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मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
जुलाई, 2016 सत्र


सोमवार, दिनांक 18 जुलाई, 2016


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


 

( वर्ग 1 : लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, आयुष, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास, संसदीय कार्य, स्कूल शिक्षा, आदिम जाति कल्याण, अनुसूचित जाति कल्याण, श्रम, पिछड़ा वर्ग तथा अल्प संख्यक कल्याण, विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्धघुमक्कड़ जाति कल्याण )


सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में संसाधनों की पूर्ति

1. ( *क्र. 76 ) श्री सचिन यादव : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कसरावद विधानसभा क्षेत्र कसरावद में उपचार के लिए एकमात्र शासकीय सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र मौजूद है, जिसमें मुख्‍यालय कसरावद की सभी 83 ग्राम पंचायतें जिसकी जनसंख्‍या 2.40 लाख और कसरावद नगर पंचायत की जनसंख्‍या 25 हजार होकर उपचार के लिए इसी स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र पर निर्भर है? यदि हाँ, तो बतायें कि उक्‍त जनता को बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएँ प्रदान करने हेतु स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में संसाधनों की कमी है और उपलब्‍ध संसाधन खराब अवस्‍था में है? इस कारण वर्तमान में उक्‍त मरीजों को खरगोन एवं अन्‍य जिलों में रेफर किया जा रहा है? इस पर शासन एवं सं‍बंधित विभाग क्‍या कार्यवाही करेगा? (ख) उक्‍त स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में महिलाओं के लिए दी जा रही सुविधाओं से संबंधित संसाधन एवं पर्याप्‍त स्‍टाफ क्‍यों उपलब्‍ध नहीं है? डिजीटल एक्‍स-रे मशीन आज तक क्‍यों प्रदाय नहीं की गई? (ग) क्‍या उक्‍त स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में पोस्‍टमार्टम का कक्ष जीर्ण-शीर्ण अवस्‍था में होने के कारण डाक्‍टरों एवं संबंधित परिजनों को भारी दिक्‍कतों का सामना करना पड़ता है? यदि हाँतो बतायें कि नवीन पोस्‍टमार्टम कक्ष का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण करा दिया जायेगा? (घ) उक्‍त सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र कसरावद में भर्ती मरीजों के परिजनों को ठहरने हेतु क्‍या रैन बसेरा के निर्माण कार्य की स्‍वीकृति प्रदान की जायेगी? हाँ, तो कब नहीं तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के माध्यम से समुचित स्वास्थ्य सेवायें उपलब्ध कराई जा रही हैं। वर्ष 2015-16 के दौरान संस्था में 3473 आंतरिक रोगी, 2000 प्रसव, 119096 बाह्य रोगी, 25451 मलेरिया जाँच की गई। संस्था में एक्सरे, पैथालॉजी जाँच एवं एम्बुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध है। केवल गंभीर रोगियों को अन्य जिलों में रेफर किया जाता है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) महिलाओं के लिये सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में आवश्‍यक संसाधन उपलब्ध हैं तथा निर्धारित जांचें की जा रही हैं। डिजीटल एक्सरे मशीन प्रदान करने का प्रावधान सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर नहीं है। (ग) जी हाँ। नवीन पोस्टमार्टम कक्ष निर्माण हेतु कार्यवाही प्रचलन में है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। (घ) जी नहीं। रोगी कल्याण समिति की बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, कसरावद में भर्ती मरीजों के परिजनों को ठहरने हेतु अस्पताल परिसर स्थित शिक्षा विभाग के रिक्त भवन में संचालित किया जाना प्रस्तावित है। शिक्षा विभाग द्वारा भवन रिक्त करने पर रैन बसेरा संचालित किये जाने की कार्यवाही की जावेगी। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

खेत तक विद्युत लाईन का विस्‍तार

2. ( *क्र. 401 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आदिम जाति कल्‍याण विभाग विदिशा में वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के कृषकों के खेत तक विद्युत लाईन विस्‍तार (ऊर्जीकरण) हेतु कितने प्रकरण प्राप्‍त हुये थे? प्रकरणवार, विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित कितने किसानों के प्रकरण स्‍वीकृत कर कार्य पूर्ण करा दिये गये हैं, कितने शेष हैं, शेष का कारण बतायें? शेष प्रकरणों की सूची प्रकरणवार, विधानसभा क्षेत्रवार देवें? (ग) क्‍या विभाग में संचालित उक्‍त योजना वर्ष 2016-17 में ऊर्जा विभाग को हस्‍तांतरित की गई है? यदि हाँ, तो आदिम जाति कल्‍याण विभाग विदिशा में लंबित प्रकरणों की नस्‍ती म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, विदिशा/गंजबासौदा को प्रेषित कर दी गई है या नहीं? यदि हाँ, तो किस दिनांक को? नहीं तो कारण देवें? उक्‍त लंबित प्रकरणों की सूची विधानसभा क्षेत्रवार उपलब्‍ध करावें?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) प्रश्‍नांश अन्‍तर्गत जनजाति के 88 तथा अनुसूचित जाति के 445 प्रकरण प्राप्त हुये हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एक अनुसार है। (ख) जनजाति अन्‍तर्गत 88 प्रकरणों में से 41 प्रकरणों में कार्य पूर्ण कराये गये हैं। आवंटन के अभाव में 47 प्रकरण शेष हैं। जबकि अनुसूचित जाति अन्‍तर्गत 201 प्रकरण स्‍वीकृत हुए हैं। 41 कार्य पूर्ण हो गये हैं। विद्युत लाईन विस्‍तार कार्य हेतु 244 प्रकरण शेष हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र दो अनुसार है। (ग) जी नहीं, सभी योजनाओं की राशि विभाग द्वारा ऊर्जा विभाग को अस्थाई कृषि पंप कनेक्शनों को स्थाई कृषि पंप कनेक्शनों में परिवर्तित करने हेतु हस्तान्तरित की गई है। लंबित प्रकरणों की सूची जिला स्तर पर महाप्रबंधक (संचारण/संधारण) म.प्र.म.क्षे.वि.वि.कं. विदिशा एवं उपमहाप्रबंधक म.प्र.म.क्षे.वि.वि.क. विदिशा एवं गंजबासौदा को दिनांक 28/06/2016 को प्रेषित की गई है। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र दो तथा तीनअनुसार है।

शिक्षकों को पांचवे वेतनमान का प्रदाय

3. ( *क्र. 366 ) श्री दीवानसिंह विट्ठल पटेल : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कस्‍तूरबा कन्‍या वनवासी कल्‍याण आश्रम निवाली में कुल कितने शिक्षक कार्यरत हैं तथा इनको क्‍या वेतनमान दिया जा रहा है? (ख) क्‍या उक्‍त संस्‍था शासन के द्वारा अनुदान प्राप्‍त संस्‍था है? यदि हाँ, तो फिर कर्मचारियों को आज तक चौथा वेतनमान ही क्‍यों दिया जा रहा है? (ग) क्‍या कुछ कर्मचारियों को पाँचवा वेतन दिया गया है? यदि हाँ, तो किन कर्मचारियों को किस नियम के तहत दिया गया है? उनके नाम सहित बतावें? (घ) क्‍या शेष रहे कर्मचारियों को भी पाँचवा वेतनमान दिया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक और नहीं तो क्‍यों?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) कस्तूरबा कन्या वनवासी कल्याण आश्रम निवाली में कुल 24 शिक्षक कार्यरत हैं। सूची संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। शिक्षकों को चतुर्थ वेतनमान दिया जा रहा है। (ख) जी हाँ। शासन के आदेश क्रमांक एफ-10-33/2007/25-2/ दिनांक 01 जनवरी 2016 के द्वारा अशासकीय संस्थाओं के कर्मचारियों को पाँचवा वेतनमान स्वीकृत किया गया है। पाँचवा वेतनमान देने हेतु वेतन निर्धारण नियमन की कार्यवाही प्रचलन में है, कार्यवाही पूर्ण कर पाँचवां वेतनमान भुगतान किया जावेगा। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। पाँचवा वेतनमान देने हेतु वेतन निर्धारण नियमन की कार्यवाही प्रचलन में है। शीघ्र कार्यवाही पूर्ण कर समस्त पात्र कर्मचारियों को पाँचवां वेतनमान का भुगतान किया जावेगा। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''एक''

बजट राशि का व्‍यय

4. ( *क्र. 483 ) श्री संजय उइके : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आदिवासी उपयोजना मद से विकास हेतु विभाग को बजट दिया जाता है? (ख) यदि हाँ, तो वित्‍तीय वर्ष 2013-14 एवं 2014-15 में योजना क्रमांक 8798, 7317, 7648, 5056, 6453, 7199 में कहाँ-कहाँ, कितनी-कितनी राशि का व्‍यय किया गया एवं नर्सिंग पैरामेडिकल महाविद्यालयों की स्‍थापना कहाँ-कहाँ की गयी है?

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( श्री शरद जैन ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित वित्‍तीय वर्षों में वर्णित योजना क्रमांकों में राशि का आवंटन प्राप्‍त नहीं हुआ है। अत: व्‍यय का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। वित्‍तीय वर्ष 2013-14 एवं 2014-15 में विभाग द्वारा प्रदेश में कहीं भी पैरामेडिकल एवं नर्सिंग म‍हाविद्यालयों की स्‍थापना नहीं की गई है।

आगजनी की घटना की जांच/कार्यवाही

5. ( *क्र. 699 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन भोपाल मुख्‍यालय में दिनांक 05 एवं 06 नवम्‍बर 2015 की रात्रि में आगजनी की घटना की जाँच आदेशित की गई थी? (ख) यदि हाँ, तो जाँच निष्‍कर्ष में क्‍या तथ्‍य पाए गए? यदि आगजनी की घटना को षड़यंत्र के तहत अंजाम दिया गया तो इसके लिए कौन-कौन उत्‍तरदायी हैं, उनके विरूद्ध अभी तक कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? (ग) उक्‍त आगजनी की घटना के संबंध में किस-किस स्‍तर पर कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुईं? क्‍या इन शिकायतों की जाँच कराई गई? यदि हाँ, तो शिकायतों में उल्‍लेखित बिन्‍दुओं की जाँच में किन-किन दोषियों के विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के संदर्भ में खाद्य एवं औ‍षधि प्रशासन विभाग को प्राप्‍त फरवरी-अप्रैल 2016 सत्र में प्रश्‍नकर्ता की ध्‍यानाकर्षण सूचना क्र. 789 में उल्‍लेखित विषयवस्तु पर कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों और इसके लिए उत्‍तरदायी संयुक्‍त संचालक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन को तत्‍काल हटाकर ध्‍यानाकर्षण सूचना क्र. 789 की विषय वस्‍तु पर कार्यवाही की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। इस संबंध में आगजनी की सूचना शाहजहानांबाद पुलिस थाने में आगजनी क्रमांक 04/15 पर दर्ज कराई है। पुलिस द्वारा जाँच की जा रही है। उक्त जाँच के निष्कर्ष प्राप्त नहीं हुये हैं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (घ) उत्‍तरांश एवं के अनुसार।

कायाकल्‍प अभियान के तहत आवंटित बजट

6. ( *क्र. 536 ) श्री जितू पटवारी : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत 1 वर्ष में जिला अस्‍पताल और शासकीय मेडिकल कॉलेज में लापरवाही के कारण कुल कितने बच्‍चों की मौत हुई, दोषी डॉक्‍टर और संभागायुक्‍त (अध्‍यक्ष कार्यपरिषद मेडिकल कॉलेज) के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) कायाकल्‍प अभियान के तहत म.गांधी, स्‍मृति चिकि. महा. इंदौर से सम्‍बद्ध एम.वाय. अस्‍पताल में क्‍या-क्‍या कार्य हुए, विभिन्‍न कार्य हेतु कुल कितना बजट आवंटित किया गया? (ग) विभिन्‍न दानदाताओं द्वारा एम.वाय. अस्‍पताल को विगत 2 वर्ष में कितना दान दिया गया, इसका यूटिलि‍टी प्रमाण पत्र दिया जाये? राशि कहाँ-कहाँ खर्च की गई।

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( श्री शरद जैन ) : (क) विगत 01 वर्ष में जिला चिकित्सालय, इन्दौर में लापरवाही के कारण नवजात बच्चों की मृत्यु नहीं हुई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्‍नांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) एम.वाय. चिकित्सालय इन्दौर को विभिन्न दान दाताओं द्वारा मिशन 2014 से प्रश्न दिनांक तक कुल रूपये 86,31,686/- की राशि दान में प्राप्त हुई है, जिसमें से रूपये 53,43,432/- की राशि व्यय की गई है। शेष राशि बैंक के खाता क्रमांक 34177045200 में जमा है। दान दाताओं से प्राप्त राशि से व्यय की गई राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र देने का कोई प्रावधान न होने से प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

स्‍कूलों की वार्षिक कार्य योजना

7. ( *क्र. 507 ) श्री अशोक रोहाणी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश शासन ने जिला शिक्षा केन्‍द्र जबलपुर में किस-किस योजना मद में कितनी-कितनी राशि आवंटित की है एवं कितनी-कितनी राशि व्‍यय हुई है, किस-किस मद की कितनी-कितनी राशि का उपयोग नहीं किया गया एवं क्‍यों? योजनाओं की लक्ष्‍य पूर्ति बतलावें / वर्ष 2013-14 से 2015-16 तक की वर्षवार पृथक-पृथक जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में सिविल वर्क के तहत कितने-कितने प्राथमिक, माध्‍यमिक शालाओं की दशा बदलने हेतु नवीन शाला भवनों का निर्माण, अतिरिक्‍त कक्षों, बाउण्‍ड्रीवॉल, छात्र-छात्राओं के लिए शौचालयों का निर्माण, शाला भवनों की मरम्‍मत व शुद्ध पेयजल की व्‍यवस्‍था की गई है। इन पर कितनी-कितनी राशि व्‍यय हुई है? तहसीलवार जानकारी दें (ग) प्रश्‍नांश (क) में वर्ष 2016-17 की वार्षिक कार्ययोजना में विधानसभा क्षेत्र केंट जबलपुर के कितने प्राथमिक, माध्‍यमिक शालाओं में कितनी-कितनी राशि के सिविल कार्य कराना स्‍वीकृत/प्रस्‍तावित हैं, कितने स्‍कूल भवन विहीन हैं, कितने स्‍कूलों में शुद्ध पेयजल व छात्र-छात्राओं के लिए शौचालयों की व्‍यवस्‍था नहीं है एवं क्‍यों? इसके लिए क्‍या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) वर्ष 2013-14 से 2015-16 तक जबलपुर जिले को प्रदाय आवंटन, व्यय एवं शेष राशि की मदवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' (I, II तथा III) अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के तहत वर्ष 2013-14 से 2015-16 में प्राथमिक, माध्यमिक शालाओं की दशा बदलने हेतु नवीन शाला भवनों का निर्माण, अतिरिक्त कक्ष, बाउण्ड्रीवॉल, छात्र-छात्राओं के लिए शौचालयों का निर्माण शाला भवनों की मरम्मत व शुद्ध पेयजल की व्यवस्था हेतु स्वीकृत कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। वर्ष 2013-14 से 2015-16 के स्‍वीकृत कार्यों की तहसीलवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ग) वर्ष 2016-17 की वार्षिक कार्ययोजना में विधानसभा क्षेत्र केन्ट जबलपुर के अंतर्गत 04 प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं में अतिरिक्त कक्ष निर्माण हेतु राशि रू. 17.84 लाख एवं 10 प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं में बाउण्ड्रीवाल निर्माण हेतु राशि रू. 29.40 लाख के सिविल कार्य भारत शासन को प्रस्तावित किये थे, परन्तु स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई। केन्ट विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कोई भी स्कूल भवनविहीन नहीं है, समस्त शालाओं में पेयजल एवं छात्र/छात्राओं हेतु शौचालय की व्यवस्था उपलब्ध है। शेषांश का प्रश्‍न ही नहीं उठता।

 

अस्‍पतालों में साफ-सफाई एवं सुरक्षा का ठेका

8. ( *क्र. 794 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह बघेल : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरगोन, बड़वानी, धार जिले में सफाई एवं सुरक्षा ठेका जिन कंपनियों के पास है उनके नाम सभी प्रकार के लाइसेंस की कॉपी सहित देवें। कंपनी का नाम, अस्‍पताल के नाम सहित देवें। (ख) इन कंपनियों में कितने कर्मचारी कार्यरत हैं, प्रश्‍नांश (क) अनुसार बतावें। ये किन-किन स्‍थानों पर पदस्‍थ हैं? अस्पताल के नाम सहित जानकारी देवें। (ग) क्‍या उपरोक्‍त कर्मचारियों का पी.एफ. कटौत्रा किया जाता है? यदि हाँ, तो कर्मचारी के नाम सहित पी.एफ. राशि का विवरण देवें। यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

पंजीकृत श्रमिकों का नवीनीकरण

9. ( *क्र. 260 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 11.12.2015 के अतारांकित प्रश्‍न संख्‍या 28 (क्रमांक 499) के उत्‍तर (ग) पंजीकृत श्रमिकों की विधवाओं को 600 रूपये सहायता प्रतिवर्ष प्रदान की जाती है तथा नि:शक्ति की दशा में 1500 प्रतिमाह भरण पोषण सहायता मण्‍डल से प्रदान की जाती है तथा (घ) के उत्‍तर में निर्माण श्रमिकों के पंजीकरण हेतु भिन्‍न-भिन्‍न अधिकारी नियुक्‍त किये गए हैं? (ख) दिनांक 18.12.2015 के परिवर्तित अता.प्रश्‍न संख्‍या 78 (क्रमांक 1795) के उत्‍तर में भाग (ख) में रीवा जिले के समस्‍त जनपद पंचायतों में ग्राम पंचायत के सचिवों द्वारा वर्ष 2009 से वर्ष 2013 में‍ निम्‍नानुसार निर्माण श्रमिकों का पंजीयन किया गया है, जिनका विवरण उत्‍तर में दर्शाया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में रीवा जिले में जनपद पंचायतों द्वारा पंजीकृत कितने श्रमिकों को लाभान्वित किया गया? श्रमिकों के कितने आवेदन किस-किस योजना के लंबित हैं? पंचायत के सचिवों द्वारा पंजीकृत श्रमिकों में से कितने श्रमिकों का पंजीकृत नवीनीकरण का कार्य जनपद पंचायतों द्वारा किया गया? अगर नवीनीकरण नहीं किये गए तो क्‍यों? (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार अगर श्रमिकों को लाभान्वित नहीं किया गया, उनके आवेदन लंबित हैं, नवीनीकरण की कार्यवाही भी जनपदों द्वारा नहीं की गई तो इसके लिए कौन-कौन दोषी हैं? दोषियों की पहचान कर उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही कब तक करेंगे? अगर नहीं तो क्‍यों?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) एवं (ख) प्रश्‍नांश में जानकारी अपेक्षित नहीं है। (ग) मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के अंतर्गत रीवा जिले की जनपद पंचायतों/नगर पंचायतों द्वारा कुल 42,889 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित किया गया है, जिसकी सूची संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। प्रश्नांकित अवधि में जिले में योजनावार कोई भी प्रकरण लंबित नहीं है। जिन पंजीकृत निर्माण श्रमिकों ने प्रत्येक वर्ष में 90 दिन निर्माण क्षेत्र में कार्य किया एवं प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किए, उनके परिचय-पत्र नवीनीकरण किए गए हैं। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''दो''

सतना जिले में नवजात शिशुओं की मृत्‍यु

10. ( *क्र. 55 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सतना जिले में अप्रैल से नवम्‍बर 2015 तक 510 नवजात शिशुओं की मृत्‍यु हुई है? नवजात मृत्‍यु, नवजात उपरांत मृत्‍यु, शिशु मृत्‍यु एवं बाल मृत्‍यु की पृथक-पृथक माहवार जनपदवार संख्‍या बतायें? (ख) जिले में विगत एक वर्ष में जिला बाल मृत्‍यु समीक्षा समिति की बैठक कब-कब आयोजित की गई तथा क्‍या-क्‍या निर्णय लिये गये? (ग) जिले की जिला बाल मृत्‍यु समीक्षा रिपोर्ट माहवार उपलब्‍ध करावें? साथ ही जिले में बाल मृत्‍यु के कारण बतायें? (घ) जिला स्‍तरीय समीक्षा में बाल मृत्‍यु के लिये कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी पाये गये हैं? दोषी पाये गये अधिकारी/कर्मचारियों पर कब-कब, क्या-क्‍या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, की गई तो क्‍यों? अगर की जावेगी तो कब तक?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी नहीं, प्रश्‍नावधि में 510 नहीं बल्कि 356 शिशुओं की मृत्यु हुई। शेष प्रश्‍नांश की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) सतना जिले में बाल मृत्यु समीक्षा समिति की बैठक दिनांक 15.04.15, 15.05.15, 15.06.15, 15.07.15, 15.08.15, 02.09.15, 15.09.15, 05.10.15, 23.10.15, 04.11.15, 11.11.15 को आयोजित की गई। जिले द्वारा बाल मृत्यु समीक्षा बैठकों के विवरण (निर्णय) कार्यवाही की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) जिला बाल मृत्यु समीक्षा का विवरण/जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। जिले में बाल मृत्यु के मुख्य कारण समय पूर्व जन्म से सांस में कठिनाई, दस्त, निमोनिया, बुखार, खून की कमी एवं कम वजन आदि हैं। (घ) भारत सरकार के दिशा-निर्देश अनुसार बाल मृत्यु समीक्षा का मुख्य उद्देश्‍य स्वास्थ्य सेवा प्रदायगी की कमियों को चिन्हित कर सेवाओं में गुणात्मक सुधार लाना है। कर्मचारियों/अधिकारियों को दोषी मानकर दण्डित करना बाल मृत्यु समीक्षा में समाहित नहीं है। समीक्षा के पश्चात सुधारात्मक कार्यवाही हेतु प्रयास किये जाते हैं जिससे बाल मृत्यु दर में कमी लाई जा सके।

रोगी कल्‍याण समिति द्वारा दुकानों का निर्माण

11. ( *क्र. 234 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शामगढ़ रोगी कल्‍याण समिति के प्रारंभ होने से प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितनी दुकानों का निर्माण किया गया? कौन-कौन से वर्ष में कितनी दुकानों का निर्माण कराया गया है? (ख) कितनी दुकानों को किराये पर दिया गया है? किरायेदारों के नाम और बकाया राशि बतावें। (ग) ऐसी कितनी निर्माणाधीन दुकानें हैं, जिन्‍हें रोगी कल्‍याण समिति द्वारा निर्माण किया गया है? उनकी लागत राशि बतावें (घ) रोगी कल्‍याण समिति नवीन निर्माणाधीन दुकानों को पहले की तरह प्रस्‍ताव कर लीज़ (किराये) पर दे सकती है या नहीं?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) वर्ष 2001 से कुल 55 दुकानों का निर्माण प्रारंभ हुआ जो वर्ष 2003 में पूर्ण हुआ। वर्ष 2013 में द्वितीय तल की 20 दुकानें निर्माणाधीन हैं। (ख) 54 दुकानें किराये पर दी गईं। वर्तमान में दुकान नं. 12 खाली है एवं रोगी कल्याण समिति के अधिपत्य में है। किरायेदारों के नाम व बकाया राशि की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) वर्तमान में 20 दुकानें द्वितीय तल वर्ष 2013 से निर्माणाधीन हैं। जिसकी लागत राशि रू. 38,50,000/- है। (घ) जी नहीं।

परिशिष्ट - ''तीन''

कलार जाति को पिछ्ड़ा वर्ग का प्रमाण पत्र जारी किया जाना

12. ( *क्र. 18 ) श्री संदीप श्री प्रसाद जायसवाल : क्या राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या म.प्र. पिछड़ा वर्ग एवं अल्‍प संख्‍यक कल्‍याण विभाग के पत्र क्रमांक 6 - 2 / 2014 / 54 - 1 भोपाल दिनांक 24/6/14 के निर्देशों एवं पत्र के साथ संलग्‍न सूची के क्रमांक 42 अनुसार कलार (जायसवाल) जाति राज्‍‍य शासन की अधिसूचना एफ 8 - 5 - पच्‍चीस - 4 - 84 के कारण म.प्र. राज्‍य की उन पिछड़ी जातियों में आ गई है जो केन्‍द्र की म.प्र. की पिछड़ी जातियों की सूची में नहीं आती है एवं इसी पत्र के आधार पर एस.डी.एम. कटनी द्वारा कलार जाति के लोगों के पिछड़े वर्ग के प्रमाण पत्र नहीं बनाये जा रहे हैं जबकि वर्तमान में केन्‍द्र शासन की म.प्र. की पिछड़ा वर्ग की जाति की सूची में क्रमांक 38 पर अभी भी कलार जाति का उल्‍लेख है? (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ, तो केन्‍द्र शासन के जिस निर्णय के आधार पर यह अधिसूचना जारी की गई है, उसकी प्रति एवं म.प्र. शासन की अधिसूचना की प्रति प्रदान करें? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में यदि उत्‍तर नहीं, तो इस आदेश को तत्‍काल निरस्‍त करते हुए कलार जाति के पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश एस.डी.एम. कटनी को देंगे?

राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) जी नहीं। जी हाँ, संदर्भित पत्र से उत्‍पन्‍न भ्रम के कारण एस.डी.एम. कटनी द्वारा कलार जाति के लोगों के पिछड़े वर्ग के प्रमाण पत्र नहीं बनाये जा रहे हैं। (ख) प्रश्‍नांश (क) भाग के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) कलार जाति केन्‍द्र एवं राज्‍य शासन द्वारा घोषित पिछड़े वर्ग की सूची में सम्मिलित है। इस संबंध में स्‍पष्‍ट दिशा-निर्देश कलेक्‍टर कटनी को जारी किये जा रहे हैं।

सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में महिला चिकित्‍सकों की पदस्‍थापना

13. ( *क्र. 134 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधान सभा क्षेत्र -47 के सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र बल्‍देवगढ़ एवं खरगापुर का परिक्षेत्र काफी बड़ा एवं व्‍यापक है तथा प्रसव एवं अन्‍य गंभीर बीमारियों के चलते महिलाओं को जिला चिकित्‍सालय एवं अन्‍य स्‍थानों पर भटकना पड़ता है तथा आर्थिक परेशानियां होने के कारण कभी-कभी महिलायें मौत का शिकार भी बन जाती हैं और इलाज समय पर नहीं हो पाता है? (ख) क्‍या खरगापुर एवं बल्‍देवगढ़ में महिला चिकित्‍सकों के पद रिक्‍त हैं और आम जनता इलाज के अभाव में इधर-उधर भटक रही है? क्‍या ऐसी स्थिति को ध्‍यान में रखते हुये खरगापुर एवं बल्‍देवगढ़ अस्‍पताल में महिला चिकित्‍सकों की तैनाती करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) यह सही है कि खरगापुर विधानसभा क्षेत्र-47 के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बल्देवगढ़ एवं खरगापुर का परिक्षेत्र काफी बड़ा एवं व्यापक है, लेकिन यह सही नहीं है कि इलाज के अभाव में महिलाओं को भटकना पड़ता है। (ख) जी हाँ। जी हाँ। निश्चित समयावधि बताना संभव नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सुमावली विधान सभा क्षेत्रांतर्गत संचालित शासकीय अस्‍पताल

14. ( *क्र. 714 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुमावली विधानसभा क्षेत्र मुरैना के शास. अस्‍पताल ग्राम हुसैनपुर मजरा-सरायछोला में वर्ष 2010 से कितने चिकित्‍सक, कर्मचारी पदस्‍थ रहे? उनके नाम, पद सहित जानकारी दी जावे? (ख) वर्तमान में उक्‍त चिकित्‍सालय में कौन चिकित्‍सक पदस्‍थ हैं? क्‍या अस्‍पताल का नियमित संचालन होता है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) उक्‍त अस्‍पताल में भवन, स्‍टाफ क्‍वार्टरों की क्‍या स्थिति है, उनमें कौन-कौन कर्मचारी, चिकित्‍सक निवास करते हैं?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) सुमावली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम हुसैनपुरा, मजरा-सरायछोला में वर्तमान में कोई स्वास्थ्य केन्द्र संचालित नहीं है, उक्त ग्राम उप स्वास्थ्य केन्द्र नायकपुरा अंतर्गत आते हैं। अतः उक्त ग्रामों में चिकित्सक/कर्मचारी के कोई पद स्वीकृत नहीं है। उप स्वास्थ्य केन्द्र नायकपुरा में एम.पी.डब्ल्यू. मेल एवं महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता का 01-01 पद स्वीकृत है, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता श्रीमती विमला दीक्षित पदस्थ हैं जो रोस्टर अनुसार ग्राम आरोग्य केन्द्रों में भ्रमण करती हैं। (ख) एवं (ग) उत्तरांश (क) के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

पाटन विधान सभा अंतर्गत चिकित्‍सकों की पद स्‍थापना

15. ( *क्र. 828 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पाटन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में कितने चिकित्‍सकों / कर्मचारियों के पद शासन द्वारा स्‍वीकृत हैं? इन स्‍वीकृत पदों में से कौन-कौन से कितने पद भरे हैं एवं कितने पद रिक्‍त हैं तथा कहाँ-कहाँ पर किन विशेषज्ञ चिकित्‍सकों के पद कब से रिक्‍त हैं? सूची देवें (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित रिक्‍त पदों की पूर्ति हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा निरंतर मांग करने एवं विधानसभा के सत्रों में बैठक दिनांक 4 जुलाई 2014 प्रश्‍न संख्‍या 41 क्रमांक 984 एवं बैठक दिनांक 24 जुलाई 2015 के परि.अता.प्रश्‍न संख्‍या 65 क्रमांक 1077 के जबाव में रिक्‍त पदों की पूर्ति हेतु कार्यवाही निरंतर प्रचलन में है, शीघ्र पद पूर्ति होगी के आश्‍वासन के बावजूद प्रश्‍न दिनांक तक रिक्‍त पदों की पूर्ति न होने का क्‍या कारण है? रिक्‍त पदों की पूर्ति किस प्रकार से कब तक कर दी जावेगी? (ग) क्‍या पाटन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र पाटन में पदस्‍थ एक डॉक्‍टर द्वारा अपनी सेवाएं सेठ गोविन्‍ददास जिला चिकित्‍सालय जबलपुर में दी जा रही हैं जबकि इनकी पदस्‍थापना सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र पाटन में की गई है ? क्‍या शासन इनकी सेवाएं मूल पदस्‍थापना स्‍थल सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र पाटन में देने हेतु बाध्‍य करेगा एवं सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र पाटन की एक मात्र एक्‍स-रे मशीन किन कारणों से कब से बंद है एवं इसे कब तक किस प्रकार से चालू कर दी जावेगी?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जी हाँ, यह सही है कि पूर्व में प्रश्नों के उत्तर में पदपूर्ति किए जाने हेतु विभाग द्वारा आश्वासन दिए गए हैं एवं विभाग द्वारा पदपूर्ति के प्रयास भी किए गए हैं, 04 जुलाई 2014 के उपरांत 14 अधिकारी/कर्मचारियों को पदस्थ किया गया है, सूची संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। पदपूर्ति की कार्यवाही निरंतर जारी है। प्रदेश में विशेषज्ञों की अत्यधिक कमी के कारण पदपूर्ति नहीं की जा सकी है, विशेषज्ञों के कुल स्वीकृत 3266 पदों के विरूद्ध मात्र 1245 विशेषज्ञ उपलब्ध हैं। चिकित्सकों की पदपूर्ति हेतु मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग में 1896 चिकित्सकों की भर्ती की कार्यवाही प्रचलन में है, चयन सूची प्राप्त होने पर काउंसलिंग हेतु प्रदर्शित की जाने वाली रिक्तियों में पी.जी. योग्यताधारी चिकित्सकों हेतु रिक्ति प्रदर्शित की जावेगी। पदपूर्ति हेतु निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। (ग) जी नहीं, पाटन में पदस्थ किसी चिकित्सक द्वारा सेठ गोविन्ददास चिकित्सालय में सेवायें नहीं दी जा रही हैं। पाटन स्थित एक्स-रे मशीन खराब होने पर समय-समय पर इसे सुधरवाया गया है। वर्तमान में खराब एक्स-रे मशीन का यथाशीघ्र सुधार कराया जावेगा।

परिशिष्ट - ''चार''

हायर सेकेण्‍‍डरी शाला भवन की स्‍वीकृति

16. ( *क्र. 515 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दिनांक 08.02.2016 को आयोजित जिला योजना समिति जिला राजगढ़ की बैठक में माननीया प्रभारी मंत्री महोदया के निर्देशों के पालन में जिला शिक्षा अधिकारी जिला राजगढ़ द्वारा पत्र क्रमांक/आर.एम.एस.ए./2016/304 राजगढ़, दिनांक 29.04.2016 से आयुक्‍त लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल मध्‍यप्रदेश को शा.क.उ.मा.वि. ब्‍यावरा में जीर्ण-शीर्ण भवन के स्‍थान पर नवीन भवन निर्माण हेतु संभागीय परियोजना यंत्री लोक निर्माण (पी.आई.यू.) जिला राजगढ़ से राशि रूपये 187.04 लाख का प्राक्‍कलन तैयार कराकर स्‍वीकृति हेतु प्रेषित किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त विद्यालय हेतु नवीन भवन निर्माण की स्‍वीकृति प्रदान कर दी गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) क्‍या उक्‍त विद्यालय वर्ष 1963 में हायर सेकेण्‍डरी में उन्‍नत हुआ था। लेकिन उन्‍नयन के बाद से प्रश्‍न दिनांक तक विद्यालय का स्‍वयं का भवन नहीं है? क्‍या उक्‍त विद्यालय में गत वर्ष 1858 छात्राएं अध्‍ययनरत् थीं, जिनकी संख्‍या में वर्तमान में वृद्धि हुई है लेकिन स्‍थान अभाव के कारण निरंतर छात्राओं का अध्‍ययन कार्य बाधित हो रहा है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या शासन प्रश्‍नांश (क) वर्णित प्राक्‍कलन अनुसार उक्‍त विद्यालय हेतु नवीन भवन निर्माण की स्‍वीकृति प्रथम अनुपूरक बजट में प्रदान करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। शा.क.उ.मा.वि. ब्‍यावरा के शाला भवन निर्माण हेतु प्रस्‍ताव प्रेषित किया है। शाला भवन निर्माण की स्‍वीकृति बजट की उपलब्‍धता एवं सक्षम समिति से अनुमोदन पर निर्भर करेगा। (ख) जी हाँ। शा.क.उ.मा.वि. ब्‍यावरा का उन्‍नयन हुआ है वर्तमान में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। वर्तमान में उक्‍त विद्यालय हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल, माध्‍यमिक एवं प्राथमिक विद्यालय के 25 कक्षों में संचालित होकर छात्राएं अध्‍ययनरत हैं। (ग) शाला भवन निर्माण बजट उपलब्‍धता पर निर्भर करेगा।

स्‍थानांतरित कर्मचारियों को कार्यमुक्‍त किया जाना

17. ( *क्र. 22 ) डॉ. मोहन यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी उज्‍जैन के पत्र क्रमांक/स्‍थापना-एस/स्‍थानां./2016/149, दिनांक 27.01.2016 के द्वारा 40 लिपिक वर्गीय कर्मचारियों का स्‍थानांतरण किये जाने का उल्‍लेख किया गया है। उन्‍हें किस दिनांक को कार्यमुक्‍त किया गया? पृथक-पृथक कर्मचारियों की पृथक-पृथक जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) की जानकारी अनुसार स्‍थानांतरण आदेश के पश्‍चात् भी संबंधित कर्मचारियों को कार्यमुक्‍त नहीं किया गया है तो क्‍यों? कारण बतावें कब तक कार्यमुक्‍त कर दिया जावेगा? म.प्र. शासन स्‍कूल शिक्षा विभाग के ज्ञाप क्रमांक एफ 1-21/2015/20-1/29.04.2015 के बिंदु क्रमांक 12 का उल्‍लंघन करते हुए कार्यमुक्‍त किये जाने में देरी के लिये कौन अधिकारी दोषी है। दोषियों के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। कार्यमुक्‍त करने संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) स्‍थानीय परीक्षा, बोर्ड परीक्षा, विधानसभा बजट सत्र एवं सिंहस्‍थ, 2016 होने के कारण कार्यमुक्‍त नहीं किया गया था। अब कार्यमुक्‍त कर दिया गया है। अतएव शेषांश का प्रश्‍न उपस्‍िथत नहीं होता है।

विभाग में पदस्‍थ अपर संचालक

18. ( *क्र. 818 ) श्री नारायण त्रिपाठी : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग में माह अप्रैल, 2016 की स्थिति में कौन-कौन अपर संचालक कहाँ-कहाँ पदस्‍थ हैं, कहाँ-कहाँ पद रिक्‍त हैं? (ख) किस अपर संचालक की शैक्षणिक योग्‍यता संबंधी प्रमाणपत्र, मार्कशीट, अनुभव प्रमाणपत्र विभाग में अनुपलब्‍ध हैं? (ग) उपरोक्‍त तथ्‍य कब संज्ञान में आये? दस्‍तावेज गायब होने की जानकारी छिपाने के लिये कौन दोषी व उत्‍तरदायी है? (घ) विभाग से दस्‍तावेज गायब होने पर भी एफ.आई.आर. अब तक न कराये जाने के क्‍या कारण हैं? कब तक एफ.आई.आर. कराई जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) कोई नहीं। (ग) एवं (घ) प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''पाँच''

रोगी कल्‍याण समिति द्वारा संचालित योजनाएं

19. ( *क्र. 433 ) श्री मुकेश नायक : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्‍ना जिले की पवई विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों/उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में रोगी कल्‍याण समिति द्वारा पोषित कौन-कौन सी योजनायें संचालित हैं? संचालित योजनाओं के तहत वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक किस योजना के लिये कितनी राशि आवंटित की गई? योजनावार, वर्षवार, आवंटित राशिवार जानकारी बतावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के तहत कितनी-कितनी राशि प्रश्‍न दिनांक तक खर्च की गई कितनी शेष है?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) पन्ना जिले की पवई विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत स्वास्थ्य केन्द्रों में रोगी कल्याण समिति द्वारा कोई भी पोषित योजना संचालित नहीं है, न ही किसी योजना के लिये कोई राशि आवंटित की गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्‍नांश (क) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

आदिवासी छात्रावासों का संचालन

20. ( *क्र. 767 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भोपाल संभाग में आदिम जाति कल्‍याण विभाग द्वारा बालक और बालिका छात्रावास संचालित किए जा रहे हैं? यदि हाँ, तो जिलावार व ब्‍लॉकवार ब्‍यौरा दें? (ख) छात्रावासों में अध्‍ययनरत् विद्यार्थियों की सुविधा के लिए किन-किन वस्‍तुओं की सप्‍लाई किन नियमों के तहत हो रही है? भोपाल एवं सीहोर जिले के छात्रावासों में विगत 2 वर्षों में किन-किन वस्‍तुओं की सप्‍लाई की गई? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के छात्रावासों में सप्‍लाईकर्ता फर्म और सप्‍लाई की गई सामग्री की दरों का ब्‍यौरा दें? (घ) छात्रावासों में सप्‍लाई वस्‍तुओं की गुणवत्‍ता को लेकर क्‍या कोई शिकायत सामने आई है? यदि हाँ, तो उक्‍त संबंध में प्रचलित कार्यवाही का ब्‍यौरा दें?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। भोपाल सम्‍भाग में आदिम जाति कल्‍याण विभाग द्वारा जिला भोपाल अन्‍तर्गत 08 बालक छात्रावास और 02 बालिका छात्रावास संचालित हैं। जिला सीहोर अन्‍तर्गत 12 बालक और 02 बालिका छात्रावास संचालित किये जा रहे हैं। जिला रायसेन अन्‍तर्गत 14 बालक और 07 बालिका छात्रावास संचालित हैं। जिला विदिशा अन्‍तर्गत 01 बालक और 01 कन्‍या छात्रावास संचालित है तथा जिला राजगढ़ अन्‍तर्गत कोई छात्रावास संचालित नहीं है। (ख) मध्‍यप्रदेश शासन, आदिम जाति कल्‍याण विभाग के ज्ञाप क्रमांक एफ-12-11/2014/25-2 दिनांक 17/06/2014 के पालन में छात्रावास/आश्रम पालक समिति के माध्‍यम से भण्‍डार क्रय नियमों के तहत प्रदाय करने वाली एजेंन्सियों से निर्धारित दर पर क्रय किया जाता है। भोपाल एवं सीहोर जिले के छात्रावासों में विगत 2 वर्षों में क्रय की गई सामग्री की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

कटनी जिले को प्राप्‍त आवंटन व व्‍यय

21. ( *क्र. 145 ) कुँवर सौरभ सिंह : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनुसूचित जाति / जन जाति क्षेत्र विकास योजनांतर्गत कटनी जिले को कितना आवंटन कब-कब प्राप्‍त हुआ? प्राप्‍त आवंटन का व्‍यय कब-कब, किस आधार पर किया गया? वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक वर्षवार पृथक-पृथक बताएं? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र के किस-किस ग्राम में किस-किस कार्य के लिये कितनी राशि स्‍वीकृत की गई? स्‍वीकृत राशि के विरूद्ध कितना-कितना व्‍यय हुआ? इन कार्यों की निर्माण एजेंसी कौन है? विकासखण्‍डवार पृथक-पृथक बताएं। (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार अपूर्ण कार्यों के लिये कौन दोषी है? इन दोषियों पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख), (ग) के परिप्रेक्ष्य में की गई अनियमितताओं से संबंधित विगत 5 वर्षों में प्राप्‍त शिकायतों पर क्‍या कार्यवाही की गई? शिकायतवार, कार्यवाहीवार विवरण दें

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) अनुसूचित जाति कल्‍याण विभाग अंतर्गत क्षेत्र विकास योजना संचालित नहीं है। अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास योजना से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 तथा अनुसूचित जनजाति बस्‍ती विकास योजना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। (ख) अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास योजना से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 तथा अनुसूचित जनजाति बस्‍ती विकास योजना से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 4 अनुसार है। (ग) निर्माण एजेन्‍सी दोषी है। नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। (घ) विगत 5 वर्षों में अनियमितताओं से संबंधित शिकायत प्राप्‍त न होने से कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

माडल स्कूल जावरा के स्टाफ हेतु शा. आवासों का निर्माण

22. ( *क्र. 118 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या माडल स्कूल जावरा के व्याख्याताओं एवं स्टॉफ अधिकारियों/कर्मचारियों हेतु स्टॉफ क्वार्टर निर्माण किया जाना स्वीकृत होकर कार्य प्रारम्भ हुआ था? (ख) यदि हाँ, तो स्टॉफ क्वार्टर के निर्माण की भूमि का चयन किया जाकर नींव से लेकर छत स्तर तक का कार्य किया गया है? (ग) यदि हाँ, तो क्या छत स्तर तक का कार्य स्टाफ क्वार्टर के अनेक आवासों का किया जाकर कार्य अपूर्ण है? (घ) यदि हाँ, तो विगत कई वर्षों से अपूर्ण एवं बंद पड़े स्टॉफ क्वार्टर जो कि अब रख रखाव के अभाव में जीर्ण-शीर्ण होने लगे हैं, उनका पुनः निर्माण कार्य कब प्रारम्भ किया जाकर कब तक पूर्ण कर लिया जायेगा, ताकि शासन/विभाग को होने वाली हानि एवं व्याख्याताओं, स्टाफ अधिकारियों-कर्मचारियों को होने वाली असुविधा से बचा जा सके?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) से (ग) जी हाँ। (घ) शेष कार्य रिस्क एवं कॉस्ट पर पूर्ण कराये जाने हेतु तकनीकी स्वीकृति प्रदान करने विषयक संभागीय परियोजना यंत्री लोक निर्माण विभाग, पी.आई.यू. उज्जैन म.प्र. को पत्र क्रमांक 1154/भवन/सिविल/2013 दिनांक 01.10.13 एवं पत्र क्र. 1152/भवन/सिविल/2013 भोपाल दिनांक 01.10.13 प्रेषित किये गये हैं एवं कार्यालयीन पत्र क्र. 2014/भवन/15 भोपाल दिनांक 06.02.15 एवं पत्र क्र. 203/भवन/सिविल/16 भोपाल, दिनांक 24.06.16 द्वारा परियोजना संचालक, (पी.आई.यू) लोक निर्माण विभाग, निर्माण भवन, भोपाल को आवास गृहों का तकनीकी परीक्षण कर स्‍ट्रेंथ के संबंध में तकनीकी परीक्षण रिपोर्ट प्रेषित करने हेतु लिखा गया है। कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की अनियमित नियुक्ति

23. ( *क्र. 670 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले के अन्‍तर्गत स्‍वास्‍थ्‍य विभाग में पदस्‍थ श्री कमल सिंह पटले की नियुक्ति किस दिनांक को स्‍वीपर के पद पर की गई थी? नियुक्ति के समय शैक्षणिक अर्हता क्‍या थी, किस योग्‍यता के आधार पर पदांकन किया गया था? क्‍या शैक्षणिक योग्‍यता बढ़ाने के लिए विभागीय अनुमति ली गयी थी? यदि हाँ, तो कब एवं किस दिनांक को? (ख) क्‍या पदांकन के समय उक्‍त व्‍यक्ति के शाला स्‍थानांतरण प्रमाण पत्र में अंकित जन्‍म तिथि के अनुसार आयु 16 वर्ष की थी? क्‍या 16 वर्ष की आयु में शासकीय सेवा में पदांकन के नियम हैं? यदि हाँ, तो अन्‍य विभागों में 16 वर्ष की आयु में पदांकन क्‍यों नहीं किया जा रहा है? यदि नहीं, तो नियम विरूद्ध पदांकन करने वाले अधिकारी पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (ग) क्‍या वर्ष 2005 में मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी बालाघाट द्वारा जानकारी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सहायक ग्रेड 3 के पद पर पदोन्‍नत किया गया है? किस नियम के तहत्? नियम बतावें एवं पदोन्‍नति के समय जिले की रोस्‍टर स्थिति क्‍या थी? द्वि‍तीय पदोन्‍नति 2002 में कितने सहायक ग्रेड 3 कर्मचारियों की पदो‍न्‍नति सहायक ग्रेड 2 के पद पर की गई? सन 2002 से प्रश्‍न दिनांक तक संक्षिप्‍त में जानकारी देवें? (घ) क्‍या पदो‍न्‍नति उपरांत शैक्षणिक अर्हता प्रमाण पत्रों का सत्‍यापन मा.शि.म. भोपाल द्वारा किया गया? यदि हाँ, तो कब एवं किस दिनांक को? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण बतावें?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) श्री कमल सिंह पटले की प्रथम नियुक्ति आदेश क्रमांक 261 दिनांक 31.05.1983 के द्वारा की गई थी। नियुक्ति के समय श्री पटले की शैक्षणिक योग्यता 08 वीं उत्तीर्ण के आधार पर पदांकन किया गया था। जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। जी नहीं। इस विभाग से संबंधित नहीं। पदांकन करने वाले अधिकारी की मृत्यु हो चुकी है। अतः कार्यवाही करना संभव नहीं है। (ग) जी हाँ। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तृतीय श्रेणी लिपिकवर्गीय सेवा भर्ती नियम, 1989 के तहत्। पदोन्नति के समय रोस्टर अनुसार सहायक ग्रेड-3 का 01 पद अनुसूचित जाति तथा 03 पद अनारक्षित वर्ग के लिए आरक्षित थे, किन्तु रिक्त नहीं थे। वर्ष 2002 में सहायक ग्रेड-3 से सहायक ग्रेड-2 के पद पर पदोन्नति नहीं हुई। इसके पश्चात् कुल 09 कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-3 से सहायक ग्रेड-2 के पद पर पदोन्नत किया गया है। (घ) जी नहीं। मध्य प्रदेश शासन पदोन्नति नियम अंतर्गत शैक्षणिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराये जाने संबंधी प्रावधान नहीं है।

स्‍काउट गाईड एवं रेडक्रास की राशि का दुरूपयोग

24. ( *क्र. 322 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 30/03/2016 के अतारांकित प्रश्‍न संख्‍या 32 (क्रमांक 6061) के संदर्भ में क्‍या श्रीमती ऊषा पमनानी को दिए गए अग्रिम की वसूली/समायोजन समय से न कराने तथा रेडक्रास के पैसे से कलेक्‍ट्रेट की सफाई में हजारों रूपये नियम विरूद्ध खर्च करने तथा शिकायतकर्ता को बिना सुने क्‍या जाँच दल ने प्रतिवेदन दिया है? यदि हाँ, तो जाँच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्‍ध करावें। यदि जाँच दल ने जाँच नहीं की तो अभी तक जाँच न करने पर जाँच दल के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी। (ख) दिनांक 01.01.2014 से प्रश्‍न दिनांक तक किस-किस की जिला शिक्षा विभाग/कलेक्‍टर कटनी को शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं। शिकायतवार, कार्यवाहीवार विवरण दें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। कलेक्‍टर, कटनी द्वारा जाँच कराई जा रही है। जाँच प्रतिवेदन अद्यतन अप्राप्‍त है। जाँच प्रचलन में होने से शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) दिनांक 17/02/2016 को शिकायतकर्ता श्री चन्‍द्रशेखर अग्निहोत्री द्वारा की गई शिकायत प्राप्‍त हुई है, जिसकी जाँच प्रचलन में है, प्रतिवेदन अप्राप्‍त है।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम का पालन

25. ( *क्र. 166 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधान क्षेत्र नागदा-खाचरौद में शिक्षा का अधिकार अधिनियम जिसके अंतर्गत SC, ST एवं BPL परिवारों को 25 प्रतिशत नि:शुल्क एडमीशन किये जाते हैं, के तहत वर्ष 2014-15 से 2015-16 तक कितने आवेदन पत्र प्राप्‍त हुये? उनमें से कितने पात्र एवं कितने अपात्र हुये? नाम, पते सहित सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) योजना प्रारंभ से आज तक कितने विद्यालयों ने इस योजना में गड़बड़ि‍यां की हैं? उनकी सूची उपलब्‍ध करावें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) विधानसभा क्षेत्र नागदा-खाचरौद में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत गैर अनुदान प्राप्‍त शासकीय विद्यालयों में न्‍यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर सत्र 2014-15 में 1175 एवं सत्र 2015-16 में 1087 पात्र आवेदन पत्र प्राप्‍त हुए हैं। शेष जानकारी संकलित की जा रही है। (ख) उज्‍जैन जिले के नागदा कस्‍बे में विकासखण्‍ड स्‍तरीय जाँच प्रतिवेदन में प्रथम दृष्‍टया फर्जी नामांकन का प्रकरण प्रकाश में आया है, जिसकी विस्‍तृत जाँच हेतु जाँच दल गठित किया गया है।

 

 

 






 

 

 

 

 

 

 

 

 

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भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


NFHS
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण की रिपोर्ट

1. ( क्र. 19 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के दिनांक 14 मार्च, 2016 की प्रश्न संख्या 63 (क्रमांक 5177) के संदर्भ में बताएं कि प्रदेश में NFHS राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कुपोषण के चलते 42 प्रतिशत बच्चे ठिगनेपन के शिकार हैं, उसमें सुधार हेतु शासन ने क्या प्रयास किये व उसका क्या नतीजा रहा? (ख) क्‍या केन्द्र सरकार के रजिस्ट्रार जनरल कार्यालय के सेन्ट्रल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एस.आर.एस.) के 2014 के बेसलाइन सर्वे के अनुसार बीते वर्षों में सभी प्रदेशों के नवजातों की जन्म मृत्यु के जो आंकड़े जुटाये हैं उसमें मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा व्यक्ति प्रति एक हजार बच्चों में 52 बच्चे पहला जन्मदिन मनाने के पहले ही माँ की गोद सूनी कर देते है एवं प्रदेश की 7 करोड़ 27 लाख जनसंख्या में प्रतिवर्ष 1 करोड़ चालीस लाख बच्चे पैदा होते है उनमें 7 लाख 28 हजार की मौत जन्म के एक साल के बीच हो जाती है? इसका क्या कारण है व ग्रामीण अंचल में संस्थागत प्रसव व जन्म के बाद टीकाकरण व जाँच पड़ताल में सुधार हेतु शासन क्या कर रहा है?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार वर्तमान में ठिगनेपन के शिकार बच्चों के लिये पृथक से कोई योजना संचालित नहीं है। 5 वर्ष तक के बच्चों के पोषण स्तर में सुधार हेतु महिला बाल विकास विभाग द्वारा अतिकम वज़न वाले बच्चों को थर्ड मील, सुपोषण अभियान अंतर्गत 12 दिवसीय स्नेह शिविर तत्पश्‍चात 18 दिवसीय ग्रह भेंट, तत्पश्‍चात 6 माह तक फॉलो-अप एवं गंभीर कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास हेतु संदर्भित किया जा रहा है। इसके साथ ही अतिकम वज़न वाले बच्चों के पोषण स्तर में सुधार हेतु जनप्रतिनिधियों/सामुदाय द्वारा बच्चों की जिम्मेदारी ली जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गंभीर कुपोषित बच्चों के प्रबंधन हेतु 316 पोषण पुनर्वास केन्द्र संचालित है। (ख) जी हाँ, रजिस्ट्रार जनरल कार्यालय के सेम्पल रजिस्ट्रेशन सर्वे-2014 के अनुसार प्रदेश में शिशु मृत्यु दर 52 प्रति हजार जीवित जन्म है। शिशु मृत्यु के कारणों में समय पूर्व जन्म एवं सांस लेने में कठिनाई, बर्थ एस्फिक्सीया, संक्रमण, निमोनिया, डायरिया आदि है। ग्रामीण अंचल में संस्थागत प्रसव व जन्म के बाद टीकाकरण में सुधार हेतु शासन द्वारा की जा रही गतिविधियों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''छ:''

डॉक्‍टरों एवं कर्मचारियों के रिक्‍त पदों की पूर्ति

2. ( क्र. 21 ) श्री दिनेश राय : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिला सिवनी अंतर्गत शासकीय चिकित्‍सालयों में कितने-कितने पद किस-किस वर्ग में स्‍वीकृत हैं? उसमें से कितने पदों की पूर्ति की जा चुकी है एवं कितने पद रिक्‍त हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) में दर्शित रिक्‍त पदों की पूर्ति कब तक कर दी जावेगी? नहीं तो कारणों का उल्‍लेख करें? (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार चिकित्‍सकों के पद किस दिनांक से रिक्‍त हैं और समय रहते इनकी पूर्ति क्‍यों नहीं की गई? इसके लिये कौन उत्‍तरदायी है? उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (घ) उक्‍त रिक्‍त/स्‍वीकृत चिकित्‍सकों के पदों के अनुसार पूर्ति/पदस्‍थापना कब तक कर दी जावेगी?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) चिकित्सकों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एवं कर्मचारियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) विभाग रिक्त पद की पूर्ति हेतु निरंतर प्रयास कर रहा है। पर्याप्त मात्रा में विशेषज्ञ/चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने से पदपूर्ति नहीं की जा सकी है। हाल ही में लोक सेवा आयोग की प्रतिक्षा सूची में से शासन आदेश दिनांक 10.06.2016 के द्वारा 05 चिकित्सकों को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला सिवनी के अधीन पदस्थ किया गया है। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग से 1896 चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया प्रचलन में है। पदोन्नति/सीधी भर्ती के माध्यम से पैरामेडिकल/नर्सिंग संवर्ग के कर्मचारियों व अन्य सहायक स्टॉफ के पदों की पूर्ति की कार्यवाही निरंतर जारी है। पदपूर्ति हेतु निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। उत्तरांश अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश अनुसार विशेषज्ञ/चिकित्सकों की पदपूर्ति की प्रक्रिया निरंतर जारी है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

जाँच प्रतिवेदन पर कार्यवाही

3. ( क्र. 31 ) डॉ. मोहन यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी आर.के. मिश्रा द्वारा राष्‍ट्रीय माध्‍यमिक शिक्षा अभियान अंतर्गत निर्माण कार्य किये गये भ्रष्टाचार के संबंध में की गई जाँच के संबंध में समस्‍त कार्यवाही, जाँच प्रतिवेदन, पत्राचार आदि का विवरण उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) की जानकारी अनुसार दोषी पाये जाने पर आर.के मिश्रा पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? कार्यवाही की प्रमाणित प्रतिलिपि उपलब्‍ध करावें? यदि कोई कार्यवाही नहीं की हो तो कारण बतावें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी श्री आर.के.मिश्रा के विरूद्ध राष्‍ट्रीय माध्‍यमिक शिक्षा अभियान अंतर्गत निर्माण कार्य में भ्रष्‍टाचार के संबंध में कोई जाँच नहीं की गई। राष्‍ट्रीय माध्‍यमिक शिक्षा अभियान अंतर्गत अतिरिक्‍त कक्ष के निर्माण में कक्ष कम आकार के बनाने के कारण कलेक्‍टर जिला उज्‍जैन के द्वारा कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग, उज्‍जैन से जाँच कराई गई। कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ने अपने जाँच प्रतिवेदन में उल्‍लेख किया है कि निर्माण एजेन्‍सी लघु उद्योग निगम द्वारा कक्ष निर्धारित मापदण्‍ड से कम आकार के बनाये गये। प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्‍टर, जिला उज्‍जैन द्वारा प्रबंध संचालक, म.प्र.लघु उद्योग निगम को संपूर्ण राशि लौटाने एवं लघु उद्योग निगम के दो दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही हेतु लिखा गया। जाँच प्रतिवेदन एवं अन्‍य पत्राचार की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश '''' के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न ही नहीं होता।

अध्‍यापक संवर्ग की सेवा शर्तें

4. ( क्र. 48 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्‍या अध्‍यापक संवर्ग को अन्‍य शिक्षकों की भांति सेवा शर्तें लागू हैं? हाँ, तो क्‍या इन्‍हें बीमा, स्‍वैच्छिक स्‍थानांतरण, गृह भाड़ा, चिकित्‍सा प्रतिपूर्ति 6वें वेतनमान प्रमोशन में से क्‍या-क्‍या प्राप्‍त हो रहे हैं? यदि नहीं, तो क्‍यों? क्‍या यह बच्‍चों को अन्‍य शिक्षकों की भांति नहीं पढ़ाते हैं, यदि हाँ, तो शेष लाभ कब तक उन्‍हें दिये जावेंगे?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : जी नहीं। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। इनका कार्य शासकीय शालाओं में अध्यापन कराना है। अध्यापक संवर्ग स्थानीय निकाय अंतर्गत पंचायत/ नगरीय निकाय के कर्मचारी है। इनकी सेवाएं पृथक से बनाये गये नियम/ निर्देश से शासित होती है। वर्तमान में समूह बीमा योजना, स्वैच्छिक स्थानान्तरण, गृह भाड़ा, चिकित्सा प्रतिपूर्ति का प्रावधान नहीं है। छठवें वेतनमान में वेतन निर्धारण संबधी जारी आदेश शासन निर्देश के अनुसार स्थगित किये गये है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

सहायक शिक्षकों की पदोन्‍नति

5. ( क्र. 56 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सतना जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा तीन वर्षों से सहायक शिक्षकों की पदोन्‍नति नहीं की गई, जबकि छ:-छ: माह में पदोन्नति समिति की बैठक बुलाये जाने के निर्देश शासन द्वारा दिये गये है? (ख) क्‍या जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सहायक शिक्षकों की पदोन्‍नति हेतु संकुल केन्‍द्रों से प्रस्‍ताव मंगाये गये थे? यदि हाँ, तो पदोन्‍नति क्‍यों नहीं की गई? (ग) सतना जिले में सहायक शिक्षकों की पदोन्‍नति कब तक कर दी जायेगी? क्‍या सहायक शिक्षक, सहायक शिक्षक से ही सेवानिवृत्‍त हो रहे हैं? जबकि सहायक अध्‍यापक संविदा अवधि पूर्ण करने के बाद तीन वर्ष में ही पदोन्‍नति प्राप्‍त कर रहे हैं? (घ) यदि हाँ, तो सहायक शिक्षकों की पदोन्‍नति करने हेतु शासन की क्‍या योजना है? क्‍या व्‍याख्‍याता संवर्ग के समान सीधी भर्ती से भरे जाने वाले सहायक शिक्षकों को भी समयमान वेतनमान का लाभ दिया जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। विगत तीन वर्षों में सहायक शिक्षक से शिक्षक के पद पर दिनांक 12.04.2013 को 283, दिनांक 14.09.2013 को 07, दिनांक 24.05.14 को 32 एवं सहायक शिक्षक से प्राथमिक प्रधानाध्यापक के पद पर दिनांक 02.09.2013 को 117 लोकसेवकों की पदोन्नति की गई। जी हाँ। (ख) जी हाँ। माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के पारित निर्णय 20.04.16 द्वारा पदोन्नति नियम, 2002 को निरस्त कर दिये जाने के कारण पदोन्नति की कार्यवाही स्थगित कर दी गई है। (ग) प्रश्नांश (ख) उत्तर के प्रकाश में शासन स्तर से पदोन्नति के संबंध में नवीन दिशा निर्देश प्राप्त होने पर पदोन्नति की कार्यवाही की जावेगी। सहायक अध्यापक एवं संविदा शिक्षकों को तीन वर्ष में पदोन्नति दिये जाने का प्रावधान नहीं है। (घ) सहायक शिक्षकों की पदोन्नति भर्ती एवं पदोन्नत नियम, 1973 के संशोधन 4 अगस्त, 2012 अनुसार की जाती है। वर्तमान में समयमान वेतनमान का लाभ प्रदाय किये जाने का प्रावधान नहीं है।

अनुकम्‍पा नियुक्ति

6. ( क्र. 67 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन संभाग में 1 जनवरी 2013 के पश्चात् कितने अध्यापक संवर्ग के शिक्षकों की मृत्यु किस-किस दिनांक को हुई? कितने पीड़ित परिवारों को अनुकम्पा नियुक्ति का लाभ दिया? (ख) उक्त मृत शिक्षकों के nsdl पेंशन स्कीम योजना में कितनी-कितनी राशी जमा थी क्या उनके परिवारों को वह राशि प्रदान कर दी गई है? यदि हाँ, तो उक्त संभाग की दिनांक सहित सूची देवें, यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या शिक्षा अधिकार नए नियमों के तहत अनुकम्पा नियुक्ति प्राप्त करने वाले परिवारजन के लिए बी.एड. बी.टी.आई. होना तथा व्यापम की संविदा परीक्षा पास होना अनिवार्य है? यदि हां, तो आकस्मिक मृत्यु के प्रकरण में क्या शासन ऐसे नियमों को अव्यवहारिक नहीं मानता? यदि हाँ, तो प्रदेश शासन ने कब-कब केंद्र सरकार को अव्यवहारिकता से अवगत कराया? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) क्या प्रदेश सरकार अध्यापकों की अनुकम्पा नियुक्ति के सरलीकरण का विचार रखती है? यदि हाँ, तो कब तक?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) उज्‍जैन संभाग अंतर्गत 01 जनवरी 2013 के पश्‍चात् 76 अध्‍यापक संवर्ग के शिक्षकों की मृत्‍यु हुई है। सूची जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। संभाग अंतर्गत पीड़ित परिवार के 04 सदस्‍यों को अनुकंपा नियुक्ति दी गई एवं 01 पीड़ित परिवार के सदस्‍य को उसके आवेदन अनुसार एक मुश्‍त राशि का भुगतान किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''तीन'' एवं ''चार'' अनुसार है। त्रुटि सुधार उपरांत भुगतान हेतु प्रकरण एन.एस.डी.एल. को प्रेषित कर दिये गये है। (ग) जी हाँ। जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''पाँच'' अनुसार है। (घ) जी नहीं। भारत सरकार का नि:-शुल्‍क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनिय‍म 2009 के प्रभावशील है, जिसका अनुपालन संवैधानिक बाध्‍यता है।

 

स्‍कूलों में शिक्षकों की कमी एवं पेयजल समस्‍या

7. ( क्र. 71 ) श्री दिनेश राय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी विधान सभा क्षेत्र में समस्‍त स्‍कूलों में शिक्षकों की कमी प्रत्‍येक स्‍कूलवार बतायें? (ख) स्‍कूलों में फर्नीचर, बाउंड्रीवाल, पेयजल की समस्‍या किन-किन शालाओं में है? स्‍कूलवार बतायें? (ग) प्रश्नांश (क),(ख) के अनुसार जो समस्‍या है उसके लिए क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) समस्‍त समस्‍याएं कब तक पूर्ण कर दी जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) सर्व शिक्षा अभियान अंतर्गत प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं में फर्नीचर का प्रावधान न होने से समस्त शालाओं में यह व्यवस्था नहीं है। बाउण्‍ड्रीवाल व पेयजल समस्या संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) शिक्षकों के रिक्त पदों की पूर्ति संविदा शाला शिक्षकों की भर्ती/पदोन्नति/ स्थानांतरण/अतिथि शिक्षकों के माध्यम से की जाती है, जो एक सतत् प्रक्रिया है। फर्नीचर, बाउण्‍ड्रीवाल व पेयजल के स्थाई स्त्रोत की व्यवस्था सीमित वित्तीय संसाधनों के कारण नहीं की जा सकी है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

शासकीय स्‍कूलों का भवन निर्माण

8. ( क्र. 77 ) श्री सचिन यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कसरावद विधानसभा क्षेत्र के विकासखण्‍ड भीकनगाव, ग्राम बलखडिया एवं अदंड में संचालित शासकीय हाईस्‍कूल जो भवन विहीन हैं, इन स्‍कूलों के भवन निर्माण की स्‍वीकृति नहीं मिलने के क्‍या कारण हैं? (ख) उक्‍त शासकीय स्‍कूलों में वर्तमान में छात्र-छात्राओं की संख्‍या कितनी-कितनी है और क्‍या उनके मान से स्‍कूलों में बैठने की मूलभूत सुविधाएं पर्याप्‍त है? हाँ, तो बतायें नहीं तो क्‍यों कारण दें? (ग) प्रश्नांश (क) में दर्शित शासकीय स्‍कूलों के भवन निर्माण की स्‍वीकृ‍ति कब तक प्रदान कर निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जायेगा? नहीं तो कारणों का उल्‍लेख करें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) कसरावद विधानसभा क्षेत्र के विकासखण्‍ड भीकनगांव के शासकीय हाईस्‍कूल अंदड में राष्‍ट्रीय माध्‍यमिक शिक्षा अधियान के तहत सुद्धढ़ीकरण के अंतर्गत 04 कक्ष एवं 01 शौचालय का निर्माण कराया गया है, वर्तमान में शाला का संचालन उक्‍त कक्षों में किया जा रहा है। राष्‍ट्रीय माध्‍यमिक शिक्षा अधियान के तहत भारत शासन द्वारा राशि की उपलब्‍धता के आधार पर भवन/सुदृढ़ीकरण के कार्य स्‍वीकृत किए जाते हैं। राष्‍ट्रीय माध्‍यमिक शिक्षा अधियान के तहत हाईस्‍कूल बलखडिया के लिए अभी तक कोई स्‍वीकृति नहीं दी गई है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रश्नांश '''' के उत्‍तर के प्रकाश में समय-सीमा दी जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''सात''

आवास आवंटन

9. ( क्र. 79 ) श्री गिरीश भंडारी : क्या राज्‍यमंत्री,पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विमुक्‍त, घुमक्‍कड़ एवं अर्द्धघुमक्‍कड़ विभाग द्वारा जो आवास आवंटित किये जाते हैं उसके क्‍या नियम हैं? नियम की प्रति उपलब्‍ध करावें? एक परिवार (एक राशन कार्ड पर) के कितने सदस्‍यों को आवास आवंटित किये जा सकते हैं? जानकारी देवें व किस-किस जाति के लोगों को आवास देने की पात्रता है? जाति की सूची उपलब्‍ध करावें? (ख) राजगढ़ जिले की नरसिंहगढ़ विधान सभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत हुलखेड़ी में विमुक्‍त, घुमक्‍कड़ एवं अर्द्धघुमक्‍कड़ विभाग द्वारा दिनांक 01 जनवरी 2010 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने आवास किस-किस वर्ष में किस-किस व्‍यक्ति को आवंटित किये? हितग्राही का नाम/पिता का नाम/जाति/वर्षवार सूची उपलब्‍ध करावें? (ग) क्‍या प्रश्‍न की कंडिका (क) में बतायें गये आवास आवंटन के नियम अनुसार ही, प्रश्‍न की कंडिका (ख) में उपलब्‍ध कराई गई सूची अनुसार आवास आवंटित किये गये हैं? (घ) प्रश्‍न की कंडिका (क), (ख),(ग) के अनुसार आवास आवंटन में किसी शासकीय नियम की अनियमितता हुई है? यदि हाँ, तो क्‍यों? यदि कोई दोषी है, तो शासन क्‍या कार्यवाही कब तक करेगा?

राज्‍यमंत्री,पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) विमुक्त घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति वर्ग के सदस्यों को आवास निर्माण के अनुदान नियम 2013 एवं संशोधन प्रभावशील दिनांक 01.04.2014 के नियम की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। सामान्यतः एक परिवार के एक व्यक्ति को आवास आंवटित किया जाता है। गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले आवासहीन बेघर परिवारों का चयन ग्राम सभा द्वारा किए जाने के उपरांत आवास आंवटन संबंधी प्रक्रिया सुनिश्चित की जाती है। जाति की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) राजगढ़ जिले की नरसिंहगढ़ विधान सभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत हुलखेडी में विमुक्त घुमक्कड अर्द्धघुमक्कड़ विभाग द्वारा दिनांक 01 जनवरी 2010 से प्रश्न दिनांक तक मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत नरसिंहगढ़ से प्राप्त प्रस्ताव अनुसार आवास अनुदान राशि स्वीकृत की गई हैः-

क्र. वर्ष योजना का नाम हितग्राहियों की संख्या राशि (लाखों में)
1.
2014-15 आवास 68 30.60
2.
2014-15 आवास 120 53.90
3.
2015-16 आवास 65 39.00


हितग्राहियों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी हाँ। (घ) माननीय विधायक महोदय विधान सभा क्षेत्र नरसिंहगढ़ द्वारा ग्राम हुलखेडी में विमुक्त घुमक्कड एवं अर्द्धघुमक्कड जनजाति आवास योजना के तहत निर्मित आवास निर्माण की शिकायत की जाँच अनुविभागीय अधिकारी राजस्व नरसिंहगढ़ द्वारा की जा रही है। जाँच की प्रक्रिया प्रचलन में है।

शिक्षकों का स्‍थानांतरण

10. ( क्र. 80 ) श्री गिरीश भंडारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ जिले में जून 2015 में शिक्षा विभाग ने नियमों को दरकिनार कर शिक्षकों/सहायक अध्‍यापकों के स्‍थानांतरण किये थे? इस संबंध में जिला प्रभारी मंत्री व अन्‍य जनप्रतिनिधियों ने तत्‍कालीन जिला शिक्षा अधिकारी पर गलत तरीके से स्‍थानांतरण के संबंध में तत्‍कालीन कलेक्‍टर राजगढ़ को पत्र लिखे व आरोप लगाये गये थे? (ख) प्रश्‍न की कंडिका (क) की उपलब्‍ध जानकारी अनुसार शिक्षकों/सहायक अध्‍यापकों के स्‍थानांतरण में गलती के लिये कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी हैं? इस संबंध में कोई जाँच कमेटी बनाई गई थी? यदि हाँ, तो उस जाँच कमेटी में कौन-कौन अधिकारी नियुक्‍त थे? जाँच कमेटी द्वारा किस-किस दिनांक को किन-किन बिंदुओं पर जाँच की गई? बिन्‍दुवार जानकारी दें? (ग) प्रश्‍न की कंडिका (क), (ख) की उपलब्‍ध जानकारी अनुसार शिक्षकों/सहायक अध्‍यापकों के स्‍थानांतरण में दोषी अधिकारी के खिलाफ क्‍या कार्यवाही की गई? यदि कार्यवाही नहीं की गई तो क्‍यों नहीं की गई?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ, जून 2015 में 58 शिक्षकों/सहायक शिक्षकों के स्थानातंरण किये गये। जी हाँ। (ख) श्री संतोष कुमार मिश्रा जिला शिक्षा अधिकारी एवं श्री गोविंद दुबे लेखापाल (स्थापना प्रभारी ) कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी राजगढ़ दोषी है। जी हाँ। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत राजगढ़ द्वारा श्री जितेन्द्र कुमार जैन, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकरी जिला पंचायत राजगढ़, श्री बी.एस.मीणा, जिला रोजगार अधिकारी राजगढ़ एवं श्री व्ही.एस.राठौर जिला परियोजना समन्वयक (सर्व शिक्षा अभियान) जिला राजगढ़ जाँच कमेटी में नियुक्त किये गये थे। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार।
(ग) श्री संतोष मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी राजगढ़ को कलेक्टर, जिला राजगढ़ के पत्र दिनांक 24.08.2015 द्वारा चेतावनी दी जाकर भविष्य में कर्तव्य के प्रति सजग रहकर कार्य करने हेतु पाबंद किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार। श्री गोविन्द दुबे, लेखापाल (स्थापना प्रभारी) कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी राजगढ़ को कलेक्टर, राजगढ़ के आदेश दिनांक 24.08.2015 द्वारा निलंबित किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''तीन'' अनुसार। तद्उपरान्त जिला शिक्षा अधिकारी जिला राजगढ़ के आदेश दिनांक 09.12.2015 द्वारा निलंबन से बहाल करते हुए विभागीय जाँच प्रचलित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''चार'' अनुसार। शेषांश का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

 

 

सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र बण्‍डा में रेनोवेशन कार्य

11. ( क्र. 91 ) श्री हरवंश राठौर : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र बण्‍डा में रेनोवेशन का कार्य किस ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है एवं उक्‍त कार्य हेतु कितनी राशि स्‍वीकृत की गई है एवं आज दिनांक तक कितनी राशि किस कार्य हेतु व्‍यय की गई? (ख) सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र बण्‍डा के भवन निर्माण वर्ष की जानकारी एवं रेनोवेशन कार्य हेतु भवन का उपयंत्री द्वारा स्‍थल पर रेनोवेशन कार्य हेतु प्राक्‍कलन एवं पंचनामा तैयार किया गया है या नहीं? यदि हाँ, तो प्राक्‍कलन एवं पंचनामा रिपोर्ट का विवरण उपलब्ध कराया जाए? (ग) क्‍या उक्‍त रेनोवेशन कार्य बिना प्राक्‍कलन के हो रहा है? यदि हाँ, तो क्‍या प्राक्‍कलन में जर्जर दीवारों पर निर्माण कर टीन शेड बनाए जाने का प्रावधान है?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) मेसर्स राजेन्द्र सिंह लोधी सागर, राशि रुपये 40.00 लाख, किये गये कार्य पर कोई भुगतान नहीं किया गया है। (ख) भवन निर्माण वर्ष 1967-68 है एवं पूर्व में उन्नयन वर्ष 1985-86 में हुआ है, जी नहीं, रेनोवेशन कार्य का प्राक्कलन वास्तुविद् द्वारा तैयार किया गया है, जो पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। जी हाँ किन्तु भवन की दीवारे जर्जर नहीं है, परंतु वर्षाकाल में पानी के रिसाव से बचने के लिये जी.आई.प्रोफाइल शीट का शेड बनाया गया है।

प्रदेश में बच्चों की मृत्यु

12. ( क्र. 101 ) श्री रामनिवास रावत : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जून 2016 की स्थिति में प्रदेश में 0-6 एवं 6-12 वर्ष उम्र के बच्चों की संख्या कितनी है. इनमें से कितने बच्चे कुपोषित है. जिलेवार बतावे. यह संख्या कुल बच्चों की संख्या का कितने प्रतिशत है? (ख) 01 जनवरी 2016 से प्रश्नांकित तिथि तक 0-6 एवं 6-12 वर्ष उम्र तक के कितने बच्चों की मृत्यु किन कारणों (मीजल्स, डायरिया, मलेरिया, डेंगू, स्वाईनफ्लु, कुपोषण एवं अन्य बीमारी नाम सहित) से हुई. जिलेवार बतावें? श्योपुर जिले में कुपोषित बच्चों की संख्या तहसीलवार बतावें. (ग) बच्चों की मृत्यु एवं कुपोषण की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा क्या प्रयास किये हैं. शासन की कौन-कौन सी योजनाएं संचालित हैं. इन योजनाओं में वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में कितनी राशि आवंटित की गई है? कितनी राशि अभी तक व्यय की गई है वर्षवार बतावें?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार जून 2016 की स्थिति में प्रदेश में 0-6 वर्षीय बच्चों की जिलेवार कुल संख्या, 0-5 वर्षीय कुपोषित बच्चों की संख्या एवं प्रतिशत की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। जिलेवार 6-12 वर्षीय बच्चों की संख्या एवं उनमें कुपोषण संबंधी कोई प्रतिवेदन राज्य स्तर पर उपलब्ध नहीं है। (ख) प्रश्नांश 01 जनवरी 2016 से प्रश्‍नांकित तिथि तक 0-6 एवं 6-12 वर्ष उम्र तक के बच्चों की मृत्यु के कारणों (मीजल्स, डायरिया, मलेरिया, डेंगू, स्वाईनफ्लु, कुपोषण एवं अन्य बीमारी नाम सहित) की जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त श्योपुर जिले में कुपोषित बच्चों की परियोजनावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। तहसीलवार जानकारी का संधारण नहीं किया जाता है। (ग) स्वास्थ्य विभाग द्वारा बच्चों की मृत्यु एवं कुपोषण की रोकथाम हेतु किये गये प्रयास की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 एवं महिला बाल विकास विभाग द्वारा कुपोषण की रोकथाम हेतु की गई गतिविधियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन योजनाओं पर वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में आवंटित एवं व्यय राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-6 अनुसार है तथा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं पर वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में आवंटित एवं व्यय राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-7 अनुसार है।

शालाओं का उन्‍नयन

13. ( क्र. 115 ) श्री सुदेश राय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सीहोर के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र 159 सीहोर में वर्ष 2013-14 से आज दिनांक तक प्रा.शाला को मा.शाला, मा.शाला को हाईस्‍कूल एवं हाईस्‍कूल को हायर सेकण्‍डरी स्‍कूल में उन्‍नयन की क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई तथा कितनी शाला का उन्‍नयन किया गया है, केटेगिरी वाईज बतावें? (ख) यदि उन्‍नयन नहीं हुआ था तो शासन के मापदण्‍ड हैं, प्रा.शाला से हायर सेकण्‍डरी स्‍कूल तक उन्‍नयन के पृथक-पृथक नियम बतावें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) 02 प्राथमिक शालाओं का माध्यमिक शालाओं में, 02 माध्यमिक शालाओं का हाईस्कूल में एवं 02 हाईस्कूल का हायर सेकण्डरी स्कूलों में उन्नयन किया गया है। (ख) निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 अंतर्गत निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार नियम 26 मार्च 2011 की धारा-4 में पडोस की परिभाषा निम्नानुसार हैः- (1) क्षेत्र या पडोस की सीमाएं जिनके भीतर राज्य सरकार द्वारा स्कूल स्थापित किया जाना है नियम 2 के उपनियम (1) के खण्ड (ट) में यथा परिभाषित क्षेत्र या सीमा होगीः परन्तु यह और कि यदि क्षेत्र के भीतर किसी बसाहट या पडोस की सीमा के भीतर तीन किमी की परिधि में कोई मिडिल स्कूल की सुविधा उपलब्ध नहीं है और 11 से 14 वर्ष की आयु के कम से कम 12 बच्चे उपलब्ध है, तो राज्य सरकार ऐसी बसाहट में मिडिल स्कूल की सुविधा उपबंध करेगी। हाईस्कूल एवं हायर सेकण्डरी स्कूल के उन्नयन हेतु निर्धारित मापदण्ड पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

 

स्‍टोर कीपर एवं सिविल सर्जन के विरूद्ध कार्यवाही

14. ( क्र. 135 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्री साहू जिला चिकित्‍सालय टीकमगढ़ में स्टोर (दवाइयों) को बांटे जाने के प्रभारी हैं? क्‍या साहू स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र पलेरा के लिये स्‍थानांतरित हो चुके थे, परंतु सिविल सर्जन टीकमगढ़ द्वारा भारमुक्‍त क्‍यों नहीं किया गया तथा किस नियम के तहत साहू को जिला चिकित्‍सालय में रखा गया तथा साहू लिपिक वर्ग में है तो किसी अन्‍य कार्य इन्‍हें क्‍यों नहीं सौंपा जाता है? दवाइयों के स्‍टोर में ही तैनाती क्‍यों की गई? कारण स्‍पष्‍ट करें? (ख) क्‍या दवाइयों के स्‍टोर से श्री साहू एवं सिविल सर्जन लाखों रूपयों की दवाओं की कालाबाजारी करते हैं तथा आम जनता को दवाई देने में परेशान करते हैं? क्‍या साहू एवं सिविल सर्जन की दवाइयों के स्‍टोर की जाँच करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक समयावधि बतायें? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। श्री पी.एन. साहू कम्पाउंडर का स्थानांतरण जिला स्थानांतरण बोर्ड द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पलेरा किया गया था। जिला चिकित्सालय में कार्य की अधिकता, स्टॉफ की कमी एवं श्री साहू के स्थान पर स्थानांतरित फार्मासिस्ट द्वारा कार्य ग्रहण नहीं करने के कारण श्री साहू को उक्त कर्मचारी के उपस्थित होने तक कार्यमुक्त नहीं किया गया है। श्री साहू के लिपिक वर्ग में नहीं आने के कारण इन्हें अन्य कार्य नहीं सौंपे गये। (ख) सिविल सर्जन एवं श्री साहू द्वारा दवाओं की कालाबाज़ारी करने की कोई शिकायत कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, टीकमगढ़ में प्राप्त नहीं हुई है। जिला चिकित्सालय में दवाओं का विधिवत स्टॉक संधारण किया जाता है एवं जिला चिकित्सालय के वार्डों, दवा वितरण केन्द्र, इंजेक्शन रूम आदि को नियमित रूप से दवा प्रदाय की जाती है। अस्पताल में आने वाले एवं भर्ती मरिजों को दवाएँ प्रदान की जाती है। जिला चिकित्सालय टीकमगढ़ सहित जिले की स्वास्थ्य संस्थों के भण्डार का समय-समय पर औचक स्टॉक सत्यापन एवं निरीक्षण कराया जाता है।

अल्पसंख्यक विद्यालयों में अल्पसंख्यक विद्यार्थी की संख्या

15. ( क्र. 144 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन संभाग में अल्पसंख्यक आधार पर कितने एम.पी बोर्ड एवं सी. बी. एस. सी मान्यता प्राप्त विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है अल्पसंख्यक विद्यालयों को दी जाने वाली मान्यता नियमो की सूची उपलब्ध करायें? (ख) उक्त विद्यालयों में अध्यनरत कितने बच्चे अल्पसंख्यक है तथा कितने अन्य किस-किस श्रेणी के अध्यनरत है? जिलेवार,विद्यालयवार सत्र 2015-16 की जानकारी देवें? (ग) क्या अल्पसंख्यक विद्यालयों में अनिवार्य शिक्षा अधिनियमों के अंतर्गत नि:शुल्क शिक्षा प्राप्त नहीं कराई जाती, तथा वे इस नियम के लिए प्रतिबन्धित नहीं है यदि हाँ, तो क्या सरकार मानती है इसका मुख्य कारण अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को सुविधा प्रदान करना है, उत्तर यदि हाँ, तो इन विद्यालयों में सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों की संख्या अधिक क्यों है यहाँ अल्प संख्यक विद्यार्थियों से बड़ी फीस एवं डोनेशन क्यों लिया जाता है? उन्हें अपने ही विद्यालयों में नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध क्यों नहीं कराई जाती? (घ) 1 जनवरी 2013 के पश्चात् उक्त विद्यालयों में सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों की संख्या अधिक होने एव अन्य सुविधाओं की जाँच कब-कब किस-किस सक्षम अधिकारी ने की, जाँचकर्ता का नाम विद्यालयों का नाम सहित जानकारी देवें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) उज्जैन संभाग में अल्पसंख्यक संस्थाओं द्वारा 33 एम.पी.बोर्ड तथा 35 सी.बी.एस.सी. से मान्यता प्राप्त विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। अल्पसंख्यक संस्थाओं को मान्यता प्रमाण पत्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग भोपाल एवं केन्द्रीय अल्पसंख्यक आयोग नई दिल्ली से जारी किये जाते है। मान्यता नियमों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''' अनुसार है। (ख) उज्जैन संभाग के जिलों में अल्पसंख्यक संस्थाओं द्वारा चलाए जा रहे विद्यालयों में कुल 15006 छात्र अल्पसंख्यक एवं 71608 अन्य श्रेणी के छात्र अध्ययनरत है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार। (ग) माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा याचिका क्रमांक डब्ल्यूपी. (सी) नं. 95/2010 में पारित निर्णय दिनांक 12.4.2012 के अनुसार अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थाओं को शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों से मुक्त रखा गया है। इस संबंध में म.प्र. शासन, स्कूल शिक्षा विभाग से जारी निर्देश दिनांक 26.7.2012 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार। (घ) उज्जैन संभाग के जिलों में जनवरी, 2013 के पश्चात् उक्त विद्यालयों में सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों की संख्या अधिक होने एवं अन्य सुविधाओं की जाँच नहीं की गई है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र में स्‍कूलों का उन्‍नयन

16. ( क्र. 146 ) कुँवर सौरभ सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी जिले के बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2012-13 में किन-किन हाईस्‍कूलों को हायर सेकण्‍डरी में उन्‍नयन किया गया है? स्‍कूलवार विवरण दें तथा क्‍या उन्‍नयन अनुसार स्‍कूलों में प्रवेश दिया गया या नहीं जिले में कितने हाईस्‍कूल से हायर सेकण्‍डरी स्‍कूल के प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुए हैं? पृथक-पृथक विवरण दें, उनमें से शासन के नियमानुसार कितने निर्धारित मापदण्‍ड पूर्ण करते हैं, कितने नहीं, कारण सहित बताएं? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार जिन स्‍कूलों का उन्‍नयन किया गया है उनमें अतिरिक्‍त भवन बनाए गये हैं यदि नहीं, बनाए गये तो कब तक बनाए जायेंगे? (ग) प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा कार्यालयीन पत्र क्रमांक 20 दिनांक 11.04.2016 द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी से बिन्‍दु क्रमांक 1 से 8 तक की जानकारी चा‍ही गई थी जो निर्धारित समय-सीमा में न दिये जाने के लिए कौन दोषी हैं बताएं उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जायेगी तथा चाही गई जानकारी कब तक उपलब्‍ध करा दी जायेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) प्रश्नांश अवधि में बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत शासकीय हाईस्कूल खिरैवा क्रमांक-2 एवं शासकीय हाईस्कूल देवगांव एवं हाईस्कूल पिपरिया परोहा का हायर सेकण्डरी स्कूल में उन्नयन किया गया। इन शालाओं में सत्र 2013-14 में प्रवेश दिया गया। वर्ष 2016-17 हेतु जिलों से उन्नयन के प्रस्ताव मंगाये गये हैं, जिनका परीक्षण किया जा रहा है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं, बजट प्रावधान एवं स्वीकृति पर निर्भर करेगा। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ग) प्रश्नांश अनुसार जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा दिनांक 29.04.2016 को माननीय विधायक जी को प्रेषित की है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

संविदा शिक्षकों का संविलियन

17. ( क्र. 165 ) श्री संदीप श्री प्रसाद जायसवाल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अता. प्रश्‍न सं. 86 (क्रमांक-7132) 1 अप्रैल 2016 के उत्‍तर में संविलियन का प्रकरण मान. उच्‍च न्‍यायालय में लंबित होने का उत्‍तर दिया गया है। यदि हाँ, तो किस संविदा शाला शिक्षक का प्रकरण मान. उच्‍च न्‍यायालय में विचाराधीन है एवं किस संविदा शाला शिक्षक का संविलियन हेतु आवेदन विभाग/कार्यालय नगरपालिक निगम कटनी में विचाराधीन है. (ख) क्‍या मान. उच्‍च न्‍यायालय द्वारा प्रकरण में संविलियन पर कोई रोक लगाई गई है.

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। सुश्री संगीता ठाकुर संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-3 द्वारा माननीय उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश जबलपुर में रिट याचिका क्रमांक 18438/2015 दायर की गई। उक्त प्रकरण माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। नगर पालिक निगम कटनी के द्वारा संचालित शालाओं में कार्यरत संगीता ठाकुर संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-3 एवं श्रीमती रूपभास्कर, संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-2 के संविलियन के प्रकरण विचाराधीन है। (ख) जी नहीं।

ठेका श्रमिकों को स्‍थाई किया जाना

18. ( क्र. 167 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र नागदा खाचरौद नगर में नागदा में केमिकल डिवीजन इण्‍डस्‍ट्रीज स्‍थापित है एवं इस इण्डस्‍ट्रीज में वर्तमान में स्‍थाई श्रमिकों से ज्‍यादा ठेका श्रमिक कार्यरत है, जिन्‍हें काफी वर्षों से कार्य करते रहने से काफी अनुभव हो चुका है? (ख) क्‍या इस उद्योग में जब भी स्‍थाई श्रमिकों की भर्ती होती है तो इन अनुभवी ठेका श्रमिकों को नहीं लिया जाकर अन्‍य नयी भर्ती कर ली जाती है? (ग) क्‍या भविष्‍य में इन ठेका श्रमिकों में से स्‍थाई कर्मचारियों का चयन किया जावेगा? ऐसी योजना पर विचार चल रहा है? यदि हाँ, तो अवगत करावें एवं नहीं तो कब तक योजना बना ली जावेगी?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जी हाँ। (ख) ठेका श्रमिकों से स्‍थायी श्रमिकों की भर्ती संबंधी कोई प्रावधान श्रम अधिनियमों में नहीं है। अत: इस आशय की जानकारी संधारित नहीं की जाती है। (ग) प्रश्नांश (ख) के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

30 बिस्‍तरीय अस्‍पताल की स्‍वीकृति

19. ( क्र. 198 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राष्‍ट्रीय शहरी स्‍वास्‍थ्‍य मिशन भोपाल का पत्र क्र./एन.यू.एच.एम./ शहरी स्‍वास्‍थ्‍य/ 2014/ 8745 भोपाल, दिनांक 20.10.2014 के पत्र द्वारा अवगत कराया गया था कि 50 हजार या अधिक जनसंख्‍या होने पर अस्‍पताल खोले जाने का प्रावधान है? (ख) यदि पत्र के द्वारा 50 हजार या उससे अधिक जनसंख्‍या होने पर राष्‍ट्रीय शहरी स्‍वास्‍थ्‍य मिशन द्वारा अस्‍पताल खोले जाने का प्रावधान है तो विधानसभा क्षेत्र नरियावली में स्थित मकरोनिया बुजुर्ग नगर पालिका जिसकी जनसंख्‍या लगभग 01 लाख से अधिक एवं मतदाताओं की संख्‍या 60 हजार के लगभग है तो विभाग द्वारा 30 बिस्‍तरीय अस्‍पताल की स्‍वीकृति कब तक दी जावेगी? (ग) यदि विभाग द्वारा पत्र के माध्‍यम से दी गई सूचना वर्ष 2014 के प्रावधान के अनुसार 50 हजार से अधिक जनसंख्‍या पर अस्‍पताल खोले जाने का प्रावधान था तो विभाग द्वारा अस्‍पताल खोले जाने के संबंध में क्‍या कार्यवाही की गई?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत 50 हजार या इससे अधिक जनसंख्या जिसमें से 30 हजार की जनसंख्या अर्बन पुअर/अर्बन स्लम की होने पर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोले जाने का प्रावधान है। 2.5 लाख या इससे अधिक शहरी आबादी होने की स्थिति में 30 बिस्तरीय शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने का प्रावधान है। (ग) विभाग द्वारा दिनांक 27/02/2016 को मकरोनिया क्षेत्र में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रारंभ कर दिया गया है।

पदोन्‍नति की प्रक्रिया

20. ( क्र. 199 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन सामान्‍य प्रशासन विभाग के पत्र क्र./ सी/3-7/2002/1/3 भोपाल दिनांक 03 नवम्‍बर 2009 म.प्र. लोक सेवा पदोन्‍नति नियम 2002 नियम 6 (3) (4) एवं नियम 7 (4) (5) में जनवरी से 31 दिसम्‍बर के दौरान शासकीय सेवकों की पदोन्‍नति के लिये रिक्तियों की गणना कर प्रतिवर्ष पदोन्‍नति का प्रावधान किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो आदिम जाति कल्‍याण विभाग में माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर में रिट पिटीशन क्र. 18324/2010 दिनांक 11.10.2013 के अंतरिम आदेश में शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्नांश (क) के अनुसार 01.01.2012 से प्रश्‍न दिनांक तक मंडल संयोजक से क्षेत्र संयोजक की पदोन्‍नति हेतु जातिवार/वर्षवार कितने पद रिक्‍त है? इन पदों पर पदोन्‍नति की प्रक्रिया कितने वर्षों से नहीं हुई? (घ) प्रश्नांश (क),(ख) एवं (ग) का पालन नहीं होने से कितने जिलों/जनपदों में शिक्षा संवर्ग/प्रशासन संवर्ग के विभागीय/गैर विभागीय राजपत्रित/अराजपत्रित आहरण संवितरण अधिकारी (अनु.जाति./जनजाति/अन्‍य) प्रभारी के रूप में कार्यरत है? नाम, मूल पद, कार्यरत पद सहित सूची प्रदान करें।

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) आदेश दिनांक 21/07/2010 द्वारा 30 प्रतिशत कटौती के अन्‍तर्गत क्षेत्र संयोजक/विकासखण्‍ड अधिकारी के 60 पद समर्पित करते हुए डाइंग कैडर घोषित किये जाने के कारण क्षेत्र संयोजक एवं विकासखण्‍ड अधिकारी के पद आधिक्‍य में होने से मंडल संयोजक से क्षेत्र संयोजक के पद पर पदोन्‍नति नहीं की जा सकी है। वर्ष 2012 से हुए रिक्‍त पदों पर पदोन्‍नति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

नवीन स्वास्थ्य केन्द्रों में स्टॉफ एवं संसाधनों की पूर्ती

21. ( क्र. 207 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2015-16 में जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जावरा नगर, पिपलोदा तहसील एवं जावरा तहसील में केंद्र/राज्य प्रवर्तित योजना के माध्यम से शहरी एवं ग्रामीण उपस्वास्थ्य केंद्र प्रारम्भ किये जाने की स्वीकृति दी गयी थी? (ख) यदि हाँ, तो क्या उक्त योजना के माध्यम से स्वीकृत जावरा नगर शहरी उपस्वास्थ्य केंद्र प्रारम्भ कर दिया गया है,किन्तु पिपलोदा तहसील एवं जावरा तहसील के स्वीकृत उपस्वास्थ्य केंद्र प्रारम्भ नहीं किये गए है? (ग) क्या पिपलोदा तहसील के ग्राम उम्मेदपुरा, चिपिया एवं सुजापुर तथा जावरा तहसील के ग्राम बिनोली, बहादुरपुर, मोरिया एवं झालवा सहित शहरी केंद्र जावरा की स्वीकृतिया एक ही आदेश से की गयी थी? (घ) यदि हाँ, तो क्‍या शासन/विभाग द्वारा केंद्र /राज्य प्रवर्तित योजना से स्वीकृत उपस्वास्थ्य केन्द्रों हेतु पूर्ण बजट, समस्त संसाधन एवं आवश्यक डॉक्टर्स,स्टॉफ नर्स, वार्ड बाय तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ भवनों की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी थी? यदि हाँ, तो पूर्ण जानकारी से अवगत कराये.

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी नहीं, वर्ष 2015-16 में जावरा विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत उप स्वास्थ्य केन्द्रों की स्वीकृति की कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) जावरा शहर में राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र दिनांक 01.04.2016 से प्रारंभ किया गया है। पिपलोदा तहसील व जावरा तहसील के अंतर्गत उप स्वास्थ्य केन्द्र स्वीकृति की कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) जी नहीं। प्रश्‍न में उल्लेखित ग्रामों में उप स्वास्थ्य केन्द्र खोलने हेतु प्रशासकीय स्वीकृति की कार्यवाही प्रचलन में है। (घ) प्रश्नांश (ग) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में उप स्वास्थ्य केन्द्र की प्रशासकीय स्वीकृति उपरांत नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।

सहरिया के कल्‍याण हेतु श्योपुर में प्राप्त राशि एवं व्यय

22. ( क्र. 214 ) श्री रामनिवास रावत : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश की विशेष पिछड़ी जनजाति 'सहरिया' के कल्याण हेतु राज्य सरकार एवं केंद्र प्रवर्तित कौन-कौन सी सामुदायिक कल्याण एवं हितग्राही मूलक योजनाएं संचालित है? उक्त योजनाओं में जिला श्योपुर को वित्तीय वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में प्रश्नांकित दिनांक तक किस-किस मद में कितनी-कितनी राशि का आवंटन प्राप्त हुआ? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार प्राप्त आवंटन में से कार्य स्वीकृत किये जाने हेतु कब-कब गवर्निंग बॉडी की बैठकें आयोजित की गई? इन बैठकों में किस-किस को आमंत्रित किया गया? कौन-कौन उपस्थित हुए? उपस्थित सदस्यों की सूची, बैठकों में सम्मलित होने के लिए भेजे गए सूचना पत्रों की प्रतियां, बैठकों के कार्यवाही विवरण की प्रति एवं अनुमोदित कार्यों की सूची उपलब्ध करावें? (ग) क्या प्रश्नांश (क) अनुसार प्राप्त राशि को क्लस्टर बनाकर व्यय किये जाने का प्रावधान है. यदि हाँ, तो क्लस्टरों की सूची उपलब्ध कराते हुए जानकारी दें कि किस-किस क्लस्टर में कौन -कौन से कार्य स्वीकृत किये गए? यदि नहीं, तो नियम विरुद्ध राशि व्यय करने के लिए कौन दोषी है? क्या दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) प्रश्नांश (क) अनुसार प्राप्त राशि में से अभी तक कितनी राशी किस-किस योजना/मद में व्यय की गई? कितनी व्यय किया जाना शेष है?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) अभिकरण की बॉडी के सदस्यों का मनोनयन/गठन नहीं हुआ है। कलेक्टर सह अध्यक्ष द्वारा शासकीय सदस्यों के साथ सम्‍पन्‍न बैठक दिनांक 02/11/2015, 26/11/2015 का कार्यावाही विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एवं अनुसार हैं। (ग) एवं (घ) सीसीडी प्लान अंतर्गत क्लस्टर गठन का प्रावधान नहीं है। विशेष केंद्रीय सहायता अंतर्गत राज्य शासन के आदेश दिनांक 06.01.2015 अनुसार कार्यों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

हायर सेकण्‍डरी एवं हाईस्‍कूलों की व्‍यवस्‍था

23. ( क्र. 218 ) श्री महेन्‍द्र सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गुनौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कितने हाईस्‍कूल, हायर सेकण्‍डरी स्‍कूल है एवं उनमें कितने-कितने छात्र/छात्राएं अध्‍ययनरत है? स्‍कूलवार सूची उपलब्‍ध करावें। उक्‍त हाईस्‍कूल एवं हायर सेकण्‍डरी स्‍कूलों में कितने कर्मचारी कौन-कौन से स्‍कूल में पदस्‍थ हैं, सूची उपलब्‍ध करावें? (ख) क्‍या स्‍कूलों में छात्रों के अनुपात में शिक्षकों को पदस्‍थ करने का कोई प्रावधान है? यदि हाँ, तो प्रति उपलब्‍ध करावें? (ग) प्रश्नांश (क) के संबंध में स्‍कूलवार ऐसे कितने हाईस्‍कूल एवं हायर सेकण्‍डरी स्‍कूल हैं, जहां पर छात्र संख्‍या के अनुपात में भवन उपलब्‍ध न होने से वर्षाकाल में बैठने की व्‍यवस्‍था नहीं हो पाती है और छात्रों को खुले में ही बैठना पड़ता है? (घ) कितने हायर सेकण्‍डरी व हाईस्‍कूलों में बाउण्‍ड्रीवाल हेतु परिसर उपलब्‍ध है, उनमें कितने स्‍कूलों में बाउण्‍ड्रीवाल का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, कितने निर्माणधीन है? स्‍कूलवार बतावें। जिन स्‍कूलों में परिसर उपलब्‍ध है, उनमें बाउण्‍ड्रीवाल निर्माण का क्‍या प्रावधान है? शेष बचे स्‍कूलों में कब तक बाउण्‍ड्रीवाल निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार (ख) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍नांश '' मे उल्‍लेखित शासकीय हाईस्‍कूल एवं हायर सेकण्‍डरी स्‍कूलों में से 04 हाईस्‍कूल (शास. हाईस्‍कूल चौकी, शास. हाईस्‍कूल कठवरिया, शास. हाईस्‍कूल सुंदरा, शास. हाईस्‍कूल ककरहटी) जहां छात्र संख्‍या के मान से भवन न होने के कारण माध्‍यमिक खण्‍ड में संचालित किए जा रहे है। (घ) शासकीय हाई स्‍कूल एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों में (शास. उ.मा.वि.भिलसाय, शास. हाईस्‍कूल श्‍यामरडाड, शास. उ.मा.वि. ककरहटी, बालक अमानगंज, कन्‍या अमानगंज, बालक गुन्‍नौर, कमताना, महेवा, पटना, रामौली, गढी पडरिया, बालक देवेन्‍द्र नगर, कन्‍या देवेन्‍द्र नगर, जिगदहा, सलेहा संस्‍कृत विद्यालय में) बाउंड्रीवाल है। मध्‍यप्रदेश शासन स्‍कूल शिक्षा विभाग के आदेश क्रमांक एफ 44-12/20-2/2006 भोपाल दिनांक 25.08.2006 द्वारा हाई/हायर सेकेण्‍डरी शाला भवनों के लिए दो एकड़ भूमि का प्रावधान है। लोक निर्माण विभाग के एस.ओ.आर के अनुसार प्रस्‍तुत प्राक्‍कलन में एक एकड भूमि पर बाउंड्रीवाल (दीवार) निर्माण जिसकी चौडाई 8'' एवं उंचाई 8 फिट एवं दो गेट सहित भूमि प्रतिशाला बाउंड्रीवाल निर्माण हेतु राशि रूपये 19,92,000/- स्‍वीकृत किए जाते है।

घुम्मक्कड़ जाति के लोगों के उत्‍थान योजनाएं

24. ( क्र. 219 ) श्री महेन्‍द्र सिंह : क्या राज्‍यमंत्री,पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) गुनौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत किन-किन स्‍थानों में कितनी संख्‍या में घुम्‍मकड़ जाति के लोग निवासरत है? क्‍या इन घुम्मकड़ जातियों के उत्‍थान के लिये शासन स्‍तर से योजनाएं संचालित है? यदि हाँ, तो कितने लोगों को क्‍या-क्‍या सुविधाएं प्रदान की गई है, योजनावार बतावें? (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में गुनौर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत जसवंतपुरा के पास बंजारा जाति के कितने लोग निवासरत है, परिवारवार सूची उपलब्‍ध करावें? क्‍या बंजारा जाति घुमक्‍कड़ जाति के अंतर्गत आती है? यदि हाँ, तो शासन द्वारा इस जाति के लिये कौन-कौन सी योजनाएं चलाई जा रही है? (ग) यदि शासन द्वारा घुमक्‍कड़ जातियों के कल्‍याण के लिये कोई योजना नहीं चलाई जा रही है तो इन जातियों को शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य, पेयजल, सड़क आदि की मूलभूत सुविधाएं कब तक प्रदान की जाएगी, बतावें?

राज्‍यमंत्री,पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) गुनौर विधान सभा क्षेत्रांतर्गत घुमक्कड़ जाति अतंर्गत सम्मिलित 30 जातियों में से कोई निवासरत नहीं है। विमुक्त एवं घुमक्कड़ जाति के उत्थान के लिये विभाग द्वारा संचालित मुख्य योजनाओं की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार हैं। वित्तीय वर्ष 2016-17 के प्रथम त्रैमास में आवास योजना अंतर्गत जिला पन्ना से मांग पत्र प्राप्त होने पर कार्यालयीन पत्र क्र. 71,72/73,74 दिनांक 16.05.2016 अनुसार 25 आवासों के लिए राशि रूपये 15.00 लाख का आंवटन जिला पन्ना को प्रदाय किया गया। (ख) गुनौर विधान सभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत जसंवतपुरा एवं मंजरा मोहार में बंजारा जाति के कुल 165 परिवार निवासरत है। परिवार सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। बंजारा जाति विमुक्त जाति के अतंर्गत आती है। इस जाति के लिए संचालित मुख्य योजनाओं की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) इस वर्ग के कल्याण के लिए संचालित मुख्य योजनाओं की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के अंतर्गत इन जातियों को शिक्षा पेयजल सड़क आदि मूलभूत सुविधाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है।

गाड़ोलिया जाति की विकास योजनाएं

25. ( क्र. 235 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या राज्‍यमंत्री,पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र सुवासरा के नगर शामगढ़, सीतामऊ, सुवासरा में गाड़ोलिया लौहार जाति के कितने व्‍यक्तियों के नाम कूपन तथा परिचय पत्र (वोटर आई.डी.) सूची में दर्ज है? मुखिया के नाम एवं कूपन संख्‍या तथा जारी किए गए वर्ष का भी उल्‍लेख कर जानकारी देवें? (ख) शामगढ़ नगर पंचायत में गाड़ोलिया लौहार जाति वर्तमान में जिस स्‍थान पर निवासरत है वह नगर पंचायत कि सीमा में है या ग्राम पंचायत में? (ग) इन व्‍यक्तियों को नगर पंचायत की तरफ से व्‍यक्तिगत मकान (‍टापरी) में नल, सड़क एवं विद्युत की व्‍यवस्‍था की गई है या नहीं अगर नहीं तो कारण बतावें? (घ) गाड़ोलिया जाति के व्‍यक्तियों के लिए नगर पंचायत की तरफ से भविष्‍य के लिए क्‍या योजनाएं बनाई जा रही है?

राज्‍यमंत्री,पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) विधानसभा क्षेत्र सुवासरा अंतर्गत गाड़ोलिया लौहार जाति के, नगर शामगढ़ में 17, नगर सीतामऊ में 36 नगर सुवासरा में 25 व्यक्तियों की पात्रता पर्ची बनी हुई है। वोटर आई.डी. सूची में जातिगत जानकारी दर्ज न होने के कारण जातिगत संख्या दिया जाना संभव नहीं है। निकायवार विस्तृत जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) शामगढ़ नगर पंचायत में गाड़ोलिया लौहार जाति वर्तमान में नगर परिषद् सीमा से बाहर है एवं ग्राम जामुनिया में निवासरत है। (ग) गाड़ोलिया लौहार वर्तमान में जिस स्थान पर निवासरत है वह नगर परिषद् सीमा से बाहर है। पूर्व में यह ग्राम नगर परिषद् शामगढ़ में आने के कारण इन व्यक्तियों के लिये अस्थाई रूप से पानी की टंकी रखवाकर पेय जल व्यवस्था एवं अस्थाई विद्युत संयोजन लिया जाकर विद्युत व्यवस्था की गई थी। (घ) गाड़ोलिया लौहार वर्तमान में नगर परिषद् की सीमा के बाहर निवासरत होने से निकाय शामगढ़ द्वारा इस संबंध में कोई कार्य योजना तैयार नहीं गई है।

परिशिष्ट - ''आठ''

रोगी कल्‍याण समिति की आय-व्‍यय का ब्‍यौरा

26. ( क्र. 246 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या लोक स्वास्थ्य मंत्री एवं परिवार कल्‍याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्‍तीय वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक भितरवार विधानसभा क्षेत्र में रोगी कल्‍याण समिति को किन-किन माध्‍यमों से कितनी-कितनी आय हुई है तथा अब तक कितनी राशि व्‍यय की गई है? व्‍यय का गतिविधिवार ब्‍यौरा वित्‍तीय वर्षवार दें? (ख) क्‍या व्‍यय की गई राशि भण्‍डार क्रय नियम/म.प्र. वित्‍त संहिता के अंतर्गत निहित किये गये प्रावधानों के अंतर्गत की गई है? यदि हाँ, तो तत्‍संबंधी ब्‍यौरा दें? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित अवधि में भुगतान किये गये वेतन, पारिश्रमिक, मानदेय या अन्‍य विवरण तथा ली गई सक्षम स्‍वीकृति की प्रति उपलब्‍ध कराये? (घ) भितरवार विधानसभा क्षेत्र में उक्‍त अवधि में कब-कब रोगी कल्‍याण समिति की बैठकें की गई है समय पर बैठक न करने के लिये कौन-कौन अधिकारी दोषी है क्‍या दोषियों के प्रति कोई कठोर दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एवं अनुसार है(ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है(ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अनुसार है(घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। रोगी कल्याण समिति की साधारण सभा एवं कार्यकारणी सभा की समय पर बैठक आयोजित नहीं होने के लिये मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला ग्वालियर से स्पष्टीकरण चाहा गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के स्पष्टीकरण के आधार पर आगामी कार्यवाही की जायेगी।

छात्र एवं छात्राओं से छात्रवृत्ति कॉलेजों द्वारा वापस लिया जाना

27. ( क्र. 254 ) श्री अजय सिंह : क्या राज्‍यमंत्री,पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सतना, उज्‍जैन एवं इंदौर भोपाल जिलों में निजी इंजीनियरिंग/ नर्सिंग/ एम.बी.ए/ सभी विषयों के ग्रेजुएट एवं पोस्‍ट ग्रेजुएट कॉलेजों के द्वारा 01.04.2011 से 31.03.2015 तक किस-किस नाम/पते वाले छात्रों एवं छात्राओं को कितनी-कितनी छात्रवृत्ति किन-किन कार्यों के लिये कब-कब दी? स्‍टूडेंट के नामवार/ पतेवार/राशिवार/ कालेजवार/छात्र संख्‍यावार/कोर्सवार/ वर्षवार/ माहवार दें? (ख) क्‍या स्‍टूडेंटों को छात्रवृत्ति की राशि उनके बैंको के एकाउन्‍टों में शासन द्वारा दी? क्‍या कॉलेजों के एकाउण्‍टों में छात्रवृत्ति की राशि शासन द्वारा दी गयी? (ग) छात्रवृत्ति देने के राज्‍य शासन के क्‍या नियम हैं? नियमों की एक प्रति उपलब्‍ध कराते हुये बतायें कि क्‍या छात्रवृत्ति शासन कॉलेजों के एकाउण्‍टों में नियमानुसार दे सकता है? (घ) कितनी-कितनी राशि शासन द्वारा वित्‍तीय वर्ष 2011 से 31.03.2015 तक में प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित कॉलेजों के छात्रों को दी गयी? राशिवार/ छात्र संख्‍यावार/ कॉलेजवार/ वर्षवार/ माहवार जानकारी दें? किस-किस नाम के कॉलेजों की शिकायतें जिला प्रशासन/ पुलिस प्रशासन के पास आई कि उन्‍होनें छात्रों के एकाउण्‍ट से राशि स्‍वयं निकाल ली? शासन द्वारा प्रश्‍नतिथि तक उनके विरूद्ध क्‍या व कब कार्यवाही की? बिन्‍दुवार दें। अगर नहीं, तो क्‍या कारण थे? नियम बतायें?

राज्‍यमंत्री,पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) जानकारी वृहद स्‍वरूप की है जिसका संकलन किया जा रहा है। (ख) पिछड़ा वर्ग पोस्‍ट मैट्रिक छात्रवृत्ति नियम 2013 के बिन्‍दु क्रमांक 8.4 अनुसार छात्रवृत्ति का वितरण पूर्णत: आर.टी.जी.एस. के माध्‍यम से विद्यार्थियों के खाते में किया जाता है तथा शिक्षण शुल्‍क संस्‍था के खाते में सीधे जमा किया जाता है। (ग) मध्‍यप्रदेश शासन पिछड़ा वर्ग तथा अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण विभाग के आदेश क्रमांक एफ-12-01/11/54-1 दिनांक 12/12/2013 द्वारा पिछड़ा वर्ग मैट्रिकोत्‍तर छात्रवृत्ति विनियम 2013 प्रतिस्‍थापित किये गये हैं जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। नियम बिन्‍दु क्रमांक 8.4 अनुसार छात्रवृत्ति का वितरण पूर्णत: आर.टी.जी.एस. के माध्‍यम से विद्यार्थियों के खाते में किया जाता है तथा शिक्षण शुल्‍क संस्‍था के खाते में सीधे जमा किया जाता है। (घ) जानकारी वृहद स्‍वरूप की है जिसका संकलन किया जा रहा है। कॉलेजों की शिकायतों के संबंध में जानकारी संबंधित जिलों से प्राप्‍त की जा रही है। प्राप्‍त शिकायतों का तथ्‍यात्‍मक परीक्षण किया जाकर नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।

दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही

28. ( क्र. 261 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 16.03.2016 के परि.अता.प्रश्‍न संख्‍या 71 (क्र.4911) के उत्‍तर के परिशिष्‍ट 2 अनुसार मदर बोर्ड एवं सी.पी.यू. के खराबी से कम्‍प्‍यूटर बंद होने से चालू न होना बताया गया है, साथ ही कम्‍प्‍यूटर पुराने होना कहा गया है। बिजली की सिक्‍योरटी राशि विद्यालय द्वारा कब-कब जमा कर बिजली का कनेक्‍शन लिया गया? साथ ही बिल भुगतान बाबत् शासन के क्‍या निर्देश एवं आदेश है? (ख) यदि प्रश्नांश (क) अनुसार कम्‍प्‍यूटर गुणवत्‍तावि‍हीन एवं क्रय नियमों का पालन न कर खरीदी की गई जिसके कारण कम्‍प्‍यूटर बंद पड़े हैं तो इसके लिए किन-किन को दोषी मानते हुए कार्यवाही करेंगे? क्‍या कम्‍प्‍यूटर गुणवत्‍ताविहीन खरीदी करने वालों के विरूद्ध वसूली के साथ आपराधिक प्रकरण दर्ज करायेंगे? हां,तो कब तक अगर नहीं तो क्‍यों?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) हैड स्टार्ट केन्द्रों में बिजली के कनेक्शन हेतु विद्यालय से जमा की गई सिक्योरिटी राशि की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। हैड स्टार्ट केन्द्रों को प्रदाय की जाने वाली कंटिजेंसी एवं शाला आकस्मिक निधि की राशि से विद्युत देयक के भुगतान हेतु निर्देश है। (ख) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''नौ''

बस्‍ती विकास योजना के स्‍वीकृत कार्य

29. ( क्र. 269 ) श्री मानवेन्द्र सिंह : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आदिम जाति कल्‍याण विभाग के अंतर्गत आदिवासी एवं अनुसूचित जाति बस्तियों में खरंजा निर्माण, सी.सी. रोड, नाली निर्माण एवं सामुदायिक भवनों के निर्माण व विद्युतीकरण के लिये राशि प्राप्‍त होती है? इसके लिये क्‍या मापदण्‍ड निर्धारित है? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित कार्यों हेतु जिला छतरपुर को वर्ष 2012-13 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि शासन से प्राप्‍त हुई तथा किसकी अनुशंसा पर कितनी राशि आवंटित की गई? मदवार जानकारी दें? (ग) जिला छतरपुर के अंतर्गत समस्‍त ग्राम पंचायतों में उपरोक्‍त वर्षों में किन-किन ग्रामों/मजरों में खरंजा निर्माण, सी.सी. रोड, सामुदायिक भवन एवं विद्युतीकरण के कार्य स्‍वीकृत किये? कार्यवार लागत एवं कार्य एजेंसी सहित जानकारी दें? क्‍या इन कार्यों की गुणवत्‍ता की जाँच करायेंगे? (घ) उक्‍त स्‍वीकृत कार्यों में बस्‍ती विकास योजना में स्‍वीकृत किये गये कार्य, कितने लंबित हैं? शेष कार्य कब तक पूर्ण कराये जायेंगे?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। उपलब्ध वित्तीय संसाधन, जनजाति जनसंख्या तथा मांग के आधार पर जनजाति विद्युतीकरण योजना, तथा अनुसूचित जाति अन्तर्गत राज्‍य योजना आयोग में प्रस्‍तुत कार्ययोजना के आधार पर राशि आवंटित की जाती है। जनजाति अन्‍तर्गत बस्‍ती विकास योजना नियम/मापदण्डों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) प्रश्नांकित अवधि में आयुक्त आदिवासी विकास म.प्र. द्वारा जनजाति बस्ती विकास मद अन्तर्गत जनसंख्या के अनुपात में राशि आवंटित की गई है। अनुशंसा के आधार पर राशि आवंटन के नियमों में प्रावधान नहीं है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र , तथा दो अनुसार है। कार्यों की गुणवत्ता की जाँच, तकनीकी स्वीकृति कर्ता अधिकारी द्वारा कराने के पश्चात् ही राशि का भुगतान सुनिश्चित किया गया है। अतः जाँच आवश्यक नहीं है। (घ) अपूर्ण/लम्बित कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र दो तथा अनुसार है।

शिवपुरी में बजट का दुरूपयोग

30. ( क्र. 288 ) श्री रामसिंह यादव : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा जिला संयोजक महोदय, जिला शिवपुरी को स्‍मरण पत्र दिनांक 30.11.2015, पत्र क्र. 31 दिनांक 27.04.2016, पत्र क्र. 33 दिनांक 27.04.2016, पत्र क्र. 34 दिनांक 29.04.2016 पत्र क्र. 24, 25, 26, 28 दिनांक 27.04.2016 द्वारा जानकारी चाही थी? यदि हाँ, तो उक्‍त जानकारी क्‍यों नहीं उपलब्‍ध कराई गई? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता को उक्‍त वांछित जानकारी इसलिए उपलब्‍ध नहीं कराई गई? क्‍योंकि बजट, योजनाओं एवं सामग्री तथा डीजल पम्‍प क्रय करने में व्‍यापक पैमाने पर अनियमितताएं, भ्रष्‍टाचार एवं मनमानी की गई है? यदि नहीं, तो उक्‍त जानकारी क्‍यों नहीं दी गई? (ग) प्रश्नांश (क) में वर्णित पत्रों के द्वारा वांछित सामान्‍य जानकारी जो प्रतिवर्ष मार्च में तैयार की जाती है? संलग्‍न कर बताएं कि किन-किन योजनाओं का बजट किन-किन अन्‍य योजनाओं में कितना-कितना, किस-किस अन्‍य कार्य पर व्‍यय किया गया और कौन-कौन से कार्य कहाँ-कहाँ पर कितनी-कितनी राशि के कराए गए और क्‍या-क्‍या सामग्री कितनी-कितनी राशि की कितनी मात्रा में क्रय की गई? (घ) क्‍या यह सही है कि शिवपुरी जिले में मार्च 2016 में विभिन्‍न योजनाओं का बजट शेष था? यदि हाँ, तो किस-किस योजना का कितना-कितना बजट शेष था? जिन योजनाओं के लिए बजट आवंटित था? उन योजनाओं के तहत उक्‍त बजट संबंधित कार्यों पर क्‍यों नहीं व्‍यय किया गया?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। डाक पत्र द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र तथा अनुसार है। (ख) जी नहीं। जानकारी उपलब्ध कराई गई। (ग) जी नहीं। योजनान्तर्गत जारी बजट उसी योजना में व्यय किया गया है, अन्य योजना में नहीं। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

शिवुपरी जिले में सहरिया आदिवासियों के कार्यों में अनियमितताओं की जाँच

31. ( क्र. 289 ) श्री रामसिंह यादव : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले को वर्ष 2014-15 एवं वर्ष 2015-16 में कितना-कितना बजट किन-किन योजनाओं के अंतर्गत शासन से प्राप्‍त हुआ? उक्‍त बजट से क्‍या-क्‍या कार्य कितनी-कितनी राशि के कहाँ-कहाँ पर कब-कब किस मद की राशि से स्‍वीकृत किए गए? (ख) शिवपुरी जिले में वर्ष 2014-15 एवं वर्ष 2015-16 में छात्रावासों एवं आश्रमों हेतु क्‍या-क्‍या सामग्री कहाँ-कहाँ से कितनी-कितनी राशि की कब-कब क्रय की गई? उक्‍त सामग्री क्रय करने हेतु क्रय समिति के निर्णय/अनुमोदन की प्रति एवं क्रय समिति के सदस्‍यों की सूची संलग्‍न कर जानकारी दें? (ग) क्‍या वर्ष 2013-14 से वर्ष 2015-16 की अवधि में शिवपुरी जिले में डीजल पम्‍प क्रय किए गए अथवा डीजल पम्‍प क्रय हेतु राशि स्‍वीकृत की गई? यदि हाँ, तो किन-किन के आवेदन पर किस-किस को डीजल पम्‍प प्रदाय किए गए अथवा डीजल पम्‍प क्रय हेतु कितनी-कितनी राशि स्‍वीकृत की गई? इनमें से कितने हितग्राहियों के पास कृषि भूमि थी और कितने भूमिहीन थे? (घ) क्‍या प्रश्नांश (ग) में वर्णित अवधि में न तो डीजल पम्‍प क्रय किए गए और न ही संबंधित हितग्राही को उसके बैंक खाते में राशि उपलब्‍ध कराई गई? हितग्राही को किस मैक का किस सीरियल नंबर का डीजल इंजन कब उपलब्‍ध कराया गया? हितग्राही की डीजल पम्‍प की कैश-मेमो एवं डीजल पम्‍प प्राप्ति की पावती संलग्‍न कर जानकारी दें?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) प्रश्नांश अन्‍तर्गत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) एवं (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

स्‍वास्‍थ्‍य विभाग अन्‍तर्गत रिक्‍त पदों की पूर्ति

32. ( क्र. 307 ) श्रीमती झूमा सोलंकी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत कितने उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र संचालित हैं तथा इनके अंतर्गत स्‍टॉफ में कुल कितने पद स्‍वीकृत हैं? (ख) क्‍या समस्‍त उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों पर स्‍वीकृत पद अनुसार कर्मचारी पदस्‍थ हैं? नहीं तो क्‍या कारण है तथा भविष्‍य में कब तक पदपूर्ति की जावेगी? (ग) इन उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों पर क्‍या सुविधा प्रदान की जाती है तथा इन स्‍वास्‍थ्‍य सम्‍बंधी सुविधाओं के लिये कोई बजट राशि का प्रावधान है? हाँ, तो वह प्रति उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रवार क्‍या है? (घ) भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत विगत 2013-14 से वर्तमान तक सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र, प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र एवं उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में स्‍वास्‍थ्‍य सम्‍बंधी समस्‍त सुविधाओं की उपलब्‍धता हेतु कितनी राशि का अनुदान शासन द्वारा प्रदाय किया गया है? इस राशि का क्‍या उपयोग होना था तथा किन-किन सुविधाओं पर राशि खर्च की गई है? केन्‍द्रवार, वर्षवार, राशि की उपलब्‍धता तथा व्‍यय सम्‍बंधी जानकारी प्रदान करें?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) 55 उप स्वास्थ्य केन्द्र संचालित हैं। इनमें ए.एन.एम. व एम.पी.डब्ल्यू. के 80 पद स्वीकृत हैं। (ख) जी हाँ। समस्त उप स्वास्थ्य केन्द्रों में ए.एन.एम. कार्यरत हैं, जबकि एम.पी.डब्ल्यू. की सीधी भर्ती शासन द्वारा प्रतिबंधित होने के कारण 22 केन्द्रों में एम.पी.डब्ल्यू. के रिक्त पदों का कार्य नजदीक के उप स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ एम.पी.डब्ल्यू. से कराया जा रहा है। (ग) उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर प्राथमिक उपचार के साथ-साथ टीकाकरण, परिवार कल्याण तथा अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं राज्य के स्वास्थ्य कार्यक्रमों से संबंधित स्वास्थ्य सुविधायें प्रदान की जाती है। जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार।

ग्राम बड़ीडीह में प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र की स्‍थापना

33. ( क्र. 319 ) श्रीमती नीलम अभय मिश्रा : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र सेमरिया के ग्राम पंचायत पुर्वा के अन्‍तर्गत आदिवासी बाहुल्‍य ग्राम बड़ीडीह में 200 आदिवासी परिवार निवास करते है? क्‍या वहां के आदिवासी आज भी प्राथमिक उपचार से वंचित है? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा बार-बार शासन को प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खोलने हेतु पत्र लिखा गया परंतु आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं हुई? (ग) उपरोक्‍त आदिवासी ग्राम में कब तक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खोला जावेगा?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। (ख) जनसंख्या के निर्धारित मापदण्ड के अनुसार ग्राम बड़ीडीह में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने की पात्रता नहीं आती है। (ग) प्रश्नांश (ख) के उत्तर परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

हितग्राही मूलक योजनाओं का संचालन

34. ( क्र. 323 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अन्‍त्‍यावसायी कार्यालय कटनी एवं सतना जिले में अनुसूचित जाति वर्ग के बेरोजगार व्‍यक्तियों के स्‍वरोजगार हेतु कौन-कौन सी हितग्राही मूलक योजनाएं वर्तमान में संचालित है? इन योजनाओं का वर्ष 2011-12 से 2015-16 तक का लक्ष्‍य एवं ऋण वितरण की स्थिति वर्षवार, योजनावार बताएं? (ख) उक्‍त हितग्राही मूलक योजनाओं में विगत 3 वर्ष में कितने आवेदन प्राप्‍त हुए में से कितने प्रकरण बैंक में भेजे गये जिनमें से कितने प्रकरण बैंकों द्वारा स्‍वीकृत, कितने वितरित/निरस्‍त एवं कितने प्रकरणों में निगम द्वारा अनुदान राशि प्रदाय की विवरण दें? (ग) क्‍या निगम द्वारा अनुशंसित दर्जनों ऋण प्रकरण वर्तमान तक निगम कार्यालय में ही एवं संबंधित बैंकों में लंबित पड़े है? नतीजन न तो वर्षवार लक्ष्‍य पूर्ति हो पा रही है और न ही बेरोजगार व्‍यक्तियों को उक्‍त योजनाओं का लाभ मिल पा रहा है? इस स्थिति से निपटने हेतु शासन क्‍या कार्यवाही करेगा? (घ) क्‍या शासन उक्‍त स्‍वीकृत प्रकरणों को लंबित रखने के कारणों की जाँच करवाकर इनका शीघ्र निराकरण कराकर बेरोजगारों को ऋण वितरण करवाएगा? यदि नहीं, तो क्‍यों इस हेतु समय-सीमा बताएं?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) अंत्‍यावसायी कटनी एवं सतना जिले में अनुसूचित जाति वर्ग के बेरोजगार व्‍यक्तियों के स्‍वरोजगार हेतु अंत्‍योदय स्‍वरोजगार योजना, कपिलधारा योजना, राष्‍ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्‍त विकास निगम, नई दिल्‍ली की योजना, मुख्‍यमंत्री आर्थिक विकास योजना, मुख्‍यमंत्री स्‍वरोजगार योजना, मुख्‍यमंत्री कल्‍याण योजना एवं सावित्री बाई फुले स्‍व-सहायता समूह योजनाएं संचालित रही हैं। इन योजनाओं का वर्ष 2011-12 से 2015-16 तक का लक्ष्‍य एवं ऋण वितरण की स्थिति का विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) रोजगार मूल योजनाओं में विगत 3 वर्षों में कटनी एवं सतना जिलों में कुल 2325 आवेदन प्राप्‍त हुए। बैंकों को 2077 प्रकरण प्रेषित किये गये। 242 प्रकरण निरस्‍त किये गये एवं 648 प्रकरणों को निगमों द्वारा अनुदान राशि प्रदान की गयी। (ग) जी नहीं। कार्यालय कटनी एवं सतना में कोई प्रकरण लंबित नहीं है। बल्कि संबंधित बैंकों में वर्ष 2015-16 के मुख्‍यमंत्री स्‍वरोजगार योजना के 179 एवं मुख्‍यमंत्री आर्थिक कल्‍याण योजना के 92 प्रकरण लंबित हैं जो चालू वित्‍तीय वर्ष में बैकों से स्‍वीकृति उपरांत निराकरण कराया जा रहा है। (घ) जी नहीं। लंबित प्रकरणों का नवीनीकरण किया गया है तथा बैंकों से संपर्क कर निराकरण कराया जा रहा है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''दस''

जिला चिकित्‍सालय राजगढ़ में सोनाग्राफी मशीन

35. ( क्र. 343 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला चिकित्‍सालय राजगढ़ में सोनाग्राफी मशीन स्‍थापित है? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त मशीन कब तथा कहाँ से कितनी लागत में किस प्रक्रिया से क्रय की गई थी? (ग) क्‍या उक्‍त जिला चिकित्‍सालय में स्‍थापित सोनोग्राफी मशीन चालू है? यदि हाँ, तो इस मशीन को आपरेट करने के लिये शासन द्वारा किसी डॉक्‍टर की नियुक्ति की गई है? यदि हाँ, तो नाम बतावें और यदि नहीं, तो नियुक्ति नहीं किये जाने का क्‍या कारण है? शासन द्वारा जनहित में जिला चिकित्‍सालय में स्‍थापित सोनोग्राफी मशीन आपरेट करने के लिये शासन द्वारा किसी डॉक्‍टर की नियुक्ति कब तक कर दी जावेगी? (घ) जिला चिकित्‍सालय में स्‍थापित सोनोग्राफी मशीन से आज दिनांक तक कितने मरीजों की सोनोग्राफी हुई है वर्षवार जानकारी उपलब्‍ध करावें?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जिला चिकित्सालय राजगढ़ हेतु सोनोग्राफी मशीन (कलर डॉपलर) 26/08/2015 को मेसर्स सुराभि बायोमेडिकल इंस्टूमेन्ट प्रायवेट लिमिटेड से राशि रु 9,45,000/- में खुली निविदा के द्वारा राज्य मद से क्रय की गई है। (ग) जी हाँ। जी हाँ। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से पदस्थ है। डॉ. एस. प्रसाद, चिकित्सा अधिकारी, सोनोग्राफी प्रशिक्षण प्राप्त है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) वर्ष 2015-16 में 226 एवं वर्ष 2016-17 (28 जून 2016 तक) 256 रोगियों की सोनोग्राफी की गई है।

आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति कल्‍याण विभाग का आवंटित बजट

36. ( क्र. 369 ) श्री मनोज निर्भय सिंह पटेल : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इन्‍दौर जिले के अंतर्गत आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति कल्‍याण विभाग में विगत दो वित्‍तीय वर्षों में कितने राशि बजट का प्रावधान आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति कल्‍याण हेतु किया गया था? (ख) उक्‍त बजट का विधानसभावार आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति के लोगों हेतु किन-किन कार्यों के लिए कितना-कितना खर्च किया गया, सूची उपलब्‍ध करावें? (ग) देपालपुर विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत उक्‍त जाति के कितने हितग्राहियों के लिए कितनी-कितनी राशि किन-किन मदों पर खर्च की गई? (घ) देपालपुर विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत उक्‍त जाति की बस्तियों में सड़क निर्माण और प्रकाश व्‍यवस्‍था की वर्तमान में क्‍या स्थिति है? कितने क्षेत्र अभी भी इन सुविधाओं से वंचित है?

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आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) प्रश्नांश अन्‍तर्गत आयुक्‍त, आदिवासी विकास म.प्र. द्वारा वित्‍तीय वर्ष 2014-15 में रूपये 1861.48 लाख एवं 2015-16 में रूपये 2363.60 लाख, जबकि आदिम जाति क्षेत्रिय विकास योजना द्वारा क्रियान्वित योजनाओं में बजट प्रावधान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। अनुसूचित जाति मद अन्‍तर्गत वर्ष 2014-15 में रूपये 3786.61 लाख एवं 2015-16 में रूपये 3336.15 लाख का बजट प्रावधान किया गया। (ख) आयुक्‍त, आदिवासी विकास म.प्र. द्वारा वित्‍तीय वर्ष 2014-15 में रूपये 1815.86 एवं 2015-16 में रूपये 2297.07 कुल राशि रूपये 4112.93 लाख का व्‍यय किया गया। जबकि अनुसूचित जाति विकास द्वारा व्‍यय की गई राशि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है तथा आदिम जाति क्षेत्रिय विकास योजना द्वारा व्‍यय की गई राशि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ग) आदिम जाति क्षेत्रिय विकास योजना द्वारा जनजाति के हितग्राहियों के लिये कोई राशि व्यय नहीं की गई है, जबकि आयुक्‍त, आदिवासी विकास म.प्र. तथा आयुक्‍त अनुसूचित जाति विकास की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है (घ) जिला स्‍तर पर जानकारी संधारित नहीं है।

 

 

इन्‍दौर जिले में जिला शिक्षा केन्‍द्र कार्यालय के अंतर्गत छात्रावास

37. ( क्र. 374 ) श्री मनोज निर्भय सिंह पटेल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इन्‍दौर में जिला शिक्षा केन्‍द्र कार्यालय के अंतर्गत कितने बालिका छात्रावास संचालित है? सूची विकासखण्‍डवार दी जाये? (ख) छात्रावासों के लिये वर्ष 2010-11 से 2014-15 तक कितनी राशि जारी की गई तथा जिला शिक्षा केन्‍द्र द्वारा इन छात्रावासों के लिए कितनी-कितनी सामग्री क्रय की गई? संख्‍यावार जानकारी दी जाये? क्‍या किसी छात्रावास की राशि अभी भी भुगतान करना शेष है? (ग) उपरोक्‍त छात्रावासों की सामग्री क्रय करने के लिये क्‍या छात्रावास स्‍तर पर कमेटी बनाई गई थी? तो उनमें कौन सदस्‍य है? (घ) क्‍या सामग्री भण्‍डार क्रय नियम के अंतर्गत खरीदी गई और सामग्री को स्‍टॉक रजिस्‍टर में नियमानुसार पंजीबद्ध किया गया है? उनकी जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ड.) बालिका छात्रावास के प्रभारी एवं सहायकों के नाम एवं पद कार्यरत संस्‍था की जानकारी दी जाये?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ पर है। (ख) जारी की गई राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब पर है। जिला शिक्षा केन्द्र इंदौर द्वारा छात्रावासों के लिये किसी भी प्रकार की सामग्री क्रय नहीं की गई है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। जी नहीं। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स पर है। (घ) जी हाँ, सामग्री भण्डार क्रय नियमानुसार न खरीदने बाबत कोई शिकायत प्राप्त नहीं है। जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द पर है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-य पर है।

संविलियन आदेश एवं निरस्ती का कारण

38. ( क्र. 377 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 23.02.2016 को 20 सहा. अध्‍यापकों का संशोधित संविलियन आदेश क्‍यों एवं किस अधिकारी के द्वारा जारी हुआ, इस आदेश की प्रति देवे? यह आदेश जारी करने से पहले समस्‍त जानकारी को किसके द्वारा जाँच की गई थी? (ख) उक्‍त आदेश को लगभग एक माह बाद क्‍यों निरस्‍त किया गया, कारण सहित बतायें, प्रति देवें? इस चूक के जिम्‍मेदार कौन हैं एवं इनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या इस संविलियन आदेश हेतु रुपयों के एकत्रीकरण की कोई शिकायत विभाग के पास आई है?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) संविलियन तिथि में संशोधन हेतु, सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास खरगोन द्वारा आदेश दिये गये है। आदेश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। कार्यालय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास खरगोन के स्थापना शाखा के प्रभारी श्री देवेन्द्र गुप्ता, लेखापाल द्वारा जाँच की गई थी। (ख) म.प्र. स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश क्रमांक/एफ-1-101/2008/20-1 दिनांक 08/10/2008 के तहत संविदा शाला शिक्षक (नियुक्ति एवं सेवा की शर्तें) नियम 2001 एवं संशोधित नियम 2003 के तहत नियुक्त संविदा शाला शिक्षको को लाभ दिया जाना था। त्रुटि संज्ञान में आने से आदेश निरस्त किये गये। प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। शाखा प्रभारी श्री देवेन्द्र गुप्ता, लेखापाल को कारण बताओं सूचना पत्र दिनांक 14/05/2016 को जारी कर आदेश दिनांक 20/05/2016 से स्थापना शाखा के प्रभार को हटा दिया गया है। आदेशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) जी नहीं।

सहायक आयुक्‍त की संदेहास्‍पद कार्यवाही

39. ( क्र. 378 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भगवानपुरा ब्‍लॉक में राजकुमारी सेंगर को नियुक्‍त करने के लिए किस अधिकारी/जनप्रतिनिधी का पत्र/अनुशंसा की गई थी? प्रति देवें। (ख) उक्‍त होस्‍टल में पूर्व अधीक्षिका की छात्राओं के शिकायत की एक प्रति देवें, जाँच प्रतिवेदन की प्रति देवें जाँच में लिए कथनों की प्रति देवें, अधीक्षिका को हटाने से पहले शो. कॉज नोटिस एवं इस नोटिस के जवाब की प्रति देवें? यदि नोटिस नहीं दिया गया है तो कारण बतायें? (ग) निर्मला चौहान को शिकायत वाले ही दिन बिना नोटिस दिए एक ही दिन में जाँच और हटाने के आदेश देने में जल्‍दबाजी क्‍यों की गई इस प्रकार की एक ही दिन में त्‍वरित कार्यवाही पूर्व में कब की गई है? (घ) इस संबंध में भगवानपुरा विधायक के पत्र पर की गई कार्यवाही की जानकारी देवें?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) श्रीमती राजकुमारी सेंगर को नियुक्‍त करने हेतु किसी भी अधिकारी/जनप्रतिनिधि का कोई अनुशंसा पत्र प्राप्‍त नहीं हुआ है। (ख) श्रीमती निर्मला चौहान अधीक्षिका के विरूद्ध छात्राओं द्वारा की गई शिकायत की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार, कारण बताओं सूचना पत्र की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार एवं संबंधित श्रीमती चौहान द्वारा कारण बताओं सूचना पत्र का दिया गया जवाब की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-स अनुसार है। शिकायत में जाँच नहीं कराई गई है एवं कथन नहीं लिये गये हैं। (ग) श्रीमती निर्मला चौहान अधीक्षिका की पूर्व में दिनांक 03/04/2014 को शिकायत प्राप्‍त हुई थी जिसमें संबंधित श्रीमती चौहान को कार्यालयीन पत्र क्रमांक/4984 दिनांक 13/05/2014 द्वारा कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया गया था। तत्‍पश्‍चात् दिनांक 08/12/2015 को सहायक आयुक्‍त आदिवासी विकास खरगोन के प्रवास के दौरान भी शिकायत पाई गई तथा पुन: संबंधित अधीक्षिका श्रीमती निर्मला चौहान के विरूद्ध छात्राओं द्वारा दिनांक 12 जनवरी 2016 को शिकायत की गई। शिकायत की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुये श्रीमती निर्मला चौहान को अधीक्षिका के पद से हटाया गया। (घ) श्रीमती निर्मला चौहान के विरूद्ध बार-बार शिकायत प्राप्‍त होने के कारण अधीक्षिका के पद से हटाया गया। अत: माननीय विधायक भगवानपुरा के प्रेषित पत्र पर पुन: जाँच कराई जाने की आवश्‍यकता प्र‍तीत नहीं हुई।

मिठाई/प्रसादी के वितरण हेतु बजट का प्रावधान

40. ( क्र. 391 ) श्री राजकुमार मेव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में राष्‍ट्रीय पर्वों जैसे 26 जनवरी एवं 15 अगस्‍त पर शासकीय स्‍कूलों में बच्‍चों को मिठाई/प्रसादी के वितरण हेतु बजट का कोई प्रावधान है? (ख) यदि बजट प्रावधान है तो प्रत्‍येक संस्‍था को कितनी-कितनी राशि उपलब्‍ध कराई जाती है? (ग) यदि बजट प्रावधान नहीं है तो राष्‍ट्रीय पर्वों पर मिठाई/प्रसादी का वितरण किस मद से किया जाता है? (घ) क्‍या शासन द्वारा राष्‍ट्रीय पर्वों पर शासकीय/अशासकीय शिक्षण संस्‍थाओं में बच्‍चों को मिठाई/प्रसादी वितरण हेतु कोई नीति, नियम बनाये जावेंगे, ताकि बच्‍चों को एक समान रूप प्रसादी का वितरण किया जा सके? इस संबंध में नियम एवं बजट प्रावधान कब तक किये जाने की कार्यवाही की जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। प्रश्नांश में वर्णित विषयों के आयोजन हेतु बजट प्रावधान नहीं है, किंतु सर्व शिक्षा अभियान अंतर्गत प्रदाय की जाने वाले शाला आकस्मिक निधि प्राथमिकता हेतु रूपये 50,000 तथा माध्‍यमिक शाला हेतु रूपये 70,000 प्रतिवर्ष एवं राष्‍ट्रीय माध्‍यमिक शिक्षा अभियान के अंतर्गत हाईस्‍कूल व हायर सेकण्डरी हेतु रूपये 50,000 प्रदाय की जाने वाली वार्षिक अनुदान राशि में से व्‍यय किया जा सकता है। (ख) उत्‍तरांश '''' के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्‍तरांश '''' अनुसार। (घ) ऐसी कोई नीति विचाराधीन नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ (जनजाति बस्‍ती विकास) के अंतर्गत कार्यों की स्‍वीकृति

41. ( क्र. 392 ) श्री राजकुमार मेव : क्या राज्‍यमंत्री,पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विमुक्‍त, घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जन जाति बस्‍ती विकास योजनांतर्गत वर्ष 2015-16 में विभाग को कितना बजट स्‍वीकृत किया गया, विभाग द्वारा कितनी राशि आहरित की गई एवं कितनी राशि वित्‍तीय वर्ष के अंत में लेप्‍स हुई? लेप्‍स होने का कारण बतावें? (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में वर्ष 2015-16 में खरगोन जिले के लिए कितना बजट प्रावधान किया गया, कितने कार्यों के लिए कितनी राशि स्‍वीकृत की गई? क्‍या स्‍वीकृत राशि का वित्‍तीय वर्ष में आहरण किया गया? यदि नहीं, तो कारण बतावें? (ग) क्‍या उपरोक्‍त प्रश्‍न क के संदर्भ में विभागीय मद की राशि मांग संख्‍या 64 योजना क्रमांक 3773 में विमुक्‍त, घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जन जाति बस्‍ती विकास हेतु राशि 49.00 लाख स्‍वीकृत की गई एवं राशि का आवंटन जिला स्‍तर पर सहायक आयुक्‍त, आदिवासी विकास विभाग खरगोन को आवंटित की गई? यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त राशि का आहरण किया जाकर उपयोग किया गया? (घ) प्रश्नांश (ग) के संबंध में उक्‍त मद की राशि का आहरण नहीं हुआ, राशि लेप्‍स हुई? इसका क्‍या कारण है एवं इसके लिए कौन दोषी है? क्‍या दायित्‍वों का निर्धारण किया गया? यदि नहीं, तो कब तक दायित्‍वों का निर्धारण कर आवश्‍यक कार्यवाही की जावेगी एवं क्षेत्र की जनता के विकास हेतु उक्‍त राशि का पुर्नआवंटन एवं आहरण की अनुमति कब तक प्रदान की जावेगी?

राज्‍यमंत्री,पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) विमुक्त घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति बस्ती विकास योजना अंतर्गत वर्ष 2015-16 में कुल 400-00 लाख (चार सौ लाख रूपये मात्र) का बजट प्रावधान था। प्रावधान के विरूद्ध 2,17,71000 रूपये दो करोड़ सतरह लाख इकहत्तर हजार मात्र) राशि व्यय हुई है एवं राशि रूपये 1,82,29000 एक करोड़ बयासी लाख उन्तीस हजार) समर्पित हुई हैं। म.प्र. शासन वित्त विभाग द्वारा दिनांक 26-03-2016 अनुसार आहरण पर प्रतिबंध लगा देने के कारण। (ख) वर्ष 2015-16 में खरगोन जिले के लिए 49-00 लाख का बजट प्रावधान किया गया। जिसमें 11 कार्यों के लिए राशि रू 49.00 लाख स्वीकृत गई। जी नहीं। शासन द्वारा आहरण पर प्रतिबन्ध लगा दिये जाने से राशि आहरित नहीं हो सकी। (ग) मांग संख्या 64 योजना क्रंमाक 3773 अन्तर्गत बस्ती निकाय हेतु 49.00 लाख जारी नहीं किया गया है। अपितु मांग संख्या 64 योजना क्रमांक 7397 हेतु 49.00 लाख का आंवटन जारी किया गया है। आहरण में प्रतिबंध लग जाने के कारण राशि का उपयोग नहीं किया जा सका। (घ) जी हाँ। आहरण पर प्रतिबंध होने के कारण राशि लेप्स हुई। इसके लिये कोई दोषी नहीं है। वर्ष 2016-17 के प्रथम त्रैमास में पुनः राशि 49.00 लाख सहायक आयुक्त खरगोन को पुनर्वांटित की जा चुकी है।

प्रवेशित छात्रों के गरीबी रेखा की सूची से नाम कांटा जाना

42. ( क्र. 402 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल संभाग अंतर्गत अशासकीय विद्यालयों में शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में कितने विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया है? (ख) प्रश्नांश (क) में प्रवेशित अनुसूचित जाति/जनजाति विद्यार्थियों को छोड़कर ऐसे कितने विद्यार्थी है जिन्‍हें गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने से प्रवेश दिया गया है? विद्यालयवार, वर्षवार जानकारी देवें? (ग) क्‍या प्रश्नांश (ख) उल्‍लेखित वंचित समूह को प्रवेश देने के बाद या अगले वर्षों में प्रवेशित छात्र के पालक का नाम गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाली सूची में से नाम कांट दिया गया है या नहीं? ऐसे छात्रों की सूची विद्यालयवार उपलब्‍ध करावें? (घ) क्‍या शाला प्रबंधन को उक्‍त स्थिति में समस्‍या उत्‍पन्‍न हो गई है या नहीं? यदि हाँ, तो उक्‍त छात्रों को शिक्षा के अधिकार के तहत नि:शुल्‍क शिक्षा की पात्रता है या नहीं? इस संबंध में विभाग स्‍पष्‍ट निर्देश जारी करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी संकलित की जा रही है। (घ) जी नहीं। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत नि:शुल्‍क प्रवेश के प्रावधान के अंतर्गत गैर अनुदान प्राप्‍त अशासकीय विद्यालयों में बी.पी.एल. श्रेणी के अंतर्गत प्रवेशित बच्‍चों के परिवार के मुखिया का नाम यदि प्रवेश देने के बाद या अगले वर्षों में बी.पी.एल. सूची से हटा दिया जाता है तो उस स्थिति में विद्यालय में प्रवेशित बच्‍चे की फीस की प्रतिपूर्ति राज्‍य शासन द्वारा नहीं की जायेगी। इस संबंध में राज्‍य शासन द्वारा जारी निर्देश क्रं. 42/129/2016/20-2 भोपाल दिनांक 19.01.2016 की प्रति संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।

परिशिष्ट - ''ग्‍यारह''

डॉक्‍टरों की पदस्‍थापना

43. ( क्र. 424 ) श्रीमती नंदनी मरावी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिहोरा सिविल अस्‍पताल में किस-किस वर्ग के कितने पद स्‍वीकृत है? स्‍वीकृत पदों की संख्‍या वर्गवार बतायें? (ख) प्रश्नांश (क) पदों के अनुसार कितने-कितने अधिकारी कर्मचारी वर्गवार पदस्‍थ हैं? सूची उपलब्‍‍ध करायें? कितने पद वर्तमान में रिक्‍त हैं? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार रिक्‍त पद कब तक भर दिये जावेंगे?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ग) विभाग रिक्त पदों की पूर्ति हेतु निरंतर प्रयास कर रहा है। प्रदेश में विशेषज्ञों की अत्यधिक कमी के कारण पदपूर्ति नहीं की जा सकी है, विशेषज्ञों के कुल स्वीकृत 3266 पदों के विरूद्ध मात्र 1245 विशेषज्ञ उपलब्ध हैं। चिकित्सकों की पदपूर्ति हेतु मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग में 1896 चिकित्सकों की भर्ती की कार्यवाही प्रचलन में है। चयन सूची प्राप्त होने के उपरांत चिकित्सकों की उपलब्धतानुसार पदपूर्ति की कार्यवाही की जा सकेगी। शेष सहायक स्टॉफ के पदपूर्ति की कार्यवाही निरंतर जारी है, पदपूर्ति हेतु निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''बारह''

सिविल अस्‍पताल सिहोरा में ट्रामा सेंटर की स्‍थापना

44. ( क्र. 425 ) श्रीमती नंदनी मरावी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सिहोरा सिविल अस्‍पताल एन.एच.7 में स्थित है तथा आये दिन दुर्घटनाओं के कारण पीडि़त लोगों को ट्रामा सेंटर न होने से जिला मुख्‍यालय मरीज को जाते-जाते मृत्‍यु हो जाती है? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्नांश (क) सिविल अस्‍पताल में कब तक ट्रामा सेंटर का शुभारंभ कर दिया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। (ख) भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त होने पर। निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

सागर संभाग में पदोन्‍नति

45. ( क्र. 434 ) श्री मुकेश नायक : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर संभाग के शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालय में वरिष्‍‍ठ अध्‍यापक तथा अध्‍यापक वर्ग के कितने पद स्‍वीकृत है उनमें से सीधी भर्ती तथा पदोन्‍नति के अलग-अलग बतायें (ख) पदोन्‍नति से भरे जाने वाले पद पदोन्‍नति से क्‍यों नहीं भरे गये तथा इसके लिये कौन जिम्‍मेदार है? (ग) पदोन्‍नति से भरे जाने वाले पदों पर पदोन्‍नति की कार्यवाही कब-तक की जायेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) सागर संभाग की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) छतरपुर जिले में पदोन्नति अंतर्गत स्वीकृत सभी पद भरे गये है। सागर, दमोह, पन्ना एवं टीकमगढ़ में पदोन्नति की गई है। पदोन्नति की कार्यवाही एक सतत् प्रक्रिया है। वर्तमान में शेष बचे पदों पर पदोन्नति की कार्यवाही प्रचलन में है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्नांश के उत्तर अनुसार। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''तेरह''

सागर जिला चिकित्‍सालय में ट्रामा सेन्‍टर की अनियमितताएं

46. ( क्र. 447 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सागर जिला चिकित्‍सालय में ट्रामा सेन्‍टर की स्‍थापना करने की कार्यवाही प्रचलन में है, यदि हाँ, तो यह कार्य कब प्रारंभ किया गया एवं इसकी लागत क्‍या है तथा इसके पूर्ण होने की तिथि क्‍या है? (ख) क्‍या ट्रामा सेन्‍टर के निर्माण में विलम्‍ब हुआ है, यदि हाँ, तो इसका दोषी कौन है? इसके खिलाफ क्‍या कार्यवाही की जायेगी? (ग) क्‍या उपरोक्‍त ट्रामा सेन्‍टर के निर्माण में गंभीर अनियमितताएं हुई है एवं निर्माण कार्य मानक स्‍तर पर नहीं किया गया? यदि हाँ, तो क्‍या इसकी जाँच कराये जाने हेतु जाँच दल का गठन किया जायेगा यदि हाँ, तो कब तक?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ, जिसके भवन निर्माण का कार्य दिनांक 15.09.2011 को प्रारम्भ किया गया, इसकी पूर्णता दिनांक 25.01.2016 है। (ख) जी हाँ, ठेकेदार दोषी है। अनुबंध अनुसार अधिकतम अर्थदण्ड अधोरोपित किया गया है। (ग) जी नहीं, किन्तु अपर संचालक स्वास्थ्य सेवायें भोपाल के निरीक्षण दिनांक 01.04.2016 के परिपालन में सिविल सर्जन जिला सागर द्वारा पत्र क्रमांक 3232 सागर दिनांक 11.04.2016 द्वारा गुणवत्ता रिपोर्ट के लिये कमेटी का गठन किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

शास. प्रा.मा. विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को गणवेश प्रदाय करने हेतु व्‍यवस्‍था

47. ( क्र. 448 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शास. प्रा.मा. विद्यालयों में प्रत्‍येक छात्र-छात्राओं को दो जोड़ी गणवेश खरीदने हेतु 400/- रू. की राशि प्रदाय की जाती है? क्‍या यह राशि पर्याप्‍त है, यदि नहीं, तो क्‍या शासन इसे बढ़ाये जाने पर विचार करेगा? (ख) शास. प्रा.मा. विद्यालयों में शालेय व्‍यवस्‍था एवं मरम्‍मत कार्यों के लिए प्रतिवर्ष कितनी राशि दी जाती है? क्‍या यह राशि पर्याप्‍त है, क्‍या शासन इसे बढ़ाये जाने पर विचार करेगा? (ग) वर्तमान में सागर विधान सभा स्थित शास. प्रा.मा. हाईस्‍कूल एवं हायर सेकण्डरी के कितने विद्यालयों में चार दीवारी तथा कितने चार दीवारी विहीन है? जिनमें चार दीवारी नहीं है, क्‍या शासन उनकी चार दीवारी बनाये जाने पर विचार करेगा तथा कब तक?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। राशि को बढ़ाये जाने का प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। (ख) सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत शालाऐं व्यवस्था हेतु शासकीय प्राथमिक विद्यालयों मे रू. 5000/- एवं माध्यमिक विद्यालयों मे रू. 7000/- राशि प्रदान की जाती है। शाला  भवन के वार्षिक रखरखाव हेतु शाला भवन मरम्मत निधि के अंतर्गत 3 कक्ष तक की  शालाओं हेतु रू. 5000/- तथा 3 कक्ष से अधिक शालाओं को रू. 10000/- की  राशि भारत शासन द्वारा दी जाती है राशि बढ़ाने हेतु प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। शाला  भवन के विशेष मरम्मत के लिये प्रथक से आवश्यकतानुसार प्राक्कलन तैयार कर प्रस्ताव भारत शासन को स्वीकृति हेतु प्रेषित किया जाता है। (ग) वर्तमान में सागर विधानसभा स्थित 33 शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं में चार दीवारी है तथा 41 शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालय चार दीवारी विहिन है। जिले की वार्षिक कार्ययोजना 2016-17 मे बाउण्‍ड्रीवाल निर्माण हेतु भारत शासन को  प्रस्ताव भेजा गया था। स्वीकृति प्राप्त नही हुई। समय-सीमा बताना संभव नही है। हाईस्कूल एवं हायर सेकण्‍डरी संबंधी जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''चौदह''

नवीन चिकित्‍सालय भवन का निर्माण

48. ( क्र. 455 ) श्री सतीश मालवीय : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन शहर में नवीन 450 बिस्‍तर चिकित्‍सालय भवन निर्माण कार्य हेतु निविदाएं कब आमंत्रित की गई थी? निविदा अनुसार लागत कितनी थी? पूर्ण करने का समय कितना दिया गया थाएवं कितने समय में निर्माण कार्य पूर्ण हुआ? निर्माण एजेन्‍सी कौन थी? (ख) अस्‍पताल भवन निर्माण के रेट रिवाईज कितने समय बाद किये गये, कितनी राशि बढ़ाई गई? राशि बढ़ाए जाने के क्‍या कारण थे? क्‍या एक वर्ष में लागत इतनी बढ़ गई थी या किसी को लाभ पहुँचाने के उद्देश्‍य से रेट रिवाईज किये गये? (ग) क्‍या विभाग द्वारा रेट रिवाईज की सूक्ष्‍मता से जाँच कर दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) दिनांक 26.03.2014 को निविदा आमंत्रित की गई। निर्माण कार्य हेतु राशि रूपये 62.82 करोड़ की निविदा आमंत्रित की गई थी एवं न्यूनतम प्राप्त एवं स्वीकृत निविदा अनुसार भवन निर्माण लागत राशि रूपये 66.44 करोड़ थी, (बाह्य विद्युतीकरण, एच.वी.ए.सी., जनरेटर, पावर हाउस का कार्य पृथक से संपन्न कराया गया)। अनुबंध अनुसार समयावधि 18 माह। कार्यादेश जारी दिनांक 15.05.2014 होने के बाद कार्य पूर्ण दिनांक 15.03.2016 होने तक लगा समय 22 माह एवं कार्य प्रारम्भ की दिनांक 01.10.2014 से कार्य पूर्ण होने तक लगा समय 17 माह 15 दिवस। निर्माण एजेंसी मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मण्डल थी। (ख) जी नहीं, अस्पताल भवन के रेट रिवाईज नहीं किये गये, निर्माण कार्य की मूल प्रशासकीय स्वीकृति राशि रूपये 74.73 करोड़ की दिनांक 23.01.2014 को जारी हुई थी जिसकी पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति राशि रूपये 93.11 करोड़ की दिनांक 09.10.2015 को जारी की गई। चयनित स्थल पर भवन के नीव की गहराई अधिक होने के कारण एवं मूल डी.पी.आर. में कुछ आवश्यक कार्य जैसे-ई.टी.पी. एवं एस.टी.पी. टैंक, इलेक्ट्रिक कंट्रोल रूम, फायर टैंक, वाटर टैंक आदि सम्मिलित नहीं होने के कारण कार्य की लागत में वृद्धि हुई। जी नहीं, किसी को लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से रेट रिवाईज नहीं किये गये। (ग) किसी मद के रेट रिवाईज नहीं किये गये अतः कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

शासकीय स्‍कूलों में शौचालय एवं बाउण्‍ड्रीवाल के संबंध में

49. ( क्र. 456 ) श्री सतीश मालवीय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र घट्टिया में कितने प्राथमिक, माध्‍यमिक, हाईस्‍कूल एवं हायर सेकण्‍डरी स्‍कूलों में बालक एवं कन्‍या हेतु पृथक-पृथक शौचालय, सफाई हेतु जल व्‍यवस्‍था सहित चलित अवस्‍था में है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कितनी शालाओं में पृथक-पृथक शौचालय निर्मित नहीं हैं? सूची पृथक से उपलब्‍ध कराई जावे? (ग) विधानसभा क्षेत्र घट्टिया में कितने प्राथमिक, माध्‍यमिक, हाईस्‍कूल एवं हायर सेकण्‍डरी स्‍कूलों में बाउण्‍ड्रीवाल की आवश्‍यकता है तथा कितने विद्यालयों में बाउण्‍ड्रीवाल निर्मित नहीं है, कितने में स्‍वीकृत है किन्‍तु निर्मित नहीं हुई है? कारण सहित सूची उपलब्‍ध करावें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) विधान सभा क्षेत्र घट्टिया के समस्‍त शासकीय 321 प्राथमिक एवं 137 माध्‍यमिक एवं 29 हाई/ हायर सेकण्डरी स्कूलों में बालक-बालिकाओं हेतु पृथक-पृथक शौचालय एवं सफाई हेतु स्‍थानीय जल व्यवस्था सहित चलित अवस्‍था में है। (ख) प्रश्नांश '''' के संदर्भ में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) विधान सभा क्षेत्र घट्टिया के शासकीय 277 प्राथमिक एवं 106 माध्‍यमिक स्‍कूलों में बाउंड्रीवाल की आवश्‍यकता है। 05 शासकीय प्राथमिक/माध्‍यमिक विद्यालय में बाउंड्रीवाल स्‍वीकृत है, परन्‍तु निर्मित नहीं हुई है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। संचालित 29 हाई/हायर सेकण्डरी स्कूलों में से 24 बाउंड्रीवाल विहीन हाई/ हायर सेकण्डरी स्कूलों में बाउंड्रीवाल की जानकारी परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार

परिशिष्ट - ''पन्‍द्रह''

विकास कार्यों में की गई अनियमित्‍ता के विरूद्ध कार्यवाही

50. ( क्र. 466 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ जिले में अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के अंतर्गत वर्ष 2015-16 में अनुसूचित जाति की बस्तियों के विकास, अनुसूचित जाति बस्तियों में मजरे-टोलों को विद्युतीकरण कार्य एवं अनुसूचित जाति कृषकों को कुओं तक विद्युत लाईन का विकास कार्य (पम्‍पों के ऊर्जाकरण ) हेतु कितनी-कितनी राशि प्राप्‍त हुई? योजनावार विस्‍तृत विवरण देवें? (ख) प्रश्नांश (क) में दर्शित योजनाओं के कितने-कितने कार्य कितनी-कितनी राशि के स्‍वीकृत किये गये है? तहसीलवार जानकारी बतायें? (ग) प्रश्नांश (ख) में दर्शित योजनाओं से सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र में किन-किन बस्तियों में मजरे टोलों का विद्युतीकरण कार्य एवं पम्‍पों का ऊर्जाकरण स्‍वीकृत किया गया है? पम्‍पों का ऊर्जीकरण कार्य के अन्‍तर्गत कितने हितग्राहियों का चयन कर ट्रान्‍सफार्मर प्रदाय किये गये है? ग्रामवार हितग्राहियों की संख्‍या तथा उनके विरूद्ध कितनी राशि व्‍यय की गयी है? (घ) प्रश्नांश (क) में दर्शित योजनाओं में वर्ष 2015-16 में प्रदाय की नयी राशि में से कितनी-कितनी राशि का समर्पण किया गया एवं राशि समर्पण किये जाने का क्‍या कारण था? योजनावार समर्पण राशि का ब्‍यौरा देवें? उक्‍त योजनाओं में अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास, मजरे टोलों के विद्युतीकरण तथा पम्‍पों के ऊर्जाकरण कार्य हेतु किन-किन जनप्रतिनिधियों द्वारा कार्यों की मांग की गयी थी?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) जानकारी प्रश्नांश अनुसार है।

परिशिष्ट - ''सोलह''

निजी संस्‍थायों के विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही

51. ( क्र. 467 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सारंगपुर अन्‍तर्गत कितने निजी स्‍कूल संचालित है? क्‍या उक्‍त स्‍कूलों के संचालन हेतु शासन द्वारा निर्धारित मापदण्‍ड की पूर्ति करते हुये मान्‍यता प्रदान की गई है वर्तमान में ऐसे कितने निजी स्‍कूल है, जिनके पास बच्‍चों को खेलने हेतु निर्धारित मापदण्‍ड अनुसार खेल मैदान नहीं है? नाम सहित अवगत करावें? क्‍या जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा समय-समय पर ऐसे स्‍कूलों की जाँच कर उनकी मान्‍यता समाप्‍त करने का नोटिस दिया गया है? यदि हाँ, तो विगत 3 वर्षों में कब-कब किस-किस संस्‍था की जाँच कर नोटिस दिया गया? (ख) प्रश्नांश (क) में दर्शित निर्धारित मापदण्‍ड की पूर्ति किये बगैर निजी स्‍कूलों को संबंधित विभाग द्वारा स्‍थल निरीक्षण किय बगैर मान्‍यता प्रदान कर दी गई? यदि हाँ, तो ऐसे दोषी अधिकारी के विरूद्ध शासन जाँच कर कब तक कार्यवाही करेगा? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार संचालित निजी संस्‍थाओं में वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में प्रश्‍न दिनांक तक कक्षा नर्सरी से कक्षा 12वीं तक कितने-कितने छात्र-छात्राओं की संख्‍या दर्ज है और उनके द्वारा कितनी-कितनी प्रवेश शुल्‍क/मासिक शुल्‍क निजी संस्‍थाओं द्वारा वसूली जा रही है? निजी संस्‍थाओं में वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में आर.टी.आई. के तहत (शुल्‍क माफी) कितने निर्धन छात्र-छात्राओं की संख्‍या दर्ज हैं? संस्‍थावार, वर्षवार विवरण देवें? (घ) प्रश्नांश (ग) अनुसार जिन निजी संस्‍थाओं द्वारा 25 प्रतिशत सीटों पर आर.टी.आई के तहत प्रवेश नहीं दिया गया है उन संस्‍थाओं के विरूद्ध शासन अनुशासनात्‍म‍क कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जिला राजगढ़ अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र सारंगपुर में कुल 207 निजी स्कूल संचालित हैं। जी हाँ। सभी संस्थाओं के पास खेल मैदान उपलब्ध हैं। जी नहीं, विगत 3 वर्षों में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा किसी भी संस्था की जाँच कर नोटिस नहीं दिया गया है और ना ही इस कार्यालय को निजी संस्थाओं की शिकायत प्राप्त हुई है, जाँच का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नांकित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र तथा अनुसार है। निजी शिक्षण संस्थाओं में वर्ष 2015-16 में आर.टी.ई के अंतर्गत 2088 छात्र/छात्राओं को निजी विद्यालयों में प्रवेश दिया गया है। संस्थावार/वर्षवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार। सत्र 2016-17 हेतु प्रवेश प्रक्रिया प्रचलन में है। (घ) प्रश्नांश के अनुसार जिन 3 निजी संस्थाओं द्वारा 25 प्रतिशत सीटों पर आई.टी.ई के तहत प्रवेश नहीं दिया गया है वे शिक्षण संस्थाएं अल्पसंख्यक संस्थाओं का दर्जा प्राप्त है, जिन्हें शिक्षा के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत 25 प्रतिशत सीट पर प्रवेश देने की बाध्यता नहीं है। शेषांश का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

विभाग द्वारा संचालित छात्रावास

52. ( क्र. 479 ) श्री पुष्‍पेन्‍द्र नाथ पाठक : क्या राज्‍यमंत्री,पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या विभाग द्वारा विधानसभा बिजावर में 02 छात्रावास जैतुपर एवं बिजावर में स्‍वीकृत किए गए है? (ख) यदि हाँ, तो क्या यह छात्रावास स्‍वयं के भवन में संचालित हो रहे है? यदि नहीं, तो किन भवनों में संचालित हो रहे है? (ग) प्रश्नांश (क) के अनुक्रम में शासन द्वारा स्‍वीकृत उपरोक्‍त छात्रावास हेतु स्‍वयं के भवन बनाने हेतु क्‍या योजना है? इस हेतु अभी तक क्‍या-क्‍या प्रयास किए गए?

राज्‍यमंत्री,पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। जैतपुर का छात्रावास प्राइवेट भवन में एवं बिजावर का छात्रावास अनु.जाति उत्कृष्ट कन्या छात्रावास बिजावर के भवन में संयुक्त रूप से संचालित है। (ग) जैतपुर छात्रावास के निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध कराए जाने हेतु कार्यवाही जिला कलेक्टर छतरपुर में प्रक्रियाधीन है भूमि उपलब्ध होने पर बजटीय प्रावधान अनुसार विभाग के छात्रावास भवन के निर्माण कार्य करवाया जा सकेगा। बिजावर में छात्रावास भवन बनाने संबंधी कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

विभाग द्वारा संचालित छात्रावास

53. ( क्र. 480 ) श्री पुष्‍पेन्‍द्र नाथ पाठक : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बिजावर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत विभाग के ऐसे कितने छात्रावास है जो स्‍वयं के भवन में संचालित नहीं हो रहे है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुक्रम में यह छात्रावास कितने समय से निजी भवनों में संचालित है? विभाग द्वारा इन छात्रावास भवनों में कितनी राशि किराए के रूप में एवं अन्‍य मद में प्रश्‍न दिनांक तक खर्च की गई है? (ग) प्रश्नांश (क) के अनुक्रम में उपरोक्‍त छात्रावास भवनों का स्‍वयं का भवन बने इस हेतु अभी तक क्‍या-क्‍या प्रयास किए गए? छात्रावास का स्‍वयं का भवन कब तक निर्मित हो सकता है? (घ) प्रश्नांश (क) के अनुक्रम में क्‍या किराए के भवन में आने के पूर्व खाली पड़े शासकीय भवन को छात्रावास के रूप में उपयोग करने हेतु प्रयास किए गए? यदि हाँ, तो पत्राचार उपलब्‍ध करावे। यदि नहीं, तो क्यों?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) बिजावर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत आदिवासी विकास विभाग के सभी छात्रावास स्‍वयं के भवन में संचालित हो रहे हैं। (ख) से (घ) प्रश्नांश '' के उत्‍तर के अनुक्रम में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

शाला भवन का निर्माण पूर्ण किया जाना

54. ( क्र. 484 ) श्री संजय उइके : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बालाघाट जिले की हाईस्‍कूल कचनारी एवं बिठली (उकवा) के भवन का निर्माण अधूरा है? (ख) यदि हाँ, तो भवन स्‍वीकृति का वर्ष, कार्य प्रारम्‍भ का दिनांक, एजेन्‍सी का नाम, कार्य प्रारम्‍भ का दिनांक, एजेन्‍सी का नाम, ठेकेदार को भुगतान राशि सहित जानकारी देवें? (ग) भवनों का निर्माण कार्य किन कारणों से रूका है और कब तक पूरा किया जावेगा?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) लागत में वृद्धि होने से निर्माण कार्य रुका था, पुनरीक्षित स्‍वीकृति अनुसार कलेक्‍टर बालाघाट को राशि आवंटित की जा चुकी है। निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जावेगा। निश्चित समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''सत्रह''

ड्रिंकिंग / मिनरल वाटर निर्माता कंपनियों की जाँच

55. ( क्र. 509 ) श्री अशोक रोहाणी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले में कौन-कौन सी ड्रिंकिंग/मिनरल वाटर पंजीकृत/लायसेंस प्राप्‍त निर्माता/कंपनिया हैं? किन-किन निर्माता कंपनियों के द्वारा किस-किस ब्रॉण्‍ड के नाम से मिनरल वाटर बनाया जाता है। किन-किन निर्माता कम्‍पनियों के आर.ओ. प्‍लांट कहाँ-कहाँ पर हैं तथा किस-किस के आर.ओ. प्‍लांट बी.आई.एस. सर्टीफाईड हैं। इसकी जाँच कब किसने की है? सूची दें। (ख) जबलपुर जिले में स्थित किन-किन निर्माता/कम्‍पनियों के पास शुद्ध जल के क्‍या स्‍त्रोत हैं। गुणवत्‍तापूर्ण, ड्रिंकिंग/मिनरल वाटर बनाने हेतु कौन-कौन से कैमिकल्‍स का उपयोग किस मात्रा में किया जाता है। क्‍या कोई मानक स्‍तर निर्धारित है और क्‍या इसका लायसेंस के तहत पालन कराया जा रहा है? (ग) जबलपुर जिले में स्थित किन-किन निर्माताओं/निर्माता कंपनियों के द्वारा बनाये जा रहे किस-किस ब्रॉण्‍ड के ड्रिंकिंग/मिनरल वाटर के नमूने जाँच हेतु कब किन-किन खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने लिये हैं और इन्‍हें जाँच हेतु कब-कब भेजा गया? जाँच में कौन से नमूने