मध्यप्रदेश विधान सभा
प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च, 2026 सत्र
गुरुवार, दिनांक 26 फरवरी, 2026
भाग-1
तारांकित
प्रश्नोत्तर
स्टॉप
डैम/तालाब
का निर्माण
[जल संसाधन]
1. ( *क्र. 1940 ) श्री विवेक विक्की पटेल : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र 112, वारासिवनी-खैरलांजी के अंतर्गत जल संसाधन विभाग अंतर्गत कितने स्टॉप डैम/तालाब निर्माण एवं जलाशय जीर्णोद्धार की स्वीकृति शासन स्तर पर विचाराधीन है? ऐसे कितने स्टॉप डैम/तालाब की साध्यता स्वीकृत है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार जिन परियोजनाओं की साध्यता स्वीकृत हो चुकी है? उनकी प्रशासकीय स्वीकृति कब तक कर दी जावेगी? (ग) विकासखंड वारासिवनी अंतर्गत ग्राम रमरमा एवं ग्राम सिर्रा की सीमा पर बने चांपा जलाशय से 20-25 ग्रामों की कृषि भूमि की सिंचाई होती है? उक्त जलाशय का जीर्णोद्धार अति आवश्यक है? क्या इस हेतु कोई कार्ययोजना शासन स्तर पर प्रस्तावित है?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) 03 योजनाओं के सुधार/मरम्मत कार्य प्रस्ताव साध्य हेतु परीक्षणाधीन होना प्रतिवेदित है। शेष प्रश्नांश लागू नहीं। (ख) उत्तरांश 'क' के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न लागू नहीं। (ग) जी नहीं, अपितु 03 ग्राम की कृषि भूमि में सिंचाई होती है। जलाशय की वर्तमान भौतिक स्थिति संतोषजनक नहीं होने के कारण जीर्णोद्धार की स्थिति नहीं है।
धिरौली कोयला ब्लॉक में अनियमितता
[राजस्व]
2. ( *क्र. 2873 ) श्री उमंग सिंघार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सिंगरौली के अंतर्गत धिरौली कोयला परियोजना के लिये कुल 2672 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण हेतु मध्यप्रदेश सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 के अंतर्गत कितनी भूमि के लिये अधिसूचना जारी की गई थी? साथ ही सोशल इम्पेक्ट असेसमेंट रिपोर्ट कब तैयार की गई? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में कितनी भूमि का अधिग्रहण निजी तथा सरकारी भूमि का किया गया? इसके नोटिफिकेशन कब-कब जारी किये गये? इस आधार पर कितनी मुआवजा राशि दी गई है? (ग) क्या सरकारी भूमि का मुआवजा प्राप्त हो गया है, तो कितना एवं कब? (घ) क्या धिरौली कोयला प्रक्षेत्र संविधान की छठवीं अनुसूची के अंतर्गत आता है या नहीं? यदि नहीं, तो किस आधार पर अधिग्रहण की कार्यवाही की गई?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) सिंगरौली जिले के अंतर्गत धिरौली कोल ब्लॉक परियोजना हेतु 08 ग्रामों की निजी भूमि कुल रकबा 554.01 हे., शासकीय गैर वन भूमि 681.80 हे., वनभूमि (संरक्षित वन भूमि), 1335.35 हे. तथा राजस्व वन भूमि 62.19 हे. कुल परियोजना से प्रभावित भूमि 2672.00 हे. कुल रकबा परियोजना के लिये प्रस्तावित थी। इस प्रकार निजी अंतर्गत 08 ग्रामों में से 05 ग्रामों का अर्जन भूमि पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा-11 के तहत कुल रकबा 208.12 हे. हेतु दिनांक 15.02.2022 को अधिसूचना जारी की गई थी। प्रभावित अधिनियम 2013 की धारा-8 के द्वारा दिनांक 04.02.2022 को सोशल इम्पेक्ट असेसमेंट रिपोर्ट तैयार की गई। (ख) प्रभावित कुल 05 ग्रामों का निजी भूमि कुल रकबा 203.882 हे. का भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 के तहत अर्जन किया गया। निजी भूमि का अधिग्रहण का अवार्ड दिनांक 01.03.2024 को पारित/घोषित किया जा चुका है। निजी भूमि की कुल अवार्ड राशि 5,04,37,26,331.00 रूपये है। शासकीय भूमि का कुल रकबा 151.05 हे. का म.प्र. भू-राजस्व संहिता की धारा 247 के तहत दिया जाना प्रावधानित है, जिसकी कार्यवाही प्रचलित है। (ग) शासकीय भूमियों का भू-भाटक, प्रीमियम राशि जमा कराया जाता है एवं उस पर स्थित परिसम्पत्तियों का मुआवजा दिया जाता है। उत्तरांश 'ख' के उत्तर अनुसार कार्यवाही प्रचलन में है। (घ) जी नहीं। भूमि के अधिग्रहण की कार्यवाही भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 के प्रावधानों के तहत की गई है।
स्कूल शिक्षा विभाग में अनुकंपा नियुक्ति संबंधी प्रकरण
[स्कूल शिक्षा]
3. ( *क्र. 1869 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत सात वर्षों में नर्मदापुरम संभाग अंतर्गत स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत श्रेणीवार कितने शिक्षकों एवं अशिक्षकीय कर्मचारियों का निधन हुआ एवं कितने कर्मचारी सेवानिवृत हुए? (ख) जिलावार संख्यात्मक जानकारी देते हुए बतायें कि इनमें से कितनों के परिजनों द्वारा अनुकंपा नियुक्ति हेतु आवेदन किया गया? संख्यात्मक जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित आवेदकों में से कितनों को अनुकंपा नियुक्ति दी गयी है। कितनों को नियुक्ति दी जाना शेष है। (घ) नर्मदापुरम जिले के विगत सात वर्षों में मृत कर्मचारियों के नाम एवं अनुकंपा नियुक्ति के आवेदकों के नाम सहित जानकारी देते हुए बताएं कि इनमें से किन-किन को अनुकंपा नियुक्ति दी गयी है। शेष लोगों को अनुकंपा नियुक्ति कब तक दी जा सकेगी। (ड.) क्या स्कूल शिक्षा के कर्मचारी उसी विभाग में अनुकंपा नियुक्ति के लिये पात्र हैं या राज्य शासन के किसी भी विभाग में अनुकंपा नियुक्ति हेतु पात्र हैं? (च) क्या शासन के समस्त सेवानिवृति से रिक्त पदों पर अनुकंपा नियुक्ति देने संबंधी प्रकरण विचाराधीन हैं?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। उपलब्ध पद एवं आवश्यक अर्हता अनुरूप अनुकम्पा नियुक्ति दिया जाना एक सतत् प्रक्रिया है। (ड.) सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र दिनांक 29.09.2014 के अनुक्रम में स्कूल शिक्षा विभाग में वांछित पद रिक्त न होने के कारण संबंधित जिले के कलेक्टर हेतु विभागीय अनापत्ति प्रदाय की जाती है, संबंधित जिला कलेक्टर के अधीन अन्य विभागों में रिक्त पद उपलब्ध होने की स्थिति में नियमानुसार जिले स्तर पर कार्यवाही जिला कलेक्टर द्वारा की जाती है। (च) जी नहीं, अनुकंपा नियुक्ति आवेदक द्वारा वांछित न्यूनतम पद पर, उक्त पद के नियुक्तिकर्ता अधिकारी द्वारा प्रदाय किये जाने का प्रावधान है।
लंबित नामांतरण के प्रकरण
[राजस्व]
4. ( *क्र. 1689 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में नामांतरण हेतु ऑनलाइन वर्ष 2025 से प्रश्न दिनांक तक तहसील में कितने प्रकरण लंबित हैं, जो बंधक भूमि है, क्या उनके नामांतरण भी प्रशासन द्वारा किये गये? विवरण दें। (ख) क्या ऑनलाइन आवेदन पोर्टल पर आवेदकों द्वारा समस्त सह पत्र अपलोड कर तहसीलदार की आई.डी. पर भेजे जाते हैं, जिनको बगैर कारण के निरस्त कर दिया जाता है? क्या 2015 की नकल सरकार द्वारा दिये जाने हेतु कोई क्या व्यवस्था/आदेश किये हैं? यदि हाँ, तो स्पष्ट करें? (ग) प्रश्नांश "क" एवं "ख" के तहत सरकार पोर्टल में प्राप्त आवेदनों के संबंध की वैधानिक जाँच दिनांकवार की जावेगी?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) छतरपुर जिले में नामांतरण हेतु ऑनलाइन वर्ष 2025 से आज दिनांक तक कुल लंबित प्रकरण आर.सी.एम.एस. पोर्टल के अनुसार 6838 हैं, तहसीलवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। जिले में नियमानुसार बंधक भूमि के नामान्तरण नहीं किये जा रहे हैं। (ख) जिला छतरपुर अंतर्गत शासन नियमानुसार प्राप्त आवेदन पत्र जांच उपरान्त विसंगति पाये जाने पर ही नियमानुसार निरस्त किये जाते हैं। भूमि संबंधी अभिलेखों की नकल संबंधित जिला/तहसील कार्यालयों में नियमानुसार आवेदन दिये जाने के उपरांत प्रदाय किये जाने की व्यवस्था उपलब्ध है। (ग) उत्तरांश 'क' एवं 'ख' अनुसार पृथक से जांच की आवश्यकता नहीं है।
तहसील गुनौर के नामांतरण प्रकरण
[राजस्व]
5. ( *क्र. 930 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या तहसीलदार, गुनौर द्वारा प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्रमांक 1343, दिनांक 03.07.2024 के पश्चात 3000 वर्ग फुट से कम भूमि प्रकरणों के नामांतरण अवैध कॉलोनी का हवाला देकर स्वीकृत नहीं किये गये हैं? यदि हाँ, इस प्रकार अस्वीकृत/स्थगित किये गये प्रकरणों की वर्षवार प्रकरणवार जानकारी देवें। यदि नहीं, तो क्या तहसीलदार गुनौर द्वारा अवैध प्लाटिंग को बढ़ावा दिया जाकर अपने पदीय दायित्वों/कर्तव्यों का उल्लंघन किया गया है? क्या इस अवैधानिक कार्यवाही के लिये म.प्र. नगरपालिका कॉलोनी विकास नियम 2021 एवं शासन प्रावधान अंतर्गत तहसीलदार गुनौर के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कार्यवाही कब तक की जावेगी? यदि नहीं, तो कार्यवाही क्यों नहीं की जावेगी? (ख) क्या तहसीलदार गुनौर द्वारा प्रश्नांश (क) में वर्णित प्रश्न की अवधि के पश्चात जिन नामांतरण प्रकरणों को पहले अस्वीकृत/स्थगित किया गया था? क्या उन्हें अब स्वीकृत किया जा रहा है? यदि हाँ, तो प्रकरणवार, वर्षवार जानकारी देवें। क्या वरिष्ठ कार्यालय से उक्त प्रकरणों को स्वीकृत करने के संबंध में कोई लिखित पत्र प्राप्त हुये हैं? यदि हाँ, तो पत्रों की प्रति उपलब्ध करावें। यदि नहीं, तो इस प्रकार की मनमानी के लिये संबंधित पीठासीन अधिकारी पर क्या कार्यवाही की जावेगी? क्या एक ही भूमि के प्रकरण को तहसीलदार गुनौर द्वारा पहले खारिज करना तथा फिर उसी भूमि के प्रकरण को एक ही तहसीलदार द्वारा स्वीकृत किया जाना विधि संगत है? यदि हाँ, तो नियमों की प्रति देवें। यदि नहीं, तो ऐसी दूषित कार्यवाही के लिये संबंधित तहसीलदार पर क्या कार्यवाही की जावेगी?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी नहीं। तहसीलदार गुनौर द्वारा म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 में निहित प्रावधानों के अंतर्गत 3000 वर्गफुट या उससे कम के क्षेत्रफल के नामांतरण का होना बंधनकारी न होने से गुणदोष के आधार पर प्रकरणों का निराकरण किया गया है, म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 के प्रावधानों के तहत नामांतरण प्रक्रिया अंतर्गत निराकरण किये जाने से म.प्र. नगरपालिका (कॉलोनी विकास) नियम 2021 के प्रावधान लागू नहीं होते। (ख) तहसीलदार गुनौर के समक्ष आवेदक द्वारा प्रस्तुत आवेदन पत्र पर दस्तावेजी साक्ष्यों के अभाव में प्रकरण की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए गुणदोष के आधार पर निराकरण किया गया है। वरिष्ठ कार्यालय से तहसीलदार, गुनौर को प्रकरणों को अस्वीकृत/स्वीकृत करने के संबंध में कोई पत्र नहीं भेजे गये हैं। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
किसान सम्मान निधि अंतर्गत लाभांवित हितग्राही
[राजस्व]
6. ( *क्र. 2822 ) श्री संतोष वरकड़े : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत कितने हितग्राहियों को लाभ मिल रहा है? (ख) किसान सम्मान निधि अंतर्गत ऐसे कितने पात्र हितग्राही हैं, जिनके प्रकरण लंबित हैं? (ग) किसान सम्मान निधि अंतर्गत लंबित आवेदन कब तक स्वीकृत किये जायेंगे?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) पी.एम. किसान पोर्टल अनुसार वर्ष 2025-26 में माह जनवरी, 2026 तक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 83.93 लाख हितग्राहियों को योजना का लाभ प्रदान किया गया है। (ख) समस्त पंजीकृत पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनांतर्गत नियत अनिवार्य कार्यवाही पूर्ण करने पर योजना का लाभ प्राप्त हो रहा है। (ग) योजनान्तर्गत पी.एम. किसान पोर्टल के माध्यम से हितग्राहियों से प्राप्त आवेदन का सतत् निराकरण किया जाता है।
संविदा कर्मचारियों से नियम विरूद्ध कार्य कराया जाना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
7. ( *क्र. 2124 ) श्री राजेन्द्र मेश्राम : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा संभाग अंतर्गत कितने जिला चिकित्सालय एवं मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में स्टोर कीपर का कार्य वरिष्ठ फार्मासिस्ट से न कराकर बाबू या संविदा फार्मासिस्ट से कराया जा रहा है? विगत 2024-25 एवं 2025-26 से कितने जिले में संविदा कर्मचारियों से सिविल सर्जन/सी.एम.एच.ओ. द्वारा स्टोर कीपर एवं लिपिक का कार्य कराया गया तथा नियम विरुद्ध कार्य संपादित करने वाले अधिकारी के कार्य की जांच एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी? (ख) विगत वर्षों में 2024-25 एवं 2025-26 में नियम विरुद्ध Non E.D.L. औषधि का क्रय संविदा कर्मचारी एवं अधिकारी द्वारा किया गया? दोषियों पर तत्काल कार्यवाही कब तक की जायेगी? बताने का कष्ट करेंl (ग) दोनों स्टोर (C.M.H.O./C.S.) का प्रभार पदोन्नत, स्टोर कीपर को दिये जाने का विभागीय आदेश है? यदि हाँ, तो कब तक पालन किया जावेगा?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। त्रुटिकर्ता अधिकारियों को नोटिस जारी किये गये हैं। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी/सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक, सिंगरौली एवं सतना को नियमित फार्मासिस्टों स्टोर कीपर/क्रय शाखा का प्रभार देने के निर्देश जारी किये गये हैं, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (ग) पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार निर्देश जारी किये गये हैं। कार्यवाही प्रचलित होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
भिण्ड चिकित्सा महाविद्यालय व जिला चिकित्सालय में पद पूर्ति
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
8. ( *क्र. 2899 ) श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2024 में भिण्ड चिकित्सा महाविद्यालय के लिये म.प्र. बीज विकास निगम भिण्ड के भू-खण्ड को मंत्री परिषद की मंजूरी के बाद मद परिवर्तित किया गया है, उसके उपरांत भी उक्त भू-खण्ड को आमोद-प्रमोद से हटाने हेतु विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो प्रश्न दिनांक तक हटाने हेतु विभाग से अवगत करावें? यदि नहीं, तो यह प्रक्रिया कब तक पूर्ण की जावेगी? समयावधि बताने का कष्ट करें। (ख) भिण्ड जिला चिकित्सालय में डॉक्टर के 42 पद स्वीकृत हैं, वर्तमान में मात्र 15 कार्यरत हैं, स्पेशलिस्ट के 27 पद रिक्त पड़े हुए हैं, इसके अलावा मेडिकल ऑफिसर के 30 में मात्र 12 पद भरे हुए हैं, शेष 18 रिक्त हैं, इसी प्रकार नर्सिंग स्टाफ के 175 में मात्र 135 पद भरे तथा 40 रिक्त हैं, मेडिसिन में कोई भी डॉक्टर उपलब्ध नहीं है, साथ ही एक्स-रे विभाग में डॉक्टर नहीं होने के कारण व्यवस्थाएं चरमराई हुई है, उक्त समस्त रिक्त पड़े पद कब तक पूर्ति किये जावेंगे? समयावधि बताने का कष्ट करें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं। नीतिगत निर्णय होने से निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) प्रश्नांश के अनुक्रम में तालिका में दर्शाए अनुसार पदों की जानकारी इस प्रकार है :-
|
पद का नाम |
स्वीकृत पद |
कार्यरत संख्या |
रिक्त पद |
|
चिकित्सक |
72 |
24 |
48 |
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स्पेशलिस्ट |
42 |
15 |
27 |
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मेडिकल ऑफिसर |
30 |
12 |
18 |
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नर्सिंग स्टाफ |
175 |
135 |
40 |
इसके अलावा एक संविदा चिकित्सक मेडिसिन विशेषज्ञ कार्यरत है। पदों के संबंध में विस्तृत जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। जिला चिकित्सालय में एक्स-रे लिये जा रहे हैं। रिक्त पदों की पूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है, निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
कम्प्यूटीकरण के कारण भूमि के स्वामित्व में परिवर्तन
[राजस्व]
9. ( *क्र. 702 ) श्री महेंद्र रामसिंह यादव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शिवपुरी जिले समस्त तहसीलों में कम्प्यूटरीकरण के कारण हुई त्रुटि के कारण किसानों की निजी भूमि को शासकीय भूमि दर्शाया गया है? यदि हाँ, तो ऐसी स्थिति में किन-किन कृषकों की भूमि प्रभावित हुई है? ग्रामवार, पटवारी हल्कावार, तहसीलवार विस्तृत जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) आयुक्त भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त म.प्र. द्वारा कलेक्टर शिवपुरी को कम्प्यूटराईज्ड त्रुटि की जांच कर सुधार किये जाने हेतु कौन-कौन से पत्र प्रेषित किये गये एवं उनके पालन में किन-किन पटवारी हल्कों में किन-किन कृषकों की भूमि का भू-अभिलेख सुधार कर लिया गया है व किन-किन का शेष है व शेष का सुधार कार्य कब तक कर लिया जायेगा? नामवार, ग्रामवार, पंचातयवार पटवारी हल्कावार, तहसीलवार जानकारी उपलब्ध करावें। यदि नहीं, तो दोषी के विरूद्ध क्या कोई कार्यवाही की गयी है? यदि हाँ, तो विवरण दें? यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) शिवपुरी जिले में ऐसे कुछ प्रकरण संज्ञान में आये थे, जो कि रिकॉर्ड कम्प्यूटरीकरण के समय त्रुटिवश निजी/पट्टे से प्राप्त भूमि को शासकीय दर्शाया गया था, जो कि आवेदक के आवेदन एवं राजस्व अभिलेख पखवाड़ा अभियान अंतर्गत संज्ञान में आते ही त्रुटि का सुधार कर दिया गया है। अनुभाग कोलारस, शिवपुरी एवं पिछोर की ग्रामवार पटवारी हल्कावार, तहसीलवार विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। शेष जानकारी निरंक। (ख) जानकारी निरंक है।
शासकीय भूमि पर अवैध कॉलोनी
[राजस्व]
10. ( *क्र. 2529 ) श्री हजारीलाल दांगी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नगर खिलचीपुर प.ह.नं. 57 में स्थित भूमि सर्वे क्र. 596, रकबा 32, बीघा 5, बिस्वा मिसल बन्दोबस्त व वर्ष 1942 में गैरमकबूजा (शासकीय) तालाब अंकित है? इस भूमि का मिसल बन्दोबस्त व वर्ष 1942 से वर्तमान तक किन-किन भूमि स्वामियों के नाम अन्तरण हुआ है? क्या अन्तरण सक्षम अधिकारी, न्यायालय के आदेशों से हुआ है? यदि हाँ, तो आदेशों की प्रतियां उपलब्ध करावें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित भूमि वर्ष 1962 में बिना किसी समक्ष अधिकारी के आदेश के महाराज हुजूर कुंवर साहब खिलचीपुर के नाम व वर्ष 1976-77 में बसन्तीबाई राजपूत व वर्ष 2007-12 में श्री प्रियव्रत सिंह राजपूत के नाम दर्ज हुई है? क्या ये भूमि स्वामी परिवर्तन नियम विरूद्ध हुये हैं? यदि हाँ, तो भूमि पुनः शासकीय तालाब के नाम कब तक दर्ज की जायेगी? इस भूमि के रिकॉर्ड में कूट रचना हेरा फेरी में कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी हैं एवं दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? जानकारी दें। (ग) क्या प्रश्नांश (क) एवं (ख) में वर्णित भूमि कॉलोनी काटने हेतु नियमानुकूल है? क्या कॉलोनाईजर द्वारा शासन के नियमानुसार अनुमतियां प्राप्त की है? संबधित दस्तावेजों, प्रकरणों, अनुमतियों की प्रतियां उपलब्ध करावें। क्या कॉलोनाईजर द्वारा तथ्य छिपाकर अवैध रूप से टी.एन.सी.पी. तथा रेरा सहित अन्य परमिशन प्राप्त की है? क्या कॉलोनी अवैध है? इस भूमि पर काटी जा रही अवैध कॉलोनी के भूमिस्वामी एवं कॉलोनाईजर के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी और कब तक की जावेगी? समय-सीमा बतायें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। नगर खिलचीपुर प.ह.नं. 57 का सर्वे क्रमांक 596, रकबा 32, बीघा 5, विस्वा मिसल बन्दोबस्त में गैर. मकबुजा ताला शासकीय अंकित है। (2) संवत 2015 लगायत 2018 यानि 1958.59 का रिकॉर्ड का पांचसाला खसरा जीर्ण-शीर्ण होने से उक्त अवधि की जानकारी उपलब्ध नहीं है। (3) संवत 2019 लगायत 2023 यानि 1962.63 से प्रारंभ खसरा पांचसाला में उक्त भूमि श्री हुजुर महाराज कुंवर साहब के नाम पर बसरा क्रमांक 565 के अनुसार दर्ज है, उस वर्ष में सर्वे क्रमांक 565 में भी हुजुर महाराज कुंवर साहब के नाम पर भूमि स्वामी स्वत्व में खसरे में दर्ज है। (4) कालान्तर में उक्त भूमि खसरा 1974.75 में बसन्ती बाई बैवा बंजरग सिंह जाति राजपूत के नाम पर दर्ज अभिलेख है। उक्त भूमि तहसीलदार न्यायालय खिलचीपुर के प्रकरण क्रमांक 0016/अ.6/1972.73 में पारित आदेश दिनांक 23.07.1974 अनुसार भारतेन्दु सिंह के स्थान पर बसन्ती बाई को संहिता की धारा-190 के अधीन भूमि स्वामी स्वत्व प्राप्त होने से नामान्तरित की गई है। उक्त के उपरान्त वर्ष 2002-2003 तक बसन्तीबाई के नाम पर दर्ज है। (5) प्रश्नगत भूमियों के साथ अन्य भूमियों के विषय में भारतेन्दु सिंह के विरूद्ध सिलिंग का एक प्रकरण प्रचलित रहा जो दिनांक 21.06.1977 को निरस्त किया गया था। उक्त आदेश के विरूद्ध स्वमेव पुनरीक्षण में कमिश्नर भोपाल संभाग के प्रकरण क्रमांक 0097/81.82 में पारित आदेश दिनांक 18.04.1983 से उक्त आदेश निरस्त कर प्रकरण प्रत्यावर्तित कर पुनः आदेश पारित करने हेतु निर्देशित किया गया था। उक्त के क्रम में अनुविभागीय अधिकारी द्वारा अपने प्रकरण क्रमांक 641 एवं 642/बी-90/1974.75, पारित आदेश दिनांक 24.04.1995 के माध्यम से उक्त संपत्ति राजाओं की व्यक्तिगत संपत्ति होने का हवाला देकर एवं संहिता की धारा 571 के अंतर्गत ऐसे अधिकार सुरक्षित रखे जाने का हवाला देकर सिलिंग प्रकरण में किसी प्रकार की कोई आवश्यकता नहीं होना पाया जाकर उक्त प्रकरण को खारिज किया गया है। (6) उक्त भूमि साल 2002.03 लगायत 2004.05 के खसरा आधार वर्ष में तहसीलदार न्यायालय के प्रकरण क्रमांक 0012/अ-6/2002-03 में पारित आदेश दिनांक 28.03.2003 से वसीयत नामा के आधार पर बसन्ती बाई राजपूत के स्थान पर प्रियवृत सिंह के नाम पर दर्ज हुई है। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित भूमि के संबंध में खसरा वर्ष 1974-75 में एवं खसरा वर्ष 2003-04 में हुये भूमि स्वामी परिवर्तन तहसीलदार न्यायालय द्वारा संहिता के प्रावधानो के अधीन किये गये है। वर्ष 1962 में उक्त भूमि महाराज हुजुर कुंवर साहब के नाम पर भूमि स्वामी दर्ज है। 1962 के पूर्व का राजस्व अभिलेख जीर्ण-शीर्ण होने से उक्त भूमि स्वामी परिवर्तन की जानकारी स्पष्ट नहीं है। (ग) सर्वे क्रमांक 596 के संबंध में कॉलोनी निर्मित करने के संबंध में जानकारी चाही गई है। सर्वे क्रमांक 596 के रकबा 0.265 हेक्टेयर एवं सर्वे क्रमांक 590, 591, 592, 594, 599, 600, 605/1 सहित कुल रकबा 2.445 हेक्टेयर पर अन्पूर्णा कॉलोनी विकसित की गई है। उक्त कॉलोनी हेतु न्यायालय कलेक्टर प्रकरण क्रमांक 0070/बी-121/2016.17 में पारित आदेश दिनांक 20.03.2017 से विकास अनुमति जारी की गई है एवं न्यायालय कलेक्टर के प्रकरण क्रमांक 0078/बी.121/2021.22 में पारित आदेश दिनांक 06.09.2021 से पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किया गया है। वर्तमान में सर्वे क्रमांक 596 के रकबा 2.900 हेक्टेयर के साथ 565, 567, 568, 603/2/1 सहित कुल रकबा 4.601 हेक्टेयर में कॉलोनी विकसित करने के क्रम में आंशिक रूप से बाउन्ड्रीवॉल निर्मित की गई है।
आयुष्मान योजना अंतर्गत राशि में वृद्धि
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
11. ( *क्र. 1031 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे [श्री अजय अर्जुन सिंह] : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कैंसर, हृदय रोग आदि गंभीर रोगों के उपचार में होने वाला व्यय पांच लाख रूपये से अधिक होने के कारण आयुष्मान योजना के अंतर्गत इलाज करा रहे रोगियों का उपचार बीच में ही रोकना पड़ता है, क्योंकि आयुष्मान में खर्च सीमा पांच लाख रूपये है? (ख) यदि हाँ, तो क्या विभाग आयुष्मान योजना में खर्च सीमा पांच लाख से बढ़ाकर दस लाख रूपये करेगा?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं। आयुष्मान योजनांतर्गत राशि रू. 5 लाख की सीमा-समाप्त होने उपरांत मरीज के उपचार हेतु मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान अंतर्गत लाभ दिया जाता है अथवा शेष राशि मरीज स्वयं व्यय करता है। (ख) वर्तमान में आयुष्मान योजना में खर्च सीमा पांच लाख से बढ़ाकर दस लाख रूपये करने संबंधी कोई भी योजना शासन स्तर पर प्रक्रियाधीन नहीं है।
शासकीय मेडिकल कॉलेजों में एम.आर.आई. सुविधा
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
12. ( *क्र. 2491 ) श्री अशोक ईश्वरदास रोहाणी : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जबलपुर स्थित मेडिकल कॉलेज में एम.आर.आई. एवं सी.टी. स्कैन की जांच का कार्य कराया जा रहा है? जानकारी दें। (ख) यदि हाँ, तो मरीजों को एम.आर.आई. एवं सी.टी. स्कैन की जांच कराये जाने के लिये क्या प्रक्रिया अपनानी पड़ती है? इसकी विस्तृत जानकारी दें। (ग) अगर यह एम.आर.आई. एवं सी.टी. स्कैन की जांच करायी जा रही है, तो कितने मरीजों ने अभी तक यह जांच करायी है? जानकारी दें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) चिकित्सा महाविद्यालय, जबलपुर से संबद्ध अस्पतालों के चिकित्सकों द्वारा बाह्य रोगियों अथवा भर्ती मरीजों के उपचार हेतु परामर्श पर्ची के आधार पर अधीक्षक कार्यालय की अनुशंसा उपरांत एम.आर.आई. एवं सी.टी. स्कैन की जांच कराई जाती है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
विदिशा नगर में स्थित विजय मंदिर (बीजा मंडल) का संरक्षण
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
13. ( *क्र. 2851 ) श्री मुकेश टंडन : क्या राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विदिशा नगर में विजय मंदिर (बीजा मंडल) नामक प्राचीन हिंदू धार्मिक स्थल स्थित है? यदि हाँ, तो इसका निर्माण कब और किसने करवाया था? हिंदुओं द्वारा इस स्थल पर कब से पूजा अर्चना की जा रही है? इस धार्मिक स्थल पर कब-कब कौन-कौन ने हमला किया तथा कौन-कौन ने इसका पुनः निर्माण करवाया? (ख) क्या इस मंदिर के उपर प्राचीन काल में जबरन मस्जिद बना दी गई थी? यदि हाँ, तो किसने और कब? क्या बाद में इस मस्जिद को गिरा भी दिया गया था? यदि हाँ, तो कब और किसने? (ग) क्या इस स्थल पर पूर्व में कभी प्रशासन द्वारा मुस्लिमों को नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई थी? यदि हाँ, तो कब और किस आधार पर अनुमति दी गई थी? क्या इस स्थल को शासन द्वारा स्मारक घोषित कर अपने संरक्षण में लिया गया है? यदि हाँ, तो कब और क्यों कारण सहित बतावें? (घ) क्या इस स्थल पर वर्तमान में हिंदुओं को पूजन करने एवं मुस्लिमों को नमाज पढ़ने की अनुमति दी जाती है? यदि हाँ, तो कब-कब? क्या यह हिंदू धार्मिक स्थल हिंदुओं को सौंपा जावेगा? यदि नहीं, तो क्यों? यदि हाँ, तो कब तक? अवधि बतावें।
राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण, भारत सरकार से प्राप्त जानकारी अनुसार, विदिशा नगर में बीजा मंडल को वर्ष 1951 में राष्ट्रीय संरक्षित स्मारक घोषित किया गया है। उक्त स्मारक पर किसी भी प्रकार की धार्मिक गतिविधियां अथवा धार्मिक आयोजन नहीं होते हैं। अतः शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। शेष प्रश्नांश राज्य शासन से संबंधित नहीं होकर इतिहास से संबंधित होने के कारण विधानसभा नियमावली के नियम 36 की उप नियम 7 एवं 12 के परिप्रेक्ष्य में जानकारी प्रदाय किया जाना संभव नहीं है। (ख) प्रश्नांश 'क' के परिप्रेक्ष्य में जानकारी प्रदाय किया जाना संभव नहीं है। (ग) जिले से प्राप्त जानकारी अनुसार, जी नहीं। शेष प्रश्नांश उद्भूत नहीं होता। जी हाँ। वर्ष 1951 में विदिशा नगर स्थित बीजा मंडल को पुरातत्व महत्व के कारण राष्ट्रीय संरक्षित स्मारक घोषित किया गया है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उद्भूत नहीं होता।
शासकीय भूमि को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराया जाना
[राजस्व]
14. ( *क्र. 1075 ) इंजीनियर हरिबाबू राय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता द्वारा तारांकित प्रश्न क्रमांक 920, दिनांक 04.12.2025 तथा पूर्व में भी अतारांकित प्रश्न क्र. 1649, दिनांक 24.3.2025 एवं अतारांकित प्रश्न क्र. 1648, दिनांक 24.3.2025 के माध्यम से ग्राम पंचायत मोहरी राय के ग्राम शंकरपुर से अतिक्रमणकारियों द्वारा की गई कब्जे की भूमि की जानकारी तथा किये गये अतिक्रमण को हटाये जाने के संबंध में जानकारी मांगी गई थी, जिसके उत्तर में परिशिष्ट 'अ' पर संलग्न नाम बताये गये थे, जिन पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है, ऐसा क्यों? क्या जिला प्रशासन जानबूझ कर इस महत्वपूर्ण कीमती भूमि को मिलीभगत से अतिक्रमणकारियों को संरक्षण देकर उन्हीं को देना चाहता है? (ख) जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट रूप से अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोई भी ठोस कार्यवाही नहीं की गई है, प्रश्नकर्ता द्वारा पत्र क्र. 488/अशोकनगर, दिनांक 24.07.2024, पुन: पत्र क्र. 379/2025/अशोकनगर, दिनांक 18.05.2025 पुन: पत्र क्र. 638/2025/अशोकनगर, दिनांक 22.02.2025 पुनः पत्र क्र. 919/2025/अशोकनगर, दिनांक 28.12.2025 के माध्यम से कलेक्टर अशोकनगर को प्रेषित किये गये हैं। लेकिन जिला प्रशासन इस बेश कीमती भूमि को भू-माफियाओं से मुक्त कराने में नाकाम रहा है। स्पष्ट रूप से समय-सीमा बताने का कष्ट करें कि कब तक पूर्ण रूप से ग्राम पंचायत मोहरी राय के ग्राम शंकरपुर की 300 बीघा शासकीय भूमि पर से अवैध अतिक्रमण मुक्त करा दिया जायेगा।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) विधानसभा प्रश्न क्रमांक 1648 एवं 1649, मार्च 2025 में ग्राम शंकरपुर में कुल किता 100 कुल रकबा 63.703 हे. शासकीय भूमि राजस्व रिकॉर्ड में अंकित होना लेख किया गया था, जिसमें से सर्वे क्र. 143/1, रकबा 2.000 हे., सर्वे क्र. 143/2, रकबा 1.000 हे., 155/1/6 रकबा 0.418 हे. भूमि पर अतिक्रामक लल्लू, पुत्र इमरत सिंह लोधी बगैरह का अवैध अतिक्रमण होना बताया था एवं सर्वे क्र. 155/1 में 14 व्यक्तियों द्वारा अस्थाई (झोपड़ियां) बनाकर कब्जा किया जाने का लेख किया था। उक्त विधानसभा प्रश्न के क्रम में तहसील अशोकनगर अन्तर्गत ग्राम शंकरपुर स्थित शासकीय भूमि पर से अवैध अतिक्रमण दिनांक 26.09.2025 को हटाया जा चुका है, जो निम्नानुसार है :-
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सर्वे क्रमांक |
अतिक्रामक |
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143/3, 141 |
मुल्लू, संजू, पूरन पुत्रगण हेमंत लोधी |
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155, 143/1 |
लल्लू पुत्र इमरत सिंह लोधी |
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155/1/1 |
दिलीप, विनीत पुत्र रामकिशन शर्मा |
तथा 17 व्यक्तियों द्वारा, अस्थाई (झोपड़ी) बनाकर अतिक्रमण किया गया था, जिनको न्यायालयीन प्रकरण क्र. 36/अ-68/25-26 से बेदखली आदेश पारित किया जा चुका है। (ख) माननीय सर्वोच्च न्यायालय की याचिका क्र. 295/2022 की गाइड-लाइन अनुसार शासकीय भूमि पर बने आवासीय झोपड़ी के अतिक्रमण को हटाने की कार्यवाही जारी है।
पदों की पूर्ति की जाना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
15. ( *क्र. 2757 ) श्री मधु भगत : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नर्सिंग सिस्टर एवं सिस्टर ट्यूटर के पदों पर विभागीय सीधी भर्ती परीक्षा 8/2/2019 द्वारा कितने ऐसे नर्सिंग ऑफिसरों का चयन किया गया, जिन्होंने सी.एच.ओ. प्रशिक्षण प्राप्त किया था? संपूर्ण विस्तृत विवरण देवें। क्या सी.एच.ओ. प्रशिक्षण उपरांत इनसे बॉन्ड भराया गया था? यदि हाँ, तो विभागीय सीधी भर्ती में चयनित होने के बाद बॉन्ड अनुसार क्या कार्यवाही की गयी? संपूर्ण विवरण देवें। यदि कार्यवाही नहीं की गयी तो क्यों? संबंधित सेक्शन प्रभारी के विरूद्ध इस प्रकरण में क्या कार्यवाही की जावेगी? कब तक समय-सीमा बतावें। (ख) क्या वर्ष 2018 के पश्चात संविदा/नियमित कर्मचारियों को विभाग द्वारा अस्पताल प्रशासन/अस्पताल प्रबंधन/लोक स्वास्थ्य प्रबंधन डिप्लोमा डिग्री हेतु अनुमति दी गयी? यदि हाँ, तो जिन कर्मचारियों को अनुमति प्रदान की गयी, उनकी समस्त जानकारी उपलब्ध करावें? संविदा कर्मचारियों को किस नियम से अनुमति प्रदान की गयी? नियम की सत्यापित प्रति उपलब्ध करावें। कोर्स हेतु अवकाश किस नियम से दिया गया? संपूर्ण विस्तृत जानकारी देवें। क्या नियम विरूद्ध अनुमति प्रदान की गयी हैं? यदि हाँ, तो दोषी सेक्शन प्रभारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी एवं कितने नर्सिंग कर्मचारी को प्रदेश के जिलों में प्रभारी डी.पी.एच.ओ. अधिकारी पद पर पदस्थ किया गया, किस नियम के तहत? नाम जिले सहित संपूर्ण जानकारी देवें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें सतपुड़ा भवन में दिनांक 12 जून, 2023 में हुये भीषण अग्निकांड में नर्सिंग शाखा का समस्त नस्तियां/अभिलेख जलकर नष्ट हो जाने से जानकारी उपलब्ध कराये जाने में कठिनाई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। नियम पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। नियम पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स' अनुसार है। जी नहीं। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जी नहीं। संचालनालय स्तर से नर्सिंग कर्मचारी को डी.पी.एच.एन.ओ. के पद पर पदस्थ नहीं किया गया, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
स्कूल द्वारा नियमों के उल्लंघन, ध्वनि प्रदूषण तथा अवैध कॉलेज संचालन
[स्कूल शिक्षा]
16. ( *क्र. 2736 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या डी.पी.ए. स्कूल, दीनदयाल नगर, सेक्टर बी, ग्वालियर द्वारा असमय लगभग पूरे दिन अपने स्कूल के वाद्ययंत्रों तथा लाउड स्पीकरों द्वारा ध्वनि प्रदूषण किये जाने तथा स्कूल वाहनों व अभिभावकों के वाहनों से स्कूल परिसर के चारों ओर आम रास्ते को अवरुद्ध किये जाने की लिखित शिकायतें आमजन एवं किन्हीं जन-प्रतिनिधियों के द्वारा जिला स्तर पर कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, शिक्षा अधिकारी ग्वालियर को तथा राज्य स्तर पर आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल एवं माननीय स्कूल शिक्षा मंत्री जी को भी की गई है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार उक्त शिकायतों पर जिला स्तर से तथा राज्य स्तर से स्कूल संचालक के विरुद्ध आज दिनांक तक कोई कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो क्या और यदि नहीं, तो क्यों नहीं? (ग) क्या डी.पी.ए. स्कूल को रिहायशी कॉलोनी में केवल स्कूल के संचालन किये जाने हेतु अनुमति प्रदान की गई थी? यदि हाँ, तो फिर किस नियम के अंतर्गत उक्त स्कूल के भवन/परिसर में ही डी.एड./बी.एड. कॉलेज को संचालित किया जा रहा है? (घ) प्रश्नांश (ग) अनुसार यदि स्कूल परिसर में किसी अन्य शैक्षणिक गतिविधि जैसे डी.एड./बी.एड. कॉलेज को नियमानुसार संचालित नहीं किया जा सकता तो क्या स्कूल की मान्यता को समाप्त किये जाने अथवा स्कूल संचालक के विरुद्ध कोई सख्त कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों नहीं?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) कार्यालय पुलिस अधीक्षक, जिला ग्वालियर के पत्र क्र./पु.अ./ग्वा./ओ.एम./विस/बजट सत्र/34/26, दिनांक 12.02.2026 अनुसार प्रकरण में जांच में दोषी नहीं पाये जाने पर प्रकरण पंजीबद्ध नहीं किया गया है। अत शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) म.प्र. शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा डी.पी.ए. स्कूल ग्वालियर को सी.बी.एस.ई. बोर्ड से मान्यता एवं संबद्धता हेतु वर्ष 2004 में अनापत्ति (N.O.C.) जारी की गई थी। शेषांश के संबंध में संभागीय संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण संभाग, ग्वालियर के पत्र क्र./विधानसभा/2738-2026/2025/625, दिनांक 16.02.2026 द्वारा डी.पी.ए. स्कूल ग्वालियर को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। (घ) उत्तराश 'ग' अनुसार कारण बताओ सूचना पत्र पर नियमानुसार कार्यवाही किये जाने का प्रावधान है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
कटनी जिलांतर्गत मत्स्य व्यापार
[मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास]
17. ( *क्र. 2792 ) श्री धीरेन्द्र बहादुर सिंह : क्या राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी जिले में मत्स्य पालन के कितने एवं कौन-कौन से जलाशय कहाँ-कहाँ हैं? इन जलाशय को विगत 05 वर्षों में कितनी-कितनी राशि पर किन-किन व्यक्तियों/संस्थाओं/मत्स्य समितियों को कितनी अवधि के लिये किस प्रक्रिया से पट्टे पर दिया गया? (ख) मत्स्य समितियों को मत्स्य पालन हेतु पट्टे पर दिये जाने के शासन/विभाग के क्या नियम/निर्देश हैं एवं प्रश्नांश ''क'' संस्थाओं की प्रबंध कार्यकारणी में कौन-कौन व्यक्ति किस-किस पद पर कब से नियुक्त है? संस्थावार किस नाम एवं पदनाम के कौन-कौन व्यक्ति क्या-क्या कार्य करते हैं? (ग) क्या कटनी जिले में मत्स्य समितियों को जलाशयों को पट्टे पर देने और पट्टे के संचालन में क्या-क्या अनियमितताओं की कौन-कौन सी शिकायतें जिला प्रशासन/कार्यालय को कब-कब प्राप्त हुई? शिकायतवार किस सक्षम शासकीय सेवक द्वारा क्या-क्या जांच/कार्यवाही कब-कब की गयी? (घ) कौन-कौन विभागीय शासकीय सेवक किस-किस पद पर क्या-क्या कार्य हेतु वर्तमान में कटनी जिले में कब से कार्यरत है? पदस्थ शासकीय सेवकों द्वारा विगत 02 वर्षों में पट्टे पर दिये गये जलाशयों का कब-कब निरीक्षण किया गया? क्या-क्या प्रतिवेदन दिये गये? (ड.) क्या कटनी में खुले में मत्स्य विक्रय किया जाता है? यदि हाँ, तो किन-किन स्थानों पर एवं क्यों? नहीं तो ऐसा न होना सत्यापित किया जायेगा और जिले के नगरों में मत्स्य विक्रय किस प्रकार और कहाँ-कहाँ किया जाता है?
राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास ( श्री नारायण सिंह पंवार ) : (क) कटनी जिला अंतर्गत 79 जलाशय है। म.प्र. मत्स्य पालन नीति एवं त्रिस्तरीय पंचायतों को मत्स्योद्योग के अधिकार/कार्यक्रम का विक्रेन्द्रीकरण 2008 के अनुसार 10 वर्षीय मछली पालन हेतु पट्टे पर दिये गये हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) मत्स्य पालन नीति 2008 के भाग-1 की कंडिका 1.3 नीति एवं निर्देश मछुआ सहकारी समितियों को तालाब/सिंचाई जलाशय का पट्टा आवंटन/प्राथमिकता निर्धारण एवं शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जिला कटनी में मत्स्य समितियों को जलाशयों को पट्टे पर देने में हुई अनियमितताओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (घ) कटनी जिले में पदस्थ शासकीय सेवकों की जानकारी एवं उनके द्वारा जलाशयों का भ्रमण संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है। (ड.) जी हाँ। साप्ताहिक बाजार/हाट में खुले में मत्स्य विक्रय को रोकने हेतु राष्ट्रीय कृषि विकास योजना/प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का एवं मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना अंतर्गत कियोस्क, फिश पार्लर एवं फुटकर मत्स्य बाजार निर्मित किये जा रहे हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ई अनुसार है।
मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना में फर्जीवाड़ा
[मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास]
18. ( *क्र. 819 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के अंतर्गत तालाबों में झींगा पालन एवं मत्स्य बीज संर्वधन के लिये टीकमगढ़ जिले एवं निवाड़ी जिले में कौन-कौन सी समितियों को अनुदान राशि दी गई तथा पात्र समिति होने के क्या-क्या नियम होते हैं तथा दोनों जिलों में अनुदान पाने वाली समितियों की सूची किस सक्षम अधिकारी द्वारा प्रमाणित की गई सूची सहित नियमावली उपलब्ध करायें। (ख) क्या शासन द्वारा लगभग एक करोड़ की राशि दोनों जिलों के लिये प्रदाय की गई थी, जिसमें सहायक संचालक, मत्स्य टीकमगढ़ द्वारा नेट नीला चट्टी जाल खरीदने हेतु-कई फर्जी बिलों का भुगतान किया गया है, जिसमें एक जाल 12000/- रु. का एक जाल, 3200/- रु. का एवं एक जाल 71000/- रु. का एवं एक जाल 77000/- रु. का विक्रय हुआ है, जिनकी लम्बाई चौड़ाई बराबर है, एक ही विक्रेता है और उसका भुगतान सहायक संचालक टीकमगढ़ द्वारा किया गया है, जिससे प्रतीत होता है, जाल खरीदने में भारी फर्जीवाड़ा किया गया है। समस्त बिल वाउचर उपलब्ध करायें। (ग) क्या जो दवाइयां जिन विक्रेताओं द्वारा बेची गई है, क्या उनके बिल जी.एस.टी. के तथा आयकर दाताओं के हैं या फर्जी बिल बनाये गये हैं तथा रासायनिक खाद बेचने वालों के पास लायसेंस हैं या नहीं या समस्त फर्जी बिल लगाये गये हैं? यदि सभी के बिल जी.एस.टी. एवं आयकर दाताओं के हैं और लायसेंस धारी खाद विक्रेता है, तो संपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध करायें। (घ) क्या शासन की एक करोड़ की राशि का दुरुपयोग कर फर्जीवाड़ा किया गया है, तो सहायक संचालक, मत्स्य टीकमगढ़ के विरुद्ध कार्यवाही कर राशि वसूली की कार्यवाही करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? कारण स्पष्ट करें।
राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास ( श्री नारायण सिंह पंवार ) : (क) मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजनांतर्गत तालाबों में झींगा पालन एवं मत्स्य बीज संवर्धन किया गया। जिला टीकमगढ़ एवं निवाड़ी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ख) शासन द्वारा झींगा पालन एवं मत्स्य बीज संवर्धन हेतु जिला टीकमगढ़ एवं निवाड़ी को वर्ष 2024-25 में राशि रूपये 26.00 लाख एवं वर्ष 2025-26 में राशि रूपये 39.34 लाख प्राप्त हुई। योजना हितग्राही मूलक होने से कृषकों को डी.व्ही.टी. के माध्यम से भुगतान किया गया, शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। (ग) कृषकों द्वारा जो दवाइयां खरीदी गई, उनके द्वारा प्रदाय बिल व्हाउचर का भुगतान डी.व्ही.टी. के माध्यम से किया गया है, शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स' अनुसार है। (घ) मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना की गाइड-लाइन अनुसार ही राशि का भुगतान किया गया है।
नियम विरूद्ध किये गये नामान्तरण
[राजस्व]
19. ( *क्र. 2864 ) श्री बाला बच्चन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तारांकित प्रश्न क्रमांक 1478, दिनांक 10.07.2024 के परिशिष्ट "अ" में वर्णित बुरहानपुर की 196.408 हेक्टेयर, इंदौर की 153.245 हेक्टेयर व खंडवा की 288.631 हेक्टेयर भूमि जिनके बीच क्रय-विक्रय हुई या नामांतरण हुई की सूची देवें। (ख) बुरहानपुर के 66, इंदौर के 28 व खंडवा के 150 प्रकरणों में जिन-जिन कलेक्टर ने अनुमति दी, उनके नाम, अनुमति दिनांक, कलेक्टर द्वारा आदिवासी व्यक्ति की जमीन जिस गैर आदिवासी व्यक्ति के नाम विक्रय हुई, के नाम सहित पृथक-पृथक देवें। इंदौर में अपर कलेक्टर द्वारा 72 अनुमतियों के संदर्भ में देवें प्रश्न (क) में उल्लेखित प्रश्न के अनुसार बतावें। (ग) इस विक्रय के प्रत्येक प्रकरण में कलेक्टर/अपर कलेक्टर द्वारा राज्य शासन से ली गई अनुमति की प्रमाणित प्रतियां प्रकरणवार देवें। यदि राज्य शासन से अनुमति नहीं ली गयी, तो इसका कारण बतावें। इससे संबंधित नियम की प्रमाणित प्रति भी देवें। (घ) क्या कारण है कि बुरहानपुर, इंदौर, खंडवा में इस असंवैधानिक व नियम विरुद्ध कार्य पर विभाग कब तक व क्या कार्यवाही करेगा? यदि नहीं, तो कारण बतावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिला बुरहानपुर, इंदौर एवं खंडवा में वर्ष 2009 से दिसम्बर 2023 तक जिन-जिन आदिवासी व्यक्ति एवं गैर आदिवासी व्यक्ति के बीच क्रय-विक्रय हुआ था। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ख) जिला बुरहानपुर, इंदौर एवं खंडवा में जिन-जिन कलेक्टरों एवं अपर कलेक्टरों द्वारा आदिवासी व्यक्ति की जमीन किसी गैर आदिवासी को विक्रय करने की अनुमति दी गई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। (ग) एवं (घ) मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 (यथा संसोधित 2018 की धारा 165-6) के अंतर्गत अनुज्ञा हेतु कलेक्टर सक्षम प्राधिकारी है। धारा में राज्य शासन से अनुमति लिया जाने का प्रावधान नहीं होने से शेष जानकारी निरंक है।
नामांकन में गिरावट के संबंध में
[स्कूल शिक्षा]
20. ( *क्र. 2699 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या केग के वर्ष 2016 के प्रतिवेदन के पृष्ठ सात कंडिका 2.1.9.2/3 अनुसार 2010-11 में शासकीय विद्यालय में कक्षा 1 से 8 में नामांकन 111.19 लाख था? क्या वार्षिक प्रतिवेदन 2009-10 के पृष्ठ 12 अनुसार वर्ष 2008-09 में शासकीय प्राथमिक शालाओं में लगभग 1.15 करोड़ एवं विधानसभा प्रश्न अनुसार 119.58 लाख नामांकन था? विधानसभा प्रश्न क्रमांक 1112, दिनांक 30 जुलाई, 2025 अनुसार 2024-25 में नामांकन 59 लाख है। (ख) क्या वार्षिक प्रतिवेदन 2009-10 अनुसार शासकीय विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 में 2008-09 में 32 लाख नामांकन था तथा विधानसभा प्रश्न 1112 अनुसार 2024-25 में 21.84 लाख नामांकन है? (ग) क्या शासकीय शालाओं में कक्षा एक से आठ में नामांकन में गिरावट 2008-09 के बाद से शुरू हुई जो निरंतर 2025-26 तक है। राज्य शिक्षा केंद्र ने अटल बिहारी संस्थान को लिखे पत्र दिनांक 8 मई, 2025 में 2015-16 से 2024-25 तक के अध्ययन का क्यों लिखा, जबकि 2008-09 में शासकीय शालाओं में कक्षा 1 से 12 के नामांकन लगभग 1.52 करोड़ से घटकर 2015-16 में 81 लाख रह गये। (घ) क्या राज्य शिक्षा केंद्र 2008-09 से 2025-26 तक नामांकन में गिरावट का अध्ययन करवायेगा। यदि नहीं, तो क्यों? गिरावट के अध्ययन के लिये लिखे गये पत्र की प्रति देवें एवं वर्ष 2008-09 से 2025-26 तक शासकीय शालाओं में कक्षा 1 से 12 के कुल नामांकन की वर्षवार जानकारी दें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) केग के प्रतिवेदन के पृष्ठ-7 की कंडिका 2.1.9.2/3 अनुसार मध्यान्ह भोजन में शामिल बच्चों की संख्या 111.19 लाख का उल्लेख है तथा वार्षिक प्रतिवेदन सत्र 2009-10 के पृष्ठ-12 अनुसार प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में 1.15 करोड़ बच्चों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण का उल्लेख है। विधानसभा प्रश्न की संख्या का उल्लेख नहीं होने से उल्लेखित नामांकन बताया जाना संभव नहीं है। विधानसभा प्रश्न क्र. 1112, दिनांक 30 जुलाई, 2025 में प्रदाय जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार नामांकन 58.06 लाख है। (ख) जी हाँ। (ग) सत्र 2015-16 से समग्र आई.डी. के आधार पर छात्रवार विवरण होने के कारण नामांकन में कमी के अध्ययन का लेख किया गया। (घ) सत्र 2015-16 से नामांकन में कमी के अध्ययन प्रतिवेदन के पश्चात सत्र 2008-09 से अध्ययन की आवश्यकता पर विचार किया जायेगा। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
उप सचिव के पदों का दुरुपयोग
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
21. ( *क्र. 2765 ) श्री आतिफ आरिफ अकील [श्री आरिफ मसूद] : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, मंत्रालय भोपाल में कौन-कौन से विभागीय अधिकारियों को अतिरिक्त रूप से उप सचिवों के प्रभाव सौंपे गये हैं? उनके नाम/मूल विभाग व उनकी पदस्थापना स्थल सहित उन्हें प्रभार सौंपे जाने के नियम/विधियुक्त कारणों की जानकारी देते हुए, उन्हें उप सचिव पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपे जाने वाले आदेशों की प्रति उपलब्ध करावें? (ख) क्या शासन द्वारा उपरोक्तानुसार उप सचिवों के ऐसे कोई आदेश जारी नहीं किये जाने के बावजूद कुछ कथित अधिकारियों द्वारा अपने आपको लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के उप सचिव के पद का दुरुपयोग कर गुमराह कर रहे हैं? (ग) क्या शासन/विभाग बिना शासनादेशों एवं संशोधित आदेशों के अपने आपको अवैध रूप से लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग का अतिरिक्त रूप से उप सचिव दर्शाये जाने वालों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से उनके मूल विभाग में वापस करते हुए, उनके द्वारा पद का दुरुपयोग किये जाने पर उनके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक दंडात्मक कार्रवाई किया जाना सुनिश्चित करेगा? यदि नहीं, तो क्यों?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, मंत्रालय, भोपाल में संचालक, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग पदेन उप सचिव, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग को सामान्य प्रशासन विभाग के आदेशानुसार अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ख) उत्तरांश ''क'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश ''क'' एवं ''ख'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
राजस्व अभिलेखागार ग्वालियर में हुई चोरी
[राजस्व]
22. ( *क्र. 2785 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2019 से 2022 के मध्य राजस्व अभिलेखागार मोती महल ग्वालियर में कब-कब चोरी हुई? दिनांक सहित जानकारी दी जावे। (ख) राजस्व अभिलेखागार, ग्वालियर में हुई चोरी के संबंध में क्या पुलिस में एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई? यदि हाँ, तो एफ.आई.आर. की प्रति एवं पुलिस द्वारा किये गये अनुसंधान की अंतिम जानकारी की स्थिति उपलब्ध कराई जावे। (ग) क्या प्रकरण में जिला स्तर पर क्या कोई जांच कमेटी गठित की गई? यदि नहीं, तो क्यों? प्रकरण में जांच समिति गठित नहीं किये जाने से स्पष्ट प्रतीत होता है कि इसमें दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है? (घ) क्या प्रकरण में शासन स्तर से जांच कमेटी गठित की गई है? यदि नहीं, तो क्यों? अब समिति कब तक गठित कर दी जावेगी? समय-सीमा बताई जावे।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) राजस्व अभिलेखागार मोतीमहल में जिला ग्वालियर में दिनांक 15.01.2019 एवं 20.12.2021 को चोरी हुई थी। (ख) राजस्व अभिलेखागार मोतीमहल में जिला-ग्वालियर में दिनांक 15.01.2019 एवं 20.12.2021 को चोरी हुई थी, जिसके संबंध में एफ.आई.आर. पंजीबद्ध कराया गया था, एफ.आई.आर क्र. 0046, दिनांक 25.01.2019 एफ.आई.आर. क्र. 0072, दिनांक 08.02.2022 एफ.आई.आर. एवं अंतिम अनुसंधान की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रकऱण में जिला स्तर पर जाँच कमेटी गठित नहीं की गई, क्योंकि पुलिस में एफ.आई.आर. कराई गई थी। दोषियों को बचाने का बिल्कुल भी प्रयास नहीं किया गया तथा न ही किया जा रहा है। चूंकि पुलिस के द्वारा अनुसंधान किया जा रहा है। इसलिये समानांतर जाँच हेतु जाँच कमेटी गठित करने की आवश्यकता प्रतीत नहीं हुई। (घ) प्रश्नांश (ग) में उल्लेखित उत्तर से स्पष्ट है कि पुलिस द्वारा अनुसंधान किये जाने से समानांतर जांच हेतु कमेठी गठित करने की आवश्यकता प्रतीत नहीं होती।
चोपना पुनर्वास क्षेत्र में बसाए गये परिवारों को भू-अधिकार पत्र
[राजस्व]
23. ( *क्र. 2641 ) श्रीमती गंगा सज्जन सिंह उईके : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र 132-घोड़ाडोंगरी अंतर्गत विकासखण्ड घोड़ाडोंगरी के चोपना क्षेत्र में कितने पुनर्वासित बंगाली शरणार्थियों को भू-अधिकार पत्र (पट्टा) का वितरण किया जा चुका है एवं कितने परिवार आज भी पट्टे से वंचित हैं? कृपया पृथक-पृथक ग्रामवार जानकारी प्रदान करें। (ख) चोपना क्षेत्र के उपर्युक्त पट्टे से वंचित बंगाली शरणार्थियों को भू-अधिकार पत्र (पट्टा) वितरण किये जाने हेतु क्या कोई प्रभावी प्रक्रिया अपनाई जायेगी? (ग) यदि हाँ, तो कब तक?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) विधानसभा क्षेत्र 132-घोड़ाडोंगरी अंतर्गत विकासखण्ड घोड़ाडोंगरी के चौपना क्षेत्र में 2479 पुनर्वासित बंगाली शरणार्थियों को भू-अधिकार पत्र (पट्टा) का वितरण किया जा चुका है। 412 परिवारों को प्रमाण पत्र, भूमि संबंधित इत्यादि दस्तावेज जारी किये गये हैं। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता। ग्रामवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उद्भूत नहीं होता।
ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसलों का मुआवजा
[राजस्व]
24. ( *क्र. 2659 ) श्री बाबू जन्डेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्योपुर जिले में दिनांक 27 जनवरी, 2026 की दरम्यानी रात में प्राकृतिक आपदा ओलावृष्टि से किसानों की रबी फसलों का भारी नुकसान हुआ है? यदि हाँ, तो कितने-कितने प्रतिशत नुकसान हुआ है? विस्तृत जानकारी गौशवारा तैयार कर ग्रामवार उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार ओलावृष्टि से तबाह नष्ट हुई फसलों का मुआवजा किस आधार पर किस मान से तथा कब तक दिया जावेगा? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या श्योपुर जिले में ही वर्षा के मौसम अगस्त-सितम्बर 25 में अतिवृष्टि एवं जल भराव से 428 ग्रामों की 98611 किसानों की 99529 हेक्टेयर में खरीफ की फसलें नष्ट हुई थी? यदि हाँ, तो किस-किस ग्राम की रकबा की कौन-कौन सी फसलें? ग्रामवार सूची उपलब्ध करावें। उक्त प्रभावित किसानों की नष्ट हुई फसलों का कितना-कितना मुआवजा राशि का कुल कितना भुगतान किया गया? ग्रामवार मुआवजा राशि की विस्तृत सूची गौशवारा सहित उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्नांश (ग) अनुसार प्रभावित 98611 किसानों में से अभी तक मुआवजा राशि भुगतान हेतु कितने किसान शेष हैं? राशि सहित विस्तृत विवरण उपलब्ध करावें। मुआवजा हेतु शेष रहने का क्या कारण है?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिला श्योपुर में दिनांक 27 जनवरी, 2026 को प्राकृतिक आपदा, वर्षा/ओला वृष्टि से किसानों की रबी फसलों में नुकसान नहीं हुआ है। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ग) जी नहीं, श्योपुर जिले के अंतर्गत माह अक्टूबर 2025 में अतिवृष्टि एवं जलभराव से 428 ग्रामों की कुल 65945 कृषकों की 101455.168 हेक्टेयर रकबे की खरीफ फसलें (धान) प्रभावित हुई है। क्षति की जानकारी तहसीलवार, ग्रामवार, कृषक/खातेदारवार एवं प्रभावित खातेदारों को स्वीकृत कर भुगतान की गई आर्थिक सहायता राशि की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (घ) प्रश्नांश (ग) के अनुसार श्योपुर जिले के अंतर्गत कुल 7025 कृषकों के दस्तावेज यथा बैंक खाता की नकल एवं आधार कार्ड की प्रति उपलब्ध नहीं कराये जाने से शेष राशि 5,45,31,969/- रूपये है। भुगतान से शेष कृषकों/खातेदारों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब''अनुसार है।
सिविल अस्पताल, परासिया में चिकित्सा सुविधाएं
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
25. ( *क्र. 804 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिविल अस्पताल, परासिया का उन्नयन 100 बिस्तरों के अस्पताल के रूप में किया जा चुका है, परन्तु अभी तक अस्पताल में पर्याप्त आवश्यक उपकरण, अन्य सामग्री व डॉक्टर उपलब्ध नहीं हो पाये हैं, 100 बिस्तर अस्पताल के लिये शासन के जो मानक निश्चित हैं, उसके अनुसार भी सिविल अस्पताल, परासिया में पर्याप्त विभिन्न सुविधायें उपलब्ध नहीं हैं? सिविल अस्पताल, परासिया में निर्धारित मानक अनुसार कब तक विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करा दी जायेंगी? (ख) सिविल अस्पताल, परासिया में पर्याप्त आवश्यक उपकरण एवं फर्नीचर सामग्री उपलब्ध कराये जाने के संबंध में प्रश्नकर्ता द्वारा मान. उप मुख्यमंत्री महोदय को पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2025/688, दिनांक 01.12.2025 को एवं डॉक्टरों की पदस्थापना के संबंध में पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2025/689, दिनांक 01.12.2025 एवं शिशु रोग विशेषज्ञ की पदस्थापना हेतु जिला कलेक्टर छिंदवाड़ा पत्र क्र. 657, दिनांक 20.11.2025 प्रेषित किये गये हैं, पत्रों पर अभी तक क्या कार्यवाही हुई है? यदि नहीं, हुई तो उसका क्या कारण है? कब तक कार्यवाही करते हुये पर्याप्त आवश्यक उपकरण अन्य सामग्री उपलब्ध व डॉक्टरों की पदस्थापना करा दी जायेगी?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं। सिविल अस्पताल, परासिया में विभाग के प्रचलित नियमानुसार तथा आवश्यकता के आधार पर कुल 63 प्रकार के 567 उपकरण/फर्नीचर एवं सामग्री उपलब्ध है तथा 21 प्रकार के 118 उपकरणों की क्रय की कार्यवाही स्थानीय स्तर पर प्रचलन में है। उपकरण/फर्नीचर प्रदायगी एक निरंतर प्रक्रिया है। उक्त की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। मानव संसाधन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। उपलब्ध प्रशिक्षित मानव संसाधन के आधार पर सिविल अस्पताल, परासिया में विभिन्न सुविधायें उपलब्ध हैं। रिक्त पदों की पूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है, निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ। जानकारी उत्तरांश "क" में समाहित है।
भाग-2
नियम
46 (2) के
अंतर्गत
अतारांकित प्रश्नोत्तर
के रुप में
परिवर्तित
तारांकित प्रश्नोत्तर
क्षतिग्रस्त
स्कूलों के नये
भवन का
निर्माण
[स्कूल शिक्षा]
1. ( क्र. 10 ) श्री मुकेश मल्होत्रा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला शिवपुरी के विकासखंड कराहल, वीरपुर एवं विजयपुर के सैकड़ों ग्रामों में शिक्षा विभाग के स्कूल संचालित हैं? संचालित स्कूलों के भवन ग्राम बुढेरा, भानपुरा, बड़ी कॉलोनी, भेला, मगरदा, कदवई, कलमी, बालीहारा, लादर, बदरैठा मसावनी सहित सैकड़ों ग्रामों में प्राथमिक स्कूल के भवन क्षतिग्रस्त होकर टूट रहे हैं, जो कभी भी टूट कर शिक्षकों व छात्रों के ऊपर गिर सकते हैं? एक दर्जन से अधिक ग्रामों कुराचोर कलाँ, भैरोपुरा, कुशमानी का सहराना सहित कई ग्रामों में प्राथमिक स्कूल भवन नहीं है, खुले आसमान के नीचे छात्र-छात्राएं अध्ययन करते हैं जिसमें छात्रों को असुविधा हो रही है? (ख) क्या विभाग क्षतिग्रस्त स्कूल भवनों की मरम्मत कार्य व नवीन स्कूल भवन ग्रामीण अंचलों में बनाएगा? यदि हाँ, तो कब तक समय-सीमा बतावे।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) उक्त विकासखण्ड कराहल शिवपुरी जिले में नहीं है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी हाँ। क्षतिग्रस्त स्कूल भवनों की मरम्मत कार्य व नवीन भवन के लिए स्वीकृति, मांग/प्रस्ताव बजट की उपलब्धता पर निर्भर करेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
सड़क किनारे बनी हुई मजारों की जानकारी
[राजस्व]
2. ( क्र. 34 ) श्री घनश्याम चन्द्रवंशी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासकीय भूमि पर बनी हुई मजारों का कोई ब्यौरा शासन के पास उपलब्ध है? (ख) यदि हाँ, तो जानकारी दे कि शाजापुर जिले में कितनी मजारे है और क्या उनके लिए किसी प्रकार की भूमि का आवंटन अथवा अनुमति शासन के द्वारा प्रदान की गई है? (ग) यदि नहीं तो क्या किसी भी स्थान पर मजारे बनाई जाने की अनुमति है?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) शासकीय भूमि पर बनी हुई मजारों का ब्यौरा उपलब्ध नही होने से जानकारी निरंक है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार जानकारी निरंक है। (ग) उत्तरांश (ख) के प्रकाश में प्रश्न उद्भूत नहीं होता।
मंदिर के पुजारी के रूप में नियुक्ति एवं वेतन भुगतान
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
3. ( क्र. 106 ) श्री रमेश प्रसाद खटीक : क्या राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पोहरी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम इमालिया (पाटोरन) शिवपुरी में प्रचीन हनुमान जी शंकर जी राम जानकी मंदिर राजस्व रिकार्ड में दर्ज है उक्त मंदिर के पुजारी को वेतन मिलता था परन्तु उक्त पुजारी की मृत्यु 12 वर्ष पूर्व हो जाने से उसके स्थान पर मंदिर की पूजा पं.श्री अरविन्द पुजारी कर रहे थे परन्तु आज दिनांक तक इनको पुजारी मानदेय वेतन नहीं मिला है क्यों। (ख) यदि श्री अरविन्द पुजारी ने तह. शिवपुरी में मंदिर पुजारी के वेतन हेतु आवेदन दिया है तो उनकी नियुक्ति मंदिर पुजारी के रूप में क्यों नहीं की जानकारी दें। (ग) नियुक्ति कर कब तक वेतन दिया जावेगा समय-सीमा बताएं। उक्त आवेदन पर करीब 1 वर्ष से कोई कार्यवाही नहीं की गई क्यों।
राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) पंडित श्री अरविंद शासन द्वारा पुजारी पद पर नियुक्त नहीं होने से मानदेय प्रदान नहीं किया गया है। (ख) श्री अरविंद द्वारा पुजारी नियुक्ति संबंधी अर्हताएं पूर्ण नहीं होने से उनकी नियुक्ति पुजारी पद पर नहीं की गई है। (ग) उत्तरांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्नांश उद्भूत नहीं होता है।
असमय वर्षा के कारण फसलों के नुकसान का सर्वें
[राजस्व]
4. ( क्र. 126 ) श्री साहब सिंह गुर्जर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत सितम्बर-अक्टूबर 2025 में असमय वर्षा के कारण कृषकों की खरीफ की फसलों धान, ज्वार, बाजरा एवं अन्य फसलों का भारी नुकसान हुआ था। क्या विभाग द्वारा फसलों को हुए नुकसान का सर्वे शत्-प्रतिशत कराया गया है? यदि हाँ,तो सर्वे के उपरान्त किन-किन ग्रामों में कितने प्रतिशत फसल नष्ट हुई थी? तथा कितने किसानों को विभाग के किन मापदण्डों/नियमों के तहत मुआवजा राशि स्वीकृत कर प्रदाय की गई? ग्रामवार जानकारी उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार यदि विभाग द्वारा समस्त किसानों को उचित मुआवजा प्रदाय नहीं किया गया है तो क्यों? कारण बतावें एवं मुआवजा राशि का वितरण कब तक किया जावेगा? समय-सीमा बतावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत सितम्बर-अक्टूबर 2025 में असमय वर्षा के कारण खरीफ की फसलों धान, ज्वार, बाजरा एवं अन्य फसलों की क्षति का 261 ग्रामों में सर्वे कराया गया, जिसमें ज्वार, बाजरा एवं अन्य फसलों में क्षति नहीं हुई थी। तहसील ग्वालियर ग्रामीण के ग्राम जलालपुर के 03 किसानों की धान की फसल में आंशिक फसल क्षति 25-33 प्रतिशत होने से प्रभावित कृषकों को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के अंतर्गत राहत राशि प्रदान की गई है। ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) तहसील ग्वालियर ग्रामीण के ग्राम जलालपुर के 03 कृषकों की धान की फसल क्षति 25-33 प्रतिशत होने से प्रभावित कृषकों को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रावधान अंतर्गत राहत राशि प्रदान की गई। ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रांतर्गत शेष किसानों की 25 प्रतिशत से कम फसल क्षति हुई है। राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 अंतर्गत प्राकृतिक आपदा से फसल क्षति 25 प्रतिशत से कम होने पर राहत राशि प्रदाय के प्रावधान नहीं है। अत: शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता।
भवन विहीन स्कूलों की जानकारी
[स्कूल शिक्षा]
5. ( क्र. 147 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र अम्बाह के अंतर्गत कितने स्कूल भवन विहीन हैं। नाम, पते सहित जानकारी देवें। (ख) भवन विहीन स्कूलों में कितने स्कूलों के लिए भवन स्वीकृत हो चुके हैं? (ग) ऐसे कितने स्कूल है जहॉं स्वीकृत भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है तथा कितने ऐसे स्कूल है जहॉं निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाना शेष है? (घ) जिन भवन विहीन स्कूलों में स्वीकृत भवन निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है उनको कब तक प्रारंभ कर दिया जायेगा? समय-सीमा सहित सम्पूर्ण जानकारी देवें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) एवं (ख) प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कोई भी शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेन्डरी स्कूल भवन विहीन नहीं है। अतः शेषांश उद्भूत नही होता है। प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) एवं (घ) प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। भूमि आवंटन की कार्यवाही प्रचलन में है। भूमि आवंटन के उपरांत कार्य किया जाना संभव होगा। शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेन्डरी स्कूलों के संबंध में उत्तरांश (क) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
विद्यार्थियों हेतु वोकेशनल कोर्सेस का संचालन
[स्कूल शिक्षा]
6. ( क्र. 377 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केन्द्रीय शासन के मानव संसाधन विकास मंत्रालय और एन.सी.ई.आर.टी. के संयुक्त प्रयास से शासकीय स्कूलों में विद्यार्थियों के लिये स्वरोजगार के उद्देश्य से संचालित वोकेशनल कोर्स में आई. टी. के अन्तर्गत जबलपुर जिले के कितने-कितने हाई स्कूलों एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों (10+2) में कब से कम्प्यूटर प्रशिक्षण दिया जा रहा है? इसके तहत कितनी राशि आवंटित की गई है एवं प्रदेश शासन ने कितने वर्जन कम्प्यूटर और क्या-क्या संसाधन उपलब्ध कराये हैं तथा प्रशिक्षण हेतु स्वीकृत एवं पदस्थ स्टॉफ की क्या स्थिति हैं? वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक की जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) में कितने-कितने शासकीय हाई स्कूलों एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में अध्ययनरत कितने-कितने विद्यार्थियों के प्रशिक्षण हेतु कितने-कितने वर्जन के कम्प्यूटर एवं अन्य संसाधन उपलब्ध नहीं कराये गये हैं एवं क्यों? कितने-कितने स्कूलों में कितने-कितने कंडम आउटडेटेड कम्प्यूटरों से कब से प्रशिक्षण दिया जा रहा है एवं क्यों? कितने स्कूलों में व्यवस्थित कम्प्यूटर लैब नहीं है? लैब में कितने-कितने में से कितने कम्प्यूटर बिगड़े बंद पड़े हैं? इन स्कूलों में कितने-कितने नये और अपडेट वर्जन के कम्प्यूटरों की आवश्यकता है? शासन इसकी कब तक व्यवस्था करेगा? यदि नहीं तो क्यों? (ग) क्या प्रश्नांश (क) में विद्यार्थियों के लिये कम्प्यूटर प्रशिक्षण हेतु आउटसोर्स कम्प्यूटर ट्रेनरों की व्यवस्था की गई है? यदि हाँ, तो क्यों? कितने आउटसोर्स कम्प्यूटर ट्रेनर कार्यरत हैं? इस सम्बंध में शासन के क्या निर्देश हैं? शासन विद्यार्थियों के प्रशिक्षण हेतु कब तक समुचित प्रबंध कम्प्यूटर ट्रेनरों की व्यवस्था करेगा? जानकारी दें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 01 अनुसार है। (ख) 2025-26 में भारत शासन से स्वीकृत 23 विद्यालयों में लैब सामग्री हेतु टेंडर जारी कर क्रय की कार्यवाही जारी है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -01 अनुसार है। उत्तरांश जानकारी निरंक है। किसी भी लैब में ऐसी स्थिति नहीं है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदाता के माध्यम से व्यवसायिक प्रशिक्षकों की सेवाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 01 अनुसार है। निर्देश की प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 02 अनुसार है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
नई शिक्षा नीति का क्रियान्वयन
[स्कूल शिक्षा]
7. ( क्र. 378 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश शासन ने केन्द्रीय शासन नई दिल्ली द्वारा जारी नई शिक्षा नीति के दिशा निर्देशों के तहत स्कूलों में खेलकूदों को बढ़ावा देने, खेल सुविधाएं, संसाधन, खेल मैदानों की व्यवस्था, खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करने, स्कूली छात्र/छात्राओं खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने हेतु क्या-क्या व्यवस्थाएं की हैं एवं इस पर कितनी-कितनी राशि व्यय की हैं? बतलावें। (ख) प्रश्नांश (क) में जिला जबलपुर को किस-किस मद में कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई? खेल सुविधाओं, संसाधनों, खेल सामग्री का क्रय, खेल मैदानों की सुरक्षा, रख-रखाव व मरम्मत, खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन पर कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? (ग) जिला जबलपुर में संचालित कितने-कितने हाई स्कूलों/हायर सेकेण्डरी स्कूलों में से कितने-कितने स्कूलों में पर्याप्त खेल मैदान, खेल सुविधाएं संसाधन, खेल प्रशिक्षक/क्रीड़ा अधिकारी नहीं है। खेल प्रशिक्षक/क्रीड़ा अधिकारियों के कितने-कितने स्वीकृत पद/भरे रिक्त हैं। किन-किन स्कूलों में कब से पद रिक्त है एवं क्यों? स्कूलों की पृथक-पृथक सूची दें। (घ) प्रश्नांकित किन-किन हाई स्कूलों/हायर सेकेण्डरी स्कूलों में कब से वार्षिक खेल कूद प्रतियोगिताओं/वार्षिक खेल उत्सव का आयोजन नहीं किया गया एवं क्यों? सूची दें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) विद्यालयों में सभी कक्षाओं हेतु प्रतिदिन खेल का एक कालखण्ड निर्धारित है। शासकीय विद्यालयों में उत्कृष्ट खेल सुविधाओं के साथ 150 नोडल खेल केन्द्रों की स्थापना की गई है। नियमित रूप जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है तथा राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में पदक प्राप्त खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 01 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-02 एवं 03 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-05 अनुसार है।
मदरसों का संचालन
[स्कूल शिक्षा]
8. ( क्र. 442 ) डॉ. चिंतामणि मालवीय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रतलाम, उज्जैन, इंदौर तथा देवास जिले में मदरसे कितने हैं? (ख) मदरसों के शुरू होने का वर्ष क्या है? (ग) मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या कितनी हैं? (घ) मदरसों के संचालक कौन-कौन हैं? (ड.) मदरसों के लिए वित्त पोषण कहां-कहां से होता है? (च) मदरसे जिस भवन से संचालित हो रहे हैं उनके स्वामी कौन हैं?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है । (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ में वर्णित अनुसार। (ड.) राज्य शासन द्वारा अनुदान प्राप्त मदरसों को रिपेयर मेंटेनेंस एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन हेतु प्रतिवर्ष प्रति मदरसा रुपये 25000/- (पच्चीस हजार रुपये) के मान से राशि प्रदान की जाती है। (च) भवन स्वामी की जानकारी विभाग द्वारा एकत्रित नहीं की जाती है।
हायर सेकेण्डरी स्कूल की मान्यता
[स्कूल शिक्षा]
9. ( क्र. 443 ) डॉ. चिंतामणि मालवीय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक उज्जैन संभाग में निजी हायर सेकेण्डरी स्कूल की मान्यता के लिए कितने आवेदन आनलाईन प्राप्त हुए? (ख) संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग उज्जैन द्वारा स्कूलों को मान्यता देने संबंधित कार्यवाही करते हुए कितने आवेदित हायर सेकेण्डरी स्कूलों को मान्यता दी गई? (ग) क्या ऐसा कोई मामला है जिसमें डायवर्टेड लैंड पर स्कूल बना होने के बाद भी डायवर्टेड लैंड नहीं होने की मिथ्या जानकारी के आधार पर मान्यता दी गई हो? (घ) मान्यता प्रस्ताव ऑनलाइन अस्वीकृत करने के पश्चात कितने समय में आनलाइन अस्वीकरण दिखाई देने लगता है? (ड.) मान्यता का आवेदन रद्द होने पर जमा शुल्क लौटाने की क्या प्रक्रिया है?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक उज्जैन संभाग में निजी हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूल की मान्यता नवीनीकरण के लिए 923 एवं नवीन मान्यता के लिए 244 आवेदन ऑनलाइन प्राप्त हुए। (ख) संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग उज्जैन संभाग द्वारा मान्यता देने सबंधी कार्यवाही करते हुए 894 हाई स्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूलों का नवीनीकरण किया गया एवं 109 आवेदित संस्थाओं को नवीन मान्यता दी गई। (ग) जी नहीं। (घ) मान्यता प्रस्ताव ऑनलाइन अस्वीकृत करने के पश्चात अधिकतम 24 घंटे में ऑनलाइन अस्वीकरण दिखाई देने लगता है। (ड.) मान्यता नियम 2017 (यथा संशोधित नियम 2021) के नियम 10 (1) (ज) अनुसार जमा शुल्क लौटाने का प्रावधान है।
स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
10. ( क्र. 464 ) श्री मुरली भँवरा : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) देवास जिले की बागली विधानसभा अंतर्गत विकासखंड बागली एवं विकासखंड कन्नौद में वर्तमान में कुल कितने स्वास्थ्य केंद्र (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, उप-स्वास्थ्य केंद्र) संचालित हैं? प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक, नर्स, कंपाउंडर, लैब टेक्नीशियन एवं अन्य कर्मचारियों के स्वीकृत पदों की संख्या, पदस्थ कर्मचारियों की संख्या तथा रिक्त पदों की संख्या सूचीबद्ध जानकारी सहित उपलब्ध करावें। (ख) तहसील मुख्यालय बागली एवं तहसील मुख्यालय सतवास स्थित स्वास्थ्य केंद्रों पर वर्तमान में कौन-कौन सी चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध हैं तथा वहां कौन-कौन से चिकित्सा उपकरण/यंत्र (जैसे एक्स-रे, पैथोलॉजी, आपातकालीन सेवाएं आदि) स्थापित एवं क्रियाशील हैं? विवरण प्रदान करें। (ग) बागली एवं सतवास मुख्यालय पर मरीजों की आवश्यकता के अनुरूप महत्वपूर्ण उपकरण/यंत्र जैसे सोनोग्राफी मशीन, डिजिटल एक्स-रे मशीन, ई.सी.जी. मशीन आदि उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में शासन द्वारा उक्त उपकरण कब तक उपलब्ध कराए जाएंगे? समय-सीमा बताएं।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) देवास जिले की बागली विधानसभा अंतर्गत विकासखंड बागली में 02 सिविल अस्पताल, 07 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, 40 उप स्वास्थ्य केन्द्र तथा विकासखण्ड कन्नौद अंतर्गत 01 सिविल अस्पताल 01 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 07 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं 37 उप स्वास्थ्य केन्द्र संचालित हो रहे हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बागली से मांग पत्र के अनुक्रम में विभाग के प्रचलित नियमानुसार युक्तियुक्तकरण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सतवास का मांग पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। मांग पत्र प्राप्त होने पर प्रचलित नियमानुसार युक्तियुक्तकरण उपरांत प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता के आधार पर की जा सकेगी। यह एक निरंतर प्रक्रिया है तथा निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
भूमि आवंटन एवं मद परिवर्तन
[राजस्व]
11. ( क्र. 517 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्रमांक 384 दिनांक 13.03.2025 के जबाव अनुसार खसरा क्रमांक 155/2 में वन विभाग के नाम से राजस्व अभिलेख में दर्ज कुल रकबा 3.2380 हेक्टेयर (8 एकड़) पर पूर्व से संचालित वन डिपो को कब तक ग्राम नौसर, बघवाड़, रायबोर अथवा मेडियाखेड़ी में स्थानांतरित करने की जानकारी दी गई है यह किस आधार पर दी गई है? इससे संबंधित दस्तावेज उपलब्ध करावें। वन विभाग को भूमि चिन्हित किये जाने हेतु विभाग स्तर से किये पत्राचार की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में वन विभाग के अधिकारियों द्वारा भूमि चिन्हित किये जाने व आवंटित किये जाने की वर्तमान में क्या स्थिति है? भूमि चिन्हांकन हेतु क्या कोई दल गठन किया गया है, क्या इसमें स्थानीय विधायक को शामिल किया गया? दल गठन की जानकारी देवें? यदि भूमि चिन्हित नहीं की गई तो इस विलम्ब के लिये कौन उत्तरदायी है तथा उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की जा रही है? भूमि चिन्हांकन के लिये विभाग द्वारा किये गये समस्त पत्राचारों की सत्यापित प्रति उपलब्ध कराई जावे। (ग) गत 01 वर्ष में खसरा क्रमांक 155/2 से वन डिपो को अन्यत्र स्थानांतरित कर खेल मैदान हेतु आवंटित करने संबंधित राजस्व, वन एवं खेल विभाग के मध्य क्या-क्या पत्राचार किये गये हैं? समस्त पत्रों की सत्याप्रति उपलब्ध कराई जावे। (घ) प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 132 के जबाव अनुसार क्या टिमरनी में खेल मैदान की आवश्यकता प्रतीत नहीं हो रही है? प्रकरण का परीक्षण एवं आवश्यकता की क्या स्थिति है?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) नगर टिमरनी स्थित संचालित वन डिपो भूमि खसरा क्रमांक 155/2 में वन विभाग के नाम से राजस्व अभिलेख में दर्ज कुल रकवा 3.2380 हेक्टेयर (8 एकड़) पर पूर्व से संचालित वन डिपो को प्रशासनिक सुविधा की दृष्टि से संयुक्त दल का गठन कर वन डिपो को उपयुक्त स्थान का चयन करने हेतु वनमंडलाधिकारी हरदा को दिनांक 05-08-2025 को लिखा गया था। जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) वनंडलाधिकारी हरदा द्वारा पत्र के पालन में वन डिपो हेतु भूमि चिन्हाकंन हेतु राजस्व विभाग एवं वन विभाग के अधिकारियों का दल गठन कर ग्राम बघवाड (रायवोर), गौसर, नयागांव धौलपुर में स्थित शासकीय भूमि का निरीक्षण दिनांक 07-08-2025 को किया गया। उक्त क्षेत्र की भूमि वन डिपो हेतु उपयुक्त नहीं पाई गई। वनमंडलाधिकारी वनमंडल हरदा (उत्पादन) का पत्र क्रमांक 7793 दिनांक 18-08-2025 जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) वर्तमान में भूमि रिक्त नहीं होने से भूमि खेल मैदान हेतु आवंटित करने का प्रश्न उत्पन्न नहीं होता। (घ) टिमरनी विधानसभा क्षेत्र में शासन द्वारा लागत राशि 167.00 लाख से इंडोर स्टेडियम का निर्माण किया जा चुका है, जिसमें खेल गतिविधियां संचालित की जा रही है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
अस्पतालों में चिकित्सक एवं स्टॉफ की कमी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
12. ( क्र. 543 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिविल अस्पताल हटा, सामुदायिक केन्द्र, पटेरा एवं हिण्डोरिया में स्वीकृत पदों की जानकारी देवें। उक्त अस्पतालों में वर्तमान कार्यरत स्टॉफ का विवरण देवें। (ख) उपरोक्त अस्पतालों में यदि स्टॉफ की कमी है तो कब तक पूर्ति की जावेगी? (ग) विशेषज्ञ चिकित्सक पदों की पूर्ति एवं रिक्त पदों की पूर्ति हेतु विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) रिक्त पदों की पूर्ति विभाग की एक निरंतर प्रक्रिया है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) विशेषज्ञ/चिकित्सकों की पदपूर्ति हेतु मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से संविदा चिकित्सकों की नियुक्ति एवं बंधपत्र चिकित्सकों की नियुक्ति की कार्यवाही निरंतर जारी है, उपलब्धता अनुसार पदस्थापना की जाती है। पैरामेडिकल संवर्ग के रिक्त पदों की पूर्ति काउंसलिंग हेतु एमपी ऑनलाइन से च्वाइस फिलिंग संबंधी कार्यवाही पूर्ण हो चुकी है। रिक्त पदों की पूर्ति विभाग की एक निरंतर प्रक्रिया है।
शासकीय हाई स्कूल शाहपुर के नवीन भवन का निर्माण
[स्कूल शिक्षा]
13. ( क्र. 631 ) श्री रामनिवास शाह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि शासकीय हाई स्कूल शाहपुर वर्तमान स्थिति में नवजीवन बिहार सेक्टर नंबर 1 में प्राथमिक शाला भवन में संचालित है। शा.हाई स्कूल शाहपुर हेतु निर्धारित जगह नवजीवन बिहार सेक्टर नंबर 3 में हाई स्कूल भवन सहित खेल के मैदान हेतु पर्याप्त जगह एवं विद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं स्थानीय लोगों द्वारा बड़े विद्यालय भवन एवं खेल मैदान की मांग के परिप्रेक्ष्य में क्या शा.हाई स्कूल शाहपुर हेतु बड़े भवन तथा खेल के मैदान का निर्माण कब तक कराया जावेगा? जानकारी दें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : जी नहीं। विद्यार्थियों के नामांकन के अनुसार आवश्यकता होने पर अतिरिक्त अद्योसंरचना निर्माण मांग/प्रस्ताव एवं बजट की स्वीकृति सक्षम समिति पर निर्भर है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
जिला स्तरीय कार्यालय की स्थापना
[जल संसाधन]
14. ( क्र. 826 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नवगठित जिला मैहर में जल संसाधन विभाग के जिला-स्तरीय कार्यालय मय स्टाफ के खोले जाने की प्रक्रिया क्या शासन स्तर में प्रचलित है। यदि हाँ, तो इस संबंध में कब तक कार्यवाही भौतिक स्थिति में पूर्ण करायी जावेगी? समयावधि बताई जावे। (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में क्या जिला स्तरीय अधिकारी के पद मय स्टाफ स्वीकृत किये गये है? यदि हाँ, तो स्वीकृत पदों के आदेश की प्रति उपलध करायी जावे। यदि नहीं तो क्यों? कारण सहित जानकारी दी जावें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जल संसाधन विभाग का संभागीय कार्यालय दिनांक 03/04/2025 में स्थापित किया जा चुका है। शेष प्रश्न लागू नहीं होता। (ख) जी हाँ। आदेश की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार।
दतिया जिला में स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
15. ( क्र. 846 ) श्री राजेन्द्र भारती : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला चिकित्सालय CHMO मेडिकल कॉलेज दतिया में वर्ष 2025 में हाउसकीपिंग एवं सिक्योरिटी का टेंडर निजी एजेन्सी को दिया गया है? यदि हाँ, तो उक्त एजेन्सी के समस्त दस्तावेज उपलब्ध करायें साथ ही संस्था एवं फर्म के बीच हुये अनुबंध की प्रति, कार्यादेश की प्रति उपलब्ध करायें। (ख) क्या वर्ष 2024-25 में जिला चिकित्सालय दतिया में हाउसकीपिंग एवं सिक्योरिटी के ठेके की टेंडर में शामिल अन्य प्रतिस्पर्धी एजेंसी द्वारा शिकायत की गई थी? यदि हाँ, तो उक्त शिकायत की प्रति, शिकायत पर की गई कार्यवाही एवं जांच तथा आदेश की प्रतियां प्रदान करें। (ग) क्या वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में जिला चिकित्सालय दतिया के लिये मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय दतिया ने वाहन के संलग्नीकरण हेतु निविदायें आमंत्रित की थी? यदि हाँ, तो कृपया निविदा की प्रति सहित, ठेका प्राप्त फर्म/एजेंसी के अनुबंध पत्र की प्रति एवं कार्यादेश की प्रति सहित संलग्न वाहनों के पंजीयन, बीमा तथा उनको किस कार्यालय में संलग्न किया है उसके आदेश की प्रति सहित ठेका दिनांक से समस्त वाहनों की माहवार लॉग बुक की प्रतियां प्रदान करें। (घ) क्या जिला चिकित्सालय दतिया में आउटसोर्स कर्मचारियों की उपस्थिति प्रदेश शासन द्वारा जारी आदेश के क्रम में बायोमेट्रिक पद्धति से ली जा रही है? यदि हाँ, तो समस्त आउटसोर्स कर्मचारियों की वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 की माहवार उपस्थिति नामवार सूची प्रदान करें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (घ) जी नहीं। वर्तमान में जिला चिकित्सालय दतिया में आउटसोर्स कर्मचारियों की उपस्थिति ड्यूटी रजिस्टर के माध्यम से ली जा रहीं है। बायोमेट्रिक अटेन्डेंस लिया जाना प्रक्रियाधीन है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार।
अतिथि शिक्षकों की नियम विरुद्ध पदस्थापना
[स्कूल शिक्षा]
16. ( क्र. 870 ) श्री जगन्नाथ सिंह रघुवंशी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा चन्देरी अंतर्गत विकासखण्ड ईसागढ़ एवं चन्देरी में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान ऑनलाइन काउंसलिंग के माध्यम से अतिथि शिक्षकों को आवंटित विद्यालयों की विद्यालयवार सूची उपलब्ध कराई जाए। उक्त सूची में से कितने अतिथि शिक्षकों ने वास्तव में विद्यालयों में जॉइन किया है, उनकी पृथक-पृथक सूची भी प्रदान की जाए। (ख) ऑनलाइन-काउंसलिंग के अतिरिक्त अन्य किसी माध्यम से अतिथि शिक्षक रखे जाने के लिए शासन द्वारा निर्धारित नियम, आदेश एवं दिशा-निर्देश क्या हैं? उनकी छायाप्रति उपलब्ध कराई जाए। विधानसभा चन्देरी में शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कितने विद्यालयों में ऑनलाइन काउंसलिंग के अतिरिक्त अन्य माध्यम से अतिथि शिक्षक रखे गए हैं, उनकी विद्यालयवार सूची प्रदान की जाए। नियुक्त किए गए अतिथि शिक्षकों के स्कोर-कार्ड की छायाप्रति, उपलब्ध कराई जाए। (ग) क्या शासन के नियमानुसार बिना डी.एड/बी.एड योग्यता के अतिथि-शिक्षकों की नियुक्ति की जा सकती है? यदि नहीं, तो प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित अतिथि शिक्षकों में से कितने अतिथि शिक्षकों के पास डी.एड/बी.एड की आवश्यक-योग्यता नहीं है, विद्यालयवार-सूची प्रदान की जाए। (घ) क्या कुछ विद्यालयों के प्राचार्यों द्वारा मनमानी पूर्वक कम स्कोर-कार्ड तथा बिना डी.एड/बी.एड योग्यता वाले अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की गई है? यदि हाँ, तो ऐसी अनियमित नियुक्ति करने वाले प्राचार्य, संकुल प्रभारी एवं विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी के विरुद्ध दण्डात्मक, कार्यवाही की जाएगी या नहीं? यदि हाँ, तो कब तक?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार। (ख) संचालनालय के पत्र क्र./अतिथि शिक्षक/2025-26/281 भोपाल दिनांक 03.09.2025 पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार विकासखण्ड के पैनल से मेरिट क्रम में अतिथि शिक्षक आमंत्रण का प्रावधान है। उतरांश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार। (ग) विद्यालयों में रिक्त पद होने पर स्कोर कार्ड के आधार पर विद्यालय द्वारा जिला/विकासखण्ड के पैनल से मेरिट के क्रम में अतिथि शिक्षकों को आमंत्रित किया जाता है। स्कोर कार्ड में डी.एड./बी.एड. के लिए 100 अंक का अधिभार दिया जाता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है। जिनके पास डी.एड./बी.एड. नहीं है, उनका स्कोर कार्ड भी जारी होता है तथा पैनल में मेरिट क्रम में शाला द्वारा रखा जाता है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। शेषांश प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
जरमोहरा बांध में सुधार कार्य
[जल संसाधन]
17. ( क्र. 883 ) श्री अभय मिश्रा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले के विधानसभा क्षेत्र सेमरिया में स्थापित जरमोहरा बांध के सुधार के कार्य बावत पिछले पाँच वर्षों में कितनी-कितनी राशियां दी गई एवं उससे कौन-कौन से सुधार कार्य किये गये की जानकारी देवें, अगर सुधार/मरम्मत हेतु राशि जारी नहीं की गई तो क्यों? प्राप्त राशि अनुसार कार्य नहीं कराये गये उस पर जाँच एवं कार्यवाही के निर्देश देंगे तो बतावें अगर नहीं तो क्यों? (ख) क्या प्रश्नांश (क) में उल्लेखित जरमोहरा बांध में दांये तट व बांये तट में लाइनिंग (सी.सी.) के कार्य कराये जाने बावत स्वीकृति प्रदान कर राशि जारी करेंगे यदि हां, तो जानकारी दें कि सुधार के कार्य न किये जाने से क्या पानी का बहाव प्रभावित हो रहा है एवं किसानों को सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है किसानों को सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध हो सके सुधार बावत राशि स्वीकृत करेंगे तो बतावें अगर नहीं तो क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित बांध के सुधार बावत विधायक विकास निधि से एक लाख से ज्यादा राशि दिये जाने पर रोक लगाई गई है जब विभाग द्वारा भी राशि सुधार बावत नहीं दी जा रही एवं प्रश्नकर्ता द्वारा दी जाने वाली विधायक विकास निधि की राशि पर रोक लगाई गई है तब सुधार के कार्य कैसे कराये जाएंगे? विधायक विकास निधि से राशि दिये जाने पर लगाई गई रोक को हटाए जाने बावत क्या निर्देश देंगे बतावें? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार उल्लेखित तथ्यों पर कब तक कार्यवाही के निर्देश दिये जाएंगे, अगर नहीं तो क्यों?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। प्राप्त आवंटन के अनुसार बांध एवं नहरों का संधारण कार्य कराया जाना प्रतिवेदित है। अतः शेष प्रश्नांश लागू नहीं। (ख) जी हाँ। नहर के लाइनिंग कार्य प्रस्ताव परीक्षणाधीन होना प्रतिवेदित है। बांध में उपलब्ध जल भराव के अनुसार कृषकों को सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध कराया जाना प्रतिवेदित है। शेष प्रश्न लागू नहीं। (ग) विभाग से संबंधित नहीं। (घ) उत्तरांश (क), (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न लागू नहीं।
रिक्त पदों की पदपूर्ति न करने पर कार्यवाही
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
18. ( क्र. 884 ) श्री अभय मिश्रा : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता सदस्य द्वारा रीवा जिले के सेमरिया में संचालित सिविल अस्पताल के स्वीकृत पद अनुसार चिकित्सकों की पदपूर्ति किये जाने बावत पत्र मुख्य सचिव म.प्र. शासन भोपाल को लिखा गया जिसके पालन में कार्यालय मुख्य सचिव के जावक क्रमांक-10251/मु.स./2025/सामान्य दिनांक 14.07.2025 द्वारा प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को आवश्यक कार्यवाही कर अवगत कराने का अनुरोध किया गया, पत्र पर की गई कार्यवाही की जानकारी देते हुये बतावें कि रिक्त पद अनुसार कितने चिकित्सकों की पदस्थापना की गई अगर नहीं की गई तो क्यों इस बाबत् क्या निर्देश देंगे? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार उल्लेखित अनुसार अस्पताल में चिकित्सकों एवं रिक्त अन्य पदों की पदपूर्ति न किये जाने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही है इसके लिये कौन-कौन उत्तरदायी है? उत्तरदायियों पर कार्यवाही के साथ प्रश्नांश (क) अनुसार रिक्त पदों की पदपूर्ति कब तक की जावेगी? यदि नहीं तो क्यों?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) :(क) जी हाँ, पत्र प्राप्त होने के उपरांत दो विशेषज्ञ चिकित्सक एवं 02 बंध-पत्र चिकित्सकों की पदस्थापना की गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) सिविल अस्पताल सेमरिया में पदस्थ 02 विशेषज्ञों एवं 01 नियमित तथा 01 बंध-पत्र चिकित्सकों सहित कार्यरत पैरामेडिकल, नर्सिंग स्टॉफ तथा आउटसोर्स स्टॉफ द्वारा आमजन को चिकित्सा सेवायें निरंतर प्रदान की जा रही हैं। रिक्त पदों की पूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है, पदपूर्ति हेतु निश्िचत समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
खुले कुएं को बंद किया जाना
[राजस्व]
19. ( क्र. 937 ) श्री विपीन जैन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बनी तहसील दलौदा अंतर्गत अजा बस्ती क्षेत्र में स्थित मांगलिक भवन के पास एक खुला कुआं स्थित है जिसे बंद करने हेतु कई बार ग्रामवासियों द्वारा किये गये निवेदन के बावजूद आज दिनांक तक उक्त कुएं को सुरक्षा की दृष्टि से बंद क्यों नहीं किया गया है? (ख) स्थानीय प्रशासन द्वारा पूर्व में हुई घटनाओं को देखते हुए इन्हें बंद करने और सुरक्षित करने के निर्देश दिए गए थे बावजूद इसके आज दिनांक तक उक्त कुएं को बंद और सुरक्षित क्यों नहीं किया गया है? (ग) प्रश्नकर्ता के पत्र क्रमांक 1197 दिनांक 19/01/26 अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मंदसौर और पत्र क्रमांक 1196 तहसीलदार दलोदा दिनांक 19/01/26 जिला मंदसौर को उक्त कुएं को बंद करने हेतु पत्र लिखा गया है बताएं की जनता की सुरक्षा की दृष्टि को देखते हुए उक्त कुएं को कब बंद, सुरक्षित कर दिया जाएगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) मंदसौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बनी तहसील दलौदा अंतर्गत अजा बस्ती क्षेत्र में स्थित मांगलिक भवन के पास एक खुला कुआं स्थित है, जो निजी स्वत्व का होकर भूमि सर्वे नं. 960 रकबा 0.07 हे. पर स्थित है जिसमें भूमि स्वामी सीमाबाई पिता मांगीलाल पति पप्पुलाल जाति तेली निवासी बनी तहसील दलौदा को उक्त कुएं के स्वामी को सुरक्षा की दृष्टि से कार्यालय तहसीलदार तहसील दलौदा के पत्र क्रमांक 1449/रीडर/2026 दिनांक 27.01.2026 को सूचना पत्र जारी कर कुएं की मुंडेर बनाने हेतु निर्देशित किया गया है। (ख) संबंधित कृषक को सूचना पत्र जारी कर कुएं की मुंडेर बनाने हेतु निर्देशित किया गया है। (ग) तहसीलदार तहसील दलौदा जिला मंदसौर के पत्र क्रमांक 1449/रीडर/2026 दिनांक 27.01.2026 से भूमि स्वामी सीमाबाई पिता मांगीलाल पति पप्पुलाल जाति तेली निवासी बनी तहसील दलौदा को सूचना पत्र जारी कर पेशी दिनांक 10.02.2026 दी गई थी। उक्त संबंध में भूमि स्वामी उपस्थित होकर जबाव प्रस्तुत कर 15 दिवस का समय लेकर कुएं को सुरक्षित करने अथवा बंद करने हेतु बताया गया है। यदि भूमि स्वामी द्वारा जबाव अवधि में कुएं को बंद नहीं किया जाता है तो अनुविभागीय अधिकारी राजस्व उपखण्ड मंदसौर द्वारा भूमि स्वामी सीमाबाई पिता मांगीलाल पति पप्पुलाल के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।
कुटरचित दस्तावेज बनाकर भूमि का विक्रय
[राजस्व]
20. ( क्र. 938 ) श्री विपीन जैन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम धतरावदा तहसील जावरा जिला रतलाम में खसरा क्रमांक 481/1 रकबा 0.64 का रिकॉर्ड दूरस्तीकरण, कब-कब, किसके आदेश से किया गया है उसकी प्रति देवें। (ख) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व जावरा जिला रतलाम और तहसीलदार ढोढर जिला रतलाम को आवेदक नाथूलाल पिता रतनलाल जाति बलाई निवासी करजू तहसील दलौदा जिला मंदसौर द्वारा जनसुनवाई रतलाम में और संबंधित कार्यालय में उसकी जमीन को फर्जी तरीके से विक्रय कर देने के आवेदन देने के बावजूद भी अभी तक कार्यवाही क्यों नहीं की गई है? (ग) उक्त सर्वे क्रमांक की भूमि पर शंकरलाल पिता जगन्नाथ मालवीय निवासी ग्राम धतरावदा तहसील जावरा का नाम किस आधार पर, किस प्रक्रिया के तहत कब जोड़ा गया था इसका विवरण देवें। जबकि उक्त भूमि का वास्तविक मालिक नाथूलाल पिता रतनलाल ग्राम करजू तहसील दलौदा जिला मंदसौर है? (घ) उक्त भूमि को कुटरचित दस्तावेज बनाकर विक्रय किया गया है उक्त भूमि का नामांतरण कब किस आधार पर किया गया है संपूर्ण विवरण देवें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) ग्राम धतरावदा सर्वे नं. 481/1 दर्ज रिकॉर्ड नहीं है 481 मूल नम्बर से रिकॉर्ड में दर्ज होकर रुक्मण बाई पति श्री राम जाति कुलमी निवासी ग्राम धतरावदा के नाम रकबा 1.390 हे. भूमि स्वामी के रूप में दर्ज है। खसरे की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार। (ख) नाथूलाल पिता रतनलाल जाति बलाई निवासी ग्राम करजू तहसील दलोदा जिला मंदसौर द्वारा जन सुनवाई में सर्वे नंबर 488/1 रकबा 0.64 हे. भूमि के संबंध में आवेदन दिया गया था। जिसकी जाँच प्रचलित है। (ग) शंकरलाल पिता जगन्नाथ जाति बलाई निवासी ग्राम धतरावदा का नाम नामान्तरण पंजी क्रमांक 6 आदेश दिनांक 20/03/2013 के अनुसार वर्दी बाई पिता वाला जाति बलाई के मृतक होने से मृतक वारिसन शंकरलाल पिता जगन्नाथ मालवीय निवासी ग्राम धतरावदा का नाम दर्ज हुआ। (घ) सर्वे नं 488/1 रकबा 0.64 हे. में से वर्दी बाई पिता वाला व शंकरलाल पिता जगन्नाथ जाति बलाई निवासी ग्राम धतरावदा द्वारा विक्रेताओं को अपने हिस्से की भूमि में से रजिस्ट्री विक्रय पत्र के द्वारा बेची गयी है। जिसका विधि अनुसार नामान्तरण किये गये जिनका प्रकरण क्रमांक न्यायालय नायब तहसीलदार ढोढर के प्रकरण क्र.0191/31-6/2022-23, आदेश दि. 04/07/2022 न्यायालय नायब तहसीलदार डोडर के प्रकरण क्र.1305/31-6/2022-23, आदेश दि. 15/03/2023 न्यायालय नायब तहसीलदार ढोढर के प्रकरण क्र.1332/1-6/2022-23, आदेश दि. 27/03/2023 न्यायालय नायब तहसीलदार ढोढर के प्रकरण क्र. 893/1-6/2020-21, आदेश दि. 17/02/2023 के अनुसार भू-अभिलेख अद्यतन किया गया है। आदेशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार।
शिक्षा का अधिकार अंतर्गत प्रवेश
[स्कूल शिक्षा]
21. ( क्र. 988 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्रमांक 1117, दिनांक 04/12/2025 के उत्तर में सदन में जाँच का आश्वासन दिया था, उन आश्वासन में क्या-क्या कार्यवाही की गई है, सुसंगत दस्तावेजों सहित जानकारी उपलब्ध कराएं? (ख) पूरक प्रश्न के उत्तर में माननीय मंत्री जी ने बताया था कि तत्कालीन डी.पी.सी. को मंडला जिले से अन्यत्र पदस्थ करने की कार्यवाही इसलिए लेट हुई क्योंकि अधिकारी बिहार चुनाव में ड्यूटी में थे, क्या जो सम्बंधित अधिकारी बिहार चुनाव में ड्यूटी में थे, उनका प्रभार किसी को नहीं दिया गया था? इस प्रकरण में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही की गई है, यदि हाँ, तो दस्तावेजों सहित जानकारी उपलब्ध कराएं? (ग) बालिका छात्रावास अरौली हेतु अलग से व्यवस्था बनाने हेतु अब तक क्या-क्या कार्यवाही की गई है? (घ) मंडला जिले के भवन विहीन जर्ज़र स्कूल भवनों एवं भवन विहीन छात्रावासों के भवनों हेतु क्या कार्यवाही की जा रही है? (ङ) वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक शिक्षा का अधिकार अधिनियम अंतर्गत मंडला जिले में किन-किन स्कूलों द्वारा कितने-कितने बच्चों को प्रवेश दिया गया, विद्यार्थियों के नाम पता सहित जानकारी उपलब्ध कराएं? इन बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति हेतु संबंधित स्कूलों को कितनी-कितनी राशि का कब-कब भुगतान किया गया? उक्त अवधि में स्कूलों की मान्यता संबंधी जाँच कब-कब किनके किनके द्वारा की गई, विस्तृत जानकारी उपलब्ध करावें?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) वर्तमान में तारांकित प्रश्न क्रमांक- 1117 संबंध में कोई आश्वासन प्राप्त नहीं हुआ है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार। (ग) छात्रावास आरोली हेतु अलग से व्यवस्था के लिए जिले को अवगत कराया गया है। वर्तमान में छात्रावास पूर्व में भवन में ही संचालित है। (घ) वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले में 06 भवन विहीन शाला हेतु नवीन भवन एवं 14 जीर्ण-शीर्ण शाला भवन के स्थान पर नवीन भवन निर्माण हेतु प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। भवन विहीन छात्रावास हेतु नवीन भवन निर्माण बजट की उपलब्धता पर निर्भर करेगी। (ड.) मण्डला जिले में वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण की समय-सीमा
[राजस्व]
22. ( क्र. 1078 ) श्री साहब सिंह गुर्जर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग अन्तर्गत राजस्व प्रकरण जैसे- भूमि का नामांतरण, भूमि का फोती नामांतरण, भूमि का अविवादित बंटवारा, बंटवारा पश्चात नक्शों में बटांकन/तरमीम, भूमि का सीमांकन, अभिलेख दुरुस्ती, भू-अधिकार पुस्तिका का प्रदाय करने आदि प्रकरणों के निराकरण की समय-सीमा/नियम निर्देश क्या हैं? नियम निर्देंश की प्रतियां उपलब्ध करावें। (ख) विधानसभा 14 ग्वालियर ग्रामीण क्षेत्रान्तर्गत नायब तहसीलदार/तहसीलदार न्यायालयों, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) न्यायालयों में विगत 03 माह से अधिक समय से लंबित प्रकरणों की न्यायालयवार, प्रकरणवार जानकारी उपलब्ध करावें? प्रकरणवार लंबित रहने का कारण बतावें? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में विगत 03 माह से अधिक समय तक प्रकरणों को लंबित रखने वाले अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध स्थानीय स्तर पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? न्यायालयवार, प्रकरणवार जानकारी उपलब्ध करावें? यदि कार्यवाही नहीं की गई तो कब तक की जावेगी? समय-सीमा बतावें?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) लोक सेवा प्रदाय गांरटी अधिनियम 2010 के अन्तर्गत राजस्व प्रकरणों के निराकरण एवं भू-अधिकार ऋण पुस्तिका प्रदाय करने की समय-सीमा निम्नानुसार है :-
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अविवादित नामांतरण |
30 दिवस |
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विवादित नामांतरण |
06 माह |
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अविवादित बंटवारा |
90 दिन |
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विवादित बंटवारा |
06 माह |
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बंटवारा पश्चात नक्शे में बटांकन/तरमीम |
30 दिन |
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सीमांकन |
45 दिन |
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भू-अधिकार पुस्तिका प्रदाय |
15 कार्य दिवस |
नियम निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार। (ख) 1. विधानसभा 14 ग्वालियर ग्रामीण क्षेत्रान्तर्गत नायब तहसीलदार/तहसीलदार न्यायालयों, में विगत 03 माह से अधिक समय से अधिक लंबित प्रकरणों की न्यायालयवार प्रकऱणवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार। 2. विधानसभा 14 ग्वालियर ग्रामीण क्षेत्रान्तर्गत अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) न्यायालयों, में विगत 03 माह से अधिक समय से अधिक लंबित प्रकरणों की न्यायालयवार प्रकऱणवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार। विगत 03 माह से एस.आई.आर. का कार्य करने के कारण विलंब हुए हैं। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार जानकारी निंरक है।
स्थानांतरण के उपरांत वेतन का भुगतान
[स्कूल शिक्षा]
23. ( क्र. 1087 ) श्री महेंद्र रामसिंह यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सितम्बर 2024 में लोक शिक्षण भोपाल द्वारा शिक्षकों के स्थानांतरण किए गए हैं? यदि हाँ, तो स्थानांतरित शिक्षकों को भारमुक्त करने एवं वेतन भुगतान संबंधी क्या निर्देश थे? जानकारी दें। (ख) क्या आयुक्त, लोक शिक्षण भोपाल के आदेश क्र. 175423 दिनांक 12.09.2024 द्वारा श्रीमती नीलम वर्मा प्राथ.शिक्षक का स्थानांतरण ईपीईएस वार्ड नं. 5 टीकमगढ़ से ईपीईएस मा.शाला अहार विकासखंड बल्देवगढ़ हुआ था। यदि हाँ, तो उन्हें कब भारमुक्त किया गया तथा उनके द्वारा कब स्थानांतरित संस्था में उपस्थिति दी गयी? आदेशों व ज्वानिंग की प्रति दें? (ग) क्या श्रीमती वर्मा को भारमुक्त करने और अपनी स्थानांतरित संस्था में ज्वानिंग देने की तिथि से 10 माह बाद तक का वेतन नवीन संस्था से न देकर विकासखंड शिक्षा अधिकारी टीकमगढ़ ही भुगतान करते रहे, वो भी बिना किसी उपस्थिति के? और 10 माह से लगातार वेतन भुगतान के साथ-साथ एरियर्स का भी भुगतान (बिना गणना पत्रक मंगाये) किया गया। यदि हाँ, तो किस नियम के तहत? स्पष्ट करें? क्या यह गंभीर वित्तीय अनियमितता है। यदि हाँ, तो संबंधित अधिकारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही व जांच हुई जानकारी दें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) :(क) जी हाँ। विभागीय स्थानांतरण नीति 2022 की कंडिका- 6 में उल्लेखित अनुसार। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- दो अनुसार। (ग) जी हाँ। एरियर भुगतान प्राचार्य द्वारा दिए गए गणना पत्रक एवं आदेश के आधार पर किया गया है। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-तीन अनुसार है। संबंधित को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही की जाती है।
अनुसूचित जनजाति के प्रतिभावान संकाय सदस्यों के साथ भेदभाव
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
24. ( क्र. 1171 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभागाध्यक्ष रेडियोलॉजी गांधी चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल के विरूद्ध संकाय सदस्यों के द्वारा की गई शिकायतों पर की गई समस्त जांच एवं प्रतिवेदन पर की गई अनुशासनात्मक कार्यवाही की जानकारी प्रति सहित बतावें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) के विभाग में अनुसूचित जनजाति के प्रतिभावान संकाय सदस्यों को उच्च शिक्षा हेतु विदेश जाने से रोका गया है, यदि हाँ तो क्या अन्य संकाय सदस्यों को उपरोक्त हेतु यही प्रक्रिया अपनाई गई है? यदि नहीं तो उपरोक्त भेदभाव करने वाले विभागाध्यक्ष पर क्या अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई है, प्रतिसहित बतावें। यदि अनुशासनात्मक कार्यवाही नहीं की गई है तो विधिसम्मत कारण बतावें। (ग) उपरोक्त प्रकरण में प्रश्न दिनांक तक अधिष्ठाता स्तर पर क्या-क्या कार्यवाही हुई है? प्रति सहित बतावें। (घ) गांधी चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल एवं विभाग स्तर पर अनुसूचित जनजाति के संकाय सदस्यों के साथ भेद-भाव रोकने के लिए क्या-क्या नियम प्रक्रिया बने हैं, कौन-कौन सी कमेटियां बनी हैं, ये कैसे काम करती हैं, अनुसूचित जनजाति के संकाय सदस्यों को कैसे न्याय दिलाया जाता है।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) विभागाध्यक्ष रेडियोलॉजी विभाग, चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल के विरूद्ध प्रश्न दिनांक तक संकाय सदस्यों द्वारा अधिष्ठाता को दिये गए पत्र की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 एवं की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ख) जी नहीं, डॉ. पूर्णिमा मरावी, सह प्राध्यापक, रेडियोलॉजी विभाग का अध्ययन अवकाश आवेदन पत्र दिनांक 06.06.2025 प्राप्त होने पर कार्यालय अधिष्ठाता के पत्र क्रमांक 30125-26 एम.सी./स्था/राज/2025 दिनांक 05.08.2025 के द्वारा अध्ययन अवकाश पर जाने से 01 पी.जी.सीट पर प्रभाव पडेगा के आधार पर विभागीय विषय न होने के कारण अगले वर्ष आवेदन कर सकती है, का पत्र जारी किया गया था। विभागाध्यक्ष अपने विभागाध्यक्ष द्वारा प्रदाय की जा रही सेवाओं को बेहतर ढंग से देने के लिए उपलब्ध मानवशक्ति के सर्वश्रेष्ठ उपयोग करने के लिए संक्षम है और इस बाबत् लिये गये निर्णय पर कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रकरण में अधिष्ठाता स्तर पर संपादित कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (घ) गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल में शिकायतों के निराकरण हेतु Gravievance Redressal Cell (GRC) समिति का गठन किया गया है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है।
राज्य में आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना के क्लेम
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
25. ( क्र. 1172 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्य में आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत वित्तीय-वर्ष 2023–24 एवं 2024–25 में कितने क्लेम दर्ज किए गए? कितने क्लेम स्वीकृत, कितने लंबित और कितने अस्वीकृत किए? स्वीकृत क्लेम के भुगतान हेतु निर्धारित Turnaround Time (TAT) क्या है तथा वास्तविक औसत भुगतान समय कितना है? (ख) प्रश्न-दिनांक तक कितने क्लेम जिनका भुगतान– (1) 30 दिनों से अधिक, (2) 60 दिनों से अधिक, (3) 90 दिनों से अधिक, समय से लंबित है? जिलेवार एवं अस्पतालवार (सरकारी/निजी) कितनी भुगतान राशि लंबित है? लंबित भुगतान की प्रमुख वजहें क्या हैं? (ग) भुगतान में देरी के कारण वित्तीय कठिनाइयों से गुजर रहे निजी/शासकीय अस्पताल के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं? क्लेम के शीघ्र भुगतान हेतु अतिरिक्त बजट प्रावधान; समयबद्ध भुगतान निर्देश; TAT मॉनिटरिंग मैकेनिज़्म, लागू किया गया है या नहीं? (घ) क्लेम भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने हेतु सरकार की क्या कार्ययोजना है? आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत क्लेम भुगतान के लिए वर्तमान में निर्धारित TAT क्या है? वित्तीय वर्ष 2023–24 एवं 2024–25 में क्लेम का वास्तविक औसत भुगतान समय कितना रहा है? (ङ) TAT उल्लंघन होने पर किस अधिकारी/एजेंसी/TPA/ISA की क्या जवाबदेही तय की गई है? सभी वैध आयुष्मान भारत क्लेम का भुगतान निर्धारित TAT के भीतर किए जाने एवं लंबित सभी आयुष्मान भारत क्लेम का समयबद्ध निपटारा सुनिश्िचत करने बाबत शासन की क्या योजना है?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) राज्य में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में कुल 2930234 क्लेम दर्ज किये गये है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। स्वीकृत क्लेम के भुगतान हेतु निर्धारित Turnaround Time (TAT) 15 दिवस तथा वास्तविक औसत भुगतान समय 87 दिवस है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार। जी हाँ। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार। आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत क्लेम भुगतान के लिए वर्तमान में निर्धारित TAT 15 दिवस है। वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में क्लेम का वास्तविक औसत भुगतान समय 87 दिवस है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार। (ङ) राज्य स्वास्थ्य एजेंसी एवं एजेंसी/TPA/ISA के मध्य निष्पादित अनुबंध में उल्लेखित KPI अनुसार TAT उल्लंघन किये जाने पर कार्यवाही की जाती है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''य'' अनुसार।
धार भोज चिकित्सालय में आगजनी से रोकथाम
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
26. ( क्र. 1184 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्रमांक 40 के माध्यम से चिकित्सालय में आगजनी तथा उसकी रोकथाम के संबंध में पूछे जाने पर विभाग द्वारा जिला भोज चिकित्सालय में फायर फाईटिंग की स्थापना का उल्लेख किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो क्या प्रश्नांश (क) के तारतम्य में विभाग द्वारा जिला भोज चिकित्सालय में अग्निशमन हेतु स्प्रिंकलर मय हाईड्रेंट सिस्टम के स्थापना की गई है? किन्तु प्रमुख पंप अथवा इसी प्रकार के किसी उपकरण के अभाव में यह सिस्टम प्रश्न पूछे जाने की दिनांक तक अनुपयोगी होकर अग्निशमन का कार्य करने सक्षम नहीं है। (ग) यदि हाँ, तो इस गंभीर विषय पर लापरवाही के क्या कारण है? तथा यदि नहीं तो किस दिनांक को इस अग्निशमन सिस्टम का कार्य पूर्ण हुआ तथा इसके सफल संचालन के संबंध में संबंधित एजेन्सी द्वारा किस दिनांक को प्रमाण-पत्र प्रदाय किया गया? जानकारी प्रदान करें। (घ) क्या विभाग इस अग्निशमन प्रणाली के सुचारू रूप से चलाने हेतु लगने वाले अतिरिक्त उपकरणों की पूर्ति हेतु आवश्यक बजट प्रावधान करेगा? जानकारी दें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। पंप हाऊस का निर्माण किया जा चुका है, पंप फिटिंग की कार्यवाही शेष है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश (ख) में समाहित है। (घ) फायर पंप की स्थापना उपरांत अग्निशमन प्रणाली सुचारू रूप से संचालित होगी, अतिरिक्त बजट की आवश्यकता नहीं है।
10+2 (हा.से.) बारहवीं तक विद्यालय प्रारंभ किया जाना
[स्कूल शिक्षा]
27. ( क्र. 1185 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्रमांक 1239 दिनांक 6 अगस्त 2025 के उत्तर में बताया गया था कि खरगापुर में संदीपनी विद्यालय है और वल्देवगढ़ में उत्कृष्ट विद्यालय होने के कारण ग्राम बैसा खास में बारहवीं तक विद्यालय प्रारंभ नहीं किया जा सकता है। (ख) क्या ग्राम बैसा खास से वल्देवगढ़ की दूरी लगभग-15 किलोमीटर है और खरगापुर की दूरी लगभग 35 कि.मी. है क्या इतनी दूरी पर छात्र। छात्रायें जाकर शिक्षा ग्रहण कर सकते है इसलिये ग्राम बैसा के हाई स्कूल का उन्नयन कर हायर सेकेण्डरी 10+2 (बारहवीं) तक किये जाने के आदेश कब तक जारी किये जावेंगे। यदि हाँ, तो समयावधि बताये यदि नहीं तो क्यों? कारण स्पष्ट करें। (ग) क्या यह भी सच है कि तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी टीकमगढ़ द्वारा अभिमत भी वरिष्ठ कार्यालय की ओर भेजा गया था और क्षेत्रीय विधायक के माँग पत्र तथा दूरी एवं छात्र/छात्राओं की परेशानी से अवगत कराया गया मगर छात्र/छात्राओं के हित में ग्राम बैसा खास में हा.से. (10+2) प्रारंभ नहीं किया जा रहा है जबकि विगत समय में टीकमगढ़ विधान सभा में हाई स्कूलों के उन्नयन किये गये है परन्तु खरगापुर विधान सभा क्षेत्र के छात्र/छात्राओं एवं ग्रामीणजनों तथा क्षेत्रीय विधायक की मांग को अस्वीकार किन-कारणों से किया जा रहा है इसलिये जनहित में ग्राम बैसा खास के हाई स्कूल का उन्नयन किये जाने में क्या कठिनाई आ रही है सम्पूर्ण जानकारी से अवगत कराये एवं उन्नयन के आदेश कब तक जारी किये जावेंगे जानकारी स्पष्ट करें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं। प्रेषित उत्तर संलग्न परिशिष्ट पर है। (ख) ग्राम बैसा से बल्देवगढ़ की दूरी लगभग 10 कि.मी. एवं खरगापुर की दूरी लगभग 20 कि.मी है। वर्तमान में राज्य बजट अंतर्गत माध्यमिक शाला से हाईस्कूल एवं हाईस्कूल से हायर सेकेण्डरी शाला में उन्नयन की कार्यवाही स्थगित रखी गई है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी हाँ। उत्तरांश (ख) अनुसार। भारत सरकार की परियोजना अनुमोदन समिति द्वारा पी.एम श्री योजना अंतर्गत एवं सांदीपनि योजना अंतर्गत हाईस्कूल से हायर सेकेण्डरी शाला में उन्नयन किया गया है। उत्तरांश (ख) अनुसार।
आवासहीन परिवारों को आवास/भूखण्ड उपलब्ध कराना
[राजस्व]
28. ( क्र. 1202 ) श्री विश्वामित्र पाठक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सिहावल में निवासरत सभी भूमिहीन एवं आवासहीन परिवारों को आवासीय भू-खण्ड उपलब्ध कराने की कोई कार्य योजना है? (ख) यदि हाँ, तो कब तक सभी पात्र आवासहीन परिवारों को आवासीय भू-खण्ड प्रदान किये जायेंगे समय-सीमा बतायें?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। विधानसभा क्षेत्र सिहावल में निवासरत सभी भूमिहीन एवं आवासीय परिवारों को आवासीय भूखंड उपलब्ध कराने की मध्य प्रदेश शासन द्वारा मुख्यमंत्री भू-आवासीय अधिकार योजना अंतर्गत भूमि आवंटन करने का कार्य योजना 1 जनवरी 2021 से लागू की गई है जिसमें तहसील सिहावल अंतर्गत 1472 पात्र हितग्राहियों को भूखंड आवंटित किए गए हैं। (ख) मध्यप्रदेश शासन द्वारा मुख्यमंत्री भू-आवासीय अधिकार योजना अंतर्गत भूमि आवंटन करने का कार्य योजना 1 जनवरी 2021 से लागू की गई है जिसके चारों चरणों में आज दिनांक तक तहसील सिहावल अंतर्गत 1472 पात्र हितग्राहियों को भूखंड आवंटित किए गए हैं।
सोनांचल पर्यटन केन्द्र का विकास
[पर्यटन]
29. ( क्र. 1224 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) "क्या कलेक्ट्रेट कार्यालय के पास से गुजरने वाली सोन नदी के दोनों तटों में घाट निर्माण कार्य एवं सोनांचल पर्यटन केन्द्र विकसित किये जाने हेतु प्रश्नकर्ता द्वारा पत्र प्रेषित किया गया है? यदि हाँ, तो कब और कितने? जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार क्या जिला मुख्यालय अनूपपुर के पास से अमरकंटक से निकलने वाली तीन पवित्र नदियों में से सोन नदी कलेक्टर कार्यालय के पास से निकलती है। जिसमें स्थानीय लोगों के द्वारा एवं आस-पास के ग्रामीणजनों के द्वारा तीज त्यौहारों में स्नानदान अन्येष्टि क्रियाकर्म व अस्थि-राखफूल विसर्जन किये जाते हैं। आस्था का केन्द्र व मकर संक्राति में मेले का आयोजन किया जाता है। (ग) प्रश्नांश (ख) यदि हाँ, तो क्या नर्मदा, गंगा नदी के तर्ज पर जिला मुख्यालय अनूपपुर के सोन नदी के किनारे दोनों तटो में घाट निर्माण, वृक्षारोपण, पर्यटन केंन्द्र विकसित कर अन्य नदियों की भांति बनाया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार कलेक्ट्रेट कार्यालय अनूपपुर के तट पर सोन नदी में लगभग दो किमी लंबाई में घाट निर्माण, पर्यटन स्थल विकसित करने का कार्य कब तक किया जायेगा? समय-सीमा बतावें।
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जी हाँ चार पत्र प्राप्त हुये है- (1) दिनांक 13/03/2024, (2) 27/05/2024, (3) 30/12/2024 तथा दिनांक 21/04/2025 (ख) उक्त स्थल का निरीक्षण करवाकर डी.पी.आर. तैयार की गई थी। जी हाँ। (ग) उक्त स्थल को विकसित करने, दोनों घाटो के निर्माण हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी म.प्र. तीर्थ स्थल एवं मेला प्राधिकरण भोपाल के पत्र क्रमांक 293 दिनांक 22/04/2025 के द्वारा पत्र प्रेषित किया गया तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अनूपपुर के पत्र क्रमांक 236 दिनांक 10/02/2025 के मुख्य कार्यपालन अधिकारी म.प्र. तीर्थ स्थान एवं मेला प्राधिकरण भोपाल को प्रस्ताव स्वीकृत हेतु भेजे गये। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
जिला अनूपपुर में बाबा कुटी पर बांध का निर्माण
[जल संसाधन]
30. ( क्र. 1225 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या माननीय मुख्यमंत्री म.प्र. शासन द्वारा रीवा से वीडियो कांफ्रेसिंग के द्वारा वर्चुअल घोषणा कर बाबा कुटी के पास सोन नदी में बाँध निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया था? यदि हाँ, तो बाबा कुटी के पास सोन नदी में बाँध निर्माण कार्य का प्रशासकीय स्वीकृति आदेश की छायाप्रति उपलब्ध करावे? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार क्या किसी भी कार्य का भूमि पूजन कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति, टेण्डर प्रक्रिया पूर्ण होने व वर्क आर्डर के बाद कराये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो बाबा कुटी के पास बनने वाले सोन नदी के बाँध की प्रशासकीय स्वीकृति, टेण्डर प्रक्रिया, वर्क आर्डर हुये बिना किस शर्त पर शिलान्यास मुख्यमंत्री जी से कराया गया? जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) क्या माननीय मुख्यमंत्री जी ने उक्त कार्यक्रम में सिवनी बलबहरा, जैतहरी व कठना नदी, नगदहा में स्टोरेज बेयर, छटन नदी कनई खोधरा व सोन मौहरी में बाँध का निर्माण कराया जाकर अनूपपुर विधानसभा में सिंचाई सुविधा दिलाने की घोषणा की थी। यदि हाँ, तो उक्त कार्यों की स्वीकृत आदेश कब तक किये जायेंगे। (घ) प्रश्नांश (क) उल्लेखित टेण्डर आदेश की प्रति, घोषणा की गई सिंचाई योजनाओं के आदेश कब तक होंगे? समय-सीमा बतायें?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी नहीं। मा. मुख्यमंत्री म.प्र. शासन द्वारा रीवा से विडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा वर्चुअल रूप से ए.टी.पी.एस. सोन बैराज के निर्माण कार्य का भूमि-पूजन दिनाँक 04/07/2025 को किया गया। प्रशासकीय स्वीकृति पत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट –''1" अनुसार है। (कार्य Deposit मद में है) (ख) जी नहीं। शेष प्रश्नांश लागू नहीं। (ग) मा. मुख्यमंत्री जी द्वारा की गई घोषणा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के "प्रपत्र-ब" अनुसार है। सिवनी बलबहरा घोषणा में शामिल नहीं होना प्रतिवेदित है। घोषणा में सम्मिलित कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
जिला स्तरीय अधिकारी मय स्टाफ की पदस्थी
[जल संसाधन]
31. ( क्र. 1241 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नवगठित जिला मैहर में जल संसाधन विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी मय स्टाफ पदस्थ कराये जाने की प्रक्रिया के अनुसार पदों के सृजन की कार्यवाही क्या पूर्ण की जा चुकी है। (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में यदि हां, तो कब तक मैहर जिला मुख्यालय में जनता की सुविधा के अनुरूप कार्यालय प्रारम्भ करा दिया जावेगा, समयावधि बतावें यदि नहीं तो क्यों कारण सहित जानकारी दी जावें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ। (ख) दिनांक 03/04/2025 को संभागीय कार्यालय स्थापित किया जा चुका है। शेष प्रश्नांश लागू नहीं होता।
उप स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
32. ( क्र. 1308 ) श्री नारायण पटेल : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विकासखण्ड किल्लौद अंतर्गत विगत एक वर्ष में कितने उप स्वास्थ्य केंद्र भवनों का निर्माण किया गया? सूची उपलब्ध कराई जाये। (ख) क्या सभी उप स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण कार्य पूर्ण कर लिए गये है? तथा निर्माण कार्य तय मानक मापदण्डों के अनुरूप किए गये हैं तथा तकनीकी प्राक्कलनानुसार दर्शाये सामग्री का उपयोग किया गया है? (ग) क्या सभी उप स्वास्थ्य केंद्रों के भवनों के प्राक्कलन में बाउंड्रीवाल निर्माण कार्य सम्मिलित था, यदि हाँ, तो कितने भवनों का बाउंड्रीवाल निर्माण कार्य किया गया और कितने उप स्वास्थ्य केंद्र के भवन बाउंड्रीवाल विहीन हैं? (घ) क्या उप स्वास्थ्य केंद्र भवनों में बिजली फिटिंग एवं ट्यूबवेल खनन मोटर सहित तकनीकी प्राक्कलनुरूप किया गया है?
उप
मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य
एवं चिकित्सा
शिक्षा ( श्री
राजेन्द्र
शुक्ल ) : (क)
विकासखण्ड
किल्लौद
अंतर्गत विगत
एक वर्ष में
कुल 04 उप स्वास्थ्य
केन्द्र
भवनों का
निर्माण किया
गया है, जिनकी जानकारी
संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ख) जी
हाँ। जी हाँ, जी हाँ। (ग) जी
हाँ। निर्मित
सभी 04 उप स्वास्थ्य
केन्द्र
भवनों के
बाउंड्रीवाल
निर्माणाधीन
हैं। शेष प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता। (घ) सभी
04 उप स्वास्थ्य
केन्द्रों
में बिजली
फिंटिग का कार्य
किया गया है
एवं 02 उप स्वास्थ्य
केन्द्र भवन
कुंडिया एवं
विल्लौद में ट्यूबबेल
खनन मोटर सहित
कार्य तकनीकी
प्राक्कलनुरूप
किया गया है
तथा शेष 02 उप स्वास्थ्य
केन्द्र भवन
गंभीर व
जुनापानी में
ट्यूबबेल खनन
का कार्य शेष
है।
परिशिष्ट
- "ग्यारह"
भूमियों का मद परिवर्तन
[राजस्व]
33. ( क्र. 1310 ) श्री नारायण पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्रांतर्गत संचालित नगरीय निकायों क्रमश: नगर परिषद ओंकारेश्वर, नगर परिषद पुनासा तथा नगर परिषद मूंदी में एवं ग्राम पंचायत नर्मदा नगर में छोटे-बड़े घास की दर्ज भूमियों के मद परिवर्तन (डीनोटिफिकेशन) करने की दिशा में क्या कार्यवाही की जा रही? (ख) यदि हाँ, तो कब तक इस सम्बंध में दिशा निर्देश जारी कर दिए जायेंगे? (ग) क्या मद परिवर्तन (डीनोटिफिकेशन) कार्यवाही से छोटे-बड़े घास की भूमियों पर बसे लोगों को स्थाई स्वामित्व पट्टे आवंटित किए जायेंगे? (घ) उपरोक्त कार्यवाही के समस्त दस्तावेज उपलब्ध कराने की कृपा करें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) नगरपरिषद ओंकारेवर एवं ग्राम पंचायत नर्मदानगर स्थित छोटा-बड़ा झाड़ के जंगल मद की भूमियों के संबंध में डीनोटिफिकेशन की कार्यवाही की गई।
1. वनमंडलाधिकारी, सामान्य वन मंडल खण्डवा के पत्र क्रमांक मा.चि./2024/1870 दिनांक 28.05.2024 के अनुसार नगरपरिषद ओंकारेश्वर द्वारा प्रेषित किये गये ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत किया गया जिसे भारत सरकार पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल के पत्र क्रमांक 6 MPV047/2020.21/BHO दिनांक 07.01.2022 एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षण भू-प्रबंधन म.प्र. भोपाल, के पत्र क्रमांक एफ-5/1033/2021/10-11/321 दिनांक 27.01.2022 द्वारा अमान्य कर दिया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है।
2. ग्राम पंचायत नर्मदा नगर की 160 हेक्टेयर भूमि के संबंध में से मुख्य वन संरक्षण भू-प्रबंधन म.प्र. भोपाल, के पत्र क्रमांक एफ-3/125/2021/10-11/2948 दिनांक 03.09.2021 द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायरा करने की अनुमति प्राप्त करने हेतु लेख किया गया है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है।
(ख) उत्तरांश (क) के अनुक्रम में मद परिवर्तन की कार्यवाही नहीं किए जाने का प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ग) एवं (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ एवं ब' अनुसार है।
शासकीय विद्यालयों में स्टाफ की उपलब्धता
[स्कूल शिक्षा]
34. ( क्र. 1341 ) श्री भंवर सिंह शेखावत : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में वर्तमान में कक्षा 1 से 12 तक कुल कितने शासकीय विद्यालय संचालित हैं। क्या इन सभी संचालित शासकीय विद्यालयों में निर्धारित मानकों के अनुरूप शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक स्टाफ उपलब्ध है? यदि हाँ, तो विद्यालयवार एवं पदवार विवरण उपलब्ध कराएं। (ख) प्रश्नांश (क) के सन्दर्भ में यदि नहीं, तो वर्तमान में शिक्षकों एवं अन्य आवश्यक स्टाफ के कितने पद स्वीकृत हैं, उनमें से कितने पद भरे हुए हैं तथा कितने पद रिक्त हैं। इन रिक्त पदों के कारण शिक्षण व्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ रहा है। (ग) प्रश्नांश (ख) के सन्दर्भ में शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय को दृष्टिगत रखते हुए शेष रिक्त पदों की पूर्ति हेतु सरकार द्वारा क्या कार्ययोजना बनाई गई है तथा इन पदों को भरने की निश्िचत समय-सीमा क्या निर्धारित की गई है, जानकारी दें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) कुल 91216 शासकीय विद्यालय संचालित है, जी नहीं। शेषांश उद्भूत नहीं होता। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। जी नहीं। शैक्षणिक व्यवस्था हेतु रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षक की व्यवस्था है। (ग) रिक्त पदों की पूर्ति एक सतत प्रक्रिया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
सोयाबीन की फसल का मुआवजा
[राजस्व]
35. ( क्र. 1441 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भीकनगांव विधानसभा क्षेत्र में सोयाबीन की फसल में अफलन होने से उत्पादन प्रभावित हुआ है? यदि हाँ, तो क्या राजस्व विभाग द्वारा सर्वे किया जाकर फसल क्षतिपूर्ति राशि का वितरण किया गया है? यदि नहीं तो क्या कारण है? (ख) क्या भीकनगांव विधानसभा क्षेत्र से लगा हुआ क्षेत्र खण्डवा जिले के पंधाना तहसील अन्तर्गत सोयाबीन फसल खराब होने से फसल क्षतिपूर्ति राशि का वितरण किया गया है? हाँ तो वहाँ पर भुगतान करने की क्या वजह थी? (ग) क्या राजस्व विभाग द्वारा तहसील पंधाना एवं तहसील झिरन्या के सोयाबीन फसल सर्वे में क्या अन्तर था? स्पष्ट करें एवं किये गये सर्वे की प्रतिलिपि उपलब्ध करावें? क्या भीकनगॉव विधानसभा क्षेत्र के किसानों को सोयाबीन फसल खराब होने से मुआवजा या फसल क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक, नहीं तो क्या कारण है?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) भीकनगॉव विधानसभा क्षेत्र में सोयाबीन की फसल में अफलन नहीं हुआ है। अत: शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ख) जी हाँ। खंडवा जिले की तहसील पंधाना में सोयाबीन फसल में सर्वे उपरांत 25 से 33 प्रतिशत क्षति होने पर राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रावधान अनुसार प्रभावित कृषकों को राहत राशि का भुगतान किया गया है। (ग) तहसील पंधाना में फसल क्षति 25 से 33 प्रतिशत थी। सर्वे रिपोर्ट की प्रतिलिपि पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। तहसील झिरन्या अंतर्गत सोयाबीन की फसल क्षति के किए गए सर्वे उपरांत फसल क्षति 25 प्रतिशत से कम पाई गई है। सर्वे पंचनामा रिपोर्ट की प्रतिलिपि पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रांतर्गत भीकनगॉव व झिरन्या के कृषकों की सोयाबीन फसल क्षति 25 प्रतिशत से कम हुई है। राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 अनुसार प्राकृतिक आपदा से फसल क्षति 25 प्रतिशत से कम होने पर राहत राशि प्रदाय के प्रावधान नहीं है। अत: शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्य अमले कि नियुक्ति
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
36. ( क्र. 1442 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भीकनगॉव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र झिरन्या एवं भीकनगॉव में डॉक्टर एवं अन्य कर्मचारी के कितने पद स्वीकृत है? क्या सभी स्वीकृत पदों पर कर्मचारी अधिकारी पदस्थ है? नहीं तो कितने पद कौन कौन से डॉक्टर एवं अन्य कर्मचारियों के रिक्त हैं तथा शासन की उक्त पदों की पदपूर्ति हेतु क्या योजना है? (ख) क्या भीकनगॉव एवं झिरन्या क्षेत्र के डॉक्टर एवं अन्य कर्मचारी अन्य कही संलग्न किए गये हैं? हाँ तो कौन-कौन से डॉक्टर एवं कर्मचारी हैं और उन्हें कहां पर संलग्न किया गया है? क्या नियमानुसार सही है? नहीं तो क्या समस्त संलग्नीकरण समाप्त कर मूल पदस्थापना पर पदस्थ किया जायेगा? हाँ तो कब तक तथा नहीं तो क्या कारण है? क्या इसके लिए कोई दोषी है? हाँ तो नियम विरूद्ध संलग्नीकरण करने हेतु दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जायेगी?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। जी नहीं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग से विशेषज्ञ तथा चिकित्सकों की नियुक्ति, पैरामेडिकल/नर्सिंग संवर्ग हेतु कर्मचारी चयन मण्डल के माध्यम से नियुक्ति एवं संविदा चिकित्सक/कर्मचारियों की नियुक्ति तथा आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्ति द्वारा पदपूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
शासकीय गौचर भूमि से अतिक्रमण हटाया जाना
[राजस्व]
37. ( क्र. 1462 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्राम फुटेर चक्र-2 तहसील खरगापुर, जिला टीकमगढ़ में शासकीय गौचर भूमि खसरा नं. 946/8 कुल रकवा 4.477 हेक्टेयर स्थित है? यदि हाँ तो? क्या रमेश उर्फ पप्पू गंगेले के द्वारा उक्त भूमि पर अवैध अतिक्रमण किया गया है? (ख) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित शासकीय गौचर भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाये जाने हेतु श्री संतोष कुमार यादव निवासी ग्राम फुटेर के द्वारा मा. उच्च न्यायालय में दायर रिट पिटी. नं. WP/7356/2021 में पारित आदेश के पालनार्थ कलेक्टर महोदय के द्वारा अपने आदेश क्रमांक 15/ब-121/2021-2022 दिनांक 02.09.2021 में एस.डी.एम. बल्देवगढ़ एवं तहसीलदार खरगापुर को शासकीय गौचर भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाये जाने हेतु निर्देशित किया था? (ग) एस.डी.एम. बल्देवगढ़ एवं तहसीलदार खरगापुर द्वारा कलेक्टर टीकमगढ़ के प्रश्नांश (ख) में वर्णित आदेश के परिपालन में क्या कार्यवाही की गई यदि नहीं तो क्यों? (घ) यदि हाँ तो प्रश्नांश (क) में वर्णित भूमि पर से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही किस दिनांक को की गई मौका का पंचनामा सहित की गई कार्यवाही का रिकार्ड उपलब्ध करावें? यदि नहीं तो कब तक उक्त शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर दिया जावेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) उत्तरांश (ख) के अनुक्रम में विधिक प्रक्रिया के तहत न्यायालय तहसीलदार खरगापुर के राजस्व प्रकरण क्रमांक-069/अ-68/2025-26 में गुणदोषों के आधार पर दिनांक 09.02.2026 के द्वारा बेदखली आदेश पारित किया गया है। (घ) मौके पर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही प्रचलित होने से प्रश्नांश की जानकारी निरंक है।
भवन विहीन प्राथमिक स्कूलों में भवन निर्माण
[स्कूल शिक्षा]
38. ( क्र. 1632 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परासिया विकासखण्ड के अंर्तगत ऐसी कई शासकीय प्राथमिक शालाएं संचालित हैं जिनके पास स्वयं का शासकीय भवन नहीं है और वर्तमान में अन्य भवन में संचालित हो रही हैं। प्राथ.शाला जूनाढाना, प्राथ.शाला कोंडराढाना, प्राथ.शाला लोनीकला, प्राथ.शाला पंढरापानी, प्राथ.शाला जाटाछापर बस्ती, प्राथ.शाला बुटरिया, प्राथ.शाला रैयतवाड़ी, प्राथ.शाला कोलटीढाना, प्राथ.शाला सिरेगांवकला, प्राथ.शाला सेमरढाना उक्त सभी संचालित व अन्य भवन विहीन शासकीय प्राथमिक शालाओं के लिये भवन निर्माण कार्य की स्वीकृति प्रदान किया जाना अत्यंत आवश्यक है, क्या विभाग द्वारा उपरोक्त संबंध में कार्यवाही की जायेगी? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार छात्र/छात्राओं की सुविधा हेतु उपरोक्त उल्लेखित प्राथमिक शालाओं व अन्य भवन विहीन प्राथमिक शालाओं के लिए भवन निर्माण कार्य की स्वीकृति के संबंध में विभिन्न औपचारिकताओं एवं कार्यवाही को पूर्ण करते हुए कब तक भवन निर्माण कार्य की स्वीकृति प्रदान कर दी जायेगी? (ग) परासिया विकासखण्ड के अन्तर्गत ऐसी कितनी शासकीय माध्यमिक शाला है जो भवन विहीन है? कितनी शासकीय माध्यमिक एवं प्राथमिक शालायें है जिनके भवन क्षतिग्रस्त व जीर्णशीर्ण स्थिति में है? कितनी माध्यमिक एवं प्राथमिक शालायें है जिन शालाओं के भवनों में भवन का मरम्मत कार्य कराया जाना अत्यंत आवश्यक है? विभाग द्वारा ऐसी सभी शासकीय शालाओं का सर्वे कराकर आवश्यकता अनुसार प्राक्कलन तैयार कराकर शासकीय शालाओं में भवन निर्माण कार्य की स्वीकृति एवं मरम्मत कार्य की स्वीकृति हेतु कार्यवाही की जायेगी? और कब तक कार्यवाही कराकर स्वीकृति प्रदान कर दी जायेगी?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के भवन निर्माण हेतु स्वीकृति, मांग/प्रस्ताव एवं बजट की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। (ख) प्रश्नांश (क) संदर्भ में उपरोक्त प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के भवन निर्माण हेतु स्वीकृति, मांग/प्रस्ताव एवं बजट की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) परासिया विकासखण्ड में कोई भी माध्यमिक शाला भवन विहीन नहीं है। परासिया विकासखण्ड अंतर्गत प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के 16 भवन जीर्ण-शीर्ण है तथा 73 भवनों में मरम्मत कार्य की आवश्यकता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर है। जीर्ण-शीर्ण शाला भवनों में शाला संचालन न किये जाने संबंधित निर्देश पत्र क्रमांक/1713/दिनांक 16.04.2025 के द्वारा जारी किये गये है। उक्त जीर्ण-शीर्ण शाला भवनों के निर्माण एवं मरम्मत की स्वीकृति, मांग/प्रस्ताव एवं बजट की उपलब्धता पर निर्भर करेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
शासकीय भूमियों पर अतिक्रमण
[राजस्व]
39. ( क्र. 1643 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत किन-किन स्थानों पर शासकीय भूमि उपलब्ध हैं? वर्तमान में उस शासकीय भूमि पर किसका आधिपत्य हैं? क्या वह शासन के अधीन है अथवा अतिक्रमण धारियों के कब्जें में है? विस्तृत जानकरी दें। (ख) सागर विधानसभा में विगत 3 वर्षों में किन-किन शासकीय भूमियों को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है? वर्तमान में अतिक्रमण मुक्त शासकीय भूमि के संरक्षण के लिये शासन द्वारा क्या प्रावधान किये गये है? (ग) सागर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत रिक्त पड़ी हुई शासकीय भूमियों का निर्धारण, भूमि उपयोग क्या है? क्या शासन द्वारा रिक्त पड़ी हुई भूमियों को पी.पी.पी. मॉडल पर योजनाओं के विस्तार के लिये देने पर विचार किया जायेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) तहसील सागर नगर अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र सागर में मौजा कनेरादेव, तिलीमाफी, पिपरिया, उदयपुरा, धर्मश्री, वामनखेडी में शासकीय भूमि उपलब्ध है। वर्तमान में उक्त भूमि शासन के अधिपत्य में है। विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) सागर विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत विगत 3 वर्षों में मौजा सागरखास, कनैरादेव, ललईटौरी, करीला, धर्मश्री की शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है जिसकी सूची संलग्न है। मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 (यथा संशोधित 2018) में शासकीय भूमि के संरक्षण के प्रावधान किए है। इस हेतु बजट में पृथक से कोई प्रावधान नहीं है। (ग) रिक्त पड़ी शासकीय भूमियों का निराकरण म.प्र. नजूल निर्वतन निर्देश 2020 के अंतर्गत किया जाता है। जिसमें पी.पी.पी. माडल पर भूमि के उपयोग के प्रावधान नहीं है।
मध्यप्रदेश शासन तथा निजी व्यक्तियों की जमीनों का अधिग्रहण
[राजस्व]
40. ( क्र. 1691 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर से कबरई जाने वाली NH फोर लाइन में हीरापुर की सीमा से छतरपुर तक किये जा रहे निर्माण में मध्यप्रदेश शासन की कितनी जमीनें कौन-कौन नंबरों की अधिग्रहीत की गई जानकारी दें? क्या आमजन व्यक्तियों की जमीनों का मुआवजा कम दिया गया तथा उन्हीं की जमीनों से मिट्टी निकाली गई तथा पत्थरों का उपयोग कंपनी के संचालक द्वारा किया गया? (ख) क्या मध्यप्रदेश शासन तथा जिन व्यक्तियों की भूमि अधिग्रहीत की गई उनसे अनुमति ली गई थी? विवरण दें। (ग) क्या संचालक कंपनी द्वारा घने जंगलों को काटकर करोड़ों की इमारती लकड़ी बेची गई जिसमे शासन का भारी नुकसान हुआ है जिसका परीक्षण कौन-कौन अधिकारियों ने किन-किन दिनांकों को किया उनके नाम बताइये?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) सागर से कबरई जाने वाली NH फोर लाइन में हीरापुर की सीमा से छतरपुर तक किये जा रहे निर्माण में मध्य प्रदेश शासन की जमीनों का अधिग्रहण करने का कोई प्रावधान नहीं है। आमजन को शासन द्वारा निर्धारित गाइड-लाइन के अनुसार मुआवजा दिया जा रहा है। मिट्टी व पत्थर निकालने हेतु खनिज विभाग के द्वारा पृथक से अनुमति दी जाती है। (ख) भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा संबंधित भूमि का अधिग्रहण राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 एवं अन्य गाइड-लाइन के प्रावधानों के अन्तर्गत किया जाता है। (ग) भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा वन विभाग से नियमानुसार अनुमति प्राप्त करने के उपरांत वन विभाग की देख-रेख में पेड़ों की कटाई का कार्य कराया जाता है जंगलों की लकड़ी काटकर इमारती लकड़ी बेचने की शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
बजट आवंटन एवं सामग्री क्रय
[स्कूल शिक्षा]
41. ( क्र. 1697 ) श्री जगन्नाथ सिंह रघुवंशी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय अशोकनगर एवं जिला शिक्षा केन्द्र अशोकनगर में वित्तीय वर्ष 2025-26 में कितना बजट आवंटित किया गया है और इसके विरूद्ध कितना बजट व्यय किया गया है मदवार सूची देवें। प्राप्त बजट के आदेश तथा निर्देशों की छायाप्रति देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में प्राप्त बजट को किन कार्यों में व्यय किया गया है व्यय व्हाउचर एवं आहरण आदेश की छायाप्रति देवें। जेम पोर्टल से क्रय की गई सामग्री एवं स्थानीय वेंडरों से क्रय की गई सामग्री के प्रत्येक आईटम का नाम एवं दर की सूची देवें एवं पृथक-पृथक व्यय व्हाउचर व आहरण आदेश की छायाप्रति देवें। (ग) क्या जेम पोर्टल से या स्थानीय वेंडरों से क्रय की गई साम्रग्री की दर बाजार दर से बहुत अधिक होती है। क्रय की गई सामग्री का मार्केट रेट से मिलान कर बतावे कि सामग्री खुले बाजार दर से अधिक तो नहीं है और साथ ही क्रय की गई सामग्री के भौतिक सत्यापन एवं गुणवत्ता का सत्यापन करने के लिए गठित समिति के आदेशों की छायाप्रति और उनके द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट की छायाप्रति उपलब्ध करावें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जिला शिक्षा केन्द्र अशोकनगर में वित्तीय वर्ष 2025-26 में आवंटित बजट एवं व्यय की मदवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- '1' अनुसार (पेन ड्राईव में) है। जिले को IA बनाकर खाते में व्यय सीमा दी जाती है। जिसका व्यय भारत सरकार द्वारा अनुमोदित वार्षिक कार्ययोजना अनुसार किया जाता है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय अशोकनगर में वित्तीय वर्ष 2025-26 में आवंटित बजट एवं व्यय की मदवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" अनुसार। (ख) जिला शिक्षा केन्द्र अशोकनगर को प्राप्त राशि के व्यय किये गये कार्यों की सूची की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- '2' अनुसार (पेन ड्राईव में) है तथा व्यय व्हाउचर एवं आहरण आदेश की प्रतियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- '3' अनुसार (पेन ड्राईव में) है। क्रय की गयी सामग्री के प्रत्येक आयटम का नाम एवं दर सूची की जानकारी पुस्तकालय में रखे (पेन ड्राईव में) परिशिष्ट- '4' अनुसार है। शेषांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- '3' अनुसार (पेन ड्राईव में) है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय अशोकनगर के अन्तर्गत किये गये व्यय किये गये कार्यों तथा व्यय व्हाउचर एवं आहरण आदेश की प्रतियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" अनुसार है। जेम पोर्टल एवं स्थानीय वेंडरों से क्रय की गई सामग्री के प्रत्येक आईटम का नाम एवं दर की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" अनुसार है। (ग) जिला शिक्षा केन्द्र एवं जिला शिक्षा अधिकारी अशोकनगर द्वारा मध्यप्रदेश भण्डार क्रय नियमों का पालन करते हुए जेम पोर्टल पर टेण्डर के माध्यम से न्यूनतम दर पर सामग्री का क्रय किया गया। क्रय की गयी सामग्री का बाजार दर से मिलान का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। जिला शिक्षा केन्द्र अशोकनगर द्वारा क्रय की गयी सामग्री का भौतिक सत्यापन हेतु गठित समिति के आदेश एवं सत्यापन की रिपोर्ट की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- '5' अनुसार (पेन ड्राईव में) है। जिला शिक्षा अधिकारी अशोकनगर अंतर्गतक्रय की गयी सामग्री का भौतिक सत्यापन हेतु गठित समिति के आदेश एवं सत्यापन की रिपोर्ट की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "स" अनुसार (पेन ड्राईव में) है ।
पन्ना पहाड़ीखेरा क्षेत्र का पतने परियोजना अंतर्गत सर्वे
[जल संसाधन]
42. ( क्र. 1709 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के अतारांकित प्रश्न क्रमांक 285 दिनांक 04.12.2025 के उत्तर में पन्ना पहाड़ीखेरा क्षेत्र को पतने परियोजना में जोड़ा जाकर सर्वेक्षण कार्य प्रगतिरत है से अवगत कराया गया था? यदि हाँ, तो पन्ना पहाड़ीखेरा क्षेत्र के कितने ग्रामों को पतने परियोजना अंतर्गत सर्वे में शामिल किया गया है? शामिल किये गये ग्रामों की कितने हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी? ग्रामवार जानकारी बतावें? (ख) पन्ना जिले में सिद्धा बांध के निर्माण हेतु साध्यता की स्वीकृति जल संसाधन विभाग पन्ना द्वारा आनलाइन पोर्टल पर कब दर्ज की गई थी? स्वीकृति दिनांक से प्रश्न दिनांक तक उक्त संबंध में क्या कार्यवाही की गई? जानकारी दें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ, जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) योजना की साध्यता दिनांक 07.06.2024 पोर्टल पर दर्ज होना प्रतिवेदित है। वर्तमान में प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
वन विभाग द्वारा दिये गये पट्टे का अभिलेख अद्यतन किया जाना
[राजस्व]
43. ( क्र. 1710 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पन्ना विधानसभा अंतर्गत बंगाली विस्थापित परिवार जिनको पट्टे प्रदाय किये गये थे किन्तु उनके अभिलेख अद्यतन नहीं है पिछले 5 वर्षों में ऐसे कितने बंगाली विस्थापित परिवारों ने अभिलेख अद्यतन कराये जाने का आवेदन तहसील कार्यालय में दिया है? नामवार जानकारी बतावें? दिये गये आवेदनों में से कितने आवेदकों का अभिलेख अद्यतन हो गया है? कितने शेष हैं? जानकारी देवें? (ख) पन्ना विधानसभा अन्तर्गत वन व्यवस्थापन के तहत कब-कब कितने कृषकों को वन विभाग द्वारा पट्टे दिये गये थे? ग्रामवार जानकारी बतावें। इनमें से कितने पट्टे राजस्व विभाग में ऑनलाइन अमल हो चुके है एवं कितने पट्टे अमल होना शेष है? ग्रामवार जानकारी बतावें? अभी तक अमल न किये जाने का क्या कारण है? कब तक उक्त पट्टों को कम्प्यूटरीकृत किया जाएगा? समय-सीमा बतावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) पन्ना विधानसभा अंतर्गत तहसील पन्ना के ग्राम खरगंवा, उडकी, बिलखुरा, रक्सेहा, दमचुआ, बडेरा, हाटूपुर, बडगडीखुर्द, अकला, बाबूपुर, जमुनहाई, अहिरगुंवा कैम्प, कुंजवन, जरूआपुर में बंगाली विस्थापित परिवारों को पट्टे प्रदाय किये गये थे एवं अभिलेख अद्यतन किये जाने के संबंध में जो आवेदन प्राप्त होते हैं उनमें न्यायालयीन प्रक्रिया के अंतर्गत कार्यवाही की जाती है, पिछले पाँच वर्षों वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक अभिलेख अद्यतन किये जाने के संबंध में कुल 34 आवेदन प्राप्त हुये हैं। प्राप्त आवेदन पत्रों में से 07 आवेदकों के प्रकरण माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन होने एवं 03 आवेदन पत्रों में वर्तमान खसरा अभिलेख में अद्यतन होने से सुधार की आवश्यकता नहीं है, 03 आवेदन पत्रों पर कार्यवाही प्रचलित है। 15 आवेदन पत्र अस्वीकृत किये गये एवं 06 आवेदकों के आवेदन पत्र स्वीकृत किये गये है। आवेदनवार/ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" में है। (ख) विधानसभा क्षेत्र पन्ना में तहसील पन्ना अंतर्गत वन व्यवस्थापन के अंतर्गत कुल08ग्राम में 34 पट्टे जारी किये गये थे 25 पट्टे धारियों के पट्टों का कम्प्यूटर अभिलेख में अमल किया जा चुका है, शेष 09 पट्टों का कम्प्यूटर अभिलेख में अमल किये जाने की कार्यवाही प्रचलित है। तहसील अजयगढ़ अंतर्गत वन व्यवस्थापन के कुल 24 ग्राम में 697 पट्टे जारी किये गये थे, 447 पट्टेधारियों के पट्टों का कम्प्यूटर अभिलेख में अमल किया जा चुका है। शेष 250 पट्टों के कम्प्यूटर अभिलेख में अमल किये जाने की कार्यवाही प्रचलित है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" अनुसार है।
संजय सरोवर परियोजना की नहरों का सीमेंटीकरण
[जल संसाधन]
44. ( क्र. 1751 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भीमगढ़ संजय सरोवर परियोजना की नहरों में सीमेंटीकरण कार्य हेतु भारत सरकार ने जल शक्ति मंत्रालय, नई दिल्ली के पत्र क्रमांक P.20011/2/2016-SPR Volume IV (Part-4/3201-12) दिनांक 06.12.2023 के तहत रु.332.54 करोड़ की इनवेस्टमेंट क्लियरेंस स्वीकृति प्रदान कर दी है? भारत सरकार से इनवेस्टमेंट क्लीयरेंस स्वीकृत होने के बावजूद मध्यप्रदेश शासन एवं जल संसाधन विभाग द्वारा अब तक नहरों में सीमेंटीकरण लाइनिंग के टेंडर की तारीख बार-बार क्यों बढ़ाई जा रही है। देरी के कारण और इसे शीघ्र पूरा करने के लिए की जाने वाली कार्यवाही की जानकारी देवें? (ख) जल संसाधन विभाग उक्त नहरों में सीमेंटीकरण कार्य कब प्रारंभ करेगा? यदि नहीं करेगा, तो क्यों इसके कारण क्या हैं? (ग) प्रश्नकर्ता द्वारा दिनांक 30.07.2025 को भी उक्त विषय पर तारांकित प्रश्न क्रमांक 856 पूछा गया था, पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई है कारण स्पष्ट करें। (घ) नहरों में कई वर्षों से जमा सीड एवं तलछट को निकालने के लिए विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराये?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ। भारत सरकार द्वारा इनवेस्टमेंट क्लीयरेंस की स्वीकृति प्रदान की गई है। भारत सरकार से अनुदान राशि संबंधी स्वीकृति हेतु दिनांक 11.02.2025 को डी.बी.आई. की बैठक में ली गई आपत्तियों का निराकरण कर प्रकरण दिनांक 21.08.2025 को भारत सरकार जल शक्ति मंत्रालय नई दिल्ली को प्रेषित किया जा चुका है। भारत सरकार से प्रशासकीय स्वीकृति अपेक्षित होने के कारण निविदा कार्यवाही पूर्ण नहीं की जा सकी है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में केन्द्र सरकार से स्वीकृति अपेक्षित। (ग) जी हाँ। प्रकरण की अद्यतन स्थिति उत्तरांश "क" अनुसार है। (घ) नहरों में जमा सिल्ट एवं तलछट को निकालने का कार्य वार्षिक अनुरक्षण मद एवं पी.आई.एम. अन्तर्गत किया जाना प्रतिवेदित है।
शासकीय भूमि से अतिक्रमणकर्ताओं को बेदखल किया जाना
[राजस्व]
45. ( क्र. 1761 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दिनांक 4 दिसंबर 2025 अतारांकित प्रश्न संख्या क्र. 324 के उत्तरांश (क) से (घ) जी हाँ उत्तर दिया गया है? यदि हाँ, तो नोटिस उपरांत अतिक्रमणकर्ताओं द्वारा किये गये अतिक्रमण को हटा दिया गया गया है? यदि हाँ, तो जानकारी उपलब्ध करायें नहीं तो क्यों? (ख) क्या दिनांक 03.07.2024 को जनहित से सबंधित प्रेषित शिकायत पर 2025 में विलंब से की गई कार्यवाही का कारण बतायें, नोटिस उपरांत संबंधित खसरे से अतिक्रमणकर्ताओं को बेदखल कर दिया गया है? हाँ तो कब? नहीं तो कब तक कर दिया जायेगा? समय बतायें। (ग) क्या उक्त अतिक्रमणकर्ताओं पर धारा 248 के अंतर्गत क्या दंड अधिरोपित किया गया है बतायें, अधिरोपित दंड को संबंधितों से वसूल कर लिया गया है यदि हाँ, तो कब एवं कितना? प्रश्नांश (क) में संदर्भित प्रश्न में उल्लेखित शिकायतों में अतिक्रमणकर्तावार सूची दें? यदि नहीं तो क्या इसमें अधिकारी की संलिप्तता मानी जाकर, उस अधिकारी पर कार्यवाही की जायेगी? (घ) क्या प्रश्नांश (क) में उल्लेखित संदर्भित प्रश्न के उत्तरांश (च) में विवरण पुस्तकालय में रखा जाना लेख किया गया है? यदि हाँ, तो किस दिनांक को पुस्तकालय दिया गया? विवरण दें? उक्त पुस्तकालय परिशिष्ट प्रश्नकर्ता को कब तक उपलब्ध कराया जायेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) उमरिया जिला अंतर्गत ग्राम दुब्बार प.ह. दुब्बार तहसील चंदिया में शासकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण को हटाये जाने की जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''अ'' पर है। (ख) अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही न्यायालयीन प्रक्रिया अंतर्गत होने के कारण विलंब हुआ है। ग्राम दुब्बार प.ह. दुब्बार तहसील चंदिया अंतर्गत 11 अतिक्रमकों को बेदखल कर दिया गया है शेष 4 अतिक्रमकों के प्रकरण न्यायालय में सुनवाई हेतु प्रचलित है। सुनवाई उपरांत शेष अतिक्रमकों को बेदखल कर दिया जावेगा। (ग) जी हाँ, 11 अतिक्रमकों के विरूद्ध अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया है। अर्थदण्ड वसूली की कार्यवाही प्रचलित है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''ब'' पर है। उत्तरांश (ख) अनुसार शेष प्रश्नांश उद्भूत नहीं होता। (घ) समय-सीमा में उपलब्ध करा दिये जायेंगे।
शासकीय तालाबों की जानकारी
[राजस्व]
46. ( क्र. 1767 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा जिला अंतर्गत कुल कितने शासकीय तालाब है व कौन सा तालाब कौन से विभाग के अंतर्गत आता है? तालाबों की ग्रामवार/वार्डवार सूची उपलब्ध करावें। (ख) प्रत्येक तालाब का नाम, सर्वे/खसरा क्रमांक, रकबा/क्षमता, जलभराव क्षेत्र तथा वर्तमान में किस प्रयोजन (सिंचाई/पेयजल/मत्स्य पालन/अन्य) हेतु उपयोग किया जा रहा है? जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) विगत 03 वर्षों में प्रश्नांश (क) वर्णित तालाबों के जीर्णोद्धार, गहरीकरण, मरम्मत, पिचिंग, पाल/बंधान, सिल्ट सफाई आदि पर कितनी राशि स्वीकृत एवं व्यय की गई है? जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्नांश (क) वर्णित कितने व कौन-कौन से तालाबों में अतिक्रमण/अनधिकृत कब्जा/सिल्ट जमाव/लीकेज/बंधान क्षति की स्थिति है तथा उनके निराकरण हेतु विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? जानकारी उपलब्ध करावें। (ड.) यदि तालाबों पर अतिक्रमण/अवैध कब्जा है तो उसे कब तक हटाया जावेगा? समय-सीमा बतायें। (च) आगामी वर्ष में तालाबों के संरक्षण एवं सुधार हेतु कौन-कौन से कार्य प्रस्तावित हैं तथा उनकी समय-सीमा क्या है? जानकारी उपलब्ध करावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) हरदा जिला अन्तर्गत शासकीय तालाबों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ग) जानकारी निंरक है। (घ) उत्तरांश (क) अनुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ड.) म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 248 के प्रावधान अनुसार प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही प्रचलन में है। (च) जल संरक्षण एवं जल संवर्धन में लिए शासन द्वारा प्रसारित निर्देशों के अनुक्रम में जिला प्रशासन द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एवं जल संसाधन विभाग के माध्यम से तालाबों के संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य कराएं जाते हैं।
सागर में कैंसर अस्पताल की स्थापना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
47. ( क्र. 1789 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सागर शहर एवं बुन्देलखण्ड क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में कैंसर अस्पताल की स्थापना किये जाने की मांग लम्बे समय से की जा रही है? उक्त मांग के परिप्रेक्ष्य में शासन स्तर पर अब तक क्या निर्णय लिया गया है? (ख) क्या कैंसर अस्पताल की स्थापना हेतु शासन द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है? यदि हाँ तो कैंसर अस्पताल की स्थापना हेतु किस स्थान पर एवं कितनी भूमि चिन्हित की गई है? क्या उक्त भूमि का आवंटन पूर्ण हो चुका है? यदि नहीं तो यह प्रक्रिया कब तक पूर्ण कर ली जायेगी? (ग) यदि कैंसर अस्पताल की स्थापना हेतु प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, तो इस परियोजना हेतु कुल कितनी राशि स्वीकृत की गई है एवं इसमें कौन-कौन से घटक सम्मिलित किये गये है? यह अस्पताल कितने बिस्तरीय होगा एवं कौन-कौन सी चिकित्सकीय सुविधायें उपलब्ध कराई जायेगी? प्रश्न दिनांक तक इस संबंध में क्या कार्यवाही प्रचलन में है? विस्तृत विवरण सहित जानकारी उपलब्ध करायें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। (ख) जी नहीं। प्रशासकीय स्वीकृति की समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है। (ग) प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नवीन शाला भवन एवं पुराने भवनों की मरम्मत
[स्कूल शिक्षा]
48. ( क्र. 1802 ) श्री संजय उइके : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बैहर विधानसभा क्षेत्र में प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला भवन विहीन एवं मरम्मत योग्य है? (ख) यदि प्रश्नांश (क) हाँ, तो कौन-कौन से भवन विहीन शालाएं हैं और कब से तथा मरम्मत योग्य भवन कौन-कौन से है? और कब से? जानकारी दें। (ग) सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित शिक्षा देने के लिए नवीन भवन एवं मरम्मत की स्वीकृति कब तक की जावेगी? जानकारी दें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) बैहर विधानसभा क्षेत्र में कोई भी प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला भवन विहीन नहीं है किन्तु 212 मरम्मत योग्य शालायें है। (ख) प्रश्नांश (क) संदर्भ में बैहर विधानसभा क्षेत्र में मरम्मत योग्य शालाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के लिए नवीन भवन एवं मरम्मत कार्य के लिए स्वीकृति, मांग/प्रस्ताव एवं बजट की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
राजस्व रिकॉर्ड में गलत प्रविष्टि
[राजस्व]
49. ( क्र. 1812 ) श्री अनिरुध्द (माधव) मारू : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजस्व रिकॉर्ड में प्रशासनिक भूल वश कोई भी दस्तावेज में गलत प्रविष्टि कर दी गई तो उक्त गलती संबंधित अधिकारी कर्मचारी की होगी या संबंधित स्वत्वधारी की? यदि उक्त गलती प्रशासनिक भूलवश हुई तो उसका दंड किसान को क्यों उठाना पड़ता है? (ख) क्या उक्त भूल सुधार के लिए भी संबंधित स्वत्वधारी विभाग में प्रकरण दर्ज कराकर रोज तारीखें और गवाह बयान करवा कर दुरुस्त करवाए या फिर संबंधित अधिकारी उस प्रविष्टि को सामान्य आवेदन पर ठीक करेगा? (ग) क्या प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में इस बाबत राजस्व अधिकारियों के लिए क्या स्पष्ट निर्देश और मार्गदर्शन है? (घ) क्या आधिकारिक त्रुटि का दंड भी किसान को उठाना पड़ेगा? यदि हां, तो कारण बताएं कि क्यों? यदि नहीं, तो राजस्व अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देंगे क्या?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) प्रशासनिक राजस्व रिकॉर्ड में भूलवश कोई भी दस्तावेज में गलत प्रविष्टि/लिपकीय त्रुटि की जिम्मेदारी स्वत्व धारक (किसान) न होकर अपितु गलत प्रविष्टि होने पर म.प्र. भू-राजस्व संहिंता की धारा 115 के तहत निर्धारित विहित प्रक्रिया के अन्तर्गत आवेदन दिये जाने का प्रावधान है तथा इस धारा के अन्तर्गत अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा सुधारा जा सकता है एवं भू-राजस्व संहिता में 115 का प्रावधान ही इसलिए किया गया है कि प्रशासनिक त्रुटि या भूलवश हुई गलत प्रविष्टि का दण्ड किसान को न उठाना पडे़, साथ ही सक्षम अधिकारी के संज्ञान में इस प्रकार का कोई तथ्य आता है तो सक्षम अधिकारी स्वप्रेरणा से कार्यवाही का सुधार कर सकते हैं। (ख) भूल सुधार के लिए स्वत्वधारी को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (SDM) के समक्ष धारा 115 के तहत आवेदन देना होता है और प्रकरण दर्ज कराना अनिवार्य है (क्योंकि सरकारी रिकॉर्ड में बदलाव बिना सक्षम आदेश के नहीं हो सकता)। हालाँकि, यह प्रक्रिया दीवानी मुकदमों (Civil Suit) की तरह जटिल और लंबी नहीं होती है। यदि त्रुटि लिपिकीय है, तो लंबी गवाही की आवश्यकता नहीं होती और प्रतिवेदन के आधार पर शीघ्र निर्णय लिया जाता है। साथ ही सक्षम अधिकारी के संज्ञान में इस प्रकार का कोई तथ्य आता है तो सक्षम अधिकारी स्वप्रेरणा से कार्यवाही का सुधार कर सकते हैं। (ग) जी हाँ। राजस्व अधिकारियों के लिए म.प्र. भू-राजस्व संहिता की "धारा 115" में स्पष्ट निर्देश है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (घ) जी नहीं, किसान को इस त्रुटि के लिए कोई दंड नहीं भुगतना पड़ता, लेकिन उसे रिकॉर्ड सही करवाने की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। जहाँ तक अधिकारियों का प्रश्न है, 'भू-राजस्व संहिता' में कर्मचारी को दंडित करने का प्रावधान नहीं है। यदि कोई कर्मचारी जानबूझकर गलती करता है या दोषी पाया जाता है, तो उस पर कार्यवाही 'म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियमों' (Service Rules) के तहत विभागीय स्तर पर की जाती है।
गढ़ नामक स्थान को पर्यटन स्थल घोषित किया जाना
[पर्यटन]
50. ( क्र. 1850 ) श्री बृज बिहारी पटैरिया : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र देवरी के आदिवासी विकासखण्ड केसली की ग्राम पंचायत नाहरमऊ के अंतर्गत एक बहुत ही दर्शनीय सर्व प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण पहाड़ी की 'गढ़' नामक चोटी है, जहां भगवान शिव एवं देवी जी का मंदिर बना हुआ है। यह चोटी सागर जिले की सबसे ऊंची चोटी है। सर्वाधिक ऊंचाई होने के बावजूद भी यहां एक तालाब स्थित है। जिसमें वर्ष भर पानी रहता है। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित स्थान पर प्रत्येक वर्ष संक्राति बसंत पंचमी को विशाल मेले का आयोजन होता है। जिसमें विधानसभा क्षेत्र के अलावा दूर-दूर से व्यक्ति आते हैं। इस संबंध में प्रश्नकर्ता उक्त क्षेत्र को पर्यटन स्थल घोषित करने हेतु मान पर्यटन मंत्री द्वारा अन्त क्षेत्र का सर्वे कराया गया था। उक्त क्षेत्र को पर्यटन क्षेत्र घोषित करने हेतु विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? (ग) उक्त क्षेत्र कब तक पर्यटन क्षेत्र घोषित कर दिया जायेगा? समय-सीमा बताएं।
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जी हाँ। (ख) विभाग द्वारा जारी नवीन पर्यटन नीति 2025 अंतर्गत किसी स्थल को पर्यटन स्थल घोषित करने का कोई प्रावधान नहीं है। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार।
संजीवनी क्लीनिक देवरी नगर का अपूर्ण भवन
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
51. ( क्र. 1851 ) श्री बृज बिहारी पटैरिया : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सागर जिले के अंतर्गत प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र देवरी के मुख्यालय नगर में पुराने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर जो शहर के बीचों-बीच स्थित है। में लोगों की स्वास्थ्य सुविधा हेतु ''संजीवनी क्लीनिक'' भवन निर्माण किया जा रहा है। जो विगत 02 वर्ष से अधूरा पड़ा है। जिसका कार्य विगत 02 वर्षों से बंद है। (ख) क्या उक्त अत्यंत आवश्यक भवन के निर्माण कार्य के बंद होने की सूचना/जानकारी विभाग को प्राप्त हुई है? (ग) यदि हाँ, तो इस संबंध में विभाग द्वारा निर्माण एजेन्सी को क्या निर्देश जारी किए गए है? क्या कार्यवाही की गई है? (घ) यदि नहीं तो उक्त भवन के शीघ्र निर्माण के संबंध में शासन की क्या योजना है?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। जी हाँ। जी हाँ। (ख) जी हाँ, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला सागर द्वारा संज्ञान लिया गया है। (ग) उक्त निर्माण की निर्माणकर्ता एजेंसी नगर पालिका परिषद देवरी, जिला सागर है। उक्त निर्माण एजेंसी को निर्माण पूरा करने के लिये मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा निर्देश जारी किये गये है, जिसकी जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। नगर पालिका परिषद देवरी, द्वारा अग्रेतर कार्यवाही की जाना हैं एवं की गयी कार्यवाही की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। (घ) शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
जर्जर स्कूल भवनों का पुनर्निर्माण
[स्कूल शिक्षा]
52. ( क्र. 1860 ) श्री अजय अर्जुन सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश भर में कितने स्कूलों को जर्जर घोषित किया गया है, जिनमें छत टूटने, दीवारें गिरने आदि खतरों के कारण कक्षाएं आकाश के नीचे संचालित हो रही हैं तथा छात्रों एवं अध्यापकों का जीवन खतरे में है? (ख) उपरोक्त जर्जर घोषित स्कूलों का जिलावार विवरण सहित संख्या, उनकी स्थिति एवं मरम्मत हेतु विभाग द्वारा वितरित बजट एवं व्यय का विवरण वर्षवार प्रदान करें? (ग) क्या सरकार द्वारा जर्जर स्कूल भवनों के पुनर्निर्माण हेतु कोई समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की गई है एवं यदि हाँ, तो कितने स्कूलों का निर्माण पूर्ण हो चुका है? (घ) क्या विभाग द्वारा जर्जर स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था प्रदान करने एवं सभी स्कूलों के भवन बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। यदि नहीं तो कब तक पूर्ण किया जाएगा?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) प्रदेश में वर्ष 2025-26 में प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं के 1382 भवन जर्जर घोषित किये गये है जिसके विरूद्ध 1382 नवीन भवनों की स्वीकृति जारी की जा चुकी है। उपरोक्त शालाओं का संचालन जर्जर भवन में नहीं कराये जाने के पत्र क्रमांक 1713/राशिके, दिनांक 16.04.2025 को निर्देश दिये गये है। प्रश्नाधीन हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों की जानकारी निरंक है। जर्जर कक्षों में कक्षा संचालन नहीं किये जाने के निर्देश है। अत: शेषांश उद्भूत नहीं होता। (ख) प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालयों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। उत्तरांश (क) के प्रकाश में प्रश्न उद्भूत नहीं होता है, तथापि विभागीय शासकीय हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में अधोसंरचना के अनुरक्षण हेतु मांग एवं प्रस्ताव अनुसार जिलों को राशि उपलब्ध कराई जाती है। (ग) जी हाँ। स्वीकृति जारी की जा चुकी है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (घ) पत्र क्रमांक-1713/राशिके, दिनांक 16.04.2025 को निर्देश दिये गये थे। विभाग का आदेश क्रमांक-आई/741330/907589/2025/20-2, दिनांक 15.01.2026 द्वारा स्वीकृत किये गये है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
न.पा. इटारसी को सौंपी गई भूमि को अभिलेखों में दर्ज किया जाना
[राजस्व]
53. ( क्र. 1868 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कार्यालय कलेक्टर, जिला होशंगाबाद के आदेश दि. 29.12.1982 के अनुसार नजूल अधिकारी, इटारसी द्वारा उपमुख्य कार्यपालन अधिकारी नगर सुधार न्यास इटारसी को नजूल शहर के शीट क्र. 15, 16, 19, 20 प्लाट नं. 1/1, 3/1, 1 का 37000 वर्गफुट का अग्रिम आधिपत्य 28.08.1982 को दिया गया था। (ख) यदि हाँ, तो क्या उक्त भूमि को राजस्व अभिलेख में अभी तक अंकित नहीं किया गया है? (ग) क्या मुख्य नगर पालिका अधिकारी, इटारसी द्वारा अपने पत्र क्र. नपाई/21/63/इटारसी दि. 15.12.2021 एवं नपाई/24/555 इटारसी दिनांक 13.12.2024 से अनुविभागीय अधिकारी, को पत्र लिखकर प्रश्नांश (क) में उल्लेखित भूमि को राजस्व अभिलेख में अंकित किये जाने का अनुरोध किया गया था। (घ) उपरोक्त संबंध में प्रश्नकर्ता द्वारा वर्ष 2025 में लिखे गये पत्र अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय, इटारसी को किस दिनांक को प्राप्त हुए? तत्संबंध में की गयी कार्यवाही की जानकारी दें। (ड.) उक्त भूमि कब तक राजस्व अभिलेख में नगरपालिका, इटारसी के नाम अंकित होगी?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) कार्यालय कलेक्टर जिला होशंगाबाद के आदेश दिनांक 29-12-82 के अनुसार नजूल अधिकारी इटारसी द्वारा उपमुख्य कार्यपालन अधिकारी नगर सुधार न्यास इटारसी को नजूल शहर के शीट क्रमांक 15, 16, 19, 20 प्लाट नंबर 1/1, 3/1/, 1 का 37000 वर्गफुट का अग्रिम अधिपत्य 28-8-1982 को दिये जाने के संबंध में अनुविभागीय अधिकारी इटारसी एवं अनुविभागीय अधिकारी नर्मदापुरम के पंजी में नजूल अभिलेख में कोई प्रकरण अंकित होना नहीं पाया गया एवं प्रश्नाधीन भूमि के नगर सुधार न्यास की आवंटित किये जाने संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं पाये गये। (ख) वर्तमान में भूमि शीट नंबर 15 सर्वे क्रमांक 1/1 रकबा 132035 वर्गफुट खुली जगह नजूल में दर्ज है भूमि शीट नंबर 16 सर्वे नंबर 3/1 रकबा 285668 वर्गफुट खुली जगह नजूल में से रकबा 40062 रकबा हाट बाजार हेतु दर्ज है भूमि शीट नंबर 19 सर्वे नंबर 1 रकबा 35802 वर्गफुट खुली जगह नजूल दर्ज है शीट नंबर 20 सर्वे नंबर 1/1 रकबा 107978 वर्गफुट खुली जगह नजूल रिकार्ड में दर्ज है। आवंटन संबंधी दस्तावेजों के उपलब्ध न होने के कारण राजस्व नजूल अभिलेखों में दर्ज नहीं की गई है। (ग) जी हाँ, मुख्य नगर पालिका अधिकारी इटारसी द्वारा अपने पत्र क्रमांक न.पा.ई./21/63/इटारसी दिनांक 15-12-2021 एवं न.पा.ई./24/555/इटारसी दिनांक 13-12-2024 से अनुविभागीय अधिकारी को पत्र लिखकर प्रश्नांश (क) में उल्लेखित भूमि को राजस्व अभिलेख में अंकित किये जाने का अनुरोध किया गया था किन्तु भूमि आवंटन के संबंध में कोई प्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया है। (घ) प्रश्नकर्ता माननीय विधायक महोदय नर्मदापुरम-इटारसी डॉ. सीतासरन शर्मा के द्वारा वर्ष 2025 में पत्र क्रमांक 8337/ दिनांक 29-10-2025/वि/हो./एवं पत्र क्रमांक 81-82 दिनांक 3-9-2025/वि/हो. के माध्यम से अनुविभागीय अधिकारी इटारसी कार्यालय को पत्र प्राप्त हुए। उक्त संबंध में भूमि नजूल शहर के शीट क्रमांक 15, 16, 19, 20 प्लाट नंबर, 1/1, 3/1/, 1 का 37000 वर्गफुट का रिकार्ड मिलान किया गया नजूल अभिलेख में प्रश्नाधीन भूमि नजूल म.प्र. शासन अनवरत दर्ज पाई गई। प्रश्नाधीन भूमि के नगर सुधार न्यास इटारसी को आवंटित किये जाने के संबंध में प्रमाणित दस्तावेज हेतु अनुविभागीय अधिकारी इटारसी द्वारा मुख्य नगरपालिका अधिकारी इटारसी एवं जिला कार्यालय नर्मदापुरम एवं अनुनविभागीय अधिकारी नर्मदापुरम को लेख किया गया किन्तु प्रश्नाधीन आवंटन के संबंध में जानकारी/दस्तावेज आज दिनांक तक प्राप्त नहीं हो सके। प्रकरण की खोजबीन की कार्यवाही जारी है। (ड.) भूमि आंवटन आदेश प्राप्त होने के पश्चात अमल की कार्यवाही शीघ्र की जा सकेगी।
पटवारी हल्का तिवरिगवॉ में सीलिंग एक्ट प्रावधान का पालन न होना
[राजस्व]
54. ( क्र. 1879 ) श्री गिरीश गौतम : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पटवारी हल्का तिवरिगवां तहसील मनगवां, जिला रीवा के ग्राम डगडौआ में एक किसान के नाम खसरा नंबर 519/2 रकबा 162 हे. दर्ज है। (ख) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा कलेक्टर रीवा को 04.11.2025 को एक ही भूमि स्वामी के नाम पर 415 एकड़ जमीन कैसे हो सकती है, जबकि सीलिंग एक्ट का प्रावधान लागू है तथा राजस्व कर्मचारियों एवं अधिकारियों द्वारा राजस्व अभिलेखों में अवैधानिक प्रविष्टि के संबंध में कोई कार्यवाही क्यों नहीं की गई तथा उक्त भूमि में कितने वर्षों से धान या गेहूँ उपार्जन हेतु पंजीयन किया जा कर उसके आधार पर खरीदी की जा रही है एवं इस भ्रष्टाचार में कौन-कौन शामिल है की जाँच कराई जाकर कार्यवाही किये जाने बावत पत्र दिया गया था? (ग) प्रश्नांश (ख) में वर्णित पत्रों की प्रतिलिपि प्रदान करें तथा शिकायत की जाँच पर क्या कार्यवाही हुई, यदि नहीं तो क्यों कब तक भूमि में अवैधानिक प्रवृत्ति को निरस्त किया जायेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी नहीं, वर्तमान खसरा वर्ष 2025-26 में पटवारी हल्का तिवरिगवां तहसील मनगवां, जिला रीवा के ग्राम डगडौआ में एक किसान के नाम खसरा नंबर 519/2 रकबा 162 हे. दर्ज नहीं है। (ख) ग्राम डगडौआ की आराजी नंबर 519/2 रकबा 162 हे. दर्ज अभिलेख के संबंध में जानकारी संज्ञान में आने पर अनुविभागीय अधिकारी अनुभाग मनगंवा के राजस्व प्रकरण क्रमांक 0307/अ6 (अ)/2025-26 आदेश दिनांक 25/11/025 से दर्ज टंकण त्रुटि अभिलेख से विलोपित करने का आदेश पारित कर पटवारी अभिलेख से विलोपित किया जा चुका है। पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''क'' अनुसार। धान उपार्जन 2025-26 सत्यापन के समय जानकारी संज्ञान में आने पर तहसीलदार तहसील मनगवां द्वारा संबंधित समिति आपरेटर रघुराजगढ़ को नोटिस क्रमांक 794/आ.का./2025 मनगवां दिनांक 15/10/2025 से कारण बताओं पत्र जारी किया गया था एवं संबंधित कृषक श्री मणिराज सिंह को पत्र क्रमांक 869/आ.का./2025 मनगवां दिनांक 29/10/2025 से उनके रजिस्ट्रेशन किसान कोड 222250056098 की ब्रिक्री में रोक लगा दिया गया था। जिससे धान उपार्जन नहीं हुआ है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' 'ब' एवं 'स' अनुसार। (ग) अनुविभागीय अधिकारी अनुभाग मनगवां के राजस्व प्रकरण क्रमांक 0307/अ6 (अ)/2025-26 आदेश दिनांक 25/11/025 से अवैधानिक प्रविष्टि को विलोपित किया जा चुका है।
किसान सम्मान निधि की जानकारी
[राजस्व]
55. ( क्र. 1891 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत कुल कितने पंजीकृत किसान हैं? (ख) खरगोन जिले के ऐसे कितने किसान है जिनकों तकनीकी या अन्य कारणों से योजना का लाभ नहीं मिल पाया है? विगत तीन वर्षों का जिलेवार विवरण। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार लाभ से वंचित किसानों को कब तक राशि प्रदान की जाएगी? (घ) किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में प्रति किसान कितनी राशि प्रदान की जा रही है? राज्य अंश और केन्द्र अंश की पृथक-पृथक राशि का विवरण दें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) प्रदेश में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत दिनांक 07/02/2026 की स्थिति में कुल 91.67 लाख हितग्राही पंजीकृत हैं। (ख) खरगोन जिले में 4202 हितग्राहियों द्वारा ई-केवायसी एवं 5116 हितग्राहियों द्वारा आधार बैंक खाता लिंकिंग की कार्यवाही की जाना अपेक्षित है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) उत्तरांश (ख) में उल्लेखित हितग्राहियों द्वारा अपेक्षित कार्यवाही पूर्ण करने के उपरांत। (घ) प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत हितग्राहियों को वर्ष में कुल राशि रूपये 6000/- तीन समान किश्तों में प्रदान किए जा रहे हैं। केन्द्र क्षेत्रीय योजना में केन्द्र सरकार का अंश 100% है।
अवैध रूप से सोनोग्राफी सेन्टर का संचालन
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
56. ( क्र. 1906 ) श्रीमती ललिता यादव : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में कितने सोनोग्राफी सेंटर संचालित है संचालक का नाम, स्थानवार, संचालन तिथि व लायसेंस की प्रति सहित पृथक-पृथक बतायें। इनमें कितने सेंटर शासकीय चिकित्सक संचालित कर रहे है, उनका नाम पदस्थापना स्थान सहित बतायें? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में संचालित सोनोग्राफी सेंटरों को विगत तीन वर्षों में नवीन एवं रिन्यूवल की अनुमति दी गई है, पृथक-पृथक स्थानवार बताये? (ग) क्या शासकीय चिकित्सक स्वयं का सेंटर संचालित कर सकते है अगर हाँ तो विभागीय आदेश सहित बतायें? (घ) एक रेडियोलॉजिस्ट कितने सोनोग्राफी सेंटर में सेवायें दे सकता है जानकारी दें?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) छतरपुर जिले में कुल 20 सोनोग्राफी सेंटर संचालित है जिनके संचालक की नामवार, स्थानवार एवं संचालन की तिथि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार तथा लायसेंस की प्रतियां की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार। उपरोक्त में से शासकीय चिकित्सकों द्वारा संचालित सोनोग्राफी सेंटरों की नामवार एवं पदस्थापना स्थल की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स' अनुसार। (ख) जी हाँ। सोनोग्राफी की केन्द्रवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'द' अनुसार। (ग) जी हाँ। शासकीय चिकित्सकों द्वारा स्वयं का सेंटर संचालित करने के संबंध में दिनांक 07/08/2013 एवं 07/02/2017 को जारी विभागीय आदेशों की प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ई' अनुसार। जिन्हें माननीय उच्च न्यायालय मुख्यपीठ जबलपुर द्वारा याचिका क्रमांक- 15027/2020 एवं याचिका क्रमांक- 26619/2018 में पारित निर्णय दिनांक 22/07/2021 द्वारा 'एकलिप्स' किया गया है जो जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'फ' अनुसार। (घ) गर्भधारण पूर्व प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंक चयन प्रतिषेध) नियम 1996 के नियम 3 (3), (3) अंतर्गत स्थापित प्रावधान अनुसार एक पात्र रेडियोलॉजिस्ट को जिले के अंदर 02 केन्द्र पर पंजीकरण करने की अनुमति है जिससे संबंधित प्रावधान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ज' अनुसार।
झोलाछाप डॉक्टरों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
57. ( क्र. 1907 ) श्रीमती ललिता यादव : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या छतरपुर जिले में 1 अप्रैल 2021 से प्रश्न दिनांक तक झोलाछाप डॉक्टरों का विभागीय दल द्वारा निरीक्षण किया गया। दल में कौन-कौन शामिल रही? पृथक-पृथक जानकारी, स्थानवार कार्यवाही सहित दें। (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में किस झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से कब-कब, कहां-कहां मरीज की मृत्यु होने की शिकायत विभाग एवं पुलिस में हुई है? उनका नाम कार्यवाही सहित बताये। (ग) झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्यवाही के लिए विभाग किस प्रकार जवाबदार है शासन के आदेश की प्रति के साथ ही कार्यवाही न किए जाने पर शासन के द्वारा किस को जवाबदार माना जाता है? बताये।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। जिला छतरपुर में प्रश्नांकित अवधि में झोलाछाप डॉक्टरों के निरीक्षण हेतु गठित विभागीय दल की नामवार, स्थानवार तथा की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, छतरपुर में किसी भी झोलाछाप डॉक्टर के ईलाज से मरीज की मृत्यु होने की शिकायत प्राप्त नहीं हुई। कार्यालय पुलिस अधीक्षक, छतरपुर से प्राप्त जानकारी अनुसार झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से मृत्यु होने की शिकायत की दिनांकवार, नामवार एवं कार्यवाही सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) प्रदेश में गैर-अर्हताधारी झोलाछाप डॉक्टरों तथा अपंजीकृत चिकित्सकीय संस्थानों द्वारा चिकित्सकीय सेवायें की प्रदायगी निषिद्ध है। इस हेतु विनियामक अधिनियम एवं नियम की प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है। अपंजीकृत संस्थानों पर कार्यवाही हेतु जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जबावदेय हैं।
पट्टे धारियों की जानकारी
[राजस्व]
58. ( क्र. 1974 ) इंजीनियर हरिबाबू राय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला शिवपुरी तहसील रन्नौद, बदरवास की ग्राम पंचायत व ग्राम थाटी, गांगोनी, ढोडिया, ढकरोरा, खोराना, अकोदा, दुबेला, भिलारी, रिन्हाय, सिमरयाई, इन्दार, सिंघारई, अटारई इत्यादि ग्रामों में वर्ष 1998-99 से वर्ष 2003 तक इन ग्रामों में कितने लोगों को चरनोई भूमि पर वर्तमान में कितना कब्जा है, कितने व्यक्तियों को पट्टे दिय हुए पट्टे अमल हुए है। उनके नाम सर्वे नंबर सहित रकवा खसरा प्रदान करने की कृपा करें। (ख) वर्ष 1998-99 से वर्ष 2003 तक जिन लोगों को पट्टे दिये गये है, उनके नाम तथा वर्तमान में यह सर्वे नंबर किसके नाम पर दर्ज है। खसरा सहित सूचीबद्ध जानकारी प्रदान करने की कृपा करें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिला शिवपुरी की तहसील रन्नौद के ग्राम ठाटी में 10, गागोनी में 15, ढोडिया में 18, ढकरौरा, में 12, खौराना में 10, अकोदा में 7, डुमेला में 34, भिलारी में 1, रिन्हाय में 39, सिमलयाई में 7, इन्दार में 26, सिघारई 52, अटारई 82 इस प्रकार कुल 313 कृषक है। उपरोक्त सभी कृषकों के पट्टे राजस्व रिकार्ड में अमल है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार।
नवीन शैक्षणिक संवर्ग के लोकसेवकों को ग्रेच्युटी
[स्कूल शिक्षा]
59. ( क्र. 2002 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नवीन शैक्षणिक संवर्ग में नियुक्त लोकसेवकों की नियुक्ति दिनांक कब से मानी जा रही है? (ख) नवीन शैक्षणिक संवर्ग में लोकसेवकों की नियुक्त दिनांक में प्रथम नियुक्ति दिनांक क्यों मानी नहीं जा रही है? कारण सहित स्पष्ट कीजिए। (ग) नवीन संवर्ग में लोकसेवकों को ग्रेच्युटी की पात्रता कब से है? संवर्ग में नियुक्त हुये ऐसे कितने सेवानिवृत्त व दिवंगत हुये लोकसेवक है जिन्हें ग्रेच्युटी की राशि प्राप्त नहीं हुई है? अभी तक संवर्ग के कितने लोकसेवकों को सेवानिवृत्ति पर कितनी ग्रेच्युटी की राशि प्राप्त हुई है? और कितने लोकसेवकों के दिवंगत होने पर उनके आश्रितों को कितनी ग्रेच्युटी राशि प्राप्त हुई है? उज्जैन संभाग की जानकारी सूची सहित जानकारी दें। (घ) नवीन शैक्षणिक संवर्ग को प्रथम नियुक्ति दिनांक से ग्रेच्युटी की गणना करने संबंधी आदेश जारी करने में विभाग कब आदेश प्रसारित करेगा? स्पष्ट करें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) नवीन शैक्षणिक संवर्ग में नियुक्ति दिनांक ही शासकीय सेवा में नियुक्ति का दिनांक है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार। (ग) नवीन शैक्षणिक संवर्ग के शिक्षकों को वित्त विभाग के परिपत्र दिनांक 16.01.2018 के अनुसार अन्य शासकीय सेवकों के समान मध्यप्रदेश पेंशन नियम 1976 के नियम 44 अनुसार पात्रता है। शेषांश जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (घ) उत्तरांश (ग) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
तकनीकी प्रयोजनों की गलत व्याख्या से वित्तीय हानि
[जल संसाधन]
60. ( क्र. 2015 ) डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या धन्नालाल वर्मा, अधीक्षण यंत्री (या अन्य मूल पद के द्वारा) बाण सागर परियोजना में विभिन्न प्रयोजनों की गलत व्याख्या कर अधिक राशि स्वीकृति कराई गई? क्या धन्नालाल वर्मा को दो वार्षिक वेतन रोकने का आदेश जल संसाधन विभाग द्वारा 24.07.2024 को जारी किया गया था? उक्त आदेशों की एक प्रति दें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित यंत्री/सदस्य अभियांत्रिकी नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के द्वारा अपनी पदस्थापना पर स्वीकृत राशि से अधिक धनराशि व्यय करने/नियम विरूद्ध स्वीकृत करने/तकनीकी प्रयोजनों की गलत व्याख्या करने पर राज्य शासन के किन-किन प्रोजेक्टों में कितनी-कितनी राशि ज्यादा लगी/अपव्यय हुआ/ठेकेदार को लाभ जानबूझकर पहुंचाया गया? (ग) उक्त धन्नालाल वर्मा के द्वारा स्लीमनाबाद सुरंग निर्माण का अनुबंध टर्न की पद्धति से किया गया था? अनुबंध की एक प्रति देते हुय बतायें कि इसमें तकनीकी प्रयोजनों की गलत व्याख्या से शासन का चौदह सौ करोड़ रूपये अपव्यय तो हुआ ही प्रोजेक्ट अभी भी पूरा नहीं हुआ है? लगभग दस वर्ष लेट हो चुका है? बरगी बांध का पानी सतना जिले को प्राप्त ही नहीं हो पाया है? (घ) धन्नालाल वर्मा को दो पद ऊपर सदस्य अभियांत्रिकी नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण पदस्थ किये जान के अवैध आदेशों को शासन कब तक निरस्त करेगा? उक्त नियुक्ति को शासन वैध मानता है या अवैध?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
जवाहरलाल नेहरू कैंसर अस्पताल को रियायती दर पर जमीन का प्रदाय
[राजस्व]
61. ( क्र. 2032 ) श्री भगवानदास सबनानी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या 90 के दशक में भोपाल स्थित ईदगाह हिल्स क्षेत्र की बहुमूल्य जमीन जवाहरलाल नेहरू कैंसर अस्पताल एस अनुसंधान केन्द्र को भोपाल एवं प्रदेश के अन्य जिलों के निर्धन परिवार के कैंसर पीड़ित एवं भोपाल गैस पीड़ितों के ईलाज हेतु रियायती दर पर आवंटित की गई थी? कृपया आवंटन आदेश एवं नियत शर्तों की प्रति उपलब्ध करावें? (ख) क्या जिन उद्देश्यों की पूर्ति हेतु शासन द्वारा रियायती दर पर भूमि आवंटित की गई थी, उन उद्देश्यों की पूर्ति अस्पताल द्वारा की जा रही है? यदि नहीं तो क्या इसके लिए दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की जावेगी?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। म.प्र कैंसर अस्पताल एवं सेवा समिति भोपाल द्व़ारा श्री एम.एम. जोशी को राजस्व प्रकरण क्रमांक 01/अ-20 (1)/1993-94 दिनांक 28.01.1994 को पट्टा जारी किया गया था। जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर है। (ख) वर्तमान में मौके पर जवाहरलाल नेहरू कैंसर अस्पताल निर्मित है।
जवाहरलाल नेहरू कैंसर अस्पताल भोपाल में अनियमितताएं
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
62. ( क्र. 2033 ) श्री भगवानदास सबनानी : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जवाहरलाल नेहरू कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केन्द्र ईदगाह हिल्स, भोपाल को कैंसर जैसी गंभीर एवं जानलेवा बीमारी के उपचार हेतु रियायती दर पर उपचार कराने की अनुमति शासन द्वारा दी गई थी? अनुमति की शर्तें क्या-क्या थी, क्या इन शर्तों का पालन अस्पताल द्वारा किया जा रहा है? (ख) क्या शासन ने भारत शासन की महती उपचार योजना आयुष्मान भारत एवं म.प्र. शासन के अधिकारियों/कर्मचारियों एवं भोपाल की भीषण गैस त्रासदी के पीड़ित परिवारों को उपचार के लिए मन्यता दी थी? यदि हाँ, तो मान्यता की शर्तें क्या-क्या थी? (ग) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो यह अनुमति कैंसर/गैस पीड़ित परिवारों को उचित उपचार उपलब्ध हो सकें या इस उपचार में लगने वाली दवाइयां पीड़ितों को रियायती दर पर प्राप्त हो सकें। क्या इस संबंध में शासन को अनियमितताओं की शिकायतें प्राप्त हुई हैं? यदि हाँ तो इसके लिए उत्तरदायी दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही कब तक की जावेगी? (घ) क्या अस्पताल की संचालन समिति में शासन के नियमानुसार चिकित्सकों एवं जनसेवकों की जगह दवा माफियाओं ने कब्जा किया है, जो अस्पताल के मूल उद्देश्य कैंसर पीड़ित मरीजों के उपचार के अलावा अन्य रोगियों को उपचार देने हेतु अस्पताल भवन के भीतर अवैध रूप से निर्माण करा रहे है? यदि हाँ, तो शासकीय नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं। यह एक निजी संस्था है एवं राजस्व विभाग द्वारा पट्टा दिया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 के प्रपत्र-अ, ब अनुसार। (ख) जी हाँ। गैस राहत विभाग द्वारा गैस पीड़ित कैंसर रोगियों के इलाज से संबंधित मान्यता की शर्तों संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार। (ग) उत्तरांश ''ख'' अनुसार शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) यह एक निजी संस्थान है, जिसका संचालन समिति द्वारा इनके कार्यों का पर्यवेक्षण किया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नक्शा निर्माण में लापरवाही
[राजस्व]
63. ( क्र. 2069 ) श्री अम्बरीष शर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला भिण्ड की तहसील मिहोना के ग्राम खितौली पटवारी हल्का नं. 13 का राजस्व ग्राम नक्शा वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 से ग्रामवासियों को नहीं मिल रहा है। इस सबंध में ग्रामीणों द्वारा शिकायतें भी की गई। शिकायतें जिला रिकार्ड रूम एस.एल.आर. ऑफिस भिण्ड तथा सी.एल.आर. ऑफिस ग्वालियर में भी की गई लेकिन राजस्व ग्राम का नक्शा ग्रामीणों को नहीं मिला। एक त्रुटिपूर्ण नक्शा बनाया भी गया, जिसमें लगभग 250 सर्वे न. में नम्बरिंग नहीं की गई। (ख) जिला भिण्ड की तहसील मिहोना के ग्राम खितौली पटवारी हल्का नं. 13 का प्रमाणित राजस्व ग्राम नक्शा ग्रामीणों को कब तक उपलब्ध होगा? समय-सीमा बतायें तथा इस ग्राम का नवीन नक्शा निर्माण में लापरवाही बरतने वाले दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही कब तक की जावेगी?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिला भिण्ड की तहसील मिहोना के ग्राम खितौली के राजस्व नक्शा का निर्माण नक्शा शीट जीर्ण-शीर्ण होने से पुरानी नक्शा शीट से तैयार किया गया था। पुरानी नक्शा शीट में लगभग 250 सर्वे नम्बरों में नम्बरिंग अस्पष्ट एवं धुधली होने से नवीन नक्शा शीट में लगभग 250 सर्वे नम्बरों मेंनम्बरिंग अंकित नहीं है का प्रतिवेदन तहसीलदार मिहोना दिनांक 11.02.2026 द्वारा प्रस्तुत किया गया है जिसके क्रम में नंबर अंकित किये जाने हेतु सर्वे दल का गठन किया गया है। (ख) जांच उपरांत छूटे हुये सर्वे नम्बरों में नम्बरिंग अंकित होने के बाद नक्शा अपलोड कर ग्रामीणों को प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध हो सकेगीं। इस ग्राम के नवीन नक्शा निर्माण में लापरवाही का प्रश्न उद्भूत नहीं होने से कोई भी दोषी नहीं है।
अनुकम्पा नियुक्ति के मापदण्ड
[स्कूल शिक्षा]
64. ( क्र. 2070 ) श्री अम्बरीष शर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग में अनुकम्पा नियुक्ति के क्या मापदण्ड हैं? नियम उपलब्ध करावें। (ख) विगत पाँच वर्षों में भिण्ड जिले में विभाग में कितने आवेदकों को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की गई? सूची उपलब्ध करावें। (ग) क्या अनुकम्पा नियुक्ति भृत्य के पद पर की जाती है? यदि हाँ तो अन्य पदों पर क्यों नहीं? (घ) विगत पाँच वर्षों में भिण्ड जिले में अनुकम्पा नियुक्ति से वंचित आवेदकों की सूची कारण सहित उपलब्ध करावें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) जी हाँ। अनुकम्पा नियुक्ति उपलब्ध पदों/आवश्यक अर्हता के अनुरूप यथा-प्राथमिक शिक्षक/प्रयोगशाला शिक्षक एवं सहायक ग्रेड-3 के पद पर नियमानुसार प्रदाय की जाती है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है।
बांध डूब क्षेत्र के विस्थापितों को पुनर्वास
[राजस्व]
65. ( क्र. 2075 ) श्री रामनिवास शाह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भू-अर्जन अधिकारी जिला सिंगरौली द्वारा रिहंद बांध डूब क्षेत्र के लिये म.प्र. के सिंगरौली जिला के ग्राम सासन, टूसा, हर्रहवा आदि ग्रामों के कितने कृषकों की भूमि अधिग्रहण की गई है? सूची प्रदान करें। (ख) कितने कृषकों को पुनर्वास प्लाट दिये गये तथा किस-किस गाँवों में दिये गये की सूची उपलब्ध करायें। (ग) कितने कृषकों को पुनर्वास प्लाट अभी तक नहीं दिये गये तथा कब तक दिये जावेंगे? सूची उपलब्ध करायें। नहीं दिये जाने का कारण स्पष्ट करें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) रिहंद बांध डूब क्षेत्र के लिए सिंगरौली जिले के ग्राम सासन, टूसा, हर्रहवा ग्रामों में भूमि अधिग्रहण से संबंधित अर्जन की कार्यवाही जिला कार्यालय द्वारा नहीं की गई है, न ही उक्त के संबंध में कोई अभिलेख/दस्तावेज इस कार्यालय में उपलब्ध है। (ख) उत्तरांश 'क' के अनुसार उक्त ग्रामों के पुनर्वास प्लाट की सूची उपलब्ध नहीं है। (ग) जानकारी उत्तरांश 'क' अनुसार।
नर्सिंग कैडर का संशोधित भर्ती नियम
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
66. ( क्र. 2087 ) श्री राजकुमार कर्राहे : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा राजपत्र में दिनांक 15.01.2026 में राजपत्रित सेवा भर्ती नियम 2022 में संशोधन किया जाकर डी.पी.एच.एन.ओ. की सीधी भर्ती एवं पदोन्नति में अस्पताल प्रबंधन एवं प्रशासन तथा लोक स्वास्थ्य प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिग्री अथवा डिप्लोमा अनिवार्य किया गया है? यदि हाँ तो क्यों? क्या यह पद नर्सिंग संवंर्ग का है? क्या यह भी सही है कि इस पद हेतु अनिवार्य योग्यता के साथ ही 10 वर्ष की सेवा आवश्यक है? क्या इस नियम से स्नातकोत्तर अर्हता धारी विभागीय कर्मचारी चयन से वंचित हो जायेंगे? यदि हाँ तो राजपत्रित सेवा भर्ती नियम 2022 संसोधन दिनांक 15.01.2026 में पूर्व के भांति नियम शर्तें यथावत कब तक रखी जायेगी? (ख) क्या प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्रमांक 3023 दिनांक 8 अगस्त 2025 में विभाग द्वारा स्वीकार किया गया था कि अधिष्ठाता जी.एम.सी. भोपाल द्वारा दिनांक 25.7.25 द्वारा चार सदस्यीय जांच दल का गठन कर गुण-दोष के आधार पर भर्ती नियम में आवश्यक सुधार किया जायेगा? यदि हाँ तो गठित समिति की जांच रिपोर्ट उपलब्ध करावें। बिना जांच रिर्पोट के 15.01.2026 को संशोधित भर्ती नियम कैसे जारी किये गये? कारण बतावें। दोषी अधिकारी-कर्मचारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? समय-सीमा बतावें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं, योग्यता नियमों में वर्ष 2017 से ही उल्लेखित होने से प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जी हाँ। जी हाँ। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ, जानकारी एकत्रित की जा रही है।
विष्णु बराह मंदिर का पुनर्निर्माण
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
67. ( क्र. 2152 ) श्री अजय विश्नोई : क्या राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दिनांक 5 मई, 2025 को माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा जबलपुर के मंझौली नगर में स्थित विष्णु बराह मंदिर का पुनः निर्माण कर उसे भव्य बनाने संबंधी घोषणा की गई थी? (ख) यदि हाँ तो विष्णु वराह मंदिर मंझौली के पुनः निर्माण की योजना पर आज दिनांक तक क्या कार्यवाही हुई है? (ग) विष्णु बराह मंदिर मंझौली कब तक भव्य स्वरूप में बनकर तैयार हो जायेगा? निश्चित समयाविधि बतायें।
राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जी नहीं। (ख) एवं (ग) उत्तरांश 'क' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
रिक्त शाला भवनों का आवंटन
[स्कूल शिक्षा]
68. ( क्र. 2153 ) श्री अजय विश्नोई : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कम छात्र संख्या के कारण विभाग ने कई प्राथमिक विद्यालय बंद कर दिये गए हैं? (ख) यदि हाँ तो क्या बंद शालाओं के भवनों की देख-रेख अब विभाग की प्राथमिकता में नहीं है? (ग) क्या विभाग बंद हो गई शालाओं के रिक्त भवन किसी अन्य शासकीय विभागों को सौंपने की नीति बना रही है? यदि हाँ तो नीति क्या है? (घ) क्या रिक्त शाला भवनों का आवंटन किसी अन्य विभाग को आवंटित करने के अधिकार जिला स्तर पर देना ज्यादा व्यवाहारिक होगा? यदि हाँ तो इस संबंध में विभाग क्या कार्यवाही करेगा?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) एवं (घ) जिला कलेक्टर से प्राप्त प्रस्ताव अनुसार कार्यवाही की जाती है, शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
मझौली नगर का नाम परिवर्तन
[राजस्व]
69. ( क्र. 2154 ) श्री अजय विश्नोई : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा जबलपुर जिले की मंझौली नगर परिषद् के प्रस्तावानुसार मंझौली नगर का नाम बदल कर विष्णु वराह नगरी करने की घोषणा मंझौली प्रवास के दौरान की गई थी? (ख) यदि हाँ तो मंझौली नगर परिषद् का नाम विष्णु वराह नगरी कब तक कर दिया जायेगा? निश्चित समयावधि बतायें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी नहीं। (ख) उत्तरांश 'क' के प्रकाश में प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
शासकीय शालाओं का उन्नयन
[स्कूल शिक्षा]
70. ( क्र. 2165 ) श्री अनिल जैन : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग द्वारा विधानसभा क्षेत्र निवाड़ी अंतर्गत प्राथमिक शालाओं का माध्यमिक शालाओं में, माध्यमिक शालाओं का हाई स्कूल में व हाई स्कूलों का हायर सेकेण्डरी में उन्नयन किये जाने हेतु कोई प्रस्ताव शासन स्तर पर प्रस्तावित किये गये हैं? यदि हाँ तो उक्त प्रस्तावों की जानकारी देवें एवं उक्त प्रस्ताव वर्तमान में किस स्तर पर लंबित हैं? जानकारी दें। (ख) क्या निवाड़ी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला बाबई, सिन्दूर सागर व जिजौरा का माध्यमिक शाला में उन्नयन किये जाने हेतु कोई प्रस्ताव विभाग को भेजा गया है एवं उक्त प्रस्तावों पर विभाग द्वारा प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई है? (ग) क्या निवाड़ी विधानसभा क्षेत्र में स्थित शासकीय माध्यमिक शाला भीतरी, जमुनियांखास, बासवान एवं उरदौरा का शासकीय हाई स्कूल में व शासकीय हाई स्कूल कुड़ार, जुगयाई, बीजौर व धमना का हायर सेकेण्डरी स्कूलों में उन्नयन किये जाने का प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित है? यदि हाँ तो जानकारी देवें। उक्त स्कूलों का उन्नयन कब तक किया जावेगा? (घ) क्या निवाड़ी विधानसभा क्षेत्र में छात्र-छात्राओं की संख्या एवं वृहद ग्राम पंचायत टेहरका एवं चंदावनी में हायर सेकेण्डरी स्कूलों का सांदीपनि विद्यालय में उन्नयन किये जाने हेतु शासन की कोई कार्ययोजना है? यदि हाँ तो उक्त स्कूलों का हायर सेकेण्डरी से सांदीपनि विद्यालय में उन्नयन कब तक किया जावेगा? जानकारी दें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। विधानसभा क्षेत्र निवाड़ी अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला सिंदूरसागर विकासखंड निवाड़ी, शासकीय हाई स्कूल मडिया एवं शासकीय माध्यमिक शाला जेर पृथ्वीपुर निवाड़ी उन्नयन हेतु निर्धारित मापदण्ड की पूर्ति नहीं करती है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्राथमिक शाला सिंदूरसागर के संबंध में जानकारी उत्तरांश 'क' अनुसार है। प्राथमिक विद्यालय वाबई एवं जिजौरा के उन्नयन के प्रस्ताव प्राप्त नहीं है। (ग) वर्तमान में राज्य बजट अन्तर्गत शाला उन्नयन की कार्यवाही स्थगित रखी गई है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) सांदीपनि विद्यालयों की स्वीकृति बजट की उपलब्धता एवं सक्षम अनुमोदन पर निर्भर है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
पैरा मेडिकल स्टॉफ का स्थानान्तरण
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
71. ( क्र. 2169 ) श्री संजय उइके : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वित्तीय वर्ष 2025 में मुख्य चिकित्सक एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला बालाघाट द्वारा मा. प्रभारी मंत्री जी के अनुमोदन उपरान्त बैहर विधानसभा क्षेत्र के पैरा मेडिकल स्टॉप का स्थानान्तरण किया गया है? (ख) यदि हाँ तो किन-किन जिला संवर्ग के कर्मचारियों/अधिकारियों का स्थानान्तरण कहां से कहां किया गया? उनकी जगह किनकी पद स्थापना की गई? पद, नाम, सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) क्या बैहर विधानसभा क्षेत्र में पहले से ही चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टॉफ की कमी है, उसके उपरांत भी आदिवासी क्षेत्र से बाहर स्थानान्तरण करने के क्या कारण है? जानकारी दें। (घ) विधानसभा क्षेत्र के शासकीय चिकित्सालयों में पैरा मेडिकल स्टॉफ की कमी को कब तक पूरा किया जावेगा? समय-सीमा बतावें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) माननीय जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रेषित अनुशंसा एवं कर्मचारियों के आवेदन अनुसार माननीय प्रभारी मंत्री एवं जिला कलेक्टर के अनुमोदन करने के उपरांत ही स्थानातरंण किये गये है। (घ) पदपूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है। शत्-प्रतिशत पूर्ति हेतु निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
ग्राम पंचायत द्वारा वितरित आवासीय पट्टे
[राजस्व]
72. ( क्र. 2242 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत गोगापुर द्वारा 2022 से प्रश्न दिनांक तक कितने आवासीय पट्टे कब-कब किस-किस को वितरित किए गए है? पट्टाधारकों के नाम सहित पट्टों की छायाप्रति उपलब्ध कराएं। क्या वितरित किए गए समस्त आवासीय पट्टे तहसीलदार द्वारा अनुमोदन उपरांत किए गए है? यदि नहीं तो क्यों? (ख) आवासीय पट्टों हेतु शासन द्वारा पात्रता के क्या नियम निर्देश हैं? किस प्रकार पात्र हितग्राहियों को चिन्हित किया जाता है? ग्राम पंचायत गोगापुर द्वारा कुछ अपात्र व्यक्तियों को पट्टे प्रदान कर पात्र हितग्राहियों को वंचित किया गया है? यदि हाँ, तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है? क्या जिम्मेदारों पर कार्यवाही की जाएगी? क्या अपात्र व्यक्तियों के स्थान पर पात्र हितग्राहियों को पट्टे प्रदान किए जाएंगे? (ग) ग्राम पंचायत गोगापुर द्वारा श्मशान घाट की बाउंड्रीवॉल निर्माण कार्य किस मद से किया जा रहा है? क्या बाउंड्रीवॉल निर्माण से पूर्व विभाग से अनुमति प्राप्त की गई है? यदि नहीं तो क्यों? उक्त संबंध में शिकायत प्राप्त होने के पश्चात कार्यालय अपर तहसीलदार महिदपुर रोड तहसील महिदपुर द्वारा पत्र क्रमांक रीडर/2024/340 द्वारा उक्त निर्माण कार्य रोक कर जवाब प्रेषित किया जाना था? यदि हाँ तो विवरण देवें। यदि नहीं तो क्यों? उक्त निर्माण संबंध में पटवारी पंचनामे की प्रति उपलब्ध कराएं।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) ग्राम पंचायत गोगापुर द्वारा 2022 से प्रश्न दिनांक तक कुल 80 आवासीय भूखंडों का आवंटन किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। पट्टों की छायाप्रति उपलब्ध नहीं है। ग्राम पंचायत गोगापुर द्वारा वितरित पट्टों का तहसीलदार द्वारा अनुमोदन नहीं कराया गया हैं। ग्राम पंचायत गोगापुर का पत्र क्र. 555 दिनांक 10.09.2021 द्वारा तहसीलदार तहसील महिदपुर को शासकीय भूमि भूखण्ड (पट्टे) वितरण किए जाने हेतु अनुमोदन के लिए लिखा गया था। तहसीलदार तहसील महिदपुर के द्वारा केवल 02 हितग्राहियों को आवासीय भू-अधिकार पट्टा वितरित किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ख) राजस्व विभाग के परिपत्र दिनांक 28.10.2021 से ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय पट्टों का वितरण किया जाता है। नियम-निर्देशों की मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत महिदपुर के पत्र क्र. 1088 महिदपुर दिनांक 07.02.2026 तत्कालीन सचिव श्री राधेश्याम सिसौदिया एवं वर्तमान सचिव श्री रमेश शर्मा को पत्र जारी कर स्पष्टीकरण चाहा गया। सचिव दवारा दिनांक 07-02-2026 को कार्यालय में स्पष्टीकरण का जवाब लिखित रूप में दिया गया, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत उज्जैन के पत्र क्रमांक/जि. पं./वि.स./2026/831 उज्जैन दिनांक 10/02/2026 द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व विभाग महिदपुर को दल गठन कर आगामी कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया है। (ग) ग्राम पंचायत गोगापुर द्वारा ग्राम गोगापुर में श्मशान घाट पर बाउंड्रीवॉल का निर्मण कार्य मद ग्रामकोष की राशी से किया जा रहा था। बाउंड्रीवॉल का निर्माण कार्य मध्यप्रदेश शासन की शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 646 पर श्मशान शेड रिकार्ड में दर्ज होने से अनुमति प्राप्त नहीं की गई है। उक्त निर्माण कार्य अन्य भूमि पर किये जाने की शिकायत तहसीलदार महिदपुर को की गई थी। तहसीलदार महिदपुर द्वारा पत्र क्र. रीडर 2024/340 महिदपुर दिनांक 21.09.2025 से निर्माण कार्य को रोकने हेतु ग्राम पंचायत को पत्र जारी किया जाकर जवाब चाहा गया था। ग्राम पंचायत द्वारा जवाब प्रस्तुत नहीं किया जाकर पत्र क्र./पंचा./2025/381 दिनांक 04.10.2025 द्वारा मद परिवर्तन हेतु तहसीलदार तहसील महिदपुर को पत्र प्रेषित किया गया था। वर्तमान समय में कार्य बन्द हैं। पटवारी पंचनामा पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''द'' अनुसार है।
अतिथि शिक्षकों हेतु सामाजिक सुरक्षा योजना
[स्कूल शिक्षा]
73. ( क्र. 2279 ) श्री नितेन्द्र बृजेन्द्र सिंह राठौर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि स्कूल शिक्षा विभाग में अतिथि शिक्षक के लिए क्या कोई सामाजिक सुरक्षा योजना है? यदि हाँ, तो अवगत करायें। यदि नहीं, तो क्यों?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं। अतिथि शिक्षक अस्थाई व्यवस्था है। शासकीय विद्यालयों में नियमित शिक्षक के रिक्त पदों के विरूद्ध एवं नियमित शिक्षकों के अवकाश पर जाने पर पठन-पाठन हेतु अतिथि शिक्षक रखे जाने का प्रावधान है।
रोगी कल्याण समिति की आमसभा
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
74. ( क्र. 2288 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या रोगी कल्याण समिति टीकमगढ़ द्वारा आमसभा समय से नहीं कराई जाती और न ही समस्त सदस्यों को बैठकों से अवगत कराया जाता है? (ख) क्या जिला उपभोक्ता फोरम टीकमगढ़ ने जिले में पदस्थ डॉक्टरों पर व्यक्तिगत जुर्माना अधिरोपित किया था किंतु बिना मीटिंग किये, बिना पदाधिकारियों की सहमति के जुर्माना रोगी कल्याण समिति से जमा कर दिया, क्यों? कारण स्पष्ट करें। (ग) क्या रोगी कल्याण समिति में अनावश्यक व्यय किया जा रहा है? उदाहरण के लिये ए.सी. सुधरवाने का बिल रोगी कल्याण समिति में डाला गया, एल.-1 का टेंडर निरस्त कर एल-2 को क्यों नहीं दिया गया? कारण बतावें। (घ) प्रश्नांश (ख) और (ग) में वर्णित कृत्यों के लिये कौन-कौन जिम्मेदार है? उनके विरूद्ध क्या जांच की जावेगी? यदि नहीं तो क्यों?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं, रोगी कल्याण समिति की साधारण सभा एवं कार्यकारिणी सभा की बैठकों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ख) जी हाँ। जी नहीं, प्रकरण में अपील हेतु राशि रोगी कल्याण समिति जिला चिकित्सालय टीकमगढ़ के द्वारा जिला कलेक्टर महोदय के अनुमोदन उपरांत जमा की गई है। विस्तृत विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं, रोगी कल्याण समिति नियमावली 2018 के निर्देश की कंडिका क्र. 12.20, कंडिका क्र. 12.25 तथा कंडिका क्र. 12.32 के नियमानुसार कार्यवाही की गई है (विस्तृत विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार)। वर्तमान में किसी भी प्रकार का टेण्डर नहीं किया गया है। (घ) जानकारी उत्तरांश (ख) एवं (ग) में समाहित है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
कर्मचारियों के वेतन से अनावश्यक एच.आर.आर. कटौत्रा
[स्कूल शिक्षा]
75. ( क्र. 2323 ) श्री मनोज निर्भय सिंह पटेल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्कूल शिक्षा विभाग के अन्तर्गत इन्दौर विकासखण्ड जिला इन्दौर के अन्तर्गत आने वाले कर्मचारी/अधिकारी के वेतन से एच.आर.आर. (हाउस रेंट रिकवारी) मद में कितने लोगों के वेतन से अनावश्यक कटौत्रा किस-किस का कितना-कितना किया गया? नामवार सूची उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्नांश में एच.आर.आर. मद से ऐसे कर्मचारी/अधिकारियों का कटौत्रा किया गया जिनके पास शासकीय आवास नहीं है और न ही कभी रहा है, फिर भी उनके वेतन से यह कटौत्रा क्यों किया गया? कारण बतायें एवं इसके लिए कौन कर्मचारी/अधिकारी उत्तरदायी हैं? उसका नाम और पद बतायें एवं उसके विरूद्ध क्या कार्यवाही की जायेगी और कब तक समय-सीमा बतायें एवं कृत कार्यवाही की जानकारी दें। (ग) अनावश्यक रूप से एच.आर.आर. शीर्ष से काटी गई राशि संबंधित कर्मचारियों को कब तक वापस की जावेगी? उस संबंध में क्या कार्यवाही की जा रही है? समय-सीमा बतायें। लगभग एक वर्ष बीत जाने के बाद भी कर्मचारियों का अनावश्यक रूप से किया गया कटौत्रा राशि वापिस नहीं की जा सकी? इसके लिए कौन उत्तरदायी है? (घ) वित्तीय वर्ष 2024-25 में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी जिला इन्दौर, इन्दौर विकासखण्ड के आहरण संवितरण अधिकारी कौन था? क्या उनके विरूद्ध कोई कार्यवाही की जावेंगी तो कब तक और नहीं तो क्यों?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट "एक" अनुसार। (ख) जी हाँ। संकुल अन्तर्गत कार्य करने वाले कर्मचारियों से वेतन सुधार कटौत्रा राशि कोषालय सर्वर पर एच.आर.ए. भत्ता में प्रविष्टि के स्थान पर एच.आर.आर. मद में प्रविष्टि हो गई है। जिसके कारण राशि लोक निर्माण विभाग के प्राप्ति शीर्ष में जमा की गई है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''दो'' अनुसार। तकनीकी त्रुटि होने के कारण कोई दोषी नहीं है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। लोक निर्माण विभाग से रिफण्ड किये जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) प्रश्नांकित अवधि में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, इन्दौर के आहरण संवितरण अधिकारी डॉ. शांता स्वामी भार्गव थी। उत्तरांश (ख) एवं (ग) के प्रकाश में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
शासकीय आवास गृह की जानकारी
[स्कूल शिक्षा]
76. ( क्र. 2324 ) श्री मनोज निर्भय सिंह पटेल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बीजलपुर इन्दौर के परिसर में कितने शासकीय आवास गृह उपलब्ध हैं? संख्या बतायें एवं इनमें निवासरत शासकीय अधिकारियों/कर्मचारियों के नाम, पद व संस्था की जानकारी उपलब्ध करावें। निवासरत कर्मचारियों में से कितने कर्मचारियों का वेतन जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बीजलपुर इन्दौर से आहरित होता है? सूची उपलब्ध करावें एवं उनसे आवास गृह के किराये वसूली की प्रमाणित जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बीजलपुर इन्दौर के परिसर में स्थित आवास गृह में निवासरत अधिकारियों/कर्मचारियों जिनका वेतन संस्था से आहरित नहीं होता है, उनके आवास गृह के किराये की वसूली की क्या व्यवस्था है? प्रमाण सहित बतायें एवं उनके द्वारा जमा किये गये किराये की राशि की रसीद उपलब्ध करायें। (ग) क्या जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बीजलपुर इन्दौर के परिसर में ऐसे कितने अधिकारी/कर्मचारी निवास करते हैं जो आवास गृह का किराया जमा नहीं कराते, उनकी सूची उपलब्ध करायें एवं उन अधिकारियों/कर्मचारियों से कब से किराया वसूलना शेष हैं व उनसे अब तक कितना किराया वसूल किया जाना बाकी है? जानकारी उपलब्ध करायें। (घ) उपरोक्त प्रश्नांश में ऐसे अधिकारी/कर्मचारी जिनके वेतन से किराया नहीं काटा जा रहा है, न ही जमा किया जा रहा है। उनसे वसूली के क्या प्रावधान है और वसूली न किये जाने के लिए कौन उत्तरदायी हैं? उसके विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? स्पष्ट बतायें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) आवास गृह की संख्या 19 है अधिकारियों/ कर्मचारियों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-क अनुसार है। 05 कर्मचारियों का वेतन डाइट बीजलपुर इन्दौर से आहरित हो रहा है। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-क अनुसार। शेषांश संलग्न। (ख) जिन अधिकारियों/कर्मचारियों का वेतन डाइट बीजलपुर इन्दौर से आहरित नहीं होता है उनका किराया संबंधित कार्यालय द्वारा उनके वेतन से काटकर जमा कराया जाता है अथवा कर्मचारी लोक निमार्ण विभाग में चालान के माध्यम से किराया जमा करते है। चालान की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ख अनुसार। (ग) सभी लोक सेवकों के द्वारा किराया जमा कराया जा रहा है। श्री अरविंद सिंह बघेल तत्कालीन संयुक्त संचालक लोक शिक्षण संभाग इन्दौर (वर्तमान संयुक्त संचालक लोक शिक्षण संभाग ग्वालियर द्वारा माह जून 2025 तक किराया जमा किया गया है। इसके पश्चात जुलाई 2025 से आज दिनांक तक किराया लिया जाना शेष है। संबंधित के वेतन से किराये की वसूली की जायेगी। संबंधित को पत्र द्वारा किराया जमा करने हेतु सूचित कर दिया गया है। पत्र संलग्न है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ग अनुसार। (घ) प्रश्नांश 'ग' अनुसार वसूली न किये जाने पर संबंधित आहरण संवितरण अधिकारी उत्तरदायी होगा।
शासकीय आवास गृह का किराया वसूली
[स्कूल शिक्षा]
77. ( क्र. 2325 ) श्री मनोज निर्भय सिंह पटेल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, बीजलपुर इन्दौर के परिसर में जो आवास गृह हैं उनमे कौन-कौन कब से निवासरत है? उसकी सूची उपलब्ध करावें एवं इनमें से कितने कर्मचारियों से आवास गृह का किराया प्राप्त हो रहा है? उसकी सूची उपलब्ध करावें। ऐसे कितने कर्मचारी निवासरत हैं जिनका गृह किराया विभाग को प्राप्त नहीं हो रहा है? सूची उपलब्ध करावें। (ख) जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, बीजलपुर इन्दौर के परिसर में स्थित आवास गृह के किराये वसूली के क्या प्रावधान हैं? यदि निवासरत कर्मचारियों का किराया विभाग को प्राप्त नहीं हो रहा है, ऐसे कितने कर्मचारी हैं? उनके नाम, पद व संस्था का नाम बतावें एवं उनसे किराया प्राप्त न होने के क्या कारण हैं? उसके लिए कौन उत्तरदायी है? उसका नाम और पद बतावें। (ग) क्या जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बीजलपुर इन्दौर के परिसर में ऐसे कितने अधिकारी/कर्मचारी निवास करते हैं जिनका एच.आर.आर. कटौत्रा नहीं हो रहा या जो किराया जमा नहीं करा रहे हैं, उनसे कितना किराया कब से आज तक का बाकी है? सप्रमाण बतावें। बकाया किरायेदारों से कब तक आवास गृह के किराये की वसूली की जायेगी? समय-सीमा बतावें। (घ) उपरोक्त प्रश्नांश में ऐसे अधिकारी/कर्मचारी जिनके वेतन से किराया नहीं काटा जा रहा, न ही जमा किया जा रहा है, उनसे वसूली के क्या प्रावधान हैं और वसूली न किये जाने के लिए कौन उत्तरदायी है? उसके विरूद्ध क्या कार्यवाही की जायेगी? स्पष्ट बतायें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
झोलाछाप चिकित्सकों तथा फर्जी क्लिनिकों पर कार्यवाही
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
78. ( क्र. 2335 ) श्री शिवनारायण सिंह : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. शासन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर झोलाछाप चिकित्सकों तथा फर्जी क्लिनिकों पर कार्यवाही के लिए आदेश-निर्देश जारी करता है? यदि हाँ तो 2020 से उत्तर दिनांक तक जारी आदेशों की प्रति उपलब्ध कराते हुये बताएं कि क्या शासन के आदेश की परिधि में अनूपपुर जिला एवं विशेषकर जैतहरी नगर व क्षेत्र सम्मिलित है? यदि हाँ, तो विगत 02 वर्षों में स्वास्थ्य मंत्री, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, संचालक स्वास्थ्य, आयुक्त राजस्व शहडोल, कलेक्टर अनूपपुर व मुख्य चिकित्सा अधिकारी को प्राप्त शिकायत पत्रों की प्रति उपलब्ध कराते हुए नामजद प्रमाणित शिकायत पर उत्तर दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई है? जानकारी दें। (ख) कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने अपने पत्र क्रमांक/शिकायत/2024/2978 दिनांक 24.09.2024 के खण्ड ''बी'' में श्री राम अभिलाष द्विवेदी जैतहरी वार्ड क्र. 09 को नोटिस देकर क्लिनिक बंद करने की जानकारी दी गई है? यदि हाँ तो क्या क्लिनिक संचालक झोलाछाप डॉक्टर ने नोटिस का पालन किया है? यदि हाँ तो किस सक्षम अधिकारी ने किस दिनांक को निरीक्षण व औचक निरीक्षण कर फर्जी क्लिनिक बंद करने की पुष्टि करने वाले सक्षम अधिकारी का नाम, पद सहित जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (ख) के आरोपी के योग्यता, शासन चिकित्सा विभाग से मान्यता प्राप्त डिग्री एवं पंजीयन की पूर्ण दस्तावेज सहित जानकारी देवें। (घ) क्या शासन के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए झोलाछाप कथित जालसाज जैतहरी नगर में खुलेआम क्लिनिक संचालित करने की लिखित शिकायत व सी.एम. हेल्पलाइन 181 लगाने के बावजूद भी फर्जी क्लिनिक संचालित है? प्रश्न दिनांक तक कार्यवाही से अवगत कराएं।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। वर्ष 2020 से उत्तर दिनांक तक झोलाछाप चिकित्सकों तथा फर्जी क्लिनिकों पर कार्यवाही के लिए जारी आदेशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। जी हाँ। विगत 02 वर्षों में विभाग एवं आयुक्त, राजस्व शहडोल, कलेक्टर अनूपपुर तथा मख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को प्राप्त शिकायत पत्रों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। प्राप्त शिकायत के संबंध में की गई कार्यवाही पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जी हाँ, श्री राम अभिलाष द्विवेदी द्वारा नोटिस का पालन करते हुए तत्समय क्लिनिक बंद कर दिया गया था। फर्जी क्लिनिक के निरीक्षणकर्ता अधिकारियों के नाम एवं पदवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''द'' अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुक्रम में उक्त फर्जी चिकित्सक के पास किसी प्रकार की डिग्री अथवा विभागीय पंजीयन नहीं है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) श्री राम अभिलाष द्विवेदी द्वारा दिनांक 16/02/2026 को पुन: क्लिनिक संचालित किया जाना पाया गया है जिसके विरूद्ध की गई कार्यवाही पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ई'' अनुसार है।
कदाचरण व स्वेच्छाचारिता पर कार्यवाही
[परिवहन]
79. ( क्र. 2336 ) श्री शिवनारायण सिंह [श्री बिसाहूलाल सिंह] : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल संभाग मुख्यालय में पदस्थ ए.आर.टी.ओ. का नाम, पदस्थापना तिथि तथा 31 जनवरी 2026 तक इनके विरूद्ध स्वेच्छाचारिता, मनमानी, अनैतिक कृत्य पर मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव परिवहन, आयुक्त परिवहन सहित आयुक्त शहडोल को शिकायती पत्र प्राप्त हुआ है? यदि हाँ, तो प्रत्येक पत्र की प्रति उपलब्ध कराते हुए उत्तर दिनांक तक जांच व कार्यवाही से अवगत कराएं। (ख) प्रश्नांश (क) अंतर्गत परिवहन अधिकारी की विभाग में पदस्थापना तिथि से उत्तर दिनांक तक कितनी शिकायतें एवं अनियमितता की गई है? प्रत्येक की दस्तावेज एवं सेवा-पुस्तिका की छायाप्रति उपलब्ध कराएं तथा निलंबन व विभागीय जांच की पूर्ण जानकारी देवें। (ग) क्या प्रश्नांश (क) एवं (ख) की सम्बन्धित अधिकारी ने विनोद कुमार गुप्ता के स्थायी बस परमिट आवेदन में संदीप सिंह के प्रस्तावित टाइम टेबल में कई वर्षों से अस्थायी परमिट में संचालित वाहन स्वामी ने लिखित आपत्ति की थी, जिसे सक्षम स्तर द्वारा आपत्ति हटाकर स्थायी परमिट नस्ती में आयुक्त शहडोल संभाग की नस्ती प्रस्तुत की थी? यदि हाँ तो ऐसे भ्रष्ट व साजिशकर्ता अधिकारी पर विभाग व आयुक्त कब तक सक्षम व कठोर कार्यवाही करेंगे? यदि नहीं तो क्यों? (घ) क्या अतिविवादित व कदाचरण के आरोपी को शासन व जनहित में त्वरित फील्ड से हटाकर लंबित जांच व कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे? यदि हाँ तो कब तक?
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) शहडोल संभाग मुख्यालय में श्रीमती अनपा खान, ए.आर.टी.ओ. दिनांक 17.06.2025 से प्रभारी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं। श्रीमती अनपा खान के विरूद्ध भ्रष्टाचार, कूटरचना, स्वेच्छाचारिता व अराजकता, नियम विरूद्ध कार्य एवं मनमानी रवैया विषयक शिकायतें प्राप्त हुई हैं। शिकायतों की जांच प्रचलन में है। शिकायतों की छायाप्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) श्रीमती अनपा खान के विरूद्ध विभाग में पदस्थापना तिथि से उत्तर दिनांक तक 04 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। प्राप्त शिकायतों की छायाप्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार एवं सेवा पुस्तिका की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। श्रीमती अनपा खान, तत्कालीन सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, कार्यालय क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी भोपाल को दिनांक 21.12.2022 से 02.01.2023 तक बिना अवकाश स्वीकृति एवं विदेश यात्रा की अनुमति प्राप्त किये बिना विदेश यात्रा पर रवाना होने के कारण शासन आदेश दिनांक 14.09.2023 के द्वारा निलंबित किया गया। निलंबन आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। तत्पश्चात् शासन आदेश क्रमांक 3102/1491987/2025/आठ दिनांक 12.08.2025 के द्वारा आरोप प्रमाणित पाये जाने के फलस्वरूप दो वेतन वृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोके जाने के दण्ड से दण्डित करते हुये प्रकरण समाप्त किया गया है। प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार है। (ग) मध्यप्रदेश मोटरयान नियम, 1994 के नियम 64 (1) के अनुसार क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी प्रादेशिक परिवहन प्राधिकारी के सचिव के रूप में कार्य करता है। परमिट जारी किया जाना एक अर्द्धन्यायिक प्रक्रिया है, जिसमें अंतिम निर्णय संबंधित प्रादेशिक परिवहन प्राधिकारी द्वारा लिया जाता है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, शहडोल द्वारा परमिट जारी/नवीनीकरण हेतु आवेदन प्राप्त होने पर सचिव, प्रादेशिक परिवहन प्राधिकार के दायित्वों के तहत सम्पूर्ण नस्ती अग्रिम कार्यवाही हेतु प्रादेशिक परिवहन प्राधिकारी (संभागीय आयुक्त, शहडोल) के समक्ष प्रस्तुत की गई, जिसमें नियमानुसार अंतिम निर्णय प्रादेशिक परिवहन प्राधिकारी द्वारा लिया गया तथा मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 89 में विहित प्रावधानों के अनुसार उक्त आदेश से व्यथित व्यक्ति के द्वारा आदेश के विरूद्ध राज्य परिवहन अपील अधिकरण के समक्ष अपील किए जाने के प्रावधान हैं। उपरोक्त के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) संबंधित के विरूद्ध प्राप्त शिकायतों पर नियमानुसार जाँच कार्यवाही प्रचलन में है, दोषी पाए जाने पर विभाग द्वारा संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
बाण सागर परियोजनांतर्गत पानी लीकेज की समस्या
[जल संसाधन]
80. ( क्र. 2345 ) डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बाण सागर परियोजना के भीतरी सैडल में गत 5 वर्षों से लीकेज बंद नहीं हो रहा है? लगातार पानी लीक होने से सरियांचल सहित जुड़े हुये क्षेत्रों में किसान परेशान हैं? अगर नहीं तो गत 5 वर्षों में भीतरी सैडल की लीकेज समस्या (पानी रोकने) पर विभाग ने क्या-क्या किया? कितनी-कितनी राशि किस मद में व्यय की? (ख) भीतरी सैडल सहित उससे लगी नहरों की क्या स्थिति है? बांसी माईनर व कैथहा माईनर या सेंटर कैनाल, सभी की भौतिक स्थिति प्रश्न तिथि तक क्या है? इनके रख-रखाव पर 01.04.2021 से प्रश्न तिथि तक किस-किस मद में कितनी राशि आकर क्या-क्या नये व मरम्मत के कार्य किसके द्वारा कब किये गये की प्रकरणवार/कार्यवार/ माहवार/वर्षवार/राशिवार/भुगतानवार जानकारी दें। (ग) मर्यादपुर में लिफ्ट इरिगेशन सिंचाई परियोजना कब स्वीकृत हुई? किसको कितनी राशि का कार्य करने का वर्क ऑर्डर जारी हुआ? एक प्रति वर्क ऑर्डर की दें। प्रश्न तिथि तक क्या बेलहाई/भमरहा/देवदहा/देवदही/ जस्टहा/उचेहरा/ झिन्ना/सोनवर्षा/मर्यादपुर/मनकीसर सहित किन-किन ग्रामों तक पानी आया? जिन ग्रामों में पानी आया वहां के प्रमुख लोगों के बयानों का पंचनामा प्रस्तुत करें। (घ) इस परियोजना (ग) को पूर्ण होने में अब कुल कितना समय लगेगा? समय-सीमा दें। पानी कब तक पहुंचेगा? बिन्दुवार विवरण दें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
न्यू रामनगर से अतिक्रमण हटाया जाना
[राजस्व]
81. ( क्र. 2346 ) डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नगर पालिका परिषद् न्यू रामनगर, जिला मैहर में अतिक्रमणों को हटाये जाने के लिये मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व रामनगर जिला मैहर को पत्र क्र. 1015/16.05.2025, पत्र क्र. 1080/23.05.2025, पत्र क्र. 1116/20.05.2025, पत्र क्र. 2806/13.12.2025, पत्र क्र. 2868/31.12.2025 लिखकर आग्रह किया था? सभी पत्रों की एक-एक प्रति उपलब्ध करायें। (ख) प्रमुख राजस्व आयुक्त/प्रमुख सचिव, म.प्र. शासन राजस्व विभाग बतायें कि क्यों न्यू रामनगर नगर, नगर पालिका में व्याप्त अतिक्रमण को हटाने हेतु अनुविभागीय अधिकारी रामनगर/कलेक्टर मैहर किस मौखिक आदेशों/किस लिखित आदेशों से कार्य नहीं करा रहे हैं? कितने पत्र अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय रामनगर एवं कलेक्टर कार्यालय मैहर में मुख्य नगर पालिका अधिकारी के अतिक्रमणों को हटाये जाने के संबंध में प्राप्त हुये? सभी की एक प्रति उपलब्ध कराते हुये बतायें कि किस आदेश क्रमांकों/दिनांकों से उक्त कलेक्टर/एस.डी.एम. कार्यालयों ने क्या टीप लिखी, पत्र लिखे/आदेश जारी किये? सभी की एक-एक प्रति उपलब्ध करायें। (ग) न्यू रामनगर में अवैध अतिक्रमणकर्ता शिवम गुप्ता ने जो रिट पिटीशन 37442-2024 जो मान. उच्च न्यायालय में लगायी थी, वह भी 28 नवंबर 2024 को मा. न्यायालय ने खारिज कर दी है? प्रश्न तिथि तक किसी भी न्यायालय के द्वारा अतिक्रमणकर्ताओं को "स्टे" नहीं दिया है? केवल राजस्व विभाग जानबूझकर अतिक्रमण नहीं हटवा रहा है? अगर नहीं तो कब अतिक्रमण हटेगा? समय-सीमा दें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर परिषद् न्यू रामनगर के द्वारा अतिक्रमणों को हटाये जाने के संबंध में जारी पत्रों की प्रतिलिपि पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) नगर परिषद् रामनगर में समय-समय पर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जाती रही है। नगर परिषद् रामनगर अंतर्गत रोड के दोनों तरफ अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही दिनांक 29.05.2025 नियत की गयी थी किन्तु अतिक्रामकों द्वारा दुकानों की नीलामी पूर्ण होने तक समय चाहे जाने पर मुख्य नगरपालिका अधिकारी रामनगर के पत्र पृष्ठा.क्र. 1206/न.प./राजस्व अतिक्रमण/2025 दिनांक 29.05.2025 के द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही आगामी आदेश तक स्थगित की गयी है। मुख्य नगरपालिका अधिकारी रामनगर के पत्र क्र. 2806/राजस्व/न.प./2025 न्यू रामनगर दिनांक 23.12.2025 एवं पत्र क्र.2868/न.प./राजस्व/2025 न्यू रामनगर दिनांक 31.12.2025 के द्वारा अवैध गुमटियों को हटाए जाने हेतु बैठक की तिथि निर्धारित किए जाने बाबत् पत्र प्रेषित किया गया, किन्तु भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) कार्य प्रचलित होने के कारण राजस्व अमले के व्यस्तता के कारण नगर परिषद् रामनगर में व्याप्त अतिक्रमण को हटाने हेतु राजस्व अमला/पुलिस बल उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। मुख्य नगरपालिका के कण्डिका "क" के पत्रों के अनुक्रम में नगर परिषद् न्यू रामनगर में सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ कराया गया है। वर्तमान में कार्य प्रचलित है। मुख्य नगरपालिका अधिकारी रामनगर के द्वारा प्रेषित पत्रों पर कलेक्टर/एस.डी.एम. कार्यालयों के द्वारा सर्वसंबंधित को मार्क किया गया है। कोई टीप/आदेश अभिलिखित नहीं किया गया। (ग) नगर परिषद् न्यू रामनगर में अतिक्रमण हटाने - की कार्यवाही नगर परिषद् द्वारा किया जाना है। नगर परिषद् रामनगर में समय-समय पर अतिक्रमण हटाने की उक्तानुसार कार्यवाही की जाती रही है। वर्तमान में राजस्व अमला भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) में व्यस्त है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य पूर्ण होने के पश्चात नगर परिषद् को राजस्व अमला/पुलिस बल उपलब्ध कराया जावेगा।
अनियमितता करने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही
[परिवहन]
82. ( क्र. 2356 ) श्री साहब सिंह गुर्जर : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अतारांकित प्रश्न 1114 दिनांक 04.12.2025 के उत्तरांश (ख) अनुसार जिन वाहनों का कर बकाया होता है उनके परमिट, फिटनेस जारी नहीं किये जाते हैं तो ग्वालियर जिले में ऐसे कितने वाहनों के परमिट, फिटनेस जारी किये गये, जिनका कर बकाया था? माल वाहन एवं यात्री वाहन के संबंध में विगत तीन वर्षों की संख्यात्मक जानकारी पृथक-पृथक देवें। (ख) नियमों का उल्लंघन किया जाकर ''कर'' न चुकाने वाले वाहनों का परमिट/फिटनेस जारी करने वाले अधिकारियों के नाम, पदनाम, वाहन क्रमांक, वाहन स्वामी का नाम, पता सहित देवें। (ग) कर न चुकाने वाले वाहनों का परमिट कब तक निरस्त किया जावेगा? यात्री वाहन एवं माल वाहन के संदर्भ में पृथक-पृथक बतावें। (घ) प्रश्नांश (क) व (ख) अनुसार अनियमितता करने वाले अधिकारियों पर विभाग कब तक कार्यवाही करेगा? यदि नहीं तो इन्हें संरक्षण देने का कारण बतावें।
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। ग्वालियर जिले में ऐसे वाहनों जिनका कर बकाया था, के कोई परमिट, फिटनेस जारी नहीं किये गये हैं, जिसके परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) मध्यप्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम, 1991 में वाहनों के बकाया मोटरयान कर पर विलंब से भुगतान करने पर शास्ति का प्रावधान विहित किया गया है, जो कि गणना अनुसार देय कर की अधिकतम चार गुना तक हो सकती है। शास्ति के रूप में शासन को अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति होती है, जिसके परिप्रेक्ष्य में कर न चुकाने वाले वाहनों का परमिट निरस्त किया जाना अपेक्षित नहीं है। (घ) उत्तरांश (क) व (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
वर्धा सिंचाई परियोजना से ब्लूबेरी उद्योग को वार्षिक जल का आवंटन
[जल संसाधन]
83. ( क्र. 2395 ) श्री चन्द्रशेखर देशमुख : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैतूल जिले की वर्धा सिंचाई परियोजना की जीवित जल भराव क्षमता कितनी है, इसमें किस-किस मद में कितना-कितना पानी आरक्षित रखा है, क्या किसी सिंचाई परियोजना के Salient Feature का निर्धारण होने के बाद उस परियोजना की जल भराव क्षमता का आंकलन कम या ज्यादा नहीं किया जा सकता है? (ख) क्या वर्धा बांध के Salient Feature के निर्धारण के बाद बांध के कुल पानी में से अलग-अलग मदों में पानी आरक्षित हो जाने के बाद, किसी अन्य परियोजना के लिए पानी का आवंटन किया जाना संभव नहीं है? (ग) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में जानकारी दें कि क्या ब्लूबेरी उद्योग को जिला जल उपयोगिता समिति की बिना अनुशंसा के गलत आंकड़ों के आधार पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा अपने निजी हित साधने के उद्देश्य से 0.20 एम.सी.एम. वार्षिक जल का आवंटन नियम विरूद्ध रूप से किया गया है? (घ) प्रश्नांश (ग) में यदि हाँ तो ब्लूबेरी उद्योग को पानी का आवंटन कब तक निरस्त किया जाएगा? क्या पानी के गलत आवंटन हेतु दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई की जावेगी? यदि हाँ तो कब तक? समय-सीमा बताएं।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) परियोजना की कुल जल भराव क्षमता 23.46 मि.घ.मी. है। कुल जल भराव में से सिंचाई हेतु 18.75 Mcum, डूब क्षेत्र से लिफ्ट द्वारा सिंचाई 1.55 Mcum, डेड स्टोरेज-0.16 Mcum, पर्यावरण संरक्षण हेतु छोड़े जाने वाला जल 0.15 Mcum एवं पेयजल हेतु आरक्षित होना प्रतिवेदित है। Salient Feature का निर्धारण नहीं अपितु बाँध के प्रिसिंपल लेवल निर्धारण के बाद तकनीकी मापदण्डों के आधार पर जल भराव क्षमता तय की जाती है। शेष प्रश्नांश लागू नहीं। (ख) किसी भी परियोजना में जल उपयोग का निर्धारण उसमें जल उपलब्धता के आधार पर किया जाता है। (ग) जी नहीं। जल आवंटन हेतु जिला जल उपयोगिता समिति की अनुशंसा की बाध्यता अनिवार्य नहीं है। ब्लूबेरी उद्योग को मध्यप्रदेश सिंचाई नियम 1974 के नियम 71-क (एक) के अनुसार बांध में जल की उपलब्धता के अनुसार आवंटन किया गया है। शेष प्रश्नांश लागू नहीं। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्नांश लागू नहीं होता।
भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति का प्रदाय
[स्कूल शिक्षा]
84. ( क्र. 2416 ) श्री सुरेन्द्र सिंह हनी बघेल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या उच्च माध्यमिक शिक्षक (वर्ग-1) भर्ती 2023 में 8720 पदों के लिए प्रक्रिया हुई, परंतु अंतिम चयन मात्र 2901 अभ्यर्थियों का किया गया, जबकि लगभग 5720 पद आज भी रिक्त हैं? यदि हाँ, तो रिक्त पदों को भरने में क्या कठिनाई है? (ख) क्या कई विषयों में पदों की संख्या अधिक और पात्र अभ्यर्थियों की संख्या कम होने के बावजूद योग्य अभ्यर्थियों को केवल प्रतीक्षा सूची में डाल दिया गया और नियुक्ति नहीं दी गई? यदि नहीं, तो जानकारी दें कि शिक्षा विभाग में खाली पदों से कौन-सी शिक्षा क्रांति चलाई जा रही है? (ग) चयनित योग्य शिक्षकों को नियुक्ति पत्र कब तक दिए जाएंगे या फिर शिक्षकों को प्रतीक्षा सूची में ही रखा जाएगा?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। विज्ञापित पदों 7591 (14% OBC के साथ 7082) के विरूद्ध प्राप्त चयन सूची 3650 से पात्र पाए गए 3192 के नियुक्ति आदेश जारी किये गये है। शेष पदों पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं है। (ख) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) चयन सूची के पात्र अभ्यर्थियो को नियुक्ति आदेश प्रदान किए जा चुके है। उत्तरांश "क" के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा पद्धति को शासन की मान्यता
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
85. ( क्र. 2430 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा पद्धति को विभाग की मान्यता है? यदि हाँ तो यह कोर्स किन-किन मेडिकल कॉलेजों में व अन्य स्थान पर संचालित है? जानकारी दें। (ख) यदि हाँ तो क्या विभाग में इन इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सकों को प्रायवेट प्रैक्टिस करने तथा दवाखाना संचालित करने के संबंध में इनकी डिग्री/सर्टिफिकेट का पंजीयन किया जाता है? यदि हाँ तो इन चिकित्सकों के पंजीयन की सूची सहित आदेश की प्रति संलग्न करें। (ग) यदि नहीं तो प्रदेश में इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सकों द्वारा किसकी अनुमति से प्रैक्टिस की जा रही है? इनके इलाज से अनेक लोगों की मृत्यु तक हो चुकी है। क्या यह जानकारी विभाग के संज्ञान में है? विगत वर्षों में खण्डवा में सी.एम.ओ. खण्डवा द्वारा मरीज की इलेक्ट्रोपैथी इलाज से मृत्यु होने पर छापामार कार्यवाही की गई थी? यदि हाँ तो इस प्रकरण में क्या कार्यवाही की गई? बतायें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा ऐसी कोई मान्यता नहीं दी गई है। (ख) उत्तरांश 'क' के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) विभाग द्वारा कोई अनुमति नहीं दी गई है। खण्डवा जिले में इलेक्ट्रोपैथी इलाज से मरीज की मृत्यु विभाग के संज्ञान में नहीं होने पर छापामार कार्यवाही नहीं की गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नकली दवाओं की बिक्री
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
86. ( क्र. 2436 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या इंदौर जिले में लम्बे समय से पदस्थ ड्रग इंस्पेक्टरों की मिलीभगत से दवाओं के होलसेल विक्रेता द्वारा फर्जी बिलों से नकली दवाइयां छत्तीसगढ़ राज्य में बेची जा रही हैं? (ख) क्या उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में इंदौर के माँ बिजासन मेडिकल स्टोर द्वारा फर्जी बिल के सहारे नकली दवाइयां छत्तीसगढ़ राज्य के लिए परिवहन किये जाने का मामला माह जनवरी 2026 में विभाग के संज्ञान में आया है? (ग) यदि हाँ तो स्वास्थ्य खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा इस मामले में प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की है? विस्तृत जानकारी दें। (घ) इंदौर एवं उज्जैन जिले में कौन-कौन ड्रग इंस्पेक्टर कब-कब से पदस्थ हैं तथा इनके विरूद्ध कितनी-कितनी शिकायतें विगत दो वर्षों में प्राप्त हुई हैं? प्राप्त इन शिकायतों की जांच उपरांत जांच निष्कर्ष के आधार पर क्या-क्या कार्यवाही की गई? प्राप्त शिकायत तथा जांच प्रतिवेदन की छायाप्रति भी दें। जिनकी जांच प्रचलित है, उनकी अद्यतन नामवार जानकारी देवें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं। ऐसे वृह्द स्तर के प्रकरण शासन के संज्ञान में नहीं है। (ख) मेसर्स माँ बिजासन मेडिकोज, इंदौर का एक प्रकरण विभाग के संज्ञान में आया है। (ग) मेसर्स माँ बिजासन मेडिकल स्टोर, इंदौर का निरीक्षण दिनांक 06.01.2026 को औषधि निरीक्षक रायपुर, छत्तीसगढ एवं औषधि निरीक्षक, खाद्य एवं औषधि प्रसाधन, इंदौर के द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। प्राप्त शिकायत एवं जांच प्रतिवेदनों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' में समाहित है।
अतिथि शिक्षकों का नियमितीकरण
[स्कूल शिक्षा]
87. ( क्र. 2443 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या 02 सितम्बर 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा अतिथि शिक्षकों की महापंचायत बुलाई गई थी? (ख) महापंचायत में विभागीय परीक्षा लेकर गुरुजी की भांति अतिथि शिक्षकों को नियमित करने का कथन किया गया था? क्या वर्तमान में नियमित करने की कोई प्रक्रिया प्रचलित है? (ग) यदि अतिथि शिक्षक बी.एड/.डी.एड. है एवं पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण है तो क्या ऐसे अतिथि शिक्षकों को नियमित करने की योजना सरकार की है? (घ) क्या जो अतिथि शिक्षक 15-16 वर्षों से शासकीय विद्यालय में सेवाएं दे रहें हैं, उन्हें अनुभव एवं वरिष्ठता के आधार पर नियमित करने की योजना है? (ङ) क्या अतिथि शिक्षकों को अवकाश की पात्रता है?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) से (घ) ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। (ङ) जी नहीं।
स्वीकृत सिंचाई योजनाओं का कार्य प्रारंभ किया जाना
[जल संसाधन]
88. ( क्र. 2483 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जल संसाधन विभाग द्वारा लघु सिंचाई करियापाठा वियर एवं पिपरिया-जसराज जलाशय की स्वीकृति प्रदान की गई है? यदि हाँ तो विस्तृत जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित सिंचाई योजना की यदि स्वीकृति प्रदान की गई थी तो प्रश्न दिनांक तक उक्त योजनाओं के कार्य क्यों प्रारंभ नहीं किये गये? जानकारी देवें तथा कार्य प्रारंभ नहीं किये जाने के क्या कारण हैं? जानकारी देवें। (ग) क्या करियापाठा वियर की स्वीकृति म.प्र. शासन जल संसाधन विभाग भोपाल का पत्र क्रं. एफ-22/03/22-23/ल.सि./31/36, दिनांक 04.01.2023 द्वारा राशि रू. 324.70 लाख रू. की 194 हेक्टे. रकबा सिंचाई की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है? तथा पिपरिया जसराज जलाशय की पत्र क्रं. एफ-22/03/2017-18/ल.सि./31 (402)/भो./दि. 03.03.2018 द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान एवं निविदा जारी की गई थी? यदि हाँ तो जानकारी देवें। (घ) यदि प्रश्नांश (ग) में वर्णित स्वीकृति प्रदान की गई थी तो क्या विभाग लघु सिंचाई परियोजनाओं का निर्माण कार्य प्रारंभ करेगा तथा निर्माण कार्य में आने वाली प्रशासकीय एवं अन्य स्वीकृति के लिए विभाग कार्यवाही करेगा? यदि हाँ तो कब तक? जानकारी देवें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ। विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) करियापाठा वियर योजना का प्रस्तावित स्थल अप-स्ट्रीम एवं डाउन-स्ट्रीम में सागर आर्मी के जल प्रदाय हेतु निर्मित वियर से प्रभावित होने के कारण निविदा उपरान्त निविदाकार द्वारा अनुबंध संपादित नहीं करने के कारण एवं पिपरिया जसराज जलाशय योजना के डूब क्षेत्र में प्रभावित परिसंपत्तियां, इलेक्ट्रिक पोल तथा वन भूमि प्रभावित होने एवं भू-अर्जन की दरों में वृद्धि से योजना की लागत में वृद्धि तथा भू-अर्जन अवार्ड नहीं होने से कार्य प्रारम्भ नहीं होना प्रतिवेदित हैं। (ग) जी हाँ। विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) करियापाठा वियर का प्रस्तावित स्थल, अप-स्ट्रीम एवं डाउन-स्ट्रीम में जल प्रदाय हेतु आर्मी के पूर्व से निर्मित वियर से प्रभावित होने के कारण कार्य प्रारम्भ किया जाना संभव नहीं होना प्रतिवेदित है। पिपरिया जसराज जलाशय की विभिन्न कारणों से लागत में वृद्धि होने के कारण पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति का प्रस्ताव विभागीय स्तर पर तैयार किया जाना प्रतिवेदित है। प्रस्ताव का परीक्षणोपरांत गुण-दोष के आधार पर स्वीकृति हेतु निर्णय लिया जाना संभव हो सकेगा। निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं हैं।
निर्माणाधीन सिविल अस्पताल एवं उप स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्य सेवाएं
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
89. ( क्र. 2484 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सिविल अस्पताल एवं उप स्वास्थ्य केन्द्र पामाखेड़ी, परसोरिया भवन निर्माणाधीन है? यदि हाँ, तो विस्तृत जानकारी देवें तथा उक्त भवन का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण होगा तथा विभाग को कब तक आधिपत्य सौंपा जाएगा? जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सिविल अस्पताल एवं उप स्वास्थ्य केन्द्र पामाखेड़ी, परसोरिया को आधिपत्य सौंपने के उपरांत विभाग द्वारा इन्हें कब तक प्रारंभ कर स्वास्थ्य सेवाएं शुरू हो जायेंगी? जानकारी देवें। (ग) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित शासकीय उप स्वास्थ्य केन्द्रों में भवन निर्माण होने के उपरांत विभाग द्वारा चिकित्सा अधिकारी/पैरामेडिकल/कर्मचारी/अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति/पदस्थापना विभाग द्वारा कर दी गई हैं? यदि हाँ तो जानकारी देवें। (घ) क्या शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सिविल अस्पताल, मकरोनिया में सिविल अस्पताल के दर्जा अनुसार कब तक प्रारंभ कर दिया जाएगा तथा उप स्वास्थ्य केन्द्र, पामाखेड़ी एवं परसोरिया नवीन भवन में कब से स्वास्थ्य सेवाएं प्रारंभ करेंगे? जानकारी देवें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ख) निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपरांत स्वास्थ्य सेवायें प्रारंभ हो सकेंगी। निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। (घ) भवन निर्माण अपूर्ण है, निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है। प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
केंट विधानसभा में पट्टों का वितरण
[राजस्व]
90. ( क्र. 2492 ) श्री अशोक ईश्वरदास रोहाणी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान में केंट विधानसभा अंतर्गत कितने भू-स्वामी को पट्टे वितरित कर दिए गए हैं? वार्ड अनुसार जानकारी दें। (ख) केंट विधानसभा अंतर्गत पट्टों से संबंधित कितने आवेदन लंबित हैं? कृपया वार्ड अनुसार जानकारी दें। (ग) यह लंबित पट्टे कब तक वितरित किए जावेंगे? कृपया समय-सीमा बताएं।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) भूमि स्वामी को पट्टे वितरण की शासन की कोई योजना नहीं है, जबलपुर जिले की केंट विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत धारणाधिकार के तहत 510 पात्र हितग्राहियों को पट्टे वितरित किये गए है, वार्डवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) भूमि स्वामी को पट्टे वितरण की शासन की कोई योजना नहीं होने से केंट विधानसभा अंतर्गत भूमि स्वामी के पट्टों से संबंधित लंबित आवेदनों की जानकारी निरंक है। (ग) प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
पेंशन एवं देय स्वत्वों का एरियर सहित भुगतान
[परिवहन]
91. ( क्र. 2498 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय भोपाल में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 श्री हरपाल सिंह बुंदेला की सेवा-पुस्तिका में गलत जन्म तिथि दर्ज होने के कारण उन्हें 3 वर्ष पूर्व ही सेवानिवृत्त कर दिया गया था? (ख) यदि हाँ तो क्या माननीय उच्च न्यायालय ने उनकी जन्म तिथि में बदलाव को स्वीकार करते हुए उन्हें पुनः सेवा में ज्वाइन करवाने के निर्देश दिए थे? यदि हाँ तो क्या श्री बुंदेला को ज्वाइन करवाने के उपरांत वास्तविक सेवानिवृत्ति तिथि तक का वेतन भुगतान किया गया। (ग) यदि प्रश्नांश (ख) नहीं तो इसके लिए कौन उत्तरदायी है तथा उनके 933 दिवस के देय वेतन का भुगतान क्यों नहीं किया गया है साथ ही उनकी पेंशन को क्यों रोका गया है? समयमान वेतनमान के एरियर सहित अब तक कितना भुगतान किया गया है एवं कितना शेष है? (घ) क्या विभाग श्री बुंदेला की दीर्घकाल से वेतन और पेंशन के अभाव में उत्पन्न दयनीय आर्थिक स्थिति पर विचार करके उन्हें पेंशन एवं देय स्वत्वों का भुगतान यथाशीघ्र करने हेतु कोई कार्यवाही करेगी यदि हाँ तो इनका पूर्ण भुगतान कब तक कर दिया जाएगा?
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय भोपाल में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 श्री हरपाल सिंह बुंदेला को उनकी सेवा-पुस्तिका में अंकित जन्म तिथि के आधार पर दिनांक 31.12.2021 को शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त किया गया था। प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) श्री हरपाल सिंह बुंदेला द्वारा उक्त सेवानिवृत्ति के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में याचिका क्रमांक 9514/14 दायर की गई, जिसमें माननीय न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 26.04.2024 के अनुक्रम में विभागीय आदेश दिनांक 28.06.2024 द्वारा श्री बुंदेला की सेवा-पुस्तिका में उनकी जन्म तिथि 16.12.1959 के स्थान पर दिनांक 16.12.1962 मान्य की गई। उक्त आदेश के अनुक्रम में श्री हरपाल सिंह बुंदेला द्वारा दिनांक 22.07.2024 को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय भोपाल में पुनः उपस्थिति दी गई। पूर्व सेवानिवृत्ति दिनांक 31.12.2021 के पश्चात् दिनांक 01.01.2022 से 21.07.2024 तक कोई कार्य संपादित नहीं किये जाने से उन्हें नियमानुसार शासन के आदेश दिनांक 25.02.2025 के द्वारा म.प्र. सिविल सेवा (अवकाश) नियम 1977 के अनुसार उक्त अवधि (933 दिवस) का असाधारण अवकाश स्वीकृत किया गया। प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। उक्त अवधि में श्री बुंदेला को पेंशन, उपादान, सारांशीकरण के रूप में भुगतान की गई राशि को शासकीय कोष में जमा करने हेतु परिवहन आयुक्त के पत्र क्रमांक 5836 दिनांक 25.04.2025 के द्वारा लेख किया गया। श्री बुंदेला द्वारा उक्त राशि को शासकीय कोष में जमा न कराने के कारण उन्हें उक्त अवधि में मिलने वाले वेतन का समायोजन नहीं किया गया है। (ग) प्रश्नांश ''ख'' के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। प्रश्नांश के शेष भाग समयमान वेतनमान के संबंध में श्री बुंदेला को परिवहन आयुक्त कार्यालय के पत्र क्रमांक 5081 दिनांक 30.09.2025 के द्वारा अवगत कराया गया था कि आपके विरूद्ध विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त जबलपुर में अपराध क्रमांक 97/13 धारा 13 (1) (ई), 13 (2) के तहत पंजीबद्ध प्रकरण माननीय विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) जबलपुर में विचाराधीन प्रकरण क्रमांक 5/23 लंबित होने के कारण समयमान वेतनमान की पात्रता का निर्धारण न्यायालय में प्रचलित प्रकरण के निर्णय उपरांत ही किया जाना संभव हो सकेगा। पत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) श्री बुंदेला को पेंशन, उपादान, सारांशीकरण के रूप में भुगतान की गई राशि उनके द्वारा शासकीय कोष में जमा कराने एवं उक्त राशि के समायोजन पश्चात शेष पेंशन एवं देय स्वत्वों का नियमानुसार भुगतान किया जाना संभव हो सकेगा।
सांदीपनि स्कूल हेतु नवीन भवन का निर्माण
[स्कूल शिक्षा]
92. ( क्र. 2501 ) श्री अरविन्द पटैरिया : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राजनगर विधानसभा अंतर्गत खजुराहो, चंद्रनगर, लवकुशनगर एवं रगौली में सी.एम. राइज स्कूल स्वीकृत किये गये है? यदि हाँ तो कब? (ख) क्या प्रश्नांश (क) वर्णित स्कूलों हेतु नवीन भवन एवं अन्य आवश्यक संसाधनों हेतु बजट स्वीकृत किया गया है? (ग) यदि हाँ तो कब तक नवीन भवन निर्माण हो जावेगा एवं कब तक अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध हो जावेंगे? (घ) उक्त संबंध में वर्तमान में क्या स्थिति है और शासन स्तर पर क्या कार्यवाही चल रही है? विवरण देवें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) विभागीय आदेश दिनांक 15.03.2024 के तहत प्रश्नाधीन विद्यालयों को सर्वसंसाधन सम्पन्न विद्यालयों के रूप में विकसित करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। (ख) जी नहीं। (ग) उत्तरांश 'ख' के अनुक्रम में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) सांदीपनि विद्यालयों की बजट स्वीकृति, सक्षम अनुमोदन एवं बजट की उपलब्धता पर निर्भर है।
अवैध तरीके से भूमि स्वामी का परिवर्तन
[राजस्व]
93. ( क्र. 2530 ) श्री हजारीलाल दांगी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नगर खिलचीपुर प.ह.न. 57 में स्थित भूमि सर्वे क्रं. 565, 567, 568 मिसल बन्दोबस्त व वर्ष 1942 में गोपीलाल पिता हरलाल के नाम से दर्ज थी? क्या ये भूमि वर्ष 1962 में महाराज हुजूर कुंवर साहब खिलचीपुर व वर्ष 1976-77 में बसन्तीबाई राजपूत व वर्ष 2007-12 में श्री प्रियव्रतसिंह राजपूत के नाम दर्ज हुई है? क्या इस भूमि के सभी अन्तरण/भूमि स्वामी परिवर्तन नियमानुसार हुये है या नियम विरूद्ध हुये है? इस भूमि में समय-समय पर भूमि स्वामी परिवर्तन किस-किस सक्षम अधिकारी के आदेश से राजस्व अभिलेखों से किया गया है? समस्त दस्तावेज व आदेशों की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित भूमि के भूमि स्वामी में हुये परिवर्तन बिना किसी रजिस्टर्ड अन्तरण विलेख या समक्ष अधिकारी के आदेश के हुये हैं? यदि हाँ तो इस कृत्य में कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी हैं एवं दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी और कब तक की जावेगी? बतायें (ग) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित भूमि का गलत मंशा से अवैध तरीके से हेरा-फेरी कर भूमि स्वामी परिवर्तन किया गया है? क्या नियम विरूद्ध किये गये सभी भूमि स्वामी परिवर्तन निरस्त किये जायेगें और क्या-क्या कार्यवाही की जावेगी और कब तक की जावेगी? जानकारी दें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क.) (1) जी हाँ। वर्ष 1942 में मिसल बंदोबस्त में ग्राम खिलचीपुर के भूमि सर्वे क्रमांक 565, 567, 568 गोपीलाल पिता हरलाल के नाम पर दर्ज है। (2) संवत 2015 लगायत 2018 यानि 1958-59 का रिकॉर्ड का पांचशाला खसरा जीर्ण-शीर्ण होने से उक्त अवधि की जानकारी उपलब्ध नहीं है। (3) संवत 2019 लगायत 2023 यानि साल 1962-63 से प्रारंभ खसरा पांचशाला में उक्त भूमि श्री हुजुर महाराज कुंवर साहब के नाम पर बसरा क्रमांक 565 के अनुसार दर्ज है। उस वर्ष में सर्वे क्रमांक 565 भी हुजुर महाराज कुंवर साहब के नाम पर भूमि स्वामी स्वत्व में खसरे में दर्ज है। (4) कालांतर में उक्त भूमि खसरा 1974-75 में बसन्तीबाई बेवा बजरंग सिंह जाति राजपूत के नाम पर दर्ज अभिलेख है। उक्त भूमि तहसीलदार न्यायालय खिलचीपुर के प्रकरण क्रमांक/0016/अ-6/1972-73 में पारित आदेश दिनांक 23.07.1974 अनुसार भारतेन्दु सिंह के स्थान पर बसन्ती बाई को संहिता की धारा-190 के अधीन भूमि स्वामी स्वत्व प्राप्त होने से नामांत्रित की गई है। उक्त के उपरांत वर्ष 2002-03 तक बसन्ती बाई के नाम पर दर्ज है। (5) प्रश्नगत भूमियों के साथ अन्य भूमियों के विषय में भारतेन्दु सिंह के विरुद्ध सीलिंग का एक प्रकरण प्रचलित रहा जो दिनांक 21.06.1977 को निरस्त किया गया था। उक्त आदेश के विरुद्ध स्वमेव पुनरीक्षण में कमीश्नर भोपाल संभाग के प्रकरण क्रमांक/0097/81-82 में पारित आदेश दिनांक 18.04.1983 से उक्त आदेश निरस्त कर प्रकरण प्रत्यावर्तित कर पुनः आदेश पारित करने हेतु निर्देशित किया गया था। उक्त के क्रम में अनुविभागीय अधिकारी द्वारा अपने प्रकरण क्रमांक/641एवं642/बी-90/1974-75 में पारित आदेश दिनांक 24.04.1995 के माध्यम से उक्त संपत्ति पूर्व राजाओं की व्यक्तिगत संपत्ति होने का हवाला देकर एवं संहित की धारा-57 (1) के अंतर्गत ऐसे अधिकार सुरक्षित रखें जाने का हवाला देकर सींलिंग प्रकरण में किसी प्रकार की कोई आवश्यकता नहीं होना पाया जाकर उक्त प्रकरण को खारिज किया गया है। (6) उक्त भूमि साल 2002-03 लगायत 2004-05 के खसरा आधार वर्ष में तहसीलदार न्यायालय के प्रकरण क्रमांक/0012/अ-6/2002-03 में पारित आदेश दिनांक 28.03.2003 से वसीयतनामा के आधार पर बसन्ती बाई राजपूत के स्थान पर प्रियव्रत सिंह के नाम पर दर्ज हुई है। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित भूमि के संबंध में खसरा वर्ष 1974-75 में एवं खसरा वर्ष 2003-04 में हुए भूमि स्वामी परिवर्तन तहसीलदार न्यायालय द्वारा संहिता के प्रावधानों के अधीन किये गये है। 1962 के खसरे में हुजुर महाराज कुंवर साहब का नाम भूमि स्वामी दर्ज है। 1962 के पूर्व का राजस्व अभिलेख जीर्ण-शीर्ण होने से उक्त भूमि स्वामी परिवर्तन की जानकारी स्पष्ट नहीं है। (ग) भूमि के संबंध में 1977-78 में एवं 2003-04 में हुए भूमि स्वामी परिवर्तन तहसीलदार न्यायालय द्वारा संहिता के प्रावधानों के अधीन किये गये है। 1962 के खसरे में हुजूर महाराज कुंवर साहब का नाम भूमि स्वामी दर्ज है। 1962 के पूर्व का राजस्व अभिलेख जीर्ण-शीर्ण होने से उक्त भूमि स्वामी परिवर्तन की जानकारी स्पष्ट नहीं है।
अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
94. ( क्र. 2616 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला बालाघाट के पद पर पदस्थ चिकित्सक की अनुसूचित जाति वर्ग का होने संबंधी फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाने की विभाग में प्राप्त शिकायत पर तत्कालीन कलेक्टर, डी.एच.ओ. बालाघाट, पुलिस अधीक्षक बालाघाट, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लांजी, सहायक आयुक्त बालाघाट की जाँच में सही पाया गया? जाँच पश्चात क्या कार्यवाही की गई? जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित शिकायत/जाँच उक्त के द्वारा कार्यालय के अधिकारियों/कर्मचारियों की मिलीभगत कर दूषित और प्रभावित की गई? यदि हाँ तो ऐसा करने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जाएगी? यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं तो शासन स्तर पर उक्त को जिले से हटाकर पुनः निष्पक्ष जाँच कराई जाएगी, जिससे संबंधित व्यक्ति जाँच को प्रभावित न कर सके? यदि जाँच कराई जाएगी तो कब तक? नहीं तो क्यों? कारण सहित बतायें। क्या संबंधित के विरूद्ध आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो, लोकायुक्त में भी शिकायत लंबित है? यदि कोई जांच की गई है, तो उसके परिणाम बतावें। (ग) शासकीय जिला चिकित्सालय बालाघाट में कार्यरत वार्ड बॉय राजेश उप्लप OBC वर्ग के अंतर्गत आते हैं और इसी जिले के प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. परेश उप्लप अनुसूचित जाति वर्ग के है? यदि हाँ तो एक ही वर्ग के दो व्यक्तियों की अलग-अलग जाति कैसे हैं? स्पष्ट करें तथा डॉ. परेश उप्लप के पिता श्री शंकरराव उप्लप दक्षिण पूर्व वनमण्डल बालाघाट में OBC वर्ग अंतर्गत शासकीय सेवक रहे हैं, फिर उनके पुत्र डॉ. परेश उप्लप की जाति अनुसूचित जाति वर्ग कैसे हुई? कारण सहित स्पष्ट करें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) लोकायुक्त जांच प्रकरण क्रमांक.262/2018 में संबंधित अधिकारी की जाति की जांच रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक, बालाघाट द्वारा आयुक्त, अनुसूचित जाति, छानबीन समिति को प्रेषित की गई, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। उच्च स्तरीय अनुसूचित जाति छानबीन समिति के स्तर पर शिकायतकर्ता से शपथ पत्र अप्राप्त रहने से जांच की कार्यवाही नहीं की जा सकी है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है एवं लोकायुक्त स्तर पर प्रचलित शिकायत नस्तिबद्ध की गई है की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) शासकीय जिला चिकित्सालय, बालाघाट में कार्यरत वार्डबॉय श्री राजेश उपलववार है, जो उपनाम उपलव से भिन्न है। जाति संबंधी जांच कार्यवाही प्रचलन में होने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नहर के माईनर से अतिक्रमण हटाया जाना
[जल संसाधन]
95. ( क्र. 2617 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा मकड़ाई उपनहर की 10 आर माईनर पर कुछ लोगों ने झोपड़ी, अस्थाई टपरे बनाकर अतिक्रमण कर लिया गया है? क्या इस अतिक्रमण को हटाने के संबंध में वहां के स्थानीय रहवासियों, कृषकों के द्वारा भी शिकायत की गई है? क्या इस अतिक्रमण को हटाने के संबंध में प्रमुख अभियंता जल संसाधन विभाग भोपाल द्वारा जून 2025 में मुख्य अभियंता जल संसाधन विभाग, नर्मदापुरम म.प्र. को पत्र लिखा गया था? (ख) क्या इस अतिक्रमण को हटाने के संबंध में जनवरी 2023 में अनुविभागीय अधिकारी मकड़ाई, उप संभाग सिवनी मालवा के द्वारा भी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को पत्र लिखकर नहर से अतिक्रमण हटाने के लिए आग्रह किया गया था? क्या पत्र में उल्लेखित था कि नहर में अतिक्रमण के कारण नहर का मैंटनेस कार्य नहीं हो पा रहा है और कृषकों को पानी देने में विभाग को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और कृषकों में नाराजगी है? यदि हाँ तो बताएं कि अभी तक 10 टेन आर माईनर मकड़ाई उप नहर से अतिक्रमण क्यों नहीं हटाया गया? इसके लिए कौन अधिकारी, कर्मचारी जिम्मेदारी है? इन अधिकारियों, कर्मचारियों के विरूद्ध क्या अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी और कब तक? (ग) उक्त नहर पर से अतिक्रमण कब तक हटाया जायेगा? स्पष्ट समय-सीमा बतायें। शिकायत के बाद भी और विभाग के अधिकारियों को जानकारी होने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाये जाने के लिए दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों के विरूद्ध क्या अनुशासनात्मक कार्यवाही कब तक की जायेगी? उसका भी संपूर्ण विवरण दें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। जी हाँ। (ख) जी हाँ। उक्त संबंध में वस्तुस्थिति यह है कि नहर के प्रवाह में कोई अवरोध नहीं है। सिंचाई हेतु किसानों को पानी उपलब्ध कराया जाना प्रतिवेदित है। स्थानीय रहवासियों ग्रामीणों, कृषकों में आक्रोश व्याप्त होने की स्थिति नहीं है। अतिक्रमण हटाने हेतु विभागीय अधिकारियों द्वारा राजस्व विभाग से पत्राचार किया गया, उक्त संबंध में संयुक्त कार्यवाही की जाना प्रतिवेदित है। (ग) निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। उत्तरांश 'ख' अनुसार।
बाणसागर क्षेत्र की माइनर एवं मेजर नहरों का संधारण
[जल संसाधन]
96. ( क्र. 2626 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल जिला अन्तर्गत बाणसागर क्षेत्र में कितनी मेजर एवं माईनर नहरों की संख्या है? सिंचाई क्षेत्र बुड़वा में कितनी मेजर और माइनर कैनाल निर्मित है? जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कितने क्षेत्र की सिंचाई वर्तमान में हो रही है? कितनी बंद पड़ी हुई है उनके संचालन में क्या व्यवस्था की गई है? जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में वर्ष 2010 से अब तक कब-कब इन नहरों में मरम्मत कार्य किया गया? कितनी राशि की निविदा लगाई गई है? किन-किन एजेंसियों द्वारा उन पर काम किया गया है? वर्षवार जानकारी देवें। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के संदर्भ में इस परियोजना में कितने किसानों को लाभान्वित किया गया है? जानकारी उपलब्ध करावें। (ड.) प्रश्नांश (क), (ग) के संदर्भ में नहरों के मरम्मतीकरण के कार्य कब-कब कौन सी एजेंसी, कितनी राशि का कार्य हुआ? वर्षवार, कार्यवार जानकारी उपलब्ध करावें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) बाणसागर की दांयी तट नहर में 01 मुख्य नहर एवं 28 माइनर नहरें तथा बुड़वा लघु सिंचाई परियोजना के अंतर्गत 01 मुख्य नहर एवं 04 माइनर नहरें निर्मित होना प्रतिवेदित है। (ख) वर्तमान में दांयी तट नहर का सिंचित रकवा 4047 हेक्टेयर एवं बुड़वा टैंक की नहरों द्वारा 600 हेक्टेयर में सिंचाई होना प्रतिवेदित है। वर्तमान में कोई भी नहर बन्द नहीं होना प्रतिवेदित है। शेष प्रश्नांश लागू नहीं। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) बाणसागर दांयी तट नहर से कुल 15142 कृषक एवं बुड़वा नहर से 2019 कृषक लाभान्वित होना प्रतिवेदित है। (ड.) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
स्वास्थ्य केन्द्र सुसनेर में अस्पताल प्रबंधन की अव्यवस्था
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
97. ( क्र. 2650 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुसनेर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत स्वास्थ्य केन्द्रों में डॉक्टर, स्टाफ नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ के कितने पद रिक्त हैं? स्वास्थ्य केन्द्रवार जानकारी देवें। रिक्त पदों की पूर्ती हेतु क्या कार्यवाही की जा रही है? (ख) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सुसनेर में अस्पताल प्रबंधन की अव्यवस्था एवं अस्पताल व एम्बुलेंस में भी ऑक्सीजन की कमी के चलते दिनांक 16 जनवरी को एक युवक की मौत हुई थी। उक्त घटना हेतु कौन जिम्मेदार है? (ग) एम्बुलेंस का संचालन सुसनेर व आगर जिले में कौन सी एजेन्सी द्वारा किया जाता है? दिनांक 16 जनवरी को सुसनेर से आगर युवक को रेफर करके एम्बुलेंस में ऑक्सीजन नहीं होने पर कौन जिम्मेदार है? एम्बुलेंस संचालन करने वाली कम्पनी पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? (घ) क्या सुसनेर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में एक्स-रे मशीन स्थापित है? यदि हाँ तो मरीजों को एक्स-रे सुविधा क्यों नहीं प्रदान की जा रही है?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग से विशेषज्ञ तथा चिकित्सकों की नियुक्ति, पैरामेडिकल/नर्सिंग संवर्ग हेतु कर्मचारी चयन मण्डल के माध्यम से नियुक्ति द्वारा एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से संविदा चिकित्सक/कर्मचारियों की नियुक्ति तथा आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्ति द्वारा पद पूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है। (ख) दिनांक 16 जनवरी को हुई घटना के संदर्भ में जांच में संस्था तथा एम्बुलेंस में ऑक्सीजन की कमी होना नहीं पाया गया है, मृत्यु के कारणों हेतु जाँच प्रचलन में है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) एम्बुलेंस का संचालन सुसनेर व आगर जिले में जय अम्बे इमरजेंसी प्रायवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा किया जा रहा है। जांच में दिनांक 16 जनवरी को युवक की मृत्यु का कारण एम्बुलेंस में ऑक्सीजन की कमी को नहीं पाया गया है। जांच प्रचलित है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ, सिविल अस्पताल सुसनेर में एक्स-रे मशीन संचालित है एवं चालू स्थिति में है एवं मरीजों को प्रतिदिन एक्स-रे सुविधा प्रदान की जा रही है।
जिले की अधिसूचना का आयोग की अधिसूचना पर प्रभाव
[राजस्व]
98. ( क्र. 2654 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले की पिछोर को 13 जनवरी, 2026 को नवीन तहसील का दर्जा प्रदान किया गया है? यदि हाँ, तो क्या तहसील का गठन-पुनर्गठन आयोग के बगैर दौरा करे ही उनकी अनुशंसा पर किया गया है? यदि हाँ, तो विवरण देवें। (ख) जिले की सीमाओं के पुनर्गठन हेतु शासन द्वारा पुनर्गठन आयोग का गठन 12/03/2024 को किया गया है, जबकि नागदा को जिला बनाने संबंधी सीमाओं का निर्धारण शासन द्वारा गजट अधिसूचना 28/07/2023 को पूर्व में ही किया जा चुका है? ऐसे में सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के विभिन्न न्यायिक निर्णयों के अनुसार बाद की अधिसूचना का पूर्व प्रभावी अधिसूचना पर विधिक रूप से कोई प्रभाव नहीं होता, तो नागदा जिले की अंतिम अधिसूचना अब तक जारी क्यों नहीं की गई है? जानकारी दें। (ग) विधानसभा अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1432, दिनांक 30/07/2025 के उत्तर में अवगत कराया गया था कि प्रत्येक अधिसूचना में उसकी प्रभावशीलता स्पष्ट रूप से उल्लेखित होती है? यदि हाँ, तो पुनर्गठन आयोग की अधिसूचना का नागदा जिले की अधिसूचना पर कोई प्रभाव नहीं है तो जिले की अंतिम अधिसूचना क्यों रोकी गई है? (घ) पुनर्गठन आयोग द्वारा उज्जैन जिले का दौरा कब किया है या कब करेंगे? स्पष्ट करें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी नहीं। म.प्र शासन के राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना क्रमांक एफ-01/10/2020/सात/शा.7/भोपाल दिनांक 04/10/2023 के द्वारा जिला ग्वालियर में पिछोर को नवीन तहसील बनाया गया है। (ख) मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) राजस्व विभाग दिनांक 12/03/2024 के द्वारा म.प्र. प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग का गठन किया गया है। जबकि शासन द्वारा नागदा को जिला बनाए जाने के संबंध में म.प्र. भू. राजस्व संहिता की धारा 113 के उपधारा-3 के अंतर्गत दिनांक 28/07/2023 को प्रारंभिक अधिसूचना जारी की गई थी। राजस्व विभाग के पत्र दिनांक 27/03/2025 द्वारा नागदा का जिला बनाने के संबंध में प्रकरण म.प्र. प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग को विचारार्थ प्रेषित किया गया है। (ग) उत्तरांश 'ख' अनुसार। (घ) पुनर्गठन आयोग द्वारा आगामी माहों में उज्जैन जिले का भ्रमण किया जावेगा।
शासकीय चिकित्सालयों में ऑक्सीजन प्लांट की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
99. ( क्र. 2664 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 जनवरी 2020 के बाद इंदौर और उज्जैन संभाग के किन-किन शासकीय अस्पतालों में कितनी क्षमता के ऑक्सीजन प्लांट किस कंपनी द्वारा, किस अनुबंध के तहत और कितनी राशि में लगाए गए? (ख) प्रश्नांश (क) संदर्भित ऑक्सीजन प्लांटों में से कितने प्लांट पूर्ण क्षमता से कार्यरत हैं और कितने प्लांट किन कारणों से कितने समय से बंद हैं? अस्पतालों के नाम सहित सम्पूर्ण जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (क) और (ख) संदर्भित संभागों में ऐसे कितने शासकीय अस्पताल हैं, जहाँ ऑक्सीजन प्लांट लगे होने के बावजूद ऑक्सीजन सिलेंडर निजी कंपनियों से खरीदे जा रहे हैं? उक्त अवधि में खरीदे गए सिलेंडरों की वर्षवार, जिलेवार और संबंधित अस्पताल सहित कुल व्यय राशि का सम्पूर्ण ब्यौरा दें। (घ) क्या अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट होने के बावजूद निजी सिलेंडरों से ऑक्सीजन खरीदी जा सकती है? यदि हाँ, तो नियमों की प्रतिलिपि दें। यदि नहीं, तो किन-किन अस्पतालों द्वारा किस सक्षम अधिकारी की अनुमति से ऑक्सीजन खरीदी जा रही है? अधिकारी के नाम सहित जानकारी दें। (ङ) क्या उक्त अवधि में जिन चिकित्सालयों द्वारा सिलेंडरों के माध्यम से ऑक्सीजन खरीदी जाती है, वहाँ उसे तौलकर वार्डों में भेजा जाता है? यदि हाँ, तो उक्त अवधि में चिकित्साल में आए व गए वजन किए सिलेंडरों के रजिस्टर की प्रतिलिपि दें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। (घ) आवश्यकता एवं आकस्मिकता के आधार पर औषधि के रूप में ऑक्सीजन की उपलब्धता स्थानीय स्तर से सुनिश्चित की जा सकती है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। (ड.) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर वरिष्ठता एवं योग्यता के आधार पर चयन
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
100. ( क्र. 2668 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2025 में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर वरिष्ठता सह योग्यता आधार पर चयन आदेश लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जारी किये गये थे? यदि हाँ, तो किन-किन अधिकारियों की पदोन्नति की गयी? पदोन्नति से संबंधित फाइल नस्ती की सत्यापित प्रति उपलब्ध करायें। (ख) क्या ग्रेडेशन लिस्ट में 340 क्रमांक में नाम होने के बावजूद भी किस नियम से किस प्रकिया का पालन कर वर्तमान जिला डिंडौरी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की पदस्थापना की गयी? वरिष्ठता सह योग्यता के आधार पर चयन में वरिष्ठता सूची में क्रमांक 1 से 339 तक का चयन क्यों नहीं हुआ? सम्पूर्ण दस्तावेजों की सत्यापित छायाप्रति उपलब्ध करावें। क्या इनके विरूद्ध अनेक वित्तीय अनियमितता की जांच चल रही है? यदि हाँ, तो इनका चयन कैसे किया गया? जांच से संबंधित समस्त जांच एवं कार्यवाही का सम्पूर्ण विस्तृत विवरण देवें। (ग) वर्तमान में जिला डिंडौरी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा बालाघाट जिले में किस नियम से अभी तक अपना शासकीय आवास खाली नहीं किया गया है? नियम बतावें। शासकीय नियमों के दुरूपयोग हेतु इनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। आदेश प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार। नोटशीट की प्रति एवं कार्यवाही विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार। (ख) मध्यप्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा (राजपत्रित) सेवा भर्ती नियम 2022 के अनुरूप पात्रता एवं प्राप्त विकल्पों के आधार पर कार्यवाही की गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। दस्तावेजों की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार। डी.पी.सी. कार्यवाही तक उपलब्ध अभिलेखों अनुसार संबंधित अधिकारी के विरूद्ध शिकायत संबंधी जानकारी निरंक होने से प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) कलेक्टर जिला बालाघाट के आदेश दिनांक 06.08.2020 के द्वारा डॉ. मनोज पाण्डेय को शासकीय आवास गृह क्रमांक 04 आवंटित किया गया था, जिसे स्थानांतरण उपरांत रिक्त किए जाने हेतु कलेक्टर जिला बालाघाट द्वारा पुनः पत्र दिनांक 08.01.2026 को जारी किया गया है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स' अनुसार। गृह विभाग के आदेश क्रमांक 01-25/2013/दो-ए (3) दिनांक 11.09.2014 में निहित प्रावधान अनुसार कार्यवाही की जाती है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'द' अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
वाहनों के फिटनेस मुख्यालय का परिवर्तन
[परिवहन]
101. ( क्र. 2669 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग द्वारा वर्तमान में सिवनी जिले के वाहनों के फिटनेस के लिये वाहन मालिकों को सिवनी के स्थान पर जबलपुर जाना पड़ रहा है, जिससे लम्बी दूरी होने के कारण समय, खर्च आदि अधिक वहन करना पड़ रहा है? यदि हाँ, तो सिवनी मुख्यालय हटाने का कारण स्पष्ट करें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में वाहनों के फिटनेस मुख्यालय जबलपुर किये जाने से वाहन मालिकों में आक्रोश व्याप्त है, क्या विभाग पुनः उक्त कार्यालय जनहित में सिवनी में खोलने पर विचार करेगा? यदि हाँ, तो निश्चित समय-सीमा बतावें। यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें। (ग) क्या विभाग द्वारा वर्तमान में वाहनों के रजिस्ट्रेशन कार्य, ड्राइविंग लाइसेंस के भौतिक रूप से प्लास्टिक कार्ड के रूप में जारी करना बंद कर दिया गया है और प्लास्टिक कार्ड फीस के नाम से 200 रूपये की राशि ली जा रही है? यदि हाँ, तो क्यों? (घ) विभाग द्वारा भौतिक रूप से रजिस्ट्रेशन कार्ड जारी करना कब से बंद कर दिया गया है? अक्टूबर 2024 से प्रश्न दिनांक तक रजिस्ट्रेशन कार्ड हेतु कुल कितने वाहनों से कुल कितनी राशि ली गई है?
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र क्रमांक RT-23013/2/2023-T दिनांक 26.02.2026 द्वारा दिनांक 01.01.2026 से अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, सिवनी में सभी वाहनों की मैनुअल फिटनेस जांच करने से रोक लगाते हुए समस्त वाहनों को स्वचलित फिटनेस जांच केन्द्र मनाली इंडस्ट्रीज, जबलपुर से किए जाने के प्रावधान किए गए हैं। पत्र की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार उक्त निर्णय सड़क सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए केन्द्र सरकार द्वारा लिया गया है, जिसमें राज्य सरकार का अधिकार क्षेत्र न होने के कारण शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। जी हाँ। दिनांक 01.10.2024 के पश्चात् समस्त रजिस्टेशन कार्ड एवं ड्रायविंग लाइसेंस इलेक्ट्रॉनिकली जारी किये जा रहे हैं, जो कि आवेदक को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर पर लिंक के रूप में प्राप्त होती है जिसके माध्यम से वह उक्त ड्रायविंग लाइसेंस प्रति को पी.डी.एफ. फार्मेट में डाउनलोड कर सकते हैं अथवा परिवहन सेवा सिटीजन पोर्टल पर जाकर वे अपना ई-ड्रायविंग लाइसेंस प्रमाण-पत्र प्राप्त कर सकते हैं। केन्द्रीय मोटरयान नियम, 1989 के नियम 32 एवं नियम 81 में विहित प्रावधानों के अनुसार राज्य सरकार स्वचालन एवं परीक्षण हेतु उपयोग की जाने वाली प्रौद्योगिकी अथवा मूल्य वर्धित सेवायें प्रदान करने हेतु उक्त नियम की तालिका में विनिर्दिष्ट शुल्क की राशि के अतिरिक्त राशि अधिरोपित कर सकती है। (घ) विभाग द्वारा दिनांक 01.10.2024 से भौतिक रूप से रजिस्ट्रेशन कार्ड जारी करना बंद कर दिया गया है। अक्टूबर 2024 से दिनांक 05.02.2026 तक सिवनी जिले में रजिस्ट्रेशन हेतु 51, 270 वाहनों से रूपये 1, 02, 54, 000/- राशि ली गई है।
पेंच व्यपवर्तन नहर का निर्माण कार्य
[जल संसाधन]
102. ( क्र. 2670 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी विधान सभा क्षेत्र में पेंच व्यपवर्तन नहर निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है? यदि हाँ, तो सिंचाई के लिये किसानों को पानी कब तक उपलब्ध करा दिया जावेगा? नहर शाखा डी-4 के अंतर्गत ग्राम नगझर के पास दो सायफन का निर्माण होना था, वो कार्य करा दिया गया है, यदि नहीं तो क्यों और कब तक पूर्ण करा दिया जावेगा? (ख) प्रश्नांश ''क'' में वर्णित नहर शाखा डी-4 के अंतर्गत किस-किस स्थान पर, कौन-कौन सा कार्य पूर्ण/अपूर्ण/प्रांरभ है? यदि नहीं तो क्यों और नहर का कार्य कब तक पूर्ण करा दिया जावेगा? (ग) प्रश्नांश ''क'' नहर से सिवनी विधानसभा क्षेत्र में कितने हेक्टयर भूमि में सिंचाई की जाती है? ग्रामवार, कृषकवार जानकारी दें। (घ) नगझर क्षेत्र में आने के बाद भी कितनी हेक्टयर भूमि में सिंचाई नहीं हो पा रही है? इस असिंचित एरिया में पानी पहुंचाने हेतु विभाग की क्या योजना है? (ड.) क्या सिवनी विधानसभा के अंतर्गत निर्माणाधीन पेंच व्यपवर्तन नहर कार्य के संबंध में प्रश्नकर्ता एवं जनप्रतिनिधियों से विभाग/जिला प्रशासन/शासन को कोई पत्र प्राप्त हुये है? यदि हाँ, तो उन पत्रों पर क्या कार्यवाही की गई है? यदि नही, तो क्यों और कब तक कार्यवाही की जावेगी?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्नांश लागू नहीं। एक सायफन का निर्माण कार्य डिजाइन डिस्चार्ज के अनुरूप वर्ष 2017-18 में प्रस्तावित था जो पूर्ण हो चुका है। (ख) डी-4 वितरक मुख्य नहर की कुल लंबाई 21 कि.मी. में से 20.20 कि.मी में निर्माण कार्य पूर्ण होना तथा शेष 800 मीटर में कार्य प्रगति पर होना प्रतिवेदित है। निर्माण कार्य पूर्ण किये जाने की लक्षित अवधि माह जून-2026 प्रतिवेदित है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) शेष निर्माण कार्य पूर्ण होने पर नगझर क्षेत्र की शेष 8529 हे. भूमि पर सिंचाई होना प्रतिवेदित है। (ड.) जी हाँ। प्राप्त पत्रों पर यथा आवश्यक कार्यवाही की जाना प्रतिवेदित है।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के जलाशयों में अनियमितता
[मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास]
103. ( क्र. 2676 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) अंतर्गत 01 अप्रैल 2025 के पश्चात मध्यप्रदेश मत्स्य महासंघ द्वारा इंदिरा सागर सहित राज्य के विभिन्न जलाशयों में संचालनालय मत्स्य उद्योग के अंतर्गत केजकल्चर परियोजनाओं में हितग्राहियों के चयन, केज की तकनीकी विशिष्टताओं, लागत निर्धारण एवं कार्यादेश जारी करने की प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायतें हुई हैं? यदि हाँ तो जानकारी दें एवं दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? (ख) क्या 31 मार्च 2025 से पूर्व नियमानुसार प्राप्त सैकड़ों आवेदनों पर कोई निर्णय नहीं लिया गया तथा बाद में चुनिंदा व्यक्तियों को ई-मेल के माध्यम से ''पहले-आओ पहले-पाओ'' पद्धति अपनाकर, वित्तीय नियमों के विरुद्ध Buy Back Policy थोपते हुए कार्यादेश जारी किए गए? (ग) क्या आमंत्रण/DPR में दर्शाई केज की संख्या, आकार, उत्पादन क्षमता एवं लागत को कार्यादेश के बाद बदल दिया गया तथा वास्तविक बाजार मूल्य लगभग ₹60, 000 प्रति केज होने के बावजूद ₹1, 50, 000 के बिल प्रस्तुत कर करोड़ों रुपये की सब्सिडी जारी की गई? (घ) क्या सभी परियोजनाओं से संबंधित हितग्राहियों द्वारा दिऐ आवेदन पत्र, आमंत्रण/टेंडर, स्वीकृति आदेश, नियम, तकनीकी ड्रॉइंग-डिज़ाइन, कार्य आदेश, अनुबंध, केज/पंटून/नेट/बीज/फीड के बिल, GST दस्तावेज, भुगतान विवरण एवं सब्सिडी निर्गमन आदेश का भौतिक एवं वित्तीय सत्यापन कराया गया है एवं आवेदन स्वीकृत अथवा अस्वीकृत करने का क्या मापदण्ड है तथा सभी दस्तावेजों की प्रतियां सदन पटल पर उपलब्ध कराई जाएंगी? (ङ) क्या श्री रवि कुमार गजभिये, मुख्य महाप्रबंधक, जिनके विरुद्ध आपराधिक प्रकरण लंबित हैं, को इस संपूर्ण प्रक्रिया का नियंत्रण सौंपा गया?
राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास ( श्री नारायण सिंह पंवार ) : (क) जी हाँ। मत्स्य महासंघ को भारत सरकार के मछली पालन, पुशपालन तथा डेयरी मंत्रालय से आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ भोपाल के एवं सी.एम. हेल्पलाइन से शिकायतें प्राप्त हुई। शिकायतों के बिन्दुओं पर जानकारी प्राप्त करने हेतु संबंधित विभागों को प्रेषित की गई है। कार्यवाही प्रक्रियाधीन होने से शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। 31 मार्च 2025 के पूर्व केज आवंटन नीति का निर्धारण नहीं होने से प्राप्त आवेदनों पर निर्णय नहीं लिया गया। तत्पश्चात नीति निर्धारण कर तद्नुसार कार्यवाही की गई। (ग) जी नहीं। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा की गाइड-लाइन तथा आदेश क्रमांक 117012-3/2020-FY दिनांक 12.12.2022 से जारी संशोधन अनुसार ही केजों का निर्माण किया गया है एवं नियमानुसार देयकों के सत्यापन पश्चात ही कार्यवाही की गई। (घ) जी हाँ। मापदण्ड की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ड.) श्री रवि कुमार गजभिये द्वारा मत्स्य महासंघ के समस्त कार्यों का सम्पादन मुख्य महाप्रबंधक के दायित्वों के अधीन किया गया।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम अंतर्गत निजी स्कूलों को देय राशि
[स्कूल शिक्षा]
104. ( क्र. 2696 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले में आर.टी.ई. के तहत कितने निजी स्कूल हैं जो नि:शुल्क शिक्षा दे रहे हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के अंतर्गत गत 5 वर्षों में कितने बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्राप्त हुई? शालावार जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (ख) के अंतर्गत क्या शासन द्वारा स्कूलों को आर.टी.ई. के अंतर्गत फीस की राशि समय पर भुगतान की जाती है? (घ) यदि हाँ, तो गत 3 वर्षों की स्कूलवार मांग राशि एवं भुगतान की गई राशि का विवरण देवें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जबलपुर जिले में निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत 587 अशासकीय स्कूल वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। (ख) गत 05 वर्षों में 19072 बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्राप्त हुई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' पर है। (ग) जी हाँ। शासन द्वारा अशासकीय विद्यालयों को आरटीई फीस प्रतिपूर्ति एक सतत् प्रक्रिया है। बजट की उपलब्धता की स्थिति में अशासकीय विद्यालयों को राशि जारी की जाती है। (घ) गत 03 वर्षों की स्कूलवार मांग राशि एवं भुगतान की गई राशि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' पर है।
वागदेवी की प्रतिमा को वापस लाने की कार्यवाही
[संस्कृति]
105. ( क्र. 2700 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या राज्य मंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या धार स्थित पुरातत्व विभाग की भोजशाला धार में पूर्व में वागदेवी की प्रतिमा स्थापित थी? वर्तमान में वह प्रतिमा कहाँ स्थापित है? (ख) क्या तत्कालीन मुख्यमंत्री ने 29 अक्टूबर 2022 को इन्दौर में आयोजित (यंग थिंकर्स कॉन्क्लेव) में प्रतिमा लाने की घोषणा या बात कही गई थी? यदि हाँ, तो क्या प्रयास किये गये? (ग) विभाग अंतर्गत पुरातत्व संचनालय विभाग द्वारा महानिदेशक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण नई दिल्ली से जो पत्र दिनांक 28.11.2015 एवं अन्य पत्रों द्वारा माँ वागदेवी की प्रतिमा को वापस लाने की कार्यवाही की गई, उन पत्रों की प्रति एवं कार्यवाही विवरण की समस्त जानकारी देवें। (घ) प्रदेश सरकार द्वारा प्रतिमा को वापस लाने के लिये क्या क्या प्रयास किये गये एवं प्रतिमां वापस लाने के लिये क्या कार्यवाही एवं प्रयास किये जायेंगे?
राज्य मंत्री, संस्कृति ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) भोजशाला धार वागदेवी की प्रतिमा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, भारत सरकार के अधीन है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकाल में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार। (ग) विभाग अंतर्गत संचालनालय पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा किए गए पत्राचार की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार। (घ) जानकारी उत्तरांश 'ग' अनुसार।
नि:शुल्क लैपटॉप योजना में वित्तीय अनियमितता
[स्कूल शिक्षा]
106. ( क्र. 2707 ) श्री ऋषि अग्रवाल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजनार्न्गत सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय फतेहगढ़ जिला गुना के छात्र-छात्राओं को लेपटॉप क्रय करने हेतु प्रदाय राशि की राज्य स्तरीय जांच दल गठित कर जांच कराये जाने हेतु प्रश्नकर्ता द्वारा आयुक्त राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल को पत्र क्र. 249 दिनांक 06-01-2026 एवं पृ क्र. 250, 251, 252 दिनांक 06-01-2026 के माध्यम से क्रमश: मा. मुख्यमंत्री म.प्र. शासन, मा. मंत्री स्कूल शिक्षा विभाग तथा प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग को पत्र प्रेषित किये गये थे? यदि हाँ, तो इस संबंध में प्रश्न दिनांक तक कब-कब क्या-क्या कार्यवाही की गई सम्पूर्ण विवरण दें। (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में प्रश्नकर्ता के उक्त पत्र में सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय फतेहगढ़ जिला गुना के 33 प्रकरणों की जांच निष्पक्ष राज्य स्तरीय जांच दल गठित किया जाकर तथ्यात्मक जांच कर दोषियों पर वैधानिक कार्यवाही कराये जाने का उल्लेख किया गया है। यदि हाँ, तो जांच दल नियुक्ति के आदेश की प्रति दें। यदि नहीं, तो क्यों कारण बतायें। (ग) क्या प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संबंध में जांच दल द्वारा जांच की गई है? यदि हाँ, तो जांच प्रतिवेदन एवं जांच में संलग्न अभिलेख सहित छायाप्रति उपलब्ध करावें और संबंधित दोषियों पर क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों? कारण बतावें। कब तक जांच कराई जाकर दोषियों पर कार्यवाही की जावेगी? समय-सीमा बतावें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। उल्लेखित शिकायत के संबंध में एम.पी.एस.डी.सी. से प्राप्त रिर्पोर्ट पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 पर है। वर्णित शिकायत में उल्लेखित बिन्दु पूर्व में ही संज्ञान में आने से निराकृत किये गये थे। शिक्षा पोर्टल के संशोधित पत्रक जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 पर है। (ख) वर्णित शिकायत तकनीकी होने एवं निराकृत होने से प्रश्नांश में जांच कराने का प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ग) उतरांश (ख) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों का निराकरण
[स्कूल शिक्षा]
107. ( क्र. 2708 ) श्री राजकुमार कर्राहे : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित स्कूलों में कार्यरत अध्यापक संवर्ग के कर्मचारी जिनका निधन दिनांक 01.07.2018 के पूर्व हो चुका है। उनके आश्रित परिवार के सदस्य को जिला शिक्षा अधिकारी भोपाल द्वारा उपलब्ध कराये गये रिक्त पद तथा अन्य अनुशंसा के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय एवं स्थानीय निकाय द्वारा प्रयोगशाला शिक्षक, भृत्य, लिपिक, के पदों पर प्रश्न दिनांक तक अनुकम्पा नियुक्ति दी गई है? यदि हाँ, तो कर्मचारियों के नाम, पद, दिनांक सहित जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) क्या आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय, कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी भोपाल को माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर म.प्र से पारित आदेश डब्ल्यू.पी. नम्बर 15929/2024 की आदेश की प्रति के साथ अभ्यर्थी का आवेदन दिनांक 27.10.2025 को कार्यालय में प्राप्त हुआ है। यदि हाँ, तो प्रश्न दिनांक तक आवेदन पर क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) प्रश्नांश (ख) के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय से पारित आदेश में प्रयोगशाला शिक्षक के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति के संबंध में दिये गये आदेश का पालन न करने वाले अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? अनुकम्पा नियुक्ति कब तक दी जावेगी? समय-सीमा बतायें। नहीं तो कारण बतायें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। प्रकरण में जिला शिक्षा अधिकारी, भोपाल के द्वारा आदेश क्रमांक/विधि/स्था.4/2026/1401 भोपाल, दिनांक 16.02.2026 के द्वारा निराकृत किया गया है। (ग) उत्तरांश 'ख' के अनुक्रम में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
अचानक अतिवृष्टि एवं ओलावृष्टि से हुई क्षतिपूर्ति का मुआवजा
[राजस्व]
108. ( क्र. 2716 ) श्री मुरली भँवरा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 27 जनवरी 2026 को देवास जिले के बागली विधानसभा क्षेत्र सहित देवास जिले के विभिन्न ग्रामों में हुई अचानक एवं तीव्र ओलावृष्टि/अतिवृष्टि से किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है? (ख) उक्त प्राकृतिक आपदा से देवास जिले एवं बागली विधानसभा क्षेत्र में कुल कितने ग्राम प्रभावित हुए हैं? ग्रामवार जानकारी उपलब्ध कराई जाए। (ग) उक्त घटना के पश्चात अब तक प्रभावित क्षेत्रों में फसल क्षति सर्वेक्षण कराया गया है या नहीं? यदि नहीं, तो सर्वेक्षण न कराए जाने के कारण स्पष्ट किए जाएं। (घ) सर्वेक्षण के आधार पर देवास जिले में कुल कितने किसानों की फसलें प्रभावित पाई गई हैं तथा कुल कितने हेक्टेयर क्षेत्र में फसल क्षति दर्ज की गई है? फसलवार विवरण प्रदान किया जाए। (ङ) शासन की नियमानुसार प्रभावित किसानों को आपदा राहत/मुआवजा राशि प्रदान की जानी है, तो अब तक कितने किसानों को मुआवजा स्वीकृत किया गया है, कितनी राशि लंबित है? (च) जिन किसानों की फसलें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमित हैं, उन्हें बीमा कंपनियों के माध्यम से दावा राशि भुगतान की क्या स्थिति है? (छ) क्या शासन द्वारा अतिरिक्त राहत/विशेष पैकेज देने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन है या नहीं?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ, जिले में ओलावृष्टि/अतिवृष्टि से कुछ ग्रामों में फसलों को नुकसानी हुई है। (ख) प्राकृतिक आपदा से देवास जिले एवं बागली विधानसभा क्षेत्र में कुल 47 ग्राम प्रभावित हुए हैं। ग्रामवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ग) जी हाँ, अत: शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता। (घ) सर्वेक्षण के आधार पर देवास जिले में कुल 7463 कृषकों की फसलें प्रभावित पाई गई हैं तथा कुल 6681.016 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल क्षति दर्ज की गई है। फसलवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ङ) राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रावधानों के तहत प्राकृतिक आपदा से प्रभावित 7463 कृषकों को राहत राशि स्वीकृत की गई है, राहत राशि भुगतान की कार्यवाही प्रचलित है। (च) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। (छ) शासन द्वारा अतिरिक्त राहत/विशेष पैकेज देने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
स्टाप डेम का निर्माण
[जल संसाधन]
109. ( क्र. 2717 ) श्री
माधव सिंह (मधु
गेहलोत) : क्या
जल संसाधन
मंत्री महोदय
यह बताने की
कृपा करेंगे
कि (क) आगर
विधानसभा
क्षेत्र में
जल संसाधन
विभाग अंतर्गत
सियाखेड़ी, खंडवास, भीमपुरा, सिरपोई
स्टाप डेम की
स्वीकृति
हेतु विभाग द्वारा
क्या
कार्यवाही की
गई? (ख) सियाखेड़ी, भीमपुरा, सिरपोई, खंडवास
स्टाप डेम को
कब तक
प्रशासकीय
स्वीकृति
प्रदान की
जाएगी?
जल
संसाधन
मंत्री ( श्री
तुलसीराम
सिलावट ) : (क) सियाखेडी
तालाब एवं
भीमपुरा
तालाब योजना
परिक्षणाधीन
है तथा खंदवास
तालाब (नहर
रहित) एवं
सिरपोई स्टाप
डेम की लागत
प्रति
हेक्टेयर
अधिक होने से योजना
साध्य नहीं
होना
प्रतिवेदित
है। (ख) निश्चित
समय-सीमा बताया
जाना संभव
नहीं है।
मेडिकल कॉलेज श्योपुर में रिक्त पदों की पूर्ति
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
110. ( क्र. 2721 ) श्री बाबू जन्डेल : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या श्योपुर मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर 27, एसोसिएट प्रोफेसर 40 एवं असिस्टेंट प्रोफेसर 56 तथा कितने अन्य सभी प्रकार के पद स्वीकृत है? उक्त स्वीकृत पदों, में से कितने रिक्त एवं कितने भरे हुए है? पदवार जानकारी से अवगत करावें। उक्त रिक्त पदों की भर्ती कब तक की जावेगी? समय-सीमा बतावें। (ख) प्रदेश के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में पदस्थ संकाय को बीते तीन वर्षों से Non-Practice Allowance (NPA) प्राप्त नहीं हो रहा है? यदि हाँ, तो इसके क्या कारण हैं तथा इसे प्रदान किए जाने की संभावित तिथि क्या है? (ग) नव स्थापित शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के संकाय को माननीय उप मुख्यमंत्री जी द्वारा घोषित विशेष भत्ता देने का प्रस्ताव प्रचलन में है? यदि हाँ, तो उक्त विशेष भत्ता प्रदान किए जाने के संबंध में विभाग द्वारा अब तक क्या प्रगति की गई है और इसे लागू किए जाने की संभावित तिथि क्या है? (घ) प्रश्नकर्ता द्वारा विधानसभा सत्र जुलाई-अगस्त 2025 में पूछे गये विधानसभा प्रश्न क्रमांक 2749 (ड.) के उत्तर में मान. उप मुख्यमंत्री जी द्वारा लिखित रूप से यह आश्वासन दिया गया? जानकारी प्राप्त हो गई हो तो प्रदाय की जावे?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) चिकित्सा महाविद्यालय श्योपुर में स्वीकृत पदों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–अ अनुसार। शैक्षणिक संवर्ग में स्वीकृत पदों के विरूद्ध भरे एवं रिक्त पदों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–ब अनुसार। शैक्षणिक संवर्ग के पदों की भर्ती प्रक्रिया एक सतत् प्रक्रिया है निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) केवल 06 नव स्थापित महाविद्यालयों में एन.पी.ए. भुगतान नहीं हो रहा है। पुनर्विनियोजन की कार्यवाही प्रारंभ की गई है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जानकारी उत्तरांश 'ख' अनुसार। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–स (पेन ड्राइव) अनुसार।
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में अधीक्षक की नियुक्ति में विलंब
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
111. ( क्र. 2737 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदौर स्थित सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में 'अधीक्षक' के महत्वपूर्ण पद पर नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया विज्ञापन (दिनांक 16.07.2025) जारी होने के बावजूद अब तक पूर्ण क्यों नहीं की गई है? शासन इस पद को अतिरिक्त प्रभार के भरोसे क्यों चला रहा है? (ख) क्या उक्त विज्ञापन के तहत अधीक्षक पद के लिए 24 अक्टूबर, 2025 को प्रोविजनल लिस्ट (शॉर्ट-लिस्ट) जारी होने और 30 अक्टूबर, 2025 को साक्षात्कार संपन्न होने के बाद भी, अंतिम चयन सूची जारी करने में किन कारणों से विलंब किया जा रहा है? परिणामों को रोके रखने का आधार क्या है? (ग) क्या विभाग के अंतर्गत कार्यरत कुछ सहायक प्राध्यापकों (Assistant Professors) को बिना उनके मूल संस्थान की अनापत्ति (NOC) के पद पर बने रहने और सेवा विस्तार (Extension) देने का लाभ दिया गया है? यदि हाँ, तो इसके लिए उत्तरदायी अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की गई है? (घ) क्या शासन यह स्पष्ट करेगा कि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, इंदौर में सहायक प्राध्यापकों को दो-दो बार (कुल चार वर्ष) का सेवा विस्तार किस नियम के तहत दिया गया है? क्या यह प्रक्रिया नियमित भर्ती प्रक्रिया में बाधा नहीं डाल रही है?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) दिनांक 30.10.2025 को आयोजित साक्षात्कार में चयन पश्चात अभ्यर्थी को दिनांक 06.02.2026 को नियुक्ति आदेश जारी किया जा चुका है। आदेश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–अ अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्तरांश 'क' अनुसार। (ग) जी नहीं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–ब अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नियम विरुद्ध नियुक्तियों की जानकारी
[राजस्व]
112. ( क्र. 2743 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुरैना जिले में भू-संसाधन प्रबंधन विभाग में आरक्षण रोस्टर का उल्लंघन कर चार सहायक ग्रेड-03 की अनुकंपा नियुक्ति की गई तथा गड़बड़ी उजागर होने पर ये नियुक्तियां निरस्त कर दी गई? (ख) क्या कार्यालय आयुक्त भू-अभिलेख मध्यप्रदेश के पत्र क्रमांक/292/स्था./अ.नि./ 191732/2023 दिनांक 27/02/2025 से कलेक्टर मुरैना को निर्देशित किया गया था कि सहायक ग्रेड 3 व भृत्य के पदों पर अनुकंपा नियुक्ति प्रमुख राजस्व आयुक्त के भर्ती नियमों के तहत की जावेगी। उपरोक्त पत्र कलेक्टर कार्यालय मुरैना में कब, किस शाखा में किस कर्मचारी/अधिकारी ने प्राप्त/मार्क किया? (ग) क्या कार्यालय आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन मध्यप्रदेश के पत्र क्रमांक 1514/वि.स./ 2-सतर्कता/स्था./933782/2025 दिनांक 24/11/25 द्वारा रोस्टर का पालन न करने वाले अधिकारी तथा कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई कर अवगत कराने का निर्देश दिए गए? निर्देश के पालन में प्रभारी तहसीलदार भू-संसाधन प्रबंधन, स्थापना लिपिक कलेक्टर कार्यालय, मुरैना तथा स्थापना लिपिक भू-संसाधन प्रबंधन को कलेक्टर मुरैना द्वारा जारी किये गये कारण बताओ सूचना पत्र तथा उनके द्वारा दिए गए जवाब की प्रति उपलब्ध कराएं। (घ) यदि जवाब समाधानकारक नहीं पाए गए तो दोषी अधिकारी, कर्मचारियों के विरुद्ध पद का दुरुपयोग के लिए जिले से बाहर स्थानांतरित कर लोकायुक्त में प्रकरण दर्ज कराया जाकर कार्रवाई कब तक की जायेगी? समय-सीमा बतावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। उक्त पत्र शासन को प्रेषित होकर कलेक्टर जिला मुरैना को पृष्ठांकित प्रति को प्रेषित की गई थी। जिसके संबंध में प्रभारी अधीक्षक, भू-अभिलेख जिला मुरैना द्वारा दिनांक 06.03.2025 को उक्त पत्र मार्क कर भू-अभिलेख के प्रभारी स्थापना लिपिक को दिनांक 10.03.2025 को मार्क किया। (ग) जी हाँ। कारण बताओ सूचना पत्र एवं जवाब की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' एवं ''ब''अनुसार है। (घ) अनुकम्पा नियुक्ति आदेश जारी करने में प्रक्रियात्मक त्रुटि हुई है, अधिकारी/कर्मचारियों की कोई दुर्भावना परिलक्षित नहीं हुई। जवाब अंशत: समाधानकारक न पाये जाने से अधिकारी/कर्मचारियों को परिनिंदा की लघु शास्ति से दण्डित किया जा चुका है। अधिकारी/कर्मचारियों की कोई दुर्भावना परिलक्षित न होने से अन्य किसी कार्यवाही की आवश्यकता नहीं होती है।
भ्रष्ट अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई एवं जांच
[राजस्व]
113. ( क्र. 2744 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 1103 दिनांक 04/12/25 के उत्तर अनुसार तत्कालीन तहसीलदार जौरा जिला मुरैना श्री नरेश शर्मा के विरुद्ध आरोप पत्र दिनांक 20/11/2024 एवं 16/01/2025 तथा कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 31/10/2025 में जवाब प्राप्त हो गया है? यदि हाँ तो उनके विरुद्ध क्या कार्यवाही संपादित की गई है? विस्तारपूर्वक जानकारी दें। यदि नहीं तो किन कारणों से नहीं हुई है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार आरोप-पत्र, कारण बताओ सूचना पत्र एवं उनके उत्तरों तथा की गई कार्रवाई से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराएं।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। श्री नरेश शर्मा, तत्कालीन तहसीलदार जौरा जिला-मुरैना के विरुद्ध आरोप पत्र दिनांक 20.11.2024 एवं 16.01.2025 तथा कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 31.08.2025 (सही दिनांक) का जवाब प्राप्त हो गया है। दिनांक 20.11.2024 एवं 16.01.2025 से जारी आरोप पत्रादि में श्री शर्मा द्वारा वांछित दस्तावेजों की प्रतिलिपि विभिन्न कार्यालयों से प्राप्त करने के पश्चात लिखित उत्तर दिनांक 3.2.2026 को पृथक-पृथक प्रस्तुत किया गया है, जो परीक्षणाधीन है। दिनांक 31.08.2025 से जारी कारण बताओ सूचना पत्र का जवाब श्री शर्मा द्वारा दिनांक 19.9.2025 से प्रस्तुत किया गया है. इस प्रकरण में उन्हें भविष्य के लिये सचेत करने संबंधी आदेश दिनांक 28.1.2026 जारी किया गया है। एक अन्य प्रकरण में श्री शर्मा के विरूद्व दिनांक 20.11.2024 को आरोप पत्रादि जारी किये गये है, श्री शर्मा ने इस बारे में कार्यालयों से अभिलेख चाहे गये हैं, जो उन्हें उपलब्ध कराये जा रहें हैं। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार आरोप पत्र, कारण बताओ सूचना पत्र एवं उनके उत्तरों तथा की गई कार्रवाई से संबंधित विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
नवीन स्कूल भवन/अतिरिक्त कक्षों का निर्माण
[स्कूल शिक्षा]
114. ( क्र. 2748 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में वर्ष 2025-26 में नवीन स्कूल भवनों/अतिरिक्त कक्ष निर्माण हेतु कितनी राशि का प्रावधान रखा गया था? प्रावधानित राशि में से किस-किस जिले को कितनी-कितनी राशि उपलब्ध कराई गई? (ख) प्रश्नांश ''क'' में उल्लेखित बजट/राशि में से ग्वालियर जिले को कितने नवीन भवनों/अतिरिक्त कक्ष निर्माण हेतु कितनी राशि आवंटित की गई? भवनवार, ग्रामवार जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश ''ख'' में उल्लेखित राशि में से भितरवार विधानसभा क्षेत्र में कितने एवं कौन-कौन से भवनों/अतिरिक्त कक्ष हेतु कितनी-कितनी राशि से कौन-कौन भवनों/अतिरिक्त कक्ष का निर्माण कार्य सम्मिलित है? भवनवार/अतिरिक्त कक्षवार जानकारी दें। (घ) क्या विधानसभा प्रश्न क्रमांक 928 दिनांक 04.12.2025 में यह जानकारी दी गई है कि भितरवार विधानसभा क्षेत्र में 41 स्कूल भवन/अति. कक्षों का निर्माण अति आवश्यक है? यदि हाँ तो क्या भवनों/अति. कक्षों हेतु राशि उपलब्ध करा दी गई है? यदि हाँ तो कितनी-कितनी? यदि नहीं तो क्यों? राशि कब तक उपलब्ध करा दी जायेगी? समय-सीमा बताएं।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
राजस्व प्रकरणों का निराकरण
[राजस्व]
115. ( क्र. 2751 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भूमि/भवनों के नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, इन्द्राज दुरूस्ती करने की समय-सीमा निर्धारित है? यदि हाँ, तो नियम-निर्देशों की प्रति उपलब्ध करायें। क्या समय-सीमा में निराकरण नहीं करने पर संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही करने के भी निर्देश है? यदि हाँ, तो क्या? (ख) ग्वालियर जिले की भितरवार विधानसभा क्षेत्र में आने वाले राजस्व अनुभाग एवं तहसीलों में 01 जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक प्राप्त प्रश्नांश (क) में उल्लेखित कितने-कितने प्रकरण प्राप्त हुए है? राजस्व अनुभाग एवं तहसीलवार जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (ख) में प्राप्त प्रकरणों में से कितने प्रकरण नामांतरण के, कितने बंटवारा के, कितने सीमांकन के, कितने इन्द्राज दुरूस्ती के प्रकरण स्वीकृत/मान्य किये गये है एवं मान्य किए गए प्रकरणों की ग्रामवार, नामवार, तहसीलवार जानकारी दें। (घ) प्रश्नांश (ख) में प्राप्त प्रकरणों में से कितने प्रकरण निरस्त/अमान्य किये गये एवं किन कारणों से? कारण सहित प्रकरणवार, नामवार, ग्रामवार, तहसीलवार जानकारी दें। क्या ऐसे प्रकरणों का पुनः परीक्षण कर निराकरण किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम 2010 के अनुसार समय-सीमा निर्धारित है - 1/अविवादित नामांतरण – 45 दिवस 2/विवादित नामांतरण - 3 माह 3/अविवादित बंटवारा - 3 माह 4/विवादित बंटवारा - 6 माह 5/सीमांकन - 45 दिवस लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2010 के सरल क्र. 7 (1) (ख) में पदाविहित अधिकारी पर ऐसे बिलम्ब के लिए 250/- रूपये प्रतिदिन के मान से शास्ति अधिरोपित कर सकेगा, जो अधिकतम 5000/- रूपये होगा। (ख) (1) ग्वालियर जिले की भितरवार विधानसभा क्षेत्र में आने वाली तहसीलों में 01 जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक प्राप्त प्रश्नांश (क) में उल्लेखित प्राप्त प्रकरणों की जानकारी निम्नानुसार है-
|
तहसील |
नामांतरण |
बंटवारा |
सीमांकन |
|
घाटीगांव |
5268 |
381 |
786 |
|
भितरवार |
8026 |
480 |
1064 |
|
चीनोर |
7634 |
762 |
833 |
|
|
20928 |
1623 |
2683 |
(2) भितरवार विधानसभा क्षेत्र में राजस्व अनुविभाग घाटीगांव में प्रश्नांश (क) में उल्लेखित इन्द्राज दुरूस्ती के कुल प्रकरण 180 प्राप्त हुए। (3) भितरवार विधानसभा क्षेत्र में राजस्व अनुविभाग भितरवार में प्रश्नांश (क) में उल्लेखित इन्द्राज दुरूस्ती के कुल प्रकरण 1244 प्राप्त हुए (अनुविभाग भितरवार अंतर्गत तहसील भितरवार एवं चीनोर के प्रकरण सम्मिलित है।) (ग) प्रश्नांश (ख) में प्राप्त प्रकरणों में से नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, इन्द्राज दुरूस्ती के जो प्रकरण स्वीकृत/मान्य किए गए है की ग्रामवार, नामवार, तहसीलवार, अनुभागवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ', 'ब' एवं 'स' अनुसार। (घ) मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 (संशोधित अधिनियम 2018) के तहत नियमानुसार सभी प्रकरणों की गुण-दोष के आधार पर निराकरण किया गया। पक्षकार किए गए आदेश से संतुष्ट न होने पर विधिवत सक्षम न्यायालय में अपील प्रस्तुत कर सकता है। प्रकरणवार, नामवार, ग्रामवार, तहसीलवार, अनुविभागवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' 'ब' एवं 'स' अनुसार।
रामपुर बघेलान तहसील अंतर्गत अवैध आवंटन
[राजस्व]
116. ( क्र. 2752 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) न्यायालय तहसीलदार तहसील रामपुर बाघेलान जिला सतना प्रकरण 0028/अ-74/ 2021-22 आदेश दिनांक 25/08/2021 के पालनार्थ। पटवारी द्वारा खसरे में आज दिनांक तक प्रविष्टि कृषि विस्तारक भवन के नाम अंकित नहीं किया गया? आ.न. 576/1 रकबा 24X56 वर्गफिट खुर्द-बुर्द किया जा रहा है? आदेश का पालन क्यों नहीं हुआ? दोषी कौन है? दोषी पटवारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही होगी? (ख) प्रकरण क्रमांक 0013/अ-74/2024-25 आदेशार्थ दिनांक 30/06/2025 होने के बावजूद भी न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी महोदय रामपुर बाघेलान के द्वारा शासकीय जमीन आ.न. 597 रकबा 2. 39 एकड़, आ.न. 596 रकबा 17 डि., आ.न. 572/2 रकबा 9 डि. अवैध तरीके से तत्कालीन पवाईदार/शिक्षक द्वारा अवैध तरीके से शासकीय भूमि को निजी कराकर कब व कैसे हुई, पुनः शासकीय कब होगी? आदेश हेतु निहित होने के बावजूद आदेश नहीं किया गया। 8 माह गुजर गये हैं, दोषी कौन है? आदेश क्यों नहीं हुआ? एस.डी.एम. भू-माफिया को लाभ दे रहा है। शासकीय सम्पत्ति खुर्द-बुर्द करा रहा है। कार्यवाही की प्रति दें। (ग) न्यायालय अनुविभागीय महोदय रामपुर बाघेलान प्रकरण क्रमांक 0144/निगरानी/2020-21 आ.न. 573, 577 रकबा 2.12 एकड़ प्रकरण की सुनवाई प्रकरण आदेशार्थ दिनांक 19/08/2025 नियत होने के बाद आदेश क्यों नहीं किया गया? दोषी के विरूद्ध कार्यवाही क्या होगी? आदेश की प्रति दें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) न्यायालय तहसीलदार तहसील रामपुर बाघेलान के प्रकरण क्रमांक 0028/अ-74/2021-22 आदेश दिनांक 25.08.2021 के द्वारा ग्राम करही की आराजी नं. 576/1 के कॉलम नं. 12 में शासकीय कृषि विस्तारक ब्लाक क्वार्टर दर्ज किये जाने का आदेश पारित किया जाकर इस न्यायालय से कलेक्टर कार्यालय को अग्रेषित किये जाने हेतु प्राप्त हुआ। मूल प्रकरण में अनावेदक द्वारा माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के प्रकरण क्रमांक डब्ल्यू.पी. 19510-2020 निर्णय दिनांक 07.01.2021 के अनुसार न्यायालय कलेक्टर के प्रकरण क्रमाक 0008/ स्व.निगरानी/2017-18 आदेश दिनांक 17.11.2020 में पारित आदेश मोजा करही की आराजी नं. 576/1 को म.प्र. शासन दर्ज किये जाने के आदेश को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा स्थगित किया गया है। माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के आदेश के परिपालन में न्यायालय तहसीलदार तहसील रामपुर बाघेलान के प्रकरण क्रमांक 0028/अ-74/2021-22 आदेश दिनांक 25.08.2021 का पालन किया जाना उचित नहीं है। चूंकि तहसीलदार के प्रकरण क्रमांक 0028/अ-74/2021-22 आदेश दिनांक 25.08.2021 का पालन माननीय उच्च न्यायालय के स्थगन उपरांत रोका गया है, इसलिये कोई भी अधिकारी/कर्मचारी दोषी नहीं हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रकरण क्रमांक 0013/अ-74/2024-25 इस न्यायालय में आपत्ति के निराकरण हेतु नियत है। शीघ्र ही उक्त प्रकरण का निराकरण कर प्रतिवेदन कलेक्टर सतना की ओर अनुमोदन हेतु भेजा जावेगा। प्रथम दृष्ट्या प्रकरण में पक्षकार ज्यादा होने एवं आपत्ति ज्यादा प्राप्त होने से एवं अत्यधिक पुराने दस्तावेजों के परीक्षण की आवश्यकता होने से उक्त प्रकरण के निराकरण में विलंब हुआ है। भू-माफियाओं को लाभ दिये जाने या सम्पत्ति को खुर्दबुर्द किये जाने संबंधी कोई विषय नहीं है। प्रकरण प्रक्रियाधीन है। (ग) न्यायालय कलेक्टर सतना के प्रकरण क्रमांक 144/निगरानी/2020-21 प्रकरण विधिवत जांच एवं परीक्षण कर प्रतिवेदन हेतु प्राप्त हुआ था। पक्षकारों को विधिवत सुनवाई का अवसर दिया गया। प्रकरण सुनवाई के दौरान प्राप्त आपत्ति के निराकरण हेतु नियत है। शीघ्र ही आपत्ति का निराकरण कर प्रतिवेदन कलेक्टर सतना की ओर अनुमोदन हेतु भेजा जावेगा। प्रथम दृष्ट्या प्रकरण में पक्षकार ज्यादा होने एवं अत्यधिक पुराने दस्तावेजों के परीक्षण की आवश्यता होने से उक्त प्रकरण के निराकरण में विलंब हुआ है। कोई अधिकारी/कर्मचारी दोषी नहीं है। प्रकरण प्रक्रियाधीन है।
एन.आई.सी. पोर्टल पर गलत जानकारी का सुधार
[परिवहन]
117. ( क्र. 2755 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या 55000 किलोग्राम 18 चका आर्टिकुलेटेड वाहन की भार क्षमता NIC पोर्टल पर 18500 किलोग्राम दिखा रही है? क्या 55000 किलोग्राम 18 चका का आर्टिकुलेटेड वहां 18500 किलोग्राम का किस नाम की कंपनी बना रही है जो परिवहन विभाग में दर्ज है? क्या परिवहन विभाग की साइट NIC पोर्टल कितने दिनों से उक्त गलत जानकारी पोर्टल पर प्रदर्शित की जा रही है? (ख) NIC पोर्टल पर प्रश्नांश (क) में वर्णित 18 चका वाहन का जो गलत वजन दिख रहा है/दिखाई दे रहा है वह सत्य है या असत्य? किस नाम/पदनाम के विरुद्ध राज्य शासन कब व क्या कार्यवाही उक्त गलत जानकारी दिखाने पर करेगा? अगर नहीं तो क्यों पूरे प्रदेश में ट्रांसपोर्ट ओवरलोड चालान जिनके हो रहे हैं, कब तक उक्त समस्या से रूबरू होते रहेंगे? (ग) NIC पोर्टल पर सुधार प्रश्न तिथि तक होगा या नहीं? हो गया हो तो आदेश की प्रति दें। (घ) प्लास्टिक रजिस्ट्रेशन कार्ड जो अक्टूबर 2024 में बंद कर दिए गए हैं उनकी ली गई फीस शासन क्या वापस करेगा? हाँ या न? उक्त ली गई फीस की कुल कितनी राशि मध्यप्रदेश शासन परिवहन विभाग के पास पूरे प्रदेश से प्रश्न तिथि तक जमा हुई है, का विवरण अक्टूबर 2024 से प्रश्न तिथि तक माहवार/वर्षवार/जिलेवार उपलब्ध कराएं।
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ, कतिपय 55000 किलोग्राम 18 चका आर्टिकुलेटेड वाहनों की भार क्षमता (GVW) NIC पोर्टल पर 18500 किलोग्राम दिखा रही है, परंतु उसका ग्रोस कॉम्बिनेशन वेट (GCW) नियमानुसार 55000 किलोग्राम अंकित है। मध्यप्रदेश में पंजीकृत आर्टिकुलेटेड वाहनों के निर्माता कंपनियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। वाहन निर्माता कंपनियों द्वारा ''होमोलोगेशन पोर्टल'' पर दर्ज वाहन के स्पेसिफिकेशन सीधे ''वाहन पोर्टल'' पर एकीकृत होते हैं, जिसके आधार पर प्रदेश में आर्टिकुलेटेड वाहनों का पंजीयन किया जाता है, जिसमें वाहन का ग्रोस व्हीकल वेट अथवा ग्रोस कॉम्बिनेशन वेट में परिवर्तन नहीं किया जा सकता। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) एवं (ग) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। परिवहन विभाग द्वारा वाहन मालिकों को प्लास्टिक के कार्ड उपलब्ध कराये जायेंगे। अक्टूबर 2024 से प्रश्न तिथि तक प्रदेश में पंजीयन कार्ड हेतु ली गई फीस की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''ब'' अनुसार है।
कार्यकारिणी समिति की बैठक में लिये गए निर्णय
[स्कूल शिक्षा]
118. ( क्र. 2758 ) श्री मधु भगत : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्न दिनांक की स्थिति में भी जिला पंचायत का अध्यक्ष जिला शिक्षा केंद्र में जिला क्रय समिति का अध्यक्ष है और जिला नियुक्ति समिति में भी सदस्य है? (ख) क्या राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के द्वारा अपने आदेश क्रमांक 7912 भोपाल दिनांक 3.11.15 में परिवर्तन किया गया है? यदि हाँ, तो परिवर्तन करने के लिए जिस बैठक में निर्णय लिया गया है संपूर्ण कार्यवाही का विवरण दीजिए? (ग) जिला शिक्षा केंद्र बालाघाट में वर्ष 2022-23 से लेकर प्रश्न दिनांक तक कुल कितनी राशि की सामग्री क्रय की गई है? क्रय की गई समस्त राशि की नोटशीट, बिल, वाउचर, टेंडर, कैश-बुक की प्रमाणित प्रति देवें। (घ) जनवरी 2022 से लेकर प्रश्न दिनांक की स्थिति में जिला शिक्षा केंद्र के द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावास, कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास एवं APC, BRC, BAC, CAC के पदों पर कब-कब नियुक्ति की गई? भर्ती संबंधी समस्त अभिलेख देवें एवं किस-किस भर्ती प्रक्रिया में जिला पंचायत अध्यक्ष को सम्मिलित किया गया है और किस-किस बैठक में नहीं किया गया है? बैठक का सम्पूर्ण रिकॉर्ड देवें। (ड.) सीधे कलेक्टर से अनुमोदन लेकर समिति की बैठक न बुलाने के मामले में शासन डी.पी.सी. बालाघाट के विरुद्ध जांच के आदेश जारी करेगा या नहीं?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) एवं (ख) जिला पंचायत अध्यक्ष जिला स्तरीय क्रय समिति के अध्यक्ष थे, परन्तु राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक दिनांक 21.10.2022, 17.05.2023, 31.07.2024 एवं 26.11.2024 में निर्णय लिया गया कि राज्य स्तरीय क्रय समिति द्वारा निर्धारित किये जाने वाले स्पेसिफिकेशन अनुसार सामग्री का क्रय जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा जेम पोर्टल के माध्यम से की जावे। जिला पंचायत अध्यक्ष जिला स्तरीय नियुक्त समिति के सदस्य है। राज्य कार्यकारिणी समिति की कार्यवाही विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'01' अनुसार है। (ग) वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक क्रय की गई सामग्री एवं राशि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है एवं क्रय की गई समस्त राशि की नोटशीट बिल व्हाउचर टेण्डर कैशबुक की प्रमाणित प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'03' अनुसार है। (घ) जनवरी 2022 से लेकर प्रश्न दिनांक की स्थिति में जिला शिक्षा केन्द्र में नियुक्ति संबंधित जानकारी, भर्ती संबंधी सभी अभिलेख एवं भर्ती प्रकिया में जिला पंचायत अध्यक्ष को सम्मिलित किया गया है की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है। शेषांश का प्रश्न उपस्थिति नहीं होता है। (ड) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
विभाग द्वारा दवाइयां एवं चिकित्सा उपकरण सामग्री का क्रय
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
119. ( क्र. 2760 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा दवाइयों एवं चिकित्सा सामग्री उपकरण के क्रय के क्या नियम, निर्देश, आदेश हैं? छायाप्रति उपलब्ध करावें। 1 अप्रैल 2023 से प्रश्न दिनांक तक विभाग द्वारा किन-किन जिलों को कितना-कितना बजट उपलब्ध कराया गया है? मदवार, वर्षवार, जिलेवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में विदिशा जिले में उक्त अवधि में कौन-कौन सी दवाई एवं सामग्री उपकरण क्रय किए गए हैं? सामग्री का नाम, संख्या, राशि, क्रय दिनांक सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में उक्त दवाइयां, सामग्री उपकरण, भोजन, साफ-सफाई हेतु कब-कब निविदा जारी की गई? निविदा में कौन-कौन सी फर्मों ने भाग लिया एवं किस फर्म की निविदा स्वीकृत की गई है? क्या विभाग द्वारा गुणवत्ता की शिकायतें प्राप्त हुई हैं तो विभाग द्वारा कब-कब जांच की गई? जांच प्रतिवेदन की छायाप्रति उपलब्ध करावें एवं कौन-कौन से अधिकारी, कर्मचारी दोषी हैं? दोषियों पर क्या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो कब तक की जावेगी? (घ) शासकीय राजीव गांधी स्मृति चिकित्सालय सिरोंज, जिला विदिशा में डायलिसिस मशीन कब-तक समस्त प्रक्रिया पूर्ण कर क्रय कर ली जावेगी? प्रक्रिया किस स्तर पर लंबित है? समस्त कार्यवाहियों की छायाप्रतियां उपलब्ध करावें तथा सिविल अस्पताल सिरोंज में सोनोग्राफी मशीन का संचालन कब तक कर लिया जावेगा? समय-सीमा बतावें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' एवं ''ब'' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) शासकीय राजीव गांधी स्मृति चिकित्सालय सिरोंज, जिला विदिशा हेतु डायलिसिस मशीन का क्रय आदेश दिनांक 03/02/2026 को जारी किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''इ'' अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। सिविल अस्पताल सिरोंज में सोनोग्राफी मशीन दिनांक 02/06/2025 को स्थापित की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ई'' अनुसार। प्रशिक्षित विशेषज्ञ व चिकित्सक पदस्थ न होने के कारण मशीन अक्रियाशील है। प्रशिक्षित मानव संसाधन की पदस्थापना उपरांत मशीन संचालित की जा सकेंगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
सिरोंज-लटेरी के विद्यालयों की जानकारी
[स्कूल शिक्षा]
120. ( क्र. 2761 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विकासखण्ड सिरोंज लटेरी में हायर सेकेण्डरी स्कूल, हाई स्कूल, माध्यमिक विद्यालय, प्राथमिक विद्यालय कहां-कहां संचालित हो रहे हैं विद्यालय का नाम, छात्र संख्या, डाईज कोड, पदांकित शिक्षकों की संख्या, कुल कक्षों की संख्या, बालक, बालिका शौचालय, भोजन निर्माण कक्ष, पेयजल व्यवस्था एवं विद्युत व्यवस्था की क्या-क्या मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं विद्यालयवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कौन-कौन से विद्यालय भवन विहीन, एक कक्ष में संचालित हो रहे हैं जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में 1 अप्रैल 2018 से प्रश्नांकित दिनांक तक विद्यालयों में कौन-कौन से निर्माण कार्य तथा मरम्मत के कार्य स्वीकृत हुए प्रशासकीय आदेश की छायाप्रति उपलब्ध करावें। उक्त निर्माण कार्यों में से कितने पूर्ण हुए कितने अधूरे हैं कितने अप्रारंभ हैं निर्माण कार्यवार जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) क्या विकासखण्ड सिरोंज लटेरी में छात्रों के अनुपात से कक्षों की उपलब्धता है यदि नहीं है तो किन-किन विद्यालयों में नहीं हैं? (ड.) आदर्श संस्कृत विद्यालय सिरोंज के विद्यालय भवन एवं छात्रावास भवन निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति उपलब्ध करावें क्या आवासीय विद्यालय निर्माण के लिए ही राशि स्वीकृत की गई है। यदि हाँ, तो छायाप्रति उपलब्ध करावें यदि नहीं तो आदर्श संस्कृत विद्यालय सिरोंज आवासीय ही स्वीकृत था आवासीय सहित स्वीकृति कब तक की जावेगी?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'एक' अनुसार है। (ख) प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र सिरोंज एवं लटेरी अंतर्गत भवन विहीन तथा एक कक्ष में संचालित हो रहे प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालयों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 पर है। शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी भवन क्रमशः माध्यमिक एवं हाई स्कूल के उन्नयन से अस्तित्व में आते है अतः उन्नत हुए माध्यमिक शाला एवं हाई स्कूल के भवन ही क्रमशः हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी भवन है। अतः कोई भी शासकीय हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन विहीन नहीं है, न ही एक कक्ष में संचालित है। अतः शेषांश उद्भूत नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -3 अनुसार है। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है। (ड.) पृथक संस्कृत शाला भवन एवं छात्रावास की प्रशासकीय स्वीकृति जारी नहीं की गई है। सिरोंज जिला विदिशा में आवासीय संस्कृत विद्यालय अक्टूबर 2023 से आवासीय व्यवस्था में संचालित है।
कुशलपुरा नहर निर्माण की अनियमितता की जांच एवं कार्यवाही
[जल संसाधन]
121. ( क्र. 2766 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कुशलपुरा नहर जिला राजगढ़ के अनुबंध क्रमांक 01/2006-07 में निर्मित बाईं तट नहर की आर.डी 4500 मीटर तथा 9500 मीटर तथा दायीं तट की नहर की आर.डी 5850 मीटर पर निर्मित कुल तीन एक्यूडक्टर क्षतिग्रस्त होने पर इसकी विभागीय जांच करवाई गई? (ख) यदि हां, तो क्या तत्कालीन कार्यपालन यंत्री द्वारा वरिष्ठ कार्यालयों को गुमराह करते हुए दायीं तरफ नहर के एसडीओ, उपयंत्री से मिलीभगत कर मात्र बायीं तट के नहर के दो पक्के कार्यों की ही जानकारी प्रेषित की गई थी? (ग) यदि हां, तो उक्त कार्यपालन यंत्री द्वारा विभागीय जांच में भेदभाव किए जाने की शिकायत ईओडब्ल्यू को की गई एवं तथ्यात्मक प्रतिवेदन हेतु आर.क्रमांक 1804/21 दिनांक 17/12/2021 तथा आर. क्रमांक 1232/21 दिनांक 1.11.2021 से विभाग को प्राप्त हुई एवं जांच अधिकारी द्वारा मात्र खानापूर्ति कर प्रतिवेदन ईओडब्ल्यू को प्रेषित किया गया? यदि हाँ, तो क्यों? ईओडब्ल्यू को प्रेषित जांच प्रतिवेदन की प्रति पटल पर रखें। (घ) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में कुशलपुरा नहर प्रणाली में लाइनिंग का कार्य किस ठेकेदार द्वारा किया गया एवं अनुबंध में क्या-क्या कार्य शामिल थे तथा क्या-क्या कार्य कराए गए? अनुबंध की प्रति भुगतान किए गए समस्त देयकों की पास ऑर्डर सहित प्रमाणित प्रतियां एवं समस्त इंद्राज किए गए माप की माप पुस्तिका सहित प्रतियां उपलब्ध करावें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) कुशलपुरा नहर जिला राजगढ़ के अनुबंध क्रमांक-01/2006-07 में निर्मित बाईं तट नहर की आर.डी.-4500 तथा 9500 मीटर पर निर्मित एकवाडक्ट के क्षतिग्रस्त होने की विभागीय जांच करवाई गई। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में लागू नहीं। (ग) प्रश्नांश में उल्लेखित शिकायतें प्रश्नांश (क) में उल्लेखित विभागीय जांच से भिन्न है। अतः शेष प्रश्नांश लागू नहीं (घ) कुशलपुरा नहर प्रणाली में लाईनिंग का कार्य अनुबंधित एजेंसी मेसर्स ए.के.शिवहरे द्वारा किया गया था। जानकारी हेतु वांछित दस्तावेज पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- "1", "2" एवं "3" अनुसार है ।
स्वामित्व योजना 2022 के संबंध में
[राजस्व]
122. ( क्र. 2768 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग द्वारा स्वामित्व योजना के अंतर्गत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित आबादी भूमि के सीमांकन, अभिलेखीकरण एवं स्वामित्व अधिकार पत्र (प्रॉपर्टी कार्ड) जारी करने के उद्देश्य से ड्रोन तकनीक के माध्यम से सर्वेक्षण कार्य कराया गया है? (ख) यदि हाँ, तो योजनान्तर्गत कुल कितने जिलों का सर्वे किया जाना प्रस्तावित था? उनमें से कितने जिलों का पूर्ण, अपूर्ण एवं शेष है? विवरण देवें। (ग) जिन जिलों में सर्वेक्षण कार्य अपूर्ण अथवा प्रारंभ नहीं हुआ है, उसके क्या कारण हैं? अपूर्ण एवं शेष जिलों में सर्वेक्षण कार्य पूर्ण किए जाने हेतु सरकार द्वारा क्या समय-सीमा निर्धारित की गई है? (घ) योजना अंतर्गत अब तक कितने स्वामित्व अधिकार पत्र (प्रॉपर्टी कार्ड) जारी किए जा चुके हैं तथा शेष पात्र हितग्राहियों को कब तक प्रदान किए जाने का लक्ष्य है? क्या रजिस्ट्रियों के नामांतरण हो पा रहे है? (ड.) योजना के क्रियान्वयन के दौरान प्राप्त आपत्तियों/विवादों के निराकरण हेतु क्या व्यवस्था की गई है एवं अब तक कितने प्रकरणों का निराकरण किया गया है?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) स्वामित्व योजना के अंतर्गत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित आबादी भूमि का ड्रोन तकनीक के माध्यम से सर्वेक्षण कराया जाकर निवासरत सम्पति धारकों के अधिकार अभिलेख के निर्माण का कार्य किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में प्रॉपर्टी कार्ड के स्थान पर अधिकार अभिलेख का निर्माण किया जा रहा है। (ख) मध्य प्रदेश में योजना अंतर्गत 55 जिलो में सर्वे किया जाना प्रस्तावित था। जिसमें से 22 जिलों में स्वामित्व योजना का कार्य पूर्ण हो चुका है एवं शेष जिलों में कार्य प्रगतिशील है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ग) प्रदेश के समस्त जिलों में सर्वेक्षण कार्य प्रारंभ होकर अधिकार अभिलेख निर्माण का कार्य गतिशील है। जिलों में सर्वेक्षण कार्य पूर्ण करने हेतु मार्च 2026 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। (घ) योजना अंतर्गत अब तक 46.69 लाख स्वामित्व अधिकार अभिलेख जारी किए जा चुके हैं। शेष पात्र हितग्राहियों के अभिलेख निर्माण का कार्य प्रगतिशील है। आबादी अधिकार अभिलेख की रजिस्ट्रियों के नामांतरण हो रहे है। (ड.) योजना के क्रियान्वयन के दौरान प्राप्त आपत्तियों/विवादों का निराकरण न्यायालय की प्रक्रिया के तहत सुनवाई की जाती है। अब तक 40395 प्रकरणों का निराकरण किया गया है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का सिविल अस्पताल में उन्नयन
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
123. ( क्र. 2770 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सरकार द्वारा खरगोन जिले के किसी भी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को उन्नयन कर सिविल अस्पताल बनाये जाने के वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक कोई आदेश जारी किए गए हैं? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कसरावद को सिविल अस्पताल में उन्नयन नहीं किए जाने के क्या कारण हैं? क्या सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कसरावद निर्धारित मापदंडों को पूर्ण करता है? यदि नहीं, तो किन-किन मापदंडों की पूर्ति शेष है? विवरण दें। (ग) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कसरावद, बलकवाड़ा एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बोरावां, मगरखेड़ी एवं खामखेड़ा में स्वीकृत चिकित्सकीय एवं पैरामेडिकल पदों की पूर्ति कब से नहीं की गई है? रिक्त पदों की पदवार जानकारी एवं इन पदों की पूर्ति कब तक किए जाने की संभावना है? (घ) क्या उक्त रिक्त पदों की पूर्ति एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कसरावद के उन्नयन के संबंध में कोई कार्यवाही वर्तमान में प्रचलन में है? यदि हाँ, तो प्रश्न दिनांक की स्थिति में की गई कार्यवाही का विवरण दें?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''अ'' अनुसार है। (ख) निर्धारित मापदण्ड अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की बेड आक्यूपेंसी 80 प्रतिशत से अधिक होने पर उन्नयन की पात्रता आती है, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कसरावद की विगत 05 वर्षों की बेड आक्यूपेंसी 74.93% होने के कारण उन्नयन नहीं किया गया। जी नहीं। निर्धारित मापदण्ड अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की बेड आक्यूपेंसी 80 प्रतिशत से कम होने के कारण उन्नयन की पात्रता नहीं आती है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''ब'' अनुसार है। रिक्त पदों की पूर्ति विभाग की एक निरंतर प्रकिया है, निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है। (घ) रिक्त पदों की पूर्ति विभाग की एक निरंतर प्रकिया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कसरावद के उन्नयन के संबंध में वर्तमान में संस्था को उन्नयन की पात्रता न होने के कारण कोई कार्यवाही प्रचलन में नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
नागदा-खाचरौद विधान सभा क्षेत्र में शासकीय अस्पताल निर्माण
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
124. ( क्र. 2772 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नागदा- खाचरौद विधानसभा क्षेत्र में शासकीय अस्पताल का निर्माण कार्य अत्यंत धीमी गति से चल रहा है, प्रश्नकर्ता के जानकारी के अनुसार निर्माण की समयावधि 2-3 बार बढ़ायी जा चुकी है लेकिन आज दिनांक तक कार्य पूर्ण नहीं हुआ क्यों? निर्माण कार्य कब तक पूर्ण करवा लिया जाएगा? (ख) नागदा के शासकीय अस्पताल के साथ-साथ नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृत 21 स्वास्थ्य केन्द्रों के निर्माण की गति भी अत्यंत धीमी है, ग्राम बिरियाखेड़ी में तो अभी तक निर्माण कार्य प्रारंभ ही नहीं हुआ है क्यों? कार्य कब तक प्रारंभ करवा लिया जाएगा एवं धीमी गति से चल रहे उप स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण काम कब तक पूर्ण हो जाएंगे? (ग) नागदा में संजीवनी क्लिनिक, ग्राम चिरोला, रजला, अमलावदिया आदि गांव में उप स्वास्थ्य केंद्र एक वर्ष पूर्व से बनकर तैयार है लेकिन अभी तक यहां पर चिकित्सा सेवाएं प्रारंभ नहीं की जा सकी क्यों? यहां चिकित्सा सेवा कार्य कब प्रारंभ हो सकेगा?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हां, जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-''अ'' अनुसार है। समयावधि एक बार बढाई गई है। समयावधि बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-''ब'' अनुसार है। (ग) नागदा में 05 संजीवनी क्लीनिक में से 03 संजीवनी क्लीनिक क्रियाशील है एवं 02 संजीवनी क्लीनिक अप्रारंभ है। उप स्वास्थ्य केन्द्र चिरोला एवं रजला क्रियाशील है। अमलावदिया में सीएचओ द्वारा त्याग पत्र देने के कारण संस्था क्रियाशील नहीं है। पदस्थापना संबंधी कार्यवाही सतत् प्रक्रिया है। समयावधि बताया जाना संभव नहीं।
बालक-बालिकाओं को शासन की योजनानुसार साइकिल वितरण
[स्कूल शिक्षा]
125. ( क्र. 2773 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र में कितने स्कूलों में बालक–बालिकाओं को शासन की योजना के अनुसार साइकिल वितरण नहीं की गयी है जबकि आगामी 10 फरवरी से वार्षिक परीक्षाएं प्रारंभ होने वाली है और सत्र लगभग समापन की ओर है नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र में प्रचलित शैक्षणिक सत्र में क्षेत्र के किस विद्यालय में, किस दिनांक से साइकिल वितरण किया गया? (ख) शासन द्वारा सत्र के प्रारंभ होते ही समय-सीमा निर्धारित की गई थी क्या निर्धारित समय-सीमा के पूर्व साईकिल वितरण की गई, यदि नहीं तो संबंधितों के खिलाफ शासन द्वारा क्या कार्यवाही की गई या की जाने वाली है लगातार गुणवत्ता के संदर्भ में भी प्रश्नकर्ता द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी, उज्जैन जिला कलेक्टर जिला उज्जैन विकासखंड अधिकारी खाचरौद को अवगत कराया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई क्यों?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) नागदा-खाचरौद विधानसभा अन्तर्गत समस्त पात्र शालाओं में साईकिलों का वितरण किया जा चुका है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। प्रदेश में दिनांक 10 अगस्त 2025 से साईकिलों का वितरण प्रारंभ किया गया था। साईकिले शिक्षा सत्र में ही उपलब्ध कराई गई है। अतः शेषांश उद्भूत नहीं होता है। साईकिलों का तृतीय पक्ष के निरीक्षण के उपरांत विकासखण्ड स्तर पर प्राप्त कर वितरण की कार्यवाही की जाती है। संबंधित फर्म द्वारा साईकिलें समय-सीमा में उपलब्ध न कराये जाने पर जुर्माने का प्रावधान है।
जावरा स्थित सिविल अस्पताल के नवीन भवन की स्वीकृति
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
126. ( क्र. 2776 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन/विभाग द्वारा केंद्र/राज्य परिवर्तित योजनाओं के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की सुदृढ़ता हेतु अनेक प्रकार के कार्य किया जा रहे हैं? (ख) यदि हां, तो जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जावरा मुख्यालय पर स्थित जीर्ण-शीर्ण एवं पुराने सिविल अस्पताल भवन की मरम्मत एवं संधारण के कार्यों के साथ ही काफी पुराने भवन के स्थान पर सिविल हॉस्पिटल हेतु नवीन भवन की स्वीकृति कब तक दी जा सकेगी? (ग) पिपलोदा तहसील एवं जावरा तहसील अंतर्गत क्या समस्त क्षेत्रीय स्वास्थ्य केंद्रो के स्वयं के भवन है तो जहां बाउंड्री वॉल, विद्युतीकरण, पेयजल व्यवस्था, सार्वजनिक शौचालय के साथ ही समस्त स्वास्थ्य सुविधाओं के संसाधन पर्याप्त है जहां पर कमी है तो उन्हें दूर किए जाने हेतु कार्य योजना में सम्मिलित कर स्वीकृति कब तक दी जा सकेगी? (घ) जावरा तहसील के ग्राम ढोढ़र, ग्राम मांडवी एवं पिपलोदा तहसील के ग्राम सुखेड़ा एवं बड़ायला माताजी में नवीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वीकृति तथा पिपलोदा तहसील अंतर्गत ग्राम कमला खेड़ा, ग्राम धतुरिया, ग्राम आक्यादेह, ग्राम बड़ीनाल एवं ग्राम बामन घाटी में नवीन उप स्वास्थ्य केंद्र प्रारंभ किए जाने की कब तक स्वीकृति दी जा सकेगी?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। (ख) सिविल अस्पताल जावरा के परिसर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 50 बिस्तरीय एनसीएच अस्पताल भवन का निर्माण कार्य वर्ष 2022 में पूर्ण किया गया है, कोविड-19 महामारी के दौरान ई.सी.आर.पी 2 योजना अंतर्गत 20 बिस्तरीय अतिरिक्त वार्ड निर्माण सहित नवीन भवन में ही 12 बिस्तरीय एचडीयू एवं 12 बिस्तरीय डेडीकेटेड पीड्रियाट्रिक इकाई की भी स्थापना की गई है। वर्तमान में सिविल अस्पताल परिसर में नवीन भवन के निर्माण हेतु कोई कार्य योजना नहीं है, प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) ग्राम ढोढर नाडवी, सुखेडा एवं बडायला माताजी में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खोले जाने की पात्रता नहीं है। ग्राम कमलाखेडा धतुरिया आक्यादेह, बडीनाल एवं बामन घाटी में नवीन उप स्वास्थ्य केंद्र संस्था स्वीकृत नहीं है, प्रारंभ किये जाने की स्वीकृति हेतु निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है।
क्षेत्रीय शैक्षणिक संस्थाओं की स्थिति
[स्कूल शिक्षा]
127. ( क्र. 2777 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जावरा विधानसभा क्षेत्र में प्राथमिक शाला, माध्यमिक शाला, हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल के माध्यम से संपूर्ण क्षेत्र में छात्र-छात्राओं को अध्ययन, अध्यापन की सुविधा दी जा रही है? (ख) यदि हां, तो प्रश्नांश (क) अंतर्गत उल्लेखित अध्ययन अध्यापन के उक्ताशय के स्कूलों में कुल कितने-कितने छात्र-छात्राएं अध्यनरत हैं? (ग) उक्ताशय के शैक्षणिक संस्थानों के स्वयं के भवन हैं अथवा नहीं तथा समस्त संस्थानों में शौचालय, विद्युत व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, भवन बाउंड्रीवॉल, फर्नीचर, कम्प्यूटर, लाइब्रेरी, खेल मैदान, खेल सामग्री, लैब इत्यादि अन्य भी पर्याप्त सुविधाएं समस्त स्थान पर दी जा रही है तथा किन-किन स्थानों पर उल्लेखित संसाधन सुविधा उपलब्ध नहीं है तो स्पष्ट करें? (घ) अवगत कराएं कि उपरोक्त उल्लेखित प्रश्नों के अंतर्गत क्षेत्रीय संस्थाओं का नियमानुसार स्थिति में अन्यत्र स्थानांतरित होने पर रिक्त भवनों की क्या स्थिति है? साथ ही वर्तमान में उक्ताशय के संचालित शैक्षणिक केंद्रों के भवन जो जीर्ण-शीर्ण अथवा क्षतिग्रस्त स्थिति में है उन्हें भी चिन्हित किया जाकर उनके संधारण, मरम्मत, उपयोग इत्यादि के बारे में क्या कार्ययोजना बनाई गई। समस्त क्षेत्रीय संस्थाओं के संबंध में की गई कार्रवाई से अवगत करें?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। छात्र-छात्राओं को अध्ययन, अध्यापन की सुविधा दी जा रही है। (ख) एवं (ग) जावरा विधानसभा क्षेत्र में 309 प्राथमिक माध्यमिक शालाओं में 15864 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत है। समस्त शालाओं में स्वयं का भवन, पेयजल, बालिका शौचालय, विद्युत व्यवस्था, खेल मैदान, खेल सामग्री एवं लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध है। 03 शालाओं में बालक शौचालय, 197 शालाओं में बाउण्ड्रीवाल एवं 137 शालाओं में फर्नीचर की सुविधा उपलब्ध नही है। प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में कम्प्यूटर की सुविधा नहीं है। हाई एवं हायर सेकेण्डरी विद्यालयों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जावरा विधान सभा क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय उटखना शाला भवन सान्दीपनि जावरा में मर्ज होने से उक्त शाला भवन में बीईओ कार्यालय का संचालन किया जा रहा है। जीर्णशीर्ण एवं जर्जर शालाओं का चिन्हांकन किया गया है। नियमानुसार राईट आफ प्रक्रिया आवश्यकतानुसार वार्षिक कार्ययोजना प्रस्तावित किये जाते है। स्वीकृति बजट की उपलब्धता पर निर्भर करेगी। हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी विद्यालय अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किये गये है। वर्तमान में कोई भी विद्यालय भवन रिक्त नहीं है। 21 हाईस्कूल/उ.मा.वि. विद्यालयों का वर्ष 2025-26 में भवन मरम्मत हेतु उनकी माँग के आधार पर राशि उपलब्ध कराई गई है।
नई आबादी घोषित की जाना
[राजस्व]
128. ( क्र. 2780 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मंदसौर जिले में शासकीय जमीन पर वर्षों से निवासरत व्यक्तियों हेतु पंचायत/आवेदकों की मांग पर विभाग द्वारा विगत दिनों कोई आबादी घोषित की गई है यदि हाँ तो उसकी जानकारी देवें? (ख) सुवासरा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत ऐसे कितने ग्राम है जहां शासकीय जमीन पर वर्षों से मकान/झोपड़ी बनाकर व्यक्ति निवासरत है जहां आबादी घोषित नहीं होने के कारण उन्हें शासन की योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है जानकारी देवें? (ग) सुवासरा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत विगत 5 वर्षों में आबादी घोषित करने हेतु कितने प्रस्ताव प्रश्न दिनांक तक लंबित है जानकारी देवें? (घ) प्रश्नकर्ता द्वारा दिनांक 04 दिसम्बर 2025 को प्रश्न क्रं. 1401 में निवासरत व्यक्तियों हेतु आबादी घोषित करने का प्रश्न किया गया था जिसका जी नहीं में उत्तर दिया गया था, जबकि दिनांक 30 दिसम्बर 2025 को प्रकरण क्रमांक/अ-59/2025-2026 आबादी घोषित करने हेतु जारी आदेश का कारण सहित जानकारी देवें तथा अन्य को आबादी घोषित से वंचित करने का क्या कारण है जानकारी देवें?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) विगत 05 वर्षों में मंदसौर जिले में कुल 156 आबादी भूमि घोषित की गई। (ख) विधानसभा सुवासरा के उपखण्ड सीतामऊ की तहसील सीतामऊ में आवरी, सुल्तानिया, मामादेव, नयाखेड़ा, चाहखेड़ी जिनमें शासकीय भूमि पर मकान बनाकर निवासरत स्थानों की आबादी घोषित नहीं है। शेष पूर्व से घोषित आबादी में निवासरत को समस्त प्रकार के लाभ प्राप्त हो रहे है। तहसील शामगढ की जानकारी निरंक है। (ग) विगत 5 वर्षों में आबादी घोषित करने हेतु कोई भी प्रस्ताव लंबित नहीं है। (घ) जी हाँ, प्रश्न क्रमांक 1401 की विषयवस्तु की अनुक्रम में जी नहीं उत्तर दिया गया था। दिनांक 30.12.2025 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सीतामऊ के प्रस्ताव के आधार पर आबादी घोषित की गई है, अन्य को आबादी घोषित किये जाने का कोई प्रस्ताव अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सीतामऊ से प्राप्त नहीं है। म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 237 के प्रावधानों के तहत प्रस्ताव प्राप्त होने पर निर्णय लिया जा सकेगा।
सूक्ष्म सिंचाई योजना का विस्तारीकरण
[जल संसाधन]
129. ( क्र. 2781 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सुवासरा-शामगढ़ सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के विस्तारीकरण का कार्य किया गया है? यदि हां, तो इसमें कितने ग्राम शामिल किए गए हैं और कुल लागत क्या है? विस्तारीकरण की स्वीकृति दिनांक एवं कार्य पूर्ण होने की निर्धारित दिनांक क्या है? (ख) इसका भौतिक सत्यापन कौन-कौन से अधिकारी/कर्मचारी कर रहे हैं? उनके नाम, पदनाम एवं मोबाईल नम्बर सहित विस्तृत जानकारी देवें। (ग) जिस उद्देश्य से इस योजना का विस्तारीकरण स्वीकृत किया गया था, क्या वह उद्देश्य पूरा हुआ है? कितनी हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई एवं कितने किसानों को इस योजना का लाभ मिल रहा है तथा कितने किसान इस योजना से वंचित रह गए है? (घ) कुछ क्षेत्रों में पाइप लाइन लीकेज और कार्य गुणवत्ता से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुई हैं। संबंधित विभाग ने निरीक्षण कर, क्या सुधारात्मक कार्यवाही की है? उक्त समस्या के दौरान क्या किसानों को कोई राहत राशि प्रदान की गई है?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ, इस योजना में 51 ग्राम शामिल किये जाना प्रतिवेदित है। योजना की लागत रू. 223.26 करोड़ है। विस्तारीकरण के कार्य की स्वीकृति सुवासरा शामगढ़ सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की स्वीकृति में शामिल है तथा विस्तारीकरण कार्य जनवरी 2025 में पूर्ण कर लिया जाना प्रतिवेदित है। (ख) विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। योजना से कुल 10648 किसान लाभांवित होंगे। (घ) शामगढ़ सुवासरा वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना (विस्तारीकरण) अंतर्गत कुछ क्षेत्रों में पाईप लाईन लीकेज कार्य से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुई थी, जिसे विभागीय अमले द्वारा संबंधित ठेकेदार को निर्देशित कर सुधार कार्य करा दिया गया है। उक्त समस्या के दौरान प्रभावित किसान को ठेकेदार द्वारा क्षतिपूर्ति की राशि तत्काल प्रदान की जाना प्रतिवेदित है।
नायब तहसीलदार स्तर के अधिकारी को कार्यपालक दंडाधिकारी का प्रभार
[राजस्व]
130. ( क्र. 2795 ) श्री सुनील उईके : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या छिंदवाड़ा जिले की तहसील छिंदवाड़ा में एक नायब तहसीलदार स्तर के अधिकारी को परिवीक्षाधीन अवधि में कार्यपालन दंडाधिकारी का प्रभार सौंपा गया है यदि हाँ तो किस नियम एवं प्रावधान के तहत ऐसा किया गया है? (ख) छिंदवाड़ा तहसील में विगत 1 वर्ष में बीएनएस की धारा 170 के कितने प्रकरण नगर दंडाधिकारी छिंदवाड़ा और कार्यपालक दंडाधिकारी छिंदवाड़ा के समक्ष प्रस्तुत किए गए एवं उनमें से कितने प्रकरण नगर दंडाधिकारी ने सुने तथा कितने कार्यपालक दंडाधिकारी द्वारा श्रवण किए गए। उपरोक्त प्रकरणों में कितने प्रकरणों में आरोपी गणों को उसी दिन मुचलका/जमानत प्रदान कर दी गई एवं कितने प्रकरणों में आरोपी गणों को जेल भेज दिया गया? समस्त प्रकरणों की जानकारी आदेश पत्रिका की कॉपी के साथ देवें? (ग) क्या बीएनएस की धारा 170 में सक्षम जमानत/मुचलका मांगने का नियम है यदि हाँ तो किस रूप में मुचलका/जमानत मांगने का नियम है नियम की कॉपी देवें? (घ) क्या छिंदवाड़ा तहसील में कार्यपालक दंडाधिकारी छिंदवाड़ा द्वारा अपनी मनमर्जी से चेहरा देखकर जमानत मुचलका हेतु किसी से साल्वेंसी किसी से पावती की मांग की जाती है? (ड.) क्या राजनीतिक दबाव या आर्थिक लाभ के कारण कार्यपालन दंडाधिकारी छिंदवाड़ा बिना सक्षम जमानत के भी आरोपियों को अपनी मर्जी से छोड़ देते हैं क्या सरकार कमेटी बनाकर इस मामले की जांच करवाएगी?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) छिंदवाड़ा जिले की तहसील छिंदवाड़ा शहर में, नायब तहसीलदार स्तर के अधिकारी श्री आशुतोष रामटेके को परिवीक्षाधीन अवधि में आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी मध्यप्रदेश भोपाल (विभागीय परीक्षा प्रकोष्ठ) के आदेश क्रमांक/240/प्रअविप/2024, भोपाल, दिनांक 09/01/2025 के अनुसार (दाण्डिक विधि एवं प्रक्रिया सहित) विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण उपरांत, कार्यपालन दंडाधिकारी का प्रभार कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी के आदेश क्रमांक/वि.लि.-1 (ए)/2025, दिनांक 21/07/2025 के द्वारा सौंपा गया। (ख) छिंदवाड़ा तहसील में विगत 1 वर्ष में बीएनएसएस 2023 की धारा 170 के अंतर्गत नगर दंडाधिकारी छिंदवाड़ा के समक्ष 221 संख्या में प्रकरण प्रस्तुत है। प्रस्तुत किये गये प्रकरणों में नगर आरोपी को उसी दिन मुचलका/जमानत भेजा गया। इसी प्रकार नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक दंडाधिकारी के द्वारा कुल 165 प्रकरण दर्ज किये गये जिसमें से 105 प्रकरणों में आरोपी को मुचलका/जमानत पर रिहा किया गया एवं 60 प्रकरणों में आरोपीगणों को जेल भेजा गया। आदेश पत्रिका पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) बीएनएसएस की धारा 126 में परिशांति कायम रखने के लिये प्रतिभूति लिये जाने का प्रावधान है। (घ) जी नहीं। परिस्थिति अनुसार सक्षम प्रतिभूति ली जाती है। (ड.) जी, नहीं, प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
जिला परिवहन कार्यालय भवन का निर्माण
[परिवहन]
131. ( क्र. 2799 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्तमान में जिला परिवहन कार्यालय राजगढ़ का अपना स्वयं का कार्यालय भवन है यदि है तो कहाँ पर है? (ख) यदि नहीं तो नवीन कार्यालय भवन के लिए क्या शासन द्वारा पूर्व में शासकीय भूमि आवंटित की गई थी यदि हाँ तो कब तथा कहां पर और कितनी? बतावें। (ग) क्या उक्त आवंटित शासकीय भूमि पर नवीन कार्यालय भवन का निर्माण किया गया था? यदि हाँ तो फिर उक्त कार्यालय नवीन भवन में संचालित होकर अन्य स्थान पर क्यों संचालित किया जा रहा है? (घ) क्या उक्त जिला परिवहन कार्यालय रेलवे की जगह पर बना दिया गया है यदि हाँ तो इसके लिए कौन अधिकारी कर्मचारी दोषी पाए गए है। उन पर क्या कार्यवाही की गई (ड.) क्या जिला परिवहन कार्यालय के नवीन भवन का निर्माण किया जावेगा यदि हाँ तो कब तथा कहां पर और यदि नहीं तो क्यों नहीं कारण सहित बतावें।
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) कलेक्टर जिला राजगढ़ के आदेश क्रमांक 79/अ-59/2013-14, दिनांक 31.07.2016 द्वारा नगर राजगढ़ की शासकीय आबादी नजूल भूमि सर्वे नंबर 797/1/6 रकबा 5.486 हेक्टेयर में से 1.620 हेक्टेयर भूमि जिला परिवहन कार्यालय राजगढ़ के नवीन भवन निर्माण के लिए आवंटित की गई थी। (ग) जी नहीं, तहसील राजगढ़ के पत्र क्रमांक 308/प्रवाचक/2017, दिनांक 04.03.2017 से प्राप्त जानकारी के अनुसार आवंटित रकबा में भवन निर्माण न होकर अन्य सर्वे 812 की भूमि पर भवन निर्माण किया गया था। इस कारण विभाग द्वारा भवन आधिपत्य में नहीं लिया गया था। वर्तमान में कार्यालय किराये से अन्य स्थान स्टेडियम परिसर की दुकानों एवं नगर पालिका के सामुदायिक भवन में संचालित हो रहा है। (घ) जी हाँ, तहसील राजगढ़ के पत्र क्रमांक 308/प्रवाचक/2017, दिनांक 04.03.2017 से प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर राजगढ़ की भूमि सर्वे नंबर 797/1/6/2 रकबा 1.620 है, भूमि जिला परिवहन अधिकारी, राजगढ़ के नाम से आवंटित है, इस भूमि में परिवहन कार्यालय नहीं बनाया गया है। सर्वे नंबर 812 की भूमि में परिवहन कार्यालय बनाया गया है। जिस स्थान पर परिवहन कार्यालय बनाया गया है, उस भूमि पर रेलवे स्टेशन प्रस्तावित है। दोषी अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध की गई कार्यवाही की जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ड.) जी हाँ, परिवहन कार्यालय भवन निर्माण हेतु आवंटित भूमि पर भवन निर्माण किया जाना प्रस्तावित है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है, अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सीमांकन एवं अवैध अतिक्रमण
[राजस्व]
132. ( क्र. 2802 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तारांकित प्रश्न क्रमांक 505 दिनांक 12/02/2024 के उत्तरांश अनुसार सीमांकन प्रकरण क्रमांक 004/अ-17-18 दिनांक 20/03/2018 को राजस्व निरीक्षक एवं मोजा पटवारी द्वारा सीमांकन पंचनामे में पड़ोसी कृषक नारायण सिंह पिता पुरसिंह एवं रतनसिंह पिता भुवान जी द्वारा अनधिकृत अतिक्रमण पाए जाने पर प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई है? क्या आवेदक कृषक द्वारा अतिक्रमण हटाने एवं सीमांकन हेतु कितनी बार आवेदन प्रेषित किए गए कितने आवेदनों पर क्या- क्या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं तो क्यों ? (ख) राजस्व निरीक्षक एवं मोजा पटवारी द्वारा सीमांकन पंचनामा तहसील कार्यालय में जमा करने के उपरांत प्रश्न दिनांक तक कब्जा हटाने की कार्यवाही क्यों नहीं की गई? अतिक्रमण न हटाने हेतु कौन जिम्मेदार है? क्या जिम्मेदारों पर कार्यवाही की जाएगी? (ग) क्या प्रश्नांश (क) अनुसार कब्जा धारकों द्वारा अवैध रूप से पक्के निर्माण किए गए हैं? यदि हाँ तो राजस्व निरीक्षक एवं पटवारी द्वारा दल गठित कर विस्तृत जांच की जाकर पंचनामे की प्रति उपलब्ध करावें? कब तक अवैध कब्जा धारकों के पक्के निर्माण को हटाने की कार्यवाही की जाएगी? यदि नहीं तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) आवेदक की ओर से धारा 250 म.प्र.भू-राजस्व संहिता के तहत कब्जा अतिक्रमण हटाने का कोई आवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया। वर्ष 2024 में आवेदक द्वारा पुनः सीमांकन हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया। (ख) आवेदक द्वारा वर्ष 2024 में सीमांकन प्रकरण क्रमांक 004/अ-12/2017-18 दिनांक 20/03/2018 के अनुक्रम में भूमि स्वामी द्वारा धारा 250 का आवेदन प्रस्तुत नहीं किया जाने के कारण कब्जा हटाने की कार्यवाही नहीं की गई, पुनः सीमांकन का आवेदन प्रस्तुत किया गया जिसके संबंध में इस कार्यालय के पत्र क्रमांक/री/2024 दिनांक 27.12.2024 के पालन में दिनांक 03.01.2025 को राजस्व निरीक्षक एवं मौजा पटवारी द्वारा आवेदक की मौजूदगी में सीमांकन किया गया जिसमे पूर्व में नारायणसिंह पिता पुरसिंह एवं रतनसिंह पिता भुवान जी द्वारा अतिक्रमण किया था किन्तु वर्तमान में उक्त भूमि 0.67 हे. पर लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क निर्माण कार्य किया जा रहा है एवं किसी अन्य व्यक्ति का कोई अतिक्रमण नहीं पाया गया है। (ग) जी नहीं, कब्जा धारकों द्वारा अवैध रूप से पक्के निर्माण नहीं, किए गए हैं पटवारी पंचनामा अनुसार वर्तमान में मौके 0.67 हे. पर लोक निर्माण विभाग की सड़क मौजूद है पंचनामें की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। लोक निर्माण विभाग की सड़क हेतु भूमि अधिग्रहण की गई है जिसमें कृषक को भूमि मुआवजा का भुगतान किए जाने की प्रक्रिया में है। शेष बची भूमि पर किसी प्रकार का कोई पक्का निर्माण मौके पर नहीं है। पटवारी पंचनामा की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
मध्यप्रदेश में कोटवारों को प्रदाय की जा रही सुविधाएँ
[राजस्व]
133. ( क्र. 2804 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में वर्तमान में कुल कितने कोटवार व उज्जैन जिले में कितने कार्यरत हैं? शासन द्वारा कोटवारों को कौन-कौनसी सुविधाएं (मानदेय/वर्दी/उपकरण/अन्य भत्ते आदि) प्रदान की जा रही हैं? (ख) क्या शासन द्वारा कोटवारों को वर्दी सामग्री हेतु निर्धारित राशि नियमित रूप से सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जाती है? यदि हाँ, तो वर्ष 2019 से 2026 तक वर्षवार एवं जिलेवार प्रत्येक कोटवार के खाते में कितनी राशि अंतरित की गई है? वर्षवार विवरण दें। (ग) प्रमुख आयुक्त राजस्व, भोपाल के पत्र क्रमांक एफ-2/बजट/प्रराआ/19-20/3807 दिनांक 02/08/2019 में प्रतिवर्ष दो जोड़ी वर्दी हेतु राशि कोटवारों के खाते में जमा करने के निर्देश के बावजूद वर्ष 2024-25 से कोटवारों को घटिया किस्म की सिली-सिलाई वर्दी प्रदाय किए जाने के क्या कारण हैं? क्या उक्त निर्देशों का उल्लंघन हुआ है? (घ) अवर सचिव, राजस्व विभाग के पत्र क्रमांक 1/539220/2025/सात-4 दिनांक 09/10/2025 के अनुसार वर्दी प्रदाय प्रक्रिया एवं गुणवत्ता का जिलेवार सत्यापन कर कोटवार संघ को अनिवार्य रूप से शामिल करने के निर्देश दिए गए थे? उक्त निर्देशों के अंतर्गत उज्जैन सहित किन-किन जिलों में गुणवत्ता सत्यापन कराया गया है, ? क्या कार्यवाही की गई है? सत्यापन प्रतिवेदन की छायाप्रति उपलब्ध करायें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) उज्जैन सहित प्रदेश के जिलों में कोटवारों का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'' क'' अनुसार है। शासन द्वारा वर्ष में एक बार 02 जोड़ी, वर्दी उपकरण/सामग्री में 01 टार्च, 01 जोड़ी जूते एवं तीन वर्ष में एक बार गर्म कोट प्रदाय किया जा रहा है। (ख) प्रमुख राजस्व आयुक्त कार्यालय (आयुक्त भू – संसाधन एवं प्रबंधन) द्वारा कोटवार वर्दी सामाग्री की राशि जिला कार्यालय को आवंटित की जाती है। वर्ष 2019 से 2026 तक जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ख' अनुसार है। (ग) मध्यप्रदेश भण्डार क्रय नियम तथा सेवा उपार्जन नियम 2015 (यथा संशोधित 2022) जो दिनांक 13.01.2023 से मध्यप्रदेश शासन द्वारा लागू किये गये हैं, के पैरा 25.1 अनुसार वर्दी को आरक्षित सामाग्री में रखे जाने के कारण पत्र क्रमांक एफ –2/बजट/प्रराआ/2024- 25/9091 दिनांक 11.12.2024 के द्वारा भण्डार क्रय नियम 2015 के प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही करने के निर्देश जिला कलेक्टर को जारी किए गए है। किसी निर्देश का उल्लंघन नहीं हुआ है। (घ) राजस्व विभाग के पत्र क्रमांक 1/539220/2025/सात-4 दिनांक 09/10/2025 के अनुसार जिला स्तर पर सत्यापन प्रतिवेदन प्राप्त किये जा रहे है।
कान्ह डायवर्सन प्रोजेक्ट से क्षिप्रा नदी में प्रदूषण
[जल संसाधन]
134. ( क्र. 2805 ) श्री महेश परमार : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह तथ्य निर्विवाद है कि कान्ह डायवर्सन प्रोजेक्ट से क्षिप्रा नदी में दूषित जल मिलने का विषय वर्ष 2019 से निरंतर प्रश्नों, शिकायतों एवं समाचार प्रकाशनों के माध्यम से शासन के संज्ञान में है? (ख) क्या पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986, जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं NGT द्वारा नदियों में प्रदूषित जल प्रवाह पर पूर्ण प्रतिबंध के स्पष्ट निर्देश प्रभावशील हैं? (ग) यदि हाँ, तो यह स्पष्ट किया जाए कि वर्ष 2019 से प्रश्न दिनांक तक (i) कितनी जल गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट तैयार की गईं, (ii) कितनी रिपोर्टों में प्रदूषण की पुष्टि हुई, (iii) तथा किन अधिकारियों/एजेंसियों को उत्तरदायी ठहराया गया? (घ) क्या दिनांक 10.01.2024 को प्रकाशित समाचार द्वारा कान्ह का दूषित पानी क्षिप्रा में मिलने की सार्वजनिक पुष्टि होने के बावजूद। प्रश्न क्रमांक 703 के उत्तर में केवल ''जानकारी एकत्रित की जा रही है'' बताया? (ड.) क्या निरंतर प्रदूषण, पर्यावरणीय क्षति एवं प्रश्नों की अवहेलना के कारण (i) दोषी अधिकारियों पर लोकायुक्त अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई, (ii) स्वतंत्र उच्च स्तरीय जांच, (iii) तथा क्षिप्रा नदी के पुनर्जीवन हेतु समयबद्ध कार्ययोजना कब तक लागू की जाएगी?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
पाँच दिवसीय ''महाकाल महोत्सव'' पर शासकीय व्यय
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
135. ( क्र. 2806 ) श्री महेश परमार : क्या राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) महाकाल लोक में आयोजित पाँच दिवसीय ''महाकाल महोत्सव'' के आयोजन हेतु किन-किन विभागों/न्यासों/एजेंसियों द्वारा कुल कितनी राशि व्यय की गई? विभाग-वार एवं मद-वार (कार्यक्रम, प्रचार, मंच, प्रकाश-ध्वनि, सुरक्षा, अतिथि, कलाकार इत्यादि) समस्त विवरण प्रस्तुत किया जाए। (ख) महोत्सव के अंतर्गत किन-किन कार्यक्रमों, इवेंट्स हेतु किन-किन एजेंसियों, कंपनियों से अनुबंध किए गए? प्रत्येक अनुबंध का उद्देश्य, निविदा/कोटेशन प्रक्रिया, अनुबंध मूल्य एवं भुगतान स्थिति बताइए और रिकॉर्ड प्रस्तुत करें। (ग) पाँच दिवसीय महोत्सव में भाग लेने वाले किन-किन कलाकारों/गायक/गीतकारों/सांस्कृतिक दलों को कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया गया? भुगतान का आधार, स्वीकृति प्राधिकारी एवं बिल/वाउचर क्रमांक के साथ आय व्यय पत्र प्राप्त एवं भुगतान की प्रति देवें। (घ) महोत्सव का आयोजन किन-किन विभागों, समितियों द्वारा किया गया? आयोजन समिति, तकनीकी समिति एवं निगरानी समिति के अध्यक्ष/सदस्य/पदनाम, भूमिका एवं दायित्व स्पष्ट किए जाएँ। (ड.) क्या यह समस्त व्यय श्री महाकालेश्वर मंदिर अधिनियम, 1982 की धारा 22, 23 एवं 28 तथा Public Trust Doctrine के अनुरूप है? क्या मैनुअल-आधारित निगरानी, लेखा परीक्षण एवं उत्तरदायित्व निर्धारण किया गया? यदि हाँ तो, रिपोर्ट संलग्न करें, यदि नहीं तो, कारण बताएं। (च) उज्जैन शहर एवं उज्जैन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक सनातनी श्रद्धालुओं के लिए आधार कार्ड के आधार पर प्रबंध समिति द्वारा ''निरधारित प्रवेश द्वार'' से प्रत्येक दर्शनार्थी का बायोमेट्रिक परीक्षण उपरांत निःशुल्क शीघ्र सहज सुलभ दर्शन की व्यवस्था एवं प्रबंध कब तक किया जाएगा?
राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) से (च) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
जिला सीधी अंतर्गत विद्यालयों की व्यवस्था
[स्कूल शिक्षा]
136. ( क्र. 2817 ) श्रीमती रीती पाठक : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 जनवरी 2024 से लेकर अब तक सीधी विधानसभा अंतर्गत कितने विद्यालयों का उन्नयन किया गया है? (ख) विद्यालयों के उन्नयन के सम्बन्ध में सीधी जिले से कितने प्रस्ताव जनप्रतिनिधियों के माध्यम से प्राप्त हुए हैं एवं इनमें से कितने प्रस्ताव स्वीकृत हुए हैं? (ग) सीधी जिले में ऐसे कितने विद्यालय हैं जिनके भवन जर्जर/भवन विहीन हैं ऐसे विद्यालयों लिए नवीन भवन स्वीकृति करने की शासन की क्या योजना है एवं पिछले 2 वर्षों में सीधी जिले में विद्यालयों के लिए नवीन भवन स्वीकृत किये गए हैं? (घ) सीधी जिले में मेधावी विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना का लाभ पिछले दो वर्षों में कितने विद्यार्थियों को प्राप्त हुआ है एवं कितने विद्यार्थियों को व्यवसायिक शिक्षा में चयनित होने का अवसर मिला है? (ड.) सीधी विधानसभा अंतर्गत कितने विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएँ जैसे पेयजल व्यवस्था, विद्युतीकरण, शौचालय, खेल मैदान, बाउंड्री वॉल आदि का अभाव है? स्कूलवार जानकारी दें एवं ये व्यवस्थाएं विद्यालयों में कब तक उपलब्ध करा दी जाएँगी?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) सीधी विधान सभा अंतर्गत उन्नयन के संबंध में जानकारी निरंक है। (ख) सीधी जिले में जनप्रतिनिधियों के माध्यम से प्राथमिक शाला सरेठी का माध्यमिक शाला में उन्नयन हेतु प्रस्ताव प्राप्त है। माध्यमिक प्राथमिक शाला सरेठी से 4.5 किमी की दूरी पर सादीपनि विद्यालय खाम्ह होने के कारण उन्नयन नहीं किया गया। माध्यमिक से हाईस्कूल एवं हाईस्कूल से हायर सेकेण्डरी के कुल 43 प्रस्ताव जनप्रतिनिधियों एवं अन्य से प्राप्त हुए है। वर्तमान में राज्य बजट अन्तर्गत शाला उन्नयन की कार्यवाही स्थगित रखी गई है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''1'' अनुसार है। शासकीय उ.मा.वि पांड़, डागा एवं शासकीय उ.मा.वि. बघोर, बिठौली, कोल्हूडीह और लकोडा में प्रयोगशाला एवं अतिरिक्त कक्ष की स्वीकृति दी गई है। नवीन भवन की स्वीकृति मांग/प्रस्ताव एवं बजट प्रावधान एवं सक्ष्म स्वीकृति पर निर्भर करता है। (घ) जिले में मेधावी विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना का लाभ वर्ष 2023-24 में 1654 विद्यार्थियों को एवं वर्ष 2024-25 में 9946 विद्यार्थियों को लाभ प्राप्त हुआ है। जिले के विद्यालयों में संचालित व्यावसायिक शिक्षा पाठ्यक्रम (Vocational Courses) में वर्ष 2024-25 में 9573 और वर्ष 2025-26 में 14463 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''2'' अनुसार है। स्वीकृति मांग/प्रस्ताव एवं बजट प्रावधान एवं सक्ष्म स्वीकृति पर निर्भर करता है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
पर्यटन विभाग द्वारा स्वीकृत कार्य
[पर्यटन]
137. ( क्र. 2818 ) श्रीमती रीती पाठक : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी विधानसभा अंतर्गत गोपाल दास बांध के पास जल संसाधन विभाग के जर्जर रेस्ट हाउस को पर्यटन विभाग के आधिपत्य में लेकर सर्व सुविधा युक्त रिसोर्ट के रूप में विकसित करने का कई बार आग्रह किया गया है इस सम्बन्ध में क्या कार्यवाही की गई एवं आ रही रुकावटों को कब तक दूर कर दिया जायेगा? (ख) सीधी विधानसभा में वर्तमान वित्तीय वर्ष में पर्यटन विभाग द्वारा कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किये गए हैं एवं आने वाले वित्तीय वर्ष में पर्यटन विभाग द्वारा कौन- कौन से कार्य स्वीकृत किये जायेंगे जिससे सीधी विधानसभा में पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके? (ग) सीधी विधानसभा में सोन नदी के किनारे कुर्र्वाह में वर्षों से मकर संक्रांति पर भव्य मेले का आयोजन किया जाता है यहाँ पर शासकीय भूमि चिन्हित कर वृहद् ईको पार्क बनाने की आवश्यकता है क्या सरकार पर्यटन विभाग द्वारा सर्वे कराकर इस योजना पर आगामी वित्तीय वर्ष में स्वीकृत प्रदान करेगी?
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जी हाँ। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जिला सीधी विधानसभा में गोरियारा डेम का विकास एवं अन्य कार्य की स्वीकृति प्रदान की गई है। आगामी कार्य योजना बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी नहीं वर्तमान में कोई योजना प्रस्तावित नहीं है शेष बताया जाना संभव नहीं है।
शासकीय विद्यालयों हेतु भवन निर्माण एवं उन्नयन
[स्कूल शिक्षा]
138. ( क्र. 2819 ) श्री सुरेश राजे : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र डबरा अंतर्गत संचालित शासकीय विद्यालयों में से प्रश्न दिनांक तक कहाँ-कहाँ के विद्यालय भवन में छात्र-छात्राओं के लिए शौचालय, विद्युत, पेयजल, की व्यवस्था नहीं है? किस कार्यालय/विद्यालय भवन क्षतिग्रस्त होने से इंजीनियर द्वारा मरम्मत/जीर्णोद्धार योग्य नहीं पाया गया? जिसका नवीन भवन निर्माण हेतु जिला स्तर से शिक्षा विभाग द्वारा क्या कार्य योजना बनाकर प्रस्ताव कब-कब स्वीकृत हेतु भेजा गया? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार शासकीय माध्यमिक विद्यालय छीमक, टेकनपुर, डबरा गाँव, गेडोल कला, सहोना तथा नॉन मसूदपुर को छात्र-छात्राओं के हित में "हाई स्कूल" में उन्नयन करने हेतु शासन को प्रस्ताव प्राप्त हुआ? यदि हाँ तो इन विद्यालयों को उन्नयन कर शिक्षण सत्र 2026 से कक्षाएं प्रारंभ की जाएँगी? (ग) प्रश्नांश (क) के अनुसार क्षेत्र के विद्यालयों में किस-किस शासकीय विद्यालय की भूमि पर कब से अतिक्रमण है? जिसे हटाने हेतु प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की गई?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत संचालित शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"अ" अनुसार है। समस्त प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालयों में पेयजल व्यवस्था है। नवीन भवन निर्माण हेतु आवश्यकतानुसार चिन्हांकन कर वार्षिक कार्य योजना में प्रस्तावित किये जाते है। स्वीकृति, मांग/प्रस्ताव एवं बजट की उपलब्धता पर निर्भर करता है। समस्त हाई/हायर सेकेण्डरी स्कूलों में शौचालय, विद्युत एवं पेयजल व्यवस्था उपलब्ध है। कोई भी शासकीय हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन एवं कार्यालय भवन क्षतिग्रस्त नहीं है। अतः शेषांश उद्भूत नहीं होता है। (ख) जी हाँ। वर्तमान में राज्य बजट अन्तर्गत शाला उन्नयन की कार्यवाही स्थगित रखी गई है। अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत शासकीय हाई/हायर सेकेण्डरी स्कूलों की जानकारी निरंक है। प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" अनुसार है।
अपर बुढ़नेर परियोजना की जानकारी
[जल संसाधन]
139. ( क्र. 2825 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग अंतर्गत मंडला जिले में कितने उपयंत्री, एसडीओ व कार्यपालन-यंत्री पदस्थ हैं, उनके नाम पदनाम पदस्थापना स्थान सहित जानकारी उपलब्ध कराएं? मंडला जिले में एसडीओ व उपयंत्री होने के बाद भी श्री मुड़िया को मंडला-जिले में अतिरिक्त पदस्थ करने एवं एसडीओ प्रभार देने के क्या कारण हैं? (ख) अपर-बुढ़नेर-परियोजना की लागत, निर्माण एजेंसी की जानकारी एवं कार्यादेश की छायाप्रति उपलब्ध कराएं? क्या इस हेतु वन एवं पर्यावरण की स्वीकृति प्राप्त हो गई है? यदि हाँ तो स्वीकृति की छायाप्रतियां उपलब्ध कराएं। यदि नहीं तो बिना स्वीकृति के कार्य प्रारम्भ करने के कारण बताएँ? इस परियोजना के अंतर्गत कौन-कौन से कार्य किये जाने हैं? डीपीआर की छायाप्रति उपलब्ध कराएं? अब तक कितना कार्य कहाँ-कहाँ किया गया है? संबंधित एमबी-बिलों की छायाप्रतियाँ उपलब्ध कराएं। (ग) अपर-बुढ़नेर-परियोजना के कार्य हेतु अब तक कितनी राशि किन-किन कार्यों/खरीदी हेतु खर्च की गई है? बिलों की छायाप्रति एवं भुगतानों की जानकारी उपलब्ध कराएं? परियोजना से सम्बंधित अब तक कितनी शिकायतें की गईं हैं, शिकायतों की प्रति एवं निराकरण की जानकारी उपलब्ध कराएं।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
उज्जैन में गोचर/चरनोई भूमि की जानकारी
[राजस्व]
140. ( क्र. 2828 ) श्री सतीश मालवीय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में गोचर/चरनोई भूमि के सम्बंध में क्या नियम है? क्या गोचर/चरनोई भूमि के उपयोग परिवर्तन के भी कोई नियम है? यदि हाँ तो नीति, नियम एवं निर्देश की प्रतियों सहित संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) विगत 05 वर्ष में उज्जैन जिले में कितनी गोचर/चरनोई भूमि को परिवर्तित कर कॉलोनी के लिए टी.एन.सी.पी (TNCP) की गई है? विगत 05 वर्ष पहले उज्जैन जिले में कितनी भूमि गोचर/चरनोई घोषित थी? सर्वे क्रमांक, खसरे एवं रकबे, स्थानवार सहित सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं। (ग) प्रश्नांश (ख) के संबंध में विगत 05 वर्षों में गोचर/चरनोई भूमि के किस-किस सर्वे क्रमांक का उपयोग परिवर्तन किया गया है? यदि किया गया है तो किस नियम के तहत? नियम के आदेश की प्रति सहित जानकारी देवें और यदि नहीं तो, उक्त गोचर/चरनोई भूमि पर हुए अवैध निर्माण के विरुद्ध शासन द्वारा क्या कोई कार्यवाही की गयी है? यदि नहीं तो क्यों? इस लापरवाही के लिए कौन-कौन अधिकारी दोषी है? दोषियों पर कार्यवाही कब तक की जावेगी? (घ) प्रश्नांश (ग) के संबंध में गोचर/चरनोई भूमि परिवर्तन के संबंध में कलेक्टर उज्जैन को कितनी शिकायतें किस-किस/जनप्रतिनिधियों के माध्यम से प्राप्त हुई है? उक्त शिकायतों के संबंध में कलेक्टर उज्जैन द्वारा की गयी कार्यवाही से अवगत करावे एवं पत्राचार की प्रतिलिपियों सहित जानकारी देवें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 (यथा संशोधित वर्ष 2018) के अध्याय 18 आबादी के तथा दखल रहित भूमि में उसकी उपज में अधिकार (धारा 233 से 247) में चरनोई भूमि के संबंध में प्रावधान किए गए हैं। (ख) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।
मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग द्वारा आवंटित तालाबों की जानकारी
[मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास]
141. ( क्र. 2829 ) श्री सतीश मालवीय : क्या राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन जिले में मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग के कुल कितने तालाब कहाँ-कहाँ स्थित है? स्थानवार संख्या बतावें? (ख) उक्त तालाबों को मत्स्य पालन हेतु किन-किन संस्थाओं/व्यक्तियों को कितने समय एवं किन-किन शर्तों अथवा नियमों के तहत आवंटित किए गए है? संस्थाओं के नाम, पते एवं पालनार्थ नियमों की प्रतियों के सहित सम्पूर्ण दस्तावेजी जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग को उक्त सभी आवंटित संस्थाओं से कितना-कितना राजस्व प्राप्त हुआ है? कितना राजस्व प्राप्त होना बाकी है और बाकी राजस्व कब तक वसूल किया जाएगा? (घ) जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग द्वारा उज्जैन जिले को किस-किस मद में कितना-कितना आवंटन प्राप्त हुआ एवं आवंटन राशि के विरुद्ध कितनी-कितनी राशि कहाँ-कहाँ व्यय की गयी? व्यय की गयी राशि के मय बिल वाऊचर की प्रतिलिपियों सहित सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें।
राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास ( श्री नारायण सिंह पंवार ) : (क) उज्जैन जिले में कुल 282 तालाब/जलाशय है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार। (ख) तालाब/जलाशयों को मछली पालन हेतु आवंटित म.प्र. मत्स्य पालन की नवीन नीति एवं त्रिस्तरीय पंचायतों को मत्स्योद्योग के अधिकारों एवं कार्यक्रमों का विकेन्द्रीकरण के परिपत्र 2008 के अनुसार आवंटित किये गये है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार। (ग) जलाशय/तालाब त्रिस्तरीय पंचायतों को सौंपे गये है, उनसे प्राप्त राजस्व भी त्रिस्तरीय पंचायतों में जमा होती है। (घ) जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक कुल राशि रूपये 1138.98 लाख आवंटन प्राप्त हुआ। व्यय राशि रूपये 1134.21 लाख की गई शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार।
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में डॉक्टरों की पदस्थापना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
142. ( क्र. 2830 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले की केवलारी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं विकासखंडवार नियमित एवं संविदा कैडर के डॉक्टरों की नामजद सूची क्या है? कृपया केन्द्रवार जानकारी प्रदान करें। (ख) केवलारी विधानसभा क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में डॉक्टरों के कुल कितने पद स्वीकृत हैं तथा उनके विरुद्ध वर्तमान में कितने डॉक्टर पदस्थ हैं? कृपया केन्द्रवार विवरण दें। (ग) केवलारी विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में कितने डॉक्टर पद रिक्त हैं? कृपया प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं विकासखंडवार जानकारी उपलब्ध कराई जाए। (घ) केवलारी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ऐसे कितने चिकित्सक हैं जो विगत अवधि में अवकाश पर गए हों अथवा बांड समाप्त होने, त्यागपत्र देने या अन्यत्र चयन हो जाने के कारण वर्तमान में पदस्थ नहीं हैं? कृपया केन्द्रवार एवं अवधि सहित जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''अ'' अनुसार। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''ब'' अनुसार।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदों की पूर्ति
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
143. ( क्र. 2832 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नीमच विधानसभा के ग्राम सावन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रारंभ किए जाने के संबंध में क्या-क्या कार्य पूर्ण हो चुके हैं? (ख) प्रश्नांश (क) संदर्भित, क्या विभाग द्वारा उक्त स्वास्थ्य केंद्र में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग मंत्रालय के पत्र क्रमांक PHME/0456/2024/सत्रह/मेडि-3 दिनांक 05.01.2024 के माध्यम से सृजित पदों का निर्धारण कर दिया गया है? यदि हाँ, तो उक्त चिकित्सालय हेतु कितने पदों के विरुद्ध किस-किस स्तर के पद भर दिए गए हैं तथा कितने पद किस-किस कारण से रिक्त हैं? (ग) प्रश्नांश (क) और (ख) के संदर्भ में, क्या ग्राम सावन में नवीन भवन बनकर तैयार होने के बाद भी चिकित्सकों, फर्नीचर एवं सहायक सामग्री के अभाव में चिकित्सालय प्रश्न दिनांक तक प्रारंभ नहीं हो पाया है? यदि हाँ, तो कब तक उक्त पदों, फर्नीचर एवं सहायक सामग्री की पूर्ति कर दी जाएगी? (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में, प्रश्नकर्ता विधायक एवं जिला चिकित्सालय नीमच द्वारा कब-कब उच्च स्तर पर उक्त कार्यों हेतु पत्राचार किया गया, उस पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) ग्राम सावन में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रारंभ किये जाने हेतु मुख्य भवन एवं आवास गृहों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। (ख) जी नहीं, अपितु लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग मंत्रालय के आदेश क्रमांक PHME-603/2024/सत्रह/मेडि-3/165 दिनांक 17.01.2025 द्वारा पदों का सृजन किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''अ'' अनुसार। (ग) जी हाँ, निश्चित समय-अवधि बताया जाना संभव नहीं। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''ब'' अनुसार। प्राप्त पत्रों पर निरंतर कार्यवाही की जाती है चिकित्सकों के रिक्त पदों की पूर्ति, फर्नीचर एवं सहायक सामग्री उपलब्ध कराना एक सतत् प्रक्रिया है।
शासकीय फिजीकल कॉलेज शिवपुरी में प्रवेश
[स्कूल शिक्षा]
144. ( क्र. 2835 ) श्री देवेन्द्र कुमार जैन : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मंत्री परिषद की बैठक में शासकीय तात्या टोपे राज्य शारीरिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण महाविद्यालय शिवपुरी को खेल एवं युवा कल्याण विभाग को हस्तांतरण करने का निर्णय लिया गया था? क्या खेल एवं युवा कल्याण विभाग को हस्तांतरण हो चुका है? यदि नहीं तो क्या खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा अब तक इस हेतु कोई सहमति अथवा असहमति लिखित रूप में स्कूल शिक्षा विभाग को दी गई है अथवा नहीं? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में महाविद्यालय में संचालित डी.पी.एड. द्वि-वर्षीय पाठ्यक्रम में विगत 04 वर्षों से प्रवेश प्रक्रिया को विभाग द्वारा बंद क्यों कर दिया गया है? हस्तांतरण संपन्न होने तक अध्ययन, अध्यापन कार्य जारी रखने में क्या परेशानी थी? क्या प्रदेश के एक मात्र फिजीकल महाविद्यालय में प्रवेश बंद होने से अनेक विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड रहा है? (ग) प्रश्नांश (क) व (ख) के संदर्भ में यदि मंत्री परिषद की बैठक के 02 वर्ष उपरांत भी महाविद्यालय का हस्तांतरण नहीं हो सका है? तो क्या यथास्थिति बनी रहेगी? स्कूल शिक्षा विभाग को आगामी शिक्षा सत्र 2026-27 में डी.पी.एड. विद्यार्थियों को यहां प्रवेश की अनुमति जारी करने में कोई परेशानी है? यदि नहीं हैं, तो प्रवेश की अनुमति कब तक प्रदान कर दी जावेगी? क्या कई वर्षों तक प्रवेश प्रक्रिया बंद होने की स्थति में महाविद्यालय के अत्यंत महत्वपूर्ण संरचनाएं, भवन, खेल मैदान, इंडोर हॉल आदि पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा? क्या विभाग इस महत्वपूर्ण विषय पर कोई निर्णय लेगा?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। शेषांश जी नहीं। (ख) मंत्रि-परिषद् की बैठक दिनांक 26 सितम्बर 2023 में खेल एवं युवा कल्याण विभाग को हस्तान्तरित किए जाने संबंधी निर्णय के कारण महाविद्यालय का नियमानुसार संचालन किया जाना संभव नहीं है। शेषांश जी नहीं। (ग) जी हाँ। शेषांश उत्तरांश 'ख' अनुसार। जी नहीं। वर्तमान में इस विषय में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
चिकित्सा शिक्षकों के सातवें वेतनमान निर्धारण
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
145. ( क्र. 2840 ) डॉ. विक्रांत भूरिया : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंत्री-परिषद की बैठक दिनांक 04.10.2023 के आयटम क्र. 109 में चिकित्सा महाविद्यालयों के चिकित्सकों हेतु सातवें वेतनमान के निर्धारण के संबंध में स्पष्ट आदेश पारित किए गए थे? यदि हाँ, तो उक्त आदेश की कंडिका 01 एवं 02 का विवरण क्या है। (ख) क्या विभाग द्वारा जारी आदेश दिनांक 25.02.2025 एवं संशोधित आदेश दिनांक 28.02.2025 में उक्त कैबिनेट निर्णय के अनुरूप लाभ देने की स्वीकृति दी गई थी? इन दोनों आदेशों के तहत कितने चिकित्सकों का वेतन निर्धारण किया गया था? महाविद्यालय-वार संख्या बतावें। (ग) क्या विभाग द्वारा पुनः एक नया आदेश दिनांक 27.03.2025 जारी किया गया है? यदि हाँ, तो क्या इस आदेश के कारण पूर्व के आदेशों (25 एवं 28 फरवरी 2025) द्वारा प्रदत्त 'मूल वेतन निर्धारण' के लाभ को वापस ले लिया गया है या उसमें कटौती की गई है? (घ) कैबिनेट के मूल आदेश को पूर्णतः लागू करने हेतु क्या ठोस कदम उठा रहा है? समय-सीमा सहित बतावें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ख) जी नहीं। मंत्रि-परिषद निर्णय दिनांक 04 अक्टूबर 2023 की कण्डिका-2 का पालन नहीं होने से ये आदेश निरस्त किए गए है। उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ । (घ) मंत्रि-परिषद निर्णय दिनांक 04 अक्टूबर 2023 की कंडिका 02 के पालन में विभागीय प्रस्ताव पर वित्त विभाग की सहमति अप्राप्त है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
परिवहन विभाग के कर्मचारियों द्वारा अवैध वसूली
[परिवहन]
146. ( क्र. 2841 ) श्री श्याम बरडे : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला बड़वानी के अंतर्गत स्थित बालसमुद बैरियर पर परिवहन विभाग के कर्मचारियों द्वारा ट्रकों एवं अन्य वाहनों से अवैध वसूली की जा रही है? (ख) इस संबंध में विभाग द्वारा अब तक क्या जांच की गई है? (ग) दोषी पाए गए कर्मचारियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई है? (घ) बालसमुद बैरियर पर अवैध वसूली रोकने हेतु विभाग द्वारा क्या ठोस एवं स्थायी व्यवस्था की गई है?
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं, शासन आदेश क्रमांक 925/1429257/ 2023/आठ दिनांक 30.06.2024 के द्वारा 01 जुलाई 2024 से प्रदेश के समस्त परिवहन चैक पोस्टों का संचालन बन्द कर परिवहन आयुक्त मध्यप्रदेश के आदेश क्रमांक 47/टीसी/2024 दिनांक 12.06.2024 के द्वारा प्रदेश की अन्तर्राज्जीय सीमाओं पर रोड सेफ्टी एन्ड इन्फोर्समेन्ट चैकिंग पॉइंट स्थापित किये गये हैं। इस चैक पॉइंटो पर पदस्थ प्रवर्तन अमला द्वारा अवैध संचालित वाहनों के विरूद्ध मोटरयान अधिनियम 1988, केन्द्रीय मोटरयान नियम 1989, म.प्र. मोटरयान अधिनियम 1994, म.प्र. मोटरयान कराधान अधिनियम एवं नियम 1991 (संशोधित नियम 2015) के तहत कार्यवाही कर नियमानुसार मोटरयान कर एवं शमन शुल्क वसूली की कार्यवाही की जाती है। (ख) एवं (ग) चैक पॉइंटो पर पदस्थ प्रवर्तन अमले के विरूद्ध शिकायत प्राप्त होने पर शिकायत की जांच की जाती है तथा दोषी पाये जाने पर संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। आरटीओ चैक पॉइंट बड़वानी-1 पर पदस्थ 02 परिवहन आरक्षकों के विरूद्ध शिकायत प्राप्त होने पर उन्हें निलंबित किया जाकर विभागीय जांच संस्थित की गई है। (घ) प्रदेश में स्थापित चैक पॉइंटो पर पदस्थ प्रवर्तन अमले के द्वारा की जाने वाली प्रभावी चालानी कार्यवाही में पारदर्शिता रहे इस हेतु पी.ओ.एस. (POS) मशीन एवं बॉडी वोर्न कैमरे तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक सड़क सुरक्षा उपकरण प्रदाय किये गये हैं।
लिपिक वर्गीय कर्मचारियों को चतुर्थ समयमान वेतनमान का प्रदाय
[स्कूल शिक्षा]
147. ( क्र. 2852 ) श्री मुकेश टंडन : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत लिपिक वर्गीय कर्मचारियों को 35 वर्ष का सेवा काल पूर्ण करने के उपरांत चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ देने का प्रावधान हैं? (ख) यदि प्रश्नांश (क) का उत्तर हाँ तो वर्तमान में भोपाल संभाग के संयुक्त संचालक लोक शिक्षण कार्यालय में किन-किन जिलों के कितने-कितने लिपिक वर्गीय कर्मचारियों को 35 वर्ष पूर्ण होने के उपरांत चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ अभी तक नहीं दिया गया है लंबित होने का कारण बतावें? (ग) क्या विगत कई महीनों पूर्व वर्ष 2025 में जिला शिक्षा अधिकारी विदिशा द्वारा लिपिक वर्गीय कर्मचारियों जिनका सेवाकाल 35 वर्ष का पूर्ण हो चुका है उनको चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ देने संबंधी प्रस्ताव पूर्ण कार्यवाही करके संयुक्त संचालक लोक शिक्षण भोपाल को भेजा गया है? (घ) यदि प्रश्नांश (ग) का उत्तर हाँ तो उक्त प्रस्ताव के संबंध में क्या कार्यवाही की गई है? यदि कार्यवाही नहीं की गई तो क्यों विलंब का कारण बतावें? तथा कब तक समयमान वेतनमान का लाभ संबंधित लिपिकों को दिया जावेगा। निश्चित अवधि बतावें?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) लंबित प्रकरणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''1'' अनुसार है। सतत् प्रक्रिया है, अतः शेषांश उद्भूत नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''2'' अनुसार है, समयमान प्रदाय किया जाना एक सतत् प्रक्रिया है, अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) उत्तरांश 'ग' अनुसार।
लेबर सप्लाई करने वाली कम्पनियों के खिलाफ कार्यवाही
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
148. ( क्र. 2862 ) श्री केशव देसाई : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भिंड जिले के शासकीय अस्पताल गोहद में लेबर सप्लाई करने वाली कम्पनी लक्ष्य सिक्योरिटी एंड मैन पावर सर्विसेज, सेंगर सिक्योरिटी एंड लेबर सर्विसेज प्रा.लि. द्वारा डाटा एंट्री ऑपरेटर, सफाई कर्मी, सिक्योरिटी गार्ड को शासन द्वारा निर्धारित मानदेय से कम भुगतान किया जाता है? यदि हाँ तो इन कम्पनियों के खिलाफ प्रश्न दिनांक तक कार्यवाही क्यों नहीं की गई? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार क्या शासन वित्तीय भ्रष्टाचार करने पर इन कम्पनियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर ब्लैक लिस्ट करने की कार्यवाही करेगा? समय-सीमा बतायें। (ग) प्रश्नांश (क) के संबंध में प्रश्नकर्ता द्वारा कलेक्टर भिंड को दिनांक 29.09.2025 को प्रेषित पत्र पर प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही हुई? यदि नहीं हुई तो कब तक होगी? समय-सीमा बतायें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ, शासकीय अस्पताल गोहद में लेबर सप्लाई करने वाली कम्पनी लक्ष्य सिक्योरिटी एंड मैन पावर सर्विसेज, सेंगर सिक्योरिटी एंड लेबर सर्विसेज प्रा.लि. द्वारा डाटा एंट्री ऑपरेटर, सफाई कर्मी, सिक्योरिटी गार्ड को शासन द्वारा निर्धारित मानदेय से कम भुगतान की शिकायत प्राप्त हुई है। माननीय विधायक गोहद द्वारा श्रीमान जिलाधीश महोदय को दिनांक 29.09.2025 को प्रेषित पत्र के क्रम में संबंधित एजेंसी को कार्यालयीन पत्र क्र. स्था/2025/22281-83 भिंड, दिनांक 21.11.2025 के द्वारा आगामी माह से अनुबंध निरस्ती का नोटिस देते हुये शिकायत की जांच हेतु कार्यालयीन आदेश क्र./डीपीएमयू 2026/1677-80 भिंड, दिनांक 23.01.2026 के द्वारा जांच समिति गठित की गई। जांच समिति द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में न्यूनतम वेतन से कम भुगतान किया जाना प्रमाणित पाये जाने पर संबंधित एजेंसी को निविदा अनुबंध की शर्त क्रमांक-9 का उल्लघंन मानते हुये अनुबंध समाप्त कर 3 वर्षों हेतु ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश (क) की जानकारी में समाहित है।
मरीजों से आयुष्मान भारत योजना में अतिरिक्त राशि वसूली पर रोक
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
149. ( क्र. 2865 ) श्री बाला बच्चन : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदौर जिले में दिनांक 01.07.2024 से 31.12.2025 तक आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पतालों में भर्ती मरीज से योजना के तहत मुफ्त इलाज के अतिरिक्त 10 हजार रू. से अधिक राशि लेने की जानकारी मरीज नाम, राशि, अस्पताल नाम सहित देवें। (ख) क्या कारण है कि योजना में शामिल होने के बाद भी उक्तानुसार राशि मरीजों से ली जा रही है? क्या इलाज प्रारंभ होने के समय जमा राशि योजना में शामिल मरीजों को वापस करने का प्रावधान है? यदि हाँ तो नियम की छायाप्रति देकर बतावें कि प्रश्नांश (क) अवधि में जिन मरीजों को राशि वापस की गई उनके नाम, वापस राशि, अस्पताल नाम सहित देवें। (ग) मरीजों से अतिरिक्त राशि वसूलने पर कब तक रोक लगाई जाएगी? इस संबंध में दिए गए दिशा निर्देशों की छायाप्रति देवें। (घ) अतिरिक्त राशि लेने वाले संस्थानों एवं आयुष्मान भारत योजना के इससे संबंधित अधिकारियों पर विभाग कब तक कार्यवाही करेगा जिससे भविष्य में इस वसूली पर रोक लग सके? यदि नहीं, तो क्यों?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''अ'' अनुसार है (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''ब'' अनुसार है। जी हाँ। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''ब'' अनुसार है। (ग) मरीजों से अतिरिक्त राशि वसूलने संबंधी शिकायतों पर चिकित्सालयों एवं राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के मध्य निष्पादित अनुबंध एवं SoP अनुसार कार्यवाही की जाती है, जो कि निरंतर एवं सतत् प्रक्रिया हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''स'' अनुसार है। (घ) मरीजों से अतिरिक्त राशि लेने वाले संस्थानों पर विभाग द्वारा चिकित्सालयों एवं SHA के मध्य निष्पादित अनुबंध एवं SoP अनुसार कार्यवाही की जाती है जो कि निरंतर एवं सतत् प्रक्रिया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
टेंडर प्रक्रिया में विलंब
[जल संसाधन]
150. ( क्र. 2868 ) श्री केदार चिडाभाई डावर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. में सिंचाई की क्षमता को बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है जिसमें छोटे एवं बड़े जलाशयों के निर्माण की स्वीकृतियां शासन लगातार जारी कर रही है। (ख) क्या शासन द्वारा प्रस्तावित जलाशयों से म.प्र. के किसानों को अच्छी सिंचाई के साधन मिलेंगे एवं उनकी आर्थिक स्थिति भी सुधरेगी। (ग) क्या विभाग से अलग-अलग, पृथक-पृथक प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त सिंचाई योजनाओं के टेन्डर नर्मदा ताप्ती बेबिन इन्दौर के टेन्डर जिलेवार एक साथ क्यो आमंत्रित की जा रही है। इससे शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी हो रही है। रजिस्टर्ड स्थानीय ठेकेदारों को प्रतिस्पर्धा से बाहर कर शासन को हानि पहुंच रही है? (घ) यदि हां, तो नर्मदा ताप्ती बेसिन इन्दौर के अन्तर्गत अलग-अलग जिलों में अलग-अलग प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त योजनाओं की निविदाएं अलग-अलग आमंत्रित न करते हुए समूह में क्यों की जा रही कारण सहित बताने की कृपा करेंगे।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) एवं (ख) जी हाँ । (ग) जी हाँ। कतिपय पृथक-पृथक परियोजनाओं में कार्यों की गुणवत्ता तथा समय पर कार्य पूर्ण करने हेतु संयुक्त (पैकेज) निविदा आमंत्रित की गई है। आमंत्रित निविदाओं में समान स्वरूप के कार्यों के लिए मान्य की गई दरों के अनुरूप ही इन निविदाओं की दरें सक्षम स्तर पर निर्णय लिया जाता है अतः शेष प्रश्नांश लागू नहीं। (घ) उत्तरांश 'ग' अनुसार।
एच.एम.आई.एस. के क्रियान्वयन हेतु राशि की स्वीकृति
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
151. ( क्र. 2874 ) श्री उमंग सिंघार : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 में HMIS (Hospital Management Information System) के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु राज्यों के लिये लगभग रू. 570 करोड़ (ECRP 2 के अंतर्गत) का प्रावधान किया गया था? यदि हाँ तो इसमें से मध्यप्रदेश को कितनी राशि स्वीकृत एवं जारी की गई? कितनी प्राप्त हुई? (ख) क्या उपर्युक्त स्वीकृत राशि के अंतर्गत NHM मध्यप्रदेश द्वारा HMIS/ई-हेल्थ/साफ्टवेयर विकास/आईटी सेवाओं हेतु किसी निजी अथवा शासकीय एजेंसी को कार्यादेश प्रदान किए गए? यदि हाँ तो कृपया एजेंसीवार, कार्यवार एवं राशिवार जानकारी दें। (ग) क्या यह तथ्य सही है कि HMIS से संबंधित कुछ कार्य भारत सरकार की पूर्व स्वीकृति के बिना आवंटित/क्रियान्वित किए गए? यदि हाँ तो ऐसे मामलों में भारत सरकार से पश्चात स्वीकृति प्राप्त की गई या नहीं, तो कब? (घ) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में भारत सरकार के उपर्युक्त दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्यों को NIC/C-DAC अथवा मानक-अनुपालक (Standards-compliant) समाधान अपनाने की सलाह दी गई थी तो NHM मध्यप्रदेश द्वारा निजी एजेंसियों के चयन का आधार क्या था तथा न्यूनतम मानक विशेषताओं (Minimum Standard Features) का पालन कैसे सुनिश्चित किया गया?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) भारत सरकार द्वारा एनएचएम अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 में Hospital Mangement Information System (HMIS) के क्रियान्वयन हेतु राज्य कार्ययोजना में मध्यप्रदेश को कुल राशि 9.66 करोड़ तथा ECRP 2 में राशि 32.50 करोड़ स्वीकृति जारी होकर प्राप्त हुई। (ख) जी हाँ। एजेंसीवार, कार्यवार एवं राशिवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ग) जी नहीं। Hospital Mangement Information System (HMIS) से संबंधित कार्य भारत सरकार की स्वीकृति से NIC के माध्यम से संचालित हो रहे है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में भारत सरकार के उपर्युक्त दिशा-निर्देशों के अनुसार मध्यप्रदेश में HMIS (Hospital Mangement Information System) का क्रियान्वयन NIC के शासकीय पोर्टल का उपयोग कर किया जा रहा है, जिसमें न्यूनतम मानक विशेषताओं के पालन हेतु मध्यप्रदेश भण्डार क्रय नियम का पालन जिला स्तर पर निविदा प्रक्रिया के माध्यम से सुनिश्चित किया गया है।
शिक्षा के अधिकार के तहत मूलभूत सुविधायें
[स्कूल शिक्षा]
152. ( क्र. 2877 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम कब से लागू हुआ है? शिक्षा के अधिकार के नियम-निर्देशों की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) अनूपपुर जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय संस्थानों में शिक्षा के अधिकार के तहत मूलभूत सुविधायें दी जा रही है? क्या संचालित संस्थाओं में मापदंड के अनुरूप शिक्षक एवं अन्य स्टॉफ पदस्थ हैं तथा संस्थाओं में आवश्यक व्यवस्था जैसे भवन, पेयजल, शौचालय, खेल मैदान, बाउन्ड्रीवॉल आदि सुविधायें हैं. यदि नहीं तो कब तक आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित कर दी जायेंगी? संस्थावार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में जिन संस्थाओं में नियमानुसार व्यवस्था नहीं है, वहां पर कब तक पूर्ण रूप से आवश्यकता की आपूर्ति कर दी जायेंगी।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) मध्यप्रदेश में निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 सत्र 2011 से लागू हुआ है। शिक्षा का अधिकार नियम की प्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) अनूपपुर जिले में शासकीय, प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत मूलभूत सुविधायें प्रदान करने के लिये सतत प्रयास किया जा रहा है। मूलभूत सुविधा विहीन शासकीय शालाओं में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित कराना, बजट की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। (ग) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
विधानसभा में दिये आश्वासन पर कार्यवाही
[जल संसाधन]
153. ( क्र. 2878 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परिवर्तित अतारांकित प्रश्न संख्या 3011 दिनांक 6.7.25 के संदर्भ में स्वीकारा है कि मुख्य अभियंता, गंगा कछार, जल संसाधन विभाग, रीवा से प्राप्त प्रतिवेदन अनुसार म.प्र.शासन, सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय के परिपत्र क्रमांक एफ-7-14/2003/अज/एक दिनांक 8.12.2010 में निहित निर्देशानुसार आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग को राज्य स्तरीय अनुसूचित जाति छानबीन समिति, भोपाल को आगामी कार्यवाही हेतु इस कार्या. के पत्र दिनांक 07.04.2025 के माध्यम से निवेदन किया है. निर्णय उपरांत कार्यवाही सुनिश्चित की जावेगी एवं मुख्य अभियंता गंगाकछार को पुनः नियमानुसार जांच कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु लिखा गया था, जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर कार्यवाही की जायेगी? (ख) प्रश्नांश (क) का उत्तर यदि हाँ है तो आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग के प्रकरण में आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग जांच प्रतिवेदन शिकायतवार कार्यवाहीवार विवरण दें? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में कौन-कौन सी शिकायतें प्रमाणित पाई गईं, शिकायतों पर जो भी कार्यवाही की गई उससे संबंधित जारी आरोप पत्र, कारणदर्शी सूचना-पत्र की प्रति उपलब्ध करावें, अनियमितता प्रमाणित होने पर जाति प्रमाण पत्र कब निरस्त किया जायेगा तथा कब तक विधानसभा में दिये गये आश्वासन की पूर्ति होगी।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ। (ख) आयुक्त, जन-जातीय कार्य विभाग से प्रतिवेदन अपेक्षित होना प्रतिवेदित है। (ग) उत्तरांश "ख" के परिप्रेक्ष्य में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
मत्स्य उद्योग हेतु प्रदान किये गये पट्टे की जानकारी
[मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास]
154. ( क्र. 2882 ) श्री विष्णु खत्री : क्या राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैरसिया विधानसभा क्षेत्र के चन्देरी जलाशय में मत्स्य उद्योग हेतु कार्यरत ईंटखेड़ी मत्स्य उद्योग सहकारी संस्था मर्या. भोपाल (पं.क्र.ए.आर.बी.293 दिनांक 01.08.1988) के विरूद्ध कलेक्टर जिला भोपाल के आदेश क्र. 6710/जिला.पं./मत्स्य/2020 दिनांक 01.12.2020 से गठित जाँच दल द्वारा इस संस्था को मछुआ नीति 2008 के अनुसार अवैधानिक एवं नियम विरूद्ध पाया गया। इस संबंध में आज दिनांक तक विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? (ख) क्या ईंटखेड़ी मत्स्य उद्योग सहकारी संस्था मर्या. भोपाल मछुआ नीति 2008 के अनुसार वैधानिक हैं? यदि नहीं तो विभाग द्वारा चन्देरी जलाशय में मत्स्य उद्योग हेतु उक्त संस्था को प्रदान किये गये पट्टे को आज दिनांक तक क्यों निरस्त नहीं किया गया? (ग) इस अवैधानिक एवं नियम विरूद्ध गठित संस्था को प्रदान किया गया पट्टा कब तक निरस्त किया जायेगा?
राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास ( श्री नारायण सिंह पंवार ) : (क) वर्तमान में प्रकरण मा. उच्च न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण विभागीय कार्यवाही लंबित है जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार। (ख) चंदेरी जलाशय की पट्टा अवधि 2020 में समाप्त हो चुकी है जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार (ग) पट्टा अवधि जून 2020 में ही समाप्त हो चुकी है। पट्टा निरस्त का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
बैरसिया विधानसभा क्षेत्र की शालाओं का उन्नयन
[स्कूल शिक्षा]
155. ( क्र. 2883 ) श्री विष्णु खत्री : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैरसिया विधानसभा क्षेत्र के स्कूलों के उन्नयन के संबंध में प्रश्नकर्ता द्वारा प्रेषित पत्र क्र. ए 644, दिनांक 04.01.2024 एवं पत्र क्रमांक ए 676, दिनांक 16.01.2024 के संबंध में विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई और यदि नहीं तो कारण स्पष्ट करें। यह कार्य विभाग कब तक पूर्ण करने की स्थिति में हैं? (ख) क्या स्कूल शिक्षा विभाग प्रश्नकर्ता पत्रों में उल्लेखित शालाओं के उन्नयन कार्य को वित्तीय वर्ष 2026-27 में सम्मिलित कर अंतिम रूप देगा? यदि नहीं तो कारण बतायें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ पत्र के माध्यम से शासकीय माध्यमिक शाला बरखेड़ा बरामद का हाईस्कूल एवं शासकीय हाईस्कूल धमर्रा एवं बरखेड़ा बोदर का उच्चतर माध्यमिक शाला में उन्नयन की माँग है। वर्तमान में राज्य बजट अन्तर्गत माध्यमिक शाला से हाईस्कूल एवं हाईस्कूल से हायर सेकेण्डरी शाला में उन्नयन की कार्यवाही स्थगित रखी गई है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
स्कूल भवनों की जानकारी
[स्कूल शिक्षा]
156. ( क्र. 2886 ) डॉ. प्रभुराम चौधरी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सांची विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ऐसे कितने प्राथमिक शाला, माध्यमिक शाला, हाईस्कूल, हायर सेकेण्ड्ररी स्कूल के भवन क्षतिग्रस्त है एवं बच्चों को बैठने की व्यवस्था नहीं है? स्कूलवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार कौन-कौन स्कूलों में अतिरिक्त कक्षा की आवश्यकता है एवं क्षतिग्रस्त स्कूल भवनों का मरम्मत कार्य किया जावेगा समय-सीमा बतावें?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) साँची विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत प्राथमिक/माध्यमिक शाला भवन क्षतिग्रस्त/मरम्मत योग्य शालाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। उपरोक्त शालाओं में बच्चों को बैठने की सुव्यवस्था है। विधानसभा अंतर्गत हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी की प्रश्नाधीन जानकारी निरंक है। (ख) वर्तमान सत्र में नामांकन के अनुसार अतिरिक्त कक्ष की आवश्यकता नहीं है। क्षतिग्रस्त स्कूल भवनों की मरम्मत कार्य स्वीकृति मांग, प्रस्ताव एवं बजट की उपलब्धता पर निर्भर करेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं हैं।
पुनर्नियुक्त, आउटसोर्स पर रखे गये कर्मचारियों/अधिकारियों का मानदेय
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
157. ( क्र. 2892 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्त विभाग द्वारा कब किन नियमों के तहत लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में सेवानिवृत्त कर्मचारियों/अधिकारियों को जिन्हें उक्त विभाग में पुन: नियुक्त किया है, सेवावृद्धि की है या आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्त किया है को वेतन के अतिरिक्त मानदेय के भुगतान की अनुमति दी है? विवरण दें व नियम निर्देशों व पत्राचार की प्रति दें। ऐसे मामलों में वेतन भुगतान के अतिरिक्त मानदेय भुगतान की सेवा शर्तें क्या है? (ख) लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में ऐसे कितने सेवानिवृत्त अधिकारी/कर्मचारियों को पुनर्नियुक्ति दी गई है अथवा आउटसोर्स के माध्यम से नियोजित किया गया है? विवरण व सूची दें। 2015 से अब तक वेतन व अतिरिक्त मानदेय पर कर्मचारीवार कितना वित्तीय भार आया है? क्या वेतन के अतिरिक्त मानदेय का भुगतान नियमानुसार है? इस वित्तीय क्षति के लिए कौन-कौन अधिकारी उत्तरदायी है? इनके विरूद्ध कब तक नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी? नहीं तो क्यों?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
समग्र शिक्षा अभियान अंतर्गत मंडला जिले के स्वीकृत कार्य
[स्कूल शिक्षा]
158. ( क्र. 2897 ) श्री चैन सिंह वरकड़े : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) समग्र शिक्षा अभियान अंतर्गत मंडला जिले में स्वीकृत ऐसे कार्यों की जानकारी दें जो धरातल में अपूर्ण/अप्रारम्भ हैं किन्तु पोर्टल में पूर्ण दर्ज हैं? पोर्टल पर ये रिपोर्ट किसके द्वारा दर्ज की गई हैं? क्या यह सही है कि प्राथमिक शाला बुजबुजिया हेतु वर्ष 2012-13 में स्वीकृत अतिरिक्त कक्ष प्रारम्भ ही नहीं हुआ और समिति से राशि वापस लिए बिना ही इसका नाम डिलीट कर दिया गया है? इस हेतु दोषियों के विरुद्ध क्या कार्यवाही की जाएगी? (ख) एसएसए अंतर्गत स्वीकृत शालाओं में बॉउण्ड्री वॉल निर्माण की जानकारी प्रदाय राशि, मूल्यांकन राशि, पूर्णता प्रमाण पत्र सहित उपलब्ध कराएं? (ग) सदन दिनांक 18/12/24 के अता. प्रश्न.क्र. 1080 के उत्तर में विभागीय परिसंपत्ति मद से कराये गए 132 कार्यों में से 22 कार्यों के ही पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किये गए बताया गया, शेष कार्यों के पूर्णता प्रमाण पत्र की छायाप्रति उपलब्ध कराएं? 134 कार्यों में से 132 कार्यों की जानकारी बताई गई लेकिन शेष 2 कार्यों को किस मद से कब किया गया? उत्तर में शाला प्रबंधन समितियों को दिनांक 06/12/24 को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाना बताया गया, संबंधितों द्वारा दिए गए जवाब एवं विभाग द्वारा की गई कार्यवाही से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराएं? (घ) सदन दिनांक 18/12/24 के ता.प्रश्न.क्र. 1081 के उत्तर में बताया गया था कि शाला प्रबंधन समितियों, उपयंत्री एवं सहायक यंत्री को नोटिस जारी किया गया है, नोटिस के जवाब एवं की गई कार्यवाही के दस्तावेज उपलब्ध कराएं? उत्तर के अनुसार गठित जाँच दलों द्वारा जो जाँच प्रतिवेदन दिए गए हैं, उनके अनुसार अब तक क्या-क्या कार्यवाही की गई है? उक्त सभी कार्यों हेतु प्रदाय राशि, मूल्यांकन राशि की कार्यवार जानकारी उपलब्ध कराएं, शेष राशि विभाग को वापस की गई या नहीं? इस हेतु विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई या की जाएगी?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) समग्र शिक्षा अभियान अन्तर्गत पोर्टल पर जो भी रिपोर्ट दर्ज की गई है, उन्हें इस कार्य हेतु अधिकृत तत्कालीन अधिकारी द्वारा दर्ज की गई है। वर्तमान में पोर्टल पर दर्ज जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''1'' अनुसार है। पोर्टल पर जानकारी संबंधित उपयंत्री सहायक यंत्री के द्वारा दर्ज की गई है। जी हां, प्रा. शा. बुजबुजिया हेतु वर्ष 2012-13 में स्वीकृत अतिरिक्त कक्ष का कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। जिसकी निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत बुजबुजिया थी। वर्तमान में निर्माण एजेंसी के खाते में राशि रु. 143563/- (रु. एक लाख तेरालीस हजार पांच सौ तिरेसठ मात्र) जमा है। (बैंक स्टेटमेंट की छायाप्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''2'' अनुसार है। जिसे वापिस करने हेतु पत्र प्रेषित किया गया था। सहायक यंत्री के कथन अनुसार पोर्टल में कार्य का नाम डिलीट होने की जानकारी लगभग 3 वर्ष पूर्व ज्ञात हुआ कि पोर्टल से यह जानकारी तकनीकी त्रुटिवश डिलीट होना प्रतीत होता है। इस हेतु जांच उपरांत आवश्यक कार्यवाही की जावेगी। (ख) बाउण्ड्रीवॉल निर्माण, प्रदाय राशि, मूल्यांकन राशि की जानकारी संलग्न है। 02 शालाओं के पूर्णता प्रमाण पत्र संलग्न है। शेष जानकारी विकासखंड स्तर एवं संबंधित निर्माण समिति से मंगाई गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''3'' अनुसार है। (ग) विभागीय परिसंपति मद से कराये गए कार्यों में से 130 पूर्णता प्रमाण पत्र की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''4'' अनुसार है। 134 कार्यों के लिए आवश्यक धनराशि संबंधित संस्थाओं के शाला प्रबंधन समिति के खाते में सीधे राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल द्वारा भेज दी गई थी किंतु प्रशासकीय स्वीकृति केवल 132 कार्यों की हुई थी जिसकी जानकारी पूर्व में दी गई थी। शेष दो कार्यों की राशि संबंधित शाला प्रबंधन समिति के खातों में राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल द्वारा जमा हो चुकी थी अतः वित्त विभाग के पत्र क्र. F2 1/2022/नियम/4 भोपाल दिनांक 03/06/2022 में दिये निर्देशानुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''5'' अनुसार है। कार्य कराया गया था। दस्तावेज पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''6'' अनुसार है। (घ) ता. प्रश्न क्र. 1081 के संबंध में की गई कार्यवाही के संबंध में दिए नोटिस के जवाब संतोषपूर्ण पाए जाने के कारण आगे कोई कार्यवाही नहीं की गई। नोटिस एवं उसके जवाब संलग्न है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''7'' अनुसार है। गठित जांच दलों के द्वारा दिए गए प्रतिवेदन अनुसार नोटिस जारी किए गए और नोटिस के जबाव में प्रस्तुत जानकारी के पश्चात संबंधित शाला प्रबंधन समिति से जांच उपरांत सत्यापित मूल्यांकन अनुसार संबंधितों की आवश्यक राशि वसूली हेतु कार्यवाही की जा रही है। उक्त सभी कार्यों हेतु प्रदाय राशि मूल्यांकन राशि की कार्यवार जानकारी संलग्न है। शेष राशि वापिसी के लिए नोटिस जारी किया गया है।
ए.पी.सी. पद का प्रभार
[स्कूल शिक्षा]
159. ( क्र. 2898 ) श्री चैन सिंह वरकड़े : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान, समग्र शिक्षा अंतर्गत मुकेश पांडे उच्च माध्यमिक शिक्षक मूल पदस्थापना शा.उ.म.वि. हिरदेनगर जिला मंडला कार्यरत प्रभारी प्राचार्य शास. हाईस्कूल बिछिया जिला मंडला को जनजातीय कार्य विभाग की एन.ओ.सी. लिये बिना ही जिला शिक्षा अधिकारी मण्डला द्वारा पत्र क्रमांक/415/2025/जि.शि.अ. मण्डला दिनांक 30.01.2025 के माध्यम से एपीसी पद का प्रभार सौंपा गया है? एक विभाग से दूसरे विभाग में प्रतिनियुक्ति के क्या नियम निर्देश है? क्या उपरोक्त आदेश विधि सम्मत है? यदि हाँ तो इस सम्बन्ध में शासन के नियम निर्देश उपलब्ध कराएं। यदि नहीं तो उक्त आदेश कब तक निरस्त किया जायेगा? (ख) क्या मुकेश पांडे उच्च माध्यमिक शिक्षक 2012 से एपीसी के पद पर कार्यरत रहे हैं? (ग) क्या विभागीय जांच लंबित होने की दशा में भी प्रतिनियुक्ति पर भेजा जा सकता है? (घ) मण्डला जिले में 2012 में श्री मुकेश पांडे वरि. अध्यापक की विभागीय जांच लंबित होने की दशा में भी प्रतिनियुक्ति क्यों दी गई थी? 2019 में श्री मुकेश पांडे की प्रतिनियुक्ति जनजातीय कार्य विभाग द्वारा वापिस लिये जाने के उपरांत भी 2020 में पुनः शिक्षा विभाग द्वारा, बिना एनओसी एपीसी पद पर नियम विरुद्ध प्रतिनियुक्ति दी गई थी, क्यों?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं। संबंधित को कलेक्टर के आदेश से एपीसी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। अतिरिक्त प्रभार होने से शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। (घ) वर्ष 2012 में स्थानीय निकाय के अनापत्ति प्रमाण पत्र के आधार पर प्रतिनियुक्ति दी गई थी। माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में वाद क्रमांक डब्ल्यू.पी. 00122/2020 में दिनांक 10.01.2020 के स्थगन आदेश के आधार पर संबंधित कार्यरत है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
स्टॉप डेम निर्माण में लापरवाही
[जल संसाधन]
160. ( क्र. 2900 ) श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2018 में भिण्ड विकासखण्ड के ग्राम नुन्हारा में बैसली नदी पर स्टॉप डेम निर्माण हेतु तीन करोड़ छह लाख रूपये की लागत से वर्ष 2021 में निविदा जारी होने के बावजूद भी कार्य प्रारंभ नहीं कराया गया है, इसमें कौन-कौन अधिकारी दोषी है, उन पर क्या कार्यवाही की गई है यदि नहीं तो कब तक होगी? समयावधि बतावें। (ख) क्या 2018 के प्रस्ताव पर वर्ष 2021 में जारी निविदा पर वर्ष 2025 की स्थिति में निर्माण कार्य नहीं हुआ, इस दौरान निर्माण कार्य में उपयोग हेतु सामग्री तथा विभागीय सी.एस.आर. दर भी बढ़ी हुई है? वर्ष 2025 के अनुसार उक्त निर्माण कार्य की लागत बढ़ाई जावेगी? (ग) प्रश्नांक (क) और (ख) के परिप्रेक्ष्य में ग्राम नुन्हारा में बैसली नदी पर स्टॉप डेम का निर्माण कब तक प्रारंभ कराया जायेगा तथा वर्ष 2025 के अनुरूप व्यय होने वाली राशि बढ़ाई जावेगी यदि हाँ तो समयावधि बताने का कष्ट करें? (घ) उक्त स्टॉप डेम निर्माण में अवरोधक बने अधिकारियों पर क्या और कब तक कार्यवाही की जावेगी? समयावधि बताने का कष्ट करें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
पट्टा वितरण में अनियमितता
[राजस्व]
161. ( क्र. 2902 ) श्री
शरद जुगलाल
कोल : क्या
राजस्व
मंत्री महोदय
यह बताने की
कृपा करेंगे
कि (क) शहडोल
एवं रीवा जिले
में बंदोबस्ती
के बाद जारी
पट्टा के
संबंध में
शासन के क्या मापदण्ड
जारी किये है, कितने
लोगों को सही
पट्टा जांच
उपरान्त दिया गया
है और कितने
पट्टे शासन को
भ्रमित करके
कितने लोग
उसका लाभ
प्राप्त किये? (ख) वर्ष
1980 से
वर्ष 2020 तक
राज्य सरकार
एवं केन्द्र
सरकार के
द्वारा आवंटित
भूमि की क्या
नियमावली थी? क्या उस
नियमावली में
वर्ष 1980 से
पूर्व जो
पट्टाधारक थे
उनको भूमि
आवंटित करने
का प्रावधान
था? क्या
यदि हाँ तो
किस आधार पर
यदि नहीं तो
जानकारी देवें? (ग) अवैधानिक
रूप से आवंटित
किये गये भूमि
के पट्टे के
वितरण में
संबंधित
अधिकारियों
एवं पट्टे धारकों
पर क्या
कार्यवाही
हुई है
संबंधित भूमि
का रकबा,
खसरा
क्रमांक, पट्टेधारक
का ब्यौरा
सहित जानकारी
उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्नांश
(क) के अनुसार
दलित आदिवासी
एवं अन्य वर्ग
को कितनी
संख्या में
पट्टे वितरित
किये गये है? क्या
उनका
वास्तविक तौर
से भूमि पर
कब्जा है या
इन भूमि
संबंधी कितनी
शिकायतें
प्राप्त हुई
है जिले पर
क्या
कार्यवाहियां
या जांचे हुई है, संख्या, खाते धारक
का नाम, खसरा
नंबर सहित
जानकारी
उपलब्ध करावें।
राजस्व
मंत्री ( श्री
करण सिंह
वर्मा ) : (क)
शहडोल
जिलांतर्गत
बंदोबस्ती
के बाद जाँच
उपरान्त कुल 7659 एवं
रीवा जिले में
4867
पट्टे प्रदाय
किए गए हैं।
जिले में
बंदोबस्ती के
बाद जारी
पट्टा के
सम्बन्ध में
शासन को भ्रमित
करके लोगों को
पट्टा दिए
जाने का ऐसा
कोई मामला
संज्ञान में
नहीं है। (ख) वर्तमान
में शासकीय
भूमि का आवंटन
मध्यप्रदेश
नजूल
निर्वर्तन
निर्देश 2020 के
अनुसार किया
जाता है।
पूर्व में
शासकीय भूमि
का आवंटन
राजस्व पुस्तक
परिपत्र के
अंतर्गत समय– समय पर
जारी
निर्देशों के
अनुसार किया
जाता था। (ग) रीवा
एवं शहडोल
जिलांतर्गत
अवैधानिक रूप
से आवंटित
किये गये भूमि
के पट्टे के
वितरण की
जानकारी
निरंक है। (घ) रीवा
जिले में
प्रश्नांश
(क) के अनुसार
दलित आदिवासी
एवं अन्य वर्ग
को कुल 4867
पट्टे वितरित
किये गये है
साथ ही उनका
वास्तविक तौर
से भूमि पर
कब्जा है। कब्जा
प्राप्त न
होने
सम्बन्धी
शिकायते संज्ञान
में नहीं आई
है। शहडोल
जिले में
प्रश्नांश (क) अनुसार
जिले में दलित
आदिवासियों
को कुल 4711 पट्टे
वितरित किये
गये है एवं
अन्य वर्ग को
3948 पट्टे
वितरित किये
गये हैं।
आयुष्मान में व्यय राशि की अनियमितताओं की जांच
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
162. ( क्र. 2915 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता का प्रश्न क्र./दि. 2923/10.07.2024, 1455/13.03.2025, पत्र क्र./दि. 357/22.12.2022 को आयुष्मान में व्यय राशि की सी.बी.आई. में जांच हेतु मुख्यमंत्री जी को पत्र प्रेषित था, उस पर प्रश्न दिनांक तक अद्यतन क्या कार्यवाही की गई? (ख) आयुष्मान में पंजीबद्ध भोपाल, गुना, इंदौर, जबलपुर एवं ग्वालियर जिले के अस्पतालों के कब आवेदन प्राप्त हुये? संलग्न समस्त दस्तावेजों एवं अनुबंध की प्रति जिलेवार गौशवारा दें। (ग) जनवरी 2025 से प्रश्न दिनांक तक अस्पतालों में फर्जी डाक्टर-स्टॉफ एवं फर्जीवाड़े के संबंध में कितनी शिकायतें प्राप्त हुई? शिकायतों पर कृत कार्यवाही-शिकायत की प्रति दें। (घ) जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक अस्पतालों में आयुष्मान योजना में कितने फर्जी भुगतान की गड़बड़ी संज्ञान में आई? कितने अस्पतालों पर कब-कब कितने रूपए का जुर्माना लगाया गया एवं किन-किन अस्पतालों के अनुबंध समाप्त किए गए? कारणों सहित जिलेवार गौशवारा बनाकर दस्तावेजों सहित बताएं। 2022 में कैग की रिपोर्ट पर क्या कार्यवाही की गई? (ड.) का.सा.स्वा.केंद्र-राघौगढ़ द्वारा सीएमएचओ गुना को दिनांक 27/01/2025 को जा.क्र. 180 से प्रेषित पत्र किस संबंध में भेजा गया? पत्र के संबंध में प्रश्न दिनांक तक क्या आदेश-निर्देश-पत्र जारी किए गए? समस्त दस्तावेजों की प्रति, आशा कार्यकर्ताओं की जानकारी ऑनलाईन पोर्टल पर अपलोड करने की प्रक्रिया कब से बंद हैं और क्यों बंद हैं और कब तक चालू कर आशा-कार्यकर्ताओं का विगत वर्षों का बकाया राशि का भुगतान कर दिया जाएगा?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्न क्र. 2923 दिनांक 10.07.2024, 1455 दिनांक 13.03.2025 तथा पत्र क्र. 357 दिनांक 22.12.2022 के संदर्भ में आयुष्मान योजना में व्यय राशि की सी.बी.आई. जांच हेतु मुख्यमंत्री जी को प्रेषित पत्र के संबंध में कार्यालय द्वारा सत्यापन उपरांत प्रत्युत्तर की बिंदुवार जानकारी विधायक महोदय को प्रेषित की गई थी। जिसमें कोई भी अग्रिम कार्यवाही अपेक्षित नहीं है जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''अ'' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''ब'' अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''स'' अनुसार। (घ) जनवरी 2024 से आज दिनांक तक अस्पतालों में आयुष्मान योजना में फर्जी भुगतान संबंधी कोई भी गड़बड़ी संज्ञान में नहीं आई है। योजना के अंतर्गत भुगतान प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी है तथा TMS पोर्टल के माध्यम से FIFO (First in First Out) आधार पर की जाती है, जिसमें किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप संभव नहीं है। उक्त फर्जी भुगतान संबंधी गड़बड़ी में किसी भी चिकित्सालय पर जुर्माना या अनुबंध समाप्त किये जाने संबंधी कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। 2022 में कैग रिपोर्ट की कार्यवाही जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''द'' अनुसार। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''य'' अनुसार।
औकाफ की भूमियों की नीलामी
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
163. ( क्र. 2916 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल एवं ग्वालियर संभाग तक कुल कितने शासन संधारित धार्मिक स्थल है? उनका किन-किन धर्मों से संबंध है? प्रत्येक धर्म के धार्मिक स्थलों की संख्या, नाम, पता, ट्रस्ट की जानकारी का गौशवारा दें। (ख) माफी औकाफ की कृषि भूमियों के राजस्व अभिलेख के कॉलम नम्बर 03 में प्रबंधक कलेक्टर कब से अंकित है? आदेश की प्रति दें। किन धार्मिक समुदायों के धार्मिक स्थलों से लगी माफी औकाफ की भूमि में प्रबंधक कलेक्टर राजस्व अभिलेख के कॉलम नम्बर 03 में अंकित नहीं है, कारण स्पष्ट करें क्यों? विसंगती के क्या कारण है? अन्य राज्यों में भी क्या प्रबंधक कलेक्टर राजस्व अभिलेखों में दर्ज है? (ग) विभाग का पत्र क्र. एफ-7-13/2018/06 दिनांक 22.4.23 में शासन संधारित मंदिरों की कृषि भूमियों के कृषि प्रयोजन हेतु निलामी का आदेश दिया गया? क्या ऐसा हिन्दू मठ, मंदिरों की भूमियों के अतिरिक्त अन्य धार्मिक समुदायों के धार्मिक स्थलों से लगी भूमियों के लिये भी जारी किया गया, तो उस आदेश की प्रति दें। (घ) शासन संधारित मंदिर की कृषि भूमियों के लिये कृषि प्रयोजन के निलामी/पट्टे पर देने के संबंध में नीति निर्धारण से प्रश्न दिनांक तक कितने आदेश निकाले गये? उक्त आदेशों पर क्या कार्यवाही की गई? आदेशों एवं कृत कार्यवाही की प्रति दें।
राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) भोपाल संभाग में 1390 एवं ग्वालियर संभाग में 3940 शासन संधारित धार्मिक स्थल है। इनका संबंध हिन्दू, मुस्लिम एवं जैन धर्मों से है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ख) मध्यप्रदेश शासन के ज्ञापन दिनांक 12/04/1974 एवं दिनांक 21/03/1994 द्वारा शासन संधारित देवस्थान की भूमियों के खसरों में कलेक्टर का नाम प्रबंधक के रुप में दर्ज किए जाने के निर्देश दिए गये है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। समस्त धर्मों से संबंधित शासन संधारित धार्मिक स्थलों से लगी माफी औकाफ की भूमियों में कलेक्टर प्रबंधक दर्ज किये जाने के निर्देश है, अत: शेष प्रश्नांश उद्भूत नहीं होता है। विधानसभा नियमावली 36 के उप नियम (7) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्नांश राज्य शासन से संबंधित नहीं होकर अन्य राज्य से संबंधित होने के कारण जानकारी दिया जाना संभव नहीं है। (ग) जी हां, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार है। विभागीय आदेश दिनांक 22/04/2023 द्वारा समस्त धर्मों से संबंधित शासन संधारित धार्मिक स्थलों से लगी माफी औकाफ की भूमियों पर लागू होने के कारण प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (घ) शासन संधारित देवस्थानों की कृषि भूमियों के संबंध में विभागीय आदेश क्रमांक एफ 7-13/2018/छ: दिनांक 22/04/2023 के उपरांत अन्य कोई आदेश जारी नहीं किये गए है। अत: शेष प्रश्नांश उद्भूत नहीं होता है।
मत्स्य आखेट का एक ही समिति से अनुबंध
[मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास]
164. ( क्र. 2940 ) श्री केशव देसाई : क्या राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग में प्रश्नकर्ता के पत्र क्रमांक 541 दिनांक 9.01.2026 द्वारा प्रेषित मत्स्य विभाग भोपाल द्वारा प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? (ख) बैसली बांध का मत्स्य आखेट हेतु अनुबंध कितने वर्षों से है लगातार एक ही समिति को अनुबंध किस नियम से किया जा रहा है। प्रतिवर्ष कितनी-कितनी राशि का अनुबंध किया गया है? (ग) क्या समिति द्वारा मत्स्याखेट स्थानीय मजदूरों के बजाये बाहरी मजदूरों द्वारा किया जा रहा है? यदि हाँ तो समिति के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी, कब तक समय-सीमा बतावें।
राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास ( श्री नारायण सिंह पंवार ) : (क) प्रश्नकर्ता का पत्र क्रमांक 541 दिनांक 09.01.2026 विभाग में अप्राप्त। (ख) बैसली बांध समिति को मत्स्य पालन हेतु 10 वर्षीय पट्टा अनुबंध पूर्ण कर पुन:10 वर्षीय पट्टा अवधियों के लिये किया गया है। मत्स्य पालन नीति 2008 के बिन्दु क्रमांक 1.3 के तहत तालाब तथा सिंचाई जलाशयों का पट्टा आवंटन प्राथमिकता क्रम अनुसार अनुमोदन पश्चात सम्पादित किया जाता है। जिसकी पट्टा राशि रूपये 45525/- वार्षिक है शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार। (ग) जी नहीं। मत्स्याखेट का कार्य समिति सदस्यों के द्वारा ही किया जा रहा है शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार।
हेल्पलाइन के वाहनों के किराया भुगतान में अनियमितताएं
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
165. ( क्र. 2945 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या एकीकृत रेफरल ट्रांसपोर्ट प्रणाली के अंतर्गत पूरे प्रदेश में संजीवनी 108 एम्बुलेंस एवं जननी एक्सप्रेस/104 हेल्थ हेल्पलाइन सेवाओं हेतु आमजन को आपातकालीन एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के उद्देश्य से JAES Emergency Services के साथ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा लगभग दो वर्ष पूर्व करार किया गया है? (ख) यदि हाँ तो यह करार किस दिनांक को कितनी अवधि के लिये किया गया था? अनुबंध दस्तावेज की छायाप्रति सहित बताएं कि सेवा प्रदाता कंपनी की ओर से किस-किस सेवा में किन-किन में जिलों में कुल कितने वाहन उपलब्ध कराकर सेवा प्रारंभ दिनांक से कुल कितने प्रकरणों में सेवा प्रदान की गयी, क्या प्रारंभ दिनांक से ही वाहनों में बेस लोकेशन का प्रयोग किया है, शासन द्वारा कंपनी को कितनी राशि का भुगतान किया गया? सेवावार, जिलावार जानकारी दी जाये। (ग) क्या प्रदेश में संजीवनी 108 एम्बुलेंस एवं जननी एक्सप्रेस/104 हेल्थ हेल्पलाइन सेवाओं हेतु वाहन उपलब्ध कराने वाले उक्त कंपनी द्वारा परिवहन आयुक्त, म.प्र. को पत्र क्र. जेएईएस/एमपी/आईआरटीएस/2024-25/0144, दिनांक 29.06.2024 के माध्यम से अनुरोध किया था कंपनी के सेवाकार्य में लगे सूची में दर्शाये वाहन अन्य राज्य/जिला में पंजीकृत हैं का फिटनेस समाप्त हो गया है व वाहन आपातकाल सेवा में संलग्न है अतः फिटनेस संबंधित जिला/राज्य में ही करवायी जाये? यदि हाँ तो उक्त पत्र अनुसार कितने वाहनों का फिटनेस समाप्त होना उल्लेखित किया गया था, पत्र की छायाप्रति सहित, वाहनों की फिटनेस किस प्रकार करायी गयी? जिलावार वाहन की फिटनेस समाप्त होने का दिनांक सहित पूर्ण जानकारी दी जाये। (घ) क्या उक्त सेवा प्रदाता कंपनी के कई वाहनों का फिटनेस प्रमाण-पत्र नहीं होने से लम्बे समय से जिलों में सेवाकार्य से पृथक होकर (ऑफरोड) खड़े रहने के पश्चात भी विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से वाहनों को सेवाकार्य में संलग्न दर्शाया जाकर अनुबंध के अनुसार किराये का भुगतान किया जा रहा है? यदि हाँ तो फिटनेस समाप्त होकर वाहन ऑफरोड हो जाने के बाद भी किये गये भुगतान हेतु कौन जिम्मेदार है तथा उसके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गयी? (ड.) क्या शासन शिकायत की जाँच कराकर कार्यवाही करेगा एवं संबंधित सेवा प्रदाता कंपनी का अनुबंध निरस्त कर अन्य कंपनी को अनुबंधित करेगा? यदि हाँ तो कब तक पूर्ण जानकारी दी जाये।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। (ख) यह करार दिनांक 30.12.2021 को 5 वर्ष की अवधि के लिए किया गया है। अनुबंध दस्तावेज की छायाप्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''अ'' अनुसार। सेवाप्रदाता कंपनी की ओर से सेवा प्रारंभ दिनांक से 108/जननी सेवा द्वारा कुल प्रकरणों में सेवाप्रदायगी की जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''ब'' अनुसार। जी हाँ। शासन द्वारा कंपनी को जिलेवार भुगतान नहीं किया जाता है, अपितु कंपनी के साथ निष्पादित अनुबंध की शर्त अनुसार प्रति किलोमीटर की दर से प्रदेश में संचालित समस्त 108/जननी एम्बुलेंस वाहनों हेतु केन्द्रीयकृत भुगतान किया जाता है। केन्द्रीयकृत भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''स'' अनुसार। (ग) जी नहीं, परिवहन आयुक्त, मध्यप्रदेश ग्वालियर, म.प्र. के पत्र क्रमांक/41/वि.स. सत्र/टीसी/2026 भोपाल, दिनांक 12.02.2026 अनुसार प्रश्नांश में उल्लेखित पत्र परिवहन विभाग को प्राप्त नहीं हुआ है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''द'' अनुसार। प्रश्न भाग के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। प्रश्न भाग के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) प्रश्नांश (घ) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
इंटरेक्टिव पैनलों की खरीदी में अनियमितताएं
[स्कूल शिक्षा]
166. ( क्र. 2946 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या स्कूल शिक्षा विभाग के समग्र शिक्षा अभियान में इंटरेक्टिव पैनलों की 10, 149 नग की केंद्रीय खरीद में गंभीर वित्तीय एवं प्रक्रियागत अनियमितताएँ हुई हैं? जहाँ वहीं LG/Samsung make-model पैनल जो जिलों द्वारा कम मात्रा में ₹99,000 से ₹1.05 लाख प्रति यूनिट में खरीदे गए थे, उन्हें अधिक मात्रा की खरीद में ₹1.33 लाख प्रति यूनिट की अत्यधिक दर पर खरीदा गया जबकि अन्य राज्य (जैसे असम) वही पैनल ₹70, 000 प्रति यूनिट (5 वर्ष वारंटी सहित) में खरीद चुके है? (ख) क्या इस खरीद में लगभग ₹71 करोड़ की अतिरिक्त राशि का भुगतान हुआ टेंडर को LI प्रक्रिया के बजाये 50.30.20 के विभाजन में बाँटकर प्रतिस्पर्धा रोकी गई केवल LG-Samsung को 50.50 ऑर्डर दिए गए जबकि ViewSonic एवं Acer जैसी पात्र कंपनियों को तकनीकी आधार पर बाहर किया गया यहाँ तक कि ViewSonic द्वारा मुख्य सचिव को कम दर पर लिखित आपूर्ति प्रस्ताव देने के बावजूद उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई? स्पष्ट करते हुए पूर्ण जानकारी दी जाये (ग) क्या उक्त खरीदी प्रकिया में ₹1.14 लाख के पैनल पर ₹19,000 प्रति यूनिट पाँच वर्षीय AMC/CMC तकनीकी या स्वतंत्र मूल्यांकन के आधार पर स्वीकृत करने तथा ऑर्डर प्राप्त करने वाली कंपनियों के आपसी संबंध लगभग एक ही समय पर टेंडर सबमिशन IP Address/Call Detail की जाँच सहित विभागीय अधिकारियों सहित समिति के अन्य सदस्यों की भूमिका की अब तक जाँच क्यों नहीं की गई? (घ) क्या सरकार इस पूरे टेंडर की उच्च स्तरीय स्वतंत्र जाँच कराएगी तथा जिम्मेदार अधिकारियों व कंपनियों पर कार्रवाई करेगी या नहीं?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) इंटरेक्टिव पैनल की प्रति नग दर राशि रूपये 1,14,850/- में 03 साल की कॉम्प्रिहेंसिव वारंटी (समस्त टूट-फूट चोरी, इंश्योरेंस), प्रशिक्षण, थर्ड पार्टी निरीक्षण एवं 18 प्रतिशत जीएसटी सम्मिलित है। निविदाकार द्वारा A.M.C/C.M.C की पृथक से दर नहीं दी गई है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) निविदा की कार्यवाही नियमानुसार सम्पादित हुई है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सांदीपनि स्कूल एवं कन्या हायर सेकण्डरी स्कूल भवन की स्वीकृति
[स्कूल शिक्षा]
167. ( क्र. 2949 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले के जतारा विधान सभा में नगर लिधौरा में शासकीय बालक उ.मा.वि. एवं नगर जतारा में शासकीय कन्या उ.मा.वि. कब खोले गये थे? (ख) क्या प्रश्नांश (क) के स्कूल क्रमशः लिधौराखास के चार दीवारी प्राचीन किले के अन्दर बनवाये गये वर्षों पुराने बनवाये गये अतिरिक्त कक्षों में एवं इन्हीं अतिरिक्त कक्षों में शास. महाविद्यालय लिधौरा की कक्षायें भी संचालित है एवं नगर जतारा के शास. कन्या माध्यमिक शाला में हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल संचालित है? इन विद्यालयों में एवं महाविद्यालयों में कक्षावार कितने-कितने छात्र-छात्रायें प्रतिदिन अध्ययन कर रहे हैं। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बतायें कि नवीन दोनों हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन बनवाने हेतु प्रश्न दिनांक तक शासन द्वारा एवं जिला प्रशासन द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गई है? क्या भूमि का आवंटन भवन एवं खेल मैदान निर्माण सहित भूमि आवंटित की जा चुकी है तो कहाँ-कहाँ किस-किस खसरा नंबर में कितने-कितने रकबा सहित? बतायें। निश्चित समय-सीमा सहित बतायें कि इनके भवनों के निर्माण हेतु भूमि आवंटित की जावेगी तो कब तक एवं कितनी-कितनी राशि इनके भवनों एवं खेल मैदान निर्माण हेतु स्वीकृत की जावेगी तो कब तक? निश्चित समय-सीमा सहित बतायें। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बतायें कि क्या लिधौराखास से टीकमगढ़, जतारा, पृथ्वीपुर की पूरी 40 कि.मी., 25 कि.मी., 30 कि.मी. है और यहीं पर नगर परिषद पुलिस थान थाना, स्टेट बैंक, शासकीय महाविद्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं अन्य कार्यालय संचालित हैं? क्या यह स्कूल सांदीपनि स्कूल खोले जाने की पूर्णतः पात्रता में आता है? इसके बावजूद भी नहीं खोला जा रहा है? नगर लिधौरा में सांदीपनि स्कूल खोला जावेगा तो कब तक? विभाग कब तक ऐसा आदेश जारी कर देगा?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जतारा विधानसभा अंतर्गत नगर लिधौरा में शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय वर्ष 1964 में एवं नगर जतारा में शासकीय कन्या हाईस्कूल वर्ष 1973-74 एवं वर्ष 1989 में हायर सेकेण्डरी उन्नयन किया गया था। (ख) जी हाँ । प्राचीन किले के अंदर अतिरिक्त कक्षों में शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय संचालित है। वर्तमान में अतिरिक्त कक्षों में शासकीय महाविद्यालय संचालित नहीं हो रहा है। महाविद्यालय का स्वयं का भवन बन चुका है। शासकीय कन्या माध्यमिक शाला एवं परिसर एक शाला अंतर्गत शासकीय कन्या हायर सेकेण्डरी जतारा संचालित है। महाविद्यालय इन विद्यालयों में संचालित नहीं हो रहा है। विद्यालय में कक्षावार एवं छात्रवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) नवीन भवन निर्माण या अतिरिक्त अधोसंरचना निर्माण विद्यार्थी संख्या के आधार पर आवश्यकता होने पर आवश्यक अधोसंरचना का निर्माण किया जाता है। नवीन भवन/आवश्यक अधोसंरचना का निर्माण मांग बजट उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर करता है। अतः प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। जी नहीं। अतः शेषांश उद्भूत नहीं होता है। स्कूलों हेतु भूमि का आवंटन जिला प्रशासन द्वारा किया जाता है, अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जी हाँ। सांदीपनि विद्यालयों की स्वीकृति बजट की उपलब्धता एवं सक्षम अनुमोदन पर निर्भर है।
माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणाओं पर अमल
[पर्यटन]
168. ( क्र. 2950 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या टीकमगढ़ जिले के जतारा विधानसभा क्षेत्र में तहसील लिधौराखास की जनपद पंचायत जतारा की ग्राम पंचायत छिपरी में परम पूज्य श्रद्धेय श्री रविशंकर महाराज रावतपुरा सरकार के अवतरण दिवस पर 05 जुलाई 2024 को माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी शासकीय प्रवास पर गये थे और प्रश्नकर्ता द्वारा दिये गये मांग पत्र की छायाप्रतियां प्रदाय करें। माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा क्या-क्या घोषणायें की गयी थी? सम्पूर्ण जानकारी प्रदाय करें। (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर बतायें कि क्या माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा टीकमगढ़ जिले के ग्राम छिपरी का नाम बदलकर मातृधाम छिपरी किये जाने की घोषणा की गई थी तथा इसको पर्यटन का केन्द्र बनाया जावेगा? उद्योगों की दृष्टि से कई प्रकार के उद्योगों को जिले में लगाने की भी घोषणा की थी? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बतायें कि शासन के इन विभागों द्वारा घोषणा दिनांक से प्रश्न दिनांक के मध्य क्या-क्या कार्यवाही की जा चुकी हैं? कृपया सम्पूर्ण जानकारी प्रदाय करें एवं यह भी बतायें कि कौन कौन सी घोषणायें पूर्ण हो चुकी हैं, कौन सी अपूर्ण हैं? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (घ) के आधार पर बतायें कि मान. मुख्यमंत्री जी की घोषणाओं पर अमल न कराने के कौन-कौन से कारण हैं? कृपया निश्चित समय-सीमा सहित बतायें कि कब तक सम्पूर्ण घोषणाओं पर अमल कर दिया जावेगा? प्रश्नकर्ता के मांग पत्र के आधार पर कौन-कौन से कार्य वर्ष 2026-27 के बजट सत्र में स्वीकृति हेतु लिये जा रहे हैं? स्पष्ट एवं संपूर्ण जानकारी दें।
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जी हाँ। माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी के द्वारा ग्राम छिपरी मातृधाम को पर्यटन केंद्र बनाये जाने की घोषणा की गई। घोषणा की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ख) मातृधाम छिपरी को पर्यटन केंद्र बनाया जायेगा की घोषणा की गई थी। ग्राम छिपरी का नाम बदलकर मातृधाम छिपरी किये जाने संबंधी कार्य विभाग द्वारा संपादित नहीं किया जाता है। (ग) माह मार्च 2025 में निगम को माननीय मुख्य मंत्री जी की घोषणा का पत्र प्राप्त हुआ। महाराज जी के निर्देशानुसार कार्य योजना बनाई जाकर डी.पी.आर. तैयार की गई है। (घ) माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा के संबंध में कार्यवाही की जा रही है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
आदिवासी जमीन की अवैध खरीदी-बिक्री
[राजस्व]
169. ( क्र. 2983 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा प्रश्न-क्रमांक 1017 उत्तर-दिनांक 04/12/2025 के उत्तर (क) के माननीय राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग नई दिल्ली द्वारा डिंडोरी, जबलपुर, सिवनी, कटनी, उमरिया जिले के कलेक्टरों को जारी नोटिस-दिनांक 15/09/2025 अनुसार पांचों जिले के कलेक्टरों द्वारा प्रश्न-दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई है? प्रति सहित बतावें। उपरोक्तानुसार कटनी जिले के चार गरीब आदिवासियों (नत्थू कोल, प्रहलाद कोल, राकेश सिंह गौंड एवं रघुराज सिंह गौंड) के नाम पर किसने डिंडोरी, जबलपुर, सिवनी, कटनी एवं उमरिया जिलों में 1135 एकड़ जमीन (बेनामी संपत्ति) खरीदी? (ख) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित चारों आदिवासियों के बैंक खातों में पिछले 25 वर्षों में हुए लेन-देन की जानकारी संबंधित जिले के कलेक्टर/जांच अधिकारी द्वारा एकत्रित की गयी है? कब तक एकत्रित की जाएगी, समयसीमा-सहित बतावें। (ग) डिंडोरी जिले में प्रश्नांश (क) में वर्णित चारों आदिवासियों के नाम पर Celling Act 1960 एवं पेसा अधिनियम का उल्लंघन करते हुए किसके-किसके द्वारा क्रय की गई। लगभग 800 एकड़ जमीनों के क्रय के संबंध में प्रश्न दिनांक तक दोषियों के विरूद्ध क्या कार्रवाई की गई? प्रश्न दिनांक तक भी कार्रवाई नहीं करने के लिए कौन-कौन दोषी है? दोषियों के विरूद्ध कब तक क्या कार्रवाई की जावेगी? Celling Act 1960 एवं पेसा अधिनियम का उल्लंघन के लिए किस-किस के विरूद्ध कब तक क्या कार्रवाई की जाएगी? (घ) प्रश्नांश (क) में वर्णित आदिवासी जमीन घोटाले की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी द्वारा भी की जा रही है? यदि हां, तो नाम सहित जानकारी दें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिला डिंडोरी अंतर्गत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग नई दिल्ली से प्राप्त फा.सं. NCVT/DEV-5222/MP/762/2025-BH/RU-1 दिनांक 23.06.2025 एवं फा.सं. NCVT/DEV-4862/MP/19/2025-BH/RU-1 दिनांक 06.11.2025 के माध्यम से इस कार्यालय में प्राप्त शिकायत पत्रों का जांच प्रतिवेदन इस कार्यालय के पत्र क्र./654/शिकायत/2025/डिण्डोरी दिनांक 24.10.2025 एवं पत्र क्र./691/शिकायत/2025/डिण्डोरी दिनांक 16.11.2025 के माध्यम से राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग लोक नायक भवन खान मार्केट नई दिल्ली की ओर प्रेषित किया गया है। प्रेषित प्रतिवेदन की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जिला जबलपुर अंतर्गत उक्त शिकायत के संबंध में अनुविभागीय अधिकारी अनुविभाग सिहोरा से जांच प्रतिवेदन प्राप्त किया गया। वर्तमान में जांच प्रचलित है। जांच पूर्ण होने उपरांत प्रतिवेदन प्रेषित किया जा सकेगा। जिला कटनी अंतर्गत माननीय राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग नई दिल्ली द्वारा कटनी, या जिले के कलेक्टर को जारी नोटिस-दिनांक 15/09/2025 अनुसार प्रश्न-दिनांक तक की गई कार्यवाही की जानकारी चाही गई है। प्रश्न में उल्लेखित 04 आदिवासियों क्रमश: 1-राकेश सिंह गौंड पिता श्री मोलई निवासी ग्राम बरमानी को पत्र क्रमांक 12728 दि. 14-10-2025, 2-श्री रघुराज सिंह गौंड पिता श्यामलाल गौंड, निवासी मकान नम्बर 173 वार्ड नं 07 ग्राम सुतरी तहसील बरही जिला कटनी को पत्र क्रमांक 12723 कटनी दि. 14-10-2025, 3-श्री नत्थू कोल पिता श्री राम मिलन कोल, निवासी वार्ड नम्बर 22 ग्राम गोइन्द्रा तहसील विजयराघवगढ़ जिला कटनी पत्र क्रमांक 12725 कटनी दि. 14-10-2025 के द्वारा 4-श्री प्रहलाद कोल पिता पददू कोल निवासी वार्ड क्रमांक 30 छकोडीलाल पाठक वार्ड कटनी पत्र क्रमांक 12729 कटनी दिनांक 14-10-2025 के द्वारा कार्यालय कलेक्टर जिला कटनी में उपस्थित होकर उनके आर्थिक एवं स्वामित्व की भूमि के संदर्भ में अपने कथन प्रस्तुत करने हेतु दिनांक 16-10-2025 को प्रात: 11.00 बजे कार्यालय कलेक्टर के कक्ष क्रमांक 35 में उपस्थित होने हेतु नोटिस जारी किया गया। नियत दिनांक पर कोई भी अनावेदक अपने कथन अंकित कराने हेतु उपस्थित नहीं हुये। पुन: अनावेदक आदिवासियों क्रमश: 1-राकेश सिंह गौंड पिता श्री मोलई को पत्र क्रमांक 15014 दि. 04-12-2025, 2-श्री रघुराज सिंह गौंड पिता श्यामलाल गौंड को पत्र क्रमांक. 15010 कटनी दि. 04-12-2025, 3-श्री नत्थू कोल पिता श्री राम मिलन कोल को पत्र क्रमांक 15015 कटनी दि. 04-12-2025 के द्वारा तथा 4- श्री प्रहलाद कोल पिता पददू कोल क्रमांक 15012 कटनी दिनांक 04-12-2025 के द्वारा शिकायत के परिप्रेक्ष्य में अपने कथन प्रस्तुत करने हेतु दिनांक 09-12-2025 को प्रात: 11.00 बजे कार्यालय कलेक्टर के कक्ष क्रमांक 35 में उपस्थित होने हेतु नोटिस जारी किया जाकर संबंधित तहसील के तहसीलदारों के माध्यम से तामीली हेतु प्रेषित किये गये। उक्त के परिप्रेक्ष्य में संबंधित चारों आदिवासी व्यक्ति सुनवाई हेतु नियत दिनांक 09-12-2025 के 01 दिन पूर्व दिनांक 08-12-2025 को कार्यालय कलेक्टर कटनी के कक्ष क्रमांक 35 में सुनवाई हेतु उपस्थित होकर अपने कथन प्रस्तुत किये जो संलग्न कर प्रेषित है। कार्यालय कलेक्टर जिला कटनी के पत्र क्रमांक 621 कटनी दिनाक 14 जनवरी 2026 के द्वारा अनुसंधान अधिकारी, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग नई दिल्ली को अद्यतन स्थिति का प्रतिवेदन प्रेषित किया गया है। जिला सिवनी अंतर्गत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग नई दिल्ली द्वारा कलेक्टर सिवनी को जारी नोटिस दिनांक 15/09/2025 के संबंध में कार्यालय कलेक्टर जिला सिवनी के पत्र क्रमांक 4747/शिकायत/2025 दिनांक 24/09/2025 के माध्यम से अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कुरई को जांच हेतु पत्र जारी किया गया। पत्र की प्रति संलग्न है। उक्त पत्र के पालन में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कुरई के आदेश क्रमांक 992/रीडर/2025 दिनांक 10/10/2025 द्वारा जांच दल गठित किया जाकर जांच करवाई जा रही है। जिला उमरिया अंतर्गत राष्ट्रीय अनूसूचित जनजाति आयोग के नोटिस दिनांक 15/09/2025 के परिपालन में पत्र क्रमांक I/561598/2025 उमरिया दिनांक 23/10/2025 के माध्यम से प्रेषित किया जा चुका है। शेष प्रश्नांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जिला डिंडोरी में प्रकरण से संबंधित रघुराज पिता श्यामलाल, नत्थूलाल पिता राममिलन, प्रहलाद पिता पद्दू एवं राकेश सिंह मूलरूप से जिला कटनी के निवासी होने के कारण इस जिले से संबंधित नहीं है। जिला जबलपुर से जांच उपरांत जानकारी दी जा सकेगी I जिला कटनी में प्रश्नांश (क) में वर्णित चारों आदिवासियों के बैंक खातों में पिछले 25 वर्षों में हुए लेन-देन संबंधित जानकारी एकत्रित नहीं की गई है। जिला सिवनी में प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में जांच कार्यवाही प्रचलित है। जिला उमरिया अंतर्गत जानकारी निरंक है। (ग) जिला डिंडोरी में प्रश्नांश (क) में वर्णित चारों आदिवासी व्यक्ति के जिला डिण्डौरी के निवासी न होने एवं डिण्डौरी जिला अनुसूचित जिला होने से Celling Act 1960 एवं पेसा अधिनियम के प्रावधान के तहत जिला स्तर पर कार्यवाही किया जाना संभव नहीं है। जिला सिवनी में प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में जांच कार्यवाही प्रचलित है (घ) संबंधित नहीं।
जनपद परिसर में दुकानों/व्यवसायिक परिसर का निर्माण
[राजस्व]
170. ( क्र. 3098 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनपद पंचायत बेगमगंज/पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के नाम पर नगर बेगमगंज में कितनी भूमि आरक्षित है? विभाग को कब-कब उक्त भूमि प्राप्त हुई? उक्त भूमि का रकबा बतावें। हस्तांतरण/नामांतरण की प्रति दें। (ख) क्या इस भूमि का हस्तांतरण विभाग के पक्ष में नियमानुसार हुआ है? राजस्व विभाग/नजूल के इस संबंध में क्या नियम, निर्देश व नीति है? उसका विस्तृत विवरण दें। (ग) क्या भूमि के हस्तांतरण हेतु नगर पालिका परिषद् बेगमगंज के मुख्य नगरपालिका अधिकारी ने बिना परिषद् की सहमति/प्रस्ताव के अनापत्ति जारी की थी? (घ) क्या यह सही है कि जनपद पंचायत बेगमगंज द्वारा कार्यालय हेतु भूमि उपलब्ध न होने के बाद भी आवश्यकता से अधिक भूमि अपने पक्ष में हस्तांतरित कराने हेतु नियम-निर्देश का उल्लंघन किया है, क्यों? क्या व्यवसायिक बाजार/दुकानों का निर्माण करना जनपद की प्राथमिकता है, क्यों? (ड.) उक्त प्रकरण में नगरपालिका की भूमि का जनपद पंचायत को अवैध व नियम विरुद्ध हस्तांतरण के मामले में राजस्व विभाग उच्च स्तरीय जांच करायेगा? यदि हाँ तो कब तब? नहीं तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जनपद पंचायत बेगमगंज/पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के नाम पर नगर बेगमगंज में कुल 3.562 हे. भूमि हस्तांतरित है। विभाग को उक्त भूमि न्यायालय अपर कलेक्टर जिला रायसेन के प्रकरण क्रमांक 16/अ- 74/2025-26 में पारित आदेश दिनांक 09.07.2025 से हस्तांतरित हुई है। हस्तांतरण आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) भूमि का हस्तांतरण मध्यप्रदेश नजूल भूमि निर्वर्तन निर्देश 2020 में भी प्रावधानों एवं प्रक्रिया के तहत नियमानुसार किया गया है। (ग) शासन के दिशा-निर्देशों में जनपद पंचायत को स्वयं की आय अर्जित किये जाने का उल्लेख किया गया है। स्वंय की आय अर्जित किये जाने हेतु म.प्र. पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम में उल्लेखित विभिन्न गतिविधियों में से व्यवसायिक बाजार/दुकानों का निर्माण कराया जाना प्रमुख रूप से सम्मिलित है। (घ) नगर पालिका परिषद बेगमगंज के तत्कालिक मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने बिना परिषद की सहमति/प्रस्ताव के अनापत्ति जारी की गई है। (ड.) उत्तरांश (क) अनुसार प्रश्न उद्भूत नहीं होता।
आदिवासी वर्ग के कृषकों की भूमि का अर्जन
[राजस्व]
171. ( क्र. 3102 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले की तहसील बिजावर अंतर्गत आदिवासी वर्ग के कितने किसानों की भूमि का अर्जन गत एक वर्ष में शासकीय प्रयोजन हेतु किया गया है? क्या इन सभी को उचित मुआवजा दे दिया गया है? (ख) क्या छतरपुर जिले की तहसील बिजावर के ग्राम सुकवाहा ग्राम पंचायत सुकवाहा के किसानों की भूमि केन-बेतवा लिंक परियोजना हेतु अधिग्रहण कर भू-अर्जन किया गया है? (ग) यदि प्रश्नांश (ख) का उत्तर हाँ है तो सुकवाहा ग्राम के खसरा क्रमांक 305, 306, 307, 308, 315, 316, 317, 326, 327, 328 रू11,329,330 एवं 447, का भू-अर्जन अधिकारी/एस.डी.एम. बिजावर द्वारा पारित अवार्ड क्रमांक 389 की मुआवजा राशि का भुगतान अब तक क्यों नहीं हो सका है? लगभग दो वर्षों से अधिक समय व्यतीत होने हो जाने के बाद भी उक्त भुगतान क्यो रोका गया है? यह मुआवजा कब तक संबंधित कृषक को प्राप्त होगा? स्पष्ट समय-सीमा बताएं। (घ) प्रश्नांश (ख) एवं (ग) वर्णित मुआवजा प्रकरण में राशि के भुगतान में विलंब और भूस्वामी को परेशान करने के लिए कौन अधिकारी/कर्मचारी उत्तरदायी है? संबंधितों के खिलाफ कब तक क्या कार्रवाही की जाएगी? नहीं तो क्यों? (ड.) प्रमुख सचिव राजस्व विभाग को प्रेषित ईमेल पत्र दिनांक 5 अक्टूबर 2025, सीएम हेल्पलाइन क्रमांक 34448952, 35111420, 35692017, 35904046 एवं 36283073 पर अब तक क्या कार्यवाही की गई है? समुचित कार्यवाही न किए जाने के क्या कारण है?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) छतरपुर जिले की तहसील बिजावर अंतर्गत आदिवासी वर्ग के किसानों की भूमि का अर्जन विगत एक वर्ष में नहीं किया गया है। (ख) जी हाँ। (ग) ग्राम सुकवाहा के खसरा नं. 305, 306, 307, 308, 315, 316, 317, 326, 327, 328/11, 329, 330, 473 की अधिग्रहित की गई भूमि का अवार्ड क्र. 389 अवार्ड पारित भू दिनांक 20.09.2023 है जिसकी कुल पारित अवार्ड राशि 4695618/- रुपये है। जिसमें सह अवार्डधारी/मृतकों के वारिस है जानकारी संलग्न परिशिष्ट-"अ" अनुसार है, जिसमें से 19 सह अवार्डधारियों से स्वप्रमाणित बैंक खाता, आधार कार्ड एवं सहमति पत्र प्राप्त होने पर राशि 3747107/- रुपये का भुगतान कर दिया गया है। जिसकी जानकारी संलग्न परिशिष्ट-"ब" है। संबंधित अवार्डधारियों द्वारा बैंक खाता, आधारकार्ड एवं सहमति पत्र प्रस्तुत न करने से विलम्ब हुआ है। भुगतान रोका नहीं गया है। शेष सहअवार्डधारियों/मृतकों के वारिसो की जानकारी संलग्न परिशिष्ट-"स" अनुसार है। शेष सहअवार्डधारियों द्वारा स्वप्रमाणित बैंक खाता, आधार कार्ड एवं सहमति पत्र प्राप्त होते ही भुगतान कर दिया जायेगा। (घ) बैंक खाता एवं आधार कार्ड व सहमति पत्र अवार्डधारियों द्वारा उपलब्ध न कराये जाने से पूर्ण भुगतान नहीं किया जा सका है। जिसके लिये कोई भी अधिकारी/कर्मचारी उत्तरदायी नहीं है जिससे किसी के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने का प्रश्न नहीं उठता है। (ड.) प्रश्नांश से संबंधित सी.एम. हेल्पलाइन की शिकायतों में संबंधित व्यक्ति द्वारा दस्तावेज (बैंक खाता, आधार कार्ड व सहमति पत्र) प्रस्तुत न किये जाने के कारण भुगतान न किये जाने के संबंध में विवरण दर्ज किया गया है एवं कार्यालय स्तर से किसी प्रकार की कार्यवाही लंबित न होने के कारण उक्त शिकायतें बन्द कराई गई है। शिकायतकर्ता द्वारा स्वप्रमाणित बैंक खाता, आधार कार्ड एवं सहमति पत्र न प्रस्तुत किये जाने से भुगतान की कार्यवाही नहीं की जा सकी है।
खाद्य सुरक्षा मानकों के गुणवत्ता जांच प्रतिवेदन पर कार्यवाही
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
172. ( क्र. 3122 ) श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्ड जिले में खाद्य सुरक्षा के तहत किन-किन प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर सैंपल भरे गये हैं? उक्त सैंपलों पर लैब टेस्टिंग की क्या प्रतिवेदन है? उन प्रतिवेदनों पर प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही संधारित की गई है? यहि हाँ तो जांच प्रतिवेदन/कार्यवाही से अवगत करावें। यदि नहीं तो कार्यवाही हेतु समयावधि बताने का कष्ट करें। (ख) क्या भिण्ड जिले में बड़ी मात्रा में अमानक खाद्य पदार्थ का उत्पादन किया जा रहा है? विभिन्न पेट्रोल पम्प, होटल, रेस्टोरेंट, मिष्ठान भण्डार के दूध डेयरी, मीट व मछली का परीक्षण तथा मावा, घी, पनीर व दुग्ध उत्पादन में विगत वर्षों से गुणवत्ता संधारण व खाद्य सुरक्षा के तहत क्या-क्या कार्यवाही व सेंपल भरे गये हैं? उनका जांच प्रतिवेदन के आधार पर हुई कार्यवाही का प्रतिवेदन देने का कष्ट करें। (ग) क्या जिला खाद्य अधिकारी/खाद्य निरीक्षक व विभाग के अन्य अधिकारियों द्वारा विभिन्न प्रतिष्ठान संचालक जैसे - ऑयल मिल, राईस मिल, पेट्रोल पम्प, फ्लोर मिल, होटल, रेस्टोरेंट, दुग्ध डेयरी उत्पादन, मिष्ठान भंडार जैसे प्रतिष्ठानों पर कार्यवाही करने के एवज में आर्थिक लेनदेन की शिकायत विभाग को प्राप्त हुई है? उन पर क्या कार्यवाही की गई है? प्रतिवेदन उपलब्ध करावें। यदि नहीं तो कार्यवाही हेतु समयावधि बताने का कष्ट करें। (घ) भिण्ड जिले में खाद्य सुरक्षा के तहत पंजीकृत इकाई कितनी हैं?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। रिपोर्ट प्राप्त होने पर समयावधि बताया जाना संभव है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्नांश ''क'' उत्तर अनुसार। (ग) जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) भिण्ड जिले में खाद्य सुरक्षा के तहत खाद्य पदार्थों की 12299 ईकाई पंजीकृत है।
एक्सपायरी दिनांक के खाद्य पदार्थो की ब्रिकी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
173. ( क्र. 3270 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नीमच, मंदसौर जिलों में 1 जनवरी 2023 के बाद खाद्य विभाग द्वारा किस-किस खाद्य सामग्री के, किस-किस व्यक्ति/फर्म से, कब-कब नमूने लिए गए? किस-किस दिनांक को नमूने प्रयोगशाला में भेजे गए? जांच उपरांत प्राप्त रिपोर्ट की प्रतिलिपि उपलब्ध कराएं। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में, नीमच और मंदसौर जिलों में पैकिंग खाद्य पदार्थों पर एक्सपायरी दिनांक अंकित न होने और एक्सपायरी दिनांक के बाद भी बाजार में बिक्री हेतु रखे जाने के कितने प्रकरण कहाँ-कहाँ पर विभाग की जांच में सामने आए? उन पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? (ग) नीमच, मंदसौर, रतलाम जिलों में विभिन्न मॉल में तेल के डिब्बों सहित अन्य खाद्य पदार्थों पर बिना एक्सपायरी दिनांक और एक्सपायरी दिनांक के बाद भी भारी मात्रा में विक्रय किए जाने की शिकायतें किस-किस व्यक्ति द्वारा, किस-किस मॉल के लिए, कहाँ-कहाँ पर दर्ज की गईं? इस पर किस-किस सक्षम अधिकारी द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गई? कार्यवाही की जानकारी दें। (घ) क्या नीमच जिले में राजस्थान की विभिन्न खाद्य कंपनियों द्वारा भारी मात्रा में पैकिंग युक्त खाद्य सामग्री ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोकटोक बेची जा रही है? यदि हाँ, तो उक्त अवधि में विभाग ने कितनों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ख) नीमच और मन्दसौर जिलों में पैकिंग खाद्य पदार्थों पर एक्सपायरी दिनांक अंकित न होने और एक्सपायरी दिनांक के बाद भी बाजार में बिक्री हेतु रखे जाने के कोई प्रकरण सामने नहीं आए है। उपरोक्त के आलोक में शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) नीमच, मन्दसौर, रतलाम, जिलों में विभिन्न मॉल में तेल के डिब्बों सहित अन्य खाद्य पदार्थों पर बिना एक्सपायरी दिनांक और एक्सपायरी दिनांक के बाद भी भारी मात्रा में विक्रय किए जाने की शिकायतों की जानकारी निरंक है। उपरोक्त के आलोक में शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) नीमच जिले में राजस्थान में निर्मित खाद्य पदार्थों का भी विक्रय, भण्डारण नीमच जिले के खाद्य कारोबारियों द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 अन्तर्गत खाद्य पंजीयन/अनुज्ञप्ति प्राप्त कर नियमानुसार किया जाता है। उक्त अधिनियम का उल्लंघन करने वाले खाद्य कारोबारियों के विरूद्ध की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार।
अमानक खाद्य सामग्री का विक्रय
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
174. ( क्र. 3273 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन, इंदौर संभाग में 1 जनवरी 2020 के पश्चात चॉकलेट, मीठी सुपारी, चाय पत्ती, बियर के अमानक होने के संबंध में कितनी शिकायतें कहाँ-कहाँ प्राप्त हुईं? उन पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्नांश (क) संदर्भित उक्त संभाग में अमानक खाद्य सामग्री का विक्रय रोकने के लिए विभाग द्वारा क्या-क्या प्रयास किए जा रहे हैं तथा जनता को जागरूक करने के लिए कितने जागरूकता अभियान शिविर कहाँ-कहाँ संचालित किए गए? (ग) उक्त संभाग में उक्त अवधि में अमानक खाद्य पदार्थ को लेकर किस-किस व्यक्ति के खिलाफ प्रकरण किस-किस न्यायालय/अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए गए? व्यक्ति का नाम और प्रकरण की जानकारी सहित दें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''अ'' अनुसार। (ख) अमानक खाद्य सामग्री पर कार्यवाही संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''अ'' एवं ''स'' अनुसार एवं जन जागरूकता संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''ब'' अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''स'' अनुसार।
ओलावृष्टि, अतिवृष्टि से हुए नुकसान मुआवजा
[राजस्व]
175. ( क्र. 3419 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 जनवरी 2023 के पश्चात नीमच विधानसभा में ओलावृष्टि, अत्यधिक वर्षा, पीला मोज़ेक एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को कहाँ-कहाँ और कितना-कितना नुकसान हुआ? सर्वे के अनुसार कृषकों को कुल कितना मुआवजा दिया गया? राशि सहित सूची उपलब्ध कराएं। (ख) प्रश्नांश (क) में संदर्भित अवधि में फसल बीमा के कितने प्रकरणों में किन-किन कृषकों को कितना-कितना भुगतान किया गया तथा कितने कृषकों के आवेदन किन कारणों से लंबित हैं? संपूर्ण जानकारी दें। (ग) क्या दिनांक 01 फरवरी 2026 को नीमच विधानसभा के पालसोड़ा, भंवरासा, विशन्या, तालखेड़ा, मुंडला, चल्दु आदि पंचायतों में अतिवृष्टि एवं ओलावृष्टि हुई है? यदि हाँ, तो क्या प्रशासन ने सर्वे का कार्य पूर्ण कर लिया है? यदि हाँ, तो किन-किन ग्रामों में कितना-कितना नुकसान हुआ? (घ) प्रश्नांश (ग) में संदर्भित पात्र हितग्राहियों को मुआवजे का भुगतान कब तक कर दिया जाएगा? समय-सीमा बताएं।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) माह जनवरी 2023 के पश्चात नीमच विधानसभा में अगस्त-सितम्बर 2025 में अधिक वर्षा होने के कारण सम्पूर्ण क्षेत्र में सोयाबीन, खरीफ फसल की क्षति हुई थी, जिसमें कुल 208 ग्राम के 43922 कृषक प्रभावित हुये जिनको कुल राहत राशि 39,98,36,238-/रूपये का वितरण किया गया।
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क्र. |
तहसील |
कुल ग्राम |
कुल कृषक |
कुल राशि |
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1 |
नीमच नगर |
21 |
3, 398 |
3, 36, 90, 970/- |
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2 |
नीमच ग्रामीण |
98 |
20, 116 |
21, 23, 45, 268/- |
|
3 |
जीरन |
89 |
20, 408 |
15, 38, 00000/- |
|
कुल योग |
208 |
43, 922 |
39, 98, 36, 238/- |
|
जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश-(क) संदर्भित अवधि में फसल बीमा के कुल कृषक आवेदन संख्या 789667 को कुल राशि 2, 47, 66, 81, 296.50 रूपये राशि का भुगतान किया गया एवं 1038 कृषक आवेदनों में राशि रूपये 1, 45, 84, 410.28 का भुगतान खाता बंद/खाता सत्यापित नहीं होने से लंबित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। (ग) 1 फरवरी 2026 को नीमच विधानसभा के तहसील नीमच ग्रामीण के ग्राम विशन्या, मुण्डला, मेलकी, मेवाड, बोरदिया कलॉ में ओलावृष्टि हुई है। सर्वे कार्य पूर्ण करा लिया गया है। फसल क्षति 15-20 प्रतिशत हुई है। तहसील जीरन अंतर्गत ग्राम पालसोडा, जेतपुरा, भंवरासा, तालखेड़ा, खेताखेड़ा, बामनिया, पिपल्याव्यास में ओलावृष्टि से हुई फसल क्षति का सर्वे कार्य पूर्ण कर लिया गया है, सर्वे उपरांत फसल में 25-33 प्रतिशत नुकसान पाया गया है। (घ) ओलावृष्टि से प्रभावित कृषकों को राहत राशि के भुगतान की कार्यवाही प्रचलित है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
भाग-3
अतारांकित
प्रश्नोत्तर
आउटसोर्स
कर्मचारियों
की भर्ती में
अनियमितता
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
1. ( क्र. 24 ) श्री मुकेश मल्होत्रा : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्योपुर जिले के मेडीकल कॉलेज में तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कितने कर्मचारियों की आउटसोर्स से भर्ती की गई है जिसमें अन्य जिलों के कितने व्यक्तियों का चयन किया गया है और श्योपुर के कितने स्थानीय व्यक्तियों का चयन किया गया है जिलेवार चयनित आवेदकों की जानकारी देवें? (ख) क्या स्थानीय निवासियों का चयन न करते हुए अन्य जिले जैसे भिण्ड,मुरैना, शिवपुरी, ग्वालियर के आवेदकों का चयन किया गया? क्या भर्ती प्रक्रिया अपनाए जाने हेतु शासन स्तर या जिला स्तर से विज्ञापन जारी किया गया है? (ग) यदि प्रश्नांश (क) एवं (ख) का उत्तर हाँ है तो क्या इसकी जांच कराकर भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर पुनः विज्ञप्ति जारी कर स्थानीय शिक्षित बेरोजगारों की आउटसोर्स पर भर्ती की जावेगी? यदि हां, तो कब तक, नहीं तो क्यों नहीं? कारण बतावें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) श्योपुर जिले के मेडिकल कॉलेज में तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की भर्ती नहीं की गई है। चिकित्सा महाविद्यालय में 15-15 आउटसोर्स कर्मचारियों की तत्कालिक व्यवस्था चिकित्सा महाविद्यालय, ग्वालियर एवं सी.एम.एच.ओ. ग्वालियर द्वारा की गई है। आउटसोर्स कर्मचारियों की जिलेवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) आउटसोर्स पर कर्मचारी रखने हेतु स्थानीय होना अथवा विज्ञापन जारी करने की बाध्यता नहीं हैं। यह तात्कालिक व्यवस्था होती है। (ग) वैकल्पिक व्यवस्था होने के कारण प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
चिकित्सालयों में शव वाहन की उपलब्धता
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
2. ( क्र. 26 ) श्री मुकेश मल्होत्रा : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्य प्रदेश राज्य के समस्त शासकीय ब्लॉक स्तरीय और जिला स्तरीय चिकित्सालय में शव वाहनों की व्यवस्था है? यदि हाँ तो ब्लॉकवार और जिलावार कुल कितने-कितने वाहन उपलब्ध हैं संख्या बताएं। (ख) क्या विभाग व सरकार ने प्रदेश के ब्लॉक स्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और जिला स्तरीय चिकित्सालयों में शव वाहन उपलब्ध कराने के लिए कोई निर्णय लिया है? यदि हाँ तो जानकारी उपलब्ध करायें? (ग) क्या प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में क्या विभाग इस गंभीर समस्या का निराकरण करने राज्य के समस्त ब्लॉक स्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और जिला स्तरीय चिकित्सालयों में एक-एक शव वाहन उपलब्ध कराने की व्यवस्था किए जाने निर्णय लेगा? यदि हाँ तो कब तक नहीं तो क्यों नहीं कारण बतावें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) मध्यप्रदेश राज्य में वर्तमान में ब्लॉक स्तरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पृथक से शव वाहन की व्यवस्था नहीं है, परंतु समस्त शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों और जिला चिकित्सालयों में शव वाहन की व्यवस्था है। ब्लॉक स्तर पर केवल संस्थागत मृत्यु होने पर जिला चिकित्सालय/चिकित्सा महाविद्यालय से आवश्यकता अनुसार शव वाहन उपलब्ध कराया जा सकता है। जिलेवार शव वाहनों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ख) जी हाँ, ब्लॉक स्तर पर नहीं परंतु लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग मंत्रालय द्वारा जारी आदेश क्रमांक/PHME-0001/2024/ 17/मेडि-1, भोपाल दिनांक 15.03.2024 अनुसार चिकित्सा महाविद्यालयीन जिलों में 04 तथा शेष अन्य जिला चिकित्सालयों हेतु 02 के मान से मध्यप्रदेश में कुल 148 शव वाहन उपलब्ध है। (ग) जानकारी उत्तरांश (क) एवं (ख) अनुसार है। ब्लॉक स्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में एक-एक शव वाहन उपलब्ध कराने बावत्, वर्तमान में कोई योजना नहीं है।
राजस्व मिसल बंदोबस्त एवं ऑनलाईन राजस्व रिकार्ड
[राजस्व]
3. ( क्र. 58 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्य प्रदेश अंतर्गत राजस्व मिसल बंदोबस्त एवं वर्तमान ऑनलाईन राजस्व रिकॉर्ड में कुल कितना-कितना रकबा दर्ज है तथा इसमें कितना अंतर है? इसकी जिलेवार जानकारी उपलब्ध करावें और हरदा जिले के परिप्रेक्ष्य में तहसीलवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) शासन द्वारा राजस्व महाअभियान के सभी चरणों में कुल कितनी राशि व्यय की गई है? राजस्व महाअभियान में तहसीलों के खसरा, नक्शा विभागीय वेबसाईट पर ऑनलाइन दर्ज किये जाकर कितने प्रतिशत अपडेशन का कार्य पूर्ण किया जा चुका है? इसकी जिलेवार, तहसीलवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) राजस्व महाअभियान अंतर्गत कौन-कौन से कार्य पूर्ण कराये गए हैं? राजस्व महाअभियान के पूर्व एवं पश्चात् की स्थिति के आधार पर कार्यों एवं आंकड़ों की, जिलेवार, तहसीलवार, जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) क्या राजस्व विभाग द्वारा शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करने वाले भू-माफियाओं के विरूद्ध अभियान चलाये जाने की योजना है? यदि हाँ तो कब तक, यदि नहीं तो इसका कारण स्पष्ट करें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) मध्य प्रदेश अंतर्गत समस्त जिलों से प्राप्त जानकारी जिलेवार पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार हैं (पृथक से मेल किया जा रहा है एवं हरदा जिले की तहसीलवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार हैl (ख) राजस्व महाभियान के दौरान समस्त जिलों में किये गये प्रचार-प्रसार एवं जागरूकता संबंधी गतिविधियों पर लगभग 1.35 करोड़ की राशि व्यय हुई है। राजस्व महाभियान के तीनो चरणों में लगभग 1 करोड़ राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार हैl (ग) राजस्व महाभियान अंतर्गत नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, अभिलेख दुरुस्ती, नक्शा बटांकन (तरमीम), स्वामित्व योजना, फार्मर रजिस्टरी, पीएम किसान एवं सी.एम. किसान आधार से खसरे की लिंकिंग, परंपरागत रास्ते का चिन्हांकन के कार्य पूर्ण कराए गए। राजस्व महाभियान के तीनों चरणों में लगभग 1 करोड़ राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया गया है। जिलेवार प्रकरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार हैl (घ) शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के विरूद्ध म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 (संशोधित 2018) की धारा-248 के प्रावधानों के अन्तर्गत कार्यवाही की जाती है।
राजस्व निरीक्षकों के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराना
[राजस्व]
4. ( क्र. 59 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्य प्रदेश में राजस्व निरिक्षकों के कितने पद स्वीकृत हैं, कितने भरे हुए हैं व कितने रिक्त पद हैं? जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) क्या राजस्व निरीक्षकों को डेड कैडर घोषित किए जाने की कोई कार्यवाही शासन द्वारा की जा ही है? यदि हाँ तो क्यों एवं कब तक और इन राजस्व निरिक्षकों का कार्य किससे कराने की योजना है? जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) विगत वर्षों में राजस्व निरीक्षकों से प्रभारी नायब तहसीलदार एवं सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख कब एवं शासन के किन नियमों के आधार पर बनाये गए हैं? दिनांकवार संख्यावार जानकारी देवे तथा नियमों की प्रति उपलब्ध करावे। (घ) क्या विभागीय परीक्षा को आधार मानकर राजस्व निरीक्षकों को उच्च पद पर प्रभार दिया गया है? क्या वरिष्ठ पद के प्रभार में राजस्व निरीक्षकों की वरिष्ठता को भी आधार माना गया है तथा क्या राजस्व निरीक्षकों को विभागीय परीक्षा में बैठने, परीक्षायें आयोजित करने हेतु कनिष्ठ एवं राजस्व निरीक्षकों को समान रूप से अवसर प्रदान किए गए है? इससे संबंधित नियम, अधिसूचना की प्रति उपलब्ध करावे।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) राजस्व निरीक्षक संवर्ग के कुल 2169 पद स्वीकृत 936 पद भरे एवं 1233 पद रिक्त हैं। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता। (ग) वर्ष 2023 एवं 2025 में शासन द्वारा राजस्व निरीक्षक को नायब तहसीलदार एवं सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख पद का प्रभार देने हेतु दिनांक 11.10.2022 को जारी संक्षेपिका के आधार पर प्रभारी नायब तहसीलदार/सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख बनाए गए है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' एवं ''ब'' अनुसार। (घ) जी हाँ। विभागीय परीक्षा एवं वरिष्ठता सूची को आधार मानकर राजस्व निरीक्षक को उच्च पद का प्रभार दिया गया है तथा विभागीय परीक्षा में बैठने के लिए कनिष्ठ राजस्व निरीक्षकों को भी समान अवसर प्रदान किए गए है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' एवं ''द'' अनुसार है।
वाहनों के किराया बिलों के भुगतान में अनियमितता
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
5. ( क्र. 396 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता सदस्य का पत्र क्र./1167/JBP/25 दिनांक 17/11/2025 में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जबलपुर व अन्य अधिकारियों द्वारा मोबिलिटी सपोर्ट में वाहनों से यात्रा किराया बिलों के भुगतान में फर्जीवाड़ा, भ्रष्टाचार व शासन को वित्तीय क्षति पहुंचाने की शिकायत की जांच मान. कलेक्टर जबलपुर (2) मान. मुख्य सचिव मंत्रालय म.प्र. शासन, भोपाल ने कब किससे कराई है और आरोपी अधिकारियों के विरूद्ध कब क्या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं तो क्यों? बतलायें। पत्र की छायाप्रति दें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) वर्णित पत्र के साथ संलग्न नोटशीट बिलों में उल्लेखित पंजीकृत वाहन प्रदाता ट्रेवर्ल्स एजेंसी जबलपुर के स्वामित्व में पंजीकृत नहीं हैं? जैसा कि अतारांकित प्रश्न (क्र.2068) दिनांक 06/08/2025 के उत्तर में मान. परिवहन मंत्री म.प्र. शासन, भोपाल ने संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र "अ'', "ब" में बतलाया है? यदि हाँ तो क्या शासन मोबिलिटी सपोर्ट में वाहनों के किराया बिलों के भुगतान में फर्जीवाड़ा, भ्रष्टाचार व शासन को लाखों रूपयों की वित्तीय क्षति पहुंचाने की जांच सिट (एस.आई.टी.) का गठन कर करवाने व आरोपी अधिकारियों के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज कराकर कार्यवाही करेगा? बतलायें। प्रश्नांकित प्रश्न (क्र. 2068) दिनांक 06/08/2025 के उत्तर की छायाप्रति दें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जांच की कार्यवाही मिशन संचालक, एन.एच.एम. के स्तर पर प्रचलन में है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ख) प्रकरण के संबंध में जांच प्रचलन में है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। प्रश्नांकित प्रश्न क्रमांक 2068 दिनांक 06.08.2025 के उत्तर की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार।
शिकायतों की जांच
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
6. ( क्र. 399 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन म.प्र.भोपाल के तहत डी.पी.एम.यू. जबलपुर में पदस्थ श्री विजय पाण्डेय डाटा प्रबंधक (टीकाकरण) प्रभारी डी.पी.एम. के विरूद्ध मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन म.प्र. भोपाल मान. मुख्य सचिव मंत्रालय सचिवालय म.प्र.शासन एवं प्रदेश शासन को प्राप्त कितनी शिकायतों की जांच क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं जबलपुर संभाग जबलपुर से कराई गई हैं। कितनी शिकायतों की जांच प्रचलन में हैं एवं कितनी शिकायतें जांच हेतु लम्बित हैं। बतलावें। वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक की शिकायतों की जानकारी दें। जांच रिपोर्ट एवं शिकायतों की छायाप्रति दें। (ख) प्रश्नांश (क) में मिशन संचालक का आदेश क्र./ श.स्वा.मि./शिकायत F0508/2/2 भोपाल दिनांक 13/07/2025 द्वारा गठित जांच समिति किन-किन शिकायतों की जांच कब की हैं। कितनी-कितनी शिकायतों की जांच लम्बित/प्रचलन में हैं। कितनी शिकायतों की जांच रिपोर्ट कब दी हैं? बतलावें। शिकायतों एवं जांच रिपोर्ट की छायाप्रति दें। (ग) प्रश्नांश (क) में प्रश्नकर्ता द्वारा कब-कब प्रेषित किन-किन शिकायतों की जांच कब किससे कराई हैं? शिकायतों व जांच रिपोर्ट की छायाप्रति दें। (घ) क्या शासन प्रश्नकर्ता द्वारा की गई सभी शिकायतों की जांच सिट (एस.आई.टी.) का गठन कर करवाकर एवं आरोपी के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज कराकर कार्यवाही करेगा?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन म.प्र. भोपाल के तहत डी.पी.एम.यू. जबलपुर में पदस्य श्री विजय पाण्डेय डाटा प्रबंधक (टीकाकरण) प्रभारी डी.पी.एम. के विरूद्ध मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन म.प्र. भोपाल को प्राप्त चार (04) शिकायतों की जांच क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं जबलपुर संभाग जबलपुर से कराई गई है एवं पांच (05) शिकायतों की जांच प्रचलन में है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक प्राप्त शिकायतों एवं जांच रिर्पोट की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) में माननीय विधायक द्वारा उल्लेखित आदेश क. रा.स्वा. मिश. शिकायत F05058/2/2 भोपाल दिनांक 13/07/2025 से जांच समिति का गठन होना नहीं पाया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नांश (क) में प्रश्नकर्ता द्वारा पत्र कांक/1167/JBP/25 दिनांक 17-11-2025 को प्रेषित शिकायत की जांच प्रचलन में है। शिकायत की प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) शिकायत की जांच प्रचलन में है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नियुक्ति में फर्जीवाड़े की जांच
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
7. ( क्र. 400 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अतारांकित प्रश्न क्र.2067, दिनांक 06/08/2025 के उत्तर में संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ में उल्लेखित संविदा भर्ती विज्ञप्ति वर्ष 2006-07 में डाटा असिस्टेंट पद संख्या 01 के लिये निर्धारित शर्तें बिन्दु क्र.01 से 05 तक की किन-किन शर्तों का पालन उम्मीदवार श्री विजय पाण्डेय पिता गया प्रसाद पाण्डेय जबलपुर ने अपने आवेदन पत्र फार्म में नहीं किया है। इसके अतिरिक्त अन्य कौन-कौन सी आवश्यक जानकारी का पालन कराये बिना ही इनका आवेदन पत्र किस आधार पर मान्य किया गया है एवं क्यों? प्रश्न के उत्तर आवेदन पत्र फार्म, शैक्षणिक योग्यता अर्हताएं व संलग्न सभी प्रमाण पत्रों की छायाप्रति दें। (ख) प्रश्नांकित विज्ञापित पद की भर्ती हेतु किस निर्धारित चयन प्रक्रिया के तहत अनारक्षित (सामान्य वर्ग) व अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिये लिखित एवं प्रायोगिक परीक्षा में न्यूनतम कट ऑफ प्राप्तांक निर्धारित न करने का क्या कारण है? बतलावें। शासन की निर्धारित चयन प्रक्रिया व निर्देश क्या है? छायाप्रति दें। (ग) प्रश्नांकित डाटा असिस्टेंट एवं डाटा एन्ट्री ऑपरेटर पद के लिये चयनित सामान्य वर्ग (अनारक्षित) के चयनित किन-किन उम्मीदवारों को लिखित एवं प्रायोगिक परीक्षा में निर्धारित कितने-कितने अंकों में से कितने-कितने अंक, कुल कितने-कितने अंक मिले हैं? बतलावें। दोनों पदों की नियुक्ति में असमानता एवं भिन्नता रखने का कारण क्या है? बतलावें। चयनित मेरिट सूची व उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता अर्हताएं अंक सूची की छायाप्रति दें। (घ) क्या अतारांकित प्रश्न क्र.385 दिनांक 04/12/2025 (स्कूल शिक्षा विभाग) के उत्तर में माध्य. शिक्षा मण्डल म.प्र. भोपाल हायर सेकेण्डरी सर्टिफिकेट (10+2) परीक्षा वर्ष 2000 में श्री विजय पाण्डेय पिता गया प्रसाद पाण्डेय नियमित छात्र का गणित विज्ञान विषय में परीक्षा परिणाम अनुत्तीर्ण रहा हैं। यदि हाँ तो क्या शासन इनके द्वारा हायर सेकेण्डरी (10+2) परीक्षा वर्ष 2002 में दिसम्बर में उत्तीर्ण करने की जांच कराकर कार्यवाही करेगा? बतलावें। वर्ष 2000 एवं 2002 की अंक सूची व प्रश्न के उत्तर की छायाप्रति दें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) अतारांकित प्रश्न क्र.2067 दिनांक 06/08/2025 के उत्तर में संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ में उल्लेखित संविदा भर्ती विज्ञप्ति वर्ष 2006-07 में डाटा असिस्टेंट पद संख्या 01 के लिये निर्धारित शर्ते बिन्दु क्र.01 से 05 तक की सभी शर्तों का पालन श्री विजय पाण्डेय द्वारा किया गया। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। भर्ती प्रक्रिया का संपादन कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला जबलपुर के द्वारा किया गया है। कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला जबलपुर से प्राप्त उत्तर अनुसार चाही गई जानकारी विगत 20 वर्ष पूर्व की होने के कारण चयन प्रक्रिया संबंधी जानकारी उनके कार्यालय पटल में उपलब्ध नहीं है। (ख) प्रश्नांकित विज्ञापित पद की भर्ती प्रक्रिया राज्य स्तर से जारी पत्र क्रमांक 7/एमसीएच/2006/403 भोपाल दिनांक 26/06/2006 के तारतम्य में वर्ष 2006 में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला जबलपुर द्वारा की गई। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। निर्धारित चयन प्रक्रिया और निर्देश जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार (ग) कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला जबलपुर से प्राप्त उत्तर अनुसार चाही गई जानकारी विगत 20 वर्षों से पूर्व की होने के कारण चयन प्रक्रिया संबंधी जानकारी उनके कार्यालय पटल में उपलब्ध नहीं है। (घ) जी हाँ। जी नहीं। इस प्रकार की जांच शासन द्वारा आदेशित नहीं है। वर्ष 2000 एवं 2002 की अंक सूची व विधानसभा अतारांकित प्रश्न क्रमांक 385 के उत्तर की छायाप्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार।
शालाओं का संचालन
[स्कूल शिक्षा]
8. ( क्र. 536 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र में कितने प्राथमिक, माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय किन-किन ग्रामों में संचालित किये जा रहे है? शालाओं के नाम, ग्राम का नाम, इनमें वर्तमान पंजीकृत विद्यार्थियों की कक्षावार संख्या सहित जानकारी उपलब्ध कराई जावे। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित शाला भवन वर्तमान में कहाँ-कहाँ, किस-किस परिसर में किस भवन में संचालित हो रहे है? यदि कोई शाला अपने भवन से इतर अन्यत्र संचालित हो रही है तो इसका कारण सहित ब्यौरा देवें। इन समस्त शालाओं में से कितने शाला भवन वर्तमान में कब-कब से जर्जर अवस्था में है? क्या इनकी मरम्मत, अतिरिक्त कक्ष निर्माण, शौचालय, बॉउण्ड्री हेतु विभाग द्वारा कोई मांग, प्रस्ताव शासन को उपलब्ध कराये गये है? यदि हाँ तो शासन द्वारा इसके निराकरण हेतु क्या कार्यवाही की जा रही है? वर्तमान में वह किस स्तर पर लंबित है? (ग) प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्रमांक 133 दिनांक 04/12/2025 में विद्यालयों में उनकी मांग एवं आवश्यकता के आधार पर जांच करते हुए अतिरिक्त कक्ष, बाउण्ड्रीवॉल, छत एवं भवन मरम्मत, जर्जर भवनों को ध्वस्तीकरण आदि के संबंध में फोटोयुक्त फिटनेस प्रमाण पत्र की प्रति चाही गई थी उक्त प्रति उपलब्ध कराई जावे? यदि लगभग 02 माह पश्चात् भी उक्त जानकारी तैयार नहीं की जा सकी है तो इसके लिये कौन जिम्मेदार है? जानकारी देवें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ पर है। (ख) शासकीय हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल स्वयं के भवन में संचालित है। अतः शेषांश प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। कोई भी हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल जर्जर अवस्था में नहीं है। जी हाँ। विद्यार्थी संख्या के मान से आवश्यक अद्योसंरचना निर्माण बजट की उपलब्धता, मांग, प्रस्ताव तथा सक्ष्म समिति की स्वीकृति पर निर्भर है। तद्नुसार कार्यवाही की जाती है। प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' पर है। वर्णित शालाओं में से 05 शालायें जर्जर अवस्था में है। जिससे 03 शालाएं जिनको डिस्मेंटल किया जा चुका है। शेष डिस्मेंटल का प्रस्ताव प्राप्त है। उक्त शालायें माध्यमिक शाला एवं प्राथमिक शाला के साथ संचालित की जा रही है तथा शेष शालाएं स्वयं के भवन में संचालित हो रही है। प्रस्ताव की स्वीकृति बजट की उपलब्धता पर निर्भर करेगी। (ग) वर्तमान में 55 शालाओं में अतिरिक्त कक्ष तथा शालाओं में मरम्मत योग्य 65 शालायें है जिसके प्रस्ताव वार्षिक कार्य योजना में प्रस्तावित किये जाते है। स्वीकृति, बजट पर निर्भर करेगी। शालावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' पर है। प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत शासकीय हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल अच्छी स्थिति में है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
मेले महोत्सव समारोह एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में व्यय
[संस्कृति]
9. ( क्र. 537 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या राज्य मंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पर्यटन एवं संस्कृति विभाग द्वारा विगत 03 वर्षों में मेले, महोत्सव, समारोह एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के संचालन हेतु किन-किन जिलों को कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई है एवं इसका व्यय किस कार्य पर किया गया है? जिन जिलों को राशि आवंटित नहीं की गई तो इसका क्या कारण है? संपूर्ण जानकारी वर्षवार, विभागवार, जिलावार, कार्यवार देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित अवधि में मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित होने वाले महोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं मेले हेतु शासन द्वारा कितना बजट कब-कब तथा किस-किस विभाग से आवंटित किया गया है? यह किस आधार पर आवंटित किया गया है? जानकारी वर्षवार, राशिवार, विभागवार उपलब्ध करावें। (ग) जिला हरदा में पर्यटन एवं संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रारंभ हुए भुआणा उत्सव का आयोजन किस कारण से नहीं किया जा रहा है? किसी क्षेत्र विशेष के मेले, उत्सव, महोत्सव अथवा गतिविधि को शासन स्तर पर पंजीकृत सांस्कृतिक गतिविधि के रूप में मान्यता दिलवाने के क्या नियम है? शासन/विभाग द्वारा जारी नियमों, निर्देशों की प्रति उपलब्ध कराई जावे। (घ) क्या हरदा जिले में भुआणा उत्सव मनाये जाने के राज्य शासन के क्या निर्देश है? इनकी छायाप्रति उपलब्ध करावें। शासन द्वारा भुआणा उत्सव को प्रदेश के अन्य कार्यक्रमों, महोत्सवों के समान महत्व क्यों नहीं दिया जा रहा है? विगत 05 वर्षों में किस विभाग द्वारा भुआणा उत्सव हेतु कितने-कितने बजट का आवंटन किया गया था?
राज्य मंत्री, संस्कृति ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) उत्तरांश 'क' अनुसार। (ग) उक्त आयोजन विभाग द्वारा किये जाने का कोई प्रावधान नहीं है, शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश 'ग' अनुसार।
नहर पर आवागमन हेतु क्रासिंग फुट पाथ निर्माण कार्य
[जल संसाधन]
10. ( क्र. 741 ) इंजीनियर हरिबाबू राय : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता सदस्य द्वारा अशोकनगर विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिकंदरा में मंदिर के पास अमाही जलाशय की नहर पर क्रॉसिंग फुटपाथ विथ रेलिंग के निर्माण के संबंध में कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग को पत्र प्रेषित किया गया था? (ख) क्या प्रश्नकर्ता सदस्य द्वारा इस निर्माण हेतु प्राक्कलन तैयार करने एवं विधायक निधि से प्राक्कलन राशि प्रदान करने संबंधी जानकारी मौखिक रूप से कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग को अवगत भी कराया गया था? (ग) यदि प्रश्नांश (क) एवं (ख) का उत्तर हाँ है तो इस महत्वपूर्ण कार्य के निर्माण कार्य में विलंब का क्या कारण है? उक्त कार्य कब तक प्रारंभ कर दिया जायेगा?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) प्रश्नांश 'क' में उल्लेखित निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग या ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग से करवाया जाना तकनीकी रूप से औचित्य पूर्ण प्रतीत होता है। शेष प्रश्नांश लागू नहीं।
शासकीय नर्सिंग कॉलेज बालाघाट में निर्माण कार्य
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
11. ( क्र. 799 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय नर्सिंग कॉलेज बालाघाट को वर्ष 2025-26 हेतु बैच आवंटित क्यों नहीं किया गया? नर्सिंग कॉलेज हेतु एकेडमिक ब्लॉक का निर्माण प्रश्न दिनांक तक क्यों नहीं हो सका? सम्पूर्ण विस्तृत विवरण देवें? (ख) क्या शासकीय नर्सिंग कॉलेज बालाघाट का हॉस्टल एवं अन्य निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है? यदि विभाग एकेडमिक कार्य हेतु किसी अन्य भवन का उन्नयन करें तो क्या बैच आवंटित हो सकता है यदि हाँ तो विभाग द्वारा इस संबंध आज दिनांक तक क्या कार्यवाही की गयी? सम्पूर्ण विस्तृत विवरण देवें? यदि नहीं की गयी तो क्यों नहीं की गयी? कारण बतावें? (ग) क्या जी.एन.एम. स्कूल बालाघाट का उन्नयन बी.एस.सी. नर्सिंग कॉलेज होने के बावजूद क्षेत्र की छात्रायें अन्य जिलों में जाकर अध्ययन कर रही है? यदि हाँ तो कब तक नर्सिंग कॉलेज बालाघाट प्रारंभ हो सकेगा? समय-सीमा बतावें?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) शासकीय नर्सिंग कॉलेज बालाघाट द्वारा शैक्षणिक सत्र 2025-26 की मान्यता हेतु मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन कौंसिल, भोपाल को आवेदन नहीं किया गया। नर्सिंग कॉलेज के एकेडमिक भवन के निर्माण हेतु भूमि आवंटित नहीं हुई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) हॉस्टल का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। बैच आवंटन प्राप्त किये जाने हेतु भारतीय उपचर्या परिषद के अधोसंरचना के लिए निर्धारित मापदण्ड अनुसार भवन उपलब्ध होना आवश्यक है अत: अन्य भवन के उन्नयन से बैच आवंटित नहीं हो सकता। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी.एन.एम. स्कूल बालाघाट का उन्नयन बी.एस.सी. नर्सिंग कॉलेज में किया गया है, परन्तु छात्राओं को अध्ययन के लिये नर्सिंग कॉलेज में प्रवेश नियम के जिले के आधार पर प्रदान नहीं किया जाता कर्मचारी चयन मण्डल द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा में प्राप्त मेरिट एवं च्वाईस फिलिंग के आधार पर मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन कौंसिल द्वारा एम.पी. ऑनलाईन के माध्यम से जिलों/संस्थाओं का आवंटन किया जाता है। नर्सिंग कॉलेज बालाघाट प्रारंभ होने की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
नवीन शिक्षक संवर्ग को अर्जित अवकाश की सुविधा
[स्कूल शिक्षा]
12. ( क्र. 855 ) श्री राजेन्द्र भारती : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शिक्षक संवर्ग/नवीन अध्यापक संवर्ग को अर्जित अवकाश की पात्रता संबंधी आदेश वर्ष 2025-26 में जारी किया गया है। यदि हाँ तो उक्त आदेश की प्रति उपलब्ध करायें। (ख) क्या वर्ष 1998-99 के शिक्षाकर्मियों को अर्जित अवकाश प्रदान करने का पंचायत विभाग का आदेश स्कूल शिक्षा विभाग के लिये नियुक्त शिक्षा कर्मियो को अर्जित अवकाश प्रदान करने के संबंध में लागू किया गया था? यदि हाँ तो आदेश की प्रति उपलब्ध करायें। (ग) वर्ष 1998-99 में नियुक्त शिक्षा कर्मियों को जब अर्जित अवकाश की पात्रता 1998 से ही थी, तो उन्हें पुनः नवीन शिक्षक संवर्ग में वर्ष 2026 से अर्जित अवकाश प्रदान करने का आदेश देकर 25 वर्षों के अर्जित अवकाश की पात्रता से वंचित किया जा रहा है? यदि हाँ तो क्यों? यदि नहीं तो क्यों 1998-1999 में भर्ती ऐसे शिक्षा कर्मियों को जो अब नवीन शिक्षक संवर्ग में है उन्हें अर्जित अवकाश नियुक्ति दिनांक से ही पात्रता के संबंध में विभाग स्पष्ट आदेश प्रसारित करेगा? यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं तो क्यों कारण सहित जानकारी दें। (घ) स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा दतिया जिले के विभिन्न जिलों में वर्ष 2024-25, 2025-26 में स्कूलों के लिये कौन-कौन सी साम्रगी क्रय की गई है? हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी सहित कौन-कौन सी सामग्री क्रय करने के आदेश वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में विभाग द्वारा जारी किये गये थे? जारी आदेशों की प्रतियां प्रदान करते हुये बताये कि उक्त सामग्री क्रय करने के आदेश के क्रम में प्रदेश के समस्त हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी विद्यालयो में क्रय की गई सामग्री की जानकारी प्रदान करें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार। (ख) जी हाँ। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। (ग) जी नहीं। उत्तरांश ''क'' के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। अर्जित अवकाश के संबंध में नियमों प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही की जाती है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। शालाओं को जारी निर्देशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है। जिला शिक्षा केन्द्र दतिया द्वारा वर्ष 2024-25 में 31 माध्यमिक शालाओं, 03 बालिका छात्रावास तथा 01 बालक छात्रावास के लिए इंट्रेक्टिव पैनल क्रय किये गये। विद्यालयों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-5 एवं आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-6 अनुसार है एवं 2025-26 में जिले के द्वारा विद्यालयों के लिए कोई भी सामग्री क्रय नहीं की गई है।
दीर्घ अवधि से पदस्थ वार्डन/सहायक वार्डन को हटाया जाना
[स्कूल शिक्षा]
13. ( क्र. 856 ) श्री राजेन्द्र भारती : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल के पत्र क्र/रा/शि/का/ए/प/के/2025/2084 दिनांक 9/5/2025 के द्वारा जिला शिक्षा केन्द्र रीवा को पत्र प्रेषित कर जिले में संचालित कस्तूरबा गांधी छात्रावास एवं सुभाष चंद्र बोस बालक बालिका छात्रावास में 3 वर्ष से अधिक समय से कार्यरत वार्डन/सहायक वार्डनों को हटाकर नए सिरे से रखे जाने का पत्र जारी किया गया है। (ख) यदि प्रश्नांश (क) हाँ है तो क्या प्रश्नांश (क) के पत्र के परिपालन में जिला शिक्षा केन्द्र रीवा द्वारा अपने पत्र क्र/रा/शि/के स्थापना 2025 दिनांक 26/9/2025 से जिले के समस्त संकुल प्राचार्यों से 3 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले वार्डनों सहायक वार्डनों को हटाकर नए अध्यापक, सहायक अध्यापक, प्राथमिक अध्यापकों के प्रस्ताव वार्डन/सहायक वार्डन रखने हेतु मांगे गए थे यदि हाँ तो मांगे गए प्रस्ताव कब प्राप्त हुए उन पर क्या कार्यवाहरी हई बताएं? (ग) यदि प्रश्नांश (क) एवं (ख) हाँ है तो संकुल प्राचार्य सितलहा ने अपने पत्र क्रमांक दिनांक 9/6/2025 के द्वारा आदेश के परिपालन में नए वार्डन को रखने हेतु प्रस्ताव प्रेषित किया है? यदि हाँ तो अभी तक मांगे गए प्रस्ताव के परिपालन में पूर्व से कार्यरत वार्डनों को हटाकर नए सिरे से भर्ती क्यों नहीं की गई? इसमें कौन दोषी है? दोषी पर क्या कार्यवाही कर प्रस्ताव के अनुरूप आदेश पारित करा देंगे? यदि हाँ तो कब तक समय-सीमा बताएं? (घ) क्या यह सही है कि जिला शिक्षा केन्द्र रीवा में पदस्थ वंशमणि मिश्रा को वित्तीय प्रशासनिक अनियमितता एवं अधिकारियों को आर्थिक लेन देन की दलाली प्रकरण में कलेक्टर रीवा ने आदेश दिनांक 15/3/2025 से निलंबित किया गया था यदि हाँ तो उसी कार्यालय एवं सीट पर क्यों बहाल किया गया? बहाली नियम आदेश की प्रति देते हुए बताएं कि उसे उक्त पदस्थापना से कब तक हटा देंगे? यदि नहीं तो क्यों? कारण बतायें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। अपितु कार्यालयीन पत्र क्र./जिशिके./स्था./2025/839 रीवा दिनांक 26.05.2025 के द्वारा संबंधित प्राचार्यों से नवीन वार्डन का चयन किये जाने की नियमानुसार कार्यवाही हेतु प्रस्ताव चाहा गया था। प्राप्त प्रस्तावों का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- '01' अनुसार है। मध्य सत्र होने के कारण कार्यवाही पूर्ण नहीं हुई है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- '02' अनुसार है। मध्य सत्र होने के कारण कार्यवाही पूर्ण नहीं हुई है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) आदेश दिनांक 15.03.2025 के द्वारा नहीं अपितु आदेश दिनांक 15.03.2024 के द्वारा निलंबित किया गया था। निलम्बन के समय संबंधित की मूल पदस्थापना जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान रीवा में थी। निलम्बन से बहाली उपरांत जिला शिक्षा केन्द्र रीवा में पदस्थ किया गया था। जिला शिक्षा केन्द्र रीवा के आदेश दिनांक 10.02.2025 माध्यम से श्री वंशमणि प्रसाद मिश्रा मूल पदस्थापना जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान रीवा के विरूद्व अधिरोपित आरोप विभागीय जांच में प्रमाणित नहीं पाये जाने के कारण विभागीय जांच प्रकरण समाप्त किया गया है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
स्कूल के उन्नयन एवं भवन निर्माण
[स्कूल शिक्षा]
14. ( क्र. 898 ) श्री अभय मिश्रा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राज्य सरकार द्वारा स्कूलों के उन्नयन एवं भवन निर्माण बावत् कार्यवाही की गई जिसके पालन में रीवा संभाग के किन-किन विधानसभा क्षेत्रों के कितने विद्यालयों का उन्नयन माध्यमिक शाला से हाई स्कूल एवं हाई स्कूल से हायर सेकेण्डरी स्कूल में किया गया की जानकारी पिछले तीन वर्षों की देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के तारतम्य में रीवा जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में संचालित शासकीय विद्यालयों का माध्यमिक शाला से हाई स्कूल एवं हाई स्कूल से हायर सेकेण्डरी स्कूल में उन्नयन किया गया की जानकारी प्रश्नांश (क) की अवधि अनुसार देवें, विधानसभा क्षेत्र सेमरिया अन्तर्गत जदुआ जूनियर स्कूल को हाई स्कूल में, कटकी स्कूल कक्षा 8वीं से हाई स्कूल, बरहा प्राथमिक पाठशाला को जूनियर में, सकरबट में हाई स्कूल से हायर सेकेण्डरी में, दादर पाण्डेय टोला में हाई स्कूल से हायर सेकेण्डरी में, बरा जूनियर स्कूल को हाई स्कूल में, बगढ़ा दुबे में 8वीं स्कूल को हाई स्कूल में, मनकहरी माध्यमिक स्कूल को हायर सेकेण्डरी में, बहुरीबांध में हाई स्कूल से हायर सेकेण्डरी में कुम्हरा जुड़वानी में जूनियर हाई स्कूल को हाई स्कूल में, खम्हरिया में पू.मा.वि. पुरैनी को हाई स्कूल में उन्नयन बावत् निर्देश देंगे तो बतावें नहीं तो क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार जिन विद्यालयों का उन्नयन किया गया उनमें से कितने विद्यालयों के नवीन भवन बावत् स्वीकृति प्रदान की गई की जानकारी प्रदेश की जिलेवार विद्यालयवार देवें? रीवा जिले की पृथक से देवें। (घ) प्रश्नांश (क) के तारतम्य में विधानसभा क्षेत्र सेमरिया जनपद पंचायत सिरमौर अन्तर्गत संचालित शासकीय हाई स्कूल मझियार के जीर्ण-शीर्ण भवन के स्थान पर नवीन भवन की स्वीकृति प्रदान किये जाने बावत् क्या निर्देश देंगे बतावें इसके अलावा अन्य जीर्ण-शीर्ण भवनों का परीक्षण कराकर उनके निर्माण बावत् स्वीकृति प्रदान करेंगे तो बतावें अगर नहीं तो क्यों? (ड.) प्रश्नांश (क), (ख), (ग) एवं (घ) अनुसार उल्लेखित तथ्यों पर कार्यवाही के निर्देश देंगे तो बतावें अगर नहीं तो क्यों?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'एक' अनुसार है। उन्नत हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में भवन निर्माण मांग, प्रस्ताव एवं बजट की उपलब्धता अनुसार की जाती है। (ख) जिला रीवा अंतर्गत माध्यमिक शाला से हाई स्कूल की जानकरी निरंक, पी.एम. श्री योजना अंतर्गत शासकीय हाई स्कूल बैसगढ़ा Basigada (23140700203) का उन्नयन हायर सेकेण्डरी शाला में किया गया। प्राथमिक शाला बरहा से 3 कि.मी. की परिधि में माध्यमिक शाला कटकी होने के कारण उन्नयन की कार्यवाही नहीं की गई। वर्तमान में राज्य बजट अंतर्गत माध्यमिक शाला से हाई स्कूल एवं हाई स्कूल से हायर सेकेण्डरी शाला उन्नयन की कार्यवाही स्थगित रखी गई है। शेषांश उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'दो' अनुसार है। (घ) प्रश्नाधीन हायर सेकेण्डरी स्कूल मझियार का भवन सहित कोई भी हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन जीर्ण-शीर्ण नहीं है। अतः शेषांश उद्भूत नहीं होता। (ङ) जानकारी उपरोक्तानुसार है। अतः शेषांश उद्भूत नहीं होता।
रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति किये जाने एवं प्रतिनियुक्ति की जानकारी
[राजस्व]
15. ( क्र. 904 ) श्री अभय मिश्रा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश शासन के अंतर्गत विभिन्न विभागों में कुल कितने पद किन-किन संवर्ग के स्वीकृत है अलग-अलग प्रत्येक विभागवार, जिलेवार जानकारी देवें इनमें से कितने पद भरे हुये है एवं कितने रिक्त है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार स्वीकृत पदों में रीवा, भोपाल, शहडोल संभाग में कितने पदों पर अधिकारियों/कर्मचारियों को अतिरिक्त प्रभार/संलग्नीकरण पर पदस्थ कर कार्य लिया जा रहा है एवं कितनों को प्रभार देकर कार्य लिये जा रहे है का विवरण पदवार विभागवार जिलेवार देवें। (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार स्वीकृत पदों में कितने आउटसोर्स, संविदा एवं अन्य किन आधारों पर पदस्थ कर कार्य लिये जा रहे है का विवरण पदवार विभागवार जिलेवार देवें। (घ) प्रश्नांश (क) अनुसार रिक्त पदों पर नियमित नियुक्त किये जाने बावत् शासन द्वारा क्या निर्देश जारी किये गये हैं बतावें एवं नियमित नियुक्ति कब तक रिक्त पदों पर करावेंगे अगर नहीं तो क्यों? (ड.) प्रश्नांश (क), (ख), (ग) एवं (घ) अनुसार उल्लेखित आधारों पर कार्यवाही कर नियमित नियुक्ति न किये जाने रिक्त पदों पर अतिरिक्त प्रभार देकर कार्य लिये जाने एवं नियम विरूद्ध तरीके से संलग्नीकरण पर कार्य लेने के लिये उत्तरदायियों पर कार्यवाही के साथ आउटसोर्स व संविदा कर्मचारियों के नियमित किये जाने एवं नियमित कर्मचारियों के समान सुविधा दिये जाने बावत् क्या निर्देश देंगे बतावें अगर नहीं तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 237 (1) अंतर्गत जानकारी
[राजस्व]
16. ( क्र. 989 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्न क्रमांक 1118 दिनांक 04/12/2025 में ''उपधारा (1) में वर्णित ऐसी दखलरहित भूमि को आबादी/सड़कों, राजमार्गों, नहरों, तालाबों, अस्पतालों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, गौशालाओं के निर्माण या अन्य किसी जन उपयोगी परियोजनाओं के लिए, जैसी की राज्य सरकार द्वारा अवधारित की जाए, व्यपवर्तित कर सकेगा परन्तु उपधारा (1) में वर्णित प्रयोजनों के लिए पृथक रखी गई भूमि किसी भी व्यक्ति को कृषि प्रयोजन के लिए व्यपवर्तित या आवंटित नहीं की जाएगी। धारा 237 (4) यह है कि जब उपधारा (1) में उल्लेखित प्रयोजनों के लिए पृथक से रखी गई भूमि का ऐसी विकास और अधोसंरचना/परियोजनाओं जो राज्य सरकार के स्वामित्व की है या अनुमोदित हैं, किन्तु उपधारा (3) के अधीन नहीं आती है, व्यपवर्तन अपरिहार्य हो जाता है, तो कलेक्टर, उपलब्ध विकल्पों पर अपना समाधान कर लेने के पश्चात और संबंध परियोजनाओं से उन्हीं निस्तार अधिकारियों की पूर्ति करने के लिए समतुल्य क्षेत्र की भूमि अभिप्राप्त कर लेने पर भी इस आशय को तर्कसंगत आदेश करते हुए, ऐसे प्रयोजन के लिए भूमि व्यपवर्तित कर सकेगा" की जानकारी दी है. (ख) यदि हाँ तो गत 5 वर्षों में मंडला एवं बैतूल जिले में कलेक्टर द्वारा धारा 237 (3) के तहत बताएं किस-किस कार्य के लिए किस प्रकरण क्रमांक/आदेश दिनांक से किस ग्राम की कितनी भूमि आवंटित की है, धारा 237 (3) में दिए कार्यों के अतिरिक्त किस कार्य के लिए किस प्रकरण क्रमांक/ आदेश दिनांक से किस ग्राम की कितनी भूमि आवंटित की है, पृथक-पृथक बतावें? (ग) धारा 237 (4) में दिए गए प्रावधानों का किसी भी प्रकरण में पालन नहीं किए जाने का क्या-क्या कारण रहा है, कलेक्टर ने समतुल्य भूमि प्राप्त किए जाने के संबंध में किस-किस दिनांक को क्या कार्यवाही की है, कब तक समतुल्य भूमि प्राप्त करली जावेगी समय-सीमा सहित बतावें?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) जिला मण्डला एवं जिला बैतूल के अन्तर्गत ग्रामवार आवंटित भूमि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) धारा 237 (4) के प्रावधान अनुसार उपधारा (1) में उल्लेखित प्रयोजन के लिये पृथक रखी गई भूमि का विकास अधोसंरचना परियोजनाओं जो राज्य सरकार के स्वामित्व की है या अनुमोदित हैं, किन्तु उपधारा 237 (3) के अधीन नहीं आती है के लिये ही समतुल्य क्षेत्र की भूमि अभिप्राप्त किये जाने के प्रावधान है, किन्तु जिले के अन्तर्गत जिन विकास/अधोसंरचना, जन उपयोगी परियोजनाओं के लिये शासकीय विभागों को भूमि हस्तांतरित की गई है, वे धारा 237 (3) के अधीन आती है। अतः समतुल्य भूमि प्राप्त करना आवश्यक नहीं होने से इस संबंध में कोई कार्यवाही नहीं की गई है।
सरकुला मध्यम सिंचाई परियोजना का क्रियान्वयन
[जल संसाधन]
17. ( क्र. 1083 ) श्री देवेन्द्र कुमार जैन : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पोहरी में स्वीकृत सरकुला मध्यम सिंचाई परियोजना में वन एवं पर्यावरण स्वीकृति दिनांक 23.10.2023 के उपरांत से प्रश्न दिनांक तक कुल कितने प्रतिशत कार्य पूर्ण हुआ है? क्या वर्तमान कार्य की गति अत्यंत धीमी है तथा जिस गति से कार्य चल रहा है, क्या कार्य लक्षित दिनांक 21.8.2026 तक पूर्ण कर लिया जावेगा? (ख) क्या उक्त परियोजना में निजी भूमि का अधिग्रहण किया जाना प्रस्तावित है? यदि हां, तो कितना रकबा अधिग्रहण किया जाना है तथा इस हेतु अब तक क्या कार्यवाही की जा चुकी है तथा क्या शेष है? जानकारी दें? मुआवजा राशि की दर क्या निर्धारित की गई है? सम्पूर्ण जानकारी दें?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) परियोजना का 41 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। जी हाँ। शेष कार्य दिनांक 21.08.2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य प्रतिवेदित है। (ख) जी हाँ, 64.225 हेक्टेयर। कृषकों के द्वारा आपसी सहमति न देने के कारण भूमि को अधिग्रहण करने हेतु भू-अर्जन के धारा 11 के प्रकाशन की कार्यवाही प्रचलन में होना प्रतिवेदित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
ग्राम रमरमा एवं लिंगमारा को पर्यटन स्थल बनाना
[पर्यटन]
18. ( क्र. 1105 ) श्री विवेक विक्की पटेल : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला बालाघाट अंतर्गत प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत रमरमा प्राकृतिक स्थल है जो कि अब पर्यटन स्थल का रूप ले चुका है जहां मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ राज्य के जिलों से पर्यटक प्रतिदिन हजारों की तादाद में पर्यटन एवं प्राकृतिक मनोरम दृश्य झरनों एवं पवित्र शिवलिंग के दर्शन हेतु आते रहते हैं किंतु विभाग द्वारा इस स्थल को पर्यटन स्थल घोषित कर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध किए जाने एवं अधोसंरचनात्मक कार्य किए जाने के संबंध में कोई प्रयास नहीं किए गए हैं? यदि हाँ तो क्यों? क्या विभाग द्वारा इस हेतु कोई कार्ययोजना प्रस्तावित है? (ख) क्या उक्त पर्यटन स्थल रमरमा से पेंदीटोला मार्ग अत्यंत सकरा होने के कारण अनेक बार उक्त सड़क पर वाहन दुर्घटना एवं हादसे होते रहते हैं इसके अतिरिक्त महाशिवरात्रि, मकर-संक्रांति, नववर्ष एवं अन्य त्योहारों के अवसर पर कई किलोमीटर का लंबा जाम लग जाता है? जिससे आमजन को परेशानी होती है? इस हेतु मार्ग के चौड़ीकरण के लिए क्या कोई कार्य योजना बनाई जा रही है? (ग) ग्राम लिंगमारा में भगवान बालाजी मंदिर पर्यटक स्थल के रूप में तेजी से उभर रहा है ऐसे में क्या विभाग द्वारा उक्त स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में शामिल कर आवश्यक विकास कार्य किए जाएंगे? यदि हाँ तो क्या कार्ययोजना है?
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) विभाग द्वारा जारी नवीन पर्यटन नीति 2025 अंतर्गत किसी स्थल को पर्यटन स्थल घोषित करने का कोई प्रावधान नहीं है। (ख) वर्तमान में कोई योजना प्रस्तावित नहीं है। (ग) उत्तरांश (क) अनुसार।
विदेश यात्रा के लिए एन.ओ.सी.
[राजस्व]
19. ( क्र. 1119 ) डॉ. चिंतामणि मालवीय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नवंबर 2023 से प्रश्न दिनांक तक राजस्व विभाग के कितने लोक सेवकों विदेश यात्रा की अनुमति दी गई? (ख) क्या उच्च न्यायालय द्वारा विदेश यात्रा की अनुमति दिए जाने के संबंध में आयुक्त भू अभिलेख के नाम से अवमानना का आदेश जारी किया है? (ग) यदि हाँ तो कितने दिनों में संबंधित लोक सेवक को एन.ओ.सी. जारी कर दी जाएगी?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) नवंबर 2023 से प्रश्न दिनांक तक राजस्व विभाग अन्तर्गत 11 लोक सेवकों को विदेश यात्रा की अनुमति दी गई है। (ख) जी हाँ। श्री आदर्श कुमार जामगड़े, राजस्व निरीक्षक के न्यायालयीन प्रकरण में अवमानना आदेश जारी किया गया है। (ग) इनकी विदेश यात्रा की अनुमति प्रकरण विभाग स्तर पर प्रचलित है।
लोकसभा चुनाव आदर्श आचार संहिता के दौरान विदेश यात्रा
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
20. ( क्र. 1170 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 16 मार्च 2024 से दिनांक 15 अप्रैल 2024 में लोकसभा चुनाव आदर्श आचार संहिता के दौरान शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय दतिया में किन-किन संकाय सदस्यों ने बिना सक्षम अनुमति के विदेश यात्रा की। प्रतिसहित बतावें। (ख) दिनांक 16 मार्च 2024 से दिनांक 15 अप्रैल 2024 में लोकसभा चुनाव आदर्श आचार संहिता में बिना सक्षम स्वीकृति के विदेश यात्रा पर गए किन-किन संकाय सदस्यों पर शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय दतिया एवं शासन द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गई? प्रति सहित बतावें। यदि कार्यवाही नहीं की गई तो विधिसम्मत कारण बतावें। (ग) दिनांक 16 मार्च 2024 से 15 अप्रैल 2024 में लोकसभा चुनाव आदर्श आचार संहिता में बिना सक्षम अनुमति के विदेश यात्रा करने वाले संकाय सदस्यों पर कब तक क्या-क्या अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी? समय-सीमा सहित बतावें। यदि कार्यवाही नहीं की जाएगी तो विधिसम्मत कारण बतावें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) उक्त अवधि में डॉ. हेमंत कुमार जैन, सहप्राध्यापक जनरल मेडिसिन द्वारा विदेश यात्रा की गई थी, सक्षम अनुमति के परीक्षण हेतु कार्यालयीन पत्र क्रमांक 1150/स्टेनों/दचिम/2026 दिनांक 09/02/2026 द्वारा जांच समिति का गठन किया गया, जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। वर्तमान में जांच प्रचलन में हैं। (ख) जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर गुण-दोष के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। (ग) उत्त्तरांश ''ख'' अनुसार। कार्यवाही की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
प्राध्यापक पद की नियुक्ति में अनियमितता
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
21. ( क्र. 1173 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा प्रश्न क्रमांक 2706 उत्तर दिनांक 10/07/2024 का उत्तर कब तक दिया जाएगा, समय-सीमा बताएं। (ख) डॉ.अजय भट्ट असिस्टेंट प्रोफेसर बायोफिजिक्स को एसोसिएट प्रोफेसर, समयबद्ध फिजियोलॉजी एवं प्रोफेसर पद पर पदोन्नति किस नियम के तहत की गई, जबकि चि.शि.वि. मंत्रालय भोपाल के आदेश क्रमांक एफ.2- 29/2017/1/55, दिनांक 12/07/2017 के द्वारा डॉ.भट्ट का मूल पद बायोफिजिक्स से फिजियोलॉजी में परिवर्तन अमान्य किया जाकर अधिष्ठाता, इंदौर के पत्र क्रमांक 2833-38/स्था/वि/स्व./2023 दिनांक 22/02/2023 द्वारा डॉ. भट्ट के समयबद्ध पदोन्नति आदेश के बिंदु क्रमांक 4 एवं 5 में स्पष्ट लिखा है कि उन्हें एसोसिएट प्रोफेसर की वरिष्ठता सूची में स्थान नहीं दिया जाएगा। (ग) डॉ. भट्ट का विषय बायोफिजिक्स है तो फिजियोलॉजी में समय बाद सह-प्राध्यापक क्यों बनाया गया? (घ) डॉ. भट्ट की 01 वर्ष की बायोफिजिक्स ट्रेनिंग नहीं होने उपरांत भी असिस्टेंट प्रोफेसर बायोफिजिक्स पद पर नियुक्ति क्यों दी, जबकि नियम के अनुसार ट्रेनिंग अनिवार्य थी और बिना ट्रेनिंग पूरी किए कोई लाभ (वित्तीय एवं पदोन्नति) नहीं दिया जा सकता। (ङ) डॉ. भट्ट की याचिका-क्रमांक 20645/2017 म.प्र.शासन व अन्य के विरुद्ध पद परिवर्तन (बायोफिजिक्स से फिजियोलॉजी) हेतु न्यायालय में विचाराधीन है, फिर भी इनको दो बार, पदोन्नति का अनुचित लाभ क्यों दिया गया? यह सभी अनियमितता करने वाले तत्कालीन अधिष्ठाता, स्थापना अधिकारी एवं स्क्रूटनी कमेटी के विरूद्ध अनुशासनात्मक एवं दंडात्मक कार्यवाही कब तक की जाएगी एवं कब तक डॉ भट्ट को दिए वित्तीय एवं पदोन्नति के अनुचित लाभ वापस लिए जाएंगे?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) विधानसभा प्रश्न क्रमांक 2706 उत्तर दिनांक 10.07.2024 में प्रकरण की संपूर्ण जांच हेतु गठित जांच समिति के संबंध में प्रक्रियाधीन न्यायालयीन प्रकरण के अंतिम निर्णय पश्चात जानकारी दी जा सकेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) डॉ. अजय भट्ट को सह प्राध्यापक के पद पर समयबद्ध पदोन्नति NMC द्वारा प्रदाय किये गए Confirmation of eligibility certificate के आधार पर दी गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–अ अनुसार। प्राध्यापक पद पर नियुक्ति के संबंध में प्राप्त शिकायतों के आधार पर संभागायुक्त इंदौर द्वारा की गई जांच के आधार पर अधिष्ठाता चिकित्सा महाविद्यालय इंदौर द्वारा आदेश क्रमांक 21360-67, दिनांक 27.12.2023 तत्काल प्रभाव से निरस्त किया गया। जिसके विरूद्ध डॉ. भट्ट द्वारा माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर में रिट याचिका 41/2024 दायर कर उक्त निरस्ति आदेश पर स्थगन प्राप्त किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–ब अनुसार। (ग) NMC के पत्र दिनांक 18.12.2020 उत्तरांश ''ख'' के पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार। (घ) डॉ. भट्ट की सहायक प्राध्यापक, सह प्राध्यापक एवं प्राध्यापक पद पर नियुक्ति के संबंध में प्राप्त शिकायतों के संबंध में जांच समिति गठित की गई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–स अनुसार। (ड.) जी हाँ, डॉ.भट्ट द्वारा प्राध्यापक पद के निरस्ती आदेश पर रिट याचिका क्रमांक 41/2024 में स्थगन प्राप्त किया गया है। उत्तरांश ''ग'' के पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार। सह प्राध्यापक एवं प्राध्यापक पद पर पदोन्नति के संबंध में प्राप्त शिकायतों की जांच के आधार पर अधिष्ठाता चिकित्सा महाविद्यालय इंदौर द्वारा आदेश दिनांक 27.12.2023 तत्काल प्रभाव से निरस्त किया गया। न्यायालयीन प्रकरण के निर्णय के उपरांत गुण-दोष के आधार पर आगामी कार्यवाही की जाएगी।
आईसोलेटर वाहन का क्रय
[मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास]
22. ( क्र. 1181 ) डॉ. चिंतामणि मालवीय : क्या राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मछली पालन करने वाले कृषकों को आईसोलेटर वाहन खरीदने पर मत्स्य विभाग द्वारा अनुदान देने के क्या नियम हैं (ख) आईसोलेटर वाहनों के संबंध में गुणवत्ता संबंधित क्या नियम हैं। (ग) रतलाम जिले में 2022 से प्रश्न दिनांक तक मछली पालन के किसानों द्वारा खरीदे गए वाहनों पर मत्स्य विभाग ने कितना अनुदान जारी किया। (घ) आईसोलेटर वाहन की गुणवत्ता की जांच किस अधिकारी ने की।
राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास ( श्री नारायण सिंह पंवार ) : (क) विभाग द्वारा मछली पालन करने वाले कृषकों को इन्सूलेटेड वाहन क्रय पर नियमानुसार अनुसूचित जाति/ जनजाति वर्ग तथा महिला वर्ग के हितग्राहियों को 60 प्रतिशत एवं सामान्य वर्ग के हितग्राहियों को 40 प्रतिशत अनुदान दिये जाने का नियम है। (ख) इन्सूलेटेड वाहन का क्रयकरण हितग्राही स्वयं के व्यय से करता है वाहन क्रयकरण एवं गुणवत्तापूर्ण इन्सूलेटेड बाक्स हितग्राही स्वयं अपनी आवश्यकता के अनुरूप क्रय कर देयक कार्यालय में प्रस्तुत करता है। (ग) प्रश्नांश अवधि में रतलाम जिले में मछली पालन के हितग्राहियों द्वारा खरीदे गये वाहन पर विभाग द्वारा अनुसूचित जाति/ जनजाति वर्ग को 24.00 लाख महिला वर्ग को 24.00 लाख एवं सामान्य वर्ग को 16.00 लाख अनुदान दिया गया। (घ) इन्सूलेटेड वाहन का भौतिक सत्यापन तकनीकी शाखा प्रभारी/लेखापाल/ सहायक संचालक मत्स्योद्योग द्वारा किया गया।
बी.ए.एम. द्वारा नियम विरूद्ध कार्यों की जांच
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
23. ( क्र. 1189 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बल्देवगढ़ में B.A.M. ब्लॉक अकाउंटेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत अधिकारी द्वारा लगभग 18-19 वर्षों से पदस्त रहकर शासकीय कार्यों में भारी गड़बड़ी की गई है जिसमें रोगी कल्याण समिति की आमदनी वाली राशि का दुरूपयोग किया गया है वर्ष 2018 से वर्ष 2024 तक रोगी कल्याण समिति को आमदनी के रूप कितनी आय प्राप्त हुई एवं कितनी राशि समिति द्वारा व्यय की गई समस्त आय के दस्तावेज एवं व्यय के समस्त बिल, वाऊचरों सहित जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) क्या आयुक्त स्वास्थ्य सेवायें म.प्र.शासन के पत्र क्र./अ.प्र./रो.क.स./20/9/1073 दिनांक- 8/7/2019 द्वारा जारी आदेश अनुसार रोगी कल्याण समिति किसी भी कर्मचारी की सीधे तौर पर कार्य आदेश देकर नहीं रख सकती जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बल्देवगढ़ में आदेश क्र./रोगी.क.स./2023/178-79 दिनांक 31/1/2023 के द्वारा दिनांक 01/02/2023 से 02 वर्षों के लिये अंशकालीन कर्मचारी को 8000 रुपये प्रतिमाह किस नियम के आधार पर रखा गया सम्पूर्ण जानकारी से अवगत कराये। (ग) क्या रूपये 192000 दो वर्ष की राशि रोगी कल्याण समिति द्वारा भुगतान की गई यदि हाँ तो ब्लॉक अकाउंटेंट द्वारा भुगतान किस नियम के द्वारा किया गया क्या दुरूपयोग की गई राशि की वसूली अंशकालीन कर्मचारी से की जावेगी या बी.ए.एम. से की जावेगी ? समस्त जानकारी उपलब्ध कराते हुये वसूली की कार्यवाही कब तक करा दी जावेगी ? समयावधि बतायें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं। शासकीय कार्यों में गड़बड़ी संबंधी कोई भी शिकायत राज्य अथवा जिला स्तर पर प्राप्त नहीं हुई। वर्ष 2018 से वर्ष 2024 तक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बल्देवगढ़ के रोगी कल्याण समिति की आय एवं व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। व्यय के समस्त बिल, वाऊचरों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। (ख) जी हाँ। प्रशासनिक कार्य सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा रोगी कल्याण समिति की बैठक में पारित प्रस्ताव के आधार दिनांक 27.01.2023 को सेवानिवृत्त अनुभवी कर्मचारी श्री गोरेलाल प्रजापति को राशि रूपये 8000/- प्रतिमाह के मान से कार्य करने हेतु रखा गया है। बैठक का कार्यवाही विवरण जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार। (ग) जी हाँ। उक्त कर्मचारी को कार्य एवं उपस्थिति के आधार पर राशि का भुगतान किया गया। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
वंचित ग्रामों को वान सुजार नहर से जोड़ना
[जल संसाधन]
24. ( क्र. 1190 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वान सुजारा नहर योजना से जिन ग्रामों-लुहरा, प्रतापपुरा, डुम्वार, गनेशपुरा, झिनगुवा, दुर्गानगर, नारायणपुर, वावा खेरा, डूड़ा खेरा, अहार, सुकौरा, लकवारी, कछिया खेरा, वैसा ऊगढ़, करमासन, वैसा खात, वनपुरा, राजनगर, वनमानी भिलौनी, मझगुंवा, भितरवार, सरकनपुर ऊगढ़, हीरापुर नजदीक सरकनपुर, सरकनपुर, सिजौरा, श्यामपुरा बलवंतपुरा, सुजानपुरा जिनागढ़, छारकी, जटेरा, देवीनगर को वंचित रखा गया है इन ग्रामों के किसानों को वान सुजारा नहर का पानी कब तक उपलब्ध करा दिया जावेगा क्या शासन योजना तैयार कर इन ग्रामों के किसानों को लाभान्वित करेगा ? सम्पूर्ण जानकारी दें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) वर्णित ग्रामों के किसानों की लंबे समय से माँग चली आ रही है और इन ग्रामों के किसानों को वान सुजारा की नहर योजना का लाभ नहीं हो पा रहा है इसलिये जनहित में किसानों के हित में कोई ऐसी योजना तैयार की जाये कि इन वर्णित ग्रामों के किसान लाभान्वित होकर खेती किसानी को और उन्नत बना सके?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) बांध में सिंचाई हेतु उपलब्ध मात्रा के अनुसार सैच्य क्षेत्र निर्धारित किया जा चुका है एवं उसके अनुसार सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जलाशय में सिंचाई हेतु अतिरिक्त जल की मात्रा उपलब्ध नहीं होने से अन्य ग्रामों को पानी दिया जाना संभव नहीं है। (ख) वर्तमान में कोई योजना प्रस्तावित नहीं है शेष प्रश्नांश लागू नहीं।
किले को पट्टे पर दिया जाना
[पर्यटन]
25. ( क्र. 1348 ) डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सतना जिले के माधवगढ़ स्थित प्राचीन किले को एकल निविदा के आधार पर अष्ट विनायक सिवीकॉन प्रा. लि. मुंबई को 90 वर्ष की लीज पर प्रीमियम की राशि 10 प्रतिशत 2,50,110.00 व 90 प्रतिशत 22,20,951.00 रू. अदा करने पर दी गई है? (ख) अष्ट विनायक सिवीकॉन प्रा.लि. मुंबई के कौन-कौन डॉयरेक्टर एवं पार्टनर हैं? जानकारी दें? (ग) प्रश्नांश (क) में एकल निविदा के आधार पर दी गई 90 वर्ष की लीज पर दिये गये माधवगढ़ के किले में लीज आदेश दिनांक के बाद म.प्र. पर्यटन निगम/विभाग ने कुल कितनी शासकीय राशि किस-किस कार्य हेतु किस-किस दिनांकों को किन नियमों के तहत् खर्च व्यय की? क्या यह व्यय शासन के नियमों के अनुरूप था है? नियमों की एक प्रति दें? अगर नियमों के विपरीत था तो शासन किसके विरुद्ध कब व क्या कार्यवाही करेगा? (घ) उक्त किले को हेरिटेज होटल में बदलने संबंधी पहली निविदा कब जारी हुई? तब उच्चतम बोली क्या आई थी? उक्त निविदा में किले के साथ भूमि का उल्लेख था? उक्त सभी निविदाओं की एक-एक प्रति निविदा की दर और किस-किस ने बोली लगाई थी कि जानकारी दें? किले के साथ कुल कितनी भूमि को प्रश्नांश (क) में वर्णित फर्म को दिया गया है? उक्त माधवगढ़ पटवारी हल्के में जहां किला है वहां पर उसके आस-पास की लगी भूमियों की शासकीय गाईड लाईन की प्रति एकड़ दर क्या है?
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जी हाँ। प्रीमियम की 90 प्रतिशत राशि रू. 22,50.991.00 है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "क" अनुसार। (ग) म.प्र. पर्यटन बोर्ड द्वारा राशि रू. 70,55,000/- माधवगढ़ किला, सतना हेतु समानांतर पुलिया बनाये जाने के लिए नियमानुसार दिनांक 06/05/2025 को दी गई। नियमों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ख" अनुसार। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) पहली निविदा दिनांक 12.05.2016 को जारी हुई। तब उच्चतम बोली रू. 3.90 करोड़ थी, तत्समय किले के साथ भूमि का उल्लेख नहीं था। निविदा की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ग" अनुसार व दर 1.00 लाख (अपसेट प्राईज) थी। निविदा में दो निविदाकार ने भाग लिया - 1. श्री देवेन्द्र सिंह 2. मेसर्स एल. टेल. इंजीनियर्स। प्रश्नांश "क" में वर्णित फर्म को किले के साथ कुल तीन हेक्टर भूमि दी गई थी। भूमियों की शासकीय गाईड लाईन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "घ" अनुसार।
रोशीया तालाब का कार्य प्रारंभ किया जाना
[जल संसाधन]
26. ( क्र. 1450 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत जल संसाधन विभाग रोशीया तालाब कार्य की स्वीकृति कब जारी की गई तथा उक्त कार्य को पूर्ण करने की समयावधि क्या निर्धारित की गई थी? वर्तमान में कार्य किस स्थिति में है? क्या कार्य वर्तमान में बंद है? हाँ तो क्या कारण है तथा कार्य कब तक प्रारंभ होगा? (ख) क्या रोशीया तालाब निर्माण में किसानों के खेत में खुदाई कार्य किया गया है? हाँ तो क्या विभाग द्वारा उपयोग की जा रही जमीन का मुआवजा राशि का किसानों को वितरण किया गया है? नहीं तो क्या कारण है? कब तक प्रभावित किसानों को मुआवजा राशि का वितरण किया जायेगा? यदि नहीं तो क्या कारण है?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) रोशिया तालाब का अनुबंध क्र.-10/2022-23 दिनांक 16-11-2023 को किया गया था। अनुबंध अनुसार कार्य पूर्ण करने की समयावधि दिनांक 15-11-2025 (24 माह) निर्धारित थी। वर्तमान में बांध एवं नहर कार्य क्रमशः 37% एवं 57% निर्माण पूर्ण है एवं शेष नहर कार्य प्रगतिरत है तथा बांध का निर्माण कार्य बंद है। शीर्ष कार्य में वन भूमि प्रभावित होने के कारण द्वितीय चरण की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। प्रभावित वन क्षेत्र के वृक्षों को वन विभाग अमले द्वारा हटाये जाने का कार्य पूर्ण होने के उपरांत बांध का कार्य पुनः प्रारंभ किया जाना संभावित है। वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। (ख) जी हाँ। प्रभावित तीन ग्रामों की भूमि का मुआवजा प्रभावित कृषकों को वितरण कर दिया गया है। नहर कार्य में प्रभावित दो ग्रामों के कृषकों का मुआवजा वितरण कार्य प्रगतिरत है एवं दो ग्रामों के भू-अर्जन का अवार्ड स्वीकृति उपरांत प्रभावित कृषकों को मुआवजा वितरण किया जाना संभव है।
नजूल बकाया पर ब्याज की गणना
[राजस्व]
27. ( क्र. 1468 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैतूल जिले में बैतूल नगर पालिका सीमा में कोठी बाजार निवासी श्रीमति ज्योति पति श्री जयप्रकाश गर्ग की नजूल भूमि से संबंधित किस-किस वर्ष की कितनी-कितनी बकाया का नोटिस जिला नजूल कार्यालय बैतूल ने किस दिनांक को जारी किया, उस पर क्या-क्या लिखित आपत्ति प्राप्त हुई? (ख) नजूल भूमि के वर्ष 2011-2022 से बकाया पर किस दर से कितने-कितने वर्षों का ब्याज जोड़ा गया, वर्ष 2022-23 एवं वर्ष 2023-24 पर किस दर से कितने वर्षों का ब्याज जोड़ा गया, संपूर्ण बकाया को मिलाकर उस पर ब्याज की गणना किस पद्धति से की गई, पृथक-पृथक बतावें? (ग) ब्याज की गणना में की गई गंभीर अनियमितता को रोके जाने के संबंध में कलेक्टर एवं अपर कलेक्टर ने किस दिनांक को क्या-क्या निर्देश दिए, जिस वर्ष का बकाया है उस पर उसी वर्षों से ब्याज की गणना की जाकर कब तक संशोधित सूचना पत्र जारी किया जावेगा? समय-सीमा सहित बतावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) बैतूल जिले में बैतूल नगर पालिका सीमा में कोठी बाजार निवासी श्रीमति ज्योति पति श्री जयप्रकाश गर्ग की नजूल पट्टा भूमि क्षेत्रफल 1162 वर्गफुट भूमि के स्थाई पट्टे की अवधि 31 मार्च 2025 को समाप्त हो जाने के कारण स्थाई पट्टा नवीनीकरण प्रकरण में वर्ष 2010-11 से 2024-25 तक की बकाया कुल भू-भाटक राशि 42345.00 रूपये एवं बकाया भू-भाटक पर देय ब्याज राशि 94007.00 रूपये के साथ बकाया भू-भाटक राशि पर 10 प्रतिशत शास्ति राशि 4235.00 रूपये सहित कुल बकाया देय राशि 140587.00 रूपये तथा पुनरीक्षित भू-भाटक राशि 648.00 के मान से आगामी 10 वर्षों की भू-भाटक राशि 6480.00 रूपये जमा किये जाने हेतु दिनांक 06/10/2025 को नोटिस जारी किया गया, जिस पर पट्टाधारिका श्रीमती ज्योति गर्ग द्वारा दिनांक 14/10/2025 को लिखित आपत्ति पेश की गई, जिसमें उनके द्वारा वर्ष 2011 से 2025 तक बकाया राशि पर 15 प्रतिशत ब्याज दर से 14 वर्षों की गणना त्रुटिपूर्ण तरीके से की जाना लेख करते हुए ब्याज की गणना शासन के प्रावधानों से करवायी की जाकर जानकारी दिलाये जाने का लेख किया है। (ख) मध्यप्रदेश नजूल भूमि निर्वर्तन निर्देश, 2020 के भाग-झ स्थाई पट्टे का नवीनीकरण की कंडिका 82 की तालिका के स.क.-2 में दिये गये प्रावधान अनुसार पट्टाधारिका श्रीमती ज्योति गर्ग की प्रश्नांश (क) की नजूल पट्टा भूमि का वर्ष 2010-11 से 2024-25 तक की कुल देय बकाया राशि 42345.00 रूपये पर प्रथम वर्ष 2010-11 के लिए 12 प्रतिशत की दर से एवं शेष 14 वर्षों के लिए 15 प्रतिशत की दर से ब्याज की गणना की गई है। (ग) बकाया देय राशि पर की गई ब्याज की गणना के संबंध में पट्टाधारिका श्रीमती ज्योति गर्ग द्वारा आपत्ति पेश की गई है, जिसका प्रकरण न्यायालय अपर कलेक्टर बैतूल में प्रचलित है, जिसमें वर्तमान में कोई निर्देश नहीं दिये गये है। प्राप्त आपत्ति पर आपत्तिकर्ता को सुनकर ब्याज की गणना के संबंध में निराकरण नजूल भूमि निर्वर्तन निर्देश 2020 के प्रावधान अंतर्गत शीघ्र किया जावेगा, निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
आनंदपुर ट्रस्ट की कुल राजस्व भूमि
[राजस्व]
28. ( क्र. 1517 ) इंजीनियर हरिबाबू राय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अशोकनगर के अंतर्गत आनंदपुर ट्रस्ट के अंतर्गत कुल कितने ट्रस्ट संचालित है प्रत्येक ट्रस्ट के पास कितना-कितना रकबा स्वामित्व का है तथा कितना शासकीय है एवं कितना रकबा वन विभाग का है। (ख) जब से ट्रस्ट संचालित हुए है, तब से कितने अनुसूचित जनजाति के लोगों की भूमि ट्रस्ट द्वारा क्रय की गई है एवं अनुसूचित जाति के लोगों की कितनी भूमि ट्रस्ट द्वारा प्रश्न दिनांक तक क्रय की गई हैं एवं अन्य समुदाय के लोगों से क्रय की गई है, उनके नाम, सर्वे नंबर रकबा सहित कितनी शासकीय एवं वन विभाग की भूमि अतिक्रमित है, खसरा सहित सूचीबद्ध करके बताएं।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) 1. जिला अशोकनगर की तहसील ईसागढ़ अंतर्गत आनंदपुर ट्रस्ट संचालित है। ट्रस्ट के पास, श्री आनंदपुर ट्रस्ट भूमि स्वामी निजी संस्था के नाम से तहसील ईसागढ में भूमि निम्न तालिका अनुसार है।
|
क्रमांक |
ग्राम का नाम |
रकबा (हे. में) |
|
1 |
आनंदपुर |
316.27 |
|
2 |
नैथाई |
143.5 |
|
3 |
दयालपुर |
298.59 |
|
4 |
जमडेरा |
309.326 |
|
5 |
शांतपुर |
298.744 |
|
6 |
कुलवार |
37.969 |
|
7 |
सकर्रा |
41.466 |
|
8 |
गोपालपुर |
187.346 |
|
9 |
ईसागढ |
12.21 |
|
10 |
बहेरिया उर्फ रूपनगर |
257.07 |
|
11 |
आकलोन |
45.69 |
|
|
कुल रकबा |
1948.181 |
2 श्री आनंदपुर ट्रस्ट भूमि स्वामी निजी संस्था के नाम से तहसील अशोकनगर में भूमि निम्न तालिका अनुसार है।
|
क्रमांक |
ग्राम का नाम |
रकबा (हे. में) |
|
1 |
बांसाखेडी |
69.275 |
|
2 |
पंवारगढ |
85.279 |
|
3 |
कस्वा अशोकनगर |
3.220 |
|
|
कुल रकबा |
157.774 |
(ख) कार्यालय जिला पंजीयक जिला अशोकनगर म.प्र. के पत्र क्रमांक 103/विधा.सभा./जि.पं./2026 अशोकनगर दिनांक 11/02/2026 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। तहसील अशोकनगर के ग्राम बांसाखेडी की शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 267 रकबा 0.618 हे. पर श्री आनन्दपुर ट्रस्ट द्वारा अतिक्रमण किया गया है एवं वन विभाग की बीट आनंदपुर वनखण्ड ईसागढ़ के कक्ष क्रमांक RF-25 की भूमि रकबा 3.52 हे. पर अतिक्रमण पाया गया।
राजस्व ग्राम बनाने पर अभिलेखों में विसंगतियां
[राजस्व]
29. ( क्र. 1542 ) श्री महेन्द्र केशरसिंह चौहान : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र भैंसदेही के ग्राम झलार के कामिदा ढाना को राजस्व ग्राम बनाया गया है? यदि हाँ तो कब? (ख) कब राजस्व ग्राम बनाने के काद कामिदा ढाना के ग्रामीण एवं कृषकों के अभिलेखों में विसंगतियां हुई है? यदि हाँ तो विसंगतियों के लिये कौन जिम्मेदार है? (ग) इन विसंगतियों का कब तक सुधार कर लिया जावेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) तहसील भैंसदेही में ग्राम झल्लार के मंजरा टोला ग्राम कामिदा ढाना को मध्यप्रदेश शासन की अधिसूचना क्रमांक-एफ-15-41-2013-सात-6 दिनांक 27/06/2013 के द्वारा कामिदा ढाना को राजस्व ग्राम घोषित किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) तहसील भैंसदेही में ग्राम झल्लार के मंजरा टोला ग्राम कामिदा ढाना को नवीन राजस्व ग्राम घोषित होने के बाद अधिकार अभिलेख अनुसार ग्राम के 98 कृषकों के अभिलेख तैयार किये गये है। अभिलेख दुरूस्ती हेतु मात्र 8 आवेदन पत्र प्राप्त हुए है,जिनमें 7 प्रकरणों को दर्ज कर अभिलेख दुरूस्ती की कार्यवाही की गई। मंजरा टोला बनाते समय लिपिकीय त्रुटि हुई थी जिन्हें टीम द्वारा संज्ञान में लाने पर सुधार करा लिया गया, अतएव प्रश्नांश अनुसार विसंगति के लिए जिम्मेदारी का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) वर्तमान में प्रश्नांश (ख) अनुसार एक आवेदन पत्र में कार्यवाही प्रचलित है जिसका शीघ्र निराकरण कर लिया जावेगा।
निर्माणाधीन उपस्वास्थ्य केन्द्र भवनों के निर्माण की शिकायतें
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
30. ( क्र. 1543 ) श्री महेन्द्र केशरसिंह चौहान : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बैतूल जिले में भैंसदेही विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत विभाग द्वारा उपस्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माणाधीन है? यदि हाँ तो कौन-कौन से, सूची उपलब्ध करावें? (ख) क्या उक्त निर्माणाधीन भवनों के निर्माण में प्राक्कलन अनुसार सामग्री का उपयोग नहीं किये जाने संबंधी विभाग को शिकायत प्राप्त हुई है? यदि हाँ तो शिकायत की प्रति उपलब्ध करावें? (ग) प्राप्त शिकायतों पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ख) जी हाँ। 03 ग्रामों के उपस्वास्थ्य केन्द्र भवन मालेगांव, डोडाजाम एवं आदर्श धनोरा में प्राक्कलन अनुसार साम्रगी का उपयोग नहीं किये जाने संबंधी शिकायत सी.एम. हेल्पलाईन के माध्यम से प्राप्त हुई, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। (ग) विभाग द्वारा सभी निर्माण सामग्रियों की गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त कर तत्पश्चात् शिकायतकर्ता के साथ स्थल निरीक्षण उपरांत उनकी संतुष्टि के आधार पर निराकृत कर उन्हें सी.एम. हेल्पलाईन पर दर्ज की गई।
प्रशिक्षण, अनुदान एवं आधुनिक तकनीकी सुविधाओं की उपलब्धता
[मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास]
31. ( क्र. 1548 ) श्री महेन्द्र नागेश : क्या राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि गोटेगांव विधानसभा क्षेत्र में मत्स्य पालन एवं मछली उत्पादन के विकास हेतु वर्तमान स्थिति क्या है? क्या क्षेत्र में मछुआरों को पर्याप्त प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और आधुनिक प्रजनन तकनीक उपलब्ध कराई जा रही हैं? यदि नहीं, तो विभाग इस दिशा में किन-किन योजनाओं और कदमों को प्राथमिकता दे रहा है, ताकि स्थानीय मछुआरों की आय में सुधार हो और मत्स्य उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके?
राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास ( श्री नारायण सिंह पंवार ) : गोटेगांव विधान सभा क्षेत्र में मत्स्य पालन की 09 मछुआ सहकारी समितियां पंजीकृत है, 11 सिंचाई जलाशय एवं 25 ग्रामीण तालाबों को 10 वर्षीय पट्टे पर दिया जाकर मत्स्य पालन कार्य किया जा रहा है। मछुआ के सुधार हेतु प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना/मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना/धरती आबा योजना तथा नवीन तकनीक प्रशिक्षण दिया जाकर मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
छात्र दर्ज संख्या एवं शिक्षकों की पदस्थापना का युक्तियुक्तकरण
[स्कूल शिक्षा]
32. ( क्र. 1568 ) श्री महेन्द्र नागेश : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव के अंतर्गत कुछ शासकीय विद्यालयों में छात्र दर्ज संख्या की तुलना में पदस्थ शिक्षकों की संख्या आवश्यकता से अधिक है, जबकि कुछ विद्यालयों में छात्र दर्ज संख्या अधिक होने के बावजूद शिक्षकों की संख्या अपर्याप्त है? (ख) यदि हाँ, तो ऐसे विद्यालयों की विद्यालयवार सूची, छात्र दर्ज संख्या तथा पदस्थ शिक्षकों की संख्या की जानकारी उपलब्ध करावें? (ग) प्रश्नांश (क) वर्णित संतुलन को दूर करने हेतु विगत तीन वर्षों में विभाग द्वारा कितने शिक्षकों का स्थानांतरण/समायोजन किया गया है? (घ) भविष्य में छात्र दर्ज संख्या के अनुरूप शिक्षकों की समानुपातिक पदस्थापना सुनिश्चित करने हेतु सरकार द्वारा क्या ठोस कार्य योजना बनाई गई है तथा इसे कब तक लागू किया जाएगा?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। शिक्षकों की आवश्यकता वाले विद्यालयों में अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था की जाती है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार। (घ) अतिशेष शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की व्यवस्था है। अतिशेष शिक्षकों को आवश्यकता वाली शालाओं में पदस्थ किया गया है। पद पूर्ति एक सतत् प्रक्रिया है, अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
शासकीय स्कूलों में शिक्षकों, भवन एवं मूलभूत सुविधाएं
[स्कूल शिक्षा]
33. ( क्र. 1569 ) श्री महेन्द्र नागेश : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत संचालित शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में वर्तमान में कितने पद स्वीकृत हैं तथा उनमें से कितने पद रिक्त हैं? (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित में ऐसे कितने शासकीय विद्यालय हैं जिनके भवन जर्जर अवस्था में हैं अथवा जहाँ विद्यालय भवन उपलब्ध नहीं है और कक्षाएं वैकल्पिक व्यवस्था में संचालित की जा रही हैं? (ग) विगत तीन वर्षों में गोटेगांव विधानसभा के शासकीय विद्यालयों में कितने नए भवनों, अतिरिक्त कक्षों, शौचालय, पेयजल एवं बिजली व्यवस्था के कार्य स्वीकृत एवं पूर्ण किए गए हैं? (घ) शेष विद्यालयों में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु सरकार द्वारा क्या कार्ययोजना बनाई गई है तथा इसे कब तक पूर्ण किया जाएगा?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-01 अनुसार। (ख) विधान सभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत शाला भवन विहिन नहीं हैं। 1 से 8 तक की 13 शालाएं जर्जर अवस्था में है। 9 से 12 तक की शालाओं के जर्जर अवस्था की जानकारी निरक है। वैकल्पिक व्यवस्था की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-02 अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-03 अनुसार। (घ) विभाग को उपलब्ध बजट मांग प्रस्ताव एवं सक्षम स्वीकृति अनुसार शासकीय शालाओं में विद्यार्थी संख्या के मान से आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है अतः समय-सीमा बताया जाना समय नहीं है।
किसान सम्मान निधि, राजस्व प्रकरण एवं पटवारी संवर्ग का कैडर रिव्यू
[राजस्व]
34. ( क्र. 1578 ) श्री नरेन्द्र प्रजापति [इंजीनियर] : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि वर्ष 2019 से शुरू हुयी उसमें पात्र हितग्राहियों को इस योजना में सम्मिलित किया गया पंरतु उसके बाद के भूमिस्वामी में केवल वारिसाना से बने भूमिस्वामियों को सम्मिलित किया गया शेष को सम्मिलित नहीं किया गया। इनको इस योजना में कब तक सम्मिलित किया जायेगा? (ख) विधानसभा मनगवां 73 अंतर्गत तहसील मनगवां, सिरमौर, नईगढ़ी में राजस्व से संबंधित कितने प्रकरण लंबित हैं? पूर्ण विवरण सहित जानकारी दें। उपरोक्त लंबित प्रकरण कब तक निराकृत किये जायेंगे? (ग) प्रत्येक पटवारी हल्का पर पटवारियों के कार्य संपादन हेतु पटवारी कार्यालय निर्माण हेतु पूर्व में शासन स्तर पर भूमि अधिग्रहण की गयी थी, कितने कार्यालयों का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ? कितने शेष हैं? कब तक पूर्ण किये जायेंगे? जानकारी दें। (घ) राजस्व विभाग में पदस्थ पटवारी संवर्ग द्वारा कैडर रिव्यू/वेतनमान विसंगति को दूर करने के लिये लम्बे समय से मांग की जा रही है, इसे कब तक लागू किया जाएगा। समय-सीमा बताएं।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) भारत सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की गाइडलाइन की कंडिका- 5.2 के तहत कार्यवाही की जा रही है। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है। समय-सीमा से बाह्य कोई प्रकरण लंबित नहीं होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) 1624 पटवारी आवास का निर्माण हो चुका है। 40 शेष हैं। वर्तमान में यह योजना समाप्त कर दी गई है। (घ) प्रस्ताव परीक्षणाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
नामान्तरण कर, दोषियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही
[राजस्व]
35. ( क्र. 1600 ) श्री योगेन्द्र सिंह (बाबा) : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पटवारी हल्का नं.-00120 ग्राम सरजापुर खसरा नं.-584 क्षेत्रफल 2.02 हेक्टेयर तहसील-कोलारस, जिला-शिवपुरी में काशीराम आदिवासी को कृषि भूमि का पट्टा कब प्रदान किया गया था, उक्त पट्टे की प्रमाणित प्रतिलिपि राजस्व रिकार्ड कोलारस या राजस्व रिकार्ड शिवपुरी द्वारा अवगत कराया जाएगा? (ख) लीलाबाई पुत्री काशीराम के नाम पर किस वर्ष में कब फौती नामांतरण किया गया था स्पष्ट करें तथा खसरा नं.-584 क्षेत्रफल 2.02 हेक्टेयर भूमि पर विक्रय से प्रतिबंध कब और किस आदेश के तहत् हटाया गया था, अवगत कराया जाएगा? (ग) वर्षों पुराने आदिवासी को प्रदत्त पट्टे की भूमि को जो विक्रय से वर्जित थी, राजस्व के संशोधित नियम 1980 तथा कब-कब संशोधन हुए हैं, उन संशोधनों/आदेशों की प्रति उपलब्ध कराएं तथा उन संशोधन आदेश तथा वर्षों पुराने कृषि भूमि जो विक्रय से वर्जित होने पर रजिस्ट्री पंजीयन क्रमांक MP392942024A11283132 दिनांक 25.10.2024 होने पर अभी तक नामांतरण नहीं करने पर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी? यदि हाँ तो कब तक? नहीं तो क्यों नहीं। (घ) प्रमुख सचिव राजस्व म.प्र. शासन द्वारा प्रश्नकर्ता के पत्र क्र. 1103 दिनांक 03.11.2025 तथा कलेक्टर शिवपुरी द्वारा वर्षों पुराने पट्टे तथा विक्रय से वर्जित होने पर तथा रजिस्ट्री होने पर भूमि का नामांतरण नहीं करने के दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई है? स्पष्ट करें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) पटवारी हल्का न.-00120 ग्राम सरजापुर खसरा नं.-584 क्षेत्रफल 2.02 हेक्टेयर तहसील-कोलारस, जिला-शिवपुरी में काशीराम आदिवासी को कृषि भूमि का पटटा मिसल बंदोवस्त से पूर्व दिया गया था। उक्त पट्टे की प्रमाणित प्रतिलिपि रिकॉर्ड शाखा शिवपुरी में आवेदन प्रस्तुत कर उपलब्ध करायी जा सकती है। (ख) लीलाबाई पुत्री काशीराम के नाम पर प्रकरण क्रमाक 0348/1-6/2022-23 आदेश दिनांक 08.07.2022 से फौती नामांतरण किया गया है। खसरा नं.-584 क्षेत्रफल 2.02 हेक्टेयर सन् 1986-87 अधिकार अभिलेख में काशीराम पुत्र रघुआ सेहर भूमिस्वामी विक्रय से वर्जित की प्रविष्टि वर्ष 2008 तक दर्ज है। कम्प्यूटर खसरा अभिलेख वर्ष 2008-09 से विक्रय से वर्जित की प्रविष्टि ऑनलाईन रिकार्ड से त्रुटि हुई है इसके संबंध में खसरा में कोई प्रविष्टि दर्ज नहीं है। (ग) म.प्र.भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 158 (3) के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति (एक) जो राज्य सरकार या कलेक्टर या आवंटन अधिकारी द्वारा उसे मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता (संशोधन) अधिनियम, 1992 के प्रारंभ पर या उसके पूर्व मंजूर किये गये किसी पट्टे के आधार पर भूमिस्वामी अधिकार में भूमि धारण किये हुये है, ऐसे प्रारंभ की तारीख से ऐसी भूमि के सबंध में भूमिस्वामी समझा जायेगा और उन समस्त अधिकारों दायित्वों के अध्यधीन होगा जो इस संहिता द्वारा या उसके अधीन किसी भूमिस्वामी को प्रदत्त और उस पर अधिरोपित किये गये हैं। (परंतु ऐसा कोई भी व्यक्ति पट्टे या आवंटन तारीख से दस वर्ष की कालावधि के भीतर ऐसी भूमि को अंतरित नहीं करेगा और तत्पश्चात ऐसी भूमि का अतरण, धारा 165 की उपधारा (7-ख) के अधीन अनुजा अभिप्राप्त करके कर सकेगा।) अतः संबंधित प्रकरण में सक्षम अधिकारी की अनुमति न होने के कारण गुण-दोष के आधार पर प्रकरण को निरस्त कर निराकरण किया जा चुका है। पटवारी ग्राम द्वारा म.प्र.भू-राजस्व संहिता (सायबर तहसील की प्रक्रिया 2022 के नियम 8 अंतर्गत पटवारी द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी जिसके उपरांत न्यायालय नायब तहसीलदार वृत्त खरई द्वारा नियमानुसार प्रकरण निराकरण किया गया। चूंकि प्रकरण का निराकरण 158 (3) के प्रावधानों के तहत ही किया गया है अत कार्यवाही का प्रश्न की उत्पन्न ही नहीं होता। ई रजिस्ट्री पंजीयन क्रमाक एमपी 392942024011283132 दिनांक 25.10.2024 में उल्लेखित सर्वे नं. 584 रकबा 2.02 है. रजिस्ट्री का नामांतरण सायबर तहसील पर प्राप्त हुआ जिसमे पटवारी ग्राम द्वारा मध्यप्रदेश भू-राजस्व सहिता (साइबर तहसील की प्रक्रिया) 2022 के नियम 8 के अंतर्गत पटवारी द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी जिसमें कण्डिका पांच अनुसार उल्लेखित किया है कि भूमि देव स्वामी भूमि या सेवा भूमि है अथवा भूदान पत्र अधिनियम 1968 के अधीन आवंटन द्वारा अर्जित है या मध्य प्रदेश भू राजस्व सहिता 1959 (क्रमांक 20 सन् 1959) की धारा 158 के उपधारा (3) के भूमि स्वामी है।जिसके उपरांत प्रकरण न्यायालय नायव तहसीलदार वृत्त खरई तहसील कोलारस में प्राप्त हुआ इसके उपरांत पटवारी ग्राम से पुनः रिपोर्ट ली गयी जिसमे पटवारी ग्राम द्वारा उल्लेख किया गया कि उक्त सर्वे नम्बर मिसल बंदोबस्त वर्ष 1986-87 के अधिकार अभिलेख में विक्रय से वर्जित होना उल्लेखित किया गया उक्त सर्वे नं. मिसल बंदोवस्त वर्ष 1986-87 में विक्रय से वर्जित होने के कारण प्रकरण क्रमांक 1066/3-6/2024-25 दिनांक 14.02.2025 दवारा विधिवत नामांतरण प्रकरण को निरस्त कर प्रकरण का निराकरण किया जा चुका है। चूंकि प्रकरण का निराकरण 158 (3) के प्रावधानों के तहत ही किया गया है अतः कार्यवाही का प्रश्न ही उत्पन्न नहीं होता। (घ) ई-रजिस्ट्री पजीयन क्रमांक एमपी 392942024011283132 दिनांक 25.10.2024 में उल्लेखित सर्वे नं. 584 रकबा 2.02 है. रजिस्ट्री का नामांतरण सायबर तहसील पर प्राप्त हुआ जिसमे पटवारी ग्राम द्वारा मध्यप्रदेश भू-राजस्व सहिता (साइबर तहसील की प्रक्रिया) 2022 के नियम 8 के अंतर्गत पटवारी द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी जिसमें कण्डिका पांच अनुसार उल्लेखित किया है कि "भूमि देव स्वामी भूमि या सेवा भूमि है अथवा भूदान पत्र अधिनियम 1968 के अधीन आयटन द्वारा अर्जित है या मध्य प्रदेश भू-राजस्व सहिता 1959 (क्रमांक 20 सन् 1959) की धारा 158 के उपधारा (3) के भूमि स्वामी है।" जिसके उपरांत प्रकरण न्यायालय नायव तहसीलदार वृत खरई तहसील कोलारस में प्राप्त हुआ इसके उपरांत पटवारी ग्राम से पुनः रिपोर्ट ली गयी जिसमे पटवारी ग्राम. द्वारा उल्लेख किया गया कि उक्त सर्वे नम्बर मिसल बंदोबस्त वर्ष 1986-87 के अधिकार अभिलेख में विक्रय से वर्जित होना उल्लेखित किया गया उक्त सर्वे नं. मिसल बंदोवस्त वर्ष 1986-87 में विक्रय से वर्जित होने के कारण प्रकरण क्रमांक 1066/3-6/2024-25 दिनांक 14.02.2025 दवारा विधिवत नामांतरण प्रकरण को निरस्त कर प्रकरण का निराकरण किया जा चुका है। चूंकि प्रकरण का निराकरण 158 (3) के प्रावधानों के तहत ही किया गया है अतः कार्यवाही का प्रश्न ही उत्पन्न नहीं होता।
आदेश निरस्त करना एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही
[राजस्व]
36. ( क्र. 1601 ) श्री योगेन्द्र सिंह (बाबा) : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रमुख सचिव म.प्र. शासन, भोपाल एवं आयुक्त भोपाल संभाग को तहसीलदार सारंगपुर, जिला-राजगढ़ द्वारा नियम विरुद्ध प्रकरण क्र.-0075/बी-121/2024-25 दर्ज करने तथा असत्य निराधार नियम विरूद्ध आदेश दिनांक 10.07.2025 को आदेश पारित करने की शिकायत दिनांक 22.12.2025 को करने पर उच्च स्तरीय संभागीय जांच कमेटी का गठन करके जांच करवाई गई है या नहीं स्पष्ट करें। (ख) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, सारंगपुर, राजगढ़ एवं कलेक्टर राजगढ़ द्वारा तहसीलदार सारंगपुर, राजगढ़ के प्रकरण क्र.-0075/बी-121/2024-25 तथा पारित आदेश दिनांक 10.07.2025 की अपील म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 44 के अन्तर्गत प्रस्तुत अपील की सुनवाई नहीं करते हुए निरस्त की गई है? (ग) तहसीलदार सारंगपुर जिला-राजगढ़ द्वारा नियम विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर दिनांक 10.07.2025 को नियम विरूद्ध आदेश पारित करने का स्पष्ट दोषी होने पर क्या निलम्बित किया जाएगा तथा पारित आदेश की अपील नहीं होने सुनवाई नहीं होने पर तहसीलदार द्वारा आदेश दिनांक 10.07.2025 निरस्त किया जाएगा? (घ) तहसीलदार सारंगपुर द्वारा आपराधिक प्रकरण होने पर सक्षम पुलिस अधिकारी से जांच नहीं करवाते हुए 2003 से ही सारंगपुर में निवास नहीं करने तथा मूल निवासी प्रमाण-पत्र बनवाने की पात्रता नहीं होने पर भी कंडिका 5.2 एवं 5.3 की असत्य व्याख्या करके आदेश पारित करने पर संभागीय जांच कमेटी का गठन करके निष्पक्ष जांच करवाकर दोषियों पर कार्यवाही की जाएगी?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) राजस्व अधिकारियों द्वारा पारित किये गये किसी आदेश से यदि कोई पक्षकार परिवेदित है, तो सक्षम न्यायालय से अनुतोष हेतु रिविजन/अपील/रिट अपील प्रस्तुत कर सकता है। अत: उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन करने का प्रश्न उद्भूत नहीं होता। (ख) तहसीलदार सांरगपुर जिला राजगढ़ के प्रकरण क्रमांक 0075/बी-121/2024-25 में पारित आदेश दिनांक 10.07.2025 के विरूद्ध इस न्यायालय में म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 44 के अंतर्गत अपील प्रस्तुत की गयी थी, म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 44 के अंतर्गत अपील किये जाने किसी भी प्रकार के प्रावधान परिलक्षित नहीं है। उपरोक्त मार्गदर्शन अनुसार इस न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सारंगपुर के प्रकरण क्रमांक 0142/अपील 2025-26 में पारित आदेश दिनांक 20.11.2025 अनुसार अपील ग्राह्य योग्य नहीं होने से अपील आवेदन अमान्य किया गया है। (ग) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्न स्पष्ट नहीं होने से जानकारी दी जाना संभव नहीं है।
चिकित्सा आकस्मिकता हेतु 108 वाहन सुविधा
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
37. ( क्र. 1628 ) श्री योगेन्द्र सिंह (बाबा) : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जय अम्बे इमरजेंसी सर्विसेज रायपुर द्वारा म.प्र. जननी, 108 का संचालन किया जा रहा है? यदि हाँ तो क्या प्रसव केसों के परिवहन एवं एक्सीडेंटल या मेडिकल ईमरजेंसी में निःशुल्क परिवहन का प्रावधान है? यदि हाँ तो क्या इन दोनों वाहनों के प्रति कि.मी. भुगतान की दर अलग-अलग है? यदि हाँ तो किस दर से भुगतान किया जाता है? (ख) क्या बिना मेडिकल ईमरजेंसी के भी कंपनी द्वारा 108 वाहन से प्रसव केसों का परिवहन कर लाभ लिया जा रहा है जबकि जननी वाहनों से परिवहन में शासन को आर्थिक लाभ होगा? यदि हाँ तो सिवनी जिले में कंपनी द्वारा जननी केसों को 108 वाहन से परिवहन सुविधा किस नियम से उपलब्ध करायी जा रही है? सिवनी जिले में वर्ष 2025 में कितनी महिलाओं को 108 वाहनो से परिवहन सुविधा उपलब्ध करायी गयी? विवरण देवे? (ग) क्या कंपनी द्वारा लोकल वेंडर्स से अनुबंध कर कार्य कराया जा रहा है यदि हाँ तो लोकल वेंडर्स को भुगतान कब तक का किया गया है? यदि नहीं दिया गया है तो कारण बतायें?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। जी हाँ। प्रदेश के समस्त जिलों में 108- सेवा अंतर्गत संचालित 108/जननी एम्बुलेंस वाहनों के परिचालन व्यय हेतु अनुबंधित कंपनी द्वारा प्रस्तुत मासिक देयक का वर्तमान में ए.एल.एस. रु 24.27/- प्रति कि.मी., बी.एल.एस. रु 23.15/- प्रति कि.मी. तथा जननी रु 18.54/- प्रति कि.मी. की दर से भुगतान किया जा रहा है। (ख) जी नहीं, अपितु मेडिकल ईमरजेंसी में ही 108 वाहन से प्रसव केसों का परिवहन किया जाता है। प्रश्नभाग के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उत्पन्न नहीं होता। सिवनी जिले में वर्ष 2025 में मेडिकल ईमरजेंसी में 7559 महिलाओं को 108 वाहनो से परिवहन सुविधा उपलब्ध करायी गयी। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ, शासन द्वारा कंपनी को केन्द्रीयकृत भुगतान किया जाता है, प्रदेश के समस्त जिलों में 108/जननी एम्बुलेंस वाहनों के संचालन हेतु कम्पनी को माह दिसंबर-2025 तक का केन्द्रीयकृत भुगतान किया गया है। प्रश्न भाग के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सामग्री क्रय में अनियमितताएं एवं शिक्षकों के पदों की पूर्ति
[स्कूल शिक्षा]
38. ( क्र. 1667 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिक्षा विभाग में सेवा (आउटसोर्स भर्ती) तथा सामग्री खरीद के क्या नियम है? विस्तृत जानकारी देवें। विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों में सामग्री खरीद नियम, मांगपत्र तथा अनुमोदन की प्रक्रिया क्या है? विस्तृत जानकारी नियमों की छायाप्रति सहित देवें। (ख) बड़वानी जिले में जिला शिक्षा विभाग तथा जिला शिक्षा केन्द्र के द्वारा विद्यालय तथा छात्रावास कहां-कहां पर एवं किस-किस नाम से कितनी-कितनी स्वीकृत सीट के संचालित है? उन विद्यालयों के लिए जिले में कुल कितने शिक्षकों के पद स्वीकृत है जिनमें से कितने पद रिक्त है? (ग) वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक प्रति छात्रावास प्रति छात्र आवंटन तथा हर छात्रावास में किस-किस मद में आवंटन प्राप्त हुआ है, विस्तृत जानकारी देवें। (घ) बड़वानी जिले में वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक कितनी पुस्तकों का वितरण हुआ तथा इनका मूल्य क्या है? पुस्तक परिवहन पर कितना व्यय हुआ? पुस्तक परिवहन की निविदा, अनुबंध पत्र, कार्यादेश, किये गए भुगतान बिल की नोटशीट सहित की छायाप्रति देवें। (ङ) बड़वानी जिले में वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक कितने अशासकीय स्कूलों को मान्यता प्रदान की गई है एवं कितने स्कूलों को मान्यता का नवीनीकरण किया गया है। सूची देवें। कितने स्कूल को मान्यता प्रदान की गई तथा कितने स्कूल की मान्यता का नवीनीकरण किया गया? आदेशों की छायाप्रतियां उपलब्ध कराएं।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1, 2, 3 एवं 4 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-5 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-6 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-7 अनुसार है। पुस्तक परिवहन हेतु सत्र 2024-25 में राशि रूपये 3250656/- का भुगतान हुआ है। सत्र 2025-26 का भुगतान नहीं हुआ है। सत्र 2024-25 एवं 2025-26 में पुरानी दरों पर ही परिवहन कार्य किया गया। शेषांश जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-8 अनुसार है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 9 एवं 10 अनुसार है।
बड़वानी जिले में पर्यटन गतिविधियां
[पर्यटन]
39. ( क्र. 1668 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वानी जिले में जिला पर्यटन संवर्धन परिषद् के सदस्यों के नाम, पदनाम सहित, वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक परिषद् की बैठकों के कार्यवाही विवरण देवे। (ख) बड़वानी जिले में विभागीय कितने मार्ग सुविधा केन्द्र (WSA) कहां-कहां है, प्रत्येक WSA के निर्माण प्राक्कलन-नक़्शे तथा संचालन हेतु किये गए अनुबंध पत्रों की छायाप्रति देवें। (ग) बड़वानी-धार जिले के नर्मदा नदी के जल क्षेत्रों में क्रूज संचालन हेतु किये गए निर्माण या सामग्री में हुए व्यय की विस्तृत जानकारी तथा क्रूज संचालन हेतु किये गए अनुबंध की छायाप्रति देवें। (घ) बड़वानी जिले में निजी निवेश से पर्यटन परियोजनाओं के कितने प्रस्ताव विभाग को प्राप्त हुए है, विस्तृत जानकारी देवें।
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "क", "ख" एवं "ग" अनुसार। (ख) बड़वानी जिले में तीन मार्ग सुविधा केन्द्र हैं :- 1 सेंधवा 2. बड़वानी 3. जुलवानिया। अनुबंध पत्र पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'घ','ड' एवं 'च' अनुसार। (ग) कुक्षी जिला धार में नर्मदा नदी के क्षेत्र क्रूज संचालन टर्मिनल निर्माण का कार्य प्रगति पर है। वर्तमान में राशि रू. 398.08 लाख का व्यय हुआ है। क्रूज संचालन का अनुबंध वर्तमान में नहीं किया गया है। (घ) वर्तमान में निवेश संवर्धन संबंधी कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुए। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
लोक सेवा केन्द्र के नियमानुसार जुर्माना लगाया जाना
[राजस्व]
40. ( क्र. 1688 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 के नियमानुसार जिला सागर एवं छतरपुर में भूस्वामी स्वत्व का नाम कार्यालय उपपंजीयक में दर्ज रजिस्टर्ड विक्रय-पत्र/रजिस्टर्ड दस्तावेजों में मृत्यु प्रमाण-पत्र के आधार पर भूस्वामी स्वत्व का नाम विलुप्त कर आवेदकगण के नाम सक्षम अधिकारी आवेदन को स्वीकृत कर दर्ज करने के आदेश पारित कर सकता है? (ख) यदि हाँ तो क्या न्यायालय नजूल अधिकारी जिला-छतरपुर में दर्ज प्रकरण-क्रमांक/01/अ-6/2016-17 को भूस्वामी स्वत्व का नाम विलुप्त कर, उक्त दस्तावेजों के आधार पर आवेदक के नाम दर्ज करने के आदेश पारित किया गया था? (ग) यदि नहीं तो क्या आवेदक की नजूल अधिकारी से मिलीभगत होने के कारण शासन को राजस्व हानि (स्टाम्प-चोरी) पहुंचाना परिलक्षित होता है? (घ) क्या शासन-नियमानुसार लोक सेवा केन्द्र छतरपुर में रजिस्ट्रेशन-नंबर/RS/425/0718/3104/2023 एवं RS/425/0718/3610/2023 की प्रश्न दिनांक तक नकल उपलब्ध न कराने पर जुर्माना आदेश पारित किया जाएगा एवं क्या सीएम हेल्पलाइन नंबर 33185774 एवं 33186127 पर सक्षम-अधिकारी शिकायतकर्ता से संपर्क कर शिकायत का निराकरण किया जाएगा? (ड.) प्रश्नांश "ग" एवं "घ" यदि हाँ है तो क्या उक्त-प्रश्न के माध्यम से कलेक्टर से मंत्री तक के संज्ञान में आने के उपरांत सक्षम अधिकारी स्वप्रेरणा में लेकर उक्त पारित आदेश को निरस्त करने एवं जुर्माना आदेश-पारित करेगा? (च) क्या कार्यलय कमिश्नर-सागर संभाग-सागर को रजिस्टर्ड डाक नंबर/RT184307246TM प्राप्त शिकायत पर शिकायतकर्ता के कथन लिए जाएंगे? (छ) प्रश्नांश "क" एवं "ख" एवं "ग" एवं "घ" एवं "ड" एवं "च" के अनुसार यदि हां/नहीं तो क्यों? कारण स्पष्ट करें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) म.प्र. भू राजस्व संहिता के नियमानुसार जिला सागर में रजिस्टर विक्रय पत्र के आधार पर विक्रेता से क्रेता के नाम तथा मृतक भूमिस्वामी से उसके विधिक वारिसों के नाम सक्षम अधिकारी द्वारा नामांतरण स्वीकृत किये जाते है। (ख) प्रश्नाधीन प्रकरण में संलग्न आदेशानुसार आवेदित भूखण्ड पर भूमिस्वामी एवं आवेदिका के पति के मध्य पारिवारिक बटवारा हुआ तथा आवेदिका के पति की मृत्यु हो जाने से भूमि स्वामी की सहमति के आधार पर म.प्र.भू.रा. संहिता 1959 की धारा-109.110 के तहत आवेदिका का नाम दर्ज किये जाने का आदेश पारित किया गया। (ग) म.प्र.भू.रा. संहिता 1959 के प्रावधानुसार भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया गया। जिसे न्यायालय अपर कलेक्टर छतरपुर के प्र.क्र. 64/अपील/2016-17 में स्थिर रखा गया एवं न्यायालय अपर आयुक्त सागर संभाग सागर के आरसीएमएस क्र. 1326/ अपील/अ-6/2017-18 (रा.प्र.क्र. 171/अपील/2017-18) में प्रथम अपीलीय न्यायालय अपर कलेक्टर छतरपुर का आदेश स्थिर रखा गया। (घ) तहसीलदार तहसील छतरपुर नगर के पत्र क्रमांक 98/प्रवा. तह. छत./2026 दिनांक 16/02/2026 के आधार पर आवेदक मनोज अग्रवाल द्वारा लोक सेवा केन्द्र छत्तरपुर में एवं नकल के आवेदन प्रस्तुत किये जिनके रजिस्ट्रेशन क्रमांक गये RS/425/0718/3104/2023 एवं RS/425/0718/3610/2023 है। 1-आवेदक द्वारा रजि.नं. RS/425/0718/3104/2023 193/3-6/1972-73 आदेश दिनांक 26.03.1972 के आदेश की नकल चाही गयी, जिसमें पदाभिहित अधिकारी द्वारा उक्त प्रकरण रिकार्ड रूम में जमा होने के कारण नकल प्रदाय नहीं की जा सकती है लेख कर आवेदन का निराकरण किया गया। 2-रजि.नं. RS/425/ 0718/ 3610/2023 में 158/इस्त/115/116/2016 पारा 107/116 (3) दिनांक 09.08.2016 की फाइल की नकल चाही गयी, जिसमें पदाभिहित अधिकारी द्वारा जीर्ण-शीर्ण होने से नकल प्रदाय की जाना संभव नहीं है लेख कर आवेदन का निराकरण किया गया। 3- सी एम हेल्पलाईन नंबर 33185774 का निराकरण लोक सेवा केन्द्र द्वारा रजि.नं. RS/425/0718/3104/2023 के मध्यम से किया जा चुका है। 4- सीएम हेल्पलाईन नंबर 33186127 के निराकरण के संबंध में जांच हेतु मुख्य नगर पालिका अधिकारी छतरपुर को निर्देशित किया गया है। (ड.) म.प्र.भू.रा. संहिता 1959 के प्रावधानुसार भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया गया। जिसे न्यायालय अपर कलेक्टर छतरपुर के प्र0क्र0 64/अपील/ 2016-17 में स्थिर रखा गया एवं न्यायालय अपर आयुक्त सागर संभाग सागर के आरसीएमएस क्र. 1326/अपील/अ-6/2017-18 (रा.प्र.क्र. 171/अपील/2017-18) में प्रथम अपीलीय न्यायालय अपर कलेक्टर छतरपुर का आदेश स्थिर रखा गया। पदाभिहित अधिकारी द्वारा RS/425/ 0718/3610/ 2023 एवं RS/425/0718/3104/2023 का निराकरण किये जाने से जुर्माना का प्रश्न ही नहीं है। (च) शिकायत पर नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। (छ) नियमानुसार निर्धारित न्यायालयीन प्रक्रिया अन्तर्गत कार्यवाही की जाना प्रावधानित है और पक्षकार नियमानुसार सक्षम न्यायालय में अपील/निगरानी कर अनुतोष प्राप्त कर सकता है।
अभिलेख खसरा नंबरों के भू-स्वामी स्वत्व का रिकॉर्ड दुरूस्त करना
[राजस्व]
41. ( क्र. 1694 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्न-क्रमांक/2963/दिनांक/06/08/2025 को माननीय मंत्री जी द्वारा उत्तर दिया गया था कि प्रकरण के निराकरण में निम्न न्यायालयों द्वारा कोई विधि त्रुटि हुई है तो उनकी पूर्णता के लिए अपील/निगरानी न्यायालय द्वारा प्रकरण को नियमानुसार प्रत्यावर्तित किया जा सकता है? (ख) क्या जिला ग्वालियर में भूस्वामी स्वत्व की भूमि बिना सक्षम-अधिकारी आदेश-पारित के शासन दर्ज होने पर सक्षम-अधिकारी के संज्ञान में आने के उपरांत रिकॉर्ड दुरूस्त के आदेश पारित किए जाते हैं? (ग) यदि हाँ तो क्या राजस्व मण्डल ग्वालियर में प्रकरण क्रमांक/अपील-निगरानी/3816/2018 विचाराधीन है? यदि हाँ तो क्या उक्त प्रकरण में उल्लेखित खसरा नंबरों में वर्ष 1968-69 तक वादी नम्बर 4 के पूर्वज भूस्वामी स्वत्व के नाम दर्ज थी? (घ) यदि हाँ तो क्या वादी-नम्बर 4 के पूर्वज की भूस्वामी स्वत्व की भूमि को अभिलेख संधारित करने वाले अधिकारी की भूल/गलती से वर्ष 1969-70 अन्य वर्षों में खसरा पंजी के खसरा नंबरों में भूस्वामी स्वत्व का नाम विलुप्त कर शासन दर्ज कर दिया गया था? (ड.) यदि हाँ तो क्या राजस्व मण्डल ग्वालियर में विचाराधीन प्रकरण 3816/2018 को नियमानुसार निम्न न्यायालयों द्वारा विधि त्रुटि होने के कारण उनकी पूर्णतः के लिए अनुविभागीय अधिकारी छतरपुर जिला-छतरपुर को प्रत्यावर्तित किया जाएगा? यदि हाँ तो कब तक समय-सीमा बतायें? (च) प्रश्नांश (क), (ख), (ग), (घ) एवं (ड.) के अनुसार यदि हां, नहीं तो क्यों? कारण स्पष्ट करें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ, जिला ग्वालियर में भूस्वामी स्वत्व की भूमि बिना सक्षम अधिकारी आदेश पारित के शासन दर्ज होने पर सक्षम अधिकारी के संज्ञान में आने के उपरांत अथवा आवेदक द्वारा आवेदन पत्र प्रस्तुत करने के उपरान्त रिकार्ड दुरूस्त के आदेश पारित किए जाते हैं। (ग) हाँ। प्रकरण क्रमांक निगरानी/3816/2018 जिला छतरपुर, राजस्व मण्डल में विचाराधीन है। (घ) न्यायालयीन प्रक्रिया प्रचलित है। हितबद्ध पक्षकारों की सुनवाई तथा अभिलेख एवं न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर ही उक्त संबंध में निर्णय पारित किया जा सकेगा। (ड.) प्रकरण क्रमांक निगरानी/3816/2018 जिला छतरपुर राजस्व मण्डल में विचाराधीन है। राजस्व मण्डल की खण्डपीठ द्वारा 'न्यायालयीन प्रक्रिया अपनाई जाकर आदेश पारित किया जाता है। सुनवाई उपरांत न्यायालयीन कार्यवाही विधिक प्रक्रिया अनुसार प्रचलित की जाती है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (च) उत्तरांश 'क' एवं 'ख' अनुसार शेष संबंधित नहीं।
सिविल अस्पताल का निर्माण
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
42. ( क्र. 1695 ) श्री जगन्नाथ सिंह रघुवंशी : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चंदेरी में 50-बिस्तर अस्पताल के निर्माण हेतु वन विभाग द्वारा जो भूमि उपलब्ध कराई गई है, उसका सर्वे क्रमांक (Survey Number) क्या है भूमि हस्तांतरण से संबंधित आदेश की छायाप्रति (Certified Copy) उपलब्ध कराएं। (ख) क्या राजस्व विभाग द्वारा वन विभाग को विनिमय (Land Exchange) में दी गई भूमि का सर्वे क्रमांक क्या है उससे संबंधित आदेश की छायाप्रति उपलब्ध कराएं। (ग) स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल निर्माण हेतु भूमि के बदले जो धनराशि दी गई है, वह किस बजट हेड (Head of Account) में दी गई है और कितनी राशि स्वीकृत एवं व्यय की गई है संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) स्वास्थ्य विभाग द्वारा चन्देरी सिविल अस्पताल का निर्माण कार्य किस सर्वे क्रमांक की भूमि पर प्रारंभ किया गया है यदि वह सर्वे क्रमांक उपर्युक्त भूमि से भिन्न है, तो उसका कारण क्या है? (ङ) 50-बिस्तर अस्पताल का निर्माण कार्य कब प्रारंभ हुआ, वर्तमान में उसकी भौतिक प्रगति (Physical Progress) क्या है तथा निर्माण कार्य कब तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है? (च) यदि निर्माण कार्य में देरी हो रही है, तो इसके लिए उत्तरदायी अधिकारी/विभाग कौन हैं तथा उनके विरुद्ध क्या कार्रवाई प्रस्तावित है?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) चंदेरी में 50-बिस्तरीय सिविल अस्पताल भवन के निर्माण हेतु वन विभाग द्वारा सर्वे क्रमांक वन कक्ष क्रमांक कम्पार्टमेंट संख्या पी.एफ. 201 भूमि उपलब्ध कराई गई है। भूमि हस्तांतरण से संबंधित आदेश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ख) राजस्व विभाग द्वारा वन विभाग को विनिमय (Land Exchange) में सर्वे क्रमांक 497 ग्राम वघनरी तहसील ईशागढ़ में भूमि दी गई है। संबंधित आदेश की छायाप्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। (ग) सिविल अस्पताल चंदेरी निर्माण हेतु वन विभाग को वृक्षों के विदोहन हेतु बजट हेड 0406-01-800-0229 में राशि रू 27,708/- वन विभाग को दी गई है। उक्त भवन निर्माण कार्य हेतु राशि रू 1134.86 लाख की स्वीकृति जारी की गई है। वर्तमान में व्यय की राशि निरंक है। (घ) सिविल अस्पताल चंदेरी का निर्माण कार्य वन विभाग द्वारा सर्वे क्रमांक कम्पार्टमेंट संख्या 201 पर प्रारंभ किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल का निर्माण कार्य दिनांक 28.01.2026 को प्रारंभ किया गया है। वर्तमान में नींव खुदाई प्रारंभ हुई है। कार्य को 18 माह की समयावधि में पूर्ण किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। (च) निर्माण कार्य में देरी विद्यमान अस्पताल परिसर में खुली भूमि की अनुपलब्धता एवं तत्पश्चात् उपयुक्त शासकीय भूमि के चयन एवं आवंटन की कार्यवाही होने के कारण हुई है। अतः कोई विभाग एवं अधिकारी उत्तरदायी नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
भूखण्ड आवंटन से आदिवासी किसान एवं आवंटी उद्यमी को हुई क्षति
[राजस्व]
43. ( क्र. 1703 ) श्री
जगन्नाथ
सिंह रघुवंशी
: क्या
राजस्व
मंत्री महोदय
यह बताने की
कृपा करेंगे कि
(क) अशोकनगर
जिले के ग्राम
पलकाटोरी की
भूमि सर्वे
क्रमांक 414 में
उद्योग विभाग
द्वारा
आवंटित भूखण्डों
में बाबूलाल
आदिवासी की
निजी भूमि
निकलने के प्रकरण
में, क्या
विभाग ने
स्वीकार किया
है कि यह
त्रुटि राजस्व
अभिलेखों के
गलत मिलान या
त्रुटिपूर्ण
सीमांकन के
कारण हुई है? इसके
लिए प्राथमिक
रूप से कौन
जिम्मेदार है? (ख) क्या
शासन की इस
लापरवाही के
कारण आवंटी
उद्यमी को हुए
आर्थिक
नुकसान (जैसे-
बाउंड्रीवॉल
निर्माण, बैंक
ब्याज आदि) की
भरपाई हेतु
विभाग द्वारा
हर्जाना देने
का क्या
प्रावधान है और
हर्जाना कब तक
दिया जायेगा। (ग) क्या
त्रुटि पूर्ण
सीमांकन के
कारण प्रभावित
आवंटी (उद्यमी)
को उसी
औद्योगिक
क्षेत्र में
उतनी ही भूमि
का वैकल्पिक भूखण्ड
तत्काल
उपलब्ध
कराएगी?
यदि
हाँ, तो
इसकी समय-सीमा
क्या होगी? (घ) वर्तमान
में आवंटियों
का निर्माण
कार्य
रूकवाया गया
है वह पुन: कब
से प्रारंभ
कराया जायेगा?
राजस्व
मंत्री ( श्री
करण सिंह
वर्मा ) : (क)
वर्ष
2009 में 20.000 हे. एवं
वर्ष 2011-2
में 38.147 हे.
भूमि इस
प्रकार कुल 58.147 हे. भूमि
का आवंटन
विभाग द्वारा
किया गया।
राजस्व
विभाग द्वारा
उद्योग विभाग
को आवंटित
भूमि के
दिनांक 12.06.2023 को
संपन्न
सीमांकन में
कुल 2.645 हेक्टेयर
भूमि मौके पर
कम पाई गई है, जिसे
तत्समय निजी
भूमि बताया
था। सर्वे
क्रमांक 414 विभाग
को आवंटित
भूमि नहीं है।
विभाग को प्राप्त
भूमि के
त्रुटिपूर्ण
सीमांकन के
लिए वर्ष 2009 एवं 2012 का
राजस्व
सीमांकन दल
प्राथमिक रूप
से जिम्मेदार
है (ख) भूखण्ड
निरस्तीकरण
उपरांत आवंटी
द्वारा
निर्माण
कार्य कराय
गया विभाग
द्वारा इस
प्रकार की
आर्थिक भरपाई
हेतु हरजाना
देने का कोई
प्रावधान
नहीं है। (ग) निरस्त
सभी भूखण्ड
उद्योग आयुक्त
के समक्ष
अपीलीय
प्रक्रिया
में है अपील
पर सुनवाई
उपरांत
निर्णय लिया
जावेगा। (घ) 2 वर्ष की
निर्धारित
समय-सीमा
उपरांत
आवंटित भूखण्डों
पर उद्योग स्थापित
नहीं होने से
महाप्रबंधक
के आदेश दिनांक
16.10.2025
द्वारा भूखण्डों
को निरस्त
किया गया है।
निरस्तीकरण
उपरांत भूखण्डों
पर निर्माण
कार्य किया
जाना
नियमानुसार नहीं
है। निरस्तीकरण
उपरांत
उद्योग आयुक्त
के समक्ष
अपीलीय
निर्णय
उपरांत कार्य
प्रारंभ किया
जाना उचित
होगा।
शासकीय हाई स्कूल चंदौरा के उन्नयन
[स्कूल शिक्षा]
44. ( क्र. 1711 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्रमांक 266 में पूछे गये प्रश्न के उत्तर में माननीय मंत्री जी द्वारा शासकीय हाई स्कूल चंदौरा जिला पन्ना उन्नयन हेतु मापदंडों को पूरा करता है से अवगत कराया गया था? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार यदि हाँ तो शासकीय हाई स्कूल चंदौरा के उन्नयन हेतु प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? कब तक शासकीय हाई स्कूल चंदौरा का उन्नयन किया जावेगा? समय-सीमा बतावें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) वर्तमान में राज्य बजट अन्तर्गत शाला उन्नयन की कार्यवाही स्थगित रखी गई है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
मनगवां विधानसभा अंतर्गत स्वास्थ्य सुविधाएं
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
45. ( क्र. 1736 ) श्री नरेन्द्र प्रजापति [इंजीनियर] : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा मनगवां 73 के अंतर्गत आने वाले समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, उपस्वास्थ्य केन्द्र एवं आरोग्य आयुष मंदिर कितने हैं एवं इन सभी अस्तपालों में चिकित्सक एवं नर्सिंग स्टॉफ की भर्ती कब तक में कर ली जायेगी? समय-सीमा बताएं। (ख) विधानसभा मनगवां 73 के अंतर्गत आयुर्वेद के चिकित्सालय कहां, कितने हैं। क्या आयुर्वेद चिकित्सालय में चिकित्सक एवं नर्सों की उपलब्धता है? एवं रिक्त पदों को कब तक भरे जायेंगे। (ग) मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश के आदेश क्रमांक एन.एच.एम./एच.आर./सेल-1/2020/5583 भोपल दिनांक 23.03.2020 के अनुसार मेरिट अंक के अनुसार जिला स्वास्थ्य समिति के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलो में अस्थाई कोविड 19 आयुष चिकित्सक, दन्त चिकित्सक, लैब टेक्निशियन, फार्मासिस्ट, स्टॉफ नर्स, साइंटिस्ट सहित अन्य सभी पैरामेडिकल चिकित्सकीय दल की नियुक्ति की गई परंतु दो वर्ष बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश के आदेश क्रमांक एन.एच.एम./एच.आर./सेल-1/2022/14506 भोपल दिनांक 28.03.2022 के आदेशानुसार बजट की कमी बताकर निकाल दिया गया है जिससे ये बेरोजगार हो गये हैं, क्या इन्हें पुनः नौकरी में बहाल किया जायेगा? यदि हाँ तो कब तक में? यदि नहीं तो क्यों नहीं?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) विधानसभा मनगवां 73 के अंतर्गत 02 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 06 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, 40 उप स्वास्थ्य केन्द्र एवं आरोग्य आयुष मंदिर हैं। पदपूर्ति विभाग की एक निरंतर प्रक्रिया है, निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जिला आयुष कार्यालय रीवा के विधान सभा मनगवां अंतर्गत कोई भी आयुर्वेद चिकित्सालय संचालित नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। जी हाँ। जी नहीं। कोविड-19 के दौरान नियुक्त अस्थाई कर्मियों की पुनः नियुक्ति का राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में प्रावधान नहीं है।
आर.टी.ओ. द्वारा अवैध वसूली
[परिवहन]
46. ( क्र. 1741 ) श्री नरेन्द्र प्रजापति [इंजीनियर] : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा मनगवां 73 अंतर्गत आर.टी.ओ. द्वारा जगह-जगह पर अवैध वसूली का कार्य किसके अनुमति से किये जाते हैं? (ख) आर.टी.ओ. टैक्स लगने के बावजूद भी रोड टैक्स की वसूली का क्या औचित्य है, इसे कब बंद किया जायेगा? जानकारी दें। (ग) विधानसभा मनगवां में बनारस एवं प्रयागराज से आने वाले भारी वाहनों के जांच के क्या मापदण्ड है? जानकारी दें।
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) विधानसभा मनगवां 73 अंतर्गत आर.टी.ओ. द्वारा अवैध वसूली का कोई कार्य नहीं किया जाता है। (ख) परिवहन विभाग द्वारा वाहनों से मोटरयान कर वसूल किया जाता है, पृथक से कोई रोड टैक्स वसूल नहीं किया जाता, जिसके परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) विधानसभा मनगवां में बनारस एवं प्रयागराज से आने वाले भारी वाहनों की जांच मोटरयान अधिनियम, 1988 एवं मध्यप्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम, 1991 तथा उक्त अधिनियमों के तहत बनाये गये नियमों में विहित प्रावधानों के अंतर्गत की जाती है।
नहरों का निर्माण एवं सफाई कार्य
[जल संसाधन]
47. ( क्र. 1743 ) श्री
नरेन्द्र
प्रजापति
[इंजीनियर] : क्या जल
संसाधन
मंत्री महोदय
यह बताने की
कृपा करेंगे
कि (क) क्योंटी
मुख्य नहर के 14
ग्रामों की
पिपरहा में
महाना नदी पर
एवं 13
ग्रामों की
सूक्ष्म दबाव
सिंचाई योजना
ग्राम मांद
में पकड़ियार
नदी पर बैराज
निर्माण के
लिये प्रश्नकर्ता
द्वारा किये
गये पत्राचार
क्रमांक (435,436)/73/2025-26 पर
क्या
कार्यवाही की
गई? जानकारी
दें। (ख) विधानसभा
मनगवां 73
में नहरों की
सफाई ना किये
जाने का कारण
क्या है?
किसानों
के खेतों में
सिंचाई के लिये
पानी कब टेल
तक पहुंचेगा? (ग) वर्ष
2020-21 से
अब तक नहर
मरम्मत की कुल
कितनी
निविदायें प्रकाशित
की गई? किन
संविदाकारों
द्वारा क्या
निर्माण हुआ? किन
अधिकारियों
द्वारा
निर्माण का
मूल्यांकन
किया गया? मापपुस्तिका
कॉपी सहित नहर
क्रमांक एवं
निर्माण
कार्य के
स्थान सहित
जानकारी दें। (घ) रबी
की फसल की
सिंचाई एवं
टेल तक पानी
पहुंचाने के
लिये, नहर
निर्माण एवं
नहरों की सफाई
के कार्यक्रम शेड्यूल
क्या है?
जानकारी
उपलब्ध
कराएं।
जल
संसाधन
मंत्री ( श्री
तुलसीराम
सिलावट ) : (क) उल्लेखित
पत्र के
अनुक्रम में
महाना नदी पर 14 ग्राम, पकडियार
नदी पर 13
ग्राम हेतु
बैराज
निर्माण कर
सूक्ष्म दबाव
सिंचाई
परियोजना के
तहत क्रमशः 1750
हेक्टेयर, 1200
हेक्टेयर
क्षेत्र में
सिंचाई हेतु
सर्वेक्षण
कार्य
प्रक्रियाधीन
है।
(ख)
नहरों
की सफाई का
कार्य
प्रत्येक
वर्ष पीआईएम
मद अन्तर्गत
कराया जाकर
रबी सिंचाई
हेतु जल
उपलब्ध कराया
जाता है।
वर्तमान में
टेल तक पानी
पहुंचाया गया है, शेष प्रश्नांश
लागू नहीं। (ग) नहर
के मरम्मत
कार्य हेतु
कोई निविदा
प्रकाशित
नहीं की जाना
प्रतिवेदित
है। अतः शेष प्रश्नांश
लागू नहीं। (घ) रबी
सिंचाई हेतु 15 नवम्बर
से सिंचाई
प्रक्रिया
प्रारंभ की
जाती है तथा
नहरों में
आवश्यक
निर्माण, मरम्मत
एवं साफ-सफाई
का कार्य
प्रतिवर्ष
अप्रैल से जून
माह तक किया
जाता है एवं
अक्टूबर एवं
नवम्बर माह में
नहरों के माध्यम
से सिंचाई
सुविधा
प्रदान की
जाती है।
आउटसोर्स कम्प्यूटर ऑपरेटर का वेतन एवं नियमितीकरण
[स्कूल शिक्षा]
48. ( क्र. 1749 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केवलारी विधानसभा सहित मध्यप्रदेश के अंतर्गत सांदीपनि स्कूलों एवं उन्नयन शालाओं में आउटसोर्स के माध्यम से कितने कम्प्यूटर ऑपरेटर कार्यरत हैं एवं कब से कार्यरत हैं, किस एजेंसी के माध्यम से कार्यरत हैं वर्तमान में इन्हें कितना वेतन प्रदाय किया जा रहा है क्या वेतन के साथ-साथ श्रम विभाग के तहत श्रम कानूनों (विभिन्न कटौती जैसे ईपीएफ, बीमा, बोनस इत्यादि) का लाभ भी उन्हें प्रदाय किया जा रहा है। (ख) क्या आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित वेतन प्रदान किया जाता है यदि नहीं तो विलंब के लिये कौन उत्तरदायी है? श्रम विभाग के निर्देश अनुसार प्रत्येक अस्थाई कर्मचारी को प्रत्येक माह 5 वे या 7 वे दिन नियमित वेतन भुगतान किये जाने के निर्देश प्रसारित उपरांत भी आउटसोर्स कर्मचारियों को 3-4 माह तक वेतन विलंब से प्राप्त होता है। (ग) विगत 03 साल या उससे अधिक समय से कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा की दृष्टि से क्या विभाग इन्हें नियमित करने या कोई सेवा निगम मण्डल के गठन पर विचार कर रहा है जिससे उक्त कर्मचारियों को समान काम समान वेतन के तहत न्यूनतम वेतन एवं नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। जी हाँ। (ख) आउटसोर्स कर्मचारियों को कार्य का भुगतान उद्यमिता विकास केन्द्र (सेडमैप) भोपाल द्वारा किया जाता है। सेडमैप को नियमित भुगतान के लिए लेख किया गया है। (ग) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
संविदा शिक्षक वर्ग-2 की भर्ती संबंधी शिकायत की जांच
[स्कूल शिक्षा]
49. ( क्र. 1762 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासकीय शिक्षा संगठन द्वारा माननीय उप मुख्यमंत्री, वित्त एवं वाणिज्य कर को जिला परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केन्द्र कटनी की शिकायत फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संविदा शिक्षा वर्ग-2 भर्ती के संबंध में की गई थी? जिसकी जांच हेतु माननीय उप मुख्यमंत्री द्वारा कलेक्टर कटनी को पत्र लिखा गया था? यदि हाँ तो छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में कलेक्टर कटनी के पत्र क्रमांक/शिका/फा.क्र./3855475/13623 दिनांक 06.11.2025 द्वारा आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल को शिकायत पत्र में वर्णित तथ्यों की जांच कर कार्यवाही हेतु लिखा गया है? (ग) यदि प्रश्नांश (ख) हाँ है, तो आयुक्त लोक शिक्षण कार्यालय से प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की गई? कार्यवाही की जानकारी उपलब्ध कराये? यदि अभी तक उक्त शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है तो क्या उक्त जांच हेतु प्रदेश स्तर से उच्च स्तरीय टीम गठित कर जांच कराई जायेगी? यदि हाँ तो कब तक? नहीं तो क्यों?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-3 अनुसार है। शेष प्रश्नांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
पर्यटन स्थल घोषित करना एवं विकास/निर्माण कार्य किया जाना
[पर्यटन]
50. ( क्र. 1777 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परासिया विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत ग्राम पंचायत इटावा में प्रसिद्ध स्थल जिल्हेरी घाट एवं ग्राम पंचायत तुरसी में प्रसिद्ध धार्मिक स्थल देवरानी दाई, ग्राम पंचायत अम्बाड़ा में स्थित हिंगलाज मंदिर तथा ग्राम पंचा.सोनापीपरी के ग्राम कोसमी में स्थित हनुमान मदिर, नगर पंचायत चांदामेटा में स्थित मॉं खेड़ापति मन्दिर में उपरोक्त पॉंचों धार्मिक स्थलों को विभाग द्वारा पर्यटन स्थल घोषित किए जाने के संबंध में कार्यवाही की जायेगी और कब तक कार्यवाही को पूर्ण करते हुये उपरोक्त सभी स्थलों को पर्यटन स्थल का दर्जा प्रदान कर दिया जायेगा? जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित उपरोक्त सभी प्रसिद्ध पर्यटक/धार्मिक स्थलों का विभाग द्वारा या किसी एजेन्सी को पहुंचाकर निरीक्षण कराकर योजना बनाकर आवश्यकता अनुसार विभिन्न विकास/ निर्माण कार्यों को कराये जाने के संबंध में कब तक कार्यवाही को पूर्ण करते हुये कार्यों की स्वीकृति विभाग द्वारा प्रदान कर दी जायेगी?
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) विभाग द्वारा जारी नवीन पर्यटन नीति 2025 अंतर्गत किसी स्थल को पर्यटन स्थल घोषित करने का कोई प्रावधान नहीं है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्तरांश 'क' अनुसार।
वेकोलि अनुपयोगी भूमि की लीज समाप्त किए जाने के संबंध में
[राजस्व]
51. ( क्र. 1778 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता द्वारा विधानसभा सत्र मार्च 2025 में कोल इंडिया वेस्टर्न कोल्ड फील्ड लिमिटेड पेंच क्षेत्र की अनुपयोगी भूमि की लीज समाप्त कर सरकार द्वारा गरीब परिवारों को पट्टा/मालिकाना हक प्रदान किए जाने के संबंध में अशासकीय संकल्प लगाया गया था। वेकोलि की अनुपयोगी भूमि की लीज समाप्त किए जाने के संबंध में राज्य सरकार विभाग की ओर से केन्द्र सरकार कोल मंत्रालय को पत्र प्रेषित कर निराकरण के संबंध में कार्यवाही किये जाने का लेख था। मान. मंत्री महोदय के निर्देश पर प्रमुख सचिव राजस्व विभाग द्वारा श्रीमान सचिव कोयला मंत्रालय भारत सरकार को पत्र क्रमांक 12/सेक्षन-3/2025 दिनांक 27.07.2025को प्रेषित किया गया था, उपरोक्त प्रेषित पत्र व समस्या के निराकरण के संबंध में भारत सरकार से क्या जवाब आया है और यदि जवाब नहीं आया है तो क्या राज्य सरकार/संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा दोबारा कोल मंत्रालय भारत सरकार को समस्या के निराकरण के लिए पत्र प्रेषित कर कोई कार्यवाही की गई है? अवगत कराये। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित वेकोलि भूमि की अनुपयोगी भूमि की लीज समाप्त किए जाने हेतु कार्यवाही किए जाने व जानकारी प्रदान किए जाने के संबंध में प्रश्नकर्ता द्वारा मान.विभागीय मंत्री महोदय को अनुस्मरण पत्र 01 पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2025/692 दि. 01.12.2025 प्रेषित किया गया था, जिस पत्र पर अभी तक क्या कार्यवाही की गई है? अवगत कराये।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) महाप्रबंधक वेकोलि, पेंच क्षेत्र परासिया से प्राप्त प्रतिवेदन अनुसार लेख है कि वेकोलि प्रबंधन को लीज पर दी गई जमीन की लीज समाप्त होने पर भारत सरकार द्वारा प्रकाशित राजपत्र में अधिसूचना क्रमांक सा.का.नि. 717 (अ) दिनांक 01 अक्टूबर 2021 के अनुसार लीज नवीनीकरण स्वीकृत हुई हैं। इसी क्रम में महाप्रबंधक (संचालन) वेकोलि पेंच क्षेत्र के पत्र क्रमांक 67/वेकोलि/पेंच/क्षे0म.प्र./2023 दिनांक 30.05.2023 एवं पत्र क्रमांक वेकोलि/पेंच/क्षेत्र/ क्षे.महाप्र/25-26/149 दिनांक 29.07.2025 द्वारा अवगत कराया गया हैं कि भारत सरकार द्वारा अधिनियम Coal Mines Nationalisation Act 1973 के तहत निजी कोल कंपनियों द्वारा पूर्व में अधिग्रहित/क्रय की गई भूमि वेकोलि को हस्तांतरित की गयी हैं। वेकोलि पेंच क्षेत्र परासिया की भूमि 50 वर्ष के लिये या 31.03.2030 तक इनमें से जो भी पश्चात्वर्ती हो के लिए लीज प्रदत्त की गई हैं। वेकोलि की अनुपयोगी भूमि की लीज समाप्त किए जाने के संबंध में मान. मंत्री महोदय के निर्देश पर प्रमुख सचिव राजस्व विभाग द्वारा श्रीमान सचिव कोयला मंत्रालय भारत सरकार को पत्र क्रमांक 12/सेक्षन-3/2025 दिनांक 27.07.2025 को प्रेषित पत्र के संबंध में इस कार्यालय को कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। उपरोक्त प्रेषित पत्र व समस्या के निराकरण के संबंध में भारत सरकार से क्या जवाब आया है इस संबंध में इस कार्यालय को कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित वेकोलि भूमि की अनुपयोगी भूमि की लीज समाप्त किए जाने हेतु कार्यवाही किए जाने व जानकारी प्रदान किए जाने के संबंध में प्रश्नकर्ता द्वारा मान.विभागीय मंत्री महोदय को अनुस्मरण पत्र 01 पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2025/692 दि. 01.12.2025 प्रेषित पत्र के संबंध में इस कार्यालय को जानकारी प्राप्त नहीं हुई है।
मेडिकल कॉलेज में अत्यधिक उच्च रेट पर फर्नीचर खरीदी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
52. ( क्र. 1781 ) श्री महेश परमार : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में सिंगरौली और श्योपुर मेडिकल कॉलेज के फर्नीचर खरीदी के टेंडर किस-किस एजेंसी को कितनी-कितनी राशि का किस-किस वस्तु की ख़रीद हेतु दिया गया है? आइटमवार लिस्ट मय खरीदी रेट सहित उपलब्ध कराएं। (ख) क्या दोनों मेडिकल कॉलेज में LUN एवं पीडब्ल्यूडी के SOR से 4 गुना अधिक रेट में फर्नीचर खरीदा गया है, तुलनात्मक रेट pwd और LUN से कितना ज़्यादा रहा है जानकारी आइटमवार टेबल फॉर्म में देवें। (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में फर्नीचर ख़रीद की एजेंसियों के GST नंबर सहित उनके रजिस्टर्ड एड्रेस मय संचालक नाम सहित जानकारी उपलब्ध कराए। (घ) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में दोनों मेडिकल कॉलेज में फर्नीचर क्रय वाली एजेंसी का चयन किस आधार पर किया गया, टेंडर में किस-किस प्रतियोगी कंपनियों ने भाग लिया था और उनके द्वारा क्या रेट ऑफर किए गए थे जानकारी उपलब्ध कराएं। (ड.) प्रदेश में विगत 3 वर्ष में अन्य किस-किस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में समान फर्नीचर की सप्लाई किस दर पर हुई जानकारी टेबल फॉर्मेट में कॉलेजवार, फर्नीचर वार उपलब्ध कराएं।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रदेश में चिकित्सा महाविद्यालय, सिंगरौली एवं श्योपुर मेडिकल कॉलेज के फर्नीचर खरीदी के टेंडर सिंगरौली हेतु एजेंसी Methodex System Private Limited एवं श्योपुर मेडिकल कॉलेज हेतु एजेंसी impression Furniture Industries Pvt. Ltd को दिया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार। (ख) फर्नीचर का क्रय भारत सरकार के उपक्रम Bridg & Roof Co. India Ltd द्वारा Central Public Sector Enterprises मानकों अनुसार किया गया है। सी.पी.डब्ल्यू. डी.एस.ओ.आर. में समान फर्नीचर खरीदे गये तकनीकी मापदण्ड के आईटम नहीं है अत: प्राईज मिलान संभव नहीं। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार। (घ) एजेंसी का चयन Bridge & Roof Co. India Ltd द्वारा ATC-A एवं Corrigendum 11/08/2025 द्वारा तय मानकों अनुसार जेम पोर्टल पर जारी निविदा के माध्यम से एल-1 बिडर प्राप्त होने के पश्चात किया गया। टेंडर में प्रतियोगी कम्पनियों एवं उनके द्वारा किये गये रेट की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार। (ड.) विगत तीन वर्ष में चिकित्सा महाविद्यालय, नीमच, मंदसौर एवं सिवनी में समान फर्नीचर सप्लाई किए, की दरों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार।
आशा कार्यकर्ताओं के लंबित भुगतान
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
53. ( क्र. 1791 ) श्री दिव्यराज सिंह : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पूरे प्रदेश में कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में ग्रामसभा स्वास्थ्य तदर्थ समिति के द्वारा निर्धारित राशि का भुगतान किया जाता है? यदि हाँ तो क्या वित्तीय वर्ष 2025-26 की राशि का भुगतान प्रदेश के समस्त जिलों में किया जा चुका है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुक्रम में जिला रीवा के विकासखण्ड सिरमौर के अधीन सिविल अस्पताल सिरमौर अंतर्गत कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं को ग्रामसभा स्वास्थ्य तदर्थ समिति द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में निर्धारित राशि का भुगतान किया जा चुका है? यदि नहीं, तो कब तक उक्त लंबित राशि का भुगतान किया जा सकेगा? समय-सीमा बताएं।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं। जी नहीं। (ख) जी नहीं। आशा कार्यकर्ताओं को ग्रामसभा स्वास्थ्य तदर्थ समिति द्वारा निर्धारित राशि के भुगतान संबंधी कोई प्रावधान नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
स्टॉप डैम में जल संग्रहण
[जल संसाधन]
54. ( क्र. 1792 ) श्री दिव्यराज सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिरमौर एवं जवा विकासखण्ड अंतर्गत विभाग द्वारा कुल कितने स्टॉप डैम का निर्माण कराया गया है तथा वह किन-किन स्थानों पर निर्मित हैं? (ख) क्या कई स्टॉप डैम में जल संग्रहण का कार्य नहीं कराया जा रहा है? कितने ऐसे स्टॉप डैम हैं जिनमें जल संग्रहण नहीं हो रहा है? विकासखण्डवार सूची उपलब्ध करावें। (ग) क्या काफी लागत से निर्मित किये गए ऐसे जल संग्रहण केन्द्रों का उपयोग विभाग द्वारा नहीं किया जा रहा? क्या कई स्टॉप डैम वर्तमान में जर्जर अवस्था में हैं? यदि हाँ तो ऐसे जल संग्रहण केन्द्रों को पुनः जल संग्रहण हेतु कब तक तैयार कर लिया जावेगा? समय-सीमा बताएं।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जल संसाधन विभाग द्वारा किसी भी स्टॉप डैम का निर्माण कार्य नहीं कराया जाना प्रतिवेदित है। शेष प्रश्न लागू नहीं होता। (ख) एवं (ग) उत्तरांश 'क' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न लागू नहीं होता।
आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजनान्तर्गत क्लेम
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
55. ( क्र. 1835 ) डॉ.
हिरालाल
अलावा : क्या
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य
एवं चिकित्सा
शिक्षा महोदय
यह बताने की
कृपा करेंगे
कि (क) विगत दो
वित्तीय
वर्षों में
आयुष्मान
भारत–प्रधानमंत्री
जन आरोग्य
योजना
अंतर्गत केवल Turnaround Time (TAT) के
तहत कुल कितने
क्लेम
अस्वीकृत किए
गए? उपर्युक्त
TAT-आधारित
अस्वीकृत
मामलों में
रोगी योजना
अंतर्गत
पात्र थे तथा उपचार
वास्तव में
अस्पतालों
द्वारा
प्रदान किया
गया था? (ख) केवल
TAT कारण
से अस्वीकृत
क्लेमों की
कुल देय राशि
कितनी है तथा
यह राशि
जिलावार एवं
अस्पतालवार कितनी
बनती है?
(ग)
TAT उल्लंघन
किन चरणों में
हुआ, जैसे-
पूर्व-अनुमोदन, डिस्चार्ज
विवरण अपलोड, क्वेरी
के उत्तर में
विलंब, पोर्टल/तकनीकी
समस्याओं के
कारण? संख्यात्मक
जानकारी दें। (घ)
जिन क्लेमों
में कोई
चिकित्सीय, दस्तावेज़ीय
या पात्रता
संबंधी
त्रुटि नहीं
है, केवल
TAT के
कारण
अस्वीकृत किए
गए हैं, उन्हें
पुनः समीक्षा/Re-open का
प्रावधान है? ऐसे
मामलों में
अस्पतालों ने
अपने
संसाधनों से
मरीजों का
उपचार किया और
उन्हें गंभीर
आर्थिक हानि
हुई है तो
अस्पतालों को
प्रतिपूर्ति
देने बावत्
क्या
प्रक्रिया चल
रही है? (ङ) केवल
TAT के
तहत अस्वीकृत, किंतु
चिकित्सकीय
रूप से वैध
क्लेमों के
लिए कोई
एकमुश्त/विशेष
निपटान नीति (One-time Settlement Policy) लागू
करने पर विचार
किया जा रहा
है? क्या
सरकार यह
आश्वासन देगी
कि पोर्टल
डाउन टाइम, प्रशासनिक
विलंब, या एजेंसी/
TPA स्तर
की देरी के
कारण
अस्पतालों को
भुगतान से वंचित
नहीं किया
जाएगा? (च) क्या
TAT-आधारित
अस्वीकृत
क्लेमों के
निपटारे एवं
भुगतान हेतु
कोई निश्चित
समय-सीमा
निर्धारित की
जाएगी?
उप
मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य
एवं चिकित्सा
शिक्षा ( श्री
राजेन्द्र
शुक्ल ) : (क)
जानकारी
संलग्न परिशिष्ट के
प्रपत्र "अ"
अनुसार। जी
हाँ। जी हाँ। (ख) जानकारी
संलग्न परिशिष्ट के
प्रपत्र "ब"
अनुसार। जानकारी
संलग्न परिशिष्ट के
प्रपत्र "ब" अनुसार। (ग) जानकारी
संलग्न परिशिष्ट के
प्रपत्र "स"
अनुसार। (घ) जी
हाँ। TAT के
कारण
अस्वीकृत
क्लेमों को
राष्ट्रीय
स्वास्थ्य
प्राधिकरण
द्वारा
समय-समय पर
जारी निर्देशानुसर/Claim adjudication Manual तथा
राज्य
स्वास्थ्य
एजेंसी एवं
चिकित्सालयों
के मध्य
निष्पदित
अनुबंध
अनुसार
अस्वीकृत
क्लेमों का
सतत् एवं
निरंतर
प्रक्रिया
अंतर्गत
निपटान किया जाता
है। अतः अस्पतालों
को
प्रतिपूर्ति
देने बावत् प्रश्न
उपस्थिति
नहीं होता। (ङ)
जी नहीं। TAT के कारण
अस्वीकृत
किये गये
क्लेमों को
राष्ट्रीय
स्वास्थ्य
प्राधिकरण
द्वारा समय-समय
पर जारी
निर्देशानुसार/Claim adjudication Manual तथा
राज्य
स्वास्थ्य
एजेंसी एवं
चिकित्सालयों
के मध्य
निष्पदित
अनुबंध
अनुसार
अस्वीकृत
क्लेमों का
सतत् एवं
निरंतर
प्रक्रिया अंतर्गत
निपटान किया
जाता है। अतः
आश्वासन संबंधी
प्रश्न
उपस्थिति
नहीं होता। (च)
अस्वीकृत
क्लेमों का
निपटान एवं
भुगतान TMS
2.0
पोर्टल पर
नवीन
प्रावधानित
प्रक्रिया
अंतर्गत सतत्
एवं निरंतर
किया जा रहा
है। निश्चित समय-सीमा
संबंधी प्रश्न
उपस्थिति
नहीं होता।
संशोधित पार्वती - कालीसिंध - चंबल लिंक परियोजना
[जल संसाधन]
56. ( क्र. 1837 ) श्रीमती प्रियंका पैंची : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के तहत पार्वती उप-बेसिन में प्रस्तावित बैराज/बांध का स्थान कुंभराज तहसील के दीतलवाड़ा (मूल प्रस्तावित स्थल) से बदलकर चाचौड़ा तहसील के ग्राम घाटाखेड़ी (नया स्थल) में कर दिया गया है? (ख) यदि हाँ, तो यह स्थान परिवर्तन राष्ट्रीय जल विकास एजेंसी द्वारा तैयार की गई डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट के किस प्रावधान के अंतर्गत किया गया? उन विशिष्ट तकनीकी या भू वैज्ञानिक कारणों का ब्यौरा दें, जिनके कारण दीतलवाड़ा की अपेक्षा घाटाखेड़ी का चयन करना अनिवार्य हो गया? (ग) क्या स्थान परिवर्तन के कारण परियोजना की अनुमानित लागत में कितनी शुद्ध वृद्धि हुई है? क्या यह स्थान परिवर्तन केन्द्र और राज्यों के बीच हुए समझौता ज्ञापन में उल्लिखित मूल डिजाइन/लागत से महत्वपूर्ण विचलन है? यदि हाँ, तो क्या इस विचलन को केन्द्र सरकार से पुनः अनुमोदित कराया गया है?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी नहीं। (ख) एवं (ग) उत्तरांश 'क' के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्नांश लागू नहीं।
परियोजना में कृषि भूमि का अधिग्रहण
[जल संसाधन]
57. ( क्र. 1838 ) श्रीमती प्रियंका पैंची : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के तहत घाटाखेड़ी और उसके आसपास के वे कौन-कौन से राजस्व ग्राम हैं जिनकी कुल कृषि योग्य भूमि (रकबा हेक्टेयर में) इस नए स्थान के कारण अधिग्रहण के दायरे में आ रही है? क्या शासन ने अधिग्रहण से पूर्व भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत सामाजिक प्रभाव आकलन का कार्य पूरा कर लिया है? यदि हाँ, तो रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध कराएं। (ख) प्रभावित किसानों को भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत कितनी दर पर मुआवजा दिया जाएगा? अधिग्रहण किए जाने वाले प्रत्येक हेक्टेयर पर अनुमानित कुल मुआवजा राशि कितनी होगी और किसानों को मुआवजे का वास्तविक भुगतान कब तक सुनिश्चित किया जाएगा? (ग) क्या शासन को चाचौड़ा तहसील के ग्राम घाटाखेड़ी के स्थानीय निवासियों में स्थान परिवर्तन और भूमि अधिग्रहण को लेकर व्याप्त तीव्र आक्रोश एवं चल रहे विरोध प्रदर्शनों की जानकारी है? इस स्थिति को नियंत्रित करने और किसानों का विश्वास जीतने के लिए विभाग क्या कार्यवाही करेगा? (घ) क्या शासन विस्थापित होने वाले सभी परिवारों के लिए एक मानवीय एवं व्यापक पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन पैकेज के तहत नया आवासीय प्लॉट, वैकल्पिक आजीविका का साधन और परियोजना में प्रति परिवार एक सदस्य को स्थायी रोज़गार देने की लिखित गारंटी प्रदान करेगा? यदि नहीं, तो क्यों?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
अवैध कॉलोनी घोषित की जाना
[राजस्व]
58. ( क्र. 1865 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 के नियमानुसार भूस्वामी स्वत्व का नाम विलुप्त कर आवेदकगण के नाम दर्ज किया जाता है एवं शासन के नियमानुसार सक्षम अधिकारी के संज्ञान में आने के उपरांत अवैध कालोनियों पर कार्रवाई करता है? (ख) क्या जिला अनुविभाग छतरपुर में 5% से कम एवं अधिक अशिक्षित/अल्प-शिक्षित/गरीब/निर्धन व्यक्ति रहते हैं? यदि हाँ तो क्या उक्त व्यक्तियों को राजस्व विभाग/अवैध कॉलोनियों के समस्त नियमों का ज्ञान/अनुभव होता है? (ग) क्या हल्का-मौजा-बगौता के खसरा नंबर 1111, 1731, 1873 एवं 1874 में वर्ष 1958-59 के उपरांत प्रत्येक भूखण्ड रजिस्टर्ड विक्रय पत्र में रोड प्रदर्शित की गई थी? यदि हाँ तो क्या उक्त रोड का रकबा भूस्वामी स्वत्व के नाम शेष होना चाहिए? यदि नहीं तो क्यों? (घ) यदि हाँ तो क्या उक्त खसरा नंबरों में भूस्वामी स्वत्व के नाम रकबा शेष है, क्या उक्त खसरा-नंबर से सीमा से लगी शासन की भूमि पर भूस्वामी स्वत्व विक्रेता द्वारा क्रेता को कब्जा दिया जाना परिलक्षित होता है, क्या उक्त खसरा-नंबरों में भूस्वामी स्वत्व द्वारा अवैध कॉलोनियों का निर्माण करना परिलक्षित होता है? (ड.) प्रश्नांश (ख) के अनुसार यदि नहीं एवं प्रश्नांश (घ) के अनुसार यदि हाँ तो, क्या भूस्वामी स्वत्व की सीमा से लगी शासन की भूमि पर भूस्वामी स्वत्व विक्रेता द्वारा क्रेता को शासन की भूमि पर कब्जा देता है, अवैध कॉलोनियों में अशिक्षित/अल्प शिक्षित/गरीब/निर्धन व्यक्ति क्रय कर लेता है तो कौन जवाबदेह होगा, क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। संज्ञान में आने पर अवैध कालोनियों पर कार्यवाही की जाती है। (ख) छतरपुर जिले में आमजन को सामान्य प्रचलित नियमों की जानकारी रहती है। (ग) मौजा बगौता के खसरा नंबर 1111, 1731, 1873, 1874 में वर्ष 1958-59 के उपरांत संपादित विकय पत्रों में प्रत्येक प्लॉट की चौहद्दी में रोड अंकित है, रोड का रकबा विक्रेता (भूमि स्वामी) के नाम दर्ज रहता है। विक्रेतागण यदि लिखित में आवेदन देता है कि रोड के रकबे को मेरे स्वत्व के रकबे से घटाकर (हटाकर) म.प्र.शासन दर्ज किया जावे, तो म.प्र.भू-राजस्व संहिता 1959 के तहत निर्धारित नियमों का पालन करते हुए, रोड के रकबें को शासकीय घोषित किया जा सकता है। (घ) जी हाँ। रोड का रकबा विक्रेतागणों के नाम दर्ज है। लेकिन विक्रेतागण (भूमि स्वामी) द्वारा रोड के रकबें को प्लॉट के रूप में विक्रय करके समीप के शासकीय भूमि खसरा नंबर पर कब्जा सौंपने की जानकारी प्राप्त नहीं है। मौजा बगौता के भूमि खसरा नंबर 1111 एवं 1731 के भूमिस्वामियों द्वारा अवैध कालोनी काटकर प्लॉटों को विक्रय किया गया है, जिनमें कॉलोनाइजर एक्ट के तहत कार्यवाही की गई है एवं मौजा बगौता के भूमि खसरा नंबर 1873, 1874 में अवैध कालोनी विकसित नहीं की गई है। इन नंबरों में कालोनाईजर एक्ट के तहत निर्धारित नियमों का पालन करते हुए, ग्रीन एवेन्यू कालोनी विकसित की गई है। (ड.) शासकीय भूमि पर कब्जे की स्थति में मध्यप्रदेश भू – राजस्व संहिता की धारा 248 के अंतर्गत कार्यवाही की जाती है।
परिवहन विभाग की भूमि पर अधिक्रमण
[परिवहन]
59. ( क्र. 1873 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नर्मदापुरम् जिला नर्मदापुरम् में परिवहन विभाग की कितनी भूमि एवं भवन किस क्षेत्र में स्थित है? (ख) प्रश्नांश 'क' में उल्लेखित भूमि एवं भवन पर वर्तमान में कौन-कौन कब से काबिज है? (ग) क्या उक्त भूमि/भवन पर अतिक्रमण है? यदि हाँ तो क्या इसे हटाया जावेगा?
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जिला नर्मदापुरम में परिवहन विभाग को कलेक्टर नर्मदापुरम के आदेश क्रमांक 1369 दिनांक 13.05.2014 द्वारा मौजा किशनपुर की भूमि सर्वे नम्बर 130/1 रकबा 1.011 हेक्टेयर भूमि प्रदाय की गई है। आदेश की प्रति संलग्न परिशिष्ट-अ अनुसार है। नर्मदापुरम में मध्यप्रदेश सड़क परिवहन निगम के स्वामित्व की भूमि रकबा 12668.95 वर्गमीटर सतरस्ता क्षेत्र में स्थित है, जिसमें 20 आवासीय भवन भी निर्मित है। (ख) परिवहन विभाग की भूमि पर वर्तमान में भवन निर्माण उपरांत क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय संचालित हो रहा है। मध्यप्रदेश सड़क परिवहन निगम की भूमि निगम के स्वामित्व में होकर उक्त भूमि पर बस स्टैण्ड संचालित है। आवासीय भवनों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) परिवहन विभाग की भूमि पर कोई अतिक्रमण नहीं है। मध्यप्रदेश सड़क परिवहन निगम के भवनों में अतिक्रमण है। अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जा रही है।
प्राथमिक शिक्षक संवर्ग को क्रमोन्नति का लाभ
[स्कूल शिक्षा]
60. ( क्र. 1886 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में गुरुजी संवर्ग से संविदा शाला शिक्षक पद पर नियुक्ति की तिथि क्या है? (ख) क्या अध्यापक संवर्ग में नियुक्ति के समय संविदा शाला शिक्षक पद के कार्यकाल को गणना में लिया गया है या नहीं, यदि हाँ तो ये तिथियां कौन सी है? (ग) गुरुजी संवर्ग से प्राथमिक शिक्षक संवर्ग में नियुक्त प्राथमिक शिक्षक संवर्ग को प्रथम क्रमोन्नति का लाभ देते समय आवश्यक 12 वर्ष की सेवा की गणना किस तिथि से की जा रही है? (घ) जबलपुर जिले में कार्यरत ऐसे गुरुजी संवर्ग के प्राथमिक शिक्षक संवर्ग को प्रथम क्रमोन्नति किस तिथि से प्रदान की गई है,क्या यह तिथि उनके संविदा शाला शिक्षक नियुक्ति तिथि 17.09.2008, 22.10.2011 तथा 10.02.2014 से अलग किसी अन्य तिथि से की गई है,यदि हाँ तो क्यों? (ङ) तत्संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल द्वारा जारी मार्गदर्शन पत्र दिनांक 13.10.2025 का पालन जबलपुर जिले में करते हुए गुरुजी संवर्ग के प्राथमिक शिक्षक के 12 वर्षीय प्रथम क्रमोन्नति में करते हुए पूर्व के जारी आदेश में संशोधन किया गया। यदि नहीं तो क्यों और यदि किया जाएगा तो कब तक?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) मध्यप्रदेश में गुरुजी संवर्ग से संविदा शाला शिक्षक पद पर नियुक्ति हेतु स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश दिनांक 05.10.09 एवं 18.05.2012 के आधार पर ऐसे गुरुजी जिनके द्वारा पात्रता परीक्षा पास की है, उनकी नियुक्ति दिनांक 17.09.2008 अथवा 22.10.2011 जैसी भी स्थिति हो, से मान्य किये जाने का प्रावधान है। ऐसे गुरुजी जिन्होंने पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की है, उनके लिये शासन आदेश दिनांक 10.02.2014 के अनुसार उनकी संविदा शाला शिक्षक पद पर वास्तविक नियुक्ति दिनांक से नियुक्ति मान्य करने का प्रावधान है। (ख) जी हाँ। शासन से जारी आदेश दिनांक 28.06.07 अनुसार कार्यवाही की जाती हैं। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) उत्तरांश (क) अनुसार। (घ) जी हाँ। त्रुटिपूर्ण आदेश संशोधित कर दिए गए है। (ड.) जी हाँ।
नई आबादी को ग्राम पंचायत की आबादी क्षेत्र में शामिल किया जाना
[राजस्व]
61. ( क्र. 1887 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश के कई ग्रामों में नई आबादियां बन गई हैं लेकिन आबादी क्षेत्र में शामिल न होने के कारण यहाँ के रहवासी शासन की योजनाओं व सुविधाओं से वंचित हैं। विधानसभा बरगी में अब तक ऐसी कितनी ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव कलेक्टर एवं अनुविभागीय अधिकारी के पास कार्यवाही हेतु लंबित हैं? (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित लंबित प्रकरणों का निराकरण कब तक कर दिया जावेगा? (ग) क्या प्रश्नांश (क) वर्णित विषय में शासन द्वारा कोई नई नीति बनाई जा रही है?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जबलपुर जिले में विधानसभा क्षेत्र बरगी के क्षेत्रांतर्गत आबादी क्षेत्र घोषित किये जाने हेतु ग्राम पंचायत बसेडी का एक प्रकरण न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी शहपुरा एवं ग्राम पंचायत पिपरिया का एक प्रकरण न्यायालय अपर कलेक्टर (ग्रामीण) जबलपुर में कार्यवाही हेतु विचाराधीन है। (ख) उक्त लंबित प्रकरणों में यथाशीघ्र निराकरण कर दिया जावेगा। (ग) म.प्र.भू-राजस्व संहिता 1959 यथा संशोधित 018 की धारा 237 एवं 243 में विषयान्तर्गत प्रावधान उपलब्ध है।पृथक से कोई नीति की आवश्यकता प्रतीत नहीं होती है।
बांड डॉक्टरों द्वारा तैनाती स्थान पर सेवा नहीं दिया जाना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
62. ( क्र. 1912 ) श्रीमती ललिता यादव : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में 2022-23, 2023-24, 2024-25, 2025-26 सत्र में बांड डॉक्टरों की सूची नियुक्ति स्थान सहित बताये। (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में इन सभी डॉक्टरों की प्रगति पत्रक, उपस्थिति पंजी, ओपीडी रजिस्टर सहित पृथक-पृथक बताये? (ग) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में ऐसे कितने बांड डॉक्टर हैं, जिनके खिलाफ कार्य क्षेत्र में न आने की शिकायतें मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी छतरपुर को प्राप्त हुई है उनके खिलाफ कब-कब, क्या-क्या कार्यवाही की गई? पृथक-पृथक बतायें?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
नियम विरूद्ध राशि का भुगतान
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
63. ( क्र. 1913 ) श्रीमती ललिता यादव : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में मलेरिया विभाग को वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक कितनी मदों से कितना भुगतान किया गया? वर्षवार मदवार बतायें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) के प्रकाश में मलेरिया विभाग को दिए गए भुगतान की अनुमति शासन से लेने का प्रावधान है या नहीं? अगर हाँ तो प्राप्त की गई अनुमति की प्रति सहित बतायें। (ग) मलेरिया विभाग को उक्त अवधि में अगर भुगतान नियम विरूद्ध किया गया है तो किसके द्वारा पद सहित राशि सहित बतायें और क्या विभाग द्वारा गलत भुगतान किए जाने के लिये दोषियों पर कार्यवाही की गई है? अगर हाँ तो किस प्रकार की अगर नहीं तो क्यों नहीं? जानकारी दें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) जी नहीं, राज्य स्तर से कार्यालय जिला मलेरिया अधिकारी को नियमित बजट अंतर्गत नॉन ग्लोबल गतिविधियों तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यक्रम अंतर्गत गतिविधिवार आवंटन किया जाता है तथा उक्त आवंटन में शासन स्तर से अनुमति प्राप्त किये जाने का प्रावधान नहीं है। नियमित बजट आवंटन हेतु संचालक बजट, संचालनालय लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा से स्वीकृति तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संबंधित बजट आवंटन हेतु मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से स्वीकृति प्राप्त की जाती है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर की चल अचल संपत्ति एवं अन्य आय
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
64. ( क्र. 1942 ) श्री अनिल जैन कालूहेड़ा : क्या राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) महाकाल मंदिर उज्जैन के नाम प्रदेश एवं प्रदेश के बाहर कितनी कृषि भूमि, व्यावसायिक एवं आवासीय भूमि दर्ज है एवं वर्तमान में मंदिर की चल अचल संपत्ति कितनी है? विवरण दे वर्तमान अचल संपत्तियों का किस प्रकार से उपयोग किया जा रहा है एवं किन के द्वारा किया जा रहा है? चल अचल संपत्तियों का भौतिक सत्यापन कब-कब हुआ है? जानकारी दें। (ख) क्या दर्शनार्थियों द्वारा महाकाल मंदिर में दिए जाने वाले दान की पावती दी जाती है? यदि नहीं तो दान के लेखों का संधारण किस प्रकार किया जाता है? वित्त वर्ष 2024-25 में महाकाल मंदिर में विभिन्न मदों से होने वाली आय व मदवार व्यय विवरण प्रदान करें। (ग) क्या महाकाल मंदिर की आय का उपयोग जिला रेडक्रॉस या जिला कलेक्टर के माध्यम से भी किया जाता है अगर हाँ तो गत पांच वर्ष में किए गए व्यय का विवरण दें।
राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
बिजली एवं नल कनेक्शन की व्यवस्था
[पर्यटन]
65. ( क्र. 1943 ) श्री अनिल जैन कालूहेड़ा : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान में उज्जैन शहर में जो होटल बन रही है क्या उन्हें उद्योगों की श्रेणी में लिया गया है? (ख) यदि हाँ तो उन्हें बिजली एवं नल कनेक्शन की सुविधा एवं नर्मदा का पानी उपयोग करने की सुविधा दी जा रही है? (ग) यदि नहीं तो उक्त होटल को उद्योगों की श्रेणी में लिया जाकर बिजली कनेक्शन एवं नल कनेक्शन की सुविधा के साथ-साथ नर्मदा का पानी उपयोग करने संबंधित कुछ योजना है?
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) से (ग) जी नहीं।
शालाओं का उन्नयन एवं विकास कार्य
[स्कूल शिक्षा]
66. ( क्र. 1952 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किये गये है? कार्यों की स्थिति क्या है? वर्तमान में कौन-कौन से कार्य प्रगति पर हैं? संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) आगामी वर्षों में बरगी विधानसभा क्षेत्र में कौन-कौन से कार्य कराये जाने हेतु प्रस्तावित हैं? सूची उपलब्ध करावें। (ग) बरगी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत जनवरी 2024 से प्रश्नांश दिनांक तक किन-किन शालाओं का उन्नयन माध्यमिक शाला/हाई स्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूल में किया गया है? आगामी वर्षों में कौन-कौन सी शालाओं का उन्नयन किया जाना प्रस्तावित है? सूची उपलब्ध करावें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- "1" अनुसार है। (ख) बरगी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आगामी वर्षों में प्रस्तावित प्राथमिक एवं माध्यमिक निर्माण कार्यों की सूची की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- "2" अनुसार है। हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में विद्यार्थी नामांकन के आधार पर आवश्यक अद्योसंरचना निर्माण मांग/ प्रस्ताव एवं बजट की उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) बरगी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक किसी भी प्राथमिक शाला का माध्यमिक शाला में एवं माध्यमिक शाला का हाई स्कूल में उन्नयन नहीं किया गया है। शासकीय हाई स्कूल बरमान (23390610404) का उन्नयन भारत सरकार की पीएमश्री योजनान्तर्गत हायर सेकेण्डरी में उन्नयन किया गया है। वर्तमान में राज्य बजट अंतर्गत शाला उन्नयन की कार्यवाही स्थगित रखी गई है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
बरगी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत विकास कार्य
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
67. ( क्र. 1953 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किये गये है? कार्यों की स्थिति क्या है? वर्तमान में कौन-कौन से कार्य प्रगति पर हैं? संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) बरगी विधानसभा क्षेत्र हेतु आगामी वर्षों में कराये जाने हेतु कौन-कौन से कार्य प्रस्तावित हैं? सूची उपलब्ध करावें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ख) वर्तमान में कोई कार्य योजना प्रस्तावित नहीं है। प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
भेरू डूंगरी को पर्यटन क्षेत्र घोषित किया जाना
[पर्यटन]
68. ( क्र. 2011 ) श्री अरूण भीमावद : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला मुख्यालय शाजापुर में राष्ट्रीय राज्य मार्ग क्रमांक 52 के समीप 999 फीट ऊंची भेरू डूंगरी प्राकृतिक रूप से स्थित है जिस पर प्रति दिवस पर्यटक आते रहते हैं क्या इसको पर्यटन क्षेत्र घोषित किया जा सकता है? (ख) यदि हाँ तो पर्यटन क्षेत्र घोषित होने पर यहां एक रमणीय एवं वनाच्छादित क्षेत्र के रूप में विकसित क्षेत्र होगा पर्यटन क्षेत्र घोषित करने में विभाग की कोई कार्य योजना है? (ग) क्या प्रश्नांश (क) वर्णित स्थान पर प्रतिवर्ष गुरु पूर्णिमा को एक बड़ा मेला आयोजित होता है? इसमें आसपास के क्षेत्र एवं जिलों के दर्शनार्थी आते हैं?
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) विभाग द्वारा जारी नवीन पर्यटन नीति 2025 अंतर्गत किसी स्थल को पर्यटन स्थल घोषित करने का कोई प्रावधान नहीं है। (ख) उत्तरांश 'क' अनुसार। (ग) जी हां।
ग्राम चूना भट्टी स्थित नाले की भूमि का विक्रय
[राजस्व]
69. ( क्र. 2035 ) श्री भगवानदास सबनानी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्राम चूना भट्टी भोपाल स्थित नाला की भूमि का निष्पादित विकय पत्र एवं नामांतरण आदेश शासन हित में निरस्ती के संबंध में कार्यालय कमिश्नर भोपाल संभाग भोपाल में वर्ष 2019 से शिकायत विचाराधीन है? (ख) कलेक्टर जिला भोपाल को स्मरण पत्र क्रमांक 207/शिकायत शाखा/भोपाल/2019-24 दिनांक 08.01.2025 जारी हुआ है तथा म.प्र. शासन राजस्व विभाग भोपाल के अर्द्धशासकीय पत्र कं. 344/2025/173 दिनांक 28.02.2025 एवं पत्र क. 379/2688478/2025/ सात-3 दिनांक 07.03.2025 से कलेक्टर जिला भोपाल को मुख्यमंत्री कार्यालय, मंत्रालय भोपाल के पत्र क्र. 4960/CMS/PUB/2025 दिनांक 07.02. 2025 के अनुक्रम में सूक्ष्म जांच कर प्रतिवेदन विभाग को प्रेषित करने का लेख किया गया है? (ग) यदि हाँ तो क्या प्रश्नांश (क) में उल्लेखित लंबित शिकायत संबंधी पत्रों के अनुक्रम में दोषियों पर कार्यवाही होगी? यदि हाँ तो क्या एवं कब तक?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ, शिकायतकर्ता के द्वारा श्रीमान प्रमुख सचिव महोदय को संबोधित पत्र जो कि तहसीलदार टी.टी.नगर हेतु दिनांक 09/09/2025 को मार्क किया गया हैं, उक्त शिकायती पत्र के आधार पर दिनांक 18/09/2025 को प्रकरण क्रमांक 25/ बी-121/2025-26 नंबर पर दर्ज किया गया हैं जिसमें जांच प्रचलित हैं। (ग) कलेक्टर भोपाल से जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर दोषी पाये जाने पर नियमानुसार मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियंत्रण एवं अपील वर्ष 1966 के प्रावधान अनुसार कार्यवाही की जायेगी।
अतिक्रमण करने वालों पर कार्यवाही
[राजस्व]
70. ( क्र. 2044 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय एवं निजी भूमि पर खसरा क्रमांक-568/2, 569/4, 566 ग्राम बगवाज तहसील सुठालिया जिला राजगढ़ (म.प्र.) अतिक्रमण होने व कब्जा करने की सूचना कलेक्टर राजगढ़ दिनांक 19.08.2025 को दी, संभाग आयुक्त भोपाल संभाग भोपाल को दिनांक 22.08.2025 को सूचना प्रदान की, राजस्व विभाग प्रमुख सचिव महोदय को दिनांक 22.08.2025 को सूचना प्रदान की, मुख्य सचिव म.प्र. शासन को दिनांक 22.08.2025 को सूचना प्रदान करने के उपरांत संबंधित अधिकारियों एवं अधिनस्थ अधिकारियों द्वारा क्या कार्यवाही गई है? (ख) शासकीय एवं निजी भूमि पर खसरा क्रमांक 566 ग्राम बगवाज तहसील सुठालिया जिला राजगढ़ (म.प्र.) पर किया गया अतिक्रमण पर कलेक्टर राजगढ़ (म.प्र.) द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? सम्पूर्ण विवरण सहित की गई प्रक्रिया से अवगत कराये।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिला राजगढ़ की तहसील सुठालिया के ग्राम बगवाज की भूमि सर्वे खसरा क्रमांक-568/2, 569/4, कुल रकबा 0.442 हेक्टयर, भूमि गणपत पिता बक्सू जाति चमार निवासी ग्रमा घूघचिडी के नाम से वर्तमान राजस्व रिकार्ड में दर्ज अभिलेख है। उक्त भूमि पर वर्तमान में किसी भी अन्य व्यक्ति का अवैध कब्जा न होकर भूमि स्वामी ही पुराने समय से काबिज चले आ रहे है। वर्तमान में भी भूमि स्वामी गणपत के विधिक वारिसान के द्वारा राई सरसों की फसल बोकर भूमि पर काबिज है और बगवाज के भूमि खसरा क्रमांक 566 रकबा 0.354 हेक्टयर भूमि शासकीय दर्ज है। जिस पर लगभग 50 वर्षों से भगवान विष्णु व शिव पार्वती व बालाजी महाराज और ग्राम की माताजी का मंदिर स्थित है। उक्त सभी मंदिर ग्राम घुघचिडी के सभी ग्रामवासियों का आस्था का केन्द्र है। वर्तमान में उक्त मंदिर की स्थिति जीर्णशीर्ण होने से सभी ग्रामवासियों की सहमति से जीर्णोद्वार किया जा रहा है। उक्त भूमि पर वर्तमान में किसी भी व्यक्ति का कोई अवैध अतिक्रमण नहीं है। आयुक्त भोपाल संभाग, भोपाल द्वारा आवेदन-पत्र दिनांक 22/08/2025 के संबंध में आवेदन-पत्र की प्रति कलेक्टर राजगढ़ को प्रेषित कर आवेदन-पत्र में उल्लेखित बिन्दुओं पर जांच हेतु लिखा गया है। जांच रिपोर्ट अपेक्षित है। (ख) खसरा क्रमांक- 566 पर कोई अतिक्रमण न होने से किसी प्रकार की कोई कार्यवाही किया जाना विधिसंगत नही है।
राजस्व कर्मचारियों की पदस्थापना एवं प्रकरणों का निराकरण
[राजस्व]
71. ( क्र. 2054 ) श्री कमल मर्सकोले : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला सिवनी के जनजातीय विकासखंडों के अंतर्गत तहसीलों के पटवारी हल्का में पदस्थ पटवारी एक ही हल्के/राजस्व निरीक्षक मंडल में 03 वर्षों से अधिक अवधि से पदस्थ है? यदि हाँ, तो उनकी हल्का एवं तहसीलवार पदस्थापना तिथि सहित जानकारी देवें। क्या उक्त हल्कों/राजस्व निरीक्षक मंडलों में 03 वर्ष/इससे अधिक अवधि से पदस्थ पटवारी को अन्यत्र राजस्व निरीक्षक मंडल/हल्कों में पदस्थ करने हेतु शासन/विभाग कोई प्रावधान है? यदि हाँ, तो इन्हें कब तक अन्यत्र स्थान पदस्थ लिया जावेगा? क्या निर्धारित अवधि से अधिक अवधि तक एक ही हल्के में पदस्थ पटवारी को अन्यत्र पदस्थ करने हेतु शिकायतें प्राप्त होने के उपरांत भी उन्हें नहीं हटाया गया है? यदि हाँ, तो इसका क्या कारण है और उन्हें कब तक हटा दिया जावेगा? (ख) क्या सिवनी जिले में स्थित तहसील/उप तहसील में स्वीकृत तहसील प्रमुखों के स्वीकृत पदों के विरूद्ध पदपूर्ति है? यदि नहीं तो इन स्वीकृत पदों के रिक्त पदों के विरूद्ध कब तक पदों में पदपूर्ति कर दी जावेगी? (ग) क्या सिवनी जिले की विधानसभा बरघाट एवं जनजातीय विकासखंडों के राजस्व कार्यालयों में लंबित प्रकरणों में भूमि बटवारा, नामांतरण, सीमांकन, डायवर्सन एवं रिकार्ड दुरुस्ती संबंधी अत्याधिक अवधि से लंबित है? यदि हाँ तो क्यों? क्या उक्त प्रकरणों में से कौन-कौन से प्रकरण संबंधित हल्के के पटवारी के प्रतिवेदन समय-सीमा में प्राप्त न होने कारण लंबित है? प्रकरण अनुसार जानकारी देवें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। जनजातीय विकासखंडों में कुल 74 पटवारी 03 वर्ष से अधिक अवधि से एक ही हल्का/रा.नि.मं. में पदस्थ हैं। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। ऐसे पटवारियों की शिकायत प्राप्त होने अथवा शासन द्वारा जारी स्थानांतरण नीति के तहत इन्हें अन्यत्र हल्कों/तहसीलों में पदस्थ किये जाने की कार्यवाही की जाती है। तहसील कुरई अंतर्गत एक ही हल्के में 03 वर्ष से अधिक अवधि से पदस्थ 01 पटवारी की शिकायत प्राप्त हुई है जिसकी शिकायत की जांच की जा रही है। शिकायत सही पाई जाने पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। (ख) जी नहीं। सीधी भर्ती के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु मांग पत्र म.प्र. लोक सेवा आयोग इंदौर एवं कर्मचारी चयन मंडल को प्रेषित किया गया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता।
जलाशय का निर्माण कार्य
[जल संसाधन]
72. ( क्र. 2055 ) श्री कमल मर्सकोले : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के जिला सिवनी के विकासखंड बरघाट में निर्मित/निर्माणाधीन कांचना मंडी जलाशय/बांध एवं इसकी बांयी तट व दांयी तट नहर प्रणाली का कार्य शत्-प्रतिशत पूर्ण किया जा चुका है? यदि नहीं तो कब तक पूर्ण किया जावेगा? क्या उक्त कार्य के लिए शासन/विभाग द्वारा निर्धारित राशि से अधिक राशि का भुगतान कार्य पूर्ण किये बिना ही संबंधित निर्माण ठेकेदार को कर दिया गया है? यदि हाँ, तो इसके लिए दोषी अधिकारियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं तो कब तक की जावेगी? (ख) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित जलाशय से वर्तमान में लाभान्वित किसानों को सिंचाई सुविधा अर्थात शत् प्रतिशत पानी उपब्धता ही रहा है? यदि नहीं तो क्या उक्त जलाशय व नहर प्रणाली के शेष निर्मित कार्य इसे प्रभावित कर रहे है? क्या उक्त जलाशय/बांध के निर्माण मद में पर्याप्त राशि की उपलब्धता के बावजूद भी कांचना मंडी जलाशय के शेष कार्य व अतिरिक्त मात्रा के निर्माण कार्य की विभाग से स्वीकृति के अभाव में शेष कार्य के निर्माण में विलंब हो रहा है? यदि हाँ, तो इस बाबत् विभाग द्वारा कब तक स्वीकृति प्रदान कर दी जावेगी? (ग) क्या प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में निर्माणाधीन छिदवाड़ा सिंचाई कॉम्पलेक्स में निर्माण कार्य की अत्यंत धीमी गति एवं निर्माण स्थल पर निर्माण कार्य की उपलब्धता की तुलना में अत्याधिक भुगतान एवं उक्त निर्माण कार्य की पूर्णता अवधि का लगभग 90 प्रतिशत अवधि व्यतीत एवं 40 प्रतिशत राशि व्यय होने के उपरांत भी कार्य की नगण्य प्रगति के संबंध में कोई शिकायत/पत्र स्थानीय जनप्रतिनिधियों/मजदूर संघों द्वारा शासन/विभाग को प्राप्त हुआ है? यदि हाँ तो यह क्या है और इसकी जांच प्रदेश वरिष्ठ प्रशासनिक एवं तकनीकि अधिकारी से कराई जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) क्या प्रदेश के जिला छिंदवाड़ा व सिवनी के अंतर्गत निर्मित/निर्माणाधीन पेंच नहरों का लाईनिंग कार्य में विभाग द्वारा निर्धारित मापदण्डों को नजर अंदाज कर गुणवत्ताहीन नहर लाईनिग कार्य के संबंध में वर्ष 2023 में विभाग को कोई पत्र स्थानीय जन प्रतिनिधियों/मजदूर संघ द्वारा प्राप्त हुए है? यदि हाँ, तो उस पर क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं तो क्यों और कब तक की जावेगी?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण
[राजस्व]
73. ( क्र. 2067 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन मध्यप्रदेश के पत्र क्र. 1712 दिनांक 04-12-2025 द्वारा डिजिटल क्रॉप सर्वे कार्य हेतु स्थानीय युवाओं (सर्वेयर) के पंजीयन किये गये हैं? (ख) यदि हाँ तो विधानसभा क्षेत्र पनागर के ग्रामों में पंजीकृत किये गये युवाओं की जानकारी देवें?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हां। (ख) विधानसभा क्षेत्र पनागर के ग्रामों में 173 स्थानीय युवा पंजीकृत हैं।
शासकीय प्राथमिक शाला मडई का संचालन
[स्कूल शिक्षा]
74. ( क्र. 2068 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय प्राथमिक शाला मडई वार्ड 76 में वर्तमान शैक्षणिक सत्र में कितने छात्र दर्ज हैं? कक्षावार संख्या बतावें। (ख) क्या दर्ज छात्र संख्या के मान से स्कूल संचालन हो रहा है? (ग) यदि हाँ, तो कितने शिक्षक पदस्थ हैं?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) शासकीय प्राथमिक शाला मडई वार्ड 76 में वर्तमान शैक्षणिक सत्र में 20 छात्र दर्ज है। कक्षा 1 में 2, कक्षा 2 में 4, कक्षा 3 में 4, कक्षा 4 में 5 एवं कक्षा 5 में 5 छात्र दर्ज है। (ख) जी हाँ। आरटीई नियम के तहत 1 कि.मी. की दूरी तक अन्य प्राथमिक शाला संचालित नहीं होने के कारण कम दर्ज संख्या होने पर भी शाला संचालित है। (ग) पदस्थ शिक्षकों की संख्या 2 है।
दिव्यांग प्रमाण-पत्र बनवाने के दिशा-निर्देश
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
75. ( क्र. 2092 ) श्री प्रणय प्रभात पांडे : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में दिव्यांग प्रमाण-पत्र बनवाने के क्या नियम दिशा-निर्देश हैं? नियमों की छायाप्रति देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कटनी जिला अंतर्गत विगत दो वर्षों में कहां-कहां के कौन-कौन से हितग्राहियों द्वारा दिव्यांग प्रमाण-पत्र बनवाने हेतु किसी सक्षम अधिकारी के पास कब-कब आवेदन किए गए? आवेदनकर्ता के नाम, पता एवं आवेदन दिनांक की संपूर्ण सूची देवें। (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित आवेदन पत्रों पर किस-किस के द्वारा कब-कब कितने प्रतिशत का दिव्यांगता प्रमाण-पत्र कब बनाया गया एवं किन-किन के आवेदन किन कारणों से निरस्त किए गए संपूर्ण सूची देवें। (घ) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित निरस्त किए गये आवेदनों एवं दिव्यांग प्रमाण-पत्र में दिव्यांगता का प्रतिशत संबंधी भेदभाव की कितनी शिकायतें कटनी जिले में विभाग स्तर एवं सीएम हेल्पलाइन पर कब-कब प्राप्त हुई तथा उन पर किसके द्वारा क्या कार्रवाई की गई? बतलावें संपूर्ण सूची देवें एवं यह भी बतलावें कि क्या शासन में जारी दिव्यांग प्रमाण-पत्रों की पुनः जांच कर दोषियों पर कार्यवाही करेगा, उत्तर में यदि हाँ तो किस प्रकार से कब तक यदि नहीं तो क्यों नहीं बतलावें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 एवं दिव्यांगजन अधिकार नियम 2017 के प्रावधान अनुसार दिव्यांग प्रमाण-पत्र जारी किये जाने संबंधी निर्देश है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''अ'' अनुसार। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''ब'' अनुसार। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार। दिव्यांग प्रमाण-पत्र शासन द्वारा अधिसूचित नियमों के अन्तर्गत विहित प्रक्रिया के अनुसार स्थानीय स्तर पर जारी किये जाते है। प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
किसान सम्मान निधि प्रदाय किया जाना
[राजस्व]
76. ( क्र. 2093 ) श्री चन्दरसिंह सिसौदिया : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गरोठ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुल कितने किसानों को किसान सम्मान निधि प्रदाय की जा रही है? तहसीलवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) पिछले दो वर्षों से ऐसे कितने किसान हैं, जिनको पूर्व में किसान सम्मान निधि मिल रही थी, परंतु वर्तमान में नहीं मिल रही हैं? किन कारणों से किसान सम्मान निधि बंद कर दी गई है? (ग) ऐसे पात्र किसान जिनकी सम्मान निधि रोक रखी है, इनको कब तक जारी कर दी जाएगी? (घ) ऐसे पात्र किसान जो शासन द्वारा निर्धारित मापदंड पूर्ण करते हैं, परंतु तकनीकी कारणों से उन्हे इस योजना का लाभ नही मिल रहा है, क्या विभाग ऐसे हितग्राहीयों का परीक्षण कर लाभ प्रदाय करेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) भारत सरकार द्वारा चिन्हित 4,28,958 सस्पैक्टेड हितग्राही सत्यापन हेतु जिलों को उपलब्ध कराई गई है। सस्पैक्टेड हितग्राही चिन्हांकन निम्न बिन्दु के आधार पर किया गया है :- Husband & wife taking benefits, Invalid Previous Landowner Details, Mutation reason not inheritance, Both Previous & Current landowner, Minors and other family members (ग) हितग्राहियों द्वारा पीएम किसान पोर्टल के माध्यम से जानकारी उपलबध कराने एवं सत्यापन उपरांत पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ प्राप्त होता है। (घ) पीएम किसान योजना हेतु नियत अनिवार्य कार्यवाही पूर्ण करने पर पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ प्राप्त होता है।
जलाशय एवं तालाबों की मरम्मत
[जल संसाधन]
77. ( क्र. 2098 ) श्री चन्दरसिंह सिसौदिया : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गरोठ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत शासन द्वारा पिछले दो वर्षों में कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किए जाकर वर्तमान में इन कार्यों की स्थिति क्या है? संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विभाग के कुल कितने जलाशय/तालाब निर्मित है? वर्तमान में इनकी क्या स्थिति है? पूर्व से निर्मित जलाशय/तालाब में वर्षाकाल से पूर्व कोई मरम्मत कराई जाना आवश्यक है? यदि हाँ, तो कहां-कहां इनके मरम्मत प्रस्ताव शासन को प्रेषित किये हैं? सूची उपलब्ध करावें। (ग) वर्तमान में विभाग द्वारा कौन-कौन सी योजना पर कार्य किया जा रहा हैं? किस एजेंसी के माध्यम से कार्य किया जा रहे हैं? संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) 02 योजनाओं ढाबा बैराज एवं समेली बैराज की स्वीकृति प्रदान की गई, जिनके कार्य पूर्ण हो चुके है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।
मुक्तिधाम हेतु भूमि आवंटन
[राजस्व]
78. ( क्र. 2099 ) श्री चन्दरसिंह सिसौदिया : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गरोठ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कितने ग्राम में मुक्तिधाम हेतु भूमि आवंटित की गई है? सर्वे नंबर एवं रकबा सहित ग्रामवार सूची उपलब्ध करावें। (ख) ऐसे कितने ग्राम है जहां मुक्तीधाम हेतु भूमि आरक्षित नहीं है? यदि नहीं, तो क्या विभाग इनकी भूमि आरक्षित करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) गरोठ विधानसभा क्षेत्र के 141 ग्रामों में मुक्तिधाम हेतु भूमि आवंटित है। जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) वर्तमान में 100 ग्रामों में मुक्तिधाम हेतु पृथक से भूमि आरक्षित नहीं है, किन्तु इन ग्रामों में निजी/शासकीय भूमि का उपयोग मुक्तिधाम के रूप में परम्परागत हो रहा है। उपरोक्त ग्रामों के संबंध में स्थानीय निकाय से प्रस्ताव प्राप्त होने पर कार्यवाही की जावेगी। वर्तमान में ग्राम खडावदा में मुक्तिधाम हेतु भूमि आरक्षण का प्रकरण दिनांक 19.01.2026 को प्राप्त हुआ है जिसमें भूमि आरक्षित संबंधी कार्यवाही प्रचलित है।
स्वामित्व योजनांतर्गत सर्वे का कार्य
[राजस्व]
79. ( क्र. 2100 ) श्री चन्दरसिंह सिसौदिया : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्वामित्व योजना अंतर्गत विधानसभा गरोठ के कितने ग्रामों का सर्वेक्षण हो चुका है? सूची उपलब्ध करावें। (ख) कितने ग्राम सर्वेक्षण से शेष है? सूची उपलब्ध करावें। जिन ग्रामों में सर्वेक्षण हो चुका है। उनमें कितने हितग्राहियों को स्वामित्व अभिलेख प्रदान किये गए हैं? कितने हितग्राहियों को अभिलेख दिया जाना शेष है? (ग) क्या ग्रामों में ऐसी बसाहट है, जो सर्वेक्षण से वंचित है? यदि हाँ, तो क्या इन ग्रामों में सर्वेक्षण कराकर इन्हें भी लाभान्वित किया जाएगा? यदि हाँ तो कब तक?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) स्वामित्व योजना अंतर्गत विधान सभा गरोठ में 224 ग्रामों का सर्वेक्षण पूर्ण हो चुका है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ख) विधान सभा गरोठ के कुल 06 ग्रामों में सर्वेक्षण शेष है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार। कुल 224 ग्रामों के 66645 हितग्राहियों को स्वामित्व अधिकार अभिलेख प्रदान किये जा चुके है। (ग) सर्वेक्षण से वंचित ग्रामीण बसाहटों में सर्वे कार्य के संबंध में जानकारी जिलों से जानकारी एकत्रित की जा रही है।
मछुआ कल्याण योजना का क्रियान्वयन
[मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास]
80. ( क्र. 2101 ) श्री चन्दरसिंह सिसौदिया : क्या राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मछुआ कल्याण में मत्स्य विभाग द्वारा कौन-कौन सी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है? गरोठ विधानसभा क्षेत्र के गांधीसागर बांध पंचायत क्षेत्र अंतर्गत कुल कितने मछुआरे निवासरत हैं? इन परिवारों को पिछले 5 वर्षों में विभाग द्वारा क्या-क्या सुविधा प्रदान की? सूची उपलब्ध करावें। (ख) गांधीसागर बांध क्षेत्र में जो मछुआरे मत्स्य कार्य में संलग्न हैं, इन्हें शासन द्वारा संचालित मूलभूत सुविधा आवास, बस्ती विकास, मछुआ कल्याण, बीमा योजना का लाभ शासन द्वारा दिया जा रहा है? यदि हां, तो कब से?
राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास ( श्री नारायण सिंह पंवार ) : (क) विभाग अंतर्गत गरोठ विधान सभा क्षेत्र का गांधी सागर बांध म.प्र. मत्स्य महासंघ के अधीन है। पंचायत क्षेत्रान्तर्गत कुल 07 समितियां एवं 784 मछुआ निवासरत है। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) वर्तमान में मत्स्य महासंघ द्वारा आवास योजना संचालित नहीं की जा रही है। मछुआ के कल्याण हेतु प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत मछुआरों को समूह दुर्घटना बीमा योजना से बीमित किया जा रहा है। योजना का संचालन वर्ष 2020 से किया जा रहा है।
खाद्य सामग्री में मिलावट
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
81. ( क्र. 2116 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या रतलाम जिला अंतर्गत समय-समय पर उपभोक्ताओं से खाद्य सामग्री के मिलावटी एवं गुणवताविहीन होने के साथ ही सामग्री कम तौले जाने की शिकायतें प्राप्त हुई है। (ख) वर्ष 2022-23 से लेकर प्रश्न दिनांक तक उपरोक्त प्रश्नांश (क) अंतर्गत उल्लेखित शिकायते प्राप्त होने पर किस-किस प्रकार की किन-किन स्थानों पर एवं किन संस्थान/फर्मों/दुकानों पर कार्यवाही की गई? (ग) रतलाम जिले की ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र की खाद्यान्न सामग्रियों की शुद्धता एवं सही तौल किये जाने हेतु किन-किन स्थानों पर कितने केंद्र/कार्यालय होकर उनके माध्यम से कार्य किये जाने हेतु कौन-कौन सक्षम अधिकारी कार्यरत है तथा स्वयं की क्षेत्रीय दायित्व हेतु उनके द्वारा किस-किस वर्ष में किस-किस प्रकार की कार्यवाही की गई? वर्षवार जानकारी दें। (घ) ईलेक्ट्रानिक एवं मशीन तौल कांटे के साथ ही क्या विभिन्न किलोग्राम वाले बाट इत्यादि की जांच हेतु भी एवं मिलावटी खाद्य सामग्री की जाँच हेतु भी कार्यवाहियां की जा रही तो किन-किन संस्थानों/फर्मों/दुकानों/गोदामों इत्यादि पर किस सक्षम अधिकारियों के द्वारा कब-कब क्या कार्यवाही गई? स्थानवार, फर्मवार, दिनांकवार की गई कार्यवाही से अवगत करेंl
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ग) 1. कार्यालय एवं कार्यरत की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। 2. वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार। (घ) मिलावटी खाद्य सामग्री आदि की जांच हेतु विभिन्न संस्थानों/फर्मों/दुकानों/ गोदामों इत्यादि जांच हेतु की गई कार्यवाही की वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार।
उत्पीड़न आवेदनों पर कार्यवाही
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
82. ( क्र. 2135 ) श्री जगन्नाथ सिंह रघुवंशी : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला अस्पताल अशोकनगर में पदस्थ एक महिला नर्सिंग'-ऑफिसर द्वारा सिविल सर्जन के विरुद्ध अपमान, कार्यालय में बुलाकर डराने-धमकाने, चिकित्सकीय-प्रमाणों को अपमानजनक ढंग से खारिज करने, एप्रन उतरवाने जैसी अमर्यादित घटना तथा निरंतर मानसिक प्रताड़ना के संबंध में लिखित शिकायत जिला कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत की गई है, जो वर्तमान में मध्यप्रदेश राज्य-महिला-आयोग के समक्ष भी लंबित है? (ख) क्या शिकायत के पश्चात अन्य नर्सिंग-ऑफिसर एवं मेट्रन की उपस्थिति में संबंधित पीडि़त महिला-कर्मचारी पर दबाव बनाया गया, जिससे मामले को दबाने का प्रयास हुआ जिससे महिला कर्मचारियों के लिए भय एवं असुरक्षा का वातावरण निर्मित हुआ? (ग) क्या संपूर्ण प्रकरण कार्यस्थल पर महिला-सुरक्षा से संबंधित नियमों, सेवा, आचरण, नियमों के विरुद्ध है? यदि हाँ, तो अब तक संबंधित सिविल-सर्जन एवं अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई? (घ) सिविल सर्जन के विरुद्ध पूर्व में शराब-सेवन कर शासकीय-वाहन से दुर्घटना कारित करने पर FIR दर्ज होने के बावजूद उन्हें सिविल-सर्जन जैसे संवेदनशील पद पर बनाए रखने के पीछे किस स्तर का सरंक्षण प्राप्त है? क्या जांच प्रभावित न हो इसलिए संबंधित अधिकारी को तत्काल सिविल सर्जन के पद से हटाने का निर्णय लिया जाएगा? यदि हां, तो कब तक?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ, जिला कलेक्टर, अशोकनगर को शिकायत प्राप्त हुई है, मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग के समक्ष तत्संबंधी शिकायत की जानकारी उपलब्ध नहीं है। (ख) जी नहीं। (ग) उत्तरांश (क) अनुसार जांच संबंधी कार्यवाही प्रचलन में है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) वाहन से दुर्घटना संबंधी प्रकरण में सिविल सर्जन अशोकनगर को माननीय न्यायालय, जिला अशोक नगर द्वारा दोष मुक्त किया गया है। प्रश्नांश (क) संबंधी शिकायत की जांच, अशोकनगर जिला आंतरिक परिवाद समिति के समक्ष प्रचलन में है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
पीला मोजक के कारण फसल नष्ट होना
[राजस्व]
83. ( क्र. 2202 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत दिनों पीला मोजक के कारण फसल खराब होने पर सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में कुल कितने किसानों हेतु कुल कितनी मुआवजा राशि स्वीकृत हुई है? (ख) विगत दिनों सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में पीला मोजक के कारण फसल नुकसान होने पर शासन की ओर से जो मुआवजा राशि स्वीकृत की गई है प्रत्येक गांव के किसानों की संख्या एवं उस गांव में दी गई कुल राशि की ग्रामवार जानकारी देवें? (ग) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में दस्तावेजों की कमी एवं पारिवारिक असहमति के कारण कुल कितने पात्र हितग्राही वंचित रह गए हैं? (घ) निराकरण कर उपरोक्त वंचित पात्र हितग्राहियों को राशि का वितरण कब तक किया जाएगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) पीला मोजक के कारण फसल खराब होने पर सुवासरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 305 ग्रामों के 104520 प्रभावित कृषकों को राहत राशि 70,95,20,783/- रूपये स्वीकृत हुई है। (ख) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में पीला मोजक के कारण फसल नुकसान होने पर राहत राशि स्वीकृत की गई। ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में दस्तावेजों के अभाव एवं पारिवारिक असहमति के कारण कुल 18,143 प्रभावित कृषक राहत राशि वितरण से शेष है। (घ) शेष प्रभावित कृषकों के दस्तावेज प्राप्त होते ही राशि का वितरण किया जा रहा है।
पदों की पूर्ति हेतु आउटसोर्स कम्पनी के टेण्डर
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
84. ( क्र. 2230 ) श्री मोहन शर्मा : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भोपाल संभाग अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न पदों (नर्स, वार्डवाय, लैब टेक्निशियन, डाटा एंट्री ऑपरेटर, वाहन चालाक, सिक्योरिटी गार्ड) पर कर्मचारियों की नियुक्ति आउटसोर्स से कम्पनियों के माध्यम से की जा रही है? यदि हाँ, तो विगत 03 वर्षों में कितनी आउटसोर्स कम्पनियों को टेण्डर प्रदान किये गये हैं? उनके नाम एवं अनुबंध अवधि बताएं। (ख) आउटसोर्स कम्पनियों के चयन हेतु जारी टेण्डर में क्या-क्या आवश्यक शर्ते एवं मापदण्ड निर्धारित किये गये थे? कृपया तकनीकी योग्यता वित्तीय क्षमता एवं अनुभव संबंधी शर्तों का विवरण प्रदान करें। (ग) क्या चयनित आउटसोर्स कम्पनियों द्वारा टेण्डर की सभी शर्त एवं मापदण्डों का पूर्णतः पालन किया गया है? यदि नहीं तो जिन कम्पनियों द्वारा मापदण्ड/शर्ते का पालन नहीं किया गया उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? (घ) क्या विभाग द्वारा यह जांच की गई है कि आउटसोर्स कम्पनियॉ कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन, ई.पी.एफ., ई.एस.आई. एवं अन्य वैधानिक लाभ प्रदान कर रही है या नहीं यदि हाँ तो जांच उपरान्त किन-किन कम्पनियो पर क्या-क्या कार्यवाही की गई हैं? बताएं। (ड.) क्या आउटसोर्स कर्मचारियों से किसी प्रकार की फीस लेना टेण्डर शर्तों एवं श्रम कानूनों के विरूद्ध है? यदि हाँ, तो ऐसी कम्पनियों के विरूद्ध अब तक क्या कार्यवाही की गई हैं?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ, आउटसोर्स एजेंसियों के माध्यम से वार्ड बॉय, लैब टेक्निशियन, डाटा एंट्री ऑपरेटर, वाहन चालक, सिक्योरिटी गार्ड की सेवाएं ली जाती है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ख'' अनुसार। (ग) जी हाँ, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ, आउटसोर्स कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन, ई.पी.एफ., ई.एस.आई. एवं अन्य वैधानिक लाभ प्रदान किए जा रहे है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) जी हाँ, आउटसोर्स कर्मचारियों से किसी प्रकार की फीस लेना टेण्डर शर्तों एवं श्रम कानूनो के विरूद्ध है इस संबंध में शिकायत अप्राप्त है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सामग्री आपूर्ति व टेण्डर प्रक्रिया
[स्कूल शिक्षा]
85. ( क्र. 2231 ) श्री मोहन शर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय विद्यालय हेतु सामग्री (जैसे पाठय पुस्तके, स्टेशनरी, फर्नीचर, खेल सामग्री, प्रयोगशाला सामग्री, आईटी/डिजिटल सामग्री) की आपूर्ति की जाती हैं? यदि हाँ, तो सामग्री की श्रेणीवार सूची उपलब्ध करावें। (ख) उक्त सामग्री की आपूर्ति किस माध्यम से की जाती है? राज्य स्तर, जिला स्तर, विकासखण्ड स्तर जानकारी दें। (ग) राजगढ़ जिले में वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में सामग्री आपूर्ति हेतु निविदा जारी करने की प्रक्रिया क्या रही टेण्डर की प्रक्रिया, पात्रता, चयन मापदण्ड सहित बताएं? (घ) जिला राजगढ़ में वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक की अवधि में शिक्षा विभाग अंतर्गत सामग्री आपूर्ति हेतु किन-किन एजेन्सियों को टेण्डर प्रदान किये गये थे? एजेन्सियों के नाम, पता, टेण्डर दिनांक, कार्यावधि सहित बताएं। (ड.) जिला राजगढ़ द्वारा वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक की अवधि तक संबंधित फर्मो से क्या-क्या सामग्री की आपूर्ति की गई एवं सामग्री आपूर्ति के विरूद्ध कुल कितनी राशि का भगुतान किस दर से किया गया? वर्षवार, फर्मवार, भुगतान का विवरण दें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) एवं (ख) शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं हेतु विभाग द्वारा कक्षा 1 से 8 तक शासकीय विद्यालयों के लिए पाठ्य पुस्तकें एवं फर्नीचर की आपूर्ति की जाती है। स्टेशनरी, खेल सामग्री विद्यालय स्तर से एवं डिजिटल सामग्री जिला स्तर से क्रय की जाती है। शासकीय हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूलों के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ग) शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं हेतु पाठ्य पुस्तक एवं फर्नीचर हेतु जिला विशेष के लिए टेण्डर नहीं किया जाता है। अपितु आईटी/डिजिटल सामग्री की आपूर्ति जिला स्तर से जेम पोर्टल के माध्यम से जिला स्तरीय समिति द्वारा निविदा प्रक्रिया की गई। मापदण्ड/पात्रता/शासकीय हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूलों संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'02' अनुसार है। (घ) एवं (ड.) शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'03' अनुसार है। शासकीय हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूलों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'04' अनुसार है।
आउटसोर्स कम्पनी का टेण्डर
[स्कूल शिक्षा]
86. ( क्र. 2233 ) श्री मोहन शर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग में विभिन्न पदों (डाटा एंट्री/कम्प्यूटर ऑपरेटर/सिक्योरिटी गार्ड, सफाई कर्मी,) पर कर्मचारियों की नियुक्ति आउटसोर्स से कम्पनियों के माध्यम से की जा रही है? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो विगत 03 वर्षों में जिला राजगढ़ अंतर्गत शिक्षा विभाग में कितनी आउटसोर्स कम्पनियो को टेण्डर प्रदान किये गये है? उनके नाम, अनुबंध अवधि एवं जिलेवार/ संस्थानवार विवरण बताएं। (ग) क्या विभाग द्वारा यह सुनिश्चित करने हेतु जांच कराई गई है कि आउटसोर्स कम्पनियां कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन, ई.पी.एफ., ई.एस.आई. एवं अन्य वैधानिक लाभ प्रदान कर रही है या नहीं यदि हाँ, तो जांच उपरान्त किन-किन कम्पनियों पर क्या-क्या कार्यवाही की गई हैं? बताएं। (घ) आउटसोर्स कम्पनियों के चयन हेतु जारी टेण्डर में क्या-क्या आवश्यक शर्ते एवं मापदण्ड निर्धारित किये गये थे? तकनीकी योग्यता वित्तीय क्षमता एवं अनुभव संबंधी शर्तों के विवरण सहित जानकारी दें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) विभाग अंतर्गत प्रश्नांकित सेवाएं आउटसोर्स से सेडमेप के माध्यम से आवश्यकतानुसार ली जाती है। (ख) म.प्र. भण्डार, क्रय तथा सेवा उपार्जन नियम, 2015 (यथासंशोधित 2022) के अनुक्रम में उत्तरांश (क) अनुसार सेडमेप के माध्यम से सेवाएं ली जाती है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रदाय सेवाओं की एवज में नियमानुसार लाभ प्रदाय व देयताएं सेडमेप के माध्यम से प्रदान की जाती है। अत शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश (ख) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
ग्राम पंचायतों में सिंचाई के पानी की समस्या
[जल संसाधन]
87. ( क्र. 2239 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता ने माननीय मुख्यमंत्री, माननीय जल संसाधन मंत्री एवं जल संसाधन विभाग के किस-किस सक्षम अधिकारी को पत्र लिखकर मनावर विधानसभा क्षेत्र के किन 13 ग्राम पंचायतों में बैराज निर्माण कार्य स्वीकृति की मांग की? प्रश्नकर्ता के पत्रों पर प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? (ख) सिंचाई की पानी की समस्या से जूझते मनावर विधानसभा क्षेत्र के उमरबन एवं मनावर विकासखण्ड के ग्राम पंचायतों के लिए शासन के पास क्या योजना है? कब तक उन योजनाओं का क्रियान्वयन होगा, समय-सीमा सहित बतावें? यदि कोई योजना नहीं है तो कारण बतावें। (ग) बलराम तालाब योजना के तहत मनावर विधानसभा क्षेत्र के किस-किस वर्ग के कितने किसानों ने आवेदन किया, किन-किन किसानों को योजना के तहत कितनी-कितनी राशि दी गई, किन कारणों से किन-किन किसानों को राशि नहीं दी गई, किन-किन किसानों को भुगतान किया जाना लंबित है, कब तक भुगतान कर दिया जाएगा? (घ) मनावर विधानसभा क्षेत्र के कितनी भूमि विगत 05 वर्षों में असिंचित रही, सिंचाई रकबा क्षेत्र, कृषक संख्या सहित वर्षवार बतावें। किन-किन ग्राम पंचायतों के कितने क्षेत्र में सिंचाई के पानी की समस्या है, विगत 05 वर्षों में कितने क्षेत्र में जल उपलब्ध हुआ? वर्षवार, सिंचाई रकबा क्षेत्र, कृषक संख्या (लाभान्वित) सहित बतावें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हां। प्रस्तावित स्थलों का निरीक्षण करने पर 11 योजनाएं तकनीकी मापदण्ड से असाध्य पाई गई तथा 02 योजना साध्य पायी गई, जिसमें 01 योजना का डीपीआर विभागीय स्तर पर परीक्षणाधीन एवं शेष योजना विचाराधीन नहीं है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं ब अनुसार है। (ग) किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग से प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।
किसान सम्मान निधि योजना का क्रियान्वयन
[राजस्व]
88. ( क्र. 2248 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रतलाम के सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत किसान कल्याण विभाग द्वारा संचालित राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार द्वारा किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक ग्रामवार लाभार्थी किसानों की संख्या क्या है? उपरोक्त योजना के अंतर्गत पृथक-पृथक गांववार एवं वर्षवार जानकारी बतावें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित लाभार्थी किसानों को वितरित कुल राशि आदि जानकारी पृथक-पृथक वर्षवार अनुसार बतावें। (ग) क्या सैलाना विधानसभा क्षेत्र में ऐसे पात्र किसान हैं जिन्हें किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं मिला है? यदि हाँ, तो ऐसे किसानों की ग्रामवार संख्या क्या है और उन्हें लाभ दिलाने हेतु क्या कार्यवाही की जा रही है? क्या अपात्र व्यक्तियों को योजना का लाभ दिए जाने अथवा पात्र किसानों को वंचित रखने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं? यदि हाँ, तो की गई जांच एवं संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध की गई कार्यवाही की जानकारी पृथक-पृथक वर्षवार अनुसार बतावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिला रतलाम के सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार द्वारा किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत लाभार्थियों की संख्या 35351 है। पीएम किसान पोर्टल https://pmkisan.gov.in पर हितग्राहियों की सूची उपलब्ध है। (ख) पीएम किसान पोर्टल पर विधानसभावार राशि वितरण की रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है। (ग) सैलाना विधानसभा क्षेत्र में 1073 हितग्राहियों द्वारा ई-केवायसी एवं 891 हितग्राहियों द्वारा आधार बैंक खाता लिंक की कार्यवाही पूर्ण की जाना अपेक्षित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। पी.एम. किसान योजना हेतु अनिवार्य कार्यवाही पूर्ण करने के लिये हितग्राहियों को अवगत कराया गया है एवं समय-समय पर विशेष अभियान एवं कैम्प भी आयोजित किए गए हैं। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
आयुष्मान भारत योजनांतर्गत म.प्र. में दर्ज अस्पतालों की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
89. ( क्र. 2295 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत आयुष्मान कार्डधारी हितग्राहियों को म.प्र. एवं म.प्र. के बाहर चिकित्सा योजना का लाभ मिलता है? (ख) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित योजना हेतु म.प्र. में निजी चिकित्सालयों में भी नि:शुल्क ईलाज की सुविधा उपलब्ध है? (ग) क्या उक्त योजना में दर्ज निजी चिकित्सालयों में आये दिन फर्जीवाड़े की शिकायतें समाचार पत्रों में प्रकाशित होती रहती है? जिसमें बीमारी न होने पर भी संबंधीजन को उस बीमारी का ईलाज कर भुगतान करना दिखाया जाता है? (घ) प्रश्नांश (क), (ख), (ग) में वर्णित योजना का लाभ प्रदान किये जाने हेतु टीकमगढ़ जिले में 2018 से आज तक किन-किन निजी चिकित्सालयों में नि:शुल्क ईलाज हुआ है। उनमें लाभार्थी मरीजों के नाम/बीमारी का नाम/पता/चिकित्सीय व्यय/मरीज का मोबाईल नं. जानकारी उपलब्ध करावें। यदि नहीं तो क्यों?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। मध्यप्रदेश एवं मध्यप्रदेश के बाहर आयुष्मान योजनांतर्गत संबद्ध चिकित्सालयों में योजना का लाभ मिलता है। (ख) जी हाँ। मध्यप्रदेश में योजनांतर्गत संबद्ध चिकित्सालयों में नि:शुल्क उपचार/ईलाज की सुविधा उपलब्ध है। (ग) जी नहीं। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। लाभार्थी मरीजों का नाम, बीमारी का नाम, पता एवं मोबाईल नंबर की जानकारी व्यक्तिगत होने के कारण दी जाना संभव नही है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार।।
शासकीय भूमि का नियम विरूद्ध विक्रय किया जाना
[राजस्व]
90. ( क्र. 2307 ) श्री केशव देसाई [श्री पंकज उपाध्याय] : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भिण्ड जिले की तहसील लहार के मौजा गांगेपुरा के आराजी नं. 1782 रकबा 0.52 हेक्टेयर को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लहार द्वारा प्र. क्र. 41/2022-12बी 121 दिनांक 26.09.2012 से पट्टा निरस्त कर शासकीय भूमि घोषित की गई थी एवं आयुक्त चम्बल संभाग के प्र.क्र. 47/2014-15 निगरानी आदेश दिनांक 19.02.2025 द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लहार के उक्त आदेश को सही मानते हुए यथावत रखा गया था? (ख) यदि हाँ, तो क्या उक्त शासकीय भूमि को राजस्व विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों की मिलीभगत से श्रीमती मूर्ति देवी पत्नि विजयराम द्वारा श्रीमती कमलादेवी पत्नि श्री लाखनसिंह यादव को नियम विरूद्ध विक्रय कर दी गई? (ग) क्या तहसील लहार के मौजा रूर जगदीशपुरा की शासकीय भूमि आराजी सर्वे नं. 422 रकबा 0.724 हेक्टेयर का श्री मनीराम दोहरे आत्मज श्री तिजू दोहरे निवासी दवोह जिला भिण्ड को पट्टा व्यवस्थापन पर विक्रय से प्रतिबंधित एवं भूमि स्वामित्व परिवर्तित न होने की शर्त पर दी गई थी? (घ) यदि हाँ तो क्या उक्त शासकीय भूमि को भी राजस्व विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों की मिलीभगत से श्री जगमोहन पुत्र बलीराम आदि के द्वारा श्रीमती कमलादेवी पत्नि श्री लाखनसिंह यादव को नियम विरूद्ध विक्रय कर दी गई? (ड.) उक्त प्रश्नांश (क) एवं (ग) में उल्लेखित शासकीय भूमि को अहस्तांतरणीय एवं विक्रय से प्रतिबंधित होने के बाद भी नियम विरूद्ध विक्रय किए जाने के संबंध में वर्ष 2024-25 में कब-कब एवं किस-किस के द्वारा शिकायतें तहसीलदार लहार, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लहार, कलेक्टर भिण्ड एवं आयुक्त चंबल संभाग को की गई? (च) उक्त शिकायतों की जांच कब-कब, किस-किस अधिकारी से कराई गई एवं जांचोपरांत क्या नियम विरूद्ध विक्रय की गई भूमियों की रजिस्ट्री शून्य घोषित की जाकर जिम्मेदार अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध क्या कार्रवाई की गई? यदि नहीं तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हां, न्यायालय का प्रकरण क्रमांक 41/20211-12/बी-121 में पारित आदेश दिनांक 26.09.2012 के विरुद्ध आयुक्त महोदय चंबल संभाग मुरैना के न्यायालय में प्रकरण दायर किया गया जिसका क्रमांक 24/2014-15/निगरानी में पारित आदेश दिनांक 19.02.2015 है व्यथित पक्षकार द्वारा माननीय राजस्व मण्डल के न्यायालय में अपील की गयी जिसमें इस न्यायालय का प्रकरण क्रमांक 41/2011-12/बी-121 को राजस्व मंडल में प्रचलित प्रकरण क्र. R784 - 11/2015 में भेजा जा चुका है। जो आज दिनांक तक प्राप्त नहीं हुआ है। तत्समय इस न्यायालय द्वारा पारित आदेश का अमल नहीं हो सका। राजस्व मंडल से प्राप्त आदेश/ निर्देशानुसार आगामी कार्यवाही की जावेगी। (ख) जी हां, किन्तु प्रकरण माननीय राजस्व मंडल ग्वालियर में प्रचलित होने से निर्णित उपरांत दिशा-निर्देशानुसार कार्यवाही की जावेगी। (ग) जी हां,, मौजा रूर जगदीशपुरा के बंदोवस्त पूर्व आराजी सर्वे नं. 195/2 रकवा 0.724 हेक्टे. था जिसका बाद बंदोवस्त आराजी सर्वे क्र.422 रकवा 0.724 हेक्टे. है, उक्त भूमि का श्री मनीराम दोहरे पुत्र तिजू दोहरे निवासी दबोह को पट्टा व्यवस्थापन विक्रय से प्रतिबंधित तथा भूमिस्वामित्व परिवर्तन न होने की शर्त पर दिया गया था जो राजस्व अभिलेख में दर्ज था। परन्तु खसरा वर्ष 2014-15 लगायत 2023-24 तक सर्वे क्र. 422 रकवा 0.724 हेक्टे. के खसरा में विक्रय से प्रतिबंधित अंकित नहीं है। (घ) जी हां, वर्तमान राजस्व अभिलेख में विक्रय से प्रतिबंधित न होने से जगमोहन द्वारा श्रीमती कमलादेवी को विक्रय कर दी है, किन्तु उक्त के संबंध में प्रकरण माननीय राजस्व मंडल ग्वालियर में प्रचलित होने से निर्णित उपरांत दिशा-निर्देशानुसार कार्यवाही की जावेगी। (ड.) श्री दिलीपसिंह परिहार पुत्र झुण्डन निवासी ग्राम संसीगढ़ थाना दबोह द्वारा दिनांक 13.05.2025 को कलेक्टर भिण्ड को शिकायती आवेदन दिनांक 27.07.2025 में प्राप्त हुआ, नायब तहसीलदार आलमपुर को जाँच हेतु निर्देशित किया गया। (च) शिकायत की जांच नायब तहसीलदार आलमपुर के द्वारा की जा रही है 15 दिवस में तथ्यात्मक जाँच उपरांत अग्रिम कार्यवाही की जावेगी।
इंदौर जिले में स्वीकृत चिकित्सीय पदों की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
91. ( क्र. 2326 ) श्री मनोज निर्भय सिंह पटेल : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इन्दौर जिले के अन्तर्गत कितने शासकीय चिकित्सालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और उप स्वास्थ्य केन्द्र है? सूची उपलब्ध करावें। इन केन्द्रों में कौन-कौन से पद स्वीकृत हैं? वर्गवार सूची उपलब्ध करावें। (ख) उपरोक्त स्वीकृत पदों के विरूद्ध कितने चिकित्सक/अधिकारी/कर्मचारी कहां-कहां कब से पदस्थ हैं? जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) उपरोक्त ऐसे चिकित्सक/अधिकारी/कर्मचारी की संख्या बतावें जो अपनी मूल पदस्थापना के विरूद्ध किसी अन्य संस्था में कार्यरत हैं और कब से व क्यों? जानकारी दें। (घ) ऐसे चिकित्सक/अधिकारी/कर्मचारी जो अपनी मूल पदांकित संस्था में कार्यरत नही हैं, उनको किस आदेश के तहत, किस अधिकारी के द्वारा अन्य स्थान पर आसंजित किया गया है? आदेश की प्रति उपलब्ध करावें एवं इनके मूल पदांकित संस्था में कब तक वापिस किया? समय-सीमा बतावें एवं इन सबके लिए कौन उत्तरदायी है? उसका नाम व पद बतावें। क्या उसके विरुद्ध कोई कार्यवाही की जावेंगी? नहीं तो क्यों?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) इंदौर जिले के अंतर्गत 09 शासकीय चिकित्सालय, 41 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, 08 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और 127 उप स्वास्थ्य केन्द्र हैं, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ग) कुल 78-चिकित्सक/अधिकारी/ कर्मचारी, अपनी मूल पदांकित संस्था में कार्यरत नही हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। (घ) ऐसे चिकित्सक/अधिकारी/कर्मचारी जो अपनी मूल पदांकित संस्था में कार्यरत नही हैं, उनके आदेशों की प्रतिलिपि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। क्षेत्रीय संचालक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक के द्वारा इन्हें अन्य स्थान पर आसंजित किया गया है। आदेशों की प्रतिलिपि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। अक्रियाशील संस्थाओं में पदस्थ चिकित्सक/ अधिकारी/कर्मचारियों का संलग्नीकरण, संस्था के क्रियाशील होने पर एवं प्रशासकीय आवश्यकता समाप्त होने पर, समाप्त कर दिया जायेगा। प्रशासकीय कार्य व्यवस्था बनाये रखने हेतु एवं अक्रियाशील संस्थाओं में पदस्थ चिकित्सक/अधिकारी/कर्मचारियों के समुचित उपयोग हेतु इन्हें अन्य संस्थाओं में आसंजित किया गया है। अतः कोई उत्तरदायी नही है। अतः कार्यवाही करने का प्रश्न उद्भूत नही होता।
मुख्यमंत्री (सी.एम.) मॉनिट जांच पर कार्यवाही
[राजस्व]
92. ( क्र. 2340 ) श्री शिवनारायण सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर जिला भापजा के पूर्व महामंत्री एवं कृषि उपज मण्डी जैतहरी के अध्यक्ष श्री कैलाश सिंह मरावी की मुख्यमंत्री को प्रेषित शिकायत जिसमें म.प्र. शासन की बहुमूल्य भूमि जो जैतहरी नगर के वार्ड क्रमांक 03 में स्थित है, अतिक्रमण हटाने के आवेदन पर सी.एम. मॉनिट में कलेक्टर अनूपपुर के पत्र क्र. 6309/शिकायत/मु.मं.का./2021 अनूपपुर दिनांक 30.12.2021 से जारी पत्र हुआ था, यदि हाँ, तो अतिक्रमण प्रतिवेदन की पूर्ण जानकारी देवें? (ख) क्या म.प्र. शासन की बहुमूल्य भूमि को सुरक्षित करने अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई है? यदि नहीं तो उत्तर दिनांक तक कार्यवाही से अवगत कराएं। (ग) क्या म.प्र. शासन के बहुमूल्य भूमि में अतिक्रमण प्रमाणित हुआ है? यदि हाँ, तो मुख्यमंत्री मॉनिट प्रकरण में लापरवाही तथा प्रशासनिक शिथिलता पर राज्य शासन क्या कार्यवाही करेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने हेतु अनुविभागीय अधिकारी जैतहरी के आदेश क्रमांक 82 दिनांक 04.02 2026 के द्वारा गठित सीमांकन दल द्वारा प्रश्नांकित शिकायत में उल्लेखित शासकीय भूमियों के सीमांकन उपरांत प्राप्त प्रतिवेदन अनुसार 1. शासकीय नजूल भूमि ख.नं. 308 रकवा 0.368 हेक्टेयर पर तालाब का मेंड व अनूपपुर वेंकटनगर मुख्य मार्ग स्थित है। 2. 309 नजूल भूमि ख.न./1/1 रकवा 0024 हेक्टेयर ए 309/1/2 रकवा 0.032 हेक्टेयर पर अनूपपुर से वेकटनगर रोड व जैतहरी से महुदा रोड प्रचलित है। 3. ख.नं. 312 रकवा 0.105 हेक्टेयर पे अंश भाग 15X 30 वर्ग फिट पर अमृत एक्वा वाटर, संचालक राज मिश्रा का निजी दुकान पाया गया एवं नगर परिषद् जैतहरी का 19 X16 वर्ग मीटर पर 05 दुकानें एवं चौपाटी शेड तथा 19 X 6 वर्ग मीटर पर 6 दुकानें मौके पर बनी पायी गई। 4. ख.नं. 314 रकवा 0.295 हेक्टेयर पर नगर परिषद् जैतहरी द्वारा निर्मित 27 दुकान व पम्प होउस है तथा बगल में 10 X30 वर्ग फिट पर ईश्वरदीन पिता नत्थूलाल सोनी की दुकान व 12 X 30 वर्ग फिट में गणेश पिता नत्थूलाल सोनी की फर्नीचर दुकान पायी गई एवं बस स्टेंड जैतहरी के पूर्व दिशा में नगर परिषद् के द्वारा निर्माणाधीन है। शेष भूमि पर सड़क है। (ख) जी हाँ। अनुविभागीय अधिकारी जैतहरी के पत्र क्रमांक-87 दिनांक-06.02.2026 के द्वारा अतिक्रमण हटाये जाने हेतु तहसीलदार को निर्देशित किया गया है। तहसीलदार जैतहरी द्वारा सीमांकन प्रतिवेदन के आधार पर अतिक्रमण के क्रमांक-52/अ-68/2025-26, प्रकरण 53/अ-68/2025-26,54/1-68/2025-26 एवं 55/3-68/2025-26, पंजी बद्ध कर विधि अनुरूप कार्यवाही प्रारम्भ की गयी है। (ग) गठित दल से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर अतिक्रमण के प्रकरण पंजीबद्ध किये गये है। म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 248 के प्रावधानों के अनुरूप कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
भू-अर्जन उपरांत भूमि क्रय पर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाना
[राजस्व]
93. ( क्र. 2342 ) श्री शिवनारायण सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर जिले के जैतहरी तहसील अंतर्गत पटवारी हल्का अमगवां के ग्राम गुवारी की खसरा नं. 158/5, 414/7, 414/20, 414/13, 429/8 रकबा वर्ष 2009 में एम.बी. पावर प्रोजेक्ट हेतु म.प्र. शासन ने भू-अर्जन की कार्यवाही किया है? यदि हाँ, तो मूल भू-स्वामी का नाम उसके पुत्र-पुत्रियों के नाम तथा भू-स्वामी किस जाति व वर्ग का था? (ख) विधानसभा प्रश्न क्रमांक 912 दिनांक 13 मार्च, 2025 के प्रश्नांश (ग) एवं (घ) के अनुसार दोषीजनों पर उत्तर दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई है, पूर्ण स्पष्ट जानकारी देवें? (ग) क्या भू-अर्जन उपरांत अनुसूचित जाति वर्ग के कृषक के साथ धोखाधड़ी पूर्वक भूमि क्रय कर क्रेता ने विधि अनुसार कार्य किया है? यदि नहीं तो प्रशासन स्वयमेव कानून के राज के हित में कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए क्रेता जालसाज पर अपराध पंजीबद्ध कराते हुए भू-अर्जन से प्राप्त होने वाले समस्त लाभ को स्थगित कराते हुए राजस्व वसूली की कार्यवाही करेंगे? (घ) क्या जिला प्रशासन मूक दर्शक बनकर गरीब अनुसूचित जाति के कृषक को शोषण प्रकरण में भू-अर्जन अधिसूचना उपरांत अवैधानिक कृत्य भूमि क्रय करना तथा कुछ अंश भाग को विक्रय किया जाना वैधानिक है? यदि नहीं तो क्रेता के साजिश व जालसाजी में कार्यवाही सुनिश्चित कर न्याय प्रदान करेंगे?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) प्रश्नांकित भूमियों में खसरा नम्बर 158/5,414/7, 414/13, 429/8 के भू-अर्जन की कार्यवाही की गई है। खसरा नम्बर 414/20 अवार्ड पारित होना नहीं पाया गया। खसरा नम्बर 158/5 के भूमिस्वामी रामप्रताप पिता रामजियावन तथा खसरा नम्बर 414/7, 414/13, 429/8 के भूमिस्वामी दुक्खू पिता रामजियावन थे। रामप्रताप के वारिसों की जानकारी उपलब्ध नहीं है। दुक्खू पिता रामजियावन का एक पुत्र फुलकू (फौत) एवं एक पुत्री बोड्डी है, जो विवाहोपरान्त ग्राम मनौरा में निवासरत है। भूमिस्वामी कुम्हार जाति व अनुसूचित जाति वर्ग का था। (ख) भूमि विक्रेता या उनकी ओर से भूमि अंतरण अवैधानिक होने का दावा सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया गया है। सक्षम न्यायालय में दावा प्रस्तुत कर सकता है। (ग) विक्रेता द्वारा सक्षम न्यायालय में भूमि के धोखाधड़ी के संबंध में कोई आवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है, दावा प्राप्त होने पर कार्यवाही की जावेगी। (घ) प्रश्नाधीन भूमि के विक्रेता द्वारा किसी भी न्यायालय में दावा प्रस्तुत नहीं किया है। विधि अनुरूप सक्षम न्यायालय में दावा प्रस्तुत कर अनुतोष प्राप्त किया जा सकता है।
जालसाजी एवं कर चोरी पर कार्यवाही
[परिवहन]
94. ( क्र. 2343 ) श्री शिवनारायण सिंह : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अनूपपुर जिला अंतर्गत पंजीकृत यात्री वाहन को कॉलरी के विद्यालय में संचालन हेतु एग्रीमेंट कर "कर चोरी", धोखाधडी, धांधली के विरूद्ध भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष अनिल कुमार गुप्ता ने वर्ष 2025 में परिवहन मंत्री, परिवहन आयुक्त एवं आयुक्त राजस्व संभाग शहडोल सहित प्रमुख सचिव को दस्तावेज साक्ष्य सहित पत्र लिखा है? यदि हाँ, तो पत्र की छायाप्रति उपलब्ध कराते हुए प्रत्येक बिन्दु अनुसार जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं। (ख) क्या विभाग अवैध बस परिवहन स्वामी पर वैधानिक कार्यवाही समय-सीमा में सुनिश्चित करते हुए धोखाधडी, जालसाजी, कर चोरी के विरूद्व समय-सीमा में आपराधिक प्रकरण दर्ज कराएगी? यदि नहीं तो विभाग पर वैधानिक संरक्षण का औचित्य सहित जानकारी देवें। (ग) क्या प्रमाणित व दस्तावेज साक्ष्य के बावजूद विभाग के सक्षम अधिकारी कार्यवाही करने में घोर लापरवाही बरतकर मूक दर्शक बने हुए है? यदि नही तो प्रश्नांश (क) प्रकरण में कब तक कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे?
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ, पत्र की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। पत्र में उल्लेखित बिन्दुओं पर जाँच के क्रम में जिला परिवहन अधिकारी, अनूपपुर द्वारा संबंधितों को नोटिस जारी किए गए हैं, जिसकी प्रतिया पुस्तकालय में रखे परिशिष्टके प्रपत्र-ब अनुसार हैं। (ख) उत्तरांश (क) के अनुसार जाँच जारी है, सम्पूर्ण जाँच के उपरांत दोषी पाए जाने पर संबंधित वाहन स्वामियों के विरूद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जावेगी। जिसके परिप्रेक्ष्य में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं, उत्तरांश (ख) के अनुसार समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
स्कूल भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाया जाना
[राजस्व]
95. ( क्र. 2348 ) डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मैहर जिले के राजस्व निरीक्षक मण्डल अमरपाटन द्वारा 25.01.2022 को तहसीलदार अमरपाटन को ग्राम करही की शासकीय भूमि खसरा क्र. 444/2 रकवा 1.445 हेक्टेयर पर जो पत्र लिखा उसकी एक प्रति दें? क्या उक्त भूमि का स्थल पंचनामा 25.06.2021 को किया गया था? सीमांकन व स्थल का नक्शा 25.06 2021 को राजस्व निरीक्षक मण्डल अमरपाटन ने जो तैयार किया उसकी एक प्रति दें? (ख) क्या माननीय प्राचार्य महोदय शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करही, अमरपाट जिला मैहर (पूर्व जिला सतना) के द्वारा विद्यालय की भूमि पर लगातार अतिक्रमण होने/अतिकमणों को हटाने/खेल का मैदान सुरक्षित करने हेतु नायब तहसीलदार/तहसीलदार/एसडीएम/कलेक्टर कार्यालय सहित जिले के शिक्षा विभाग के सक्षम अधिकारियों को पत्र/आवेदन भेजे? इन उपरोक्त कार्यालयों के द्वारा स्कूल की शासकीय भूमि को सुरक्षित करने/अतिक्रमण हटाने 01.01.2021 से प्रश्नतिथि तक कब क्या-क्या कार्यवाही मौके पर एवं लिखित में पत्रों/आदेशों/मौखिक रूप से की? उक्त सभी आदेशें/पत्रों की दिनांकवार/माहवार/वर्षवार एक एक प्रति दें। (ग) प्रश्नतिथि तक उक्त विद्यालय का अतिक्रमण हटाकर शासकीय भूमि स्कूल के कब्जे में दे दी गई अगर हाँ तो स्कूल के प्राचार्य का शासकीय पत्र भूमि की रिक्तता एवं आधिपत्य संबंध में उपलब्ध करायें? (घ) अगर अतिक्रमण मुक्त नहीं हुआ है तो राज्य शासन किस नाम/पदनाम पत्र शासन की भूमियों (स्कूल) पर अवैध अतिक्रमण कराने वाले राजस्व विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों को कब तक निलंबित करेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। राजस्व निरीक्षक मण्डल अमरपाटन ग्राम करही की शासकीय भूमि खसरा कमांक 444/2 रकवा 1.445 हे0 की सीमांकन किया गया था। आदेश की प्रति स्थल पचनामा, नजरी नक्शा जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार। (ख) जी हाँ। आवेदन दिनांक 01.01.2021 के द्वारा ग्राम करही की शासकीय आ0नं0 444/2 से वर्ष 2021-22 में सीमांकन कराया जा चुका है जिसका पालन प्रतिवेदन जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार। (ग) म.प्र. भू-राजस्व संहिता के अनुसार कार्यवाही प्रचलित है। (घ) उत्तरांश (ग) अनुसार कार्यवाही प्रचलित होने से प्रश्न उद्भूत नहीं होता।
स्थायी एवं नियमित कर्मचारियों को स्वत्वों का भुगतान
[जल संसाधन]
96. ( क्र. 2365 ) श्री ठाकुर दास नागवंशी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग के स्थायी/नियमित सेवानिवृत्त कर्मचारियों द्वारा मासिक पेंशन एवं एरियर के भुगतान हेतु दिनांक 19.12.2024 मान. म.प्र. उच्च न्यायालय जबलपुर में रिट याचिका क्रमांक WP-2024 दायर की गयी थी? (ख) क्या प्रश्नांश (क) अनुसार दायर याचिका के संबंध में मान. उच्च न्यायालय द्वारा स्थायी/नियमित सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पक्ष में याचिकाकर्ताओं को प्रथम नियुक्ति दिनांक से 10 वर्ष की सेवा अवधि के पश्चात मासिक पेंशन एवं एरियर्स का भुगतान किये जाने हेतु निर्णय पारित किया गया हैं? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार क्या मान. न्यायालय के पारित निर्णय के पालन में याचिकाकर्ताओं को उनकी मासिक पेंशन एवं एरियस का भुगतान किया जावेगा, यदि हाँ, तो कब तक, नहीं तो क्यों?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) प्रश्नांश में रिट याचिका क्रमांक का उल्लेख नहीं होने से, उत्तर दिया जाना संभव नहीं है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश (क) अनुसार प्रश्न लागू नहीं होता।
शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाना
[राजस्व]
97. ( क्र. 2366 ) श्री भंवर सिंह शेखावत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्राम पंचायत साकटीया, विकासखंड एवं तहसील खातेगांव, जिला देवास में भू-माफिया द्वारा शासकीय एवं पंचायत भूमि पर लम्बे समय से अवैध कब्जा किया गया है। (ख) प्रश्नांश (क) के सन्दर्भ में यदि हाँ, तो कुल कितनी भूमि पर अवैध कब्जा है? कब्जेदार के नाम एवं विवरण क्या हैं? (ग) प्रश्नांश (ख) के सन्दर्भ में यदि हाँ, तो क्या स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार शिकायत किये जाने के बावजूद अब तक कब्जा समाप्त नहीं किया गया है? (घ) प्रश्नांश (ग) के सन्दर्भ में क्या अतिक्रमण हटाने हेतु अधिकारियों द्वारा वर्तमान तक कार्यवाही की गई है। यदि हाँ, तो अवगत करावे, नही तो क्यों? इस मामले में लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों/ कर्मचारियों पर क्या दंडात्मक कार्यवाही प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो अवगत करावे, नहीं तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हॉं। तहसील खातेगांव अंतर्गत ग्राम पंचायत साक्ट्या की शासकीय भूमि पर किसानों एवं भूमिहीन किसानों द्वारा कृषि उपयोग हेतु अतिक्रमण किया गया है। (ख) तहसील खातेगांव के अंतर्गत ग्राम पंचायत साक्ट्या की शासकीय भूमि पर किये गये अतिक्रमण रकबा एवं अतिक्रमणकर्ता की सूची जानकारी संलग्न परिशिष्ट पर है। (ग) तहसील खातेगांव अंतर्गत ग्राम साक्ट्या, नयापुरा एवं बरछाखुर्द में स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों की ओर से किसी प्रकार का शिकायती पत्र प्राप्त नही हुआ है। (घ) ग्राम पंचायत साक्ट्या अंतर्गत शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करने वाले व्यक्तियों/किसानों को मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 248 के तहत् नोटिस जारी कर अर्थदण्ड वसूली एवं शासकीय भूमि से बेदखली की कार्यवाही किए जाने से शेष प्रश्नांश उद्भूत नहीं होता।
स्वीकृत हाई स्कूलों के भवनों का निर्माण
[स्कूल शिक्षा]
98. ( क्र. 2375 ) श्रीमती गंगा सज्जन सिंह उईके : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2023 के पूर्व जिला बैतूल में स्वीकृत हाई स्कूलों में कितने हाई स्कूलों के भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान नहीं की गई है? सूची उपलब्ध करावें। (ख) विधानसभा घोड़ाडोंगरी अंतर्गत विकासखण्ड घोड़ाडोंगरी के चिखली आमढाना एवं विकासखण्ड शाहपुर के पहावाड़ी के हाई स्कूल वर्ष 2018 में स्वीकृत हुए हैं, परन्तु भवन आज पर्यन्त स्वीकृत नहीं किए गए हैं। भवन स्वीकृति नहीं किए जाने के कारण की जानकारी दें। (ग) उपरोक्त हाई स्कूल भवन छात्रहित को दृष्टिगत रखते हुए कब तक स्वीकृत किए जा सकेंगे, अवगत कराए?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) प्रश्नांश (ख) में वर्णित दोनों विद्यालय माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा के तहत उन्नयन किया गया है। जो जनजातीय कार्य विभाग के अधीन संचालित है। हाई स्कूल भवनों/अधोसंरचना का सुदृढ़ीकरण कार्य बजट की उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर है। अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
सिंचाई परियोजना के निर्माण हेतु अधिग्रहित निजी भूमि का मुआवजा
[जल संसाधन]
99. ( क्र. 2396 ) श्री चन्द्रशेखर देशमुख : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पारसडोह परियोजना के निर्माण के लिए प्रभातपट्टन ब्लाक के ग्राम नांदकुडी, पंचधार, गरव्हा, गौला, कुटखेड़ी एवं देवडोंगरी के किसानों की निजी भूमि अधिग्रहित की गई थी? यदि हाँ, तो क्या प्रभावित किसानों को विशेष अनुदान सहायता पैकेज न्यूनतम 10.00 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर अतिरिक्त प्रदाय किया गया था? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित ग्रामों की कितनी-कितनी जमीन किस-किस अधिनियम नीति के अंतर्गत क्रय अथवा अर्जित की गई है, उक्त में ग्रामवार अर्जित/क्रय भूमि की अवार्ड राशि का पूरक अवार्ड सहित गणना पत्रक उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित ग्रामों के किसानों को विशेष अनुदान सहायता पैकेज के अंतर्गत कितनी-कितनी अंतर की राशि का पुनः निर्धारण होकर, किस-किस ग्राम में कितना-कितना मुआवजा भुगतान कलेक्टर एवं कार्यपालन यंत्री द्वारा किया गया है? उक्त में अंतर की राशि का किस-किस ग्राम में कितना-कितना मुआवजा बकाया है, ग्रामवार जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित ग्रामों में अंतर की राशि का वितरण नहीं करने के लिए कौन-कौन अधिकारी जिम्मेदार है? नाम व पदनाम सहित बतावें, इन अधिकारियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जावेगी? समय-सीमा बताएं।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ। जी हाँ जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं ब अनुसार है। (घ) अंतर की शेष राशि के भुगतान हेतु परियोजना की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त किए जाने की कार्यवाही विभागीय स्तर पर प्रचलन में होना प्रतिवेदित है। शेष प्रश्नांश लागू नहीं। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
स्वीकृत सिंचाई योजनाओं की प्रशासकीय स्वीकृति
[जल संसाधन]
100. ( क्र. 2397 ) श्री चन्द्रशेखर देशमुख : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पत्र क्र. 1127 दिनांक 07.07.2024 के अनुसार सिंचाई विभाग द्वारा प्रस्तावित योजनाएं पारेगांव, जामगांव, राखीढाना, जाम, भैंसादंड, देवरी खुशरंगढाना तथा चिल्हाटी वर्ष 2024-25 के बजट में शामिल करने बाबत प्रश्नकर्ता को सूचित किया था, यदि हाँ, तो क्या उक्त योजनाओं की प्रशासकीय स्वीकृति जारी हो चुकी है, यदि नहीं तो क्यों कारण बताएं? (ख) प्रश्नांश (क) में शामिल योजनाओं की साध्यता स्वीकृति किस-किस दिनांक को कितने-कितने लागत की जारी की गई है? योजनावार जानकारी देवें। उक्त योजनाओं की डीपीआर किस-किस कार्यपालन यंत्री द्वारा किस-किस दिनांक को शासन को प्रेषित की, इनमें क्या-क्या आपत्ति ली गई? योजनावार आपत्ति का विवरण देवें। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित योजनाओं की डीपीआर स्वीकृत नहीं करने के लिए कौन-कौन अधिकारी दोषी है, उन अधिकारियों के विरुद्ध शासन क्या कार्रवाई करेगा? समय-सीमा बतावे, यह भी अवगत करावें की इन योजनाओं की प्रशासकीय स्वीकृति कब तक जारी होकर निविदा आमंत्रित की जावेगी?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ। जी नहीं, परियोजना प्रतिवेदन का विभागीय स्तर तकनीकी परीक्षण किया जाना प्रतिवेदित है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) योजनावार जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्नांश लागू नहीं। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
विकास स्त्रोत समन्वयक के कार्यकाल के भुगतानों की जांच
[स्कूल शिक्षा]
101. ( क्र. 2418 ) श्री सुरेन्द्र सिंह हनी बघेल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1455 दिनांक 04.12.2025 के उत्तर में जो वित्तीय जानकारी उपलब्ध करवाई गई, वह पूर्ण रूप से असत्य है, जिसमें टूर एंड ट्रेवल्स के बिल भुगतान किये गये उसमें वाहन लॉग बुक न यात्रा का विवरण बिना बिल भुगतान किए गए है एवं विभिन्न बिलों में भुगतान की राशि एक जैसी भुगतान की गई जो की संदेहास्पद है यदि जानकारी सही है तो सम्पूर्ण जानकारी सत्य और प्रमाण के साथ प्रदान करें अन्यथा उक्त बिलों की जांच करवाई जा सकती है? (ख) क्या उक्त प्रशिक्षण में स्टेशनरी सामग्री, नाश्ता, भोजन एवं कार्यालय उपयोग के लिए स्टेशनरी एवं कम्प्यूटर वर्क का भुगतान एक ही फर्म को बार-बार किया गया है यदि हाँ, तो इस बाबत जारी की गई नोटशीट, कोटेशन की छायापति उपलब्ध करवाये और यदि नहीं तो कारण बताये? (ग) शैक्षणिक वर्ष 2021 से दिसम्बर 2025 तक होने वाले व्यय की जानकारी बिन्दुवार प्रदान करें, जिसमें शाला निधि, शाला मरम्मत, स्वच्छता निधि, खेल सामग्री निधि, ईको क्लब निधि एवं बी.आर.सी.सी. कार्यालय के द्वारा पुस्तक क्रय आदि समस्त प्रकार के देयक व लंबित बिलों की जानकारी विस्तृत उपलब्ध करवाये। (घ) क्या जनप्रतिनिधि द्वारा की गई विकासखंड स्त्रोत समन्वयक के कार्यकाल की शिकायत पर जांच कराई जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक नहीं तो क्यों कारण स्पष्ट करें?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) प्रश्न क्रमांक-1455 के उत्तर में विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक द्वारा वित्तीय संबंधी जानकारी वाहन लॉगबुक व यात्रा विवरण के साथ बिल मय प्रमाणित छायाप्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'1' अनुसार है। (ख) हाँ। नोटशीट और कोटेशन की छायाप्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'2' अनुसार है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) शैक्षणिक वर्ष 2021 से दिसम्बर 2025 तक होने वाले व्यय जिसमें शाला निधि, शाला मरम्मत स्वच्छता निधि, खेल सामग्री, ईको क्लब निधि का बजट शाला प्रबंधन समितियों के खातों में राज्य शिक्षा केन्द्र कार्यालय द्वारा व्यय सीमा प्रदान की जाती है एवं पुस्तकें पाठ्य पुस्तक निगम के माध्यम से शालाओं को भेजी जाती है जिसका भुगतान राज्य शिक्षा केन्द्र कार्यालय द्वारा किया जाता है। इससे संबंधित कोई बिल विकासखण्ड स्तर पर लंबित नहीं है। (घ) जी हाँ। विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक के कार्यकाल की शिकायत की जांच हेतु कलेक्टर द्वारा जांच संस्थित कर दी गई है।
पंचायत प्रेरकों के पुन: समायोजन एवं सेवा बहाली
[स्कूल शिक्षा]
102. ( क्र. 2425 ) श्री चैन सिंह वरकड़े : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में 'साक्षर भारत योजना' के अंतर्गत वर्ष 2013 से 2018 तक प्रत्येक ग्राम पंचायत में रोस्टर प्रणाली के आधार पर एक महिला एवं एक पुरुष पंचायत प्रेरक की नियुक्ति की गई थी? (ख) क्या दिनांक 31 मार्च, 2018 को प्रदेश के समस्त 23,930 पंचायत प्रेरकों की सेवाएँ बिना किसी पूर्व सूचना या वैकल्पिक व्यवस्था के समाप्त कर दी गई थीं? यदि हाँ, तो इसका विधिक आधार क्या था? (ग) क्या सरकार को संज्ञान है कि मात्र ₹2000 के अल्प मानदेय पर कार्य करने वाले ये प्रेरक विगत कई वर्षों से अपनी सेवा बहाली हेतु निरंतर ज्ञापन दे रहे हैं? (घ) क्या सरकार इन अनुभवी प्रेरकों के भविष्य को दृष्टिगत रखते हुए रिक्त पदों (जैसे कि शिक्षा विभाग या पंचायत विभाग की अन्य योजनाओं) पर इनके पुनः समायोजन या सेवा बहाली पर विचार कर रही है? यदि हाँ, तो इसकी समय-सीमा क्या होगी? यदि नहीं, तो क्यों?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रेरकों के भर्ती विज्ञापन में स्पष्ट था कि योजना समाप्ति पर नियुक्तियां स्वतः समाप्त हो जावेगी। (ग) जी हाँ। (घ) जी नहीं।
आदिवासी बहुल क्षेत्रों में तालाब निर्माण
[जल संसाधन]
103. ( क्र. 2450 ) श्री विपीन जैन : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जल संसाधन विभाग द्वारा तालाब निर्माण हेतु न्यूनतम कितना जल संग्रहण क्षेत्र (कैचमेंट एरिया) निर्धारित किया गया है? (ख) क्या जल संसाधन विभाग द्वारा तीन वर्ग किलोमीटर से कम जल संग्रहण क्षेत्र वाले तालाबों का निर्माण किया जाता है? यदि हाँ, तो विवरण प्रस्तुत किया जाए। (ग) यदि तीन वर्ग किलोमीटर से कम जल संग्रहण क्षेत्र वाले तालाबों का निर्माण जल संसाधन विभाग द्वारा नहीं किया जाता है, तो इसका कारण क्या है? ऐसे तालाबों का निर्माण किस विभाग द्वारा किया जाना प्रावधानित है? (घ) क्या ग्रामीण यांत्रिकी विभाग (Rural Engineering Services) द्वारा तालाब निर्माण किए जाने की स्थिति में भूमि अधिग्रहण/क्षति हेतु मुआवजे का कोई प्रावधान है? यदि हाँ, तो उसका विवरण दिया जाए।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) विभाग अंतर्गत तालाब निर्माण हेतु न्यूनतम जल ग्रहण क्षेत्र तीन वर्ग किलोमीटर निर्धारित है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं। (ग) विभागीय तकनीकी परिपत्रों एवं निर्धारित मापदंड के अनुसार कम जल ग्रहण क्षेत्र एवं कम जलभराव क्षमता के जल संरचनाओं (तालाब) का निर्माण तकनीकी एवं आर्थिक दृष्टि से उपयुक्त नहीं होने के कारण छोटे तालाबों का निर्माण नहीं किया जाता है। कम जलभराव क्षमता की जल संरचनाओं का ग्रामीण क्षेत्रो में निर्माण प्रायः पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा निष्पादित किए जाते है। (घ) ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग से प्राप्त प्रतिवेदन अनुसार भूमि अधिग्रहण/क्षति हेतु मुआवजे का कोई प्रावधान नहीं है।
देवास एवं सीहोर जिले की भूमियों का अर्जन
[राजस्व]
104. ( क्र. 2475 ) श्री सुरेश राजे : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या देवास एवं सीहोर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं भारतीय रेल के लिए अर्जित की जा रही भूमि के बदले जनवरी 2014 से लागू भूमि अर्जन पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की अनुसूची दो एवं अनुसूची तीन के अनुसार पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन के संबंध में प्रश्न दिनांक तक भी कार्यवाही प्रारंभ नहीं की गई है? (ख) भारत सरकार ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा राजपत्र में दिनांक 28/08/15 को प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार भारत सरकार या उसके उपक्रमों, रेलवे द्वारा अर्जित भूमियों से संबंधित किन-किन प्रावधानों को लागू किया गया है? अधिसूचना की प्रति सहित बतावें। (ग) देवास एवं सीहोर के लिए कितने किसानों की कितनी भूमि से संबंधित किस भू-अर्जन अधिकारी ने किस दिनांक को क्या आदेश पारित कर किस किसान को कितना मुआवजा निर्धारित किया? अवार्ड आदेश की प्रति सहित बतावें। (घ) भू-अर्जन से प्रभावित किसानों के पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन के संबंध में कानून की धरा 31 अनुसूची तीन के अनुसार कब तक अधिनिर्णय दिया जायेगा? समय-सीमा सहित बतावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिला सीहोर एवं देवास के राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं भारतीय रेल के लिये अर्जित की जा रही भूमि के प्रकरणों में किसी ग्राम/परिवार के पुनर्वास एवं पुर्नव्यवस्थापन की आवश्यकता नहीं होने से इस बाबत् कोई कार्यवाही नहीं की गई है। (ख) अधिसूचना की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। (ग) देवास जिले के अंतर्गत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार है एवं सीहोर जिले अंतर्गत अनुभाग-सीहोर, बुधनी एवं भैरूंदा में राष्टीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं भारतीय रेल के लिये अर्जित की गई भूमियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'स' अनुसार तथा अवार्ड आदेश की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'द' अनुसार है। (घ) उत्तरांश (क) के अनुक्रम में जानकारी निरंक है।
नवीन विद्यालय खोलने की मान्यता एवं नवीनीकरण
[स्कूल शिक्षा]
105. ( क्र. 2476 ) श्री सुरेश राजे : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में शिक्षा विभाग द्वारा कक्षा 08 तक नवीन निजी विद्यालय खोलने की मान्यता/ नवीनीकरण तथा संचालन संबंधी नियम/शर्तें/आदेश की सत्यापित प्रति देवें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) के अनुसार वर्ष 2023-24 से 2025-26 में प्रश्न दिनांक तक जिला ग्वालियर क्षेत्र अंतर्गत नगर निगम ग्वालियर/नगर पालिका डबरा/जनपद पंचायत डबरा/भितरवार/मुरार/बरई में किस-किस स्थान पर कक्षा 08 तक निजी विद्यालय खोलने हेतु आवेदन प्राप्त हुए? जिनमें से किस-किस स्थान पर विद्यालयों का संचालन हेतु मान्यता प्रदान की गई तथा किसका आवेदन किस कारण अस्वीकृत किया गया? किस-किस का प्रकरण किस दिनांक से विचाराधीन होकर लंबित है? वर्षवार एवं संस्थावार पृथक-पृथक सूची उपलब्ध करवाएं।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) म.प्र. शिक्षा विभाग द्वारा कक्षा 1 से 8 तक नवीन निजी विद्यालय खोलने की मान्यता निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्रदान की जाती है। विद्यालय खोलने की मान्यता/नवीनीकरण तथा संचालन संबंधी नियम की प्रतिलिपि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) वर्षवार, संस्थावार पृथक-पृथक सूची की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। उपरोक्त सत्रों का कोई मान्यता प्रकरण जिला कार्यालय में लंबित नहीं है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
शासकीय हाईस्कूल भवन की स्वीकृति
[स्कूल शिक्षा]
106. ( क्र. 2485 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सागर एवं राहतगढ़ विकासखण्ड में वर्ष 2016-17, 2017-18 में कितनी शासकीय माध्यमिक शालाओं को शासकीय हाईस्कूल में उन्नयन/दर्जा प्रदान किया गया था? विस्तृत जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित शासकीय हाईस्कूल को विभाग द्वारा क्या हाईस्कूल भवन की स्वीकृति प्रदान की गई थी? जानकारी देवें तथा यदि भवन की स्वीकृति प्रदान नहीं की गई थी तो उक्त शासकीय हाईस्कूल वर्तमान में किस भवन में संचालित हो रहे है? जानकारी देवें। (ग) क्या प्रश्नांश (क) एवं (ख) में वर्णित विषय को दृष्टिगत रखते हुए क्या विभाग शासकीय हाईस्कूल के लिए भवन स्वीकृति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो जानकारी देवें तथा शासकीय हाईस्कूल, बरखेड़ा खुमान, लुहारी वि.ख. राहतगढ़ शासकीय भवन न होने के कारण अध्यापन में परेशानी हो रही है? जानकारी देवें। (घ) क्या विभाग द्वारा नरयावली वि.क्षे. अंतर्गत स्थित शासकीय प्राथमिक शालाओं के भवन जो जर्जर हो गये है? उन्हें विभाग द्वारा ध्वस्त/डिस्मेंटल कर दिया गया है? जानकारी देवें तथा डिस्मेंटल उपरांत शालाएं कहां संचालित हो रही है? जानकारी देवें एवं नवीन भवन की क्या योजना है?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) वर्ष 2016-17 में उन्नयन किए गए विद्यालयों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ पर है। वर्ष 2017-18 में नरयावली विधानसभा में किसी भी माध्यमिक शाला हाईस्कूल में उन्नयन नहीं किया गया। (ख) जी हाँ। स्वीकृत शासकीय हाईस्कूल भवनों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। अतः शेषांश उद्भूत नहीं होता है। (ग) उत्तरांश (ख) के प्रकाश में उद्भूत नहीं होता है। शेषांश में सभी स्कूलों में शासकीय भवन है, अतः शेषांश उद्भूत नहीं होता। (घ) नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 13 प्राथमिक शालाओं को डिस्मेंटल किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है।
होटल एण्ड रिसॉर्टस स्थापित किया जाना
[पर्यटन]
107. ( क्र. 2486 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सागर जिले में मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम मर्यादित द्वारा सागर शहर एवं शहर के आसपास होटल एण्ड रिसॉर्टस स्थापित/संचालित/कार्यरत है? यदि हाँ, तो नाम, स्थान एवं सागर शहर से दूरी सहित विस्तृत जानकारी देवें। (ख) यदि प्रश्नांश (क) में वर्णित निगम मर्यादित की कोई होटल एण्ड रिसॉर्टस स्थापित नहीं है तो क्या विभाग द्वारा कोई योजना प्रस्तावित है? जानकारी देवें। (ग) क्या सागर संभागीय मुख्यालय/नौरादेही अभ्यारण/केन्द्रीय विश्वविद्यालय एवं अन्य पुरात्व एवं प्राचीन स्थल को दृष्टिगत रखते हुए विभाग होटल एण्ड रिसॉर्टस स्थापना करेगा या स्थापित करने हेतु विभाग द्वारा कोई योजना बनाई जाएगी? जानकारी देवें।
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) वर्तमान में कोई योजना प्रस्तावित नहीं है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार।
सांदीपनि विद्यालय की नवीन बिल्डिंग का निर्माण कार्य
[स्कूल शिक्षा]
108. ( क्र. 2493 ) श्री अशोक ईश्वरदास रोहाणी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केंट विधानसभा अंतर्गत सांदीपनि विद्यालय जो कि करौंदीग्राम, रांझी में संचालित हो रहा है, उसकी नवीन बिल्डिंग का निर्माण कार्य कब तक प्रारंभ होगा? जानकारी दें। (ख) सांदीपनि विद्यालय में जमीन की उपलब्धता होने के बाद भी नवीन बिल्डिंग के निर्माण में विलंब क्यों हो रहा है? जानकारी दें। यह निर्माण कार्य कब तक प्रांरभ होगा? निर्धारित समय-सीमा बताएं।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) सांदीपनि विद्यालय करौदीग्राम, रांझी के निर्माण हेतु निविदा प्रक्रिया प्रचलन में है। निविदा प्रक्रिया की समस्त कार्यवाही पूर्ण होने के उपरांत निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जावेगा। (ख) नवीन भूमि आवंटन पश्चात् कार्य की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक 31.12.2025 को जारी की गई तदोपरांत दिनांक 02.02.2026 को निविदायें आमंत्रित की गई हैं। शेषांश उत्तरांश (क) अनुसार।
खानदानी ग्राम पटेल की नियुक्ति एवं मानदेय
[राजस्व]
109. ( क्र. 2537 ) डॉ. विक्रांत भूरिया : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में वर्तमान में समस्त जिलों के ग्राम में कितने "ग्राम पटेल/पदवी/तड़वी" के पद है, कितने पद भरे है और कितने खाली है? (ख) वर्तमान में खाली पदों पर पूर्व (खनादनी) पटेल की नियुक्ति होने के क्या नियम है, क्या इन नियमों का पूर्ण रूप से पालन करते हुए, खानदानी पटेल की नियुक्ति 100% की गई है? विस्तृत जानकारी प्रदान करें। (ग) वर्तमान में "ग्राम पटेल/पदवी/तड़वी" को कितना मानदेय/सम्मान निधि दिया जाने का प्रावधान है?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। नियुक्ति का जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब' अनुसार है।
दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही
[स्कूल शिक्षा]
110. ( क्र. 2561 ) श्री रामनिवास शाह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) संभागीय आयुक्त रीवा के पत्र क्रमांक 2055 दिनांक 25.03.2025 अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी सिंगरौली द्वारा कन्या छात्रावास गोड़बहरा की 14 वर्षीय नाबालिक आदिवासी छात्रा को प्रसव होने में डी.पी.सी. सिंगरौली की घोर लापरवाही प्रतिवेदित किये जाने के बाद भी दोषी अधिकारी को अभी तक दंडित क्यों नहीं किया गया, कब तक कार्यवाही की जावेगी? (ख) सिंगरौली जिले की समस्त माध्यमिक शालाओं की जांच मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सिंगरौली द्वारा किया जाकर अपने पत्र क्रमांक 366 दिनांक 26.04.2025 पत्र क्रमांक 690 दिनांक 19.05.2025 द्वारा क्रमशः आयुक्त रीवा संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल व आयुक्त लोक शिक्षण भोपाल को दण्डात्मक कार्यवाही हेतु प्रस्तावित किया लेकिन कार्यवाही नहीं होने का कारण बतायें। कब तक कार्यवाही की जावेगी? (ग) सिंगरौली जिले के विकासखण्ड बैढ़न अंतर्गत डी.पी.सी. कार्यालय द्वारा 65 विद्यालयों के यूजर्स बनाकर SBI Digi gov से एक विशेष फर्म से राशि आहरित कर व्यापक भ्रष्टाचार की शिकायत बी.आर.सी. बैढ़न द्वारा संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल के पत्र क्रमांक 371 दिनांक 18.06.2024 को लेख किया गया था, किन्तु प्रश्न दिनांक तक उक्त भ्रष्टाचार करने वालों के विरूद्ध एवं शासकीय राशि की वसूली हेतु क्या कार्यवाही की गई, यदि नहीं की गई है तो कब तक की जावेगी? जानकारी दें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जिला शिक्षा अधिकारी के प्रतिवेदन में डीपीसी का कोई दोष नहीं पाया गया है। कन्या छात्रावास गोडबहरा में जो घटना घटित हुई है, उसके लिये छात्रावास के पदस्थ सहायक वार्डन श्रीमती नीलम शर्मा एवं वार्डन श्रीमती दीप्ती सिंह द्वारा अपने पदीय दायित्वों एवं कर्तव्यों का निर्वहन सही ढंग से नहीं करने के कारण हुई। जिसके लिये वार्डन श्रीमती दीप्ती सिंह को निलंबित कर विभागीय जाँच संस्थित कर दी गई। सहायक वार्डन श्रीमती नीलम शर्मा का स्थानांतरण कर दिया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'1' अनुसार है। कन्या छात्रावास गोडबहरा के नाबालिग बालिका के साथ जो दुर्घटना हुई है उसका विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'2' अनुसार है। (ख) सिंगरौली जिला शिक्षा केन्द्र में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत के पत्र क्रमांक. 366/स्था/जिपं./2025 दिनांक 26.04.2025 सिंगरौली द्वारा श्री राम लखन शुक्ला जिला परियोजना समन्वयक सिंगरौली के विरूद्ध प्रकरण विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिये पूर्ण रूप से उपयुक्त का लेख किया गया है। जिसके अनुक्रम में श्री राम लखन शुक्ला जिला लोक सेवक होने के कारण प्रकरण में श्री राम लखन शुक्ला जिला परियोजना समन्वयक सिंगरौली के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही किये जाने का प्रस्ताव आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय को ई फाईल क्रमांक 900017 दिनांक 20.11.2025 द्वारा भेजा गया। (ग) संबंधित प्रकरण का जाँच प्रतिवेदन पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'3' अनुसार है।
प्रतिनियुक्ति से पदस्थ लोकसेवकों की जानकारी
[स्कूल शिक्षा]
111. ( क्र. 2582 ) श्री चन्द्रशेखर देशमुख : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान प्रभातपट्टन जिला बैतूल में समस्त लोकसेवकों के स्वीकृत, कार्यरत एवं रिक्त पदों की जानकारी, विगत 03 वर्षों में प्राप्त आवंटन एवं मदवार व्यय की जानकारी उपलब्ध करावें? (ख) जनजातीय कार्य विभाग से शिक्षा विभाग बैतूल/जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान प्रभातपट्टन में कितने अधिकारी/कर्मचारी प्रतिनियुक्ति से पदस्थ है? प्रतिनियुक्ति पर पदस्थापना के क्या नियम है? प्रतिनियुक्ति अवधि समाप्त हो जाने पर कितने लोकसेवकों को मूल विभाग में भेजा गया है? सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान प्रभातपट्टन जिला बैतूल में वर्तमान प्रभारी प्राचार्य की नियुक्ति किस प्रकार हुई है? वे प्रतिनियुक्ति पर कब से पदस्थ है? उनका मूल विभाग कौन सा है? प्रतिनियुक्ति पर कर्मचारी को कितने वर्षों तक अन्यत्र विभाग में पदस्थ रखा जा सकता है? जानकारी देवें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' पर शेषांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार। (ख) मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बैतूल के आदेश क्र./जी.प./स्था/2003/2639 बैतूल दिनाक 01.09.2003 द्वारा श्रीमती सरिता आन्डे शा.क.उ.मा.वि. चिचौली जिला बैतूल को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान प्रभात पट्टन बैतूल में पदस्थ किया गया था। अकादमिक लोक सेवकों की कमी के कारण स्थानीय व्यवस्था के तहत श्रीमती सरिता आन्डे पदस्थ है। वर्तमान में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान प्रभात पट्टन बैतूल में प्रतिनियुक्ति पर कोई पदस्थ नहीं है। प्रतिनियुक्ति अवधि समाप्त हेतु सामान्य प्रशासन विभाग के नियम लागू है। (ग) प्राचार्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान प्रभात पट्टन बैतूल की सेवा निवृत्ति उपरान्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बैतूल के आदेश क्र./जि.प./स्था./ 2025/7299 बैतूल दिनांक 16.06.2025 द्वारा श्रीमती सरिता आन्डे वरिष्ट व्याख्याता को प्राचार्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान प्रभात पट्टन बैतूल का प्रभार सौंपा गया। संबंधित का मूल विभाग आदिवासी विकास विभाग है। प्रतिनियुक्ति के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र क्र.सी-3-18/94/3/1 भोपाल दिनांक 12 दिसम्बर 1994 के अनुसार कार्यवाही की जाती है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है।
अधूरी नहर निर्माण में भ्रष्टाचार
[जल संसाधन]
112. ( क्र. 2631 ) श्री मोंटू सोलंकी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सेंधवा विधानसभा क्षेत्र स्थित रेलावटी तालाब से नहरों के माध्यम से वर्तमान में कितने ग्रामों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है? उक्त सभी ग्रामों की नामवार सूची, सिंचित रकबा सहित, सदन के पटल पर रखी जाए। (ख) क्या सेंधवा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मोरदड़, मोहाला एवं बाबदड़ में आज दिनांक तक नहर के माध्यम से सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध नहीं कराया गया है? यदि हाँ, तो इसके क्या कारण हैं? (ग) क्या ग्राम मोरदड में नहर निर्माण कार्य आज तक पूर्ण नहीं हुआ है तथा नहर का कुछ भाग पी.सी.सी. (PCC) निर्माण कर अधूरा छोड़ दिया गया है? यदि हाँ, तो नहर निर्माण कार्य अधूरा क्यों छोड़ा गया? शेष निर्माण कार्य पूर्ण करने की क्या कार्ययोजना है? उक्त तीनों ग्रामों को सिंचाई हेतु नहर से पानी उपलब्ध कराने की समय-सीमा क्या है? विस्तृत जानकारी सदन के पटल पर रखी जाए। (घ) रेलावटी तालाब से संबंधित नहरों के संचालन एवं रख-रखाव (मेंटेनेंस) की जिम्मेदारी किस विभाग/संस्था की है? वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक रख-रखाव मद में कितनी राशि स्वीकृत एवं व्यय की गई? वर्षवार एवं मदवार जानकारी सदन पटल पर रखी जाए।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) सिंचाई हेतु कृषकों की मांग अनुसार पानी उपलब्ध कराया जाना प्रतिवेदित है। शेष प्रश्नांश लागू नहीं। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्नांश लागू नहीं। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।
वन ग्रामों का राजस्व ग्राम में रूपांतरण
[राजस्व]
113. ( क्र. 2632 ) श्री मोंटू सोलंकी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राजस्व विभाग द्वारा सेंधवा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वन ग्रामों की भूमि को राजस्व अभिलेखों में शामिल करने की कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो अब तक कितने ग्रामों की कितनी भूमि (हेक्टेयर में) राजस्व अभिलेखों में दर्ज की गई है? ग्रामवार जानकारी उपलब्ध कराये। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार, कितने वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित किया जा चुका है? ऐसे सभी ग्रामों की ग्रामवार सूची दी जाए। प्रत्येक ग्राम में कुल कितनी भूमि (हेक्टेयर में) राजस्व अभिलेखों में दर्ज की गई है तथा उक्त भूमि में से कितनी भूमि किस-किस हितग्राही के नाम दर्ज की गई है, इसका हितग्राहीवार एवं ग्रामवार जानकारी उपलब्ध कराये। (ग) सेंधवा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कितने वन ग्रामों को अभी तक राजस्व ग्राम में शामिल किया जाना शेष है? ऐसे शेष ग्रामों की ग्रामवार सूची उपलब्ध कराई जाए। (घ) प्रश्नांश (ग) के अंतर्गत शेष वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में शामिल करने की क्या समय-सीमा निर्धारित की गई है? क्या शासन द्वारा इस संबंध में कोई कार्ययोजना अथवा निर्देश जारी किए गए हैं? यदि हाँ, तो उसका विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराये।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) सेंधवा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 19 वनग्रामों को राजस्व ग्राम में संपरिवर्तन करने के संबंध में कलेक्टर, जिला-बडवानी के पत्र क्रमांक/3253/भू-अभि/वर्कलोड/ वन-राजस्व ग्राम/2022 दिनांक 28.11.2022 से प्रारंभिक अधिसूचना जारी की गई है, जो म.प्र. के राजपत्र दिनांक 26.07.2024 में प्रकाशन हुआ है एवं उक्त में वर्तमान में कार्यवाही प्रचलित हैं। ग्रामवार सूची जानकारी संलग्न परिशिष्ट है। (ख) प्रश्नांश (क) के उत्तरांश अनुसार उक्त में कार्यवाही प्रचलित होकर ग्रामवार सूची जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार हैं। (ग) तहसील सेंधवा अंतर्गत निम्नानुसार कुल-08 वनग्रामों को राजस्व ग्राम में शामिल किया जाना शेष है। 1- सिरवेल, 2-खापरखेडा, 3-भामपुरा, 4-रामगढ़ी, 5- जुलवानिया,6 कामोद, 7- केलपानी, 8 भंवरगढ़। (घ) अधिनियम, 2006 की धारा-3 (1) (ज) के प्रावधानों के अंतर्गत प्रदेश के कुल-925 वनग्रामों में से 827 वनग्रामों को राजस्व ग्रामों में संपरिवर्तित करने के निर्देश है। समय-सीमा बनाया जाना संभव नही है।
सिंचाई परियोजनाओं की जानकारी
[जल संसाधन]
114. ( क्र. 2633 ) श्री मोंटू सोलंकी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन के संज्ञान में है कि सेंधवा विधानसभा में जल संसाधन विभाग के अंतर्गत निर्मित बांध, स्टॉप डैम, एनीकट, तालाब गहरीकरण, नहर एवं लिफ्ट सिंचाई योजनाओं में से अनेक संरचनाएँ अपूर्ण, क्षतिग्रस्त अथवा अनुपयोगी स्थिति में हैं? यदि हाँ, तो ग्रामवार एवं योजनावार सूची सदन पटल पर रखी जाए। (ख) प्रश्नांश (क) के अंतर्गत सेंधवा विधानसभा में वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक स्वीकृत सिंचाई परियोजनाओं की सूची, उनकी प्रशासकीय स्वीकृति राशि, व्यय राशि एवं वर्तमान प्रगति की जानकारी कार्यवार दी जाए। (ग) सेंधवा विधानसभा में कितनी सिंचाई क्षमता (हेक्टेयर में) सृजित करने का लक्ष्य था तथा वास्तविक रूप से कितनी सिंचाई क्षमता उपलब्ध है? योजनावार विवरण प्रस्तुत किया जाए। (घ) क्या क्षेत्र की कई नहरें एवं वितरण प्रणाली जर्जर होने के कारण किसानों को निर्धारित सिंचाई जल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है? यदि हाँ, तो मरम्मत/ पुनर्निर्माण हेतु स्वीकृत कार्यों की सूची, स्वीकृत राशि एवं समय-सीमा बताई जाए। (ङ) सेंधवा विधानसभा में जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन हेतु जल संसाधन विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का विवरण, व्यय राशि तथा उनसे लाभान्वित ग्रामों की सूची प्रदान की जाए। (च) क्या शासन सेंधवा में नई लघु सिंचाई योजनाएँ, स्टॉप डैम या नहर विस्तार प्रस्तावित कर रहा है? यदि हाँ, तो प्रस्तावित कार्यों की ग्रामवार सूची एवं संभावित सिंचाई क्षमता बताई जाए।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी नहीं। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं "ब" अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (घ) जी नहीं। (ङ) जल संसाधन विभाग द्वारा जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन हेतु योजनाओं का निर्माण नहीं कराया जाता अपितु वृहद/मध्यम/लघु जलाशयों का निर्माण सिंचाई सुविधा हेतु कराया जाता है, जिससे जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन भी होता है। (च) जी हां, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है।
डॉक्टरों की कमी एवं शव वाहन
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
115. ( क्र. 2634 ) श्री मोंटू सोलंकी : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सेंधवा शासकीय चिकित्सालय में स्थापित सोनोग्राफी मशीन लंबे समय से बंद पड़ी है और उपयोग में नहीं लाई जा रही है? यदि हाँ, तो मशीन कब से बंद है एवं इसके बंद रहने के कारण क्या हैं? मशीन को पुनः चालू करने हेतु क्या कार्यवाही की गई है? (ख) क्या उक्त चिकित्सालय में सोनोग्राफी जाँच हेतु विशेषज्ञ डॉक्टर (रेडियोलॉजिस्ट/प्रशिक्षित चिकित्सक) पदस्थ नहीं हैं, जिसके कारण मरीजों को निजी केंद्रों पर जाँच कराने हेतु मजबूर होना पड़ रहा है? यदि हाँ, तो स्वीकृत पदों की संख्या कितनी है, वर्तमान में कितने पद रिक्त हैं तथा उनकी पूर्ति कब तक की जाएगी? (ग) क्या सेंधवा शासकीय अस्पताल में शव वाहन उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण मृतकों के परिजनों को निजी वाहन से शव ले जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है? यदि हाँ, तो शव वाहन उपलब्ध कराने हेतु क्या कार्यवाही की गई है तथा कब तक उपलब्ध कराया जाएगा? (घ) क्या सेंधवा अस्पताल में डॉक्टरों के स्वीकृत पदों की तुलना में वर्तमान में पदस्थ डॉक्टरों की संख्या कम है? यदि हाँ, तो डॉक्टरों के कुल स्वीकृत पद कितने हैं, वर्तमान में कितने डॉक्टर कार्यरत हैं तथा रिक्त पदों की पूर्ति हेतु क्या कदम उठाए गए हैं?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं। प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं। रेडियोलॉजिस्ट का पद रिक्त है परंतु प्रशिक्षित दो चिकित्सकों के माध्यम से प्रत्येक माह के 02 पृथक-पृथक दिवस पर गर्भवतियों को सोनोग्रॉफी जांच सुविधा प्रदान की जा रही है। रेडियोलॉजिस्ट विशेषज्ञ का 01 पद स्वीकृत होकर वर्तमान में रिक्त है। रिक्त पदों की पूर्ति एक निरतंर प्रक्रिया है। निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नही है। (ग) जी नहीं। शासन के प्रस्तावित मापदण्ड अनुसार शव वाहन सेवा प्रदायगी सुनिश्चित की जा रही है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी हाँ। चिकित्सकों के कुल 23 स्वीकृत पदों में से 16 पद रिक्त है। रिक्त पदों की पूर्ति हेतु म.प्र. लोक सेवा आयोग से चयनित विशेषज्ञ/चिकित्सकों की नियुक्ति, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संविदा नियुक्ति एवं बंधपत्र चिकित्सकों की नियुक्ति संबंधी कार्यवाही एक निरंतर प्रक्रिया है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
शिक्षकों के लंबित प्रकरणों का भुगतान
[स्कूल शिक्षा]
116. ( क्र. 2649 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रायसेन अंतर्गत स्कूल शिक्षा विभाग में जिला/ब्लॉक/संकुल एवं स्कूलों में सहायक ग्रेड-3 के पद पर कौन-कौन कर्मचारी कार्यरत है एवं उक्त कर्मचारी कौन-कौन से कार्य करते है? (ख) जिला रायसेन के कितने स्कूलों के शिक्षक शैक्षणिक कार्य को छोड़कर लिपिकीय कार्य में लगे हुए है शिक्षकों के नाम सहित जानकारी देवें? (ग) रायसेन जिले के स्कूल शिक्षा विभाग के कितने शिक्षकों का वर्ष 2023 से डीए एरियर, वर्ष 2023 से मेडिकल क्लेम, 2025 के क्रमोन्नति का एरियर की राशि लंबित है? शिक्षकों के नाम सहित जानकारी देवें। उपरोक्त प्रकरणों में अभी तक भुगतान क्यों नही हो पाया है? (घ) क्या स्कूल स्तर, संकुल/विकासवखण्ड में पदस्थ लिपिकीय वर्ग के कर्मचारियों द्वारा सर्विस बुक अपडेट, करवाने, एरियर के भुगतान, मेडिकल बील के भुगतान हेतु प्रत्येक शिक्षक से वसूली की जाती है यदि नहीं, तो विलंब करने का क्या कारण है? क्या वरिष्ठ अधिकारियों का उक्त लिपकीय कार्य कर रहे कर्मचारी एवं लिपिकीय कार्य कर रहे शिक्षकों को संरक्षण है?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) जानकारी निरंक है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (घ) जी नहीं। प्रश्नांश अनुसार विविध भुगतान सतत् प्रक्रिया है।
मेडिकल कॉलेज सिवनी में अनियमितताएं
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
117. ( क्र. 2671 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मेडिकल कॉलेज सिवनी में वर्ष अक्टू. 2024 से प्रश्न दिनांक तक की गई समस्त खरीदी की जानकारी विस्तृत रूप से उपलब्ध कराये। (ख) मेडिकल कॉलेज सिवनी में निर्मित दुकानों के आवंटन एवं मैस के कब-कब टेन्डर लगाये गये? किन-किन के टेन्डर आये समस्त जानकारी छायाप्रतियों सहित उपलब्ध करायें? (ग) टेन्डर स्वीकृत करने हेतु शासन के क्या नियम एवं निर्देश थे, नियम की छायाप्रति के साथ जानकारी देवें। (घ) क्या जिन व्यक्तियों के टेन्डर पास हुये थे उनके द्वारा गंभीर अनियमितताएं की जा रही थी, जिनकी अनेकों शिकायतें थी? फलस्वरूप मेस संचालक स्पर्श पिता किशोर अग्रवाल के विरूद्व धारा 318 (4), 338, 336 (4), 340 (2), 61 (2) बीएनएस के तहत एफ.आई.आर. दर्ज की गई है? (ड.) क्या उक्त समस्त निविदाओं में अनियमितता करने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध भी कार्यवाही करते हुये निविदाएं निरस्त करने हेतु आदेश प्रसारित किये जावेंगे? यदि हॉं, तो कब तक? यदि नहीं, कारण स्पष्ट करें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) मेडिकल कॉलेज सिवनी में वर्ष अक्टूबर 2024 से प्रश्न दिनांक तक की गई समस्त खरीदी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) मेडिकल कॉलेज सिवनी में निर्मित दुकानों के आवंटन एवं मैस के कोई टेन्डर नहीं किया गया। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) से (ड.) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
प्रसूति सहायता राशि का वितरण
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
118. ( क्र. 2672 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले के अंतर्गत 1 जनवरी, 2021 से प्रश्न दिनांक तक कुल कितनी महिलाओं का प्रसव शासकीय अस्पतालों में हुआ है? अस्पताल के नामवार सूची दी जावे। (ख) प्रश्नांश (क) अवधि में हुये प्रसव उपरांत शासन द्वारा मिलने वाली राशि का भुगतान समस्त आवेदक महिलाओं को हो चुका है? यदि नहीं तो कितनी महिलाओं को राशि का भुगतान किया जाना शेष है? (ग) प्रश्नांश (ख) के संबंध में जिन महिलाओं को राशि का वितरण नहीं किया गया है, राशि वितरण नहीं किये जाने के क्या कारण रहे एवं इसके लिये कौन दोषी है? क्या दोषी अधिकारी/कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही की गई है? (घ) प्रश्नांश (ख) के संबंध में पात्र महिलाएं जिनका प्रसव हुआ है, वह उक्त लाभ से वंचित है, उन्हें राशि का भुगतान कब तक कर दिया जावेगा?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) सिवनी जिले के अंतर्गत 1 जनवरी, 2021 से प्रश्न दिनाक तक जिले के शासकीय अस्पतालों में कुल 1,04,089 प्रसव हुए हैं। अस्पताल के नामवार सूची की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। योजना अंतर्गत पात्र महिलाओं को सहायता राशि का भुगतान एक सतत् एवं नियमित प्रक्रिया है। प्रसूति सहायता योजना के 1205 एवं जननी सुरक्षा योजना के 2122 हितग्राहियों के शेष भुगतान की कार्यवाही शेष है। (ग) प्रश्नांश (ख) के संबंध में भुगतान के प्रक्रियाधीन/लंबित होने के प्रमुख कारणों में हितग्राही की समग्र आईडी का न होना, उसका ई-केवायसी सत्यापित न होना, बैंक खाता आधार लिक डीबीटी इनेबल्ड न होना, महिला के समग्र का पति अथवा पति के परिवार से न जुड़ा होना, समय, आधार कार्ड की जानकारी हितग्राही द्वारा उपलब्ध न करवाया जाना है। उपरोक्त की पूर्ति हेतु हितग्राही स्वय जवाबदेय है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) सभी पात्र महिलाओं के द्वारा भुगतान हेतु आवश्यक पूर्तिया जैसे समग्र आईडी एवं उसकी ई-केवायसी, आधार लिंक बैंक खाता (डीबीटी इनेबल्ड) होते ही भुगतान किया जाता है। प्रक्रिया निरंतर स्वरूप की होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नही है।
सनकुआ धाम को पर्यटन से जोड़कर विकास कार्य स्वीकृत
[पर्यटन]
119. ( क्र. 2674 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिले की सेवढ़ा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले सनकुआ धाम को पर्यटन से जोड़ने के लिए प्रदेश के कौन-कौन से मुख्यमंत्री द्वारा कब-कब घोषणा की गई? घोषणा क्रमांक/दिनांक सहित जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) घोषणा के उपरांत शासन द्वारा इसको अमल में लाने के लिए क्या कार्यवाही की गई, कौन-कौन से विकास कार्य कितनी राशि के यहां स्वीकृत किए गए, यदि नहीं किए गए तो क्यों, इसके लिए कौन-कौन जिम्मेदार है? उनके नाम/पद एवं विभाग की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। (ग) क्या सनकुआ का पौराणिक महत्व होने के कारण यहाँ प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में पर्यटक एवं आस्था स्वरूप स्नान, तर्पण एवं अन्य अवसरों पर श्रद्धालु आते हैं, किंतु सुविधा न होने के कारण उन्हें निराश होना पड़ता है यदि हाँ, तो यहां श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विकास कार्य कराए जाने हेतु शासन की क्या योजना है? (घ) शासन द्वारा लगातार इस क्षेत्र के विकास के लिए बेहतर योजनाएं बनाई गई किंतु वह नाकाफी हैं, क्या डीएमएफ योजना के माध्यम से यहां विकास कराये जाने हेतु एक बेहतर पैकेज उपलब्ध कराने की कृपा करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक?
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) दतिया जिले की सेवढ़ा विधानसभा के सनकुआ धाम को पर्यटन केन्द्रों से जोड़ा जायेगा मान. तत्कालीन मुख्यमंत्री जी द्वारा घोषणा क्रमांक 4854 दिनांक 28.07.2018 को घोषणा की गई। (ख) दतिया कलेक्टर द्वारा माह अप्रैल 2023 में पत्र प्रेषित किया गया तत्पश्चात स्थल का निरिक्षण किया जाकर कार्ययोजना बनाई गई, किन्तु कोरोना महामारी के कारण बजट की सीमित उपलब्धता के कारण कार्यवाही नही की जा सकी। सनकुआ धाम में निर्माण/सौंदर्यीकरण कार्यों की स्वीकृति नहीं होने से कोई कार्य नहीं किये गये। (ग) नये SOR अनुसार पुनः DPR/कार्ययोजना तैयार की गई है। (घ) जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
बाउण्ड्रीवॉल विहीन विद्यालयों में स्वीकृत निर्माण कार्य
[स्कूल शिक्षा]
120. ( क्र. 2675 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिले के विकासखंड सेंवढ़ा में कुल कितने, कौन-कौन एवं कहां-कहां प्राथमिक/ माध्यमिक/हाई स्कूल/हायर सेकेंडरी स्कूल चल रहे हैं? इनमें कौन-कौन से स्कूल एकीकृत स्कूल के रूप में संचालित हो रहे हैं, इनके भवन कितने पुराने हैं? सूची सहित जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) उक्त स्कूलों के ऐसे कितने व कौन-कौन से भवन हैं, जिनमें बाउण्ड्रीवॉल अथवा पक्का पहुंच मार्ग नहीं है, जिसके अभाव में स्कूल प्रांगण में आवारा पशु आ जाते हैं एवं स्कूल की भूमि पर अतिक्रमण होने का खतरा है,जिससे विद्यार्थियों को अध्ययन में समस्या आ रही है, इसके निराकरण हेतु शासन की क्या कार्य योजना है? सूची सहित जानकारी देवें। (ग) क्या ग्राम बरा एवं कई ग्रामों में प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के भवन बहुत ज्यादा क्षतिग्रस्त है, जहां बच्चों को सदैव जान का खतरा बना हुआ है, फलस्वरुप बच्चे स्कूल जाते ही नहीं हैं? यदि हाँ, तो इसके लिये शासन की क्या कार्य योजना है? यदि नहीं तो जांच कराई जाए। (घ) क्या बच्चों के उज्जवल भविष्य को देखते हुए पहुंचमार्ग विहीन, भवन विहीन, बाउण्ड्रीवॉल विहीन, क्षतिग्रस्त स्कूलों के भवन निर्माण कराये जाने हेतु आदेश करने की कृपा करेंगे? यदि हाँ तो कब तक?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"1" अनुसार है। (ख) हाई एवं हायर सेकेण्ड्री विद्यालयों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"1" अनुसार है। प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। जहाँ पक्के पहुंच मार्ग नहीं है वहाँ कच्चे पहुंच मार्ग से बच्चों को विद्यालय पहुंचने में कोई असुविधा नहीं होती है। शेषांश में प्रश्नाधीन निर्माण कार्य बजट की उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर करता है। (ग) ग्राम बरा में माध्यमिक शाला भवन के कार्य स्वीकृत है मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है। कक्षाओं का संचालन अतिरिक्त कक्ष में किया जा रहा है। प्राथमिक विद्यालय खिरका, सुन्दरपुरा, बैरखेडा के जीर्ण-शीर्ण के स्थान पर नवीन भवनों की स्वीकृति जारी की जा चुकी है। शेष भवनों के लिए स्वीकृति, बजट की उपलब्धता पर निर्भर करेगी। जीर्ण शीर्ण भवनों में शाला संचालित नहीं किये जाने के पत्र क्रमांक/1713/भोपाल दिनाक 16.04.2025 द्वारा निर्देशित किया गया है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्नाधीन कार्य मांग, प्रस्ताव एवं बजट की उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर करता है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
परिवहन वाहनों की जानकारी
[परिवहन]
121. ( क्र. 2678 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मोटर व्हीकल अधिनियम, 1988 एवं केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में ''स्लीपर कोच बस'' नाम से कोई श्रेणी/कैटिगरी परिभाषित नहीं है। ऐसी स्थिति में म.प्र. में स्लीपर कोच बसों का पंजीकरण अब तक किन प्रावधानों, के आधार पर किया जा रहा है? यह नियमों के विपरीत है, तो इसके लिए उत्तरदायी अधिकारियों के विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई है अथवा की जाएगी? (ख) क्या अनेक स्लीपर कोच बसों की बॉडी, लेआउट, आपात निकास, अग्नि-सुरक्षा आदि बस बॉडी कोड के अनुरूप नहीं होने के बावजूद उनके पंजीकरण एवं फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी किए गए? ऐसे मामलों में दोषी अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की गई है? (ग) स्लीपर कोच बसों को यात्री परिवहन परमिट किन नियमों के अंतर्गत जारी किए गए हैं? स्लीपर कोच बसों में बार-बार आग लगने की घटनाओं से हो रही जनहानि के लिए जिम्मेदारी किसकी तय की गई है तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम हेतु क्या ठोस कदम उठाए जाएंगे? (घ) शिवपुरी जिले में संचालित परिवहन वाहनों जैसे- स्कूल वाहनों के निरीक्षण एवं स्थिति, वाहनों का पंजीकरण लाइसेंस एवं परमिट, वाहन ट्रांसफर, स्कूल बसों की अनुमति, ऑटो रिक्शा संचालन एवं कार्यवाही, वाहन चैकिंग एवं वसूली समस्त बिन्दुओं पर प्रश्नकर्ता द्वारा पत्र क्र./2025/1348 शिवपुरी दिनांक 17/10/2025 विगत दो वर्षों की समस्ते जानकारी RTO शिवपुरी द्वारा चाही गई थी, जो अप्राप्त है? जानकारी न देने पर संबंधित के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी?
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हां, मोटरयान अधिनियम, 1988 एवं केंद्रीय मोटरयान नियम, 1989 में स्लीपर कोच बस नाम से कोई श्रेणी/कैटेगिरी परिभाषित नहीं है, अपितु उक्त अधिनियम तथा उक्त अधिनियम के तहत निर्मित मध्यप्रदेश मोटरयान नियम, 1994 के नियम 155-क में विहित प्रावधानों के अंतर्गत प्रदेश में स्लीपर कोच बसों का पंजीकरण किया जाता है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं, स्लीपर कोच बसों का पंजीयन एवं फिटनेस मोटरयान अधिनियम, 1988 एवं नियमों में विहित प्रावधानों के अंतर्गत ही किया जाता है तथा परिवहन विभाग द्वारा समय-समय पर की जाने वाली वाहन चेकिंग की कार्यवाही के दौरान वाहन में आपात निकास, अग्नि-सुरक्षा आदि न पाये जाने अथवा वाहन की बॉडी नियमानुसार निर्मित न होने की स्थिति में संबंधित वाहन के विरूद्ध नियमानुसार चालानी कार्यवाही अथवा पंजीयन/फिटनेस निरस्ती की कार्यवाही की जाती है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) मोटरयान अधिनियम, 1988, की धारा 72, धारा 74, धारा 87 एवं धारा 88 में विहित प्रावधानों के अंतर्गत स्लीपर कोच बसों को यात्री परिवहन परमिट जारी किये गये हैं। स्लीपर कोच बसों में आग लगने की घटनाओं के संबंध में पुलिस तथा परिवहन विभाग द्वारा आवश्यक जांच की जाती है तथा घटना के लिए जिम्मेदार के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम हेतु मध्यप्रदेश मोटरयान नियम, 1994 के नियम 176 के तहत प्रत्येक यात्री बसों में क्षमता अनुसार एक या अधिक चालू हालत में अग्निशामक यंत्र लगवाये जाते हैं तथा केन्द्र सरकार द्वारा तय मानकों के अनुसार आकस्मिक द्वार/निकास होने की जांच की जाती है। स्लीपर कोच बसों में केन्द्रीय मोटरयान नियम, 1989 के नियम 125ग में विहित प्रावधानों के अनुसार आधुनिक अग्निशामक प्रणाली लगी होने पर ही उनका पंजीयन किया जा रहा है। (घ) वांछित जानकारी जिला परिवहन कार्यालय शिवपुरी के पत्र क्रमांक 359/जिपअ/2025 शिवपुरी, दिनांक 20.11.2025 द्वारा दी गई है, जिसकी प्रति जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है, जिसके परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।
प्रयोजन बदलने के प्रावधान
[राजस्व]
122. ( क्र. 2679 ) श्री संजय उइके : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 237 (1) में आरक्षित भूमियों के प्रयोजन बदलने का धारा 237 (2) में क्या-क्या प्रावधान दिया जाकर किस-किस को क्या-क्या अधिकार दिया गया था? इस धारा को किस दिनांक को समाप्त किया गया? (ख) धारा 237 (3) में किन-किन कार्यों के लिए भूमि आवंटित करने का किसे अधिकार दिया है और इस धारा में प्रयोजन बदलने के आदेश करने का अधिकार किसे दिया है, धारा 237 (3) में प्रयोजन बदलने का अधिकार कलेक्टर को नहीं, दिए जाने का क्या कारण है? (ग) औद्योगिक प्रयोजन के लिए एवं वन विभाग को वृक्षारोपण के लिए धारा 237 (1) में आरक्षित भूमि आवंटित करने पर धारा 237 (4) के अनुसार क्या-क्या कार्यवाही कलेक्टर को करना आवश्यक है यह कार्यवाही नहीं, किए जाने पर किसके विरूद्ध किस कार्यवाही का प्रावधान है?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) म.प्र. भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 237 (2) में (विलोपन से पूर्व) यह प्रावधान था कि "उपधारा (1) में वर्णित किसी प्रयोजन के लिए विशेष रूप से पृथक रखी गई भूमियां, कलेक्टर की मंजूरी से ही व्यपवर्तित की जाएंगी, अन्यथा नहीं।" अर्थात इसमें प्रयोजन बदलने का अधिकार कलेक्टर को दिया गया था। म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 30 दिसम्बर, 2011 में प्रकाशित (संशोधन) अधिनियम क्रमांक 42 सन् 2011 की धारा 34 द्वारा संहिता की धारा 237 की उपधारा (2) कालोप (समाप्त) किया गया है। (ख) म.प्र. भू-राजस्व संहिता, 1959 (यथा संशोधित 2018) की धारा 237 (3) के अंतर्गत, कलेक्टर को यह अधिकार दिया गया है कि वह उस ग्राम की कुल कृषि भूमि के न्यूनतम दो प्रतिशत तक (निस्तार हेतु) सुरक्षित रखने के पश्चात, शेष दखल रहित भूमि को निम्नलिखित कार्यों/प्रयोजनों के लिए व्यपवर्तित कर सकेगा:
अतः धारा 237 (3) में भी जन-उपयोगी परियोजनाओं हेतु प्रयोजन बदलने का अधिकार कलेक्टर को ही दिया गया है, किन्तु कृषि प्रयोजन हेतु आवंटन प्रतिबंधित है। (ग) धारा 237 (4) के प्रावधानों के अनुसार, जब धारा 237 (1) में आरक्षित भूमि का उपयोग राज्य सरकार के स्वामित्व की या अनुमोदित विकास/अधोसंरचना परियोजनाओं (जो उपधारा 3 में नहीं आती) के लिए करना अपरिहार्य हो जाता है, तो कलेक्टर को निम्नलिखित कार्यवाही करना आवश्यक है :
3. उपर्युक्त शर्तों के पूर्ण होने पर तर्कसंगत आदेश पारित करना।
यह एक वैधानिक प्रक्रिया है। यदि प्रक्रिया का पालन नहीं किया जाता है, तो वह आदेश अपास्त/ पुनरीक्षण योग्य होता है। संहिता में इसके लिए किसी विशिष्ट व्यक्ति के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही का उल्लेख नहीं है, अपितु यह प्रशासनिक/विभागीय प्रक्रिया का विषय है।
शासकीय भूमि को पृथक किया जाना
[राजस्व]
123. ( क्र. 2680 ) श्री संजय उइके : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश शासन आयुक्त भू-अभिलेख राजस्व विभाग ग्वालियर के द्वारा वर्ष 1980 से 2000 की अवधि में पटवारी मानचित्र एवं खसरा पंजी से पृथक करवाई गई लाखों हेक्टयर गैर खाते की दखल रहित भूमि को पटवारी मानचित्र एवं खसरा पंजी में दर्ज किए जाने की कार्यवाही प्रश्नांकित दिनांक तक भी शासन ने प्रारम्भ नहीं की है? (ख) वर्ष 1980 में कितनी-कितनी खाता मद की भूमि एवं कितनी-कितनी गैर खाता मद की भूमि दर्ज थी? उसमें से कितनी-कितनी भूमि पटवारी मानचित्र एवं खसरा पंजी में वर्ष 2000 तक पृथक किए जाने के कारण कम की गई, जिलेवार बतावें? (ग) पटवारी मानचित्र एवं खसरा पंजी से भूमि को पृथक किए जाने का क्या-क्या कारण रहा है? यह कार्यवाही भू-राजस्व संहिता 1959 एवं बन्दोबस्त नियमावली में दिए किस प्रावधान के अनुसार की गई? (घ) पटवारी मानचित्र एवं खसरा पंजी में पृथक की गई भूमियों को कब तक दर्ज किया जावेगा? समय-सीमा सहित बतावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। प्रश्नाधीन अवधि (1980-2000) में पटवारी मानचित्र एवं खसरा पंजी से व्यापक स्तर पर गैर खाते की दखल रहित भूमि को पृथक नहीं किया गया है। अतः दर्ज किए जाने की कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। गैर खाते की दखल रहित भूमि को अभिलेख में दर्ज करने हेतु म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 233 में प्रावधान निहित है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जिला अलीराजपुर, पन्ना एवं सिवनी भूमि वन विभाग/फॉरेस्ट की होने के कारण एवं 'वन व्यवस्थापन' की प्रक्रिया के तहत भारतीय वन अधिनियम 1927 एवं सुसंगत प्रावधानों के अंतर्गत पृथक की गई है। म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 में प्रावधान नहीं है। (घ) उत्तरांश (ख) के क्रम में प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
माननीय सदस्यों के पत्रों पर कार्यवाही
[राजस्व]
124. ( क्र. 2701 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक सरदारपुर नगर की भूमि के लिये अनुविभागीय अधिकारी, कलेक्टर, आयुक्त, संभागीय आयुक्त, को नगर परिषद् सरदारपुर एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा सीमांकन, अतिक्रमण एवं भूमि संबंधी तथा अन्य कितने पत्र प्राप्त हुए एवं उन पत्रों पर क्या कार्यवाही की गई? समस्त नोटशीट एवं पत्रो की प्रति देवें। (ख) दिनांक 23.04.2025 को कलेक्टर धार द्वारा सरदारपुर नगर का भ्रमण किया गया था निरीक्षण के दौरान किन-किन कार्यों हेतु मौखिक एवं लिखित निर्देश दिए गए थे, उन पर क्या कार्यवाही की गई? समस्त नोटशीट एवं पत्रो की प्रति देवें। (ग) क्या राष्ट्रीय राजमार्ग के मापदंड अनुसार 52+52=104 फीट के लिए भूमि हस्तांतरित की जाती है यदि हाँ, तो पुराना एन.एच. 59 फुलगावडी बायपास से स्मृति वन तक वर्तमान में रोड की चौड़ाई कितनी है? बिन्दुवार बतावें। (घ) क्या सरदारपुरा चौराहा बिन्दु क्रमांक 5-6 एवं बदनावर रोड बिन्दु क्रमांक 7-8 एवं आरा मशीन चौराहा बिन्दु क्रमांक 13-14 पर नक्शा अनुसार सड़क की चौडाई राष्ट्रीय राजमार्ग के मापदंड से कम पाई गई एवं अभी वर्तमान में चौड़ाई कितनी है? यदि हाँ, तो इसका कारण बतावें। तत्कालीन समय पर पुराना राष्ट्रीय राजमार्ग लोक निर्माण विभाग को भूमि हस्तांतरित की गई थी उस समय पर रोड की चौड़ाई कितनी थी? उसके अभिलेख की प्रति उपलब्ध करावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक सरदारपुर नगर की भूमि के लिये अनुविभागीय अधिकारी, कलेक्टर, आयुक्त, संभागीय आयुक्त, को नगर परिषद् सरदारपुर एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा सीमांकन, अतिक्रमण एवं भूमि संबंधी तथा अन्य के निम्नानुसार पत्र प्राप्त हुए – (अ) भूमि आवंटन हेतु नगर परिषद् सरदारपुर द्वारा प्रस्तुत आवेदन-पत्रों की अद्यतन स्थिति के 19 आवेदनों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ब) सीमांकन के 4 व अन्य 4 भूमि संबंधी जानकारी हेतु प्रस्तुत आवेदन के संबंध में नगर परिषद् टीम को मौके पर ले जाकर राजस्व एवं आबादी भूमि की जानकारी समय-समय पर प्रदाय की गई है। इस प्रकार भूमि आवंटन, सीमांकन व अन्य भूमि संबंधी जानकारी के कुल 27 आवेदन का निराकरण किया गया। पंचनामा जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। उन पत्रों पर की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) कलेक्टर जिला धार के दिनांक 23/04/2025 को सरदारपुर प्रवास के दौरान माही नदी घाट गहरीकरण, कुएं, बाउडी जीर्णोद्वार आदि बिन्दुओं पर चर्चा कर दिए गये दिशा-निर्देश अनुसार कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सरदारपुर द्वारा कार्यालयीन पत्र क्रमांक 2264/रीडर-2/2025 दिनांक 08/05/2025 द्वारा प्राक्कलन तैयार करवाकर कलेक्टर कार्यालय को प्रेषित किये गये है। पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) एवं (घ) भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकारण, भारत सरकार से संबंधित है।
नहर को प्रारंभ किया जाना
[जल संसाधन]
125. ( क्र. 2712 ) श्री साहब सिंह गुर्जर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माननीय प्रभारी मंत्री जी को प्रश्नकर्ता के प्रेषित पत्र 392 दिनांक 27.02.2025 पर उत्तर दिनांक तक की गई कार्यवाही से अवगत करावें। क्या कारण है कि हरसी हाई लेवल एल-1 शाखा (चक सोनपुरा) की नहरों से सिंचाई हेतु सुविधा अभी तक प्रारंभ नहीं की गई है? (ख) हरसी उच्च स्तरीय नहर परियोजना अन्तर्गत हरसी हाई लेवल एल-1 शाखा (चक सोनपुरा) नहर निर्माण के लिए निर्माणकर्ता फर्म को कब-कब, कितनी राशि का भुगतान किया गया एवं प्रश्न दिनांक की स्थिति में कितनी राशि का भुगतान लंबित है? (ग) क्या कारण है कि 90 प्रतिशत अधिक राशि का भुगतान एवं कई वर्ष व्यतीत हो जाने के बाद भी सिंचाई सुविधा प्रारम्भ नहीं हुई? इसके उत्तरदायी तब से अब तक पदस्थ अधिकारियों के नाम, पदनाम देकर बतावें कि इसके लिए उन पर कब तक कार्यवाही की जावेगी? (घ) कब तक सिंचाई सुविधा प्रारंभ कर किसानों को लाभान्वित किया जावेगा? यदि नहीं, तो इसका कारण बतावें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) विभाग द्वारा हरसी हाई लेबल एल-1 शाखा (चक सोनपुरा) एवं उपशाखा नहरों के संधारण कार्य हेतु वार्षिक अनुरक्षण मद से निविदा आमंत्रित कर संधारण कार्य कराया जा रहा है तथा कृषकों को सिंचाई सुविधा प्रदान की जाना प्रतिवेदित है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) एवं (घ) परियोजना का कार्य टर्न की पद्धति पर होने से संपूर्ण भुगतान किया जा चुका है एवं निर्माण उपरांत प्रत्येक वर्ष रूपांकित सिंचाई अनुसार सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाना प्रतिवेदित है। शेष प्रश्नांश लागू नहीं।
कार्यरत डॉक्टरों व अधिकारी/कर्मचारियों के संलग्नीकरण
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
126. ( क्र. 2722 ) श्री हजारीलाल दांगी : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिला अन्तर्गत स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत किन-किन डॉक्टरों व अधिकारी/कर्मचारियों का मूल पदस्थापना से अन्यत्र स्थानों पर संलग्नीकरण कर रखा है? क्या संलग्नीकरण राजगढ़ जिले से अन्यत्र जिले में भी कर रखा है? (ख) क्या संलग्नीकरण से मूल पदस्थापना स्थल का कार्य बाधित हो रहा है, यदि हां, तो ऐसे डॉक्टरों व अधिकारी/कर्मचारियों का संलग्नीकरण समाप्त क्यो नही किया जा रहा है? (ग) क्या डॉक्टरों व अधिकारी/कर्मचारियों का संलग्नीकरण नियम एवं प्रक्रिया के विपरीत है? संलग्न डॉक्टरों व अधिकारी/कर्मचारियों का संलग्नीकरण समाप्त कर मूल पदस्थापना स्थल पर कब तक पदस्थ कर दिया जावेगा? समय-सीमा बताये।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र माचलपुर में पदस्थ चिकित्सक डॉ. पायल पाटीदार के साथ अप्रिय घटना होने से इन्हें आगर-मालवा जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य नलखेड़ा में कार्य संपादित किए जाने हेतु आदेशित किया गया है। अप्रिय घटना के संबंध में एफ.आई.आर. एवं आदेश की प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) जी नहीं, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र माचलपुर में पदस्थ बंधपत्र चिकित्सक एवं सहायक स्टॉफ द्वारा आमजन को स्वास्थ्य सेवायें प्रदान की जा रही हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) राजगढ़ जिले अंर्तगत किसी अन्य चिकित्सक/कर्मचारी का संलग्नीकरण नहीं किया गया है, अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
शासकीय भूमि पर अवैध वृक्ष कटाई
[राजस्व]
127. ( क्र. 2723 ) श्री महेश परमार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्राम करंज, पटवारी हल्का 17, तहसील तराना में शिकायत दिनांक 18/04/2025 के विरुद्ध पटवारी द्वारा पंचनामा 17/04/2025 का तैयार किया गया? यदि हाँ, तो घटना से पूर्व पंचनामा तैयार करना किस नियम/प्रावधान के अंतर्गत वैध है? (ख) क्या पंचनामें में सर्वे नंबर 320 (7.92 हेक्टेयर) दर्शाया गया, जबकि वास्तविक कटाई स्थल भिन्न पाया गया? क्या इसे राजस्व अभिलेखों में गलत तथ्य दर्ज करना नहीं माना जाएगा? (ग) क्या कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग, सनावद के पत्र क्रमांक 1086 दिनांक 15/04/2025 में 138 वृक्षों की कटाई का तकनीकी प्रस्ताव दिया गया था? यदि हाँ, तो पंचनामे में केवल 15–20 वृक्ष दर्ज करने का आधार क्या है? (घ) क्या पीपल एवं नीम जैसे संरक्षित वृक्षों की कटाई हेतु सक्षम वन/पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त की गई थी? यदि नहीं, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कौन-सी कार्रवाई प्रस्तावित है? (ड.) क्या ध्यानाकर्षण सूचना क्रमांक 3342 के उत्तर में SDO (राजस्व), तराना द्वारा भेजा गया प्रतिवेदन क्रमांक 1007 दिनांक 30/10/2025 स्थल वास्तविकता से भिन्न पाया गया है? क्या इसे वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह करने की श्रेणी में नहीं माना जाएगा? (च) क्या पूरे प्रकरण की स्वतंत्र उच्च स्तरीय जांच (राजस्व-वन-पर्यावरण संयुक्त) कराई जाएगी? जांच पूर्ण होने तक संबंधित अधिकारियों को पदस्थापन से पृथक किया जाएगा या नहीं? (छ) क्या वृक्षों की कटाई की अनुमति में, NGT के नियमों का पालन किया गया हैं? यदि हाँ, तो उक्त अनुमति की प्रचलित नोटशीट के साथ संपूर्ण दस्तावेजों की फाइल उपलब्ध करावें?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) पटवारी द्वारा तहसीलदार तराना को बबुल वृक्ष कटाई के संबंध में प्रतिवेदन में उल्लेखित दिनांक 17.04.2025 का प्रतिवेदन दिनांक 21.04.2025 को तहसीलदार के प्रवाचक को प्रस्तुत किया था। (ख) पटवारी द्वारा ग्राम करंज के सर्वे क्रमांक 320 में ही बबुल के पेड कटाई के संबंध में प्रतिवेदन दिया गया। (ग) कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग सनावद के पत्र क्रमांक 1086 दिनांक 15.04.2025 में 138 वृक्षों की कटाई के संबंध में पत्र दिया गया था। जल गंगा संवर्धन अभियान 2025 के अंतर्गत ग्राम करंज स्थित तालाब पाल की सुरक्षा हेतु बबुल के लगभग 15-20 पेड़ की कटाई की गई थी। (घ) कोई सक्षम अनुमति इस कार्यालय में प्रस्तुत नहीं की गई है। इस संबंध में जांच दल गठित किया गया है। प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ड.) उपलब्ध जानकारी अनुसार ही ध्यानाकर्षण सूचना का उत्तर दिया गया था। (च) वृक्ष कटाई हेतु जांच दल गठित किया गया है। (छ) जी नहीं, वृक्षों की कटाई की अनुमति में एनजीटी के नियमों का पालन नहीं किया गया है। अनुविभागीय अधिकारी (रा.) तराना, जिला उज्जैन द्वारा दल गठित कर कार्यवाही की जा रही है।
नीमच में विद्यालयों के नवीन भवनों की स्वीकृति
[स्कूल शिक्षा]
128. ( क्र. 2724 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नीमच विधानसभा क्षेत्र में प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों की मरम्मत के प्रस्ताव विभाग के पास कब से लंबित हैं? इस संबंध में किन-किन जनप्रतिनिधियों ने कब-कब पत्राचार किया? (ख) प्रश्नांश (क) में संदर्भित विधानसभा क्षेत्र में विभाग द्वारा किन-किन माध्यमिक, हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के नवीन भवन के प्रस्ताव कब-कब उच्च अधिकारियों को भोपाल प्रेषित किए गए? उन पर वर्तमान में क्या कार्यवाही प्रचलन में है? सूची उपलब्ध कराएं। (ग) क्या कस्तूरबा छात्रावास में वार्डन के रूप में 3 वर्ष से अधिक समय तक अधीक्षक एवं अधीक्षिका की नियुक्ति नहीं की जा सकती? यदि हाँ, तो मंदसौर, नीमच जिले में कितने अधीक्षक एवं अधीक्षिका 3 वर्ष से अधिक समय तक किस-किस के आदेश से कार्यरत हैं? (घ) 1 जनवरी, 2023 के बाद नीमच जिले में कस्तूरबा छात्रावास में कब-कब, किस-किस कर्मचारी/अधिकारी के खिलाफ किस-किस प्रकार की शिकायत किस-किस व्यक्ति द्वारा कहाँ-कहाँ पर की गई? उक्त अवधि के लिए, उक्त जिलों के प्रत्येक छात्रावास की कैशबुक की प्रतिलिपि आडिट रिपोर्ट सहित देवें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) नीमच विधानसभा अंतर्गत 91 शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं का चिन्हांकन किया गया है। स्वीकृति, बजट की उपलब्धता पर निर्भर करेगी। शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों की जानकारी निरंक है। अतः शेषांश उद्भूत नहीं होता है। (ख) शासकीय माध्यमक शालाओं की नवीन भवन प्रस्ताव की जानकारी निरंक है। शासकीय हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूलों के नवीन भवन के प्रस्ताव पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। (ग) समग्र शिक्षा अभियान (सेकेण्डरी एजुकेशन) अन्तर्गत वार्डन को 03 वर्ष उपरान्त बदलने का प्रावधान है। लोक शिक्षण अंतर्गत संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास नीमच में नियुक्त वार्डन के 03 वर्ष पूर्ण नही हुए है। जिला-नीमच एवं मंदसौर के शेष छात्रावास में नये वार्डन की नियुक्ति की कार्यवाही प्रचलन में है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'दो' (पेन ड्राईव) अनुसार है। राज्य शिक्षा केन्द्र अंतर्गत संचालित जिला नीमच अन्तर्गत कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास में 03 वर्ष से अधिक समय तक नियुक्त वार्डन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- "तीन" अनुसार है। जिला मंदसौर में 02 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की वार्डन को 03 वर्ष पूर्ण हो चुके है। जिन्हें हटाकर नवीन शैक्षणिक सत्र में अतिरिक्त प्रभार (वार्डन) का देने की कार्यवाही को जावेगी। (घ) 01 जनवरी, 2023 से आज दिनांक तक राज्य शिक्षा केन्द्र अंतर्गत संचालित जिले अंतर्गत कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास हरवार की एक शिकायत जो कि सोनू सफा हरवार सहायक वार्डन की शिकायत ग्रामीणों द्वारा खबर मालवा, मेवाड में प्रदर्शित की गई थी जिसके उपरान्त जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्य स्थल से पृथक कर जिला शिक्षा केंन्द्र, नीमच पर संलग्न किया गया है। प्रश्नांश का शेष भाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"चार" (पेन ड्राईव) अनुसार है। 01 जनवरी, 2023 से आज दिनांक तक लोक शिक्षण अंतर्गत संचालित जिला-नीमच एवं मंदसौर में समग्र शिक्षा अभियान (सेकेण्डरी एजुकेशन) अन्तर्गत संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास में कार्यरत कर्मचारी/अधिकारी के खिलाफ कोई भी शिकायत प्राप्त नहीं है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'पॉंच' अनुसार है।
नर्मदा जयंती के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम
[संस्कृति]
129. ( क्र. 2728 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या राज्य मंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नर्मदा जयंती के पावन अवसर पर मां नर्मदा, के घाटों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम किये जाते है, यदि हाँ तो किस-किस प्रकार के कार्यक्रम किये जाते है? नाम एवं संख्या बतायें। (ख) वर्ष 2025-26 में नर्मदा जयंती के अवसर पर किन-किन घाटों पर भजन संख्या एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम किये गये? कार्यक्रमों की स्वीकृत राशि कितनी थी और किन-किन पार्टियों को भुगतान किया गया? संख्या सहित नाम बतायें। (ग) क्या नर्मदा जयंती के अवसर पर होने वाले विभिन्न सांस्कृति कार्यक्रमों का प्रचार-प्रसार हेतु बैनर होर्डिंग, माईक के माध्यम आदि द्वारा जनता को सूचना दी जाती है बतायें। (घ) उक्त जयंती के अवसर पर होने वाले व्यय के लिये क्या शासन बजट प्रावधान करता है? यदि हां, तो कितना बजट का प्रस्ताव है, राशि की जानकारी देवें।
राज्य मंत्री, संस्कृति ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जी हाँ, लोक गायन, भक्ति गायन एवं नृत्य नाटिका संबंधी गतिविधि को शामिल किया जाता है। शेष का प्रश्न उपस्थित नही होता। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। स्वीकृत राशि रुपये 3.00 करोड़, भुगतान की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) जी हाँ। (घ) जी हाँ, समेकित समारोह बजट से इस वर्ष हेतु रूपये 3.00 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है।
वाहनों में सिग्नल गेट से होने वाली दुर्घटना
[परिवहन]
130. ( क्र. 2730 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग द्वारा मध्यप्रदेश में सिग्नल प्रवेश द्वारा की बसों को चलाने की अनुमति दी गई है? यदि हाँ, तो इस प्रकार की बसों में यात्रा उपरांत दुर्घटना के समय क्या सुविधाजनक हो सकती है? (ख) मध्यप्रदेश में कितने श्रेणियों में ड्रायवर लायसेंस बनाये जाते है? बताये। क्या यह सुविधा जिला मुख्यालयों पर ही उपलब्ध है? (ग) क्या विभाग द्वारा महाविद्यालय, स्कूल विभागों में कैंप लगार समय-समय पर ड्रायविंग लायसेंस की सुविधा उपलब्ध करा सकते है? जिससे समय और व्यय की बचत हो सकती है? जानकारी दें। (घ) क्या जिला मुख्यालय अपने अधीनस्थ ब्लाक स्तर पर ड्रायविंग लायसेंस की सुविधा उपलब्ध करा सकता है? यदि हाँ, तो प्रश्नकर्ता के विधान सभा के ब्लॉक कन्नौद और खातेगांव में यह सुविधा कब तक संचालित होगी? जानकारी दें।
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हां, मध्यप्रदेश मोटरयान नियम, 1994 के नियम 164 के अनुसार उक्त अधिनियम की धारा 88 की उपधारा (9) के अधीन जारी किए गए ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट वाले यानों में दो द्वार होना आवश्यक नहीं है। इस प्रकार के यानों में केन्द्र सरकार द्वारा विहित प्रावधानों के अनुसार निर्धारित संख्या एवं आकार के आकस्मिक द्वार/निर्गम बनाए जाते हैं, जो कि दुर्घटना के समय यात्रियों को अतिशीघ्र बाहर निकलने हेतु सुविधाजनक होते हैं। (ख) मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 10 की उपधारा (2) अनुसार सात श्रेणियों में ड्राइविंग लाइसेंस जारी किये जाने के प्रावधान है। उक्त प्रावधान की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। जी हाँ। (ग) जी नहीं, परिवहन विभाग द्वारा प्रदेश में लर्निंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया को ऑनलाईन फेसलेस कर दिया गया है, जिसमें आवेदक ''सारथी पोर्टल'' के माध्यम से नियमानुसार ऑनलाईन परीक्षा पास कर स्वयं लाइसेंस प्राप्त करता है, परिवहन कार्यालयों द्वारा लर्निंग लाइसेंस नहीं बनाये जाते। स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस हेतु आवेदक को भौतिक परीक्षण एवं बायोमैट्रिक के लिए परिवहन कार्यालय आना आवश्यक होता है। लर्निंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया फेसलेस किये जाने से आवेदक के समय और व्यय की बचत होती है। (घ) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
विद्यालयों में कम दर्ज संख्या वाले छात्रों की जानकारी
[स्कूल शिक्षा]
131. ( क्र. 2731 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में कितने विद्यालय है? जिनमें छात्रों की संख्या कम होने के कारण उन्हें अन्य शालाओं में मर्ज किया जायेगा? जानकारी दें। ऐसी शालाओं के शिक्षकों का स्थानान्तरण कहां किया जाये? (ख) उक्त शालाओं, जिन्हें अन्य शालाओं में मर्ज किया जावेगा उन शाला भवनों का क्या उपयोग होगा? यदि हाँ, तो किस विभागों को ये भवन सौंपे जावेंगे? (ग) क्या ग्रामीण विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को सांदीपनी आश्रम (सी.एम. राईज) में अध्ययन करने की सुविधा प्राप्त होगी? यदि हां, तो इस व्यवस्था की क्या प्रक्रिया है? (घ) क्या बच्चों को उनके निवास स्थान से सांदीपनी आश्रम तक नि:शुल्क वाहन व्यवस्था की सुविधा रहेगी? जानकारी दें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) शून्य नामांकन वाली शालाओं के शिक्षकों को काउन्सिलिंग/प्रशासनिक स्तर पर रिक्त पदों के विरूद्ध पदांकन किया जाता है। (ख) शून्य नामांकन वाली अक्रियाशील शालाओं के उपयोग हेतु जिला कलेक्टर को निर्देशित किया जाता है। (ग) ग्रामीण क्षेत्र के शासकीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को निकट के सांदीपनी विद्यालयों में उपलब्ध कक्षावार रिक्त स्थानों में पालकों की सहमति के आधार पर प्रवेश दिया जाता है। (घ) विद्यार्थियों को उनके निवास से दूरी की पात्रतानुसार नि:शुल्क परिवहन की सुविधा उपलब्ध है।
कुशल श्रेणी में वर्गीकरण की कार्यवाही
[राजस्व]
132. ( क्र. 2738 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या आयुक्त भू-प्रबंधन संसाधन विभाग में अकुशल से अर्द्धकुशल तथा कुशल श्रेणी में वर्गीकरण की कार्यवाही प्रचलित है? (ख) आयुक्त भू-अभिलेख ग्वालियर के आदेश क्रमांक 167/स्था-एक/ च.ग्र./17399/2024 दिनांक 11.07.2024 के पालन में वर्गीकरण से वंचित स्थायी कर्मियों के श्रेणी वर्गीकरण हेतु प्रस्ताव विभाग के तत्कालीन मुख्यालय ग्वालियर से तथा किन जिलों से किस दिनांक को प्राप्त हुए? (ग) आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन विभाग ने श्रेणी वर्गीकरण हेतु सामान्य प्रशासन विभाग म.प्र. भोपाल से प्रशासकीय विभाग के माध्यम से मार्गदर्शन चाहा गया था? चाहा गया मार्गदर्शन आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन विभाग को किस दिनांक को प्राप्त हुआ? (घ) म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा श्रेणीकरण से शेष स्थायी कर्मियों के संबंध में श्रेणीकरण हेतु मार्गदर्शन दिनांक 15/12/25 को दिया गया था? सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दिए गए मार्गदर्शन के पालन में जिलों से प्राप्त प्रस्ताव तथा विभाग की मुख्यालय पर गठित समिति के प्रस्ताव पर कब तक कार्यवाही पूर्ण कर श्रेणी वर्गीकरण कर दिया जावेगा? तिथि बतायें?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) कार्यालयीन पत्र दिनांक 11.07.2024 के पालन में स्थायी कर्मियों के श्रेणी वर्गीकरण हेतु प्रस्ताव मात्र 07 जिलों से प्राप्त हुए हैं। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हां। चाहा गया मार्गदर्शन आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन म.प्र. को दिनांक 21.01.2026 को प्राप्त हुआ। (घ) जी हां। शेष स्थाई कर्मियों की श्रेणीकरण के संबंध में प्राप्त मार्गदर्शन के पालन में समिति का गठन किया जाकर जिलों से प्राप्त प्रस्ताव तथा मुख्यालय के स्थाई कर्मियों के कुशल एवं अर्द्धकुशल श्रेणी में वर्गीकरण की कार्यवाही शीघ्र ही पूर्ण कर ली जावेगी।
नामांतरण प्रकरणों में अनियमितता
[राजस्व]
133. ( क्र. 2739 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान राजस्व वर्ष 2025–26 में मुरैना जिले में दर्ज कुल नामांतरण प्रकरणों, निराकृत प्रकरणों तथा स्वीकृत/अस्वीकृत प्रकरणों की संख्या राजस्व न्यायालय, पीठासीन अधिकारी एवं ग्रामवार उपलब्ध कराई जाए। (ख) क्या म.प्र. भू-राजस्व संहिता की धारा 110 एवं म.प्र. नामांतरण नियम 2018 के अनुसार नामांतरण प्रकरणों में पटवारी प्रतिवेदन अनिवार्य नहीं है तथा धारा 110 (4) के अंतर्गत आवश्यक होने पर ही तहसीलदार द्वारा जांच का प्रावधान है। यदि हाँ, तो पटवारी जांच के नाम पर प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित रखने के संबंध में राज्य शासन द्वारा स्पष्ट निर्देश कब तक जारी किए जाएंगे? (ग) क्या धारा 110 (5) के अनुसार अंतिम आदेश के पश्चात भू-अभिलेख अद्यतन कर निःशुल्क प्रति प्रदान करने के बाद ही प्रकरण समाप्त किया जाना चाहिए? यदि हाँ, तो मुरैना जिले में बिना पालन किए समाप्त प्रकरणों की तहसीलवार, न्यायालय/पीठासीन अधिकारी/ग्रामवार संख्या तथा संबंधित अधिकारियों पर की जाने वाली कार्रवाई की जानकारी दी जाए। (घ) क्या 06-10-2021 के परिपत्र अनुसार पक्षकार की अनुपस्थिति में भी गुण-दोष के आधार पर आदेश पारित किए जा सकते हैं तथा सम्पदा 2.0 के अविवादित प्रकरणों में मूल दस्तावेज अनिवार्य नहीं हैं? यदि हाँ, तो विगत तीन वर्षों में ऐसे आधारों पर निरस्त प्रकरणों का विवरण एवं दोषी अधिकारियों पर प्रस्तावित कार्रवाई बताई जाए। क्या सम्पदा 2.0 के अंतर्गत पटवारी द्वारा 7 दिवस में रिपोर्ट अनिवार्य है?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिला मुरैना अन्तर्गत 2025-26 में राजस्व न्यायालय में दर्ज कुल नामान्तरण प्रकरण, स्वीकृत, अस्वीकृत एवं निराकृत प्रकरणों की राजस्व न्यायालयवार पीठासीन अधिकारीवार तथा ग्रामवार प्रकरणों की सूची जानकारी संलग्न परिशिष्ट पर है। (ख) अभिलेख की जांच हेतु पटवारी प्रतिवेदन अनिवार्य है तथा म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 104 के अन्तर्गत तहसीलदार हितबद्ध पक्षकारों को सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर देने के पश्चात तथा ऐसी और जांच जो वह आवश्यक समझे, करने के पश्चात आदेश पारित कर सकेगा। (ग) जिला मुरैना में सायबर तहसील लागू होने के पश्चात समय-सीमा में नामान्तरण आदेश पारित किये जाते है, जिसका भू-अभिलेख में स्वतः अमल हो जाता है तथा भूमि के क्रेता/दावेदार को नामान्तरण आदेश एवं भू-अभिलेख की अद्यतन प्रति इलेक्ट्रोनिक माध्यम से प्रदाय की जा रही है तथा अन्य माध्यमों से प्राप्त प्रकरणों में अभिलेख में अमल उपरान्त ही प्रकरण दाखिल रिकार्ड किया जाता है। (घ) जिला मुरैना में संपदा 2.0 के प्रकरणों का विहित प्रक्रिया अनुसार निराकरण किया जाता है। आवेदक की अनुपस्थिति में अदम पैरवी में प्रकरण खारिज नहीं किये जाते है। शेष प्रश्न उपस्थि नहीं होता।
मंत्री परिषद के निर्णयों एवं शासन आदेशों का पालन
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
134. ( क्र. 2746 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मंत्री-परिषद की बैठक दिनांक 04 अक्टूबर, 2023 के आयटम क्र. 109 में पारित मंत्री-परिषद आदेश दिनांक 04 अक्टूबर, 2023 के बिंदु क्र-1 और बिंदु क्र-2 के अनुसार शासकीय स्वशासी चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा महाविद्यालयों के शैक्षणिक संवर्ग को पुनरीक्षित सातवें वेतनमान का लाभ प्रदान किया गया था? (ख) क्या चिकित्सकों को पुनरीक्षित सातवें वेतनमान का लाभ प्रदान किये जाने के संबंध में विभागीय आदेश दिनांक 25.02.2025 के द्वारा मंत्री-परिषद आदेश दिनांक 04.10.2023 के बिंदु-01 और बिंदु-02 के परिपालन में लाभ प्रदान किया गया था? (ग) क्या विभागीय संशोधित आदेश क्र. 284/एफ/1/2/0001/2023/मेडि सत्रह, दिनांक 28.02.2025 के द्वारा मंत्री-परिषद आदेश दिनांक 04 अक्टूबर, 2023 के बिंदु-01 और बिंदु-02 के परिपालन में लाभ प्रदान किया गया था? (घ) क्या विभागीय आदेश दिनांक 27.03.2025 के द्वारा सिर्फ सातवें वेतनमान का वास्तविक लाभ दिनांक 01.01.2016 से प्रदान कर और पूर्व में जारी विभागीय आदेश दिनांक 25.02.2025 और आदेश दिनांक 28.02.2025 के द्वारा देय किए मूल वेतन निर्धारण के लाभ को निरस्त किया गया हैं? हाँ या नही? कारण सहित बताएं। (ङ) मंत्री-परिषद के आयटम क्रमांक 109 के संबंध में पारित आदेश दिनांक 04.10.2023 के बिंदु क्र.-02 का परिपालन सुनिश्चित किया जाएगा? अगर नही तो क्यों नहीं?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हां। (ख) जी नहीं। मंत्रि-परिषद निर्णय दिनांक 04 अक्टूबर, 2023 की कण्डिका-2 का पालन नही होने से यह आदेश निरस्त किया गया है। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार। (घ) जी हाँ। उत्तरांश (ख) अनुसार। (ड.) मंत्रि-परिषद निर्णय दिनांक 04 अक्टूबर, 2023 की कंडिका-2 के पालन में विभागीय प्रस्ताव पर वित्त विभाग की सहमति अप्राप्त है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
अपराधिक प्रकरणों पर कार्यवाही
[राजस्व]
135. ( क्र. 2747 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आयुक्त चंबल संभाग क्षेत्रान्तर्गत कितने अधिकारी/कर्मचारियों पर आर्थिक अपराध/लोकायुक्त तथा अन्य आपराधिक प्रकरण दर्ज है? जिलेवार एवं नामवार जानकारी दी जावें। (ख) कितने अधिकारियों तथा कर्मचारियों पर आपराधिक प्रकरणों में अभियोजन स्वीकृति प्राप्त होने के बाद भी आर्थिक अपराध शाखा/लोकायुक्त/पुलिस द्वारा न्यायालय में चालान प्रस्तुत नहीं किये गये? उसका कारण बताएं तथा कब तक प्रस्तुत कर दिया जावेगी? समय-सीमा बताई जावें। (ग) प्रश्नांश (क) के संबंध में कुछ अधिकारी/कर्मचारियों पर लोकायुक्त/आर्थिक अपराध/पुलिस में अपराध दर्ज होने के बाद भी संबंधितों द्वारा विभाग स्तर पर सांठ-गांठ कर दूसरे पदों पर नियुक्ति तथा पदोन्नति प्राप्त की गई है। जिलेवार एवं नामवार जानकारी दी जावें? (घ) प्रश्नांश (ग) के संबंध में नियम विरूद्ध नियुक्त तथा पदोन्नत कर्मचारियों की नियुक्ति तथा पदोन्नति निरस्त कर प्रथम नियुक्ति के मूल पद पर कब तक वापस पदस्थ किया जावेगा? (ड.) इस त्रुटिपूर्ण कार्यवाही के लिये कौन-कौन दोषी है, के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं की गई तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिला मुरैना के राजस्व स्थापना में अधिकारियों- कर्मचारियों की प्रश्न दिनांक की अवधि से राजस्व विभाग क्षेत्रान्तर्गत मुरैना जिले में राजस्व विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध लोकायुक्त/विशेष स्थापना शाखा लोकायुक्त में प्रकरण मात्र श्री सुरेन्द्र सिंह यादव, शीघ्रलेखक कमिश्नर कार्यालय चंबल संभाग मुरैना हाल कार्यालय कलेक्टर जिला मुरेना के विरुद्ध आय से अधिक प्रकरण में कार्यवाही प्रचलित है। जिला भिण्ड की जानकारी संलग्न परिशिष्टि अनुसार है तथा जिला श्योपुर अंतर्गत राजस्व विभाग के 01 पटवारी श्री प्रदीप आदिवासी पर आपराधिक प्रकरण एवं 01 पटवारी श्री सुशील सिंह तोमर पर लोकायुक्त में प्रकरण दर्ज है। (ख) जिला मुरैना में किसी भी अधिकारी कर्मचारी का चालान-प्रस्तुत करना शेष नहीं है। जिला भिण्ड में लोकायुक्त के दर्ज प्रकरण में से 02-कर्मचारियों के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति के उपरांत न्यायालय में चालान पेश किये जा चुके है। कर्मचारियों की अभियोजन स्वीकृति की मांग लोकायुक्त द्वारा की गई है जो विचारण में है। शेष 10 कर्मचारियों के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति की मांग नहीं की गई है। 06 कर्मचारियों पर आर्थिक अपराधिक प्रकरण दर्ज है जिनके विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति की मांग नहीं की गई है। उक्त 06 कर्मचारियों में से 05 कर्मचारी विभागीय जांच में दोषी पाये जाने से सेवा से पृथक किये गये है। जिला श्योपुर में श्री प्रदीप आदिवासी पटवारी के विरुद्ध थाना ढोढर में अपराध क्रमांक 11/331 धारा 25 (4), 64 (1) बीएनएस पंजीबद्ध होने से दोष सिद्ध होने पर तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती बबीता होरा शर्मा, जिला श्योपुर के निर्णय दिनांक 20/01/2026 द्वारा उक्त पटवारी को धारा 64 (1) भारतीय न्याय संहिता 2023 के अंतर्गत 10 वर्ष के कठोर कारावास, रूपये 20,000/-का अर्थदण्ड, 04 माह का अति. कठोर कारावास एवं धारा 331 (4) भारतीय न्याय संहिता 2023 के अंतर्गत 06 माह का कठोर कारावास, रूपये 10,000/- का अर्थदण्ड. 02 माह का अति. कठोर कारावास दण्डित किया गया है तथा म.प्र. शासन राजस्व विभाग मंत्रालय भोपाल के आदेश क्रमांक एफ 6-8/2021/सात-5 भोपाल दिनांक 04/05/2023 द्वारा श्री सुशील सिंह तोमर पटवारी को उक्त प्रकरण में अभियोजन स्वीकृति प्रदान की गई है। चालान प्रस्तुति की कार्यवाही विभाग द्वारा नहीं की जाती है। (ग) निरंक। (घ) एवं (ड.) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
नहरों के किनारे बनी सड़कों का संधारण
[जल संसाधन]
136. ( क्र. 2749 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में बांधों से निकलने वाले मुख्य नहरों एवं सहायक नहरों के किनारों/साईड पर निर्मित सड़कों का संधारण किये जाने का क्या प्रावधान/प्रक्रिया है? (ख) ग्वालियर जिले की भितरवार विधानसभा क्षेत्र के बांधों से निकलने वाली नहरों/सहायक नहरों की साईडों पर निर्मित कितनी सड़के क्षतिग्रस्त/मरम्मत योग्य है? (ग) क्या जीर्णशीर्ण/क्षतिग्रस्त/मरम्मत योग्य सड़कों का संधारण विभाग द्वारा नहीं किया जा रहा है? यदि हां, तो क्यों? कारण स्पष्ट करें। (घ) 01 जनवरी, 2024 से प्रश्न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित सड़कों के लिए प्राप्त हुई है? वर्षवार, सड़कवार व्यय राशि की जानकारी दें। यदि नहीं हुई तों क्यों? इन सड़कों की मरम्मत कब तक कराई जाएगी? समय-सीमा बताएं।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) बांधों एवं नहरों के सर्विस बैंक पर निर्मित निरीक्षण मार्गों को सुधार हेतु अनुरक्षण मद में निहित प्रावधान अनुसार कराया जाना प्रतिवेदित है। (ख) नहरों/प्रश्नांकित नहरों की साइड पर निर्मित कोई भी सड़क क्षतिग्रस्त नहीं होना प्रतिवेदित है। शेष प्रश्नांश लागू नहीं। (ग) एवं (घ) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्नांश लागू नहीं।
मंदिरों का निर्माण एवं जीर्णोद्धार
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
137. ( क्र. 2750 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले में वर्ष जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक कौन-कौन से मंदिरों/देवालय के निर्माण/जीर्णोद्धार हेतु कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई? ग्रामवार/नामवार जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार आवंटित राशि से कार्य प्रारंभ कराये जाकर कितने कार्य पूर्ण किन दिनांकों को हुए? मंदिरवार/नामवार/ग्रामवार जानकारी दें। (ग) क्या मंदिरों के जीर्णोद्धार/मरम्मत के अतिरिक्त मंदिर प्रांगण के सौन्दर्यीकरण एवं पहुंच मार्ग निर्माण कराए जाने हेतु कोई योजना है? (घ) प्रश्नांश (ग) का उत्तर यदि हां में है तो ग्राम धुआं विकासखण्ड घाटीगॉव जिला ग्वालियर में स्थित हनुमान मंदिर प्रांगण के जीर्णाद्धार, सौन्दर्यीकरण, पहुँचमार्ग के लिए आवश्यक राशि उपलब्ध कराई जायेगी? यदि हां, तो कब तक?
राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। (घ) प्रश्नांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
अवैध आवंटन एवं कब्जा
[राजस्व]
138. ( क्र. 2753 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले की तहसील रामपुर बघेलान की म.प्र. आम निस्तार की भूमि आ.न. 311/199 रकवा 3.55 एकड़ सन् 1961 से लेकर वर्ष 1980 म.प्र. शासन आम निस्तार की दर्ज आराजी थी। किस आदेश से यह भूमि निजी हुई? आदेश की मूल प्रति दें या बगैर किसी आदेश के निजी दर्ज हुई तो शासकीय कब घोषित होगी? वर्तमान में अवैध आवंटन मूल पवाईदार के वारिसों को जो हुआ है बगैर किसी सक्षम आदेश के उसकी पात्रता की क्या जांच हुई? दोषी कौन है? (ख) ग्राम करही प.ह. सगौनी तहसील रामपुर बाघेलान जिला सतना के मूल पवाईदार अमरीक सिंह, जादी देवी सिंह, लक्ष्मीनारायण सिंह सन् 1961 से 1965 में कितनी एकड़ भूमियां थी? अमरपाटन के पटवारी हल्का कोरिगवाँ दोनो तहसीलों में कुल कितनी भूमियां थी? सभी रिकार्डों की प्रति दें? (ग) वर्णित आराजियों का अवैध आवंटन, आदेश में की जा रही ठगी एवं न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी रामपुर बाघेलान एवं आदेश करने में की जा रही देरी व अवैध आवंटन को निरस्त करके शासकीय घोषित किया जाकर सम्पत्ति हड़पने वाले के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जायेगा क्यों? यदि हां, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? समय-सीमा दें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) ग्राम/मौजा अंकित न होने से उक्त जानकारी दिया जाना संभव नही है। (ख) जिला अभिलेखागार सतना से प्राप्त खसरा अभिलेख अनुसार ग्राम करही में अमरीक सिंह एवं जादी देवी के नाम खसरा पंचषाला वर्ष 1961-62 से 1965-66 तक कुल 10.38 एकड़ भूमियों दर्ज है। आराजी नम्बरवार जानकारी एवं खसरा पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-क एवं ख है। पटवारी हल्का कोरिगंवा का खसरा अभिलेख प्रश्नांकित वर्षों के तहसील रिकार्ड रूम एवं जिला अभिलेखागार में उपलब्ध नही है। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार वर्णित आराजी क्र. 572/2 निजी से शासकीय दर्ज कराये जाने हेतु प्रकरण क्रमांक 0013/अ-74/2024-25 न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी रामपुर बाघेलान में प्रकरण प्रचलित होने से शेष जानकारी निंरक है।
मैहर जिले की तहसील अमरपाटन के ग्रामों को रीवा जिले में शामिल करना
[राजस्व]
139. ( क्र. 2754 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मैहर जिले की तहसील अमरपाटन अंतर्गत ग्राम पंचायत आमिन, धोबहट, मुकुंदपुर, आनंदगढ़, पपरा को मैहर जिले से अलग करके रीवा जिले में शामिल किए जाने का आदेश कब और क्यों किस सक्षम अधिकारी द्वारा किसके आदेश पर जारी किया गया था? आदेश की एक प्रति उपलब्ध कराएं। (ख) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित ग्राम पंचायत ने रीवा जिले में शामिल होने का प्रस्ताव ग्राम सभा में पास करके जिला प्रशासन मैहर को दिया था? यदि हाँ, तो उक्त सभी ग्राम पंचायत के ग्रामसभा प्रस्ताव की प्रमाणित प्रति दें। यदि नहीं तो ग्राम पंचायत/ग्रामीणजनों की सहमति के बिना रीवा जिले में शामिल किए जाने के पीछे क्या मंशा थी? आखिर किस राजनैतिक और प्रशासनिक दबाव की वजह से ऐसा किया जा रहा था?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) मैहर जिले की तहसील अमरपाटन अंतर्गत ग्राम पंचायत आमिन, धोबहट, मुकुंदपुर, आनंदगढ़, पपरा, को मैहर जिले से अलग करके रीवा जिले में शामिल किए जाने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। शेष प्रश्नांश उद्भूत नहीं होता है। (ख) जी हां, प्रश्नांश (क) में वर्णित ग्राम पंचायतों में से केवल मुकुन्दपुर ग्राम पंचायत ने दिनांक 15.04.2025 एवं दिनांक 20.08.2025 को ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर जिला प्रशासन मैहर को दिया गया है। जिसमें से प्रथम प्रस्ताव मैहर जिले में ही शामिल रहने हेतु प्रेषित किया गया था एवं दूसरा प्रस्ताव रीवा जिले में शामिल करने हेतु दिया गया था। उत्तरांश (क) के प्रकाश में शेष प्रश्नाश उद्भूत नहीं होता।
बालाघाट जिले व्यय राशि का विवरण
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
140. ( क्र. 2759 ) श्री मधु भगत : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला चिकित्सालय बालाघाट में विगत 5 वर्षों से प्रश्न दिनांक तक किस-किस कार्य निर्माण कार्य,सामग्री खरीदी कार्य आऊटसोर्स भर्ती कार्य या अन्य समस्त कार्यों हेतु कितनी-कितनी राशि किस मद से किस-किस तिथि को प्राप्त हुई? उक्त राशि को किस माध्यम से किस कार्य हेतु खर्च किया गया तथा किस फर्म/कम्पनी/व्यक्तिगत खातों में भुगतान किया गया? तिथिवार, मदवार, कार्यवार, जानकारी उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित समस्त कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति की प्रतियाँ सहित निविदा की प्रक्रिया के दस्तावेज दर, बीड़, तुलनात्मक अध्ययन आदि दस्तावेज उपलब्ध करावें? (ग) जिला चिकित्सालय बालाघाट में आऊटसोर्स की निविदा कब से प्रचलन में है या पूर्ण हो चुकी है? क्या पूर्ण के निविदाकार को ही कार्यादेश प्रदाय किया गया है क्या? कब तक नई निविदा कार्य पूर्ण किया जावेगा? (घ) जिला चिकित्सालय बालाघाट में कौन-कौन लोक सेवक किस पद पर कब से पदस्थ/कार्यरत/संलग्न/प्रतिनियुक्ति पर है? आदेशों की प्रति बतायें एवं अन्यत्र मूल पदस्थ संस्था में पदस्थ होने के बावजूद अन्य कार्यालय में क्यों संलग्न किया गया है सूची कारण सहित उपलब्ध करावें?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) 16 जनवरी, 2024 से प्रचलन में है, जी नहीं, पूर्व के निविदा कार्य को माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा डब्लू. पी. - 1503 -2024 जारी आदेशानुसार निविदा कार्य निरस्त किये जाने हेतु आदेश पारित किया गया है, वर्तमान में वैकल्पिक रूप आशा सामाजिक कल्याण समिति को कार्यादेश जारी किया गया है वर्तमान में उक्त समिति द्वारा कार्य संचालित किया जा रहा है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
सिंचाई परियोजनों की जानकारी
[जल संसाधन]
141. ( क्र. 2762 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टेम सिंचाई परियोजना लटेरी, सेमलखेड़ी तीर्थ क्षेत्र सिंचाई परियोजना सिरोंज, बरखेड़ा हरगन सिंचाई परियोजना सिरोंज, सेमरखेड़ी सिंचाई परियोजना लटेरी की प्रशासकीय स्वीकृति उपलब्ध करावें उक्त सिंचाई परियोजना के कार्य आदेश दिनांक एवं कार्य पूर्णता दिनांक सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में उक्त सिंचाई परियोजना में वन विभाग की कितनी भूमि डूब प्रभावित हो रही है? वन विभाग को कितनी राशि एवं कहां-कहां राजस्व भूमि उपलब्ध कराई जा रही है? वन विभाग द्वारा उक्त सिंचाई परियोजनाओं को वन विभाग से भूमि कब तक हस्तांतरण करवा ली जावेगी? परियोजनावार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में उक्त सिंचाई परियोजनाओं का कार्य पूर्ण कब तक कर लिया जावेगा? समय-सीमा बतावें। यदि समय-सीमा में योजनाओं के कार्य पूर्ण नहीं हुए हैं तो इसके लिए कौन-कौन अधिकारी जिम्मेदार हैं? उक्त योजनाओं के कार्य पूर्ण हेतु कितनी-कितनी समय वृद्धि किस-किस अधिकारी द्वारा कब-कब की गई है? आदेशों की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में उक्त सिंचाई परियोजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण न करने पर कार्य एजेंसी (ठेकेदारों) पर क्या-क्या कार्यवाही की गई है? यदि कार्यवाही नहीं की गई है तो कब तक की जावेगी? बतलावें। (ड.) बरखेड़ा हरगन लघु तालाब अनुबंधकर्ता के कार्य का अनुबंध विखण्डन किए जाने हेतु कब तक कार्यवाही की जावेगी? समय-सीमा बतावें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) उल्लेख परियोजनाओं के प्रशासकीय आदेश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-‘’1" एवं कार्यादेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-‘’अ" अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के "प्रपत्र-अ" अनुसार है। वन विभाग को कोई राशि प्रदान नहीं की जाना प्रतिवेदित है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के "प्रपत्र-ब" अनुसार है एवं आदेशों की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे "परिशिष्ट-3" अनुसार है। (घ) वन विभाग संबंधित अनुमति में विलंब के कारण कार्य समय अवधि में पूर्ण नहीं किया जा सका। अत: शेष प्रश्न लागू नहीं। (ड.) अनुबंध विखण्डन का प्रस्ताव विभागीय स्तर पर प्रचलन में है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
भू-अर्जन की जानकारी
[राजस्व]
142. ( क्र. 2763 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2011 से प्रश्नांकित अवधि तक विदिशा जिले में सड़क निर्माण, सिंचाई योजनाओं एवं अन्य शासकीय प्रयोजनों के लिए कहाँ-कहाँ, कब-कब तथा कितना-कितना भू-अर्जन किया गया? परियोजना/मार्ग का नाम, मार्ग में सम्मिलित भू-अर्जित क्षेत्र का नाम, प्रभावित व्यक्ति का नाम, रकबा नंबर एवं अर्जित रकबा, स्वीकृत मुआवजा राशि, भुगतान की दिनांक तक तहसीलवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में सेमलखेड़ी तीर्थ क्षेत्र योजना ग्राम सेमलखेड़ी तहसील सिरोंज, बरखेड़ा हरगन सिंचाई परियोजना तहसील सिरोंज, टेम मध्यम सिंचाई परियोजना तहसील लटेरी के डूब-प्रभावित कृषकों को कब-कब, कितनी-कितनी मुआवजा राशि का भुगतान किया गया है? प्रभावित कृषक का नाम, पता, भुगतान राशि एवं भुगतान दिनांक सहित परियोजनावार/ तहसीलवार समस्त जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में मुआवजा के भुगतान में विलंब हुआ है? यदि हां, तो विलंब होने के क्या कारण हैं बतावें तथा कितने पात्र व्यक्तियों को मुआवजा राशि का भुगतान नहीं किया गया? नाम, पता सहित जानकारी उपलब्ध करावें एवं उक्त मुआवजा राशि का भुगतान कब तक कर दिया जावेगा? समय-सीमा बतावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) वर्ष 2011 से वर्तमान अवधि तक विदिशा जिले में हुए भू-अर्जन की जानकारी निम्नानुसार हैं– (A) अनुभाग सिरोंज अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग एवं सिंचाई परियोजना में सेमलखेड़ी एवं गरेठा परियोजना में भू-अर्जन किया गया है जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट –'अ' अनुसार। (B) अनुभाग लटेरी अंतर्गत सड़क निर्माण हेतु रा.रा.मार्ग एवं टेम मध्यम सिंचाई परियोजना हेतु डैम निर्माण के लिए भू-अर्जन किया गया है कृषकवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट –'ब' अनुसार। (C) अनुभाग कुरवाई में राष्ट्रीय राजमार्ग (कुरवाई-मुंगावली-चंदेरी) मार्ग एवं (विदिशा-मेहलुआ) मार्ग, कोठा बैराज सिंचाई परियोजना, हनौता सिंचाई परियोजना हेतु भू-अर्जन किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट –'अ' अनुसार। (D) अनुभाग बासौदा में राष्ट्रीय राजमार्ग द्वारा सड़क निर्माण एवं सिंचाई परियोजना अंतर्गत हनौता, कोठा, वघर्रू, उकयला, बलराम नगर परियोजना हेतु भू-अर्जन किया गया है जिनकी कृषकवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट –'ब' अनुसार। (E) अनुभाग नटेरन/शमशाबाद में वर्ष 2011 के उपरान्त संजय सागर परियोजनान्तर्गत नहर निर्माण एवं राष्ट्रीय राजमार्ग द्वारा सड़क निर्माण हेतु भू-अर्जन किया गया है, जिनके व्यक्ति, रकबा, मुआवजा राशि सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट –'अ' अनुसार। (F) अनुभाग ग्यारसपुर अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग हेतु एवं सिंचाई योजना हेतु नहर निर्माण कार्य हेतु भू-अर्जन किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट –'अ' अनुसार। (G) अनुभाग विदिशा लोक निर्माण विभाग एवं राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग द्वारा सड़क निर्माण हेतु भू-अर्जन किया गया है साथ ही जल संसाधन विभाग द्वारा विभिन्न सिंचाई योजनाओं के लिए भू-अर्जन किया गया है जिनकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट –'अ' अनुसार। (ख) सेमलखेड़ी तीर्थ क्षेत्र योजना ग्राम सेमलखेड़ी तहसील सिरोंज एवं टेम मध्यम सिंचाई परियोजना तहसील लटेरी के डूब प्रभावित कृषकों के भू-अर्जन की जानकारी मुआवजा राशि भुगतान सहित तैयार कर जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट –'स' अनुसार। बरखेड़ा हरगन सिंचाई परियोजना तहसील सिरोंज हेतु आज दिनांक तक कोई भू-अर्जन नहीं किया गया है। (ग) जिले में भू-अर्जन अवार्ड पारित किये जाने के उपरांत पात्र हितग्राहियों को भुगतान की कार्यवाही की जाती है, परन्तु शामिल खाते के कृषकों द्वारा आपसी सहमति न हो पाने, बैंक बचत खाते की जानकारी उपलब्ध न किए जाने अथवा व्यव्हार न्यायालय में वाद गतिशील होने के कारण कुछ कृषकों के भुगतान में विलंब होता है भुगतान नहीं हुए हितग्राहियों की परियोजनावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट –'द' अनुसार।
आर.आर.सी. जारी किए जाने के बावजूद राशि की वसूली नहीं किया जाना
[राजस्व]
143. ( क्र. 2764 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मण्डी प्रांगण दतिया में तोलकांटे की निविदा प्रक्रिया में अनियमितता होने के फलस्वरुप राशि 66,94,433/- रूपये वसूली मानवेंद्र कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रोपराइटर से करने हेतु तहसीलदार दतिया द्वारा पत्र क्रमांक 1576, दिनांक 30/05/2021 एवं 101, दिनांक 13/2/2024 द्वारा आर.आर.सी. जारी कर आगामी तिथि 20/02/2024 नियत की गई थी? (ख) यदि हाँ तो उक्त राशि की वसूली तहसीलदार दतिया द्वारा अभी तक न किए जाने के क्या कारण है? कब तक वसूली की जावेगी? समय-सीमा बतावें। (ग) क्या आरोपी द्वारा उक्त राशि आर.आर.सी जारी करने के बाद भी राशि जमा नहीं करने पर क्या उनकी संपत्ति कुर्क कर नीलामी की जाकर राशि वसूल की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी, हाँ। (ख) एवं (ग) माननीय न्यायालय तृतीय जिला ग्वालियर के प्रकरण क्रमांक MJC AV/34/2021 मानवेन्द्र कंस्ट्रक्शन कम्पनी बनाम सचिव कृषि उपज मंडी समिति दतिया का आदेश पारित होने पर ही वसूली की कार्यवाही की जा सकेगी।
शास. हमीदिया कन्या उ.मा विद्यालय में व्याप्त समस्याओं की शिकायत
[स्कूल शिक्षा]
144. ( क्र. 2767 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राजधानी भोपाल के शासकीय हमीदिया कन्या उ.मा विद्यालय शाला क्रमांक-1 फतेहगढ़ की पदस्थ प्राचार्य द्वारा शासकीय सेवा में रहते हुए तथाकथित राजनीतिक पार्टी में संगठन के सक्रिय सदस्य के रूप में विभिन्न पद धारण कर पार्टी विशेष के पक्ष में कार्य किया जा रहा है? (ख) उपरोक्तानुसार यदि हाँ, तो क्या उक्त प्राचार्य द्वारा किया जा रहा कार्य शासकीय सेवकों के कदाचरण की श्रेणी में नहीं आता? क्या प्राचार्य द्वारा कार्यों के प्रति गंभीर अनियमितता एवं भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत जनप्रतिनिधि/शाला कर्मचारियों और रहवासियों द्वारा शासन/विभाग को प्राप्त हुई है? (ग) यदि हां, तो प्रश्न दिनांक की स्थिति में प्राप्त शिकायतों पर शासन द्वारा कब-कब तथा क्या-क्या कार्रवाई की गई? कार्रवाई दिनांक सहित शासन/विभाग द्वारा की गई कार्रवाई की छायाप्रति उपलब्ध कराएं? (घ) प्रश्नांश "क’’ एवं ‘’ख" के परिप्रेक्ष्य में शासकीय कन्या उ.मा विद्यालय क्रमांक 1 फतेहगढ़ में छात्र-छात्राओं की सुविधा व शाला विकास कार्यों हेतु किस-किस मद से कब-कब तथा कितनी-कितनी राशि किन-किन कार्यों हेतु किन-किन के द्वारा व्यय की गई.? अधोहस्ताक्षरकर्ता का नाम, किये गए भुगतान/बिल वाउचर आदि की प्रति सहित विगत 5 वर्षों की जानकारी उपलब्ध कराएं?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) उत्तरांश (क) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। शून्यकाल सूचना क्रमांक-135 में शिकायत प्राप्त हुई है। (ग) शून्यकाल सूचना के आधार पर प्रारंभिक जांच कराई गई। प्रतिवेदन के आधार पर संबंधित को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया था। तत्पश्चात एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोके जाने का आदेश जारी किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- ‘एक’ अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- ‘दो’ अनुसार है।
भवन विहीन हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल
[स्कूल शिक्षा]
145. ( क्र. 2769 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र कसरावद अंतर्गत ऐसे कितने हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल हैं, जो भवनविहीन हैं? विवरण देवें। (ख) प्रश्नकर्ता द्वारा इन हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों के भवनों के निर्माण के लिए कब-कब पत्राचार किया गया है? उन पर क्या कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार भवनविहीन स्कूलों को कब तक स्वयं के भवनों की स्वीकृति प्रदान की जाएगी? समय-सीमा बताएं।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कोई भी शासकीय हाई एवं हायर सेकेन्डरी स्कूल भवनविहीन नहीं है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। शासकीय हाई एवं हायर सेकेन्डरी स्कूलों में विद्यार्थी नामांकन के आधार पर आवश्यकतानुसार अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण कार्य मांग/प्रस्ताव एवं बजट की उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर करता है। (ग) उत्तरांश ‘'क'’ के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। विद्यार्थी नामांकन के आधार पर आवश्यकतानुसार अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण कार्य मांग/प्रस्ताव एवं बजट की उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर करता है। अतः निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित स्कूलों में प्रवेश की योजना
[स्कूल शिक्षा]
146. ( क्र. 2771 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति वर्ग के प्रतिभावान छात्रों को डेली कॉलेज, इंदौर, डी.पी.एस. इंदौर जैसे प्रतिष्ठित पब्लिक स्कूलों में प्रवेश दिलाने हेतु एक विशेष योजना वर्ष 2003 में प्रारंभ की गई थी? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार क्या वर्तमान में यह योजना चल रही है? यदि नहीं तो बंद किए जाने का कारण क्या है? योजना बंद किए जाने से प्रभावित विद्यार्थियों की संख्या कितनी है? विवरण देवें। (ग) क्या राज्य सरकार द्वारा उक्त योजना को पुनः प्रारंभ किए जाने पर विचार किया जा रहा है? यदि हाँ, तो योजना को कब से एवं किस स्वरूप में पुनः प्रारंभ किए जाने का प्रस्ताव है? विवरण देवें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) से (ग) स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत उक्त योजना संचालित नहीं है। वर्तमान में इस तरह का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
चंबल-कालीसिंध-पार्वती लिंक परियोजना के कार्य की प्रगति
[जल संसाधन]
147. ( क्र. 2774 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र में चंबल-कालीसिंध-पार्वती लिंक परियोजना के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृत सेकड़ी सुल्तानपुर और सोनचिड़ी लघु सिंचाई परियोजना की प्रगति वर्तमान में किस स्तर पर है भविष्य में इस योजना में कार्य कब तक प्रारंभ हो जाएगा?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र में संशोधित पार्वती-कालीसिंध चंबल लिंक परियोजना अंतर्गत सीकरी- सुल्तानपुर एवं सोनचिरी बांध परियोजनाएं केन्द्रीय जल आयोग, नई दिल्ली में विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) हेतु परीक्षणाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
ग्रामीण क्षेत्र में खेल मैदान की जानकारी
[राजस्व]
148. ( क्र. 2775 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नागदा- खाचरौद विधानसभा क्षेत्र के कितने गांव में खेल मैदान राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है? (ख) विधानसभा क्षेत्र के किन-किन ग्रामों में युवाओं द्वारा खेल मैदान की मांग की गई? किन गांव में खेल मैदान राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने की कार्यवाही प्रचलित है?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र के 23 ग्रामों में खेल मैदान की भूमि राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत खाचरौद अनुभाग से 02 ग्राम पंचायतों (लुहारी,गिंदवानिया) में स्थानीय युवाओं द्वारा खेल मैदान की भूमि उपलब्ध करवाए जाने हेतु प्रस्ताव अपर कलेक्टर जिला उज्जैन को प्राप्त हुए थे इनमें से ग्राम गिंदवानिया हेतु प्रस्ताव पर इस न्यायालय द्वारा खेल मैदान आरक्षित किए जाने हेतु आदेश जारी कर दिये गये है एवं ग्राम लुहारी से प्राप्त प्रस्ताव विधि के प्रावधानों के विपरित होने से विचारोपरांत निरस्त किया गया है।
जिले के पर्यटन स्थल
[पर्यटन]
149. ( क्र. 2778 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन/विभाग द्वारा केंद्र/राज्य प्रवृत्तित योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के साथ ही जिलों एवं विकासखण्डों में पर्यटन केंद्रों को सुविधा संपन्न किया जाकर अनेक प्रकार के कार्य किये जा रहे हैं? (ख) यदि हां, तो वर्ष 2020-21 से लेकर प्रश्न दिनांक तक रतलाम जिला मुख्यालय पर एवं जिले में विकासखंड अंतर्गत पर्यटन केंद्रों के स्थलों का चयन करते हुए उन्हें चिन्हित किया जाकर किसी प्रकार की क्या कोई कार्य योजना बनाई गई है तो किन-किन स्थानों की? (ग) जिला मुख्यालय एवं विकासखंड अंतर्गत चिन्हित पर्यटन केंद्रों पर पर्यटकों की मूलभूत सुविधाओं यथा सड़क, बिजली, पानी, सुविधा घर, मनोरंजन के संसाधन, सांस्कृतिक केंद्र इत्यादि अन्य प्रकार के और भी अनेक सुविधाओं को दिए जाने हेतु किन-किन पर्यटन केंद्रों हेतु वर्षवार किस-किस प्रकार के कार्य किए गए? किए गए कार्यों की बजट स्वीकृति एवं किए गए व्यय बतावें? (घ) विगत कई वर्षों से जावरा विधानसभा क्षेत्र के पिपलौदा तहसील अंतर्गत 1-ग्राम सुजापुर 2-ग्राम मामटखेड़ा 3-ग्राम पिगराला 4-ग्राम नवाबगंज 5-ग्राम अंगेठी तथा जावरा तहसील अंतर्गत 1-मिडा जी (ग्राम गोंदी धर्मसी) 2-ग्राम काकरवा 3-ग्राम नन्दावता 4- ग्राम रिंगनोद (सात सहेलियां मगरा) पर उल्लेखित पर्यटन केंद्रों पर पर्यटकों की मूलभूत सुविधाओं के कार्य की स्वीकृति दिए जाने हेतु ध्यान आकर्षित किया जाता रहा है तो विभाग द्वारा क्या किया जा रहा है?
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जी हाँ। (ख) रतलाम जिले के ग्राम सुजापुर व मिंडा जी तथा नन्दावता स्थलों की कार्ययोजना बनाई गई है। (ग) रतलाम जिले के आलोट स्थित अनादीकल्पेश्वर मंदिर में शासन से स्वीकृत राशि रूपये 85.00 लाख से कुंड का विकास व पाथवे, रेलिंग तथा परिसर में फ्लोरिंग कार्य किये गये है। (घ) रतलाम जिले के ग्राम सुजापुर व मिंडा जी तथा नन्दावता स्थलों की कार्ययोजना पुन: नये एस.ओ.आर. पर बनाई गई है।
क्षेत्रीय सिंचाई कार्यों की जानकारी
[जल संसाधन]
150. ( क्र. 2779 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन/विभाग द्वारा जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत केंद्र/राज्य परिवर्तित योजनाओं के माध्यम से कृषि सिंचाई की सुगमता हेतु अनेक कार्य किये जा रहे हैं? (ख) यदि हाँ तो वर्ष 2020-21 से लेकर प्रश्न दिनांक तक किन-किन स्थानों पर किस-किस योजना के माध्यम से किस-किस प्रकार के क्या-क्या कार्य किये जा रहे हैं? क्षेत्रवार, कार्यवार, स्थानवार जानकारी दें। (ग) उपरोक्त प्रश्न अंतर्गत उल्लेखित वर्षों में किस-किस प्रकार के कार्य किए जाने हेतु कितना-कितना बजट स्वीकृत होकर कितने कार्य प्रारंभ हुए? कितने पूर्ण हुए, कितने अपूर्ण रहे एवं अप्रारंभ रहे तो किन कारणों से? किए गए कार्यों का वर्षवार कार्यवार, स्थानवार कितना-कितना व्यय हुआ? (घ) विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विभाग द्वारा संचालित किन-किन स्थानों की सिंचाई योजनाओं छोटे-बड़े डैम एवं बड़े छोटे तालाब सहित अन्य पूर्व से निर्मित संरचनाओं की क्षमता वृद्धि हेतु तथा मरम्मत एवं संधारण के कार्य हेतु उल्लेखित वर्षों में वर्षवार किन-किन कार्यों हेतु कितना-कितना बजट स्वीकृत होकर क्या-क्या कार्य किए गए? किए गए कार्यों की जानकारी दें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ। (ख) एवं (ग) विवरण संलग्न परिशिष्ट के "प्रपत्र-1" अनुसार है। (घ) विवरण संलग्न परिशिष्ट के "प्रपत्र-2" अनुसार है।
सुवासरा एवं सीतामऊ सिविल हॉस्पिटल
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
151. ( क्र. 2782 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुवासरा विधानसभा के सुवासरा एवं सीतामऊ सिविल हॉस्पिटल के भवन शासन द्वारा निर्धारित ड्राईंग एवं ठेकेदार के साथ किए गए अनुबंध एवं निविदा की राशि अनुसार निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है या नहीं जानकारी देवें? (ख) उपरोक्त दोनों सिविल हॉस्पिटल के नवीन भवन लोकार्पण हेतु तैयार है या नहीं यदि भवन लोकार्पण हेतु तैयार है तो कब तक उनका लोकार्पण करा दिया जाएगा? यदि कोई कमी है जिसके कारण लोकार्पण नहीं किया जा रहा है बिन्दुवार जानकारी देवें तथा कब तक कमियों को पूर्ण कर लिया जाएगा? (ग) प्रश्नांश (ख) यदि कोई कमी दर्शाई गई है तो यह कमी कार्य अनुबंध के अतिरिक्त है या किए गए अनुबंध के अन्तर्गत है? (घ) उपरोक्त दोनों सिविल हॉस्पिटल के नवीन भवन निर्माण हेतु कितनी-कितनी राशि स्वीकृत की गई थी, कितनी राशि की निविदा (टेण्डर) लगाई गई थी, निर्धारित अनुबंध के अतिरिक्त ठेकेदार द्वारा क्या कोई कार्य किया गया है यदि हाँ तो कार्य, लागत सहित जानकारी देवें?
उप मुख्यमंत्री, लोक
स्वास्थ्य
एवं चिकित्सा
शिक्षा ( श्री
राजेन्द्र
शुक्ल ) : (क) सुवासरा
विधानसभा के
सुवासरा एवं
सीतामऊ सिविल
हॉस्पिटल के
नवीन भवनों का
निर्माण कार्य
शासन द्वारा
स्वीकृत
ड्राईंग, तकनीकी
मानकों तथा
ठेकेदार के
साथ किए गए
अनुबंध की
शर्तों के
अनुसार पूर्ण
किया जा चुका
है। अनुबंधित
राशि से लागत
में वृद्धि का
प्रस्ताव
परीक्षणाधीन
है।
(ख)
सिविल
हॉस्पिटल
सुवासरा के
नवीन भवन
लोकार्पण
हेतु तैयार है
एवं सिविल
हॉस्पिटल
सीतामऊ के
मुख्य भवन का
निर्माण
कार्य पूर्ण
है एवं एप्रोच
रोड एवं
बाउण्ड्रीवॉल
का निर्माण
कार्य न होने
के कारण
लोकार्पण
नहीं हो पा
रहा है, समयावधि
बताया जाना
संभव नहीं है। (ग) सिविल
हॉस्पिटल
सीतामऊ में
एप्रोच रोड
अनुबंध के
अंतर्गत है
एवं
बाउंण्ड्रीवॉल
का कार्य
अनुबंध के
अतिरिक्त है। (घ)
जानकारी
संलग्न परिशिष्ट अनुसार।
परिशिष्ट
- "इकहत्तर"
संस्कृति विभाग अंतर्गत किये जाने वाले कार्य
[संस्कृति]
152. ( क्र. 2783 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या राज्य मंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) संस्कृति विभाग द्वारा कौन-कौन से कार्य किए जाते है एवं किस योजना/कार्यक्रम हेतु राशि व्यय की जाती है, जानकारी उपलब्ध करावें? (ख) विगत दो वर्षों में मंदसौर जिले में विभाग द्वारा कौन-कौन से कार्यक्रम कराये गए और किस-किस कार्य हेतु कितनी-कितनी राशि व्यय की गई है? दिनांक, स्थान, व्यय की गई राशि सहित जानकारी देवें। (ग) विभाग द्वारा मंदसौर जिले हेतु कितने और कौन-कौन से कार्यक्रम/कार्य करने हेतु राशि प्रस्तावित है, कार्यक्रम/कार्य का स्थान, दिनांक, राशि सहित जानकारी देवें? (घ) वर्ष 2020 से 2023 तक की अवधि में स्वीकृत कार्य पूर्ण हो चुके है? यदि हाँ तो कार्यों के नाम, राशि एवं स्थान सहित जानकारी देवें?
राज्य मंत्री, संस्कृति ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) विभाग द्वारा प्रदेश की कला, संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन एवं विस्तार एवं गणतंत्र दिवस के अवसर पर लोकतंत्र का लोक उत्सव ''भारत पर्व'' संबंधी सांस्कृतिक गतिविधियाँ आयोजित की जाती है।, समेकित समारोह बजट से इन गतिविधियों में व्यय किया जाता है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ग) विभाग अंतर्गत मंदसौर जिले हेतु भारत पर्व कार्यक्रम करने हेतु राशि प्रस्तावित है, जिसके लिए लगभग राशि रुपये 1,30,000/- का व्यय संभावित है, शेष संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (घ) उत्तरांश ''ग'' अनुसार।
शासकीय अस्पताल अंगदान हेतु चिन्हित
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
153. ( क्र. 2784 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के कौन-कौन शासकीय अस्पतालों को अंगदान हेतु चिन्हित किये गये? शासन द्वारा जारी आदेश एवं अस्पतालों के नाम की जानकारी जिलेवार दी जावें। (ख) दिनांक 1 जनवरी, 2020 से 31 दिसंबर, 2025 तक प्रदेश में कुल कितने मृतकों के द्वारा कौन-कौन से अंगदान किए गए? अंगदानकर्ता मृतक का नाम/पता सहित जानकारी दी जावें। (ग) प्रश्नांश (ख) में किये गये अंगदान प्रत्यारोपण करने हेतु प्रतीक्षा सूची बनाई गई है? यदि हाँ तो शासन आदेश एवं अस्पतालवार प्रतीक्षा सूची की प्रति उपलब्ध कराई जावें। (घ) प्रश्नांश (ग) के संबंध में किन-किन व्यक्तियों को अंगों का प्रत्यारोपण किया गया? उनके नाम, व्यवसाय एवं पता सहित जानकारी दी जावें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) अंगदान हेतु प्रदेश के चिन्हित किये शासकीय अस्पतालों की जानकारी निम्नानुसार है:-
|
क्र. |
शासकीय प्रत्यारोपण केन्द्र |
जिला |
|
1 |
गांधी चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल म.प्र. |
भोपाल |
|
2 |
एमजीएम सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल इंदौर म.प्र. |
इंदौर |
|
3 |
नेताजी सुभाषचंद्र बोस चिकित्सा महाविद्यालय जबलपुर म.प्र. |
जबलपुर |
|
4 |
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल म.प्र. |
भोपाल |
|
5 |
श्यामशाह मेडिकल कॉलेज रीवा म.प्र. |
रीवा |
शासन द्वारा जारी गाइड लाइन 2025 एवं राजपत्र 2014 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार। (ग) जी हां, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''3'' एवं शासन द्वारा जारी गाइड लाइन अनुसार। (घ) कुल 87 व्यक्तियों के अंग प्रत्यारोपण कराये गये हैं। शेष जानकारी निजी प्रवृत्ति की होने से दिया जाना संभव नहीं है।
शासकीय भूमि पर अतिक्रमण
[राजस्व]
154. ( क्र. 2786 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला गुना तहसील चाचोड़ा के ग्राम बापचा लहरिया में शासकीय भूमि खसरा क्रमांक 83/2/1 रकबा 2.0990, 83/405/1 रकबा 4.4780 पर अवैध कब्जा करने की श्री ओमप्रकाश शर्मा (शास. शिक्षक) पुत्र सगुनचंद के विरूद्ध शिकायत प्राप्त हुई है? यदि हाँ, तो कब-कब दिनांक सहित जानकारी दी जावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में यदि हाँ, तो अवैध कब्जाकर्ता श्री ओमप्रकाश शर्मा के विरूद्ध राजस्व विभाग के किस न्यायालय में प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है एवं प्रकरण में क्या निर्णय पारित किया गया? आदेश की प्रति उपलब्ध कराई जावें। (ग) प्रश्नांश (ख) के संबंध में यदि शासकीय भूमि को कब्जा मुक्त कराने हेतु अधिकारियों द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया गया है, तो अधिकारियों की संलिप्तता स्पष्ट होती है। इस अवधि में पदस्थ अधिकारियों के विरूद्ध कब तक कार्यवाही कर दी जावेगी। (घ) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित शासकीय भूमि से कब तक अतिक्रमण हटा दिया जावेगा। समय-सीमा की जानकारी दी जावें। (ड.) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित शासकीय भूमि पर श्री ओमप्रकाश शर्मा (शास. शिक्षक) के विरूद्ध कब्जा करने के प्रकरण को उनके विभाग में कार्यवाही के लिये भेजा गया था? यदि नहीं तो क्यों।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हां, तहसील चांचौड़ा के ग्राम वापचा लहरिया में शासकीय भूमि खसरा क्रमांक 83/2/1 रकबा 2.0990, 83/405/1 रकबा 4.4780 में से क्रमशः 0.200, 0.400 हेक्टेयर रमेशचन्द्र, प्रमोद कुमार, ओमप्रकाश पुत्रगण सुगनचंद जाति शर्मा पर अवैध कब्जा करने की शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायतकर्ता केशव कुमार शर्मा द्वारा दिनांक 24-12-2025 को जनसुनवाई में शिकायत दर्ज की गई थी। पटवारी ग्राम द्वारा अवैध कब्जा के संबंध में दिनांक 07/01/2026 को बिला इजाजत रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार अवैध कब्जाकर्ता के विरूद्ध न्यायालय नायब तहसीलदार वृत्त रमड़ी के प्रकरण क्रमांक 0117/3-68/2025-26 दर्ज किया गया है। प्रकरण के आदेश प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" अनुसार है। (ग) उत्तरांश (ख) के संबंध में उक्त शासकीय भूमि को कब्जा मुक्त किए जाने हेतु आदेश अर्थदण्ड रूपये 12,000/- आरोपित कर दिया गया है एवं अतिक्रामक के द्वारा आवेदन पेश कर स्वयं हटाने हेतु 01 माह का समय चाहा गया है। (घ) अतिक्रामकों को अतिक्रमण हटाने हेतु दिनांक 15/02/2026 तक समय दिया गया है। (ड.) उत्तरांश (क) में उल्लेखित शासकीय भूमि पर श्री ओमप्रकाश शर्मा (शासकीय शिक्षक) के विरुद्ध कब्जा करने के प्रकरण में तहसीलदार चांचौडा के द्वारा कार्यालीन पत्र क्रमांक 021/री-2/2025 चांचौड़ा दिनांक 23.01.2026 से श्री ओमप्रकाश शर्मा (शासकीय शिक्षक) के विरुद्ध कार्यवाही हेतु बीईओ चांचौड़ा को पत्र प्रेषित किया गया है।
ब्रहमस्वरूप समिति की अनुशंसाओं के अनुसार वेतनमान दिया जाना
[स्कूल शिक्षा]
155. ( क्र. 2787 ) श्री राजेश कुमार शुक्ला : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि प्रदेश के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में पदस्थ प्रोग्रामर्स को ब्रहमस्वरूप समिति की अनुशंसाओं के अनुसार वेतनमान 6500-10500 से दिए जाने हेतु शासन स्तर पर किए गए प्रयासों का ब्यौरा प्रदाय करें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
मेडिकल कॉलेज एवं जिलों में संचालित चिकित्सालयों में दवाओं/सामग्री का क्रय
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
156. ( क्र. 2796 ) श्री निलेश पुसाराम उईके : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के जिला छिंदवाड़ा व सिवनी में स्थित शासकीय मेडिकल कॉलेज, जिला चिकित्सालय, सी.एच.सी. व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में इक्विपमेंट, कंज्युमेबल सामग्री, दवाओं व अन्य सामग्री हेतु शासन/विभाग द्वारा कोई राशि सम्बन्धित मेडिकल प्रशासन/सी.एम.एच.ओ./चिकित्सालयों प्रमुखों को प्रदत्त की गई है? यदि हाँ, तो वर्ष 2023 से आज दिनांक तक प्रदत्त राशि की तिथिवार, विस्तृत विवरण सहित पृथक-पृथक जानकारी देवें। क्या उक्त प्रदत्त राशि के विरुद्ध सम्बन्धित मेडिकल प्रशासन/सी.एम.एच.ओ./चिकित्सालय प्रमुखों द्वारा व्यय कर सम्बन्धित सामग्री/दवाओं को क्रय किया गया है? यदि हाँ तो उसकी क्रय प्रक्रिया एवं इस बाबत शासन/विभाग के दिशा-निर्देशों व क्रय सामग्री की गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट की अद्यतन जानकारी देवें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित जिलों व अवधि में इन जिलों में स्थित मेडिकल कालेजों व चिकित्सालयों में क्रय सामग्री व चिकित्सा उपकरणों की वर्तमान भौतिक स्थिति कार्य करने के लिये उपयुक्त है? यदि नहीं, तो क्यों व उन उपकरणों व सामग्री की जानकारी उनकी क्रय तिथि सहित देवें। क्या मेडिकल कॉलेज सिवनी में जून 2024 से दिसम्बर 2024 तक डीन की पदस्थापना थी? यदि हाँ, तो उक्त अवधि के उनकी उपस्थिति डेटा की जानकारी देवें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक प्रदत्त राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार। जी हाँ। सामग्री का क्रय मध्यप्रदेश भण्डार क्रय तथा उपार्जन नियम 2015 यथा संशोधित 2022 एवं मध्यप्रदेश शासन की औषधी नीति वर्ष 2023 अनुसार किया जाता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार। क्रय की गई दवाओं की गुणवत्ता की जांच औषधित उपार्जन मार्गदर्शिका अनुसार की जाती है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार। उपकरणों की गुणवत्ता की जांच इन्स्टॉलेशन के समय की जाती है एवं स्वीकृत स्पेसिफिकेशन्स के मिलान कर सत्यापित किया जाता है। (ख) जी हाँ। जी हाँ। जून 2024 से दिसम्बर 2024 तक डीन सिवनी की उपस्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार।
राजस्व प्रकरणों के निराकरण में अत्याधिक विलम्ब व राजस्व अधिकारियों की पदस्थापना
[राजस्व]
157. ( क्र.
2797 ) श्री
निलेश
पुसाराम उईके
: क्या
राजस्व
मंत्री महोदय
यह बताने की कृपा
करेंगे कि (क) क्या
जिला-पांढुर्ना, छिंदवाड़ा
व सिवनी में
विशेषकर
जनजातीय विकासखण्डों
में स्थित
राजस्व
कार्यालयों
में विचाराधीन
भूमि बंटवारा, नामांतरण, सीमांकन, डायवर्जन
एवं रिकार्ड
दुरुस्ती
सम्बन्धी
प्रकरणों निर्धारित
अवधि से
अत्याधिक
अवधि तक
निराकरण नहीं
किया जा रहा
है? यदि
हाँ तो क्यों? क्या
उक्त
प्रकरणों में
से अत्याधिक
प्रकरण सम्बंधित
पटवारी का
प्रतिवेदन
समय-सीमा में प्राप्त
न होने के
कारण लम्बित
है? यदि
हाँ तो इसके
लिए दोषी के
विरुद्ध कोई
कार्यवाही की
जावेगी? (ख) क्या
जिला सिवनी की
तहसील कुरई
में पदस्थ
पटवारी एक ही
स्थान में
अधिक अवधि से
पदस्थ है व
इसके साथ ही
उसे समीपी
हल्का का भी
प्रभार दिया
गया हैं? क्या उक्त
पटवारी को
अन्यत्र
दूरस्थ हल्का
में पदस्थ
करने व अन्य
अनियमितता के
सम्बंध में
स्थानीय
जनप्रतिनिधियों
व जनों द्वारा
कोई पत्र जिला
प्रशासन/शासन/विभाग
को प्राप्त
हुए हैं? यदि हाँ तो
उक्त पटवारी
को कब तक
अन्यत्र दूरस्थ
हल्का/तहसील/जिला
मुख्यालय
संलग्न पदस्थ कर
दिया जावेगा?
राजस्व
मंत्री ( श्री
करण सिंह
वर्मा ) : (क) जिला
पांढुर्णा, छिन्दवाड़ा
व सिवनी में
प्रकरणों का
निर्धारित
अवधि में निराकरण
किया जा रहा
है।
छिंदवाड़ा
जिले के
अंतर्गत समस्त
राजस्व न्यायालय
में भूमि बंटवारा, नामांतरण, सीमांकन, डायवर्जन
एवं रिकार्ड
दुरुस्ती
सम्बन्धी
प्रकरणों का
निराकरण
म.प्र.भू
राजस्व
संहिता
संशोधित 2018 के
प्रावधानों
के अंतर्गत
निर्धारित
समय-सीमा में
निराकरण किया
जा रहा है।
सिवनी जिला
अंतर्गत
जनजातीय विकासखण्डों
में स्थित
राजस्व
कार्यालयों
में
विचाराधीन
भूमि बंटवारा, नामांतरण, सीमांकन, डायवर्जन
एवं रिकार्ड
दुरुस्ती
सम्बन्धी
प्रकरणों का
निराकरण
निर्धारित
अवधि के भीतर
किया जा रहा
है। पटवारी का
प्रतिवेदन
समय-सीमा में
प्राप्त न
होने के कारण
कोई प्रकरण
लम्बित नहीं
है। अत: शेष
प्रश्नांश
उत्पन्न
नहीं होता है। (ख) जिला
सिवनी की
तहसील कुरई
अंतर्गत 01
पटवारी को
अन्यत्र
दूरस्थ हल्का
में पदस्थ करने
व अन्य
अनियमितता के
सम्बंध में
स्थानीय जनप्रतिनिधियों
व जनो द्वारा
ज्ञापन के
माध्यम से
माह फरवरी में
दिनांक 05/02/2026 को पत्र
प्राप्त हुआ
है। उक्त संबंध
में संबंधित
पटवारी की
जांच
कार्यवाही प्रचलित
है। जांच
उपरांत
शिकायत सही
होने पर नियमानुसार
कार्यवाही की
जावेगी।
सिंचाई परियोजना के निर्माण की धीमी गति
[जल संसाधन]
158. ( क्र. 2798 ) श्री निलेश पुसाराम उईके : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला छिंदवाड़ा में निर्माणाधीन छिंदवाड़ा सिंचाई परियोजना का कार्य वर्ष 2019 से प्रारंभ है? यदि हाँ तो उसकी पूर्णता अवधि कब तक हैं? क्या उक्त सिंचाई परियोजना के निर्माण कार्य को प्रारम्भ हुये लगभग 75 माह, उसमें अभी तक लगभग 2200 करोड़ रुपये सम्बन्धित निर्माण ठेकेदार को विभाग द्वारा भुगतान अर्थात निविदा राशि का लगभग 40% कर दिया गया एवं कार्य स्थल में निर्माण कार्य की भौतिक स्थित भुगतान की तुलना में नगण्य हैं? यदि हाँ तो क्यों? यदि नहीं तो निर्माण स्थल में किये गए कार्य की अद्यतन स्थिति की जानकारी पृथक-पृथक कार्यवार देवें। क्या उक्त निर्माण कार्य की धीमी गति व अधिक भुगतान के संबंध में कोई पत्र शासन/विभाग को प्राप्त हुए हैं? यदि हाँ तो उसमें क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं तो कब तक की जावेगी? (ख) क्या प्रश्नांश '’क'’ में वर्णित सिंचाई परियोजना की शासकीय निर्माण एजेंसी जल संसाधन संभाग छिंदवाड़ा के उपसंभाग में पदस्थ एस.डी.ओ.,सम्भाग में पदस्थ कार्यपालन यंत्री व मण्डल में पदस्थ अधीक्षण यंत्री उक्त परियोजना के निर्माण की धीमी गति व कार्य स्थल में निर्माण कार्य की तुलना में अधिक भुगतान के लिए जिम्मेदार हैं? यदि हाँ तो उन्हें कब तक यहां से पृथक किया जावेगा?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ। पूर्णता अवधि दिनांक 21.07.2026 तक है। जी नहीं,परियोजना में एजेंसी को राशि रूपये 2107.87 करोड़ अनुबंध में निहित कार्य संपादित का भुगतान किया गया है। संगम-2 बांध के अंतर्गत पंप हाऊस- 6,7,8, 9 एवं पांढुर्णा पंप हाऊस का निर्माण कार्य क्रमश: 75%, 54%, 86%, 50% एवं 27% पूर्ण हो चुका है। संगम-1 एवं संगम-2 बांध एवं बैलेसिंग रिजरवायर पांढुर्णा बांध में 930 कि.मी. HDPE Pipe एवं 69 कि.मी. MS Pipe इस प्रकार कुल 999 कि.मी. का पाइप लेईंग का कार्य पूर्ण हो चुका है। एजेंसी द्वारा आज दिनांक तक HDPE Pipe कुल 1805 कि.मी. एवं MS Pipe कुल 259 कि.मी. लंबाई का मटेरियल कार्य स्थल/स्टॉक यार्ड में एकत्रित किया जा चुका है। कार्य में धीमी गति का कारण वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 में कोरोना काल के कारण एवं अधिग्रहण की जाने वाली भूमि के विरूद्ध जन-विरोध तथा स्पैशल पैकेज की मांग के अतिरिक्त संगम-2 बांध के डूब क्षेत्र में आने वाली वन भूमि के विरूद्ध गैर वन भूमि जिले में उपलब्ध न होने के कारण कार्य की प्रगति में अवरोध हो रहा है। परियोजना में धीमी गति अधिक भुगतान के संबंध में शासन/विभाग से पत्र प्राप्त नहीं होना प्रतिवेदित है। शेष प्रश्न लागू नहीं। (ख) जी नहीं, परियोजना में निर्माण की धीमी गति का मुख्य कारण वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 में कोरोना काल, जन विरोध एवं स्पेशल पैकेज की मांग है। सिंचाई परियोजना में भुगतान किए गए कार्यानुसार होना प्रतिवेदित है।
ग्राम सेमलीकला को राजस्व ग्राम घोषित किया जाना
[राजस्व]
159. ( क्र. 2800 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ विधानसभा अंतर्गत प्रश्न दिनांक तक कितने राजस्व ग्राम है? तहसीलवार बतावें? (ख) क्या राजगढ़ विधानसभा अंतर्गत ग्राम सेमलीकला राजस्व ग्राम घोषित है? यदि हाँ तो यह राजस्व ग्राम कब घोषित किया गया था? (ग) यदि नहीं तो क्या ग्राम सेमलीकला को राजस्व ग्राम घोषित किया जावेगा यदि हाँ तो कब तक और यदि नहीं तो क्यों नहीं? (घ) राजगढ़ विधानसभा अंतर्गत और ऐसे कितने ग्राम है जो ग्राम तो है परंतु राजस्व ग्राम नहीं है बतावें तथा उन्हें कब तक राजस्व ग्राम घोषित किया जाएगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) राजगढ़ विधानसभा अंतर्गत तहसीलवार राजस्व ग्रामों की जानकारी निम्नानुसार है:-
|
क्र. |
तहसील का नाम |
राजस्व ग्राम की संख्या |
|
1 |
राजगढ़ |
293 |
|
2 |
खुजनेर |
97 |
|
3 |
तहसील खिलचीपुर की उप तहसील भोजपुर |
163 |
|
|
कुल योग |
553 |
(ख) जी हाँ, ग्राम सेमलीकंला जिला गठन के समय ही राजस्व ग्राम हैं। (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में जानकारी निरंक है। (घ) निरंक।
निजी चिकित्सा महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में NRI कोटे का दुरुपयोग
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
160. ( क्र. 2807 ) श्री महेश परमार : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश के निजी चिकित्सा महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रमों में अनिवासी भारतीय (NRI) कोटे से प्रवेश की अनुमति दी जाती रही है तथा शैक्षणिक वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक इसके लिए पृथक-पृथक नियम, अधिसूचनाएं एवं नीति-निर्देश प्रभावशील थे? यदि हाँ, तो उक्त अवधि के संपूर्ण नियम, संशोधन एवं शासन निर्देश बतावें। (ख) क्या NRI अथवा NRI पर आश्रित होने के आधार पर प्रवेश प्राप्त करने हेतु अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले अनिवार्य दस्तावेजों की प्रामाणिकता की अंतिम जिम्मेदारी महाविद्यालय स्तरीय प्रवेश समिति तथा विभागीय पर्यवेक्षण पर थी? यदि हाँ, तो संबंधित आदेश/दिशा निर्देश उपलब्ध कराए जाएं। (ग) क्या शासन यह स्पष्ट करेगा कि श्री अरविन्दो इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, इंदौर एवं आर.डी.गार्गी मेडिकल कॉलेज, उज्जैन में उपरोक्त अवधि के दौरान PG पाठ्यक्रमों में NRI कोटे से चयनित प्रत्येक अभ्यर्थी के NRI/Dependent होने संबंधी दस्तावेजों की विधिवत, स्वतंत्र एवं रिकॉर्ड-आधारित जांच की गई? (घ) क्या वर्ष 2017-2018 से 2019-2020 प्रत्येक ऐसे अभ्यर्थी के प्रवेश आवेदन, NRI प्रमाण, NRI पर आश्रित संबंध के समस्त दस्तावेज, अनुबंध, शुल्क विवरण तथा प्रवेश समिति की जांच रिपोर्ट महाविद्यालयवार एवं अभ्यर्थीवार उपलब्ध है? यदि हाँ, तो उनकी प्रमाणित प्रतियाँ देवें। (ड.) यदि किसी भी स्तर पर दस्तावेज अपूर्ण, संदिग्ध अथवा नियमों के विपरीत पाए गए हो, तो क्या इसे प्रवेश नियमों का उल्लंघन मानते हुए उत्तरदायित्व तय किया गया? यदि नहीं, तो शासन यह स्पष्ट करें कि NRI कोटे की निगरानी एवं वैधानिक जवाबदेही अंततः किस अधिकारी एवं प्राधिकरण की है।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। मध्यप्रदेश राजपत्र दिनांक 10 अप्रैल, 2017 एवं मध्यप्रदेश राजपत्र दिनांक 09, दिनांक 2018, संशोधन दिनांक 19 जून, 2019 नियमों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार। (ख) एनआरआई सीटों पर प्रवेश हेतु अनिवार्य दस्तावेजों की प्रमाणिकता की अंतिम जिम्मेदारी महाविद्यालय स्तरीय समिति की है। मध्यप्रदेश राजपत्र दिनांक 09 मार्च, 2018 के बिन्दु-10 नियम की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार। (ग) उत्तरांश ''ख'' के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) उत्तरांश ''ख'' अनुसार।
प्लाट एवं कृषि भूमि का नामांतरण, अभिलेखीकरण,क्रय विक्रय
[राजस्व]
161. ( क्र. 2811 ) श्री बाबू जन्डेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृषि भूमि एवं प्लाट को पंजीकृत विक्रय विलेख के माध्यम से खरीदने पर सीधे राजस्व विभाग में क्रेता का नामांतरण स्वीकृत होने के संबंध में म.प्र. शासन के क्या नियम है? ये कब से लागू है? नियमों की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रशनांश (क) अनुसार उपरोक्त नियम लागू होने से प्रश्न दिनांक तक श्योपुर जिले की समस्त तहसीलों में साइबर तहसील के माध्यम से कितने आवेदन प्राप्त हुए? उनमें से कितने आवेदन पटवारी की नकारात्मक रिपोर्ट आने से निरस्त किए गऐ? कितने प्रकरण तहसीलदार द्वारा निरस्त किए गये? कितने प्रकरणों में तहसीलदार द्वारा नामांतरण स्वीकृत किये गये? प्रकरणवार, पूर्ण नाम मय वल्दियत व पते सहित तहसीलवार, नगरवार, ग्रामवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार क्या तहसील कार्यालयों में व्यापक भ्रष्टाचार होने से म.प्र. शासन की योजना का लाभ क्रेता एवं किसानों को समय पर नहीं मिल पा रहा है? क्या कृषि भूमि एवं प्लाट खरीदने पर क्रेता का सीधा नामांतरण नहीं हो रहा है? यदि हाँ, तो क्या कारण है? (घ) क्या कई तहसीलों में साइबर तहसील योजना के अंतर्गत नामांतरण प्रक्रिया में व्यापक भ्रष्टाचार आवश्यक दस्तावेजों की मांग, जानबूझकर आपत्ति दर्ज करने की प्रवृत्ति आदि के कारण क्रेता को खरीदी गई प्लाट भूमि पर नामांतरण कराने में आवश्यक विलम्ब एवं कठिनाई हो रही है और क्रेता दर-दर भटकते रहते हैं? यदि हाँ तो विलम्ब के लिये दोषियों के विरूद्ध की गई कार्यवाही का विवरण प्रस्तुत किया जावेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 यथा संशोधित 2018 की धारा 109,110 के अंतर्गत नियमानुसार नामांतरण की कार्यवाही की जाती है। नियम की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट –'अ' अनुसार। (ख) श्योपुर जिला अंतर्गत साइबर प्रकरण की जानकारी निम्नानुसार है:-
|
क्र. |
तहसील का नाम |
प्राप्त प्रकरण |
स्वीकृत प्रकरण |
अस्वीकृत प्रकरण |
पटवारी रिपोर्ट के आधार पर अस्वीकृत |
|
1 |
श्योपुर |
2090 |
1201 |
889 |
889 |
|
2 |
बड़ौदा |
773 |
697 |
76 |
76 |
|
3 |
कराहल |
51 |
42 |
09 |
09 |
|
4 |
विजयपुर |
1897 |
1162 |
735 |
735 |
|
5 |
बीरपुर |
399 |
387 |
12 |
12 |
|
कुल योग |
5210 |
3489 |
1721 |
1721 |
|
उपरोक्तानुसार प्रकरणवार सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट –'ब' अनुसार। (ग) 1- जिला मुरैना में तहसील कार्यालयों में व्यापक भ्रष्टाचार कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। जिला मुरैना में साइबर तहसील लागू होने के पश्चात समय-सीमा में नामान्तरण आदेश पारित किये जाते है, जिसका भू-अभिलेख में स्वतः अमल हो जाता है तथा भूमि के क्रेता/दावेदार को नामान्तरण आदेश एवं भू-अभिलेख की अद्यतन प्रति इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से प्रदाय की जा रही है। 2- जिला श्योपुर जिला अंतर्गत साइबर तहसील योजना का लाभ क्रेता एवं किसानों को समय पर मिल रहा है। कृषि भूमि एवं प्लॉट खरीदने पर क्रेता का सीधा नामांतरण समय-सीमा में हो रहा है। (घ) श्योपुर जिला अंतर्गत क्रेता को खरीदी गई प्लाट भूमि पर नामांतरण कराने में कोई विलम्ब व कोई कठिनाईयां नहीं होती है। 3- जिला भिण्ड में प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार इस प्रकार का कोई मामला संज्ञान में नहीं आया है। साइबर तहसील योजनान्तर्गत प्राप्त आवेदनों का शासन निर्देशानुसार नामान्तरण प्रक्रिया में दस्तावेजों की मांग, जानबूझकर आपत्ति दर्ज करने की प्रवृत्ति न होकर नियमानुसार प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण किया जा रहा है।
नवभारत साक्षरता अभियान में विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति
[स्कूल शिक्षा]
162. ( क्र. 2812 ) श्री बाबू जन्डेल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नवभारत साक्षरता अभियान में संकुल सह समन्वयकों को नियुक्ति के आदेश के क्या नियम है? आदेश की प्रति उपलब्ध करावें? (ख) क्या नवभारत साक्षरता कार्यक्रम अंतर्गत मैदानी स्तर पर संकुल सह समन्वयकों की विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति कलेक्टर के आदेश के द्वारा कर दी गई है? चम्बल संभाग मुरैना की जानकारी उपलब्ध करावें? (ग) क्या विद्यालयों में विषयवार एक ही शिक्षक होने से उनकी नियुक्ति संकुल सह समन्वयक पर होने के कारण छात्र/छात्राओं की अध्यापन व्यवस्था नहीं हो रही है? तथा उनके स्थान पर अतिथि शिक्षक की भी नियुक्ति नहीं होने से छात्र/छात्राओं की पढ़ाई नहीं हो पा रही है? (घ) क्या विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति हो जाने से रिक्त पदों पर विषयवार अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था की जावेगी? अथवा उनके स्थान पर प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति की जावेगी?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'अ' अनुसार है। (ख) जिला मुरैना ने शालाओं में दर्ज छात्रों की मान से शिक्षकों की संख्या अधिक है, उन शिक्षकों को सह समन्वयक, साक्षरता के रूप में नियुक्त किया गया है। सूची की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'ब' अनुसार है। (ग) उत्तरांश '’ख'’ में वर्णित अनुसार। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) शिक्षकों के रिक्त पदों की पूर्ति सीधी भर्ती/पदोन्नति से की जाती है। शिक्षकों के रिक्त पद एवं शिक्षकों के अवकाश पर जाने पर उस अवधि तक अतिथि शिक्षक की व्यवस्था का प्रावधान है।
मरम्मत एवं निर्माण कार्य
[जल संसाधन]
163. ( क्र. 2813 ) श्री अनिल जैन : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) निवाड़ी विधानसभा अंतर्गत जल संसाधन विभाग में कौन-कौन से निर्माण कार्य चल रहे हैं कौन-कौन से कार्य प्रस्तावित है और कौन-कौन से निर्माण कार्य विगत 3 वर्षों में पूर्ण हुये है। उपरोक्त निर्माण कार्य किनके द्वारा कराये जा रहे है। (ख) वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक निवाड़ी विधानसभा अंतर्गत नहरों एवं तालाबों की मरम्मत एवं साफ-सफाई में कितनी राशि कब-कब खर्च की गई? संपूर्ण जानकारी कार्य एवं खर्च सहित उपलब्ध करायें। (ग) उपरोक्त निर्माण कार्य किस एजेंसी के द्वारा कराया गया एवं उक्त कार्यों का मूल्यांकन व सत्यापन कब-कब और किस अधिकारी के द्वारा किया गया, सम्पूर्ण जानकारी देवें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के "प्रपत्र-अ" अनुसार है। (ख) विवरण संलग्न परिशिष्ट के "प्रपत्र-ब" अनुसार है। (ग) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न लागू नहीं।
रोप-वे की व्यवस्था
[पर्यटन]
164. ( क्र. 2814 ) श्री अनिल जैन : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दिनांक 23 जनवरी 2023 को ओरछा प्रवास के दौरान केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री माननीय नितिन गड़करी जी के द्वारा निवाड़ी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए ऐतिहासिक एवं धार्मिक नगरी ओरछा से ग्राम पंचायत सिनौनियांखास में स्थित तारामाई मंदिर पर आने-जाने के लिए रोप-वे प्रारंभ किये जाने की घोषणा की गई थी। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार यदि हाँ तो उक्त रोप-वे को प्रारंभ किये जाने हेतु विभाग द्वारा कब तक कार्ययोजना प्रस्तावित कर ओरछा से तारामाई मंदिर तक रोप-वे की स्वीकृति हेतु कार्यवाही की जावेगी?
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) पर्यटन विभाग में इस संबंध में कोई घोषणा नहीं की गई है। (ख) उत्तरांश 'क' अनुसार।
स्वास्थ्य विभाग के निर्माण कार्यों की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
165. ( क्र. 2815 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्ना जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक कितने निर्माण कार्य स्वीकृत हुए है? कितने निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके है तथा कितने निर्माण कार्य प्रगतिरत है? तथा कितने निर्माण कार्य अप्रारंभ है? प्रत्येक निर्माण कार्य की विधानसभावार, वर्षवार, कार्य का नाम, कार्य का स्थान, प्रशासकीय आदेश जारी होने का दिनांक, कार्य की लागत, कार्य पूर्ण करने का दिनांक, संबंधित एजेंसी/ठेकेदार का नाम एवं उन्हें भुगतान की गई राशि की ब्यौरे सहित जानकारी देवें। (ख) क्या प्रश्नांश ''क'' में उल्लिखित सभी निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण कर लिये गये है? यदि नहीं तो इसके लिये दोषियों पर क्या कर्यवाही की गई है? (ग) जिले के किन-किन तकनीकी अधिकारियों ने प्रश्नांश ''क'' से संबंधित निर्माण कार्यों का किन-किन अवधियों में निरीक्षण किया? निरीक्षण के जांच प्रतिवेदनों में क्या कार्यवाही की गई? निरीक्षण करने में शासन की कितनी राशि का व्यय हुआ? दिनांकवार व्यय का विवरण उपलब्ध करावें? (घ) प्रश्नांश ''क'' से संबंधित निर्माण कार्यों के लिये विभाग से कोई निर्धारित कार्यक्रम है जिस अनुसार जांच किया जाना आवश्यक है? यदि हाँ तो क्या उन नियमों के अनुसार निर्धारित जांच की गई है तथा जांच उपरांत दोषियों पर कार्यवाही भी की गई है? यदि नहीं तो दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) पन्ना जिले में वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक 44 निर्माण कार्य स्वीकृत हुये है। 11 कार्य पूर्ण हो चुके है, 32 कार्य प्रगतिरत है। 01 कार्य अप्रारंभ है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ख) जी नहीं। समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं होने पर अनुबंध की धाराओं/शर्तों के अधीन ठेकेदार पर शास्ति अधिरोपित की जाती है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। कार्य के निरीक्षण के दौरान संविदाकार को स्थल पर दिशा निर्देश दिये जाकर कार्यवाही सुनिश्चित की जाती है। म.प्र. वित्त विभाग के परिपत्र अनुसार शासकीय एवं अनुबंधित वाहन से भ्रमण एवं निरीक्षण किया जाता है, निरीक्षण पर कोई अतिरिक्त राशि व्यय नहीं की जाती है। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। म.प्र. शासन लोक निर्माण विभाग की कार्य नियमावली अनुसार कार्यक्रम निर्धारित किया जाता हैं, शिकायत प्राप्त होने पर जांच की कार्यवाही की जाती है। प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
राजस्व प्रकरणों के नामांतरण
[राजस्व]
166. ( क्र. 2816 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या तहसीलदार गुनौर द्वारा अपने राजस्व प्रकरण क्रमांक 0526/अ6/2024-2025 आदेशित दिनांक 16.07.2024 को नामांतरण आदेश पारित किया गया तथा दिनांक 16.07.2024 को ही उसी प्रकरण में दूसरा आदेश पारित कर दिया गया? यदि एक ही दिन में एक ही प्रकरण पर 02 अलग-अलग आदेश पारित किये गये है तो क्या दूसरा आदेश परित करने में इश्तहार का प्रकाशन नहीं कराया गया? क्या एक ही प्रकरण में 02 आदेश पारित करना विधि के अनुसार सही है? यदि हाँ तो नियमों की प्रति उपलब्ध करावें। यदि नहीं तो ऐसी कार्यवाही पर दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : जी हाँ, मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 32 के तहत प्रदत्त राजस्व न्यायालयों की अंतर्निहित शक्ति के अधीन पूर्व पारित आदेश में त्रुटि सुधार करने के उद्देश्य से पूर्ववर्ती आदेश निरस्त कर संशोधित आदेश पारित करना प्रावधानित है। परिणामत: उद्घोषणा एवं अन्य अन्तरवर्ती प्रक्रियाओं की आवश्यकता न होने से पुन: इश्तहार का प्रकाशन नहीं किया गया।अतः शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
मतस्य विभाग की योजनाओं का क्रियान्वयन
[मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास]
167. ( क्र. 2820 ) श्री सुरेश राजे : क्या राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केंद्र सरकार एवं प्रदेश सरकार के माध्यम से मछुआ कल्याण एवं मतस्य विभाग द्वारा संचालित योजनाएं एवं इनके क्रियान्वयन संबंधी नियम/शर्तें एवं आदेशों की सत्यापित प्रति उपलब्ध करवाएं। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार वर्ष 2023-24 से 2025-26 में प्रश्न दिनांक तक योजनावार जिला ग्वालियर के किन-किन प्रयोजन हेतु कितनी-कितनी राशि का अनुदान कब-कब दिया गया? तथा अनुदान देने के पूर्व प्रत्येक कार्य का भौतिक सत्यापन किस अधिकारी/कर्मचारी द्वारा किस-किस दिनांक को किया गया? उनका नाम एवं पद सहित लाभान्वित हितग्राहियों की कार्यवार एवं वर्षवार सूची देवें (ग) सहायक संचालक मतस्य विभाग ग्वालियर एवं जनपद पंचायत डबरा/भितरवार/मुरार/बरई/क्षेत्र में कार्यरत अधिकारी व कर्मचारियों का मुख्यालय/नाम/पद व पदस्थ दिनांक तथा इनका मोबाइल नंबर सहित जानकारी देवें।
राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास ( श्री नारायण सिंह पंवार ) : (क) केन्द्र सरकार एवं प्रदेश सरकार के माध्यम से विभाग में संचालित योजनाओं एवं क्रियान्वयन संबंधी नियम/शर्तें एवं आदेशों की प्रतियां जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार। (ख) प्रश्नांश अवधि में जिला ग्वालियर में अनुदान वितरण राशि, लाभान्वित हितग्राहियों एवं वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार।
4 नंबर सब माइनर नहर की जानकारी
[जल संसाधन]
168. ( क्र. 2821 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माचागोरा डैम की बांयी तट नहर की 4 नंबर सब माइनर का क्या कार्य पूर्ण हो चुका है? (ख) उपरोक्त सब माइनर नहर में मुआरी गाँव के पास कार्य की क्या स्थिति है? (ग) यदि उपरोक्त नहर का कार्य अपूर्ण है तो किस कारण से कार्य रुका हुआ है? (घ) ग्राम मुआरी ओर ग्राम मरकाहांडी के बीच नहर के काम कब तक हो जावेगा? (ड.)उपरोक्त नहर का कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा ताकि किसानों को लाभ मिल सके?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी नहीं। (ख) नहर निर्माण का शेष कार्य प्रगतिरत है। (ग) वर्तमान में रबी फसल लगी होने के कारण मुआरी में निर्माण कार्य रुका होना प्रतिवेदित है। (घ) जून 2026 लक्षित है। (ड.)जून-2026 तक पूर्ण कर कृषकों को सिंचाई हेतु जल प्रदाय किया जाना लक्षित है।
राजस्व अभियान अंतर्गत लंबित प्रकरण
[राजस्व]
169. ( क्र. 2823 ) श्री संतोष वरकड़े : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजस्व अभियान अंतर्गत कितने राजस्व प्रकरण पूर्ण हो चुके है? (ख) राजस्व अभियान अंतर्गत वर्तमान में कितने राजस्व प्रकरण लंबित है? (ग) सिहोरा विधानसभा अंतर्गत उपरोक्त लंबित आवेदनों के निराकरण हेतु क्या समय-सीमा है?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) लगभग 1 करोड़ राजस्व प्रकरण निराकृत किये गए है। (ख) वर्तमान में कोई राजस्व महाभियान प्रचलित नहीं हैl (ग) जबलपुर जिले में राजस्व अभियान अंतर्गत प्रकरणों की जानकारी निम्नानुसार है:–
|
क्र. |
राजस्व प्रकरण |
लक्ष्य |
निराकरण |
लंबित |
|
1 |
नामांतरण |
4700 |
4700 |
0 |
|
2 |
बंटवारा |
199 |
199 |
0 |
|
3 |
अभिलेख दुरुस्ती |
244 |
244 |
0 |
|
4 |
सीमांकन |
1078 |
1078 |
0 |
सिहोरा विधानसभा अंतर्गत कोई आवेदन लंबित न होने से जानकारी निरंक है।
संविदा सहायक यंत्रियों का वेतन पे-मैट्रिक्स का निर्धारण
[स्कूल शिक्षा]
170. ( क्र. 2824 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह तथ्य विभाग के संज्ञान में है कि शासन के अन्य विभागों -लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, लोक निर्माण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में संविदा सहायक यंत्री (सिविल) का वेतन उनके समकक्ष नियमित पद के अनुसार पे-मैट्रिक्स लेवल-12 में निर्धारित है? यदि हाँ तो विभाग द्वारा इसी पे मैट्रिक्स लेवल का वेतन देने में क्या समस्याएं हैं? (ख) क्या राज्य शिक्षा केन्द्र अंतर्गत कार्यरत संविदा सहायक यंत्रियों का वेतन पे-मैट्रिक्स लेवल-10 में निर्धारित किया गया है,जिससे उन्हें आर्थिक हानि एवं असमानता का सामना करना पड़ा? यदि हाँ तो क्यों? (ग) क्या उक्त वेतन विसंगति के संबंध में माननीय मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णय दिनांक 15 जनवरी, 2026 के अनुसार राज्य शिक्षा केन्द्र, भोपाल द्वारा जारी आदेश को निरस्त करते हुए याचिकाकर्ताओं को पे-मैट्रिक्स लेवल-12 का लाभ प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं? यदि हाँ,तो माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय के अनुपालन में राज्य शिक्षा केन्द्र अंतर्गत कार्यरत संविदा सहायक यंत्रियों का वेतन पे-मैट्रिक्स लेवल-12 में कब तक किया जाएगा?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं। म.प्र.शासन सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र क्रमांक सी 5-2/2018/1/3 दिनांक 22.7.2023 द्वारा संविदा पर नियुक्त अधिकारियों/कर्मचारियों के संबंध में आदेश के कण्डिका-3 पर संविदा पदों की नियमित पदों से समकक्षता निर्धारण का प्रावधान किया गया था। इस प्रावधान के पालन में म.प्र. समग्र शिक्षा अभियान की राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक दिनांक 31/08/2023 द्वारा संविदा पर कार्यरत अधिकारी/कर्मचारी के नियमित पदों से समकक्षता का निर्धारिण करते हुए मैट्रिक्स लेवल का न्यूनतम वेतन में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर संशोधित परिलब्धियां दिये जाने का निर्णय अनुसार राज्य शिक्षा केन्द्र के द्वारा जारी आदेश क्रमांक 7119, दिनांक 26.09.2023 में संविदा पर कार्यरत सहायक यंत्री को मैट्रिक्स लेवल 10 पर नियत किया गया। (ख) उत्तरांश ‘'क'’ में वर्णित तथ्यों से स्पष्ट है कि राज्य कार्यकारिणी समिति द्वारा लिये गये निर्णय अनुसार संविदा पर कार्यरत सहायक यंत्री को मैट्रिक्स लेवल 10 पर नियत करते हुए दिनांक 1.8.2023 से मासिक परिलब्धियां रुपये 50825/- को बढ़ाकर रुपये 55800/- किया गया है। अतः आर्थिक हानि एवं शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। प्रकरण की याचिका क्रमांक 24498/2024 श्री राजू सिंह नायक एवं अन्य विरुद्ध म.प्र.शासन में पारित निर्णय दिनांक 15.1.2026 के संबंध में शासकीय अधिवक्ता से अभिमत चाहा गया है।
रिक्त पदों की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
171. ( क्र. 2826 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत वर्ष 2026 की स्थति में कितने पद रिक्त है रिक्त पदों की पूर्ती हेतु विभाग द्वारा क्या क्या कार्यवाही की जा रही है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार कितनी भर्ती 2026-27 में होना प्रस्तावित है पदवार जानकारी देवें? (ग) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत एस.टी.एस के कितने पद रिक्त है एवं रिक्त की भर्ती हेतु क्या योग्यता है उक्त पद की भर्ती प्रक्रिया कब से कब तक की जायेगी?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अन्तर्गत वर्ष 2026 की स्थिति में कुल 15876/- पद रिक्त है। नियमित पदों की रिक्तियों को दृष्टिगत रखते हुए विभागीय आवश्यकतानुसार नियमित पदों के विरूद्ध गैप फिलिंग हेतु संविदा पदों की पदपूर्ति की जाती है। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार भारत सरकार को वर्ष 2026-27 हेतु कुल 43460/- पदों का प्रस्ताव प्रेषित किया गया है। स्वीकृति पूर्व पदवार जानकारी दिया जाना संभव नहीं है। (ग) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अन्तर्गत संविदा एस.टी.एस. के 146 पद रिक्त है। संविदा एस.टी.एस के भर्ती हेतु योग्यता संबंधित जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित अनुसार निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
छोटे बांधों/जलाशयों के निर्माण एवं सफाई
[जल संसाधन]
172. ( क्र. 2831 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केवलारी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुल कितने सिंचाई जलाशय हैं तथा उनका निर्माण किस-किस वर्ष में हुआ है? (ख) इनमें से कितने जलाशयों में कच्ची नहरें हैं एवं उनकी नियमित सफाई व मरम्मत हेतु शासन द्वारा प्रतिवर्ष कितनी राशि उपलब्ध कराई जाती है? कृपया जलाशयवार जानकारी दें। (ग) कच्ची नहरों की समय पर मरम्मत न होने से जल की बर्बादी एवं किसानों को होने वाले नुकसान के लिए कौन जिम्मेदार है? (घ) क्षेत्र के छोटे बांधों/जलाशयों की कच्ची नहरों को पक्की नहरों में परिवर्तित करने हेतु शासन की कोई योजना प्रस्तावित/प्रचलित है या नहीं? यदि हाँ, तो उसका विवरण दें, यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के "प्रपत्र-अ" अनुसार है। (ख) जलाशयवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के "प्रपत्र-अ" अनुसार है। (ग) सभी नहरों से जल प्रवाह के हिसाब का समावेश करते हुए जल प्रवाहित किया जाता है, जो व्यर्थ पानी बहने की श्रेणी में नहींआना प्रतिवेदित है। (घ) जी हाँ। भारत सरकार की मरम्मत पुनरूद्धार पुनर्स्थापन (आर.आर.आर.) योजना प्रचलित हैं। दिशा निर्देश पुस्तकालय में रखे "परिशिष्ट-1" अनुसार है।
मंदिरों का जीर्णोद्धार
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
173. ( क्र. 2833 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नीमच विधानसभा अंतर्गत धर्मस्व विभाग द्वारा 1 जनवरी, 2018 के बाद किन-किन मंदिरों को कितनी-कितनी राशि, किन-किन कार्यों के लिए आंवटित की गई? सूची उपलब्ध कराएं। (ख) प्रश्नांश (क) संदर्भित अवधि में प्रश्नकर्ता विधायक ने किन-किन मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए कब-कब प्रस्ताव दिए? उन प्रस्तावों पर किन-किन मंदिरों का जीर्णोद्धार किया गया? (ग) प्रदेश के सभी जिलों में विभागीय आवंटन हेतु अपनाई जाने वाली प्रक्रिया की जानकारी दें। (घ) क्या उप सचिव, धर्मस्व न्यास एवं धर्मस्व विभाग, भोपाल ने अपने पत्र क्रमांक 43/2475404/2024/68, भोपाल, दिनांक 03.01.2025 को ग्राम पंचायत पालसोडा में स्थित भैसासरी मंदिर के जीर्णोद्धार या नीमच विधानसभा के अन्य मंदिरों की जानकारी चाही थी? इसकी वर्तमान स्थिति से अवगत कराएं।
राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) नीमच विधानसभा अंतर्गत विभाग द्वारा 1 जनवरी, 2018 के बाद जीर्णोद्धार हेतु राशि स्वीकृत नहीं की गई है। शेष प्रश्न उद्भुत नहीं होता है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। शासन स्तर पर प्रस्ताव अप्राप्त होने से शेष प्रश्न उद्भुत नहीं होता। (ग) जिलों द्वारा आयुक्त के माध्यम से शासन संधारित मंदिरों के जीर्णोद्धार प्रस्ताव प्राप्त होने पर विभाग द्वारा परीक्षणोपरांत कार्य की औचित्यता एवं बजट की उपलब्धता के आधार पर राशि स्वीकृत किये जाने का प्रावधान है। (घ) जी हाँ। शासन स्तर पर जानकारी अप्राप्त है।
बीना अंतर्गत ग्राम खिमलासा को तहसील का दर्जा प्रदान किया जाना
[राजस्व]
174. ( क्र. 2834 ) श्रीमती निर्मला सप्रे [एडवोकेट] : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र बीना अंतर्गत ग्राम खिमलासा, को तहसील का दर्जा प्रदान किए जाने की घोषणा माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा किसी सार्वजनिक कार्यक्रम अथवा दौरे के दौरान की गई थी? यदि हाँ, तो बतावें l (ख) प्रश्नांश (क) के अंतर्गत यदि ऐसी कोई घोषणा की गई थी, तो क्या ग्राम खिमलासा जो सम्पूर्ण मापदंड पूर्ण करता है को तहसील का दर्जा प्रदान करने हेतु शासन स्तर पर कोई प्रशासनिक, वैधानिक अथवा विभागीय कार्यवाही प्रचलन में है? यदि हाँ, तो प्रश्नकर्ता को अवगत कराने की कृपा करें l (ग) यदि घोषणा के पश्चात भी खिमलासा को तहसील का दर्जा प्रदान नहीं किया गया है, तो इसके क्या कारण हैं? क्या यह विषय संसाधनों की उपलब्धता, प्रशासनिक पुनर्गठन, कार्मिक पदस्थापन, परिसीमन अथवा अन्य किसी कारण से लंबित है? (घ) क्या शासन द्वारा खिमलासा क्षेत्र की जनसंख्या, भौगोलिक स्थिति, राजस्व प्रकरणों की संख्या एवं आम नागरिकों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए भविष्य में खिमलासा को तहसील का दर्जा प्रदान करने हेतु कोई ठोस प्रस्ताव अथवा निर्णय विचाराधीन है? यदि हाँ, तो अवगत करावेंl
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। जिला अंतर्गत तहसील बीना के मण्डी प्रांगण में माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा सार्वजनिक कार्यक्रम में दिनांक 09/09/2024 को घोषणा की गई थी। (ख) विधानसभा क्षेत्र बीना की ग्राम पंचायत खिमलासा को तहसील का दर्जा प्रदाय किये जाने के संबंध में कलेक्टर जिला सागर से प्राप्त प्रस्ताव म.प्र शासन राजस्व विभाग के कार्यालयीन पत्र दिनांक 20/5/2025 द्वारा सचिव म.प्र प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग की ओर समस्त सहपत्रों सहित विचारार्थ प्रेषित किया गया है। म.प्र राजपत्र (असाधारण) राजस्व विभाग दिनांक 12/3/2024 के द्वारा प्रशासनिक इकाईयों के परिसीमन तथा युक्तियुक्तकरण हेतु प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग का गठन किया गया है। वर्तमान में उक्त प्रस्ताव आयोग के विचारार्थ प्रस्तुत है। (ग) एवं (घ) उत्तरांश 'ख' अनुसार।
बेंच व्यपवर्तन योजना की दांयी तट नहर की स्वीकृति
[जल संसाधन]
175. ( क्र. 2837 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माचागोरा बांध की दांयी तट नहर की स्वीकृत कुल लंबाई, कुल राशि, कुल लागत एवं प्रस्तावित सिंचित क्षेत्रफल कितना है? (ख) दांयी तट नहर के अलावा और उसके साथ-साथ योजना में क्या जुड़ा हुआ है? (ग) उक्त नहर का कार्य वर्तमान में कितने प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। (घ) नहर से किन किन ग्रामों को सिंचाई लाभ मिलना प्रस्तावित है? (ङ) निर्माण कार्य में हो रही देरी के कारण क्या हैं इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों/ठेकेदारों के विरुद्ध अब तक क्या कार्यवाही की गई है एवं शेष कार्य पूर्ण कर किसानों को सिंचाई लाभ उपलब्ध कराने हेतु शासन द्वारा कौनसी समय-सीमा निर्धारित की गई है?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) माचागोरा (पेंच व्यपवर्तन परियोजना) की दॉयी तट नहर की स्वीकृत कुल लम्बाई 30.20 कि.मी. है कुल लागत 24397.63 लाख है। रूपांकित सिंचाई 14997 हे. सिंचित क्षेत्रफल है। (ख) दांयी तट मुख्य नहर के अतिरिक्त इसमें वितरक नहरें एवं माइनर नहरे जुडी हुई है जिनकी कुल लबाई 95.33 कि.मी. है। (ग) माचागोरा (पेंच व्यपवर्तन परियोजना) की दांयी तट नहर का कार्य 100% पूर्ण किया जा चुका है एवं वितरक नहरों एवं माईनरों का निर्माण कार्य लगभग 95% पूर्ण किया जा चुका है। (घ) दांयी तट मुख्य नहर, वितरक एवं माईनर नहरों से सिंचित होने वाले ग्रामों की सूची संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ड.) कार्य में कृषकों का विरोध एवं कोविड-19 के कारण कार्य विलंबित हुआ है। शेष प्रश्नांश लागू नहीं है। जून 2026 लक्षित है।
जिला चिकित्सालय भवनों का विलय कर सौंपना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
176. ( क्र. 2855 ) श्री मुकेश टंडन : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विदिशा नगर के माधवराव सिंधिया जिला चिकित्सालय भवन को अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज विदिशा को सौंपने तथा पुराने जिला चिकित्सालय भवन विदिशा को नगर पालिका विदिशा में विलय कर सौंपने के प्रस्ताव की योजना लंबित है? यदि हाँ, तो यह दोनों भवन कब तक विलय कर सौंप दिये जावेंगे? (ख) क्या उक्त दोनों भवन विलय कर सौंपने के उपरांत जिला चिकित्सालय विदिशा के लिये नया भवन स्वीकृत कर निर्माण कराया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संबंध में प्रश्नकर्ता ने शासन से मांग की है? यदि हाँ, तो उक्त प्रस्ताव पर शासन द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में प्रस्ताव परीक्षणाधीन है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्तरांश ''क'' के अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। उत्तरांश ''क'' के अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
मजरा, टोलों को राजस्व ग्राम बनाना
[राजस्व]
177. ( क्र. 2856 ) श्री मुकेश टंडन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विदिशा जिले में तहसील विदिशा, गुलाबगंज एवं ग्यारसपुर अंतर्गत किन-किन राजस्व ग्रामों में मजरा टोला हैं उनके नाम एवं जनसंख्या बतावें? (ख) क्या शासन द्वारा मजरा टोलों को राजस्व ग्राम बनाने का प्रावधान है? यदि हाँ तो, प्रश्नांश "क" के उत्तर में वर्णित मजरा टोलों में से किन-किन को राजस्व ग्राम बनाया जा सकता है? (ग) क्या प्रश्नकर्ता ने विदिशा विधानसभा क्षेत्र के मजरा टोलों को राजस्व ग्राम बनाने संबंधी मांग की है? यदि हाँ तो क्या कार्यवाही की गई?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) विदिशा जिले की तहसील विदिशा,गुलाबगंज एवं ग्यारसपुर अंतर्गत राजस्व ग्रामों के मजरा-टोलों और उनकी जनसंख्या की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। उत्तरांश ''क'' में वर्णित मजरा-टोला में से शासन द्वारा निर्धारित मापदण्ड पूरा नहीं होने से किसी भी मजरा-टोला को राजस्व ग्राम नहीं बनाया जा सकता। (ग) जी हाँ। प्रश्नकर्ता द्वारा विधानसभा याचिका क्रमांक 1081 द्वारा ककरुआ चक एवं गुनुआ चक को राजस्व ग्राम बनाने संबंधी मांग की है। जिला विदिशा के तहसील विदिशा अन्तर्गत मजरा-टोला ककरूआ चक एवं अनुविभाग ग्यारसपुर अन्तर्गत तहसील गुलाबगंज के मजरा-टोला गुनुआ चक को राजस्व ग्राम बनाये जाने के संबंध में शासन के परिपत्र क्रमांक 1195, दिनांक 14.06.2012 में उल्लेखित मापदण्ड जैसे मूल राजस्व ग्राम से दूरी, क्षेत्रफल,चतुर सीमाओं का मिलान एवं जनसंख्या संबंधी परीक्षण कराया गया जिसके अनुसार:–
|
मजराटोला |
ग्राम का नाम |
तहसील |
जनसंख्या |
क्षेत्रफल (हे.) |
मूल राजस्वग्राम से दूरी |
|
ककरुआ चक |
मूडरा हरीसिंह |
विदिशा
|
455
|
368.309
|
1.470कि.मी. (2कि.मी. से कम) |
|
गुनुआ चक |
गुनुआ |
गुलाबगंज |
385 |
230.000 |
0.900कि.मी. (2कि.मी.से कम) |
मध्यप्रदेश राजपत्र क्रमांक 215 दिनांक 06 जुलाई, 2020 में प्रकाशित म.प्र. भू-राजस्व संहिता (भू-सर्वेक्षण तथा भू-अभिलेख) नियम, 2020 की कंडिका-43 (3) (घ) के अनुसार मापदण्डों की पूर्ति नहीं होने से उन्हें राजस्व ग्राम नहीं बनाया जा सकता।
स्थानांतरण विभाग द्वारा न किया जाना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
178. ( क्र. 2863 ) श्री फूलसिंह बरैया [श्री केशव देसाई] : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) (यूनिकोड-080011277) नर्सिंग ऑफीसर का स्थानातंरण जिला-दमोह से जिला नरसिंहपुर के लिये 3876/CMS/MLA/120/2024 दिनांक 22.08.2024 में विधायक द्वारा विशेष अनुशंसा की गई थी, परन्तु फिर भी आवेदिका का स्थानातंरण क्यों नहीं किया गया? जानकारी से अवगत करावें। (ख) नर्सिंग डायरेक्टर के पास फाईल क्रमांक HC-2364/30.08.2024 है जो कि प्रश्न दिनांक तक विचाराधीन/लंबित थी किन्तु 01 वर्ष बीत जाने के बाद भी स्थानातंरण की कार्यवाही नहीं की गई? क्या विभाग में अधिकारियों से ज्यादा अधिनस्थ कर्मचारियों की चल रही है? यदि हाँ, तो संबंधित कर्मचारी द्वारा फाईल क्यों नहीं बढ़ाई गई? क्या विभाग संबंधित अधिकारी/कर्मचारी पर कार्यवाही करेगा? कार्यवाही से अवगत करावें। (ग) प्रश्न दिनांक तक स्थानातंरण क्यों नहीं किया गया, जबकि आवेदिका द्वारा नियमानुसार आवेदन किया गया, विभाग में स्थानातंरण की क्या प्रक्रिया है जानकारी से अवगत करावें। (घ) वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक विभाग द्वारा किन-किन अधिकारी/कर्मचारी का स्थानातंरण किया गया? सूची उपलब्ध करावें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। तत्समय स्थानान्तरण पर प्रतिबंध होने से स्थानान्तरण नहीं किया गया। (ख) जी हाँ। जी नहीं। संबंधित कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। (ग) स्थानांतरण किसी कर्मचारी का अधिकार नहीं होता है और प्रशासनिक आवश्यकता तथा बेहतर सेवा प्रदाय को ध्यान में रखते हुये कर्मचारियों के अनुरोध पर विचार किया जाता है। स्थानान्तरण सामान्य प्रशासन विभाग मध्य प्रदेश शासन की स्थानान्तरण नीति वर्ष 2025 अनुसार किये गये। (घ) सूची जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
तहसील सरदारपुर जिला धार के प्रकरण
[राजस्व]
179. ( क्र. 2866 ) श्री बाला बच्चन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रार्थी नंदकिशोर पिता नाथूदास बैरागी निवासी राजोद तहसील सरदारपुर जिला-धार द्वारा मा. मंत्री जी राजस्व विभाग के भोपाल कार्यालय पर माह अगस्त 2025 एवं जनवरी 2026 को दिए आवेदन पत्र पर की गई कार्यवाही की अद्यतन स्थिति देवें। (ख) क्या कारण है कि उक्त आवेदन के बिंदु क्रमांक 02 में उल्लेखित व्यवहार वाद क्रमांक 52-ए/2023 एवं जयपत्र दिनांक 20-12-2006 में दिए निर्णय पर कोई कार्यवाही नहीं की गई जिसमें स्पष्ट उल्लेख है कि कलेक्टर धार द्वारा प्रार्थी को सुनवाई का अवसर दिए बिना भूमि शासकीय कर दी। इसका स्पष्टीकरण देवें कि ऐसा क्यों किया गया? (ग) उपरोक्त पत्र के बिंदु क्र. 03 में उल्लेख है कि व्यवहार न्यायालय सरदारपुर द्वारा 20-12-2006 के निर्णय का पालन करने के लिए 22-11-2017 को एक माह में सुनिश्चित किया जाए तो प्रश्न दिनांक तक इसका पालन क्यों नहीं किया गया? कलेक्टर धार द्वारा किन राजस्व प्रपत्रों के आधार पर भूमि शासकीय घोषित की गई उन प्रपत्रों की प्रमाणित प्रतियां भी देवें। (घ) जब प्रार्थी का कब्जा वैध, दीर्घकालिक एवं सरकारी अभिलेखों से प्रमाणित है तो उसे केवल कब्जाधारी मानते हुए टाइटल से वंचित रखना किस नियम/विधिक प्रावधान के अंतर्गत उचित है? इस नियम/विधिक प्रावधान की छायाप्रति देवें। कब तक इस प्रकरण में प्रार्थी के पक्ष में राजस्व भूमि में नाम इंद्राज कर दिए जाएगें? यदि नहीं तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) प्रश्न में उल्लेखित आवेदन पत्र इस कार्यालय में प्राप्त नहीं हुआ है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जिला धार के अभिलेख अनुसार वादी नंदकिशोर पिता नाथूदास बैरागी निवासी राजोद तहसील सरदारपुर जिला धार के पक्ष में माननीय व्यवहार न्यायाधीश वर्ग 1 सरदारपुर के वाद क्रमांक 52-ए/2003 में पारित जयपत्र दिनांक 20.12.2006 में इस आशय का निर्णय पारित किया गया कि वादी को सुनवाई का अवसर दिये बिना कलेक्टर धार द्वारा इन्द्राज का आदेश किया गया है जो उचित नहीं है अतः वादी को वादग्रस्त भूमि से बेदखल न किया जाए। इस निर्णय के क्रम में कार्यवाही नहीं किए जाने पर माननीय हाईकोर्ट इंदौर (मध्यप्रदेश) में प्रकरण क्रमांक WP 45257 वर्ष 2025 दर्ज हुआ और इस याचिका के आधार पर राजस्व न्यायालय टप्पा तहसील बरमण्डल द्वारा दर्ज आर.सी.एम.एस. प्रकरण क्रमांक 0458/अ-6/2025-26 दिनांक 15/12/2025 को निरस्त किया गया। इन परिस्थितियों में नामांतरण के संबंध में कोई कार्यवाही नहीं की गई। (ग) जिला धार के अभिलेख अनुसार उक्त के संबंध में व्यवहार न्यायालय सरदारपुर द्वारा 20.12.2006 के निर्णय का पालन करने के लिए 22.11.2017 को एक माह में सुनिश्चित किए जाने का आदेश का पालन इसलिए नहीं किया गया, क्योंकि प्रश्नाधीन भूमि के संबंध में प्रश्नांश ‘’ख’’ में उल्लेखित प्रकरण क्रमांक WP 45257 वर्ष 2025 माननीय हाईकोर्ट इंदौर (मध्यप्रदेश) में प्रकरण विचाराधीन था। उक्त भूमि अधिकार अभिलेख में वर्ष 1977-78 में खसरा नंबर 886, 1464, 2520, 2522/4 कुल नंबर 04 कुल रकबा 2.205 हेक्टेयर भूमि मंदिर की संधारित भूमि के साथ प्रबंधक कलेक्टर जोड़ा गया था। खसरा नकल पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (घ) नंदकिशोर पिता नाथूदास बैरागी निवासी राजोद तहसील सरदारपुर जिला धार की प्रश्न में उल्लेखित भूमि के संबंध में माननीय हाई कोर्ट के द्वारा WP 45257 वर्ष 2025 में दिनांक 02 दिसम्बर, 2025 को निर्णय पारित किया गया। जिसमें आवेदन प्राप्त होने के 03 माह के भीतर सुनवाई करते हुए निराकरण हेतु निर्देशित किया गया है। प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है।। माननीय हाई कोर्ट इंदौर के निर्णय के क्रम में नंदकिशोर पिता नाथूदास बैरागी निवासी राजोद तहसील सरदारपुर जिला धार द्वारा दिनांक 10.12.2025 को आवेदन दिया गया है। जिसका आर.सी.एम.एस. में दिनांक 18.12.2025 को विधिवत प्रकरण दर्ज कर प्रकरण क्रमांक 0659/अ-6/2025-26 प्रचलित है। प्रकरण का समय-सीमा में विधिवत कार्यवाही कर निराकरण किया जावेगा।
भूमि नपती की कार्यवाही
[राजस्व]
180. ( क्र. 2867 ) श्री बाला बच्चन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हाईकोर्ट इन्दौर की रिट पिटीशन क्र. 18633/2025 दि. 14/10/2025 के आदेश का पालन नहीं किये जाने व आदेश का पालन करवाने के संबंध में कलेक्टर उज्जैन को पूर्व विधायक द्वारा प्रेषित पत्र क्र. 5447 दि. 24/12/2025 व 5455 दि. 19/01/2026 के बावजूद भी आज दिनांक 30/01/2026 तक कोई कार्यवाही नहीं किए जाने के क्या कारण है? (ख) उपरोक्त हाईकोर्ट आदेश के पालन हेतु कृषक रणजीत सिंह व राजेन्द्र सिंह द्वारा विधिवत आवेदन के पश्चात भी कृषक व अतिक्रमणकर्ता की भूमि की नपती क्यों नहीं की जा रही है? (ग) बंटाकन के पश्चात भूमि को स्थायी सीमा चिन्हो से नपती नहीं करते हुए शेष बची भूमि सर्वे क्र. 1160/1/1/2 व 1160/1/1/1 कुल रकबा 0.5020 हेक्टेयर भूमि की नपती में उज्जैन-जावरा रोड की अधिग्रहित शासकीय भूमि को आवेदक की भूमि में क्यों नापा जा रहा है? (घ) राजस्व अधिकारियों की साठगांठ के कारण विगत 2 वर्षों से शासन के राजस्व अभियान 1.0, 2.0, 3.0 व विधानसभा प्रश्न क्र. 187 व 246 दि. 04/12/2025, 1251 दि. 06/08/2025, 327 दि. 13/03/2025 व अन्य प्रश्नों व कई शिकायतों तथा हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी कृषक राजेन्द्र/रणजीत की भूमि की नपती का मामला शासन/प्रशासन के संज्ञान में लाने के बावजूद भू-राजस्व संहिता के प्रावधानों/नियमों के तहत समय-सीमा में नपती न किए जाने के क्या कारण है? तथा नपती संबंधी राजस्व अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध क्या दण्डात्मक कार्यवाही की गई है? या प्रस्तावित है? तथा प्रकरण में अंतिम निराकरण की समय-सीमा क्या निर्धारित की गई है? (ड.) नागदा तहसील के पटवारी हल्का पाडल्याकलां, कस्बा नागदा/जूना नागदा, मेहतवास, पारदी, टकरावदा, गिदगढ़, निपानिया, भीमपुरा, भगतपुरी, परमारखेडी, किलोडिया, अमलावदिया, निनावटखेडा, बनबनी, रतन्याखेडी में वर्ष 1995 में कितनी शासकीय भूमि थी? व वर्ष 2026 में कितनी शासकीय भूमि है? भूमि सर्वे क्रमांक, रकबा सहित वर्षवार पृथक-पृथक विवरण दें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) तहसील न्यायालय के प्रकरण क्रमांक 318/अ-12/24-25 में पारित आदेश दिनांक 24.03.25 में ग्राम पाडल्याकला स्थित भूमि सर्वे नंबर 1163/1/1 एवं 1162/1/1/1/1/1 भूमि स्वामी रामकन्नयाबाई आदि का सीमांकन आवेदन आवेदक राजेन्द्र पिता किशनसिंह गुर्जर भूमि स्वामी नहीं होने से निरस्त किया गया था। उक्त आदेश के विरूद्ध आवेदक द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में प्रस्तुत रिट पिटीशन क 18633/2025 में दिनांक 14.10.25 को पारित आदेश से तहसीलदार, नागदा का उक्त आदेश दिनाक 24.03.25 निरस्त कर आवेदक के आवेदन पत्र नियमानुसार कार्यवाही के निर्देश दिये गये। जिसकी प्रति के साथ आवेदक द्वारा उक्त प्रकरण में अभिभावक के माध्यम से दिनांक 30.01.26 को आवेदन दिये जाने पर सीमांकन हेतु दल का गठन किया गया है। वर्तमान में सीमांकन प्रकरण प्रचलित है। राजस्व निरीक्षक द्वारा सीमांकन हेतु संबंधित पक्षों को सूचना पत्र जारी कर सीमांकन की तिथि 16.02.25 निर्धारित की गई है। राजस्व निरीक्षक द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत कर अवगत करवाया गया कि सीमांकन की नियत दिनांक 16 फरवरी, 2026 को संबंधित पक्षकार उपस्थित नहीं होने से उक्त कारण से सीमांकन हेतु दिनांक 25 फरवरी, 2026 नियत की गई है। (ख) माननीय उच्च न्यायालय में प्रस्तुत रिट पिटीशन क्रमांक 18633/2025 में दिनांक 14.10.25 को पारित आदेश से तहसीलदार नागदा का उक्त आदेश दिनांक 24.03.25 निरस्त कर आवेदक के आवेदन पत्र पर नियमानुसार कार्यवाही के निर्देश दिये गये। जिसकी प्रति के साथ आवेदक द्वारा उक्त प्रकरण में दिनांक 30.01.26 को आवेदन दिये जाने पर उक्त सीमांकन प्रकरण कमांक 0318/अ-12/24-25 में ग्राम पाडल्याकला स्थित भूमि सर्वे नंबर 1163/1/1 एवं 1162/1/1/1/1/1 के सीमांकन हेतु दल का गठन किया गया है। वर्तमान में सीमांकन नहीं हुआ होकर सीमांकन प्रकरण प्रचलित है। तहसील न्यायालय को आदेश दिनांक 24.03.25 माननीय उच्च न्यायालय के आदेश दिनांक 14.10.25 एवं गठित दल की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "स"अनुसार। कृषक रणजीत सिंह व राजेन्द्र सिंह पिता भैरूसिंह जाति गुर्जर निवासी नागदा के आवेदन दिनांक 22-12-25 पर प्रकरण क्रमांक 0333/अ-12/25-26 दर्ज किया जाकर ग्राम पाडल्याकला स्थित भूमि सर्वे क्रमाक 1160/1/1/1, 1160/1/1/2 कुल किता 02 कुल रकबा 05020 हे. का सीमांकन विधिवत स्थायी सीमा चिन्हों के आधार पर किया जा चुका है आवेदक असंतुष्ट है। सीमांकन हेतु दल गठित किया गया है। सीमांकन रिपोर्ट व गठित दल आदेश की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ‘’द’’अनुसार है। आवेदक रणजीत गुर्जर की भूमि से लगी हुई भूमि सर्वे नंबर 1163/1/1 एवं 1162/1/1/1/1/1 होने से पृथक पृथक सीमांकन प्रकरण में दल बनाया गया है, जिसका सीमांकन हेतु राजस्व निरीक्षक द्वारा संबंधित पक्षों को सूचना पत्र जारी कर सीमांकन तिथि 16.02.26 निर्धारित की गई है। उक्त दोनों प्रकरणों में एक साथ सीमांकन किया जावेगा। राजस्व निरीक्षक द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत कर अवगत करवाया गया कि सीमांकन की नियत दिनांक 16 फरवरी, 2026 को संबंधित पक्षकार उपस्थित नहीं होने से उक्त कारण से सीमांकन हेतु दिनांक 25 फरवरी, 2026 नियत की गई है। (ग) कृषक रणजीत सिंह व राजेन्द्र सिंह पिता भैरूसिंह जाति गुर्जर निवासी नागदा की ग्राम पाडल्याकला स्थित भूमि सर्वे क्रमांक 1160/1/1/1/1160/1/1/2 कुल किता 02 कुल रकबा 0.5020 हे. का सीमांकन विधिवत स्थाई सीमा चिन्हों के आधार पर किया जा चुका है आवेदक असंतुष्ट है। अतः पुनः सीमांकन हेतु दल गठित किया गया है। (घ) कृषक रणजीत सिंह व राजेन्द्र सिंह पिता भैरूसिंह जाति गुर्जर निवासी नागदा की ग्राम पाडल्याकला स्थित भूमि सर्वे क्रमांक 1160/1/1/1, 1160/1/1/2 कुल किता 02 कुल रकबा 0.5020 हे. का सीमांकन हेतु प्रस्तुत आवेदन-पत्र दिनांक 22/10/2024 को प्राप्त होने पर न्यायालय तहसीलदार तहसील नागदा के प्रकरण क्रमांक 0285/अ-12/2024-25 से प्रकरण दर्ज किये जाकर मौके पर सीमांकन हेतु दल का गठन किया गया था। गठित सीमांकन दल द्वारा मौके पर सीमांकन हेतु कार्यवाही प्रारंभ करने के दौरान मौके पर मिलान नहीं होना उल्लेखित किया गया। उक्त सीमांकन प्रकरण में जिला स्तर से दल का गठन आदेश दिनांक 13/01/2025 से किया जाकर गठित दल द्वारा दिनांक 28/01/2025 को मोके पर सीमांकन किया गया। सीमांकन हेतु दल गठन आदेश एवं सीमांकन प्रतिवेदन पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट –'अ' अनुसार है। उक्त संबंध में पूर्व सत्र में प्राप्त विधानसभा प्रश्नों में भी जवाब प्रस्तुत किया गया था। उक्त सीमांकन से आवेदक संतुष्ट नहीं हुए। आवेदक द्वारा पुनः नवीन आवेदन प्रस्तुत किये जाने पर राजस्व निरीक्षक द्वारा दिनांक 12-01-2026 को ETS मशीन से सीमांकन विधिवत स्थाई सीमा चिन्हों के आधार पर किया जा चुका है जिससे भी आवेदक असंतुष्ट है। अतः पुनः सीमांकन हेतु दल गठित किया गया है। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिया गया आदेश रणजीत सिंह की भूमि के सीमांकन के संबंध में ना होकर पडोसी कृषक की भूमि के सीमांकन के संबंध में है। किसी भी अधिकारी/कर्मचारी द्वारा सीमांकन के संबंध में कोई विलंब नहीं किया गया है। (ड़) नागदा तहसील के पटवारी हल्का पलिया कला कस्बा नागदा, जूना नागदा, मेहतवास, अजीमाबादपारदी, टकरावदा, गिदगढ़, निपानिया भीमपुरा, भगतपुरी, परमारखेड़ी, किलोडिया, अमलावदिया, निनावटखेड़ा, बनबनी, रतन्याखेड़ों में वर्ष 1995 में शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक रकबा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट –'अ' अनुसार वर्ष 2026 में शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक रकबा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है।
किसानों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता में अनियमितता
[राजस्व]
181. ( क्र. 2875 ) श्री उमंग सिंघार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में प्राकृतिक आपदाओं के अंतर्गत किसानों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता में अनियमित भुगतान संबंधी कितनी शिकायतें वर्ष 2025 एवं वर्ष 2026 में जिला प्रशासन छतरपुर को प्राप्त हुई है? (ख) छतरपुर जिले की छतरपुर तहसील अंतर्गत काशीपुरा, चौका पिपौराखुर्द गांव के किसानों की आपदा राहत राशि वर्ष 2019-20 भूमिधारकों के खातों में न भेजकर गैर हकदार व्यक्तियों के खातों में भेजे जाने संबंधी शिकायत पर जिला प्रशासन द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? यदि हाँ तो कितनों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं तो क्यों? (ग) क्या छतरपुर तहसील में वर्ष 2017-18 में आकस्मिक अतिवृष्टि तथा 2019-20 में सूखा राहत राशि के दुरूपयोग की शिकायतें शासन को लगातार की जाती रही है? छतरपुर तहसील अंतर्गत ग्राम नंदगॉय खुर्द, खैरों, पापटा, लुंदवास, रमपुरा, पिपौराकलां, खडगाय, रसोईया ठाकुरन, परा, मातगुवां, ढालियनपुरा, इकारा, गोंची, हिम्मतपुरा, छिरावल, मानपुरा, अतरार, बिहारीगंज, दालौन, नैगुंवा, छापर, कुंवरपुरा, भड़नपुरा (वीरान), बसाटा, पड़रिया, कदवां, बछरौनिया, बनगॉय, धमौरा, कैंड़ी, चकभगवंतपुरा, गौरगॉय, भगवतंपुरा (धामची), सौंरा, मुवासी, टड़ेरा, हमा, सूरजपुरा (वीरान), मौरवा, मारगुंवा, कलानी, पिड़पा, बरद्वाहाखुर्द, बरमौला (वीरान), बारी, श्यामरा, निवारी, खामरी, हर्रई, खौंप आदि हल्कों में इसी तरह की जांच क्या प्रचलन में है तो उन पर कब तक कार्यवाही की जायेगी?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) छतरपुर जिले में प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता में अनियमित भुगतान संबंधी शिकायतें वर्ष 2025-26 में जनसुनवाई के माध्यम से 2 शिकायतें, अन्य डाक में राहत शाखा को 1 शिकायत प्राप्त हुई। सी.एम. हेल्पलाइन के माध्यम से वर्ष 2025 में 1003 एवं वर्ष 2026 में 100 शिकायतें प्राप्त हुई है। (ख) छतरपुर जिले की छतरपुर तहसील अंतर्गत काशीपुरा, चौका पिपौराखुर्द गांव के किसानों की आपदा राहत राशि सन 2019-20 भूमिधारकों के खातों में न भेजकर गैर हकदार व्यक्तियों के खातों में भेजे जाने संबंधी शिकायत पर जिला प्रशासन द्वारा दल गठित कर जांच की जा रही है। (ग) तहसील छतरपुर में वर्ष 2017-18 में अतिवृष्टि एवं वर्ष 2019-20 में सूखा राहत राशि के दुरुपयोग की शिकायतों पर जाँच दल गठित किया गया है। जांच दल द्वारा तहसीलदार छतरपुर से अभिलेख मंगाया जाकर जांच की कार्यवाही प्रचलित है। इसके पूर्व कार्यालय महालेखाकार के लेखा परीक्षण आपत्तियों पर जांच कराई जाकर तहसील छतरपुर की कुल आक्षेपित राशि 66740/- के देयक मिलान उपरांत पात्र व्यक्तियों के खाते में भुगतान किया गया है।
पी.पी.पी. मॉडल पर मेडिकल कॉलेज खोला जाना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
182. ( क्र. 2876 ) श्री उमंग सिंघार : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश सरकार द्वारा सार्वजनिक निजी भागीदारी पी.पी.पी. मॉडल के अंतर्गत 14 मेडिकल कालेजों की स्थापना प्रस्तावित है? अब तक कितने मेडिकल कालेजों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है? (ख) पी.पी.पी. मॉडल के अंतर्गत स्थापित होने वाले इन मेडिकल कालेजों को कितनी भूमि किस दर पर तथा कितने वर्षों की अवधि के लिए आवंटित की गई है? कृपया अब तक आवंटित भूमि की जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में इसकी क्या शर्तें थी क्या शर्तों में समय-समय पर बदलाव किया गया है तो कब-कब एवं क्यों? (घ) जिन स्थानों पर मेडिकल कॉलेज पी.पी.पी. मॉडल के आधार पर खोले गये है? क्या उन्हें उक्त जिले का शासकीय चिकित्सालय सम्बद्ध किया गया है? क्या यह शर्तों के अधीन है?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। 04 मेडिकल कॉलेज धार, कटनी, बैतूल एवं पन्ना की (LOA) Letter of Award जारी किया जा चुका है। (ख) पी.पी.पी. मोड के अंतर्गत स्थापित होने वाले मेडिकल कॉलेजों को 1 रूपये वार्षिक लीज पर 25 एकड़ भूमि 99 वर्षों हेतु लीज एग्रीमेंट की शर्त (बिन्दु-2 Term) के अनुसार आवंटित की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार। (ग) उत्तरांश 'क' के परिप्रेक्ष्य में शर्तों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार एवं शर्तों में बदलाव की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार। (घ) जी हाँ। जी हाँ। जिलों के शासकीय चिकित्सालय से संबद्धता की शर्तों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार।
स्वीकृत एवं रिक्त पदों की जानकारी
[परिवहन]
183. ( क्र. 2879 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल संभाग के अंतर्गत शासन के समस्त विभागों, में विभिन्न श्रेणी के कुल कितने पद स्वीकृत है, कितने पद भरे हैं एवं कितने पद रिक्त हैं। विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कितने पद संविदा के तथा कितने पद आउटसोर्स के हैं, कितने भरे हैं तथा कितने रिक्त हैं। विभागवार विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी उपलब्ध करावें? (ग) क्या रिक्त पद रहने से विभागीय कार्य प्रभावित हो रहा है यदि हाँ तो रिक्त पदों पर कब तक भर्ती कर दी जायेगी?
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) शहडोल संभाग अंतर्गत परिवहन विभाग के कार्यालयों में विभिन्न श्रेणी के स्वीकृत, भरे एवं रिक्त पद निम्नानुसार है :-
संभागीय,परिवहन कार्यालय, शहडोल
|
स.क्र. |
पदनाम |
स्वीकृत पद |
भरे पद |
रिक्त पद |
|
1 |
संभागीय उप परिवहन आयुक्त |
01 |
- |
01 |
|
2 |
सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी |
01 |
- |
01 |
|
3 |
स्टेनो टाईपिस्ट |
01 |
- |
01 |
|
4 |
लेखापाल |
01 |
- |
01 |
|
5 |
सहायक वर्ग-02 |
02 |
- |
02 |
|
6 |
सहायक वर्ग-03 |
02 |
- |
02 |
|
7 |
भृत्य |
01 |
- |
01 |
|
8 |
चौकीदार |
01 |
- |
01 |
परिवहन कार्यालय, शहडोल
|
स.क्र. |
पदनाम |
स्वीकृत पद |
भरे पद |
रिक्त पद |
|
1 |
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी |
01 |
01 |
- |
|
2 |
सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी |
01 |
- |
01 |
|
3 |
कार्यालय अधीक्षक |
01 |
- |
01 |
|
4 |
लेखापाल |
01 |
- |
01 |
|
5 |
सहायक वर्ग-02 |
03 |
- |
03 |
|
6 |
सहायक वर्ग-03 |
04 |
02 |
02 |
|
7 |
भृत्य |
02 |
02 |
- |
|
8 |
चौकीदार |
01 |
- |
01 |
परिवहन कार्यालय, अनूपपुर
|
स.क्र. |
पदनाम |
स्वीकृत पद |
भरे पद |
रिक्त पद |
|
1 |
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी |
01 |
01 |
00 |
|
2 |
सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी |
01 |
- |
01 |
|
3 |
सहायक वर्ग-02 |
01 |
- |
01 |
|
4 |
सहायक वर्ग-03 |
03 |
- |
03 |
|
5 |
भृत्य |
01 |
- |
01 |
|
6 |
दैनिक वेतन भोगी |
01 |
- |
01 |
परिवहन कार्यालय, उमरिया
|
स.क्र. |
पदनाम |
स्वीकृत पद |
भरे पद |
रिक्त पद |
|
1 |
सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी |
01 |
01 |
- |
|
2 |
सहायक वर्ग-02 |
01 |
- |
01 |
|
3 |
सहायक वर्ग-03 |
03 |
03 |
- |
|
4 |
भृत्य |
01 |
02 |
- |
|
5 |
दैनिक वेतन भोगी |
01 |
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01 |
(ख) उत्तरांश ''क'' में उल्लेखित पद नियमित वेतनमान के पद है, संविदा अथवा आउटसोर्स के पद नहीं है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ, सीधी भर्ती के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग एवं म.प्र. कर्मचारी चयन मण्डल, भोपाल द्वारा चयन प्रक्रिया के तहत भर्ती की जाती है। शेष पद पदोन्नति के है एवं पदोन्नति प्रकरण माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण पदोन्नति की कार्यवाही बंद है।
अनूपपुर जिला अंतर्गत शा. एवं अशा. चिकित्सालय की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
184. ( क्र. 2880 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर जिले में कुल कितने शासकीय एवं निजी अस्पताल संचालित है अस्पताल का नाम, संचालक का नाम, आदि जानकारी उपलब्ध करावें? (ख) 1 जनवरी, 2024 से प्रश्न दिनांक तक अनूपपुर जिले के किन-किन अस्पतालों द्वारा मुख्यमंत्री सहायता कोष/स्वेच्छानुदान के अंतर्गत आर्थिक सहायता हेतु आवेदन प्रेषित किये गये हैं? अस्पताल का नाम, प्रमाणीकरण डॉक्टर का नाम, एस्टीमेट, मरीज का नाम, पता, बीमारी, अनुशंसित राशि की जानकारी उपलब्ध करावें? (ग) प्रश्नांश (ख) के पालन में किस अस्पताल के किस मरीज को कितनी सहायता राशि मुख्यमंत्री सहायता कोष/स्वेच्छानुदान के अंतर्गत कब स्वीकृत कर कब अस्पताल को राशि प्राप्त हुई?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) उत्तरांश 'ख' अनुसार।
बैरसिया के राम जानकी बड़ा मंदिर बसई का जीर्णोद्धार
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
185. ( क्र. 2884 ) श्री विष्णु खत्री : क्या राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैरसिया विधानसभा के श्रीराम जानकी बड़ा मन्दिर बसई (बैरसिया) के शिखर निर्माण एवं जीर्णोद्धार के संबंध में प्रश्नकर्ता द्वारा विभाग को दिनांक 20.06.2023 में पत्र लिखा गया था। इस पत्र पर विभाग द्वारा आज दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई हैं? (ख) श्रीराम जानकी बड़ा मन्दिर बसई (बैरसिया) के शिखर निर्माण एवं जीर्णोद्धार के संबंध में विभाग की क्या कार्ययोजना हैं? लगभग 03 वर्ष के बाद भी आज दिनांक तक यह कार्य लंबित क्यों है? (ग) श्रीराम जानकी बड़ा मन्दिर बसई (बैरसिया) का शिखर निर्माण एवं जीर्णोद्धार कब तक कर लिया जायेगा?
राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) माननीय सदस्य के पत्र दिनांक 20/06/2023 के संदर्भ में आयुक्त भोपाल के प्रस्ताव दिनांक 05/08/2025 के माध्यम से श्रीराम जानकी बड़ा मंदिर बसई (बैरसिया) हेतु जीर्णोद्धार प्रस्ताव विभाग को प्रेषित किया गया है। प्रस्ताव में अपेक्षित पूर्ति हेतु कलेक्टर भोपाल को पत्र क्रमांक 179/संचा/धर्मस्व/2026 उज्जैन दिनांक 06/02/2026 को लेख किया गया है। (ख) श्रीराम जानकी बड़ा मंदिर बसई (बैरसिया) के जीर्णोद्धार संबंधी प्रस्ताव शासन स्तर पर प्राप्त होकर परीक्षण में है। परीक्षणोपरांत कार्य की औचित्यता एवं बजट की उपलब्धता के आधार पर जीर्णोद्धार हेतु राशि स्वीकृत किए जाने का प्रावधान है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश '’ख’' के परिप्रेक्ष्य में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
मंदिरों की जानकारी उपलब्ध कराना
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
186. ( क्र. 2887 ) डॉ. प्रभुराम चौधरी : क्या राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सांची विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ऐसे कितने मंदिर है जिनको शासन द्वारा सहायता राशि प्रदान की जाती है? मंदिर का नाम, पता एवं प्रदाय राशिवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में अवगत करावे कि शासन द्वारा राशि प्राप्त होने के पश्चात भी मंदिर निर्माण कार्य अपूर्ण है? ऐसे कौन-कौन से मंदिर है।
राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) सांची विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत शासन संधारित मंदिरों की जानकारी 'निरंक' है। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ख) उत्तरांश 'क' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
मा. न्यायालय द्वारा पारित आदेश का पालन कराना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
187. ( क्र. 2888 ) श्री बृज बिहारी पटैरिया : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सी.एम.एच.ओ. विदिशा को वर्ष 2017 में संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं भोपाल से जारी आदेश दिनांक 817-सी दिनांक 24.08.2017 में एफ.आई.आर. अंकित व्यक्तियों के नाम थे? (ख) उक्त व्यक्तियों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की सी.एम.एच.ओ. विदिशा द्वारा एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई? यदि हाँ तो क्या एफ.आई.आर. करने के पूर्व कोई कारण बताओ नोटिस एवं विभागीय जाँच की गई? यदि नहीं तो क्या सी.एम.एच.ओ. विदिशा द्वारा व्यक्तिगत द्वेष के कारण एफ.आई.आर. की गई? (ग) संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा अपचारी अधिकारी एवं कर्मचारियों को आरोप-पत्र जारी किये गये एवं विभागीय जाँच की गई? यदि हाँ तो विभागीय जाँच का परिणाम में क्या अधिकारी को सांठ-गांठ करके दोष मुक्त कर दिया गया। जबकि कर्मचारी को उक्त प्रकरण में सेवा समाप्त की गई? प्रकरण में समान आरोप प्रमाणित पाये गये थे? यदि हाँ तो दोनों को एक समान रूप से दोषी क्यों नहीं माना गया? क्या अधिकारी को बचाने के लिये कर्मचारी को दोषी बनाया गया है? क्या यह न्याय संगत है? जबकि प्रकरण माननीय न्यायालय में विचारणीय होने पर विभागीय जांच में एक पक्षीय निर्णय प्रदान किया गया, ऐसा क्यों? (घ) सत्र न्यायालय विदिशा से एस.टी. 65/2018 में दिनांक 23.12.2023 को दोषमुक्त होने के पश्चात् एवं माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर से पारित डब्ल्यू.पी. 13275/2023 में दिनांक 27.10.2025 को पारित निर्णय के परिपालन में तत्कालीन लिपिक द्वारा क्या आयुक्त एवं संचालक, स्वास्थ्य सेवाये के समक्ष अपनी उपस्थिति प्रस्तुत की गई? उपस्थिति उपरांत प्रकरण का निराकरण प्रश्न दिनांक तक किया गया? यदि नहीं तो क्यों? क्या विभागीय अधिकारियों द्वारा माननीय न्यायालय के आदेश की अवहेलना की जा रही है यदि हाँ तो क्यों? माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय के उपरांत प्रश्न दिनांक तक अद्यतन स्थिति व कितनी अवधि में कर्तव्य पर उपस्थित कराया जावेगा? यदि हाँ तो कब तब? माननीय न्यायालय के आदेश का पालन नहीं करने वाले दोषी अधिकारियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। जी नहीं। तत्संबंध में जानकारी विभाग स्तर पर उपलब्ध नहीं है। (ग) जी हाँ। जी नहीं। जी हाँ। आरोप पत्र पृथक-पृथक जारी किये गये जिसकी प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। पृथक-पृथक आरोपों में दोषी पाया गया। अनुशासनात्मक प्राधिकारी द्वारा जारी आदेश की प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। जी नहीं। जी हाँ, प्रकरण का निराकरण नियमानुसार किया गया। (घ) जी हाँ संबंधित कर्मचारी द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया। जी नहीं, प्रकरण में अभ्यावेदन का निराकरण संबंधी प्रक्रिया प्रचलन में है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
काउंसलिंग में भ्रष्टाचार एवं कूटरचित तरीके से प्रवेश दिया जाना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
188. ( क्र. 2889 ) श्री बृज बिहारी पटैरिया : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्य प्रदेश शासन लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा का पत्र क्रमांक 1930 दिनाक 31/12/25 जो आयुक्त, स्वास्थ्य सेवायें को अंकित है? एम.बी.बी.एस. कोर्स में प्रवेश में हुए भ्रष्टाचार की (पीपुल्स कॉलेज भोपाल में कूटरचित दस्तावेज से प्रवेश) जांच प्रश्न दिनांक तक क्यों नहीं की गई? (ख) क्या चित्रांश खरे पिता डॉ. प्रमोद खरे द्वारा चिरायु मेडिकल कॉलेज भोपाल में एम.बी.बी.एस. में अवैधानिक रूप से प्रवेश प्राप्त किया है? (ग) क्या शासन को की गई शिकायत (Neet UG 2022-AIR-SC 379343) आयुक्त को 23/1/26 को जांच के लिए प्राप्त हुई है? क्या एन.आर.आई. कोटे से नियमानुसार एम.बी.बी.एस. में प्रवेश दिया गया है? प्रश्न दिनांक तक जांच की अद्यतन स्थिति बतावें। (घ) वर्ष 2025 में यूजी/पीजी में प्रवेश से संबंधित कितनी शिकायतें प्राप्त हुई, प्रवेश नियम अनुसार कितनों पर निर्णय लिया गया? प्रश्न दिनांक तक संचालक द्वारा लंबित रखी है क्यों? वर्तमान में संचालक की अध्यक्षता में यूजी/पीजी काउंसलिंग के लिये जो कमेटी गठित की गई है, उसमें अपात्र/अयोग्य व्यक्तियों को कमेटी में शामिल किया गया है इनके द्वारा यूजी/पीजी की काउंसलिंग में कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर प्रवेश हेतु चयनित किया जा रहा है? यदि हाँ तो शासन द्वारा जाँच एजेंसी से जाँच कराई जाएगी? यदि हाँ तो कब तक? नहीं तो क्यों? (ङ) संचालक द्वारा संचालनालय में महाविद्यालयों से चिकित्सकों एवं अधिकारियों का संलग्नीकरण कर कार्य लिया जा रहा है? यदि हाँ तो क्यों, कारण सहित बतावें तथा संलग्नीकरण किये गये चिकित्सकों/अधिकारियों के नाम, पदनाम, मूल विभाग तथा संचालनालय में उन्हें आवंटित कार्य की जानकारी उपलब्ध करावें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। जांच की कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) शिकायत प्राप्त हुई है। जांच की कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) जी हाँ। जांच की कार्यवाही प्रचलन में है। (घ) वर्ष 2025 में पीजी में प्रवेश से संबंधित कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। वर्ष 2025 में यूजी काउंसिलिंग से संबंधित 03 शिकायतें प्राप्त हुई, उन पर नियमानुसार निराकरण किया जा चुका है। वर्तमान में कोई शिकायत लंबित नहीं है। जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) संचालनालय में महाविद्यालयों से चिकित्सा शिक्षकों एवं अधिकारियों को प्रशासकीय कार्य सुविधा की दृष्टि से कार्य करने हेतु आदेशित किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार।
रा.पु.प. 6-4 के तहत प्राकृतिक आपदाओं में दी गई अनुग्रह/सहायता राशि
[राजस्व]
189. ( क्र. 2895 ) श्री देवेंन्द्र पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राजस्व विभाग द्वारा RBC-6-4 के तहत प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि, आग, आकाशीय बिजली, सर्पदंश से मृत्यु, फसल, मकान की क्षति व जनहानि के मामलों में मुआवजा दिया जाता है? यदि हाँ तो सिलवानी विधान सभा क्षेत्र में गत 10 वर्षों में ऐसे प्रकरणों में किन-किन को कितनी राशि अनुग्रह सहायता/मुआवजा के रूप में दी गई? वर्षवार, तहसीलवार सूची, स्वीकृत राशि का विवरण व किए गए भुगतान की जानकारी दें? ऐसे मामलों में भुगतान में गड़बड़ी आदि को लेकर उल्लेखित अवधि में प्राप्त शिकायतों का विवरण, जांच व निराकरण की जानकारी दें। दोषियों पर कार्यवाही का विवरण दें। (ख) वर्ष 2020-21 में रायसेन जिले में कीट-व्याधि, ओलावृष्टि से हुई फसल क्षति के मुआवजा वितरण के मामले में लगभग 18 करोड़ की राशि की अनियमितता को लेकर वर्ष 2022 में पांच बार गठित विभिन्न जांच दलों के गठन व संपादित जांच व निष्कर्ष और दोषियों पर की गई कार्यवाही का संपूर्ण विवरण दें? क्या वास्तविक पीडि़त किसानों को क्या उक्त राशि प्रदान कर दी गई है? यदि नहीं तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हां, विधानसभा क्षेत्र सिलवानी में विगत 10 वर्षों में 1,60,303 प्रभावितों को 109,33,20,227/- रूपये राहत राशि के रूप में दी गई। वर्षवार, तहसीलवार भुगतान की गई राशि का विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। राहत राशि में भुगतान में गड़बड़ी आदि को लेकर विगत 10 वर्षों में विधानसभा क्षेत्र सिलवानी अंतर्गत तहसील बेगमगंज में महालेखाकार के लेखा परीक्षा दल द्वारा 169 प्रकरणों में राशि 57,19,276/- रुपए का गलत खातों में भुगतान पाया गया। विधानसभा क्षेत्र सिलवानी अंतर्गत तहसील सिलवानी में राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ सिलवानी द्वारा वर्ष 2020-21 में कीट व्याधि ओलावृष्टि से हुई किसानों की फसलों के नुकसान को लेकर राहत राशि वितरण में हुई अनियमितता को लेकर प्रस्तुत ज्ञापन की जांच में 18,90,72,842/- रूपये राशि की अनियमितता पाई गई। विधानसभा क्षेत्र सिलवानी अंतर्गत फसल क्षति में हुई अनियमितता में तहसील बेगमगंज अंतर्गत पटवारी पद के दो कर्मचारी दोषी पाए गए। दोनों कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय जांच संस्थित कर दो-दो वार्षिक वेतन वृद्धि संचयी प्रभाव से रोकी गई। तहसील सिलवानी अंतर्गत दोषी पाए गए अधिकारी/कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रचलित है। (ख) वर्ष 2020-21 में जिले में कीट व्याधि ओलावृष्टि से हुई फसल क्षति से मुआवजा वितरण की महालेखाकार के लेखा परीक्षा दल द्वारा वर्ष 2023 में जांच की गई। जांच में तहसील बेगमगंज में राशि 57,19,276/- रुपये, तहसील उदयपुरा में राशि 2,90,933/- रूपये एवं तहसील सुल्तानपुर में राशि 9,53,860/- रूपये की अनियमितता पाई गई। तहसील सिलवानी में वर्ष 2022 में अपर कलेक्टर रायसेन के नेतृत्व में जांच दल गठित कर विशेष ऑडिट दल से राहत राशि वितरण में अनियमितताओं की जांच कराई गई। संभागीय संयुक्त संचालक, कोष एवं लेखा के जांच प्रतिवेदन में तहसील सिलवानी में वित्तीय वर्ष 2020-21 तथा वर्ष 2021-22 में संबंधित राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही किए जाने के निर्देश प्रदान किए गए। वर्तमान में संबंधितों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रचलित है। जिले की तहसील बेगमगंज, उदयपुरा एवं सुल्तानपुर में अनियमितता में पायी गई राशि संबंधितो से वसूल कर शासन के पक्ष में चालान के माध्यम से जमा की गई है। तहसील सिलवानी में संबंधितों के विरुद्ध कार्यवाही प्रचलित होने के कारण राहत राशि किसानों को प्रदान नहीं की गई।
सिंचाई योजनाओं की जानकारी
[जल संसाधन]
190. ( क्र. 2896 ) श्री देवेंन्द्र पटेल : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बेगमगंज तहसील अंतर्गत जमुनिया तालाब का सर्वेक्षण कब किसके द्वारा किया गया था? क्या योजना साध्य पाई गई थी? जमुनिया तालाब के संबंध में प्रश्न दिनांक तक की गई कार्यवाही का सम्पूर्ण विवरण दें व सर्वेक्षण रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध करावें। उक्त योजना में जमुनिया, खिरियानवलशाह, मछुआखेड़ा आदि ग्रामों की कितनी कृषि भूमि सिंचित होने की संभावना है? योजना वर्तमान में किस स्तर पर लम्बित है? (ख) ग्राम अमगुंवा तह. सिलवानी स्थित विभागीय स्टॉप डैम की वर्तमान भौतिक स्थिति क्या है? क्या इसका निर्माण गुणवत्ता पूर्ण हुआ है और लक्षित लक्ष्य पूरा कर रहा है? यदि नहीं तो क्यों? क्या सुधार कार्य व कार्यवाही की जायेगी? (ग) ग्राम जमुनिया (तह. बेगमगंज) के समीप सहका नाले पर स्टाप डैम बनाये जाने की मांग ग्रामीणों द्वारा लम्बे समय से की जा रही है? इस मामले में अब तक विभाग ने क्या कार्यवाही की है? कब तक निर्माण की स्वीकृति दी जाएगी?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जमुनिया गोंडाखोह तालाब का सर्वेक्षण कार्य मेंसर्स जे.पी.एसोसियेट प्रो.श्री जितेन्द्र कुमार गिरी. भोपाल के द्वारा वर्ष 2017-18 में पूर्ण किया गया। जी नहीं। सर्वेक्षण रिपोर्ट संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। अत: शेष प्रश्न लागू नहीं। (ख) ग्राम अमगुंवा में विभाग द्वारा स्टॉप डैम का निर्माण नहीं कराया जाना प्रतिवेदित है। अत: शेष प्रश्नांश लागू नहीं। (ग) ग्रामीणों से मांग प्राप्त नहीं होना प्रतिवेदित है। अपितु सेमरी मध्यम सिंचाई परियोजना से ग्राम सहका के कृषकों को सिचांई सुविधा उपलब्ध कराई जाना प्रतिवेदित है। शेष प्रश्नांश लागू नहीं।
जिम्मेदारों पर कार्यवाही एवं राशि वसूली की जाना
[जल संसाधन]
191. ( क्र. 2911 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल जिला अंतर्गत कुल सिंचाई हेतु कितना रकबा सिंचित है एवं किन-किन परियोजनाओं द्वारा (डैम, नहर, बांघ) भूमि सिंचित है, किन-किन किसानों का कितना रकबा सिंचित हो रहा है? किसानों का नाम, खसरा, रकबा परियोजनावार जानकारी देवें। (ख) यह कि पूर्व में निर्मित डैम, बनासी, पोड़ी, दूधरिया, बराछ, पुरैना, रिमार, टेटका, मोहिनी, बुड़वा, उमरगढ़ एवं अन्य सिंचाई डैम परियोजनाएं किस वर्ष में निर्मित हुई है? शासन द्वारा कितनी राशि स्वीकृत की गई थी उन परियोजनाओं में कितने किसानों को सिंचाई का पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। शासन को उन परियोजनाओं से कितना मद प्राप्त हो रहा है? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में पूर्व में निर्मित डैम में कितनी राशि आवंटित की गई एवं कौन-कौन से फर्म या एजेन्सी द्वारा काम किया गया, कब शुरू किया गया, कब-कब इसको पूर्ण किया गया? (घ) वर्तमान में शहडोल जिले में कितने डैम निर्माणाधीन है? निर्माणाधीन डैम को कब तक पूरा किया जायेगा?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के "प्रपत्र-अ" अनुसार है। (ख) एवं (ग) विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के "प्रपत्र-ब" अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के "प्रपत्र-स" अनुसार है।
भारत सरकार की राशि का डिजिटल सामग्री क्रय करने में भ्रष्टाचार
[स्कूल शिक्षा]
192. ( क्र. 2917 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सी.एस. कार्यालय से स्कूल शिक्षा को प्रश्नकर्ता के पत्रों के संबंध में पत्र प्राप्त हुये, पत्र की प्रति दें? समस्त पत्रों में किन विषयों के अन्तर्गत क्या निर्देश प्रदान कर क्या कार्यवाही संपादित की जाना थी? (ख) क्या स्कूल शिक्षा सा.प्र.वि. के आदेश दिनांक 22/3/11 का अक्षरतः पालन करता है पत्रवार बतायें? यदि नहीं तो सा.प्र.वि. के आदेशों के उल्लंघन पर निलंबन की कार्यवाही क्यों नहीं की पत्रवार बतायें? स्कूल शिक्षा विभाग क्या सा.प्र.वि. के आदेशों के अन्तर्गत नहीं आता है? हरबार उल्लंघन के कारण स्पष्ट करें। कितने पत्रों पर कब, क्या कार्यवाही कर प्रश्नकर्ता को अवगत कराया, नहीं तो क्यों? (ग) भारत सरकार से विभाग को एआई और डिजिटल क्लास हेतु समग्र शिक्षा एवं शा. विद्यालय हेतु कितनी राशि कब प्राप्त हुई? सामग्री क्रय करने हेतु कब, क्या प्रक्रिया अपनाई गई? किस फर्म एजेन्सी को किस दर पर कार्य दिया गया? एम.ओयू. विज्ञापन प्राप्त टेण्डर तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृति सहित संपूर्ण जानकारी एकल नस्ती सहित दें। क्या अपर संचालक परियोजना ने 20 जिलों को पत्र भेजा, पत्र एवं उत्तर की समस्त जानकारी दें। विभागीय मंत्री क्या जांच के आदेश दिये पत्र की प्रति दें? (घ) प्रश्नकर्ता के विशेषाधिकार सा.प्र.वि. के आदेशों का उल्लंघन होने पर संचालकों डी.पी.आई. एवं विनय पाण्डे के विरूद्ध कार्यवाही किस कारण नहीं हुई?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ‘’एक’’ अनुसार है। (ख) जी हाँ, नियमानुसार कार्यवाही की जाती है, शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) वर्ष 2025-26 में भारत सरकार की समग्र शिक्षा अभियान परियोजना के तहत "एआई और डिजिटल क्लास" नाम से मद नहीं है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्तरांश (ख) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। शेषांश विनय पाण्डे से संबंधित शिकायत पर की गई कार्यवाही की जानकारी प्रबंधक, मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एम.पी.एस.ई.डी.सी.) से लोक शिक्षण संचालनालय के पत्र क्रमांक- 49 दिनांक 17 फरवरी, 2026 द्वारा चाही गई है।
पटवारियों की मनमानी से व्याप्त अनियमितताएं
[राजस्व]
193. ( क्र. 2918 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता एवं एक अन्य ई-मेल के द्वारा राजस्व विभाग में तृतीय श्रेणी कर्मचारियों की वेतन वृद्धि के संबंध में दिनांक 30/01/26 दोप. 2.34 एवं दोप. 1.49 बजे पीएस/आयुक्त राजस्व को प्रेषित है, उस पर कृत कार्यवाही से अवगत कराये? (ख) कार्या. नायब तहसीलदार वृत्त जामनेर तह. मक्सूदनगढ़ प्रकरण क्र./0040/अ-27/2025-26 आदेश दिनांक 1/12/25 एवं प्रकरण क्र./0408/अ-6/2025-26 आदेश दिनांक 18/12/2025 अन्तर्गत क्या कार्यवाही संपादित की जा रही है? (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुक्रम में क्या आदेश हुये और किस स्तर पर किस कारण से किसके द्वारा कार्य को नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण उक्त आदेशों का पालन नहीं हुआ? संबंधित के विरूद्ध कब और क्या कार्यवाही की जाकर कब तक कार्यवाही पूर्ण की जायेगी, निश्चित समयावधि बतायें। नहीं तो क्यों? (घ) भोपाल संभाग अन्तर्गत पट्टा वितरण जारी है? नहीं तो कब से बंद है? 2018 से 2023 तक कितने पट्टे किस ए.डी.एम. द्वारा वितरीत किये गये? नियम विरूद्ध पट्टे देने पर क्या कार्यवाही की जायेगी? क्या उक्त पट्टों को 2023 के बाद अन्य एसडीएम द्वारा निरस्त किया गया है? समस्त जानकारी का गोशवारा जिलेवार दें? (ड.) 20 मार्च 2020 से प्रश्न दिनांक तक कितने पटवारियों को कब और किस कारण से सेवा समाप्ति/विभागीय जांच प्रचलित है? उनका नाम, पता, प्रकरण की पूर्ण जानकारी, मोबाईल, पदस्थी हल्का, तहसील, जिला सहित गोशवारा बनाकर बतायें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) जिला गुना की तहसील मकसूदनगढ़ के कार्यालय नायब तहसीलदार वृत्त जामनेर के प्रकरण क्रमांक 0040/अ-27/2025-26 आदेश दिनांक 01.12.2025 के अनुसार तत्समय खसरे में अमल किया जा चुका है एवं प्रकरण क्रमांक/0408/3-6/2025-26 आदेश दिनांक 18.12.2025 के अनुसार पोर्टल पर तकनीकी समस्या के कारण अमल नहीं हुआ था। तकनीकी समस्या के निराकरण उपरांत उक्त आदेश का अमल भी कर दिया गया है। (ग) उत्तरांश (ख) के अनुक्रम में कार्यालय नायब तहसीलदार वृत्त जामनेर तहसील मक्सूदनगढ़ प्रकरण क्रमांक 0040/1-27/2025-26 आदेश, दिनांक 01.12.2025 एवं प्रकरण क्रमांक 0408/3-6/2025-26 आदेश दिनांक 18.12.2025 अंतर्गत उक्त दोनों आदेशों के अमल हो जाने से कोई कार्यवाही शेष नहीं है। (घ) भोपाल संभाग अन्तर्गत वर्ष 2018 से 2023 तक ए.डी.एम. द्वारा कोई पट्टे वितरित नहीं किए गए। शेष प्रश्नांश की जानकारी निरंक है। (ड.) जिला विदिशा में 09, जिला सीहोर में 06, जिला रायसेन में 03 जिला गुना में 12 एवं जिला राजगढ़ में 01 पटवारियों के विरूद्ध वित्तीय अनियमितता के कारण पटवारियों के विरूद्ध विभागीय जांच की कार्यवाही संस्थित की गई है जिनमें से जिला गुना के 05 एवं जिला राजगढ़ के 01 पटवारी की सेवा समाप्त की गई है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट है।
समता ट्रस्ट की संपत्तियों की जांच कर कार्यवाही
[राजस्व]
194. ( क्र. 2941 ) श्री अम्बरीष शर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्ड जिले में समता ट्रस्ट के नाम से भिण्ड, मिहोना, लहार, दबोह एवं आलमपुर में कौन-कौन सी सम्पत्तियां/भवन/व्यावसायिक भवन अभिलेख में दर्ज है? प्रत्येक शहर/कस्बा के भवन का पूरा पता, नक्शा/क्षेत्रफल आदि की पूर्ण जानकारी उपलब्ध करायी जायें? (ख) भिण्ड जिले में समता ट्रस्ट क्या एक चैरिटेबल ट्रस्ट है? इस ट्रस्ट के नाम से भिण्ड, मिहोना, लहार, दबोह एवं आलमपुर में भवन/संपत्तियां हैं उस ट्रस्ट के ट्रस्टियों के नाम, पदनाम, पता, मोबाईल नंबर आदि की पूर्ण जानकारी उपलब्ध करायी जाय? (ग) क्या इस चैरिटेबल ट्रस्ट के भवनों में स्थित दुकान एवं भवन का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है? यदि हाँ उससे होने वाली प्रतिवर्ष की आय का ब्यौरा उपलब्ध कराया जाय। (घ) क्या चैरिटेबल ट्रस्ट के भवन का व्यावसायिक उपयोग होना नियमानुसार उचित है? यदि नहीं तो क्या उस पर प्रतिबंध लगाया जायेगा? यदि हाँ तो कब तक समय-सीमा बतायी जायें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट –'अ' अनुसार। (ख) समता ट्रस्ट लोक न्यास ट्रस्ट है, ट्रस्टी के नाम सचिव समता ट्रस्ट लहार द्वारा प्रस्तुत पत्र दिनांक 13.02.2026 के अनुसार इस प्रकार हैं- अध्यक्ष श्री महादेव प्रसाद निवासी लालपुरा भिण्ड (म.प्र.) सचिव श्री अमितप्रताप सिंह कुशवाह निवासी 08, अनुपम नगर सचिन तेंदुलकर रोड़ ग्वालियर कोषाध्यक्ष श्री बाबू खाँ निवासी मड़ोरी, अजनार तहसील लहार जिला भिण्ड हैं जिसमें मोबाइल नंबर नहीं दिये गये है। (ग) हाँ, अध्यक्ष समता लोक न्यास ट्रस्ट लहार द्वारा प्रस्तुत आय-व्यय की बैलेंसशीट की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट –'ब' अनुसार। (घ) अध्यक्ष समता ट्रस्ट लहार द्वारा पत्र दिनांकित 14.02.2026 से व्यक्त किया गया कि ट्रस्ट की किसी - संपत्ति/दुकान से संबंधित यदि कोई उपयोग है तो वह केवल न्यास की परोपकारी गतिविधियों के संचालन हेतु संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से है। ट्रस्ट द्वारा आय-व्यय का संधारण पंजीकृत चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा समय-समय पर प्रस्तुत किया जाता है।
उप रजिस्ट्रार पद पर नियुक्ति में अनियमितता
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
195. ( क्र. 2948 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में उप रजिस्ट्रार के पद नियम वेतन पर स्वीकृत है? यदि हाँ तो इन पदों हेतु मंत्रिपरिषद द्वारा शैक्षणिक अर्हता केवल MBA (Hospital Administration) ही स्वीकृत है अथवा किसी अन्य योग्यता का प्रावधान किया गया? (ख) क्या उप रजिस्ट्रार पद की गयी नियुक्तियों में MBA (HR) अथवा अन्य विषयों में स्नातकोत्तर डिग्रीधारी अभ्यार्थियों को भी चयनित किया गया है? यदि हाँ तो जब मंत्री परिषद द्वारा निर्धारित योग्यता MBA (Hospital Administration) के स्थान पर अन्य विषयों की योग्यताधारी को किस आधार पर चयनित किया गया? क्या यह प्रक्रिया नियमों के विपरीत नहीं है पूर्ण जानकारी दी जायें। (ग) वर्तमान में राज्य के समस्त स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में कुल कितने उप रजिस्ट्रार पदस्थ है महाविद्यालयवार जानकारी जिसमें नाम, शैक्षणिक योग्यता, नियुक्ति तिथि, वेतन स्थिति सहित प्रस्तुत किए गए शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की सत्यापित प्रतिलिपि उपलब्ध कराई जायें। (घ) क्या शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय विदिशा में उप रजिस्ट्रार पद पर पदस्थ कर्मचारी द्वारा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल में समान पद हेतु आवेदन किया गया था जिसे निर्धारित अर्हता के अभाव में अमान्य किया गया जबकि वही व्यक्ति विदिशा में समान पद पर चयनित किया गया? स्पष्ट किया जाए कि नियम विरूद्ध चयन के लिए कौन-सा सक्षम अधिकारी उत्तरदायी है तथा उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रदेश के स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में उप रजिस्ट्रार के पद एकमुश्त मासिक वेतन पर स्वीकृत है। मंत्रि-परिषद आदेश के अतिरिक्त संचालनालय, चिकित्सा शिक्षा द्वारा दिनांक 15.06.2021 द्वारा संशोधित अनुसूची जारी कर अतिरिक्त शैक्षणिक अर्हता एवं अनुभव का प्रावधान जोड़ा गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–अ अनुसार। (ख) जी नहीं, अभ्यार्थियों की शैक्षणिक योग्यता से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–ब अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश 'ख' में वर्णित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–ब अनुसार है। (घ) जी हाँ, जी हाँ। चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल द्वारा प्रदाय की गई जानकारी अनुसार आवेदक को उप रजिस्ट्रार की न्यूनतम आवश्यक योग्यता प्रमाण पत्र संलग्न नहीं करने की स्थिति में अपात्र घोषित किया गया था, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सिविल हॉस्पिटल जतारा के लिए भूमि आवंटन एवं निर्माण कार्य
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
196. ( क्र. 2951 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले के नगर जतारा में स्वीकृत सिविल हॉस्पिटल का भवन निर्माण कब तक और कितनी लागत से किस-किस खसरा नंबर के कितने रकबा में कहाँ बनाया जावेगा? स्पष्ट बतायें। इसकी निर्माण एजेंसी कौन-कौन से विभाग हैं एवं इसके लिये कौन-कौन से पद प्रश्न दिनांक तक सिविल हॉस्पिटल एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जतारा में सृजित एवं स्वीकृत हैं? इन सृजित एवं स्वीकृत पदों को कब तक भरा जावेगा? कृपया समस्त जानकारी आदेशों की छायाप्रतियों सहित प्रदाय करें। (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर बतायें कि पूर्व में इसके निर्माण हेतु कहाँ की भूमि कितनी आवंटित की गई थी? प्रश्न दिनांक तक आवंटित उपयुक्त भूमि पर सिविल हॉस्पिटल न बनाये जाने के क्या-क्या कारण हैं? अगर इसी आवंटित भूमि पर सिविल हॉस्पिटल बनाया जाता है तो विभाग की कितनी-कितनी राशि अतिरिक्त व्यय होगी? क्या विभाग अतिरिक्त राशि देने में सक्षम नहीं है? अगर है तो कब तक अतिरिक्त राशि स्वीकृत की जावेगी? संपूर्ण जानकारी प्रदाय करें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बतायें कि विभाग टीकमगढ़ की ओर मुख्य सड़क पर शासकीय पॉलिटेक्निक के सामने खसरा नंबर 29/4/1 पहाड़ के पास 4.285 हेक्टेयर में से जहाँ आई.टी.आई. के लिये भूमि आवंटित है, उसके बगल में या बायपास पर 625/3 खसरा नं. जतारा में या बैरवार हाईस्कूल के पास की भूमि या अन्य भूमि मुख्य सड़क की राजस्व विभाग आवंटित करेगा तो कब तक? निश्चित समय-सीमा सहित बतायें। कब से उपरोक्त भूमि पर कार्य प्रारंभ हो जावेगा? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (घ) के आधार पर बतायें कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जतारा के अंतर्गत कौन-कौन सी व्यवस्थायें खराब हैं । जिला प्रशासन द्वारा जनवरी 2026 से प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की गई है? सम्पूर्ण जानकारी देते हुए यह भी बतायें कि सिविल हॉस्पिटल जतारा के लिये भूमि कब तक आवंटित करके किस विभाग द्वारा सिविल हॉस्पिटल जतारा का कार्य प्रारंभ हो जावेगा? निश्चित समय-सीमा सहित बतायें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' एवं ''ब'' अनुसार है। पदपूर्ति एक सतत् प्रक्रिया है, निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। अतिरिक्त राशि की आवश्यकता नहीं होगी। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जतारा का समुचित उपयोग हो सके इस हेतु परिसर में उपलब्ध भूमि पर भवन निर्माण प्रस्तावित किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) अस्पताल संचालन में आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारू रूप से उपलब्ध है। कोई भी अव्यवस्था नहीं है, सिविल अस्पताल का निर्माण कार्य वर्तमान परिसर में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के भवन को समाहित करते हुये निर्मित किया जाना प्रस्तावित है, भूमि की आवश्यकता नहीं होने के कारण नवीन भूमि आवंटन की कार्यवाही नहीं की गई है। शेष प्रश्न उत्तरांश "क" में समाहित है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।
भूमि आवंटन करने एवं नवीन सांदीपनि स्कूल खोले जाना
[स्कूल शिक्षा]
197. ( क्र. 2952 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश सरकार द्वारा सी.एम. राईज़ स्कूल (सांदीपनि) स्कूलों को खोले जाने के विभाग ने क्या क्या नियम बनाये हैं? कृपया ऐसे आदेशों/नियमों की छायाप्रतियाँ प्रदाय करें। टीकमगढ़ जिले में संचालित सी.एम. राईज स्कूल (सांदीपनि) स्कूलों की समस्त अद्यतन जानकारी से अवगत करायें। (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर बतायें कि ऐसे कौन-कौन से जतारा विधानसभा क्षेत्र के स्कूल हैं जो शासन से स्वीकृत हुए थे लेकिन प्रश्न दिनांक तक उनके लिये भूमि आवंटित नहीं हुई है क्यों? भूमि आवंटित की जावेगी तो कब तक? निश्चित समय-सीमा सहित बतायें एवं ऐसे स्कूलों के आदेशों की छायाप्रतियाँ प्रदाय करें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर जानकारी दें कि स्वीकृत ऐसे स्कूलों के लिये विभाग ने कितनी-कितनी राशि स्वीकृत की है? प्रश्न दिनांक तक कहाँ-कहाँ के स्कूलों के भवन एवं खेल मैदानों के निर्माण कार्य प्रारंभ करवा दिये गये हैं एवं किस-किस के कहाँ-कहाँ के नहीं? निश्चित समय-सीमा सहित बतायें। स्वीकृत स्कूलों के निर्माण कार्य कब तक प्रारंभ किये जावेंगे। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बतायें कि टीकमगढ़ जिले की जतारा विधानसभा के ऐसे कौन-कौन से स्कूल हैं जो सांदीपनि स्कूल खोले जाने की पात्रता में आते हैं? उनके नाम, ग्राम, नगर सहित बतायें एवं यह भी बतायें कि क्या इन स्कूलों को सांदीपनि स्कूलों में स्वीकृत किया जावेगा। यदि हाँ तो कब तक? निश्चित समय-सीमा सहित बतायें। क्या नगर लिधौराखास का शासकीय बालक उ.मा. वि. इस पात्रता में आता है तो कब तक यह स्कूल सांदीपनि स्कूल कर दिया जावेगा? निश्चित समय-सीमा सहित बतायें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) जतारा विधानसभा अन्तर्गत 01 शासकीय उत्कृष्ट उ.मा.वि. जतारा स्वीकृत हुआ था। भूमि आवंटन के आदेश की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। स्वीकृति आदेश की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार। (ग) स्वीकृत स्कूलों के निर्माण संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। खेल मैदानों संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-5 अनुसार। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) सांदीपनि विद्यालयों की स्वीकृति बजट उपलब्धता एवं सक्षम अनुमोदन पर निर्भर है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
जिमनास्टिक खिलाड़ी का वार्म अप के दौरान मृत्यु होने पर जाँच
[स्कूल शिक्षा]
198. ( क्र. 2965 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन के 17 वर्षीय राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी उजेर अली की कोलकाता में स्कूल स्तरीय गेम्स फेडरेशन की प्रतियोगिता में वार्म अप के दौरान एक हादसे में चोटग्रस्त होने के पश्चात इलाज के दौरान मृत्यु हो जाती है। इसकी जानकारी समाचार पत्र के माध्यम से प्राप्त हुई है। उज्जैन के इस होनहार जिमनास्टिक खिलाड़ी को जो कि भविष्य में ओलंपिक खेलने जा सकता था, चोटग्रस्त होने के पश्चात घटना को छुपाना एवं इलाज के प्रति लापरवाही और टीम कोच एवं मैनेजर द्वारा उसे वही छोड़कर आ जाना ऐसी जानकारी प्राप्त हो रही है, क्या सही है? (ख) इस घटना के संबंध में क्या कोई जांच कमेटी बनाकर या जांच करवा कर दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाएगी?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) चोटग्रस्त होने के कारण संबंधित छात्र को IPGME&RSSKM हॉस्पिटल कोलकत्ता के ट्रामा सेंटर (पश्चिम बंगाल) में भर्ती कराया गया एवं उनके अभिभावक को सूचित किया गया। उपचार के दौरान छात्र की दु:खद मृत्यु हुई है। घटना को न तो छुपाया गया न कोई लापरवाही की गई है। (ख) उत्तरांश (क) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
संस्कृति विभाग में अनुभाग अधिकारी का रिक्त पद
[संस्कृति]
199. ( क्र. 2982 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या राज्य मंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या संस्कृति विभाग में अनुभाग अधिकारी का पद रिक्त है? उक्त रिक्त पद का प्रभार वर्तमान में किस कर्मचारी के पास है, आदेश की जानकारी सहित बतावें। उक्त रिक्त-पद का प्रभार किसी वरिष्ठ कर्मचारी को सौंपा गया या किसी अन्य विभाग के कर्मचारी को? कारण-सहित बतावें। (ख) उक्त रिक्त पद का प्रभार सौंपने के संबंध में प्राप्त किए गए प्रशासकीय अनुमोदन और सामान्य प्रशासन विभाग/वित्त विभाग के अभिमत की छायाप्रति देवें। किसी अन्य विभाग के कर्मचारी को उक्त रिक्त-पद का प्रभार सौंपा गया? यदि हाँ तो संस्कृति विभाग में ऐसा वरिष्ठ कर्मचारी नहीं है जिसे उक्त रिक्त पद का प्रभार सौंपा जा सके? (ग) उक्त रिक्त-पद का प्रभार पाने वाले उस कर्मचारी के विरूद्ध भ्रष्टाचार तथा अन्य क्या-क्या शिकायतें प्राप्त हुई, प्रश्न-दिनांक तक उक्त शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गई, यदि नहीं की गई तो क्यों। (घ) उक्त रिक्त पद पर कार्यरत उस कर्मचारी के कार्यकाल में उसके प्रस्ताव पर किस-किस कर्मचारियों को संस्कृति विभाग से वापस किया गया, किस-किस को नौकरी से निकाला गया, नाम-पदनाम सहित बतावें। आउट सोर्सिंग कर्मचारियों को उस अतिरिक्त प्रभारी कर्मचारी द्वारा परेशान करने संबंधी शिकायत प्राप्त हुई? (ङ) उक्त रिक्त पद पर कार्यरत उस कर्मचारी से परेशान होकर प्रश्न दिनांक तक किस-किस कर्मचारियों ने संस्कृति विभाग से स्थानांतरण लिया और किस-किस आउट सोर्सिंग कर्मचारियों ने नौकरी त्याग दी, कर्मचारियों के नाम, पदनाम, जाति सहित बतावें।
राज्य मंत्री, संस्कृति ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जी हां। विभाग में कार्य की अधिकता होने के कारण एवं वरिष्ठ/अनुभव के आधार पर श्री सुरेश कुमार पाठक, सहायक अनुभाग अधिकारी पर्यटन विभाग के साथ-साथ संस्कृति विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। (ख) पर्यटन एवं संस्कृति विभाग का एक ही विभाग प्रमुख होने के कारण पर्यटन विभाग में पदस्थ सहायक अनुभाग अधिकारी को योग्यता एवं वरिष्ठता तथा कार्य की अधिकता के आधार पर संस्कृति विभाग का अतिरिक्त कार्य सौंपा गया है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) मंत्रालयीन कर्मचारी का स्थानांतरण सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा किया जाता है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
मध्यप्रदेश में संचालित मदरसों की जानकारी
[स्कूल शिक्षा]
200. ( क्र. 3007 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश मदरसा बोर्ड में कौन-कौन से मदरसे पंजीकृत हैं, जिलेवार जानकारी उपलब्ध करावें। मदरसा बोर्ड में मदरसों के पंजीयन एवं वित्तीय सहायता के क्या नियम निर्देश आदेश हैं छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ख) क्या मध्यप्रदेश मदरसा बोर्ड द्वारा प्रदेश के मदरसों को किन-किन मदों में वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। 1 अप्रैल, 2012 से प्रश्नांकित दिनांक तक मदवार, वर्षवार, जिलेवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में विदिशा जिले में मदरसा बोर्ड द्वारा अनुदान, शिक्षक मानदेय, छात्रवृत्ति, भवन निर्माण, मरम्मत, फर्नीचर, शैक्षणिक सामग्री हेतु किन-किन मदों में कितनी-कितनी राशि स्वीकृत एवं वितरित की गई मदवार जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में विभाग द्वारा मदरसों की मान्यता, निरीक्षण, शैक्षणिक गुणवत्ता का निरीक्षण किन-किन मदरसों का किया गया एवं क्या-क्या कमियां पाई गईं व कितने मदरसों की सहायता रोकी गई है? जानकारी देवें। (ड.) मदरसा बोर्ड द्वारा वित्तीय सहायता में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु क्या-क्या कदम उठाए जा रहे हैं जानकारी उपलब्ध करावें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1-अनुसार। पंजीयन हेतु निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2-अनुसार। वित्तीय सहायता के संबंध में मदरसा बोर्ड से काई नियम निर्देश जारी नहीं किया गया है। (ख) म.प्र. मदरसा बोर्ड द्वारा प्रदेश के मदरसों को किसी भी प्रकार की वित्तीय सहायता प्रदान नहीं की जा रही है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) मदरसा बोर्ड द्वारा विदिशा जिले में अनुदान, शिक्षक मानदेय, छात्रवृत्ति, भवन-निर्माण, मरम्मत, फर्नीचर, शैक्षणिक सामग्री हेतु कोई भी राशि न ही स्वीकृत की गई है एवं न ही वितरित की गई है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश 'ग' के परिप्रेक्ष्य में मदरसा बोर्ड की जानकारी निरंक है। (ड.) उत्तरांश 'ख' के परिप्रेक्ष्य में मदरसा बोर्ड की जानकारी निरंक है।
खाद्य सुरक्षा नियम अंतर्गत कार्यवाही
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
201. ( क्र. 3275 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले में वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक मुख्य चिकित्सा अधिकारी खाद्य एवं औषधी प्रशासन की टीम एवं विभाग प्रमुख के द्वारा किस-किस स्थानों पर कहाँ-कहाँ कार्यवाही की गयी? दिनांकवार सम्पूर्ण जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार कार्यवाही में क्या टीम एवं विभाग द्वारा उपरोक्त स्थान की गूगल मैप फोटो ली गई हैं? यदि हाँ तो उपलब्ध करवाएँ। नहीं ली गई तो दोषी कौन-कौन हैं? नाम सहित सम्पूर्ण जानकारी देवें? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक क्या दुकानदारों की दुकान सील की गई? सूची देवें? समस्त चालानों की प्रति उपलब्ध करवाएं? यदि विभाग/टीम द्वारा किसी भी दुकानदार का लाइसेंस निरस्त किया गया हैं तो उसकी भी जानकारी देवें? (घ) प्रश्नांश ''क'' अनुसार जिले में पदस्थ खाद्य सुरक्षा अधिकारियों व विभाग द्वारा वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक कौन-कौन से फर्म, दुकान व मेडिकल स्टोर इत्यादि की जाँच खाद्य सुरक्षा नियम के तहत किया गया? क्या-क्या सामग्री जब्त की गई? सूची देवें। क्या जब्त सामग्री को नमूना जाँच हेतु भेजा गया? यदि हाँ तो जाँच रिपोर्ट सहित सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराये? यदि नहीं भेजी गई है तो क्यों? इसके लिये कौन दोषी हैं। दोषियों पर शासन द्वारा कब तक कार्यवाही की जावेगी? समय-सीमा सहित सम्पूर्ण जानकारी देवें?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) कार्यवाही के स्थान की गूगल मैप फोटो लेने का प्रावधान अधिनियम में नहीं है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी निरंक है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
तीसरे क्रमोन्नति वेतनमान का प्रदाय
[स्कूल शिक्षा]
202. ( क्र. 3341 ) श्री केशव देसाई : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आदेश क्र. 703/स्था./1/ओ.बी. नियु./स.शि./93, दिनांक 22.09.1993 जारी किया गया है? यदि हां, तो कृपया संबद्ध आदेश की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ख) यदि प्रश्नांश (क) का जवाब जी हां, है तो इस आदेश में दर्शित इन्दौर, भोपाल एवं नर्मदापुरम जिलों के किन-किन सहायक शिक्षकों को तीसरे क्रमोन्नत/समयमान वेतनमान का लाभ दे दिया गया है? संबद्ध आदेश/आदेशों की छायाप्रति/प्रतियां उपलब्ध करावें। इस क्रमोन्नत/समयमान वेतनमान से वंचित सहायक शिक्षकों को इस वेतनमान का लाभ कब तक दे दिया जावेगा? प्रश्नांश (क) में दर्शित आदेश के सहायक शिक्षकों की 30 वर्ष की सेवाएं निरंतर थीं या ब्रेक-इन सर्विस थी?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्तरांश 'क' के प्रकाश में प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
203. ( क्र. 3392 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरगोन जिले में वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक वृद्ध निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया है? अगर हाँ तो दिनांकवार, स्थानवार विवरण दें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार इन शिविरों में कितने पंजीयन हुए, कितने स्वास्थ्य परीक्षण किये गये कितनों की स्वास्थ्य परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त हुई और कितने हितग्राहियों को क्या-क्या लाभ दिया गया? अगर हाँ तो विवरण नहीं तो कब तक लाभ दिया जायेगा। (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार स्वास्थ्य शिविरों हेतु कितना बजट प्रदाय किया गया, कितना खर्च किया गया और कितना शेष है? शिविरवार जानकारी देवें? (घ) क्या इन शिविरों में अनियिमितताओं, स्वास्थ्य लाभ, सामग्री के संबंध में स्वास्थ्य विभाग या नोडल अधिकारी को कोई शिकायतें प्राप्त हुई है? अगर हाँ, तो उस पर किनके द्वारा क्या कार्यवाही की गई?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। दिनांकवार, स्थानवार विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ख) उत्तरांश 'क' अनुसार इन शिविरों में पंजीकृत हुए कुल वृद्धजनों के स्वास्थ्य परीक्षण रिपोर्ट की संख्यात्मक जानकारी एवं हितग्राहियों को दिये गये लाभ की जानकारी पुस्तकालय में रखे पुस्तकालय के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। (ग) उत्तरांश 'क' अनुसार स्वास्थ्य शिविरों हेतु प्रदायित बजट, खर्च राशि एवं शेष राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।