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मध्य प्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-अप्रैल, 2016 सत्र


मंगलवार, दिनांक 01 मार्च, 2016


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


 

(वर्ग 5 : पशुपालन, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास, कुटीर एवं ग्रामोद्योग, विधि और विधायी कार्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्कूल शिक्षा, आदिम जाति कल्याण, अनुसूचित जाति कल्याण, श्रम, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्‍त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुमक्कड़ जाति कल्याण)


अनुसूचित जाति क्षेत्र की बस्तियों का विकास

1. ( *क्र. 2308 ) श्री अरूण भीमावद : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनुसूचित जाति बाहुल्‍य क्षेत्रों की बस्तियों, टोले एवं मजरों में सी.सी. रोड़, नाली निर्माण एवं सामुदायिक भवनों के निर्माण हेतु शासन के प्रावधान क्‍या हैं? (ख) जिला शाजापुर में बस्‍ती विकास में सत्र 2013-14 एवं 2014-15 में कितना आवंटन दिया गया? प्रश्‍नांश (क) के अनुसार आवंटन की राशि कौन-कौन ग्राम पंचायतों को जारी की गई? (ग) जारी की गई ग्राम पंचायतों में अनुसूचित जाति का कितना प्रतिशत है? (घ) शासन द्वारा बस्‍ती विकास मद से राशि जारी करने हेतु ग्राम पंचायत स्‍तर पर अनुसूचित जाति का प्रतिशत कितना होना अनिवार्य है?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) प्रावधानों का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  अनुसार है। (ख) वर्ष 2013-14 में रूपये 106.71 लाख एवं वर्ष 2014-15 में रूपये 100.64 लाख का आवंटन दिया गया। पंचायतों को वितरित राशि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  अनुसार है। (ग) विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (घ) अनुसूचित जाति की जनसंख्‍या 40 प्रतिशत अथवा अनुसूचित जाति के 20 परिवार निवासरत होना आवश्‍यक है।

नीति के विरूद्ध किये गये स्‍थानांतरण

2. ( *क्र. 1242 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह जिला अंतर्गत स्‍थानांतरण नीति वर्ष 2015 अनुसार कितने शिक्षकों के स्‍थानांतरण किस स्‍थान से किस स्‍थान पर किये गये हैं? (ख) स्‍थानांतरण नीति 2015 किस दिनांक से किस दिनांक तक के लिए लागू की गई थी? नीति की एक सत्‍य प्रति उपलब्‍ध करावें। (ग) स्‍थानांतरण नीति तिथि के उपरांत स्‍थानांतरण कराये जाना हैं, तो क्‍या प्रक्रिया है? यदि स्‍थानांतरण नीति के विरूद्ध जिला शिक्षा अधिकारी दमोह द्वारा स्‍थानांतरण किये गये हैं, तो प्रश्‍नकर्ता द्वारा शिकायत वरिष्‍ठ अधिकारियों को सौंपे जाने के उपरांत भी कार्यवाही आज दिनांक तक क्‍यों नहीं की गई? कब तक कार्यवाही की जाएगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र एक अनुसार है। (ख) दिनांक 16.05.2015 से 10.06.2015 तक। प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र दो अनुसार (ग) पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट दो की कंडिका 10.1 एवं 10.2 अनुसार। संयुक्त संचालक लोक शिक्षण सागर संभाग को जाँच हेतु संचालनालय के पत्र क्रमांक 869 दिनांक 28.12.2015 द्वारा लिखा गया है। जाँच प्रतिवेदन प्राप्ति के उपरांत नियमानुसार कार्यवाही संभव हो सकेगी।

सरदारपुर विधान सभा क्षेत्र के निर्माण कार्य

3. ( *क्र. 33 ) श्री वेलसिंह भूरिया : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आदिम जाति कल्‍याण विभाग के अंतर्गत आदिवासी एवं अनुसूचित जाति बस्तियों में खरंजा निर्माण एवं विद्युतीकरण के लिये राशि प्राप्‍त होती है? इसके लिए क्‍या मापदण्‍ड निर्धारित हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित कार्यों हेतु धार जिले को वर्ष 2012-13 से वर्ष 2014-15 में कितनी राशि दी गई तथा किसकी अनुशंसा पर कितनी राशि आवंटित की गई? मदवार जानकारी दें। (ग) सरदारपुर विधान सभा क्षेत्र में उक्‍त वर्षों में किन-किन ग्रामों/मजरों में खरंजा निर्माण एवं विद्युतीकरण के कार्य स्‍वीकृत हुए हैं? कार्यवार लागत एवं कार्य एजेंसी सहित जानकारी दें। क्‍या इन कार्यों की गुणवत्‍ता की जाँच करायेंगे? (घ) उक्‍त स्‍वीकृत कार्यों में बस्‍ती विकास योजना में विधान सभा क्षेत्र सरदारपुर में कितने कार्य स्‍वीकृत हुए हैं एवं कितने लंबित हैं? शेष कार्य कब तक पूर्ण किये जायेंगे?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) प्रश्‍नांश अंतर्गत बस्‍ती विकास योजना में खरंजा निर्माण का प्रावधान नहीं है। अनुसूचित जाति अंतर्गत सी.सी. रोड हेतु राशि दी जाती है एवं राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना से वंचित 100 से कम आबादी वाली अनुसूचित जाति बस्तियों को विद्युतीकरण करने हेतु राशि आवंटित की जाती है, जबकि जनजाति मद से जिलों के प्रस्‍ताव एवं उपलब्‍ध बजट के आधार पर राशि पुनर्वंटित की जाती है। (ख) अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास योजनांतर्गत वर्ष 2012-13 में रू. 76.24 लाख तथा वर्ष 2013-14 में रू. 79.48 लाख तथा वर्ष 2014-15 में रू. 20.69 लाख की राशि दी गई। शेष  जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास योजनांतर्गत स्‍वीकृत कार्यों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार है, जबकि जनजाति विद्युतीकरण योजनांतर्गत स्‍वीकृत कार्यों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। कार्यों की गुणवत्‍ता के संबंध में कोई विपरीत तथ्‍य प्रकाश में नहीं आये हैं। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) अनुसूचित जाति बस्ती विकास योजना में दो कार्य अपूर्ण हैं। कार्य पूर्ण होने की समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''एक''

ग्‍वालियर जिलांतर्गत स्‍वीकृत/संचालित छात्रावास

4. ( *क्र. 2270 ) श्रीमती इमरती देवी : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ग्‍वालियर जिले में वर्ष 2015-16 में अनुसूचित जाति के बालक व कन्‍या छात्रावास स्‍वीकृत किये गये थे? यदि हाँ, तो कितने? किस शहर व ग्रामीण में कहाँ-कहाँ पर स्‍वीकृत किये गये थे और क्‍या वे स्‍वीकृत होने के बाद पूर्व स्‍वीकृत स्‍थान पर चालू कर दिये गये हैं? यदि नहीं, तो कब तक चालू कर दिये जावेंगे? (ख) प्रश्‍नांश (क) ग्‍वालियर जिले में अनुसूचित जाति छात्रावासों की डबरा शहर व ग्रामीण, बिलौआ, पिछोर में जनसंख्‍या अनुसार खोले जाने की अति आवश्‍यकता थी, क्‍या इन शहर व ग्रामीण में कोई छात्रावास स्‍वीकृत किया गया है? यदि नहीं, तो कब तक स्‍वीकृत किया जावेगा?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। 20 छात्रावास स्‍वीकृत किये गये हैं। सभी छात्रावास ग्‍वालियर जिला मुख्‍यालय पर स्‍वीकृत किये गये हैं। 01 कन्‍या पोस्‍ट मैट्रिक छात्रावास ग्‍वालियर मुख्‍यालय पर संचालित कर दिया गया है। शेष 19 प्री मैट्रिक छात्रावासों का जिले में स्‍थल संशोधन का प्रस्‍ताव विचाराधीन है। (ख) जी नहीं। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

चंबल नदी का शुद्धीकरण

5. ( *क्र. 423 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नागदा नगर स्थित चंबल नदी के शुद्धीकरण हेतु जल शुद्धीकरण योजना लागू की गई थी? इसकी कुल लागत कितनी थी? यह किस वर्ष में स्‍वीकृत की जाकर कार्य कब प्रारंभ किया गया? (ख) इसमें अभी तक कुल कितना व्‍यय किया जा चुका है? क्‍या वर्तमान में धरातल पर नग‍ण्‍य कार्य हुआ है? यदि हाँ, तो इसके लिये कौन-कौन दोषी हैं? दोषियों पर क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। मूल योजना की कुल लागत रूपये 254.324 लाख थी। योजना वर्ष 1997-98 में स्वीकृत हुई एवं कार्य वर्ष 1999 में प्रारंभ किया गया। (कालांतर में वर्ष 2005 में पुनरीक्षित योजना लागत रूपये 295.509 लाख स्वीकृत।) (ख) योजना पर कुल व्यय रूपये 295.509 लाख हुआ है। जी नहीं, योजना में प्रस्तावित समस्त कार्य पूर्ण किये गये हैं, अतः कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

 

विधान सभा क्षेत्र करैरा में शालाओं का उन्‍नयन

6. ( *क्र. 3371 ) श्रीमती शकुन्‍तला खटीक : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्राथमिक विद्यालय, माध्‍यमिक विद्यालय एवं हाईस्‍कूल को उन्‍नयन हेतु शासन के क्‍या नीति नियम आदि निर्धारित हैं? नियमों की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या विधान सभा क्षेत्र 23 करैरा जो नदी, नाले बीहड़ों से लगा हुआ है? यहां के छात्र/छात्राएं असुरक्षा व आर्थिक स्थिति दयनीय होने से व शालाओं के दूरदराज होने से आगे की पढ़ाई से वंचित हैं? (ग) क्‍या विभाग की नीति एवं माननीय मुख्‍यमंत्री जी की घोषणाओं के तहत विधान सभा क्षेत्र 23 करैरा जिला शिवपुरी के प्रश्‍नांश (क) में वर्णित शालाओं को उन्‍नयन कर छात्र-छात्राओं के आगे की शिक्षा प्राप्‍ति‍ हेतु कार्यवाही कब तक संभव है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। जी नहीं, छात्र-छात्राएं निकटस्थ शालाओं में अध्ययनरत हैं। (ग) नवीन प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालय खोलने हेतु कोई भी प्रस्ताव लंबित नहीं है। वर्ष 2015-16 के बजट प्रावधान अनुसार हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी शालाओं के उन्नयन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। 

प्रतिनियुक्ति से पदों की पूर्ति

7. ( *क्र. 3079 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन ने प्रतिनियुक्ति पूर्णत: बन्‍द की है? यदि हाँ, तो निर्देश उपलब्‍ध करावें? क्‍या सहायक आयुक्‍त आदिवासी विकास, सीधी परियोजना प्रशासक सोहागपुर, जैसिंहनगर, विकासखण्‍ड अधिकारी जनपद पंचायत अनूपपुर के पदों को प्रतिनियुक्ति से भरा गया है? यदि नहीं, तो संबंधित अधिकारियों के मूल पद क्‍या हैं, मूल पदस्‍थापना कहाँ है, पदस्‍थ करने का क्‍या कारण हैं? (ख) क्‍या मुख्‍यमंत्री कार्यालय के पत्र क्रमांक 1342/सी.एम.एस./एम.एल.ए./087/2015, भोपाल दिनांक 07.7.2015 द्वारा विभाग को किसी प्रकार के कोई निर्देश प्राप्‍त हुए हैं? यदि हाँ, तो पत्र उपलब्ध करावें? क्‍या विभाग ने परिपत्र के परिपालन में कोई कार्यवाही की है? यदि हाँ, तो क्‍या? (ग) प्रश्‍नांश (क) के परिपालन में पदस्‍थ अधिकारियों को मूल विभाग कब वापस करेंगे? यदि नहीं करेंगे, तो क्‍यों?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी नहीं। सहायक आयुक्‍त आदिवासी विकास सीधी के पद पर श्री कमलेश कुमार पाण्‍डे, पशु चिकित्‍सा सहायक शल्‍यज्ञ एवं श्री राजेन्‍द्र सिंह पशु चिकित्‍सक की सेवाएं पशुपालन विभाग से प्रतिनियुक्ति पर ली जाकर क्रमश: सहायक आयुक्‍त आदिवासी विकास सीधी एवं परियोजना प्रशासक एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना जयसिंहनगर के पद पर प्रतिनियुक्ति से भरे गये हैं। विभाग में अधिकारियों की कमी होने पर संबधितों की सेवाएं प्रतिनियुक्ति पर ली जाकर पदस्‍थ किया गया है। (ख) जी हाँ। कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) कार्यवाही प्रचलित है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

गौशालाओं हेतु राशि का आवंटन

8. ( *क्र. 2934 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सिंगरौली जिले के चितरंगी विधान सभा क्षेत्र में वर्ष 2011 से 2015 तक किन-किन गौशालाओं को कितनी-कितनी राशि किन-किन तिथियों में दी गई? (ख) जिले में वर्षवार कितनी राशि का आवंटन प्राप्‍त हुआ है और किस आधार पर वितरण किया गया? (ग) चितरंगी विधानसभा क्षेत्र की गौशालाओं का निरीक्षण किन-किन तिथियों में किया गया तथा भौतिक सत्‍यापनकर्ता अधिकारियों के पद सहित नाम बताएं? (घ) गौसंवर्धन बोर्ड द्वारा कितनी राशि जिले की गौशालाओं को किस आधार पर दी गई?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) चितरंगी विधानसभा क्षेत्र में श्रीराम गौसंवर्धन गौशाला समिति, ग्राम बिरकुनिया संचालित है, जिसका पंजीयन क्र. 1214 दिनांक 01.05.2015 को किया गया है। दिनांक 20.02.2016 को 2,84,580/- (रूपये दो लाख चौरासी हजार पाँच सौ अस्सी) राशि प्रदाय की गई। (ख) सिंगरौली जिले को वर्षवार प्राप्त आवंटन का विवरण संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। गौशालाओं को राशि वितरण की कार्यवाही जिला गौपालन एवं पशुधन संवर्धन समिति की बैठक आहूत कर, गौवंश संख्या के आधार पर गौशालाओं को राशि वितरण की कार्यवाही की जाती है। (ग) चितरंगी विधानसभा क्षेत्र की गौशालाओं के निरीक्षण का विवरण संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (घ) म.प्र. गौपालन एवं पशुधन संवर्धन बोर्ड द्वारा जिलों को राशि निम्न सूत्र द्वारा वितरित की जाती है :- ऐलोकेशन फैक्टर (जिलों हेतु) = जिले में कुल क्रियाशील गौशालाएँ/प्रदेश की कुल क्रियाशील गौशालाएँ x 0.2 + जिले की क्रियाशील गौशालाओं में कुल गौवंश/प्रदेश की क्रियाशील गौशालाओं में कुल गौवंश x 0.8। जिले के लिए राशि = ऐलोकेशन फैक्टर X मंडी बोर्ड से गौशालाओं हेतु प्राप्त कुल राशि।

परिशिष्ट - ''दो''

अनु.जाति बस्‍ती विकास योजनांतर्गत कार्यों की स्‍वीकृति

9. ( *क्र. 3326 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कलेक्‍टर जिला राजगढ़ द्वारा म.प्र. अनुसूचित बस्‍ती विकास योजना नियम 2014 के अंतर्गत अनुसूचित जाति बाहुल्‍य ग्रामों में विकास कार्य किये जाने हेतु ग्रामों के चयन के संबंध में आयुक्‍त, अनुसूचित जाति विकास, मध्‍यप्रदेश भोपाल को पत्र क्रमांक 07 दिनांक 02.01.2016 से योजनांतर्गत विकास कार्यों की स्‍वीकृति हेतु ग्रामों के चयन बाबत् जिले की विकासखण्‍डवार सूची तैयार कर कार्यालयीन पत्र क्रमांक 4257/आजाक/अनु.जा.ब.वि./15-16 राजगढ़ दिनांक 02.11.2015 से अनुमोदन हेतु प्रेषित की गई है? यदि हाँ, तो उक्‍त संबंध में प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या वर्तमान में जारी नियमों के अनुरूप जिले के समस्‍त विकासखण्‍डों के अनुसूचित जाति बाहुल्‍य ग्रामों में विकास कार्य कराये जाने में विकासखण्‍डवार लाभ प्राप्‍त न होकर पहले एक विकासखण्‍ड फिर दूसरा विकासखण्‍ड का क्रम आवेगा? यदि हाँ, तो क्‍या शासन राजगढ़ जिले में कलेक्‍टर राजगढ़ द्वारा प्रेषित की गई ग्रामों की सूची अनुसार प्रस्‍ताव का अनुमोदन करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। कलेक्‍टर, राजगढ को आयुक्‍त, अनुसूचित जाति विकास के पत्र क्रमांक आर्थिक विकास/2015-16/9145 दिनांक 15.2.2016 द्वारा अनुमोदित सूची अनुसार कार्य कराने के निर्देश प्रदान किये गये हैं। (ख) जी नहीं। वर्ष 2011 की जनगणना अनुसार जिले के अनुसूचित जाति बाहुल्‍य ग्रामों में सर्वाधिक अनुसूचित जाति की जनसंख्‍या के प्रतिशत वाले ग्रामों (अनुसूचित जाति की आबादी के प्रतिशत घटते अनुक्रम) में विकास कार्य कराये जाने का नियमों में प्रावधान है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सामग्री के क्रय में अनियमितता

10. ( *क्र. 2093 ) श्री बलवीर सिंह डण्‍डौतिया : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के परि. अता. प्रश्‍न संख्‍या 139 (क्र. 2909), दि. 31.07.2015 के उत्‍तर (क) व (ग) के पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अ, व (क) से (घ) के उत्‍तर में नियम प्रक्रिया व सामग्री से क्रय संबंधी उत्‍तर दिया है, तो शासन द्वारा प्रति नग खरीदी दर, जो खरीदे गये सामान की है, से अच्‍छी गुणवत्‍ता में वर्णित दर से बाजार में 50 प्रतिशत से कम दर में उपलब्ध होने पर भी लघु उद्योग निगम से दुगुनी दर से खरीदने का क्‍या कारण है? (ख) क्‍या शासन इस प्रकरण की प्रश्‍नकर्ता के समक्ष जाँच करायेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) म.प्र. भंडार क्रय नियम अनुसार जिले द्वारा म.प्र. लघु उद्योग निगम से नियमानुसार निर्धारित दर पर सामग्री क्रय की गयी है। (ख) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अंत्‍यावसायी निगम द्वारा आरक्षित वर्ग के हितग्राहियों को अनुदान

11. ( *क्र. 1211 ) श्री गोपालसिंह चौहान (डग्‍गी राजा) : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2014-15 में अशोक नगर जिले में अंत्‍यावसायी निगम द्वारा कितने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के व्‍यक्तियों को अनुदान पर वाहन उपलब्‍ध कराये गये? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त हितग्राहियों की सूची, नाम, ग्राम व जाति सहित उपलब्‍ध करावें? (ग) वर्ष 2015 में कितना आवंटन प्राप्‍त हुआ था और किस-किस मद में खर्च हुआ?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) वर्ष 2014-15 में अशोकनगर जिले में अंत्‍यावसायी निगम द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के व्‍यक्तियों को अनुदान पर वाहन उपलब्‍ध कराये जाने हेतु कोई योजना संचालित नहीं थी। अंत्‍यावसायी निगम द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के व्‍यक्तियों के स्‍वरोजगार की योजनाएं संचालित की जाती हैं अनुसूचित जनजाति के लिए नहीं। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) वर्ष 2015 में अशोक नगर जिले को राशि रू. 54.33 लाख का आवंटन प्राप्‍त हुआ था और राशि रू. 29.19 लाख व्‍यय किया गया। मदवार विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''तीन''

मंधान डेम का निर्माण

12. ( *क्र. 1693 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) परासिया विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत मंधान डेम को कितनी लागत से बनाया जा रहा है और मंधान डेम का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण होगा और वर्तमान में निर्माण कार्य की भौतिक स्थिति क्‍या है और अभी तक जो निर्माण कार्य किए गये हैं, उसके लिए एजेन्‍सी (ठेकेदार) को कितना भुगतान किया जा चुका है? (ख) विभाग द्वारा मंधान डेम के निर्माण कार्य हेतु अभी तक कितनी राशि आवंटित की जा चुकी है? क्‍या मंधान डेम का कार्य विभाग द्वारा निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हो पायेगा?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) रू. 3244.00 लाख़ की लागत से। दिसंबर 2017 तक। बांध की नींव खुदाई, फाउंडेशन लेबल तक कार्य पूर्ण, हाईलेबल ब्रिज का कार्य स्लैब लेबल तक एवं पडल कार्य हेतु सी.ओ.टी. खुदाई का कार्य पूर्ण। रूपये 316.49 लाख का भुगतान किया गया है। (ख) रूपये 3420.75 लाख। जी हाँ। 

बैरसिया विधानसभा क्षेत्रांतर्गत संचालित पशु स्‍वास्‍थ्‍य/उपस्‍वास्‍थ्‍य केंद्र

13. ( *क्र. 3305 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बैरसिया विधानसभा क्षेत्रांतर्गत कहाँ-कहाँ पर पशु स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र एवं उपस्‍वास्‍थ्‍य केंद्र संचालित हो रहे हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) में दर्शित ऐसे केंद्र जो विभाग के भवनों में संचालित नहीं हो रहे हैं अथवा भवन विहीन हैं, के संबंध में क्‍या विभाग नवीन भवन तैयार कराने हेतु कोई विचार रखता है? (ग) ग्राम जमूसरकलां में संचालित पशु उपस्‍वास्‍थ्‍य केंद्र में भवन निर्मित किये जाने हेतु प्रश्‍नकर्ता के पत्र दिनांक 15.01.2016 पर विभाग क्‍या कार्यवाही कर रहा है एवं भवन निर्माण कब से प्रारंभ हो जावेगा? (घ) बैरसिया विधानसभा क्षेत्रांतर्गत संचालित केंद्रों में स्‍टाफ की कमी है, तो रिक्‍त पदों की पूर्ति विभाग कब तक कर देगा?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार(ख) विभागीय अधोसंरचना विकास योजना अंतर्गत उपलब्ध वित्तीय प्रावधानों के तहत निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। (ग) भवन निर्माण के लिए प्राक्कलन हेतु उपसंचालक पशुचिकित्सा सेवाएं द्वारा कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवाएं को पत्र प्रेषित किया गया है। आगामी वित्तीय वर्ष में वित्तीय प्रावधान प्राप्त होने पर निर्माण कार्य हेतु विचार किया जावेगा। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (घ) संचालित केन्द्रों हेतु स्टॅाफ की नवनियुक्ति या स्थानांतरण होने पर रिक्त पदों की पूर्ति पर विचार किया जावेगा। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''चार''

शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत नि:शुल्‍क प्रवेश

14. ( *क्र. 1916 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 क्‍या है? अधिनियम की छायाप्रति देवें। इस अधिनियम के तहत गरीब/निर्धन छात्र-छात्राओं को नि:शुल्‍क प्रवेश प्रक्रिया के तहत अशासकीय शालाओं में प्रवेश के क्‍या नियम हैं? (ख) जबलपुर जिले के अंतर्गत कितनी अशासकीय शालाएं संचालित हैं एवं इन संचालित शालाओं द्वारा प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित अधिनियम के तहत वित्‍त वर्ष 2012-13 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने गरीब/निर्धन छात्र/छात्राओं को नि:शुल्‍क प्रवेश दिया गया? (ग) प्रश्‍नकर्ता द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी जबलपुर को दिनांक 25.08.2015 को लिखे पत्र क्रमांक/एम/163/15/173 में चाही गई जानकारी का उत्‍तर प्रश्‍न दिनांक तक प्रश्‍नकर्ता को प्रदाय न करने से क्‍या सामान्‍य प्रशासन विभाग के पत्र क्रमांक/एफ 19-76/2007/1/4/ भोपाल दिनांक 27.11.2015 के द्वारा दिये गये निर्देशों का उल्‍लंघन किया गया है? यदि हाँ, तो नियम का उल्‍लंघन करने वाले अधिकारियों पर शासन द्वारा कब तक क्‍या अनुशासनात्‍मक कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं तो क्‍यों नहीं?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) 782 अशासकीय शालाएं। कुल 26867 बच्चों को प्रवेश दिया गया। (ग) जिला शिक्षा अधिकारी जबलपुर के पत्र क्र. मान्यता 83/2015/11810 दिनांक 18 सितंबर 2015 को प्रश्नकर्ता को जानकारी प्रदाय की गई है। जी नहीं, अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। 

आमला में वाणिज्‍य संकाय के व्‍याख्‍याता की पूर्ति

15. ( *क्र. 3612 ) श्री चैतराम मानेकर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शा. उत्‍कृष्‍ट उ.मा. विद्यालय आमला में वाणिज्‍य संकाय की कक्षाएं संचालित हैं? (ख) यदि हाँ, तो वाणिज्‍य संकाय के कितने व्‍याख्‍याता कार्यरत हैं? (ग) यदि नहीं, तो वाणिज्‍य संकाय के रिक्‍त पदों की पूर्ति कब तक कर दी जायेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। (ख) निरंक। (ग) रिक्‍त पदों की पूर्ति सीधी भर्ती/पदोन्‍नति से करने की सतत् प्रक्रिया है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

वनाधिकार के लंबित आवेदन

16. ( *क्र. 3851 ) श्री वीरसिंह पंवार : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले के विकासखण्‍ड सिलवानी, बेगमगंज में फरवरी, 2016 की स्थिति में कितने वनाधिकार (वन भूमि के पट्टे) के आवेदन पत्र कब से किस स्‍तर पर क्‍यों लंबित हैं? (ख) उक्‍त विकासखण्‍डों में किन-किन आदिवासियों के वनाधिकार पत्र के आवेदन पत्र ग्राम सभा उपखण्‍ड स्‍तरीय समिति द्वारा क्‍यों अस्‍वीकृत किये गये? (ग) उक्‍त विकासखण्‍डों में सामुदायिक वन संसाधनों/दावों से संबंधित ग्राम सभा द्वारा पारित किन-किन दावों को क्‍यों व किसने अस्‍वीकृत किया? प्रकरणवार कारण बतायें। इस संबंध में अस्‍वीकृत करने वाले अधिकारी को उक्‍त अधिनियम की किस धारा में अधिकार है? प्रति दें। (घ) उक्‍त प्रकरणों के संबंध में 1 जनवरी, 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक मान. मंत्रीजी तथा विभाग के अधिकारियों को किन-किन विधायकों के पत्र कब-कब प्राप्‍त हुए तथा उन पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-तीन अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-चार अनुसार है।

शैक्षणिक सत्र के दौरान किये गये स्‍थानांतरण

17. ( *क्र. 390 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन की स्‍थानांतरण नीति के अनुसार शैक्षणिक सत्र के समय स्‍थानांतरणों पर रोक के दौरान स्‍थानांतरण न किये जाने का प्रावधान है? (ख) क्‍या शैक्षणिक सत्र 2015-16 में विधानसभा क्षेत्र पनागर में स्‍थानांतरणों पर रोक के बावजूद भी शैक्षणिक सत्र के समय स्‍थानांतरण किये गये हैं? (ग) यदि शैक्षणिक सत्र के दौरान स्‍थानांतरण किये जाते हैं तो क्‍या शैक्षणिक कार्य प्रभावित नहीं होगा एवं ऐेसे स्‍थानांतरण करने के लिए दोषी अधिकारी पर कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) प्रावधान पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट की कंडिका 10 में निहित प्रावधानों के अनुसार स्‍थानांतरण किये गये हैं। (ग) जी नहीं। प्रश्‍नांश '''' के उत्‍तर के प्रकाश में शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

कन्‍या हायर सेकेण्‍डरी के लिये पृथक भवन व्‍यवस्‍था

18. ( *क्र. 2528 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यानसिंह सोलंकी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कस्‍बा बैडिया की आबादी लगभग 10,000 से अधिक एवं आसपास ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण बेडिया में वर्तमान में हायर सेकेण्‍डरी का संचालन छात्र एवं छात्राओं के लिये एक ही भवन में हो रहा है? यदि हाँ, तो क्‍या कस्‍बा बैडिया में कन्‍याओं के लिये पृथक से भवन की स्‍वीकृति के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा विभागीय स्‍तर पर कार्यवाही की गई थी? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार यदि हाँ, तो कस्‍बा बैडिया में कन्‍या हायर सेकेण्‍डरी भवन के लिये पृथक से क्‍या व्‍यवस्‍था की गई है? यदि नहीं की गई तो क्‍यों क्‍या कारण रहें है? नवीन पृथक भवन कब तक स्‍वीकृत हो जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ प्रश्नाधीन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैडिया में सह-शिक्षा होने से छात्र-छात्राएं साथ-साथ अध्ययन करते हैं। विभाग द्वारा इस विद्यालय में कन्याओं के लिए पृथक से भवन निर्माण की कोई योजना विचाराधीन नहीं है। (ख) उत्‍तरांश के प्रकाश में प्रश्नांश उद्भूत नहीं होता।

ग्रामीण उद्यान विस्‍तार अधिकारियों को क्रमोन्नति का लाभ

19. ( *क्र. 1438 ) श्री महेन्‍द्र केशर सिंह चौहान : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) उद्यानिकी विभाग जिला बै‍तूल में कितने ग्रामीण उद्यान विस्‍तार अधिकारियों के पद स्‍वीकृत हैं? (ख) ऐसे कितने ग्रामीण उद्यान विस्‍तार अधिकारी हैं, जिन्‍हें 10 वर्षों, 16 वर्षों एवं 24 वर्षों की सेवा पूर्ण होने पर क्रमश: प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय क्रमो‍न्‍नति का लाभ दे दिया है? सूची उपलब्‍ध करावें। (ग) यदि प्रश्‍नांश (ख) अनुसार क्रमोन्‍नति‍ का लाभ नहीं दिया गया है, तो कब तक इन्‍हें लाभ दिया जावेगा?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जिला बैतूल के अधीन 32 ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी के पद स्वीकृत हैं। (ख) 14 ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारियों को 10 एवं 20 वर्षों की सेवा पूर्ण होने पर क्रमशः प्रथम एवं द्वितीय क्रमोन्नति एवं द्वितीय समयमान का लाभ दे दिया गया है। सूची संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) नियमानुसार समयावधि पूर्ण होने पर लाभ दिया जावेगा। 

परिशिष्ट - ''पाँच''

पिछड़ा वर्ग के छात्रावासों की स्‍वीकृति

20. ( *क्र. 2887 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) महिदपुर वि.स. क्षेत्र में कितने श्रम विद्यालय संचालित हैं? यदि नहीं हैं तो कब तक प्रारंभ किये जाएंगे? (ख) महिदपुर वि.स. क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग छात्रावास कब तक स्‍वीकृत कर दिया जाएगा? (ग) उज्‍जैन जिले में कितने श्रम विद्यालय एवं पिछड़ा वर्ग छात्रावास संचालित हो रहे हैं? विधानसभा क्षेत्रवार बतावें।

श्रम मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) महिदपुर विधानसभा क्षेत्र में राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना अंतर्गत वर्तमान में कोई विद्यालय संचालित नहीं है। उज्जैन जिले में राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना का प्रस्ताव भारत शासन को भेजा गया है। भारत शासन से स्वीकृति प्राप्त होने तथा सर्वेक्षण में बाल श्रमिक पाये जाने पर आगामी कार्यवाही की जावेगी। (ख) शासन स्तर से कार्यवाही अपेक्षित। (ग) श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा उज्जैन जिले के लिए संचालित राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना अंतर्गत उज्जैन उत्तर/दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में 32 तथा नागदा विधानसभा क्षेत्र में 6 बाल श्रमिक विद्यालय संचालित थे। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार जून, 2014 में सभी बच्चों को मुख्य धारा के विद्यालयों में प्रवेशित कराया जा चुका है। अतः वर्तमान में बाल श्रमिक विद्यालय संचालित नहीं हो रहे हैं। उज्जैन जिले के उज्जैन दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा दो छात्रावास संचालित हैं। अन्य किसी भी विधानसभा क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग छात्रावास संचालित नहीं हैं।

आरक्षित वर्ग के हितग्राहियों को विद्युत कनेक्‍शन

21. ( *क्र. 209 ) श्री कैलाश चावला : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2014-15 में जिला संयोजक, आदिम जाति कल्‍याण विभाग जिला नीमच को अनुसूचित जन जाति व अनुसूचित जाति के कितने हितग्राहियों द्वारा विद्युत पम्‍प ऊर्जीकरण हेतु प्रार्थना पत्र प्राप्‍त हुए? (ख) उक्‍त प्रस्‍ताव में से दिनांक 31.12.2015 तक कितने प्रस्‍ताव जिला संयोजक आदिम जाति कल्‍याण विभाग द्वारा आयुक्‍त के माध्‍यम से प्रेषित किए गए? (ग) प्रश्‍न दिनांक तक कितने आवेदन को स्‍वीकृत कर राशि का आवंटन कर दिया गया है एवं हितग्राहियों को विद्युत कनेक्‍शन प्राप्‍त हो चुके हैं?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''छ: ''

अ.जा. वर्ग के छात्रों को विदेश अध्‍ययन छात्रवृत्ति योजना का लाभ

22. ( *क्र. 1429 ) श्री अनिल फिरोजिया : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के छात्रों को उच्‍च शिक्षा हेतु विदेश भेजने की क्‍या योजना है? (ख) प्रदेश में योजना प्रारंभ होने से अब तक कितने छात्र लाभांवित हुये? जिलेवार ब्‍यौरा देवें। (ग) योजना के व्‍यापक प्रचार-प्रसार हेतु शासन स्‍तर से क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को उच्‍च शिक्षा हेतु विदेश में स्‍नातकोत्‍तर स्‍तर के पाठ्यक्रमों शोध उपाधि (पी.एच.डी.) एवं शोध उपाधि उपरान्‍त अध्ययन की विदेश अध्‍ययन छात्रवृत्ति योजना है। योजना की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) प्रदेश में योजना प्रारंभ वर्ष 2003-2004 से अब तक लाभांवित हुए छात्र-छात्राओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) राज्‍य स्‍तर से समाचार पत्रों तथा जिला स्‍तर से जिले के अंतर्गत आयोजित वि‍भिन्‍न शिविरों के माध्‍यम से एवं महाविद्यालयों तथा पोस्‍टमैट्रिक छात्रावासों के नोटिस बोर्ड पर योजना के नियम निर्देशों का प्रचार-प्रसार किया जाता है। 

ग्‍वालियर जिलांतर्गत स्‍कूलों का उन्‍नयन

23. ( *क्र. 24 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2014 एवं 2015 में जिला ग्‍वालियर के कौन-कौन से शासकीय प्राथमिक विद्यालय/माध्‍यमिक विद्यालय/शासकीय हाईस्‍कूल/शासकीय हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल में उन्‍नयन किये गये? (ख) शासन स्‍तर पर विधानसभा क्षेत्र ग्‍वालियर ग्रामीण के कितने विद्यालयों के प्रस्‍ताव उन्‍नयन हेतु शासन स्‍तर पर लंबित हैं? सूची उपलब्‍ध कराई जाये। (ग) विधानसभा क्षेत्र के लंबित प्रस्‍तावों में से कितने प्रस्‍ताव उन्‍नयन की श्रेणी में आते हैं तथा कितने प्रस्‍ताव उन्‍नयन की श्रेणी में नहीं आते हैं? कारण सहित सूची उपलब्‍ध कराई जाये। (घ) शासन स्‍तर पर लंबित उन्‍नयन के प्रस्‍तावों को कब तक स्‍वीकृत किया जाकर अमल में लाया जावेगा? समय-सीमा बतायें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) प्राथमिक विद्यालय से माध्यमिक विद्यालय में उन्नयन की जानकारी निरंक है। शासकीय माध्यमिक शाला मोतीझील, सेवन्त बटालियन को हाईस्कूल तथा शासकीय हाईस्कूल सुकलहारी को हायर सेकेण्डरी में उन्नयन किया गया है। (ख) वर्ष 2015-16 हेतु उन्नयन हेतु कोई शाला निर्धारित मापदण्ड अनुसार पात्र नहीं है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) एवं (घ) उत्तरांश के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। 

जैन इरिगेशन जलगांव द्वारा अमानक पॉलीहाउस का निर्माण

24. ( *क्र. 3319 ) श्री बाला बच्‍चन : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या रतलाम में महिला कृषक श्रीमती रामकन्‍याबाई शर्मा ने अपने खेत पर निर्मित 2016 वर्ग मीटर के पॉलीहाउस में फरवरी, 2015 में पहली फसल रंगीन शिमला मिर्च (कलर केपीकम) लगाई थी? (ख) क्‍या जैन इरिगेशन जलगांव द्वारा गलत फाउन्‍डेशन पर घटिया सामग्री का पॉलीहाउस बनाने से निर्माण के छ: माह बाद मामूली बरसात में 19 जून, 2015 को फिल्‍म फट गई, जिससे पॉलीहाउस में दो-दो फीट पानी भर गया तथा रंगीन शिमला मिर्च की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई एवं यदि फसल बर्बाद नहीं होती तो 25 से 30 टन उत्‍पादन होता तथा औसत 100 रूपये प्रति किलो के मान से 25 से 30 लाख रूपये प्राप्‍त होते? (ग) क्‍या महिला कृषक की शिकायत पर जाँच समिति ने अपने प्रतिवेदन दिनांक 18.08.15 में बताया कि कंपनी की खराब कार्य कुशलता फिल्‍म को उचित रूप से फिट न करना, गटर की 2 शीट जोड़कर बनाना, फिल्‍म को स्प्रिंग से फिट न करना, आदि के कारण पॉलीहाउस में पानी का रिसाव हुआ है? (घ) यदि (क) से (ग) हाँ तो क्‍या शासन महिला कृषक को हुये नुकसान का मुआवजा दिलायेगा, सही फाउन्‍डेशन का नया पॉलीहाउस का निर्माण करावायेगा तथा जैन इरीगेशन पर कानूनी कार्यवाही करेगा?

 

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) पॉलीहाऊस में कृषकों द्वारा उगाई गई फसलों की जानकारी का संधारण विभाग द्वारा नहीं किया जाता है। (ख) पॉलीहाऊस का निर्माण कृषक द्वारा स्वयं कंपनी का चयन कर हस्ताक्षरित अनुबंध अनुसार कराया गया है। शेष के संन्दर्भ में विभाग जानकारी संधारित नहीं करता है। (ग) जी हाँ। कंपनी द्वारा अपने व्यय पर समस्त सुधार कार्य किया गया है, जिसकी पुष्टि विभागीय अधिकारी से कराई गई है। (घ) कंपनी द्वारा सुधार उपरांत पॉली हाऊस मापदण्ड अनुसार है। फसल नुकसान यदि कोई हुआ हो, तो कृषक सक्षम न्यायालय में वाद प्रस्तुत कर सकता है।

इंदौर जिले के महाविद्यालयों में छात्रवृत्ति वितरण

25. ( *क्र. 805 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदौर जिले में निजी इंजीनियरिंग/नर्सिंग/एम.बी.ए./ सभी विषयों के ग्रेजुएट एवं पोस्‍ट ग्रेजुएट कॉलेजों के द्वारा 01.04.2013 से प्रश्‍न तिथि तक किस-किस नाम/पते वाले छात्रों एवं छात्राओं को कितनी-कितनी छात्रवृत्ति किस-किस प्रकार की कब-कब दी? (ख) क्‍या छात्रों को छात्रवृत्ति की राशि उनके बैंकों के एकाउन्‍ट में शासन द्वारा दी? क्‍या कॉलेजों के एकाउन्‍ट में छात्रवृत्ति की राशि शासन द्वारा दी गयी? (ग) छात्रवृत्ति देने के राज्‍य शासन के क्‍या नियम हैं? नियमों की एक प्रति उपलब्‍ध कराते हुये बतायें कि क्‍या छात्रवृत्ति शासन कॉलेजों के एकाउण्‍ट में नियमानुसार दे सकता है? अगर नहीं तो किस नाम/पदनाम के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जायेगी? (घ) कितनी-कितनी राशि शासन द्वारा वित्‍तीय वर्ष 13-14, 14-15, 15-30 जनवरी 2016 तक में प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित कॉलेजों के छात्रों को दी गयी? राशिवार/ छात्रसंख्‍यावार/कालेजवार/वर्षवार/माहवार जानकारी दें।

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) इंदौर जिले में प्रश्नांश में दर्शाये पाठ्यक्रमों में कालेजों के द्वारा दिनांक 01/04/2013 से प्रश्न तिथि तक अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्र/छात्राओं को छात्रवृत्ति राशि वितरित की गई।

 

क्र.

वर्ष

छात्र संख्‍या

राशि लाख में

1.

2013-14

4423

1203.12

2.

2014-15

3783

1084.20

3.

2015-16

591

193.08


 

वर्ष 2015-16 का वितरण प्रक्रियाधीन है। विद्यार्थीवार राशि की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) शासन आदेशानुसार वर्ष 2013-14 में दिनांक 09/12/2013 के पूर्व विद्यार्थियों के खाते में जीवन निर्वाह भत्ता एवं संस्था के शिक्षण शुल्क का भुगतान किया गया। वर्ष 2013-14 में 09/12/2013 के पश्चात संपूर्ण स्वीकृत राशि (निर्वाह भत्ता एवं शिक्षण शुल्क सहित) का भुगतान विद्यार्थियों के बैंक खातों में किया गया। (ग) आदिम जाति कल्याण विभाग का पत्र क्रमांक एफ-12-2/99/25-2/935 दिनांक 07/07/2014 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। छात्रवृत्ति का भुगतान शासन नियमानुसार किया गया है। अतः किसी नाम /पदनाम के विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

 

 

 


 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर

अशोकनगर जिले में गांवों में हैण्‍डपंप लगाना

1. ( क्र. 7 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जनवरी, 2016 में प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा प्रमुख सचिव, मुख्‍य अभियंता जिलाधीश व लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग के अशोकनगर जिले के अधिकारियों को जिले में गिरते हुए भू-जल स्‍तर के कारण अभी से अधिकांश नलकूप सूखने से आगामी महीनों में मनुष्‍यों व पशुओं को जर्बदस्‍त पीने के पानी के संकट के संदर्भ में हैण्‍डपंप मैकेनिकों व स्‍टॉफ की संख्‍या व गाड़ी, मोटरसाईकिल बढ़ाने तथा नीचे से पानी ऊपर खींचने के लिये विद्युत मोटर देने की योजना के लिये पत्र लिखा था? यदि हाँ, तो शासन ने क्‍या कार्यवाही की है? (ख) प्रश्‍नकर्ता ने किस-किस गांव के लोगों के हैण्‍डपंप लगाने के आवेदनों को पिछले एक वर्ष में विभाग के अशोकनगर जिले व भोपाल स्‍तर के अधिकारियों को अग्रेषित किये? उसमें से कितने व किस गांव में हैण्‍डपंप लग गये हैं व सुधर गये हैं व आगामी योजना क्‍या है?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

प्रदेश में रेशम विभाग की भूमि, भवन का रख-रखाव

2. ( क्र. 8 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) रेशम विभाग की कितनी भूमि व भवन अशोक नगर जिले में है व उनकी क्‍या स्थिति है? (ख) रेशम संचालनालय में विभाग स्‍तर पर जाँच में इस वर्ष कितनी अनियमितताएँ आदि पाई गई व लोकायुक्‍त को शिकायतें की गई? गड़बडि़यों की अनुमानित राशि कितनी थी? (ग) मुंगावली तहसील के भवन जो रेशम विभाग का है को पंचायत को सौंपने पर शासन विचार करेंगा? (घ) बहादुरपुर में रेशम विभाग का भवन जीर्णशीर्ण होकर गिरने की स्थिति में है क्‍या विभाग मरम्‍मत व रख-रखाव कर पंचायत को सौंपेगा?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) अशोकनगर जिले में रेशम केन्द्र पचलाना में 12.50 एकड़ भूमि तथा 4 भवन अच्छी स्थि‍ति में है। रेशम केन्द्र खिरियादेवत में 25 एकड़ भूमि एवं 1 भवन मरम्मत योग्य है। अतरेजी रेशम केन्द्र में 25 एकड़ भूमि तथा भवन मरम्मत योग्य है। (ख) रेशम संचालनालय में अनियमितताओं के संबंध में प्राप्त शिकायतों का प्रारंभिक परीक्षण कराया गया। उक्त कार्यों की जाँच हेतु विभागीय पत्र दिनांक 6/10/2015 से लोकायुक्त म.प्र. को लिखा गया है। उप संचालक स्तर के एक अधिकारी के विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित की गई है तथा 3 फील्ड ऑफिसर स्तर के कर्मचारियों को आरोप पत्र जारी किये गये है। जाँच उपरांत ही गड़बडि़यों की राशि का आंकलन संभव हो सकेगा। (ग) मुंगावली तहसील के रेशम केन्द्र का भवन एवं भूमि केन्द्र बंद होने के पश्चात कलेक्टर गुना के द्वारा जिला पंचायत गुना को हस्तांतरित किये जाने का आदेश जारी किया जा चुका है। उक्त भवन में प्राथमिक विद्यालय संचालित है। (घ) बहादुरपुर में रेशम विभाग का कोई भूमि भवन नहीं है। अत: प्रश्न उपस्थित नहीं होता। 

सिंगरौली जिले में सत्र न्‍यायालय कक्ष के निर्माण हेतु बजट आवंटन

3. ( क्र. 53 ) श्री राम लल्लू वैश्य : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या कि जिला सिंगरौली में जिला एवं सत्र न्‍यायालय भवन का निर्माण कराया जाना है? (ख) यदि हाँ, तो इस संबंध में क्‍या बजट स्‍वीकृत किया गया है? (ग) यदि नहीं, तो कब तक में भवन निर्माण का कार्य पूर्ण कराया जा सकेगा?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। (ग) निश्चित समय अवधि बताया जाना संभव नहीं।

इन्‍दौर, उज्‍जैन संभाग में घटिया पॉली हाउस का निर्माण

4. ( क्र. 126 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) इन्‍दौर, उज्‍जैन संभाग में उद्यानिकी विभाग द्वारा 1 जनवरी 2013 के पश्‍चात कितने कितने पॉली हाउस किस-किस स्‍थल पर किस-किस कृषक के यहां किस-किस कंपनी द्वारा लगाए गये कंपनी के नाम, कृषक का नाम, संपूर्ण पॉली हाउस की लागत राशि की जानकारी दें? (ख) उक्‍त लगाये गये पॉली हाउस में कितने कृषकों द्वारा घटिया पॉली हाउस निर्माण की शिकायत विभाग में दर्ज कराई? शिकायतकर्ता का नाम, कंपनी का नाम तथा की गई कार्यवाही से अवगत करायें? (ग) क्‍या अधिकारियों की मिली भगत से पॉली हाउस निर्माण कंपनी द्वारा 25 लाख से अधिक राशि कृषकों से वसूलने के बावजूद घटिया पॉली हाउस का निर्माण किया गया तथा कृषक की शिकायत के बाद सिर्फ छोटी मोटी रिपेयरिंग कर अधिकारियों द्वारा कंपनी को क्‍लीन चिट दी गई। यदि हाँ, तो ऐसे अधिकारियों के खिलाफ विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई। (घ) इन्‍दौर, उज्‍जैन संभाग में भारी मात्रा में घटिया पॉली हाउस के निर्माण को लेकर विभाग कोई कमेटी बनाने का विचार कर रहा है? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो कृष‍कों को न्‍याय दिलाने के लिये शासन की क्‍या नीति है।

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) 1 जनवरी 2013 के पश्चात् निर्मित घटिया पॉली हाउस के शिकायत निम्न 02 कृषको द्वारा की गई है।

 

क्र.

जिला

शिकायतकर्ता का नाम

कंपनी का नाम

की गई कार्यवाही

1.

खण्डवा

मुकेश मांगीलाल

बालाजी होर्टीकल्चर प्रोडक्ट हाउस

कंपनी द्वारा सुधार कार्य कर दिया गया है।

2.

रतलाम

रामकन्या बाई

जैन इरीगेशन जलगांव महाराष्ट्र

कंपनी द्वारा सुधार कार्य कर दिया गया है।

 

(ग) जी नहीं। पॉली हाउस का निर्माण कृषक द्वारा स्वयं निर्माता कंपनी का चयन कर कंपनी के साथ अनुबंध कर मापदण्ड अनुसार कराया जाता है। कृषक द्वारा संतुष्टि प्रमाण पत्र देने के पश्चात ही विभाग द्वारा अनुदान राशि कृषक के खाते में दी जाती है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं पॉली हाउस के निर्माण में गुणवत्ता को बढ़ाने हेतु निर्माता कंपनियों का केन्द्रीकृत पंजीयन इस वर्ष से प्रारंभ किया गया है और उनसे परफारमेंस गारंटी जमा कराई गई है, जिससे घटिया कार्य करने पर कार्यवाही की जा सके।

परिशिष्ट ''सात''

1998 शिक्षाकर्मियों को तीन वेतन वृद्धि लाभ में भिन्‍नता

5. ( क्र. 127 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा 1998 में नियुक्‍त शिक्षाकर्मियों को परिवीक्षा अवधि (प्रोबेश्‍नरी पीरियड) तीन वेतन वृद्धि का लाभ नहीं दिये जाने के निर्देश दिये हैं? यदि हाँ, तो आदेश की प्रतिलिपि उपलब्‍ध कराएं? (ख) क्‍या मंदसौर जिले में वर्ष 1998 में नियुक्‍त शिक्षाकर्मियों का माननीय न्‍यायालय के आदेश के उपरांत उक्‍त तीन वेतन वृद्धि का लाभ दे दिया गया? यदि हाँ, तो मंदसौर जिले के कितने शिक्षाकर्मियों को उक्‍त लाभ से वंचित किया गया है? सूची सहित जानकारी दें? (ग) क्‍या मंदसौर जिले के सभी शिक्षाकर्मियों को तीन वेतन वृद्धि का लाभ दे दिया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों? जानकारी दें? (घ) यदि वर्ष 1998 में नियुक्‍त शिक्षाकर्मियों को तीन वेतन वृद्धि का लाभ की पात्रता नहीं है तो क्या जिन शिक्षाकर्मियों को उक्‍त लाभ मन्‍दसौर जिले में दिया गया है उनसे वसूली की कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो कब जानकारी दें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है (ख) जी हाँ। शेषांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (ग) जी नहीं। नियमानुसार पात्रता नहीं होने के कारण। (घ) जी नहीं। माननीय उच्‍चतम न्‍यायालय के निर्णय के अनुक्रम में शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

खण्‍डवा में शौचालय निर्माण में अनियमितता

6. ( क्र. 172 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खण्‍डवा नगरीय क्षेत्र में विगत दो वर्षों में सर्व शिक्षा अभियान के तहत कितने स्‍कूलों में शौचालयों का निर्माण कराया गया है? कितने शौचालयों की मरम्‍मत की गई? दोनों पर व्‍यय की वर्षवार राशि पृथक-पृथक बताएं? (ख) क्‍या विभाग द्वारा बिना कोई सर्वे किए एवं स्‍थानीय जनप्रतिनिधियों के सलाह के शौचालयविहीन स्‍कूलों को छोड़कर कई स्‍कूलों में डबल/अतिरिक्‍त शौचालय बना दिये गए हैं? (ग) स्‍वच्‍छता मिशन के तहत अब तक कितने शौचालयों का निर्माण किया गया? क्‍या उनमें पानी की व्‍यवस्‍था का प्रावधान रखा गया था? यदि नहीं, तो क्‍यों? इन निर्माण कार्यों की नोडल एंजेसी एवं कार्य एंजेसी कौन है? (घ) शौचालय निर्माण जैसे महत्‍वपूर्ण कार्यों में लापरवाही के लिए कौन जिम्‍मेदार है? क्‍या भविष्‍य में विभाग द्वारा कार्ययोजना बनाकर शौचालय निर्माण किये जाएंगे?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) खण्डवा नगरीय क्षेत्र में सर्व शिक्षा अभियान अंतर्गत वर्ष 2014-15 में 07 शौचालयों का निर्माण 04 प्राथमिक एवं 03 माध्यमिक शालाओं में कराया गया है। वर्ष 2015-16 में नगरीय क्षेत्र में सर्व शिक्षा अभियान के तहत् प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में शौचालयों का निर्माण नहीं कराया गया है। सर्व शिक्षा अभियान के तहत् शौचालयों की मरम्मत नहीं की गयी। 2014-15 में 07 शौचालयों की स्वीकृत राशि 8.036 लाख के विरूद्ध राशि 7,737/- लाख व्यय किया गया है। (ख) जिले के प्रत्येक स्कूल के डाईस डाटा के सर्वे के आधार पर शौचालयों की आवश्यकता वाले शालाओं को चिहिन्त किया गया। विभाग द्वारा स्कूलों में आवश्यकता से अधिक शौचालय नहीं बनायें गये है। (ग) स्वच्छता मिशन के तहत् खण्डवा जिले में शौचालय की जानकारी निम्नानुसार हैः-

क्र.

वर्ष

संख्या

मद

नोडल एजेंसी

कार्य एजेंसी

1

2014-15

183

सर्व शिक्षा अभियान

जिला शिक्षा केन्द्र

शाला प्रबंधन समिति

2

2015-16

15

स्वच्छता कोष

जिला शिक्षा केन्द्र

शाला प्रबंधन समिति

3

2015-16

257

राज्य मद

जिला शिक्षा केन्द्र

शाला प्रबंधन समिति

4

2015-16

75

सांसद मद

जिला शिक्षा केन्द्र

शाला प्रबंधन समिति

5

2015-16

12

सार्वजनिक उपक्रम

जिला शिक्षा केन्द्र

शाला प्रबंधन समिति

6

2015-16

76

सार्वजनिक उपक्रम

एन.टी.पी.सी.

पी.एस.यू द्वारा निर्मित

7

2015-16

43

सार्वजनिक उपक्रम

पॉवर ग्रिड कॉर.

पी.एस.यू द्वारा निर्मित

 सर्व शिक्षा अभियान अंतर्गत के तहत् शौचालयों मे पानी की टंकी का प्रावधान रखा गया है। (घ) शौचालय निर्माण में लापरवाही नहीं हुई है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। 

मनासा विधानसभा अंतर्गत आदिम जाति गांवों के विकास

7. ( क्र. 212 ) श्री कैलाश चावला : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय मंत्री आदिम जाति कल्‍याण विभाग को मनासा विधानसभा क्षेत्र के 80 से 100 प्रतिशत आदिम जाति की आबादी के गांवों के विकास हेतु कुछ प्रस्‍ताव पत्र क्रमांक 190 दिनांक 28.06.2015 के संलग्‍न प्राक्‍कलन सहित प्रे‍षित किए गए थे? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्नांश (क) में प्राप्‍त प्रस्‍तावों पर प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? कितनी राशि का आवंटन हुआ है? यदि राशि का आवंटन नहीं हुआ है, तो कारण बतावें? यह आवंटन कब तक कर दिया जावेगा?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) स्वीकृति योग्य निम्न कार्य स्वीकृत किये गये हैं :-

क्र.

स्वीकृत कार्य का नाम

स्वीकृत राशि

1

ग्राम बिलवास, आदिवासी बस्ती में सी.सी.रोड निर्माण

2.695 लाख

2

ग्राम बंजारी, आदिवासी बस्ती में सी.सी.रोड निर्माण

2.72 लाख

सीमित वित्तीय संसाधन के कारण शेष प्रस्तावों के सम्बन्ध में समय-सीमा निर्धारित करना संभव नहीं है। 

व्‍यवहार न्‍यायालय (लिंक कोर्ट) का शुभारंभ

8. ( क्र. 234 ) श्री मोती कश्यप : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या मा. मध्‍यप्रदेश उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर द्वारा जिला कटनी की तहसील ढीमरखेड़ा में दिनांक 15.04.2015 को व्‍यवहार न्‍यायालय (लिंककोर्ट) का शुभारंभ किया जाना सुनिश्चित किया गया था? (ख) क्‍या किन्‍हीं आपत्तियों पर मा. मध्‍यप्रदेश उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर ने प्रश्नांश (क) की शुभारंभ स्थगित कर दी थी? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍नकर्ता की विधायक क्षेत्र विकास निधि से भवन का जीर्णोद्धार करा दिये जाने पर मा.डिस्ट्रिक जज कटनी द्वारा दिनांक 05.12.2015 को निरीक्षण किया गया है एवं भवन को संतोषजनक पाया गया है? (घ) प्रश्‍नागत न्‍यायालय को कब तक प्रारंभ करा दिया जावेगा?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

प्राचार्य की नियम विरूद्ध पदस्‍थापना का निरस्‍तीकरण

9. ( क्र. 235 ) श्री मोती कश्यप : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पं. लज्‍जाशंकर झा शा. मॉडल उ.मा. उत्‍कृष्‍ट विद्यालय जबलपुर में दिनांक 02.03.2015 को हाईस्‍कूल प्राचार्य की पदोन्‍नति उपरान्‍त बिना 07 वर्ष अनुभव के सीधे प्राचार्य, मॉडल उ.मा. उत्‍कृष्‍ट विद्यालय के पद पर पदस्‍थ किया गया है? (ख) क्‍या कलेक्‍टर एवं अध्‍यक्ष, उत्‍कृष्‍ट विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति जिला जबलपुर ने अपने पत्र दिनांक 26.02.2015 द्वारा विभागीय निर्देशों के अनुरूप किन पात्र नामों को अपर मुख्‍य सचिव, स्‍कूल शिक्षा को प्रस्‍तावित किया गया है? (ग) प्रश्नांश (क) पदस्‍थ व पदोन्‍नत प्राचार्य और प्रश्‍नांश (ख) के प्रस्‍तावित प्राचार्यों की विभागीय निर्देशों अनुसार तुलनात्‍मक योग्‍यतायें और वरीयतायें क्‍या हैं? (घ) क्‍या प्रश्नांश (क) के अपात्र की पदस्‍थी निरस्‍त कर कलेक्‍टर/अध्‍यक्ष के पत्र दिनांक 26.02.2015 द्वारा प्रस्‍तावित नामों में से प्रश्‍नांश (ग) के पात्र को प्राचार्य पद पर पदस्‍थ किया जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) जिला स्‍तरीय उत्‍कृष्‍ट विद्यालयों हेतु जारी मार्गदर्शिका में प्राचार्य का चयन हेतु राज्‍य स्‍तर पर प्रमुख सचिव, स्कूल शिक्षा/आयुक्त लोक शिक्षण की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाता है। प्रशासकीय दृष्‍टि से श्रीमती वीणा बाजपेयी को प्राचार्य के पद पर पदस्थ किया गया है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्‍नांश "ग" के उत्तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

क्रमोन्‍नति वेतनमान की स्‍वीकृति

10. ( क्र. 269 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग की क्रमोन्‍नती योजना के तहत भोपाल संभाग अंतर्गत विदिशा जिले में प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित 12/24 वर्ष की सेवा पूर्ण करने के उपरांत कितने सहायक शिक्षक, शिक्षक, व्‍याख्‍याता प्राचार्य हाईस्‍कूल/हा.से. को क्रमोन्‍नति वेतनमान का लाभ दिये जाने हेतु वर्ष 2014-15 में आदेश जारी कर दिये गये है, कितने शेष हैं? शेष के आदेश कब तक जारी किये जावेंगे? शेष प्रकरणों कारण बतावें? (ख) प्रश्नांश (क) में स्‍वीकृति क्रमोन्‍नति पर कितने प्रकरणों में एरियर्स भुगतान किया जाना शेष है? शेष का क्या कारण है? कब तक भुगतान किया जावेगा? (ग) विदिशा जिले के गंजबासौदा एवं ग्‍यारसपुर विकासखण्‍ड में ऐसे कितने प्रकरण हैं जिन्‍हें न्‍यायालयीन निर्णय के क्रम में लाभ दिये जाने हेतु स्‍वीकृति जारी की गई है, क्‍या स्‍वीकृति उपरांत सभी का वेतन निर्धारण होकर वास्‍तविक रूप से एरियर्स का भुगतान हो चुका है या नहीं? यदि नहीं, तो इसके लिये कौन दोषी है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। शेष लोक सेवकों को क्रमोन्नत वेतनमान दिये जाने की कार्यवाही प्रचलन में हैं। क्रमोन्नत वेतनमान एक सतत् प्रक्रिया है, निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) किसी लोक सेवक का एरियर्स भुगतान शेष नहीं है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) 30 प्रकरण हैं। जी हाँ। जी हाँ। शेषांश का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट ''आठ''

छात्रवृत्ति का भुगतान

11. ( क्र. 270 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या स्‍कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत शासकीय, अशासकीय, माध्‍यमिक शाला, हाईस्‍कूल एवं हा.से. में अध्‍ययनरत छात्र-छात्राओं को शासन योजना अंतर्गत समय-सीमा में छात्रवृत्ति भुगतान किये जाने का प्रावधान है? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, है तो विदिशा जिले अंतर्गत शासकीय एवं अशासकीय स्‍कूलों में वर्ष 2013-14 एवं 2014-15 में कितने छात्र दर्ज हुए कितने छात्रवृत्ति पात्रता रखते थे कितनों को छात्रवृत्ति का भुगतान हो चुका है कितने शेष रहे, शेष का क्‍या कारण है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ऐसे कितने छात्र हैं जिन्‍हें 1-2 वर्षों से छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं किया गया है, इसका मुख्‍य कारण क्‍या है? इसके लिये कौन दोषी है, भुगतान कब तक किया जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट पर है। शेष रहे छात्रों को शिक्षा विभाग द्वारा ऑनलाईन स्वीकृति उपरांत छात्रवृत्ति भुगतान की कार्यवाही श्रम विभाग द्वारा की जानी है। (ग) वर्ष 2014-15 के 522 छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति भुगतान की कार्यवाही श्रम विभाग द्वारा की जा रही है। शिक्षा विभाग द्वारा ऑनलाईन छात्रवृत्ति स्वीकृति उपरांत भुगतान श्रम विभाग द्वारा परीक्षण उपरांत किया जाता है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। 

छात्रावास/आश्रमों हेतु सामग्री का क्रय

12. ( क्र. 328 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले की धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र में विभाग अंतर्गत संचालित किन-किन छात्रावास, आश्रमों के छात्र/छात्राओं के उपयोग के लिये विगत तीन वर्षों में पलंग, बिस्‍तर आदि आवश्‍यक सामग्री किन-किन फर्मों से किस-किस दर पर क्रय की गई है, संस्‍थावार बतावें? (ख) शासन द्वारा सामग्री क्रय की राशि छात्र/छात्राओं के खातों में जमा करवाने के बावजूद किन संस्‍थाओं द्वारा एक ही संस्‍थान से सामग्री क्रय की गई है, तथा किस दर पर, संस्‍थावार, सामग्रीवार बतावें?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) धार जिले की धरमपुरी विधान सभा क्षेत्र में विभाग द्वारा संचालित छात्रावास/आश्रमों के छात्र/छात्राओं के उपयोग के लिये विगत वर्ष 2012-13 एवं वर्ष 2013-14 में पलंग, बिस्तर आदि आवश्यक सामग्री जिला स्‍तर से संस्थाओं/ईकाई से क्रय की गई हैा विवरण संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार हैं।  वर्ष 2014-15 में नवीन क्रय नीति अनुसार छात्रावास/आश्रमों में लगने वाली आवश्यक सामग्री पालक समि‍ति एवं विद्यार्थी द्वारा क्रय की गई सामग्री का विवरण संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार हैं।

परिशिष्ट ''नौ''

कृ‍षकों को अनुदान

13. ( क्र. 329 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या विभाग द्वारा टपक सिंचाई योजना, टिशुकल्‍चर, फल व औषधी हेतु अनुदान दिया जाता है? (ख) यदि हाँ, तो धार जिले में विगत 3 वर्षों में उपरोक्‍त मदों में कितना-कितना अनुदान वितरित किया गया, अनुदान वितरण के क्‍या मापदण्‍ड हैं, तथा कितने कृषकों के प्राप्‍त आवेदन पत्रों में से कितनों को अनुदान दिया गया? (ग) धरमपुरी विधान सभा क्षेत्र के कृषकों की संख्‍या एवं रकबा कम होने का कारण बतावें?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र में विगत तीन वर्षों में क्रमशः 2160 हेक्टयर, 2232 हितग्राही संख्या क्रमशः 440, 501 एवं 559 होने से कृषकों की संख्या एवं रकबा कम होने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट ''दस''

हैण्‍डपम्‍प स्‍थापना

14. ( क्र. 391 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या प्रत्‍येक वर्ष हैण्‍डपम्‍प स्‍थापित करने के लक्ष्‍य निर्धारित किये जाते हैं? (ख) यदि हाँ, तो 13-14, 14-15 एवं 15-16 में पनागर विधानसभा क्षेत्र में कितना लक्ष्‍य था एवं लक्ष्‍य के विरूद्ध कितने हैण्‍डपम्‍प स्‍थापित किये गये? ग्रामवार सूची दें? (ग) क्‍या हैण्‍डपम्‍पों के सुधार हेतु विभाग में अलग से बजट का प्रावधान रखा जाता है? (घ) यदि हाँ, तो पनागर विधान सभा क्षेत्र में वर्ष 13-14, 14-15 एवं 15-16 में कितने हैण्‍डपम्‍प सुधारे गये? ग्रामवार जानकारी देवें?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। (ख) लक्ष्य विधानसभा क्षेत्रवार निर्धारित नहीं किये जाते हैं, प्रश्नाधीन अवधि में, विधानसभा क्षेत्र पनागर में स्थापित किये गये हैण्डपंपों की ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 के अनुसार है। (ग) जी हाँ। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 के अनुसार है।

भवन विहीन विद्यालय

15. ( क्र. 400 ) श्री संजय शर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले के विकासखण्‍ड बेगमगंज एवं सिलवानी में कौन-कौन से हाईस्‍कूल तथा हायर सेकण्‍डरी स्‍कूल भवनविहीन हैं तथा क्‍यों? भवन स्वीकृति के संबंध में विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही की जा रही है? (ख) उक्‍त विकासखण्‍डों में संचालित हाई स्‍कूल तथा हायर सेकण्‍डरी स्‍कूलों को वर्ष 2011-12 से प्रश्‍न दिनांक तक फीस एवं अन्‍य योजनाओं में कितनी राशि प्राप्‍त हुई? (ग) उक्‍त राशि से किस-किस विद्यालय में क्‍या-क्‍या कार्य कराये तथा कितनी राशि अन्‍य किन-किन कार्यों में व्‍यय की गई? (घ) फरवरी 2016 की स्थिति में किस-किस विद्यालय के पास कितनी राशि उपलब्‍ध है? छात्र-छात्राओं के हित में उक्‍त राशि व्‍यय क्‍यों नहीं की गई?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) स्व-भवनविहीन स्कूलों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। उक्त स्कूल भवनों का निर्माण हेतु विगत वर्ष की वार्षिक कार्ययोजना में प्रस्तावित कर भारत सरकार को भेजा गया था। जिसकी स्वीकृति प्राप्‍त नहीं हुई। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) एवं (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

नागदा में ए.डी.जी. कोर्ट की स्‍थापना

16. ( क्र. 428 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या नागदा शहर में विगत कई वर्षों से ए.डी.जी. कोर्ट खोलने की मांग होती रही है? (ख) ए.डी.जी. कोर्ट खोलने की कार्यवाही किस स्‍तर पर चल रही है? (ग) नागदा में ए.डी.जी. कोर्ट कब तक खोल दिया जावेगा? यदि इसमें कोई दिक्‍कत आ रही है तो कारण सहित अवगत करावें?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। (ख) ए.डी.जे. कोर्ट खोलने की कार्यवाही शासन स्तर पर चल रही है। (ग) निश्चित समय अवधि बताया जाना संभव नहीं है। नागदा में ए.डी.जे. कोर्ट खोलने हेतु उच्च न्यायालय की अनुशंसा के अनुसार आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपयुक्त न्यायालय भवन, न्यायाधीश का आवासगृह, न्यायाधीश एवं स्टॉफ के पदों की स्वीकृति एवं अन्य न्यायालय मूलभूत सुविधाओं हेतु आवश्यक फण्ड इत्यादि उपलब्ध कराया जाता है। कलेक्टर उज्जैन से प्राप्त जानकारी के अनुसार नागदा में ए.डी.जे. कोर्ट हेतु उपयुक्त भवन तथा न्यायाधीश के निवास हेतु उपयुक्त आवासगृह उपलब्ध नहीं है। नवीन न्यायालय भवन एवं नवीन आवासगृह का निर्माण कराया जाना आवश्यक है। नवीन न्यायालय भवन एवं आवासगृह के निर्माण हेतु उपयुक्त एवं समुचित भूमि उपलब्ध कराने हेतु कलेक्टर उज्जैन को लिखा गया है।

श्रमिकों को 60 वर्ष की उम्र में सेवानिवृत्‍त किया जाना

17. ( क्र. 431 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या 28 जून 2014 को निजी उद्योगों में श्रमिकों की सेवानिवृत्ति की आयु 58 से 60 वर्ष कर दी गई है? यदि हाँ, तो नागदा स्थित ग्रेसिम व अन्‍य उद्योगों से लगभग 170 श्रमिकों को नियम विरूद्ध 58 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्‍त कर दिया गया था? क्‍या इनको वापस सेवा में रखेंगे? (ख) क्‍या दिनांक 22.12.15 को भोपाल में आपकी अध्‍यक्षता में त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित हुई थी तथा सहमति उपरांत चार कर्मचारियों को फिर 58 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्‍त कर दिया गया? इनको रखवाने की क्‍या कार्यवाही प्रचलित है? शासन के नियमों को नहीं मानने पर उद्योग पर क्‍या कार्यवाही की गई?

श्रम मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) जी हाँ। नागदा स्थित ग्रेसिम इण्डस्ट्रीज (स्टेपल फायबर डिवीजन) द्वारा 144 ग्रेसिम इण्डस्ट्रीज (इंजीनियरिंग डेवलपमेन्ट डिवीजन) द्वारा 20 एवं ग्रेसिम इण्डस्ट्रीज (केमिकल डिवीजन) द्वारा 8 कर्मचारियों को इस प्रकार कुल 172 कर्मचारियों को 58 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्ति किया गया है। सेवानिवृत्ति आयु 58 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष करने के विरूद्ध उद्योग द्वारा माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर में रिट पिटीशन क्र. 1417/2015 प्रस्तुत की गयी है। (ख) जी हाँ। दिनांक 22/12/2015 को भोपाल में माननीय श्रम मंत्री महोदय की अध्यक्षता में त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित हुई थी जिसमें दिनांक 22/12/2015 के पश्चात् कर्मचारियों को 58 वर्ष में सेवानिवृत्त नहीं करने के संबंध में सहमति संपन्न हुई थी। इस दिनांक के पश्चात् से ग्रेसिम इण्डस्ट्रीज द्वारा कुल 5 व्यक्तियों को 58 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त किया गया है। जिनमें से 3 श्रमिक एवं अन्य 2 स्टॉफ कर्मी है। वस्तुतः उक्त 3 श्रमिकों की आयु त्रिपक्षीय वार्ता दिनांक 22/12/2015 के पूर्व 58 वर्ष होने के कारण इन्हें सेवानिवृत्त किया गया है। उक्त तीनों श्रमिकों द्वारा औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 के अंतर्गत प्रकरण प्रस्तुत किये गये है। जिनमें नियमानुसार कार्यवाही करते हुये इन्हें अधिनिर्णयार्थ सक्षम न्यायालय को संदर्भित कर दिया गया है। अन्य 2 2 स्टॉफ कर्मियों द्वारा सेवानिवृत्ति के संबंध में कोई आवेदन अथवा शिकायत प्रस्तुत नहीं की गयी है। 

बिना बोर कराए फर्जी भुगतान की जाँच

18. ( क्र. 446 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) 01 अप्रैल 2012 से 31 मार्च 2014 तक मैकेनिकल डिवीजन के अंतर्गत मैकेनिकल मेला उपखण्‍ड भोपाल द्वारा किस-किस स्‍थान पर कितनी-कितनी गहराई तक किस-किस दिनांक को ट्राईलबोर (परीक्षण बोर) किये गये? (ख) उक्‍त परीक्षण बोर करने वाली मशीनों का क्रमांक, डीजल व्‍यय तथा उपयंत्री व ड्रिलिंग स्‍टॉफ का नाम, पद सहित प्रत्‍येक मशीनवार अलग-अलग विवरण दें? (ग) उपरोक्‍त अवधि में परीक्षण बोर पूर्ण करने के बाद सरपंचों द्वारा जारी किए गए प्रमाण पत्रों की छायाप्रतियां उपलब्‍ध कराएं? (घ) क्‍या बिना बोर कराएं फर्जी भुगतान कराएं जाने की जाँच कराई जाएगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) 1 अप्रैल 2012 से 31 मार्च 2014 तक मैकेनिकल संकाय के अंतर्गत मैकेनिकल मेला उपखंड भोपाल द्वारा कोई ट्रायल बोर (परीक्षण बोर) नहीं किये गये हैं। (ख) से (घ) उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

छात्रावासों में सामग्री वितरण की जाँच पर कार्यवाही

19. ( क्र. 496 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर जिले में आदिम जाति अनुसूचित जाति कल्‍याण विभाग के छात्रावासों में सामग्री वितरण के संबंध में संभागीय उपायुक्‍त आदिवासी विकास सागर के पत्र क्र.506 दिनांक 30.05.2015 में बताये गये दोषियों पर प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की है? (ख) क्‍या आयुक्‍त आदिवासी विकास भोपाल द्वारा दोषियों पर कार्यवाही हेतु पत्र क्र. 24149 एवं 24150 दिनांक 10.11.2015 लिखे गये हैं? (ग) यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश (ख) में वर्णित पत्र किसके लिये कार्यवाही हेतु लिखे गये एवं कार्यवाही नहीं की गई? (घ) प्रश्नांश (क) में वर्णित दोषियों पर कौन सक्षम प्राधिकारी कब तक कार्यवाही करेगा?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) संभाग स्‍तर से प्राप्‍त आरोप पत्र तार्किक न होने से अभिलेखों के आधार पर सही आरोप पत्र तैयार कराने हेतु सहायक आयुक्‍त आदिवासी विकास सागर को कार्यालय में आहूत किया गया है, ताकि तथ्‍यपरक आरोप पत्र तैयार किये जा सके। (ख) जी हाँ। (ग) कार्यालयीन पत्र क्रमांक 24149 दिनांक 10.11.15 द्वारा जाँच प्रतिवेदन के आधार पर संभाग स्‍तर व जिला स्‍तरीय दोषी कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही हेतु आयुक्‍त सागर संभाग एवं कलेक्‍टर सागर को लिखा गया है तथा पत्र क्रमांक 24150 दिनांक 10.11.15 द्वारा जाँच प्रतिवेदन के आधार पर दोषी अधिकारी के विरूद्ध आरोप पत्रादि तैयार कर उपलब्‍ध कराने हेतु संभागीय उपायुक्‍त आदिवासी तथा अनुसूचित जाति विकास सागर को लिखा गया है। (घ) कार्यवाही प्रचलित है शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। 

मुख्‍यमंत्री जल प्रदाय योजना

20. ( क्र. 505 ) श्री मुकेश नायक : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पन्‍ना जिले के अंतर्गत विकासखण्‍ड पवई एवं शाहनगर में मुख्‍यमंत्री जल प्रदाय योजना के प्रारंभ से किस ग्राम में कितनी राशि स्‍वीकृत कर किस ठेकेदार/फर्म को कार्य दिया गया? प्रत्‍येक योजना का कार्य पूर्ण करने की अवधि क्‍या है? (ख) प्रश्नांश (क) की मुख्‍यमंत्री जल प्रदाय योजना में से प्रत्‍येक पर प्रश्‍न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई, इनमें से किस ग्राम की योजना का कार्य, किस माह में पूर्ण हुआ एवं किस ग्राम की योजना किस कारण पूर्ण नहीं हुई कब तक पूर्ण होगी? (ग) मुख्‍यमंत्री जल प्रदाय योजनाओं में से किस ग्राम में जल प्रदाय किया जा रहा है, यदि नहीं, तो क्‍यों इनके लिये कौन अधिकारी जिम्‍मेदार है?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जलप्रदाय प्रारंभ न होने के लिये कोई अधिकारी जिम्मेदार नहीं है।

निजी विद्यालयों को मान्‍यता देने पर रोक लगायी जाना

21. ( क्र. 519 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. शासन स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला/माध्‍यमिक शालाओं में कितने छात्रों पर एक शिक्षक नियुक्‍त करने के आदेश हैं आदेश की प्रति देवें? (ख) क्‍या सतना जिले के विभिन्‍न विकासखण्‍डों में 10 से कम नामांकन वाली 70 शालायें एवं 20 से कम नामांकन वाली 309 शालाएं हैं जहां पर 750 से अधिक शिक्षक पदस्‍थ हैं? क्‍या शासन इन शालाओं की सूची मंगाते हुए संविलियन की कार्यवाही करने की तैयारी में हैं?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) अधिनियम की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर है। आर.टी.ई. के तहत प्राथमिक एवं माध्‍यमिक शालाओं में छात्र संख्या के मान से प्रावधानित शिक्षकों के प्रावधान निम्‍नानुसार है:

1 . शिक्षकों की संख्‍या :-
(
अ) पहली कक्षा से पाँचवी कक्षा के लिए -
प्रवेश किए गए बालक - शिक्षक संख्‍या 
साठ तक - दो
इकसठ से नब्‍बे के मध्‍य - तीन
इक्‍यानबे और एक सौ बीस के मध्‍य - चार
एक सौ पचास बालकों से अधिक - पाँच धन एक प्रधान अध्‍यापक
दो सौ बालकों से अधिक - छात्र- शिक्षक अनुपात (प्रधान अध्‍यापक को छोड़कर) चालीस से

अधिक नहीं होगा।

(ब) छठवीं कक्षा से आठवीं कक्षा के लिए- (1) कम से कम प्रति कक्षा एक शिक्षक इस प्रकार हो‍गा कि निम्‍नलिखित प्रत्‍येक के लिए कम से कम एक शिक्षक हो - (i) विज्ञान और गणित, (ii) समाजिक विज्ञान, (iii) भाषा।

(2) प्रत्‍येक पैंतीस बालकों के लिए कम से कम एक शिक्षक। (3) जहां एक सौ से अधिक बालकों को प्रवेश दिया गया है वहां-(i) एक पूर्णकालिक प्रधान अध्‍यापक, (ii) निम्‍नलिखित के लिए अंशकालिक शिक्षक-(अ) कला शिक्षा, (आ) स्‍वास्‍थ्‍य और शारीरिक शिक्षा, (इ) कार्य शिक्षा।

(ख) सतना जिले में विभिन्‍न विकासखण्‍डों में 10 से कम नामांकन वाली 111 शालाएं एवं 20 से कम नामांकन वाली 426 शालाएं है। जिनमे 732 शिक्षक पदस्‍थ हैं। शेषांश जी नहीं।

शासकीय परिसम्‍पत्तियों पर अनाधिकृत कब्‍जा

22. ( क्र. 578 ) श्री हरवंश राठौर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधान सभा क्षेत्र बंडा जिला सागर में विभाग के विभिन्‍न नाम से पहचाने जाने वाले भवन या अन्‍य अधोसंरचनाएं निर्मित हैं? यदि हाँ, तो उनके नाम तथा कहाँ-कहाँ पर स्थित हैं? इसकी जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ख) क्‍या कंडिका (क) की जानकारी अनुसार अधोसंरचनाओं पर अन्‍य किसी विभाग या जनता के किसी व्‍यक्ति द्वारा अनाधिकृत कब्‍जा है? यदि हाँ, तो किस-किस अधोसंरचना पर किस-किस के द्वारा अनाधिकृत कब्‍जा किया है? (ग) क्‍या विधान सभा क्षेत्र बण्‍डा जिला सागर में अन्‍य विभागों द्वारा निर्मित कार्यालयों, आवास गृहों या अन्‍य किसी नाम से पहचानी जाने वाली अधोसंरचनाओं पर विभाग या विभाग के अमले द्वारा अनाधिकृत कब्‍जा किया है? यदि हाँ, तो उन संरचनाओं के नाम तथा ग्रामों/नगरों के नाम की जानकारी उपलब्‍ध करावे? (घ) कंडिका (क) एवं (ख) के अनुसार अनाधिकृत कब्‍जा हटाने की कार्यवाही कब तक की जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। विधानसभा क्षेत्र बण्डा जिला सागर में विभाग के प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला भवन, छात्रावास, बी.आर.सी.सी. भवन अधोसंरचनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जी नहीं। (ग) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

शारीरिक प्रशिक्षण प्राप्‍त अध्‍यापकों की व्‍यायाम शिक्षक के पद पर नियुक्ति

23. ( क्र. 619 ) श्री राजेश सोनकर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा एक एवं दो वार्षिक डिप्‍लोमा पाठ्यक्रम/प्रशिक्षण प्राप्‍त करने हेतु शिक्षाकर्मी/सहायक अध्‍यापक/अध्‍यापकों को विभागीय तौर पर शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय शिवपुरी भेजा जाता है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में यदि हाँ, तो वर्ष 2012 से 2015 तक इंदौर जिले में कितने शिक्षाकर्मी/अध्‍यापक संवर्ग ने प्रशिक्षण प्राप्‍त किया प्रशिक्षण प्राप्‍त करने के पश्‍चात् इनमें से कितने शिक्षाकर्मी/अध्‍यापकों को व्‍यायाम शिक्षक के पद पर पदस्‍थ किया गया? (ग) जिला शिवपुरी में कितने विद्यालय में व्‍यायाम शिक्षकों के पद हैं? उनमें से कितने रिक्‍त हैं? रिक्‍त पदों पर उक्‍त प्रशिक्षण प्राप्‍त शिक्षाकर्मी/अध्‍यापकों की नियुक्ति क्‍यों नहीं की गई? कारण स्‍पष्‍ट करें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। (ख) शासकीय तात्‍याटोपे राज्‍य शारीरिक शिक्षा शिक्षण महाविद्यालय शिवपुरी में वर्ष 2012 से 2015 तक इन्‍दौर जिले से किसी भी सहायक अध्‍यापक/शिक्षाकर्मी के द्वारा प्रवेश नहीं लिया गया है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) 1741 स्‍वीकृत व्‍यायाम शिक्षक/अध्‍यापक संवर्ग ( शारीरिक शिक्षा)/संविदा शाला शिक्षक (शारीरिक शिक्षा) के पद है, इनमें से 1078 पद रिक्‍त है। प्रशिक्ष्‍िात अध्‍यापक संवर्ग को व्‍यायाम शिक्षक के पद पर पदस्‍थ करने का प्रावधान नहीं है।

नल-जल योजना का क्रियान्‍वयन

24. ( क्र. 682 ) श्री मुकेश पण्‍ड्या : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बड़नगर विधानसभा क्षेत्र में कितने ग्रामों में नल-जल योजना का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा कितने ग्रामों में नल-जल योजना के माध्‍यम से स्‍वच्‍छ पेयजल उपलब्‍ध कराया जा रहा है? (ख) बड़नगर विधानसभा क्षेत्र में विगत तीन वर्षों में इस योजना में ग्रामों से कितनी कितनी राशि खर्च हुई? ग्रामवार जानकारी उपलब्‍ध करायें? (ग) बड़नगर विधानसभा में क्‍या नल-जल योजना के क्रियान्‍वयन को लेकर कोई शिकायत प्राप्‍त हुई है? यदि हाँ, तो उस पर क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) बड़नगर विधानसभा के ग्राम खरसौदकलां, भाटपचलाना में नल-जल योजना लागू हो कर पूरे ग्राम में पानी वितरण किया जा रहा है? यदि नहीं, तो पूरे ग्राम में पानी वितरण क्‍यों नहीं किया जा रहा है तथा कब तक किया जायेगा?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) 34 ग्रामों में। 28 ग्रामों में। (ख) योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त राशि एवं व्यय का विवरण क्रमश: संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 पर है। (ग) कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है अतः कार्यवाही का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) खरसोदकलां में ग्राम पंचायत द्वारा पूरे ग्राम में नल-जल योजना के माध्यम से जलप्रदाय किया जा रहा है। ग्राम भाटपचलाना में मध्य-प्रदेश सड़क विकास निगम उज्जैन द्वारा मेन रोड निर्माण के दौरान विभिन्न व्यास की 4080.00 मीटर पाईपलाईन क्षतिग्रस्त हो जाने से ग्राम पंचायत भाटपचलाना द्वारा संपूर्ण ग्राम में पेयजल प्रदाय नहीं किया जा रहा है। योजना अन्तर्गत क्षतिग्रस्त पाईपलाईन को पुनः बिछाये जाने बाबत विभाग द्वारा राशि 28.12 लाख का प्राक्कलन तैयार मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम उज्जैन को प्रेषित किया गया है। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती।

परिशिष्ट ''ग्यारह''

पीने के पानी की समस्‍या के समाधान हेतु कार्य योजना

25. ( क्र. 701 ) श्री पुष्‍पेन्‍द्र नाथ पाठक : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रमुख अभियंता लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग म.प्र. भोपाल ने मुख्‍य अभियंता लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग, ग्‍वालियर परिक्षेत्र, ग्‍वालियर को विधानसभा क्षेत्र बिजावर अंतर्गत किशनगढ़ क्षेत्र में पीने के पानी की समस्‍या के हल हेतु योजना तैयार करने हेतु कब-कब पत्र द्वारा निर्देशित किया गया? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार उपरोक्‍त पत्र में दिए गए निर्देशानुसार मुख्‍य अभियंता लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग ग्‍वालियर परिक्षेत्र ग्‍वालियर ने आज दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की? (ग) विधानसभा क्षेत्र बिजावर के किशनगढ़ क्षेत्र में पीने के पानी की समस्‍या के स्‍थायी हल हेतु विभाग की क्‍या कार्ययोजना है?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) पत्र क्रमांक 5249 दिनांक 26.06.2015, 8413 दिनांक 06.10.2015 एवं 9233 दिनांक 31.10.2015 द्वारा निर्देशित किया गया था। (ख) मुख्य अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ग्वालियर परिक्षेत्र ग्वालियर द्वारा पत्र क्रमांक 3601 दिनांक 20.07.2015 एवं 5134 दिनांक 19.11.2015 से अधीक्षण यंत्री/कार्यपालन यंत्री छतरपुर को स्थाई समाधान हेतु अन्य वैकल्पिक स्त्रोतों पर आधारित योजना तैयार करने हेतु निर्देशित किया। (ग) विधानसभा क्षेत्र बिजावर के किशनगढ़ क्षेत्र में पीने के पानी की समस्या के स्थायी हल हेतु सतही स्त्रोत पर आधारित योजना म.प्र.जल निगम द्वारा तैयार की जा रही हैं।

उद्योग श्रमिकों की सेवानिवृत्ति उम्र

26. ( क्र. 722 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के उद्योगों में 58 वर्ष में उद्योगों से रिटायर होने के कानून में संशोधन किस दिनांक से लागू किया गया? क्‍या उक्‍त कानून संशोधन दिनांक से ही लागू है? कानून का ब्‍यौरा दे? (ख) उक्‍त कानून का पालन प्रदेश के सभी उद्योग ग्रेसिम नागदा सहित कर रहे है? यदि नहीं, तो किन-किन उद्योगों ने उक्‍त कानून का पालन नहीं किया? व क्‍यों? (ग) जिन उद्योगों ने राज्‍य शासन के उक्‍त कानून का पालन नहीं किया? सरकार ने उन पर अब तक क्‍या कार्यवाही की? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

श्रम मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) म.प्र. औद्योगिक नियोजन (स्थायी आदेश) संशोधन अधिनियम, 1961 के अंतर्गत आने वाले प्रदेश के औद्योगिक उपक्रमों में अधिसूचना दिनांक 28.06.2014 के द्वारा अधिवार्षिकी की आयु 58 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष की गई है। दिनांक 25.10.2014 से म.प्र. औद्योगिक नियोजन (स्थायी आदेश) संशोधन अध्यादेश 2014 द्वारा उद्योगों के प्रमाणित स्थायी आदेशों, पंचाट, करार या समझौतों में भी उक्त संशोधन सम्यक रूप से सम्मिलित होना मान्य किया गया है। दिनांक 30.12.2014 से म.प्र. औद्योगिक नियोजन (स्थायी आदेश) संशोधन अधिनियम, 2014 द्वारा उक्त संशोधन कानून भी लागू हो चुका है। (ख) उक्त कानून का पालन राज्य में कतिपय उद्योगों द्वारा नहीं किया जा रहा है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट पर है। (ग) विभागीय कार्यवाही का उल्लेख जानकारी संलग्न परिशिष्ट पर है।

परिशिष्ट ''बारह''

बाल श्रमिकों की पहचान

27. ( क्र. 723 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में वर्ष 2013 से अक्‍टूबर 2015 तक कितने बाल श्रमिकों की पहचान करने एवं उनसे अवैध रूप से कार्य कराने वालों पर प्रकरण बनाने की कार्यवाही की गई? जिलेवार ब्‍यौरा क्‍या है? (ख) कितने बाल श्रम के प्रकरण न्‍यायालयों में प्रस्‍तुत हुए व कितने एवं कौन-कौन से संचालकों पर क्‍या दण्‍डात्‍मक कार्यवाही श्रम कानून तहत उक्‍त अवधि में की गई? जिलेवार ब्‍यौरा दें? (ग) प्रश्नांश (क) अवधि में कितने बाल श्रमिकों को मुक्‍त कराया गया?

श्रम मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) प्रदेश में वर्ष 2013 से अक्टूबर 2015 तक 109 बाल श्रमिकों की पहचान की गई एवं उनसे अवैध रूप से कार्य कराने वालों पर प्रकरण बनाने की कार्यवाही का जिलेवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) (1) 226 बाल श्रम के प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किये गये। जिसका जिलेवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (2) दोषी नियोजकों के विरूद्ध उक्त अवधि में श्रम कानून के तहत् की गई दण्डात्मक कार्यवाही का जिलेवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (क) अवधि में 109 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया।

समूह पेयजल योजना

28. ( क्र. 777 ) श्रीमती संगीता चारेल : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सैलाना विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग द्वारा कौन-कौन सी समूह पेयजल योजना क्रियान्वित की जा रही हैं तथा इन योजनाओं के माध्‍यम से कौन-कौन से ग्राम लाभान्वित होंगे? वर्षवार कार्यवार मय लागत सहित जानकारी देवें? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में स्‍वीकृत समूह पेयजल योजनाओं को पूर्ण करने की क्‍या समयावधि थी तथा वर्तमान में इनकी भौतिक स्थिति क्‍या हैं? अपूर्ण कार्य को कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा? (ग) निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण नहीं हो सका तो क्‍यों? इसके लिये कौन-कौन अधिकारी कर्मचारी दोषी हैं तथा इनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) 27 ग्रामों की नायन समूह पेयजल योजना। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है।  (ख) 3 वर्ष। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। अपूर्ण कार्य मई 2016 तक पूर्ण किये जाना लक्षित हैं। निश्चित तिथी नहीं बताई जा सकती।  (ग) विभिन्न अवयवों की निविदाओं में दरें औचित्यपूर्ण प्राप्त न होने के कारण, योजना हेतु आवश्यक विद्युत कार्य एवं रेल्वे विभाग से अनुमति विलंब से प्राप्त होने जैसे आदि कारणों से निर्धारित समय पर कार्य पूर्ण नहीं किये जा सके। कोई भी अधिकारी कर्मचारी दोषी नहीं है अतः कार्यवाही का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता हैं।

परिशिष्ट ''तेरह''

विभागीय कार्यों की जानकारी

29. ( क्र. 806 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) भिण्‍ड जिले में वित्‍तीय वर्ष 01.04.2013 से प्रश्‍नतिथि तक दो लाख रूपये से कम राशि के लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग में क्‍या-क्‍या निर्माण कार्य, किस-किस ग्राम में किये गये? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित जिले में उक्‍त समयानुसार मेन्‍टेनेन्‍स पर किस-किस प्रकार के कार्यों पर कितनी राशि व्‍यय की गयी? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में उल्‍लेखित कार्यों में से किस-किस को कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया गया? (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में उल्‍लेखित स्‍थानों एवं समयानुसार उक्‍त सभी कार्यों का मापांकन/सत्‍यापन किस-किस नाम/पदनाम द्वारा किया गया?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) कार्यों का मापांकन उपयंत्री द्वारा एवं सत्यापन सहायक यंत्री द्वारा किया गया।

नल-जल योजना

30. ( क्र. 831 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) भिण्‍ड जिले के अंतर्गत कहाँ पर नल जल योजना के अंतर्गत टंकियों का निर्माण किया गया है, जिसमें कितनी बंद है, कितनी चालू हैं? बंद होने के क्‍या कारण हैं? शासन स्‍तर पर चालू करने के लिए क्‍या प्रयास किए जा रहे हैं? (ख) क्‍या भिण्‍ड विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत समस्‍त नल-जल योजना बंद हैं? नल जल योजना कब से बंद हैं? इसके लिए कौन उत्‍तरदायी है? प्रश्‍नांश दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) भिण्‍ड विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बंद नल जल योजना को कब तक चालू करा लिया जायेगा समय-सीमा सहित जानकारी दें? (घ) भिण्‍ड जिले के अंतर्गत विगत पाँच वर्षों में बंद नल-जल योजना को चालू करने के लिए शासन द्वारा किस तिमाही कितना बजट आवंटन किया गया? किस तिमाही में कितना उपयोग कहाँ पर हुआ, कौन सी नल-जल योजना चालू हुई? क्‍या भौतिक सत्‍यापन में एक भी नल-जल योजना चालू नहीं है? यदि हाँ, तो कब चालू होगी?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। स्रोत असफल होने से बंद योजनाओं को विभाग द्वारा एवं अन्य कारणों से बंद योजनाओं को चालू कराने का प्रयास संबंधित ग्राम पंचायतों द्वारा किया जाता है। (ख) जी नहीं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। शेष जानकारी उत्तरांश- अनुसार। (ग) स्रोत असफल होने से बंद योजनाओं को विभाग द्वारा चालू किया जायेगा शेष अन्य कारणों से बंद योजनाओं को संबंधित ग्राम पंचायतों द्वारा चालू कराया जायेगा। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। जानकारी संकलित की जा रही है। जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित ही नहीं होता।

कार्यपालन यंत्री/सहायक यंत्री/उपयंत्री का स्‍थानान्‍तरण

31. ( क्र. 833 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकीय विभाग भिण्‍ड में कार्यपालन यंत्री/सहायक यंत्री/उपयंत्री के पद पर दिनांक 1 जनवरी 2011 से 31 जनवरी 2016 तक कौन कब से कब तक पदस्‍थ रहे हैं इसमें कौन निलम्बित हुए? निलम्‍बन होने के क्‍या कारण हैं? प्रश्‍नांश दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्नांश (क) के अंतर्गत क्‍या निरीक्षण करने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो प्रमुख अभियन्‍ता/मुख्‍य अभियन्‍ता द्वारा कब भिण्‍ड में निरीक्षण किया गया? कब निरीक्षण प्रतिवेदन प्रस्‍तुत किया गया उस पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) कार्यपालन यंत्री लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकीय विभाग भिण्‍ड का प्रश्नांश (क) समय पद रिक्‍त होने के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है? वर्ष 2015-16 में कितना बजट प्राप्‍त हुआ? किस मद में कितना व्‍यय किया गया? क्‍या सक्षम अधिकारी की सहमति प्राप्‍त की गई? (घ) प्रश्नांश (क) के अंतर्गत कौन अधिकारी का स्‍थानान्‍तरण किया गया, कौन अनुलग्‍न है? प्रश्‍नकर्ता द्वारा चालू वित्‍तीय वर्ष में हैण्‍डपम्‍प खनन के लिए दिए गए पत्र पर क्‍या कार्यवाही की गई?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। (ख) जी हाँ, प्रमुख अभियन्ता एवं मुख्य अभियंता द्वारा दिनांक 15.6.2015 को भिण्ड जिले का निरीक्षण किया गया। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। निरीक्षण के दौरान दिये गये निर्देशों के अनुसार कार्यवाही की जा रही है। (ग) जी नहीं, वरिष्ठ सहायक यंत्री को प्रभार देकर विभागीय कार्य सम्पन्न कराया जा रहा है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। विभागीय लक्ष्यों के अनुरूप संपादित कार्यों पर उपलब्ध आवंटन से व्यय हेतु कार्यपालन यंत्री सक्षम अधिकारी होने से पृथक से सहमति की आवश्यकता नहीं है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। पत्र पर कार्यवाही संबंधी विवरण पुस्तकालय मे रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार।

एकीकृत आदिवासी परियोजना में अध्‍यक्ष की नियुक्ति

32. ( क्र. 861 ) श्री जतन उईके : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या एकीकृत आदिवासी परियोजना में अध्‍यक्ष नियुक्‍त किये जाने के प्रावधान शासन द्वारा किये गये हैं? क्‍या आदिवासी क्षेत्र के विधायक को इस पद पर नियुक्‍त किये जाने का प्रावधान है? (ख) आदिवासी परियोजना सौंसर में उक्‍त पद कितने वर्षों से रिक्‍त हैं तथा इस पद पर कब तक अध्‍यक्ष की नियुक्ति कर ली जावेगी? (ग) वर्तमान में एकीकृत आदिवासी परियोजना सौंसर का कार्य बिना अध्‍यक्ष के किस प्रकार संचालित किया जा रहा है? (घ) वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रश्‍नांश (ग) अंतर्गत कितने कार्य स्‍वीकृत किये गये? कितने कार्य पूर्ण है, कितने कार्य अपूर्ण है तथा कितने हि‍तग्राही मूलक?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) दिसम्‍बर 2013 से रिक्‍त है। (ग) परियोजना सलाहकार मण्‍डल के अस्तित्‍व में नहीं होने पर मण्‍डल के समस्‍त अधिकार जिला कलेक्‍टर में निहित है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। 

अहस्‍तांतरित नल-जल योजनाएँ

33. ( क्र. 912 ) श्री गोवर्धन उपाध्‍याय : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सिरोंज विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत कितनी नल-जल योजनाएँ स्‍वीकृत हैं, एवं कितनी चालू एवं कितनी बंद पड़ी है? बंद रहने का क्‍या कारण है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार बंद पड़ी नल-जल योजनाओं को पुन: चालू करने हेतु शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है? अब तक कितनी नल-जल योजनाएँ ग्राम पंचायत को हस्‍तां‍तरित नहीं की गई? हस्‍तांतरित न करने का कारण देवें? (ग) क्‍या सिंरोज क्षेत्र की निर्माणाधीन नल-जल योजना में अनियमितता के संबंध में कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुए हैं? शिकायतों की जाँच किस अधिकारी के द्वारा की गई एवं दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) कुल 55 नल-जल योजनाएं स्वीकृत। 40 योजनाएं पूर्ण जिनमें से 14 चालू तथा 26 बंद हैं। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। 5 नल-जल योजनाएं ग्राम पंचायत को हस्तांतरित नहीं की गई हैं। योजनाएं इसी वित्तीय वर्ष में पूर्ण की गई हैं, हस्तांतरण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

शिक्षक/अध्‍यापक संवर्ग, का गैर शिक्षकीय कार्य में संलग्‍नीकरण

34. ( क्र. 913 ) श्री गोवर्धन उपाध्‍याय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में स्‍कूल शिक्षा विभाग में शिक्षक/अध्‍यापक संवर्ग के शासकीय सेवकों को गैर शिक्षकीय कार्यों हेतु जिला, ब्‍लॉक, संकुल स्‍तरीय कार्यालयों राजस्‍व व अन्‍य विभागों के कार्यालयों में संलग्‍नीकरण/आंसजन/अस्‍थाई व्‍यवस्‍था के लिये क्‍या नियम है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार विदिशा जिले में जनवरी,2015 की स्थिति में कितने शिक्षक संवर्ग/अध्‍यापक संवर्ग या अन्‍य कर्मचारियों को विभिन्‍न कार्यालयों में संलग्‍न/आसंजित/अस्‍थाई व्‍यवस्‍था की गई है यह व्‍यवस्‍था किसके आदेश हुई? संलग्‍न करने का क्‍या कारण है जानकारी दें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) ऐसे नियम नहीं है। (ख) वर्तमान में कोई आसंजन/अस्‍थाई व्‍यवस्‍था/संलग्‍नीकरण नहीं है। पूर्व में संलग्न परिशिष्ट अनुसार की गई व्‍यवस्‍था, समाप्‍त की जा चुकी है। 

परिशिष्ट ''चौदह''

पशु चिकत्‍सालय के भवनों हेतु जमीन आवंटन में विलंब

35. ( क्र. 918 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जौरा तहसील मुरैना के जौरा, देवगढ़, खरिका, अरहेला के पशु चिकित्‍सालय के भवनों की प्रशासकीय वित्‍तीय स्‍वीकृति किस वर्ष में प्रदान की गई थी? वर्तमान में उक्‍त भवनों की क्‍या स्थिति है जनवरी 2016 की स्थिति में जानकारी दी जावे? (ख) उक्‍त चिकित्‍सालयों के भवनों के निर्माण का ठेका कब, किन-किन ठेकेदारों को कार्यादेश जारी किये गये उनकी समय-सीमा क्‍या दी गई पूर्ण जानकारी दी जावे? (ग) क्‍या वर्ष 2013 में स्‍वीकृत भवनों का निर्माण हेतु कुछ चिकित्‍सालयों को जमीन आवंटित जनवरी 2016 तक नहीं हो पाई है? विभागीय अधिकारियों के द्वारा इस हेतु क्‍या प्रयास, पत्राचार किये? (घ) क्‍या पशु पालन विभाग द्वारा बिना जमीन आवंटित किये लोक निर्माण विभाग को पशु चिकित्‍सालय भवनों के निर्माण की जिम्‍मेदारी दी गई जिस पर लोक निर्माण विभाग द्वारा कार्यादेश पत्र क्र.4550 दिनांक 31.08.2013 को जारी किये थे लेकिन कार्य जनवरी 2016 तक कुछ भवनों का प्रारंभ नहीं हो सका है? क्‍यों?
पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जौरा तहसील जिला मुरैना के जौरा, देवगढ़, खरिका, अरहेला के पशु चिकित्सालय भवनों की प्रशासकीय वित्तीय स्वीकृति वर्ष 2012-13 में प्रदान की गई है। पशु औषधालय देवगढ़ खरिका में भवन निर्माण पूर्ण हो चुका है तथा पशु चिकित्सालय जौरा एवं अरहेला में भूमि आवंटन प्रक्रियाधीन है। (ख) उक्त पशु चिकित्सालयों में भवन निर्माण हेतु कार्यपालन यंत्री,लोक निर्माण विभाग, मुरैना के द्वारा कार्यादेश दिया गया जिसकी समय-सीमा 30.11.2013 निर्धारित की गई। उपरोक्त भवन निर्माण का ठेका मै. मंगलदास वोरवेल कम्पनी को दिया गया था। (ग) पशु चिकित्सालय जौरा एवं पशु औषधालय अरहेला की जमीन आवंटित करने के लिये संचालक, पशुपालन म.प्र. भोपाल उपसंचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं मुरैना के द्वारा कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार जौरा को पत्राचार किया गया। (घ) भूमि आवंटन की प्रत्याशा में भवन निर्माण हेतु राशि आवंटित की गई। भूमि आवंटन प्रक्रियाधीन होने से पशु चिकित्सालय जौरा एवं पशु औषधालय अरहेला के भवनों के निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो सके है। 

उद्यानिकी विभाग द्वारा क्रय सामग्री

36. ( क्र. 952 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विगत दो वर्षों में वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में मंदसौर जिले में उद्यानिकी विभाग द्वारा कितने स्प्रिंकलर, ड्रिप एवं अन्‍य सामग्री लक्ष्‍य के विरूद्ध स्‍वीकृत किये गये? कौन-कौन से ब्रांड (कंपनी) के किये गये है नाम बतावें? (ख) क्‍या स्‍वीकृत करने के पूर्व ही किसानों को अग्रिम सामग्री प्रदाय की गई है या नहीं? (ग) एम. पी.एग्रो द्वारा किन-किन दिनांकों में प्रदाय सामग्री का बिल बनाया गया दिनांक तथा बिल क्रमांक किसानों का नाम विकासखण्‍डवार जानकारी उपलब्‍ध करावें? (घ) प्रदाय सामग्री की गुणवत्‍ता सेंपल लिया गया है या नहीं (सिपेड) परिणाम से अवगत करावें? प्रदाय सामग्री का भौतिक सत्‍यापन किस अधिकारी के द्वारा किया गया है नाम बतावें?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जी, नहीं। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स एवं भौतिक सत्यापन अधिकारी से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है।

नि:शुल्‍क शिक्षा योजनान्‍तर्गत निजी स्‍कूलों को अनुदान

37. ( क्र. 953 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा जारी नि:शुल्‍क शिक्षा योजना (25 प्रतिशत) के तहत निजी विद्यालयों में अध्‍ययनरत बच्‍चों की शिक्षा हेतु 25 प्रतिशत का लाभ किन-किन बच्‍चों को प्राप्‍त हो सकता है? (ख) निजी विद्यालय को 25 प्रतिशत बच्‍चों को नि:शुल्‍क शिक्षा देने पर शासन द्वारा अनुदान दिया जाता है या नहीं बतावें? (ग) निजी विद्यालयों को शासन द्वारा नि:शुल्‍क शिक्षा देने पर जो अनुदान दिया जाता है वह सांसद निधि, विधायक निधि एवं शासन से नि:शुल्‍क प्राप्‍त भूमि एवं अन्‍य सुविधाएँ प्राप्‍त करता है उन्‍हें भी शासन से नि:शुल्‍क शिक्षा प्रदान करने पर अनुदान की पात्रता रखता है या नहीं बतावें? (घ) मंदसौर जिले में जिन निजी विद्यालयों को शासन द्वारा राशि एवं भूमि प्राप्‍त है उनकी जानकारी एवं नि:शुल्‍क शिक्षा से अनुदान प्राप्‍त करने वाले विद्यालयों की सूची उपलब्‍ध करावें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ पर है। (ख) शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत निजी विद्यालयों को न्यूनतम 25 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान के तहत निःशुल्क प्रवेशित बच्चों की फीस की प्रतिपूर्ति नियमानुसार की जाती है। (ग) जी नहीं। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रावधान अनुसार अशासकीय विद्यालय अनुदान की सीमा तक, निःशुल्क प्रवेशित बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति की पात्रता नहीं रखते है। प्रावधान पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब पर है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स एवं द पर है। 

पोस्‍ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनांतर्गत छात्रवृत्ति का भुगतान

38. ( क्र. 972 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पोस्‍ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनान्‍तर्गत वर्ष 2013-14 एवं 2014-15 में सागर नगर के किन-किन महाविद्यालयों/विश्‍वविद्यालयों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई एवं अनु.जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग के कितने विद्यार्थियों को राशि का भुगतान किया गया? कितनी संस्‍थाओं के कितने विद्यार्थियों का प्रश्‍न दिनांक तक भुगतान शेष है? (ख) क्‍या उक्‍त योजना में अनु. जाति, जनजाति के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति एवं शिक्षण शुल्‍क विद्यार्थियों के खातों में दी जाती हैं, जबकि पिछड़ा वर्ग में शिक्षण शुल्‍क संस्‍था के खाते में एवं छात्रवृत्ति के खाते में दी जाती हैं। (ग) यदि हाँ, तो इस विसंगति का कारण क्‍या है? (घ) प्रश्‍नांश वर्ष 2013-14 में अनु. जाति/जनजाति कल्‍याण विभाग सागर जिले में योजनान्‍तर्गत प्राप्‍त आवंटन में से अगस्‍त 2014 में विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति भुगतान शेष रहने के बावजूद बैंक से कितनी राशि आहरण कर विभाग में जमा करा दी गई?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) अनुसूचित जनजाति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। अनुसूचित जाति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। पिछड़ा वर्ग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। श्री रावतपुरा सरकार कॉलेज सागर के शैक्षणिक सत्र 2014-15 में नवीन संस्‍था के रूप में संचालित होने के कारण कॉलेज में अध्‍ययनरत 32 विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति के मूल दस्‍तावेजों के परीक्षण के साथ भुगतान की कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) जी हाँ। जी हाँ। छात्रवृत्ति की राशि वि़द्यार्थियों के खाते में तथा शिक्षण शुल्‍क संस्‍था के खाते में जमा की जाती है। (ग) शासन निर्देशों एवं नियमों का पालन किया जाता है। तीनों विभाग पृथक-पृथक हैं और तीनों विभागों की योजनायें पृथक-पृथक हैं। (घ) वर्ष 2013-14 में अनुसूचित जनजाति अंतर्गत प्राप्‍त आवंटन के विरूद्ध अगस्‍त 2014 में किसी भी प्रकार की राशि बैंक से आहरण पश्‍चात विभागीय मद में जमा नहीं की गई है। वर्ष 2013-14 में अनुसूचित जाति अंतर्गत पोस्‍ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना मद से रूपये 2,45,29,444/- चालान क्रमांक 149 दिनांक 22/08/2014 द्वारा विभागीय मद में जमा की गई है। पिछड़ा वर्ग की जानकारी प्रश्‍नांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अध्‍यापकों की पदोन्‍नति

39. ( क्र. 986 ) श्री दिनेश राय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले में 1 जनवरी, 2013 के बाद से अध्‍यापक संवर्ग की पदोन्‍नति कब-कब की गयी? अध्‍यापक संवर्ग की पदोन्‍नति कितने समय में करने का प्रावधान है? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) जिले में अध्‍यापकों की पदोन्‍नति लम्‍‍बे समय से नहीं हुई है? अध्‍यापकों को समयानुसार पदोन्‍नति न देने के क्‍या कारण हैं? (ग) नियमित शिक्षकों एवं अध्‍यापकों के पदों का वर्गीकरण किस प्रकार तय किया जाता है, इसके कोई नियम हैं? क्‍या सिवनी जिले में पदोन्‍नति में इन नियमों का पालन किया गया? (घ) सिवनी जिले में अध्‍यापकों की पदोन्‍नति की कार्यवाही कब तक पूर्ण कर ली जावेगी?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) सिवनी जिले में सहायक अध्यापक से अध्यापक एवं अध्यापक से वरिष्ठ अध्यापक के पदोन्नति हेतु रिक्त पदों पर दिनांक 07.02.13, 23.02.13, 06.04.13, 04.03.14, 21.05.14 एवं 26.12.15 को पदोन्नति के आदेश जारी किये गये हैं। पद की उपलब्धता, वरिष्ठता, अर्हता एवं पात्रता के आधार पर पदोन्नति का प्रावधान है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्नांश '''' भाग के उत्तर के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) नियमित शिक्षक एवं अध्यापकों के पदों का वर्गीकरण निम्नानुसार करने का प्रावधान है- 1. दिनांक 01.01.1998 से सीधी भर्ती के पदों पर नियमित शिक्षकों की नियुक्ति नहीं करने का निर्णय लिया गया है। नियमित शिक्षक के पदों का वर्गीकरण मध्यप्रदेश अराजपत्रित तृतीय वर्ग शैक्षणिक सेवा (अमहाविद्यालयेत्तर सेवा) भर्ती तथा पदोन्नति नियम, 1973 में संशोधन दिनांक 21 मई 1991 की अनुसूची-दो एवं चार के अनुसार उच्च श्रेणी शिक्षक के 50 प्रतिशत पद (सीधी भर्ती संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-2) एवं 50 प्रतिशत पद निम्न श्रेणी शिक्षक से उ.श्रे.शि. के रिक्त पदों पर पदोन्नति का प्रावधान है। 2. वर्ष 1998 से सीधी भर्ती के रिक्त पदों एवं नवीन सृजित पदों पर शिक्षाकर्मी/संविदा शाला शिक्षक की नियुक्ति की गई और इससे बने अध्यापक संवर्ग के पदों का वर्गीकरण म.प्र. पंचायत/नगरीय अध्यापक संवर्ग (नियोजन एवं सेवा की शर्तें) नियम, 2008 की अनुसूची-तीन एवं चार के अनुसार निकाय में स्वीकृत पदों में से 50 प्रतिशत संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-1 एवं 2 के पद सीधी भरती तथा 50 प्रतिशत वरिष्ठ अध्यापक एवं अध्यापक के पद पर पदोन्नति से भरे जाने का प्रावधान है। जी हाँ। (घ) प्रश्नांश (क) भाग के उत्तर के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। 

अध्‍यापकों द्वारा पदोन्‍नति नहीं स्‍वीकारना

40. ( क्र. 987 ) श्री दिनेश राय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जबलपुर संभाग के शासकीय विद्यालयों के अनेक अध्‍यापक पदोन्‍नति होने के बावजूद उसे स्‍वीकार न कर कार्यरत विद्यालयों में ही रहने को प्राथमिकता देते हैं? पदोन्‍नति स्‍वीकारना ऐच्छिक है या अनिवार्य? (ख) वर्ष 2012-13 से प्रश्‍न दिनांक तक ऐसे कितने अध्‍यापक व्‍याख्‍याता हैं, जिन्‍हें पदोन्‍नति का अवसर मिलने के बावजूद भी पदोन्‍नति स्‍वीकार नहीं की? जिलेवार, विद्यालयवार, वर्षवार नाम, पूर्ण पते सहित जानकारी दी जावे? (ग) क्‍या शासन ऐसी नीति बतायेगा कि एक दो बार पदोन्‍नति स्‍वीकार नहीं करने वाले अध्‍यापकों, व्‍याख्‍याताओं को पदोन्‍नति क्रम से हटाकर अन्‍य कनिष्‍ठ लोगों को अवसर प्रदान करें? यदि हाँ, तो कब तक?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। पदोन्नति स्वीकारना ऐच्छिक हैं। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार हैं। (ग) म.प्र. लोक सेवा (पदोन्नति) नियम 2002 के नियम 17 में पदोन्नति अस्वीकार करने पर एक वर्ष की कालवधि के लिये या अगली रिक्त के उद्भूत होने तक जो भी पश्चातवर्ती हो, पदोन्नति पर नियुक्ति का कोई नया प्रस्ताव नहीं दिया जायेगा। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता हैं।

ओवरहेड टैंकों का संचालन

41. ( क्र. 1042 ) श्री रामपाल सिंह : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या शहडोल जिले के ब्‍यौहारी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्रामों में पेयजल सुविधा उपलब्‍ध हेतु ओवर हेड टैंकों का निर्माण कराया गया है? यदि हाँ, तो उक्‍त जनपद पंचायतों में कितने ओवर हैड टैंक बनाये गये हैं और कितने शेष हैं? (ख) क्‍या उक्‍त जनपद पंचायत क्षेत्रों में स्‍थापित ओवर हैड टैंक अधिकांशत: वर्षों से बंद पडे हैं, जिनकी जानकारी योजना समिति की बैठक एजेण्‍डा दिसंबर, 2015 में दी गई है? यदि हाँ, तो पेयजल उपलब्‍धता हेतु बंद ओवर हैड टैंकों को चालू कराये जाने हेतु क्‍या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों और कब तक चालू कराया जावेगा? (ग) क्‍या ओवर हैड टैंकों के संचालन का दायित्‍व स्‍थानीय निकाय ग्राम पंचायत को दिया गया है? यदि हाँ, तो रख-रखाव की राशि संबंधित निकाय को सीधे दी जा रही है? यदि नहीं, तो क्‍यों?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ, 15 निर्मित किये गये हैं एवं 02 बनाना शेष हैं। (ख) जी नहीं, जी नहीं। 01 वर्ष से अधिक समयावधि से बंद ओव्हर हेड टैंकों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। जी नहीं। रख-रखाव हेतु विभाग द्वारा राशि देने का कोई प्रावधान नहीं है।

परिशिष्ट ''पंद्रह''

ग्राम पंचायत पार में अनु.जाति कन्‍या एवं बालक आश्रम की स्‍थापना

42. ( क्र. 1079 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम पंचायत पार विकासखण्‍ड घाटी गांव जिला ग्‍वालियर में अनु.जाति की कुल कितनी जनसंख्‍या (वर्ष, 2011 की जनगणना अनुसार) निवासरत है, संख्‍या बतावें एवं पंचायत की कुल जनसंख्‍या में उनकी कितने प्रतिशत की भागीदारी है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार इतनी बडी अनु.जाति बाहुल्‍य जनसंख्‍या की जरूरत हेतु प्रश्‍नकर्ता विधायक द्वारा ग्राम पार में अनु.जाति कन्‍या एवं अनु.जाति बालक आश्रम खुलवाने हेतु माननीय अनु.जाति. कल्‍याण मंत्री, श्रीमान प्रमुख सचिव, अनु.जाति कल्‍याण विभाग, माननीय मुख्‍यमंत्री महोदय तथा व्‍यक्तिगत रूप से कन्‍‍या एवं बालक आश्रम खुलवाने के लिये अनुरोध किया, किन्‍तु प्रश्‍न दिनांक तक कन्‍या आश्रम एवं बालक आश्रम क्‍यों नहीं खोले गये, कारण स्‍पष्‍ट करें? कन्‍या एवं बालक आश्रम खोलने हेतु क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई, सम्‍पूर्ण कार्यवाही से अवगत करावें? (ग) प्रश्‍न (क) अनुसार ग्राम पंचायत पार में अनु.जाति के बालक/बालिकाओं के उत्‍थान (कल्‍याण) के लिये अब कब तक अनु.जाति कन्‍या आश्रम एवं बालक आश्रम खोलकर इस वर्ग के बच्‍चों को लाभ दिया जावेगा?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) ग्राम पंचायत पार विकासखण्‍ड घाटीगांव जिला ग्‍वालियर की कुल जनसंख्‍या वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 3494 है जिसमें से अनुसूचित जाति की जनसंख्‍या 1007 है जो कुल जनसंख्‍या का 28.80 प्रतिशत है। (ख) विभाग की 12वीं पंचवर्षीय योजना अवधि में नई आश्रम खोले जाने का प्रावधान न होने से नई आश्रम शालायें नहीं खोली गयी हैं। (ग) प्रश्‍नांश  के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

 

विधायकों के पत्रों पर कार्यवाही

43. ( क्र. 1080 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पत्र क्र./लो.स्‍वा.यां./2015-16/131, दि. 09.01.2016, जो प्रश्‍नकर्ता विधायक द्वारा कार्यपालन यंत्री, लो.स्‍वा.यां, ग्‍वालियर को लिखा गया था पर क्‍या कार्यवाही की गई है? पत्र के अनुसार छोटी-छोटी समस्‍याओं का निराकरण न करने के लिये कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी दोषी है? क्‍या दोषियों के प्रति कोई दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्‍या और कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों, कारण सहित स्‍पष्‍ट करें? (ख) भितरवार विधान सभा क्षेत्र में 1 जनवरी, 2016 की स्थिति में विभाग का कौन-कौन मैदानी अमला पदस्‍थ हैं, उनका नाम, पद तथा किस-किस पंचायत में पेयजल पूर्ति में समस्‍याओं के निराकरण हेतु पदस्‍थ किया गया है? क्‍या उक्‍त मैदानी अमला इतने बडे क्षेत्र के लिये पर्याप्‍त है? यदि नहीं, तो कितने पद रिक्‍त हैं? इन रिक्‍त पदों की कब तक पूर्ति कर ली जावेगी?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) की गई कार्यवाही का विवरण पुस्तकालय मे रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। कोई अधिकारी/कर्मचारी दोषी नहीं है, अतः दण्डात्मक कार्यवाही का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। जी हाँ। स्वीकृत एवं भरे हुये पदों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

छात्र-छात्राओं को कॉलेजों के माध्‍यम से छात्रवृत्ति का प्रदाय

44. ( क्र. 1104 ) श्री विश्वास सारंग : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल एवं रायसेन जिलों में स्थित इंजीनियरिंग/नर्सिंग/एमबीए, सभी विषयों के ग्रेजुएट एवं पोस्‍ट ग्रेजुएट निजी कॉलेजों के द्वारा 1 अप्रैल, 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने छात्रों एवं छात्राओं को कितनी छात्रवृत्ति कब दी? (ख) प्रश्नांश (क) के तहत् छात्रवृत्ति की राशि स्‍टूडेंटों के बैंक एकाउंट में सीधे जमा की है या फिर कॉलेजों के माध्‍यम से दी है? (ग) प्रश्नांश (क) व (ख) के तहत् छात्रवृत्ति देने के राज्‍य शासन के नियम क्‍या हैं? नियमों की एक प्रति उपलब्‍ध कराते हुए बतावें कि क्‍या शासन छात्रवृत्ति की राशि कॉलेजों के एकाउंट में नियमानुसार दे सकता है? यदि नहीं, तो छात्रवृत्ति की राशि कॉलेजों के एकाउंट में जमा करने वाले किस नाम/पदनाम के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जाएगी?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) भोपाल जिले की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं रायसेन जिले की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) शासन निर्देशानुसार छात्रवृत्ति की राशि छात्र/छात्राओं के बैंक खाते में जमा की गई है। (ग) शासन के पत्र क्रमांक एफ 12-42/ 99/25-2/935 दिनांक 07/07/2014 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। आदेश उपरांत विद्यार्थियों के खाते में राशि दी जाती है। राशि विद्यार्थियों के एकाउंट में जमा किये जाने से कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

छात्र-छात्राओं के अकाउंट में छात्रवृत्ति जमा की जाना

45. ( क्र. 1105 ) श्री विश्वास सारंग : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल एवं रायसेन जिलों में स्थित इंजीनियरिंग/नर्सिंग/एमबीए, सभी विषयों के ग्रेजुएट एवं पोस्‍ट ग्रेजुएट निजी कॉलेजों के द्वारा 1 अप्रैल, 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने छात्रों एवं छात्राओं को कितनी छात्रवृत्ति कब दी? (ख) प्रश्नांश (क) के तहत् छात्रवृत्ति की राशि स्‍टूडेंटों के बैंक एकाउंट में सीधे जमा की है या फिर कॉलेजों के माध्‍यम से दी है? (ग) प्रश्नांश (क) व (ख) के तहत् छात्रवृत्ति देने के राज्‍य शासन के नियम क्‍या हैं? नियमों की एक प्रति उपलब्‍ध कराते हुए बतावें कि क्‍या शासन छात्रवृत्ति की राशि कॉलेजों के एकाउंट में नियमानुसार दे सकता है? यदि नहीं, तो छात्रवृत्ति की राशि कॉलेजों के एकाउंट में जमा करने वाले किस नाम/पदनाम के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जाएगी?

श्रम मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) भोपाल एवं रायसेन जिले में स्थित इंजीनियरिंग/नर्सिंग/एमबीए/सभी विषयों के ग्रेज्‍युएट एवं पोस्‍ट ग्रेज्‍युएट निजी कॉलेजों के द्वारा 1 अप्रैल, 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक दी गई छात्रवृत्ति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। (ख) पिछड़ा वर्ग मैट्रिकोत्‍तर छात्रवृत्ति यथा संशोधित नियम 2013 की कण्डिका क्रमांक 8.4 अनुसार छात्रवृत्ति का वितरण पूर्णत: आर.टी.जी.एस. के माध्‍यम से विद्यार्थियों के खाते में तथा शिक्षण शुल्‍क संस्‍था के खाते में नियमानुसार जमा की गई है। (ग) पिछड़ा वर्ग मैट्रिकोत्‍तर छात्रवृत्ति नियम-2013 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। जिसकी नियम कंण्डिका 8.4 अनुसार, आर.टी.जी.एस. के माध्‍यम से छात्रवृत्ति का वितरण पूर्णत: विद्यार्थियों के खाते में तथा शिक्षण शुल्‍क का वितरण संस्‍था के खाते में नियमानुसार जमा किए जाने का प्रावधान है। प्रश्‍न के शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सहायक शिक्षक से शिक्षक के पद पर पदोन्‍नति

46. ( क्र. 1159 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आरटीई, 2009 की धारा-19 का उल्‍लंघन करते हुये सतना जिले में सहायक शिक्षक से शिक्षक के पद पर अप्रैल, 2013 में भाषा विषय में 114, कला विषय में 08, गणित विषय में 51, विज्ञान विषय में 110 पदोन्‍नतियां की गई थी? काउंसलिंग के माध्‍यम से इनकी पदस्‍थापना का आदेश जारी किया गया था? सहायक शिक्षक से शिक्षक के पद पर पदोन्‍नति पश्‍चात् काउं‍सलिंग के माध्‍यम से पदस्‍थापना उपरांत पैसा लेकर रिक्‍त पद न होते हुए भी शिक्षकों की पदस्‍थापना आदेश में संशोधन के पृथक-पृथक आदेश जारी कर 22 शिक्षकों के पदस्‍थापना आदेश में संशोधन किया गया है? (ख) क्‍या सहायक शिक्षक से शिक्षक के पद पर माह सितम्‍बर, 2013 में सहायक शिक्षक से प्रधानाध्‍यापक प्राथमिक शाला के पद पर 117 पदोन्‍नतियां की गईं थीं? क्‍या प्रधानाध्‍यापक प्राथमिक शाला के पद पर स्‍नातक सहायक शिक्षकों की नियम विरूद्ध पदोन्नित भी की गई हैं? उक्‍त सभी पदोन्‍नति प्रधानाध्‍यापकों का नाम एवं शैक्षणिक योग्‍यता की सूची प्रस्‍तुत करें? (ग) क्‍या मई, 2014 में सहायक शिक्षक से शिक्षक के पद पर हिन्‍दी भाषा विषय में 4, संस्‍कृत भाषा विषय में 2, विज्ञान विषय में 19, अंग्रेजी विषय में 17 पद पर पदोन्‍नति आदेश बिना काउंसलिंग कराए जारी किये गये हैं? (घ) यदि प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) सही है, तो आरटीई, 2009 की धारा-19 का उल्‍लंघन करने वाले तत्‍कालीन जिला शिक्षा अधिकारी सतना एवं तत्‍कालीन स्‍थापना लिपिक के विरूद्ध कब तक दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की जावेगी, बतावें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) सतना जिले में दिनांक 12 अप्रैल 2013 को सहायक शिक्षक से शिक्षक पद पर पदोन्‍नति की कार्यवाही एवं काउंसलिंग के माध्‍यम से पदस्‍थापना आदेश जारी हुए है। उक्‍त पदोन्‍नति में 35 शिक्षकों के अभ्‍यावेदनों पर विचार करते हुए पदांकन आदेश में संशोधन रिक्‍त पदों पर किया गया है। (ख) जी हाँ। शेषांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। (घ) संचालनालय के पत्र दिनांक 19/02/2016 से संयुक्‍त संचालक लोक शिक्षण रीवा संभाग रीवा को उक्‍त प्रकरण की जाँच कर प्रतिवेदन हेतु निर्देशित किया है। जाँच प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।

पदस्‍थ लिपिकों को हटाना

47. ( क्र. 1160 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधान सभा परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या-149 (क्र. 2715), दिनांक 18 दिसम्‍बर, 2015 जो जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय सतना में लम्‍बे समय से पदस्‍थ लिपिकों को हटाने से संबंधित था, में विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई, बतावें? (ख) क्‍या लोक शिक्षण संचालनालय के पत्र क्रमांक 2291, दि. 9.12.14, क्र. 337, दि. 31.2.2015, क्र. 794, दि. 23.5.2015 एवं पत्र क्र. 130, दि. 14.1.2016 द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तीन वर्ष से अधिक समय से एक ही स्‍थान पर कार्यरत लिपिक संवर्ग के लोक सेवकों का स्‍थानांतरण कर पूर्ण प्रतिवेदन प्रमाण पत्र सहित 4 जनवरी, 2016 तक संचालनालय को प्रस्‍तुत करने के निर्देश दिये गये थे? (ग) क्‍या 3 पदोन्‍नति लिपिकों की अन्‍यत्र पदस्‍थापना के बाद भी यथावत जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय सतना में अटैच किया गया है? (घ) यदि प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) सही है, तो इन लिपिकों को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय सतना से कब तक हटा दिया जायेगा? संचालनालय के आदेश की अवहेलना करने वाले अधिकारी पर शासन क्‍या कार्यवाही कब तक करेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। संचालनालय के पत्र दिनांक 27.11.2015 के अनुसार 03 वर्षों से अधिक समय से क्रय/स्टोर/स्थापना में पदस्थ लिपिकों के कक्ष परिवर्तन कर दिये गये हैं। शेष के संबंध में कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) जी नहीं। कार्यालय के पत्र दिनांक 27.11.2015 द्वारा प्रश्नांश में दर्शित निर्देश दिए गये थे। (ग) जी नहीं। (घ) कर्मचारियों के कक्ष परिवर्तन किए गए हैं। कर्मचारियों के स्थानांतरण, स्थानान्तरण नीति अनुसार करने की कार्यवाही प्रचलित है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

मॉडल स्‍कूल भवनों की स्‍वीकृति

48. ( क्र. 1251 ) डॉ. मोहन यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा उज्‍जैन संभाग में कितने मॉडल स्‍कूल एवं मॉडल स्‍कूल के कितने भवन स्‍वीकृत किये गये है? जिलेवार, तहसीलवार, स्‍थानवार जानकारी प्रदान करें? (ख) प्रश्‍नांक (क) की जानकारी अनुसार कितने स्‍थानों पर स्‍वीकृति अनुसार मॉडल स्‍कूल के भवनों का निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हो चुका है एवं कितने स्‍थानों पर निर्धारित समय-सीमा में निर्माण पूर्ण नहीं होकर कार्य अधूरा है एवं कितने स्‍थानों पर स्‍वीकृति उपरांत भी निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ? जिलेवार, तहसीलवार, स्‍थानवार जानकारी प्रदान करें? (ग) प्रश्‍नांश (ख) की जानकारी अनुसार जिन स्‍थानों पर स्‍वीकृति उपरांत निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है? वहां पर स्‍वीकृत राशि की क्‍या स्थिति है एवं विलम्‍ब से कार्य प्रारंभ होने या पूर्ण होने की स्थिति में लागत मूल्‍य से कितना अंतर आयेगा? निर्धारित समय अवधि में कार्य प्रारंभ एवं पूर्ण नहीं करने के लिए कौन दोषी है? अंतर की राशि की वसूली किससे की जा रही है? संबंधित के विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई अथवा की जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट पर है। (ग) उज्‍जैन जिले में उज्‍जैन विकासखंड के मॉडल स्‍कूल का निर्माण कार्य भूमि की अनुपलब्‍धता के कारण प्रारंभ नहीं हुआ है। भवन निर्माण एवं फर्नीचर हेतु रूपये 3.02 करोड़ स्‍वीकृत हुए थे परन्‍तु भारत सरकार द्वारा योजना समाप्‍त कर दी गई है। योजना समाप्‍त होने के कारण शेषांश उद्भूत नहीं होता। भूमि उपलब्‍ध न होने के कारण कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट ''सोलह''

जीर्ण-शीर्ण भवनों का पुन: निर्माण

49. ( क्र. 1252 ) डॉ. मोहन यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2013 से उज्‍जैन जिले में शासन द्वारा प्राथमिक एवं माध्‍यमिक स्‍कूलों के लिये कितने भवन जीर्ण-शीर्ण घोषित किये गये हैं एवं कितने नए भवन स्‍वीकृत किये गये हैं? तहसीलवार, ग्रामवार सूची प्रदान करें? (ख) प्रश्नांश (क) की जानकारी अनुसार जितने भवन जीण-शीर्ण घोषित किये गये हैं, उनमें से जिन भवनों के निर्माण की स्‍वीकृति प्रश्‍न दिनांक तक प्रदान नहीं की गई है, उन स्‍थानों पर वर्तमान कक्षाएं कहाँ लग रही है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) की जानकारी अनुसार जीर्ण-शीर्ण भवनों में कक्षाएं लगाने के लिए कौन जिम्‍मेदार है? उक्‍त नवीन भवनों के निर्माण की स्‍वीकृति कब तक प्रदान कर दी जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जनवरी 2013 से उज्जैन जिले में 07 विद्यालयों भवनों का जीर्ण-शीर्ण घोषित किया गया है। जीर्ण-शीर्ण भवनों हेतु कोई नवीन भवन स्वीकृत नहीं किया गया। राज्य शिक्षा केन्द्र से 2012-13 में 22 नवीन उन्नयन माध्यमिक शालाओं हेतु एवं 2014-15 में नवीन 09 प्राथमिक विद्यालय व 15 उन्नयन माध्यमिक विद्यालय स्वीकृत किये गये है। इस प्रकार जनवरी 2013 से कुल व नवीन प्राथमिक विद्यालय व 37 उन्नयन माध्यमिक विद्यालय भवन स्वीकृत किये गये। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। जीर्ण-शीर्ण भवनों की तहसीलवार, ग्रामवार सूची निम्नानुसार हैः-

क्र.

तहसील

ग्राम

डाइस कोड

विद्यालय का नाम

1

महिदपुर

पलवा

23210611801

प्रा. वि. पलवा

2

उज्जैन

उज्जैन

23210703601

प्रा. वि. नीलगंगा

3

उज्जैन

उज्जैन

23210704002

प्रा. वि. माधवपुरा

4

उज्जैन

निनौरा

23210104501

प्रा. वि. निनौरा

5

उज्जैन

मुंजाखेड़ी

2321011005

प्रा. वि. मुंजाखेड़ी

6

उज्जैन

उज्जैन

23210702902

प्रा. वि. दौलतगंज 03

7

उज्जैन

जमालपुरा

23210313301

प्रा. वि. जमालपुरा

 (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कोई भी जीर्ण-शीर्ण भवनों में कक्षायें संचालित नहीं की जा रही है एवं वर्तमान में कक्षाएं अन्य स्थान पर लगाई जा रही है। जीर्ण-शीर्ण भवन के स्थान पर नवीन संचालित स्थल की सूची निम्नानुसार हैः-

क्र.

तहसील

ग्राम

डाइस कोड

विद्यालय का नाम

वर्तमान में संचालित विद्यालय का नाम

1

महिदपुर

पलवा

23210611801

प्रा.वि. पलवा

पंचायत भवन

2

उज्जैन

उज्जैन

23210703601

प्रा.वि. नीलगंगा

क.मा.वि. नतून क्र.02 व बा.वि. नीलगंगा के भवन में

3

उज्जैन

उज्जैन

23210704002

प्रा.वि. माधवपुरा

निजी भवन में (किराये पर)

4

उज्जैन

निनौरा

23210104501

प्रा.वि. निनौरा

प्रा.वि. के पृथक से निर्मित अतिरिक्त कक्षों में

5

उज्जैन

मुंजाखेड़ी

2321011005

प्रा.वि. मुंजाखेड़ी

मा.वि. मुंजाखेड़ी भवन में

6

उज्जैन

उज्जैन

23210702902

प्रा.वि. दौलतगंज 03

शाला स्थानांतरित भेरूपुरा क्षेत्र वर्ष 2015 में हो चुकी है।

7

उज्जैन

जमालपुरा

23210313301

प्रा.वि. जमालपुरा

प्रा.वि. के पृथक अतिरिक्त कक्षों में

 

(ग) जीर्ण-शीर्ण भवनों मे कक्षाएं संचालित नहीं की जा रही हैं। उक्त नवीन भवनों के निर्माण की स्वीकृति के लिये वार्षिक कार्ययोजना 2016-17 में प्रस्तावित किया गया हैं। भारत शासन से स्वीकृति प्राप्त होने पर ही जीर्ण-शीर्ण भवनों के स्थान पर नवीन भवनों का निर्माण हो सकेगा।

परिशिष्ट ''सत्रह''

नियम विरूद्ध स्‍थानांतरणों पर स्‍थगन/संशोधन किये जाने विषयक

50. ( क्र. 1315 ) श्री ठाकुरदास नागवंशी : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग अंतर्गत वित्‍तीय वर्ष 15-16 में किन-किन उपयंत्रियों के स्‍थानांतरण शिकायत के आधार पर किये गये थे? उपयंत्रीवार, संभागवार जानकारी देवें? (ख) क्‍या राज्‍य शासन द्वारा शिकायत के आधार पर किये गये कुछ स्‍थानांतरणों को प्रमुख अभियंता लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग द्वारा स्‍थगन दिया गया हैं यदि हाँ,तो किन-किन स्‍थानांतरण आदेशों पर स्‍थगन दिया गया सूची देवें? (ग) क्‍या राज्‍य शासन द्वारा किये गये स्‍थानांतरण में आंशिक संशोधन अथवा स्‍थगन के लिये राज्‍य शासन/मान. मंत्री जी/समन्‍वय समिति के बगैर पूर्व अनुमोदन के नहीं किया जा सकता? (घ) यदि हाँ, तो क्‍या नियम विपरित प्रमुख अभियंता द्वारा दिये गये स्‍थगन को शासन निरस्‍त करेगा या यदि नहीं, तो क्‍यों? शासन के किस आदेश के तहत आदेश की प्रति देवें? नियम विरूद्ध कार्यवाही करने के प्रति क्‍या उत्‍तरदायित्‍व का निर्धारण होगा?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) वित्तीय वर्ष 2015-2016 में शिकायत के आधार पर 08 उपयंत्रियों के स्थानांतरण किये गये है। संलग्न परिशिष्ट पर है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। (घ) प्रश्नांश के उत्तर के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट- ''अठारह''

छात्रवृत्ति वितरण में अनियमितता की जाँच एवं कार्यवाही

51. ( क्र. 1337 ) श्री गिरीश गौतम : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रीवा जिले के महाविद्यालयों में अनु.जा., जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग छात्रों के छात्रवृत्ति में किये गये घोटाले की जाँच के लिए कलेक्‍टर, रीवा द्वारा अतिरिक्‍त संचालक, अल्‍प संख्‍यक, पिछड़ा वर्ग विभाग को पत्र लिखा गया है, तथा मामले की रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया है तथा सतर्कता अधिकारी कलेक्‍टर रीवा को जाँच प्रतिवेदन सौंपने हेतु लेख किया गया था? (ख) क्‍या ए.डी. उच्‍च शिक्षा रीवा ने सीधी जिले के एक महाविद्यालय में छात्रवृत्ति राशि में फर्जी आहरण किये जाने की जाँच रिपोर्ट उच्‍च शिक्षा विभाग को कार्यवाही हेतु प्रेषित की है? (ग) क्‍या कलेक्‍टर रीवा द्वारा ए.डी. उच्‍च शिक्षा रीवा को महाविद्यालयों में उक्‍त विषयांकित छात्रवृत्ति में अनियमितता की जाँच किये जाने के लिए पत्र दिया गया है? यदि हाँ, तो ए.डी. उच्‍च शिक्षा, रीवा द्वारा उस पत्र के आधार पर क्‍या जाँच की तथा किन-किन महाविद्यालयों के संबंध में अनियमितता से संबंधित शिकायतों की जाँच की जा रही है? कॉलेजों का नाम बतावें? जाँच कब तक पूरी कर ली जावेगी? (घ) क्‍या रीवा जिले के कई महाविद्यालयों द्वारा छात्रवृत्ति में घोटाला किये जाने की उच्‍च स्‍तरीय जाँच करायी जायेगी?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। गठित जाँच समिति द्वारा 65 महाविद्यालयों की सूची तैयार कर 13 महाविद्यालयों की जाँच की जा चुकी है। विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। शेष 52 महाविद्यालयों की जाँच प्रचलित है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (घ) प्रश्‍नांश '' के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। 

परिशिष्ट ''उन्नीस''

विभागीय कार्यों हेतु निर्धारित लक्ष्‍य

52. ( क्र. 1363 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में वर्ष, 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग को कार्य हेतु क्‍या लक्ष्‍य निर्धारित किए गए थे? श्रेणीवार, संकायवार, जिलेवार विवरण दें? (ख) प्रश्नांश (क) की अवधि में रीवा एवं जबलपुर जिले में नये हैण्‍डपंप लगाने हेतु कौन-कौन सी सामग्री क्रय की गई, राशिवार, सामग्रीवार, संकायवार विवरण दें? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में उक्‍त जिलों में लक्ष्‍य के अनुसार क्‍या-क्‍या कार्य किए गए हैं? उक्‍त कार्यों का भौतिक सत्‍यापन किस अधिकारी द्वारा किया गया है? (घ) उक्‍त जिलो में उक्‍त अवधि में कौन-कौन सी सामग्री शेष है? लक्ष्‍य से अधिक सामग्री क्रय करने के लिए कौन-कौन अधिकारी एवं कर्मचारी दोषी हैं? शासन को अधिक सामग्री खरीदने में कितनी हानि हुई?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। किये गये कार्यों का मूल्यांकन उपयंत्री द्वारा किया गया हैं एवं भौतिक सत्यापन सहायक यंत्री स्तर के अधिकारी द्वारा किया गया है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। आवश्यकता से अधिक सामग्री का क्रय नहीं किया गया है। कोई भी अधिकारी/कर्मचारी दोषी नहीं है। शासन को कोई क्षति नहीं हुई है।

योजनांतर्गत लाभान्वित हितग्राही

53. ( क्र. 1364 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सतना एवं कटनी जिले में फलोद्यान योजना, साग-भाजी योजना, राष्‍ट्रीय उद्यानिकी मिशन योजना के अंतर्गत वर्ष, 2012-13 से प्रश्‍न दिनांक तक कितना-कितना आवंटन भौतिक वित्‍तीय प्राप्‍त हुआ? प्राप्‍त आवंटन से वर्षवार लाभांवित हितग्राहियों की योजनावार जानकारी देवें? (ख) प्रश्नांश (क) की योजना में लाभांवित हितग्राहियों की पात्रता का भौतिक सत्‍यापन किस अधिकारी द्वारा कब किया गया, नाम, पदनाम सहित बतावें? (ग) प्रश्नांश (क) में योजनांतर्गत कितना भुगतान हितग्राही के खाते में किया गया एवं कितनी राशि की सामग्री हितग्राही को दी गई तथा प्रावधान की प्रति उपलब्‍ध कराते हुए योजनांतर्गत हितग्राहियों के चयन में प्रावधानों का पालन किया गया अथवा नहीं? (घ) फलोद्यान योजनांतर्गत लगाये गये पौधों में से वर्षवार कितने पौधे जीवित रहें, कितने नष्‍ट हुए, किस अधिकारी द्वारा पुन: रोपण कराया गया? संबंधित योजना में कितने पौधे जीवित हैं?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। योजनान्तर्गत हितग्राहियों के चयन में प्रावधानों का पालन किया गया है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है।

अनुकम्‍पा नियुक्ति

54. ( क्र. 1389 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या संचालक, लोक शिक्षण, म.प्र. के पत्र क्रमांक/स्‍था-4/सी.अनु.नि./ 2013/1333, भोपाल, दिनांक 30.07.13 के माध्‍यम से मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत रीवा, जिला शिक्षा अधिकारी जिला ग्‍वालियर/रीवा को संविदा शाला शिक्षक के पद पर अनुकंपा नियुक्ति हेतु प्रशिक्षण की अनिवार्यता होगी? अन्‍यथा संविदा शाला शिक्षक वर्ग-2 एवं वर्ग-3 के पद पर नियुक्ति नहीं दी जा सकती? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में म.प्र. शासन सामान्‍य प्रशासन विभाग मंत्रालय के पत्र क्रमांक सी 3-12/2013/ 1/3, भोपाल, दिनांक 29 सितम्‍बर, 2014 के द्वारा शासन के समस्‍त विभागाध्‍यक्षों, जिला कलेक्‍टरों एवं आयुक्‍तों को जो शासकीय सेवकों की मृत्‍यु पर अनुकंपा नियुक्ति हेतु निर्देश दिये गए हैं, उसमें बिन्‍दु क्रमांक 12 प्रभावशीलता में यह स्‍पष्‍ट है कि अनुकंपा नियुक्तियों के प्रकरणों का निराकरण इस परिपत्र के तहत ही किया जाये? इस विभाग के पूर्व जारी पत्रों को निरस्‍त माना जाय? कण्डिका 6 अनुकंपा नियुक्ति की आवश्‍यकता अर्हताए तथा शिथिलीकरण के 6.5 में दिवंगत शासकीय सेवक के सहायक ग्रेड 3 के पद पर अनुकम्‍पा नियुक्ति के बाद कम्‍प्‍यूटर डिप्‍लोमा उत्‍तीर्ण किये जाने हेतु 3 वर्ष का समय दिया जायेगा? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में क्‍या संविदा शाला शिक्षकों के अनुकंपा नियुक्ति में भी नियुक्ति पश्‍चात् प्रशिक्षण हेतु 3 वर्ष का समय दिये जाने हेतु निर्णय शासन द्वारा लिया जायेगा? (घ) प्रश्नांश (क) के अनुसार क्‍या संविदा शाला शिक्षकों की मृत्‍यु की दशा में अनुकंपा नियुक्ति की कार्यवाही में प्रशिक्षण की बाध्‍यता समाप्‍त करते हुए प्रश्‍नांश (ख) अनुसार निर्णय लेते हुए पृथक से आदेश लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी किये जावेंगे? अगर आदेश किए जायेंगे, तो कब तक? अगर नहीं, तो क्‍यों?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। प्रश्नांश में उल्लेखित पत्र दिनांक 30.07.13 न होकर दिनांक 03.07.13 का है। (ख) जी हाँ। जी हाँ। (ग) जी नहीं। संविदा शाला शिक्षक वर्ग-2 व वर्ग 3 के पद हेतु शिक्षक प्रशिक्षण एवं अर्हता भारत सरकार के निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के अंतर्गत निर्धारित की गई है। (घ) प्रश्नांश (ग) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

 

संलग्‍नीकरण समाप्‍त कर मूल विभाग में वापस करना

55. ( क्र. 1390 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. सरकार द्वारा सर्व शिक्षा अभियान के तहत् उपयंत्रियों एवं सहायक यंत्रियों की नियुक्ति की कार्यवाही सर्व शिक्षा अभियान के तहत निर्मित भवनों एवं शौंचालयों के निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण हेतु की है? (ख) यदि हाँ, तो रीवा जिले में पदस्‍थ सर्व शिक्षा अभियान के उपयंत्रियों को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में रीवा जिला अंतर्गत संलग्‍न कर कार्य लिया जा रहा है? जबकि सर्व शिक्षा अभियान के तहत निर्माणाधीन विद्यालय भवन एवं शौचालय आज भी अधूरे एवं अपूर्ण के साथ गुणवत्‍ताविहीन हैं? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में संलग्‍नीकरण बात् सर्व शिक्षा अभियान के तहत पदस्‍थ सक्षम अधिकारी द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र भी क्‍या जारी किया गया है, जो विधि विपरीत है? (घ) यदि प्रश्‍नांश (ख) हां, तो सर्व शिक्षा अभियान के संलग्‍न उपयंत्रियों को उनके मूल कार्य करने हेतु जिला परियोजना समन्‍वयक राजीव गांधी शिक्षा मिशन, जिला रीवा को वापस करेंगे? अगर करेंगे, तो कब तक? अगर नहीं, तो क्‍यों?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। (ख) सर्व शिक्षा अभियान के तहत् निर्माणाधीन भवनों को पूर्ण किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों द्वारा अनुचित आहरण के कारण अपूर्ण कार्यों की नियमानुसार वसूली की कार्यवाही की जा रही है। जिले मे गुणवत्ता विहीन कार्य नहीं कराये गये है। उपयन्त्री को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का अतिरिक्त कार्य सौंपे जाने से कार्य की गुणवत्ता प्रभावित नहीं हो रही है। जिले के अपूर्ण/प्रगतिरत कार्यों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। (घ) सर्व शिक्षा अभियान के तहत् नियुक्त उपयन्त्री से सर्व शिक्षा अभियान के कार्यों के दायित्व से नहीं हटाया गया है। अतः वापस करने का प्रश्न ही उत्पन्न नहीं होता है।

परिशिष्ट ''बीस''

छात्रवृत्ति वितरण में अनियमितता

56. ( क्र. 1430 ) श्री अनिल फिरोजिया : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आदिम जाति कल्‍याण विभाग, जिला इन्‍दौर में विगत 5 वर्षों में छात्रवृत्ति वितरण में अनियमितता का मामला प्रकाश में आया था? यदि हाँ, तो इसमें किन-किन अधिकारियों के विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) उक्‍त जाँच अब तक लंबित है? यदि हाँ, तो लंबित होने का क्‍या कारण है? (ग) उक्‍त जाँच कब तक पूरी कर ली जावेगी?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। विशेष पुलिस स्‍थापना लोक आयुक्‍त कार्यालय इन्‍दौर द्वारा प्रकरणों की जाँच की जा रही है। प्रकरण पुलिस विवेचनाधीन है। (ग) निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण

57. ( क्र. 1444 ) श्री महेन्‍द्र केशर सिंह चौहान : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित किये जाने हेतु शासन की क्‍या नीति हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार बैतूल जिलान्‍तर्गत ऐसे कितने कर्मचारी हैं जिन्‍हें नियमित किया गया हैं तथा ऐसे कितने कर्मचारी हैं जिन्‍हें नियमित किया जाना हैं? (ग) जिन्‍हें नियमित नहीं किया गया हैं उन्‍हें कब तक नियमित किया जावेगा?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) सामान्‍य प्रशासन विभाग के ज्ञापन दिनांक 16/05/2007 अनुसार दिनांक 10/04/2006 की स्थिति में जिन दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की निरंतर सेवा अवधि 10 वर्ष की पूर्ण हो चुकी है, उन्‍हें राज्‍य स्‍तरीय छानबीन समीति के द्वारा पात्र पाये जाने पर स्‍वीकृत नियमित रिक्‍त पदों पर नियमितीकरण किये जाने का प्रावधान है। (ख) राज्‍य स्‍तरीय छानबीन स‍मीति के द्वारा बैतूल जिले के 143 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमितीकरण हेतु पात्र पाया गया है। जिनमें से 65 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित किया गया है एवं आरक्षण अनुसार पद रिक्‍त नहीं होने के कारण 78 कर्मचारी नियमितीकरण हेतु शेष है। (ग) नियमित भृत्‍य के पद रिक्‍त होने पर तद्नुसार रिक्‍त पदों के विरूद्ध पात्र दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण का प्रावधान हैं। यह एक सतत् प्रक्रिया है अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

प्रदेश स्‍टेट हज कमेटी में प्रावधान के विपरीत कार्यपालन अधिकारी की नियुक्ति

58. ( क्र. 1453 ) श्री आरिफ अकील : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रावधान के अनुसार प्रदेश स्‍टेट हज कमेटी के कार्यपालन अधिकारी के पद पर किस स्‍तर के अधिकारी को नियुक्‍त करने का प्रावधान है और वर्तमान में कौन तथा किस स्‍तर के अधिकारी पदस्‍थ है तथा प्रावधान के विपरीत निम्‍न स्‍तर के अधिकारी को किन कारणों से पदस्‍थ किया गया है? (ख) क्‍या हज कमेटी के वर्तमान कार्यपालन अधिकारी की सेवा पुस्तिका विभाग में उपलब्‍ध नहीं है एवं उनके विरूद्ध वक्‍फ सम्‍पत्ति का विनिमय आदि की जांचें प्रचलन में है? (ग) प्रश्नांश (क) अंतर्गत प्रावधान के विपरीत पदस्‍थ करने के लिए कौन-कौन दोषी है उनके विरूद्ध शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों कारण सहित बतावें?

श्रम मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) हज अधिनियम की धारा 29 (1) अनुसार उप सचिव स्‍तर के अधिकारी की पदस्‍थापना कार्यपालन अधिकारी, हज कमेटी के रूप में किये जाने का प्रावधान है। म.प्र. राज्‍य हज कमेटी में पदस्‍थ कार्यपालन अधिकारी मूलत: प्रबंधक म.प्र. राज्‍य तिलहन संघ के प्रथम श्रेणी के अधिकारी है। राज्‍य शासन द्वारा इनकी सेवाएं आयुक्‍त, पिछड़ा वर्ग तथा अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण कार्यालय में उप संचालक के पद पर प्रतिनियुक्ति कर ली गई है। वर्तमान में उप सचिव स्‍तर के मुस्लिम अधिकारी की अनुउपलब्‍धता के कारण हज कमेटी का संचालन सुचारू रूप से कराये जाने के दृष्टिगत विभाग के उप संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण को म.प्र. राज्‍य हज कमेटी का प्रभार सौंपा गया है। (ख) हज कमेटी के वर्तमान कार्यपालन अधिकारी की सेवा पुस्तिका आयुक्‍त, पिछड़ा वर्ग तथा अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण कार्यालय में उपलब्‍ध है। जी हाँ। (ग) उप सचिव के स्‍तर का पद प्रथम श्रेणी का पद है। उप सचिव स्‍तर के मुस्लिम अधिकारियों की अनुपलब्‍धता के कारण म.प्र. राज्‍य हज कमेटी के सुचारू संचालन के दृष्टिगत विभाग के उप संचालक को अतिरिक्‍त प्रभार सौंपा गया हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

फ्री कोचिंग एवं एलाईड स्‍कीम

59. ( क्र. 1454 ) श्री आरिफ अकील : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण विभाग भोपाल के माध्‍यम से भारत सरकार द्वारा वर्ष 2013-14, 2014-15 में किन-किन संस्‍थाओं को फ्री कोचिंग एवं एलाईड स्‍कीम के अंतर्गत कितनी-कितनी अनुदान राशि उपलब्‍ध कराई गई है तथा किस-किस संस्‍था द्वारा कितने छात्रों को कोचिंग दी गई? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में उक्‍त अनुदान प्राप्‍त संस्‍थाओं द्वारा किन-किन प्रोफेशनल कोर्सेस पीईटी/पीएमटी एवं सर्विस एग्‍जामिनेशन आदि की परिक्षाओं की कोचिंग दी गई तथा कितनी किश्‍तों में कितनी-कितनी राशि कितने छात्रों को प्रदान की गई? (ग) किन-किन संस्‍थाओं द्वारा किन-किन विषय की कोचिंग के पश्‍चात् सफल किन-किन छात्रों को किन-किन सरकारी संस्‍थानों में प्रवेश मिला संस्‍थानों की सूची जो विभाग में संस्‍थानों के द्वारा प्रस्‍तुत की गई वर्षवार बतावें?

श्रम मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) से (ग) प्रश्‍न में अंकित फ्री कोचिंग एवं एलाईड स्‍कीम योजना का संचालन भारत सरकार द्वारा सीधे किया जाता है। योजना में स्‍वीकृति एवं भुगतान की कार्यवाही सीधे भारत सरकार द्वारा की जाती है। योजना में केवल निरीक्षण की कार्यवाही राज्‍य शासन के माध्‍यम से की जाती है। अत: भारत सरकार द्वारा संचालित योजना की जानकारी दिया जाना संभव नहीं है।

मछली पालन हेतु तालाब के पट्टे

60. ( क्र. 1484 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या मत्‍स्‍य विभाग जिला राजगढ़ द्वारा राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र में मछली पालन हेतु तालाब पट्टे पर दिये जाते हैं? शासन के निर्देश की प्रति‍ उपलब्‍ध करावें? (ख) वर्ष 2015-16 में किन-किन समितियों को कितने समय के लिये कितनी प्रीमियम राशि पर मछली पालन हेतु तालाब पट्टे पर दिये गये हैं? समितियों के नाम व पता सहित जानकारी देवें? (ग) क्‍या जिन समितियों को पट्टे दिये गये हैं क्‍या वे स्‍थानीय समितियां हैं और वे समितियां पहले से पंजीकृत है या नवीन पंजीकृत है? (घ) क्‍या नवीन पंजीकृत अथवा अन्‍य दूसरी जो कि स्‍थानीय नहीं हैं उन समितियों को भी पट्टे दिये जा सकते है?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं। तालाबों के पट्टे त्रिस्‍तरीय पंचायतों द्वारा दिये जाते है जिसके नीति एवं निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है (ख) प्रश्‍नांश अनुसार वर्ष 2015-16 में समितियों को मछली पालन हेतु पट्टे पर दिये गये तालाबों, समितियों के नाम एवं पता की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जी हाँ। जलक्षेत्र आधारित समितियां है एवं पूर्व से पंजीकृत है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (घ) जी नहीं। समितियों को उनके कार्यक्षेत्र के ही तालाब/जलाशय का आवंटन प्राथमिकता के आधार पर किये जाने का प्रावधान है।

सामग्री का क्रय

61. ( क्र. 1495 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्‍योपुर जिले में संचालित आदिम जाति कल्‍याण विभाग को कराहल विकासखण्‍ड अंतर्गत संचालित 19 हाई/हायर सेकण्‍डरी स्‍कूलों हेतु फर्नीचर क्रय हेतु चालू वित्‍तीय वर्ष में कितनी राशि प्रदाय की? (ख) उक्‍त में से कितनी 2 राशि किस 2 दिनांक को उक्‍त स्‍कूलों के प्राचार्यों को उनकी डिमांड अनुसार सामग्री क्रय करने हेतु प्रदाय की किन-किन प्राचार्यों द्वारा शासन निर्देश अनुसार क्रय समिति का गठन कर कितनी-कितनी राशि से फर्नीचर व स्‍टील अलमारी क्रय करने में व्‍यय की? जानकारी स्‍कूलवार देवें? यदि राशि नहीं दी गई है तो क्‍यों? (ग) उक्‍त खरीदी कार्य में क्‍या प्रक्रिया अमल में लाई गई? (घ) क्‍या सहायक आयुक्‍त श्‍योपुर ने चालू वित्‍त वर्ष में शासन निर्देश व क्रय नियमों को अनदेखा कर अनियमित तरीके से बिना विज्ञप्ति एवं बिना विधिमान्‍य प्रक्रिया पूर्ण किये लाखों रूपये की गुणवत्‍ताहीन डोलडेक्‍स व स्‍टील अलमारियां दो तीन गुना अधिक दरों पर निजी फर्मों से क्रय कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई यदि नहीं, तो क्‍या शासन इस पूरे मामले की जाँच करायेगा यदि नहीं, तो क्‍यों?
आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) वित्तीय वर्ष 2015-16 में श्योपुर जिले को हाई स्कूल/हायर सेकण्‍डरी स्कूलों हेतु सामग्री पूर्ति मद में राशि रू. 8011553/- आवंटित की गई। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र , एवं अनुसार है। (ग) उक्त खरीदी कार्य में नियमानुसार म.प्र. भण्डार क्रय नियम की प्रक्रिया अनुसार मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम से क्रय की प्रक्रिया अमल में लाई गई। (घ) जी नहीं। प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

शिष्‍यावृत्ति राशि का व्‍यय

62. ( क्र. 1496 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्‍योपुर जिले में आदिम जाति कल्‍याण विभाग के अधीन वर्तमान में कितने-कितने सीटर छात्रावास कहाँ-कहाँ संचालित हैं? (ख) उक्‍त छात्रावासों को दिनांक 01.07.2015 से वर्तमान तक शिष्‍यावृत्ति हेतु कितनी राशि प्रदाय/व्‍यय की? (ग) क्‍या उक्‍त समस्‍त छात्रावासों से संबंधित अधीक्षकों द्वारा संधारित उपस्थिति पंजियों में विद्यार्थियों के जितने नाम दर्ज कर रखे हैं उतने विद्यार्थी उक्‍त छात्रावासों में वास्‍तव में हैं ही नहीं? इसके बावजूद शिष्‍यावृत्ति राशि का व्‍यय उपस्थिति पंजियों में दर्ज विद्यार्थियों की संख्‍या के मान से ही किया जा रहा है? (घ) क्‍या उक्‍त छात्रावासों में निवासरत विद्यार्थी जिन स्‍कूलों में अध्‍ययनरत हैं उन स्‍कूलों के प्रधान अध्‍यापकों/प्राचार्यों से अध्‍ययनरत् विद्यार्थियों की उपस्थिति प्रमाणित कराये बिना ही संबंधित अधीक्षकों द्वारा विभागीय अमले के संरक्षण के चलते अनियमित तरीके के शिष्‍यावृत्ति राशि का व्‍यय करके शासकीय राशि का दुरूपयोग किया जा रहा है, यही स्थिति जिले में संचालित समस्‍त आश्रम शालाओं की भी है? (ड.) यदि नहीं, तो क्‍या शासन प्रश्‍नांश (ग) व (घ) में उल्‍लेखित तथ्‍यों की जाँच कराएगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) श्‍योपुर जिले में आदिवासी मद से 17 छात्रावास संचालित है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) एवं (घ) जी नहीं। (ड.) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट ''इक्कीस''

शासकीय विद्यालयों में विद्युत संयोजन

63. ( क्र. 1563 ) श्री सुदर्शन गुप्‍ता (आर्य) : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदौर जिले में विभाग अंतर्गत कितने शासकीय प्राथमिक, माध्‍यमिक, हाईस्‍कूल व उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय संचालित है? संख्‍या बतावें। (ख) प्रश्‍न (क) अनुसार संचालित शासकीय विद्यालयों में से कितने विद्यालयों में विद्युत संयोजन है संख्‍या स्‍पष्‍ट करें व जिन विद्यालयों में विद्युत संयोजन नहीं है, उस हेतु विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है? (ग) क्‍या उपरोक्‍त विद्युत संयोजनों के देयकों का भुगतान विभाग द्वारा किया जाता है? यदि हाँ, तो किस मद से विद्युत देयकों का भुगतान किया जाता है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) 1114 शासकीय प्राथमिक शाला, 591 शासकीय माध्यमिक शाला, 68 शासकीय हाईस्कूल एवं 80 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय संचालित है। (ख) 126 प्राथमिक एवं 161 माध्यमिक 64 हाईस्कूल एवं 80 उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में विद्युत संयोजन उपलब्ध है। विद्युत सुविधा उपलब्ध कराने की कार्यवाही चरणबद्ध रूप से प्रचलित है। जो वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता एवं सक्षम स्वीकृति पर निर्भर करती है। (ग) नगर निगम सीमा क्षेत्र अंतर्गत अधिकांशतः प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं में नगर पालिक निगम एवं शेष नगर निगम सीमा क्षेत्र अंतर्गत विद्यालयों तथा अन्य नगरीय तथा ग्रामीण क्षेत्र में संचालित विद्यालयों में शाला प्रबंधन समिति द्वारा उपलब्ध आकस्मिक निधि से विद्युत देयकों का भुगतान किया जाता है। हाईस्कूल/हायर सेकण्‍डरी स्कूलों में विद्युत देयकों के भुगतान हेतु विभागीय बजट में ग्लोबल आवंटन उपलब्ध रहता है। सामान्यतः इसी से विद्युत देयकों का भुगतान किया जाता है। आवंटन समाप्त होने की दशा में संबंधित विद्यालय द्वारा स्थानीय मद/शाला प्रबंधन एवं विकास समिति मद से भुगतान किया जाता है। 

 

पलेरा में अम्‍बेडकर मंगल भवन की स्‍वीकृत

64. ( क्र. 1589 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधान सभा क्षेत्र के पलेरा नगर में वर्ष 2012-2013 या 2014 में शासन स्‍तर पर अम्‍बेडकर मंगल भवन स्‍वीकृत हो गया था? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त मंगल भवन को शासन के द्वारा किस कारण से निरस्‍त कर दिया गया, जबकि बल्‍देवगढ़ एवं निवाड़ी में निर्माण कार्य करा दिया गया है? (ग) क्‍या पलेरा में अम्‍बेडकर मंगल भवन को पुन: स्‍वीकृत कर निर्माण करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) एवं (ग) चूंकि पलेरा में विभाग द्वारा डॉ. अम्‍बेडकर मांगलिक भवन का निर्माण कार्य पूर्व में कराया जा चुका है, अत: पुन: भवन निर्माण नहीं कराया गया है। अत: शेष प्रश&