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मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च, 2018 सत्र


गुरुवार, दिनांक 08 मार्च 2018


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर



रसोईयों के मानदेय में वृद्धि

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

1. ( *क्र. 654 ) श्री संदीप श्री प्रसाद जायसवाल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासनादेश के तहत् ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय शालाओं में कार्यरत स्व-सहायता समूहों में रसोईयों को भोजन बनाने, भोजन स्थल की सफाई, बच्चों के हाथ धुलाना, छात्रों को भोजन परोसना, बर्तन साफ करना इत्यादि कार्य रसोईयों द्वारा किया जाता है? इस संबंध में शासनादेश क्‍या हैं? (ख) क्या प्रश्नांश (क) में रसोईयों द्वारा किये जाने वाले कार्यों हेतु मासिक मानदेय मात्र एक हजार रूपये दिया जाता है, जबकि इन रसोईयों को सम्पूर्ण शाला समय में उपस्थित रहना होता है, रसोईयों के मानदेय एवं इनकी समयावधि के संबंध में शासनादेश उपलब्ध करायें। (ग) इस मंहगाई के दौर में मात्र एक हजार रूपये मानदेय दिये जाने से परिवार के पालन पोषण में आ रही समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए क्या इन रसोईयों को शासन द्वारा मानेदय वृद्धि किये जाने के संबंध में आदेश प्रदान किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक, यदि नहीं, तो क्यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी नहीं। प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

भवन निर्माण की अनुमति की वैधता अवधि

[नगरीय विकास एवं आवास]

2. ( *क्र. 556 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विभाग द्वारा भवन निर्माण या नर्सिंग होम निर्माण के लिये जारी की गई अनुमति कितने वर्षों तक वैध रहती है? समयावधि बतावें। (ख) यदि कोई फर्म या व्यक्ति भवन निर्माण एवं नर्सिंग होम निर्माण आदि की दो भाग (ब्लॉक) की अनुमति लेता है एवं उसमें से भवन का केवल एक ही भाग बनाता है तो क्या 8-10 वर्षों के बाद बचे हुए भाग की वापस अनुमति लेना अनिवार्य है? (ग) क्‍या पूर्व अनुमति प्राप्त बचे हुए भाग (ब्लॉक) के निर्माण की अनुमति नगर पालिका से वापस लेना अनिवार्य है? इस संबंध में शासन के क्या दिशा निर्देश हैं?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) म.प्र. भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 23 (i) के प्रावधान अनुसार प्रदाय की गई भवन अनुज्ञा 03 वर्ष तक विद्यमान होती है, जिसे नियम 23 (ii) के अनुसार एक-एक वर्ष की दो लगातार अवधियों के लिये पुनर्विद्यमान कराया जा सकता है। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''एक''

पोस्‍ट मैट्रिक छात्रव‍ृत्ति स्‍वीकृति के अधिकार

[उच्च शिक्षा]

3. ( *क्र. 1619 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आदिवासी, अनुसूचित जाति तथा पिछड़ा वर्ग की पोस्‍ट मैट्रिक छात्रवृत्ति स्‍वीकृत करने के महाविद्यालय के प्राचार्यों को क्‍या वित्‍तीय अधिकार प्रदत्‍त हैं? अधिकार प्रत्‍यायोजन की प्रति उपलब्‍ध करावें। वित्‍तीय अधिकार पुस्तिका में प्राइवेट कॉलेजों के लिये पोस्‍ट मैट्रिक छात्रवृत्ति स्‍वीकृति के अधिकार किसे प्रदत्‍त हैं? (ख) क्‍या अधिकारों के प्रत्‍यायोजन में शासकीय महाविद्यालय के प्राचार्य को अशासकीय महाविद्यालयों के विद्यार्थियों की पोस्‍ट मैट्रिक छात्रवृत्ति/आवास भत्‍ता स्‍वीकृत करने के भी अधिकार हैं? यदि नहीं, तो वे किस आधार पर नोडल प्राचार्य के रूप में अशासकीय महाविद्यालयों के लिये पोस्‍ट मैट्रिक छात्रवृत्ति स्‍वीकृत कर रहे हैं? (ग) क्‍या उच्‍च शिक्षा विभाग के प्रचार्यों को आदिम जाति कल्‍याण विभाग या जिला कलेक्‍टर, इस प्रकार से नोडल प्राचार्य के रूप में वित्‍त विभाग की स्‍वीकृति के बिना अशासकीय महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिये पोस्‍ट मैट्रिक छात्रवृत्ति/आवास भत्‍ता स्‍वीकृत करने हेतु अधिकृत कर सकते हैं? (घ) उज्‍जैन, इंदौर, भोपाल तथा रीवा जिले के किस-किस शासकीय महाविद्यालय के प्राचार्य को नोडल प्राचार्य होने के कारण लोकायुक्‍त के द्वारा छात्रवृत्ति स्‍वीकृति में अनियमितता के लिये अपराधी बनाया है? प्रत्‍येक का विवरण दें।

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) आदिवासी, अनुसूचित जाति तथा पिछड़ा वर्ग की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति स्वीकृत करने का अधिकार प्राचार्य शासकीय महाविद्यालय को तथा भुगतान करने का अधिकार जिला कलेक्टर को प्रदत्त है। प्राइवेट कॉलेजों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति स्वीकृत एवं भुगतान के अधिकार जिला कलेक्टर को प्रदत्त हैं। वित्तीय शक्ति पुस्तिका की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "अ" अनुसार है। (ख) पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति नियम/वित्तीय शक्ति पुस्तिका भाग-दो की कंडिका-6 (बी) अनुसार अशासकीय महाविद्यालय के विद्यार्थियों की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के मंजूरी के अधिकार जिला कलेक्टर को हैं। नवीनीकरण की मंजूरी तथा पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति देयकों पर प्रतिहस्ताक्षर के अधिकार जिला स्तरीय अधिकारी एवं शैक्षणिक संस्था के प्रमुख को है। तत्‍संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "ब" अनुसार है। आवास भत्ता योजना नियम, 2016 की कंडिका 06 (01) के तहत् आवास भत्ता स्वीकृति के अधिकार शासकीय संस्थाओं के प्राचार्य एवं अशासकीय संस्थाओं हेतु संबद्ध शासकीय संस्था के नोडल प्राचार्य को अधिकार प्रत्यायोजित किये गये हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "ब" अनुसार है। (ग) 1. पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की स्वीकृति के अधिकार के संबंध में प्रश्नांश (क) में दिये गये उत्तर अनुसार 2. आवास सहायता योजना 2016 को (डी.पी.आर. के रूप में) वित्त विभाग द्वारा स्वीकृति प्राप्त है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "अ" अनुसार है। (घ) उज्जैन, इन्दौर, भोपाल तथा रीवा जिले के किसी भी प्राचार्य को लोकायुक्त संगठन द्वारा छात्रवृत्ति स्वीकृति में अनियमितता के लिए अपराधी नहीं बनाया गया है। जानकारी निरंक है।

मुआवजे का नियमानुसार निर्धारण

[नगरीय विकास एवं आवास]

4. ( *क्र. 484 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या विधान सभा प्रश्‍न क्रमांक 2569, दिनांक 29.07.2017 के उत्‍तर के संदर्भ में नगर पंचायत क्षेत्र की निर्धारित दर रूपये 9.30 प्रति वर्ग मी. मान से किसानों की जमीनों का मुआवजा देने का आदेश जारी करावेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्‍या किसानों को मुआवजें की राशि में बढ़ोत्‍तरी के साथ क्‍या ब्‍याज का भी भुगतान करने के आदेश जारी करेंगे, जिससे किसानों की क्षति पूर्ति हो सके? (ग) प्रश्नांश (क) पर अंकित बिन्‍दु अनुसार कार्यवाही कर नवीन दरों से मुआवजे के भुगतान के आदेश जारी करने के साथ क्‍या नियम विरूद्ध मुआवजे के आदेश जारी कर किसानों को आर्थिक क्षति पहुँचाने के जिम्‍मेवारों पर क्‍या कार्यवाही करेंगे? अगर नहीं तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) नगर परिषद गुढ़ में राष्ट्रीय राज्य मार्ग 75 रीवा सीधी सड़क निर्माण में सड़क निर्माण हेतु किसानों की अधिग्रहीत की गई भूमि का मुआवजा अनुविभागीय अधिकारी अनुभाग गुढ़ जिला-रीवा द्वारा कलेक्‍टर गाईड लाईन वर्ष 2015-16 में दिये गये निर्देशों के तहत् न्यूनतम मूल्य के आधार पर तैयार किया गया। किसानों द्वारा मुआवजे संबंधी प्रकरण माननीय न्यायालय आयुक्त (राजस्व) रीवा संभाग रीवा में विचाराधीन है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में न्यायालयीन प्रकरण के निर्णय के उपरांत नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।

नगर परिषद पचोर द्वारा संपादित कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

5. ( *क्र. 1510 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वित्तीय वर्ष 2014-15 से प्रश्न दिनांक तक नगर परिषद पचोर द्वारा निविदा आमंत्रित कर कौन-कौन से निर्माण कराये गये हैं? वर्षवार कार्य का नाम, एजेन्सी का नाम, राशि एवं कार्य की अद्यतन स्थिति की जानकारी से अवगत करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के अंतर्गत कराये गये निर्माण कार्य का सत्यापन किन-किन तकनीकी अधिकारियों/कर्मचारीयों के द्वारा कराया गया है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) वित्‍तीय वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक नगर परिषद पचोर द्वारा निविदा आमंत्रित कर कराये गये कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार कराये गये निर्माण कार्य का सत्‍यापन निकाय में पदस्‍थ उपयंत्रियों द्वारा किया गया है, नाम एवं दिनांक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

जबेरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत संचालित मनरेगा योजनाएं

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

6. ( *क्र. 1405 ) श्री प्रताप सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह जिले के जबेरा विधानसभा क्षेत्र में वित्‍तीय वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक मनरेगा योजनांतर्गत कौन-कौन से विकास कार्य प्रारंभ होकर अपूर्ण हैं? विकासखण्‍डवार संख्‍या बतावें। (ख) कार्यों की पूर्णता के लिए कब-कब कितनी-कितनी राशि का आवंटन शासन से जिले को प्राप्त हुआ है? वर्षवार बतलावें। (ग) क्या वर्ष 2017-18 में पिछले 6 माह की अवधि के दौरान मनरेगा योजना के अन्तर्गत प्रारम्भ विकास कार्यों (सामग्री एवं मजदूरी) हेतु राशि का भुगतान न किये जाने से निर्माण कार्य अवरूद्ध हैं? यदि नहीं, तो प्रारम्भ कार्यों की पूर्णता हेतु कितना आवंटन उल्लेखित अवधि के दौरान जिले को उपलब्ध कराया गया है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) वांछित जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) महात्‍मा गांधी नरेगा अंतर्गत कार्यवार राशि आवंटन का प्रावधान नहीं होने से प्रश्‍नांकित अवधि में उत्‍तरांश (क) के कार्यों हेतु जिले को कोई आवंटन नहीं किया गया है। (ग) जी नहीं, वित्‍तीय वर्ष 2017-18 में 23 जनवरी से भारत सरकार से आवंटन प्राप्‍त नहीं होने के कारण सामग्री मद में भुगतान लंबित है। इसी प्रकार मजदूरी मद में दिनांक 23.02.2018 से आवंटन उपलब्‍ध नहीं है। उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''दो''

रेत का अवैध भण्‍डारण/निकासी

[खनिज साधन]

7. ( *क्र. 947 ) श्री गिरीश गौतम : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले के थाना लौर तहसील मऊगंज अंतर्गत रेत भण्‍डारण का लायसेंस कितने लोगों को दिया गया है? उनके नाम, पता सहित बतावें कि कितनी क्षमता के भण्‍डारण का लायसेंस किस तारीख को दिया गया है? (ख) यदि रेत भण्‍डारण का लायसेंस दिया गया है, तो लायसेंस की शर्तों का पालन किया जा रहा है या नहीं, इसकी जाँच कब-कब, किस-किस अधिकारी ने की है? (ग) क्‍या देवतालाब रेत के स्‍टाक को उत्‍तर प्रदेश के निवासी के लिए भी लायसेंस/परमिट दिया गया? यदि हाँ, तो कब-कब? उ.प्र. के लिए रेत का परिवहन कितने ट्रकों से किया गया? उसकी सूची विवरण के साथ देवें। यदि रेत निकासी का लायसेंस/परमिट नहीं दिया गया, तो प्रतिदिन सैकड़ों की तादाद में ट्रकों से रेत परिवहन किया जाकर शासन के राजस्‍व का नुकसान पहुँचाए जाने के लिए कौन-कौन अधिकारी जिम्‍मेवार हैं एवं उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जायेगी और रेत की अवैध निकासी को रोके जाने के लिए क्‍या कार्यवाही की जायेगी?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्‍नानुसार जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। शर्तों का पालन किया जा रहा है। भण्‍डारण स्‍थलों की जाँच समय-समय पर खनि निरीक्षक द्वारा की जाती है। (ग) जी नहीं। अत: शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र की जाँच के दौरान यह पाया गया कि रेत का परिवहन समीपस्‍थ जिलों में स्‍वीकृत रेत खदानों/व्‍यापारिक अनुज्ञप्तियों के अभिवहन पार-पत्रों के माध्‍यम से किया जाता है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में खनिजों के अवैध भण्‍डारण तथा अवैध परिवहन के प्रकरण प्रकाश में आने पर इन्‍हें पंजीबद्ध कर राशि रूपये 2,93,500/- का अर्थदण्‍ड वसूल किया गया है। अत: शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। खनिजों के अवैध परिवहन की जाँच किया जाना सतत् प्रक्रिया है, जिसके अधीन प्रकरण प्रकाश में आने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाती है।

परिशिष्ट - ''तीन''

प्रधानमंत्री आवास योजना का क्रियान्‍वयन

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

8. ( *क्र. 2427 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत् ग्रामों में आवास किश्त देने के क्या नियम हैं एवं कितने कार्य के लिए कितनी राशि जारी की जाती है? (ख) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में ग्राम पंचायतों के अन्तर्गत ऐसे कितने व्यक्ति हैं, जिन्हें प्रथम किश्त का कार्य पूर्ण होने के बाद दूसरी किश्‍त एवं दूसरी किश्त का कार्य पूर्ण होने के बाद तीसरी किश्त प्राप्त नहीं हुई है? व्यक्ति के नाम, ग्राम एवं पंचायत के नाम सहित जानकारी देवें। (ग) ऐसे कितने व्यक्ति हैं, जिन्हें माह दिसम्बर 2017 में प्रथम किश्त जारी की गई थी, उसके बाद द्वितीय किश्त जारी नहीं की गई तथा द्वितीय के बाद तृतीय किश्त प्रश्न दिनांक तक जारी नहीं की गई? (घ) जिन व्यक्तियों द्वारा ठण्ड के मौसम में मकान तोड़कर आवास निर्माण करवाया जा रहा है, उन व्यक्तियों को ठण्ड से बचाने हेतु शासन द्वारा क्या-क्या‍ सुविधाएं प्रदान की गईं?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अन्तर्गत आवास निर्माण हेतु हितग्राही को वर्तमान में 4 किश्‍तों में राशि प्रदाय की जाती है। आवास स्वीकृति उपरांत प्रथम किश्‍त रू. 40,000/- कुर्सी स्तर तक का कार्य पूर्ण होने पर, द्वितीय किश्‍त रू. 40,000/- छत स्तर तक कार्य पूर्ण होने पर, तृतीय किश्‍त रू. 25,000/- तथा आवास निर्माण का कार्य पूर्ण होने के पश्चात् रू. 15,000/- की राशि एफ.टी.ओ. के माध्यम से हितग्राही के खाते में हस्तांतरित की जाती है। किश्‍त का भुगतान आवास निर्माण की निर्धारित प्रगति का जियोटैंग फोटो आवास सॉफ्ट पर अपलोड होने के उपरांत ही देय होती है। (ख) निरंक। निर्धारित कार्य पूर्ण करने पर जियोटैंग करते हुए सभी को समय से राशि जारी की गई। (ग) माह दिसम्बर 2017 में किसी भी हितग्राही को प्रथम किश्‍त जारी नहीं की गई है। (घ) हितग्राही द्वारा स्वमेव अस्थाई व्यवस्था की गई है।

विभागांतर्गत संचालित योजनाओं का क्रियान्‍वयन

[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]

9. ( *क्र. 2163 ) श्री गोविन्‍द सिंह पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा जनता के कल्‍याण के लिए कौन-कौन सी योजनाएं संचालित की जा रही हैं? योजनाओं के नाम सहित विवरण दें। (ख) विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की चयन प्रक्रिया एवं पात्रता क्‍या होती है तथा आवेदन करने की प्रक्रिया क्‍या होती है? (ग) चयन प्रक्रिया में कौन-कौन अधिकारी, कर्मचारी सदस्‍य होते हैं? पदवार/कार्यानुसार स्‍पष्‍ट विवरण देवें। (घ) नरसिंहपुर जिले में विभिन्‍न प्रकार की पेंशनों में किस-किस प्रकार के हितग्राहियों को पेंशन दी जाती है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) विभाग द्वारा 21 योजनाएं संचालित हैं। योजनाओं का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार है। (घ) पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार जिले में पात्रता मापदण्ड के अनुसार हितग्राही को पेंशन दी जाती है।

मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजना का क्रियान्‍वयन

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

10. ( *क्र. 2365 ) श्री संजय उइके : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले में बैहर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभागों को केन्द्र एवं राज्य सरकार से वित्तीय वर्ष 2012-13 से प्रश्न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि किस-किस योजना/कार्य हेतु प्राप्त हुई एवं कितना-कितना व्यय किया गया? (ख) ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग क्र. 1 में बैहर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत वित्तीय वर्ष 2013-14 से प्रश्न दिनांक तक कौन से निर्माण कार्य किस-किस योजना/मद में किस-किस दर से, किस-किस ठेकेदार से, पुनरीक्षित प्राक्‍कलन किन-किन कार्यों के बनाए गए एवं तदानुसार कार्य किया गया? प्राक्‍कलन किस वर्ष के एस.ओ.आर. से बनाया गया? पूर्ण/अपूर्ण सहित जानकारी देवें (ग) बैहर विधानसभा के मुख्यमंत्री सड़क योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2016-17 के स्वीकृत कार्यों की माप पुस्तिका, कार्य प्रारम्भ एवं पूर्ण के पश्चात् की लेबल बुक, प्राक्कलन एवं डिजाईन की जानकारी, किस स्थान से निर्माण कार्य हेतु सामग्री (रेत, मुरूम, गिट्टी एवं मिट्टी) लाई जाकर उपयोग की गई? सभी निर्माण सामग्री की टेस्‍ट रिपोर्ट की जानकारी, एम.डी.डी., ओ.एम.सी., सी.बी.आर. फील्‍ड डेनसीटी टेस्‍ट, बिल माप पुस्तिका सहित उपलब्‍ध करावें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) बैहर विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत वित्‍तीय वर्ष 2016-17 में मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत सड़कें स्‍वीकृत नहीं होने से शेष प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होते।

नगरीय निकायों में भूमि का आवंटन

[नगरीय विकास एवं आवास]

11. ( *क्र. 1444 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगरीय निकायों द्वारा दुकान निर्माण हेतु निर्माण से पूर्व नजूल अधिकारी से अनापत्ति लेकर एवं निर्धारित प्रब्याजी एवं भू-भाटक शासन मद में जमा करे बिना ही निर्माण कार्य करने संबंधी विगत 03 वर्षों में आगर एवं शाजापुर जिला अंतर्गत कितनी शिकायतें प्राप्त हुई हैं एवं क्या कार्यवाही की गई? शिकायतवार पूर्ण विवरण देवें। (ख) प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 3608, दिनांक 26 जुलाई, 2016 के उत्तरांश (ख) में नगर परिषद् नलखेड़ा द्वारा अपने पक्ष में भूमि आवंटन कराए बिना ही निर्माण कार्य कराया जाना बताया गया हैं एवं उत्तरांश (घ) अनुसार परीक्षण उपरांत शीघ्र कार्यवाही किया जाना बताया था? इसके उपरांत क्या कार्यवाही की गई? पूर्ण विवरण देवें। (ग) उज्जैन संभाग अंतर्गत विगत 03 वर्षों में प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित अनुसार क्‍या कोई प्रकरण संज्ञान में आए हैं? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई? (घ) विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत विगत 03 वर्षों में नजूल अधिकारी की अनापत्ति के आधार पर कौन-कौन सी भूमि का आवंटन किया गया है? सर्वे नम्बर वार पूर्ण जानकारी देवें। क्‍या इसके विपरीत भूमि आवंटन के कोई तथ्य संज्ञान में आए हैं? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्या इसकी समीक्षा की जाकर उचित कार्यवाही की जावेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) नगरीय निकायों द्वारा दुकान निर्माण से पूर्व नजूल अधिकारी से अनापत्ति प्रमाण पत्र एवं निर्धारित प्रब्याजी एवं भू-भाटक शासन मद में जमा किये बिना निर्माण कार्य करने संबंधी विगत् 03 वर्षों में आगर एवं शाजापुर जिला अन्तर्गत कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, परन्तु विधानसभा अता. प्रश्न क्रमांक 3608, जुलाई 2016 के परिप्रेक्ष्य में नगर परिषद् नलखेड़ा में निर्मित दुकानों के संबंध में कार्यालय कलेक्टर जिला आगर में जाँच संबंधी कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) कार्यालय कलेक्टर जिला आगर में नगर परिषद् नलखेड़ा में निर्मित दुकानों के संबंध में जाँच संबंधी कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) नगर परिषद् नलखेड़ा जिला आगर के अतिरिक्त उज्जैन संभाग अन्तर्गत कोई प्रकरण संज्ञान में नहीं आया है। (घ) विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अन्तर्गत विगत् 03 वर्षों में नजूल अधिकारी की अनापत्ति के आधार पर किसी भूमि का आवंटन नहीं किया गया है, शेषांश की जानकारी निरंक है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत स्‍वीकृत सड़कें

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

12. ( *क्र. 1789 ) श्री वेलसिंह भूरिया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सरदारपुर विधान सभा क्षेत्र में कितनी प्रधानमंत्री सड़कें स्‍वीकृत हैं, इनमें से कितनी पूर्ण एवं कितनी अपूर्ण हैं? (ख) 250 की आबादी तक के ग्रामों एवं मजरे टोलों को प्रधानमंत्री सड़क से कब तक जोड़ा जायेगा? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा इन सड़कों की गुणवत्‍ता ठीक न होने एवं रिनीवल कोट की घटिया गुणवत्‍ता की जाँच की मांग की गई थी? (घ) यदि हाँ, तो क्‍या विभाग इनकी गुणवत्‍ता की जाँच क्षेत्रीय विधायक के समक्ष करवायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) कुल 86 सड़कें स्वीकृत हैं, इनमें से 78 सड़कें पूर्ण हैं, 03 मार्ग प्रगतिरत एवं 05 मार्ग स्वीकृत होकर निविदा प्रक्रिया में हैं। (ख) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत 250 से कम आबादी के ग्रामों एवं मजरे टोलों को जोड़ने का प्रावधान नहीं है। (ग) जी नहीं। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

हितग्राही पेंशन योजना का भुगतान

[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]

13. ( *क्र. 1857 ) श्री जतन उईके : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिन्‍दवाड़ा जिले में कितने हितग्राहियों को प्रतिमाह विभिन्‍न योजनाओं के माध्‍यम से पेंशन राशि प्रदाय की जाती है? विकासखण्‍डवार एवं निकायवार योजनावार संख्‍या बतायें (ख) उक्‍त पेंशन प्राप्‍त कर रहे हितग्राहियों को किस माह तक राशि का भुगतान कर दिया गया है? योजनावार हितग्राहियों की संख्‍या बतावें। (ग) क्‍या पेंशन प्राप्‍त करने वाले हितग्राहियों को एक दो माह के बाद पेंशन प्राप्‍त हो रही है? इसके लिये कौन जिम्‍मेदार है, जबकि शासन द्वारा नियमित रूप से पर्याप्‍त आवंटन उपलब्‍ध कराया जा रहा है? यदि हाँ, तो कब से?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) छिन्दवाड़ा जिला अर्न्तगत विभिन्न पेंशन योजनाओं में प्रतिमाह 114279 हितग्राहियों को पेंशन प्रदाय की जा रही है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' नुसार है। (ख) छिन्दवाड़ा जिला अर्न्तगत विभिन्न पेंशन योजनाओं में माह जनवरी 2018 तक 114279 हितग्राहियों को 362.25 लाख रूपये भुगतान कर दिया गया है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी नहीं। जानकारी उत्तरांश (क) अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''चार''

लघु एवं सूक्ष्‍म उद्योग कारखाने की स्‍थापना

[वन]

14. ( *क्र. 974 ) श्री नीलांशु चतुर्वेदी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या चित्रकूट विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत प्रचुर मात्रा में वनोपज संसाधन जैसे तेन्‍दूपत्‍ता, आंवला, चिरायता इत्‍यादि, उपलब्‍ध हैं, लेकिन इन संसाधनों के आधार पर कोई भी रोजगार परक लघु एवं सूक्ष्‍म उद्योग कारखाना नहीं होने से ये संसाधन संग्रहण कराकर बाहर भेज दिया जाता है? क्‍या इन संसाधनों से जुड़े लघु एवं मध्‍यम उद्योग आदि मझगवां, बरौंध, जैतवारा, बिरसिंहपुर में स्‍थापित किये जाने से आर्थिक रूप से कमजोर अनुसूचित जनजाति के लोग, जो रोजगार की तलाश में अन्‍य प्रदेशों में जाने पर मजबूर होते हैं, को स्‍थानीय स्‍तर पर रोजगार के साधन उपलब्‍ध कराया जा सकेगा? यदि हाँ, तो इस दिशा में सरकार की क्‍या नीति है? (ख) अनुसूचित जनजाति के लोगों के विकास एवं कल्‍याण के लिये विगत 4 वर्षों में चित्रकूट विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत किन-किन सरकारी तथा गैर सरकारी संस्‍थाओं को किन-किन मुद्दों में कितना-कितना धन दिया गया है तथा इससे कितने लोग लाभान्‍वित हुए हैं?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) चित्रकूट विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत प्रचुर मात्रा में तेन्‍दूपत्‍ता, महुआ, आंवला, चिरायता आदि लघु वनोपज उपलब्‍ध है। तेन्‍दूपत्‍ता का क्रय प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के माध्‍यम से होता है तथा संग्राहकों को पारिश्रमिक के अतिरिक्‍त इनके व्‍यापार से प्राप्‍त लाभ में से वर्तमान में 70 प्रतिशत राशि प्रोत्‍साहन पारिश्रमिक (बोनस) के रूप में प्रदाय की जाती है। महुआ फूल भी वर्ष 2017 में समितियों के माध्‍यम से क्रय किया गया तथा संग्राहकों को पारिश्रमिक का भुगतान किया गया। अन्‍य वनोपज के संग्रहण के पश्‍चात् स्‍थानीय व्‍यापारियों को संग्राहकों के द्वारा बिक्री किया जाता है। लघु एवं मध्‍यम उद्योग स्‍थापित करने के संबंध में लघु एवं सूक्ष्‍म उद्योग विभाग से जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) मध्‍यप्रदेश राज्‍य लघु वनोपज संघ द्वारा संचालित योजना के अंतर्गत विगत 04 वर्षों में उपलब्‍ध करायी गई राशि एवं लाभान्‍वित व्‍यक्तियों का विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

रिंग रोड का निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

15. ( *क्र. 288 ) श्री तरूण भनोत : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या जबलपुर शहर में लगातार बढ़ते दबाव को कम करने के लिए तिलवारा से ललपुर ग्‍वारीघाट एवं गौर तक रिंग रोड निर्माण की प्रक्रिया प्रचलन में है? यदि हाँ, तो उक्‍त रिंग रोड की चौड़ाई कितनी रखी गई है? (ख) क्‍या तिलवारा से ग्‍वारीघाट तक रिंग रोड निर्माण होने से बरगी हिल्‍स स्थित टेक्‍नोपार्क के लिये यह रोड अत्‍यंत उपयोगी साबित होगी? क्‍या यह रिंग रोड तिलवारा रोड स्थित स्‍कूल कॉलेजों को जोड़ने के साथ-साथ ललपुर से होते हुये टेक्‍नोपार्क से जोड़ेगी व टेक्‍नोपार्क पहुँचने का सफर भी आसान होगा? (ग) यदि वर्णित (क), (ख) सही है तो क्‍या जनहित हेतु टेक्‍नोपार्क से गुजरने वाली सड़क की चौड़ाई 60 फीट की जावेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। जबलपुर शहर में तिलवाराघाट से ललपुर होकर ग्‍वारीघाट को जोड़ते हुए ग्राम भटौली में स्थित मंडला-नागपुर बायपास को जोड़ने के लिए रोड बनाए जाने का प्रस्‍ताव है। इस मार्ग की चौड़ाई जबलपुर विकास योजना 2021 के अनुसार 60 मी. रखे जाने का प्रावधान है। उपरोक्‍त रोड के लिए डिटेल प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट (डी.पी.आर.) जबलपुर स्‍मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा तैयार की जा रही है। (ख) उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित मार्ग 60 मी. चौड़ी रखे जाने का प्रावधान है, यह सड़क टेक्‍नोपार्क अथवा किसी स्‍कूल कॉलेज से लगकर नहीं है। (ग) उत्‍तरांश (ख) अनुसार शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

खेल संघ के कार्यरत कर्मचारियों का संविलियन/नियुक्ति

[खेल और युवा कल्याण]

16. ( *क्र. 1595 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियाँ : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या दतिया जिले में विभाग के अतिरिक्त खेल संघ कलेक्टर/एस.पी. की अध्यक्षता में गठन किया गया था? यदि हाँ, तो क्या उक्त संघ वर्तमान में भी संचालित है? यदि हाँ, तो जानकारी दें? (ख) संघ में कितने कर्मचारियों की नियुक्तियां की गई थी? नाम/पद/वेतन सहित विवरण दें। (ग) क्या संघ में कार्यरत कर्मचारियों का संविलियन/नियुक्ति विभाग में की गई है? यदि हाँ, तो किन नियमों के अंतर्गत पदस्थ/नियुक्ति की गई है? नाम/पद/वेतन की जानकारी दें।

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) से (ग) जानकारी ए‍कत्रित की जा रही है।

सरपंच को पद से कार्यमुक्‍त (पृथक) कि‍या जाना

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

17. ( *क्र. 1823 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या परासिया विधान सभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत झुर्रेमाल में अनेक अनियमितताओं व भ्रष्‍टाचार के संबंध में सरपंच/सचिव के विरूद्ध जाँच रिपोर्ट तैयार कर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) परासिया के द्वारा ग्राम पंचायत अधिनियम की धारा 40 के तहत् कार्यवाही किये जाने हेतु प्रस्‍ताव तैयार कर मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत छिन्‍दवाड़ा को भेजा जा चुका है? इन प्रकरणों पर विभाग द्वारा अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई है? (ख) ग्राम पंचायत झुर्रेमाल में अनेक अनियमितताओं व भ्रष्‍टाचार के संबंध में दोषी पाये गये सरपंच के विरूद्ध ग्राम पंचायत अधिनियम की धारा 40 के तहत् कार्यवाही की जा चुकी है, किन्‍तु उन्‍हें अभी तक अपने पद से कार्यमुक्‍त (पृथक) क्‍यों नहीं किया गया है? कब तक ग्राम पंचायत झुर्रेमाल के सरपंच को पद से कार्यमुक्‍त (पृथक) कर दिया जायेगा? (ग) क्‍या ग्राम पंचायत अधिनियम की धारा 40 के तहत् कार्यवाही के बाद भी ग्राम पंचायत झुर्रेमाल के सरपंच को अभी तक अपने पद से कार्यमुक्‍त (पृथक) नहीं किया गया है। यदि हाँ, तो क्‍या इसके लिए विभाग के अधिकारी/कर्मचारी दोषी हैं? अगर हाँ तो ऐसे लापरवाह अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जायेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। प्रकरण में सरपंच श्रीमती शीतला उईके एवं उप सरपंच श्री कमलेश यादव के विरूद्ध मध्यप्रदेश पंचायत एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 का प्रकरण पंजीबद्ध किया जाकर कार्यवाही प्रचलित है। (ख) धारा 40 की कार्यवाही प्रचलित होने से प्रश्न उपस्थित नहीं होता। संबंधितों के विरूद्ध जांचोपरांत गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही की जायेगी। (ग) धारा 40 की कार्यवाही प्रचलित होने से प्रश्न उपस्थित नहीं होता। संबंधितों के विरूद्ध जांचोपरांत गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही की जायेगी।

पौधारोपण पर व्‍यय

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

18. ( *क्र. 2598 ) श्री बाला बच्‍चन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 02.07.2017 के पौध रोपण के संदर्भ में बड़वानी वि.स. क्षेत्र में ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 2,65,157 पौधे रोपने पर 93,55,000/- रू. एवं राजपुर वि.स. क्षेत्र में 1,97,882 पौध रोपने पर 1,20,12,000/- रू. व्‍यय किए गए हैं, उसकी मजदूरी एवं सामग्री मद की विकासखण्‍डवार जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) कारण बतावें कि क्‍या राजपुर वि.स. क्षेत्र में बड़वानी वि.स. क्षेत्र से कम पौधे रोपने पर अधिक राशि व्‍यय की गई? (ग) क्‍या कारण है कि उद्यानिकी विभाग द्वारा इसी कार्यक्रम के तहत् राजपुर वि.स. क्षेत्र में 2,26,811 पौधे रोपने पर 19,56,000/- रू. व्‍यय किए गए तो ग्रामीण विकास विभाग द्वारा इससे कम पौधे रोपने पर लगभग 6 गुना अधिक राशि व्‍यय की गई? (घ) प्रश्नांश (ख) व (ग) पौधा रोपण में भ्रष्‍टाचार करने वाले अधिकारियों के पदनाम सहित देवें, इन पर कब तक कार्यवाही होगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बड़वानी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रोपित पौधे 2,65,157, जिसमें अब तक व्यय राशि रू. 1,32,29,521/- तथा राजपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रोपित पौधे 1,95,699 एवं व्यय राशि रू. 1,31,99,227/- जिले द्वारा प्रतिवेदित है। प्रश्नांश की शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। (ग) उद्यानिकी विभाग द्वारा क्रियान्वित की जा रही महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत तैयार की गई निजी खेत में फलोद्यान की परियोजना की प्रथम वर्ष की औसत लागत प्रति पौधा लगभग 275/- रू. निर्धारित है, इसमें पौधे की सुरक्षा व सिंचाई व्यवस्था कृषकों को स्वयं के व्यय से किये जाने के निर्देश हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों के माध्यम से क्रियान्वित की जा रही सार्वजनिक/सामुदायिक व निजी खेत की मेढ़ पर परियोजनाओं की प्रथम वर्ष की औसत लागत प्रति पौधा लगभग रू. 455/- प्राक्कलित है, इसमें पौधों की सुरक्षा, सिंचाई व्यवस्था व रख-रखाव हेतु पौध रक्षकों का व्यय परियोजना लागत में शामिल किया गया है। उद्यानिकी विभाग द्वारा रोपित किए गए पौधे में कुछ पौधे विभागीय निर्देशों एवं मापदण्‍ड के तहत् रोपित किए गए तथा कुछ पौधरोपण नरेगा के निर्देश एवं मापदण्‍ड के तहत् रोपित किए गए। इस प्रकार नरेगा एवं उद्यानिकी के मापदण्‍ड पृथक-पृथक हैं। दोनों ही परियोजनाएं प्रगतिरत होकर भुगतान सतत् प्रचलित है। अत: इनकी तुलना की जाना सही नहीं है। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्नांश उत्पन्न नहीं होता।

परिशिष्ट - ''छ:''

फत्‍तेपुर रेत खदान की जाँच

[खनिज साधन]

19. ( *क्र. 522 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या छतरपुर जिले की चंदला विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत फत्‍तेपुर रेत खदान में दिनांक 14.11.2016 को एस.डी.एम. राजस्‍व तह. लवकुशनगर श्री हेमकरण धुर्वे, तहसीलदार श्री वी.डी. नामदेव, आर.आई. राजस्‍व सूर्यमणि मांझी, थाना प्रभारी गोयरा श्री जादोन एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों व जनता के समक्ष अवैध उत्‍खनन के संबंध में पंचनामा बनाया गया था? (ख) क्‍या पंचनामा में अवैध उत्‍खनन करते 17 एल.एन.टी., 6 जे.सी.बी., 43 लिफ्टर, 348 ट्रक एवं 3 जनरेटर पाये गये हैं? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या शासन द्वारा लिफ्टर से नदी के पानी से बालू निकालने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें? यदि नहीं, तो संबंधित अधिकारियों द्वारा ठेकेदार/खदान संचालक के विरूद्ध अभी तक क्‍या कार्यवाही की गयी? (घ) इस संबंध में आज दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गयी? यदि नहीं, तो क्‍यों? इस विलंब के लिये कौन दोषी है, क्‍या उक्‍त अधिकारी पर कानूनी कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्‍नानुसार पंचनामा में उल्‍लेखित वाहन/मशीन अवैध खनन करते हुए नहीं पाये गये थे। अपितु मौके पर खाली पाये जाने का पंचनामे में लेख है। (ग) जी नहीं। स्‍वीकृत खदान क्षेत्र में मशीन लगाये जाने, पर्यावरण अनापत्ति, जल एवं वायु की सम्‍मति की शर्तों का पालन न करने एवं अन्‍य शर्तों के उल्‍लंघन के आधार पर कलेक्‍टर, खनिज शाखा, छतरपुर द्वारा संबंधित ठेकेदार को दिनांक 14.06.2017 को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया था, जिस पर ठेकेदार द्वारा दिया गया जबाव असमाधान कारक होने के कारण मध्‍यप्रदेश गौण खनिज नियम, 1996 के अंतर्गत व्‍यापारिक खदान के ठेके के करार की कंडिका-28 के अंतर्गत सुरक्षा राशि रूपये 1,00,000/- सम्‍पह्रत की गई है। (घ) प्रश्नांश (ग) में दिये गये उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

मध्‍यान्‍ह भोजन वितरण की व्‍यवस्‍था

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

20. ( *क्र. 830 ) श्री गोवर्धन उपाध्‍याय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विदिशा जिले के विधानसभा क्षेत्र सिरोंज के जनपद शिक्षा केन्‍द्र सिरोंज एवं लटेरी के द्वारा जिला पंचायत नगर पालिका व अन्‍य से पंजीकृत कितने स्‍व-सहायता समूहों को कार्यालय अथवा जन शिक्षकों के माध्‍यम से मध्‍यान्‍ह भोजन हेतु खाद्यान्‍न पर्ची प्रदाय की जाती है? उन समूहों के नाम व संबंधित समूह कहाँ से पंजीकृत हुए, की जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार जनपद शिक्षा केन्‍द्र सिरोंज के सिरोंज शहरी क्षेत्र में संचालित शासकीय स्‍कूलों में कौन-कौन से समूह मध्‍यान्‍ह भोजन वितरण कर रहे हैं और कहाँ से पंजीकृत हुए हैं? (ग) क्‍या पंजीकृत समूह के अध्‍यक्ष व अन्‍य सदस्‍य गरीबी रेखा के अंतर्गत आते हैं? यदि हाँ, तो महामाया स्‍व-सहायता समूह प्राथमिक शाला सिकन्‍दरपुर सिरोंज व गणेश स्‍व-सहायता समूह प्राथमिक शाला रावजी पथ सिरोंज व अन्‍य के अध्‍यक्ष व अन्‍य सदस्‍यों के बी.पी.एल. कार्ड धारक होने संबंधित जानकारी व गरीबी रेखा क्रमांक क्‍या हैं? प्रश्नांश (क) अनुसार जनपद शिक्षा केन्‍द्र सिरोंज के सिरोंज शहरी क्षेत्र में संचालित शासकीय स्‍कूलों में कौन-कौन से समूह मध्‍यान्‍ह भोजन वितरण कर रहे हैं और कहाँ से पंजीकृत हुए हैं? (घ) जनपद शिक्षा केन्‍द्र सिरोंज के अंतर्गत आने वाले ऐसे कितने शासकीय स्‍कूल हैं, जिनमें मध्‍यान्‍ह भोजन वितरण करने वाले समूह जिला पंचायत नगर पालिका आदि से पंजीकृत नहीं हैं व अपात्र हैं या गरीबी रेखा क्रमांक गलत लिखकर समूह बनाये गये हैं, तो ऐसे अपात्र समूहों पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक नहीं तो क्‍यों नहीं?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) 798 स्व-सहायता समूहों को। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) मध्यान्ह भोजन वितरण करने वाले स्व-सहायता समूह के अध्यक्ष, सचिव एवं रसोईयों का नाम बी.पी.एल. सूची में होना अनिवार्य है। महामाया स्व-सहायता समूह शासकीय प्राथमिक शाला सिकंदरपुर, गणेश स्व-सहायता समूह शासकीय कन्या प्राथमिक शाला एवं माध्यमिक शाला रावजीपथ, लोचननारी स्व-सहायता समूह चौड़ाखेड़ी एवं मां भारती स्व-सहायता समूह नयापुरा, सिरोंज के अध्यक्ष एवं एक अन्य सदस्य का नाम बी.पी.एल. सूची में नहीं है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) जनपद शिक्षा केन्द्र अंतर्गत शासकीय प्राथमिक विद्यालय चौंपना में मध्यान्ह भोजन वितरण करने वाला समूह पंजीकृत नहीं है तथा शहरी क्षेत्र के शासकीय प्राथमिक कन्या शाला रावजीपथ, प्राथमिक शाला चौड़ाखेड़ी, नयापुरा, सिकंदरपुरा एवं कन्या माध्यमिक शाला रावजीपथ में संलग्न स्व-सहायता समूहों के अध्यक्ष एवं अन्य सदस्यों के नाम गरीबी रेखा की सूची में नहीं हैं। संबंधित समूहों को मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के संचालन से पृथक कर दिया है।

जांच प्रतिवेदन को पटलित किया जाना

[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]

21. ( *क्र. 1179 ) श्री रामनिवास रावत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के क्रियान्वयन में हुई अनियमितताओं की जाँच हेतु गठित जाँच आयोग के प्रतिवेदन पर मंत्रि‍परिषद समिति का परीक्षण प्रतिवेदन दिनांक 11.07.2013 को सामान्य प्रशासन विभाग में प्राप्त हुआ, जो कि सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा अग्रिम कार्यवाही हेतु दिनांक 27.07.2013 को सामाजिक न्याय एवं निःशक्त जन कल्याण विभाग को भेजा गया है? (ख) यदि हाँ, तो 04 वर्ष से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बावजूद विभाग द्वारा जाँच रिपोर्ट का परीक्षण न किये जाने के क्या कारण हैं? यदि परीक्षण कर लिया गया है, तो परीक्षण के निष्कर्ष/रिपोर्ट विधानसभा के पटल पर पटलित न करने के क्या कारण हैं व कब तक रिपोर्ट पटलित कर दी जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बाताया जाना सभंव नहीं है।

लघु वनोपज संघ से स्‍वीकृत कार्य

[वन]

22. ( *क्र. 87 ) श्री लखन पटेल : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लघु वनोपज संघ के अध्‍यक्ष विवेकाधीन कोष से पिछले 05 वर्षों में दमोह जिले में कौन-कौन से कार्यों हेतु कितनी-कितनी राशि स्‍वीकृ‍त की गई? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में स्‍वीकृत किये गये कार्यों में से कितने कार्य पूर्ण हुए एवं कितने लंबित हैं? लंबित कार्य कब तक पूर्ण किये जावेंगे? (ग) लघु वनोपज संघ से कौन-कौन से कार्य कराये जाने का प्रावधान किया गया है? नियमावली बतावें।

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) एवं (ख) दमोह जिले में लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष विवेकाधीन कोष से पिछले 05 वर्षों में स्वीकृत कार्यों व राशि का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। उक्त विवरण में दर्शित लंबित कार्यों को शीघ्र ही पूर्ण करा लिया जावेगा। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'दो' अनुसार है एवं पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'तीन' अनुसार संचालक मंडल की 56 वीं बैठक दिनांक 08.11.2002 के प्रस्ताव क्रमांक 56 : 7 एवं 61 वीं बैठक दिनांक 21.06.2004 अनुसार मध्‍यप्रदेश राज्‍य लघु वनोपज संघ के अध्‍यक्ष के विवेकाधीन कोष से कार्य स्वीकृत करने के लिये प्रावधान है।

अधिकारी/कर्मचारियों का संलग्नीकरण

[उच्च शिक्षा]

23. ( *क्र. 2457 ) श्री मुकेश पण्‍ड्या : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या उच्च शिक्षा विभाग में अधिकारी/कर्मचारियों के संलग्नीकरण अपने विभाग के अतिरिक्त अन्य विभागों में किये गये हैं? (ख) यदि हाँ, तो उज्‍जैन संभाग में उच्च शिक्षा विभाग में ऐसे कितने अधिकारी/कर्मचारी हैं, जिनका संलग्नीकरण मूल पद स्थापना के अतिरिक्त अन्य विभाग अथवा अन्य महाविद्यालय/क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक एवं मंत्रालय में किया गया है तथा यह संलग्नीकरण (अटैचमेंट) किस आदेश क्रमांक एवं दिनांक के तहत् किया गया है? आदेश की प्रतिलिपि उपलब्ध करायें। (ग) सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय के पत्र क्रमांक एफ-6-1/2000/1/9, दिनांक 26.8.2000 के द्वारा संलग्नीकरण (अटैचमेंट) पर पाबंदी लगाने के बावजूद भी अधिकारी/कर्मचारियों का संलग्नीकरण क्‍यों समाप्त नहीं किया गया है? इनका संलग्नीकरण खत्म कर इनको मूल पदस्थापना पर कब तक भेजा जायेगा?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। (ख) उज्जैन संभाग में अराजपत्रित संवर्ग के 03 कर्मचारी का संलग्नीकरण मूल पदस्थापना के अतिरिक्त अन्य महाविद्यालय/क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक कार्यालय एवं अन्य विभाग में किया गया है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) संलग्नीकरण समाप्त किये जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''सात''

घाटीगांव जनपद अंतर्गत बंद खदानों का संचालन

[खनिज साधन]

24. ( *क्र. 121 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्‍वालियर जिले के घाटीगांव जनपद अंतर्गत ग्राम महेशवरा मेहंदपुर वन क्षेत्र के वनकक्ष क्र. 492, 348, 356 कुल रकबा 12 हेक्‍टेयर पर खनिज, फर्शी, पत्‍थर की खदानें पूर्व में कब तक संचालित रही हैं? (ख) उक्‍त खदानों को बंद करने के क्‍या-क्‍या कारण थे? उक्‍त खदानों से शासन को वन खनिज से कितना राजस्‍व प्राप्‍त होता था? (ग) उक्‍त खदानों में कितने मजदूरों का नियोजन था? क्‍या उक्‍त खदानों को पुन: जनहित में चालू कराने हेतु पूर्व में किस व कितने जनप्रतिनिधियों द्वारा कोई पहल अथवा कार्यवाही की गई है? (घ) जनहित में स्‍थानीय व्‍यक्तियों को रोजगार देने हेतु तथा अवैध उत्‍खनन पर नियंत्रण हेतु उक्‍त खदानों को पुन: नियमानुसार चालू करने हेतु क्‍या कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो संबंधित प्रक्रिया वन खनिज राजस्‍व तथा पर्यावरण संबंधी नियम बतावें।

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र की फर्शी पत्‍थर खदानें वर्ष 1980 तक संचालित रही हैं। (ख) प्रश्‍नाधीन खदान वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 के प्रभावशील होने के कारण बंद हुईं थीं। ये खदानें चूंकि वर्ष 1980 तक संचालित थीं, अत: इससे प्राप्‍त होने वाले राजस्‍व के अभिलेख अत्‍यंत पुराने होने के कारण वर्तमान में उपलब्‍ध नहीं हैं। (ग) प्रश्नांश (ख) में लेख अनुसार ये खदानें वर्ष 1980 तक संचालित थीं। अत: इन खदानों में नियोजित मजदूरों की जानकारी संबंधी अभिलेख अत्‍यंत पुराने होने के कारण वर्तमान में उपलब्‍ध नहीं हैं। इन खदानों को पुन: चालू किये जाने के संबंध में पूर्व में माननीय विधायक श्री बृजेन्‍द्र तिवारी (पूर्व विधायक) एवं प्रश्‍नकर्ता माननीय विधायक द्वारा पहल की गई। (घ) वर्तमान में उल्‍लेखित प्रस्‍ताव का वित्‍तीय दृष्टि से परीक्षण किया जा रहा है। अत: शेष प्रश्‍न वर्तमान में उपस्थित नहीं होता।

ग्राम पंचायतों को दिये गये वित्तीय अधिकार

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

25. ( *क्र. 1519 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग (जिला पंचायत) द्वारा ग्राम पंचायतों को निर्माण एजेन्‍सी के रूप में रू. 15.00 लाख से अधिक के कार्य कराये जाने के अधिकार दिये गये हैं? यदि हाँ, तो संबंधित आदेश उपलब्‍ध कराएं? (ख) यदि नहीं, तो क्‍या जिला पंचायत सतना द्वारा विकासखण्‍ड सोहावल ग्राम पंचायत इटमा में गौण खनिज मद से 15.00 लाख रू. से अधिक के कार्य हेतु ग्राम पंचायत इटमा को निर्माण एजेन्‍सी बनाया गया है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या नियम विरूद्ध प्रशासकीय स्‍वीकृति आदेश जारी कराने वाले जिला पंचायत के शाखा प्रभारी (सहायक परियोजना अधिकारी) के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) क्‍या उक्‍त परियोजना अधिकारी जिला पंचायत सतना अतिशेष है? यदि हाँ, तो उन्‍हें अब तक क्‍यों नहीं हटाया गया है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) से (घ) वर्णित कार्यों के लिये ग्राम पंचायत के वित्तीय अधिकार रूपये 15 लाख तक सीमित होने से प्रश्नांश (), () एवं () में जाँच की जा रही है।

 

 

 

 






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भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


बसों के किराये में अनियमितताओं की जाँच

[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]

1. ( क्र. 13 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नमामि देवी नर्मदे यात्रा के अमरकंटक में माह मई 2017 को समापन कार्यक्रम हेतु निजी बसों का अधिग्रहण किस विभाग के द्वारा किया गया तथा बसों के किरायों का भुगतान किस विभाग के अंतर्गत किसके द्वारा किया गया? (ख) प्रश्नांश (क) कार्यक्रम हेतु प्रदेश की किस-किस जिले से कितनी-कितनी निजी बसों का अधिग्रहण किया गया था? इन बसों का किराया भुगतान किये जाने के लिए क्‍या मापदण्‍ड निर्धारित किये गये थे? क्‍या मापदण्‍डों के अनुसार बस ऑपरेटर को बसों के किराये का भुगतान किया गया है? (ग) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या अनूपपुर से अमरकंटक की दूरी लगभग 68 किमी. है? यदि हाँ, तो अनूपपुर से अमरकंटक समापन कार्यक्रम हेतु कितनी बसें भेजी गई थी तथा किन-किन बस ऑपरेटरों को प्रति बस आने-जाने का किस-किस दर से भुगतान किया गया है? (घ) प्रश्नांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में भोपाल से अमरकंटक के लिए प्रति बस से आने-जाने का किराया किस दर से भुगतान किया गया? (ड.) प्रश्‍नांश (ग) एवं (घ) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या भोपाल से अमरकंट की दूरी लगभग 551 कि.मी. है किन्‍तु प्रति बस किराया लगभग 50 हजार रूपये का भुगतान किया गया है जबकि अनूपपुर में अमरकंटक का प्रति बस किराया 51 हजार रूपये से अधिक का भुगतान किया गया है? (च) यदि हाँ, तो क्‍या बसों के किराये के भुगतान में व्‍यापक आर्थिक अनियमिताएं की जाकर शासन के आर्थिक क्षति पहुंचाई गई है? यदि हाँ, तो क्‍या इसकी जाँच करायी जाकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) से (च) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

हितग्राहियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन का भुगतान

[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]

2. ( क्र. 14 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दिनांक 1 मार्च 2017 को माननीय वित्‍त मंत्री द्वारा सदन में अपने बजट भाषण के बिन्‍दु क्रमांक 76 में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत पेंशन की राशि रूपये 150 से बढ़ाकर रूपये 300 की गई तथा इसके लिये बजट में राशि रूपये 1 हजार 501 करोड़ का प्रावधान है, का वाचन किया था? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में भिण्‍ड जिले के लहार एवं रौन विकासखण्‍ड के अंतर्गत कितनी विधवा महिलाओं को कुल कितनी-कितनी पेंशन कब-कब से कितनी-कितनी राशि की प्रश्‍न दिनांक तक भुगतान की गयी? (ग) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में विधानसभा क्षेत्र लहार के अंतर्गत लहार एवं रौन विकासखण्‍ड में कितने-कितने पात्र व्‍यक्ति एवं महिलाओं को वृद्धावस्‍था पेंशन, निराश्रित पेंशन, विधवा पेंशन एवं नि:शक्‍तजनों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन के अंतर्गत कितने पुरूष एवं महिलाओं को 01 अप्रैल 2017 से प्रश्‍न दिनांक तक किनती-कितनी राशि भुगतान की गई?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ (ख) भिण्ड जिला अन्तर्गत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ग) भिण्ड जिला अन्तर्गत प्रश्नांश '''' की जानकारी उत्तरांश '''' अनुसार।

सरपंच के विरूद्ध कार्यवाही

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

3. ( क्र. 33 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या छतरपुर जिले की जनपद पंचायत राजगर की ग्राम पंचायत पाय के सरपंच द्वारा निर्माण कार्यों में कपिलधारा कुओं में राशि आहरण वितरण में गम्‍भीर अनियमितताएं, नियम कानूनों को दर किनार करने की गंभीर शिकायतें नागरिकों, जनप्रतिनिधियों द्वारा कलेक्‍टर, मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी एवं अन्‍य को की गई है? (ख) यदि हाँ, तो प्राप्‍त शिकायतों पर शासन एवं प्रशासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? शिकायतवार कार्यवाहीवार विवरण दें। उक्‍त शिकायतों के जाँचकर्ता अधिकारी कौन-कौन थे। उनके नाम पदनाम सहित बताएं तथा जाँच प्रतिवेदनों की प्रतियां उपलब्‍ध करावें। (ग) प्रश्नांश (ख) के जाँच प्रतिवेदनों अनुसार क्‍या सरपंच दोषी पाया गया है? यदि हाँ, तो सरपंच को कब तक हटा दिया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता।

प्रधानमंत्री आवास योजना

[नगरीय विकास एवं आवास]

4. ( क्र. 38 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बड़वाहा विधान सभा क्षेत्र की नगर पालिका बड़वाह एवं सनावद में प्रधानमंत्री आवास योजना में कब सर्वे हुआ है? वार्डवार पात्र व्यक्तियों की संख्‍या दी जावे। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार इन पात्र हितग्राही को आवास योजना का लाभ किस प्रकार का दिया गया है. नियम की प्रति उपलब्ध कराई जावे ? (ग) आवास योजना में ऐसे कितने हितग्राही हैं जिन्हें वर्तमान तक आवास योजना का लाभ नहीं मिला है, इन व्यक्तियों को कब तक लाभ मिल जायेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) नगर पालिका परिषद्, सनावद में प्रधानमंत्री आवास योजना में माह जनवरी, 2017 में सर्वे हुआ है। वार्डवार पात्र हितग्राही सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। नगर पालिका परिषद्, बड़वाह में प्रधानमंत्री आवास योजना का सर्वेक्षण फरवरी 2017 में किया गया है। वार्डवार पात्र हितग्राही की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) प्रधानमंत्री आवास योजना में नगर पालिका परिषद्, बड़वाह में 286 हितग्राहियों का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन स्वीकृत किया गया है, सभी 286 हितग्राहियों को राशि आवंटित कर दी गई है। 391 हितग्राहियों की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन स्वीकृत हुई थी, उनमें 318 पात्र हितग्राहियों के खाते में राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। शेष 73 हितग्राही अपात्र होने से उन्हें राशि आवंटित नहीं की गई है।

मुख्‍यमंत्रीजी ग्रामीण सड़क से वंचित ग्राम

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

5. ( क्र. 92 ) श्री लखन पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) किसी मार्ग की मुख्‍यमंत्री सड़क योजना में शामिल करने के लिए क्‍या कोई मापदण्‍ड/गाइड लाइन बनायी गई है? यदि हाँ, तो क्‍या? (ख) विधानसभा क्षेत्र पथरिया में मुख्‍यमंत्री सड़क योजना से कितने ग्रामों को जोड़ा जा चुका है एवं मापदण्‍ड अनुसार कितने ग्रामों को जोड़ा जाना शेष रह गया है? शेष ग्रामों को कब तक जोड़ा जावेगा? (ग) जो ग्राम मुख्‍यमंत्री सड़क योजना के मापदण्‍ड पूरे करते हैं और अभी तक योजना में शामिल नहीं हो पाये इसके लिए दोषी कौन है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लाभ से वंचित जनगणना 2001 के अंतर्गत सामान्य विकासखण्ड के 500 से कम एवं आदिवासी विकासखण्डों के 250 से कम आबादी के ग्रामों को ग्रेवल सड़क के माध्यम से बारहमासी सड़क की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। (ख) विधानसभा क्षेत्र पथरिया में उक्त योजना अंतर्गत 42 ग्रामों को जोड़ा जा चुका है। 07 ग्रामों को जोड़े जाने हेतु सड़कों की स्वीकृति प्राप्त होकर, इन कार्यों की निविदा स्वीकृति की कार्यवाही प्रचलन में है। शेष 17 ग्रामों को जोड़ने हेतु प्रकरण परीक्षणाधीन है। निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है। (ग) उपलब्ध आवंटन पूर्व स्वीकृत कार्यों हेतु आबद्ध होने से शेष प्रश्‍न उत्पन्न नहीं होता है।

सिहोरा के लिए मास्‍टर प्‍लान तैयार किया जाना

[नगरीय विकास एवं आवास]

6. ( क्र. 97 ) श्रीमती नंदनी मरावी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगर पालिका सिहोरा के भविष्‍य के विकास की आवश्‍यकताओं के लिये मास्‍टर प्‍लान की क्‍या रूपरेखा विभाग द्वारा तैयार की गई है? नगर के विकास के लिये तैयार की गई योजना के स्‍वरूप की प्रति उपलब्‍ध करायें। (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) प्‍लान के संबंध में नगर तथा ग्राम निवेश जबलपुर द्वारा दिनांक 10.08.16 को नगर पालिका सिहोरा में एक महत्‍वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें महत्‍वपूर्ण सुझाव दिये गये थे? क्‍या दिनांक 30.08.16 को पुन: एक बैठक आयोजित की गई थी, जो नहीं हो सकी? उक्‍त बैठक में उठाये गये बिन्‍दुओं की प्रति उपलब्‍ध करायें। इन बिन्‍दुओं को प्रश्नांश (क) प्‍लान में शामिल किया गया है या नहीं? (ग) सिहोरा का मास्‍टर प्‍लान पूर्व में कब से कब तक के लिये तैयार किया गया था? इसकी अवधि कब समाप्‍त हो चुकी है? आगामी मास्‍टर प्‍लान अभी तक क्‍यों नहीं बनाया गया? कब तक तैयार कर लिया जावेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जी हाँ। पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। सिहोरा विकास योजना के पुनर्विलोकन के समय गुणदोषों के आधार पर विचार किया जायेगा। (ग) सिहोरा विकास योजना 2011 राजपत्र में दिनांक 13/01/2005 से अंगीकृत होकर वर्तमान में प्रभावशील है। विकास योजना की अवधि समाप्‍त नहीं हुई है, पुनर्विलोकित विकास योजना लागू होने तक वर्तमान विकास योजना प्रभावशील रहती है। वर्तमान में सिहोरा विकास योजना के पुनर्विलोकन का वार्षिक लक्ष्‍य न होने के कारण पुनर्विलोकन नहीं हो सका है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

कुण्‍डम में सुलभ कॉम्‍पलेक्‍स निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

7. ( क्र. 98 ) श्रीमती नंदनी मरावी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जनपद पंचायत कुण्‍डम अंतर्गत ग्राम पंचायत कुण्‍डम आवागमन का मुख्‍य केन्‍द्र है तथा जन सुविधा की दृष्टि से लम्‍बे समय से बस स्‍टैण्‍ड में सुलभ कॉम्‍पलेक्‍स बनाये जाने की मांग की जा रही है? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) मांग की ओर प्रश्‍नकर्ता द्वारा अनेकों बार कलेक्‍टर जबलपुर का ध्‍यान आकर्षित कराया गया है तथा उन्‍होंने भी इस पर अपनी सहमति जताई है? (ग) प्रश्नांश (क) अनुरूप सुलभ कॉम्‍पलेक्‍स का निर्माण कब तक करा लिया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) प्रश्‍नांकित स्‍थल पर सामुदायिक स्‍वच्‍छता परिसर निर्माण कार्य की स्‍वीकृति प्रदान की गई है। शीघ्र निर्माण कार्य करा लिया जावेगा।

स्वरोजगार योजना अंतर्गत ऋण एवं बैंक गारंटी

[सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम]

8. ( क्र. 131 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्य शासन द्वारा स्वरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने की कौन-कौन सी योजनाएं चल रही हैं, उसकी सूची दी जावे। (ख) राज्य शासन द्वारा छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कौन सी नई नीति लागू की है? उसकी प्रति देवें। क्या नई नीति में स्वरोजगार के लिए प्रार्थी को आवेदन करने में आवेदक से बैंक गारंटी मांगती है? क्या यह नियम है? यदि हाँ, तो खरगोन जिले में दिनांक 01 अप्रैल 2017 से प्रश्‍न दिनांक तक ऐसे कितने स्वरोजगार हेतु दिये गए आवेदन हैं जो जिला उद्योग से तो स्वीकृत हो गये किन्तु संबंधित बैंक द्वारा लोन में आवेदक से गारंटी चाही गई? (ग) क्या नवीन स्वरोजगार नीति में आवेदक को आयकर दाता होना चाहिए अथवा नहीं? यदि नहीं, तो फिर बैंक आयकर की फाईल क्यों मांगती है? (घ) बड़वाह विधान सभा क्षेत्र के ऐसे कितने स्वरोजगार आवेदक हैं जिहोंने 01 जनवरी 2017 से प्रश्न दिनांक तक आवेदन किया है? उसकी सूची देवें। इनमें से कितने आवेदन स्वीकृत हुए एवं कितने अस्वीकृत हुए है? अस्वीकृत होने के क्या कारण रहे हैं? सम्पूर्ण जानकारी देवे।

राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम ( श्री संजय पाठक ) : (क) राज्य शासन के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के द्वारा जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्रों के माध्यम से निम्न स्वरोजगार योजनाएं संचालित की जाती है। 1. मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना। 2. मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना। (ख) राज्य शासन द्वारा नवीन संशोधनों के साथ मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना एवं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के संबंघ में दिनांक 16.11.2017 को नवीन परिपत्र जारी किया गया है, जो पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। उक्त जारी आदेश में ऋण गारंटी निधि (CGTMSE) अंतर्गत बैंक ऋण गारंटी के लिए पात्र परियोजनायें ही मान्य की जाती है। अतः बैंक द्वारा किसी प्रकार की कोलेटरल सिक्योरिटी की मांग आवेदक से नहीं की जावेगी। खरगौन जिले में 1 अप्रैल 2017 से प्रश्नांश दिनांक तक स्वीकृत प्रकरणों में संबंधित बैंक द्वारा आवेदक से कोलेटरल सिक्योरिटी गारंटी मांगें जाने की कोई शिकायत कार्यालय को प्राप्त नहीं हुई है। (ग) जी नहीं। इस संबंध में राज्य शासन द्वारा बैंकों को कोई निर्देश नहीं दिये गये हैं। (घ) बड़वाह विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत प्रश्नावधि में प्राप्त आवेदनों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। प्राप्त 352 आवेदनों में 88 आवेदनों में बैंकों से स्वीकृति प्राप्त हुई है 10 आवेदन अस्वीकृत हुये हैं तथा शेष 254 आवेदन लंबित है।

मुख्‍यमंत्री सड़क योजना में हुई अनियमितताओं के दोषियों पर कार्यवाही

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

9. ( क्र. 141 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला दमोह में वर्ष 2013-14 में मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजना के पैकेज क्रमांक 1119 में भारी अनियमितताएं हुई थी तथा इस संबंध में प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा प्रश्‍न के पश्‍चात जाँच दल भी गठित किया गया था? यदि हाँ, तो जाँच दल ने क्‍या जाँच की उसकी रिपोर्ट की छायाप्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) की गई जाँच के उपरांत भारी अनियमितताएं सामने आई थीं एवं कार्य एजेंसी व पैकेज में संलग्नित अधिकारियों पर वसूली के निर्देश शासन द्वारा दिए गये थे? लेकिन आज दिनांक तक न ही वसूली की गई और न ही संलग्नित अधिकारियों/कर्मचारियों व ठेकेदार पर कार्यवाही हुई? कार्यवाही व रिकवरी की समय-सीमा बतावें।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। आयुक्त, सागर संभाग द्वारा दिनांक 03.06.2014 को जारी आदेश अनुसार जाँच दल गठित कर जाँच कराई गई। जाँच रिपोर्ट पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। अधीक्षण यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, मण्डल सागर के पत्र दिनांक 16.01.2017 द्वारा भी उक्त पैकेज की जाँच कराई। जिसकी रिपोर्ट की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ख) जाँच में दोषी पाए गए कार्यपालन यंत्री श्री एच.एन. सक्सेना से रू. 56,800/- अर्थदण्ड की वसूली की गई। अन्य आरोपी सहायक यंत्री श्री जी. लारिया तथा उपयंत्री श्री पी.एल. अवस्थी, श्री वी.एस. राजपूत को परिनिन्दा की शास्ति अधिरोपित की गई। ठेकेदार के देयकों से राशि रू. 34,89,604.00/- वसूली हेतु रोकी गई।

वॉटर शेड परियोजनाओं में लापरवाही

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

10. ( क्र. 142 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला दमोह के पटेरा विकासखण्‍ड में संचालित आई.डब्‍ल्‍यू.एम.पी. 06 वॉटर शेड परियोजना के माईक्रो वॉटर शेड ग्राम बर्रट एवं मोहास पटेरिया में वर्ष 2015-16, 2016-17 एवं 2017-18 में कौन-कौन से कार्य कितनी-कितनी राशि के स्‍वीकृत हुए एवं शासन द्वारा प्रभारी अधिकारी कौन नियुक्‍त हुआ? (ख) क्‍या उक्‍त कार्यों एवं इनके अलावा अन्‍य वॉटर शेड के कार्यों में भारी अनियमितताओं की शिकायतें लगातार प्राप्‍त होने के उपरांत भी उनके विरूद्ध कार्यवाही क्‍यों नहीं हुई। कार्यवाही कब तक की जाएगी? (ग) क्‍या विधान सभा क्षेत्र पटेरा व हटा विकासखण्‍ड में विगत वर्ष 2012-13 से आज दिनांक तक वॉटर शेड योजना के समस्‍त कार्यों की जाँच प्रदेश स्‍तरीय टीम बनाकर करायी जाएगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) कार्य की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। श्री अजय सिंह को विकासखण्‍ड समन्‍वयक एवं श्री कपिल लारिया को विकासखण्‍ड अभियंता हेतु संविदा पर अनुबंधित किया गया है। (ख) राज्‍य स्‍तर से तकनीकी विशेषज्ञ तथा जिला स्‍तर से कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा ने परियोजना 6 की जाँच की है, जिसमें कार्य संतोषप्रद पाये गये हैं। अत: शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) पी.एम.के.एस.वाय.वाटरशेड विकास की परियोजनाओं के कार्यों का भौतिक सत्‍यापन एवं गुणवत्‍ता परीक्षण प्रशासकीय व तकनीकी अधिकारियों का दल बनाकर कराया जा चुका है। अत: पृथक से जाँच की आवश्‍यकता नहीं हैं।

परिशिष्ट - ''आठ''

बालू का अवैध उत्‍खनन

[खनिज साधन]

11. ( क्र. 156 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 15-16 से प्रश्‍न दिनांक तक छतरपुर जिले में नदियों से बालू का अवैध रूप से उत्‍खनन होने की लगातार शिकायतें प्राप्‍त हो रही है? (ख) क्‍या पुलिस विभाग, राजस्‍व विभाग तथा खनिज विभाग की सांठ-गांठ से बालू का उत्‍खनन नियम विरूद्ध हो रहा है? इसका जिम्‍मेदार कौन है? (ग) नदियों से जो बालू लगातार अवैध रूप से निकल रही है इसकी समीक्षा प्रश्नांश (क) अवधि में विभागीय अधिकारियों ने कब-कब की और क्‍या परिणाम प्राप्‍त हुए? जिले के जाँचकर्ता अधिकारी कौन-कौन हैं? उनके पदनाम सहित नाम बतायें?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। समय-समय पर शिकायतें प्राप्‍त होती हैं। (ख) जी नहीं। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍नाधीन अवधि में नियमित जाँच के दौरान रेत के अवैध उत्‍खनन के प्रकरण दर्ज किये जाते हैं। प्रश्‍नांश की शेष जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट पर दर्शित है।

वाटर शेड परियोजना

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

12. ( क्र. 157 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में तकनीकी विशेषज्ञ द्वारा वाटर सेट, परियोजना अंतर्गत व्‍यय राशि के संबंध में वर्ष 2016-17 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने टूर किये गये तथा टूर प्रोग्राम के तहत निरीक्षण प्रतिवेदन जिला पंचायत को जमा किये गये? (ख) यदि हाँ, तो प्रतिवेदनों की प्रतियां उपलब्‍ध करावें? वाटर शेड तकनीकी विशेषज्ञ जिला पंचायत छतरपुर द्वारा धरातल पर जो कार्य नहीं हुए क्‍या उनकी समीक्षा/परीक्षण भ्रमण के दौरान नहीं किया गया? (ग) क्‍या कैश बुक/देयकों/भंडार क्रय नियमों की समीक्षा तकनीकी विशषज्ञ द्वारा की गई? (घ) यदि हाँ, तो निरीक्षण प्रतिवेदनों की प्रतियों में उल्‍लेख किया गया? यदि नहीं, तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) 96 टूर किये गये। जी हाँ, निरीक्षण प्रतिवेदन जमा किये गये है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। स्‍वीकृत समस्‍त कार्य कार्यान्वित हुए है, अत: धरातल पर कार्य नहीं होने एवं शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। (घ) जी हाँ।

रोहित नगर फेस-1 में नर्मदा के पानी की सप्‍लाई

[नगरीय विकास एवं आवास]

13. ( क्र. 218 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या भोपाल शहर के रोहित नगर फेस-1, वार्ड क्रमांक-52 में नर्मदा पाइप लाइन से जल प्रदाय करने हेतु पाइप लाइन डाल दी गई है? यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त कॉलोनी में नर्मदाजी के पानी की सप्‍लाई की जा रही है? यदि हाँ, तो कब से व किन-किन क्षेत्रों में? विवरण दें। (ख) क्‍या वार्ड क्रमांक-52 में आवास क्रमांक-176 से आवास क्रमांक 181 तक एवं आवास क्रमांक 161 से 166 तक में नर्मदा पाइप लाइन से जल प्रदाय करने हेतु पाइप लाइन डाल दी गई है? (ग) प्रश्नांश (ख) यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त आवासों में नर्मदा के पानी की सप्‍लाई की जा रही है? प्रश्‍नांकित क्षेत्र के लिये किस ठेकेदार को कार्य सौंपा गया है व कार्य पूर्णता का लक्ष्‍य/अवधि क्‍या निर्धारित की गई है? (घ) यदि नहीं, तो इसके लिये कौन-कौन अधिकारी दोषी हैं एवं दोषी अधिकारियों पर शासन क्‍या कार्यवाही करेगा एवं उक्‍त आवासों में नर्मदा के पानी सप्‍लाई कब तक शुरू की जायेगी? (ड.) प्रश्‍नांकित ठेकेदार को उक्‍त क्षेत्र के लिये पाइप लाइन बिछाने व जल प्रदाय करने हेतु कितनी राशि का ठेका दिया गया था? कार्य अपूर्ण होने पर भी कितनी-कितनी राशि का अभी तक भुगतान हुआ है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। रोहित नगर फेस-1 वार्ड क्र. 52 में जल वितरण नलिका बिछा दी गई है, परन्तु बल्क कनेक्शन द्वारा पानी सप्लाई किया जाना है। बल्क कनेक्शन न होने के कारण नर्मदा जी के पानी की सप्लाई नहीं की जा रही है। इस हेतु रोहित नगर हाउसिंग सोसायटी अथवा रहवासी संघ द्वारा आवेदन प्रस्तुत किया जाना है। (ख) जी हाँ। वार्ड क्र. 52 में आवास क्र. 176 से आवास क्र. 181 तक एवं आवास क्र. 161 से 166 तक 75 मीटर जल वितरण नलिका बिछा दी गई है। (ग) जी नहीं। उक्त आवासों में नर्मदा के पानी की सप्लाई की जा रही है, क्योंकि आवासो में जल सप्लाई बल्क कनेक्शन के माध्यम से की जानी है तथा रोहित नगर फेस-1 हाउसिंग सोसायटी या रहवासी संघ द्वारा बल्क कनेक्शन का आवेदन नहीं किया गया है। भोपाल जल वितरण परियोजना के अंतर्गत उक्त वार्ड में ए.डी.बी. परियोजना के अतंर्गत कार्य मेसर्स व्ही.आई.एल.-के.आर.के. सी.पी.एल. (ज्वाइंट वेन्चर) लखनऊ द्वारा किया गया तथा भौतिक रूप से यह कार्य दिसम्बर 2013 में पूर्ण किया गया। इसी प्रकार जे.एन.एन.यू.आर.एम हेतु ठेकेदार मेसर्स लक्ष्मी सिविल इंजीनियरिंग सर्विसेस प्रा.लि. कोल्हापुर को कार्य सौंपा गया था। ठेकेदार का कार्य दिनांक 20.06.2017 को पूर्ण हो गया है। (घ) उक्त कार्य के लिये कोई अधिकारी दोषी नहीं है। उक्त आवासो में बल्क कनेक्शन के माध्यम से नर्मदा के पानी सप्लाई की जायेगी। बल्क कनेक्शन के लिये सोसायटी द्वारा मांग की प्राप्ति होने पर बल्क कनेक्शन दिया जायेगा। रोहित नगर फेस-1 को नगर निगम भोपाल को हस्तांतरित होने की दशा में रहवासियों को जल वितरण नलिकाओं से व्यक्तिगत कनेक्शन प्रदान किये जा सकेंगे। (ड.) ए.डी.बी. परियोजना के अंतर्गत मेसर्स व्ही.आई.एल-के.आर.के. सी.पी.एल. (ज्वाइंट वेन्चर) को मिसरोद, रोहित नगर, कस्तूरबा नगर, गौतम नगर एवं बौद्धविहार क्षेत्र में जल वितरण नलिकाओं बिछाने के लिये क्रमांक 503 दिनांक 13.08.2012 राशि रूपये 19.51 करोड़ का कार्यादेश जारी किया गया था। जे.एन.एन.यू.आर.एम. योजनांतर्गत अनुबंध क्रमांक 21 दिनांक 10.12.2012 द्वारा राशि रूपये 166.07 करोड़ का ठेका दिया गया था। इस अनुबंध अंतर्गत भोपाल के पूर्वी क्षेत्र के पूर्व जोन क्र. 8, 9, 11, 12, 13 तथा 6 (आंशिक) में जल वितरण प्रणाली तथा घरेलू नल कनेक्शन का कार्य दिया गया था, जिसमें उक्त वार्ड 52 का कार्य भी सम्मिलित था। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत ग्रामों का डामरीकरण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

14. ( क्र. 232 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधान सभा क्षेत्र पनागर प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत समस्‍त सड़कों का डामरीकरण कार्य नहीं हुआ है? (ख) यदि हाँ, तो ऐसी शेष सड़कों का डामरीकरण कब तक किया जायेगा? (ग) प्रश्नांश (क) के अतिरिक्‍त ओ.डी.आर. से गुलैदा, सुंदरपुर से छितरी, तिलगवां से गाजर, पड़वारखुर्द से रैयाखेड़ा, बिलखरवा से पड़वारखुर्द सहित 26 सड़कों का डामरीकरण का कार्य गत 01 वर्ष से लंबित है? यदि हाँ, तो कब तक पूर्ण होगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के दिशा निर्देशों के अनुरूप विकासखंड पनागर के सभी पात्र ग्रामों का डामरीकरण कार्य पूर्ण हो चुका है। (ख) उत्तरांश '''' के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत निर्मित 26 ग्रेवल मार्गों के डामरीकरण हेतु निविदा प्रक्रिया प्रचलन में है। पूर्णता की समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

विकासखंड स्‍तर पर खेलकूद प्रशिक्षक की नियुक्‍त

[खेल और युवा कल्याण]

15. ( क्र. 249 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या  जबलपुर एवं अन्‍य जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में विकासखंड स्‍तर पर खेलकूद प्रशिक्षक (कोच) की व्‍यवस्‍था नहीं है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या विकासखंड स्‍तर पर खेलकूद प्रशिक्षक (कोच) की व्‍यवस्‍था कराने की योजना है? (ग) यदि हाँ, तो कब की जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ, नहीं है। (ख) जी नहीं। (ग) प्रश्‍नोत्‍तर '''' के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। अभी ऐसी कोई योजना विचाराधीन नहीं है।

विभाग में नियमित कर्मचारियों की पदस्‍थापना

[खेल और युवा कल्याण]

16. ( क्र. 250 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या प्रदेश के खेल एवं युवा कल्‍याण विभाग में नियमित कर्मचारी नहीं है? (ख) क्‍या वर्ष 2006 में पदस्‍थ किये गये प्रशिक्षक, युवा समन्‍वयक, ग्राउण्‍डमेन, सुरक्षाकर्मी आदि संविदा में कार्यरत है? (ग) प्रश्नांश (ख) के अंतर्गत क्‍या इन अल्‍प वेतनभोगी कर्मचारियों से राष्‍ट्रीय स्‍तर के खिलाड़ी तैयार करने की उम्‍मीद जतायी जा सकती है? (घ) यदि नहीं, तो क्‍या इन कर्मचारियों को नियमित किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्‍यों?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी नहीं। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। (घ) प्रश्नोत्तर '''' के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

मदनमहल फ्लाई ओवर निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

17. ( क्र. 289 ) श्री तरूण भनोत : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जबलपुर नगर में यातायात व्‍यवस्‍था को सुचारू रूप से बनाये जाने हेतु दमोह नाका से मदनमहल फ्लाई ओवर की निर्धारित चौड़ाई क्‍या रखी गयी है? उक्‍त फ्लाई ओवर के नीचे निर्माण किये जाने वाले दोनों और की सर्विस रोडों की चौड़ाई कितनी रखी गई है? क्‍या पूरे फ्लाई ओवर एवं उसके नीचे की सर्विस रोडों की चौड़ाई एक समान न होकर अलग-अलग रखी गई है? यदि हाँ, तो क्‍यों? क्‍या उक्‍त फ्लाई ओवर एवं सिर्वस रोडों की चौड़ाई शासन एक समान रखेगा? (ख) क्‍या निगम प्रशासन जबलपुर द्वारा वर्णित (क) की फ्लाई ओवर निर्माण हेतु रानीताल से दमोह नाका मुख्‍य मार्ग के व्‍यवसायी एवं रहवासी नागरिकों को अलग-अलग नोटिस के माध्‍यम से सड़क निर्माण से प्रभावित भूमि/भवन के भाग को रिक्‍त करने हेतु नोटिस जारी किया है, जो न्‍याय एवं तर्क संगत नहीं है? (ग) क्‍या वर्णित (क) के फ्लाई ओवर को मदनमहल से दमोहनाका तक बनाने की डी.पी.आर. तैयार की जा रही है? यदि हाँ, तो क्‍या फ्लाई ओवर बीच शहर में नहीं उतारा जा रहा है? क्‍या शासन शहर की आबादी को ध्‍यान में रखते हुये उक्‍त फ्लाई ओवर को मदनमहल से अधारताल चौक के आगे तालाब तक बनाया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) दमोह नाका से मदनमहल फ्लाई ओवर की चौड़ाई 12.90 मी. प्रस्‍तावित की गई है। सर्विस रोड की चौड़ाई नगर निगम जबलपुर के मास्‍टर प्‍लान 2021 में उपलब्‍ध भूमि के अनुसार प्रस्‍तावित है, वि‍वरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। जी नहीं। (ख) जी हाँ। जबलपुर नगर निगम द्वारा रानीताल से दमोह नाका का मुख्‍य मार्ग के जबलपुर मास्‍टर प्‍लान 2021 के अनुसार चौड़ीकरण हेतु म.प्र. नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 305 अंतर्गत दिये गये हैं, जो नियमानुसार हैं। (ग) जी हाँ। दमोह नाका से मदन महल तक फ्लाई ओवर बनाने की डी.पी.आर. तैयार की जा रही है। फ्लाई ओवर को शहर में उतारा जाना प्रस्‍तावित हैं। जी नहीं। प्रथम स्‍तरीय प्राक्‍कलन अनुसार, दमोह नाका से मदनमहल (मेडीकल रोड तक) की ही स्‍वीकृति प्राप्‍त हुई है। प्राप्‍त स्‍वीकृति अनुसार ही फ्लाई ओवर का निर्माण म.प्र. शासन लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रस्‍तावित हैं।

परिशिष्ट - ''नौ''

ग्राम धनगंवा (शहपुरा) को जोड़ने सड़क निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

18. ( क्र. 305 ) श्रीमती प्रतिभा सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 1628 दिनांक 30/11/2017 के उत्‍तर (ख) में बताया था कि शहपुरा विकासखण्‍ड के ग्राम धनगवां को सड़क मार्ग से जोड़ने सड़क निर्माण का डी.पी.आर. तैयार कराया गया है? तो उक्‍त सड़क निर्माण के कार्य की तकनीकी एवं प्रशासनिक स्‍वीकृत की स्थिति क्‍या है? (ख) उक्‍त सड़क का निर्माण कब तक प्रारंभ हो सकेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जा चुकी हैं। (ख) निविदा की कार्यवाही प्रचलन में है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं हैं।

घुघरा नाला सिंचाई परि. पर कार्य करने की अनुमति प्रदान करना

[वन]

19. ( क्र. 306 ) श्रीमती प्रतिभा सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत निर्माणाधीन लघु सिंचाई योजना घुघरा नाला सिंचाई योजना (हीरापुर) को सेकेन्‍ड स्‍टेज वन विभाग की अनुमति कब प्रदान की गयी? (ख) उपरोक्‍त परियोजना स्‍थल स्थित वन भूमि को क्लियर कर कार्य करने की अनुमति अब तक क्‍यों नहीं दी गई वन विभाग द्वारा उक्‍त साइट पर कार्य करने की अनुमति कब तक सिंचाई विभाग को प्रदान की जावेगी?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) एवं (ख) प्रश्नाधीन सिंचाई योजना (हीरापुर) की प्रथम चरण की सैद्धान्तिक स्वीकृति (सशर्त) भारत सरकार, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, क्षेत्रीय कार्यालय, भोपाल द्वारा दिनांक 21.03.2017 को जारी की गई है। उल्लेखित शर्तों का पालन प्रतिवेदन, जल संसाधन विभाग से प्राप्त होने पर अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (भू-प्रबंध) के पत्र दिनांक 18.01.2018 से भारत सरकार, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, क्षेत्रीय कार्यालय, भोपाल को प्रेषित किया गया। भारत सरकार से औपचारिक स्वीकृति (सेकेण्ड स्टेज) अप्राप्त है। उक्त स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही वन भूमि पर जल संसाधन विभाग को परियोजना में प्रस्तावित कार्य करने की अनुमति प्रदान की जावेगी। इस संबंध में निश्चित समय-सीमा बताना सम्भव नहीं है।

पशु शेड निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

20. ( क्र. 332 ) श्री हरवंश राठौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सागर अन्‍तर्गत विधानसभा क्षेत्र बण्‍डा के वित्‍तीय वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक जनपद पंचायतवार कितने पशु शेड निर्माण के प्रस्‍ताव स्‍वीकृति हेतु प्राप्‍त हुए थे और उनमें कितने स्‍वीकृत हुए? (ख) स्वीकृत प्रकरणों में से कितने पशु शेडों को निर्माण के लिए राशि प्रदान की जाकर पूर्ण कराए जा चुके हैं और ऐसे कितने प्रकरण हैं जिनको सभी किश्तें देने के बाद भी अपूर्ण हैं। उन्हें पूर्ण कराने के लिए क्या-क्या कार्यवाही की गई? (ग) ऐसे कितने प्रकरण हैं जिनका स्वीकृति के बाद एजेन्सी ने कार्य प्रारंभ कर दिया था और मस्टर तथा सामग्री भुगतान की राशि की फीडिंग होने के बाद भी राशि प्रदान नहीं की गई है? इसका क्या कारण था? (घ) वर्तमान में क्या कंडिका (ग) के अनुसार पूर्ण अथवा प्रगतिरत पशु शेडों को पूर्ण कराने के लिए राशि प्रदान की जावेगी या नहीं?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जनपद पंचायत बण्डा में 1287 एवं शाहगढ़ में 612 कुल 1899 पशु शेड के प्रस्ताव प्राप्त। सभी प्रस्ताव स्वीकृत किये गये। (ख) 1038 पशु शेडों का निर्माण कार्य पूर्ण। पशु शेड निर्माण की क्रियान्वयन एजेन्सी ग्राम पंचायत होने के कारण हितग्राहियों को किश्ते देने का प्रावधान नहीं है। अतएव शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है। (ग) जनपद पंचायत बण्डा अंतर्गत 5 एवं जनपद पंचायत शाहगढ़ अंतर्गत 7 इस प्रकार कुल 12 पशु शेड के प्रकरणों में केवल सामग्री भुगतान के देयकों की त्रुटिपूर्ण प्रविष्टि होने के कारण भुगतान नहीं किया गया। (घ) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न नहीं उत्पन्न होता है। उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में पत्र क्र. पत्र 239/NR-3/SE/MGNREGS-MP/2018 भोपाल, दिनांक 15.01.2018 के अनुसार भुगतान किया जा सकेगा।

परिशिष्ट - ''दस''

माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा उपरांत गरीबी रेखा सूची में नाम जोड़े जाना

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

21. ( क्र. 342 ) श्री हरवंश राठौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत 02 वर्षों में बण्‍डा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत भारत उदय से ग्राम उदय योजनान्तर्गत काटे गए बी.पी.एल./खाद्यान्न सूची में से कितने हितग्राहियों के नाम ग्रामवार जोड़े गए हैं? (ख) क्या विधानसभा क्षेत्र बण्डा के प्रवास दिनांक 25/11/2017 को मान. मुख्यमंत्री म.प्र. शासन भोपाल द्वारा कलेक्टर महोदय सागर एवं संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों को शीघ्र अतिशीघ्र नाम जोड़े जाने हेतु घोषणा की गई थी। घोषणा दिनांक उपरांत विभाग द्वारा कितने नामों को जोड़ा गया है? ग्रामवार जानकारी दी जाए। (ग) क्या नाम जोड़े गए व्यक्तियों को खाद्यान्न एवं शासन योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। (घ) नाम काटे जाने के फलस्वरूप पुन: नाम जोड़े जाने हेतु कितनी आपत्तियां ग्रामवार प्राप्त हुई है और उनका निराकरण प्रश्न दिनांक तक क्यों नहीं किया गया है। सूची उपलब्ध कराई जाए।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) कुल 373 हितग्राहियों के नाम ग्रामवार जोड़े गये। जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र ' अनुसार है। (ख) जी हाँ। घोषणा दिनांक उपरान्त विभाग द्वारा 1489 हितग्राहियों के नाम जोड़े गये। ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र ' अनुसार है। (ग) जी नहीं। नाम जोड़े गये व्यक्तियों को शासकीय योजनाओं का लाभ पात्रतानुसार मिल रहा है। (घ) नाम काटे जाने के फलस्वरूप पुनः नाम जोड़े जाने हेतु कुल 3491 आपत्तियां ग्रामवार प्राप्त हुई है। 1862 पात्र हितग्राहियों के नाम पुनः जोड़े गये है तथा शेष 1629 हितग्राही अपात्र होने के कारण बी.पी.एल. सूची में उनका नाम नहीं जोड़ा गया। ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

खेल परिसर का निर्माण

[खेल और युवा कल्याण]

22. ( क्र. 346 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या खिलाड़ियों की खेल प्रतिभा उभारने के उद्देश्य से तहसील स्तर पर खेल परिसर बनाये जाने की योजना है? (ख) प्रश्नांश (क) का उत्तर हाँ तो प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत गंजबासौदा तहसील मुख्यालय या आस-पास खेल परिसर बनाने की योजना है या नहीं? यदि हाँ, तो कितनी लागत का प्रस्तावित है? यदि नहीं, तो क्यों?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी नहीं। (ख) उत्‍तारांश '''' के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

विधवा बहनों की पेंशन स्वीकृति में बी.पी.एल. का बंधन समाप्त करना

[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]

23. ( क्र. 347 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. स्थापना दिवस (1 नवम्बर 2018) के संदेश ( माननीय मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान) के पृष्ठ 6 के अंतिम पैरा में उल्लेखित है कि विधवा बहनों की पेंशन में बी.पी.एल. का बंधन समाप्त कर दिया है? (ख) यदि हाँ, तो विभाग द्वारा उक्त संबंध में अभी तक आदेश प्रसारित क्‍यों नहीं किये गये हैं, आदेश प्रसारित नहीं किये जाने का क्या कारण है? इसके लिए कौन उत्तरदायी है? (ग) उक्तानुसार कब तक आदेश प्रसारित किए जाने की संभावना है? तिथि बतावें।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। म.प्र. स्थापना दिवस (1 नवम्बर 2018) के संदेश का अभि प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। एवं (ग) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

आवासीय पट्टों का वितरण

[नगरीय विकास एवं आवास]

24. ( क्र. 364 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या शासकीय भूमि पर लंबे समय से काबिज लोगों को आवासीय पट्टा जारी किये जाने हेतु शासन द्वारा दिशा निर्देश जारी किये गये हैं? यदि हाँ, तो प्रति उपलब्‍ध करायें। (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में सर्वे कर हितग्राहियों को चिन्हित किया गया है? यदि हाँ, तो सागर विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत ऐसे कितने हितग्राहियों को चिन्हित किया गया है? वार्डवार बतायें। (ग) प्रश्‍नाधीन विधान सभा क्षेत्रांतर्गत चि‍न्हित हितग्राहियों को कब तक पट्टा जारी किया जायेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। विभाग द्वारा मध्यप्रदेश नगरीय क्षेत्रों के भूमिहीन व्यक्ति (पट्टाधृति अधिकारों का प्रदान किया जाना) अधिनियम, 1984 के अंतर्गत आवासीय भूमि के पट्टे दिये जाने के संबंध में दिनांक 10.07.2017 को जारी किये गये दिशा-निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशि‍ष्ट के प्रपत्र ''' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशि‍ष्ट के प्रपत्र ''' अनुसार है। (ग) एक माह में कार्यवाही पूर्ण कर ली जायेगी।

सागर नगर स्थित लाखा बंजारा झील की डिसिल्टिंग

[नगरीय विकास एवं आवास]

25. ( क्र. 366 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या सागर नगर स्थित लाखा बंजारा झील में आस-पास के क्षेत्रों से नालों के माध्‍यम से आने वाले गंदे पानी से झील का पानी भी गंदा एवं अनुपयोगी हो गया है, जिससे आस-पास के क्षेत्र में बदबू आने लगी है तथा यहां संचालित पर्यटन गतिविधियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है? (ख) क्‍या प्रश्‍नाधीन झील में लंबे समय से गाद जमा हो रही है, जिससे झील की जल संधारण क्षमता भी कम हुई है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में यदि हाँ, तो क्‍या शासन झील के पानी को उपयोगी एवं झील में जल भराव क्षमता में वृद्धि के लिए, झील की डिसिल्टिंग हेतु शासन के समक्ष कोई योजना विचाराधीन है? यदि हाँ, तो इसकी लागत राशि क्‍या है एवं इसे कब तक स्‍वीकृत कर दिया जायेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) सागर नगर स्थित लाखा बंजारा झील में आस-पास के क्षेत्रों में प्रदूषण की समस्या है। झील के पानी को उपयोगी बनाने के लिए सागर नगर की लाखा बंजारा झील को नालों में बह रहे जल के प्रदूषण से मुक्त करने के उद्देश्य से सागर शहर के सीवरेज परियोजना की स्वीकृति अमृत योजना के अंतर्गत दी गई है, जिसमें वर्तमान में निर्माण कार्य प्रगतिरत है। इस परियोजना के पूर्ण होने पर शहर के आवासीय क्षेत्रों के मल-जल नालों में नहीं जायेगा जिसके फलस्वरूप लाखा बंजारा झील इस प्रदूषण से मुक्त होगी। (ख) झील की जल संधारण क्षमता बढ़ाने के लिए झील के डिसिल्टिंग कार्य हेतु योजना तैयार की गई है। (ग) जहाँ तक झील की गाद हटाने के लिए डिसिल्टिंग का प्रश्न है, नगर निगम, सागर द्वारा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार कराया गया है एवं यह प्रतिवेदन परीक्षणाधीन है। अतः लागत बताया जाना संभव नहीं है। इस योजना के लिए वर्तमान में किसी प्रकार की राशि का प्रावधान उपलब्ध नहीं है, अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

वन रक्षकों को शासनादेश के पालन में ग्रेड-पे रु. 1900 का भुगतान

[वन]

26. ( क्र. 367 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 1584 दिनांक 30.11.2017 के उत्‍तर में बताया गया था कि वनरक्षकों को नियुक्ति दिनांक से ग्रेड-पे रुपये 1900/- दिये जाने के संबंध में प्रकरण विचाराधीन है। प्रकरण में, वित्‍त विभाग से अभिमत हेतु विचाराधीन है? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) के संदर्भ में वित्‍त विभाग द्वारा अभिमत दिया गया है? यदि हाँ, तो अभिमत की प्रति उपलब्‍ध करायें। इस संबंध में वन विभाग द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गयी है? (ग) शासनादेश के पालन में वन रक्षकों को कब तक ग्रेड-पे रु. 1900 स्‍वीकृत कर भुगतान किया जायेगा?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

वृक्षारोपण

[वन]

27. ( क्र. 388 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर जिले में दक्षिण एवं उत्‍तर वन मण्‍डल द्वारा वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में कहाँ-कहाँ वृक्षारोपण का कार्य किया गया? (ख) वृक्षारोपण कार्य हेतु विभाग को वर्षवार कब-कब कितना-कितना आवंटन प्राप्‍त हुआ? (ग) वृक्षारोपण कार्य में विभाग/मण्‍डल द्वारा कहाँ-कहाँ कितनी राशि से वृक्षारोपण कार्य में खर्च की गई? (घ) विभाग या मण्‍डल द्वारा जहां-जहां वृक्षारोपण कार्य किया गया था, कितने प्रतिशत वृक्षारोपण कार्य सफल हुआ या रहा?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) से (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

नवीन पंचायतों का गठन

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

28. ( क्र. 389 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन स्‍तर पर नई पंचायतों के गठन किए जाने का कोई प्रस्‍ताव/योजना विभाग में विचाराधीन या लंबित हैं? (ख) नरयावली विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत सागर एवं राहतगढ़ विकासखण्‍ड अंतर्गत ऐसी कितनी वृहद ग्राम पंचायतें है, जिनमें दो से अधिक ग्राम सम्मिलित हैं? (ग) क्‍या दो से अधिक ग्रामों की ग्राम पंचायतों का विभाग द्वारा विघटन कर नई पंचायत का गठन किया जावेगा? (घ) यदि हाँ, तो कब तक?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। (ख) नरयावली विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत सागर विकासखंड में 12 ग्राम पंचायतें एवं राहतगढ़ विकासखंड में 7 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जिनमें दो से अधिक ग्राम सम्मिलित है। (ग) जी नहीं। (घ) उत्तरांश '''' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न ही उत्पन्न नहीं होता है।

नवीन गर्ल्‍स कालेज प्रारम्‍भ कराना

[उच्च शिक्षा]

29. ( क्र. 437 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्‍योपुर जिला मुख्‍यालय पर नवीन गर्ल्‍स कॉलेज की मंजूरी वर्ष 2017-18 में शासन द्वारा केबिनेट की बैठक में दी गई है तत्‍पश्‍चात् आगामी शिक्षा सत्र से इसे प्रारंभ कराने हेतु 48 शैक्षणिक व 25 अशैक्षणिक पद भी स्‍वीकृत कर दिये गये हैं? (ख) क्‍या उक्‍त नवीन गर्ल्‍स कॉलेज हेतु नवीन निर्माणाधीन भवन का कार्य भी आगामी शिक्षा सत्र प्रारंभ होने से पूर्व ही निश्चित रूप से पूर्ण हो जावेगा? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या शासन जिले की छात्राओं के शैक्षणिक हित के मद्देनजर श्‍योपुर में निश्चित रूप से नवीन गर्ल्‍स कॉलेज आगामी शिक्षा सत्र से प्रारंभ करने हेतु वर्ष 2018-19 के वार्षिक बजट में इस हेतु आवश्‍यक धनराशि का प्रावधान करवाएगा व इसे प्रारंभ करवाएगा, यदि नहीं, तो क्‍यों?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। (ख) निर्माण एजेंसी लोक निर्माण विभाग (पी.आई.यू.) श्योपुर द्वारा महाविद्यालय भवन निर्माण कार्य पूर्ण कराने की तिथि 06.06.2018 निर्धारित की है। (ग) वर्तमान सत्र में महाविद्यालय में प्रवेश नहीं हुए है। वर्ष 2018-19 में महाविद्यालय संचालन हेतु बजट प्रावधान विभाग के नियमित बजट अंतर्गत किया जाएगा।

ढोढर में नवीन महाविद्यालय प्रारंभ कराना

[उच्च शिक्षा]

30. ( क्र. 438 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मान. मुख्‍यमंत्री जी ने दिनांक 25.06.2017 को श्‍योपुर जिले के ग्राम ढोढर प्रवास के दौरान ग्राम ढोढर में ही नवीन महाविद्यालय स्‍वीकृत कर आगामी शिक्षा सत्र से इसे प्रारंभ कराने की घोषणा के अनुक्रम में अता.प्र. क्रमांक 610- 7-12-17 के उत्‍तरांश (ख) के तारतम्‍य में परियोजना परीक्षण समिति के समक्ष प्रस्‍ताव कब रखा गया? (ख) महाविद्यालय खोलने के संबंध में प्रकरण की अद्यतन स्थिति क्‍या है? कब तक महाविद्यालय प्रारंभ हो सकेगा?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा क्रमांक बी. 3570 के अनुसार ग्राम पंचायत ढोढर में शासकीय महाविद्यालय खोले जाने के निर्देश है। स्वीकृति हेतु प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है एवं परियोजना परीक्षण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाना है। (ख) उत्‍तरांश '' अनुसार। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

संलग्‍नीकरण समाप्‍त करने एवं जिम्‍मेवारों पर कार्यवाही

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

31. ( क्र. 487 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विकास आयुक्‍त कार्यालय के पत्र क्रमांक 4939 दिनांक 28.07.2017 के द्वारा रोजगार गारंटी परिषद् के आधीन प्रतिनियुक्‍त के अधीन पदस्‍थ संलग्‍न तालिका अनुसार अभियंताओं को उनके मूल विभाग में वापस करने के अधीन आदेश जारी किये गये,‍ जिस सूची पर जनपद पंचायत रीवा में प्रतिनियुक्ति/संलग्‍नीकरण पर मत्‍स्‍य पालन विभाग के उपयंत्री का नाम क्‍यों नहीं था? क्‍या इनके प्रतिनियुक्ति की जानकारी पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को नहीं थी? क्‍या इनके आदेश नियम विरूद्ध तरीके से जिला पंचायत एवं ग्रामीण यांत्रिकी विभाग के मिलीभगत से नियम विरूद्ध नहीं किए गये क्‍यों? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आदेश क्रमांक 4098 दिनांक 31.08.2017 के बिन्‍दु छ: के अनुसार जनपद पंचायतों में तालिका अनुसार अधिक पदस्‍थ उपयंत्रियों की जानकारी चाही गयी थी,‍ जिसमें श्री प्रेमलाल गर्ग उपयंत्री मत्‍स्‍य पालन विभाग की नहीं दी गयी, बल्कि इनका संलग्‍नीकरण कर मनरेगा के सहायक यंत्री का कार्य जनपद पंचायत रीवा में लिया जा रहा क्‍यों? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के तारतम्‍य में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के पत्र क्रमांक 4100 दिनांक 31.08.2017 द्वारा जनपद पंचायत रीवा में एक सहायक यंत्री मनरेगा का पद स्‍वीकृत किया गया, जिस पर पूर्व से एक सहायक यंत्री पदस्‍थ थे,‍ फिर भी श्री गर्ग का बगैर स्‍वीकृत पद संलग्‍नीकरण कर कार्य लिया जा रहा क्‍यों? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर कार्यवाही बावत् प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा विकास आयुक्‍त पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को दिनांक 07.12.2017 को पत्र लिखा गया, जिसमें संलग्‍नीकरण समाप्‍त कर नियम विरूद्ध आदेश जारी करने वालों पर कार्यवाही का उल्‍लेख किया था, लेकिन कार्यवाही लम्बित है, क्‍यों? (ड.) प्रश्नांश (क), (ख), (ग) एवं (घ) अनुसार मनमानी नियम विरूद्ध आदेश जारी करने वालों पर क्‍या कार्यवाही करेंगे? साथ ही श्री गर्ग के संलग्‍नीकरण/प्रतिनियुक्ति समाप्‍त करने के आदेश जारी करेंगे? तो कब तक अगर नहीं तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी उत्‍तरांश ' अनुसार है। (घ) प्रश्‍नकर्ता माननीय विधायक द्वारा विकास आयुक्‍त को दिनांक 07.12.2017 को पत्र लिखकर प्रतिनियुक्ति/संलग्‍नीकरण समाप्‍त करने का लेख किया गया था। प्रश्‍नांश की शेष जानकारी उत्‍तरांश ' अनुसार है। (ड.) श्री पी.एल. गर्ग उपयंत्री की सेवाएं उनके मूल विभाग को वापिस की जाने से शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

खनिज जाँच दल

[खनिज साधन]

32. ( क्र. 523 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कार्यालय संचालक भौमिकी तथा खनिकर्म म.प्र. भोपाल के पत्र क्रमांक 11014 दिनांक 01.07.2016 को छतरपुर जिले की चंदला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत रेत के अवैध उत्‍खनन, खेतों के उजड़ने एवं ओवर लोड वाहनों से सड़कों के क्षतिग्रस्‍त होने हेतु जाँचदल गठित किया गया था? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार यदि हाँ, तो जाँच दल के अधिकारियों ने किन-किन दिनांकों में किन-किन स्‍थानों में क्‍या-क्‍या जाँच की गयी? जाँच प्रतिवेदन एवं पंचनामा की सूची उपलब्‍ध करावें। (ग) क्‍या यह भी सही है कि गठित दल को 15 दिवस के अंदर जाँच कर तथ्‍यात्‍मक प्रतिवेदन प्रस्‍तुत करने के आदेश दिये गये थे? (घ) यदि हाँ, तो जाँच में कौन-कौन खनिज माफिया तथा अधिकारी/कर्मचारी दोषी पाये गये और उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो कब तक की जावेगी?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। (ख) जाँच दल के अधिकारियों द्वारा दिनांक 29.07.2016 को ग्राम पड़वार, बरूआ, परेई, मवईघाट, फत्‍तेपुर, रामपुर, कंदेला, कुरधना, तहसील गौरिहार एवं ग्राम बगहारी, हर्रई, तहसील चंदला में जाँच की गई। जाँच प्रतिवेदन एवं पंचनामा पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट पर दर्शित है। (ग) जी हाँ। (घ) जाँच में अवैध उत्‍खनन/परिवहन नहीं पाया गया है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अवैध उत्‍खनन

[खनिज साधन]

33. ( क्र. 537 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश स्‍टेट माइनिंग कार्पोरेशन भोपाल द्वारा अपने पत्र क्रमांक/रेत-2/W.O./SMC 0189/2017-18/217 दिनांक 09.06.2017 से श्री मुरली कंस्‍ट्रक्‍शन-27 ज्‍योति नगर काटीपुर जिला ग्‍वालियर को खमरौली-ए की खसरा नम्‍बर 825 रकबा 15.800 हेक्‍टर में रेत उत्‍खनन की समस्‍त वैधानिक अनुज्ञप्ति प्राप्‍त होकर कार्य आदेश जारी किए गए हैं? क्‍या उक्‍त ठेकेदार को 94800 धन मीटर रेत उत्‍खनन की पात्रता होगी? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या प्रश्‍नांकित फर्म का खसरा नंबर 285 में रेत उत्‍खनन की अनुमति दी गई है किन्‍तु उक्‍त खसरे से रेत का उत्‍खनन न कर शासकीय वेण्‍डर नम्‍बर 97108 ग्राम अतरैटा की अराजी क्रमांक 31, 34, 94 के रकबा 34-54 हेक्‍टर तथा ग्राम बुढैरा से लगभग 50,000 धन मीटर रेत का अवैध उत्‍खनन किया जा चुका है? (ग) प्रश्नांश (ख) के उल्‍लेखित अवैध उत्‍खनन की जाँच क्‍या अधीक्षक भू-अभिलेख दतिया, नायब तहसीलदार बडौनी, तहसीलदार दतिया द्वारा की जाकर जाँच प्रतिवेदन अपर कलेक्‍टर दतिया को तहसीलदार ने अपने पत्र क्रमांक क्‍यू/विविध/तह.द./2017 दिनांक 07.12.2017 दिया है जिसके बिन्‍दु क्रमांक 2 में स्‍पष्‍ट उल्‍लेखित है कि स्‍वीकृत खदान खसरा नंबर 825 में नदी बह रही है। संपूर्ण उत्‍खनन सर्वे नं. 31 स्थित ग्राम बुडेराए एवं अन्‍य सर्वे क्रमांकों पर पाया गया है एवं बिन्‍दु क्रमांक 3 में उत्‍खनित क्षेत्र एवं खनिज की मात्रा काफी विस्‍तृत है? एक दिन में नाप संभव नहीं है पृथक से दल बनाया जाय, क्‍या ऐसा जाँच प्रतिवेदन में प्रतिवेदित है? (घ) प्रश्नांश (क), (ख), (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या फर्म श्री मुरली कंस्‍ट्रक्‍शन द्वारा किए गए भारी मात्रा में अवैध उत्‍खनन यहाँ तक कि किसानों के खेतों एवं अन्‍य शासकीय रकबों में भी किया गया है एवं जबरजस्‍ती पहुँच मार्ग भी बनाए गए हैं जिसकी शिकायत दिनांक 16.11.2017, 21.11.2017 को मुख्‍य सचिव एवं दिनांक 21.11.2017 को मुख्‍यमंत्री जी को की गई है? (ड.) प्रश्नांश (क), (ख), (घ) के परिप्रेक्ष्‍य में यदि हाँ, तो क्‍या उच्‍च स्‍तरीय जाँच दल गठित कर अवैध उत्‍खनन का आंकलन 20 गुना जुर्माना सहित रायल्‍टी की वसूली की जाकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक बताएं?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। खसरा क्रमांक 285 पर रेत उत्‍खनन की कोई अनुमति नहीं दी गई है और न ही प्रश्‍न में उल्‍लेखित ग्रामों में रेत का अवैध खनन किया गया है। (ग) जी हाँ। (घ) जी हाँ। मुख्‍य सचिव कार्यालय में की गई शिकायतें विभाग को प्राप्‍त हुई हैं। (ड.) प्रश्‍नांश (घ) में उल्‍लेखित शिकायतों पर जाँच कर प्रतिवेदन उपलब्‍ध कराने हेतु संचालक, भौमिकी तथा खनिकर्म द्वारा कलेक्‍टर, दतिया को पत्र दिनांक 07.02.2018 को लेख किया गया है। वर्तमान में उच्‍च स्‍तरीय जाँच दल गठित करने की आवश्‍यकता नहीं है। जाँच प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर तथ्‍यों के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही किया जाना संभव हो सकेगा। अत: वर्तमान में इसकी समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

नगर परिषद् माण्डव के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

34. ( क्र. 557 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगर परिषद् माण्डव में वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में कितने दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी/मस्टरकर्मी कार्यरत रहे हैं? उक्त कर्मचारी परिषद् में कब से कब तक कार्यरत रहे हैं? कर्मचारीवार जानकारी उपलब्ध करावें? (ख) पिछली परिषद् द्वारा नियुक्त कितने दैनिक वेतन भोगी/मस्टरकर्मीयों को वर्तमान परिषद् द्वारा हटाया गया है तथा कितने नवीन मस्टरकर्मियों को लगाया गया है? उक्त कार्यवाही किस नियम के तहत की गई है? (ग) हटाये गये एवं नवीन लगाये गये मस्टरकर्मियों की जानकारी एवं मस्टरकर्मियों को हटाने व लगाने के अधिकारों संबंधी स्पष्ट दिशा-निर्देश बतावें व निर्देशों की प्रति उपलब्ध करावें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) नगर परिषद् माण्डव जिला धार में वर्ष 2015-16 में 40 तथा वर्ष 2016-17 में 34 कुल 74 दैनिक वेतन भोगी/मस्टरकर्मी कर्मचारी रखे गये हैं। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) नगर परिषद् माण्डव की पिछली परिषद् में रखें गये दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों में से 19 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों द्वारा स्वेच्छा से कार्य छोड़ दिया गया है। वर्तमान परिषद् के कार्यकाल में 18 नवीन दैनिक वेतन भोगी/मस्टर कर्मचारी रखे गये है। निकाय में कार्य की आवश्यकता को दृष्टिगत उक्त मस्टरकर्मी रखे गये है। (ग) नगर परिषद् माण्डव जिला धार की पिछली परिषद् में नियुक्त दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों में से 19 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों द्वारा वर्ष 2017 में स्वैच्छिक रूप से कार्य छोड़ दिया गया है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। वर्तमान परिषद् के कार्यकाल में 18 कर्मचारी दैनिक वेतन भोगी के रूप में लगाये गये है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। दैनिक वेतन भोगी/मस्टर कर्मचारियों की सेवाओं के संबंध में म.प्र. शासन, सामान्य प्रशासन विभाग भोपाल द्वारा अपने ज्ञापन क्रमांक सी 5-1-2013-1-3 दिनांक 03.05.2017 से निर्देश जारी किए गये हैं, जिसमें हटाने का प्रावधान किया गया है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व नेशनल पार्क में बाघों की असामान्य मृत्यु की जाँच

[वन]

35. ( क्र. 567 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विषयांकित नेशनल पार्क में सन् 2010 से 2018 के मध्य कितने बाघों एवं उनके शावकों की मृत्यु हुई है वर्षवार जन्म एवं मृत्यु का विवरण उपलब्ध करावें। क्या कारण है कि इतनी अधिक संख्या में बाघों की मृत्यु की खबरें लगातार समाचार पत्रों में प्रकाशित होने के बाद भी संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही प्रस्तावित नहीं की गई? (ख) उक्त गंभीर लापरवाही में लिप्त क्षेत्र संचालक के विरुद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? राज्य शासन के द्वारा उक्त घटनाओं में अंकुश लगाने संबंधी क्या कार्यवाही की जा रही है? समय-सीमा बतायें।

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) वन क्षेत्र में वन्यजीवों के जन्म का अभिलेख नहीं रखा जाता। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, उमरिया में वर्ष 2010 से 2018 तक 31 बाघों एवं बाघ शावकों की मृत्यु हुई है, जिसका विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। अधिकांश प्रकरणों में प्राकृतिक मृत्यु हुई है। जहां क्षेत्रीय अमले की लापरवाही दृष्टिगोचर हुई वहां जिम्मेदारी का निर्धारण किया गया है। मृत बाघों के संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध की गई कार्यवाही का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ख) क्षेत्र संचालक स्तर से कोई लापरवाही नहीं पायी गयी है, अतः उनके विरूद्ध कार्रवाई किये जाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। बाघों के मृत्यु के अधिकांश प्रकरण प्राकृतिक, दो बाघों के बीच लड़ाई, बीमारी आदि से संबंधित है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, उमरिया के अन्तर्गत कोर/बफर में वन्यप्राणियों की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए वन अधिकारियों/कर्मचारियों/स्थाईकर्मी/ई.डी.सी.सुरक्षा श्रमिकों द्वारा रात्रि एवं दिन में गश्ती कर वन क्षेत्र से गुजरने वाली विद्युत लाइनों की चेकिंग, वाटरहोल चेकिंग, बैरियर से निकलने वाहनों की चेकिंग आदि नियमित रूप से की जा रही है। इसके अतिरिक्त क्षेत्र में मानसूनी गश्ती कार्य एवं जगह-जगह पेट्रोलिंग कैम्प बनाकर गश्ती की जा रही है, जिससे टाइगर रिजर्व क्षेत्र में वन्यप्राणी अपराधों पर अंकुश लगा है।

बांधवगढ़ नेशनल पार्क भ्रमण हेतु विधानसभा सदस्यों को दी जाने वाली विशेष सुविधाएं

[वन]

36. ( क्र. 568 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बांधवगढ़ नेशनल पार्क भ्रमण हेतु माननीय विधानसभा सदस्यों हेतु क्या-क्या सुविधाएं दिए जाने का प्रावधान किया गया है? बांधवगढ़ पार्क भ्रमण हेतु कितने प्रवेश द्वार सुनिश्चित किये गये हैं तथा प्रत्येक द्वार में कितने वाहनों को प्रवेश दिये जाने का प्रावधान है? (ख) क्या विधानसभा सदस्यों/संसद सदस्यों को बांधवगढ़ नेशनल पार्क में निःशुल्क प्रवेश की व्यवस्था प्रदाय की जाती है अथवा नहीं? यदि नहीं, तो प्रशासनिक अधिकारियों को निःशुल्क प्रवेश किस प्रावधान के तहत प्रदाय किया जा रहा है? (ग) बांधवगढ़ नेशनल पार्क में प्रवेश हेतु कितने व्यक्तियों की सीमा निर्धारित की गई है? भीड़ के समय प्रवेश हेतु विधानसभा सदस्यों/संसद सदस्यों/प्रशासनिक अधिकारियों हेतु क्या प्राथमिकताएं निर्धारित की गई हैं?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) बांधवगढ़ नेशनल पार्क भ्रमण हेतु माननीय विधान सभा सदस्‍यों हेतु पृथक से सुविधा दिये जाने का कोई प्रावधान नहीं है। बांधवगढ़ नेशनल पार्क भ्रमण हेतु तीन प्रवेश द्वार कोर क्षेत्र हेतु सुनिश्चित किये गये हैं। तीनों द्वार से प्रवेश करने वाले पर्यटक वाहनों की संख्‍या तालिकानुसार है :-

क्रमांक

प्रवेश द्वार

वाहन संख्‍या

सुबह

शाम

(1)

(2)

(3)

(4)

1

ताला

20 वाहन

20 वाहन

2

मगधी

20 वाहन

20 वाहन

3

खितौली

16 वाहन

15 वाहन

(ख) जी नहीं। मध्‍यप्रदेश शासन वन विभाग के आदेश क्रमांक/एफ-14-82/1988/10-2, दिनांक 14.02.2012 के द्वारा वन विभाग के सेवारत तथा सेवानिवृत्‍त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सहपरिवार नि:शुल्‍क भ्रमण करने की पात्रता प्रदान की गई है। अन्‍य किन्‍हीं प्रशासनिक अधिकारियों को पर्यटन हेतु नि:शुल्‍क प्रवेश की पात्रता नहीं है। (ग) बांधवगढ़ नेशनल पार्क में प्रवेश हेतु व्‍यक्तियों की संख्‍या निर्धारित नहीं की गयी है अपितु पर्यटकों हेतु सुबह एवं शाम प्रत्‍येक द्वार से उपरोक्‍तानुसार संख्‍या में कुल 111 वाहन के लिये पर्यटक अनुज्ञा पत्र दिये जाने की सीमा निर्धारित की गई है। उक्‍त अनुज्ञा पत्रों में से 80 अनुज्ञा पत्र ऑनलाइन बुकिंग के माध्‍यम से 10 प्रतिशत अनुज्ञा पत्र गेट पर ऑफलाइन बुकिंग के माध्‍यम से तथा शेष 10 प्रतिशत अनुज्ञा पत्र क्षेत्र संचालक कोटा के अंतर्गत जारी किये जाते हैं। गणमान्‍य व्‍यक्तियों, जिनमें माननीय विधायक एवं माननीय सांसद भी सम्मिलित हैं, के द्वारा इस व्‍यवस्‍था का उपयोग किया जा सकता है एवं किया भी जाता है। स्‍वाभाविक है कि क्षेत्र संचालक द्वारा उनके विवेकाधीन 10 प्रतिशत कोटा के अंतर्गत प्राथमिकता का निर्धारण तात्‍कालिक स्‍थानीय परिस्थिति के अनुरूप किया जाता है।

गौण खनिज से प्राप्‍त धनराशि से विकास कार्य

[खनिज साधन]

37. ( क्र. 637 ) श्री कैलाश चावला : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2017-18 में नीमच जिले में गौण खनिज से प्राप्‍त कितनी धनराशि विकास कार्य हेतु उपलब्‍ध है? (ख) उक्‍त राशि में से नीमच जिले के जनप्रतिनिधियों के प्रस्‍ताव कलेक्‍टर नीमच द्वारा बुलवाकर प्रभारी मंत्री जी के अनुमोदन के बाद स्‍वीकृति हेतु शासन को किस दिनांक को भेजे गए? (ग) प्रस्‍ताव वित्‍त विभाग को स्‍वीकृति हेतु किस दिनांक को प्राप्‍त हुए? प्रश्‍न दिनांक तक वित्‍त विभाग द्वारा उक्‍त प्रस्‍तावों को स्‍वीकृति न दिए जाने के क्‍या कारण है? (घ) इन प्रस्‍तावों को कब तक स्‍वीकृति दे दी जावेगी?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) गौण खनिज मद अंतर्गत वित्‍त विभाग के माध्‍यम से पंचायत विभाग को बजटीय व्‍यवस्‍था के अंतर्गत आवंटन प्राप्‍त होता है। जिसे जनपद पंचायतों को ग्राम पंचायत सचिवों तथा पंचायत पदाधिकारियों के वेतन भत्‍तों तथा मानदेय की प्रतिपूर्ति हेतु जारी किया जाता है। अत: प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्नांश (क) में दिये उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नांश (क) में दिये उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नांश (क) में दिये उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

लोक सेवा केन्‍द्र पर प्रतिलिपि शुल्‍क की वसूली

[लोक सेवा प्रबन्धन]

38. ( क्र. 638 ) श्री कैलाश चावला : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नीमच जिले के विभिन्‍न लोक सेवा केन्‍द्र पर हितग्राहियों से प्रतिलिपि प्राप्‍त करने हेतु 40 रुपए प्रति पेज शुल्‍क लिया जा रहा है, जिसे संशोधित कर 50 रुपए प्रति प्रकरण किया गया है? (ख) क्‍या सिविल न्‍यायालय से प्रतिलिपि प्राप्‍त करने हेतु प्रति पेज चार रुपए ही लिए जाते हैं? (ग) क्‍या उक्‍त संशोधन से 12 पेज की नकल लेने पर भी हितग्राही को 50 रुपए देने होगें, जो अत्‍यधिक माना जावेगा? (घ) यदि हाँ, तो क्‍या इस विसंगति को हल करने हेतु सिविल न्‍यायालय की दरों के अनुरुप ही चार रुपए प्रति पेज दर निर्धारित करने पर विचार किया जावेगा।

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी नहीं। नीमच जिले के विभिन्‍न लोक सेवा केन्‍द्रों पर हितग्राहियों से प्रतिलिपि प्राप्‍त करने हेतु विभिन्‍न विभागों के सेवा प्रतिलिपि शुल्‍क भिन्‍न-भिन्‍न है, जो कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत जारी परिपत्र के अनुसार लिये जाते है। ऐसी सेवाओं के परिपत्र पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। प्रतिलिपि शुल्‍क संशोधित कर 50/- रूपये प्रति प्रकरण किये जाने संबंधी कोई आदेश नहीं है। (ख) सिविल न्‍यायालय से प्रतिलिपि प्राप्‍त करने हेतु साधारण 2/- (दो रूपये) प्रति पेज एवं शीघ्र प्राप्‍त करने हेतु 4/- (चार रूपये) प्रति पेज लिये जाते है। (ग) जी नहीं। ऐसा कोई संशोधन प्रभावशील नहीं किया गया है। अत: प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नर्मदा सेवा यात्रा पर व्‍यय

[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]

39. ( क्र. 651 ) श्री रामपाल सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा नर्मदा सेवा यात्रा निकाल कर नर्मदा नदी को स्‍वच्‍छ बनाने की घोषणाएं की गई हैं। (ख) यदि हाँ, तो नर्मदा सेवा यात्रा में शासन की कितनी राशि व्‍यय की गई है और किस-किस विभाग से सेवा यात्रा के लिये कितनी-कितनी राशि जिलेवार व्‍यय की गई है एवं व्‍यय राशि का उपयोग किस-किस कार्य के लिये किया गया है। (ग) नर्मदा सेवा यात्रा उपरांत नर्मदा नदी के विकास हेतु कितने कार्य कराये गये हैं और कितने कार्य प्रस्‍तावित हैं? प्रत्‍येक कार्य की लागत राशि, कार्य की भौतिक स्थिति कार्यवार अवगत कराया जावे।

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) नर्मदा सेवा यात्रा में जिलेवार एवं मदवार व्यय की गई राशि का विवरण विभागवार पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1,2,3,4,5,6 एवं 7 अनुसार है। (ग) उद्यानिकी खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा नर्मदा सेवा यात्रा के उपरान्त नर्मदा तट एवं बेसिन क्षेत्र में 50.00 लाख फलदार पौधों के रोपण के लक्ष्य के विरूद्ध वर्तमान तक 24 जिलों में 42.89 लाख फलदार पौधों का रोपण किया गया है। कार्य की लागत राशि एवं भौतिक स्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-8 अनुसार है।

कलेक्‍टर के बनाये जाँच दल द्वारा कार्यवाही

[खनिज साधन]

40. ( क्र. 763 ) श्री अजय सिंह : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कार्यालय कलेक्‍टर (खनिज शाखा) जिला सतना के पत्र क्रमांक 3265/खनिज/2017 सतना दिनांक 8.11.2017 से जो छह (6) सदस्‍यीय संयुक्‍त जाँच दल बनाया गया था, उसके द्वारा गठन दिनांक से प्रश्‍नतिथि तक तहसील रघुराजनगर के ग्राम रामस्‍थान में किन-किन दिनांकों को, किन-किन स्‍थानों पर जाकर अवैध उत्‍खनन/ई टी पी सिस्‍टम के उल्‍लंघन की जाँच/ओवरलोडिंग की जाँच की गयी? अगर जाँच करने कोई भी दल/अधिकारी प्रश्‍नतिथि तक नहीं गया तो उसके विरूद्ध कलेक्‍टर सतना ने लिखित में कब व क्‍या कार्यवाही किन आदेश क्रमांकों एवं दिनांकों से की? एक प्रतिलिपि उपलब्‍ध करायें? (ख) प्रश्‍न क्र. 88 (क्र.1338) दिनांक 30.11.2017 सत्र नवम्‍बर 2017 में (क) से (घ) तक माना है कि जाँच दल गठित कर उसके प्रतिवेदन पर कार्यवाही की जायेगी तो जाँच दल की रिपोर्ट प्रश्‍नतिथि तक क्‍या है? एक प्रति उपलब्‍ध करायें। (ग) क्‍या दिनांक 04.07.17 से 07.07.17 तक रामस्‍थान से पी.सी.एल. तक ओव्‍हर लोडिंग माल परिवहन करने की सूचना के आधार पर चौकी प्रभारी बाबूपुर ने कंपनी से प्राप्‍त ई.टी.पी. पर्ची प्राप्‍त की जिसके आधार पर कार्या. अति. क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सतना ने अपने पत्र क्र. 959 से 980/अति.क्षे. परि. अधि./75 सतना दिनांक 30.11.17 से 22 लोगों को नोटिस जारी भी किया है? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) में उल्लेखित दस्‍तावेजों जो कि कलेक्‍टर सतना/ए.आर.टी.ओ./चौकी प्रभारी बाबूपुर ने उपलब्‍ध कराये हैं में क्‍या यह प्रमाणित नहीं होता है कि गत दस वर्षों से ओव्‍हर लोडिंग खुलेआम की जा रही है? शासन उक्‍त प्रकरण में क्‍या कार्यवाही करेगा? बिन्‍दुवार विवरण दें।

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। प्रश्‍नानुसार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ पर दर्शित है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जाँच दल की रिपोर्ट पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब पर दर्शित है। (ग) जी हाँ। (घ) जी नहीं। जिले में समय-समय पर जाँच के दौरान क्षमता से अधिक भार लेकर चलते वाहनों में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी द्वारा शमन शुल्‍क रूपये 1,57,800/- वसूल किया गया है। अत: शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

कलेक्‍टर के आदेश के बाद आयुक्‍त नगर पालिक निगम द्वारा कार्यवाही न करना

[नगरीय विकास एवं आवास]

41. ( क्र. 764 ) श्री अजय सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या आयुक्‍त नगर पालिक निगम सतना को कलेक्‍टर एवं जिला दंडाधिकारी द्वारा प्रकरण क्र. 156/अ-74/2015-16 आदेश दिनांक 09.02.2017 से आदेश की प्रतिलिपि भेजी है जिसमें उल्‍लेख है कि 40946 वर्गफुट पर निर्मित कालोनी में नगर पालिक निगम के द्वारा नक्‍शे के विपरीत कराये गये कार्यों पर कार्यवाही किया जाना था? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित कलेक्‍टर के आदेश में 40946 वर्गफुट में निर्मित कॉलोनी का उल्लेख है? नगर पालिक निगम ने उक्‍त आराजी क्र. 95/4/1/3, आ. नं. 95/3/3/2, आ. नं. 95/4/3/3/2, आ. नं. 95/4/2, आं. नं.2/1/, आ.नं. 94/2/2, 95/1/2/2, आ. नं. 94/1/2/2, आ. नं. 95/1/2/6 के कुल कितने रकबे पर पूरी कालेनी का नक्‍शा कब-कब पास (स्‍वीकृत) किया? स्‍वीकृत सभी नक्‍शों की एक स्‍वच्‍छ प्रति दें? क्‍या 26456 वर्गफुट भूमि का नक्‍शा स्‍वीकृत हुआ था? (ग) क्‍या उक्‍त कालोनी में नगर पालिक निगम एवं टी एण्‍ड सी.पी. से स्‍वीकृत नक्‍शे के विपरीत गर्ल्‍स हॉस्‍टल, अवैध भवन, कई मकान, बॉयज हॉस्‍टल बना दिये गये? पार्किंग व्‍यवस्‍था नहीं है? रेन वाटर हार्वेस्टिंग नहीं है? पार्क गायब हैं? क्‍या आयुक्‍त नगर पालिक निगम स्‍थल का निरीक्षण भौतिक रूप से कर उक्‍त अवैधनिक रूप से निर्मित कॉलोनी पर कार्यवाही करेंगे? (घ) क्‍या माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर के द्वारा रिट पिटीशन क्र. 3413/2017 में आयुक्‍त नगर पालिक निगम सतना को अपनी रिपोर्ट 19.03.2016 को सौंपे जाने के आदेश दिये हैं? क्‍या उक्‍त रिपोर्ट तय शुदा समय पर सौंपी जायेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी नहीं। कलेक्‍टर एवं जिला दण्‍डाधिकारी सतना द्वारा प्रकरण क्र. 156/अ-74/2015-16 आदेश दिनांक 09.02.2017 में उल्‍लेखानुसार संयुक्‍त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश सतना को अनावेदक के विरूद्ध विधिसंगत अभियोजन की कार्यवाही करनी थी। (ख) जी हाँ। जी नहीं, अपितु नगर पालिक निगम, सतना द्वारा मात्र आराजी क्र. 95/4/1/3, 00 95/3/3/2, 00 95/4/3/3/2, 00 95/4/2, 00 02/1/, कुल रकबा 40946 वर्गफुट पर कॉलोनी विकास एवं भवन अनुज्ञा की अनुमति दिनांक 14.10.2003 को जारी की गई। स्‍वीकृत नक्‍शे की स्‍वच्‍छ प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। जी नहीं। (ग) प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित तथ्‍यों की विधिवत जाँच कराई जाकर जाँच के निष्‍कर्षों के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। (घ) जी नहीं। माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर द्वारा रिट पिटीशन क्र. 3413/17 में आयुक्‍त नगर पालिक निगम, सतना को अपनी रिपोर्ट पारित आदेश दिनांक 09.01.2018 से 03 माह के अन्‍दर पेश करने के आदेश दिये गये है। जी हाँ।

प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

42. ( क्र. 877 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधान सभा-47 की जनपद पंचायत बल्‍देवगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत समूचे विकासखण्‍ड बल्‍देवगढ़ में अनियमितता कर पात्र हितग्राहियों से अवैध राशि की वसूली की गई है जिसकी मॉनीटिरिंग देख-रेख करने वाले सक्षम अधिकारी भी भ्रष्‍टाचार के हिस्‍सेदार बन कर कार्य कर रहे हैं? (ख) क्‍या विकासखण्‍ड बल्‍देवगढ़ कि ग्राम पंचायत पिपरा (विलाई) में पात्र हितग्राही रमका तनय कैंचुआ अहिरवार के नाम से प्रधानमंत्री आवास नरेगा जॉब कार्ड एम.पी.-07-005-031-002/246 स्‍वीकृत होकर जीरो पर टेग हो गई थी। परंतु रमुआ तनय कैंचुआ का प्रधानमंत्री आवास निर्माण नहीं करते हुये राजकुमार तनय करंजुआ अहिरवार का प्रधानमंत्री आवास निर्माण कर दिया गया है? जबकि राजकुमार तनय करंजुआ अहिरवार का नाम स्‍वीकृत सूची में नहीं है और स्‍वीकृत सूची में नाम नहीं होने के बावजूद भी किस सक्षम अधिकारी के द्वारा राजकुमार तनय करंजुआ का प्रधानमंत्री आवास निर्माण कराया गया था? किस सक्षम अधिकारी के द्वारा उसके खाते में राशि डाली गई? क्‍या इस तरह के फर्जी प्रकरण की जाँच करायेंगे? यदि हाँ, तो समयावधि बताये यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या पात्र हितग्राही रमका तनय कैंचुआ के नाम से स्‍वीकृत प्रधानमंत्री आवास दूसरे के नाम से बनाये जाने का शासन द्वारा कोई नियमावली तैयार की गई है? उससे अवगत कराये तथा इस प्रकार का कृत्‍य करने वाले अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक समयावधि बतायें यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें। (घ) क्‍या ग्राम पंचायत पिपरा (विलाई) में पात्र हितग्राहियों के नाम स्‍वीकृत प्रधानमंत्री आवास की सम्‍पूर्ण जानकारी से अवगत कराये?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। (ख) विकासखण्ड बल्लेदवगढ़ की ग्राम पंचायत पिपरा (बिलाई) में पात्र हितग्राही रमका तनय कैंचुआ अहिरवार (आ.ई.डी.एम.पी. 2687947) की आ.ई.डी. पर राजकुमार तनय करंजुआ अहिरवार का बैंक खाता फीड कर आवास निर्माण की राशि तथा मजदूरी की राशि जारी की गई। उक्त कृत्य के लिए दोषी कर्मचारी श्री कमलेश यादव, ग्राम रोजगार सहायक पिपरा बिलाई की संविदा सेवा समाप्त की जाकर वसूली की कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) जी नहीं। अनियमितता किये जाने के कारण ग्राम रोजागर सहायक की संविदा सेवा समाप्त की गई तथा वसूली की कार्यवाही प्रचलन में है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

ऑउटडोर स्‍टेडियम का निर्माण

[खेल और युवा कल्याण]

43. ( क्र. 1021 ) श्री अशोक रोहाणी : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश शासन ने खेलों को बढ़ावा देने व खेल गतिविधियों को आयोजित करने हेतु सर्वसुविधा संपन्‍न खेल परिसरों का निर्माण कराने हेतु क्‍या नीति बनाई हैं? (ख) विधान सभा क्षेत्र केंट जबलपुर के तहत कहाँ-कहाँ पर कौन-कौन से खेल परिसर ऑउटडोर इनडोर स्‍टेडियम हैं? इनमें किन-किन खेलों से संबंधित खिलाडियों के लिये कौन-कौन सी सुविधाएं, संसाधन और क्‍या व्‍यवस्‍थाएं हैं? संभाग व राज्‍य स्‍तरीय कौन-कौन सी खेल गतिविधियां आयोजित करने की क्‍या सुविधाएं हैं? (ग) प्रश्नांश (ख) में स्थित कौन-कौन से ऑउटडोर इनडोर स्‍टेडियम बदहाल व खराब स्थित में है एवं क्‍यों? इनकी उचित देखभाल सुरक्षा रख-रखाव मरम्‍मत न कराने का क्‍या कारण है? इनकी देखभाल, सुरक्षा, रख-रखाव आदि पर विगत 3 वर्षों में कितनी राशि व्‍यय की गई है? (घ) प्रश्नांश (ख) रांझी इनडोर स्‍टेडियम का विस्‍तार व ऑउटडोर स्‍टेडियम का निर्माण कराने हेतु शासन व जिला प्रशासन ने क्‍या योजना बनाई है? यदि नहीं, तो क्‍यों? क्‍या ऑउटडोर स्‍टेडियम का निर्माण कराने की आवश्‍यकता नहीं है? (ड.) जबलपुर जिले में खिलाडियों को प्रशिक्षण देने हेतु किन-किन खेलों से संबंधित कोच की व्‍यवस्‍था कहाँ-कहाँ पर हैं? क्‍या शासन खेलों को बढ़ावा देने व खिलाडियों को प्रशिक्षित करने हेतु रांझी क्षेत्र में प्रशिक्षण केन्‍द्र खोलना सुनिश्चित करेगा?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ (ख) विधानसभा क्षेत्र केंट जबलपुर के क्षेत्र रांझी में ऑउटडोर मिनी स्‍टेडियम एवं इंडोर स्‍टेडियम है। इनमें वॉलीबाल, कबड्डी, खो-खो, हैण्‍डबाल, बॉक्सिंग जूडो, कराते, वुशू, ताईक्‍वांडों, बैडमिंटन एवं जिम की सुविधायें इनके संसाधन उपलब्‍ध है तथा इन सभी खेलों की संभाग राज्‍य स्‍तरीय खेल गतिविधियां आयोजित करने की सुविधाएं उपलब्‍ध है। (ग) प्रश्‍नोत्‍तर '''' में दर्शित कोई भी ऑउटडोर या इन्‍डोर स्‍टेडियम बदहाल खराब स्थिति में नहीं है। इन स्‍टेडियमों की देखभाल सुरक्षा, रख-रखाव आदि पर विगत तीन वर्षों में व्‍यय की गई राशि की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (घ) जी नहीं, इन्‍डोर ऑउटडोर स्‍टेडियम के विस्‍तार निर्माण की आवश्‍यकता नहीं होने के कारण कोई योजना नहीं बनायी गयी। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) जबलपुर जिले में पदस्‍थ प्रशिक्षकों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। रांझी क्षेत्र में प्रशिक्षण केन्‍द्र खोले जाने की कोई योजना विचारधीन नहीं है।

परिशिष्ट - ''बारह''

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

44. ( क्र. 1031 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन संभाग के किन-किन जिलों के कितने एवं कौन-कौन से ग्रामों व ग्रामपंचायतों को अब तक प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजनांतर्गत एक भी आवास प्राप्‍त नहीं हुआ है? किस कारण? जिलेवार, पंचायतवार ग्रामवार सकारण ब्‍यौरा दें। (ख) प्रधानमंत्री आवास योजना के लागू होने के उपरांत भी किस त्रुटिवश प्रश्नांश (क) ग्रामों को योजना का लाभ नहीं मिला? इस हेतु जिम्‍मेदार कौन है? तत्‍संबंधी पर क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? (ग) वंचित ग्रामों को योजना का लाभ कब व किस प्रकार प्राप्‍त होगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) प्रश्‍नाधीन गाँव के परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से लाभांवित न कर पाने के कारण पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) भारत सरकार के निर्देश दिनांक 24.01.2018 के परिप्रेक्ष्य में दिनांक 19.02.2018 को समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायतों को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की स्थाई प्रतीक्षा सूची में पात्र हितग्राहियों के नाम जोड़े जाने हेतु निर्देशित किया गया है।

नवीन रेत खनन नीति

[खनिज साधन]

45. ( क्र. 1035 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन संभाग में नवीन रेत खनन नीति कब से लागू की गई? क्‍या पंचायतों को अपने सीमा क्षेत्र में बिना खदान की घोषणा के नदी/नालों से रेत खनन अधिकार दिये हैं? यदि हाँ, तो क्‍या? (ख) खनिज विभाग द्वारा घोषित खदानों के अलावा पंचायतें नई खदानें प्रारंभ करने की पात्रता रखती हैं? यदि हाँ, तो किस प्रकार? (ग) क्‍या नई रेत खनन नीति में अवैध खनन पर कार्यवाही का अधिकार खनिज अधिकारी को है, या पंचायत को? राजस्‍व अधिकारी को इसमें क्‍या अधिकार है? (घ) क्‍या शासन इन नियमों में संशोधन का पक्षधर है? क्‍या नई नीति से आम नागरिकों में रेत भाव वृद्धि का सामना नहीं करना पड़ रहा है? शासन इस संबंध में क्‍या कदम उठा रहा है?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रदेश में मध्‍यप्रदेश रेत खनन नीति, 2017 का राज्‍य शासन द्वारा अनुमोदन दिनांक 14.11.2017 को किया गया है। यह नीति संपूर्ण प्रदेश में लागू हुई है। जी नहीं। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) मध्‍यप्रदेश रेत खनन नीति, 2017 की कंडिका 17 (ब) -6 अनुसार रेत खनिज के अवैध उत्‍खनन, परिवहन की रोकथाम का संपूर्ण दायित्‍व पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग/नगरीय निकाय एवं आवास विभाग प्रावधानित है। इसमें खनिज साधन विभाग एवं राजस्‍व विभाग शामिल नहीं है। (घ) राज्‍य शासन द्वारा मध्‍यप्रदेश रेत खनन नीति, 2017 लागू की गई है। जी नहीं। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

पंचायत भवनों की स्वीकृति

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

46. ( क्र. 1046 ) श्री हरवंश राठौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत विकासखंड शाहगढ़/बण्डा में कितनी ग्राम पंचायतें पंचायत भवन विहीन हैं? विधानसभा क्षेत्र की जानकारी दी जाए। (ख) क्या यह भी सही है ग्राम पंचायत हीरापुर, ग्राम पंचायत बम्होरी जगदीश, तिन्सुआ, हनौता सहावन, चारौधा, गोराखुर्द में कई वर्षों से पंचायत भवन न होने से ग्राम पंचायतों द्वारा मेरी अनुशंसा सहित भवनों की स्वीकृति हेतु मांग की जाती रही है। ऐसी भवन विहीन पंचायतों में कब तक पंचायत भवनों की स्वीकृति प्रदान की जाएगी।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) विधानसभा क्षेत्र शाहगढ़ में 4 ग्राम पंचायतें पापेट, सादागिर, सांदपुर एवं तिन्सुआ पंचायतें भवन विहीन है। विधानसभा क्षेत्र बंडा में 9 ग्राम पंचायतें मंजला, हनौतासहावन, नीमोन, उल्दन, चारौधा, लरेठी, कलराहो, गोराखुर्द एवं बमूराभेड़ा भवन विहीन है। (ख) जी हाँ। विधानसभा क्षेत्र बंडा की ग्राम पंचायत चारौधा, गोराखुर्द, हनोता सहावन एवं तिन्सुआ में संचालनालय के आदेश क्रमांक 1727 दिनांक 07.02.2018 द्वारा पंचायत भवन स्वीकृत किये गये है। ग्राम पंचायत हीरापुर (शाहगढ़ ) तथा ग्राम पंचायत बम्होरी जगदीश (बंडा) वर्तमान में सामुदायिक भवन में संचालित होने से पृथक पंचायत भवन की आवश्यकता नहीं है।

प्रधानमंत्री आवास/मुख्‍यमंत्री आवास की स्‍वीकृति

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

47. ( क्र. 1098 ) श्री मधु भगत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृपा करेंगे कि वित्‍तीय वर्ष 2017-18 में जिला बालाघाट को कितने प्रधानमंत्री आवास एवं मुख्‍यमंत्री आवास इकाई (संख्‍या) का लक्ष्‍य प्राप्‍त हुआ, जानकारी अलग-अलग दी जावे। क्‍या इन्‍हें स्‍वीकृत करने हेतु शासन की कोई नीति/निर्देश प्रचलन में है, तो छायाप्रति उपलब्‍ध कराई जावें। (ख) प्रश्नांश (क) अवधि में परसवाड़ा 110 विधान सभा क्षेत्र जिला बालाघाट अथवा जनपद पंचायत बालाघाट, जनपद पंचायत परसवाड़ा व जनपद पंचायत किरनापुर को उपरोक्‍त प्रश्नांश (क) में से कितना लक्ष्‍य प्राप्‍त हुआ व कुल कितने आवेदन हितग्राहियों से प्राप्‍त हुये? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में प्राप्‍त लक्ष्‍य में से प्रश्‍न प्रस्‍तुति दिनांक तक कितने आवास स्‍वीकृत/प्रक्रियाधीन/अस्‍वीकृत हुए की जानकारी अलग-अलग दी जावे व स्‍वीकृत आवासों में से किन-किन हितग्राहियों को आवास स्‍वीकृत किये, की जानकारी हितग्राही का नाम, पता, स्‍वीकृत सहित अलग-अलग दी जावें? (घ) क्‍या उपरोक्‍त समस्‍त कार्यप्रणाली में कोई अनियमितता सामने आई और कौन-कौन सी शिकायतें प्राप्‍त हुई तथा उन पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? शिकायत की प्रति और की गयी कार्यवाही की प्रति बतायें व इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) वित्तीय वर्ष 2017-18 में जिला बालाघाट को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अन्तर्गत 10,365 तथा वर्ष के प्रारंभ में मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन के अन्तर्गत 1,350 का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, कालान्तर में दिनांक 30.08.2017 तक वितरित ऋण प्रकरणों को छोड़कर शासन द्वारा शेष लक्ष्य वापस ले लिये गए थे। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। (घ) सी.एम. हेल्पलाईन तथा राज्य स्तर पर प्राप्त शिकायतें पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। शिकायतें जांच हेतु जिले को अग्रेषित की गई है।

रेत खदानों की रायल्‍टी

[खनिज साधन]

48. ( क्र. 1099 ) श्री मधु भगत : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि  बालाघाट जिले और सीमावर्ती जिले में रेत की खदानें वर्ष 2014 से किस-किस के पास थी? पट्टेधारी का नाम, खदान का नाम, रकबा, ग्राम बताते हुए यह भी बताये  कि उक्‍त पट्टाधारियों ने कुल कितनी राशि रॉयल्‍टी के रूप में प्रश्‍न दिनांक तक जमा की और उस रॉयल्‍टी की राशि के अनुसार रेत की मात्रा कुल कितने फिट होती है? प्रत्‍येक पट्टाधारी का अलग-अलग बतायें।

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : प्रश्‍नाधीन जिलों में रेत खदान का कोई भी उत्‍खनिपट्टा स्‍वीकृत नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

जिला खेल प्रशिक्षक (संविदा) द्वारा निजी महाविद्यालयों में नौकरी करना

[खेल और युवा कल्याण]

49. ( क्र. 1113 ) श्रीमती ममता मीना : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या गुना जिले में पदस्थ जिला खेल प्रशिक्षक-बास्केटवॉल (संविदा) द्वारा गुना जिले के ओमकार कॉलेज एवं मालवा कॉलेज में अपनी वैतनिक सेवाएं दी जाती हैं? यदि नहीं,तो ऐक्सिस बैंक गुना में श्री दुर्गेश सक्सेना पुत्र श्री राजेशचंद सक्सेना, निवासी-विकासनगर, गुना तथा ओमकार कॉलेज गुना का संयुक्त खाता क्रमांक- 911010008266316 में वर्ष 2013 से अगस्त 2017 तक मासिक रूप से निश्चित मानदेय/पारिश्रमिक/वेतन किस नियम एवं किस सक्षम अधिकारी की अनुमति से सेवाएं देते हुऐ प्राप्त किया गया? क्या उक्त कर्मचारी द्वारा निजी महाविद्यालयों से प्राप्त राशि लगभग रूपये 740000/- का वर्ष 2013 से वर्ष 2017 तक पूर्ण रूप से भुगतान प्राप्त कर माह सितम्बर 2017 में प्रश्न में वर्णित खाता बंद कर दिया गया है? (ख) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित श्री सक्सेना के एक्सिस बैंक गुना के खाते में किस प्रयोजन/कारण से संबंधित कॉलेजों द्वारा श्री सक्सेना के खाते में उक्त राशि जमा कराई गई है? (ग) क्या प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार श्री सक्सेना के विरूद्ध मामला संज्ञान में आने पर नियुक्तिकर्ता अधिकारी-जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी गुना तथा संचालनालय भोपाल द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, की गई है,तो क्यों? क्या कलेक्टर जिला गुना द्वारा प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार जाँच कराई गई थी? उक्त जाँच प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर जिला गुना द्वारा सेवा समाप्ति हेतु प्रस्ताव संचालनालय भोपाल को प्रेषित किया गया था? उक्त प्रस्ताव पर क्या कार्यवाही की गई? कार्यवाही न करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध विभाग क्या कार्यवाही करेगा?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) से (ग) प्रकरण की जाँच पुलिस अधीक्षक, गुना एवं कलेक्टर गुना द्वारा पृथक-पृथक की गई थी, जो आपस में विरोधाभासी होने के कारण कलेक्टर गुना को संचालनालयीन पत्र क्र.10913, दिनांक 19.02 .2018 द्वारा विस्तृत जाँच कर प्रतिवेदन चाहा गया है, जो अपेक्षित है। पुनरीक्षित जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर ही प्रश्न की जानकारी दी जाना संभव हो सकेगी।

पंचायत सचिवों को छठा एवं सातवां वेतनमान

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

50. ( क्र. 1132 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि जिला संवर्ग के पंचायत सचिवों को सहायक अध्यापकों की भांति छठवां एवं सातवां वेतनमान दिये जाने की क्या कार्य योजना बनाई गई है? इन्हें कब तक उक्त वेतनमान दे दिया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : जी नहीं। ग्राम पंचायत सचिवों को पृथक से नवीन वेतनमान स्वीकृत करने की कार्यवाही विचाराधीन है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

शासकीय महाविद्यालय में पदों की जानकारी

[उच्च शिक्षा]

51. ( क्र. 1139 ) श्री रामप्यारे कुलस्ते : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उक्‍त महाविद्यालय में शैक्षणिक कार्य कराने वाले प्राध्‍यापक सहायक प्राध्‍यापक एवं प्राचार्य के कितने पद स्‍वीकृत हैं? (ख) क्‍या स्‍वीकृत पदों के अनुसार उक्‍त महाविद्यालय में पद पूर्ति कर ली गई है? (ग) क्षेत्र की जरूरत को देखते हुये महाविद्यालय में निरंतर बी.एस.सी., बी.कॉम. तथा एम.ए., एम. कॉम की कक्षाएं प्रारंभ करने की निरंतर मांग की जा रही है? क्‍या उक्‍त कक्षाएं प्रारंभ करने की स्‍वीकृति शासन प्रदान करने वाला है?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) शासकीय महाविद्यालय निवास में प्राचार्य/प्राध्यापक/सहायक प्राध्यापक के कुल 09 पद स्वीकृत हैं। (ख) जी नहीं। रिक्त पदों पर अतिथि विद्वानों की व्यवस्था की गई है, जिससे शैक्षणिक कार्य सुचारू ढंग से संचालित है। (ग) जी हाँ। वर्तमान में सीमित संसाधनों को दृष्टिगत रखते हुये नवीन कक्षाएं खोले जाने में कठिनाई है।

औद्योगिक केंद्र मनेरी में स्‍थानीय लोगों को रोजगार उपलब्‍ध कराया जाना

[उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

52. ( क्र. 1140 ) श्री रामप्यारे कुलस्ते : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मण्‍डला जिले की औद्योगिक विकास केंद्र मनेरी में लगे उद्योगों में स्‍थानीय लोगों को काम में लगाने, नौकरी देने जैसी योजना विभाग के पास है? (ख) क्‍या कुशल और अकुशल श्रमिकों को विभाग द्वारा प्रशिक्षित करने एवं स्‍थानीय स्‍तर पर नौकरी प्रदान करने का अवसर प्रदान किया जावेगा?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) एवं (ख) औद्योगिक विकास केन्‍द्र मनेरी में स्‍थापित उद्योगों में स्‍थानीय लोगों को काम में लगाने, नौकरी देने जैसी कोई योजना नहीं हैं। किन्‍तु सामान्‍यत: उद्योगों द्वारा आवश्‍यकता के दृष्टिगत स्‍थानीय निवासियों को योग्‍यता अनुसार रोजगार उपलब्‍ध कराया जाता हैं। जहां तक कुशल व अकुशल श्रमिकों को प्रशिक्षित करने का कार्य हैं, यह विभाग द्वारा नहीं किया जाता हैं।

गृह निर्माण मंडल मंदसौर के मकान पर अवैध कब्जा

[नगरीय विकास एवं आवास]

53. ( क्र. 1142 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मंदसौर के रामटेकरी रेवास देवड़ा रोड स्थित गृह निर्माण मंडल (डबल स्टोरी) भवन क्रमांक 9/38 एवं 7/38 पर किस व्यक्ति का किस दिनांक से कब्जा है? (ख) प्रश्नांश (क) संदर्भित भवन कब से आवंटित किया गया था तथा वर्तमान में भवन में निवास करने वाला व्यक्ति किस अधिकार के तहत निवासरत है? क्या विभाग ने उक्त भवन को रिक्त कराने का प्रयास किया? यदि हाँ, तो कब-कब किस-किस प्रक्रिया को अपनाया गया? दिनांकवार जानकारी देवें? (ग) भवन क्रमांक 9/38 किराये पेटे की कितनी राशि प्रश्न दिनांक तक बकाया है? क्या न्यायालयीन प्रक्रिया के दौरान जिला उपभोक्ता फोरम मंदसौर तथा राज्य उपभोक्ता फोरम में कब्जा धारक का वाद निरस्त हुआ है? (घ) क्या अति. जिला न्यायाधीश मंदसौर ने भी मंडल के भवन के सम्बन्ध में प्रस्तुत वाद पर कब्जा धारी के विरुद्ध निर्णय पारित किया था? यदि हाँ, तो कानूनी प्रक्रिया के बाद भी म.प्र गृह निर्माण मंडल अनाधिकृत रूप से कब्जाधारी का कब्जा हटाने में क्यों असमर्थ है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) भवन क्रमांक 9/38 पर श्री विजय कुमार शर्मा को दिनांक 23/04/1983 से किराये पर‍ आवंटित है जबकि भवन क्रमांक 7/38 पर श्रीमती प्रेमलता शर्मा पति श्री विजय शर्मा का सितम्‍बर 1987 से कब्‍जा है। (ख) उत्‍तरांश '' अनुसार। म.प्र. गृह निर्माण मंडल अधिनियम 1972 की धारा-55 के अंतर्गत भवन क्रमांक 7/38 में अवैध कब्‍जा रिक्‍त कराने हेतु माननीय सक्षम न्‍यायालय में प्रकरण क्रमांक 63/07 दर्ज किया गया। सक्षम प्राधिकारी द्वारा निष्‍कासन आदेश दिनांक 04/11/2011 को जारी किया गया था। निष्‍कासन प्रक्रिया में दिनांक 22/11/11 को सक्षम प्राधिकारी, उज्‍जैन द्वारा स्‍थगन आदेश दिया गया। दिनांक 10/02/12 को आवंटन समिति वृत्‍त उज्‍जैन की बैठक में भवन क्रमांक 7/38 को श्री विजय कुमार शर्मा को विक्रय करने की अनुशंसा की गई। उपायुक्‍त द्वारा भवन क्रमांक 7/38 को रिक्‍त कराने संबंधी प्रकरण नस्‍तीबद्ध करने के निर्देश दिए गए। (ग) प्रश्‍न दिनांक तक किराया एवं सरचार्ज के रूप में रूपये 4,17,532/- (रूपये चार लाख सत्रह हजार पाँच सौ बत्‍तीस केवल) बकाया है। जी हाँ। (घ) जी हाँ। आवंटन समिति द्वारा भवन क्रमांक 7/38 श्री विजय कुमार शर्मा को विक्रय की अनुशंसा करने तथा उपायुक्‍त द्वारा भवन रिक्‍त कराने संबंधी प्रकरण निरस्‍त करने से श्री विजय कुमार शर्मा को बकाया राशि जमा करने हेतु सूचना पत्र जारी किये गये है।

मनरेगा अधिनियम के तहत मजदूरों को क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

54. ( क्र. 1180 ) श्री रामनिवास रावत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माह जनवरी 2016 की स्थिति में प्रदेश में कितने जॉबकार्ड धारी मजदूर थे एवं दिसम्बर 2017 की स्थिति में प्रदेश में कुल कितने जॉबकार्ड धारी मजदूर हैं? जिलेवार संख्या बतावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार जॉबकार्ड धारी मजदूरों में से कितने मजदूरों को कितने-कितने दिन का रोजगार प्रदाय कर कितनी-कितनी राशि मजदूरी के रूप में भुगतान की गयी? मजदूरी की कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया जाना कब से शेष है वर्षवार, जिलेवार बतावें। (ग) क्या मनरेगा अधिनियम की अनुसूची II पैरा '' के प्रावधानों के अनुरूप 15 दिनों से अधिक देरी से किये गए सभी भुगतानों के लिए क्षतिपूर्ति तुरंत दिए जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो जनवरी 2018 की स्थिति में किस-किस वर्ष की कितनी-कितनी राशि क्षतिपूर्ति के रूप में भुगतान किया जाना शेष है? मजदूरी की शेष राशि एवं मजदूरी के भुगतान के विलम्ब की क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान कब तक कर दिया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) वित्तीय वर्ष 2016 की स्थिति में प्रदेश में 2.41 करोड़ जॉब कार्डधारी मजदूर थे एवं वित्तीय वर्ष 2017-18 में अब तक 1.53 करोड़ मजदूर है। जिलेवार संख्या की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार वित्तीय वर्ष 2015-16 में 2.41 करोड़ श्रमिकों में से 51.78 लाख जॉबकार्ड धारी मजदूरों द्वारा कार्य किया जाकर 1237.42 लाख मानव दिवस सृजन किया गया, जिसका कुल भुगतान 1460 करोड़ है। इसी प्रकार वर्ष 2016-17 में 52.05 लाख श्रमिकों द्वारा कार्य किया गया, जिनके द्वारा 11.30 करोड़ मानव दिवस का सृजन किया गया, जिसका कुल भुगतान 2188.52 करोड़ किया गया (विगत वर्ष 2015-16 की देय राशि रू. 532.34 करोड़ एवं मजदूरी दर बढ़ने के कारण) एवं वर्ष 2017-18 में कुल 58.92 लाख श्रमिकों द्वारा 14.91 करोड़ मानव दिवस सृजित किये गये, जिनकों कुल 2521.58 करोड़ रू. भुगतान किया गया। कोई भी एफ.टी.ओ. जारी किये जाने हेतु शेष नहीं है। (ग) जी हाँ। जनवरी 2018 की स्थिति में क्षतिपूर्ति भुगतान योग्य राशि की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। क्षतिपूर्ति की भुगतान योग्य राशि का भुगतान प्रक्रियाधीन है।

परिशिष्ट - ''तेरह''

अवैध उत्खनन

[खनिज साधन]

55. ( क्र. 1191 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 फरवरी 2018 की स्थिति में ग्वालियर जिले में खनिज साधन विभाग द्वारा कौन-कौन से खनिज उत्खनन के लिये किस-किस स्थान पर किस-किस प्रकार के खनिज उत्खनन के लिये पट्टे, लीज या अन्य कोई ठेका इत्यादि की स्वीकृति किस दिनांक से किस दिनांक तक के लिये किस-किस व्यक्ति, फर्म, ठेकेदार या एजेन्सी को कितनी-कितनी राशि लीज रेन्ट या ठेका में दी गई है पंचायत का नाम एवं सर्वे न. सम्पूर्ण जानकारी स्पष्ट करें? (ख) 1 जनवरी 2017 से प्रश्‍न दिनांक तक खनिज साधन विभाग को उक्त खनिज से कितना-कितना राजस्व प्राप्त हुआ है? 1 जनवरी 2017 से प्रश्‍न दिनांक तक किस-किस खनिज का अवैध उत्खनन करते हुये या खनिज को ले जाते हुये कौन-कौन व्यक्ति तथा वाहन पकड़े गये हैं, उन पर कितना-कितना जुर्माना किया गया है? व्यक्ति/फर्म किस स्थान से अवैध उत्खनन किस खनिज का किस वाहन में ले जाते पकड़ा? वाहन मालिक का नाम, वाहन का प्रकार तथा नम्बर एवं किस कर्मचारी/अधिकारी द्वारा किस दिनांक को पकड़ा गया, उनका नाम, पद बतावें। इन वाहनों में से कौन-कौन वाहन राजसात किये गये हैं? उनका नाम, प्रकार एवं राजसात दिनांक बतावें। (ग) 1 फरवरी 2018 की स्थिति में ग्वालियर जिले में खनिज साधन विभाग में कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी पदस्थ हैं? उनका नाम,पद, पदस्थापना दिनांक बतावें।

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्‍नानुसार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ पर दर्शित है। (ख) प्रश्‍नानुसार राजस्‍व की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब, अवैध उत्‍खनन एवं परिवहन के संबंध में जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-स तथा वाहन को राजसात करने संबंधी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-द पर दर्शित है। (ग) प्रश्‍नानुसार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ई पर दर्शित है।

भितरवार विधानसभा क्षेत्रांन्तर्गत उद्योगों की स्थापना

[उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

56. ( क्र. 1192 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले के भितरवार विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में कौन-कौन से उद्योग धंधे कहाँ-कहाँ स्थापित हैं? (ख) क्या भितरवार विधानसभा क्षेत्र भौगोलिक रूप से ग्वालियर जिले के कुल 6 विधानसभा क्षेत्रों में से अकेला लगभग 45 प्रतिशत क्षेत्र में फैला हुआ है? यदि हाँ, तो क्या भितरवार विधानसभा क्षेत्र में कोई रोजगार के साधन नहीं होने के कारण क्षेत्र के लोगों को रोजगार हेतु अन्य स्थानों पर पलायन करना पड़ता है? यदि हाँ, तो क्या उनके पलायन को रोकने के लिये शासन उक्त क्षेत्र में कोई उद्योग धंधे स्थापित करेगा? यदि हाँ, तो किस-किस स्‍थान पर, कब तक और कौन-कौन से? (ग) उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्‍साहन विभाग में ग्वालियर जिले में कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी पदस्थ हैं? उनका नाम, पद, पद स्थापना दिनांक तथा मुख्यालय बतावें?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र में वृहद श्रेणी अंतर्गत मात्र एक इकाई मेसर्स पार्वती स्वीटनर, ग्राम सांखनी, तहसील भितरवार में स्थापित हैं। एम.एस.एम.ई. विभाग के अंतर्गत उद्योगों का पंजीयन उद्योग आधार मेमोरेण्डम के जरिये किया जाता हैं। जिसकी सांख्यिकी जानकारी अनुसार दिनांक 20/2/18 की स्थिति में ग्वालियर जिले में कुल 7706 एम.एस.एम.ई. इकाई पंजीकृत हैं। पंजीयन विधानसभावार न होने से विधानसभा क्षेत्र भितरवार की जानकारी दिया जाना संभव नहीं हैं। (ख) विभाग द्वारा उद्योग स्थापित नहीं किये जाते हैं और रोजगार हेतु पलायन की स्थिति नहीं होने से बाकी प्रश्न उत्पन्न नहीं होता हैं। तथापि उद्योग संवर्धन नीति 2014 के प्रावधानों अनुसार आकर्षक एवं सुविधाजनक वातावरण अनेकों प्रकार के प्रोत्साहन एवं सहायता के माध्यम से उद्योग स्थापना हेतु प्रेरित किया जाता हैं। राज्य ने निवेशकों हेतु सशक्त भावी रूप रेखा विकसित की हैं और एक समर्थ औद्योगिक परिवेश के विकास के द्वारा अधिक से अधिक निवेशकों को आकर्षित करना जारी रखेगा, जिससे राज्य में सुस्थिर औद्योगिकरण के साथ आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित हो सके। (ग) सूची संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं '' पर है।

परिशिष्ट - ''चौदह''

गौरा से गौरी पर्वतीय ग्राम तक मार्ग निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

57. ( क्र. 1225 ) श्री मोती कश्यप : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा के तारांकित प्रश्न संख्या 2 (क्र.652) दिनांक 22-3-2012 के उत्तर में मा. विभागीय मंत्रीजी ने पर्वत शिखर पर बसे शत्-प्रतिशत आदिवासी ग्राम गौरी को ग्रा./ग्रा.पं. गौरा तक जोड़ने के संबंध में आश्वासन दिया है? यदि हाँ, तो कार्य को किन कारणों से अभी तक प्रारंभ नहीं किया गया है? (ख) क्या विभाग द्वारा प्रश्नांश (क) मार्ग निर्माण की दिशा में जबलपुर मण्डल के अधीक्षण यंत्री को कोई कार्यवाही सम्पादित करना निर्देशित किया है? (ग) प्रश्नांश (क) कार्य कब तक पूर्ण कर दिया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। ग्राम गौरा से गौरी मार्ग स्वीकृति पश्‍चात् निविदा आमंत्रण की कार्यवाही प्रचलन में होने से कार्य प्रारंभ नहीं हुआ। (ख) जी हाँ। (ग) कार्य पूर्णता की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

अवैध उत्खनन करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही

[खनिज साधन]

58. ( क्र. 1235 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सतना जिले की तहसील रघुराजनगर के अंतर्गत ग्राम रामास्थान में श्रवणकुमार पाठक की लीज 80 एकड़ एरिया में संचालित है? यदि हाँ, तो क्या उक्त खदान शासन के नियमों के अनुसार संचालित है? यदि नहीं, तो क्या उच्च न्यायलय के निर्देशों का खुला उल्लंघन कर ओव्हर लोडिंग की जा रही है? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो क्या खनिज मंत्री उक्त खदान की रजिस्ट्री एवं सेटेलाइट की जाँच राज्यस्तरीय कमेटी बनाकर कराएँगे? क्यों कि उक्त खदान संचालक ने अवैध उत्खनन कर फिलिंग कर साक्ष्य मिटा दिए हैं तथा 6 अ.जा. के व्याक्तियों की जमीन क्रय कर बिना लीज मंजूर कराये उत्खनन किया गया है जिसकी रिपोर्ट भी पूर्व में विधानसभा प्रश्‍न के जवाब में भेजी गई थी? उक्त घोटाले की जाँच कब तक कराएँगे? (ग) क्या उक्त खदान के ट्रांसपोर्टिंग का काम ए.आर.टी. कम्पनी के संचालक राममनोहर सिंह द्वारा किया जा रहा है? इनके द्वारा विगत 10 वर्षों से 10 चक्का हाईवा में 25 से 30 टन माल प्रिज्म सीमेंट में सप्लाई की जा रही है जबकि खनिज विभाग से एवं आर.टी.ओ. से 16 टन माल पास है? (घ) क्या उच्च न्यायालय के प्रकरण क्रमांक 001, 67 2013-14 द्वारा साफ-साफ निर्देश दिया गया था कि स्वीकृत क्षेत्र के आस-पास निजी, शासकीय, राजस्व या वन भूमि में किसी प्रकार का अवैध उत्खनन कार्य कदापि न करें इसके बावजूद भी शर्तों का उल्लंघन क्यों किया गया?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। प्रश्‍नाधीन खदान नियमों के तहत संचालित है। उल्‍लंघन पाये जाने पर नियमों के तहत कार्यवाही की जाती है। ओवर लोडिंग पाये जाने पर परिवहन विभाग द्वारा नियमानुसार कार्यवाही कर 28 वाहनों में राशि 1,57,800/- का शमन शुल्‍क वसूल किया गया है। (ख) प्रश्‍नाधीन खदान के अनुबंध की रजिस