मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्‍नोत्तर-सूची
दिसम्‍बर, 2021 सत्र


शुक्रवार, दिनांक 24 दिसम्बर, 2021


भाग-1
तारांकित प्रश्‍नोत्तर



जेल में कैदियों को प्रदत्‍त सामग्री

[जेल]

1. ( *क्र. 1112 ) श्री यशपाल सिंह सिसौदिया : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान में जेल में बंद कैदियों को प्रतिदिन दिये जाने वाले दैनिक कार्य उपयोगी वस्तुओं एवं भोजन की सूची उपलब्ध करायें, इसमें उपवास एवं रोजे होने पर दिये जाने वाले व्यंजन की जानकारी देवें तथा किस प्रकार से उपलब्ध कराये जाते हैं? नि:शुल्क या सशुल्क बतावें। (ख) दिनांक 01 जनवरी, 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक वर्षवार बतायें कि इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर की सेन्ट्रल एवं जिला जेल में कैदियों के दैनिक उपयोग भोजन आदि का कितना भुगतान किस ठेके‍दार/फर्म/व्यक्ति को किया गया? इस अवधि‍ में कितना भंगार आदि की निलामी से कितनी राशि प्राप्त हुई? (ग) वर्तमान में जेल विभाग के किन-किन अधिकारियों/कर्मचारियों पर किस-किस प्रकार की विभागीय जांच चल रही है? दिनांक 01 जनवरी, 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक जांच में कितने दोषी पाये गये? उनके नाम, पद एवं वर्तमान स्थिति बतावें तथा जेल अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर दर्ज अपराध का भी विवरण देवें।

गृह मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) वर्तमान में बंदियों को प्रतिदिन दिये जाने वाले दैनिक कार्य उपयोगी वस्‍तुओं एवं भोजन की सूची एवं उपवास एवं रोजे होने पर दिये जाने वाले व्‍यंजन की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। उक्‍त सामग्री बंदियों को नि:शुल्‍क प्रदाय की जाती है। (ख) दिनांक 01 जनवरी, 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक वर्षवार केन्‍द्रीय जेल इन्‍दौर, भोपाल, जबलपुर, ग्‍वालियर एवं जिला जेल इन्‍दौर में बंदियों को दैनिक उपयोग भोजन आदि पर भुगतान की गई राशि का विवरण एवं भंगार से संबंधित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) वर्तमान में जेल विभाग के दिनांक 01 जनवरी, 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक अधिकारियों/कर्मचारियों पर विभागीय जॉंच की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-स अनुसार है। जॉंच में दोषी पाये अधिकारियों/कर्मचारियों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-द अनुसार है।

पैरामेडिकल काउंसिल स्‍टाफ की भर्ती प्रक्रिया

[चिकित्सा शिक्षा]

2. ( *क्र. 1104 ) श्री अर्जुन सिंह काकोडि़या : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्य प्रदेश पैरामेडिकल काउंसिल में पदस्थ रजिस्ट्रार डॉ. पूजा शुक्ला की नियुक्ति नियमानुसार की गई है? यदि हाँ, तो उनकी नियुक्ति से संबंधित प्रक्रिया से संबंधित समस्त दस्तावेज एवं प्रक्रिया के साक्ष्य प्रदान किया जावे। (ख) डॉ. पूजा शुक्ला, रजिस्ट्रार पैरामेडिकल काउंसिल के शैक्षणिक दस्तावेज प्रदान किए जावे। (ग) क्या पैरामेडिकल काउंसिल में पदस्थ पांडे एवं डॉ. पूजा शुक्ला का एकाधिकार है? यदि हाँ, तो उनके विरुद्ध आज तक कार्यवाही क्यों नहीं की गई और यदि नहीं, तो पांडे एवं समस्त स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया से संबंधित दस्तावेज बतावें। (घ) डॉ. पूजा शुक्ला एवं पांडे की नियुक्ति दिनांक से लेकर आज दिनांक तक अचल व चल संपत्ति का विवरण बतावें। प्रश्‍नकर्ता द्वारा बार-बार जानकारी पूछे जाने के बावजूद उक्त सम्बन्ध में जानकारी क्यों प्रदान नहीं की जा रही है?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। आदेश की प्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जी नहीं। (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

परिशिष्ट - "एक"

सी.सी. खरंजा एवं सामुदायिक भवन निर्माण

[अनुसूचित जाति कल्याण]

3. ( *क्र. 1238 ) श्री राकेश मावई : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र मुरैना अंतर्गत अनुसूचित जाति मोहल्‍लों में सी.सी. खरंजा एवं सामुदायिक भवन निर्माण के लि‍ये प्रश्‍नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक 371/2021, दिनांक 12.03.2021 में जिला संयोजक अनुसूचित जाति कल्‍याण, मुरैना को दिया गया था? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार पत्र में उल्‍लेखित सी.सी. खरंजा एवं सामुदायिक भवन निर्माण हेतु तकनीकी स्‍वीकृत‍ि जारी क्‍यों नहीं कराई गई? इन कार्यों की तकनीकी एवं प्रशासकीय स्‍वीकृति कब तक जारी कराकर निर्माण कार्य कराया जावेगा? (ग) जिला संयोजक अनुसूचित जाति कल्‍याण विभाग, मुरैना में कौन-कौन से कर्मचारी कब से पदस्‍थ हैं? उनके नाम एवं पद तथा पदस्‍थापना वर्ष सहित जानकारी देवें। लंबे समय से एक ही स्‍थान पर पदस्‍थ कर्मचारियों का अन्‍यत्र स्‍थानान्‍तरण क्‍यों नहीं कि‍या गया और कब तक अन्‍यत्र स्‍थानान्‍तरण किया जावेगा?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जी हाँ। प्राप्‍त प्रस्‍तावों को, अन्‍य प्रस्‍तावों के साथ सम्मिलित कर वर्ष 2021-22 के बजट से नियमानुसार अनुमोदन हेतु प्रभारी मंत्री जी को प्रस्‍तुत किए गए हैं। (ख) प्रश्‍नांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। शासन की स्‍थानान्‍तरण नीति के अनुरूप आवश्‍यक स्‍थानान्‍तर किये जाते हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

घुमक्‍कड़ जाति को आवास

[विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति कल्याण]

4. ( *क्र. 1018 ) श्री देवेन्‍द्र सिंह पटेल : क्या राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विमुक्‍त घुमक्‍कड़ एवं अर्द्धघुमक्‍कड़ जनजाति कल्‍याण विभाग द्वारा घुमक्‍कड़ जाति तथा लोहापीटा (धूरधोबा) समाज के परिवार रायसेन जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में कहां-कहां, कब-कब से रह रहे हैं? (ख) प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी एवं ग्रामीण में उनको आवास मिल सके, इस हेतु विभाग के अधिकारियों ने क्‍या-क्‍या कार्यवाही की? पूर्ण विवरण देवें। (ग) क्‍या रायसेन जिले में लोहापीटा (धूरधाबा) समाज के परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी एवं ग्रामीण के अंतर्गत आवास नहीं दिये जा रहे हैं? यदि हाँ, तो क्‍यों? कारण बतायें। (घ) मान. मंत्री जी तथा विभाग के अधिकारियों को दिनांक 01 जनवरी, 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में रायसेन जिले के किन-किन विधायकों के पत्र कब-कब प्राप्‍त हुए तथा उन पर आज दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? पूर्ण विवरण देवें।

राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्री रामखेलावन पटेल ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) विभाग के पत्र क्रमांक 801/482/2018/62, दिनांक 02/08/2018 में दिये गये निर्देशानुसार लाभांवित किया जा रहा है। (ग) विमुक्‍त जाति आवास योजना वर्ष 2018-19 से प्रधानमंत्री आवास योजना में समाहित हो जाने से जनपद पंचायत एवं नगरीय निकाय के माध्‍यम से नियमानुसार आवास उपलब्‍ध कराये जा रहे हैं। (घ) सिर्फ एक विधायक माननीय श्री रामपाल सिंह का पत्र मुख्‍यमंत्री कार्यालय के माध्‍यम से प्राप्‍त हुआ है। संचालनालय के पत्र दिनांक 19/08/2021 द्वारा समस्‍त कलेक्‍टरों को योजना अंतर्गत लाभांवित किये जाने के निर्देश जारी किये गये हैं। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

परिशिष्ट - "दो"

आदिवासी योजनाओं हेतु आवंटित राशि

[जनजातीय कार्य]

5. ( *क्र. 1467 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वित्त वर्ष 2019-20 से 2021-22 के प्रश्‍न दिनांक तक ट्राईबल सब-प्लान में कितनी राशि केंद्र सरकार से तथा कितनी राशि म.प्र. सरकार से आवंटित की गई? उक्त राशि किन-किन मदों में खर्च की गई? वर्षवार, प्रखंडवार प्रति सहित पृथक-पृथक बताएं। ट्राईबल सब-प्लान की कितनी राशि जनजाति गौरव दिवस कार्यक्रम में किस नियम के तहत किन-किन कार्यों के लिए खर्च की गयी? नियम की प्रति-सहित बताएं। ट्राईबल सब-प्लान के तहत राशि आवंटन एवं खर्च की केंद्र सरकार एवं म.प्र. शासन की क्या-क्या नियम/गाईड लाईन है? प्रति सहित पृथक-पृथक बताएं। (ख) आदिवासियों की विशिष्ट संस्कृति, भाषा, लिपि, रीति-रिवाज को संरक्षित करने के लिए शासन के किन-किन विभागों/संस्थाओं द्वारा कौन-कौन-सी योजनाएं संचालित हैं? उक्त योजनाओं का लाभ किन व्यक्तियों/संस्थाओं को किन मानकों पर मिलेगा? प्रति-सहित बताएं। (ग) प्रश्‍नांश (ख) की योजनाओं के लाभार्थियों का विवरण जनवरी 2019 से प्रश्‍न-दिनांक तक प्रखंडवार पृथक-पृथक प्रति-सहित बताएं। वर्तमान में प्रदेश की किन-किन भाषाओं, लिपियों, संस्कृतियों पर कब से शासन द्वारा क्या-क्या कार्यवाहियां की जा रही हैं? प्रति-सहित बताएं। (घ) जनवरी 2019 से प्रश्‍न-दिनांक तक विभाग को किन विषयों के पत्र ईमेल एवं पोस्ट से प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रेषित किये गये? उक्त पत्रों पर क्या-क्या कार्यवाही की गई?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) प्रश्‍नांकित अवधि की ट्रायबल सब प्‍लान में केन्‍द्र सरकार एवं राज्‍य सरकार द्वारा आवंटित राशि एवं उक्‍त राशि की मदवार एवं वर्षवार व्‍यय की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। प्रखण्डवार व्‍ययित राशि की जानकारी एवं जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में कार्यवार व्‍ययित राशि की जानकारी संकलित की जा रही है। आदिवासी उपयोजना अंतर्गत वित्‍त विभाग द्वारा बजट का प्रावधान किया जाता है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (ख) आदिवासियों की संस्‍कृति, भाषा, लिपि, रीति-रिवाज को संरक्षित करने के लिये ''जनजाति से संस्‍कृति का संवर्धन, अनुसंधान प्रशिक्षण एवं विकास योजना संचालित है। यह योजना हितग्राही मूलक नहीं होने से व्यक्तियों/संस्‍थाओं को लाभ मिलने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्‍नांश '' के संदर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। वर्तमान में जनजातीय अनुसंधान एवं विकास संस्‍था द्वारा भीली, भिलाली, बारेली, गोंडी, कोरकू एवं मवासी बोलियों के शब्‍दकोष तैयार किये गये हैं तथा इनके लोक गीतों के संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-तीन अनुसार है।

खाद, यूरिया, डी.ए.पी. का कृत्रिम संकट

[सहकारिता]

6. ( *क्र. 1571 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माह अप्रैल 2021 से प्रश्‍न दिनांक 30.11.2021 तक गुना, अशोकनगर, शिवपुरी जिले की सहकारी समितियों में यूरिया, डी.ए.पी. की कितनी-कितनी आपूर्ति कराई गई? सीजनवार पृथक-पृथक बतायें। (ख) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में खाद, यूरिया, डी.ए.पी. वितरण हेतु जिलेवार कितने-कितने कृषकों को कितनी-कितनी भूमि के लिये कितनी-कितनी खाद प्रदाय करने हेतु प्रस्‍ताव शासन को कब भेजा गया था? प्रस्‍ताव के अनुरूप खाद उपलब्‍ध कराई गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) उपरोक्‍त जिलों में नकली खाद विक्रय करने एवं कालाबाजारी किये जाने के कितने मामले संज्ञान में आये और उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिनांक 28.10.2021 को माननीय मुख्‍यमंत्री जी, माननीय कृषि मंत्री जी एवं कलेक्‍टर गुना को भी पत्र लिखा गया था। उक्‍त पत्रों पर कब और क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ड.) क्‍या उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के संबंध में सोसायटियों द्वारा वितरण पर्ची में गड़बड़ी, निर्धारित समय-सीमा में खाद वितरण में अन‍ियमितताएं एवं किसानों को खाद नहीं मिलने के कारण स्‍पष्‍ट है कि राज्‍य सरकार किसानों को समय पर खाद उपलब्‍ध कराने में असफल रही है?

सहकारिता मंत्री ( डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में संचालनालय किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास द्वारा उर्वरक वितरण हेतु भूमि सीमा निर्धारित किये जाने संबंधी प्रस्‍ताव प्राप्‍त न होने से शासन को नहीं भेजा गया है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उपरोक्‍त जिलों में नकली उर्वरक विक्रय करने, कालाबाजारी एवं अवैध भंडारण के 10 प्रकरण पाये गये। उक्‍त समस्‍त प्रकरणों में 10 एफआईआर दर्ज कराई गई है। (घ) पत्र दिनांक 28.10.2021 के तारतम्‍य में कार्रवाई हेतु संबंधित जिला कलेक्‍टर को कार्रवाई हेतु लेख किया गया है। प्रदेश में रबी वर्ष 2021-22 में अभी तक 11.60 लाख मे.टन यूरिया, 5.61 लाख मे.टन डी.ए.पी., 3.49 लाख मे.टन एनपीके तथा 7.33 लाख मे.टन एस.एस.पी. उर्वरक उपलब्‍ध कराया जा चुका है। इसके अतिरिक्‍त कृषकों को अन्‍य उर्वरकों जैसे एनपीके, काम्‍प्‍लेक्‍स एवं एस.एस.पी. के विक्रय के रूप में उपयोग करने हेतु विभिन्‍न माध्‍यमों से प्रचार-प्रसार कर प्रेरित किया गया। अवैध भंडारण, कालाबाजारी आदि जैसी स्थितियों के नियंत्रण हेतु दिनांक 20 अक्‍टूबर 2021 से 20 दिसम्‍बर 2021 तक सघन अभियान भी चलाया जा रहा है। (ड.) जी नहीं।

परिशिष्ट - "तीन"

यूरिया वितरण की स्थि‍ति

[सहकारिता]

7. ( *क्र. 132 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में वर्तमान में कृषकों को यूरिया वितरण हेतु सोसायटी में पंजीकृत या अपंजीकृत कृषकों हेतु क्या प्रक्रिया निर्धारित की गई है? आदेश एवं परिपत्र की प्रति बतावें। (ख) दिनांक 01.10.2021 से दिनांक 30.11.2021 तक जिलेवार समितियों द्वारा कृषकों को कितनी मात्रा में यूरिया प्रदान किया गया? (ग) यूरिया निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य पर बेचे जाने संबंधी कितने ज्ञापन अथवा शिकायतें प्राप्त हुई तथा इस संबंध में कितनी संख्या में जांच कर कितने प्रकरण दर्ज किए गए? (घ) प्रदेश में वर्तमान अवधि में कुल कितनी मात्रा में यूरिया किस किस कम्पनी से कितना-कितना प्राप्त हुआ? क्या यह मात्रा शासन द्वारा तय की गई अनुमानित मात्रा के बराबर है या अनुमान से कितनी कम है? (ड.) क्या शासन यूरिया वितरण में पूर्णतः असफल रहा है तथा क्या इससे किसानों में अधिक आक्रोश है?

सहकारिता मंत्री ( डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया ) : (क) से (ड.) की जानकारी एकत्रित की जा रही है।

महिला प्रताड़ना की शिकायत पर कार्यवाही

[गृह]

8. ( *क्र. 1190 ) श्री राहुल सिंह लोधी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ग्राम गुडा पाली थाना जतारा जिला टीकमगढ़ निवासी श्रीमती खिलन अहिरवार द्वारा दबंगों के विरूद्ध जुलाई 2021 से नवम्‍बर 2021 के बीच कई बार प्रताड़ि‍त किये जाने एवं जान से मारने की धमकी दिये जाने की सूचना थाना प्रभारी जतारा को दी गई है? (ख) यदि हाँ, तो थाना प्रभारी द्वारा 4 माह पूर्व की गई शिकायत पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) यदि थाना प्रभारी जतारा द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई तो क्षेत्र में आतंक एवं भय के माहौल को शह देने वाले थाना प्रभारी पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी एवं कब? (घ) विगत छ: माह से ऐसे कितने प्रकरण/आवेदन थाना प्रभारी जतारा के पास लंबित हैं, जिन पर परिणामकारक कार्यवाही नहीं की गई है एवं कब तक की जावेगी?

गृह मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) दिनांक 16.07.2021 को श्रीमती खिलन अहिरवार द्वारा अपने पति श्री ध्यानी अहिरवार के साथ थाना जतारा में आकर अनावेदकों के विरूद्ध मौखिक शिकायत की थी, जिस पर असंज्ञेय रिपोर्ट क्रमांक 261/21 पंजीबद्ध किया गया था। श्रीमती खिलन अहिरवार द्वारा थाना जतारा में दिनांक 22.10.2021 को एक शिकायत आवेदन पत्र दिया था। (ख) थाना प्रभारी जतारा द्वारा 04 माह पूर्व (दिनांक 16.07.2021 को) ध्यानी अहिरवार द्वारा उसकी पत्नी श्रीमती खिलन अहिरवार के साथ थाना आकर की गई रिपोर्ट पुलिस अहस्तक्षेप योग्य होने के कारण अनावेदकों के विरूद्ध एन.सी.आर. क्रमांक-261/21, दिनांक 16.07.2021 पंजीबद्ध की गई थी। रिपोर्ट के आधार पर अनावेदकों के विरूद्व धारा 107,116 (3) द.प्र.सं. के अन्तर्गत प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई थी। (ग) पुलिस द्वारा वैधानिक कार्यवाही की गई है, अतः थाना प्रभारी पर कार्यवाही नहीं की गयी। (घ) जानकारी संलग्‍न परिश्ष्टि अनुसार है।

परिशिष्ट - "चार"

आदिवासियों को वनाधिकार के पट्टे का प्रदाय

[जनजातीय कार्य]

9. ( *क्र. 920 ) श्री आरिफ अक़ील : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या वनाधिकार अधिनियम की धारा 2 (ण) एवं धारा 4 (3) में दिसम्‍बर 2005 तक आदिवासियों-वनवासियों को संबंधित भूमि पर काबिज रहने का उल्‍लेख है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या जुलाई 2020 तक राज्‍य शासन को अनुसूचित जाति, जनजाति और आदिवासियों एवं परम्‍परागत वनवासियों द्वारा उनके कब्‍जे की वन भूमि का पट्टा लिए जाने हेतु आवेदन प्राप्‍त हुए हैं? यदि हाँ, तो कितने आवेदन प्राप्‍त हुए और प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में उक्‍त आवेदनों का निराकरण नहीं करने के लिए कौन-कौन जिम्‍मेदार है? (ग) क्‍या बड़वानी जिले के ग्राम पंचायत सिदड़ी के ग्राम खड़क्‍यामहु में वनाधिकार अधिनियम 2006 के तहत पट्टे के 11 प्रकरण जिला कलेक्‍टर की अध्‍यक्षता में दिनांक 25 जून, 2018 को मान्‍य किए गए थे? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में पट्टा नहीं दिए जाने के क्‍या कारण हैं? क्‍या शासन लापरवाही करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो क्‍या तथा कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। (ग) बड़वानी जिले के ग्राम पंचायत सिदड़ी के ग्राम खडक्‍यामहू के 11 प्रकरण जिला कलेक्‍टर की अध्‍यक्षता में दिनांक 25.06.2018 को जिला स्‍तरीय वन अधिकार समिति की बैठक आयोजित कर सभी पात्र दावेदारों को वन अधिकार पत्र प्रश्‍नांकित तिथि के पूर्व ही वितरित किये जा चुके हैं। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

 

बड़वानी जिले में संचालित आश्रम, छात्रावास

[जनजातीय कार्य]

10. ( *क्र. 1067 ) सुश्री चंद्रभागा किराड़े : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बड़वानी जिले में जनजाति विभाग के कितने आश्रम छात्रावास (अशासकीय सहित) संचालित हैं तथा आश्रम छात्रावासों में कितने शिक्षक, शिक्षिकाएं अधीक्षक, अधीक्षिकाएं एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी प्रश्‍न दिनांक तक कार्यरत हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में संचालित आश्रम विद्यालयों में (अशासकीय सहित) स्‍वीकृत सीट कितनी हैं? (ग) क्‍या जिले में संचालित अशासकीय आश्रम-छात्रावासों में कर्मचारियों को ई-पेमेंट से माहवार नियमित वेतन का भुगतान किया जा रहा है?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। जिले में संचालित अनुदान प्राप्‍त अशासकीय छात्रावास/आश्रमों में कार्यरत कर्मचारियों को समय-समय पर प्राप्‍त आवंटन अनुसार ई-पेमेंट के माध्‍यम से माह अगस्‍त 2021 तक का नियमित वेतन का भुगतान किया जा चुका है।

परिशिष्ट - "पांच"

बहोरीबंद में सिविल कोर्ट की स्थापना

[विधि एवं विधायी कार्य]

11. ( *क्र. 1244 ) श्री प्रणय प्रभात पाण्डेय : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन द्वारा कटनी जिला अंतर्गत बहोरीबंद तहसील में व्यवहार न्यायालय (सिविल कोर्ट) की स्थापना का प्रस्ताव पूर्व से लंबित है? (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ, तो उल्लेखित न्यायालय की स्थापना हेतु क्या पूर्व से निर्मित बी.आर.सी. भवन को न्यायालय स्वरूप में परिवर्तन कर दिया गया है तथा न्यायाधीश निवास की चार दीवारी का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) का उत्तर यदि हाँ, तो तहसील मुख्यालय, बहोरीबंद में सिविल कोर्ट की स्थापना में विलंब के क्या कारण हैं एवं यह भी बतलावें कि‍ यहां पर सिविल कोर्ट की स्थापना किस प्रकार से कब तक कर दी जावेगी?

गृह मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

जतारा दुग्‍ध शीत केन्‍द्र (डेयरी) के संबंध में

[पशुपालन एवं डेयरी]

12. ( *क्र. 1523 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले के नगर जतारा में वर्तमान में दुग्‍ध शीत केन्‍द्र कब खोला गया था? आदेश बतावें। प्रतिवर्ष विभाग को कितना लाभ एवं कौन-कौन से ग्राम के कौन-कौन से किसानों को एवं पशु पालकों को लाभ मिल रहा है? सम्‍पूर्ण विवरण देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार पूर्व में यह कब खोली गई थी एवं बाद में कब से संचालित है और यह किस अधिकारी एवं कर्मचारियों की देखरेख में चल रही है? सम्‍पूर्ण विवरण देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताएं कि इसमें कितने ग्राम के पशुपालकों को इसका लाभ मिल रहा है? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के अनुसार उपरोक्‍त कार्य हेतु पशुपालकों से दूध क्रय करने की विस्‍तृत योजना बनाई है, जिससे और अधिक पशुपालकों को लाभ मिलेगा? ऐसी योजना की जानकारी प्रदाय करें।

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) टीकमगढ़ जिले का जतारा दुग्‍ध शीतकेन्‍द्र दिनांक 01.08.2018 से बुंदेलखण्‍ड दुग्‍ध संघ के अधीन प्रारम्‍भ है। दुग्‍ध शीतकेन्‍द्र से दुग्‍ध संघ को अतिरिक्‍त आय नहीं होती है। वर्तमान में दुग्‍ध शीतकेन्‍द्र द्वारा 93 दुग्‍ध सहकारी संस्‍थाओं के माध्‍यम से दुध क्रय कर लगभग 2872 किसानों एवं पशुपालकों को लाभांवित किया जा रहा है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। (ख) दुग्‍ध शीतकेन्‍द्र जतारा वर्ष 1986 से दिसम्‍बर 1999 तक सागर दुग्‍ध संघ के अधीन संचालित रहा, दिसम्‍बर 1999 से सागर दुग्‍ध संघ परिसमापनधीन होने से दुग्‍ध शीतकेन्‍द्र जतारा बंद रहा। तत्‍पश्‍चात वर्ष 2011-12 से जुलाई 2018 तक ग्‍वालियर सहकारी दुग्‍ध संघ के अधीन एवं माह अगस्‍त 2018 से बुंदेलखण्‍ड सहकारी दुग संघ मर्यादित, सागर के गठन उपरांत संचालित है। श्री संजीव मेहरे, प्रभारी दुग्‍ध शीतकेन्‍द्र में पदस्‍थ है एवं मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी, बुंदेलखण्‍ड सहकारी दुग्‍ध संघ के पर्यवेक्षण में संचालित है। (ग) 93 दुग्‍ध सहकारी संस्‍थाओं के द्वारा दुग्‍ध शीतकेन्‍द्र में दूध प्रदाय किया जा रहा है। सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) पशुपालकों के आय बढ़ाने की दृष्टि से दुग्‍ध संघ द्वारा पशु नस्‍ल सुधार हेतु कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम, उन्‍नत चारा बीज, संतुलित पशु आहार प्रदाय आदि के माध्‍यम से दुग्‍ध उत्‍पादन में वृद्धि एवं लागत में कमी कर पशुपालकों की आय में वृद्धि के प्रयास किए जा रहे हैं।

लोक सेवा गारंटी केन्द्र एवं उप केन्द्र हेतु भवन स्वीकृति

[लोक सेवा प्रबन्धन]

13. ( *क्र. 524 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या लोक सेवा गारंटी केन्द्र एवं उप केन्द्र के संचालन हेतु भवन की स्वीकृति प्रदान की जा रही है? यदि हाँ, तो सागर जिले में कितने लोक सेवा गारंटी केन्द्र एवं उप केन्द्रों हेतु भवन स्वीकृत किये गये हैं? विकासखंड वार वर्षवार जानकारी देवें। (ख) क्या सागर जिला में स्वीकृत लोक सेवा गारंटी केन्द्र शहरी एवं ग्रामीण का भवन पूर्व में स्थापित अनुविभागीय कार्यालय एवं तहसील कार्यालय परिसर में निर्माण किया गया था? यदि हाँ, तो निर्माण की राशि एवं निर्माण अवधि सहित जानकारी देवें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) में निर्मित लोक सेवा गारंटी भवन शहरी एवं ग्रामीण की दूरी वर्तमान में जिला कलेक्टर कार्यालय, अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय, तहसील कार्यालय सागर से अधिक हो गई है? यदि हाँ, तो क्या विभाग नवीन कार्यालय के समीप लोक सेवा गारंटी भवन की स्वीकृति प्रदान करेगा? (घ) यदि नहीं, तो लोक सेवा गारंटी केन्द्र शहरी एवं ग्रामीण में पंजीयन एवं अन्य कार्यों हेतु आमजन को परेशानी का सामना न करना पड़े, इस हेतु विभाग लोक सेवा गारंटी केन्द्र को नवीन शासकीय कार्यालय के समीप अन्य भवन में स्थापित किये जाने हेतु कोई कार्यवाही करेगा?

सहकारिता मंत्री ( डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया ) : (क) जी हाँ, जिला सागर अंतर्गत 13 लोक सेवा केन्द्र संचालित हैं। जिला सागर अंतर्गत लोक सेवा केन्द्रों के अतिरिक्त काउंटर/उपकेन्द्र तहसील कार्यक्षेत्र अंतर्गत खोले गये हैं। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। (ख) जी हाँ, लोक सेवा केन्द्र शहरी एवं ग्रामीण का भवन पूर्व में स्थापित अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय एवं तहसील कार्यालय परिसर में निर्माण किया गया था। निर्माण की राशि लोक निर्माण विभाग निर्माण एजेन्सी द्वारा रूपये 23.46 लाख में की गई थी। लोक सेवा केन्द्र सागर शहरी निर्माण अवधि 1 वर्ष 4 माह एवं लोक सेवा केन्द्र सागर ग्रामीण अवधि 3 वर्ष 8 माह। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) लोक सेवा केन्द्रों में पंजीयन एवं अन्य कार्यों हेतु आमजनों को परेशानी का सामना न करना पड़े इस हेतु सागर शहरी का अतिरिक्त काउंटर/उपकेन्द्र नवीन अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यालय सागर/तहसील कार्यालय सागर के परिसर में खोला गया है। लोक सेवा केन्द्र ग्रामीण का अतिरिक्त काउंटर नरयावली/सुरखी एवं शाहपुर की ग्राम पंचायत/नगर परिषद में खोला गया है।

परिशिष्ट - "छ:"

जनजाति नागरिकों के उत्थान हेतु किये गये कार्य

[जनजातीय कार्य]

14. ( *क्र. 1063 ) श्री हर्ष विजय गेहलोत : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 4449, दिनांक 17.03.2021 का उत्तर दिलाया जाये तथा बतावें कि प्रदेश में पिछले दस वर्षों में धारा 165 (6) में आदिवासियों की कितनी जमीन को गैर आदिवासी में बेच दिया गया है? (ख) धारा 165 (6) तथा 165 (7) में प्राप्त आवेदन पर लिये गये निर्णय में आदिवासि‍यों के हितों का पूरी तरह ध्यान रखा गया है या नहीं? इसका मूल्यांकन राजस्‍व विभाग द्वारा किस तरह किया जाता है? (ग) विभिन्न विभागों में जनजाति उपयोजना की राशि का उपयोग उचित तरीके से किया जा रहा है या नहीं? इसका मूल्याकंन विभाग द्वारा किस प्रकार किया जाता है? (घ) विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों में कक्षा 01 से 08 में नामांकन की संख्या वर्ष 2019-20 से 2020-21 तक की बतावें तथा बतावें की इस अवधि में सायकल, पुस्तकें, गणवेश तथा मध्यान्ह भोजन के हितग्राहि‍यों की संख्या वर्षवार कितनी-कितनी है? (ड.) विभाग द्वारा आदिवासी कृषकों के विकास हेतु, आदिवासियों के जीवनांक में सुधार हेतु, आदिवासियों की वार्षिक आय बढ़ाने तथा आदिवासि‍यों के स्वास्थ्य में सुधार हेतु क्या-क्या योजनाएं बनाई गईं है?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) से (ड.) जानकारी संकलित की जा रही है।

आदिवासी छात्रों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति

[जनजातीय कार्य]

15. ( *क्र. 82 ) श्री मुकेश रावत (पटेल) : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या प्रदेश के आदिवासी छात्रों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति की राशि केंद्र सरकार से न मिलने के कारण नहीं दी जा सकी है? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक कितने आदिवासी छात्रों की कितनी छात्रवृत्ति की राशि केंद्र से प्राप्त नहीं हुई है? (ग) उपरोक्त छात्रवृत्ति की राशि केंद्र से प्राप्त नहीं होने का क्या कारण है? (घ) क्या राज्य सरकार द्वारा आदिवासी छात्रों की छात्रवृत्ति के लिए केंद्र को प्रस्ताव विलम्ब से भेजने के कारण केन्द्र से राशि नहीं मिली है?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जी नहीं। (ख) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

कमला नेहरू चिकित्‍सालय में लगी आग

[चिकित्सा शिक्षा]

16. ( *क्र. 1278 ) श्री आरिफ मसूद : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गांधी चिकित्‍सा महाविद्यालय, भोपाल के अधीन कमला नेहरू चिकित्‍सालय हमीदिया अस्‍पताल परिसर स्थित बाल रोग विभाग के नवजात शिशु गहन चिकित्‍सा इकाई में दिनांक 08/11/2021 को लगी आग से कितने शिशुओं की मृत्‍यु हुई? उनके नाम, पिता/पति पते सहित विवरण बतावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या आगजनी की घटना के मामले में विभाग/अस्‍पताल प्रबंधन द्वारा एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में शासन द्वारा डीन गांधी चिकित्‍सा महाविद्यालय, अधीक्षक हमीदिया अस्‍पताल, अधीक्षक कमला नेहरू चिकित्‍सालय को लापरवाही के चलते पद से हटा दिया गया है? यदि नहीं, तो इनको पद मुक्‍त करने का कारण बताने का कष्‍ट करें।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) गांधी चिकित्‍सा महाविद्यालय, भोपाल के अधीन कमला नेहरू चिकित्‍सालय, हमीदिया अस्‍पताल परिसर स्थित बाल रोग विभाग के नवजात शिशु गहन चिकित्‍सा इकाई में दिनांक 08/11/2021 को लगी आग से 04 नवजात शिशुओं की मृत्‍यु हुई, जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। जांच में आगजनी का कारण संभवत: शॉर्ट-सर्किट होना पाया गया। (ग) जी हाँ।

परिशिष्ट - "सात"

घुमक्कड़ जनजाति 'मुसहर' की समस्याओं का निदान

[विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति कल्याण]

17. ( *क्र. 1235 ) श्री श्याम लाल द्विवेदी : क्या राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा विमुक्त घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुमक्कड़ जनजाति कल्याण की कौन-कौन सी जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं तथा प्रदेश में अब तक किन-किन तहसीलों में उक्त वर्ग के कुल कितने परिवारों को लाभान्वित किया गया है? (ख) यदि प्रश्‍नांश '''' का प्रत्युत्तर सकारात्मक है, तो रीवा जिले के त्योंथर तहसील अंतर्गत 20 ग्रामों में घुमक्कड़ जाति के रूप में मुसहर जनजाति के लोग खुले आसमान के नीचे सपरिवार जीवन यापन कर रहे हैं, उनकी अब तक न तो आवासीय व न ही शैक्षणिक एवं न ही उदर-पोषण की कोई प्रभावी व्यवस्था की जा रही है, ऐसा क्यों? (ग) यदि प्रश्‍नांश '''' का प्रत्युत्तर सकारात्मक है, तो त्योंथर तहसील अंतर्गत विभिन्न ग्रामों में निवासरत घुमक्कड़, अर्द्ध घुमक्कड़ मुसहर जाति के लोगों को आवास व शिक्षा तथा पोषण की प्रभावी व्यवस्था कब तक सुनिश्चित की जाएगी?

राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्री रामखेलावन पटेल ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। शेष जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) प्रश्‍नांश '''' में उल्‍लेखित मुसहर जनजाति विमुक्‍त घुमक्‍कड़ एवं अर्द्धघुमक्‍कड़ जनजाति वर्ग के अंतर्गत सम्मिलित नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "आठ"

हमीदिया अस्‍पताल में आगजनी की घटना

[चिकित्सा शिक्षा]

18. ( *क्र. 38 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हमीदिया अस्पताल, भोपाल में आगजनी की घटना में कितने लोगों की मृत्यु हुई, जिसमें बच्चे, महिलाओं व अन्य की संख्या की जानकारी वर्ष 2021 के दिन-माह सहित बतावें? (ख) राजधानी के हमीदिया अस्पताल में आग लगने के क्या कारण रहे? आगजनी से बचाव की क्या व्यवस्थायें पूर्व से थीं? यदि नहीं, थी तो किसकी जिम्मेदारी निश्चित की गई? (ग) क्या उक्त घटना में मरने वाले परिवारों को शासन द्वारा आर्थिक सहायता दी गई? यदि नहीं, दी गई तो क्यों नहीं? (घ) क्या यह सही है कि लोग जीवन रक्षा हेतु अस्पताल में इलाज हेतु भर्ती होते हैं, लेकिन अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण लोगों की जान जाये, इसकी जिम्मेदारी शासन द्वारा किस पर निर्धारित की गई है?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) हमीदिया अस्‍पताल, भोपाल में आगजनी की घटना में 04 नवजात शिशुओं की मृत्‍यु हुई, किसी भी महिला एवं अन्‍य की मृत्‍यु नहीं हुई। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। (ख) हमीदिया अस्‍पताल में आगजनी की घटना न्‍योनेटल वेंटीलेटर के चालू करते ही उत्‍पन्‍न चिंगारी के फलस्‍वरूप वेंटीलेटर में आग लगने की घटना घटी। जी हाँ। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) मृतकों के परिजनों की सूची एवं परिजनों को प्रदान की गई मुआवजा राशि का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-02 अनुसार है। (घ) जी हाँ। जी नहीं। उत्‍रांश '''' अनुसार। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

शहीद का दर्जा एवं असाधारण पेंशन का लाभ

[गृह]

19. ( *क्र. 1481 ) श्री बाबू जण्‍डेल : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या स्वर्गीय श्री बृजेश रावत आर 152 जिला श्योपुर शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान वाहन दुर्घटना में शहीद हुये थे? (ख) यदि हाँ, तो पुलिस अधीक्षक श्योपुर के पत्र क्र./पु.अ./श्यो./स्था./ए-1803-ए/19, दिनांक 27.09.2019 एवं पत्र क्रमांक/ए-259-, दिनांक 11/02/2020 के द्वारा स्वर्गीय श्री बृजेश रावत आर 152 जिला श्योपुर को शहीद का दर्जा एवं असाधारण परिवार पेंशन का लाभ प्रदाय करने का लेख किया गया है? यदि हाँ, तो स्व. श्री बृजेश रावत को अभी तक शहीद का दर्जा एवं असाधारण पेंशन का लाभ क्यों नहीं दिया गया है? कब तक दे दिया जावेगा? (ग) क्या पुलिस मुख्यालय मध्यप्रदेश भोपाल के प्रभारी पुलिस उपमहानिरीक्षक विसबल, मध्यक्षेत्र भोपाल के पत्र क्र./पु.मु./विसबल/7 (6)/स्मृति दिवस/36/19, दिनांक 03.10.2019 के द्वारा 21 अक्टूबर पुलिस स्मृति दिवस परेड 2019 के अवसर पर मुख्य अतिथि महामहिम राज्यपाल महोदय से भेंट करने हेतु स्वर्गीय आरक्षक क्र. 152 बृजेश रावत, जिला बल श्योपुर के परिजनों को भोपाल बुलाया जाकर मुख्य अतिथि से भेंट करायी गयी थी एवं शहीद स्मारक शिलालेख पर स्वर्गीय बृजेश का नाम शहीद के रूप में अंकित किया गया है? यदि हाँ, तो शहीद हुये श्री बृजेश रावत को अभी तक शहीद का दर्जा एवं असाधारण पेंशन का लाभ क्यों नहीं दिया गया है? शासन द्वारा कब तक शहीद का दर्जा एवं असाधारण पेंशन का लाभ दे दिया जावेगा?

गृह मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) श्री बृजेश रावत आरक्षक 152 जिला श्‍योपुर शासकीय कर्तव्‍यों के निर्वहन के दौरान वाहन दुर्घटना में दिवंगत हुए थे। (ख) विशेष पुलिस महानिदेशक, प्रशिक्षण, पुलिस मुख्‍यालय की अध्‍यक्षता में गठित वरिष्‍ठ समिति द्वारा प्रकरण के तथ्‍यों के परीक्षणोपरांत लिए गए निर्णयानुसार तथा मध्‍यप्रदेश (पुलिस कर्मचारी वर्ग असाधारण परिवार निवृत्ति वेतन) नियम 1965 के नियम 3 (चार) की परिधि में प्रकरण नहीं आने के कारण स्‍व. श्री बृजेश रावत आरक्षक 152 को असाधारण परिवार पेंशन का लाभ नहीं दिया गया। (ग) जी हाँ। पुलिस स्‍मृति शिलालेख पर कर्तव्‍य के दौरान दिवंगत हुए सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के नाम अंकित किए जाते हैं। दिवंगत आरक्षक 152 स्‍व. श्री बृजेश रावत शासकीय कर्तव्‍यों निर्वहन के दौरान वाहन दुर्घटना में मृत्‍यु होने पर police personnel killed on duty की परिधि में आने से दिवंगत आरक्षक 152 स्‍व. श्री बृजेश रावत का नाम पुलिस स्‍मृति शिलालेख पर अंकित किया गया हैं। प्रश्‍नांश '''' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

जिला ग्वालियर में दर्ज अपराधों के सम्बंन्ध में

[गृह]

20. ( *क्र. 1447 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले में दिनांक 01 सितम्बर, 2021 से 30 नवम्बर, 2021 तक की स्थिति में किन-किन व्यक्तियों के विरूद्ध अपराध दर्ज हुये हैं? उनके नाम, पता तथा कौन-कौन सी धारायें लगाई गई हैं? क्या इन प्रकरणों में अपराधी पकडे़ गये हैं या फरार चल रहे हैं? जो फरार चल रहे हैं, उनके नाम, पता बतावें, अब इनको कब तक पकड़कर कानूनी कार्यवाही की जावेगी? ग्वालियर जिले के प्रत्येक थानावार अलग-अलग जानकारी दें। (ख) भितरवार विधानसभा क्षेत्र में ऐसे कौन-कौन पुलिस विभाग के कर्मचारी/अधिकारी हैं, जो दिनांक 30 नवम्बर, 2021 की स्थिति में एक ही थाना में 3 वर्ष या उससे अधिक समय से पदस्थ हैं, उनका नाम, पद, बैज नम्बर सहित सम्पूर्ण जानकारी स्पष्ट करें। क्या शासन या स्थानीय निर्वाचन आयोग का ऐसा कोई आदेश है कि‍ एक ही स्थान पर 3 वर्ष या उससे अधिक समय से पदस्थ कर्मचारियों/अधिकारियों को तुरन्त हटाया जाये? यदि हाँ, तो इस आदेश की प्रति दें। आदेश दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक किस-किस कर्मचारी/अधिकारी का किस-किस दिनांक को स्थानान्तरण कहाँ से कहाँ किया गया है? उनका पूरा विवरण दें। (ग) ग्वालियर जिले के भितरवार विधानसभा क्षेत्र में पुलिस विभाग में दिनांक 30 नवम्बर, 2021 की स्थिति में कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी पदस्थ हैं? उनका नाम, पद, वर्तमान स्थान पर पदस्थापना दिनांक, उनका कार्यक्षेत्र, मुख्यालय सहित सम्पूर्ण जानकारी दें।

गृह मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार(ख) भितरवार विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत पुलिस विभाग के कुल 11 आरक्षक संवर्ग के कर्मचारी हैं, जो दिनांक 30 नवम्बर, 2021 की स्थिति में एक ही थाने में 3 वर्ष या उससे अधिक समय से पदस्थ हैं। उनका नाम, पद, बैज नम्बर सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार। जी हाँ, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के पत्र क्रमांक-एफ-70/पीएन/-20/2021/तीन/371, भोपाल दिनांक 26.10.2021 (छायाप्रति संलग्न) के माध्यम से गत चार वर्षों के दौरान एक स्थान पर तीन वर्ष से अधिक समय से पदस्थ पुलिस अधिकारियों को अन्यत्र पदस्थ किये जाने हेतु निर्देश दिये गये हैं। यह निर्देश जिले के प्रभार में वरिष्ठतम अधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय पुलिस अधिकारी, नगर पुलिस अधीक्षक, पुलिस इंस्पेक्टर एवं सब इंस्पेक्टर थाना प्रभारी पर लागू किये गये हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार(ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार

आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करने के संबंध में

[गृह]

21. ( *क्र. 1008 ) श्री राजेश कुमार प्रजापति : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला छतरपुर तहसील लवकुशनगर ग्राम मुंडेरी उत्तरी में दिनांक 30/06/2021 को नरेंद्र अहिरवार तनय हरिचरण उम्र 17 साल की मृत्यु के संबंध में कोई अपराध पंजीबद्ध किया गया है? यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें। (ख) किसी व्यक्ति को हाथ बांध कर कुएं में डाल दिया जाए और उसकी मृत्यु पानी में डूबने से हो जाए तो उसे प्रथम दृष्टया क्या माना जाएगा, हत्या या आत्महत्या? उल्लेख करें। (ग) प्रश्‍न दिनांक तक जांचकर्ता द्वारा हत्या का अपराध पंजीबद्ध क्यों नहीं किया गया? स्पष्ट करें। जांचकर्ताओं के विरुद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

गृह मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी नहीं। दिनांक 30.06.2021 को नरेन्द्र अहिरवार तनय हरिचरण उम्र 17 साल की मृत्यु के संबंध मृतक के पिता हरिचरण अहिरवार की सूचना पर थाना लवकुश नगर में मर्ग क्र. 31/21 कायम किया गया है। वर्तमान में मर्ग जांच जारी है। जांच में आये तथ्यों के आधार पर विधिसम्मत कार्यवाही की जावेगी। (ख) मेडिकोलीगल इंस्टीट्यूट भोपाल के एक्सपर्ट अनुसार मृतक द्वारा मृत्यु सुनिश्चित करने हेतु अपने हाथ बांध लेने का उपक्रम असामान्य नहीं है व शरीर, कपडों, घटना स्थल पर संघर्ष के चिन्हों के अभाव में मृत्यु आत्महत्यात्मक स्वरूप की होना प्रतीत होती है। (ग) मर्ग जांच जारी है। जांच में आये तथ्यों के आधार पर विधिसम्मत कार्यवाही की जावेगी।

बैंक खाता धारकों के फर्जी हस्‍ताक्षर से राशि का आहरण

[सहकारिता]

22. ( *क्र. 1177 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक मर्या. गुना की शाखा चंदेरी के अधिकारी/कर्मचारी द्वारा वर्ष 2017 से 2021 तक बैंक खाता धारकों बचत खाता एवं फिक्‍स डिपॉजिट (एफ.डी.) से फर्जी हस्‍ताक्षर से धन र‍ाशि निकालकर हड़पे जाने के संबंध में विभाग को कलेक्‍टर अशोकनगर, पुलिस अधीक्षक अशोकनगर एवं शाखा प्रबंधक जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक, गुना शाखा चंदेरी जिला अशोकनगर को किस-किस के द्वारा शिकायत की गई? शिकायतकर्ता का नाम, पता एवं उनके बैंक खाता क्रमांक व हड़पी गई राशि सहित विवरण देवें। (ख) क्‍या यह सही है कि जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक गुना की शाखा चंदेरी में पदस्‍थ भृत्‍य श्री शाकित अली खान से प्रबंधक द्वारा अनाधिकृत रूप से केशियर का कार्य लिया जाता था, जिसने दिनांक 04.10.2021 को आत्‍महत्‍या कर ली एवं मृतक शाकित अली खान ने दिनांक 04.10.2021 को मृत्‍यु के पूर्व थाना प्रभारी चंदेरी को एक पत्र लिखकर जिसमें उक्‍त बैंक घोटाले में लिप्‍त अधिकारी/कर्मचारियों के नाम का उल्‍लेख किया गया है? यदि हाँ, तो अधिकारी/कर्मचारियों के नाम एवं पद सहित जानकारी देवें। (ग) यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में किस अधिकारी से कब जांच कराई गई एवं जांच निष्‍कर्षों के आधार पर दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों?

सहकारिता मंत्री ( डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। प्राप्‍त 429 शिकायतों में से 11 शिकायत आवेदनों की जांच जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक मर्यादित गुना द्वारा गठित जांचदल द्वारा की गई, जिसमें 7 प्रकरणों में राशि रू. 34.89 लाख की अनियमितता पाई गई है। शेष 418 की जांच प्रक्रियाधीन है। (ख) जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक मर्यादित गुना की शाखा चंदेरी में श्री शाकित अली खान नाम का कोई कर्मचारी पदस्‍थ नहीं रहा है, परन्‍तु शाखा चंदेरी में श्री शाकिर अली खान नाम के कर्मचारी (सपोर्ट स्‍टाफ) पदस्‍थ था, स्‍टाफ की कमी के कारण शाखा प्रबंधक द्वारा उससे कैशियर का कार्य संपादित कराया जा रहा था। यह सही है कि दिनांक 04.10.2021 को उसके द्वारा आत्‍महत्‍या कर ली गई। पुलिस अधीक्षक जिला अशोकनगर से प्राप्‍त जानकारी अनुसार श्री शाकिर अली से मृत्‍यु पूर्व थाना प्रभारी चंदेरी को कोई पत्र प्राप्‍त नहीं हुआ है। (ग) उत्‍तरांश '' अनुसार जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक मर्यादित गुना के द्वारा श्री ब्रज मोहन अग्रवाल विपणन कक्ष प्रभारी की अध्‍यक्षता में गठित दल के द्वारा 11 शिकायतों की जांच अक्‍टूबर 2021 में कराई गई। जांच निष्कर्ष के आधार पर तत्‍कालीन शाखा प्रबंधक एवं कैशियर के विरूद्ध दिनांक 14.10.2021 को थाना चंदेरी में अपराधिक प्रकरण दर्ज कराया गया तथा तत्‍कालीन शाखा प्रबंधक, श्री ब्रजेश्‍वर दयाल श्रीवास्‍तव को बैंक द्वारा निलंबित किया गया। प्रकरण में शाखा चंदेरी में जांच हेतु आयुक्‍त सहकारिता स्‍तर से उप आयुक्‍त सहकारिता जिला गुना की अध्‍यक्षता में जांचदल का गठन किया गया है। जांच प्रतिवेदन अप्राप्‍त। उत्‍तरांश '' अनुसार मृत्‍यु पूर्व श्री शाकिर अली द्वारा कोई पत्र थाना चंदेरी को नहीं देने के कारण शेष जानकारी निरंक।

कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही

[जनजातीय कार्य]

23. ( *क्र. 1545 ) श्री कमलेश जाटव : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या कलेक्‍टर जिला मुरैना के आदेश क्र. 1936, दिनांक 19.04.1986 द्वारा श्री राजेश डण्‍डोतिया, सहा. ग्रेड-2 को सहरिया विकास अभिकरण, मुरैना में नियुक्‍त किया गया था और शासन द्वारा मुरैना-श्‍योपुर जिला पृथक होने से सहरिया विकास अभिकरण जिला श्‍योपुर में चले जाने के कारण कलेक्‍टर जिला मुरैना के आदेश क्रमांक 2419, दिनांक 14.07.1997 द्वारा श्री डण्‍डोतिया को जिला श्‍योपुर के आदिवासी कार्यालय विकास खण्‍ड कराहल में स्‍थानान्‍तरण किया गया था? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार क्‍या जब आयुक्‍त आदिवासी विकास, भोपाल के आदेश क्रमांक 19137, भोपाल दिनांक 15.07.1997 द्वारा संबंधित श्री डण्‍डोतिया का स्‍थानान्‍तरण कार्यालय सहायक आयुक्‍त, जिला झाबुआ में किया गया था, जहां श्री डण्‍डोतिया को विभागीय कार्यालय विकासखण्‍ड अधिकारी कराहल के आदेश क्र.1985, दिनांक 01.09.1997 द्वारा जिला झाबुआ के लिये कार्य मुक्‍त किया था और शासन के आदेश क्रमांक 25, दिनांक 23.10.1997 द्वारा झाबुआ का स्‍थानान्‍तरण निरस्‍त किया गया था? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार यदि हाँ, तो श्री राजेश डण्‍डोतिया, सहायक ग्रेड-2 शासन/प्रशासन के किस आदेश अथवा किस नियम के अंतर्गत कार्यालय विकासखण्‍ड अधिकारी कराहल जिला श्‍योपुर के स्‍थान पर कार्यालय जिला संयोजक आदिम जाति कल्‍याण विभाग जिला मुरैना में विगत कई वर्षों से पदस्‍थ होकर कार्यरत हैं? उक्‍त आदेशों एवं नियमों की छायाप्रति उपलब्‍ध कराते हुये जानकारी प्रदाय की जावे। (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित श्री राजेश डण्‍डोतिया को मूल विभाग कार्यालय सहरिया विकास अभिकरण में अथवा विभागीय कार्यालय विकासखण्‍ड अधिकारी कराहल जिला श्‍योपुर में भेजने हेतु कोई कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण नियमों को छायाप्रति के साथ प्रस्‍तुत करें।

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। (ग) आयुक्‍त आदिवासी विकास भोपाल के आदेश क्रमांक 19137, भोपाल दिनांक 15.7.1997 द्वारा संबधित श्री डण्‍डोतिया का स्‍थानांतरण जिला संयोजक कार्यालय मुरैना से कार्यालय सहायक आयुक्‍त जिला झाबुआ में किया गया था और शासन के आदेश क्रमांक 25, दिनांक 23.10.1997 द्वारा झाबुआ का स्‍थानांतरण निरस्‍त किया गया। चूंकि श्री डण्‍डोतिया का स्‍थानांतरण कार्यालय जिला संयोजक मुरैना से हुआ था। अत: स्‍थानांतरण आदेश निरस्‍त होने पर कार्यालय जिला संयोजक मुरैना में कार्य कर रहे हैं। आदेशों की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

पशुचिकित्सकों की पदस्थापना

[पशुपालन एवं डेयरी]

24. ( *क्र. 1483 ) श्री बीरेन्‍द्र रघुवंशी : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कोलारस विधानसभा क्षेत्रांतर्गत संचालित पशु चिकित्सालयों एवं औषधालयों में पशुचिकित्सकों के कुल कितने-कितने पद स्वीकृत हैं? चिकित्सालय/औषधालयवार बताएं। उक्त चिकित्सालय एवं औषधालयों में कितने-कितने चिकित्सक कार्यरत होकर कहां-कहां पदस्थ हैं? कितने पद रिक्त हैं व क्यों? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में कोलारस में संचालित पशु चिकित्सालय/औषधालयों में रिक्त चिकित्सकों के पदों पर पदस्थापना कब तक कर दी जाएगी?

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। स्‍थानांतरण एवं सेवानिवृत्‍त से। (ख) पशु चिकित्‍सा सहायक शल्‍यज्ञों के रिक्‍त पदों की पूर्ति हेतु लोक सेवा आयोग इंदौर को एवं सहायक पशु चिकित्‍साक्षेत्र अधिकारी के रिक्‍त पदों की पूर्ति हेतु पी.ई.बी. को मांगपत्र प्रेषित किया गया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।

परिशिष्ट - "नौ"

मुरैना जिले की गौशालाओं की जानकारी

[पशुपालन एवं डेयरी]

25. ( *क्र. 318 ) श्री बैजनाथ कुशवाह : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला मुरैना में वर्ष 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी गौशालायें स्‍वीकृत हुई हैं, विवरण बतावें? (ख) कितनी गौशालाओं का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है तथा ग्राम पंचायत को कितना-कितना भुगतान किया गया तथा कितनी ग्राम पंचायतों को कार्य पूर्ण होने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया है? विवरण बतावें।

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) जिला मुरैना में वर्ष 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक मुख्‍यमंत्री गौसेवा योजना अन्‍तर्गत 82 गौशालाएं स्‍वीकृत हुई हैं। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "दस"

 

 

 



भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर

बैरसिया विधानसभा अंतर्गत सहकारी समितियों के संचालन

[सहकारिता]

1. ( क्र. 57 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैरसिया विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत कितनी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों का संचालन किया जा रहा है और इनके कार्य क्षेत्र के अंतर्गत कितने ग्राम एवं कृषक संख्‍या आते है समितिवार बतायें। (ख) सहकारी समितियों के संचालन के लिये शासन के क्‍या मापदण्‍ड हैं? (ग) कृषकों की संख्‍या को देखते हुये सहकारी समितियों की संख्‍या का विस्‍तार कर ग्रामीणजन को आसानी से सुविधाएं उपलब्‍ध हो सके इस हेतु शासन की क्‍या कार्य योजना हैं? स्‍पष्‍ट करें।

सहकारिता मंत्री ( डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया ) : (क) 20 प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्‍थाएं, तथा इनके कार्यक्षेत्र के अंतर्गत 391 गांव एवं 53,324 कृषक सदस्‍य हैं, समितिवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र -1 अनुसार है(ख) प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के पुनर्गठन हेतु निर्धारित मापदण्‍ड की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र -2 अनुसार है(ग) मापदण्‍ड को पूर्ण करने वाले प्रस्‍तावों पर इनके पुनर्गठन की अनुमति दी जाती है।

परिशिष्ट - "ग्यारह"

अस्‍पतालों के सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित किया जाना

[चिकित्सा शिक्षा]

2. ( क्र. 180 ) श्री तरूण भनोत : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल के कमला नेहरू अस्‍पताल में हुये आगजनी में कितने बच्‍चों की मौतें हुई है? इस आगजनी के प्रमुख कारण क्‍या है? क्‍या बच्‍चों की मृत्‍यु के बाद सुपुर्द किये गये शवों को बदलने को लेकर शिकायतें मिली है? (ख) आगजनी के दौरान मृत और घायल पीड़ि़तों के परिवार को सरकारी आर्थिक सहायता प्रदान की गई है, और कितना? (ग) प्रदेश के सभी निजी एवं शासकीय अस्‍पतालों में सुरक्षा मानक स्‍तर को बनाये रखने की जानकारी उपलब्‍ध है? जबलपुर जिले के समस्‍त शासकीय एवं निजी अस्‍पतालों की सुरक्षा मानकों की जानकारी देवें।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) कमला नेहरू अस्‍पताल में हुई आगजनी में 04 नवजात शिशुओं की मृत्‍यु हुई। आगजनी का कारण न्‍योनेटल वेंटीलेटर के चालू करते ही उत्‍पन्‍न चिंगारी के फलस्‍वरूप वेंटीलेटर में आग लगने की घटना घटी। जी हाँ। शिकायत शव का डी.एन.ए. टेस्‍ट किया जाकर उनके परिजनों को शव सुपुर्द किये गये। (ख) आगजनी में मृतकों के परिजनों को सरकारी आर्थिक सहायता प्रदान करने की सूची एवं जानकारी का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-01 अनुसार है। (ग) जी हाँ। शेष जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-02 अनुसार है।

बलिदान दिवस के मौके पर शासन द्वारा आयोजित कार्यक्रम के व्‍यय

[जनजातीय कार्य]

3. ( क्र. 186 ) श्री तरूण भनोत : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या 18 सितम्‍बर, 2021 को शंकरशाह एवं रघुनाथ शाह जी की 164 वे बलिदान दिवस पर केन्‍द्रीय मंत्री भारत सरकार का आगमन जबलपुर में हुआ था? यदि हाँ, तो उक्‍त बलिदान दिवस पर प्रदेश शासन के कौन-कौन से विभागों को कार्यों का दायित्‍व सौंपा गया था? विभागों के नामवार एवं उन्‍हें शासन से आवंटित राशियों के संबंध में पूर्ण जानकारी दी जावे। (ख) उक्‍त बलिदान दिवस कार्यक्रम में प्रदेश शासन का कुल व्‍यय कितना हुआ?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जी हाँ। संस्‍कृति विभाग, जनसम्‍पर्क विभाग, परिवहन विभाग एवं जिला प्रशासन जबलपुर को दायित्‍व सौंपा गया था। उक्‍त विभागों को राशि आवंटित नहीं की गई है। जिला प्रशासन जबलपुर को राशि रूपये 21.50 लाख आवंटित की गई है। (ख) कुल व्‍यय की जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मुरैना जिले में सार्वजनिक प्रणाली में गड़बड़ी

[सहकारिता]

4. ( क्र. 205 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह सही है मृगपुरा साख सहकारी समिति मुरैना का एक कर्मचारी जो अपराधिक प्रवृत्ति का है उसे विधानसभा सुमावली की अनेक समितियों के खाद्य वितरण की व्यवस्था दी गई है क्यों? क्या स्थानीय समितियों में जिम्मेदार कर्मचारियों का अभाव है? (ख) क्‍या यह भी सही है कि उक्त कर्मचारी की शिकायत जिलाधीश मुरैना को दिनांक 16.4.2020 एवं 30.04.2020 को जनप्रतिनिधियों द्वारा उसके अपराधिक प्रकरणों की संख्या धाराओं सहित की थी? उस पर अभी तक कार्यवाही क्यों नहीं की गई, क्या उक्त आपराधिक प्रवृत्ति के कर्मचारी की राजनैतिक पहुंच के कारण अधिकारी कार्यवाही करने का साहस नहीं कर पा रहे है? (ग) क्या यह सही है कि उक्त कर्मचारी की समिति द्वारा बाजरा, सरसों, खरीदी, असत्य पंजीयन करा कर किसानों के नाम पर कूटरचित दस्तावेजों से किसानो के नाम पर पंजीयन करा कर राशि अपने खातों में डलवाई जिसकी शिकायत ग्राम बघपुरा के किसानों द्वारा जिलाधीश मुरैना को की गई उस पर जांच कर कार्यवाही कब तक की जावेगी समय सीमा बताई जावें। (घ) क्या यह भी सही है उक्त कर्मचारी जनता को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्‍न उपलब्ध न कराकर आधी मात्रा में खाद्यान्‍न प्रदान करता है? जिसकी शिकायत कई बार हुई क्या कार्यवाही की गई?

सहकारिता मंत्री ( डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया ) : (क) प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित, मृगपुरा को खाद्य विभाग द्वारा अन्‍य समितियों से संबंधित शासकीय उचित मूल्‍य की दुकानों का आवंटन/अटेचमेंट किया गया है। आवंटन/अटेचमेंट किये जाने के कारणों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। मृगपुरा समिति के कर्मचारी श्री बच्‍चू सिंह गुर्जर के विरूद्ध अपराधिक प्रकरण दर्ज हुये थे जिनमें से 2 प्रकरणों में दोषमुक्‍त किया है, एक प्रकरण में एक वर्ष की सजा दी गई थी जिसके विरूद्ध अपील किये जाने पर जमानत पर मुक्‍त कर कारावास के दण्‍डादेश को स्‍थगित किया गया है। सजायाफ्ता कर्मचारी से कार्य लिये जाने का तथ्‍य संज्ञान में आने पर सेवा से हटाने के निर्देश दिये गये हैं। (ख) जी हाँ। शिकायतों की जांच अनुविभागीय अधिकारी मुरैना के माध्‍यम से तत्‍कालीन कनिष्‍ठ आपूर्ति अधिकारी से कराई जा रही थी परन्‍तु तत्‍समय कोविड - 19 के कारण लॉकडाउन होने के कारण जांच कार्य खाद्य विभाग मुरैना के स्‍तर पर लंबित है। (ग) इस संबंध में खाद्य विभाग मुरैना स्‍तर पर प्राप्‍त शिकायत की जांच कराई गई जो निराधार पाई गई थी। (घ) इस संबंध में उचित मूल्‍य दुकानों से संबंधित पात्र परिवारों द्वारा कोई शिकायत जिला स्‍तर पर दर्ज नहीं कराई गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "बारह"

आदिवासियों को कानूनी सहायता उपलब्‍ध कराया जाना

[जनजातीय कार्य]

5. ( क्र. 307 ) श्री नर्मदा प्रसाद प्रजापति (एन. पी.) : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव विधान सभा क्षेत्रांतर्गत जिले में प्रश्‍न दिनांक तक वनाधिकार कानून के अंतर्गत कितने ऐसे मामले हैं जिनमें अनुसूचित जनजातियों और अन्‍य पारं‍परिक आदिवासियों द्वारा किए गए भूमि स्‍वामित्‍व के दावों को विभिन्‍न आधारों पर खारिज किया गया है? (ख) इनमें से कितने मामलों से सबूतों के अभाव, प्रक्रियाओं की जानकारी के अभाव तथा वन विभाग द्वारा प्रमाण नहीं दिए जाने के कारण और दावेदार आदिवासी द्वारा अपनी पैरवी ठीक ढंग से नहीं कर पाने के कारण दावे निरस्‍त हो गए? (ग) क्‍या सरकार ने वनाधिकार का दावा करने वाले आदिवासियों की सहायता के लिए परामर्श या कानूनी सहायता उपलब्‍ध कराई है? यदि हाँ, तो क्‍या सहायता दी गई है?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव विधानसभा क्षेत्रांतर्गत प्रश्‍न दिनांक तक वनाधिकार अधिनियम 2006 के तहत अनुसूचित जनजाति के 230 एवं अन्‍य परंपरागत वन निवासियों के 55 कुल 285 दावे विभिन्‍न कारणों से निरस्‍त किये गये है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '' अनुसार है। (ख) सबूतों के अभाव (साक्ष्‍य के अभाव) में 04 दावे निरस्‍त किये गये है। प्रक्रियाओं की जानकारी के अभाव तथा वन विभाग द्वारा प्रमाण नहीं दिए जाने के कारण और दावेदार आदिवासी द्वारा अपनी पैरवी ठीक ढंग से नहीं कर पाने के कारण कोई दावा निरस्‍त नहीं किया गया है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '' अनुसार है। (ग) कानूनी परामर्श या कानूनी सहायता हेतु किसी भी आवेदक का आवेदन प्राप्‍त नहीं हुआ है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता

व्‍यापम घोटाले से संबंधित प्रकरणों पर कार्यवाही

[गृह]

6. ( क्र. 308 ) श्री नर्मदा प्रसाद प्रजापति (एन. पी.) : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) व्‍यापम घोटाले से संबंधित प्रकरण सी.बी.आई. को सुपुर्द करने के बाद कितने प्रकरण एस.टी.एफ. द्वारा दर्ज किए गए एवं कितनों में खात्‍मा लगाया गया? (ख) एस.टी.एफ. द्वारा फर्जी मूल निवासी प्रमाण पत्र के आधार पर दर्ज किए गए कितने प्रकरणों पर खात्‍मा लगवाया गया? जबकि वह संबंधित तहसीलदारों की रिपोर्ट पर दर्ज किए गए थे। ऐसे में इन प्रकरणों पर किस आधार पर खात्‍मे की कार्यवाही की गई? (ग) परिवहन आरक्षक भर्ती में महिलाओं के आरक्षित सीटों के लिये महिला अभ्‍यार्थियों का फिजीकल टेस्‍ट पुरूष अभ्‍यार्थियों के लिये निर्धारित मापदण्‍डों के अनुसार किया गया। महिला अभ्‍यार्थियों का उन पर खरे न उतरने पर उन सीटों को पुरूष अभ्‍यार्थियों से भरा गया। क्या सरकार द्वारा पूर्व में भी महिलाओं के लिये आरक्षित सीटों को पुरूष अभ्‍यार्थियों द्वारा भरा गया है? यदि हाँ, तो कब? (घ) क्‍या व्‍यापम घोटाले में पीएमटी 2012 तथा पीएमटी 2013 की परीक्षा में व्‍यापम द्वारा जांच में पाए गए रोल नम्‍बर सेटिंग्‍स पर विभिन्‍न धाराओं में प्रकरण दर्ज किए गए? यदि हाँ, तो बताए कि पीएमटी 2007 से 2011 तक रोल नम्‍बर सेटिंग्‍स पर प्रकरण क्‍यों नहीं किए गए? (ड.) माननीय मुख्‍यमंत्री महोदय ने व्‍यापम घोटाले में विधान सभा में जून 2013 में प्राप्‍त किस गुमनाम पत्र का जिक्र किया था? उस संदर्भ में अभी तक क्‍या अनुसंधान किया गया? यदि उल्‍लेखित पत्र प्राप्‍त नहीं हुआ तो क्‍या मुख्‍यमंत्री महोदय के असत्‍य कथन का व्‍यापम की जांच को भ्रमित करने पर कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं तो क्‍यों?

गृह मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

लघु वनोपज से संबंधित प्रावधान

[जनजातीय कार्य]

7. ( क्र. 329 ) श्री ब्रह्मा भलावी : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वन अधिकार कानून 2006, पेसा कानून 1996 एवं संविधान की 11वीं अनुसूची में लघु वनोपज के संबंध में क्‍या प्रावधान दिए जाकर किस-किस को क्‍या-क्‍या अधिकार सौंपा गया है, वन विभाग को क्‍या-क्‍या अधिकार दिया है? (ख) वन अधिकार कानून 2006, पेसा कानून 1996 एवं 11वीं अनुसूची में लघु वनोपज का व्‍यापार किये जाने हेतु सहकारी समितियां बनाए जाने की छूट किस-किस धारा में किस-किस को प्रदान की गई है? (ग) जनजातीय कार्य विभाग ने जनवरी 2008 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक लघु वनोपज के संबंध में किस-किस दिनांक को पत्र, परिपत्र, आदेश, निर्देश जारी किये हैं? (घ) लघु वनोपज का नियंत्रण, प्रबंधन एवं अधिकार पंचायती राज संस्‍थाओं और संग्राहकों को सौंपे जाने के संबंध में विभाग क्‍या कार्यवाही कर रहा है? कब तक करेगा?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) वन अधिकार कानून 2006, पेसा कानून 1996 तथा संविधान की 11वी अनुसूची के संबंधित अंशों की प्रति की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-अ अनुसार है(ख) वन अधिकार कानून 2006, पेसा कानून 1996 एवं 11वीं अनुसूची के संबंधित नियमों की प्रति की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-ब अनुसार है। (ग) जनजातीय कार्य विभाग द्वारा जारी किये गये पत्र, परिपत्र, आदेश, निर्देश की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-स अनुसार है(घ) लघु वन उपज का नियंत्रण, प्रबंधन एवं अधिकार पंचायती राज्‍य संस्‍थाओं और संग्राहकों को सौंपे जाने के संबंध में जारी की गई अधिसूचनाओं एवं आदेशों की प्रति की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-द अनुसार है।

सामुदायिक वन अधिकार

[जनजातीय कार्य]

8. ( क्र. 330 ) श्री ब्रह्मा भलावी : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बैतूल जिले की बैतूल जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत मोवाड़ के ग्राम भोपाली में आदिवासियों के देव स्‍थान से संबंधित गत चार वर्षों में किस-किस समिति और ग्राम सभा ने सामुदायिक वन अधिकार के संबंध में क्‍या-क्‍या प्रस्‍ताव पारित किया? प्रस्‍ताव के बाद भी सामुदायिक वन अधिकार पत्र प्रश्‍नांकित दिनांक तक भी प्रदान क्‍यों नहीं किया गया? (ख) सामुदायिक वन अधिकार से संबंधित उत्‍तर वन मण्‍डल बैतूल, उप वन मण्‍डल सारनी एवं वन परीक्षेत्र रानीपुर ने किस-किस विषय पर किस-किस दिनांक को सहायक आयुक्‍त बैतूल एव जनपद पंचायत बैतूल को पत्र लिखे? (ग) आरक्षित वन क्षेत्र में सामुदायिक वन अधिकार के दावे से संबंधित कक्ष का मानचित्र बनाने और भूमि की रीडिंग लिए जाने में बार-बार गलती किए जाने का क्‍या-क्‍या कारण रहा है? गलती किए जाने के लिए शासन किसे जिम्‍मेदार मानता है? (घ) भोपाली क्षेत्र में सामुदायिक वन अधिकार पत्र कब तक प्रदान कर दिया जावेगा?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) ग्राम सभा मोवाड, उपखण्‍ड स्‍तरीय वनाधिकार समिति बैतूल एवं जिला स्‍तरीय वनाधिकार समिति बैतूल के प्रस्‍ताव एवं जिला स्‍तरीय वनाधिकार समिति बैतूल द्वारा पारित प्रस्‍ताव में उक्‍त प्रकरणों में कमी पूर्ति देखी जाकर वन अधिकार पत्र जारी किये जाने हेतु सर्व सम्‍मति से पारित प्रस्‍ताव की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-अ अनुसार है। प्रकरण में कमी पूर्ति न होने के कारण प्रश्‍नांकित दिनांक तक सामुदायिक वन अधिकार पत्र प्रदान नहीं किया गया। (ख) उत्‍तर वनमंडल बैतूल, उपवन मंडल सारनी द्वारा सहायक आयुक्‍त बैतूल एवं जनपद पंचायत बैतूल को लिखे गये पत्र की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-ब अनुसार है। (ग) उक्‍त कार्यवाही वन विभाग द्वारा की जाती है। प्रकरण में कमी पूर्ति होने उपरान्‍त प्रकरण सहायक आयुक्‍त कार्यालय को मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बैतूल से प्राप्‍त होने पर उन्‍हें उत्‍तर वन मंडल बैतूल को भेजा जाता है जिससे गलती की जानकारी वन मंडल उत्‍तर बैतूल द्वारा बतायी जाकर प्रकरण पुन: सुधार हेतु सहायक आयुक्‍त कार्यालय को 02 बार प्राप्‍त हुये है जिन्‍हें पुन: सुधार हेतु जनपद पंचायत बैतूल को भेजा गया है। वर्तमान तक नस्‍ती मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बैतूल से अप्राप्‍त है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-स अनुसार है। (घ) भोपाली क्षेत्र में सामुदायिक वन अधिकार पत्र प्रदान किये जाने की कार्यवाही प्रचलित है। वन अधिकार अधिनियम 2006 की प्रक्रिया अर्द्धन्‍यायिक स्‍वरूप की होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

सरकारी मेडिकल कॉलेजों में फिजियोथेरेपी मे निर्धारित सीटों की जानकारी

[चिकित्सा शिक्षा]

9. ( क्र. 496 ) डॉ. अशोक मर्सकोले : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश के किन-किन सरकारी मेडिकल कॉलेजों में फिजियोथेरपी चिकित्‍सा पद्धति के अध्‍ययन हेतु कितनी सीटें निर्धारित हैं? वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 के शैक्षणिक सत्र में किन-किन कॉलेजों में कितने छात्र-छात्राएं उक्‍त संकाय में अध्‍ययनरत हैं? (ख) क्‍या मध्‍यप्रदेश में फिजियोथेरेपी चिकित्‍सा पद्धति के छात्र-छात्राओं हेतु इंदौर एवं जबलपुर के कॉलेजों में ही सीटें निर्धारित हैं? यदि हां, तो राजधानी भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज एवं ग्‍वालियर के गजरा राजा चिकित्‍सा महाविद्यालय में उक्‍त पाठ्यक्रम क्‍यों नहीं प्रारंभ किया गया? (ग) क्‍या शासन भोपाल एवं ग्‍वालियर के सरकारी कॉलेजों में इसी शैक्षणिक सत्र से प्रश्‍नांकित चिकित्‍सा पद्धति की सीटें आरक्षित कर छात्र-छात्राओं को अध्‍ययन की सुविधा प्रदान करेगा? यदि हां, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) फिजियोथेरेपी पाठयक्रम के संचालन हेतु शासकीय चिकित्‍सा महाविद्यालय इंदौर, जबलपुर, रीवा एवं सागर में सीट्स निर्धारित की गई है। निर्धारित सीट्स एवं अध्‍ययनरत छात्र-छात्राओं की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। शासकीय चिकित्‍सा महाविद्यालय, रीवा एवं सागर में भी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार सीट निर्धारित है। (ग) म.प्र. सह चिकित्‍सीय परिषद् में विधिवत आवेदन प्रस्‍तुत करने के पश्‍चात राज्‍य शासन की अनुमति उपरांत वांछनीय प्रश्‍नांकित पद्धति में आवेदक चिकित्‍सा शिक्षा महाविद्यालय में सीटें आवंटित की जावेंगी। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "तेरह"

शिक्षकों की पदस्‍थापना करना

[जनजातीय कार्य]

10. ( क्र. 508 ) डॉ. अशोक मर्सकोले : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मंडला जिले के सभी प्राथमिक, माध्‍यमिक एवं उच्‍च माध्‍यमिक विद्यालयों में पर्याप्‍त शिक्षक पदस्‍थ है? यदि नहीं तो कब तक शिक्षकों की भर्ती एवं पदस्‍थापना की जावेगी? (ख) मण्‍डला जिले के ऐसे कितने प्राथमिक एवं माध्‍यमिक विद्यालय हैं जहां मात्र एक या दो से कम शिक्षक पदस्‍थ हैं? विकासखण्‍डवार, नामजद जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ग) मण्‍डला जिले के मेन रोड से लगे विद्यालयों में पर्याप्‍त शिक्षक पदस्‍थ हैं? वहीं ग्रामीण आंचलों के स्‍कूल जो मेन रोड से 10 या 20 कि.मी. दूर के गांवों के स्‍कूलों में मात्र 01 या 02 शिक्षक ही पदस्‍थ है? (घ) प्रश्नांश (ग) यदि हाँ, तो क्‍या 10 या 25 कि.मी. मेन रोड से दूर के ग्रामीण आंचलों के स्‍कूलों में शिक्षकों की संख्‍या बढ़ाई जायेगी? इस विसंगति के जिम्‍मेदार अधिकारी कौन है?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जी नहीं। मंडला जिलें की शिक्षण संस्‍थाओं में 67 उच्‍च माध्‍यमिक शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। माध्‍यमिक शिक्षकों की चयन सूची जारी की गई है, प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती हेतु म.प्र. प्रोफेशनल एग्‍जामिनेशन बोर्ड द्वारा विज्ञापन जारी किया गया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं? (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) प्रश्‍न अनुरूप पदस्‍थ शिक्षकों की शालावार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) रिक्‍त पदों के विरूद्ध शैक्षणिक कार्य सुचारू रूप से संचालन हेतु अतिथि शिक्षकों की व्‍यवस्‍था की गई है। प्रश्नांश (क) में दिये गये उक्‍त उल्‍लेखानुसार शिक्षकों की पदस्‍थापना की गई है, भर्ती की प्रक्रिया निरंतर जारी प्रक्रिया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

 

सहारा इंडिया एवं अन्‍य चिटफंड कंपनियों द्वारा भुगतान

[गृह]

11. ( क्र. 531 ) श्री मनोज चावला : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में 1 जनवरी 2021 से प्रश्न दिनांक तक सहारा इंडिया लिमिटेड और चिटफंड कंपनियों द्वारा जनता का जमा पैसा भुगतान नहीं करने के संबंध में कितनी कितनी शिकायतें प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्राप्त हुई हैं उन पर क्या कार्रवाई की गई है? (ख) प्रदेश में सहारा इंडिया कंपनी और अन्य चिटफंड कंपनियों द्वारा कितने लोगों से, कितनी धनराशि हड़पने का अनुमान है? राज्य सरकार आम लोगों को चिटफंड कंपनियों की ठगी से बचाने और उन्हें रकम वापस दिलाने के लिए क्या क्या प्रयास कर रही हैं। शासन द्वारा इन कंपनियों को मध्यप्रदेश में कब तक प्रतिबंधित कर दिया जाएगा? (ग) सहारा इंडिया कंपनी और अन्य चिटफंड कंपनियों के विरुद्ध प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 793 दिनांक 17/12/ 2019 एवं प्रश्न क्रमांक 54 दिनांक 21/09/2020 के संदर्भ में क्या-क्या कार्यवाही की गई है? (घ) क्या सहारा इंडिया कंपनी प्रमुख सुब्रतो राय पर रतलाम जिले के आलोट थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है यदि हाँ, तो उन्हें गिरफ्तार करने के संबंध में क्या कार्रवाई अभी तक की गई हैं?

गृह मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार(ख) सहारा इण्डिया कंपनी एवं अन्य चिटफण्ड कंपनियों द्वारा लोगों से धनराशि की धोकाधड़ी की है उसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट में समाहित है। शासन द्वारा चिटफण्ड कंपनियों की अनियमित्ता एवं राशि गबन के संबंध में शिकायत दर्ज करवाने हेतु जिला स्तर पर प्रचार-प्रसार किया गया है। पुलिस मुख्यालय स्तर से भी जिला पुलिस अधीक्षको को दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। सहारा इण्डिया कंपनी एवं अन्य चिटफण्ड कंपनियों की शिकायत के संदर्भ में राजस्व विभाग के साथ समन्वय कर कैम्प लगाए गए हैं। उक्त प्रक्रिया लगातार जारी है। शासन द्वारा चिटफण्ड कंपनियों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए है एवं अब तक हजारों निवेशकों को उनके पैसे वापस दिलाए गए है। चिटफण्ड कंपनियों के विरूद्ध की गई कार्यवाही की लगातार मॉनिटरिंग शासन स्तर पर की जा रही है। शिकायतें मिलने पर म.प्र. निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2000, दि बैनिंग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपोजिट स्कीम्स एक्ट 2019 के अंर्तगत विधि अनुसार कार्यवाही की जाती है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एवं अनुसार(घ) जी हाँ। आरोपी सुब्रतराय सहारा को गिरफ्तार करने हेतु सहारा इण्डिया कंपनी के मुख्य कार्यालय लखनऊ जाकर आरोपी की तलाश की गई, परंतु आरोपी नहीं मिला गिरफ्तारी के प्रयास जारी है।

सामूहिक विवाह के शासकीय प्रावधान

[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]

12. ( क्र. 547 ) श्री ग्‍यारसी लाल रावत : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सेंधवा विधानसभा क्षेत्र में 2013 से लेकर अब तक कितने मुख्‍यमंत्री सामूहिक विवाह किये गये? क्‍या सभी को शासन की योजना के तहत लाभ दिया गया? नाम, पता सहित जानकारी देवें। योजना के तहत शासन के क्‍या प्रावधान थे? (ख) सेंधवा विधानसभा क्षेत्र में विवाह सहायता योजना के कितने प्रकरण लंबित है? कितने प्रकरण में राशि प्रदाय नहीं की गयी? क्‍या कारण हैं? दोषी कौन है, दोषी पर क्‍या कार्यवाही करेंगे? (ग) सेंधवा विधानसभा क्षेत्र की विधायक निधि से 2013 से 2018 तक क्‍या-क्‍या कार्य किये गये? सूची सहित जानकारी देवें। जनसंपर्क निधि एवं स्‍वेच्‍छानुदान किस-किस को प्रदाय किये गये? (घ) सेंधवा विधानसभा क्षेत्र में 2013 से अब तक कितने कार्यों का मूल्‍यांकन एवं सत्‍यापन किया गया? छायाप्रति सहित जानकारी देवें।

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) सेंधवा विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2013 से लेकर अब तक मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह/निकाह योजनान्तर्गत वर्ष 2013-14 में 1151 जोड़े, वर्ष 2015-16 में 541 जोड़े वर्ष 2016-17 में 1051 जोड़े, वर्ष 2018-19 में 1510 जोड़े तथा वर्ष 2019-20 में 18 जोड़े कुल 4271 जोड़ों का सामूहिक विवाह/निकाह करवाया गया। योजना प्रावधान अनुसार लाभार्थी कन्याओं को लाभ प्रदाय किया जा चुका है। लाभार्थियों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार। (ख) सेंधवा विधानसभा क्षेत्र की जनपद पंचायत सेंधवा व नगर पालिका सेंधवा से प्राप्त जानकारी अनुसार विवाह सहायता का कोई प्रकरण लंबित नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जिला योजना अधिकारी बड़वानी से प्राप्त जानकारी वर्ष 2013 से 2018 तक विधायक निधि से किये गये कार्यों के प्रमाण पत्र पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार। जनसंपर्क निधि एवं स्वेच्छानुदान मद से कराये गये कार्यों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार। (घ) जिला योजना अधिकारी, बड़वानी से प्राप्त जानकारी वर्ष 2013 से 2018 तक 132 कार्यों का मूल्यांकन एवं सत्यापन किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' '' अनुसार।

हवाई फायर पर कार्यवाही

[गृह]

13. ( क्र. 548 ) श्री ग्‍यारसी लाल रावत : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 26 जनवरी 2021 को अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय सेंधवा प्रांगण में अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व एवं तहसीलवार सेंधवा द्वारा जेल प्रहरी की बंदूक लेकर हवाई फायर किये गये थे। उक्‍त मामले में प्रकरण दर्ज करने हेतु दिनांक 27.01.2021 को थाना प्रभारी सेंधवा को प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिए गए आवेदन पर क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं तो क्‍यों नहीं? (ख) उक्‍त प्रकरण में प्रश्‍न दिनांक तक की गई कार्यवाही से अवगत करावें।

गृह मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) दिनांक 27.01.2021 को माननीय विधायक द्वारा थाना प्रभारी सेंधवा को दिये गये आवेदन पत्र की जांच अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सेंधवा जिला बड़वानी द्वारा की गई। जांच में संज्ञेय अपराध के अंतर्गत कार्यवाही किये जाने योग्य कोई तथ्य प्रकाशित नहीं हुए थे। (ख) उत्तर प्रश्‍नांश में समाहित है।

दवाओं की खरीदी एवं वितरण

[चिकित्सा शिक्षा]

14. ( क्र. 640 ) श्री प्रवीण पाठक : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के ग्वालियर जिले में स्थित जयारोग्य चिकित्सालय समूह में दवाओं के लिये शासन द्वारा दिनांक 1 अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2021 तक एवं 1 अप्रैल 2021 से उत्तर दिनांक तक कितनी बजट राशि उपलब्ध कराई गई? उक्त राशि में से कितनी व्यय की गई? (ख) उक्त अवधि में उपलब्ध राशि में से किस-किस संस्था द्वारा कौन-कौन सी दवाइयां मंगाई गई एवं उनकों कितना-कितना भुगतान किया गया? (ग) उक्त अवधि में जयारोग्य चिकित्सालय समूह की ओ.पी.डी. में आने वाले सभी पात्र मरीजों को चिकित्सक द्वारा लिखी गई सभी दवाइयां क्या निःशुल्क उपलब्ध कराई गई? यदि हाँ, तो, माहवार लाभान्वित मरीजों की संख्या एवं उनकों दी गई दवाइयों का विवरण उपलब्‍ध करावें। यदि नहीं तो क्यों? इसका जिम्मेदार कौन है?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जयारोग्‍य चिकित्‍सालय समूह ग्‍वालियर में दवाओं के लिए शासन द्वारा निम्‍नानुसार आंवटन उपलब्‍ध कराया गया- (राशि रूपये में)

वर्ष

आवंटन

व्‍यय

1 अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2021

5,21,48,000.00

5,19,75,994.00

1 अप्रैल 2021 से उत्‍तर दिनांक तक

9,39,75,959.00

8,41,98,742.00

(ख) उक्‍त अवधि में उपलब्‍ध राशि में से संस्‍थाओं द्वारा मंगाई गई दवाओं की सूची एवं भुगतान की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-1 एवं 2 अनुसार। (ग) जी हाँ। माहवार लाभांवित मरीजों की संख्‍या की जानकारी एवं मरीजों को दी गई दवाओं का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-3 अनुसार। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

कोविड -19 के दौरान भर्ती मरीजों की जानकारी

[चिकित्सा शिक्षा]

15. ( क्र. 641 ) श्री प्रवीण पाठक : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कोविड -19 के दौरान (प्रारम्भ से उत्तर दिनांक तक) जयारोग्य चिकित्सालय समूह अन्तर्गत कोविड वार्डों में कुल कितने मरीज भर्ती हुये? इनमें से कितने मरीज लामा (LAMA. लीव अगेंस्ट मेडीकल एडवाईज) हुये? कितने मरीज रेफर किये गये एवं कितने मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज किये गये? (ख) कोविड-19 के दौरान (प्रारम्भ से उत्तर दिनांक तक) जयारोग्य चिकित्सालय समूह अन्तर्गत मरीजों के उपचार हेतु कितने टैंकर लिक्विड ऑक्सीजन किस स्थान/संस्थान से किस दिनांक को प्राप्त हुये एवं जयारोग्य चिकित्सालय समूह में लगे प्लांटों से कितनी मात्रा में लिक्विड ऑक्सीजन का उत्सर्जन हुआ एवं कितनी मात्रा में ऑक्सीजन का वास्तविक रुप से उपयोग हुआ? दिनांकवार जानकारी दें।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) गजराराजा महाविद्यालय के जयारोग्‍य चिकित्‍सालय समूह ग्‍वालियर के कोविड वार्डों में कुल 4215 मरीज भर्ती हुये। लीव अगेंस्‍ट मेडिकल एडवाईज मरीजों की संख्‍या 120 हैं। किसी भी मरीज को रेफर नहीं किया गया। कुल 3118 मरीज ठीक होकर डिस्‍चार्ज किये गये। (ख) कोविड-19 के दौरान जयारोग्‍य चिकित्‍सालय समूह ग्‍वालियर में कोविड-19 के मरीजों के उपचार हेतु 76 टैंकर लिक्विड ऑक्‍सीजन प्राप्‍त हुई। जयारोग्‍य चिकित्‍सालय समूह ग्‍वा‍लियर में लगे प्‍लांटों से लिक्विड ऑक्‍सीजन का उत्‍सर्जन एवं वास्तिक रूप से उपयोग की दिनांकवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "चौदह"

पुलिस हाउसिंग बोर्ड द्वारा विभागीय निर्माण कार्य

[गृह]

16. ( क्र. 713 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पुलिस हाउसिंग बोर्ड द्वारा पुलिस विभाग से संबंधित सिविल निर्माण कार्यों के अतिरिक्त अन्य विभागों के सिविल निर्माण कार्य की एजेन्सी के रूप में कार्य किया जा रहा है? (ख) यदि हाँ, तो क्या इस प्रकार पुलिस हाउसिंग द्वारा निर्मित किये गये अन्य विभागों के भवन का भविष्य में रख-रखाव (मेंटेनेंस) रंगरोगन आदि भी पुलिस हाउसिंग द्वारा ही किया जावेगा? तथा इस हेतु बजट आवंटन का प्रावधान किस प्रकार किया जावेगा? यदि नहीं तो इस हेतु क्या व्यवस्था निर्मित की गई है तथा क्या भविष्य में गुणवत्ताहीन निर्माण की स्थिति में सुधार प्रक्रिया किस प्रकार से होगी? (ग) क्या पुलिस हाउसिंग द्वारा एजेन्सी के रूप में निर्माण किये जा रहे कार्यों के लोकार्पण/भूमिपूजन कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो कार्यों के शीलालेख पर आमंत्रित जनप्रतिनिधियों के नामो को अंकित किया जाना होता है? यदि ऐसा नहीं होने या किये जाने पर जिम्मेदारी किस स्तर के अधिकारियों की होती है तथा इस प्रकार की उपेक्षा की बारम्बारता पर किस प्रकार का प्रावधान है?

गृह मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। (ख) रख-रखाव हेतु एजेन्सी निर्धारण सबंधित विभाग द्वारा किया जावेगा। म.प्र. पुलिस आवास एवं अधोसंरचना विकास निगम द्वारा गुणवत्ताहीन निर्माण नहीं किया जाता। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) लोकार्पण/भूमि पूजन का कार्य सम्बन्धित विभाग द्वारा किया जाता है।

प्राचार्य के स्थगन की समय-सीमा

[जनजातीय कार्य]

17. ( क्र. 714 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या प्रभारी प्राचार्य, हाई स्कूल तोरनोद विकाखण्ड धार का स्थानांतरण शासन द्वारा किया गया था तथा इस पर संबंधित द्वारा माननीय न्यायालय से स्थगन प्राप्त किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो स्थगन किस आधार पर, किन शर्तों पर कितनी समयावधि‍ हेतु माननीय न्यायालय द्वारा दिया गया? (ग) क्या उक्त स्थगन में माननीय न्यायलय द्वारा पिटिशन डिस्पोस ऑफ करते हुए पिटिशनर को फ्रेश रिप्रजेंटेशन प्रस्तुत करने पर विभाग से स्पिकिंग आदेश को निर्धारित समयावधि‍ में जारी किये जाने हेतु निर्देशित किया था? (घ) यदि हाँ, तो क्या इस प्रकरण में विभाग द्वारा संबंधित के रिप्रेजेंटेशन प्राप्त कर स्पिकिंग आदेश जारी कर अन्यत्र स्थानांतरित कर कार्यमुक्त किया गया है? यदि नहीं तो अत्यधिक विलम्ब का क्या कारण रहा है? (ड.) क्या विभाग इस संबंध में क्या कोई आगामी कार्रवाई करेगा?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जी हाँ। (ख) शा. हाईस्‍कूल तोरनोद में प्राचार्य का पद रि‍क्‍त होने तथा आवेदक की पत्‍नी धार जिले में पदस्‍थ होने के आधार पर आवेदक के अभ्‍यावेदन का निराकरण प्रतिवादी क्र.01 द्वारा 04 सप्‍ताह में किए जाने के निर्देश पारित करते हुए स्‍थगन दिया गया। (ग) जी हाँ। (घ) जी नहीं। अभ्‍यावेदन के निराकरण हेतु आवेदक को वीडियो कॉफ्रेंस के माध्‍यम से सुनवाई हेतु दिनांक 24/11/2021 तिथि नियत की गई थी। आवेदक द्वारा अस्‍वस्‍थ्‍य होने की सूचना देते हुए आगामी सुनवाई करने के अनुरोध पर पुन: दिनांक 29/12/2021 को तिथि नियत की गई है। (ड.) सुनवाई पश्‍चात आगामी कार्यवाही की जावेगी।

हमीदिया अस्‍पताल में आगजनी की घटना

[चिकित्सा शिक्षा]

18. ( क्र. 741 ) श्री पी.सी. शर्मा : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हमीदिया अस्‍पताल में बच्‍चों के वार्ड में आगजनी की घटना किस लापरवाही से हुई? क्‍या दोषियों पर कोई कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो किस तरह की कार्यवाही की गई? यदि नहीं तो क्‍यों? (ख) हमीदिया अस्‍पताल में 12 नवजात शिशुओं की मृत्‍यु अस्‍पताल प्रबंधन की लापरवाही से हुई, क्‍या भविष्‍य में ऐसी घटना न होने के लिए अस्‍पताल की व्‍यवस्‍थाओं में सुधार किया गया है? यदि हाँ, तो किस प्रकार का सुधार किया है और यदि नहीं तो क्‍यों? (ग) क्‍या भोपाल स्थित हमीदिया में लाखों रूपए की दवाएं एक्‍सपायर हो गई हैं? यदि हाँ, तो कारण बतायें एवं कितनी राशि की दवाएं एक्‍सपायर हुई है? (घ) क्‍या सरकार द्वारा इस मामले की जांच कराई गई है? यदि हाँ, तो इस लापरवाही के लिए कौन-कौन अधिकारी दोषी पाये गए हैं और उन पर क्‍या कार्यवाही की गई है? (ड.) क्‍या कोरोना काल में रेमडेसिविर इंजेक्‍शन हमीदिया अस्‍पताल से चोरी हो गये थे? उक्‍त घटना की जांच की गई अथवा नहीं? यदि हाँ, तो दोषियों पर क्‍या कार्यवाही की गई? इंजेक्‍शन कहाँ गये, पता चला कि नहीं?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) हमीदिया अस्‍पताल में बच्‍चों के वार्ड में आगजनी की घटना न्‍योलेटर वेंटीलेटर के चालू करते ही उत्‍पन्‍न चिंगारी के फलस्‍वरूप वेंटीलेटर में आग लगने की घटना घटी। जी हां, घटना पश्‍चात विभाग द्वारा अधिष्‍ठाता, गांधी चिकित्‍सा महाविद्यालय, अधीक्षक हमीदिया चिकित्‍सालय एवं संचालक, कमला नेहरू अस्‍पताल को उनके प्रभार से मुक्‍त किया गया तथा सी.पी.ए. के कार्यपालन यंत्री की सेवाएं मूल विभाग को वापिस की गई एवं उपयंत्री विद्युत यंत्रि‍की को निलंबित किया गया। विभागीय आदेश पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-01 अनुसार है। (ख) जी नहीं। आगजनी में 04 शिशुओं की मृत्‍यु हुई। जी हाँ। भविष्‍य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने हेतु कमला नेहरू अस्‍पताल भवन समेत समस्‍त चिकित्‍सालय में फायर सेफ्टी तथा इलेक्ट्रानिक ऑडिट का कार्य पुन: कराया गया है तथा सतत् रूप से संबंधित निकाय से फायर एन.ओ.सी. प्राप्‍त करने के निर्देश जारी किये गये है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-02 अनुसार है। (ग) जी हाँ। हमीदिया चिकित्‍सालय, भोपाल टर्सरी स्‍तर का चिकित्‍सालय है, जहां पूरे म.प्र. मरीज उपचार हेतु आते है, अत: भण्‍डार में पर्याप्‍त दवाइयां का बफर स्‍टॉक रखा जाता है, समस्‍त दवाइयां का क्रय चिकित्‍सालय के विभिन्‍न विभागों की मांग अनुसार किया जाता है समस्‍त विभागाध्‍यक्षों को निकट भविष्‍य में एक्‍सपायर होने वाली दवाइयां की जानकारी भेजी जाती है। विगत तीन वर्षों में हमीदिया चिकित्‍सालय, भोपाल में रूपये 3907345.16 की दवाइयां एक्‍सपायर हुई है। (घ) जी हाँ। जांच में किसी भी अधिकारी को दोषी नहीं पाया गया है, शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। जांच रिपोर्ट पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-03 अनुसार है। (ड.) जी नहीं। जी हाँ। जांच में स्‍टॉक नियमित एवं सही रूप में पाया गया। जांच रिपोर्ट पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-04 अनुसार है।

सार्वजनिक कार्यक्रमों हेतु भवनों का निर्माण

[जनजातीय कार्य]

19. ( क्र. 835 ) श्री संजय यादव : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विभाग में विशेष रूप से कमजोर जनजातिय समूहों (PVTG) हेतु कितने निर्माण/विकास कार्य जबलपुर संभाग हेतु स्‍वीकृत है? जिलेवार बतावें। उक्‍त योजनान्‍तर्गत कितने निर्माण कार्य विभाग में प्रस्‍तावित है? विभाग में उक्‍त योजनान्‍तर्गत जिला जबलपुर में 2 करोड़ की राशि से स्‍वीकृत भवन हेतु बरगी विधानसभा अंतर्गत आदिवासी बाहुल्‍य क्षेत्र के ग्राम पंचायत घुन्‍सौर के ग्राम घाना में उपयुक्‍त शासकीय भूमि भी उपलब्‍ध है तो विभाग ग्राम घाना में कब तक भूमि आवंटित की जाएगी? (ख) मुख्‍यमंत्री कार्यालय पत्र क्रमांक 4582/सीएमएस/एमएलए/096 दिनांक 30.09.21 से विभागीय प्रमुख सचिव को प्रेषित पत्र पर प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? उक्‍त के संबंध में किये गये पत्राचार/नस्‍ती/प्रस्‍तावों की प्रति बतावे। कब तक स्‍वीकृति दी जावेगी? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता का पत्र क्रमांक 30/भोपाल/21 दिनांक 27.09.21 विभागीय मंत्री जी को प्रेषित पत्र विभाग को प्राप्‍त हुआ है? यदि हाँ, तो उक्‍त पर आज दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? उक्‍त के संबंध में किये गये पत्राचार/नस्‍ती/प्रस्‍तावों की प्रति उपलब्‍ध करावें। कब तक स्‍वीकृति दी जावेगी? (घ) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के पत्र क्रमांक 734, 696/वि.बरगी/21 दिनांक 16.09.21 विभागीय मंत्री जी एवं प्रमुख सचिव को प्रेषित पत्र विभाग को प्रस्‍तुत हुए है? यदि हाँ, तो उक्‍त पर आज दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? उक्‍त के संबंध में किये गये पत्राचार/नस्‍ती/प्रस्‍तावों की प्रति उपलब्‍ध करावें। कब तक स्‍वीकृति दी जावेगी?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) विभाग में पी.व्‍ही.टी.जी योजनांतर्गत जबलपुर संभाग के अंतर्गत स्‍वीकृत कार्यों की सूची की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '' अनुसार है। जिलेवार सूची की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '' अनुसार है। योजनांतर्गत प्रस्‍तावित कार्यों की सूची की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '' अनुसार है। योजनातंर्गत जिला जबलपुर में राशि रूपये 2.00 करोड़ से स्‍वीकृत संभाग स्‍तरीय सामुदायिक भवन शासन द्वारा किसी स्‍थान विशेष हेतु स्‍वीकृत नहीं हुआ है, भवन हेतु शासकीय भूमि का चिन्‍हांकन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, भूमि आवंटन की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) प्रश्‍नांश '''' के संबंध में विभाग द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '' अनुसार हैजानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '' अनुसार है। कार्य स्‍वीकृति की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) ''जी नहीं'' विभाग को पत्र प्राप्‍त नहीं हुआ। प्रश्‍नांश का शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) ''जी हॉ''। पत्र पर की गई कार्यवाही जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '' अनुसार है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '' अनुसार है। कार्य स्‍वीकृति‍ की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं हैं।

तिलवारा थाना जिला जबलपुर के नवीन भवन निर्माण की स्‍वीकृति

[गृह]

20. ( क्र. 836 ) श्री संजय यादव : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला-जबलपुर में शहरी थाना तिलवारा वर्तमान में सिंचाई विभाग के भवन (जो कि काफी पुराना एवं जीर्ण-शीर्ण अवस्‍था में है) में संचालित किया जा रहा है? क्‍या ऐसी स्थिति में पुलिस कर्मिंयों को जन सेवा करने हेतु पर्याप्‍त स्‍थान मिल रहा है? (ख) क्‍या विभाग को पुलिस अधीक्षक, जबलपुर द्वारा उक्‍त के संबंध में पत्र दिनांक 12.08.21 प्राप्‍त हो गया है? यदि हाँ, तो उक्‍त पत्राचार के संबंध में आज दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? की गई कार्यवाही से अवगत कराते हुए किये गये पत्राचार/नस्‍ती/प्रस्‍ताव की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ग) ग्राम जोतपुर में तिलवारा थाना भवन निर्माण हेतु आवंटित भूमि से अतिक्रमण राजस्‍व विभाग द्वारा हटवा दिया गया है तो विभाग तिलवारा थाना भवन निर्माण की स्‍वीकृति जारी कर निर्माण कार्य कब तक प्रारंभ करेगा? (घ) इस प्रकार जीर्ण-शीर्ण अवस्‍था के भवन में थाना संचालन के दौरान अगर कोई अप्रिय घटना घट जाती है तो उसकी जवाबदेही किसकी होगी? शासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्‍काल थाना भवन निर्माण की स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि नहीं तो क्‍यों नहीं?

गृह मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। कोई अन्य शासकीय भवन न मिलने के कारण थाना तिलवारा सिंचाई विभाग के भवन में संचालित है। (ख) जी हाँ। उक्त संबंध में समस्त पुलिस इकाइयों से प्राप्त प्रस्ताव अनुसार थाना/चौंकी भवन निर्माण हेतु विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डी.पी.आर.) तैयार किए जाने हेतु पुलिस हाउसिंग को दिनांक 20.02.2020 को प्रस्ताव प्रेषित किया गया है एवं पत्र दिनांक 29.11.2021 द्वारा स्मरण कराया गया है। जिसमें थाना तिलवारा का प्रस्ताव भी शामिल है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार(ग) पुलिस अधीक्षक जबलपुर द्वारा थाना तिलवारा भवन निर्माण हेतु ग्राम जोधपुर में आवंटित भूमि पर अतिक्रमण हटवाये जाने बावत् अनुभाग अधिकारी (राजस्व) अनुभाग गोरखपुर, जबलपुर को पत्र प्रेषित किया गया है, कार्यवाही प्रचलन में है। (घ) उत्तरांश (ख) अनुसार डी.पी.आर. तैयार होने पर शीघ्र ही थाना/चौकी भवन निर्माण हेतु स्वीकृति एवं बजट आवंटन हेतु कार्यवाही की जायेगी।

परिशिष्ट - "पंद्रह"

नट जाति को अनुसूचित जनजाति में सम्मिलित करने विषयक

[जनजातीय कार्य]

21. ( क्र. 991 ) श्री नारायण त्रिपाठी : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) अनुसूचित जाति अनु.जनजाति अमेंडमेंट एक्‍ट 1976 क्र. 108 से 1976 दिनांक 18 सितम्‍बर 1976 के पार्ट क्र. IX मध्‍यप्रदेश के सूची क्र. 41 में सुधार कर नट जाति को पूर्ववत अनुसूचित जनजाति 11 अथवा 34 में यथावत रखे जाने हेतु शासन को प्राप्‍त विभिन्‍न आवेदनों पर विभाग में क्‍या कार्यवाही प्रचलित है? अब तक की गई कार्यवाही का विवरण दें। (ख) प्रदेश सरकार द्वारा नट जाति को अनुसूचित जनजाति में सम्मिलित करने हेतु क्‍या कार्यवाही अब तक की गई है? विवरण दें। कब तक नट जाति को अनुसूचित जनजाति में सम्मिलित कर लिया जायेगा?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जी नहीं। किसी जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने हेतु भारत सरकार द्वारा निर्धारित मापदण्‍ड अनुसार लक्षण परिलक्षित न होने के कारण नट जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल किये जाने का कोई औचित्‍यपूर्ण आधार नहीं। (ख) प्रश्नांश (क) उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। किसी जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने का अधिकार भारत सरकार को है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

वन भूमि पट्टा के लंबित प्रकरण

[जनजातीय कार्य]

22. ( क्र. 1019 ) श्री देवेन्‍द्र सिंह पटेल : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) 25 नवम्‍बर 2021 की स्थिति में रायसेन जिले में कितने वन अधिकार (वन भूमि के पट्टा) के आवेदन पत्र कब से किस स्‍तर पर क्‍यों लंबित हैं? उनका कब तक निराकरण होगा? (ख) सामुदायिक दावा किन-किन भूमियों एवं स्‍थानों पर किया जा सकता है? इस संबंध में शासन के क्‍या निर्देश हैं उनकी प्रति दें। 25 नवम्‍बर 2021 की स्थिति में किन-किन ग्रामों से पारित प्रकरण कब से किस स्‍तर पर क्‍यों लंबित हैं? उनका कब तक निराकरण होगा? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के प्रकरणों के संबंध में 1 जनवरी 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक माननीय मंत्री जी एवं विभाग को रायसेन जिले के किन-किन सांसद/ विधायकों के पत्र कब कब प्राप्‍त हुए तथा उन पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) सांसद / विधायकों से प्राप्‍त पत्रों में किन-किन समस्‍याओं का निराकण हुआ तथा किन-किन समस्‍याओं का निराकरण क्‍यों नहीं हुआ तथा की गई, कार्यवाही से अवगत क्‍यों नहीं कराया? कारण से कब तक अवगत करायेंगे?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) रायसेन जिले में एमपी वन मित्र पोर्टल के माध्‍यम से पूर्व के निरस्‍त सभी 9748 दावों का निराकरण किया जा चुका है, किंतु 9297 दावेदारों द्वारा अपने नवीन दावों को पूर्व का निरस्‍त दावा बताते हुये दावों को पोर्टल पर दर्ज कराया गया है। एम.पी. वन मित्र पोर्टल पूर्व के निरस्‍त दावों के निराकरण हेतु बनाया गया है अत: इनका निराकरण एमपी वन मित्र पोर्टल से किया जाना संभव नहीं है। (ख) वन अधिनियम 2006 की धारा 2 (घ) मे उल्‍लेखित वन भूमि पर अधिनियम की धारा 3 (1) में उल्‍लेखित प्रयोजनों हेतु सामुदायिक दावा किया जा सकता है। वन अधिकार अधिनियम 2006 की प्रति की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '' अनुसार है। रायसने जिले में सामुदायिक वन अधिकार के दावे निराकरण हेतु लंबित नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) एवं (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '' अनुसार है।

महिलाओं/युवतियों के खिलाफ अपराध

[गृह]

23. ( क्र. 1027 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केन्द्रीय शासन ने महिलाओं/युवतियों के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने सुरक्षा प्रदान करने कानूनी एवं आर्थिक सहायता देने हेतु प्रदेश शासन को निर्भया फंड की कितनी राशि आवंटित की है एवं कितनी राशि व्यय हुई है? वन स्टाप सेंटर, महिला हेल्प लाइन, सेल्फ सेफ्टी योजना पर कितनी-कितनी राशि व्यय हुई है? जिलों को कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई है एवं किन-किन जिलों ने कितनी-कितनी राशि का उपयोग नहीं किया है एवं क्यों? वर्ष 2018-19 से 2021-22 तक की जानकारी दें। (ख) प्रदेश शासन ने महिलाओं/युवतियों पर होने वाले अपराधों को रोकने सुरक्षा प्रदान करने कानूनी एवं आर्थिक सहायता देने हेतु क्या-क्या कदम उठाये हैं एवं क्या उपाय किये गये हैं तथा इस पर कितनी राशि व्यय हुई हैं? अपराधों पर कितना नियंत्रण पाया गया हैं? (ग) प्रदेश में महिलाओं, युवतियों, छात्राओं, नाबालिग युवतियों के खिलाफ दुष्कृत्य, सामूहिक दुष्कृत्य, हत्या, अपहरण, अपहरण व दुष्कृत्य, बंधक बनाकर दुष्कृत्य व शादी का प्रलोभन देकर शारीरिक शोषण करने से संबंधित कितने-कितने मामले पंजीकृत किये गये हैं? कितने अपराधों में कितने अपराधियों को न्यायालयों द्वारा फांसी की सजा सुनाई गई है एवं न्यायालयों में कितने प्रकरण लम्बित हैं? (घ) प्रश्नांकित पीड़ित कितनी महिलाओं/युवतियों को कानूनी सहायता दी गई हैं। कितनों का इलाज करवाया गया है एवं कितनों को कितनी राशि की आर्थिक सहायता प्रदान की गई हैं?

गृह मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एवं अनुसार है। उक्त श्रेणी में कुल 36 प्रकरणों में 39 आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई गई। उक्त श्रेणी के न्यायालय के समक्ष कुल 21395 प्रकरण लंबित है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

सामुदायिक भवन का निर्माण

[अनुसूचित जाति कल्याण]

24. ( क्र. 1028 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) अनुसूचित जाति कल्याण मंत्रालय म.प्र. शासन भोपाल द्वारा अनुसूचित जाति बस्ती विकास योजनान्तर्गत स्थायी वित्त समिति की बैठक दिनांक 03/01/2020 में बाई का बगीचा जबलपुर में सामुदायिक भवन का निर्माण हेतु राशि 433 लाख की प्रदान की गई प्रशासकीय स्वीकृति के तहत वर्ष 2018-19 के लिये स्वीकृत राशि 200.00 लाख (दो सौ लाख) में से कितनी-कितनी राशि कब-कब आवंटित की गई है एवं कब से कितनी-कितनी राशि आवंटित नहीं की गई है एवं क्यों? (ख) प्रश्नांकित सामुदायिक भवन का निर्माण हेतु निर्माण एजेंसी ने कब किस एजेंसी/ठेकेदार को कार्यादेश जारी किया है एवं सम्बंधित एजेंसी/ठेकेदार ने कब से कब तक कितना निर्माण कार्य कराया है एवं कब से कितना कार्य अपूर्ण व निर्माणाधीन है एवं क्यों? (ग) प्रश्नांकित निर्माण कार्य से सम्बंधित कब-कब कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया है तथा इससे सम्बंधित बिलों की कितनी राशि का कब से भुगतान नहीं किया गया है एवं क्यों? बकाया राशि का भुगतान करने हेतु क्या प्रयास किये गये एवं कब तक बकाया राशि का भुगतान कर दिया जावेगा? (घ) क्या शासन प्रश्नांकित स्वीकृत सामुदायिक भवन की बकाया राशि का शीघ्र ही आवंटन कर इसका निर्माण कार्य पूर्ण कराना सुनिश्चित करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) विभाग द्वारा बाई का बगीचा सामुदायिक भवन हेतु दिनांक 23.02.2019 को सैद्धांतिक स्‍वीकृति तथा दिनांक 03.01.2020 को आयोजित स्‍थायी वित्‍त समिति की अनुशंसा पर दि. 27.02.2020 को राशि रू. 433.00 लाख की प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी की गई। उक्‍त कार्य के लिए दि. 05.08.2020 को राशि रू. 167.41 लाख तथा दिनांक 26.11.2021 को राशि रू. 150.00 लाख का आवंटन जारी किया गया है। (ख) कार्य एजेंसी परियोजना क्रियान्‍वयन इकाई द्वारा दिनांक 01.07.2019 को श्री भैयाराम यादव, ठेकेदार जबलपुर को कार्य आदेश जारी किया गया है। कार्य आदेश से जून 2021 तक 45 प्रतिशत कार्य पूर्ण कराया गया है तथा 55 प्रतिशत कार्य निर्माणाधीन है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) आवश्‍यकतानुसार आवंटन जारी किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "सोलह"

अनुसूचित क्षेत्र में स्थित नर्सिंग संस्थाओं को मान्यता

[चिकित्सा शिक्षा]

25. ( क्र. 1035 ) श्री विनय सक्सेना : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नर्सिंग शिक्षण संस्था मान्यता नियम 2018 के अंतर्गत अनुसूचित क्षेत्र में स्थापित होने वाली नवीन नर्सिंग शिक्षण संस्थाओं हेतु स्वयं के 100 बिस्तरीय अस्पताल होने की आवश्यक शर्त से छूट प्रदान की जाती है? यदि हाँ, तो अनुसूचित क्षेत्र में प्रदेश के कौन-कौन से स्थान सम्मिलित हैं? संबंधित अधिसूचना की प्रति पटल पर रखें। (ख) सत्र 2020-21 में नर्सेस रजिस्ट्रेशन कौंसिल द्वारा कौन-कौन सी नवीन नर्सिंग संस्थाओं को अनुसूचित क्षेत्र में स्थापित संस्था मान्य करते हुए मान्यता दी गयी है? उक्त सभी संस्थाओं के स्थानवार नाम पते बतावें तथा उनके द्वारा कौंसिल के समक्ष मान्यता प्राप्ति हेतु प्रस्तुत आवेदन मय समस्त संलग्‍नक, मान्यता देने की प्रकिया की सम्पूर्ण नस्ती, निरीक्षण रिपोर्ट आदि की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ग) नर्सेस रजिस्ट्रेशन कौंसिल को विगत दो वर्षों में नर्सिंग संस्थाओं से संबंधित मान्यता में अनियमितता आदि सहित समस्त प्रकार की कौन-कौन सी शिकायतें प्राप्त हुई हैं? उनके संबंध में की गयी जांच की रिपोर्ट तथा अन्य कार्यवाही की जानकारी शिकायतवार उपलब्ध करावें। (घ) वर्ष 2020-21 में मान्यता प्राप्त करने वाली कौन-कौन सी संस्थाओं को तथा किन-किन कारणों से मान्यता समाप्त करने का नोटिस दिया गया तथा संबंधित संस्थाओं द्वारा उनके क्या-क्या उत्तर दिए गये? सभी अभिलेख उपलब्‍ध करावें।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। अनुसूचित क्षेत्र में सम्‍मलित स्‍थानों की जानकारी तथा अधिसूचना की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-1 अनुसार। (ख) सत्र 2020-21 में अनुसूचित क्षेत्र में कुल 55 नर्सिंग संस्‍थाओं को मान्‍यता प्रदाय की गयी हैं। उक्‍त संस्‍थाओं की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-2 अनुसार। (ग) नर्सेस रजिस्‍ट्रेशन कौंसिल को विगत दो वर्षों में नर्सिग संस्‍थाओं से संबंधित कुल 11 शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं, जिस पर कार्यवाही प्रचलन में है, जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-3 अनुसार। (घ) वर्ष 2020-21 में मान्‍यता प्राप्‍त करने वाली कुल 20 संस्‍थाओं को नोटिस जारी किया गया, जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-4 अनुसार तथा संस्‍थाओं द्वारा दिये गये उत्‍तर की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-5 अनुसार।

प्रदेश सरकार द्वारा सूदखोरी नियंत्रण हेतु उठाये गये कदम

[गृह]

26. ( क्र. 1036 ) श्री विनय सक्सेना : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश सरकार द्वारा सूदखोरी से निपटने हेतु क्या-क्या उपाय व कदम उठाये गये हैं, साहूकारी के क्या नियम हैं, लायसेंसी साहूकारों द्वारा अधिकतम वसूल किये जा सकने वाले ब्याज की सीमा क्या है? (ख) विगत 1 वर्ष में जिलेवार कितने-कितने प्रकरणों में क्या-क्या प्रभावी कार्यवाहियाँ की गयी हैं? (ग) सूदखोरी की चपेट में आकर विगत 1 वर्ष में कितने-कितने पीड़ितों द्वारा आत्मघाती कदम उठाये गये हैं? जिलेवार बतावें। (घ) गत 1 वर्ष में जबलपुर जिले में सूदखोरी से पीड़ितों की कितनी शिकायतें प्राप्त हुई हैं उन पर क्या-क्या कार्यवाही की गयी है?

गृह मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

इन्दौर संभाग के आदिवासी छात्रों को केन्‍द्र से छात्रवृत्ति की राशि प्राप्त न होना

[जनजातीय कार्य]

27. ( क्र. 1045 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या यह सच है कि इन्दौर संभाग के आदिवासी छात्रों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति की राशि केंद्र सरकार से न मिलने के कारण नहीं दी जा सकी है , विवरण देवें। (ख) यदि हाँ, तो प्रश्न दिनांक तक कितने आदिवासी छात्रों की कितनी छात्रवृत्ति की राशि केंद्र से प्राप्त नहीं हुई है? (ग) उपरोक्त छात्रवृत्ति की राशि केंद्र से प्राप्त नहीं होने का क्या कारण है? (घ) क्या राज्य सरकार द्वारा आदिवासी छात्रों की छात्रवृत्ति के लिए केंद्र को प्रस्ताव विलम्ब से भेजने के कारण केन्द्र से राशि नहीं मिली है?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) केन्‍द्र सरकार से प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति कक्षा 9वीं, 10वीं की राशि एवं पोस्‍ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की राशि (केन्‍द्रांश) प्राप्‍त हो चुकी है। लंबित छात्रवृत्ति की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे प्रपत्र 1-7 अनुसार है। छात्रवृत्ति वितरण की कार्यवाही प्रचलित है। (ख) से (घ) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

उच्‍च स्‍तरीय जांच कराकर संबंधित पर कार्यवाही

[गृह]

28. ( क्र. 1048 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सतना जिले के चित्रकूट अंतर्गत थाना नया गांव में सिद्धार्थ केसरवानी पिता प्रमोद कुमार गुप्‍ता निवासी जिला शहडोल की हत्‍या कर लाश रामघाट में नदी के अंदर फेंकी गई थी, लाश निकालने पर मृतक के शरीर में चोट के निशान पाए गए थे लेकिन अपराध पंजीबद्ध कर अपराधियों को खोज क्‍यों नहीं की गई? इस पर क्‍या निर्देश जारी करेंगे? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में मृतक रवि माला सिंह निवासी चित्रकूट के मकान में रहकर मृत‍क पढ़ाई कर रहा था मकान मालिक के साथ अन्‍य संदेहियों से पुलिस द्वारा कब-कब पूछताछ की गई, का विवरण देते हुए बतावें कि इस प्रकरण में उच्‍च स्‍तरीय जांच कराकर अपराधियों पर अपराध पंजीबद्ध करावेंगे तो कब तक? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) की तरह ही रीवा जिले के थाना जनेह अंतर्गत सूती रेस्‍ट हाउस में काम करते समय श्रमिक रमेश कोल की उपर से गिरने व चोट लगने से मृत्‍यु हो गई जिस पर जल संसाधन विभाग के एसडीओ के साथ अन्‍य जिम्‍मेदारों पर गैर इरादतन हत्‍या का अपराध पंजीबद्ध क्‍यों नहीं किया गया? जबकि कई बार मृतक के घर वालों द्वारा पुलिस अधीक्षक रीवा को आवेदन देकर अपराध पंजीबद्ध करने का अनुरोध किया गया? इस पर क्‍या निर्देश जारी करेंगे? (घ) प्रश्नांश (ग) की तरह ही अशोक पिता दशरथ कोल ग्राम चौरीदाड़ी थाना अतरैला जिला रीवा की हत्‍या कर लाश को लटका कर फांसी लगाने का रूप प्रदान किया गया एवं हत्‍यारे आज भी पुलिस व अपराध से वंचित है, इस पर जांच कराकर अपराधियों के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कब तक करावेंगें जबकि कई बार परिजनों द्वारा पुलिस अधीक्षक रीवा को आवेदन देकर कार्यवाही की मांग की गई लेकिन कार्यवाही अपेक्षित है क्‍यों? (ड.) प्रश्नांश (क), (ख), (ग) एवं (घ) से संबंधित प्रकरणों की उच्‍च स्‍तरीय जांच कराकर अपराधियों की खोज उपरांत कब तक अपराध पंजीबद्ध करावेंगे बतायें? अगर नहीं तो क्‍यों?

गृह मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी नहीं। मर्ग जांच में यह पाया गया कि मृतक सिद्धार्थ केसरवानी निवासी ब्यौहरी की मृत्यु पानी में डूबने एवं श्वास अवरूद्ध हो जाने के कारण हुई है। मर्ग जांच में कोई अपराध घटित होना नहीं पाये जाने से जांच नस्तीबद्ध की गई है। (ख) मृतक के मकान मालिक श्रीमती रवि माला सिंह पत्नी श्री विनोद सिंह से दिनांक 10.09.2019 को मृतक के संबंध में पूछताछ कर कथन लेख किए गए थे। मर्ग जांच पूर्ण हो चुकी है, अतः प्रकरण में उच्चस्तरीय जांच कराने की आवश्यकता नहीं है। (ग) सूती रेस्ट हाउस में काम करते समय श्रमिक रमेश कोल की ऊपर से गिरने व चोट लगने से ईलाज के दौरान मृत्यु होने पर मर्ग क्रमांक 01/21 थाना जनेह का पंजीबद्ध कर जांच की गईं। जांच में किसी भी प्रकार के अपराध का घटित होना नहीं पाया जाने से मर्ग जांच नस्तीबद्ध की गई। मृतक की पत्नी श्रीमती मनीषा कोल के आवेदन पत्र की जांच एस.डी.ओ.पी. मनगवां द्वारा की गई, जिसमें मृतक के मृत्यु के संबंध में लगाये गये आरोप प्रमाणित नहीं पाये गये। (घ) मृतक अशोक कोल का शव दिनांक 08.06.2021 को ग्राम चौरीडाडी के लतार पहाड़ के एक पेड़ पर गमछे से लटका पाये जाने की सूचना पर मर्ग क्र0 13/21 थाना अतरैला में पंजीबद्ध कर जांच में लिया गया। मर्ग जांच जारी है। जांच में आये साक्ष्य के आधार पर विधिसम्मत कार्यवाही की जावेगी। (ड.) प्रश्‍नांश एवं के प्रकरणों में मर्ग जांच की गई, जिनमें कोई अपराध घटित होना नहीं पाया गया है। प्रश्‍नांश के मर्ग जांच जारी है। जांच में आये तथ्यों के आधार पर विधिसम्मत कार्यवाही की जावेगी।

राशि के गबन पर कार्यवाही

[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]

29. ( क्र. 1049 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सामाजिक न्‍याय व नि:शक्‍त जनकल्‍याण विभाग द्वारा कौन-कौन सी योजनाएं संचालित की गई हैं, की प्रति देते हुए बतावें कि जिला शहडोल व रीवा में वर्ष 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक के दौरान किन-किन योजनाओं से कितने हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया का विवरण देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में संचालित योजनाओं बाबत् जिला शहडोल एवं रीवा को वर्ष 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक में किन-किन योजनाओं हेतु कितनी-कितनी राशि शासन द्वारा प्रदान की गई, का विवरण देते हुए व्‍यय की स्थिति क्‍या है? यह भी पृथक-पृथक योजनावार बतावें। (ग) प्रश्नांश (क), (ख) अनुसार कार्यवाही कर पात्र लोगों को लाभान्वित नहीं किया गया, संचालित योजनाएं प्रभावित हुईं, राशि का व्‍यय कर वा‍स्‍तविक पात्र लोगों को लाभ नहीं दिया गया या फर्जी बिल वाउचर तैयार कर राशि आहरित कर ली गई तो इनकी जांच कराकर दोषियों पर क्‍या कार्यवाही करेंगे? अगर नहीं तो क्‍यों?

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार। जिला शहडोल एवं रीवा में वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक के दौरान विभिन्‍न योजनाओं में लाभांवित हितग्राहियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार। (ग) संचालित योजनाओं में पात्र हितग्राहियों को ही लाभांवित किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना हेतु प्राप्‍त राशि

[जनजातीय कार्य]

30. ( क्र. 1054 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्र. 3606 दिनांक 08.03.2021 के खण्ड (क) के संदर्भ वर्ष 2018-19 से 2019-20 तक जिले में जो 91 कार्य लंबित है ये सारे कार्य की प्रारंभिक लागत राशि क्या थी कितनी राशि का कार्य हो चुका है तथा कितनी राशि का कार्य होना शेष है? (ख) एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना हेतु वर्ष 2018-19 से 2020-21 तक कुल कितनी कितनी राशि प्राप्त हुई तथा धार जिले में कुल कितनी राशि प्रदान की गई प्रश्नाधीन 91 कार्य अन्य योजना में क्यो नहीं पूर्ण किये गये तथा इन्हें कब तक पूर्ण किया जायेगा? (ग) प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्र. 3606 दिनांक 08.03.2021 के आयुक्त आदिवासी विकास के पत्र दिनांक 24.02.2021 के प्रस्ताव को कार्यपालिक समिति के समक्ष किस दिनांक को रखा गया, गया, क्या कार्यपालक समिति को प्रस्ताव निरस्त करने या लंबित करने का अधिकार है। (घ) अनुच्छेद 275 (1) के तहत वर्ष 2018-19 से नवम्बर 2021 तक कितनी राशि वर्षवार प्राप्त हुई तथा वह राशि धार जिले में किस-किस विकास कार्य के लिये खर्च की गई विवरण देवें।

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट 'एक' अनुसार है। (ख) भारत सरकार से प्राप्‍त राशि का विवरण निम्‍नानुसार है :- (राशि रू. लाख में)

मद

2018-19

2019-20

2020-21

संविधान के अनुच्‍छेद 275 (1)

24635.30

44938.92

4279.78

विशेष केन्‍द्रीय सहायता

16968.97

13415.25

0.00

धार जिले को प्रदाय राशि के विवरण की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट 'दो' अनुसार है। प्रश्‍नाधीन 91 कार्य संविधान के अनुच्‍छेद 275 (1) मद अंतर्गत स्‍वीकृत होने के कारण अन्‍य योजना में पूर्ण किये जाने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) आयुक्‍त आदिवासी विकास के पत्र दिनांक 24-02-2021 के प्रस्‍तावों को कार्यपालन समिति की बैठक में वर्तमान में नहीं रखा गया है। जी हाँ। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट 'तीन' अनुसार है।

अ.ज.जा. बस्‍ती योजना की जानकारी

[जनजातीय कार्य]

31. ( क्र. 1068 ) सुश्री चंद्रभागा किराड़े : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बड़वानी जिले के अ.ज.जा. बस्‍ती योजना के तहत वर्ष 1 अप्रैल 2018 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक कितने कार्य स्‍वीकृत किये गये? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में स्‍वीकृत कार्यों में से कितने कार्य पूर्ण हो चुके हैं? कितने कार्य अधूरे हैं? (ग) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में जिले के अधिकारी या मुख्‍य कार्यपालन अधिकारियों द्वारा कार्य का निरीक्षण किया गया? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) 1 अप्रैल 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक बड़वानी जिले की चारों विधान सभाओं को कितनी-कितनी राशि स्‍वीकृत की गई?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में दर्ज प्रकरण

[गृह]

32. ( क्र. 1070 ) श्री हर्ष विजय गेहलोत : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह सही है कि व्यापम ने एसटीएफ को पत्र लिखकर पीएमटी 2008 से 2011 में फर्जीवाड़ा करने वाले विद्यार्थियों की सूची भेजकर प्रकरण दर्ज करने का अनुरोध किया था। यदि हाँ, तो प्रकरण कब दर्ज किया गया प्रकरण क्रमांक तथा दिनांक बतावें तथा एफ.आई.आर. बतावें। (ख) वर्ष 2015 से नवम्बर 2021 तक व्यापम /पीईबी द्वारा आयोजित परीक्षाओं में फर्जीवाड़े के कितने कितने प्रकरण दर्ज किये गये, प्रकरण क्रमांक, दिनांक सहित विवरण तथा एफ.आई.आर. बतावें। (ग) क्या प्रश्नांश (क) में उल्लेखित 2008 से 2011 में फर्जीवाड़े वाले संलिप्तता पाये गये अभ्यर्थि‍यों की सूची विभाग को प्राप्त हुई या नहीं यदि प्राप्त हुई तो उसकी जानकारी देवें? (घ) क्या राज्य पी.एस.सी. द्वारा आयोजित परीक्षा में वर्ष 2006 से 2021 के मध्य कोई प्रकरण दर्ज किया गया है यदि हाँ, तो विवरण बतावें।

गृह मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। पी.एम.टी. परीक्षा 2008-2011 के अभ्यर्थियों के संबंध में म.प्र. शासन के पत्र क्रं.1277/सीएमएस/पीआरएस/2019 भोपाल दिनांक 01.08.2019 के परिपालन में तथा अन्य सुसंगत साक्ष्य के अभाव में नस्तीबद्ध की कार्यवाही की जा चुकी है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। (ग) जी हाँ। व्यापम से प्राप्त अभ्यार्थियों की जानकारी की प्रतियां पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ में समा‍हित है(घ) जी हाँ। म.प्र. लोकसेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा के संबंध में दर्ज प्रकरणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार

पात्र दिव्‍यांगजनों को पेंशन व सहायता उपकरण का प्रदाय

[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]

33. ( क्र. 1074 ) श्री रविन्‍द्र सिंह तोमर भिड़ौसा : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश सरकार द्वारा दिव्‍यांगता को कितनी श्रेणि‍यों में विभाजित किया गया है? दिव्‍यांगता के कितन-कितने प्रतिशत पर विभिन्‍न शासकीय लाभ प्रदान किये जाते हैं? (ख) जिला मुरैना की विधानसभा क्षेत्र दिमनी में किस-किस श्रेणी के कितने-कितने दिव्‍यांग हैं? (ग) क्‍या प्रदेश में सामाजिक न्‍याय एवं निशक्‍त: जन कल्‍याण विभाग द्वारा पैरों से 80% दिव्‍यांग होने पर ही ट्राइसिकिल (बैटरी चलित रिक्‍शा) उपलब्‍ध कराई जाती है? अगर कोई दिव्‍यांग पैरों से 75% दिव्‍यांग है, तो उसे ट्राइसिकिल नहीं दी जाती है जबकि दिव्‍यांगजनों को पैरो से 60% दिव्‍यांग होने पर ट्राइसिकिल दिया जाना चाहिए? क्‍या 60% दिव्‍यांग होने पर ट्राइसिकिल दिये जाने के संबंध में विभाग द्वारा कोई कार्यवाही की जा रही है? अगर हाँ, तो कब तक, नहीं तो क्‍यों?

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 अनुसार विनिर्दिष्ट दिव्यांगताओं की अनुसूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता का सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र होने पर विभिन्न शासकीय योजनाओं का पात्रतानुसार लाभ प्रदाय किया जाता है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार। (ग) नि:शक्त‍ शिक्षा प्रोत्साहन योजना अंतर्गत विद्यालय/महाविद्यालय में नियमित रूप से अध्ययनरत अस्थिबाधित (शरीर का निचला भाग प्रभावित होने से चलने में अक्षम, न्यूनतम 60 प्रतिशत चलित दिव्यांगता) होने पर दिव्यांगजनों को कक्षा 10वीं में प्रथम बार प्रवेश लेने पर अथवा स्नातक में प्रवेश लेने पर, एक ही बार (बैटरी चलित) मोट्रेट ट्रायसिकल दिये जाने का प्रावधान है। उक्त प्रावधान के अनुसार कार्यवाही की जाती है।

जिला मुरैना में मेडिकल कॉलेज खोलना

[चिकित्सा शिक्षा]

34. ( क्र. 1076 ) श्री रविन्‍द्र सिंह तोमर भिड़ौसा : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में कुल कितने चिकित्सा महाविद्यालय कहाँ-कहाँ पर कब से संचालित है, इनमें कितनी-कितनी सीटें किस-किस श्रेणी की है? सूची देवें। (ख) जिला मुरैना में चिकित्सा शिक्षा हेतु चिकित्सा महाविद्यालय न होने से छात्र-छात्राओं को प्रदेश के अन्य जिलों में शिक्षाग्रहण करने जाना पड़ता है, चिकित्सा शिक्षा हेतु चिकित्सा महाविधालय खोलने की मांग जन प्रतिनिधियों एवं छात्र-छात्राओं द्वारा निरंतर की जा रही है। क्‍या जिला मुरैना में चिकित्सा महाविद्यालय खोलने के संबंध में सरकार कोई विचार कर रही है? अगर हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। जी हाँ। जी हाँ भारत शासन द्वारा CSS योजना अन्‍तर्गत मुरैना में चिकित्‍सा महाविद्यालय खोले जाने हेतु शासन द्वारा भेजे गये प्रस्‍ताव पर भारत शासन से स्‍वीकृति प्राप्‍त होने पर आगामी कार्यवाही की जायेगी, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

ऐसोटेक सी.पी. इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर के विरूद्ध प्राप्‍त शिकायत पर कार्यवाही

[गृह]

35. ( क्र. 1080 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्‍वालियर पूर्व विधान सभा स्थित विन्‍डसर हिल्‍स टाउनशिप परिवार उत्‍थान एवं सांस्‍कृतिक समिति ग्‍वालियर द्वारा दिनांक 07.07.2021 को टाउनशिप ऐसोटेक सी.पी. इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर (नोएडा उ.प्र.) के संचालकों द्वारा अमानत में खयानत एवं धोखाधड़ी की शिकायत, ज्ञापन, पुलिस अधीक्षक ग्‍वालियर को दिया गया था? उस पर अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) क्‍या शिकायत में कम्‍पनी द्वारा विद्युत मद में करीब एक करोड़ से भी अधिक एवं क्‍लब हाउस की सदस्‍यता की फीस के रूप में सत्‍तर लाख से भी अधिक राशि वसूली कर, गबन कर लिया है पर कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? जानकारी दी जावे? (ग) विन्‍डर हिल्‍स टाउनशिप के आवासीय उपभोक्‍ताओं से विभिन्‍न मदों में करीब दस करोड़ की राशि जिसे टाउनशिप के रख-रखाव पर खर्च की जानी चाहिये लेकिन बिल्‍डर द्वारा गबन, धोखाधड़ी कर राशि काे निजी उपयोग में खर्च कर लिया है जिसकी शिकायत भी की गई है उस पर अभी तक कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? कार्यवाही कब तक कर ली जावेगी?

गृह मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) जी हाँ। प्रश्नांतर्गत तथ्यों के संबंध में पुलिस अधीक्षक ग्वालियर ने शिकायत जांच में कार्यवाही रेरा में प्रचलित होना पाया है। अब तक की जांच में कार्यवाही रेरा में प्रचलित होना पाया है। अब तक की जांच में पुलिस हस्‍तक्षेप योग्‍य संज्ञेय अपराध घटित होना नहीं पाया गया।

नक्‍सल उन्‍मूलन हेतु प्रभावी कार्य योजना

[गृह]

36. ( क्र. 1093 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) एल.डब्‍ल्‍यू.ई योजना मे नक्‍सल क्षेत्रों में विद्युतीकरण, नये पावर स्‍टेशन बनाने तथा नक्‍सल उन्‍मूलन की दृष्टि से मोबाईल टावर तथा अन्‍य संचार के साधन तथा वन क्षेत्रों में सिंचाई के साधन तथा परम्परागत खेती के अलावा फलों तथा फूलों की खेती तथा पशु पालन की दृष्टि से रोजगार उपलब्‍ध कराने संबंधी प्रस्‍ताव क्‍या म.प्र.शासन केन्‍द्र सरकार गृह मंत्रालय को भेजेगा? (ख) नक्‍सल उन्‍मूलन की दृष्टि से क्‍या शासन पुलिस आरक्षकों की भर्ती में स्‍थानीय युवाओं को ही अवसर देने संबंधी प्रस्‍ताव पर विचार कर भर्ति‍यां करेगा, क्‍योंकि स्‍थानीय युवाओं से नक्‍सली क्षेत्रों में काम करवाना ज्‍यादा आसान होगा? (ग) क्‍या शासन नक्‍सल प्रभावित जिले बालाघाट के लोगों से पेट्रोल, डीजल इत्‍यादि‍ में अतिरिक्‍त कर वसूलती है? यदि हाँ, तो वस्‍तुओं तथा अतिरिक्‍त लिये जाने वाले करों की विस्‍तृत जानकारी दें।

गृह मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। एल.डब्‍ल्‍यु.ई. योजनांतर्गत फेज-1 में प्रस्‍तावित कुल 22 साईटों में से बी.एस.एन.एल. द्वारा सभी 22 टॉवरों को स्‍थापित किया जा चुका है। फेज-2 में 23 साईट के प्रस्‍ताव भारत सरकार को भेजे गए हैं। वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्‍ताव प्रचलन में नहीं है। (ख) वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्‍ताव प्रचलन में नहीं है। (ग) जी नहीं।

जनजातीय छात्रों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति

[जनजातीय कार्य]

37. ( क्र. 1099 ) श्री रामलाल मालवीय : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या प्रदेश के आदिवासी छात्रों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति की राशि केंद्र सरकार से न मिलने के कारण नहीं दी जा सकी है? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्न दिनांक तक कितने आदिवासी छात्रों की कितनी छात्रवृत्ति की राशि केंद्र से प्राप्त नहीं हुई है? (ग) उपरोक्त छात्रवृत्ति की राशि केद्र से प्राप्त नहीं होने का क्या कारण है? (घ) क्या राज्य सरकार द्वारा आदिवासी छात्रों की छात्रवृत्ति के लिए केंद्र को प्रस्ताव विलम्ब से भेजने के कारण केन्द्र से राशि नहीं मिली है?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जी नहीं। (ख) से (घ) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

उज्जैन शहर में अपात्र को शासकीय आवास का आवंटन

[गृह]

38. ( क्र. 1100 ) श्री रामलाल मालवीय : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2018 में किस-किस कर्मचारी को ई.डब्ल्यू.एस. शास.आवास का आवंटन संशोधित किया जाकर एल.आई.जी. शास. आवास आवंटित किया गया है? अपात्रों को शास.आवास के आवंटन की क्या आवश्यकता पड़ी कि नियम विरूद्ध शास.आवास का आवंटन करना पड़ा? (ख) विधानसभा प्रश्न क्र. 193 तारांकित दिनांक 09.08.2021 के प्रस्तुत उत्तर (क) में यह स्वीकार किया गया है कि चर्तुथ श्रेणी कर्मचारी एल.आई.जी. आवास के पात्र नहीं है फिर भी अपात्र का शास.आवास का आवंटन निरस्त नहीं किया गया है। प्रस्तुत उत्तर अनुसार समय-समय पर प्रशासकीय दृष्टिकोण से तत्कालिक आवश्यकता एवं आवास उपलब्धता को दृष्टिगत रखते हुए चर्तुथ श्रेणी कर्मचारियों को एलआईजी आवास आवंटित किये है ऐसी क्या आवश्यकता आ गई कि चर्तुथ श्रेणी कर्मचारी को आवंटित ई.डब्ल्यू.एस. आवास का आवंटन संशोधित किया जाकर अपात्र को एल.आई.जी.आवास आवंटित किया गया? (ग) क्या अपात्र चर्तुथ श्रेणी कर्मचारी को आवंटित एल.आई.जी. शासकीय आवास का आवंटन शीघ्र निरस्त किया जाकर पात्रता अनुसार ई.डब्ल्यू.एस. शास. आवास का आवंटन किया जावेगा? यदि नहीं तो क्यों? वर्तमान में कौन-कौन से ई.डब्ल्यू.एस. शासकीय आवास रिक्त हैं?

गृह मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। वर्ष 2018 में कार्यालयीन आवंटन आदेश क्रमांक 6847/आवास/2018 उज्जैन दिनांक 31.07.2018 से श्री पृथ्वीराज राणा, भृत्य, कलेक्टर कार्यालय, उज्जैन को शासकीय आवास गृह क्रमांक एल.आई.जी. 93 मुनिनगर, उज्जैन आवंटित किया गया है। शासकीय आवास आवंटन नियम अन्तर्गत एल.आई.जी, वर्गीकरण में एल.आई.जी. (निम्न आय वर्ग हेतु) एवं ई.डब्ल्यू.एस.. (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग हेतु) का पृथक से कोई वर्गीकरण अथवा श्रेणीकरण नहीं किया गया है। (ख), (क) अनुसार। (ग) जी नहीं। शासकीय आवास आवंटन नियम अन्तर्गत एल.आई.जी. वर्गीकरण में एल.आई.जी.. (निम्न आय वर्ग हेतु) एवं ई.डब्ल्यू.एस.. (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग हेतु) का पृथक से कोई वर्गीकरण अथवा श्रेणीकरण नहीं किया गया है। वर्तमान में ई.डब्ल्यू.एस. श्रेणी के क्रमांक 36, 40, 46 (कुल 03) आवास गृह रिक्त है, एवं उक्त आवास गृहों का आवंटन नियमानुसार किया जावेगा। अनुविभागीय अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, भ/प, उज्जैन के पत्र क्रमांक 284/त.शा./21-22 दिनांक 28.10.2021 के द्वारा ई.डब्ल्यू.एस. श्रेणी के क्रमांक 26, 27,29,30,31,32 (कुल 06) आवास गृह जीर्ण-शीर्ण होने से आवंटित नहीं किया गया है।

ग्वालियर स्थित विन्डसर हिल्स टाउनशिप पर खर्च राशि में धोखाधड़ी

[गृह]

39. ( क्र. 1101 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर पूर्व विधानसभा स्थिति विन्डसर हिल्स टाउनशिप परिवार उत्थान एवं सांस्कृतिक समिति ग्वालियर द्वारा दिनांक 07.07.2021 को टाउनशिप ऐसोटेक सी.पी. इन्फ्रास्ट्रक्चर (नोएडा.उ.प्र.) के संचालकों द्वारा अमानत में खयानत एवं धोखाधड़ी की शिकायत, ज्ञापन, पुलिस अधीक्षक ग्वालियर को दिया गया था, उस पर अभी तक क्या कार्यवाही की गई? बतावें। (ख) क्या यह भी सही है शिकायत में कम्पनी द्वारा विद्युत मद में करीब एक करोड़ से भी अधिक एवं क्लब हाउस की सदस्यता की फीस के रूप में सत्तर लाख से भी अधिक राशि वसूली कर, गबन कर लिया है पर कार्यवाही क्यों नहीं की गई? बतावें। (ग) विन्डर हिल्स टाउनशिप के आवासीय उपभोक्ताओं से विभिन्न मदों में करीब दस करोड़ की राशि जिसे टाउनशिप के रख-रखाव पर खर्च की जानी चाहिये लेकिन बिल्डर द्वारा गबन, धोखाधड़ी कर राशि को निजी उपयोग में खर्च कर लिया है, जिसकी शिकायत भी की गई है, उस पर अभी तक कार्यवाही क्यों नहीं की गई? कार्यवाही कब तक कर ली जावेगी? बतावें।

गृह मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) जी हाँ। प्रश्नांतर्गत तथ्यों के संबंध में पुलिस अधीक्षक ग्वालियर ने शिकायत जांच में कार्यवाही रेरा में प्रचलित होना पाया है। अब तक की जांच में पुलिस हस्तक्षेप योग्य संज्ञेय अपराध घटित होना नहीं पाया गया।

सिविल न्यायालय की स्वीकृति

[विधि एवं विधायी कार्य]

40. ( क्र. 1105 ) श्री अर्जुन सिंह काकोडि़या : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे किविधानसभा बरघाट क्रमांक 114 में सिविल न्यायालय को लेकर लगातार आम जनमानस की मांग है, इसे लेकर प्रश्‍नकर्ता द्वारा ज्ञापन एवं पत्र के माध्यम से कार्यवाही की मांग की गई है। यदि हाँ, तो कब तक सिविल न्यायालय की स्वीकृति बरघाट मुख्यालय में होगी?

गृह मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : जी हाँ। माननीय उच्‍च न्‍यायालय की प्रशासनिक कमेटी द्वारा बरघाट जिला सिवनी में सिविल न्‍यायालय स्‍थापना की मांग अस्‍वीकार कर दी गई है। सिविल न्‍यायालय की स्‍वीकृति कब तक कर दी जावेगी के संबंध में निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।

जिला संयोजक मुरैना द्वारा की गई अनियमितताओं की जांच

[अनुसूचित जाति कल्याण]

41. ( क्र. 1116 ) श्री सूबेदार सिंह सिकरवार रजौधा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विभाग के अन्तर्गत आने वाली अन्तव्यवसायी शाखा जिला मुरैना में वर्ष 2015-16 से प्रश्न दिनांक तक कितनी राशि का आवंटन किया गया एवं आवंटन विरूद्ध व्यय राशि लाभान्वित हितग्राहियों के नामों सहित विवरण बतावें। (ख) क्या यह सही है कि अनुसूचित जाति के गरीब लोगों को व्यवसाय हेतु ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से फरवरी 2018 में शासन द्वारा करोड़ों रूपये इस विभाग के जिला मुखिया जिला संयोजक के खाते में डाले गये थे? क्या इस सम्बंध में भ्रष्टाचार अनियमितता की शिकायतें जिला संयोजक के विरूद्ध विभाग को प्राप्त हुई थी? यदि हाँ, तो उन शिकायतों का निराकरण का विवरण बतावें। (ग) क्या यह सही है कि नियंत्रण व भुगतान अधिकारी जिला संयोजक के द्वारा करोड़ों रूपये की राशि के अपात्र लोगों को चेक जारी कर दिये गये थे यदि हाँ, तो उन पर क्या कार्यवाही की गयी? (घ) जिला संयोजक मुकेश पालीवाल के विरूद्ध मुरैना पदस्ती कार्यकाल में कितनी शिकायतें किस-किस शिकायतकर्ता द्वारा प्राप्त हुई? कितनों का निराकरण कर दिया गया? और कितनी जांच प्रक्रियाधीन है? (ड.) क्या यह सही कि भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध होने या स्पष्ट प्रतीत होने के बावजूद भी जिला संयोजक पर कोई दण्डात्मक कार्यवाही नहीं की गयी है ऐसा क्यों? क्या भ्रष्टाचार पर कोई जांच संस्थित कर कार्यवाही की जावेगी?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) निगम के अधीनस्‍थ जिला अंत्‍यावसायी, मुरैना में वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक राशि रू. 8,00,13,700/- का आवंटन प्राप्‍त हुआ एवं आवंटन के विरूद्ध रू. 9,27,87,933/- की अनुदान राशि विभिन्‍न बैंकों को जारी की जाकर 1159 हितग्राहियों को लाभान्वित कराया गया। लाभान्वित हितग्राहियों के नामों सहित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट एक अनुसार है। (ख) जी नहीं। अनुसूचित जाति के बेरोजगारों को स्‍वरोजगार स्‍थापित कराने हेतु बैंक ऋण के विरूद्ध दी जाने वाली अनुदान राशि का आवंटन निगम द्वारा जिला अंत्‍यावसायी सहकारी विकास समिति के बचत खाते में आर.टी.जी.एस. के माध्‍यम से जमा कराया जाता है। जिला संयोजक के खाते में राशि डाले जाने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। इस संबंध में जिला संयोजक के विरूद्ध भ्रष्‍टाचार/अनियमितता संबंधी कोई भी शिकायत निगम को प्राप्‍त नहीं हुई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। (घ) कार्यालय आयुक्‍त, अनुसूचित जाति विकास से प्राप्‍त 01 शिकायत पर आयुक्‍त, अनुसूचित जाति विकास के कार्यालयीन पत्र क्रमांक 492 दिनांक 06.12.2021 द्वारा कलेक्‍टर, मुरैना से प्रतिवेदन चाहा गया है एवं कार्यालय आयुक्‍त, जनजातीय कार्य विकास में प्राप्‍त शिकायतों एवं कृत कार्यवाही की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट दो अनुसार है। (ड.) प्राप्‍त शिकायतों पर कलेक्‍टर, मुरैना से जांच प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर निष्‍कर्ष के आधार पर कार्यवाही की जायेगी। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

पशुपालन प्रशिक्षण के कार्यक्रम

[पशुपालन एवं डेयरी]

42. ( क्र. 1118 ) श्री सूबेदार सिंह सिकरवार रजौधा : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना जिले के अंतर्गत पशुपालन विभाग को विभिन्न योजनावार कितने हितग्राहियों को विगत 5 वर्षों से प्रश्न दिनांक तक प्रशिक्षण दिया गया हितग्राहियों के नाम सहित विस्तृत विवरण देवें। (ख) प्रश्नांक (क) के संदर्भ में कितने हितग्राही सामान्य वर्ग के कितने हितग्राही आरक्षित वर्ग के लाभान्वित हुए? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में विभाग द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम कब-कब, कहाँ-कहाँ आयोजित किये गये प्रशिक्षण कार्यक्रम में वर्ष अनुसार विभागीय योजनाओं अन्तर्गत व्यय राशि का विवरण बतावें।

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '''' अनुसार है। (ख) सामान्‍य वर्ग-54, अन्‍य पिछड़ा वर्ग-19 अनुसूचित जाति-19 कुल 92 हितग्राहियों को लाभांवित किया गया है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '''' अनुसार है।

विपणन सहकारी संस्था भिण्ड में दाल मील की स्थापना

[सहकारिता]

43. ( क्र. 1122 ) श्री संजीव सिंह : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विपणन सहकारी संस्था मर्यादित भिण्ड में दाल मील की स्थापना किस वर्ष, कितनी लागत से, कितनी राशि से, कितनी प्रति घंटा क्षमता से की गई थी? (ख) क्या दाल मील बिक्री किया गया है? क्या बिक्री करते समय संभाग स्तर के समाचार पत्रों में बिक्री हेतु निविदा जारी की गई? क्या सक्षम अधिकारी द्वारा बिक्री की स्वीकृति ली गई? अथवा कितनी राशि में विक्रय किया गया? यदि नहीं किया गया तो इसके लिए कौन दोषी है? उक्त दोषी के विरूद्ध क्या कार्यवाही करेंगे?

सहकारिता मंत्री ( डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया ) : (क) दाल मिल स्‍थापना वर्ष 1972-73 में लागत राशि रू. 1,35,330.00, क्षमता 1 टन प्रति घण्‍टा। (ख) जी हां, राज एक्‍सप्रेस ग्‍वालियर समाचार पत्र में दिनांक 15.12.2016 को नीलामी की सूचना प्रकाशित, विक्रय की सक्षम अधिकारी से स्‍वीकृति नहीं ली गई, विक्रय राशि रू. 66,643.00, सक्षम अधिकारी से अनुमति न प्राप्‍त किये जाने हेतु उत्‍तरदायित्‍व का निर्धारण कर दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई हेतु उप आयुक्‍त सहकारिता जिला भिंड को लिखा गया है।

घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू वर्ग के पंचायतों का आयोजन

[विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति कल्याण]

44. ( क्र. 1132 ) श्री मेवाराम जाटव : क्या राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या यह सही है कि दिनांक 31 अगस्‍त 2021 को भोपाल स्थित मुख्‍यमंत्री निवास पर वि‍मुक्‍त घुमक्‍कड़ एवं अर्द्धघुमक्‍कड़ जनजाति वर्ग की पंचायत का आयोजन किया गया था? यदि हाँ, तो इस आयोजन पर किस-किस मद से किस-किस कार्य पर कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई? इस कार्यक्रम में माननीय मुख्‍यमंत्री जी ने इस जनजाति के हितार्थ के लिए कौन-कौन सी घोषणायें की थी, उनमें से कितनी घोषणाओं की पूर्ति कर दी गई है, और कितनी शेष है? इस समुदाय के लोगों द्वारा पंचायत में जातिवार जनसंख्‍या की गणना करने की मांग की गई थी? यदि हाँ, तो इस पर शासन ने अब तक क्‍या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं तो क्‍यों? (ख) उक्‍त पंचायत में 51 चिन्हित जातियों में से किन-किन जातियों के प्रतिनिधि कितनी-कितनी संख्‍या में शामिल हुये थे, उनके नाम एवं पता सहित बतावें। (ग) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में अतारांकित प्रश्‍न क्र. 3812 उत्‍तर दिनांक 8 मार्च 2021 के उत्‍तर में बताया गया था कि इन जातियों के लिए बजट का प्रावधान परम्‍परागत आधार पर किया जाता है एवं इन जनजातियों की गणना के आंकड़ें सरकार के पास नहीं है तो इन जनजातियों का कल्‍याण समुदाय के व्‍यक्तियों के मांग के आधार पर किया जाता है? यदि हाँ, तो इस वर्ष 1 अप्रैल 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक समुदाय के किन-किन जातियों के व्‍यक्तियों ने क्‍या-क्‍या मांग की थी, उसके आधार पर कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई थी? कार्यवार ब्‍यौरा देवें? (घ) उपरोक्‍त अनुसार उक्‍त घुमक्‍क्‍ड़ एवं अर्द्धघुमक्‍कड़ जनजातियां जिनकी संख्‍या 30 है एवं विमुक्‍त ज‍नजातियों की संख्‍या 21 है, क्‍या यह जातियां किसी अन्‍य जातियों में भी सम्मिलित है? यदि हाँ, तो इन 51 चिन्हित जातियों को किस आधार पर किन आदेश / नियम के तहत जन‍जातियों में सम्मिलित किया गया है?

राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्री रामखेलावन पटेल ) : (क) जी हाँ व्‍यय मध्‍यप्रदेश राज्‍य विमुक्‍त घुमक्‍कड़ एवं अर्द्धघुमक्‍कड़ जाति विकास के मद से किया गया। व्‍यय राशि जानकारी एकत्रित की जा रही है। घोषणा की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '''' अनुसार है। क्रियान्‍वयन की कार्यवाही की जा रही है। जी हाँ बजट अभाव में अभी कार्यवाही करना संभव नहीं है। (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) जी हाँ जानकारी एकत्रित की जा रही है। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '''' अनुसार है।

आर.बी.आई. के लायसेंस बिना बैंकिंग कार्य किया जाना

[सहकारिता]

45. ( क्र. 1133 ) श्री मेवाराम जाटव : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या यूनाईटेड क्रेडिट को-ऑपरेटिव्‍ह सोसायटी लि.मि. डबरा जिला ग्‍वालियर एवं द इंदौर सिटीजन साख सहकारी संस्‍था गीता टॉकीज रोड ग्‍वालियर द्वारा आर.बी.आई. के लायसेंस के बिना बैंकिंग कार्य कर अधिक ब्‍याज पर कम समय में राशि दुगनी करने एवं आसान किस्‍तों पर ऋण दिए जाने की लोक लुभावन योजनाओं का लालच देकर भोले-भाले गरीब नागरिकों से करोड़ों रूपयों की राशि जमा कर हड़पे जाने के संबंध में शासन/प्रशासन को वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई? शिकायतकर्ताओं के नाम, पता सहित बताएं। (ख) उक्‍त शिकायतों के संबंध में कब-कब, किस-किस अधिकारी से जांच कराई गई एवं जांच निष्‍कर्षों के आधार पर किस-किस के विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य ध्‍यानाकर्षण सूचना क्र. 33 विधान सभा चर्चा दिनांक 25.02.2021 में माननीय मंत्री जी ने लिखित उत्‍तर में बताया था कि उक्‍त संबंध में दिनांक 23.02.2021 को आदेश जारी कर जांच दल का गठन किया गया है? यदि हाँ, तो जांच दल के निष्‍कर्षों के आधार पर क्‍या कार्यवाही की गई?

सहकारिता मंत्री ( डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया ) : (क) 03, जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है(ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। उपायुक्‍त सहकारिता जिला ग्‍वालियर द्वारा म.प्र. सहकारी सोसाइटी अधिनियम 1960 की धारा 61 (3) अंतर्गत द इंदौर सिटीजन साख सहकारी संस्‍था मर्यादित डबरा (पंजीयन क्रमांक /डी.आर./जी.डब्‍ल्‍यू.आर./462 दिनांक 25.08.2015) के सभी संचालकों को संचालक पद धारित करने से अयोग्‍य घोषित कर म.प्र. सहकारी सोसाइटी अधिनियम 1960 की धारा 53 (12) अंतर्गत संचालक मंडल के स्‍थान पर दिनांक 22.01.2021 को प्रशासक नियुक्‍त किया गया। (ग) जी हाँ। जांच प्रक्रियाधीन है। जांच के निष्‍कर्षों के आधार पर कार्यवाही की जा सकेगी।

परिशिष्ट - "सत्रह"

जिला जेल बैतूल हेतु नवीन भवन की स्वीकृति

[जेल]

46. ( क्र. 1136 ) श्री निलय विनोद डागा : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला जेल बैतूल में कैदियों की क्षमता कितनी है? महिला, पुरूष व विचाराधीन कैदियों की संख्या सहित बतावें। जिला जेल में क्षमतानुसार कैदी उपलब्ध है या उससे अधिक है? (ख) बैतूल जिले में नवीन जेल बनाने की शासन की क्या योजना है? यदि हाँ, तो क्या शासन ने भूमि कहाँ और कितनी आवंटित की है? जानकारी खसरा नक्शा सहित बतावें। (ग) यदि नहीं तो क्या क्षमता से अधिक कैदी होने के कारण नवीन जेल भवन कब तक बनाया जायेगा समयावधि बतावें। (घ) स्वतंत्रा संग्राम के समय की वर्तमान ऐतिहासिक जेल भवन के संरक्षण को लेकर सरकार की क्या योजना है? (ङ) क्या जेल भवन के पास रिक्त भूमि को नगरीय प्रशासन को सौंपा जावेगा या नहीं?

गृह मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जिला जेल बैतूल में 305 पुरूष एवं 25 महिला कैदियों की क्षमता है। दिनांक 03/12/2021 को 431 पुरूष एवं 19 महिला कैदी परिरूद्ध हैं। 126 पुरूष कैदी क्षमता से अधिक हैं। (ख) जी हाँ। ग्राम कढ़ाई में खसरा क्रमांक 184/2 में 25 एकड़ भूमि आवंटित है तथा खसरा क्रमांक 181 की 15.44 एकड़ भूमि के आवंटन की कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) नये जेल भवन के निर्माण एवं वर्तमान जेल परिसर के उपयोग बाबत् नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा योजना तैयार की जा रही है। (ड.) जी हाँ।

बैतूल जिले के थानों में उद्यानिकी विभाग के दर्ज प्रकरणों पर कार्यवाही

[गृह]

47. ( क्र. 1137 ) श्री निलय विनोद डागा : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैतूल जिले के किसानों द्वारा जिले के विभिन्न थानों में प्रभारी उपसंचालक उद्यानिकी बैतूल पर धोखाधड़ी किए जाने हेतु अपराधिक प्रकरण दर्ज करने हेतु आवेदन दिए गए हैं? यदि हाँ, तो यह आवेदन किस-किस दिनांक को किन-किन थानों में दिए गए हैं? थानों के नाम सहित बतावें। (ख) क्या आवेदनों को आधार बनाकर संबंधित अधिकारी के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई? यदि हाँ, तो एफ.आई.आर. बतावें। यदि नहीं तो कारण बतावें। किसानों के आवेदनों पर दर्ज की गई एफ.आई.आर. पर क्या कार्यवाही की गई?

गृह मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) दिनांक 10.12.2020 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय बैतूल में प्रभारी उप संचालक उद्यानिकी डॉ. आशा उपवंशी के विरूद्ध शिकायत पत्र आपराधिक प्रकरण दर्ज करने बावत् प्राप्त हुआ था। आवेदन पत्र दिनांक 11.12.2020 को थाना कोतवाली बैतूल को भेजा गया है। (ख) आवेदन पत्र उद्यानिकी विभाग से संबंधित होने से आवश्‍यक कार्यवाही हेतु जिला दण्डाधिकारी बैतूल को भेजा गया है। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर वैधानिक कार्यवाही की जावेगी।

भोपाल के कमला नेहरू अस्‍पताल में आग लगने से बच्‍चों की हुई मौत

[चिकित्सा शिक्षा]

48. ( क्र. 1156 ) श्री सज्जन सिंह वर्मा : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्‍पताल परिसर में बने कमला नेहरू गैस राहत अस्‍पताल के पीडियाट्रिक वार्ड की विशेष नवजात शिशु इकाई (एसएनसीयू) में दिनांक 8.11.2021 को आग लगने से कितने बच्‍चों की मौत हुई? मृत बच्‍चों के नाम, पिता का नाम, पता एवं आयु सहित पूर्ण विवरण दें तथा मृत बच्‍चों के परिजनों को कितनी-कितनी राशि की आर्थिक सहायता दी गई? नाम, पता सहित बतावें। (ख) उक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में घटना की जांच हेतु किस अधिकारी के नेतृत्‍व में जांच दल का गठन किया गया एवं जांच दल की रिपोर्ट शासन को कब प्राप्‍त हुई? जांच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ग) क्‍या यह सही है कि उक्‍त अस्‍पताल के पीडियाट्रिक वार्ड में विगत 06 माह में आग लगने की यह तीसरी घटना हे? यदि हाँ, तो अस्‍पताल विशेष नवजात शिशु इकाई (एसएनसीयू) का फायर ऑडिट कब से नहीं हुआ था तथा फायर सिस्‍टम के मेंटेनेंस/मॉनिटरिंग की जिम्‍मेदारी किसकी थी तथा फायर सिस्‍टम के मेंटनेंस/मॉनिटरिंग हेतु कब-कब, कितना-कितना बजट आवंटन किया गया एवं उक्‍त आगजनी के पूर्व अंतिम बार कब फायर सिस्‍टम का मेंटनेंस कराया गया? यदि नहीं तो क्‍यों? (घ) क्‍या यह सही है कि अस्‍पताल प्रबंधन द्वारा उक्‍त आगजनी में बच्‍चों की मौत का आंकड़ा छुपाकर मात्र 04 बच्‍चों की मौत बताई जा रही है जबकि इस हादसे में 14 बच्‍चों की मौत हुई? यदि हाँ, तो क्‍या इस पूरे प्रकरण की जांच माननीय उच्‍च न्‍यायालय के किसी जज से कराई जाएगी? यदि नहीं तो क्‍यों?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) गांधी चिकित्‍सा महाविद्यालय, भोपाल के अधीन कमला नेहरू चिकित्‍सालय, हमीदिया अस्‍पताल परिसर स्थित बाल्‍य रोग विभाग के नवजात शिशु गहन चिकित्‍सा इकाई में दिनांक 08/11/2021 को लगी आग से 04 नवजात शिशुओं की मृत्‍यु हुई, जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-01 अनुसार है। (ख) अपर मुख्‍य सचिव, चिकित्‍सा शिक्षा विभाग द्वारा जांच की गई है। जांच की रिपोर्ट पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-02 अनुसार है। (ग) एवं (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

छात्र-छात्राओं को समय पर छात्रवृत्ति दिया जाना

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

49. ( क्र. 1157 ) श्री सज्जन सिंह वर्मा : क्या राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍न क्रमांक 2096 उत्‍तर दिनांक 01 मार्च 2021 के संदर्भ वित्‍तीय वर्ष 2020-21 एवं वर्ष 2021-22 में प्रश्‍न दिनांक तक प्रदेश के पिछड़ा वर्ग के अध्‍ययनरत् छात्र-छात्राओं के लिए कितनी-कितनी राशि छात्रवृत्ति के लिए स्‍वीकृत की गई थी? इनमें से कितने-कितने छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति वितरीत की जा चुकी है एवं कितनों को किन कारणों से छात्रवृत्ति वितरीत नहीं की जा सकी हैं? (ख) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश की अवधि में छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत इंदौर एवं उज्‍जैन संभाग के किस-किस अशासकीय कॉलेजों में अध्‍ययनरत छात्र-छात्राओं की कितनी-कितनी राशि की छात्रवृत्ति स्‍वीकृत की गई थी? यदि स्‍वीकृत नहीं की गई तो क्‍यों? (ग) 01 अप्रैल 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति नहीं मिलने की कितनी शिकायतें सी.एम.हेल्‍पलाइन पर प्राप्‍त हुई है? इन प्राप्‍त शिकायतों में से कितनी शिकायतों को निराकरण कर दिया गया है एवं कितनी शिकायतों का निराकरण किन कारणों से नहीं किया जा सका? (घ) प्रश्‍न क्रमांक 2096 की कंडिका (घ) के संदर्भ सहायक संचालक श्री एच.वी. सिंह को दिनांक 28.01.2021 को विदेश में पढ़ाई हेतु छातवृत्ति स्‍वीकृत करने के एवज में रिश्‍वत लेने पर लोकायुक्‍त पुलिस द्वारा रंगे हाथ पकड़े जाने के बाद भी विभाग द्वारा इस अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही न करते हुए उसी स्‍थान पर पदस्‍थ किया गया है, जिसके कारण बिना रिश्‍वत लिये छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति स्‍वीकृत नहीं की जा रही है? इसमें विभाग के सचिव की भूमिका भी जांच के दायरे में है? यदि नहीं तो क्‍यों शासन इसकी उच्‍च स्‍तरीय जांच करायेगा? यदि नहीं तो क्‍यों?

राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्री रामखेलावन पटेल ) : (क) वित्‍तीय वर्ष 2020-21 में प्रश्‍न दिनांक त‍क प्रदेश के पिछड़ा वर्ग के अध्‍ययनरत 4,85,708 छात्र-छात्राओं के लिए राशि रूपये 515,13,50,368/- छात्रवृत्ति राशि स्‍वीकृत की गई है। इनमें से 3,53,841 छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति वितरित की जा चुकी है। शेष बचे 1,31,867 छात्र-छात्राओं को भुगतान बजट अभाव में लंबित है। (ख) छात्रवृत्ति राशि स्‍वीकृत की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) 01 अप्रैल, 2020 से 13 दिसंबर, 2021 तक की अवधि में छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति नहीं मिलने की कुल 43,566 शिकायतें सी.एम. हेल्‍प लाईन पर प्राप्‍त हुई। इन प्राप्‍त शिकायतों में से कुल 37,150 शिकायतों का निराकरण किया गया है एवं कुल 6416 शिकायतों का निराकरण बजट आवंटन के अभाव में लंबित है। (घ) जी नहीं। श्री एच.बी.सिंह को मूल विभाग में वापिस किया जा चुका है और वह उसी स्‍थान पर पदस्‍थ नहीं हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

तथ्‍यों को छुपाकर शासकीय सेवा हासिल किया जाना

[गृह]

50. ( क्र. 1160 ) श्री पाँचीलाल मेड़ा : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 5443 उत्‍तर दिनांक 23 मार्च 2021 के उत्‍तर में जानकारी एकत्रित किए जाने का लेख किया गया है? यदि हाँ, तो 08 माह से अधिक समय व्‍यतीत हो जाने के बावजूद निर्धारित समय सीमा में उत्‍तर नहीं दिए जाने के लिए कौन जिम्‍मेदार है? (ख) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के संदर्भ में ग्‍वालियर जिले के थाना झांसी रोड ग्‍वालियर में पंजीबद्ध अपराध क्रमांक 449/2013 में आई.पी.सी. की धारा 419 एवं 420 के आरोपी क्र. 2 श्री अमित कुमार यादव पुत्र श्री लाखन सिंह यादव निवासी ग्राम संसीगढ़ तहसील लहार जिला भिण्‍ड के विरूद्ध पंजीबद्ध किया गया था? (ग) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या श्री अमित कुमार यादव द्वारा उक्‍त आपराधिक प्रकरण की जानकारी छुपाकर शासकीय मेडिकल कॉलेज दतिया में सहायक प्राध्‍यापक फोरेन्सिक मेडिसन के पद पर नियुक्ति प्राप्‍त कर ली गई? (घ) यदि हाँ, तो क्‍या श्री अमित यादव द्वारा जानकारी छुपाकर शासकीय सेवा में सहायक प्राध्‍यापक के पद पर नियुक्ति प्राप्‍त करने के संबंध में श्री जयेनद्र सिंह सोमवंशी निवासी दतिया ने माह फरवरी 2020 में अपर कलेक्‍टर दतिया को ज्ञापन सौंपकर कार्यवाही करने की मांग की गई थी तथा तत्‍कालीन आयुक्‍त ग्‍वालियर संभाग ग्‍वालियर द्वारा मामले की जांच कराने का आश्‍वासन भी दिया था? (ड.) यदि हाँ, तो उक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं तो क्‍यों?

गृह मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

संचालित आदिवासी छात्रावास की जानकारी

[जनजातीय कार्य]

51. ( क्र. 1167 ) श्री अशोक रोहाणी : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) केंट विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत वर्ष 2020-21 में कौन-कौन से छात्रावास कहाँ-कहाँ पर संचालित हैं, इनमें कितनी-कितनी संख्‍या में छात्र एवं छात्राएं अध्‍ययनरत हैं? शासन द्वारा इन छात्रावासों के रख-रखाव व अन्‍य खर्चे हेतु क्‍या राशि आवंटित की गई है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार संचालित आदिवासी छात्रावासों के लिये आवंटित की जाने वाली कुल राशि का किस-किस मद में कितना-कितना व्‍यय किया गया है, वर्ष 2019-20, 2020-21 की जानकारी बतावें।

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) केंट विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वर्ष 2020-21 में अनुसूचित जनजाति विकास द्वारा संचालित छात्रावासों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट '' अनुसार है। कोरोना के कारण पूरे प्रदेश में लॉकडाउन लगने के कारण शासन निर्देशानुसार छात्रावास बन्‍द थे। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट '' अनुसार है।

परिशिष्ट - "अठारह"

डेरी उद्योग केन्‍द्र की स्‍थापना

[पशुपालन एवं डेयरी]

52. ( क्र. 1168 ) श्री अशोक रोहाणी : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जबलपुर जिले में डेरी उद्योग केन्‍द्र (हब) बनाने हेतु कोई कार्ययोजना स्‍वीकृत की गई है? विस्‍तृत जानकारी देवें। (ख) क्‍या ऐसी कोई कार्ययोजना प्रस्‍तावित है? यदि हाँ, तो केंट विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत कौन सी कार्ययोजना प्रस्‍तावित है एवं कब तक क्रियान्वित की जावेगी?

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। परंतु जबलपुर जिले के जनपद पंचायत जबलपुर के ग्राम खम्‍हरिया (बारेला) में डेयरी स्‍टेट स्‍थापित किया जा रहा है। जिसका प्रमुख उद्देश्‍य डेयरी उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एक स्‍थान पर सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्‍ध कराना है। उक्‍त परियोजना की क्रियान्‍वयन एजेंसी म.प्र. राज्‍य पशुधन एवं कुक्‍कुट विकास निगम भोपाल है। प्रशासनिक परिसर में पशु चिकित्‍सालय, कृत्रिम गर्भाधान केन्‍द्र, अनुसंधान प्रयोगशाला डेयरी व्‍यवसाय हेतु 76 भूखण्‍ड, पानी की टंकी, गोबर गैस प्‍लॉट, भूसा व दाना गोदाम, सड़क एवं विद्युतीकरण आदि कार्य पूर्ण हो गये है। फेंसिंग कार्य प्रगति पर है शीघ्र लाकार्पण कराया जावेगा।

समर्थन मूल्‍य पर सरसों की खरीदी

[सहकारिता]

53. ( क्र. 1179 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या सहकारिता मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2019-20 में समर्थन मूल्‍य पर प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्‍था अचलपुरा शाखा मिहोना जिला भिण्‍ड द्वारा सरसों की खरीदी होने पर 655 क्विंटल सरसों की शार्टेज बताई गई थी? यदि हाँ, तो जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक मर्या. भिण्‍ड द्वारा प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्‍था अचलपुरा शाखा मिहोना के प्रभारी समिति प्रबंधक पर दबाव डालकर उक्‍त शार्टेज सरसों जिसकी राशि रू.2754378/- बैंक के खाते में जमा कराई गई थी? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या यह सत्‍य है कि जिला म.प्र. स्‍टेट सिविल सप्‍लाईज कार्पोरेशन भिण्‍ड ने पत्र क्र./क्‍यू/2021/652 भिण्‍ड दिनांक 30.01.2021 कलेक्‍टर भिण्‍ड को पत्र लिखकर उक्‍त शार्टेज में परिवहनकर्ताओं को दोषी माना था? यदि हाँ, तो क्‍या जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक मर्या. भिण्‍ड ने पत्र दिनांक 14.07.2021 को तथा उपायुक्‍त सहकारिता भिण्‍ड ने अपने पत्र क्र./उपार्जन/2021/481 तथा जांच समिति ने भी अपनी रिपोर्ट में परिवहन कर्ता को उक्‍त शार्टेज के लिए दोषी माना था? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या यह भी सत्‍य है कि प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्‍‍था अचलपुरा शाखा मिहोना के प्रभारी समिति प्रबंधक तथा प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रबंध संचालक, म.प्र. सिविल सप्‍लाई कार्पोरेशन भोपाल को पत्र द्वारा जबरन जमा कराई गई शार्टेज की राशि को वापिस करने एवं दोषी के विरूद्ध कार्यवाही करने तथा संस्‍था के प्रभारी समिति प्रबंधक से जमा कराई राशि को वापिस करने के लिए पत्र लिखा था? यदि हाँ, तो अभी तक दोषी परिवहनकर्ता के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) संस्‍था के प्रभारी समिति प्रबंधक से जमा कराई गई राशि कब तक वापिस करा दी जाएगी? समयावधि बताएं। यदि नहीं तो क्‍यों?

सहकारिता मंत्री ( डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया ) : (क) से (घ) की जानकारी एकत्रित की जा रही है।

चिकित्सा महाविद्यालय, सागर में चिकित्सा सुविधा

[चिकित्सा शिक्षा]

54. ( क्र. 1186 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह सही है कि, विगत बजट सत्र के दौरान माननीय चिकित्सा शिक्षा मंत्री द्वारा बुन्देलखण्ड चिकित्सा महाविद्यालय सागर में पैथलेब चिकित्सा सुविधा शुरू कराये जाने की घोषणा की गई थी? यदि हाँ, तो इस हेतु वर्तमान में क्या कर्यावाही प्रचलन में है? विवरण सहित बतायें। (ख) क्या यह सही है कि, बुन्देलखण्ड चिकित्सा महाविद्यालय सागर प्रांरभ हुये लगभग 13 वर्ष हो जाने के बाद भी सुपर स्पेशलिटी सुविधाओं का अभाव है? प्रश्‍नकर्ता आतारांकित प्रश्न क्र. 2625 दिनांक 08 मार्च 2021 के उत्तरांश में बताया गया था कि, कार्डियोलॉजी, न्यरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी से संबंधित चिकित्सा सुविधायें प्रारंभ किये जाने की प्रक्रिया जारी है। वर्तमान तक इस हेतु क्या कार्यवाही प्रचलन में है तथा यह चिकित्सा सुविधायें कब तक प्रारंभ हो सकेगी?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। बुन्‍देलखण्‍ड चिकित्‍सा महाविद्यालय, सागर में कार्डियोलॉजी विभाग की स्‍थापना किये जाने हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार। (ख) जी हाँ। जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "उन्नीस"

चिकित्सा महाविद्यालय, सागर में ब्लड बैंक की स्थापना

[चिकित्सा शिक्षा]

55. ( क्र. 1187 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता अतारांकित प्रश्न क्र. 2625 दिनांक 08 मार्च 2021 के उत्तरांश में (घ) में बताया गया था कि बुन्देलखण्ड चिकित्सा महाविद्यालय, सागर में स्वयं के ब्लड बैंक की स्थापना हेतु कार्यवाही प्रचलन में है, परन्तु आज दिनांक तक लगभग 8 माह की अवधि बीत जाने के बाद भी ब्लड बैंक की स्थापना नहीं हो पाई है? इसका क्या कारण है तथा कब तक ब्लड बैंक की स्थापना की जा सकेगी? (ख) क्या यह सही है कि, बुन्देलखण्ड चिकित्सा महाविद्यालय सागर में प्रतिदिन सैकड़ों मरीजों को ब्लड की नितांत आवश्यकता होती है, परन्तु ब्लड के अभाव में कई मरीजों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है। तो क्या शासन शीघ्र ही ब्लड बैंक की स्थापना करेगा यदि हाँ, तो कब तक?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) बुन्‍देलखण्‍ड चिकित्‍सा महाविद्यालय, सागर में 250 एम.बी.बी.एस. सीट्स वृद्धि के संबंध में भारत शासन द्वारा दी गई स्‍वीकृति के अनुक्रम में ब्‍लड बैंक के निर्माण एवं पद सृजन को उक्‍त प्रस्‍ताव में सम्मिलित किया गया है। जिसके संबंध में राज्‍य शासन के निर्माण एजेन्‍सी पी.आई.यू (पी.डब्‍ल्‍यू.डी) द्वारा विस्‍तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है, पी.आई.यू द्वारा डी.पी.आर. प्रस्‍तुत करने के पश्‍चात प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी कर निर्माण कार्य किया जायेगा। (ख) जी हाँ। जी नहीं। ब्‍लड की आवश्‍यकता की पूर्ति परिसर में स्थित जिला चिकित्‍सालय के ब्‍लड बैंक से की जाती हैं। शेष उत्‍तरांश "क" अनुसार।

गृह जिले में विभाग प्रमुख की पदस्‍थापना

[पशुपालन एवं डेयरी]

56. ( क्र. 1191 ) श्री राहुल सिंह लोधी : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन की ऐसी कोई नीति है कि प्रथम श्रेणी अधिकारी / विभाग प्रमुख अपने गृह जिले में पदस्‍थ किया जा सकता है? (ख) यदि नहीं तो डॉ. डी.के. विश्‍वकर्मा उपसंचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग जिला टीकमगढ़ के मूल निवासी होने के बाद भी टीकमगढ़ मे किस नियम के तहत पदस्‍थ हैं? (ग) क्‍या शासन की स्‍थानांतरण एवं पदस्‍थापना नीति के विरूद्ध गृह जिले में प्रथम श्रेणी अधिकारी / विभाग प्रमुख के पद पर पदस्‍थापना पाने वाले एवं पदस्‍थापना देने वाले अधिकारियों पर कोई कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?