तरुण विकास को समर्पित विचार, जेन जी अराजकता का पर्याय: श्री तोमर
32 वीं भारतीय युवा संसद में तरुणाई से आह्वान, देश और स्व हित में जुटें
भोपाल, 31 अक्टूबर, 2026
लोकतंत्र मे अभिव्यक्ति की आजादी तो है लेकिन यह आजादी दुरुपयोग के लिए नहीं है। यह आजादी मर्यादित आचरण के लिए है। हमारे देश के युवाओं और तरुणों का यह याद रखना चाहिए कि यह आजादी हमें कैसे मिली है। यदि वे इस जज्बे का याद रखेंगे तो आजादी को ताकत देंगे। हमें जेन जी और तरुण भारत के अंतर का समझना होगा। तरुण भारत देश के विकास को समर्पित विचार है और जेन जी अराजकता का पर्याय।
मध्यप्रदेश विधान सभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने यह बात मंदसौर में आयोजित 32 वीं भारतीय युवा संसद में कही। इस कार्यक्रम में वे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में संसदीय लोकतंत्र, लोकतांत्रिक मूल्यों एवं संसदीय कार्यप्रणाली के प्रति जागरूकता विकसित करना था। कार्यक्रम में मंदसौर के सांसद श्री सुधीर गुप्ता, विधायक श्री दिलीप सिंह परिहार, श्री हरदीप सिंह डंग, चंदर सिंह सिसौदिया, पूर्व विधायक श्री यशपाल सिंह सिसौदिया, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री राजेश दीक्षित, सहकारिता नेता श्री मदनलाल राठौर, युवा संसद के आयोजक श्री आशुतोष जोशी सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।
युवा संसद को संबोधित करते हुए श्री तोमर ने कहा कि देश के परिदृश्य पर कार्य करने के लिए और उपलब्धि प्राप्त करने के विभिन्न कार्य दिखाई देते हैं लेकिन ऐसे अनेक कार्यों में सबसे कठिन कार्य व्यक्तित्व निर्माण की प्रक्रिया को संचालित करना। कोई भी बड़ा उद्योग लगाया जाए तो वह जल्दी लाभ कमा सकता है। कहीं भी सेवा कार्य करेंगे तो अच्छी उपलब्धि मिल सकती है। लोकतंत्र के लिए आवश्यक व्यक्ति निर्माण की प्रक्रिया पर कार्य करना दुष्कर है। जब लाखों लोगों पर काम करते हैं तब कहीं जाकर मुट्ठी भर लोगों के व्यक्तित्व निर्माण की उपलब्धि प्राप्त होती है। कम उपलब्धि वाले क्षेत्र को चुनना, कार्य करना और उपलब्धि हासिल करने वाले संगठनों की जितनी प्रशंसा की जाए कम है। देश में अनेक आध्यात्मिक, सामाजिक व अन्य संगठन हैं जो व्यक्ति निर्माण का कार्य कर रहे हैं लेकिन व्यापक फलक पर जिस समर्पण के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कार्य किया है, उस कार्य की तुलना किसी और संगठन के साथ नहीं हो सकती है।
मध्य प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने जी जेन के संदर्भ में कहा कि जेन जी के बारे में सोचेंगे पाएंगे कि जेन जी की कोई परिभाषा नहीं है। इसे एक उम्र से जोड़ दिया गया है। लेकिन मेरी नजर में ये देश की तरुणाई है। जब हम दोनों शब्दों को देखते हैं तो पूरा अर्थ बदल जाता है। जेन जी का नाम लेने पर अराजकता याद आती है और तरुण भारत कहते हैं तो खुदीराम बोस, सरदार भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, राजगुरु, महारानी लक्ष्मीबाई याद आएंगे। आदि शंकरचार्य ने जब देश की पदयात्रा की थी तब वे युवा थे। स्वामी विवेकानंद ने जब विश्व धर्म संसद में संबोधित किया था तब वे भी युवा थे। दोनों चरित्र शब्द से ही बदल जाते हैं। हमें दीवार बनकर जेन जी के शाब्दिक अर्थ को रोकना पड़ेगा। यह तरुण भारत है। यह उदियमान भारत है। इस तरुणाई की विरासत वह भारत है जिसके साहित्य और संस्कृति ने पूरी दुनिया को विज्ञान देने का काम किया है। गणित का शून्य दिया है।
श्री तोमर ने कहा कि देश में लोकतंत्र के कारण अभिव्यक्ति की आजादी है। यह आजादी में हमें किसी ने तश्तरी में परोस कर नहीं दी है। युवाओं ने हँसते-हँसते अपने प्राणो का बलिदान दिया है उसके बाद यह आजादी मिली है। आज के तरुण भारत को इस आजादी का महत्व समझना होगा। लोकतंत्र मे अभिव्यक्ति की आजादी तो है लेकिन यह आजादी दुरुपयोग के लिए दुरुपयोग के लिए नहीं है। यह आजादी मर्यादित आचरण के लिए है। देश को आगे बढ़ाने के लिए तो है, देश को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं है। हमारे देश के युवाओं और तरुणों का यह याद रखना चाहिए कि यह आजादी हमें कैसे मिली है। यदि वे इस जज्बे का याद रखेंगे तो आजादी को ताकत देंगे।
स्व बोध: आत्म जागृति से राष्ट्र निर्माण विषय पर आयोजित युवा संसद में श्री तोमर ने आह्वान किया कि तरुण भारत को देश निर्माण में जुटना चाहिए। इसके लिए अपने देशक अतीत को जानना चाहिए। राजनीतिक, सांस्कृतिक और सामाजिक जड़ों से जुड़ना चाहिए। ऐसा करेंगे तो स्वयं का विकास होगा और आत्मिक ताकत बढ़ेगी। वर्तमान परिवेश में शिक्षित होना अत्यंत अनिवार्य है, उतना ही आवश्यक तकनीक का उपयोग करना भी है। 2014 के बाद से प्रधानमंत्री श्री नरेंद मोदी लगातार आग्रह कर रहे हैं कि हमें तकनीक को साथ लेकर आगे बढ़ना है। लेकिन इसके साथ हमें सावधानी भी रखनी है। चाहे एआई हो या सोशल मीडिया, तकनीक का उपयोग अपने और देश हित में करेंगे तो सभी का कल्याण होगा।
इससे पूर्व मंदसौर पहुंचने पर श्री तोमर का स्थानीय भाजपा नेताओं, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने स्वागत किया। श्री तोमर ने लौह पुरुष, भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें जयंती श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने सरदार पटेल जी के राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं सुदृढ़ भारत के निर्माण में दिए गए अतुलनीय योगदान का स्मरण किया।
मंदसौर से वापसी के दौरान विधान सभा अध्यक्ष श्री तोमर ने रतलाम में कैबिनेट मंत्री श्री चैतन्य कश्यप के निवास पर पहुंच कर उनकी माता जी के निधन पर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। गौरतलब है कि बीते दिनों श्री कश्यप की माताजी का देहांत हो गया था।



