद होने के तत्‍समय स्‍कूलवार दर्ज छात्र संख्‍या एवं प्रदाय किये गये ट्रांसफर सर्टिफिकेट की संख्‍यात्‍मक जानकारी देवें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। (ख) उत्‍तरांश के प्रकाश में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍‍‍‍‍‍‍नांश '' में वर्णित अशासकीय स्‍कूल वेदान्त पब्लिक स्कूल भेड़ाघाट, वाच्या पब्लिक स्कूल ग्वारीघाट बंद हुये है। सरस्वती ज्ञान मंदिर ग्वारीघाट नाम का स्कूल नहीं है। (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''चार''

शासकीय शालाओं का हिन्‍दी माध्‍यम से अंग्रेजी माध्‍यम में उन्‍नयन

[स्कूल शिक्षा]

5. ( क्र. 240 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन की शासकीय शालाओं को हिन्‍दी माध्‍यम से अंग्रेजी माध्‍यम में उन्‍नयन करने की योजना है? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्नांश (क) के अंतर्गत इसके क्‍या मापदण्‍ड निर्धारित किये गये है? (ग) प्रश्नांश (क) के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र पनागर की कितनी शासकीय शालाओं से प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुये हैं एवं उन पर क्‍या कार्यवाही की गई? शालावार जानकारी देवें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) विभागीय आदेश क्रमांक शिप्रशि/2015/3970, भोपाल, दिनांक 23.5.2015 के द्वारा वर्ष 2015-16 में 224 गैर आदिवासी विकासखण्‍डों में अंग्रेजी माध्‍यम के उत्‍कृष्‍ट माध्‍यमिक विद्यालय की स्‍थापना की गई। इसी प्रकार विभागीय आदेश क्रमांक 732/1132/2015/20-2, भोपाल, दिनांक 21.5.2015 के द्वारा जिला मुख्‍यालय से 20 कि.मी. की परिधि में अंग्रेजी माध्‍यम के 10 माध्‍यमिक विद्यालय खोले जाने का प्रावधान था। माध्‍यमिक से हाईस्‍कूल एवं हाईस्‍कूल से हायर सेकेन्‍डरी के लिये अंग्रेजी माध्‍यम विशेष के लिये पृथक से कोई मापदंड नहीं हैं। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट पर है। (ग) विधानसभा क्षेत्र पनागर अंतर्गत ये ही प्रस्‍ताव शासकीय माध्‍यमिक शाला बालक पनागर का था जो कि वर्तमान में अंग्रेजी माध्‍यम के उत्‍कृष्‍ठ विद्यालय के रूप में संचालित है।


ग्राम प्रेमसर से पचीपुरा मार्ग निर्माण 

[लोक निर्माण]

6. ( क्र. 452 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्‍योपुर विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत ग्राम प्रेमसर से पचीपुरा मार्ग वर्तमान में पूर्णत: क्षतिग्रस्‍त होकर आवागमन के लायक नहीं रह गया है इस कारण नागरिकों को आवागमन में बहुत कठिनाईयां आ रही है इस कारण नागरिक इस मार्ग के नवीनीकरण की मांग निरंतर कर रहे है? (ख) क्‍या क्षेत्रवासियों को सुलभ आवागमन की सुविधा उपलब्‍ध कराने हेतु उक्‍त मार्ग को डामरीकृत किये जाने हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा ईई लोनिवि श्‍योपुर को पत्र लिखा था? इस लिखे गये पत्र पर क्‍या कार्यवाही की गई, यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या ई.ई.लो.नि.वि. श्‍योपुर ने उक्‍त मार्ग की डी.पी.आर. तैयार करवाकर शासन/विभाग को स्‍वीकृति हेतु भेज दी है? यदि नहीं, तो क्‍यों, कब तक भेजी जावेगी? (घ) उक्‍त मार्ग को डामरीकृत किये जाने की आवश्‍यकता एवं नागरिकों की मांग के मद्देनजर क्‍या शासन अब यथाशीघ्र ई.ई. से उक्‍त डी.पी.आर. तैयार करवाकर अविलंब मंगवाएगा तत्‍पश्‍चात इसे वर्ष 2018-19 के बजट में शामिल करेगा व स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) मार्ग लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्‍तरांश '' अनुसार। (घ) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

छतरपुर जिले की मंडियों में क्रय-विक्रय से संबंधित

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

7. ( क्र. 525 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दिनांक 11/11/2016 से 31/1/2017 तक 24 हजार रूपये बचत खाता से एवं 50000 रूपये चालू खाता से निकासी के आदेश थे? क्‍या छतरपुर जिले की मंडियों में इससे अधिक का क्रय-विक्रय किया गया है? (ख) क्‍या छतरपुर जिले की समस्‍त मंडियों करोड़ों रूपये का व्‍यापार उक्‍त अवधि में किया गया है या नहीं? यदि हाँ, तो सूची उपलब्‍ध करावें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार उन समस्‍त व्‍यापारियों के नाम, फर्म का नाम, पता, मोबाइल नं., लायसेंस नं. सहित बतावें, जिन्‍होंने इस राशि से अधिक भुगतान से अतिरिक्‍त अधिक राशि का व्‍यापार किया है? (घ) प्रश्‍नांश (ख), (ग) की सम्‍पूर्ण जानकारी दिनांक 11/11/2016 से 31/1/2017 तक सूचीवार उपलब्‍ध करावें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : () जी नहीं। बचत खाते एवं चालू खाते से भुगतान की सीमा निर्धा‍रण के संबंध में म.प्र. राज्‍य कृषि विपणन बोर्ड भोपाल द्वारा कोई निर्देश नहीं दिये गये। जी हाँ। प्रश्‍नांश अनुसार, छतरपुर जिले की मंडियों में दिनांक 11.11.2016 से 31.01.2017 तक 24 हजार रूपए और उससे अधिक सीमा तक मंडी प्रांगण में क्रय-विक्रय हुआ है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) एवं (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

लोक निर्माण विभाग द्वारा पत्रों का समय-सीमा में जवाब देना

[लोक निर्माण]

8. ( क्र. 526 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सामान्‍य प्रशासन विभाग मंत्रालय भोपाल के पत्र क्र. एफ 19-76/2007/1/4 भोपाल दिनांक 27/11/15 के अनुसार विधायकों के पत्रों की समय-सीमा में जानकारी एवं भूमि पूजन एवं लोकार्पण कराने का प्रावधान है? (ख) चन्‍दला विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत लोक निर्माण विभाग द्वारा वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने निर्माण कार्य कराये गये एवं कितने कार्यों का भूमि पूजन/लोकार्पण क्षेत्रीय विधायक द्वारा कराया गया? कार्य का नामवार सूची उपलब्‍ध करावें। (ग) क्‍या प्रश्नांश (क) अनुसार लोक निर्माण विभाग छतरपुर को कितने पत्र लिखे गये एवं उनमें से कितने पत्रों की कार्यवाही की सूचना विभाग द्वारा विधायक को दी गयी? (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार यदि वरिष्‍ठालय के आदेशों का समय-सीमा में पालन नहीं किया गया तो इसके लिये कौन दोषी है? उन पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ जानकारी देने का प्रावधान है भूमि पूजन एवं लोकार्पण कराने का प्रावधान नहीं है। (ख) विस्‍तृत जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-।' अनुसार है। (ग) एवं (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे प्रपत्र '' अनुसार है।

मरम्‍मत एवं नये कार्यों में हुये व्‍यय की राजस्‍व संभाग रीवा की जानकारी 

[लोक निर्माण]

9. ( क्र. 752 ) श्री अजय सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01.01.2015 से 31.12.2017 के दौरान लोक निर्माण विभाग के विभिन्‍न संभागों (राजस्‍व संभाग रीवा के चार जिलों में) में नये कार्य हेतु कितनी-कितनी राशि वित्‍तीय वर्षवार आवंटित हुई? उक्‍त राशि किस-किस मद में, क्‍या कार्य हेतु आवंटित हुई? जिलेवार/वित्‍तीय वर्षवार/कार्यवार/राशिवार जानकारी दें। क्‍या कार्य कहाँ चल रहे हैं? प्रकरणवार विवरण दें। कौन-सा कार्य कब तक पूर्ण होगा? कार्यवार, जिलेवार दें। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित समयानुसार सतना/रीवा/सीधी/सिंगरौली जिलों में स्थित लोक निर्माण विभाग के सभी संभागों में मरम्‍मत के कार्य हेतु कितनी-कितनी राशि, किस मद में व्‍यय हेतु आई? कहाँ किस कार्य में, कितनी व्‍यय की गई? वित्‍तीय वर्षवार, राशिवार, जिलेवार, कार्यवार, व्‍ययवार जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित समयानुसार एवं जिलों में लो.नि.वि. के संभागों द्वारा 2 लाख रुपयों से कम राशि के कितने कार्य, किस स्‍थान पर, कराएं गये? कितनी राशि का भुगतान किया गया? जिलेवार/कार्यवार/राशिवार कार्य के स्‍थानवार जानकारी दें? (घ) प्रश्नांश (क) में वर्णित समयानुसार एवं जिलों में लो.नि.वि. के किस-किस संभागों में आवंटन से अधिक कितना व्‍यय हुआ? उक्‍त व्‍यय की क्‍या उच्‍च कार्यालयों ने अनुमति प्रदान की?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे प्रपत्र-स अनुसार है। (घ) प्रश्‍नाधीन अवधि में राजस्‍व संभाग रीवा के अन्‍तर्गत लोक निर्माण विभाग के संभागों द्वारा आवंटन से अधिक व्‍यय नहीं किया गया। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

खरगापुर विधान सभा में सड़कों के निर्माण कार्य

[लोक निर्माण]

10. ( क्र. 875 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधान सभा- 47 के ग्राम बखतपुरा से पठईया होकर लारौन में पलेरा नौगांव मुख्‍य मार्ग तक सड़क निर्माण, मुख्‍य मार्ग बल्‍देवगढ़ पलेरा से सुहागी (भेलसी) तक सड़क निर्माण, ग्राम विजरई से पठाघाट, देवरदा उगढ़, गुरईया मंदिर से होकर बुदौरा के पास टीकमगढ़ छतरपुर मुख्‍य मार्ग तक सड़क निर्माण, मुख्‍य सड़क बल्‍देवगढ़ पलेरा से ग्राम उगढ़ मातौल तक सड़क निर्माण, पुरैनिया से दापंगोरा तक सड़क निर्माण, सैपुरा से मऊकडवाहा तक सड़क निर्माण, बार से पुरैनिया होकर मुख्‍य सड़क हीरापुर तक सड़क निर्माण, देरी से तिगौडा होकर खुड़ो तक सड़क निर्माण,कोटरा से धर्मपुरा फुटेर मार्ग तक सड़क निर्माण कराये जाने की नितांत आवश्‍यकता है तथा इसके अभाव में आम जन मानस को आवागमन में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है? यदि हाँ, तो ऐसी स्थिति में वर्णित सड़कों के निर्माण हेतु स्‍वीकृति प्राप्‍त होकर कब तक निर्माण करा देगें। (ख) क्‍या उपरोक्‍त सड़कों के निर्माण कराये जाने हेतु बार-बार शासन को पत्रों के माध्‍यम से अवगत कराया गया है तथा कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग टीकमगढ़ की ओर पत्र भेजे गये हैं, परंतु निर्माण संबंधी स्‍वीकृति आम जनता के हित में क्‍यों नहीं की जा रही है। कारण स्‍पष्‍ट करें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) प्रश्‍नांश मार्ग लोक निर्माण विभाग के कार्य क्षेत्रान्‍तर्गत नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्‍तरांश '' अनुसार।

अपात्रों को किसान बनाकर उन्‍हें विदेश यात्राओं पर भेजना

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

11. ( क्र. 951 ) श्री अजय सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) किसानों को मुख्‍यमंत्री किसान विदेश अध्‍ययन यात्रा के नाम पर वर्ष 2018 में विदेश जाकर खेती की उन्‍नत तकनीक सीखने चार टीमों को विदेश यात्रा पर भेजा जा रहा है? अगर हाँ तो ये चार टीमों में कितने कृषक हैं और इन्‍हें किस दिनांक से किस दिनांक तक किस-किस देश की यात्रा करनी है? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित विदेश यात्रा में किस-किस नाम एवं पते वाले एवं कितने-कितने रकबे की किस जिले/तहसील/ग्राम में सिंचित/असिंचित भूमि पर किसानी करने वाले लोगों को कितने दिन की, किस देश की, यात्रा पर भेजा जा रहा है? बिन्‍दुवार विवरण दें? क्‍या उक्‍त विदेश यात्रा में जाने वाले तथा कथित किसान किसी पार्टी के सदस्‍या या पदाधिकारी भी हैं? उक्‍त तथाकथित किसानों के द्वारा वर्ष 2015, 2016, 2017 में अपनी क्‍या-क्‍या फसल की कितनी-कितनी आय, जिले/तहसील/ग्राम/मंडी में बेची? क्‍या-क्‍या दस्‍तावेज जिला कलेक्‍टरों को उक्‍त किसानों ने दिये, जिसके आधार पर उन्‍हें इस विदेश यात्रा में जाने का पात्र माना गया? सभी टूरों पर जाने वाले यात्रियों के कलेक्‍टरों को दिये दस्‍तावेजों की टूरवार/यात्रावार/यात्रीवार/कलेक्‍टरो की अनुशंसा (आदेश/अनुमोदनवार) एक-एक प्रति उपलब्‍ध करायें? (ग) क्‍या उक्‍त विदेश यात्राओं में रीवा/जबलपुर/शहडोल/सागर/महाकौशल सभाग का कोई भी किसान शामिल नहीं है अगर है तो नामवार/पतेवार जानकारी दें यात्रा शुरू होने की तिथि से प्रश्‍न तिथि तक यात्रा पर गये व्‍यक्तियों के नाम/पता उपलब्‍ध कराते हुए बतायें कि वे कहाँ-कहाँ की यात्रा पर कब कब गये थे टूरवार/दिनांकवार/वर्षवार/देशवार जानकारी दें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। कृषकों को अलग-अलग देश समूह की यात्रा पर जा रहे कृषकों की संख्‍या एवं प्रस्‍तावित तिथि की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

मा. मुख्यमंत्री महोदय की घोषणानुसार मॉडल स्कूल खाचरौद में बाउण्ड्रीवाल बनाना 

[स्कूल शिक्षा]

12. ( क्र. 1125 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय मुख्यमंत्री महोदय के दिनांक 10.01.2016 को खाचरौद प्रवास के दौरान खाचरौद के मॉडल स्कूल में बाउंड्रीवॉल के निर्माण कराये जाने की घोषण की गई थी। (ख) यदि हाँ, तो उक्त बाउंड्रीवॉल निर्माण की क्या प्रक्रिया चल रही है? यह कब तक स्वीकृत हो जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) उक्त बाउण्ड्रीवॉल निर्माण हेतु राशि रूपये 19.92 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर निविदा आमंत्रण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

अनूपपुर रेल्‍वे फ्लाई ओव्‍हर ब्रिज निर्माण 

[लोक निर्माण]

13. ( क्र. 1154 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर जिले में रेल्‍वे फ्लाई ओव्‍हर ब्रिज निर्माण के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा कार्यालयीन पत्र क्रमांक 439/सी.एम.एस./ए.के.एस./17 दिनांक 27.7.2017, मुख्‍य सचिव कार्यालय 4151/वि.क.अ./ मु.स./2017 भोपाल दिनांक 28 जून 2017, कार्यालय मुख्‍यमंत्री निवास पत्र क्रमांक 6460 मु.मं.नि./17 दिनांक 28.7.2017, मुख्‍यमंत्री कार्यालय मध्‍यप्रदेश 430/सी.एम.एस./एस.एच.आर./17 दिनांक 9.6.2017, मुख्‍यमंत्री कार्यालय के पत्र क्रमांक 1642/सी.एम.एस./एम.एल.ए./087/2017 भोपाल दिनांक 30.6.2017, मुख्‍यमंत्री कार्यालय के पत्र क्रमांक 372/सी.एम.एस./एम.एल.ए./087/2015 भोपाल दिनांक 20.3.2015,एवं पत्र क्रमांक 228/सी.एम.एस./2015 दिनांक 11.3.2015, मुख्‍यमंत्री कार्यालय का पत्र क्रमांक 143/सी.एम.एस /बी.सी.एस./2017 दिनांक 22.9.2017 माध्‍यम से अनुरोध किया गया था। पत्रों के परिपालन में विभाग ने अब तक क्‍या कार्यवाही की है? पत्रवार जानकारी प्रदान करें। (ख) अनूपपुर रेल्‍वे फ्लाई ओव्‍हर ब्रिज की कार्य की प्रशासकीय स्‍वीकृति दिनांक एवं लागत, तकनीकी स्‍वीकृति दिनांक एवं लागत, अनुबंध क्रमांक, कार्यादेश दिनांक, अनुबंधानुसार प्रदाय समय, कार्य की अनुबंधित लागत, अनुबंधक का नाम वर्तमान कार्य प्रगति की जानकारी प्रदान करें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) दिनांक 14.12.2016 एवं लागत रूपये 2103.95 लाख, दिनांक 17.09.2016 एवं लागत रूपये 1170.54 लाख, अनुबंध क्रमांक 03 वर्ष 2017, कार्यादेश दिनांक 08.05.2017, अनुबंधानुसार 24 माह वर्षाकाल सहित दिनांक 07.05.2019, अनुबंधित लागत रूपये 1135.43 लाख, श्री राम कंस्‍ट्रक्‍शन कंपनी, जिला अनूपपुर, सर्विस रोड एवं भू-अर्जन का कार्य प्रगति पर है।

परिशिष्ट - ''छ:''

स्कूलों में प्रयोगशाला संचालन

[स्कूल शिक्षा]

14. ( क्र. 1166 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हायर सेकेण्डरी एवं हाईस्कूलों में प्रयोगशाला शिक्षकों के कितने पद स्वीकृत हैं? (ख) स्वीकृत प्रयोगशाला शिक्षकों के पद के विरूद्ध कितने पद भरे हैं तथा कितने पद रिक्त हैं? (ग) प्रयोगशाला हेतु वर्ष 2017-18 में कितना आवंटन प्रदाय किया गया? उसमें से कितना व्यय हुआ? जिलेवार जानकारी दी जावे?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) शा. हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी शाला में प्रयोगशाला सहायक के 9368 पद स्वीकृत है। (ख) स्वीकृत पदों के विरूद्ध 2768 पद रिक्त एवं 6600 पद भरे हुए है। (ग) प्रयोगशाला हेतु राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत पृथक से कोई राशि प्रदान नहीं की जाती है। किन्तु वार्षिक अनुदान के रूप में हाई एवं हायर सेकेण्डरी शालाओं को राशि रु 50,000 की राशि प्रतिवर्ष प्रदान की जाती है। इस राशि में प्रयोगशाला के अतिरिक्त अन्य मदों का व्यय स्थानीय आवश्यकतानुसार किया जाता है। जिलेवार प्रदाय वार्षिक अनुदान एवं उसमें से अवाश्यकतानुसार शालाओं द्वारा व्यय की गई राशि की जानकारी का विवरण संलग्‍न परिशिष्ट-पर है।

परिशिष्ट - ''सात''

मंदसौर परिसमापनाधीन बैंक 'दी मंदसौर कमर्शियल कापरेटिव बैंक" में हुये चुनाव व उसकी वैधता

[सहकारिता]

15. ( क्र. 1240 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विषयांकित परिसमापनाधीन बैंक में परिसमापन का कार्य पूर्ण किये बैगर परिसमापक विशेष साधारण सभा बुला सकता है? क्या संस्था के 1/10 सदस्यों ने लिखित में विशेष साधारण सभा बुलाने हेतु आवेदन कार्ययोजनाओं का उद्देश्य सहित पंजीयक सहकारिता भोपाल को भेजा था? क्या परिसमापक द्वारा बुलाई गयी विशेष साधारण सभा की सूचना समयावधि में समस्त सदस्यों को व डिपाजिटर्स को इस विकल्प के साथ लिखित में दी गयी थी कि क्या वे नई सहकारी सांख संस्था में आना चाहते हैं या नहीं? क्या इस आशय का एक लिखित सूचना पत्र समस्त सदस्यों को स्वीकृति हेतु भेजा गया था या नहीं? (ख) प्रश्नांश (क) सम्बंधित क्या सूचना पत्र के साथ परिसमापक ने एजेंडा अनुसार समस्त दस्तावेज समस्त सदस्यों को भेजे थे या नहीं? क्या परिसमापन के दौरान प्रतिवर्षानुसार कुल कितने जीवित व मृत सदस्य है व क्या सदस्यता पूंजी रजिस्टर व अंश पूंजी रजिस्टर बनाए थे? (ग) क्या सदस्यता सूची के प्रकाशन हेतु रजिस्ट्रीकरण अधिकारी इंस्पेक्टर सहकारिता मंदसौर था व उसकी अपीलिंग अथार्टी उप पंजीयक सहकारिता मंदसौर था व क्या उपपंजीयक सहकारिता स्वयं संस्था का अध्यक्ष व पक्षकार होकर अपीलिंग अथार्टी व जज कैसे था सभी प्रश्नांश की वैधानिक स्थिति दस्तावेजों सहित स्पष्ट करे? उपरोक्त समस्त दस्तावेज व स्थिति अवैधानिक होने पर चुनाव अवैध होंगे या नहीं?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ, रजिस्ट्रार की अनुमति से विशेष साधारण सभा बुलाई जा सकती है। जी नहीं। सदस्‍यों को 14 दिन पूर्व विशेष साधारण सभा की सूचना दी गयी थी, विषय सूची भेजी गयी थी। (ख) विषय सूची भेजी गयी थी। प्रतिवर्ष जीवित व मृत सदस्‍यों की सूची नहीं बनती है। मृतक सदस्‍य के उत्तराधिकारी से आवेदन प्राप्‍त होने पर सदस्‍यता सूची में संशोधन किया जाता है। जी हाँ, सदस्‍यता रजिस्‍टर व अंशपूंजी रजिस्‍टर बनाये गये हैं। (ग) जी हाँ, रजिस्‍ट्रीकरण अधिकारी वरिष्‍ठ सहकारी निरीक्षक मंदसौर थे और अपीलिंग अथॉरिटी उप पंजीयक सहकारी संस्‍थाएं, मंदसौर थे। उप पंजीयक मंदसौर के अपीलीय अधिकारी होने एवं अन्‍य आपत्तियों पर मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 64 (2) (5) के अंतर्गत सक्षम न्‍यायालय में वाद दायर कर अनुतोष प्राप्‍त किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना के अंतर्गत प्रदान राशि

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

16. ( क्र. 1241 ) श्री संजय शर्मा : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना में वर्ष २०१६-१७ से प्रश्न दिनांक तक कितने हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार, लाभान्वित हितग्राहियों को किन-किन परिस्थितियों में कितनी-कितनी राशि प्रदान की गई? (ग) क्या उपरोक्त योजना के अंतर्गत खेत में कार्य के दौरान कृषक की हृदयघात से हुई मृत्यु की क्षतिपूर्ति सहायता का प्रावधान है? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) क्या उपरोक्त योजना के अंतर्गत हृदयघात से कृषक की मृत्यु होने के मामलों में क्षतिपूर्ति सहायता प्रदान करने पर शासन द्वारा विचार किया जावेगा?
किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : () तेंदूखेड़ा विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत मुख्‍यमंत्री कृषक जीवन कल्‍याण योजना में वर्ष 2016-17 से प्रश्‍न दिनांक तक 12 हितग्राहियों को लाभांवित किया गया है। (ख) उत्‍तर '''' के अनुसार 12 हितग्राहियों को कुल राशि रू. 35,25,000/- प्रदान की गई है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) योजना की कंडिका 02 अनुसार प्रावधान नहीं है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (घ) योजना की कंडिका 02 अनुसार प्रावधान नहीं होने से विचाराधीन नहीं है।

उद्यानिकी विभाग की जानकारी 

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

17. ( क्र. 1242 ) श्री संजय शर्मा : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नरसिंहपुर जिले में वर्ष २०१६-१७ एवं २०१७-१८ में उद्यानिकी विभाग को किन-किन योजनाओं के अंतर्गत कौन-कौन से मद में कितनी-कितनी राशि का बजट था? यह राशि किन-किन स्थानों पर कौन-कौन से कार्यों में खर्च की गई? स्थान, कार्य एवं खर्च राशि की सूची उपलब्ध करावें। (ख) नरसिंहपुर जिले में अनुदान, किसी वस्तु, कृषि उपकरण, फलदार पौधों के रोपण, पान बरेजा में, किसी आपदा में कितने कृषकों को कितनी राशि का लाभ दिया गया? सूची उपलब्ध करावें। उपरोक्त सभी योजनाओं में अनुदान या किसी योजना की राशि, कृषक के खाते में सीधे भेजी गई या नहीं?

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं ब अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- ब अनुसार है। उद्यानिकी विभाग द्वारा किसी भी कृषक को राशि का लाभ आपदा के अंतर्गत नहीं दिया गया है। अनुदान की राशि कृषक के खाते में जमा की गई है।

शाला उन्‍नयन के संबंध में 

[स्कूल शिक्षा]

18. ( क्र. 1263 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र खिलचीपुर के अंतर्गत शासकीय माध्‍यमिक स्‍कूल खारपा, रूपाहेडा, काशीखेड़ी, सादलपुर, आगरिया, खोकरिया, कुंडलिया, हिनोतिया, जामोन्‍या एवं बडवेली में अध्‍ययनरत छात्र-छात्राओं को उक्‍त स्‍कूलों से 8-10 कि.मी. की परिधि में हाईस्‍कूल शाला नहीं होने से आगामी शिक्षा हेतु या तो उनके ग्राम से दूरस्‍थ शालाओं में जाने पर विवश होना पड़ता अथवा शिक्षा से वंचित होना पड़ता है? क्‍या प्रश्‍नकर्ता एवं स्‍थानीय ग्रामीणजनों द्वारा निरंतर उक्‍त माध्‍यमिक शालाओं को हाईस्‍कूल में उन्‍नयन किये जाने हेतु शासन-प्रशासन से मांग की गई है? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त माध्‍यमिक शालाओं को हाईस्‍कूल में उन्‍नयन किये जाने हेतु विभाग द्वारा क्‍या र्कावाही की गई? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या शासन छात्र-छात्राओं को उनके ही ग्राम में हाईस्‍कूल शिक्षा उपलब्‍ध कराने हेतु उक्‍त वर्णित माध्‍यमिक शालाओं का हाईस्‍कूल में उन्‍नयन करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। 5 से 9 कि.मी. के दायरे में शिक्षा सुविधा उपलब्ध है। जी हाँ। शालाओं के उन्नयन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शालाओं का उन्नयन बजट की उपलब्धता, निर्धारित मापदण्डों की पूर्ति पर निर्भर करेगा। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

शाला उन्‍नयन 

[स्कूल शिक्षा]

19. ( क्र. 1270 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र खिलचीपुर के अंतर्गत शासकीय हाईस्‍कूल गोघटपुर, गागोरनी, भाटखेड़ा बामनगांव एवं सोनखेड़ाकलां में अध्‍ययनरत छात्र-छात्राओं को उक्‍त स्‍कूलों से 10-12 कि.मी. की परिधि में हायर सेकेण्‍डरी शाला नहीं होने से आगामी शिक्षा हेतु या तो उनके ग्राम से दूरस्‍थ शालाओं में जाने पर विवश होना पड़ता अथवा शिक्षा से वंचित होना पड़ता है? क्‍या प्रश्‍नकर्ता एवं स्‍थानीय ग्रामीणजनों द्वारा निरंतर उक्‍त हाई स्‍कूल शालाओं को हायर सेकेण्‍डरी में उन्‍नयन किये जाने हेतु शासन-प्रशासन से मांग की गई? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त हाई स्‍कूल शालाओं को हायर सेकेण्‍डरी में उन्‍नयन किये जाने हेतु विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या शासन छात्र-छात्राओं को उनके ही ग्राम में हायर सेकेण्‍डरी शिक्षा उपलब्‍ध कराने हेतु उक्‍त वर्णित हाई स्‍कूल शालाओं का हायर सेकेण्‍डरी में उन्‍नयन करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍या?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) एवं (ख) विधानसभा क्षेत्र खिलचीपुर के अन्तर्गत शासकीय हाई स्कूल गोघटपुर के विद्यार्थी शासकीय उमावि माचलपुर (लगभग 12 किमी) तथा गागोरनी के विद्यार्थी शासकीय उ.मा.वि. जीरापुर (लगभग 12 कि.मी.), भाटखेड़ा के विद्यार्थी शा.उ.मा.वि. छापीहेड़ा (लगभग 06 कि.मी.), बामनगांव के विद्यार्थी शा. उ.मा.वि. सण्डावता (लगभग 08 कि.मी. ) एवं सोनखेड़ाकला के विद्यार्थी शा. उ.मा.वि. सण्डावता (लगभग 09 कि.मी.) में अध्ययन करते है, अतः उन्हें शिक्षा से वंचित नहीं होना पड़ रहा है। जी हाँ वर्ष 2017-18 में शाला उन्नयन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शाला उन्नयन मापदण्डों की पूर्ति एवं बजट की उपलब्धता पर निर्भर करता है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

दमोह जिले के किसानों को कृषि उपकरण का वितरण

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

20. ( क्र. 1423 ) श्री प्रताप सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह जिले के कृषकों को कृषि उपकरण उपलब्ध कराये जाने हेतु वर्ष 2013-14 से प्रश्न दिनांक तक शासन से कितना-कितना आवंटन प्राप्त हुआ है? प्राप्त आवंटन जिले के सातों विकासखंड में कितना-कितना वितरित किया गया? (ख‌) कृषि उपकरण प्राप्त किये जाने हेतु सातों विकासखंड से कितने कृषकों के आवेदन प्राप्त हुए? (ग) जिले में प्राप्त आवेदन में से कितने स्वीकृत किये गये तथा कितने निरस्त किये गये? निरस्त किये गये आवेदनों का कारण बतलावें? स्वीकृत किये गये आवेदनों में से कितने हरिजन, कितने आदिवासी एवं कितने पिछड़ा वर्ग के कृषक लाभांवित हुए?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) प्रश्‍नाधीन अवधि में दमोह जिले के कृषकों को कृषि उपकरण उपलब्‍ध कराये जाने हेतु राशि रूपये 2742.47 लाख का आवंटन प्राप्‍त हुआ। विकास खण्‍डवार आहरण संवितरण अधिकार न होने से विकासखण्‍डों को आवंटन नहीं दिया गया वर्षवार आवंटन की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) प्रश्‍नाधीन अवधि में कृषि उपकरण प्राप्‍त किये जाने हेतु दमोह जिले के सातों विकासखण्‍ड से 23454 कृषकों के आवेदन प्राप्‍त हुये। (ग) जिले में कृषकों से प्राप्‍त 23454 आवेदनों में से 18250 आवेदन स्‍वीकृत किये गये है तथा 5204 आवेदन लक्ष्‍य से अधिक होने के कारण निरस्‍त किये गये है। स्‍वीकृत किये गये आवेदनों में हरिजन (अनु.जाति) के 2273 कृषक, आदिवासी (अनु..जाति) के 861 कृषक तथा अन्‍य एवं पिछड़ा वर्ग के 12482 कृषक लाभान्वित हुये। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।

परिशिष्ट - ''आठ''

नियम विरुद्ध जनशिक्षक का पदांकन/प्रतिनियुक्ति

[स्कूल शिक्षा]

21. ( क्र. 1496 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन के नियमानुसार एक जनशिक्षा केन्द्र पर एक ही विषय के एक ही जनशिक्षक को पदस्थ होना चाहिये? यदि हाँ, तो राजगढ़ जिले के विकासखण्ड सारंगपुर में शास.बा.उ.मा.वि.सारंगपुर जनशिक्षा केन्द्र पर विज्ञान विषय के दो जनशिक्षक, किस नियम एवं किस अधिकारी के आदेश से कार्यरत हैं? नियम एवं आदेश की प्रति उपलब्ध कराएं? क्या उक्त दोनों जनशिक्षक में से एक जनशिक्षक को कार्यमुक्त किया जावेगा? यदि हाँ, तो किसे एवं कब तक? समयावधि से अवगत करावें? (ख) क्या नियम विरुद्ध एक ही संस्था में एक ही विषय के दो जनशिक्षक पदस्थ करने वाले संबंधित दोषी अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? (ग) क्या शासन के नियमानुसार किसी शिक्षक के एक बार जनशिक्षक बनने के उपरांत पुनः उसे जनशिक्षक पद पर पदांकन/प्रतिनियुक्त नहीं किया जा सकता है? यदि हाँ, तो जिला राजगढ़ में ऐसे कितने जनशिक्षक हैं, जो लगातार जनशिक्षक बनाये गये हैं? क्या उन्हें जनशिक्षक के दायित्वों से मुक्त किया जावेगा? समयावधि से अवगत करावें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं वर्तमान में राजगढ़ जिले के विकासखण्ड सारंगपुर में शास.बा.उ.मा.वि.सारंगपुर जनशिक्षा केन्द्र पर एक ही जनशिक्षक कार्यरत होने से शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। राजगढ़ जिले में 47 जनशिक्षकों द्वारा माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर में डब्ल्यू.पी. 583/2016, 856/2016, 1086/2016, 1822/2016, 1983/2016, 1986/2016 एवं डब्ल्यू.पी. क्रमांक 957/2016 दायर की गई थी। माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर द्वारा पारित आदेश दिनांक क्रमशः 15.11.2016 एवं 22.4.2017 के विरूद्ध रिट अपील डब्ल्यू.ए. क्रमांक 502/17, 503/17, 508/17, 509/17, 510/17, 511/17 दायर की गई, जिसे माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर द्वारा दिनांक 5.9.2017 एवं दिनांक 25.10.2017 को रिट अपील खारिज कर दी गई है। माननीय न्यायालय के परिपालन में 47 जनशिक्षक वर्तमान में पदस्थ है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

अतिथि शिक्षकों का नियमितीकरण

[स्कूल शिक्षा]

22. ( क्र. 1556 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में प्रश्‍न दिनांक तक विभाग अन्तर्गत कितने अतिथि शिक्षकों को रखा गया है? (ख) इनकों सरकार द्वारा नियमितीकरण करने की क्या योजना है? कब तक नियमित किया जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जनवरी 2018 की स्थिति में लगभग 87800 अतिथि शिक्षकों को रखा गया था। विभागीय आदेश दिनांक 24.2.2018 के क्रम में वर्तमान में कोई अतिथि शिक्षक कार्यरत नहीं। (ख) अतिथि शिक्षकों को नियमित करने का प्रावधान नहीं है। सीधी भर्ती अन्तर्गत रिक्त संविदा शाला शिक्षकों के 25 प्रतिशत पदों को ऐसे अतिथि शिक्षकों के लिए आरक्षित करने हेतु जिनके द्वारा न्यूनतम तीन शैक्षणिक सत्रों तथा न्यूनतम 200 दिवस तक अतिथि शिक्षक के रूप में कार्य किया है, के संबंध में संगत नियमों में संशोधन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शेषांश का प्रश्न उपस्थिति नहीं होता।

आत्मा योजना एवं प्रशिक्षण 

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

23. ( क्र. 1565 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी एवं सिंगरौली जिले में वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में कृषि विभाग की आत्मा योजनांतर्गत कृषक प्रशिक्षण, फार्म स्‍कूल, स्‍टाफ भ्रमण कृषक संगोष्ठी तथा कृषक भ्रमण के लक्ष्‍यानुसार किन-किन अधिकारी व कर्मचारी को कितनी राशि प्रदाय की गई? लक्ष्‍यों के आयोजित किये जाने हेतु प्रदाय दिशा निर्देश की प्रति सहित उपरोक्‍त गतिविधियों का घटकवार व्‍यय एवं विकासखण्‍डवार लाभांवित कृषकों/अधिकारियों की संख्‍या तथा प्रदाय की गई सामग्री का विवरण सहित बतावें? (ख) क्या यह सही है कि प्रश्नांश (क) आयोजनों में शासन द्वारा दिशा निर्देशों को पालन नहीं किया गया है तथा प्रशिक्षणों के आयोजन में फर्जी बिल वाऊचर तैयार कर राशि का समायोजन किया गया है? घटकवार प्रदाय अग्रिम राशि का समायोजन तथा लंबित राशि की जानकारी बतायें। (ग) क्या प्रश्‍नांश (ख) के जिम्मेदार अधिकारी पर जबावदेही निर्धारित कर उसके विरूद्ध शासन द्वारा तत्काल दण्डात्मक कार्यवाही कर निष्पक्ष जांच कमेटी गठित कर लाभान्वित कृषकों का भौतिक सत्यापन जांच करा कर वित्तीय अनियमितता के आरोप में एफ.आई.आर दर्ज कराने की कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) वर्ष 2016-17 की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार एवं वर्ष 2017-18 की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2  अनुसार है। दिशा निर्देश की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार है। (ख) दिशा निर्देशों का पालन किया गया है। घटकवार प्रदाय अग्रिम राशि के समायोजन तथा लंबित राशि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 2 अनुसार है। (ग) दिशा निर्देशों का पालन किया गया है तथा प्रशिक्षणों के आयोजन में वित्‍तीय अनियमित्‍ता नहीं की गई है। शेष का प्रश्‍न नहीं उठता।

सोनकच्‍छ वि.स. क्षेत्र सड़क निर्माण की प्रगति

[लोक निर्माण]

24. ( क्र. 1660 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सोनकच्‍छ विधान सभा क्षेत्र में पीपलरावा से टांडा उमरोद, भौरासा से टोंकखुर्द, टोंकखुर्द से इकलेरा, टोंकखुर्द से अमोना, सोनकच्‍छ से बैराखेड़ी, पुष्‍पगिरी से चौबाराधीरा तक सड़क निर्माण की कोई कार्यवाही चल रही है? यदि हाँ, तो किस स्‍तर पर कार्यवाही प्रचलित हैं? नहीं तो क्‍यों नहीं? (ख) उक्‍त सड़कों में से कौन-कौन सी सड़क स्‍वीकृत है तथा कौन-कौन सी सड़क के प्रस्‍ताव लंबित है? (ग) क्षेत्रवासियों को कब तक उक्‍त सड़कों का लाभ मिल सकेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''नौ''

ग्राम बावड़ि‍या से रजापुर सड़क निर्माण

[लोक निर्माण]

25. ( क्र. 1669 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सोनकच्‍छ विधान सभा क्षेत्र के ग्राम बावड़ि‍या से रजापुर सड़क निर्माण में कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन है या नहीं? (ख) ग्राम बावड़ि‍या से रजापुर सड़क निर्माण में विभाग द्वारा आगामी कोई प्रस्‍ताव सम्मिलित किया जायेगा या नहीं? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) ग्राम बावड़ि‍या से रजापुर सड़क निर्माण में विभाग द्वारा आगामी कार्यवाही कब तक की जायेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) वित्‍तीय संसाधन की उपलब्‍धता सीमित होने के कारण वर्तमान में प्रस्‍ताव पर विचार किया जाना संभव नहीं। (ग) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।

उज्जैन जिले में डी.एड. बी.एड. पाठ्यक्रम संचालन

[स्कूल शिक्षा]

26. ( क्र. 1847 ) श्री सतीश मालवीय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन जिले में डी.एड., बी.एड. पाठ्यक्रम संचालन हेतु कौन-कौन से निजी महाविद्यालयों को मान्यता प्रदान की गई है? डी.एड.एवं बी.एड. पाठ्यक्रम में शासन द्वारा फीस का क्या मापदण्ड निर्धारित किया गया है? महाविद्यालय एवं पाठ्यक्रमवार संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में उज्जैन जिले में निजी महाविद्यालयों में यदि फीस में अंतर है तो शासन द्वारा क्या सख्त कदम उठाया गया है एवं कोई निजी महाविद्यालय के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? महाविद्यालयवार संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) क्या निजी महाविद्यालयों का निरीक्षण सक्षम अधिकारियों द्वारा किया जाता है? यदि हाँ, तो विगत एक वर्ष में कब-कब निरीक्षण किये गये हैं? क्या संबंधित महाविद्यालय शासन के नियमानुसार संचालित है? यदि नहीं, तो उन महाविद्यालयों के विरूद्ध शासन द्वारा क्या कार्यवाही की गई? महाविद्यालयवार जानकारी उपलब्ध करावें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) उज्जैन जिले में डी.एल.एड. पाठ्यक्रम संचालन हेतु एन.सी.टी.ई. से मान्यता प्राप्त निजी महाविद्यालयों की सूची संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। डी.एल.एड. पाठ्यक्रम में फीस निर्धारण संबंधी आदेश संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। बी.एड. पाठ्यक्रम से संबंधित जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) उज्जैन जिले में डी.एल.एड. के निजी महाविद्यालयों में फीस में अन्तर नहीं है। बी.एड. से सबंधित जानकारी एकत्रित की जा रहीं है। (ग) डी.एल.एड. के निजी महाविद्यालयों के मापदण्ड, संचालन एवं निरीक्षण के अधिकार राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद को है। बी.एड. से सबंधित जानकारी एकत्रित की जा रहीं है।

परिशिष्‍ट-'' दस ''

संविलियन की निरस्‍ती

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

27. ( क्र. 1999 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 6592 दिनांक 23/03/2017 के प्रश्नांश (क) का उत्‍तर प्रश्‍न क्रमांक 249 दिनांक 05/12/2016 में संदर्भित शिकायत के विषयक में प्रदाय प्रतिवेदन में प्रकरण की विस्‍तार से विवेचना की गई है, जिसमें तथ्‍यात्‍मक स्थिति सुस्‍पष्‍ट है। प्रश्‍नांश (ख) का उत्‍तर प्रकरण अंतर्गत माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर के अंतरिम आदेश दिनांक 20/02/2013 के अनुपालन में राज्‍य शासन स्‍तर पर पूर्व में ही विस्‍तृत समीक्षा उपरांत प्रश्‍नागत संविलियन का नियम संगत पाये जाने पर शासन के आदेश दिनांक 08/03/2013 से निरंतर प्रभावशील रखा गया, जिसका संज्ञान लेते हुए माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर के आदेश दिनांक 08/03/2013 से मामले का अंतिम निराकरण हो चुका है? अत: प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है, दिया गया है? (ख) प्रश्नांश (क) का उत्‍तर यदि हाँ, तो प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित (क), (ख) में जिन दो शिकायतों का उल्‍लेख है, उन दोनों शिकायतों का पालन प्रतिवेदन बिन्‍दुवार न देकर माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर के आदेश दिनांक 08/04/2013 से मामले का अंतिम निराकरण हो चुका, देना भ्रमित करना दिया जा रहा है। शिकायत में उल्‍लेखित बिन्‍दुओं का स्‍पष्‍ट प्रतिवेदन दिये जाने हेतु उच्‍च स्‍तरीय समिति गठित कर प्रतिवेदन प्राप्‍त कर प्रस्‍तुत करेगें, ताकि प्रतिवेदन की निष्‍पक्षता बनी रहे शासन ऐसे निर्देश देगा तो कब तक? यदि नहीं, तो कारण बतायें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) प्रश्‍न के संदर्भ में उत्‍तर वांछित नहीं है। (ख) प्रकरण अंतर्गत माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर के अंतरिम आदेश दिनांक 20.02.2013 के अनुपालन में राज्‍य शासन स्‍तर पर पूर्व में ही विस्‍तृत समीक्षा उपरांत प्रश्‍नागत संविलियन को नियमसंगत पाये जाने पर शासन के आदेश दिनांक 08.03.2013 से निरंतर प्रभावशील रखा गया, जिसका संज्ञान लेते हुये माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर के आदेश दिनांक 08.04.2013 से मामले का अंतिम निराकरण हो चुका है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थिति नहीं होता है।

किसानों को दी जाने वाली योजनाओं/सब्‍सीडी

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

28. ( क्र. 2008 ) श्रीमती रंजना बघेल (किराड़े) : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला धार में वर्ष 2014-15 से दिसम्‍बर 2017 तक कृषि विभाग द्वारा योजनाओं (हितग्राही मुलक) में कितने किसानों को लाभांवित किया वर्षवार, विकासखण्‍डवार जानकारी देवें। (ख) क्‍या मनावर विकासखण्‍ड में कृषि विभाग द्वारा हितग्राही किसान को जातिवार लाभांवित किया गया है? क्‍या अज./अ.ज.जा. वर्ग के किसानों को योजनाओं का लाभ दिया गया? यदि हाँ, तो जानकारी देवें? (ग) क्‍या उक्‍त अवधि में विभिन्‍न योजनाओं में आरक्षण के आधार पर पात्र अ.जा./अ.ज.जा./पिछड़ा वर्ग के हितग्राहियों को लाभ दिया गया? यदि हाँ, तो वर्गवार संख्‍यात्‍मक जानकारी देवें? (घ) क्‍या मनावर विकासखण्‍ड में आरक्षित वर्ग के किसानों को मिलने वाली हितग्राही मूलक एवं सामूहिक योजनाओं का लाभ अन्‍य वर्ग को दे दिया गया? यदि हाँ, तो कारण स्‍पष्‍ट करें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ, जिले में वर्ष 2014-15 से दिसंबर 2017 तक विभाग द्वारा हितग्राही मूलक योजना में किसानों को लाभांवित किया गया है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''ग्‍यारह''

हाईस्‍कूल एवं हायर सेकेंडरी स्‍कूल भवन

[स्कूल शिक्षा]

29. ( क्र. 2118 ) श्रीमती पारूल साहू केशरी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्‍कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत दिनांक 1 अप्रैल 2010 से प्रश्‍न दिनांक तक सागर जिले में किन-किन मिडिल स्‍कूलों एवं हाईस्‍कूलों का उन्‍नयन कब-कब हाईस्‍कूलों एवं हायर सेकेन्‍डरी स्‍कूलों में किया गया है? शाला के नाम सहित प्रारंभ होने के दिनांक सहित पूरी जानकारी देवें? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) अनुसार उन्‍नयन की गयी हाईस्‍कूलों एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों के लिये नवीन भवनों की स्‍वीकृति भी दी जा चुकी है? यदि हाँ, तो किन-किन हाईस्‍कूलों एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों के लिये कितनी-कितनी लागत के नवीन शाला भवन स्‍वीकृत किये गये हैं? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार स्‍वीकृत नवीन शाला भवनों के निर्माण की क्‍या स्थिति है? जानकारी शालावार दी जावे? (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (ख) अनुसार उन्‍नयन हुई हाईस्‍कूलों एवं हायर सेकेन्‍डरी स्‍कूलों में से अनेक स्‍कूलें ऐसी हैं, जिनके लिये नवीन भवन स्‍वीकृत नहीं हुये हैं? यदि हाँ, तो वे कौन-कौन सी स्‍कूलें हैं, जिनके लिये भवन स्‍वीकृत नहीं हुये हैं? जानकारी देते हुये बतावें कि इन स्‍कूलों के लिये कब तक नवीन शाला भवन स्‍वीकृत कर दिये जावेंगे?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' पर है। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''दो'' पर है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  ''तीन'' पर है। भवन निर्माण बजट उपलब्‍धता पर निर्भर करता है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

आचंलिक कार्यालय मण्‍डी बोर्ड जबलपुर में पदस्‍थ अधिकारियों के विरूद्ध शिकायतों की जांच 

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

30. ( क्र. 2145 ) श्री तरूण भनोत : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आंचलिक कार्यालय मण्‍डी बोर्ड जबलपुर में ऐसे कितने अधिकारी हैं जो कि दो से तीन-तीन पदोन्‍नति लेने के बाद विगत 30 वर्षों से कुछ समय के लिये अन्‍यत्र स्‍थानांतरण पर जाकर पुन: एक ही स्‍थल जबलपुर मण्‍डी बोर्ड में पदस्‍थ हैं? (ख) वर्णित (क) के संबंध में ऐसे पदस्‍थ अधिकारियों के विरूद्ध विगत पाँच वर्षों में कितनी गंभीर शिकायतें विभाग/मण्‍डी बोर्ड/लोकायुक्‍त/आर्थिक अपराध शाखा अन्‍वेषण ब्‍यूरो जबलपुर में लंबित हैं? अधिकारियों के नाम सहित वर्षवार शिकायतों का विवरण दें। (ग) क्‍या विभाग द्वारा गंभीर शिकायतों के बाद संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध अभी तक कोई कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) क्‍या ऐसे अधिकारियों को शासन/विभाग तत्‍काल अन्‍यत्र स्‍थानांतरित कर शिकायतों की जांच कराकर दण्‍डात्‍मक कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) प्रश्‍न दिनांक तक की स्थिति में म.प्र.राज्‍य कृषि विपणन बोर्ड आंचलिक कार्यालय जबलपुर में विगत 30 वर्षों की अवधि के दौरान ऐसे 01 अधिकारी जो उच्‍च पद पर पदोन्‍नति लेने के बाद कुछ समय अन्‍यत्र स्‍थल पर स्‍थानांतरण पर जाकर पुन: मण्‍डी बोर्ड आंचलिक कार्यालय जबलपुर में वर्तमान में पदस्‍थ होकर कार्यरत है। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित मण्‍डी बोर्ड आंचलिक कार्यालय जबलपुर में पदस्‍थ अधिकारी के विरूद्ध विगत 05 वर्षों में प्राप्‍त 05 शिकायतों का वर्षवार विवरण अधिकारी के नाम सहित की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) मण्‍डी बोर्ड आंचलिक कार्यालय जबलपुर में पदस्‍थ अधिकारी के विरूद्ध प्राप्‍त जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार शिकायतों की जांच करायी जा रही है। इनके जांच प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर,जांच निष्‍कर्ष के परिप्रेक्ष्य में गुण-दोष के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है। (घ) उत्‍तरांश (ख) के जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार में वर्णित शिकायतों की जांच उपरांत गुण-दोष के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''बारह''

खनिज विभाग से रॉयल्‍टी बुक प्राप्‍त नहीं किया जाना

[लोक निर्माण]

31. ( क्र. 2186 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सड़क निर्माण कार्यों में लगने वाले गौण खनिज के संबंध में खनिज विभाग राज्‍य मंत्रालय भोपाल के परिपत्र दिनांक 31 जनवरी 2006 में दिए गए स्‍पष्‍ट आदेशों के बाद भी बैतूल, हरदा एवं होशंगाबाद जिले में खनिज विभाग से पिटपास/ट्रांजिट पास बुक प्राप्‍त किए बिना ही ठेकेदारों के बिल से रॉयल्‍टी काट कर खनिज विभाग में जमा करवाई गई है? (ख) यदि हाँ, तो 31 जनवरी 2006 के आदेश में खनिज विभाग से पिटपास बुक प्राप्‍त किए जाने के संबंध में क्‍या प्रावधान दिया गया है? इसके अनुसार बैतूल, हरदा एवं होशंगाबाद जिले में 1 जनवरी, 2016 से दिसम्‍बर 2017 तक विभाग एवं सड़क विकास निगम ने खनिज विभाग से किस वर्ष में कितनी-कितनी पिटपास बुक प्राप्‍त की है? (ग) दिनांक 31 जनवरी 2006 के आदेश में ठेकेदार के बिल से रॉयल्‍टी काट कर जमा करवाए जाने के संबंध में क्‍या-क्‍या प्रावधान दिया है? उसके तहत 1 जनवरी, 2016 से दिसम्‍बर 2017 तक कितने मार्गों की कितनी रॉयल्‍टी काट कर खनिज विभाग में जमा करवाई गई? कितनी काटी गई रॉयल्‍टी जमा नहीं करवाई गई वर्षवार बतावें। (घ) ठेकेदारों के बिल से रॉयल्‍टी की राशि काटी जाने के पूर्व खनिज विभाग से पिटपास बुक प्राप्‍त कर ठेकेदार को उपलब्‍ध नहीं करवाए जाने का क्‍या कारण रहा है? इसके लिए शासन किसे जिम्‍मेदार मानता है? पद व नाम सहित बतावें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र'' एवं 1 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे प्रपत्र-'' अनुसार, एम.पी.आर.डी.सी. के प्रकरणो में ठेकेदारों की जिम्‍मेदारी है।

उच्‍च श्रेणी शिक्षकों को समयमान/वेतनमान

[स्कूल शिक्षा]

32. ( क्र. 2272 ) श्री नथनशाह कवरेती : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राज्‍य शासन ने सहायक शिक्षक, उच्‍च श्रेणी शिक्षक, प्रधानाध्‍यापक के समयमान वेतनमान देने के संबंध में कोई आदेश जारी किये गये हैं? यदि हाँ, तो भोपाल/छिंदवाड़ा जिले में कार्यरत शिक्षकों को इसका लाभ कब तक दे दिया जायेगा? ऐसे कितने उच्‍च श्रेणी शिक्षक भोपाल में पदस्‍थ हैं, जिनका समयमान वेतनमान कब से लंबित हैं दिनांकवार सूची दें? (ख) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री महोदय द्वारा सहायक शिक्षक, उच्‍च श्रेणी शिक्षक, प्रधानाध्‍यापक के पदनाम परिवर्तन की घोषणा की गई थी? यदि हाँ, तो भोपाल जिले में कार्यरत शिक्षकों का पदनाम परिर्वतन कब तक कर दिया जायेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षक संवर्ग को म.प्र. वेतन पुनरीक्षण नियम 1990 के द्वारा 12 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर दिनांक 1.1.1986 से वरिष्ठ वेतनमान, म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग के ज्ञाप दिनांक 03.09.2005 के अनुसार 24 वर्ष पर द्वितीय क्रमोन्नति तथा म.प्र.शासन सामान्य प्रशासन विभाग के ज्ञाप दिनांक 25 अक्टूबर, 2017 द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत सहायक शिक्षकों एवं शिक्षकों को 30 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर तृतीय क्रमोन्नति वेतनमान का लाभ दिए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। आदेश की प्रति  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार। भोपाल जिला अंतर्गत 198 उच्च श्रेणी शिक्षक, 72 प्रधानाध्यापक माध्यमिक शाला, 82 प्रधानाध्यापक प्राथमिक शाला एवं 590 सहायक शिक्षकों को तृतीय क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ प्रदान किया जा चुका है एवं छिंदवाड़ा जिले में 1400 शिक्षकों के प्रकरणों पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) माननीय मुख्‍यमंत्री जी की घोषणा की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। घोषणा के संबंध में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है

गुना जिले में जिला परियोजना समन्वयक की पदस्थापना

[स्कूल शिक्षा]

33. ( क्र. 2304 ) श्रीमती ममता मीना : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गुना जिले में जिला परियोजना समन्वयक का पद कब से रिक्त है? जिला परियोजना समन्वयक का प्रभार विभाग के किन-किन अधिकारियों को सौंपा जा सकता है? क्या अतिरिक्त प्रभार देने में वरिष्ठता का ध्यान रखा जाता है अथवा नहीं? (ख) क्‍या श्री आशीष टांटिया हाईस्कूल स्तर के प्राचार्य होने के साथ सहायक जिला परियोजना समन्वयक के पद पर प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ होने के साथ ही वर्तमान में जिला परियोजना समन्वयक का प्रभार कलेक्टर जिला गुना द्वारा वरिष्ठता को नजर अंदाज करते हुये सौंपा गया है? (ग) जिला परियोजना समन्वयक का अतिरिक्त प्रभार श्री टांटिया से वरिष्ठ प्राचार्यों एवं अन्य अधिकारियों को न सौंपते हुये श्री टांटिया को प्रभार सौंपने वाले अधिकारी के विरूद्ध विभाग कब तक कार्यवाही करेगा? (घ) श्री टांटिया से जिला परियोजना समन्वयक का अतिरिक्त प्रभार कब तक वापिस लेकर विभाग में उनसे वरिष्ठ अधिकारियों को कब तक सौंपा जा रहा है? गुना जिले में स्थाई रूप से जिला परियोजना समन्वयक की कब तक पदस्थापना की जावेगी।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) दिनांक 12.07.2016 से है। जिला परियोजना समन्वयक के रिक्त पद का प्रभार स्कूल शिक्षा विभाग के जिला शिक्षा अधिकारी को दिया जाता है तथापि जिला शिक्षा अधिकारी के पास कार्याधिक्य होने पर अथवा अन्य स्थानीय परिस्थितियों के दृष्टिगत संबंधित जिला कलेक्टर, जो कि जिला मिशन संचालक भी होते हैं, सर्वशिक्षा अभियान मिशन के कार्यों के सुचारू संचालन हेतु जिले में कार्यरत स्कूल शिक्षा विभाग के किसी अन्य अधिकारी, जिन्हें परियोजना के कार्य का अनुभव हो, को प्रभार सौंप सकते हैं। अतिरिक्त प्रभार का वरिष्ठता से संबंध नहीं है। (ख) उत्तरांश '''' में अंकित व्यवस्था अनुसार जिला कलेक्टर द्वारा प्रभार दिया गया है, प्रभार का वरिष्ठता से संबंध नहीं है। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्‍थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश '''' और'''' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश '''' अनुसार प्रभार का वरिष्ठता से संबंध नहीं है, प्रशासकीय आवश्यकता अनुसार कार्यवाही की जाएगी वर्तमान में विभाग में अधिकारियों की कमीं होने से पूर्णकालिक पदस्थापना किये जाने के संबध में निश्‍चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

कृषि उपज मण्डी समिति गुना में कृषकों के भावांतर योजना के अन्तर्गत भुगतान

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

34. ( क्र. 2305 ) श्रीमती ममता मीना : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृषि उपज मण्डी गुना में भावांतर योजना के अंतर्गत कितना भुगतान किसानों को किया गया है कितना शेष है? (ख) क्या उपरोक्त भुगतान वास्तविक कृषकों के खाते में ही गया है या अन्य किसी के खातों में गया है? (ग) यदि वास्तविक कृषक के खाते में भावांतर का भुगतान न किया जाकर किसी अन्य के खाते में गया है, तो उसके लिये कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी हैं, उसके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? (घ) क्या भावांतर योजना संबंधी 743 कृषकों की प्रविष्टि (एन्ट्री) गलत की गई है, यदि हाँ, तो किस अधिकारी/कर्मचारी द्वारा की गई है? उन पर क्या कार्यवाही की गई है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) खरीफ 2017 के लिए भावांतर भुगतान योजना अंतर्गत कृषि उपज मंडी समिति गुना में 16 अक्‍टूबर 2017 से 31 दिसम्‍बर 2017 की अवधि में विक्रय करने वाले पंजीकृत किसानों को भावांतर की राशि रू. 34,02,17,186/- का भुगतान किया गया एवं भावांतर की राशि रू. 45,03,142/- का भुगतान किया जाना शेष है। (ख) जी हाँ, भावांतर भुगतान योजनान्‍तर्गत किसानों के पंजीकृत बैंक खाता में ही भावांतर की राशि का भुगतान किया गया है। (ग) उत्‍तरांश '' अनुसार प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) खरीफ 2017 के लिए भावांतर भुगतान योजनान्‍तर्गत कृषि उपज मंडी गुना में 165 किसानों के नाम खाता क्रमांक आई.एफ.एस.सी. कोड, जिंस का नाम, मात्रा आदि के प्रविष्टि एवं सुधार संबंधी कलेक्‍टर जिला गुना से प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुए है। इस प्रकार की लापरवाही हेतु प्रथम दृष्‍टया दोषी पाये गये श्री इन्‍द्रपाल सिंह गुर्जर, सचिव, कृषि उपज मंडी समिति गुना को मंडी बोर्ड के आदेश दिनांक 07.02.2018 से निलंबित किया गया है।

सहायक शिक्षकों को पदोन्नति प्रदान की जाना

[स्कूल शिक्षा]

35. ( क्र. 2392 ) श्री मोती कश्यप : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर एवं कटनी जिलों के मिडिल एवं प्रायमरी स्कूलों में कितने सहायक शिक्षक पदस्थ हैं और उनमें से ऐसे कितने शिक्षक हैं, जिनकी सेवायें क्रमश: 12 से 30 वर्ष की हो चुकी हैं और उन्हें कितने वर्ष की सेवा पर कितनी बार क्रमोन्नति का लाभ दिया गया है? (ख) क्या प्रश्नांश (क) शिक्षकों में से वरिष्ठताक्रम के ऐसे कितने शिक्षक हैं, जो डी.एड., बी.एड., स्ना‍तक, स्नोतकोत्‍तर शिक्षा के प्रमाणपत्र एवं डिग्रीधारक हैं? (ग) क्या प्रश्नांश (क) जिलों के प्रश्नांश (ख) योग्यताधारकों की सेवा में वरिष्ठता की कोई सूची बनायी गई है और उनमें से किन्हें उच्च श्रेणी शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक के पदों में पदोन्नति दी गई है? यदि नहीं, तो क्या कारण हैं? (घ) क्या प्रश्नांश (क), (ख), (ग) को कब तक पदोन्नति का लाभ प्रदान कर न्याय प्रदान किया जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार  (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार  (ग) जी हाँ। माननीय उच्चतम न्यायालय में  दायर याचिका में पदोन्‍नति के संबंध में यथास्‍थिति के निर्देश होने से पदोन्‍नति प्रदान नहीं की जा सकी है। शेषांश का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नांश '''' के उत्तर के प्रकाश में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्‍ट- ''तेरह ''

रतलाम- उज्‍जैन जिले में निर्माणाधीन कार्य

[लोक निर्माण]

36. ( क्र. 2410 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खाचरौद जिला उज्‍जैन से रतलाम तक निर्मित सड़क की गुणवत्‍ता की जांच की गई है? क्‍या इस मार्ग की समस्‍त पुरानी पुलियाओं का नवीनीकरण किया गया है? (ख) रतलाम-खाचरौद मार्ग की प्रश्नांश (क) निर्मित सड़क के ग्राम क्षेत्रों वाले इलाकों में सी.सी.वर्क क्‍यों नहीं किया गया? (ग) प्रश्नांश (क) नव निर्मित सड़क निर्माण की निर्माण कंपनी से हुए अनुबंध व शर्तों का ब्‍यौरा क्‍या है? निर्माण ग्‍यारंटी क्‍या है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जी नहीं, कुल 56 नग पुरानी पुल पुलियाओं में से 10 नग पुल पुलियाओं का पुनर्निर्माण किया है। (ख) किया गया है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। कार्य पूर्णता के बाद 05 वर्ष परफारमेंस की ग्‍यारंटी है।

परिशिष्ट - ''चौदह''

क्षतिग्रस्‍त मार्गों की जानकारी

[लोक निर्माण]

37. ( क्र. 2411 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आलोट-आगर सड़क मार्ग पर मनुनिया से आलोट तक जगह-जगह सड़क क्षतिग्रस्‍त हो चुकी है. जिसे अब तक ठीक नहीं किया गया है, जिसके कारणवश एक्‍सीडेंट व वाहन क्षतिग्रस्‍त हो रहे हैं। इस सड़क को शासन कब तक अच्‍छी स्थिति में निर्मित करेगा? (ख) प्रश्नांश (क) सड़क की पुलिया में स्‍लेब उखड़ने से एक्‍सीडेंट हो रहे हैं। कब तक उक्‍त पुलियाएं दुरूस्‍त होंगी? (ग) क्‍या जावरा-उज्‍जैन मार्ग जगह-जगह क्षतिग्रस्‍त हैं, राजाखेड़ी के पास खतरनाक एस आकार मोड़ पर प्रतिदिन दुर्घटनाएं हो रही है? क्‍या इन्‍हे ठीक किया जायगा? यदि हाँ, तो कब तक व किस प्रकार एवं नहीं, तो क्‍यों नहीं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। जी नहीं। जी नहीं। मनुनिया जंक्शन से आलोट तक सड़क कुछ स्थानों पर आंशिक रूप से असमतल हुई है, किन्तु वह दुर्घटना का कारण नहीं है। बीटी नवीनीकरण की कार्यवाही शीघ्र प्रारंभ की जा रही है। निश्चित अवधि बताना संभव नहीं। (ख) जी नहीं। पुलिया पर एक्सीडेंट होने की जानकारी निगम के संज्ञान में नहीं है। प्रश्नाधीन मार्ग पर गुलबालोद के निकट पुलिया का एक्सपेंशन ज्वाईंट क्षतिग्रस्त हुआ है जिसकी मरम्मत की कार्यवाही की जा रही है निश्चित अवधि बताना संभव नहीं। (ग) जी नहीं। जी नहीं। संभावित दुर्घटनायें रोकने हेतु ग्राम राजाखड़ी के मोड़ पर दुर्घटना से बचाव हेतु निवेशकर्ता कम्पनी द्वारा गति संकेतक एवं सूचना बोर्ड इत्यादी सुरक्षात्मक उपाय किये गये है। उक्त स्थल पर प्रतिदिन दुर्घटनाएं होने का संज्ञान निगम को नहीं है। जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

सागर शहर के ओवर ब्रिज से अतिरिक्‍त ओवर लेग बनाना

[लोक निर्माण]

38. ( क्र. 2714 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सागर शहर के राहतगढ़ बस स्‍टैण्‍ड स्थित ओवर ब्रिज पर भारी वाहनों एवं यातायात का दबाव रहता है तथा ब्रिज का मोड़ लंबा होने से यातायात बाधित होता है? (ख) क्‍या प्रश्‍नाधीन ब्रिज से नगर के विजय टॉकीज चौराहा एवं भगवानगंज, सुभाषनगर की ओर यातायात का अधिक दबाव होने से ट्राफिक जाम की स्थिति भी बनी रहती है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या शासन उक्‍त मार्ग पर यातायात को सुगम एवं सुचारू बनाने हेतु ओवर ब्रिज से विजय टॉकीज एवं भगवानगंज की ओर अतिरिक्‍त ओवर लेग बनाने पर विचार करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) जी हाँ। (ग) परीक्षण उपरांत तकनीकी रूप से उपयुक्‍त पाये जाने की स्थिति में भारत सरकार सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय नई दिल्‍ली से स्‍वीकृति के उपरांत अतिरिक्‍त लेग बनाये जाने की कार्यवाही संभव हो सकेगी वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

सागर नगर के नवीन बायपास मार्ग निर्माण 

[लोक निर्माण]

39. ( क्र. 2715 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राष्‍ट्रीय राजमार्ग सागर-विदिशा से बरेली-सुल्‍तानगंज मार्ग को जोड़ने हेतु नवीन बायपास मार्ग निर्माण का कोई प्रस्‍ताव शासन के समक्ष विचाराधीन है? यदि हाँ, तो इसकी लंबाई एवं लागत क्‍या है? शासन द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गयी? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में बायपास मार्ग निर्माण में कितनी शासकीय एवं निजी भूमि का अधिग्रहण किया जाना प्रस्‍तावित है? (ग) क्‍या शासन सागर नगर में बढ़ती आबादी एवं यातायात के दबाव को देखते हुये प्रश्‍नाधीन बायपास मार्ग की स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) वर्तमान में कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

दलितों के उत्‍पीड़न के मामलों की सुनवाई के लिए स्‍पेशल कोर्ट की स्‍थापना

[विधि और विधायी कार्य]

40. ( क्र. 2750 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश में दलितों को भयमुक्‍त माहौल देने के लिये दलित उत्‍पीड़न के मामलों की सुनवाई के लिए स्‍पेशल कोर्ट की स्‍थापना जिला मुख्‍यालय पर की गई है? यदि नहीं, तो जिला मुख्‍यालय के अतिरिक्‍त किन-किन स्‍थानों पर की गई है? नाम बतावें। क्‍या म.प्र. के सभी जिलों में स्‍पेशल कोर्ट की स्‍थापना की गई है? यदि नहीं, तो कहाँ-कहाँ पर नहीं है? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में क्‍या कोर्ट में पब्लिक प्रोसीक्‍यूटर की नियुक्ति की गई है? यदि नहीं, तो कहाँ-कहाँ? नाम बतावें। क्‍या म.प्र. में कानूनी सहायता और सलाह के लिये हेल्‍पलाईन की तरह नम्‍बर उपलब्‍ध कराये गये हैं? यदि हाँ, तो नम्‍बर बतायें? यदि नहीं, तो कब जारी किये जायेaगे? (ग) प्रश्नांश (क) (ख) के प्रकाश में अनुसूचित जनजाति एक्‍ट में अदालती दखल के बाद कितने केस रजिस्‍टर हुए? जिलेवार बतावें। ऐसे कितने मामले है जिनमें गुनाहगारों पर केस तो दर्ज हो गया पर आगे की कार्यवाही नहीं हुई? (घ) प्रश्नांश (क),(ख),(ग) के प्रकाश में पिछले चार वर्षों में दलित उत्‍पीड़न के कितने मामले दर्ज किये गये वर्षवार जिलेवार जानकारी उपलब्‍ध करावें। कितने मामलों का अब तक निपटारा हुआ एवं कितने मामले अभी तक अदालत में लंबित हैं? जिलेवार संख्‍या बतावें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) :  (क) से () तक की जानकारी एकत्रित की जा रही है।

सामग्री परिवहन हेतु पुलिस बल उपलब्‍ध कराना

[स्कूल शिक्षा]

41. ( क्र. 2752 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रीवा जिले के मऊगंज ब्‍लॉक अन्‍तर्गत दुवगवां में स्‍वीकृत कस्‍तूरबा गांधी बालिका विद्यालय 50 से 100 सीटर भवन का निर्माण पूरा कर जुलाई 2017 में निर्मित भवन स्‍थल दुवगवां में संचालन हेतु फरहदा से सामग्री का परिवहन विकास खण्‍ड स्‍त्रोत समन्‍वयक एवं वार्डन द्वारा दिनांक 01.06.2017 को प्रयास किया गया, किन्‍तु स्‍थानीय लोगों के नियम विरूद्ध विरोध के कारण परिवहन नहीं किया जा सका था? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) के प्रकाश में विकासखण्‍ड स्रोत समन्‍वयक एवं वार्डन द्वारा थाना प्रभारी थाना लौर को लिखित रूप से शिकायत दर्ज करायी गयी कि ग्रामीणों द्वारा भय का माहौल निर्मित किया गया? जिसकी सूचना डायल 100 नम्‍बर पर भी दी गई थी? किन्‍तु आवश्‍वासन उपरान्‍त भी पुलिस स्‍थल पर नहीं पहुंची? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के प्रकाश में क्‍या रिपोर्ट पर कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो प्रतिलिपि उपलब्‍ध करावें। नहीं तो कारण स्‍पष्‍ट करें। कार्यवाही नहीं किये जाने के लिये कौन-कौन दोषी है? दोषी को चिन्हित कर क्‍या दोषी के खिलाफ कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो क्‍या एवं कब तक कार्यवाही की जावेगी? (घ) प्रश्नांश (क) (ख) के प्रकाश में पुलिस अधीक्षक रीवा को प्रश्‍नकर्ता द्वारा दो पत्र एवं जिला शिक्षा केन्‍द्र अधिकारी रीवा द्वारा कलेक्‍टर के अनुमोदन उपरान्‍त पुलिस बल उपलब्‍ध कराने हेतु पत्र लिखा गया? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक शासन के आदेश का पालन कराने हेतु पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिस बल उपलब्‍ध कराया गया? यदि हाँ, तो किस दिनांक को? पत्र की प्रतिलिपि उपलब्‍ध करावें? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें। पुलिस बल उपलब्‍ध नहीं कराये जाने के कारण प्रश्‍न दिनांक तक सामग्री का परिवहन नहीं हो सका, जिससे स्‍वीकृत स्‍थल पर छात्रावास का संचालन नहीं हो सका? इसके लिये कौन दोषी है? दोषी को चिन्हित कर क्‍या कार्यवाही की जावेगी? समय-सीमा बतावें। नहीं की जावेगी तो कारण स्‍पष्‍ट करें। प्रश्नांश (क), (ख), (ग) के पालन में कब तक पुलिस बल उपलब्‍ध कराया जावेंगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) विकासखंड स्‍त्रोत समन्‍वयक, मउगंज तथा वार्डन कस्‍तूरबा गांधी बालिका विद्यालय फरहदा के संयुक्‍त हस्‍ताक्षर से दिनांक 02.06.2017 को थाना प्रभारी लौर को घटना के संबंध में लिखित सूचना दी गई। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' पर है। डॉयल 100 मौके पर पहुंची थी, मौके की तस्‍दीक के आधार पर किसी प्रकार के संज्ञेय अपराध का घटित होना नहीं पाया गया और स्‍थानीय लोगों को शांति व्‍यवस्‍था कायम रखने की हिदायत दी गई। (ग) उत्‍तरांश अनुसार कार्रवाई की गई है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' पर है वर्तमान में छात्रावास दर्ज बालिकाओं की शिक्षा सत्र 2017-18 की वार्षिक परीक्षा प्रारंभ है। परीक्षा पश्‍चात सामग्री परिवहन की कार्यवाही की जाएगी। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। पुलिस अधीक्षक रीवा द्वारा बल उपलब्‍ध कराने के निर्देश रक्षित निरीक्षक रीवा को दिए गए वर्तमान में वार्षिक परीक्षा प्रारंभ है। अत: परीक्षा के उपरांत दिनांक 05.04.2018 को आवश्‍यक पुलिस बल उपलब्‍ध कराया जाकर सामग्री परिवहन किए जाने हेतु तिथि निश्चित की गई है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

जिला शिक्षा केन्‍द्र अंतर्गत तीन वर्ष से अधिक समय तक प्रतिनियुक्ति में पदस्‍थी 

[स्कूल शिक्षा]

42. ( क्र. 2764 ) श्री मनोज निर्भय सिंह पटेल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदौर जिले में जिला शिक्षा केन्‍द्र अंतर्गत तीन वर्ष से भी अधिक समय से प्रतिनियुक्ति पर पदस्‍थ अधिकारी एवं कर्मचा‍रियों की सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) जिला शिक्षा केन्‍द्र इंदौर में संविदा के आधार पर कितने कर्मचारी पदस्‍थ हैं? उनके नाम सहित पूर्ण विवरण उपलब्‍ध करायें। क्‍या जिला शिक्षा केन्‍द्र में प्रतिनियुक्ति/संविदा के अतिरिक्‍त अन्‍य किसी कर्मचारी की सेवाएं भी ली जा रही हैं? यदि हाँ, तो उनके नाम सहित पूर्ण विवरण उपलब्‍ध करायें। (ग) ऐसे कितने कर्मचारी प्रतिनियुक्ति पर हैं, जिन्‍हें ग्रामीण क्षेत्र से नगरीय क्षेत्र में प्रतिनियुक्ति पर पदस्‍थ किया गया है? उनके नाम व पद की जानकारी देवें। (घ) जिन ग्रामीण क्षेत्र से प्रतिनियुक्ति पर नगर में पदस्‍थ किया गया, उन संस्‍थाओं में क्‍या शैक्षणिक व्‍यवस्‍था की गई? इन्‍हें कब तक मूल पद/संस्‍था हेतु कार्यमुक्‍त किया जा सकेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  'अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र 'अनुसार है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र 'अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र 'अनुसार है। (घ) रिक्‍‍‍त पदों पर अतिथि शिक्षकों/अन्‍य शिक्षकों पदस्‍‍‍‍‍‍‍‍थ की व्‍यवस्‍था किया जाना है प्रावधा‍नित है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। 

तीन वर्ष से अधिक समय तक कार्यरत कर्मचारियों/अधिकारियों

[स्कूल शिक्षा]

43. ( क्र. 2765 ) श्री मनोज निर्भय सिंह पटेल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला इन्‍दौर के स्‍कूल शिक्षा विभाग में मैदानी अधिकारी/लिपिक कर्मचारी तीन वर्ष से अधिक समय से तक एक ही स्‍थान पर कार्यरत हैं? (ख) क्‍या शासन द्वारा तीन वर्ष से अधिक समय से कार्यरत लिपकीय कर्मचारियों/अधिकारियों को अन्‍यत्र स्‍थानांतरण करने के निर्देश दिए गए हैं? (ग) यदि हाँ, तो वर्तमान में भी जिला इन्‍दौर के जिला शिक्षा अधिकारी/विकासखंड शिक्षा अधिकारी/संकुल कार्यालय में तीन वर्ष से अधिक समय से कार्यरत लिपिकीय कर्मचारी/अधिकारी कार्यरत है क्‍यों? ऐसे लिपिकीय कर्मचारी/अधिकारी की सूची प्रस्‍तुत करें? (घ) प्रश्‍नांश (ग) हाँ में है, तो इन्‍हें कब तक अन्‍यत्र स्‍थानांतरित किया जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क)  इंदौर जिले में स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत कोई भी मैदानी अधिकारी तीन वर्ष से अधिक समय से  एक ही स्थान पर कार्यरत नही है। तीन वर्ष से अधिक समय से एक ही स्थान पर कार्यरत  लिपिकीय कर्मचारियों की सूची संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार। (ख)  जी हाँ। विभाग की स्थानांतरण नीति 2017-18 के बिंदु क्रमांक 2 की कंडिका 2.3 अनुसार जिला  शिक्षा अधिकारी एवं संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालयों में 3 वर्ष से अधिक समय से एक ही  स्थान पर पदस्थ लिपिक संवर्गीय कर्मचारियों का आवश्यक रूप से स्थानांतरण किया जाना  प्रावधानित है। कंडिका 2.5 में अधिकारियों के स्थानांतरण संबंधी निर्देश हैं। (ग) जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में कोई भी लिपिक वर्गीय कर्मचारी एवं अधिकारी 3 वर्ष से अधिक  समय से कार्यरत नहीं हैं। स्कूल शिक्षा विभाग की स्थानांतरण नीति 2017-18 की कंडिका 2.5 के  अनुसार क्रय /स्टोर/स्थापना शाखा में कार्यरत कर्मचारियों को सामान्यतः 03 वर्ष की अवधि पूर्ण  होने पर अन्य शाखा में/अन्य स्थान पर पदस्थ किये जाने निर्देश हैं। जो अधिकारी/कर्मचारी  वित्तीय अनियमितताओं एवं शासकीय धन के दुरूपयोग/गबन आदि के प्रकरणों में प्रथम दृष्टया दोषी पाये जाये, उन्हें ऐसे पदों से हटाये जाने तथा ऐसे दोषी कर्मचारियों को पुनः ऐसे पद पर  पदस्थ न किये जाने के निर्देश हैं। संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार लोक सेवकों के विरूद्ध कोई शिकायत  संज्ञान में आने पर स्थानांतरण की कार्यवाही की जायेगी। विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय  इंदौर/ महू/ सांवेर/देपालपुर एवं संकुल कार्यालयों में 03 वर्ष से अधिक समय से पदस्थ  लिपिकीय कर्मचारियों की सूची संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार। (घ) विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी एवं संयुक्त कार्यालयों में 03 वर्ष से अधिक पदस्थ लिपिकीय कर्मचारियों  को नियमानुसार आगामी शैक्षणिक सत्र में स्थानांतरण किया जायेगा।

 परिशिष्‍ट-''पन्‍द्रह''

अध्‍यापक/संविदा शिक्षकों का निलंबन एवं पदस्‍थापना 

[स्कूल शिक्षा]

44. ( क्र. 2788 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियॉं : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दतिया जिले में 01 जनवरी, 2012 से 31 दिसम्‍बर, 2017 तक अध्‍यापक/संविदा शिक्षकों को निलंबन किया गया? यदि हाँ, तो किन-किन को कब-कब निलंबित किया गया और उन पर क्‍या आरोप पत्र दिये गये और जांच उपरांत उन्‍हें क्‍या शास्ति देकर किस विद्यालय में बहाल कर पदस्‍थ किया गया? विस्‍तृत जानकारी दी जावे। (ख) क्‍या अध्‍यापक/संविदा शिक्षकों को निलंबन उपरांत बहाल कर मूल पदस्‍थापना बदलकर दूसरे स्‍थान पर पदस्‍थ करने के नियम हैं? यदि हाँ, तो उनकी प्रति उपलब्‍ध कराई जावे। यदि नहीं, तो किस आधार पर पदस्‍थापना स्‍थल बदली गई? (ग) क्‍या शासन के स्‍पष्‍ट आदेश/निर्देश हैं कि किसी का निलंबन नहीं किया जाए यदि जरूरी है तो पहले जांच पूर्ण कर संबंधित के खिलाफ उचित कार्यवाही की जाए यदि हाँ, तो इस प्रकार के निलंबन क्‍यों किये गये और किये जा रहे हैं? क्‍या इससे शासन पर अनावश्‍यक आर्थिक बोझ नहीं पड़ता क्‍योंकि शत प्रतिशत निलंबन अवधि में फ्री का वेतन लेकर बहाल हो जाते है? (घ) क्‍या दतिया जिले में नियम विरूद्ध स्‍थानांतरण करने के लिये निलंबन को हथियार बनाकर इसका दुरूपयोग किया जा रहा है? क्‍या इसकी उच्‍च स्‍तरीय जांच कराई जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी, हां। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार (ख) पदस्‍थापना परि‍वर्तन की जांच कराई जायेगी। (ग) मध्‍य प्रदेश पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम, 1999 के अनुसार कार्यवाही की जाने का प्रावधान है। (घ) जांच उपरांत गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही की जावेगी।

परिशिष्ट - ''सोलह''

मार्ग मजबूतीकरण एवं उन्नयन

[लोक निर्माण]

45. ( क्र. 2839 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत 03 वर्षों में उज्जैन संभाग अंतर्गत कौन-कौन से मार्ग मजबूतीकरण एवं उन्नयन के कार्य स्वीकृत किए गए हैं? मार्गवार विवरण देवें? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत स्वीकृत किए गए कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति, तकनीकी स्वीकृति, निविदा, कार्यादेश आदि की प्रमाणित प्रति उपलब्ध करावे? (ग) विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत कौन-कौन से मार्ग मजबूतीकरण एवं उन्नयन के प्रस्ताव प्रक्रियाधीन हैं? प्रक्रियाधीन प्रस्तावों पर स्वीकृति कब तक होगी? पूर्ण विवरण देवें? क्या आमला से नलखेड़ा मार्ग चौड़ीकरण का प्रस्ताव प्रक्रियाधीन हैं? यदि हाँ, तो कब तक स्वीकृति होगी? यदि नहीं, तो क्या स्वप्रेरणा से उक्त मार्ग के चौड़ीकरण हेतु कार्यवाही की जावेगी? (घ) प्रश्नांश (ग) के अलावा क्या स्वप्रेरणा से आवश्यक प्रस्ताव आमंत्रित कर कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्या व कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) विस्‍तृत जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ एवं अ-1 अनुसार है। (ख) स्‍वीकृत कार्यों की प्रमाणित प्रतियां की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। वर्तमान में समय-सीमा बताना संभव नहीं है, जी हाँ वर्तमान में समयावधि बताना संभव नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ वर्तमान में मार्ग का नाम एवं समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

आर.टी.ई. के अन्‍तर्गत होने वाली प्रवेश प्रक्रिया 

[स्कूल शिक्षा]

46. ( क्र. 2843 ) श्री राजेश सोनकर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत अशासकीय विद्यालयों में वंचित समूह और कमजोर वर्ग के बच्‍चों को नि:शुल्‍क प्रवेश दिये जाते है? यदि हाँ, तो पिछले 02 वर्षों में इन्‍दौर जिले अन्‍तर्गत कितने विद्यार्थियों द्वारा आर.टी.ई में प्रवेश हेतु आवेदन किये गये? कितने विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया और कितने प्रवेश से वंचित रह गये? वंचित रहने का क्‍या कारण हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में आर.टी.ई. के तहत वर्ष 2018-19 के लिए प्रवेश प्रक्रिया कब प्रारंभ होकर समाप्त होगी? क्‍या अधिकांश अशासकीय विद्यालयों में नियमित प्रवेश प्रकिया इसके पहले प्रारंभ होकर पूर्ण हो चुकी है? हाँ या नहीं? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में अशासकीय विद्यालयों की प्रवेश प्रक्रिया आर.टी.ई. में प्रवेश प्रक्रिया के पूर्व पूर्ण होने से यदि आर.टी.ई. में भाग लेने वाले विद्यार्थी का चयन चाहे/मांगें गये विद्यालय में न होने पर अन्यत्र अशासकीय विद्यालयों में प्रवेश की क्या प्रक्रिया रहेगी? अशासकीय विद्यालयों की नियमित प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण होने से छात्र को प्रवेश न मिलने पर कौन अधिकारी जिम्मेदार रहेंगे? उन पर क्या कार्यवाही की जायेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार। शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा 12 (1) (सी) के तहत गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय स्‍कूलों में कक्षा-1 या प्री-स्‍कूल की प्रथम प्रवेशित कक्षा में वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्‍चों के नि:शुल्‍क प्रवेश की प्रक्रिया वर्ष 2016-17 से ऑनलाईन लॉटरी के माध्‍यम से प्रारंभ की गयी है। स्‍कूलों में सीमित सीटें होने के कारण तथा उन स्कूलों में अधिक बच्चों द्वारा आवेदन करने के कारण लॉटरी की प्रक्रिया में आरक्षित सीटों पर ही प्रवेश हो पाता है और पात्रता के अनुसार बच्‍चों को प्रवेश की सुविधा मिलती है। अधिनियम के इस प्रावधान के तहत ऐसे बच्‍चों को गैर अनुदान प्राप्‍त अशासकीय स्‍कूलों में सीटों का आवंटन नहीं हो पता जिनकी च्‍वाईस के प्राथमिकता के क्रम में स्‍कूलों में सीटे रिक्‍त नहीं रह पाती है। (ख) आर.टी.ई के तहत वर्ष 2018-19 के लिये प्रवेश हेतु कार्यवाही प्रचलन में है। समस्त अशासकीय स्कूलों में नियमित प्रवेश प्रक्रिया हेतु अलग-अलग समय सारणी है। जी नहीं। (ग) शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 12 (1) (सी) के तहत गैर अनुदानित मान्यता प्राप्त अशासकीय स्‍कूलों में कक्षा-1 या प्री-स्‍कूल की प्रथम प्रवेशित कक्षा की न्‍यूनतम 25 प्रतिशत सीटें वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों हेतु अधिनियम के प्रावधान अनुसार आरक्षित होती है। अतः शेषांश का प्रश्न ही नहीं उठता।

परिशिष्ट - ''सत्रह''

सहायक संचालक एवं प्राचार्यों की पदस्थापना

[स्कूल शिक्षा]

47. ( क्र. 2936 ) श्री सतीश मालवीय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन जिले में कितने सहायक संचालक एवं प्राचार्य हाई स्कूल, हायर सेकण्डरी स्‍कूल में विगत 3 वर्षों से अधिक समय से पदस्थ हैं? सूची पदस्थापना, दिनांक सहित उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) से सबंधित सहायक संचालक एवं प्राचार्यों की पदस्थापना परिवर्तन न होने के क्या कारण रहे हैं? (ग) वर्षों से पदस्थ प्राचार्य एवं सहायक संचालकों को कब तक पदस्थापना परिवर्तन किया जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) सहायक संचालक का पद प्रशासनिक पद है एवं प्राचार्य  शैक्षणिक/प्रशासनिक  पद  है। प्रशासनिक कार्य व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुये एक ही स्थान पर 03 वर्ष से अधिक की सेवा पूर्ण करने पर सहायक संचालक/प्राचार्य को स्थानांतरित/पदस्थापित नहीं किया गया जो स्थानांतरण नीति वर्ष  2017-18 की कंडिका 6.5 के अनुरूप  है। (ग) उत्‍‍तरांश के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''अठारह''

अम्‍बाह विधानसभा अंतर्गत चंबल नदी पर उसैद घाट पुल का निर्माण 

[लोक निर्माण]

48. ( क्र. 3000 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उसैदघाट पुल जो कि म.प्र. को उ.प्र. से जोड़ने वाला पुल होगा, उसके निर्माण हेतु शासन द्वारा किस कंपनी को ठेका दिया है तथा कुल कितनी राशि का ठेका है एवं निर्माण की समय-सीमा क्‍या रखी गई है? (ख) क्‍या उपरोक्‍त पुल के अनेक बार ठेका हो चुके थे, लेकिन उदासीनता एवं ठेकेदारों द्वारा कार्य को अधूरा छोड़कर और काम से अधिक पैसा लेकर शासन को करोड़ों रूपये की क्षति पहुँचाई गई है? यदि हाँ, तो ऐसे ठेकेदारों व अधिकारियों जिन्‍होंने भुगतान किया था उनके प्रति शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, की गई तो क्‍यों नहीं? (ग) वर्तमान में जिस कंपनी को प्रश्नांश (क) में वर्णित पुल के निर्माण का ठेका दिया गया है वह कंपनी भी पूर्व के ठेकेदारों की भांति  कार्य न छोड़ें एवं कार्य पूर्ण हो इस हेतु क्‍या व्‍यवस्‍था की है? (घ) प्रश्नांश (क) में वर्णित पुल की लम्‍बाई, चौड़ाई, उँचाई क्‍या रहेगी तथा कब तक पुल का निर्माण कराया जा सकेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ, उक्‍त पुल निर्माण का ठेका मेसर्स विनोद कुमार शुक्‍ला कंस्‍ट्रक्‍शन प्रा.लि. भोपाल को दिया है। ठेके की मूल राशि रूपये 4834.54 लाख एवं पुनरीक्षित राशि रूपये 8260.28 लाख तथा निर्माणावधि 28 माह (वर्षाकाल छोड़कर) है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍नांश '' में उल्‍लेखित कंपनी को प्रथम बार ठेका दिया गया है तथा पूर्व में किसी भी ठेकेदार को ठेका नहीं दिया गया था अत: कार्य अधूरा छोड़ने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्‍नांश '' में वर्णित पुल की लंबाई 700 मीटर एवं चौड़ाई 12 मीटर एवं नदी तल से औसत ऊँचाई 28 मीटर रहेगी। पुल का कार्य अनुबंधानुसार 28 माह (वर्षाकाल रहित) में पूर्व किया जाना है।

अम्‍बाह तहसील में नोटरी की नियुक्ति

[विधि और विधायी कार्य]

49. ( क्र. 3003 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मुरैना जिले की अम्‍बाह तहसील की नोटरी की नियुक्ति प्रक्रिया वर्ष 2015, 2016 एवं 2017 से लंबित पड़ी है? यदि हाँ, तो ऐसा क्‍यों? (ख) क्‍या अम्‍बाह तहसील में नोटरी नियुक्ति हेतु आवेदन मंगाये गये थे? यदि हाँ, तो आवेदन प्राप्‍त हो जाने के पश्‍चात् प्रश्‍न दिनांक तक नोटरी नियुक्ति की क्‍या कार्यवाही शासन द्वारा की गई है? (ग) क्‍या शासन द्वारा कई वर्षों से नोटरियों की नियुक्ति नहीं करने से अम्‍बाह नगर तथा उसके आस-पास के सैकड़ों नागरिकों को विधि विधायी कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है? (घ) क्‍या शासन तहसील अम्‍बाह जिला मुरैना में नोटरी की नियुक्ति करने पर विचार करेगा? यदि हाँ, तो कब तक नोटरी की नियुक्ति कर दी जावेगी, नहीं तो क्‍यों नहीं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मुरैना से अधिवक्ताओं का अनुशंसित पैनल प्राप्त हो चुका है, प्राप्त पैनल के संबंध में विभागीय पत्र दिनांक 12.12.17 द्वारा जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मुरैना से अधिवक्ता के चरित्र सत्यापन (आपराधिक प्रकरण) की जानकारी मंगवायी गयी है। (ख) जी हाँ। जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मुरैना से अधिवक्ताओं का अनुशंसित पैनल प्राप्त हो चुका है, प्राप्त पैनल के संबंध में विभागीय पत्र दिनांक 12.12.17 द्वारा जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मुरैना से अधिवक्ता के चरित्र सत्यापन (आपराधिक प्रकरण) की जानकारी मंगवायी गयी है। (ग) जी नहीं वर्तमान में तहसील-अंबाहा में 05 नोटरी कार्यरत है। (घ) जी हाँ। नियुक्ति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।

सेवढ़ा, चौरई, नदीगांव के सड़क का निर्माण कार्य घटिया स्‍तर का किये जाने जांच एवं कार्यवाही 

[लोक निर्माण]

50. ( क्र. 3014 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. सड़क विकास प्राधिकरण द्वारा सेवढ़ा, चौरई, नदीगांव सड़क निर्माण एजेंसी द्वारा डी.पी.आर. में वर्णित गुणवत्‍ता अनुसार कार्य न कराकर निर्धारित सी.बी.आर. की जी.एस.बी. न डालकर एवं डब्‍ल्‍यू.एम.एम., डी.व्‍ही.एम. व बीसी में ग्रेडेशन अनुसार कार्य न करन घटिया सड़क का निर्माण किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या इसकी जांच कराई गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) उपरोक्‍तानुसार सड़क निर्माण में वेस (आधार) से लेकर बीसी तक कितनी अनुपात में किस-किस प्रकार के मटेरियल का प्रयोग होना था, पूर्ण विवरण दें? (ग) मिहोना लहार भाण्‍डेर चिरगांव राज्‍यमार्ग क्रमांक 45 (वर्तमान परिवर्तित एन.एच. 552) के निम्‍न गुणवत्‍ता के सुधार कार्य को अधूरा बंद करने का कारण बतायें? (घ) प्रश्‍नकर्ता द्वारा राज्‍यमार्ग क्रमांक 45 (वर्तमान परिवर्तित एन.एच.552) को सुधारने हेतु प्रबंध संचालक को कब-कब पत्र गड्ढे भरकर पूर्ण मरम्‍मत कराने हेतु लिखा गया? (ड.) क्‍या उपरोक्‍त (क) एवं (ग) के संदर्भ में कब तक दोनों सड़कों का सुधार कराकर आवागमन योग्‍य बना दिया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) बेस (आधार) से लेकर बी.सी. तक विभिन्‍न परतो की मोटाई निम्‍नानुसार है:- (1) डब्‍ल्‍यू.बी.एम.- 250 एम.एम. (2) डी.बी.एम.- 50 एम.एम. (3) बी.सी.-30 एम.एम. उक्‍त कार्यों में भारत सरकार भूतल परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय नई दिल्‍ली द्वारा जारी स्‍पेसिफिकेशन अनुसार सामग्री का उपयोग होना था। (ग) मार्ग का मरम्‍मत कार्य वर्तमान में प्रगतिरत है एवं निर्धारित मापदण्‍डानुसार एवं गुणवत्‍ता अनुरूप किया जा रहा है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) दिनांक 07.09.2016, 24.03.2017, 02.11.2017 एवं 08.01.2018 को माननीय विधायक द्वारा पत्र लिखे गये जो क्रमश: प्रबंध संचालक म.प्र. सड़क विकास निगम मुख्‍य प्रबंध संचालक म.प्र. सड़क विकास निगम, मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी म.प्र. सड़क विकास निगम तथा माननीय मंत्रीजी लोक निर्माण विभाग म.प्र. शासन को संबोधित है (ड.) मार्गों की मरम्‍मत/निर्माण का कार्य प्रगति पर है वर्तमान में उक्‍त दोनों मार्ग पर आवागमन सुचारू रूप जारी है।

अतिथि शिक्षक के संबंध में कार्यवाही

[स्कूल शिक्षा]

51. ( क्र. 3166 ) श्री रामपाल सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश के स्‍कूलों में शिक्षकों की कमी को देखते हुये, शिक्षण व्‍यवस्‍था हेतु अतिथि शिक्षकों की सेवायें ली जा रही हैं? (ख) यदि हाँ, तो समस्‍त अतिथि शिक्षकों द्वारा विभिन्‍न मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन तथा ज्ञापन देकर अपनी मांगें पूरी कराने के लिये पहल की जा रही है? (ग) यदि प्रश्‍नांश (ख) हाँ तो अतिथि शिक्षकों के आंदोलनरत होने के कारण प्रदेश के स्‍कूलों में शिक्षण कार्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा हैं और अतिथि शिक्षकों की मांगों पर सरकार द्वारा क्‍या व्‍यवस्‍था की जा रही है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। अतिथि शिक्षकों की सेवाएं ली जा रही थी। (ख) अतिथि शिक्षकों द्वारा समय-समय पर धरना प्रदर्शन तथा ज्ञापन दिये गये हैं। (ग) जी नहीं। तत्समय शिक्षण कार्य हेतु स्थानीय व्यवस्थाएं की गई। विभागीय आदेश दिनांक 24.2.18  के क्रम में वर्तमान में कोई भी अतिथि शिक्षक कार्यरत नहीं है। सीधी भर्ती अन्तर्गत रिक्त संविदा शाला शिक्षकों के 25 प्रतिशत पदों को उन अतिथि शिक्षकों के लिए आरक्षित करने की कार्यवाही प्रचलित हैजिनके द्वारा न्यूनतम तीन शैक्षणिक सत्रों तथा न्यूनतम 200 दिवस तक अतिथि शिक्षक के रूप में कार्य किया है।

कड़ान नदी देवरी पर निर्मित पुल की गुणवत्‍ता

[लोक निर्माण]

52. ( क्र. 3330 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कड़ान नदी देवरी पर विभाग द्वारा जो पुल निर्माण कार्य किया जा रहा है वह कब स्‍वीकृत किया गया था? इसकी कार्य एजेंसी कौन है? पुल निर्माण की सीमा अवधि सहित जानकारी देवें। (ख) पुल निर्माण के समय विभाग के अधिकारी/तकनीकी अमला द्वारा कब-कब तकनीकी परीक्षण कार्य किया गया? (ग) पुल निर्माण कार्य में लगने वाले रेत गिट्टी, सीमेन्‍ट एवं लोहे का तकनीकी परीक्षण क्‍या किसी लैब या संस्‍था के द्वारा कराया गया हो तो कब-कब कराया गया?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) दिनांक 21.12.2016 को स्‍वीकृत। माँ दुर्गे कंस्‍ट्रक्‍शन कंपनी, कर्रापुर, जिला सागर। अनुबंधानुसार 12 माह वर्षाकाल छोड़कर (दिनांक 20.07.2018 तक) (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी हाँ, जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।
परिशिष्ट - ''उन्‍नीस''

सेवा सहकारी समिति में संलग्‍न ग्रामों की जानकारी

[सहकारिता]

53. ( क्र. 3333 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सागर जिले में सेवा सहकारी समितियों में संलग्‍न ग्रामों के संलग्‍नीकरण का कार्य विभाग द्वारा कब किया गया था तथा इसमें कब कब सुधार कार्य करे गए? (ख) नरयावली विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत सागर एवं राहतगढ़ वि.खं. अंतर्गत आने वाले ग्राम वर्तमान में किन-किन सेवा सहकारी समितियों में संलग्‍न हैं? (ग) क्‍या विभाग द्वारा सेवा सहकारी समिति में संलग्‍न ग्रामों का संलग्‍नीकरण कार्य का पुन: विचार कर नवीन संलग्‍नीकरण कार्य प्रस्‍तावित/विचाराधीन हैं? (घ) क्‍या सेवा सहकारी समिति मोकलपुर में यदि ग्राम पिपरिया रामवन जसराज, किशनपुरा ग्राम संलग्‍न हैं तथा इन ग्रामों के नजदीक/सुविधा के दृष्टि से सेवा सहकारी समिति ढाना एवं चितौरा में संलग्‍नीकरण किया जा सकता है? तो कब तक?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) वर्ष 2000 में इसके उपरांत कोई पुनर्गठन नहीं किया गया है। (ख) जानकारी संलग्न  परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। (घ) प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के पुनर्गठन हेतु निर्धारित मापदंडों के अंतर्गत प्रस्ताव प्राप्त होने पर परीक्षण उपरांत निर्णय लिया जा सकेगा। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''बीस''

वर्ष 2010- 11 की तुलना में वर्ष 2017-18 में शासकीय शालाओं में बच्चों के नामांकन में कमी

[स्कूल शिक्षा]

54. ( क्र. 3385 ) श्री रामनिवास रावत : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्‍योपुर जिले में वर्ष 2014-15 से 2017-18 तक में प्राथमिक,माध्‍यमिक शालाओं के कितने बच्‍चों को नि:शुल्‍क पाठ्य पुस्‍तकें सायकल सामान्‍य निर्धन परिवारों के बच्‍चों को छात्रवृत्ति, गणवेश प्रदान की गयी संख्‍या तथा राशि बतायें? (ख) श्‍योपुर जिले में वर्ष 2015-16 से 2017-18 तक में निजी स्‍कूलों में 25 प्रतिशत नि:शुल्‍क प्रवेश के तहत कितने बच्‍चों को प्रवेश दि