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मध्य प्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-अप्रैल, 2016 सत्र


मंगलवार, दिनांक 15 मार्च, 2016


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर



(वर्ग 4 : लोक निर्माण, वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार, खेल एवं युवा कल्याण, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, वन, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास, उच्च शिक्षा)

नेवज/पार्वती नदी पर पुल निर्माण

1. ( *क्र. 5985 ) श्री इन्‍दर सिंह परमार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कालापीपल विधानसभा क्षेत्रांतर्गत लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग द्वारा वर्ष 2011-12 से 2015-16 तक किन-किन नदियों पर पुल निर्माण की प्रशासकीय स्‍वीकृति प्राप्‍त हुई है? (ख) नेवज नदी पर ग्राम बोल्‍दा के पास एवं पार्वती नदी पर देहरी घाट के पास क्‍या पुल स्‍वीकृत किये गये हैं? यदि हाँ, तो क्‍या पुल निर्माण हेतु निविदा आमंत्रित की गई है? कार्यादेश किस एजेंसी को दिया गया है, कार्यादेश अनुसार कार्य पूर्ण करने की अवधि क्‍या है? कार्यवार जानकारी देवें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''एक''

कौशल विकास केन्‍द्र के कर्मियों की वेतन वृद्धि

2. ( *क्र. 6312 ) श्री पुष्‍पेन्‍द्र नाथ पाठक : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या औद्योगिक प्रशिक्षण संस्‍थान से प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण प्राप्‍त करने के बाद सरकारी नौकरी प्राप्‍त कर सकते हैं और कौशल विकास केन्‍द्र के प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण उपरांत स्‍वयं का धंधा छोटा सा स्‍थापित कर सकते हैं? क्‍या दोनों का काम प्रशिक्षण देना है? (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर संस्‍थान के अधिकारी एवं कर्मचारी नियमित हैं और वेतनवृद्धियों के साथ-साथ संपूर्ण वेतन प्राप्‍त कर रहे हैं, जबकि कौशल विकास केन्‍द्र के अधिकारी एवं कर्मचारी बिना वेतनवृद्धि के वर्षों से संविदा पर कार्य कर रहे हैं, ऐसा क्‍यों? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर जब दोनों का कार्य प्रशिक्षण देना है तो फिर नियमित एवं संविदा जैसा नियुक्ति दोष इन अधिकारी एवं कर्मचारियों की स्‍थापना में क्‍यों है? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर क्‍या कौशल विकास के अधिकारी एवं कर्मचारियों का नियमित या संविदा वेतन बढ़ाया जाएगा?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) जी हाँ। कौशल विकास केन्‍द्रों में अल्‍प अवधि के आवश्‍यकतानुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित होने के कारण संविदा नियुक्ति का प्रावधान है। (ग) प्रश्‍नांश '''' अनुसार। (घ) संविदा पर नियुक्‍त कर्मचारी/अधिकारियों के मानदेय बढ़ाये जाने की कार्यवाही प्रचलन में है।

नरसिंहपुर एवं इंदौर जिले में पी.आई.यू. के तहत निर्माण कार्य

3. ( *क्र. 6373 ) श्री जालम सिंह पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नरसिंहपुर एवं इंदौर जिले में पी.आई.यू. के तहत कुल कितने निर्माण कार्य कितनी-कितनी लागत के किए जा रहे हैं? (कार्यवार 1 जनवरी, 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक की जानकारी दें.) (ख) उपरोक्‍त में से कौन-कौन से कार्य में कितना-कितना विलंब हुआ है एवं उसके कारण लागत में कितनी-कितनी वृद्धि हुई है? (ग) क्‍या उपरोक्‍त कार्यों के गुणवत्‍ताहीन होने संबंधी शिकायतें प्राप्‍त हुईं हैं, हाँ तो उनका भौतिक सत्‍यापन किस अधिकारी द्वारा किया गया एवं क्‍या-क्‍या कमियां पाईं गईं? (घ) उक्‍त निर्माण कार्य किस-किस एजेंसी के माध्‍यम से कराए जा रहे हैं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' एवं ''अ-1'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। (ग) जिला इन्‍दौर में शिकायत निरंक अत: भौतिक सत्‍यापन का प्रश्‍न ही नहीं उठता, नरसिंहपुर की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''ब-1'' अनुसार है। (घ) जिला नरसिंहपुर की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' एवं ''अ-1'' अनुसार है।

वन मण्‍डल ग्‍वालियर में कराये गये कार्य

4. ( *क्र. 5810 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 अप्रैल, 2013 से 31 अक्‍टूबर, 2015 तक वन मण्‍डल ग्‍वालियर में कितने कूपों में परकोलेशन टैंक वन्‍य प्राणियों के पीने के पानी हेतु तालाब, पानी रोकने की खन्‍ती कन्‍टूर ट्रैंच निर्माण कराया गया है? कूपवार, परिक्षेत्रवार, स्‍थलवार, लम्‍बाई एवं घनमीटर वाईज़ स्‍पष्‍ट करें। (ख) प्रश्‍नांक (क) अनुसार उक्‍त निर्माण कार्यों में प्रत्‍येक कार्य वाइज़ कितनी-कितनी वित्‍तीय स्‍वीकृति थी तथा कितना-कितना व्‍यय किया गया, निर्माण कार्य किस-किस कर्मचारी/अधिकारी के सुपरवि‍ज़न में किस-किस निर्माण एजेन्‍सी/ठेकेदार से कराया गया? क्‍या उक्‍त निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपरान्‍त सं‍बंधित तकनीकी विभाग से उनकी गुणवत्‍ता का सर्टीफिकेट लिया गया है? यदि हाँ, तो कार्य तथा परिक्षेत्र वाईज़ स्‍पष्‍ट करें? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण सहित स्‍पष्‍ट करें। (ग) ग्‍वालियर जिले में किन-किन वन समितियों द्वारा वाहन चालकों, वन सुरक्षा कार्यों पर 1 अप्रैल, 2012 से 31 मार्च, 2015 तक कितनी राशि व्‍यय की गयी? समिति का नाम कार्य एवं व्‍यय की गयी राशि की जानकारी दें।

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1, 2 एवं 3 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 4 अनुसार है।

कटनी वन मंडल अंतर्गत स्‍थापित वन जाँच नाके

5. ( *क्र. 3332 ) कुँवर सौरभ सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कटनी वन मंडल के अंतर्गत वन जाँच नाके कहाँ-कहाँ कब से स्‍थापित हैं तथा उक्‍त नाके स्‍थापित किए जाने के क्‍या प्रावधान/निर्देश हैं? की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के स्‍थापित जाँच नाके, यदि नियम विरूद्ध हैं तो उन्‍हें कब समाप्‍त किया जावेगा तथा उक्‍त नाकों में वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई? उक्‍त कर्मचारियों में से कौन-कौन दैनिक वेतन में कार्यरत हैं? इनमें किन-किन की उक्‍त अवधि में क्‍या शिकायतें हैं, उनकी जाँच कब-किसने की?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एवं अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) में स्थापित कोई भी जाँच नाका नियम विरूद्ध नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। वर्ष 2013-14 से पदस्थ कर्मचारियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। इनमें से श्री अनिल कुमार मिश्रा, वनपाल के विरूद्ध अवैध वसूली के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई है, जिसकी जाँच फरवरी, 2016 में सहायक वन संरक्षक एवं संलग्नाधिकारी, श्री टी.सी. पाल द्वारा की गई है।

प्राचीन मंदिरों का जीर्णोद्धार/घाट निर्माण

6. ( *क्र. 6294 ) श्री सचिन यादव : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) कसरावद विधान सभा क्षेत्रांतर्गत मां नर्मदा किनारे ग्राम सांयता में विगत 500 वर्ष पुराने शालीवाहन शिव मंदिर परिसर में दर्शनार्थियों के ठहरने हेतु धर्मशाला के निर्माण, ग्राम पानवा माता मंदिर के जीर्णोद्धार एवं घाट निर्माण, ग्राम कठोरा में 200 वर्ष पुराने श्रीराम मंदिर के जीर्णोद्धार एवं ग्राम सगूर भगूर विकासखण्‍ड भीकनगांव में माता मंदिर के जीर्णोद्धार तथा घाट निर्माण को पूर्ण कराये जाने के लिए प्रश्‍नकर्ता द्वारा जिला कलेक्‍टर खरगोन, धार्मिक न्‍यास एवं धर्मस्‍व विभाग एवं माननीय मंत्री जी को लिखे कितने पत्र प्राप्‍त हुए और उस पर प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्नांश (क) में दर्शित मंदिरों के निर्माण कार्यों की स्‍वीकृति कब तक जारी की जायेगी और उक्‍त सभी कार्यों को कब तक पूर्ण करा दिया जायेगा?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) कसरावद विधानसभा क्षेत्रांतर्गत मां नर्मदा किनारे ग्राम सांयता में विगत 500 वर्ष पुराने शालीवाहन शिव मंदिर परिसर में दर्शनार्थियों के ठहरने हेतु धर्मशाला के निर्माण, ग्राम पानवा के जीर्णोद्धार एवं घाट निर्माण, ग्राम कठोरा में 200 वर्ष पुराने श्रीराम मंदिर के जीर्णोद्धार संबंधी कोई प्रस्‍ताव विभाग को प्राप्‍त नहीं हुआ है। जनपद पंचायत भीकनगांव ग्राम सगूर भगूर तहसील भीकनगांव में छोटी माता मंदिर के घाट निर्माण हेतु विधायक निधि से 5 लाख रूपये वर्ष 2007-08 में स्‍वीकृत किये जाकर ग्राम पंचायत द्वारा उक्‍त घाटों का निर्माण करा दिया गया है एवं सांसद निधि से वर्ष 2011-12 में बड़ी माता मंदिर के घाट निर्माण व मंदिर के जीर्णोद्धार हेतु ग्रामीण यांत्रिकी विभाग को कार्य हेतु 8 लाख रूपये स्‍वीकृत किये गये थे, संबंधित विभाग द्वारा कार्य पूर्ण करा दिया गया है। (ख) प्रस्‍ताव प्राप्‍त होने पर कार्यवाही की जाती है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

पशु मेले के आयोजन हेतु बजट का आवंटन

7. ( *क्र. 2538 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यानसिंह सोलंकी : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) खरगोन जिला अंतर्गत जनपद पंचायत, बड़वाहा के ग्राम पंचायत बॉगरदा में प्रतिवर्ष शहीद दिवस 30 जनवरी से पशु मेले का आयोजन जनपद पंचायत द्वारा किया जाता है, उक्‍त मेले में पशुओं की बिक्री में आई गिरावट से मेला आयोजन में बजट आवंटन किये जाने एवं ग्राम बॉगरदा में प्रदेश का एक मात्र भारत माता के मंदिर के जीर्णोद्धार के लिये शासन स्‍तर पर क्‍या कार्यवाही की जा रही है। (ख) पशु मेला आयोजन करने के लिये बजट आवंटन एवं भारत माता मंदिर के जीर्णोद्धार के लिये प्रश्‍नकर्ता द्वारा शासन स्‍तर पर कितने पत्र जारी किये गये हैं एवं विभाग द्वारा इस पर क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) क्‍या राज्‍य शासन प्रश्नांश (ख) के अनुसार प्रश्‍नकर्ता के प्रस्‍ताव पर कोई विचार कर आवंटन स्‍वीकृत करेगा? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

प्राचीन मंदिरों का जीर्णोद्धार

8. ( *क्र. 2919 ) श्री राजेश सोनकर : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री महोदय द्वारा ग्राम पंचायत देवगुराड़ि‍या एवं ग्राम पंचायत मुण्‍डला दोस्‍तदार में मंदिर निर्माण हेतु कोई घोषण की थी? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में प्राचीन गुटकेश्‍वर मंदिर एवं केवड़ेश्‍वर मंदिर, जो कि लोक माता अहिल्‍याबाई द्वारा बनाये गये हैं, के जीर्णोद्धार हेतु धार्मिक न्‍यास एवं धर्मस्‍व विभाग ने जिला प्रशासन को मंदिर जीर्णोद्धार हेतु कोई राशि आवंटित की थी? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में यदि हाँ, तो उक्‍त प्राचीन मंदिरों का जीर्णोद्धार किस विभाग द्वारा कराया जायेगा? क्‍या मंदिर निर्माण ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के माध्‍यम से कराये जाने की कोई योजना थी? क्‍या विभाग द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक टेण्‍डर प्रक्रिया की गई है? यदि नहीं, तो संबंधित विभाग द्वारा टेण्‍डर क्‍यों नहीं बुलाये जा रहे हैं? (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में धार्मिक न्‍यास एवं धर्मस्‍व विभाग द्वारा मंदिरों के जीर्णोद्धार हेतु स्‍वीकृत राशि यदि लेप्‍स होती है, तो क्‍या आगामी वित्‍तीय वर्ष में पुन: स्‍वीकृति दी जायेगी? राशि लेप्‍स होने के पीछे जिम्‍मेदारों पर कोई कार्यवाही की जा रही है व कब तक मंदिर जीर्णोद्धार कार्य प्रारंभ करा लिया जायेगा?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ, प्राचीन मंदिर गुटकेश्‍वर मंदिर हेतु रूपये 25.00 लाख एवं केवड़ेश्‍वर महादेव मंदिर हेतु रूपये 25.34 लाख की प्रशासकीय स्‍वीकृति सहित राशि ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग इंदौर को दी गई है। (ग) उक्‍त कार्यों की निर्माण एजेंसी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा है। प्रथम आमंत्रण ई-निविदा क्रमांक 19 दिनांक 15/1/2016 को आमंत्रित की गई थी, जिसमें एकल निविदा प्राप्‍त होने से पुन: द्वितीय आमंत्रण ई-निविदा सूचना क्रमांक 22 दिनांक 9/2/2016 को आमंत्रित की गई, जो दिनांक 26/2/2016 को खोली गई। जिसे स्‍वीकृति हेतु दिनांक 27/2/2016 को सक्षम अधिकारी को प्रस्‍तुत की गई। (घ) निर्माण एजेंसी द्वारा कार्यवाही प्रारंभ की गई है। जीर्णोद्धार का कार्य शीघ्र ही प्रारंभ किया जा रहा है। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। समय-सीमा में निर्माण कार्य न होने पर पुन: आवंटन दिये जाने पर विचार किया जावेगा।

ग्राम नरसिंगा से पिरझलार तक मार्ग का निर्माण

9. ( *क्र. 6206 ) श्री मुकेश पण्‍ड्या : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़नगर विधानसभा क्षेत्र में ग्राम नरसिंगा से पिरझलार तक का मार्ग किस योजना के तहत किस वर्ष में स्‍वीकृत किया गया तथा कितनी राशि का तथा कितने कि.मी. का स्‍वीकृत किया गया है? उपरोक्‍त मार्ग के लिए किस एजेंसी को अधिकृत किया गया है? (ख) वर्तमान में उपरोक्‍त कार्य की क्‍या स्थिति है? एजेंसी द्वारा कितना कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा किस अधिकारी द्वारा कार्य की गुणवत्‍ता को देखे बिना ही भुगतान कर दिया गया तथा कितनी राशि का भुगतान किया गया है? (ग) उपरोक्‍त मार्ग बनने के समय ही जीर्ण-शीर्ण हो गया है? इसके संदर्भ में ठेकेदार को कितनी बार नोटिस जारी किया गया है? क्‍या ठेकेदार को इस कार्य के लिए उपयोगिता प्रमाण पत्र जारी किया गया है? यदि हाँ, तो किस इंजीनियर के द्वारा उपयोगिता प्रमाण पत्र जारी किया गया है? (घ) उक्‍त मार्ग का निर्माण कब तक पूर्ण हो जायेगा? प्रश्‍न दिनांक तक कार्य पूर्ण क्‍यों नहीं किया गया? क्‍या कार्य एजेंसी के द्वारा किये गये कार्य की जाँच की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (घ) विस्‍तृत जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''दो''

बागली विधान सभा क्षेत्र में वन परिक्षेत्रों की संख्‍या

10. ( *क्र. 6394 ) श्री चम्पालाल देवड़ा : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) देवास जिले के बागली विधान सभा क्षेत्र में कुल कितने वन परिक्षेत्र हैं? इनमें कितने बीट हैं? कितनी सब रेंज हैं? इनमें वन परिक्षेत्र उदयनगर में कौन-कौन से विभिन्‍न पद स्‍वीकृत हैं व कहाँ-कहाँ कब से रिक्‍त हैं? (ख) वन परिक्षेत्र उदयनगर से जून-जुलाई 2015 में कितने वन रक्षक, वनपाल, उपवन क्षेत्रपाल के स्‍थानांतरण किये गये? क्‍या यह शासन की निर्धारित ट्रांसफर नीति के अंतर्गत किये गये? एक साथ अधिक संख्‍या में इन क्षेत्रों से स्‍थानांतरण किये जाने का क्‍या कारण था? (ग) प्रश्‍नांकित वन परिक्षेत्र तीन जिलों की सीमाओं से संलग्‍न है? इसके उपरांत भी अधिक संख्‍या में स्‍थानांतरण से विभाग में अस्थिरता व वन परिक्षेत्र की सीमाओं की सुरक्षा का संकट उत्‍पन्‍न नहीं होगा?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) देवास जिले के बागली विधान सभा क्षेत्र में कुल 07 वन परिक्षेत्र हैं। इनमें 133 बीट व 35 सबरेंज हैं। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्‍नाधीन अवधि में परिक्षेत्र उदयनगर से किसी वन रक्षक, वनपाल, उप वनक्षेत्रपाल के स्‍थानांतरण नहीं किये गये हैं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) वन परिक्षेत्र उदयनगर की सीमा 3 जिलों की सीमाओं से संलग्‍न है। रिक्‍त बीटों की सुरक्षा समीप के कर्मचारियों को अतिरिक्‍त प्रभार में रखकर कराये जाने से अस्थिरता व वनों की सुरक्षा का कोई संकट नहीं है।

परिशिष्ट - ''तीन''

कन्‍या महाविद्यालय के भवन का उपयोग

11. ( *क्र. 6334 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ जिले के जिला मुख्‍यालय पर कन्‍या महाविद्यालय स्‍वीकृत किया गया था? यदि हाँ, तो स्‍वीकृति की दिनांक एवं वर्ष बतावें एवं आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें? (ख) क्‍या यह वर्तमान में संचालित है? यदि नहीं, तो इसके बंद होने का क्‍या कारण है? क्‍या बालिकाओं के अध्‍ययन की सुविधा को देखते हुये शासन इसे पुन: प्रारंभ करेगा? यदि हाँ, तो कब तक और नहीं तो क्‍यों नहीं? (ग) क्‍या कन्‍या महाविद्यालय के स्‍वीकृत होने के बाद इसके लिये नवीन भवन भी निर्माण कराया गया था? यदि हाँ, तो उक्‍त महाविद्यालय बंद करने के बाद उस महाविद्यालय के भवन का किसके द्वारा और क्‍या उपयोग किया जा रहा है? (घ) क्‍या भवन का उपयोग नहीं होने तथा देखरेख नहीं होने से भवन क्षतिग्रस्‍त नहीं हो रहा है? क्‍या शासन उक्‍त भवन को क्षतिग्रस्‍त होने से बचाने के लिये किसी अन्‍य शासकीय विभाग को भवन किराये पर देगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। म.प्र. शासन, उच्च शिक्षा विभाग के आदेश क्रमांक 487/37/यो./87, दिनांक 13.07.1987 के द्वारा सत्र 1987-88 से राजगढ़ में कन्या महाविद्यालय स्वीकृत किया गया। (ख) जी नहीं। जिला योजना समिति के निर्णय के परिप्रेक्ष्य में कलेक्टर जिला राजगढ़ के आदेश क्रमांक 1720/जीयोस/2002, दिनांक 28.06.2002 द्वारा शासकीय बालक महाविद्यालय राजगढ़ में कन्या महाविद्यालय सम्मिलित किया गया। जी नहीं। वर्तमान में शासन द्वारा पूर्व से संचालित महाविद्यालयों के सुदृढ़ीकरण गुणवत्ता एवं उनके विकास के प्रयास किये जा रहे हैं। अत: कन्या महाविद्यालय को प्रारंभ करने में कठिनाई है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (घ) शासकीय कन्या महाविद्यालय प्रारंभ तिथि से पुराने बस स्टैण्‍ड पर स्थित शासकीय पी.जी. महाविद्यालय के भवन में संचालित था। कलेक्टर के आदेश क्रमांक 1722/जी.यो.स./02, दिनांक 28.06.2002 द्वारा उक्त भवन हाईस्कूल, पुरा राजगढ़ को आवंटित किया गया तथा कन्या महाविद्यालय का शासकीय पी.जी. महाविद्यालय, राजगढ़ में विलय किया गया। विलय होने के उपरांत महाविद्यालय की कक्षाएँ कन्या छात्रावास में संचालित की गईं। वर्तमान में पूर्व में संचालित किये जा रहे कन्या महाविद्यालय का भवन पूर्णत: ध्वस्त हो चुका है। अत: किराये पर दिये जाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। वर्तमान में कन्या छात्रावास भवन में विधि की कक्षाएँ संचालित की जा रही हैं।

कुलपति के विरूद्ध प्रचलित जाँच

12. ( *क्र. 6036 ) श्री आरिफ अकील : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बरकतउल्‍लाह विश्‍वविद्यालय के कुलपति श्री एम.डी. तिवारी के विरूद्ध प्रदेश में व अन्‍य प्रदेश में पदस्‍थी के दौरान गबन, वित्‍तीय अनियमितताएं व अवैध नियुक्तियों आदि की जाँच प्रचलन में हैं? यदि हाँ, तो कौन-कौन सी जांचें कब-कब से प्रचलन में हैं और कौन-कौन सी जांचों में दोषी पाये गये? पद व पदस्‍थी स्‍थान सहित वर्षवार बतावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में श्री एम.डी. तिवारी की गोपनीय चरित्रावली का अवलोकन एवं अधिनियम का पालन किए बगैर कुलपति के पद पर पदस्‍थ किए जाने के लिए कौन-कौन दोषी हैं तथा श्री तिवारी की डी.पी.सी. में किन-किन अधिकारियों द्वारा अनुसंशा की गई? उनके नाम, पद सहित बतावें

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल में श्री एम.डी. तिवारी के कुलपति पदस्थ होने के दौरान विभिन्न अनियमितताओं की शिकायतों की जाँच हेतु कुलाधिपति सचिवालय के आदेश क्रमांक एफ-3-3/2015/रास/ यूए-1/1218 दिनांक 09.10.2015 द्वारा मान. न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) श्री ए.के. गोहिल भोपाल को जाँच अधिकारी नियुक्त किया गया, जिसके अनुसार छ: सप्ताह में जाँच प्रतिवेदन प्रस्तुत करना था। इसके पश्चात क्रमश: पत्र दिनांक 24.11.2015 द्वारा 08 सप्ताह एवं 25.01.2016 द्वारा जाँच अवधि को दिनांक 30.03.2016 तक बढ़ाया गया है। श्री तिवारी के विरूद्ध आई.आई.आई.टी. इलाहाबाद में डायरेक्टर पद पर पदस्थगी के दौरान की गई अनियमितता की शिकायत उच्च शिक्षा विभाग को प्राप्त हुई थी। जिसे पत्र क्रमांक 615/819/2015/38-3 दिनांक 15.04.2015 द्वारा नियमानुसार आगामी कार्यवाही हेतु कुलाधिपति सचिवालय को अग्रेषित की गई। जाँच कार्यवाही प्रचलित होने से शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) म.प्र. विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 के प्रावधान अनुसार कुलाधिपति सचिवालय की अधिसूचना दिनांक 19.02.2014 द्वारा तीन सदस्यीय समिति (डी.पी.सी. नहीं) नियुक्त की गई थी, जिसके अध्यक्ष प्रो. देवस्वरूप, कुलपति राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर थे एवं सदस्य प्रो. दिनेश सिंह, कुलपति, ​दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली एवं श्री विवेक कृष्ण तन्खा, वरिष्ठ अधिवक्ता, नई दिल्ली थे। समिति द्वारा अनुशंसित पैनल में से कुलाधिपति जी ने आदेश दिनांक 25.04.2014 द्वारा श्री एम.डी. तिवारी को 04 वर्ष के लिए कुलपति नियुक्त किया।

फोरलेन मार्ग निर्माण की जाँच

13. ( *क्र. 4087 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिनांक 23.01.2016 को अटेर रोड पुलिया से पुस्‍तक बाजार भिण्‍ड तक फोरलेन मार्ग का निर्माण घटिया होने के संबंध में शिकायती पत्र प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग को दिया था? यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) कार्यालय प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग भोपाल के पत्र क्रमांक 17/सी/उत्‍तर/2016/80, दिनांक 28.1.2016 मुख्‍य अभियंता लोक निर्माण ग्‍वालियर को जाँच कर प्रतिवेदन भेजने हेतु निर्देशित किया गया? यदि हाँ, तो क्‍या जाँच प्रतिवेदन प्रश्‍नांश दिनांक तक प्राप्‍त हो चुका है? (ग) प्रश्नांश (ख) में जाँच में क्‍या कमियाँ पायी गई? कमियों को दूर करने के लिए क्‍या उपाय किए गए? किस प्रयोग शाला में प्रयुक्‍त सामग्री का परीक्षण किया गया? परीक्षण रिपोर्ट क्‍या प्राप्‍त हुई? (घ) प्रश्नांश (क) में निर्माण कार्य कब तक पूर्ण हो जायेगा, वर्णित मार्ग के किनारे कितनी पट्टी सुरक्षित रखी गई है? कहाँ पर नाला निर्माण हुआ? कहाँ पर नाला निर्माण नहीं हुआ?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। शिकायत की जाँच प्रचलित है। (ख) जी हाँ। जी नहीं। (ग) जाँच प्रचलन में है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (घ) 31/03/2016 तक पूर्ण होने की संभावना है। वर्णित मार्ग के दोनों ओर के नालों के पश्चात् आर.ओ.डब्ल्यू. से बची हुयी भूमि सुरक्षित पट्टी के रूप में मान्य होगी। मार्ग के दाहिनी ओर चैनेज 10 मी. से 230 मी. तक (लं. 220 मी.) चैनेज 255 मी. से 570 मी. तक (315 मी.) एवं चैनेज 590 मी. से 640 मी तक (लं. 50 मी.) तथा मार्ग की बायीं ओर 10 मी. से 230 मी. तक (लं. 220 मी.) कुल लंबाई 805 मी. में नाला निर्माण कार्य हुआ है। मार्ग के शेष भाग में नाला निर्माण कार्य प्रगति पर है।

दमोह से गैसावाद सिमरिया मार्ग का निर्माण

14. ( *क्र. 4472 ) श्री लखन पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या एम.पी.आर.डी.सी. द्वारा दमोह से गैसावाद सि‍मरिया मार्ग का निर्माण कराया गया है? यदि हाँ, तो किस ठेकेदार द्वारा? कार्य की लागत व रोड निर्माण किये जाने की समयावधि बताएँ। (ख) सड़क निर्माण में सी.आर.एम. एवं डब्‍ल्‍यू.एम.एम. व डामरीकारण कार्य लाइमस्‍टोन से किया जा सकता है या नहीं? (ग) ठेकेदार द्वारा किस पत्‍थर की कितनी रॉयल्‍टी जमा की गई? अलग-अलग बतायें। (घ) कार्य की वास्‍तविक लागत कितनी थी एवं कार्यपूर्ण होने में लागत से अधिक कितना व्‍यय किया गया एवं निर्माण कार्य से स्‍वीकृत डी.पी.आर. से कौन सा कार्य अधिक कराया गया एवं क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। मेसर्स मोंटेकालो कंस्‍ट्रक्‍शन लिमिटेड अहमदाबाद। अनुबंधानुसार कार्य की लागत रू. 801766621.34 अनुबंधानुसार कार्य की प्रारंभ दिनांक 19.07.2011 एवं पर्यवेक्षण सलाहकार द्वारा कार्य पूर्णता दिनांक 10.01.2015 को दिया गया। (ख) जी नहीं। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (घ) अनुबंधानुसार कार्य की लागत रू. 801766621.34 अद्यतन लागत से अधिक खर्च राशि रू. 27,86,38,303.09 शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

परिशिष्ट - ''चार''

जय किसान .org द्वारा वित्‍तीय अनियमितता

15. ( *क्र. 2778 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जय किसान .org ने प्रदेश सरकार से अनुमति लेकर बैंक की समस्‍त सुविधाएं मुहैया कराने हेतु बैकिंग सिस्‍टम लागू करने का कार्य किया है? (ख) यदि हाँ, तो प्रदेश के किन-किन जिलों में यह कार्य किया गया है? विवरण सहित बतावें। (ग) क्‍या जय किसान .org द्वारा छल पूर्वक आम लोगों एवं इस कंपनी में कार्यरत लोगों से ठगी गई राशि को ऐंठ कर लापता हुए संस्‍थान के मालिक को गिरफ्तार कर ठगी गई राशि को वसूलकर संबंधित हितग्र‍ाहियों को प्रदान की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक समय-सीमा बतावें एवं यदि नहीं, तो क्‍यों?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

गबन के दोषियों पर कार्यवाही

16. ( *क्र. 6390 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या संयुक्‍त विभागीय जाँच का निर्णय केवल ऐसे मामलों में ही लिया जाता है, जिसमें बहुत से शासकीय अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ सांठगांठ का आरोप हो और एक प्रतिवादी अपना उत्‍तरदायित्‍व दूसरे प्रतिवादियों पर डालने का प्रयत्‍न न करे? (ख) यदि हाँ, तो स्‍वामी विवेकानंद शासकीय स्‍नातकोत्‍तर महाविद्यालय नीमच में गत वर्ष 48 लाख के गबन के आरोप में संबद्ध अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 18 के तहत संयुक्‍त विभागीय जाँच क्‍यों नहीं की जा रही है? (ग) क्‍या शासन वर्तमान में संचालित विभागीय जाँच प्रक्रिया नियम-14 को निरस्‍त कर नियम 18 के तहत संयुक्‍त विभागीय जाँच आदेशित करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) क्‍या प्रश्नांश (ख) में उल्‍लेखित की गई राशि की वसूली संबंधितों की संपत्ति अधिग्रहित कर की जाएगी? यदि हाँ, तो तत्‍संबंधी ब्‍यौरा दें? (ड.) क्‍या शासन इस गबन के मामले की विस्‍तृत जाँच आर्थिक अपराध अन्‍वेषण ब्‍यूरों के माध्‍यम से कराएगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं, नियमानुसार म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 14 के अतंर्गत विभागीय जाँच कराई जा रही है, जिसमें जाँचकर्ता एवं प्रस्तुतकर्ता अधिकारी की नियुक्ति की जा चुकी है। (ग) जी नहीं। विभागीय जाँच नियमानुसार की जा रही है। (घ) जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर उसके निष्कर्षों के अनुसार गुण-दोष पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। (ड.) जी नहीं। विभागीय जाँच में दोषी पाये जाने पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।

वनमण्‍डल देवास अंतर्गत अवैध उत्‍खनन के पंजीबद्ध प्रकरण

17. ( *क्र. 5572 ) श्री अनिल फिरोजिया : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वनमण्‍डल देवास अंतर्गत वर्ष 2014 से 2016 तक कितने अवैध उत्‍खनन के प्रकरण बनाये गये? (ख) उक्‍त प्रकरणों में क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (अपराधी, राजसात, कोर्ट केस आदि की जानकारी सहित प्रस्‍तुत करें) (ग) क्‍या उक्‍त वर्षों में अवैध उत्‍खनन के प्रकरण में वाहनों को जब्‍त किया जाकर छोड़ा गया? यदि हाँ, तो कितने किस आधार पर?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) से (ग) देवास (क्षेत्रीय) वनमण्डल अंतर्गत प्रश्नाधीन अवधि में अवैध उत्खनन के 32 प्रकरण दर्ज किये गये। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

सिंहस्‍थ 2016 के मद्देनज़र विस्‍थापन कार्य

18. ( *क्र. 1270 ) डॉ. मोहन यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिंहस्‍थ 2016 के मद्देनज़र नीलगंगा चौड़ीकरण की जद में आ रही बस्‍ती के मकानों को हटाने की विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? प्रभावितों को विस्‍थापित किये जाने के संबंध में क्‍या कार्य योजना बनाई गई? (ख) प्रश्नांश (क) की जानकारी अनुसार क्‍या प्रभावितों को विस्‍थापित किये जाने हेतु जे.एन.एन.यू.आर.एम. अंतर्गत पंवासा में बनाये जा रहे फ्लेटों का कार्य अभी तक पूर्ण नहीं हुआ है? उक्‍त फ्लेटों के निर्माण कार्य के संबंध में जारी निविदा विज्ञप्ति, अनुबंध, प्राप्‍त निविदाओं की जानकारी देते हुए इस संबंध में किन-किन की शिकायतें प्राप्‍त हुईं? उक्‍त निर्माण कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा? निर्माण कार्य में देरी के लिये कौन दोषी है? दोषी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (ग) यदि सिंहस्‍थ पूर्व उक्‍त फ्लेटों का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हुआ तो प्रभावितों को कहाँ पर विस्‍थापित किया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) प्रश्‍नांश के संबंध में लो.नि.वि. द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। शेष प्रश्‍नांश ही उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्‍नांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्‍नांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

युवा इंजीनियर योजना में लाभांवित छात्र

19. ( *क्र. 2636 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्‍यमंत्री युवा इंजीनियर कांट्रेक्‍टर योजना अंतर्गत खरगोन जिले में कितने हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है? (ख) उक्‍त योजनांतर्गत खरगोन जिले में कितने आवेदन प्राप्‍त हुए तथा कितने स्‍वीकृत हुए तथा कितने अस्‍वीकृत हुए? अस्‍वीकृति‍का कारण बतायें। (ग) खरगोन जिले से विगत एक वर्ष में कितने इंजीनियरों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया? (घ) प्रश्नांश (ग) अवधि में खरगोन जिले के कितने हितग्राहियों को उप ठेके के माध्‍यम से प्रतिष्ठित ठेकेदारों से कब-कब जोड़ा गया? हितग्राही नाम, प्रतिष्ठित ठेकेदार का नाम व संस्‍था की सूची देवें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) 24. (ख) 411. स्वीकृत 29, अस्वीकृत 382. चयन प्रक्रिया कम्प्यूटरीकृत रेन्डम जनरेशन सिस्टम द्वारा होने के कारण। (ग) 15. (घ) हितग्राहियों के आवेदन प्राप्त न होने के कारण ठेकेदारों से नहीं जोड़ा गया। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

ब्‍यौहारी तहसील अंतर्गत काष्‍ठागार का संचालन

20. ( *क्र. 1040 ) श्री रामपाल सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शहडोल जिले के ब्‍यौहारी तहसील अंतर्गत ग्राम पपौंध के आस-पास 50-60 ग्राम आबाद हैं? इसी तरह जयसिंह नगर तहसील के ग्राम अमझोर के आस-पास 50-60 ग्राम आबाद हैं? (ख) क्‍या ग्राम पपौंध एवं अमझोर में आमजन को लकड़ी उपलब्‍धता हेतु (शवदाह इत्‍यादि के लिए) वन विभाग द्वारा काष्‍ठागार संचालित की गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों और भविष्‍य में जन सामान्‍य की सुविधा हेतु कब तक काष्‍ठागार का संचालन किया जायेगा?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार ग्राम पपौंध के आसपास 33 ग्राम तथा ग्राम अमझोर के पास 31 ग्राम आबाद हैं। (ख) ग्राम पपौंध तथा ग्राम अमझोर क्रमशः निस्तार डिपो निपनिया एवं अमझोर से संलग्न है, जहाँ से इन ग्रामों के निवासियों को निस्तार दर पर वनोपज उपलब्ध कराई जाती है। इन ग्रामों के शवदाह के लिये जलाऊ उपलब्ध कराने के लिये वर्तमान में कोई डिपो संचालित नहीं है। भविष्य में इन ग्रामों में शवदाह हेतु जलाऊ डिपो खोलने की कोई योजना नहीं है।

शिवपुरी जिलांतर्गत रेशम घाट पर पुल निर्माण

21. ( *क्र. 4812 ) श्री रामसिंह यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शिवपुरी जिले के कोलारस परगना के अंतर्गत ग्राम भड़ोता के पास सिंध नदी पर रेशम घाट पर पुल न होने कारण वर्षा ऋतु में आवागमन बंद हो जाता है? यदि हाँ, तो शासन सिंध नदी पर रेशन घाट पर पुल बनाने की स्‍वीकृति कब तक प्रदान करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) क्‍या जिला एवं परगना मुख्‍यालय से भड़ोता होते हुए सिंध नदी के रेशम घाट से खरैह होते हुए रन्‍नौद, इन्‍दार आदि क्षेत्रों के सैकड़ों ग्रामवासी इन मार्ग से होकर आवागमन करते हैं? यदि हाँ, तो क्‍या शासन प्राथमिकता के आधार पर रेशम घाट पर सिंध नदी पर पुल निर्माण कराएगा? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) क्‍या सिंध नदी पर रेशम घाट पर पुल न होने के कारण कोलारस से देहरदा, देहरदा से पचावली एवं पचावली से आगे देहरदा-ईसागढ़ रोड से रन्‍नौद रोड होते हुए काफी लंबी दूरी तय करके सैकड़ों ग्रामों के किसान, व्‍यापारी, छात्र, मजदूर आदि को काफी लंबा चक्‍कर काटना पड़ता है, जिससे समय, डीजल-पेट्रोल आदि का अपव्‍यय होता है? यदि हाँ, तो शासन इससे निजात कब तक दिलाएगा? (घ) क्‍या शासन जिले एवं क्षेत्र के लिए अतिआवश्‍यक एवं अत्‍यंत उपयोगी सिंध नदी के रेशम घाट पर संवेदनशीलता दिखाते हुए जन उपयोगी पुल की स्‍वीकृति तत्‍काल प्रदान करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। वर्तमान में समय-सीमा बताना संभव नहीं है। न तो स्‍वीकृत है और न ही प्रस्‍तावित है। (ख) जी हाँ। शासन की प्राथमिकता सूची में नहीं होने से कोई कार्यवाही नहीं की गई। समय-सीमा बताना संभव नहीं। (ग) जी हाँ। वर्षाकाल में वर्तमान रपटा जलमग्‍न होने से मार्ग उपयोगकर्ताओं को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। शासन की प्राथमिकता सूची में नहीं होने से कोई कार्यवाही नहीं की गई है। (घ) वर्तमान में शासन की प्राथमिकता सूची में नहीं होने से कोई कार्यवाही नहीं की गई है। स्‍वीकृति हेतु समय-सीमा बताना संभव नहीं।

वनपरिक्षेत्र अंतर्गत राजस्‍व ग्रामों में सड़कों का निर्माण

22. ( *क्र. 6118 ) श्री गिरीश भंडारी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वनपरिक्षेत्र में जो राजस्‍व ग्राम स्थित हैं, उन ग्रामों में आवागमन के लिए शासन द्वारा सड़क निर्माण की कोई योजना है? यदि हाँ, तो क्‍या? (ख) नरसिंहगढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ऐसे कितने राजस्‍व ग्राम हैं, जो वन परिक्षेत्र अंतर्गत आते हैं? (ग) प्रश्‍न की कंडिका (ख) की उपलब्‍ध जानकारी अनुसार क्‍या इन सभी राजस्‍व ग्रामों में आवागमन के लिए सड़कों का निर्माण किया जा चुका है? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? क्‍या कारण हैं? सड़कों का निर्माण कब तक किया जावेगा?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) वन क्षेत्रों में स्थित राजस्व ग्रामों के आवागमन के लिए सड़क निर्माण की वन विभाग की कोई योजना नहीं है। (ख) नरसिंहगढ़ विधानसभा क्षेत्र के वन परिक्षेत्रों के अन्दर लगभग 255 राजस्व ग्राम हैं। (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित ग्रामों में पक्के/कच्चे मार्ग उपलब्ध हैं। वन क्षेत्रों में स्थित ग्रामों के सड़क निर्माण/उन्नयन का प्रस्ताव प्राप्त होने पर नियमानुसार अनुमति देने पर विचार किया जावेगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। 

इंजीनियरिंग महाविद्यालय सागर में प्रवेश सीटों में कटौती

23. ( *क्र. 5601 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शास. इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग महाविद्यालय सागर में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद द्वारा प्रवेश सीटों की संख्‍या कम की गई है? यदि हाँ, तो कितनी सीटें कम की गई? इसके क्‍या कारण हैं, शासन स्‍तर पर इस संबंध में क्‍या प्रभावी कदम उठाये गये हैं? (ख) क्‍या सागर स्थित शास. इन्दिरा गांधी इंजीनियरिंग महाविद्यालय सागर में पी.जी. कोर्स स्‍वीकृत किए गये हैं? यदि हाँ, तो इस कोर्स में कोई प्रवेश अभी तक क्‍यों नहीं किए गये? इस संबंध में शासन स्‍तर पर क्‍या कार्यवाही हुई? (ग) क्‍या शासन पी.जी. कोर्स शुरू कराने हेतु आवश्‍यक कदम उठायेगा तथा कब तक?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। संस्‍था की सत्र 2014-15 प्रवेश क्षमता में से शैक्षणिक सत्र 2015-16 के लिये 25 प्रतिशत सीटें कम की गईं हैं। संस्‍था में अधोसंरचना एवं स्‍टॉफ की कमी के कारण ए.आई.सी.टी.ई. द्वारा सीटों की कमी की गई है। अतिथि व्‍याख्‍याताओं की सेवाएं ली जा रही हैं। नियमित नियुक्ति हेतु दिनांक 07.09.2015 को विज्ञापन जारी कर दिया गया है। संस्‍था में नवीन पाठयक्रमों के लिये रूपये 920.62 लाख की लागत का नवीन भवन निर्माणाधीन है। (ख) जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) शिक्षकों की भर्ती की कार्यवाही प्रचलन में है। स्‍टॉफ की कमी की पूर्ति के उपरांत अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद्, नई दिल्‍ली से पी.जी. कोर्स प्रारंभ करने की अनुमति प्राप्‍त की जायेगी। भर्ती की प्रक्रिया सतत् प्रक्रिया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

जावरा शहर में रेलवे ओव्‍हर ब्रिज का निर्माण

24. ( *क्र. 5698 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या केन्‍द्र सरकार के वर्ष 2014-15 के रेलवे बजट में जावरा शहर के मध्‍य स्थित रेलवे स्‍टेशन के पास रेलवे अंडर ब्रिज स्‍वीकृत होकर केन्‍द्र/राज्‍य अंतर्गत विभागीय योजना के क्रियान्‍वयन की कार्यवाही चल रही है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या 14 वीं विधानसभा निर्वाचन के पूर्व माननीय मुख्‍यमंत्री जी ने जावरा नगर में जन आशीर्वाद यात्रा में ब्रिज को बनाए जाने एवं राज्‍य सरकार द्वारा पर्याप्‍त बजट राशि दिये जाने की घोषणा की है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या प्रश्‍नकर्ता के निवेदन पर मान. लोक निर्माण मंत्री द्वारा भी उक्‍त स्थल का निरीक्षण कर अतिशीघ्र ब्रिज निर्माण कार्य प्रांरभ किये जाने के निर्देश दिये थे? (घ) यदि हाँ, तो उक्‍त स्‍थल पर अंडर ब्रिज निर्माण किये जाने की कार्यवाही कब पूर्ण होकर निर्माण कार्य कब से प्रांरभ किया जाएगा, साथ ही केन्‍द्रीय स्‍वीकृत बजट में राज्‍य शासन अपनी भूमिका किस प्रकार प्रतिपादित कर रहा है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ, अपितु अण्‍डर ब्रिज उपयुक्‍त न होने से रेलवे ओव्‍हर ब्रिज का निर्माण प्रस्‍तावित है। (ख) एवं (ग) जी हाँ। (घ) कार्य का डी.पी.आर. वित्‍तीय व्‍यय समिति से अनुमोदित हो चुका है तथा कार्य को वर्ष 2016-17 के बजट में शामिल किया गया है। वर्तमान में निर्माण की निश्चित तिथि बताना संभव नहीं है।

सागर संभाग में निजी भूमि को वनखण्‍डों से पृथक किया जाना

25. ( *क्र. 4137 ) श्रीमती रेखा यादव : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वनखण्‍डों में शामिल निजी भूमि के संबंध में राज्‍य के मुख्‍य सचिव ने दिनांक 01 जून, 2015 को क्‍या-क्‍या आदेश, निर्देश दिए हैं? इसके अनुसार सागर संभाग के किस जिले में प्रश्‍नांकित दिनांक तक कितनी निजी भूमि को वनखण्‍डों से पृथक किया गया, कितनी निजी भूमि को वनखण्‍डों से पृथक किया जाना शेष है? (ख) संभाग के किस जिले के कितने ग्रामों के कितने किसानों के नाम पर राजस्‍व अभिलेखों में दर्ज कितनी भूमि को कितने वनखण्‍डों में अधिसूचित किया जाकर किस अनुविभागीय अधिकारी को किस दिनांक को वन व्‍यवस्‍थापन अधिकारी अधिसूचित किया गया? (ग) 01 जून, 2015 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक किस अनुविभागीय अधिकारी ने वन विभाग से कितने ग्रामों के कितने किसानों की कितनी भूमि वनखण्‍ड में शामिल किए जाने की जानकारी प्राप्‍त की, कितने पटवारियों से कौन-कौन सी जानकारी प्राप्‍त की? (घ) 01 जून, 2015 के पत्रानुसार कब त‍क निजी भूमि को वनखण्‍डों से पृथक कर दिया जावेगा, कब तक किसानों को निजी भूमि के वन विभाग से कब्‍जें दिलवा दिए जावेंगे?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) प्रश्नांकित निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। शेष जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (घ) प्रश्नांकित वन व्यवस्थापन की कार्यवाही के अंतर्गत निजी भूमियों को वनखण्डों से पृथक करने की कार्यवाही अर्द्धन्यायिक प्रक्रिया है, अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। किसानों की निजी भूमियों पर उनका कब्जा यथावत है। वन विभाग द्वारा पुनः कब्जा दिलाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

 

 

 






 

 

 

 

 

 

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भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में

परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


खण्‍डवा इंदौर सड़क मार्ग को फोरलेन किया जाना

1. ( क्र. 171 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खण्‍डवा-इंदौर सड़क मार्ग को फोरलेन किया जाना माननीय मुख्‍यमंत्रीजी म.प्र. शासन की घोषणा में शामिल है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या इस मार्ग का सर्वे तथा स्‍वीकृति दी जा चुकी है? इसमें वन विभाग की कितनी-कितनी भूमि अधिग्रहित की जा रही है? क्‍या वन भूमि को लेकर इस कार्य में विलंब हो रहा है? (ग) क्‍या खण्‍डवा इंदौर फोरलेन में नर्मदा नदी पर नया पुल बनने एवं रेल्‍वे क्रासिंग पर फ्लाई-ओवर ब्रिज बनाने का कार्य भी इसी योजना में शामिल है? यदि हाँ, तो कुल कितने एवं किन स्‍थानों पर? (घ) क्‍या इसमें भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही आरंभ हो चुकी है? यदि हाँ, तो इन्‍दौर-खण्‍डवा सड़क का फोरलेन मार्ग निर्माण कब तक पूर्ण कर लिया जाएगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) इस मार्ग का सर्वे किया जा कर फिजि़बिलिटी रिर्पोट तैयार करने का कार्य पूर्ण किया जा चुका है जिसमें वन विभाग की 96.783 हेक्टयर भूमि अधिग्रहित की जाना प्रस्तावित है, अधिग्रहण संबंधित कार्यवाही परियोजना के पुनरीक्षित होने के कारण स्थगित की गई है। (ग) जी हाँ, प्रस्तावित फिजि़बिलिटी रिर्पोट के अन्तर्गत नर्मदा नदी पर भी नया पुल एवं रेल्वे क्रासिंग पर आर.ओ.बी. बनाने का प्रावधान है। (घ) उपरोक्त मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का प्रस्ताव केन्द्रीय परिवहन मंत्रालय को भेजा गया है इसलिये मार्ग के फोरलेन परियोजना को पुनरीक्षित किया जाना है। मार्ग का फोरलेन निर्माण की समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

खंडवा नगर में फोरलेन सड़क निर्माण

2. ( क्र. 181 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत तीन वर्षों में खंडवा जिले में किन मार्गों पर फोरलेन सड़क निर्माण स्‍वीकृत हुए हैं? फोरलेन सड़क निर्माण के मानक अनुसार सड़कों की कुल चौड़ाई पटरी भरने का मापदण्‍ड एवं पेंटर डिवाईडर लगाने का मापदंड क्‍या है? क्‍या सेंट्रल लाईटिंग कार्य भी इसमें शामिल है? (ख) क्‍या खंडवा-डुल्‍हार, इंदिरा चौक से हरसूद रोड नाका, इंदिरा चौक से रामनगर मार्ग, तीन पुलिया से शिवाजी चौक फोरलेन सड़क मार्ग स्‍वीकृत हैं? यदि हाँ, तो यहां फोरलेन की मानक चौड़ाई की सड़क का निर्माण कब तक पूरा कर लिया जाएगा? (ग) एम.पी.आर.डी.सी. एवं लोक निर्माण द्वारा नगर विकास के इन महत्‍वपूर्ण निर्माण कार्यों में फेरबदल किस सक्षम अधिकारी के आदेश एवं जनप्रतिनिधियों के सुझाव अनुसार किया गया? (घ) प्रश्नांश (ख) के क्रम में स्‍वीकृत सड़क मार्ग नियमानुसार नहीं बनाने एवं इनमें से कुछ निर्माण कार्य अब तक आरंभ नहीं होने के लिए कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी जिम्‍मेदार हैं? उन पर कब तक अनुशासनात्‍मक कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो स्‍वीकृत फोरलेन निर्माण फण्‍ड की कितनी राशि शेष या लैप्‍स हुई है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) मार्गवार विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। फोरलेन सड़क के लिए मापदण्‍ड एम..आर.टी.एण्‍ड एच. एवं आय.आर.सी. के द्वारा जारी किये गये है। जी हाँ। मार्गों में सेंट्रल लाईटिंग का कार्य स्‍थल आवश्‍यकतानुसार शामिल है एवं म.प्र. सड़क विकास निगम लि. के अंतर्गत विगत तीन वर्षा में खंडवा जिले के अंतर्गत खंडवा-देडतलई-बुरहानपुर मार्ग के उन्नयन का कार्य किया गया है, जिसमें से खंडवा शहर मार्ग के कि.मी. 0+000 से 3+760 कि.मी. मार्ग को फोरलेन बनाने का प्रावधान है, फोरलेन सड़क निर्माण में मानक अनुसार सड़क की कुल चौड़ाई 7.5 मीटर-7.5 मीटर दोनों ओर केरिज वे, 1.2 मी. मीडियन, 1.5 मीटर- 1.5 मीटर दोनों ओर फूटपाथ एवं दोनों ओर साईड ड्रैन्स देने का मापदण्ड है। सेन्ट्रल लाइटिंग का कार्य खंडवा देडतलई मार्ग के अनुबंध में शामिल नहीं है। (ख) जी हाँ, विस्‍तृत जानकारी संलग्न रिशिष्‍ट अनुसार है। खंडवा-देडतलई मार्ग के इंदिरा चौक से राम नगर तक 0 से 3+760 तक का कार्य फोरलेन बनाने हेतु स्वीकृत है। कार्य के दौरान खंडवा शहर में उपलब्ध चौड़ाई में मार्ग का चौड़ीकरण किया गया है। जो निम्नानुसार हैः- प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटवाने के पश्चात उपलब्ध कराई भूमि पर चैनेज 0+00 से 0+250 तक 10 मी. चौड़ाई, चैनेज 0+250 से 1+200 तक औसत 15 मी. चौड़ाई, चैनेज 1+200 से 3+7600 तक फोरलेन चौड़ाई में कार्य किया गया। जनता द्वारा किए गए अतिक्रमण एवं मंदिर विस्थापन विरोध के कारण, प्रशासन के सहयोग से उपलब्ध करवाई गई जगह में ही सड़क चौड़ीकरण फोरलेन का कार्य किया गया है। (ग) स्‍वीकृत निर्माण कार्यों में कोई फेरबदल नहीं किया गया है, एवं म.प्र. सड़क विकास निगम लि. के अंतर्गत निर्मित सड़कों में फेरबदल कार्य की आवश्‍यकतानुसार एवं जन प्रतिनिधियों के सुझावों को ध्यान में रखते हुये विभाग द्वारा नियुक्त स्वंतत्र सलाहकार मेसर्स लॉयन इंजीनियरिंग कंसल्टेन्टस प्रा. लि. की रिपोर्ट के आधार पर निगम के अधिकारियों के अनुमोदन से किये जाते है। (घ) सड़क निर्माण कार्य स्‍वीकृत प्रावधानों अनुसार प्रगतिरत है, एवं म.प्र. सड़क विकास निगम अंतर्गत प्रश्नांश '' में उल्लेखित इंदिरा चौक से राम नगर मार्ग म.प्र. सड़क विकास निगम के अधिपत्य में है जिसका निर्माण कार्य बी.ओ.टी. योजना के अंतर्गत उपलब्ध चौड़ाई में मार्ग का निर्माण किया गया प्रशासन के सहयोग से जितना अतिक्रमण हट सका एवं उपलब्ध भूमि में प्रश्न के के उत्तर में दर्शित चौड़ाई में कार्य किया गया। कोई अधिकारी दोषी नहीं है। अतः कार्यवाही का प्रश्न नहीं है। यह मार्ग बी.ओ.टी. परियोजना में है जिन हिस्सों में फोरलेन नहीं किया जा सका उसमें चेंज ऑफ स्कोप के प्रावधान के अन्तर्गत कार्यवाही की जावेगी। कोई राशि लैप्स होने का प्रश्न नहीं है।

परिशिष्ट ''छ:''

शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार प्रदाय

3. ( क्र. 341 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार दिलाने संबंधी तथा गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को उद्योग धंधे स्‍थापित करने के संबंध में शासन की क्‍या योजना है? (ख) क्‍या धार जिले में जिला उद्योग को जिले की प्रत्‍येक तहसील में इन गतिविधियों के क्रियान्‍वयन हेतु कोई लक्ष्‍य दिया जाता है? यदि हाँ, तो वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक जिले में इस गतिविधि के लिये कितना-कितना लक्ष्‍य प्रदान किया गया? (ग) क्‍या इन गतिविधियों के लिये विभाग द्वारा लक्ष्‍यपूर्ति की जा सकी? यदि नहीं, तो यह लक्ष्‍य पूर्ति न होने के क्‍या कारण हैं? (घ) क्‍या हितग्राहियों के प्रकरण पंजीयन क्रमानुसार प्राथमिकता के आधार पर स्‍वीकृत किये जाने के नियम हैं? यदि हाँ, तो क्‍या इसका पालन धार जिले के उद्योग केंद्र में किया जा रहा है? यदि हाँ, तो वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक पंजीकृत प्रकरण एवं स्‍वीकृत प्रकरण की जानकारी तिथिवार प्रस्‍तुत करें? यदि पालन नहीं हुआ तो क्‍यों? कारण सहित बतावें।

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) विभाग द्वारा निम्न योजनाएं संचालित हैं - 1. मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2. मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना 3. प्रधानमंत्री सृजन कार्यक्रम योजना (ख) जी हाँ। जानकारी निम्नानुसार है-

क्रमांक

वर्ष

प्राप्त लक्ष्य

1

2013-14

1925

2

2014-15

686

3

2015-16

761

(ग) वर्ष 2013-14 में लक्ष्य की, हितग्राही द्वारा बैंक की औपचारिकता समयावधि‍ में पूर्ण न करने, योजना लाभप्रद न होने से पूर्ति नहीं हो सकी एवं वर्ष 2015-16 में लक्ष्य अनुरूप स्वीकृति 31 मार्च, 2016 तक प्राप्त कर ली जाएगी। (घ) जी हाँ। समस्त प्रकरण पंजीयन अनुसार टास्क फोर्स कमेटी के समक्ष रखे जाते हैं। कमेटी द्वारा प्रकरणों का गुणदोष के आधार पर निराकरण कर बैंकों को प्रेषित किया जाता है। वर्षवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट ''सात''

मार्गों के मरम्‍मत कार्य

4. ( क्र. 562 ) श्री ओम प्रकाश धुर्वे : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला डिण्‍डोरी के अंतर्गत सब डिवीजन क्रं. 1 एवं क्र. 2 में वर्ष 2013, 14, 15 में किन-किन मार्गों का, कितने कि.मी, किनके द्वारा मरम्‍मत कार्य कराया गया? (ख) क्‍या ठेकेदार द्वारा निर्धारित कि.मी. तक पूरा कार्य मरम्‍मत का किया गया, यदि नहीं, किया गया तो इस स्थिति में किन-किन ठेकेदारों के ऊपर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) जिला डिण्‍डोरी में ध्‍वस्‍त रोड़, A.R मद से वर्ष 2013, 14, 15 में किन-किन मार्गों का निर्माण किन-किन ठेकेदारों के माध्‍यम से कराया गया, लागत सहित बतावें? (घ) क्‍या उक्‍त मार्गों का कार्य समय-सीमा में ठेकेदारों द्वारा कराया गया? यदि नहीं, तो क्‍या कार्यवाही की गई?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) एवं (ख) विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार है। (ग) एवं (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '', 'अ-1' एवं '' अनुसार है।

ओवर ब्रिज का निर्माण

5. ( क्र. 1271 ) डॉ. मोहन यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिंहस्‍थ 2016 के मद्देनज़र हीरा मिल से घासमण्‍डी चौराहा को जोड़ने वाले जीरो पाईंट ओवर ब्रिज, हरिफाटक ओवर ब्रिज के निर्माण के संबंध में की गई संपूर्ण कार्यवाही, निविदा विज्ञप्ति, अनुबंध प्राप्‍त निविदाएं, उपरोक्‍त संबंध में किन-किन की शिकायतें प्राप्‍त हुई आदि की जानकारी देते हुए उक्‍त निर्माण कार्य कब तक पूर्ण होना था? (ख) प्रश्नांश (क) की जानकारी अनुसार अनुबंध में उल्‍लेखित निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं होने के लिये कौन दोषी है? दोषी के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) प्रश्‍नाधीन कार्यों के संबंध में कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है। पुल निर्माण कार्य संबंधी जानकारी संलग्न रिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) कोई भी दोषी नहीं है। अत: कार्यवाही का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''आठ ''

नवीन पुल का निर्माण

6. ( क्र. 1497 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत ग्राम नयागाँव-शाहपुरा के मध्‍य से गुजर रही गहरी सीप नदी के दाहिने एवं बांयी ओर कराहल एव श्‍योपुर तहसील के दर्जनों ग्राम बसे हैं? इनमें निवासरत नागरिकों को दोनों ओर विद्यमान ग्रामों में जाने आने हेतु पुल के अभाव में अब तक 30 से 50 कि.मी. की दूरी सड़क मार्ग से तय करना पड़ती है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या शासन जनहित एवं नागरिकों की सुविधा के मद्देनजर उक्‍त ग्रामों के मध्‍य सीप नदी पर नवीन पुल का निर्माण कराने पर गंभीरता से विचार करेगा तथा इस कार्य को वर्ष 2016-17 के बजट में शामिल कर इसकी डी.पी.आर. तैयार कराने उपरांत शीघ्र स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ, 22 से 38 कि.मी. दूरी तय करनी पड़ती है। (ख) शासन की प्राथमिकता सूची में नहीं है, वर्तमान में बताना संभव नहीं है। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

उद्योग विभाग में संचालित योजनाओं की स्थिति

7. ( क्र. 1498 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) श्‍योपुर जिले में वर्ष, 2014-15, 2015-16 में मुख्‍यमंत्री स्‍वरोजगार योजना, मुख्‍यमंत्री युवा उद्यमी योजना, प्रधानमंत्री सृजन कार्यक्रम योजनान्‍तर्गत बेरोजगारों से ऋण स्‍वीकृति/प्राप्‍त हेतु कितने आवेदन उद्योग विभाग को प्राप्‍त हुए इन योजनाओं का निर्धारित लक्ष्‍य क्‍या हैं के मद्देनजर कितने-कितने प्रकरण विभाग ने स्‍वीकृत कर ऋण वितरण हेतु किन-किन बैंको में भेजे जानकारी वर्ष/योजना/बैंकवार बतावें? (ख) उक्‍त भेजे गये प्रकरणों को उक्‍त बैंको से ऋण प्रकरण स्‍वीकृत कराकर बेरोजगार को ऋण वितरण कराने हेतु विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या विभागीय अमले व उक्‍त बैंको की उदासीनता के कारण जिले में मुख्‍यमंत्री स्‍वरोजगार योजना में 72, मुख्‍यमंत्री युवा उद्यमी योजना में 3 एवं प्रधानमंत्री सृजन कार्यक्रम योजना में 4 बेरोगारों को ही ऋण मिल पाया नतीजन लक्ष्‍य प्राप्ति नहीं हो पाई व बेरोजगारों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा हैं यदि हाँ, तो इस हेतु शासन क्‍या कार्यवाही करेगा? (घ) क्‍या अब शासन जिले में उक्‍त योजनाओं में लक्ष्‍य प्राप्ति एवं बेरोजगारों को लाभान्वित करने हेतु स्‍वयं अपने स्‍तर से अ‍थवा जिला कलेक्‍टर के माध्‍यम से त्‍वरित उचित कार्यवाही करवाएगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) ऋण प्रकरणों में स्वीकृति के संबंध में बैंक शाखाओं से निरन्तर सम्पर्क किया गया तथा खंड स्तरीय बी.एल.बी.सी. की बैठकों में एवं समय-समय पर भी बैंक शाखावार ऋण प्रकरणों की समीक्षा करवाकर अधिक से अधिक ऋण प्रकरणों में स्वीकृति उपरांत ऋण वितरण हेतु प्रयास किये गये। (ग) से (घ) जी नहीं। जानकारी निम्नानुसार है:-

क्रं.

योजना का नाम

वर्ष 2014-15
वितरण ऋण प्रकरण

वर्ष 2015-16
वितरण ऋण प्रकरण
(31
जनवरी 2016)

1

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना

191

110

2

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना

10

04

3

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम

07

05

 वर्ष 2014-15 में बैंक शाखाओं द्वारा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना एवं मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में शासन से प्राप्त निर्धारित लक्ष्य के अनुसार शत्-प्रतिशत लक्ष्यपूर्ति की गई। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत आवेदक द्वारा बैंक की औपचारिकता पूर्ण नहीं करने, समयावधि में प्रशिक्षण प्राप्त नहीं करने, चयनित कार्यस्थल लाभप्रद नहीं होना एवं आवेदकों के पास कार्यस्थल नहीं होने आदि से स्वीकृत प्रकरण के विरूद्ध वितरण नहीं हो पाया। वर्ष 2015-16 में माह मार्च 2016 तक उपरोक्त सभी योजनाओं में लक्ष्य अनुरूप कार्यवाही प्रचलित हैं।अत: शेष प्रश्न उप‍स्थि‍त नहीं होता है।

रोड निर्माण में की गई अनियमितता

8. ( क्र. 1692 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या परासिया विधानसभा क्षेत्रांतर्गत परासिया से बरेठा मार्ग का निर्माण दिलीप बिल्‍डकॉन कंपनी, भोपाल द्वारा किया जा रहा है एवं वह गुणवत्‍ताहीन है, जिसमें अनेकों अनियमितता है, फिर भी एम.पी.आर.डी.सी. के अधिकारियों द्वारा अनियमितताओं की अनदेखी कर कोई उचित कार्यवाही नहीं की गई क्‍यों? क्‍या रोड की अनियमितता के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा जिला कलेक्‍टर, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) परासिया को अनेकों पत्र प्रेषित किए गये? क्‍या रोड निर्माण की उच्‍चस्‍तरीय कमेटी द्वारा जाँच कराई जायेगी? (ख) क्‍या दिलीप बिल्‍डकॉन कंपनी, भोपाल द्वारा उक्‍त मार्ग का निर्माण कार्य पूर्ण किए बिना ही टोल नाकों को आरम्‍भ कर दिया गया? क्‍या यह उचित है? जबकि उक्‍त निर्माण में नाली निर्माण कार्य, अनेकों स्‍थान पर रोड निर्माण, दिशा संकेत आदि कार्य अपूर्ण है? जिसके कारण लगभग पाँच दुर्घटना भी घट चुकी है? टोल टैक्‍स नाका प्रारंभ किए जाने के संबंध में शासन के क्‍या दिशा निर्देश (नियमावली) हैं, उपलब्‍ध करायें? (ग) क्‍या दिलीप बिल्‍डकॉन कंपनी, भोपाल द्वारा उक्‍त मार्ग के निर्माण करते समय अनेकों जगह पी.एच.ई. विभाग द्वारा बिछाई गई पाईप लाईनों को सड़क के नीचे दबा दिया गया? जिससे भविष्‍य में आकस्मिक टूट-फूट सुधार कार्य किया जाना असंभव हो जायेगा? ग्राम इकलहरा से जुन्‍नारदेव तक पाईप लाईन क्षतिग्रस्‍त की गई, जिसका दिलीप बिल्‍डकॉन कंपनी, भोपाल द्वारा कोई मुआवजा क्‍यों नहीं प्रदान किया गया?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। बैतूल सारनी परासिया मार्ग का निर्माण कार्य मेसर्स दिलीप बिल्‍डकॉन द्वारा किया गया है। जी नहीं। जी नहीं। मार्ग का निर्माण कार्य स्‍वतंत्र इंजीनियर की देख-रेख में मानक अनुसार है। अत: कार्यवाही का प्रश्‍न नहीं है। माननीय विधायक के कार्य निर्माण के दौरान जो पत्र एवं सुझाव मिले उनका स्‍वतंत्र सलाहकार के माध्‍यम से निवेशकर्ता से पालन कराया गया है। अत: जाँच का प्रश्‍न ही नहीं है। (ख) जी नहीं। अनुबंध की शर्तों के अनुसार ही टोल नाके प्रारंभ किये गये है। अनुबंधानुसार नाली निर्माण कार्य पूर्ण कराया गया है। आई.आर.सी. के मानक अनुसार ही दिशा संकेतक लगाये गये है। मार्ग के कि.मी. 75+500 से कि.मी. 80+280 कुल लंबाई 4.78 कि.मी. में सतपुडा पैच कॉरिडोर होने के कारण कार्य नहीं कराया जा सका। उक्‍त हिस्‍से में निर्माण कार्य की अनुमति नेशनल बोर्ड ऑफ वाइल्‍ड लाइफ से अपेक्षित है। अनुमति पश्‍चात कार्य कराया जायेगा। निगम कार्यालय में दुघर्टना बाबत् कोई सूचना निवेशकर्ता से प्राप्‍त नहीं है। टोल प्रारंभ किये जाने के दिशा निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। जी नहीं। निर्माण कार्य के दौरान ग्राम इकलहरा में जो पाईप लाईन क्षतिग्रस्‍त हुई थी जिसके सुधार हेतु ग्राम पंचायत इकलहरा की मांग अनुसार राशि रू. 263900/- का भुगतान निवेशकर्ता एजेन्‍सी द्वारा संबंधित ग्राम पंचायत को किया गया।

पानसेमल में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्‍थान का संचालन

9. ( क्र. 1893 ) श्री दीवानसिंह विट्ठल पटेल : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वानी जिले में कहाँ-कहाँ औद्योगिक प्रशिक्षण संस्‍थान संचालित हो रहे हैं और इन संस्‍थाओं में कितने प्रशिक्षणार्थी हैं, संस्‍थावार जानकारी दें? (ख) क्‍या पानसेमल में उक्‍त संस्‍था की शुरूआत हो गई है? यदि हाँ, तो इसके भवन की क्‍या स्थिति है? क्‍या भवन निर्माण हेतु राशि की उपलब्‍धता के बावजूद उचित स्‍थान का चयन नहीं होने के कारण भवन निर्मित नहीं हो पाया है? (ग) कब तक सही स्‍थान का चयन कर I.T.I. का भवन निर्मित कर दिया जायेगा, समय-सीमा स्‍पष्‍ट करें?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जानकारी निम्नानुसार हैं-

क्रमांक

संस्था का नाम

प्रशिक्षणार्थियों की संख्या

1

शासकीय आई.टी.आई. बड़वानी

101

2

शासकीय आई.टी.आई. निवाली

225

3

शासकीय आई.टी.आई. पाटी

147

4

शासकीय आई.टी.आई. राजपुर

21

5

शासकीय आई.टी.आई. सेंधवा

20

6

शासकीय आई.टी.आई. ठीकरी

17

7

शासकीय आई.टी.आई. पानसेमल

19

8

योगेश्वर निजी आई.टी.आई. बड़वानी

120

 
(
ख) जी हाँ। शासकीय औद्योगिक संस्था पानसेमल अगस्त 2015 से किराये के भवन में संचालित है। जी नहीं। (ग) भवन निर्माण हेतु स्थान का चयन किया जा चुका हैं। अनुबंध अनुसार भवन निर्माण पूर्ण होने की अनुमानित तिथि 30/05/2017 हैं।

कराये गये मेंन्‍टेनेंस की जानकारी

10. ( क्र. 1947 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इन्‍दौर संभाग में म.प्र. रोड डेवलपमेंट कारपोरेशन के साथ हुये अनुबंधों के आधार पर किस-किस स्‍थान पर कितने किलोमीटर लंबे बी.ओ.टी. के प्रोजेक्‍ट प्रश्‍न तिथि तक चल रहे हैं? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित स्‍थानों पर एम.पी.आर.डी.सी. के साथ किन-किन निजी कंपनियों के द्वारा सड़कों के मेंटेनेंस हेतु क्‍या-क्‍या अनुबंध किये हैं? सड़कों का मेंटेनेंस कब-कब तयशुदा समय-सीमा में कराया जाना अत्‍यावश्‍यक है? कब-कब, किस रोड का मेंटेनेंस कराया गया? (ग) क्‍या राज्‍य शासन द्वारा प्रदेश की आम जनता को सड़क मार्ग से अच्‍छे आवागमन हेतु इन बी.ओ.टी. के मार्गों को बनवाया है? अगर हाँ तो बी.ओ.टी. के मार्गों का मेंटेनेंस उक्‍त कंपनियों के द्वारा अनुबंधों के आधार पर समय-समय पर न करने पर सभी मार्गों में सड़कों के खराब हो जाने पर आमजन को बेहद तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है? (घ) क्‍या अनुबंध के आधार पर बी.ओ.टी. कंपनियों को मेंटेनेंस के कार्य समय-समय पर नहीं करने पर पेनाल्‍टी निर्धारित की जाती है? 1.4.2010 से 31.3.2013 तक किस-किस कंपनी पर कितनी पेनाल्‍टी रख-रखाव नहीं करने पर ली गई?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) बी.ओ.टी. योजना के अंतर्गत सड़कों का मेंटेनेंस कार्य निवेशकर्ता द्वारा कराया जाता है। सड़कों के मेंटेनेंस हेतु किये गये अनुबंध की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है, जिसके अंतर्गत मेंटेनेंस कब-कब कराया जाना आवश्यक है उल्लेख है, तदानुसार ही कम्पनी द्वारा मेन्टेनेन्स का कार्य किया जाता है। (ग) जी हाँ, पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र में सम्मिलित बी.ओ.टी. की आठ सड़कों के मार्गों का कम्पनीयों द्वारा अनुबंध अनुसार समय-समय पर सतत् रूप से मेंटेनेंस कार्य किया जा रहा है। (घ) जी हाँ। निवेशकर्ता द्वारा मेंटेनेंस किया गया है। मात्र एक कंपनी मेसर्स के.टी. हाइवे प्रा.लि. से पेनाल्‍टी के रूप में रू. 1.5 लाख की वसूली की गई।

उज्‍जैन में सड़कों का मेंटेनेंस

11. ( क्र. 1949 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन संभाग में म.प्र. रोड डेवलपमेंट कारपोरेशन के साथ हुये अनुबंधों के आधार पर किस-किस स्‍थान पर कितने किलोमीटर लंबे बी.ओ.टी. के प्रोजेक्‍ट प्रश्‍न तिथि तक चल रहे हैं? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित स्‍थानों पर एम.पी.आर.डी.सी. के साथ किन-किन निजी कंपनियों के द्वारा सड़कों के मेंटेनेंस हेतु क्‍या-क्‍या अनुबंध किये हैं? सड़कों का मेंटेनेंस कब-कब तयशुदा समय-सीमा में कराया जाना अत्‍यावश्‍यक है? कब-कब, किस रोड का मेंटेनेंस कराया गया? (ग) क्‍या राज्‍य शासन द्वारा प्रदेश की आम जनता को सड़क मार्ग से अच्‍छे आवागमन हेतु इन बी.ओ.टी. के मार्गों को बनवाया है? अगर हाँ तो बी.ओ.टी. के मार्गों का मेंटेनेंस उक्‍त कंपनियों के द्वारा अनुबंधों के आधार पर समय-समय पर न करने पर सभी मार्गों में सड़कों के खराब हो जाने पर आमजन को बेहद तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है? (घ) क्‍या अनुबंध के आधार पर बी.ओ.टी. कंपनियों को मेंटेनेंस के कार्य समय-समय पर नहीं करने पर पेनाल्‍टी निर्धारित की जाती है? 1.4.2010 से 31.3.2013 तक किस-किस कंपनी पर कितनी पेनाल्‍टी रख-रखाव नहीं करने पर ली गई?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) सड़कों के मेन्‍टेनेंस का दायित्‍व निवेशकर्ता कम्‍पनी का है। सड़कों के मेन्‍टेनेंस अनुबंध में शेड्यूल-के एवं शेड्यूल-एम में दिये गये प्रावधान आपरेशन/मेंटेनेंस के अनुसार कराया जाना आवश्‍यक है। मेंटेनेंस कार्य निवेशकर्ता कंपनी द्वारा एक निरंतर प्रक्रिया के तहत वर्षभर किया जाता है। (ग) जी हाँ। निवेशकर्ता कंपनी के द्वारा अनुबंधानुसार सड़कों का मेंटेनेंस सतत् रूप से समय-समय पर कराया जा रहा है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। निवेशकर्ता द्वारा मेंटनेंस का कार्य कराया गया है अत: पेनाल्‍टी का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट ''नौ''

वन ग्रामों का विस्‍थापन

12. ( क्र. 2244 ) श्री विजयपाल सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) होशंगाबाद जिले के अंतर्गत सतपुड़ा टाईगर रिजर्व अंतर्गत कितने ग्रामों का विस्‍थापन किया गया है तथा कितने ग्राम विस्‍थापन हेतु शेष है? ग्रामवार सूची उपलब्‍ध करावें? (ख) जिन ग्रामों का वि‍स्‍थापन किया जा चुका है उन्‍हें पूर्व में किस-किस प्रावधान तथा सुविधाओं के अनुसार विस्‍थापित किया गया है और शेष विस्‍थापन होना है वह किन-किन प्रावधानों से किया जायेगा? (ग) प्रश्नांश (क) के संबंध में क्‍या विस्‍थापन विकल्‍प 2 (जमीन एवं पैसा दोनों) के अनुसार किया जा रहा है? यदि हाँ, कब तक और नहीं तो लंबित रहने का कारण बतायें? विस्‍थापन का कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जायेगा? (घ) पूर्व में जिन ग्रामों का विस्‍थापन हो चुका है उनमें मूलभूत सुविधायें उपलब्ध जैसे पेयजल, सड़क, बिजली, स्‍कूल इत्‍यादि का विकास हेतु क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) प्रश्‍नांकित जिले के अंतर्गत 37 ग्रामों एवं उनके टोलों का विस्‍थापन किया गया है तथा 20 ग्राम विस्‍थापन हेतु शेष हैं। विस्‍थापित ग्रामों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' तथा विस्‍थापन हेतु शेष ग्रामों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) विभागीय दिशा निर्देश में निहित प्रावधानों के अनुसार एवं ग्रामीणों द्वारा स्‍वेच्छा से विकल्‍प का चयन कर, उनकी ग्राम पंचायत की ग्रामसभा से प्रस्‍ताव पारित करने पर विकल्‍प-। (10 लाख रूपये नगद राशि देकर) एवं विकल्‍प-।। (02 हेक्‍टेयर भूमि देकर वन विभाग द्वारा व्‍यवस्‍थापन) के अनुसार विस्‍थापन किया गया है। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में शेष 20 ग्रामों का विस्‍थापन भी विकल्‍प-। एवं विकल्‍प-।। के अंतर्गत हितग्राहियों द्वारा चयनित विकल्‍प के अनुसार ही किया जावेगा। विभागीय दिशा निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जी नहीं। विस्‍थापन विकल्‍प-।। में नगद राशि दिये जाने का प्रावधान नहीं है। इस विकल्‍प में विस्‍थापितों को 2 हेक्‍टेयर कृषि भूमि देकर विभाग द्वारा विस्‍थापित किये जाने का प्रावधान है। विस्‍थापन ग्रामीणों की सहमति से चुने गये विकल्‍प एवं इस कार्य हेतु भारत सरकार एवं/अथवा राज्‍य शासन द्वारा बजट की उपलब्‍धता पर निर्भर है। अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) विकल्‍प-। के अनुसार ग्रामवासी रूपये 10 लाख प्रति परिवार को राशि लेकर स्‍वयं विस्‍थापित होते है, जिसमें विभाग द्वारा मूलभूत सूविधायें उपलब्‍ध कराने का प्रावधान नहीं है। विकल्‍प-।। के अनुसार जिन ग्रामवासियों को वन विभाग द्वारा भूमि देकर विस्‍थापित किया गया है, उन्‍हें वन विभाग द्वारा नियमानुसार मूलभूत सूविधायें जैसे पेयजल, सड़क, बिजली स्‍कूल इत्‍यादि विकल्‍प के अंतर्गत उपलब्‍ध राशि से निर्मित की जा रही है।

मंदिरों की स्थिति के संदर्भ में

13. ( क्र. 2357 ) श्री रामकिशन पटेल : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) उदयपुरा विधानसभा क्षेत्र में ऐसे कितने मठ/मंदिर है जिनके ट्रस्‍ट बने हुए हैं वर्तमान में ट्रस्‍ट की जानकारी नाम/पता व गठन का दिनांक, उपलब्ध भूमि, ट्रस्‍ट के सदस्‍यों की नामवार पता सहित जानकारी देवें? ट्रस्‍ट की सम्‍पत्ति गठन के समय क्‍या थी और प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या है? (ख) उदयपुरा विधानसभा क्षेत्र में कितने मंदिर है जहां पर खेती एवं दान से विगत 5 वर्षों में प्राप्‍त आय की जानकारी तथा प्रत्‍येक वर्ष की पृथक-पृथक जानकारी एवं प्राप्‍त आय से मंदिरों के जीर्णोद्धार पर किये गये खर्च की जानकारी ग्राम एवं मंदिरों के नाम सहित बतावें? (ग) उदयपुरा वि.स. क्षेत्र के छींद स्थित हनुमान मंदिर पर हजारों की संख्‍या में दर्शनार्थी आते है? यदि हाँ, तो यहां का आय-व्‍यय का ब्‍यौरा देवें? क्‍या छिन्‍द मंदिर अशासकीय ट्रस्‍ट बनवाने हेतु शासन की कोई योजना है?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मण्‍डला जिले के औद्योगिक क्षेत्र केन्‍द्र मनेरी में इकाईयों को भूमि आवंटन

14. ( क्र. 2507 ) श्री रामप्यारे कुलस्ते : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मण्‍डला जिले के औद्योगिक विकास केन्‍द्र मनेरी में प्रारंभ से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक कितने और कौन-कौन सी कैसी इकाईयों को जमीन भूमि आवंटित की गई है? (ख) भूमि आवंटन की शर्तें क्‍या होती हैं, आवंटन शर्तों के अनुरूप उपयोग नहीं किये जाने वाली इकाई कितनी है, आवंटन शर्तों के अधीन ऐसी कितनी इकाईयां हैं, जिनका चिन्‍हांकन किया गया है? चिन्‍हांकन पश्‍चात कितनी इकाईयों पर अभी तक क्‍या कार्यवाही निरस्‍तीकरण नोटिस की गई है तथा कितनी इकाईयों का भूमि आवंटन निरस्‍त किया गया है? (ग) जमीन आंवटन का निरस्‍तीकरण उपरांत कितनी इकाईयों की जमीन और कितना रकबा या क्षेत्रफल पर कब्‍जा प्राप्‍त कर लिया गया है?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) भूमि आवंटन की शर्तें समय-समय पर लागू भूमि आवंटन नियम अनुसार होती है। वर्तमान में भूमि आवंटन ''म.प्र. राज्‍य औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015'' द्वारा निर्धारित शर्तों के अधीन किया जा रहा है। आवंटन शर्तों के अनुरूप भूमि का उपयोग नहीं किये जाने वाली 710 इकाईयों का वर्तमान तक चिन्‍हांकन किया जाकर 706 प्रकरणों में भूखण्‍डों का निरस्‍तीकरण किया गया है तथा 02 इकाईयों को भूखण्‍ड निरस्‍तीकरण हेतु नोटिस जारी किये गये हैं एवं 02 इकाईयों के प्रकरण न्‍यायालय में विचाराधीन है। (ग) भूमि आवंटन के निरस्‍तीकरण उपरांत 699 इकाईयों की 8,87,500 वर्गमीटर भूमि का कब्‍जा वापिस लिया गया है।

लक्ष्‍मणबाग संस्‍थान में महन्‍त की नियुक्ति

15. ( क्र. 2581 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) रीवा जिला अंतर्गत लक्ष्‍मणबाग संस्‍थान में पदस्‍थ महन्‍त को किन कारणों से कब हटाया गया था? क्‍या संस्‍थान में किसी दूसरे महन्‍त की नियुक्ति वर्तमान में की गई है? यदि नहीं, तो कब तक की जावेगी? (ख) प्रश्‍नांश (क) के ही संदर्भ में क्‍या इस संस्‍थान की भूमियों को मूल स्‍वरूप से बदलकर कुछ अन्‍य कार्य किये जा रहे है? यदि हाँ, तो क्‍या काम किये जा रहे है और क्‍यों? क्‍या संस्‍थान के संविधान के अनुरूप यह नियम है? यदि हाँ, तो क्‍या इसकी अनुमति ली गई है?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) विभागीय आदेश क्रमांक एफ 7-50/2001/छ: भोपाल दिनांक 18.1.2005 द्वारा लक्ष्‍मणबाग संस्‍थान के महंत श्री हरिवंशाचार्य को संस्‍थान में घोर आर्थिक एवं अन्‍य अनियमितता/पद के दुरूपयोग किये जाने के कारण महंत पद से हटाया गया है। अन्‍य महंत की नियुक्ति नहीं की गई है। महंत द्वारा मान. उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर में याचिका डब्‍ल्‍यू.पी. 229/09 प्रस्‍तुत की है जो विचाराधीन है। मान. उच्‍च न्‍यायालय के निर्णय अनुसार कार्यवाही की जावेगी निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जी नहीं। 

बंद उद्योगों पर लीज निरस्‍ती की कार्यवाही

16. ( क्र. 2638 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला उद्योग केन्‍द्र खरगोन में वर्तमान दिनांक तक कितने उद्योग पंजीकृत है? विगत 3 वर्षों में कितने उद्योग मुख्‍यमंत्री रोजगार योजनान्‍तर्गत पंजीकृत हुए? (ख) जिला केन्‍द्र द्वारा क्षेत्र अंतर्गत कितने उद्योगों की लीज पर प्रदत्‍त भूमि को कार्य बंद होने/अप्रारंभ होने के कारण लीज निरस्‍त की गई है?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) 2936 उद्योग पंजीकृत हैं। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना दिनांक 01 अगस्त, 2014 से प्रारंभ हुई है। इस योजना अन्तर्गत वर्ष 2014-15 में 16 एवं 2015-16 में 18 कुल 34 उद्योग पंजीकृत हुए हैं। (ख) 39 इकाईयों की।

नृसिंह मंदिर परिसर की भूमि पर अतिक्रमण

17. ( क्र. 2764 ) श्री गोपाल परमार : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) आगर नगर में नृसिंह मंदिर परिसर छावनी की कितनी जमीन है जानकारी देवें? (ख) क्‍या नृसिंह मंदिर की जमीन शासकीय अभिलेख व नगर पालिका अभिलेख के अनुसार उक्‍त जमीन पर अतिक्रमण किया गया है यदि हाँ, तो किनके द्वारा नाम सूची देवें? (ग) क्‍या राजस्‍व अधिकारी द्वारा न.पा. की टीम सहित अतिक्रमण तोड़ा गया था यदि हाँ, तो उक्‍त भूमि पर फिर से गलत जगह का पट्टा बताकर अतिक्रमण मेन रोड के पास कर लिया गया है उस अतिक्रमण को हटाने की कार्यवाही करेंगे तो कब तक क्‍या उक्‍त पट्टे का गलत तरीके से उपयोग करने के कारण पट्टा निरस्‍त किया जायगा तो कब तक? (घ) उक्‍त मंदिर की आंवटित भूमि से कब तक अतिक्रमण हटाया जावेगा समय-सीमा बतावे यदि अतिक्रमण नहीं हटाया जाता है तो उसके लिये कौन अधिकारी जिम्‍मेदार है शासन क्‍या कार्यवाही करेगा?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) आगर नगर में श्री नृसिंह मंदिर परिसर छावनी के नाम से जमीन नहीं है। जी नहीं। (ख) श्री नृसिंह मंदिर शासकीय भूमि सर्वे नंबर 154 रकवा 0.188 हे. में बना है, जो राजस्‍व अभिलेख में आबादी दर्ज है। खसरे के कालम नंबर 12 में दर्ज है। इस पर अतिक्रमण नहीं है। (ग) सर्वे क्रमांक 154 से लगकर भूमि सर्वे क्रमांक 157 रकवा 1.107 नोईयत आबादी नजूल भूमि दर्ज है जिसमें क्रमश: राजेन्‍द्र भूरे एवं मदन नाम के व्‍यक्ति को राजीव गांधी आश्रय योजना का आवासीय पट्टा जारी किया गया था जिसमें राजेन्‍द्र भूरे द्वारा आवंटित भूमि 795 वर्ग फीट से अधिक भूमि पर निर्माण कार्य किये जाने के फलस्‍वरूप अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही तहसील एवं नगरपालिका कार्यालय के अमलों द्वारा किये जाने से व्‍यथित होकर राजेन्‍द्र भूरे ने व्‍यवहार न्‍यायाधीश वर्ग-2 आगर न्‍यायालय में प्रकरण क्रमांक 26-ए/2015 दर्ज होकर वर्तमान में प्रचलित है। (घ) प्रकरण वर्तमान में सिविल न्‍यायालय में विचाराधीन है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

प्रदेश में प्रतिभाशाली खिलाडि़यों को रोजगार

18. ( क्र. 2920 ) श्री राजेश सोनकर : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मध्‍यप्रदेश द्वारा 6 वर्षों में कितने खिलाडि़यों को विक्रम अवार्ड, एकलव्‍य अवार्ड व अन्‍य खेल अवार्डों से कब-कब व किन-किन खिलाडि़यों को सम्‍मानित किया, वर्षवार जिला सहित नामों की सूची उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में जिला/संभाग इंदौर में कितने प्रतिभाशाली खिलाडि़यों को शासन द्वारा शासकीय विभागों में कब-कब, कहाँ-कहाँ पर नौकरियां दी गईं? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में मध्‍यप्रदेश सरकार द्वारा खेलों को एवं खिलाडि़यों को प्रोत्‍साहित करने हेतु प्रतिभाशाली खिलाडि़यों को रोजगार देने हेतु शासकीय विभागों/प्राइवेट संस्‍थानों में नौकरी दिलाने के लिए क्‍या प्रयास किये जा रहे हैं? क्‍या कई खिलाड़ी राष्‍ट्रीय प्रतियोगिताओं एवं अन्‍य प्रतियोगिताओं में शामिल होने के बावजूद भी निम्‍न शैक्षणिक योग्‍यता होने से आज भी बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं? (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में कितने खिलाड़ी आज दिनांक तक प्रदेश एवं देश का नाम राष्‍ट्रीय एवं अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर रोशन करने के बाद भी आज तक बेरोजगार हैं? क्‍या शासन इन खिलाडि़यों को जल्‍द ही शासकीय विभागों/ अर्द्धशासकीय विभाग, प्राइवेट कम्‍पनियों में प्राथमि‍कता से रोजगार दिलाने का प्रयास करेगा? यदि हाँ, तो कब तक खिलाडियों को रोजगार प्राप्‍त हो सकेगा, समय-सीमा बतावें?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में विगत 6 वर्षों में वर्ष 2010 से 2016 तक किसी भी खिलाड़ी को जिला/संभाग इंदौर में नियुक्ति प्रदान नहीं की गई है। वर्ष 2013 से 2015 तक जिन प्रतिभाशाली खिलाडि़यों को शासन द्वारा शासकीय विभागों में नियुक्ति हेतु अनुशंसा की गई है उनकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में म.प्र. सरकार द्वारा खेलों को एवं खिलाडि़यों को प्रोत्साहित करने हेतु खेल के उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर केवल विक्रम पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ी को शासन द्वारा उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित किए जाने के पश्चात् नियमानुसार तृतीय/चतुर्थ श्रेणी में शासकीय सेवा में नियुक्ति प्रदान की जाती है तथा अन्य संस्थान भारत ओमान रिफाइनरीज़ लिमिटेड, बीना में खिलाडि़यों को रोजगार दिलाया गया है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में केवल विक्रम पुरस्कार अवार्डी को शासन द्वारा उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित किए जाने के पश्चात् नियमानुसार तृतीय/चतुर्थ श्रेणी में शासकीय सेवा में नियुक्ति प्रदान की जाती है। अतएव शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

मुरैना एवं श्‍योपुर जिले में पुलों की स्‍वीकृति उपरांत निर्माण

19. ( क्र. 3110 ) श्री रामनिवास रावत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माह जनवरी 2016 की स्थिति में जिला मुरैना एवं श्‍योपुर में किन-किन स्‍थानों पर कौन-कौन से पुलों एवं सड़क मार्गों का निर्माण का सर्वे कराकर डी.पी.आर. तैयार कराई गई है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार किन-किन पुलों एवं सड़क मार्गों की डी.पी.आर. तैयार होने के पश्‍चात किन-किन पुलों एवं सड़क मार्गों को स्‍वीकृत किए जाने की कार्यवाही प्रचलन में हैं? उक्‍त पुल एवं सड़क मार्ग कौन-कौन सी योजना में बनाया जाना प्रस्‍तावित है? इनमें से किन-किन पुलों एवं सड़क मार्गों के निर्माण हेतु कितनी-कितनी राशि की प्रशासकीय स्‍वीकृति कब जारी की गई है? पुलों के नाम सहित बतावें? (ग) मुरैना सबलगढ़ मार्ग पर सिकरौदा के पास आसन नदी पर, नैपरी के पास क्‍वारी नदी एवं सबलगढ़ तहसील के अटारघाट, कैलारस तहसील के चंबल नदी पर सेवर घाट पर स्‍वीकृत किए गए पुल का निर्माण कार्य अभी तक पूर्ण/प्रारंभ न हो पाने के क्‍या कारण हैं? कब तक पुलों का निर्माण कार्य पूर्ण करा दिया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) पुल की विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। इसके अतिरिक्‍त एम.पी.आर.डी.सी. द्वारा सर्वे कराकर डी.पी.आर. तैयार करने संबंधी जानकारी निम्‍न है। (1) जिला मुरैना सिहोनिया बिचौली मार्ग (2) जिला श्‍योपुर टेंटरा विजयपुर धौवनी मार्ग। मार्गों की विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश '' अनुसार निम्‍नानुसार सड़क मार्गों की डी.पी.आर. तैयार होने के पश्‍चात सड़क मार्गों का स्‍वीकृत किए जाने की कार्यवाही प्रचलन में है। (1) जिला मुरैना सिहोनिया बिचौली मार्ग (2) जिला श्‍योपुर टेंटरा विजयपुर धौवनी मार्ग। उक्‍त सड़क मार्ग ए.डी.बी. पोषित योजना में बनाई जाना प्रस्‍तावित है। इसमें से किसी भी सड़क मार्ग निर्माण की प्रशासकीय स्‍वीकृति प्राप्‍त नहीं हुई है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' '' अनुसार है। (ग) मुरैना सबलगढ़ मार्ग पर सिकरौदा के पास आसन (सोन) नदी नेपरी के पास क्‍वारी नदी पर पुल निर्माण का कार्य अभी प्रारंभ न हो पाने का कारण निम्‍नानुसार है। पूर्व में उक्‍त निर्माण कार्य बी.ओ.टी. (टोल+एन्‍युटी) योजनांतर्गत परन्‍तु कंसेशनायर मेसर्स कानकास्‍ट मुरैना रोड प्रोजेक्‍ट प्रा.लि. कार्य की प्रगति अनुधानुसार न होने के कारण ठेका निरस्‍त कर दिया गया, तदोपरान्‍त निविदा आमंत्रण प्रक्रिया द्वारा नई एजेन्‍सी नियुक्‍त किया गया। साथ ही नैपरी के पास पुल एवं पहुंच मार्ग हेतु भू-अर्जन शेष होना था नई निर्माण एजेन्‍सी मेसर्स राजा कंस्‍ट्रक्‍शन प्रा.लि. को 2 वर्ष का समय निर्धारित किया गया अत: उक्‍त पुलों का निर्माण कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण कर लिया जावेगा। सबलगढ़ तहसील के अटारघाट में चंबल नदी पर उच्‍चस्‍तरीय पुल निर्माण हेतु डी.पी.आर. परीक्षणाधीन है। वर्तमान में समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

सागर संभाग अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारियों की पदस्‍थापना

20. ( क्र. 3235 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर संभाग के अंतर्गत कितने जिलों में भवन/सड़क उपसंभागों में प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी पदस्‍थ है? (ख) लो‍क निर्माण विभाग भवन/सड़क उपसंभाग सागर जिले के अंतर्गत कितने उपसंभागों में प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी कब से कार्यरत है? (ग) लोक निर्माण विभाग के भवन/सड़क उपसंभाग में यदि प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी पदस्‍थ है तो क्‍या विभाग के पास अनुविभागीय अधिकारियों की कमी है? (घ) यदि कमी नहीं है तो भवन/सड़क उप संभाग में वरिष्‍ठ उपयंत्री/उपयंत्री डिग्री होल्‍डर को पदस्‍थ करने का क्‍या कारण है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार(ग) जी हाँ। (घ) प्रश्नांश के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''दस ''

शासकीय हाई स्‍कूल का निर्माण

21. ( क्र. 3236 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक निर्माण विभाग पी.आई.यू. 06 सागर द्वारा शासकीय हाई स्‍कूल भवन का निर्माण कार्य की निविदा कब जारी की गई थी? निविदा कार्य में नलकूप खनन/जल स्‍त्रोत का कार्य भी सम्मलित था? (ख) यदि निविदा कार्य में नलकूप खनन/जल स्‍त्रोत का कार्य सम्‍मलित था तो विभाग द्वारा इस कार्य पर कितनी राशि खर्च की एवं क्‍या-क्‍या कार्य कराये गये? (ग) क्‍या वर्तमान में उक्‍त जल स्‍त्रोत कार्य कर रहा है? यदि नहीं, तो क्‍यों कारण बतावें एवं शाला भवन में जल स्‍त्रोत की क्‍या व्‍यवस्‍था कब तक की जावेगी? (घ) क्‍या शाला भवन जल स्‍त्रोत के अभाव में लोकार्पण/स्‍कूल शिक्षा विभाग को सुपर्द नहीं किया जा पा रहा है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) लोक निर्माण विभाग पी.आई.यू. सागर द्वारा शासकीय हाई स्कूल भवन कनेरा नीखर की निविदा दिनांक 03.02.2011 को जारी की गई थी, निविदा कार्य में नलकूप खनन कार्य सम्मिलित था। (ख) जी हाँ राशि रूपये 201133/- खर्चे की गई, जिसमें ट्यूब वेल खनन, केसिंग डालने का कार्य एवं सबर्मसिबल पंप आदि शामिल थे। (ग) जी नहीं, वर्तमान में उक्त जल स्त्रोत कार्य नहीं कर रहा है, क्योंकि (1) बोर की केसिंग में पंप अटक जाने के कारण। (2) जल स्तर नीचे जाने के कारण। ठेकेदार के हर्जे-खर्चे पर शीघ्र ही नलकूप खनन का कार्य कराया जावेगा एवं ठेकेदार की जमा राशि से समायोजन कर कार्य कराया जावेंगा। (घ) जी हाँ, कार्य पूर्ण हो चुका एवं शिक्षा विभाग के साथ संयुक्त निरीक्षण न होने के कारण हस्तांतरित नहीं हो पा रहा है। जल स्त्रोत की व्यवस्था न होना भी हस्तांतरित नहीं होने का एक कारण है।

राजघाट नहर परियोजना के निर्माण हेतु

22. ( क्र. 3408 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियाँ : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दतिया जिले में राजघाट नहर परियोजना के निर्माणार्थ हेतु वन विभाग की 34.780 हेक्‍टेयर भूमि के बदले राजस्‍व की उतनी ही भूमि वन विभाग के पक्ष में हस्‍तांतरण कर नामांतरण कर दी गई है? (ख) क्‍या जल संसाधन विभाग ने क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण दाण्डिक वृक्षारोपण हेतु वर्ष 2013 में रूपये 20520000.00 वन विभाग के पास जमा कर दिये गये है? (ग) क्‍या इसके बावजूद वन विभाग द्वारा उपरोक्‍त भूमि जल संसाधन विभाग को नहीं सौंपी है, इससे एक तो परियोजना की लागत बढ़ गई है और दूसरे क्षेत्र के किसानों को अभी तक पानी प्राप्‍त नहीं हो सका? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) हाँ, में है तो इसके लिऐ कौन जिम्‍मेदार है और वन विभाग द्वारा कब तक भूमि हस्‍तांरण कर दी जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों और अभी तक इतनी बड़ी रकम एवं जमीन (राजस्‍व विभाग की ) वन विभाग के पास रखने का क्‍या औचित्‍य रहा?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। जल संसाधन विभाग द्वारा समय-समय पर सैद्धान्तिक अनुमोदन के अनुपालन में जमा कराई गई राशियों का विवरण संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) भारत सरकार द्वारा जारी सैद्धान्तिक अनुमोदन दिनांक 31.07.2007 में निर्धारित शर्तों का पूर्ण अनुपालन प्रतिवेदन भेजने पर भारत सरकार से औपचारिक अनुमोदन प्राप्त कर वनभूमि उपलब्ध कराई जा सकेगी। सैद्धान्तिक अनुमोदन दिनांक 31.07.2007 में निर्धारित शर्तों के आंशिक अनुपालन की शर्तवार स्थिति संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। शेष जानकारी एकत्रित की जा रही है। (घ) उत्तरांश के अनुसार भारत सरकार द्वारा दिये गये सैद्धान्तिक अनुमोदन की समस्त शर्तों के अनुपालन में प्रतिवेदन भारत सरकार को भेजकर औपचारिक अनुमोदन उपरांत ही वन भूमि का, हस्तांतरण तत्परता से जल संसाधन विभाग को किया जायेगा। स्वीकृति प्रक्रियाधीन होने से राजस्व भूमि व जमा राशियाँ वन विभाग में जमा रखी गई है। 

 परिशिष्ट ''ग्यारह''

राजमार्गों पर एमेनिटी सेन्‍टर (टोहास) विकसित करना

23. ( क्र. 3470 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश सरकार राज्‍य के राष्‍ट्रीय राजमार्गों व राज्‍य मार्गों व हाईवे एमेनिटी सेंटर (टोहास) विकसित किये जा रहे हैं, यदि हाँ, तो इन सेंटर्स पर क्‍या-क्‍या कार्य प्रस्‍तावित है? (ख) प्रश्नांश (क) संदर्भित इन राजमार्ग पर कहाँ-कहाँ हाईवे एमेनिटी सेंटर (टोहास) कार्य पूर्ण हो चुका है व कौन सा कार्य अपूर्ण है? उक्‍त सेंटर्स कब तक कार्य करना प्रारंभ कर देंगे? (ग) क्‍या लेबड़-नयागांव फोरलेन पर भी हाईवे एमेनिटी सेंटर (टोहास) विकसित किया जाना प्रस्‍तावित है? यदि हाँ, तो कहाँ-कहाँ पर, जानकारी देवें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। म.प्र. लोक निर्माण विभाग की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जी नहीं। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - '' बारह ''

लो.नि.वि. संभाग गुना के उपयंत्रियों को अतिरिक्‍त प्रभार

24. ( क्र. 3659 ) श्रीमती ममता मीना : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लो.नि.वि. संभाग गुना के अंतर्गत उपसंभागों में कितने-कितने उपयंत्री है किस उपयंत्री पर कौन-कौन से सेक्‍शन में किस-किस मार्ग एवं भवन का कार्यभार दे रखा है? (ख) क्‍या उपसंभाग गुना में सात उपयंत्री राघौगढ़ उपसंभाग में चार व चांचौड़ा उपसंभाग में एक उपयंत्री पदस्‍थ है? यदि हाँ, तो सबसे अधिक उपयंत्री उपसंभाग गुना में पदस्‍थ है? (ग) बतायें कि उपसंभाग राघौगढ़ में पदस्‍थ कनिष्‍ठ उपयंत्री श्री मनोज अग्रवाल को उपसंभाग गुना के अंतर्गत अतिरिक्‍त प्रभार फतेहगढ़ सेक्‍शन व हवाई पट्टी, गुना व प्रयोगशाला गुना का अतिरिक्‍त प्रभार किस नियम के तहत दिया गया है? (घ) क्‍या कनिष्‍ठ उपयंत्री से गुना उपसंभाग के कार्यों का अतिरिक्‍त प्रभार प्रयोगशाला गुना का प्रभार कब तक हटाया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार। (ख) उपसंभाग गुना में 07, उपसंभाग राधौगढ़ में 05 एवं चांचौड़ा उपसंभाग में 01 उपयंत्री पदस्थ है। जी हाँ। (ग) 02 उपयंत्रियों के पदोन्नत हो जाने से प्रशासनिक कारणों से श्री मनोज अग्रवाल, उपयंत्री (राजपत्रित वर्ग-2) को फतेहगढ़/हवाई पट्टी का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया था एवं मण्डल कार्यालय में सहायक यंत्री/उपयंत्री राजपत्रित वर्ग-2 पदस्थ न होने से प्रशासनिक कारणों से प्रयोगशाला का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया था। (घ) कार्यपालन यंत्री, लो.नि.वि. गुना संभाग के आदेश क्रमांक 723-24 दिनांक 24/02/2015 द्वारा उपसंभाग के कार्य फतेहगढ़ सेक्सन एवं हवाई पट्टी सेक्सन का अतिरिक्त प्रभार हटा दिया गया है एवं अधीक्षण यंत्री, लो.नि.वि. मण्डल गुना के आदेश क्रमांक 478-79 दिनांक 24/02/2016 द्वारा प्रयोगशाला का प्रभार हटा दिया गया है।

परिशिष्ट - ''तेरह ''

निविदा स्‍वीकृत करने के अधिकार

25. ( क्र. 3660 ) श्रीमती ममता मीना : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या लो.नि.वि. के नये निविदा फार्म में समयवृद्धि के अधिकार अधीक्षण यंत्री को है व लो.नि.वि.पी.आई.यू. में किसको है? नियम सहित बतावें? (ख) क्‍या यदि अतिरिक्‍त परियोजना संचालक लो.नि.वि.पी.आई.यू. को समय वृद्धि का अधिकार नहीं है तो किस नियम से समयवृद्धि की जा रही है? नियम विरूद्ध समयवृद्धि स्‍वीकृत करने पर शासन क्‍या कार्यवाही करेगा? (ग) लो.नि.वि. में निविदा स्‍वीकृति के अधिकार मुख्‍य अभियंता अधीक्षण यंत्री एवं कार्यपालन यंत्री की तरह लो.नि.वि. पी.आई.यू. में पदवार क्‍यों नहीं है? एक जैसे नियम क्‍यों नहीं है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ, 30 दिन से अधिक विलंब पर समयवृद्धि स्‍वीकृत करने के अधिकार लोक निर्माण विभाग में अधीक्षण यंत्री को है एवं लोक निर्माण विभाग पी.आई.यू. में अधीक्षण यंत्री स्‍तर के अधिकारी संयुक्‍त परियोजना संचालक का अलग से कोई कार्यालय नहीं होने के कारण 30 दिन से अधिक समयवृद्धि स्‍वीकृति मुख्‍य अभियंता स्‍तर के अधिकारी अतिरिक्‍त परियोजना संचालक लो.नि.वि. पी.आई.यू. कार्यालय द्वारा दी जा रही है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '1' एवं '2' अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश '' अनुसार समयवृद्धि स्‍वीकृत की जाती है। कार्यवाही का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) पी.आई.यू. में अधीक्षण यंत्री स्‍तर के अधिकारी का स्‍वतंत्र कार्यालय नहीं होने के कारण पी.आई.यू. में निविदा स्‍वीकृति के अधिकार पी.डब्‍ल्‍यू.डी. के पदवार मुख्‍य अभियंता, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री पदवार जैसे नहीं। एक जैसे संरचना नहीं होने के कारण एक जैसे नियम नहीं।

आदिवासियों को पट्टे का प्रदान

26. ( क्र. 3694 ) श्री संजय शर्मा : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वनभूमि में काबिज आदिवासियों को पट्टे प्रदान किये गये हैं? (ख) यदि हाँ, तो ग्रामवार जानकारी प्रदान करें? (ग) आदिवासियों को वनभूमि के पट्टे प्रदान करने की क्‍या नीति है?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) तेन्दूखेड़ा विधान सभा क्षेत्र में दो वनग्राम कोटरी एवं हींगपानी हैं, जिनमें निवासरत आदिवासियों को प्रदाय किये गये 15 वर्षीय पट्टों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। (ग) वनग्राम नियम 1977 में पट्टे प्रदाय करने का प्रावधान पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'दो' अनुसार है।

सोनकच्‍छ के पीलिया खाल पर पुल निर्माण बाबत्

27. ( क्र. 3723 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सोनकच्‍छ से जलेरिया रोड पर स्थित पीलिया खाल पर पुल निर्माण हेतु कोई कार्यवाही की जा रही है? (ख) यदि नहीं, तो क्‍या क्षेत्रवासियों के हित में विभाग द्वारा उक्‍त पुल निर्माण हेतु कोई कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) क्‍या बारिश के दौरान उक्‍त पीलिया खाल पर पानी अधिक होने से आवागमन बंद हो जाता हैं? यदि हाँ, तो क्‍या आगामी बारिश तक उक्‍त खाल पर बड़ा पुल स्‍वीकृत किया जा सकेगा या नहीं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) सोनकच्‍छ से जलेरिया रोड पर स्थित पीलिया साल पर पूर्व से वी.सी.डब्‍ल्‍यू. वेन्‍टेज काजवे निर्मित है तथा इस पर से आवागमन चालू है। वर्तमान में इस पर उच्‍चस्‍तरीय पुल निर्माण का कोई प्रस्‍ताव नहीं है एवं निर्माण हेतु कोई कार्यवाही प्रचलन में नहीं है। (ख) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में विभाग द्वारा कोई कार्यवाही प्रस्‍तावित नहीं है। (ग) प्रश्‍नांकित मार्ग प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में निर्मित होने से कोई कार्यवाही प्रस्‍तावित नहीं शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

वन विभाग में अनियमितता

28. ( क्र. 3726 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या देवास जिले के वनमण्‍डल अधिकारियों द्वारा विभाग की वसूली, दण्‍ड या अन्‍य कार्यों हेतु ली जाने वाली मनी राशि की मनी रसीद कट्टे असली व नकली दो प्रकार के चलाए जा रहे है? (ख) क्‍या देवास जिले में ऐसा कोई मामला प्रकाश में आया है? यदि हाँ, तो क्‍या? (ग) क्‍या शासन द्वारा ऐसे भ्रष्‍ट एवं दोषी अधिकारियों पर कोई ठोस कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो किन-किन पर क्‍या की गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

प्रतिरक्षा उद्योग और औद्योगिक क्षेत्र हेतु भूमि का हस्‍तांतरण

29. ( क्र. 3827 ) श्री मोती कश्यप : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या उद्योग संचालनालय ने अपने पत्र दिनांक 14.08.2015 द्वारा जिला कटनी में किसी को कोई निर्देश दिया है? (ख) क्‍या जिला व्‍यापार एवं उद्योग केन्‍द्र कटनी ने अपने पत्र दिनांक 19.01.2016 में प्रश्नांश (क) को संदर्भित कर किसी राजस्‍व अधिकारी को किन्‍हीं उद्देश्‍यों के परिप्रेक्ष्‍य में किन्‍ही भूमि के विषय में कोई लेख किया है और कोई स्‍मरण पत्र दिया है? (ग) क्‍या प्रश्नांश (क), (ख) में किन रकबे व खसरे की भूमि में कहाँ रक्षा उत्‍पादन इकाईयों और कहाँ कौन सी औद्योगिक इकाईयां स्‍थापित की जाना विचाराधीन है? (घ) क्‍या प्रश्नांश (ख) राजस्‍व अधिकारी ने प्रश्नांश (क) निर्देश का निष्‍पादन किस दिनांक को कर दिया है? यदि नहीं, तो क्‍यों?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। स्‍मरण पत्र नहीं दिया गया है। (ग) भूमि विभाग को हस्‍तांतरित होने पर विचार किया जावेगा। (घ) कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

शासकीय विधि महाविद्यालयों में गुणवत्‍तापूर्ण शिक्षण कार्य

30. ( क्र. 3861 ) श्री प्रहलाद भारती : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के विधि महाविद्यालयों में अध्‍यापन हेतु यूजीसी एवं बार काउन्सिल ऑफ इंडिया के दिशा-निर्देशों के अनुसार सहायक प्राध्‍यापक हेतु क्‍या न्‍यूनतम शैक्षणिक अर्हता निर्धारित है स्‍पष्‍ट करें? क्‍या बार काउन्सिल ऑफ इंडिया की लीगल एज्‍युकेशन कमेटी के परिपत्र क्रमांक 09/2012/ (2283/2012) दिनांक 30.11.2012 के अनुसार एल.एल.एम. दूरस्‍थ/पत्राचार पद्धति से उत्‍तीर्ण अभ्‍यार्थियों को विधि महाविद्यालयों में अध्‍यापन हेतु नियु‍क्‍त नहीं किया जा सकता है। यदि हाँ, तो क्‍या बार काउन्सिल के उक्‍त परिपत्र का अनुपालन प्रदेश के उच्‍च शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के समस्‍त विधि महाविद्यालयों में कराया जा रहा है? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें? (ख) वर्तमान शिक्षण सत्र में प्रदेश के शासकीय विधि महाविद्यालयों में सहायक प्राध्‍यापक/प्राध्‍यापक के रिक्‍त पदों के विरूद्ध ऐसे कितने व कौन-कौन से अतिथि विद्वान कार्यरत हैं जो दूरस्‍थ/पत्राचार शिक्षा पद्धति से एल.एल.एम. उत्‍तीर्ण है? क्‍या विधि शिक्षा के नियमन के लिए जिम्‍मेदारवार काउन्सिल ऑफ इंडिया के निर्देशों का अनुपालन न किया जाना विधि शिक्षा की गुणवत्‍ता को प्रभावित नहीं करता है यदि हाँ, तो उच्‍च शिक्षा विभाग उक्‍त परिपत्र के दिशा-निर्देशों को लागू करने हेतु क्‍या कार्यवाही करने जा रहा है?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) न्यूनतम शैक्षणिक अर्हता, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' की कंडिका 20 तथा पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। उक्त पत्र में दूरस्थ पत्राचार पद्धति से उत्तीर्ण विद्यार्थियों के संबंध में पूर्व में लिये गये निर्णय को स्थगित किया गया है, पत्र  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' में है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' में है। जी नहीं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

मानदेय का भुगतान

31. ( क्र. 3862 ) श्री प्रहलाद भारती : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. के शासकीय महाविद्यालयों में प्राध्‍यापक/सहायक प्राध्‍यापकों के रिक्‍त पदों के विरूद्ध अतिथि विद्यान शैक्षणिक कार्य कर रहे है? क्‍या अतिथि विद्यानों का चयन मेरिट के आधार पर ऑनलाईन पारदर्शी प्रक्रिया के माध्‍यम से किया जाता है एवं चयन में यूजीसी द्वारा निर्धारित योग्‍यता मानकों का अनुपालन किया जाता है? (ख) वर्तमान में प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत अतिथि विद्यानों को प्रति कालखण्‍ड कितना मानदेय भुगतान किया जा रहा है? क्‍या प्रदेश के उच्‍च शिक्षा विभाग के अंतर्गत अतिथि विद्यानों के मानदेय में वृद्धि किए जाने का कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन है? यदि हाँ, तो विचाराधीन प्रस्‍ताव का विवरण उपलब्‍ध करावें? (ग) क्‍या विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग के पत्र क्र./एफ.10-1/2009 (PS) फरवरी 2010 द्वारा ग्रेस्‍ट लेक्‍चरर को प्रति व्‍याख्‍यान हेतु 1000/- रूपये अथवा 25000/- रूपये मासिक मानदेय दिये जाने हेतु देश के समस्‍त उच्‍च शिक्षा विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया गया है? यदि हाँ, तो म.प्र. में संचालित महाविद्यालयों में उक्‍त आदेश का अनुपालन क्‍यों नहीं किया जा रहा है? (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में यूजीसी के उक्‍त पत्र के पालन में गेस्‍ट लेक्‍चरर को प्रति व्‍याख्‍यान राशि 1000/- रूपये अथवा 25000/- रूपये मासिक मानदेय भुगतान कब से प्रारंभ कर दिया जावेगा व उक्‍त मानदेय वर्ष 2010 से स्‍वीकृत किया जाकर संबंधितों को एरियर का भुगतान कब तक कर दिया जावेगा?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। जी हाँ एवं अतिथि विद्वानों के चयन में विभागीय नियम/मानकों का अनुपालन किया जाता है। (ख) वर्तमान में प्रदेश के अतिथि विद्वानों को रूपये 200/ प्रतिकाल खण्ड (अधिकतम 3 काल खण्ड प्रति कार्य दिवस) का भुगतान किया जा रहा है। जी हाँ। विचाराधीन प्रस्ताव मानदेय में वृद्धि का ही है। (ग) जी नहीं, किन्तु विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से निर्देश नहीं गाइड लाइन जारी किया गया है। मध्यप्रदेश में चयन एवं मानदेय हेतु म.प्र. शासन उच्च शिक्षा विभाग के दिशानिर्देशों का पालन किया जाता है। (घ) उत्तरांश '''' के संदर्भ में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

क्रय किया गया गौण खनिज

32. ( क्र. 4144 ) श्रीमती रेखा यादव : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर एवं बैतूल वनवृत के अतंर्गत किस वनमण्‍डल एवं किस वन परिक्षेत्र ने गत तीन वर्षों में किस दर पर कितना और कौन-कौन सा गौण खनिज किससे क्रय किया उसके परिवहन पर कितनी राशि खर्च की गई कितनी रॉयल्‍टी का भुगतान किया गया? (ख) मध्‍यप्रदेश गौण खनिज नियम 1996 के नियम 3 में गौण खनिज पर वन विभाग को क्‍या-क्‍या छूट प्राप्‍त है उस छूट के अनुसार गत तीन वर्षों में गौण खनिज की खनिज विभाग से अनुमति न लिए जाने का क्‍या कारण रहा है? (ग) गत तीन वर्षों खनिज क्रय किए जाने की किस दिनांक को निविदा आमंत्रित की गई किस दिनांक को किस दर की किसने निविदा डाली किसकी निविदा स्‍वीकृत की गई इसमें से किस के पास खनिज विभाग की लीज रही है? (घ) जिसके पास खनिज विभाग की लीज नहीं रही उससे गौण खनिज क्रय किए जाने का क्‍या कारण रहा है?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। खनिज साधन विभाग द्वारा जिन निविदाकारों की निविदा स्वीकृत की गई है, के पास खनिज साधन विभाग की लीज नहीं है। (घ) भण्डार क्रय नियमों का पालन करते हुए, निविदा आमंत्रण कर, निविदाकारों से गौण खनिज क्रय किया गया है। 

आई.टी.आई भवन का निर्माण

33. ( क्र. 4145 ) श्रीमती रेखा यादव : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या छतरपुर जिले के बड़ामलहरा नगर पंचायत में बनाए गए आई.टी.आई. भवन में आई.टी.आई प्रश्‍नांकित दिनांक तक भी प्रांरभ नहीं की जा सकी है? (ख) आई.टी.आई का भवन किस एजेन्‍सी के द्वारा किस दिनांक से बनाया जाना प्रांरभ किया गया उसका कितना भुगतान किया जा चुका है उस भवन के प्रश्‍नांकित दिनांक तक भी पूरा न हो पाने का क्‍या कारण रहा है? (ग) कब तक आई.टी. आई का भेपूरा करवाया जाकर आई.टी.आई प्रांरभ की जावेगी समय-सीमा सहित बतावें?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) संभागीय परियोजना यंत्री लोक निर्माण विभाग (पी.आई.यू.) छतरपुर मुख्‍यालय, नौगांव जिला छतपुर द्वारा निर्माण कार्य दिनांक 02.04.2015 से प्रांरभ किया गया। राशि रूपये 3,26,71,490/- का भुगतान किया जा चुका है। अनुबंध अनुसार निर्माण कार्य पूर्ण की तिथि दिनांक 25.08.2016 निर्धारित है। (ग) आगामी सत्र अगस्‍त 2016 से नवीन भवन में संस्‍था संचालित किये जाने की संभावना है।

अधिकारों का अभिभाषण

34. ( क्र. 4153 ) श्रीमती रेखा यादव : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वन विभाग मध्‍यप्रदेश शासन के प्रमुख सचिव ने दिनांक 10 अप्रैल 2015 को किन-किन राजस्‍व अभिलेखों में दर्ज किन-किन अधिकारों एवं प्रयोजनों का अभिलेखन किए जाने के निर्देश किस-किस जिले के कलेक्‍टर को दिए जाकर क्‍या-क्‍या निर्देश दिए है? (ख) सागर संभाग के किस जिले के राजस्‍व अभिलखों में किन-किन मदों में दर्ज जमीन किन-किन अधिकारों एवं प्रयोजनों के लिए दर्ज जमीनों को भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 29 एवं धारा 4 (1) में अधिसूचित किया है? (ग) संभाग के किस जिले के राजस्‍व विभाग ने 10 अप्रैल 2015 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक धारा 29 एवं धारा 4 (1) में अधिसूचित कितनी भूमियों पर राजस्‍व अभिलेखों में दर्ज अधिकारों, प्रयोजनों एवं मदों का अभिलेखन कर किस दिनांक को वनमण्‍डल को सूची उपलब्‍ध करवाई यदि सूची उपलब्‍ध नहीं करवाई हो तो उसका कारण बतावें? (घ) 10 अप्रैल 2015 के पत्र में दिए निर्देशानुसार कब तक अधिकारों का अभिलेखन किया जाकर सूची वनमण्‍डल को उपलब करवा दी जावेगी समय-सीमा सहित बतावें?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) प्रश्नाधीन निर्देश संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

परिशिष्ट - ''चौदह''

वृक्षा रोपण की जानकारी

35. ( क्र. 4321 ) श्री रजनीश सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वन विभाग सिवनी द्वारा जनवरी 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी भूमि पर कहाँ-कहाँ वृक्षारोपण कराया गया है तथा कौन-कौन से निर्माण कार्य कराये गये हैं वन परिक्षेत्रवार जानकारी देवे वन परिक्षेत्रवार वृक्षारोपण की संख्‍या व उस पर व्‍यय राशि तथा निर्माण कार्य एवं उस पर व्‍यय राशि का विवरण देवें? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में कराये गये वृक्षारोपण शत्-प्रतिशत जीवित रहे, इसकी जिम्‍मेदारी किन-किन अधिकारी/कर्मचारी को दी गई तथा इस हेतु उन्‍हें कौन-कौन से संसाधन उपलब्‍ध कराये गये? (ग) प्रश्‍न दिनांक तक रोपित कितने पौधे वर्तमान में जीवित है? कितने पौधे नष्‍ट हो गये? नष्‍ट पौधों पर व्‍यय कितना था एवं इसके लिए जिम्‍मेदार कौन है?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। परिक्षेत्र अधिकारियों एवं उप वनमंडल अधिकारियों को वाहन उपलब्ध कराये गये हैं। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। शासन द्वारा निर्धारित अनुसार पौधे जीवित रहने एवं प्राकृतिक कारणों से पौधे नष्ट होने के कारण नष्ट पौधों के व्यय के लिये किसी भी अधिकारी/कर्मचारी को जिम्मेदारी का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। 

गुना जिले में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का नियमि‍तीकरण

36. ( क्र. 4332 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश के गुना जिले में वर्तमान में लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत कितने दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी कार्यरत है? इनमें से ऐसे कितने कर्मचारी है जो 1986 के पूर्व से कार्य कर रहे है? (ख) क्‍या दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित करने के लिये मध्‍यप्रदेश उच्‍च न्‍यायालय अथवा सर्वोच्‍च न्‍यायालय द्वारा कोई आदेश पारित किया गया है? यदि हाँ, तो माननीय न्‍यायालय ने इन्‍हें कब तक नियमित करने का आदेश दिया है? (ग) माननीय न्‍यायालय के आदेश के पश्‍चात् शासन द्वारा विभाग के कितने दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित किया जा चुका है तथा कितने नियमित किये जाने शेष है? (घ) वर्तमान में कार्यरत विभाग के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिये सरकार ने क्‍या कार्य योजना बनाई है तथा इन कर्मचारियों को कब तक नियमित कर दिया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) गुना जिले के वर्तमान में लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 340 दैनिक वेतन भोगी कार्यरत है। इनमें से 88 दैनिक वेतन भोगी वर्ष 1986 के पूर्व से कार्यरत है। (ख) कोई समेकित आदेश नहीं है परंतु प्रकरण विशेष में आदेश दिया गया है। मान. न्यायालय के आदेशों में समय-सीमा निर्धारित नहीं है। (ग) विभाग में 56 दैनिक वेतन भोगियों को मान. न्यायालय के आदेश से नियमित किया गया है। 12 दैनिक वेतन भोगी नियमितीकरण हेतु शेष है। (घ) वर्तमान में कोई योजना नहीं है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

 

 

रानी दुर्गावती विश्‍वविद्यालय में संचालित हॉस्‍टल

37. ( क्र. 4358 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रानी दुर्गावती विश्‍वविद्यालय में कितने हॉस्‍टल संचालित हैं एवं वर्तमान में प्रत्‍येक हॉस्‍टल में छात्र-छात्राओं की कितनी-कितनी संख्‍या है? (ख) वर्ष 2013 से वर्तमान तक विश्‍वविद्यालय प्रशासन द्वारा प्रत्‍येक हॉस्‍टल को कौन-कौन सी सुविधायें उपलब्‍ध कराई जा रही हैं? एवं इस मद में किये गये व्‍यय का विवरण उपलब्‍ध करायें? (ग) वर्ष 2013 से वर्तमान तक विश्‍वविद्यालय प्रशासन द्वारा प्रत्‍येक हॉस्‍टल के कितने रख-रखाव एवं सुधार कार्य कराये गये हैं एवं इन कार्यों में कितनी राशि का व्‍यय किन-किन मदों से किया गया है?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) विश्वविद्यालय में 02 होस्टल संचालित हैं। (1) पुरूष छात्रावास-छात्रों की संख्या- 20 (2) महिला छात्रावास- छात्राओं की संख्या- 170 (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' पर है। (ग) वर्ष 2013 से वर्तमान तक पुरूष छात्रावास में रख-रखाव में राशि रू. 2,26,432.98 व्यय किये गये तथा महिला छात्रावास में रख-रखाव में राशि रू. 4,35,136.13 व्यय किये गये। राशि का व्यय सामान्य मद से किया गया। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' पर है।

परिशिष्ट - ''पंद्रह''

रानी दुर्गावती विश्‍वविद्यालय में व्‍याख्‍याताओं की भर्ती

38. ( क्र. 4359 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रानी दुर्गावती विश्‍वविद्यालय में विभिन्‍न संवर्गों (शैक्षणिक एवं प्रशासनिक) में कितने पद स्‍वीकृत है? इनमें कितने कार्यरत एवं कितने रिक्‍त है? (ख) वर्ष 2010 से वर्तमान तक विश्‍वविद्यालय प्रशासन द्वारा कितनी भर्ती की गई है? क्‍या इन भर्तियों में शासन के नियम अनुसार रोस्‍टर प्रणाली का पालन किया गया है? (ग) विश्‍वविद्यालय प्रशासन द्वारा संविदा/अनुकम्‍पा एवं अतिथि व्‍याख्‍यता के पद हेतु कितने भर्तियां की गई है? क्‍या इन भर्तियों में शासन के नियम अनुसार रोस्‍टर प्रणाली का पालन किया गया है? (घ) प्रश्नांश (ख) एवं (ग) यदि रोस्‍टर का पालन नहीं किया गया है तो इसका कारण स्‍पष्‍ट करते हुये संबंधितों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई है?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार। (ख) कुल 64 भर्ती की गई। जी हाँ। (ग) संविदा पर कोई भर्ती नहीं की गई, अनुकंपा में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर 17 भर्ती की गई एवं 103 अतिथि विद्वानों को आमंत्रित किया गया। जी हाँ। अतिथि विद्वानों के आमंत्रण में आरक्षित प्रवर्ग के उम्मीदवारों को विषयवार प्राथमिकता दी गई, जिस विषय में आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार नहीं थे वहां छात्रों के पठन-पाठन को ध्यान में रखते हुए अनारक्षित प्रवर्ग के उम्मीदवारों से अतिथि विद्वानों को आमंत्रित किया गया है। (घ) '' एवं '' के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''सोलह''

सोनापीपरी से अम्‍बाड़ा तक मार्ग निर्माण

39. ( क्र. 4421 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम सोनापीपरी से ग्राम अम्‍बाड़ा तक सड़क मार्ग का निर्माण कार्य किया गया है? उसकी स्‍वीकृति विभाग द्वारा कब प्रदान की गई थी? इस सड़क निर्माण की लागत क्‍या है और किस ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण का कार्य किया गया है? (ख) ग्राम सोनापीपरी से ग्राम अम्‍बाड़ा तक सड़क मार्ग के निर्माण में किन-किन किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई है? क्‍या जिन किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई है उन सभी किसानों को शासन द्वारा मुआवजा प्रदान किया जा चुका है? अगर हाँ, तो कितने किसानों को कितना मुआवजा प्रदान किया गया है? (ग) उक्‍त सड़क निर्माण में जिन किसानों को भूमि अधिग्रहण के बदले मुआवजा राशि प्रदान नहीं की गई है तो उसका क्‍या कारण है? क्‍या ऐसे किसानों को मुआवजा राशि ब्‍याज सहित प्रदान की जायेगा? ऐसे कौन-कौन से किसान हैं जिन्‍हें मुआवजा प्रदान नहीं किया गया है? ऐसे किसानों को मुआवजे की राशि कब तक प्रदान कर दी जायेगी? (घ) क्‍या सड़क निर्माण में प्रभावित किसानों को मुआवजा राशि अभी तक प्रदान न करने पर विभागीय लापरवाही उजागर नहीं होती है? अगर हाँ, तो इस लापरवाही के लिए कौन-कौन से अधिकारी जिम्‍मेदार हैं और उन पर क्‍या और कब तक कार्यवाही की जायेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। मार्ग निर्माण की स्वीकृति दिनांक 04.10.2011 को शासन द्वारा प्रदान की गयी। सड़क निर्माण की लागत 42.14 करोड़ रूपये है एवं मार्ग का निर्माण मेसर्स बी.व्ही.एस.आर.एस.एस.जी. रोड प्रोजेक्ट्स प्रा. लि. हैदराबाद द्वारा किया गया है। (ख) ग्राम सोनापीपरी से ग्राम अम्बाड़ा तक सड़क निर्माण में ग्राम उमरेठ, छावड़ीकलां तथा छावड़ी खुर्द से संबंधित 88 किसानों के रकबे 6.898 हेक्टेयर का अर्जन भूमि अर्जन अधिनियम के अंतर्गत संपन्न किया गया है तथा प्रतिकर राशि रू. 11397071/- निर्धारित करते हुए राशि वितरित की गयी। विस्तृत विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) भू-अर्जन की प्रक्रिया से उपरोक्त प्रक्रिया से ग्राम सोनापीपरी, उमरेठ, मोआरी, शीलादेही, पाठा, रिधौरा माल, छावड़ कलां, घोघरी रैयत, छावड़ी खुर्द तथा ग्राम अम्बाड़ा के 230 भूमि स्वामी छूट गये हैं। कलेक्टर छिंदवाड़ा द्वारा छूटे हुए रकबे के संबंध में मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग द्वारा अधिसूचित आपसी सहमति से क्रय नीति अंतर्गत भूमि क्रय किये जाने की कार्यवाही की जा रही है। विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

एम.पी.आर.डी.सी. द्वारा बनाये मार्ग

40. ( क्र. 4473 ) श्री लखन पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या एम.पी.आर.डी.सी. द्वारा दमोह से गैसावाद सिमरिया मार्ग बनाया गया है? हाँ, तो निर्माण एजेंसी का नाम बताएं? (ख) रोड निर्माण कार्य में सी.आर.एम. (क्रेशर रन मेटल) एवं डब्‍लू.एम.एम. सीमेंट कांक्रीट एवं डामरीकरण में ‍कितना मेटल गिट्टी का उपयोग किया गया एवं कहाँ से लाई गई? ठेकेदार द्वारा किस स्‍वीकृत अथवा निजी खदान से रोड निर्माण हेतु उत्‍खनन किया गया? (ग) ठेकेदार द्वारा उत्‍खनन क्षेत्र का खनिज विभाग से नाप कराया गया या नहीं एवं स्‍वीकृत मात्रा से खदान का मिलान किया गया या नहीं? यदि मिलान नहीं किया गया तो कारण स्‍पष्‍ट करें? (घ) यदि उत्‍खनन क्षेत्र लाइमस्‍टोन का है तो ठेकेदार से रायल्‍टी लाइमक्टोन की ली गई या सेंड स्‍टोन की? यदि रायल्‍टी सेंड स्टोन की ली गई तो क्‍या अतिरिक्‍त लाइम स्‍टोन की रायल्‍टी ली जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। मेसर्स मोंटो कार्लो कंस्‍ट्रक्‍शन लि. अहमदाबाद है। (ख) सड़क निर्माण में सी.आर.एम. नहीं अपितु जी.एस.बी. का उपयोग किया था। उपयोग की गई सामग्री की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। खदान संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) इस संबंध में खनिज विभाग द्वारा ठेकेदार को चुकता प्रमाण पत्र दिया गया है पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार। शेष इस विभाग से संबंधित नहीं है। (घ) प्रयुक्‍त गौण खनिज लाइम स्‍टोन की श्रेणी का नहीं था, रायल्‍टी (तकनीकी) संचालक भौतिकी तथा खनिज कर्म क्षेत्रीय कार्यालय जबलपुर की रिपोर्ट पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

चेक पोस्‍ट की वसूली

41. ( क्र. 4509 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले के चेक पोस्‍ट रीवा मिर्जापुर (हनुमना चेक पोस्‍ट) पर तौल कांटा हेतु किस कंपनी का इलेक्‍ट्रोनिक कांटा लगाया जा रहा है? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में चेक पोस्‍ट का निर्माण एवं वसूली के अनुबंध से संबंधित विवरण उपलब्‍ध करावें? (ग) प्रश्नांश (ख) के प्रकाश में तौल कांटे बाउन्‍ड्रीवाल के बगल की सड़क की ‍निर्माण का एग्रीमेन्‍ट था? यदि हाँ, तो क्‍या सड़क बन गई? यदि नहीं, तो क्‍यों कारण स्‍पष्‍ट करें? (घ) क्‍या प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में जो कर्मचारी कार्य करेंगे उसमें प्रत्‍येक पद के विरूद्ध योग्‍य क्षेत्रीय बेरोजगार लोगों को काम में रखने का प्रावधान है? यदि नहीं, तो क्‍यों कारण स्‍पष्‍ट करें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) चेक पोस्‍ट पर इलेक्‍ट्रोनिक तौल कांटा उपकरण लगाये जाने का दायित्‍व निवेशकर्ता का है। निवेशकर्ता द्वारा मेसर्स विश्‍वकर्मा स्‍केलस प्रा.लि. का तौल काटा लगवाया हुआ है। (ख) चेक पोस्‍ट का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। वसूली के अनुबंध संबंधी जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है, जिसके अनुसार निवेशकर्ता द्वारा वाणिज्यिक वाहनों से सेवा शुल्‍क लिया जाता है। (ग) जी नहीं तदापि चेक पोस्‍ट के दोनों ओर मुरूम सड़क का निर्माण कार्य निवेशकर्ता द्वारा किया गया है। (घ) उक्‍त परियोजना बी.ओ.टी. पद्धति पर आधारित है इसमें निवेशकर्ता को कर्मचारी नियुक्‍त करने का अधिकार प्राप्‍त होता है कंसेशनायर द्वारा चेक पोस्‍ट के निर्माण में क्षेत्रीय लोगों को रोजगार दिया गया था।

परिशिष्ट - ''सत्रह''

निजी बी.एड कॉलेजों में निर्धारित मापदण्‍ड की शर्तों का पालन

42. ( क्र. 4516 ) श्री रामकिशन पटेल : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले में कितने निजी बी.एड. व एम.एड. कॉलेज हैं? कितने संचालित हैं? (ख) क्‍या सभी कॉलेजों में निर्धारित मापदण्‍ड की शर्तों का पालन किया गया है? यदि नहीं, तो ऐसे कॉलेजों के नाम व उनमें पायी जाने वाली कमियों का विवरण दें? निर्धारित मापदण्‍ड के अनुसार कॉलेज नहीं होने पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (ग) क्‍या शासन द्वारा निर्धारित फीस के अलावा अतिरिक्‍त फीस के रूप में छात्रों से निजी कॉलेजों द्वारा मनमाने तरीके से मोटी रकम वसूली जाती है? यदि हाँ, तो क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) क्‍या ऐसे कॉलेजों के विरूद्ध झूठी जानकारी प्रस्‍तुत करने के लिए कॉलेज बंद करने के साथ-साथ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक उक्‍त कार्यवाही की जावेगी?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) रायसेन जिले में कुल 06 निजी बी.एड़ कॉलेज संचालित हैं, एम.एड. कॉलेज नहीं है। (ख) जी हाँ। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्नांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

बैरसिया तहसील में संचालित महाविद्यालय में पी.जी. क्‍लासेस

43. ( क्र. 4533 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बैरसिया तहसील अंतर्गत संचालित एक मात्र विवेकानंद महाविद्यालय में वर्तमान में कोई पी.जी. क्‍लासेस संचालित हो रही है? (ख) प्रश्नांश (क) में दर्शित महाविद्यालय में पी.जी. क्‍लासेस शुरू किये जाने के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा किये गये पत्राचारों पर अभी तक क्‍या कार्यवाही हुई? (ग) क्‍या प्रश्नांश (क) में दर्शित महाविद्यालय में वर्तमान विद्यार्थियों के अनुपात में शिक्षकों एवं अन्‍य स्‍टाफ की पर्याप्‍त व्‍यवस्‍था है? यदि नहीं, तो इन्‍हें कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी नहीं। (ख) कार्यालयीन पत्र क्रमांक 837/511/आउशि/यो/14 दिनांक 19.08.2014 पत्र एवं क्रमांक 1109/100/आउशि/ यो/15 दिनांक 06.10.2015 द्वारा संबंधित को अवगत कराया गया कि वर्तमान में शासन द्वारा पूर्व से संचालित पाठ्यक्रमों के सुदृढीकरण एवं गुणवत्ता विकास के प्रयास किये जा रहे हैं। अत: महाविद्यालय में पी.जी. कक्षायें खोले जाने में कठिनाई है। (ग) प्रश्नांश'''' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

पुलिस, ट्रैफिक पुलिस व अस्‍थाई सुलभ शौचालय की व्‍यवस्‍था

44. ( क्र. 4538 ) श्री संजय शर्मा : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या रायसेन जिले की गैरतगंज तहसील अंतर्गत सिहोरा हनुमान मंदिर में स्‍थानीय आयोजकों द्वारा प्रतिवर्ष यज्ञ का आयोजन कराया जाता है? यदि हाँ, तो उसके आने वाले श्रद्धालुओं की संख्‍या अनुमानत कितनी रहती है? यदि पिछले वर्ष की संख्‍या हो तो बताएं? (ख) क्‍या सिहोरा ग्राम में यज्ञ आयोजन के समय रायसेन, भोपाल, सागर, नरसिंहपुर जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं को वहां निस्‍तार आदि के लिए अस्‍थाई/चलित सुलभ शौचालय अथवा स्‍थाई सुलभ शौचालयों निर्मित किया जाना प्रस्‍तावित है? (ग) क्‍या यज्ञ के समय भारी तादाद में दुपहिया, चार पहिया वाहनों के पहुंचने से यातायात व्‍यवस्‍था हेतु शासन द्वारा यज्ञ अवधि तक पुलिस व्‍यवस्‍था व ट्रैफिक पुलिस की व्‍यवस्‍थाएं कराई जाती है? (घ) प्रश्नांश (ख) व (ग) का उत्‍तर यदि नहीं, है तो क्‍या इस वर्ष होने वाले यज्ञ आयोजन में उक्‍त संपूर्ण व्‍यवस्‍थाएं कराए जाने हेतु संबंधित विभागों के द्वारा कोई कार्यवाही की जा रही है? यदि नहीं, तो क्‍यों?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ। लगभग 10 हजार श्रद्धालु आते हैं। (ख) जी नहीं। (ग) जी हाँ। (घ) यज्ञ के समय भारी तादात में दो पहिया, चार पहिया वाहनों के आगमन को दृष्टित रखते हुये यज्ञ अवधि के दौरान कानून एवं शांति व्‍यवस्‍था हेतु पुलिस एवं ट्राफिक पुलिस की व्‍यवस्‍था कराई जाती है। सिहोरा मंदिर शासन संधारित नहीं है।

वोकेशनल ट्रेनिंग के संदर्भ में

45. ( क्र. 4563 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा वोकेशनल ट्रेनिंग प्रदान करने हेतु निजी स्‍वयंसेवी संस्‍थाओं को नामित किया जाता है? यदि हाँ, तो संबंधित विभाग और प्रक्रिया का ब्‍यौरा दें? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार भोपाल संभाग में वर्ष 2012 से प्रश्‍न दिनांक तक वोकेशनल ट्रेनिंग प्रदाता हेतु कितने आवेदन प्राप्‍त हुए व कितने आवेदन लंबित है? आवेदनों के लंबित होने का कारण ब्‍यौरा सहित दें? (ग) क्‍या वोकेशनल ट्रेनिंग प्रदाता हेतु आवेदन वर्तमान में लिए जा रहे है? यदि नहीं, तो क्‍या नियमों को बदला जा रहा है? यदि हाँ, तो ब्‍यौरा दें?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है(ख) जनवरी 2015 में जारी विज्ञापन पर प्राप्‍त हुये 924 आवेदन पत्र लंबित है। केन्‍द्र सरकार द्वारा अपेक्षित आवंटन प्राप्‍त होने पर कार्यवाही की जावेगी। (ग) भारत सरकार की एम.ई.एस. योजना अंतर्गत वोकेशनल ट्रेनिंग प्रदाता हेतु आवेदन वर्तमान में नहीं लिये जा रहे है। किन्‍तु राज्‍य सरकार द्वारा निजी कौशल विकास केन्‍द्र प्रारंभ करने की योजना दिनांक 21.01.2016 से लागू की गई है। जिसके तहत प्रदेश के लिये 96 एवं भोपाल संभाग के लिये 31 ऑनलाईन आवेदन प्राप्‍त हो चुके है। एम.ई.एस. योजना केन्‍द्र शासन की होने से जवाब दिया जाना संभव नहीं है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''अठारह ''

रिदम कालेज बड़वानी को स्‍वीकृत राशि

46. ( क्र. 4628 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रिदम कालेज बड़वानी को विगत वर्ष 2014-15 और 2015-16 में किस-किस विभाग के द्वारा कितना-कितना पैसा कौशल विकास के लिए दिया गया विभागवार जानकारी दें? (ख) वर्णित वर्षों में रिदम कालेज बड़वानी के द्वारा कितने विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया गया एवं उनमें से कितने विद्यार्थियों को रोजगार उपलब्‍ध कराया गया? (ग) यदि रोजगार नहीं दिलाया गया है तो उनके खिलाफ में अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, की गई है तो क्‍यों तथा कब तक की जावेगी? (घ) रिदम कालेज बड़वानी को प्राप्‍त होने वाले पैसे का उपयोगिता प्रमाण पत्र विभागों को प्राप्‍त हुआ है या नहीं? यदि नहीं, तो उपयोगिता प्रमाण पत्र न देने के कारण जिम्‍मेदारों के खिलाफ में क्‍या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों? भविष्‍य में उक्‍त कालेज की सहायता बंद की जायेगी एवं पूर्व में दी गई राशि की वसूली की जायेगी?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) की जानकारी एकत्रित की जा रही है।

खेल सामग्री का वितरण

47. ( क्र. 4650 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) धार जिले में खेल एवं युवा कल्‍याण विभाग को वित्‍तीय वर्ष 2013-142014-15 में खेल सामग्री आदि क्रय करने हेतु कितनी राशि आवंटित की गई तथा आवंटन के विरूद्ध मदवार कितनी धन राशि खर्च की गई? (ख) क्‍या आवंटन के अतिरिक्‍त शासन स्‍तर से सीधे भी सामग्री जिला स्‍तर को उपलब्‍ध हुई है? संख्‍यात्‍मक सूची उपलब्‍ध करावें। (ग) क्‍या जिला स्‍तर या तहसील स्‍तर पर सामग्री वितरण हेतु कोई परामर्शदात्री समिति का गठन किया गया है तथा उसमें किन-किन क्षेत्रिय जनप्रतिनिधियों को सम्मिलित किया गया है? (घ) यदि नहीं, तो क्रय की गई सामग्री तथा शासन से प्राप्‍त खेल सामग्री आदि किसकी अनुशंसा पर किस आधार पर वितरित की गई?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) धार जिले में प्रश्नांकित वर्षों में आवंटित एवं व्यय की गई राशि की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-क अनुसार है। (ख) जी हाँ। सूची संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-ख अनुसार है। (ग) जी नहीं। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता हैं। (घ) पायका योजनान्तर्गत सामग्री का क्रय एवं वितरण स्थानीय मांग एवं चिन्हित ग्राम पंचायतों एवं जनपद पंचायतों के लिए ही किया गया था।

परिशिष्ट - ''उन्नीस ''

धार जिले में शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज की स्‍वीकृति

48. ( क्र. 4651 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या धार जिला मुख्‍यालय पर भारत सरकार अथवा मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज स्‍वीकृत करने की कार्रवाई की जा रही है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या धार जिला मुख्‍यालय पर इस हेतु भूमि का चिन्‍हांकन कर लिया गया है एवं क्‍या चिन्‍हांकित भूमि का हस्‍तांतरण हो गया है? (ग) क्‍या इंजीनियरिंग कॉलेज के निर्माण एवं छात्रों के प्रवेश पंजीयन अगले शैक्षणिक सत्र 2016-17 से प्रारंभ करने का कोई कार्यक्रम निर्धारित किया है?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) कार्यवाही प्रचल में है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

बड़पानी-देवनारा मार्ग पर बावनथड़ी नदी पर पुल निर्माण

49. ( क्र. 4794 ) श्री के.डी. देशमुख : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बालाघाट जिले में बावनथड़ी नदी पर बड़पानी-देवनारा मार्ग पर पुल निर्माण करने हेतु शासन विचार कर रहा है? (ख) यदि हाँ, तो कब तक कुल निर्माण कार्य को प्रशासकीय स्‍वीकृति एवं वित्‍तीय स्‍वीकृति प्रदान कर दी जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। डी.पी.आर. परीक्षणाधीन है। (ख) वर्तमान में बजट में सम्मिलित न होने से निश्चित तिथि बताना संभव नहीं है।

शिवपुरी जिले में मठ-म‍ंदिर

50. ( क्र. 4817 ) श्री रामसिंह यादव : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) शिवपुरी जिले में विभाग के अंतर्गत कौन-कौन से कहाँ-कहाँ के मठ-मंदिर आदि धार्मिक स्‍थल आते हैं? इनमें से कौन-कौन से मठ-मंदिर एवं धार्मिक स्‍थल जीर्ण-शीर्ण हैं? मठ-मंदिर आदि के पुजारियों/सेवादार कौन-कौन है? इन्‍हें कितनी मासिक राशि भुगतान की जाती है? (ख) क्‍या शिवपुरी जिले के प्रश्नांश (क) में वर्णित मठ-मंदिर, स्‍मारक एवं धार्मिक स्‍थल आदि जो जीर्ण-शीर्ण हैं उनकी मरम्‍मत हेतु राशि किन-किन के लिए कब तक कितनी-कितनी उपलब्‍ध करा दी जाएगी? यदि राशि उपलब्‍ध नहीं कराई जाएगी तो क्‍यों? (ग) क्‍या शिवपुरी जिले में वर्ष 2015-16 में मठ-मंदिर, स्‍मारक एवं धार्मिक स्‍थल के जीर्णोद्धार एवं मरम्‍मत हेतु राशि स्‍वीकृत की गई है? यदि हाँ, तो कहाँ-कहाँ के लिए कितनी-कितनी राशि स्‍वीकृत की गई? (घ) क्‍या कोलारस विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मठ-मंदिर, स्‍मारक एवं धार्मिक स्‍थलों के जीर्णोंद्धार एवं मरम्‍मत हेतु राशि स्‍वीकृत करेगा? यदि हाँ, तो कहाँ-कहाँ के लिए कितनी राशि कब तक स्‍वीकृत की जाएगी? यदि राशि स्‍वीकृत नहीं की जाएगी तो क्‍यों?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

गोराटीला-पिछोर रोड का दोहरीकरण एवं पुल निर्माण

51. ( क्र. 4818 ) श्री रामसिंह यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शिवपुरी जिले के एन.एच.03 पड़ोरा से गोराटीला-पिछोर रोड के दोहरीकरण एवं सिंध नदी पर पुल निर्माण की कोई योजना है? यदि हाँ, तो योजना क्‍या है? योजनान्‍तर्गत सड़क/पुल निर्माण की स्‍वीकृति कब तक होगी? टेण्‍डर कब तक लगेंगे एवं कार्य कब तक प्रारंभ होगा? (ख) क्‍या शासन प्राथमिकता के आधार पर गोराटीला-पिछोर मार्ग के दोहरीकरण एवं मार्ग में सिंध नदी पर पुल निर्माण की स्‍वीकृति अविलम्‍ब प्रदान कर रहा है? यदि नहीं, तो स्‍वीकृति कब तक प्रदान कर दी जाएगी? (ग) क्‍या गोराटीला-पिछोर मार्ग लोक महत्‍व की दृष्टि से शिवपुरी जिले का अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण मार्ग है तथा इस मार्ग के दोहरीकरण से विकास को भी गति मिलेगी? इसलिए क्‍या शासन इस निर्माण कार्य को विशेष महत्‍व देगा? (घ) क्‍या वर्तमान में जर्जर गोराटीला-पिछोर मार्ग के दोहरीकरण कार्य शासन प्राथमिकता पर निर्माण कराएगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी नहीं, अपितु ब्रिक्‍स योजना अंतर्गत सिंध नदी पर पुल एवं मार्ग का इन्‍टरमीडियेट लेन में सीमेंट कांक्रीट रोड उन्‍नयन की योजना है। वर्तमान में परीक्षण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्‍तरांश '' अनुसार। (ग) जी हाँ। शेष उत्‍तरांश '' अनुसार। (घ) प्रस्‍ताव परीक्षणाधीन है वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।

भू-अर्जन मुआवजा

52. ( क्र. 4877 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बाकरी नदी कर्रापुर बारछा मार्ग पर पुल निर्माण के समय किसानों की भूमि लोक निर्माण विभाग द्वारा पुल निर्माण हेतु ली गई थी, जिसका भू-अर्जन प्रकरण में कितने किसानों को मुआवजा दिया जाना प्रस्‍तावित था? (ख) क्‍या कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग सागर द्वारा भू-अर्जन की मुआवजा राशि अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व सागर के खाते में जमा कर दी गई है? यदि हाँ, तो कब और कितनी राशि जमा की गई? (ग) यदि मुआवजा राशि अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व सागर के खाते में जमा कर दी गई है तो उसका वितरण राजस्‍व विभाग सागर द्वारा भू-अर्जित किसानों को प्रश्‍न दिनांक तक क्‍यों नहीं किया गया? (घ) यदि कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग सागर द्वारा भू-अर्जन की मुआवजा राशि अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व सागर के खाते में जमा कर दी गई है तो भू-अर्जित किसानों को मुआवजा वितरण में विलंब के लिये उत्‍तरदायी अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध शासन कोई कार्यवाही करेगा? समय-सीमा बतावें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। दो किसानों को। (ख) कलेक्टर, सागर के पी.डी. खाते में चालान क्रमांक-109 तथा 142 से दिनांक 11/03/2014 को राशि रू. 2,72,250/- जमा करा दी गई। (ग) अवार्ड पारित करने की प्रक्रिया प्रचलित है अवार्ड पारित होने के बाद मुआवजा वितरण की कार्यवाही की जावेगी। (घ) प्रश्नांश के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

 

बाघों का शिकार व उनकी मृत्‍यु

53. ( क्र. 4899 ) श्री कमल मर्सकोले : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले के पेंच राष्‍ट्रीय उद्यान व उससे जुड़े क्षेत्र व दक्षिण सामान्‍य वनमण्‍डल के अंतर्गत वन क्षेत्र में बिना मुंडेर के कुंओं में वर्ष 2009 से वर्तमान तक कितने बाघों व अन्‍य वन्‍य प्राणियों की मृत्‍यु हुई है उसकी सूची उपलब्‍ध करावें? (ख) सिवनी जिले में वन्‍य प्राणियों की सुरक्षा की दृष्टि से बिना मुंडेर के कुंओं के सुधार तथा दीवार बनाने हेतु पेंच पार्क व दक्षिण सामान्‍य वन मण्‍डल को शासन से कोई आवंटन प्राप्‍त हुआ है और उस राशि से कितने कुंओं के मुंडेर तैयार किये गये हैं? इसकी सूची उपलब्‍ध करावें? (ग) सिवनी वन वृत्‍त अंतर्गत वन्‍य प्राणियों की सुरक्षा के संबंध में वर्ष 2013 से वर्तमान तक कितनी बैठकों का आयोजन कब-कब किया गया है? (घ) सिवनी जिले के अंतर्गत बिना मुंडेर के कुंओं में वन्‍य प्राणियों की मृत्‍यु के संबंध में संबंधित कुएं के मालिक या जिम्‍मेदार व्‍यक्ति तथा वन अधिकारी व कर्मचारी को कोई नोटिस या अन्‍य कार्यवाही प्रस्‍तावित की गई है?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 पर है। (ख) जी नहीं। अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 पर है। (घ) बिना मुंडेर के कुंए में दिनांक 02.01.2016 को मृत बाघ के संबंध में कुंआ राजस्व क्षेत्र में था। कुंआ मालिक को जगत निर्माण की सलाह देते हुए पत्र लेख किया गया है। वन अधिकारी/कर्मचारी की गलती न होने के कारण नोटिस या अन्य कार्यवाही प्रस्तावित नहीं की गई।

परिशिष्ट - ''बीस ''

वन एवं राजस्‍व के जमीनों के सीमांकन

54. ( क्र. 4909 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2004 से मुख्‍य वन सचिव म.प्र. शासन के निर्देशानुसार वन एवं राजस्‍व विभाग द्वारा संयुक्‍त सीमांकन की कार्यवाही प्रचलित है वन एवं राजस्‍व सीमाओं की सत्‍यापन के अनुसार अभिलेखों का अद्यतीकरण करने की कार्यवाही प्रचलन में है? (ख) यदि हाँ, तो रीवा संभाग अंतर्गत राजस्‍व भूमि एवं वन भूमियों संबंधी सीमांकन की कार्यवाही क्‍या प्रचलन में है? अगर है तो कितनी पूर्ण की जाकर सीमा चिन्‍ह स्‍थापित कर राजस्‍व अभिलेखों में सुधार की कार्यवाही की गई? इनमें से कितने राजस्‍व एवं वन की भूमि है अलग-अलग विवरण देवें? (ग) यदि प्रश्नांश (क) के अनुसार शासन के निर्देशों का पालन करते हुए कार्यवाही में विलंब है तो इसके लिए दोषियों की पहचान कर क्‍या कार्यवाही प्रस्‍तावित करेंगे?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। वन वृत्त रीवा के अन्तर्गत आने वाले वनमंडलों में वन एवं राजस्व सीमाओं का संयुक्त सीमांकन कार्य निम्नानुसार पूर्ण किया गया हैः-

 

क्र

वनमण्डल का नाम

वन एवं राजस्व सीमा के ग्रामों की संख्या

संयुक्त सीमांकन किये गये ग्रामों की संख्या

1

रीवा

295

295

2

सतना

451

425

3

सीधी

652

652

4

सिंगरौली

464

464

 

योग

1862

1836

 

रीवा वनमंडल के अन्तर्गत वनभूमि पर 97 कृषि पट्टों की 170.662 हेक्टेयर भूमि के पट्टे निरस्त किये गये। संयुक्त सीमांकन उपरान्त राजस्व विभाग के बन्दोबस्त नक्शे की मूल प्रति में सुधार की कार्यवाही होना शेष है। (ग) उत्तरांश के अनुसार शासन के निर्देशों का पालन किये जाने से किसी के दोषी होने का प्रश्न हीं नहीं उठता।

स्‍वरोजगार योजनाओं के क्रियान्‍वयन

55. ( क्र. 4981 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, दीनदयाल रोजगार योजना, रानी दुर्गावति अजा/अ.ज.जा स्‍वरोजगार योजना, मंख्‍यमंत्री स्‍वरोजगार योजना अंतर्गत रतलाम जिले में विगत तीन वर्षों में योजना के लक्ष्‍य व लक्ष्‍य विरूद्ध लाभान्वितों की संख्‍या का तहसीलवार ब्‍यौरा क्‍या है? (ख) उपरोक्‍त अवधी में कितनी पात्र आवेदक योजना का लाभ बैकों एव ऑफिस लेतलाली के कारण व अन्‍य कारणों से प्राप्‍त नहीं कर सके? तहसीलवार ब्‍यौरा दें व कारणों का उल्‍लेख करें? (ग) आलोट तहसील में उक्‍त योजनाओं की लक्ष्‍य प्राप्ति ना होने पर तीन वर्षों में जिम्‍मेदारों पर की गई कार्यवाही का ब्‍यौरा दें? यदि कार्यवाही नहीं की गई तो क्‍यों?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। उक्त योजनाओं का तहसीलवार लक्ष्य आवंटित नहीं किया जाता है। (ख) आफिस की लेतलाली के कारण कोई आवेदक लाभ लेने से वंचित नहीं हुआ है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नांश '' के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''इक्कीस ''

निर्माण कार्यों

56. ( क्र. 4982 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आलोट विधानसभा क्षेत्र में एवं रतलाम जिले में विभाग द्वारा निर्मित (डिपोजिट भवन) राजस्‍व, स्‍वास्‍थ्‍य, पशु चिकित्‍सालय व अन्‍य भवन जिनके निर्माण की स्‍वीकृति वर्ष 2007 से होकर कार्य प्रारंभ था, अब तक संबंधित विभागों को हैण्‍ड ओवर नहीं किये गये? यदि हाँ, तो भवनों का ब्‍यौरा तहसीलवार, स्‍वीकृति वर्षवार, व देरी के कारण सहित बतायें? (ख) उपरोक्‍त भवनों की देरी के लिए जिम्‍मेदारों पर अब तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? भवनों के निर्माण कार्य किस कारण से बंद है? (ग) वर्ष 2013 से अब तक स्‍वीकृत नये भवन विभाग के पास, किस-किस विभाग के, निर्माण हेतु किस कारण से लंबित है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। ऐसे कार्यों का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''', 'अ-1' अनुसार है।

धार्मिक स्‍थल रामवन में बनी पुरानी रविदास मंदिर का भव्‍य निर्माण

57. ( क्र. 5061 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा सतना जिले के मैहर धार्मिक नगरी में संत रविदास मंदिर के निर्माण हेतु घो‍षणा करते हुए भूमि पूजन जनवरी 2016 में की गई है? यदि हाँ, तो तहसील रामपुर बाघेलान अंतर्गत रामवन धार्मिक स्‍थल में बनी पुरानी जीर्ण-शीर्ण मंदिर को क्‍यों नहीं बनवाया जा रहा है, जबकि वही अन्‍य मंदिरों का भव्‍य निर्माण करा दिया गया है? (ख) क्‍या धार्मिक नगरी मैहर के तर्ज पर वित्‍तीय वर्ष 2016-17 में सतना जिले हेतु प्राप्‍त आवंटन में से धार्मिक स्‍थल रामवन परिसर के अंदर रविदास मंदिर के कायाकल्‍प हेतु बजट उपलब्‍ध कराया जायेगा? यदि हाँ, तो क्‍या कलेक्‍टर सतना को इस संबंध में निर्देश दिये जायेंगे?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

निजी महाविद्यालय में अध्‍ययनरत् छात्र/छात्राएं

58. ( क्र. 5062 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले के विंध्‍याचल महाविद्यालय जिगना द्वारा कौन-कौन सी डिग्री दी जाती है तथा विषयवार स्‍नातक/स्‍नातकोत्‍तर उपाधि हेतु वर्तमान सत्र में कितने छात्र/छात्राओं को प्रवेश दिया गया है? (ख) क्‍या उक्‍त महाविद्यालय में डी.एड./बी.एड. की भी डिग्री दी जाती है? यदि हाँ, तो कितने पद स्‍वीकृत हैं एवं कितने छात्र/छात्राओं द्वारा प्रवेश लिया गया है? (ग) क्‍या इस महाविद्यालय में नियमित कक्षाएं संचालित नहीं होती हैं? सिर्फ एडमीशन देकर भारी भरकम राशि वसूली जाती है? परीक्षा के समय छात्र/छात्राएं परीक्षा देने आते हैं, इसके अलावा कभी कक्षा संचालन नहीं होते हैं? क्‍या इस मामले में वरिष्‍ठ अधिकारियों से भौतिक सत्‍यापन कराकर दोषी पाये जाने पर संस्‍था की मान्‍यता समाप्‍त करने की कार्यवाही की जायेगी?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) सतना जिले के विन्ध्याचल महाविद्यालय जिगना द्वारा डिग्री नहीं दी जाती है। विषयवार स्नातक/स्नातकोत्तर उपाधि हेतु वर्तमान सत्र में प्रवेशित छात्रछात्राओं की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट पर है। (ख) जी नहीं। बी.एड. की डिग्री विश्वविद्यालय एवं डी.एड. डिप्लोमा माध्यमिक शिक्षा मण्डल, भोपाल द्वारा प्रदान किया जाता है। बी.एड. पाठ्यक्रम में 08 एवं डी.एड. पाठ्यक्रम के लिये 08 पद स्वीकृत हैं। बी.एड. में 46 छात्र एवं 54 छात्राएं तथा डी.एड. में 29 छात्र एवं 21 छात्राओं नें प्रवेश लिया है। (ग) जी नहीं। अधिक शुल्क लेने संबंधी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''बाईस ''

राशि प्रदान करने के बाद भी समय पर निर्माण कार्य न करना

59. ( क्र. 5165 ) श्री विश्वास सारंग : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अधिष्‍ठाता, चिकित्‍सा महाविद्यालय, भोपाल के पत्र दिनांक 23-12-2011 हमीदिया अस्‍पताल में प्रस्‍तावित ट्रामा यूनिट के उन्‍नयन हेतु 35 लाख रूपए की राशि लोक निर्माण विभाग को दी थी? (ख) प्रश्नांश (क) के तहत विभाग ने निर्माण हेतु निविदा आदि उसी वर्ष क्‍यों जारी नहीं की? कारण दें? (ग) प्रश्नांश (क) व (ख) के तहत क्‍या समय पर कार्य न होने के कारण अब लागत बढ़ गई है? समय पर कार्य न होने के लिए किस पदनाम/नाम के अधिकारी जिम्‍मेदार है? क्‍या जिम्‍मेदारों पर कोई कार्रवाई की जाएगी? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण दें? नियम बताएं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी नहीं। प्रशासकीय स्‍वीकृति आदेश की प्रति अधिष्‍ठाता गांधी चिकित्‍सा महावि़द्यालय के पत्र दिनांक 23.12.2011 द्वारा अधीक्षण यंत्री लोक निर्माण मंडल क्र.-1 भोपाल को प्रेषित की गई थी। उक्‍त कार्य हेतु कोई भी राशि प्राप्‍त नहीं हुई है। (ख) स्‍वीकृत आदेश प्राप्‍त होने के पूर्व ही लोक निर्माण विभाग का एस.ओ.आर. पुनरीक्षित (15.06.2009) होने के कारण पुनरीक्षित प्राक्‍कलन राशि रू. 48.16 लाख का कार्यपालन यंत्री के पत्र दिनांक 22/08/2012 से प्रेषित कर दिया गया था चूंकि स्‍वीकृति पुराने एस.ओ.आर. (1.11.1999) से प्रभावशील दर पर जारी की गई थी इस कारण निविदा आमंत्रित नहीं हो सकती थी। (ग) जी हाँ। लागत में वृद्धि नवीन एस.ओ.आर. (15.06.2009 से प्राभवशील) लागू होने के कारण हुई। प्रशासकीय स्‍वीकृति आदेश अधिष्‍ठता गांधी चिकित्‍सा महाविद्यालय के पत्र दिनांक 23.12.2011 द्वारा विलम्‍ब से लोक निर्माण विभाग को प्रेषित किया गया। जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

जिले की रोड के सुधार एवं उन्‍नयन

60. ( क्र. 5178 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मल्‍हारगढ़, भौरासा कुरवाई रोड जो अशोकनगर जिले को विदिशा सागर जिले को जोड़ता है के सुधार व उन्‍नयन हेतु विभाग क्‍या कार्यवाही कर रहा है? (ख) मुंगावली बीना रोड 38 किलोमीटर रोड व्‍हाया आगासोद रिफाइनरी में अशोकनगर जिले का दस किलोमीटर है व उसके बाद सागर जिले के बीना का 28 किलोमीटर रोड को जी.पी. पावर प्‍लांट के भारी वाहनों से बुरी तरह से क्षतिग्रस्‍त हो गया है के सुधार हेतु क्‍या कार्यवाही हो रही है? (ग) चंदेरी रोड पर तला रोड जेल तालाब से बहादुरपुर रोड का लगभग एक किलोमीटर का रोड बनने से मुंगावली बस स्टैण्ड व शहर में जाम रोकने का जो प्रस्‍ताव किया है तथा जो पुराना करीला मेला अस्‍थाई बायपास बनता रहा है, को डामर रोड स्‍वीकृति जिसके बारे में प्रश्‍नकर्ता ने पत्र भी लिखा है तथा मुंगावली से लोक निर्माण विभाग ने प्रस्‍ताव भी किया है, कि स्‍वीकृति का विवरण देवें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) प्रश्‍नाधीन मार्ग में ध्‍वस्‍त कि.लो. मीटर लंबाई 8.40 कि.मी. में पुर्ननिर्माण हेतु योजना मद के अंतर्गत रू. 423.95 लाख की प्रशासकीय स्‍वीकृति दिनांक 22.01.2013 को जारी की गई है। वर्तमान में कार्य प्रगति पर है एवं म.प्र. सड़क विकास निगम के अंतर्गत भौरासा-मल्‍हारगढ़ मार्ग का उन्‍नयन ए.डी.बी. योजना के पंचम चरण में करने हेतु डी.पी.आर. तैयार कराया जा रहा है। (ख) विस्‍तृत जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) माननीय सदस्‍य का पत्र दिनांक 23.02.2016 को प्राप्‍त। प्राक्‍कलन वर्तमान में परीक्षणाधीन है।

परिशिष्ट - ''तेईस ''

इंदौर-कोटा राजमार्ग के व्‍यवस्‍थान

61. ( क्र. 5363 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिंहस्‍थ 2016 के लिए कौन-कौन से मार्गों का उन्‍नयनीकरण किया जाना है? सूची उपलब्‍ध करावें? प्रगतिरत कार्यों की अद्यतन स्थिति भी बताइये? (ख) क्‍या सिंहस्‍थ 2016 के लिए इंदौर कोटा राजमार्ग के व्‍यवस्‍थापन के लिए विभाग की कोई कार्य योजना हैं? यदि हाँ, तो क्‍या व कार्यों की अद्यतन स्थिति बताइये? (ग) प्रश्नांश (ख) यदि नहीं, है तो क्‍या इंदौर-कोटा राजमार्ग सिंहस्‍थ 2016 में अनुमानित यातायात के मान से सुव्‍यवस्थित है? यदि नहीं, तो शीघ्रता से क्‍या व्‍यवस्‍था की जावेगी? (घ) विधान सभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत नगरीय क्षेत्र सुसनेर एवं सोयतकलां में इंदौर-कोटा राजमार्गों पर व्‍यवस्‍थापन व सौंदर्यीकरण हेतु विभाग शीघ्र निर्णय लेकर स्‍वप्रेरणा से कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो क्‍या व कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' 'अ-1' अनुसार है। (ख) जी हाँ। योजना अंतर्गत उज्‍जैन के शहरी क्षेत्र अंतर्गत कोयला फाटक से खिलचीपुल पुलिया तक उन्‍नतीकरण का कार्य पूर्ण किया गया। मध्‍यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा सुसनेर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नगरीय क्षेत्र सुसनेर एवं सोयतकलां में इंदौर-कोटा राजमार्ग पर फोरलेन सीमेंट कांक्रीट रोड जिसकी लंबाई क्रमश: 2.2 कि.मी., 2.2 कि.मी. का प्राक्‍कलन प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताना संभव नहीं। (ग) जी हाँ। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) म.प्र. सड़क विकास निगम द्वारा विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत नगरीय क्षेत्र सुसनेर एवं सोयतकलां में इन्‍दौर-कोटा राजमार्गों पर फोरलेन सीमेंट कांक्रीट रोड जिसकी लंबाई क्रमश: 2.2 कि.मी., 2.2 कि.मी. का प्राक्‍कलन जिसकी लागत राशि क्रमश: रू. 1224 लाख एवं रू. 1303 लाख है प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताना संभव नहीं।

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वन भूमि के विकास कार्यों में उपयोग

62. ( क्र. 5364 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा वन भूमि अन्‍य विभाग को हस्‍तांतरित करने हेतु क्‍या मापदण्‍ड है? क्‍या जनहित के कार्यों एवं विकास कार्यों हेतु वनभूमि प्राथमिकता से प्रदाय की जा सकती है? यदि हाँ, तो क्‍या प्रक्रिया अपनाई जाती है? (ख) विगत 02 वर्षों में उज्‍जैन संभाग अंतर्गत विकास कार्यों के लिये कितनी वनभूमि अन्‍य विभाग को प्रदाय की गई है? कार्यवार विवरण देवें? (ग) विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत ग्राम गोठड़ा, तहसील नलखेड़ा अंतर्गत कितनी वन भूमि है? (घ) क्‍या कुंडालिया बांध परियोजना हेतु सिंचाई विभाग द्वारा वन भूमि की या अनापत्ति प्रमाण-पत्र की मांग की गई है? यदि हाँ, तो कार्यवाही किस स्‍तर पर प्रचलित है व कब तक निराकरण होगा? क्‍या कोई समय-सीमा इस हेतु निर्धारित है?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) वन विभाग द्वारा जनहित के कार्यों एवं विकास कार्यों हेतु अन्य विभाग को वन भूमि हस्तांतरण करने हेतु मापदण्ड एवं प्रक्रिया वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 में प्रावधानित है। प्रावधान अनुसार आवेदक विभाग द्वारा वन भूमि हस्तांतरित हेतु निर्धारित प्रारूप में आवेदन प्रस्तुत करने पर भारत सरकार आवेदक विभाग को वनभूमि उपयोग पर देने की स्वीकृति राज्य शासन द्वारा भारत सरकार से अनुमोदन प्राप्त कर प्रदान की जाती है। भारत सरकार से पूर्व, अनुमोदन प्राप्त करने की प्रक्रिया का संक्षिप्त विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। भारत सरकार ने वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 के अन्तर्गत जन उपयोगी सुविधाओं के लिए वन भूमि के उपयोग की सामान्य स्वीकृति जारी कर राज्य शासन को अधिकार सौंपे हैं। इन आदेशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) विगत 02 वर्षों में उज्जैन संभाग के अन्तर्गत विकास कार्यों के लिये 385.3189 हेक्टेयर वनभूमि अन्य विभागों एवं संस्थाओं को उपयोग हेतु प्रदाय की गई है। वनमण्डलवार, कार्यवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अन्तर्गत ग्राम गोठड़ा तहसील नलखेड़ा अन्तर्गत 465.595 हे. वनभूमि है। (घ) कुण्डालिया बांध परियोजना हेतु सिंचाई विभाग द्वारा शाजापुर वन मंण्डल की 405.00 हेक्टेयर एवं वनमण्डल, राजगढ़ की 275.270 हेक्टेयर, कुल 680.270 हेक्टेयर वनभूमि के उपयोग की मांग की गई थी। भारत सरकार, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के पत्र क्रमांक 8-02/2014/एफसी, दिनांक 15.09.2015 द्वारा प्रकरण में औपचारिक अनुमोदन प्रदान किया गया है। राज्‍य शासन के आदेश दिनांक 20.10.2015 से आवेदित वनभूमि का व्यपवर्तन करने हेतु सशर्त अनुमति के आधार पर वनभूमि जल संसाधन विभाग को हस्तांतरण की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण कर ली जायेगी। इस हेतु कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं है।

औषधिय पोध का रोपण

63. ( क्र. 5385 ) श्री संजय पाठक : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी जिले में औषधि विकास हेतु विगत तीन वर्षों में क्‍या-क्‍या कार्ययोजनायें बनाई गई? यदि योजना बनाई गई तो किस-किस औषधि पौधों के कितने रकबे के लिये प्रस्‍तावित हुई? वर्षवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में कितनी कार्य योजनायें औ‍षधि वृक्षारोपण की स्‍वीकृत हुई एवं उक्‍त योजनायें कितनी राशि की हैं? (ग) प्रश्‍न दिनांक तक कितने रोपणी के कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं एवं प्रश्‍न दिनांक तक कितने पूर्ण किये जाना शेष है? (घ) विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र में किस-किस प्रजाति के औषधि पौधों का कितने रकबा में किस वीट में वृक्षारोपण किया गया?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) से (घ) प्रश्‍नाधीन जिले एवं अवधि में औषधि विकास हेतु कोई कार्य योजनाएं वन विभाग द्वारा नहीं बनाई गई। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

तालाब का पुनर्निर्माण कार्य

64. ( क्र. 5565 ) श्री के.डी. देशमुख : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2014 में वन विकास निगम लामता परियोजना बालाघाट को उसके क्षेत्रांतर्गत किसान तालाब सादाबोडी के पुनर्निर्माण हेतु रोजगार गारंटी मद से 35 लाख 50 हजार की राशि स्‍वीकृत की गई थी? (ख) यदि हाँ, तो किसान तालाब सादाबोडी के पुन:निर्माण कार्य में कुल कितनी राशि व्‍यय की गई? (ग) क्‍या तालाब निर्माण का कार्य अधूरा पड़ा हुआ है? यदि हाँ, तो कब तक तालाब निर्माण का कार्य पूर्ण कर लिया जावेगा?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) दिनांक 25.02.2016 तक कुल राशि रूपये 5,03,640.00 (रूपये पाँच लाख तीन हजार छ: सौ चालीस) । (ग) जी हाँ। जानकारी संकलित की जा रही है।

वन भूमि का संरक्षण

65. ( क्र. 5575 ) श्री अनिल फिरोजिया : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन जिले में कितनी वन भूमि किन-किन तहसीलों में है? (ख) उक्‍त वन भूमि को संरक्षित करने हेतु विगत 3 वर्षों में विभाग द्वारा कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई? (ग) उक्‍त कार्यों हेतु क्‍या कोई निविदा विज्ञप्ति प्रकाशित की गई? यदि हाँ, तो किस समाचार पत्र में? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) उक्‍त निर्माण कार्यों की वर्तमान में क्‍या स्थिति है?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) कार्य विभागीय रूप से कराये गये हैं। अत: निविदा विज्ञप्ति प्रकाशन का कोई प्रश्‍न ही उ‍पस्थित नहीं होता। (घ) वर्तमान स्थिति संतोषजनक है।

परिशिष्ट - ''चौबीस ''

लोक निर्माण विभाग के अधीन निर्माणाधीन सड़क

66. ( क्र. 5593 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले में लोक निर्माण विभाग के अधीन निर्माणाधीन सड़कों की जानकारी विधान सभावार देते हुए बतावें कि ये सड़क कब से निर्माणाधीन हैं तथा इनके निर्माण की क्‍या समय-सीमा निर्धारित की गई थी? (ख) प्रश्नांश (क) की सड़कों में कितनी ऐसी सड़कें हैं जिनके निर्माण कार्य पूर्ण होने का समय पूरा हो चुका है, लेकिन निर्माण कार्य पूर्ण नहीं कराए गए? कार्य पूर्ण नहीं कë