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मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च, 2018 सत्र


सोमवार, दिनांक 12 मार्च, 2018


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर



विभागीय योजनाओं से लाभांवित हितग्राहि‍यों की संख्‍या  

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

1. ( *क्र. 677 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2016-17 में खरगोन जिले के उद्यानिकी विभाग की समस्त योजनाओं से लाभांवित अ.जा. एवं अ.ज.जा. हितग्राहि‍यों की संख्‍यात्‍मक जानकारी उपलब्‍ध कराएं। (ख) वर्ष 2016-17 तथा 2017-18 में खरगोन जिले के ड्रिप या स्प्रिंकलर अनुदान प्राप्त अ.जा. एवं अ.ज.जा. हितग्राहि‍यों की संख्‍या बतावें? (ग) उद्यानिकी विभाग की अ.जा. एवं अ.ज.जा. हितग्राहि‍यों के जाति प्रमाण-पत्र संबंधी विभागीय नीति/निर्देश की प्रति देवें। प्रश्‍नांश (ख) की सूची में किन-किन हितग्राहियों के जाति प्रमाण-पत्र विभागीय नीति/निर्देश अनुसार हैं?

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) वर्ष 2016-17 में अनुसूचित जाति वर्ग के 543 एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के 1473 कृषकों को तथा वर्ष 2017-18 में अनुसूचित जाति वर्ग के 32 एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के 26 कृषकों को ड्रिप का अनुदान दिया गया है। (ग) जाति प्रमाण संबंधी विभागीय नीति निर्देश जारी नहीं हुये हैं। उत्‍तरांश (ख) के सभी हितग्राहियों के जाति राजस्‍व रिकॉर्ड एवं ग्राम पंचायत से प्राप्‍त अनुमोदन अनुसार हैं।

परिशिष्ट - ''एक''

भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत पुलिया का निर्माण

[लोक निर्माण]

2. ( *क्र. 3175 ) श्रीमती झूमा सोलंकी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भीकनगांव जनपद क्षेत्रान्तर्गत ग्राम नुरियाखेड़ी से मेहत्याखेड़ी के मध्यम मार्ग का निर्माण, डामरीकरण कार्य विभाग द्वारा किया गया है? यदि हाँ, तो इस मार्ग के बीच नालों पर पुलिया निर्माण कार्य क्यों नहीं कराया गया है? (ख) क्या विभाग द्वारा डी.पी.आर. बनाकर शासन स्तर पर स्‍वीकृति हेतु भेजी गयी है? यदि हाँ, तो वर्तमान तक स्वीकृति प्राप्त क्यों नहीं हुई है? कहाँ पर लंबित है? यदि नहीं, भेजी तो क्या कारण है? (ग) क्या उपरोक्त मार्ग की पुलिया निर्माण की स्वीकृति हेतु विभाग द्वारा डी.पी.आर. बनवाने एवं सक्षम स्तर से स्वीकृति प्रदान करने हेतु कोई कार्यवाही की जावेगी, जिससे ग्रामीणजनों को सुविधा प्राप्त हो सके?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। वार्षिक संधारण के अंतर्गत नवीनीकरण का कार्य किया गया है, नवीनीकरण कार्य में पुलियाओं का निर्माण नहीं कराया जाता है। (ख) जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। प्राथमिकता सूची में सम्मिलित नहीं होने से कार्यवाही संभव नहीं है।                             (ग) प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर अनुसार।

लेबड से मुलथान फोरलेन मार्ग की मरम्‍मत

[लोक निर्माण]

3. ( *क्र. 1603 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) एस.एच. 31 लेबड से मुलथान फोरलेन मार्ग का बी.ओ.टी. के आधार पर निर्माण किस वर्ष पूर्ण होकर वाहनों से टोल वसूली प्रारंभ हुई तथा किस समयावधि तक टोल वसूली की जावेगी? (ख) क्‍या टोल वसूली अवधि में उक्‍त मार्ग का संधारण टोल वसूली करने वाली कंपनी द्वारा किया जाना अनुबंध की शर्तानुसार अनिवार्य किया गया है? (ग) यदि हाँ, तो उक्‍त मार्ग के निर्माण के पश्‍चात् से कब-कब किस हिस्‍से का संधारण किया गया तथा कितनी बार मार्ग पर पूर्ण डामरीकरण किस दिनांक को किया गया? (घ) समय-समय पर समाचार पत्रों में इस मार्ग के टूट-फूट की खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने तथा वर्तमान में भी कई स्‍थलों पर मार्ग के टूट-फूट की स्थिति में ही होने पर, विभाग द्वारा संबंधित कंपनी के विरूध्‍द क्‍या कार्यवाही की गई? (ड.) क्‍या मार्ग के पूर्णरूपेण मरम्‍मत नहीं किये जाने तक गड्ढों भरी सड़क से गुजरने वाले वाहनों को टोल शुल्‍क में रियायत दिये जाने हेतु विभाग पहल करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) लेबड से जावरा फोरलेन मार्ग का बी.ओ.टी. के आधार पर वर्ष 2011 में पूर्ण होकर वाहनों से टोल वसूली प्रारंभ की गई है तथा मार्ग की कन्‍शेसन अवधि 25 वर्ष है। (ख) जी हाँ। (ग) मार्ग निर्माण के पश्‍चात् मार्ग को अनुबंध के विभिन्‍न प्रावधानों अनुसार निर्धारित समय-सीमा में संधारित किये जाने का उत्‍तरदायित्‍व निवेशकर्ता कंपनी का है। मार्ग के कुछ भाग में निवेशकर्ता कंपनी द्वारा रिन्‍यूअल कार्य किया गया है। पूर्ण डामरीकरण नहीं किया गया है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) मार्ग के विभिन्‍न स्‍थानों पर क्षतिग्रस्‍त हो जाने के कारण निवेशकर्ता कंपनी को मार्ग का संधारण अनुबंध के प्रावधान अनुसार किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। (ड.) जी नहीं। मार्ग पर गड्ढे नहीं हैं, अपितु कुछ स्‍थानों पर सतह असमतल हुई है। निवेशकर्ता कंपनी को टोल वसूलने के अधिकार सड़क निर्माण एवं अनुबंधानुसार मरम्‍मत के आधार पर दिये गये हैं, मात्र सड़क की मरम्‍मत के आधार पर नहीं। अत: टोल वसूलने के अधिकार को सीमित किये जाने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

मण्‍डी बोर्ड द्वारा स्‍वीकृत सड़कें

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

4. ( *क्र. 3194 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कृषि मण्डी बोर्ड से सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत किया जाता है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार यदि हाँ, तो सड़क किस मद से स्वीकृत की जाती है एवं इस योजना में किन ग्रामों को शामिल किये जाने का प्रावधान है? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार यदि हाँ, तो विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत कृषि मण्डी बोर्ड से कितनी सड़कें जनवरी 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक स्वीकृत की गईं हैं? राशिवार, स्थानवार, वर्षवार, कार्य पूर्णता का समय, जनपदवार जानकारी देवें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार स्वीकृत सड़कों में से कितनी सड़कों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है एवं कितनी सड़कें अपूर्ण हैं, जिन सड़कों का निर्माण कार्य अपूर्ण है, वे कब तक पूर्ण हो जावेंगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। विधानसभा क्षेत्रांतर्गत मण्डी क्षेत्रों में मण्डी बोर्ड द्वारा सड़क निर्माण कार्य स्‍वीकृत किया जाता है। (ख) सड़कों के निर्माण की स्‍वीकृति बोर्ड निधि तथा किसान सड़क निधि मद से आवश्‍यकता तथा राशि की उपलब्‍धता के आधार पर की जाती है, जो किसी योजना के तहत् नहीं होने से शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।                                                  (ग) विधान सभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत मण्डी क्षेत्र गोटेगांव (जनपद गोटेगांव) में बोर्ड निधि से प्रश्‍नाधीन अवधि के वर्ष 2015-16 में 01 सड़क कार्य मुगली से समनापुर, लंबाई 2.50 कि.मी., लागत राशि रू. 210.00 लाख की स्‍वीकृत की गई थी, जिसका निर्माण कार्य दिनांक 28.04.2017 को पूर्ण हो चुका है। (घ) उत्‍तरां‍श (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।  

शासकीय आवासों से अतिक्रमण हटाया जाना

[लोक निर्माण]

5. ( *क्र. 2796 ) श्री कमलेश शाह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या तारांकित प्रश्‍न क्र. 613, दिनांक 27.11.2017 के (क) के उत्‍तर में बताया गया कि 5 फिट चौड़ी गली पूर्व से ही आवागमन हेतु है तथा गली के दोनों ओर अतिक्रमण नहीं पाया गया?                                               (ख) यदि हाँ, तो भौतिक सत्‍यापन की छायाप्रति उपलब्ध करायें तथा किस अधिकारी/कर्मचारी द्वारा निरीक्षण किया गया? उक्‍त निरीक्षण की टीप एवं निरीक्षणकर्ता का नाम एवं पद बतायें तथा निरीक्षण टीप की प्रति प्रस्‍तुत करें। (ग) उपरोक्‍त उत्‍तर में उल्‍लेखित मान. विधायक श्री लोकेन्‍द्र सिंह के पत्र पर क्‍या कार्यवाही की गई? क्‍या सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा पारित आदेश में यह उल्‍लेख किया गया है कि जनप्रतिनिधियों के पत्रों पर कार्यवाही कर जवाबी पत्र आवश्‍यक रूप से दिया जावे? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक विभाग द्वारा मान. सदस्‍यों को जवाबी पत्र नहीं दिये जाने के लिए कौन दोषी है? क्‍या विभाग उनके विरूद्ध कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?                                                 (घ) क्‍या विभाग उक्‍त अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे     परिशिष्‍ट-के प्रपत्र 1 एवं 2 अनुसार है। (1) श्री नरेन्‍द्र सिंह भलावी, अनुविभागीय अधिकारी                       (2) श्री उमाशंकर मिश्रा, उपयंत्री (3) श्री उदय नारायण वर्मा, समयपाल (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 3 अनुसार है। शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।                    (घ) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अनुदान वितरण में अनियमितता की जाँच

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

6. ( *क्र. 3191 ) श्री सूबेदार सिंह रजौधा : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2016-17 में कैलारस विकासखण्‍ड में किसानों को बन्‍डफार्मर अनुदान पर वितरण किये गये थे? यदि हाँ, तो अनुदान राशि की जानकारी देवें? (ख) विकासखण्‍ड के आर.ए.ई.ओ. समई, सुजर्मा, लाभकंद, दिपेरा, बुडसिरथरा में वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में किसानों को मिनीकिट, अन्‍नपूर्णा एवं बीजग्राम योजना अन्‍तर्गत कितना बीज वितरण किया गया है और बीज पर कितना अनुदान दिया गया है? योजनावार, संख्‍यावार जानकारी देवें (ग) क्‍या प्रश्नांश (क) के संबंध में फर्जी तरीके से किसानों के नाम दर्शित कर लाखों रूपये की अनुदान राशि का एस.डी.ओ. कैलारस द्वारा भ्रष्‍टाचार किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन की राशि के दुरूपयोग पर कार्यवाही की जावेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ, जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। (ग) विकासखण्‍ड कैलारस में एस.डी.ओ. का पद स्‍वीकृत नहीं है, एस.ए.डी.ओ. का पद स्‍वीकृत है। एस.ए.डी.ओ. विकासखण्‍ड कैलारस की भ्रष्‍टाचार से संबंधित कोई शिकायत प्राप्‍त होना प्रतिवेदित नहीं है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

इंदौर-अहमदाबाद मार्ग पर फ्लाई ओव्‍हर का निर्माण

[लोक निर्माण]

7. ( *क्र. 1777 ) श्री वेलसिंह भूरिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या धार जिले के राजगढ़ कुक्षी रोड स्थित इंदौर-अहमदाबाद रोड फोर-लेन एवं                            सरदारपुर-भोपावर मार्ग पर इंदौर अहमदाबाद फोर-लेन क्रासिंग पर आये दिन हो रही दुर्घटनायें तथा इन दुर्घटनाओं में लगभग 100 से अधिक व्‍यक्तियों की मृत्‍यु हो चुकी है? इन दुर्घटनाओं को रोकने के लिये शासन के पास क्‍या योजना है? (ख) फोर-लेन पर क्रासिंग होने के बावजूद भी उस पर फ्लाई ओवर ब्रिज के निर्माण का प्रस्‍ताव प्राक्‍कलन में निर्माण एजेंसी द्वारा क्‍यों नहीं किया गया? इस गंभीर लापरवाही के लिये कौन जिम्‍मेदार है? क्‍या जिम्‍मेदार लोगों के खिलाफ शासन कोई वैधानिक कार्यवाही करेगा? हाँ तो कब तक? नहीं तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) एवं (ख) उक्‍त प्रश्‍न भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से संबधित है। भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से प्राप्‍त उत्‍तर संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''दो''

ग्रीन कार्डधारी अध्यापकों को वेतनवृद्धि का लाभ

[स्कूल शिक्षा]

8. ( *क्र. 1411 ) श्री प्रताप सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                          (क) क्‍या मध्यप्रदेश में शिक्षा विभाग में कार्यरत अध्यापक संवर्ग के ग्रीन कार्डधारियों को इन्क्रीमेंट लगाये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्ध करावें? (ख) क्या अध्यापक संवर्ग को 6 वें वेतनमान के आदेश के पश्चात् से ग्रीन कार्डधारी अध्यापकों को इन्क्रीमेंट बंद कर दिये गये हैं? यदि हाँ, तो शासन के किस आदेश से? उस आदेश की प्रति उपलब्ध करावें

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।                                                (ख) जी नहीं। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्‍िथत नहीं होता।

परिशिष्ट - ''तीन''

प्राचार्य शा.उ.मा.वि. ईशानगर के विरूद्ध जाँच/कार्यवाही

[स्कूल शिक्षा]

9. ( *क्र. 527 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आयुक्‍त लोक शिक्षण संचालनालय म.प्र. भोपाल द्वारा पत्र क्रमांक/स्‍था.-1/सत/सी/वि.स./ छतरपुर/2017/2558, दिनांक 29.11.2017 के अनुसार संयुक्‍त संचालक लोक शिक्षण संभाग सागर को जाँच कर दोषी व्‍यक्ति को चिन्हित कर जाँच प्रतिवेदन प्रस्‍तुत करने का कार्य सौंपा गया था? (ख) क्‍या संयुक्‍त संचालक लोक शिक्षण संभाग सागर द्वारा पत्र क्रमांक/वि.स./शिक्षा/2017/5027, दिनांक 30.11.2017 द्वारा तीन सदस्‍यीय जाँच कमेटी का निर्माण कर जाँच करवायी गयी थी?                                       (ग) क्‍या जाँच कमेटी द्वारा राशि 14,09,022/- के अनाधिकृत आहरण एवं गलत भुगतान के लिये तत्‍कालीन प्राचार्य शास. उच्‍च. माध्‍य. विद्यालय ईशानगर जिला छतरपुर म.प्र. श्री हरीश कुमार रैकवार को उत्‍तरदायी पाते हुये पत्र क्रमांक/जाँच/वि.स./2017/6779, दिनांक 05.12.2017 संयुक्‍त संचालक लोक शिक्षण सागर संभाग सागर के समक्ष प्रस्‍तुत किया गया? (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार संयुक्‍त संचा‍लक ने प्रकरण आयुक्‍त लोक शिक्षण भोपाल को भेजा, किन्‍तु आज दिनांक तक दोषी प्राचार्य श्री हरीश कुमार रैकवार के विरूद्ध कोई कार्यवाही नहीं हुई। उक्‍त संबंध में दोषी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही कब तक की जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) से (ग) जी हाँ। (घ) लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश क्रमांक 340, दिनांक 28.02.2018 द्वारा श्री हरीश कुमार रैकवार, प्राचार्य के विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित की गई है। जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही की जा सकेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

दिमनी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत सड़कों की मरम्‍मत

[लोक निर्माण]

10. ( *क्र. 3243 ) श्री बलवीर सिंह डण्‍डौतिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पी.डब्‍ल्‍यू.डी. विभाग द्वारा निर्मित सड़कों के मरम्‍मत करने के क्‍या नियम हैं? क्‍या इस हेतु शासन द्वारा कोई गाइड लाईन है? यदि हाँ, तो उसकी प्रति दी जावे? (ख) क्‍या विगत 2 वर्षों में विधानसभा क्षेत्र दिमनी जिला मुरैना में विभाग द्वारा निर्धारित गाईड-लाईन के अनुसार विधान सभा क्षेत्र दिमनी जिला मुरैना में सड़कों की मरम्‍मत कराई गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण बतावें (ग) क्‍या विगत 02 वर्षों में जिला प्रशासन (पी.डब्‍ल्‍यू.डी.) द्वारा प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार भ्रमण कर निर्मित रोडों का निरीक्षण किया गया? यदि हाँ, तो किस मार्ग पर किन अधिकारियों द्वारा भ्रमण किया गया? (घ) उपरोक्‍तानुसार जिन रोडों की मरम्‍मत की गई उन रोडों के नाम बतायें एवं कितनी रोड मरम्‍मत हेतु शेष हैं? उनकी मरम्‍मत कब तक करा दी जायेगी।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) कोई निर्धारित नियम परिभाषित नहीं हैं, किन्‍तु सड़कों की मरम्‍मत का कार्य भूतल परिवहन मंत्रालय द्वारा जारी मापदण्‍ड एवं आई.आर.सी. में उल्‍लेखित प्रावधानों के अनुरूप आवश्यकतानुसार एवं उपलब्‍ध संसाधन एवं बजट में उपलब्‍ध आवंटन अनुसार मरम्‍मत कार्य किये जाते हैं। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। आवश्‍यकतानुसार मरम्‍मत कराई गई है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। म.प्र. सड़क विकास निगम के अंतर्गत दिमनी विधानसभा क्षेत्र से होकर गुजरने वाले मुरैना-अम्‍बाह-पोरसा मार्ग का भ्रमण समय-समय पर संभागीय प्रबंधक, सहायक महाप्रबंधक एवं प्रबंधक द्वारा किया गया। शेष जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।                          (घ) म.प्र. सड़क विकास निगम के अंतर्गत दिमनी विधानसभा क्षेत्र से होकर गुजरने वाले                                               मुरैना-अम्‍बाह-पोरसा मार्ग की मरम्‍मत कराई गई है, वर्तमान में इसके बी.टी. नवीनीकरण कार्य के पूर्व चिन्हित स्‍थानों पर नये गड्ढों की मरम्‍मत लगभग 8 माह में पूर्ण हो जावेगी। पेच रिपेयर की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' तथा नवीनीकरण से मरम्‍मत की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'ब-1' अनुसार है। मरम्‍मत हेतु शेष सड़कों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

मुलताई-भैसदेही मार्ग में विद्युत लाईन की शिफ्टिंग

[लोक निर्माण]

11. ( *क्र. 3284 ) श्री चन्‍द्रशेखर देशमुख : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मुलताई-भैसदेही निर्माणाधीन मार्ग में बिजली की लाईन शिफ्ट करने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो उक्‍त कार्य को किस एजेंसी द्वारा किया जा रहा है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार क्‍या लाईन शिफ्टिंग के कार्य को करने वाली एजेंसी द्वारा लाईन शिफ्टिंग का कार्य गुणवत्‍तापूर्ण एवं मापदण्‍डों के अनुसार किया जा रहा है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार क्‍या लाईन को शिफ्ट कर लोगों के मकानों के ऊपर से ले जाने का प्रावधान है? यदि नहीं, तो एजेंसी द्वारा ग्राम सिरडी एवं अन्‍य घरों के ऊपर से लाईन क्‍यों ले जायी जा रही है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के अनुसार उक्‍त शिकायतों का निराकरण न करने वाले दोषी अधिकारियों पर कब तक क्‍या कार्यवाही की जायेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग विद्युत यांत्रिकी, संभाग क्र. 2 भोपाल के अंतर्गत हिना कंस्‍ट्रक्‍शन कंपनी भोपाल द्वारा किया जा रहा है। (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। ग्राम सिरडी एवं अन्‍य घरों के ऊपर से लाईन नहीं ले जायी जा रही है। (घ) उत्‍तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

राष्‍ट्रीय राजमार्ग 12 के निर्माण की जाँच

[लोक निर्माण]

12. ( *क्र. 3080 ) प्रो. संजीव छोटेलाल उइके : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मण्‍डला जिला अंतर्गत नगर परिषद भुआ-बिछिया क्षेत्रांतर्गत एन.एच. 12 ए राष्‍ट्रीय राजमार्ग में बंजारी से भंडगा तक दोनों ओर नल-जल योजना की मेन पाईप लाईन मे. दिलीप बिल्‍डकॉन कंपनी द्वारा डाली जानी थी? (ख) क्‍या नगरवासियों की मौखिक शिकायत पर निर्माण एजेंसी द्वारा रातोरात चोरी छिपे पाईप लाईन बिछाने का कार्य किया गया है, जिसकी शिकायत नगरवासियों द्वारा एस.डी.एम. बिछिया को कलेक्‍टर मण्‍डला के नाम से ज्ञापन सौंप कर उक्‍त की गई शिकायत की जाँच करने हेतु आग्रह किया गया है एवं जानकारी प्राप्‍त होने पर निकाय अध्‍यक्ष द्वारा परिषद के पदाधिकारियों एवं अमले के साथ मौके पर K-7 (100 mm) के पाईप पाये गये जबकि नई पाईप लाईन के पाईप प्राक्‍कलन अनुसार K-9 (100 mm) के डाले जाने थे, जिसकी सूचना पर अनुविभागीय अधिकारी, बिछिया द्वारा पंचनामा तैयार कर पाईप जप्‍त किये गये हैं?                                            (ग) यदि हाँ, तो मे.दिलीप बिल्‍डकॉन द्वारा पूर्व प्रस्‍तुत प्राक्‍कलन के विपरीत ये कार्य किसकी सहमति/ आदेश के द्वारा रातोंरात किये जा रहे थे? क्‍या इसकी जाँच हेतु जिला प्रशासन अथवा स्‍थानीय स्‍तर पर कोई कार्यवाही की है? इस अवैधानिक कृत्‍य पर भुगतान कब और कैसे कितना किया गया और क्‍यों? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) अनुसार नागरिकों के मूलभूत सुविधा की दृष्टि से बिछिया नगर निकाय में पाईप लाईन प्राक्‍कलन के विरूद्ध क्‍यों डाली जा रही थी? दोषी के विरूद्ध अब तक क्‍या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? कार्यवाही कब पूर्ण की जावेगी, जानकारी जाँच प्रतिवेदन सहित प्रस्‍तुत करें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) अनुविभागीय अधिकारी बिछिया अथवा कलेक्टर मंडला को नगरवासियों द्वारा की गई शिकायत विषयक जानकारी विभाग में उपलब्ध न होकर, सबंधित नहीं है। कोई भी कार्य चोरी छुपे या रातोरात नहीं किया गया है। के-7 अथवा के-9 पाइप के विशेष विवरण (स्पेसिफिकेशन) अनुसार, दाब अनुसार के-7 अथवा के-9 पाइप का उपयोग किया जाता है। उक्त कार्य में के-9 पाइप के साथ-साथ कुछ पाईप के-7 के भी डाले गये। कार्य लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मंडला, नगर परिषद बिछिया तथा मार्ग निर्माण हेतु नियुक्त अथॉरिटी इंजीनियर की देखरेख में सम्पन्न कराया गया। अनुविभागीय अधिकारी द्वारा पाइप जब्ती अथवा पंचनामा विषयक जानकारी विभाग में अप्राप्त है। (ग) जी नहीं। विवरण उत्‍तरांश () अनुसार। कार्य लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगर परिषद बिछिया तथा अथॉरिटी इंजीनियर की देख-रेख में कराया गया है। विभाग को जिला प्रशासन अथवा स्थानीय स्तर पर जाँच अथवा कार्यवाही की सूचना नहीं है। अनुबंधक को दो बार दिनांक 31.03.2017 को रू. 74.29 लाख तथा दिनांक 21.06.2017 को रू. 73.05 लाख का भुगतान किया गया है। किये गये कार्य का भुगतान मुख्य नगर पालिका अधिकारी बिछिया एवं सहायक यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सत्यापन के उपरान्त मानदण्डों के अनुरूप पाये जाने के उपरान्त किया गया है। (घ) कार्य लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगर परिषद बिछिया तथा अथॉरिटी इंजीनियर की देख-रेख में भारतीय मानक अनुसार उचित गुणवत्ता का कराया गया है, चूंकि कार्य मानक स्तर का किया गया है, अतः दोषी होने अथवा कार्यवाही एवं जाँच का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

प्रश्‍नकर्ता के पत्र पर कार्यवाही

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

13. ( *क्र. 3224 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिनांक 04.01.2018 को रीवा जिले में उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्‍करण द्वारा संचालित योजनाओं के द्वारा किसानों को देने वाले लाभ व अन्‍य की जानकारी चाही गई है? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक जानकारी क्‍यों नहीं दी गई है, जानकारी कब तक प्रदान की जावेगी? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में जानकारी न देने के लिये कौन अधिकारी दोषी है, उसके विरूद्ध कौन सी दण्‍डात्‍मक कार्यवाही कब तक की जावेगी? (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में दी गई जानकारी में हुए भ्रष्‍टाचार के लिये कौन दोषी है, भ्रष्‍ट अधिकारी के विरूद्ध कौन सी दण्‍डात्‍मक कार्यवाही कब तक की जावेगी?

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्‍नकर्ता को जानकारी कार्यालय सहायक संचालक उद्यान, जिला रीवा के पत्र क्रमांक 1105, दिनांक 22.02.2018 द्वारा पंजीकृत पत्र के माध्‍यम से भेजी गई है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।                                           (ग) उत्‍तरांश (ख) के अनुक्रम में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्‍नकर्ता को दी गई जानकारी में अनियमितता प्रकाश में नहीं आई है, अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

जुन्‍नारदेव के व्‍यवहार न्‍यायालय में न्‍यायाधीशों की पदस्‍थापना

[विधि और विधायी कार्य]

14. ( *क्र. 1635 ) श्री नथनशाह कवरेती : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या उच्‍च न्‍यायालय, मध्‍यप्रदेश जबलपुर की अधिसूचना क्रमांक सी 4666-तीन-10-47/78 सात दिनांक 18.11.2016 के द्वारा सारणी के बिन्‍दु 11 में जुन्‍नारदेव के व्‍यवहार न्‍यायालय में अपर जिला न्‍यायाधीश, सिविल न्‍यायाधीश प्रथम एवं द्वितीय वर्ग को बैठने के निर्णय हुये थे? (ख) यदि हाँ, तो इस अधिसूचना को किस कारण निरस्‍त किया गया है? (ग) आदिवासी/ग्रामीणों को न्‍याय हेतु दूरस्‍थ न जाना पड़े इस हेतु प्रश्नांश (क) पुन: बहाल किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) उक्त अधिसूचना निरस्त नहीं की गई। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के उत्तर के आलोक में प्रश्न उत्पन्न नहीं होता है।

शाजापुर मुख्‍यालय अंतर्गत मार्ग का दोहरीकरण

[लोक निर्माण]

15. ( *क्र. 975 ) श्री अरूण भीमावद : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍न क्रमांक 1595, दिनांक 04.12.2017 में बताया गया है कि जिला मुख्‍यालय शाजापुर व्‍हाया सतगाँव-बिजाना से चौमा मार्ग कुल लम्‍बाई 29.1 कि.मी. के दोहरीकरण का प्रस्‍ताव प्राक्‍कलन राशि रु. 2950.08 लाख का मण्‍डल कार्यालय उज्‍जैन में परीक्षणाधीन है? (ख) क्‍या उक्‍त मार्ग का दोहरीकरण/उन्‍नयन हेतु सर्वे के निर्देश दिये गये हैं? (ग) क्‍या वित्‍तीय वर्ष 2018-19 में उक्‍त मार्ग के दोहरीकरण की प्रशासकीय स्‍वीकृत प्रदान होगी? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार उक्‍त मार्ग के दोहरीकरण की स्‍वीकृति की समयावधि बतलाएं।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धतानुसार स्‍वीकृति हेतु विचार किया जा सकेगा। (घ) समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

शाला भवन के निर्माण की स्‍वीकृति

[स्कूल शिक्षा]

16. ( *क्र. 1267 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधान सभा क्षेत्र खिलचीपुर के अंतर्गत शासकीय हाई स्‍कूल भाटखेड़ा, दिलावरी, भानपुरा एवं गोघटपुर ऐसे हाई स्‍कूल हैं, जिनका हाईस्‍कूल में उन्‍नयन हुए काफी वर्ष हो चुके हैं, लेकिन उक्‍त हाई स्‍कूल शालाओं का स्‍वयं का भवन नहीं है। यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त हाईस्‍कूलों के छात्र-छात्राओं का अध्‍यापन कार्य माध्‍यमिक एवं प्राथमिक शाला के भवनों में कराया जा रहा है, जिसमें निरंतर अध्‍ययन कार्य बाधित होकर बच्‍चों की बैठक व्‍यवस्‍था भी प्रभावित हो रही है? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त हाई स्‍कूल शालाओं के भवन निर्माण हेतु शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या शासन छात्र-छात्राओं के भविष्‍य को दृष्टिगत रखते हुये उक्‍त हाईस्‍कूल शालाओं के भवन निर्माण की स्‍वीकृति मुख्‍य बजट                                    वर्ष 2018-19 में प्रदान करेगा? यदि नहीं, तो उक्‍त समस्‍या के निराकरण के लिये शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। उक्त हाई स्कूल माध्यमिक एवं प्राथमिक शाला के भवनों में संचालित हो रहे हैं। (ख) जी हाँ। उक्‍त भवनों का निर्माण बजट उपलब्‍धता पर निर्भर करता है।

नलकूप खनन हेतु अनुदान राशि का वितरण

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

17. ( *क्र. 1007 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राज्‍य पोषित नलकूप खनन योजना के तहत प्रदेश की सहायता निधि से अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के कृषकों को अनुदान स्‍वीकृत करने का प्रावधान है? प्रावधानों/निर्देशों की जानकारी उपलब्‍ध कराई जाये। (ख) अनूपपुर जिले के विधानसभा क्षेत्र पुष्‍पराजगढ़ के अंतर्गत वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक कितना-कितना अनुदान राज्‍य शासन द्वारा आवंटित किया गया था? कितने कृषकों ने नलकूप खनन के लिये अनुदान हेतु आवेदन किया था? जानकारी वर्षवार, ग्राम पंचायतवार कृषकों की संख्‍या सहित बतायें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में बतायें कि आवेदक कृषकों में से कितने अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति संवर्ग के कृषकों को उक्‍त अवधि में कितना-कितना अनुदान स्‍वीकृत किया गया? ग्राम पंचायतवार कृषकों की संख्‍यात्‍मक जानकारी सहित स्‍वीकृत अनुदान राशि, नलकूप खनन स्‍थान सहित जानकारी देवें?                                                     (घ) प्रश्‍नांश (ख) एवं (ग) के अनुसार दर्शित वर्षों में उक्‍त मद की कितनी राशि लेप्‍स हुई अथवा समर्पित की गई? जानकारी वर्षवार उपलब्‍ध करायें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। प्रावधानों/निर्देशों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) अनूपपुर जिले के विधानसभा क्षेत्र पुष्‍पराजगढ़ के अंतर्गत जिला स्‍तर से अनुदान हेतु आवंटित लक्ष्‍य की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। विधानसभा क्षेत्र पुष्‍पराजगढ़ के अंतर्गत वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक 63 कृषकों द्वारा नलकूप खनन हेतु आवेदन किया गया, वर्षवार ग्राम पंचायतवार कृषकों की संख्‍या सहित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-तीन अनुसार है।                                              (ग) उक्‍त अवधि में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति वर्ग के 27 कृषकों को राशि रू. 9.74 लाख अनुदान स्‍वीकृत किया गया है। ग्राम पंचायतवार कृषकों की संख्‍यात्‍मक जानकारी सहित स्‍वीकृत अनुदान राशि, नलकूप खनन स्‍थान सहित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-चार अनुसार है। (घ) प्रश्‍नांश अनुसार उक्‍त मदों में अनुदान राशि विधानसभा क्षेत्रवार आवंटन नहीं दिया जाता है। जिला स्‍तर पर विकासखण्‍डवार आवंटन का विभाजन किया जाता है। उक्‍त वर्ष में कोई भी राशि लेप्‍स/स‍मर्पित नहीं की गई है।

जिला शिक्षा अधिकारी रीवा के विरूद्ध जाँच/कार्यवाही

[स्कूल शिक्षा]

18. ( *क्र. 1516 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला शिक्षा अधिकारी रीवा के पद पर दिनांक 04.08.2005 से 15.05.2006 एवं 11.04.2010 से 28.04.2010 तक तथा 07.01.2015 से 05.03.2015 तक वर्तमान अवधि में कार्यरत जिला शिक्षा अधिकारी की कुल कितनी शिकायतें हुईं तथा उक्‍त अवधि में कितनी बार निलं‍बित हुआ? निलंबन आदेश एवं शासन विभाग को प्राप्‍त शिकायतों और उन पर की गयी कार्यवाही की प्रति के साथ जानकारी देवें। (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) की अवधि एवं अधिकारी को कक्षा 5 वीं, 8 वीं के परीक्षा में व्‍यापक गड़बड़ी करने पर निलंबित किया गया था? यदि हाँ, तो क्‍या निलंबन उपरांत आरोप पत्र जारी कर विभागीय जाँच पूरी होने के उपरांत बहाल किया गया था? सहपत्रों के साथ जानकारी देवें। यदि समय पर आरोप पत्र जारी न होने के कारण स्‍वमेव बहाल होकर कार्य में उपस्थित हो गया था तो उक्‍त प्रकरण में पुन: निलंबित कर उस प्रकरण की जाँच करायेंगे? यदि नहीं, तो क्‍या कारण है तथा ऐसे प्रकरणों में कार्यवाही के क्‍या नियम हैं? नियम की प्रति के साथ जानकारी दें                                                       (ग) प्रश्नांश (क) के अवधि के अधिकारी का उक्‍त अवधि में मूल पद क्‍या था तथा उसका कितनी बार रीवा जिले एवं जिले से बाहर स्‍थानांतरण किया गया है? किन-किन आदेशों का पालन किया, किन किन का नहीं? आदेश प्रति के साथ जानकारी देवें। क्‍या उक्‍त भ्रष्‍ट अधिकारी की नियुक्ति रीवा जिले के लिए ही की गयी है? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) के वर्तमान अधिकारी स्‍थानांतरण में हैं तो इसे भारमुक्‍त क्‍यों नहीं किया जा रहा है? जिला पंचायत की उपाध्‍यक्ष एवं शिक्षा समिति के अध्‍यक्ष से कई बार अभद्र व्‍यवहार किये जाने तथा जिला शिक्षा समिति में उपस्थित नहीं होने वाले ऐसे अधिकारी को प्रशासनिक पद भार में रखने का क्‍या औचित्‍य है? इन्‍हें कब तक हटा देंगे? इस संबंध में शिक्षा समिति में पारित निंदा प्रस्‍तावों एवं उपाध्‍यक्ष जिला पंचायत द्वारा लिखे गये पत्रों की प्रति एवं उस पर की गयी कार्यवाही की प्रति देवें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) जी नहीं, अपितु विभागीय जाँच संस्थित की गई थी, संचालनालय के आदेश दिनांक 07.07.2012 द्वारा विभागीय जाँच में आरोप प्रमाणित नहीं पाये जाने से प्रकरण समाप्त किया गया। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। आदेश संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (क) की अवधि 04.08.2005 से 15.05.2006 एवं 11.04.2010 से 28.04.2010 में मूल पद प्राचार्य, उमावि. था। प्राचार्य पद पर रहने के दौरान ही संचालनालय के आदेश क्रमांक 1076- 77 दिनांक 13.07.2012 द्वारा                    श्री बृजेश मिश्रा, कार्यालय संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण, रीवा संभाग का स्थानान्तरण प्राचार्य, शास.उमा.वि. पिण्डरा जिला सतना (जिले से बाहर) किया गया तथा इस आदेश का पालन श्री मिश्रा द्वारा किया गया। दिनांक 07.01.2015 से 05.03.2015 की अवधि में मूल पद उप संचालक था। जी नहीं। आदेश संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र 'दो' अनुसार है। (घ) म.प्र.शासन, स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश दिनांक 09.02. 2018 द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी जिला रीवा के पद पर श्री अंजनी कुमार त्रिपाठी, को पदस्थ किये जाने से उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण दिनांक 15.2.2018 से श्री मिश्रा,को जिला शिक्षा अधिकारी जिला रीवा के सौपें गये अतिक्ति प्रभार से मुक्त किया गया है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।  

परिशिष्ट - ''चार''

मेन केनाल से दीवानचन्‍द का डेरा तक मार्ग निर्माण की स्‍वीकृति

[लोक निर्माण]

19. ( *क्र. 441 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माननीय मुख्‍यमंत्री जी ने दिनांक 25.06.2017 को श्‍योपुर जिले में प्रवास के दौरान मेन केनाल से ग्राम दीवानचन्‍द का डेरा तक वर्तमान तक आवागमन में आ रही कठिनाइयों के निवारण हेतु इस मार्ग का निर्माण कराने की मांग ग्रामीणों द्वारा की गई थी। ग्रामीणों की मांग को गंभीरता से लेते हुए इस मार्ग का निर्माण कराने की घोषणा माननीय मुख्‍यमंत्री जी ने की थी। (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त घोषणा के क्रियान्‍वयन हेतु क्‍या ई.ई. लो.नि.वि. श्‍योपुर ने उक्‍त मार्ग की डी.पी.आर. तैयार कर शासन को स्‍वीकृति हेतु भेज दी है व कब? यदि नहीं, तो कब तक भेजी जावेगी? इसकी लागत भी बतावें। (ग) क्‍या उक्‍त डी.पी.आर. भेजने में विलंब के कारण उक्‍त घोषणा के क्रियान्‍वयन में विलम्‍ब की स्थिति निर्मित हो रही है? (घ) यदि हाँ, तो क्‍या शासन उक्‍त घोषणा का प्राथमिकता से क्रियान्‍वयन कराने हेतु उक्‍त मार्ग की डी.पी.आर. शीघ्र मंगवाएगा तथा इसे वर्ष 2018-19 के बजट में शामिल करके शीघ्र स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) जी नहीं, अपितु मुख्‍य अभियंता ग्‍वालियर द्वारा दिनांक 11.01.2018 को प्रमुख अभियंता कार्यालय को डी.पी.आर. प्रस्‍तुत। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। रू. 130.73 लाख। (ग) जी नहीं। (घ) विभाग की स्‍थायी वित्‍तीय समिति की 171 वीं बैठक के एजेण्‍डा में सम्मिलित। अनुपूरक बजट वर्ष 2018-19 में सम्मिलित होने के उपरांत स्‍वीकृति की कार्यवाही की जा सकेगी। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

कसरावद विधानसभा क्षेत्रांतर्गत सड़कों का निर्माण

[लोक निर्माण]

20. ( *क्र. 3045 ) श्री सचिन यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कसरावद विधानसभा क्षेत्रांतर्गत कसरावद मुख्‍य मार्ग औझरा से औझरा टाण्‍डा मार्ग, अदलपुरा बिटनेरा से सहेजला व्‍हाया बडिया मार्ग, मछलगांव से सहेजला मार्ग, बामखल आवरकच्‍छ से रामपुरा 3.20 कि.मी. मार्ग, कोडापुरा (लोहारी) से सोनखेड़ी 3.82 कि.मी. मार्ग, सिपटान मुख्‍य मार्ग से भुलगांव 1.50 कि.मी., भनगांव से कवडी 3.50 कि.मी. मार्ग, रसवा से डाबरी 6.50 कि.मी. मार्ग, टेमरनी से सिनगुन मार्ग एवं कसरावद खरगोन मार्ग (जायसवाल ढाबे) से नवलपुरा तक के उक्‍त मार्गों के निर्माण कार्य किये जाने हेतु वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक लोक निर्माण विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) उक्‍त निर्माण कार्यों के प्रस्‍ताव किस-किस दिनांक को प्राप्‍त हुए तथा वर्तमान में उनकी अद्यतन स्थिति क्‍या है? उक्‍त मार्गों के निर्माण कार्य आज दिनांक तक नहीं किये जाने के क्‍या कारण हैं? (ग) प्रश्नांश (क) में दर्शित मार्गों की वस्‍तुस्थिति प्रश्‍नांकित दिनांक तक में क्‍या है? मार्गवार जानकारी दें। (घ) उक्‍त निर्माण कार्यों के संबंध में विगत 3 वर्षों में प्रश्‍नकर्ता के कितने पत्र विभाग को प्राप्‍त हुए तथा तत्‍संबंध में प्रश्‍नांकित दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? कार्यवाही की अद्यतन स्थिति से अवगत करावें (ड.) उक्‍त मार्गों के निर्माण कार्यों की कब तक स्‍वीकृति जारी कर निर्माण कार्य पूर्ण करा लिए जायेंगे?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (ड.) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

सागर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत भवन एवं बाउण्‍ड्रीवॉल विहीन विद्यालय

[स्कूल शिक्षा]

21. ( *क्र. 370 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                         (क) सागर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुल कितने हायर सेकेण्‍डरी एवं हाई स्‍कूल संचालित हैं? इन विद्यालयों में से कितनों के स्‍वयं के भवन हैं एवं कितने भवन विहीन हैं, जिन विद्यालयों के स्‍वयं के भवन हैं, उनमें से कितने बाउण्‍ड्रीवॉल विहीन हैं? (ख) भवन विहीन हायर सेकेण्‍डरी एवं हाई स्‍कूल किन वैकल्पिक भवनों में संचालित हो रहे हैं? शासन सागर विधान सभा क्षेत्रांतर्गत भवन विहीन एवं बॉउण्‍ड्रीवॉल विहीन विद्यालयों को कब तक उक्‍त सुविधा उपलब्‍ध करा देगा? (ग) क्‍या अनुसूचित जाति बाहुल्‍य क्षेत्र में स्‍थापित हाई स्‍कूल काकागंज एवं हाई स्‍कूल बिट्ठलनगर में स्‍वयं के भवन एवं बाउण्‍ड्रीवॉल न होने के कारण विद्यार्थियों के मध्‍य सदैव ही असुरक्षा का वातावरण बन रहा है? यदि हाँ, तो शासन कब तक प्राथमिकता से इन विद्यालयों में भवन एवं बाउण्‍ड्रीवॉल                                    स्‍वीकृत करेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) सागर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत कुल 13 (06 हाई स्कूल एवं 07 हायर सेकेण्डरी स्कूल) संचालित हैं। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। भवन विहीन तथा बाउण्ड्रीवॉल विहीन शालाओं की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार है। (ख) भवन विहीन हाई स्कूल शा. माध्यमिक शालाओं के भवनों में संचालित हो रही है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र ''तीन'' अनुसार है। भवन विहीन स्कूलों के लिए भवन एवं बाउण्ड्रीवॉल निर्माण बजट की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। (ग) विद्यालय के प्राचार्य एवं स्टॉफ द्वारा विद्यार्थियों की सुरक्षा हेतु विशेष सजगता बरती जाती है। भवन निर्माण एवं बाउण्ड्रीवॉल निर्माण बजट उपलब्धता पर निर्भर करेगा।

परिशिष्ट - ''पाँच''

पंधाना से रूस्‍तमपुर रोड़ का मरम्‍मतीकरण

[लोक निर्माण]

22. ( *क्र. 2415 ) श्रीमती योगिता नवलसिंग बोरकर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र पंधाना अन्‍तर्गत, पंधाना से रूस्‍तमपुर रोड वारंटी पीरियड में है? (ख) यदि हाँ, तो मार्ग में बड़े-बड़े गड्ढे होकर मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्‍त होने के बावजूद मार्ग का दुरूस्‍तीकरण/डामरीकरण क्‍यों नहीं कराया गया, जबकि‍ प्रश्‍नकर्ता द्वारा विभाग को एक से अधिक बार लिखित में अवगत कराने के बाद भी विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है, उक्‍त मार्ग से लगभग 40 से 50 गांवों के लोग पंधाना से डुल्‍हार होते हुऐ रूस्‍तमपुर 5 कि.मी. का अतिरिक्‍त फेरा लगाकर प्रतिदिन आना जाना करते हैं।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) जी नहीं। उक्‍त मार्ग कुछ स्‍थानों पर क्षतिग्रस्‍त है। पूर्व ठेकेदार द्वारा मार्ग का कुछ भाग अधूरा छोड़ा गया है, जिसके विरूद्ध दण्‍डात्‍मक कार्यवाही करते हुए हर्जे-खर्चे पर दूसरा ठेका माह मई 2016 में तय किया गया है, परन्‍तु द्वितीय ठेकेदार द्वारा शेष कार्य एवं क्षतिग्रस्‍त हिस्‍से का संधारण कार्य पूर्ण नहीं किया गया है, जिसे पूर्ण करने हेतु ठेकेदार को बार-बार लिखा गया है, परन्‍तु अभी तक कार्य नहीं किया गया है। अत: अनुबंध की धाराओं के अंतर्गत द्वितीय ठेकेदार के विरूद्ध कार्यवाही की जा रही है। संबंधित कार्यपालन यंत्री को विभागीय गैंग के माध्‍यम से मार्ग पर संधारण कार्य कराये जाने के निर्देश दिये गये हैं। मार्ग पर यातायात निर्बाध रूप से जारी है।

फसल बीमा के रूप में किसानों से ली गई प्रीमियम राशि

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

23. ( *क्र. 3302 ) श्री रमेश पटेल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वानी जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा के तहत खरीफ 2016, रबी 2017 एवं खरीफ 2017 में कितने किसानों से कितनी प्रीमियम राशि ली गई? किसान संख्‍या, प्रीमियम राशि सहित तहसीलवार पृथक-पृथक जानकारी देवें? (ख) बीमा कंपनियों द्वारा इस प्रीमियम जमा प्राप्ति संबंधी पत्र/रसीद दस्‍तावेज जो विभाग को दिए गए, की पृथक-पृथक जानकारी देवें। (तीनों सीजन की)? (ग) कितनी बीमा क्‍लेम राशि प्रश्नांश (क) अनुसार लंबित है? तहसीलवार जानकारी देवें (घ) इसका भुगतान कब तक कर दिया जाएगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ 2016 एवं रबी 2016-17 मौसम में बड़वानी जिले की तहसीलवार बीमा आवरण की प्रावधिक जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। खरीफ 2017 मौसम हेतु तहसीलवार बीमा आवरण की जानकारी बीमा कंपनी द्वारा संकलित की जा रही है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। (ग) खरीफ 2016 मौसम में बड़वानी जिले की तहसीलवार बीमा आवरण की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। बीमा कंपनी के अनुसार उक्‍त जानकारी प्रावधिक है। बीमा कंपनी द्वारा बैंकों से बीमांकन की त्रुटियां संशोधित की जा रही हैं, अत: कुछ बैंकों से बीमांकन में त्रुटि सुधार उपरांत आंकड़ों में संशो‍धन संभावित है। रबी 2016-17 एवं खरीफ 2017 की अग्रिम राज्‍यांश प्रीमियम अनुदान राशि का भुगतान बीमा कंपनी को कर दिया गया है तथा प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल क्षति होने के एवज में बीमा कंपनी द्वारा क्षतिपूर्ति भुगतान बीमा कंपनी द्वारा किये जाने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्‍त प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ 2017 मौसम हेतु औसत पैदावार के आंकडे बीमा कंपनी को दिनांक 31.01.2018 एवं रबी 2017-18 मौसम हेतु औसत पैदावार के आंकड़े राज्‍य शासन द्वारा दिनांक 30.06.2018 तक उपलब्‍ध कराये जाने के पश्‍चात् प्राप्‍त उपज के आंकड़ों के आधार पर दावों की गणना कर यदि किसी अधिसूचित क्षेत्र की अधिसूचित फसल हेतु उपज में कमी पायी जाएगी तो योजना के अनुसार क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान पात्र कृषकों को नोडल बैंकों के माध्‍यम से किये जाने का प्रावधान है। शेष जानकारी बीमा कंपनी द्वारा एकत्रित की जा रही है।                                         (घ) उत्‍तरांश (ग) अनुसार।

भावांतर योजना में न्‍यूनतम खरीदी भाव का निर्धारण

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

24. ( *क्र. 2890 ) श्री दिनेश राय (मुनमुन) : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले के अंतर्गत भावांतर योजना में प्रश्‍न दिनांक तक कितने किसानों के पंजीकरण हुये? (ख) भावांतर योजना से प्रश्‍न दिनांक तक लाभांवित होने वाले किसानों की संख्‍या तथा उन्‍हें कुल प्राप्‍त अंतर राशि बतावें। (ग) भावांतर योजना के तहत कौन-कौन सी फसल है तथा उस फसल पर मिलने वाले भावांतर का सूत्र (फार्मूला) क्‍या है? (घ) खरीफ 2017 हेतु फसलों के मॉडल रेट की जानकारी देवें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) सिवनी जिले के अंतर्गत खरीफ 2017 की भावांतर भुगतान योजना में 41880 किसानों के पंजीयन हुए हैं। (ख) भावांतर भुगतान योजना अंतर्गत 16 अक्‍टूबर, 2017 से 31 दिसम्‍बर, 2017 तक चयनित फसलों को मण्डी प्रांगण में विक्रय करने वाले सिवनी जिले के 18551 किसानों को दिनांक 20.02.2018 की स्थिति में भावांतर की राशि रूपए 45,97,54,732/- जिला कलेक्‍टर द्वारा उनके बैंक खाते में अंतरित की गई है। (ग) खरीफ 2017 की भावांतर भुगतान योजना अंतर्गत मक्‍का, मूंग, उड़द, सोयाबीन, मूंगफली, तुअर, तिल एवं रामतिल फसलें शामिल हैं। इन फसलों पर मिलने वाली भावांतर राशि की गणना का सूत्र (फॉर्मूला) इस प्रकार है, योजना अंतर्गंत निर्धारित शर्तों के अध्‍याधीन पंजीकृत किसान द्वारा बेची गयी फसल की विक्रय दर समर्थन मूल्‍य से कम, किन्‍तु राज्‍य शासन द्वारा घोषित मॉडल (होल-सेल) विक्रय दर से अधिक हुई तो समर्थन मूल्‍य तथा किसान द्वारा विक्रय दर के अंतर की राशि भावांतर के रूप में भुगतान योग्‍य होगी। पंजीकृत किसान द्वारा बेची गई फसल की विक्रय दर राज्‍य शासन द्वारा घोषित मॉडल (होल-सेल) विक्रय दर से कम हुई तो समर्थन मूल्‍य तथा मॉडल विक्रय दर के अंतर की राशि का लाभ भावांतर के रूप में देय होगा, परंतु किसी उत्‍पाद का मॉडल (होल-सेल) विक्रय दर (तीन राज्‍यों का औसत) यदि न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य से ऊपर रहे तो उक्‍त फसल उत्‍पाद के लिए भावांतर भुगतान योजना लागू नहीं मानी जावेगी। यदि किसान द्वारा विक्रय दर, न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य से अधिक या बराबर हुई तो भी योजना का लाभ देय नहीं होगा। (घ) खरीफ 2017 की भावांतर भुगतान योजना अंतर्गत प्रश्‍न दिनांक तक चार बार मॉडल रेट घोषित किये गये हैं, जिसकी जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''छ:''

राघौगढ़-आरोन विकासखण्‍ड में भूमि संरक्षण के कार्य

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

25. ( *क्र. 3272 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग में लघुत्‍तम सिंचाई योजनाओं तथा माइक्रो एरिगेशन टैंक, परकोलेशन टेंक/तालाबों का निर्माण कराया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्‍यों? कब से ये काम बंद है? बंद करने का कारण बतायें। (ख) विभाग में भूमि संरक्षण के लिये कितने अधिकारी/कर्मचारी पदस्‍थ हैं? उनके अब क्‍या कार्य और दायित्‍व हैं? (ग) राघौगढ़-आरोन विकासखण्‍ड में वर्ष 2015-16, 2016-17 और                                  2017-18 में प्रश्‍न दिनांक तक विभाग द्वारा भूमि संरक्षण के कौन-कौन से कार्य पूर्ण हैं और                          कौन-कौन से कार्य अपूर्ण हैं? उनके नाम, लागत सहित बतावें (घ) राघौगढ़-आरोन विकासखण्‍ड में भूमि संरक्षण के कार्यों में अनियमितता पाये जाने पर कितने अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाहियां कब से लंबित हैं? कौन-कौन से अधिकारियों को दोषी पाया गया और कौन-कौन को दोषमुक्‍त किया गया है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) विभाग में लघुत्‍तम सिंचाई योजनाओं तथा माइक्रो एरिगेशन टैंक, परकोलेशन टैंक/तालाबों का निर्माण कार्य वर्ष 2013-14 से नहीं करवाया जा रहा है। शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि विभाग द्वारा विभिन्‍न प्रकार के (सिंचाई तालाब, परकोलेशन तालाब, स्‍टॉपडेम आदि) निर्माण कार्यों के संबंध में कृषि विभाग के अंतर्गत इतने वृहद स्‍तर के निर्माण कार्य हेतु सक्षम तकनीकी अमला नहीं होने से इस योजना अंतर्गत कार्य की राशि जल संसाधन विभाग को हस्‍तांतरित कर उनके संपूर्ण तकनीकी प्रशासनिक प्रक्रिया अंतर्गत क्रियान्वित करने की पद्धति पर कार्य किया जावे, इस कारण वर्तमान में सिंचाई तालाब, परकोलेशन तालाब, स्‍टॉपडेम आदि निर्माण कार्य नहीं किये जा रहे हैं। (ख) विभाग में कार्यपालिक एवं अकार्यपालिक संवर्ग में अधिकारी कर्मचारी पदस्‍थ हैं, पृथक से भूमि संरक्षण का कोई संवर्ग नहीं है तथा विभागीय संवर्ग के अधिकारियों/कर्मचारियों को भूमि संरक्षण कार्यालयों में पदस्‍थ किया जाता है। उनके कार्य एवं दायित्‍व की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार है तथा उन्‍हें उनके संवर्ग अनुसार शासकीय नियमानुसार देय वेतन भत्‍तों का भुगतान किया जा रहा है। (ग) आरोन विकासखण्‍ड में वर्ष 2015-16, 2016-17 और 2017-18 में प्रश्‍न दिनांक तक भूमि संरक्षण का कोई कार्य नहीं कराया गया है। राघौगढ़ विकासखण्‍ड अन्‍तर्गत प्रश्‍नांकित अवधि में कराये गये कार्यों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'दो' अनुसार है। (घ) राघौगढ़-आरोन विकासखण्‍ड में भूमि संरक्षण कार्यों के अन्‍तर्गत किसी प्रकार की अनियमितता नहीं पाये जाने से किसी भी अधिकारी के विरूध्‍द अनुशासनात्‍मक कार्यवाही लंबित नहीं है। कोई भी अधिकारी दोषी नहीं पाये जाने से दोषमुक्‍त किये जाने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''सात''

 

 

 

 






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भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर

निजी विद्यालयों के विरूद्ध कार्यवाही

[स्कूल शिक्षा]

1. ( क्र. 1 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 1 जनवरी 2016 के पश्चात्त उज्जैन संभाग के जिलों  के  कितने निजी विद्यालयों की किस-किस तरह की जाँच किस-किस सक्षम अधिकारी ने की? जाँच में किन-किन विद्यालयों की किस-किस तरह की कमियां पाई गयी? कितने निजी विद्यालयों के खिलाफ क्या-क्या कार्यवाही की गयी? जाँच अधिकारी ने जाँच में कमी के बाद कितनों को किन-किन शर्तों पर विद्यालय संचालन की छूट दी? क्या सभी विद्यालयों ने कमी की पूर्ति कर ली है? (ख) उक्‍त अवधि में उक्‍त जिलों में कितने निजी स्‍कूलों की मान्‍यता किन-किन कारणों से समाप्‍त की गयी? सूची उपलब्‍ध कराएं?                  (ग) उक्‍त जिलों में निजी स्कूलों को मान्यता प्रदान करने के लिए भारी अनियमितता बरती जा रही हैं यदि हाँ, तो ऐसे अधिकारियो के खिलाफ प्रश्‍नांश (ग) जिले में उक्त अवधि में किस-किस व्यक्ति ने कब-कब कहाँ-कहाँ, किस-किस तरह की शिकायत की? विभाग द्वारा उस अधिकारी के खिलाफ क्या-क्या कार्यवाही की गयी? (घ) अप्रैल 2015 के पश्चात  मंदसौर जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में कितने विद्यालयों को विभाग द्वारा किस-किस नियम के तहत मान्यता प्रदान की गयी? मान्यता प्रदान करने वाले अधिकारी के नाम सहित जानकारी देवें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित अवधि में संभाग अन्तर्गत उक्त अवधि में उज्जैन जिला अन्तर्गत एक निजी विद्यालय की सी.बी.एस.ई. बोर्ड दिल्ली द्वारा सम्बद्धता समाप्त की गई थी, जिसमें विद्यालय द्वारा माननीय उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश डब्ल्यू. पी.1875/2017 दिनांक 23/3/17 प्राप्त किया गया। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी, नहीं। मान्यता में अनियमितता के संबध में शिकायत संभाग/जिला स्तरीय कार्यालयों से प्राप्त नहीं हुई है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) 1 अप्रैल 2015 के पश्चात मंदसौर जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में 615 विद्यालयों को मान्यता प्रदान की गई। कक्षा 1 से  8 तक की मान्यता जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रदान की गई, नियमों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार। कक्षा 9 से 12वीं तक सत्र 2015-162016-17 की मान्यता जिला कलेक्टर एवं सत्र 2017-182018-19 की मान्यता संभागीय संयुक्त संचालक द्वारा प्रदान की गई। नियमों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार। मान्यता प्रदान करने वाले अधिकारियों का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार

पौधे क्रय में अनियमितता

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

2. ( क्र. 17 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ''नमामि देवि नर्मदे'' सेवा यात्रा वर्ष 2016-17 में उद्यानिकी एवं खाद्य व प्रसंस्‍करण विभाग को नर्मदा तटीय ग्रामों में फलदार पौधारोपण (वृक्षारोपण) सुनिश्चित कराने हेतु सामान्‍य प्रशासन विभाग के आदेश क्रमांक एफ-10-65/2016/1/4 दिनांक 23.11.2016 द्वारा निर्देशित किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो विभाग द्वारा किन-किन जिलों के किन-किन नर्मदा नदी के तटीय विकासखंडों में फलदार पौधों का पौधारोपण कितनी-कितनी संख्‍या में किया गया हैं? उनमें से कितने-कतने पौधे वर्तमान में जीवित हैं और कितने पौधे किन कारणों से नष्‍ट हो गये? (ग) उक्‍त रोपित किये गये पौधों को देख-रेख/रख-रखाव/सुरक्षा आदि के लिए क्‍या-क्‍या व्‍यवस्‍था की गई है? इस हेतु अभी तक कुल कितनी राशि व्‍यय की जा चुकी है? (घ) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में नर्मदा नदी के तटीय ग्रामों में रोपित किये गये फलदार पौधों की खरीदी हेतु क्‍या ई-टेण्‍डरिंग की गई थी? यदि हाँ, तो किन-किन एजेंसियों के टेण्‍डर कितनी-कितनी राशि के किन-किन शर्तों के साथ स्‍वीकृत किये गये? यदि बिना ई-टेण्‍डरिंग के पौधे खरीदे गये हैं तो  क्‍या यह नियमानुकूल है? यदि नहीं, तो क्‍या इस प्रकरण की जाँच करायी जाकर जाँच निष्‍कर्षों के आधार पर नियमानुसार संबंधितों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी?

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) प्रश्‍नाधीन फलदार पौध रोपण हेतु सामान्‍य प्रशासन विभाग के आदेश क्रमांक एफ 19-65/2016/1/4 दिनांक 23.11.2016 द्वारा निर्देशित किया गया था। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है।              (ग) रोपित पौधों की सुरक्षा एवं रख-रखाव हितग्राही द्वारा स्‍वयं की जानी हैं, इस हेतु राशि व्‍यय करने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में फलदार पौधों की खरीदी हेतु ई-टें‍डरिंग नहीं कि गई है। विभाग द्वारा वर्ष 2016 में स्‍वीकृत दरें तत्‍समय न्‍यूनतम होने से समयाभाव के कारण भारत सरकार द्वारा अनुशंसित संस्‍था से न्‍यूनतम दर पर पौधे क्रय किये गये है। उक्‍त क्रय नियमाकूल है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''आठ''

नवीन जेल निर्माण कार्य की धीमीगति

[लोक निर्माण]

3. ( क्र. 56 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कार्यालय अधीक्षण यंत्री, लोक निर्माण विभाग मण्‍डल ग्‍वालियर क्र. 1247 दिनांक 26.02.2015 निरीक्षण टीप का पूर्णत: पालन किया गया? यदि नहीं, तो क्‍यों? प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? छायाप्रति सहित जानकारी दें। (ख) भिण्‍ड जेल में 8 नग बैरक एडमिनिस्ट्रेटिव ब्‍लॉक औषधालय एवं ग्रेन स्‍टोन का निर्माण मापदण्‍ड अनुसार नहीं हो रहा है क्‍या तुडवाकर पुन: निर्माण करवाया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) भिण्‍ड जेल निर्माण में 2 बैरक स्‍कूल औषधालय एडमिनिस्ट्रेटिव ब्‍लॉक एवं ग्रेन स्‍टोर का लेआउट ड्राइंग के अनुसार निर्माण कार्य हो रहा है? क्‍या फिनिशिंग की धार कोर बराबर मिल रही हैं? यदि नहीं, तो प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) नवीन जेल निर्माण की प्रशासकीय स्‍वीकृति दिनांक 21.04.2006 को 450.00 लाख की जारी हुई इसमें से कितनी राशि व्‍यय हो चुकी है? प्रश्‍न दिनांक तक निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हुआ, कब तक कार्य पूर्ण होगा। कार्य की प्रगति अत्‍यंत धीमी है तथा गुणवत्‍ताहीन कार्य हो रहा है? इसके लिए कौन दोषी है, क्‍या कार्यवाही होगी? कब तक पूर्ण होगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ, पत्र क्रमांक 1247 दिनांक 26.02.2015 नहीं अपितु दिनांक 26.02.2016 द्वारा जारी निरीक्षण प्रतिवेदन। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं, 8 नग बैरिक एडमिनिस्‍ट्रेटिव ब्‍लॉक एवं ग्रेन स्‍टोर का कार्य मानक अनुसार कराया जा रहा है। औषधालय की ड्राईंग प्राप्‍त न होने के कारण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है। (ग) जी हाँ, 2 नग बैरिक एडमिनिस्‍ट्रेटिव ब्‍लाक एवं ग्रेन स्‍टोर का कार्य ले आउट ड्राईंग अनुसार निर्धारित मापदण्‍डानुसार कराया जा रहा है। जी हाँ। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) लोक निर्माण विभाग भिण्‍ड द्वारा रू. 204.27 लाख व्‍यय एवं पी.आई.यू. 218.26 लाख व्‍यय। जी हाँ, अगस्‍त-2018 तक पूर्ण किये जाने का लक्ष्‍य है। धीमी गति हेतु राशि का अनुबंधानुसार कटौत्रा किया जा रहा है। जी नहीं। कार्य मानक अनुसार होने के कारण शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''नौ''

मण्‍डी बोर्ड से हुई नियुक्तियां

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

4. ( क्र. 83 ) श्री लखन पटेल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मण्‍डी बोर्ड के आदेश क्र. 678 दिनांक 04.07.2017 के द्वारा हटा मण्‍डी के 07 कर्मचारियों को याचिका क्र. 6486/07 एल.पी.ए. 419/2003 का हवाला देकर दिनांक 01/01/1995 से वरिष्‍ठता देने का आदेश दिया गया हैं? उच्‍च न्‍यायालय के आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावे जिसमें दिनांक 01.01.1995 से वरिष्‍ठता एवं भत्‍ते का आदेश है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार क्‍या प्रतिवेदन दिनांक 21/12/16 में एल.पी.ए. के विरूद्ध दायर याचिका एम.सी.सी. 1651/2005 का उल्‍लेख किया गया है जिसमें मण्‍डी के पक्ष में फैसला 2014 में हुआ है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के आदेश में पूर्व में नियुक्तियां अवैध होने के कारण मण्‍डी बोर्ड द्वारा जाँच के बाद निरस्‍त कर दी गई थी, फिर किस आधार पर वैध कर दी गई वैध आदेश कब हुआ? क्‍या आदेश के पूर्व से वेतन भत्‍ते प्राप्‍त किये जाने का भी हवाला दिया गया है फिर भी इन सभी सातों कर्मचारियों को             अलग-अलग मण्‍डी से पदस्‍थ होने के बाद भी लगभग 80.00 लाख हटा मण्‍डी से एरियर्स भुगतान किया गया? किस नियम एवं किसकी स्‍वीकृति से भुगतान किया गया? स्‍वीकृति बतावें। (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित आदेश को जारी करने के पूर्व मण्‍डी बोर्ड अध्‍यक्ष/शासन से स्‍वीकृति ली गई? यदि हाँ, तो कब? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ड.) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित विरूद्ध आदेश जारी करवाने में लिप्‍त अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए उक्‍त विरूद्ध आदेश निरस्‍त कर भुगतान की गई एरियर्स की क्षति राशि वसूल की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? यदि नहीं, तो इस आधार पर हटा मण्‍डी के अन्‍य कर्मचारियों को भी लाभ दिया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। म.प्र. राज्‍य कृषि विपणन बोर्ड भोपाल के आदेश क्रमांक 678 दिनांक 04.07.2017 के द्वारा राज्‍य मण्‍डी बोर्ड सेवा के 04 सहायक उप निरीक्षक एवं मण्‍डी समिति सेवा के 02 लिपिक तथा 01 भृत्‍य कुल 07 कर्मचारियों को माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर द्वारा एल.पी.ए. 419/2003 में पारित निर्णय दिनांक 08.11.2004 एवं याचिका क्रमांक 6486/2007 एवं याचिका क्रमांक 6491/2007 (एस) में पारित निर्णय दिनांक 07.04.2008 के पालन में नियुक्ति आदेश दिनांक 01.01.1995 से नियमित सेवाएं मान्‍य करते हुए वरिष्‍ठता प्रदान की गई है। माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर द्वारा पारित आदेशों की प्रतियों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ एवं ब अनुसार है। (ख) जी नहीं। प्रतिवेदन दिनांक 21.12.2016 में एल.पी.ए. के विरूद्ध दायर याचिका क्रमांक एम.सी.सी. 1651/2005 मण्‍डी बोर्ड के संज्ञान में नहीं लाये जाने के संबंध में संयुक्‍त संचालक, म.प्र. राज्‍य कृषि विपणन बोर्ड आंचलिक कार्यालय सागर एवं सचिव, कृषि उपज मण्‍डी समिति हटा जिला दमोह को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 01.03.2018 को जारी किया गया है। (ग) जी हाँ, म.प्र. राज्‍य कृषि विपणन बोर्ड भोपाल एवं कृषि उपज मण्‍डी समिति हटा द्वारा नियुक्तियां अनियमित होने से निरस्‍त की गई थी परन्‍तु माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर द्वारा एल.पी.ए. क्रमांक 419/2003 में पारित निर्णय दिनांक 08.11.2004 एवं याचिका क्रमांक 6486/2007 एवं याचिका क्रमांक 6491/2007 (एस) में पारित निर्णय दिनांक 07.04.2008 के आधार पर नियुक्ति दिनांक 01.01.1995 से नियमित सेवाएं मान्‍य की गई है। प्रश्‍नाधीन कर्मचारियों को कृषि उपज मण्‍डी समिति हटा से वेतन अन्‍तर की एरियर्स राशि रूपये 49,71,888/- भुगतान किया गया है। (घ) प्रश्‍नांश '' में उल्‍लेखित आदेश को जारी करने के पूर्व माननीय अध्‍यक्ष, मण्‍डी बोर्ड/शासन से अनुमति इसलिये नहीं ली गई कि माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर द्वारा याचिका क्रमांक 6491/2007 (एस) में दिनांक 07.04.2008 को निर्णय पारित कर प्रश्‍नाधीन कर्मचारियों के नियमितीकरण के मामले में कृषि उपज मण्‍डी समिति हटा द्वारा पारित प्रस्‍ताव का अनुमोदन प्रबंध संचालक, मण्‍डी बोर्ड से प्राप्‍त करने हेतु आदेशित किया गया है। (ड.) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में आंचलिक संयुक्‍त संचालक, मप्र. राज्‍य कृषि विपणन बोर्ड आंचलिक कार्यालय सागर एवं सचिव, कृषि उपज मण्‍डी समिति हटा जिला दमोह से कारण बताओ सूचना का उत्‍तर प्राप्‍त होने पर परीक्षण उपरांत नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

नोटरी की नियुक्ति

[विधि और विधायी कार्य]

5. ( क्र. 129 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) किसी अभिभाषक को नोटरी के पद पर नियुक्ति की क्या-क्या आर्हताएं होना चाहिए? नियम की प्रति दी जावें। (ख) खरगोन जिले में कितने नोटरी के पद कब से रिक्त हैं? उसकी सूची देवे। (ग) नगर बड़वाह एवं सनावद में कितने अभिभाषकों द्वारा उक्‍त नोटरी के पद पर नियुक्ति के लिए आवेदन दिये गए हैं? उनकी आवेदन करने की तिथि सहित सम्पूर्ण जानकारी देवें। (घ) प्रश्नांश (ख) के अनुसार इतने अधिक समय तक पद रिक्त रहने के क्या कारण रहे हैं? (ड.) क्या समय पर आवेदन करने के उपरांत भी नियुक्ति न करने के  क्या कारण रहे हैं? अब नोटरी के पद पर नियुक्ति कब तक हो जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) नियम की प्रति जिसकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जिला-मण्‍डलेश्‍वर में 04, तहसील-खरगोन में 02, तहसील-सेंगांव में 02, तहसील भीकनगांव में 03, तहसील-कसरावद में 01, तहसील बड़वाह में 01, तहसील-महेश्‍वर में 01, तहसील-झिरन्‍या में 02, तहसील-भगवानपुरा में 01, तहसील-गोगांव में 02, इस प्रकार कुल-19 पद वर्ष 2016-17 से रिक्‍त हैं, जिसकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ग) तहसील-सनावद में नोटरी पद स्‍वीकृत नहीं है एवं तहसील-बड़वाह के संबंध में जिसकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) पैनल प्राप्‍त नहीं होने के कारण। अब नियुक्ति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ड.) पैनल अप्राप्‍त होने के कारण। निश्चित समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

''दी मंदसौर कमर्शियल कॉपरेटिव बैंक" का नई संस्था में संपरिवर्तन

[सहकारिता]

6. ( क्र. 134 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मंदसौर की परिसमापनाधीन बैंक "दी मंदसौर कमर्शियल कॉपरेटिव बैंक" को विधिवत नई "सहकारी साख संस्था" में संपरिवर्तित किया हैं तथा क्या इस संपरिवर्तन को-एक्ट की धारा 15-16 की पालन में किया? क्या संपरिवर्तन से पूर्व RBI DICGC से स्वीकृति प्राप्त की गयी? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? संस्था में परिसमापन पूर्ण हो गया या नहीं? (ख) प्रश्नांश (क) संदर्भित क्या संपरिवर्तन से पूर्व म.प्र सरकार के गजट में इसका नोटिफिकेशन, प्रकाशन किया गया था? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? संपरिवर्तन से पूर्व समस्त सदस्यों, डीपोजिटर्स को 21 दिन पूर्व विशेष साधरण सभा हेतु सूचना पत्र मय उपविधि, कार्ययोजना, लेनदारी-देनदारी के आर्थिक मूल्यांकन, आंकड़े रिपोर्ट, अंतिम ऑडिट बैलेंस, शीट दस्तावेज सहित भेजे गये थे या नहीं, यदि नहीं, तो क्यों नहीं? क्या उन्हें सूचना पत्र भेज कर विकल्प दिया गया था की वे नई साख संस्था में आना चाहते हैं या नहीं, यदि नहीं, तो उनके शेयर के पैसे वापस ले जाए? उनसे ऐसी लिखित स्वीकृति प्राप्त की गयी थी या नहीं, अगर नहींकं तो क्यों नहीं? (ग) क्या संयुक्त पंजीयक के आदेश अनुसार 6 माह में अनिवार्य रूप से चुनाव कराने थे? क्या समयावधि में चुनाव हुए। चुनाव कार्यक्रम का समाचार पत्र का प्रकाशन किस दिनांक को किया गया? क्या कामकाज कमेटी समयावधि में होकर वैधानिक थी?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ, मध्य प्रदेश सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 15 का प्रावधान सम्परिवर्तन के संबंध में आकृष्ट नहीं होते हैं एवं धारा 16 के कतिपय प्रावधान आकृष्ट होते हैं, जिनका पालन किया गया है। सम्परिवर्तन से पूर्व डी.आई.सी.जी.सी. से अनापत्ति प्राप्त होने एवं पंजीयक से अनुमति प्राप्त होने पर सम्परिवर्तन की कार्यवाही की गई। सम्परिवर्तन की कार्यवाही होने से परिसमापन का प्रश्न नहीं रहा। (ख) जी नहीं, अधिनियम में सम्परिवर्तन के संबंध में प्रश्नांश में उल्लेखित प्रक्रिया का प्रावधान नहीं होने से।        (ग) जी हाँ, जी नहीं। चुनाव कार्यक्रम का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र दैनिक दशपुर दर्शन में दिनांक 24.12.2017 को प्रकाशित किया गया है। निर्वाचन सम्पन्न होने तक अन्य विकल्प न होने से कामकाज कमेटी कार्यरत थी।

अंग्रेजी माध्‍यम स्‍कूलों को प्रोन्‍नत किया जाना

[स्कूल शिक्षा]

7. ( क्र. 135 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला दमोह अंतर्गत वर्ष 2014-15 में इंग्लिश मीडियम स्‍कूल कक्षा 1 से 8 तक संचालित हुए थे? यदि हाँ, तो कहाँ-कहाँ? नाम, पतावार संचालन की जानकारी बतावें। (ख) क्‍या मध्‍यप्रदेश शासन, स्‍कूल शिक्षा विभाग के आदेश क्रमांक राशि के/शिप्रशि/2015/3970 दिनांक 23/05/2015 अंतर्गत प्रदेश में कक्षा 9वीं एवं 10वीं भी इंग्लिश मीडियम स्‍कूल जो कक्षा 8वीं तक संचालित थे, प्रोन्‍नत कर 9वीं एवं 10वीं प्रारंभ करने के निर्देश थे। यदि हाँ, तो दमोह जिले में आज दिनांक तक कक्षा 9वीं एवं 10वीं व उक्‍त आदेश में जो प्रावधान थे, पालन क्‍यों नहीं हुआ? यदि होगा तो कब तक होगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं वर्ष 2015-16 में आदेश क्र. शि.प्रशि./2015/3970 भोपाल दिनांक 23/05/15 के माध्‍यम से 224 गैर आदिवासी विकासखंडों में अंग्रेजी माध्‍यम के उत्‍कृष्‍ट माध्‍यमिक विद्यालय कक्षा 6 से खोले गये थे तथा आदेश क्र.732/1132/2015/20-2 भोपाल दिनांक 21/5/2015 के माध्‍यम से जिला मुख्‍यालय से 20 कि.मी. की परिधि में कक्षा 1 से अंग्रेजी माध्‍यम के प्राथमिक विद्यालय वर्ष 2015-16 में पाँच विद्यालय तथा वर्ष 2016-17 में 5 अंग्रेजी माध्‍यम के प्राथ‍मिक विद्यालय पूर्व से संचालित शालाओं में प्रारंभ किये जाने के निर्देश थे। दमोह जिले में उक्‍त आदेशों के तहत खोले गये अंग्रेजी माध्‍यम के विद्यालयों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट  अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न ही नहीं उठता है।

परिशिष्ट - ''दस''

कार्य की गुणवत्‍ता तथा पेटी पर काम दिये जाना

[लोक निर्माण]

8. ( क्र. 170 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि    (क) विधान सभा प्रश्‍न क्र. 810 दिनांक 27.11.2017 के प्रपत्र '''' राजनगर-डुमरा मार्ग 28.07 कि.मी. छतरपुर-राजनगर (विक्रमपुर) मार्ग 10.24 कि.मी. राजनगर बछौन मार्ग 23.85 कि.मी. सड़क निर्माण पर प्रश्‍न दिनाँक तक पृथक-पृथक रोडों पर व्‍यय किया गया, उनकी कार्यवार, राशिवार सम्‍पूर्ण विवरण दें? (ख) विभागीय अधिकारियों द्वारा किन-किन तिथियों में मिट्टी परीक्षण तथा रोड निर्माण की गुणवत्‍ता देखी गई? अवधि सहित जानकारी दें? (ग) क्‍या शासन के आदेश जारी हुए कि कार्य पेटी पर दिये जावेंगे? यदि नहीं, तो किस प्रकार उक्‍त कार्य पेटी पर कम्‍पनी द्वारा दिया गया स्‍पष्‍ट करें? (घ) क्‍या विभागीय अधिकारियों की मिली भगत से कार्य पेटी पर दिये गये, जिसकी जाँच विधिवत रूप से कराई जावेगी‍, जिम्‍मेदार अधिकारियों ने कब-कब टूर किये, टूर प्रोग्रामों की प्रतियाँ दें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जी नहीं। कंपनी द्वारा कार्य पेटी पर नहीं दिया गया है अपितु अनुबंधानुसार अनुमति प्राप्‍त कर सब कांट्रेक्‍ट किया गया है। (घ) जी नहीं। अनुबंध की शर्तों अनुसार सब कांट्रेक्‍ट की स्‍वीकृति प्रदान की गयी है, उपरोक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में जाँच की आवश्‍यकता नहीं है। अधिकारियों द्वारा मार्ग पर किये टूर की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। टूर प्रोग्राम जारी नहीं किए गए है। अत: प्रतियां देना संभव नहीं।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

भवनों का निर्माण

[लोक निर्माण]

9. ( क्र. 171 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि      (क) छतरपुर जिले में पी.आई.यू. द्वारा वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक राजनगर विधान सभा क्षेत्र के राजनगर एवं लवकुशनगर में कितने भवन स्‍वीकृत किये गये तथा कितने कार्य पूर्ण है और कितने अपूर्ण हैं? क्‍या कई भवन अपूर्ण पड़े हैं, जिनकी समयावधि शासन द्वारा निर्धारित थी? यदि हाँ, तो क्‍यों? (ख) क्‍या भवन खराब बनाये गये, जिनकी शिकायतें की गई, ऐसे कितने प्रकरण प्रकाश में आये। (ग) क्‍या विभागीय अधिकारियों की मिली भगत से घटिया निर्माण किया गया? जिसकी जाँच कराई गई? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) छतरपुर जिले में वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक राजनगर विधानसभा क्षेत्र के राजनगर में 01 कार्य स्‍वीकृत हुआ है एवं लवकुशनगर में कोई कार्य स्‍वीकृत नहीं हुआ है, राजनगर में स्‍वीकृत कार्य प्रगतिरत है एवं अनुबंधित अवधि में पूर्ण किये जाने का लक्ष्‍य है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है। (ग) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''बारह''

प्राथमिक शिक्षा से वंचित छात्र-छात्राएं

[स्कूल शिक्षा]

10. ( क्र. 190 ) श्री दिनेश कुमार अहिरवार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला टीकमगढ़ के विधानसभा क्षेत्र जतारा के कई गांव एवं मजरा, टोलों में छात्र-छात्राओं की पर्याप्‍त संख्‍या होने के बाद भी जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा प्राथमिक शालाएं क्‍यों नहीं खोली गई? (ख) क्‍या जनपद पंचायत जतारा एवं जनपद पंचायत पलेरा के कई मजरा, टोले जहां छात्र संख्‍या अधिक है छात्रों की एक कि.मी. से अधिक दूर स्‍कूल जाना पड़ता है, कई छात्र शिक्षा से वंचित रह जाते है? (ग) क्‍या स्‍कूल शिक्षा विभाग ऐसे मजरा-टोलों जैसे देवी मुहल्‍ला जतारा, बड़ी तकिया जतारा, काशीपुरा खिरक पंचायत टोरिया, चौपरा खिरक पंचायत जरूवा में प्राथ.शालाएं खुलवाएंगे जिससे इन मजरा, टोलों में निवासरत छात्र-छात्राओं को स्‍कूली शिक्षा मिल सकें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) विधानसभा क्षेत्र जतारा के गांव मजरा टोला में शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के प्रावधानों के तहत प्राथमिक शिक्षा की सुविधा उपलब्‍ध है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। (ग) प्रश्‍नांश (ग) में उल्‍लेखित मजरा/टोले प्राथमिक शाला खोलने हेतु मापदण्‍डानुसार पात्र नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

विधानसभा क्षेत्र पनागर में फसल बीमा

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

11. ( क्र. 236 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तहसील पनागर में वर्ष 2016-17 में कितने ऋणी एवं अऋणी कृषकों की फसलों का बीमा किया गया है? संख्‍या बतावे। (ख) क्‍या विधानसभा क्षेत्र पनागर के सालीवाड़ा, मोहनिया, अंधुवा, जमतरा, परसवाड़ा फसल बीमा के लिये अधिसूचित नहीं है एवं यहां के कृषकों का फसल बीमा नहीं किया गया? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार फसलों में नुकसान होने पर मुआवजा नहीं मिलता है? (घ) यदि हाँ, तो जो ग्राम फसल बीमा के लिये अधिसूचित नहीं है, क्‍या उन्‍हें अधिसूचित किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्‍यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) तहसील पनागर की खरीफ 2016 एवं रबी 2016-17 के बीमा आवरण की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। एग्रीकल्‍चर इन्‍श्‍योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (भारत सरकार का उपक्रम) उक्‍त जिले की बीमा कंपनी नियत है तथा बीमा कंपनी के अनुसार उक्‍त आंकड़ें अनंतिम हैं। (ख) ग्राम सालीबाडा प.ह.नं. 76, तहसील जबलपुर ग्राम मोहनिया प.ह.न. 20, तहसील पनागर ग्राम अंधुवा व परसवाडा प.ह.नं. 17, ग्राम जमतरा प.ह.नं. 75, तहसील जबलपुर में स्थित होना बताई। खरीफ 2016 व रबी 2016-17 मौसम हेतु राज्‍य शासन द्वारा आयुक्‍त, भू-अभिलेख से कलेक्‍टर से प्राप्‍त प्रस्‍तावानुसार जारी अधिसूचना में प.ह.नं. 1775, तहसील जबलपुर अधिसूचित नहीं है। इस कारण से इन हल्‍कों में फसल बीमा प्रावधान अनुरूप नहीं किया गया। (ग) योजना अनुसार अधिसूचित क्षेत्र की अधिसूचित फसल में क्षति होने पर योजना के प्रावधानों अनुसार दावा राशि का भुगतान पात्र कृषकों को किया जाता है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की दावा गणना प्रक्रिया जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) पटवारी हल्‍का स्‍तर पर अधिसूचित की जाने वाली फसलों का रकबा न्‍यूनतम 100 हेक्‍टे. एवं तह‍सील एवं जिला स्‍तर पर अधिसूचित की जाने वाली फसलों का रकबा 500 हेक्‍टेयर होने पर उक्‍त फसलों को संबंधित फसल मौसम हेतु अधिसूचित किया जाता है। पटवारी हल्‍का स्‍तर, तहसील स्‍तर एवं जिला स्‍तर पर अधिसूचित की जाने वाली फसलों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

प्रदेश के किसानों को फारेन स्‍टडी टूर ले जाना

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

12. ( क्र. 280 ) श्री तरूण भनोत : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृषि विभाग मंत्रालय द्वारा फारेन स्‍टडी टूर करवाने के नियम क्‍या हैं? क्‍या प्रदेश शासन द्वारा प्रदेश के किसानों को उन्‍नत खेती के नये गुण सिखाने हेतु फारेन स्‍टडी टूर की योजना तैयार की जाकर उन्‍हें स्‍पेन, आस्‍ट्रेलिया, न्‍यूजीलैन्‍ड, फ्रांस आदि स्‍थानों पर भेजने की योजना तैयार की गई है एवं इसका पूर्ण व्‍यय शासन करेगा? (ख) यदि वर्णित (क) हाँ तो क्‍या यह भी सही है कि विदेश जाने वाले किसानों में ऐसे कई नाम है जिनके शामिल किये जाने को लेकर विवाद प्रारंभ हो गया है? यदि हाँ, तो जानकारी पूर्व सूची के आधार पर नाम, पतेवार सहित दी जावें? (ग) वर्णित (क) के  टूर पर जाने वाले कृषकों की सूची सहित जानकारी दी जावें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : () मुख्‍यमंत्री किसान विदेश अध्‍ययन यात्रा योजना के मार्गदर्शी दिशा-निर्देश की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। ब्राज़ील-अर्जेंटीना, एमर्स्‍टडम-तेलअवीव, स्‍पेन-फ्रांस एवं आस्‍ट्रेलिया-न्‍यूजीलैण्‍ड भेजने की योजना तैयार की गई है। योजनांतर्गत पूर्ण व्‍यय शासन द्वारा वहन नहीं किया जाता अपितु लघु सीमांत समस्‍त वर्ग के कृषकों का 90 प्रतिशत, अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के बड़े कृषकों का 75 प्रतिशत एवं 5 एकड़ से बड़े सामान्‍य कृषकों को 50 प्रतिशत व्‍यय ही शासन द्वारा वहन किये जाने का प्रावधान है। (ख) जी नहीं। () ब्राज़ील-अर्जेंटीना के भ्रमण दल पर जाने वाले चयनित कृषकों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है, शेष दलों की प्रस्‍तावित चयन सूची की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार एवं प्रतीक्षा सूची की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-4 अनुसार है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत पंजीकृत एवं लाभांवित कृषकों की जानकारी का प्रदाय

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

13. ( क्र. 281 ) श्री तरूण भनोत : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना कब प्रारंभ की गई? जबलपुर जिले में उक्‍त योजना अंतर्गत कितने कृषकों का पंजीयन 1 जनवरी, 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक किया गया? (ख) वर्णित (क) की योजना अंतर्गत कृषकों की बीमा प्रीमियम पर राज्‍य शासन द्वारा अनुदान प्रदाय करने के क्‍या नियम हैं तथा नियमांतर्गत कितने कृषकों को अनुदान प्रदान किया गया? 1 जनवरी, 2015 से जबलपुर संभाग में जिलेवार जानकारी देवें? (ग) जबलपुर जिले में कितने कृषकों को वर्णित (क) की योजना का लाभ दिया गया? 1 जनवरी 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक की संख्‍यात्‍मक जानकारी दी जाए? (घ) क्‍या यह सही है कि वर्णित (क) की योजना का लाभ कृषकों को न होकर बीमा कंपनियों को हो रहा है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ 2016 मौसम से प्रारंभ की गई। योजना प्रारंभ से प्रश्‍न दिनांक तक जिला जबलपुर में बीमा आवरण की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। बीमा कंपनी के अनुसार जानकारी अनंतिम है। (ख) रबी 2015-16 मौसम तक राष्‍ट्रीय कृषि बीमा योजना प्रचलन में थी जिसके तहत लघु व सीमांत कृषकों को प्रीमियम अनुदान की राशि प्रदाय की जाती थी जो कि प्रीमियम राशि का 10 प्रतिशत होता था एवं इस प्रीमियम अनुदान की भागीदारी केन्‍द्र व राज्‍य शासन द्वारा समान रूप से की जाती है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत किसानों द्वारा देय प्रीमियम दर और बीमांकिक प्रीमियम की दर के अन्‍तर को सामान्‍य प्रीमियम अनुदान की दर माना जायेगा जिसकी भागीदारी केन्‍द्र व राज्‍य शासन द्वारा बराबर रूप से वहन किया जायेगा, प्रीमियम अनुदान की जिलेवार की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 2 एवं 3 अनुसार है। (ग) राष्‍ट्रीय कृषि बीमा योजना के अनुसार रबी 2014-15 मौसम से रबी 2015-16 व प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत खरीफ 2016 व रबी 2016-17 मौसम हेतु जबलपुर जिले से संबंधित क्षतिपूर्ति राशि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। बीमा कम्‍पनी के अनुसार जानकारी अनंतिम है। रबी 2016-17 खरीफ 2017 एवं रबी 2017-18 की अग्रिम राज्‍यांश प्रीमियम अनुदान राशि का भुगतान बीमा कंपनी को कर दिया गया है तथा प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल क्षति होने के एवज में बीमा कंपनी द्वारा क्षतिपूर्ति भुगतान बीमा कंपनी द्वारा किये जाने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्‍त प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ 2017 मौसम हेतु औसत पैदावार के आंकड़ें बीमा कंपनी को दिनांक 31.01.2018 एवं रबी 2017-18 मौसम हेतु औसत पैदावार के आंकड़ें राज्‍य शासन द्वारा दिनांक 30.06.2018 तक उपलब्‍ध कराये जाने के पश्‍चात प्राप्‍त उपज के आंकड़ों के आधार पर दावों की गणना कर यदि किसी अधिसूचित क्षेत्र के अधिसूचित फसल हेतु उपज में कमी पायी जायेगी तो योजना के अनुसार क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान पात्र कृषकों को नोडल बैंकों के माध्‍यम से किये जाने का प्रावधान है। (घ) जी नहीं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ पात्र कृषकों को हो रहा है।

ग्राम पडाना में बायपास निर्माण

[लोक निर्माण]

14. ( क्र. 325 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या क्षेत्रवासियों द्वारा भोपाल आने-जाने हेतु ग्राम पडाना के ग्रामीण आबादी के मध्य से निकलने वाले पडाना-तलेन मार्ग का अधिकांशतः उपयोग किया जाता है? यदि हाँ, तो, क्या वाहनों की आवाजाही एवं ग्राम पडाना के मध्य से निकले संकरे पडाना-तलेन मार्ग के कारण क्या आये दिन ग्राम पडाना में जाम की स्थिती उत्पन्न नहीं होती है? (ख) क्या शासन पडाना-तलेन मार्ग पर जाम की स्थिति‍ के निदान हेतु ग्राम पडाना में बायपास निर्माण के प्रस्ताव पर विचार करेगा? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) क्या वर्तमान में पडाना-तलेन मार्ग काफी जीर्णशीर्ण होने की स्थिती में यात्रियों को यात्रा करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है? क्या विभाग द्वारा पडाना-तलेन मार्ग के मजबूतीकरण के लिए प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया है? यदि हाँ, तो, शासन द्वारा पडाना-तलेन मार्ग का मजबूतीकरण कार्य कब तक स्वीकृत कर निर्माण कराया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) विभाग में उपलब्‍ध वित्‍तीय संसाधन के अनुरूप कार्यवाही की जा सकेगी वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।             (ग) जी नहीं, कुछ भाग क्षतिग्रस्‍त है। जी नहीं, प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूल के भवनों की जानकारी

[स्कूल शिक्षा]

15. ( क्र. 336 ) श्री हरवंश राठौर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                   (क) बण्‍डा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत संचालित ऐसे कितने हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूल हैं जिनके भवन न होकर माध्यमिक शाला/प्राथमिक शाला भवन में संचालित हो रहे हैं? (ख) प्रश्नकर्ता के बण्‍डा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूलों का उन्नयन किस-किस वर्ष में किया गया था? (ग) क्या उक्त भवनों की स्वीकृति हेतु जिला स्तर से कोई प्रस्ताव भेजा गया या लंबित है? उक्त शालाओं के भवन की स्वीकृति कब तक प्रदान की जाएगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) बंडा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत संचालित 08 हाई स्कूल भवन विहीन है। उक्त स्कूल शास. माध्यमिक शाला भवन में संचालित है। कोई हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन विहीन नहीं है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार है। (ग) जिले की कार्ययोजना में प्रस्‍तावित बंडा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत संचालित 08 भवन विहीन हाईस्कूलों हेतु भवन निर्माण बजट की उपलब्‍धता पर निर्भर करेगा।

परिशिष्ट - ''तेरह''

शासकीय हाई/हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों में खेल गुरूओं की भर्ती

[स्कूल शिक्षा]

16. ( क्र. 371 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                (क) क्‍या सागर जिले के शासकीय हाई/हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों में खेल गुरू न होने से विद्यार्थियों को खेल की बुनियादी सुविधायें उपलब्‍ध नहीं हो पा रही हैं? यदि हाँ, तो क्‍या शासन खेल गुरूओं की भर्ती करने अथवा अतिथि खेल गुरूओं की व्‍यवस्‍था करने पर विचार करेगा और कब तक? (ख) क्‍या उपरोक्‍त स्‍कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं से क्रीड़ा शुल्‍क लिया जाता है, परंतु सभी विद्यालयों में व्‍यवस्थित खेल मैदान नहीं है एवं पर्याप्‍त सामग्री का अभाव है? क्‍या शासन उक्‍त कमी को पूरा कराये जाने पर विचार करेगा तथा कब तक? (ग) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित कितने विद्यालयों में खेल के मैदान/पर्याप्‍त खेल सामग्री उपलब्‍ध है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं, जिन शासकीय हाई/हायर सेकेण्डरी स्कूलों में नियमित खेल गुरू (पी.टी.आई) पदस्थ नहीं है, उन विद्यालयों में पदस्थ प्रशिक्षित शिक्षकों एवं अन्य शिक्षकों जिन्हें क्रीड़ा गतिविधियों की जानकारी है, को प्रभार दिया जाकर छात्र-छात्राओं को खेल की सुविधायें उपलब्ध कराई जाती है। पदपूर्ति एक सतत् प्रक्रिया है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ, जिन विद्यालय में व्यवस्थित खेल मैदान नहीं है, उन विद्यालय में वैकल्पिक खेल मैदानों में छात्र-छात्राओं को खेल सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। खेल मैदान की सुविधानुसार विद्यालयों में खेल सामग्री उपलब्ध है। शेषाशं का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) 188 विद्यालयों में स्वंय के खेल मैदान एवं खेल सामग्री उपलब्ध है।

अध्‍यापक संवर्ग की अनुकंपा नियुक्ति

[स्कूल शिक्षा]

17. ( क्र. 416 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अध्‍यापक संवर्ग का शिक्षा विभाग में संविलियन की घोषणा के अमल में आने के बाद क्‍या अध्‍यापक संवर्ग में रहते हुए जिनकी मृत्‍यु हो गयी है उनके स्‍थान पर अनुकंपा नियुक्ति करते समय क्‍या शासन अनुकंपा नियुक्ति हेतु नियमित शिक्षक के मापदंड अपनाएगा।                    (ख) अध्‍यापक संवर्ग की अनुकंपा नियुक्ति में बी.एड. अथवा डी.एड. की बाध्‍यता के कारण प्रदेश में अध्‍यापक संवर्ग में अनुकंपा नियुक्ति में लंबित प्रकरणों को देखते हुए क्‍या शासन अध्‍यापक संवर्ग में अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों को नियमित शिक्षकों के मापदंड अपनाकर अनुकंपा नियुक्ति देने पर विचार करेगा? (ग) अध्‍यापक संवर्ग के लंबित अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों की बालाघाट जिले अनुसार संख्‍यात्‍मक जानकारी देवे।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) अध्यापक संवर्ग की सेवाओं को शिक्षा, जनजातीय कार्य विभाग के अधीनस्थ करने संबंधी समुचित प्रस्ताव तैयार करने की कार्यवाही प्रचलन में है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्तरांश ''  के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। संविदा शाला शिक्षक के पदों पर अनुकंपा नियुक्ति हेतु व्यवस्था निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिनियम-2009 के प्रावधानों अनुसार है, जो समान रूप से अध्यापक संवर्ग तथा शिक्षक संवर्ग पर लागू है। इस मापदण्ड में संशोधन राज्य शासन के अधिकारिता में नहीं है। (ग) बालाघाट जिले में अध्यापक संवर्ग के 25 प्रकरण अनुकंपा नियुक्ति के लंबित है।

ग्राम ददुनी से चिमलका होकर बारह एल नहर तक मार्ग का निर्माण

[लोक निर्माण]

18. ( क्र. 442 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                 (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 600 दिनांक 27/11/2017 के प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के उत्‍तर में बताया था कि माननीय मुख्‍यमंत्री जी ने दिनांक 25/06/2017 को श्‍योपुर जिले में रोड शो के दौरान ग्राम बगडुआ में ग्राम ददुनी से चिमलका होकर बारह एल नहर तक आवागमन में आ रही कठिनाईयों के निवारण हेतु सड़क मार्ग के निर्माण की मांग नागरिकों द्वारा की थी उन्‍होंने मौके पर ही उक्‍त मार्ग के निर्माण की स्‍वीकृति हेतु आवश्‍यक कार्यवाही के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये थे? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त निर्देशों की पालन में रडई लो.नि.वि. श्‍योपुर द्वारा 307 लाख की डी.पी.आर. भी शासन को भेज दी हैं। (ग) क्‍या शासन माननीय मुख्‍यमंत्री जी की घोषणा/निर्देशों की शत्-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के लिये उक्‍त मार्ग के निर्माण कार्य को आवश्‍यक रूप से वर्ष 2018-19 के वार्षिक बजट में शामिल करेगा व इसे अविलम्‍ब स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) जी नहीं, अपितु प्रमुख अभियंता द्वारा शासन को भेजी है। (ग) वर्ष 2018-19 के वार्षिक बजट में प्रस्‍तावित। बजट में सम्मिलित होने पर स्‍वीकृति की कार्यवाही की जा सकेगी। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

अधिवक्‍ताओं की फीस के नाम पर शासन की राशि की दुरूपयोग

[विधि और विधायी कार्य]

19. ( क्र. 477 ) श्री आरिफ अकील : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रकरण की महत्‍ता को दृष्टिगत रखते हुए शासकीय अधिवक्‍ताओं को मेहनताना दिए जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो किस आधार पर शासकीय अधिवक्‍ताओं की फीस का निर्धारण किया जाता है प्रति उपलब्‍ध कराएं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार मध्‍यप्रदेश में कौन-कौन शासकीय अधिवक्‍ता हैं, जो उच्‍च न्‍यायालय एवं उच्‍चतम न्‍यायालय के समक्ष प्रदेश शासन की ओर से पैरवी करते हैं? उनके नाम पते सहित अवगत करावें? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित कौन-कौन अधिवक्‍ता कब-कब से शासकीय अधिवक्‍ता के रूप में कार्य निर्वाहन करते है और किन-किन अधिवक्‍ताओं को वर्ष 2010 से प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में किस-किस प्रकरण की पैरवी के लिए किन-किन अधिवक्‍ताओं को कितनी-कितनी राशि के मेहनताने का भुगतान किया गया वर्षवार, प्रकरणवार न्‍यायालय का उल्‍लेख करते हुए जानकारी उपलब्‍ध करावें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : ()  से () जानकारी एकत्रित की जा रही है।

सेवा सह समिति जिला छतरपुर में घोटाला जाँच

[सहकारिता]

20. ( क्र. 528 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2017 से प्रश्‍न दिनांक तक जिला छतरपुर की सेवा सहकारी समिति मर्या. सेधपा, बीरो एवं डिकोली के द्वारा गबन एवं फर्जीवाड़े की जाँच हेतु कब-कब किसके द्वारा जाँच हेतु जाँच कमेटी गठित की गयी थी? उल्‍लेख करें। उक्‍त आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार क्‍या उक्‍त जाँच कमेटी द्वारा जाँच को पूर्ण कर लिया गया है? हाँ या नहीं? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार यदि हाँ, तो उक्‍त जाँच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्‍ध करावें। यदि नहीं, तो क्‍यों?                       (घ) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार किन-किन समितियों में पदस्‍थ कर्मचारियों के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के आदेश जारी किये गये हैं? सूचीवार जानकारी देवें एवं किनके विरूद्ध नहीं किये गये, उनकी भी सूचीवार जानकारी देवें।

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) सेवा सहकारी समिति मर्या., बीरो की मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 60 में जाँच हेतु उप आयुक्त सहकारिता, जिला छतरपुर द्वारा दिनांक 03.01.2018, अपेक्स बैंक द्वारा समिति बीरो की जाँच हेतु दिनांक 06.01.2018 तथा आयुक्त सहकारिता कार्यालय स्तर से छतरपुर बैंक की शाखा बड़ामल्हरा एवं घुवारा से पैक्स समितियों की अनियमितताओं की जाँच हेतु दिनांक 11.01.2018 को जाँच दल का गठन किया गया था। तीनों आदेश की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) उप आयुक्त सहकारिता छतरपुर एवं आयुक्त सहकारिता द्वारा गठित जाँच दल से जाँच प्रतिवेदन तथा अपेक्स बैंक द्वारा गठित दल से प्राथमिक जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हो गया है।                 (ग) तीनों जाँच प्रतिवेदन/प्राथमिक जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -2, 3 एवं 4 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है।

विभागीय मद से स्वीकृत निर्माण कार्य

[स्कूल शिक्षा]

21. ( क्र. 564 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र की जनपद पंचायत धरमपुरी एवं नालछा क्षेत्र में संचालित शैक्षणिक संस्थाओं में से कितनी संस्थाओं के लिये नवीन भवन, किचन शेड, शोचालय, बाउण्ड्रीवॉल आदि निर्माण एवं मरम्मत आदि के कार्य विगत 05 वर्षों में कितनी-कितनी लागत के स्वीकृत किये गये हैं तथा किन-किन निर्माण एजेंसियों के माध्यम से यथा पालक शिक्षक संघ, ग्राम पंचायत, विभाग आदि एजेंसीवार, स्वीकृत किये गये हैं वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावें? (ख) उपरोक्त अवधि में स्वीकृत कार्यों में से कितने कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा कितने वर्तमान में भी लंबित है? कारण सहित निर्माण एजेंसीवार जानकारी देवें। लम्बित अपूर्ण कार्य कब तक पूर्ण करा लिये जावेंगे तथा दीर्घ अवधि तक निर्माण कार्य लंबित रखने वाली दोषी निर्माण एजेंसी के विरूद्ध अब तक क्या-क्या कार्यवाही की गई है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र की जनपद पंचायत धरमपुरी एवं नालछा क्षेत्र में संचालित शैक्षणिक संस्थाओं में से शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं के लिये नवीन भवन, शौचालय, किचिन शेड एवं मरम्मत कार्य की स्वीकृति, लागत एवं निर्माण एजेंसी की वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। इस अवधि में बाउण्ड्रीवॉल एवं अन्य निर्माण कार्य की स्वीकृति की जानकारी निरंक है। शासकीय हाई/हायर सेकेण्डरी स्कूल की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।                (ख) अपूर्ण कार्यों के संबंध में कारण, कृत कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं ब में सम्मिलित है।

शासकीय विश्राम भवन का निर्माण

[लोक निर्माण]

22. ( क्र. 591 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आलोट जिला रतलाम में शासकीय विश्राम भवन (सर्किट हाउस) के नाम पर केवल दो कमरों का अंग्रेजों के समय का पुराना एवं जर्जर भवन है? (ख) क्‍या सर्किट हाउस के नव निर्माण अथवा अतिरिक्‍त कक्ष निर्माण के प्रस्‍ताव अथवा योजना शासन को प्राप्‍त हुई है? यदि हाँ, तो क्‍या? (ग) सर्किट हाउस के अतिरि‍क्‍त कक्ष व अन्‍य निर्माण हेतु स्‍वीकृति में देरी का कारण क्‍या है? कब तक उक्‍त स्‍वीकृति प्रदान होगी? (घ) क्‍या आलोट विधानसभा स्‍तर के एकमात्र प्रमुख सर्किट हाउस की भव्‍यता एवं श्री नागेश्‍वर तीर्थ स्‍थल पहुँच मार्ग होने के कारण का ध्‍यान क्‍या शासन की जानकारी में है? यदि हाँ, तो तदानुसार निर्माण क्‍यों नहीं किया जा रहा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। पुराना भवन है। (ख) जी हाँ, आलोट जिला रतलाम में विश्राम भवन (सर्किट हाउस) में 04 अतिरिक्‍त कमरों के निर्माण कार्य हेतु रू. 46.84 लाख का प्राक्‍कलन तैयार किया गया है। (ग) सीमित वित्‍तीय संसाधनों के दृष्टिगत कारण एवं अवधि बताना संभव नहीं है। (घ) जी हाँ। सीमित वित्‍तीय संसाधनों के दृष्टिगत वर्तमान में निर्माण संभव नहीं है।

रेल्‍वे ब्रिज का निर्माण कार्य

[लोक निर्माण]

23. ( क्र. 592 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन ने आलोट जिला रतलाम में रेल विभाग दवारा स्‍वीकृत विक्रमगढ, आलोट, महिदपुर रोड के रेल्‍वे ब्रिज हेतु राज्‍य शासन के अधिकार क्षेत्र के शेष कार्य हेतु स्‍वीकृतियां प्रदान की हैं?     (ख) यदि हाँ, तो कब एवं कितनी-कितनी राशि शेष है? कितने कार्य हेतु स्‍वीकृति दी? (ग) यदि नहीं, तो क्‍या रेल्‍वे लाइन पर स्‍लेब डल चुका है, शेष कार्य के अधूरे रहने से उक्‍त कार्य का औचित्‍य ही समाप्‍त हो जायेगा? शासन कब तक इन कार्यों को पूर्ण करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं गर्डर का कार्य प्रगति पर है। राज्‍य शासन हिस्‍से की स्‍वीकृति किसी योजना में नहीं है। अत: निश्चित तिथि बताना संभव नहीं है।

कृषकों को कृषि उपकरण एवं सिंचाई साधन पर अनुदान

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

24. ( क्र. 615 ) श्री भंवर सिंह शेखावत : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्यपद्रेश शासन दवारा कृषि विभाग के माध्यम से खेती को लाभ का धंधा बनाने के उद्देश्य से कृषि उपकरण, ड्रिप सिंचाई, स्प्रिंगलर सिस्टम, पी.वी.सी. पाइप, भंडार गृह  इत्यादि पर अनुदान दिया जाता है? जिसका लक्ष्य बहुत ही कम है, क्‍या इस हेतु वर्तमान में किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होता है? (ख) क्‍या ऑनलाइन की सुविधा स्प्रिंगलर सिस्टम को छोड़कर माह की 1 और 15 तारीख होती है, जिससे किसानों को परेशानी होती है तथा समय पर लाभ नहीं मिल पाता है, क्या लक्ष्य वृद्धि की जावेगी, यदि हाँ, तो कब तक? (ग) क्या किसानों को ऑनलाइन आवेदन की सुविधा प्रति दिवस प्राप्त होगी, यदि हाँ, तो कब तक?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा कृषि विभाग के माध्‍यम से खेती को लाभ का धंधा बनाने के उद्देश्‍य से कृषि उपकरण, ड्रिप सिंचाई, स्प्रिंकलर सिस्‍टम, पी.वी.सी. पाइप  इत्‍यादि पर ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल के माध्‍यम से अनुदान दिया जाता है वर्तमान में भंडार गृह पर अनुदान देने का प्रावधान नहीं है। जिलों को आवश्यकता अनुसार पर्याप्‍त लक्ष्‍य दिया जाता है। किसानों को ऑनलाइन के माध्‍यम से आवेदन करना होता है।              (ख) जी नहीं। ऑनलाइन की सुविधा लक्ष्‍य उपलब्‍धता की स्थिति में माह के प्रत्‍येक दिवस में उपलब्‍ध रहती है वर्तमान में जिलों में पर्याप्त लक्ष्य उपलब्ध है। उपलब्ध लक्ष्यों की पूर्ति उपरांत जिलों की मांग अनुसार लक्ष्य वृद्धि की जाती है। (ग) किसानो को ऑनलाइन आवेदन की सुविधा प्रति दिवस उपलब्‍ध है। शेष का प्रश्‍न ही नहीं उठता।

स्‍वीकृत निर्माण/मरम्‍मत कार्य

[लोक निर्माण]

25. ( क्र. 627 ) श्री संजय उइके : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि    (क) लोक निर्माण विभाग अन्‍तर्गत बालाघाट जिले में वित्‍तीय वर्ष 2014-15 से 2017-18 तक  किन-किन नवीन निर्माण/मरम्‍मत कार्यों की स्‍वीकृती कब-कब किस-किस लागत से की गई?                 (ख) स्‍वीकृत निर्माण/मरम्‍मत की निविदा कब-कब बुलाई गई, सफल निविदाकार की दर एवं नाम, एस..आर. का वर्ष निविदा स्‍वीकृतकर्ता अधिकारी का नाम एवं दिनाँक, कार्यादेश का दिनाँक सहित मद/योजनावार जानकारी देवें? (ग) निर्माण कार्य हेतु भूमि का कब-कब आवंटन प्राप्‍त किया गया, ठेकेदार के द्वारा कार्य किस दिनॉंक से प्रारम्‍भ किया गया, पूर्ण कब किया गया, किन-किन कार्यों के प्राक्‍कलन पुनरीक्षित किये गये एवं क्‍या-क्‍या पुनरीक्षित किया गया जानकारी उपलब्‍ध करावें?                (घ) क्‍या निर्माण कार्य हेतु भूमि प्राप्‍त होने के पूर्व निविदा आमंत्रण एवं कार्यादेश जारी करने से ठेकेदार को क्‍या फायदा होता है एवं शासन को क्‍या वित्तीय हानि होती है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '', 'अ-। ' एवं 'अ-2' अनुसार है। (घ) जी नहीं। जी नहीं।

सड़क निर्माण कार्य

[लोक निर्माण]

26. ( क्र. 640 ) श्रीमती इमरती देवी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या य‍ह सही है‍ कि ग्‍वालियर जिले के डबरा शहर में मील गेट चौराहे से चीनौर रोड डबरा की ओर सड़क निर्माण का कार्य स्‍वीकृत कर कराया जा रहा है? यदि हाँ, तो उपरोक्‍त स्‍थान पर कराये जा रहे नाला एवं सड़क निर्माण कार्य की तकनीकी स्‍वीकृति की छाया प्रति उपलब्ध कराई जावे? (ख) नाला एवं सड़क निर्माण कार्य की समय-सीमा क्‍या थी? क्‍या कार्य समय-सीमा में कराया जा रहा है? नहीं तो क्‍यों? क्‍या कार्य समय-सीमा में नहीं कराये जाने के कारण चीनौर रोड डबरा के रहवासियों को बेहद धूल भरी हवा से बीमारी का सामना करना पड़ रहा है? (ग) क्‍या कार्य की गुणवत्‍ता की जाँच कराई गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों? कब तक कराई जावेगी और क्‍या निर्माण कार्य एजेन्‍सी पर कोई कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।     (ख) दिनांक 03.06.2018। जी हाँ। प्रश्‍न ही नहीं उठता। धूल की समस्‍या हेतु समय-समय पर पानी का छिड़काव टैंकर द्वारा किया जा रहा है। (ग) जी हाँ। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''चौदह''

डबरा शहर के चीनौर रोड पर इलेक्ट्रिक पोल शिफ्टिंग कार्य

[लोक निर्माण]

27. ( क्र. 644 ) श्रीमती इमरती देवी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या लोक निर्माण विभाग द्वारा डबरा मीलगेट चौराहे से महाराजपुर, छीमक, चीनौर की ओर रोड निर्माण कार्य के साथ साथ डबरा शहर की सीमा में इलेक्ट्रिक पोल का शिफ्टिंग का कार्य भी स्‍वीकृत किया गया है? नहीं तो क्‍यों? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या पोल का शिफ्टिंग प्रारम्‍भ हो गया है? यदि नहीं, तो कब तक प्रारम्‍भ कर दिया जावेगा? (ग) प्रश्‍नांश (क) इलेक्ट्रिक पोल शिफ्टिंग का कार्य रोड निर्माण के पहले किया जाता है अथवा बाद में किया जाता है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) दोनों स्थितियों में किया जा सकता है।

आवास संघ के कर्मचारियों को छठवें वेतन मान का लाभ

[सहकारिता]

28. ( क्र. 704 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश की अधिकतम शीर्ष सहकारी संस्थाओं एवं निगम मण्डल में छठवें वेतनमान का लाभ कर्मचारियों को दिया गया है, किन्तु आवास संघ के कर्मचारियों को इसका लाभ क्यों नहीं दिया जा रहा है? जब की इसका प्रस्ताव वरिष्‍ठ कार्यालय में विचारधीन होना बताया जा रहा है। (ख) आवास संघ कार्यालय द्वारा प्रथम बार छठवें वेतन मान का लाभ प्रदाय हेतु प्रस्ताव कब कनिष्ठ आधिकारी द्वारा आयुक्त को भेजा गया है? (ग) अन्य शीर्ष सहकारी संथाओं विपणन संघ उपभोक्ता संघ राज्य सहकारी संघ में छठवें वेतनमान का लाभ कब प्रदाय किया गया? इन शीर्ष सहकारी संस्थाओं में छठवें वेतनमान में शासन के नियम मापदंड निर्धारित किए गए, नियम की प्रति देवें। (घ) आवास संघ के कर्मचारियों को छठवें वेतनमान स्वीकृत करने हेतु क्या नियम मापदंड निर्धारित किए गए हैं? (ड.) आवास संघ के कर्मचारियों को छठवें वेतनमान अभी तक स्वीकृत न करने के क्या कारण रहे हैं? कौन अधिकारी जिम्मेदार है, लाभ कब तक मिल जावेगा?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ, आवास संघ की संचित हानि एवं देयताएं अत्‍याधिक होने के कारण। आवास संघ के कर्मचारियों को छठवें वेतनमान प्रदान करने के संबंध में प्रस्‍ताव वर्तमान में विचाराधीन है, प्रस्‍ताव पर संघ की वित्‍तीय सक्षमता के आधार पर निर्णय लिया जावेगा। (ख) दिनांक 16-08-2012. (ग) विपणन संघ को दिनांक 26-12-2012, उपभोक्‍ता संघ को दिनांक 04-10-2013 तथा राज्‍य सहकारी संघ को दिनांक 18-01-2013 को आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक द्वारा छठवां वेतनमान स्‍वीकृत किया गया है। नियम निर्धारित नहीं है। आयुक्त एवं पंजीयक द्वारा संस्‍था की वित्तीय सुदृढ़ता एवं आर्थिक सक्षमता का परीक्षण कर छठवां वेतनमान स्‍वीकृत किये जाने पर निर्णय लिया जाता है। (घ) उत्तरांश "ग" अनुसार। (ड.) आवास संघ की संचित हानि तथा देयताएं अत्‍याधिक होने के कारण, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

शासन द्वारा खरीदी गई प्‍याज के सड़ने पर कार्यवाही

[सहकारिता]

29. ( क्र. 748 ) श्री अजय सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. सरकार के द्वारा प्रदेश के किसानों द्वारा उत्‍पादित प्‍याज की खरीदी उन्‍हें राहत दिलाने हेतु की गई? प्रदेश में दिनांक 01/01/2014 से प्रश्‍नतिथि तक किस-किस वर्ष में प्‍याज का बंपर उत्‍पादन हुआ? उक्‍त बंपर उत्‍पादन के कारण प्‍याज की कीमत घटने के परिणाम स्‍वरूप शासन द्वारा किसानों को राहत देने हेतु क्‍या क्‍या नीति/फैसले कब-कब क्‍या लिये गये? जारी आदेशों की एक प्रति दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित समयानुसार राज्‍य शासन के द्वारा जारी आदेशों (एक प्रति उपलब्‍ध करायें) के बाद प्‍याज की खरीदी किस दर पर किसानों से किस-किस जिलों में कितने क्विंटल की गई वर्षवार/दरवार/जिलेवार/मात्रावार जानकारी दें? किसानों को प्‍याज का तत्‍कालिक लागत मूल्‍य क्‍या था? क्‍या दर प्राप्‍त हुई? मूल्‍यवार जानकारी दें? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में म.प्र. शासन के द्वारा कुल कितने रूपये मूल्‍य की कितने क्विंटल प्‍याज की खरीदी प्रदेश में की गई तथा क्‍या खरीदी गई संपूर्ण मात्रा का भुगतान शासन द्वारा किसानों को कर दिया गया है? जिलावार जानकारी दें? (घ) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में खरीदी गयी प्‍याज कहाँ-कहाँ, किस-किस दर पर कितनी-कितनी मात्रा में किस-किस को बेची गयी? जिलेवार दें? उक्‍त प्‍याज कितनी मात्रा में कहाँ-कहाँ सड़ गयी? गायब हो गयी? जिलेवार/मात्रावार दें? उक्‍त प्‍याज प्रकरण में शासन को खरीदी के बाद बेचने पर कितनी राशि का नुकसान शुद्ध रूप से उठाना पड़ा? खरीदी के दौरान क्‍या अनियमितताएं सामने आई प्रश्‍न तिथि तक शासन के द्वारा उन पर क्‍या कार्यवाही की गई प्रकरणवार जानकारी दें?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

किसानों को लाभकारी मूल्‍य खेती का मिले इस हेतु शासन द्वारा बनाई गयी नीतियां

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

30. ( क्र. 750 ) श्री अजय सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) किसानों को मध्‍यप्रदेश में लाभकारी मूल्‍य पर उसकी फसलों के दाम मिले या दिलाये जाये इसके लिये क्‍या-क्‍या नीतियां दिनांक 01.01.2014 से 31.12.2017 के दौरान राज्‍य शासन द्वारा बताई? उक्‍त बनाई गई नीतियों/निर्णयों का पूर्ण विवरण बिन्‍दुवार/वर्षवार/नीतिवार उपलब्‍ध करायें? (ख) क्‍या शासन के द्वारा अनुमानित किया गया है कि किसान को उसके द्वारा उत्‍पादित, खरीफ एवं रबी में विभिन्‍न जिंसों (उत्‍पादों) को प्रति क्विंटल उत्‍पादन करने में कितनी लागत मूल्‍य आई होगी? अगर हाँ तो वर्ष 2014 से 2017 की अवधि में रबी एवं खरीफ की फसलों में विभिन्‍न जिंसों (उत्‍पादों) पर कितना-कितना उत्‍पादन मूल्‍य म.प्र. शासन के द्वारा निर्धारित/अनुमानित लागत तय की गयी वर्षवार/फसलवार/रबी/खरीफबार/जींसवार (उत्‍पाद) दरवार जानकारी दें? (ग) म.प्र. सरकार प्रदेश के किसानों को उनकी उत्‍पाद होने वाली फसल पर जो लागत मूल्‍य तय होता है उस पर उन्‍हें कितने प्रतिशत का लाभ प्रश्‍नतिथि तक किस प्रकार से दे रही है? उसको कैसे तय किया जाता है? बिन्‍दुवार विवरण देते हुये बताये कि रबी एवं खरीफ की फसलों में म.प्र. सरकार द्वारा सभी जिंसों (उत्‍पाद) पर कितनी-कितनी बोनस की राशि फसलवार/जिंस (उत्‍पादवार)/प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित वर्षवार दी? (घ) केन्‍द्र सरकार द्वारा प्रदेश के किसानों को उनके द्वारा उत्‍पादित जिंसों (उत्‍पाद) पर वित्‍तीय वर्ष 2012-2013 एवं 2013- 2014 में कितनी राशि बोनस स्‍वरूप दी? जिंसवार दें? वित्‍तीय वर्ष 2013-2014 से प्रश्‍नतिथि तक कितनी-कितनी राशि बोनस स्‍वरूप प्रत्‍येक जिंसवार (उत्‍पादवार) दी? बिन्‍दुवार विवरण दें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) विभाग में किसानों को लाभकारी मूल्‍य पर फसलों के दाम दिलाने के लिये खरीफ 2017 से मुख्‍यमंत्री भावांतर भुगतान योजना का प्रारंभ किया गया है। दिशा निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जवाहरलाल नहेरू कृषि विश्‍वविद्यालय जबलपुर (म.प्र.) भारत सरकार द्वारा संचालित कृषि व्‍यय अध्‍ययन योजना (सी.सी.एस.) के अंतर्गत मध्‍यप्रदेश की प्रमुख फसलों की उपलब्‍ध नवीनतम जानकारी के अनुसार वर्ष 2014-15 के उत्‍पादन लागत की पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है एवं वर्ष 2015-16 रबी की उत्‍पादन लागत की पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ग) कृषि लागत एवं मूल्‍य आयोग की अनुशंसा पर भारत सरकार द्वारा तय किया जाता है। शेष जानकारी एकत्र की जा रही है। (घ) कृषि लागत एवं मूल्‍य आयोग की अनुशंसा पर भारत सरकार द्वारा तय किया जाता है। शेष जानकारी एकत्र की जा रही है।

ड्रेनेज सिस्‍टम, पोल ट्रांसफारमर, लाईन एवं सर्विस की जानकारी

[लोक निर्माण]

31. ( क्र. 751 ) श्री अजय सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) क्‍या सतना शहर के अंदर एक फ्लाई ओवर का निर्माण वर्ष 2016 में होना शुरू किया गया था? अगर हाँ तो उक्‍त फ्लाई ओवर का कार्य कितने प्रतिशत पूरा हो चुका है? फ्लाई ओवर के निर्माण के पहले क्‍या दोनों ओर नाला निर्माण एवं बिजली के पोल एवं लाईन को शिफ्ट करना एवं सड़क के सेन्‍टर से 17.5 या 18.5 मीटर दूर तक अतिक्रमण हटाना एवं सड़क का निर्माण किया जाना अत्‍यावश्‍यक था? हाँ या नहीं? (ख) क्‍या ब्रिज कारपोरेशन एवं ठेकेदारों के द्वारा मिली भगत कर फ्लाई ओवर निर्माण के पूर्व दोनों ओर आर.सी.सी. की रोड पूरी चौड़ाई तक नहीं बनायी गयी? दोनों ओर नालियों का कार्य तक नहीं कराया गया? सड़क के किनारे दोनों ओर बिजली के पोल एवं लाईन की सही जगह पर शिफ्टिंग नहीं करायी गयी? अगर नहीं तो क्‍या प्रश्‍नतिथि तक फ्लाई ओवर के दोनों ओर नाला/नाली के निर्माण कार्य एवं सड़क निर्माण कार्य एवं बिजली के पोल एवं लाईन शिफ्टिंग कार्य पूर्ण हो चुका है? हाँ या नहीं? अभी क्‍या कार्य चल रहा है? क्‍या बाकी है?                (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में '' नहीं'' तो क्‍या फ्लाई ओवर बनाने में ब्रिज कारपोरेशन के अधिकारियों एवं ठेकेदार की कलेक्‍टर सतना एवं कमिश्‍नर नगर निगम के मध्‍य 1.1.2016 से प्रश्‍नतिथि तक कब कब बैठकें हुई? क्‍या क्‍या पत्र व्‍यवहार हुये? बैठकों में हुये निर्णयों की बिन्‍दुवार जानकारी एवं पत्र व्‍यवहारों की एक एक प्रतिलिपि उपलब्‍ध कराये? (घ) क्‍या फ्लाई ओवर के पिलर के सेंटर प्‍वाईंट से 17.5 या 18.5 मीटर तक के अतिक्रमण प्रश्‍नतिथि तक पूर्ण रूपेण अभी हटे नहीं है? बिजली के पोल व लाईन अभी तय शुदा स्‍थान पर शिफ्ट नहीं हुई है? आर.आर.सी रोड व नाली निर्माण नहीं हुआ है शासन के ठेकेदारों के सामने बेबश  अगर नहीं तो राज्‍य शासन नियम विरूद्ध कार्य करने वाले ठेकेदारों के विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही कब तक करेगा? बिन्‍दुवार विवरण दें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। लगभग 50 प्रतिशत। जी हाँ। (ख) जी नहीं, यह कथन सत्‍य नहीं है, स्‍वीकृत मात्रा अनुसार सर्विस रोड बनाई गयी है। जी नहीं, नाली का निर्माण कार्य लगभग 50 प्रतिशत पूर्ण, शेष नाली निर्माण कार्य प्रगति पर। बिजली के पोल एवं लाईन शिफ्टिंग कार्य विद्युत मण्‍डल द्वारा किया गया एवं शेष कार्य किया जा रहा है। कार्य प्रगति पर है। पोल शिफ्टिंग, नाली निर्माण सुपरस्‍ट्रक्‍चर एवं आर.ई.वाल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। लगभग 50 प्रतिशत कार्य शेष है। (ग) उपलब्‍ध विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। पत्र व्‍यवहार का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। निर्णयों के संबंध में अधिकृत रूप से कोई पत्र जारी नहीं किए गए, सामान्‍यत: कार्य की गति बढ़ाने के निर्देश दिये जाते थे। (घ) जी हाँ, आंशिक भाग में शेष है। जी नहीं, बिजली पोल एवं लाइन शिफ्टिंग म.प्र. विद्युत मण्‍डल द्वारा की गई है एवं आंशिक भाग में शेष है, पी.सी.सी. रोड निर्माण कार्य स्‍वीकृत मात्रा अनुसार पूर्ण हो चुका है। नाली निर्माण 50 प्रतिशत पूर्ण शेष जारी। नियम विरूद्ध कोई कार्य नहीं किया गया। कार्य की धीमी प्रगति हेतु ठेकेदार के चल देयकों से अभी तक कुल 32.50 लाख रूपये रोके गए है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

32. ( क्र. 800 ) कुँवर सौरभ सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश के किसानों को फसल बीमा हेतु प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसान कल्‍याण विभाग के माध्‍यम से चलाई जा रही है? यदि हाँ, तो प्रश्‍नांकित योजना से कटनी जिले के              किन-किन पटवारी हल्‍को के कितने-कितने किसानों की कितनी भूमि पर किन-किन बैंक शाखाओं/सोसायटी से ऋणी के साथ-साथ गैर ऋणी किसानों का बीमा हुआ है? योजना प्रारंभ से पृथक-पृथक विवरण दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार बीमा कंपनी द्वारा किन-किन पटवारी हल्‍कों के कितने-कितने किसानों को कितने क्षेत्र की किस-किस जिन्‍स की कितनी-कितनी राशि कब-कब उपलब्‍ध कराई गई है? योजना प्रारंभ से वर्षवार पृथक-पृथक बताएं। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार क्‍या बीमित सभी व्‍यक्तियों/किसानों को फसल नुकसान के अनुपात में बीमा राशि उपलब्‍ध कराई गई? यदि नहीं, तो किन-किन पटवारी हल्‍कों के कितने-कितने किसानों को बीमा राशि        किन-किन कारणों से नहीं दी जा सकी है? (घ) प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य के पत्र क्रमांक 192 दिनाँक 06.05.17, 639 दिनाँक 31.07.17, 1439 दिनाँक 02.01.18 सहित अन्‍य प्रेषित पत्रों पर क्‍या कार्यवाही की गई, शिकायतवार कार्यवाहीवार विवरण दें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। खरीफ 2016 की जिला कटनी की बीमा आवरण की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। बीमा कंपनी के अनुसार जानकारी अनंतिम है। रबी 2016-17, खरीफ 2017 एवं रबी 2017-18 की जानकारी नियत बीमा कंपनी एग्रीकल्‍चर इन्‍श्‍योरेंस कम्‍पनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (भारत सरकार का उपक्रम) द्वारा संकलित की जा रही है। (ख) योजनांतर्गत जिला कटनी में खरीफ 2016 में उपज में कमी नहीं पाई गई थी, अत: दावा देय नहीं है। इसके अतिरिक्‍त कुछ पटवारी हल्‍कों के फसल कटाई के आंकड़ें विलंब से प्राप्‍त हुये, जिनकी दावा राशि की गणना प्रक्रियाधीन है। रबी 2016-17, खरीफ 2017 एवं रबी 2017-18 की अग्रिम राज्‍यांश प्रीमियम अनुदान राशि का भुगतान बीमा कंपनी को कर दिया गया है तथा प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल क्षति होने के एवज में बीमा कंपनी द्वारा क्षतिपूर्ति भुगतान बीमा कंपनी द्वारा किये जाने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्‍त प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ 2017 मौसम हेतु औसत पैदावार के आंकड़े बीमा कंपनी को दिनांक 31.01.2018 एवं रबी 2017-18 मौसम हेतु औसत पैदावार के आंकड़े राज्य शासन द्वारा दिनांक 30.06.2018 तक उपलब्‍ध कराये जाने के पश्‍चात प्राप्‍त उपज के आंकड़ों के आधार पर दावों की गणना कर यदि किसी अधिसूचित क्षेत्र के अधिसूचित फसल हेतु उपज में कमी पायी जाएगी तो योजना के अनुसार क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान पात्र कृषकों को नोडल बैंकों के माध्यम से किये जाने का प्रावधान है। (ग) उत्‍तरांश '' अनुसार। (घ) प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य के पत्र क्रमांक 192 दिनांक 06-05-17 में निहित सुझाव प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की गाईड लाईन में सम्मिलित है। अन्‍य पत्रों पर की गई पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-दो अनुसार है।

खरगापुर विधान सभा में मा.शा. एवं प्राथ. शालाओं में छात्र-छात्राओं को पेयजल व्‍यवस्‍था

[स्कूल शिक्षा]

33. ( क्र. 873 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधान सभा-47 के माध्‍यमिक शाला रामनगर बुजुर्ग, माध्‍यमिक शाला बनेरा, माध्‍यमिक शाला जटेरा, माध्‍यमिक शाला देरी, माध्‍यमिक शाला कन्‍या देरी, माध्‍यमिक शाला हीरापुर, माध्‍यमिक शाला दूवदेई, माध्‍यमिक शाला पठराई, प्राथमिक शाला कुमरयाना टोरी, कन्‍या प्राथमिक शाला पलेरा, कन्‍या प्राथमिक शाला रामनगर, प्राथमिक शाला मोरमन्‍ना, प्राथमिक शाला संजयनगर, प्राथमिक शाला टोरी, प्राथमिक शाला ग्‍वाल खिरक भटगोरा, प्राथमिक शाला प्रेमनगर, शिक्षा गारंटी शाला सुनोटी खेरा, प्राथमिक शाला बनेरा, प्राथमिक शाला डगरूवा, शिक्षा गारंटी शाला बलवंतपुरा उगढ़ शिक्षा गारंटी शाला हरिजन बस्‍ती वैसा उगढ़ शिक्षा गारंटी शाला अमुसया राजनगर, प्राथमिक शाला डुडु, आदि स्‍थानों के हैण्‍डपम्‍प खराब हालत में है, इसकी जानकारी अतारांकित प्रश्‍न क्र.2018 के तहत दी गई थी। प्रश्‍नकर्ता द्वारा लोक स्‍वा. यांत्रिकी विभाग एवं जिला कलेक्‍टर टीकमगढ़ को पत्र लिखने के उपरांत भी आज दिनांक तक उक्‍त हैण्‍डपम्‍पों में सुधार नहीं किया गया। इन हैण्‍डपम्‍पों के सुधार हेतु क्‍या कार्यवाही की गई अथवा की जावेगी। (ख) क्‍या माध्‍यमिक शाला बेला, माध्‍यमिक शाला कैलपुरा, माध्‍यमिक शाला नयागांव, माध्‍यमिक शाला मलगुवॉ, माध्‍यमिक शाला कछियाखेरा डारगुवॉ, माध्‍यमिक शाला भितरवार, प्राथमिक शाला बन्‍ने बुजुर्ग, प्राथमिक शाला नयागांव, शिक्षा गारंटी अगवार खिरक, शिक्षा गारंटी टपरनखेरा, प्राथमिक शाला हनुमतपुरा, प्राथमिक बालक शाला मलगुवॉ, प्राथ‍मिक कन्‍या शाला मलगुवॉ, प्राथ‍मिक शाला डारगुवॉ जागीर, प्राथ‍मिक शाला पट्टी गनेश जू, शिक्षा गारंटी कछियात बल्‍देवगढ़, प्राथमिक शाला पठराई, प्राथमिक शाला गढ़ी सुजानपुरा, शिक्षा गारंटी लोरकनखेरा, मॉडल उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय बल्‍देवगढ़, हाई स्‍कूल भेलसी, आदि स्‍थानों के हैण्‍डपम्‍प (बोर) सूखे पड़े हुये हैं, इन संस्‍थाओं के छात्र-छात्राओं को पेयजल कैसे उपलब्‍ध कराया जाता है? छात्र-छात्राओं को पेयजल हमेशा उपलब्‍ध होता रहे, उसके लिये क्‍या योजना बनाई है और कौन-कौन से उपाय किये गये हैं तथा इस संबंध में विभाग के उच्‍च अधिकारियों एवं जिला कलेक्‍टर के संज्ञान हेतु पत्राचार कर कब-कब सूचित किया गया और उन पत्रों की मांग पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या छात्र-छात्राओं को वर्णित संस्‍थाओं पर पेयजल उपलब्‍ध कराने के लिये शिक्षा विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा कोई मॉनिटरिंग की गई? यदि हाँ, तो जानकारी से अवगत करायें। यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण स्‍पष्‍ट करे।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 2018 के उत्‍तर में अंकित जिन 35 शालाओं के हैण्‍डपंप खराब स्थिति में थे, उनकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। मान.विधायक खरगापुर व्दारा कलेक्टर, टीकमगढ़ को एक पत्र क्रमांक 312, दिनांक 10.12.2017 लिखा गया है, जो जिला परियोजना समन्वयक टीकमगढ़ के कार्यालय में प्राप्त नहीं हुआ तथापि खराब हैण्डपपों सुधार हेतु लोक स्वास्थ यांत्रिकीय विभाग से जिला परियोजना समन्वयक टीकमगढ़ के पत्र क्रमांक 1332, दिनांक 22.2.2018 द्वारा अनुरोध किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार(ख) वर्तमान में क्षेत्र सूखाग्रस्‍त है, इस कारण प्रश्‍नांश में वर्णित शालाओं में हैण्‍डपंप (बोर) सूखे होने के कारण टंकी/घड़ों से, छात्र/छात्राओं को पेयजल की व्‍यवस्‍था की जा रही है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार। ऐसी शासकीय प्राथमिक/माध्‍यमिक शालाएं जहां पर स्‍थायी पेयजल स्‍त्रोत उपलब्‍ध नहीं है, उन शालाओं में स्‍थायी पेयजल स्‍त्रोत उपलब्‍ध कराये जाने हेतु राज्‍य मद अंतर्गत योजना स्‍वीकृत की है। खरगापुर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत शासकीय मॉडल उ.मा.वि.बल्देवगढ़ में पी.आई.यू. द्वारा 02 बोर कराये गये थे, जिनमें पानी सूख गया है। नल-जल योजना के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने का प्रस्ताव नगर पंचायत बल्देवगढ़ के पास भेजा गया है। हाई स्कूल भेलसी में आर.ई.एस.द्वारा बोर कराया गया है, जिसमें पानी सूख गया है। उक्त संस्थाओं में स्थानीय निधि से परिवहन कर पेयजल की व्यवस्था की जा रही है। जिला शिक्षा अधिकारी, टीकमगढ़ द्वारा पत्र क्रमांक विविध-2017/271 दिनांक 16.10.17 द्वारा कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ यांत्रिकी खण्ड टीकमगढ़ को पेयजल व्यवस्था हेतु अनुरोध किया गया। शेषांश प्रश्न '' में दिये गए उत्तर अनुसार। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ एवं स में सम्मिलित है।

सामान्‍य प्रशासन विभाग के नियमों का पालन नहीं किया जाना

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

34. ( क्र. 879 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधान सभा क्षेत्र में दिनांक 16.10.2017 को मुख्‍यमंत्री भावान्‍तर भुगतान योजना का शुभारंभ मण्‍डी प्रांगण खरगापुर में किया गया था? क्‍या उक्‍त कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक का नाम आमंत्रण कार्ड में नहीं लिखा गया, न ही क्षेत्रीय विधायक को उक्‍त कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया क्‍या सामान्‍य प्रशासन विभाग म.प्र. शासन के द्वारा पारित आदेश क्र. एफ 19-76/2007/1/4 दिनांक 24.10.2017 के तारतम्‍य में शासन के नियमों को अनदेखा कर दिनांक 16.10.2017 के कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक को आमंत्रित नहीं किये जाने वाले अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही प्रस्‍तावित करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) क्‍या मुख्‍य सचिव म.प्र. शासन तथा जिला कलेक्‍टर टीकमगढ़ को दिनांक 16.10.2017 के कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक को आमंत्रित नहीं किये जाने के संबंध में पत्र लिखा गया था परन्‍तु प्रश्‍न दिनांक तक किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गई? क्‍या पुन: स्‍मरण करते हुये संबंधित दोषी अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?                 (ग) क्षेत्रीय विधायक के पत्रों के जवाब टीकमगढ़ जिले के कई विभागों द्वारा नहीं दिये जाने तथा कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायकों को बुलाए जाने के संबंध में विभाग सामान्‍य प्रशासन विभाग म.प्र. शासन द्वारा पारित आदेशों का कड़ाई से पालन किये जाने के निर्देश जारी करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। दिनांक 16.10.17 को मुख्‍यमंत्री भावांतर भुगतान योजना का शुभारंभ मंडी प्रांगण खरगापुर में किया गया था। कृषि उपज मंडी समिति खरगापुर द्वारा दो प्रकार के आमंत्रण कार्ड छपवाये गये थे। वी.आई.पी. आमंत्रण कार्ड छपवाए गये थे, वी.आई.पी. आमंत्रण कार्ड में माननीय क्षेत्रीय विधायक का नाम सम्मिलित था एवं कृषि उपज मंडी समिति खरगापुर के पत्र क्रमांक/मंडी/नियमन/2017-18/366 दिनांक 12.10.2017 द्वारा माननीय विधायकजी को आमंत्रित भी किया गया। उक्‍त के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न निर्मित नहीं होता है। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार। (ग) सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा अपेक्षित निर्देश परिपालन हेतु पूर्व से प्रदत्‍त है।

भावान्तर भुगतान योजना में त्रुटी सुधार

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

35. ( क्र. 908 ) श्री प्रहलाद भारती : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पोहरी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत मालवर्बे, मकलीजरा, भटनावर, के ग्रामों में कितने किसानों ने भावान्तर भुगतान योजनांतर्गत उपार्जन केन्द्र सेवा सहकारी संस्था भटनावर में खरीफ 2017 की किन-किन फसलों का कितने-कितने रकबे का पंजीयन करवाया? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में उक्त ग्राम पंचायतों के ग्रामों के किसानों के पंजीकृत भूमि के रकबे को पटवारी द्वारा प्रमाणित किया गया? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में किसानों के प्रमाणित रकबा में त्रुटि सुधार के लिए क्‍या व्‍यवस्‍था की गई है? ऐसे मामलों में रकबा की त्रुटि सुधार कर शेष रकबे के भावांतर की राशि का भुगतान कब तक किया जायेगा? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के संदर्भ में संबंधित ग्रामों के हल्के के पटवारी द्वारा किसानों को जानबूझकर परेशान किए जाने पर उक्त पटवारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी तथा कब तक?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : () विधान सभा क्षेत्र पोहरी के ग्राम पंचायत मालववें, मकलीझरा, भटनावर में खाद्य नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्‍ता संरक्षण विभाग से भावांतर भुगतान योजनांतर्गत जिन किसानों ने पंजीयन कराया उनकी फसलवार, रकबावार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) विधान सभा क्षेत्र पोहरी के ग्राम पंचायत मालववें मकलीझरा, भटनावर में खाद्य नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्‍ता संरक्षण विभाग से भावांतर भुगतान योजनांतर्गत पटवारी द्वारा प्रमाणित किसानों की फसलवार, किसानवार, रकबावार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। फसलवार किसानवार एवं रकबावार जानकारी देते हुये किसानों द्वारा सहकारी संस्‍था में पंजीकृत किये गये रकबे तथा पटवारी द्वारा प्रमाणित रकबे की किसानवार, फसलवार तुलनात्‍मक जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) उक्‍त ग्रामों में किसानों के वास्‍तविक पंजीकृत रकबा एवं पटवारी द्वारा प्रमाणित रकबें में जो अंतर पाया गया है पटवारी द्वारा की गई वास्‍तविक जाँच के आधार पर सही प्रमाणित है।      (घ) उक्‍त ग्रामों में पदस्‍थ पटवारियों द्वारा कृषकों के पंजीकृत रकबे एवं जाँच उपरांत पाये गये सही रकबें एवं जाँच उपरांत पाये गये सही रकबे में कोई त्रुटि नहीं की गयी है।

संविदा शिक्षकों की स्‍थानांतरण नीति

[स्कूल शिक्षा]

36. ( क्र. 923 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्‍वालियर जिले में कितने संविदा शाला  शिक्षक हैं? इनमें कितने महिला एवं कितने पुरूष संविदा शिक्षक है? (ख) वर्तमान में इनको किस हिसाब से वेतन का भुगतान शासन द्वारा किया जा रहा है? (ग) इनको कब तक नियमित किया जायेगा? क्‍या इस दिशा में शासन विचार कर रहा है या करेगा? (घ) संविदा शिक्षकों की क्‍या स्‍थानांतरण नीति है? क्‍या महिला कर्मचारियों को स्‍थानांतरण में कुछ सुविधायें शासन द्वारा दी गई हैं? यदि हाँ, तो क्‍या-क्‍या? जो महिला संविदा शिक्षक अविवाहित हैं एवं अपने गृह जिले से दूर दूसरे जिले में पदस्‍थ है उसे क्‍या शीघ्र गृह जिले में स्‍थानांतरण की शासन की नीति है? यदि हाँ, तो कितने समय की नहीं तो क्‍या इस पर शासन विचार करेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) ग्वालियर जिलान्तर्गत शासकीय विद्यालयों में कार्यरत संविदा शिक्षक 81 है। जिनमें से पुरूष-55 एवं महिलाएं-26 है। (ख) संविदा शाला शिक्षक को निश्चित मासिक संविदा पारश्रमिक दिये जाने का प्रावधान है वर्तमान में संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-1, श्रेणी-2 एवं श्रेणी-3 को क्रमशः रूपये 9000/-, 7000/- एवं 5000/- मासिक संविदा पारिश्रमिक दिया जा रहा है। (ग) नियमानुसार तीन वर्ष की परीवीक्षा अवधि पूर्ण होने पर एवं निधारित सेवा शर्तों के आधार पर अध्यापक संवर्ग में नियुक्त करने का प्रावधान है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) संविदा शाला शिक्षकों के लिये स्थानान्तरण की कोई नीति नहीं है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

मोहना कृषि उपज मंडी में विकास कार्य

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

37. ( क्र. 927 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्‍वालियर जिले की मोहना कृषि उपज मंडी कब प्रारंभ की गई? मंडी बोर्ड द्वारा उक्‍त मंडी के विकास के लिये कब-कब कितनी कितनी राशि दी गई वर्षवार एवं कार्यवार बतावें? (ख) क्‍या मोहना कृषि उपज मंडी में किसानों की फसल खरीदी जा रही है? यदि हाँ, तो वर्ष 2016 में कितनी खरीदी गई? मोहना मंडी में वर्ष 2010 से 2017 दिसम्‍बर तक मंडी शुल्‍क के रूप में वर्षवार कितनी राशि प्राप्‍त हुई? (ग) मोहना मंडी में कितने कर्मचारी पदस्‍थ है नाम एवं पद सहित बतायें तथा कब से कौन-कौन पदस्‍थ है? (घ) क्‍या मोहना मंडी जीर्ण-शीर्ण अवस्‍था में है पानी का भराव होता है एवं बाउण्‍ड्रीवॉल नहीं है? कब तक उक्‍त मंडी का मरम्‍मत कार्य कराया जावेगा? क्‍या मरम्‍मत कार्य हेतु शीघ्र कार्यवाही करेंगे?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) ग्‍वालियर जिलें की उपमंडी मोहना दिनांक 20.05.1972 को प्रारंभ हुई है। मंडी बोर्ड द्वारा मंडी प्रागंण विकास के लिये दी गई राशि की वर्षवार एवं कार्यवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जी हाँ। उपमंडी मोहना में वित्‍तीय वर्ष अप्रैल, 2016 से 31 जनवरी, 2017 तक कुल 470.00 क्विंटल किसानों की कृषि उपज खरीदी गई वर्ष 2010-11 से वर्ष 2016-17 तक मंडी शुल्‍क की वर्षवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) पदस्‍थ कर्मचारियों के नाम एवं पद तथा पदस्‍थापना की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (घ) जी हाँ। अपितु वर्ष 2017-18 में बाउण्‍ड्रीवॉल की मरम्‍मत तथा उसकी ऊँचाई बढ़ाने का कार्य पूर्ण कराया गया है। उपमंडी मोहना के प्रागंण में पूर्व निर्मित अन्‍य संरचनाएं अत्‍यन्‍त जीर्ण-शीर्ण अवस्‍था में है, जो मरम्‍मत योग्‍य नहीं होने से संरचनाओं के डिस्‍मेंटल करने की कार्यवाही का मंडी समिति द्वारा निर्णय लिया गया है। अतएवं शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''पंद्रह''

अनूपपुर रेल्‍वे फ्लाई ओव्‍हर ब्रिज निर्माण

[लोक निर्माण]

38. ( क्र. 973 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर रेल्‍वे फ्लाई ओव्‍हर ब्रिज की स्‍वीकृत कब हुई है? स्‍वीकृत दिनांक, लागत तथा कार्यपूर्ण करने की अवधि बतावें? (ख) वर्णित कार्य निर्माण की भूमि पूजन कब और किसके द्वारा किया गया? अब तक जिला प्रशासन द्वारा कार्य निर्माण की प्रगति हेतु क्‍या पहल की गई है? यदि नहीं, की है, तो क्‍या कारण है बतायें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) स्‍वीकृत दिनांक 14.12.2016। लागत रूपये 2103.95 लाख। 24 माह वर्षाकाल सहित दिनांक 07.05.2019 तक। (ख) भूमि पूजन दिनांक 27.10.2017 को माननीय प्रभारी मंत्री श्री संजय सत्‍येन्‍द्र पाठक द्वारा। कलेक्‍टर के द्वारा भू-अर्जन हेतु वर्तमान में भू-अर्जन की धारा 11 की कार्यवाही पूर्ण। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

अशासकीय स्‍कूलों को अनुदान राशि का आवंटन

[स्कूल शिक्षा]

39. ( क्र. 1018 ) श्री अशोक रोहाणी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर कैंट विधान सभा अन्‍तर्गत शासन से मान्‍यता प्राप्‍त अनुदानित अशासकीय कितने विद्यालय संचालित है? सूची दें। (ख) प्रश्‍नांकित विद्यालयों में कक्षा 1 से लेकर 5वीं तक कितने छात्र/छात्राओं ने वर्ष 2014-15 से लेकर वर्ष 2017-18 तक प्रवेश लिया है एवं कितने छात्र अध्‍ययनरत रहे है? निरीक्षणकर्ता अधिकारियों के नाम एवं इन स्‍कूलों का वितरित की गई अनुदान राशि का विवरण दें? (ग) प्रश्‍नांकित विद्यालयों में छात्र/छात्राओं से वसूल की गई,खर्च की गई,खाते में जमा राशि का विवरण एवं आय व्‍यय पत्रक की छायाप्रति उपलब्‍ध करायें। (घ) क्‍या शासन बंद व फर्जी छात्र/छात्राओं को प्रवेश देने वाले स्‍कूलों को अनुदान राशि आवंटित करने की जाँच कराकर दोषी अधिकारी व स्‍कूल संचालकों पर कार्यवाही करेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार। (ख) प्रवेशित एवं अध्‍ययनरत छात्रों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार। निरीक्षणकर्ता अधिकारियों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-स अनुसार। वितरित की गई अनुदान राशि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-द अनुसार।               (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (घ) ऐसी स्थिति न होने से शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

सर्व शिक्षा अभियान के तहत गठित समितियां

[स्कूल शिक्षा]

40. ( क्र. 1019 ) श्री अशोक रोहाणी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला शिक्षा केन्‍द्र जबलपुर में म.प्र. सर्वशिक्षा अभियान के तहत कौन-कौन सी समितियां गठित हैं? किन-किन समितियों के अध्‍यक्ष सदस्‍य कौन-कौन हैं? सूची दें। इन समितियों की बैठकें आयोजित करने बाबत् शासन के क्‍या नियम व प्रावधान है किन-किन समितियों की बैठकें नियमानुसार कब से आयोजित नहीं की गई है एवं क्‍यों? किन-किन समितियों की बैठकें कब-कब आयोजित की गई हैं? इन समितियों में स्‍थानीय जनप्रतिनिधि विधायक को सदस्‍य मनोनीत करने का क्‍या प्रावधान है वर्ष 2014-15 से 2017-18 तक की जानकारी दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में क्‍या-क्‍या प्रस्‍ताव पारित किये गये है? इन बैठकों में कौन-कौन सदस्‍य उपस्थित रहे बतलावे, पारित प्रस्‍तावों की सूची व पालक प्रतिवेदन वर्ष 2015-16 से 2017-18 तक की जानकारी दें? (ग) दिनांक 09/08/2017 को आयोजित जिला नियुक्ति समिति की बैठक में पारित किन-किन प्रस्‍तावों का पालन कब किया गया है एवं किन प्रस्‍तावों का पालन अभी तक किसने नहीं किया है एवं क्‍यों? उक्‍त बैठक में विकासखण्‍ड स्‍तर के किस-किस अधिकारियों/कर्मचारियों की सेवावृद्धि/सेवा समाप्ति व स्‍थानांतरण का निर्णय किया गया था? क्‍या शासन उक्‍त समिति की बैठक में पारित निर्णय/प्रस्‍ताव का पालन न करने वाले दोषी जिला परियोजना समन्‍वयक जबलपुर को तत्‍काल प्रभाव से निलंबित कर व इसकी जाँच कराकर अवश्‍यक कार्यवाही करेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) गठित समितियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। समितियों की संरचना, नियम एवं प्रावधान  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। जिला इकाई/विकासखण्ड इकाई की संरचना में क्षेत्रीय माननीय विधायक के नामांकन का प्रावधान है। कलेक्टर द्वारा जिला इकाई/विकासखण्ड इकाई की संरचना में मनोनयन हेतु प्रस्ताव पर जिले के प्रभारी मंत्री के अनुमोदन उपरांत नामांकन की कार्यवाही की जाती है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जिला नियुक्ति समिति की बैठक दिनांक 9.8.2017 में पारित 08 प्रस्तावों में से एक प्रस्ताव पर कार्यवाही प्रचलन में है। पालन प्रतिवेदन पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार होने से शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

विभाग के अधिकारियों द्वारा भ्रष्‍टाचार को संरक्षण देना

[सहकारिता]

41. ( क्र. 1102 ) श्री मधु भगत : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कार्यालय आयुक्‍त सहकारिता एवं पंजीयन संस्‍थाएं भोपाल के पत्र पृष्‍ठांकन क्रमांक गृह निर्माण/2017/702-703-अ-27/09/2017 क्रमांक गृह निर्माण/2017/678-679/दिनांक 19/09/2017 पत्र क्रमांक गृह निर्माण। 2017/800 दिनांक 07/11/2017 पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही किस-किस अधिकारी ने की, तिथि, जाँच प्रतिवेदन, पालन प्रतिवेदन और जाँच प्रतिवेदन पर जो निर्णय आदेश दिए गए हों उनकी प्रति दे? यदि अंतिम आदेश नहीं दिए गए हैं तो उसका दोषी कौन है? उसका नाम एवं पद नाम बताएं? (ख) उप आयुक्‍त सहकारिता जिला भोपाल के पत्र क्रमांक गृह निर्माण/2017/2529 दिनांक 14/08/2017 और पृष्‍ठांकन क्रमांक ज.सु/2016/498 दिनांक 26/02/2016 पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही किस-किस अधिकारी ने किस-किस तिथि को की गयी? जाँच प्रतिवेदन और पालन प्रतिवेदन की प्रतिवेदन बतायें यदि नहीं, तो इसका जिम्‍मेदार कौन है? नाम पद बताये? (ग) क्‍या कार्यालय उप आयुक्‍त सहकारिता जिला भोपाल के पत्र क्रमांक निर्वाचन/2017/3348 दिनांक 18/10/2017 के संदर्भ में बतायें की कॉलोनी के निवासी का आवेदन पत्र दिनांक 07/11/2017 प्राप्‍त हुआ था? यदि हाँ, तो उसमें उल्‍लेखित तथ्‍यों के आधार पर पत्र दिनांक 18/10/017 को निरस्‍त क्‍यों नहीं किया गया? कारण और नियम सहित उत्‍तर दें?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) पृष्‍ठांकन क्रमांक/गृह निर्माण/2017/702 दिनांक 27.09.2017 न होकर दिनांक 26.09.2017 है, क्रमांक/गृह निर्माण/2017/703 दिनांक 27.09.2017, क्रमांक/गृह निर्माण/2017/800 दिनांक 07.11.2017 द्वारा प्रेषित शिकायतों पर जाँच प्रक्रियाधीन है। क्रमांक/गृह निर्माण/2017/678 दिनांक 19.09.2017 शिकायती पत्र न होकर कार्यालय द्वारा जारी दिशा निर्देशों के संबंध में है, जिस पर कोई कार्यवाही अपेक्षित नहीं है एवं क्रमांक/गृह निर्माण/2017/679 पर वांछित कार्यवाही की गई है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।              (ख) प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित दोनों पत्र उपायुक्त सहकारिता जिला भोपाल द्वारा हजरत निजामुद्दीन गृह निर्माण सहकारी संस्‍था मर्यादित भोपाल के अध्‍यक्ष को कार्यवाही हेतु प्रेषित किये गये है। उक्‍त शिकायती पत्र न होकर दिशा निर्देश संबंधी होने से जाँच प्रतिवेदन, पालन प्रतिवेदन का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। निर्वाचन हेतु प्रेषित प्रस्‍ताव को निरस्त करने की अधिकारिता न होने के कारण। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''सोलह''

कृषि उपज मण्डी समिति गुना के अन्तर्गत पुराने एवं नवीन मण्डी प्रांगण में अतिक्रमण

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

42. ( क्र. 1109 ) श्रीमती ममता मीना : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृषि उपज मण्डी समिति गुना के पुराने एवं नवीन मण्डी प्रांगण में कितने भू-खण्ड व्यापारियों को आवंटित किये गये थे व कितनों के स्थान परिवर्तन किय गये व कितनों ने पक्के भवनों का निर्माण कर लिया है? (ख) पुराने मण्डी प्रांगण में आवंटित भू-खण्ड कृषि उपज व्यापार हेतु आवंटित किये गये, किन्तु वर्तमान में कृषि उपज व्यापार छोड़कर अन्य व्यवसाय किये जा रहे हैं? (ग) क्‍या पुराने मण्डी प्रांगण में आवंटित भू-खण्डों पर अधिकांश व्यापारियों द्वारा रिहायासी बंगलों का निर्माण कर लिया है एवं उसमें रह रहे हैं। दोषी अधिकारी/कर्मचारियों पर क्या कार्यवाही की गई? (घ) गत तीन वर्ष में पुराने एवं नवीन मण्डी प्रांगण व मण्डी की जमीन पर कितने अतिक्रमण किये हैं? कितने पक्के निर्माण कर लिये? नाम सहित बतायें। शासन को करोड़ों की क्षति हुई है। दोषी अधिकारी/कर्मचारी पर क्या कार्यवाही की गई?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) कृषि उपज मंडी समिति गुना के पुराने मंडी प्रागंण में 101 तथा नवीन मंडी प्रागंण में 328 भूखंड व्‍यापारियों को आवंटित किये गये है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र एक एवं दो अनुसार है। स्‍थान परि‍वर्तन नहीं हुआ है किंतु 98 व्‍यापारियों द्वारा पक्‍के भवनों का निर्माण किया गया है  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- तीन अनुसार है। (ख) पुराने मंडी प्रागंण में व्‍यापारियों द्वारा अधिसूचित कृषि उपज के स्‍थान पर जिला योजना समिति के निर्णय अनुसार अन्‍य प्रयोजन का व्‍यवसाय किया जा रहा है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-चार अनुसार है। (ग) जी हाँ। नियम विरूद्ध निर्माण कार्यों की जाँच अधीक्षण यंत्री मंडी बोर्ड को सौंपी गई है। जाँच प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही की जावेगी। (घ) गत तीन वर्षों में पुराने एवं नवीन मंडी प्रागंण में कोई अतिक्रमण नहीं हुये हैं। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-पाँच अनुसार है।

भवन गोदामों की लीज

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

43. ( क्र. 1110 ) श्रीमती ममता मीना : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विषयांकित पुराने मण्डी प्रांगण नई मण्डी प्रांगण में आवंटित भू-खण्ड निर्मित भवन गोदाम किस वर्ष दिनांक सहित भू-खण्ड मालिकों को आवंटित किये गये, नाम सहित जानकारी दें?                    (ख) मण्डी प्रांगण में आवंटित भू-खण्डों निर्मित भवन गोदामों की लीज कितने वर्ष या किस दिनांक तक थी व किस दर लीज की गई थी? तत्‍समय किस वार्षिक दर लीज की गई? (ग) वर्तमान में इन भू-खण्डों में निर्मित भवन, गोदामों में कितने की लीज पूर्ण हो गई थी? जिनकी लीज पुनः बढ़ाई गई है व किसकी नहीं बढ़ाई गई? नाम सहित उपलब्ध करावें? (घ) लीज अवधि समाप्त होने के बाद नवीन नियम, 2009 के तहत आवंटित संबंधी किस-किस की लीज आवंटित कर पुनः निर्धारण की गई, इसमें कितने भू-खण्ड निर्मित भवन गोदाम का नामांतरण कर दिया गया? नाम सहित जानकारी दें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। पुराने मंडी प्रांगण में भूखंड वर्ष 1962-63 एवं नये मंडी प्रांगण में भुखण्‍ड वर्ष 96-97 में आवंटित हुये हैं कि जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) पुराने मंडी प्रांगण में आवंटित भूखंडों की लीज 30 वर्ष एवं नवीन मंडी प्रांगण में 15 वर्ष एवं 30 वर्ष जो 2020 तक है। चूंकि नया प्रांगण वर्ष 1995 में प्रारंभ होने से व्‍यापारियों को लीज की गई है कि जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) नवीन मंडी प्रांगण में लीज 2020 में पूर्ण होगी। पुराने मंडी प्रागंण में तत्‍समय नियमानुसार भूखंड विक्रित हुये थे। लीज समाप्‍त नहीं होने से शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है। (घ) भूमि संरचना आवंटन नियम 2009 के तहत पुराने मंडी प्रागंण में किसी भी लीज का पुन: निर्धारण नहीं हुआ है, नवीन मंडी प्रांगण में लीज की अवधि 2020 तक वैध है। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है।

सहकारिता विभाग के चुनाव

[सहकारिता]

44. ( क्र. 1120 ) श्री उमंग सिंघार : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश में सहकारिता के चुनाव आगे बढ़ा दिये गये हैं? यदि हाँ, तो  कारण स्‍पष्‍ट करें? (ख) प्रश्‍नांकित (क) अनुसार कितनी प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्‍थाओं में निर्वाचन न होने के कारण सहकारिता विभाग में सोसायटियों के संचालक मण्‍डल भंग करके  प्रशासक नियुक्‍त कर दिये गये हैं? (ग) उक्‍त चुनाव कब तक करायेंगे?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी नहीं, प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) 4127 प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्‍थाओं में संचालक मण्‍डल के कार्यकाल पूर्ण होने के कारण प्रशासक नियुक्‍त किए गए हैं। (ग) निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है।

क्षेत्र की मिट्टी परीक्षण में प्राप्त कमियों को दूर करना

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

45. ( क्र. 1122 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत 3 वर्षों में प्रश्‍नकर्ता को विधानसभा क्षेत्र के कृषकों के खेतों की मिट्टी का विभाग के द्वारा समय-समय पर किए गए परीक्षण में किन-किन तत्वों की कमियां पाई गयी?           (ख) विभाग के द्वारा इन कमियों को दूर करने के लिये क्या प्रयास किये गये? नहीं किये गये तो क्‍यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला उज्‍जैन एवं विकासखंडों में स्‍थापित मिनी लैब द्वारा विगत तीन वर्षों में किये गये मिट्टी नमूनों के विश्‍लेषण के आधार पर कृषकों के खेतों में नाइट्रोजन का स्‍तर मध्‍यम से निम्‍न की ओर एवं फास्‍फोरस का स्‍तर मध्‍यम रहा है तथा जिंक व आयरन की विशेषकर कमी देखी गई है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) कृषि महोत्‍सव, किसान मेले एवं किसान संगोष्‍ठी, प्रशिक्षण के माध्‍यम से कृषि वैज्ञानिकों एवं मैदानी अमले द्वारा किसानों को मिट्टी परीक्षण परिणाम के आधार पर गोबर की खाद एवं रासायनिक उर्वरकों एवं सूक्ष्‍म पोषक तत्‍वों का प्रयोग करने की सलाह दी जा रही है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

परिशिष्ट - ''सत्रह''

कृषि महाविद्यालय एवं खाद्य प्रसंस्करण इकाई की स्थापना

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

46. ( क्र. 1131 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र नागदा-खाचरौद क्षेत्र में कृषि के क्षेत्र में अपार सम्भावनाएं हैं, इस सम्बंध में दिनांक 28.12.17 को भोपाल में सम्पन्न हुई विश्‍वविद्यालय के प्रमण्डल की बैठक में कृषि महाविद्यालय एवं खाद्य प्रसंस्करण इकाई की स्थापना के लिये चर्चा की गयी एवं इस हेतु एक प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया था। (ख) यदि हाँ, तो क्‍या खाचरौद में नवीन कृषि महाविद्यालय एवं खाद्य प्रसंस्करण इकाई की स्थापना करने की कोई योजना है? यदि हाँ, तो कब तक स्वीकृती प्रदान कर दी जावेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्‍वविद्यालय प्रमण्‍डल की बैठक दिनांक 28.12.2017 में विधानसभा क्षेत्र खाचरौद क्षेत्र में कृषि महाविद्यालय एवं खाद्य प्रसंस्‍करण इकाई की स्‍थापना के संबंध में चर्चा की गई एवं इस हेतु एक प्रस्‍ताव भेजने का निर्णय लिया गया था। (ख) वर्तमान में विभागीय बजट अंतर्गत प्रावधानित न होने सक समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

राष्ट्रीय राजमार्ग/एन.एच. 03 फोरलेन पर तकनीकी त्रुटियों के सुधार

[लोक निर्माण]

47. ( क्र. 1161 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक निर्माण विभाग अंतर्गत आगरा बाम्बे राष्ट्रीय राजमार्ग/एन.एच. 03 फोरलेन पर मानपुर के समीप गणपति घाट में निर्माण अवधि से निरन्तर हो रही दुर्घटनाओं पर रोक लगाने हेतु शासन द्वारा घाट के ढलान आदि में रह गई तकनीकी त्रुटि आदि ज्ञात करने हेतु किस-किस स्तर के किन-किन तकनीकी विशेषज्ञों से कब-कब स्थल निरीक्षण करवाया गया? (ख) तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा डी.पी.आर. में निर्धारित मापदण्ड एवं गणपति घाट के स्थल निरीक्षण उपरांत क्या-क्या तकनीकी कमियां पाई गई? घाट में दुर्घटनाएं रोकने हेतु क्या-क्या सुधारात्मक तकनीकी सुझाव दिये गये? (ग) तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा सुझाये गये कौन-कौन से सुधार कार्य कब-कब, कितनी-कितनी लागत से करवाये गये?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) प्रश्‍नांकित मार्ग लोक निर्माण विभाग के कार्य क्षेत्रान्‍तर्गत नहीं है, अपितु भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इन्‍दौर के अधीन है प्राप्‍त उत्‍तर संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर अनुसार।

परिशिष्ट - ''अठारह''

आगरा बाम्बे राष्ट्रीय राजमार्ग फोरलेन/एन.एच. 03 पर तकनीकी सुधार

[लोक निर्माण]

48. ( क्र. 1163 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक निर्माण विभाग अंतर्गत आगरा बाम्बे राष्ट्रीय राजमार्ग/एन.एच. 03 फोरलेन पर गणपति घाट के तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा स्थल निरीक्षण उपरांत दुर्घटनाएं रोकने हेतु दिये गये सुधारात्मक तकनीकी सुझाव अनुसार क्या-क्या सुधार कार्य किये गये? (ख) गणपति घाट में किये गये तकनीकी सुधारों के पश्‍चात् दुर्घटनाओं में कितनी कमी आई?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) प्रश्‍नांकित मार्ग लोक निर्माण विभाग के कार्य क्षेत्रान्‍तर्गत नहीं है, अपितु भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इन्‍दौर के अधीन है प्राप्‍त उत्‍तर संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर अनुसार।

परिशिष्ट - ''उन्नीस''

वर्ष 2017 में ग्रीष्म कालीन मूंग एवं तुअर खरीदी की जानकारी

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

49. ( क्र. 1209 ) श्री संजय शर्मा : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2017 में विधानसभा क्षेत्र तेंदूखेड़ा के अंतर्गत ग्रीष्म कालीन मूंग एवं तुअर की खरीदी किन-किन केंद्रों पर कौन सी समिति द्वारा की गई? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार, कितने किसानों से कितने क्विंटल मूंग एवं कितने क्विंटल तुअर खरीदी गई? (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार, क्या किसानों से, उनके पास उपलब्ध कृषि रकबा के अनुपात में मूंग व तुअर की खरीदी की गई? कितने किसानों से 50 क्विंटल से अधिक मूंग एवं तुअर खरीदी गई, जानकारी प्रदान करें? (घ) प्रश्नांश (ख) के अनुसार, कितने किसानों का कितना भुगतान शेष है और क्यों? (ङ) क्या माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा बरमान, जिला-नरसिंहपुर, दिनांक 24.01.2018 के कार्यक्रम में उपरोक्त कृषकों को अतिशीघ्र भुगतान करने की घोषणा की गई थी? यदि हाँ, तो अभी तक भुगतान क्यों नहीं किया गया? इन कृषकों का भुगतान कब तक कर दिया जायेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्र की जा रही है।

डिंडौरी जिले में हाई स्‍कूल एवं हायर सेकेंडरी स्‍कूलों का उन्‍नयन

[स्कूल शिक्षा]

50. ( क्र. 1223 ) श्री रामप्यारे कुलस्ते : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जब से शिक्षा का अधिनियम लागू हुआ है तब से पाँच किलोमीटर की दूरी पर हाई स्‍कूल और आठ किलोमीटर की दूरी पर हायर सेकेंडरी स्‍कूल मध्‍यप्रदेश सरकार शिक्षा के अधिकार के अंतर्गत दिया है? इसके बाद भी डिंडौरी जिले अंतर्गत हाई स्‍कूल और हायर सेकेंडरी स्‍कूलों का प्रस्‍ताव जिला प्रशासन एवं क्षेत्रवासियों के द्वारा समय समय पर जन प्रतिनिधियों के माध्‍यम से शासन तक भेजने का काम किया गया? (ख) हायर सेकेंडरी किसलपुरी, चांदपुर सरई बछरगांव सेनगुडा बंटोधा पिडरुखी, सांभर, बिजोरी हाई स्‍कूल उन्‍नयन डुंगरिया खाम्‍ही कुकर्रामठ दुगद ईधुर्र, रूसा सरसरताल, बसनिया, कुटरई, बुलदा, गुझयारी बहादुर, चोबीसा, कनेरी उक्‍त विद्यालयों का हायर सेकेंडरी और हाई स्‍कूलों में उन्‍नयन के प्रस्‍ताव अनुसार स्‍वीकृति प्रदान करेंगे? (ग) अभी तक उक्‍त विद्यालयों का उन्‍नयन नहीं होने के क्‍या कारण हैं? (घ) कब तक इनका उन्‍नयन कर दिया जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। पाँच कि.मी. की दूरी पर हाई एवं आठ कि.मी. की दूरी पर हायर सेकेण्डरी खोले जाने का मापदण्ड शासन द्वारा निर्धारित है। यह मापदण्‍ड श