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मध्य प्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-अप्रैल, 2016 सत्र


सोमवार, दिनांक 14 मार्च, 2016


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


 

(वर्ग 3 : गृह, जेल, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, आयुष, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास, संसदीय कार्य, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण, महिला एवं बाल विकास)


साक्षी हॉस्पिटल को मेडीकल कॉलेज का दर्जा

1. ( *क्र. 5674 ) श्रीमती ममता मीना : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या गुना जिले के गुना ब्‍लॉक के म्‍याना क्षेत्र में एक ही कैम्‍पस में साक्षी इंजीनियरिंग कॉलेज, साक्षी नर्सिंग कॉलेज तथा साक्षी हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेन्‍टर एवं एक स्‍कूल संचालित है? इसी कैम्‍पस में मेडीकल कॉलेज की अनुमति के लिये आवेदन किया है? क्‍या निर्धारित मापदण्‍ड में आता है या नहीं? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) में वर्णित तथ्‍य सत्‍य हैं तो विभाग की कौन सी नीति है, जिसके तहत नियम विरूद्ध साक्षी मेडीकल कॉलेज की विभाग ने अनुशंसा करके केन्‍द्र शासन को भेजी है? क्‍या जाँच कराकर निरस्‍त करेंगे? (ग) क्‍या साक्षी मेडीकल कॉलेज खोलने की अनुशंसा विभाग द्वारा दबाव में की गई है? यदि नहीं, की है तो बतायें कि नवीन मेडीकल कॉलेज खोलने के क्‍या नियम हैं? कितनी भूमि भवन तथा सुविधाएं हों तब कौन-कौन अनुमति देता है? (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) में वर्णित तथ्‍यों की जाँच करायेंगे? क्‍या विभाग से संबंधित योजनाओं में साक्षी कैम्‍पस में एक ही भवन और भूमि को सभी संस्‍थानों में अलग-अलग बताकर अवैध अनुमतियां ली हैं? क्‍या उन सभी को जाँच कराकर निरस्‍त करेंगे और संबंधित पर कार्यवाही करेंगे? कब तक?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) सभी संस्था के लिए पृथक-पृथक भवन हैं। चिकित्सा महाविद्यालय संचालित करने की अनुमति एम.सी.आई. से प्राप्त करने हेतु चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा डी.एण्ड.एफ. जारी किया गया है, जो एम.सी.आई. के मानदण्ड के अंतर्गत है। (ख) नियमानुसार डी.एण्ड.एफ. जारी किया गया है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। नवीन चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित करने हेतु 25 एकड़ भूमि की आवश्यकता होती है। चिकित्सा महाविद्यालय की आवश्यकता दर्शाते हुए एम.सी.आई. के मानदण्डों की पूर्ति की शर्त पर चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा डी.एण्ड.एफ. जारी किया जाता है, एम.सी.आई. नई दिल्ली के मानदण्डों के अनुरूप सुविधायें होने पर एम.सी.आई. द्वारा गहन निरीक्षण उपरांत मान्यता प्रदान की जाती है। (घ) उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

भाण्‍डेर थाने में पूर्णकालिक निरीक्षक की पदस्‍थी

2. ( *क्र. 3404 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियाँ : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भाण्‍डेर थाने में निरीक्षक का पद स्‍वीकृत है, लेकिन प्रभारी नियुक्‍त कर कार्य कराया जा रहा है? (ख) क्‍या पुलिस लाईन दतिया में कई निरीक्षक रिजर्व में मौजूद है? (ग) क्‍या भाण्‍डेर थाना उत्‍तर प्रदेश की सीमा से लगा हुआ है और वहां अवैध उत्‍खनन को लेकर खूनी हिंसक घटनायें होती रहती हैं? इस बावत् जनप्रतिनिधि ने कई बार शिकायत की है? (घ) यदि हाँ, तो भाण्‍डेर थाने में निरीक्षक पदस्‍थ न करते हुये प्रभारी क्‍यों पदस्‍थ किया गया? इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है? कानून व्‍यवस्‍था से खिलवाड़ करने वालों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) जिले में निरीक्षकों की कमी के कारण कानून व्यवस्था एवं थाना कार्य सुचारू रूप से संपादित करने के लिये प्रभारी नियुक्त कर कार्य कराया जा रहा है। (ख) जी नहीं। (ग) जी हाँ। परन्तु विगत 03 वर्षों में अवैध उत्खनन को लेकर खूनी हिंसक घटनाएं नहीं हुईं हैं और न ही इस बावत् थाना भाण्डेर पर कोई शिकायत प्राप्त हुई है। (घ) प्रश्नांश के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

अनुदान/वित्‍तीय सहायता प्राप्‍त बाल संरक्षण गृह

3. ( *क्र. 4863 ) श्री हर्ष यादव : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में जिला सागर में ऐसे कितने बाल संरक्षण गृह हैं, जिन्‍हें शासन से अनुदान-वित्‍तीय सहायता प्राप्‍त होती है? ऐसे संरक्षण गृहों का नाम, स्‍थान और वर्तमान में रहने वाले बच्‍चों की संख्‍या बतावें? (ख) कबीर सेवाधाम कुडारी में दिनांक 19/11/2013 को कितने बच्‍चे थे? यदि बच्‍चों की संख्‍या कम हुई तो बच्‍चे कहाँ गये? क्‍या शासन ने इसकी जाँच कराई? यदि नहीं, तो क्‍यों? कब तक कराई जायेगी? (ग) बाल सुधार गृहों, संरक्षण गृहों से बच्‍चे गायब होने के क्‍या कारण हैं? क्‍या मानव तस्‍करी अथवा अनैतिक कार्यों हेतु गायब हैं अथवा बेचे गये हैं? (घ) क्‍या शासन बच्‍चा गायब होने वाली संस्‍थाओं पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर रहा है? यदि नहीं, तो कारण बतावें? ऐसी संस्‍थाओं की वित्‍तीय मदद बंद क्‍यों नहीं की गई?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में जिला सागर में वित्‍तीय सहायता प्राप्‍त एक बाल संरक्षण गृह, संजीवनी बाल आश्रम रजाखेड़ी सागर है, जिसमें 56 बच्‍चे निवासरत हैं। (ख) कबीर सेवाधाम कुडारी में दिनांक 19/11/2013 को कुल 23 बच्‍चे निवासरत थे व बच्‍चों की संख्‍या कम नहीं हुई है। वर्तमान में बाल कल्‍याण समिति के आदेश द्वारा दिनांक 24/11/2015 को 13 बालिकाओं को संजीवनी बाल आश्रम एवं 08 बालकों को सेंट फ्रांसिस सेवा धाम आश्रम में स्‍थानांतरित किया गया है। दो बच्‍चे आश्रम की केयर टेकर श्रीमती चंदारानी शर्मा के थे, जो उन्‍हीं के पास छोड़ दिए गये। (ग) बाल संरक्षण गृहों से बच्‍चे गायब नहीं हुये हैं, अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थि‍त नहीं होता है।

पुलिस चौकी की स्‍थापना

4. ( *क्र. 6016 ) श्रीमती शकुन्‍तला खटीक : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या टीकमगढ़ जिले के ग्राम जेबर की आबादी लगभग दस हजार से अधिक है तथा यहां पर उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय, स्‍टेट बैंक आदि स्‍थापित हैं तथा इसकी सीमा उत्‍तर प्रदेश से लगती है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या इस ग्राम में कानून व्‍यवस्‍था हेतु पुलिस चौकी खोले जाने का प्रस्‍ताव लंबित है? (ग) उक्‍त ग्राम की संबंधित थाना चंदेरा से दूरी 25 K.M. से अधिक होने से उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में चौकी कब तक खोल दी जायेगी?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) जी हाँ। (ख) ग्राम जेबर में पुलिस चौकी खोले जाने का प्रस्ताव शासन द्वारा निर्धारित मापदण्ड के अनुरूप नहीं पाये जाने से अमान्य किया गया। (ग) उत्तरांश के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

धार जिले में दवाईयों का क्रय

5. ( *क्र. 5726 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह बघेल : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले में मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी द्वारा दिनांक 01.01.2012 से 31.12.2015 तक खरीदी हेतु कितनी राशि व्‍यय की गई? (ख) उपरोक्‍त खरीदी के लिये किन-किन अखबारों में विज्ञप्ति निकलवाई गई, इस प्रक्रिया में किन-किन फर्मों ने भाग लिया और सफल फर्में कौन सी थीं? (ग) जिन फर्मों ने निविदायें नहीं डाली थीं, उन्‍हें किस आधार पर खरीदी आर्डर दिये गये? कारण स्‍पष्‍ट करें। ऐसी कितनी फर्में हैं, जिन्‍होंने प्रश्‍नांश (ख) अनुसार निविदा प्रक्रिया में भाग नहीं लिया था और उन्‍हें सप्‍लाय आर्डर दिये गये? इसके लिये दोषी अधिकारियों पर कब तक कार्यवाही की जावेगी? (घ) ऐसे कितने वर्क आर्डर थे, जिनमें दवा सप्‍लायर ने 60 दिन या उससे अधिक समय-सीमा में दवा सप्‍लाय नहीं की, उस पर कितनी पेनाल्‍टी लगाई गई? नाम दण्‍ड राशि सहित बतायें। सी.ए.जी. की 31 मार्च, 2014 की रिपोर्ट के अनुसार जिन फर्मों पर कार्यवाही के लिये कहा गया था? उन पर क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो इसकी अनदेखी करने वाले अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

छतरपुर जिले में ट्राफिक वार्डन योजना का क्रियान्‍वयन

6. ( *क्र. 1622 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में सड़क दुर्घटनाओं में वर्ष 2011 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने व्‍यक्तियों की मौतें हुईं, उनकी संख्‍या कितनी है? (ख) सामुदायिक पुलिसिंग के अंतर्गत ट्राफिक वार्डन योजना को छतरपुर जिले को सुगम एवं दुर्घटना विहीन बनाने हेतु अब तक क्‍या प्रयास किये गये? (ग) सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं कमी लाने हेतु क्रेन प्राप्‍त करने हेतु कोई प्रस्‍ताव गृह विभाग को दिया गया? यदि हाँ, तो कब? नहीं, तो क्‍यों?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) छतरपुर जिले में वर्ष 2011 से प्रश्न दिनांक तक सड़क दुर्घटनाओं के दौरान 934 व्यक्तियों की मृत्यु हुई। (ख) छतरपुर जिले में सामुदायिक पुलिसिंग के अंतर्गत ट्राफिक वार्डन योजना को सुगम एवं दुर्घटना विहीन बनाने हेतु स्वेच्छा से कार्य करने वाले इच्छुक नागरिकों से आवेदन मांगे गये हैं, जिनका वेरीफिकेशन कराने के उपरांत उनको ट्राफिक वार्डन के रूप में नियुक्त कर यातायात संचालन हेतु आवश्यक प्रशिक्षण देकर जिले में तैनात किया जावेगा। (ग) जिला छतरपुर को पुलिस मुख्यालय, भोपाल के आदेश क्रमांक पु.मु./पुमनि/पी.टी.आर.आई./2844/2011, दिनांक 09.12.2011 के द्वारा 01 क्रेन आवंटित की गई है, जो दिनांक 18.01.2012 को जिला छतरपुर को प्राप्त हो चुकी है।

हीरानगर आरक्षी केन्‍द्र पर लंबित शिकायतों का निराकरण

7. ( *क्र. 5916 ) श्री रमेश मेन्दोला : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या इन्‍दौर के हीरानगर आरक्षी केन्‍द्र पर दिनांक 20.01.16 को एक विद्युत उपभोक्‍ता ने इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स काम्‍प्‍लेक्‍स इलेक्‍ट्रि‍कल जोन के कर्मचारी दीपक बाँदिल के विरूद्ध मारपीट, दुर्व्‍यवहार, गालीगलोच की शिकायत की गई? हाँ तो शिकायत महेश सिंह, 22, सुभाष नगर द्वारा की गई? प्रश्‍न भाग (क) की शिकायत पर 15.02.16 तक क्‍या कार्यवाही की गई? अगर नहीं की गई तो कारण बतावें। (ख) क्‍या विद्युत विभाग के कर्मचारी पर कार्यवाही करने की बजाय शिकायतकर्ता महेश सिंह के विरूद्ध ही एफ.आई.आर. पंजीबद्ध की गई? हाँ तो किन धाराओं में अगर कर्मचारी द्वारा शिकायत की गई तो उसकी प्रति देवें? (ग) हीरानगर आरक्षी केन्‍द्र पर दि. 15.02.16 की स्थिति में कितनी शिकायतें किस प्रकार की लंबित हैं?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। आवेदक श्री महेश सिंह द्वारा दिनांक 20.01.2016 को थाना हीरानगर जिला इंदौर में प्रस्तुत किये गये आवेदन पत्र में श्री दीपक बांदिल के विरूद्ध लाइट काटने, विवाद करने एवं अपशब्द बोलने के तथ्य उल्लेखित किये गये थे। शिकायत आवेदन पत्र के अवलोकन करने पर शिकायत के भीतर ऐसी कोई तात्विक शिकायती शब्दावली नहीं पायी गई, जो संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आ सके और शिकायत पर ही सीधे धारा 154 सी.आर.पी.सी. के प्रावधानों के अंतर्गत संज्ञेय अपराध की प्रथम सूचना दर्ज की जा सके। उक्त आवेदन पत्र प्रस्तुत किये जाने के पूर्व ही प्रथम सूचनाकर्ता श्री दीपक बांदिल, सहायक यंत्री, इलेक्ट्रॉनिक्स काम्प्लेक्स इलेट्रिकल जोन, इंदौर की रिपोर्ट पर श्री महेश सिंह के विरूद्ध अपराध क्रमांक 22/16 धारा 353, 294, 506 भादवि दिनांक 20.01.2016 को 18:52 बजे पंजीबद्ध किया जा चुका था। आवेदक श्री महेश के विरूद्ध इसी घटना के संबंध में अपराध पंजीबद्ध होने के कारण उनके द्वारा प्रस्तुत आवेदन पत्र को जाँच में लिया गया है। जाँच में आवेदक श्री महेश सिंह को सूचित किये जाने के उपरांत भी उपस्थित न होने के कारण आवेदन पत्र जांचाधीन है। जाँच में आये निष्कर्ष के आधार पर विधि अनुरूप कार्यवाही की जावेगी। (ख) जी नहीं। दिनांक 20.01.2016 को शिकायतकर्ता श्री महेश सिंह द्वारा थाना हीरानगर में आवेदन पत्र प्रस्तुत किये जाने के पूर्व ही प्रथम सूचनाकर्ता श्री दीपक बांदिल, सहायक यंत्री, इलेक्ट्रानिक्स काम्प्लेक्स इलेक्ट्रिकल जोन, इंदौर की रिपोर्ट पर श्री महेश सिंह के विरूद्ध अपराध क्रमांक 22/16 धारा 353, 294, 506 भादवि का दिनांक 20.01.2016 को 18:52 बजे पंजीबद्ध किया गया था। कर्मचारी द्वारा शिकायत की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) हीरानगर आरक्षी केन्द्र इंदौर में दिनांक 15.02.2016 की स्थिति में मारपीट रूपये हड़पने, दहेज की मांग, पारिवारिक विवाद, मकान एवं प्लाटों पर अवैध कब्जे आदि की कुल 116 शिकायतें लंबित हैं। जाँच में आये निष्कर्ष के आधार पर विधि अनुरूप कार्यवाही की जावेगी।

परिशिष्ट - ''एक''

आर्थिक अनियमितताओं के दोषियों पर एफ.आई.आर. दर्ज की जाना

8. ( *क्र. 5163 ) श्री विश्वास सारंग : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सी.एम. मॉनिट प्रकरण क्रमांक 3258/CMS/MLA/151/2011, 08.12.2011 (B) के संबंध में अनियमितताओं की जाँच किस समिति ने की थी? (ख) प्रश्‍नांश (क) के तहत क्‍या सेवा प्रदाता संस्‍था ने 10.75 करोड़ की राशि शासन की जानकारी के बिना राज्‍य के खाते से ई.एम.आर.आई. के सिकन्‍दराबाद स्थित मुख्‍यालय को दिनांक 11.11.2008 से 12.01.2009 के बीच हस्‍तांतरित की थी? यदि हाँ, तो राशि हस्‍तांतरित करने वालों के खिलाफ क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) प्रश्‍नांश (क) व (ख) के तहत क्‍या उक्‍त संस्‍था और व्‍यक्तियों के खिलाफ एफ.आई.आर. भी दर्ज करायी गयी है? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण दें।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में चिकित्‍सकों की पूर्ति

9. ( *क्र. 4732 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में आदिवासी बाहुल्‍य जिलों में सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों एवं प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में डॉक्‍टरों की कमी क्‍यों है एवं उसे कब तक पूरा किया जावेगा? (ख) सीधी सिंगरौली जिलों के स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों एवं प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में कितने डॉक्‍टरों एवं स्‍टॉफ की कमी है? पर्याप्‍त स्‍टॉफ की नियुक्ति कब तक की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) प्रदेश में विशेषज्ञों/चिकित्सकों की अत्यधिक कमी के कारण पद रिक्त हैं। पदपूर्ति हेतु विभाग निरंतर प्रयासरत है, निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। (ख) सीधी जिले की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार एवं सिंगरोली जिले की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। विशेषज्ञ के पद पर पदोन्नति की कार्यवाही निरंतर जारी है, लोक सेवा आयोग के माध्यम से 1896 चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया प्रचलन में है, पदपूर्ति हेतु निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। 

स्‍नातकोत्‍तर कक्षाओं में प्रवेश के नियम

10. ( *क्र. 2682 ) श्री मधु भगत : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में वर्ष 2008 से कौन-कौन से मेडीकल कॉलेज हैं, जो शासकीय नहीं हैं, इनमें स्‍नातक तथा स्‍नातकोत्‍तर कक्षाओं में प्रवेश के नियम क्‍या-क्‍या हैं, 2008 में क्‍या थे? (ख) उपरोक्‍त जिला भोपाल, इंदौर, उज्‍जैन स्थित मेडीकल कॉलेजों में स्‍नातकोत्तर कक्षाओं में 2008 से प्रश्‍न दिनांक तक, कितने एडमीशन किस कोटे के आधार पर हुए? (ग) क्‍या डी-मेट परीक्षा घोटाला, अनियमितता या एडमीशन के चयन में अनियमितता मनमानी के संबंध में कोई जानकारी उक्‍त अवधि 2008 से प्रश्‍न दिनांक तक विभाग के संज्ञान में आई है? यदि हाँ, तो क्‍या-क्‍या? (घ) क्‍या पी.जी. कक्षा में प्रवेश के चयन के संबंध में मामले/शिकायतें/शासन, लोकायुक्‍त/मेडिकल कॉलेज में विचाराधीन हैं?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

आंगनवाड़ी केंद्रों से लाभांवित हितग्राही

11. ( *क्र. 2633 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) भगवानपुरा विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2014 एवं 2015 में मंगल दिवस, बाल चौपाल, किशोरी बालिका सप्‍ताह, पोषण आहार सप्‍ताह तथा विश्‍व स्‍तनपान सप्‍ताह कब-कब, कहाँ-कहाँ मनाया जाकर कितने हितग्राही लाभांवित हुए? (ख) भगवानपुरा विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में कितनी आंगनवाड़ी किन स्‍थानों में संचालित होकर कितने बच्‍चे दर्ज हैं? इन आंगनवाड़ि‍यों में कार्यरत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहित सूची देवें। इसमें से कितने भवन शासकीय एवं कौन से भवन किराये पर हैं? कौन-सी आंगनवाड़ी में कार्यकर्ता के पद रिक्‍त हैं? (ग) भगवानपुरा विधानसभा क्षेत्र में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की पूर्ण भर्ती हेतु किये जा रहे प्रयासों की जानकारी देवें। जनपद भगवानपुरा की इससे संबंधित समिति की कब-कब बैठक हुई? वर्ष 2015 की बैठकवार सूची देवें।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) भगवानपुरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2014 एवं 15 में मंगल दिवस का आयोजन प्रति मंगलवार को, बाल चौपाल का आयोजन प्रत्येक माह की 25 तारीख को, किशोरी बालिका सप्ताह का आयोजन 24 से 30 जनवरी, पोषण आहार सप्ताह का आयोजन 01 से 07 सितम्बर तथा विश्व स्तनपान सप्ताह का आयोजन 01 से 07 अगस्त में प्रत्येक आंगनवाड़ी केन्द्र में मनाया गया है। लाभांवित हितग्राहियों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) भगवानपुरा विधानसभा क्षेत्र में 467 आंगनवाड़ी संचालित होकर उसमें 43920 बच्चे दर्ज हैं। आंगनवाड़ी केन्द्र संचालन, कार्यरत कार्यकर्ताओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। 430 आंगनवाड़ी केन्द्र शासकीय भवन में तथा 37 आंगनवाड़ी केन्द्र किराये के भवन में संचालित हैं। रिक्त आंगनवाड़ी केन्द्रों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) भगवानपुरा विधानसभा क्षेत्र में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की भर्ती हेतु विज्ञप्ति जारी कर नियमानुसार आवेदन पत्र मंगाये जाकर खंड एवं जिला स्तरीय बैठक का आयोजन कर पदपूर्ति के प्रयास किये गये हैं। जनपद भगवानपुरा की खंड स्तरीय चयन समिति की बैठक का आयोजन दिनांक 23.06.2015 एवं दिनांक 31.12.2015 में किया गया है।

सड़क दुर्घटना के प्रकरणों पर कार्यवाही

12. ( *क्र. 3026 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा दुर्घटना होने पर किस तरह की कार्यवाही किये जाने की व्‍यवस्‍था है? विधानसभा क्षेत्र सुसनेर में विगत 02 वर्षों में ऐसे प्रकरण हुए हों तो पूर्ण जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित सड़क दुर्घटना में क्‍या वाहन परमिट, ड्रायविंग लायसेन्‍स, परमिट हेतु नियत रूट व अन्‍य मानकों की सूक्ष्‍मता से जाँच की गई? यदि हाँ, तो क्‍या निष्‍कर्ष निकाले गए? विवरण उपलब्‍ध करावें। (ग) विधान सभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत (क) अवधि में गुराड़ी बंगला के निकट सड़क दुर्घटना के प्रकरण में विभाग द्वारा कोई कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो क्‍या? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में घटित प्रकरणों में वाहनों के यातायात मानकों के अनुरूप दस्‍तावेज उपलब्‍ध थे? यदि नहीं, तो की गई कार्यवाही का विवरण उपलब्‍ध करावें?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) किसी भी दुर्घटना की सूचना प्राप्त होने पर विभाग द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर घायल व्यक्ति को उपचार के लिये भेजा जाता है एवं घटना में वाहन चालक की लापरवाही या अपराधिक दायित्व पाये जाने पर वाहन चालक के विरूद्ध प्रथम सूचना पत्र दर्ज किया जाकर वैधानिक कार्यवाही की जाती है। विधानसभा क्षेत्र सुसनेर के अंतर्गत जिला शाजापुर के थाना मोमन बड़ोदिया में सड़क दुर्घटना के विगत दो वर्षों में 45 प्रकरण दर्ज किये गये हैं एवं जिला आगर मालवा के विधानसभा क्षेत्र सुसनेर, थाना सुसनेर, सोयत एवं नलखेड़ा में दो वर्षों में 288 प्रकरण पंजीबद्ध हुए हैं। कुल 333 प्रकरण पंजीबद्ध हुए हैं। (ख) विधानसभा क्षेत्र सुसनेर के अंतर्गत थाना सोयत के अपराध क्रमांक 172/15 एवं थाना सुसनेर के अपराध क्रमांक 366/15 में दस्तावेजों में कमी पायी गई, जिन पर विधि अनुरूप कार्यवाही की गई। शेष प्रकरणों में दस्तावेजों में कमी नहीं पाई गई। (ग) गुराड़ी बंगला के निकट थाना सुसनेर, में सड़क दुर्घटना के अपराध क्रमांक 266/15 तथा थाना सोयत के अपराध क्रमांक 172/15 में प्रकरण में मान. न्यायालय में चालान पेश किया गया है। (घ) प्रश्नांश के संदर्भ में सड़क दुर्घटना के थाना सुसनेर अपराध क्र. 266/15 में दस्तावेज वैध नहीं पाए जाने पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान मान. न्यायायल में पेश किया गया है।

निजी चिकित्‍सालय एवं नर्सिंग होम्‍स के विरूद्ध शिकायतों पर कार्यवाही

13. ( *क्र. 5818 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले की विधानसभा क्षेत्र ब्‍यावरा अंतर्गत किन-किन स्‍थानों पर निजी चिकित्‍सालय एवं नर्सिंग होम किन-किन शर्तों के अधीन कब से संचालित किये जा रहे हैं? शर्तों की प्रति उपलब्‍ध कराते हुये बतावें कि इन निजी चिकित्सालय एवं नर्सिंग होम्‍स को किन-किन रोगों, ऑपरेशन आदि के लिये अनुमति प्रदान की गई है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या उक्‍त सभी निजी चिकित्‍सालय एवं नर्सिंग होम्‍स में अनुमति अनुसार ही पात्र चिकित्‍सकों से कार्य कराया जा रहा है? यदि नहीं, तो विगत दो वर्षों में इनके विरूद्ध क्‍या-क्‍या शिकायतें किस-किस स्‍तर पर कब-कब प्राप्‍त हुईं तथा प्राप्‍त शिकायतों में कब-कब, क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या ब्‍यावरा नगर में संचालित अर्शी नर्सिंग होम में दिनांक 26 जनवरी 2016 को तहसील ब्‍यावरा के ग्राम बैलास की एक प्रसूता महिला की नर्सिंग होम प्रबंधन की लापरवाही के कारण मृत्‍यु हो जाने एवं बिना पोस्‍टमार्टम के प्रसूता की मृत्यु उपरांत शव को एम्‍बुलेंस में डालकर बल पूर्वक परिवार के सदस्‍यों को डरा-धमका कर ग्राम बैलास पहुँचाने व परिजनों से अभद्र व्‍यवहार की स्‍थानीय एवं जिला प्रशासन को शिकायतें प्राप्‍त हुईं हैं? यदि हाँ, तो उक्‍त संबंध में प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) राजगढ़ जिले के विधानसभा क्षेत्र ब्यावरा में निम्नलिखित निजी चिकित्सालय एवं नर्सिंग होम मध्यप्रदेश उपचार्या गृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं अधिनियम 1973 एवं नियम 1997 के अंतर्गत संचालित हैं। 1. पंजाबी नर्सिंग होम, राजगढ़ रोड ब्यावरा वर्ष 2007 से संचालित है। 2. अर्शी नर्सिंग होम, राजगढ़ रोड ब्यावरा वर्ष 2007 से संचालित है। 3. वरदान हॉस्पिटल, राजगढ़ रोड ब्यावरा वर्ष 2013 से संचालित है। 4. पटवा जनरल हॉस्पिटल एवं मेटरनिटी केयर, राजगढ़ रोड ब्यावरा वर्ष 2013 से संचालित है। 5. कान्ताश्री हॉस्पिटल पुराना सुठालिया रोड़ ब्यावरा वर्ष 2013 से संचालित है। शर्तों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। नर्सिंग होम/चिकित्सालयों में उपलब्ध चिकित्सकों की योग्यता अनुसार रोगों के ईलाज एवं ऑपरेशन करने की अनुमति होती है। (ख) जी हाँ। उक्त चिकित्सालय में अनुमति अनुसार ही पात्र चिकित्सकों से कार्य कराया जा रहा है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। इस संबंध में शिकायत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी राजगढ़ को दिनांक 12/02/2016 को प्राप्त हुई है। प्रकरण की जाँच हेतु जाँच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जाँच प्रक्रिया प्रचलन में है।

परिशिष्ट - ''दो''

नामजद आरोपियों के विरूद्ध न्‍यायालय में चालान पेश किया जाना

14. ( *क्र. 524 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सतना जिले के थाना उचेहरा अंतर्गत बड़ी छिपहटी उचेहरा निवासी भूरा उर्फ मुबारक अली पिता श्री लाल मोहम्‍मद के घर में घटी घटना दिनांक 13.07.2012 को लेकर एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई थी, जिस पर पुलिस द्वारा दिनांक 19.07.2012 को अपराध क्रमांक 223/12, 294, 323, 506, 34 का मुकदमा नामजद आरोपीगणों के विरूद्ध कायम किया गया था? (ख) क्‍या उपरोक्‍त नामजद आरोपीगणों के विरूद्ध दर्ज मुकदमा अपराध क्रमांक 223/12, 294, 323, 506, 34 का चालान न्‍यायालय में आज दिनांक तक पेश हुआ है या नहीं? यदि नहीं, तो पेश न होने का क्‍या कारण है? (ग) क्‍या उपरोक्‍त अपराध क्रमांकों के सभी आरोपियों की गिरफ्तारी आज दिनांक तक की गई है या नहीं? यदि नहीं, तो गिरफ्तार न करने एवं इतना समय बीत जाने का क्‍या कारण है? (घ) क्‍या पुलिस द्वारा घोर लापरवाही करते हुए प्रभावशील एवं सरहंगों के दबाव के कारण न्‍यायालय में चालान पेश न किये जाने के कारण फरियादी न्‍याय से वंचित हैं, इसी के चलते फरियादी एवं इनके परिवार के ऊपर दिनांक 01.01.2016 को पुन: इन्‍हीं अपराधियों के इशारे एवं शह पर घर में घुस कर हमला कराया गया है, जबकि पुलिस द्वारा उल्‍टा फरियादियों के विरूद्ध झूठी रिपोर्ट अपराध क्रमांक 3 में दर्ज की गई है? यदि हाँ, तो क्‍यों, क्‍या दर्ज किये गये झूठे मुकदमें पर खात्‍मा लगाया जाएगा?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्नांश में उल्लेखित अपराध में कुल 05 आरोपियों के विरूद्ध अभियोग पत्र सक्षम न्यायालय में दिनांक 22.02.2016 को प्रस्तुत किया गया है। प्रकरण में नामजद शेष 02 आरोपी श्री कृष्णदेव सिंह एवं श्री छत्रपाल सिंह के विरूद्ध विवेचना में पर्याप्त साक्ष्य न होने से उक्त प्रकरण से पृथक किया गया है। (ग) प्रकरण में नामजद कुल 07 आरोपियों में से आरोपी 1- श्री निसार पिता श्री अब्दुल सत्तार 2- श्री जयबहादुर सिंह को दिनांक 30.09.2012 एवं आरोपी 1- श्री कौशलेन्द्र सिंह उर्फ बबलू, 2- श्री अशोक द्विवेदी, 3- श्री सुनील गुप्ता को दिनांक 08.10.2012 को साक्ष्य के आधार पर गिरफ्तार किया गया है, शेष 02 आरोपी श्री कृष्णदेव सिंह एवं श्री छत्रपाल सिंह के विरूद्ध पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध न होने से आरोपियों के नाम विवेचना से पृथक किये गये हैं। (घ) जी नहीं। अपराध क्रमांक 23/12 में अभियोग पत्र सक्षम न्यायालय में दिनांक 22.02.2016 को प्रस्तुत किया जा चुका है। थाना उचेहरा में दिनांक 01.01.2016 को दो पक्षों में आपस में झगड़ा होने से क्रमशः फरियादिया श्रीमती जमीला बेगम की सूचना पर अपराध क्र. 02/16 धारा 147, 323, 294, 506 भादवि का अपराध आरोपी श्री शोकत अली एवं उसके अन्य 09 साथियों के विरूद्ध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया एवं फरियादिया श्रीमती आयशा बी की सूचना पर अपराध क्रमांक 3/16 धारा 147, 323, 294, 506 भादवि का आरोपी श्री मुबारक अली उर्फ भूरा तथा श्रीमती जमीला बेगम एवं अन्य 08 नामजद आरोपियों के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया है। अपराध क्रमांक 2/16 में सभी आरोपियान गिरफ्तार होने पर अभियोग पत्र क्रमांक 56/2016 तैयार कर दिनांक 22.02.2016 को माननीय न्यायालय प्रस्तुत किया गया एवं अपराध क्र. 3/16 के समस्त आरोपियान फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। प्रकरण वर्तमान में विवेचनाधीन है। विवेचना में आये साक्ष्य एवं तथ्यों के आधार पर प्रकरण में विधि अनुरूप कार्यवाही की जाएगी।

अनियमित खरीदी के दोषी फार्मासिस्‍ट/स्‍टोर कीपर के विरूद्ध कार्यवाही

15. ( *क्र. 5845 ) श्री कमल मर्सकोले : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी जिला भोपाल में कौन-कौन से फार्मासिस्‍ट/स्‍टोर कीपर भण्‍डार एवं क्रय शाखा में कब-कब से पदस्‍थ हैं? (ख) मिसरोद स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में पदस्‍थ एक फार्मासिस्‍ट को विभाग के किस अधिकारी के निर्देश पर मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी भोपाल के भण्‍डार/क्रय शाखा में कार्य लिया जा रहा है एवं क्‍यों? (ग) क्‍या राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मिशन द्वारा वर्ष 2015-16 में दिये गए बजट की अनियमित खरीदी के संबंध में भोपाल के दैनिक समाचार पत्र डी.बी. स्‍टार में खबर प्रकाशित होने के बाद मिशन संचालक कार्यालय द्वारा घोटाले से संबंधित दस्‍तावेजों को जब्‍त कर कार्यवाही की जा रही है? यदि हाँ, तो जाँच किस स्‍तर पर है? (घ) क्‍या शासन/विभाग उपरोक्‍त करोड़ों रूपयों की अनियमित खरीदी के लिए मुख्‍य रूप से दोषी फार्मासिस्‍ट/स्‍टोर कीपर श्री गुलाब सिंह को तत्‍काल निलंबित करते हुए पारदर्शी जाँच कराएगा?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

केवलारी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत चिकित्‍सकों के पद की पूर्ति

16. ( *क्र. 4048 ) श्री रजनीश सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केवलारी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के कितने खण्‍ड हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के उक्‍त खण्‍डों में महिला एवं पुरूष चिकित्‍सक के कितने पद रिक्‍त हैं एवं कितने पूर्ण हैं? कार्यरत कर्मचारी की जानकारी देवें। (ग) क्‍या विकासखण्‍ड छपारा सामुदायिक केन्‍द्र में महिला चिकित्‍सक का पद स्‍वीकृत है? यदि हाँ, तो कार्यरत कर्मचारी का नाम बतायें? यदि नहीं, तो रिक्‍त पद की पूर्ति कब तक की जावेगी? (घ) तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 2303 दिनांक 04 मार्च 2015 के संदर्भ में बतायें कि प्रश्‍न दिनांक तक पदों को भरने की कार्यवाही में कितने कौन से रिक्‍त पद भरे गये? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) केवलारी विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत केवलारी, छपारा, धनौरा, सिवनी विकासखण्ड संचालित हैं। (ख) प्रश्नांकित विकासखण्डों के अंतर्गत संचालित स्वास्थ्य केन्द्रों में पदस्थ चिकित्सकों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं, विभागीय संरचना अनुसार महिला चिकित्सक के पदनाम से पद स्वीकृत नहीं है। जिला चिकित्सालय, सिविल अस्पताल एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर की संस्थाओं में स्त्रीरोग विशेषज्ञ के नाम से पद स्वीकृत हैं। छपारा में विशेषज्ञों के 03 (मेडिसिन, सर्जरी एवं स्त्रीरोग विशेषज्ञ) के एक-एक पद तथा चिकित्सा अधिकारी के 02 पद स्वीकृत हैं। विशेषज्ञों की अत्यधिक कमी के कारण पदपूर्ति नहीं की जा सकी है, स्वीकृत 02 पदों के विरूद्ध 02 चिकित्सा अधिकारियों की पदस्थापना है एवं एक आर.सी.एच. संविदा चिकित्सक पदस्थ है। लोक सेवा आयोग से चयनित चिकित्सकों में स्त्री रोग योग्यता की चिकित्सकों की उपलब्धता अनुसार पदस्थापना संबंधी कार्यवाही की जा सकेगी। निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। (घ) विभाग रिक्त पदों की पूर्ति हेतु निरंतर प्रयासरत् है। पदोन्नति में पर्याप्त मात्रा में विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं होने से पदपूर्ति नहीं की जा सकी है, हाल ही में पैरामेडिकल कर्मचारियों की नवीन नियुक्ति पश्चात पदस्थापना अंतर्गत 02 लेब टेक्नीशियन, 01 रेडियोग्राफर एवं 02 फार्मासिस्ट ग्रेड-2, कुल 05 कर्मचारियों की पदस्थापना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत संस्थाओं में की गई है। वर्ष 2015 में लोक सेवा आयोग से चयन पश्चात 17 चिकित्सकों की पदस्थापना सिवनी जिले के अंतर्गत स्वास्थ्य संस्थाओं में की गई है। पदपूर्ति हेतु विभाग निरंतर प्रयास कर रहा है।

परिशिष्ट - ''तीन''

शासकीय उचित मूल्‍य की दुकानों का संचालन

17. ( *क्र. 2509 ) श्री रामप्यारे कुलस्ते : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मण्‍डला जिले में वर्तमान समय में कितनी उचित मूल्‍य की दुकानें कहाँ-कहाँ संचालित हैं? (ख) मध्‍यप्रदेश की योजनानुसार प्रत्‍येक ग्राम पंचायत स्‍तर पर उचित मूल्‍य की दुकान संचालित करने की योजना अनुरूप अभी तक मण्‍डला जिले में कितनी पंचायतों में उचित मूल्‍य की दुकानों का संचालन किया जा चुका है? (ग) राशन कार्डधारियों की संख्‍या, आवागमन एवं दूरी को ध्‍यान में रखकर के प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्रांतर्गत निवास के सुदूर गांव में काफी लंबे समय से उचित मूल्‍य की दुकान की मांग निरन्‍तर चली आ रही है, उक्‍त सभी ग्रामों में पंचायत स्‍तर पर दुकानों का संचालन कब तक कर दिया जावेगा?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) मण्‍डला जिले में प्रत्‍येक पंचायत में उचित मूल्‍य दुकान खोलने के प्रावधान का अभी क्रियान्‍वयन नहीं हो सका है, क्‍योंकि मध्‍यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 में संशोधन प्रक्रियाधीन है। (ग) मध्‍यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 में संशोधन उपरांत प्रश्‍नांकित विधानसभा क्षेत्रांतर्गत प्रत्‍येक पंचायत में उचित मूल्‍य दुकानों के आवंटन की कार्यवाही सक्षम अधिकारी द्वारा की जा सकेगी।

आंगनवाड़ी केन्‍द्रों के भवन का निर्माण

18. ( *क्र. 1838 ) श्री मुकेश नायक : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पन्‍ना जिले में संचालित कौन-कौन से आंगनवाड़ी केन्‍द्रों हेतु वर्ष 2013-14, 2014-15 तक की अवधि में किस-किस योजना में कहाँ-कहाँ कितने-कितने भवन निर्माण स्‍वीकृत किये गये? (ख) उक्‍त में से कौन-कौन से भवनों का निर्माण कार्य निर्धारित अवधि में पूर्ण हो चुका है एवं कौन-कौन से भवन का कार्य अब तक अपूर्ण/अप्रारंभ पड़ा है? कारण बतावें। (ग) उक्‍त अपूर्ण/अप्रारंभ कार्यों को पूर्ण कराने हेतु विभाग द्वारा वर्तमान तक क्‍या कार्यवही की गई? कब-कब संबंधित एजेंसियों को इस हेतु पत्र लिखे गये? यदि नहीं, लिखे गये तो कारण बतायें? (घ) क्‍या शासन उक्‍त निर्माण कार्यों में हो रहे विलम्‍ब के कारणों की जाँच करायेगा तथा जाँच में पाये गये अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जिले में 1170 संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों में से वर्ष 2013-14 एवं 2014-15 की अवधि में बी.आर.जी.एफ. योजना अंतर्गत 20 आंगनवाड़ी भवन निर्माण एवं आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा 05 आंगनवाड़ी भवन निर्माण स्वीकृत किये गये हैं। विस्तृत जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट पर है। (ख) पन्ना जिले में स्वीकृत इन आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण की कोई निश्चित समय-सीमा नियत नहीं की गई है। उत्तरांश अनुसार स्वीकृत 25 आंगनवाड़ी भवनों में से 16 आंगनवाड़ी भवन पूर्ण हो चुके हैं तथा 09 आंगनवाड़ी भवन निर्माण एजेंसी द्वारा धीमी गति से कार्य करने के कारण अपूर्ण हैं। (ग) निर्माणाधीन/अपूर्ण 09 आंगनवाड़ी भवनों को पूर्ण कराने हेतु जिला स्तर पर निर्माण एजेंसी एवं पंचायत विभाग के साथ समय-समय पर समीक्षा की गई है। किसी प्रकार का विशिष्ट पत्राचार पृथक से नहीं किया गया है। अतः शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) निर्माणाधीन/अपूर्ण 09 आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण कार्य प्रगतिरत है, जिसे शीघ्रता से पूर्ण कराने की कार्यवाही की जा रही हैं। अतः शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''चार''

थाना नूराबाद में पंजीबद्ध प्रकरण पर कार्यवाही

19. ( *क्र. 4084 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला मुरैना थाना नूराबाद में दिनांक 19.01.2015 को प्रथम सूचना रिपोर्ट 9/15 धारा 376, 506 के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था? यदि हाँ, तो 9/15 प्रकरण में प्रश्‍नांश दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) क्‍या अमर शर्मा कॉलेज वाला महाराजपुर ने प्रश्‍नांश (क) पीड़ि‍ता के साथ बलात्‍कार किया? यदि हाँ, तो क्‍या मेडीकल रिपार्ट प्राप्‍त हुई? पीड़ि‍ता के द्वारा क्‍या बयान दर्ज किए गए? गम्‍भीर अपराध होने के उपरान्‍त संबंधित पुलिस विभाग द्वारा समुचित कार्यवाही क्‍यों नहीं की जा रही? इसके लिए कौन उत्‍तरदायी है? (ग) प्रश्‍नांश (क) और (ख) में विवेचना अधिकारी द्वारा क्‍या विवेचना की गई? किन लोगों के बयान दर्ज किए गए? कब चालान प्रस्‍तुत किया गया? (घ) दिनांक 19.01.2015 को घटित घटना में पुलिस विभाग कार्यवाही क्‍यों नहीं कर रहा है? कार्यवाही करने की समय-सीमा क्‍या है? कब तक कार्यवाही पूर्ण हो जायेगी?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) जी नहीं दिनांक 19.01.2015 को फरियादिया की सूचना पर से थाना सिविल लाईन, जिला मुरैना में आरोपी अमर शर्मा कॉलेज वाला महाराजपुरा के विरूद्ध अपराध क्रमांक 0/15 धारा 376, 506 भादवि का पंजीबद्ध कर फरियादिया का मेडिकल परीक्षण कराया गया एवं कथन लिया गया व माननीय न्यायालय में धारा 164 जा.फौ. के तहत फरियादिया का कथन लेखबद्ध कराया जाकर प्रकरण का घटना स्थल थाना नूराबाद से संबंधित होने पर थाना नूराबाद में दिनांक 20.01.2015 को असल अपराध क्रमांक 3/15 धारा 376, 506 भादवि का कायम कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण की विवेचना में अभियोजन हित के साक्ष्य संकलित किये जा रहे हैं। (ख) वांछित प्रकरण की फरियादिया की सूचना पर से आरोपी अमर शर्मा के विरूद्ध बलात्कार का प्रकरण पंजीबद्ध किया जाकर विवेचना के दौरान फरियादिया का मेडिकल परीक्षण कराया गया व मेडिकल रिपोर्ट प्राप्त की गई। पीड़ि‍ता ने अपने कथन में प्रथम सूचना रिपोर्ट की पुष्टि की है। प्रकरण की विवेचना के दौरान पुलिस विभाग द्वारा समुचित कार्यवाही की जा रही है। (ग) प्रश्नांश और के परिप्रेक्ष्य में दौराने विवेचना पीड़ि‍ता का मेडिकल परीक्षण कराया गया एवं पीड़ि‍ता के कथन लेख किये व धारा 164 जा.फौ. के तहत माननीय न्यायालय में कथन कराये गये साक्षी शिवचरण लोधी, विनोद लोधी एवं साक्षीगण सत्यशील शर्मा, विष्णु शर्मा, हरीनारायण भार्गव, सुरेश मिश्रा एवं रूसतम सिंह सिकरवार आदि के कथन लिये गये। प्रकरण की पूर्ण विवेचना की जाकर प्रकरण का निराकरण किया जावेगा। (घ) उत्तरांश , , अनुसार। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

पोषण आहार परिवहन पर व्‍यय

20. ( *क्र. 2708 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत संचालित आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में दर्ज गर्भवती, धात्री महिलाओं एवं बच्‍चों आदि को पूरक पोषण आहार व टीकाकरण के अतिरिक्‍त क्‍या-क्‍या सुविधा उपलब्‍ध कराई जाती है? (ख) आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में वितरण हेतु प्रदाय पोषण आहार के परियोजना मुख्‍यालय तक अथवा आंगनवाड़ी केन्‍द्र तक परिवहन व्‍यय हेतु राशि स्‍वीकृत/भुगतान की जाती है? यदि हाँ, तो किस दर से? (ग) धार जिले की धरमपुरी विधान सभा क्षेत्र की नालछा एवं धरमपुरी परियोजना अंतर्गत संचालित आंगनवाड़ी केन्‍द्रों हेतु विगत 02 वर्षों में वर्षवार कितनी-कितनी राशि परिवहन पर व्‍यय की गई है? परियोजना मुख्‍यालय तक तथा वहां से केन्‍द्र तक भुगतान राशि की जानकारी उपलब्‍ध कराई जावे?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) आंगनवाड़ी केन्द्रों में दर्ज गर्भवती, धात्री महिलाओं एवं बच्चों को पूरक पोषण आहार एवं टीकाकरण के अतिरिक्त स्कूल पूर्व अनौपचारिक शिक्षा, स्वास्थ्य जाँच, सदंर्भ सेवा, स्वास्थ्य एवं पोषण शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। (ख) जी हाँ। 06 माह से 03 वर्ष तक के बच्चों एवं गर्भवती/धात्री माताओं हेतु पूरक पोषण आहार (टेकहोम राशन) का प्रदाय एम.पी. एग्रो के द्वारा परियोजना मुख्यालय तक किया जाता है। परियोजना मुख्यालय से आंगनवाड़ी केन्द्रों तक निर्धारित राशि रू. 50/- प्रति क्विंटल, प्रति आंगनवाड़ी केन्द्र प्रतिमाह की दर से परिवहन कराये जाने का प्रावधान है। निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

संयुक्‍त संचालक, स्‍वास्‍थ्‍य के पद की पूर्ति

21. ( *क्र. 4426 ) श्री गिरीश गौतम : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रीवा संभाग के संयुक्‍त संचालक, स्‍वास्‍थ्‍य का पद करीब 3 वर्ष से रिक्‍त है तथा प्रभारी जबलपुर संयुक्‍त संचालक को बनाया गया है? (ख) क्‍या रीवा संभाग की फाइलें संयुक्‍त संचालक के हस्‍ताक्षर, आदेश एवं निर्देश के लिए जबलपुर भेजी जाती हैं, जिसके लिए रीवा से कर्मचारियों को भेजा जाता है? यदि हाँ, तो रीवा से जबलपुर किस-‍किस कर्मचारी को कब-कब भेजा गया विवरण देवें तथा कर्मचारियों को प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि यात्रा भत्‍ता देयक में भुगतान की गयी है? (ग) क्‍या रीवा संभाग के संयुक्‍त संचालक स्‍वास्‍थ्‍य का प्रभार किसी वरिष्‍ठ डॉक्‍टर या रीवा में पदस्‍थ डिप्‍टी डायरेक्‍टरों में से किसी एक को संयुक्‍त संचालक स्‍वास्‍थ्‍य रीवा का प्रभार दिया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों कारण बताएं?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ, दिनांक 13.12.2013 से तत्कालीन संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवायें के निलंबन उपरांत से रिक्त होने के कारण जबलपुर संभागीय संयुक्त संचालक को रीवा संभाग का प्रभार सौंपा गया है। (ख) जी हाँ, शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार (ग) जी हाँ। यथाशीघ्र। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''पाँच''

केरोसीन परिवहन की राशि की वसूली

22. ( *क्र. 5230 ) श्री संदीप श्री प्रसाद जायसवाल : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा प्र.सं. 14 (क्र. 445), दिनांक 07.07.2014 के उत्‍तर में तेलदूत योजना में केरोसीन डीलरों को 19,04,660/- रूपये अतिरिक्‍त लाभ एवं अधिक दूरी का परिवहन व्‍यय देने के कारण राशि 36,11,016/- रूपये का भार कटनी जिले के उपभोक्‍ताओं पर आने की जानकारी दी गई है, तो कितनी-कितनी राशि की वसूली, किस थोक केरोसीन डीलर से कब की गई? कितनी राशि की किन-किन से वसूल किया जाना, किन कारणों से शेष है? (ख) क्या विधानसभा सत्र फरवरी मार्च 2015 के प्रश्‍न सं. 173 (क्र. 3682) के उत्‍तर में कटनी ग्रामीण क्षेत्र में केरोसीन फुटकर ब्रिकी दर निर्धारण में अनियमितता वर्ष 1998 से स्‍वीकार की गई है? यदि हाँ, तो कुल कितनी राशि का अवैध भार, ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्‍ताओं पर डाला गया एवं यह अनियमितताएं क्या थीं? (ग) कटनी में तेलदूत योजना एवं केरोसीन परिवहन के भाड़े के संबंध में वर्ष 2012-13 से कब-कब जाँच की गई, क्‍या प्रतिवेदन दिये गये? क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) प्रश्‍नांश (क) से (ग) में किन अधिकारियों द्वारा पद का दुरूपयोग कर थोक डीलरों को अवैध लाभ पहुंचाया गया? क्‍या वसूली गई राशि का उपयोग कटनी नगर एवं जिले के विकास में किया जायेगा? यदि हाँ, तो कै‍से और कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ, थोक केरोसीन डीलरों से वसूली योग्‍य सपूर्ण राशि वसूल कर ली गई है। डीलरवार वसूल की गई राशि रूपये 30,81,972 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। लिंक समिति से उचित मूल्‍य दुकान तक निर्धारित दूरी से अधिक दूरी का परिवहन व्‍यय की राशि रूपये 5,29,044 की वसूली की कार्यवाही जिला स्‍तर पर प्रचलित है। (ख) जी हाँ, जाँच अवधि की राशि रूपये 36,11,016 का भार ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्‍ताओं को पड़ा है। केरोसीन भाव निर्धारण आदेश में लिंक समितियों एवं शासकीय उचित मूल्‍य दुकानों की राउण्‍ड ट्रिप की दूरियां त्रुटिपूर्ण होकर निर्धारित दूरी से अधिक दूरी का परिवहन व्‍यय देने के कारण माह जनवरी 2012 से मार्च 2014 तक उपभोक्‍ताओं पर भार आया है। (ग) तेलदूत योजना एवं केरोसीन परिवहन व्‍यय के संबंध में वर्ष 2012-13 से दिनांक 28-06-2013 एवं 10-01-2014 को जाँच की गई। जाँच के प्रतिवेदन संलग्‍न जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एवं अनुसार है। थोक केरोसीन डीलरों के विरूद्ध की गई कार्यवाही स्‍वरूप अधिरोपित राशि वसूल की गई है एवं दोषी अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही प्रचलित है।, (घ) उपरोक्‍त (क) से (ग) की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। जी नहीं। इस प्रकार का कोई प्रावधान नियमों में नहीं है।

शासकीय अनुदान से संचालित झूलाघर

23. ( *क्र. 661 ) श्री राजेश सोनकर : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या इंदौर जिले में शासकीय अनुदान से झूलाघर संचालित किये जाते हैं। यदि हाँ, तो इंदौर जिला अंतर्गत शासकीय अनुदान से संचालित किये जाने वाले झूलाघरों की सूची उपलब्‍ध करायें? उनमें से कितने चालू एवं कितने कब से बंद हैं? (ख) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में शासकीय अनुदान से संचालित झूलाघर कब से जिले में संचालित किये जा रहे हैं? विगत एक वर्ष में झूलाघरों के संचालन में प्रतिवर्ष कितनी राशि अनुदान के रूप व्‍यय की गई है व किन-किन कार्यों में की गई? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में जिले में संचालित झूलाघर के नियमित संचालन एवं प्राप्‍त अनुदान के उचित उपयोग करवाने का दायित्‍व किन अधिकारियों/कर्मचारियों के ऊपर है? उनके द्वारा कब-कब जाँच की गई एवं क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में संचालित झूलाघर बंद पाये जाने की स्थिति में क्‍या कार्यवाही की गई? क्‍या उनका अनुदान संचालन बंद होने के पश्‍चात् भी जारी है? यदि हाँ, तो कारण स्‍प‍ष्‍ट करें।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ. मध्य प्रदेश राज्य समाज कल्याण बोर्ड द्वारा केंद्रीय समाज कल्याण बोर्ड से प्राप्त अनुदान से संचालित झूलाघर (पालना घर) की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है. (ख) सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है. संस्था द्वारा राशि का व्यय समाज कल्याण बोर्ड नई दिल्ली के बजट अनुसार पालना घर के 2 कर्मचारियों के वेतन पर, पालना घर में लाभांवित हो रहे 25 बच्चों को दिए जा रहे पोषण आहार पर तथा आवश्यक दवाओं तथा अन्य मदों पर व्यय किया जाता है. (ग) झूलाघर के निरीक्षण के लिए केंद्रीय समाज कल्याण नई दिल्ली द्वारा तैनात क्षेत्रीय अधिकारि‍यों द्वारा वर्ष में न्यूनतम एक बार निरीक्षण किया जाता है. कमी होने पर सुझाव दिए जाते हैं. बंद पाई गयी इकाइयों को केंद्रीय समाज कल्याण बोर्ड से कार्यक्रम को बंद करने की अनुशंसा की जाती है. (घ) क्षेत्रीय अधिकारी द्वारा निरिक्षण के समय झूलाघर बंद पाए जाने पर संस्था के अनुदान पर रोक लगा दी जाती है तथा झूलाघर को बंद करने की कार्यवाही की जाती है. कार्यवाही पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है. झूलाघर बंद हो जाने के बाद अनुदान दिए जाने का प्रश्न ही नहीं उठता।

आयुर्वेद चिकित्‍सा अधिकारियों की पदोन्‍नति

24. ( *क्र. 4499 ) पं. रमाकान्‍त तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आयुर्वेद चिकित्‍सा अधिकारी से अधीक्षक सह जिला आयुर्वेद अधिकारी में पदोन्‍नति की क्‍या प्रक्रिया है? पिछली पदोन्‍नति कब की गई थी? (ख) क्‍या पदोन्‍नति किये जाने हेतु नियमित रूप से डी.पी.सी. हो रही है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) मध्‍यप्रदेश में अधीक्षक सह जिला आयुर्वेद अधिकारी के कितने पद स्‍वीकृत हैं? उनमें से कितने नियमित अधीक्षक सह जिला आयुर्वेद अधिकारी पदस्‍थ हैं एवं कितने प्रभारी अधीक्षक सह जिला आयुर्वेद अधिकारी पदस्‍थ हैं? (घ) पदोन्‍नति किये जाने हेतु विभाग द्वारा अगली डी.पी.सी. कब की जायेगी? समय-सीमा सहित बतायें। एक डी.पी.सी. से दूसरी डी.पी.सी. में कितने समय का अन्‍तर विभाग द्वारा निश्चित किया गया है? क्‍या विभाग द्वारा निर्धारित समय-सीमा में डी.पी.सी. हो रही है? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) विभागीय सेवा भर्ती नियम-2013 के तहत आयुर्वेद चिकित्‍सा अधिकारी से जिला आयुष अधिकारी के पद पर पदोन्‍नति हेतु चिकित्‍सा अधिकारी पद पर 05 वर्ष का कार्यानुभव प्रावधानित है। पिछली पदोन्‍नति वर्ष 2015 में की गई। (ख) वर्ष 2015 में डी.पी.सी. की गई है। पिछले वर्षों में नवीन विभागीय सेवा भर्ती नियम के प्रकाशन की कार्यवाही प्रचलित होने से तथा पदक्रम सूचि‍यों में आपत्तियां एवं गोपनीय प्रतिवेदनों की अनुपलब्‍धता के कारण नियमित रूप से डी.पी.सी. नहीं हो सकी है। (ग) अधीक्षक सह जिला आयुर्वेद अधिकारी जिसका वर्तमान नाम जिला आयुष अधिकारी है, के 51 पद स्‍वीकृत हैं। 23 नियमित एवं 28 प्रभारी जिला आयुष अधिकारी पदस्‍थ हैं। (घ) डी.पी.सी. की कार्यवाही यथाशीघ्र की जायेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। सामान्‍य प्रशासन विभाग के परिपत्र दिनांक 24 अप्रैल 2013 के अनुसार वर्ष में दो बार डी.पी.सी. आयोजित किया जाना निर्धारित है। पूर्व में विभागीय सेवा भर्ती नियम 2013 के प्रकाशन की कार्यवाही प्रचलित होने से तथा पदक्रम सूचियों में आपत्तियॉ एवं गोपनीय प्रतिवेदनों की अनुपलब्‍धता के कारण डी.पी.सी. में विलम्‍ब हुआ है।

नगर एवं ग्राम रक्षा समितियों के सदस्‍यों को प्रदत्‍त सुविधाएं

25. ( *क्र. 5953 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्‍य में नगर एवं ग्राम रक्षा समितियों का गठन किन प्रावधानों के तहत किया गया? इन समितियों के सदस्‍यों को क्‍या-क्‍या सुविधाएं शासन प्रदान करता है? इन समिति सदस्‍यों के क्‍या-क्‍या अधिकार निर्धारित किए गए हैं? (ख) माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा गत वर्षों में इन समितियों के सदस्‍यों की महापंचायत आहूत की थी? यदि हाँ, तो महापंचायत में माननीय मुख्‍यमंत्री जी ने क्‍या-क्‍या घोषणाएं की थीं? इन घोषणाओं पर विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) पुलिस मुख्‍यालय भोपाल में उपलब्‍ध जानकारी के अनुसार विदिशा जिले के कितने नगरों एवं कितने ग्रामों में रक्षा समितियां वर्तमान में कार्यरत हैं, इनमें कितने सदस्‍य हैं? सदस्‍यों के नाम, थाने का नाम, कार्य करने की अवधि सहित थानावार जानकारी उपलब्‍ध करावें? (घ) रक्षा समिति के सदस्‍यों को मानदेय दिए जाने के संबंध में शासन की क्‍या योजना है, इन्‍हें कब से मानदेय के रूप में कितनी राशि प्रदान की जावेगी? समय-सीमा बतावें। नहीं तो कारण देवें?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) राज्य में नगर एवं ग्राम रक्षा समितियों का गठन मध्यप्रदेश अधिनियम 1999 खण्ड-3 के तहत किया गया है। ग्राम एवं नगर रक्षा समितियों के सदस्यों को कर्तव्य के दौरान भोजन, नाश्‍ता एवं सदस्यों के घायल अथवा मृत होने पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराते हैं। सदस्यों को किसी प्रकार के अधिकार प्रदत्त नहीं किये गये हैं। (ख) जी हाँ। दिनांक 24.04.2008 को भोपाल में आयोजित म.प्र. ग्राम एवं नगर रक्षा समिति के राज्य स्तरीय सम्मेलन में माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा निम्न घोषणाएं की गई :- 1. रक्षा समितियों के लिए आवंटित बजट को रूपये 50 लाख से बढ़ाकर करोड़ किया जायेगा। 2. प्रत्येक जिले के चयनित 3 उत्कृष्ट रक्षा समितियों को प्रतिवर्ष, 15 अगस्त के अवसर पर, रूपये 10,000 प्रति समिति के मान से पुरूस्कार दिया जायेगाजिसके लिये बजट आवंटन पृथक से उपलब्ध कराया जायेगा। 3. रक्षा समितियों के ऐसे सदस्य जिनके द्वारा लगातार तीन वर्षों तक सक्रि‍य सेवाएं उपलब्‍ध कराईं जाती हैं, उन्हें संबंधित पुलिस अधीक्षक द्वारा दिये गए प्रमाण पत्र के आधार पर प्राथमिकता पर शस्त्र लाईसेंस जारी किये जायेगें। 4. रक्षा समिति के सदस्यों को पुलिस बल के साथ कर्तव्य निर्वहन के समय पुलिस कर्मचारियों के लिए निर्धारित मापदण्ड के अनुसार निःशुल्क भोजन प्रदाय किया जायेगा। 5. रक्षा समिति के ऐसे सदस्य, जिनके द्वारा 3 वर्ष तक सक्रि‍य सेवा उपलब्ध कराई हो, उन्हें पुलिस अधीक्षक के प्रमाण पत्र के आधार पर आरक्षक भर्ती में अन्य अर्हतायें पूरी करने की शर्त पर साक्षात्कार के समय बोनस अंक दिया जावेगा, जिससे उन्हें पुलिस भर्ती में प्राथमिकता मिलेगी। 6. रक्षा समिति के सदस्य की कर्तव्य निर्वहन के दौरान मृत्यु अथवा चोटिल होने पर बीमा का लाभ उपलब्ध कराने हेतु सामूहिक बीमा योजना प्रारंभ करने पर विचार किया जायेगा। 7. रक्षा समिति के प्रशिक्षित सदस्यों को पुलिस के साथ कर्तव्य निर्वहन की अवधि के लिए मानदेय स्वीकृत किये जाने पर विचार किया जायेगा। उक्त घोषणाओं के संबंध में वस्तु स्थिति निम्न प्रकार है :- 1. घोषणा क्रमांक 1-4 तक के संबंध में पुलिस मुख्यालय द्वारा आवश्यक कार्यवाही कर घोषणाओं पर विधिवत आदेश एवं निर्देश जारी कर घोषणाओं का पालन किया गया। 2. घोषणा क्रमांक 5 के संबंध में शासन द्वारा ग्राम एवं नगर रक्षा समितियों के सक्रिय सदस्यों को आरक्षक भर्ती के साक्षात्कार में बोनस अंक प्रदान करने के प्रावधान पूर्व में जारी किये गये थे, किन्तु कालान्तर में आरक्षक भर्ती परीक्षा व्यापम के माध्यम से संचालित किये जाने एवं साक्षात्कार की प्रकिया समाप्त किये जाने के फलस्वरूप वर्तमान में बोनस अंक का प्रावधान स्वतः समाप्त हो गया है। 3. घोषणा क्रमांक 6 के संबंध में ग्राम एवं नगर रक्षा समिति के सदस्यों को कर्तव्य के दौरान मृत्यु/घायल होने की स्थिति में शासन स्तर पर कॉरपस फण्ड बनाकर बजट प्रावधान है। अतः ग्राम/नगर रक्षा समिति के सदस्यों की मृत्यु/घायल होने की स्थिति में उन्हे नियमानुसार आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। 4. घोषणा क्रमांक 7 के क्रियान्वयन में ग्राम/नगर रक्षा समिति के सदस्यों को मानदेय प्रदान करने के संबंध में पुलिस मुख्यालय द्वारा भेजे गए बजट प्रस्ताव को वित्तीय अनुशासन के कारण अमान्य किया गया है। (ग) पुलिस मुख्यालय, भोपाल में उपलब्ध जानकारी अनुसार विदिशा जिले में कुल 21 थाने हैं, जिसमें कुल 1208 ग्राम/नगर रक्षा समितियाँ कार्यरत हैं, जिनमें कुल 7767 सदस्य हैं। थानेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट अनुसार(घ) वित्तीय अनुशासन के कारण वर्तमान में मानदेय का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

 

 

 




 

 

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भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में

परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


महिलाओं अपराध के प्रकरण

1. ( क्र. 46 ) श्री वेलसिंह भूरिया : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले में वर्ष 2012 से आज दिनांक तक कितनी महिलाओं, नाबालिग लड़कियों की हत्‍या, अपहरण, गुमशुदगी हुई एवं कितनों पर ज्‍यादती हुई? (ख) उक्‍त घटनाओं में से कितने मुकदमें कायम हुए, कितने चालान पेश हुए है एवं कितने लंबित हैं? जिन अपराधियों को आज दिनांक तक गिरफ्तार नहीं किया गया है, उन्‍हें कब तक गिरफ्तार कर लिया जायेगा? (ग) उक्‍त में से कितनी अनुसूचित जाति/जनजाति की पीडि़त महिलाओं को शासन द्वारा मुआवजा दिया गया एवं कितने प्रकरण लंबित हैं? लंबित प्रकरणों का निराकरण कब तक कर लिया जायेगा?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) धार जिले में वर्ष 2012 से प्रश्न दिनांक तक कुल 72 महिलाओं की हत्या हुई जिसमें 67 महिलाएं तथा 05 नाबालिग थी। उक्त अवधि में कुल 524 अपहरण के प्रकरण दर्ज हुए जिसमें 57 महिलायें तथा 467 नाबालिग थी। उक्त अवधि में 639 बलात्कार के प्रकरण दर्ज किये गये जिसमें 267 महिलायें तथा 372 नाबालिग थी। उक्त अवधि में कुल 3080 गुमशुदगी दर्ज की गई जिसमें 2148 बालिग तथा 932 नाबालिग थी। जिले की वर्षवार संख्यात्मक जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) उक्त सभी घटनाओं में प्रकरण कायम किये गये हैं। हत्या, अपहरण एवं ज्यादती के कुल 1235 अपराध पंजीबद्ध किये गये जिसमें 391 महिलायें तथा 844 नाबालिग थी। उक्त प्रकरणों में 912 में चालान न्यायालय में पेश किये गये। 163 प्रकरण लंबित हैं। प्रकरण के शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। समय-सीमा बताना संभव नहीं। (ग) अनु.जाति की महिलाओं को उक्त अवधि में कुल 20 प्रकरणों में शासन द्वारा मुआवजा राशि दी गई है। 01 प्रकरण प्रक्रियाधीन है। अनुसूचित जनजाति महिलाओं की कुल 50 प्रकरणों में अनु.जनजाति की महिलाओं को शासन द्वारा मुआवजा राशि दी गई है। 06 प्रकरण मुआवजा राशि हेतु प्रक्रियाधीन हैं।

परिशिष्ट ''छ:''

खाद्य सामग्री की जाँच

2. ( क्र. 168 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश में खाद्य विभाग द्वारा खादय सामग्री (सेंपल) की जाँच किए जाने वाली कितनी प्रयोगशालाएं कहाँ-कहाँ पर संचालित हैं? (ख) क्‍या खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा लिये गये सेंपल की जाँच रिपोर्ट महिनों तक नहीं आने से मिलावटखोर निर्भीक है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या प्रत्‍येक संभाग स्‍तर पर खादय सामग्री जाँच की लेब खोलने पर विभाग की कोई कार्ययोजना है ताकि नागरिकों के स्‍वास्‍थ्‍य के साथ हो रहे खिलवाड़ को रोका जा सके? (घ) खंडवा जिले में खाद्य विभाग द्वारा विगत दो वर्षों में कितनी होटलों/रेस्‍टोरेंट एवं दुकानों के सेंपल लिये गये तथा‍ कितने नमूने अमानक पाए जाने पर दुकानदारों के विरूद्ध कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ड.) क्‍या खाद्य अधिकारियों की मांगलिक परिसरों, होटल, एवं रेस्‍टोरेंट से अवैध वसूली की शिकायतों के कारण मिलावटखोरों पर लगाम नहीं लगाई जा रही है? यदि हाँ, तो इन अधिकारियों पर विभाग क्‍या कार्यवाही कर रहा है?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, ईदगाह हिल्स, भोपाल परिसर में एक खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला संचालित है। जो कि भोपाल में स्थित है। (ख) जी नहीं। (ग) प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ड़) जी नहीं। शेष प्रश्नांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

खण्‍डवा नगर में अवैध जुए सट्टे का कारोबार

3. ( क्र. 193 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खण्‍डवा नगरीय क्षेत्र में विगत तीन वर्षों में अवैध जुए सट्टे के कितने प्रकरण बनाए गए एवं कितनी राशि जप्‍त की गई है? कितने प्रकरणों में दोषियों को मान. न्‍यायालय द्वारा सजा सुनार्इ गई है? (ख) क्‍या नगरीय क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों की शिकायत के उपरांत भी इन अवैध जुए सट्टे का कारोबार पुलिस विभाग की निष्क्रियता से फल-फूल रहा है और उन पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं की जा रही है? (ग) क्‍या खण्‍डवा नगर के संजय नगर/दादाजी वार्ड में जगह-जगह जुएं सट्टे के खाईवाल होने से इन क्षेत्रों में आए दिन झगड़े एवं आपराधिक गतिविधियां बढ़ गई है? यदि हाँ, तो पुलिस द्वारा कब-कब कार्यवाही की गई? (घ) पुलिस विभाग द्वारा नगरीय क्षेत्र में ऐसे अवैध कार्यों पर सख्‍त कार्यवाही एवं सघन गश्‍त कब से आरंभ की जाएगी? क्‍या पुलिस द्वारा ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनके विरूद्ध प्रतिबंधात्‍मक कार्यवाही की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) खण्डवा नगरीय क्षेत्र के थाना पद्म नगर, थाना मोघट रोड एवं थाना कोतवाली में विगत तीन वर्षों में जुआ एवं सट्टा के कुल 264 प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं जिनमें कुल राशि रूपये 10,04,196/- जब्त की गई है तथा कुल 261 प्रकरणों में आरोपीगण को सक्षम न्यायालय द्वारा दण्डित किया गया है। (ख) जी नहीं। खण्डवा नगरीय क्षेत्र में विगत तीन वर्षों में 2013 की तुलना में वर्ष 2014 में एवं वर्ष 2014 की तुलना में वर्ष 2015 में जुए एवं सट्टे के कुल प्रकरणों में कमी परिलक्षित हुई है। अवैध जुआ एवं सट्टा के प्रकरणों में विधि अनुसार प्रभावी कार्यवाही की जाती है। (ग) जी नहीं खण्डवा नगर के संजय नगर/दादाजी वार्ड में समय-समय पर घटित आपराधिक घटनाओं में प्रभावी एवं विधिसम्मत कार्यवाही की गई है जिनका जुआ एवं सट्टे के खाईवालों से प्रत्यक्ष संबंध होना नहीं पाया गया है। (घ) खण्डवा नगरीय क्षेत्र में अवैध गतिविधियों की रोकथाम हेतु प्रभावी एवं त्वरित कार्यवाही की जा रही है। नगरीय क्षेत्र में निरंतर एवं सघन गश्त की जा रही है। बीट प्रणाली को प्रभावी रूप से क्रियान्वित कर सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस की उपस्थिति सुनिश्चित की गई है। जुए एवं सट्टे संबंधी गतिविधियों में लिप्त अपराधियों के विरूद्ध प्रतिबंधात्मक कार्यवाही भी की जा रही है। यह एक सतत् प्रक्रिया है।

गोहलपुर थाना प्रकरण में जाँच व कार्यवाही

4. ( क्र. 225 ) श्री मोती कश्यप : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दिनांक 06.12.2015 को थाना गोहलपुर के अंतर्गत किसी दलित और राजनीतिक कार्यकर्त्‍ता के साथ घटित घटना रोकने, अपहरण करने, अस्‍त्र-शस्‍त्रों से सांघातिक चोटें पहुंचाने, डकैती डालने और पीडि़त को पुलिस के समक्ष थाना में फेंके जाने पर पुलिस महानिरीक्षक जबलपुर को अ.भा. रविदासिया धर्म संगठन एवं संत शिरोमणि सदगुरू रविदास आश्रम के किन्‍हीं पदाधिकारियों द्वारा दिनांक 18.12.2015 एवं 11.12.2015 को कोई अभ्‍यावेदन प्रस्‍तुत किया है? (ख) प्रश्नांश (क) पर पुलिस महानिरीक्षक जबलपुर ने किस वरिष्‍ठ अधिकारी को किसी दिनांक को जाँच के लिए निर्देशित किया और उस अधिकारी के द्वारा किस दिनांक को किस प्रकार का जाँच प्रतिवेदन प्रस्‍तुत किया है? विवरण देवें? (ग) प्रश्नांश (क), (ख) पर थाना प्रभारी गोहलपुर की क्‍या अपराधियों से सांठ-गांठ, प्रोत्‍साहन, स्‍वेच्‍छाचारिता, उदासीनता पायी जाने पर उसके विरूद्ध कोई कार्यवाही की गई है और अन्‍यत्र पदस्‍थ किया गया है?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) हाँ, यह सही है कि दिनांक 06.12.15 को श्री राजेन्द्र चौधरी के साथ आरोपियों द्वारा मारपीट कर पुलिस थाना गोहिलपुर के बाहर छोड़कर भाग जाने की घटना घटित हुई थी। उपरोक्त घटना के संबंध में संत शिरोमणि सदगुरू रविदास आश्रम के श्री बालकिशन चौधरी, एडवोकेट श्री सुरेन्द्र चौधरी के द्वारा दिनांक 11.12.2015 को एवं दिनांक 18.12.2015 को अखिल भारतीय रविदास धर्म संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री मूलचन्द मोरे द्वारा पुलिस महानिरीक्षक जबलपुर जोन जबलपुर उपरोक्त घटना में संलिप्त दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने हेतु ज्ञापन प्रस्तुत किये थे। (ख) पुलिस महानिरीक्षक जबलपुर जोन जबलपुर द्वारा आवश्यक जाँच एवं कार्यवाही हेतु क्रमशः दिनांक 11.12.15 एवं 22.12.15 को पुलिस अधीक्षक जबलपुर को प्रेषित किये गये थे। पुलिस अधीक्षक जबलपुर द्वारा उक्त दोनों अभ्यावेदनों को नगर पुलिस अधीक्षक, गोहलपुर को जाँच हेतु अपने पत्र क्र पुआ/जबल-शिका/आईजीपी/1167/15, दिनांक 16.12.15 एवं क्र. पुअ/जबल-शिका/आईजीपी/1201/15 दिनांक 30.12.2015 को भेजे गये। नगर पुलिस अधीक्षक, गोहलपुर के द्वारा उपरोक्त अभ्यावेदनों में जाँच की जाकर जाँच प्रतिवेदन क्रमशः 1- पत्र क्रमांक नपुअ/गोहल/ जबल/शिका/1911,144, 145,146/2015 दिनांक 28.12.2015 के द्वारा एवं 2- पत्र क्रमांक नपुअ/गोहल/जबल/शिका/153-ए/2015 दिनांक 04.01.16 के द्वारा जाँच प्रतिवेदन पुलिस अधीक्षक, जबलपुर को प्रेषित किये गये। जाँच में 06.12.2015 को दलित नेता श्री राजेन्द्र चौधरी के साथ आरोपियों द्वारा मारपीट कर पुलिस थाना गोहलपुर के बाहर छोड़कर भाग जाने की घटना घटित होना पाया गया। उक्त घटना के संबंध में फरियादी राहुल पिता विनोद चौधरी निवासी गोहलपुर की रिपेार्ट पर थाना गोहलपुर में अप.क्र. 908/15 धारा 147, 148, 294, 323, 506 भा.द.वि. एवं 3 (1) 10 अजा/जजा (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 का आरोपीगण 1- गगन यादव, बीनू पटेल व स्वपनिल तथा अन्य 8-10 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण में विवेचना उपरान्‍त धारा 365 भा.द.वि. का इजाफा साक्ष्य के आधार पर किया गया। प्रकरण में नामजद आरोपी गगन यादव को दिनांक 18.12.15 को एवं बीनू पटेल को 10.12.2015 को एवं अन्य आरोपियों में से चीना उर्फ अरूण चौधरी को दिनांक 07.12.15 को गिरफ्तार किया गया तथा घटना में आरोपियों द्वारा प्रयुक्त की गई कार एम.पी. 20-सीडी-4419 को दिनांक 10.12.2015 को आरेापी गगन यादव से जब्त की गई। प्रकरण में शेष आरोपियों की पतासाजी कर गिरफ्तारी के सघन प्रयास किये जा रहे हैं। प्रकरण में विधिसम्मत कार्यवाही की जा रही है। प्रकरण वर्तमान में विवेचना में है। (ग) नगर पुलिस अधीक्षक, गोहलपुर से अभ्यावेदनों पर कराई गई जाँच पर थाना प्रभारी गोहलपुर की अपराधियों से कोई सांठगांठ, स्वेच्छाचारिता, उदासीनता नहीं पाई गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

पुलिस अधिकारियों/कर्मियों की पदस्‍थापनायें

5. ( क्र. 230 ) श्री मोती कश्यप : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला जबलपुर में विगत एक वर्षों में किन उपपुलिस अधीक्षक, थाना प्रभारी, निरीक्षक, की किन-किन तिथियों में कहाँ पदस्‍थापना की गयी है? विवरण देवें? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) पुलिस अधिकारियों व निरीक्षकों को किन थानों से कितनी सेवा अवधियों के उपरान्‍त अन्‍यत्र कहीं पदस्‍थापना की गई है? उसमें से किन्‍हें किन आरोपों में लाइन अटैच किया गया है और कितने दिवस उपरान्‍त कहीं पुन: पदस्‍थापना की गई है? (ग) क्‍या प्रश्नांश (क) जिला में किन अधिकारी इन्‍स्‍पेक्‍टर को 2 वर्ष से अधिक कोई अवधि पूर्ण होने के उपरान्‍त भी किन्‍हीं कारणों से अन्‍यत्र पदस्‍थापित नहीं किया गया है? (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (ग) में से थाना प्रभारी गोहलपुर को इस कारण अन्‍यत्र पदस्‍थापित नहीं किया गया है, क्‍योंकि वे राष्‍ट्रपति-राज्‍यपाल पदक और स्‍थानीय उत्‍कृष्‍ट सेवा पदक हेतु किन्‍हीं उत्‍कृष्‍ट सेवाओं के कारण विचार में लिया गया है?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार(ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र एवं अनुसार। (ग) सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण नीति अनुसार 02 वर्ष की अवधि पूर्ण होने पर स्थानांतरण किया जाना बाध्यकारी नहीं हैं। (घ) जी नहीं।

परिशिष्ट - ''सात''

मारपीट अपहरण डकैती कर जख्‍मी को थाने में फेंकना

6. ( क्र. 238 ) श्री मोती कश्यप : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दिनांक 06.12.2015 को जबलपुर के थाना गोहलपुर में किसी दलित सामाजिक-राजनीतिक नेता को किन्‍हीं गुण्‍डों के द्वारा रोका, किसी वाहन से अपहरण किया गया व डकैती कर किन्‍हीं अस्‍त्र-शस्‍त्रों से सांघातिक चोटें पहुंचाई गई और थाना गोहलपुर के उक्‍त थाना प्रभारी, उपनिरीक्षक, पुलिसकर्मियों की उपस्थिति में थाने में फेंका गया है, जिन्‍हें गिरफ्तार नहीं किया गया है? (ख) पीडि़त को शरीर में किन अस्‍त्र-शस्‍त्रों से कहाँ, कैसी चोटें पायी गई हैं और पीडि़त ने अपने कथन में घटना, डकैती और आरोपियों का क्‍या विवरण दिया है? (ग) प्रश्नांश (क), (ख) पर किन-किन दफाओं पर किन-किन को आरोपी बनाया गया है तथा उन पर किन प्रकार के अपराध पंजीबद्ध हैं और उन्‍हें कब, कहाँ से गिरफ्तार किया गया है तथा कौन शेष हैं? (घ) प्रश्नांश (क) थाना प्रभारी कब से पदस्‍थ है और प्रश्‍नांश (ख), (ग) में अनियमितताओं और उदासीनताओं पर उसके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई है और कब हटाया गया है?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) जी नहीं। घटना के संबंध में फरियादी राहुल चौधरी की रिपोर्ट पर थाना गोहलपुर में अप.क्र. 908/15, धारा 147, 148, 294, 323, 506 भा.द.वि. एवं 3 (1) 10 अजा/जजा (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 का कायम किया गया, बाद विवेचना धारा 365 भा.द.वि. इजाफा की गई। प्रकरण में 3 नामजद और 8-10 अन्य आरोपियों में से, 02 नामजद आरोपी गगन को दिनांक 08.12.2015 और बीनू पटेल को दिनांक 10.12.2015 तथा अन्य आरोपी चीना उर्फ अरूण चौधरी को दिनांक 07.12.2015 को गिरफ्तार किया गया। (ख) पीडि़त राजेन्द्र चौधरी ने थाने पर चोटों का विवरण लिखाते वक्त चेहरे, सिर छाती, पेट व पीठ पर हाथ, डंडा से चोट आना बताया है। फरियादी राहुल चौधरी ने बांये हाथ पर, दोनों पैरों पर, ओंठ पर, कमर व पेट पर श्रीमती अनिता चौधरी ने दाहिनी भुजा एवं कलाई पर और मोहित चौधरी ने पेट, पीठ एवं हाथ में चोट होना बताया। पीडि़तों ने अपने कथन में घटना के बारे में गगन यादव, बीनू पटेल, स्वप्निल तथा और भी लड़कों द्वारा लात घूसों से एवं रिवाल्वर के बट, बेसबाल के डंडे से मारपीट कर गाड़ी में बैठाकर थाने ले जाने और थाने पर बैठाकर चले जाने की बात, एवं गगन यादव के साथ 8-10 लड़कों ने मिलकर पुरानी रंजिश पर से मारपीट करने की बात लेख करायी है। डकैती के संबंध में कोई बात पीडि़तों के द्वारा नहीं बतलाई गई है। फरियादी एवं पीडि़त द्वारा उनके कथन में आरोपियों में गगन यादव, बीनू पटेल व स्वपनिल तथा अन्य 8-10 अज्ञात लड़के होने का विवरण दिया है। (ग) उत्तरांश एवं अनुसार। आरोपियों को जबलपुर नगर में गिरफ्तार किया गया। अपराधिक रिकार्ड संलग्न परिशिष्ट अनुसार(घ) थाना प्रभारी गोहलपुर श्री विपिन ताम्रकार (निरीक्षक) दिनांक 23.05.2013 से थाना गोहलपुर के पद पर पदस्थ हैं। उनके द्वारा इस प्रकरण में किसी प्रकार की उदासीनता एवं लापरवाही नहीं पायी जाने से उनके विरूद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गई।

परिशिष्ट - ''आठ''

फिजियोथेरेपी विशेषज्ञों की नियुक्ति

7. ( क्र. 384 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या चिकित्‍सा क्षेत्र में अधिकांश बीमारियों को ठीक करने हेतु फिजियोथेरेपी की आवश्‍यकता अनिवार्य है? (ख) यदि हाँ, तो राज्‍य के मेडीकल कॉलेजों/अस्‍पतालों में फिजियोथेरेपी के कितने विशेषज्ञ पदस्‍थ है? कॉलेजवार जानकारी दें? (ग) क्‍या शासन फिजियोथेरेपी के पर्याप्‍त विशेषज्ञ उपलब्‍ध कराने हेतु कार्यवाही करेगा? (घ) यदि हाँ, तो कब त‍क? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) चिकित्सा क्षेत्र में कई बीमारियों को ठीक करने के लिये फिजियोथेरेपी अनिवार्य नहीं है, परन्तु कुछ बीमारियों में सहयोगी शाखा के रूप में महत्वपूर्ण हैं। (ख) चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल/रीवा/सागर/ग्वालियर/इन्दौर में फिजियोथेरेपी विशेषज्ञ का कोई पद स्वीकृत नहीं हैं, अपितु चिकित्सा महाविद्यालय ग्वालियर में 03, जबलपुर में 02, इन्दौर तथा रीवा में 01-01 फिजियोथेरेपिस्ट पदस्थ हैं। (ग) उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश एवं के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

राज्‍य के मेडीकल कॉलेज/अस्‍पतालों की स्‍थानांतरण नीति

8. ( क्र. 385 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मेडीकल कॉलेजों में कई शल्‍य चिकित्‍सक/विशेषज्ञ लगातार 15-20 वर्षों से एक ही स्‍थान पर पदस्‍थ हैं? (ख) क्‍या शासन ऐसे शल्‍य चिकित्‍सकों/विशेषज्ञों की सेवाएं जनहित में अन्‍य मे‍डीकल कॉलेजों में उपलब्‍ध कराई जावेगी? (ग) यदि हाँ, तो कब तक?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्नांश में उल्लेखित शल्य चिकित्सकों/विशेषज्ञों की पदस्थापना लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा की जाती हैं। ऐसा कोई प्रस्ताव विभाग स्तर पर विचाराधीन नहीं है। (ग) यशशीघ्र निश्चित समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

पुरूष स्टॉफ नर्स की भर्ती प्रारंभ कराये जाने व भेदभाव न किये जाने

9. ( क्र. 535 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण विभाग द्वारा महिला स्टॉफ नर्स के 1868 पद फरवरी, 2015 में विज्ञापन प्रकाशित किया गया था? (ख) क्‍या विभाग द्वारा बी.एस.सी./जी.एन.एम. का नर्सिंग का कोर्स पुरूष एवं महिला दोनों को कराते हुए डिग्री एवं डिप्‍लोमा प्रदान किये जा रहे हैं एवं समान रूप से शासन द्वारा निर्धारित छात्रवृत्ति भी बराबर प्रदान की जा रही है? (ग) यदि हाँ, तो स्टॉफ नर्स की भर्ती में पुरूष वर्ग को शामिल क्‍यों नहीं किया गया? इसी भेदभाव के चलते माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर में प्रकरण क्रमांक 2757/दिनांक 15 अप्रैल, 2015 को दायर की गई थी, जिस पर माननीय न्‍यायालय द्वारा स्‍थगन आदेश जारी कर महिला स्टॉफ नर्स के भर्ती में रोक लगा दी गई, किंतु विभाग द्वारा माननीय न्‍यायालय के आदेश की अवहेलना कर महिला स्टॉफ नर्स की भर्ती प्रक्रिया चालू रखी गई, क्‍यों? कारण सहित बताएं? (घ) क्‍या पुरूष स्टॉफ नर्स के डिग्री/डिप्‍लोमा धारी युवकों द्वारा समय-समय पर संबंधित मंत्री/राज्‍य मंत्री एवं मुख्‍य मंत्री को ज्ञापन सौंप कर भर्ती प्रक्रिया का विरोध जताया गया, जिस पर मुख्‍य मंत्री जी द्वारा आश्‍वासन देते हुए 26 जुलाई, 2015 के पूर्व की गई स्टॉफ नर्स की भर्ती स्‍थगित कर दी गई, लेकिन 16 सितंबर, 2015 में पुन: विभाग द्वारा महिला स्टॉफ नर्स की भर्ती प्रारंभ कर दी गई, क्‍यों? कारण सहित बताएं?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों की योजना का क्रियान्‍वयन

10. ( क्र. 1034 ) श्री रामपाल सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शहडोल जिले के ब्‍यौहारी एवं जयसिंह नगर जनपद पंचायत अंतर्गत संचालित स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में विभिन्‍न योजनाओं के क्रियान्‍वयन हेतु शासन द्वारा राशि आवंटित की जाती है और रोगी कल्‍याण समिति के माध्‍यम से भी स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों को राशि प्राप्‍त होती है? (ख) प्रश्नांश (क) हाँ तो विभिन्‍न स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों को वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में कितनी राशि प्राप्‍त हुई और प्राप्‍त राशियों में से कितनी राशि व्‍यय की गई?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। स्वास्थ्य केन्द्रों की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु शासन द्वारा राशि आवंटित की जाती है। रोगी कल्याण समिति में एन.एच.एम. से तथा ए.पी.एल. मरीजों से पंजीयन एवं भर्ती शुल्क से राशि प्राप्त होती है। शेष सेवाएं निःशुल्क है। (ख) रोगी कल्याण समिति में प्राप्त एवं व्यय राशि का विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''नौ''

पैरामेडिकल स्टॉफ का नियमितीकरण

11. ( क्र. 1035 ) श्री रामपाल सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या संचालनालय स्‍वास्‍थ्‍य सेवायें भोपाल के पत्र क्र./4/समन्‍वय/ 09/155 भोपाल दिनांक 04 जून 2009 को जारी परिपत्र के अनुसार दिनांक 16 एवं 17 फरवरी में आयोजित समीक्षा बैठक की कार्यवाही की कण्डिक क्रमांक 5.20.3 में पैरामेडिकल स्‍टॉफ जो संविदा पर कार्यरत हैं उनमें से योग्‍य उम्‍मीदवारों का चयन समिति परीक्षा के माध्‍यम से नियमितीकरण किये जाने का निर्णय लिया जाकर कार्यवाही हेतु उप सचिव एवं अपर संचालक प्रशासन को निर्देशित किया गया था? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) के अनुसार हाँ तो उक्‍त संबंध में प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों और कब तक नियमितीकरण की कार्यवाही पूर्ण की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। (ख) संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें से प्रेषित प्रस्ताव पर सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा असहमति व्यक्त किये जाने के कारण उक्त प्रस्ताव अमान्य किया गया। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी

12. ( क्र. 1082 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) भितरवार विधानसभा क्षेत्र में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या योजनायें चलाई जा रही हैं इन योजनाओं द्वारा 1 अप्रैल 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने हितग्राहियों को क्‍या-क्‍या लाभ दिया गया है? (ख) 1 जनवरी 2016 की स्थिति में महिला एवं बाल विकास विभाग में कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी ग्‍वालियर जिले में पदस्‍थ है उनका नाम, पद, पदस्‍थापना दिनांक स्‍पष्‍ट करें? ऐसे कितने अधिकारी/कर्मचारी ग्‍वालियर जिले में विगत 5 वर्ष या उससे अधिक समय से पदस्‍थ हैं उनका नाम, पद स्‍पष्‍ट करें इन अधिकारियों/कर्मचारियों को स्‍थानांतरण जिले से बाहर क्‍यों नहीं किया जा रहा?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) भितरवार विधान सभा क्षेत्र में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा समेकित बाल विकास परियोजना ग्‍वालियर में चलाई जा रही है, इन योजनाओं द्वारा 01 अप्रैल, 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक लाभान्वित हितग्राहियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। लाडली लक्ष्‍मी योजना अंतर्गत 395 एवं उषाकिरण योजना अंतर्गत 07 हितग्राहियों को लाभ दिया गया है। (ख) 01 जनवरी 2016 की स्थिति में महिला एवं बाल विकास विभाग में ग्‍वालियर जिले में पदस्‍थ अधिकारियों के नाम,पद, स्‍थापना दिनांक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार हे। जिले में पदस्‍थ अधिकारियों/कर्मचारियों की जानकारी जो विगत 05 वर्ष या उससे अधिक समय से जिले में पदस्‍थ है उनका नाम, पद, की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 अनुसार है। 05 वर्ष से अधिक अवधि से पदस्‍थ अधिकारियों/कर्मचारियों के जिले से बाहर स्‍थानान्‍तरण किया जाना बाध्‍यकारी नहीं है। अधिकारी/कर्मचारी की प्रशासनिक आवश्‍यकता एवं उपयोगिता को दृष्टिगत रखते हुए ही स्‍थानान्‍तरण किये जाते है।

जिला चिकित्‍सालय का उन्‍नयन

13. ( क्र. 1503 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्‍योपुर जिला आदिवासी बाहुल्‍य व स्‍वास्‍थ्‍य सुविधा के क्षेत्र में पिछड़ा जिला है, जिले की 7.5 लाख जनसंख्‍या के स्‍वास्‍थ्‍य का दायित्‍व भी जिला चिकित्‍सालय श्‍योपुर पर ही है? (ख) क्‍या चिकित्‍सालय में सामान्‍य स्थिति में प्रतिदिन औसतन 500 मरीज उपचार हेतु आते हैं, मौसमी बीमारियों के सीज़न में ये संख्‍या दो तीन गुना तक हो जाती है? ऐसे में जगह के अभाव में मरीजों को उपलब्‍ध 100 बिस्‍तरों के अलावा गैलरियों व बैंचों पर लेटकर उपचार कराना पड़ता है? (ग) क्‍या चिकित्‍सालय में जगह की कमी व मरीजों को हो रही असुविधा के मद्देनज़र दिनांक 07.10.2015 को जिला योजना समिति की बैठक में सर्वसम्‍मति से उक्‍त चिकित्‍सालय को 100 से 200 बिस्‍तरीय कराने का प्रस्‍ताव तैयार कर शासन को स्‍वीकृति हेतु भेजने का निर्णय लिया गया था? (घ) यदि हाँ, तो निर्णय के पालन में क्‍या विभाग द्वारा प्रस्‍ताव तैयार कर शासन को स्‍वीकृति हेतु भेज दिया है? यदि नहीं, तो क्‍या शासन शीघ्र प्रस्‍ताव तैयार करवाकर उसे स्‍वीकृत करेगा तथा वर्ष 2016-17 के बजट में शामिल करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। जी हाँ। जी हाँ। (ग) जी हाँ। (घ) मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला श्योपुर से उनके अभिमत सहित प्रस्ताव मंगवाकर परीक्षण किया जावेगा। परीक्षण उपरांत नियमानुसार कार्यवाहीं की जावेगी।

प्रदेश में महिलाओं द्वारा गर्भपात

14. ( क्र. 1558 ) श्री सुदर्शन गुप्‍ता (आर्य) : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या इंदौर जिलें में विगत एक वर्ष में महिलाओं द्वारा कराए गए गर्भपात की संबंधित हॉस्पिटल के नाम सहित संख्‍या उपलब्‍ध करावें? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) अनुसार किये गये सभी गर्भपात स्‍वास्‍थ्‍य सलाह के आधार पर किये गये हैं? यदि नहीं, तो प्रशासन द्वारा संबंधित के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) इंदौर जिले में माह अप्रैल 2014 से मार्च 2015 तक महिलाओं द्वारा कराए गए गर्भपात की संबंधित हॉस्पिटल के नाम सहित संख्या की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''दस ''

चिकित्‍सा अधिकारियों की वेतन वृद्धि

15. ( क्र. 1560 ) श्री सुदर्शन गुप्‍ता (आर्य) : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वि‍गत 05 वर्षों में मध्‍यप्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्‍यम से प्रदेश के स्‍वास्‍थ्‍य विभाग में चिकित्‍सा अधिकारी के पदों पर नियुक्ति की गई थी? यदि हाँ, तो कितने चिकित्‍सा अधिकारियों की नियुक्ति की गई? वर्षवार सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) अनुसार नियुक्‍त चिकित्‍सा अधिकारी को प्रतिवर्ष वेतन वृद्धि का लाभ दिया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्‍यों, कारण स्‍पष्‍ट करें व कब तक इन्‍हें वेतन वृद्धि का लाभ प्रदान कर दिया जावेगा, दिनांक स्‍पष्‍ट करें?
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ, चिकित्सा अधिकारियों जिनकी नियुक्ति के पश्चात 02 वर्ष की परिवीक्षा अवधि समाप्त किए जाने के आदेश जारी हो चुके हैं उन्हें वेतन वृद्धि का लाभ प्रदान किया जा रहा है, शेष चिकित्सकों की परिवीक्षा अवधि समाप्त किए जाने के संबंध में कार्यवाही प्रचलन में है। निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''ग्यारह ''

छिंदवाड़ा जिले में मेडिकल कॉलेज खोले जाने की घोषणा

16. ( क्र. 1687 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या छिन्‍दवाड़ा जिले में मेडिकल कॉलेज खोले जाने की घोषणा माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा की जा चुकी है? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई है? (ख) छिन्‍दवाड़ा जिले में मेडिकल कॉलेज कब तक खोला जायेगा? (ग) छिन्‍दवाड़ा जिले में मेडिकल कॉलेज खोले जाने में काफी विलंब हो रहा है? जिसका क्‍या कारण है?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। इस हेतु भूमि का चयन किया जाकर प्रभारी अधिष्ठाता की नियुक्ति कर दी गई है एवं डी.पी.आर तैयार कराया जा रहा है। (ख) यथाशीघ्र निश्चित समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। (ग) कार्यवाही प्रक्रियाधीन है शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

सायलों बेग का निर्माण

17. ( क्र. 1788 ) श्री सुदेश राय : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधान सभा क्षेत्र सीहोर अंतर्गत विकासखण्‍ड के ग्राम इमलिया हसन (हाईवे पर) में गेहूं खरीदी हेतु सायलों बेग का निर्माण पूर्व में प्रस्‍तावित था? (ख) यदि हाँ, तो इस हेतु कितनी शासकीय भूमि का चयन किया गया है उसके खसरे/रकबा का क्‍या नंबर है? (ग) सायलों वेग के निर्माण की स्‍वीकृति एवं बजट हेतु क्‍या कार्यवाही प्रचलित है?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) साइलो बैग हेतु 25 एकड़ शासकीय भूमि का चयन किया गया है, जिसका खसरा क्र. 190/2 (ख), 190/5, 190/6, 289/282, 283 है। (ग) सीहोर जिले में पर्याप्‍त भण्‍डारण व्‍यवस्‍था होने से साइलों बैग के निर्माण की आवश्‍यकता नहीं है।

ग्रामीण क्षेत्रों में उचित मूल्य की दुकानों का संचालन

18. ( क्र. 1792 ) श्री सुदेश राय : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीहोर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कितनी शासकीय उचित मूल्‍य की दुकानें हैं एवं इनके कार्यक्षेत्र अंतर्गत कितने ग्राम प्रत्‍येक सोयायटी अंतर्गत आते हैं? (ख) शासन के नियमों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में कितनी आबादी पर दुकान संचालित किये जाने के शासन के निर्देश है, आदेश की प्रति उपलब्‍ध करायें? (ग) क्‍या वर्तमान में सीहोर विधानसभा क्षेत्र में उचित मूल्‍य की दुकानों की संख्‍या पर्याप्‍त है? यदि नहीं, तो दुकानों की संख्‍या बढ़ाने का प्रस्‍ताव विभाग के समक्ष विचाराधीन है? यदि हाँ, तो स्‍पष्‍ट करें और नहीं तो कारण बतायें?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्‍येक पंचायतों में एक उचित मूल्‍य दुकान खोलने का प्रावधान है। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) मध्‍यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 के प्रावधानों के अनुरूप सीहोर विधानसभा क्षेत्र में उचित मूल्‍य दुकानों की संख्‍या पर्याप्‍त नहीं है। मध्‍यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 में संशोधन प्रचलित है। तदुपरांत प्रत्‍येक पंचायत में एक दुकान स्‍थापित करने की कार्यवाही की जा सकेगी।

रोगी कल्‍याण समिति की बैठक

19. ( क्र. 1839 ) श्री मुकेश नायक : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला पन्‍ना में गठित जिला रोगी कल्‍याण समिति की बैठक कब-कब आयोजित की गई? बैठक में क्‍या-क्‍या प्रस्‍ताव रखे गये एवं किन-किन प्रस्‍तावों का अनुमोदन किया गया? 1 जनवरी 2012 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक की जानकारी दें? (ख) प्रश्नांश (क) की अवधि में जिला रोगी कल्‍याण समिति पन्‍ना को किन-किन स्‍त्रोतों में कितनी-कितनी आय हुई एवं कितनी-कितनी राशि किन-किन कार्यों पर व्‍यय की गई? (ग) क्‍या पन्‍ना जिले की विधानसभाओं के निर्वाचित विधायक जिला रोगी कल्‍याण समिति के सदस्‍य हैं? यदि हाँ, तो जिला रोगी कल्‍याण समिति की बैठकों में विधायकों को आमंत्रित नहीं किये जाने एवं बैठकों के कार्यवाही विवरण से अवगत न कराये जाने के लिये कौन दोषी है? क्‍या दोषियों का उत्‍तरदायित्‍व निर्धारण कर उनके विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्‍या एवं कब तक?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एवं अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है(ग) जी हाँ। पन्ना जिले के विधानसभाओं के निर्वाचित विधायक जिला पन्ना की रोगी कल्याण समिति की सामान्य सभा के सदस्य है एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों की रोगी कल्याण समिति की साधारण सभा के अध्यक्ष है। चूंकि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पवई, शाहनगर, देवेन्द्रनगर में प्रश्‍नांश अवधि में सामान्य सभा की बैठक संपादित नहीं हो सकी इस कारण क्षेत्रीय विधायकों को आमंत्रित नहीं किया जा सका है। इस कारण संबंधित संस्थाओं के प्रभारियों को कारण बताओं नोटिस एवं चेतावनी दी गई है। भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति न हो ऐसे निर्देश दिये गये।

 

पुलिस थानों /चौकियों में दर्ज अपराधिक प्रकरण

20. ( क्र. 2552 ) श्री मानवेन्द्र सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले की तहसील नौगाँव के अन्‍तर्गत थाने/पुलिस चौकियां स्‍थापित हैं? हाँ, तो पुलिस थानों/चौकियों के नामों की सूची पटल पर रखते हुए स्‍पष्‍ट करें कि थानों/चौकियों में दर्ज अपराध प्रकरणों की विवेचना के लिए सिटीजन चार्ट लागू है? (ख) क्‍या उक्‍त थानों/चौकियों के क्षेत्र में वर्ष, 2015 (01 जनवरी, 15 से 31 दिसम्‍बर, 2015) तक की अवधि में घटित अपराधों की एफ.आई.आर. दर्ज की गई हैं? हाँ, तो उक्‍त अवधि में उक्‍त थानों/चौकियों में दर्ज प्रकरणों की सिटीजन चार्ट के अनुसार समय-सीमा में विवेचना पूर्ण कर ली गई है, तो थाना/चौकी का नाम, अपराध क्रमांक/दिनांक, फरियादी का नाम व पता, विवेचना पूर्ण होने की तिथि, न्‍यायालय में चालान प्रस्‍तुत करने की तिथि, न्‍यायालय का प्रकरण क्रमांक, विवेचना अपूर्ण रहने का कारण, विवेचना करने वाले अधिकारी का नाम/पदनाम सहित जानकारी थाना/चौ‍कीवार बताएं? (ग) क्‍या उक्‍त अपराधों में ऐसे अपराध/प्रकरण भी सम्मिलित हैं, जिनमें सिटीजन चार्ट का पालन न कर प्रश्‍न दिनांक तक विवेचनाएं लंबित हैं? हाँ, तो थाना/चौकी का नाम, अपराध क्रमांक व दिनांक, फरियादी का नाम व पता, विवेचना में सिटीजन चार्ट का पालन न करने वाले अधिकारी का नाम/पद उल्लिखित कर पटल पर रखें। (घ) शासन, उक्‍त लंबित प्रकरणों में सिटीजन चार्ट का पालन न करने के कारण विवेचना के अन्‍तराल को देखते हुए तत्‍काल लंबित प्रकरणों की विवेचना करने के आदेश/निर्देश जारी कर विवेचना पूर्ण कराएगा। यदि हाँ, तो अवधि बताएं?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) जी हाँ। छतरपुर जिले की तहसील नौगांव के अंतर्गत थाना नौगांव हरपालपुर, अलीपुरा एवं पुलिस चौकी लुगासी, गरोली व काकनपुरा स्थापित है। अपराधों की विवेचना दण्ड प्रक्रिया संहिता में वर्णित प्रावधानों के अनुसार की जाती है। इस संबंध में सिटीजन चार्टर लागू नहीं है। (ख) जी हाँ। सिटीजन चार्टर में विवेचना पूर्ण करने की समय-सीमा निर्धारित नहीं है। (ग) किसी भी अपराधिक प्रकरण विशेष की विवेचना पूर्ण करने की अवधि सिटीजन चार्टर में तय नहीं की गई है। अतः प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) सभी विवेचनाधीन प्रकरणों का यथाशीघ्र विधिसम्मत निराकरण करने का निरंतर प्रयास किया जाता है। शेष उत्तरांश एवं अनुसार।

सतना शहर में चोरियों की वारदात

21. ( क्र. 2977 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विगत एक-दो वर्ष से सतना शहर में आये दिन दस-पन्‍द्रह चोरियां हो रही है? (ख) क्‍या सतना शहर चोरों का अड्डा बन गया है और वे दिन-दहाड़े चौरियां कर रहे है? (ग) यदि प्रश्नांश (क) एवं (ख) का उत्‍तर हां, है तो पुलिस द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है, थानावार पकड़े गये चोरों या चोरी की दर्ज रिपोर्ट की जानकारी बतायें? (घ) सतना शहर के चोरों के आंतक से मुक्‍त करने की दिशा में पुलिस प्रशासन द्वारा क्‍या कोई ठोस कार्यवाही की जायेगी या नहीं?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) जी नहीं वस्तुस्थिति यह है कि सतना शहर के तीनों थानों में यदा-कदा चोरी की घटनाएं घटित हो जाती हैं। (ख) जी नहीं। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। पुलिस द्वारा विधि अनुरूप कार्यवाही की जा रही है। (घ) शहर में चोरी की घटनाओं को नियंत्रित किये जाने हेतु गश्त एवं वीट व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया गया है। पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों की नियमित चेकिंग व प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई है।

परिशिष्ट - ''बारह ''

जिला चिकित्‍सालय उज्‍जैन में नवनिर्मित मातृ एवं शिशु अस्‍पताल

22. ( क्र. 3009 ) श्री सतीश मालवीय : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला चिकित्‍सालय उज्‍जैन में नवनिर्मित मातृ एवं शिशु अस्‍पताल 450 बेड अस्‍पताल के सफल संचालन हेतु अधीक्षक का पद स्‍वीकृत किया जावेगा अथवा नहीं? एवं अन्‍य कितना स्‍टॉफ स्‍वीकृत किया जावेगा? (ख) क्‍या संविदा प्रभारी सिविल सर्जन द्वारा नवनिर्मित मातृ एवं शिशु अस्‍पताल 450 बेड अस्‍पताल हेतु की गई खरीदी की समस्‍त जानकारी उक्‍त मद एन.एच.एम./डी. एम.आर्इ.डी. द्वारा उपलब्‍ध करायी गयी थी। जिसमें कलेक्‍टर जिला स्‍वास्‍थ्‍य समिति के अध्‍यक्ष होते हैं क्‍या उक्‍त करोड़ों रूपये के क्रय में अनुमति प्राप्‍त की गई थी। (ग) शासन की उक्‍त राशि में खरीदी में कई गुना अधिक राशि खर्च कर म.प्र.लघु उद्योग निगम में स्‍वीकृत दरों पर सामान्‍य उपकरण, फर्नीचर क्रय न करते हुए स्‍पेशल फर्नीचर के क्रय आदेश जारी किये गये जबकि महिला एवं शिशु वार्ड में अधिकांशत: सामान्‍य गर्भवती महिलाओं एवं शिशुओं का उपचार किया जाता है? फिर भी नियम विरूद्ध सेमी फ्लावर बेड, एक्‍जामिनेशन टेबल, बेड साईड लाकर, सिजेरियन किट आदि एल.यू.एन. एवं संचालनालय के कार्पोरेशन की दर से अधिक राशि में की गई खरीदी पर शासन को लाखों रूपये की क्षति पहुंचाने वाले संविदा सिविल सर्जन पर क्‍या कार्यवाही करेंगे?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी नहीं। जिला चिकित्‍सालय के स्वीकृत स्टॉफ से उक्त अस्पताल का संचालन किया जावेगा। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। जी नहीं, संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें द्वारा, डी.एफ.आई.डी. मद में उपकरण, फर्नीचर क्रय करने हेतु दिनांक 03.12.2015 एवं 04.12.2015 को प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त होने के कारण जिला कलेक्टर से अनुमति प्राप्त नहीं की गई है। (ग) मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम में सामान्य श्रेणी की दरे उपलब्ध नहीं होने से तथा निर्धारित समय पर 450 बेडेड, चिकित्सालय शीघ्र आरंभ करने की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुये मांग अनुसार उत्तम गुणवत्ता के उपकरण, फर्नीचर सामाग्री प्राप्त करने हेतु क्रय आदेश जारी किये गये है। सभी क्रय भण्डार क्रय नियमों का पालन करते हुये रेट कान्ट्रेक्ट पर मध्य प्रदेश लघु निगम की दरों पर ही किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्‍त मौलिक अधिकारों का हनन

23. ( क्र. 3109 ) श्री रामनिवास रावत : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भारतीय संविधान अनुच्‍छेद 19 के तहत प्रत्‍येक नागरिक व नागरिकों के समूह को वाक एवं अभिव्‍यक्ति की स्‍वतंत्रता व शांतिपूर्वक निरायुध सम्‍मेलन करने के मौलिक अधिकार अनुसार प्रदेश में किसी संगठन/संस्‍था अथवा व्‍यक्तियों द्वारा संवैधानिक व्‍यवस्‍था के अंतर्गत अपनी मांग रखने के लिए धरना/प्रदर्शन एवं शांतिपूर्वक तरीके से सम्‍मेलन/आंदोलन करने से पूर्व प्रशासन की अनुमति लेना आवश्‍यक है? यदि हाँ, तो इस संबंध में शासन के क्‍या निर्देश है? जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ख) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या माह सितम्‍बर एवं अक्‍टूबर 2015 में क्रमश: प्रदेश के अध्‍यापकों एवं पंचायत प्रतिनिधियों तथा दिनांक माह फरवरी 2016 में मनरेगा के संविदाकर्मियों द्वारा अपनी जायज मांगों को लेकर राजधानी भोपाल में सरकार का ध्‍यान आ‍कर्षित करने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्वक ढंग से निरायुध विरोध प्रदर्शन कर रहे अध्‍यापकों एवं पंचायत प्रतिनिधियों, मनरेगा कर्मियों को पुलिस द्वारा आंदोलन करने से बलपूर्वक रोका गया तथा उन्‍हें गिरफ्तार कर उनके मौलिक अधिकारों का हनन किया गया है? यदि हाँ, तो इसके लिए कौन दोषी है?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) जी हाँ। दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा की स्थिति में तथा पुलिस एक्ट 1861 की धारा 30 के तहत अनुमति की आवश्यकता होती है। (ख) माह सितम्बर में म.प्र. आजाद संघ द्वारा अपनी मांगे मनवाने के लिये यादगार-ए-शहजानी पार्क भोपाल में दिनांक 13.09.2015 से 15.09.2015 तक तीन दिवसीय धरने की अनुमति प्राप्त की गयी थी, अनुमति अवधि समाप्त होने के उपरांत भी धरना व आमरण अनशन जारी रखा गया। इस पर दिनांक 17.09.2015 को कार्यपालिक मजिस्ट्रेट द्वारा धरने पर बैठे अध्यापकों को पार्क खाली करने की हिदायत दी जाने पर अध्यापक संघ के प्रदर्शनकारी उग्र होकर प्रदर्शन कर अपने साथियों को आव्हान करने लगे। प्रदर्शनकारियों की तरफ से लोक शांति भंग होने की पूर्ण संभावना होने पर पुलिस द्वारा वैधानिक कार्यवाही करते हुए 151 दं.प्र.सं. के तहत गिरफ्तार किया गया। दिनांक 25.09.2015 को म.प्र. आजाद अध्यापक संघ द्वारा भोपाल में प्रांतीय रैली का आव्हान किया गया और बिना अनुमति के अपनी मांगे मनवाने के लिये भोपाल शहर में प्रवेश कर उग्र धरना प्रदर्शन करने लगे उनके कृत्य मौके पर लोक शांति भंग होने की पूर्ण संभावना पर शहर भोपाल के थाना गोविन्दपुरा, थाना कोहेफिजा, थाना जहांगीराबाद क्षेत्र में प्रदर्शनकारियों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही करते हुए 151 दं.प्र.सं. के तहत गिरफ्तार किया गया। माह अक्टूबर में दिनांक 28.10.2015 को त्रिस्तरीय पंचायत राज संघ म.प्र. द्वारा बिना अनुमति दशहरा मैदार टी.टी. नगर भोपाल में बल पूर्वक प्रवेश कर उग्र आंदोलन करने लगे मौके पर संज्ञेय अपराध घटित होकर लोक शांति भंग होने की पूर्ण संभावना पर प्रदर्शनकारियों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही करते हुए 151 दं.प्र.सं. के तहत गिरफ्तार किया गया। माह फरवरी में दिनांक 01.02.2016 को मनरेगा संविदा अधिकारी कर्मचारी एवं ग्राम रोजगार सहायक संगठन म.प्र. भोपाल के द्वारा अनुमति शर्तों का उल्लघंन कर उत्तेजक होकर उग्र भड़काऊ भाषण देकर तोड़-फोड़ एवं पथराव कर बलवा किया। इस सम्पूर्ण घटनाक्रम में 10 पुलिस कर्मचारी एवं 04 प्रदर्शनकारी घायल हुए। जिस पर थाना छोला मंदिर में अपराध क्रमांक 80/2016 धारा 341, 147, 186, 353, 336 भा.द.वि. का कायम किया गया एवं थाना गौतम नगर में अपराध क्रमांक 53/2016 धारा 341, 336, 147 भा.द.वि. का प्रदर्शनकारियों के विरूद्ध कायम किया गया। दोनों प्रकरण विवेचना में हैं। पुलिस द्वारा आंदोलनकारियों के विरूद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की गयी। किसी भी आंदोलनकारियों के मौलिक अधिकारों का हनन नहीं किया गया।

आयुर्वेद चिकित्‍सा अधिकारी चयन में आरक्षण के नियमों का उल्‍लंघन

24. ( क्र. 3123 ) श्री रामनिवास रावत : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक सेवा आयोग द्वारा आयुर्वेद चिकित्‍सा अधिकारी की अंतिम चयन सूची दिनांक 03 दिसंबर, 2015 के संदर्भ में बतावें कि प्रत्‍येक केटेगिरी (होरिजेंटल-वर्टिकल) में कट ऑफ पाईंट क्‍या थे की सूची प्रस्‍तुत करें? (ख) क्‍या आरक्षित पदों पर चयन में सामान्‍य प्रशासन विभाग के परिपत्र क्रमांक एफ/7/46/99/आ.प्र.1, दिनांक 07.11.2000 के निर्देशों का पालन किया गया या नहीं? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) प्रत्‍येक केटेगिरी में कितनी महिलाएं सामान्‍य सूची में चयनित हुई तथा कितनी महिलाएं आरक्षण के अंतर्गत चयनित हुई? क्‍या सामान्‍य सूची में आने जैसे प्राप्‍तांक के बाद भी महिलाओं को आरक्षण की श्रेणी में शामिल किया गया? यदि हाँ, तो बतावें कि इसके लिये कौन जिम्‍मेदार है तथा क्‍या पुन: चयन सूची को सुधारा जायेगा? (घ) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित परीक्षा में केटेगिरी अनुसार चयनित परीक्षार्थियों के नाम, पता, पिता का नाम, प्राप्‍तांक तथा रेंक सहित सूची प्रदान करें?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) कट ऑफ मार्क्‍स (CUT OFF MARKS) की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र एक अनुसार(ख) जी हाँ (ग) (1) अनारक्षित श्रेणी के 317 पदों के विरूद्ध 30 प्रतिशत महिला आरक्षण के अनुसार 95 पद महिलाओं के बनते हैं। कुल 137 महिलाएं चयनित हुई हैं, जिसमें से 95 महिलाएं आरक्षण के‍ विरूद्ध एवं 42 महिलाएं ओपन पदों पर मेरिट के आधार च‍यनित हुई है, इनमें से 08 महिला (नि:शक्‍त) भी शामिल है। उक्‍त 137 महिला आवेदकों में से अनुसूचित जाति की 07 महिला आवेदक, अनुसूचित जनजाति की 01 महिला आवेदक तथा अन्‍य पिछडा वर्ग की 34 महिला आवेदक चयनित हुई हैं। (2) . अनुसूचित जाति के 131 पदों विरूद्ध 30 प्रतिशत महिला आरक्षण के अनुसार 40 पद महिलाओं के बनते है। कुल 41 महिलाओं का चयन हुआ है, जिसमें 01 महिला (नि:शक्‍त) भी शामिल है। (3). अनुसूचित जनजाति के 186 पदों के विरूद्ध 30 प्रतिशत महिला आरक्षण के अनुसार 56 पद महिलाओं के बनते है। कुल 74 महिलाओं का चयन हुआ है। जिनमें से 56 महिला आरक्षित पदों तथा 18 महिला मेरिट के आधार पर अनुसूचित जनजाति ओपन पदों पर चयनित हुई है जिसमें से 01 महिला (नि:शक्‍त) भी शामिल है। (4) अन्‍य पिछडा वर्ग के 88 पदों के विरूद्ध 30 प्रतिशत महिला आरक्षण के अनुसार 26 पद महिलाओं के बनते है। कुल-28 महिलाओं का चयन हुआ है, जिसमें 02 महिला आवेदक (नि:शक्‍त) भी शामिल है। जी हाँ। चयन नियमानुसार किया गया है। (घ) चयनित परीक्षार्थियों के नाम, पता, पिता का नाम प्राप्‍तांक तथा रेंक सहित सूची जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-दो अनुसार।

डी-मेट परीक्षा 2015

25. ( क्र. 3129 ) श्री रामनिवास रावत : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न संख्‍या 1 (क्रमांक 16) दिनांक 11.12.2015 के संदर्भ में बतावें कि मेरिट सूची विधानसभा में डी-मेट प्राप्‍तांक सहित क्‍यों प्रस्‍तुत नहीं की गई? अधूरी मेरिट सूची के देने के लिए कौन जिम्‍मेदार है? (ख) डी-मेट परीक्षा 2015 के परिणाम घोषित करने के लिए उच्‍च न्‍यायालय से क्‍या निर्देश मिले थे तथा परिणाम किस दिनांक को कितने बजे घोषित किया गया? निर्देश अनुरूप समय पर परिणाम घोषित नहीं किया गया तो उसके लिए कौन जिम्‍मेदार है? (ग) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 16 दिनांक 11.12.2015 के खण्‍ड (ग) के उत्‍तर के अनुसार बतावें कि संभावित उत्‍तर कुंजी वेबसाईट पर किस दिनांक को किस समय अपलोड की गई? (घ) प्रश्‍नांश (ग) में उल्‍लेखित उत्‍तर कुंजी हेतु कमेटी की बैठक कब हुई और सही उत्‍तर कुंजी किस दिनांक को कितने बजे अपलोड की गई? (ड.) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 16 दिनांक 11.12.2015 के खण्‍ड (ग) में चाही गई जानकारी क्‍यों नहीं उपलब्‍ध कराई गई? उसे उपलब्‍ध करावें तथा इस संबंध में जिम्‍मेदार अधिकारियों पर कब तक कार्यवाही की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ड.) जानकारी ए.एफ.आर.सी. से एकत्रित की जा रही है।

एन.आर.एच. एम. योजनांतर्गत नियुक्‍त कर्मचारियों की वेतनवृद्धि

26. ( क्र. 3186 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला श्‍योपुर एवं मुरैना में कितने कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटर, सपोर्टस्‍टॉफ, फार्मासिस्‍ट, एन.आर.एच.एम. स्‍कीम के तहत कार्यरत हैं? जानकारी निम्‍न प्रारूप पर दी जावे? नाम कर्मचारी-पद-संख्‍या-प्रथम नियुक्ति दिनांक। (ख) फार्मासिस्‍ट के कितने पद श्‍योपुर एवं मुरैना जिले में रिक्‍त है, प्रश्‍न दिनांक तक की स्थित में जानकारी मय स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र के प्रदाय की जावे? प्रश्‍नांश में वर्णित कर्मचारियों को वर्तमान में कितना वेतन दिया जा रहा है? जिला श्‍योपुर एवं मुरैना की पद वाईज जानकारी दी जावें। (ग) क्‍या प्रश्‍नांश में वर्णित एन.आर.एच.एम. की योजना के कार्यरत संविदा कर्मचारियों की सेवा 03 वर्ष पूर्ण होने पर प्रतिवर्ष 15 प्रतिशत वेतन वृद्धि का प्रावधान है? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्‍ध कराये, तथा आदेश के मुताबिक उन्‍हें कब तक लाभान्वित कर दिया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) प्रश्‍न भाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। (ख) प्रश्‍न से संबंधित स्वास्थ्य केन्द्रवार रिक्त पदों एवं वेतन संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

बी.पी.एल. एवं ए.पी.एल. कार्ड उपलब्‍ध कराया जाना

27. ( क्र. 3273 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शहडोल संभाग के अनुसूचित जाति एवं जनजाति के व्‍यक्तियों के राज्‍य सरकार के निर्देशानुसार शासकीय योजनानुसार बी.पी.एल., ए.पी.एल. कार्ड एवं अन्‍य कार्ड बनाने की योजना है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार शहडोल संभाग के विभिन्‍न विकासखण्‍डों एवं नगरीय क्षेत्रों में कितने अनुसूचित जाति एवं जनजाति के परिवार निवासरत हैं? कितने परिवारों की खाद्यान्‍न पर्ची जारी कर दी गई है? कितने शेष हैं, शेष परिवारों की पर्ची कब तक जारी की जावेगी? (ग) पुष्‍पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायतों एवं नगर पंचायतों में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के ग्राम पंचायतवार कितने परिवार ऐसे हैं जिनकी पात्रता पर्ची अभी तक जारी नहीं की गई हैं? इनके लिए कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी है? उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत प्रदेश के समस्‍त अनुसूचित जाति/जनजाति के परिवारों को (प्रथम/द्वितीय/तृतीय श्रेणी के अधिकारी/कर्मचारी तथा आयकर दाता को छोड़कर) प्राथमिकता परिवार श्रेणी में सम्मिलित किया गया है, जिनको स्‍थानीय निकाय द्वारा सत्‍यापन उपरांत पात्रता पर्ची (ई-राशनकार्ड) जारी करने का प्रावधान है।, (ख) शहडोल संभाग के जिला शहडोल, अनूपपुर एवं उमरिया में विकासखण्‍ड एवं नगरीय निकायवार निवासरत अनुसूचित जाति/जनजाति की परिवार संख्‍या, उनको जारी पात्रता पर्ची एवं शेष रहे परिवारों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। पात्र परिवारों का सत्‍यापन एवं पात्रता पर्ची जारी करना एक सतत् प्रक्रिया है। अनुसूचित जाति/जनजाति के आवेदन करने वाले पात्र परिवार का कोई आवेदन शेष नहीं होने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।, (ग) पुष्‍पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायतों एवं नगर पंचायतों में अनुसूचित जाति/जनजाति के आवेदन करने वाले कोई भी पात्र परिवार पात्रता पर्ची से वंचित नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''तेरह ''

हत्‍याओं, अपहरण तथा बलात्‍कार के मामलों में अपराधियों की गिरफ्तारी

28. ( क्र. 3501 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या अपराध क्रमांक 155/12 दिनांक 29.03.2012 थाना जनकगंज जिला ग्‍वालियर में दर्ज है जिसमें 13 वर्षीय बालक सुमित किरार का अपहरण कर हत्‍या की गई थी? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक हत्‍यारों का पता चल सका है यदि हाँ, तो हत्‍यारों के नाम बतावें? यदि नहीं, तो क्‍यों कारण सहित स्‍पष्‍ट करें? (ख) ग्‍वालियर जिले में किन-किन व्‍यक्तियों की हत्‍याएं‍ अपहरण तथा बलात्‍कार 1 जुलाई 2015 से 31 दिसम्‍बर 2015 तक हुई है उनका नाम, पिता/पति का नाम, जाति, थाना, पता सहित बतावें? क्‍या इन घटनाओं में संलिप्‍त अपराधी पकड़े गये है? यदि हाँ, तो उनके नाम घटना वाईज स्‍पष्‍ट करें यदि फरार है? तो कब तक पकड़ लिये जावेंगे त‍था अज्ञात व्‍यक्तियों की कब तक खोज कर ली जावेगी स्‍पष्‍ट करें? (ग) थाना जनकगंज, माधोगंज, इन्‍दरगंज भितरवार एवं भितरवार विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले थानों में कौन-कौन पुलिस कर्मचारी/अधिकारी पदस्‍थ हैं उनका नाम, पद स्‍पष्‍ट करें? 3 वर्ष से अधिक समय एक ही स्‍थान पर पदस्‍थ पुलिस कर्मचारियों को अन्‍यत्र थाने में स्‍थानान्‍तरण किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यो कारण सहित स्‍पष्‍ट करें? (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार उक्‍त थानों में कितने-कितने पद 1 जनवरी, 2016 की स्थिति में किस-किस स्‍तर के पुलिस कर्मचारियों के रिक्‍त है उनकी कब तक पूर्ति कर ली जावेगी?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) जी हाँ। आरोपियों का पता नहीं चलने पर विवेचना उपरांत दिनांक 23.12.2012 को प्रकरण में खात्मा लगाया गया था। दिनांक 23.07.2013 से प्रकरण में अग्रिम विवेचना पुनः प्रारम्भ की गई है। प्रकरण वर्तमान में विचाराधीन है। अज्ञात आरोपियों का पता करने के प्रयास किये जा रहे हैं। (ख) प्रश्नांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। घटना में संलिप्त पकड़े व फरार आरोपियों की जानकारी परिशिष्ट के प्रपत्र में समाहित है। विवेचनाधीन प्रकरणों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी एवं अज्ञात आरोपियों की पतासाजी हेतु विधि अनुसार कार्यवाही प्रचलित है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) प्रश्नांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। शासन की स्थानान्तरण नीति के अनुसार यह आवश्यक नहीं है कि तीन वर्ष पूर्ण होने पर स्थानान्तरण किया ही जाय। वर्तमान में जिन कर्मचारियों के एक ही थाने में तीन वर्ष पूर्ण हो गये हैं उनके संबंध में प्रशासनिक दृष्टिकोण से निर्णय लिया जाएगा। (घ) प्रश्नांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। रिक्तियों की पूर्ति एक सतत् प्रक्रिया है अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

कुपोषण शिविरों का आयोजन

29. ( क्र. 3552 ) श्री अंचल सोनकर : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) महिला एवं बाल विकास विभाग जबलपुर को शासन द्वारा किस-किस योजनांतर्गत कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई एवं कितनी राशि व्‍यय हुई। योजनाओं के प्रचार प्रसार, मुद्रक सामग्री की खरीदी व शिविरों के आयोजन पर कितनी राशि खर्च की गई। वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 की जानकारी देवें? (ख) प्रश्नांश (क) अंतर्गत कुपोषित बच्‍चों को खोजने हेतु विभाग द्वारा कितने शिविरों का आयोजन कहाँ-कहाँ पर किया गया। शिविर में कितने बच्‍चे, बालिकायें एवं गर्भवती महिलाएं कुपोषित पाई गई। क्‍या अति कम वजन के कितने कुपोषित बच्‍चों को चिन्हित किया गया एवं कितने कुपोषित बच्‍चे, बालिकाओं एवं महिलाओं को उपचार हेतु पोषण पुर्नवास केन्‍द्रों में भर्ती कर उपचार कराया गया? (ग) प्रश्‍नांश एवं में कुपोषित बच्‍चे, बालिकायें एवं महिलाओं को चिन्हित करने हेतु आयोजित शिविरों में किस-किस अधिकारी/कर्मचारियों ने भाग लिया आयोजित शिविरों में कुल कितनी राशि व्‍यय की गई इसका सत्‍यापन किसने किया?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) विभाग द्वारा 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों का वज़न लिया जाकर उनके पोषण स्तर का निर्धारण किया जाता है। जबलपुर जिले अन्तर्गत 2101 आंगनवाड़ी केन्द्र तथा 285 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों में प्रतिमाह 01 से 04 तारीख तक वज़न मेलों का आयोजन किया जाता है। वर्ष 2014 -15 एवं 2015-16 में वज़न मेले में कम वज़न वाले बच्चों एवं किशोरी बालिकाओं का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। गर्भवती महिलाओं के पोषण स्तर का निर्धारण नहीं किया जाता है। जी हाँ। चिन्ह्ति कुपोषित बच्चों का स्नेह शिविरों में किये उपचार एवं पोषण पुनर्वास केन्द्रों में संदर्भित किये गये बच्चों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र पर है। (ग) जिले अन्तर्गत आंगनवाड़ी केन्द्र/मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र में प्रत्येक माह आयोजित वज़न मेलों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका द्वारा बच्चों का वज़न लिया जाता है। उक्त वज़न मेलों में किसी प्रकार की राशि व्यय नहीं की जाती है। अतः शेष का प्रश्न नहीं।

कटनी में मेडीकल कालेज की स्‍थापना

30. ( क्र. 3824 ) श्री मोती कश्यप : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता ने अपने पत्र दिनांक 02.01.2016 द्वारा माननीय मुख्‍यमंत्री जी से कटनी में किन क्षमताओं, पात्रताओं, क्षेत्रीय और किन्‍हीं समीपवर्ती जिलों की आवश्‍यकताओं का उल्‍लेख करते हुये किसी महाविद्यालय की मांग उठाई है? (ख) क्‍या जबलपुर के ने.सु.बो. मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल की बिस्‍तर क्षमता कितनी है और क्‍या उसमें कटनी एवं सीमावर्ती किन जिलों के रोगी उपचारार्थ आते है? (ग) क्‍या प्रश्नांश (क) की स्‍थापना से प्रश्‍नांश (ख) कॉलेज/ चिकित्‍सालय से दबाव घटेगा और चिकित्‍सा सुविधा के विकेन्‍द्रीकरण से जनता अधिकाधिक लाभान्वित हो सकेगी? (घ) क्‍या प्रश्नांश (क) का परीक्षण कराया गया है और कार्यवाही किस स्‍तर पर प्रचलन में है?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। (ख) नेताजी सुभाष चन्द्र बोस चिकित्सा महाविद्यालय से सम्बद्ध चिकित्सालय की 810 बिस्तर की क्षमता हैं। कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, मण्डला, डिण्डोरी, सिवनी, दमोह आदि जिलों के रोगी चिकित्सालय में उपचार हेतु आते हैं। (ग) कटनी में चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना से वहाँ भी मरीज उपचार हेतु उपस्थित होने की संभावना है। (घ) कटनी में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय खोलने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है, अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

निजी चिकित्‍सा महाविद्यालयों में चयन में अनियमितता

31. ( क्र. 3831 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 2010 से 2015 तक निजी चिकित्‍सा महाविद्यालय में एम.बी.बी.एस प्रथम वर्ष में प्रवेशित विद्यार्थियों का नाम, पिता का नाम, स्‍थाई निवास का पता सहित सूची प्रदान करें? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित सूची में से बतावें कि एन.आर.आई. कोटा, पी.एम.टी/ए.आई.पी.एम.टी तथा डी-मेट परीक्षा से कौन-कौन से विद्यार्थी चयनित हुये तथा उनका उन परीक्षाओं में प्राप्‍तांक तथा रेंक क्‍या थी। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित सूची में से कौन-कौन विद्यार्थी व्‍यापम की जाँच में आरोपी बनाये गये हैं। उनकी महाविद्यालय अनुसार सूची देवें तथा बतावें कि वे महाविद्यालय से निकाल दिये गये है या अध्‍ययनरत है? (घ) उल्‍लेखित वर्ष में पी.एम.टी/ए.आई.पी.एम.टी कोटे से चयनित कितने अभ्‍यार्थियों ने अंतिम दिन (30 सितम्‍बर तथा 11 अक्‍टूबर 2015) प्रवेश लेने से इंकार कर दिया उनकी सूची देवें तथा बतावें कि उनके स्‍थान पर किनको प्रवेश किसकी अनुशंसा से दिया गया।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

एस.टी.एफ. में दर्ज प्रकरण तथा सी.बी.आई. की जाँच में शामिल प्रकरण

32. ( क्र. 3832 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) एस.टी.एफ. द्वारा व्‍यापम घोटाले के दर्ज प्रकरण की सूची, प्रकरण क्रमांक, दिनांक, घटना की दिनांक, धारायें प्रारम्भिक रिपोर्ट में आरोपियों के नाम, विवेचना पूर्ण होने की दिनांक, विवेचना के बाद जोड़े गये/ हटाये गये आरोपियों के नाम माननीय न्‍यायालय में चालान प्रस्‍ततु करने की दिनांक सहित प्रदान करें? (ख) एस.टी.एफ. के अलावा प्रदेश के विभिन्‍न थानों में 2000 से लेकर 2013 तक दर्ज प्रकरण की सूची प्रकरण क्रमांक, दिनांक, घटना की दिनांक, धारायें, प्रारम्भिक रिपोर्ट में आरोपियों के नाम, विवेचना पूर्ण होने की दिनांक, विवेचना के बाद जोड़े गये/हटाये गये आरोपियों के नाम माननीय न्‍यायालय में चालान प्रस्‍तत करने की दिनांक सहित प्रदान करें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में उल्‍लेखित प्रकरणों में से किस-किस प्रकरण की जाँच/विवेचना सी.बी.आई. द्वारा की जा रही हैं। शेष प्रकरणों की सूची देवें तथा बतावें कि उन प्रकरणों की जाँच/ विवेचना/कोर्ट ट्रायल किस एजेन्‍सी द्वारा किया जा रहा है तथा इन प्रकरणों को सी.बी.आई. में किस कारण से अपनी सूची में शामिल नहीं किया। (घ) क्‍या एस.टी.एफ. व्‍यापम घोटाले के नये प्रकरणों की जाँच/विवेचना कर रहा है या नहीं यदि नहीं, तो कारण बतावें?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) प्रश्नांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) एस.टी.एफ. के अलावा प्रदेश के विभिन्न थानों में वर्ष 2000 से लेकर वर्ष 2013 तक दर्ज प्रकरणों की विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) प्रश्नांश एवं में उल्लेखित प्रकरणों में से सी.बी.आई. द्वारा विवेचना किये जा रहे प्रकरणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है एवं शेष प्रकरणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। व्यापम संबंधी समस्त प्रकरणों की जानकारी एस.टी.एफ. द्वारा सी.बी.आई. को उपलब्ध करा दी गई है जिनका परिशीलन कर सी.बी.आई. द्वारा क्रमशः अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना करने की प्रक्रिया जारी है। व्यापम संबंधी समस्त 212 प्रकरणों की विवेचनाएं सी.बी.आई. द्वारा किये जाने के संबंध में माननीय उच्चतम न्यायालय में मध्यप्रदेश एस.टी.एफ. की ओर से दिनांक 21.08.2015 को आवेदन प्रस्तुत किया गया है, जिस पर निर्णय होना शेष है। (घ) एस.टी.एफ. द्वारा वर्तमान में व्यापम से संबंधित किसी भी नये प्रकरण की जाँच/विवेचना नहीं की जा रही है। व्यापम संबंधी लंबित शिकायतों में कौन सी संस्था जाँच/विवेचना करे, इस तथ्य पर आदेश दिये जाने हेतु एस.टी.एफ. मध्यप्रदेश द्वारा दिनांक 21.08.2015 को माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया गया है। माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार भविष्य में कार्यवाही की जावेगी।

आयुष विभाग में कार्यरत शासकीय व स्‍वशासी सेवकों को समयमान वेतनमान

33. ( क्र. 3866 ) श्री प्रहलाद भारती : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. आयुष विभाग के अधीन आयुष (आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी) महाविद्यालयों एवं चिकित्‍सालयों में कार्यरत शासकीय एवं स्‍वशासी आयुष चिकित्‍सा शिक्षकों, खेल अधिकारी एवं ग्रंथपाल (लाइब्रेरियन) की सेवाएं मध्‍यप्रदेश आयुष विभाग (राजपत्रित) सेवाभर्ती नियम 2013 तथा स्‍वशासी शासकीय आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी महाविद्यालय/चिकित्‍सालय स्‍वशासी सेवा (शिक्षकीय संवर्ग) भर्ती नियम 2010 संशोधन के अनुरूप संधारित की जा रही है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्‍या शासकीय एवं स्‍वशासी सेवाभर्ती नियमों में मध्‍यप्रदेश राज्‍य की सिविल सेवा के सदस्‍यों के लिए प्रभावशील समयमान वेतनमान योजना 2006 के प्रावधान सभी शिक्षकीय एवं अशिक्षकीय संवर्ग पदों हेतु लागू किये गए है? यदि नहीं, तो किन कारणों से यह विसंगति दूर नहीं की गई है स्‍पष्‍ट करें एवं विसंगति दूर न करने के कारणों से अवगत करावें? (ग) प्रश्‍नांश एवं के संदर्भ में क्‍या कार्यरत शासकीय एवं स्‍वशासीय आयुष सेवकों (समस्‍त शिक्षकीय एवं अशिक्षकीय संवर्ग पदों) को समयमान वेतनमान योजना 2006 का लाभ दे दिया गया है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार क्‍या कार्यरत शासकीय एवं स्‍वशासी आयुष सेवकों में से कुछ संवर्गों को समयमान वेतनमान योजना 2006 का लाभ दिया जाना लंबित है? यदि हाँ, तो उक्‍त योजना का लाभ कब तक प्रदाय किया जाकर एरियर का भुगतान कर दिया जावेगा समय अवधि बतावें?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) शिक्षकों की सेवाएं स्वशासी शासकीय शिक्षकीय संवर्ग सेवा भर्ती नियम 2010 एवं राजपत्रित सेवा भर्ती नियम 2013 के तहत् संधारित हैं। स्‍वशासी सेवा के गैर शैक्षणिक पदों के भर्ती नियम बनाने की कार्यवाही प्रचलित है, जिसमें खेल अधिकारी एवं ग्रंथपाल के पद भी शामिल हैं। (ख) समयमान वेतनमान वित्त विभाग के परिपत्र दिनांक 24/01/08 दिनांक 01/04/06 से प्रभावशील, परिपत्र दिनांक 27/07/11 एवं परिपत्र दिनांक 31/01/13 के तहत् वित्त विभाग द्वारा जारी अनुसूचियों में वर्णित सेवा संवर्गों के अधिकारियों/कर्मचारियों के लिए लागू है। वित्त विभाग की अनुसूचियों में जो संवर्ग सम्मिलित नहीं हैं उन्हें समयमान वेतनमान लागू नहीं है। वित्त विभाग की अनुसूची से पृथक रह गये अन्य संवर्गों को भी सम्मिलित करने हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) कार्यरत आयुष सेवकों में जिन संवर्गों को वित्त विभाग द्वारा समयमान वेतनमान लागू किया गया है उसके तहत् जिन आयुष सेवकों को इसका लाभ दिया जा रहा है उनकी सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) जिन संवर्गों को समयमान वेतनमान लागू करने हेतु सूची में जोड़ा जाना है, उनकी सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। कार्यवाही प्रक्रियाधीन है समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

मेडिकल कॉलेज की स्‍वीकृति

34. ( क्र. 3895 ) श्री दिनेश राय : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में कितने शासकीय मेडिकल कॉलेज संचालित हैं तथा कितने कहाँ-कहाँ पर नये खोले जाना प्रस्‍तावित हैं? (ख) सि‍वनी में शासकीय मेडिकल कॉलेज खोले जाने के माननीय मुख्‍यमंत्री महोदय के सिवनी प्रवास के दौरान की गई घोषणा की पूर्ति हेतु विभाग द्वारा अब तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) यदि कार्यवाही नहीं की गई तो इसके लिए कौन जिम्‍मेदार हैं तथा कब तक कार्यवाही पूर्ण कर स्‍वीकृति दे दी जावेगी?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) प्रदेश में 06 शासकीय स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा एवं सागर में संचालित हैं। नये चिकित्सा महाविद्यालय, रतलाम, शहडौल, विदिशा, दतिया, खण्डवा,शिवपुरी एवं छिंदावाड़ा में खोले जाना प्रस्तावित है। (ख) माननीय मुख्यमंत्रीजी द्वारा सिवनी प्रवास के दौरान दिनांक 17/05/2013 को सिवनी में पी.पी.पी. मोड से चिकित्सा महाविद्यालय खोलने की घोषणा की गई थी, किन्तु पी.पी.पी. मोड पर किसी भी संस्था/ निवेशक द्वारा चिकित्सा महाविद्यालय खोलने का प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ हैं अतएव शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) विभाग द्वारा प्रयास किए गए हैं शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

पेंशनरों को आयुर्वेदिक औषधियों का प्रदाय

35. ( क्र. 3920 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला आयुष अधिकारी भोपाल के अंतर्गत भोपाल के आयुर्वेद औषधालयों एवं चिकित्‍सालय में पेंशनरों को आयुर्वेद औषधियां क्रय कर उपलब्‍ध कराने की सुविधा लागू है? यदि हाँ, तो कब से यह व्‍यवस्‍था लागू है? (ख) भोपाल के आयुर्वेद औषधालयों एवं चिकित्‍सालय के चिकित्‍सकों द्वारा वर्ष 2015 में पेंशनरों को औषधि क्रय कर उपलब्‍ध कराने हेतु संबंधित अधिकारी को कब-कब औषधियां के प्रस्‍ताव बनाकर भेजे गए और संबंधित अधिकारी द्वारा औषधि सप्‍लायर को कब-कब आदेश दिए गए? दोनों की दिनांकवार जानकारी देवें? (ग) औषधियां न मिलने पर और संबंधित अधिकारी द्वारा पेंशनरों की औषधियां क्रय कर प्रदाय करने के पूर्व से जारी चिकित्‍सा व्‍यवस्‍था पर, रोक लगाने पर पेंशनरों, पेंशनर ऐसोसिएशन एवं पूर्व सांसदों द्वारा विभाग को कब-कब और कितनी शिकायतें की गई, तथा पेंशनरों द्वारा विधानसभा में भी अभ्‍यावेदन प्रस्‍तुत करने के बाद संबंधित अधिकारी के विरूद्ध विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, गई तो क्‍यों? (घ) शासन की व्‍यवस्‍था के विरूद्ध मनमानी करने वाले अधिकारी पर क्‍या कार्यवाही की जाएगी और कब तक, तथा पूर्व से जारी पेंशनरों की चिकित्‍सा व्‍यवस्‍था कब तक बहाल होगी?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। वर्ष 2001 से व्यवस्था लागू है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ग) पेंशनर्स ऐसोसिएशन द्वारा पत्र क्रमांक 188 दिनांक 07/06/2015 से की गई शिकायत विचारोपरांत नस्तीबद्ध की गई है। पेंशनर्स एसोसिएशन द्वारा पत्र क्रमांक एवं दिनांक रहित एक अन्य शिकायत (संचालनालय में दिनांक 14/08/2015 को प्राप्त) की जाँच कराई गई। जाँच समिति के प्रतिवेदन के परीक्षणोपरान्त पुनः जाँच हेतु तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। पेंशनर्स द्वारा प्रमुख सचिव म.प्र. विधानसभा को प्रस्तुत शिकायती पत्र, विधानसभा सचिवालय के पत्र दिनांक 31/10/2015 के साथ एवं मान. डॉ. रामलखन सिंह पूर्व सांसद भिण्ड द्वारा जिला आयुष अधिकारी भोपाल के विरूद्ध की गई शिकायत दिनांक 10/11/2015 संचालनालय को प्राप्त होने पर जाँच हेतु जाँच समिति गठित की गई है। जाँच प्रतिवेदन अद्यतन अप्राप्त है। जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर गुण-दोष के आधार पर नियमानुसार उपयुक्त कार्यवाही की जावेगी। (घ) जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर गुण-दोष के आधार पर नियमानुसार उपयुक्त कार्यवाही की जावेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। पेंशनर्स की चिकित्सा व्यवस्था बहाल है।

नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा परिवहन कार्य में अनियमितता

36. ( क्र. 3931 ) कुमारी निर्मला भूरिया : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2013-14, 2014-152015-16 में झाबुआ जिले में नागरिक आपूर्ति निगम अंतर्गत परिवहन कार्य किस-किस एजेन्‍सी को दिया गया? (ख) नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा परिवहन कार्य हेतु क्‍या निविदाएं आमंत्रित की गई? यदि हाँ, तो कितनी निविदाएं प्राप्‍त हुई तथा इनमें क्‍या-क्‍या दरें प्राप्‍त हुई है शासन की निर्धारित दर क्‍या है व वर्तमान में किस दर पर कार्यादेश दिया गया है? (ग) क्‍या विभाग को परिवहन में अनियमितता के संबंध में कोई शिकायत प्राप्‍त हुई है? यदि हाँ, तो उस पर क्‍या कार्यवाही की गई?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) वर्ष 2013-142014-15 में मध्‍यप्रदेश स्‍टेट सिविल सप्‍लाईज़ कार्पोरेशन द्वारा झाबुआ जिले में एच.एल.आर.टी. परिवहनकर्ता मेसर्स जितेन्‍द्र रणजीत सिंह बाफना एवं एल.आर.टी परिवहनकर्ता सुरेश चन्‍द्र पूरनमल जैन को परिवहन का कार्य दिया गया। वर्ष 2015-16 में परिवहन कार्य हेतु निविदा स्‍वीकृति की कार्यवाही प्रचलित है।, (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। शासन द्वारा परिवहन हेतु कोई दर निर्धारित नहीं की गई है। निविदा में प्राप्‍त न्‍यूनतम दर के आधार पर सक्षम स्‍वीकृति के उपरांत कार्यादेश जारी किया गया है।, (ग) जी नहीं, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

स्‍वास्‍थ्‍य विभाग द्वारा लगाये गये ऑपरेशन या नसबंदी शिविरों

37. ( क्र. 4173 ) श्री अजय सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में स्‍वास्‍थ्‍य विभाग द्वारा किन-किन स्‍थानों पर आंख का ऑपरेशन या नसबंदी शिविर लगाये गये? (ख) ऐसे स्‍थन जहां पर आंख का ऑपरेशन कराने वाले रोगी की आंख की रोशनी चली गयी या नसबंदी कराने वाले महिला/पुरूष की जान चली गयी अथवा नसबंदी फेल हो गयी। ऐसे मरीजों की पूर्ण जानकारी बतावें?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 51 जिला चिकित्सालयों, 6 शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं 3 गैस राहत चिकित्सालय में आंखों के ऑपरेशन किये जाते है। प्रदेश में नसबंदी ऑपरेशन जिला चिकित्सालय, सिविल अस्पताल एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों किए जाते है। (ख) जिला चिकित्सालय बड़वानी में 16 से 23 नवम्बर 2015 को किये गये मोतियाबिंद ऑपरेशन के दौरान कुल 68 रोगियों, रोगियों की दृष्टिबाधित हुई है। 68 रोगियों की पूर्ण जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। परिवार कल्याण केंप में किये गये ऑपरेशन में असफल प्रकरणों/मृत्यु प्रकरणों की जानकारी निम्नानुसार हैः-

क्रं.

वर्ष

असफल नसबंदी प्रकरण

मृत्यु प्रकरण

1.

2014-15


1784

08

2.

2015-16

2363

10

नसबंदी असफल प्रकरणों/मृत्यु प्रकरणों की पूर्ण जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है।

चिकित्‍सा महाविद्यालय खोलने बाबत्

38. ( क्र. 4262 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में वर्तमान में कितने चिकित्‍सा महाविद्यालय कहाँ-कहाँ पर है? (ख) क्‍या शासन द्वारा म.प्र. के राजगढ़ जिले के जिला मुख्‍यालय पर चिकित्‍सा महाविद्यालय खोले जाने की स्‍वीकृति प्रदान की गई है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या राजगढ़ विधानसभा के जिला मुख्‍यालय पर चिकित्‍सा शिक्षा विभाग द्वारा नवीन चिकित्‍सा महाविद्यालय खोला जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक खोला जावेगा? (घ) यदि नहीं, तो, कारण बतावें?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) मध्यप्रदेश में प्रश्न दिनांक को शासकीय स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा तथा सागर में संचालित हैं। इसके अतिरिक्त 04 निजी चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल, 02 इंदौर तथा 01 उज्जैन में संचालित हैं। (ख) जी नहीं। (ग) जी नहीं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) फिलहाल कोई योजना नहीं है, अतएव प्रश्न उपस्थित नहीं होता। 

अमानक दवाईयों का प्रदाय

39. ( क्र. 4303 ) श्री मधु भगत : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍न क्रमांक 3234 दिनांक 31/07/2015 के प्रश्नांश (क) में पूछा गया था कि अमानक दवाईयों के साथ-साथ अनुपयोगी, अमानक सामग्री के प्रदाय, तथा भुगतान संबंधी कितने प्रकरण विभाग की जानकारी में हैं? जिसका उत्‍तर न देकर मात्र शिकायत की जानकारी दी गई, पूर्ण उत्‍तर देते हुए अपूर्ण उत्‍तर देने के लिए कौन जिम्‍मेदार है? (ख) प्रश्‍नांश (ख) में क्रय समिति की अनुशंसा टीप क्रय आदेश की प्रति तथा जारी करने वाले सामग्री लेने वाले अधिकारियों के नाम भी पूछे गये थे नाम क्‍यों छुपाये गये? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (ग) का उत्‍तर सही एवं अभिलेखों पर आधारित दिया गया है तो जिन दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की गई है उन्‍हें जारी आरोप पत्र उनके उत्‍तर तथा जाँच प्रतिवेदन और दण्‍डादेश का विवरण देवे? (घ) जिन कंपनी की दवाईयों अमानक पाई गई उनका चयन किस अधिकारी ने किस आधार पर किया उसका नाम पद तथा चयन के आधार का अभिलेख बतायें?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

एंबुलेंस सेवा में संलग्‍न वाहन

40. ( क्र. 4348 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले अंतर्गत कौन-कौन से किस प्रकार के वाहन एंबुलेंस सेवा में किस दर से कब से संलग्‍न है? (ख) वर्ल्‍ड हेल्‍थ आर्गनाइज़ेशन (W.H.O.) की एंबुलेंस सेवा के लिये निर्धारित गाईड लाईन एवं नियम क्‍या है? इस गाईड लाईन के अनुसार एंबुलेंस सेवा में संलग्‍न वाहन किस प्रकार का चाहिए एवं उसमें सेवा के समय कौन-कौन से उपकरण होना आवश्‍यक है, सूची सहित जानकारी देवें? (ग) क्‍या प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित वाहनों में प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित गाइड लाइन का पालन हो रहा है? यदि नहीं, तो इसके परिपालन में शासन द्वारा कब तक किस प्रकार की क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (घ) जबलपुर जिले में वित्‍त वर्ष 2014-15 से कहाँ-कहाँ पर कितने स्‍वाईन फ्लू के मरीज पाये गये इनका इलाज कहाँ-कहाँ पर किया गया। उनमें से कितने स्‍वस्‍थ हुये तथा कितने किस रोग से मरे हैं? शासन द्वारा इनके इलाज पर कितनी-कितनी राशि खर्च की गई, इस रोग की जाँच कहाँ-कहाँ पर की जाती है एवं उसकी जाँच रिपोर्ट कब प्राप्‍त होती है? जाँच रिपोर्ट जल्‍दी प्राप्‍त होने तथा समुचित शीघ्र उपचार हेतु शासन किस प्रकार की नीति बना रहा हैं?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

जबलपुर संभाग में संविदा मानदेय बाबत्

41. ( क्र. 4361 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जबलपुर संभाग में पदस्‍थ राष्‍ट्रीय ग्रामीण स्‍वास्‍थ्‍य मिशन के समस्‍त डाटा एंट्री ऑपरेटर (संविदा) को सभी जिलों में मिशन संचालक के आदेश दिनांक 03.03.2014 के पुनरीक्षण निर्धारण के आधार पर मानदेय दिया जा रहा है? (ख) यदि हाँ, तो विगत 02 वर्षों की जिलेवार पदस्‍थ डाटा एंट्री ऑपरेटर (संविदा) एवं उन्‍हें प्राप्‍त मानदेय की सूचीबद्ध जानकारी प्रदान करें? (ग) यदि नहीं, तो राष्‍ट्रीय ग्रामीण स्‍वास्‍थ्‍य मिशन संचालक के आदेश पर जबलपुर संभाग के जिलों द्वारा अलग-अलग मापदंड क्‍यों और किसके कहने पर अपनाया जा रहा है?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी नहीं। (ख) एवं (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

डॉयल 100 योजना

42. ( क्र. 4365 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन ने जो डॉयल 100 योजना शुरू की है उसमें उपयोग किये जा रहे वाहन स्‍वयं शासन के हैं या किराये पर लिये गये हैं? क्‍या इसके लिए अतिरिक्‍त स्‍टॉफ की उपलब्‍धता की गई है? यदि नहीं, तो इसके लिए कहाँ से स्‍टॉफ उपलब्‍ध कराया गया है? (ख) प्रश्नांश (क) के तहत यदि थाने एवं चौकियों से स्‍टॉफ उपलब्‍ध कराया गया है तो वहां पर जो स्‍टॉफ की कमी हुई है? उसकी पूर्ति कहाँ से की गई? (ग) डॉयल 100 में जो गाडि़यां किराये पर ली गई है, उसका मापदण्‍ड किस आधार पर किया गया है? क्‍या सामान्‍य रूप से उसका जो किराया दिया जा रहा है वह सामान्‍य से अधिक है जबकि शहर में इससे कम मूल्‍य पर वाहन किराये पर उपलब्‍ध हैं? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के अनुसार शासन को जो राजस्‍व का नुकसान हो रहा है क्‍या इसकी जानकारी शासन को है? यदि है तो इसका भुगतान किस मद से किया जा रहा है?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) वाहन किराये पर लिये गये है। वाहन के लिये स्‍टॉफ वाहन प्रदाय करने वाली निजी कंपनी के द्वारा उपलब्ध कराये गये है। साथ में लगने वाला पुलिस बल संबंधित थानों का लगाया जाता है। (ख) थाने से एक शिफ्ट में सामान्यतः 02 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। समेकित बलवृद्धि से समय-समय पर थानों में स्टॉफ की पूर्ति की जावेगी। (ग) वाहन प्रदाता का चयन खुली निविदा के आधार पर किया गया है। जारी किये गये टेण्डर में विभिन्न सेवाओं एवं सामग्री की आपूर्ति स्थापना, संचालन, मेन्टेनेन्स आदि सभी शामिल हैं। वाहन प्रदाय, ड्रायवर एवं पर्यवेक्षण स्टॉफ, वाहन मेन्टेनेन्स भी इसी का हिस्सा है। सफल निविदा दाता का चयन न्यूनतम मूल्य (एल-1) आधार पर किया गया है। समस्त कार्य में सभी प्रकार के टैक्स भी शामिल है और दरें मार्च 2020 तक के लिये फिक्स है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) इस योजनांतर्गत शासन को कोई नुकसान नहीं हो रहा है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

चिकित्‍सकों की पदस्‍थापना

43. ( क्र. 4386 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना जिले में वर्तमान में कितने आयुर्वेद अस्‍पताल संचालित हैं इनमें से कितने शासकीय भवनों में तथा कितने अन्‍य स्‍थानों पर संचालित है? फरवरी 2016 की स्थिति के अनुसार जानकारी दी जावें? (ख) उक्‍त अस्‍पतालों में चिकित्‍सकों, कंपाउंडरों, दवासाज के कितने पद स्‍वीकृत है तथा वर्तमान में कितने डॉक्‍टर व अन्‍य कर्मचारी कहाँ-कहाँ पदस्‍थ है? अस्‍पतालों के नाम, स्‍थान सहित जानकारी दी जावें? (ग) क्‍या उक्‍त अस्‍पतालों में डॉक्‍टर, अन्‍य स्‍टॉफ के अभाव में लोगों को आयुर्वेद चिकित्‍सा का लाभ नहीं मिल पा रहा है? भवन, चिकित्‍सकों, स्‍टॉफ की कमी कब तक पूरी कर दी जावेंगी?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) मुरैना जिले में वर्तमान में एक जिला चिकित्सालय एवं 35 आयुर्वेद अस्पताल (औषधालय) संचालित हैं। फरवरी 2016 की स्थिति में इनमें से 10 शासकीय भवनों में एवं 25 अन्य स्थानों पर संचालित हैं। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार(ग) जी नहीं। उपलब्ध स्टॉफ द्वारा लोगों को चिकित्सा का लाभ दिया जा रहा है। भवन की कोई कमी नहीं हैं। लोक सेवा आयोग द्वारा 710 चिकित्सकों का चयन किया गया हैं नियुक्ति संबंधी कार्यवाही प्रक्रियाधीन हैं। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

पुलिसकर्मियों हेतु आवासीय व्‍यवस्‍था

44. ( क्र. 4462 ) श्री चन्‍दरसिंह सिसौदिया : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गरोठ तहसील में सहायक पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक एवं पुलिसकर्मियों के निवास हेतु वर्तमान में क्‍या सुविधा है? (ख) क्‍या सरकार उपरोक्‍त पुलिसकर्मियों को आवास सुविधा दिलाने की दृष्टि से पुलिस आवास निर्माण कराएगी? यदि हाँ, तो कब तक एवं नहीं तो क्‍यों नहीं? (ग) क्‍या किराये के मकानों में रहने वाले पुलिसजनों को शासन बाजारमान से किराया अदा करता हैं अथवा शासन द्वारा निर्धारित किराया अनुसार? ब्‍यौरा दें।

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) वर्तमान में गरोठ तहसील में सहायक पुलिस अधीक्षक का कोई पद स्वीकृत नहीं है। उप पुलिस अधीक्षक गरोठ वर्तमान में पुलिस विभाग के शासकीय आवासगृह में निवासरत है। (ख) पुलिस आवासों का निर्माण उपलब्ध धनराशि के अनुसार प्रतिवर्ष किया जाता है। (ग) जी नहीं। किराये के मकानों में रहने वाले पुलिसजनों को वित्त विभाग के ज्ञाप दिनांक 01.09.2012 द्वारा स्वीकृत दरों के अनुसार गृह भाड़ा भत्ते का भुगतान किया जाता है।

आंगनवाड़ी भवन एवं स्‍टॉफ की कमी

45. ( क्र. 4477 ) श्री राजेन्द्र श्‍यामलाल दादू : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र नेपानगर में कितनी आंगनवाडियां संचालित हैं, कितने स्‍थाई आंगनवाड़ी भवन हैं? कितनी आंगनवाडियां भवनविहीन है? (ख) प्रश्‍नांकित आंगनवाडि़यों में दर्ज बच्‍चों की संख्‍या क्‍या है? उनमें कितने बच्‍चे कुपोषित श्रेणी में आते है? आंगनवाड़ीवार जानकारी दें? (ग) एकीकृत बाल विकास परियोजना खकनार अंतर्गत कर्मचारियों के ‍कितने पद स्‍वीकृत हैं? स्‍वीकृत पदों के विरूद्ध कितने कर्मचारी कार्यरत हैं, कितने पद कितने समय से रिक्‍त हैं? पदवार जानकारी दें? (घ) एकीकृत बाल विकास परियोजना खकनार का भवन किस वर्ष में निर्माण हुआ था? वर्तमान में भवन की भौतिक स्थिति क्‍या है? क्‍या यह भवन एक महत्‍वपूर्ण कार्यालय के संचालन हेतु उपयुक्‍त है?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) विधानसभा क्षेत्र नेपानगर अंतर्गत 372 आंगनवाड़ी केन्द्र एवं 40 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित है। जिसमें से 291 विभागीय आंगनवाड़ी भवन (स्थाई) तथा 81 आंगनवाड़ी केन्द्र भवनविहीन (किराये के एवं अन्य शासकीय भवन में ) संचालित है। विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 एवं 2 अनुसार है। (ख) 372 आंगनवाड़ी केन्द्र एवं 40 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों में दर्ज बच्चों की संख्या 42588 है, विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। दर्ज बच्चों में 1557 बच्चे अति कम वजन के है, तथा 11676 बच्चे कम वजन की श्रेणी के है। विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। (ग) एकीकृत बाल विकास परियोजना खकनार अंतर्गत कर्मचारियों के स्वीकृत, कार्यरत, रिक्त पदों की पदवार विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है। (घ) एकीकृत बाल विकास परियोजना खकनार का भवन निर्माण वर्ष 1998 में हुआ है। वर्तमान में खकनार परियोजना कार्यालय भवन में संचालित होकर गोदाम का उपयोग टेकहोम राशन भंडारण हेतु किया जा रहा है। यह भवन परियोजना कार्यालय के संचालन हेतु उपयुक्त है। 

पुलिस बल एवं रिजर्व पुलिस बल

46. ( क्र. 4531 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैरसिया विधानसभा अंतर्गत मुख्‍यालय बैरसिया में कानून व्‍यवस्‍था एवं सुरक्षा की दृष्टि से स्‍वीकृत पुलिस बल उपलब्‍ध है अथवा नहीं? पुलिस थानावार सूची उपलब्‍ध करायें? (ख) कानून व्‍यवस्‍था एवं सुरक्षा की दृष्टि से मुख्‍यालय बैरसिया में रिजर्व पुलिस बल की आवश्‍यकता है अथवा नहीं? यदि हाँ, तो विभाग इसकी पूर्ति कब तक करेगा?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार(ख) जी नहीं। उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''चौदह''

बैरसिया अंतर्गत आयुष विभाग में रिक्‍त पदों की पूर्ति

47. ( क्र. 4532 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैरसिया विधानसभा क्षेत्रांतर्गत आयुष विभाग के कहाँ-कहाँ पर केन्‍द्र संचालित हो रहे है? केन्‍द्रवार सूची उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) में दर्शित केन्‍द्र विभाग के भवनों के संचालित हो रहे हैं अथवा अन्‍य भवनों में संचालित हो रहे है? सूची सहित विवरण उपलब्‍ध करावें? (ग) प्रश्नांश (क) में दर्शित ऐसे केन्‍द्र जो विभाग के भवनों में संचालित नहीं हो रहे है अथवा भवनविहीन हैं के संबंध में विभाग की नवीन भवन तैयार करने की योजना है अथवा नहीं यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) बैरसिया विधानसभा क्षेत्रांतर्गत संचालित केन्‍द्रों में स्‍टॉफ स्‍वीकृत संख्‍यानुसार है अथवा उसमें कमी है यदि कमी है तो रिक्‍त पदों की पूर्ति विभाग कब तक कर देगा?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) बैरसिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत संचालित आयुष औषधालय हैः- आयुर्वेद-सोहाया, रूनाह, कलारा, यूनानी-ललरिया। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित औषधालयों में से आयुष औषधालय सोहाया,ललरिया, शासकीय भवन में संचालित है। रूनाह, कलारा अन्य भवनों में संचालित है। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित औषधालयों में से रूनाह औषधालय पंचायत के भवन में एवं कलारा औषधालय किराये के भवन में संचालित है। वर्तमान में इन औषधालयों के नवीन भवन निर्माण हेतु कोई योजना नहीं है। भवन उपलब्धता के कारण प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। जी हाँ। रिक्त पदों की पूर्ति की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

पुलिसकर्मियों की संख्‍या के संदर्भ में

48. ( क्र. 4566 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में आबादी के मान से पुलिस की क्‍या स्थिति है? यथा प्रति पुलिसकर्मी कितने नागरिकों की जिम्‍मेदारी है? (ख) क्‍या प्रदेश में पुलिस बल की कमी है? यदि हाँ, तो आबादी और क्षेत्र के मान से कितने पुलिसकर्मियों की आवश्‍यकता निर्मित हो रही है? (ग) पिछले 10 वर्षों में शासन द्वारा नवीन पदों का सृजन किया गया है? यदि हाँ, तो कितने पद सृजित किए व कितनी भर्तियां की गई हैं?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) म.प्र. में स्थित पुलिस कर्मियों का औसत प्रति 1 लाख की जनसंख्या पर 135.24 है। (ख) जी हाँ। राष्ट्रीय औसत 185.25 प्रति लाख के अनुसार आबादी के मान से वर्तमान में म.प्र. की लगभग 7.5 करोड़ की जनसंख्या को देखते हुए लगभग 37500 अतिरिक्त पुलिस बल की आवश्यकता है। क्षेत्र के मान से पुलिस बल की गणना मध्यप्रदेश के संदर्भ में प्रासंगिक नहीं है। (ग) जी हाँ। विगत 10 वर्षों में 36889 नवीन पद निर्मित किये गये हैं तथा 42933 पदो पर भर्तियाँ की गई है।

आयुष विभाग के चिकित्‍सा अधिकारियों पर आपराधिक प्रकरण

49. ( क्र. 4581 ) श्रीमती अनीता नायक : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत तीन वर्षों में भोपाल जिले में आयुष के ऐसे कितने चिकित्‍सा अधिकारी पदस्‍थ हैं, जिनके विरूद्ध 354 धारा के अंतर्गत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध हैं एवं ऐसे चिकित्‍सा अधिकारियों को प्रश्‍न दिनांक तक कितनी शिकायतें कब-कब की गई एवं विभाग के द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई, वर्षवार की गई कार्यवाहीवार बतावें? (ख) क्‍या जिन चिकित्‍सा अधिकारी पर आपराधिक प्रकरण दर्ज है, उसके लिये विभाग के द्वारा कोई जाँच कमेटी बनाई गई थी? अगर हाँ, तो जाँच कमेटी के द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? शासन द्वारा गठित जाँच कमेटियों को कब तक जाँच रिपोर्ट देना अनिवार्य है, जाँच कमेटी संबंधी शासन का क्‍या नियम है, नियम बतावें? (ग) प्रश्नांश (क), (ख) में वर्णित जिन चिकित्‍सा अधिकारियों के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज है, उसके विरूद्ध विभाग कब तक कार्यवाही करेगा एवं क्‍या कार्यवाही करेगा और नहीं करेगा तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) डॉ. परिहार के विरूद्ध अपराध क्रमांक 34/14 अंतर्गत धारा 354 क (1) (2) 506, 509 भा.द.वि. कायम किया गया है। डॉ. परिहार के विरूद्ध शिकायतों का विवरण- (1) संचालक आयुष को प्राप्‍त शिकायत दिनांक 24/01/2012, (2) प्रमुख सचिव आयुष को प्रस्‍तुत शिकायत 30/01/2012, (3) मुख्‍य मंत्री कार्यालय के पत्र दिनांक 23/02/2013 से प्राप्‍त शिकायत (4) प्रमुख सचिव आयुष को प्रस्‍तुत शिकायत दिनांक 01/04/2013 (5) प्रमुख सचिव आयुष को प्रस्‍तुत शिकायत दिनांक 25/04/2013, (6) मान. राज्‍य मंत्री जी के पत्र दिनांक 16/10/2015 द्वारा संचालक आयुष को प्रेषित शिकायत। श्रीमती सुमन कुशवाह द्वारा प्रमुख सचिव आयुष को दिनांक 30/01/2012, को शिकायत प्रस्‍तुत करने पर प्रमुख सचिव आयुष द्वारा 4 सदस्‍यीय जाँच समिति दिनांक 31/03/2012 गठित की गई। जाँच समिति द्वारा प्रस्‍तुत प्रतिवेदन के अनुक्रम में डॉ. परिहार के विरूद्ध आरोप पत्र दिनांक 15/04/2013 जारी किये गये। डॉ. परिहार द्वारा प्रस्तुत प्रतिवाद उत्तर संतोषप्रद नहीं होने से म.प्र. शासन आयुष विभाग के आदेश क्रमांक/एफ 2-17-2012-1-59 दिनांक 19/12/2013 से नियमित विभागीय जाँच संस्थित की जाकर जाँचकर्ता अधिकारी एवं प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नियुक्त किये गये। जाँच प्रतिवेदन अप्राप्त है। माननीय न्यायालय निर्णय पारित होने तक समानांतर विभागीय जाँच नहीं की जाने के कारण यह विभागीय जाँच लंबित है। प्रमुख सचिव आयुष के अर्द्ध-शासकीय पत्र दिनांक 24/05/2013 के द्वारा अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक पुलिस मुख्‍यालय को मुख्‍य मंत्री कार्यालय के पत्र दिनांक 23/02/2013 से प्राप्‍त शिकायत जाँच एवं कार्यवाही हेतु प्रेषित की गई। अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक महिला अपराध पुलिस मुख्‍यालय के पत्र दिनांक 06/02/2014 के द्वारा अवगत कराया गया कि शिकायत सही पाये जाने पर महिला थाना जहांगीराबाद भोपाल में डॉ. परिहार के विरूद्ध अपराध क्रमांक 34/14 अंतर्गत धारा 354 क (1) (2) 506, 509 भा.द.वि. कायम किया गया है। माननीय राज्य मंत्री आयुष के पत्र क्रमांक 3368, दिनांक 16/10/2015 से प्राप्‍त पत्र विधिक कार्यवाही हेतु अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (महिला अपराध) पुलिस मुख्यालय, भोपाल को संचालनालय पत्र क्रमांक/1/1/विजाँच/16/550, दिनांक 24/02/2016 से प्रेषित किया गया है। (ख) आपराधिक प्रकरण दर्ज होने के पूर्व ही विभाग को प्राप्‍त शिकायत की जाँच हेतु दिनांक 31/03/2012 को जाँच कमेटी गठित की गई जिससे संबंधित विवरण प्रश्‍नांश '''' के उत्‍तर में दिया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। शिकायतों की जाँच हेतु गठित कमेटी के लिए कोई निश्चित समय-सीमा निर्धारित नहीं है। संबंधित प्रकरण में कमेटी गठन के साथ प्रतिवेदन के लिए समय-सीमा निर्धारित की जाती है। (ग) प्रश्‍नांश '''', '''' के उत्‍तर में वर्णित चिकित्सक के विरूद्ध दर्ज आपराधिक प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय निर्णय पारित होने के उपरांत निर्णय के परिप्रेक्ष्‍य में चिकित्सक के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। कार्यवाही नहीं करने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सामुदायिक स्‍वा. केन्‍द्र कटंगी महिला चिकित्‍सक की पदस्‍थापना

50. ( क्र. 4610 ) श्री के.डी. देशमुख : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले के सामुदायिक स्‍वा. केन्‍द्र कटंगी में कुल कितने वर्षों से महिला चिकित्‍सक का पद रिक्‍त है? (ख) महिला चिकित्‍सक की कब तक पदस्‍थापना कर दी जावेगी?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) विभाग अंतर्गत महिला चिकित्सक के पदनाम से पद स्वीकृत नहीं है। विभाग द्वारा प्रदेश में स्वीकृत विशेषज्ञों/चिकित्सकों के पदों का पुर्नआवंटन 8 अप्रेल 2011 के द्वारा किया गया है, जिसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर की संस्थाओं में स्त्रीरोग विशेषज्ञ का पद स्वीकृत किया गया है, अतः कटंगी में स्त्रीरोग विशेषज्ञ का एक पद स्वीकृत एवं रिक्त है। कटंगी में वर्ष 2004 के पश्चात से विशेषज्ञ/स्त्रीरोग योग्यताधारी चिकित्सा अधिकारी पदस्थ नहीं किए जा सके हैं। (ख) प्रदेश में स्त्रीरोग विशेषज्ञों की अत्यधिक कमी के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कटंगी में पदपूर्ति की कार्यवाही नहीं की जा सकी है। पदोन्नति की कार्यवाही निरंतर जारी है, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से 1896 चिकित्सकों की भर्ती की कार्यवाही प्रचलन में है, स्त्रीरोग योग्यता के चिकित्सा अधिकारी की उपलब्धता अनुसार पदस्थापना संबंधी कार्यवाही की जा सकेगी, निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।

मनासा शासकीय चिकित्‍सालय की समस्‍याओं के निराकरण

51. ( क्र. 4634 ) श्री कैलाश चावला : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री को दिनांक 12.11.2014 को पत्र लिखकर मनासा शासकीय चिकित्‍सालय की समस्‍याओं का निराकरण करने हेतु लिखा गया था? उक्‍त पत्र में क्‍या-क्‍या प्रस्‍ताव माननीय मंत्री जी को लिखे गए थे? (ख) उक्‍त प्रस्‍ताव पर विभाग द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) उक्‍त कठिनाइयां कब तक हल कर ली जावेगी?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) प्रश्‍नांश में उल्लेखित दिनांक 12.11.2014 का पत्र अप्राप्त है। दिनांक 07.07.2014 के पत्र में 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मनासा को 60 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में उन्नयन का प्रस्ताव है। (ख) संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी नीमच को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मनासा के उन्नयन हेतु प्रस्ताव मंगाया गया, जो परीक्षणाधीन है। (ग) उन्नयन प्रस्ताव के परीक्षण उपरांत यथोचित कार्यवाही की जावेगी।

जिला खाद्य अधिकारी विरूद्ध प्राप्‍त शिकायतों की जाँच

52. ( क्र. 4657 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या धार जिले में जिला खाद्य अधिकारी के पद पर पदस्‍थ श्री अमरसिंह अजनार पूर्व में विगत कई वर्षों तक वरिष्‍ठ खाद्य निरीक्षक व सहायक जिला खाद्य अधिकारी के पद पर कार्यरत रहे हैं? श्री अजनार के विरूद्ध तत्‍कालीन कार्यावधि में खाद्यान्‍न की कालाबाजारी करने व पेट्रोल पम्‍प डीलरों, होटल संचालकों आदि से अवैध वसूली करने संबंधी अनेकों शिकायतें हुई थीं? (ख) क्‍या शिकायतों में प्रथम दृष्‍टया श्री अजनार को अनेकों अनियमितताओं में संलिप्‍त पाये जाने तथा अपने का दुरूपयोग करने का दोषी पाये जाने पर अन्‍यत्र स्थानांतरित किया गया था? क्‍या उस समय संबंधित के विरूद्ध बैठाई गई जाँच पूर्ण हो गई है? यदि जाँच पूर्ण हो गई है तो जाँचकर्ता द्वारा उसमें क्‍या निष्‍कर्ष दिया गया? (ग) यदि संबंधित को अनियमितता किये जाने का दोषी पाया गया था तो फिर किस आधार पर श्री अजनार को पदोन्‍नति दी गई तथा किस उपलब्धि के आधार पर उन्‍हें वापस धार जिले में पदस्‍थ किया गया है?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। श्री अजनार धार जिले में कनिष्‍ठ आपूर्ति अधिकारी के पद पर लगभग 11 वर्ष, सहायक आपूर्ति अधिकारी के पद पर लगभग 06 वर्ष तक पदस्‍थ रहें है एवं जिला आपूर्ति अधिकारी के पद पर माह नवम्‍बर, 2014 से कार्यरत है। श्री अमरसिंह अजनार तत्‍कालीन सहायक आपूर्ति अधिकारी धार के विरूद्ध दिनांक 17.01.2012 को जन शिकायत निवारण विभाग में शिकायत की गई थी। (ख) जी नहीं। शिकायत की जाँच अपर कलेक्‍टर धार द्वारा की गई, जाँच में शिकायत निराधार पाई गई। जाँच प्रतिवेदन संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट ''पंद्रह''

 

महिला एवं बाल विकास पर्यवेक्षकों के रिक्‍त पदों की पूर्ति

53. ( क्र. 4734 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में कितने नये आंगनवाड़ी केन्‍द्र स्‍वीकृत हुए हैं? जिलेवार जानकारी दें? (ख) क्‍या प्रदेश में महिला एवं बाल विकास पर्यवेक्षकों की कमी है? यदि हाँ, तो कितनी जिलेवार जानकारी दें?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) भारत सरकार द्वारा प्रदेश हेतु 4305 नये आंगनवाड़ी केन्‍द्रों की स्‍वीकृति प्रदान की गई है, जिसकी जिलेवार स्‍वीकृति मंत्री-परिषद से अपेक्षित है। अत: जिलेवार जानकारी दी जाना संभव नहीं है। (ख) जी नहीं। वर्ष 2014 में व्‍यापम के माध्‍यम से परीक्षा आयोजित कर प्रदेश अंतर्गत पर्यवेक्षकों के कुल स्‍वीकृत 3213 पदों पर नियुक्ति की कार्यवाही की जा चुकी है। पर्यवेक्षकों की सेवानिवृत्ति, पदोन्‍नति एवं त्‍यागपत्र आदि से पदों की रिक्ति एवं रिक्‍त पदों की पूर्ति निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है।

कम्‍प्‍यूटर एवं फोटो कापी मशीनों की रिपेयरिंग का भुगतान

54. ( क्र. 4770 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) महिला एवं बाल विकास विभाग जिला श्‍योपुर अंतर्गत कुल कितने कम्‍प्‍यूटर व फोटोकॉपी मशीनें उपलब्‍ध हैं? वर्ष 2014-15 में इनकी रिपेयरिंग किस दुकानदार से करवाई? इसमें कितनी राशि व्‍यय की? (ख) क्‍या श्री पवन गुप्‍ता जो वर्तमान में डी.पी.ओ. कार्यालय श्‍योपुर में कार्यालयीन कार्य हेतु कम्‍प्‍यूटर लगा रहे हैं जिनकी श्‍योपुर शहर में कम्‍प्‍यूटर व फोटोकॉपी मशीन रिपेयरिंग की कोई दुकान नहीं है के बावजूद इन्‍हें राशि 2,2,528/- रूपये का तथा असलम कम्‍प्‍यूटर नाम से संचालित दुकानदार को राशि 68,123/- रूपये का भुगतान, कम्‍प्‍यूटर व फोटोकॉपी मशीन की रिपेयरिंग के नाम पर माह मार्च 2015 में अनियमित रूप से विभाग द्वारा किया गया? (ग) क्‍या उक्‍त भुगतान के संबंध में आयुक्‍त चम्‍बल संभाग मुरैना ने पत्र क्रमांक 3356 दिनांक 16.06.2015 द्वारा विभागीय संयुक्‍त संचालक मुरैना को जाँच हेतु लिखा था? यदि हाँ, तो क्‍या जाँच कराई गई? जाँच के क्‍या परिणाम आए? यदि नहीं, तो जाँच कराने में विलंब का कारण बतावें? (घ) क्‍या शासन अब उक्‍त मामले की जाँच शीघ्र करवायेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जिला श्योपुर अंतर्गत 11 कम्प्यूटर तथा 01 फोटो कॉपी मशीन है विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार । वर्ष 2014-15 में इनकी रिपेयरिंग पर कुल रुपये 19973/-व्यय किये गये विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) श्री पवन कुमार गुप्ता द्वारा वर्तमान में डी.पी.ओ. कार्यालय श्योपुर में कार्यालयीन कार्य हेतु कोई कम्प्यूटर नहीं लगाया गया है। इन्हें कम्प्यूटर और फोटोकॉपी मशीन रिपयेर का कोई भुगतान नहीं किया गया है। विशुभ कम्प्यूटर एवं स्टेशनरी सप्लाई श्योपुर के प्रोपराईटर पवन गुप्ता को प्रशिक्षण किट सप्लाई का 22,528/-का भुगतान किया गया है तथा लक कम्प्यूटर श्योपुर के प्रोपराईटर असलम को कम्प्यूटर रिपेयर के रु. 7500/-एवं अन्य कार्यों के रु.60,630/- कुल रु. 68,123 का भुगतान किया गया। विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एवं अनुसार है। (ग) आयुक्त चंबल संभाग मुरैना ने पत्र क्र. 3356 दिनांक 16.06.2015 द्वारा विभागीय संयुक्त संचालक मुरैना को जाँच ह&