मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च 2017 सत्र


बुधवार, दिनांक 08 मार्च 2017


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर

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ग्रामीण विद्युतीकरण एवं एक बत्‍ती कनेक्‍शन कार्य की जाँच

[आदिम जाति कल्याण]

1. ( *क्र. 3143 ) कुमारी निर्मला भूरिया : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) झाबुआ जिले में वर्ष 2011-12, 2012-13 एवं 2013-14 में ग्रामीण विद्युतीकरण मद अंतर्गत किन-किन ग्रामों/मजरे/टोलों में विद्युतीकरण तथा एक बत्‍ती कनेक्‍शन कार्य कितनी-कितनी लागत के किये गये? कार्यवार विकासखण्‍डवार जानकारी देवें (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार स्‍वीकृत कार्य किन-किन ठेकेदारों द्वारा किया गया तथा वर्तमान में कार्य की क्‍या स्थिति है? उक्‍त कार्य का निरीक्षण किस-किस के द्वारा किया गया? (ग) क्‍या मजरे टोलों में विद्युतीकरण अथवा एक बत्‍ती कनेक्‍शन के कार्य में उपयोग की गई सामग्री की गुणवत्‍ता सही नहीं है और न ही शासन द्वारा निर्धारित मापदण्‍ड अनुसार सामग्री का उपयोग किया है? (घ) क्‍या शासन द्वारा उक्‍त कार्यों का निरीक्षण संभाग स्‍तर के किसी अधिकारी द्वारा करवाया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों और कब तक करवाया जावेगा?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। (घ) जी नहीं। संभाग स्तर के अधिकारी से कार्यों का निरीक्षण कराने के निर्देश न होने तथा कार्यों की गुणवत्ता के संबंध में कोई तथ्य/शिकायत प्राप्त न होने से निरीक्षण कराने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

भोपाल संभाग अंतर्गत विद्युतीकरण

[आदिम जाति कल्याण]

2. ( *क्र. 4419 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति कल्‍याण योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युतीकरण कार्य कराए जाते हैं? यदि हाँ, तो किस योजना के तहत कौन-कौन से कार्य कराए जाते हैं। (ख) क्‍या शासन द्वारा प्रश्नांश (क) अनुसार योजना में किसी प्रकार का परिवर्तन किया है? यदि हाँ, तो परिवर्तित योजना का ब्‍यौरा दें। (ग) क्‍या शासन द्वारा प्रश्‍न दिनांक से 2 वर्ष पूर्व की अवधि में उक्‍त योजना के तहत कार्य कराए गए हैं? यदि हाँ, तो भोपाल संभाग में कराए गए कार्यों का ब्‍लॉकवार वर्षवार ब्‍यौरा दें। (घ) प्रश्नांश (ग) अनुसार विगत 2 वर्ष में व्‍यय की गई राशि का ब्‍यौरा दें?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। अनुसूचित जनजाति बस्तियों में विद्युतीकरण, अनुसूचित जनजाति के कृषकों को सिंचाई सुविधा हेतु विद्युत लाइन का विस्तार (पंपों का ऊर्जीकरण) योजना नियम 2016 के तहत अविद्युतीकृत आदिवासी मजरे/टोलों में विद्युतीकरण एवं आदिवासी कृषकों के कुओं तक विद्युत लाइन विस्‍तार का कार्य किया जाता है। (ख) पूर्व में जारी निर्देश के स्‍थान पर जारी नवीन निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) प्रश्नांश अंतर्गत वर्णित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

श्‍योपुर जिला चिकित्‍सालय में रिक्‍त पदों की पूर्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

3. ( *क्र. 1032 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्‍योपुर जिला चिकित्‍सालय के सिविल सर्जन/विभाग द्वारा आई.सी.यू. वेन्‍टीलेटर का क्रय आदेश क्रमांक 4020, दिनांक 27.07.2016 द्वारा जारी कर दिया है? क्‍या संबंधित एजेंसी ने वेन्‍टीलेटर प्रदाय कर दिया है? यदि हाँ, तो कब तक चिकित्‍सालय में आई.सी.यू. की स्‍थापना कर दी जावेगी? (ख) क्‍या चिकित्‍सालय में दो प्रथम श्रेणी सर्जीकल विशेषज्ञों सहित सभी रोगों के विशेषज्ञों के स्‍वीकृत 17 पदों में से वर्तमान में 14 पद रिक्‍त हैं, इन्‍हें भरने में विलंब के कारण गंभीर मरीजों के ऑपरेशन की सुविधा का अभाव है, नतीजतन जनवरी 2014 से वर्तमान तक 12104 गम्‍भीर मरीज भर्ती हुए, उसमें से 168 मरीजों को अन्‍यत्र रेफर किया केवल 24 रोड एक्‍सीडेंट एवं फ्रेक्‍चर वाले मरीजों के ऑपरेशन ही संभव हो सके तथा 11912 मरीजों को मजबूरी में ऑपरेशन हेतु स्‍वेच्‍छा से अन्‍यत्र जाना पड़ा? (ग) क्‍या उक्‍त स्थिति चिकित्‍सालय में सर्जीकल तथा अन्‍य विशेषज्ञ चिकित्‍सकों के रिक्‍त पदों सहित आई.सी.यू. के अभाव के कारण निर्मित हुई? (घ) क्‍या शासन जिले के गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार ऑपरेशन की सुविधा की उपलब्‍धता के मद्देनजर सर्जीकल विशेषज्ञों के दोनों रिक्‍त पदों को अविलंब भरेगा व आई.सी.यू. की स्‍थापना शीघ्र करवाएगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) हाँ यह सही है, कि आई.सी.यू. वेन्टीलेटर के क्रय हेतु कार्यालीन आदेश क्रमांक 4020 श्योपुर दिनांक 29.07.2016 के द्वारा कोवेडियन हेल्थ केयर को क्रय आदेश जारी किया गया है। संबंधित फर्म के द्वारा अभी तक आई.सी.यू. वेन्टीलेटर प्रदाय नहीं किया इस हेतु कार्यालीन पत्र क्र./क्रय/2017/380 श्योपुर, दिनांक 24.01.2017 एवं पत्र क्र./क्रय/2017/735 श्योपुर, दिनांक 13.02.2017 के द्वारा भी संबंधित फर्म को वेन्टीलेटर प्रदाय हेतु पत्र भेजा गया है। आई.सी.यू वेन्टीलेटर प्राप्त होते ही शीघ्र आई.सी.यू. की स्थापना की जावेगी। (ख) जिला चिकित्सालय, श्योपुर में प्रथम श्रेणी 23 पद स्वीकृत हैं, जिसके विरूद्ध वर्तमान में 09 पद भरे हुये हैं एवं 14 पद रिक्त हैं। जो संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। रिक्त विशेषज्ञों की विधा में द्वितीय श्रेणी चिकित्सा अधिकारि‍यों के द्वारा अपनी सेवायें प्रदान की जा रही हैं। जी हाँ। यह सही है कि जनवरी 2014 से 30.11.2016 की स्थिति में गंभीर भर्ती मरीजों की संख्या 12107 एवं रेफर किये मरीजों की संख्या 168 एवं ऑपरेशन किये गये मरीजों की संख्या 24 थी, शेष 11936 गंभीर मरीजों को मजबूरी में ऑपरेशन हेतु अन्यत्र नहीं जाना पड़ा, अपितु इनका उपचार जिला चिकित्सालय, श्योपुर में पदस्थ विशेषज्ञ एवं चिकित्सकों के द्वारा ही किया गया है। लेकिन सभी बीमारि‍यों के अधिकांश मरीजों को अन्यत्र रेफर नहीं किया जाता है। कुछ बीमारि‍यों से संबंधित गंभीर मरीजों को जैसे हेडइन्जूरी, गंभीर हृदय रोग वाले मरीजों को सुपर स्पेशलिस्ट के अभाव में आगामी उपचार हेतु हायर सेन्टर के लिए रेफर किया जाता है। (ग) जिला चिकित्सालय, श्योपुर में विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पदों के विरूद्ध वर्तमान में कार्यरत उक्त विधा के द्वितीय श्रेणी चिकित्सकों के द्वारा मरीजों का उपचार किया जा रहा है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) प्रदेश में विशेषज्ञों की अत्यधिक कमी के कारण तथा विशेषज्ञ का पद शत-प्रतिशत पदोन्नति से भरने का प्रावधान होने के कारण, प्रथम श्रेणी विशेषज्ञ के रिक्त पद भरने में कठिनाई हो रही है। जिला चिकित्सालय, श्योपुर में एम.एस. सर्जरी योग्यता के एक द्वितीय श्रेणी चिकित्सक कार्यरत हैं। विभाग रिक्त पदों की पूर्ति हेतु निरंतर प्रयास कर रहा है, चिकित्सा अधिकारी के 1896 पदों हेतु मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग में साक्षात्कार की कार्यवाही प्रचलन में है। चयन सूची प्राप्त होने पर उपलब्धता अनुसार सर्जरी योग्यता के चिकित्सक की पदस्थापना संबंधी कार्यवाही की जावेगी। पद पूर्ति हेतु निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं हैं।

परिशिष्ट - ''एक''

रीवा मेडिकल कॉलेज में अनियमितताओं की जाँच

[चिकित्सा शिक्षा]

4. ( *क्र. 4374 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा गांधी मेडिकल कॉलेज में निश्‍चेतना मशीन कब कितनी कीमत की क्रय की गई, जो वर्तमान में लगी है और क्‍या चालू हालत में है तथा वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या सामग्री कितनी कीमत की क्रय की गई? क्‍या उक्‍त क्रय में क्रय नियमों का पालन हुआ या नहीं? (ख) क्‍या दिनांक 01.02.2017 को निश्‍चेतना जाँच केन्‍द्र में सुबह 10 से 12 बजे के बीच में ताला लगे होने से मरीज बाहर स्‍ट्रेचर में पड़े रहे, जिसकी शिकायत अमहिया निवासी सौरभ सौंधिया द्वारा सी.एम. हेल्‍पलाइन में एवं डीन को भी की थी, परन्‍तु डॉ. द्विवेदी डीन अपनी कॉलोनी में मरीजों को देखने में व्‍यस्‍त रहे। इस आशय का समाचार दैनिक भास्‍कर में दिनांक 26.01.2017 को प्रकाशित हुआ है। (ग) कॉलेज के मेंटेनेंस के लिए वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि किस-किस कार्य हेतु स्‍वीकृत हुई? कितनी व्‍यय हुई? पृथक-पृथक विवरण दें। (घ) रीवा की सुपर स्‍पेशलि‍टी अस्‍पताल निर्माण स्‍थल पर बने पुराने पुलिस वर्कशॉप के डिस्‍मेन्‍टल मटेरियल की नीलामी कब कितनी कीमत पर हुई? नीलामी पूर्व शासकीय सामग्री का मूल्‍यांकन किससे कराया गया? मूल्‍यांकन रिपोर्ट की प्रति दें। (ड.) क्‍या प्रश्नांश (क) से (घ) के संबंध में हुई अनियमितताओं की उच्‍च स्‍तरीय निष्‍पक्ष जाँच डीन को हटाकर कराई जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( एडवोकेट शरद जैन ) : (क) चिकित्सा महाविद्यालय रीवा में वर्ष 2000 में रूपये 50,000/- प्रति मशीन की दर से कुल 12 मशीनें रूपये 6,00,000/- की खरीदी गईं जो कि वर्तमान में कार्यरत हैं। रूपये 1,44,777/- प्रति निश्चेतना मशीन की दर से कुल 04 मशीनें मध्यप्रदेश मेडिकल कॉर्पोरेशन से नियमों का पालन करते हुये क्रय की गईं। जी हाँ। (ख) जी नहीं। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1, 2, 3 एवं 4 अनुसार है। (घ) कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग द्वारा रूपये 7,77,413/- का अपसेट प्राइज निर्धारित किया गया तथा ध्वस्तीकरण समिति द्वारा जिसमें अनुविभागीय अधिकारी लोक निर्माण विभाग भी सदस्य के रूप में सम्मिलित थे, निर्धारित अपसेट प्राइज रूपये 7,77,413/- पर सहमति दी गई। तत्पश्चात् निविदा हेतु न्यूनतम राशि रूपये 8,00,000/- निर्धारित कर स्थानीय समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रसारित करवाया गया है। मूल्यांकन स्थिति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 5 अनुसार है। दिनांक 28 मई, 2016 को निविदा खोली गई, जिसमें मो. इस्तियाक जॉजम, ताज ट्रेडर्स की निविदा अन्य की अपेक्षा अधिक पाई गई और उन्हें निविदा राशि रूपये 8,11,786/- जमा कर डिस्मेन्टल सामग्री उठाने हेतु आदेश जारी किया गया जो पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 6 अनुसार है। (ड.) प्रश्नांश (क) से () के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

छात्रावासों के वार्डन/सहायक वार्डनों का स्‍थानांतरण

[स्कूल शिक्षा]

5. ( *क्र. 452 ) श्री सतीश मालवीय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला परियोजना समन्‍वयक उज्जैन द्वारा छात्रावासों के वार्डन और सहायक वार्डनों को हटाने के संबंध में कोई कार्यवाही विगत तीन वर्षों में की गई है? यदि हाँ, तो किन-किन छात्रावासों के वार्डन और सहायक वार्डनों को हटाया गया है? कारण स्पष्‍ट करें। (ख) छात्रावासों में शासन के नियमानुसार वार्डन को प्रतिनियुक्ति पर रखने पर कितने वर्ष तक का कार्यकाल अधिकतम होना चाहिये? क्या नियमों का पालन किया गया? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) छात्रावासों में सहायक वार्डनों की अस्थाई नियुक्ति को किस समिति में अनुमोदन कराकर उनकी नियुक्ति आगे बढ़ाई गई है? समिति के अनुमोदन की जानकारी देवें, कब और किस-किस वर्ष अनुमोदन लेकर नियुक्ति अवधि बढ़ाई गई? यदि नहीं, तो इसके लिये कौन जिम्मेदार है? (घ) क्या छात्रावासों में नियुक्त अस्थायी सहायक वार्डनों के नियुक्ति आदेश पत्र जारी किये गए हैं तथा किस आधार पर उनकी नियुक्ति की गई?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। के.जी.बी.वी नागदा, के.जी.बी.वी पानबिहार, के.जी.बी.वी. महिदपुर, बालिका छात्रावास चांपाखेडा, बालिका छात्रावास खाचरोद, बालिका छात्रावास महिदपुर, बालिका छात्रावास उज्‍जैन की वार्डनों को हटाया गया है। सहायक वार्डनों को हटाने के संबंध में विगत तीन वर्षों में जिले से कोई कार्यवाही नहीं हुई है। छात्रावासों के वार्डन का प्रशासनिक प्रक्रिया अनुसार प्रभार हटाया गया है। (ख) वार्डन को प्रतिनियुक्ति पर रखने का प्रावधान नहीं है, अपितु छात्रावास का प्रभार दिया जाता है। प्रभार हेतु वर्तमान में समय-सीमा निर्धारित नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) स‍हायक वार्डनों की नियुक्ति नियम एवं निर्देशों के अनुसार जिला जेण्‍डर कोर ग्रुप के अनुमोदन से बढ़ाई जाती है। सहायक वार्डनों की सेवा वृद्धि 4 जनवरी 2011 को की गई है। इस संबंध में जाँच कराई जा रही है। (घ) जी हाँ। सहायक वार्डनों की नियुक्ति राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र द्वारा जारी निर्देश के अनुरूप निर्धारित मापदण्‍ड के आधार पर जिला जेण्‍डर कोर ग्रुप के अनुशंसा से कलेक्‍टर सहमि‍शन संचालक के अनुमोदन उपरांत की जाती है।

अमानक दवाइयों की खरीदी की जाँच

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

6. ( *क्र. 4506 ) श्री मधु भगत : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अतारांकित प्रश्‍न (क्रमांक 3224) दिनांक 24.07.2015 के उत्‍तर में यह स्‍वीकार किया गया है कि वर्ष 2013-14 में अमानक दवाइयां खरीदी गईं? यदि हाँ, तो वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक ऐसे कितने प्रकरण विभाग की जानकारी में हैं, जिनमें कि अमानक दवाइयां क्रय में अनियमिततायें, भंडार क्रय नियमों का उल्‍लंघन, निविदा पद्धति का उल्‍लंघन किया हो? तिथिवार बतायें तथा यह बतायें कि संबंधित अधिकारी/कर्मचारी/एजेंसी या अन्‍य जिम्‍मेदारों पर कब-कब क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्‍न क्रमांक 3224, दिनांक 24.07.2015 के उत्‍तर अनुसार अमानक दवाइयों के दोषि‍यों पर पुलिस में एफ.आई.आर. की गई? यदि हाँ, तो बतायें कि संबंधित अधिकारी/कर्मचारी/एजेंसी या अन्‍य जिम्‍मेदारों पर कब-कब क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या अमानक दवाइयों के क्रय के अलावा ऑक्सीजन गैस सिलेण्‍डर, पट्टी गॉज बैंडेज कपास खरीदने में भी अनियमिततायें पाई गईं हैं? उक्‍त अवधि में यह बतायें कि प्रश्‍नांश (ग) में अंकित सामानों की खरीदी कब-कब किस-किस फर्म से कितनी-कितनी राशि की, की गयी? तिथिवार, वर्षवार, निविदावार, संस्‍थावार बिल एवं जमा रसीद की प्रति बतायें

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) विभाग द्वारा अमानक दवाइयों की खरीदी नहीं की जाती है। क्रय करने के पश्चात् राज्य स्तरीय प्रयोगशाला में जाँच उपरांत कतिपय कारणों से दवाइयां अमानक पाई जाती हैं। वर्ष 2013-14 से प्रश्न दिनांक तक अमानक पाई गई दवाइयों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। दवाइयों के क्रय में अनियमितता अथवा भंडार क्रय नियमों का उल्लघंन नहीं किया जाता है। परीक्षण पश्चात् अमानक पाई जाने वाली दवाइयों के सप्लायर/फर्म पर निविदा शर्तों अनुसार कार्यवाही की जाती है। अधिकारियों/कर्मचारी/एजेंसी की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) निविदा की शर्तों में दवा क्रय के उपरांत लेब टेस्टिंग में दवा अमानक पाए जाने पर दवा के बदलने/सप्लायर्स के विरूद्ध कार्यवाही का प्रावधान है, इन प्रकरणों में निविदा की शर्तों के अनुसार कार्यवाही की जा चुकी है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) अमानक क्रय की गई दवाइयों के अलावा गैस सिलेण्डर, पट्टी गॉज बैंडेज, कपास के क्रय में महालेखाकार/आंतरिक लेखा परीक्षण में पाई गई अनियमितताओं पर नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। शेष जानकारी एकत्रित की जा रही है।

अनाधिकृत लोगों को अधिग्रहित भूमि का मुआवज़ा

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

7. ( *क्र. 4439 ) श्री आरिफ अकील : क्या राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश के मण्‍डला जिला मण्‍डला के सक्षम प्राधिकारी भू-अर्जन राष्‍ट्रीय राजमार्ग 12-ए एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व मण्‍डला द्वारा वक्‍फ सम्‍पत्ति खसरा 80 रकबा 0.110 हेक्‍टेयर, खसरा नम्‍बर 102/2 रकबा 0.020 हेक्‍टेयर भूमि अधिग्रहित करने के फलस्‍वरूप जिला प्रशासन द्वारा मुआवज़े की राशि वक्‍फ अंजुमन कमेटी तिदनी और जिला वक्‍फ कमेटी मण्‍डला को रूपये 56,84,661/- (छप्‍पन लाख चौरासी हजार छ: सौ इकसठ) भुगतान किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्नांश (क) में उल्‍ले‍खित अधिग्रहित भूमि के मुआवज़े की राशि किस स्‍वामित्‍वता के तहत अंजुम कमेटी तिदनी व जिला वक्‍फ कमेटी मण्‍डला को भुगतान की गयी तथा अंजुम कमेटी व जिला वक्‍फ कमेटी द्वारा बिना बोर्ड स्‍वीकृति के किस अधिकारिता के तहत राशि प्राप्‍त की? संबंधितों का यह कृत्‍य भ्रष्‍टाचार की श्रेणी में नहीं है? यदि है तो शासन द्वारा किन-किन के विरूद्ध क्‍या-क्‍या तथा कब तक कार्यवाही करेंगे? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या जिला वक्‍फ कमेटी मण्‍डला का कार्यकाल 16 मई, 2016 को समाप्‍त हो चुका था? यदि हाँ, तो क्‍या अधिनियम में किसी भी जिला व प्रबंध कमेटी के गठन का अधिकार मात्र बोर्ड को होता है? यदि हाँ, तो जिला वक्फ कमेटी मण्‍डला ने तिदनी अंजुमन कमेटी का गठन किस आधार पर किया? इस नियम विपरीत कार्यवाही में क्‍या मध्‍यप्रदेश वक्‍फ बोर्ड के वर्तमान अध्‍यक्ष की अप्रत्‍यक्ष रूप से सहभागिता है? यदि नहीं, तो लगभग 1 (एक) वर्ष व्‍यतीत हो जाने के पश्‍चात् भी मध्‍यप्रदेश वक्‍फ बोर्ड अध्‍यक्ष द्वारा प्रश्नांश (क) (ख) में जो राशि का लेनदेन हुआ उसके विरूद्ध कार्यवाही नहीं करने के क्या कारण हैं?

राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) कलेक्‍टर मण्‍डला से प्राप्‍त जानकारी अनुसार जिला प्रशासन द्वारा मुआवजे की राशि वक्‍फ अंजुमन कमेटी तिदनी और जिला वक्‍फ कमेटी मण्‍डला को रू. 51,83,541/- (इक्‍यावन लाख त्रियासी हजार पाँच सौ इकतालीस) का भुगतान किया गया। इसका विवरण निम्‍नानुसार है :- खसरा नं. 80 रकबा 0.020 हेक्‍टेयर जो अंजुमन कमेटी तिदनी के नाम पर भूमि स्‍वामी हक में दर्ज है, जिसमें से 0.110 हेक्‍टेयर भूमि अर्जित कर मुआवजा रूपये 665236/- स्‍वीकृत हुआ जिसका भुगतान अंजुमन कमेटी तिदनी की ओर से मो. आकिद एवं मो. आविद द्वारा प्राप्‍त किया गया है। इसी प्रकार खसरा नं. 102/2 रकबा 0.020 हेक्‍टेयर तिदनी मस्जिद कमेटी तिदनी के द्वारा मुतवल्‍ली सैय्यद वरकतुल्‍ला पिता सैय्यद अब्‍दुल्‍ला के नाम पर दर्ज है, जिसका 0.220 हेक्‍टेयर भूमि एवं उस पर निर्मित पक्‍का मकान का मुआवजा का भुगतान रूपये 4518305/- सचिव मस्जिद कमेटी श्री मंसूरी अहमद द्वारा प्राप्‍त किया गया है। (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में मध्‍यप्रदेश वक्‍फ बोर्ड एवं कलेक्‍टर मण्‍डला द्वारा जाँच की जा रही है। (ग) जी हाँ। प्रकरण का परीक्षण कराया जा रहा है।

सी.टी. एवं एम.आर.आई. जाँच हेतु आधुनिक मशीनों की स्‍थापना

[चिकित्सा शिक्षा]

8. ( *क्र. 4458 ) श्रीमती प्रतिभा सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के किन-किन मेडिकल कॉलेजों में सी.टी., एम.आर.आई. जाँच हेतु विभागीय आधुनिक मशीनें उपलब्‍ध हैं एवं किन-किन मेडिकल कॉलेजों में पब्लिक प्रायवेट पार्टनरशिप के अंतर्गत मशीनें लगाई गयीं हैं? जबलपुर मेडिकल कॉलेज में संचालित P.P. पार्टनरशिप की मशीनों को विगत 5 वर्षों में जाँचों हेतु शासन द्वारा कितना भुगतान विभिन्‍न योजनाओं से किया गया? (ख) क्‍या शासन द्वारा प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में C.T. एवं MRI जाँच हेतु शासकीय आधुनिक तकनीक की मशीनें लगाई जावेंगी? ताकि प्रदेश के गरीब मरीजों को जाँच की सुविधा एवं पी.जी. (रेडियोलॉजी) छात्रों को प्रायोगिक ज्ञान मिल सकेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( एडवोकेट शरद जैन ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। जबलपुर मेडिकल कॉलेज में संचालित पी.पी.पी. पार्टनरशिप की मशीनों के संबंध में विगत 05 वर्षों में जाँच हेतु किये गये भुगतान की जानकारी निम्नानुसार है :-

अवधि

किया गया भुगतान

2012-13

1,36,80,492.00

2013-14

1,20,86,170.00

2014-15

72,95,192.00

2015-16

55,51,685.00

2016-17

1,48,95,625.00

(ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में जी हाँ। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''दो''

वित्‍तीय अपराध के दोषी चिकित्‍सक के विरूद्ध कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

9. ( *क्र. 4888 ) पं. रमेश दुबे : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के परि.अता. प्रश्‍न (क्र. 1331), दिनांक 26.02.2016 के उत्‍तर में यह बताया गया है कि डॉ. प्रमोद वाचक बी.एम.ओ. को वित्‍तीय अनियमितता का प्रथम दृष्‍टया दोषी पाया गया है? प्रक्रियात्‍मक अनियमिततायें एवं समुचित अभिलेखों का संधारण न करना पाया गया? (ख) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्र. 5618, दिनांक 14.03.2016 के उत्‍तर में बताया गया है कि डॉ. वाचक खण्‍ड चिकित्‍साधिकारी वित्‍तीय अनियमितता के दोषी हैं? प्रश्‍न क्र. 1586 दिनांक 26.07.2016 के उत्‍तर में डॉ. प्रमोद वाचक को वित्‍तीय अनियमितता का दोषी पाये जाने के फलस्‍वरूप उन्‍हें स्‍पष्‍टीकरण जारी किया जाना और प्रश्‍न क्र. 1804, दिनांक 09.12.2016 के उत्‍तर में राशि रूपये 258861.00 वसूली योग्‍य पायी जाने से वसूली जारी होना बताया गया है? (ग) प्रश्नांश (क) और (ख) के अनुसार जब डॉ. वाचक को वित्‍तीय अनियमितता का दोषी पाया गया है तो उनके विरूद्ध थाने में वित्‍तीय अपराध की प्राथमिकी दर्ज क्‍यों नहीं कराई गयी? उन्‍हें अभी तक निलंबित क्‍यों नहीं किया गया? क्‍या यह माना जाय कि स्‍वास्‍थ्‍य विभाग वित्‍तीय अपराधियों को प्रश्रय दे रहा है? (घ) क्‍या शासन वित्‍तीय अपराध के दोषी डॉ. प्रमोद वाचक, तत्‍कालीन बी.एम.ओ. के विरूद्ध थाने में प्राथमिक दर्ज कराने का आदेश देगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) जी हाँ। जी हाँ। जी हाँ। (ग) प्रकरण में संबंधित चिकित्सक के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की प्रक्रिया नियमानुसार जारी है। गुण-दोष के आधार पर निर्णय लिया जावेगा। जी नहीं। (घ) अनुशासनात्मक कार्यवाही की प्रक्रिया पूर्ण होने पर गुण-दोष के आधार पर निर्णय लिया जावेगा।

खातेगांव विधान सभा क्षेत्रांतर्गत निर्मित/निर्माणाधीन शालाएं

[स्कूल शिक्षा]

10. ( *क्र. 806 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) देवास जिले के अंतर्गत वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक शासन/विभाग द्वारा कौन-कौन से नगर/ग्रामों में हायर सेकेण्‍ड्री, हाईस्‍कूल, मा.वि. एवं प्रा.वि. के भवन निर्माण संबंधी स्‍वीकृति दी गई है? ग्राम/नगर एवं शाला का नाम बतावें (ख) खातेगांव विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत जो हायर सेकेण्‍ड्री, हाईस्‍कूल, मा. वि., प्रा. वि. के भवन स्‍वीकृत किये गये थे, वे बनकर तैयार हैं एवं क्‍या भवन निर्माण के पश्‍चात् छात्र-छात्राओं को उन नवीन भवनों में ही पढ़ाया जा रहा है? (ग) प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र खातेगांव के ऐसे कौन-कौन से नगर/ग्राम हैं, जहां पर भवन तो बना है, किन्‍तु छात्र-छात्राओं को उन नवीन शाला भवनों में न पढ़ाया जाकर पुराने भवनों में ही प्रश्‍न दिनांक तक पढ़ाया जा रहा है, क्‍यों? ऐसी शालाओं के नाम बतावें (घ) प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र खातेगांव के अंतर्गत कौन-कौन से नगर/ग्राम की शालाओं के भवन बनकर तो तैयार हैं, किन्‍तु भवन की एन.ओ.सी. जारी नहीं की गई है तो क्‍यों नहीं की गई? कारण बतावें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) शासकीय हाईस्कूल कैलोद एवं शासकीय उ.मा.वि. पटाड़ी तथा 09 माध्‍यमिक एवं 02 प्राथमिक शाला भवनों के निर्माण की स्‍वीकृति दी गई है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जिन हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों के भवन निर्माण पूर्ण होकर निर्माण एजेंसी द्वारा सी.सी. जारी कर दी गई है, उन समस्त भवनों में विद्यालय संचालित हैं। 01 माध्यमिक शाला भवन निर्माण स्‍वीकृत किया गया था जिसका निर्माण कार्य प्रगतिरत है। (ग) ऐसी कोई शाला नहीं है, जहाँ नव निर्मित भवन पर पुराने भवनों में छात्र-छात्राओं को पढ़ाया जा रहा है। (घ) जानकारी निरंक है।

परिशिष्ट - ''तीन''

मूल विषय के प्रोफेसर पद पर नियम विरूद्ध पदोन्‍नति

[आयुष]

11. ( *क्र. 4157 ) श्री केदारनाथ शुक्ल : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आयुष विभाग के कुछ व्‍याख्‍याताओं एवं रीडरों को उनके मूल विषय से हटकर अन्‍य विषय में बिना सहमति पदोन्‍नतियां दी गई हैं? यदि हाँ, तो कब-कब किसे? महाविद्यालयवार, विषयवार सूची दें इसके लिए कौन दोषी हैं? दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (ख) क्‍या इन लोगों को विषय विभाग में तत्‍समय रिक्‍त प्रोफेसर के पद के विरूद्ध पदोन्‍नति दी जाना (अन्‍यों की भांति) अपराधिक था? यदि नहीं, तो इन्‍हें भी मूल विषय में कब तक पदस्‍थ कर दिया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ, पदोन्नति में सहमति का प्रावधान न होने से। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। कोई नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''चार''

अनुसूचित जाति छात्रावास की स्‍वीकृति

[अनुसूचित जाति कल्याण]

12. ( *क्र. 796 ) श्री के.पी. सिंह : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में विगत तीन वर्षों में किस-किस विधानसभा क्षेत्र में कितने अनुसूचित जाति छात्रावास खोले गए हैं? विधानसभा क्षेत्रवार, ग्राम के नाम सहित जानकारी दें। (ख) क्‍या इन छात्रावासों को स्‍वीकृत करने में पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया गया है? जहाँ अत्‍यधिक जरूरत थी, ऐसे क्षेत्रों की उपेक्षा की गई है? यदि हाँ, तो इसके क्‍या कारण हैं?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

शासकीय चिकित्‍सालय भवन का निजी भूमि में निर्माण

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

13. ( *क्र. 4058 ) श्री संजय उइके : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बालाघाट जिले की बैहर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गढ़ी में शासकीय चिकित्‍सालय भवन का निर्माण शासकीय भूमि पर न कर किसी व्‍यक्ति की निजी भूमि पर बिना मुआवजा दिये और न ही भूमि अधिग्रहण कर किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो किस व्‍यक्ति की कितनी भूमि पर चिकित्‍सालय का कब्‍जा है? क्‍या पीड़ि‍त व्‍यक्ति एवं उसके परिवार द्वारा एक एकड़ से ज्‍यादा भूमि में कब्‍जे से सोलह डिस्मिल भूमि वापस करने का आवेदन विभागीय अधिकारियों को बार-बार दिया गया है? (ग) विभाग एक एकड़ से ज्‍यादा कब्‍जा की हुई भूमि को पीड़ि‍त परिवार को वापस करेगा या नहीं? (घ) अतिरिक्‍त भूमि वापस नहीं करने की स्थिति में विभाग सम्‍पूर्ण भूमि का मुआवजा देना चाहेगा या पीड़ि‍त व्‍यक्ति द्वारा एक एकड़ से ऊपर भूमि वापस करने की स्थिति में मुआवजा नहीं लेना चाहेगा, तब विभाग क्‍या निर्णय लेना चाहेगा?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

अनु.जाति, जनजाति बाहुल्‍य क्षेत्रों के लिये पर्याप्‍त बजट की व्‍यवस्‍था

[आदिम जाति कल्याण]

14. (*क्र. 116 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा अनु.जाति एवं जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार के निर्माण कार्य एवं हितग्राही मूलक कार्य कराये जाते हैं? (ख) यदि हाँ, तो वर्ष 2015-16 एवं चालू वर्ष 2016-17 में विभिन्न कार्यों हेतु जबलपुर संभाग को कितना बजट प्राप्त हुआ? कितना व्यय हुआ? जिलेवार बतावें (ग) क्या शासन अनु.जाति, जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों के लिये पर्याप्‍त बजट की व्‍यवस्‍था करने हेतु विचार करेगा?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) राज्य आयोजना मदों में एवं भारत सरकार से प्राप्त अनुमोदित राशि की सीमा में, विशेष केन्द्रीय सहायता एवं संविधान के अनुच्छेद 275 (1) अंतर्गत पर्याप्त बजट प्रावधान किया जाता है।

महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

15. ( *क्र. 3891 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या रतलाम, मंदसौर, नीमच जिले से गुजरने वाले मुख्य सड़क मार्ग पर तथा आसपास के गाँवो में जाति विशेष की बालिग, नाबालिग बालिकाएं तथा महिलाएं जिस्मफरोशी (देह व्यापार) में संलग्न हैं? यदि हाँ, तो कितने वर्षों से? (ख) प्रश्नांश (क) संदर्भित देह व्यापार से जुड़ी ऐसी महिलाओं की संख्या कितनी है? क्या इनका रिकॉर्ड प्रशासन के पास उपलब्ध है? यदि नहीं, तो क्यों? क्या समय-समय पर ऐसी महिलाओं का रक्त परीक्षण स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जाता है? यदि हाँ, तो कब-कब, 1 जनवरी 2015 से प्रश्न दिनांक तक की जानकारी देते हुये बतायें की कितनी-कितनी महिलाओं में एड्स संबंधी पॉजेटिव, नेगेटिव परिणाम आये? पॉजेटिव महिलाओं के उपचार हेतु क्या सुविधाएं विभाग द्वारा प्रदान की जा रही हैं? (ग) प्रश्नांश (ख) संबंधी महिलाओं के लिए कोई ठोस कारगर योजना विभाग द्वारा बनाई गई है? यदि हाँ, तो उन पर कितना अमल हो पाया है, कितना नहीं? (घ) उक्त जिलों में उक्त महिलाओं के उत्थान के लिए कितने शा., अर्धशासकीय संगठन (NGO) कहाँ-कहाँ कार्य कर रहे हैं, उन्हें 1 जनवरी 2014 के पश्चात् कितनी राशि शासन द्वारा दी गई? राशि की उपयोगिता एवं सार्थकता का आंकलन किस अधिकारी ने कब किया, इसमें क्या अनियमितताएं पाई गईं?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) मध्‍यप्रदेश राज्‍य एड्स नियंत्रण समिति के द्वारा किसी भी जाति अथवा समुदाय आधारित महिला यौनकर्मियों की जानकारी संधारित नहीं की जाती है, अपितु राष्‍ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन, नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2008 में इन जिलों में देह व्‍यापार करने वाली महिलाओं की अनुमानित संख्‍या ज्ञात करने हेतु मैपिंग की गई है। (ख) वर्ष 2008 में राष्‍ट्रीय एड्स नियंत्रण स‍ंगठन, नई दिल्‍ली के द्वारा करायी गयी, मैपिंग के अनुसार इन जिलों में देह व्‍यापार से जुड़ी महिलाओं की संख्‍या की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। राज्‍य एड्स नियंत्रण समिति द्वारा चलायी जा रही लक्ष्‍यगत हस्‍तक्षेप परियोजना एवं लिंक वर्कर स्‍कीम के अन्‍तर्गत पंजीकृत महिला यौनकर्मियों का नियमित रक्‍त परीक्षण आई.सी.टी.सी. केन्‍द्रों में कराया जाता है। 1 जनवरी, 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त महिलाओं में एड्स संबंधी पॉजेटिव नेगेटिव परिणाम की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। रक्‍त परीक्षण में पॉजेटिव महिलाओं को संबंधित जिलों के ए.आर.टी. केन्‍द्रों में पंजीकृत करते हुए उपचार किया जाता है। (ग) राष्‍ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन, नई दिल्‍ली के निर्देशानुसार प्रदेश के विभिन्‍न जिलों में उच्‍च जोखिम समूहों यथा महिला यौनकर्मी के लिए एन.जी.ओ. के माध्‍यम से परियोजनाएं संचालित की जाती हैं, जिसके अन्‍तर्गत उच्‍च जोखिम व्‍यक्तियों में एच.आई.व्‍ही. की रोकथाम हेतु व्‍यवहार परिवर्तन, नियमित रक्‍त परीक्षण एवं एच.आई.व्‍ही. पॉजीटिव व्‍यक्तियों को चिकित्‍सीय सेवा की उपलब्‍धता कराना है। इन जिलों में संचालित एन.जी.ओ. के कार्य मूल्‍यांकन के आधार पर योजना का अमल संतोषजनक पाया गया है। (घ) उक्‍त जिलों में कार्यरत एन.जी.ओ. एवं उनके कार्य क्षेत्र तथा 01 जनवरी, 2014 से उन्‍हें दी गई राशि की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। राज्‍य एड्स नियंत्रण समिति द्वारा आवंटित राशि का ऑडिटर नियुक्‍त करते हुए ऑडिट कराया जाता है। 1 जनवरी, 2014 के पश्चात् आवंटित राशि का ऑडिट मेसर्स एस.बी.ए. एण्‍ड कम्‍पनी, इन्‍दौर के द्वारा कराया गया है, जिसमें कोई अनियमितता नहीं पायी गयी है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

बड़नगर विधानसभा क्षेत्र को बजट आवंटन

[स्कूल शिक्षा]

16. ( *क्र. 4731 ) श्री मुकेश पण्‍ड्या : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अंतर्गत उज्जैन जिले में सत्र 2015-16 में बाउण्ड्रीवाल के लिये कितने माध्यमिक हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी में लोकशिक्षण संचालनालय से कितना बजट आवंटित हुआ था। यह बजट किन विद्यालय के नाम हुआ था और कितनी राशि आवंटित हुई? (ख) उस सत्र में बड़नगर विधानसभा में राशि का उपयोग कौन कौन से विद्यालय में किया गया और नहीं किया गया तो किस कारण नहीं किया गया। क्या आवंटित राशि लैप्स (रद्द) हुई है? रद्द होने का कारण बतायें। उक्त आवंटित राशि किन किन अधिकारि‍यों की लापरवाही के कारण लैप्स हुई है व राशि पुन: आवंटित होने के लिये क्या कार्यवाही की गई? (ग) संबंधित अधिकारियों जिनकी वजह से राशि लैप्स हुई, उनके खिलाफ क्या कार्यवाही की गई अथवा की जायेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अंतर्गत बाउन्ड्रीवाल का प्रावधान नहीं है। परन्तु लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा राज्य बजट से बाउन्ड्रीवाल स्वीकृत किए हैं। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नाधीन राशि का उपयोग भुगतान की व्यवस्था परिवर्तित होने तथा वित्तीय वर्ष समाप्ति के कारण नहीं किया जा सका। जी हाँ! उत्तरांश के प्रकाश में शेषांश प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। वित्तीय वर्ष 2016-17 में इस मद में मांग के अनुरूप आवंटन प्राप्‍त नहीं होने के कारण उज्जैन जिले को राशि की स्वीकृति जारी नहीं की जा सकी है। आगामी वित्तीय वर्ष 2017-18 में प्रावधान होने पर राशि प्रदाय की जा सकेगी। (ग) उत्तरांश (ख) के प्रकाश में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''छ:''

नरसिंहगढ़ नगर में कन्‍या हायर सेकण्‍डरी विद्यालय की स्‍थापना

[स्कूल शिक्षा]

17. ( *क्र. 4618 ) श्री गिरीश भंडारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कन्‍या हायर सेकण्‍डरी विद्यालय खोलने के लिए क्‍या नियम हैं एवं नगर की कितनी आबादी पर दूसरा कन्‍या हायर सेकण्‍डरी विद्यालय खोला जा सकता है? नियम की प्रति उपलब्‍ध करावें (ख) नरसिंहगढ़ नगर में कितने कन्‍या हायर सेकण्‍डरी स्‍कूल संचालित हैं व उसमें कितनी छात्राएं किस-किस कक्षा में अध्‍यनरत हैं? (ग) प्रश्‍न की कंडिका (क) व (ख) की उपलब्‍ध जानकारी अनुसार नरसिंहगढ़ नगर में शासन एक और कन्‍या हायर सेकण्‍डरी स्‍कूल स्‍वीकृत करेगा? यदि हाँ, तो? कब तक? नहीं तो क्‍यों नहीं?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) पृथक से कन्‍या शाला खोलने का कोई मापदण्‍ड निर्धारित नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्‍िथत नहीं होता। (ख) 01 शासकीय कन्‍या उ.मा.वि. संचालित है। उक्‍त संस्‍था में कक्षा 9वीं में 287, कक्षा 10वीं में 111, कक्षा 11वीं में 291 एवं कक्षा 12वीं में 237 कुल 926 छात्राएं अध्‍यनरत हैं। (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में प्रश्‍न उपस्‍िथत नहीं होता।

अनु‍. जनजाति बस्तियों में किये गये निर्माण कार्य

[आदिम जाति कल्याण]

18. ( *क्र. 3372 ) श्री वेलसिंह भूरिया : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले के अनुसूचित जन‍जाति बस्‍ती विकास योजना के अंतर्गत वर्ष 2014-15 से 2015-16 तक कितनी राशि प्राप्‍त हुई? मदवार जानकारी दें (ख) इस योजना के अंतर्गत किन-किन ग्रामों/मजरे टोलों में खरंजा निर्माण एवं विद्युतीकरण के कार्य स्‍वीकृत हुए हैं? मदवार जानकारी एवं कार्य एजेंसी सहित जानकारी दें (ग) उक्‍त स्‍वीकृत कार्यों के विरूद्ध कितने पूर्ण हो गये हैं एवं कितने शेष हैं? शेष कार्य कब तक पूर्ण किये जायेंगे?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) प्रश्‍नांश अन्‍तर्गत वर्ष 2014-15 में रूपये 352.04 लाख एवं वर्ष 2015-16 में रूपये 424.80 लाख इस प्रकार कुल राशि रूपये 776.84 लाख की राशि प्राप्‍त हुई। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

नसबंदी ऑपरेशन की जाँच

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

19. ( *क्र. 1980 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या हटा सिविल अस्‍पताल में 25 नवम्‍बर 2016 में नसबंदी ऑपरेशन कैंप लगाया गया था? कितनी महिलाओं के नसबंदी ऑपरेशन किये गये? नाम, पतावार सूची उपलब्‍ध करावें (ख) प्रश्नांश (क) अंतर्गत क्‍या गंगा झिरिया हटा निवासी श्रीमती वंदना पाण्‍डे पत्‍नी श्री गणेश पाण्‍डे का भी ऑपरेशन कैंप में हुआ? जबकि वह गर्भवती थी, लेकिन फिर भी ऑपरेशन किया गया? क्‍या इस हेतु महिला आयोग की अध्‍यक्ष श्रीमती लता वानखेड़े एवं प्रश्‍नकर्ता द्वारा संज्ञान में लाने के बाद प्रशासन की इस लापरवाही पर आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं हुई? क्‍या कार्यवाही सुनिश्चित कराई जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। 19 महिलाओं के ऑपरेशन किये गये। सूची संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। दिनांक 25.11.2016 को सिविल अस्पताल, हटा में आयोजित नसबंदी कैंप में श्रीमती वंदना पाण्डेय पत्नी श्री धर्मेन्द्र पाण्डेय का नसबंदी ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के पूर्व नियमानुसार सभी आवश्यक चिकित्सकीय एवं पैथालॉजी जाँच कराई गई, जिसमें गर्भवती जाँच निगेटिव पाई गई थी। इस ऑपरेशन से संबंधित प्रकरण की जाँच बी.एम.ओ., हटा से कराई जाकर प्रतिवेदन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) दंडाधिकारी, हटा जिला दमोह को प्रस्तुत किया गया, जिसमें किसी भी स्टाफ व चिकित्सक की लापरवाही नहीं पाई गई। अतः कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''सात''

अन्‍तर्जातीय विवाह हेतु प्रोत्‍साहन राशि का प्रदाय

[अनुसूचित जाति कल्याण]

20. ( *क्र. 1800 ) श्री अनिल फिरोजिया : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अन्‍तर्जातीय विवाह को प्रोत्‍साहन देने हेतु शासन की क्‍या योजना है? क्‍या प्रोत्‍साहन स्‍वरूप कोई राशि हितग्राही को दी जाती है? यदि हाँ, तो कितनी? (ख) उज्‍जैन जिले में विगत तीन वर्षों में अन्‍तर्जातीय विवाह प्रोत्‍साहन राशि प्राप्‍त करने हेतु कितने आवेदन प्राप्‍त हुए? कितने स्‍वीकृत/पात्र पाये गये? (ग) कितने पात्र आवेदकों को प्रोत्‍साहन राशि का भुगतान कर दिया गया? कितने आवेदकों के भुगतान लंबित हैं? लंबित रहने का क्‍या कारण है? (घ) उक्‍त प्रोत्‍साहन राशि एवं प्रमाण-पत्र वितरण किनकी उपस्थिति में वितरण किये गये? प्रमाणित ब्‍यौरा देवें

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) अन्‍तर्जातीय विवाह प्रोत्‍साहन योजना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) समस्‍त 72 पात्र आवेदकों को भुगतान किया गया। (घ) प्रोत्‍साहन राशि का भुगतान कोषालय के माध्‍यम से सीधे हितग्राही के संयुक्‍त बैंक खाते में किया जाता है। प्रतिवर्ष 26 जनवरी को सार्वजनिक कार्यक्रम में प्रमाण-पत्र मुख्‍य अतिथि के द्वारा वितरित किये जाते हैं।

स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में डॉक्‍टरों की पदस्‍थापना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

21. ( *क्र. 670 ) श्रीमती नंदनी मरावी : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिहोरा विधान सभा क्षेत्रांतर्गत सिविल अस्‍पताल सिहोरा, मझगवां एवं कुण्‍डम में कितने-कितने विशेषज्ञ डॉक्‍टर एवं स्‍टॉफ के पद स्‍वीकृत हैं? अस्‍पतालवार सूची उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) स्‍वीकृत पदों के अनुरूप कितने पद भरे हुये हैं। कितने रिक्‍त हैं, रिक्‍त पदों की पूर्ति अभी तक क्‍यों नहीं की गई। कब तक स्‍वीकृत पदों की पूर्ति कर दी जायेगी? यह भी बतायें कि इन अस्‍पतालों में किन-किन विशेषज्ञ चिकित्‍सकों के पद मरीजों की संख्‍या को देखते हुये स्‍वीकृत किया जाना प्रस्‍तावित है?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं, जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। विशेषज्ञ/चिकित्सकों/स्टॉफ की कमी के कारण शत-प्रतिशत पदपूर्ति की जाना संभव नहीं हो सका है। वर्ष 2011 में पदों के पुनर्वितरण अनुसार सिहोरा, मझगवां एवं कुण्डम में निर्धारित मापदण्ड अनुसार पर्याप्त पद स्वीकृत हैं।

परिशिष्ट - ''आठ''

स्थानांतरित प्राचार्य को भारमुक्त किया जाना

[स्कूल शिक्षा]

22. ( *क्र. 3739 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सतना जिले के विकासखण्ड अमरपाटन अंतर्गत शा.उत्कृष्ट उच्च.मा.वि. अमरपाटन में पदस्थ प्राचार्य श्री श्रवण कुमार सिंह तिवारी का स्थानान्तरण लोक शिक्षण संचालनालय म.प्र. भोपाल के आदेश क्र. 367, दिनांक 10/06/2015 द्वारा बालाघाट जिले के विकासखण्ड खैरलांजी के शा.उच्च.मा.वि. कटोरी के लिए किया गया था? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो क्या संबंधित प्राचार्य द्वारा स्थानान्तरण के विरुद्ध माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में अपील की गई थी, जिस अपील के विरुद्ध माननीय न्यायालय द्वारा पारित निर्णय दिनांक 11/04/2016 द्वारा रोक हटाते हुए संबंधित जिले के लिए भार मुक्त करने हेतु शासन को निर्देश दिए गए हैं? (ग) प्रश्नांश (ख) यदि हाँ, तो क्या शासन द्वारा माननीय न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देश के अनुसार संबंधित प्राचार्य को भारमुक्त किया गया? यदि नहीं, तो क्यों कारण सहित बताएँ? (घ) क्या संबंधित प्राचार्य द्वारा विगत कई वर्षों से शासन द्वारा प्राप्त राशि का दुरूपयोग करते हुए भ्रष्टाचार किया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्या इसकी भी जाँच कराकर राशि की वसूली की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? क्या इनकी फर्जी नियुक्ति के संबंध में प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है? यदि हाँ, तो किस न्यायालय में? अद्यतन स्थिति सहित जानकारी देवें

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। संबंधित प्राचार्य द्वारा मान. मध्‍यप्रदेश उच्‍च न्‍यायालय, जबलपुर में याचिका क्रमांक 621/2015 दायर की गई थी। जिस पर मान. न्‍यायालय द्वारा संबंधित अपील खारिज करते हुए अभ्‍यावेदन सक्षम अधिकारी के समक्ष प्रस्‍तुत करने एवं विधि सम्‍मत निराकरण करने के निर्देश दिए गये। (ग) प्रकरण परीक्षणाधीन है परीक्षणोपरांत नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। (घ) प्रकरण की जाँच की जा रही है, जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर गुण-दोष के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

राजपत्रित अधिकारियों की पदस्‍थापना

[स्कूल शिक्षा]

23. ( *क्र. 1675 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान में लोक शिक्षण संचालनालय, प्रौढ़ शिक्षा संचालनालय, राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र, पाठ्य पुस्‍तक निगम, संस्‍कृत बोर्ड, माध्‍यमिक शिक्षा मण्‍डल एवं संयुक्‍त संचालक लोक शिक्षण, भोपाल के अन्‍तर्गत कहाँ-कहाँ और कितने प्रथम श्रेणी के राजपत्रित अधिकारी पदस्‍थ हैं? नाम, पद, कार्यरत संस्‍था एवं अवधि सहित जानकारी दें (ख) क्‍या परियोजना अधिकारी ग्रामीण क्रियात्‍मक साक्षरता परियोजना के पद से पदोन्‍नति उपरान्‍त जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी के पद पर पदस्‍थ किया गया था? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) प्रश्नांश (क) के अधिकारी जो भोपाल में 03 वर्ष से अधिक समय से पदस्‍थ हैं, उन्‍हें फील्‍ड का अनुभव लेने के लिए भोपाल से बाहर अन्‍य संभागों में पदस्‍थ किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक जानकारी दें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी का पद पदोन्‍नति का पद नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रशासनिक व्यवस्था एवं आवश्यकतानुसार विभागीय अधिकारियों की अन्यत्र पदस्थापना की जाती है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

क्रय किये गये कम्‍प्‍यूटर की राशि का भुगतान

[आदिम जाति कल्याण]

24. ( *क्र. 410 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सहायक आयुक्‍त आदिवासी विकास अनूपपुर जिला अनूपपुर द्वारा वित्‍तीय वर्ष 2016-17 में क्रय किये गये कम्‍प्‍यूटर की राशि भुगतान हेतु जिला कोषालय अनूपपुर में राशि आहरण हेतु देयक प्रस्‍तुत किया गया है? यदि हाँ, तो क्रय किये किये गये कम्‍प्‍यूटर की संख्‍या एवं देयक की राशि बतायें। (ख) क्‍या जिला कोषालय द्वारा राशि आहरित कर दी गई? यदि हाँ, तो किस दिनांक को? यदि नहीं, तो राशि आहरित न करने का क्‍या कारण रहा है? (ग) क्‍या सहायक आयुक्‍त द्वारा कोषालय में देयक प्रस्‍तुत करने के पूर्व कम्‍प्‍यूटर प्राप्‍त कर स्‍टॉक पंजी में एंट्री की गई है? यदि हाँ, तो स्‍टॉक पंजी का पृष्‍ठ क्र. व दिनांक बतायें? यदि नहीं, तो सामग्री प्राप्‍त किये बिना राशि आहरण हेतु किस आधार पर देयक कोषालय में प्रस्‍तुत किये गये?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) वित्‍तीय वर्ष 2016-17 में सहायक आयुक्‍त अनूपपुर द्वारा कोई कम्‍प्‍यूटर क्रय नहीं किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) एवं (ग) शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

निर्माणाधीन एम.सी.एच. भवन की क्षमता में वृद्धि

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

25. ( *क्र. 4362 ) श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रतलाम में निर्माणाधीन 125 बिस्‍तरीय एम.सी.एच. भवन की क्षमताओं में अतिरिक्‍त प्रावधान कर इसे 181 बिस्‍तरीय करने की कार्यवाही करेंगे? (ख) क्षमता वृद्धि का प्रस्‍ताव संभागीय परियोजना यंत्री लोक निर्माण विभाग (पी.आई.यू.) द्वारा आयुक्‍त संचालनालय स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं भोपाल को अनुशंसा के साथ भेजा गया है। इस पर अब तक क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) इस हेतु आवश्‍यक अतिरिक्‍त राशि की स्‍वीकृति कब तक प्राप्‍त होगी?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। संभागीय परियोजना यंत्री लोक निर्माण विभाग (पी.आई.यू.), रतलाम के प्रस्ताव को विभाग द्वारा अनुमोदित कर दिया गया है। (ग) आवश्‍यक अतिरिक्त राशि, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की वर्ष 2017-18 की कार्ययोजना में प्रस्तावित की गई है, जिसकी प्राप्ति भारत सरकार की स्वीकृति उपरांत होगी।

 

 

 




भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में

परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


चिकित्‍सा दवाइयों व उपकरणों की उपलब्‍धता

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

1. ( क्र. 71 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में सरदार वल्‍लभ भाई पटेल निःशुल्‍क औषधि वितरण योजना के तहत सरकारी अस्‍पतालों में कितने प्रकार की कौन-कौन सी उच्‍च स्‍तरीय जेनेरिक दवाइयां मरीजों को मुफ्त दी जा रही है? विवरण दें। (ख) क्‍या उपरोक्‍त सभी दवाइयां रतलाम जिले सहित उज्‍जैन संभाग के सभी चिकित्‍सालयों (शासकीय) में उपलब्‍ध हैं? (ग) मरीजों को बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य सुविधायें प्रदान करने की दिशा में उज्‍जैन-रतलाम-मंदसौर जिलों में किन-किन चिकित्‍सालयों में किस-किस जाँच चिकित्‍सा उपकरणों की कमी है? तहसीलवार ब्‍यौरा दें? उक्‍त कमी कब तक पूर्ण होगी?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) प्रदेश में सरदार वल्लभ भाई पटेल निःशुल्क औषधि वितरण योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में उच्च स्तरीय जेनेरिक दवाइयां न्यूनतम आवश्यक दवा सूची अनुसार एवं आवश्यक दवा सूची अनुसार मरीजों को मुफ्त दी जा रही है। सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) रतलाम जिले सहित उज्जैन संभाग के शासकीय चिकित्सालयों में उपलब्ध दवाइयों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें प्रदान करने की दशा में उज्जैन-रतलाम-मंदसौर जिलों में चिकित्सालयों में जाँच चिकित्सा उपकरणों में कमी की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। चिकित्सालयों की आवश्यकता आवंटन एवं सुविधा के अनुसार उपकरण क्रय किये जाते है। स्वास्थ्य संस्थाओं द्वारा जाँच उपकरण की मांग प्राप्त होते ही तुरंत उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कार्यवाही की जाती है।

स्वी‍कृत सेटअप अनुसार चिकित्सकों की पदस्थापना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

2. ( क्र. 115 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या स्वास्थ्‍य केन्‍द्र पनागर एवं बरेला में स्वीकृत सेटअप अनुसार चिकित्सकों के पदस्थ न होने के कारण मरीजों को जबलपुर रिफर किया जाता हैं? (ख) यदि हाँ, तो क्या प्रश्नांश (क) के अधीन ये स्‍वास्‍थ्‍य केन्द्र केवल रिफर सेंटर का कार्य कर रहे हैं? (ग) यदि नहीं, तो क्या स्वीकृति अनुसार अमले की पदस्था‍पना की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, पनागर एवं बरेला में विशेषज्ञों के 03-03 तथा चिकित्‍सा अधिकारी के 02-02 पद स्वीकृत हैं। पनागर में 04 चिकित्सक एवं बरेला में 02 चिकित्सक पदस्थ होकर आम जन का स्वास्थ्य सुविधाऍ प्रदान कर रहे हैं। केवल गंभीर मरीजों को ही जबलपुर रेफर किया जाता है। विशेषज्ञों के शत्-प्रतिशत पद पदोन्नति से भरे जाने का प्रावधान है एवं वर्तमान में विशेषज्ञों के कुल स्वीकृत 3273 पदों के विरूद्ध मात्र 1126 विशेषज्ञ कार्यरत हैं, अतः सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर की संस्थाओं में विशेषज्ञों की पदस्थापना में कठिनाई हो रही है। पदस्थ चिकित्सकों द्वारा आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जा रही है। (ख) जी नहीं। (ग) बरेला में 02 एवं पनागर में 04 चिकित्‍सा अधिकारी कार्यरत हैं, विशेषज्ञों की पदपूर्ति हेतु उत्‍तरांश (क) के संदर्भ में, निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।

अ.जा./अ.ज.जा. कृषकों के यहां ट्रांसफार्मर लगाये जाना

[आदिम जाति कल्याण]

3. ( क्र. 162 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कृषकों के यहां ट्रांसफार्मर (डी.पी.) लगाने के क्‍या प्रावधान है? विधान सभा क्षेत्र बड़वाहा में आदिम जाति कल्‍याण विभाग में माह अप्रैल 2014 से आज तक डी.पी. हेतु कितने आवेदन पत्र प्राप्‍त हुए हैं और प्राप्‍त आवेदन पत्र में से कितने अस्‍वीकृत हुए हैं? (ख) कितने प्रकरण विभाग के पास लंबित हैं, लंबित रहने के क्‍या कारण हैं? प्राप्‍त आवेदनों को किस आधार पर वरीयता क्रम दिया जाता है वर्षवार सूची उपलब्‍ध करावें एवं निर्देशों की कॉपी उपलब्‍ध करावें? जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रश्नांश (क) अवधि में कितने पत्र लिखे गये, क्‍या विभाग द्वारा उत्‍तर दिया गया और कितने पत्रों पर कार्यवाही की गई?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) अनुसूचित जनजाति वर्ग के कृषकों के यहां ट्रांसफार्मर (डी.पी.) लगाने संबंधी आदिम जाति कल्याण विभाग की अलग से कोई योजना नहीं है। आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा विद्युतीकरण से संबंधित जारी निर्देशों की प्रति संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। विधानसभा क्षेत्र बड़वाह में, अनुसूचित जनजाति मोहल्ले में ट्रांसफार्मर लगाने हेतु एक आवेदन पत्र सहायक आयुक्त आदिवासी विकास जिला खरगोन को प्राप्त हुआ था। विभाग की ट्रांसफार्मर लगाने की कोई योजना तत्समय नहीं होने से, उक्त आवेदन उनके द्वारा अस्वीकृत किया गया। (ख) उत्तरांश ' के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''एक''

आदिवासी बाहुल्‍य ग्रामों में विकास कार्य

[आदिम जाति कल्याण]

4. ( क्र. 190 ) श्री कैलाश चावला : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा माननीय मंत्री, आदिम जाति कल्‍याण विभाग एवं आयुक्‍त आदिम जाति कल्‍याण विभाग को पत्र लिखकर मनासा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले आदिवासी बाहुल्‍य ग्रामों में विकास कराए जाने हेतु कुछ प्रस्‍ताव पत्र के साथ दिनांक 28-06-2015 को भेजे गये थे जिस पर ग्राम बिलवाज, आदिवासी बस्‍ती में सी.सी. रोड निर्माण हेतु 2.695 लाख एवं ग्राम बंजारी, आदिवासी बस्‍ती में सी.सी.रोड हेतु 2.72 लाख की राशि स्‍वीकृति की जानकारी दी है, तो उक्‍त कार्यों की वर्तमान में अद्यतन स्थिति क्‍या है? (ख) 28.6.2015 के संलग्‍न प्राक्‍कलन में शेष प्रस्‍तावों के संबंध में सीमित वित्‍तीय संसाधन के परिप्रेक्ष्‍य में समय-सीमा निर्धारित न करने का उत्‍तर प्रश्नांश (ख) में दिया था क्‍या आगामी बजट उपलब्‍धता के आधार पर इन प्रस्‍तावों पर विचार किया जाएगा?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) उक्‍त दोनों कार्य पूर्ण हो चुके हैं। (ख) विभागीय मापदण्‍ड अनुसार परीक्षण कर आगामी वर्ष की कार्ययोजना में सम्मिलित किया जावेगा।

अध्‍यापक संवर्ग के लिये गंभीर बीमारी के उपचार हेतु योजना

[स्कूल शिक्षा]

5. ( क्र. 242 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विदिशा जिले के स्‍थानीय निकायों में कितने वरिष्‍ठ अध्‍यापक, अध्‍यापक सहायक अध्‍यापक कार्यरत है, संख्‍या बतायें? (ख) क्‍या अध्‍यापकों एवं उनके परिवार के सदस्‍यों जो कि  गंभीर बीमारी (कैंसर, ह्दय, किडनी, न्‍यूरों, डायलीसिस, हेड इन्‍ज्‍यूरी, घुटना बदलना, कूल्‍हे का ऑपरेशन, स्‍पाइनल सर्जरी, पैस मैकर, जटिल प्रसूति, आदि अन्‍य रोग) से पीड़ि‍त है, के उपचार हेतु कोई योजना है, हाँ तो बतावें? यदि नहीं, तो क्‍या योजना बनाने पर शासन विचार करेगा? समय-सीमा बतावें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) विदिशा जिले के शहरी स्‍थानीय निकाय एवं जिला पंचायत में कार्यरत वरिष्‍ठ अध्‍यापक, अध्‍यापक, सहायक अध्‍यापक की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एक एवं दो अनुसार है। (ख) अध्‍यापक संवर्ग में कार्यरत सेवकों को चिकित्‍सा प्रतिपूर्ति का कोई प्रावधान नहीं है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''दो''

कार्तिक मेला प्रदर्शनी में वित्तीय अनियमितता

[स्कूल शिक्षा]

6. ( क्र. 454 ) श्री सतीश मालवीय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन जिला परियोजना समन्‍वयक द्वारा कार्तिक मेला में लगाई गई प्रदर्शनी में विकासखण्ड स्रोत समन्‍वयक उज्जैन शहर के बजाए उज्जैन ग्रामीण को निर्देश दिये गये। यदि हाँ, तो शहरी क्षेत्र में विकासखण्ड स्रोत समन्‍वयक शहर को स्वीकृति‍ न दी जाकर विकासखण्ड स्रोत समन्‍वयक ग्रामीण को किस आधार पर दी गई? (ख) लगाई गई कार्तिक मेला प्रदर्शनी में हुये खर्च का कितना बजट था, समिति द्वारा कितने बजट का अनुमोदन किस कार्य हेतु कितना-कितना किया गया था? इस संबंध में भ्रष्टाचार की क्‍या कोई शिकायत प्राप्त हुई है? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? (ग) क्या सम्बंधित ठेकेदार को भुगतान करने हेतु विकासखंड स्रोत समन्वयक ग्रामीण में पदस्थ किसी कर्मचारी पर दबाव डाला गया? क्या कर्मचारी को भुगतान न करने पर प्रतिनियुक्ति समाप्त करने की कार्यवाही की गई है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। जिला शिक्षा केन्‍द्र, उज्‍जैन के आदेश क्रमांक सशिअ/मोबि/2016/2610 उज्‍जैन दिनांक 05.11.2016 द्वारा विकासखंड स्‍त्रोत केन्‍द्र समन्‍वयक, जनपद शिक्षा केन्‍द्र, उज्‍जैन दिनांक 05.11.2016 द्वारा विकासखंड स्‍त्रोत केन्‍द्र समन्‍वयक, जनपद शिक्षा केन्‍द्र, उज्‍जैन ग्रामीण एवं उज्‍जैन शहर को अधिकृत किया गया। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) रूपये 42,600/-। स्वीकृत राशि का विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट पर है। जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''तीन''

जिला आयुर्वेद अधिकारी द्वारा दवाई वितरण में अनियमितता

[आयुष]

7. ( क्र. 567 ) श्री तरूण भनोत : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2015-16 में आयुर्वेदिक अधिकारी कार्यालय जबलपुर को दवाइयां वितरण हेतु कितना आवंटन प्राप्‍त हुआ था एवं कितनी दवाइयां क्रय की गई व वितरित की गई? (ख) क्‍या जिला आयुर्वेद अधिकारी जबलपुर को आयुर्वेद दवाइयों के नाम पर अनियमितता के प्रकरण में विभागीय जाँच हेतु शासन द्वारा नोटिस जारी किया गया है? (ग) क्‍या वर्णित (ख) के अधिकारी पर गरीब पीड़ि‍तों को नकली दवाइयां वितरण करवाने के आरोप भी लगाये गये हैं? (घ) यदि वर्णित (ख) (ग) सत्य तो वर्णित (ख) के अधिकारी पर शासन क्‍या दण्‍डात्‍मक कार्यवाही रहेगा? यदि नहीं, की गई तो कब तक कार्यवाही की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) राशि रूपये 50000/- का आवंटन एवं 49993/- रूपये की दवाइयां क्रय कर वितरित की गई। (ख) जी नहीं। (ग) जी हाँ। जाँच में आरोप निराधार पाये गये। (घ) उत्तरांश एवं '''' एवं '''' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

न्‍यूरो सर्जरी विभाग के भवन निर्माण हेतु आवंटन, व्‍यय एवं पूर्ण अवधि की जानकारी

[चिकित्सा शिक्षा]

8. ( क्र. 577 ) श्री तरूण भनोत : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय नेताजी सुभाष चंद्र बोस चिकित्‍सालय जबलपुर में न्‍यूरो सर्जरी विभाग की स्‍थापना कब हुई थी? क्‍या विभाग का स्‍वयं का भवन पूर्ण न होने के कारण न्‍यूरो से संबंधी गंभीर मरीजों का ऑपरेशन का क्रम दो माह में आता है जिससे अनेक रोगियों की असमय मृत्‍यु हो जाती है? (ख) प्रश्नांश (क) की संस्‍था में न्‍यूरो सर्जरी विभाग का भवन निर्माण हेतु शासन द्वारा कितना आवंटन प्राप्‍त हुआ, कितना व्‍यय हुआ एवं भवन निर्माण की पूर्ण अवधि तिथि क्‍या थी वर्तमान में भवन निर्माण की क्‍या स्थिति है? (ग) क्‍या उक्‍त न्‍यूरो सर्जरी विभाग में बिस्‍तरों की संख्‍या 16 है एवं न्‍यूरो से पीड़ि‍त मरीजों के आधार पर बिस्‍तरों की संख्‍या 60% होना आवश्‍यक है? (घ) अब कब तक प्रश्नांश (क) की संस्‍था में न्‍यूरो सर्जरी विभाग का भवन निर्माण पूर्ण कर लिया जावेगा?

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( एडवोकेट शरद जैन ) : (क) चिकित्सा महाविद्यालय में न्यूरो सर्जरी विभाग की स्थापना दिनांक 07 जनवरी, 2012 को हुई है। जी नहीं। (ख) न्यूरो सर्जरी विभाग के भवन निर्माण के लिए वर्ष 2012 में शासन द्वारा रूपये 3 करोड़ 12 लाख आवंटित किया गया था। उक्त आवंटित राशि से अभी तक लगभग 50 प्रतिशत निर्माण पूर्ण हुआ है तथा निर्माण प्रक्रिया सतत् जारी है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होते। (ग) जी हाँ। मरीजों की औसत संख्या 70-80 प्रतिदिन है। (घ) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में शेष 50 प्रतिशत निर्माण शीघ्र पूर्ण किया जाना लक्षित है।

हाई स्‍कूल निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

9. ( क्र. 631 ) श्री गिरीश गौतम : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले के रायपुर कर्चुलियान विकास खण्‍ड अंतर्गत शासकीय हाई स्‍कूल तिवरिगवां का नया भवन कब बनकर तैयार हुआ? भवन निर्माण की एजेंसी का नाम बतावें। (ख) क्‍या हाई स्‍कूल का संचालन नये भवन में हो रहा है? यदि नहीं, तो क्‍यों इस के लिए कौन जिम्‍मेवार है उसके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जायेगी तथा स्‍कूल का संचालन नये भवन में कब तक कर दिया जायेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) रीवा जि‍ले के रायपुर कर्चुलि‍यान वि‍कासखंड अंतर्गत शासकीय हार्इस्‍कूल ति‍वरि‍गवां के भवन निर्माण एजेंसी संभागीय परि‍योजना यंत्री, लोक निर्माण वि‍भाग (पी.आई.यू) द्वारा दि‍नांक 02.07.2016 को कार्य पूर्ण कि‍या गया। (ख) जी हाँ, शासकीय हाईस्‍कूल ति‍वरि‍गवां (कक्षा 9,10) का संचालन नवीन भवन में दि‍नांक 25.07.2016 से कि‍या जा रहा है। अत: शेषांश का प्रश्‍न ही नहीं उठता।

प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र मझगवां का उन्‍नयन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

10. ( क्र. 671 ) श्रीमती नंदनी मरावी : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिहोरा विधान सभा क्षेत्रांतर्गत प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र मझगवां को सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में उन्‍नयन करने हेतु प्रश्‍नकर्ता के द्वारा दिनांक 01/01/2016 से प्रश्‍नांश दिनांक तक कब-कब ज्ञापन दिये गये? ज्ञापन की प्रति उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) मांग के अनुरूप अभी तक मझगवां प्रा. केन्‍द्र को सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में उन्‍नयन क्‍यों नहीं किया गया, जबकि मझगवां ग्रामीण अंचल का केन्‍द्र बिन्‍दु है और 30 बिस्‍तर का एक भी सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र नहीं है? कब तक उन्‍नयन करते हुये सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र के नाम से चिकित्‍सकों एवं अन्‍य स्‍टाप की पदस्‍थापना दी जावेगी।

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) प्रश्नकर्ता द्वारा दिनांक 07.12.2016 को पत्र/ज्ञापन दिया गया। पत्र की छायाप्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) वर्तमान में 10 बिस्तरीय बीमॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, मझगवां का पूरा उपयोग नहीं होने से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन किया जाना संभव नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''चार''

प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र की स्‍वीकृति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

11. ( क्र. 797 ) श्री के.पी. सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में विगत तीन वर्षों में किस-किस विधानसभा क्षेत्र में कितने प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खोले गये हैं? विधानसभा क्षेत्रवार, ग्राम के नाम सहित जानकारी दें। (ख) क्‍या इन प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों को स्‍वीकृत करने में पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया गया है? जहां अत्‍याधिक जरूरत थी, ऐसे क्षेत्रों की उपेक्षा की गई हैं? यदि हाँ, तो इसके कारण क्‍या हैं?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) प्रदेश में विगत तीन वर्षों में 16 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोले गये है, इसकी विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''पाँच''

आसंजित (अटैच) कर्मचारियों की मूल संस्‍था में पदस्‍थी

[स्कूल शिक्षा]

12. ( क्र. 807 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) देवास जिले अंतर्गत शिक्षा विभाग के ऐसे कितने कर्मचारी हैं जो अपने मूल कार्यालय/संस्‍था में पदस्‍थ न होकर अन्‍य कार्यालय एवं संस्‍था में पदस्‍थ है? पदस्‍थापना संस्‍था एवं वर्तमान में कार्यरत संस्‍था व कर्मचारी का नाम बतावें? (ख) शासन/विभाग के आदेश हैं कि शिक्षा विभाग में कार्यरत कर्मचारी अपनी सेवाएं मूल संस्‍था में ही देंगे, फिर अन्‍य संस्‍थाओं/कार्यालयों में उक्त कर्मचारी अपनी सेवाएं किस अधिकारी के आदेशानुसार दे रहे हैं एवं क्‍यों कारण बतावें? (ग) देवास जिले अंतर्गत शिक्षा विभाग के जो कर्मचारी मूल संस्‍था के अलावा अन्‍य संस्‍था में कार्यरत है तो किस दिनांक व वर्ष से कार्यरत हैं? (घ) देवास जिले के किसी भी अधिकारी द्वारा अटेचमेंट (असंजन) संबंधी आदेश क्‍या निश्चित अवधि के लिए दिया गया था? अगर हाँ, तो क्‍या अवधि समाप्‍त होने के पश्‍चात् आसंजित कर्मचारी को पुन: मूल संस्‍था में कार्य करने हेतु आदेशित किया गया? अगर हाँ तो ओदश की छायाप्रति बतावें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) प्रकरणों की जांच कराई जा रही है।

शबरी कुंभ के लिए उपलब्‍ध राशि

[आदिम जाति कल्याण]

13. ( क्र. 858 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 24 फरवरी 2016 को जिला मुख्‍यालय अनूपपुर में शबरी कुंभ आयोजन हेतु कुल कितनी राशि उपलब्‍ध करायी गयी थी? उपलब्‍ध राशि में से कुल कितनी राशि किस प्रायोजन हेतु भुगतान की गयी है प्राप्‍तकर्ता एजेन्‍सी का नाम, राशि, भुगतान दिनांक का उल्‍लेख करें? (ख) क्‍या कुछ लोगों एवं एजेंसी की देनदारी शेष है? यदि हाँ, तो किस एजेन्‍सी की कितनी राशि शेष है? शेष होने का कारण क्‍या है? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित राशि उपलब्‍ध कराते हुए विभाग ने भार-साधक अधिकारी को किन शर्तों के आधार पर राशि उपलब्‍ध करायी थी? आदेश का पालन न होने पर उक्‍त अधिकारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, की गई तो कारण बतावें?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) 24, फरवरी 2016 को जिला मुख्‍यालय अनूपपुर में शबरी कुंभ आयोजन हेतु क्रमश: 30.00 लाख एवं 20.00 लाख कुल 50.00 लाख राशि उपलब्ध करायी गई थी। उपलब्‍ध राशि में से कुल राशि रू. 27.66 लाख व्‍यय की गई है। कार्य का प्रयोजन एवं प्रयोजन अनुसार भुगतान की गई राशि एवं प्राप्‍तकर्ता एजेन्‍सी का नाम भुगतान दिनांक का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जी हाँ। एजेन्‍सीवार लंबित देयक के भु्गतान का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित राशि उपलब्‍ध कराते हुये विभाग ने भार-साधक अधिकारी को म.प्र. कोष संहिता का भाग-1 के उपनियम 284 का पालन किये जाने तथा समय-समय पर जारी मितव्‍ययता संबंधी शासन आदेशों का पालन किये जाने के निर्देश दिये गये थे। शासन आदेशानुसार सक्षम अधिकारी द्वारा प्रमाणित देयकों का भुगतान कलेक्‍टर के अनुमोदन पश्‍चात् संबंधित कार्य एजेन्‍सी को किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

पिपलरांवा के सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र का उन्‍नयन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

14. ( क्र. 896 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा प्रदेश वासियों के बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य एवं सुखमय जीवन के लिए प्राथमिक, सामुदायिक व जिला स्‍तर पर किन-किन जन कल्‍याणकारी योजनाओं के माध्‍यम से क्‍या-क्‍या सुविधाएं उपलब्‍ध कराई जा रही है? (ख) क्‍या सोनकच्‍छ विधानसभा क्षेत्र के नगर पिपलरांवा जो कि सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होकर आस-पास के लगभग 20-25 ग्रामों के नागरिक यहां से जुड़े हुए हैं इनके उचित ईलाज हेतु नगर के प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र को सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में उन्‍नत किये जाने की योजना है या नहीं? यदि हाँ, तो क्‍या? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? (ग) क्‍या विभाग द्वारा क्षेत्र के सैकड़ों हजारों रहवासियों के बेहतर ईलाज वा शीघ्र स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं उपलब्‍ध कराने की दृष्टि से नगर को सामुदायिक केन्‍द्र की सौगात दी जावेगी या नहीं?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। जनसंख्या के निर्धारित मापदंड अनुसार उन्नयन की पात्रता नहीं होने से। (ग) जी नहीं।

परिशिष्ट - ''छ:''

टोंककला के अधूरे स्‍कूल भवन का निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

15. ( क्र. 897 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग द्वारा सोनकच्‍छ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत में हायर सेकेण्‍ड्री स्‍कूल के छात्र-छात्राओं के उज्‍जवल भविष्‍य के लिए स्‍कूल भवन स्‍वीकृत किया गया था? हाँ या नहीं? यदि हाँ, तो जानकारी देवें? (ख) क्‍या ग्राम टोककलॉ में स्‍कूल भवन स्‍वीकृत होकर निर्माण कार्य प्रांरभ हुआ था, जिसका कार्य अधूरा ही छोड़ दिया गया जिसके कारण छात्र-छात्राओं को पढ़ाई करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है? (ग) क्‍या शासन छात्र-छात्राओं के भविष्‍य को ध्‍यान में रखते हुए उक्‍त अधूरे स्‍कूल भवन को पूरा करने हेतु राशि स्‍वीकृत करेगा या नहीं, यदि हाँ, तो कब तक, यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। सोनकच्‍छ विधान सभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत टोप कलॉ में हायर सेकेण्डरी स्कूल का भवन 15.01.2007 को स्वीकृत किया गया था। (ख) जी हाँ। निर्माण कार्य अपूर्ण है। शासकीय उ.मा.वि. टोककलॉ जिला देवास का संचालन माध्‍यमिक विद्यालय के भवन पर किया जा रहा है। (ग) सक्षम समिति के अनुमोदन पश्चात कार्यवाही की जावेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

बस्‍ती विकास योजनांतर्गत राशि का दुरूपयोग

[अनुसूचित जाति कल्याण]

16. ( क्र. 1251 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कार्यालय कलेक्‍टर जिला भिण्‍ड के द्वारा अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास के अंतर्गत निर्माण कार्यों के लिए क्‍या मापदण्‍ड निर्धारित किए गए हैं? छायाप्रति सहित जानकारी दें। (ख) जिला संयोजक आदिम जाति कल्‍याण विभाग भिण्‍ड ने अक्‍टूबर से दिसम्‍बर 2016 त्रैमासिक के अंतर्गत कौन से प्रकरण में कितनी राशि का तकनीकी प्रतिवेदन बनाया गया कितनी राशि स्‍वीकृत की गई? राशि स्‍वीकृत करने का क्‍या आधार हैं? किस जनप्रतिनिधि की अनुशंसा पर स्‍वीकृत हुआ? (ग) प्रश्नांश (ख) के अंतर्गत स्‍वीकृत प्रकरण की ग्राम पंचायत में अनुसूचित जाति की कितनी जनसंख्‍या निवासरत है? क्‍या कम जनसंख्‍या वाली ग्राम पंचायतों में निर्माण करवाया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्‍यों? (घ) क्‍या प्रश्नांश (ख) में भिण्‍ड विधानसभा के अंतर्गत एक भी प्रकरण स्‍वीकृत नहीं किया गया? इसके क्‍या कारण हैं? इसके लिए कौन दोषी हैं? क्‍या कार्यवाही की जायेगी?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ' अनुसार है। (ख) जिला संयोजक द्वारा तकनीकी प्रतिवेदन नहीं बनाया गया है। स्‍वीकृत राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ' अनुसार है। राशि स्‍वीकृत करने का आधार अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास नियम, 2014 है जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ' अनुसार है। नियम में जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा का प्रावधान नहीं है। अत: प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ' अनुसार है। जी नहीं। (घ) जी नहीं। भिण्‍ड विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुल 03 निर्माण स्‍वीकृत किये गये हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

जनजाति बस्‍ती विकास के अतंर्गत कार्यों की स्‍वीकृति

[विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जाति कल्याण]

17. ( क्र. 1318 ) श्री राजकुमार मेव : क्या राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विमुक्‍त, घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जनजाति बस्‍ती विकास योजनान्‍तर्गत (बंजारा समाज) प्रश्‍नकर्ता द्वारा वर्ष 2015-16 से वर्तमान तक तहसील महेश्‍वर के लिए कितने कार्यों की स्‍वीकृति हेतु प्रस्‍ताव दिये गये? कार्यवार जानकारी उपलब्‍ध कराई जावे? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के प्रस्‍तावों पर सहायक आयुक्‍त आदिवासी विकास खरगोन द्वारा नियमानुसार दस्‍तावेजों की पूर्णता कर शासन को भेजे गये है? यदि हाँ, तो किस दिनांक को? शासन स्‍तर पर दस्‍तावेजों में कोई कमी पाई गई तो किस पत्र क्रमांक से पुन: सहायक आयुक्‍त खरगोन को लिखा गया है? उसकी छायाप्रति उपलब्‍ध कराई जावे? (ग) क्‍या विभाग विमुक्‍त घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जाति विकास भोपाल द्वारा दस्‍तावेजों में पूर्णता होने के उपरांत भी प्रश्‍नकर्ता के परि.अता.प्रश्‍न संख्‍या 37 (क्र. 598) दिनांक 09.12.2016 के उत्‍तर में जवाब प्रस्‍तुत किया कि दस्‍तावेजों की पूर्णता हेतु सहायक आयुक्‍त को पत्र लिखा गया है? यदि हाँ, तो छायाप्रति उपलब्‍ध कराई जावे? (घ) प्रश्‍नकर्ता विधानसभा क्षेत्र महेश्‍वर की जनपद पंचायत महेश्‍वर के प्रस्‍तावित कार्यों में आवश्‍यक पूर्णताएं कब तक शासन स्‍तर से करा ली जावेगी एवं उनमें स्‍वीकृति की कार्यवाही कब तक कर ली जावेगी? ताकि बस्‍तियों का विकास किया जा सके?

राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। प्रश्नकर्ता के प्रश्नांश (क) के उत्तर में उल्लेखित 03 प्रस्तावों की तकनीकी स्वीकृति हेतु सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, खरगोन के पत्र क्रमांक-372/आदिम/निर्माण/16 खरगोन दिनांक 12.01.2016 पत्र क्रमांक 7119/आदिम/निर्माण/16 दिनांक 16.08.2016 एवं पत्र क्र./884/आदिम/निर्माण/17 खरगोन, दिनांक 25.01.2017 द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत महेश्वर को लिखा गया है। (ग) जानकारी संकलित की जा रही है। (घ) वित्तीय वर्ष 2016-17 में खरगोन जिले को विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुमक्कड़ बस्ती विकास योजना में रूपये 49.00 लाख का आवंटन अन्य कार्यों हेतु जारी किया गया है। बजट प्रावधान की उपलब्धता अनुसार कार्यवाही की जाती है। कार्यों की स्वीकृति हेतु निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''सात''

कल्‍याणकारी योजनाओं का क्रियान्‍वयन

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

18. ( क्र. 1319 ) श्री राजकुमार मेव : क्या राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पिछड़ा वर्ग एवं अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण वर्ग के लिए कौन-कौन सी योजनाएं संचालित की जा रही हैं? योजना की नियमावली उपलब्‍ध कराई जावे। (ख) पिछड़ा वर्ग एवं अल्‍पसंख्‍यक वर्ग के कल्‍याण हेतु वर्ष 2016-17 में कितना बजट प्रावधान किया गया? (ग) प्रश्नांश (क) के संबंध में खरगोन जिले में विकासखण्‍ड वार पिछड़ा वर्ग एवं अल्‍पसंख्‍यक वर्ग के कल्‍याण हेतु वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में कौन-कौन सी योजनाएं कितनी-कितनी राशि की स्‍वीकृत की गई एवं वर्तमान में उनकी क्‍या स्थिति है? (घ) महेश्‍वर विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में पिछड़ा वर्ग एवं अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण के लिए कौन-कौन सी योजनाएं एवं कितनी-कितनी राशि की स्‍वीकृत की गई तथा वर्ष 2017-18 के बजट प्रावधान में कौन-कौन सी योजनाएं प्रस्‍तावित की गई?

राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (ग) एवं (घ) विकासखण्‍डवार राशि स्‍वीकृत करने का प्रावधान नहीं है। खरगोन जिले को स्‍वीकृत राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-तीन अनुसार है।

विमुक्‍त, घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ बस्तियों का विकास

[विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जाति कल्याण]

19. ( क्र. 1325 ) श्री अरूण भीमावद : क्या राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) म.प्र. शासन की विमुक्‍त, घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍क्‍ड़ बस्तियों के विकास हेतु कोई कार्ययोजना प्रभावशील है? कार्ययोजना में पर्याप्‍त बजट उपलब्‍ध है? (ख) क्‍या शाजापुर विधानसभा क्षेत्र में विमुक्‍त, घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ बस्तियों के विकास हेतु राज्‍य शासन को प्रस्‍तावित कार्ययोजना प्रस्‍तुत की गई है? (ग) यदि हाँ, की गई है तो शाजापुर विधानसभा क्षेत्र में निवासरत विमुक्‍त, घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ की बस्तियों में विकास कार्य एवं मूलभूत सुविधाएं कब तक उपलब्‍ध होगी? (घ) उक्‍त बस्तियों में विकास कार्य हेतु शासन गंभीर है? यदि है तो प्रश्नांश (ग) कार्यों हेतु समयावधि बतलावें?

राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) जी हाँ। म.प्र. शासन विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुमक्कड़ जनजाति कल्याण विभाग, द्वारा विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुमक्कड़ बस्‍ती विकास योजना नियम 2013 प्रभावशाली है। वित्‍तीय वर्ष 2016-17 में योजना में बजट शेष नहीं है। (ख) जी हाँ। (ग) आगामी वित्‍तीय वर्ष 2017-18 में स्‍वीकृत बजट प्रावधान अनुसार जिलेवार वित्‍तीय लक्ष्‍य निर्धारित कर जिले को अनुपातिक राशि उपलब्‍ध करायी जायेगी। (घ) जी हाँ। जिले को प्रश्नांश (ग) भाग में वर्णित अनुसार राशि उपलब्‍ध कराई जायेगी। इस हेतु समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।

तत्‍कालीन ब्‍लॉक मेडिकल ऑफिसर लहार जिला भिण्‍ड द्वारा की गई अनियमितता की जाँच

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

20. ( क्र. 1350 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या तत्‍कालीन ब्‍लॉक मेडिकल ऑफिसर लहार द्वारा की गई आर्थिक अनियमितताओं के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिनांक 27.08.2016 को कलेक्‍टर भिण्‍ड को पत्र लिखकर जाँच कराने हेतु अनुरोध किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में जनपद पंचायत अध्‍यक्ष लहार के जाँच प्रतिवेदन दिनांक 27/09/2016 को प्रश्‍नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक 2016-17/268, दिनांक 27 अगस्‍त 2016 के साथ संलग्‍न कर कलेक्‍टर भिण्‍ड से जाँच प्रतिवेदन में वर्णित बिन्‍दुओं की जाँच कराकर समुचित कार्यवाही करने हेतु लेख किया जाकर मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी को भी सूचनार्थ एवं आवश्‍यक कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया था? (ग) यदि हाँ, तो कलेक्‍टर भिण्‍ड ने शासन के निर्देश एवं आदेशानुसार प्रश्‍नकर्ता को पत्र प्राप्ति की सूचना एवं की गई कार्यवाही से कब अवगत कराया? दिनांक सहित बतावें? (घ) प्रश्‍नकर्ता के पत्रों की जाँच कब और किस अधिकारी द्वारा कराई गई जाँच प्रतिवेदन दें? (ड.) म.प्र. शासन सामान्‍य प्रशासन विभाग के आदेशानुसार विधायक के पत्रों की प्राप्ति की सूचना एवं की गई कार्यवाही से अवगत न कराने वाले दोषी अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं, जनपद पंचायत अध्यक्ष, लहार के जाँच प्रतिवेदन दिनांक 27.09.2016 की प्रति माननीय विधायक महोदय ने उनके पत्र क्रमांक.2016-2017/268 दिनांक 27 अगस्त 2016 के साथ नहीं बल्कि पत्र क्रमांक.2016-2017/268/दिनांक 01.10.2016 के साथ कलेक्टर, भिण्ड़ की ओर संलग्न प्रेषित की गई। जनपद पंचायत अध्यक्ष द्वारा कलेक्टर, भिण्ड़ को संबोधित पत्र दिनांक 27.09.2016 की प्रति जिसमें जिला मेडि़कल आफिसर जिला भिण्ड़ को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित की गई है। पत्र की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ग) कलेक्टर, भिण्ड ने उनके पत्र दिनांक 31.08.2016 एवं पत्र दिनांक 20.10.2016 के माध्यम से निज सचिव, माननीय विधायक महोदय को सूचनार्थ पत्र प्रेषित करते हुये अवगत करवाया गया। (घ) जाँच दल संबंधी आदेश एवं जाँच प्रतिवेदन की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है(ड.) जी नहीं, प्रश्नांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

झौंतेश्वर स्थित 100 बिस्तर अस्पताल को प्रारंभ किया जाना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

21. ( क्र. 1564 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत ग्राम झौंतेश्वर में 100 बिस्तर का अस्पताल भवन निर्मित किया गया है? यदि हाँ, तो इसका निर्माण कब किया गया? इसकी लागत क्या थी एवं किस ठेकेदार द्वारा उक्त भवन निर्माण किया गया? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में उक्त भवन का निर्माण किन उद्देश्यों को लेकर किया गया था? क्या जिस उद्देश्य को लेकर भवन निर्माण किया गया था वे पूर्ण हुए? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में यदि नहीं, तो क्या उक्त भवन के प्रारंभ किये जाने की शासन की कोई मंशा है? यदि हाँ, तो उसे कब तक प्रारंभ कर दिया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। 16.10.2001 को निर्माण कार्य पूर्ण किया गया। राशि रुपये 353.69 लाख। ठेकेदार जे.व्ही.बिल्डर्स 16, जबलपुर क्लव कॉम्पलेक्स, नौदरा ब्रिज मढाताल, जबलपुर द्वारा निर्माण किया गया। (ख) आम जनता को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निर्माण किया गया। जी नहीं, चिकित्सक एवं अन्य पैरामेडिकल स्टाफ की स्वीकृति प्राप्त नहीं होने के कारण अस्पताल का संचालन नहीं हो पाया है। (ग) जी हाँ। चिकित्सक एवं अन्य पैरामेडिकल स्टाफ, मशीनरी एवं अन्य उपकरण के प्रस्ताव प्राप्त होने पर स्वीकृति उपरांत उक्त भवन में संस्था संचालन प्रारंभ करने की कार्यवाही की जाना संभव होगा।

माझी प्रमाणपत्र धारकों संबंधी दिये गये अभिमत पर संशोधन

[आदिम जाति कल्याण]

22. ( क्र. 1591 ) श्री मोती कश्यप : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के मा. मुख्यंमंत्री को प्रस्तुत पत्र दिनांक 20-1-2017 के साथ संलग्न किसी समिति के निमित्त दिये गये विभागीय अभिमत में ढीमर, केवट आदि किन्हीं जातियों को माझी, मझवार जनजाति के भाग होने एवं उन्हें अनुसूचित जनजाति की अनुसूची में माझी, मझवार जनजातियों के साथ सम्मिलित किये जाने तथा पिछड़ावर्ग की सूची से विलोपित किये जाने में विधिक बाधा नहीं होने का लेख किया है? (ख) क्या प्रश्नांश-क पत्र के साथ संलग्न नस्ती में किसी महाधिवक्ता के किसी अभिमत पर जारी किसी विभागीय परिपत्र के बाद पुन: महाधिवक्ता के किसी अभिमत पर मा. मुख्यमंत्री ने अपनी कोई सहमति एवं अनुमोदन दिया है? (ग) क्या विभाग ने हल्बा, हल्‍बी, कोष्टा, कोष्टी व कीर, मीना, पारधी एवं माझी प्रमाणपत्रधारकों, जिनके शासकीय सेवाओं में नियोजन अंतिम हो चुके, उनकी सेवायें प्रभावित नहीं होंगी से संबंधित कोई प्रकारान्तर के अभिमत दिये हैं? (घ) प्रश्नांश-क, ख के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्नांश-ग का विभागीय अभिमत विरोधाभाषी और महाधिवक्ताओं के अभिमत, शासन के परिपत्र एवं मा. मुख्यमंत्री की सहमति के विरूद्ध नहीं है? (ड.) क्या विभाग प्रश्नांश-क, , ग के परिप्रेक्ष्य में प्रश्नांश-ग अभिमत में संशोधन कर सहमति प्रदान करेगा।

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित पत्र दिनांक 20/01/2017 विभाग में अप्राप्‍त। (ख) उपरोक्‍त के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्नांश (ख) की जानकारी दी जाना संभव नहीं है। (ग) जी नहीं। (घ) जी नहीं। (ड.) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

जामा मस्जिद प्रबंध कमेटी के सदर पद पर नियुक्‍त

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

23. ( क्र. 1601 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बालाघाट जिले की वारासिवनी तहसील की जामा मस्जिद के सदर पद पर बशीर पिता इसहाक खान वार्ड नं.१० वारासिवनी एवं प्रश्‍नकर्ता द्वारा मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी वक्‍फ बोर्ड भोपाल को कब-कब पत्र प्रेषित किये गये? (ख) उक्‍त पत्रों पर क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? उक्‍त पत्र पर कार्यवाही नहीं करने वाले अधिकारी के खिलाफ विभाग क्‍या कार्यवाही करेगा और कब तक? (ग) जामा मस्जिद वारासिवनी के कमेटी का पंजीयन कब तक करा लिया जावेगा?

राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) प्रश्‍नकर्ता के दिनांक 10.04.2015, 28.04.2015, 19.05.2015 के पत्र के साथ श्री बशीर खान का आवेदन दिनांक 08.04.2015 मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी, म.प्र. वक्‍फ बोर्ड, भोपाल को प्राप्‍त हुआ। (ख) दिनांक 01.09.2016 को वक्‍फ बोर्ड की बैठक में कमेटी गठन का प्रकरण प्रस्‍तुत किया गया परन्‍तु वक्‍फ पर राशि रूपये 72069/- चंदा निगरानी बकाया होने तथा जमा न करने के कारण कमेटी का गठन नहीं किया जा सका। (ग) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

एन.एच.आर.एम. अंतर्गत प्राप्‍त राशि

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

24. ( क्र. 1603 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्‍तीय वर्ष २०१४-१५ से प्रश्‍न दिनांक तक बालाघाट जिले को एन.एच.आर.एम. के अंतर्गत कितनी राशि प्राप्‍त हुई है तथा कितनी व्‍यय की गई है? व्‍यय राशि का मदवार एवं गतिविधिवार ब्‍यौरा देवें? (ख) प्रश्नांश (क) में व्‍यय की गई राशि के संबंध में क्‍या भण्‍डार क्रय नियमों का पालन वित्‍तीय सीमा में किया गया है? (ग) क्‍या प्रश्नांश (क) में दर्शाई गई व्‍यय राशि के संबंध में जनप्रतिनिधियों की बैठक आयोजित कर अनुमोदन लिया गया है? यदि हाँ, तो तत्‍संबंधी ब्‍यौरा देवें? (घ) व्‍यय राशि के संबंध में क्‍या सक्षम अधिकारी द्वारा सत्‍यापन किया गया है? यदि हाँ, तो विवरण उपलब्‍ध कराया जावे?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

शासकीय शालाओं का प्रबंधन एवं शिक्षा व्यवस्था में सुधार

[स्कूल शिक्षा]

25. ( क्र. 1611 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आर.टी.ई. एक्ट लागू होने से पूर्व उज्‍जैन संभाग में कुल कितने शासकीय माध्यमिक विद्यालय एवं शासकीय प्राथमिक विद्यालय संचालित थे एवं इनमें कितने बच्चे अध्ययनरत थे? (ख) आर.टी.ई. एक्ट लागू होने के पश्चात् कितने नवीन शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालय खोले गये हैं एवं कितने नवीन अशासकीय प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालयों को मान्यता प्रदान की गई हैं? (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित नवीन विद्यालयों में वर्तमान स्थिति में कितने बच्चे अध्ययनरत हैं? जिलेवार शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयो की पृथक-पृथक जानकारी देवें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) उज्‍जैन संभाग में आर.टी.आई. एक्‍ट लागू होने से पूर्व कुल 8384 शासकीय प्राथमिक एवं कुल 3435 माध्‍यमिक विद्यालय संचालित थे एवं इनमें अध्‍ययनरत् बच्‍चों की संख्‍या 885451 थी। (ख) उज्‍जैन संभाग में आर.टी.ई. एक्‍ट लागू होने के पश्‍चात् 64 नवीन शासकीय प्राथमिक विद्यालय एवं 147 नवीन शासकीय माध्‍यमिक विद्यालय खोले गये है। उज्‍जैन संभाग में 977 अशासकीय प्राथमिक विद्यालय एवं 2980 अशासकीय  माध्‍यमिक विद्यालय को मान्‍यता प्रदान की गई है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश (ख) में उललेखित नवीन शासकीय विद्यालयों में वर्तमान में अध्‍ययनरत् बच्‍चों की संख्‍या 9410 हैं। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। अशासकीय स्‍कूलों में अध्‍ययनरत बच्‍चों की संख्‍या 657001 हैं। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र- '' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''आठ''

दीनदयाल उपचार योजना कार्ड का वितरण

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

26. ( क्र. 1633 ) श्री अंचल सोनकर : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला चिकित्‍सालय जबलपुर द्वारा वर्ष 2013-14 से वर्ष 2015-16 तक कितने गरीबी रेखा कार्डधारकों को दीनदयाल उपचार योजना का कार्ड तैयार कर प्रदाय किया गया है? विधान सभा क्षेत्रवार सूची देवें। (ख) क्‍या बी.पी.एल. कार्ड धारकों को दीनदयाल उपचार योजना का कार्ड विभाग में उपलब्‍ध न होने के कारण प्रदाय नहीं किया जा रहा है? प्रश्‍नकर्ता द्वारा कार्ड मंगाये जाने पर मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी द्वारा शासन से कार्ड प्राप्‍त न होने का कारण बताया जा रहा है। यदि हाँ, तो क्‍या शासन ने दीनदयाल उपचार योजना के कार्डों की छपाई करवाना बंद कर दिया गया अथवा जबलपुर जिले को कार्ड उपलब्‍ध नहीं कराये जाने का निर्णय लिया गया? (ग) प्रश्‍नकर्ता को विधान सभा क्षेत्र जबलपुर पूर्व के अंतर्गत अनेकों गरीबी रेखा कार्डधारियों को दीनदयाल उपचार योजना का कार्ड उपलब्‍ध न होने के कारण शासन द्वारा प्रदाय नि:शुल्‍क उपचार योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है एवं गरीब परिवार कर्ज से पैसा लेकर अपना इलाज मंहगे निजी अस्‍पतालों में करवाने को मजबूर है। क्‍या शासन गरीबों को हित में उचित निर्णय लेकर जबलपुर जिले को दीनदयाल उपचार योजना के कार्ड उपलब्‍ध कराकर उन्‍हें चिकित्‍सा लाभ पहुंचायेगी तो कब तक?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जिला चिकित्सालय जबलपुर में वर्ष 2013-14 में 1930 वर्ष 2014-15 में 827 वर्ष 2015-16 में 629 गरीबी रेखा के कार्ड धारकों को दीनदयाल अन्त्योदय उपचार योजना का कार्ड तैयार कर प्रदाय किया गया। विधानसभा क्षेत्रावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) शासकीय अस्पतालों में निशुल्क औषधी, निशुल्क जाँच, निशुल्क भोजन व निशुल्क उपचार की सुविधा सभी को उपलब्ध कराये जाने के कारण इस कार्ड की आवश्यकता नहीं है। जी हाँ। जी हाँ। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

आदिवासी बालक/बालिका छात्रावास निर्माण

[आदिम जाति कल्याण]

27. ( क्र. 1634 ) श्री अंचल सोनकर : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता को विधान सभा क्षेत्र जबलपुर पूर्व के अंतर्गत आदिवासी बालक एवं बालिका छात्रावास निर्माण की‍ स्‍वीकृति शासन द्वारा प्रदान की गई थी? यदि हाँ, तो कब कितनी-कितनी राशि की? (ख) प्रश्नांश (क) में निर्मित होने वाले छात्रवास हेतु क्‍या संबंधित विभाग द्वारा शासकीय भूमि का चयन कर लिया गया? यदि हाँ, तो किस स्‍थान पर कितनी भूमि? क्‍या छात्रवास निर्माण पूर्व विभाग द्वारा भूमि से संबंधित समस्‍त कार्यवाही पूर्ण कर निविदा का आमंत्रण कर लिया है? यदि हाँ, तो कब? दिनांक से अवगत करावें। (ग) क्‍या संबंधित विभाग द्वारा बिना शासकीय भूमि के चयन किये एवं संबंधित विभाग को हस्‍तांतरित किये बगैर ही निविदा आमंत्रण कर दी गई एवं निविदा प्राप्‍त करने वाली फर्म को निर्माण कार्य हेतु कार्य आदेश प्रदाय कर दिया गया? (घ) यदि हाँ, तो क्‍या संपूर्ण कार्यवाही नियमानुसार हुई अथवा विभागीय अधिकारियों द्वारा मात्र कागजी कार्यवाही कर गरीब आदिवासी बच्‍चों को प्राप्‍त होने वाली सुविधा से खिलवाड़ कर योजना को ठंडे बस्‍ते में डलवा दिया गया है? ऐसे महत्‍वपूर्ण योजनाओं में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी पर शासन क्‍या कार्यवाही करेगा एवं उक्‍त निर्माण कार्य हेतु कब तक कार्यवाही शुरू की जावेगी?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) मध्यप्रदेश शासन, आदिमजाति कल्याण विभाग मंत्रालय भोपाल के पत्र क्रमांक एफ-3-7/2014/25-2 दिनांक 23.6.2014 के द्वारा पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास, रामनगर अधारताल हेतु राशि रूपये 104.00 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। (ख) निर्मित होने वाले छात्रावास हेतु संबंधित विभाग कार्यालय कलेक्टर आदिवासी विकास जबलपुर के पृ. क्रमांक 571/आवि/निर्माण/भूमि आवंटन/15 जबलपुर दिनांक 03.06.2015 द्वारा ग्राम बेतला प.ह.नं.1 हल्का अधारताल रा.नि.म.जबलपुर 1 तहसील जबलपुर जिला जबलपुर खसरा नं. 11/3=89.820, 191/4=2.023=91.843 भूमि प्रदान की गई। भूमि से संबंधित समस्त कार्यवाहियाँ पूर्ण कर दिनांक 19.05.2015 को निविदा आमंत्रित की गई। चूंकि उक्त भूमि पहाड़ी पर एवं सामग्री परिवहन में असुविधा होने के कारण छात्रावास निर्माण कार्य हेतु कार्यालय कलेक्टर आदिवासी विकास जबलपुर के पत्र क्रमांक 4339/आवि/निर्माण/भूमि आवंटन/15 जबलपुर दिनांक 15.03.2016 द्वारा ग्राम नयागांव में न्यायालय कलेक्टर जिला जबलपुर के आदेश क्रमांक 1908/आर.डी.एम/09/प्र.क/07/अ/19/2008-09 दिनांक 02.03.2009 द्वारा ग्राम नयागांव नं.ब.729/प.ह.नं 28/32 खसरा नं. 33/1 रकबा/6.588 हे. में से 1.200 हेक्टेयर अर्थात 3 एकड़ रिक्त भूमि में से छात्रावास निर्माण हेतु भूमि प्रदान की गई। (ग) जी नहीं। निविदा आमंत्रण भूमि के हस्तांतरण पश्चात् की गई एवं फर्म को निर्माण कार्य हेतु कार्यादेश प्रदाय किया गया। (घ) निविदा आमंत्रण भूमि हस्तांतरण के पश्चात् की गई एवं फर्म को निर्माण कार्य हेतु कार्यादेश प्रदाय किया गया। अतः किसी भी अधिकारी पर कार्यवाही का प्रश्न ही नहीं उठता। निर्माण कार्य प्रगति पर है।

सतना जिले में गणित, अंग्रेजी विषयों में गिरता शिक्षा का स्‍तर

[स्कूल शिक्षा]

28. ( क्र. 1676 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सतना जिले में प्राथमिक, माध्‍यमिक शालाओं में गणित, अंगेजी विषय की दक्षता का आंकलन करने पर कक्षा 1 से 8 तक के बच्‍चों में से 59 प्रतिशत बच्‍चे जोड़ना नहीं जानते, 79 प्रतिशत बच्‍चे घटाना नहीं जानते, 75 प्रतिशत बच्‍चे गुणा नहीं जानते, 80 प्रतिशत बच्‍चे भाग देना नहीं जानते, 83 प्रतिशत बच्‍चों को अंग्रेजी का प्राथमिक ज्ञान नहीं है, 81 प्रतिशत बच्‍चे शब्‍द नहीं पढ़ सकते, 89 प्रतिशत बच्‍चे वाक्‍य नहीं पढ़ सकते, ऐसी स्थिति पायी गयी है? (ख) क्‍या सतना में आर.टी.ई. के तहत माध्‍यमि‍क शालाओं के लिए प्राप्‍त पदों में आर.टी.ई. की धारा 19-क का उल्‍लंघन करते हुय गणित के पद जीव विज्ञान एवं अंग्रेजी का पद हिन्‍दी से भर देने एवं माध्‍यमिक शाला के स्‍थान पर पदोन्‍नति उपरांत अध्‍यापक/शिक्षक की पदस्‍थापना हाई स्‍कूल एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों में कर देने के कारण यह स्थिति निर्मित हुई है? (ग) यदि प्रश्नांश (क) एवं (ख) सही है तो पदोन्‍नत शिक्षक/अध्‍यापक की माध्‍यमिक शाला में पदस्‍थापना करते हुए दोषियों को नियम विरूद्ध पदस्‍थापना का दोषी मानते हुए कब तक निलंबित कर विभागीय जाँच करायी जायेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) सतना जिले में जाँच मूल्‍यांकन (माह अगस्‍त 2016) के परिणाम के आधार पर कक्षा-1 से 8 तक के बच्‍चों का प्राप्‍त दक्षता रिपोर्ट कार्ड अनुसार-41 प्रतिशत बच्‍चे जोड़ना, 31 प्रतिशत बच्‍चे घटाना, 25 प्रतिशत बच्‍चे गुणा, 20 प्रतिशत बच्‍चे भाग, 17 प्रतिशत बच्‍चे अंग्रेजी का प्राथमिक ज्ञान, 19 प्रतिशत बच्‍चे अंग्रेजी का शब्‍द ज्ञान, 11 प्रतिशत बच्‍चे अंग्रेजी के सरल वाक्‍य पढ़ने में दक्ष हैं। (ख) जी नहीं। (ग) प्रश्नांश ''' के प्रकाश में शेषांश का प्रश्न उपस्थित ही नहीं होता है।

ए.एच.एम. के विरूद्ध प्राप्‍त शिकायतों पर कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

29. ( क्र. 1729 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अशोक नगर जिले के मदऊखेड़ी उप स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र में महिला ए.एच.एम. क्‍या पिछले कई वर्षों से नियमित न आकर कभी-कभी आती है? विगत 3 वर्षों में इनकी कितनी शिकायतें शासन को एवं अशोक नगर जिले के अधिकारियों को कब-कब किस व्‍यक्ति ने की तथा प्रश्‍नकर्ता द्वारा की गई शिकायतों पर क्‍या कार्यवाही हुई? (ख) जिलाधीश अशोकनगर द्वारा पंचनामें व सभी शिकायतें जिला स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी को देने के बाद भी वे इस प्रकरण में गलत संरक्षण क्‍यों कर रहे है? (ग) उक्‍त ए.एच.एम. के विरूद्ध शिकायतों पर आज दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो क्‍या? नहीं तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। श्री नरेन्द्र सिंह भदौरिया, ग्राम मदऊखेड़ी तहसील मुंगावली जिला अशोकनगर द्वारा जन सुनवाई कार्यक्रम में दिनांक 18.08.2015, 15.09.2015 एवं 22.09.2015 को तथा प्रश्नकर्ता माननीय विधायक महोदय द्वारा दिनांक 21.12.2016 को कलेक्टर, अशोकनगर एवं दिनांक 26.07.2016 को प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य को श्रीमती ममता यादव, ए.एन.एम., मदऊखेड़ी के विरूद्ध शिकायत की गई। प्रश्नकर्ता द्वारा की गई शिकायत पर जाँच उपरांत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, अशोकनगर के पत्र दिनांक 31.12.2016 द्वारा श्रीमती यादव का वेतन रोक दिया गया, तत्पश्चात आदेश दिनांक 21.02.2017 द्वारा इन्हें उप स्वास्थ्य केन्द्र, मदऊखेड़ी से उप स्वास्थ्य केन्द्र, डुंगासरा विकासखण्ड, ईसागढ़ पदस्थ किया गया। (ख) जी नहीं। (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार।

मुरैना जिला चिकित्‍सालय के ट्रामा सेंटर का स्‍थानांतरण

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

30. ( क्र. 1769 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना जिला अस्‍पताल के ट्रामा सेंटर भवन के निर्माण में कितनी राशि व्‍यय की गई? भवन कब बनकर तैयार हुआ वर्ष 2014 से जनवरी 2017 तक की जानकारी वर्ष सहित दी जावें। (ख) क्‍या मा. मंत्री महोदय द्वारा सदन में ट्रामा सेन्‍टर के शुभारंभ/उद्घाटन करने की घोषणा की गई थी? विभाग द्वारा निर्माण पूर्ण होने पर उद्घाटन क्‍यों नहीं कराया? (ग) क्‍या उक्‍त ट्रामा सेन्‍टर के भवन को अन्‍य शाखा में स्‍थानांतरित किया जा चुका है? क्‍यों? ट्रामा सेंटर को अन्‍य शाखा में बदलने की कार्यवाही किस अधिकारी के आदेश से की गई? अधिकारी का नाम, बदलने की दिनांक आदेश सहित पूर्ण जानकारी देवें। (घ) वर्तमान में ट्रामा सेन्‍टर का कार्य कहा किया जा रहा है तथा कौन-कौन चिकित्‍सक पदस्‍थ है? क्‍या इनमें सर्जन व अस्थिरोग विशेषज्ञ हैं? उनके नाम सहित पूर्ण जानकारी दी जावें?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) मुरैना जिला चिकितसालय, में संकलित कार्य जिसमें मेटरनिटी विंग/आकस्मिक चिकितसा इकाई/न्‍यूनेंटल/माइक्रोबॉयोलॉजी लैबोरेटरी के साथ ही ट्रामा सेंटर का कार्य शामिल था, इस संपूर्ण कार्य की प्रशासकीय स्‍वीकृति राशि रूपये 378.759 लाख की जारी हुई थी जिसके विरूद्ध राशि रूपये 378.00 लाख व्‍यय हुआ (ख) जी हाँ। प्रश्नांश (क) के अनुसार निर्मित भवनों का लोकार्पण माननीय सांसद मुरैना-श्‍योपुर क्षेत्र द्वारा दिनांक 11/04/2016 को किया गया। (ग) (क) भाग के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) वर्तमान में ट्रामा सेंटर की सेवायें जिला अस्पताल मुरैना में ही दी जा रही है। ट्रामा यूनिट के एवं जिला अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा ट्रामा यूनिट के कार्यों का संपादन किया जा रहा है, जिसमें सर्जन व अस्थि रोग विशेषज्ञ भी हैं। इसकी जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''नौ''

रिक्‍त पदों की पूर्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

31. ( क्र. 1782 ) श्री राम लल्लू वैश्य : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के अंतर्गत जिला सिंगरौली में चिकित्‍सकों एवं अन्‍य स्‍टॉफ की कमी है? इनकी पद पूर्ति के लिए सरकार क्‍या प्रयास कर रही है तथा कब तक पद पूर्ति की जावेगी? (ख) चिकित्‍सकों, ए.एन.एम., वार्ड बॉय एवं स्‍टॉफ नर्सों के पदों की पूर्ति कब तक की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ, शत्-प्रतिशत पदपूर्ति नहीं है। विभाग रिक्त पदों की पूर्ति हेतु निरंतर प्रयास कर रहा है, चिकित्सा अधिकारी के 1896 पदों हेतु मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग में साक्षात्कार की कार्यवाही प्रचलन में है तथा पैरामेडिकल संवर्ग के 910 पदों की पूर्ति हेतु प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड को मांग पत्र प्रेषित किया गया है। स्टॉफ नर्स के रिक्त पदों हेतु बी.एस.सी. नर्सिंग एवं जी.एन.एम. नर्सिंग प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरांत शासकीय नर्सिंग कालेज एवं प्रशिक्षण केन्द्र से उत्तीर्ण छात्रों की प्राप्त सूची, जो सामान्यतः प्रतिवर्ष अप्रैल-मई में प्राप्त होती है, अनुसार नर्सों की पदस्थापना की कार्यवाही प्रतिवर्ष की जा रही है। उपरोक्तानुसार प्राप्त सूचीयों में से उपलब्धता अनुसार पदस्थापना संबंधी कार्यवाही की जावेगी, निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। (ख) उत्‍तरांश (क) अनुसार, पदपूर्ति हेतु निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।

अनु. जाति वर्ग के हितग्राहियों को लाभ

[आदिम जाति कल्याण]

32. ( क्र. 1801 ) श्री अनिल फिरोजिया : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग में अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के छोटे कृषकों को सिंचाई हेतु विद्युत ट्रांसफार्मर देने संबंधी कोई योजना है? यदि हाँ, तो क्‍या? (ख) उक्‍त योजना हेतु वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में उज्‍जैन जिले में कितनी राशि का आवंटन प्राप्‍त हुआ वर्षवार एवं विकासखण्‍डवार ब्‍यौरा देवें? (ग) उक्‍त योजना अंतर्गत विगत तीन वर्षों में तराना विकासखण्‍ड के कितने हितग्राहियों को योजना का लाभ मिला?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) अनुसूचित जनजाति वर्ग के कृषकों को सिंचाई हेतु विद्युत ट्रान्सफार्मर देने संबंधी विभाग की पृथक से कोई योजना नहीं है। विभाग द्वारा ''अनुसूचित जनजाति मजरे टोलों का विद्युतीकरण तथा अनुसूचित जनजाति के कृषकों को सिंचाई सुविधा हेतु विद्युत लाईन का विस्तार योजना नियम 2016'' अन्तर्गत आदिवासी कृषकों के कुओं तक विद्युत लाईन विस्तार तथा आदिवासी मजरे/टोलो में विद्युतीकरण, कार्य किया जाता हैं। (ख) अनुसूचित जनजाति विद्युतीकरण योजना मद अन्तर्गत जिलेवार आवंटन जारी किया जाता है, विकासखंडवार नहीं। उज्जैन जिले को प्रश्नाधीन वर्षों में प्राप्त आवंटन की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। (ग) विगत तीन वर्षों में तराना विकासखण्‍ड अंतर्गत लाभांवित हितग्राहियों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''दस''

अतिशेष शिक्षकों का पदांकन

[स्कूल शिक्षा]

33. ( क्र. 1867 ) श्री मोती कश्यप : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला शिक्षा अधिकारी कटनी द्वारा सत्र 2015-16 में वि.खं. ढीमरखेड़ा के शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण के तहत अतिशेष पदांकन किया गया है और क्या कितने शिक्षकों-अध्यापकों को किन विद्यालयों में पदस्थ किया गया है? उनमें से किन्होंने पदभार ग्रहण कर लिया है? (ख) क्या प्रश्नांश (क) अधिकारी द्वारा चालू शिक्षा सत्र हेतु किन तिथियों में किसी विधि छात्र-शिक्षक अनुपात में शिक्षकों-अध्यापकों की अतिशेष की कार्यवाही कर कम शिक्षकों वाले विद्यालयों में पदस्थ किया है और उनमें से किनके द्वारा पदभार ग्रहण नहीं किया गया है? (ग) प्रश्नांश (क), (ख) शिक्षा सत्र में कितने शिक्षकों-अध्‍यापकों की नियुक्तियां की गई है और किन विद्यालयों से किनका स्थानांतरण किया गया है तथा उनमें से किन्होंने कब पदभार ग्रहण कर लिया है? (घ) युक्तियुक्तकरण में विभाग की नीति क्या है और क्या प्रश्नांश (क), (ख) में उसका परिपालन हुआ है? यदि नहीं, तो किस दोषी पर क्या कोई कार्यवाही की जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार(ग) शिक्षकों/अध्‍यापकों की नियुक्ति नहीं की गई है और न ही कोई स्‍थानांतरण किया गया है। अत: शेषांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार।

स्‍वास्‍थ्‍य शिवरों का आयोजन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

34. ( क्र. 1894 ) श्री संजय शर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दिनांक 27 जनवरी 2017 को जिला नरसिंहपुर में जिला स्‍तरीय स्‍वास्‍थ्‍य शिविर का आयोजन किया गया था? यदि हाँ, तो कृपया बताये कि कौन-कौन सी चिन्हित बीमारियों के कितने-कितने हितग्राहियों का परीक्षण किया गया? विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी प्रदान करें? (ख) क्‍या शिविर के आयोजन का व्‍यापक प्रचार प्रसार किया गया है? (ग) शि‍विर के आयोजन हेतु कितनी राशि शासन द्वारा आंवटित की गई? कितनी राशि प्रचार-प्रसार में खर्च की गई? (घ) क्‍या चिन्हित हितग्राहियों को उपचार हेतु अन्‍य चिकित्‍सालयों में पहुँचाया जायेगा।

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) शिविर के आयोजन हेतु कुल राशि रू. 2.16 लाख का आवंटन दिया गया था जिसमें से शिविर के प्रचार-प्रसार हेतु राशि रू. 20000/- व्यय की गई। (घ) जी हाँ।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

शासकीय उत्‍कृष्‍ट विद्यालयों को आवंटित राशि

[स्कूल शिक्षा]

35. ( क्र. 1895 ) श्री संजय शर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नरसिंहपुर जिले में कितने शासकीय उत्‍कृष्‍ट विद्यालय कहाँ-कहाँ संचालित हैं? (ख) 2012-2013 से वर्ष 2016-2017 तक शासन द्वारा उक्‍त उत्‍कृष्‍ट विद्यालयों के संचालन हेतु कितनी-कितनी राशि किस मद में आंवटित की गई वर्षवार जानकारी प्रदान करें? (ग) आवंटित राशि का उपयोग किस कार्य में किया गया? कार्यों की सूची प्रदान करें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) नरसिंहपुर जिले में कुल 06 शास. उत्‍कृष्‍ट विद्यालय निम्‍नानुसार संचालित है- 01 शासकीय उत्‍कृष्‍ट विद्यालय नरसिंहपुर। 02 शासकीय उत्‍कृष्‍ट विद्यालय करेली। 03 शासकीय उत्‍कृष्‍ट विद्यालय चावरपाठा। 04 शासकीय उत्‍कृष्‍ट विद्यालय चीचली। 05 शासकीय उत्‍कृष्‍ट विद्यालय गोटेगांव। 06 शासकीय उत्‍कृष्‍ट विद्यालय सांईखेड़ा। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के कॉलम क्र. 05 में सम्मिलित है।

जिला चिकित्‍सालय परिसर में दवाइयों का निष्‍पादन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

36. ( क्र. 1942 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला चिकित्‍सालय भिण्‍ड में दिसम्‍बर 2016 व जनवरी 2017 में किन-किन अधिकारियों द्वारा कब निरीक्षण किया गया? क्‍या कमियां पाई गई? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) अंतर्गत निरीक्षण के समय जिला चिकित्‍सालय में एक्‍सपायर दिनांक की दवाइयां पाई गई? जिला चिकित्‍सालय परिसर में कुआ में से दवाइयां निकालकर एक्‍सपायर डेट की पाई गई? यदि हाँ, तो क्‍यों? इसके लिए कौन दोषी है? प्रश्‍नांश दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) प्रश्नांश (क) और (ख) के अंतर्गत विगत पाँच वर्षों में दवाइयों का स्‍टॉक रजिस्‍टर का निरीक्षण किस अधिकारी ने कब किया? क्‍या निरीक्षण के समय निष्‍पादन की कार्यवाही सुनिश्चित नहीं की गई? जिला चिकित्‍सालय में दवाइयों का निष्‍पादन कैसे और किस प्रकार कहाँ पर किया जाता है? निष्‍पादन के अभाव में क्‍या कार्यवाही की जाती है? (घ) क्‍या जिला चिकित्‍सालय भिण्‍ड में दवाइयों के क्रय व आवंटन वितरण में गंभीर अनियमितताएं हैं? प्रश्‍न दिनांक तक किस स्‍तर पर क्‍या कार्यवाही की गई? प्रदूषण निवारण एक्‍ट के अंतर्गत अधिकारियों द्वारा कार्यवाही क्‍यों नहीं की जा रही है?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जिला चिकित्सालय भिण्ड में दिसम्बर 2016 में श्रीमान जिलाधीश महोदय, भिण्ड एवं म.प्र. पब्लिक हेल्थ कारर्पोरेशन लिमिटेड, भोपाल के क्वालिटी इन्शोरेन्स कन्सलटेन्ट श्री सोमनाथ द्वारा तथा जनवरी 2017 में म.प्र. पब्लिक हेल्थ कारर्पोरेशन लिमिटेड भोपाल के श्री हिमांशु, श्री सोमनाथ एवं श्रीमान जिलाधीश महोदय द्वारा विस्तृत निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण रिपोर्ट संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जिला चिकित्सालय में जो दवाइयां एक्सपायर दिनांक की पायी गई उनकी सूची संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। जी नहीं। परंतु निरीक्षण के दौरान जिला चिकित्सालय में पाई गई अनियमितता के लिये संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों के विरूद्ध कारण बताओ नोटिस जारी किये गये। (ग) विगत पाँच वर्षों में निम्न अधिकारी द्वारा निरीक्षण किया गयाः- 1. वर्ष 2012 डॉ. डी. सी. शुक्ला (जिला कुष्ठ अधिकारी) 2. वर्ष 2013 डॉ. यू. पी. एस. कुशवाह (ऑथोपेडिक विशेषज्ञ) 3. वर्ष 2014 डॉ. यू. पी. एस. कुशवाह (ऑथोपेडिक विशेषज्ञ) 4. वर्ष 2015 डॉ. एस. के. व्यास (डेन्टल सर्जन) 5. वर्ष 2015 डॉ. एस. के. व्यास (जिला मलेरिया अधिकारी) जिला चिकित्सालय, भिण्ड में दवाइयों के निस्पादन हेतु कमेटी बनायी गई है। उसके द्वारा एक्सपायरी दिनांक की दवाइयों का नियमानुसार निस्पादन किया जाता हैं (घ) जिला चिकित्सालय, भिण्ड का प्रति वर्ष महालेखाकार, ग्वालियर की टीम द्वारा क्रय एवं आवंटन का निरीक्षण किया जाता है एवं निरीक्षण रिपोर्ट के परिपालन में कार्यवाही की जाती है। प्रदूषण निवारण एक्ट के संबंध में जिलों को दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं जिसके अंतर्गत कार्यवाही की जाती है।

परिशिष्ट - ''बारह''

छात्रावास/आश्रमों में अधीक्षकों के नियुक्ति

[आदिम जाति कल्याण]

37. ( क्र. 2073 ) श्री कुंवर सिंह टेकाम : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी एवं सिंगरौली जिले में कितने छात्रावास/आश्रम/कन्‍या शिक्षा परिसर संचालित हैं? सूची उपलब्‍ध करायें। छात्रावास/आश्रमों में अधीक्षक नियुक्‍त करने के क्‍या नियम/निर्देश हैं? नियम एवं निर्देशों की छायाप्रति उपलब्‍ध करायें? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में संचालित छात्रावास/आश्रम/कन्‍या शिक्षा परिसर में कौन-कौन अधीक्षक/अ‍धीक्षिका पदस्‍थ हैं? उनके नाम, पदनाम, मूल विभाग, पदस्‍थ शैक्षणिक संस्‍था का नाम एवं अधीक्षक/अधीक्षिका के रूप में कार्यरत संस्‍था का नाम सहित सूची उपलब्‍ध करायें? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में अधीक्षक/अधीक्षिकाओं के पदस्‍थापना करते समय आदिम जाति कल्‍याण वि‍भाग म.प्र. शासन भोपाल के आदेश क्र. एफ 12-1/2006/25-2/507 भोपाल दिनांक 16.3.15 का पालन किया गया है? यदि नहीं, तो कौन-कौन से छात्रावास/आश्रमों से सामान्‍य वर्ग के कर्मचारियों को अधीक्षक/अधीक्षिका के पद पर पदस्‍थ किया गया है? नाम सहित जानकारी उपलब्‍ध करायें?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जिला सीधी में 53 आदिवासी बालक-बालिका छात्रावास/28 आश्रम/02 कन्‍या शिक्षा परिसर संचालित हैं, सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है एवं जिला सिंगरौली में 28 आदिवासी बालक-बालिका छात्रावास/23 आदिवासी बालक-बालिका आश्रम/01 आदिवासी कन्‍या शिक्षा परिसर संचालित हैं, सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ-1'' अनुसार है। अधीक्षक नियुक्‍त करने के नियम एवं निर्देश पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) के सन्‍दर्भ में जिला सीधी एवं जिला सिंगरौली में संचालित छात्रावास/आश्रम/कन्‍या शिक्षा परिसर में पदस्‍थ अधीक्षक/अधीक्षिका की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। (ग) जी हाँ। सीधी जिले में 25 सामान्‍य व 10 पिछड़ा वर्ग के व 01 अल्‍प संख्‍यक वर्ग से पदस्‍थ हैं एवं सिंगरौली जिले में 07 सामान्‍य व 07 पिछड़ा वर्ग के कर्मचारियों को छात्रावासों में अधीक्षक/अधीक्षिकाओं के पद पर पदस्‍थ किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

विभिन्‍न मदों में प्राप्‍त आंवटन एवं व्‍यय राशि

[आदिम जाति कल्याण]

38. ( क्र. 2078 ) श्रीमती प्रमिला सिंह : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल जिले के अंतर्गत आदिवासी विकास विभाग में खेलकूद सामग्री क्रय, छात्रावासों/आश्रमों में सामग्री आपूर्ति, विभिन्‍न निर्माण कार्य एवं बस्‍ती विकास हेतु वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक मदवार कितनी-कितनी राशि शासन से प्राप्‍त हुई? (ख) प्राप्‍त आवंटन में से कितनी राशि खेलकूद, निर्माण कार्यों व सामग्री क्रय में व्‍यय की गई? निर्माण कार्यों की सूची, सामग्री आपूर्ति की छात्रावास/आश्रमवार सूची, व्‍यय राशि सहित विवरण दें? (ग) क्‍या उक्‍त अवधि में घटिया सामग्री क्रय किये जाने की शिकायत प्राप्‍त हुई है? (घ) प्रश्नांश (ग) के संबंध में यदि शिकायत प्राप्‍त हुई है तो जाँच उपरांत दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) प्राप्‍त आवंटन में से व्‍यय की गई राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। निर्माण कार्यों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। सामग्री आपूर्ति की छात्रावास/आश्रमवार सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी हाँ। (घ) जाँच उपरान्‍त शिकायत निराधार पाई गई। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। जाँच प्रतिवेदन पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

संविदा स्‍वास्‍थ्‍य कर्मचारियों की मांगे

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

39. ( क्र. 2110 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में पिछले दो वर्षों में संविदा स्‍वास्‍थ्‍य कर्मचारियों ने कितनी बार एवं कब-कब तथा किन-किन मांगों/समस्‍याओं को लेकर हड़ताल की? (ख) सरकार द्वारा उक्‍त हड़ताल से संबंधित समस्‍याओं एवं मांगों पर अब तक क्‍या कार्यवाही की?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) प्रदेश में पिछले दो वर्षों में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने चार बार, दिनांक 29/01/2016 से 17/02/2016 तक (नौ सूत्रीय मांगों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है), दिनांक 24.01.2017 (पाँच सूत्रीय मांगों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है), दिनांक 01.02.2017 व दिनांक 13.02.2017 से 21.02.2017 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है, को हड़ताल की है। (ख) नौ सूत्रीय मांगों के संबंध में ई.पी.एफ. का लाभ, वार्षिक मानदेय वृद्धि, संशोधित मानव संसाधन मैनुअल का निर्धारण, संविदा महिला कर्मचारी को 180 दिवस के प्रसूति अवकाश का लाभ दिया गया है एवं शेष मांगों के निराकरण हेतु प्रस्ताव शासन की ओर भेजा गया। पाँच सूत्रीय मांगों के संबंध में वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ, कार्य आधारित मूल्यांकन में संविदा कर्मचारियों को सेवा से नहीं हटाना, कार्यरत कर्मचारियों के पदों की समाप्ति के प्रस्ताव पी.आ.ई.पी. में नहीं भेजे जाना आदि मांगे मान्य की गई है।

आदिम जाति कल्याण एवं आदिवासी विकास परियोजनान्तर्गत स्वीकृत बजट

[आदिम जाति कल्याण]

40. ( क्र. 2124 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा जिले में वर्ष 2015-16 में विशेष केन्द्रीय सहायता राजस्व मद पूंजीगत मद एवं परियोजना क्षेत्र के बाहर निवासरत बिखरे हुये आदिवासियों हेतु आंवटन मद में बजट राशि स्वीकृत नहीं किये जाने का क्या कारण है? (ख) प्रश्नांश (क) में अंकित मदों में हरदा जिले को वर्ष 2014-15 में आंवटित की गई बजट राशि से कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किये गये अथवा कितने हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया व कौन-कौन से कार्य पूर्ण हो गये हैं एवं अपूर्ण कार्यों के लिये कौन जिम्मेदार है व उन पर क्या कार्यवाही की गई? (ग) हरदा जिले में विभाग को वर्ष 2015-16 में विद्युतीकरण योजना मद में प्राप्त आवंटन से कितनी-कितनी राशि के कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किये गये? (घ) क्या हरदा जिले को वर्ष 2014-15 में प्राप्त आंवटन व्यय नहीं किये जाने के फलस्वरूप आगामी वर्ष में बजट स्वीकृत नहीं किया गया? यदि हाँ, तो इसके लिये कौन अधिकारी दोषी है व उसके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) प्रश्‍नांश अन्‍तर्गत विशेष केन्‍द्रीय सहायता राजस्‍व मद अन्‍तर्गत कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु राशि रूपये 47.10 लाख स्‍वीकृत की गई है। पूँजीगत मद एवं परियोजना क्षेत्र के बाहर निवासरत बिखरे हुये आदिवासियों के प्रस्‍तावों पर भारत सरकार से अनुमोदन अपेक्षित है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

साफ-सफाई व सुरक्षा ठेका कार्य

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

41. ( क्र. 2133 ) श्री शान्तिलाल बिलवाल : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) झाबुआ जिले में वर्ष 2014-15, 2015-16 में मुख्‍य चिकित्‍सा अधिकारी एवं जिला चिकित्‍सालय झाबुआ में साफ-सफाई एवं सिक्‍युरिटी (सुरक्षा) का कार्य किस कंपनी/फर्म को दिया गया? (ख) झाबुआ जिले में इसकी निविदा में किन-किन कंपनियों/फर्मों ने भाग लिया? नाम सहित जानकारी बतावें। उक्‍त कार्य के टेण्‍डर निविदा में शासन के कोई मापदण्‍ड निर्धारित हैं? हैं, तो विवरण सहित बतावें। (ग) क्‍या साफ-सफाई एवं सिक्‍युरिटी (सुरक्षा) में कार्यरत कर्मचारियों को नियमित मानदेय का भुगतान किया जाता है? अगर किया जाता है तो इनके मानदेय से पी.एफ. काटा जा रहा है? यदि नहीं, तो बतावें।

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) वर्ष 2014-15, 2015-16 में साफ-सफाई का कार्य मुख्य चिकित्सा अधिकारी झाबुआ द्वारा मेसर्स कामथेन सिक्यूरिटी सर्विस इन्दौर को दिया गया, सुरक्षा हेतु निविदा नहीं की गई। वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में जिला चिकित्सालय की साफ-सफाई एवं सुरक्षा व्यवस्था का कार्य न्यू बुन्देलखण्ड सिक्यूरिटी सर्विस इन्दौर को दिया गया। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जी हाँ। जी हाँ। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

बी.एम.सी. सागर के भवन एवं पी.जी. कोर्स के संबंध में

[चिकित्सा शिक्षा]

42. ( क्र. 2224 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बुन्‍देलखण्‍ड मेडीकल कॉलेज सागर में निर्माण संबंधी समस्‍त कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं एवं संबंधित निर्माण एजेंसी को पूर्ण भुगतान कर दिया गया है अथवा नहीं? (ख) क्‍या निर्माण कार्य विगत कई माहों से बंद है एवं संबंधित ठेकेदार द्वारा भुगतान प्राप्‍त न होने के कारण निर्मित भवनों का हस्‍तांतरण भी नहीं किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन लंबित राशि के भुगतान हेतु राशि उपलब्‍ध करायेगा एवं शेष निर्माण कार्य अविलंब पूर्ण कराये जाना सुनिश्चित करेगा तथा कब तक?

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( एडवोकेट शरद जैन ) : (क) जी नहीं। जी नहीं। (ख) निर्माण एजेन्सी को भुगतान प्राप्त न होने के कारण कार्य प्रभावित हुआ है। जी हाँ। समय-सीमा में बनाया जाना संभव नहीं है।

अतिथि शिक्षकों का विभागीय पात्रता परीक्षा देकर नियमितीकरण

[स्कूल शिक्षा]

43. ( क्र. 2253 ) श्री राम लल्लू वैश्य : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश में वर्ष 2016-17 में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को विभागीय पात्रता परीक्षा लेकर गुरूजी के समान नियमितीकरण कराये जाने हेतु सरकार की क्‍या योजना है? (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में शासन अतिथि शिक्षकों के हितों के लिए क्‍या योजना बना रहा है तथा इसे कब तक में लागू किया जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) ऐसी कोई योजना नहीं है। (ख) प्रश्नांश (क) के उत्तर के प्रकाश में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

नदियों के जल का शुद्धीकरण

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

44. ( क्र. 2254 ) श्री राम लल्लू वैश्य : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सिंगरौली के अंतर्गत एन.सी.एल. की विभिन्‍न परियोजनाएं से बीमारियों की रोकथाम के लिये क्‍या कोई उपाय किया जा रहा है? (ख) खदान से प्रदूषित जल नदियों में बहने से प्रदूषित जल हो गया है, इसके लिये शुद्ध पेयजल निवासियों को कब तक मिल सकेगा? नदियों के शुद्धीकरण के लिये शासन प्रशासन द्वारा क्या कोई कार्यवाही की जा रही है?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जिला सिंगरौली के अंतर्गत एन.सी.एल. की विभिन्न परियोजना से बीमारियों की रोकथाम के लिये एन.सी.एल. द्वारा परियोजनाओं तथा मुख्य चिकित्सालय के चिकित्सा अधिकारियों के द्वारा समय-समय पर निकटवर्ती ग्रामीणों का परीक्षण निशुल्क किया जाता है तथा ग्रामीणों को निशुल्क दवा उपलब्ध कराई जाती है। (ख) खदानों के निकटवर्ती नदियों एवं नालो में बहाव शून्य है तथापि ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने हेतु एन.सी.एल. द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के तहत 5 किलो लीटर से 10 किलो लीटर प्रतिदिन क्षमता के 38 आर.ओ. प्लाण्ट स्थापित किये गये है, जिससे अनुमानित 28,000 ग्रामीण को लाभ पहुँच रहा है। इसके अलावा खदानों के आस-पास गाँवों में अब तक 887 हैंडपम्प स्थापित किये जा चुके हैं एवं आगामी एक वर्ष में और 800 हैंडपम्प लगाये जाने का कार्य प्रगति पर है। जिसमें से 110 हैंडपम्प लगाये जा चुके है और शेष 690 वित्तीय वर्ष 2017-18 में पूर्ण हो जाने की संभावना है। अभी तक लगाये गये 997 हैंडपम्पों से प्रतिदिन 40,600 ग्रामीण लाभान्वित हो रहे है। एन.सी.एल. के द्वारा ग्रामीणों का पेयजल आपूर्ति के लिए 5000 लीटर प्रति घंटा क्षमता का एक अन्य जल उपचार संयत्र लगाये जाने की योजना है। जिसके आगामी एक वर्ष में क्रियाशील होने की संभावना है। जिससे ब्लॉक-बी परियोजना के नजदीक 6 गाँव के 6050 ग्रामीण लाभान्वित होंगे।

बन्‍द संस्‍कृत विद्यालयों को पुन: चालू करना

[स्कूल शिक्षा]

45. ( क्र. 2279 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रीवा जिले में हनुमना, दुबिया, तिलया, पटपरा, गुढ़, परिहारिनपुरवा, चाकघाट, इटमा, हिनौती, सिरमौर ग्रामों में शासकीय संस्‍कृत विद्यालय हैं, जहां प्रथमा और मध्‍यमा कक्षाओं की मान्‍यता है? इनमें कितने ऐसे विद्यालय है, जिनमें शास्‍त्री, आचार्य, योग्‍यता के शिक्षक कब से नहीं है? यदि है, तो विद्यालयवार शिक्षकों की योग्‍यता सहित नाम की जानकारी देवें एवं उक्‍त विद्यालयों में से कितने ऐसे विद्यालय हैं, जो संस्‍कृत शिक्षकों के अभाव से बन्‍द है और कब से? (ख) संस्‍कृत विद्यालयों में संस्‍कृत योग्‍यताधारी (मध्‍यमा, शास्‍त्री, आचार्य) शिक्षकों की नियुक्तियां कब तक की जावेगी? विगत 05 वर्षों में प्रदेश में संस्कृत योग्‍यताधारी (शिक्षकों/शिक्षाकर्मी एवं अतिथि आदि पदों पर) वर्ष 2016 तक कितनी नियुक्तियां की गई है? (ग) प्रदेश में कितने हायर सेकेण्‍ड्री एवं हाईस्‍कूल है, जहां योग्‍यताधारी शिक्षक नहीं है? क्‍या म.प्र. शासन आगामी शिक्षण सत्र से कक्षा 9वीं एवं 10वीं में संस्‍कृत की अनिवार्यता को समाप्‍त करने जा रहा है? यदि हाँ, तो ऐसा क्‍यों?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) रीवा जिलान्तर्गत एकमात्र शास. उ.मा.वि. संस्कृत इटमा विद्यालय संचालित है, जिसमें प्रथमा, मध्यमा, कक्षायें संचालित है। शेष विद्यालय छात्र शून्य होने के कारण वर्ष 1998 से 2016 के मध्य बंद हो चुके है। उक्त विद्यालय में व्याख्याता के एक पद दिनांक 29.6.2014 से तथा शिक्षकों के दो पद दिनांक 29.11.2014/13.12.2014 से रिक्त है तथा विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों के नाम एवं योग्यता निम्नानुसार हैः-

स.क्र. शिक्षक का नाम पदनाम योग्यता
1
श्री जयकृष्ण उपाध्याय व्याख्याता एम.एस.सी. (गणित)
2
श्री देवेन्द्र कुमार शर्मा सहायक शिक्षक हायर सेकेण्डरी
3
श्री देवेन्द्र कुमार पाण्डेय सहायक शिक्षक बी.ए.
4
श्री राजाबाबू कोल सहायक शिक्षक एम.ए.
5
श्री राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय अतिथि शिक्षक बी.ए. सहित्याचार्य
6
श्रीमती सरोज देवी पाण्डेय अतिथि शिक्षक बी.ए. संस्कृत साहित्य

(ख) रिक्त पदों पर संविदा शिक्षक भर्ती के समय नियुक्ति की जाती है। कोई नियुक्ति नहीं हुई। अतिथि शिक्षक से शिक्षण व्यवस्था की गई है। (ग) प्रदेश में संचालित हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूलों में योग्यताधारी शिक्षक कार्यरत है। जिन शालाओं में शिक्षकों की कमी है, उन शालाओं में योग्यताधारी अतिथि शिक्षकों से शिक्षण कार्य सम्पादित कराया जा रहा है। संस्कृत की अनिवार्यतः समाप्त करने के संबंध में कोई निर्देश नहीं है।

निजी शालाओं में गणवेश, पुस्तकें पाठ्यक्रम में बदलाव की अनुमति

[स्कूल शिक्षा]

46. ( क्र. 2303 ) श्री हरवंश राठौर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्राइवेट शालाओं में प्रतिवर्ष छात्रों के गणवेश, पुस्तकें और पाठ्यक्रम में बदलाव तथा शिक्षण शुल्क में वृद्धि करने के आदेश एवं निर्देश म.प्र. के शिक्षा विभाग द्वारा दिए जाते हैं? (ख) उत्तर यदि हाँ, तो उन परिपत्रों की छायाप्रतियां उपलब्ध करावें? यदि नहीं, तो हो रहे बदलाव के विरूद्ध विभाग द्वारा अभी तक क्या-क्या कार्यवाही की गई हैं? (ग) प्राइवेट शालाओं में प्रतिवर्ष हो रहे उपर्युक्तानुसार बदलाव के लिए क्या जिला स्तर पर पदस्थ सक्षम अधिकारियों से अनुमति प्राप्त की गई है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। (ख) भाग '''' के संदर्भ में परिपत्रों का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। अशासकीय विद्यालयों हेतु मार्गदर्शी सिद्धांत दिनांक 30.04.2015 को जारी किये गये है। जो पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। छात्र के पालक द्वारा शिकायत/आवेदन करने पर सुनवाई हेतु मध्यप्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग के परिपत्र दिनांक 30.04.2015 की कंडिका-8 अनुसार समिति का गठन किया गया है।

छात्रावासों में अतिरिक्‍त प्रभार

[आदिम जाति कल्याण]

47. ( क्र. 2307 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में वर्ष 15-16 से प्रश्‍न दिनांक तक छात्रावासों का अतिरिक्‍त प्रभार किन-किन व्‍यक्तियों को शासन प्रावधानों के अनुसार दिया गया? उनके नाम, पद सहित जानकारी दें? (ख) क्‍या एक कर्मचारी को 2-3 जगहों का अतिरिक्‍त प्रभार दिया गया? उसके क्‍या कारण हैं? (ग) वर्ष 15-16 से प्रश्‍न दिनांक तक छात्रावासों में कितनी-कितनी राशि का व्‍यय किया गया वर्षवार पृथक-पृथक मदवार जानकारी दें? (घ) क्‍या विगत वर्षों में छात्रावासों में गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें प्राप्‍त हुई? जिसकी जाँच कब हुई तथा क्‍या परिणाम प्राप्‍त हुए?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) छतरपुर जिले में वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक अनुसूचित जनजाति छात्रावासों का अतिरिक्‍त प्रभार श्री रणधीर सिंह सहायक अध्‍यापक/अधीक्षक, आदिवासी प्री मैट्रिक बालक छात्रावास किशनगढ़ को आदिवासी बालक आश्रम ककरा का एवं श्री ए.के. नामदेव, उ.श्रे.शि./अधीक्षक अनुसूचित जाति पोस्‍ट मैट्रिक बालक छात्रावास छतरपुर को आदिवासी पोस्‍ट मैट्रिक बालक छात्रावास छतरपुर का अतिरिक्‍त प्रभार दिया गया। (ख) जी हाँ। आदिवासी बालक आश्रम ककरा में पदस्‍थ अधीक्षक के निलंबित होने के कारण प्रश्नांश (क) के उत्‍तरांश में दर्शित श्री रणधीर सिंह को अतिरिक्‍त प्रभार दिया गया एवं दिनांक 15/12/2016 को नवीन आदिवासी पोस्‍ट मैट्रिक बालक छात्रावास स्‍वीकृत होने से श्री ए.के. नामदेव को स्‍थानीय स्‍तर पर अतिरिक्‍त प्रभार दिया गया है। (ग) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जी हाँ। कलेक्‍टर, छतरपुर द्वारा शिकायत की जाँच की जाकर आदिवासी बालक छात्रावास किशनगढ़ के अधीक्षक एवं आदिवासी कन्‍या छात्रावास किशनगढ़ के अधीक्षक की एक-एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभार से रोकी गई है।

परिशिष्ट - ''तेरह''

राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना का क्रियान्वयन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

48. ( क्र. 2379 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना सन् 2008 में प्रारंभ की गयी थी जिसमें गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले सभी वर्गों के हितग्राहियों को लाभ प्रदाय किया जाना था जिस योजना में 333 रू. प्रीमियम राशि जमा की जानी थी जिसमें 210 रू. हितग्राही तथा शेष राशि शासन के द्वारा दी जानी प्रस्तावित थी? जिसके उपरांत डेबिट कार्ड प्रदाय किया जाना था तथा उक्त डेबिट कार्ड से तीस हजार रूपये का एक मुश्‍त भुगतान अथवा साठ हजार रूपये का वर्ष भर में उपचार हेतु भुगतान किया जा सकता है। (ख) यदि हाँ, तो उक्त योजना म.प्र. के किन-किन जिलों में विभाग द्वारा लागू की गयी है? क्या अन्य राज्यों की भांति म.प्र. के समस्त जिलों में भी इस योजना का क्रियान्वयन प्रभावी रूप से विभाग द्वारा कराया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ, भारत शासन द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना 2008 में प्रारम्भ करने के निर्देश थे। पारदर्शी प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत प्रदेश के चिन्हित जिलों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना 4 जून 2011 से प्रारम्भ की गयी। जी हाँ, चिन्हित जिलो के गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के लाभ प्रदाय किये गये तथा हितग्राही से पंजीयन/नवीनीकरण शुल्क मात्र 30/- रूपये प्रति परिवार प्रतिवर्ष लिये गये। प्रीमियम राशि रू. 309/-प्रतिवर्ष प्रति परिवार का भुगतान शासन द्वारा किया गया। स्मार्ट कार्ड के माध्यम से परिवार के मुखिया एवं अधिकतम 4 सदस्यों को एक वर्ष में चिन्हित चिकित्सालयों में अधिकतम राशि रू. 30,000/- का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध करवाया गया। (ख) योजना प्रदेश के भोपाल एवं ग्वालियर संभाग के 10 जिलों (भोपाल, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, गुना) में प्रांरभ की गयी थी। दिनांक 1 फरवरी 2015 से योजना प्रदेश में प्रभावशील नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

उप स्वास्थ्य केन्द्र का उन्नयन करना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

49. ( क्र. 2419 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उप स्वास्थ्य केन्द्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन करने हेतु क्या नियम एवं शर्तें है? (ख) क्या सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र का उप स्वास्थ्य केन्द्र संडावता उन्नयन की पात्रता में नहीं आता है जबकि ग्राम संडावता की आबादी लगभग 5000 हजार होने के उपरान्त भी ग्रामवासियों को आम बीमारी हेतु इलाज करवाने के लिए 15-20 कि.मी. की दूरी पर जाना पडता है। (ग) क्या प्रश्नांश (ख) में दर्शित उप स्वास्थ्य केन्द्र संडावता का भवन बहुत बड़ा होकर दो मंजिला बना है? यदि हाँ, तो भवन उपलब्ध होने के उपरान्त भी उन्नयन किये जाने में क्या कठिनाई है एवं कब तक उन्नयन कर दिया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) सामान्य एवं विशेष घटक क्षेत्रों में उप-स्वास्थ्य केन्द्र क्षेत्र की जनसंख्या 30 हजार एवं आदिवासी क्षेत्र में 20 हजार की जनसंख्या पर उप स्वास्थ्य केन्द्र का प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन करने का प्रावधान है। (ख) जी हाँ, ग्राम संडावता के उप स्वास्थ्य केन्द्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन की पात्रता नहीं आती है। (ग) जी हाँ। जनसंख्या के मान से पात्रता नहीं होने के कारण उन्नयन किया जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

पिछड़ा वर्ग के छात्रों को कोचिंग की सुविधा

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

50. ( क्र. 2505 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में वर्तमान में पिछड़ा वर्ग के छात्रों को अध्‍ययन एवं कोचिंग हेतु क्‍या-क्‍या सुविधाएं शासन द्वारा दी जा रही है? (ख) वर्ष 2014 में 01 जनवरी 2017 तक प्रदेश में कितने छात्रों को कोचिंग एवं अध्‍ययन की सुविधा दी गई है? उक्‍तावधि में कितने छात्रों को लाभ मिला। वर्षवार बतायें तथा इन पर शासन की कितनी राशि खर्च हुई? (ग) कितने छात्रों को आई.ए.एस. एवं आई.पी.एस. की कोचिंग दी गई तथा कितने छात्रों को अध्‍ययन हेतु विदेश भेजा गया वर्षवार बतायें? (घ) छात्रा हेतु कहाँ-कहाँ छात्रावास है उनमें प्रवेश की क्‍या प्रकिया है?

राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) प्रदेश में वर्तमान में पिछड़ा वर्ग के छात्रों को अध्‍ययन एवं कोचिंग हेतु राज्‍य स्‍तरीय रोजगार एवं प्रशिक्षण केन्‍द्र भोपाल में संचालित है, जिसमें पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को नि:शुल्‍क कोचिंग, छात्रावास, शिष्‍यावृत्ति एवं पुस्‍तकालय सुविधा उपलब्‍ध कराई जा रही है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ग) पिछड़ा वर्ग के किसी भी छात्र को विभाग द्वारा आई.ए.एस. एवं आई.पी.एस. की कोचिंग नहीं दी गई है। विभाग के राज्‍य स्‍तरीय रोजगार एवं प्रशिक्षण केन्‍द्र, भोपाल में केवल मध्‍यप्रदेश लोक सेवा आयोग एवं अन्‍य प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। प्रश्‍नाधीन अवधि में विदेश अध्‍ययन छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत विदेश अध्‍ययन हेतु भेजे गये पिछड़े वर्ग छात्र-छात्राओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (घ) छात्रावासों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-तीन अनुसार है। प्रवेश प्रक्रिया की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-चार अनुसार है।

रायफल शूटिंग व ताइक्वांडो प्रतियोगिता हेतु स्‍वीकृत बजट

[स्कूल शिक्षा]

51. ( क्र. 2694 ) श्री सुदर्शन गुप्‍ता (आर्य) : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या 61 वीं राष्ट्रीय प्रतियोगिता वर्ष 2015-2016 में रायफल शूटिंग व ताइक्वांडो प्रतियोगिता के दल प्रबंधक इन्दौर जिले से बनाये गये थें? यदि हाँ, तो उक्त प्रतियोगिताओं के लिये दल प्रबंधक किस-किस को नियुक्त किया गया था? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार क्या उक्त प्रतियोगिताओं हेतु शासन स्तर से स्वीकृत बजट राशि में से दल प्रबंधकों को अग्रिम के रूप में राशि प्रदान की गई थी? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्‍या दल प्रबंधकों द्वारा क्या स्वयं की राशि से उक्त प्रतियोगिताएं सम्पन्न कराई गई हैं? यदि हाँ, तो क्या संबंधित दल प्रबंधकों द्वारा व्यय की गई राशि का समायोजन किया जाना शेष है? यदि हाँ, तो कब तक संबंधित दल प्रबंधकों द्वारा व्यय राशि उपलब्ध करा कर समायोजन किया जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। श्री सुनील अवस्थी एवं श्री घनश्याम करोले। (ख) जी नहीं। लोक शिक्षण संचालनालय, म.प्र. भोपाल के द्वारा पत्र क्रमांक 1056 दिनांक 17.12.2015, 1065 दिनांक 18.12.2015 एवं पत्र क्र. 18-19 दिनांक 08.01.2016 द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी को इस बाबत् निर्देशित किया गया था कि दल प्रबंधक को स्थानीय निधि से आवश्यकतानुसार राशि उपलब्ध कराएं। (ग) जी नहीं। श्री घनश्याम करोले को जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा राशि 1,50,000/- रूपये उपलब्ध कराई गई थी एवं श्री सुनील अवस्थी को राशि उपलब्ध नहीं कराई गई। जी हाँ। जिला शिक्षा अधिकारी इंदौर हेतु बजट स्वीकृत किया है, जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा राशि का समायोजन किया जाना शेष है।

एकीकृत आदिवासी परियोजनाओं को तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाया जाना

[आदिम जाति कल्याण]

52. ( क्र. 2816 ) श्री वेलसिंह भूरिया, श्री शान्तिलाल बिलवाल : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन, आदिम जाति कल्‍याण विभाग, मंत्रालय भोपाल के पत्र क्रमांक एफ-23-8/2014/3-25 दिनांक 15-09-2014 द्वारा उल्‍लेख किया गया है कि अनुच्‍छेद 275 (1) एवं विशेष केन्‍द्रीय सहायता अंतर्गत प्रतिवर्ष परियोजना को 03 करोड़ से 10 करोड़ की राशि अधोसंरचना कार्यों हेतु प्रदाय की जाती है, परियोजनाओं में तकनीकी अमला उपलब्‍ध नहीं होने से कार्यों की तकनीकी मॉनीटरिंग नहीं हो पाती है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय नई दिल्‍ली को एकीकृत आदिवासी विकास परियोजनाओं को तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाये जाने हेतु अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री, उपयंत्री आदि पदों की स्‍वीकृति हेतु क्‍या मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा कार्ययोजना/प्रस्‍ताव प्रेषित किये गये है? (ग) यदि प्रस्‍ताव प्रेषित किये गये हैं तो क्‍या एकीकृत आदिवासी विकास परियोजनाओं को तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाये जाने हेतु भारत सरकार, जनजाति कार्य मंत्रालय नई दिल्‍ली द्वारा दिनांक 26.09.2014 द्वारा राशि रू. 25.00 करोड़ की स्‍वीकृति दी गई है? (घ) यदि स्‍वीकृति दी गई हो तो प्रस्‍ताव अनुसार मध्‍यप्रदेश शासन कब तक तकनीकी अमले की पदस्‍थापना/भर्ती कर एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना, धार एवं कुक्षी तथा प्रदेश की अन्‍य परियोजनाओं को तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनायेगा।

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ, योजना के अनुश्रवण एवं मूल्यांकन की राशि सहित रू. 25.00 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। (घ) नवीन परियोजनाओं के गठन तथा परियोजनाओं के पुनर्गठन संबंधी भारत सरकार, जनजातीय कार्य मंत्रालय से स्‍वीकृति (नोटीफिकेशन) प्राप्‍त नहीं हुई। भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

विस्‍थापितों के नवीन पुनर्बसाहट स्‍थल पर शा.प्राथ. शाला का संचालन

[स्कूल शिक्षा]

53. ( क्र. 2840 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र बैरसिया अंतर्गत कालापीपल बांध से विस्‍थापितों के नवीन पुनर्बसाहट स्‍थल पर क्‍या कोई शासकीय प्राथमिक शाला संचालित हो रही है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) क्‍या विभाग प्रश्नांश (क) में दर्शित पुनर्बसाहट स्‍थल पर नवीन प्राथमिक शाला संचालित करने पर विचार कर रहा है अथवा नहीं? (ग) यदि प्रश्नांश (ख) हाँ है तो इस नवीन पुनर्बसाहट स्‍थल पर कब तक शासकीय प्राथमिक शाला का संचालन प्रारंभ हो जावेगा एवं यदि नहीं, तो इसके क्‍या कारण है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। पुनर्बसाहट स्‍थल के पास 01 किमी की परिधि में शासकीय प्राथमिक शाला कालूखेडी संचालित है। (ख) जी नहीं। पुनर्बसाहट स्‍थल के पास 01 किमी की परिधि में शासकीय प्राथमिक शाला कालूखेडी संचालित है। (ग) शेषांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

धीवर केवर आदि जातियों को माझी जनजाति के समक्ष रखा जाना

[आदिम जाति कल्याण]

54. ( क्र. 2907 ) श्री मोती कश्यप : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या माझी जनजाति के समक्ष धीवर, केवट आदि जातियों को संविधान अनुसूची में सम्मिलित किये जाने हेतु विभाग द्वारा किन्हीं समितियों की अनुशंसायें और मंत्रिपरिषद् आदेश आदि भारत सरकार को प्रस्तुत किये हैं? (ख) क्या भारत के महापंजीयक ने पत्र दिनांक 27-1-2012, 1-1-2013, 17-6-2016 में उल्लेखित किन्हीं पूर्व पत्रों में किन्हीं टिप्पणियों सहित अपनी असहमति देते हुये विभाग को अपनी टिप्पणी व पक्ष प्रस्तुत करने हेतु कोई लेख किया है? विवरण संलग्न करें। (ग) क्या प्रश्नांश (ख) टिप्पणी व असहमति का प्रश्नकर्त्ता- ने दिनांक 7-7-2013, 1-9-2013, 8-12-2014, 1-12-2015 द्वारा किन्हीं संदर्भ साहित्यों, जनगणनाओं आदि पर की गई समीक्षा एवं खण्डनयुक्‍त प्रतिवेदन मा. मुख्यमंत्री को सौंपे जाने पर विभाग द्वारा अपनी टिप्प‍णी और पक्ष किन-किन तिथियों को भारत सरकार को प्रस्तु्त किये है? (घ) प्रश्नांश (क) दस्तावेजों के रहते प्रश्नांश (ख) पत्र दिनांक 16-4-07 एवं 4-1-11 द्वारा मागी गई टिप्पणी व पक्ष प्रस्तुत न किये जाने पर क्या विभाग जिम्मेदार है? नहीं तो, क्यों? (ड.) क्या विभाग प्रश्नांश (ग) दस्तावेजों के तथ्यों पर भारत सरकार को अपनी अनुकूल टिप्पणी और पक्ष प्रस्तुत करेगा?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी, हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) विभाग द्वारा अपनी टिप्पणी/पक्ष पत्र क्रमांक 979/548/2014/25-2 दिनांक 27-6-2015 द्वारा भारत सरकार को प्रेषित किया गया। माझी अनुसूचित जनजाति के समान अन्य जातियों जैसे कहार, ढीमर, भोई, केवट, आदि को अनुसूचित जनजाति अधिसूचित करने विषयांतर्गत मध्यप्रदेश विधान सभा सत्र फरवरी-अप्रैल,2016 के दौरान पारित अशासकीय संकल्प के परिप्रेक्ष्य में विभाग के पत्र क्रमांक एफ 7-4/2004/25-5 (2) दिनांक 30-04-2016 द्वारा प्रकरण निर्णय हेतु भारत सरकार को भेजा गया। (घ) जी नहीं। (ड.) प्रश्नांश (ग) दस्तावेजों का समुचित परीक्षण किया गया। जिसमें स्पष्ट किया गया है कि अनुसूचित जनजाति में मान्‍य माझी जनजाति एवं धीवर, केवट, आदि दोनों अलग-अलग है। जिनमें कोई साम्यता नहीं है।

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की भूमि के अतिक्रमण को हटाया जाना

[स्कूल शिक्षा]

55. ( क्र. 2995 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विकासखण्ड जवा अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गहिलवार संकुल डभौरा को नवीन भवन के निर्माण हेतु शासन द्वारा कुल कितनी भूमि आवंटित की गई थी? (ख) शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गहिलवार की भूमि पर अतिक्रमण हो जाने के क्या कारण हैं? विभाग द्वारा अतिक्रमण को हटाने के संबंध में क्या कार्यवाही की गई है? (ग) उक्त अतिक्रमण को कब तक हटाया जाकर सीमांकन कराया जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) रीवा जिले के विकासखण्ड जवा अंतर्गत शासकीय उ.मा.वि. गहिलवार संकुल डभौरा को नवीन भवन के निर्माण हेतु कुल 2.023 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई थी। (ख) शा.उ.मा.वि. गहिलवार की भूमि में आंशिक रूप से आवंटन के पूर्व से ही अतिक्रमण किया गया था। कलेक्टर, रीवा द्वारा पत्र क्र./भवन/बी/850, दि. 24.08.2015 एवं विद्यालयीन पत्र क्र./88 दि. 28.10.2014 एवं पत्र क्र. 108 दि.10.10.2014 के द्वारा नायब तहसीलदार वृत्‍त डभौरा एवं तहसीलदार जवा को अतिक्रमण हटवाने हेतु पत्र भेजा गया है। पुन: कार्यालय कलेक्‍टर, रीवा के पत्र क्रमांक-आरएमएसए/2017/1426/रीवा, दिनांक 21.02.17 तथा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) डभौरा व अन्‍य अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) उक्त विद्यालय की भूमि का सीमांकन दिनांक 16.05.2013 को कराया जा चुका है, अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही प्रचलित है।

नवीन आदिवासी परिवारों के अन्‍त्‍योदय कार्ड जारी करना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

56. ( क्र. 3021 ) श्री के.पी. सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शिवपुरी जिले के विधान सभा क्षेत्र पिछोर में नवीन आदिवासी परिवारों के दीन दयाल अन्‍त्‍योदय कार्ड नहीं बनाये जा रहे हैं? (ख) यदि प्रश्नांश (क) का उत्‍तर हाँ है तो क्‍या दीनदयाल अन्‍त्‍योदय कार्ड नहीं बनाने के संबंध कोई शासन आदेश/निर्देश हैं? शासन आदेश/निर्देशों की छाया प्रति उपलब्‍ध करावें? (ग) यदि नहीं, तो जिम्‍मेदार अधिकारियों को क्‍या शासन इस संबंध में कोई निर्देश जारी करेंगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी नहीं। विधानसभा पिछोर अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, खनियाधाना पर पात्र बी.पी.एल. परिवार के हितग्राही का दीनदयाल कार्ड उक्त संख्या पर वांछित दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने पर प्रतिदिन कार्ड बनाये जाने की सुविधा उपलब्ध है। (ख) जी नहीं। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उपरोक्त के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

चिकित्‍सा अधिकारियों के स्‍वीकृत पद

[चिकित्सा शिक्षा]

57. ( क्र. 3070 ) श्री राजेश सोनकर : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्न संख्‍या 109 (क्र. 2266) दिनांक 25 जुलाई 2016 के संदर्भ में बतायें कि प्रथम श्रेणी अधिकारि‍यों के लिए 01 ही पद स्वीकृत होने के उपरान्त एम.वाय. चिकित्सालय में 04 अतिरिक्त प्रथम श्रेणी अधिकारीयों को किस आधार पर पदस्थ किया गया? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में बतायें कि‍ इन अतिरिक्त प्रथम श्रेणी अधिकारि‍यों को क्या-क्या दायित्व दिया गया है? इनके द्वारा क्या-क्या कार्य सम्पादित किया जा रहा है एवं अतिरिक्त प्रथम श्रेणी अधिकारी कितने वर्षों से एम.वाय.चिकित्सालय में कार्यरत हैं? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में इन अतिरिक्त अधिकारि‍यों का वेतन चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा स्वीकृत पद के अतिरिक्त 04 प्रथम श्रेणी अधिकारीयों का वेतन किन नियमों के तहत दिया जा रहा है?

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( एडवोकेट शरद जैन ) : (क) एम.वाय. चिकित्सालय में चिकित्सकों की आवश्यकता होने के कारण पदस्थ किया गया है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) उत्तरांश (ख) एवं '''' के परिप्रेक्ष्य में वेतन स्वीकृत पदों के विरूद्ध आहरित किया जा रहा है।

जिला चिकित्‍सालय झाबुआ में मेडिसिन क्रय में अनियमितता

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

58. ( क्र. 3144 ) कुमारी निर्मला भूरिया : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला चिकित्‍सालय झाबुआ में विगत वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में कितनी-कितनी मेडिसिन क्रय के आर्डर वर्षवार दिये &#