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संसदीय कार्यप्रणाली प्रदेश और वहां की जनता की प्रगति का माध्यम बनेः विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर

सदन की कार्यवाही का सुचारू संचालन स्वस्थ लोकतांत्रिक व्यवस्था का प्रतीकः मुख्यमंत्री डॉ. यादव

16 वीं विधानसभा के पंचम सत्र का समापन

56 घंटो से अधिक चली विधान सभा की कार्यवाही

सौहार्दपूर्ण वातावरण में चला सत्र, पक्षविपक्ष के सदस्यों ने लिया सक्रियता से भाग

 

                                                                                                                                                                                                    भोपाल, 24 मार्च ।

            मध्यप्रदेश की सोलहवीं विधानसभा के पंचम सत्र (बजट सत्र) का सोमवार को समापन हो गया। 10 मार्च से प्रारंभ हुए इस सत्र में कुल 9 दिन सदन की कार्यवाही संचालित हुई जिसमें सौहार्द पूर्ण वातावरण में पक्षविपक्ष ने सक्रियता के साथ भाग लिया और विधायी, वित्तीय और लोक महत्व के कार्य संपादित किए गए। इस सत्र में माननीय राज्यपाल महोदय श्री मंगू भाई पटेल का अभिभाषण हुआ एवं प्रदेश सरकार के वित्तीय वर्ष 2025−26 के आय व्यय को पारित किया गया तथा वित्तीय वर्ष 2024−25 की द्वितीय अनुपूरक मांगों को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

            सत्र के सफलतापूर्वक समापन पर माननीय विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, सभी माननीय मंत्रीगण, माननीय नेता प्रतिपक्ष, सभी माननीय सदस्यगणों, पत्रकारों एवं विधानसभा सचिवालय के सभी अधिकारियोंकर्मचारियों का धन्यवाद ज्ञापित किया है।

            माननीय अध्यक्ष महोदय ने कहा कि सदन में सार्थक चर्चा के माध्यम से ही जनता की समस्याओं का निराकरण होता है। सदन का चलना और चर्चा होना पक्ष और विपक्ष दोनों के हित में है। इससे जहां एक ओर विपक्ष को प्रश्नों, ध्यानाकर्षण और विभिन्न संसदीय माध्यमों से अपनी बात कहने का अवसर मिलता है वहीं सरकार को अपनी कार्यप्रणाली में कमियों को दूर करने हेतु बहुमूल्य सुझाव भी प्राप्त होते हैं जिससे प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार करने और उसमें कसावट लाने में सुविधा होती है।

            श्री तोमर ने कहा कि सदन की सफल कार्यवाही से विधायिका के कार्यपालिका पर नियंत्रण की वास्तविक तस्वीर भी परिलक्षित होती है। वास्तव में हमारा लक्ष्य यही होता है कि लोकतंत्र समृद्ध हो और संसदीय कार्यप्रणाली प्रदेश और उसकी जनता की प्रगति तथा उन्नति का माध्यम बने।

            अपने संबोधन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पक्ष एवं विपक्ष दोनों ओर के सभी सदस्य सदन की पूरी कार्यवाही में सत्र के अंतिम दिन तक सक्रिय रूप से प्रतिभागी रहे, यह एक स्वस्थ लोकतांत्रिक पंरपरा की निशानी है। इसके लिए माननीय अध्यक्ष महोदय एवं सभी सदस्यगण बधाई के पात्र हैं।

            उल्लेखनीय है कि जितने समय के लिए विधानसभा की कार्यवाही निर्धारित की गई थी उतने पूरे दिनों के लिए सदन की कार्यवाही संचालित हुई। कुछ कार्य दिवसों में तो निर्धारित समय अवधि से ज्यादा समय रात्रि दस बजे तक सदन की कार्यवाही में सक्रियता से सदस्यों ने भाग लिया। इस सत्र में अशासकीय कार्य भी काफी मात्रा में हुए हैं।

            इस सत्र में कुल 2939 प्रश्न प्राप्त हुए जिसमें से 1448 तारांकित और 1491 अतारांकित प्रश्न थे। ध्यानाकर्षण की 624 सूचनाएं प्राप्त हुईं जिसमें से 33 सूचनाएं ग्राह्य की गईं। शून्यकाल की 183 सूचनाएं और 510 याचिकाएं भी प्राप्त हुईं। इस सत्र के दौरान 4 शासकीय विधेयक और एक अशासकीय संकल्प भी सदन में पारित हुआ है। इस सत्र में अनेक समितियों के 59 प्रतिवेदन भी सदन के पटल पर रखे गए हैं।

            माननीय राज्‍यपाल महोदय के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन के प्रस्ताव पर सदन में कुल 11 घंटे 30 मिनट चर्चा हुई और बजट पर सामान्य चर्चा 9 घंटे 44 मिनट चली।

            माननीय मंत्री लोक निर्माण विभाग श्री राकेश सिंह ने सदन के समापन के उपरांत मीडिया से चर्चा में कहा कि यह सत्र पूर्ण रूप से सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ है और विधानसभा की कार्यवाही को कुशलता पूर्वक संपादित करने में माननीय अध्यक्ष महोदय श्री नरेन्‍द्र सिंह तोमर की महत्वपूर्ण भूमिका है। वे गंभीरता से सदन को संचालित करते हैं एवं सदन के प्रत्येक सदस्य को महत्व प्रदान करते हैं। श्री तोमर का अनुभव सुदीर्घ है और उनके दिशानिर्देश को पक्षविपक्ष दोनों ही पूर्ण रूप से स्वीकार करते हैं।

            सत्र समापन पर माननीय विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्‍द्र सिंह तोमर से भेंट करके माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, माननीय नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार और माननीय संसदीय कार्यमंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने सत्र के सफल संचालन की बधाई दी।

 

विस/ जसं/ 25

 

                                                                                                                                                                                                      नरेंद्र मिश्रा

                                                                                                                                                                                                     अवर सचिव