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मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
दिसम्‍बर, 2015 सत्र


मंगलवार, दिनाँक 15 दिसम्‍बर 2015


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


 

(वर्ग 2 : सामान्‍य प्रशासन, नर्मदा घाटी विकास, विमानन, संस्‍कृति, पर्यटन, प्रवासी भारतीय, नगरीय विकास एवं पर्यावरण, जल संसाधन, वित्‍त, वाणिज्‍यिक कर, योजना, आर्थिक और सांख्यिकी, र्जा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, जनसंपर्क, खनिज साधन)

 

जिला रायसेन में बैराजों पर व्‍यय

1. ( *क्र. 2268 ) श्री बाला बच्‍चन : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रायसेन में जल संसाधन विभाग की भाडोन बैराज, बडौतिया बैराज, रापरडटी बैराज, नकटी नदी पर पांच बैराज, सिंदूर नदी पर श्रृंखलाबद्ध बैराज एवं पिपलिया केवट बैराज योजना में प्रत्‍येक पर कुल कितना व्‍यय शासन द्वारा किया गया तथा इनसे कुल कितनी भूमि सिंचाई के लिए प्रस्‍तावित थी? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित योजनाओं के वास्‍तविक रूप से पूर्ण होने के बाद वर्षवार आज तक कितने हेक्‍टेयर सिंचाई की गई है? पृथक-पृथक बतावें। (ग) क्‍या इन योजनाओं में वर्णित बैराज में से अधिकांश नष्‍ट हो चुके हैं तथा उनसे लगभग निरंक क्षेत्र में सिंचाई हो रही है, इसके लिए उत्‍तरदायी अधिकारी का नाम बतावें। (घ) उपरोक्‍त वर्णित समस्‍त बैराज के निर्माण में हुई अनियमितताओं की क्‍या शासन जाँच करवाएगा? यदि हाँ, तो कब तक?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) एवं (घ) जी नहीं। निर्मित बैराजों से कृषक सिंचाई जल लेते हैं। अनियमितता की स्थिति नहीं होने से शेष प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होते हैं।

परिशिष्ट ''एक''

खण्‍डवा जिले में थंब इम्‍प्रेशन मशीन की खरीदी

2. ( *क्र. 1681 ) श्रीमती योगिता नवलसिंग बोरकर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खण्‍डवा जिले में समस्‍त कर्मचारियों की उपस्थिति किस माध्‍यम से दर्ज हो रही है, थंब इम्‍प्रेशन मशीन से अथवा ई-अटेंडेंस के द्वारा? (ख) यदि ई-अटेंडेंस के माध्‍यम से हो रही है तो फिर लाखों रूपये की लागत से क्रय थंब इम्‍प्रेशन मशीन कहाँ पर है एवं किस हालत में है? (ग) यदि थंब इम्‍प्रेशन मशीन का उपयोग हो रहा है, तो उनकी उपस्थिति का विवरण दें। यदि नहीं, हो रहा है तो इस खरीदी का क्‍या औचित्‍य था? इसमें क्‍या किसी अधिकारी पर दोष सिद्ध हो सकता है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

इंदिरा सागर मुख्‍य नहर में भीकनगांव विधानसभा का वांछित क्षेत्र सम्मिलित करना

3. ( *क्र. 1452 ) श्रीमती झूमा सोलंकी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री महोदय द्वारा विधानसभा चुनाव के दौरान बड़वाह मण्‍डी प्रांगण में भीकनगांव विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान में इंदिरा सागर की उद्वहन नहर से वंचित क्षेत्र के 60 गांव में सिंचाई हेतु योजना बनाकर स्‍वीकृति हेतु कार्यवाही की घोषणा मंच से की गई थी? (ख) यदि हाँ, तो नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के पत्र क्रमांक/357/555/161-बी/स.(अभि.)/न.घां.वि.प्रा./15, भोपाल दिनाँक 06.06.2015 द्वारा अवगत कराया है कि भविष्‍य में अतिरिक्‍त क्षेत्र को उद्वहन क्षेत्र में शामिल किया जाना तकनीकी रूप से संभव नहीं है? तो क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री द्वारा की गई घोषणा पर कोई कार्यवाही प्रस्‍तावित नहीं होगी? (ग) क्‍या भविष्‍य में इंदिरा सागर मुख्‍य नहर से उद्वहन कर वर्तमान में वंचित भीकनगांव विधानसभा क्षेत्र में सिंचाई की कोई नवीन योजना शासन द्वारा प्रस्‍तावित की जावेगी? (घ) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश (ग) का उत्‍तर यदि हाँ, है तो उसकी समयावधि क्‍या होगी? उसका कार्य कब तक प्रारंभ कर पूर्ण होगा? क्‍या शासन द्वारा इसकी समयावधि बताई जावेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी नहीं। (ख) उत्‍तरांश के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। जी हाँ। उत्‍तरांश अनुसार। (ग) वर्तमान में ऐसी कोई योजना प्रस्‍तावित नहीं है। (घ) उत्‍तरांश के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

देशी मदिरा में कम तेजी के प्रकरण

4. ( *क्र. 2015 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में आबकारी विभाग की सभी प्रयोगशालाएं फूड सेफ्टी मापदण्‍ड के अनुसार अधिकृत हैं? यदि हाँ, तो एन.ए.बी.एल. के प्रमाण पत्र की प्रति उपलब्‍ध करायें। (ख) वित्‍तीय वर्ष 2014-15, 2015-16 में देशी मदिरा उत्‍पादकर्ता के विरूद्ध मदिरा की कम तेजी के विरूद्ध कितने मुकदमे दर्ज किये? कम तेजी के मुकदमे बनाने के पंचनामा, नमूने की जाँच रिपोर्ट तथा मुकदमे की एफ.आई.आर. की प्रति उपलब्‍ध करायें। (ग) उक्‍त प्रयोगशाला में वित्‍तीय वर्ष 2014-15, 2015-16 में देशी मदिरा उत्‍पादनकर्ताओं के कितने नमूनों की जाँच किस-किस सक्षम अधिकारी ने की? जाँच अधिकारी के नाम सहित जाँच रिपोर्ट उपलब्‍ध करावें। (घ) क्‍या विभाग द्वारा आबकारी अधिका‍री के विरूद्ध कोई परिपत्र गत 2 वर्षों में जारी किया गया है? यदि हाँ, तो अवगत करावें। (ड.) परिपत्र अनुसार क्‍या उत्‍पादनकर्ता को देशी मदिरा तत्‍काल वापस भिजवाई गई? यदि नहीं, तो क्‍या वित्‍तीय वर्ष 2014-15, 2015-16 में देशी मदिरा के रिटेल अनुज्ञप्‍तिधारियों के विरूद्ध देशी मदिरा की तेजी कम आने पर कुल कितने मुकदमे लाइसेंस शर्त की अवहेलना के लिये बनाए गए तथा प्रत्‍येक मुकदमे में जुर्माना राशि के आदेश आबकारी आयुक्‍त द्वारा जारी किये गये? जिलेवार एवं रिटेल अनुज्ञप्‍तिधारियों के अनुसार विवरण प्रस्‍तुत करें।

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) प्रदेश में आबकारी विभाग की एक प्रयोगशाला, आबकारी आयुक्‍त, मध्‍यप्रदेश के ग्‍वालियर स्थित कार्यालय में स्‍थापित है। यह प्रयोगशाला फूड सेफ्टी मापदण्‍ड अनुसार अधिकृत नहीं है। (ख) वित्‍तीय वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में किसी भी जिले में देशी मदिरा उत्‍पादनकर्ता इकाई के विरूद्ध, मदिरा की कम तेजी पाये जाने का मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है, अत: जानकारी निरंक है। (ग) प्रश्‍नांश (क) के अनुक्रम में उक्‍त प्रयोगशाला में देशी मदिरा उत्‍पादनकर्ता इकाईयों द्वारा उत्‍पादित देशी मदिरा के वर्ष 2014-15 में 45 एवं 2015-16 में 65 नमूनों की जाँच श्री जी.के. बोरले, केमिस्‍ट द्वारा की गई। वित्‍तीय वर्ष 2014-15 में 45 नमूनों में से 43 एवं वर्ष 2015-16 में 65 नमूनों की उपलब्‍ध जाँच रिपोर्ट की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) जी नहीं। (ड.) संकलित की गई जानकारी अनुसार प्रश्‍नांश (घ) के प्रकाश में प्रश्‍नाधीन अवधि में प्रदेश के किसी भी देशी मदिरा उत्‍पादनकर्ता को कोई देशी मदिरा वापिस नहीं भिजवाई गई है। वित्‍तीय वर्ष 2014-15 में एवं वित्‍तीय वर्ष 2015-16 में देशी अनुज्ञप्तिधारियों के विरूद्ध, देशी मदिरा की तेजी कम पाये जाने का कोई प्रकरण कायम नहीं किया गया है, अत: जानकारी निरंक है।

अवैध खनिज के प्रकरण

5. ( *क्र. 2045 ) श्री सज्‍जन सिंह उईके : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैतूल जिले में वर्ष 2010-2011 तक खनिज विभाग ने कितने गौण खनिज के प्रकरण दर्ज किये? गौण खनिज के नाम देवें। (ख) घोड़ाडोंगरी क्षेत्र में तवा नदी, नालों से रेत अवैध उत्‍खनन क्‍यों हो रहा है? क्‍या पर्यावरण नियम का दुरुपयोग नहीं हुआ? (ग) घोड़ाडोंगरी क्षेत्र में डम्‍पर द्वारा प्रतिदिन रेत परिवहन की जानकारी से खनिज विभाग अनजान क्‍यों है? किसका संरक्षण है? (घ) रेत के अवैध उत्‍खनन से म.प्र. शासन को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है, इसका जिम्‍मेदार कौन है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्‍नाधीन वर्ष 2010 एवं 2011 में गौण खनिज के दर्ज अवैध उत्‍खनन, अवैध परिवहन एवं अवैध भंडारण के प्रकरण की प्रश्‍नानुसार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट में दर्शित है। (ख) जी नहीं। (ग) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में विभाग द्वारा सतत् निगरानी रखी जा रही है। अत: प्रश्‍नानुसार कोई स्थिति नहीं है। (घ) प्रश्‍नांश में दिये उत्‍तर के परिशिष्‍ट में रेत खनिज के अवैध उत्‍खनन परिवहन तथा भंडारण की जानकारी दर्शित की गई है। इससे यह स्‍पष्‍ट है कि प्रकरण प्रकाश में आने पर नियमानुसार अर्थदण्‍ड आरोपित कर कार्यवाही की जाती है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नदियों पर प्रस्‍तावित सिंचाई परियोजनाएं

6. ( *क्र. 1367 ) श्री गोविन्‍द सिंह पटेल : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नरसिंहपुर जिले में शक्‍कर नदी एवं दुधी नदी पर क्‍या कोई सिंचाई परियोजना प्रस्‍तावित है, यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनाँक तक उसकी क्‍या स्थिति है? उक्‍त योजना का कार्य कब से प्रारम्‍भ होगा एवं कितनी अवधि में पूर्ण होगा? (ख) उक्‍त योजना से सिंचाई के लिए कौन-कौन से क्षेत्र लाभांवित होंगे?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) एवं (ख) नरसिंहपुर जिले में प्रश्‍नाधीन नदियों पर जल संसाधन विभाग की कोई सिंचाई परियोजना प्रस्‍तावित नहीं है। शेष प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी बोड़ा द्वारा सामान्‍य प्रशासन विभाग के आदेश का उल्‍लंघन

7. ( *क्र. 879 ) श्री गिरीश भंडारी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधायक के पत्रों का उत्‍तर देने संबंधी सामान्‍य प्रशासन विभाग के आदेश का पालन मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी बोड़ा (नरसिंहगढ़ विधान सभा क्षेत्र अन्‍तर्गत) को करना चाहिए? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता विधायक ने क्रमश: पत्र क्र. 1180/1181/1182/1183 दिनाँक 07.08.2015 एवं पत्र क्र. 2728/2729/2730/2731/2732 दिनाँक 18.08.2015 को C.M.O. बोड़ा से लिखित में कुछ जानकारी चाही गई थी? (ग) प्रश्‍न की कंडिका (ख) का उत्‍तर यदि हाँ, तो क्‍या C.M.O. बोड़ा ने G.A.D. द्वारा दिये गये निर्देशों के तारतम्‍य में किस-किस दिनाँक को क्‍या-क्‍या कार्यवाही की? की गई कार्यवाही की जानकारी उपलब्‍ध करायें। (घ) क्‍या कंडिका (ग) में की गई कार्यवाही G.A.D. द्वारा निर्वाचित विधायकों के पत्रों के उत्‍तर देने संबंधी दिये गये निर्देशों के अनुरूप है? यदि नहीं, तो क्‍या शासन C.M.O. बोड़ा के विरूद्ध कोई कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) नगर परिषद बोड़ा जिला राजगढ़ के पत्र क्रमांक 1650 दिनाँक 26-11-2015 से माननीय विधायक महोदय को जानकारी प्रेषित की गई है। (घ) जी नहीं। मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी, नगर परिषद बोड़ा जिला राजगढ़ से प्रकरण के संबंध में स्‍पष्‍टीकरण प्राप्‍त करने हेतु कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

विधायक विकास निधि 2014-15 की राशि लेप्‍स होना

8. ( *क्र. 2089 ) श्री अंचल सोनकर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधायक विकास निधि वर्ष 2014-15 से प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र में कितने निर्माण कार्य स्‍वीकृत किये गये थे? दिनाँक 30.04.2015 की स्थिति में कितने कार्य पूर्ण हो गये, कितने कार्य अपूर्ण हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) में स्‍वीकृत एवं पूर्ण किये कार्यों के भुगतान हेतु क्‍या संबंधित निर्माण एजेन्सियों/ठेकेदारों को पूर्ण राशि जारी कर दी गई है? यदि हाँ, तो राशि जारी करने की तिथि बतावें। यदि नहीं, तो भुगतान न किये जाने का कारण बतावें। (ग) क्‍या विधायक विकास निधि वर्ष 2014-15 के कुछ स्‍वीकृत कार्यों की राशि लेप्‍स हुई है? यदि हाँ, तो कितनी राशि एवं राशि लेप्‍स होने का क्‍या कारण है? राशि लेप्‍स होने की जिम्‍मेदारी किसकी है? इनके ऊपर क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (घ) क्‍या विधायक विकास निधि वर्ष 2014-15 की राशि लेप्‍स हो जाने के कारण वित्‍तीय वर्ष 2015-16 में ठेकेदार विधायक विकास निधि के कार्यों को करने में रूचि नहीं ले रहे हैं, जिससे जनहित के कार्यों को समय-सीमा में न होने से प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र में विकास कार्य रूक गये हैं? यदि हाँ, तो इसका कौन जिम्‍मेवार है? इन पर क्‍या कार्यवाही होगी?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजनान्‍तर्गत विधानसभा क्षेत्र पूर्व जबलपुर में वर्ष 2014-15 में कुल 34 कार्य स्‍वीकृत किये गये, जिनमें से 14 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, शेष 20 कार्य प्रगति पर हैं। (ख) विभाग द्वारा संबंधित क्रियान्‍वयन एजेन्‍सी को पूर्ण राशि जारी कर दी गई थी। राशि जारी करने की तिथि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। योजनान्‍तर्गत वर्ष 2014-15 में 31.80 लाख की राशि लेप्‍स हुई है। इसका कारण राशि का आहरण नहीं हो पाना है, सर्वर पर आवंटन दर्शित नहीं होने के कारण राशि आहरित नहीं हो सकी। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

बिजली बिल की बकाया राशि

9. ( *क्र. 1332 ) श्री जतन उईके : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उपभोक्‍ताओं द्वारा बिजली बिल नियत अवधि में ना भरने पर उनके विरूद्ध किस प्रकार की कार्यवाही म.प्र. विद्युत मण्‍डल द्वारा किये जाने का प्रावधान है? (ख) जिन उपभोक्‍ताओं द्वारा बिजली बिल जमा नहीं किये गये हैं? उनके विद्युत कनेक्‍शन विच्‍छेद किये जाकर उनसे बिजली बिल वसूला जा रहा है अथवा नहीं? (ग) क्‍या म.प्र. विद्युत मण्‍डल द्वारा बिजली बिल बकाया होने पर पूर्ण क्षेत्र की विद्युत लाईन बंद कर दी जाती है अथवा बकायादारों की ही बिजली आपूर्ति बंद की जाती है? (घ) क्‍या तहसील पांढुर्ना में बकायादारों के किन-किन क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है, क्‍या इससे रबी फसल की सिंचाई पर भी कोई असर पड़ा है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) उपभोक्‍ताओं द्वारा बिजली का बिल नियत अवधि में जमा नहीं करने पर उनके विरूद्ध म.प्र. विद्युत प्रदाय संहिता 2013 की कण्डिका 9.13 एवं 9.14 संलग्‍न परिशिष्ट में उल्‍लेखित अनुसार प्रक्रिया के तहत संयोजन विच्‍छेद की कार्यवाही करने का प्रावधान है। (ख) जी हाँ (ग) बिजली बिल बकाया होने पर पूर्ण क्षेत्र की विद्युत लाईन बंद नहीं की जाती है, वरन् जिन उपभोक्‍ताओं ने विद्युत बिल राशि का भुगतान नहीं किया है यथासंभव उनकी बिजली आपूर्ति बंद की जाती है। तथापि एक ही ट्रांसफार्मर से संबद्ध अधिक उपभोक्‍ताओं पर बिजली बिल की राशि बकाया होने पर इन ट्रांसफार्मर के जलने/खराब होने पर बकाया राशि का 50 प्रतिशत जमा करने पर ट्रांसफार्मर बदला जाता था। दिनाँक 28.10.2015 को आदेश जारी कर 50 प्रतिशत जमा करने की बाध्‍यता शिथिल करते हुए इसे 10 प्रतिशत किया है। (घ) तहसील पांढुर्ना में बकायादारों के किसी भी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बंद नहीं की गई है। तथापि बकाया राशि होने के कारण संबंधित उपभोक्‍ता की अस्‍थाई रूप से बिजली आपूर्ति बंद की गई है एवं बकाया राशि जमा होने के बाद लाईन पुन: जोड़कर शीघ्र विद्युत प्रवाह चालू कर दिया जाएगा। उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता।

परिशिष्ट - ''दो''

पानी के अंदर से मशीन द्वारा रेत खनन पर कार्यवाही

10. ( *क्र. 2149 ) श्रीमती प्रतिभा सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. शासन द्वारा प्रदेश की नदियों से पानी के अंदर से मशीनों द्वारा रेत निकासी पर कब से प्रतिबंध लगाया गया है? उक्‍त प्रतिबंध का उल्‍लंघन कर जबलपुर सम्‍भाग में नदियों के पानी के अंदर से मशीनों द्वारा किन-किन खदानों/घाटों से रेत निकासी की जा रही है? (ख) जबलपुर सम्‍भाग में विगत दो वर्षों में नदियों के पानी के अंदर से मशीनों द्वारा प्रतिबंध के बावजूद रेत निकासी के विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही कब-कब की गयी? नदीवार, खदानवार जानकारी दें। यदि नहीं की गयी तो क्‍यों? (ग) क्‍या जबलपुर जिले की शहपुरा तहसील के अंतर्गत नर्मदा नदी की कुसली ग्रुप की खैरी एवं कुसली रेत खदानें हमेशा पानी में रहने के कारण इन खदानों से मशीनों द्वारा ही रेत खनन किया जाता है? यदि हाँ, तो उक्‍त खदानों की पुन: इस वर्ष नीलामी क्‍यों की गयी? क्‍या उक्‍त रेत खदानों की नीलामी निरस्‍त की जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) म.प्र. गौण खनिज नियम 1996 में दिनाँक 23 मार्च 2013 से प्रश्‍नाधीन संशोधन किया गया है। प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित संभाग में नदियों में पानी के अंदर से मशीनों द्वारा रेत निकासी नहीं की जा रही है। (ख) प्रश्‍नाधीन संभाग के जबलपुर जिले में प्रश्‍नांश अनुरूप की गई कार्यवाही का विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। शेष जिलों में ऐसा कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया है। (ग) जी नहीं। अत: प्रश्‍नांश के शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''तीन''

चंबल नदी पर स्‍टॉपडेम निर्माण

11. ( *क्र. 1051 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नागदा नगर में चामुण्‍डा माता मंदिर के नीचे चंबल नदी पर स्‍टॉपडेम कब स्‍वीकृत किया गया था? (ख) क्‍या नगर पालिका नागदा द्वारा लिखित में जल आवर्धन योजना के लिए डेम बनाने का आवेदन दिया गया था? (ग) यदि स्‍टॉपडेम स्‍वीकृत है, तो डेम का निर्माण कार्य अब तक चालू क्‍यों नहीं हुआ? उक्‍त कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) प्रश्‍नाधीन स्‍थल पर नागदा बैराज परियोजना की प्रशासकीय स्‍वीकृति दिनाँक 07.08.2007 को राशि रू. 41.25 लाख की दी गई थी। (ख) जी हाँ, मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी, नगर पालिका-परिषद, नागदा ने दिनाँक 04.10.2010 को नागदा नगर के लिए चंबल नदी पर आधारित जल आवर्धन परियोजना बनाने हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र चाहा था, जो दिनाँक 24.11.2010 को जारी किया गया। (ग) विभाग द्वारा स्‍वीकृत। नागदा बैराज परियोजना नगर पालिका परिषद, नागदा की जल आवर्धन योजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण तकनीकी रूप से साध्‍य नहीं रही। प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना का भुगतान

12. ( *क्र. 682 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना की निर्माण एजेंसी को आज दिनाँक तक किये गये भुगतान संबंधी विवरण देवें। (ख) उक्‍त योजना से कितनी सिंचाई प्रस्‍तावित थी और कितने हेक्‍टेयर भूमि की सिंचाई हो रही है। चरणवार सिंचाई क्षेत्रफल बतायें। (ग) पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना की निर्माण एजेंसी को कार्य पूर्ण होने के बाद मेंटेनेंस पिरियड में आज दिनाँक तक प्रदान की गई राशि माहवार बतायें। इस योजना से जुड़ी कार्य एजेंसी को कितना भुगतान किया गया, कितना रोका गया और क्‍यों रोका गया?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना की निर्माण एजेन्‍सी को आज दिनाँक तक रूपये 410.19 करोड़ का भुगतान किया गया है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) निर्माण एजेन्‍सी को मेंटनेंस पिरियड में संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र के अनुसार भुगतान किया है। एजेन्‍सी द्वारा दिनाँक 16/11/2015 तक मेंटनेंस पिरियड में कुल रूपये 383.625 लाख का कार्य किया गया है, जिसमें से दिनाँक 28/11/2015 तक रूपये 268.77 लाख का भुगतान किया जा चुका है एवं 114.855 लाख का भुगतान प्रक्रिया में है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। 

परिशिष्ट - ''चार''

पेड पार्किंग से प्राप्‍त आय

13. ( *क्र. 1464 ) श्री आरिफ अकील : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नगर पालिक निगम अधिनियम के अनुसार नगरीय क्षेत्रों में नागरिकों की सुविधानुसार पेड पार्किंग स्‍थलों को निविदाएं आमंत्रित कर निर्धारित शुल्‍क पर वाहनों की पार्किंग ठेकेदारों को दिये जाने का प्रावधान है? (ख) यदि हाँ, तो भोपाल नगर पालिक निगम के अंतर्गत कहाँ-कहाँ पेड पार्किंग की निविदाएं आमंत्रित कर वर्ष 2010 से प्रश्‍न दिनाँक की स्थिति में किन-किन ठेकेदारों को कब-कब पार्किंग की व्‍यवस्‍था दी गई और उससे निगम को प्रतिवर्ष किस-किस पार्किंग से कितनी-कितनी राशि की आय हुई? पार्किंग/ठेकेदार का नाम सहित वर्षवार बतावें। (ग) क्‍या वर्तमान में भोपाल शहर की कुछ पार्किंग स्‍थलों को निविदा आमंत्रित कर ठेकेदारों को देने की अपेक्षा निगम के कर्मचारियों द्वारा संचालित किया जा रहा है? यदि हाँ, तो कौन-कौन से पार्किंग स्‍थलों को कब-कब से किस-किस के द्वारा संचालित किया जा रहा है और उससे कितनी-कितनी आय निगम को प्राप्‍त हो रही है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) वर्षवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट पर पृष्‍ठ क्रमांक 01 से 13 अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट पर पृष्‍ठ क्रमांक 01 से 13 अनुसार है।

राजगढ़ विधानसभा में विद्युत की स्थिति

14. ( *क्र. 2244 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ जिले की विधानसभा क्षेत्र राजगढ़ के नगर खुजनेर एवं राजगढ़ तहसील के ग्रामीण क्षेत्र सवासंडा और धनवासकलां तथा खिलचीपुर विकासखण्‍ड के ग्राम सड़ि‍याकुआं के आसपास के कई ग्रामों में लंबी-लंबी दूरी से पोल लगाये जाकर विद्युत लाईन डालकर विद्युत प्रदाय की जा रही है? (ख) यदि हाँ, तो कितनी दूरी से उन्‍हें विद्युत प्रदाय की जा रही है? (ग) क्‍या इतनी लंबी दूरी से विद्युत व्‍यवस्‍था किये जाने के कारण विद्युत प्रदाय किये जाने से व्‍यवधान उत्‍पन्‍न होता है, जिससे कई दिनों तक तार आदि टूटने के कारण उन्‍हें विद्युत नहीं मिल पाती है? (घ) यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त व्‍यवधान से बचने के लिये खुजनेर नगर में 132 के.वी. का उपकेन्‍द्र तथा राजगढ़ तहसील के ग्रामीण क्षेत्र सवासंडा और धनवासकलां तथा खिलचीपुर विकासखण्‍ड के ग्राम सड़ि‍याकुआं में 33/11 के.वी. का उपकेन्‍द्र बनाया जाना प्रस्‍तावित है? यदि हाँ, तो कब तक?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) एवं (ख) राजगढ़ जिले की विधानसभा क्षेत्र राजगढ़ के अंतर्गत खुजनेर नगर को विद्युत प्रदाय नगर में ही स्‍थापित 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र के शहरी फीडर से किया जा रहा है। राजगढ़ तहसील के ग्रामीण क्षेत्र सवासंडा को विद्युत प्रदाय 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र, कालीपीठ से किया जा रहा है। उपकेन्‍द्र से ग्राम की दूरी लगभग 17 कि.मी. है। ग्राम धनवासकलां को लगभग 15 कि.मी. दूर स्थित 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र राजगढ़ (ग्रामीण) से एवं खिलचीपुर विकासखण्‍ड के ग्राम सड़ि‍याकुआं एवं आसपास के क्षेत्र को लगभग 14 किलोमीटर दूर स्थित 33/11 के.व्‍ही. खिलचीपुर उपकेन्‍द्र से निर्गमित होने वाले फीडर से विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। इन विद्युत लाईनों के पोल निर्धारित मानकों के अनुसार तय दूरी पर ही लगाए गये हैं। अत: यह कहना सही नहीं है कि इन क्षेत्रों को लम्‍बी दूरी से पोल लगाकर विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। (ग) जी नहीं। उत्‍तरांश '''' अनुसार उल्‍लेखित ग्रामों की विद्युत उपकेन्‍द्र से दूरी 20 कि.मी. से कम है, तथापि अपरिहार्य कारण जिसमें प्राकृतिक आपदा, आंधी-तूफान में तार टूटना आदि सम्मिलित हैं, को छोड़कर नियमानुसार विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। (घ) क्षेत्र में बेहतर विद्युत प्रदाय तथा भविष्‍य की मांग के दृष्टिगत खुजनेर नगर में 132 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र का निर्माण ए.डी.बी. (सेविंग) योजना के अंतर्गत प्रस्‍तावित किया गया है। उपकेन्‍द्र के निर्माण हेतु निविदा कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उपकेन्‍द्र का कार्य वर्ष 2016-17 के अंत तक पूर्ण किया जाना प्रस्‍तावित है। इस उपकेन्‍द्र के निर्माण के पश्‍चात् इस क्षेत्र में विद्युत प्रदाय की गुणवत्‍ता में वृद्धि होगी। आगामी वर्षों में तकनीकी साध्‍यता एवं वित्‍तीय उपलब्‍धता अनुसार आवश्‍यक होने पर प्रश्‍नाधीन क्षेत्र के उपयुक्‍त स्‍थलों पर 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्रों के निर्माण का कार्य प्रस्‍तावित किया जा सकेगा। जिस हेतु वर्तमान में समय-सीमा बताना संभव नहीं है। 

मुटमुरू जलाशय बांध के दोषी सहायक यंत्री को नियम विरूद्ध पदोन्‍न्‍त कर पदस्‍थापना

15. ( *क्र. 1186 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पन्‍ना जिले के अंतर्गत वर्ष 2013 में नवनिर्मित भीतरी मुटमुरू जलाशय (बांध) प्रथम वर्षाकाल में ही टूट कर बह गया था? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त जलाशय (बांध) के टूटने/क्षतिग्रस्‍त होने से किसानों, ग्रामवासियों तथा शासन को कितनी-कितनी क्षति पहुँची एवं पीड़ि‍तों को क्‍या-क्‍या सहायता उपलब्‍ध कराई गई? (ग) क्‍या बांध टूटने के लिए जिम्‍मेदार सहायक यंत्री को निलंबन से बहाल कर पुन: उसी स्‍थान पर पदस्‍थ कर उन्‍हें पदोन्‍नति प्रदान की गई है? (घ) यदि हाँ, तो उक्‍त सहायक यंत्री के विरूद्ध क्‍या विभागीय जाँच समाप्‍त हो चुकी है? यदि हाँ, तो कब? यदि नहीं, तो विभागीय जाँच समाप्‍त हुए बिना ही संबंधित सहायक यंत्री को पदोन्‍नत कर पुन: उसी स्‍थान पर पदस्‍थ किया जाना क्‍या नियम विरूद्ध है? (ड.) यदि हाँ, तो विभागीय जाँच समाप्‍त होने के पूर्व पदोन्‍नति देकर पुन: उसी स्‍थान पर पदस्‍थ किए जाने के लिये कौन जिम्‍मेदार है? क्‍या उसकी जाँच कराकर नियम विरूद्ध पदोन्‍नति प्रदान करने वाले जिम्‍मेदार अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी एवं बांध टूटने के लिए जिम्‍मेदार सहायक यंत्री को पदावनत कर, उन्‍हें हटाकर अन्‍यत्र पदस्‍थ किया जाएगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जी हाँ। (ख) किसानों एवं ग्रामवासियों को कोई जन-धन की हानि नहीं हुई। कार्य को अनुमानित रू. 35.00 लाख की क्षति पहुंची जिसे ठेकेदार द्वारा स्‍वयं के व्‍यय से ठीक किया जा रहा है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। (घ) एवं (ड.) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होते है।

अम्‍बाह नगर पालिका में मिट्टी भराव के नाम पर अनावश्‍यक व्‍यय

16. ( *क्र. 1647 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अम्‍बाह (मुरैना) के जयश्‍वर महादेव मेला ग्राउण्‍ड/SAF ग्राउण्‍ड पचासा मैदान अम्‍बाह पर वर्ष 2007 से प्रश्‍न दिनाँक तक कितनी ट्राली मिट्टी, किस रेट से डाली गई है तथा उस पर कुल कितनी राशि व्‍यय हुई? वर्षवार जानकारी दी जावें। (ख) क्‍या जयश्‍वर महादेव मेला पचासा ग्राउण्‍ड/SAF ग्राउण्‍ड पर 2007 से पूर्व गहरी खाई थी, जिसे प्रतिवर्ष मिट्टी डालकर भरा गया है? यदि हाँ, तो कितनी गहरी खाई थी? यदि गहरी खाई थी तो मेला क्‍या खाई में ही लगाया जाता था, यदि खाई नहीं थी तो मिट्टी क्‍यों तथा कहाँ डाली गई? (ग) क्‍या जयश्‍वर महादेव मेला ग्राउण्‍ड में ही पुलिस थाना S.D.O.P. निवास, T.I. निवास एवं SAF की कंपनी निवासरत है जो कि एकदम सपाट ग्राउण्‍ड पर स्थित है? यदि हाँ, तो सपाट स्‍थान पर मिट्टी डालने का औचित्‍य क्‍या था? क्‍या शासन को इससे लाखों रूपयों की हानि नहीं हुई है? क्‍या दोषी का पता लगाकर कार्यवाही की जावेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। SAF ग्राउण्‍ड/पचासा ग्राउण्‍ड के आस-पास की सडकें ऊँची होने से बरसात के पानी के बहाव के कारण, मैदान में जगह-जगह कीचड़ एवं गड्ढे हो जाते हैं। प्रतिवर्ष लगने वाले मेले एवं कार्यक्रमों हेतु गड्ढे भरकर समतल करने एवं कीचड़ की समस्‍या दूर करने के लिए मिट्टी का भराव किया गया है। जी नहीं। आवश्‍यकतानुसार मिट्टी भराव किया गया है, कोई दोषी नहीं है।

परिशिष्ट - ''पांच''

स्‍वेच्‍छानुदान/निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना की राशि

17. ( *क्र. 1423 ) श्री पुष्‍पेन्‍द्र नाथ पाठक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्‍तीय वर्ष 2014-15 में प्रश्‍नकर्ता द्वारा विधायक स्‍वेच्‍छानुदान से जिन-जिन व्‍यक्तियों को स्‍वेच्‍छानुदान की राशि प्रदाय करने हेतु अनुशंसा की थी? क्‍या उक्‍त राशि सभी व्‍यक्तियों को प्राप्‍त हो चुकी है? यदि नहीं, तो क्‍यों एवं कब तक राशि अनुशंसित व्‍यक्ति तक पहुंच जावेगी? (ख) वित्‍तीय वर्ष 2014-15 में प्रश्‍नकर्ता द्वारा विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत जिन-जिन कार्यों की अनुशंसा की थी, उनमें से किन-किन कार्यों हेतु निर्माण एजेंसी को कार्य प्रारंभ करने हेतु राशि आवंटित की जा चुकी है? किन निर्माण एजेंसी को राशि प्रश्‍न दिनाँक तक प्रदाय नहीं की गई? राशि प्रदाय न होने के क्‍या कारण है? कब तक निर्माण एजेंसी को राशि प्रदाय कर दी जावेगी? (ग) विधानसभा क्षेत्र बिजावर में माननीय प्रभारी मंत्री की जनसंपर्क निधि जिन-जिन व्‍यक्तियों/संस्‍था को प्रदाय करने हेतु अनुशंसा की गई थी, क्‍या उक्‍त राशि संबंधित को प्राप्‍त हो चुकी है? यदि हाँ, तो कब?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जी नहीं। अनुशंसित राशि में से 2.28 लाख की राशि 54 हितग्राहियों को प्रदान नहीं की जा सकी है। कोषालय से राशि आहरित न हो पाने के कारण राशि लेप्‍स हुई। तृतीय अनुपूरक अनुमान में प्राप्‍त होते ही जारी की जायेगी। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। माह मार्च 2015 के अंतिम सप्‍ताह में राशि स्‍वीकृत की गई थी। सर्वर डाउन हो जाने के फलस्‍वरूप निर्माण एजेन्‍सी द्वारा राशि आहरित नहीं कर पाने के कारण लेप्‍स हो गई। समयावधि बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी हाँ। ई-पेमेन्‍ट के माध्‍यम से दिनाँक 31.03.2015 को संबंधित भुगतान किया जा चुका है।

नरसिंहपुर विधान सभा क्षेत्र में विद्युतीकरण

18. ( *क्र. 2249 ) श्री जालम सिंह पटेल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नरसिंहपुर विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत अटल ज्‍योति योजना विद्युतीकरण से कितने ग्राम लाभांवित होने से रह गए हैं? ग्राम एवं टोलों के नाम सहित जानकारी देवें। (ख) इन छूटे हुए ग्राम टोलों में विद्युतीकरण कब तक हो जावेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्‍नाधीन उल्‍लेखित ''अटल ज्‍योति योजना'' योजना न होकर गैर-कृषि उपभोक्‍ताओं को 24 घण्‍टे एवं कृषि उपभोक्‍ताओं को 10 घण्‍टे विद्युत प्रदाय करने का अभियान है। ''अटल ज्‍योति अभियान'' के अंतर्गत नरसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र के सभी गैर कृषि/मिश्रित उपभोक्‍ताओं को 24 घण्‍टे एवं कृषि उपभोक्‍ताओं को 10 घण्‍टे नियमानुसार विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। योजना का लाभ प्रश्‍नाधीन क्षेत्रान्‍तर्गत सभी विद्युतीकृत ग्रामों/मजरों/टोलों को प्राप्‍त हो रहा है, अत: लाभ प्राप्‍त न होने वाले ग्रामों एवं टोलों के नाम दिए जाने का प्रश्‍न नहीं उठता। (ख) चूंकि अटल ज्‍योति अभियान में ग्राम टोलों के विद्युतीकरण के कार्य शामिल नहीं हैं, अत: उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता। 

अवैध कालोनियों को वैध घोषित किया जाना

19. ( *क्र. 1221 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 1378 दिनाँक 3 मार्च 2015 एवं अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 801 दिनाँक 30 जुलाई 2015 द्वारा सतना जिले की नगर पालिक निगम सतना में 138 अवैध कॉलोनियां निगम के रिकार्ड में दर्ज होना बताया गया था? (ख) क्‍या माननीय मुख्‍य मंत्री द्वारा सतना भ्रमण के दौरान अवैध कॉलोनियों को वैध करने के लिए शासन स्‍तर पर विभाग द्वारा नीति बनाने की घोषणा की गई थी? (ग) यदि हाँ, तो विभाग द्वारा अवैध कॉलोनियों को वैध घोषित करने हेतु क्‍या नीति बनाई गई है? आदेश की प्रति उपलब्‍ध कराई जाए। (घ) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा यह भी घोषणा की गई है कि नगर पालिका निगम के अंदर 2750 वर्ग फुट में मकान बनाने वाले मकान मालिकों को नगर निगम से नक्‍शा स्‍वीकृत कराने की जरूरत नहीं है? यदि हाँ, तो उक्‍त निर्णय का आदेश कब तक जारी किया जायेगा? समय-सीमा बताएं।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। (ग) उत्‍तरांश '''' के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। माननीय मुख्‍य मंत्रीजी की घोषणा के परिपालन में म.प्र. नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 एवं म.प्र. नगर पालिका अधिनियम, 1961 में म.प्र. राजपत्र (असाधारण) प्रकाशन दिनाँक 20 अप्रैल 2015 में आवश्‍यक संशोधन किया गया है और म.प्र. भूमि विकास नियम, 2012 में आवश्‍यक संशोधन उपरांत म.प्र. राजपत्र (असाधारण) में दिनाँक 27.11.2015 को प्रकाशन किया गया है और नियम-6 (3) के तहत 300 वर्ग मी. त‍क के क्षेत्रफल के भूखण्‍डों पर भवन अनुज्ञा जारी करने के साथ-साथ नियम-21 (4) के तहत मानक भवन रेखांक भी उपलब्‍ध कराने हेतु सक्षम वास्‍तुविद/संरचना इंजीनियर को प्राधिकृत किया गया है। मुख्‍यमंत्री जी द्वारा की गई घोषणा की पूर्ति की जा चुकी है।

आबकारी दुकानों का नियम विरूद्ध आवंटन

20. ( *क्र. 2231 ) श्रीमती ममता मीना : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2014 से गुना जिले में देशी एवं विदेशी मदिरा की संचालित दुकानों के लायसेंसधारियों ने ही पुन: वर्ष 2015 में भी उक्‍त दुकानों को नीलामी में क्रय कर उन्‍हें संचालित किया जा रहा है? क्‍या पावर ऑफ अटार्नी के आधार पर उक्‍त दुकानों को किसी दूसरे को संचालित करने का अधिकार दिया जा सकता है? (ख) यदि नहीं, तो कितनी ऐसी दुकानें हैं, जिनके लायसेंसधारी बदले हैं? क्‍या उन दुकानों का स्‍थल भी बदला है? यदि लायसेंसधारी बदल गया तो उनका स्‍थल क्‍यों नहीं बदला? उसका उत्तरदायित्‍व क्‍या जिलाधिकारी का है या नहीं? बतायें। (ग) गुना जिले में ऐसी कितनी मदिरा दुकानें हैं, जिनके 100 मीटर के दायरे में स्‍कूल, मंदिर, मस्जिद एवं गुरूद्वारे हैं? यदि हाँ, तो उन दुकानों को 100 मीटर से अधिक दूरी पर करने का क्‍या प्रावधान है? वर्तमान में स्थित दुकानों को उक्‍त स्‍थलों के पास से कब तक हटायेंगे? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) में उल्‍लेखित बिन्‍दुओं का निरीक्षण करने, आवंटन करने एवं जाँच करने की जिले में किसकी जिम्‍मेदारी है? यदि कोई दोषी है तो क्‍या विभाग कार्यवाही करेगा तथा वर्ष 2015 में जिन लायसेंसधारियों की दुकानें नीलाम हुई थीं, क्‍या वो ही उन दुकानों को संबंधित प्रश्‍न दिनाँक को संचालित कर रहे हैं? या कोई लायसेंसधारी बदला गया है? यदि हाँ, तो जाँच कराकर कार्यवाही कब तक करायेंगे?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) वर्ष 2014-15 हेतु शासन नीति अनुसार गुना जिले में संचालित मदिरा दुकानों के लिये नवीनीकरण का प्रावधान होने से वर्ष 2013-14 मदिरा दुकानों के लायसेंस धारियों द्वारा मदिरा दुकानों का नवीनीकरण कराया गया था तथा नवीनीकरण पश्‍चात् दिनाँक 01.04.2014 से 31 मार्च 2015 तक संचालन किया गया था। वर्ष 2015-16 में टेण्‍डर के माध्‍यम से मदिरा दुकानों का निष्‍पादन होने से जिले में उच्‍चतम ऑफर वाले टेण्‍डरदाताओं को जिले की देशी एवं विदेशी मदिरा दुकानों/एकल समूहों के लायसेंस, जिला समिति की अनुशंसा पर जारी किये गये हैं। गुना जिले में संचालित देशी एवं विदेशी मदिरा फुटकर बिक्री की दुकानों के लायसेंसियों को मदिरा दुकानों के संचालन की सुविधा, निजी स्‍वरूप की सुविधा (मध्‍यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 62 के अन्‍तर्गत निर्मित लायसेंस शर्तों की शर्त क्रमांक- (1) होने से लायसेंसी दुकानों का स्‍वयं एवं अपने अधिकृत प्रतिनिधियों के माध्‍यम से संचालन करते हैं। लायसेंस धारियों को पॉवर ऑफ अटार्नी के आधार पर मदिरा दुकानों को किसी दूसरे व्‍यक्ति को संचालन करने का अधिकार नहीं दिया जा सकता है। (ख) गुना जिले में वर्ष 2015-16 के लिये मदिरा दुकानों/समूहों के लायसेंसी बदले हैं, जिसकी सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। सूची में वर्णित अनुसार बदले हुये लायसेंसी में से एक लायसेंसी द्वारा मदिरा दुकान का संचालन स्‍थल बदला गया है, जो जिला आबकारी समिति द्वारा घोषित सीमा क्षेत्र के अंतर्गत है। लायसेंसधारियों द्वारा घोषित सीमा क्षेत्र में आपत्तिरहित स्‍थल पर दुकान का संचालन किया जा सकता है। लायसेंसी के बदले जाने से स्‍थल का बदला जाना अनिवार्य नहीं है। घोषित सीमा क्षेत्र में आपत्तिरहित स्‍थल का चयन कर दुकान स्‍थापित करना लायसेंसी का उत्‍तरदायित्‍व है। इसका उत्‍तरदायित्‍व जिला आबकारी प्रशासन का नहीं है। (ग) मध्‍यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 55 दिनाँक 06.02.2015 में प्रकाशित अधिसूचना की कंडिका (2-ख) अनुसार किसी धार्मिक स्‍थल या किसी शैक्षणिक संस्‍था आदि के लिये 50 मीटर या इससे अधिक दूरी पर मदिरा दुकान स्‍थापित करने का प्रावधान है। मध्‍यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। जिले की समस्‍त देशी एवं विदेशी मदिरा दुकानें आबकारी अधिनियम 1915 के अन्‍तर्गत निर्मित सामान्‍य प्रयुक्ति नियमों के अनुरूप अवस्थित होने से हटाये जाने का प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है। (घ) आबकारी उपनिरीक्षक सहित विभागीय वरिष्‍ठ आबकारी अधिकारी के साथ ही कलेक्‍टर को जिले में मदिरा दुकानों के निरीक्षण के अधिकार प्राप्‍त हैं। निरीक्षण के दौरान मदिरा दुकान पर लायसेंस शर्तों के उल्‍लंघन एवं अन्‍य त्रुटियां पाई जाने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। शासन निर्देशों के पालन में कलेक्‍टर जिला गुना की अध्‍यक्षता में गठित जिला समिति द्वारा वर्ष 2015-16 में उच्‍चतम टेण्‍डर ऑफरदाता को मदिरा दुकानों के संचालन के लायसेंस प्रदान किये हैं। लायसेंसी एवं उनके अधिकृत अभिकर्ता द्वारा मदिरा दुकानों का संचालन किया जा रहा है। पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एक अनुसार। गुना जिले के दो मदिरा एकल समूहों क्रमश: समूह क्रमांक 15 एवं समूह क्रमांक 16 के लायसेंसियों द्वारा निर्धारित अवधि में देय लायसेंस फीस जमा नहीं करने के कारण नियमानुसार दोनों समूहों का टेण्‍डर द्वारा निष्‍पादन किये जाने से लायसेंसी बदल गये हैं। पुनर्निष्‍पादन की कार्यवाही कलेक्‍टर जिला गुना की अध्‍यक्षता में गठित समिति द्वारा सम्‍पन्‍न की जाकर विधिवत् लायसेंस जारी होने से जाँच का प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है। 

जलाशय हेतु कृषकों की भूमि का अधिग्रहण

21. ( *क्र. 1560 ) कुँवर सौरभ सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी जिले की बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत घिनौची जलाशय का निर्माण किया गया था, उक्‍त जलाशय के निर्माण हेतु कितने कृषकों की भूमि का अधिग्रहण किया गया था? (ख) प्रश्‍नांश (क) के जलाशय हेतु जिन कृषकों की भूमि का अधिग्रहण किया गया था, उनको प्रश्‍न दिनाँक तक मुआवजा क्‍यों नहीं दिया गया? इसके लिये कौन उत्‍तरदायी है? उन्‍हें कब तक मुआवजा का भुगतान कर दिया जायेगा?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। जलाशय के डूब क्षेत्र की भूमि शासकीय थी। नहर निर्माण हेतु 68 कृषकों की 4.42 हेक्‍टर भूमि का अधिग्रहण किया गया। जी नहीं, भू-अर्जन अवार्ड पारित नहीं होने के कारण। उत्‍तरदायित्‍व निर्धारित करने के लिए आयुक्‍त, जबलपुर संभाग को निर्देशित किया गया है। भू-अर्जन अवार्ड पारित होने पर।

भाण्‍डेर विधानसभा अंतर्गत विद्युत व्‍यवस्‍था

22. ( *क्र. 1388 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियाँ : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भाण्‍डेर विधानसभा क्षेत्र के समस्‍त ग्रामों का विद्युतीकरण हो चुका है? यदि नहीं, तो कौन-कौन से ग्राम किस कारण विद्युतीकरण से वंचित हैं और कब तक विद्युतीकरण हो जावेगा? (ख) क्‍या भाण्‍डेर विधानसभा क्षेत्र के अधिकांश ग्रामों में 5-10 वर्ष से विद्युत सप्‍लाई बंद पड़ी हैं और बिल नियमित रूप से किसानों को थमाये जा रहे हैं? यदि हाँ, तो उन ग्रामों में कब तक विद्युत सप्‍लाई की जावेगी और विद्युत बिलों को संशोधित किया जावेगा? किन-किन ग्रामों की विद्युत सप्‍लाई कब से बंद है? कारण सहित सूची उपलब्‍ध करावें। (ग) क्‍या भाण्‍डेर में 132 के.व्‍ही. सब स्‍टेशन का निर्माण कार्य चल रहा है? यदि हाँ, तो बार-बार ध्‍यान आकर्षण कराने के बावजूद उसके निर्माण में एवं लाईन पोलों के निर्माण में घटिया मटेरियल की अभी तक जाँच क्‍यों नहीं कराई गई? सब स्‍टेशन, पोल निर्माण की जाँच कब तक कराई जावेगी? (घ) क्‍या विद्युत विभाग में ए‍प्रेन्टिश एक्‍ट के प्रावधानों का पालन नहीं हो रहा है? यदि नहीं, तो अब तक कहाँ-कहाँ, कितने-कितने प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ, भाण्‍डेर विधानसभा क्षेत्र के समस्‍त ग्राम विद्युतीकृत हैं। (ख) जी नहीं, तथापि संलग्‍न परिशिष्‍ट में दर्शाए गए 22 ग्रामों में स्‍थापित फेल वितरण ट्रांसफार्मरों से संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि जमा नहीं करने के कारण इन ट्रांसफार्मरों को बदला नहीं जा सका है, किन्‍तु नियमानुसार बकाया राशि के बिल दिये जा रहे हैं। पूर्व में बकाया राशि का 50 प्रतिशत जमा करने की शर्त को शिथिल किया गया है। वर्तमान में लागू नियमों के अनुसार उक्‍त ट्रांसफार्मर फेल होने के समय बकाया राशि का 10 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं द्वारा जमा कराए जाने पर इन ट्रांसफार्मरों को प्राथमिकता के आधार पर बदल दिया जायेगा, अत: वर्तमान में समय-सीमा बताना संभव नहीं है। उक्‍त ग्रामों में विद्युत प्रदाय प्रभावित होने/ट्रांसफार्मर फेल होने संबंधी ग्रामवार जानकारी भी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। 132 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र निर्माण में उपयोग की जाने वाली सामग्री तकनीकी मापदण्‍डों के अनुरूप पाये जाने पर ही उपयोग में लाई जाती है। निर्माण कार्यों की गुणवत्‍ता नियंत्रण हेतु म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी के केन्‍द्रीय स्‍तर पर गठित प्रकोष्‍ठ की टीमों द्वारा 132 के.व्‍ही. भाण्‍डेर उपकेन्‍द्र का निरीक्षण किया गया है, जिसमें गुणवत्‍ता संबंधी शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है। अत: अन्‍य कोई जाँच कराए जाने की आवश्‍यकता नहीं है। (घ) एप्रेन्टिस एक्ट 1961 के प्रावधानों का पालन प्रश्‍नाधीन क्षेत्र सहित संपूर्ण म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। अभी तक 65 प्रशि‍क्षुओं को पॉवर डिस्ट्रिब्‍यूशन ट्रेनिंग सेंटर, भोपाल में प्रशिक्षण पूर्ण करने के उपरान्‍त प्रमाण पत्र दिये गये हैं एवं वर्तमान में 42 प्रशिक्षु उक्‍त वर्णित एक्‍ट के अधीन प्रशिक्षणरत है।

परिशिष्ट - ''छ:''

न्‍यू पेंशन स्‍कीम में कर्मचारियों से काटी गयी राशि

23. ( *क्र. 1119 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विषयांकित योजना में राशि जमा करने के लिए कर्मचारियों के वेतन से प्रतिमाह काटी गयी राशि तथा शासन की हिस्‍सेदारी को छ: - छ: महीनों तक योजना में जमा नहीं किया जाता? (ख) यदि उक्‍त राशि को छ: - छ: माह तक जमा नहीं किया जाता तो उस राशि के ब्‍याज का पैसा जो वास्‍तव में कर्मचारियों का है, उसे कहाँ खर्च किया जाता है? (ग) क्‍या न्‍यू पेंशन स्‍कीम की राशि जो कर्मचारियों के वेतन से प्रतिमाह काटी जाती है तथा शासन की हिस्‍सेदारी की राशि को उसी माह में न्‍यू पेंशन स्‍कीम हेतु जमा कर दिया जाएगा, ऐसा करने में शासन को क्‍या दिक्‍कत है?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) मध्‍यप्रदेश राज्‍य के नियमित शासकीय कर्मचारियों हेतु लागू परिभाषित अंशदायी पेंशन योजना के अंतर्गत अधिकांश नियमित कर्मचारियों का वेतन आहरण कोषालयों के माध्‍यम से होता है, उन अभिदाताओं का अंशदान तथा कटौत्रा नियमित रूप से अपलोड किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के अंतर्गत वेतन आहरण के पश्‍चात् लगभग 3 दिन में डाटा एन.एस.डी.एल. को तथा फण्‍ड मैनेजर को प्रेषित कर दिये जाते हैं। प्रतिनियुक्ति में पदस्‍थ कतिपय कर्मचारियों हेतु प्रक्रिया मध्‍यप्रदेश शासन वित्‍त विभाग के ज्ञाप क्रमांक एफ 9-9/2013/नियम/चार दिनाँक 23-11-2013 द्वारा निर्धारित की गयी है। इस प्रक्रिया के अंतर्गत कर्मचारी तथा संबंधित कार्यालय का अंशदान चालान के माध्‍यम से शासकीय लेखाशीर्ष 0071-500 में जमा किये जाने की व्‍यवस्‍था है। इन कर्मचारियों को शासकीय लेखाशीर्ष में जमा करने के दिनाँक से लेकर एन.एस.डी.एल. में जमा करने के दिनाँक तक वित्‍त विभाग द्वारा घोषित दर से राशि पर ब्‍याज दिये जाने का प्रावधान है। उक्‍त प्रक्रिया सी.एस.एफ.एम.एस. के माध्‍यम से संचालित किये जाने के निर्देश हुये थे। सी.एस.एफ.एम.एस. के स्‍थान पर आई.एफ.एम.आई.एस. सॉफ्टवेयर निर्माणाधीन है। अत: प्रतिनियुक्ति पर पदस्‍थ कर्मचारियों के लिये वित्‍त विभाग के ज्ञाप दिनाँक 23-11-2013 द्वारा निर्धारित प्रक्रिया आई.एफ.एम.आर्इ.एस. में निर्माणाधीन है। तद्नुसार यह राशि ब्‍याज सहित ट्रस्‍टी बैक को भेजी जा सकेगी। (ख) उत्‍तरांश (क) के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) नियमित रूप से अंशदान कटौत्रा पेंशन भविष्‍य निधि एवं बीमा कार्यालय द्वारा अपलोड किया जा रहा है।

जल संसाधन विभाग से संबंधित जारी कार्यादेश

24. ( *क्र. 434 ) श्री सतीश मालवीय : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन जिले के अंतर्गत आने वाले जल संसाधन विभाग के सभी संभागों में एक अप्रैल 2012 से प्रश्‍न तिथि तक 02 लाख रूपये से कम कार्यादेश किस-किस स्‍थान के किस-किस कार्य के कब-कब और किस-किस को जारी हुए? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित समयानुसार मेन्‍टेनेंस के कार्यों पर‍ कितनी-कितनी राशि, किस-किस स्‍थान पर क्‍या-क्‍या कार्य हेतु व्‍यय की गई? किस-किस ठेकेदार को कितना भुगतान किया गया? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में किये गये कार्यों में से किन-किन कार्यों की शिकायतें अधीक्षण यंत्री/मुख्‍य अभियंता/प्रमुख अभियंता/राज्‍य शासन को क्‍या-क्‍या प्राप्‍त हुई? किन आदेश क्रमांक एवं दिनाँक से उक्‍त सक्षम कार्यालयों द्वारा कब-कब क्‍या कार्यवाही प्रश्‍न तिथि तक की गई? विवरण उपलब्‍ध करावें। (घ) उज्‍जैन जिले में स्थित जल संसाधन विभाग के कार्यालयों को एक अप्रैल 2012 से प्रश्‍न तिथि तक कितनी-कितनी राशि किस-किस कार्य हेतु बजट से आवंटित हुई? कितनी-कितनी राशि किस-किस मद में कब-कब, किस-किस स्‍थान पर किस कार्य हेतु व्‍यय की गई?
जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) अभिलेखों के मुताबिक शिकायत प्राप्‍त होना प्रतिवेदित नहीं है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

धसान नदी पर सिंचाई परियोजना

25. ( *क्र. 2198 ) श्री के. के. श्रीवास्‍तव : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले में धसान नदी पर कौन-कौन सी लघु एवं मध्‍यम सिंचाई परियोजनाओं के प्रस्‍ताव शासन के पास विचाराधीन हैं? (ख) ककरवाहा पिक अप बियर (धसान डायवर्सन) में कितने हेक्‍टेयर भूमि सिंचित किये जाने का लक्ष्‍य रखा गया है? अद्यतन जानकारी दें। (ग) वर्तमान में योजना की स्थिति क्‍या है? क्‍या इसे केन्‍द्रीय जल आयोग द्वारा स्‍वीकृत किया जा चुका है? यदि नहीं, तो अद्यतन जानकारी देवें। (घ) टीकमगढ़ विधानसभा क्षेत्र की उक्‍त महत्‍वाकांक्षी योजना ककरवाहा पिक अप बियर की स्‍वीकृति कब तक होकर कार्य प्रारम्‍भ कर लिया जावेगा?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

 

 

 


 

 

 

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भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


नगर पंचायत क्षेत्र की कृषि भूमि के क्रय-विक्रय पर पंजीयन शुल्‍क

1. ( क्र. 138 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली कृषि भूमि जिस पर खेती होती हो के क्रय-विक्रय का शुल्‍क किस आधार पर निर्धारित किया गया हैं? क्‍या यह पंजीयन शुल्‍क कृषि भूमि की वास्‍तविक बाजार दर के अनुपात में अधिक नहीं हैं? (ख) क्‍या बढ़े हुए पंजीयन शुल्‍क के कारण कृषक खेती हेतु जमीन क्रय नहीं कर पा रहे हैं? क्‍या बढ़े हुये शुल्‍क के कारण किसानों द्वारा खरीदी गई कृषि भूमि का पंजीयन नहीं हो पा रहा है? (ग) क्‍या पिछले 5 वर्षों में नगरीय निकाय के कृषि भूमि के पंजीयन शुल्‍क में वृद्धि की गई हैं? यदि हाँ, तो कितनी एवं कब-कब? (घ) क्‍या किसानों को अपने ऊपर पंजीयन से बढ़ रहे अतिरिक्‍त आर्थिक भार को कम करने हेतु सरकार के पास कोई निर्णय लंबित हैं? यदि हाँ, तो यह निर्णय कब लागू होगा? यदि नहीं, तो क्‍या सरकार इस और योजना बनाकर किसानों को राहत देगी?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) क्रय-विक्रय पर अंतरित संपत्ति के बाजार मूल्य पर भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 की अनुसूची 1-क के अनुच्छेद 25 के तहत स्टाम्प शुल्क तथा रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 की फीस सारणी के अनुच्छेद-एक के तहत रजिस्ट्रीकरण फीस प्रभार्य किया जाता है। जी नहीं। (ख) ऐसा कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया है। (ग) नगरीय निकायों की कृषि भूमि के क्रय-विक्रय दस्तावेजों के पंजीयन शुल्क में विगत 5 वर्षों में कोई वृद्धि नहीं की गई है। (घ) जी नहीं।

लेक फ्रंट डेव्‍हलपमेंट प्रोजेक्‍ट की मंजूरी

2. ( क्र. 201 ) श्री विश्वास सारंग : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल के लेक फ्रंट डेव्‍हलपमेंट प्रोजेक्‍ट का कार्य किस की अनुमति से शुरू हुआ था? आदेश की प्रति भी दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के तहत क्‍या इस प्रोजेक्‍ट पर एनजीटी ने रोक भी लगाई हुई है? (ग) प्रश्‍नांश (क) के तहत क्‍या आचार संहिता की आड़ में नगर निगम भोपाल के इंजीनियरों ने गलत तरीके से यह प्रोजेक्‍ट मंजूर करवाया था? यदि हाँ, तो क्‍यों? कारण दें? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के तहत क्‍या इस प्रोजेक्‍ट को नगर निगम परिषद में भी पास नहीं कराया था? क्‍या केन्‍द्र या राज्‍य शासन का कोई प्रोजेक्‍ट का कार्य सीधे ही कराया जा सकता है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) भारत सरकार, शहरी विकास मंत्रालय द्वारा जे.एन.एन.यू.आर.एम. (यू्.आई.जी.) अंतर्गत आदेश क्रं. 14012/2/126 दिनाँक 20.09.2013 अनुसार लेक फ्रंट डेव्‍हलपमेंट परियोजना स्‍वीकृति हुई। आदेश की प्रति की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। प्रोजेक्‍ट पर रोक नहीं लगाई गई है अपितु परियोजना के घटक 2600 मीटर से अधिक की दीवार के निर्माण तथा Echo tourism से संबंधित कार्यों यथा साईकल ट्रैक निर्माण कार्य के आगामी आदेश तक रोक लगाई गई है, शेष कार्यों हेतु रोक नहीं लगाई गई है। (ग) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) भोपाल नगर के सिटी डेव्‍हलपमेंट प्‍लान (सीडीपी) में लेक कंजरवेशन कार्य का प्रावधान था। उक्‍त सीडीपी परिषद से स्‍वीकृत थी। इसके पश्‍चात् मध्‍यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, मंत्रालय, भोपाल दिनाँक 20 मार्च 2008 अनुसार मेयर-इन-काउन्सिल को भारत सरकार की JNNURM परियोजना के कार्य संचालन हेतु पूर्ण वित्‍तीय शक्तियाँ प्राप्‍त होने के कारण एम.आई.सी. द्वारा आवश्‍यक स्‍वीकृतियाँ जारी की गई।

ई-रजिस्‍ट्री और ई-स्‍टाम्‍प हेतु लाइसेंस

3. ( क्र. 202 ) श्री विश्वास सारंग : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ई-रजिस्‍ट्री और ई-स्‍टाम्‍प के लिए राजधानी भोपाल में कितने लोगों को लाइसेंस दिए गए हैं? नाम-पते बार जानकारी दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के तहत किन-किन प्रोवाइडरों ने प्रश्‍न दिनाँक तक कार्य शुरू नहीं किया है? क्‍यों नहीं किया है? विभाग ने प्रश्‍न दिनाँक तक उनके खिलाफ क्‍या-क्‍या कार्यवाही की है? (ग) प्रश्‍नांश (क)(ख) के तहत प्रश्‍न दिनाँक तक कार्य शुरू नहीं करने वालों के लायसेंस निरस्‍त कर नए लोगों को लायसेंस दिए जायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों कारण दें? नियम बताएं?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) भोपाल जिले में 428 लायसेंस दिये गये है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अनुसार है (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अनुसार है। सेवाप्रदाता द्वारा किया जाने वाला कार्य एक स्वैच्छिक कार्य है। अतः कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्नांश (ख) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। नये लोगों द्वारा मध्यप्रदेश स्टाम्प नियम, 1942 के प्रावधानों के तहत लायसेंस प्राप्त करने हेतु आवेदन किया जा सकता है। 

उद्योगों से जलकर की वसूली

4. ( क्र. 246 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन संभाग में किन-किन उद्योगों को औद्योगिक प्रयोजनार्थ नदियों पर डेम बनाकर जल उपयोग की अनुमति शासन ने किन-किन शर्तों पर दी? नदीवार-उद्योगवार ब्‍यौरा क्‍या है? (ख) क्‍या सभी उद्योगों पर समान दर पर जलकर आरोपित है? यदि हाँ, तो उद्योगवार जलकर का ब्‍यौरा दें? जलदर निर्धारण का आधार व नियम क्‍या है? (ग) किन-किन उद्योगों को उद्योग स्‍थापना समय से जल कर प्रस्‍तावित किये गये? क्‍या ग्रेसिम इंडस्‍ट्री नागदा (ग्‍वालियर रेयॉन) पर उद्योग स्‍थापना समय से जलकर वसूला गया? यदि हाँ, तो कब से एवं नहीं तो, क्‍यों नहीं?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

क्रेशर मशीनों के संचालकों द्वारा अवैध खनन

5. ( क्र. 248 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन संभाग में जिलेवार गिट्टी मशीनों (क्रेशर) की वर्ष 2011 से अब तक दी गई स्‍वीकृतियों का ब्‍यौरा क्‍या है तथा वर्ष 2013 से 2015 तक प्राप्‍त रॉयल्‍टी से आय का ब्‍यौरा क्‍या है? (ख) क्‍या संभाग की क्रेशर मशीनों के संचालकों ने स्‍वीकृति अनुसार निर्धारित स्‍थल पर खनन किया है? किन-किन क्रेशर संचालकों ने बगैर अनुमति स्‍थलों पर खनन कार्य किया? (ग) क्‍या वर्ष 2013 से 2015 तक रॉयल्‍टी कट्टों अनुसार गिट्टी की मात्रा एवं खनन स्‍थल के माप का सत्‍यापन किया एवं अवैध खनन पर किन-किन क्रेशर संचालकों पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्‍नानुसार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ-1 एवं अ-2 पर दर्शित है। (ख) प्रश्‍नानुसार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- '' पर दर्शित है। (ग) प्रश्‍नानुसार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- '' पर दर्शित है।

जल संसाधन विभाग खण्‍ड करैरा व नरवर अंतर्गत निर्माण कार्य

6. ( क्र. 421 ) श्रीमती शकुन्‍तला खटीक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जल संसाधन विभाग खण्ड करैरा एवं नरवर में अप्रैल 2014 से अक्‍टूबर 2015 तक कितनी राशि नहर, माइनर वाटर कोष के निर्माण व मरम्‍मत हेतु प्राप्‍त हुई? (ख) उपरोक्‍त (क) के संदर्भ में प्राप्‍त राशि से कार्यों हेतु क्‍या-क्‍या मार्गदर्शी सिद्धांत प्रचलन में है? (ग) क्‍या (क) में उल्‍लेखित निर्माण नियमानुसार किये गये हैं? यदि हाँ, तो निर्माण कार्यों की संपूर्ण जानकारी दी जावे? (घ) क्‍या सभी निर्माण कार्य समयावधि में पूर्ण हो चुके हैं अथवा शेष हैं? व शेष अपूर्ण कार्य कब तक पूर्ण कर दिये जावेंगे? (ड.) क्‍या संभाग करैरा के जल उपभोक्‍ता संस्‍था बनगंवा के अंतर्गत किये गये वाटर कोष के कार्यों की गुणवत्‍ता ठीक नहीं हैं? यदि हाँ, तो इसकी जाँच प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य के समक्ष कब तक की जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) अप्रैल-2014 से अक्‍टूबर-2015 तक आरबीसी संभाग, करैरा को नहर निर्माण के लिए रू.160/- लाख, मरम्मत अनुरक्षण के लिए रू.51.16 लाख एवं वाटरकोर्स के लिए रू. 497.50 लाख तथा आर.बी.सी. संभाग, नरवर को क्रमंश: रू.1148.78 लाख, रू.54.77 लाख एवं रू.777.50 लाख प्राप्‍त होना प्रतिवेदित है। (ख) सिंचाई परियोजना का निर्माण तथा कमाण्‍ड क्षेत्र विकास कार्य संबंधित परियोजना की प्रशासकीय स्‍वीकृति के अनुसार तथा संधारण एवं मरम्‍मत कार्य सक्षम अधिकारी की तकनीकी स्‍वीकृति प्राप्‍त कर कराने की व्‍यवस्‍था है। जी हाँ। (ग) एवं (घ) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'''' एवं '''' अनुसार है। सामान्‍यत: निर्माण कार्य पूरा करने की आदर्श लक्ष्‍य अवधि की तुलना में परियोजना के निर्माण कार्य हेतु भूमि की उपलब्‍धता, निर्माण एजेंसी की क्षमता एवं निर्माण के दौरान आने वाली तकनीकी समस्‍याओं के कारण देरी होती है। (ड.) जी नहीं, कार्य की गुणवत्‍ता ठीक है। अत: जाँच की आवश्‍यकता नहीं है।

परिशिष्ट - ''सात''

उज्‍जैन जिले में कृषक अनुदान योजना ( K.A.Y ) अंतर्गत स्‍थापित ट्रांसफार्मर

7. ( क्र. 435 ) श्री सतीश मालवीय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन जिले में कृषक अनुदान योजना (K.A.Y) अंतर्गत 2014-15 एवं 2015-16 के अंतर्गत कितने प्रकरण स्‍वीकृत किये गये? (ख) प्रकरण स्‍वीकृत होने के पश्‍चात कितने किसानों के यहाँ ट्रांसफार्मर एवं लाईन पूर्ण कर दी गई है? कितनी लाईन अपूर्ण है? कितने ट्रांसफार्मर लगाना शेष है? (ग) क्‍या किसानों को अनुदान राशि जमा होने के पश्‍चात भी रबी सीजन में ट्रांसफार्मर नहीं मिल पाए? ट्रांसफार्मर रबी सीजन में नहीं मिलने के क्‍या कारण रहे? शेष ट्रांसफार्मर कब तक लग जावेंगे? इस लापरवाही के पीछे कौन-कौन अधिकारी दोषी है? शासन इन दोषी अधिकारियों पर ‍क्‍या कार्यवाही करेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) कृषकों को स्‍थायी विद्युत पम्‍प कनेक्‍शन प्रदान करने हेतु कृषक अनुदान योजना के अंतर्गत उज्‍जैन जिले में वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में माह नवम्‍बर-2015 तक क्रमश: 1106 एवं 1203 प्रकरण स्‍वीकृत किये गये है। (ख) उज्‍जैन जिले में कृषकों को स्‍थायी विद्युत पम्‍प कनेक्‍शन प्रदान करने हेतु अनुदान योजनान्‍तर्गत वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में माह नवम्‍बर-2015 तक स्‍वीकृत होने के पश्‍चात् कृषकों हेतु वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित करने एवं विद्युत लाईन का कार्य पूर्ण करने, अपूर्ण लाईन की जानकारी एवं स्‍थापित किये जाने हेतु शेष वितरण ट्रांसफार्मरों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ, म.प्र.प.क्षे.वि.वि.कं.लि. इन्‍दौर क्षेत्रान्‍तर्गत कृषकों को स्‍थायी विद्युत पम्‍प कनेक्‍शन प्रदान करने हेतु अनुदान योजना के तहत् आंशिक राशि जमा करने के उपरांत भी रबी सीजन में वितरण ट्रांसफार्मर उपलब्‍ध नहीं कराये जा सकने के कारण इस प्रकार है:-1. वितरण ट्रांसफार्मर प्रदाय करने वाली फर्मों द्वारा आदेशित संख्‍या के अनुसार कृषकों को स्‍थायी विद्युत पंप कनेक्‍शन प्रदान करने हेतु अनुदान योजना में उपयोग आने वाले 25 के.व्‍ही.ए./63 के.व्‍ही.ए. के वितरण ट्रांसफार्मर निर्धारित समय-सीमा में उपलब्‍ध नहीं कराये जाने के कारण। 2. राईट ऑफ वे उपलब्‍ध नहीं होने के कारण। 3. खेतों में फसल खड़ी होने के कारण इत्‍यादि। वितरण ट्रांसफार्मर प्रदाय करने वाली फर्मों द्वारा ट्रांसफार्मर शीघ्र उपलब्‍ध कराये जाने हेतु पश्चिम क्षेत्र कंपनी द्वारा प्रयास किए जा रहे है। ट्रांसफार्मर की उपलब्‍धता तथा राईट ऑफ वे उपलब्‍ध होने पर वरीयता अनुसार ट्रांसफार्मर लगाये जावेंगे। अत: वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना सम्‍भव नहीं। उपरोक्‍त विलम्‍ब हेतु कोई भी अधिकारी दोषी नहीं है, अत: किसी के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न नहीं उठता। 

परिशिष्ट - ''आठ''

प्रश्‍नकर्ता के पत्र पर कार्यवाही

8. ( क्र. 490 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा आयुक्‍त कोष लेखा एवं पेंशन म.प्र. भोपाल, संयुक्‍त संचालक, कोष लेखा एवं पेंशन भोपाल संभाग को लिखा गया पत्र क्रमांक 2266 दिनाँक 01.08.15 एवं स्‍मरण पत्र क्रमांक 2522 दिनाँक 19.10.15 कब प्राप्‍त हुआ? क्‍या उक्‍त पत्र ई मेल के माध्‍यम से भी प्राप्‍त हुआ था? यदि हाँ, तो तिथि बतावें। (ख) उक्‍त पत्र पर कब-कब क्‍या कार्यवाही की गई? की गई कार्यवाही से प्रश्‍नकर्ता को अवगत कराया दिया गया है या नहीं? कार्यवाही से कब तक अवगत कराया जावेगा? (ग) विदिशा जिले के अंतर्गत स्‍कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत ऐसे कितने लेखा प्रशिक्षित गणक/जूनि. ऑडिटर है, जो 20 वर्ष की सेवा पूर्ण करने के उपरांत भी 2400 ग्रेड पे प्राप्‍त कर रहे एवं ऐसे कितने सहायक ग्रेड-2 जो पदोन्‍नति (गणक पद) का परित्‍याग कर 2800 ग्रेड पे प्राप्‍त कर रहे हैं? इस विसंगति का निराकरण विभाग कब तक करेगा? (घ) क्‍या स्‍कूल शिक्षा विभाग में गणक का पद अन्‍य विभाग के लेखापाल पद के समकक्ष है या नहीं?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) पत्र क्रमांक 2266 दिनाँक 01.08.2015, दिनाँक 21.08.2015 को एवं स्‍मरण पत्र क्रमांक 2522 दिनाँक 19.10.2015, दिनाँक 31.10.2015 को प्राप्‍त हुआ है। (ख) संभागीय संयुक्‍त संचालक कोष एवं लेखा भोपाल तथा होशंगाबाद संभाग के पृष्‍ठाकंन पत्र क्रमांक संसंसं/2015/1787-1 दिनाँक 23.11.2015 द्वारा अवगत कराया जा चुका है। (ग) एवं (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

सिंचाई हेतु तालाबों का पानी नहरों में छोड़ने विषयक

9. ( क्र. 509 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुवासरा विधान सभा क्षेत्र में कितने तालाबों में मछली पालन का कार्य किया जा रहा है एवं मछली पालन के लिए तालाबों में पानी रोकने पर क्‍या नियम है? (ख) निर्मित तालाबों में से किसानों की फसलों हेतु बनाई गई नहरों में पानी छोड़ने का क्‍या नियम है? तालाब में कितना पानी होना एवं कितना नहरों में फसलों के लिए छोड़ने का क्‍या नियम है? अलग-अलग तालाबों की जानकारी देवें? (ग) क्‍या वर्तमान में बडोद पानपुर तालाब में एक दो व्‍यक्तियों की भूमि डूब में होने के कारण तालाब का पानी खाली कर दिया जाता है जिससे अन्‍य किसानों ने विभाग में शिकायत की है उन शिकायतों पर क्‍या निर्णय लिया है? (घ) सुवासरा विधान सभा क्षेत्र में स्‍वीकृत मेरियाखेड़ी सोलिड वियर का कार्य कब तक प्रारंभ होगा एवं बाकली बंजारी काकड सेमली ढाबला महेश झांगरिया भटूनी एवं अन्‍य स्‍टापडेम (तालाब) की निर्माण स्‍वीकृति कब तक प्रदान हो जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) मछली पालन का कार्य जल संसाधन विभाग द्वारा नहीं किया जाता है। निम्‍न 12 सिंचाई परियोजनाओं में मछली पालन किया जाना प्रतिवेदित है :- (1) आशावती, (2) जूनापानी, (3) धर्मराजेश्‍वर, (4) कोटेश्‍वर, (5) कराडि़या, (6) देवरी, (7) देवरिया विजय, (8) फतेहपुर चिकली, (9) गोपालपुरा, (10) बनी, (11) आसपुरा तथा (12) रहीमगढ़। सिंचाई जलाशयों में मतस्‍य पालन के लिए पानी नहीं रोका जाता है। (ख) वर्षा ऋतु उपरांत सिंचाई जलाशयों में उपलब्‍ध जल और परियोजना के सैच्‍य क्षेत्र के मद्देनज़र सिंचाई के लिए ऐलान किया जाता है कि कितनी बार जल दिया जाएगा। (ग) बडौद पानपुर जलाशय एक निमज्जित तालाब है। निमज्जित तालाब में डूब क्षेत्र की भूमि अधिग्रहित नहीं की जाती है और वर्षा ऋतु उपरांत तालाब खाली कर डूब क्षेत्र के कृषक रबी सिंचाई करते है। (घ) मोरियाखेड़ी वियर का निर्माण कार्य नवम्‍बर 2015 में प्रारंभ हो गया है। बाकली परियोजना की साध्‍यता दिनाँक 28.08.2015 को जारी की गई है। बजारी एवं ढाबला महेश परियोजनाएं साध्‍य नहीं पाई गई हैं। प्रश्‍नाधीन शेष परियोजनाएं स्‍वीकृति हेतु विचाराधीन नहीं है। अत: शेष प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

अनुदान राशि के ट्रांसफार्मरों के बारे में जानकारी

10. ( क्र. 510 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर जिले में कितने विद्युत ट्रांसफार्मर कृषक अनुदान योजना के तहत स्‍वीकृत किये गये है, विधानसभा क्षेत्रवार अलग-अलग बतावें? (ख) मंदसौर जिले में कृषक अनुदान योजना में स्‍वीकृत विद्युत वितरण ट्रांसफार्मरों में से कितने विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर लगाये जा चुके हैं, वित्‍तीय वर्षवार संख्‍या बतावें? (ग) मंदसौर जिले में कृषक अनुदान योजना में ऐसे कितने उपभोक्‍ता हैं जिनकों पांच माह (योजना में कार्य संपादित किये जाने की अवधि) से अधिक समय से राशि जमा होने के बाद भी दिनाँक 15.11.2015 तक लाईन विस्‍तार कार्य पूर्ण करके स्‍थाई सिंचाई पम्‍प कनेक्‍शन उपलब्‍ध नहीं कराये गये हैं, संख्‍या बतावें? (घ) ऐसे कितने कास्‍तकार हैं जिनसे पूर्व में बताई गई राशि जमा कराने के बाद भी विभाग द्वारा और राशि जमा कराने की बोलकर ट्रांसफार्मर आज तक नहीं लगाए है या पूर्व में जमा राशि के बाद भी राशि जमा करानी पड़ी है उसके बाद ट्रांसफार्मर लगाए गये है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) मंदसौर जिले में कृषकों को स्‍थायी विद्युत पम्‍प कनेक्‍शन प्रदान करने हेतु लागू योजना के अन्‍तर्गत स्‍वीकृत वितरण ट्रांसफार्मरों की कुल संख्‍या 3349 है जिनकी विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) मंदसौर जिले में कृषकों को स्‍थायी विद्युत पम्‍प कनेक्‍शन प्रदान करने हेतु लागू योजना के अन्‍तर्गत कुल स्‍वीकृत 3349 वितरण ट्रांसफार्मरों में से कुल 2969 वितरण ट्रांसफार्मर लगाये जा चुके हैं। विधानसभा क्षेत्रवार/वित्‍तीय वर्षवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) मंदसौर जिले में कृषकों को स्‍थायी विद्युत पम्‍प कनेक्‍शन प्रदान करने हेतु लागू योजना में उल्‍लेखित कार्य संपादित किये जाने की अवधि पाँच माह (150 दिवस) से अधिक समय से राशि जमा होने के बाद भी दिनाँक 15.11.2015 तक की स्थिति में कुल 305 प्रकरणों में लाईन विस्‍तार कार्य पूर्ण कर स्‍थायी सिंचाई पंप कनेक्‍शन उपलब्‍ध नहीं कराये जा सके हैं। (घ) मंदसौर जिले में कृषकों को स्‍थायी विद्युत पम्‍प कनेक्‍शन प्रदान करने हेतु योजना में ऐसे कुल 29 प्रकरण हैं जिनमें पूर्व में बताई गई राशि जमा कराने के बाद भी पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा और राशि जमा कराने हेतु आवेदकों को लेख किया गया है तथा वितरण ट्रांसफार्मर आज तक नहीं लगाये जा सके हैं। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में पूर्व में जमा राशि के बाद भी राशि जमा कराना पड़ी हो और उसके बाद विद्युत वितरण ट्रासफार्मर लगाये गये हैं, ऐसे प्रकरणों की कुल संख्‍या 45 है।

परिशिष्ट - ''नौ''

गुना जिले में जले हुये विद्युत ट्रांसफार्मर बदले जाना

11. ( क्र. 532 ) श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या गत एक माह पूर्व माननीय मुख्‍यमंत्री महोदय द्वारा ऐसी घोषणा की गई थी कि म.प्र. में ग्रामीण अंचल के किसानों के जले हुये विद्युत ट्रांसफार्मर 10 प्रतिशत राशि जमा कराकर विद्युत कम्‍पनी द्वारा बदले जावेंगे? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या गुने जिले में विद्युत कम्‍पनियों द्वारा मान. मुख्‍य मंत्री जी की घोषणा के आदेश का पालन किया है या 50 प्रतिशत बिल की राशि जमा करने के बाद विद्युत ट्रांसफार्मर बदले हैं? कौन से आदेशों का किस दिनाँक से पालन किया है? (ग) यदि प्रश्‍नांक (क) एवं (ख) के अनुसार जिन किसानों के विद्युत ट्रांसफार्मर यदि 50 प्रतिशत राशि जमा कर बदले हैं, तो क्‍या शासन उन किसानों को घोषणा के अनुसार वसूली गई शेष 40 प्रतिशत राशि वापस की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री महोदय द्वारा जो घोषणाऐं की जाती है उनके शासन द्वारा आदेश जारी किये जाते हैं? यदि हाँ, तो उन आदेशों का अमल शीघ्र क्‍यों नहीं होता? यदि नहीं, तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ, माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा इस हेतु निर्णय लिया गया है। (ख) गुना जिले में मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा माननीय मुख्‍यमंत्रीजी के निर्णय के अनुसार उपभोक्‍ताओं द्वारा विद्युत बिल की बकाया राशि का 10% जमा करने पर फेल/जले हुए वितरण ट्रांसफार्मर बदले जा रहे हैं। इस संबंध में जारी म.प्र. शासन के आदेश क्रमांक 10258 दिनाँक 28.10.2015 की प्रति संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। आदेश दिनाँक 28.10.2015 से ही निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया गया है। (ग) उत्‍तरांश '''' में दर्शाए अनुसार फेल/जले हुए ट्रांसफार्मर वर्तमान में बदले जा रहे हैं। बिजली बिल समय से जमा किया जाना उपभोक्‍ता की जिम्‍मेदारी है। बकाया राशि का 10% जमा करना न्‍यूनतम राशि है, जिसके उपरांत ही बकाया राशि के कारण बंद ट्रांसफार्मर को चालू करने का प्रावधान है। बकाया राशि के 10 प्रतिशत से अधिक की राशि संबंधित किसानों के बिलों की बकाया राशि के विरूद्ध समायोजित की गयी है। बकाया राशि के विरूद्ध जमा राशि वापिस करने के कोई प्रावधान नहीं हैं। (घ) जी हाँ। सभी आदेशों पर तत्‍काल अमल किया जाता है। 

परिशिष्ट - ''दस''

रमनगरा पेयजल पाईप लाईन के क्षतिग्रस्‍त होने की जाँच

12. ( क्र. 566 ) श्री तरूण भनोत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर स्थित रमनगरा राईजिंग पेयजल मेनलाईन बरगी हिल्‍स एवं सगडा के समीप कितने बार क्षतिग्रस्‍त हुई है, एवं उसके सुधार कार्य हेतु कहां-कहां से टीमें बाहर से बुलाई गई थी एवं उन्‍हें कितना-कितना भुगतान किया है? विगत तीन वर्षों की जानकारी दी जावे? (ख) क्‍या गुणवत्‍ताविहीन वर्णित (क) की पार्इप लाईन बिछाकर तत्‍कालीन ए.डी.बी. के अधिकारियों द्वारा अनियमितता की है? क्‍या इसकी उच्‍च स्‍तरीय जाँच कराकर दोषियों पर कार्यवाही की जायेगी? (ग) क्‍या वर्णित (क) की मेनलाईन बार-बार क्षतिग्रस्‍त होने से प्रत्‍येक बार नागरिकों को 3 से 4 दिनों तक पेयजल प्राप्‍त नहीं होता है एवं इन्‍हें अन्‍यत्र स्‍थानों से पेयजल परिवहन करके लाना पड़ता है? (घ) यदि वर्णित (ग) सही है तो कब तक वर्णित (क) की पाईप लाईन को स्‍थायी रूप से ठीक कर लिया जावेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (घ) की जानकारी एकत्रित की जा रही है।

गढ़ा बाजार जबलपुर स्थित भूमि का स्‍वामित्‍व

13. ( क्र. 567 ) श्री तरूण भनोत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गढ़ा बाजार पुराने थाने को शिफ्ट हुये लगभग दो दशक से अधिक का समय हो चुका है उक्‍त रिक्‍त हुये थाने की भूमि पर वर्तमान में किसका स्‍वामित्‍व है? एवं उसका क्‍या उपयोग हो रहा है? (ख) यदि प्रश्‍नांश वर्णित भूमि पर नगर-निगम जबलपुर का स्‍वामित्‍व है तो क्‍या वहां सुविकसित सब्‍जी बाजार बनाया जा सकता है? यदि हाँ, तो प्रस्‍ताव कब तक पारित किया जावेगा? (ग) गढ़ा बाजार स्थित पुलिस क्‍वार्टर की जमीन एवं गढ़ा बाजार पुराने थाने के सामने की जमीन जिस पर वर्तमान में पुलिसकर्मी निवास कर रहे हैं किसके स्‍वामित्‍व की जमीनें हैं?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) गढ़ा बाजार म.न. 694 गवर्मेंट प्रापर्टी के नाम से दर्ज है, भूमि पर मध्‍यप्रदेश शासन का स्‍वामित्‍व है। जिसमें वर्तमान में पुलिस कर्मचारी का शासकीय निवास है एवं आधे भाग में पुलिस चौकी गढ़ा स्‍थापित है। (ख) प्रश्‍नांश वर्णित भूमि पर वर्तमान में पुलिस चौकी एवं पुलिस क्‍वार्टर है। नगर निगम के अधिपत्‍य में यह भूमि नहीं है। जिसके कारण सब्‍जी बाजार का प्रस्‍ताव नगर निगम द्वारा तैयार नहीं किया गया है। (ग) गढ़ा बाजार पुलिस क्‍वार्टर के सामने म.न. 03 वीरेन्‍द्रपुरी वार्ड में यह गवर्मेंट प्रापर्टी है, जिसमें वर्तमान में पुलिसकर्मी का शासकीय निवास है एवं गढ़ा बाजार पुलिस क्‍वार्टर की जमीन म.न. 702 से 724 तक नगर निगम की पुरानी कर-निर्धारण पंजी में गवर्मेंट प्रापर्टी दर्ज है, जिसमें पुलिस क्‍वार्टर है एवं पुलिसकर्मी रह रहे हैं। भूमि पर स्‍वामित्‍व मध्‍यप्रदेश शासन का है।

 

अटल ज्‍योति योजना का क्रियान्‍वयन

14. ( क्र. 590 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अटल ज्‍योति योजनान्‍तर्गत प्रदेश में कुल कितने ग्रामों को लाभांवित करने का लक्ष्‍य निर्धारित किया गया है, लक्ष्‍य पूर्ति हेतु क्‍या कोई समय तय है? यदि हाँ, तो इस ओर क्‍या प्रगति है? (ख) विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत अटल ज्‍योति योजनांतर्गत किन-किन ग्रामों में फीडर सेपरेशन पूर्ण हो चुका है व 24 घण्‍टे विद्युत की उपलब्‍धता है? शेष ग्रामों में कब तक कार्य पूर्ण होगा? (ग) मेरे विधानसभा क्षेत्र सुसनेर में अटल ज्‍योति योजनांतर्गत लंबित कार्यों की शीघ्र पूर्णता हेतु क्‍या कार्यवाही की जा रही है? जो ग्राम उक्‍त योजना में शामिल नहीं है, उनमें विद्युत उपलब्‍धता हेतु क्‍या प्रक्रिया अपनाई जावेगी? (घ) विधानसभा क्षेत्र सुसनेर में अनुभाग सुसनेर में सुसनेर ग्रामीण व सुसनेर शहरी पृथक-पृथक विद्युत वितरण केंद्र करने संबंधी कोई प्रस्‍ताव प्रक्रियाधीन है? यदि हाँ, तो विद्युत वितरण केंद्र कब तक पृथक किए जावेंगे?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्‍नाधीन उल्‍लेखित ''अटल ज्‍योति योजना'' कोई योजना नहीं अपितु मध्‍य प्रदेश के समस्‍त जिलों के अंतर्गत आने वाले समस्‍त राजस्‍व ग्रामों के घरेलू विद्युत उपभोक्‍ताओं को 24:00 घण्‍टे एवं कृषि उपभोक्‍ताओं को 10 घण्‍टे विद्युत प्रदाय किये जाने का एक अभियान है। उक्‍त अभियान के अंतर्गत जून 2013 से संपूर्ण प्रदेश में उक्‍तानुसार विद्युत प्रदाय उपलब्‍ध कराया जा रहा है। (ख) उत्‍तरांश में उल्‍लेखानुसार अटल ज्‍योति अभियान में घरेलू विद्युत उपभोक्‍ताओं को 24 घण्‍टे एवं कृषि उपभोक्‍ताओं को 10 घण्‍टे विद्युत प्रदाय किये जाने का उद्देश्‍य था, न कि फीडर विभक्तिकरण किये जाने का। विधानसभा क्षेत्र सुसनेर के अंतर्गत फीडर सेप्रेशन योजना में कुल 204 राजस्‍व ग्रामों में से 118 राजस्‍व ग्रामों में फीडर विभक्तिकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है, शेष 86 राजस्‍व ग्रामों का कार्य प्रगति पर है। वर्तमान में प्रश्‍नाधीन सभी 204 राजस्‍व ग्रामों में प्राकृतिक आपदा या अन्‍य तकनीकी कारणों से हुए आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर घरेलू उपयोग हेतु 24:00 घण्‍टे विद्युत प्रदाय उपलब्‍ध कराया जा रहा है। फीडर विभक्तिकरण के कार्य हेतु शेष बचे 86 राजस्‍व ग्रामों का फीडर विभक्तिकरण का कार्य माह जनवरी 2016 तक पूर्ण किया जाना संभावित है। ग्रामवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट में दर्शाए अनुसार है। (ग) अटल ज्‍योति अभियान के अंतर्गत कोई कार्य प्रस्‍तावित नहीं होकर इसका उद्देश्‍य सभी घरेलू उपभोक्‍ताओं के लिए 24 घण्‍टे तथा कृषि उपभोक्‍ताओं के लिए 10 घण्‍टे विद्युत प्रदाय करना था। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में फीडर विभक्तिकरण योजना के अंतर्गत लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने हेतु निरंतर समीक्षा की जा रही है तथा सामग्री एवं श्रमिकों की उपलब्‍धता सुनिश्चित किये जाने के प्रयास किये जा रहे है। विधानसभा क्षेत्र सुसनेर के अंतर्गत पूर्व से ही समस्‍त राजस्‍व ग्रामों को फीडर विभक्तिकरण योजना के अंतर्गत शामिल कर लिया गया था। जिन ग्रामों के लिए फीडर विभक्तिकरण का कार्य अभी पूर्ण नहीं हुआ है उनमें भी मिश्रित 11 के.व्‍ही. फीडरों के माध्‍यम से आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर घरेलू उपयोग हेतु 24:00 घण्‍टे एवं सिंचाई हेतु 10:00 घण्‍टे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। (घ) जी नहीं, वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। 

शराब फैक्‍ट्री से निकलने वाले अपशिष्‍ट पानी से विपरीत प्रभाव

15. ( क्र. 623 ) श्री राजकुमार मेव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ग्राम खेड़ी में निर्मित शराब फैक्‍ट्री से निकलने वाले अपशिष्‍ट पानी से कृषि भूमि के बंजर होने एवं आस-पास क्षेत्र के निवासियों के जन जीवन पर विपरीत प्रभाव पढ़ने संबंधी प्रश्‍नकर्ता द्वारा की गई शिकायत पर विभाग द्वारा जाँच दल का गठन किया गया है? यदि हाँ, तो जाँच दल की जानकारी दी जावे? (ख) प्रश्‍न (क) के संदर्भ में जाँच दल द्वारा क्षेत्र में कब जाँच की गई तद्संबंध में प्रश्‍नकर्ता को जाँच की तिथि से अवगत कराया गया था? यदि नहीं, तो जाँच दल द्वारा किन कारणों से जाँच के वक्‍त प्रश्‍नकर्ता का उपस्थित रहने हेतु सूचित नहीं किया? जाँच दल द्वारा जाँच में क्‍या पाया गया? (ग) क्‍या जाँच दल द्वारा जाँच मात्र औपचारिकता हेतु की गई है एवं वर्तमान में भी आस-पास के क्षेत्र के कुँओं, ट्यूबवेल में लाल पानी निकलता है एवं आस-पास क्षेत्र की भूमि पर प्रदूषित हो रही है? तथा हवा भी बदबूदार होकर स्‍वास्‍थ्‍य पर विपरीत प्रभाव डालकर जन जीवन प्रभावित कर रही है? (घ) क्‍या शराब फैक्‍ट्री से निकलने वाले अपशिष्‍ट पानी से कृषि भूमि के बंजर होने एवं आस-पास के निवासियों के जीवन पर विपरीत प्रभाव पढ़ने संबंधी शिकायतों की जाँच हेतु विधान सभा सदस्‍यों की समिति गठित की जावेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) वस्तुस्थिति यह है कि मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा दिनाँक 20/2/2013 से निम्नानुसार जाँच दल का गठन किया गयाः- (1) एसडीएम, बड़वाहा अथवा प्रतिनिधि जिला खरगौन-अध्यक्ष (2) कार्यपालन यंत्री अथवा प्रतिनिधि पीएचई, बड़वाह, खरगौन-सदस्य (3) उपसंचालक अथवा उनके प्रतिनिधि कृषि विभाग, बड़वाह, खरगौन-सदस्य (4) जिला आबकारी अधिकारी अथवा उनके प्रतिनिधि, बड़वाह, खरगौन-सदस्य (5) मुखय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अथवा उनके प्रतिनिधि, बड़वाहा, खरगौन-सदस्य (6) महाप्रबंधक अथवा उनके प्रतिनिधि जिला उद्योग केन्द्र, बड़वाहा, खरगौन-सदस्य (7) क्षेत्रीय अधिकारी, मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, इंदौर-संयोजक। (ख) जाँच दल द्वारा दिनाँक 30/6/2013 को जाँच कार्य किया गया था। जाँच दल का सदस्य न होने के कारण प्रश्नकर्ता को जाँच की तिथि से अवगत नहीं कराया गया। जाँच के दौरान उद्योग से दूषित जल का निस्सारण नहीं पाया गया तथा आसपास के क्षेत्र की कृषि भूमि, स्वास्थ्य एवं जन-जीवन प्रभावित होने जैसी स्थिति नहीं पाई गई। उद्योग के समीप स्थित खुले कुँओं में भूरे रंग का पानी होने की स्थिति पाई गई। (ग) जी नहीं। वर्तमान में आसपास के क्षेत्र के कुँओं, ट्‌यूबवेल में लाल पानी निकलने, भूमि, हवा, जन-जीवन एवं स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ने की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। (घ) प्रश्नांश '''' के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

खराब ट्रांसफार्मर की प्राप्‍त शिकायतों का निराकरण

16. ( क्र. 624 ) श्री राजकुमार मेव : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा कृषि कार्य में सिंचाई हेतु 10 घंटे विद्युत प्रवाह के निर्देश दिये गये हैं? यदि हाँ, तो महेश्‍वर विधानसभा में किसानों को नियमानुसार 10 घंटे विद्युत प्रवाह किया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्‍या कारण है? (ख) शासन द्वारा किसानों को कृषि कार्य में सिंचाई हेतु नियमानुसार विद्युत प्रवाह के क्‍या नियम हैं? ट्रांसफार्मर खराब होने पर कितने समय में बदलना, ट्रांसफार्मर ओवरलोड होने पर क्‍या वैकल्पिक व्‍यवस्‍था की जाती है? (ग) महेश्‍वर विधानसभा क्षेत्र में दिनाँक 01.04.15 से प्रश्‍न दिनाँक तक कितने ट्रांसफार्मर अधिक भार होने संबंधी एवं ट्रांसफार्मर खराब होने संबंधित मौखिक सूचना, आवेदन एवं शिकायत प्राप्‍त हुई है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में खराब ट्रांसफार्मर कब-कब सुधार कर लगाये अथवा परिवर्तित किये गये एवं अतिरिक्‍त भार होने पर कौन-कौन सी वैकल्पिक व्‍यवस्‍था कहां-कहां की गई?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। महेश्‍वर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत भी कृषि उपयोग हेतु आकस्मिक व्‍यवधानों को छोड़कर 10 घण्‍टे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। (ख) महेश्‍वर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत कृषि हेतु 11 के.व्‍ही. फीडरों को 2 समूहों में विभक्‍त कर विद्युत प्रदाय किये जाने का विवरण इस प्रकार है- समूह-अ-22:00 से 02:00 एवं 06:00 से 12:00 बजे तक (कुल 10:00 घण्‍टे) समूह-ब-02:00 से 06:00 एवं 12:00 से 18:00 बजे तक (कुल 10:00 घण्‍टे) समूह- एवं के फीडरों की समय सारणी प्रत्‍येक 15 दिवस में आपस में परिवर्तित की जाती है। ट्रांसफार्मर खराब होने पर निम्‍नानुसार निर्धारित समय-सीमा में बदलने का प्रावधान है :- 1. शहरी क्षेत्र में-अधिकतम 24 घण्‍टे में। 2. ग्रामीण क्षेत्र में सूखे मौसम में 72 घण्‍टे के अंदर एवं मानसून के मौसम (माह जुलाई से सितंबर तक) में 07 दिवस के अंदर। ट्रांसफार्मर ओव्‍हर लोड होने पर जब तक क्षमतावृद्धि अथवा अतिरिक्‍त ट्रांसफार्मर लगाने की कार्यवाही नहीं हो जाती है, तब तक यदि तकनीकी रूप से संभव हो तो अन्‍य नजदीकी ट्रांसफार्मर पर भार स्‍थानांतरित कर वैकल्पिक व्‍यवस्‍था की जाती है। (ग) महेश्‍वर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत दिनाँक 01.04.2015 से 15.11.2015 तक ट्रांसफार्मर पर अधिक भार होने एवं ट्रांसफार्मर खराब होने संबंधी मौखिक सूचना, आवेदन एवं प्राप्‍त शिकायतों की संख्या इस प्रकार है- 1. ट्रांसफार्मर अधिक भार संबंधी-07 2. ट्रांसफार्मर खराब होने संबंधी- 115 (घ) प्रश्‍नांश '''' के संदर्भ में ट्रांसफार्मर खराब होने अथवा जलने की सूचना मिलने पर निर्धारित समयावधि में 115 ट्रांसफार्मर लगाये गये जिनकी सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। अतिभारित ट्रांसफार्मरों के संबंध में प्राप्‍त शिकायतों के तारतम्‍य में 04 स्‍थानों पर वैकल्पिक व्‍यवस्‍था के अंतर्गत अन्‍य नजदीकी ट्रांसफार्मरों पर भार स्‍थानांतरित किया गया है, 01 स्‍थान के लिए अतिरिक्‍त 100 के.व्‍ही.ए. क्षमता का ट्रांसफार्मर स्‍वीकृत है एवं अन्‍य 02 स्‍थानों पर कोई वैकल्पिक व्‍यवस्‍था नहीं की जा सकी है जिनके लिए भविष्‍य में वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धता अनुसार क्षमता वृद्धि के कार्य किये जावेंगे। विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। 

सिंचाई योजनाओं की स्‍वीकृति

17. ( क्र. 629 ) श्री प्रताप सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह जिले के जबेरा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत नरगुवां जलाशय, धनेटा जलाशय, पुरा काजबे कम बैराज, दसोंदी काजबे कम बेराज, भोपाठा काजबे कम बेराज, झापन नाला वेयर, कोटखेड़ा, बरयाघाट वेयर, कोसमदा मछली घाट वेयर, खेरमाई वेयर आदि योजनाएं शासन स्‍तर पर स्‍वीकृति हेतु लंबित थी, क्‍या इनकी स्‍वीकृति प्राप्‍त हो चुकी है, यदि हाँ, तो उनका प्रथम स्‍तरीय प्राक्‍कलन क्‍या है? यदि नहीं, तो अभी तक प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी न होने का क्‍या कारण रहा है? (ख) दमोह जिले में प्रश्‍न दिनाँक तक कितनी प्रस्‍तावित सिंचाई योजनाओं की कितनी-कितनी राशि की प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी हुई है? योजनावार बतलावें। योजनाओं के क्रियान्‍वयन से कितनी भूमि सिंचित होगी तथा कितने ग्रामों के कितने कृषक लाभान्वित होंगे? (ग) क्‍या विश्‍व बैंक परियोजना में निहित प्रावधान के अनुरूप परामर्शी सेवाओं के अंतर्गत मेसर्स कन्‍सल्टिंग इंजीनियरिंग सविर्सेस नई दिल्‍ली को स्‍कीम प्रोड्क्टिविटी इम्‍प्रूवमेंट परामर्शी सेवा के लिए अनुबंध क्रं.14 दिनाँक 11/01/2008 से अनुबंधित किया गया है? यदि हाँ, तो अनुबंध एक मुश्‍त निविदा पर कितना भुगतान किया गया है?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के ''प्रपत्र-अ'' अनुसार है। (ख) प्रथम दृष्‍टया साध्‍य पाई गई परियोजनाओं की जानकारी ''प्रपत्र-ब'' अनुसार है। डी.पी.आर. अंतिम नहीं होने से रूपांकित सिंचाई क्षमता तथा लाभांवित कृषकों की जानकारी दी जाना संभव नहीं है। (ग) जी हाँ। राशि रू.6,22,88,952/- का भुगतान किया गया है।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

शासन की राशि का अपव्‍यय

18. ( क्र. 669 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा प्रश्‍न संख्‍या 25 क्र. 906 दिनाँक 28/7/2015 के प्रश्‍नांश (ख) के पुस्‍तकालय परिशिष्‍ट के प्रपत्र (ब) में प्रशासकीय स्‍वीकृति राशि अंकित नहीं है तथा कार्य की प्रगति कम है इसके लिए कौन दोषी है? (ख) प्रश्‍नांश (घ) से संबंधित उत्‍तर के पुस्‍तकालय परिशिष्‍ट (स) वर्ष 14-15 एवं 15-16 व्‍यय 621.07 तथा 536.45 दर्शाया गया जिसका धरातल पर काम नहीं हुआ उपयोगिता प्रमाण पत्रों की प्रतियां दें? (ग) तालाबों के निर्माण तथा उनके जीर्णोद्धार हेतु कितनी राशि शासन द्वारा छतरपुर जिले तथा नहरों के सुधार हेतु प्रश्‍न दिनाँक तक (15-16) में दी गई उसका विवरण दें तथा क्‍या कार्ययोजना बनाई गई स्‍पष्‍ट करें? (घ) शासन की राशि का अपव्‍यय के संबंध में धरातल पर कार्यों की जाँच कमेटी गठित की जावेगी? यदि हाँ, तो कब नहीं तो क्‍यों?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) प्रश्‍नाधीन प्रश्‍न में सिंचाई परियोजनाओं की प्रशासकीय स्‍वीकृति की राशि देना प्रश्‍न से उद्भूत नहीं था। कार्यों की प्रगति की गति संतोषजनक है। लघु सिंचाई परियोजना स्‍वीकृति के वर्ष को छोड़कर 2 वर्ष में तथा मध्‍यम सिंचाई परियोजना स्‍वीकृति से 4-5 वर्ष में पूर्ण होती है। अत: प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है। (ख) जी नहीं, कार्यों के माप के आधार पर भुगतान किया जाना प्रतिवेदित है। उपयोगिता प्रमाण-पत्र जारी करने की व्‍यवस्‍था नहीं है। पूर्ण परियोजनाओं में पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी किए जाते है। पूर्ण की गई 7 परियोजनाओं के पूर्णता प्रमाण-पत्र पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-''1'' (पृ.1 से 14) अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के ''प्रपत्र-अ'' अनुसार है। लघु सिंचाई परियोजनाओं को स्‍वीकृति के वर्ष को छोड़कर 2 वर्ष में तथा वृहद एवं मध्‍यम परियोजनाओं को 5 वर्ष में पूरा कराया जाने की कार्य योजना है। (घ) जी नहीं। अपव्‍यय की स्थिति नहीं होने के कारण।

इंदिरा सागर परियोजना अंतर्गत विद्युत उत्‍पादन

19. ( क्र. 683 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनाँक 01.01.2014 से 30.10.2015 तक इंदिरा सागर परियोजना के अंतर्गत कितना विद्युत उत्‍पादन हुआ, प्‍लांट की विद्युत उत्‍पादन क्षमता कितनी है, परियोजना में क्षमता के किस अधिकतम बिंदु तक विद्युत उत्‍पादन हुआ है, वर्षवार उत्‍पादन बतायें? इस बिजली को किन-किन राज्‍यों को किस दर पर कितनी बिजली बेची गई, वर्षवार बतायें? (ख) नर्मदा विकास संभाग 19 के अंतर्गत कठोरा उद्वहन सिंचाई योजना के निविदाकर्ता को कितना भुगतान किया गया कार्यवार भुगतान बतायें? क्‍या निविदाकर्ता द्वारा प्रत्‍येक 100 मीटर की दूरी पर हाईड्रो टेस्टिंग की गई है? यदि हाँ, तो इस टेस्टिंग की अवधि में किस उपयंत्री की ड्यूटी थी नाम तथा कार्य का समयकाल बतायें? इस योजना की नहरों में पानी लिकेज एवं निस्‍तार की समस्‍या क्‍यों आ रही है? (ग) उक्‍त योजना में किसी निविदाकर्ता के विरूद्ध कोई कठोर निर्णय लिया गया है जानकारी देवें? इस योजना में निविदाकर्ता को बदला है? (घ) अपरवेदा सिंचाई योजना की नहर निर्माण में विभाग को प्राप्‍त ऑडिट आपत्तियों एवं उसके जवाब की एक प्रति देवें

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अनुसार है। निविदाकर्ता द्वारा प्रत्‍येक 100 मी. की दूरी पर हाईड्रोटेस्टिंग का कार्य नहीं किया गया है, अत: शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। इस योजना में पाईप लाईनों के ज्‍वांइट्स में व्‍यवधान होने के कारण लीकेज की समस्‍या आ रही है। (ग) मेसर्स आर.बी.कृष्‍णानी निविदाकर्ता का दिनाँक 17/04/2014 को अनुबंध समाप्‍त करते हुये ठेकेदार की सुरक्षा निधि राशि को राजसात कर लिया गया है। जी हाँ। (घ) महालेखाकार भोपाल द्वारा संभाग से संबंधित आडिट आपत्तियों एवं जवाब का‍ विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- , , , एवं ई अनुसार है। 

गढखजुरीया में तालाब निर्माण

20. ( क्र. 711 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सोनकच्‍छ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गढखजुरीया तह. सोनकच्‍छ में तालाब स्‍वीकृत है? यदि है तो किस स्थिति में है यदि नहीं, तो क्‍या भविष्‍य में तालाब बनने की योजना है? (ख) उक्‍त तालाब कब स्‍वीकृत किया गया था? क्‍या आज दिनाँक तक तालाब का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है या नहीं? (ग) नहीं तो क्‍यों नहीं? निर्माण में हो रही देरी का क्‍या कारण है तथा इसके दोषियों पर क्‍या कार्यवाही होगी?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) से (ग) जी नहीं। सीमित संसाधनों के परिप्रेक्ष्य में स्‍वीकृत एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं को पूर्ण कराना सर्वोच्‍च प्राथमिकता होने के कारण प्रश्‍नाधीन परियोजना विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होते है।

विजयगढ़ मुरम्‍या में स्‍टाप डेम निर्माण

21. ( क्र. 712 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या टोंकखुर्द तह. अंतर्गत विजयगढ़ मुरम्‍या में स्‍टाप डेम स्‍वीकृत है? (ख) यदि स्‍वीकृत है तो कब तक इसका निर्माण कार्य शुरू होगा? यदि स्‍वीकृत नहीं है तो क्‍या विभाग द्वारा इसकी स्‍वीकृति हेतु कोई कार्यवाही प्रचलित है। (ग) यदि कार्यवाही प्रचलित है तो विवरण देवें? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) से (ग) जी नहीं। प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है। स्‍वीकृति हेतु कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होते है।

इन्‍दौर शहर में अवैध शराब का प्रदाय

22. ( क्र. 723 ) श्री राजेश सोनकर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इन्‍दौर शहर में कितने बहुमंजिला इमारतों में पब व कितने रेस्‍टोरेन्‍टों में शराब परोसने का लायसेंस प्रदाय किया गया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में इंदौर शहर में कुछ दिनों पूर्व रात्रि 11 बजे के पश्‍चात् भी अवैध रूप से शराबखोरी की शिकायतें प्राप्‍त हुई थी? क्‍या इसके कारण रहवासीय क्षेत्रों की आबोहवा खराब होने की शिकायतें प्राप्‍त हुई थी? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्‍या इंदौर शहर में हो रही अवैध शराबखोरी के खिलाफ शासन, प्रशासन, द्वारा इन पबों, रेस्‍टोरेन्‍टों (एफ.एल.2, एफ.एल.3) का लायसेंस निरस्‍तीकरण की कोई कार्यवाही की जा रही है? यदि नहीं, तो क्‍या भविष्‍य में इस संबंध में कोई कार्यवाही की जायेगी?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) मध्‍यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 के अन्‍तर्गत पब लायसेंस स्‍वीकृत किये जाने संबंधी कोई प्रावधान नहीं है। इन्‍दौर शहर में वर्ष 2015-16 के लिये 28 एफ.एल. 2 रेस्‍टोरेंट बार, 30 एफ.एल.-3 होटल बार, 4 एफ.एल.-4 सिविलियन क्‍लब बार एवं 11 एफ.एल.-4ए व्‍यावसायिक क्‍लब बार में शराब परोसने का लायसेंस प्रदाय किया गया है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में विभाग में कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई। (ग) अवैध शराबखोरी के खिलाफ प्रशासन द्वारा गठित विभिन्‍न विभागों के अधिकारियों के दल द्वारा पब, रेस्‍टोरेंट एवं होटलों के विरूद्ध रात्रिकालीन विशेष अभियान चलाया जाकर पब एवं रेस्‍टोरेंट के खिलाफ नियमित कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में दिनाँक 22.09.2015 को एफ.एल.-2 रेस्‍टोरेंट बार लेबिल थ्री निर्धारित समय (रात्रि 12:00 बजे) के पश्‍चात खुला पाये जाने से विधिवत कार्यवाही कर लायसेंस निलंबित किया गया है। इसी प्रकार इन्‍दौर शहर के एफ.एल.-2 रेस्‍टोरेंट बार क्रमश: केलिप्‍सो क्‍लब एण्‍ड लाउन्‍ज रेस्‍टोरेंट को दिनाँक 27.09.2015 एवं शीशा स्‍काय लाउन्‍ज रेस्‍टोरेंट को दिनाँक 29.10.2015 को निर्धारित समय के पश्‍चात खुला पाये जाने से लायसेंसियों के लायसेंस निल‍ंबित/निरस्‍त करने संबंधी कारण बताओ सूचना पत्र जारी किये गये है।

विभाग को प्राप्‍त विधायक निधि

23. ( क्र. 791 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर जिले में वर्ष 2014-15 में कितने कार्य एवं कितनी राशि विधायक निधि से ग्रामीण यांत्रिकी सेवा सागर को आवंटित किये गये थे? (ख) क्‍या वर्ष 2014-15 में विधायक निधि से स्‍वीकृत राशि आयुक्‍त विकास भोपाल के खाते में जमा होती है? यदि हाँ, तो कितनी राशि सागर जिले की आठ विधानसभाओं से जमा हुई? (ग) क्‍या प्राप्‍त हुई राशि आयुक्‍त विकास द्वारा वर्ष 2014-15 में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा सागर को हस्‍तांतरित की गई थी? यदि नहीं, तो क्‍यों कारण बतावें? (घ) वर्ष 2014-15 की विधायक निधि की राशि विकास कार्यों हेतु कब तक संबंधित कार्य एजेंसी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा सागर को हस्‍तांतरित की जावेगी? समय-सीमा बतावें?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजनान्‍तर्गत 31 निर्माण कार्यों हेतु 63.20 लाख की राशि ग्रामीण यांत्रिकी सेवा सागर को आवंटित की गई थी। (ख) जी हाँ। वर्ष 2014-15 में 20.75 लाख की राशि आवंटित की गई। शेष राशि लैप्‍स होने के कारण तृतीय अनुपूरक अनुमान में प्राप्‍त होते ही जारी की जावेगी। (ग) जी हाँ। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) शासन से तृतीय अनूपूरक बजट अनुमान में राशि प्राप्‍त होने के उपरांन्‍त आवंटित की जावेगी।

बेवस नदी पर स्थित एनीकट

24. ( क्र. 792 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र नरयावली के ग्राम पंचायत बन्‍नाद में बेवस नदी पर नगर निगम द्वारा स्‍थापित एनीकट को शासन ने सेना के उपयोग हेतु दिया है? (ख) यदि हाँ, तो कितने समय के लिये एवं किन शर्तों पर दिया गया? (ग) वर्तमान में एनीकट का उपयोग सेना के अलावा ग्रामीणों को उपयोग किया जाना वर्जित है? (घ) यदि हाँ, तो वर्तमान परिस्थितियों में जल समस्‍या को देखते हुये ग्रामीणों को उपयोग किये जाने हेतु शासन द्वारा काई कार्यवाही की जावेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) नगर निगम, सागर द्वारा वर्ष 2014 से सैन्‍य उपयोग हेतु एनीकट दिया गया है, जिसकी अवधि वर्ष 2015 तक बढ़ा दी गई है। एनीकट इस शर्त पर दिया गया है कि इस पर आधिपत्‍य नगर निगम, सागर का होगा एवं राजघाट योजना द्वितीय चरण का कार्य प्रारंभ होते ही एनीकट को नगर निगम, सागर को सौंपना होगा। (ग) जी नहीं। (घ) शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

रहवासी एवं व्‍यावसायिक मकान नक्‍शा के पंजीबद्ध प्रकरण के संबंध में

25. ( क्र. 795 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नगर पालिका मकरोनिया बुजुर्ग द्वारा दिनाँक 01 अप्रैल 2015 से प्रश्‍न दिनाँक तक कितने रहवासी एवं व्‍यावसायिक मकान नक्‍शा प्रकरण पंजीबद्ध किये गये? (ख) पंजीबद्ध प्रकरणों में कितने रहवासी एवं व्‍यावसायिक प्रकरणों को स्‍वीकृति प्रदान की गई? (ग) स्‍वीकृत प्रकरणों से नगर पालिका द्वारा कितना शुल्‍क लिया एवं किस आधार पर लिया?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) नगर पालिका परिषद्, मकरोनिया खुर्द द्वारा 1 अप्रैल 2015 से प्रश्‍न दिनाँक तक रहवासी भवनों के 65 तथा व्‍यावसायिक भवनों के कुल 2 प्रकरण पंजीबद्ध किए गए। जिसकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार है। (ख) पंजीबद्ध में से रहवासी भवनों के 46 तथा व्‍यवसायिक भवनों के 2 प्रकरणों को स्‍वीकृति दी गई। (ग) स्‍वीकृत प्रकरणों में भूमि विकास नियम 2012 में निर्धारित दर से अनुज्ञा शुल्‍क एवं म.प्र. भवन एवं संनिर्माण कर्मकार कल्‍याण मण्‍डल को (लागत राशि 10.00 लाख से अधिक होने पर) लागत का 1 प्रतिशत उपकर जमा कराया जाता है। तद्नुसार आवासीय भवनों से 78,050/- तथा व्‍यवसायिक भवनों से रूपयें 4,000/- भवन अनुज्ञा शुल्‍क लिया गया। कर्मकार कल्‍याण मंडल की राशि रूपयें 1,61,569.00 जमा कराई गई।

सुविधा मुहैया कराना

26. ( क्र. 799 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विकासखण्‍ड टिमरनी जिला हरदा के ग्राम पोखरनी (शुक्‍ल) एवं ग्राम झाड़तलाई क्षेत्र के किसान सुकनी नाले/नदी से सिंचाई कर रहे हैं? यदि हाँ, तो कितने किसान कितने-कितने रकबे में सिंचाई कर रहे हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ, तो नाले में पानी का क्‍या स्‍त्रोत है? क्‍या इसमें नहरों का पानी छोड़ा जाता है? यदि हाँ, तो संबंधित किसानों से उसका जलकर वसूल किया जाता है? यदि हाँ, तो विभाग सुकनी नाले/नदी पर यथोचित स्‍थानों पर स्‍टाप डेम बनाकर सिंचाई की सुविधा मुहैया करायेगा? (ग) यदि हाँ, तो समयावधि बतावें?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) से (ग) जी हाँ। ग्राम पोखरनी (शुक्‍ल) के 04 कृषक 18.184 हेक्‍टर में और ग्राम झाड़तलाई के 80 कृषक 208.736 हेक्‍टर में। तवा परियोजना से सिंचाई उपरांत जल के रिसाव से नाले में पानी आता है। जल का स्‍त्रोत तवा परियोजना होने से जल कर आरोपित किया जाता है। जी नहीं, जल का बहाव समुचित होने से सिंचाई हेतु पर्याप्‍त जल उपलब्‍ध रहता है। प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

क्रेशर प्‍लान्‍ट संचालन

27. ( क्र. 845 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले के चंदला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कितने क्रेशर प्‍लान्‍ट संचालित हैं और वे क्रमश: किस प्रकार के पत्‍थर गिट्टी डस्‍ट का निर्माण कर रहे हैं? ग्रामवार ब्‍यौरा प्रदान करें (ख) क्रेशर प्‍लान्‍ट को आबादी, सार्वजनिक कृषि क्षेत्र से कितनी दूरी पर स्‍थापित किया जाना चाहिए इस संबंध में नियम बतावें? (ग) वर्तमान में चंदला विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत जो प्‍लान्‍ट स्‍थापित है उनमें से कितने ऐसे हैं जो निर्धारित दूरी के भीतर हैं? इस संबंध में पटवारी तथा अन्‍य राजस्‍व अधिकारियों की ग्राउन्‍ड रिपोर्ट कमेटी गठित कर ब्‍यौरेवार जानकारी प्रदाय करे? (घ) उक्‍त समस्‍या का लेकर चंदला विधान सभा क्षेत्र से कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुयी कि उक्‍त क्रेशरों से जनजीवन स्‍वास्‍थ्‍य कृषि पर दुष्‍प्रभाव पड़ रहा है तथा इनका निराकरण कब तक किया जावेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में 15 क्रेशर प्‍लांट संचालित है जिनके द्वारा यांत्रिक क्रिया से गिट्टी का निर्माण किया जा रहा है। प्रश्‍नांश की शेष जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) क्रेशर प्‍लांट स्‍थापना हेतु आबादी सार्वजनिक कृषि क्षेत्र से दूरी के संबंध में खनिज नियमों में कोई प्रावधान नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍नांश में दिये उत्‍तर के प्रकाश में किसी भी प्रकार की कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्‍नानुसार शिकायत प्राप्‍त न होने के कारण शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''बारह''

कांडा कार्य निर्माण के अंतर्गत पुन: सुधार कराये जाना

28. ( क्र. 846 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍न संख्‍या 126 (क्रमांक 2436) दिनाँक 28 जुलाई 2015 में कांडा कार्य चंदला विधानसभा चंदला क्षेत्र से क्षतिग्रस्‍त नालियों को रबी मौसम के पूर्व सुधार करने हेतु लिखित आश्‍वासन दिया गया था? तो क्‍या सभी कांडा कार्य द्वारा निर्मित सभी क्षतिग्रस्‍त नालियों का पुन: निर्माण कार्य कराया गया? (ख) यदि हाँ, तो किन-किन संस्‍थाओं की किन-किन नालियों का किन-किन अधिकारियों की देखरेख में कब कराया गया? नाली का क्रमांक, दिनाँक संस्‍थावार मूल्‍यांकनकर्ता अधिकारी एवं कर्मचारी का नाम सहित बतायें? (ग) यदि नहीं, तो निमार्ण कार्य कब तक कराया जायेगा?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) से (ग) अभिलेखों के मुताबिक विधानसभा सचिवालय से प्रश्‍नाधीन आश्‍वासन दिये जाने की सूचना प्राप्‍त नहीं हुई है। क्षतिग्रस्‍त काड़ा नालियों में आवश्‍यकता अनुसार मरम्‍मत एवं सुधार करा लिया जाना प्रतिवेदित है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''तेरह''

नरसिंहगढ़ विधानसभा क्षेत्र में जले हुए ट्रांसफार्मर बदले जाना

29. ( क्र. 880 ) श्री गिरीश भंडारी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन के ऊर्जा विभाग द्वारा किसानों द्वारा ट्रांसफार्मर पर बकाया राशि जमा करने के बाद कितने दिनों में जले हुए ट्रांसफार्मर बदलने का नियम है? अगर कोई नियम है तो नियम की प्रति उपलब्‍ध करावें? (ख) क्‍या राजगढ़ जिले की नरसिंहगढ़ विधानसभा क्षेत्र में किसानों के जले हुए ट्रांसफार्मर नियमानुसार बकाया राशि जमा करने के बाद, समय-सीमा में बदले गये? यदि नहीं, तो क्‍यो नहीं? सूची उपलब्‍ध करावे? (ग) यदि ट्रांसफार्मर समय-सीमा में नहीं बदले गये है तो क्‍या दोषी अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्‍या नहीं तो क्‍यो नहीं?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) म.प्र. विद्युत नियामक आयोग (वितरण अनुपालन मानदण्‍ड) विनियम 2012 के अनुसार शहरी क्षेत्र में अधिकतम एक दिवस एवं ग्रामीण क्षेत्र में शुष्‍क मौसम में तीन दिवस तथा वर्षाकाल जुलाई से सितम्‍बर में 7 दिवस में फेल ट्रांसफार्मर बदलने का नियम है। नियमानुसार बकाया राशि जमा होने के उपरांत फेल ट्रांसफार्मरों को बदलने हेतु उक्‍तानुसार अवधि में कार्यवाही की जाती है। नियम की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अ-1 अनुसार है। (ख) राजगढ़ जिले की नरसिंहगढ़ विधानसभा क्षेत्र में दिनाँक 01.04.2015 से अद्यतन स्थिति में किसानों के जले/खराब हुए 450 वितरण ट्रांसफार्मर नियमानुसार बकाया राशि की 10% जमा करने के बाद समय-सीमा में बदले गये है, जिनकी सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अ-2 अनुसार है। (ग) सभी ट्रांसफार्मर नियमानुसार समय-सीमा में बदले गये हैं, अत: किसी के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न नहीं उठता। 

राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना

30. ( क्र. 974 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधानसभा के कितने ग्रामों में राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत बिजली लगाये जाने का कार्य अभी शेष हैं? यदि हाँ, तो किस कारण से शेष हैं? ग्रामवार जानकारी उपलब्‍ध कराये कि कौन से ग्रामों में बिजली लगना शेष है? उक्‍त कार्य में विलंब का कारण क्‍या है? इस विलम्‍ब हेतु जिम्‍मेदार कौन है? अधिकारी या ठेकेदार। क्‍या इन दोनों जिम्‍मेदार अधिकारी या ठेकेदार की गलती के विरूद्ध कार्यवाही करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? (ख) क्‍या जनपद पंचा. बल्‍देवगढ़ की ग्राम पंचायत बुदौरा, के जगल न खेरा, खम्‍बे तक नहीं लगाये गये और बिजली का बिल देना प्रारंभ कर दिया है? क्‍या ऐसे अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें? (ग) क्‍या जिले टीकमगढ़ के बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा खरगापुर विधानसभा में संपूर्ण ग्रामों में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना का कार्य पूर्ण हो जाना बता दिया जाता है परन्‍तु अभी भी बहुत ग्रामों में बिजली कार्य अधूरा पड़ा है, जिसकी जाँच करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) खरगापुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 12वीं पंचवर्षीय योजना में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजनांतर्गत 01 अविद्युतीकृत ग्राम के विद्युतीकरण एवं 141 विद्युतीकृत ग्रामों के सघन विद्युतीकरण के कार्य सम्मिलित हैं, जिसमें से 01 अविद्युतीकृत ग्राम के विद्युतीकरण एवं 31 विद्युतीकृत ग्रामें के सघन विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण कर दिया गया है। वर्तमान में 110 विद्युतीकृत ग्रामों के सघन विद्युतीकरण करने का कार्य शेष है। उक्‍त शेष ग्रामों की ग्रामवार सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट में दर्शाए अनुसार है। उक्‍त योजना का कार्य प्रारंभ करने की प्रभावी तिथि फरवरी 2015 है एवं कार्य पूर्ण करने की निर्धारित अवधि फरवरी 2017 तक है एवं कार्यरत ठेकेदार द्वारा खरगापुर विधानसभा क्षेत्र सहित टीकमगढ़ जिले में एक अविद्युतीकृत ग्राम के विद्युतीकरण एवं 109 विद्युतीकृत ग्रामों के सघन विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण कर 1312 बी.पी.एल. हितग्राहियों को नि:शुल्‍क बी.पी.एल. कनेक्‍शन प्रदाय कर दिये गये हैं। उक्‍त शेष ग्रामों के विद्युतीकरण का कार्य निर्धारित समयावधि में क्रमश: किया जा रहा है, अत: किसी अधिकारी/ठेकेदार के जिम्‍मेदार होने अथवा किसी के विरूद्ध कार्यवाही करने का प्रश्‍न नहीं उठता। (ख) यह सही नहीं है, कि जनपद पंचायत बल्‍देवगढ़ के गाम बुदौरा के जंगेलनखेरा (जगल न खेरा नहीं), जो कि ग्राम पंचायत सूरजपुर में आता है, में खंबे नहीं लगाये गये हैं एवं बिल देना प्रारंभ कर दिया गया है। वस्‍तुत: ग्राम जंगेलनखेरा में जुलाई 2015 से आज दिनाँक तक नियमानुसर विद्युत प्रदाय किया जा रहा है एवं बिल जारी किये जा रहे हैं। (ग) यह सही नहीं है कि टीकमगढ़ जिले के बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा खरगापुर विधानसभा में संपूर्ण ग्रामों में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण हो जाना बताया जाता है। उत्‍तरांश में दर्शाए अनुसार अपूर्ण 110 ग्रामों के सघन विद्युतीकरण के कार्य अभी भी पूर्ण करना शेष हैं जिन्‍हें पूर्ण करने की निर्धारित अवधि फरवरी 2017 है। उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में जाँच कराने/कार्यवाही करने का प्रश्‍न नहीं उठता। 

परिशिष्ट ''चौदह''

विद्युत लाईनों से पुराने तार हटाकर केबिल लगाये जाने के उपरांत बचे हुए तार

31. ( क्र. 975 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या टीकमगढ़ जिले में बिजली विभाग द्वारा पुराने तारों को निकालकर केबिल (क्‍वायलें) लगाई है, ऐसे पूरे जिले में से पुराने कितने तार विभाग को वापिस प्राप्‍त हुये हैं और कितनी लाईनों के तार हटाये गये हैं? (ख) क्‍या केबलीकरण होने के उपरांत पुराने तारों का स्‍टॉक विभाग के पास सुरक्षित रखा गया है? यदि हाँ, तो उक्‍त स्‍टॉक में लगभग कितने क्विंटल तार होगा? क्‍या उक्‍त तार निकाले जाने पर एवं रख-रखाव पर किसी सक्षम अधिकारी द्वारा मॉनिटरिंग की तथा बचा हुआ तार किस अधिकारी की जिम्‍मेदारी में किस स्‍थान पर रखा गया? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें (ग) क्‍या उक्‍त पुराने तारों को बेचे जाने की शिकायत प्रश्‍नकर्ता को प्राप्‍त हुई थी, जिसके संबंध में अधिकारियों को पत्र भी लिखे परंतु कोई उत्‍तर नहीं दिया? क्‍या पूरे टीकमगढ़ जिले के पुराने निकाले तारों की जाँच हेतु कमेटी गठित करके जाँच करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक तथा दोषी पाये जाने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही करेंगे?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ, टीकमगढ जिले में 547.41 कि.मी लाईन के पुराने तारों को निकालकर केबिल लगायी गई है तथा निकाले गये पुराने तारों को क्षेत्रीय भंडार छतरपुर में वापिस किया गया है। उक्‍तानुसार निकाले गये तारों की मात्रा (किलोमीटर में) क्षेत्रीय भण्‍डार में वापिस किये गये तारों की मात्रा (किलो ग्राम में) एवं लाईन की लंबाई (किलोमीटर में) जिसके तार निकाल कर केबिल लगाए गये हैं का योजनावार का विवरण निम्‍नानुसार है :-

क्र.

योजना का विवरण

केबल लगाने हेतु हटाये गये तारों की लाईन की लंबाई (कि.मी.)

कुल निकाले गये तार (कि.मी.)

क्षेत्रीय भण्‍डार छतरपुर में वापिस किये गये तार (किलो ग्राम में)

1.

फीडर विभक्तिकरण पृथ्‍वीपुर

113.00

226.00

11,842.33

2.

फीडर विभक्तिकरण टीकमगढ़

268.64

1074.56

85,964.00

3.

आर.ए.पी.डी.आर.पी.

91.27

280.00

23,666.00

4.

विभाग द्वारा

74.50

216.00

27,700. 00

कुल योग

547.41

1796.56

1,49,172.33

 
(
ख) जी हाँ, केबलीकरण के उपरांत विभिन्‍न साईज के उतारे गये पुराने तार जिनका कुल वजन 1,49,172.33 किलो ग्राम है क्षेत्रीय भंडार छतरपुर को नियमानुसार वापिस किये जा चुके हैं। उक्‍त निकाला गया तार संबंधित योजना के नोडल अधिकारी की देखरेख में क्षेत्रीय भण्‍डार में वापस किया गया हैं तथा क्षेत्रीय भण्‍डार में वापस होने के उपरांत उक्‍त तारों की देखरेख कार्यपालन यंत्री, क्षेत्रीय भण्‍डार द्वारा की जाती है। निकाये गये तार स्‍टोर में वापस किए गए हैं, अत: प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) पुराने तारों को बेचे जाने के संबंध में पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में कोई शिकायत संज्ञान में नहीं आई है। इसके संबंध में अधिकारियों को कोई भी पत्र प्राप्‍त नहीं हुए हैं, अत: उत्‍तर दिये जाने का प्रश्‍न ही नहीं है। टीकमगढ़ जिले से पुराने निकाले गये तारों को संबंधित क्षेत्रीय भंडार छतरपुर में वापिस कर दिया गया है, अत: जाँच कमेटी गठित करने एवं अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न नहीं उठता। 

विद्युत सब-स्‍टेशन पर पदस्‍थ कर्मचारियों द्वारा लापरवाही

32. ( क्र. 996 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिले की इंदरगढ़ तहसील के अंतर्गत ग्राम थरेट सब स्‍टेशन पर विद्युत विभाग के कौन-कौन से अधिकारी कर्मचारी पदस्‍थ हैं उनके नाम/पद एवं निवास स्‍थान की जानकारी उपलब्‍ध कराई जावे? (ख) क्‍या उक्‍त अधिकारी/कर्मचारी अपने पदस्‍थी स्‍थल पर निवास नहीं करते तथा सायंकाल अपने घर (इंदरगढ़, सेंवढ़ा या दतिया) चले जाते हैं, जिसके फलस्‍वरूप कार्य प्रभावित होता है तथा उपभोक्‍ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है? (ग) क्‍या दिनाँक 30.10.15 को भैयालाल गुप्‍ता का कनेक्‍शन थरेट JE द्वारा 2 माह का बिल बकाया होने से काटा गया जबकि उसी ग्राम में 2 माह से अधिक के बकायादार हैं? संबंधित अधिकारी द्वारा बड़े बकायादारों के खिलाफ की गई कार्यवाही के प्रमाणित दस्‍तावेज उपलब्‍ध करायें। यदि कार्यवाही नहीं की तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ क्‍या कार्यवाही एवं कब तक की जायेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) दतिया जिले की इन्‍दरगढ़ तहसील के अंतर्गत ग्राम थरेट में कोई विद्युत सब स्‍टेशन स्‍थापित नहीं है। इस ग्राम को 33/11 के.व्‍ही. सब स्‍टेशन सेंगुआ से विद्युत प्रदाय किया जाता है जो कि ग्राम सेंगुआ में स्‍थापित है। इस सब स्‍टेशन पर पदस्‍थ कर्मचारियों की नाम, पद एवं निवास स्‍थान सहित सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जी नहीं। (ग) दिनाँक 30.10.15 को कनिष्‍ठ यंत्री, थरेट द्वारा अधीनस्‍थ स्‍टॉफ के माध्‍यम से श्री भैया लाल गुप्‍ता का आटा चक्‍की कनेक्‍शन विच्‍छेदित करने के साथ ही अन्‍य 08 बड़े बकायादारों के विद्युत कनेक्‍शन विच्‍छेदित किये गये तथा 05 बड़े बकायादारों से दिनाँक 30.10.2015 एवं 01 बड़े बकायेदार से दिनाँक 31.10.2015 को विद्युत बिल की बकाया राशि वसूल की गई। उक्‍तानुसार की गई कार्यवाही का विवरण एवं उससे संबंधित दस्‍तावेज पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। उक्‍तानुसार की गई कार्यवाही के परिप्रेक्ष्‍य में संबंधित अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्‍न नहीं उठता।

आ‍बकारी अधिनियम के तहत पंजीबद्ध प्रकरण

33. ( क्र. 1001 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिले में मध्‍यप्रदेश आबकारी (एक्‍ट) अधिनियम 1915 की धारा 34 (1) एवं 34 (2) के अंतर्गत कितने प्रकरण 31 मार्च 2015 से प्रश्‍न दिनाँक तक पंजीबद्ध कर दोषियों के खिलाफ जुर्माना अथवा सजा कराई गई है? जब्‍त मदिरा की मात्रा सहित विकासखण्‍डवार सूची उपलब्‍ध कराई जावे? (ख) दतिया जिले की सेंवड़ा व इंदरगढ़ तहसील में विभाग के कुल कितने अधिकारी कर्मचारी पदस्‍थ होकर यहां निवास करते हैं उनके नाम/पद एवं निवास स्‍थान की जानकारी उपलब्‍ध कराई जावे? (ग) क्‍या आबकारी विभाग के कोई भी अधिकारी कर्मचारी सेवढ़ा इंदरगढ़ में निवास नहीं करते, परिणामस्‍वरूप यहां मात्र 19 लायसेंसी दुकानें होने के अलावा अन्‍य सभी ग्रामों में अवैध रूप से मदिरा विक्रय का कारोबार हो रहा है, जिससे ग्रामों की युवा पीढ़ी पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है? (घ) आबकारी विभाग द्वारा वर्ष 2015-16 में सेवढ़ा तथा इंदरगढ़ तहसील के ग्रामों में किस-किस दिनाँक को छापामार कार्यवाही की गई है, जिसके दौरान कितने प्रकरण पंजीबद्ध कर जुर्माना अथवा सजा कराई गई दोषियों द्वारा मदिरा कहां से लाया जाना पाया गया, संबंधित ठेकेदार के खिलाफ क्‍या कार्यवाही की गई है?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) दतिया जिले में 31 मार्च 2015 से प्रश्‍न दिनाँक तक मध्‍यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34 (1) एवं 34 (2) के अंतर्गत आबकारी एवं पुलिस विभाग दतिया द्वारा कुल 775 प्रकरण पंजीबद्ध किये गये। निवर्तित प्रकरणों में दोषियों के विरूद्ध जुर्माना रूपये 274200 किया गया। शेष प्रकरणों में विवेचना जारी है। दर्ज प्रकरणों में विदेशी मदिरा 9261 बल्‍क लीटर, देशी मदिरा 4690.4 बल्‍क लीटर एवं हाथ भट्टी मदिरा 5347 बल्‍क लीटर एवं 250 किलो ग्राम महुआ, लहान जप्‍त की गई जानकारी पुस्‍तकालय में रखें परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) दतिया जिले की सेवढ़ा व इंदरगढ़ तहसील में आबकारी विभाग का 01 उपनिरीक्षक श्रीमती निधि गुप्‍ता एवं 02 आरक्षक संजय शर्मा एवं मनीष यादव पदस्‍थ है, जो मुख्‍यालय सेवढ़ा होने से सेवढ़ा में निवास करते है। श्रीमती निधि गुप्‍ता एवं मनीष यादव के निवास स्‍थान का पता केदारनाथ गुप्‍ता के मकान में सदर बाजार सेवढ़ा है। आबकारी आरक्षक संजय शर्मा सेवढ़ा वृत्‍त के साथ-साथ दतिया वृत्‍त में भी पदस्‍थ है। उनका मुख्‍यालय दतिया होने से निवास का पता 89-हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी दतिया है। (ग) आबकारी विभाग सेवढ़ा के अधिकारी/कर्मचारी मुख्‍यालय पर ही निवास करते है एवं अवैध मदिरा विक्रय की रोकथाम के लिये समय-समय पर दबिश एवं सूचना के आधार पर कार्यवाही की जाती है। सेवढ़ा, इंदरगढ़ क्षेत्र में शासन द्वारा स्‍वीकृत मदिरा दुकानों से मदिरा का विक्रय किया जाता है। मदिरा दुकानों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (घ) आबकारी विभाग द्वारा वर्ष 2015-16 में सेवढ़ा तथा इंदरगढ़ तहसील के ग्रामों में जिन दिनांको को अवैध मदिरा रोकथाम हेतु दबिश दिया जाकर प्रकरण कायम किये गये, की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-तीन अनुसार है। अवैध मदिरा निर्माण, धारण, परिवहन एवं विक्रय के दर्ज प्रकरणों में मदिरा ठेकेदार की संलिप्‍तता न पाये जाने से संबंधित के विरूद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गई।

सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना में कार्यरत ठेकेदारों की सूची

34. ( क्र. 1008 ) श्री लोकेन्द्र सिंह तोमर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना के फेस 1 में कार्य का संचालन एवं संधारण करने हेतु किन-किन ठेकेदारों को किस काम के टेण्‍डर दिये गये हैं? ठेकेदारों के नाम पता मोबाईल नम्‍बर सहित काम की सूची दें? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित परियोजना के ठेकेदारों के द्वारा कितने कुशल, अर्द्धकुशल व अकुशल मजदूर, किस कार्य के लिए लगाए गए हैं? उन मजदूरों के काम के अनुसार कितनी राशि बैंक खाते में जमा की जा रही है, तथा कितनी राशि पी.एफ. के नाम से काटी जा रही है? (ग) क्‍या सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना में कार्यरत ठेकेदारों के पास से काम करने वाले मजदूरों को बीच में काम छोड़ने पर किन मजदूरों को पी.एफ. की राशि बैंक खाते में जमा की गई है? उन मजदूरों की सूची जमा की गई पी.एफ. राशि सहित दें?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) म.प्र.पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना के फेस 1 (प्रथम चरण) में संचालन एवं संधारण कार्य हेतु दिये गये कार्यादेश से संबंधित फर्म का नाम एवं पता, दूरभाष क्रमांक तथा दिये गये कार्य का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' में दर्शाया गया है। (ख) उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित ठेकेदारों द्वारा लगाये गये कुशल, अर्द्धकुशल व अकुशल मजदूर, एवं किस कार्य के लिए लगाए गये से संबंधित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' में दर्शाये अनुसार है। ठेका कार्य में लगे हुए श्रमिकों को कलेक्‍टर द्वारा घोषित श्रमिक दर के अनुसार ठेकेदार द्वारा नियमानुसार 12% ई.पी.एफ. राशि की कटौती कर, नगद/बैंक के माध्‍यम भुगतान किया जाता है। ठेकेदार द्वारा स्‍वयं का ईपीएफ अंश 13.61% जोड़कर संबंधित श्रमिक के ईपीएफ खाते में जमा करवाया जाता है। (ग) जी हाँ। परियोजना में कार्यरत् ठेकेदारों के पास कार्यरत् मजदूरों में से बीच में काम छोड़ने वाले मजदूरों एवं उनकी ई.पी.एफ. खाते में जमा की गई पी.एफ. की राशि का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' में दर्शाये अनुसार है। 

सिक्‍यूरिटी कंपनी द्वारा मजदूरी का कम भुगतान

35. ( क्र. 1010 ) श्री लोकेन्द्र सिंह तोमर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना में कार्यरत राज सेक्‍यूरिटी कंपनी को किस दिनाँक से कार्य दिया गया है? इस कंपनी के द्वारा कितने कुशल, अर्द्धकुशल व अकुशल मजदूरों को काम दिया है? (ख) क्‍या प्रश्‍न (क) में उल्‍लेखित परियोजना के कमाण्‍डेंड ने लिखित रूप से स्‍वीकार किया है कि राज सेक्‍यूरिटी कंपनी के अंतर्गत कार्य करने वाले मजदूरों को मिनीमम वेजेस रेट से कम वेतन, 4200 रूपए नगद दिया जा रहा है? यदि हाँ, तो राज सेक्‍युरिटी कंपनी के खिलाफ अब तक क्‍या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, की गई है, तो उसका क्‍या कारण है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) मेसर्स राज सेक्‍यूरिटी कंपनी को म.प्र.पावर जनरेटिंग कंपनी के आदेश दिनाँक 16.10.2014 द्वारा 1 वर्ष के लिए कार्य दिया गया था एवं कार्य दिनाँक 19.10.2014 से प्रारंभ किया गया था। उसके पश्‍चात् आदेश दिनाँक 16.10.2015 द्वारा 1 माह के लिए एवं आदेश दिनाँक 16.11.2015 द्वारा 2 माह के लिए ठेका कार्य अवधि को विस्‍तारित किया गया है। मेसर्स राज सेक्‍यूरिटी कंपनी द्वारा 3 कुशल (सशस्‍त्र सुरक्षा सैनिक) एवं 68 अकुशल (सुरक्षा सैनिक) श्रमिकों को काम दिया गया है। (ख) श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना डोंगलिया में कमाण्‍डेंट के रूप में कोई अधिकारी कार्यरत् नहीं है वरन् परियोजना में म.प्र.पावर जनरेटिंग कंपनी के वरिष्‍ठ सुरक्षा अधिकारी पद पर एक अधिकारी पदस्‍थ है। वरिष्‍ठ सुरक्षा अधिकारी द्वारा लिखित में यह सूचित किया गया है कि माननीय विधायक महोदय द्वारा पूछने पर उनके द्वारा अनुमानित राशि रू. 4200/- सुरक्षा सैनिकों को दिया जाना बताया गया था जो कि अग्रिम के रूप में दी गई थी। तदुपरान्‍त राज सिक्‍यूरिटी कंपनी द्वारा पूछने पर बताया गया है कि वित्‍तीय स्थिति के दृष्टिगत विगत माह पूर्ण भुगतान के विरूद्ध वेतन अग्रिम के रूप में सुरक्षा सैनिकों को रू. 4000/- की राशि दी गई थी शेष राशि का भुगतान बाद में किया जाएगा। यह भी सूचित किया गया है कि उनके द्वारा विधायक महोदय को किसी प्रकार की मिथ्‍या जानकारी नहीं दी गई, वरन् अग्रिम वेतन राशि को मासिक वेतन बता दिया गया था। यह स्थिति उनको बाद में स्‍पष्‍ट हुई है। मेसर्स राज सिक्‍यूरिटी कंपनी द्वारा सुरक्षा सैनिकों को निर्धारित वेतन के अनुरूप ही वेतन दिया जा रहा है। अत: मेसर्स राज सिक्‍यूरिटी कंपनी के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई है।

ट्रांसफार्मर बदलने एवं मजरा-टोला बस्तियों का विद्युतीकरण

36. ( क्र. 1033 ) श्री रामसिंह यादव : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कोलारस विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत दिनाँक 15 नवम्‍बर 2015 की स्थिति में कहाँ-कहाँ के कौन-कौन से ट्रांसफार्मर किस योजना के कब-कब से फैल हैं? उक्‍त फैल ट्रांसफार्मर कब तक बदल दिए जाऐंगे? निश्चित समयावधि बताएं? (ख) कोलारस विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत स्‍थापित ट्रांसफार्मर लगभग 01 एवं 02 वर्ष से अधिक की अवधि से फेल हैं? इन्‍हें बदलने की कार्यवाही निर्धारित अवधि/सिटीजन चार्टर अनुसार क्‍यों नहीं की गई? (ग) कोलारस विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत दिनाँक 15 नवम्‍बर 2015 की स्थिति में कितने ग्राम विद्युत विहीन हैं? इनमें कब तक विद्युत प्रदाय सुचारू कर दिया जावेगा निश्चित समयावधि बतायें? (घ) कोलारस विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 15 नवम्‍बर 2015 की स्थिति में ऐसे कौन-कौन से ग्राम है, जिनमें किसी भी योजना के अन्‍तर्गत क्‍या-क्‍या अधूरा एवं अपूर्ण विद्युतीकरण कार्य किया है? जिसे पूर्ण न किए जाने के कारण विद्युत प्रदाय नहीं हो पा रहा है विद्युतीकरण हेतु शेष कार्य कब तक पूर्ण किया जावेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) कोलारस विधानसभा क्षेत्र में दिनाँक 15 नवम्‍बर, 2015 की स्थिति में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजनान्‍तर्गत स्‍थापित ट्रांसफार्मरों में से कुल 46 ट्रांसफार्मर फेल हैं, जिनकी प्रश्‍नाधीन चाही गई जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। उक्‍त ट्रांसफार्मरों पर शत् प्रतिशत बकाया राशि होने के कारण उन्‍हें बदला नहीं जा सका है। उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार बकाया राशि का 10 प्रतिशत जमा किए जाने पर उक्‍त फेल ट्रांसफार्मर प्राथमिकता के आधार पर बदल दिये जायेंगे, अत: वर्तमान में समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ख) उत्‍तरांश (क) अनुसार बदलने हेतु शेष ट्रांसफार्मरों के फेल होने की दिनाँक संलग्‍न परिशिष्‍ट में दर्शाए अनुसार है तथा इन ट्रांसफार्मरों पर शत्-प्रतिशत बकाया राशि होने के कारण उन्‍हें बदला नहीं जा सका है। (ग) कोलारस विधानसभा क्षेत्र के अन्‍तर्गत दिनाँक 15 नवम्‍बर, 2015 की स्थिति में 9 ग्राम डी-इलेक्ट्रिफाइड है। ठेकेदार एजेंसी मेसर्स डी कंट्रोल इलेक्ट्रिक (प्रा.) लिमिटेड, कानपुर को 12वीं पंचवर्षीय योजना में स्‍वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अन्‍तर्गत इन 9 डी-इले‍क्ट्रिफाइड ग्रामों सहित विद्युतीकरण का कार्य करने हेतु कार्यादेश दिया गया है। उक्‍त कार्य ठेकेदार एजेंसी द्वारा दिसम्‍बर, 2016 तक पूर्ण किया जाना है। (घ) कोलारस विधानसभा क्षेत्र के अन्‍तर्गत दिनाँक 15 नवम्‍बर, 2015 की स्थिति में ऐसा कोई भी ग्राम नहीं है, जिसमें किसी भी योजनान्‍तर्गत अधूरा/अपूर्ण विद्युतीकरण कार्य किया गया। 

परिशिष्ट - ''पंद्रह''

 

शिवपुरी नगर की मड़ीखेड़ा जल-आवर्धन योजना की प्रगति

37. ( क्र. 1034 ) श्री रामसिंह यादव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शिवपुरी नगर के लिए मड़ीखेड़ा जल-आवर्धन योजना दिनाक 31.03.2008 को स्‍वीकृत हुई है? यदि हाँ, तो स्‍वीकृत पत्र की छायाप्रति संलग्‍न कर जानकारी दें कि उक्‍त योजना का अनुबंध 26.09.2009 को संपादित हो जाने के बावजूद योजना का कार्य पूर्ण अभी तक क्‍यों नहीं हुआ है? (ख) क्‍या वर्ष 2013 में संचालक नेशनल पार्क ने काम रोक दिया? तथा कार्य के अत्‍याधिक विलंब के कारण कंपनी की आर्थिक स्थिति बिगड़ने के कारण दोशियान कंपनी ने संपूर्ण कार्य बंद कर दिया था? क्‍या कंपनी कार्य करने के लिए सिक्‍योर्ड बैंक गारंटी के विरूद्ध अग्रिम भुगतान मांग रही है? (ग) क्‍या 22 जुलाई 2014 को भोपाल में नगरीय विकास पर्यावरण मंत्री की अध्‍यक्षता में बैठक में सहम‍त होते हुए नगर पालिका परिषद् से जिला योजना समिति के माध्‍यम से प्रस्‍ताव मांगा था, जो कलेक्‍टर ने कार्यवाही पूर्ण कराकर अगस्‍त 2014 को प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन का भेज दिया था? क्‍या स‍हमति उपरांत आज दिनाँक तक नगर पालिका को स्‍वीकृत आदेश प्राप्‍त नहीं हुआ है जिसके कारण कार्य प्रारंभ नहीं हो पा रहा है? (घ) क्‍या कार्य प्रारंभ हेतु प्रश्‍नकर्ता के साथ प्रतिनिधि मण्‍डल जुलाई, 2015 में माननीय मुख्‍यमंत्री जी से उक्‍त कार्य से शीघ्र प्रारंभ कर यथाशीघ्र पूर्ण कराने हेतु मिला था? यदि हाँ, तो माननीय मुख्‍यमत्री जी के स्‍तर से क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? विवरण देवें?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। पत्र जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। माधव नेशनल पाक क्षेत्र में पाईप लाइन बिछाए जाने के कार्य में व्‍यवधान के फलस्‍वरूप कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। (ख) जी हाँ। दोशियान कंपनी ने कार्य बंद कर दिया था। इस कम्‍पनी की आर्थिक स्थिति के विषय पर अधिकृत जानकारी उपलब्‍ध नहीं है। जी हाँ। (ग) जी हाँ। प्रकरण पर सक्षम स्‍वीकृति प्राप्‍त करने की कार्यवाही प्रचलित है। (घ) जी हाँ। प्रकरण पर त्‍वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए है।

परिशिष्ट - ''सोलह''

जल प्रदाय योजना मद में खरीदी

38. ( क्र. 1072 ) श्री ठाकुरदास नागवंशी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र पिपरिया अंतर्गत विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण पचमढ़ी के अंतर्गत जल प्रदाय योजना मद में विगत 05 वर्षों में (वर्ष 2009-10 से 2014-15 तक) कितनी मोटर पंप, पाईप आदि सामग्री खरीदी गई? (ख) क्‍या इस सामग्री क्रय में भण्‍डार, क्रय नियमों का पालन नहीं किया गया? यदि हाँ, तो क्‍यों? यदि नहीं, तो खरीदी से संबंधित विज्ञप्ति, प्राधिकरण का प्रस्‍ताव, तुलनात्‍मक विवरण पत्रक आदि की जानकारी देवें? (ग) लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग द्वारा साडा को पचमढ़ी वाटर वर्क में हस्‍तांतरण होने के समय कितनी अनुपयोगी एवं उपयोगी सामग्री उपलब्‍ध थी? (घ) क्‍या अनुपयोगी सामग्री की नीलामी प्राधिकरण द्वारा की गई, क्‍या सक्षम स्‍वीकृति ली गई थी, क्‍या नियमों का पालन किया गया था?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है। 

सीधी जिले की महान परियोजना की तकनीकी स्‍वीकृति

39. ( क्र. 1102 ) श्री केदारनाथ शुक्ल : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी जिले की महान परियोजना तकनीकी स्‍वीकृति एवं दिनाँक तथा कुल लागत क्‍या है? नहरों की वर्तमान स्थिति क्‍या है? (ख) महान परियोजना बांध की कुल जल क्षमता कितनी है? नहरों का निर्माण बांध की क्षमता से क्‍या कई गुना अधिक नहीं है? (ग) गांव की सतह से कई मीटर गहरी नहर खोदकर गांवों में पानी कैसे दिया जायेगा? नहरों के निर्माण, गुणवत्‍ता की मॉनीटरिंग कौन कर रहा है? (घ) क्‍या सम्‍पूर्ण परियोजना की उच्‍च स्‍तरीय जाँच, अरबों रूपये अपव्‍यय की जाँच करायी जायेगी?
जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) महान परियोजना की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्‍वीकृति दिनाँक 08.05.2013 को रू.486.96 करोड़ की तथा परियोजना के द्वितीय चरण की प्रशासकीय स्‍वीकृति दिनाँक 18.08.2015 को रू.204.02 करोड़ की दी गई है। तकनीकी स्‍वीकृति संबंधी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। परियोजना की नहरें निर्माण के विभिन्‍न चरणों में है। (ख) प्रथम चरण में क्रेस्‍ट तक निर्मित जलाश्‍य की जीवित जल संग्रहण क्षमता 100.13 मि.घ.मी. है। जलाशय में गेट लगाकर गेट बंद करने पर जलाशय को पूर्ण जल स्‍तर तक भरकर जलाशय की जीवित जल संग्रहण क्षमता 203.917 मि.घ.मी. की जा सकती है। जी नहीं, प्रथम एवं द्वितीय दोनों चरणों के लिए पर्याप्‍त जल का प्रावधान है। (ग) परियोजना के कमाण्‍ड क्षेत्र की भौगोलिक संरचना अत्‍याधिक ऊँची-नीची होने के कारण कई स्‍थानों पर नहरें भूमि खोद कर (कटिंग रीच में) निकाली गई हैं। यद्यपि कटिंग रीच का क्षेत्र परियोजना के सैच्‍य क्षेत्र से बाहर है, परियोजना में उपलब्‍ध जल से कृषक स्‍वयं के साधनों से उद्वहन कर सिंचाई कर सकते है। नहर निर्माण एवं गुणवत्‍ता की मॉनिटरिंग कार्यपालन यंत्री, अधीक्षण यंत्री एवं मुख्‍य अभियंता करते है। प्रमुख अभियंता ने भी निरीक्षण किया है। कार्य की गुणवत्‍ता अच्‍छी होने से अपव्‍यय की स्थिति नहीं है। अत: प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 991 दिनाँक 01.07.2014 पर कार्यवाही

40. ( क्र. 1105 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नोत्‍तरी दिनाँक 01.07.2014 में मुद्रित प्रश्‍न संख्‍या 991 के तारतम्‍य में रीवा एवं जबलपुर की जिन फर्मों में कर अपवंचन के निर्धारण करना बताया था उनमें से किन-किन के निर्धारण कर लिए गए फर्मवार राशि संभागवार विवरण दें? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (ख) में वर्णित फर्मों द्वारा बड़ी मात्रा में कर अपवंचम किया गया है उनके पंजीयन निरस्‍त करते हुये अपराधिक प्रकरण दर्ज किए जायेंगे यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों कारण बताएं?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) प्रश्‍नांश '''' में वर्णित रीवा एवं सतना में 47 फर्मों द्वारा कर अपवंचन किए जाने संबंधी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। इनमें से 35 फर्मों के कर निर्धारण पश्‍चात राशि रूपये 2208.81 लाख के कर अपवंचन पाई गई 8 प्रकरणों में कर निर्धारण की कार्यवाही शेष है। 4 फर्मों पर निरंक कर अपवंचन पाया गया है। जबलपुर संभाग में 58 फर्मों द्वारा कर अपवंचन किए जाने संबंधी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। इनमें से 43 फर्मों के कर निर्धारण पश्‍चात राशि रूपये 2234.52 लाख के कर अपवंचन पाई गई तथा 11 प्रकरणों में कर निर्धारण की कार्यवाही शेष है। 4 फर्मों पर निरंक कर अपवंचन पाया गया है। (ख) विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 991 दिनाँक 01-07-2014 के प्रश्‍नांश '''' में वर्णित फर्म मेसर्स स्‍वेल माईन्‍स, कटनी पर बड़ी मात्रा में अर्थात रूपये 1,29,28,44,211/- वर्तमान स्थिति में बकाया है तथा उक्‍त फर्म का टिन नंबर 23606206423 मध्‍यप्रदेश, वेट अधिनियम, 2002 की धारा 17 (डी) के अंतर्गत वाणिज्यिक कर अधिकारी, कटनी द्वारा आदेश दिनाँक 26.03.2012 से निरस्‍त किया गया है। विभाग द्वारा कर अपवंचन की राशि की वसूली गंभीरतापूर्वक की जा रही है। आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाने की स्थिति नहीं है।

विद्युत लाईनों की चोरी

41. ( क्र. 1137 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैरसिया विधानसभा क्षेत्रांतर्गत विद्युत विभाग द्वारा कनेक्‍शन हेतु डाली गयी विद्युत लाईनों के तारों की चोरी के कितने प्रकरण वित्‍तीय वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में दर्ज हुये, इस पर क्‍या कार्यवाही हुयी? (ख) प्रश्‍नांश (क) के तारतम्‍य में जिन लाईन के तारों की चोरी हुयी, उन लार्इनों की वर्तमान में क्‍या स्थिति है? विद्युत सप्‍लाई कब तक बहाल हो जावेगी? (ग) विद्युत लाईनों की चोरी को रोकने हेतु भविष्‍य के लिये क्‍या कोई कार्य योजना बनायी जा रही है, जिससे इस राष्‍ट्रीय क्षति को रोका जा सके?
ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) म.प्र.म.क्षे.वि.वि.क.लिमिटेड के अंतर्गत बैरसिया विधानसभा क्षेत्र में तारों की चोरी के वित्‍तीय वर्ष 2014-15 में 10 प्रकरण एवं वित्‍तीय वर्ष 2015-16 में 4 प्रकरण हुए हैं। इन सभी प्रकरणों में पुलिस विभाग को सूचना देकर एफ.आई.आर. दर्ज करा दी गई है। (ख) उत्‍तरांश '''' में दर्शाए अनुसार वर्ष 2014-15 एवं वर्ष 2015-16 में दर्ज सभी 14 प्रकरणों में पुन: तार लगाकर विद्युत प्रदाय बहाल कर दिया गया है। (ग) विद्युत लाईनों के तारों एवं अन्‍य सामग्री की चोरी को रोकने के लिए म.प्र.म.क्षे.वि.वि.कं. लिमिटेड द्वारा समय-समय पर विभिन्‍न शिविरों के माध्‍यम से ग्राम-वासियों को जागरूक कर ऐसी घटनाओं की सूचना देने में सहयोग प्राप्‍त करने के प्रयास किये जा रहे हैं। साथ ही ऐसे चोरी संभावित क्षेत्रों में समय-समय पर पुलिस बल उपलब्‍ध होने पर रात्रि गश्‍त कर औचक निरीक्षण भी किया जा रहा है। 

विद्युत आपूर्ति की बहाली

42. ( क्र. 1138 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बैरसिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विभाग द्वारा निर्धारित ट्रांसफार्मर में से दिये गये ग्रामीण घरेलू विद्युत आपूर्ति में विद्युत देयकों की राशि जमा करने के बाद भी अन्‍य बकायादारों की राशि लंबित होने के कारण राशि जमा करने वाले उपभोक्‍ताओं को भी विद्युत आपूर्ति से वंचित रहना पड़ता है? (ख) क्‍या विभाग की ऐसे विद्युत देयकों की राशि समय पर जमा करने वाले उपभोक्‍ताओं की विद्युत आपूर्ति निर्बाध रूप से हो इसके लिये क्‍या कोई कार्ययोजना है, यदि नहीं, तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) बैरसिया विधानसभा क्षेत्र सहित म.प्र.म.क्षे.वि.वि.कं.लि. के अंतर्गत स्‍थापित वितरण ट्रांसफार्मरों से दिये गये ग्रामीण घरेलू सहित सभी श्रेणी के कनेक्‍शनों, जिन पर कोई बकाया राशि नहीं है, उनकी सतत् विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाती है तथापि विद्युत देयकों की राशि जमा होने के बाद भी अन्‍य बकायादारों की राशि लंबित होने के कारण विद्युत प्रदाय बाधित होने पर, ऐसे उपभोक्‍ताओं की विद्युत आपूर्ति की वैकल्पिक व्‍यवस्‍था के प्रयास किये जाते हैं। (ख) उत्‍तरांश  में दर्शाए अनुसार जमा राशि वाले उपभोक्‍ताओं का सतत् विद्युत प्रदाय बनाये रखने के प्रयास किये जाते हैं। पूर्व में जले/खराब ट्रांसफार्मर बदलने हेतु ट्रांसफार्मर पर बकाया राशि का 50 प्रतिशत जमा करना अनिवार्य था। राज्‍य शासन द्वारा वर्तमान में इसे शिथिल करते हुए 10 प्रतिशत किया है। 

भिण्‍ड विधानसभा के किसानों को सिंचाई के लिए पानी देना

43. ( क्र. 1148 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2015 से प्रश्‍नांश दिनाँक तक भिण्‍ड जिले में किन नहरों में सिंचाई हेतु कितना पानी छोड़ा गया? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अंतर्गत छोड़े गए पानी से किन किसानों को लाभ प्राप्‍त हुआ? (ग) जनवरी 2015 से प्रश्‍नांश दिनाँक तक सिंचाई के लिए भिण्‍ड विधानसभा क्षेत्र के किसानों को किस गांव के किसानों को कितना पानी मिला? (घ) क्‍या किसानों को सिंचाई के लिए भिण्‍ड विधानसभा क्षेत्र में पानी नहीं दिया गया? पानी के अभाव में फसल को नुकसान हुआ? पर्याप्‍त पानी न होने के बावजूद अन्‍य क्षेत्रों में पानी का दुरुपयोग हुआ? क्‍या नहर टूटने के कारण पानी का दुरुपयोग हुआ? ऐसा क्‍यों? जानकारी दें?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) से (घ) चंबल कॉम्‍पलेक्‍स परियोजना तथा राजघाट परियोजना से उपलबध जल की सीमा के भीतर परियोजनाओं की भिण्‍ड जिले की नहरों में यथासंभव आधिकाधिक जल उपलब्‍ध कराया गया है। प्रवाहित जल के प्रवेग की जानकारी संकलित एवं संधारित नहीं की जाती है। दोनों परियोजनाओं के कमाण्‍ड क्षेत्र के सैच्‍य क्षेत्र के सभी कृषकों को सिंचाई लाभ दिया गया है। जी नहीं। अल्‍प वर्षा तथा खरीफ सिंचाई के उपरांत उपलब्‍ध जल कम होने और राजस्‍थान से समय पर भरपूर जल नहीं मिलने के बावजूद भी संपूर्ण सैच्‍य क्षेत्र में पानी दिया गया है। जी नहीं। पानी के दुरूपयोग की स्थिति नहीं है। नहर संचालन के दौरान कृषकों द्वारा नहरों को काटी जाना अथवा जल प्रवेग से नहरों में क्षति होना एक सामान्‍य स्थिति है, जिसकी तत्‍काल मरम्‍मत कराई गई है।

त्रुटिपूर्ण विद्युत देयकों का समाधान

44. ( क्र. 1168 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विद्युत मण्‍डल द्वारा पनागर विधान सभा क्षेत्र में त्रुटिपूर्ण देयक उपभोक्‍तताओं को प्रदाय किये जा रहे हैं, जिसके कारण राशि जमा न होने पर अधिभार सहित राशि बहुत अधिक हो जाने की स्थिति में उपभोक्‍ता बिल जमा नहीं कर पा रहे हैं? (ख) क्‍या बी.पी.एल कार्ड धारकों एवं अन्‍य उपभोक्‍ताओं के बिल जमा न होने पर चल संपत्ति कुर्क करने का वारंट जारी किया जाता है? (ग) क्‍या शासन ऐसे विद्युत दयकों के समाधान के लिये कोई युक्तियुक्‍त कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं। (ख) विद्युत बिलों की बकाया राशि की वसूली हेतु नियमानुसार म.प्र. भू-राजस्‍व संहिता, 1959 की धारा 147 सहपाठित राज्‍य शासन की अधिसूचना दिनाँक 25 फरवरी 2004 के तहत् वांरट जारी करने की कार्यवाही की जाती है। (ग) मानवीय त्रुटिवश यदि किसी उपभोक्‍ता को गलत देयक दे दिया जाता है तो शिकायत/आवेदन प्राप्‍त होने पर तत्‍काल बिल में सुधार कर दिया जाता है एवं वितरण कंपनी के आदेशानुसार प्रत्‍येक वृत्‍त/संभाग/वितरण केन्‍द्र स्‍तर पर समय-समय पर शिविर लगाकर तत्संबंधी प्राप्‍त होने वाले आवेदनों का निराकरण तत्‍काल कर दिया जाता है। 

विधानसभा क्षेत्र पनागर की विधायक निधि की राशि का भुगतान न होने बाबत्

45. ( क्र. 1169 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पनागर विधानसभा क्षेत्र के विधायक निधि से नियमानुसार पूर्ण किये गये कार्यों की राशि विधायक निधि से स्‍थानांतरण होने के 10 माह व्‍य‍तीत हो जाने के बाद भी ठेकेदारों को भुगतान नहीं की गई है? (ख) विधायक निधि से स्‍थानांतरित राशि किस विभाग के पास रखी है एवं क्‍यों भुगतान नहीं कर रहे हैं? (ग) लंबित राशि का भुगतान कब तक होगा?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जी हाँ। (ख) योजनान्‍तर्गत राशि लेप्‍स हो गई है, इस कारण भुगतान नहीं किया जा सका है। (ग) शासन के तृतीय अनुपूरक बजट अनुमान में राशि प्राप्‍त करने हेतु प्रस्‍ताव प्रेषित किये गये है राशि प्राप्‍त होने के उपरांन्‍त आवंटित कर दी जावेगी।

माननीय मुख्‍यमंत्रीजी को लिखे पत्र पर कार्यवाही

46. ( क्र. 1178 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के द्वारा माननीय मुख्‍यमंत्री जी को दिनाँक 07 नवंबर, 2015 को पत्र लिखकर अवैध खनिज खनन एवं अवैध खनिज परिवहन के प्रकरणों में मध्‍य प्रदेश गौण खनिज नियम 1996 के नियम 53 के अनुसार न्‍यायपालिका के संबंध में दिए गए प्रावधानों का पूरे राज्‍य में पालन न किये जाने की जानकारी देकर कार्यवाही का निवेदन किया है? (ख) यदि हाँ, तो नियम 53 में अवैध खनिज एवं अवैध खनिज परिवहन के प्रकरणों की रिपोर्ट किस मजिस्‍ट्रेट के समक्ष प्रस्‍तुत किये जाने का प्रावधान दिया गया है, अवैध खनिज खननकर्ता एवं अवैध खनिज परिवहनकर्ता द्वारा समझौता न किये जाने पर प्रकरण सुनवाई के लिये किस मजिस्‍ट्रेट के समक्ष प्रस्‍तुत किये जाने का प्रावधान दिया गया है? (ग) नियम 53 में मजिस्‍ट्रेट के समक्ष रिपोर्ट प्रस्‍तुत करने एवं प्रकरण सुनवाई के लिये प्रस्‍तुत किए जाने के प्रावधानों से कौन-कौन सी छूट खनिज विभाग के किस स्‍तर के अधिकारी को राज्‍य शासन ने किस दिनाँक को प्रदान की है? (घ) प्रश्‍नकर्ता द्वारा माननीय मुख्‍यमंत्री जी को लिखे पत्र के आधार पर राज्‍य शासन के द्वारा किस दिनाँक को क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, की गई हो तो कारण बतावें, कब तक की जावेगी समय-सीमा बतावें?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। (ख) म.प्र. गौण खनिज नियम 1996 के नियम 53 (1) में प्रावधानित दंड को जिस मजिस्ट्रेट को विचारण किये जाने की शक्तियां प्राप्‍त है, उसके समक्ष प्रकरण प्रस्‍तुत किये जाने का प्रावधान है। (ग) प्रश्‍नानुसार कोई छूट प्रदान नहीं की गई है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) म.प्र. गौण खनिज नियम 1996 में प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित पत्र के विषय के संबंध में प्रावधान स्‍पष्‍ट है। अत: शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

किसानों के विरूद्ध धारा 135 एवं 139 की कार्यवाही

47. ( क्र. 1188 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश मध्‍य क्षेत्र वि.वि. कंपनी लिमिटेड भिण्‍ड के अन्‍तर्गत विद्युत अधिनियम की धारा 135 एवं धारा 139 के तहत 1 जनवरी,2014 से प्रश्‍न दिनाँक तक कितने किसानों के प्रकरण न्‍यायालय में प्रस्‍तुत किये गये हें एवं उनमें से कितने प्रकरणों में जेल भेजे गये हैं? (ख) क्‍या लहार तहसील के ग्राम कुरथर में पिछले 10 वर्षों से बिजली के खम्‍बों पर तार व ट्रांसफार्मर नहीं होने के बाद भी विद्युत वितरण केन्‍द्र आलमपुर द्वारा किसानों पर धारा-135 के तहत प्रकरण दर्ज कर किसानों को गिरफ्तार किया गया है? यदि हाँ, तो जब बिजली की आपूर्ति ही उपभोक्‍ताओं को नहीं की जा रही है तो उनके खिलाफ धारा-135 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध करने के क्‍या कारण हैं? (ग) क्‍या उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्‍पनी द्वारा उपभोक्‍ताओं को फर्जी एवं असत्‍य बिल दिए जाने की समीक्षा/जाँच कराकर उपभोक्‍ताओं को न्‍याय दिया जाएगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के भिण्‍ड के वृत्‍त के अन्‍तर्गत 01 जनवरी, 2014 से प्रश्‍न दिनाँक तक विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा-135 के तहत 55 प्रकरण न्‍यायालय में प्रस्‍तुत किये गये एवं धारा 139 के अन्‍तर्गत कोई भी प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है। उक्‍त सभी प्रकरण न्‍यायालय में निर्णय हेतु लंबित है। (ख) जी नहीं। दिनाँक 31.07.2015 को लहार तहसील के ग्राम कुरथर में स्‍थापित वितरण ट्रांसफार्मर से संबद्ध शतप्रतिशत उपभोक्‍ताओं पर रू. 20 लाख की विद्युत बिल की राशि बकाया होने के कारण ट्रांसफार्मर हटाकर विद्युत प्रदाय बंद किया गया है। इसके पूर्व 5 कृषकों पर विभिन्‍न धाराओं के अन्‍तर्गत विद्युत का दुरूपयोग करने के कारण प्रकरण दर्ज किए गए थे, जिनमें से एक कृषक द्वारा राशि जमा करा दी गई है तथा शेष 4 कृषकों द्वारा राशि जमा नहीं किये जाने के कारण 3 प्रकरण न्‍यायालय में प्रस्‍तुत किये गये हैं एवं 1 प्रकरण को न्‍यायालय में प्रस्‍तुत किये जाने की कार्यवाही की जा रही है। (ग) उत्‍तरांश (ख) में दर्शाए अनुसार मध्‍यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा नियमानुसार कार्यवाही की गई है, अत: प्रश्‍न नहीं उठता। 

सेवानिवृत्ति के बाद अफसरों की पुर्ननियुक्ति

48. ( क्र. 1197 ) श्री मुकेश नायक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश शासन के लोक निर्माण विभाग और जलसंसाधन विभाग में प्रमुख अभियंता (इंजीनियर इन चीफ) तथा मुख्‍य अभियंता पदों पर कितने अधिकारी सेवानिवृत्ति आयु पूरी करने के बाद भी पदों पर पदस्‍थ हैं? उनके नाम और पद स्‍थापना की जानकारी दीजिए? (ख) इन विभाग प्रमुखों को सेवानिवृत्ति के बाद भी सेवाकाल में वृद्धि देने और विभाग प्रमुख पद पद रखे जाने के पीछे क्‍या कारण हैं और वरिष्‍ठ पदों पर सेवाकाल के बाद फिर से नियुक्ति देने के संबंध में क्‍या शासन की कोई स्‍थाई नीति है? यदि हाँ, तो क्‍या? (ग) क्‍या भ्रष्‍ट्राचार के आरोपों से घिरे और लोकायुक्‍त तथा न्‍यायालयों में विवाद में फंसे वरिष्‍ठ अधिकारियों को भी सेवानिवृत्ति होने के बाद फिर से नियुक्ति दी गई है? यदि हाँ, तो विस्‍तार से सकारण जानकारी दीजिए?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जानकारी निम्‍नानुसार है :- (1) लोक निर्माण विभागनिरंक, (2) जल संसाधन विभाग -1, श्री एम.जी. चौबे, संविद