मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च 2017 सत्र


बुधवार, दिनांक 01 मार्च 2017


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


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छात्रावास भवन का निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

1. ( *क्र. 662 ) श्रीमती नंदनी मरावी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला जबलपुर अंतर्गत मॉडल स्‍कूल कुण्‍डम के छात्रावास की स्‍वीकृति कब प्रदान की गई। स्‍वीकृति‍ का दिनांक, प्राक्‍कलन की प्रति, स्‍वीकृत नक्‍शे की प्रति, कार्य की लागत, एजेन्‍सी के नाम सहित विवरण उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुरूप कितना कार्य हो चुका है, कितना शेष है और क्‍यों? यह भी बतायें कि शेष कार्य कब तक पूरा कर लिया जावेगा? (ग) प्रश्‍नांश (क) छात्रावास के द्वितीय एवं तृतीय स्‍तर के काम अभी तक क्‍यों नहीं कराये गये? किसके द्वारा कराया जाना है एवं कब तक कराये जावेंगे?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जिला जबलपुर अंतर्गत मॉडल स्कूल कुण्डम से संलग्न कोई छात्रावास वर्तमान में स्वीकृत नहीं है। अपितु लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के पत्र क्रमांक-लो.शि.सं./आर.एम.एस.ए./प्रशा.स्वी/62/2010/341, भोपाल दिनांक 04.10.2010 द्वारा बालिका छात्रावास कुण्डम हेतु प्रशासकीय स्वीकृति राशि रू. 38.00 लाख स्वीकृति दिनांक 04.10.2010 जारी की गई थी। कार्य की लागत राशि रू. 44.50 लाख है। इस कार्य की एजेंसी परियोजना क्रियान्वयन इकाई जबलपुर है। इस कार्य के प्राक्कलन की प्रति संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं नक्शे की प्रति संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में प्रशासकीय स्वीकृति के अनुरूप समस्त कार्य दिनांक 07.06.2012 को पूर्ण हो चुके हैं। विस्तार शेष है। (ग) भारत शासन से स्वीकृत राशि के अनुरूप कार्य कराया जा चुका है। विस्तार राज्य बजट में राशि की उपलब्धता पर निर्भर करता है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''एक''

जबलपुर जिलान्‍तर्गत संचालित छात्रावास

[आदिम जाति कल्याण]

2. ( *क्र. 845 ) श्री अशोक रोहाणी : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले में आदिम जाति कल्‍याण/जनजाति कल्‍याण के कौन-कौन से छात्रावास संचालित हैं? इनमें से कौन-कौन से छात्रावास किराये के भवनों में संचालित हैं? इन छात्रावासों में कितना स्‍टाफ स्‍वीकृत व पदस्‍थ है? (ख) किन-किन अधीक्षकों के पास एक से अधिक छात्रावासों का प्रभार कब से है एवं क्‍यों? कौन-कौन अधीक्षक मुख्‍यालय स्थित छात्रावास में निवासरत नहीं हैं एवं क्‍यों? सूची दें (ग) प्रश्‍नांकित किन-किन छात्रावासों में छात्र/छात्राओं की सुरक्षा व्‍यवस्‍था, खानपान व आवास संबंधी क्‍या-क्‍या सुविधाएं हैं एवं कौन-कौन सी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं एवं क्‍यों? इन छात्रावासों में सामग्री की खरीदी निर्माण व मरम्‍मत कार्य पर कितनी-कितनी राशि व्‍यय हुई? वर्ष 2013-14 से 2016-17 तक की जानकारी दें (घ) प्रश्‍नांकित कौन-कौन से छात्रावास अत्‍यधिक जर्जर/खण्‍डहर व कमजोर हो गये हैं? इनकी मरम्‍मत व पुनर्निर्माण न कराने का क्‍या कारण है? विधानसभा क्षेत्र केंट के तहत स्थित किन-किन छात्रावासों का निरीक्षण कब-कब किन-किन अधिकारियों ने किया है एवं कहाँ-कहाँ पर कौन-कौन सी अनियमितताएं/अव्‍यवस्‍था पाई गईं हैं एवं तत्‍संबंध में कब किस पर क्‍या कार्यवाही की गई ? वर्ष 2014-15 से 2016-17 तक की जानकारी दें

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। स्थानीय एवं नगरीय निकायों से पद पूर्ति न होने के कारण एवं शिक्षा विभाग से शिक्षक न मिलने के कारण छात्रावासों के सुचारू रूप से संचालन हेतु अधीक्षकों को एक से अधिक छात्रावासों का प्रभार दिया गया है। केवल अतिरिक्त प्रभार वाले अधीक्षक छात्रावास मुख्यालय में निवास नहीं करते हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) विभागीय छात्रावासों में छात्र-छात्राओं को निःशुल्क आवास, विद्युत, पानी, भोजन, बिस्तर सामग्री, पलंग एवं सुरक्षा हेतु चौकीदार की व्यवस्था सहित सभी बुनियादी सुविधायें उपलब्ध हैं। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) प्रश्नांकित छात्रावासों में से कोई भी छात्रावास जर्जर/खण्डहर व कमजोर नहीं है। विधानसभा क्षेत्र केंट के अन्तर्गत किसी प्रकार की अनियमितता एवं अव्यवस्था नहीं पाई गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

जिला चिकित्‍सालय में डॉक्‍टरों की पदस्‍थापना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

3. ( *क्र. 1630 ) श्री अंचल सोनकर : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला चिकित्‍सालय जबलपुर में कुल कितने डॉक्‍टर किस-किस विभाग में कब से पदस्‍थ हैं? कितने पद किस-किस विभाग के रिक्‍त हैं? पदस्‍थ डॉक्‍टरों की सूची नाम एवं विभाग सहित बतावें। (ख) क्‍या जिला चिकित्‍सालय में आने वाले मरीजों में से अधिकांश मरीजों को नेताजी सुभाष चंद्र बोस चिकित्‍सालय अथवा निजी अस्‍पतालों में भेज दिया जाता है एवं जिला चिकित्‍सालय में मामूली तौर पर बीमार मरीजों को भर्ती कर दिन में एक बार दवा प्रदाय कर बिना स्‍वास्‍थ्‍य लाभ लिये अस्‍पताल से मुक्‍त कर दिया जाता है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन ने कभी इस संबंध में जाँच की कि माह में कितने मरीजों को जिला चिकित्‍सालय से अन्‍य अस्‍पतालों के लिये रेफर किया जाता है? (ग) क्‍या जिला चिकित्‍सालय जबलपुर में बीमारी से संबंधित प्रत्‍येक विभाग के डॉक्‍टर पदस्‍थ नहीं हैं? यदि नहीं हैं तो क्‍या शासन डॉक्‍टरों की पदस्‍थापना कर आम जनता को लाभ पहुंचाने का प्रयास करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि पदस्‍थ हैं तो फिर मरीजों को अन्‍यत्र अस्‍पतालों में रेफर करने का औचित्‍य क्‍या है?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। विशेषज्ञों की अत्यधिक कमी के कारण शत-प्रतिशत पद पूर्ति नहीं है। (ख) जी नहीं, केवल गंभीर मरीजों, जिनकी चिकित्सा सुविधा जिला चिकित्सालय में उपलब्ध नहीं है, उन्हें नेताजी सुभाषचन्द्र बोस चिकित्सालय रेफर किया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं, पर्याप्त मात्रा में चिकित्सक उपलब्ध हैं। चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालयों (टरशरी रेफरल सेन्टर) में जिला चिकित्सालय स्तर (सेकन्डरी रेफरल सेन्टर) की संस्था से अधिक सुविधाएं उपलब्ध होती हैं, अतः गंभीर मरीज को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों, इस हेतु गंभीर मरीजों को नेताजी सुभाषचन्द्र बोस चिकित्सालय में रेफर किया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''दो''

राशि वितरण में अनियमितता

[अनुसूचित जाति कल्याण]

4. ( *क्र. 1967 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला दमोह में वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में अ.जा. तथा अ.ज.जा. बस्‍ती विकास से आदिम जाति कल्‍याण विभाग द्वारा किस-किस ग्राम पंचायत को कितनी-कितनी राशि, किस कार्य हेतु प्रदाय की गई? जिला दमोह में उक्‍त तीन वर्षों में कितना-कितना आवंटन प्राप्‍त हुआ था? (ख) म.प्र. शासन अ.जा. विभाग में उक्‍त राशि वितरण के क्‍या नियम हैं? नियमावली की एक सत्‍यप्रति उपलब्‍ध करावें। (ग) क्‍या उक्‍त राशि वितरण में जिला संयोजक अ.जा. दमोह द्वारा भेदभावपूर्ण वितरण किया जाता है तथा लेन-देन की शिकायतें भी प्राप्‍त हो रही हैं? उक्‍त वर्षों में प्रदाय राशि के कार्यों की जाँच हेतु समि‍ति बनाकर जाँच कर दोषियों पर कार्यवाही की? समय-सीमा सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) पंचायत संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। तीन वर्षों में प्राप्‍त आवंटन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मुख्यमंत्री राज्य बीमारी सहायता में स्‍वीकृत राशि का भुगतान

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

5. ( *क्र. 2895 ) श्रीमती अनीता नायक : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले में कैंसर के कितने प्रकरण वर्ष 2016-17 में प्राप्त हुये? कितने स्वीकृत हुये, कितने लंबित हैं। (ख) क्या टीकमगढ़ जिले में बजट के अभाव में रोगियों को सहायता तो स्वीकृत कर दी गई है, किंतु बजट न होने से राशि संबंधित अस्पताल को नहीं पहुँचाई गई है, जिससे गरीब रोगियों का इलाज नहीं हो पा रहा है? (ग) शासन द्वारा कब तक बजट उपलब्ध कराकर गंभीर बीमारी के रोगियों को इलाज हेतु राशि अस्पताल को रिलीज की जावेगी।

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) टीकमगढ़ जिले में वर्ष 2016-17 में कैंसर रोग के कुल 92 प्रकरण प्राप्त हुए, 92 प्रकरण स्वीकृत किये गये, जिसमें 09 प्रकरण बजट के अभाव में भुगतान हेतु लंबित हैं। (ख) टीकमगढ़ जिले में 83 प्रकरणों की राशि संबंधित अस्पतालों को जारी कर दी गई है। शेष 09 प्रकरण बजट के अभाव में भुगतान हेतु लंबित हैं। (ग) मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला टीकमगढ़ द्वारा राशि रूपये 60.00 लाख की मांग की गई थी, जिसमें से राशि रूपये 17.00 लाख का बजट प्रदाय किया गया। जो कि संबंधित अस्पताल को रोगियों के इलाज हेतु जारी किया गया है, शेष प्रकरणों में बजट आवंटन उपरान्त राशि संबंधित अस्पतालों को जारी की जावेगी।

मंदसौर जिले में अध्यापकों के वेतन में विसंगति

[स्कूल शिक्षा]

6. ( *क्र. 2688 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मंदसौर जिले के समस्त अध्यापकों को छठवें वेतनमान का लाभ, प्रश्न दिनांक तक दे दिया गया है? (ख) अध्यापकों को 1 जनवरी 2016 से छठवें वेतनमान के एरियर का भुगतान उक्त जिले में कर दिया गया है? संकुलवार जानकारी देवें (ग) क्या जिले के सभी विद्यालयों के छठवें वेतनमान के निर्धारण का अनुमोदन "स्थानीय निधि संपरीक्षा" से करा लिया गया है? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) क्‍या प्रश्न दिनांक तक वेतन, एरियर्स या अन्य भुगतान वसूला जा चुका है? कर्मचारी सहित जानकारी दें

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) वेतन निर्धारण के फलस्वरूप देय एरियर्स तीन समान किश्‍तों में तीन वर्षों में वित्तीय वर्ष 2017-18 से दिये जाने के निर्देश हैं। मन्दसौर जिले में एरियर का भुगतान नहीं किया गया है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। प्रक्रिया प्रचलन में है। (घ) जी नहीं। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

अस्पताल परिसर का सीमांकन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

7. ( *क्र. 2781 ) श्रीमती झूमा सोलंकी : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत भीकनगांव तहसील अन्तर्गत अस्पताल परिसर के सीमांकन हेतु रोगी कल्याण समिति या अस्पताल के प्रभारी अधिकारी द्वारा कोई आवेदन/निवेदन किया गया है? यदि हाँ, तो आवेदन प्रस्तुति‍ की दिनांक क्या थी तथा वर्तमान तक क्या कार्यवाही की गई? (ख) क्‍या अस्पताल की शासकीय भूमि पर अतिक्रमण निजी उद्योगपतियों द्वारा किया जा रहा है तथा जिसके बारे में बार-बार रोगी कल्याण समिति की बैठक में ध्यानाकर्षण कराया जाता है? (ग) यदि हाँ, तो उस पर वर्तमान तक क्या कार्यवाही की गई? क्या भविष्य में अतिशीघ्र अस्पताल परिसर का सीमांकन कर दिया जावेगा? यदि हाँ तो कब तक?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। रोगी कल्याण समिति की बैठक के दौरान दिनांक 04/09/2014 को निवेदन किया गया था। सीमांकन का कार्य किया जा चुका है। (ख) जी नहीं। जी नहीं। (ग) प्रश्नांश (ख) के उत्तर के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। उत्तर प्रश्नांश (क) के अनुरूप।

स्‍कूलों में परिवहन सुविधा

[स्कूल शिक्षा]

8. ( *क्र. 1877 ) श्री हेमन्‍त विजय खण्‍डेलवाल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या निश्‍िचत दूरी पर स्‍कूल खोले जाकर परिवहन सुविधा उपलब्‍ध कराए जाने का प्रस्‍ताव विचाराधीन है? (ख) क्‍या इस योजना को बैतूल जिले अंतर्गत विकासखण्‍ड बैतूल एवं भीमपुर में प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है? (ग) यदि हाँ, तो कब से योजना प्रारंभ की जा रही है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) प्रस्‍ताव परीक्षणाधीन है। (ख) बैतूल जिले के चयनित संकुलों का प्रस्‍ताव परीक्षणाधीन है। (ग) प्रकरण परीक्षणाधीन है। अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

शिक्षकों का अनुचित अटैचमेंट

[स्कूल शिक्षा]

9. ( *क्र. 1528 ) श्रीमती ममता मीना : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिनियम 2009 की कण्डिका 27 में शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य नहीं कराये जाने संबंधी प्रावधान हैं? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्ध करावें? (ख) गुना जिले में जिला मुख्यालय पर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय/जिला शिक्षा केन्द्र/वि.ख. शिक्षा अधिकारी कार्यालय एवं वि.ख. स्त्रोत समन्वयक कार्यालयों में कितने शिक्षक पदस्थ हैं? इन कार्यालयों में कौन सा शैक्षणिक कार्य संपादित होता है? (ग) प्रश्नांश (ख) में वर्णित कार्यालयों में पदस्थ शिक्षकों को कब तक अपने मूल पदस्थी स्थान पर भारमुक्त किया जावेगा तथा अनुचित रूप से उक्त कार्यालयों में अटैचमेंट करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ, संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) वर्तमान में कोई शिक्षक पदस्‍थ नहीं है। इन कार्यालयों में शैक्षणिक/प्रशासकीय एवं तत्‍संबंधी योजनाओं आदि के कार्य किये जाते हैं। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''तीन''

स्थानान्तरण नीति का पालन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

10. ( *क्र. 647 ) श्री रामनिवास रावत : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग भोपाल द्वारा जारी स्थानान्तरण नीति वर्ष 2016-17 क्रमांक एफ 6-1/2016/एक/9, दिनांक 02/08/16 एवं वर्ष 2015-16 क्रमांक एफ 6-1/2015/एक/9, दिनांक 15/04/15 के बिंदु क्रमांक 8 की कंडिका 7 में कार्यपालिक तृतीय श्रेणी कर्मचारियों/अधिकारियों को एक ही स्थान पर तीन वर्ष की अवधि पूर्ण कर लेने पर स्थानान्तरण कर दिये जाने का उल्लेख है? (ख) ग्वालियर, चम्बल संभाग के सभी जिलों में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में ऐसे कितने खाद्य सुरक्षा अधिकारी/खाद्य निरीक्षक (कार्यपालिक तृतीय श्रेणी अधिकारी/कर्मचारी) कार्यरत हैं, जिन्हें एक ही स्थान पर अपनी प्रथम पदस्थापना दिनांक से वर्तमान तक तीन वर्ष या पाँच वर्ष से अधिक का समय हो गया है? अधिकारियों/कर्मचारियों के नाम, पदस्थापना एवं कार्यकाल की अवधि सहित जिलेवार सूची दें? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार एक ही पदस्थापना स्थल पर तीन वर्ष से अधिक समय से पदस्थ अधिकारियों/कर्मचारियों को प्रश्नांश (क) की नीति अनुसार स्थानान्तरण नहीं करने के क्या कारण हैं? कब तक ऐसे अधिकारियों/कर्मचारियों को शासन नीति अनुसार स्थानांतरित कर दिया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं, स्थानांतरण नीति में अधिकतम 20% स्थानान्तरण के निर्देश होने से 3 वर्ष से अधिक अवधि के खाद्य सुरक्षा अधिकारी एक ही जिले में पदस्थ हैं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''चार''

कम्प्यूटर उपकरण खरीदी में अनियमितता

[स्कूल शिक्षा]

11. ( *क्र. 451 ) श्री सतीश मालवीय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन जिला परियोजना समन्वयक द्वारा कार्यालयीन व विकासखण्ड स्तर पर जनवरी 2016 से जनवरी 2017 तक नवीन कम्प्यूटर, फोटोकॉपी मशीन, प्रिंटर, लैपटॉप एवं स्केनर आदि‍ की खरीदी पर कितनी राशि व्यय की गई? सामग्रीवार कन्फ्रीग्रेशन एवं मॉडल नम्बर सहित, बिलवार, कीमत सहित जानकारी उपलब्ध करवाएं। (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) दर्शित उपकरण की खरीदी में राज्य शिक्षा केन्‍द्र के निर्देश अनुसार क्रय करने से पूर्व गठित क्रय समिति से अनुमोदन के पश्चात् खरीदी की गई है? यदि हाँ, तो बैठक की दिनांक, बैठक में उपस्थित अधिकारियों के नाम एवं बैठक की प्रति उपब्लध करवाएं? (ग) क्या उज्जैन जिला परियोजना समन्वयक द्वारा बिना क्रय समिति से अनुमोदन लिये भारी मात्रा में खरीदी की गई है? यदि हाँ, तो नियम विरुद्ध खरीदी कर शासन को क्षति पहुँचाने वाले जिला परियोजना समन्वयक पर शासन द्वारा राज्य स्तरीय समिति से जाँच कराकर कब तक कार्यवाही की जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) उज्‍जैन जिला परियोजना समन्‍वयक द्वारा कार्यालयीन व विकासखण्‍ड स्‍तर पर जनवरी, 2016 से जनवरी 2017 तक नवीन कम्‍प्‍यूटर, फोटोकॉपी मशीन, लेपटॉप की खरीदी नहीं की गई है। उक्‍त अवधि में प्रिन्‍टर एवं स्‍केनर आदि खरीदी पर 90,130.00 (राशि रू. नब्‍बे हजार एक सौ तीस मात्र) की राशि व्‍यय की गई है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जिले द्वारा म.प्र. भण्‍डार क्रय नियमों का पालन करते हुए क्रय की कार्यवाही की गयी। विभागीय क्रय समिति के अनुमोदन के पश्‍चात् खरीदी की गयी है। विभागीय क्रय समिति के सदस्‍य तत्‍कालीन जिला परियोजना समन्‍वयक श्री देवेन्‍द्र आर्य, सहायक परियोजना समन्‍वयक (वित्‍त), श्री बी.एस. राणावत एवं जिला पंचायत के शिक्षा प्रभारी श्री अरूण नागर ने दिनांक 17.03.2016 को बैठक में उक्‍त सामग्री क्रय का अनुमोदन किया। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

दवाएं एवं सर्जिकल उपकरणों का क्रय

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

12. ( *क्र. 2797 ) श्री अरूण भीमावद : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शाजापुर जिले में वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में कितनी दवाएं, सर्जिकल उपकरण एवं अन्‍य सामग्री मुख्‍य चिकित्‍सा अधिकारी द्वारा क्रय की गईं? प्राप्‍त आवंटन, सप्‍लाई दिनांक, प्रदायकर्ता फर्म का नाम, फर्म पार्टनर/प्रोपराइटर का नाम सहित देवें? (ख) किन-किन फर्मों ने टेण्‍डर भरे, जमा टेण्‍डरों की स्‍वीकृति एवं टेण्‍डर के लिए दिये गये विज्ञापनों का विवरण देवें? (ग) क्‍या क्रय की गई दवाओं एवं सर्जिकल उपकरणों एवं अन्‍य सामग्रियों को क्रय करने के पश्चात् स्‍टॉक पंजी में दर्ज किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या उनको वितरण पंजी में अद्यतन किया गया है? (घ) जिला प्रशासन ने जिला चिकित्‍सालय के भण्‍डार कक्ष के औचक निरीक्षण के उपरांत क्‍या-क्‍या अनियमितताएं पाईं?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) शाजापुर जिले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में क्रय की गई दवाएं, सर्जिकल उपकरण एवं अन्य सामग्री, प्राप्त आवंटन, सप्लाई दिनांक, सप्लाई फर्म के नाम की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। कार्यालय द्वारा नियमानुसार सीधे फर्म व राज्य शासन के उपक्रम को ही आदेश दिये जाते हैं। प्रोपराइटर को कोई आदेश नहीं दिये जाते हैं। (ख) जिन फर्मों ने टेण्डर भरे, जमा टेण्डरों की स्वीकृति एवं टेण्डर के लिए दिये गये विज्ञापनों का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) जी हाँ। (घ) जिला प्रशासन द्वारा जिला भंडार के औचक निरीक्षण में पाई गई अनियमितताओं एवं उसका पालन प्रतिवेदन पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

सतना में त्‍वरित चिकित्‍सा सुविधा उपलब्‍ध कराई जाना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

13. ( *क्र. 1673 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सतना में आये दिन होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में त्‍वरित चिकित्‍सा सुविधा उपलब्‍ध न होने के कारण कई युवा दम तोड़ रहे हैं? प्रश्‍नकर्ता द्वारा कई बार ट्रामा केयर यूनिट की मांग करने पर भी सतना में इसके बनने की गति इतनी धीमी है कि यह सालों में भी तैयार नहीं हो पायेगा? यही हाल नर्सिंग स्‍कूल भवन, हॉस्‍टल का भी है? (ख) कब तक शासन सतना में ट्रामा केयर सेंटर एवं नर्सिंग स्‍कूल भवन, हॉस्‍टल प्रारंभ करा देगा? (ग) विलम्‍ब के लिए दोषी ठेकेदार एवं अधिकारियों के विरूद्ध कब तक अनुशासनात्‍मक कार्यवाही कर दी जायेगी?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी नहीं, जिला चिकित्सालय सतना में दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाता है, आज दिनांक तक ऐसे प्रकरणों में उपचार के अभाव में किसी घायल की मृत्यु नहीं हुई है। सतना जिले में ट्रामा यूनिट सेंटर का निर्माण कार्य 13वें वित्त आयोग अंतर्गत स्वीकृत हुआ था। दिनांक 31 मार्च, 2015 से उक्त योजना बंद होने पर राज्य मद से शेष कार्यों को पूर्ण करने हेतु पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति राशि रुपये 399.69 लाख की दिनांक 10.02.2016 को जारी की गई। इस कारण कार्य की गति काफी प्रभावित हुई। नर्सिंग स्कूल भवन एवं हॉस्टल की स्वीकृति 4/2015 में जारी हुई थी। आवश्यक निर्माण हेतु भूमि विलंब से उपलब्ध होने के कारण यह कार्य 09/2016 में प्रारंभ हो सका। उक्त कार्य 03/2018 तक पूर्ण किये जाने का लक्ष्य है। वर्तमान में कार्य द्रुत गति से प्रगतिरत है। (ख) ट्रामा केयर सेंटर का भवन माह 06/2017 तक तथा जी.एन.एम. स्कूल एवं हॉस्टल का निर्माण 03/2018 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। (ग) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में विलंब हेतु ठेकेदार एवं अधिकारी जिम्मेदार नहीं हैं। अतः शेष का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

बस्‍ती विकास योजनान्‍तर्गत निर्माण कार्य

[आदिम जाति कल्याण]

14. ( *क्र. 2561 ) श्रीमती शकुन्‍तला खटीक : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परि.अता.प्रश्‍न संख्‍या 82 (क्रमांक 1203) दिनांक 09 दिसम्‍बर 2016 के भाग (ख) के उत्‍तर में योजनान्‍तर्गत जनपद पंचायतवार आवंटन प्राप्‍त नहीं होता है। वित्‍तीय वर्ष 2014-15 से अक्‍टूबर 2016 तक शिवपुरी जिले को राशि रूपये 438.58 का आवंटन प्राप्‍त हुआ बताया है। (ख) यदि हाँ, तो उपरोक्‍त प्राप्‍त आवंटन में से जिला शिवपुरी में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति बस्तियों में कहाँ-कहाँ, किस-किस प्रकार के निर्माण कार्य हुये व निर्माण कार्यों के अनुशंसित प्रस्‍ताव किन-किन जन‍प्रतिनिधियों द्वारा जिला प्रशासन (अ.जा.) को प्राप्‍त हुये, की प्रति सहित जानकारी दी जावे? (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में कार्य विवरण, कार्यस्‍थल का नाम, पता, स्‍वीकृत राशि, क्रियान्‍वयन ऐजेन्‍सी, मांग संख्‍या, लेखा शीर्ष, कार्य पूर्ण निर्धारित अवधि, कार्य आदेश दिनांक, कार्य पूर्ण दिनांक सहित जानकारी दी जावे? (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (ग) में उल्‍लेखित सभी कार्य समय अवधि में पूर्ण हो चुके हैं, अथवा नहीं तो क्‍यों व कब तक पूर्ण करा दिये जायेंगे?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) अनुसूचित जाति बस्तियों में कराये गये कार्यों का विवरण एवं जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। अनुसूचित जाति बस्ती विकास मद से अनुसूचित जनजाति बस्ती में कार्य कराने का प्रावधान नहीं है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) जी नहीं। 95 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, 47 कार्य अपूर्ण हैं। इनमें से वर्ष 2014-15 के 16 कार्य प्रारंभ नहीं हुए हैं। संबंधित ग्राम पंचायतों से वसूली की कार्यवाही की जा रही है। वर्ष 2016-17 के शेष 31 कार्य 02 माह में पूर्ण कर लिये जायेंगे।

 

सिविल हॉस्‍पिटल जावरा में स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं का विस्‍तार

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

15. ( *क्र. 2353 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दिनांक 18 जनवरी, 2017 को सिविल हॉस्पिटल एवं महिला चिकित्‍सालय जावरा का मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी एवं चिकित्‍सा अधिकारियों के साथ ही प्रश्‍नकर्ता की उपस्थिति में दोनों चिकित्‍सालयों की व्‍यवस्‍थाओं, आवश्‍यकताओं, पूर्ण, अपूर्ण कार्यों के साथ ही विभागीय योजनाओं के क्रियान्‍वयन के संबंध में निरीक्षण किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या निरीक्षण के दौरान महिला चिकित्‍सालय के नवीन भवन की आवश्‍यकता को सिविल हॉस्‍पिटल जावरा की रिक्‍त भूमि पर बनाए जाने के साथ ही नवीन ओ.पी.डी. भवन के पास इमरजेंसी वार्ड एवं बाउंड्रीवॉल तथा प्राईवेट रूम, वार्डों की मरम्‍मत, रंग रोगन, रख-रखाव इत्‍यादि आवश्‍यकताएं पाई गईं? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या इसी के साथ पोषण पुनर्वास केन्‍द्र (एन.आर.सी.) एवं जननी सुरक्षा योजना क्रियान्‍वयन की जानकारी ली गई? तो बताएं कि वर्ष 2013-14 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक कितना बजट प्राप्‍त होकर किन-किन कार्यों पर कितना व्‍यय हुआ? नामवार, कार्यवार, बताएं (घ) निरीक्षण में पाई भवन आवश्‍यकताओं मरम्‍मत कार्यों के साथ सफाई व्‍यवस्‍था एवं मेडिसिन तथा सर्जिकल विशेषज्ञ (एम.डी. - एम.एस.) की तथा प्रश्‍नांश (क) से लेकर (घ) तक में उल्‍लेखित कमियों एवं आवश्‍यकताओं को कब तक दूर किया जाएगा?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। ऐसा उस दिनांक को माननीय प्रश्नकर्ता महोदय तथा उपस्थित अधिकारियों का अभिमत था। (ग) जी हाँ। शेष प्रश्नांश की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। (घ) महिला चिकित्सालय को सिविल हॉस्पिटल के रिक्त भूमि पर बनाये जाने के संबंध में तथा मरम्मत कार्यों के प्रस्ताव जिले से प्राप्त होने पर परीक्षण उपरांत आवश्यकता अनुसार उपलब्ध वित्तीय संसाधनों की स्थिति अनुसार निर्माण, मरम्मत के संबंध में स्वीकृति की कार्यवाही की जा सकेगी। साफ-सफाई की कमियों को शीघ्र ही दूर करा दिया जायेगा। प्रदेश में विशेषज्ञों की अत्यधिक कमी है एवं विशेषज्ञों के पद शत-प्रतिशत पदोन्नति से भरे जाने का प्रावधान होने के कारण पदपूर्ति नहीं की जा सकी है। मेडि‍सिन एवं सर्जरी योग्यता के चिकित्सकों की उपलब्धता होने पर पदस्थापना की कार्यवाही की जाना संभव हो सकेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''छ:''

उपकरण की खरीदी

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

16. ( *क्र. 1794 ) श्री अनिल फिरोजिया : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र तराना में मरीजों के उपचार हेतु प्रदाय एक्‍स-रे मशीन की क्‍या स्थिति है? क्‍या उसका उपयोग हो रहा है? यदि नहीं, तो क्‍या कारण है? (ख) क्‍या प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र तराना हेतु नवीन एक्‍स-रे मशीन स्‍वीकृत की गई है? यदि हाँ, तो किस दिनांक को किसके आदेश से? (ग) क्‍या उक्‍त एक्‍स-रे मशीन सी.एम.एच.ओ. द्वारा क्रय की जानी थी? यदि हाँ, तो अब तक क्रय न किये जाने का क्‍या कारण है? उक्‍त मशीन कब तक क्रय कर ली जावेगी? (घ) मशीन समयावधि में क्रय न करने हेतु कौन दोषी है? क्‍या विभाग दोषी के विरूद्ध कोई कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (ड.) क्‍या प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र तराना में एक्‍स-रे मशीन संचालन हेतु प्रशिक्षित स्‍टाफ उपलब्‍ध है? यदि नहीं, तो स्‍टाफ कब तक उपलब्‍ध करा दिया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) एक्स-रे मशीन दिनांक 13/07/2015 से खराब है। जी नहीं, मशीन खराब होने के कारण। (ख) जी हाँ, विभाग के आदेश दिनांक 18/01/2016 के द्वारा। (ग) जी हाँ। परीक्षण किया जा रहा है। यथासंभव शीघ्र। (घ) प्रकरण का परीक्षण किया जायेगा तथा गुण-दोष के आधार पर आवश्यक कार्यवाही की जायेगी। यथासंभव शीघ्र। (ड.) जी हाँ। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

कन्या हाई स्कूल के लिए आवंटित भूमि पर अतिक्रमण

[स्कूल शिक्षा]

17. ( *क्र. 2370 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विकासखण्ड जवा के डभौरा में कन्या हाई स्कूल के नवीन भवन निर्माण हेतु सन् 2013-14 में कलेक्टर रीवा के द्वारा भूमि आवंटित की गई थी, जिसका खसरा क्रमांक 1157 है तथा रकबा 0.368 है? जिसमें भवन निर्माण हेतु प्रथम तकनीकी रिपोर्ट में भूमि को दलदल बताया गया था? (ख) क्‍या इसके उपरांत पुनः उक्त भूमि के परीक्षण हेतु समिति गठित की गई, जिसके प्रतिवेदन में उक्त भूमि भवन निर्माण हेतु उपयुक्त पायी गई? उक्त भूमि में पहुंच मार्ग हेतु डभौरा के श्री गणेश गुप्ता के द्वारा मुख्य मार्ग से भूमि तक पहुंच मार्ग के लिये दान स्वरुप भूमि भी उपलब्ध कराने की सहमति दे दी, किन्तु क्या कारण है कि उक्त भूमि पर 4 वर्ष बीत जाने के पश्चात् भी निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया जा सका? विभाग द्वारा भवन निर्माण की क्या समय-सीमा निर्धारित की गई है? (ग) क्या उक्त भूमि में अवैध अतिक्रमण किया गया है? यदि हाँ, तो विभाग के द्वारा उक्त अतिक्रमण को हटाने के संबंध में क्या कार्यवाही की गई है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। कार्य समय पर प्रारम्‍भ न होने एवं लागत में वृद्धि‍ होने से इस स्‍कूल के कार्य की स्‍वीकृति भारत शासन द्वारा 2016-17 में निरस्‍त कर दी गई है। आगामी समय-सीमा अभी निर्धारित नहीं की गई है। (ग) जी हाँ। अतिक्रमण हटाने हेतु समय-समय पर कलेक्‍टर को पत्र लिखा गया है।

शिक्षक/अध्‍यापक/संविदा शाला शिक्षकों का प्रशिक्षण

[स्कूल शिक्षा]

18. ( *क्र. 1100 ) श्री बलवीर सिंह डण्‍डौतिया : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. शासन स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा स्‍कूलों में कार्यरत अप्रशिक्षित सहा. शिक्षक/अध्‍यापक/संविदा शाला शिक्षक को प्रशिक्षण हेतु भेजने के क्‍या नीति, नियम प्रचलन में हैं? जानकारी देवें। (ख) कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी मुरैना द्वारा जनवरी 2015 से जनवरी 2017 तक कितने अप्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षण हेतु अनुमति दी गई, की जानकारी शिक्षक का नाम/अध्‍यापक का नाम/संविदा शिक्षक का नाम, वर्ष, दिनांक, शाला का नाम, नियुक्ति आदेश दिनांक, प्रशिक्षण हेतु वर्ष दिनांक जनपद/जिला पंचायतवार दी जावे। (ग) क्‍या डी.ई.ओ. कार्यालय मुरैना द्वारा प्रशिक्षण सूची भेजने में वरीयता की अनदेखी की गई है? यदि हाँ, तो क्‍यों? क्‍या इस प्रकरण की जाँच उच्‍च अधिकारियों द्वारा प्रश्‍नकर्ता विधायक के समक्ष की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) शासकीय शालाओं में कार्यरत अप्रशिक्षित सहायक शिक्षक/अध्‍यापक/संविदा शाला शिक्षक को प्रशिक्षण हेतु प्रवेश नीति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

हायर सेकेण्‍डरी एवं हाई स्कूलों में अतिथि शिक्षकों की भर्ती

[स्कूल शिक्षा]

19. ( *क्र. 2947 ) श्री चन्‍द्रशेखर देशमुख : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मुलताई विधानसभा क्षेत्र के हायर सेकेण्‍डरी एवं हाई स्कूलों में वर्ष 2015-16, 2016-17 में अतिथि शिक्षकों की नियुक्तियाँ की गईं हैं? यदि हाँ, तो विषयवार अतिथि शिक्षकों की संख्या, अतिथि शिक्षकों के नामों सहित दें। (ख) क्या शासन द्वारा 26 जून 2016 (लोक शिक्षण संचनालय) के माध्यम से अतिथि शिक्षकों की भर्ती संबंधी दिशा-निर्देश दिये गये थे? यदि हाँ, तो दिशा-निर्देशों एवं आदेशों की छायाप्रतियां दें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार क्‍या प्राप्त दिशा निर्देशों एवं आदेशों के तहत ही यह नियुक्तियाँ की गयी हैं? यदि हाँ, तो क्या "बालक उत्कृष्ट विद्यालय मुलताई" में भी इनका पालन किया गया है? यहाँ पर नियुक्त सभी अतिथि‍ शिक्षकों की जानकारी प्रश्‍नांश () के परिप्रेक्ष्य में दें। (घ) यदि "बालक उत्कृष्ट विद्यालय मुलताई" में प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार प्राप्त दिशा निर्देशों एवं आदेशों का पालन नहीं किया गया, तो क्या इसके लिये जवाबदार अधिकारियों या कर्मचारियों पर कार्यवाही की गयी? यदि नहीं, तो इन दोषी अधिकारियों या कर्मचारियों पर कब तक कार्यवाही की जायेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। शेषांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। (ख) शासन आदेश क्र. एफ 44-15/2010/20-2 दिनांक 30/06/16 से निर्देश जारी किये गये हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'दो' अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। (घ) शासन आदेश दिनांक 30.06.16 के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत बालक उत्‍कृष्‍ट उ.मा.वि. मुलताई के अतिथि शिक्षकों की व्‍यवस्‍था की गई। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

एन.आर.एच.एम. योजनान्‍तर्गत अपात्र अ‍भ्‍यर्थियों का चयन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

20. ( *क्र. 1346 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2015 में रा‍ष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मिशन (एन.आर.एच.एम.) के तहत प्रदेश में विकासखण्‍ड लेखापाल के पदों पर संविदा नियुक्ति हेतु प्रतियोगी परीक्षा आयोजित की गई थी? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में कितने अभ्‍यर्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए थे, उनमें से कितने अभ्‍यर्थियों का चयन किया गया एवं कितने अभ्‍यर्थियों को अपात्र घोषित किया गया? (ग) क्‍या अपात्र किए गए अ‍भ्‍यर्थियों की सूची (क्रमांक 1 से 37) में से सरल क्र. 3, 4, 5, 6, 7, 22, 30, 36 एवं 37 पर दर्शित अभ्‍यर्थियों को विकासखण्‍ड लेखापाल के पद पर संविदा नियुक्ति प्रदान की गई है? (घ) यदि हाँ, तो अपात्र अभ्‍यर्थियों को नियुक्ति प्रदान किए जाने के क्‍या कारण हैं एवं क्‍या इसकी जाँच कराकर दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी एवं नियम विरूद्ध नियुक्‍त अपात्र अभ्‍यर्थियों के नियुक्ति आदेश निरस्‍त किए जायेंगे? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) कुल 80 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित हुये। उनमें से 25 का चयन किया गया तथा 27 अपात्र घोषित किये गये। (ग) जी हाँ। (घ) एम.पी. ऑनलाईन द्वारा उपलब्ध कराई गयी अभ्यर्थियों की प्रावधिक सूची में अपात्र होने का कारण वांछित अनुभव नहीं होना दर्शाया था, लेकिन दस्तावेज परीक्षण में अभ्यर्थियों द्वारा वांछित दस्तावेज उपलब्ध कराये गये, तद्नुसार पात्र अभ्यार्थियों को नियुक्ति प्रदान की गई। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र बल्‍देवगढ़/खरगापुर/पलेरा में चिकित्‍सकों के रिक्‍त पदों की पूर्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

21. ( *क्र. 1736 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधान सभा क्षेत्र के स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र बल्‍देवगढ़, खरगापुर, पलेरा में शासन से स्‍वीकृत पदों अनुसार वर्तमान में डॉक्‍टरों की तैनाती नहीं है एवं शासन से स्‍वीकृत महिला चिकित्‍सक भी नहीं है तथा खरगापुर स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र केवल एक मात्र डॉक्‍टर के ऊपर ही चल रहा है? शासन से स्‍वीकृत पदों अनुसार रिक्‍त पदों की पूर्ति किये जाने हेतु विभाग द्वारा क्‍या योजना बनाई गई है तथा वर्तमान में किन-किन डॉक्‍टरों की तैनाती है? रिक्‍त पदों की पूर्ति कब तक कर दी जावेगी? यदि पूर्ति की जाना संभव नहीं है तो, कारण स्‍पष्‍ट करें। (ख) क्‍या बल्‍देवगढ़, खरगापुर, पलेरा में महिला डाक्‍टर ना होने के कारण क्षेत्र की महिलाओं को बाहर या जिला मुख्‍यालय पर इलाज कराने हेतु भटकना पड़ता है और कई बार इलाज के अभाव में मौतें भी हो जाती हैं तथा महिलाओं की मृत्‍यु होने पर शव विच्‍छेदन में भी महिला डॉ. न होने पर पुरूष डाक्‍टर द्वारा उक्‍त कार्य किया जाता है या जिला मुख्‍यालय भेजकर शव विच्‍छेदन हो पाता है? यदि हाँ, तो आम जन मानस की सुविधा को ध्‍यान में रखते हुये महिला डॉक्‍टरों की पूर्ति करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें।

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, बल्दवेगढ़, खरगापुर एवं पलेरा में विशेषज्ञों के पद स्वीकृत एवं प्रदेश में विशेषज्ञों की अत्यधिक कमी के कारण रिक्त हैं। स्त्रीरोग विशेषज्ञ का पद स्वीकृत एवं रिक्त है। खरगापुर में वैकल्पिक व्यवस्था सप्ताह में 02-02 दिवस हेतु पृथक-पृथक 02 चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है। पदस्थ चिकित्सकों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। पदपूर्ति हेतु विभाग निरंतर प्रयास कर रहा है, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से 1896 पदों हेतु साक्षात्कार की कार्यवाही प्रचलन में है, चयन सूची में उपलब्धता अनुसार पदस्थापना संबंधी कार्यवाही की जा सकेगी। निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। (ख) बल्देवगढ़ में डॉ. शिवा राजावत बंधपत्र चिकित्सक कार्यरत हैं। सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र, पलेरा में एस.बी.ए. प्रशिक्षित डॉ. फिरोजा बानो, आयुष चिकित्सक पदस्थ हैं तथा खरगापुर में चिकित्सकों की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। उपलब्ध चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं, गंभीर रोगियों को जिला चिकित्सालय में स्त्रीरोग विशेषज्ञों द्वारा उपचार की सुविधा प्रदान की जाती है। अभी तक शव विच्छेदन की समस्या पैदा नहीं हुई है। गंभीर या विवादित मामलों में पुलिस की मांग पर जिला स्तर पर पैनल बोर्ड का गठन कर शव विच्छेदन कराया जाता है।

परिशिष्ट - ''सात''

रेडियोलॉजिस्‍ट की पदस्‍थापना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

22. ( *क्र. 2742 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क‍) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के अता.प्रश्‍न क्रमांक 337, दिनांक 9 दिसम्‍बर 2016 के उत्‍तर की कंडिका (ख) में बताया गया था कि सिविल अस्‍पताल ब्‍यावरा में सोनोग्राफी मशीन एवं उसके संचालन हेतु तकनीशियन की सुविधा यथासंभव शीघ्र प्रदान कर दी जावेगी? (ख) क्‍या मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी जिला राजगढ़ द्वारा पत्र क्र./स्‍थापना/2016/7285 राजगढ़ दिनांक 03.06.2016 से आयुक्‍त संचालनालय स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं मध्‍यप्रदेश भोपाल को अवगत कराते हुये सिविल अस्‍पताल ब्‍यावरा हेतु सोनोग्राफी मशीन क्रय किये जाने के आदेश प्रसारित किये गये हैं? (ग) संबंधित फर्म द्वारा सोनोग्राफी मशीन प्रदाय किये जाने हेतु अस्‍पताल पर रेडियोलॉजिस्‍ट या समकक्ष चिकित्‍सा अधिकारी के उपलब्‍धता की जानकारी चाही गई है। इस हेतु शीघ्र रेडियोलॉजिस्‍ट अथवा समकक्ष चिकित्‍सा अधिकारी की पदस्‍थापना आदेश जारी करने हेतु लिखा गया था? यदि हाँ, तो उक्‍त संबंध में प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) उपरोक्‍तानुसार क्‍या शासन रेडियोलॉजिस्‍ट की पदस्‍थापना सहित सोनोग्राफी मशीन स्‍थापित करने हेतु सभी आवश्‍यक कार्यवाही पूर्ण कर आमजन को सुविधा प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। उक्त आदेश निरस्त कर मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेशन कर्पोरेशन लिमिटेड की दरों के अनुरूप नवीन आदेश क्रमांक-19384 दिनांक 30/11/2016 के द्वारा मेसर्स ब्लू. स्टार इन्जीनियरिंग एण्ड इले. लिमिटेड, मुंबई को जारी किया गया है। (ग) जी हाँ। सिविल अस्पताल ब्यावरा में डी.जी.ओ. चिकित्सक पदस्थ हैं तथा उनके नाम से सोनोग्राफी मशीन का लायसेंस जारी किया जा चुका है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी हाँ। यथासंभव शीघ्र।

मदरसा अनुदान के रूप में प्रदत्‍त राशि

[स्कूल शिक्षा]

23. ( *क्र. 3186 ) श्री रमेश पटेल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत तीन वर्षों में बड़वानी जिले में कितने मदरसों को मान्‍यता दी गई एवं कितनी अनुदान राशि इन्‍हें प्रदत्‍त की गई? मदरसे का नाम, स्‍थान, अनुदान राशि सहित वर्षवार बतावें (ख) बड़वानी जिले के अंतर्गत कितने मदरसों ने नवीन अनुदान हेतु आवेदन किया? उसमें से कितने अनुदान स्‍वीकृत/अस्‍वीकृत किये गये, की जानकारी मदरसावार देवें? (ग) क्‍या विभाग द्वारा अल्‍पसंख्‍यक छात्र-छात्राओं हेतु छात्रावास चलाये जा रहे हैं? यदि हाँ, तो बड़वानी जिलान्‍तर्गत संचालित छात्रावासों की सूची देवें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार। (ख) जानकारी निरंक है। (ग) जी नहीं। ऐसा कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है।

परिशिष्ट - ''आठ''

शालाओं का उन्‍नयन

[स्कूल शिक्षा]

24. ( *क्र. 2646 ) श्री रजनीश सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्‍कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत शालाओं के उन्‍नयन के क्‍या मापदण्‍ड हैं? विगत सत्र 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक सिवनी जिले में कितनी शालाओं का उन्‍नयन किया गया है? कितनी शालाओं का उन्‍नयन होना प्रस्‍तावित है? विधानसभा क्षेत्रवार विवरण देवें (ख) विधानसभा क्षेत्र केवलारी के अंतर्गत ग्राम कान्‍हीवाड़ा वि.ख. सिवनी में क्‍या कन्‍या हाई स्‍कूल का उन्‍नयन करने का प्रस्‍ताव विभाग के समक्ष विचाराधीन है? यदि हाँ, तो कब तक कन्‍या हाई स्‍कूल कान्‍हीवाड़ा का उन्‍नयन किया जावेगा? (ग) यदि नहीं, तो क्‍यों? जबकि कान्‍हीवाड़ा कन्‍या हाई स्‍कूल में छात्राओं की दर्ज संख्‍या 400 से अधिक है साथ ही इसमें 5 ग्रामों की छात्राएं अध्‍ययन करने आती हैं?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) प्राथमि‍क से माध्‍यमि‍क के मापदण्‍ड पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। माध्‍यमिक से हाई स्‍कूल एवं हाई स्‍कूल से हायर सेकेण्‍डरी के मापदण्‍ड पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक सिवनी जिले में कुल 23 हाई स्‍कूल एवं 1 उ.मा.वि. का उन्‍नयन किया गया। वर्ष 2016-17 में उन्‍नयन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) एवं (ग) जी हाँ। शासकीय उ.मा.वि. कान्‍हीवाड़ा की दूरी 0.5 किमी होने से मापदण्‍ड पूरे न होने के कारण पात्र नहीं हैं। कन्‍या शाला हेतु पृथक से मापदण्‍ड निर्धारित नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र बाबई में पदस्‍थ चिकित्‍सक

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

25. ( *क्र. 1931 ) श्री विजयपाल सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सोहागपुर विधान सभा क्षेत्र के सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र बाबई में कुल कितने चिकित्‍सक पदस्‍थ हैं? इनके नाम पदनाम सहित बतायें (ख) क्‍या सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र बाबई में डॉ. श्रीमती शोभना चौकसे भट्ट पदस्‍थ हैं, इनके विरूद्ध विभाग में वर्ष 2008 से अभी तक कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुईं और उन पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई है और यदि नहीं, की गई तो क्‍यों? (ग) क्‍या पिछले वर्षों में इनका स्‍थानांतरण बाबई से अन्‍यत्र हुआ है, परंतु इनके द्वारा बार-बार न्‍यायालय से स्‍टे ले लिया जाता है? किस कारण से इन्‍हें बार-बार न्‍यायालय से स्‍टे मिलता है? उसके संबंध में भी जानकारी उपलब्‍ध करावें

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बाबई में वर्तमान में कुल 03 नियमित एवं एक संविदा चिकित्सक पदस्थ हैं :- (1) डॉ. संदीप सक्सेना (2) डॉ. राजेश धाकड़ (3) डॉ. आर.एस. मीणा एवं संविदा चिकित्सक डॉ. रमेश कुमार, संविदा। (ख) जी नहीं, वर्तमान में नहीं हैं। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। जी हाँ। स्टे एक न्यायालयीन प्रक्रिया है। संचालनालय के आदेश क्रमांक 1591, दिनांक 02.02.2017 के द्वारा डॉ. शोभना चौकसे, चिकित्‍सा अधिकारी का स्थानांतरण सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, सिवनी मालवा किया जा चुका है एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के पत्र क्रमांक 277 दिनांक 03.02.2017 के द्वारा इन्हें कार्यमुक्त कर दिया गया है।

 

 

 








भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में

परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


खाद्य और औषधि निरीक्षक की पद पूर्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

1. ( क्र. 32 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खाद्य और औषधि विभाग के अंतर्गत इंदौर संभाग में कितने निरीक्षक कब से कार्यरत है कितने पद रिक्त हैं, निरीक्षकों की पदस्थापना दिनांक सहित वर्तमान दिनांक में कहाँ पदस्थ हैं, की जानकारी भी दी जावें। (ख) इंदौर संभाग में विगत 1 वर्ष में निरीक्षकों ने कितने खाद्य,पेय आदि के सेम्पल लिए, कितने सेम्पल कहाँ जाँच हेतु भेजे गए, कितने सेम्पल जाँच में अवमानक पाए गए, सेम्पल भेजने की तिथि और जाँच की तिथि और रिपोर्ट आने की तिथि सहित जानकारी दी जाये। जो सेम्पल अवमानक पाए गए उन फर्मों पर शासन द्वारा क्या कार्यवाही की गई। (ग) प्रश्नांश (क) के अनुसार ऐसे निरीक्षकों को जिन्हें 3 वर्ष से अधिक हो गए क्या उन पर शासन की स्थानान्तर नीति लागू नहीं होती है, यदि नहीं, तो तद्नुसार क्या कार्यवाही की जावेगी और कब तक?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अनुसार है। (ग) जी नहीं, स्थानांतरण नीति में अधिकतम 20 प्रतिशत स्थानान्तरण के निर्देश होने से 3 वर्ष से अधिक अवधि के खाद्य सुरक्षा अधिकारी एक ही जिले में पदस्थ है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

स्‍कूल भूमियों पर अतिक्रमण

[स्कूल शिक्षा]

2. ( क्र. 73 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रतलाम जिले में शासकीय प्राथमिक, माध्‍यमिक एवं उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालयों के खाली पड़े भूखण्‍डों पर, मैदानों पर कहाँ-कहाँ किस-किस ने अतिक्रमण किया है? तहसीलवार ब्‍यौरा दें. (ख) शासन ने अतिक्रमण कब चिन्‍हित किये व अतिक्रमणकर्त्‍ताओं के विरूद्ध कब-कब, क्‍या-क्‍या कार्यवाही की? (ग) क्‍या शाला भूमियों को अतिक्रमण मुक्‍त करने के लिए प्रशासन सख्‍त कदम उठाएगा? यदि हाँ, तो किस प्रकार?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) प्राथमिक/माध्‍यमिक विद्यालयों से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। हाई व हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों की जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) (ग) अतिक्रमण के चिन्‍हांकन के दिनांक के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट में अनुसार है। इस संबंध में कलेक्‍टर, जिला रतलाम द्वारा पत्र क्र. 209 दिनांक 23/1/17 से समस्‍त राजस्‍व अधिकारियों को शाला भूमि का सीमांकन एवं नामांतरण हेतु लिखा गया है। हाई व हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों की जानकारी एकत्रित की जा रही है।

उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र का निर्माण

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

3. ( क्र. 76 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आलोट जिला रतलाम के खारवांकलां उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र के निर्माण आदेश एवं कार्य पूर्ण होने की दिनांक का ब्‍यौरा क्‍या है? (ख) उक्‍त उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र का निर्माण पूर्ण हो जाने के पश्‍चात् भी उसे अब तक किस कारण से प्रारंभ नहीं किया गया है? कौन अधिकारी इसके लिये जिम्‍मेदार है? उन पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) जनहित में कब तक उक्‍त उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र प्रारंभ कर दिया जायेगा?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) आलोट जिला रतलाम के खारवांकलां में उप स्वास्थ्य केन्द्र का निर्माण नहीं किया गया है बल्कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का निर्माण किया गया है उक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के निर्माण कार्य का आदेश दिनांक 03.04.2012 को जारी हुआ एवं कार्य पूर्ण करने की निर्धारित तिथि 17 माह अर्थात 03.09.2013 थी। उक्त भवन का कार्य दिनांक 17.06.2016 को पूर्ण हुआ। (ख) उक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खारवांकलां के निर्माण 17.06.2016 से पूर्ण है परन्तु इसे आधिपत्य में नहीं लिया गया। इस अवधि में भवन में कुछ छोटे-छोटे अतिरिक्त आवश्यक कार्य की स्थिति निर्मित हुई। जिन्हे शीघ्र करवाकर भवन को हस्तांतारित किया जावेगा। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) यथा-शीघ्र।

शाला भवनों का निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

4. ( क्र. 111 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पनागर विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत गाजर, तिलगवां, निरंदपुर, सुहागी, सकरी, खैरी, देवरीखुर्द, सालीवाड़ा, डूंडी, पड़वार, बम्हनी, बड़खेरा, सकरी, नुनिया, जैतपुरी, उर्दुवाकला आदि स्कूलों के भवन जीर्णशीर्ण स्थिति में हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) अंतर्गत ऐसे समस्त स्कूल भवनों की सूची देवें एवं अतिरिक्त आधे अधूरे निर्मित किये गये स्कूल भवनों की जानकारी भी देवें जो बजट के अभाव में पिछले पाँच वर्षों से आधे अधूरे पड़े हैं? (ग) क्या‍ शासन द्वारा ऐसे स्कूलों के पुनरूद्धार एवं निर्माण हेतु बजट का प्रावधान किया गया हैं? (घ) यदि हाँ, तो विधानसभा क्षेत्र पनागर के किन किन स्कूलों के लिये बजट स्वीकृत किया गया हैं? सूची देवें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) विधान सभा क्षेत्र पनागर अन्तर्गत संचालित एवं प्रश्नांकित शासकीय हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्‍डरी स्कूल के भवन जीर्ण-शीर्ण/जर्जर नहीं है। पनागर विधान सभा क्षेत्रांर्गत प्रश्‍नांश '''' में उल्‍लेखित प्राथमिक व माध्यमिक शालाओं गाजर, तिलगांव, निरन्‍दपुर, सुहागी, सकरी, खैरी, देवरीखुर्द, सालीवाडा, डूंडी, पडवार, बम्‍हानी, बडखेडा, सकरी, नुनिया, जैतपुरी, उर्दुवाकला आदि स्‍कूलों के भवनों में से मात्र शासकीय प्राथमिक शाला देवरी खुर्द का भवन जीर्ण-शीर्ण स्थिति में हैं। (ख) प्रश्नांश के अन्‍तर्गत ऐसे कोई स्‍कूल भवन नहीं है, जो बजट के अभाव में विगत पाँच वर्षों से अधूरी पड़े है। उपरोक्‍त के अतिरिक्‍त ऐसे स्‍कूल भवन एवं अतिरिक्‍त कक्ष के 24 निर्माण कार्य जो एजेंसी की उदानसीनता एवं एजेन्‍सी द्वारा अनियमित आहरण कर लिये जाने के कारण अधूरे पड़े है की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) जी हाँ (घ) विधानसभा क्षेत्र पनागर के एकमात्र शासकीय प्राथमिक शाला देवरीखुर्द के जीर्ण-शीर्ण भवन हेतु वर्ष 2016-17 में नवीन शाला भवन लागत राशि रूपये में 14.66 लाख का बजट स्‍वीकृत किया गया है तथा इसके अतिरिक्‍त ऐसे स्‍कूल भवन एवं अतिरिक्‍त कक्ष के 24 निर्माण कार्य जो एजेन्‍सी की उदासीनता एवं एजेन्‍सी अनियमित आहरण कर लिये जाने के कारण अधूरे पड़े है हेतु स्‍वीकृत बजट की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।

परिशिष्ट - ''एक''

राज्य बीमारी सहायता राशि हेतु आवंटित बजट

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

5. ( क्र. 112 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या गरीबी कार्ड धारक व्यक्तियों के लिये राज्य बीमारी सहायता योजना अंतर्गत नि:शुल्क उपचार किया जाता हैं? (ख) यदि हाँ, तो जबलपुर जिले में चालू वित्तीय वर्ष 2016-17 में कितने मरीजों के प्रकरण स्वीकृत किये गये एवं कितनी राशि व्यय की गई? अस्पतालवार विवरण देवें? (ग) क्या आवश्यक आवंटन के अभाव में कई मरीजों का उपचार नहीं किया गया हैं? ऐसा क्यों हुआ? (घ) प्रश्‍नाधीन अवधि में (2016-17) में मुख्य चिकित्सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी जबलपुर द्वारा कितनी राशि की मांग की गई, कितनी प्राप्त हुई, कितनी लंबित हैं? लंबित राशि का भुगतान कब तक किया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जबलपुर जिले में वित्तीय वर्ष 2016-17 में 475 प्रकरण स्वीकृत किये गये एवं राशि रूपयें 56601042/- स्वीकृत की गई। शेष भाग की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। बजट राशि आवंटन के अभाव में किसी भी मरीज का उपचार नहीं रोका गया है एवं प्रकरणों की स्वीकृति प्रदाय कर उन्हें योजना अन्तर्गत लाभ दिया गया है। (घ) प्रश्नाधीन अवधि (2016-17) में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला जबलपुर द्वारा बजट मांग, प्राप्त राशि एवं लंबित राशि की जानकारी निम्नानुसार हैं :-

क्रं.

बजट की मांग

प्राप्त राशि

लंबित राशि

1

22000000.00 (माह अप्रैल 2016 में)

12287500.00

9712500.00

2

20000000.00 (माह जुलाई 2016 में)

14700000.00

5300000.00

3

15000000.00 (माह सितम्बर 2016 में)

10000000.00

5000000.00

4

20000000.00 (माह जनवरी 2017 में)

15000000.00

3885242.00

कुल

77000000.00

51987500.00

23897742.00

राशि प्राप्त होने पर स्वीकृत किये गये प्रकरणों के लंबित राशि का भुगतान कर दिया जावेगा।

परिशिष्ट - ''दो''

निजी स्कूलों को मान्यता

[स्कूल शिक्षा]

6. ( क्र. 127 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बडवाहा विधानसभा क्षेत्र में कितने मान्यता प्राप्त प्राथमिक माध्यमिक प्ले स्कूल हैं, उनके मालिक, व्यवस्थापक यदि ट्रस्ट का नाम हो तो ट्रस्ट का नाम सहित उसकी ग्रामवार शहरवार जानकारी दी जाये। शासन द्वारा किन किन शर्तों एवं नियमों के तहत मान्यता दी है? उसके नियम की कापी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार इन प्राथमिक/माध्यमिक/प्ले स्कूल को शासन द्वारा कब मान्यता दी गई? क्या वे शर्तों को पूरी कर रहे हैं? शर्तें पूरी न करने पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जावेगी? (ग) ऐसे कितने स्कूल हैं जो शर्तें पूरी न करते हुए भी संचालन कर रहे हैं? इनके खिलाफ क्या कार्यवाही कब तक की जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) मान्‍यता प्राप्‍त प्राथमिक, माध्‍यमिक स्‍कूलों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। पृथक से प्‍ले स्‍कूल को मान्‍यता देने संबंधी प्रावधान नहीं है। मान्‍यता नियमों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर के संदर्भ में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अ अनुसार है। जी हाँ। अत: शेषांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर के प्रकाश में जानकारी निरंक है। अत: शेषांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

शासकीय कन्‍या हायर सेकेण्‍डरी विद्यालय का संचालन

[स्कूल शिक्षा]

7. ( क्र. 199 ) श्री नारायण सिंह कुशवाह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र ग्‍वालियर दक्षिण में शासकीय उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय गोरखी, शासकीय कन्‍या हायर सेकेण्‍डरी विद्यालय गजराराजा एवं शासकीय उ.माध्‍यमिक विद्यालय पदमा कम्‍पू लश्‍कर के केम्‍पस में कितने-कितने विद्यालय संचालित हैं? (ख) इन विद्यालयों की बिल्डिंग कितनी पुरानी है? क्‍या इन विद्यालयों की बिल्डिंग क्षतिग्रस्‍त हो गई है? (ग) क्‍या शासन/प्रशासन द्वारा उपरोक्‍त विद्यालयों की बिल्डिंगों के जीर्णोद्धार/नवीन निर्माण हेतु कोई योजना है? यदि हाँ, तो कब तक कार्य प्रारंभ कर दिया जावेगा? यदि नहीं, तो कारण बतावें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) शासकीय उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय गोरखी, शासकीय कन्‍या हायर सेकेण्‍डरी विद्यालय गजराराजा एवं शासकीय उ.माध्‍यमिक विद्यालय पदमा की बिल्डिंग लगभग 100 वर्ष पुरानी है। उक्‍त विद्यालयों की बिल्डिंग का कुछ हिस्‍सा क्षतिग्रस्‍त हो गया है। (ग) उपरोक्‍त भवनों का जीर्णोद्धार पुर्ननिर्माण बजट की उपलब्‍धता पर निर्भर करेगा।

परिशिष्ट - ''तीन''

सर्व शिक्षा अभियान अन्‍तर्गत प्रतिनियुक्ति

[स्कूल शिक्षा]

8. ( क्र. 232 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सर्व शिक्षा अभियान अन्तर्गत बी.ए.सी./बी.जी.सी./सी.ए.सी. के पद पर अध्यापक को प्रतिनियुक्ति पर लिये जाने के शासन के कोई निर्देश हैं? यदि हाँ, तो कितने समय के लिये प्रतिनियुक्ति पर लिये जाने के निर्देश हैं? (ख) राजगढ़ जिले में सर्व शिक्षा अभियान अन्तर्गत किन-किन अध्यापकों को बी.ए.सी./बी.जी.सी./सी.ए.सी. के पदों पर कब से प्रतिनियुक्ति पर लिया गया है? उनके प्रति‍नियुक्ति आदेश की प्रति उपलब्ध करावें। (ग) क्या आयुक्त, राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल के पत्र क्रमांक राशि के/नियु./2015/7812 भोपाल दिनांक 31.10.2015 द्वारा प्रदेश के जिलों में विकासखण्ड अकादमिक समन्वयक एवं जनशिक्षक के पद पर जिनकी प्रतिनियुक्ति अवधि 4 वर्ष पूर्ण हो चुकी है, के स्थान पर नवीन पदस्थापना संबंधी आदेश जारी किये गये थे? यदि हाँ, तो क्‍या राजगढ़ जिले में इसका पालन किया गया है? यदि नहीं, तो इसका क्या कारण है? (घ) जिनकी प्रतिनियुक्ति अवधि 4 वर्ष पूर्ण हो गई है उन्हें उनके मूल विभाग में नहीं भेजे जाने के लिये कौन अधिकारी दोषी हैं। दोषी अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? क्या शासन जिनकी प्रतिनियुक्ति अवधि 4 वर्ष पूर्ण हो गई है उन्हें उनके मूल विभाग में भेजेगा? यदि हाँ, तो कब तक और नहीं तो क्यों नहीं?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) विभाग के पत्र क्रमांक/एफ 1-45/2010/20-1 दिनांक 26.12.2011 द्वारा अध्यापक संवर्ग के लिए प्रतिनियुक्ति की शर्तें निर्धारित की गई है। जारी शर्त की कण्डिका 3 अनुसार प्रतिनियुक्ति प्रारंभ में 2 वर्ष के लिए है जिसे कार्य व्यवहार की गुणवत्ता के सम्पादन के आधार पर आगामी 2 वर्ष के लिए प्रतिनियुक्ति पर लेने वाले अधिकारी द्वारा बढ़ाया जा सकता है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ग) जी हाँ। राजगढ़ जिले में राज्य शिक्षा केन्द्र के आदेश एवं माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर में दायर याचिका डब्ल्यू.पी. क्रमांक 583/2016 में दिनांक 22.1.2016 एवं दिनांक 4.3.2016 में पारित अंतरिम आदेश के अनुपालन में कुल 101 पद (09 बी.ए.सी. एवं 92 जनशिक्षक) के लिए दिनांक 13.3.2016 को काउंसलिंग की गई, जिसमें 145 अभ्यर्थी सम्मिलित हुए। काउंसलिंग पश्चात् कुल 80 अभ्यर्थियों का चयन किया गया। उक्त चयनित अभ्यर्थियों में से 04 वर्ष पूर्ण करने वाले बी.ए.सी. एवं जनशिक्षक के संबंध में तत्समय माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर में प्रकरण विचाराधीन होने से मात्र 17 पदों पर अध्यापक संवर्ग की सेवायें प्रतिनियुक्ति पर ली गई है,जो जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। (घ) माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर द्वारा डब्ल्यू.पी. क्रमांक 583/2016 में दिनांक 15.11.2016 को अंतिम आदेश पारित किया गया। पारित आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 अनुसार है। अतः इस हेतु कोई अधिकारी/कर्मचारी दोषी न होने से शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

विकेन्‍द्रीकरण आदेश के विरूद्ध केन्‍द्रीकरण करने वाला आदेश की निरस्‍ती

[स्कूल शिक्षा]

9. ( क्र. 241 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2016-17 में विदिशा जिले के किन-किन विद्यालयों की अनुमति मान्‍यता किस-किस कारण कलेक्‍टर द्वारा अमान्‍य की गई थी? उक्‍त विद्यालयों में से किस-किस विद्यालयों द्वारा अपील किस-किस आधार पर आयुक्‍त लोक शिक्षण को किस दिनांक को प्रस्‍तुत की गई, कितने विद्यालयों की अपील स्‍वीकार कर मान्‍यता जारी की गई कितनों की नहीं? क्‍या अपील प्रकरणों की आक्षेप पूर्ति संचालनालय स्‍तर से कराकर अनुमति जारी की गई है? प्रकरणवार सूची सहित कलेक्‍टर एवं आयुक्‍त द्वारा पारित आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें? (ख) क्‍या म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 11.02.2015 स्‍कूल शिक्षा विभाग भोपाल के द्वारा म.प्र. शासकीय माध्‍यमिक एवं उ.मा.वि. शालाओं की अनुमति, मान्‍यता एवं मान्‍यता वृद्धि का विकेन्‍द्रीकरण कर जिला स्‍तर पर नवीन मान्‍यता के लिये जिला कलेक्‍टर एवं मान्‍यता वृद्धि के लिये जिला शिक्षा अधिकारी को समक्ष अधिकारी बनाये जाने का निर्णय लिया है? (ग) क्‍या उक्‍त विक्रेन्‍द्रीकरण आदेश के विरूद्ध केन्‍द्रीकरण करने के आदेश आयुक्‍त लोक शिक्षण म.प्र. द्वारा दिनांक 08.11.2016 को जारी किया है? यदि हाँ, तो इसके लिये कौन अधिकारी एवं कर्मचारी दोषी है? (घ) प्रश्नांश (ख) में उल्‍लेखित राजपत्र के क्रम में प्रश्‍नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक/4912, दिनांक 28.11.2016 प्रमुख सचिव, स्‍कूल शिक्षा विभाग एवं आयुक्‍त लोक शिक्षण को पत्र लिख कर उक्‍त केन्‍द्रीकरण आदेश को निरस्‍त करने की मांग की गई थी या नहीं? यदि हाँ, तो उक्‍त पत्र के क्रम में अभी तक किस-किस स्‍तर पर क्‍या कार्यवाही हुई, प्रश्‍नकर्ता को अवगत कराया गया है या नहीं? यदि नहीं, तो इसके लिये कौन दोषी हैं? केन्‍द्रीकरण करने संबंधी आदेश कब तक निरस्‍त किया जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) विदिशा जिले में जिला कलेक्टर द्वारा संस्थाओं की मान्यता संबंधी प्रकरण अमान्य किये जाने के उपरांत 27 संस्थाओं द्वारा ऑनलाईन अपील आयुक्त लोक शिक्षण को की गई। उक्त प्राप्त अपीलों पर संचालनालय में सुनवाई उपरांत 22 संस्थाओं की अपील स्वीकार करते हुए मान्यता जारी की गई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार। 5 संस्थाओं की अपील अमान्य की गई जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार। कलेक्टर द्वारा अमान्य करने का कारण एवं आयुक्त लोक शिक्षण को अपील प्रस्तुत करने का दिनांक पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 एवं 2 में निहित है। पारित आदेशों की प्रतियाँ  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 अनुसार हैं। (ख) जी हाँ। (ग) सक्षम प्राधिकारी के निर्णय की स्वीकृति के अनुक्रम में आदेश दिनांक 8.11.2016 जारी किया गया है। इसके लिये कोई भी अधिकारी/कर्मचारी दोषी नहीं है। (घ) जी हाँ। पत्र परीक्षणाधीन है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

राज्‍य बीमारी सहायता निधि के प्रकरण

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

10. ( क्र. 408 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला चिकित्‍सालय अनूपपुर के माध्‍यम से राज्‍य बीमारी सहायता निधि योजनांतर्गत वित्‍तीय वर्ष 2014-15 से 2016-17 तक जिला अनूपपुर से बाहर निजी चिकित्‍सालयों में इलाज हेतु कितने प्रकरण भेजे गये? रोगी का नाम, पिता का नाम, पूर्ण पता, रोग का प्रकार इलाज हेतु स्‍वीकृत राशि, इलाज करने का दिनांक एवं वर्ष, जिस चिकित्‍सालय में इलाज हुआ, उसका पूर्ण पता बतायें? (ख) म.प्र. शासन द्वारा प्रश्‍नांकित योजनान्‍तर्गत प्रकरण बनाने हेतु क्‍या नियम व निर्देश हैं?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जिला चिकित्सालय अनूपपुर से 333 प्रकरण राज्य बीमारी सहायता निधि योजनांतर्गत वित्तीय वर्ष 2014-15 से 2016-17 तक निजी चिकित्सालयों में इलाज हेतु भेजे गये। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अनुसार है।

प्रधानाध्‍यापक माध्‍यमिक शाला को तृतीय कर्मचारी होने का उल्‍लेख

[स्कूल शिक्षा]

11. ( क्र. 423 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानाध्‍यापक माध्‍यमिक शाला को कर्मचारी बीमा बचत योजना 2003 के अंतर्गत विभाग से जारी परिपत्र दिनांक 08.09.2016 में प्रधानाध्‍यापक माध्‍यमिक शाला को तृतीय कर्मचारी होने का उल्‍लेख है क्‍या? (ख) उक्‍त विभागीय आदेश त्रुटिपूर्ण मानते हुए आयुक्‍त, लोक शिक्षण म.प्र. द्वारा उक्‍त आदेश स्‍थगित क्‍यों किया गया? उक्‍त आदेश त्रुटिपूर्ण होने पर निरस्‍त न किये जाने का क्‍या कारण है? (ग) म.प्र. राजपत्र 2016 में जारी नियमों में उक्‍त विसंगति उत्‍पन्‍न करने के लिये कौन दोषी है और दोषी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही शासन द्वारा की गई है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट पर है। प्रकरण परीक्षणाधीन है। (ग) म.प्र. राजपत्र दिनांक 21 मार्च 2007 की अनुसूची 1 में स.क्र. 15 पर प्रधानाध्‍यापक माध्‍यमिक शाला का पद द्वितिय श्रेणी में शामिल होने के आधार पर म.प्र. राजपत्र दिनांक 12 जुलाई 2016 में भी शामिल किया गया है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

गोविंदपुरा विधान सभा क्षेत्र में अस्‍पताल की स्‍थापना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

12. ( क्र. 438 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गोविन्‍दपुरा विधान सभा क्षेत्र में सर्व सुविधायुक्‍त 100 बिस्‍तरों के अस्‍पताल निर्माण की योजना बनाई गई है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा विभागीय मंत्री को लिखे पत्र क्रमांक 375 दिनांक 20.12.2016 पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) अस्‍पताल निर्माण की योजना कब प्रारंभ की जायेगी?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) पत्र के संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, भोपाल से आवश्‍यक प्रस्ताव व अभिमत टीप मांगी गई है। जानकारी प्राप्त होने पर आवश्‍यक कार्यवाही की जावेगी। (ग) विषयांतर्गत में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल से प्रस्ताव टीप प्राप्त होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।

सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र अस्‍पताल प्रारंभ करना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

13. ( क्र. 459 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिका मकरोनिया बुजुर्ग में सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र 30 बिस्‍तरीय अस्‍पताल की स्‍वीकृति कब प्रदान कर दी गई है? (ख) क्‍या स्‍वीकृति उपरांत सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र 30 बिस्‍तरीय अस्‍पताल खोलने हेतु शासन स्‍तर पर क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) क्‍या स्‍वीकृत सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र 30 बिस्‍तरीय अस्‍पताल को किराये के भवन में स्‍टॉफ सहित शुरू किये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो उक्‍त 30 बिस्‍तरीय अस्‍पताल कब तक प्रारंभ किया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन म.प्र. के आदेश क्रमांक/एन.एच.एम./शहरी स्वास्थ्य/2016/10337 द्वारा दिनांक 17.10.2016 द्वारा शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने की स्वीकृति की गई है। (ख) परियोजना परीक्षण समिति के अनुमोदन हेतु प्रकरण विचाराधीन है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

कोलारस विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत संचालित हाईस्‍कूल/हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल

[स्कूल शिक्षा]

14. ( क्र. 490 ) श्री रामसिंह यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कोलारस विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत दिसम्‍बर 2016 की स्थिति में हाईस्‍कूल एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल (10+2) कहाँ-कहाँ पर संचालित हैं तथा इनमें कितने-कितने विद्यार्थी अध्‍ययनरत् हैं तथा कितने-कितने शिक्षक इन स्‍कूलों में पदस्‍थ हैं? छात्र संख्‍या के मान के अनुसार शिक्षकों की कहाँ-कहाँ कमी है? इनकी पूर्ति कब तक की जावेगी? (ख) उक्‍त स्‍कूलों में से कौन-कौन से स्‍कूल भवनविहीन हैं? भवनविहीन स्‍कूलों में स्‍कूल भवन का निर्माण कब तक किया जावेगा? (ग) कोलारस विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2017-18 में नवीन हाईस्‍कूल एवं हायर सेकेण्‍डरी कहाँ-कहाँ पर प्रारंभ किया जाना है? इसकी स्‍वीकृति पत्र की छायाप्रति संलग्‍न कर जानकारी दें? (घ) क्‍या बदरवास विकासखण्‍ड के ग्राम खतौरा में शैक्षणिक सत्र 2017-18 में नवीन हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल (10+2) खोले जाने की घोषणा विधानसभा में वर्ष 2016 में की है? यदि हाँ, तो स्‍वीकृति पत्र की प्रति संलग्‍न कर जानकारी दें? यदि स्‍वीकृति पत्र जारी नहीं हुआ है, तो कब तक जारी कर दिया जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- एक अनुसार है। पद पूर्ति एक सतत् प्रक्रि‍या है। रि‍क्‍त पदों के वि‍रूद्ध अति‍थि‍ शि‍क्षकों से अध्‍यापन कार्य कराया जा रहा है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। भवन निर्माण की स्‍वीकृति‍ बजट उपलब्‍धता पर निर्भर करेगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) एवं (घ) स्‍कूलों के उन्‍नयन हेतु नि‍यमानुसार वि‍भागीय कार्यवाही प्रक्रि‍याधीन है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''चार''

नवीन हाईस्‍कूल खोलने की स्‍वीकृति

[स्कूल शिक्षा]

15. ( क्र. 493 ) श्री रामसिंह यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शिवपुरी जिले के कोलारस विकासखण्‍ड के ग्राम मकरारा में नवीन हाईस्‍कूल खोलने हेतु जिला शिक्षा अधिकारी शिवपुरी ने उनके पत्र क्रमांक 734, दिनांक 03.03.2016 से प्रस्‍ताव आयुक्‍त लोक शिक्षण मध्‍यप्रदेश भोपाल को भेजा है? यदि हाँ, तो उक्‍त प्रस्‍ताव पर स्‍वीकृति कब तक प्रदान कर दी जावेगी? (ख) क्‍या माननीय उच्‍च न्‍यायालय के सेवानिवृत्‍त माननीय जज श्री एन.के. जैन द्वारा स्‍वयं के व्‍यय पर ग्राम मकरारा में 12 लाख की लागत से नवनिर्मित स्‍कूल भवन तत्‍कालीन माननीय स्‍कूल शिक्षा मंत्री श्री पारस जैन की उपस्थिति में दिनांक 28.11.2015 को विभाग को समर्पित कर दिया है? यदि हाँ, तो नवीन हाईस्‍कूल की स्‍वीकृति में विलंब क्‍यों हो रहा है? (ग) क्‍या तत्‍कालीन माननीय स्‍कूल शिक्षा मंत्री श्री पारस जैन द्वारा दिनांक 28.11.2015 को ग्राम मकरारा में आयोजित कार्यक्रम में मकरारा में नवीन हाईस्‍कूल खोले जाने की घोषणा की थी? यदि हाँ, तो उक्‍त घोषणा पर आज दिनांक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? घोषणा के क्रम में नवीन हाईस्कूल क्‍यों प्रारंभ नहीं किया गया? (घ) क्‍या ग्राम मकरारा में शैक्षणिक सत्र 2017-18 से हाईस्‍कूल की कक्षाएं प्रारंभ हो जाएगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। शाला का उन्‍नयन मापदडों की पूर्ति एवं बजट की उपलब्‍धता पर निर्भर होता है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ख) एवं (ग) जी हाँ। प्रश्‍नांश '' के उत्‍तरांश अनुसार। (घ) उत्‍तरांश '' एवं '' के उत्‍तर अनुसार।

बालिकाओं के ड्रॉप आउट के बढ़ रहे प्रतिशत में कमी करायी जाना

[स्कूल शिक्षा]

16. ( क्र. 526 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिला अन्‍तर्गत कितनी कन्‍या माध्‍यमिक शाला एवं कन्‍या हाई स्‍कूल तथा कन्‍या हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल संचालित है? शासन द्वारा इनके संचालन बाबत् क्‍या नीति निर्धारित की है? नीति की प्रति देते हुए बतावें कि क्‍या शासन की नीतियों के तहत विद्यालयों का संचालन हो रहा है? अगर नहीं तो क्‍यों? (ख) क्‍या विद्यालयों की कमी शिक्षकों की समुचित व्‍यवस्‍था न किये जाने के साथ बच्चियों की सुरक्षा व्‍यवस्‍था में कमी है, जिस कारण बच्चियों के ड्रॉप आउट का प्रतिशत जिले सहित पूरे प्रदेश में बढ़ा है? ड्रॉप आउट का प्रतिशत जिले एवं प्रदेश में क्‍या है? इसमें कमी बाबत् शासन एवं प्रशासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है? (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार रीवा जिले अंतर्गत बच्चियों के ड्रॉप आउट में कमी एवं अन्‍य पठन-पाठन की सुविधा हेतु शासन द्वारा वर्ष 2014 से प्रश्‍नांश दिनांक तक में कितनी-कितनी राशि दी गई एवं इसका उपयोग कब-कब, कहाँ-कहाँ किया गया? (घ) प्रश्नांश (ख) अनुसार राज्‍य सरकार द्वारा कन्‍याओं/बालिकाओं के पठन-पाठन हेतु विद्यालयों की समुचित व्‍यवस्‍था एवं संचालन की कमी के साथ सुरक्षा के कारण ड्रॉप आउट बढ़ा है, नवीन विद्यालयों के संचालन बाबत् शासन एवं प्रशासन द्वारा कब तक कार्यवाही की जावेगी, जिससे लड़कियों के ड्रॉप आउट में कमी हो?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) रीवा जिलान्तर्गत 26 कन्या माध्यमिक शाला, 09 कन्या हाईस्कूल, 16 कन्या हा.से. स्कूल संचालित है। कन्या शाला के संचालन हेतु पृथक से कोई नीति नहीं है। शासन की नीतियों के तहत विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) यह कहना गलत है कि बालिकाओं के ड्रॉप आउट का प्रतिशत बढ़ रहा है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -2 अनुसार है। (घ) उत्तरांश (ख) के प्रकाश में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

शासकीय अस्‍पतालों में दवाई एवं डायलिसिस की नि:शुल्‍क सुविधा मुहैया कराना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

17. ( क्र. 527 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा संभाग अंतर्गत संचालित शासकीय अस्‍पतालों में से किन-किन अस्‍पतालों में राज्‍य शासन द्वारा किडनी की बीमारी के मरीजों को डायलिसिस की सुविधा उपलब्‍ध करायी गई है तथा अनुमानत: कितने मरीजों का डायलिसिस प्रतिदिन किया जा रहा है? (ख) प्रश्‍नांश (क) अन्‍तर्गत शासन द्वारा कितनी-कितनी राशि संबंधित अस्‍पतालों को मरीजों के डायलिसिस एवं दवाई बाबत् वर्ष 2012 से प्रश्‍न दिनांक तक में उपलब्‍ध करायी गई, वर्षवार एवं अस्‍पतालवार विवरण देवें? अगर नहीं दी गई तो क्‍यों? (ग) मरीजों की डायलिसिस हेतु शासन द्वारा कितना शुल्‍क निर्धारित किया गया है? क्‍या बी.पी.एल.एवं गैर बी.पी.एल. परिवार की सुविधा एवं शुल्‍क में अंतर है? अगर है तो इस गंभीर बीमारी हेतु क्‍या एक रूपता मरीजों के उपचार हेतु लागू कर सभी मरीजों को दवाई की सुविधा मुहैया करायेंगे? अगर नहीं तो क्‍यों? (घ) प्रश्‍नांश (क) अनुसार मरीज के एक बार डायलिसिस कराने में कितना खर्च होता है? सामान्‍य एवं गरीब परिवार जिसका नाम बी.पी.एल. सूची में नहीं है दवा कराने में सक्षम नहीं है, इस बाबत् शासन क्‍या उचित निर्णय लेकर बगैर बी.पी.एल. धारियों को भी डायलिसिस सहित दवाई नि:शुल्‍क उपलब्‍ध कराने का प्रावधान निहित कर समानता लायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। प्रतिदिन प्रति मशीन 02 मरीजों को डायलिसिस की व्यवस्था है। (ख) वर्ष 2016-17 में डायलिसिस मरीजों की जाँच एवं दवाइयों हेतु आवंटित राशि की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। राज्य शासन द्वारा अस्पतालों को मरीजों के डायलिसिस एवं दवाई हेतु वर्ष 2012 से 2015-16 तक योजना संचालित न होने के कारण पृथक से कोई राशि आवंटित नहीं की गई थी। (ग) बी.पी.एल. रोगियों को निःशुल्क डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराई जाती है एवं अन्य रोगियों हेतु प्रति सत्र राशि रूपये 500 का शुल्क निर्धारित है। जी नहीं, बी.पी.एल. एवं गैर बी.पी.एल. की सुविधा में कोई अन्तर नहीं है, सभी श्रेणियों के मरीजों को शासकीय चिकित्सालयों में दवाइयां निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) बी.पी.एल. मरीजों के लिए डायलिसिस सुविधा पूर्णतः निःशुल्क है एवं ए.पी.एल. मरीजों को मात्र रूपये 500/- प्रति सत्र शुल्क देना होता है। जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''पाँच''

भवन विहीन हाई स्‍कूल तथा हायर सेकेण्‍डरी विद्यालयों में नवीन भवन निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

18. ( क्र. 546 ) श्री जसवंत सिंह हाड़ा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शुजालपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत भवन विहीन हाई स्‍कूल तथा हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल के लिए नवीन भवनों के निर्माण के संबंध में प्रस्‍ताव विभाग द्वारा शासन को भेजे गये है? यदि हाँ, तो सूची उपलब्‍ध करायी जाए। (ख) विभाग द्वारा प्रेषित नवीन भवनों के निर्माण हेतु प्रस्‍ताव पर स्‍वीकृति के संबंध में शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही हैं? कब तक भवन विहीन स्‍कूलों के लिए नवीन भवन निर्माण किये जायेंगे। (ग) विधानसभा क्षेत्र शुजालपुर अंतर्गत ऐसे कितने विद्यालय है, जिनमें छात्र संख्‍या के मान से पर्याप्‍त छात्रों के बैठने हेतु कक्ष उपलब्‍ध नहीं हैं? (घ) प्रश्‍नांश (ग) अंतर्गत उल्‍लेखित स्‍कूलों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के संबध में शासन क्‍या योजना बना रहा है? कब तक स्‍कूलों में अतिरिक्‍त कक्ष निर्माण की स्‍वीकृति प्रदान की जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) शाला भवन का निर्माण बजट की उपलब्‍धता पर निर्भर करेगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) अतिरिक्‍त कक्ष का निर्माण बजट की उपलब्‍धता पर निर्भर करेगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''छ: ''

जबलपुर में एक्‍सीलेंस स्‍पोर्टस स्‍कूल प्रारंभ करवाना

[स्कूल शिक्षा]

19. ( क्र. 566 ) श्री तरूण भनोत : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जबलपुर में संभागीय एक्‍सीलेंस स्‍पोर्टस स्‍कूल प्रारंभ करवाने के लिये स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा एक वर्ष पूर्व जबलपुर संभाग से जमीनों की उपलब्‍धता की जानकारी चाही थी? यदि हाँ, तो शासन द्वारा भेजे गये पत्र की प्रति दी जावे? क्‍या उक्‍त पत्र को जिला शिक्षा अधिकारी एवं संभागीय शिक्षा अधिकारी द्वारा नजर अंदाज कर प्रशासनिक स्‍तर पर कोई चर्चा नहीं की जिसके फलस्‍वरूप जबलपुर में स्‍पोर्ट्स स्‍कूल प्रारंभ होने की कार्यवाही और भी लंबित होती गई? (ख) यदि वर्णित (क) हां, तो क्‍या जबलपुर के विकास के लिये एवं स्‍पोर्टस स्‍कूल प्रारंभ हेतु जनप्रतिनिधियों को क्‍यो विश्‍वास में नहीं लिया गया? इसके लिये दोषी अधिकारियों पर शासन क्‍या दण्‍डात्‍मक कार्यवाही करेगा? (ग) अब कब तक जबलपुर संभाग में एक्‍सीलेंस स्‍पोर्टस स्‍कूल प्रारंभ करवाने के लिये प्रस्‍ताव पर्याप्‍त जमीन की उपलब्‍धता के साथ एवं जनप्रतिनिधियों को विश्‍वास में लेते हुये शासन को भेज दिया जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) एवं (ग) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

मरीजों को ब्‍लड देने एवं क्रास मैच के शुल्‍क की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

20. ( क्र. 576 ) श्री तरूण भनोत : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या डायरेक्‍टर स्‍टेट ब्‍लड ट्रान्‍सफ्यूजन काउंसिल एण्‍ड पब्लिक हेल्‍थ एण्‍ड फैमिली वेलफेयर म.प्र. शासन द्वारा अपने पत्र क्र. 1274/SBTC/2015 भोपाल, दिनांक 9/11/2015 के द्वारा प्रदेश के समस्‍त शासकीय ब्‍लड बैंक प्रभारियों, समस्‍त सी.एम.ओ. अस्‍पताल अधीक्षकों को चिकित्‍सालय में भर्ती मरीजों एवं बाहर से आने वाले मरीजों को ब्‍लड देने एवं क्रास मैच का शुल्‍क राशि 1050/- कर दिया जाने हेतु निर्देश जारी किये हैं? (ख) क्‍या पूर्व में प्रदेश के समस्‍त शास.चिकित्‍सालयों एवं ब्‍लड बैंको में ब्‍लड देने एवं क्रास मैच का शुल्‍क 250/- रूपये था? क्‍या राशि अधिक होने से चिकित्‍सालय में भर्ती गरीब मरीजों एवं बाहर से आने वाले मरीजों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा? (ग) कब तक प्रदेश के समस्‍त शास.चिकित्‍सालयों एवं ब्‍लड बैंकों में पूर्व की भांति ब्‍लड देने एवं क्रास मैच का शुल्‍क जनहित हेतु राशि 250/- कर दिया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। (राष्ट्रीय रक्ताधान परिषद् के दिशा-निर्देशों के अनुसार)। (ख) जी नहीं। जी नहीं। गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों, सभी राष्ट्रीय कार्यक्रमों के रोगी (शिशु एवं मातृ स्वास्थ्य, क्षय रोग, कैंसर, एड्स आदि) ट्रॉमा व एक्सीडेंट के रोगियों, थैलेसीमिया, हीमोफीलिया, सिकिलसेल एनीमिया के रोगियों एवं अन्य ब्लड डिसक्रेसिया के रोगियों (जिन्हें बार-बार होल ह्यूमन रक्त एवं रक्त कम्पोनेंट की आवश्यकता होती है) को रक्त एवं रक्त कम्पोनेंट निःशुल्क उपलब्ध कराने के निर्देश है। (ग) उपरोक्त उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

प्राचार्यों के रिक्‍त पदों की पूर्ति

[स्कूल शिक्षा]

21. ( क्र. 598 ) श्रीमती प्रतिभा सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी वि.स. क्षेत्र के किन-किन हाईस्‍कूलों, हा.से. स्‍कूलों में प्राचार्य का पद कब से रिक्‍त है? क्‍या हाईस्‍कूल, डगडगा हिनौता, मनकेड़ी, कन्‍या हा.से. स्‍कूल बेलखेड़ा में प्राचार्य का पद रिक्‍त है? उक्‍त पदों पर नियमित पदस्‍थापना कब तक की जावेगी? (ख) बरगी वि.स. क्षेत्र के शास. हाईस्‍कूल/हा.से. स्‍कूलों में विषयवार स्‍कूलवार शिक्षकों के कितने-कितने पद रिक्‍त है? उपरोक्‍त रिक्‍त पदों की पूर्ति कब तक की जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। शासकीय हाईस्कूल डगडगा हिनोता में प्राचार्य का पद स्‍वीकृत नहीं है। शासकीय हाई स्कूल मनकेडी एवं शासकीय उ.मा.वि. कन्या बेलखेडी में प्राचार्य का पद रिक्त है रिक्त पदों की पूर्ति पदोन्नति/स्थानांरण आदि से की जाती है जो कि एक सतत् प्रक्रिया है, निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। रिक्त पदों की पूर्ति पदोन्नति/स्थानांतरण आदि से की जाती है। वर्तमान में पदोन्नति पर आरक्षण के संबंध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली में प्रकरण विचाराधीन है इसलिये पदोन्‍नति संबंधी कार्यवाही स्थगित होने से भी पर रिक्त है। यह एक सतत् प्रक्रिया है, निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास हेतु ग्रामों का निर्धारण

[अनुसूचित जाति कल्याण]

22. ( क्र. 599 ) श्रीमती प्रतिभा सिंह : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा अनुसूचित जाति बस्तियों के विकास हेतु ग्रामों का निर्धारण कब किस आधार पर किया गया? (ख) क्‍या बरगी वि.स. क्षेत्र की तीन ग्राम पंचायतों की ही अनु.जा. बस्‍ती विकास कार्यों हेतु निर्धारित किया गया है? यदि हाँ, तो यह अनु. जा. बाहुल्‍य अन्‍य ग्रामों/ग्राम पंचायतों के अनुसूचित जाति वर्ग के साथ भेदभाव नहीं होगा? क्‍या शासन इसकी समीक्षा कर अनु.जा. बाहुल्‍य सभी ग्रामों के विकास हेतु आवंटन जारी करके निर्देश देगा?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) अनुसूचित जाति बस्तियों के विकास हेतु अनुसूचित जाति की जनसंख्‍या के आधार पर ग्रामों का निर्धारण आयुक्‍त, अनुसूचित जाति विकास के पत्र दिनांक 24.03.2015 द्वारा किया गया। (ख) जी हाँ। 03 ग्राम अंडिया, सूखा एवं जमुनिया चयनित हैं। अनुसूचित जाति बाहुल्‍य ग्रामों का चयन अनुसूचित जाति की जनसंख्‍या के घटते क्रम में किया गया है। अत: अनुसूचित जाति वर्ग के साथ भेदभाव का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। बस्‍ती विकास योजना नियम 2014 में 40 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति जनसंख्‍या एवं जहां कम से कम 20 अनुसूचित जाति के परिवार निवासरत हो, ऐसे ग्रामों/बस्तियों/मजरे/टोले/वार्ड/पारे में राशि उपलब्‍धता के आधार पर कार्य कराने के निर्देश हैं।

हाई स्‍कूल का नये भवन में संचालन

[स्कूल शिक्षा]

23. ( क्र. 627 ) श्री गिरीश गौतम : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले की विकास खण्‍ड नईगढ़ी अंतर्गत शासकीय हाई स्‍कूल कसियार का भवन निर्माण कब पूर्ण हुआ, उसकी लागत क्‍या है, किस ठेकेदार द्वारा कार्य कराया गया तथा कार्य कराने वाली एजेन्‍सी कौन है? (ख) क्‍या अभी भी उक्‍त नव-निर्मित हाई स्‍कूल भवन को संचालित नहीं किया गया है और स्‍कूली बच्‍चों को पुराने जर्जर भवन में ही बैठना पड़ रहा है? (ग) यदि हाँ, तो किसकी लापरवाही के कारण भवन को स्‍कूल को नहीं सौंपा गया? उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जायेगी? कब तक भवन को स्‍कूल संचालन के लिए सौंप दिया जायेगा।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) रीवा जिले के विकासखण्‍ड नईगढी अंतर्गत शासकीय हाईस्‍कूल कसियार नाम का कोई स्‍कूल नहीं है। अपितु शासकीय हाईस्‍कूल कसियार गांव है। उक्‍त हाईस्‍कूल भवन निर्माण का कार्य 30.09.2014 को पूर्ण हुआ। उक्‍त विद्यालय के भवन निर्माण की लागत 32.15 लाख है, तथा एजेन्‍सी पी.आई.यू. है। (ख) उक्‍त नव निर्मित हाईस्‍कूल भवन में कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। विद्यालय में कोई भी छात्र-छात्राएं जर्जर भवन में नहीं बैठ रहे है। (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।


ब्‍लैक लिस्‍टेड ठेकेदार द्वारा जननी एक्‍सप्रेस का संचालन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

24. ( क्र. 628 ) श्री गिरीश गौतम : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले में जननी एक्‍सप्रेस के संचालन के ठेकेदार तिवारी टूर एण्‍ड ट्रेवल्‍स द्वारा की गयी अनियमितताओं के कारण फर्म को ब्‍लैक लिस्‍टेड किया गया है? यदि हाँ, तो कब किया गया? आदेश की प्रति उपलब्‍ध करायें। (ख) क्‍या ब्‍लैक लिस्‍ट होने के बाद भी रीवा जिले में अभी उक्‍त फर्म द्वारा ही जननी एक्‍सप्रेस का संचालन किया जा रहा है? (ग) क्‍या रीवा जिले के स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारियों द्वारा संयुक्‍त संचालक को पत्र लिख कर ब्‍लैक लिस्‍ट से बाहर करने का पत्र लिखा गया है? पत्र की प्रतिलिपि उपलब्‍ध कराये तथा कारण बताएं कि क्‍यों ब्‍लैक लिस्‍ट से बाहर किया जा रहा है?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। दिनांक 05/09/2014 को। आदेश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एक अनुसार है। (ख) जी नहीं। (ग) जी हाँ। पत्र की प्रतिलिपि पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र दो अनुसार है। याचिका क्रमांक-14024/2014 प्रकरण में दिनांक 17/04/2015 को माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा स्थगन देने के कारण।

कर्मचारियों की मृत्यु उपरांत परिजनों को अनुकम्पा नियुक्ति

[स्कूल शिक्षा]

25. ( क्र. 644 ) श्री रामनिवास रावत : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में शिक्षक एवं अध्यापक संवर्ग के कर्मचारियों की शासकीय सेवा में मृत्यु उपरांत परिजनों को अनुकम्पा नियुक्ति दिए जाने के कितने प्रकरण किस कारण से लंबित हैं? जिलेवार बतावें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) के कर्मचारियों की शासकीय सेवा में मृत्यु उपरांत परिजनों को संविदा शिक्षक वर्ग 2 एवं 3 के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति हेतु डी.एड./बी.एड. की योग्यता के साथ-साथ शिक्षक पात्रता परीक्षा (टी.ई.टी.) की अनिवार्यता की गई है? (ग) यदि हाँ, तो उक्त शर्त के पश्चात् कब-कब टी.ई.टी. परीक्षा आयोजित की गई? यदि नहीं, तो क्यों? क्या टी.ई.टी. योग्यता की अनिवार्य शर्त के कारण अनुकम्पा नियुक्ति नहीं मिल पा रही है? क्या विभाग द्वारा उक्त शर्त को शिथिल किये जाने हेतु पत्र क्रमांक PS/RTE/2013/191/CPI/2012 BHOPAL DATAED 27 JAN 2015 से मानव संसाधन मंत्रालय, शालेय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, भारत सरकार को लिखा है? यदि हाँ, तो उक्त पत्र के क्रम में क्या मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है? (घ) क्या शासन प्रश्नांश (क) अनुसार लंबित प्रकरणों में शिक्षकों की भांति अध्यापक संवर्ग के कर्मचारियों के प्रकरणों में अन्य विभागों में सहायक ग्रेड-3, भृत्य आदि पदों पर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान कर प्रकरणों का निराकरण करने की नीति बनाएगा? यदि नहीं, तो अध्यापक संवर्ग के कर्मचारियों के अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों का निराकरण किस प्रकार किया जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) प्रश्‍नांकित अनुकंपा नियुक्ति के लंबित प्रकरणों का कारण एवं जिलेवार सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट पर है। (ख) जी हाँ। (ग) वर्ष 2011-12 में टी.ई.टी. परीक्षा आयोजित की गई है, जिसकी वैधता दिनांक 06/08/2014 तक थी। नियमों में संशोधन एवं पदों की स्‍वीकृति के पश्‍चात् पात्रता परीक्षा के आयोजन की कार्यवाही पुन: प्रचलन में है। जी हाँ। भारत सरकार से मार्गदर्शन प्राप्‍त नहीं हुआ है। (घ) प्रश्‍नाश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।
परिशिष्ट - ''सात''

मा.शा. पौण्‍डी कला के प्रधानाध्‍यापक की जाँच

[स्कूल शिक्षा]

26. ( क्र. 668 ) श्रीमती नंदनी मरावी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के अता. प्रश्‍न संख्‍या 77 (क्रमांक 1073), दिनांक 09/12/2016 में अवगत कराया गया था कि सिहोरा विधान सभा क्षेत्रांतर्गत माध्‍यमिक शाला पौण्‍डी कला के प्रधानाध्‍यापक के विरूद्ध प्रश्‍नकर्ता की शिकायत की जाँच हेतु संयुक्‍त संचालक लोक शिक्षण जबलपुर को नियुक्‍त किया गया था। (ख) प्रश्‍नांश (क) जाँच अधिकारी द्वारा कब प्रतिवेदन प्रस्‍तुत किया गया। प्रतिवेदन की प्रति उपलब्‍ध करायें। जाँच के निष्‍कर्ष क्‍या रहे। प्रश्‍नकर्ता द्वारा जाँच अधिकारी को पत्र लिखने के बाद भी प्रश्‍नकर्ता को प्रश्‍नांश दिनांक तक अवगत क्‍यों नहीं कराया गया है। (ग) यदि जाँच अधिकारी द्वारा समय पर जाँच नहीं की गई तो किसी अन्‍य जिम्‍मेदारी अधिकारी को जाँच क्‍यों नहीं सौंपी गई। अभी तक संबंधित को उस शाला से स्‍थानांतरित क्‍यों नहीं किया गया। कब तक कर दिया जावेगा।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी एवं जांच प्रतिवेदन की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जाँच प्रतिवेदन में श्रीमती ठाकुर को प्रथम दृष्‍ट्या दोषी पाये जाने के फलस्‍वरूप संचालनालय के आदेश दिनांक 17.02.2017 द्वारा निलंबित किया गया है। संयुक्‍त संचालक लोक शिक्षण जबलपुर संभाग जबलपुर के पत्र दिनांक 15.02.2017 द्वारा निज सहायक माननीय विधायक विधानसभा क्षेत्र सिहोरा को अवगत कराया गया है। (ग) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता।

निर्माण कार्यों में अनियमितताओं की जाँच

[आदिम जाति कल्याण]

27. ( क्र. 708 ) श्री मधु भगत : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परियोजना सहायक आदिवासी विकास बैहर जिला बालाघाट में वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से कार्य कितनी-कितनी राशि के करवाये गये नियुक्‍त कार्य एजेंसी के नाम सहित विकासखण्‍डवार एवं वर्षवार पूर्ण ब्‍यौरा देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार कार्य में से कौन-कौन से कार्य पूर्ण हैं कितने अपूर्ण हैं उक्‍त कार्य में से किस-किस कार्य के लिये कितनी राशि का भुगतान चेक/ड्राफ्ट/ नगद राशि के रूप में किया गया वर्षवार कार्यवार भुगतान की गई राशि का पूर्ण ब्‍यौरा देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित कार्यों में से कौन-कौन से कार्य हैं जिनके पूर्ण किये बिना कार्य से अधिक राशि का भुगतान किया गया? कार्यवार किये गये भुगतान का पूर्ण ब्‍यौरा देवें। (घ) प्रश्‍नांश (क) अनुसार स्‍वीकृत कार्यों में से अनियमितता और भ्रष्‍टाचार की कितनी शिकायतें जिला एवं राज्‍य स्‍तर पर प्राप्‍त हुई? शिकायतों का विवरण देते हुए बतायें कि इनमें से किन-किन शिकायतों की जाँच किसके द्वारा की गई एवं जाँच पश्‍चात् क्‍या कार्यवाही की गई?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) निरंक। शेष का प्रश्न ही उपस्थित होता।

निर्माण कार्य/ राशि एवं अनियमितता की जाँच

[आदिम जाति कल्याण]

28. ( क्र. 709 ) श्री मधु भगत : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आदिवासी विकास विभाग जिला बालाघाट में वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से कार्य कितनी-कितनी राशि के करवाये गये? नियुक्‍त कार्य एजेंसी के नाम सहित विकासखण्‍डवार एवं वर्षवार पूर्ण ब्‍यौरा देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार कार्य में से कौनकौन से कार्य पूर्ण हैं कितने अपूर्ण हैं उक्‍त कार्य में से किस-किस कार्य के लिये -कितनी राशि का भुगतान चेक/नगद राशि के रूप में किया गया वर्षवार कार्यवार भुगतान कि गई राशि का पूर्ण ब्‍यौरा देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित कार्यों में से कौन-कौन से कार्य हैं जिनके पूर्ण किये बिना कार्य से अधिक राशि का भुगतान किया गया? कार्यवार किये गये भुगतान का पूर्ण ब्‍यौरा देवें। अपूर्ण कार्य होने की स्थिति में संबंधित कार्य एजेंसी पर क्‍या दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की गई?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखानुसार कुल स्‍वीकृत 508 कार्यों में से 441 कार्य पूर्ण हैं। शेष 67 कार्य अपूर्ण/ अप्रारम्‍भ है। भुगतान की गई राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित पूर्ण किये गये कार्यों में कार्य से अधिक राशि का भुगतान नहीं किया गया। कार्यवार भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। अपूर्ण कार्यों को पूर्ण किये जाने के लिये संबंधित ठेकेदार, सहायक यंत्री एवं उपयंत्री को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है।

विमुक्‍त, घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जाति प्राधिकरण का बजट

[विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जाति कल्याण]

29. ( क्र. 777 ) श्री मुकेश नायक : क्या राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मध्‍यप्रदेश राज्‍य विमुक्‍त, घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जाति विकास प्राधिकरण का वर्ष 201415, वर्ष 201516 का बजट कितना था और प्राधिकरण ने इन जातियों के विकास और कल्‍याण के लिये इस अवधि में किन मदो में कितना व्‍यय किया? (ख) वर्ष 2016 17 में प्राधिकरण का कुल कितना बजट था और जनवरी 2017 तक कितना धन किन कल्‍याणकारी मदों और विकास योजना पर खर्च हुआ? (ग) घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जातियों को एक स्‍थान पर बसाने और उन्‍हें रोजगार उपलब्‍ध कराने की सरकार की क्‍या योजना है और अब तक इस योजना पर काम करने से कितनी सफलता मिली है?

राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) मध्यप्रदेश राज्य विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जाति विकास अभिकरण हेतु वर्ष 2014-15 एवं वर्ष 2015-16 हेतु क्रमशः रूपये 140.00 लाख एवं रूपये 150.00 लाख का बजट प्रावधान स्थापना अनुदान मद अंतर्गत रखा गया था किन्तु अभिकरण में अध्यक्ष एवं अन्य अमले की नियुक्ति नहीं होने से राशि समर्पित की गयी है। अभिकरण के मद से किसी विकास योजना का संचालन नहीं किया जा रहा है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) वर्ष 2016-17 में अभिकरण हेतु स्थापना अनुदान मद अंतर्गत राशि रूपये 90.60 लाख प्रावधान स्वीकृत हुआ है किन्तु अभिकरण में पृथक से अध्यक्ष एवं अन्य अमले की नियुक्ति न होने से प्रश्नाधीन अवधि तक कोई राशि व्यय नहीं की गयी है। (ग) राज्य शासन द्वारा घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जातियों को एक स्थान पर बसाने हेतु विमुक्त जाति आवास अनुदान योजना संचालित की जा रही है। उक्त योजना में वर्ष 2013-14 से अब तक 4654 आवास हेतु कुल राशि रूपये 2443.00 लाख अनुदान के रूप में स्वीकृत की गयी। इसके अतिरिक्त रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्य मंत्री स्वरोजागर योजना अंतर्गत विभाग आगामी वर्ष 2017-18 से बजट प्रावधान कराया जाकर लाभ दिया जायेगा।

प्रदेश में इंटरमीडिएड (10+2) स्‍कूल खोले जाना

[स्कूल शिक्षा]

30. ( क्र. 793 ) श्री के.पी. सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में विगत तीन वर्षों में किस-किस विधान सभा क्षेत्र में कितने इंटरमीडिएट (10+2) स्‍कूल खोले गये हैं? विधानसभा क्षेत्रवार, ग्राम के नाम सहित जानकारी दें। (ख) क्‍या इन स्‍कूलों को स्‍वीकृत करने में पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया गया है? जहां अत्‍यधिक जरूरत थी ऐसे क्षेत्रों की उपेक्षा की गई है? यदि हाँ, तो इसके कारण क्‍या हैं?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। शालाओं का उन्नयन मापदण्डों की पूर्ति एवं बजट प्रावधान अनुसार किया जाता है। सीमित वित्तीय संसाधनों की वजह से सभी शालाओं का उन्नयन संभव नहीं होता।

अनुसूचति जनजाति छात्रावास खोले जाना

[आदिम जाति कल्याण]

31. ( क्र. 794 ) श्री के.पी. सिंह : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में विगत तीन वर्षों में किस-किस विधानसभा क्षेत्र में कितने अनुसूचित जनजाति छात्रावास खोले गए हैं? विधानसभा क्षेत्रवार, ग्राम के नाम सहित जानकारी दें। (ख) क्‍या इन छात्रावासों को स्‍वीकृत करने में पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया गया है? जहां अत्‍याधिक जरूरत थी ऐसे क्षेत्रों की उपेक्षा की गई हैं? यदि हाँ, तो इसके कारण क्‍या हैं?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''आठ''

निजी अस्‍पतालों के मेडिकल स्‍टोर्स पर अधिक दाम पर बेची जाना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

32. ( क्र. 799 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. के भोपाल एवं इन्‍दौर शहर में गंभीर बिमारी कैंसर, हृदय रोग, किडनी प्रत्‍यारोपण लीवर ट्रान्‍सप्‍लांट जैसी बिमारियों के उपचार हेतु कितने अशासकीय अस्‍पताल है? (ख) क्‍या उक्‍त अशासकीय अस्‍पतालों के केम्‍पस में मेडिकल स्‍टोर्स भी हैं? अगर हाँ तो क्‍या कभी विभाग द्वारा इन मेडिकल स्‍टोर्स द्वारा बेची जानी वाली दवाइयों की जाँच करवाई गई है? (ग) उक्‍त अस्‍पताल केम्‍पस के मेडिकल स्‍टोर्स द्वारा जो दवाइयां बेची जाती हैं, क्‍या उक्‍त दवाइयों की कीमत बाजार मूल्‍य से अधिक कीमत पर बेची जाती है अगर विभाग का उत्‍तर नहीं है तो किस आधार पर बतावें? (घ) क्‍या कई अशासकीय अस्‍पतालों के केम्‍पस में संचालित मेडिकल स्‍टोर्स द्वारा मरीज की मजबूरी का फायदा उठाकर अधिक दामों में दवाइयों बेची जाने के संबंध में विभाग इन मेडिकल स्‍टोर्स की जाँच करवायेगा?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) मध्यप्रदेश के भोपाल एवं इन्दौर शहर में गंभीर कैंसर, हृदयरोग, किडनी प्रत्यारोपण, लीवर ट्रांसप्लांट जैसी बीमारियों के उपचार हेतु 21 अशासकीय अस्पताल है। (ख) जी हाँ। जी हाँ। (ग) जी नहीं। औषधि पर अंकित अधिकतम विक्रय मूल्य ही आधार है। अधिक मूल्य पर बिक्री करने की कोई भी शिकायत प्रश्न दिनांक तक खाद्य एवं औषधि प्रशासन इंदौर एवं भोपाल में प्राप्त नहीं हुई है। (घ) जी हाँ। यदि कोई शिकायत/सूचना प्राप्त होती है तो विभाग नियमानुसार कार्यवाही करेगा।

पेयजल विहिन शालाएं

[स्कूल शिक्षा]

33. ( क्र. 800 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) देवास जिले अतंर्गत कुल कितने हायर सेकेण्‍डरी, हाई स्‍कूल माध्‍यमिक शाला एवं प्राथमिक शाला हैं? अलग अलग संख्‍या बतावें। (ख) देवास जिले के अतंर्गत ऐसी कितनी शालाऐ है जहां पर छात्र-छात्राओं को पीने के पानी व्‍यवस्‍था है? (ग) खातेगांव विधानसभा क्षेत्र अतंर्गत जो पेयजल विहिन शालाएं है? उन शालाओं में पेयजल की व्‍यवस्‍था कब से नहीं है? (घ) खातेगांव विधानसभा क्षेत्र की शालाओं में उचित पेयजल व्‍यवस्‍था किये जाने हेतु वरिष्‍ठ कार्यालय द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) देवास जिलान्तर्गत 1438 शासकीय प्राथमिक शालाएं, 618 शासकीय माध्यमिक शालाएं, 85 शासकीय हाईस्कूल एवं 80 हायर सेकेण्‍डरी स्कूल संचालित है। (ख) समस्त शालाओं में पेयजल सुविधा उपलब्ध है। (ग) एवं (घ) उत्तरांश (ख) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। कुल 07 शासकीय प्राथमिक एवं 04 माध्यमिक शालाओं में हैंडपंप सुविधा है, किन्तु विगत एक माह से भूमि का जलस्तर नीचे जाने से पेयजल व्यवस्था प्रभावित है। समीपस्थ पेयजल स्त्रोत से ग्राम पंचायत की सहायता से पेयजल व्यवस्था करने हेतु जिला कार्यालय द्वारा शाला प्रधान को निर्देशित किया गया है, जिसका पालन किया जा रहा है।

मजरे टोले की शालाओं में अध्‍ययनरत छात्र-छात्राओं को साइकिल वितरण

[स्कूल शिक्षा]

34. ( क्र. 803 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) देवास जिले अंतर्गत मजरे टोले पर कितनी मा. शाला एवं प्रा. शाला संचालित हो रही हैं एवं किस वर्ष से? मजरे टोले एवं शाला का नाम बतावें। (ख) देवास जिले अंतर्गत मजरे टोले पर संचालित हो रही शालाओं में अध्‍ययनरत छात्र-छात्राओं को शासन द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ कितने छात्र-छात्राओं को प्राप्‍त हुआ है? (ग) देवास जिले अंतर्गत मजरे टोले की शालाओं में अध्‍ययनरत छात्र-छात्राओं को क्‍या साइकिल वितरित की गई है? अगर हाँ तो किन-किन शालाओं के छात्र-छात्राओं को दी गई? शालाओं के नाम बतावें। (घ) खातेगांव विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत मजरे टोले पर संचालित हो रही शालाओं के छात्र-छात्राएं जो कि साइकिल पाने के पात्र थे किन्‍तु छात्र-छात्राओं को साइकिल नहीं दी गई? कारण बतावें एवं कब तक दी जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) देवास जिले अंतर्गत मजरे टोले पर 1 माध्यमिक विद्यालय तथा 162 प्राथमिक विद्यालय संचालित है जिनकी स्थापना वर्ष, मजरे टोले का नाम, शाला का नाम तथा दर्ज बच्चों की संख्या की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) देवास जिले के अंतर्गत मजरे टोले पर 1 माध्यमिक विद्यालय तथा 162 प्राथमिक विद्यालयों में कुल 6689 बच्चों को सर्व शिक्षा अभियान अंतर्गत निःशुल्क गणवेश तथा निःशुल्क पाठ्यपुस्तक का वितरण किया गया है। (ग) प्रावधान अनुसार पात्रता नहीं होने के कारण किसी भी छात्र- छात्राओं को निःशुल्क साइकिल वितरण नहीं किया गया। (घ) शासन के प्रावधान अनुसार एक ग्राम जिसमें माध्यमिक विद्यालय की सुविधा नहीं है और यदि वहां का कोई भी छात्र-छात्राएं अन्य ग्राम के माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 6 वी में अध्ययन हेतु जाता है तो केवल वही छात्र-छात्राएं निःशुल्क साइकिल हेतु पात्र होगा। ''इस नियम के तहत् खातेगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मजरे टोले पर संचालित माध्यमिक शालाओं में से कोई छात्र-छात्रा निःशुल्क साइकिल हेतु पात्र नहीं पाया गया।

किराये के भवनों में संचालित स्‍कूल

[स्कूल शिक्षा]

35. ( क्र. 846 ) श्री अशोक रोहाणी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर निगम जबलपुर सीमांतर्गत संचालित कौन-कौन से स्‍कूल किराये के भवनों में संचालित हैं इन भवनों का मासिक किराया कितना-कितना है। इन भवनों में कितने-कितने कमरे हैं व कितनी-कितनी कक्षाएं लगती हैं। इन भवनों में छात्र-छात्राओं को कौन-कौन सी बुनियादी सुविधाएं/संसाधन उपलब्‍ध हैं? भवन स्‍वामियों का नाम, पता सहित सूची दें? (ख) प्रश्‍नांकित किन-किन भवनों का कब से कितना किराया नहीं चुकाया गया है एवं क्‍यों? भवनों का किराया चुकाने की क्‍या व्‍यवस्‍था हैं? शासन ने भवनों का किराया भुगतान करने हेतु कब से कितनी राशि आवंटित नहीं की है एवं क्‍यों? इसकी लिए जिला शिक्षा विभाग जबलपुर व जिला प्रशासन ने क्‍या प्रयास किये है वर्ष 2014-15 से 2016-17 तक की जानकारी दें। (ग) प्रश्‍नांकित में कौन-कौन से भवन जर्जर, कमजोर व खस्‍ताहाल हो गये हैं किन-किन भवनों में कब से कौन कौन सा सुधार व मरम्‍मत कार्य नहीं कराया गया है एवं क्‍यों? (घ) शासन ने किराये के भवनों में संचालित स्‍कूलों के भवनों का निर्माण कराने हेतु क्‍या योजना बनाई है? जिला शिक्षा विभाग जबलपुर व जिला प्रशासन ने किन-किन किराये के भवनों में संचालित स्‍कूलों के भवनों का निर्माण कराने हेतु कब कितनी राशि का प्राक्‍कलन बनाकर स्‍वीकृति हेतु भेजा है? शासन इन स्‍कूलों के भवनों का निर्माण कराना कब तक सुनिश्चित करेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) समस्‍त स्‍कूलों में किराये का भुगतान जनवरी 2017 तक किया जा चुका है। (ग) कोई भी शासकीय प्राथमिक स्कूल, भवन जर्जर, कमजोर एवं खस्ताहाल अवस्था में नहीं है। शेषांश का प्रश्न ही उपस्थित नहीं है। (घ) किराये के भवनों में संचालित स्‍कूलों के भवनों का निर्माण कराने हेतु वार्षिक कार्य योजना में प्रस्‍तावित किया है। भारत शासन से स्‍वीकृति प्राप्‍त होने पर ही निर्माण कराया जा सकेगा। सीमा बताया जाना संभंव नहीं है।

परिशिष्ट - ''नौ''

एकीकृत आदिवासी परियोजना का गठन

[आदिम जाति कल्याण]

36. ( क्र. 856 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना सोहागपुर, पुष्‍पराजगढ़ का गठन कब एवं किन-किन विकासखण्‍डों एवं विधानसभा क्षेत्रों को मिलाकर बना है। परियोजना में अध्‍यक्ष नामांकित करने का नियम क्‍या है तथा किसे अध्‍यक्ष बनाया जा सकता है? वित्‍तीय वर्ष 2006 से अब तक सोहागपुर, पुष्‍पराजगढ़ में कौन-कौन अध्‍यक्ष रहे हैं। नाम एवं मूल पद क्‍या है? (ख) क्‍या विभाग अध्‍यक्ष नामांकित करने में नियम का अनुपालन नहीं कर रहा है? यदि हाँ, तो कारण बतायें।

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना सोहागपुर का गठन वर्ष 1977-78 में सोहागपुर, गोहपारू, बुढार, अनूपपुर, जेतहरी, कोतमा एवं पाली विकासखण्‍डों को मिलाकर बना है। तथा इसमें जयसिंहनगर, जैतपुर, अनूपपुर, कोतमा, पुष्‍पराजगढ़ एवं मानपुर विधानसभा क्षेत्र सम्मिलित हैं। इसी प्रकार एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना, पुष्‍पराजगढ़ का गठन वर्ष 1976 में किया गया है। परियोजना क्षेत्र अंतर्गत विकासखण्‍ड पुष्‍पराजगढ़ शामिल है तथा विधानसभा क्षेत्र पुष्‍पराजगढ़ शामिल है। शासन आदेश एफ 23/41/96/3/25, दिनांक 19 मई 1997, के संदर्भ में परियोजना स्‍तर पर माननीय प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से अध्‍यक्ष पद हेतु नाम प्रस्‍तावित किया जाता है तथा शासन स्‍तर से अध्‍यक्ष मनोनयन किया जाता है। परियोजना स्‍तर पर परियोजना सलाहकार मण्‍डल के अध्‍यक्ष पद हेतु राज्‍य शासन द्वारा अनुसूचित जनजाति वर्ग का मंत्री/ क्षेत्रीय सांसद/ विधायक/ जिला पंचायत के अध्‍यक्ष अथवा जनपद पंचायत अध्‍यक्ष का मनोनयन किया जाता है। वित्‍तीय वर्ष 2006 से अब तक एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना शहडोल एवं पुष्‍पराजगढ़ में परियोजना सलाहकार मण्‍डल के मनोनित अध्‍यक्ष की जानकारी निम्‍नानुसार है।

1. एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना- शहडोल (सोहागपुर), जिला शहडोल

क्रमांक

अध्‍यक्ष का नाम

मूल पद

1

श्री जय सिंह मरावी

विधायक विधानसभा क्षेत्र कोतमा

2

श्री जय सिंह मरावी

विधायक विधानसभा क्षेत्र जैतपुर

3

श्री जय सिंह मरावी

विधायक विधानसभा क्षेत्र जैतपुर

4

श्री जय सिंह मरावी

विधायक विधानसभा क्षेत्र जैतपुर

2. एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना- पुष्‍पराजगढ़, जिला अनूपपुर

क्रमांक

अध्‍यक्ष का नाम

मूल पद

1

श्री सुदामा सिंह सिग्राम

विधायक विधानसभा क्षेत्र पुष्‍पराजगढ़

2

श्री सुदामा सिंह सिग्राम

विधायक विधानसभा क्षेत्र पुष्‍पराजगढ़

3

श्री फून्‍देलाल सिंह मार्को

विधायक विधानसभा क्षेत्र पुष्‍पराजगढ़

(ख) विभाग द्वारा अध्‍यक्ष को नामांकित करने के नियमों का अनुपालन किया जा रहा है।

पिपलरांवा के सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र को उन्‍नत करने हेतु

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

37. ( क्र. 888 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा प्रदेश वासियों के बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य एवं सुखमय जीवन के लिए प्राथमिक सामुदायिक जिला स्‍तर पर किन-किन जन कल्‍याणकारी योजनाओ के माध्‍यम से क्‍या-क्‍या सुविधाएं उपलब्‍ध कराई जा रही हैं? (ख) क्‍या सोनकच्‍छ विधानसभा क्षेत्र के नगर पिपलरांवा जो कि सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र से लगभग 30 किलोमीटर कि दूरी पर स्थित होकर आस-पास के लगभग 20-25 ग्रामों के नागरिक यहां से जुडे हुए है इनके उचित ईलाज हेतु नगर के प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र को सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में उन्‍नत किये जाने कि योजना है या नहीं यदि हाँ, तो क्‍या? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? (ग) क्‍या विभाग द्वारा क्षेत्र के सैकड़ों हजारों रहवासियों के बेहतर इलाज वा शीघ्र स्‍वास्‍थ सुविधाएं उपलब्‍ध कराने कि दृष्टि में नगर को सामुदयिक केन्‍द्र कि सौगात दी जावेगी या नहीं?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। जनसंख्या के निर्धारित मापदंड अनुसार उन्नयन की पात्रता नहीं होने से। (ग) जी नहीं।

परिशिष्ट - ''दस''

दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण

[स्कूल शिक्षा]

38. ( क्र. 892 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा कंटेंजेसी/दैनिक वेतन भोगियों कर्मचारियों को नियमित करने हेतु कोई कार्यवाही चल रही है? (ख) यदि हाँ, तो देवास जिले के कितने कर्मचारियों को किन-किन पद पर नियमित किया जाना है? (ग) क्‍या नियमितीकरण के लिए पद रिक्‍त हैं? यदि नहीं, तो क्‍या शासन द्वारा पदोन्‍नति हेतु योग्‍य कर्मचारियों की पदोन्‍नति कर रिक्‍त पदों पर नियमितीकरण की प्रक्रिया करने का कोई विचार है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा समय समय पर निर्देश जारी किये गये है तद्नुसार सभी विभागों में कार्यवाही किए जाने के निर्देश है। (ख) देवास जिले में कंटेंजेसी/दैनिक वेतन भोगी का कोई भी कर्मचारी कार्यरत नहीं है। (ग) प्रश्नांश के उत्तर के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

प्राथमिक/माध्यमिक एवं हाईस्कूल भवनों का निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

39. ( क्र. 954 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा जिले में विकास खंड हरदा/खिरकिया/टिमरनी में कितने-कितने प्राथमिक/माध्यमिक/ हाईस्कूल स्कूल भवन निर्माणाधीन हैं? (ख) क्या सभी भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है? (ग) यदि हाँ, तो उन्हें कब तक विभाग को हस्तांतरित कर दिया जावेगा? (घ) यदि नहीं, तो उसका क्या कारण है व देरी के लिये कौन जिम्मेदार है? सम्बन्धित जिम्मेदार पर क्या कार्यवाही की गई। निर्माण कार्य कब तक पूरा कर लिया जावेगा।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) हरदा जिले के वि.ख. हरदा में प्राथमिक 02, माध्‍यमिक 03, हाईस्‍कूल 02, वि.ख. टिमरनी में प्राथमिक 02, माध्‍यमिक 12, हाईस्‍कूल 02 एवं वि.ख. खिरकिया में प्राथमिक 04 माध्‍यमिक 03 एवं हाईस्‍कूल 03 निर्माणाधीन है। (ख) जी नहीं। उपरोक्‍त निर्माण कार्य प्रगतिरत/प्रक्रियाधीन है। (ग) हरदा जिले में सर्व शिक्षा अभियान अन्‍तर्गत निर्माणाधीन प्राथमिक एवं माध्‍यमिक भवनों की कुल संख्‍या 26 है जिनके संबंध में एस.डी.एम. कोर्ट में आर.आर.सी. की कार्यवाही प्रचलन में है। शेष कार्य निर्माणाधीन है। निर्माण एजेंसी द्वारा निर्माण कार्य पूर्ण कराने के उपरांत विभाग को हस्‍तांतरित कर दिया जाएगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) शासकीय प्राथमिक एवं माध्‍यमिक शाला भवनों के निर्माण के संबंध में पालक शिक्षक संघ तथा ग्राम पंचायत को निर्माण एजेंसी बनाया गया। एजेंसी की उदासीनता एवं राशि गबन के कारण उक्‍त निर्माण कार्य अपूर्ण है। निर्माण एजेंसी से राशि वसूली की कार्यवाही एस.डी.एम. कोर्ट में आर.आर.सी. की कार्यवाही प्रचलन में है। राशि वसूली उपरांत निर्माण कार्य पूर्ण हो सकेगा। हाई स्‍कूल व हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

अम्‍बाह किला में संचालित विद्यालयों को कंडम घोषित करना

[स्कूल शिक्षा]

40. ( क्र. 964 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मुरैना जिले की अम्‍बाह तहसील के किला परिसर में चार शासकीय स्‍कूल संचालित हैं। शासकीय एक्‍सीलेंस, शासकीय प्राथमिक कन्‍या विद्यालय, शासकीय बालक प्राथमिक विद्यालय, शासकीय हाई स्‍कूल इनमें छात्रों की कितनी संख्‍या है प्रत्‍येक विद्यालय की अलग-अलग जानकारी दी जावें? (ख) क्‍या किला परिसर अम्‍बाह में ही सैकड़ों वर्ष पुराना स्‍कूल भवन स्थित है जिसे बीस वर्ष पूर्ण कंडम घोषितकर भवन को तोड़ने हेतु आदेशित किया था जिसे आज वर्ष 2017 तक हटाया नहीं गया है? क्‍यों? (ग) क्‍या उक्‍त पुराने भवन परिसर में शासकीय विद्यालयों के छात्र उसमें आते-जाते रहते हैं इस कारण कहीं गंभीर घटना न हो इसकी आशंका बनी रहती है उसे कब तक गिराया जायेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं, किला परिसर में विद्यालय नवीन भवन में संचालित है। पुराने किले के भवन में कोई विद्यालय संचालित नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्‍थित नहीं होता। (ग) उक्‍त पुराने भवन परिसर में कोई शासकीय शाला संचालित नहीं होने से उक्‍त भवन परिसर में शासकीय शालाओं के छात्र/छात्राएं आते जाते नहीं है। अत: शेषांश का प्रश्‍न ही उत्‍पन्‍न नहीं होता।

परिशिष्ट - ''बारह''

संविदा शाला शिक्षक की उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय में पदस्‍थी

[स्कूल शिक्षा]

41. ( क्र. 981 ) डॉ. मोहन यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) संविदा शाला शिक्षक वर्ग-3 के शिक्षण संबंधी नियमों की प्रति उपलब्‍ध कराते हुये यह जानकारी प्रदान करें कि क्‍या संविदा शिक्षक वर्ग-3 द्वारा उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय में शैक्षणिक कार्य करवाया जा सकता है? अथवा नहीं? प्रथम आदेश के पालन में उपस्थिति दे देने के पश्‍चात् तीन वर्ष के पूर्व संशोधन आदेश जारी किया जा सकता है अथवा नहीं? (ख) प्रश्‍नांश (क) की जानकारी के अनुसार क्‍या जनपद पंचायत उज्‍जैन के नियुक्ति आदेश क्रमांक 1699 दिनांक 08.07.2013 के पालन में आशा विश्‍वकर्मा द्वारा ई.जी.एस. सिलारी ने नियुक्ति उपरांत दिनांक 12.07.2013 को शा.उ.मा.वि. पानबिहार में उपस्थिति देने के उपरांत भी आदेश क्रमांक2104 दिनांक 05.09.2016 को नियम विरूद्ध संविदा शिक्षक वर्ग3 को उच्‍चतर मा. विद्यालय में पदस्‍थ कर दिया गया? प्रा.वि. आवलिया में पदस्‍थ करने के लिये कौन अधिकारी दोषी है? क्‍या नियम विरूद्ध जारी आदेश निरस्‍त किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है, जी नहीं। (ख) जनपद पंचायत घटिया के आदेश क्रमांक 1699, दिनांक 08.07.2013 द्वारा श्रीमती आशा विश्वकर्मा की नियुक्ति ई.जी.एस सिलारी में की गई थी। लोक शिक्षण संचालनालय से नव नियुक्ति महिला संविदा शाला शिक्षकों के निकाय के भीतर पद स्थापना स्थान में परिवर्तन के प्रदान किये गये अवसर अनुसार प्राप्त स्वीकृति के क्रम में जनपद पंचायत घटिया द्वारा आदेश क्रमांक 2104, दिनांक 05.09.2013 से श्रीमती आशा विश्वकर्मा का पदांकन ई.जी.एस. सिलारी से संशोधित कर शास. प्राथ. विद्यालय आवलिया किया गया है। श्रीमती आशा विश्वकर्मा के संबंध में उल्लेखित आदेश क्रमांक 2104, दिनांक 05.09.2016 जारी नहीं हुआ है। अपितु संकुल प्राचार्य द्वारा अपने पत्र दिनांक 13.07.2013 द्वारा श्रीमती आशा विश्वकर्मा का उपायोजन शैक्षणिक व्यवस्था हेतु शा.उ.मा.वि. पान बिहार में किया गया था। श्रीमती आशा विश्वकर्मा, संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-3 शास. प्रा.वि. आवलिया में कार्यरत है इस संबंध में जाँच हेतु जिला शिक्षा अधिकारी उज्जैन को लिखा गया है। जाँच प्रतिवेदन के गुण दोष के आधार पर कार्यवाही की जावेगी। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

वार्षिक परीक्षा के प्रश्‍न पत्रों का वितरण

[स्कूल शिक्षा]

42. ( क्र. 982 ) डॉ. मोहन यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शैक्षणिक सत्र 2012-13, 2013-14 में कक्षा 1 से 8 तक वार्षिक परीक्षा के प्रश्‍न पत्रों के वितरण हेतु शासन द्वारा क्‍या निर्देश जारी किये गये थे? जानकारी उपलब्‍ध करावें? उज्‍जैन जिले में वित्‍तीय वर्ष 2012-13, 2013-14 में विकासखण्‍डों द्वारा किस प्रकार से प्रश्‍न पत्रों का वितरण किया गया? (ख) प्रश्‍न पत्रों के क्रय करने के संबंध में किस प्रक्रिया को अपनाया गया? जारी की गई विज्ञप्ति, प्राप्‍त कोटेशनों की जानकारी उपलब्‍ध कराते हुये प्रश्‍न पत्रों के भुगतान के संबंध में प्राप्‍त बिल तथा भुगतान किये गये वाउचर, चेक क्र. आदि समस्‍त जानकारी मय दस्‍तावेजों के विकासखण्‍डवार प्रदान करें? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) की जानकारी अनुसार क्‍या जिले के कुछ विकासखण्‍डों द्वारा नियमों की अवहेलना करते हुये शाला स्‍तर पर प्रश्‍न पत्रों के वितरण की व्‍यवस्‍था नहीं करते हुये विकासखण्‍ड स्‍त्रोत समन्‍वयकों द्वारा स्‍वयं को लाभान्वित करते हुये उक्‍त कार्य किया गया? यदि हाँ, तो दोषी व्‍यक्तियों का नाम बताते हुये उनकी विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी एवं कब तक कार्यवाही की जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) निर्देश पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '1' पर है। उज्‍जैन जिले में वित्‍तीय वर्ष 2012-13 में कक्षा-1 से 4 एवं कक्षा- 6,7 में वार्षिक परीक्षा के प्रश्‍नपत्रों का वितरण शाला स्‍तर पर किया गया था एवं कक्षा-5वीं एवं 8वीं के प्रश्‍नपत्रों का वितरण बी.आर.सी.सी./जनशिक्षा केन्‍द्र प्रभारी के माध्‍यम से कराया गया था। वित्‍तीय वर्ष 2013-14 में कक्षा-1 से 8 तक वार्षिक परीक्षा के प्रश्‍नपत्रों का वितरण शाला स्‍तर पर किया गया था। (ख) वित्‍तीय वर्ष 2012-13 में कक्षा-5वीं व 8वीं के प्रश्‍नपत्रों का मुद्रण व वितरण भण्‍डार क्रय नियमानुसार जिला शिक्षा अधिकारी उज्‍जैन द्वारा समचार पत्र में निविदा प्रकाशित कर निम्‍न दर वाली फर्म को मुद्रण आदेश जारी कर मुद्रण कार्य कराया गया। इसकी समाचार विज्ञप्ति, प्राप्‍त कोटेशन, प्रश्‍नपत्रों के भुगतान संबंधी बिल तथा भुगतान किए वाउचर, चेक क्र. आदि समस्‍त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्टि के प्रपत्र- '2' अनुसार है। वित्‍तीय वर्ष 2012-13 में कक्षा 5वीं एवं 8वीं को छोड़कर शेष कक्षाओं के एवं 2013-14 में कक्षा-1 से 8 के प्रश्‍नपत्र का निर्माण शाला स्‍तर पर किया गया एवं इसकी आवश्‍यकतानुसार संबंधित शाला द्वारा प्रिटिंग/ फोटोकापी करवाई गई। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍नपत्रों के मुद्रण संबंध क्रय की कार्यवाही विकासखण्‍ड स्‍तर से नहीं की गई। अत: इसमें किसी को भी लाभ नहीं पहुँचाया गया है। इस परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍नांश निरंक है।

जिला चिकित्‍सालय का उन्‍नयन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

43. ( क्र. 1023 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के तारां.प्र.सं. 68 क्रमांक 1031 दिनांक 09.12.2016 के प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर में जानकारी दी थी कि 100 बिस्‍तरीय जिला चिकित्‍सालय श्‍योपुर को 200 बिस्‍तरीय में उन्‍नयन करने का प्रस्‍ताव परियोजना परीक्षण समिति शासन की ओर यथाशीघ्र भेजा जावेगा? यदि हाँ, तो क्‍या प्रस्‍ताव भेज दिया है? यदि नहीं, तो कब तक भेजा जावेगा? (ख) चिकित्‍सालय के उन्‍नयन के संबंध में चालू वित्‍त वर्ष में प्रश्‍नकर्ता द्वारा विभागीय मंत्री को प्रेषित पत्रों पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या चिकित्‍सालय में सामान्‍य स्थिति में प्रतिदिन 500 से अधिक मरीज उपचार हेतु आते हैं मौसमी बीमारियों के सीजन में ये संख्‍या दो तीन गुना हो जाती है ऐसी स्थिति में भर्ती मरीजों को गैलरियों व बेंन्‍चो पर लेटकर उपचार कराना पड़ता है उन्‍हें कठिनाइयां आती है इस तथ्‍य को परि अता. प्र.सं. 13 (क्रमांक 1503) दिनांक 14.03.2016 के प्रश्नांश (ख) में स्‍वीकारा है? (घ) यदि हाँ, तो चिकित्‍सालय में जगह की कमी व मरीजों की कठिनाइयों के मद्देनजर उन्‍नयन के प्रस्‍ताव को परियोजना परीक्षण समिति शासन से स्‍वीकृत कराने उपरांत इसे वर्ष 2017-18 के बजट में शामिल कर चिकित्‍सालय के उन्‍नयन की घोषणा शासन सदन में ही करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्‍नांश (क) के उत्तर अनुसार। (ग) जी हाँ। (घ) जी हाँ, प्रस्ताव वर्ष 2017-18 के बजट में शामिल करने के प्रयास किये जावेंगे।

बड़ोदा सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में रिक्‍त पद व सुविधाएं

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

44. ( क्र. 1024 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्‍योपुर विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत वर्तमान में बड़ौदा सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में किस-किस श्रेणी के चिकित्‍सकों व अन्‍य अधीनस्‍थ स्‍टॉफ के कौन-कौन से पद स्‍वीकृत/भरे/ कब से व किन कारणों से रिक्‍त पड़े हैं इन्‍हें भरने हेतु क्‍या प्रयास किये गये? कौन-कौन सी सुविधाएं उपलब्‍ध/अनुपलब्‍ध हैं कब तक उपलब्‍ध कराई जावेगी? (ख) क्‍या उक्‍त केन्‍द्र में वर्तमान में दो चिकित्‍सा अधिकारी पदस्‍थ हैं में से एक बी.एम.ओ.शीप के प्रभार के कारण कार्यालयीन कार्य में पूर्णकालिक व्‍यस्‍त रहते हैं? मात्र एक चिकित्‍सक प्रतिदिन उपचार हेतु आने वाले 200-250 मरीजों की उपचार व्‍यवस्‍था संभाल नहीं पाते एवं मरीज परेशान होते हैं? (ग) क्‍या केन्‍द्र में महिला रोग विशेषज्ञ के अभाव में महिलाओं को उपचार व प्रसूती कार्य में कठिनाई आती है तथा विवश होकर उन्‍हें इस हेतु अन्‍यत्र जाना पड़ता है? क्‍या शासन जिला चिकित्‍सालय में पदस्‍थ महिला चिकित्‍सकों में से किसी एक महिला चिकित्‍सक की व्‍यवस्‍था उक्‍त केन्‍द्र में करेगा तथा मरीजों की परेशानियों के मद्देनजर प्रश्‍नांश (क) में वर्णित रिक्‍त पदों को यथाशीघ्र भरेगा, यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। प्रथम श्रेणी विशेषज्ञों के पद शत्-प्रतिशत पदोन्नति से भरे जाने का प्रावधान है एवं पर्याप्त मात्रा में स्नातकोत्तर चिकित्सक पदोन्नति हेतु उपलब्ध नहीं होने के कारण पद रिक्त हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, बड़ौदा में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के मापदण्ड अनुसार 48 प्रकार की निःशुल्क जाँच, 107 प्रकार की निःशुल्क औषधि एवं मरीज व प्रसूताओं को अस्पताल पर लाने के लिये निःशुल्क वाहन सुविधा उपलब्ध है। संस्था में विभाग से संबंधित समस्त शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। (ख) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, बड़ौदा में वर्तमान में एक बंधपत्र चिकित्सक एवं 02 नियमित चिकित्सा अधिकारी कार्यरत हैं। पदस्थ 02 चिकित्सकों में से एक डॉ. सीयाराम मीणा वर्तमान में खण्ड चिकित्सा अधिकारी के प्रभार में है तथा दो चिकित्सा अधिकारी पूर्णकालिक संस्था में रहकर स्वास्थ्य सेवायें आम-जन का प्रदान कर रहे हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बड़ौदा पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के मापदण्ड अनुसार सभी स्वास्थ्य सुविधायें उपलब्‍ध है। प्रत्येक माह की 09 तारीख को स्त्रीरोग विशेषज्ञ के द्वारा संस्था पर उपस्थित होकर प्रसूती महिलाओं की जाँच की जाती है एवं संस्था पर कार्यरत स्टाफ नर्स एस.बी.ए., स्कील लैब प्रशिक्षण प्राप्त है, जो चिकित्सकों के मार्ग दर्शन में महिलाओं स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते है। सी.एच.सी. बड़ौदा से जिला चिकित्सालय श्योपुर की दूरी लगभग 22 कि.मी. है। जिला चिकित्सालय श्योपुर में सभी प्रकार की स्वास्थ्य सेवायें उपलब्‍ध है। महिला चिकित्सक की उपलब्धता अनुसार पदस्थापना संबंधी कार्यवाही की जाती है, वर्तमान में विभाग में स्त्रीरोग विशेषज्ञ/स्त्रीरोग योग्यता की अत्यधिक कमी के कारण पदपूर्ति हेतु निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''तेरह''

सहायक अध्‍यापक संवर्ग की पदोन्‍नति

[स्कूल शिक्षा]

45. ( क्र. 1101 ) श्री बलवीर सिंह डण्‍डौतिया : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा कार्यरत सहायक अध्‍यापकों की पदोन्‍नति हेतु क्‍या नियम प्रक्रिया प्रचलन में है? प्रति सहित जानकारी दी जावे। (ख) क्‍या स्‍कूल शिक्षा विभाग के आयुक्‍त कार्यालय भोपाल द्वारा विभागीय पदोन्‍नति हेतु जिला पंचायत मुरैना को कई बार सहायक अध्‍यापकों की वरिष्‍ठता सूची भेजने हेतु निर्देशित किया गया था व साथ ही जिला पंचायत मुरैना द्वारा शिक्षा विभाग के आयुक्‍त का संदर्भित पत्रों के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी मुरैना को भी कई बार निर्देश देते हुए वरिष्‍ठता सूची भेजने के सख्‍त निर्देश दिये गये थे? (ग) यदि हाँ, तो अंतिम पत्र 19/04/2014 के आदेश के पालन में 5 जून 2014 तक पदोन्‍नति किये जाने के सख्‍त निर्देश थे जो कि आज प्रश्‍न प्रस्‍तुत दिनांक तक भी पदोन्‍नति की कार्यवाही नहीं हुई है व लोक शिक्षण संचालनालय के पत्र व जिला पंचायत मुरैना के पत्रों की प्रति भी दी जावे। जिससे पात्र सहायक अध्‍यापकों को पदोन्‍नति से वंचित है। क्‍या म.प्र. शासन उपरोक्‍त पदोन्‍नति में लापरवाही करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो निश्चित समयावधि दिनांक सहित दी जावे।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) जी नहीं, अपितु वरिष्ठता सूची जारी करने एवं पदोन्नति करने के निर्देश सभी संबंधित अधिकारियों को दिये गये। (ग) दिनांक 19.04.2014 नहीं, अपितु दिनांक 29.04.2014 के द्वारा निर्देश दिये गये। मुरैना जिला अन्तर्गत 74 अध्यापकों को वरिष्ठ अध्यापक के पद पर पदोन्नति के आदेश जारी कर दिये गये हैं। सहायक अध्यापकों की वरिष्ठता सूची का संधारण दिनांक 01.04.2015 की स्थिति में अनंतिम वरिष्ठता सूची का प्रकाशन किया जाकर दावे आपत्तियां प्राप्त की जाकर अंतिम वरिष्ठता सूची के प्रकाशन किये जाने की कार्यवाही प्रचलित है। इसी मध्‍य पदोन्नति में आरक्षण पर उद्भुत याचिका पर मान. उच्च न्यायालय जबलपुर के निर्णय के विरूद्ध माननीय सर्वोच्च न्यायालय दिल्ली में विचाराधीन याचिका के निराकरण के पश्‍चात् नियमानुसार पदोन्नति की जाना संभव होगा। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है।

बड़वानी में आयोजित कार्यक्रम में अनियमितता

[आदिम जाति कल्याण]

46. ( क्र. 1181 ) श्री बाला बच्‍चन : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 21-01-17 को बड़वानी में आयोजित राज्‍य स्‍तरीय अनुसूचित जनजाति सम्‍मेलन में कुल कितना व्‍यय हुआ? संपूर्ण व्‍यय की जानकारी देवें। किन-किन फर्मों को किन-किन कार्यों के लिए कितना-कितना भुगतान किया? (ख) इसके लिए टेंडर प्रक्रिया की पूरी जानकारी देवें। यदि टेंडर प्रक्रिया नहीं की गई तो क्‍यों? नियम सहित बतावें। (ग) इस कार्यक्रम में कितने हितग्राहियों को किस विषय का प्रशिक्षण दिया गया? प्रशिक्षण विषय, प्रशिक्षण अवधि सहित बतावें। प्रशिक्षणकर्ताओं की न्‍यूनतम शैक्षणिक योग्‍यता भी बतावें। (घ) यदि प्रशिक्षण नहीं कराया तो कार्यक्रम में इसका उल्‍लेख क्‍यों किया गया? इसके दोषी अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा? टेंडर न निकालने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही कब होगी?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) दिनांक 21.01.2017 को बड़वानी जिले में आयोजित राज्य स्तरीय अनुसूचित जनजाति सम्मेलन में विभिन्न फर्मों/दुकानदारों के वास्तविक देयक आज पर्यन्त अप्राप्त है। देयक अप्राप्त होने से सम्मलेन के आयोजन पर हुये वास्तविक व्यय का आंकलन नहीं किया जा सका है। (ख) जिला स्तर कार्य भण्डार क्रय नियम 2015 का पालन करते हुये कराये गये हैं। मंच एवं पंडाल व्यवस्था के लिये माध्यम को एजेंसी बनाया गया था। (ग) आयोजित राज्य स्तरीय अनुसूचित जनजाति सम्मेलन में लगभग 22000 हितग्राहियों को विभिन्न विभागों के स्टाल लगाकर मध्यप्रदेश शासन की विभागीय योजनाओं की जानकारी एवं एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षणकर्ता की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता हायर सेकण्ड्री पास है। (घ) प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

राजगढ़ विधानसभा के स्‍कूलों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्‍ध कराना

[स्कूल शिक्षा]

47. ( क्र. 1218 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले में किन-किन स्थानों पर शासकीय हायर सेकेण्‍डरी/हाईस्कूल/माध्यमिक विद्यालय/प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं? उनमें कुल कितने छात्र-छात्रायें दर्ज हैं? विकासखण्डवार पृथक-पृथक जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) उक्त संचालित शासकीय हायर सेकेण्‍डरी/हाईस्कूल/माध्यमिक विद्यालय/प्राथमिक विद्यालय में ऐसे कितने विद्यालय हैं जिनके पास स्वयं का भवन नहीं हैं? उक्त विद्यालयों में कब तक भवन स्वीकृत किये जावेगें? (ग) उक्त संचालित शासकीय हायर सेकेण्‍डरी/हाईस्कूल/माध्यमिक विद्यालय/प्राथमिक विद्यालय में ऐसे कितने विद्यालय हैं जिनके पास स्वयं का भवन है परन्तु उनमें बाउण्ड्रीवॉल नहीं होने से अतिक्रमण हो रहा है? उक्त विद्यालयों में कब तक बाउण्ड्रीवॉल स्वीकृत की जावेगी? (घ) उक्त संचालित शासकीय हायर सेकेण्‍डरी/हाईस्कूल/माध्यमिक विद्यालय/प्राथमिक विद्यालय में ऐसे कितने विद्यालय हैं जिनके पास किचन शेड, बालक-बालिकाओं के लिये शौचालय तथा पीने के लिये पानी की व्यवस्था नहीं है? उनमें कब तक व्यवस्था कर दी जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर है। (ख) जिले की सभी शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के पास स्वयं का भवन उपलब्ध है। कुल 11 हायर सेकेण्‍डरी तथा 46 हाईस्कूल भवन विहीन है। भवन निर्माण बजट की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। (ग) जिलांतर्गत संचालित 203 उ.मा.वि/हाईस्कूल में से 145 उ.मा.वि./हाईस्कूल में स्वयं के भवन है, इनमें से 90 उ.मा.वि./हाईस्कूल ऐसे हैं जिनमें बाउण्ड्रीवॉल नहीं है। 05 हाईस्कूल एवं 01 उ.मा.वि. में अतिक्रमण की स्थिति बनी हुई है। बाउण्ड्रीवॉल का निर्माण बजट उपलब्धता पर निर्भर करेगा। कुल 2648 शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाएं हैं जिनके पास स्वयं का भवन तो हैं, इनमें से 1744 शास.प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं में बाउण्ड्रीवॉल नहीं है। वार्षिक कार्य योजना 2017-18 में बाउण्ड्रीवॉल निर्माण प्रस्तावित है। भारत शासन से स्वीकृति प्राप्त होने पर निर्माण किया जा सकेगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जिले की सभी प्राथमिक/माध्यमिक/हाईस्कूल/उ.मा.वि. में शौचालय एवं पीने के पानी की व्यवस्था उपलब्ध है। 656 माध्यमिक शालाओं में किचन शेड की आवश्यकता है। किचन शेड का निर्माण पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा कराया जाता है एवं बजट की उपलब्धता पर निर्भर है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

बस्‍ती विकास के अंतर्गत निर्माण

[अनुसूचित जाति कल्याण]

48. ( क्र. 1252 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कार्यालय कलेक्‍टर जिला भिण्‍ड के द्वारा अनुसूचित जाति में बस्‍ती विकास के अंतर्गत निर्माण कार्यों के लिए आदेश क्रमांक 2289 दिनांक 27.12.2016 राशि 9778000.00 बीस ग्राम पंचायतों को राशि जारी की गई? यदि हाँ, तो किस जनप्रतिनिधि की अनुशंसा पर प्रकरण स्‍वीकृत किया गया? छायाप्रति सहित जानकारी दें। (ख) कार्यालय अनुसूचित जाति कल्‍याण वल्‍लभ भवन भोपाल 23.15/2014/25.4 दिनांक 28.7.2014 कार्यालय आयुक्‍त अनुसूचित जाति विकास मध्‍यप्रदेश भोपाल के क्रमांक 10302 अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास योजना के अंतर्गत राशि स्‍वीकृत करने के लिए क्‍या प्रावधान निहित किए गए हैं? (ग) ग्राम पंचायत श्‍यामपुरा जनपद पंचायत मेहगांव में आदेश क्रं. 2289 दिनांक 27.12.2016 में राशि पाँच लाख बस्‍ती विकास के अंतर्गत स्‍वीकृत की गई है? यदि हाँ, तो वहां पर कितनी अनुसूचति जाति जनसंख्‍या है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) में असत्‍य प्रकरण स्‍वीकृत करने के लिए कौन दोषी है प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। स्‍वीकृत 20 कार्यों में से 01 कार्य ग्राम पंचायत की अनुशंसा पर एवं शेष कार्य मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायतों की अनुशंसा पर स्‍वीकृत किये गये हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) बस्‍ती विकास योजना नियम 2014 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) जी हाँ। ग्राम पंचायत, श्‍यामपुरा के ग्राम एमनपुरा में अनुसूचित जाति की जनसंख्‍या 211 है। (घ) असत्‍य प्रकरण स्‍वीकृत नहीं किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास राशि का दुरूपयोग

[अनुसूचित जाति कल्याण]

49. ( क्र. 1253 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परि. अता. प्रश्‍न संख्‍या-42 (क्रं. 650) दिनांक 9 दिसम्‍बर 2016 के परिप्रेक्ष्‍य में भिण्‍ड विधानसभा क्षेत्रांतर्गत क्‍या अनुसूचित जाति बस्‍ती के प्रकरण स्‍वीकृत न कर अन्‍यत्र प्रकरण स्‍वीकृत किए जा रहे हैं? यदि हाँ, तो इसके लिए कौन दोषी हैं? क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) भिण्‍ड जिले के अंतर्गत 40 प्रतिशत से अधिक कौन से ग्राम हैं? अभी तक विगत पाँच वर्षों में कितनी राशि के कार्य हो चुके हैं? विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी दें।

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) शासन द्वारा अनुमोदित भिण्‍ड जिले के अंतर्गत अनुसूचित जाति बाहुल्‍य निवासियों की 40 प्रतिशत से अधिक ग्रामों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। विगत पाँच वर्षों में स्‍वीकृत कार्यों की विधानसभावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

आदिवासी उपयोजना क्षेत्र विकास निधि का उपयोग एवं उसका क्रियान्‍वयन

[आदिम जाति कल्याण]

50. ( क्र. 1317 ) श्री राजकुमार मेव : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भारत सरकार से आदिवासी उप योजना क्षेत्र विकास हेतु विशेष केन्‍द्रीय सहायता व संविधान के अनुच्‍छेद 275 (1) तथा अन्‍य मद में कितनी-कितनी राशि शासन को वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक प्राप्‍त हुई? उक्‍त राशि में से किस-किस परियोजना क्षेत्र में कितनी-कितनी राशि आंवटित की गई एवं कितनी राशि व्‍यय की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में खरगोन जिले में कितनी परियोजनाएं संचालित की जा रही है इनके प्रभारी वर्तमान में कौन-कौन है किन-किन परियोजनाओं को कितनी-कितनी राशि किस-किस कार्य के लिए प्राप्‍त हुई एवं कितनी व्‍यय की गई? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में महेश्‍वर परियोजना के तहत आदिवासी उपयोजना क्षेत्र विकास एवं विशेष केन्‍द्र सहायता योजना के विभिन्‍न मदों में वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक‍ कितनी राशि प्राप्‍त हुई? प्राप्‍त राशि किस-किस विभाग को किस-किस कार्य के लिए स्‍वीकृत की गई वर्तमान में कार्यों की क्‍या स्थिति है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में महेश्‍वर परियोजना के तहत वर्ष 2016-17 की कार्ययोजना अनुसार कितनी राशि का आवंटन प्राप्‍त हुआ तथा कितना आवंटन प्राप्‍त होना शेष है? प्राप्‍त आवंटन में से किस-किस कार्य के लिए कितनी-कितनी राशि किस-किस विभाग को आवंटित की गई एवं वर्तमान में उसके उपयोग की क्‍या स्थिति है?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) प्रश्‍नांश अंतर्गत जानकारी निम्‍नानुसार है:-

मद

प्राप्त राशि लाखों में

वर्ष 2014-15

वर्ष 2015-16

वर्ष 2016-17

विशेष केन्द्रीय सहायता

15274.22

11501.21

14174.81

संविधान के अनुच्छेद 275 (1)

17321.41

14845.15

14715.22

वन बन्धु कल्याण योंजना

1000.00

1909.28

0.00

परियोजना क्षेत्रवार राशि का आवंटन एवं व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एक अनुसार है(ख) खरगोन जिले में संचालित 02 परियोजनाओं की जानकारी निम्नानुसार है : 1. एकीकृत आदिम जाति विकास परियोजना खरगोन- श्री महेन्द्र सिंह कवछे, अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व खरगोन 2. एकीकृत आदिम जाति विकास परियोजना महेश्वर- श्री बी.एस.सोलंकी, अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व मण्डलेश्वर शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र दो एवं ''तीन'' अनुसार है। (ग) प्रश्नांकित अवधि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र तीन अनुसार है(घ) प्रश्नांश अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2016-17 की कार्ययोजना अनुसार वर्तमान में राशि आवंटित नहीं की गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

आयुष अधिकारी के विरूद्ध की गई शिकायतों की जाँच एवं कार्यवाही

[आयुष]

51. ( क्र. 1347 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मुख्‍य सचिव कार्यालय मंत्रालय, भोपाल के पत्र क्रमांक 9046/अ.स./मु.स./2016 भोपाल, दिनांक 06 दिसम्‍बर 2016 के द्वारा प्रमुख सचिव, आयुष विभाग को जिला आयुष अधिकारी ग्‍वालियर के विरूद्ध अनियमितताओं एवं भ्रष्‍टाचार की जाँच कर शिकायतकर्ता को अवगत कराने का निर्देश दिया था? (ख) यदि हाँ, तो शिकायत की जाँच किस अधिकारी द्वारा कराई गई? जाँच प्रतिवेदन दें। जाँच पूर्ण कर कब तक कार्यवाही की जावेगी? (ग) राजपत्रित अधिकारी संघ म.प्र. के संरक्षक डॉ. बी.एम. बौहरे द्वारा 1 जनवरी 2016 से 31 दिसम्‍बर 2016 तक प्रमुख सचिव एवं आयुक्‍त आयुष विभाग म.प्र. को कब-कब अनियमितताओं एवं भ्रष्‍टाचार की शिकायतें किस-किस अधिकारी के विरूद्ध की गई? दिनांकवार बतायें। (घ) उपरोक्‍त अवधि में डॉ. बी.एम. बौहरे द्वारा की शिकायतों की जाँच कब-कब, किस-किस अधिकारी द्वारा कराई गई, प्रत्‍येक जाँच का प्रतिवेदन दें?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, ग्वालियर में पदस्थ शिक्षक संवर्ग के तीन सदस्यीय समिति से जाँच कराई गई। जाँच प्रतिवेदन पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर है। जाँच प्रतिवेदन के आधार पर डॉ. इन्द्रा शाक्य, जिला आयुष अधिकारी, ग्वालियर को आरोप पत्र जारी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। (ग) एवं (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार।

 

स्कूलों का उन्नयन

[स्कूल शिक्षा]

52. ( क्र. 1424 ) श्री हरवंश राठौर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हाईस्कूल से हायर सेकेण्‍डरी, माध्यमिक शाला से हाईस्कूल एवं प्राथमिक शाला से माध्यमिक शाला के उन्नयन में नवीन भवन के निर्माण हेतु क्या प्रक्रिया है तथा बण्‍डा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत उन्नयन की गई शालाओं में कब तक भवन निर्माण किया जा सकेगा। (ख) बण्‍डा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत विगत दो वर्षों में उन्नयित की गई शालाओं की सूची उपलब्ध कराई जाए। (ग) हाईस्कूल से हायर सेकेण्‍डरी में उन्नयन हेतु यदि छात्र/छात्राओं की संख्या पर्याप्त है दूरी भी 10 किलोमीटर है तो क्या ऐसे हाईस्कूलों को हायर सेकेण्‍डरी में उन्नयन नहीं किया जा सकता? यदि नहीं, तो विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत हाईस्कूल सेसईसाजी, कंदवा, बहरोल, गूगराखुर्द, बीला, नीमोन स्कूलों का उन्नयन क्यों नहीं किया गया?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) शासकीय प्राथमिक शाला से माध्यमिक शाला में उन्नत शालाओं के नवीन भवन निर्माण हेतु प्रस्ताव जिले की वार्षिक कार्ययोजना में शामिल कर स्वीकृति हेतु भारत शासन को प्रेषित किया जाता है। भारत शासन से स्वीकृति प्राप्त होने पर निर्माण किया जा सकता है। शासकीय माध्यमिक शाला से हाईस्कूल एवं हाईस्कूल से हायर सेकेण्‍डरी शाला में उन्नत शालाओं के नवीन भवन निर्माण बजट की उपलब्धता पर निर्भर करता है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ख) बण्डा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत विगत दो वर्षों में किसी भी शासकीय प्राथमिक शाला का माध्यमिक शाला में उन्नयन नहीं किया गया है। हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्‍डरी शालाओं में उन्नत शालाओं की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट पर है। (ग) शालाओं का उन्नयन मापदण्डों की पूर्ति एवं बजट प्रावधान पर निर्भर करता है। सीमित वित्तीय संसाधन के कारण सभी पात्र शालाओं का उन्नयन संभव नहीं हो पाता है।

परिशिष्ट - ''चौदह''

छात्र-छात्राओं को साइकिल का वितरण

[स्कूल शिक्षा]

53. ( क्र. 1428 ) श्री हरवंश राठौर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बण्‍डा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत ऐसे कितने छात्र-छात्राएं हैं जो राजस्व ग्राम के अतिरिक्त मजरा/टोला से लगभग 1 किलोमीटर या इससे अधिक दूरी से चलकर विद्यालय आते हैं। क्या इन्हें नियमानुसार शत्-प्रतिशत साइकिल वितरण कार्य हो चुका है यदि नहीं, तो क्या कारण है। (ख) क्या जिस पोर्टल से छात्राओं की विद्यालय से उनके निवास स्थल की दूरी का आंकलन कर साइकिल वितरण कार्य कराया जा रहा है। उस पोर्टल में केवल राजस्व ग्राम ही सम्मिलित हैं और मजरा/टोलों का वर्णन न होने के कारण मजरा/टोलों के छात्र-छात्राओं को साइकिल वितरण नहीं हो पाई है तो ऐसे छात्र-छात्राओं को कैसे साइकिल उपलब्ध होगी। क्या इन्हें शासन द्वारा लाभ से वंचित रखा जाएगा। (ग) छात्र-छात्राओं की साइकिलों के क्षतिग्रस्त होने/चोरी होने पर पुन: साइकिल वितरण का प्रावधान है या नहीं जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) बण्डा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कक्षा 6 वी के 252 एवं कक्षा 9 वीं के 288 छात्र-है जो राजस्‍व ग्राम के अतिरिक्त मजरा टोला से लगभग 1 किलोमीटर से अधिक दूरी से चलकर विद्यालय आते है। जी नहीं। निशुल्‍क सायकिल प्रदाय योजना अन्‍तर्गत मजरे/ टोले एवं दूरी का नियम नहीं है, अपितु छात्र के ग्राम में माध्‍यमिक/हाई स्‍कूल की सुविधा न होने पर अन्‍य ग्राम के शासकीय स्‍कूल में शिक्षा ग्रहण करने हेतु सायकिल दिये जाने का नियम है। (ख) नि:शुल्‍क सायकिल वितरण हेतु निर्धारित मापदण्‍ड पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। इस प्रावधान के अनुसार पोर्टल पर व्‍यवस्‍था की गई है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) साइकिलों के क्षतिग्रस्‍त /चोरी होने पर पुन: सायकिल प्रदाय करने का प्रावधान नहीं है। प्रदायित सायकिलों की वारंटी एक वर्ष के लिए निर्धारित है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में डॉक्टरों की पदस्थापना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

54. ( क्र. 1569 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव में स्थित एकमात्र सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गोटेगांव में डॉक्टर के कितने पद स्वीकृत हैं स्वीकृत पदों के विरूद्ध कितने पद भरे हुए हैं। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार यदि रिक्त पद हैं तो रिक्त पदों के विरूद्ध पदपूर्ति किये जाने हेतु शासन की ओर से क्‍या कार्यवाही की गई?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव में स्थिति सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, गोटेगांव में विशेषज्ञों के 03 तथा चिकित्‍सा अधिकारी के 02 पद स्वीकृत एवं 03 चिकित्सा अधिकारी कार्यरत हैं, विशेषज्ञों के पद रिक्त हैं। (ख) गोटेगांव में विशेषज्ञों के 03 पद रिक्त हैं, प्रदेश में विशेषज्ञों की अत्यधिक कमी है स्वीकृत 3273 पदों के विरूद्ध मात्र 1126 विशेषज्ञ हैं, अतः सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर की संस्थाओं में पदपूर्ति में कठिनाई हो रही है।

जनशिक्षकों की काउंसलिंग

[स्कूल शिक्षा]

55. ( क्र. 1570 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग के अंतर्गत बी.ए.सी /जनशिक्षकों को प्रतिनियुक्ति की जाती है? यदि हाँ, तो यह कितने वर्षों के लिए होती है? जिला नरसिंहपुर में बी.ए.सी /जनशिक्षकों की नियुक्ति अंतिम बार कब की गई थी एवं यह नियुक्ति कितने वर्षों के लिए की गई थी? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार यदि बी.ए.सी /जनशिक्षकों की प्रतिनियुक्ति समयावधि खत्म हो चुकी है तो मध्यप्रदेश के कितने जिलों में नवीन प्रतिनियुक्ति की काउंसलिंग की प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है? सूची उपलब्ध करावें। (ग) यदि अन्य जिलों में प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी हैं तो यह प्रक्रिया नरसिंहपुर में क्यों नहीं की गई? अन्य जिलों की अपेक्षा नरसिंहपुर जिले के बी.ए.सी/जनशिक्षकों को प्रतिनियुक्ति समयावधि पूर्ण होने के बाद भी यह अतिरिक्त लाभ क्यों दिया जा रहा है? नवीन प्रतिनियुक्ति नहीं करवाये जाने में किन अधिकारियों का दोष है इन पर शासन द्वारा क्या कार्यवाही की जावेगी। यदि हाँ, तो कब तक एवं प्रतिनियुक्ति कब तक कर दी जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। प्रतिनियुक्ति अवधि 04 वर्ष कि लिए होती है। जिला नरसिंहपुर में जनशिक्षकों की सेवाये प्रतिनियुक्ति पर अंतिम बार वर्ष 2011 में तथा बी..सी. की सेवायें प्रतिनियुक्ति पर अंतिम बार वर्ष 2014 में ली गई थी। प्रतिनियुक्‍त 04 वर्ष के लिए थी। (ख) राज्य शिक्षा केन्द्र के पत्र क्रमांक/राशिके/नियु0/2015/7812 दिनांक 30.10.2015 के अनुपालन में समस्त जिलों में बी.एस.सी./जनशिक्षकों के पद हेतु काउंसलिंग की कार्यवाही प्रारंभ की गई। माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर एवं माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर में 04 वर्ष पूर्ण करने वाले कतिपय बी..सी./जनशिक्षकों के द्वारा याचिका दायर की गई। माननीय न्यायालय में प्रकरण विचाराधीन होने से कार्यवाही पूर्ण नहीं की जा सकी। (ग) मध्य प्रदेश के जिलों में के उत्तर अनुसार स्‍थिति है। नरसिंहपुर जिले में भी माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में डब्ल्यू.पी. क्रमांक 21777/2015 एवं डब्ल्यू.पी. क्रमांक 221/2016 में क्रमशः दिनांक 18.12.2015 एवं दिनांक 11.01.2016 के द्वारा 04 वर्ष से कार्यरत बी.ए.सी./जनशिक्षकों को नवीन प्रक्रिया में सम्मिलित करने संबंधी अंतरिम निर्णय दिया गया। न्यायलयीन प्रकरण होने के कारण नवीन प्रतिनियुक्ति की कार्यवाही नहीं की जा सकी। अतः प्रकरण माननीय न्यायालय में विचाराधीन होने से शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

नागदा में ब्लॉक मेडिकल आफिसर का पद एवं कार्यालय की स्वीकृति