मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
सितम्‍बर, 2020 सत्र


बुधवार, दिनांक 23 सितम्बर, 2020


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर



सिहोरा उपार्जन केन्‍द्र में गेहूँ विक्रय की जांच

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

1. ( *क्र. 592 ) श्री हर्ष यादव : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मई, 2020 माह में सागर जिले के सिहोरा समर्थन मूल्‍य खरीदी केन्‍द्र में किसानों के नाम से उत्‍तर प्रदेश से पांच ट्रक एवं तीन ट्रेक्‍टर ट्राली गेहूँ बिकने आया था, जिसे जिला प्रशासन एवं पुलिस ने पकड़ा था? वाहन जप्‍त कर समिति के कुछ लोगों पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था? यदि हाँ, तो जप्‍त/पकड़े गए वाहनों के नम्‍बर गेहूँ की बोरी/वजन मुकदमा दर्ज लोगों के नाम बताएं? (ख) प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई है? जप्‍त वाहन किसे सुपुर्द किया गया है? पकड़ा गया गेहूँ कहां है? (ग) खरीदी केन्‍द्र प्रभारियों को खरीदी से तुरन्‍त पृथक क्‍यों नहीं किया गया? जिन पर मुकदमा दर्ज किया गया है, उन्‍हें गिरफ्तार क्‍यों नहीं किया गया है? किसानों के नाम से गेहूँ बेचने की साजिश/षडयंत्र की व्‍यापक जांच क्‍यों नहीं की गई? (घ) क्‍या किसानों के नाम से, समितियां व्‍यापारियों का गेहूँ खरीद रहीं थीं तथा स्‍थानीय जागरूक लोगों ने मामले को पकड़ा? यदि नहीं, तो अब तक गिरफ्तारी क्‍यों नहीं हुई, कोर्ट में चालान क्‍यों नहीं पेश किया गया?

खाद्य मंत्री ( श्री बिसाहूलाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ, जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रकरण में जप्‍त कुल 08 वाहन माननीय न्‍यायालय जे.एम.एफ.सी. के आदेश से वाहन सुपुर्दनामा हेतु पुलिस थाना राहतगढ़ की अभिरक्षा में दिये गये हैं, प्रकरण में जब्‍त गेहूँ बालाजी वेयरहाउस सागर जो कि मध्‍यप्रदेश स्‍टेट वेयरहाउसिंग एण्‍ड लॉजिस्टिक्‍स कॉर्पोरेशन की सुपुर्दगी में रखा गया है। (ग) खरीदी केन्‍द्र प्रभारियों को तुरंत पृथक कर दिया गया है। जिन आरोपियों पर पुलिस मुकदमा दर्ज है, उनकी गिरफ्तारी के हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। प्रकरण में अन्‍य आरोपी में से 1. प्रमोद कुमार पिता कुंदनलाल जोशी (ट्रक मालिक), 2. बसंत पिता रोशनलाल जोशी, 3. रोशनलाल पिता कुंदनलाल जोशी (ट्रक ड्राइवर) को गिरफ्तार किया गया है। गेहूँ बेचने की साजिश/षड़यंत्र की व्‍यापक जांच प्रक्रियाधीन है। (घ) जी नहीं। जिन आरोपियों पर पुलिस मुकदमा दर्ज है। गिरफ्तारी का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। प्रकरण में विवेचना उपरांत माननीय न्‍यायालय में चालान पेश किया जाएगा।

परिशिष्ट - "एक"

गुना जिले में गेहूँ खरीदी में अनियमितता

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

2. ( *क्र. 575 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                        (क) गुना जिले में इस वर्ष गेहूँ खरीदी हेतु किन-किन खरीदी केन्‍द्रों पर कितने-कितने किसान पंजीकृत किये गये थे एवं खरीदी केन्‍द्रवार कितने किसानों से कितनी-कितनी मात्रा में गेहूँ क्रय किया गया? तहसीलवार बतायें। (ख) क्‍या सभी किसानों को एस.एम.एस. द्वारा सूचित कर गेहूँ विक्रय हेतु समयावधि दी गई थी? यदि हाँ, तो क्‍या सभी किसानों के गेहूँ की तुलाई पूर्ण हो चुकी है? यदि नहीं, तो जिन किसानों को एस.एम.एस. किये गये उन किसानों के गेहूँ की तुलाई किन कारणों से नहीं की जा सकी? (ग) क्‍या अव्‍यवस्‍था/अराजकता के कारण जिन किसानों को एस.एम.एस. किया गया था, उन किसानों की खरीदी केन्‍द्रों पर गेहूँ तुलाई नहीं की गई? यदि हाँ, तो इसके लिये कौन-कौन उत्‍तरदायी हैं और उसके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई?

खाद्य मंत्री ( श्री बिसाहूलाल सिंह ) : (क) गुना जिले में रबी विपणन वर्ष 2020-21 में गेहूँ उपार्जन हेतु तहसीलवार एवं केन्‍द्रवार पंजीकृत किसानों की संख्‍या की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार, उपार्जन केन्‍द्रवार विक्रेता किसानों एवं उपार्जित मात्रा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जी हाँ। गुना जिले में समर्थन मूल्‍य पर गेहूँ उपार्जन हेतु ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकृत समस्‍त किसानों को एस.एम.एस. प्रेषित किये गये, जिनमें से जो कृषक अपनी उपज विक्रय करने हेतु उपार्जन केन्‍द्र पर उपस्थित हुए उनकी उपज की खरीदी की गई। जिले में उपार्जन केन्‍द्र पर उपज विक्रय करने हेतु उपस्थित कृषक अपनी उपज विक्रय करने से वंचित नहीं रहे हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) गुना जिले में इस प्रकार के प्रकरण संज्ञान में नहीं आये हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

डही नगर पंचायत में स्‍वीकृत निर्माण कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

3. ( *क्र. 718 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह हनी बघेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले की डही नगर पंचायत में विगत 3 वर्षों में कितने निर्माण कार्य स्‍वीकृत किए गए? कार्य का नाम, लागत, आहरित राशि (प्रश्‍न दिनांक तक), कार्य पूर्ण/अपूर्ण (प्रतिशत सहित) देवें? (ख) अपूर्ण कार्य कब तक पूर्ण होंगे? (ग) उपरोक्‍त अवधि में क्रय की गई सामग्री की जानकारी भी सामग्री का नाम, टेंडर प्रक्रिया की जानकारी सहित देवें? सप्‍लायकर्ता द्वारा प्रस्‍तुत बिलों की प्रमाणित प्रति भी देवें। (घ) उपरोक्‍त अवधि में डीजल/पेट्रोल पर हुए व्‍यय की जानकारी माहवार देवें? लॉगबुक की छायाप्रति भी माहवार उपलब्‍ध करावें। किराए पर लिए वाहनों के क्रमांक सहित भुगतान की माहवार जानकारी भी उपरोक्‍त अवधि अनुसार देवें?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) एवं (ख) की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। लॉगबुक की छायाप्रतियां पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अनुसार है। किराये पर लिये गये वाहनों के भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  'अनुसार है।

व्‍यक्तिगत नल कनेक्‍शन का प्रदाय

[नगरीय विकास एवं आवास]

4. ( *क्र. 236 ) श्री पी.सी. शर्मा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भोपाल की विभिन्‍न झुग्‍गी/झोपड़ी क्षेत्र एवं रहवासी क्षेत्र में बल्‍क में नल कनेक्‍शन दिये जाने का प्रावधान है, जबकि आम रहवासी अपनी आवश्‍यकतानुसार व्‍यक्तिगत नल कनेक्‍शन चाहते हैं, जो कि नगर निगम द्वारा प्रदाय नहीं किये जाते हैं, क्‍यों? (ख) क्‍या यदि         नगर-निगम व्‍यक्तिगत नल कनेक्‍शन देता है, तो रहवासियों को फायदा होगा एवं नगर-निगम को भी राजस्‍व की प्राप्ति होगी? यदि हाँ, तो व्‍यक्तिगत नल कनेक्‍शन दिये जाने हेतु कब तक निर्देश प्रदाय करेंगे?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी नहीं, नगर निगम, भोपाल द्वारा आम रहवासियों को उनकी मांग अनुसार व्‍यक्तिगत नल कनेक्‍शन प्रदान किये जाते हैं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) नगर निगम, भोपाल द्वारा रहवासियों को उनकी मांग अनुसार व्‍यक्तिगत नल कनेक्‍शन प्रदान किये गये हैं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

लेबड़-नयागाँव फोरलेन में अनियमितता

[लोक निर्माण]

5. ( *क्र. 310 ) श्री यशपाल सिंह सिसौदिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लेबड़-नयागाँव फोरलेन में रेलवे क्रासिंग पर ओवर ब्रिज/अंडर ब्रिज निर्माण के लिए D.P.R./अनुबंध में क्या-क्या उल्लेख है, नियमों की जानकारी देवें (ख) क्या राष्ट्रीय सड़क मार्ग के नियमानुसार फोरलेन/सिक्स लेन सड़क की रेलवे फाटक पर नियमानुसार ओवर ब्रिज या अंडर ब्रिज का निर्माण आवश्यक है? यदि नहीं, तो किस नियम के तहत? नियमों की प्रतिलिपि देवें। (ग) क्या लेबड़-नयागांव फोरलेन सड़क पर जावद रोड (खोर) पर बिड़ला सीमेंट फेक्ट्री की ओर जाने वाली मालगाड़ियों के लिए रेलवे फाटक स्थित है, जिसमें खाली और भरी मालगाड़ियाँ लगातार निकलती रहती हैं, जिससे पूरा ट्रैफिक लगभग 30-45 मिनिट के लिए जाम रहता है? नियम विरुद्ध इस रेलवे फाटक पर ओवर ब्रिज का निर्माण नहीं करने के क्या कारण रहे? (घ) टोल प्रारम्भ से उत्तर दिनांक तक लेबड़-नयागाँव फोरलेन पर किस-किस स्थल पर किन-किन क्षेत्रीय विधायकों ने लगातार क्रासिंग पर हो रही दुर्घटना को लेकर अंडर ब्रिज निर्माण का प्रस्ताव रोड कम्पनी को दिया उस पर क्या-क्या कार्यवाही कब-कब हुई? प्रश्नकर्ता विधायक द्वारा मंदसौर के रेवास देवड़ा मार्ग M.I.T. चौराहे पर ओवर ब्रिज या अंडर ब्रिज का निर्माण एवं हाईमास्ट लगाए जाने को लेकर कब-कब प्रस्ताव/सुझाव दिए, उस पर क्या कार्यवाही हुई, इस स्थल पर टोल प्रारम्भ से उत्तर दिनाक तक कितनी दुर्घटनायें हुईं, कितने घायल तथा कितने मृत हुए?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) लेबड़-नयागांव फोरलेन हेतु कुल 2 अनुबंध के तहत कार्य कराया गया, जिसके अनुसार लेबड़-जावरा मार्ग पर अनुबन्धानुसार चैनेज 91.620, 96.875 एवं 107.530 पर आर.ओ.बी. का प्रावधान था, उक्त स्थान पर मार्ग निर्माण के समय आर.ओ.बी. का निर्माण कर दिया गया था। जावरा-नयागाँव मार्ग पर अनुबन्धानुसार तीन स्थान पर आर.ओ.बी. प्रस्तावित थे, मार्ग निर्माण के समय चैनेज 131.000, 156.100 एवं 199.500 पर आर.ओ.बी. का निर्माण कर दिया गया था। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ, जाम होने की जानकारी इस कार्यालय को नहीं है। जावरा-नयागांव फोरलेन मार्ग पर विक्रम सीमेन्ट (वर्तमान में अल्ट्राटेक सीमेन्ट) साईडिंग के पास चैनेज 251 + 060 पर समपार फाटक क्र. 2 टी/2 है। यह फाटक शासन से अनुमति प्राप्त कर सीमेन्ट कम्पनी द्वारा बनाया गया है, आर.ओ.बी. बनाये जाने की कार्यवाही भी विक्रम सीमेन्ट कम्पनी (वर्तमान में अल्ट्राटेक सीमेन्ट) द्वारा ही की जाना है। इस स्थान पर अनुबन्ध में प्रावधान नहीं होने से आर.ओ.बी. का निर्माण निवेशकर्ता कम्पनी द्वारा नहीं किया गया। (घ) माननीय विधायकों द्वारा अण्डर ब्रिज निर्माण के प्रस्ताव की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। प्रश्‍नकर्ता माननीय विधायक द्वारा मन्दसौर के रेवास देवड़ा मार्ग एम.आई.टी. चौराहे पर ओवर ब्रिज या अंडर ब्रिज का निर्माण एवं हाईमास्ट लगाए जाने को लेकर प्रस्ताव/सुझाव इस कार्यालय को प्राप्त नहीं हुआ है। पूर्व में अन्य माध्यम से इस विषय पर प्रस्ताव प्राप्त हुआ था, जिस पर मुख्य अभियंता (संधा.), एम.पी.आर.डी.सी., भोपाल द्वारा पत्र क्र. 1237 भोपाल, दिनांक 17.04.2018 द्वारा स्पष्ट किया गया है कि उक्त मार्ग के सभी चेंज ऑफ स्कोप के प्रस्ताव फाईनल किये जा चुके हैं, अतः मन्दसौर स्थित एम.आई.टी. चौराहे पर ओव्हर ब्रिज बनाया जाना सम्भव नहीं है। उक्त स्थल पर टोल प्रारम्भ से दिनांक 31.08.2020 तक पुलिस अधीक्षक, जिला मन्दसौर द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार कुल 36 दुर्घटनायें, 36 घायल तथा 15 मृत हुये।

नल-जल योजना की स्‍वीकृति

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

6. ( *क्र. 276 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले की जनपद पंचायत जतारा के ग्राम पंचायत चंदेरा में वर्ष 2019 में कब से कब तक ग्रामीणों द्वारा पेयजल से संबंधित कौन-कौन सी मांगों को लेकर आंदोलन किया गया था? मांग पत्र पर की गई कार्यवाही से अवगत करायें। (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर बतायें कि ग्रामीणों के द्वारा दिए गए ज्ञापन में कौन-कौन सी मांगे थीं? इसमें से कौन-कौन सी मांगों का निराकरण किया जा चुका है और कौन-कौन का होना शेष है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताएं कि टीकमगढ़ जिले की जतारा (अ.जा.) विधानसभा क्षेत्र में जनवरी, 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक जल संकट से निदान हेतु क्‍या-क्‍या कार्यवाही विभाग द्वारा की गई है? कहां-कहां, किस स्‍थान पर हैंडपंप एवं नल-जल योजना का कार्य करवाया गया है? क्षेत्र में कहां-कहां नल-जल योजना स्‍वीकृत होना अतिआवश्‍यक है? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बताएं कि प्रश्‍न दिनांक तक किस-किस विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई एवं शासन/विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या कार्य पूर्ण करा लिया है? ग्राम चंदेरा में नल-जल योजना, कितनी लागत की कब तक स्‍वीकृत की जावेगी और नहीं तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) प्रश्नांकित आंदोलन के मांगपत्र में केवल बिंदु क्रमांक-6 पर ग्राम चंदेरा की पेयजल समस्या के संबंध में उल्लेख है। कार्यपालन यंत्री टीकमगढ़ द्वारा ग्राम चंदेरा (खास) की रेट्रोफिटिंग नलजल योजना की डी.पी.आर. लागत रू. 384.59 लाख तैयार की गयी है। (ख) जानकारी उत्तरांश () अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) प्रश्नांक () एवं () के संबंध में पेयजल संबंधी कार्य के लिये विभाग द्वारा की गयी कार्यवाही उत्तरांश () अनुसार एवं प्रश्नांश () के संदर्भ में की गयी कार्यवाही पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। ग्राम चंदेरा (खास) में नलजल योजना के संबंध में जानकारी उत्तरांश () अनुसार है, स्वीकृति के संबंध में कार्यवाही जल जीवन मिशन के अंतर्गत की जायेगी, निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है।

ताल नगर परिषद में सामग्री क्रय में अनियमितता

[नगरीय विकास एवं आवास]

7. ( *क्र. 55 ) श्री मनोज चावला : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 4156, दिनांक 26 जुलाई, 2019 में यह बताया गया था कि ताल नगर परिषद में खरीदी नियमानुसार की गई है? यदि हाँ, तो प्रश्न क्रमांक 2043, दिनांक 23.12.2019 में कैसे कहा गया कि अनियमितताएं हुई हैं? दोनों उत्तर में से क्‍या सही है एवं क्‍या गलत? कारण सहित बतावें। (ख) प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 2043, दिनांक 23.12.2019 के जांच प्रतिवेदन की प्रति देवें तथा बतावें की कितनी राशि का घोटाला हुआ है तथा अभी तक पुलिस में प्रकरण दर्ज क्यों नहीं किया गया है एवं कब तक किया जावेगा? (ग) रतलाम नगर निगम द्वारा जनवरी 2019 से जनवरी 2020 तक अतिक्रमण, स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण, विभिन्न धाराओं में स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण को तोड़ने के नोटिस, नजूल की जमीन पर निर्माण, शासन की माफियाओं के विरुद्ध कार्यवाही के दौरान नोटिस किस-किस को दिए गए, उसकी सूची तथा समस्त नोटिस की प्रति देवें। (घ) प्रश्नांश (ग) में उल्लेखित सूची में से किस पर कार्यवाही की गई तथा शेष पर क्यों नहीं की गई, अगर की जावेगी तो कब तक?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) प्रश्‍न क्रमांक 4156 का उत्‍तर, जांच के पूर्व, निकाय से प्राप्‍त जानकारी के आधार पर एवं प्रश्‍न क्रमांक 2043 का उत्‍तर, जांच कराये जाने के उपरांत दिये गये थे, उपलब्‍ध अभिलेख के अनुसार दोनों ही उत्‍तर सही हैं। (ख) जांच प्रतिवेदन की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। जांच प्रतिवेदन अनुसार आर्थिक हानि नहीं होना पाया गया है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार 20 प्रकरणों में से 16 पर कार्यवाही की गयी है। शेष 4 प्रकरण माननीय न्‍यायालय में विचाराधीन हैं। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

गोगापुर से लसुड़ि‍या गोयल मार्ग की जांच/कार्यवाही

[लोक निर्माण]

8. ( *क्र. 711 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) महिदपुर विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत गोगापुर से लसुड़ि‍या गोयल मार्ग की हुई जांच का प्रतिवेदन देवें। (ख) क्‍या कारण है कि इस जांच में जहां पिट लगाए गए हैं, वहां डामर की मोटाई प्रत्‍येक पिट पर ली गई लेकिन क्रस्‍ट की मोटाई कुछ ही पिट पर ली गई? (ग) उपरोक्‍तानुसार जांच ठीक से न होने के कारण भोपाल स्‍तर का दल बनाकर इस रोड की जांच कब तक कराई जाएगी? (घ) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार ठीक से जांच न करने वाले अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जांच प्रतिवेदन पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जांच प्रतिवेदन में स्‍पष्‍ट है कि जहां पिट लगाई गयी वहां डामरीकृत सतह एवं क्रस्‍ट की मोटाई ली गई है। शेष स्‍थानों पर डामरीकृत सतह के कोर काटे गये हैं। (ग) एवं (घ) उत्‍तरांश () अनुसार। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय जबलपुर में भवन निर्माण की जांच

[आयुष]

9. ( *क्र. 672 ) श्री धर्मेन्द्र भावसिंह लोधी : क्या राज्यमंत्री, आयुष महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय जबलपुर में परिसर की लगभग 40 फीट जमीन छोड़ी गई है? यदि हाँ, तो शासन के किस नियम के तहत छोड़ी गई? शासन के नियम की प्रति उपलब्ध करायें (ख) यदि नियम नहीं हैं तो महाविद्यालय के किस जिम्मेदार अधिकारी के द्वारा यह कार्य किया गया तथा उस संबंधित अधिकारी पर शासन द्वारा क्या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय जबलपुर के पूर्व प्राचार्य डॉ. रविकांत श्रीवास्तव की भवन निर्माण एवं अन्य आर्थिक अनियमितताओं की जांच कराई गई, जिसमें उन्हें दोषी पाया गया? यदि हाँ, तो क्या इनको वर्तमान में महाविद्यालय से निलंबित एवं पृथक किया गया है?

राज्यमंत्री, आयुष ( श्री रामकिशोर (नानो) कावरे ) : (क) जी हाँ। शासन के ऐसे कोई नियम/निर्देश नहीं हैं। (ख) तत्कालीन प्रभारी प्रधानाचार्य डॉ. रविकांत श्रीवास्तव के द्वारा जांच कराई गई।                     (ग) जांच कराई गई। प्रतिवेदन परीक्षणाधीन है। जी नहीं।

नगरीय निकायों में सामग्री की खरीदी

[नगरीय विकास एवं आवास]

10. ( *क्र. 691 ) श्री जितू पटवारी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदौर, भोपाल, उज्‍जैन तथ रतलाम नगर निगम द्वारा मार्च 2020 से जून 2020 तक कोरोना संबंधी सामग्री तथा किट, सेनेटाईजेशन अन्‍य किस मात्रा में किस विक्रेता से किस भाव में कितनी राशि की खरीदी तथा सामग्री का कहां-कहां उपयोग किया गया? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित नगर निगम द्वारा प्रश्‍नाधीन अवधि में कुल कितने भोजन के पैकेट वितरित किये गये? प्रति पैकेट क्‍या सामग्री थी तथा उसकी कीमत क्‍या थी तथा कितनी खाद्यान्‍न किट बांटी गई? उसमें क्‍या सामग्री थी तथा कीमत क्‍या थी? (ग) प्रश्नांश (क) अवधि में नगर निगम द्वारा खरीदे गये डीजल तथा पे‍ट्रोल इसी अवधि‍ में वर्ष 2019 में खरीदी की मात्रा तथा राशि बतावें। अगर 2019 से 2020 में ज्‍यादा खरीदा तो बतावें कि कितने प्रतिशत राशि का ज्‍यादा खरीदा और उसका कारण क्‍या है? (घ) प्रश्‍नाधीन नगर निगम को कोविड-19 मद में राज्‍य शासन से तथा प्रधानमंत्री केयर फण्‍ड से कितनी राशि प्राप्‍त हुई तथा कितनी राशि की क्‍या-क्‍या सामग्री शासन से प्राप्‍त हुई तथा जून 2020 तक कोविड-19 मद में किया कुल खर्च कितना-कितना हुआ?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '' अनुसार है।                           (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

कटनी नगर के विद्यालयों में उपलब्ध संसाधन

[नगरीय विकास एवं आवास]

11. ( *क्र. 422 ) श्री संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगरीय निकायों की शिक्षा उपकर की राशि का किन-किन कार्यों में किस प्रकार उपयोग कियजाने के क्या शासनादेश/विभागीय निर्देश वर्तमान में लागू हैं? (ख) कटनी नगर अंतर्गत शासकीय एवं कार्यालय-नगरपालिक निगम कटनी के कितने और कौन-कौन से विद्यालय वर्तमान में कब से कहाँ-कहाँ संचालित हैं? अध्यनरत विद्यार्थियों एवं भवनों, फर्नीचरों एवं अन्य आवश्यक संसाधनों/सुविधाओं की उपलब्धता से अवगत कराएं (ग) शिक्षा उपकर की कितनी राशि कार्यालय-नगरपालिक निगम कटनी के पास वर्तमान में उपलब्ध है, विगत 03 वर्षों में        कितना-कितना शिक्षा उपकर प्राप्त किया गया? (घ) क्या कटनी-नगर के कई विद्यालयों के भवन जर्जर हैं और फर्नीचरों एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की आवश्यकता है? यदि हाँ, तो विद्यालयवार पूर्ण विवरण उपलब्ध करायें और बताएं कि क्या यह कार्य शिक्षा उपकर की राशि से कराये जा सकते हैं? (ड.) प्रश्नांश (घ) शिक्षा उपकर की राशि से विद्यालयों में कार्य कराये जाने हेतु विगत 03 वर्षों में कितने आवेदन/प्रस्ताव किस-किस से कब-कब प्राप्त हुये और कितनी राशि किन कार्यों में कब-कब व्यय की गयी? (च) प्रश्नांश (घ) हाँ, तो क्या प्रश्नकर्ता की सहभागिता में दल गठित कर कटनी नगर में संचालित शासकीय/नगर निगम के विद्यालयों के भवनों में मरम्मत/निर्माण, फर्नीचरों एवं अन्य सामग्रियों की आवश्यकता का परीक्षण कराकर शिक्षा उपकर की राशि से अनुशंसित कार्यों को कराया जायेगा? यदि हाँ, तो किस प्रकार और कब तक?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँविभागीय पत्र क्रमांक 4050/18-3/99, भोपालदिनांक 07.10.1999, पत्र क्रमांक 605/740/18-3/2000भोपालदिनांक 15.03.2000 एवं पत्र क्रमांक एफ 6-6/2016/18-3, भोपालदिनांक 26.07.2016 के द्वारा नगरीय निकाय क्षेत्रों के शासकीय स्कूलों के संचालन व रख-रखाव शिक्षा उपकर की राशि से किये जाने के आदेश प्रसारित किये गये हैं। (ख) नगर पालिक निगमकटनी के अन्तर्गत 07 हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी विद्यालय तथा नगर पालिक निगमकटनी द्वारा 03 विद्यालय तथा 59 शासकीय/माध्यमिक शालायें संचालित हैं। उपरोक्त हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी विद्यालयों में 3626 तथा प्राथमिक/माध्यमिक में 4958 छात्र/छात्रायें अध्ययनरत् हैं। 02 हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूल भवनविहीन हैंजो कि माध्यमिक/प्राथमिक शालाओं में संचालित हैं। नगर की उपरोक्त शालाओं में से 22 में फर्नीचर है, 46 में नहीं, 65 में स्वच्छ पेयजल है, 04 में नहीं, 49 में बालक शौचालय है, 20 में नहीं 59 में बालिका शौचालय है, 10 में नहीं, 59 शालाओं में पुस्तकालय है, 10 में नहीं, 57 शालाओं में विद्युत सुविधा है12 में नहीं तथा 11 में प्रयोगशालायें हैं। शालावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) नगर पालिक निगमकटनी में शिक्षा उपकर की राशि रूपये 6,01,14,212/- वर्तमान में उपलब्ध है। विगत् 03 वर्षों में प्राप्त शिक्षा उपकर की राशि वर्षवार क्रमश: वर्ष 2017-18 में रूपये 84,67,019/ वर्ष 2018-19 में रूपये 87,57,239/- एवं वर्ष 2019-20 में रूपये 16,14,755/- है। (घ) जी हाँ। जिला शिक्षा अधिकारी, कटनी से प्राप्त जानकारी अनुसार कटनी नगर के शासकीय/नगर पालिक निगम कटनी के प्रबंधन में 69 हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूल/प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं में 14 जर्जर भवन हैं, इसमें से 03 नगर पालिक निगम स्वामित्व के हैं तथा 11 शासकीय हैं, 22 शालाओं में फर्नीचर हैं, 46 शालाओं में नहीं है, जिनमें आवश्‍यकता है। 04 में पेयजल20 में बालक शौचालय, 10 में बालिका शौचालय, 10 में पुस्‍तकालय, 12 में विद्युत सुविधा तथा 05 हाई/हायर सेकेण्डरी विद्यालयों में वर्किंग संसाधन युक्त प्रयोगशालाओं की आवश्‍यकता है। विद्यालयवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। शेषांश के संबंध में उत्तरांश () के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न नहीं है। (ड.) शिक्षा उपकर की राशि में से विभिन्न विद्यालयों में विगत्  03 वर्षों में प्राप्त प्रस्ताव एवं कराये गये कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (च) जी हाँ, शासकीय/नगर पालिक निगम द्वारा संचालित विद्यालयों में पालक शिक्षक संघ समिति गठित होती है, जो कि विद्यालयों के भवनों में मरम्मत/निर्माणफर्नीचरों एवं अन्य सामग्रियों की आश्‍यकता का परीक्षण करशिक्षा उपकर की राशि में से अनुशंसित कार्यों को कराये जाने का प्रस्ताव संबंधित विद्यालय के माध्यम से तैयार करशासन/प्रशासन/स्थानीय शासन को प्रेषित किया जाता है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

नर्मदा गौ कुंभ के आयोजन में व्यय राशि

[नगरीय विकास एवं आवास]

12. ( *क्र. 587 ) श्री प्रणय प्रभात पाण्डेय : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) फरवरी-मार्च 2020 को जबलपुर में आयोजित गौ-कुंभ में कौन-कौन से स्थाई-अस्थाई निर्माण कार्य किसकी अनुमति से कराये गये एवं उन पर किस-किस योजना मद से कितनी-कितनी राशि व्यय की गई? निर्माणवार लागत सहित सूची देवें। (ख) प्रश्नांक (क) में उल्लेखित आयोजन हेतु क्या-क्या सामग्री किस दर पर किस नियम प्रक्रिया के तहत किस मद से क्रय की गई तथा कौन-कौन सी कितनी सामग्री निःशुल्क वितरित की गई? (ग) प्रश्नांक (क) में आयोजन पूर्व एवं पश्चात नर्मदा जल के शुद्धिकरण एवं पर्यावरण संरक्षण तथा साफ सफाई के कौन-कौन से कार्य कितनी लागत से काराये गये एवं यह भी बतलावें कि पर्यावरण की दृष्टि से आयोजित कार्यक्रमों एवं मेलों में क्या पॉलीथि‍न-पन्नियों का उपयोग प्रतिबंधित था? यदि नहीं, तो उसका दोषी कौन है? (घ) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित कुंभ का जबलपुर में आयोजन कब से कब तक किया गया, इस आयोजन में शासन की कुल कितनी राशि किस-किस मद में व्यय हुई, सूची देवें एवं क्या शासन इस संपूर्ण आयोजन में किये गये शासकीय धन के अपव्यय की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो किस प्रकार से कब तक? यदि नहीं, तो क्यों नही?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) कलेक्‍टर जबलपुर के आदेश क्रमांक 106/एफ.डब्‍ल्‍यू./2019, दिनांक 03.01.2020 एवं आदेश क्रमांक न.गौ.कुंभ/2019-20/468, दिनांक 20.02.2020 में दिये गये निर्देशों के परिपालन में नगर निगम द्वारा जलप्रदाय, प्रकाश, पार्किंग, पेवर ब्‍लॉक, मार्ग मरम्‍मत, अस्‍थाई शौचालय, कांक्रीट नाली निर्माण, पुताई, साफ-सफाई, शासकीय प्रदर्शनी आदि कार्य कराये गये। विवरण  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।                                                (ख) नगर पालिक निगम, जबलपुर द्वारा निर्धारित निविदा प्रक्रिया मध्‍यप्रदेश भण्‍डार क्रय नियम के अनुसार नगर निगम में उपलब्‍ध राशि से सामग्री क्रय की गई है। क्रय की गई सामग्री की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। नगर निगम, जबलपुर द्वारा कोई भी सामग्री का वितरण नि:शुल्‍क नहीं किया गया है। (ग) नर्मदा नदी में मिलने वाले नालों के दूषित जल के शुद्धीकरण हेतु पूर्व से ही दो मलजल शोधन संयंत्र स्‍थापित हैं। सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। आयोजन पश्‍चात आवश्‍यक साफ सफाई कराई गई। पर्यावरण की दृष्टि से आयोजित कार्यक्रम एवं मेले में पॉलीथिन पन्नियों का उपयोग पूर्णत: प्रतिबंधित किया गया था। (घ) माँ नर्मदा गौ कुंभ का आयोजन दिनांक 24.02.2020 से दिनांक 03.03.2020 तक किया गया था। इस आयोजन में शासन के द्वारा कोई भी राशि नगर निगम जबलपुर को उपलब्‍ध नहीं कराई गई है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

लॉकडाउन अवधि में अन्य राज्यों से आए श्रमिकों की संख्‍या

[राजस्व]

13. ( *क्र. 609 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                             (क) क्या लॉकडाउन के प्रथम सप्ताह में अन्य राज्यों से 08 लाख श्रमिक म.प्र. आये तथा शासन द्वारा उन्हें भोजन एवं दवा देकर उनके गांव भेजा गया? (ख) यदि हाँ, तो बतावें कि इस हेतु कब से कब तक कितनी बसें कहां-कहां लगाई गई? बस, भोजन पर कितना-कितना खर्च हुआ।                           (ग) क्या लॉकडाउन अवधि में 13.5 लाख श्रमिक अन्य राज्यों से म.प्र. आये तथा 1,45,567 श्रमिकों को एक हजार रूपये नगद सहायता दी गई? यदि हाँ, तो बतावें कि 13.5 लाख श्रमिकों में से मात्र 1.5 लाख को नगद सहायता क्यों दी गई? शेष 12 लाख श्रमिकों को सहायता क्यों नहीं दी गई, उन्हें दी जायेगी या नहीं? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) 13.5 लाख मजदूर के आने तथा 4.5 लाख को भेजने में परिवहन पर, भोजन पर कितना-कितना खर्च हुआ? कुल कितनी बसें कब से कब तक लगाई गई? 4.5 लाख श्रमिक को दूसरे राज्य में भेजने पर संबंधित राज्य से परिवहन खर्च कितना कितना लिया गया? यदि नहीं, तो क्यों?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जी नहीं। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) लॉकडाउन के दौरान लगभग 14 लाख नागरिक आये एवं लगभग 1.5 लाख श्रमिकों को प्रवासी मजदूर योजना के अन्‍तर्गत सहायता दी गई। सहायता उक्‍त योजना के पात्रता हेतु निर्धारित मापदण्‍ड के तहत दी गई। श्रमिक जो योजना के निर्देशानुसार पात्र नहीं हैं, को सहायता नहीं दी जावेगी। (घ) लगभग 150 करोड़ रूपये की राशि भोजन एवं परिवहन आदि पर व्‍यय हुई है। लगभग 29 हजार बसों को मार्च माह के अंतिम सप्‍ताह से माह जून तक लगाया गया था। संबंधित राज्‍य से परिवहन खर्च नहीं लिया गया है। सर्वोच्‍च न्‍यायालय के निर्देशों के अनुसार जहां मजदूर स्थित है, उन राज्‍यों को ही व्‍यय वहन करना है।

रायसेन जिले में सड़क एवं पुल निर्माण के स्‍वीकृत कार्य

[लोक निर्माण]

14. ( *क्र. 558 ) श्री रामपाल सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले में वर्ष 2015-16 से सितम्‍बर 20 तक की अवधि में बजट तथा अनुपूरक बजट में कौन-कौन सी सड़कें एवं पुल कितनी राशि के स्‍वीकृत हुए? (ख) उक्‍त स्‍वीकृत सड़क एवं पुलों में से सितम्‍बर 20 की स्थिति में किन-किन सड़कों तथा पुलों की निविदायें क्‍यों आमंत्रित नहीं की गईं? सड़क एवं पुलवार कारण बतायें तथा कब तक निविदायें आमंत्रित की जायेंगी? (ग) उक्‍त संबंध में 01 जनवरी, 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक मान. मंत्री जी, प्रमुख सचिव एवं प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग को तथा विभाग के अधिकारियों को रायसेन जिले के किन-किन विधायकों के पत्र कब-कब प्राप्‍त हुए तथा उक्‍त पत्रों पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के पत्रों के जबाव कब-कब दिये? यदि नहीं, तो कारण बतायें? उक्‍त पत्रों के जवाब कब तक देंगे?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।                            (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

पोषण आहार कार्यक्रम में अनियमितता की जांच

[महिला एवं बाल विकास]

15. ( *क्र. 474 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में माह मार्च 2020 से जुलाई 2020 तक कोरोना महामारी के चलते हुए लॉकडाउन अवधि में आंगनवाड़ी केन्‍द्रों से किस-किस प्रकार के पोषण आहार का कितना-कितना वितरण केन्‍द्रवार किया गया? खण्‍डवा जिले अन्‍तर्गत विधान सभा क्षेत्रवार जानकारी दें।                                           (ख) लॉकडाउन अवधि के दौरान खण्‍डवा जिले में महिला बाल विकास विभाग द्वारा कितने आंगनवा‍ड़ी केन्‍द्रों पर क्‍या-क्‍या सामग्री कितनी राशि की वितरित की गई? (ग) क्‍या विभाग द्वारा जिलेभर में आंगनवाड़ी केन्‍द्रों पर पोषण आहार वितरण करने में गंभीर लापरवाही बरती गई है तथा कई आंगनवाड़ी केन्‍द्रों को पोषण आहार वितरित नहीं किया गया एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं पर दबाव बना कर प्राप्ति हस्‍ताक्षर लिये गये? (घ) यदि हाँ, तो लॉकडाउन अवधि के दौरान विभाग द्वारा वि‍तरित किये गये पोषण आहार का कितनी राशि का भुगतान किस-किस एजेंसी को किया गया तथा कितनी राशि दी गई है? क्‍या उक्‍त भुगतान में हुए व्‍यापक भ्रष्‍टाचार की उच्‍चस्‍तरीय जांच के आदेश प्रदान किये जायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती इमरती देवी ) : (क) प्रदेश में माह मार्च 2020 से जुलाई 2020 तक कोरोना महामारी के चलते हुए लॉकडाउन अवधि में आंगनवाड़ी केन्द्रों से टेकहोम राशन तथा रेडी टू ईट के रूप में निर्धारित मात्रा में पूरक पोषण आहार का वितरण किया गया। इस अवधि में खण्डवा जिले के 1682 आंगनवाडी केन्द्रों में वितरित टेकहोम राशन तथा रेडी-टू-ईट की जिले से प्राप्त केन्द्रवार विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के                              प्रपत्र-अनुसार है। (ख) लॉकडाउन अवधि के दौरान खण्डवा जिले में जिला कलेक्टर के अनुमोदन से आजीविका मिशन जिला खण्डवा के माध्यम से आंगनवाड़ी केन्द्रों पर 7000 नग कपड़े के टू लेयर मास्क प्रतिनग रू. 10/- के मान से रू. 70,000/- की वितरित की गई। (ग) खण्डवा जिले में पूरक पोषण आहार वितरण की आकस्मिक जांच संचालनालय स्तर से कराई गई है।                                        (घ) स्व-सहायता समूहों को 13910.18 क्विंटल रेडी टू ईट के तहत राशि रू. 39756228/- भुगतान की गई। विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार है। जिले में पूरक पोषण आहार वितरण की जांच संचालनालय स्तर से की गई है।

विदिशा जिले में मैना, मीना एवं मीणा को एक समान जाति वर्ग में शामिल करना

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

16. ( *क्र. 703 ) श्रीमती लीना संजय जैन : क्या पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में निवासरत मैना, मीना, मीणा एक ही जाति के नागरिक हैं? क्‍या यह भी सत्‍य है कि जिला विदिशा में उक्‍त तीनों जातियों को तहसीलवार                 अलग-अलग जाति वर्ग जैसे अनुसूचित जन जाति, पिछड़ा वर्ग एवं सामान्‍य वर्ग में रखा गया है? (ख) यदि हाँ, तो जिला विदिशा में तहसीलवार बतावें कि मैना, मीना एवं मीणा किस किस जाति वर्ग में शामिल किये गये हैं? किस-किस आधार पर अलग-अलग वर्गों में शामिल हैं? (ग) यदि उपरोक्‍त को अलग-अलग तहसील में अलग-अलग जाति वर्ग में रखा गया है, तो क्‍या यह न्‍याय संगत है? यदि नहीं, तो क्‍या शासन सामान्‍य एवं पिछड़ा वर्गों में विभाजित को पिछड़ा वर्ग में रखकर समान रूपता में लाने की कार्यवाही करेगा? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें?

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ( श्री रामखेलावन पटेल ) : (क) शासन अधिसूचना अनुसार पिछड़ा वर्ग तथा अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण विभाग, मंत्रालय, भोपाल दिनांक 02.04.1997 की पिछड़ा वर्ग की सूची क्रमांक-21 पर नाम जाति/उपजाति/वर्ग समूह में मीना (रावत) देशवाली, मेवाती, मीणा (विदिशा जिले की सिरौंज एवं लटेरी तहसील को छोड़कर) है। यह परंपरागत व्‍यवसाय से कृषक हैं। (कैफि‍यत (4) कालम अनुसार) रावत मीना जाति की उपजाति है, जो ब्राम्‍हण नहीं है। मीणा/मीना सिरोंज तहसील में अनुसूचित जनजाति में घोषित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। THE SCHEDULED CAST AND SCHEDULED TRIBLES ORDERS (AMENDMENT) ACT: 2002 DATE 7 JANURAY 2003 के तहत् प्रविष्टि क्रमांक 32 से मीना को अनुसूचित जनजाति सूची से विलोपित किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) उत्‍तर (क) अनुसार। (ग) प्रश्‍न उपस्‍थित नहीं होता।


सहा. जनसम्पर्क अधि. की परियोजना अधिकारी पद पर नियुक्ति‍

[नगरीय विकास एवं आवास]

17. ( *क्र. 228 ) श्री अनिरुध्द (माधव) मारू : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नगर परिषद के सहायक जनसम्पर्क अधिकारी को जिले में परियोजना अधिकारी डूडा के पद पर नियुक्त किया जा सकता है? यदि नहीं, तो नीमच में श्री एस कुमार को परियोजना अधिकारी के पद पर किस आधार पर नियुक्ति दी गई? (ख) क्या इस प्रकार पद प्राप्त कर्मचारी को परियोजना अधिकारी का वेतनमान दिया जा सकता है? यदि नहीं, तो किसके आदेश से उक्त एस कुमार को इस पद का वेतनमान दिया गया और क्या इस वेतनमान का अनुमोदन शासन से प्राप्त किया गया? यदि नहीं, तो किस अधिकार से इनको उक्त वेतनमान दिया गया और क्या इस अनुचित लाभ की रिकवरी सम्बंधित से वसूल की जाकर उसके विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जावेगी? (ग) श्री एस कुमार, सहायक जनसम्पर्क अधिकारी की मूल सेवा पुस्तिका (प्रथम नियुक्ति दिनांक 17.07.1987 से वर्तमान तक की स्थिति) एवं नियुक्ति, पदोन्‍नति, नियमि‍तीकरण सबंधी आदेश की प्रति उपलब्ध करायें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। प्रशासकीय व्‍यवस्‍था को दृष्टिगत रखते हुये श्री एस. कुमार, सहायक जनसंपर्क अधिकारी को परियोजना अधिकारी के पद पर पदस्‍थ किया गया है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नही। श्री एस. कुमार मूल पद का वेतन प्राप्‍त कर रहे हैं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है।

अमानक तथा गुणवत्ताहीन धान उपार्जन के दोषियों पर कार्यवाही

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

18. ( *क्र. 480 ) श्री विनय सक्सेना : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                           (क) जबलपुर जिले में खरीफ उपार्जन वर्ष 2019-20 के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की प्रक्रिया में विभिन्न समितियों द्वारा कितनी-कितनी मात्रा में तथा कितने मूल्य का अमानक तथा गुणवत्ताहीन धान उपार्जित किया गया? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में उक्त अनियमितता हेतु कौन-कौन समितियां/अधिकारी जिम्मेदार हैं? उनके नाम बतावें तथा उन पर क्या-क्या कार्यवाही की गयी? (ग) अमानक तथा गुणवत्ताहीन धान उपार्जित होने से शासन को कितनी आर्थिक क्षति हुई? (घ) क्या शासन को हुई आर्थिक क्षति की वसूली जिम्मेदार अफसरों एवं समितियों से की जायेगी?

खाद्य मंत्री ( श्री बिसाहूलाल सिंह ) :  (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

विधानसभा क्षेत्र धरमपुरी अंतर्गत सड़कों का निर्माण

[लोक निर्माण]

19. ( *क्र. 700 ) श्री पाँचीलाल मेड़ा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र धरमपुरी जिला धार के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग की वर्तमान में कौन-कौन सी नवीन सड़कें कितनी-कितनी दूरी की कितनी लागत की कब-कब स्‍वीकृत की गई एवं पूर्व से कितनी एवं कौन-कौन सी सड़कें निर्माणाधीन हैं? अनुबंधानुसार उन सड़कों का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण किया जाना है? सड़कों के नाम सहित पूर्ण विवरण दें। (ख) क्‍या उक्‍त सड़कों का निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है? यदि हाँ, तो किस-किस सड़क का निर्माण कार्य कब प्रारंभ हुआ एवं वर्तमान में सड़कों की स्थिति क्‍या है? सड़कों के नाम सहित पूर्ण विवरण दें। (ग) क्‍या कुछ सड़कों का निर्माण कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं किया जा सका है? यदि हाँ, तो सड़कों का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किए जाने के क्‍या कारण हैं एवं निर्माणाधीन सड़कों का कार्य कब तक पूर्ण करा लिया जाएगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) से (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।  

परिशिष्ट - "दो"

आदिवासी भूमि का गैर आदिवासी भूमि में परिवर्तन

[राजस्व]

20. ( *क्र. 613 ) श्री हर्ष विजय गेहलोत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रतलाम जिले में वर्ष 2014 से 2019 तक कितनी अहस्‍तांतरणीय जमीन को हस्‍तांतरणीय किया गया? खसरा खाता क्रमांक, रकबा, गांव का नाम तथा व्‍यक्ति का नाम सहित सूची देवें तथा आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें? (ख) रतलाम जिले में आदिवासी की जमीन गैर आदिवासी को विक्रय की अनुमति धारा 165 (6) में 2009 से 2019 तक कितने प्रकरण में दी गई तथा कुल जमीन का रकबा कितना है तथा उक्‍त अवधि में कितने आवेदन निरस्‍त किये गये? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (ख) विक्रित जमीन की विभिन्‍न स्‍तर पर शिकायत होने पर शासन स्‍तर पर जांच की गई? जांच प्रतिवेदन की प्रति देवें तथा बतावें की उक्‍त अवधि में संभागायुक्‍त द्वारा अपने स्‍तर पर किस-किस आवेदन पर अनुमति दी गई? क्‍या यह कानून उचित है? (घ) क्‍या आदिवासी जमीन का डायवर्जन कराने के बाद बिना अनुमति गैर आदिवासी को बेच सकता है? यदि नहीं, तो रतलाम, इन्‍दौर जिले में ऐसे प्रकरणों की सम्‍पूर्ण जानकारी विक्रेता, क्रेता का नाम, खसरा, रकबा सहित सूची दें तथा की गई कार्यवाही से अवगत करावें 

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) प्रश्नांश में वर्णित अवधि में रतलाम जिले में अहस्तांतरणीय जमीन को हस्तांतरणीय किये जाने संबंधी प्रकरण संज्ञान में नहीं आया है। अतः जानकारी निरंक है। (ख) प्रश्नांश में वर्णित अवधि में रतलाम जिले में धारा 165 (6) अंतर्गत 265 प्रकरणों में 203.468 हे. भूमि विक्रय की अनुमति दी गई है तथा प्रश्नांश अवधि में 274 आवेदन निरस्त किये गये हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '', '' अनुसार है। (ग) जी हाँ। जांच प्रतिवेदन की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अनुसार है। संभागायुक्‍त उज्‍जैन स्‍तर पर कार्य विभाजन अनुसार म.प्र. भू-राजस्‍व संहिता, 1959 की धारा 165 (6) एवं 165 (7) की अपील न्‍यायालय अपर आयुक्‍त, उज्‍जैन संभाग में प्रचलित होने से वर्ष 2009 से 2019 तक निराकृत अनुमति प्रकरणों का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। जी हाँ। (घ) जी नहीं। म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 165 (6) (दो) अंतर्गत किसी आदिवासी की भूमि का अंतरण बिना सक्षम अनुमति के संभव नहीं होने से रतलाम व इन्‍दौर जिलों में बिना अनुमति आदिवासी भूमिस्‍वामी की भूमि गैर आदिवासी को अंतरित की जाने की जानकारी निरंक है।

निगमों में आयुष चिकित्‍सकों को यथावत रखा जाना

[नगरीय विकास एवं आवास]

21. ( *क्र. 114 ) श्री विजयराघवेन्द्र सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधान सभा तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 1372 प्रश्‍नोत्‍तरी दिनांक 23.03.2018 में उत्‍तर दिया गया कि निगम में कार्यरत दैनिक वेतन आयुष चिकित्‍सक उच्‍च कुशल श्रमिक दर पर भुगतान हेतु मापदण्‍ड पूर्ण न होने के कारण पात्रता नहीं रखते हैं? यदि हाँ, तो उच्‍च कुशल श्रमिक दर पर भुगतान करने के शासन के क्‍या मापदण्‍ड हैं एवं नगर निगम कटनी के आयुष चिकित्‍सक की शैक्षणिक योग्‍यता एवं कितने वर्षों से कार्यरत हैं एवं किन कारणों से मापदण्‍ड पूर्ण नहीं करते, उसका पूर्ण विवरण दें? उक्‍त आयुष चिकित्‍सक मापदण्‍डों को पूर्ण करने के बाद भी उन्‍हें उच्‍च कुशल श्रमिक दर पर भी वेतन भुगतान न करने के लिए कौन दोषी है एवं उन पर क्‍या कार्यवा‍ही की जावेगी? (ख) नगर पालिक निगम कटनी में कार्यरत आयुष चिकित्‍सकों को कार्य पर रखे जाने हेतु एम.आई.सी. निर्णय दिनांक 29.12.2010 एवं वेतन भुगतान हेतु एम.आई.सी. निर्णय दिनांक 02.07.2012 को बिना समय-सीमा निर्धारण के स्‍वीकृति‍ प्रदान की गई? यदि हाँ, तो उक्‍त चिकित्‍सक इन्‍ही एम.आई.सी. स्‍वीकृति‍ पर लगातार कार्यरत हैं? यदि नहीं, तो उक्‍त दिनांकों के निर्णयों को कब समाप्‍त किया गया या उक्‍त निर्णय के परिप्रेक्ष्‍य में अन्‍य कोई निर्णय लिया गया, तो प्रति दें। साथ ही उक्‍त चिकित्‍सकों से वर्ष 2010 से लगातार कार्य पर रखने हेतु कब-कब एवं कितनी बार एम.आई.सी. से स्‍वीकृति‍ प्राप्‍त की गई? सभी एम.आई.सी. निर्णयों की प्रति दें                                    (ग) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में नगर पालिक निगम कटनी में कार्यरत दैनिक वेतन आयुष चिकित्‍सकों के द्वारा वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी बार आवेदन पत्र प्रस्‍तुत कर उच्‍च कुशल श्रमिक दर पर भुगतान हेतु निवेदन किया गया? उन आवेदन पत्रों की प्रति दें एवं उन आवेदन पत्रों पर की गई कार्यवाही का विवरण आवेदनवार, कार्यवाहीवार दें तथा नोटशीट की प्रति उपलब्‍ध करावें एवं उक्‍त आयुष चिकित्‍सकों को कब तक उच्‍च कुशल श्रमिक दर पर भुगतान करने के आदेश जारी किये जावेंगे?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। म.प्र. राजपत्र दिनांक 14 अक्टूबर, 2014 में उल्लेखित है कि उच्‍च कुशल में कम्प्यूटर ऑपरेटर, स्टेनोग्राफर, डिप्लोमाधारी, टेक्‍नीकल, डिप्लोमाधारी एवं इसके समकक्ष पद आदि को मान्य किया गया है, वर्तमान में नगर पालिक निगम कटनी में आदर्श कार्मिक संरचना प्रभावशील है। आदर्श कार्मिक संरचना में चिकित्सक के पद नहीं हैं। आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में चिकित्सकों को निःशुल्क सेवा दोपहर 02 बजे से 04 बजे तक प्रदान करने की अनुमति प्रदान की गई थी, इसके पश्‍चात आवेदकों के आवेदन पर मेयर-इन-काउंसिल के प्रस्ताव अन्य विषय क्रमांक (iii) दिनांक 02.07.2012 से कुशल श्रमिक दर का भुगतान करने की स्वीकृति प्रदान की गई थी। तत्कालीन आयुक्त द्वारा स्वास्थ्य विभाग के श्रमिकों की सामूहिक स्वीकृति में उक्त आवेदकों को सम्मिलित किया गया एवं समय-समय पर स्वीकृति प्राप्त करते हुये कुशल श्रमिक दर से उक्त आवेदकों से चिकित्सा संबंधी कार्य नहीं लिया जा रहा है। आवेदकों द्वारा मई 2020 में उच्‍च कुशल का वेतन भुगतान की मांग की गई है, परन्तु औषधालय बंद होने के कारण स्वीकृति संबंधी निर्णय नहीं लिया गया, जिससे उक्त आवेदकों को उच्‍च कुशल श्रमिक दर से पारिश्रमिक का भुगतान नहीं किया जा रहा है, वर्तमान में उक्त आवेदकों से कार्यालय में कुशल श्रमिक के रूप में लिपिकीय सहयोगी का कार्य लिया जा रहा है, इसलिये उच्‍च कुशल श्रमिक दर का पारिश्रमिक भुगतान नहीं किया जा रहा है। इसके लिये कोई अधिकारी/कर्मचारी दोषी नहीं है। (ख) नगर पालिक निगम कटनी में कार्यरत चिकित्सकों को एम.आई.सी. की बैठक दिनांक 29.12.2010 अन्य विषय (iii) में आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में निःशुल्क सेवा प्रदान करने की अनुमति दी गई थी, तदानुसार आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में प्रतिदिन दोपहर 2:00 बजे से 4:00 बजे तक होम्योपैथिक चिकित्सक निःशुल्क परामर्श जनहित में दिये जाने हेतु श्री दीपक अग्निहोत्री एवं श्री पी.डी. पयासी को कार्यालयीन पत्र जारी किये गये थे। इसके पश्‍चात एम.आई.सी. की बैठक दिनांक 02.07.2012 के अन्य विषय के प्रस्ताव क्रमांक (iii) द्वारा    श्री दीपक अग्निहोत्री एवं पी.डी. पयासी को कुशल श्रमिक पद पर भुगतान किये जाने की सर्वसम्मति से स्वीकृत प्रदान की गई थी एवं समय-समय पर प्रत्येक माह में 29-29 दिवस की स्वीकृत प्राप्त करते हुए एम.आई.सी. की स्वीकृति दिनांक 02.07.2012 के अनुसार उक्त आवेदकों को कुशल श्रमिक के पारिश्रमिक का भुगतान किया जा रहा है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) प्रश्नांक (क) के परिप्रेक्ष्य में नगर पालिक निगम, कटनी में कार्यरत दैनिक वेतन चिकित्सकों के द्वारा वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक उच्‍च कुशल श्रमिक दर भुगतान हेतु दिनांकवार प्राप्‍त आवेदन पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। उक्त आवेदकों द्वारा मई 2020 में उच्‍च कुशल का वेतन भुगतान की मांग की गई है, परंतु औषधालय बंद होने के कारण स्वीकृति‍ संबंधी निर्णय नहीं लिया गया, इसलिये उक्त आवेदकों को उच्‍च कुशल श्रमिक दर के पारिश्रमिक का भुगतान नहीं किया जा रहा है। आवेदनवार की गई कार्यवाही की नोटशीट की प्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। स्वास्थ्य विभाग हेतु सफाई संरक्षक के साथ सामूहिक स्वीकृति प्राप्त की गई है तथा उक्त आवेदकों से वर्तमान में चिकित्सा संबंधी कार्य नहीं लिया जा रहा है। इसलिये उच्‍च कुशल श्रमिक का पारिश्रमिक का भुगतान नहीं किया जा रहा है।

ग्‍वालियर में एक हजार बिस्‍तरीय अस्‍पताल का समय-सीमा में निर्माण

[चिकित्सा शिक्षा]

22. ( *क्र. 745 ) श्री प्रवीण पाठक : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ग्‍वालियर में एक हजार बिस्‍तर का अस्‍पताल निर्माणधीन है? यदि हाँ, तो अनुबंध के अनुसार उक्‍त अस्‍पताल का कार्य कब तक पूर्ण होना है? (ख) अनुबंध के अनुसार प्रश्‍न दिनांक तक कितना कार्य हो जाना चाहिए था? क्‍या उतना कार्य पूर्ण हुआ है? यदि नहीं, तो उसके क्‍या कारण हैं?  इस हेतु उत्‍तरदायी ठेकेदार और अधिकारियों पर क्‍या कार्यवाही हुई, निर्धारित कार्य कब तक पूर्ण हो जाएगा? (ग) निर्माण कार्य की गुणवत्‍ता की जांच किस अधिकारी द्वारा कब-कब की गई एवं सत्‍यापन में क्‍या-क्‍या कमी पायी गई?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। अनुबंध अनुसार अस्‍पताल का कार्य दिनांक 16.06.2021 तक पूर्ण होना है। (ख) अनुबंधानुसार प्रश्‍न दिनांक तक प्रगति 52.40 प्रतिशत अनुमानित थी, वर्तमान में 25 प्रतिशत तक कार्य हुआ है। जी न‍हीं, अस्‍पताल हेतु आरक्षित भूमि दिनांक 25.01.2019 को आवंटित होने के कारण कार्य में विलंब हुआ। ठेकेदार को कार्य की गति बढ़ाने हेतु समय-समय पर पत्र एवं नोटिस जारी किये गये हैं। अस्‍पताल का कार्य दिनांक 31.12.2021 तक पूर्ण होने की संभावना है। (ग) निर्माण की गुणवत्‍ता की समय-समय पर जांच अतिरिक्‍त परियोजना संचालक पी.आई.यू. तथा संभागीय परियोजना यंत्री द्वारा की जाती है। किये गये निरीक्षण एवं पाई गई कमियों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "तीन"

सागर नगर में बी.एल.सी. योजना का लाभ

[नगरीय विकास एवं आवास]

23. ( *क्र. 400 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर नगर में जब से बी.एल.सी. योजना लागू हुई है, तब से प्रश्न दिनांक तक कितने लोगों के आवेदन प्राप्त हुये तथा कितनों की डी.पी.आर. स्वीकृत कर इस योजना का लाभ दिया गया है? (ख) कितने हितग्राहियों की सभी किस्तों का भुगतान कर दिया गया है तथा कितने हितग्राहियों की कौन-कौन सी किस्तें लंबित हैं? लंबित किस्तों का भुगतान कब तक कर दिया जायेगा? (ग) प्रश्न दिनांक तक योजनांतर्गत कितने आवेदन लंबित हैं? लंबित आवेदनों पर क्या कार्यवाही प्रचलन में है? इन्हें कब तक स्वीकृति प्रदान कर भुगतान कराया जावेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) प्रश्नाधीन अवधि में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के बी.एल.सी. घटक में कुल 11,224 पात्र आवेदन पत्र प्राप्त हुए इन सभी पात्र हितग्राहियों को योजना में शामिल कर योजना का लाभ दिये जाने हेतु कुल 06 डी.पी.आर. स्वीकृत की गई है। (ख) प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के बी.एल.सी. घटक अन्तर्गत 4987 हितग्राहियों को समस्त किश्तों को भुगतान कर दिया गया है। योजनान्तर्गत 2185 हितग्राहियों को प्रथम किश्त, 764 हितग्राहियों को द्वितीय किश्त तथा 595 हितग्राहियों को तृतीय किश्त भुगतान हेतु लंबित है। हितग्राहियों को किश्तों का भुगतान उनके कार्य की प्रगति तथा उसके जिओटेगिंग के आधार पर किया जाता है, अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) प्रश्न दिनांक तक योजनान्तर्गत बी.एल.सी. लाभ हेतु हितग्राहियों के कोई भी आवेदन लंबित नहीं है, जिससे शेष प्रश्नांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

दमोह जिले के अंतर्गत सीमेन्ट कम्पनी की स्‍थापना

[राजस्व]

24. ( *क्र. 297 ) श्री राहुल सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                               (क) दमोह जिले के इमलाई एवं महुआखेड़ा ग्राम में सीमेन्ट कम्पनी की स्थापना किस वर्ष की गई? (ख) उद्योग विभाग द्वारा उद्योग स्थापित करने हेतु कुल कितनी भूमि अर्जित की गई? अर्जित जमीन किन किसानों की ली गई, जिन किसानों की भूमि अर्जित की गई तो क्या उन किसानों को भूमि का मुआवजा दिया गया था? यदि हाँ, तो कितना, भूमि स्वामी का नाम खसरा नंबर सहित सूची उपलब्ध करायें (ग) प्रश्नांश (क) में वर्णित उद्योग के विस्तारीकरण के लिए इमलाई/महुआखेड़ा क्षेत्र में बाद में किन किसानों की भूमि क्रय की गई? नाम खसरा सहित बतायें (घ) प्रश्नांश (ग) एवं (घ) में कंपनी आदि अन्य क्रेतागणों को विक्रय करने वाले सभी कृषक उक्त भूमियों के वास्तविक भूमि स्वामी थे या विधिवत प्रकरणों के आधार पर ही भूमि स्वामी बनाये गये थे? यदि नहीं, तो विधिक प्रक्रिया पालन किये बिना कोई भी व्यक्ति किसी अन्य की भूमि का विक्रय किस आधार पर कर सकता है?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) दमोह जिले के इमलाई एवं महुआखेड़ा ग्राम में सीमेन्ट कम्पनी की स्थापना वर्ष 1983 में हुई है। (ख) उद्योग विभाग द्वारा उद्योग स्थापित करने के लिए इमलाई एवं महुआखेड़ा ग्राम में कुल 14.693 हे. निजी भूमि भू-अर्जन अधिनियम के अंतर्गत अर्जित कर एवं कुल 1.740 हे. शासकीय भूमि, औद्योगिक लीज में प्रदान की गयी हैविवरण संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। सक्षम अधिकारियों द्वारा निर्धारित मुआवजा राशि का भुगतान किया गया हैविवरण संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) उद्योग के विस्तारीकरण की अवधि वर्ष (वर्ष 2010 से फरवरी 2013) के दौरान इमलाई/महुआखेड़ा क्षेत्र में उद्योग विभाग द्वारा क्रय की गयी भूमि संबंधी वांछित विवरण संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) प्रश्‍नांश (ग) में वर्णित उद्योग के विस्‍तारीकरण के लिए इमलाई/महुआखेड़ा क्षेत्र में खसरे में दर्ज धारकों को नियमानुसार मुआवजा वितरण किया गया।

परिशिष्ट - "चार"

जिला तहसील हल्‍का मौजा छतरपुर के खसरा नंबरों में नाम परिवर्तन

[राजस्व]

25. ( *क्र. 621 ) श्री राजेश कुमार प्रजापति : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला तहसील हल्‍का मौजा छतरपुर खसरा नं. 132 एवं 133 में वर्ष 1960 से 1970 तक            किस-किस के नाम परिवर्तन किये गये थे? क्‍या उक्‍त नाम परिवर्तन नामांतरण पंजी में दर्ज किये गये थे? यदि हाँ, तो नामांतरण पंजी की प्रति उपलब्‍ध करायें (ख) उक्‍त हल्‍का मौजा के खसरा नं. 241 से 250, 288 से 301, 618 से 630 एवं 644 पर बन्‍दोबस्‍त से प्रश्‍न दिनांक तक कब-कब नाम परिवर्तन किया गया था? क्‍या उक्‍त नाम परिवर्तन शासन के नियम व निर्देशों के अनुसार सक्षम अधिकारी के आदेश से किये गये थे? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार यदि हाँ, तो उक्‍त आदेशों की प्रति उपलब्‍ध करायें क्‍या उक्‍त खसरा नंबरों में माफी लेख था? यदि हाँ, तो उक्‍त खसरा नंबरों में क्‍यों माफी लेख किया गया था? कारण स्‍पष्‍ट करें। क्‍या उक्‍त भूमि धार्मिक स्‍थल की थी? यदि हाँ, तो उक्‍त भूमि किस धार्मिक स्‍थल की थी? (घ) जिला छतरपुर के धर्मान्‍तरण रजिस्‍टर में विहारी जू बाजार मंदिर के नाम कौन-कौन से खसरा नंबरों की कितनी भूमि दर्ज है?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) तहसील छतरपुर के मौजा छतरपुर के खसरा नम्‍बर 132 एवं 133 में वर्ष 1960 से 1970 तक जो परिवर्तन दर्ज हुए वह सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। आदेशों की प्रति अभिलेखागार में अनुपलब्‍ध है। (ख) मौजा छतरपुर के खसरा नम्‍बर 241 से 250, 288 से 301, खसरा नम्‍बर 618 से 630 एवं खसरा नम्बर 644 पर बंदोबस्त से प्रश्‍न दिनांक तक नाम परिवर्तन का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। खसरों में अंकित टीप के अनुसार उक्‍त सभी परिवर्तन सक्षम अधिकारी द्वारा किए गए हैं। (ग) जी हाँ। उपलब्‍ध आदेशों की प्रतियां पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। प्रश्‍नाधीन खसरा नम्‍बरों में माफी दर्ज हैविवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। माफी लेख किए जाने का कारण स्‍पष्‍ट नहीं है। भूमि निजी है, किसी सार्वजनिक या धार्मिक स्‍थल की नहीं है। (घ) मौजा छतरपुर के खसरा नबर 1306 रकवा 0.101 हे., .नं. 1307 रकवा 2.047 हे., .नं. 1638 रकवा 2.772 हे. कुल किता 03 रकवा 4.920 हे. भूमि मंदिर श्री बिहारी जू कुंजन प्रबंधक पुजारी स्‍वामी प्रसाद तनय नाथूराम प्रबंधक जिलाध्‍यक्ष (कलेक्‍टर) छतरपुर म.प्र. के नाम दर्ज है। खसरा प्रतिलिपि पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

 

 

 

 

 







 


भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


छतरपुर मेडिकल कॉलेज का निर्माण

[चिकित्सा शिक्षा]

1. ( क्र. 12 ) श्री आलोक चतुर्वेदी : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या छतरपुर में मेडिकल कॉलेज खोलने की स्वीकृति राज्य शासन के द्वारा दी गई थी? यदि हाँ, तो कब? आदेश प्रदाय करें। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुक्रम में शासन की स्वीकृति उपरांत मेडिकल कॉलेज खोलने के संबंध में क्या-क्या कार्यवाही की गयी? प्रतियाँ प्रदाय करे। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के अनुक्रम में कितना बजट कब-कब प्रदाय किया गया? कितनी राशि का उपयोग किया जा चुका है? (घ) क्या छतरपुर मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू हो चुका है? यदि नहीं, तो क्यों? इसके निर्माण में क्या कठिनाई आ रही है तथा उनका निराकरण कब तक किया जा सकेगा?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार। (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुक्रम में चाही गई  जानकारी  संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) मंत्रि-परिषद से प्राप्‍त स्‍वीकृति अंतर्गत छतरपुर मेडिकल कॉलेज के भवन एवं परिसर के निर्माण हेतु प्रशास‍कीय तथा तकनीकी स्‍वीकृति जारी की गयी, तत्‍पश्‍चात् निविदा आमंत्रित की गयी, निविदा की वित्‍तीय दर स्‍वीकृत नहीं हुई। वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धता के परिप्रेक्ष्‍य में नीतिगत निर्णय नहीं होने से बजट प्रावधान नहीं हुआ। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "पांच"

रामकी द्वारा फर्जी तरीके से हजारडस्ट वेस्ट व वेस्ट एसिड का निपटान

[पर्यावरण]

2. ( क्र. 19 ) श्री दिलीप सिंह गुर्जर : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदौर पीथमपुर स्थित रामकी कम्पनी को कौन-कौन से उद्योगों द्वारा  कितनी-कितनी मात्रा में हजारडस्ट वेस्ट (खतरनाक अपशिष्ट) व वेस्ट एसिड 1 जनवरी 2019 से 26 अगस्त 2020 तक प्राप्त हुआ, की जानकारी उद्योगवार, परिवहनकर्ता ट्रांसपोर्टवार व दिनांकवार उपलब्ध कराये। (ख) रामकी कम्पनी को नागदा स्थित उद्योगों से कितनी-कितनी मात्रा में हजारडस्ट वेस्ट व वेस्ट एसिड निपटान हेतु 1 जनवरी 2019 से 26 अगस्त 2020 तक प्राप्त हुआ? सम्पूर्ण जानकारी पृथक-पृथक उद्योगवार, परिवहनकर्ता ट्रांसपोर्टवार व दिनांकवार उपलब्ध करायें। (ग) प्रदूषण विभाग द्वारा मध्यप्रदेश में हजारडस्ट वेस्ट व वेस्ट एसिड के निपटान के लिए रामकी पीथमपुर सहित किन-किन उद्योगों को कितनी क्षमता के लायसेंस कब जारी किए गए हैं? जारी करने की तारीख व वैध अवधि सहित उद्योग के नाम, प्रतिदिन निपटानवार क्षमता सहित आदेश की प्रति उपलब्ध कराते हुए विवरण दें। (घ) नागदा में स्थित उद्योगों से 1 जनवरी 2019 से           26 अगस्त 2020 तक कितना हजारडस्ट वेस्ट व वेस्ट एसिड निकला है? कौन-कौन से उद्योगों से निस्तारण हेतु किन-किन ट्रांसपोर्टरों द्वारा कितनी-कितनी मात्रा में पहुँचाया गया? दिनांकवार विवरण दें।

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री हरदीपसिंह डंग ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) नागदा स्थित उद्योगों संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' में समाहित है। (ग) मध्यप्रदेश शासन के अन्तर्गत पृथक से प्रदूषण विभाग निर्मित नहीं है तथापि शासन के पर्यावरण विभाग के अन्तर्गत म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा परिसंकटमय अपशिष्टों के निपटान हेतु जारी प्राधिकार संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  '''' अनुसार है।

नागदा/खाचरौद नगर पालिकाओं में कोरोना राशि‍ में अनियमितताएं

[नगरीय विकास एवं आवास]

3. ( क्र. 20 ) श्री दिलीप सिंह गुर्जर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 मार्च 2020 से 27 अगस्त 2020 तक शासन से नगर पालिका नागदा व खाचरौद को कोविड-19 कोरोना के सुरक्षा एवं रोकथाम हेतु कितनी राशि‍ विभिन्न मदों में प्राप्त हुई? उनका खर्च किन-किन कार्यों हेतु कितनी-कितनी राशि‍ का किया गया? क्या शासन से प्राप्त राशि‍ के अलावा अन्य नगर पालिका निधि से भी खर्च किया गया है? सम्पूर्ण खर्च का विवरण दिनांकवार, पृथक-पृथक नगरपालिकावार दें। (ख) नगर पालिका नागदा-खाचरौद द्वारा 1 मार्च 2020 से 27 अगस्त तक किस दिनांक को शासकीय टेण्डर विज्ञप्ति को छोड़कर कोरोना कोविड-19 के लिए समाचार पत्रों में कितनी राशि‍ के विज्ञापन भी दिये गये थे? दिये गये विज्ञापन अखबार की छायाप्रति/बि‍ल के विवरण सहित जानकारी दें। (ग) नगर पालिका नागदा-खाचरौद में कितने हितग्राही है जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना की सम्पूर्ण राशि‍ प्राप्त हो गई है? नाम, वार्ड सहित विवरण दें। (घ) ऐसे कितने हितग्राही है जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जाना बाकी है? ऐसे कितने हितग्राही शेष है जिनके जीओ टेगिंग प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद द्वितीय व तृतीय किस्‍त जारी नहीं हुई है? जारी नहीं होने का क्या कारण है? कब तक द्वितीय, तृतीय किस्‍त जारी कर दी जाएगी? हितग्राहियों के नाम सहित सम्पूर्ण विवरण दें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) एवं (ख) की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) एवं (घ) की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।

नल-जल योजना में कराये गए कार्य

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

4. ( क्र. 28 ) श्री ग्‍यारसी लाल रावत : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2016-17 से 31 मार्च 2020 तक बड़वानी जिले में नल जल योजना के तहत कार्य कराये गए हो तो सेंधवा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत किन ग्रामो में उक्त योजना से कितनी लागत के कार्य करवाए गए? कार्य एजेंसिया एवं कराये गए कार्यों के विवरण सहित जानकारी दें तथा वर्तमान में कितने ग्रामो में उक्त योजना का लाभ ग्रामीणों को मिल रहा है तथा किन-किन ग्रामों की योजनाएं बंद पड़ी हैं? (ख) क्या बंद पड़ी नल-जल योजना को पुनः प्रारंभ कराने की कार्यवाही की जावेगी? अगर हां तो कब तक? नहीं तो क्या उक्त योजना के बंद होने का कारण गुणवत्ताविहीन होना था तो कार्य एजेंसियों से वसूली की कार्यवाही एवं सम्बंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार क्या कार्यवाही कब तक की जावेगी? (ग) क्या विभाग द्वारा पेयजल के संकट के स्थायी समाधान हेतु कोई योजना तैयार की गयी है यदि हाँ, तो जमीनी स्तर पर योजना का क्रियान्‍वयन कब तक किया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) प्रश्नांकित अवधि में 06 ग्रामों में लागत रू. 975.34 लाख के कार्य करवाए गये हैं, शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है वर्तमान में 06 ग्राम के सभी ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध हो रहा है, कोई भी योजना बंद नहीं है। (ख) उत्तरांश () के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जल जीवन मिशन के अंतर्गत अद्यतन 9 ग्रामों में नलजल योजना कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति दी गयी है, जमीनी स्तर पर इन योजनाओं के क्रियान्वयन की निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति

[महिला एवं बाल विकास]

5. ( क्र. 29 ) श्री ग्‍यारसी लाल रावत : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सन 2016 से लेकर 31 मार्च 2020 तक महिला एवं बाल विकास के अंतर्गत बड़वानी जिले के सेंधवा विधानसभा क्षेत्र में जिन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति की गयी उनकी नियुक्तिवार नाम, पता, नियुक्ति स्थान, पद स्थापना, नियुक्ति दिनांक सहित सूची देवें।           (ख) इस नियुक्ति प्रक्रिया में यदि कोई प्रकरण अभी भी विवाद की स्थिति में लंबित है तो कारण सूची नाम, पता एवं भर्ती नियम नीति निर्देश सहित जानकारी देवें? (ग) क्या यह सभी नियुक्तियां शासन के नियमानुसार हुईं? (घ) नियुक्तियां यदि मेरिट के आधार पर की गयी हो तो प्रत्येक नियुक्ति के टॉप 3 आवेदको के आवेदन पत्र सहित दस्तावेज प्रदान करे?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती इमरती देवी ) : (क) बड़वानी जिले के सेंधवा विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2016 से 31 मार्च 2020 तक नियुक्त की गई आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्तिवार, नाम, पता, नियुक्ति स्थान, पदस्थापना, नियुक्ति दिनांक की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  '' अनुसार है। (ख) जी नहीं। अतः शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ।  (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  '' अनुसार है।

वित्तीय एवं भौतिक विकास का प्रतिवेदन

[नगरीय विकास एवं आवास]

6. ( क्र. 37 ) श्री महेश परमार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गत वर्ष 2019-20 एवं चालू वित्तीय वर्ष में प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र तराना की नगर परिषद माकड़ोंन एवं नगरपालिका परिषद तराना के वार्षिक अंकेक्षण, त्रैमासिक अंकेक्षण, बेलेन्सशीट एवं वित्तीय व प्रशासनिक रिपोर्ट की प्रमाणित प्रति देते हुए वित्तीय एवं भौतिक विकास के लक्ष्य एवं वित्तीय एवं भौतिक उपलब्धि की जानकारी पृथक-पृथक वर्षवार प्रस्तुत करें। (ख) उक्त अवधि में दोनों नगरीय निकायों में किन-किन माध्यमों से वित्तीय आय प्राप्त हुई है और उस आय का खर्च किन-किन मदों में कौन से कार्यों के लिए किसके द्वारा कब-कब किया गया है?               (ग) प्रश्नांश के खंड (ख) में पूछे गए कार्यों का पर्यवेक्षण, मूल्यांकन, कब-कब और किस किसके द्वारा किया गया है? उनकी संकलित निरीक्षण रिपोर्ट एवं खर्च के लिए नामांकित आहरण एवं संवितरण अधिकारी नाम, पते, पद का उल्लेख करते हुए उनके द्वारा कब-कब किन एजेंसियों/आपूर्तिकर्ताओं को कितना भुगतान किया गया? भुगतान करने से पूर्व स्वीकृति किससे और कब ली गयी? स्वीकृति देने वाले समस्त प्राधिकारियों के नाम, पता एवं स्वीकृति दिनांक देते हुए स्वीकृति पत्रों की प्रमाणित प्रतियों के विवरण के साथ स्वीकृति शर्तों की जानकारी देवें। (घ) उक्त अवधि में प्रशासनिक एवं निर्वाचित कमेटियों की बैठक कब-कब, किन एजेंडों पर हुई उन सभी की एजेंडेवार संक्षेपिका देवें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  '''' अनुसार है।  (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  '''' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है।

सड़कों की मरम्‍मत व रख-रखाव

[लोक निर्माण]

7. ( क्र. 45 ) श्री बैजनाथ कुशवाह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2019-20 में विधान सभा क्षेत्र 3 सबलगढ़ की किन-किन रोडों की मरम्‍मत तथा रख-रखाव किया गया है? (ख) मरम्‍मत कार्य के लिये किन-किन रोडों के लिये कितना-कितना भुगतान          किन-किन ठेकेदारों को किया गया है? पूर्ण विवरण देवें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) वर्ष 2019-20 में विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-3 सबलगढ़ में म.प्र. सड़क विकास निगम, संभाग चंबल अंतर्गत मुरैना-सबलगढ़-अटार मार्ग का रख-रखाव कार्य का संपादन किया गया है। शेष जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) मुरैना सबलगढ़-अटार मार्ग के रख-रखाव कार्य हेतु मेसर्स राजश्‍यामा कंस्‍ट्रक्‍शन प्रा.लि. गाजियाबाद (उ.प्र.) को गारंटी अवधि अंतर्गत अनुबंध में निहित प्रावधानानुसार वर्ष 2019-20 में राशि रू. 9654192.00 के देयक भुगतान किया गया। शेष जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "छ:"

जातिगत जनगणना की स्‍वीकृति

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

8. ( क्र. 46 ) श्री बैजनाथ कुशवाह : क्या पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र में ओ.बी.सी. वर्ग एवं ओ.बी.सी. महासभा द्वारा जातिगत जनगणना की मांग को लेकर सरकार को ज्ञापन दिया जा रहा है? (ख) यदि हाँ, तो ज्ञापन पत्रों पर क्‍या कार्यवाही हुई? (ग) क्‍या सरकार ओ.बी.सी. की जातिगत जनगणना के प्रस्‍ताव को सदन में पास कराकर केन्‍द्र सरकार को भेजेगी?

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ( श्री रामखेलावन पटेल ) : (क) जी हाँ। (ख) ज्ञापन में उल्‍लेखित बिन्‍दु सामान्‍य प्रशासन विभाग से संबंधित है जिसे कार्यवाही हेतु सामान्‍य प्रशासन विभाग को भेजा गया है। (ग) उपरोक्‍तानुसार।

आलोट नगर में स्थित अवैध कॉलोनियां

[नगरीय विकास एवं आवास]

9. ( क्र. 56 ) श्री मनोज चावला : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर परिषद आलोट जिला रतलाम में कुल कितनी वैध तथा अवैध कॉलोनियां हैं नाम सहि‍त सूची उपलब्ध करावें। (ख) क्या ताल निवासी मनोज काला एवं श्रीमती संगीता पति मनोज काला द्वारा आलोट नगर में विभिन्न स्थानों पर एक से अधिक कॉलोनिया काटी गई हैं उनमें से कितनी कॉलोनिया वैध है और कितनी अवैध है। यदि सभी अवैध कॉलोनी है तो उक्त कॉलोनाइजर के विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई है यदि नहीं, तो क्यों। (ग) क्या श्रीमती संगीता काला एवं मनोज काला निवासी ताल द्वारा बगैर कॉलोनी एक्ट का पालन किए तथा बगैर कॉलोनाइजर का लाइसेंस लिए तथा विकास अनुमति लिए बगैर पूर्णतः अवैध कॉलोनी का निर्माण आलोट नगर में किया गया है क्या उक्त कॉलोनाइजर के विरुद्ध अब तक कोई प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई है। (घ) प्रश्नांश (ख) में अंकित कॉलोनाइजर द्वारा निर्मित कॉलोनियों के टीएनसी नक्शे, निर्माण अनुमति, डायवर्सन की छाया प्रति, रेरा अनुमति, नजूल अनापत्ति इत्यादि की छाया प्रतियां उपलब्ध करावे।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) नगर परिषद, आलोट में 14 वैध कालोनी एवं 03 अवैध कॉलोनियां है। वैध कॉलोनियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "अ" एवं अवैध कॉलोनियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "ब" अनुसार है।           (ख) जी हाँ, 03 कॉलोनियां काटी गई है, तीनों कॉलोनियां अवैध है। नगरपालिका अधिनियम 1961 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही हेतु मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगर परिषद, आलोट द्वारा कॉलोनाईजर को सूचना पत्र जारी किये गये है, शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। संचालनालय के पत्र क्रमांक 7574 दिनांक 18/08/2020 के द्वारा प्रकरण के परीक्षण हेतु अधीक्षण यंत्री, नगरीय प्रशासन एवं विकास, उज्जैन संभाग को निर्देश जारी किये गये है। (ग) जी हाँ। जी नहीं।                (घ) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित श्री मनोज काला एवं श्रीमती संगीता पति श्री मनोज काला के संयुक्त नाम से एक मात्र कालोनी का नगर तथा ग्राम निवेश से दिनांक 17/09/2013 को अनुमोदित अभिन्यास एवं डायवर्सन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "स" अनुसार है, निर्माण अनुमति, रेरा अनुमति, नजूल अनापत्ति नहीं है।

नवीन कैप निर्माण

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

10. ( क्र. 68 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) मध्‍यप्रदेश वेयर हाउसिंग द्वारा नवीन कैप निर्माण कराये जाने हेतु वर्ष 2019-20, 2020-21 में प्रावधान किया गया है? यदि हाँ, तो जिलेवार कैप निर्माण के संबंध में जानकारी देवें तथा सागर जिले में म.प्र. वेयर हाउसिंग द्वारा कहाँ-कहाँ कितने कैप निर्माण किये जाना प्रस्‍तावित किया गया है? कैप का वर्ग, कैप की क्षमता, लागत सहित जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित कैप का निर्माण कार्य कब-कब, कहां-कहां किया गया? किन कार्य एजेंसी द्वारा कैप निर्माण किया गया? कार्य पूर्णता की समय अवधि, लागत एवं परफॉरमेंस अवधि सहित संपूर्ण जानकारी देवें। (ग) वर्ष         2018-19 में सागर जिले में कितने कैप विभाग द्वारा निर्मित किये गये थे? क्‍या सभी कैपों में भण्‍डारण का कार्य किया गया था? कैप निर्माण की परफारमेंस गारंटी कितनी निर्धारित की गई थी, कैप की क्षमता तथा वर्तमान में कितने उपयोगी एवं अनउपयोगी है? (घ) यदि पूर्व में निर्मित कैप उपयोगी है तथा सम्‍पूर्ण कैपों का भंडारण में उपयोग नहीं किया गया था तो नवीन कैप निर्माण की आवश्‍यकता क्‍यों है तथा वर्ष 2019-20, 20-21 में निर्मित कैप में कहां-कहां भंडारण किया गया एवं कितने कैप अनउपयोगी रहे?

खाद्य मंत्री ( श्री बिसाहूलाल सिंह ) :  (क) से  (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

नगर पालिका मकरोनिया में स्‍कीम बोर/बोर खनन

[नगरीय विकास एवं आवास]

11. ( क्र. 69 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 से प्रश्‍न दिनांक तक नगर पालिका मकरोनिया क्षेत्र के किन-किन वार्डों में कितने स्‍कीम बोर एवं कितने बोर खनन कार्य स्‍वीकृत किये गये? वार्डवार लागत एवं कार्य एजेंसी का नाम सहित जानकारी देवें। (ख) कार्य एजेंसी द्वारा किन-किन वार्डों में कितना-कितना बोर खनन कार्य किया गया? कितनी क्रेसिंग पाईप बोर खनन पश्‍चात डाली गई? कितने बोरों में जल स्रोत प्राप्‍त हुआ? हैंडपम्‍प/सिंगल फेस मोटर किन खनन में स्‍थापित किये गये? उनमें कितना पाईप डाला गया? बोर खनन का सत्‍यापन किस अधिकारी द्वारा कब-कब किया गया? (ग) बोर खनन हेतु विभाग द्वारा कार्य एजेंसी को बोर खनन का कब-कब किस आधार पर भुगतान किया गया? बोर खनन के भौतिक सत्‍यापन की जांच क्‍या अन्‍य एजेंसी से भी कराई गई?                      (घ) विभाग द्वारा बोर खनन के भुगतान का भौतिक सत्‍यापन अन्‍य तकनीकी विभाग द्वारा न कराने के उपरांत भी भुगतान किया गया है तो इसके लिये कौन जिम्‍मेदार है? बोर खनन का सत्‍यापन अन्‍य एजेंसी द्वारा कब कराया जायेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट  अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट  अनुसार है। जी नहीं। (घ) बोर खनन कार्य का भौतिक सत्यापन निकाय में पदस्थ अधिकारी द्वारा किया गया है, जिसके पश्चात ही भुगतान किया गया है। कार्य के लिये निविदा प्रपत्र एवं संविदाकार से संपादित अनुबंध में, कार्य के भौतिक सत्यापन अन्य तकनीकी विभाग से कराये जाने का प्रावधान न होने के कारण, कार्य का भौतिक सत्यापन अन्य एजेंसी से नहीं कराया गया। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "सात"

निवासरत परिवारों को पट्टे का प्रदाय

[राजस्व]

12. ( क्र. 80 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि   (क) परासिया विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत वर्ष 2018 से 2020 तक कितने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के हितग्राहियों के द्वारा आवेदन पत्र पट्टा प्राप्त करने हेतु एसडीएम परासिया, तहसीलदार परासिया/उमरेठ के कार्यालय में जमा किये गये हैं? जमा आवेदन पत्रों में से कितने हितग्राहियों को पट्टा प्रदान किया जा चुका है और कितनों को पट्टा देना शेष है? शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के हितग्राहियोवार जानकारी देवें। जिन्‍हें पट्टा देना शेष है, ऐसे हितग्राहियों को कब तक पट्टा दे दिया जायेगा? (ख) क्‍या परासिया विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत वे.को.लि. की भूमि जो कई वर्षों से खाली पड़ी हुई है। जिस भूमि पर अनेकों परिवार कई वर्षों से निवास कर रहे है। परन्तु ऐसे परिवारों को पट्टा नहीं मिलने से शासन की आवास व अन्‍य किसी योजना का लाभ प्राप्त नहीं हो रहा है। क्‍या वे.को.लि. की भूमि के खसरे निकालने पर पाया गया कि खसरों में कैफियत में डब्ल्यू.सी.एल. क.को.मा. लिखा हुआ है। खसरे के 12 कालम होते है, जिसमें कालम नं.3 में आज भी मध्यप्रदेश शासन आबादी का उल्लेख है। (ग) यदि हाँ, तो क्या ऐसी भूमि पर निवासरत परिवारों को पट्टा देने का प्रावधान प्रदेश सरकार द्वारा किया जायेगा? अगर हाँ, तो कब तक पट्टा प्रदान कर दिया जायेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) परासिया विधानसभा के अंतर्गत वर्ष 2018 से जून 2020 तक शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के हितग्राहियों के द्वारा पट्टों हेतु निम्‍नानुसार आवेदन प्राप्‍त हुये है।       

शहरी क्षेत्र

 

नाम

प्राप्‍त आवेदन

पात्र/स्‍वीकृत

अपात्र/अस्‍वीकृत

नगरपालिका डोंगर परासिया

707

49

658

नगर पंचायत चिखलीकलां

23

07

16

नगर पंचायत चांदामेटा बुटरिया

127

91

36

नगर पंचायत बडकुही

0

0

0

               योग

857

147

710

ग्रामीण क्षेत्र

 

तहसील परासिया

103

103

0

तहसील उमरेठ

396

396

0

             योग

499

499

0

शहरी क्षेत्र में कुल 857 हितग्राहियों के आवेदन पत्र प्राप्‍त हुये। जिनमें से 147 आवेदन पात्र पाये जाने से उन्‍हे पट्टे प्रदान किये गये। शेष 710 आवेदन पत्र अपात्र होने के कारण निरस्‍त किये गये है। ग्रामीण क्षेत्र में कुल 499 हितग्राहियों के आवेदन पत्र प्राप्‍त हुये। जिनमें से 499 आवेदन पात्र पाये जाने से उन्‍हे पट्टे प्रदान किये गये।

(ख) जी हाँ, वे.को.लि. विभाग की भूमि शहरी क्षेत्र में है, जिस पर अनेक लोग, कब्‍जा कर, निवासरत है। उपरोक्‍त भूमि राजस्‍व अभिलेखों में खसरा, पॉचशाला में स्‍वामित्‍व कालम नं. 3 में शासकीय दर्शित है और खसरा के कॉलम नं. 12 में क.को.. दर्शित है। उक्‍त भूमि पर घनी आबादी बसी है डब्‍ल्‍यू.सी.एल. द्वारा माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर में याचिका क्रमांक WP/18497/2019 दायर की गई, जिसके निर्णय अनुसार पट्टा प्रदाय नहीं किया जा सकता है। (ग) न्‍यायालयीन प्रकरण प्रचलित होने से पट्टा दिया जाना संभव नहीं है।

लाड़ली लक्ष्मी योजना का संचालन

[महिला एवं बाल विकास]

13. ( क्र. 81 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) छिन्दवाड़ा जिले के अन्तर्गत संचालित प्रत्येक परियोजना में विभाग द्वारा लाड़ली लक्ष्मी योजना प्रारम्भ दिनांक से वर्ष 2020 (माह अप्रैल) तक कुल कितने लाड़ली लक्ष्‍मि‍यों के प्रकरण पंजीबद्ध हुये हैं। पंजीबद्ध प्रकरणों में से कितनी लाड़लियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया जा चुका है और कितनी लाड़लियों के प्रमाण पत्र प्रदान किया जाना बाकी है? (ख) वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-192019-20 में छिन्दवाड़ा जिले के अन्तर्गत संचालित प्रत्येक परियोजना में विभाग के द्वारा एक लाड़ली लक्ष्मी योजना फार्म की फीडिंग हेतु कितनी राशि प्रदान की गई है और परियोजना अधिकारियों द्वारा लाड़ली लक्ष्मी योजना फार्म की फीडिंग किन-किन आउटसोर्स व्यक्तियों से कराई गई है एवं उन्हें एक लाड़ली लक्ष्मी योजना फार्म की फीडिंग हेतु कितना भुगतान किया गया है? आउटसोर्स व्यक्ति का नाम, पता व उनके एकाउंट में जमा की गई राशि की जानकारी छिन्दवाड़ा जिले की प्रत्येक परियोजना वार उपलब्ध करायें।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती इमरती देवी ) : (क) छिन्दवाड़ा जिले में संचालित परियोजनाओं में लाड़ली लक्ष्मी योजना प्रारम्भ दिनांक से वर्ष 2020 (माह अप्रैल) तक हुए पंजीबद्ध प्रकरणों, प्रदाय किये गए प्रमाण-पत्रों एवं शेष रहे प्रमाण पत्रों की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-192019-20 में छिन्दवाड़ा ज़िले में लाड़ली लक्ष्मी योजना के आवेदनों को ऑनलाइन फीड कर रंगीन प्रमाण पत्र जनरेट (प्लास्टिक फोल्डर अथवा लेमिनेशन सहित) हेतु प्रति फार्म राशि रूपये 30/- प्रदाय की गई। छिन्दवाड़ा जिले में परियोजनावार किये गए भुगतान की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।

छिन्दवाड़ा जिले को संभाग का दर्जा

[राजस्व]

14. ( क्र. 84 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि       (क) जिला छिन्दवाड़ा को संभाग का दर्जा प्रदान किए जाने के संबंध में विभाग द्वारा अभी तक क्या-क्या कार्यवाही की गई है? (ख) क्‍या जिला छिन्दवाड़ा को संभाग बनाये जाने में विभाग द्वारा काफी विलम्ब किया जा रहा है? यदि हाँ, तो विलम्ब का क्या कारण है? (ग) जिला छिन्दवाड़ा को संभाग का दर्जा शासन द्वारा कब तक प्रदान कर दिया जायेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जिला छिंदवाड़ा को संभाग का दर्जा प्रदान किए जाने के संबंध में आयुक्‍त, जबलपुर संभाग से अभिमत सहित प्रस्‍ताव भेजने हेतु लिखा गया है। (ख) जी नहीं। म.प्र. शासन, गृह विभाग के पत्र क्रमांक एफ 15-01/2019/दो-ए (3), दिनांक 01.06.2020 अनुसार जनगणना को दृष्टिगत रखते हुए 1 जनवरी, 2020 से 31 मार्च, 2021 के दौरान प्रशासनिक इकाइयों की सीमाओं में परिवर्तन पर रोक लगाई गई है। (ग) प्रश्‍नांश (ख)
 के आलोक में जानकारी निरंक है।

ग्राम पंचायत उमरियापान को नगर पंचायत का दर्जा

[नगरीय विकास एवं आवास]

15. ( क्र. 115 ) श्री विजयराघवेन्द्र सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा पत्र क्रमांक 343 दिनांक 09.08.2019 को तत्‍कालीन मंत्री नगरीय प्रशासन विकास एवं आवास विभाग भोपाल को पत्र लिखकर कटनी जिले के विकास खण्‍ड ढीमरखेड़ा के अन्‍तर्गत उमरियापान ग्राम पंचायत को नगर परिषद में उन्‍नयन करने का प्रस्‍ताव दिया था? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो प्रश्‍नकर्ता के उक्‍त प्रस्‍ताव में क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) कटनी जिले की नगर पालिक निगम कटनी में विगत तीन वर्षों में किन-किन वार्डों में रोड एवं नाली कितनी लागत की बनाई गई? ठेकेदार से किये अनुबंध कर प्रतियां उपलब्‍ध करावें?                 (घ) नगर पालिक निगम कटनी के किन-किन कर्मचारियों एवं अधिकारियों की विगत 5 वर्षों में निगम/प्रशासन/शासन स्‍तर में प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितनी शिकायतें कब-कब प्राप्‍त हुई। शिकायतवार, कार्यवाहीवार विवरण दें?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) एवं (ख) जी नहीं, अपितु कटनी जिले के विकासखण्ड ढीमरखेड़ा के अंतर्गत उमरिया पान ग्राम पंचायत को नगर परिषद में उन्नयन करने की मान.मुख्यमंत्री जी द्वारा घोषणा क्रमांक ए-2949 दिनांक 14.02.2013 की गई जिसमें उल्लेख किया गया है कि "ग्राम पंचायत उमरिया पान को नगर पंचायत बनाये जाने हेतु यदि ग्राम पंचायत उमरियापान प्रस्ताव पारित करता है तो कार्यवाही की जावेगी"। इस संबंध में सरपंच ग्राम पंचायत उमरियापान के पत्र क्रमांक 041/014 दिनांक 24.06.2014 द्वारा सर्वसम्मति से ग्राम पंचायत उमरियापान को विलोपन के संबंध में नगर पंचायत की रूपरेखा को हम सब एक सिरे से सर्वसम्मति से खारिज करते है एवं शासन से मांग करते है कि ग्राम पंचायत को यथावत रखते हुए हमें न्याय प्रदान किया जावे, का प्रस्ताव पारित किया गया है। इस संबंध में कलेक्टर जिला कटनी ने अपने पत्र क्रमांक 293/स्था/डीयूडीए/2019 दिनांक 30.10.2019 में लेख किया है कि ग्राम पंचायत उमरियापान की कुल जनसंख्या शासन द्वारा निर्धारित मापदण्ड से कम होने के कारण नगर पंचायत का उन्नयन/गठन किया जाना संभव नहीं है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "अ" अनुसार है एवं अनुबंध की प्रति  पुस्‍तकालय  परिशिष्‍ट  में उपलब्‍ध है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "ब" अनुसार है।

एयर स्ट्रिप का निर्माण

[लोक निर्माण]

16. ( क्र. 122 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) क्‍या कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग संभाग सतना के द्वारा माह जुलाई-अगस्‍त 2020 में सतना हवाई पट्टी में हुये डामरीकरण के घटिया कार्य को स्‍थल पर पाकर, स्‍थल निरीक्षण कर उक्‍त कार्य के भुगतान पर रोक लगाने के साथ एस.डी.ओ. एवं उपयंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी किया है? उक्‍त सभी आदेशों की एक-एक प्रति उपलब्‍ध करायें? (ख) क्‍या उक्‍त हवाई पट्टी में घटिया स्‍तर का डामर एवं गिट्टी लगाये जाने के कारण उतरने वाले हवाई जहाजों के एक्‍सीडेंट होने का अत्‍यंत भयानक स्थिति पैदा होने की आशंका से प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित भुगतान रोके जाने के आदेश जारी हुये हैं? उक्‍त कार्य की एम.बी.बी. एक प्रति उपलब्‍ध करायें? (ग) उपयंत्री एवं एस.डी.ओ. के द्वारा घटिया निर्माण का स्‍थल निरीक्षण कर मेजरमेंट बुक में माप दर्ज कैसे कर दी जबकि बेहद घटिया कार्य हुआ है? क्‍या सी.ई. रीवा ने भी भुगतान करने लिखित में अपनी टीप/पत्र लिखा है? उसकी भी एक प्रति दें। (घ) शासन कब तक हवाई पट्टी के घटिया कार्य की जांच करवाकर उपयंत्री एवं एस.डी.ओ. को निलंबित करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) जी नहीं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3, 4 एवं 5 अनुसार है। (ग) जी नहीं। जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-6 अनुसार है। (घ) प्रश्‍नांश '', '' एवं '' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में कार्य के गुण दोष के आधार पर परीक्षण उपरांत कार्यवाही की जावेगी। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्रश्‍नकर्ता के पत्र पर कलेक्‍टर द्वारा की गई कार्यवाही

[राजस्व]

17. ( क्र. 123 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                       (क) प्रश्‍नकर्ता विधायक के द्वारा कलेक्‍टर सतना को दिनांक 31.01.2001 को लिखित पत्र क्रमांक क्‍यू/12151/विधायक/मऊगंज/रीवा जिसे कलेक्‍टर कार्यालय में आवक शाखा में 04.02.2020 को प्राप्‍त कर प्रश्‍नकर्ता को पावती दी गयी थी उस पर प्रश्‍न तिथि तक कब-कब किस नाम पदनाम के द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही लिखित में की गयी की जानकारी दिनांकवार एवं आदेश क्रमांकवार उपलब्‍ध करायें? (ख) उक्‍त पत्र के बीस बिन्‍दुओं पर की गयी जांच कार्यवाही का बिन्‍दुवार विवरण उपलब्‍ध करायें? (ग) कौन-कौन दोषी पाया गया है? उस पर कब व क्‍या कार्यवाही की गई या की जावेगी का बिन्‍दुवार प्रकरणवार जानकारी दें?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) प्रश्‍नकर्ता माननीय विधायक जी का पत्र दिनांक 31/01/2001 कलेक्‍टर, कार्यालय सतना में प्राप्‍त होना नहीं पाया गया है। (ख) एवं (ग) शेष प्रश्‍न उद्भू‍त नहीं होता।

बहुमूल्य शासकीय लीज की भूमि को डायवर्सन कर अवैध विक्रय

[राजस्व]

18. ( क्र. 137 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या धार नगर स्थित प.ह.न. 69 के सर्वे नम्बर 1055/1 की भूमि अभिलेख अनुसार वर्ष 1958 के पूर्व शासकीय भूमि‍ थी तथा क्या शासन द्वारा लगभग वर्ष 1958-59 में जड़ी-बुटी उगाने हेतु रामानुज सरस्वती नामक व्यक्ति को लीज पर प्रदान की गई थी? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या उक्त भूमि की लीज का नवीनीकरण हुआ है? यदि नहीं, तो क्या लीज नवीनीकरण नहीं होने से लीज शर्तों का उल्लंघन होता है? यदि हाँ, तो भूमि‍ को पुनः शासन आधिपत्य में क्यों नहीं लिया गया? (ग) क्या उक्त भूमि का वाद उच्च न्यायालय में प्रचलित था तथा क्‍या न्यायालय में कोर्ट के बाहर समझौता करने संबंधी शासन की ओर से अधिकृत अभिभाषक द्वारा स्वीकृति दिये जाने से शासन के खिलाफ निर्णय प्राप्त हुआ? क्या इस हेतु विधि विभाग से विधिवत अनुमति प्राप्त की गई थी?             (घ) यदि नहीं, तो क्या SDM (R) धार द्वारा सुप्रीम कोर्ट के वकील से मात्र चर्चा करने तथा उनकी कथि‍त सलाह पर शासन द्वारा इस निर्णय के विरूद्ध सुप्रीम कोर्ट में अपील अभी तक नहीं की गई? क्या इस संबंध में विधि विभाग से जिला प्रशासन द्वारा मार्गदर्शन लिया गया था? (ड.) क्या शासन लीज की भूमि का डायवर्सन निरस्त करने की कार्यवाही करेगा।

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जी हाँ, धार नगर स्थित प.ह.न. 69 ग्राम नौगांवबुजुर्ग स्थित भूमि सर्वे नम्बर 1055 वर्ष 1958 में सर्वे नम्बर 1077 एवं 1061/2 कुल क्षेत्रफल 15 एकड़ शासकीय भूमि थी। जो तहसीलदार धार के द्वारा दिनांक 08.05.1958 को रामानुज सरस्वती पिता यतिन्द्र देव निवासी धार को सशर्त पट्टे पर दी गई थी। (ख) उक्त भूमि पट्टे पर दी गई थी जिसका नवीनीकरण नहीं हुआ। उक्त भूमि को पट्टे की शर्त का उल्लंघन मानते हुए, तत्कालिन कलेक्टर जिला धार द्वारा रा.प्र.क्र. 02/1996-97/अ-74 में पारित निर्णय दिनांक 08.05.2005 को उक्त भूमि का पट्टा निरस्त किया गया था एवं तहसीलदार को निर्देशित किया गया था कि उक्त भूमि पर पुनः म.प्र. शासन का नाम अंकित किया जावे। उक्त आदेश के पालन में तहसीलदार धार द्वारा रा.प्र.क्र.02/अ-74/1996-97 आदेश दिनांक 18.08.2005 के पालन में भूमि पर म.प्र. शासन अंकित किया गया था। (ग) जी हाँ, उक्त भूमि का वाद माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष म.प्र. शासन तर्फे कलेक्टर धार द्वारा वर्ष 2006 में दायर किया गया था, जो याचिका क्रमांक 7137/2006 होकर उक्त याचिका में दिनांक 02.03.2017 को शासन की याचिका निरस्त की गई। उक्त आदेश में ऐसा कही कोई उल्लेख नहीं है कि शासन की ओर से नियुक्त अभिभाषक के द्वारा रेस्पांडेंट से कोर्ट के बाहर समझौता होने से याचिका निरस्त कर दी जावे। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं। (घ) उक्त याचिका के विरूद्ध माननीय सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी प्रस्तुत करने के संबंध में तत्कालिन अनुविभागीय अधिकारी द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के म.प्र. राज्य के शासकीय अधिवक्ता श्री अर्जुन गर्ग से सम्पर्क स्थापित किया गया था उनके अभिमत उपरांत इस प्रकरण में शासन की ओर से एस.एल.पी. प्रस्तुत की जा रही है। (ड.) उक्त प्रकरण में माननीय उच्च न्यायालय में शासन की याचिका क्रमांक 7137/2006 खारीज होने से डायवर्सन निरस्त नहीं किया गया है।

जिला स्तर पर सहायक ग्रेड-3 की सीधी भर्ती

[राजस्व]

19. ( क्र. 138 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में गैर संविदा सहायक ग्रेड-3 की भर्ती बिना प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड के सीधे की जा सकती है? यदि हाँ, तो वर्ष 2019-202020-21 में विभाग कितनी भर्ति‍यां इस प्रकार किस प्रक्रिया अंतर्गत हुई? (ख) क्या धार जिले के निर्वाचन कार्यालय में सहायक ग्रेड तीन के पद पर सीधी भर्ती बिना प्रचार-प्रसार, समाचार पत्रों में विज्ञप्ति जारी किये, की गई है? जैसा की समाचार पत्रों में प्रकाशित हुआ है। (ग) क्या इस संबंध में आपत्तियों का निराकरण भर्ती आदेश के पूर्व नहीं किया तथा क्या स्वतंत्र प्रतिस्पर्धा हेतु विज्ञप्ति का प्रचार-प्रसार जिन समाचार पत्रों में किया गया उसकी जानकारी आर.टी.आई. अंतर्गत चाहे जाने पर जानकारी दिया जाना संभव नहीं है, समाचार पत्र की छाया प्रति उपलब्ध करवाये। (घ) इस पद पर भर्ती हेतु कौन-सी प्रक्रिया अपनायी गई तथा इसमें कितने प्रतिभागी सम्मिलित हुए व क्या कोई लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी? (ड.) इस पद पर भर्ती हेतु जिला स्तर पर कोई कमेटी/दल बनाया गया था? यदि हाँ, तो कौन-कौन सम्मिलित थे? यदि नहीं, तो किस अधिकारी द्वारा इस प्रक्रिया को पूर्ण किया गया? (च) क्या प्रकरण में उच्च स्तरीय जांच की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जी नहीं। राज्य शासन अंतर्गत नियमित सहायक ग्रेड 03 के पदों पर सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र क्रमांक सी 3-10/2013/1/3 दिनांक 04/10/2013, मध्यप्रदेश कनिष्ठ सेवा (संयुक्त अर्हता) परीक्षा नियम, 2013 के अनुसार कार्यवाही की जाती है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं। (ग) नियुक्ति के पूर्व कोई आपत्ति प्राप्त नहीं हुई थी। जी हाँ। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) इस पद पर भर्ती हेतु 28 जून 2017 के मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार कार्यवाही की गई है। एक आवेदन पत्र प्राप्‍त हुआ तथा कोई लिखित परीक्षा आयोजित नहीं की गई। (ड.) जी हाँ। इस समिति में उप जिला निर्वाचन अधिकारी, प्रभारी अधिकारी स्थापना, सहायक आयुक्त जनजाति विकास विभाग धार, जिला कोषालय अधिकारी, जिला प्रबंधक ई-गर्वेनेंस सोसाईटी जिला धार सम्मिलित किए गए थे। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (च) प्रश्‍नांश (घ) एवं (ड.) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

विभाग अंतर्गत संचालित योजनाएं

[विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति कल्याण]

20. ( क्र. 145 ) श्री रामलाल मालवीय : क्या विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति‍य वर्ग हेतु कौन-कौन सी योजनाएं संचालित हैं? योजनाओं के संचालन के क्या-क्या नियम निर्देश हैं? उज्जैन जिले में जनवरी 2016 से आज दिनांक तक कौन-कौन सी योजना के लिए किस-किस मद में कितना-कितना आवंटन प्राप्त हुआ? उज्जैन जिले में कौन-कौन सी विधानसभा क्षेत्र में क्या-क्या कार्य स्वीकृत कराये गये? प्राप्त आवंटन के विरूद्ध किस-किस कार्य पर कितना कितना व्यय किया गया? विधानसभा क्षेत्रवार बतावें। (ख) घट्टिया विधानसभा क्षेत्र में बस्ती विकास अंतर्गत कहाँ-कहाँ पर सामुदायिक भवन, पेयजल नलजल योजना स्वीकृत की गई है? प्रश्नकर्ता के द्वारा प्रेषित विकास कार्य के प्रस्तावों की सूची देवें तथा उक्त प्रस्तावों पर क्या कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्नांश (क) तथा (ख) अनुसार स्वीकृत कार्यों की प्रगति क्या है? स्वीकृत कार्यों में किन-किन कार्यों की शिकायत प्राप्त हुई है? शिकायत किसके द्वारा की गई है? शिकायत का क्या निष्कर्ष निकला है?

विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति कल्याण मंत्री ( श्री रामखेलावन पटेल ) :                                 (क) विमुक्‍त,घुमक्‍कड़ एवं अर्द्धघुमक्‍कड़ जनजातियों वर्ग हेतु (1) शैक्षणिक (2) आर्थिक विकास की योजनांए संचालित है। नियम निर्देश की प्रति  पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्‍ट के प्रपत्र- एक  अनुसार है। आवंटन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो  अनुसार है। उज्‍जैन जिले के तराना विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत सामुदायिक भवनसी.सी. रोड, नलजल, नाली निर्माणनलकूप खनन के कार्य स्‍वीकृत कराये गये। व्‍यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे  परिशिष्‍ट के प्रपत्र-दो  अनुसार है (ख) घटि्टया विधान सभा क्षेत्र में बस्‍ती विकास अंतर्गत सामुदायिक भवनपेयजल, नलजल योजना के तहत कोई भी कार्य स्‍वीकृत नहीं किये गये है। माननीय विधायक द्वारा प्रेषित पत्र क्रमांक 1137/19 दिनांक 29/08/2019 पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्‍ट के प्रपत्र-तीन अनुसार है। प्राप्‍त प्रस्‍ताव मूल रूप में प्राप्‍त न होने से सहायक संचालक उज्‍जैन को पत्र दिनांक 29/11/2019 द्वारा मूल प्रस्‍ताव भेजने का अनुरोध किया गया है। (ग) बस्‍ती विकास अंतर्गत वर्ष 2018-19 में स्‍वीकृत कार्य पूर्ण कराये जा चुके है वर्ष 2019-20 में स्‍वीकृत कार्य की लगभग राशि रूपये 1,50,00,000 (राशि रूपये एक करोड़ पचास लाख मात्र) लॉक डाउन के कारण समर्पित हो जाने से वित्‍त विभाग से राशि आवंटन का अनुरोध किया गया है। स्‍वीकृत कार्य के संबंध में कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है। अत: निष्‍कर्ष संबंधी जानकारी निरंक है।

सहायक ग्रेड 3 से सहायक ग्रेड 2 के पद पर पदोन्नति‍

[महिला एवं बाल विकास]

21. ( क्र. 149 ) श्री रामलाल मालवीय : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या विभाग के पत्र क्रमांक/एबाविसे/स्था/2012/11596 दिनांक 07.07.2012 अनुसार सहायक ग्रेड-3 से सहायक ग्रेड-2 के पद पर पदोन्नति‍ पर प्रतिबन्ध किया गया था? यदि हाँ, तो क्या उक्त प्रतिबन्ध नीतिगत है या केवल विभाग द्वारा मनमाने तरीके से प्रतिबन्धित किया गया है? (ख) क्या विभाग में केवल सहायक ग्रेड-3 के कर्मचारियों की पदोन्नति पर ही प्रतिबन्ध है एवं अन्य किसी भी पद पर पदोन्नति पर रोक लगी है? विगत 5 वर्षों में विभाग के किन-किन अधिकारियों की पदोन्नति कब-कब और किस पद से कौन से पद पर की गई है?                  (ग) वर्ष 2009 से वर्ष 2019 तक महिला एवं बाल विकास विभाग में कब-कब और कौन-कौन से वर्ग के अधिकारियों के पद स्वीकृत किये गये हैं तथा क्या इन पदों की स्वीकृति से पूर्व वित्त विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग से अनुमति प्राप्त की गई है? यदि हाँ, तो अनुमति बतावें? यदि नहीं, तो इसके लिए कौन दोषी है?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती इमरती देवी ) : (क) जी हाँ। प्रतिबंध नीतिगत है। (ख) जी हाँ। शेष प्रश्न की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  '''' अनुसार है। (ग) महिला एवं बाल विकास विभाग में अधिकारियों के स्वीकृत पदों की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। इन पदों की स्वीकृति राज्य मंत्री परिषद द्वारा दी गई है। राज्य मंत्री परिषद में प्रस्तुत प्रस्ताव पर सामान्य प्रशासन विभाग एवं वित्त विभाग का अभिमत भी समाहित रहता है। अतः शेष का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

जिला टीकमगढ़ में भू-माफियाओं द्वारा धोखाधड़ी

[राजस्व]

22. ( क्र. 155 ) श्री राहुल सिंह लोधी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                (क) क्या जिला टीकमगढ़ के ग्राम उत्तमपुरा में भूमि खसरा नं. 67/14 एवं 67/19 पर वैशाली एवेन्यू का निमार्ण किया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्या उक्त भूमि बन्दोबस्त खतौनी 2015 में बंजर मद में दर्ज रही है? यदि हाँ, तो खसरा में प्रवि‍ष्टियां किस आधार पर की गई है? (यदि उक्त भूमि पर पट्टे जारी किये गये है तो तत्‍संबंधी विवरण देवें। (ख) क्या शासन के नियमानुसार पट्टे पर दी गई भूमि को विक्रय से प्रतिबंधित किया गया है? यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित भूमिधारियों द्वारा किस आधार पर भूमि का विक्रय किया गया है? (ग) क्या दिनांक 12.06.2020 को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व टीकमगढ़ द्वारा कलेक्टर टीकमगढ़ को भेजे गए प्रतिवेदन में उक्त विवादित भूमि का पंजीयन एवं विक्रय आगामी निर्णय तक स्थगित रखे जाने का निवेदन किया गया? यदि हाँ, तो क्या भूमि विक्रय पर रोक लगाई गई? यदि नहीं, तो क्यों और कब तक? (घ) क्या अनुविभागीय अधिकारी टीकमगढ़ के आदेश दिनांक 12.06.2017 को उक्त खसरा नम्बर की तरमीम निरस्त कर दी गइ थी? यदि हाँ, तो क्या आदेश दिनांक के पश्चात भी उक्त भूमि से विक्रय किया गया है? यदि हाँ, तो दोषियों पर क्या कार्यवाही की गई?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। खसरा के कॉलम नंबर 3 में संतोष तनय नवल किशोर अग्रवाल निवासी टीकमगढ़ शासकीय पट्टेदार लगान 5 की प्रविष्टि दर्ज है एवं वर्ष 87-88 में प्रकरण क्रमांक 2/अ-19 (1)/86-87 आदेश दिनांक 13.03.1987 अनुसार शासकीय पट्टेदार की बजाय भूमिस्वामी स्वत्व में दर्ज करने की स्वीकृति दी गई है। (ख) भूमि खसरा नंबर 67/19 खसरा वर्ष 1972-73 से 1980-81 तक भूमि शासकीय बंजर मद में दर्ज रही एवं वर्ष 1982-83 से 1985-86 तक खसरा में चतुर्भुज तनय गणेशप्रसाद रावत के नाम शासकीय पट्टेदार के रूप में रा. प्र. क्रमांक 100/अ-19 (1)/1984-85 आदेश दिनांक 27.06.1985 द्वारा दर्ज किया गया। उक्त खसरा नंबर में बिक्री से प्रतिबंधित प्रविष्टि भी दर्ज नहीं है। (ग) जी हाँ। दिनांक 12.06.2020 को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व टीकमगढ़ द्वारा कलेक्टर टीकमगढ़ को भेजे गये प्रतिवेदन में जांच दल गठित कर विस्तृत जांच किये जाने तक खसरा नंबर 67/14 एवं 67/19 में भूमि पंजीयन एवं विक्रय आगामी निर्णय तक स्थगित रखा जाना प्रस्तावित किया गया। प्रकरण न्यायालय कलेक्टर में विचाराधीन है। (घ) जी हाँ। तहसीलदार टीकमगढ़ न्यायालय के प्रकरण क्रमांक 16/अ-3/2016-17 में प्रश्नाधीन भूमि 67/5 की तरमीम का प्रकरण आदेश दिनांक 13.02.2017 द्वारा निरस्त किया गया। उक्त आदेश के विरूद्ध अनुविभागीय अधिकारी टीकमगढ़ द्वारा अपील प्रकरण क्रमांक/130/अपील/2016-17 में आदेश दिनांक 02.06.2017 द्वारा तहसीलदार टीकमगढ़ न्यायालय का आदेश दिनांक 12.02.2017 निरस्त किया गया है। शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता।

चौरा घाट का निर्माण

[लोक निर्माण]

23. ( क्र. 159 ) श्री श्याम लाल द्विवेदी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या रीवा जिले के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग उप खंड त्योंथर में चौरा घाट निर्माण की स्वीकृत मध्य प्रदेश शासन द्वारा की गयी है। (ख) क्या शासन द्वारा उक्त स्वीकृति कार्य का शासनादेश जारी कर निर्माण हेतु टेंडर की प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है? (ग) यदि हाँ, तो संबन्धित प्रशासकीय स्वीकृत/तकनीकी स्वीकृति‍ सहित आवंटित/स्वीकृत राशि की जानकारी सहित निविदाकार के संबन्ध में भी स्पष्ट जानकारी प्रदान की जाए। (घ) निर्माण कार्य के लिए निर्धारित समय क्या है, तथा कार्य का शुभारंभ कब तक होगा? यदि नहीं, तो स्वीकृत कार्य के लिए निविदा कार्यवाही कब तक पूर्ण की जाएगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) एवं (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "आठ"

टमस नदी के मीर बहरी के घाट पर झूला पुल का निर्माण

[लोक निर्माण]

24. ( क्र. 161 ) श्री श्याम लाल द्विवेदी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या त्योंथर नगर परिषद परिक्षेत्र में प्रवाहित टमस नदी में पूर्व में स्थायी पीपा पुल निर्मित था। जो वर्तमान में नहीं है क्‍या त्योंथर मुख्यालय में समस्त व्यावसायिक संस्थान सहित समस्त शैक्षणिक संस्थान एवं सभी प्रमुख शासकीय कार्यालय संचालित हैं, झूला पुल के अभाव में आम जनमानस सहित अध्यनरत छात्र-छात्राओं को परेशानी होती है। यदि हाँ, तो क्या जनहित में टमस नदी मीर बाहरी घाट पर झूला पुल निर्माण का प्रस्ताव शासन स्तर पर विचाराधीन है।            (ख) प्रश्नांश (क) के प्रति उत्तर में यदि हाँ, तो यह स्पष्‍ट किया जाए कि‍ उक्त निर्माण की तकनीकी प्रशासकीय स्वीकृति/आवंटित बजट सहित स्पष्‍ट जानकारी उपलब्ध करायी जाए। (ग) यदि प्रश्नांश (ख) का उत्तर नकारात्मक है तो जनहित में यह स्पष्‍ट किया जाए कि‍ उक्त झूला पुल के निर्माण कराये जाने की प्रक्रिया कब तक पूर्ण की जाएगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं, स्‍थाई नहीं अपितु अस्‍थाई पीपापुल निर्मित किया जाता था। जी हाँ, जी हाँ। जी नहीं। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। (ग) 800 मी. डाउन स्‍ट्रीम में स्‍थाई पुल (कांक्रीट) का बना होने से स्‍थाई पीपापुल निर्माण कार्य स्‍वीकृत करने की वर्तमान में कोई भी कार्यवाही प्रचलन में नहीं।

ग्राम पलौठा के खसरा नंबर 228/3/2 प्रविष्टि

[राजस्व]

25. ( क्र. 208 ) श्री राजेश कुमार शुक्‍ला : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. भू-राजस्व सहिंता 1959 के अनुसार नक्शा में अंकित आकृति से अधिक प्रविष्टियां दर्ज करने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो नियम का उल्लेख करे? (ख) ग्राम पलौठा पटवारी हल्का न. 15 तहसील छतरपुर नगर जिला छतरपुर के खसरा नंबर 228/3/2 रकवा 1.977 हे. की तरमीम कब और किसके आदेश से की गई। यदि आदेश से नहीं है तो यह कब निरस्त की जावेगी? (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुक्रम में खसरा नंबर 228/3/2 रकवा 1.977 हे. की प्रविष्टि अभिलेख में किस प्रकरण क्रमांक से एवं कब दर्ज की गयी? (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के अनुक्रम में क्या खसरा नंबर 228 के समस्त बटांकों का रकवा नक्शा की आकृति अनुसार पूर्ण है. यदि नहीं, तो इस खसरा में दर्ज प्रविष्टियां किस-किस बटांक की त्रुटिपूर्ण है? (ड.) ग्राम पलौठा तहसील व जिला छतरपुर में नवीन बंदोबस्त कब हुआ. वर्ष 1942-43 में दर्ज शासकीय भूमि की खसरा नंबर, रकवा सहित सूची प्रदाय करे. नवीन बंदोबस्त होने के उपरांत री-नंबर सूची उपलब्ध है? यदि हाँ, तो प्रदाय करें?                             (च) उल्लेखित प्रश्नांशों के अनुक्रम में खसरा नंबर 228 में वर्ष 1942-43 में दर्ज प्रविष्टि का रकवा कितना है? क्या नवीन बंदोबस्त में खसरा नंबर 228 में दर्ज रकवा से अधिक नवीन खसरा बंटाक कायम कर प्रविष्टियाँ दर्ज की गयी। यदि हाँ, तो इन्हें कब विलोपित किया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) म.प्र. भू-राजस्‍व संहिता 1959 के अनुसार नक्‍शा की आकृति से अधिक प्रविष्टि दर्ज करने का कोई प्रावधान नहीं है। (ख) उक्‍त तरमीम से संबंधित कोई आदेश नहीं है। (ग) न्‍यायालय सहायक बंदोबस्त अधिकारी छतरपुर दल क्रमांक 02 के प्रकरण क्रमांक 42/अ-6अ/1999-2000 में पारित आदेश दिनांक 04/04/2000 एवं न्‍यायालय अपर आयुक्‍त सागर के प्रकरण क्रमांक 782/अ-64/2011-12 में पारित आदेश दिनांक 01/11/2017 के अनुसार प्रविष्टि दर्ज की गयी। (घ) खसरा नम्‍बर 228 के समस्‍त बटांकों का रकवा नक्‍शा की आकृति अनुसार पूर्ण है। (ड.) प्रश्‍नाधीन ग्राम का नवीन बंदोबस्त नहीं हुआ है वर्ष 1945-46 के बंदोबस्त अभिलेख अनुसार ग्राम पलौठा के समस्‍त शासकीय खसरा नम्‍बरों की सूची रकवा सहित  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट   अनुसार है। (च) वर्ष 1945-46 के बंदोबस्त रिकार्ड के मुताविक खसरा नम्बर 228 का कुल रकवा 49-5 बीघा (8.062 हे.) दर्ज है वर्तमान दर्ज रकवा बंदोबस्त के रकवा से मिलान करता है, अत: विलोपित किए जाने का प्रश्‍न ही उद्भूत नहीं होता है।

प्रश्‍नकर्ता के पत्रों पर कार्यवाही

[राजस्व]

26. ( क्र. 213 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि  (क) क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक 779 दिनांक 20/12/2019 द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लखनादौन, पत्र क्रमांक 880 दिनांक 20/12/2019 द्वारा कलेक्टर जिला सिवनी एवं पत्र क्रमांक 903 दिनांक 24/12/2019 द्वारा कमिश्‍नर, जबलपुर संभाग, जबलपुर को पत्र प्रेषित कर निर्माण कार्यों की सूक्ष्म जांच कर कार्यवाही की मांग की गई थी? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्नांश (क) में वर्णित अधिकारियों द्वारा अभी तक क्या कार्यवाही की गई एवं प्रश्‍नकर्ता सदस्य को की गई कार्यवाही से अवगत क्यों नहीं कराया गया? (ग) सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से प्रदेश के सभी आयुक्‍त, कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी आदि को स्पष्ट आदेश है कि माननीय सांसद व विधायकों के पत्रों से संबंधित प्रकरणों पर तुरन्त कार्यवाही सुनिश्चित हो व उन्हें अवगत कराया जाये, तो क्या शासन इस ओर कोई आवश्‍यक कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जी हाँ। (ख) जांच प्रतिवेदन माननीय विधायक को SDO लखनादौन के पत्र क्रमांक 3050 दिनांक 14.09.2020 द्वारा भेजा गया है (ग) जी हाँ। उत्‍तरांश () के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

उज्जैन विकास प्राधिकरण के द्वारा किए जा रहे विकास कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

27. ( क्र. 217 ) श्री महेश परमार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्तमान में यूडीए द्वारा आवासीय एवं विकास योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है? यदि हाँ, तो बोर्ड द्वारा कौन-कौन सी योजनाओं पर कितनी लागत से कहाँ-कहाँ विकास एवं आवासीय योजनाओं को अमलीय जामा पहनाया जा रहा है? (ख) उक्त योजनाओं की प्लानिंग, डिजाइनिंग, कंस्ट्रक्शन एवं शहरी विकास के विगत 03 वर्षों से वर्तमान दिनांक तक किन-किन प्रयोजनों से कितने टेंडर्स निकाले गए हैं? कंस्ट्रक्शन विकास, पर्यावरण, क्रीड़ा, शिक्षा आदि को ध्यान में रखकर टेंडर के माध्यम से कौन-कौन से कार्य किन कंपनियों को दिये गए हैं? उन सभी कंपनियों से यूडीए से किए गए अनुबंध की प्रमाणित प्रतियाँ उपलब्ध कराएं और किस बैठक में निर्णय लेकर कार्यों को स्वीकृत किया गया है? उन सभी की एजेंडेवार संक्षेपिकायें उपलब्ध कराएं। (ग) यूडीए बोर्ड की विगत 05 वर्षों में कितनी बार किन बिंदुओं पर बैठकें आयोजित की गयी है? चर्चा के उपरांत कितने बिन्दुओं पर सहमति के आधार पर निर्णय हुए हैं? उन सभी की कार्यवाही विवरण एजेंडे का विवरण, प्रत्येक एजेंडे की संक्षेपिका के साथ यूडीए का प्रतिवेदन पूर्ण विवरण सहित प्रस्तुत करें। (घ) उपरोक्त सभी बिन्दुओं पर यूडीए के द्वारा वित्तीय भौतिक एवं अकादमिक लक्ष्यों का विवरण देते हुए मूल्यांकन स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। उज्‍जैन विकास प्राधिकरण में विकास एवं आवासीय योजनाओं के कुल 20 कार्य प्रचलित है। योजनावार कार्यों की सूची  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) उज्‍जैन विकास प्राधिकरण द्वारा विगत तीन वर्षों से वर्तमान दिनांक तक कुल 31 टेण्‍डर निकाले गये। विकास, निर्माण आदि से संबंधित कुल 31 कार्य जिन कंपनियों/ठेकेदारों को दिये गये है, उनकी योजनावार कार्यों की सूची एवं उज्‍जैन विकास प्राधिकरण द्वारा किये गये अनुबंध की प्रमाणित प्रतियां  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। विगत तीन वर्षों में संचालक मण्‍डल द्वारा स्‍वीकृत 12 कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) उज्‍जैन विकास प्राधिकरण बोर्ड की विगत 5 वर्षों में 19 बार बैठक आयोजित की गई। सभी बिन्‍दुओं पर सर्वसम्‍मति से निर्णय हुये है। बैठकवार एजेंडे की संक्षेपिका एवं प्रतिवेदन बैठक की दिनांक वार कार्यवाही विवरण  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) तीन वर्षों में किये गये कार्यों की कार्यवार वित्‍तीय एवं भौतिक विवरण मूल्‍यांकन की स्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

शासकीय आवासों में लघुमूल कार्य

[लोक निर्माण]

28. ( क्र. 237 ) श्री पी.सी. शर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि         (क) भोपाल के शिवाजी नगर अंतर्गत शासकीय आवास एच 121, तीन मंजिला की लाईन में छत पर टारफेड कराये जाने, जल निकासी के पाईप टूटे होने, दीवारों पर पीपल के उगे हुये बड़े-बड़े पेड़ कटवाये जाने के संबंध में माह मई 2020 से मार्च जून 2020 तक किन-किन आवंटितियों ने अनुविभागीय अधिकारी के कार्यालय में आवेदन/शिकायतें की हैं? सूची दें? (ख) क्‍या वित्‍तीय वर्ष 2020-21 हेतु वासवानी ब्रदर्स को राशि रूपये 645.00 लाख का ठेका दिया गया है और प्रश्‍नांकित कार्य ठेकेदारों के माध्‍यम से ही किया जाना है? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक ठेकेदार द्वारा प्रश्‍नांकित क्षेत्र में कितनी राशि के कौन-कौन से कार्य कराये हैं? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित शासकीय आवासों के आवंटितियों के द्वारा दिये गये आवेदन पत्रों/शिकायतों पर विभाग के अधिकारियों द्वारा भेदभाव पूर्ण कार्य करते हुये शासकीय आवास एच 121ए/60 से 64 तक टारफेड/वाटर प्रूफिंग कार्य कराया गया, जबकि प्रश्‍नांकित अवधि में आवेदन मात्र एच 121 ए/60 के आवंटितों ने ही दिया था वहीं दूसरी और एच 121ए/69 से 72 तक के आवासों की छत पर टारफेड/वाटर प्रूफिंग संसाधनों की कमी की आड़ में नहीं की गई, जबकि राशि रूपये 645.00 लाख के कार्य का ठेका दिया गया है? (घ) यदि हाँ, तो आवंटितियों की छतों पर टारफेड/वाटर प्रूफिंग एवं अन्‍य कार्यों के करने में विभाग के अधिकारियों द्वारा जानबूझकर भेदभाव किये जाने की सक्षम अधिकारी से करायी जायेगी एवं दोषियों के विरूद्ध दण्‍डनीय कार्यवाही की जावेगी? लंबित कार्य कब तक कराये जायेंगे?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) संलग्‍न परिशिष्‍ट की सूची अनुसार है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं, वित्‍तीय वर्ष 2020-21 हेतु वासवानी ब्रदर्स को कोई ठेका नहीं दिया गया है अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं, शासकीय आवास एच 121 ए/57 से 60 में से केवल एच 121 ए/60 के आवंटिती का ही आवेदन प्राप्‍त है, जिसमें कार्य पूर्ण करा दिया गया है एवं मात्र एच 121 ए/69 के आवास का आवेदन पत्र प्राप्‍त होने के पश्‍चात कार्य पूर्ण करा दिया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्‍तरांश () के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "नौ"

अजा./अनु.जनजाति वर्ग के लिए रियायती दर पर भूमि आवंटन

[राजस्व]

29. ( क्र. 248 ) श्री योगेन्‍द्र सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) भोपाल में ऐसे कितने अजा/अजजा के व्‍यक्ति हैं जिन्‍हें पेट्रोल पंप आवंटन पर रियायती दरों पर शासकीय भूमि उपलब्‍ध कराई गई है? (ख) वर्तमान राज्‍य सरकार की अजा/अजजा को पेट्रोल पंप स्‍थापना के लिये रियायती दर पर भूमि आवंटन की नीति क्‍या है। (ग) यदि नहीं, तो क्‍या भविष्‍य में अजा/अजजा के आवेदकों को पेट्रोल पंप स्‍थापना हेतु रियायती दर पर भूमि आवंटित करने की नीति बनाई जायेगी? हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं।

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जिला भोपाल में किसी भी अनुसूचित जाति/अनूसूचित जनजाति के व्यक्ति को पेट्रोल पंप हेतु रियायती दरों पर भूमि आंवटित नहीं की गई है। (ख) वर्तमान में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के सदस्‍यों को पेट्रोल पंप स्‍थापना के लिये रियायती दर पर भूमि आवंटन की कोई नीति नहीं है। (ग) अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के आवेदकों को पेट्रोल पंप की स्‍थापना हेतु रियायती दर पर भूमि आवंटित करने की नीति बनाना विचारणीय नहीं है क्‍योंकि पेट्रोल पंप हेतु व्‍यक्तिगत नाम से किसी को भूमि का आवंटन नहीं किया जाता। केवल पेट्रोल वितरण कंपनियों की मांग पर उन्‍हें भूमि आवंटित की जाती है।

कोचिंग संस्‍थानों पर कार्यवाही

[नगरीय विकास एवं आवास]

30. ( क्र. 258 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला भोपाल स्थित विभिन्‍न कोचिंग संस्‍थानों की फीस क्‍या शासन स्‍तर पर निर्धारित की जाती है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) कोविड-19 महामारी बीमारी के चलते कोचिंग संस्‍थानों द्वारा ली जा रही फीस जिसमें कोचिंग संचालकों द्वारा इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर एवं मटेरियल फीस भी लिया जा रहा है, क्‍या यह फीस लिया जाना न्‍यायोचित है? यदि गलत है तो कोचिंग संस्‍थानों पर कब तक कार्यवाही की जावेगी? (ग) कोचिंग संस्‍थानों द्वारा वसूली जा रही टैक्‍स के रूप में राशि क्‍या अभिभावकों को वापस करने का कोई प्रावधान है? (घ) कोचिंग संस्‍थानों द्वारा ऑनलाईन पढ़ाई का जो कार्य किया जा रहा है उसमें कोचिंग संस्‍थान की किसी भी चीज का बच्‍चों द्वारा उपयोग नहीं किया जा रहा? क्‍या सरकार द्वारा कोचिंग संस्‍थानों को फीस न लेने के लिये कोई आदेश जारी करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी नहीं। कोचिंग संस्‍थानों की फीस निर्धारित किये जाने के कोई नियम नहीं है। (ख), (ग) एवं (घ) उत्‍तरांश ()  के परिप्रेक्ष्‍य में शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सतना हवाई पट्टी की जमीन की जानकारी

[राजस्व]

31. ( क्र. 262 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना हवाई पट्टी के लिये शासन द्वारा कितनी जमीन उपलब्‍ध कराई गई है? खसरा नम्‍बर एवं रकबा की सम्‍पूर्ण जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ख) हवाई पट्टी सतना की कितनी जमीन पर अतिक्रमण किया जा चुका है एवं कौन-कौन से नम्‍बर पर अतिक्रमण किया गया है जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ग) क्‍या सतना हवाई पट्टी में बाउण्‍ड्री बनाई जा रही है यदि बनाई जा रही है तो क्‍या हवाई पट्टी की सम्‍पूर्ण आराजी पर बनाई जा रही है? नहीं तो क्‍यों? (घ) क्‍या प्रधानमंत्री आवास योजना अन्‍तर्गत मकान बनाये गये वह जमीन क्‍या हवाई पट्टी की है? यदि वह जमीन हवाई पट्टी की है तो उसमें निर्माण कार्य क्‍यों किया गया? क्‍योंकि सतना में निकट भविष्‍य में बड़ा हवाई अड्डा बनाये जाने का प्रावधान किया जाता है तो क्‍या पर्याप्‍त जमीन उपलब्‍ध है?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) सतना हवाई पट्टी के लिये पूर्व में शासन द्वारा 9 ग्रामों के बीच कुल 981.29 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई थी, आवश्‍यकता न होने से अधिग्रहित भूमियों में से कुल 529.36 एकड़ भूमि छोडी जा चुकी हैं वर्तमान में सतना एयरपोर्ट अथारिटी के कब्जे में कुल भूमि 451.93 एकड़ है, जिसका विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्रअ अनुसार है। (ख) हवाई पट्टी सतना की भूमि पर किये गये अतिक्रमण की जानकारी आराजी नं. एवं रकबावार  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -ब अनुसार है। (ग) बाउंड्री उपलब्ध बजट एवं तकनिकी स्वीकृति के अनुसार बनाई जा रही है। (घ) प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत मौजा सौनौरा चेक उतैली की आराजी नं. 126/1 म.प्र. शासन के भूमि के अंश रकबे में मकान निर्मित है तथा वह भूमि हवाई पट्टी की नहीं हैं, शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता।

टेण्‍डर की जानकारी एवं दोषियों पर कार्यवाही

[नगरीय विकास एवं आवास]

32. ( क्र. 263 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर निगम सतना में जलावर्धन योजना कब प्रारंभ हुई उसके अन्‍तर्गत कितने का टेण्‍डर दिया गया एवं एजेंसी का नाम सहित उपलब्‍ध करावें? (ख) जलावर्धन योजना अन्‍तर्गत शहर में कितनी टंकियों का निर्माण किया जा चुका है एवं कितनी अपूर्ण हैं एवं किस-किस स्‍थान पर टंकी का निर्माण किया जाना है एवं जिन क्षेत्रों में अभी तक पाइप लाईन का कार्य नहीं हुआ वह कब तक पूरा किया जावेगा। (ग) सतना में जलावर्धन अन्‍तर्गत कितना कार्य पूर्ण किया जा चुका है एवं कितना शेष है और कितने समय में पूर्ण किया जावेगा? (घ) क्‍या इस योजना अंतर्गत क्‍योंकि ठेकेदार एवं अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा व्‍यापक पैमाने पर गुणवत्‍ता को नजर अंदाज कर कार्य किया गया है? यदि हाँ, तो उक्‍त जांच किसी एजेंसी से कराकर दोषियों पर कब तक कार्यवाही की जावेगी? जिससे शासन एवं जनता की राशि का दुरूपयोग होने से बचाया जा सकेगा। यदि हाँ, तो कब तक?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जलावर्धन योजना फेज-2 अंतर्गत 8 टंकियों का निर्माण किया जाना था, जिसका कार्य पूर्ण हो चुका है। किसी भी टंकी का निर्माण कार्य अपूर्ण नहीं है। निर्मित टंकियों के स्थानों का विवरण संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। जलावर्धन योजना अंतर्गत पाईपलाइन बिछाने का कार्य पूर्ण किया जा चुका है, शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जलावर्धन योजना फेज-1 एवं फेज-2 का कार्य पूर्ण किया जा चुका है, शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं, शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "दस"

परिषद द्वारा स्‍वीकृत कार्य प्रारंभ कराना

[नगरीय विकास एवं आवास]

33. ( क्र. 277 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले की नगर परिषद पलेरा, जतारा एवं लिधौरा में जनवरी, 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक, कौन-कौन से निर्माण कार्य, कितनी-कितनी लागत के स्‍वीकृत किये गये तथा कितनी राशि का भुगतान संबंधित ठेकेदार को किया जा चुका है? (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर बताएं कि इन निकायों में परिषद की बैठकें कब-कब हुई जिनमें कौन-कौन से प्रस्‍तावों पर अमल कराते हुए कितनी लागत के निर्माण कार्य कराए जा चुके हैं और प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से कराए जाना शेष हैं? ऐसे समस्‍त कार्यों की वर्षवार जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताएं कि इन नगरीय निकायों में प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितनी राशि है एवं निर्माण कार्य कुल कितनी राशि से कराए जा सकते हैं? परिषद प्रस्‍ताव के आधार पर नगरों के सौंदर्यीकरण हेतु महापुरूषों की प्रतिमाएं एवं फुव्‍वारा लगवाने, खेल-कूद गतिविधियों को बढ़ावा देने हेतु स्‍टेडियम निर्माण एवं पार्क बनाने पानी की टंकियों की बाउंड्रीवॉल, नदी किनारे निकाय के अधिपत्‍य की भूमि पर पिकनिक पाईंट बनाने, वृहद पुस्‍तकालय एवं जिम भवन बनाने, विभिन्‍न वार्डों में सामुदायिक भवनों का एवं सी.सी. रोड़ एवं नालियों का निर्माण कराने कब-कब कितनी-कितनी लागत के प्राक्‍कलन, तकनीकी एवं प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी की गई थी? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बताएं कि ऐसे कार्यों के टेंडर कब और कितनी लागत के आमंत्रित किये गये थे? किस दर पर किस ठेकेदार को कार्य मिला था? आज दिनांक तक कार्य प्रारंभ न होने के क्‍या कारण हैं? ऐसे अप्रारंभ कार्यों को कब तक प्रारंभ कराया जावेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे  परिशिष्‍ट के प्रपत्र  '' अनुसार है।             (ग) नगर परिषद पलेरा,  जतारा एवं लिधौरा में प्रश्‍न दिनांक तक क्रमश: राशि                         रू. 71088267.00,  62116200.00 एवं 23200000.00 उपलब्‍ध है,  जिसमें से क्रमश: राशि                   रू. 68832267.00,  29830453.00 एवं 7752000.00 से निर्माण कार्य कराये जा सकते हैं। शेषांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे  परिशिष्‍ट के प्रपत्र  '' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे  परिशिष्‍ट  के प्रपत्र '' अनुसार है।

बिना अनुमति एवं स्‍वीकृति के विपरीत भवनों का निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

34. ( क्र. 290 ) श्री प्रह्लाद लोधी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नगरीय क्षेत्रों में निर्मित भवनों एवं भवनों में संचालित गतिविधियों की जानकारी नगरीय निकायों को होती है? यदि हाँ, तो पन्‍ना -नगर के किन-किन स्‍थानों पर निर्मित किन-किन भवनों में कौन-कौन से बैंक, होटल, बारातघर, शापिंग माल, पेट्रोल पंप एवं मल्‍टी फ्लेक्‍स थियेटर वर्तमान में संचालित हैं? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) व्‍यावसायिक संस्‍थानों के संचालन की समुचित अनुमति और भवनों के निर्माण हेतु आवश्‍यक विकास एवं निर्माण अनुज्ञा प्राप्‍त की गयी और भवनों का निर्माण स्‍वीकृत मानचित्र अनुसार किया गया? यदि हाँ, तो विवरण बताए, यदि नहीं, तो क्‍या कार्यवाही की की जाएगी? (ग) क्‍या पन्‍ना नगर में अनुमति के विपरीत और बिना अनुमति भवन निर्माण के कई प्रकरण नगरपालिका पन्‍ना को ज्ञात हैं? यदि हाँ, तो विगत 03 वर्षों में किन शिकायतों एवं जानकारी के आधार पर किस-किस भवन स्‍वामी द्वारा अनुमति के विपरीत अथवा बिना अनुमति भवन निर्माण कहाँ किया जाना पाया गया? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के तहत क्‍या भवनों के नियम विरूद्ध निर्माण पर प्रश्‍न दिनांक तक कोई कार्यवाही की गयी हैं, यदि हाँ, तो भवनवार अब तक की गयी कार्यवाही बतायें एवं अवैध पाये गए भवन स्‍वामियों के भवनों के निर्माणों को कब तक और किस प्रकार हटाया जायेंगा? (ड.) प्रश्नांश (क) से (घ) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या भवनों के निर्माण के दौरान निकाय के तकनीकी अधिकरियों द्वारा भूमि विकास नियम के तहत भवनों का निरीक्षण कर प्रतिवेदन दिये गए? यदि हाँ तो प्रतिवेदनों से अवगत कराएं, यदि नहीं, तो नियम विपरीत निर्मित भवनों का निर्माण न रोके जाने और विधि अनुसार कार्यवाही पूर्ण न करने पर क्‍या कार्यवाही की जायेंगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ,  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। भवनों का निर्माण स्‍वीकृत मानचित्र के अनुसार किया गया है या नहीं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र के कॉलम 8 अनुसार है। नगर पालिका परिषद पन्‍ना द्वारा भवनों का निर्माण के स्‍वीकृत मानचित्र के विरूद्ध निर्माण कार्यों के संबंध में संबंधितों को म.प्र. नगर पालिका अधिनियम की धारा 187 (8) 223 के तहत नोटिस जारी किये गये है। (ग) एवं (घ) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ड.) जी हाँ,  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परियट नदी के रपटा पर पुल का निर्माण

[लोक निर्माण]

35. ( क्र. 293 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 20.12.2019 के प्रश्न क्रमांक 18 में प्राप्त उत्तर के अनुसार पनागर बेलखाडू सड़क के साथ परियट नदी पर स्वीकृत पुल का कार्य किस कंसल्टेंट की किस प्रकार की अनुशंसा पर किस सक्षम अधिकारी द्वारा किस दिनांक को निष्पादित अनुबंध से विलोपित किया गया है?                (ख) क्या विभाग द्वारा किसी तकनीकी विशेषज्ञ से स्थल का परीक्षण कराया है? यदि हाँ, तो किससे, कब कराया गया और क्या पाया गया है? (ग) क्या माननीय मंत्री जी द्वारा प्रश्नांश (ख) के आधार पर अपनी सहमति से विलोपित किया गया है? (घ) क्या वर्षा ऋतु में रपटा जलमग्न होने पर यातायात सुचारू रूप से चल सकता है? यदि नहीं, तो पुल का निर्माण क्यों नहीं किया जा रहा है?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) कंसल्‍टेंट मेसर्स आरव्‍ही एसोसिऐट आर्किटेक्‍ट इंजीनियर्स एण्‍ड कंसल्‍टेंट प्रा.लि. हैदराबाद द्वारा अनुशंसित किया कि पुल का निर्माण डी.पी.आर. के प्रावधानों के अनुसार तकनीकी रूप से उपयुक्‍त नहीं होने एवं लागत वृद्धि के कारण किया जाना संभव नहीं है, म.प्र. सड़क विकास निगम के पत्र क्रं.  15071 दिनांक 31.12.2018 द्वारा पुल को परियोजना से विलोपित किया गया। (ख) जी हाँ, मेसर्स आरव्‍ही एसोसिऐट आर्किटेक्‍ट इंजीनियर्स एण्‍ड कंसल्‍टेंट प्रा.लि. हैदराबाद के सीनियर ब्रिज इंजीनियर श्री के.व्‍ही. राव से स्‍थल परीक्षण दिनांक 18.05.2018 को कराया गया। विशेषज्ञ के अनुसार बेड लेव्‍हल से 40 मीटर गहराई तक मिट्टी होने के कारण ओपन फाउंडेशन के स्‍थान पर वेल अथवा पाइल फाउंडेशन एवं हाईड्रोलाजी के अनुसार पुल की लंबाई 36 मी. के स्‍थान पर 75 मी. रखा जाना आवश्‍यक पाया गया। (ग) जी नहीं। (घ) जी नहीं। परियोजना से पृथक किए जाने के कारण।

स्थानीय निकायों में कर्मचारियों का अटैचमेंट

[नगरीय विकास एवं आवास]

36. ( क्र. 294 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या स्थानांतरण के विकल्प के रूप में अटैचमेंट (कार्यसंपादन) के नाम पर कर्मचारियों को स्थानांतरित किया जा सकता है? यदि हाँ, तो कितने संख्या बतावें? (ख) गत तीन वर्षों में जबलपुर जिले में स्‍थानीय निकायों में कितने अटैचमेंट आदेश किस अधिकारी द्वारा  किस-किसने कब-कब जारी किये गये? कारण सहित बतावें? (ग) प्रश्नांश (ख) के अंतर्गत कितने कर्मचारी अटैचमेंट आदेश के पालन में प्रश्न दिनांक तक कार्यसंपादन हेतु अटैच है? (घ) प्रश्नांश (ग) के अंतर्गत अटैच कर्मचारियों के स्वत्वों का भुगतान क्‍या अटैच कार्यालय से किया जाता है यदि नहीं, तो क्यों नहीं किया जाता है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) जबलपुर जिले में विगत 03 वर्षों में निकाय के कुल 05 कर्मचारियों को विभिन्‍न कार्यालयों में संलग्‍न किया गया है, जिनमें से 04 कर्मचारी संलग्‍न है एवं 01 कर्मचारी का संलग्‍नीकरण समाप्‍त किया जा चुका है। जानकारी  संलग्‍न परिशिष्‍ट  पर है। (ग) 04 कर्मचारी प्रश्‍न दिनांक तक संलग्‍न होकर कार्य संपादन कर रहे है। (घ) जी नहीं। पदस्‍थापना मूल कार्यालय में होने से वेतन भी मूल कार्यालय से ही आहरित होता है।

परिशिष्ट - "ग्यारह"

बजट का आवंटन

[लोक निर्माण]

37. ( क्र. 306 ) श्री संजय उइके : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) क्या आर्थिक एवं सामाजिक क्षेत्रो में अनुसूचित जन जाति एवं अनुसूचित जाति (सब स्कीम) के प्रावधान तहत विभाग को बजट आवंटन होता है? (ख) यदि हाँ, तो वित्तीय वर्ष 2019-20 से प्रश्न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि प्राप्त हुई तथा सीहोर, देवास, इन्‍दौर, सागर, भोपाल में किन-किन कार्यों में कुल कितना व्यय किया गया? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित प्रावधान में प्राप्त राशि वित्तिय वर्ष 2016-17 से प्रश्न दिनांक तक जिला सीहोर, देवास, इंदौर, सागर, भोपाल में वर्षवार कितनी-कितनी राशि के कौन-कौन से कार्य स्वीकृत कर निर्माण कराया गया जानकारी उपलब्ध करावें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) विभाग को बजट आवंटन योजना शीर्ष अनुसार प्राप्‍त होता है न कि जिलेवार। अत: जिलेवार राशि प्राप्‍त होने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। लोक निर्माण विभाग से सम्‍बंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश () के संदर्भ में स्‍वीकृत कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।

राजस्व अभिलेखों में प्रविष्टि दर्ज की जाना

[राजस्व]

38. ( क्र. 311 ) श्री संजय उइके : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बालाघाट एवं बैतूल जिले में वर्ष 1980 तक भा.व.अ. 1927 की धारा 34अ के अनुसार डीनोटीफ़ाईड संरक्षित वन भूमियों के डीनोटि‍फिकेशन की प्रविष्टि निस्तार पत्रक, अधिकार अभिलेख एवं खसरा पंजी प्रश्नांकित दिनांक तक भी दर्ज नहीं की गई? (ख) यदि हाँ, तो इन जिलों के कितने ग्रामों के पटवारी, मानचित्र, निस्तार पत्रक, अधिकार अभिलेख, खसरा पंजी में दर्ज कितनी जमीनों को संरक्षित वन सर्वे में शामिल कर कितनी जमीन धारा 34अ के अनुसार किस-किस दिनांक को डीनोटीफ़ाईड की गई, कितनी जमीन वन खण्डों में अधिसूचित की गई? (ग) डीनोटि‍फिकेशन की प्रविष्टि निस्तार पत्रक, अधिकार अभिलेख, खसरा पंजी में प्रश्नांकित दिनांक तक भी दर्ज नहीं किये जाने का क्या कारण रहा है, प्रविष्टि कब तक दर्ज की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : क) बालाघाट जिले के अन्तर्गत वर्ष 1980 तक भा.व.अ.1927 की धारा 34अ के अनुसार डीनोटि‍फाईड संरक्षित वन भूमियों के डीनोटि‍फिकेशन की प्रविष्टि निस्तार पत्रक, अधिकार अभिलेख एवं खसरा पंजी में दर्ज कर ली गयी है। बैतूल जिले में डीनोटिफिकेशन की प्रविष्टि दर्ज नहीं की गयी है। (ख) बालाघाट जिले के 495 ग्रामों के पटवारी मानचित्र निस्तार पत्रक, अधिकार अभिलेख, खसरा पंजी में दर्ज 127269.989 हेक्टेयर जमीन को संरक्षित वन सर्वे में 118.153 हेक्टेयर भूमि शामिल किया गया। दिनांक 23.07.1969 एवं 10.07.1972 को 22329.993 हेक्टेयर जमीन धारा 34अ के अनुसार डीनोटि‍फाई की गई। 104821.838 हेक्टे. जमीन वन खण्डों में अधिसूचित की गई है। (ग) बैतूल जिले में 829 ग्रामों की संरक्षित वन भूमि के संबंध में वन विभाग द्वारा 10 जुलाई, 1972 को डीनोटिफाई किए जाने की अधिसूचना का प्रकाशन किया गया, किन्‍तु इसमें भूमियों का विवरण अंकित नहीं किया गया, जिसके कारण संशोधन की कार्यवाही नहीं की जा सकी है।

बस स्‍टैण्‍ड सह शापिंग कॉम्‍पलेक्‍स में दुकान निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

39. ( क्र. 363 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नगर परिषद पिपलौदा द्वारा पिपलौदा नगर स्थित नवनिर्मित बस स्‍टैण्‍ड सह शापिंग काम्‍प्‍लेक्‍स का निर्माण शासन/विभाग के माध्‍यम से किया गया तथा 13 दुकानों का निर्माण किया गया? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या परिषद के संकल्‍प क्र. 85 दिनांक 22/12/2017 के आधार पर दुकान आवंटन की प्रक्रिया की गई? यदि हाँ, तो तो किस नियम प्रक्रिया से अंतिम आवंटन निर्धारण किया गया? (ग) साथ ही अंतिम नीलाम बोलिदारों में सम्मिलित क्र. (11) एवं क्र. (12) से क्रमश: प्रथम किश्‍त रू. 146000/- तथा रू. 235500/- की राशि भी जमा करवाई गई, जिसके रसीद क्र. क्रमश: 37 X 62 दिनांक 10/01/2018 तथा रसीद क्र. 37 X 63 दिनांक 10/01/2018 द्वारा की गई? (घ) यदि हाँ, तो नगर परिषद पिपलौदा के अध्‍यक्ष के सगे भाई जो संयुक्‍त परिवार के होकर साथ रहते हैं, उन्‍हें एवं उनकी पत्‍नी को परिवार के सगे सदस्‍य होने के बावजूद किस नियम प्रक्रिया से आवंटन किया गया, तत्‍संबंधी शिकायत भी हुई, उस पर क्‍या कार्यवाही की गई? जानकारी दें?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। मध्य प्रदेश नगरपालिका (अचल संपत्ति अंतरण) नियम, 2016 अनुसार आवंटन निर्धारण किया गया है।               (ग) वस्तुतः नवीन कार्यालय भवन सह शापिंग कॉम्पलेक्स में दुकान क्रमांक 12 में रसीद क्रमांक 37x62 दिनांक 10.01.2018 द्वारा राशि 1,46,000 प्रथम किश्त एवं दुकान क्रमांक 13 में रसीद क्रमांक 37x63 दिनांक 10.01.2018 द्वारा राशि 2,35,500 प्रथम किश्त जमा कराई गई है। (घ) नगर परिषद अध्यक्ष के सगे भाई द्वारा कार्यालय भवन सह शापिंग कॉम्पलेक्स की दुकान क्रमांक 12 कुलदीप नारायण प्रसाद पटेल एवं दुकान क्रमांक 13 मेघा कुलदीप पटेल द्वारा नीलामी बोली लगाई गई है एवं सर्वाधिक बोली होने से दुकान क्रमांक 12 एवं 13 संपूर्ण राशि जमा उपरांत आवंटित की गई है। शेष प्रश्नांश के संबंध में जांच की कार्यवाही प्रचलित है।

प्रीमियर आईल मिल भूमि की जानकारी

[राजस्व]

40. ( क्र. 364 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) क्‍या जावरा नगर चौपाटी स्थित सर्वे नं. 225 एवं 226 पर औद्योगिक कार्य किये जाने हेतु तत्‍कालीन समय में भूमि प्रदान की गई थी, जिस पर आईल मिल अथवा जिनिंग मिल हुआ करती थी? (ख) यदि हाँ, तो तत्‍कालीन समय में उपरोक्‍त सर्वे न. के अन्‍तर्गत औद्योगिक कार्य किये जाने हेतु कितनी भूमि लीज पर दी गई थी, लीज अवधि कब समाप्‍त हुई, उद्योग धंधे कब बंद हुए?              (ग) क्‍या उद्योगपति द्वारा लिया गया कर्ज/ऋण जो कि उद्योग एवं उद्योगों की मशीन स्‍थापित किये जाने हेतु लिया गया था वह किस के द्वारा कितना, कहां से लिया गया? (घ) अवगत कराएं कि तत्‍कालीन समय की लीज भूमि पर उद्योगपति द्वारा लिया गया कर्ज/ऋण/लोन किस प्रकार कितना वसूल किया गया, साथ ही क्‍या वसूली हेतु संबंधित लीज भूमि को भी विभाग/एजेंसी वसूली हेतु विक्रय कर सकता है तो किस नियम प्रक्रिया के माध्‍यम से?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जी नहीं। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में जानकारी निरंक (ग) शासकीय पट्टे की भूमि पर अभिहस्‍ताकंन की प्रक्रिया अनुसार ऋण के मामले में शासन से अनु‍मति का प्रावधान है शेष प्रकरणों में व्‍यक्तिगत स्‍तर पर बैंकों/वित्‍तीय संस्‍थाओं से ऋण के मामले में बैंकों/वित्‍तीय संस्‍थाओं द्वारा कार्यवाही की जाती है जिसकी जानकारी शासन स्‍तर पर संधारित नहीं की जाती है। (घ) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में लागू नहीं होता।

सोयाबीन एवं उड़द की फसल का सर्वे एवं मुआवजा राशि का भुगतान

[राजस्व]

41. ( क्र. 384 ) श्री तरबर सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बण्डा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत सोयाबीन की फसल में जो अफलन की स्थिति एवं उड़द में पीला मोजेक रोग के कारण फसल बर्बाद हुई है, क्या इसकी जानकारी प्रशासनिक स्तर पर है? (ख) यदि हाँ, तो क्या शासन द्वारा इसके सर्वे कार्य के निर्देश दिये गये हैं? (ग) क्या मुआवजा राशि का भी प्रावधान किया गया है? यदि हाँ, तो कितना और कब तक किसानों को प्राप्त होगा?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जी हाँ। (ख) जिला प्रशासन द्वारा आरबीसी 6 (4) के मापदंड के अनुसार दल गठित कर सर्वे का कार्य कराया जाता है। शासन के निर्देश की पृथक से आवश्‍यकता नहीं है। (ग) फसल क्षति हेतु राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र 6 (4) के मापदंड के तहत नुकसान हेतु आर्थिक सहायता राशि प्रभावितों को प्रदाय किये जाने का प्रावधान है। मुआवजा राशि का मापदंड  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। सर्वे में फसल क्षति आर.बी.सी. 6 (4) के मापदंड अनुसार होने पर भुगतान की जावेगी।

मंदसौर बुगलिया नाला डायवर्सन एवं धूलकोट योजना

[नगरीय विकास एवं आवास]

42. ( क्र. 385 ) श्री यशपाल सिंह सिसौदिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता विधायक द्वारा कब-कब मंदसौर के बुगलिया नाला डायवर्सन एवं नवीन धूलकोट योजना पम्पिंग स्टेशन को लेकर सुझाव दिए उसपर क्या कार्यवाही प्रचलन में है? (ख) क्या मंदसौर में वर्ष 2018 में मंदसौर में अत्यधिक वर्षा के कारण मंदसौर की धूलकोट योजना नाकाम साबित हुई है तथा नगर पालिका द्वारा बाढ़ से नियंत्रण के लिए शासन स्तर पर नवीन पम्प स्टेशन एवं अन्य हेतु 14 करोड़ 39 लाख की कार्ययोजना प्रेषित की है इसकी वर्तमान कार्यवाही से अवगत कराये? (ग) क्या वर्ष 2018 में मंदसौर जिले में बाढ़ से प्रदेश स्तर पर सर्वाधिक नुकसान हुआ है यदि हाँ, तो क्या मंदसौर में उक्त योजना के लिए भारत सरकार द्वारा बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों को नियंत्रित किये जाने को लेकर हाल ही में प्रदत्त धनराशि में से मंदसौर की उक्त जनउपयोगी योजना हेतु राशि उपलब्ध कराई जायेगी यदि हाँ, तो कब तक?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) माननीय विधायक महोदय द्वारा कलेक्‍टर जिला मन्‍दसौर को संबोधित पत्र दिनांक 08.09.2019 एवं माननीय मुख्‍यमंत्री जी को संबोधित पत्र दिनांक 10.09.2019 से सुझाव दिये गए हैं। माननीय विधायक जी द्वारा प्रेषित पत्र के, सुझावों को, कार्य योजना में शामिल किया गया है। (ख) वर्ष 2018 में नहीं अपितु 2019 में अतिवृष्टि होने से तथा पंप लगभग 40 वर्ष पुराने होने से कुछ क्षेत्रों में जल भराव हुआ था। जी हाँ, स्‍टेट डिजास्‍टर रिस्‍पॉस फंड (SDRF) के अंतर्गत, योजना स्‍वीकृति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।             (ग) प्रदेश स्‍तर पर हुई क्षति का तुलनात्‍मक आकलन किया जा रहा है। कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

करोनो योद्धाओं, इंटर्न एवं आयुष चिकित्‍सकों के मानदेय में भिन्‍नता

[आयुष]

43. ( क्र. 387 ) श्री केदारनाथ शुक्ल : क्या राज्यमंत्री, आयुष महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या करोना के इलाज में शासन आयुष विभाग द्वारा सुझाए गये उपचार को प्राथमिकता प्रदान कर रहा हैं? क्‍या इसके उपचारों से रोगियों को अधिकाधिक रूप से स्‍वास्‍थ्‍य लाभ मिल रहा हैं? (ख) जब आयुष (भारतीय चिकित्‍सा पद्धति) चिकित्‍सा ही इस महामारी को ठीक करने का मात्र सहारा हो तब ऐसी स्थिति में इस विधा को और साधन सम्‍पन्‍न बनाने व इसके चिकित्‍सकों को प्रोत्‍साहित करने के उद्देश्‍य से शासन द्वारा क्‍या प्रयास किये जा रहे हैं? (ग) क्‍या स्‍वास्‍थ्‍य एवं आयुष दोनों विभागों के चिकित्‍साधिकारी साथ-साथ करोना के मरीजों के इलाज (स्‍क्रीनिंग/टेस्टिंग) में शासन द्वारा संलग्‍न किए गये हैं? दोनों के मानदेय में कितना अंतर रखा गया हैं? क्‍या यह अंतर अमानवीय प्रतीत नहीं होता हैं? यदि होता है तो क्‍या दोनों चिकित्‍सकों को देय मानदेय बराबर भुगतान किया जावेगा? (घ) जान की बाजी लगाकर प्रदेश में करोना महामारी के नियंत्रण के लिए स्‍क्रीनिंग/टेस्टिंग कार्य में संलग्‍न आयुष चिकित्‍सक एवं मेडिकल इंटर्न्‍स की अलग-अलग संख्‍या क्‍या हैं?

राज्यमंत्री, आयुष ( श्री रामकिशोर (नानो) कावरे ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) आई.सी.एम.आर. एवं डब्ल्यू.एच.ओ. के प्रोटोकॉल तथा आयुष मंत्रालय भारत सरकार की एडवाइजरी को फॉलो किया जा रहा है तथा आयुष चिकित्सकों को विशेष प्रशिक्षण देकर उनका कौशल उन्नत किया गया है।           (ग) जी हाँ। आयुष विभाग के चिकित्सा अधिकारियों को शासन द्वारा वेतन प्रदान किया जाता है। पृथक से मानदेय नहीं दिया जा रहा है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) दिनांक 13.07.2020 की स्थिति में आयुष चिकित्सक की संख्या की जानकारी  संलग्‍न परिशिष्ट   अनुसार है। प्रदेश में कोरोना महामारी के नियंत्रण के लिए स्क्रीनिंग/टेस्टिंग कार्य में चिकित्सा शिक्षा विभाग के कुल 507 इंटर्न संलग्न किये गये है।

परिशिष्ट - "बारह"

प्रधानमंत्री आवास योजना का क्रियान्‍वयन

[नगरीय विकास एवं आवास]

44. ( क्र. 401 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर विधान क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजनांतर्गत कहाँ-कहाँ एवं कितने आवास निर्माण कराये जाने की शासन से स्वीकृति प्रदान की गई थी तथा इनका निर्माण कार्य पूर्ण करने की समय-सीमा क्या थी? (ख) क्या प्रश्नांश (क) वर्णित आवासों की समय-सीमा बीत जाने के बाद कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है? यदि हाँ, तो इसका क्या कारण है तथा कब तक पूर्ण करा दिया जायेगा? (ग) योजनांतर्गत कितने हितग्राहियों के आवास हेतु आवेदन प्राप्त हुये है, इनमें से कितने हितग्राहियों को आवास सौंप दिये गये है तथा कितने शेष है? शेष को कब तक आवास सौंप दिये जायेंगे? (घ) इस योजनांतर्गत अगले चरण में कितने आवासों का निर्माण कराया जाना है? इस हेतु वर्तमान में क्या प्रक्रिया प्रचलन में है तथा कब तक निर्माण कार्य प्रारंभ करा दिया जायेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) सागर विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के ए.एच.पी. घटक में कुल 2004 ईडब्ल्यूएस 384 एमआईजी एवं 420 एलआईजी आवास निर्माण कराये जाने की शासन से स्वीकृति प्रदान की गई थी। इनमें से कनेरादेव स्थल पर 1500 ईडब्ल्यूएस एवं ग्राम मेनपानी में 504 ईडब्ल्यूएस 384 एमआईजी एवं 420 एलआईजी आवास निर्माण कराये जाना प्रस्तावित है। इनके निर्माण कार्य पूर्ण करने की समय-सीमा 18 माह थी। उक्‍त के अतिरिक्‍त नगरीय क्षेत्र सागर के विभिन्‍न वार्डों में बीएलसी घटक अंतर्गत 06 परियोजनाओं में कुल 11224 आवासीय इका‍ईयां स्‍वीकृत है, योजना के प्रावधान अनुसार हितग्राहियों द्वारा स्‍वयं अपने आवासीय इकाईयों का निर्माण किया जाता है। योजना अंतर्गत निर्माण करने के ‍लिये कोई निश्‍चित समय-सीमा नहीं है। (ख) यह सही है कि एएचपी घटक अंतर्गत निर्माणधीन आवासों की निर्धारित समय-सीमा के उपरांत भी निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है। हितग्राहियों का पूर्ण अंशदान नहीं मिलने से क्रास-सब्सिडी राशि की उपलब्‍धता नहीं हो पाने एवं हितग्राहियों के अंशदान के बैंक ऋण स्वीकृति में विलम्ब होने से वित्तीय उपलब्धता में कठिनाई आने के कारण कार्य की पूर्णतः विलम्बित है। वांछित वित्तीय उपलब्धता के पश्चात एक वर्ष की समय-सीमा में उक्त कार्य पूर्ण किए जा सकेंगे। (ग) योजना के एएचपी घटक अंतर्गत 2011 पात्र हितग्राहियों के आवेदन प्राप्‍त हुये है। इनमें से कनेरादेव में 12 हितग्राहियों को आवासो का अधिपत्‍य दिया गया है तथा शेष 1999 आवासों का अधिपत्‍य पूर्ण हितग्राही अंश राशि जमा कराने व कार्य पूर्णत: होने पर किया जायेगा। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। बीएलसी घटक अंतर्गत प्राप्‍त 11224 आवेदनों की स्‍वीकृति भारत सरकार आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय से प्राप्‍त की गई है एवं कार्य हितग्राही द्वारा स्‍वयं किया जा रहा है। (घ) वर्तमान में निकाय से अगले चरण की कोई योजना विचाराधीन नहीं है। आवश्‍यकता व शासन निर्देशानुसार आगामी कार्यवाही की जा सकती है।

प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत हितग्राहियों का चयन

[नगरीय विकास एवं आवास]

45. ( क्र. 405 ) श्री आलोक चतुर्वेदी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिका छतरपुर में पीएम आवास योजनान्तर्गत कितने DPR तैयार किये थे? प्रत्येक DPR में अंतिम रूप से कितने व्यक्तियों को आवास हेतु चयनित किया गया? शासन के द्वारा कितने DPR को स्वीकृति दी गई? (ख) नगर पालिका छतरपुर में आवास हेतु जिस DPR में हितग्राही को चयनित किया गया था क्या, उसे उसी DPR में से राशि प्रदाय की गई? यदि नहीं, तो ऐसा किस नियम एवं किसके निर्देश से किया गया. (ग) प्रश्नांश (क) के अनुक्रम में क्या प्रत्येक DPR में कलेक्टर द्वारा अनुमोदित सूची में चयनित हितग्राही के अतिरिक्त अन्य हितग्राही को आवास हेतु राशि प्रदाय की गयी? यदि हाँ, तो ऐसा किस नियम एवं किसके आदेश से किया गया। (घ) नगर पालिका छतरपुर में प्रधानमंत्री आवास योजनान्तर्गत क्या बिना जिओटेकिंग के हितग्राहियों को राशि प्रदाय की गई? यदि हाँ, तो कारण सहित संख्या बतायें? क्या सभी निर्माणाधीन आवासों की मानिटिरिंग हुई यदि हाँ, तो कितनो का निर्माण, निर्धारित स्थल पर होना पाया गया कितनों का अन्यत्र एवं कितने निर्माण अभी तक खोजे नहीं जा सके. (ङ) क्या नगर पालिका छतरपुर के द्वारा शासन की बिना अनुमति के तीसरा DPR तैयार कर आवास प्रदाय करने की प्रक्रिया की गई? यदि हाँ, तो ऐसा किसके निर्देश से किस नियम से किया गया? कौन दोषी है? दोषियों पर क्या कार्यवाही की जावेगी.

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ, इस संबंध में अनियमितता की जानकारी संज्ञान में आने पर जांच दल का गठन संचालनालय के पत्र क्र. 2304 दिनांक 31-01-2020 से किया गया है। जांच कार्यवाही प्रचलित है। (ग) उत्तरांश () अनुसार जांच उपरांत वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। (घ) उत्तरांश () अनुसार जांच उपरांत वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। (ड.) उत्तरांश () अनुसार जांच उपरांत वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

परिशिष्ट - "तेरह"

श्‍योपुर में नवीन हैण्‍डपंप का खनन

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

46. ( क्र. 417 ) श्री बाबू जन्‍डेल : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2020-21 में श्योपुर जिले में नवीन हैण्डपम्प खनन किये जाने का कितना लक्ष्य प्राप्त हुआ? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार प्राप्त लक्ष्य में से कहां-कहां नवीन हैण्डपम्प खनन करायें गये? स्थानवार/ग्रामवार/ग्रा.पंचायतवार अवगत करायें? (ग) प्राप्त लक्ष्य में से श्योपुर विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत कितने नवीन हैण्डपम्प खनन कराया जाना प्रस्तावित है? (घ) श्योपुर विधानसभा क्षेत्र में प्राप्त आवंटन में से कितने नवीन हैण्डपम्प खनन करायें गयें? अवगत करायें? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) वित्तीय वर्ष में श्योपुर जिले में भूजल स्तर नीचे चले जाने से बंद हुये हैण्डपम्पों में किन-किन स्थानों पर विद्युत मोटर डाली गई है? स्थानवार/ग्रामवार/ग्रा.पं.वार सूची उपलब्ध करावें?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) 60 नलकूप। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) 14 नलकूप। (घ) 02 नलकूप। कोविड-19 के कारण लॉकडाउन होने से कार्य नहीं हो पाया। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

कटनी जिले में प्रचलित राशन कार्ड से अधिक आवंटन की जांच

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

47. ( क्र. 423 ) श्री संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2007 से 2012 की अवधि में कटनी जिले में राशनकार्ड से अधिक आवंटन की         किन-किन शासकीय सेवकों द्वारा किन सक्षम प्राधिकारियों के कौन-कौन से आदेशों से कब-कब जांच की गयी और क्या जांच प्रतिवेदन किन सक्षम प्राधिकारियों को कब दिये गए तथा जांच प्रतिवेदनों पर प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही किस स्तर पर कब से एवं क्यों लंबित हैं? (ख) क्या प्रश्नांश (क) जांच तत्कालीन अपर कलेक्टर कटनी, जिला आपूर्ति नियंत्रक जबलपुर एवं तत्कालीन संयुक्त आयुक्त (सहकारिता) जबलपुर द्वारा की गयी थी? यदि हाँ, तो की गयी जाँचों के प्रतिवेदनों में अपयोजन एवं अनियमितताओं में भिन्नता होने का कारण स्पष्ट करें? (ग) कलेक्टर (खाद्य शाखा) जबलपुर के पत्र दिनांक 05/12/2015 के पालन में जिला आपूर्ति अधिकारी कटनी द्वारा क्या कार्यवाही की गयी? क्‍या जानकारी प्रदाय की गयी हैं? यदि हाँ, तो क्या? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) अपर कलेक्टर कटनी के जांच प्रतिवेदन दिनांक–24/04/2014 में कितनी सामग्री एवं राशि का अपयोजन प्रतिवेदित किया गया था? जांच-कार्यवाही में इस प्रतिवेदन का संज्ञान न लेने का कारण स्पष्ट करें, (ङ) जिलाआपूर्ति अधिकारी जबलपुर के जांच प्रतिवेदन दिनांक 11/12/2015 में कितनी राशि का अपयोजन किया जाना और किन दस्तावेजों की आवश्यकता प्रतिवेदित की गयी थी? क्या चाहे गए दस्तावेज़ प्रदाय किए गए यदि हाँ, तो कब एवं किस प्रकार यदि नहीं, तो क्यों? (च) क्या प्रश्नांश () से (.) दस्तावेजों की अनुपलब्धता और अपयोजन की गणना एवं प्रतिवेदनों में भिन्नता का संज्ञान लिया जाकर कोई कार्यवाही की जायेंगी?

खाद्य मंत्री ( श्री बिसाहूलाल सिंह ) :  (क) से (च) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

निर्माण कार्य हेतु आवंटित राशि

[लोक निर्माण]

48. ( क्र. 472 ) श्री बाबू जन्‍डेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) जिला श्योपुर में वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक पी.आई.यू/लो.नि.वि.को किस कार्य हेतु            कितनी-कितनी राशि कब-कब प्राप्त हुई? उक्त राशि से क्या-क्या कार्य? कहाँ-कहाँ? कितनी-कितनी राशि के स्वीकृत किये गये हैं? कौन-कौन से कार्य अपूर्ण एवं अप्रांरभ है तथा क्यों? कार्यवार कारण सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कितने स्वीकृत कार्य कब तक पूर्ण करा दिये जायेंगे? ऐसे कितने कार्य हैं, जो अभी प्रारंभ नहीं किये जा सके हैं? निर्माणाधीन कार्य कब तक पूर्ण करा दिये जावेंगे? (ग) क्या लो.नि.वि. श्योपुर द्वारा निर्माणाधीन सड़क मार्ग किशोरपुरा से हिरनीखेड़ा का कार्य मानक मापदण्डों (सी.एस.आर.) अनुसार न बनाकर घटिया स्तर का बनाया जा रहा है? क्या उक्त सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री गुणवत्तायुक्त न होकर घटिया किस्म की है? यदि हाँ, तो क्यों? (घ) क्या प्रावधानानुसार किशोरपुरा से हिरनीखेड़ा सड़क की ऊंचाई एवं चैड़ाई नहीं है? सड़क के साईडो की भराई का कार्य भी ठीक ढंग से नहीं कराया जा रहा है? यदि हाँ, तो उक्त घटिया कार्य के लिये कौन अधिकारी दोषी है? क्या दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेंगी? यदि हाँ, तो कब तक? (ड.) क्या उक्त कार्य का विटूमिन कार्य एवं थिकनेश का परीक्षण किया गया है? यदि हाँ, तो परीक्षण करने वाले अधिकारी का नाम पद सहित गुणवत्ता की प्रमाणित प्रति उपलब्ध करावें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '', 'अ-1' एवं 'अ-2' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'अ-2', '' एवं 'ब-1' अनुसार है। (ग) जी नहीं। जी नहीं। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) किशोरपुरा से हिरनीखेड़ा मार्ग की ऊँचाई एवं चौड़ाई स्‍वीकृत प्रावधानों अनुसार ही बनाई जा रही है। सड़क के साइडों की भराई भी स्‍वीकृत प्रावधान एवं मानक अनुसार ही कराई जा रही है। अत: शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ड.) जी हाँ। श्री राकेश पाराशर उपयंत्री एवं श्री एस.बी. करोरिया सहायक यंत्री द्वारा कराया गया है। प्रयोगशाला की परीक्षण रिपोर्ट  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है।

वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का संचालन तथा विक्रय

[नगरीय विकास एवं आवास]

49. ( क्र. 481 ) श्री विनय सक्सेना : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जबलपुर में कठोंदा स्थित वेस्ट टू एनर्जी प्लांट की भूमि को नगर निगम जबलपुर द्वारा कंपनी को लीज पर दिया गया था? यदि हाँ, तो लीज अनुबंध पत्र का निष्पादन कब हुआ? अनुबंध की प्रति उपलब्ध करावें? (ख) क्या उक्त जमीन को लीज पर दिए जाने संबंधी प्रस्ताव का अनुमोदन नगर निगम जबलपुर के सदन/राज्य शासन द्वारा किया गया है? यदि नहीं, तो क्या बिना सदन के अनुमोदन के लीज वैध मान्य की जा सकती है? नियम बतावें। (ग) प्लांट निर्माण के लिए दी गयी भूमि के एवज में कंपनी द्वारा देय प्रीमियम, भू-भाटक का निर्धारण किन नियमों के अंतर्गत किया गया था? सम्पूर्ण प्रकिया की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (घ) क्या उक्त प्लांट का संचालन करने वाली कंपनी उसका विक्रय कर रही है? यदि हाँ, तो क्या नगर निगम/राज्य शासन इसके विक्रय की अनुमति देगा? यदि हाँ, तो कारण बतावें?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। नगर निगम जबलपुर एवं कम्पनी के मध्य दिनांक 17.10.2014 को अनुबंध निष्पादित हुआ है लीज अनुबंध की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) उक्त भूमि कंपनी को लीज में दिए जाने का अनुमोदन मेयर-इन कांउसिल की बैठक दिनांक 07.09.2012 के प्रस्ताव क्रमांक 611 एवं नगर निगम, जबलपुर की स्थगित साधारण बैठक दिनांक 23.10.2009 के प्रस्ताव क्रमांक 49 द्वारा किया गया है। शेष का प्रश्न नहीं है। (ग) उक्त भूमि के भू-भाटक का निर्धारण निविदा की शर्त अनुसार किया गया जिसका अनुमोदन नगर निगम जबलपुर की स्थगित साधारण बैठक दिनांक 23.10.2009 के प्रस्ताव क्रमांक 49 द्वारा किया गया है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का संचालन करने वाली कम्पनी द्वारा प्लांट का विक्रय नहीं किया गया हैं, बल्कि कंपनी द्वारा Change of Ownership का अनुमोदन चाहा गया था। कंपनी द्वारा नगर निगम जबलपुर के मध्य हुए अनुबंध दिनांक 05.02.2013 की कण्डिका क्रमांक 14.1 के अनुसार प्लांट संचालन करने वाली कंपनी को इस हेतु नगर निगम जबलपुर को पूर्व सूचित करना अपेक्षित था इसी अनुक्रम में कंपनी Change of Ownership के आवेदन पर परीक्षण उपरान्त नगर निगम जबलपुर द्वारा पत्र क्रमांक/जेएमसी/2020/08 दिनांक 13.04.2020 के माध्यम से सशर्त अनापति प्रदान की गई है जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

शासकीय आराजियों को बिना अनुमति नाम दर्ज किया जाना

[राजस्व]

50. ( क्र. 491 ) श्री जुगुल किशोर बागरी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले के रघुराजनगर अंर्तगत राजस्व निरी. मण्डल सोहावल पटवारी-हल्का एवं ग्राम अमौधाकला की आराजी 751 रकबा 40 एकड़ वर्ष 58-59 के अभिलेखों में शासकीय दर्ज था वर्तमान में शासकीय कितना मौके में जमीन की स्थिति क्या है, उक्त आराजी का जांच प्रतिवेदन तत्कालीन हल्का पटवारी 2006 में तह. रघुराजनगर को वास्त. स्थिति में अवगत कराया था, प्रतिवेदन के बाद भूमाफिया ने वह फाइल नजूल तहसील को ट्रांसफर करवा दी? नजूल अधिकारियों द्वारा 14 वर्षों होने के बाद आज दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई पूर्ण जानकारी दें? (ख) तहसील रघुराजनगर ग्राम बम्हनगवाँ आराजी 32 रकवा 3.22ए. के संबंध में तहसील रघुराजनगर ने 6/2/17 को आरआई सतना को जांच के आदेश पर राजस्व निरीक्षक ने 10/2/2017 को जांच प्रतिवेदन तैयार कर तहसील कार्यालय में 20/2/2017 को जमा किया, जिसके अनुसार बम्हनगवाँ की आराजी 32 शासकीय भूमि को 1969-70 के खसरा पंचशाला में रकबा 2.90ए. बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के रामसखा वल्द सूरजानाई के नाम भूमि दर्ज कर दी गई, जांच प्रतिवेदन सहित पूर्ण जानकारी दें? (ग) प्रश्नांश (क) (ख) सही है तो उक्त आराजियों के क्रय-विक्रय में तत्‍काल लगाकर म.प्र.शासन कब तक दर्ज कर दिया जावेगा एवं प्रश्नांश (ख) के मामले में सिविल न्यायालय से कराई गई डिग्री के विरूद्ध जिला प्रशासन द्वारा कब तक अपील कर निरस्ती करा दी जायेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) तहसील रघुराजनगर अन्तर्गत राजस्व निरीक्षक मण्डल सोहावल पटवारी हल्का अमौधकला ग्राम अमौधाकला के आराजी क्रमांक 751/1 रकवा 39.91 एकड़ म.प्र. शासन, 751/2 रकवा 0.010 एकड़ एवं 751/3 रकवा 0.010 एकड़ तथा 751/4 रकवा 0.015 एकड़ भूमि-स्वामी स्वत्व में वर्ष 1958-59 के बंदोबस्त खतौनी में दर्ज अभिलेख हैं। उक्त आराजी का जांच प्रतिवेदन वर्ष 2006 अप्राप्त है वर्तमान स्थिति में उक्त शासकीय आराजी 751/1 में स्कूल एवं विद्युत मण्डल का थर्मल पॉवर स्थापित है। शेष भूमि का रकवा 7.31 एकड़ में पूर्व से कई बटांकों में भूमि-स्वामी स्वत्व में दर्ज अभिलेख है। उपरोक्त आराजी के जांच हेतु अनु. अधि. रघुराजनगर के आदेश क्रमांक 638 दिनांक 05.09.2020 द्वारा जांच दल का गठन किया जा चुका है। प्राप्त जांच प्रतिवेदन अनुसार विधि संगत कार्यवाही की जावेगी। (ख) ग्राम बम्हनगवां की आराजी 32 रकवा 3.22 एकड़ के सबंध में वर्ष 2017 में तहसील कार्यालय से तत्कालीन राज.निरीक्षक सतना को जांच किये जाने के आदेश नहीं है वर्तमान पट.. बरदाडीह के प्रतिवेदन अनुसार वर्ष 1963-64 से लगायत 1967-68 के खसरा पंचशाला में उक्त आराजी खाता शासकीय दर्ज अभिलेख है, खसरे के कालम नं.-12 में श्री रामसखा बल्द सुरजा नाई का अनाधिकृत कब्जा अंकित है वर्ष 1968-69 के खसरे में म.प्र.शासन घेरकर कालम नं.-03 रामसखा बल्द सूरजा नाई बल्द है तथा कालम नं. 12 में तहसीलदार रघुराजनगर के हस्ताक्षर है तथा दर्ज आदेश का हवाला स्पष्‍ट नहीं है वर्ष 1969-70 से 1973-74 के खसरे में आराजी नंबर 32/1 रकवा 0.32 एकड़ म.प्र.शासन डायवर्सन रोड रास्ता आराजी नं. 32/2 रकवा 2.69 एकड़ खसरे के कालम नं. -03 में रामसखा बल्द सुरजा नाई के नाम दर्ज अभिलेख हैं तथा 32/3 रकवा 0.21 एकड़ श्रीमती जय सिंह धर्मपत्नी गजेन्द्र सिंह शा. इटमा के नाम दर्ज अभिलेख हैं। इस आराजी के लिये भी अनु.अधि.रघु. के आदेश क्रमांक 638 दिनांक 05.09.2020 द्वारा जांच किये जाने के लिये दल का गठन किया गया है। गठित दल द्वारा जांच प्रतिवेदन प्रस्‍तुत किया गया है। जिसमें प्रविष्टिया अस्‍पष्‍ट होना तथा स्‍वत्‍व का आधार स्‍पष्‍ट नहीं होना पाया गया है। संबंधितों की सुनवाई की जाकर विधि निर्णय लिया जावेगा। (ग) प्रश्‍नांश (क) की आराजियों के जांच हेतु अनु.अधि.रघु. के आदेश क्रमांक 638 दिनांक 05.09.2020 द्वारा जांच दल का गठन किया गया है,जांच दल द्वारा दिये गये प्रतिवेदन अनुसार विधि संगंत कार्यवाही की जावेगी। प्रश्‍नांश () के मामले में सिविल न्यायालय की डिग्री का उल्‍लेख अभिलेखों में दर्ज होना नहीं पाया गया है। डिक्री की जानकारी प्राप्‍त होने पर विधि अनुसार कार्यवाही की जा सकेगी। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

गुणवत्‍ता विहीन निर्माण कार्य

[लोक निर्माण]

51. ( क्र. 492 ) श्री जुगुल किशोर बागरी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या उप संभाग सतना अंर्तगत एरोड्रम निर्माण कार्य निरूबल डामर गुणवत्ता विहीन अत्‍यंत कम मात्रा में डामर का उपयोग होने, अच्छी क्वालिटी का मिट्टी का उपयोग नहीं होने, सील कोल निम्न श्रेणी का होने, निर्माण के बाद से कोई प्लेन लैण्ड नहीं होने पर भी गुणवत्ता विहीन कार्य को एसडीओ, कार्यपालन यंत्री की मिलीभगत से भुगतान का प्रयास किये जाने संबंधी अनियमितता के समाचार पत्रों में छपने पर संबंधितों को नोटिस जारी किए गए अथवा नहीं? (ख) क्‍या उपसंभाग सतना अंर्तगत रिंगरोड (सोहावल-तिघरा) में गुणवत्ता विहीन डामर होने तथा उसके उखडने से बड़े-बड़े गड्ढे हो जाने के उपरांत भी रोड का भुगतान होने के बाद लगभग 50 लाख के पैच निरूपत के नाम से फर्जी भुगतान किया गया? (ग) क्‍या उपसंभाग नागौद उपखण्ड सोहावल में शेरगंज से सटी हुई 5 रोडों में सेक्शन किए बिना डामर करने हेतु 70 लाख रू. निकाले गये, प्रभारी एसडीओ द्वारा विभागीय डामर एवं मिट्टी इश्‍यू कर पैच दिखाकर उसी काम को ठेकेदार के लगे टेन्डर को निरूबल कर भुगतान कर फर्जीवाड़ा किया गया है? (घ) यदि प्रश्नांश (क), (ख), (ग) सही है तो उक्त भ्रष्टाचार में लिप्त उपयंत्री,एसडीओ,कार्यपालन यंत्री की जांच उच्च-/राज्‍यस्तरीय कमेटी बनाकर की जावेगी, उक्त भ्रष्ट अधिकारियों को निलंबित कर एफ.आई.आर. कराई जाकर रिकवरी की राशि की वसूली की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। समाचार पत्रों में खबरें छपने के पूर्व मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग रीवा परिक्षेत्र रीवा द्वारा दिनांक 24.06.2020 को हवाई पट्टी के अवलोकन पश्चात तकनीकी निरीक्षण टीप पत्र क्र. 788/नि.स./निरीक्षण प्रतिवेदन/2019 रीवा, दिनांक 01.07.2020 पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 से जारी किया गया था। तदानुसार कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग संभाग सतना द्वारा संबंधितों को आवश्यक सुधार हेतु पत्र क्रमांक 9004/कार्य/4-20/सतना, दिनांक 19.08.2020 पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट के प्रपत्र-2 से निर्देशित किया गया है। कलेक्टर एवं सत्कार अधिकारी जिला सतना के आदेश दि. 22.06.2020 पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट के प्रपत्र-3 एवं 07.09.2020  पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट के प्रपत्र-4 से वायुयान के आवाजाही अनुमति अनुसार संचालित हो रही है वर्तमान में हवाई पट्टी उपयुक्त है, जिसकी विजीटर बुक  पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट के प्रपत्र-5 एवं परीक्षण परिणाम  पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट के प्रपत्र-6 अनुसार है। (ख) जी नहीं। मार्ग की तत्कालीन विद्यमान राइडिंग सतह उपयुक्त नहीं होने से प्रस्तावित नवीनीकरण के पूर्व आवश्यक पैच मरम्मत कार्य  पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट के प्रपत्र-7 अनुसार किया गया है। सतह सुधार उपरांत वार्षिक संधारण में नवीनीकरण कार्य कराया गया है वर्षा ऋतु (15 जून 2020 से अगस्त 2020) में निर्मित पैच परफारमेंस गारंटी के अंतर्गत संविदाकार द्वारा आवश्यक मरम्मत कार्य किया जा रहा है। कोई फर्जी भुगतान नहीं किया गया है। (ग) जी नहीं। जी नहीं। पेंच मरम्मत हेतु विभागीय डामर एवं गिट्टी इश्यू करने का विवरण  पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट के प्रपत्र-8 अनुसार है। (घ) प्रश्नांश (), () एवं () के उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्नांश का प्रश्न उत्पन्न नहीं होता। विभागीय स्तर पर परीक्षण कर गुण दोष के आधार पर निर्णय लिया जावेगा।

चने एवं गेहूँ का उर्पाजन

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

52. ( क्र. 495 ) श्री शशांक श्रीकृष्ण भार्गव : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विदिशा जिला अंतर्गत इस वर्ष उपार्जन केन्द्रों से कितने टन गेहूँ चने का उपार्जन किया गया केन्द्रवार जानकारी दे। (ख) प्रश्नांश (क) क्रम में गेहूँ एवं चने की खरीदी उपरांत कितना गेहूँ और चना गोदामो में परिवहन किया गया एवं परिवहन नहीं होने से खुले में पड़ा होने के कारण वर्षा के पानी में खराब हुआ? खराब हुए अनाज की मात्रा सहित जानकारी दे एवं अनाज खराब होने के लिए दोषी कौन है? (ग) प्रश्नांश (क) गेहूं उपार्जन के लिए की गई व्यवस्था क्‍या यह सही है कि दोषपूर्ण थी पहले ज्यादा मेंसेज किये गये, बाद में मैसेज आने के बाद 48 घण्टे की वैधता की गई किसानो को भ्रमित कर कभी सायलो पर, कभी सोसायटियों पर भेजकर गुमराह किया व 48 घण्टे की वैधता समाप्त हो गई इस कारण से जिला अंतर्गत 7 हजार पंजीकृत किसानो की गेहूँ की तुलाई नहीं हो पाई। (घ) जिले में विगत 3माह में कोरोना महामारी के चलते गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले बी.पी.एल.,ए.पी.एल. एवं कर्मकार मण्डल व जिनके पास कॉर्ड नहीं है उनको खाद्य विभाग एवं अन्य संस्थाओं द्वारा कितने परिवारो को राशन सामग्री के रूप में गेहूँ, चावल, दाल, शक्कर का वितरण प्रति व्यक्ति के मान से कितना किया गया? राशन सामग्री केन्द्र सरकार द्वारा देय प्रति व्यक्ति मान के निर्देंशो के अनुसार दी गई? नहीं तो क्यों कारण सहित जानकारी दें?

खाद्य मंत्री ( श्री बिसाहूलाल सिंह ) : (क) से  (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

खाद्य विभाग के वेयर हाउस को नियम विरूद्ध तोड़ा जाना

[नगरीय विकास एवं आवास]

53. ( क्र. 496 ) श्री शशांक श्रीकृष्ण भार्गव : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विदिशा नगरपालिका क्षेत्र में खाद्य विभाग द्वारा संचालित वेयर हाऊस कार्पोरेशन को दिये गये पुराने वेयर हाऊस को नगरपालिका परिषद विदिशा द्वारा किस आधार पर किस नियम के अंतर्गत तोड़ा गया? (ख) क्या प्रश्नकर्ता ने दिनांक 11.10.2019 पत्र क्रमांक 2793 के माध्यम से कलेक्टर विदिशा को पत्र लिखकर उक्त वेयर हाऊस के नियम विरूद्ध तरीके से तोड़े जाने के संबंध में जांच की मांग की थी? (ग) यदि प्रश्नांश (ख) के क्रम में हाँ तो क्या पत्र के क्रम में कार्यवाही की गई यदि हाँ तो क्या? नहीं तो क्यो? (घ) क्या शासन शीघ्र ही उक्त वेयर हाऊस के तोडे जाने के उपरांत निकाली गई सामग्री के विवरण सहित उक्त सामग्री के विक्रय किये जाने के संबंध में जांच कराई जाकर दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) विदिशा नगर पालिका क्षेत्र में खाद्य विभाग द्वारा संचालित वेयर हाऊस कार्पोरेशन को दिये गये पुराने वेयर हाऊस को नगर पालिका द्वारा नहीं तोड़ा गया है। (ख) जी हाँ। (ग) प्रश्‍नांश ()  के संबंध में कलेक्‍टर जिला विदिशा द्वारा जांच कराई गई। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जांच प्रतिवेदन परीक्षणाधीन है। गुण दोष के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जा सकेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

कॉलोनी विकसित किये जाने की अनुमति

[नगरीय विकास एवं आवास]

54. ( क्र. 499 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन/विभाग अपने नगर एवं ग्राम निवेश (टॉउन एंड कंट्री प्ला‍निंग) विभाग के द्वारा कालोनियों में कार्य किये जाने हेतु भिन्न-भिन्न प्रकार की अनुमतियां प्रदान कर उन कॉलोनी कार्यों को किये जाने हेतु अनुमोदित करता है? (ख) यदि हाँ, तो वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि तक सिवनी जिला अन्तर्गत किस-किस कालोनाईजर ने किस-किस सर्वे एवं स्थान, ग्राम, नगर की भूमि पर कॉलोनी विकसित किये जाने की अनुमति विषयक आवेदन किये? (ग) उपरोक्त उल्लेखित वर्षों के अंतर्गत कॉलोनी विकसित किये जाने की अनुमति विषयक आवेदनों के साथ भूमि डायवर्सन किये जाने हेतु भी कितने आवेदन प्राप्त हुये है? (घ) क्या उक्त कार्यों हेतु स्थल निरीक्षण के समय संबंधित निकाय के उक्त स्थलों के संबंधित अधिकारी अथवा कर्मचारी भी विभागीय अधिकारियों के साथ होते हैं, यदि हाँ, तो उक्त वर्षों में स्‍थल निरीक्षण पर कितनी अनुमतियां दी गई?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के जिला स्‍तर कार्यालय द्वारा कॉलोनी के विकास हेतु अनुज्ञा प्रदान की जाती है। (ख) वर्ष           2013-2014 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में सिवनी जिला अंतर्गत कॉलोनी विकसित किये जाने की अनुमति विषयक जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) वर्ष 2013 से माह अगस्‍त 2020 तक सिवनी जिला अंतर्गत कॉलोनी विकसित किये जाने की अनुमति विषयक आवेदनों के साथ भूमि डायवर्सन हेतु कुल 30 आवेदन प्राप्‍त हुए है। (घ) जी हाँ, सिवनी जिले में उपरोक्‍त उल्‍लेखित वर्षों में कुल 29 अनुमतियाँ जारी की गई है।

परिशिष्ट - "चौदह"

वैध/अवैध कालोनियों में मूलभूत सुविधाएं

[नगरीय विकास एवं आवास]

55. ( क्र. 500 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले के नगरीय क्षेत्रों में कुल कितनी वैध एवं अवैध कालोनियां हैं? क्या वैध कालोनियों में नगरपालिका/परिषद द्वारा नागरिकों को पानी, स्ट्रीट लाईट, सड़क एवं सफाई की मूलभूत सुविधाएं उपलब्‍ध कराई जा रही है? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में अवैध कालोनियों, जिनमें कालोनी विकास के पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी नहीं हुये हैं, क्या उन कालोनियों में नगर पालिका/परिषद द्वारा भवन निर्माण की अनुमति दी जा रही है? यदि हाँ, तो किन नियमों के तहत? (ग) अवैध कॉलोनियों को वैध करने के शासन निर्देश से अब तक कितनी कॉलोनियों को वैध किया गया? यदि नही, तो कब तक किया जावेगा? (घ) गत तीन वर्षों में जिले में कितने अवैध कॉलोनाईजरों पर नियमों के उल्लंघन के प्रकरण बनाकर क्या कार्यवाही की गई? क्या इन कॉलोनाईजर पर आपराधिक प्रकरण भी दर्ज कराये गये हैं? यदि हाँ, तो किस-किस पर और कब-कब?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) सिवनी जिले के नगरीय क्षेत्र नगर पालिका सिवनी में 60 वैध एवं 99 अवैध, नगर परिषद बरघाट में 01 अवैध तथा नगर परिषद लखनादौन में 02 वैध एवं 49 अवैध कॉलोनियां है। जी हाँ। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) अवैध कालोनियों में विकास पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी किये जाने के कोई प्रावधान नहीं है, जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) अवैध कालोनियों को नियमित करने के संबंध में म.प्र. नगरपालिका (कालोनाईजर का रजिस्‍ट्रीकरण, निर्बंधन तथा शर्तें) नियम 1998 के नियम 15-क को माननीय उच्‍च न्‍यायालय द्वारा अधिकारातीत (Ultra Vires) घोषित कर दिये जाने के कारण अवैध कालोनियों का नियमितीकरण नहीं किया गया है। वैधानिक प्रक्रिया होने के कारण           समय-सीमा बताया जाना सम्‍भव नहीं है। (घ) जिले के नगरीय क्षेत्रों में अवैध कालोनी बनाने वाले सभी कालोनाईजर को सक्षम प्राधिकारी एवं नगरीय निकायों द्वारा म.प्र. नगरपालिका अधिनियम 1961 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही हेतु सूचना पत्र जारी किये गये है। जी नहीं, कार्यवाही विचाराधीन है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

शासकीय तथा निजी चिकित्सा महाविद्यालय में फर्जी भर्ती, घोटाले की जाँच

[चिकित्सा शिक्षा]

56. ( क्र. 503 ) श्री विशाल जगदीश पटेल : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या व्यापम ने परीक्षा में गलत तरीके अपनाने पर वर्ष 2008 से 2011 तक की पी.एम.टी परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी की, परीक्षा की पात्रता समाप्त करने सम्बन्धी आदेश की प्रति, विभाग को भेजकर कार्यवाही करने का अनुरोध किया था, यदि हाँ, तो बताइए कि वर्षवार संख्या क्या थी तथा किस-किस अभ्यार्थी का प्रवेश निरस्त किया गया सूची देवें। (ख) बतावें कि शासकीय तथा निजी चिकित्सा महाविद्यालय में फर्जी भर्ती होने की शिकायत की जांच विभाग करेगा या प्रवेश एवं फीस विनायमक समिति करेगी व्यापम घोटाले में फर्जी भर्ती की जांच विभागीय स्तर पर विभाग द्वारा की गई या ए.एफ.आर.सी. द्वारा की गई, क्या शासकीय तथा निजी चिकित्सा महाविद्यालय प्रवेश संबंधी समस्त दस्तावेज तथा पत्राचार विभाग से करता है या ए.एफ.आर.सी से करता है। (ग) निजी चिकित्सा महाविद्यालय में पी.एम.टी के माध्यम से वर्ष 2009 से 2013 तक हुई भर्ती की सूची देवें, चिकित्सा शिक्षा संचालनालय द्वारा इस अवधि में उन्हें दी गई पात्रता सूची की प्रति देवे तथा निजी चिकित्सा तथा महाविद्यालय द्वारा चयन किये गए छात्रों की सूची विभाग को किस-किस दिनांक को प्रदान की गई। (घ) क्या विभाग पी.एम.टी के माध्यम से निजी चिकित्सा महाविद्यालय में भर्ती में घोटाले की वर्ष 2009 से 2013 की जांच कर रहा है, यदि नहीं, तो क्यों?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। अभ्‍यर्थियों की निरस्‍त अभ्‍यर्थिता वर्ष 2008 से 2012 तक की सूची संयुक्‍त नियंत्रक, पीईबी भोपाल से दिनांक 22.02.2017 को प्राप्‍त हुई थी। 2008 से 2012 तक की जानकारी निम्‍नानुसार है:- (सूची की छायाप्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है)

क्रमांक

वर्ष

संख्‍या

1.

2008

42

2.

2009

85

3.

2010

90

4.

2011

98

5.

2012

319

 

योग

634

(ख) जांच सी.बी.आई./एस.टी.एफ. में प्रक्रियाधीन है। (ग) निजी चिकित्‍सा महाविद्यालयों में वर्ष 2009 से 2013 तक प्रवेशित छात्रों की सूची की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है एवं पात्रता के संबंध में 2009 से 2013 तक के राजपत्र की छायाप्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार। उक्‍त जानकारी के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जांच सी.बी.आई./एस.टी.एफ. में प्रक्रियाधीन है।

इंदौर अहमदाबाद तथा लेबड जावरा में टोल टैक्स अनियमितता

[लोक निर्माण]

57. ( क्र. 504 ) श्री विशाल जगदीश पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदौर अहमदाबाद राजमार्ग पर दोनों टोल इंदौर से कितने-कितने किलोमीटर बने हैं तथा किस दर से प्रत्येक टोल किस-किस प्रकार के वाहन से कितने किलोमीटर का शुल्क लेते हैं।           (ख) क्या टोल पर प्रतिवर्ष 1 अप्रैल को वृद्धि प्रस्तावित है, यदि हाँ, तो बतायें कि प्रश्नांश () के अनुसार दोनों टोल पर किस नियम से 10% वृद्धि कर दी गई। इस संबंध में नियम की प्रति नोटशीट तथा पत्राचार की प्रति एन.एच.ए.आई. से प्राप्त कर उपलब्ध करावें। (ग) क्या लेबड नया गांव फोरलेन पर 1055.92 करोड़ की लागत पर मात्र 9 वर्ष में अगस्त 2020 तक 2800 करोड़ वसूले जा चुके हैं, क्या लेबड जावरा मार्ग की दयनीय हालत पर माननीय उच्च न्यायालय ने टोल वसूली पर रोक लगा दी थी। क्या शासन द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के संज्ञान में यह तथ्‍य लाया गया है कि लागत से 3 गुना टोल टैक्स वसूला जा चुका है, यदि नहीं, तो क्यों? (घ) प्रश्नांश (क) अनुसार यदि फोरलेन पर हुये गड्ढों पर माननीय उच्च न्यायालय को संज्ञान लेना पड़ा तो विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण क्यों नहीं किया। इसके लिए कौन जिम्मेदार है, उन पर क्या कार्रवाई की गई।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) इन्दौर-अहमदाबाद मार्ग की एन.एच.ए.आई. से प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे  परिशिष्ट अनुसार(ख) इन्दौर-अहमदाबाद मार्ग की एन.एच.ए.आई. से प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे  परिशिष्ट अनुसार। (ग) जी नहीं, जी हाँ, लगाई थी। लागत से तीन गुना टोल वसूली नहीं हुई है अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नांश (क) एन.एच.ए.आई. से प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे  परिशिष्ट  अनुसार

जवाहरलाल नेहरू राष्‍ट्रीय शहरी नवीनीकरण योजना से प्राप्‍त आवास किश्‍त संबंधी

[नगरीय विकास एवं आवास]

58. ( क्र. 506 ) श्री आरिफ मसूद : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जवाहरलाल नेहरू राष्‍ट्रीय शहरी नवीनीकरण योजना के अंतर्गत आवास प्राप्‍त करने वाले गरीब हितग्राहियों को कोरोना काल महामारी के चलते मासिक किस्‍त माफ करने हेतु केन्‍द्र सरकार द्वारा राज्‍य शासन को क्‍या दिशा निर्देश प्राप्‍त हुये हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में भोपाल नगर निगम अंतर्गत आने वाले हितग्राहियों के अप्रैल 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने हितग्राहियों के आवेदन किस्‍त माफ करने बाबत् शासन को प्राप्‍त हुए हैं? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्राप्‍त हुये आवेदकों में कितने हितग्राहियों की किस्‍त माफ की गई तथा कितने शेष है? शेष हितग्राहियों की किस्‍त कब तक माफ कर दी जाएगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय नवीनीकरण योजना के अन्तर्गत आवास प्राप्त करने वाले गरीब हितग्राहियों को कोरोनाकाल महामारी के चलते मासिक किश्त माफ करने हेतु केन्द्र सरकार द्वारा राज्य सरकार को कोई दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं है। (ख) उत्तरांश () के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश () के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

मसाजिद कमेटी के इमाम-मोअज्जिनों के वेतन का भुगतान

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

59. ( क्र. 511 ) श्री आरिफ अक़ील : क्या पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मसाजिद कमेटी भोपाल में इमामों और मोअज्जिनों को प्रतिमाह कितना वेतन भुगतान किया जाता है? (ख) क्‍या अनुदान न मिलने के कारण लगभग 5 महीनों से इमाम और मोअज्जिनों को वेतन भुगतान नहीं हुआ है? (ग) क्‍या इमाम मोअज्जिनों के वेतन के संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने कलेक्‍टर रेट के अनुसार वेतन देने का आदेश दिया था? यदि हाँ, तो क्‍या शासन द्वारा उक्‍त आदेश का पालन किया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्‍यों?

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ( श्री रामखेलावन पटेल ) : (क) मसाजिद कमेटी भोपाल में इमामों और मोअज्जिनों को प्रतिमाह वेतन नहीं अपितु निर्धारित मानदेय का भुगतान किया जाता है। (ख) जी हाँ। वेंडर प्रक्रिया की कार्यवाही की जा रही है। वेंडर प्रक्रिया पूर्ण होते ही संबंधितों के खाते में मानदेय का भुगतान कर दिया जावेगा। (ग) जी नहीं।

सर्वे क्रमांक 1524 स्थित भूमि में पट्टे का प्रदाय

[राजस्व]

60. ( क्र. 521 ) श्री प्रियव्रत सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) जीरापुर नगर जिला राजगढ़ के सर्वे क्रमांक 1524 स्थित भूमि में शासन द्वारा किस-किस को कब-कब एवं कितनी भूमि के पट्टे दिये गये हैं? पट्टे स्‍वामी का विवरण सहित जानकारी दी जाये। (ख) क्‍या जीरापुर नगर पंचायत को हाट बाजार लगाने हेतु भूमि सर्वे क्रमांक 1524 में से भूमि आवंटन किये जाने हेतु कलेक्‍टर से मांग की गई? यदि हाँ, तो कितनी भूमि की मांग के अनुरूप कितनी भूमि आवंटित की गई? कितनी भूमि शेष है तथा क्‍या शासन नगर पंचायत जीरापुर की मांग अनुरूप शेष भूमि नगर पंचायत को आवंटित करेगा? (ग) क्‍या उक्‍त सर्वे क्रमांक में पट्टे की भूमि क्रय-विक्रय किया गया है? यदि हाँ, तो कितने एवं किन-किन व्‍यक्तियों के पट्टों की भूमि क्रय-विक्रय हुई है? क्‍या विक्रय की विधिवत अनुमतियां प्राप्‍त की गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों? क्‍या इस मामले में भू-राजस्‍व संहिता की धाराओं का उल्‍लंघन किया गया है? यदि हाँ, तो दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही करेगा? तो कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जीरापुर नगर जिला राजगढ़ में खसरा रिकार्ड वर्ष 1974-75 से 1978-79 अनुसार वर्ष 1976 में भूमि सर्वे क्रमांक 1524 स्थित भूमि में से हाफिजन बाई पति बाबुल्ला खां को 2.000 हेक्टर भूमि पटटे पर दी गई थी। (ख) जी हाँ न्यायालय कलेक्टर के प्र.क्र.170/अ-59/19-20 आदेश दिनांक 02.03.2020 अनुसार कस्बा जीरापुर स्थित भूमि सर्वे नं.1524/1 रकबा हेक्‍टेयर 4.000 हेक्टर में से 2.000 हेक्‍टेयर भूमि जांच एवं सुनवाई उपरांत उचित प्रतीत होने से नवीन हाट बाजार हेतु मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर परिषद जीरापुर को आबंटित की गई, 2.000 हेक्टर भूमि शेष है। कलेक्टर न्यायालय के आदेशानुसार आवश्यकता अनुरुप भूमि आबंटित की जा चुकी है। (ग) जी हाँ, हाफीजन बाई पति बाबुल्ला खां निवासी ग्राम के पटटे की भूमि विक्रय हुई है। कार्यालयीन अभिलेख अनुसार किसी भी व्‍यक्ति द्वारा विक्रय की अनुमति प्राप्त नहीं की गई है। प्रकरण में म.प्र. भू.रा.संहिता 1959 की धाराओं के उल्लंघन के संबंध में जांच कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने हेतु अनुविभागीय अधिकारी, खिलचीपुर को निर्देशित किया गया है। समय- सीमा बताना संभव नहीं है।

शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाया जाना

[राजस्व]

61. ( क्र. 522 ) श्री प्रियव्रत सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जीरापुर तहसील जिला राजगढ़ में छापी मध्‍यम परियोजना के सेंडल डेम नहर के निकट शासकीय भूमि है, जिस पर चामुण्‍डेश्‍वर डाबे का अतिक्रमण हटाकर तहसील जीरापुर द्वारा अतिक्रमण धारी पर जुर्माना लगाया गया था? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त बहुमूल्‍य भूमि पर पुन: अनाधिकृत लोगों द्वारा राजनैतिक प्रभाव से कब्‍जा कर लिया गया है? अगर हां, तो किन-किन लोगों द्वारा इस भूमि पर कब्‍जा किया गया है? (ग) शासकीय बहुमूल्‍य भूमि पर काबिज अनाधिकृत व्‍यक्तियों का अतिक्रमण हटाने हेतु शासन क्‍या कार्यवाही कर रहा है? इस बाबत् प्रश्‍नकर्ता द्वारा कलेक्‍टर राजगढ़, अनुविभागीय अधिकारी, राजस्‍व खिलचीपुर-जीरापुर, तहसीलदार परगना जीरापुर को लिखित एवं मौखिक संज्ञान में लाने के बावजूद कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? दोषी कर्मचारी एवं अधिकारियों पर शासन क्‍या कार्यवाही कर रहा है?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जी हाँ। (ख) सर्वे क्रमांक 1488 पर अतिक्रमण संबंधी जानकारी प्राप्त होने पर तहसील कार्यालय जीरापुर में प्रकरण क्रमांक 60/बी-121/2020-21 दर्ज किया जाकर निम्नानुसार व्यक्तियों को अनाधिकृत कब्जे हटाने हेतु नोटिस जारी किया गया हैः- 1. गोपाल पिता भगीरथ दांगी जीरापुर 2. शिवचरण पिता उकार बक्ष दांगी 3. देवनारायण पिता बाबरू दांगी जीरापुर 4. चम्पालाल पिता हजारीलाल दांगी काशीखेडी 5. राजेशपिता राधेश्याम मण्डलोई दांगी जीरापुर 6. दरबारसिंह पिता दुलेसिंह राजपूत निवासी रनारा-खिलचीपुर 7. लक्ष्मीनारायण मण्डलोई पिता रूगनाथ दांगी जीरापुर 8. रामप्रताप पिता रतनलाल जाति दांगी निवासी केसरपुरा          9. बापूलाल पिता हजारीलाल दांगी निवासी काशीखेडी 10. संजय भावसार पिता शिवप्रसाद भावसार जीरापुर 11. गोपाल भावसार पिता शिवप्रसाद भावसार जीरापुर 12. रामप्रसाद पिता भागीरथ दांगी जीरापुर 13. बबली बाई बेवा बद्रीलाल जाति दांगी जीरापुर 14. जगदीश पिता भागीरथ दांगी जीरापुर 15. हजारीलाल पिता भागीरथ दांगी जीरापुर 16. लक्ष्मीनारायण पिता भागीरथ दांगी जीरापुर                    (ग) शासकीय भूमि पर काबिज अनाधिकृत व्यक्तियों का अतिक्रमण हटाने हेतु न्यायालय तहसीलदार जीरापुर द्वारा प्रकरण क्रमांक 60/बी-121/2020-21 दर्ज किया जाकर कार्यवाही की जा रही है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।

वापस लाये गये प्रवासी मजदूरों की जानकारी

[राजस्व]

62. ( क्र. 530 ) श्री सुनील सराफ : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) लॉकडाउन अवधि में प्रदेश में कितने प्रवासी मजदूर शासन व्‍यय से अन्‍य राज्‍यों से ट्रेन, बस व अन्‍य साधनों से वापस लाए गए? राज्‍य नाम, श्रमिक संख्‍या, श्रमिक जिले की जानकारी ट्रेन, बस संख्‍या सहित देवें। जानकारी दिनांक 10.04.2020 से 31.05.2020 तक की देवें। (ख) ट्रेन से गंतव्‍य तक पहुंचाने के लिए बसों की संख्‍या पृथक से गंतव्‍य जिला तक बतायें। ट्रेन स्‍टेशन नाम भी देवें। (ग) कितने प्रवासी मजदूरों को एक हजार रू. की वित्‍तीय सहायता दी? जिलावार, श्रमिक संख्‍या देवें। (घ) रोजगार सेतु एप पर विगत 4 माह में कितने श्रमिकों का पंजीयन हुआ? जिलावार, श्रमिक संख्‍या देवें। क्‍या राज्‍य के श्रमिकों को भी एक जिले से दूसरे जिलों में शासन व्‍यय से भेजा गया? यदि हाँ, तो प्रश्नांश (क) अनुसार जानकारी देवें।

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) मार्च में अंतिम सप्‍ताह से 31 जुलाई 2020 तक लगभग 1000000 श्रमिकों को लाया गया है। श्रमिक मुख्‍यत: महाराष्‍ट्र, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, तेलंगाना, राजस्‍थान, उत्‍तरप्रदेश, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक आदि राज्‍यों से आये। श्रमिकों की परिवहन व्‍यवस्‍था हेतु लगभग 29000 बसे एवं लगभग 139 ट्रेनों का उपयोग किया गया। (ख) इस प्रकार की जानकारी संधारित नहीं की गई है। (ग) लगभग 1.50 लाख प्रवासी मजदूरों को 1000/- रूपये की वित्‍तीय सहायता दी गई है। जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जानकारी श्रम विभाग के पोर्टल-http://sambal.mp.gov.in/RojgarSetu/में उपलब्‍ध है। जी हाँ। इस प्रकार की जानकारी पृथक-पृथक संधारित नहीं की गई है।

राजस्‍व/वन भूमि के रिकार्ड में प्रविष्टियाँ

[राजस्व]

63. ( क्र. 550 ) श्री कुँवर विक्रम सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) क्‍या भा.व.अ. 1927 की धारा 34 अ के आदेशानुसार 1975 तक सहपत्र में तीनों ही फाईड भूमियों में संबंधित मुख्‍य सचिव के आदेश क्रमांक 230/सी.एस./04 दिनांक 24 जुलाई 2004 के बाद भी राजस्‍व/वन मण्‍डल में नोटिफिकेशन की प्रविष्टि किस भी अभिलेख में प्रश्‍नांकित दिनांक तक दर्ज नहीं की गई? (ख) क्‍या धारा 34 (अ) के अनुसार राजपत्र में किस दिनांक को किस ग्राम की कितनी भूमि/ग्राम की समस्‍त भूमि डीनो‍टिफाईड की गई? इनमें से किस ग्राम की कितनी भूमि संरक्षित राजस्‍व/वन सर्वे एवं वन खंड में शामिल की गई? (ग) अधिसूचना प्रकाशन दिनांक 24 जुलाई 2004 तक एवं उसके बाद प्रश्‍नांकित दिनांक तक डीनो‍टि‍फिकेशन की प्रविष्टि राजस्‍व/वन के किस-किस अभिलेख में दर्ज की गई है?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जिलेवार जानकारी इस प्रकार है- 1- मुरैना जिला अन्तर्गत भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34 अ के तहत 1975 तक कोई भी भूमि डीनोटिफाईड नहीं हुई है, इसलिए अभिलेखीकरण किये जाने का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है।         2- सतना जिले के वनमण्डल सतना अन्तर्गत भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34अ के तहत 1975 तक निम्नानुसार डिनोटिफिकेशन हुआ है:- 1. वन विहीन ग्रामों का डिनोटिफिकेशन अधिसूचना क्रमांक 5770-दस-2-72 दिनांक 18 सितम्बर 1972 म.प्र. राजपत्र में प्रकाशन दिनांक 17 नवम्बर 1972 से 1421 ग्रामों का डिनोटिफिकेशन हुआ है। जिसमें वनविहीन ग्रामों का उल्लेख है।          2. वनविहीन ग्राम होने के कारण कोई संशोधित प्रविष्टि नहीं की गई है। 3- मंदसौर जिले में भा.व.अ. 1927 की धारा 34 अ के आदेशानुसार 1975 तक अधिसूचना अनुसार वन भूमियों की प्रविष्टी तत्कालीन समय खसरा, बी1/वनमंडल के अंतर्गत निर्मित कार्य आयोजना एवं एरिया पंजी में दर्ज है। 4- रतलाम जिले में वनमंडल रतलाम के अंतर्गत भारतीय वन अधिनियम 1957 की धारा 34 (अ) में डिनोटिफाईड वन भूमि की प्रविष्टि क्षेत्रफल पंजी में की गई है। 5- देवास जिले में भा.व.अ.1927 की धारा 34 अ के आदेशानुसार 1975 तक सहपत्र में डिनोटिफाईड भूमियों में राजस्व/वन मंडल में नोटिफिकेशन की प्रविष्टि राजस्व अभिलेखों में दर्ज की गई है। इस सम्बन्ध में वनमंडल देवास के पत्र क्रमांक DM/2020/18 देवास, दिनांक 07.09.2020 अनुसार अन्तर्गत भा.व.अ.1927 की धारा 34 अ के तहत निम्नानुसार राजपत्र से राजस्व विभाग को वन भूमि का हस्तांतरण किया गया है जिसे वनमंडल के एरिया रजिस्ट्रर (क्षेत्रफल पंजी) में दर्ज किया गया है वनविभाग द्वारा हस्तांतरित की गई को भूमि को राजस्व विभाग द्वारा खसरा अभिलेख में दर्ज किया गयाहै। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। 6- जिले में वन मण्‍डल झाबुआ अन्‍तर्गत भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34 अ निर्वनिकृत वन भूमियों की प्रविष्‍टी अधिसूचना की प्रविष्‍टी वन मण्‍डल के अन्‍तर्गत निर्मित कार्य आयोजना एवं एरिया पंजी के अभिलेखों में दर्ज है। 7- वन मण्डल धार अंतर्गत भा.व.अ.1927 कि धारा 34अ अनुसार डीनोटि‍फाईड की गई भूमियों की प्रविष्टि सम्बंधित वन अभिलेखों में की गई है l 8- होशंगाबाद जिले में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34 (अ) के तहत वनमण्डल होशंगाबाद अन्तर्गत वर्ष 1975 तक कोई वन भूमि डिनोटिफाईड नहीं हुई है। अतः शेष प्रश्नांश का प्रश्न उत्पन्न नहीं होता। 9- वन मण्‍डल सामान्य जबलपुर के अंतर्गत नोटिफाईड वन क्षेत्रों को डीनोटिफाईड करने की प्रविष्टी कार्य आयोजनाओं में की गई है। 10- श्योपुर जिले के दोनों वन मंडलों के अंतर्गत भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा-34 (अ) के तहत म.प्र. शासन की अधिसूचना क्रमांक 6298-दस (2) 72 दिनांक 04.10.1972 प्रकाशन दिनांक 03.11.1972 में उल्लेखित ग्रामों की संरक्षित वनभूमि प्रकाशन दिनांक से संरक्षित वनभूमि नहीं रहेगी वर्ष 1975 तक कोई भी भूमि डिनोटिफाईड नहीं हुई है, इसलिये अभिलेखीयकरण किये जाने का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है। 11- वन मंडल अलीराजपुर अंतर्गत भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34 अ निर्वनिकृत वन भूमियों अधिसूचना की प्रविष्टि वन मंडल के अंतर्गत निर्मित कार्य आयोजना एवं एरिया पंजी के अभिलेखों में दर्ज है l         12- टीकमगढ़ जिले अन्तर्गत भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34 (अ) की डिनोटि‍फिकेशन अधिसूचनाओं के अनुसार राजस्व विभाग द्वारा पटवारी अभिलेखों में दर्ज की गई एवं वन विभाग द्वारा एरिया रजिस्टर में दर्ज की गई है। 13- जी नहीं। छतरपुर जिले में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34ए के अंतर्गत डीनोटिफाईड कर राजस्‍व विभाग को अंतरित की गयी भूमि की प्रविष्टि खसरा अभिलेख में दर्ज किए जाने की प्रक्रिया प्रचलन में है। 14- जिला पन्‍ना अंतर्गत भा.व.अ. 1927 की धारा 34 '''' के अंतर्गत जो भी वन भूमियां डिनोटि‍फाईड की गई उनकी प्रविष्टि राजस्‍व विभाग द्वारा पटवारी अभिलेखों में तथा वन विभाग द्वारा टोपो शीट एवं एरिया रजिस्‍टर में की जा चुकी है। 15- रायसेन जिले में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34 अ के आदेशानुसार 1975 तक सहपत्र में डीनोटिफाइड भूमियों से संबंधित डीनोटि‍फिकेशन की प्रविष्टी राजस्व विभाग द्वारा पटवारी अभिलेखों एवं वन विभाग द्वारा एरिया रजिस्ट्रर में दर्ज की गई है l 16- सागर-भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34 अ के आदेशानुसार 1975 तक सहपत्र में तीनों ही फाईड भूमियों में संबंधित मुख्य सचिव के आदेश क्रमांक- 230/सी.एस./04 दिनांक 24 जुलाई 2004 के पूर्व ही राजस्व/वन मण्डल के अभिलेखों में प्रविष्टि की जा चुकी है तथा निर्वनीकृत क्षेत्र रकवा 89.56 हेक्टेयर को वन विभाग की सीमा से पृथक किया जाकर मानचित्रों में भी तत्समय संषोधन की कार्यवाही कर ली गई है। 17- रीवा जिले अंतर्गत मुख्य सचिव के आदेश क्रमांक -230 सी.एम./04 दिनांक 24 जुलाई 2004 के पालन में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34 (अ) की डिनोटिफिकेशन अधिसूचनाओं के अनुसार राजस्व विभाग द्वारा पटवारी अभिलेखों में दर्ज की। 18- शहडोल-जी नही। 19- सीधी जिला अंतर्गत मुख्य सचिव के आदेश क्रमांक 230/सी एम/04 दिनांक 24 जुलाई 2004 के पालन में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34 (अ) कि डीनोटिफिकेशन अधिसूचनाओं के अनुसार राजस्व विभाग द्वारा पटवारी अभिलेखों में दर्ज की गई है एवं वन विभाग द्वारा वन मंडल की प्रचलित कार्य आयोजना में दर्ज किया गया है I 20- वन मण्डल उज्जैन के अन्तर्गत म.प्र. वन विभाग की अधिसूचना क्रमांक 7844-दस-2-72- दिनांक 29.11.1972 राजपत्र में प्रकाशित दिनांक 16.02.1973 प्रकाशित हुई है, जिसके अनुसार राजस्व/वन विभाग के अभिलेखों में संशोधन किया गया है। डीनोटिफाईड भूमियों की प्रविष्टि राजस्व विभाग द्वारा पटवारी अभिलेखों में एवं वन विभाग द्वारा एरिया रजिस्ट्रर में दर्ज की गई है। 21- वन मण्‍डल इन्‍दौर से प्राप्‍त जानकारी अनुसार भा.व.अ. 1927 की धारा 34 "अ" के अनुसार वर्ष 1975 तक राजपत्र में डीनोटिफाईड भूमियों से संबंधित प्रविष्टियां संबंधित वन अभिलेखों में एवं राजस्‍व अभिलेखों में की गई है। 22- जिला खरगोन अन्तर्गत म.प्र.शासन वन विभाग की अधिसूचना क्रमांक 4079 – दस (2) -72 दिनांक 10.07.1972 के द्वारा वनमंडल खरगोन/बडवाह के प्रशासकीय नियंत्रण में आने वाले राजस्व ग्रामों में संरक्षित वनो से संबंधित भूमियां प्रकाशन की तिथि से भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34 (अ) में राजस्व विभाग को हस्तांतरित होकर वन विभाग के उपलब्ध अभिलेखों में तत्समय में यथास्थान प्रविष्टि कराई जा चुकी थी। 23- वनमंडल सामान्य खंडवा के अंतर्गत भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34 (अ) के तहत डिनोटिफाईड भूमियों को अभिलेखों में संशोधित किया जा चुका है। 24- सीहोर- निरंक 25- वन मण्‍डल ग्‍वालियर के अंतर्गत भारतीय वन अधिनियम 1972 की धारा-34 (अ) के तहत 1975 तक डिनोटिफाईड भूमियों की प्रविष्टि अभिलेखों में कर ली गई है। 26- नरसिंहपुर- भा.व.अ. 1927 की धारा 34 अ के आदेशानुसार 1975 तक सहपत्र में तीनों ही फाईड भूमियों में राजस्‍व/वन मण्‍डल में नोटिफिकेशन की प्रविष्टि राजस्‍व अभिलेख में में दर्ज हैं। गोदावर्मन प्रकरण के संबंध में कार्यवाही पूरी की गई है। 27- छिन्‍दवाड़ा जिला अन्‍तर्गत मुख्‍य सचिव के आदेश क्रमांक 230/सी.एस./04 दिनांक 24 जुलाई 2004 के पालन में भा.व.अ.1927 की धारा 34 (अ) की डीनोटि‍फिकेशन अधिसूचनाओं के राजस्‍व विभाग द्वारा पटवारी अभिलेखों में दर्ज की गई एवं वन विभाग द्वारा एरिया रजिस्‍टर में दर्ज की गई है। 28- सिवनी-वर्ष 1972 में अधिसूचना क्रमांक 4083-दस-2-72, दिनांक 10 जुलाई 1972 द्वारा धारा 34 (अ) के तहत उत्‍तर सिवनी वनमंडल के 463 ग्रामों की संरक्षित भूमि डीनोटिफाईड की गई थी। उक्‍त अधिसूचना में रकबा एवं खसरा का उल्‍लेख नहीं किया गया है। उक्‍त भूमियों का वन विभाग के अभिलेखों में संशोधन किया जाना लंबित नहीं है। 29- नीमच वन मंडल के अंतर्गत भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34 अ में डिनोटिफाइट वन भूमि की प्रविष्टि क्षेत्रफल पंजी में दर्ज की गई है। 30- जिला बड़वानी अंतर्गत मुख्‍य सचिव के आदेश क्रमांक 230/सी.एस./04 दिनांक 24 जुलाई 2004 के पूर्व ही मध्‍यप्रदेश शासन वन विभाग की अधिसूचना क्रमांक 4079-दस (2) -72 दिनांक 10.07.1972 के द्वारा वनमण्‍डल सेंधवा एवं वनमण्‍डल बड़वानी के प्रशासकीय नियंत्रण में आने वाले राजस्‍व ग्रामों में संरक्षित वनों से संबंधित भूमियां प्रकाशन की तिथि से भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34 (अ) में राजस्‍व विभाग को हस्‍तांतरित होकर वन विभाग के उपलब्‍ध अभिलेखों में तत्‍समय में यथास्‍थान प्रविष्टि कराई जा चुकी थी। 31- डिण्‍डौरी सामान्‍य वनमण्‍डल के अन्‍तर्गत भा.व.अ. 1927 की धारा 34 अ के तहत 501 ग्रामों की रकवा रहित भूमि डीनोटिफाईट किया गया है वर्तमान में उक्‍त भूमि वन विभाग के अभिलेख में दर्ज नहीं है। 32- वन मण्डल सामान्य बुरहानपुर के अंतर्गत भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34 (अ) के तहत डीनोटिफाइड भूमियों को अभिलेखों में संशोधित किया जा चुका है। 33- गुना-भा.व.अ. 1927 की धारा 34अ के आदेशानुसार 1975 तक राजपत्र में डिनोटिफाईड भूमि के संबंध में वन विभाग के अभिलेखों (सर्वे डिमार्केशन रिपोर्ट,वनखंड पत्रावली) में प्रविष्टि मुख्‍य सचिव के आदेश क्रमांक 230/सी.एस./2004 दिनांक 24 जुलाई 2004 के पूर्व से ही दर्ज है। 34- आगर-मालवा- जानकारी निरंक है l 35- दतिया- वनमंडल दतिया के अंतर्गत भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34 अ के तहत 1975 तक डीनोटिफाइड भूमियों की प्रविष्टि‍ अभिलेखों में कर ली गई है l 36- बैतूल- हाँ 37- शाजापुर- जिला शाजापुर में कोई अधिसूचित वनक्षेत्र नहीं होने से जानकारी निरंक है।            38- वनमण्‍डल भिण्‍ड के अंतर्गत भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34 (अ) के तहत 1975 तक डीनोटिफाइड भूमियों की प्रविष्टियां अभिलेखों में कर ली गई हैं। पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार है। 39- जिला अशोकनगर में भा... 1927 की धारा 34अ के आदेशानुसार 1975 तक डिनोटिफाईड भूमि वन सीमा से बाहर है जो अभिलेखों में दर्ज हैं। राजस्व/वन मण्डल में नोटिफिकेशनन की प्रविष्ट राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। 40- मण्‍डला जिले की जानकारी निरंक है। 41-कटनी- शासन से संब‍धित। 42- बालाघाट जिले के अन्तर्गत मुख्य सचिव के आदेश क्रमांक 230/सी.एस./04 दिनांक 24 जुलाई 2004 के पालन में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34 (अ) की डिनोटि‍फिकेशन अधिसूचनाओं के अनुसार राजस्व विभाग द्वारा पटवारी अभिलेखों में दर्ज की गई एवं वन विभाग द्वारा वन अभिलेखों में दर्ज की गई है। 43- राजगढ़-राजस्व वन मण्डल अन्तर्गत मुख्य सचिव के आदेश क्रमांक 230/सी.एस./04/दिनांक 24 जुलाई 2004 से प्राप्त निर्देशानुसार वर्ष 1975 तक तथा इसके पश्चात भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34 अ के तहत डिनोटिफाईड भूमियो से संबंधित डिनोटिफिकेशन की प्रविष्टि राजस्व विभाग द्वारा पटवारी अभिलेखों एवं वन विभाग द्वारा वन मण्डल के अभिलेखों में की जा चुकी है। 44- जिला भोपाल के अन्तर्गत मुख्य सचिव के आदेश क्रमांक 230/सी.एस/04 दिनांक 24/07/2004 के पालन में भारतीय वन अधिनियम धारा 34 अ के आदेशानुसार 1975 तक वन विभाग की अधिसूचना दिनांक 08/12/1972 द्वारा  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार है  108 ग्रामों की 5170.849 हे. भूमि वन विभाग से राजस्व विभाग को अंतरित होकर राजस्व अभिलेखों में तत्समय में यथास्थान प्रविष्टि कराई जा चूकी है। 45- दमोह- भा.व.अ. 1927 की धारा 34 अ के आदेशानुसार 1975 तक सहपत्र में डीनोटिफाइड भूमियों में संबंधित मुख्‍य सचिव के आदेश क्रमांक 230/सी.एस./04 दिनांक 24 जुलाई 2004 के बाद भी राजस्‍व/वन मण्‍डल में नोटिफिकेशन की प्रविष्टि पटवारी अभिलेख में दर्ज की गयी है। 46- सामान्य वनमंडल हरदा भा.व.अ. 1927 की धारा 34 अ के आदेशानुसार 1975 तक सह पत्र में डीनोटिफाइड भूमियों में संबंधित मुख्य सचिव के आदेश क्रमांक 230/सी. एस./04 दिनांक 24.7.2004 के बाद भी नोटिफिकेशन की प्रविष्टि किसी भी अभिलेख में प्रश्‍नांकित दिनांक तक दर्ज नहीं की गयी है। अतः जानकारी निरंक है। 47- तत्समय निवाड़ी जिला-टीकमगढ़ में समाहित था l 48- विदिशा-विदिशा जिला अंतर्गत मुख्य सचिव के आदेश क्रमांक 230/सी.एस./04 दिनांक 24 जुलाई 2004 के पालन में भा.व.अ.1927 की धारा 34 (अ) की डीनो‍टिफिकेशन अधिसूचनाओं के अनुसार राजस्व विभाग द्वारा पटवारी अभिलेखों में दर्ज की गई। 49- शिवपुरी जिले के अन्‍तर्गत मुख्‍य सचिव के आदेश क्रमांक 230/सीएम/04 दिनांक 24 जूलाई 2004 के पालन में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34 (अ) की डिनोटि‍फिकेशन अधिसूचनाओं के अनुसार राजस्‍व विभाग द्वारा पटवारी अभिलेखों में दर्ज की गई एवं वन विभाग द्वारा एरिया रजिस्‍टर में दर्ज की गई है। 50- अनूपपुर जिले अन्‍तर्गत मुख्‍य सचिव के आदेश क्रमांक 230/सी.एम./04 दिनांक 24 जुलाई 2004 के पालन में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34 (अ) की डिनोटि‍फिकेशन अधिसूचनाओं के अनुसार राजस्‍व विभाग द्वारा पटवारी अभिलेखों में दर्ज की गई एवं वन विभाग द्वारा एरिया रजिस्‍टर में दर्ज की गई है। 51-जिला उमरिया अंतर्गत मुख्‍य सचिव के आदेश क्र./230/सी.एस/04 दिनांक 24 जूलाई 2004 के पालन में भारतीय वन अधिनियम 1927की धारा 34 (अ) की डिनोटि‍फिकेशन अधिकसूचनाओं के अनुसार राजस्‍व विभाग द्वारा पटवारी अभिलेखों में दर्ज की गई एवं वन विभाग द्वारा एरिया रजिस्‍टर में दर्ज की गई है। 52-सिंगरौली जिला अंतर्गत मुख्‍य सचिव के आदेश क्रमांक 230/सी.एस./04 दिनांक 24 जुलाई 2004 के पालन में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34 (अ) कि डीनोटिफिकेशन अधिसूचनाओं के अनुसार राजस्‍व विभाग द्वारा पटवारी अभिलेखों में दर्ज की गई है एवं वन विभाग द्वारा वन मंडल की प्रचलित कार्य आयोजना/एरिया रजिस्‍टर में दर्ज किया गया है। (ख) जिलेवार जानकारी इस प्रकार है- मुरैना जिला अन्तर्गत भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34 अ के तहत गजट प्रकाशन दिनांक 03.11.1972 को नोटिफाईड हुआ था, जिसमें मुरैना जिले की कोई भी भूमि शामिल नहीं है। 2- सतना जिले में धारा 34 (अ) के अनुसार राजपत्र अधिसूचना क्रमांक 5770-दस-2-72 दिनांक 18 सितम्बर 1972 म.प्र. राजपत्र में प्रकाशन दिनांक 17 नवम्बर 1972 से 1421 ग्रामों का डिनोटिफिकेशन हुआ है। जिसमें वनविहीन ग्रामों का उल्लेख है वनविहीन ग्राम होने के कारण कोई भूमि संरक्षित राजस्व/वन सर्वे एवं वनखण्ड में शामिल नहीं की गई। 3- मंदसौर जिले में उपलब्ध अभिलेख के अनुसार मन्दसौर जिले में धारा 34 (अ) के अनुसार राजपत्र में डीमोटि‍फाईड की गई भूमि वनखंड ऐरा के ग्राम चिकला की 130.00 एकड़ संरक्षित वन भूमि एवं वनखंड नगरी के ग्राम नगरी की 1.926 हेक्टर भूमि राजस्व को अंतरित हुई है। डीमोटि‍फाईड वन भूमि किसी भी संरक्षित वनखंड में शामिल नहीं की गई है। 4- वनमंडल रतलाम के अंतर्गत भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34 (अ) के तहत राजपत्र में दिनांक 03 मई 1974 को 703 ग्रामों की वन विहिन ग्रामों की समस्त भूमि डिनोटिफाईड की गई है। जिसमें रकबा का कोई उल्लेख नहीं है तथा दिनांक 17.11.1990 से 08.03.1991 तक की अवधि में 1182.383 हेक्टर वन भूमि को अतिक्रमण व्यवस्थापन कार्य अंतर्गत शासन निर्देशानुसार डिनोटिफाईड किया गया है। इनमें से काई भी भूमि को वन खण्ड में शामिल नहीं की गई है।      5- उत्तरांश (क) अऩुसार धारा 34 (अ) वनमंडल देवास के अन्तर्गत भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34 अ के तहत वनभूमि डिनोटिफाईड की गई जिसे वनखण्डों से बाहर की जाकर राजस्व विभाग को हस्तांतरित की गई है वन विभाग द्वारा हस्तांतरित की गई भूमि को राजस्व अभिलेख में दर्ज किया गया है। पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। 6- वन मण्‍डल झाबुआ अन्‍तर्गत भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34 अ के अन्‍तर्गत डिनोटिफाइड (निर्वनिकरण) वन भूमियों की जानकारी गजट नोटिफीकेशन राजपत्र में 3779.529 हे. भूमि का उल्‍लेख है तथा राजपत्र में उल्‍लेखित ग्राम की डिनोटिफाइड वन भूमि किसी भी संरक्षित वन खण्‍ड में पुन: शामिल नहीं की गई है। 7- धार वन मण्डल अंतर्गत धारा 34 अ के अनुसार डीनोटि‍फाईड की गई ग्राम/ग्रामों की समस्त भूमि की जानकारी, रकबा अधिसूचना क्रमांक एवं दिनांक प्रपत्र में संलग्न है। इन डीनोटि‍फाईड भूमियों को संरक्षित राजस्व/वन सर्वे शामिल नहीं किया गया है l 8- वनमण्डल होशंगाबाद अन्तर्गत वर्ष 1990, 1991 में अतिक्रमण व्यवस्थापन हेतु भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34 (अ) के अन्तर्गत 729.661 हेक्टेयर वन भूमि अधिसूचित की गई है  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार है एवं सतपुड़ा टाईगर रिजर्व होशंगाबाद से विस्थापित ग्रामों की भूमि को शासन के निर्देशानुसार वर्ष 2019 एवं 2020 में अब तक कुल 1220.20 हेक्टेयर वन भूमि को धारा 34 अ के तहत अधिसूचित किया गया है। पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार है। इस प्रकार अब तक कुल 1949.861 हेक्टेयर वनभूमि डिनोटिफाईड की जा चुकी है। इन निर्वनीकृत भूमियों की राजस्व अभिलेखों में दर्ज करनें की कार्यवाही वनमंडल द्वारा नहीं की जाना है। 9- जबलपुर वनमण्‍डल में धारा 34 (अ) के अनुसार राजपत्र में निम्नानुसार अधिसूचनाएं जारी हुई है। (तत्समय कटनी वनमण्‍डल भी जबलपुर के अधीन था) अधिसूचना क्रमांक दिनांक 9467-दस- (2) -73 दिनांक 01-11-1973 राजपत्र प्रकाशन दिनांक 08.02.1974 अधिसूचना क्रमांक दिनांक 5-277-76-2-दस दिनांक       23-11-1977 राजपत्र प्रकाशन दिनांक 12.01.1979 राजपत्र प्रकाशन दिनांक 03.05.1974 अधिसूचना क्रमांक दिनांक 13459-5159-दस-67 दिनांक 15-11-1967 राजपत्र प्रकाशन दिनांक 07.03.1969 अधिसूचना क्रमांक दिनांक 4080-दस- (2) -72 दिनांक 10-07-1972 राजपत्र प्रकाशन दिनांक 17.11.1972 अधिसूचना क्रमांक दिनांक 4013-दस (2) -72 दिनांक 27-12-1973 राजपत्र प्रकाशन दिनांक 22.02.1974 अधिसूचना क्रमांक दिनांक 5236-3681-दस-2-75 दिनांक 12-11-1975 राजपत्र प्रकाशन दिनांक 23.01.1976 कार्य आयोजना श्री आर.बी.सिन्हा (वनसंरक्षक) अवधि 2005-06 से 2014-15 स्वीकृति क्र/12-14/2003 (फोर)/2003 (फोर)/2072 दिनांक 13.10.2005 में उक्त 1960 एवं 1970 के दशक में वन विभाग द्वारा धारा 34 (अ) के तहत निर्वनीकृत ग्राम अगरिया वनखण्ड  196-ए सिंदुरसी में सम्मिलित है। सम्मिलित अगरिया ग्राम की भूमि को शासन द्वारा राजस्व भूमि मानकर पृथक किया गया है। 10- श्योपुर जिले के दोनों वन मंडलों के अंतर्गत भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा-34 (अ) के तहत गजट प्रकाशन दिनांक 03.11.1972 को नोटीफाईड हुआ था जिसमें श्योपुर जिले की कोई भी संरक्षित वन भूमि शामिल नहीं है। 11- अलीराजपुर जिले में धारा 34 (अ) के अनुसार राजपत्र दिनांक 28 अप्रैल 1972 एवं दिनांक 8 दिसम्बर 1972 से 233 ग्रामो की 1759.49 एकड़ भूमि डीनोटिफाइड की गई है। इनमे से कोई भी भूमि वनखंड में शामिल नहीं है। 12- वन मण्डल टीकमगढ़ अन्तर्गत भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34 (अ) के अन्तर्गत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। इसमें से कोई भी भूमि वन खण्ड में शामिल नहीं है। डीनोटि‍फाइड की गई भूमियों की ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है  13- छतरपुर जिले से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। है।  14- जिला पन्‍ना अंतर्गत 119 ग्रामों में आंशिक रूप से कुल 1826.834 हे. भू‍मि डिनोटि‍फाइड की गई है। किसी ग्राम की समस्‍‍‍त भूमि डिनोटि‍फाइड नहीं की गई है। डिनोटि‍फाइड भूमि को पुन: संरक्षित वन नहीं माना गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। 15- जिला रायसेन के सामान्य वन मण्डल रायसेन एवं ओबेदुल्लागंज अंतर्गत भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34अ के अंतर्गत  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार  भूमि डीनोटिफाइड की गई l डीनोटिफाइड संरक्षित वन भूमि को वन खण्डों में शामिल नहीं किया गया है l 16- वन मण्डल जिला सागर अन्तर्गत भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34 {} के तहत्  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार  भूमि डीनोटिफाईड की गई है। इनमें से कोई भी भूमि वनखण्ड में शामिल नहीं है। म.प्र. राजपत्र दिनांक 16/11/1990 के अनुसार सरंक्षित वनखण्डों के अन्तर्गत उक्त ग्रामों की आंशिक वनभूमि डीनोटिफाईड की गई है। जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है             17- रीवा जिले अंतर्गत भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34 (अ) के अंतर्गत  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार  भूमि डिनोटिफाइड की गई। इसमें से कोई भी भूमि वनखण्ड में शामिल नहीं है, डिनोटिफाइड की गई भूमियों की ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है         18- जिला शहडोल अन्‍तर्गत राजपत्र क्रमांक 10 जुलाई 1971 एवं राजपत्र क्रमांक 861 दिनांक        10 मार्च 1972 के द्वारा 654 वनयुक्‍त ग्रामों की 110495.578 हे. भूमि डिनोटिफाईड की गई जो संरक्षित राजस्‍व/वनसर्वे एवं वनखण्‍ड में शामिल नहीं की गई। 19- सीधी जिले में दिनांक 31.12.1972 को प्रकाशित डीनोटि‍फिकेशन अधिसूचना अनुसार 637 ग्रामों की आंशिक भूमि 69407.832 हे. एवं 446 ग्रामों की समस्त संरक्षित वनभूमि 13845.327 हे. कुल 83253.159 हे. भूमि डीनोटि‍फाईड की गई। प्रश्नांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। 20- वन मण्डल उज्जैन के अन्तर्गत म.प्र. वन विभाग की अधिसूचना क्रमांक 7844-दस-2-72- दिनांक 29.11.1972 राजपत्र में प्रकाशित दिनांक 16.02.1973 प्रकाशित हुई है, जिसके अनुसार धारा 34 (अ) में संलग्नानुसार ग्रामों की उनके सामने उल्लेखित भूमि डिनोटिफाईड की गई है। अधिसूचना की छायाप्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार है  21- वन मण्‍डल इन्‍दौर के अन्‍तर्गत भा.व.अ. 1927 की धारा 34 "अ" में डीनोटिफाईड भूमियों की जानकारी निम्‍नानुसार है :-

स.क्र.

म.प्र. शासन की अधिसूचना क्रमांक/दिनांक

वन खण्‍ड

कक्ष क्रमांक

रकबा हेक्‍टेयर में

01

4028-1650-10-69/21.11.1969

संरक्षित वन खण्‍ड सिवनी

--

34.39

02

F-5/49-89-10-3 (5)/22.11.1990

संरक्षित वन खण्‍ड बेटमा खुर्द

268

5.732

03

F-5/49-89-10-3 (6)/24.11.1990

संरक्षित वन खण्‍ड काली बिल्‍लौद

269

24.332

22-जिला खरगोन अन्तर्गत वनमंडल खरगोन/बडवाह में धारा 34 (अ) अनुसार म.प्र.राजपत्र दिनांक 17.11.1972 में प्रकाशित अधिसूचित 856 एवं दिनांक 08.05.1974 से 13 वन विहीन ग्रामों की सम्पूर्ण संरक्षित भूमियां राजस्व विभाग को हस्तांतरित हुई है। अतः इन भूमियों के पुनः राजस्व/वन सर्वे एवं वनखण्ड में शामिल करने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। 23- वनमंडल खंडवा के 63 ग्रामों की 2733.35 हे. अनुपयुक्त/वनखंडों के बाहर छोड़ी गई भूमि जिसे अधिसूचना क्रमांक/3917/10/2/72 दिनांक 02/06/1973 राजपत्र दिनांक 14/09/1973 द्वारा निर्वनिकृत किया गया। अधिसूचना क्रमांक/3916/10/2/72 दिनांक 02/06/1973 द्वारा 459 ग्रामों की समस्त संरक्षित वनभूमि वनविहीन होने से सेटलमेंट नंबर के आधार पर निर्वनिकृत की गई। 63 वनखंडों में सर्वे सीमांकन में उपयुक्त पाई गई 20037.98 हे. में से हस्तांतरित की गई भूमि 2631.11 हे. एवं अनुपयुक्त 2733.35 हे. भूमि पाई गई। 24- सीहोर-धारा 34 अ के अनुसार राजपत्र में अधिसूचना क्र. 5783-10 (2) 72 दिनांक 18/09/1972 एवं प्रकाशन दिनांक 08/12/1972 से सीहोर जिले के 46 ग्रामों को कुल 1591.796 हे. भूमि डीनोटिफाईड की गई। 25- वन मण्‍डल ग्‍वालियर के अंतर्गत भारतीय वन अधिनियम 1972 की धारा-34 (अ) के तहत आरक्षित वन भूमियों को संरक्षित वन भूमि मानकर राजपत्र प्रकाशन दिनांक 07 जून 1971 से डिनोटिफाईड की गई थी किन्‍तु आरक्षित वन भूमियों को संरक्षित वन भूमि मानकर डिनोटिफाईड किये जाने के कारण म.प्र.शासन वन विभाग के पत्र क्रमांक 5/196/76/10/21 दिनांक 07 जनवरी 1976 से डिनोटिफाईड भूमियों पर रोक लगाने के निर्देश दिये गये। 26- नरसिंहपुर-धारा 34 (अ) के अनुसार राजपत्र में दिनांक 17-11.197208.05.1974 के पालन में वन विहीन ग्रामों को जांच कर 204 ग्रामों के 1193 खसरा नंबरों की भूमि/ग्राम की भूमि रकबा 689.411 हे. वन एवं 6860.601 हे. राजस्‍व में दर्शित की गई या संरक्षित वन/राजस्‍व सर्वे एवं वन खंड में शामिल की गई। 27- वनमण्‍डल छिन्‍दवाड़ा अन्‍तर्गत भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34 (अ) के अन्‍तर्गत  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार  भूमि डीनोटि‍फाईड की गई। इसमें से कोई भी भूमि वनखण्‍ड में शामिल नहीं है। डीनोटि‍फाईड की गई भूमियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है  28- सिवनी- उत्‍तरांश (क) के अनुसार उक्‍त अधिसूचना का राजपत्र में प्रकाशन दिनांक 17 नवम्‍बर 1972 में हुआ है। जिसमें रकबा एवं खसरा नम्‍बर का उल्‍लेख नहीं किया गया है। चूंकि उक्‍त ग्रामों की भूमि वन विहीन होने से डीनोटिफाईड की गई थी। अत: इन ग्रामों की भूमि संरक्षित राजस्‍व/वन सर्वे एवं वनखण्‍ड में शामिल किये जाने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। 29- नीमच वन मंडल के अंतर्गत भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34 के तहत डिनोटिफाइट वन भूमियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है इनमें से कोई भी डिनोटिफाइट वन भूमि किसी भी संरक्षित वन खंड में शामिल नहीं की गई है। 30- जिला प्रशासन बड़वानी अंतर्गत वन मण्‍डल बड़वानी एवं सेंधवा में धारा 34 (अ) अनुसार मध्‍यप्रदेश राजपत्र दिनांक 17.11.1972 में प्रकाशित अधिसूचित 404 वन विहीन ग्रामों की सम्‍पूर्ण संरक्षित भूमियां राजस्‍व विभाग को हस्‍तांतरित हुई है। अत: इन भूमियों के पुन: राजस्‍व/वन सर्वे एवं वनखण्‍ड में‍ शामिल करने का प्रश्‍न ही नहीं उपस्थित होता है। 31- डिण्‍डौरी सामान्‍य वनमण्‍डल के अन्‍तर्गत भा.व.अ. 1927 की धारा 34 अ के तहत 501 ग्रामों की रकवा रहित भूमि डीनोटिफाईट किया गया है। उक्‍त ग्रामों की कोई वनखण्‍ड में शामिल नहीं किया गया है। 32- वन मण्डल सामान्य बुरहानपुर के अंतर्गत 67 ग्रामो की 5745.43 हेक्टर अनुपयुक्त/वनखंडों के बाहर छोड़ी गई भूमि जिसे अधिसूचना क्रमांक 3917-10-2-72 दिनांक 02/06/1973 द्वारा राजपत्र दिनांक 14.091973 द्वारा निर्वनीकृत किया गया तथा अधिसूचना क्रमांक 3916-10-2-72 दिनांक 02/06/1973 राजपत्र दिनांक 14.091973 द्वारा 495 ग्रामो की समस्त संरक्षित वनभूमि वन विहीन होने से सेटेलमेंट नंबर के आधार पर निर्वनीकृत की गई। सर्वे सीमांकन में उपयुक्त 71 ग्रामों के 18692.22 हेक्टर भूमि उपयुक्त पाई जाने से वन खंडों में सम्मिलित की गई है। 33- वनमण्‍डल गुना के अन्‍तर्गत धारा 34 अ के अनुसार म.प्र.राजप्रत्र दिनांक 07/02/1973 से 618 ग्रामो की समस्‍त भूमि तथा राजपत्र दिनांक 19-12-1975 से 220 ग्रामों की 2139.16 हेक्‍टर भूमि डिनोटिफाईड की गई। उक्‍त समस्‍त भूमि संरक्षित वनखण्‍डों में शामिल नहीं है। 34- आगर मालवा-आगर सामान्य वन मण्डल के अंतर्गत भा.व.अ.की धारा 34 अ के तहत 503 ग्रामों की रकवा सहित भूमि डीनोटिफाइड किया गया है l उक्त ग्रामों की कोई वन मण्डल में शामिल नहीं किया गया है l                     35-वनमंडल दतिया के अंतर्गत अधिसूचना क्रमांक 5772-10 (2) 72 भोपाल दिनांक 18/09/1972 राजपत्र दिनांक 24/11/1972 भा.व.अ. 1927 की धारा 34 अ के तहत कुल 340 ग्रामों की संरक्षित भूमि डीनोटिफिकेशन उपरांत राजस्व विभाग को हस्तांतरित किये जाने की अधिसूचना जारी की गई थी l इस अधिसूचना में ग्रामों के खसरा नं.एवं रकवा का उल्लेख नहीं था l 36- बैतूल- शासन से संबंधित 37-शाजापुर- प्रश्नांश (क) के संदर्भ में जानकारी निरंक है। 38- वनमण्‍डल भिण्‍ड के अंतर्गत विभिन्‍न ग्रामों को म.प्र. राजपत्र दिनांक 17.11.1972 में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34 (अ) के तहत कुल 897 ग्रामों को संरक्षित भूमि डीनोटिफिकेशन उपरांत राजस्‍व विभाग को हस्‍तांतरित किये जाने की अधिसूचना जारी की गई थी। इन अधिसू‍चनाओं में ग्रामों के खसरा नंबर एवं रकवा नंबर का उल्‍लेख नहीं था। 39- जिला अशोकनगर अन्तर्गत धारा 34 अ के अनुसार डिनोटिफाईड भूमि को वन खण्ड में शामिल नहीं किया गया है। ग्रामवार जानकारी निरंक है।            40- मण्‍डला सामान्‍य वनमण्‍डल के अंतर्गत भ.व.अ. 1927 की धारा 34 अ के तहत 558 ग्रामों की रकबा रहित भूमि डिनोटिफाइड किया गया है उक्‍त ग्रामों की भूमि को किसी भी वन मण्‍डल में शामिल नहीं किया गया है। 41- कटनी वन विभाग से प्राप्‍त जानकारी अनुसार भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 34 (अ) की अधिसूचना क्र. 5769-दस-2-72 दिनांक 14 सितम्‍बर 1972 म.प्र. राजपत्र प्रकाशन दिनांक 17 नवम्‍बर 1972 में तत्‍कालीन जिला जबलपुर अंतर्गत वर्तमान के कटनी जिले के 580 ग्रामों की सम्‍पूर्ण भूमियों का डीनोटिफाईड किया गया है, जिसमें से म.प्र. शासन के पत्र क्र./एफ/5/43/90/96 दिनांक 14.05.1996 के दिशा निर्देशों के तहत धारा 34 (अ) से डीनोटि‍फाईड भूमि संरक्षित वन सर्वे में शामिल की गई जिसमें से 3904.88 हे. भूमि नारंगी वनखण्‍डों में शामिल है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। 42- बालाघाट-धारा 34 (अ) के अनुसार अनुभाग बैहर में दिनांक 03.11.1972 को 93 ग्रामों की 7193. 482 हे., तहसील बिरसा में 143 ग्रामों की 11215.111 हे. एवं तहसील परसवाड़ा में 117 ग्रामों की 9626.130 हे. भूमि डिनोटि‍फाईड की गयी है। इसमें से कोई भी भूमि वन खण्ड में शामिल नहीं है। डीनोटि‍फाईड की गई भूमियों की ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।  43-राजगढ़- इस वन मण्डल के अन्तर्गत भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34 अ के अन्तर्गत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के अनुसार भूमि डिनोटिफाईड की गई है। डिनोटिफाईड संरक्षित वन भूमि को वन खण्डों में शामिल नहीं किया गया। पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार है।           44- भोपाल- धारा 34 अ के अनुसार वन विभाग की अधिसूचना दि.8/12/1972 में  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार  भूमि डीनोटिफाईड की गई है, इसमें से कोई भी भूमि वनखंड में शामिल न होकर राजस्व विभाग को अंतरित होकर राजस्व अभिलेखों में दर्ज हो चूकी है। 45-दमोह- दमोह सामान्य वनमंडल के अंतर्गत भ.व.अ. 1927 की धारा 34 अ के तहत 143 ग्रामों को डीनोटिफाईड किया गया है। उक्त ग्रामों की भूमि को किसी भी वन मंडल में शामिल नहीं किया गया है। 46- हरदा- सामान्य वनमंडल हरदा में धारा 34 अ के अनुसार राजपत्र में दिनांक 7.1.1991 एवं 11.1.1991 को 31 ग्राम की 310.280 हे. भूमि डीनोटिफाइड की गई है। किस ग्राम कि कितनी भूमि वनखंड में शामिल की गइ है कि सूची  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार है  47-तत्समय निवाड़ी जिला-टीकमगढ़ में समाहित था l 48- विदिशा-वनमंडल विदिशा में भा.व.अ.1927 की धारा 34 (अ) के अनुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। अनुसार 903 ग्रामों की भूमि डीनोटिफाईड की गयी है, अधिसूचना में रकबा दर्शित नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार  वर्ष 1990-91 में वनभूमि पर अतिक्रमणकारियों के व्यवस्थापन के तहत 279.691 हेक्टर संरक्षित वन भूमि को भा.व.अ.1927 की धारा 34 (अ) के अंतर्गत डीनोटिफाईड किया गया है। 49- शिवपुरी-भा... 1927 की धारा 34 (अ) के तहत 84.485 हेक्‍टर भूमि को अधिसूचित किया है विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार है  50-वन मण्‍डल अनूपपुर अन्‍तर्गत भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34 (अ) के अन्‍तर्गत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार भूमि डिनोटि‍फाईड की गई। इनमें से कोई भी भूमि वन खण्‍ड में शामिल नहीं है। डिनोटि‍फाईड की गई भूमियों की ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार  है। 51- उमरिया-वन मण्‍डल सामान्‍य उमरिया अंतर्गत भारतीय वन अधिनियम 1927की धारा 34 (अ) के अंतर्गत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार भूमि डीनोटि‍फाईड की गई इसमें से कोई भी भूमि वनखण्‍ड में शामिल नहीं है। डीनोडि‍फाईड की गई भूमियों की ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार 52-सिंगरौली जिला अंतर्गत धारा 34 अ में अधिसूचित ग्राम/भूमियों का विवरण निम्‍नानुसार है:-

ग्रामों की संख्‍या

रकवा हे.

राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशन का दिनांक

(क) ग्राम की समस्‍त अंतरित भूमि

164

12958.088

27.12.1972 (धारा 34 अ)

135

15059.224

13.12.1972 (धारा 34 अ)

योग- 299

28017.312

 

(ख) आंशिक अंतरित भूमि

146

30913.545

13.12.1972 (धारा 34 अ एवं धारा 27)

348

98988.064

13.12.1972 (धारा 34 अ एवं धारा 27)

योग-494

129901.609

 

कुल योग

157918.921 हे.

 

कुल 157918.921 हे. भूमि डीनोटि‍फाईड की गई है। ग्रामवार भूमियों का विवरण  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार  है। (ग) जिलेवार जानकारी इस प्रकार है:- मुरैना-प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में अभिलेखीकरण किये जाने का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है। 2- सतना- अधिसूचना प्रकाशन दिनांक 24 जुलाई 2004 तक एवं उसके बाद प्रश्नांकित दिनांक तक डीनोटि‍फिकेशन की प्रविष्टि राजस्वंध्वन के किस-किस अभिलेख में दर्ज की गई है वनविहीन ग्राम होने के कारण कोई संशोधित प्रविष्टि राजस्व अभिलेख में दर्ज नहीं की गई। 3- मंदसौर- अधिसूचना द्वारा डीनोटिकेशन की गई भूमियों की प्रविष्टि‍ तत्कालीन समय में खसरा बी-1/वनमंडल के अंतर्गत निर्मित कार्य आयोजना एवं एरिया पंजी में दर्ज की गई है। 4- रतलाम- वनमंडल रतलाम के अंतर्गत 24 जुलाई 2004 तक एवं उसके पश्चात् वनमंडल की क्षेत्रफल पंजी में प्रविष्टि की गई है। 5- देवास- अधिसूचना प्रकाशन दिनांक 24 जुलाई 2004 तक एवं उनके बाद प्रश्नांकित दिनांक तक डिनोटि‍फाईड की प्रविष्टि राजस्व विभाग द्वारा अभिलेख में दर्ज की गई है। 6- झाबुआ- वन अधिनियम 1927 की धारा 34 अ के तहत अधिसूचना की प्रविष्‍टी वन मण्‍डल के अन्‍तर्गत निर्मित कार्य आयोजना एवं एरिया पंजी के अभिलेख में दर्ज है। 7- धार वन मण्डल अंतर्गत धारा 34 अ के अनुसार डीनोटिफिकेशन की प्रविष्टि क्षेत्रफल पंजी, कार्य आयोजना सम्बंधित वन अभिलेखों में की गई है। 8- होशंगाबाद- शासन से सम्बन्धित 9- जबलपुर वनमण्डल में नोटिफिकेशन की प्रविष्टि कार्य आयोजना                     श्री आर.बी.सिन्हा (वनसंरक्षक) अवधि 2005-06 से 2014-15 स्वीकृति क्र./12-14/2003 (फोर)/2003 (फोर)/2072 दिनांक 13.10.2005 में दर्ज की गई है। 10- श्योपुर- प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है। 11- अलीराजपुर- वन भूमियों अधिसूचना की प्रविष्टि वन मंडल के अन्तर्गत निर्मित कार्य आयोजना एवं एरिया पंजी के अभिलेखो में दर्ज है। 12- जिला टीकमगढ़ अन्तर्गत मुख्य सचिव के आदेश दिनांक 24 जुलाई 2004 के पालन में डीनोटि‍फाईड भूमियों की प्रविष्टि राजस्व विभाग द्वारा पटवारी अभिलेखों में एवं वन विभाग द्वारा एरिया रजिस्टर में दर्ज की गई। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। 13- छतरपुर- प्रश्‍नाधीन डिनोटि‍फाईड भूमि की राजस्‍व अभिलेख में प्रविष्टि संबंधी कार्यवाही प्रचलन में है।              14- जिला पन्‍ना अंतर्गत डिनोटि‍फाईड भूमियों की प्रविष्टि राजस्‍व विभाग द्वारा पटवारी अभिलेखों में तथा वन विभाग द्वारा टोपो शीट एवं एरिया रजिस्‍टर में की जा चुकी है। 15- जिला-रायसेन अंतर्गत डीनोटि‍फिकेशन की प्रविष्टि‍ राजस्व विभाग द्वारा पटवारी अभिलेखों एवं वन विभाग द्वारा एरिया रजिस्टर में दर्ज की गई l16- सागर- धारा 34 {} के तहत् डीनोटिफाईड जमीनों को दिनांक 24 जुलाई 2004 के पूर्व ही अधिसूचना प्रकाशन अनुसार डीनोटि‍फिकेशन की प्रविष्टि राजस्व के खसरा पंजी, नक्षा तथा वन विभाग के अभिलेख वनक्षेत्रफल पंजी, ब्लाक हिस्ट्री वनखण्ड मानचित्र एवं कार्य आयोजना में दर्ज की गई है तथा डीनोटिफाईड भूमि को वन अभिलेखों से पृथक किया जाकर राजस्व विभाग को तत्समय ही सौंपी गयी है। 17- रीवा- रीवा जिले अंतर्गत मुख्य सचिव के आदेश दिनांक 24 जुलाई 2004 के पालन में डिनोटिफाइड भूमियों की प्रविष्टि राजस्व विभाग द्वारा पटवारी अभिलेखों में दर्ज की गई। 18- जिला शहडोल अंतर्गत राजस्‍व अभिलेखों में संरक्षित वन के रूप में 72674 हे. भूमि पूर्व से पृथक रूप से दर्ज है। 19- सीधी जिला अंतर्गत मुख्य सचिव के आदेश क्रमांक 230/सी एम/04 दिनांक 24 जुलाई 2004 के पालन में डिनोटिफाइड भूमियों की प्रविष्टि राजस्व विभाग द्वारा पटवारी अभिलेखों में एवं वन विभाग द्वारा वन मंडल की कार्य आयोजना में दर्ज किया गया है I 20- जिला उज्जैन अन्तर्गत 24 जुलाई 2004 के पालन में डीनोटिफाईड भूमियों की प्रविष्टि राजस्व विभाग द्वारा पटवारी अभिलेखों में एवं वन विभाग द्वारा एरिया रजिस्टर में दर्ज की गई है। 21- इंदौर- प्राप्‍त जानकारी अनुसार वन मण्‍डल इन्‍दौर के अन्‍तर्गत भा.व.अ. 1927 की धारा 34 "अ" के अन्‍तर्गत डीनोटिफाईड भूमियों की प्रविष्टियां वन विभाग की क्षेत्रफल पंजी एवं कार्य आयोजना अभिलेखों में एवं राजस्‍व अभिलेखों में की गई है। 22- जिला खऱगोन अन्तर्गत मुख्य सचिव म.प्र.शासन भोपाल के आदेश क्रमांक/230/सी.एस./2004 दिनांक 24 जुलाई 2004 के पूर्व ही म.प्र.शासन वन विभाग की अधिसूचना क्रमांक 4079दस (2)-72 दिनांक 10.07.1972 के द्वारा वनमंडल खरगोन/बडवाह में आने वाले राजस्व ग्रामों में संरक्षित वनों से संबंधित भूमियां प्रकाशन की तिथि से भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34 (अ) में राजस्व विभाग को हस्तांतरित होकर वन विभाग के उपलब्ध अभिलेखों में तत्समय में यथास्थान प्रविष्टि कराई जा चुकी है। 23- खंडवा - वनमंडल सामान्य के अंतर्गत डिनोटिफाईड भूमियों की प्रविष्टि एरिया रजिस्टर में की गई। 24- सीहोर-निरंक 25- ग्वालियर- प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता हैl 26- नरसिंहपुर-प्रविष्टि राजस्‍व अभिलेख में दर्ज है। 27- छिंदवाड़ा - छिन्‍दवाड़ा जिला अन्‍तर्गत मुख्‍य सचिव के आदेश क्रमांक 230/सी.एस./04 दिनांक 24 जुलाई 2004 के पालन में डीनोटि‍फाईड भूमियों की प्रविष्टि राजस्‍व विभाग द्वारा पटवारी अभिलेखों में एवं वन विभाग द्वारा एरिया रजिस्‍टर में दर्ज की गई। 28- सिवनी- प्रश्‍नांश () के परिप्रेक्ष्‍य में जानकारी निरंक है। 29- नीमच-नीमच वन मंडल के अंतर्गत 24 जुलाई 2004 तक एवं उसके बाद तक डिनोटिफिकेशन की प्रविष्टि वन मंडल की क्षेत्रफल पंजी में दर्ज की गई है। 30-जिला बड़वानी अंतर्गत मुख्‍य सचिव के आदेश क्रमांक 230/सी.एस./04 दिनांक 24 जुलाई 2004 के पूर्व ही मध्‍यप्रदेश शासन वन विभाग की अधिसूचना क्रमांक 4079-दस (2) -72 दिनांक 10.07.1972 के द्वारा वनमण्‍डल सेंधवा एवं वनमण्‍डल बड़वानी में आने वाले राजस्‍व ग्रामों में संरक्षित वनों से संबंधित भूमियां प्रकाशन की तिथि से भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 34 (अ) में राजस्‍व विभाग को हस्‍तांतरित होकर वन विभाग के उपलब्‍ध अभिलेखों में तत्‍समय में यथास्‍थान प्रविष्टि कराई जा चुकी थी। 31- डिंडौरी-शासन से संबंधित है। 32- वन मण्डल बुरहानपुर के अंतर्गत डीनोटिफाइड भूमियों की प्रविष्टि एरिया रजिस्टर में की गई है। 33- गुना- प्रश्नांश (क) में दिये गये उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। 34- आगर मालवा-जानकारी निरंक है l 35- दतिया-प्रश्नांश (ख) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है l 36- बैतूल- शासन से संबंधित 37- शाजापुर- प्रश्नांश (क) के संदर्भ में जानकारी निरंक है। 38- भिण्ड- प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। 39- अशोकनगर-अधिसूचना प्रकाशन दिनांक 24 जुलाई 2004 तक एवं उसके बाद प्रश्न दिनांक तक डिनोटिफिकेशन की गई भूमियों की प्रविष्टि राजस्व विभाग द्वारा पटवारी अभिलेखों में दर्ज की गई हैं। 40-मंडला जिले की जानकारी निरंक है। 41- कटनी- शासन से संब‍धित। 42- बालाघाट- जिला बालाघाट अन्तर्गत मुख्य सचिव के आदेश दिनांक 24 जुलाई 2004 के पालन में डिनोटि‍फाईड भूमियों की प्रविष्टि राजस्व विभाग द्वारा पटवारी अभिलेखों में एवं वन विभाग द्वारा वन अभिलेखों में दर्ज की गई है। 43- राजगढ़-राजगढ़ वन मण्डल के अन्तर्गत दिनांक 31.12.1975 तक के अतिक्रमणकारियों को व्यवस्थापन करने की योजना के अन्तर्गत डिनोटिफिकेशन की प्रविष्टि राजस्व विभाग द्वारा पटवारी अभिलेखों एवं वन विभाग द्वारा वन क्षेत्र पंजी में दर्ज की गई है। 44- भोपाल- जिला भोपाल के अंतर्गत  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार  डीनोटिफाईड भूमियों की प्रविष्टि राजस्व विभाग द्वारा पटवारी अभिलेखों में एवं वन विभाग द्वारा वन मंडल के अभिलेखों में दर्ज की गई है। 45- दमोह- जिले की जानकारी निरंक है। 46- हरदा-शासन से संबंधित l 47- तत्समय निवाड़ी जिला- टीकमगढ़ में समाहित था l   48- विदिशा- जिला विदिशा अंतर्गत मुख्य सचिव के आदेश दिनांक 24 जुलाई 2004 के पालन में डीनो‍टिफिकेशन की प्रविष्टि राजस्व विभाग द्वारा पटवारी अभिलेखों में दर्ज की गई है। 49- जिला शिवपुरी अन्‍तर्गत मुख्‍य सचिव के आदेश दिनांक 24 जुलाई 2004 के पालन में डीनोटि‍फाईड भूमियों की प्रविष्टि राजस्‍व विभाग द्वारा पटवारी अभिलेखों में एवं वन विभाग द्वारा एरिया रजिस्‍टर में दर्ज की गई। 50- अनूपपुर जिले अन्‍तर्गत मुख्‍य सचिव के आदेश दिनांक 24 जुलाई 2004 के पालन में डिनोटि‍फाईड भूमियों की प्रविष्टि राजस्‍व विभाग द्वारा पटवारी अभिलेखों में एवं वन विभाग द्वारा एरिया रजिस्‍टर में दर्ज की गई है। 51- जिला उमरिया अंतर्गत मुख्‍य सचिव के आदेश क्र./230/सी.एस./04दिनांक 24 जुलाई 2004 के पालन के डीनोटि‍फाईड भूमियों की प्रविष्टि राजस्‍व विभाग द्वारा एरिया रजिस्‍टर में दर्ज की गई है। 52- सिंगरौली जिला अंतर्गत मुख्‍य सचिव के आदेश क्रमांक 230/सी.एस./04 दिनांक 24 जुलाई 2004 के पालन में डिनोटिफाइड भूमियों की प्रविष्टि राजस्‍व विभाग द्वारा पटवारी अभिलेखों में एवं वन विभाग द्वारा वन मंडल की कार्य आयोजना में दर्ज किया गया है।

जिले में संचालित आयुष/होम्‍योपैथिक महाविद्यालयों की जानकारी

[आयुष]

64. ( क्र. 552 ) श्री कुँवर विक्रम सिंह : क्या राज्यमंत्री, आयुष महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में कितने आयुर्वेद, होम्‍योपैथिक, यूनानी महाविद्यालय संचालित हैं? (ख) कितने शासकीय एवं कितने अशासकीय महाविद्यालय संचालित हैं? नामवार, स्‍थानवार जानकारी देवें।                   (ग) क्‍या होम्‍योपैथिक शासकीय महाविद्यालय छतरपुर जिले में संचालित हैं, वह शासन के निर्धारित नियमों से संचालित नहीं है? क्‍या उन पर कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ तो कब तक?

राज्यमंत्री, आयुष ( श्री रामकिशोर (नानो) कावरे ) : (क) छतरपुर जिले में 01 अशासकीय होम्योपैथिक महाविद्यालय संचालित है। (ख) छतरपुर जिले में शासकीय आयुष महाविद्यालय संचालित नहीं है। 01 अशासकीय स्वामी प्रणवानंद होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल, नियर पुलिस लाइन रोड, छतरपुर में संचालित है। (ग) जी नहीं। प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

सीवरेज निर्माण कार्य में अनियमितता

[नगरीय विकास एवं आवास]

65. ( क्र. 553 ) सुश्री चंद्रभागा किराड़े : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अध्‍यक्ष नगर पालिका परिषद् बड़वानी के पत्र क्रमांक 05.07.2020 द्वारा मैनेजिंग डायरेक्‍टर म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट को बड़वानी नगर की सीवरेज योजनान्‍तर्गत निर्माण कार्य में अनियमितता के संबंध में की गई शिकायत पर क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों?              (ख) क्‍या सीवर पाइप लाइन डालने हेतु की गई खुदाई के उपरांत बंद करते समय कॉम्‍पेक्‍ट किया जाना अनिवार्य है? (ग) प्रश्नांश (क), (ख) अनुसार सीवर पाइप लाइन का कार्य कब तक पूर्ण हो जावेगा? (घ) खुदाई पश्‍चात नियमानुसार कॉम्‍पेक्‍ट नहीं करने के लिए कौन-कौन जिम्‍मेदार है एवं खुदाई के गड्ढों से हो रही दुर्घटनाओं के लिये कौन जिम्‍मेदार है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) अध्‍यक्ष नगर पालिका परिषद् बड़वानी से सीवरेज योजना में अनियमितता के संबंध में पत्र दिनांक 05.07.2020 प्राप्‍त नहीं हुआ है। अपितु पत्र दिनांक 06.07.2020 प्राप्‍त हुआ है। जिस पर प्रोजेक्‍ट मैनेजर पी.आई.यू., एम.पी.यू.डी.सी.एल. खरगोन से जांच कराई गई है। प्रोजेक्‍ट मैनेजर द्वारा योजना क्रियान्‍वयन में कोई अनियमितता नहीं पाई है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। (ग) सीवर लाइन के कार्य हेतु अनुबंध अनुसार संविदाकार को 29.09.2020 तक समय दिया गया है। योजना का कार्य जून 2022 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है। (घ) निर्धारित मापदण्‍ड अनुसार कॉम्‍पेक्‍शन किया जा रहा है। खुदाई के समय सुरक्षा के पर्याप्‍त प्रावधान किये जाते हैं। शेषाशं का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

कोरोना राहत हेतु आवंटित खाद्यान्‍न

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

66. ( क्र. 554 ) सुश्री चंद्रभागा किराड़े : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) बड़वानी जिले में कोरोना राहत हेतु दिनांक 01 मार्च 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितना खाद्यान्‍न आवंटित किया गया है? आवंटन पत्रों की प्रतियां उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) में प्राप्‍त आवंटन अनुसार कुल कितना खाद्यान्‍न का उठाव वितरण संस्‍थाओं के द्वारा किया गया है? संबंधित अभिलेख की जानकारी देवें। उठाव उपरान्‍त आज दिनांक तक वितरण की रिकार्ड पंजी, अभिलेख कार्यालय रिकार्ड अनुसार उपलब्‍ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) में प्राप्‍त आवंटन उपलब्‍ध होने के बाद भी पात्र हितग्राहियों को वितरित नहीं किया गया, इससे संबंधित समस्‍त शिकायतों एवं उस पर हुई कार्यवाही के प्रतिवेदन की प्रतियां देवें। (घ) वर्तमान में पदस्‍थ जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी द्वारा एवं उनके अधीनस्‍थ पदाधिकारियों के विरूद्ध प्राप्‍त समस्‍त शिकायतों एवं उस पर आज दिनांक तक हुई कार्यवाही के प्रतिवेदन की प्रतियां देवें।

खाद्य मंत्री ( श्री बिसाहूलाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मंदिर की भूमि का अवैध विक्रय

 [राजस्व]

67. ( क्र. 565 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) भिण्‍ड जिले की तहसील लहार के ग्राम बरथरा के सर्वे नं. 471 एवं ग्राम दबोह के सर्वे नं. 2592, 2596, 2600, 2602, 2603, 2505, 2607, 3016, 3017 की मंदिर की भूमि को माननीय न्‍यायालय सिविल जज द्वितीय श्रेणी लहार जिला भिण्‍ड के प्र. क्र. 50/72 में आदेश दिनांक 26.02.1976 को प्र.क्र. 50/72 ई.दी.ए. उक्‍त सर्वे क्रमांकों की भूमि पर वादी एवं प्रतिवादी को भूमि अन्‍तरण तथा रहन न करने का निर्णय दिया था? (ख) यदि हाँ, तो अमरदेव एवं उनके वासियों ने ग्राम बरथरा एवं ग्राम दबोह की कितनी-कितनी भूमि किन-किन व्‍यक्तियों को कितनी-कितनी राशि में किस-किस दिनांक को विक्रय की? पूर्ण विवरण दें। (ग) कार्यालय कलेक्‍टर जिला भिण्‍ड ने क्रमांक क्‍यू/जूडी/2019/8951 भिण्‍ड दिनांक 24.09.2019 को तहसीलदार लहार को उपरोक्‍त वर्णित भूमियों को 26.02.1976 के बाद परिर्वतन की गई रजिस्ट्रियों को शून्‍य घोषित कराने हेतु सिविल न्‍यायालय में वाद प्रस्‍तुत करने का आदेश दिया था? (घ) यदि हो तो वर्तमान दिनांक तक उपरोक्‍त मंदिरों की शासकीय भूमि को मुक्‍त कराने की कार्यवाही न करने के लिए उत्‍तरदायी तहसीलदार लहार एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व लहार के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों?                   (ड.) राजस्‍व अधिकारियों की मिलीभगत से भूमि विक्रय कर करोड़ों की मंदिर की शासकीय भूमि खुर्द-बुर्द करने की कार्यवाही कब तक रोकी जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जी हाँ। जिले में माननीय सिविल जज द्वितीय श्रेणी लहार के प्रकरण क्र. 50/72 इदीए में पारित आदेश दिनांक 26-02-1976 से ट्यूबवेल के लिये रहन रखने के अलावा अन्‍य आशय का रहन नहीं करेंगे तथा भूमि का अंतरण न करने की डिक्री दी गयी थी। (ख) अमरदेव एवं उनके वासियों ने ग्राम बरथरा एवं ग्राम दबोह की विक्रय भूमि के संबंध में नायब तहसीलदार दबोह द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) लहार को प्रस्‍तुत प्रतिवेदन दिनांक 20.03.2020 में उल्‍लेखित अनुसार गोपाल कृष्‍ण पुत्र अमरदेव से जरीय रजिस्‍टर्ड विक्रय पत्र गीता देवी वैश्‍य, केशवदास वैश्‍य, भगवतदास, दिनेश गुप्‍ता आदि द्वारा क्रय किया गया। सर्वे क्र. 2609 का बंदोबस्‍त बाद सर्वे क्र. 438 बना। बटांकन उपरांत 438/1 एवं 438/2 कायम हुये वर्तमान में ग्राम दबोह की भूमि सर्वे क्र. 438/1 रकवा 2.994 हे. खसरा संवत् 2014-15 में      गोपाल कृष्‍ण भाग 470/2994, विनोद कुमार भाग 467/2994, राजेन्‍द्र कुमार भाग 462/2094 पुत्रगण अमरदेव, रामदेवी वेवा अमरदेव भाग 451/2994 गिरजादेवी, विजय लक्ष्‍मी पुत्रियां अमरदेव समान भाग 1/3 रेखा पत्‍नी अशोक कुमार भाग 5/2994, गीता देवी पत्‍नी केशवदास भाग 10/2994, महिला रामराजा पत्‍नी रामपाल सिंह भाग 11/2994 जाति गुर्जर कुसमादेवी पत्‍नी मुकेश जाति बघेल भाग 12/2994, राजीव कुमार, प्रदीप कुमार पुत्रगण सूरज प्रसाद रकवा 1250 वर्गफीट, दिनेश कुमार पुत्र सूरज प्रसाद रकवा 1000 वर्गफीट, पुष्‍पा देवी पत्‍नी बांके बिहारी कौरव, रामसिया देवी पत्‍नी रघुवंशी धाकड़ रकवा 750 वर्गफीट, सुनीता पत्‍नी सूरज सिंह किरार रकवा 750 वर्गफीट, मिथला देवी पत्‍नी रामसिया छिवावली नंबर 2 रकवा 1250 वर्गफीट, रामकली पत्‍नी दुर्जन सिंह रकवा 300 वर्गफीट, मातादीन पुत्र डबल कुशवाह रकवा 900 वर्गफीट, कमलेशी पत्‍नी मुकेश कुमार ब्रा. रकवा 750 वर्गफीट, भगवत दास पुत्र लक्ष्‍मी नारायण रकवा 7500 वर्गफीट, तुलसीराम पुत्र मतोले काछी रकवा 750 वर्गफीट, अर्जुन सिंह पुत्र हरजन सिंह निवासी सिंगोसा रकवा 1000 वर्गफीट, केशव पुत्र बाबूलाल रकवा 500 वर्गफीट भूमि स्‍वामी दर्ज हैं। (ग) जी हाँ। (घ) न्‍यायालय कलेक्‍टर जिला भिण्‍ड के प्रकरण क्र. 0044/2019-20/अ-74 में पारित आदेश दिनांक 26.03.2020 से कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया, जिसके क्रम में एस.डी.ओ. न्‍यायालय (राजस्‍व) लहार के प्र.क्र. 0058/ब-121/2020-21 में दायर किया जाकर सुनवाई प्रारंभ की गयी। कार्यवाही के दौरान अनावेदक गोपाल कृष्‍ण, विनोद कुमार, राजेन्‍द्र कुमार पुत्रगण अमरदेव महिला रामदेवी विधवा पत्‍नी अमरदेव निवासी पतारा बाग दबोह द्वारा न्‍यायालय आयुक्‍त चंबल संभाग मुरैना में प्र.क्र.0004/अपील/2020-21 दायर किया गया, जिसमें पारित स्‍थगन आदेश दिनांक 09-07-2020 से न्‍यायालय कलेक्‍टर भिण्‍ड के प्र.क्र.0044/2019-20/अ-74 में पारित आदेश दिनांक 26-03-2020 को स्‍थगित किया गया तथा समस्‍त अभिलेख आहूत किया गया तथा अमरदेव के विरूद्ध माननीय उच्‍च न्‍यायालय खण्‍डपीठ ग्‍वालियर में डब्‍ल्‍यूपी 10501/2020 पीआईएल शिवनारायण दुवे बनाम शासन प्रचलित है इसलिए आगामी कार्यवाही वर्तमान में स्‍थगित है। (ड.) प्रश्‍नांश (घ) में वर्णित प्रकरणों में आदेश/निर्देश प्राप्ति उपरान्‍त आगामी कार्यवाही की जावेगी। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

फर्जी प्रमाण के आधार पर रसोई गैस एजेंसी का आवंटन

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

68. ( क्र. 566 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कार्यालय कलेक्‍टर (खाद्य) जिला भिण्‍ड, ने पत्र क्र. क्‍यू/11/खाद्य/2020/667 भिण्‍ड दिनांक 30.05.2020 के माध्‍यम से क्षेत्रीय प्रबंधक इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन सिटी सेंटर ग्‍वालियर को पत्र लिखकर अक्षत्र फिलिंग स्‍टेशन दबोह व इण्‍डेन गैस एजेंसी दबोह द्वारा फर्जी तरीके से एजेंसी आवंटित कराने की जांच कराकर आवंटन निरस्‍त करने की अनुशंसा की गई थी? यदि हाँ तो जांच के आधार पर क्‍या आवंटन निरस्‍त किया गया? यदि हाँ तो कब? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) यदि हाँ तो क्‍या उपरोक्‍त दोनों एजेन्सियां स्‍थापित होने के पूर्व कलेक्‍टर कार्यालय द्वारा अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी किया था? यदि हाँ तो कूटरचित दस्‍तावेजों के आधार पर प्राप्‍त अनापत्ति प्रमाण-पत्र निरस्‍त कर एजेन्सियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या नगर परिषद् दबोह के दस्‍तावेजों में हेरा-फेरी करने वाले एवं दबोह का मूल निवासी प्रमाण-पत्र जारी करने वाले अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध जांच कराकर कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों? यदि हाँ तो कब तक?

खाद्य मंत्री ( श्री बिसाहूलाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) एल.पी.जी. गैस डिस्‍ट्रीब्‍यूटर के लिए गैस एजेंसी आवंटित करने के लिए कलेक्‍टर के एन.ओ.सी. की आवश्‍यकता नहीं होती है। अक्षत्र फिलिंग स्‍टेशन दबोह की स्‍थापना हेतु अनापत्ति प्रमाण-पत्र 01.04.2010 को जारी की गई है एवं एन.ओ.सी. की शर्त के अनुरूप समयावधि में पेट्रोल पंप स्‍थापित किये जाने के कारण बिक्री हेतु अनुज्ञप्ति दिनांक 01.09.2010 को जारी की गई है। कूटरचित दस्‍तावेजों के आधार पर अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्‍त करने संबंधी बिंदु की जांच हेतु कलेक्‍टर, भिंड द्वारा क्षेत्रीय प्रबंधक, इंडियन ऑयल कार्पोरेशन लि. को लिखा गया है। प्रकरण क्रमांक 9795/2020 जो कि माननीय उच्‍च न्‍यायालय, ग्‍वालियर खंडपीठ में प्रचलित है, में माननीय न्‍यायालय द्वारा दिनांक 24.07.2020 को यह निर्देशित किया गया है कि याचिकाकर्ता के विरुद्ध आगामी सुनवाई तक कोई भी उत्‍पीड़क कार्यवाही न की जाये। अत: इंडियल ऑयल कार्पोरेरशन लिमि. द्वारा कार्यवाही लंबित रखी गई है। (ग) जी हाँ। आगामी 03 माह में दोषी अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही कर अवगत कराने हेतु कलेक्‍टर, भिंड को संचालक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण द्वारा लिखा गया है।

जर्जर सड़कों तथा पुलिया का निर्माण

[लोक निर्माण]

69. ( क्र. 572 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा प्रदेश की आवश्‍यक जर्जर सड़कों तथा पुलियों की प्राथमिकता की अनदेखी करते हुए विगत बजट में राजनैतिक लाभ के लिए उन्‍हीं क्षेत्रों को बजट दिया गया जहां उपचुनाव प्रस्‍तावित हैं? (ख) विधानसभा क्षेत्र लांजी के अंतर्गत विभागीय रोड कुन्‍डे से मोहगाँव दहेगाँव से देवलगाँव, कंटगी से सहेकी जैसे जर्जर मार्गों को जिन सड़कों के लिए कई बार आंदोलन हो चुके हैं। क्‍या बजट में शामिल किया जाएगा? (ग) विधानसभा मुख्‍यालय को सीधे महाराष्‍ट्र से जोड़ने वाली सड़क लांजी-बिसोनी-बिर्सी मार्ग का कार्य प्रगति पर है किन्‍तु सावरीकला से गौरेलाघाट (महाराष्‍ट्र) के बीच बाघ नदी पर पुलिए की स्‍वीकृति न होने से इस मार्ग का कोई औचित्‍य नहीं रह जाएगा, क्‍या इस उच्‍च स्‍तरीय पुलिये को बजट में शामिल किया जाएगा? (घ) उप चुनाव वाले क्षेत्रों में बजट में शामिल सड़कों तथा पुलियों की जानकारी दें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। (ख) वित्‍तीय संसाधन की उपलब्‍धता सीमित होने से निश्चित समय बताना संभव नहीं। (ग) सड़क कार्य म.प्र. सीमा तक बनाया जाना स्‍वीकृत है एवं मार्ग निर्माण से प्रदेशवासी लाभाविंत होंगे। प्रस्‍तावित पुल राज्‍यों की सीमा के बीच है एवं विभाग की वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धता अनुसार बजट में शामिल करने की कार्यवाही संभव होगी। (घ) म.प्र. विनियोग अध्‍यादेश (क्रं. 6 सन् 2020) में वित्‍तीय वर्ष 2020-21 में कुल 68 विधानसभा क्षेत्र के कार्य सम्मिलित किये गये है। उपचुनाव वाले विधानसभा क्षेत्रों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

बालाघाट जिले में रेडी-टू-ईट (सत्‍तू) का वितरण

[महिला एवं बाल विकास]

70. ( क्र. 573 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बालाघाट जिले सहित संपूर्ण प्रदेश में रेडी-टू-ईट (सत्‍तू) का वितरण माह अप्रैल 2020 से जुलाई 2020 तक किया गया, इसके वितरण संबंधी नियमों तथा निर्देशों की जानकारी दें। क्‍या शत्-प्रतिशत हितग्राहियों को विषयांकित योजना का लाभ मिला है? यदि नहीं, तो कारण बतायें। (ख) क्‍या बालाघाट जिले में अप्रैल 2020 से पूर्व पोषण आहरण का वितरण कर रहे स्‍थानीय स्‍व-सहायता समूहों के स्‍थान पर नये समूह बनाकर सत्‍तू वितरण का कार्य दिया गया, किन्‍तु शिकायत होने के बाद पुन: पूर्व से कार्यरत समूहों को दिया गया? इस संबंध में प्राप्‍त शिकायतों की जानकारी दें। (ग) बालाघाट जिले में सत्‍तू तैयार करने वाली प्रदायकर्ता संस्‍थाओं को किस दर पर तथा कितना बी.पी.एल./पी.डी.एस. का गेहूँ तथा चावल प्रदाय किया गया? क्‍या प्रदायकर्ता संस्‍थाओं को चावल भी प्रदाय किया गया जबकि सत्‍तू बनाने में चावल काम नहीं आता? यदि हाँ तो समूहों द्वारा चावल का क्‍या उपयोग किया गया?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती इमरती देवी ) : (क) बालाघाट जिले सहित संपूर्ण प्रदेश में नोबल कोरान वायरस (कोविड-19) के संक्रमण की रोकथाम हेतु टोटल लॉकडाउन के दौरान भारत सरकार महिला बाल विकास विभाग के निर्देशानुसार आंगनवाड़ी सेवाओं से संबद्ध हितग्राहियों को रेडी-टू-ईट के रूप में पूरक पोषण आहार दिए जाने के निर्देश दिए गए थे। निर्देश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। जी हाँ। शत्-प्रतिशत हितग्राहियों को विषयांकित योजना का लाभ मिल रहा है। (ख) कलेक्टर बालाघाट के द्वारा नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण की रोकथाम हेतु किये गये टोटल लॉकडाउन के दौरान आंगनवाड़ी सेवाओं से संबद्ध हितग्राहियों को पूरक पोषण आहार की व्यवस्था किये जाने के संबध में जिले के समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारियों को पूर्व में प्रदायकर्ता स्व-सहायता समूह के द्वारा रेडी-टू-ईट वितरण किए जाने के निर्देश दिए गए थे। निर्देश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-03 एवं 04 अनुसार है। (ग) बालाघाट जिले के अन्तर्गत रेडी-टू-ईट (सत्तु) तैयार किये जाने हेतु स्व-सहायता समूहों को बी.पी.एल./पी.डी.एस. का गेहूँ/चावल प्रदाय किया गया है, परियोजनावार एवं माहवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-05 अनुसार है। स्व-सहायता समूहों द्वारा सत्‍तू बनाने में चावल का उपयोग नहीं किया गया है वर्तमान में प्रदायित चावल स्व-सहायता समूह के पास सुरक्षित रखा गया है।

लाकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों को दी गई सहायता

[राजस्व]

71. ( क्र. 582 ) श्री कुणाल चौधरी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) लॉकडाउन के बाद प्रदेश में कितने प्रवासी मजदूर आये? क्‍या सभी को 1000 रू. की नगद सहायता दी गई? यदि नहीं, तो क्‍यों तथा बतावें की कितनों को दी गई तथा उनका चयन किस तरह से किया गया तथा कितनों को देना शेष है? (ख) माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार क्‍या सभी प्रवासी मजदूरों की सूची बनाई गई? यदि हाँ तो तहसील जिले अनुसार संख्‍या बतावें तथा कुल संख्‍या बतावें कि‍ इनमें से कितने मजदूरों को प्रदेश में काम मिला है। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित 1000 रू. की नगद सहायता प्रश्नांश (ख) में उल्‍लेखित मजदूरों में से शेष मजदूरों को दी जायेगी या नहीं? यदि नहीं, तो क्‍यों? जिन्‍हें दी गई उन्‍हें देने का आधार क्‍या था? (घ) लॉकडाउन के प्रथम सप्‍ताह में इन्‍दौर, उज्‍जैन संभाग एवं शाजापुर जिले में कितने श्रमिक अन्‍य राज्‍यों से आये? उनके लिए शासन ने कितनी बस की व्‍यवस्‍था की? बस के क्रमांक, यात्रा की दिनांक, कुल देय भाड़ा, श्रमिक यात्रियों की संख्‍या तथा कहाँ से कहाँ तक बस लगाई गई? सूची देवें।

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) लॉकडाउन के दौरान लगभग 14 लाख प्रवासी मजदूर आये। जी नहीं प्रवासी मजदूर योजना के निर्देशों के तहत पात्रता अनुसार सहायता दी गई, अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। लगभग 1.50 लाख प्रवासी मजदूरों को सहायता दी गई। चयन का मापदण्‍ड पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी श्रम विभाग के पोर्टल-http://sambal.mp.gov.in/RojgarSetu/ में उपलब्‍ध है। (ग) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) लॉकडाउन के प्रथम सप्‍ताह में इन्‍दौर संभाग में लगभग 25381 श्रमिक एवं उज्‍जैन संभाग में लगभग 5860 श्रमिक आये। शाजापुर जिले में प्रथम सप्‍ताह में आये श्रमिकों की संख्‍या निरंक है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के            प्रपत्र-'''' अनुसार है।

पेयजल संकट का निराकरण

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

72. ( क्र. 588 ) श्री प्रणय प्रभात पाण्डेय : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत चिन्हित ऐसे कौन कौन से ग्राम/क्षेत्र हैं जहां प्रतिवर्ष ग्रीष्म ऋतु में भू-जल स्तर अत्यधिक नीचे चले जाने के पेयजल संकट उत्पन्न होता है। सूची देवें एवं उल्लेखित विधानसभा क्षेत्र में विगत 03 वर्षों में कहाँ-कहाँ की नल-जल योजनायें ग्रीष्म ऋतु में जल स्‍त्रोत निष्क्रिय हो जाने/अन्य कारणों से बंद थी। (ख) क्या शासन प्रश्नांक (क) में उल्लेखित प्रतिवर्ष उत्पन्न होने वाले पेयजल संकट के स्थाई निराकरण हेतु जल निगम के माध्यम से समूह जल प्रदाय योजना से पेयजल प्रदान करने की योजनाएं बना रहा है? यदि हाँ तो ये योजनाएं क्या हैं तथा ये कहाँ पर लंबित हैं इनसे किन-किन ग्रामों को किस प्रकार से कब तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा? सूची देवें। (ग) प्रश्नकर्ता द्वारा वित्‍त वर्ष 2019-20 से प्रश्न दिनांक तक पेयजल संकट निवारण हेतु कहाँ-कहाँ पर नवीन हैण्डपंप खनन कि अनुशंसा कब-कब की तथा विभाग द्वारा इसकी पूर्ति हेतु कहाँ-कहाँ खनन कराया गया तथा कहाँ पर खनन कराया जाना किन कारणों से शेष है? सूची देवें। (घ) क्या विगत दिनों प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र बहोरीबंद में कुल 11 हैण्डपंप खनन स्वीकृत हुए थे? यदि हाँ तो क्या शासन पेयजल-संकट के निवारण हेतु संख्या बढ़ायेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) वर्तमान में ऐसे कोई ग्राम/क्षेत्र चिन्हित नहीं हैं। विगत तीन वर्षों से बंद रहीं नल-जल योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) पवई बांध से विधानसभा क्षेत्र बहोरीबंद के विकासखण्ड रीठी के 109 ग्रामों को सम्मिलित कर कुल 159 ग्रामों की समूह जलप्रदाय योजना की डी.पी.आर. जल निगम द्वारा तैयार की जा रही है, सम्मिलित ग्रामों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। योजना से पेयजल उपलब्ध होने की निश्चित समय-सीमा बतायी जाना संभव नहीं है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र के ग्रामों के लिये इस वित्तीय वर्ष में प्रश्न दिनांक तक 27 हैण्‍डपंप स्वीकृत किये गये हैं, शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।

त्रिकुट काढ़ा वितरण, जीवन अर्मत योजना एवं किल कोरोना कार्यक्रम की जानकारी

[आयुष]

73. ( क्र. 610 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या राज्यमंत्री, आयुष महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) आयुर्वेदिक त्रिकुट काढ़ा के अगस्त 2020 तक कितने पैकेट बनाये गये? प्रति पैकेट तथा कुल लागत क्या है? धार एवं इन्दौर जिले में 31 अगस्त तक कितने-कितने पैकेट वितरित किए गए? (ख) 'किल कोरोना' कार्यक्रम प्रथम तथा द्वितीय धार एवं इन्दौर जिले में किस दिनांक से किस दिनांक तक रहा? इसमे क्या-क्या कार्य किल कोरोना के लिये किये गये तथा कुल कितना खर्च हुआ? खर्च की मद अनुसार जानकारी दें। (ग) जीवन अमृत योजना क्या है? इसका शुभारम्भ किस दिनांक से हुआ तथा अभी तक इसके तहत धार एवं इन्दौर जिले में क्या-क्या कार्य हुये तथा 30 जून 2020 तक इस योजना में किस-किस मद में कितना खर्च हुआ? (घ) जीवन अर्मत योजना, त्रिकुट काढ़ा तथा किल कोरोना कार्यक्रम के बाद भी धार एवं इन्दौर जिले में कोरोना के मरीज में वृध्दि के क्या कारण है? भविष्य में इसे रोकने हेतु क्या कार्यवाही प्रस्तावित है?

राज्यमंत्री, आयुष ( श्री रामकिशोर (नानो) कावरे ) : (क) दिनांक 31.08.2020 तक 50 ग्राम पैकिंग के कुल 60,39,400/- पैकेट बनाये। उनकी कुल लागत राशि रूपये 30,64,48,308/- जी.एस.टी. सहित है। 500 ग्राम के प्रति पैकेट का मूल्य 517.65/- जी.एस.टी. सहित तथा 50 ग्राम के प्रति पैकेट का मूल्य 52.5/- जी.एस.टी. सहित है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार। (ख) ''किल कोरोना'' कार्यक्रम प्रथम तथा द्वितीय धार एवं इन्दौर जिले में प्रथम चरण 01 जुलाई 2020 से 15 जुलाई 2020 तक एवं द्वितीय चरण 01 अगस्त 2020 से 14 अगस्त 2020 तक रहा। इसमें किल कोरोना के लिये स्पेशल फीवर स्क्रीनिंग कैम्पेन संचालित किया जाकर अभियान के अंतर्गत गठित दलों के द्वारा समस्त शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर बुखार के रोगियों की खोज की गई तथा बुखार के लक्षणों के आधार पर उनकी कोविड-19/मलेरिया/डेंगू की जांच तथा उपचार की कार्यवाही सुनिश्चित की गई। द्वितीय चरण में ''संकल्प की चैन जोड़ो, संक्रमण की चैन तोड़ो'' की थीम पर संचालित किया गया। संक्रमण रोकने के लिए मास्क/फेस कव्हर का अनिवार्य, सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन तथा भीड़-भाड़ से बचने के लिये जागरूकता हेतु व्यापक                 प्रचार-प्रसार किया गया। किल कोरोना के लिये जिलों को पृथक से कोई राशि का आवंटन नहीं किया गया है। (ग) जीवन अमृत योजना के अंतर्गत कोरोना संक्रमण काल में आयुर्वेदिक, होम्योपैथी तथा यूनानी औषधियों का वितरण सामान्य रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि हेतु किया जा रहा है। जीवन अमृत योजना का शुभारंभ 27 अप्रैल को हुआ। धार एवं इन्दौर जिले में उक्त योजना के अंतर्गत आयुर्वेदिक, होम्योपैथी तथा यूनानी दवाइयों के वितरण के साथ जागरूकता अभियान चलाया गया। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार। (घ) जीवन अमृत योजना तथा त्रिकुट काढ़ा वितरण रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने हेतु है, किल कोरोना कार्यक्रम कोरोना संक्रमण को रोकने हेतु जागरूकता कार्यक्रम है, मरीजों में वृद्धि के अन्य बहुत से कारण हैं। भविष्य में भारत सरकार, स्वास्थ्य मंत्रालय, आयुष मंत्रालय तथा म.प्र. शासन के द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन कराया जाना प्रस्तावित है।

परिशिष्ट - "पंद्रह"

पट्टे वितरण में अनियमितता

[राजस्व]

74. ( क्र. 614 ) श्री हर्ष विजय गेहलोत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि          (क) रतलाम जिले में जनवरी 2014 से अगस्‍त 2020 तक किस-किस विधानसभा क्षेत्र में कितने पट्टे वितरि‍त किये गये? व्‍यक्ति का नाम, पट्टे का रकबा, खसरा, गाँव का नाम, वितरण पट्टे की दिनांक सहित सूची देवें(ख) रावटी में शिव मंदिर की जमीन पर पट्टे देने पर प्रश्‍नकर्ता द्वारा कलेक्‍टर को दिये गये ज्ञापन पर की गई कार्यवाही से अवगत करावें तथा शिव मंदिर तथा सिंचाई कॉलोनी में दिये गये पट्टे के पट्टेधारक का नाम, पिता का नाम, उम्र, जाति निवास का पता सहित सूची देवें। (ग) प्रश्नांश (ख) में दिये गये पट्टे धारक की पात्रता तय करने संबधी दस्‍तावेज, नोटशीट, की प्रति देवें तथा बतावें कि उनकी पात्रता किस अधिकारी द्वारा तय की गई? (घ) किस जमीन पर पट्टा दिया जाये, किस व्‍यक्ति को पट्टा दिया जाये, पट्टे में कितनी साईज दी जाये, पात्रता के मापदण्‍ड इस संबध में शासन के दस्‍तावेज की प्रति उपलब्‍ध करावें।

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) रतलाम जिले में जनवरी 2014 से अगस्त 2020 तक 1-रतलाम शहर विधानसभा क्षेत्र में 1129 पट्टे वितरित किये गये। 2-रतलाम ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में 204 पट्टे वितरित किये गये। 3-जावरा विधानसभा क्षेत्र में 497 पट्टे वितरित किये गये। 4-आलोट विधानसभा क्षेत्र में 386 पट्टे वितरित किये गये। 5-सैलाना विधानसभा क्षेत्र में 06 इस प्रकार कुल 2222 पट्टे वितरित किये गये। जिसकी जानकारी की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) रावटी के शिव मंदिर की जमीन के पट्टे की शिकायत पर जांच हेतु अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सैलाना द्वारा स्थगन आदेश जारी किया गया एवं दिनांक 14.09.2020 को सीमांकन की कार्यवाही की गई। उक्त पट्टे संबंधी शिकायत की कार्यवाही प्रचलित है। जनपद पंचायत बाजना द्वारा बताया गया कि ग्राम पंचायत रावटी द्वारा शिव मंदिर भूमि पर कोई पट्टा वितरित नहीं किया गया है तथा ग्राम रावटी की सिंचाई कॉलोनी में वितरित पट्टे के पट्टे धारक की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार। (घ) इस संबंध में परिपत्र की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

संयुक्‍त संचालक की विभागीय जांच

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

75. ( क्र. 623 ) श्री राजेश कुमार प्रजापति : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खाद्य नागरिक आपूर्ति भोपाल के पत्र क्रमांक 244/खाद्य दुकान/2012 भोपाल दिनांक 10/01/2018 को आयुक्‍त द्वारा श्री हरेन्‍द्र सिंह संयुक्‍त संचालक की जांच प्रतिवेदन की छायाप्रति संलग्‍न कर कलेक्‍टर छतरपुर को पत्र प्रेषित किया गया था? यदि हाँ तो उक्‍त जांच प्रतिवेदन में अधिकारिता विहीन आदेश जारी किया गया लेख था? यदि हाँ तो क्‍या अधिकारिता विहीन आदेश जारी करने वाले अधिकारी द्वारा पद एवं शक्ति का दुरूपयोग किया गया था? हाँ या नहीं? यदि हाँ तो क्‍यों? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 1286 दिनांक 19/12/2019 को माननीय मंत्री जी द्वारा उत्‍तर दिया गया था कि उक्‍त अधिकारी के विरूद्ध विभागीय जांच एवं आरोप पत्र जारी कर दिया गया है। क्‍या उक्‍त कार्यवाही को शासन के नियम व निर्देशों के अनुसार समय-सीमा पर पूर्ण कर लिया गया है? यदि हाँ तो कार्यवाही की प्रति उपलब्‍ध करायें। यदि नहीं, तो क्‍यों?

खाद्य मंत्री ( श्री बिसाहूलाल सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

भू-जल संरक्षण एवं वॉटर हार्वेस्टिंग यूनिट की स्थापना

[नगरीय विकास एवं आवास]

76. ( क्र. 627 ) श्री संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगरीय क्षेत्रों में निर्मित भवनों में वॉटर हार्वेस्टिंग यूनिट की स्थापना/भू-जल संरक्षण के वर्तमान में क्या नियम/निर्देश लागू हैं? विगत 02 वर्षों में शासन/विभाग द्वारा नगरीय निकायों को इस बाबत् कब-कब क्या शासनादेश/विभागीय-निर्देश दिये गए?                (ख) कार्यालय-नगरपालिक निगम कटनी द्वारा कटनी नगर में अब तक कितनी वॉटर हार्वेस्टिंग यूनिट की स्थापना की गयी एवं विगत-02 वर्षों में भू-जल संरक्षण के क्या-क्या कार्य किए गए?        (ग) प्रमुख सचिव महोदय द्वारा पत्र-क्रमांक/2005/प्रसनप्रवि/2563,दिनांक-27/10/2009 से निर्देशित/ आदेशित करने एवं मार्च 2016 से निविदा आमंत्रण की कार्यवाही प्रचलन में होने के पश्चात भी प्रश्न दिनांक तक कार्यालय नगरपालिक निगम कटनी द्वारा एक भी यूनिट निर्मित न कर पाने के क्या कारण हैं? (घ) म.प्र. भूमि विकास नियम-2012 में भवन निर्माण अनुज्ञा प्राप्त करने और निर्माणाधीन भवनों के निरीक्षण एवं कार्यपूर्णता और अधिभोग अनुज्ञा जारी करने के क्या नियम/निर्देश हैं और क्या नगरपालिक निगम कटनी के तकनीकी अधिकारियों द्वारा अपने अधिकारिता क्षेत्रों में म.प्र. भूमि विकास नियम-2012 के प्रावधान/नियमानुसार निर्माणाधीन भवनों का निरीक्षण किया गया एवं अनुज्ञा जारी की गयी? (ङ) प्रश्नांश (घ) हाँ, तो वर्ष 2018-19 से कार्यालय नगरपालिक निगम कटनी द्वारा जारी भवन निर्माण अनुज्ञा से निर्मित किन-किन भवनों का किन-किन तकनीकी अधिकारियों द्वारा कब-कब निरीक्षण किया गया? क्या निरीक्षण प्रतिवेदन दिये गए एवं अधिभोग अनुज्ञा प्रदान की गयी? भवनवार अवगत कराएं और दस्तावेज़ उपलब्ध कराएं। (च) प्रश्नांश (क) से (ड.) क्या नियमों/शासना देशों/विभागीय-निर्देशों का पालन न होने का संज्ञान लेते हुये शासन/विभाग स्तर से नियत अवधि में वॉटर हार्वेस्टिंग यूनिट की स्थापना के निर्देश दिये जाएँगे? हाँ, तो क्या एवं कब तक?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) मध्‍यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 के नियम 81 (4) में नगरीय क्षेत्रों में भवनों के निर्माण में भूखण्‍ड के आकार के आधार पर 140 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल भूखण्‍ड पर भवन निर्माण में रूफ वॉटर हार्वेसिंटग का निर्माण किये जाने का प्रावधान है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।                       (ख) नगरपालिक निगम, कटनी द्वारा शासकीय कार्यालयों में 04 स्‍थानों पर रूफ वॉटर हार्वेसिंटग का कार्य कराया गया है। नगर निगम कटनी द्वारा विगत वर्षों में भू-जल स्‍तर बढ़ाने हेतु 100 हैण्‍डपंपो में वॉटर हार्वेस्टिंग के कार्य किये गये एवं वर्षा जल को कटनी नदी के बैराज के ओवर फ्लो पानी को पम्पिंग के माध्‍यम से 02 खदानों में पुनर्भरण की व्‍यवस्‍था की गई है।                      (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) मध्‍यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 293 एवं भूमि विकास नियम 2012 के नियम 27 में नगरीय सीमा में भवन निर्माण हेतु भवन निर्माण अनुज्ञा प्राप्‍त करने का प्रावधान है। भूमि विकास नियम 2012 के नियम 31 में आवेदक/भवन स्‍वामी के उत्‍तरदायित्‍व तथा कर्तव्‍य निहित है, जिसमें इन नियमों और लागू विकास रेखाओं की अपेक्षाओं के अनुसार कार्य करने के पूर्ण उत्‍तरदायित्‍व से किसी भी रूप से मुक्‍त नहीं होगा। नियम 31 (2) में प्रत्‍येक आवदेक या स्‍वामी भवन स्‍थल पर प्रत्‍येक स्‍तर कार्य प्रारंभ करने, कुर्सी स्‍तर तक निर्माण हो जाने, कारण पूर्णता हो जाने पर प्राधिकारी को सूचना देने का प्रावधान है। भूमि स्‍वामी द्वारा आवेदन प्रस्‍तुत करने पर निर्माण के विभिन्‍न स्‍तरों में निरीक्षण का प्रावधान है। जी हाँ। (ड.) नगरपालिक निगम कटनी में भवन निर्माण अनुज्ञा जारी करने वाले अधिकारियों के नाम, निरीक्षण दिनांक एवं मेसर्स द्वारका इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर प्रा.लि. डायरेक्‍टर श्री हेमन्‍त दास मोटवानी के स्‍थल निरीक्षण का प्रतिवेदन एवं प्रदान की गई अधिभोग प्रमाण-पत्र संबंधित दस्‍तावेजों की प्रतियां पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।                       (च) जी हाँ। विभाग द्वारा रेन वॉटर हार्वेस्टिंग कार्य कराये जाने के संबंध में निर्देश जारी किये गये हैं।

अवैध कॉलोनियों के नियमितीकरण की कार्यवाही

[नगरीय विकास एवं आवास]

77. ( क्र. 628 ) श्री संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कार्यालय-नगर पालिक निगम, कटनी के आदेश-पत्र/पृ.क्रमांक–12600, दिनांक–28/12/2005 से कटनी-नगर की नियमित की गयी अवैध कॉलोनियों के निर्माणकर्ताओं से प्रश्न दिनांक तक कितनी राशि वसूली गयी और क्या कार्यवाही की गयी? राशि की वसूली और कार्यवाहियों के लिए कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी उत्तरदायी हैं? (ख) कटनी नगर में दिसंबर 2016 के पूर्व निर्मित किन-किन अवैध कॉलोनियों का अभिन्यास और प्राक्कलन तैयार कर सर्वेक्षण कार्य किया गया और किन-किन अवैध-कॉलोनी का नहीं तथा किन अवैध-कॉलोनियों के नियमितीकरण की कार्यवाही प्रचलन में हैं, किन अवैध-कॉलोनियों का नहीं? पूर्ण विवरण बताएं और दस्तावेज़ उपलब्ध कराएं। (ग) वर्तमान में अवैध-कॉलोनियों का नियमितीकरण किन नियमों/अधिनियमों के अध्याधीन किए जाने के क्या शासनादेश/विभागीय-निर्देश हैं और माननीय उच्च न्यायालय ग्वालियर द्वारा इस विषय पर पारित क्या आदेश से नियमितीकरण पर क्या प्रभाव हुआ? (घ) क्या कॉलोनियों के नियमितीकरण न होने से नागरिकों को मूलभूत सुविधायें प्राप्त नहीं हैं? यदि हाँ, तो क्‍या नियमितीकरण की कार्यवाही के लिए विभाग/शासन द्वारा नीति निर्धारण की कार्यवाही प्रचलित है? यदि है, तो पूर्ण विवरण उपलब्ध कराएं। (ड.) अवैध-कॉलोनियों के नियमितीकरण पर विभाग/शासन द्वारा जनवरी 2019 से प्रश्न दिनांक तक की गयी कार्यवाही से अवगत कराएं और बताएं कि अवैध-कॉलोनियों के नियमितीकरण की कार्यवाही किस प्रकार और कब से प्रारम्भ की जाएगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) नगर निगम कटनी के प्रश्‍नांकित आदेश क्रमांक 12600 से नहीं, अपितु आदेश क्रमांक 12609 दिनांक 28/12/2005 से कटनी नगरीय क्षेत्र की नियमित की गई 44 अवैध कॉलोनियों के कॉलोनाईजर से कोई राशि की वसूली नहीं की गई है और राशि वसूली के संबंध में कोई कार्यवाही नहीं की गई है। राशि वसूली और कार्यवाहियों के लिये तत्‍समय पदस्‍थ नगर निगम, आयुक्‍त एवं संबंधित इंजीनियर उत्‍तरदायी है। (ख) म.प्र. नगरपालिका (कॉलोनाईजर का रजिस्‍ट्रीकरण, निर्बधन तथा शर्तें) नियम 1998 के नियम 15-क के तहत                 31 दिसम्‍बर 2016 के पूर्व अस्‍तित्‍व में आयी नियमितीकरण योग्‍य सभी 92 कॉलोनियों का सर्वेक्षण उपरान्‍त अभिन्‍यास एवं प्राक्‍कलन तैयार कराये गये थे। उक्‍त अवधि की नियमितीकरण योग्‍य किसी भी अवैध कॉलोनी का सर्वेक्षण, अभिन्‍यास एवं प्राक्‍कलन तैयार कराने का कार्य शेष नहीं है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) वर्तमान में अवैध कॉलोनियों के नियमितीकरण के संबंध में कोई विभागीय निर्देश नहीं है और माननीय उच्‍च न्‍यायालय ग्‍वालियर द्वारा पारित आदेश दिनांक 03/06/2019 के द्वारा म.प्र. नगरपालिका (कॉलोनाईजर का रजिस्‍ट्रीकरण, निर्बधन तथा शर्तें) नियम 1998 के नियमितीकरण करने संबंधी नियम 15-क को अधिकारातीत (Ultra Vires) घोषित कर दिये जाने से नियमितीकरण की कार्यवाही रोक दी गई है। (घ) जी हाँ। अवैध कॉलोनियों के नियमितीकरण हेतु अधिनियम में संशोधन की कार्यवाही विचाराधीन है। वैधानिक कार्यवाही विचाराधीन होने के कारण विवरण दिया जाना सम्‍भव नहीं है। (ड.) 31 दिसम्‍बर 2016 के पूर्व अस्‍तित्‍व में आयी नियमितीकरण योग्‍य अवैध कॉलोनियों को म.प्र. नगरपालिका (कॉलोनाईजर का रजिस्‍ट्रीकरण, निर्बधन तथा शर्तें) नियम 1998 के नियम 15-क के उपबन्‍धों के तहत नियमित करने हेतु नगरीय निकायों द्वारा कार्यवाही प्रारम्‍भ की गई थी, परन्‍तु उत्‍तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में नियमितीकरण की कार्यवाही रोक दी गई और उत्‍तरांश (घ) के अनुसार अधिनियम में संशोधन होने के पश्‍चात तदानुसार कार्यवाही प्रारम्‍भ की जा सकेगी।

परिशिष्ट - "सोलह"

समूह नल-जल योजनाओं के क्रियान्वयन में अनियमिततायें

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

78. ( क्र. 633 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01 जनवरी 2017 से 23 मार्च 2020 तक लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत जल निगम द्वारा प्रदेश में कौन-कौन सी समूह नल-जल योजनायें स्वीकृत की जाकर प्रारंभ कर दी गई है अथवा निर्माणाधीन हैं? जिलावार योजना की लागत, लाभान्वित ग्रामों, कार्य की प्रगति एवं निर्माणकर्ता एजेंसी सहित अद्यतन जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में जल निगम में कार्य करने वाली निर्माण एजेंसियों के नाम, प्रोफाइल व किस राज्य से हैं? इनके द्वारा कौन-कौन से कार्य किये जा रहे हैं? विभाग द्वारा इनको अभी तक कितना-कितना भुगतान किया गया है एवं कितना भुगतान शेष है? संपूर्ण सूची उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में एच.ई.एस. बेन्सर, हैदराबाद (राजू मोंटेना) कंपनी/एजेंसी द्वारा विभाग में कौन-कौन से कार्य कराये गये हैं? इनको कितना-कितना भुगतान किया गया है? केवल इस कंपनी को ही अधिकतम भुगतान/अतिरिक्त भुगतान क्यों किया गया है? इसके पीछे क्या कारण है? क्या भुगतानों की अधिकता और अनियमितताओं की जांच विभाग द्वारा कराई जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?       (घ) क्या टेम मध्यम सिंचाई परियोजना लटेरी से समूह नल-जल प्रदाय योजना का स्टेज-1 का प्रस्ताव मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित को प्राप्त हुआ है? यदि हाँ तो किन-किन ग्रामों में समूह नल-जल योजना प्रस्तावित हैं? प्रस्ताव की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ङ) विदिशा जिले में जल जीवन मिशन के तहत कौन-कौन सी नल-जल योजनाएं प्रस्तावित हैं अथवा स्वीकृत की गई हैं? विकासखण्डवार जानकारी उपलब्ध करावें।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) दिनांक 01 जनवरी 2017 से 23 मार्च 2020 तक मध्यप्रदेश जल निगम में एच.ई.एस. बेन्सर, हैदराबाद (राजू मोंटेना) कंपनी/एजेंसी द्वारा कोई कार्य नहीं कराया गया है। इस फर्म को कोई भुगतान नहीं किया गया है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।              (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 एवं 3 अनुसार है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है।

नियुक्तियों में अनियमितता

[चिकित्सा शिक्षा]

79. ( क्र. 635 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश में कितने-कितने मेडिकल कॉलेज संचालित हैं? इनमें में कौन-कौन से व कितने-कितने पद स्वीकृत हैं? स्वीकृत पदों के विरूद्ध कितने रिक्त हैं? मेडिकल कॉलेजवार पृथक-पृथक जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में 01 जनवरी 2019 से 23 मार्च 2020 तक किन-किन पदों हेतु स्थायी/अस्थायी/संविदा नियुक्तियां विभिन्न श्रेणीवार की गई हैं? मेडिकल कॉलेज वार अलग-अलग जानकारी देते हुए यह बतलावें की विभाग में भर्ती के पदानुसार क्या-क्या नियम हैं? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में क्‍या भर्तियों की प्रक्रिया में गंभीर अनियमिततायें, भाई-भतीजावाद एवं सिफारिशों का बोलबाला रहने संबंधी क्‍या शिकायतें भी विभाग को प्राप्त हुई हैं अथवा विभाग की जानकारी में यह तथ्‍य आया है। यदि हाँ तो क्‍या विभाग ने भर्ती प्रक्रियाओं की अनियमितताओं की जांच कराई गई है? यदि हाँ तो जांच के क्या निष्कर्ष निकले? क्या विभाग संपूर्ण भर्तियों की जांच एस.टी.एफ. अथवा ई.ओ.डब्ल्यू. से करायेगा?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) चिकित्‍सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत 13 चिकित्‍सा महाविद्यालय संचालित हैं। चिकित्‍सा महाविद्यालयवार स्‍वीकृत पदों एवं रिक्‍त पदों की               पृथक-पृथक जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में दिनांक 1 जनवरी 2019 से 23 मार्च 2020 तक की अवधि में स्‍थाई/अस्‍थाई/संविदा नियुक्तियों की चिकित्‍सा महाविद्यालयवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। समस्‍त चिकित्‍सा महाविद्यालय में विभिन्‍न संवर्गों में भर्ती हेतु 'मध्‍यप्रदेश स्‍वशासी चिकित्‍सा महाविद्यालयीन शैक्षणिक आदर्श सेवा नियम, 2018 एवं मध्‍यप्रदेश स्‍वशासी चिकित्‍सा महाविद्यालय गैर शैक्षणिक आदर्श सेवा नियम, 2018 एवं मध्‍यप्रदेश स्‍वशासी चिकित्‍सकीय सेवा आदर्श नियम, 2018 लागू नियम पुस्‍तकालय में रखे परिशष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ग) जी हाँ। शिवपुरी एवं ग्‍वालियर चिकित्‍सा महाविद्यालयों में विभिन्‍न संवर्गों में की जा रही भर्ती प्रक्रिया में हुई अनियमितता की शिकायत जांच हेतु जांच समिति का गठन किया गया है। आदेश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

कन्‍तोड़ा बायपास निर्माण की स्‍वीकृति

[लोक निर्माण]

80. ( क्र. 637 ) श्री राज्‍यवर्धन सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ जिले के नगर नरसिंहगढ़ अंतर्गत कन्‍तोड़ा बायपास मार्ग की वर्तमान जीर्ण-शीर्ण अवस्‍था, क्षतिग्रस्‍त पुलियाओं एवं सुचारू आवागमन बहाल किये जाने हेतु नवीन सड़क निर्माण कराया जाना ही एक मात्र विकल्‍प होने से लोक निर्माण विभाग संभाग राजगढ़ द्वारा उक्‍त बायपास निर्माण हेतु आवश्‍यक प्राक्‍कलन तैयार कर उसकी प्रशासकीय एवं वित्‍तीय स्‍वीकृति हेतु प्रस्‍ताव वरिष्‍ठालय को प्रेषित किया जा चुका है? यदि हाँ तो प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त निर्माण कार्य की प्रशासकीय एवं वित्‍तीय स्‍वीकृति प्रदान कर दी गई है? यदि नहीं, तो उक्‍त संबंध में प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई तथा क्‍या कार्यवाही किया जाना शेष है? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या नरसिंहगढ़ से बैरसिया जाने तथा नगर के यातायात के दबाव को कम करने हेतु कन्‍तोड़ा बायपास का उपयोग किया जाता रहा है तथा उक्‍त बायपास मार्ग अत्‍यंत जीर्ण-शीर्ण अवस्‍था में होने से आवागमन बाधित होने के साथ-साथ नगर के अन्‍य मार्गों पर भी यातायात का दबाव बढ़ता जा रहा है? यदि हाँ तो क्‍या शासन उक्‍त कन्‍तोड़ा बायपास मार्ग के निर्माण हेतु आवश्‍यक स्‍वीकृतियां प्रदान करेगा? यहि हाँ तो कब तक? यदि नहीं, तो उक्‍त मार्ग निर्माण हेतु विभाग की क्‍या कार्ययोजना है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। प्राक्‍कलन तैयार। वित्‍तीय संसाधन सीमित होने के कारण वर्तमान में स्‍वीकृति की कार्यवाही संभव नहीं। (ख) जी हाँ, जी नहीं, वर्तमान में स्‍वीकृति किये जाने हेतु समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। वित्‍तीय संसाधन सीमित होने से कोई कार्य योजना विचाराधीन नहीं।

लंबित जांच प्रक्रिया समय-सीमा में पूर्ण करना

[नगरीय विकास एवं आवास]

81. ( क्र. 638 ) श्री राज्‍यवर्धन सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 2008, दिनांक 23 दिसम्‍बर 2019 के उत्‍तर अनुसार नगर पालिका परिषद् नरसिंहगढ़ का जांच प्रतिवेदन प्राप्‍त हो गया है। नगर परिषद् बोड़ा का जांच प्रतिवेदन अप्राप्‍त है। उत्‍तरदायियों के विरूद्ध गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही की जावेगी तो नगर पालिका नरसिंहगढ़ के प्राप्‍त जांच प्रतिवदेन में क्‍या-क्‍या निष्‍कर्ष प्राप्‍त हुये तथा नगर परिषद् बोड़ा का जांच प्रतिवेदन कब तक प्राप्‍त होगा? प्राप्‍त जांच प्रतिवेदन की प्रति सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें          (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्राप्‍त जांच प्रतिवेदन में किन-किन अधिकारी/कर्मचारियों को दोषी पाया गया तथा प्रश्‍न दिनांक तक उनके के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई अथवा किया जाना प्रस्‍तावित है? यदि नहीं, तो प्रश्‍न दिनांक तक उत्‍तरदायियों के विरूद्ध कार्यवाही न किये जाने के क्‍या कारण है तथा कब तक उनके के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? (ग) उपरोक्‍तानुसार ऐसे जांच प्रकरणों में जांच पूर्ण कर संबंधितों के विरूद्ध कार्यवाही करने हेतु क्‍या समय-सीमा निर्धारित हैं? उक्‍त प्रकरणों में जांच प्रक्रिया को लगभग एक वर्ष पूर्ण होने के उपरांत भी निराकरण/कार्यवाही न होने के लिये कौन उत्‍तरदायी हैं? कब तक संपूर्ण जांच पूर्ण कर संबंधितों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) नगर पालिका परिषद्, नरसिंहगढ़ के जांच प्रतिवेदन में उत्‍तरदायी पाये गये अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध आरोप पत्र जारी किये जाकर कार्यवाही प्रचलित है। नगर परिषद्, बोड़ा का जांच प्रतिवेदन पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) दोषी पाये गये अधिकारियों/कर्मचारियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। आरोप पत्र जारी किये जा चुके है, शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) समय-सीमा निर्धारित नहीं है। दोषियों के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही प्रचलित है।        समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

नगर परिषद् द्वारा कराये गए कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

82. ( क्र. 641 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भीकनगाँव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत नगर परिषद् भीकनगाँव द्वारा वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी अवैध कॉलोनियों या नगर परिषद् परिक्षेत्र से बाहर निर्माण कार्य कराया गया है? कराये गये समस्त निर्माण कार्यों का वर्तमान में जांच एवं भौतिक सत्यापन कराकर सूची उपलब्ध करायें। (ख) उक्त कार्यों पर कुल कितनी राशि खर्च हुई है उसका विवरण देवें। (ग) क्या नगर परिषद् द्वारा नगर परिक्षेत्र के बाहर अवैध कॉलोनियों में निर्माण कार्य कराया जा सकता है? यदि हाँ तो इस सम्बन्ध में शासन की नियमावली की प्रतिलिपि उपलब्ध करायें तथा नहीं तो क्या उक्त अवैध कार्य करने वाले तत्कालीन दोषियों से उक्त कार्य की राशि वसूली हेतु कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ तो समयावधि बतायें। नहीं तो क्या कारण हैं?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) भीकनगाँव विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत नगर परिषद्भीकनगाँव द्वारा प्रश्‍नाधीन अवधि में 06 अवैध कॉलोनियों में विकास शुल्‍क जमा होने पर परिषद् स्‍वीकृति उपरांत मूलभूत सुविधाओं के निर्माण कार्य कराये गये हैं एवं नगर परिषद् परिक्षेत्र के बाहर कोई भी निर्माण कार्य नहीं कराया गया है। अवैध कॉलोनियों में कराये गये निर्माण कार्यों का भौतिक सत्‍यापन मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी द्वारा किया गया हैजानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) उत्‍तराशं (क) के परिप्रेक्ष्‍य में निर्माण कार्यों पर कुल राशि रूपये 252.42 लाख खर्च हुई है जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "सत्रह"

राजस्व विभाग द्वारा भूमियों का बंदोबस्‍तीकरण

[राजस्व]

83. ( क्र. 642 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भीकनगाँव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत तहसील भीकनगाँव एवं तहसील झिरन्या में म.प्र. शासन, राजस्व विभाग द्वारा कब बंदोबस्त किया गया था? (ख) क्या वर्तमान में कई वर्षों से बंदोबस्त न होने के कारण राजस्व मामले एवं किसानों को भूमि का सीमांकन करने में बहुत कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है तथा सीमांकन के दौरान आपस में विवाद होते हैं?                   (ग) यदि हाँ तो क्या इसके समाधान हेतु अतिशीघ्र भीकनगाँव एवं झिरन्या तहसील का बंदोबस्त शासन द्वारा किया जायेगा? हाँ तो समयावधि बताएं तथा नहीं तो क्या कारण है?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : () भीकनगाँव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत तहसील भीकनगाँव एवं तहसील झिरन्या में वर्ष 1924-25 में बन्दोबस्त किया गया। (ख) जी हाँ, विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत पिछले कई वर्षों से बन्दोबस्त नहीं होने के कारण सीमांकन कार्य में कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है, जिससे विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है। (ग) मध्‍यप्रदेश भू-राजस्‍व संहिता (संशोधन अधिनियम 2018) में बंदोबस्‍त संबंधी प्रावधानों का विलोपन किया जाकर सर्वेक्षण के नये प्रावधान लागू किये गये। उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नर्मदा सेवा यात्रा हेतु बसों का अनुबंध

[परिवहन]

84. ( क्र. 645 ) श्री रवि रमेशचन्द्र जोशी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नर्मदा सेवा यात्रा के समापन में पहुंचने के लिए बसें अनुबंधित की गई थीं, वह बस किस दर पर अनुबंधित की गई और क्या इसमें भोजन व अन्य व्यय भी सम्मिलित थे? यदि हाँ तो इनकी दर भी देवें। (ख) क्या अलग-अलग जिलों के प्रति किलोमीटर दो अलग अलग थी? यदि हाँ तो क्यों? विस्तृत जानकारी दें। क्‍या इंदौर, जबलपुर, खरगोन, खण्‍डवा, बड़वानी एवं शहडोल जिले में जो बसें अनुबंधित की गई थी उनके नाम, पता, बस नंबर, भुगतान प्राप्तकर्ता का नाम, बैंक खाता नंबर, टी.डी.एस. कटौती सहित वाहनवार जिलावार देवें। जिनक भुगतान नहीं हुआ है उनके वाहन नंबर लंबित राशि सहित सूची देवें। (ग) इस यात्रा में मनमाने दरों से भुगतान करने वाले इंदौर, जबलपुर, शहडोल, खरगोन, बड़वानी व खण्‍डवा के जिम्मेदार अधिकारियों पर शासन कब तक कार्रवाई करेगा? यदि टी.डी.एस. नहीं काटा गया है तो टी.डी.एस. कटौती न करने के कारण भी बताएं और दोषियों पर क्या कार्यवाही करेंगे?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) नर्मदा सेवा यात्रा के समापन में पहुंचने के लिए जिला कलेक्‍टर एवं दण्‍डाधिकारी द्वारा मध्‍यप्रदेश शासन, परिवहन विभाग के परिपत्र क्र. एफ 22-07/2017/आठ, दिनांक 29/06/2017 में निहित प्रावधानों के अंतर्गत मध्‍यप्रदेश शासन, परिवहन विभाग के ज्ञापन क्र 1329/1329/2014/आठ दिनांक 29/03/2014 में दी गई दरों के आधार पर बसों का अधिग्रहण किया गया था। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

निर्माण कार्यों की टेंडर प्रक्रिया

[नगरीय विकास एवं आवास]

85. ( क्र. 650 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अप्रैल 2014 से प्रश्न दिनांक तक मनावर नगरपालिका द्वारा कृत निर्माण कार्यों के टेंडर की प्रक्रिया की जानकारी किस माध्यम से जारी की गई? तत्संबंधी वार्डवार ब्यौरा दें। (ख) अप्रैल 2014 से प्रश्न दिनांक तक मनावर नगरपालिका द्वारा पूर्ण समस्त निर्माण कार्यों की जानकारी वार्डवार उपलब्ध कराएं। पूर्ण निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच किन मानकों पर किसके द्वारा की गई? तत्संबंधी ब्यौरा दें। (ग) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा कलेक्टर धार एवं एस.डी.एम. मनावर को पत्र सं. 479 एवं 481, दिनांक 7-8-2020 के माध्यम से मनावर के ग्राम पंचायत डोंचा सरपंच द्वारा शासकीय कार्यों में धांधली करने की शिकायत की गई थी? उक्त शिकायत पर क्या कार्यवाही की गई? कब तक जांचकर कार्यवाही की जाएगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) एवं (ख) की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ, उक्‍त शिकायत पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) मनावर जिला धार द्वारा दिनांक 10.08.2020 को जांच दल गठित किया गया है। जांच प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

अवैध कॉलोनियों के निर्माणकर्ताओं पर कार्यवाही

[नगरीय विकास एवं आवास]

86. ( क्र. 651 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मनावर नगरपालिका क्षेत्र अंतर्गत प्रश्न दिनांक तक शासकीय निजी भूमि पर कितनी अवैध कॉलोनी हैं? अवैध कॉलोनियों के खसरा क्रमांक, कुल रकबा, निर्माणकर्ता की संपूर्ण जानकारी पृथक-पृथक उपलब्ध कराएं। (ख) मनावर नगरपालिका क्षेत्र में प्रश्न दिनांक तक किन अवैध अतिक्रमणकारियों/कोलोनाईजरों पर एफ.आई.आर. दर्ज कर कार्यवाही की गई? तत्संबंधी ब्यौरा दें। एफ.आई.आर. दर्ज नहीं की गई तो विधिसम्मत कारण बताएं। कब तक एफ.आई.आर. दर्जकर कार्यवाही कर ली जाएगी? समय सीमा बताएं। (ग) प्रश्न दिनांक तक मनावर नगरपालिका अंतर्गत अवैध कॉलोनियों के निर्माण की स्वीकृति/अनुमति किस अधिकारी द्वारा दी गई? (घ) अवैध कॉलोनियों के निर्माण के लिए किन अधिकारियों की क्या जवाबदेही तय कर क्या कार्यवाही की गई? जवाबदेही तय नहीं करने पर विधिसम्मत कारण बताएं। कब किन अधिकारियों पर किस नियम द्वारा जवाबदेही तय कर क्या कार्यवाही की जाएगी? (ङ) क्या सरकार मनावर विधानसभा क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण को स्वीकृति देना एवं अवैध कॉलोनियों को वैध करना चाहती है? यदि हाँ तो विवरण सहित विधिसम्मत कारण बताएं। नहीं तो मनावर के अवैध अतिक्रमण एवं अवैध कॉलोनाईजर के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए स्थापित मानक शर्त-नियम की संपूर्ण विवरण उपलब्ध कराएं। (च) विस.प्रश्न-क्र.877, दिनांक 12-7-2019 में उल्लिखित अवैध कॉलोनी निर्माणकर्ताओं पर दर्ज एफ.आई.आर. की प्रतिलिपि उपलब्ध कराएं। यदि एफ.आई.आर. दर्ज नहीं की गई तो विधिसम्मत कारण बताएं। एफ.आई.आर. दर्ज की जाने की समय-सीमा बताएं।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) से (च) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

बड़नगर विधानसभा में स्वीकृत सड़कें

[लोक निर्माण]

87. ( क्र. 653 ) श्री मुरली मोरवाल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़नगर विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत वर्ष 2019-20 में मध्यप्रदेश शासन अनुदान मांग संख्या 24 में सरल क्र. 309, 310, 311, 312, 313 पर स्वीकृत हैं जिसमे संगम चौराहा से खोबदरवाजा, कोर्ट चौराहा से नयापुरा सी.टी. पोर्शन, खरसोद खुर्द से किलोली, लखेसरा से सोहड़, कोर्ट चैराहा से संगम चैराहा नयापुरा सड़के स्वीकृत की गई थी। (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में उक्त सड़कों के संबंध में किन-किन सड़कों के टेंडर जारी किये हैं? किन-किन रोडों का कार्य प्रारंभ हो गया है? किन-किन रोड़ो पर कार्य प्रांरभ नहीं किया गया है? किन रोडों की प्रशासकीय स्वीकृति नहीं हुई है? (ग) कोर्ट चौराहा से संगम चौराहा तक की प्रशासकीय स्वीकृति कब तक जारी कर दी जावेगी? समय-सीमा बतावें। इसमे विलंब के लिए कौन-कौन अधिकारी दोषी है? इनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? (घ) क्या शासन बजट में स्वीकृत रोड का कार्य प्रारंभ नहीं होने पर दोषी अधिकारि‍यों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) विभाग के नियमानुसार शासन के बजट में कार्य का प्रावधान होने पर कार्य प्रारंभ नहीं किया जा सकता है। कार्य की प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी होने पर निविदा कार्यवाही पूर्ण कर कार्य प्रारंभ किये जाने की प्रक्रिया है। कोई दोषी नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

शिक्षा समिति को आवंटित भूमि का दुरूपयोग

[नगरीय विकास एवं आवास]

88. ( क्र. 658 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या परिवर्तित अतारांकित प्रश्न संख्या 29 (288) दिनांक 23-12-2019 के उत्तरांश में दी गई जानकारी अनुसार यह भूमि कालीदास शिक्षा समिति को मात्र शैक्षणिक प्रयोजन हेतु आवंटित की गई और आवंटित भूमि का प्रश्न दिनांक तक पंजीकृत अंतरण लेख तत्समय सम्पादित नहीं किया गया है? (ख) यदि हाँ तो भूमि आवंटन के उपरान्त शिक्षा समिति द्वारा नगर पालिका को कितनी-कितनी धनराशि विभिन्न प्रकार के करों की सैद्धांतिक रुप से वसूली होना थी जो अब तक नहीं की गई है? वसूल की जाने वाली राशि की मदवार जानकारी उपलब्ध कराई जावे। पंजीकृत अंतरण लेख सम्पादित नहीं किये जाने की स्थिति में वर्तमान बाजार मूल्य के मान से मुद्रांक एवं पंजीयन शुल्क की कितनी धनराशि की राजस्व हानि हुई है? बतायें। (ग) प्रश्नांश (ख) में शासन को हुई राजस्व हानि की किस प्रकार से वसूली की जावेगी? बतायें। (घ) क्या यह सही है कि शिक्षा समिति के विरुद्ध विभिन्न स्तर पर की गई शिकायत की जांच के उत्तर में समिति अध्यक्ष द्वारा दिनांक 03.02.2016 को अपने लिखित उत्तर में यह स्वीकार किया गया है कि खुली भूमि को विभिन्न प्रयोजन हेतु मासिक किराये पर दे रखा है? यदि हाँ तो समिति की विगत 15 वर्षों की रिपोर्ट की जानकारी उपलब्ध कराई जावे।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ, कालीदास शिक्षण समिति को यह भूमि मात्र छात्रावास प्रयोजन हेतु आवंटित की गई थी तथा आवंटित भूमि का पंजीकृत अंतरण आज दिनांक तक संपादित नहीं किया गया है। (ख) निकाय द्वारा कालीदास शिक्षण समिति को प्रश्‍नाधीन भूमि छात्रावास प्रयोजन हेतु दिये जाने से किसी प्रकार के कर की वसूली नहीं की गई है वर्तमान में उक्त 4,32,000 वर्गफीट भूमि का बाजार मूल्य 77,08,41,600 है। उप पंजीयक कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार मुद्रांक शुल्क रूपये 4,23,96,288 एवं पंजीयन शुल्क रूपये 2,89,06,560 कुल रूपये 7,13,02,848 होता है। इसमें से 90,000 वर्गफीट पर झुग्गी-झोपड़ी निर्मित हैं जिसके उपरांत शेष भूमि 3,42,000 वर्गफीट का वर्तमान बाजार मूल्य 61,02,60,223 है। उप पंजीयक कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार मुद्रांक शुल्क रूपये 3,35,64,312 एवं पंजीयन शुल्क रूपये 12,58,662 कुल राशि रूपये 3,48,22,974 की राजस्व हानि हुई है। (ग) प्रश्‍नाधीन भूमि पर संचालित पेट्रोल पम्प के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर के समक्ष याचिका क्रमांक 1123/09 नगर पालिका परिषद् नीमच द्वारा प्रस्तुत की गई है, जो वर्तमान में माननीय उच्च न्यायालय में अंतिम सुनवाई हेतु विचाराधीन है तथा अन्य व्यवसाईयों को नगरपालिका नीमच द्वारा सूचना पत्र जारी किये गये हैं जिसके द्वारा माननीय व्यवहार न्यायालय वर्ग-2 नीमच के समक्ष वाद क्रमांक आर.सी.एस.ए. 221 से 218/2019 प्रस्तुत किये गये हैं। माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 14.02.2020 को स्थगन आदेश पारित किया गया है कि 14.02.2020 से तीन माह की अवधि तक विधि की सम्यक प्रक्रिया के बिना कालिदास शिक्षण समिति के स्वामित्व एवं आधिपत्य के जीवाजीराव सिंधिया परिसर में वादीगणों के अधिपत्य में हस्तक्षेप नहीं करें। वर्तमान में इन प्रकरणों में माननीय न्यायालय के समक्ष प्रतिरक्षण की कार्यवाही की जा रही है। माननीय न्यायालय के निर्णय के अध्याधीन प्रकरणों पर आगामी कार्यवाही की जायेगी। (घ) जी हाँ वर्ष 2004-2005 से 2018-2019 तक 15 वर्षों की ऑडिट रिर्पोट की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।


मार्ग निर्माण की प्रशासकीय स्‍वीकृति

[लोक निर्माण]

89. ( क्र. 660 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला रीवा अंतर्गत बहुप्रतीक्षित क्योंटी, जनकहाई मार्ग (पनियारी घाट) का निर्माण माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा के अनुक्रम में किया जाना प्रस्तावित है? (ख) यदि हाँ तो क्या कारण है कि घोषणा के लगभग 03 वर्ष व्यतीत हो जाने के उपरांत भी अभी तक उक्त उल्लेखित घाट का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया जा सका? क्या उक्त मार्ग के निर्माण हेतु कोई समय-सीमा निर्धारित की गई है? (ग) क्या उक्त बहुप्रतीक्षित मार्ग के निर्माण हेतु विभाग द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति आदेश जारी नहीं किये जा सके? यदि हाँ तो कब तक उपरोक्त मार्ग निर्माण के कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जा सकेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) वन विभाग से सैद्धांतिक अनुमति दिनांक 23.07.2020 को प्राप्‍त। वित्‍तीय संसाधन सीमित होने के कारण वर्तमान में स्‍वीकृ‍ति की कार्यवाही नहीं की जा सकी है। अत: निर्माण हेतु समय-सीमा निर्धारित नहीं है। (ग) जी हाँ, प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

कार्यालय भवन के निर्माण कार्य की जानकारी

[राजस्व]

90. ( क्र. 664 ) श्री संजय यादव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन राजस्‍व विभाग के पत्र क्र. आर/293/92/2019/सात-6 भोपाल दिनांक 06/08/2019 द्वारा उप तहसील पिपरिया कलां, तहसील शहपुरा जिला जबलपुर के कार्यालय भवन का निर्माण ग्राम मनकेड़ी में कराये जाने की स्‍वीकृति प्रदान की गयी थी? यदि हाँ तो ग्राम मनकेड़ी में भवन निर्माण में अभी तक कितनी राशि व्‍यय की गई? बतायें। (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) में वर्णित             उप-तहसील भवन निर्माण हेतु जबलपुर कलेक्‍टर द्वारा ग्राम मनकेड़ी में जमीन आवंटित की गई थी? यदि हाँ तो वहां पर भवन निर्माण कार्य कितना हुआ है? (ग) क्‍या ग्राम मनकेड़ी, शहपुरा व बेलखेड़ा का मध्‍य क्षेत्र है? यदि हाँ तो मनकेड़ी में स्‍वीकृत उप तहसील कार्यालय को बेलखेड़ा ले जाने का क्‍या औचित्‍य है? (घ) क्‍या बेलखेड़ा में उप-तहसील भवन निर्माण का कार्य प्रारंभ हो गया है? यदि हाँ तो शासन को हुए नुकसान की जवाबदारी किसकी होगी, बतावें एवं जबावदार अधिकारी व कर्मचारी पर क्‍या कार्यवाही होगी?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जी हाँ। 1,38,485/- (ख) जी हाँ। ले-आउट एवं नीव का कार्य प्रारंभ कर दिया गया था। (ग) जी हाँ, ग्राम मनकेड़ी, शहपुरा व बेलखेड़ा का मध्‍य क्षेत्र है परन्तु ग्राम बेलखेड़ा पिपरिया कला क्षेत्र का 65 गाँवों का केंद्र बिंदु है एवं शहपुरा तहसील की सबसे बड़ी एवं विकसित ग्राम पंचायत है। यहाँ राजस्व निरीक्षक कार्यालय, पुलिस थाना, दो राष्ट्रीयकृत बैंक एवं विद्युत विभाग के कार्यालय स्थित हैं तथा वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हेतु भूमि का आवंटन किया जा चुका है। उप तहसील में आने वाले किसान, क्षेत्रीय जन शासकीय कार्य के साथ बाजार से संबंधित कार्य भी कर सकते हैं। (घ) ग्राम बेलखेड़ा में उप तहसील भवन निर्माण का कार्य प्रारम्भ नहीं हुआ है। शासन को कोई नुकसान नहीं हुआ है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

जल प्रदाय योजना की डी.पी.आर. की निविदा

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

91. ( क्र. 665 ) श्री संजय यादव : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बरगी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत शहपुरा जल प्रदाय योजना की डी.पी.आर. की निविदा आमंत्रि‍त की गई थी? यदि हाँ, तो डी.पी.आर. की निविदा आज दिनांक तक जारी क्‍यों नहीं की जा सकी? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में निविदा कब तक जारी की जावेगी एवं डी.पी.आर. कब तक तैयार की जा सकेगी व सर्वे कार्य कब तक प्रारंभ होगा? (ग) उपरोक्‍त योजना में कौन-कौन से गाँव लाभान्वित होंगे? सूची उपलब्‍ध करायें। (घ) प्रश्नांश (क) में वर्णित योजना द्वारा शहपुरा व जबलपुर के नागरिकों को माँ नर्मदा का पानी कब तक मिलेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ। निविदा जारी की जा चुकी है। (ख) योजना हेतु निविदा जारी की जा चुकी है एवं डी.पी.आर. तैयार करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, सर्वे कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।             (घ) निश्चित समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

तालाब के कैचमेंट एरिया में अतिक्रमण

[नगरीय विकास एवं आवास]

92. ( क्र. 668 ) श्रीमती कृष्णा गौर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल के बड़े तालाब के कैचमेंट एरिया एवं फुल टेंक लेवल (FTL) क्षेत्र में दिनांक 01/01/2019 से प्रश्‍न दिनांक तक अतिक्रमण हटाने की कब-कब कार्यवाही की गई? तिथिवार विवरण सहित बताया जाये। (ख) प्रश्‍नांकित क्षेत्र में प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में कितने अतिक्रमण है? क्षेत्रवार, संख्‍यावार अतिक्रमणकारियों की सूची सहित बताया जाये? (ग) प्रश्नांश (ख) उल्‍लेखित अतिक्रमण को हटाकर प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित क्षेत्र को कब तक अतिक्रमण मुक्‍त कर दिया जायेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी संकलित की जा रही है।

यूनियन कार्बाइड फैक्‍ट्री में जहरीले कचरे का विनिष्‍टीकरण

[भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास]

93. ( क्र. 669 ) श्रीमती कृष्णा गौर : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या यूनियन कार्बाईड फैक्‍ट्री भोपाल में प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में जहरीले कचरे रखे हुये है? यदि हाँ तो उनके नाम एवं मात्रा, जहरीले होने की तीव्रता सहित बताया जाये। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित जहरीले कचरे को निपटाने के लिये दिनांक 1/1/2018 से अब तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित कचरे का निपटान कहाँ पर कब तक कर दिया जायेगा? विवरण सहित बताया जाये।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। परिसर में संधारित जहरीले कचरे का नाम, मात्रा एवं केटेगिरी निम्नानुसार है :-

S. No.

Hazardous Waste

Category No.

Quantity

1.

Sevin and Naphthol Residue

29.1

95.00 MT

2.

Reactor Residue

29.1

30.00 MT

3.

Semi Processed Pesticieds

29.1 & 29.3

56.00 MT

4.

Excavated Waste

29.1

165.00 MT

                                    Total

346.00 MT

346 मेट्रिक टन में से 10 मेट्रिक टन केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नई दिल्ली द्वारा अगस्त-2015 में टी.एस.डी.एफ., पीथमपुर, जिला-धार में माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली के निर्देश के अनुक्रम में सफलतापूर्वक ट्रायल रन कर विनिष्टीकरण किया गया है। (ख) राज्य शासन द्वारा भारत सरकार से समय-समय पर पत्र के माध्यम से अनुरोध किया गया कि शेष बचे 336 मेट्रिक टन का निष्पादन केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नई दिल्ली के नियंत्रण में कराया जाए। राज्य शासन कानून व्यवस्था, मीडिया मेनेजमेन्ट, अशासकीय संगठनों के साथ समन्वय की जिम्मेदारी वहन करेगा। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में उक्त कचरे के निपटान का स्थान एवं समय-सीमा बतलाया जाना संभव नहीं है।

फलदार वृक्षों की कटाई पर कार्यवाही

[राजस्व]

94. ( क्र. 673 ) श्री जालम सिंह पटैल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा कलेक्‍टर नरसिंहपुर को दिए गए पत्र क्रं. जेएसपी/एनएसपी/5013 दिनांक 13.02.2020 पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) क्‍या जिला नरसिंहपुर के तह. गोटेगाँव के ग्राम पंचायत इमलिया में अरविंद पटेल ने अपने स्‍वार्थ हेतु 70 वर्ष पुराने फलदार वृक्षों को कटवा दिये? यदि हाँ तो क्‍या इसकी अनुमति शासन से ली गयी है? यदि अनुमति नहीं ली है तो क्‍या कार्यवाही की गयी? यदि नहीं, तो कब तक की जावेगी? (ग) फलदार वृक्ष बिना अनुमति के काटने पर दोषी पर क्‍या कार्यवाही, किस धारा के तहत की जाती है?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : () प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा कलेक्‍टर नरसिंहपुर को दिए गये पत्र अनुसार न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व गोटेगाँव में प्रकरण क्रमांक                11/ब-121 वर्ष 2020-21 दर्ज किया गया। (ख) जी हाँ। 01 जामुन का वृक्ष मौके पर नहीं पाया गया। वृक्ष उखाड़ने या काटने के संबंध में प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली गई। अनावेदक के विरूद्ध म.प्र. भू संहिता 1959 की धारा 253 (1) के तहत रूपये 5000/- (रूपये पाँच हजार) का अर्थदण्‍ड अधिरोपित किया गया है। (ग) संहिता के अध्‍याय 18 अथवा उसके अधीन बनाये गये नियमों के उपबंधों के उल्‍लंघन हेतु धारा 253 में दण्‍ड के प्रावधान है।

गेहूँ एवं चना उपार्जन हेतु ट्रांसपोर्ट मेपिंग

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

95. ( क्र. 674 ) श्री जालम सिंह पटैल : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) जिला नरसिंहपुर में गेहूँ, चना उपार्जन 2020-21 में ट्रांसपोर्ट मेपिंग का स्‍तर क्‍या है? बिन्‍दुवार कहाँ से कहाँ ट्रांन्‍सपोर्ट हुआ है? (ख) क्‍या ट्रांसपोर्टरों को लाभ पहुँचाने के उद्देश्‍य से ट्रांसपोर्ट की मेपिंग कराई गई है? यदि हाँ, तो इसके लिये दोषी कौन है? (ग) क्‍या जानबूझकर नजदीक के गोदाम को छोड़कर अधिक दूरी के गोदाम में अनाज का भण्‍डारण कराया गया है? क्‍या जानबूझकर रेक पॉईंट से दूर अनाज का भंडारण कराया गया है? (घ) क्‍या पूर्व से अनाज भंडारण रख-रखाव, प्रबंधन, संचालन एवं अन्‍य अनियमितताओं को लेकर जिला स्‍तर के अधिकारियों की शिकायतें ई.ओ.डब्‍ल्‍यू. एवं विभाग में की गई है? यदि हाँ, तो जांच के क्‍या परिणाम आये? जानकारी दें।

खाद्य मंत्री ( श्री बिसाहूलाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

सड़कों एवं पुलों के कार्य की स्थिति

[लोक निर्माण]

96. ( क्र. 677 ) श्री देवेन्‍द्र सिंह पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सितम्‍बर 2020 की स्थिति में रायसेन जिले में स्‍वीकृत राष्‍ट्रीय राजमार्ग 12 तथा अन्‍य            किन-किन सड़कों तथा पुलों का कार्य अपूर्ण तथा अप्रारंभ है, क्‍यों? एजेंसीवार कारण बतायें उक्‍त कार्य कब तक पूर्ण होंगे? (ख) प्रश्नांश (क) की किन-किन सड़कों एवं पुलों में वन विभाग की अनुमति की आवश्‍यकता है? वन विभाग से अनुमति प्राप्‍त करने हेतु आज दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? सड़क एवं पुलवार विवरण दें। कब तक अनुमति प्राप्‍त होगी? (ग) प्रश्नांश (क) की किन-किन सड़कों एवं पुलों में विद्युत तार एवं ट्रांसफार्मर हटवाने की समस्‍या है? संबंधित विभाग से अनुमति प्राप्‍त करने हेतु आज दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? सड़क एवं पुलवार विवरण दें। (घ) प्रश्नांश (क) की किन-किन सड़कों एवं पुलों में अनियमितता तथा गुणवत्‍तापूर्ण काम न करने की किन-किन माध्‍यमों से 1 जनवरी 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक शिकायतें प्राप्‍त हुई तथा उन पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) से (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है।

खाद्यान्‍न का समर्थन मूल्‍य पर क्रय

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

97. ( क्र. 678 ) श्री देवेन्‍द्र सिंह पटेल : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) रायसेन जिले में वर्ष 2018-19 से सितम्‍बर 20 तक की अवधि में समर्थन मूल्‍य पर क्रय धान, चना, गेहूँ खरीदी का कितने किसानों को कितनी राशि का भुगतान बकाया है तथा क्‍यों? कारण बतायें। (ख) उक्‍त किसानों को राशि का भुगतान क्‍यों नहीं किया जा रहा है तथा किसानों को बकाया राशि का भुगतान कब तक कर दिया जायेगा? (ग) प्रश्नांश (क) के किसानों को राशि के भुगतान के संबंध में रायसेन जिले के किन-किन सांसद/विधायकों के पत्र मान. मंत्री जी तथा विभाग के अधिकारियों को कब-कब प्राप्‍त हुए? उक्‍त पत्रों पर आज दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) सांसद/विधायकों से प्राप्‍त पत्रों पर की गई कार्यवाही से संबंधित सांसद/विधायकों को कब-कब अवगत कराया गया?

खाद्य मंत्री ( श्री बिसाहूलाल सिंह ) : (क) रायसेन जिले में वर्ष 2018-19 से सितम्‍बर, 2020 तक की अवधि में उपार्जित गेहूँ, चना एवं धान के बकाया भुगतान के संबंध में स्थिति संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) किसानों की शेष राशि के भुगतान के संबंध में कारणों का उल्‍लेख प्रश्नांश (क) के अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (क) के किसानों को राशि के भुगतान के संबंध में विधानसभा क्षेत्र 143 सिलवानी के माननीय विधायक श्री रामपाल सिंह के पत्र दिनांक 24.10.2019, 13.12.2019 एवं 25.08.2020 को प्राप्‍त हुए हैं। पत्रों पर उपार्जन एजेन्‍सी तथा जिला केन्‍द्रीय सहकारी बैंक रायसेन के स्‍तर पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (घ) माननीय विधायक महोदय से प्राप्‍त पत्रों पर की गई कार्यवाही से माननीय विधायक दिनांक 29.11.2019, 03.01.2020 एवं 05.09.2020 को अवगत कराया गया।

परिशिष्ट - "अठारह"

समूह जलप्रदाय योजना की स्‍वीकृति‍

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

98. ( क्र. 681 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01 जनवरी, 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक आर.ई.डी.एफ. अंतर्गत नाबार्ड बैंक के वित्तीय सहयोग से प्रदेश के किस-किस जिले में कितनी समूह जलप्रदाय योजनाएं स्वीकृत की गई हैं? प्रत्येक की लागत सहित जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) क्या उक्त योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु निविदा जारी की जा चुकी है? यदि हाँ तो निविदा कब और किस-किस समाचार पत्र में प्रकाशित की गई? (ग) क्या उपरोक्त निविदा कार्यवाही पूर्ण हो चुकी है? प्रत्येक समूह जलप्रदाय योजना में किस-किस फर्म या कंपनी या ठेकेदार को किस दर पर कार्य दिया गया है? (घ) क्या कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं? यदि हाँ तो कार्य कब से प्रारम्भ करवाये जाएंगे और कब तक पूर्ण किये जायेंगे?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) से (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "उन्नीस"

ग्रामोदय से भारत उदय अभियान में अपात्र किये गये परिवारों की जानकारी

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

99. ( क्र. 682 ) श्री तरबर सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                    (क) प्रश्‍नकर्ता विधानसभा क्षेत्र बण्डा में ऐसे कितने परिवार हैं जो वर्ष 2016 में ग्रामोदय से भारत उदय अभियान के तहत संबंधित अधिकारियों की लापरवाही से प्रक्रिया का पालन किये बिना एवं गलत तरीके से हटा दिये गये थे? गलत तरीक से हटाये गये कितने परिवारों को पुनः जोड़ा गया? (ख) लापरवाही करने वाले संबंधित अधिकारियों पर क्या कार्यवाही की गई? बिन्दुवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) वर्ष 2019 से प्रश्न दिनांक तक गरीबी रेखा में नाम जोड़ने हेतु कितने आवेदन प्राप्त हुये और कितने हितग्राहियों को गरीबी रेखा के परमिट जारी किये गये कितने को नहीं? जारी नहीं किये जाने का कारण सहित जारी किये गये और जारी नहीं किये गये हितग्राहियों की सूची नामवार ग्रामवार उपलब्ध करायें।

खाद्य मंत्री ( श्री बिसाहूलाल सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

राजस्‍व अभिलेख का कम्‍प्‍यूटराईजेशन

[राजस्व]

100. ( क्र. 683 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजस्‍व अभिलेख जमीन की नक्‍शा, खसरा बी.-1 आदि का कम्‍प्‍यूटीकरण कब हुआ है? कार्य प्रारंभ कब हुआ? कार्य विभागीय हुआ या ठेकेदारी से हुआ? कार्य कब पूर्ण हुआ? प्रारंभ में कार्य हेतु अनुमानित लागत हेतु कितनी राशि आवंटित थी? कार्य पूर्ण के समय कितना राशि व्‍यय हुई?                (ख) क्‍या कृषकों के मूल अभिलेख की कम्‍प्‍यूटराईजेशन में दर्ज किए गए सभी रिकार्ड सही है? अगर हाँ तो बतावें। कृषक राजकुमार दुबे ग्राम बटमई रा.नि.ग. कंटनिया जिला डिण्‍डौरी के जमीन में उसका नाम क्‍यों नहीं है? अगर नहीं तो बतावें कि कम्‍प्‍यूटर में सही नाम नहीं लिखने का दोषी कौन है? कृषकों को क्‍यों परेशान किया जा रहा है?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) भू-अभिलेख कम्प्यूटरीकरण योजना के अन्तर्गत राजस्व अभिलेख जमीन की खसरा, बी-1 आदि का कम्प्यूटरीकरण कार्य हेतु यह योजना वर्ष        1987-88 से प्रारम्भ की गई थी। यह कार्य निविदा के आधार पर चयनित कम्पनियों के वेण्डरों से कराया गया था, जो वर्ष 1999-2000 में पूर्ण करा लिया गया। उक्त योजना हेतु भारत सरकार द्वारा अनुमानित रू. 3774.71 लाख की राशि स्वीकृत की गई थी, जिसका पूर्ण व्यय कर लिया गया है वर्ष 2008-09 में भूमि के नक्शों का कार्य प्रारम्भ किया गया जो 99% पूर्ण कर लिया गया है। जिस पर अनुमानित राशि रू. 1198.186 लाख का आवंटन प्राप्त हुआ था, जिसका पूर्ण व्यय कर लिया गया है। (ख) जी हाँ। राजकुमार दुबे का नाम खसरा के कालम नं. 03 में वेब जी.आई.एस. सॉफ्टवेयर के तकनीकी त्रुटि के कारण दर्ज नहीं था। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व डिण्डोरी के राजस्व प्रकरण क्र. 0078 (अ-6-अ) 2020-21 आदेश दिनांक 10.09.2020 के अनुसार सुधार कर लिया गया है।

राशन कार्ड एवं पात्रता पर्ची की जानकारी

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

101. ( क्र. 684 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) किस-किस प्रकार के राशन कार्ड प्रदान करने के नियम है? कौन-कौन से हितग्राहियों को               कौन-कौन सा राशन कार्ड दिया जाता है? जिसमें से कितने हितग्राहियों को राशन कार्ड दिया गया है तथा कितने हितग्राहियों को राशन कार्ड नहीं दिया गया? जिलेवार, संख्‍यावार जानकारी दें।                  (ख) किस-किस प्रकार के पात्रता पर्ची जारी करने की नियम हैं? कौन-कौन से हितग्राहियों को            कब-कब पात्रता पर्ची जारी की गयी? जिलेवार, संख्‍यावार जानकारी दें। (ग) कितने ऐसे हितग्राही हैं जिन्‍हें राशन कार्ड व पात्रता पर्ची नहीं मिली है? उन्‍हें राशन देने की क्‍या व्‍यवस्‍था है एवं उनकी संख्‍या कितनी है? जिलेवार जानकारी दें।

खाद्य मंत्री ( श्री बिसाहूलाल सिंह ) : (क) राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 अंतर्गत 02 पात्रता श्रेणियां प्राथमिकता परिवार श्रेणी तथा अंत्‍योदय अन्‍न योजना श्रेणी निर्धारित है। राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 अंतर्गत प्रदेश में ए.ए.वाय. सहित 25 पात्रता श्रेणियों में सम्मिलित आवेदकों का उनके पात्रता संबंधी वैध दस्‍तावेज के आधार पर स्‍थानीय निकाय द्वारा पोर्टल पर सत्‍यापन किया जाता है, सत्‍यापन पश्‍चात जिला खाद्य कार्यालय द्वारा उनको स्‍वीकृत किया जाता है। इसके उपरांत भारत सरकार द्वारा निर्धारित जनसंख्‍या सीमा के भीतर पात्र आवेदकों की पात्रता पर्ची जारी की जाती है। जिलों द्वारा स्‍वीकृत समस्‍त शेष पात्र आवेदकों को माह सितम्‍बर 2020 में पात्रता पर्ची जारी की गयी है। जिलेवार जारी पात्रता पर्ची की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट पर दर्शित है। (ख) नवीन पात्र परिवारों को जोड़ा जाना एवं अपात्र परिवारों का विलोपन एक सतत प्रक्रिया है। शेष जानकारी प्रश्‍नांश '' अनुसार है। (ग) राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 अंतर्गत वैध पात्रता पर्चीधारी आवेदकों को राशन वितरण किये जाने का प्रावधान है। प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर अनुसार शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "बीस"

प्रदेश में निजी बसों का संचालन

[परिवहन]

102. ( क्र. 687 ) श्री कुणाल चौधरी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) प्रदेश में निजी यात्री बसें जो प्रदेश के अन्‍दर मार्च के प्रथम सप्‍ताह में परमिट प्राप्‍त कर चल रही थी, कुल संख्‍या तथा जिलेवार संख्‍या बतावें तथा अंतर्राज्‍यीय परमिट सुदा बसों की संख्‍या जिलेवार बतायें। (ख) उपरोक्‍त दोनों प्रकार की बसें किस दिनांक से किस दिनांक तक बंद रही? इसका कारण क्‍या है? इन सारी बसों से प्रतिदिन यात्रा करने वाली अनुमानित संख्‍या बतावें तथा उक्‍त सारी बसों की फरवरी माह तथा मार्च माह की टैक्‍स की राशि बतायें। (ग) उक्‍त सारी बसों के न चलने के कारण क्‍या हैं? इनके टैक्‍स माफ करने की मांग किस माह तक की है? इस अनुसार कुल टैक्‍स राशि अनुमानित क्‍या है? सरकार टैक्‍स माफ क्‍यों नहीं कर रही है? (घ) क्‍या बसों के बंद होने से कुल मिलाकर प्रतिदिन 30 लाख यात्री के मान से जनता पिछले पांच माह से परेशान हैं? यदि हाँ तो मंत्री जी को निजी जिम्‍मेदारी मानकर त्‍याग-पत्र नहीं देना चाहिये?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

त्रिकुट काढ़े के विज्ञापन व वितरण की जानकारी

[आयुष]

103. ( क्र. 688 ) श्री कुणाल चौधरी : क्या राज्यमंत्री, आयुष महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) त्रिकुट काढ़े हेतु कितनी राशि के विज्ञापन दिये गये? क्‍या विज्ञापन में यह लिखा था कि रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाओ/कोरोना भगाओ? यदि हाँ तो बतावें कि क्‍या त्रिकुट काढ़ा कोरोना की दवा है? यदि नहीं, तो भ्रामक विज्ञापन के कौन-कौन जिम्‍मेदार है? (ख) इंदौर कलेक्‍टर ने किस कानून के तहत 22 मई 2020 को पत्र क्रमांक 549/PA/2020 के तहत पतांजली रिर्सच फाउंडेशन ट्रस्‍ट को (कन्‍ट्रोल क्‍लीनिकल ट्रायल) कोविड 19 के मरीज पर करने की अनुमति दी? क्‍या यह मुख्‍यमंत्री के कहने पर दी गई? (ग) क्‍या त्रिकुट काढ़े की आयुष मंत्रालय से एप्रुवल प्राप्‍त हुई है? क्‍या यह कोरोना भगाने में सफल है? ऐसा ड्रग ट्रायल्‍स किया गया है? विज्ञापन में जो अन्‍य सामान्‍य उपाय बताये गये हैं, उसका रिसर्च कब और कहाँ किया गया है? (घ) बिना एप्रुवल की दवा बांटने, भ्रामक विज्ञापन देने, बिना किसी रिसर्च के अन्‍य कोविड-19 को भगाने के उपाय बताना क्‍या गंभीर अपराध नहीं है? जिम्‍मेदारों पर क्‍या कार्यवाही होगी?

राज्यमंत्री, आयुष ( श्री रामकिशोर (नानो) कावरे ) : (क) आयुष विभाग द्वारा विज्ञापन में राशि              रू. 29,75,895 का व्यय किया गया है। जी हाँ। जी नहीं। विज्ञापन स्पष्ट है। अतः कोई जिम्मेदार नहीं है। (ख) जिला प्रशासन इंदौर से प्राप्त जानकारी के अनुसार पतंजली का काढ़ा बटवाकर किसी प्रकार का ड्रग ट्रायल करने की अनुमति नहीं दी गई। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) भारत सरकार की प्रथम एडवाईजरी दिनांक 29.01.2020 अनुसार। जी नहीं, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। कोई ड्रग ट्रायल नहीं। सामान्य उपाय भारत सरकार, आयुष मंत्रालय की एडवाईजरी अनुरूप है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) उत्तरांश (ग) के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

लॉकडाउन में प्रवासी श्रमिकों को ले जाने वाली बसों की जानकारी

[परिवहन]

104. ( क्र. 692 ) श्री जितू पटवारी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                 (क) क्‍या लॉकडाउन अवधि में 150 करोड़ खर्च कर प्रवासी श्रमिकों को लाने तथा अन्‍य राज्‍य के प्रवासी श्रमिकों को भेजने के लिये 27 हजार बसें लगाई गई? (ख) प्रश्नांश (क) उत्‍तर यदि हाँ तो उक्‍त दस्‍तावेजों की प्रति देवें जिसके आधार पर खर्च तथा बसों की संख्‍या की गणना की गई?            (ग) क्‍या गरोठ से भाजपा विधायक देवीलाल धाकड़ ने 4 जून को व्‍यक्तिगत रूप से मुख्‍यमंत्री को फाइल देकर प्रवासी श्रमिकों की बसों में लाखों के भ्रष्‍टाचार की शिकायत की थी? यदि हाँ तो उस शिकायत की प्रति देवें तथा शिकायत पर की गई कार्यवाही बतावें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) की शिकायत के एक माह बाद भी संबंधित परिवहन अधिकारी पर कोई कार्यवाही क्‍यों नहीं हुई? क्‍या प्रवासी श्रमिकों के परिवहन के नाम पर 150 करोड़ का भ्रष्‍टाचार हुआ?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

ग्रामों में पेयजल का प्रदाय

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

105. ( क्र. 695 ) श्री शरदेन्दु तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी जिले की चुरहट विधानसभा में सभी ग्रामों में पीने का पानी पहुंचाने हेतु जल निगम या विभाग की क्‍या योजना है? जानकारी दें। यदि नहीं, तो कब तक यह योजना बना ली जाएगी? (ख) समूह नल-जल योजना हेतु क्‍या कोई सर्वे किया गया है? यदि हाँ तो कब इसे कब तक लागू किया जाएगा? (ग) केन्‍द्र सरकार द्वारा हर घर तक पीने का पानी पहुंचाने की योजना को क्‍या सीधी जिले की चुरहट विधानसभा के लिए प्रस्‍तावित किया गया है? इसमें कितने प्रतिशत योगदान केन्‍द्र का एवं कितने प्रतिशत राज्‍य सरकार का है एवं इसे कब तक प्रारंभ किया जाएगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ, जल जीवन मिशन अन्तर्गत सीधी जिले के चुरहट विधानसभा क्षेत्र के हर घर तक पीने का पानी पहुंचाने हेतु समूह जलप्रदाय योजना बनाये जाने के लिये जल निगम ने प्रारंभिक प्रस्ताव तैयार किया है, डी.पी.आर. बनाने हेतु निविदा की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं तथापि उत्तरांश (क) अनुसार डी.पी.आर. बनाये जाने की प्रक्रिया में सर्वेक्षण कार्य भी किया जायेगा। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। शासन द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली राशि में 50 प्रतिशत केन्द्र सरकार एवं 50 प्रतिशत राज्य सरकार का योगदान होगा। योजना प्रारंभ किये जाने की निश्चित समय-सीमा बतायी जाना संभव नहीं है।

राष्‍ट्रीय राजमार्ग की जानकारी

[लोक निर्माण]

106. ( क्र. 696 ) श्री शरदेन्दु तिवारी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा से शहडोल वाया गोविंदगढ़ जाने वाला राष्‍ट्रीय राजमार्ग अत्‍यंत खराब स्थिति में है, जिस कारण दुर्घटनाएं होती रहती हैं, यह मार्ग कब तक बना लिया जाएगा? (ख) उक्‍त मार्ग में पड़ने वाली छुहिया घाटी में सड़क के मेंटेनेन्‍स हेतु पिछले 03 वर्षों से कितनी राशि दी गई है एवं उसके बाद भी इस मार्ग की हालत क्‍यों खराब है एवं कब तक इसे ठीक कर लिया जाएगा? (ग) उक्‍त राष्‍ट्रीय राजमार्ग में बन रहे रेलवे ब्रिज की जगह पर यातायात निकलने के लिये किस तरह के बायपास के प्रावधान निविदा में किये गये थे? साथ ही यह भी बताएं कि विभाग द्वारा अनापत्ति प्रमाण-पत्र किन शर्तों पर दिया गया था? क्‍या उक्‍त प्रावधानों का पालन न होने पर राष्‍ट्रीय राजमार्ग ने कोई कार्यवाही संबंधित ठेकेदार के विरूद्ध की है? यदि हाँ तो क्‍या? यदि नहीं, तो कब तक कार्यवाही हो जाएगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) रीवा शहडोल मार्ग को डी.बी.एफ.ओ.टी. योजनांतर्गत प्रस्‍तावित कर सर्वे एवं डी.पी.आर. तैयार करवाया जा रहा है। अत: मार्ग निर्माण की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) रेल्‍वे ब्रिज का कार्य प्रमुख अभियंता के अ‍धीन सेतु परिक्षेत्र के द्वारा क्रियान्वित किया गया है। रेल्वे ब्रिज की जगह पर यातायात निकलने हेतु निविदा में बी.टी. रोड का प्रावधान किया गया था। दिनांक 27.11.2015 को प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग मध्यप्रदेश की अध्यक्षता में बैठक के दौरान एवं तकनीकी सलाहकार एम.पी.आर.डी.सी. की उपस्थिति में निर्णय लिया गया था कि राजमार्ग में उच्च स्तरीय पुल/सी.डी. स्ट्रक्चर का निर्माण ब्रिज ज़ोन के अंतर्गत किया जावेगा। इसी निर्देश के परिपालन में उक्त मार्ग पर रेल्वे ओवर ब्रिज का कार्य प्रस्तावित किया गया था। उक्त आर.ओ.बी. निर्माण में शर्तों के औचित्य का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। जी नहीं। कार्यवाही का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। राज्‍य शासन के भाग का रेल्‍वे ओव्‍हर ब्रिज का निर्माण कार्य मार्च 2020 में पूर्ण किया जा चुका है एवं रेल्वे पोर्सन में रेल्वे विभाग द्वारा तीन स्लैब में से दो पूर्ण किया जा चुके हैं। तीसरे स्‍लैब का कार्य प्रगति पर है।

परिशिष्ट - "इक्कीस"

पंचायत की शासकीय भूमि का विक्रय

[राजस्व]

107. ( क्र. 697 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                     (क) गुना जिले की जनपद पंचायत चांचौड़ा स्थित शासकीय भूमि मानक 91/1 रकबा 0.073 है जो कि जनपद पंचायत चांचौड़ा के स्‍वामित्‍व की है। कतिपय लोगों द्वारा कब्‍जा कर फर्जी नक्‍शा तैयार कर विक्रय करने के संबंध में वर्ष 2019 में कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) चांचौड़ा जनसुनवाई में आवक क्रमांक 51 दिनांक 09/07/2019 को शिकायत प्राप्‍त हुई थी? (ख) यदि हाँ तो क्‍या शिकायत की प्रथम दृष्‍टया जांच में पटवारी को दोषी पाये जाने पर निलंबित किया गया था एवं न्‍यायालय तहसीलदार परगना चांचौड़ा ने उक्‍त शासकीय भूमि की कूटरचित नक्‍शे के आधार पर कूटरचित दस्‍तावेज तैयार करने एवं र‍जिस्‍ट्रर्ड विक्रय पत्र का निष्‍पादन करने वाले दोषी व्‍यक्तियों के विरूद्ध पुलिस थाना चांचौड़ा में एफ.आई.आर. दर्ज कराने के निर्देश दिनांक 20/07/2019 को दिये थे? (ग) यदि हाँ तो संबंधित दोषियों के विरूद्ध प्रश्‍न दिनांक तक आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध नहीं कराये जाने के लिये कौन-कौन दोषी है और उनके विरूद्ध क्‍या विधिसम्‍मत कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जी हाँ। (ख) उक्‍त शिकायत की जांच में प्रथम दृष्‍टया पटवारी दोषी नहीं पाये जाने से निलंबन की कार्यवाही नहीं की गई थी। न्‍यायालय तहसीलदार परगना चांचौड़ा ने कस्‍बा चांचौड़ा स्थित शासकीय भूमि की कूटरचि‍त नक्‍शे के आधार पर कूटरचित दस्‍तावेज तैयार करने एवं रजिस्‍ट्रर्ड विक्रय पत्र का निष्‍पादन करने वाले दोषी व्‍यक्तियों के विरूद्ध पुलिस थाना चांचौड़ा में एफ.आर.आई.दर्ज कराने के निर्देश कार्यालयीन पत्र क्रमांक/933/2019 दिनांक 30/07/2019 से पुलिस थाना चांचौड़ा को दिये थे। (ग) दोषियों के विरूद्ध पुलिस थाना चांचौड़ा में एफ.आई.आर. क्रमांक 0293 दिनांक 28-06-2020 को दर्ज की गई है। शेष प्रश्‍नांश उद्भूत नहीं होता।

नियम विरूद्ध राजपत्रित अधिकारी की नियुक्ति

[परिवहन]

108. ( क्र. 701 ) श्री पाँचीलाल मेड़ा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) क्‍या परिवहन आयुक्‍त म.प्र. के शीघ्रलेखक ग्रेड-1 वरिष्‍ठ वेतनमान का पद जो तृतीय श्रेणी (लिपिक वर्ग की सेवा) भर्ती नियम की अनुसूची-1 से हटाकर 12 सितम्‍बर 2019 को राजपत्रित सेवा भर्ती नियम 2011 में नियम विरूद्ध अनुसूची-1 में सम्मिलित किया गया है? यदि हाँ तो क्‍या इस पद पर भर्ती/पदोन्‍नति लोक सेवा आयोग के माध्‍यम से की जाती है? यदि नहीं, तो शीघ्रलेखक                वर्ग-1 के पद को लिपिक वर्गीय सेवा से हटाकर राजपत्रित सेवा भर्ती नियम में सम्मिलित करने का क्‍या कारण हैं? (ख) क्‍या परिवहन विभाग के अधिकारियों एवं सामान्‍य प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने सामान्‍य प्रशासन मंत्री के प्रशासकीय अनुमोदन के बिना अधिकारी स्‍तर पर सहमति प्राप्‍त की गई हैं? यदि नहीं, तो क्‍यों? क्‍या विभाग 12 सितम्‍बर 2019 के राजपत्र में किये गये संशोधन को निरस्‍त करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या परिवहन विभाग में कार्यरत आयुक्‍त के शीघ्रलेखक सत्‍यप्रकाश शर्मा को आर.टी.ओ. बनाने के लिए पड़यंत्र कर आर.टी.ओ. बनाने की तैयारी की जा रही हैं? यदि हाँ तो क्‍यों? (घ) क्‍या प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित दिनांक 12 सितम्‍बर 2019 में किये गये संशोधन के विरूद्ध सामान्‍य प्रशासन विभाग एवं परिवहन विभाग में शिकायत की गई थी? यदि हाँ तो शिकायतों पर क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? क्‍या इस प्रकरण की उच्‍च स्‍तरीय जांच करायी जायेगी? यदि नियम विपरीत लाभ देकर आर.टी.ओ. बनाने का प्रयास है? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) से (घ) प्रकरण के संबंध में जांच की जा रही है। जांच उपरान्‍त, जांच निष्‍कर्ष के आधार पर विधि सम्‍मत आगामी कार्यवाही की जावेगी।

पट्टे की भूमि का विक्रय

 [राजस्व]

109. ( क्र. 704 ) श्रीमती लीना संजय जैन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला विदिशा, तहसील बासौदा के ग्राम गुलावरी में प्राचीन एवं सार्वजनिक तालाब हैं जो मिल्कियत सरकार के नाम से संवत 2009 में दर्ज था और आराजी क्र. 447 लगायत 467 तक फैला हुआ था? यदि हाँ तो इस तालाब भूमि के पट्टे किन-किन लोगों के नाम कितनी-कितनी भूमि के कब-कब, किस-किस आधार पर किये गये? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) के उत्‍तर में वर्णित पट्टेधारियों द्वारा उक्‍त पट्टे की भूमि को विक्रय कर दिया गया है? यदि हाँ तो क्‍या इन लोगों को उक्‍त पट्टा भूमि को बेचने का अधिकार था? यदि हाँ तो आधार बतायें। (ग) यदि पट्टा भूमि बेचने का अधिकार नहीं था तो क्‍या शासन उपरोक्‍त पट्टे एवं विक्रय पत्र व नामांतरण निरस्‍त करने की कार्यवाही करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) क्‍या तत्‍कालीन तहसीलदार बासौदा द्वारा दिनांक 14.07.2014 की इश्‍तहार जारी कर इस तालाब को सार्वजनिक हित में निस्‍तार हेतु भू-अभिलेख में दर्ज कराने हेतु सूचना निकाली थी? यदि हाँ तो आगे क्‍या कार्यवाही हुई?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) संवत 2009 के अभिलेख का शोध करने पर अभिलेख उपलब्ध नहीं हो पाया, किंतु अधिकार अभिलेख वर्ष 1959-60 के अनुसार जिला विदिशा की तहसील बासौदा के ग्राम गुलावरी के खसरा क्रमांक 447 लगायत 467 कुल रकबा 14.516 हेक्टर भूमि दरयाव पुत्र बुलाखी के नाम भूमि स्वामी हक में दर्ज है। इस भूमि को पट्टे पर दिए जाने का कोई लेख नहीं है। वर्ष 1998 से वर्तमान तक के खसरे के कॉलम नंबर 10 में इस भूमि पर तालाब दर्ज है।        (ख) प्रश्नांश (क) के क्रम में इस भूमि पर पट्टे दिए जाने का लेख नहीं होने से प्रश्नांश (ख) उत्पन्न ही नहीं होता। (ग) प्रश्नांश (क) की भूमि, भूमि स्वामी हक में दर्ज होने से प्रश्नांश (ग) के अनुसार कार्यवाही करने की आवश्यकता नहीं है। (घ) तत्कालीन तहसीलदार द्वारा प्रकरण क्रमांक 54/अ-74/2013-14 दिनांक 14.07.2014 से प्रश्नांश (क) में वर्णित भूमि को सार्वजनिक तालाब अभिलिखित करने हेतु इश्तहार जारी किया गया था, किंतु तत्कालीन तहसीलदार द्वारा दिनांक 19.02.2015 को उपरोक्त प्रकरण को कोई कार्यवाही न करने योग्य पाकर प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।

पात्र परिवारों को खाद्यान्‍न वितरण

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

110. ( क्र. 706 ) श्री तरबर सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर जिले में NFSA के पात्र परिवारों को कितना अतिरिक्‍त खाद्यान्‍न, दालें दी गईं? इनके अलावा बिना राशनकार्ड वाले उपभोक्‍ताओं को कितना खाद्यान्‍न, दालें दी गईं, उनकी सूची मात्रा सहित देवें। विधान सभावार बतावें। (ख) बंडा विधान सभा क्षेत्र में दिनांक 01.04.2020 से 25.08.2020 तक NFSA एवं इसके अतिरिक्‍त कितने परिवारों को खाद्यान्‍न, दालें या तैयार भोजन दिया गया? माहवार, पूरी जानकारी पृथक-पृथक देवें। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार अवधि में विभाग से संबंधित कितनी शिकायतें सी.एम. हेल्‍पलाइन/सी.एम. कार्यालय सागर जिला मुख्‍यालय पर प्राप्‍त हुईं? उनके निराकरण के लिये की गई कार्यवाही की जानकारी भी देवें।

खाद्य मंत्री ( श्री बिसाहूलाल सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

खाद्यान्‍न वितरण की जानकारी

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

111. ( क्र. 707 ) श्री बाला बच्चन : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) दिनांक 01.04.2020 से 25.08.2020 तक प्रदेश में कितने गैर राशनकार्ड वाले उपभोक्‍ताओं को खाद्यान्‍न दिया गया? जिलावार, उपभोक्‍ता संख्‍या, खाद्यान्‍न मात्रा सहित माहवार बतावें।               (ख) उपरोक्‍त अवधि में कितने स्‍थानों पर तुअर या अन्‍य दाल तथा गेहूँ का आटा कितने उपभोक्‍ताओं को दिया गया? जिलावार, उपभोक्‍ता संख्‍या, खाद्यान्‍न मात्रा सहित माहवार बतावें।               (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार अधिक खाद्यान्‍न प्रदाय करने पर परिवहन व अन्‍य व्‍यवस्‍थाओं पर कितनी राशि व्‍यय हुई? परिवहनकर्ता नाम, अन्‍य व्‍यवस्‍था नाम, राशि पृथक-पृथक बतावें।

खाद्य मंत्री ( श्री बिसाहूलाल सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

कोविड-19 महामारी में किए गए व्‍यय की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

112. ( क्र. 714 ) श्री सुनील सराफ : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर, जिले में दिनांक 25.03.2020 से 25.08.2020 तक कोविड-19 महामारी के संबंध में किए गए व्‍यय की कार्यवार जानकारी निकायवार, समस्‍त मद अनुसार देवें। (ख) इस संबंध में जिन फर्मों/व्‍यक्तियों/एजेंसियों या अन्‍य को किए गए समस्‍त भुगतान व लंबित भुगतान की जानकारी पृथक-पृथक नाम, राशि सहित देवें। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार फर्मों आदि द्वारा प्रस्‍तुत किए समस्‍त बिलों की प्रमाणित प्रति देवें। (घ) उपरोक्‍तानुसार भुगतान के टी.डी.एस. कटौत्रे की जानकारी भी फर्मवार देवें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

अन्‍य राज्‍यों से श्रमिकों को बसों द्वारा लाने पर व्‍यय

[राजस्व]

113. ( क्र. 719 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह हनी बघेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार, सागर, ग्‍वालियर जिलों के कितने श्रमिकों को बसों द्वारा अन्‍य राज्‍य राज्‍यों से लाया गया? राज्‍य का नाम, श्रमिक संख्‍या, श्रमिक जिला बस कहाँ तक चली की जानकारी जिलावार देवें। (ख) यह भी बतावें कि इसके लिए कितना भुगतान किया गया? कितना भुगतान लंबित है? बस क्रमांक, बस मालिक का नाम, अकाउंट नंबर सहित देवें। (ग) इसके टी.डी.एस. कटौत्रे की जानकारी भी प्रति बस देवें।

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जिला धार द्वारा अन्‍य राज्‍यों से कुल 2872 श्रमिकों को लाया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। सागर एवं ग्‍वालियर जिले से श्रमिकों को अन्‍य राज्‍यों से लेने के लिए बसें नहीं गईं। (ख) जिला ग्‍वालियर एवं सागर की जानकारी निरंक है तथा जिला धार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।             (ग) जिला ग्‍वालियर एवं सागर की जानकारी निरंक है तथा जिला धार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

पद एवं अधिकारों का दुरूपयोग

[नगरीय विकास एवं आवास]

114. ( क्र. 722 ) श्री नर्मदा प्रसाद प्रजापति (एन. पी.) : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास, मध्‍यप्रदेश भोपाल द्वारा अपने पत्र क्र./शिकायत/06/2020/8570 भोपाल, दिनांक 24/06/2020 द्वारा कलेक्‍टर जिला सीहोर को पद एवं अधिकारों का दुरूपयोग कर नगर पालिका द्वारा अवैध कॉलोनी, निजी भूमि पर सड़क निर्माण करने एवं शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने संबंधी शिकायत के संबंध में बिंदुवार जानकारी प्रेषित करने एवं प्रकरण में आगामी कार्यवाही करने हेतु लिखा गया था? (ख) क्‍या निकुंज कुमार श्रीवास्‍तव आयुक्‍त नगरीय प्रशासन एवं विकास मध्‍यप्रदेश भोपाल द्वारा पत्र क्रमांक 11168 दिनांक 31/07/2020 को कलेक्‍टर जिला सीहोर को भी प्रश्‍नांकित विषयक पत्र प्रेषित किया गया था जिसमें दोषी व्‍यक्ति पदाधिकारी एवं अधिकारी के विरूद्ध समुचित वैधानिक कार्यवाही करने का अधिकार कलेक्‍टर जिला सीहोर को सक्षम प्राधिकारी होने के संबंधित लेख किया गया था? (ग) यदि हाँ तो प्रश्‍नांकित दोनों पत्रों पर कलेक्‍टर जिला सीहोर द्वारा अभी तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई है? यदि कार्यवाही नहीं की गई तो उत्‍तरदायी दोषी, व्‍यक्तियों, अधिकारियों एवं पदाधिकारियों को अनावश्‍यक संरक्षण क्‍यों दिया जा रहा है? इनके विरूद्ध कलेक्‍टर जिला सीहोर द्वारा 07 दिनों के अंदर कार्यवाही कर विधान सभा को अवगत कराया जायेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) कलेक्‍टर           जिला-सीहोर द्वारा जांच प्रतिवेदन में उत्‍तरदायी पाये गये पदाधिकारियों/अधिकारियों का उत्‍तरदायित्‍व निर्धारण करते हुये आरोप-पत्र, अभिकथन पत्र, गवाहों एवं अभिलेखों की सूची तैयार कराई जा रही है। किन्‍ही व्‍यक्तियों, अधिकारियों एवं पदाधिकारियों को संरक्षण नहीं दिया जा रहा है।

निर्माण कार्यों की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

115. ( क्र. 723 ) श्री सज्जन सिंह वर्मा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला न्‍यायालय सीहोर के पीछे वैशाली नगर कॉलोनी के पास स्थित भूमि खसरा क्रमांक 13296/13/1/1, 13296/13/3/1, 14/1क/1-17/1क/1, 17/1/1ग-14/1/2 भूमि स्‍वामी ग्राम शेरपुर की भूमि पर नगरपालिका परिषद् सीहोर द्वारा क्‍या-क्‍या निर्माण कार्य कराये गये हैं? (ख) प्रश्‍नांकित निर्माण कार्यों यथा - सड़क मार्ग का डामरीकरण, सीवेज लाइन एवं अन्‍य कार्य हेतु नगर पालिका सीहोर द्वारा की गई टेंडर प्रक्रिया अंतर्गत नस्‍ती की नोटशीट, देयक स्‍वीकृतियां एवं पूर्ण अभिलेख की छायाप्रति प्रदान करें। (ग) प्रश्‍नांकित निर्माण कार्य किस सक्षम वरिष्‍ठ अधिकारियों एवं नगर पालिका के पदाधिकारियों के आदेश एवं अनुमति से कराये गये? क्‍या प्रश्‍नांकित पूरी प्रक्रिया वैधानिक थी? यदि नहीं, तो नियमों के उल्‍लघंन के विरूद्ध दोषी व्‍यक्तियों पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) नगर पालिका सीहोर द्वारा द्वारा वैशाली नगर में कराये गये कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) डाम‍रीकरण कार्य की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब-1', सी.सी. पेवर ब्‍लाक कार्य की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब-2', अमृत योजना अंतर्गत सीवेज कार्य की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स-1' 'स-2' तथा अमृत योजना अंतर्गत पेयजल पाइप लाइन कार्य की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स- 3' एवं जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स-4' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। निविदा प्रकिया एवं सक्षम स्‍वीकृतियां वैधानिक रूप से प्राप्‍त करके कार्य कराया गया है, कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

मार्गों के निर्माण की स्‍वीकृति

[लोक निर्माण]

116. ( क्र. 724 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक निर्माण विभाग के तहत सिंहावल विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विगत 05 वर्षों में कौन-कौन से मार्गों के निर्माण की स्‍वीकृति हुई हैं? कितने कार्य पूर्ण हो गये हैं व कितने कार्य अपूर्ण हैं? अपूर्ण कार्यों को कब तक पूर्ण किया जावेगा? (ख) दुधमनियां से ब्‍योहारखाड मार्ग, बिलारो से पोखरा-रोदो टोला मार्ग, लिलवार से सोननदी मार्ग, सजमानीकला पहुंच मार्ग, सुपेला पहुंच मार्ग सी.सी. रोड, हिनौती से सुपेला पहुंच मार्ग इनका प्राक्‍कलन स्‍वीकृति हेतु भेजा गया हैं? यदि हाँ तो कब तक स्‍वीकृति प्रदान की जावेगी? (ग) बहरी से हनुमना पहुंच मार्ग से सजवनी मूडा पहाड़ पर मार्ग सकरा होने के कारण आये दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं, उक्‍त मार्ग का चौड़ीकरण किये जाने की मांग आमजनों द्वारा की जाती रही है उक्‍त मार्ग का चौड़ीकरण कब तक करा दिया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। म.प्र. सड़क विकास निगम के अधीन सिंहावल विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 02 मार्ग स्‍वीकृत है (1) सीधी-सिंगरौली एन.एच. 75 ई. कुल लम्‍बाई 101.00 कि.मी. का अंश भाग (लगभग 49.10 कि.मी.) उक्‍त विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। उक्‍त कार्य बी.ओ.टी. योजनांतर्गत है। अंश भाग की वांछित प्रगति न होने एवं विभिन्‍न कारणों से दिनांक 13.08.2020 को निरस्‍त कर दिया गया। शेष कार्य हेतु पुन: ई.पी.सी. योजना अंतर्गत निविदा आमंत्रित की जावेगी। अत: पूर्ण होने की समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं। (2) नकझर से लौआर मार्ग वर्तमान में अप्रारंभ। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। म.प्र. सड़क विकास निगम अंतर्गत कोई आवेदन प्राप्‍त नहीं हुआ। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नल-जल योजना की स्‍वीकृति एवं संधारण

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

117. ( क्र. 725 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी जिले के सिंहावल विकासखण्‍ड अंतर्गत नल-जल योजना एवं आवर्धन योजना के कितने प्रस्‍ताव स्‍वीकृत हेतु लंबित है विवरण उपलब्‍ध करावें। कब तक उक्‍त प्रस्‍ताव स्‍वीकृत किये जावेंगे? (ख) सोन नदी एवं गोपद नदी से लगे ग्रामों में समूह नल-जल योजना ग्राम बहरी, पोंड़ी, खुटेली, तितली (सेहुडा) में प्रस्‍तावित थी? उक्‍त समूह नल-जल योजनाओं की स्‍वीकृति कब तक दी जावेगी? (ग) पूर्व में स्‍वीकृत नल-जल योजनाओं में प्रत्‍येक नल-जल योजनावार कितने-कितने परिवारों में पानी सप्‍लाई हो रही है? योजनावार, संख्‍यात्‍मक जानकारी उपलब्‍ध करावें।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। उल्लेखित ग्रामों विंध्य क्षेत्र (बाणसागर) समूह जलप्रदाय योजना में सम्मिलित करते हुए डी.पी.आर. बनाने हेतु निविदा की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

खाद्यान्‍न पर्ची का वितरण

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

118. ( क्र. 728 ) श्री राम दांगोरे : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री जी की घोषणा अनुसार पात्र व्‍यक्तियों का घर-घर जाकर सर्वे किया गया? यदि हाँ तो प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र में कितने नये परिवार व लोग पात्र पाये गये? क्‍या ये लोग         घर-घर किये गये सर्वे में पाये गये है? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र में ऐसा कोई सर्वे हुआ ही नहीं है? हजारों पात्र हितग्राहियों की पर्चियां जनरेट ही नहीं हो पा रही हैं? (ग) हितग्राहियों के आवेदन या पात्र पाये जाने उपरांत खाद्यान्‍न पर्ची कितनी समयावधि में जनरेट हो जानी चाहिए? क्‍या इसकी कोई समय-सीमा है? (घ) क्‍या नगर परिषद् पंधाना में भी ऐसा कोई सर्वे किया गया तो उसकी स्थिति क्‍या है?

खाद्य मंत्री ( श्री बिसाहूलाल सिंह ) : (क) NFSA अंतर्गत राज्‍य में लाभान्वित हो रहे परिवारों की पात्रता/अपात्रता संबंधी सत्‍यापन तथा वर्तमान में छूटे हुये परिवारों की जानकारी संकलित करने हेतु पूरे प्रदेश में सत्‍यापन अभियान चलाया गया, इस संबंध में माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा घोषणा नहीं की गई। राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत सम्मिलित पात्रता श्रेणियों में विधानसभा क्षेत्र पंधाना के सत्‍यापित किंतु अलाभान्वित 3029 परिवार थे। ये लोग घर-घर किये गये सर्वे में नहीं पाये गये थे, स्‍थानीय निकाय द्वारा सत्‍यापित किये जाने के उपरांत लाभान्‍वित होने हेतु शेष थे। माह सितंबर 2020 में इन सत्‍यापित किंतु अलाभान्वित परिवारों की पात्रता पर्ची जारी कर राशन सामग्री उपलब्‍ध कराई जा रही है। (ख) संपूर्ण मध्‍यप्रदेश में उक्‍त सत्‍यापन अभियान की कार्यवाही की गई है। पात्र आवेदकों द्वारा स्‍थानीय निकाय में सत्‍यापन उपरांत निर्धारित प्रक्रिया अनुसार पात्रता पर्ची जारी की जाती है। माह सितंबर 2020 तक सत्‍यापित किंतु अलाभान्वित समस्‍त पात्र परिवारों को सितंबर माह से पात्रता पर्ची एवं खाद्यान्‍न आवंटन जारी किया जा रहा है। (ग) राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत प्रदेश की वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 75% आबादी की सीमा तक ही लाभार्थियों को पात्रता पर्ची दी जा सकती है। अत: जिले के नवीन सत्यापित हितग्राहियों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित जनसंख्‍या सीमा के भीतर नवीन पात्रता पर्चियां जारी कर सम्मिलित किया जाता है। अपात्र परिवारों का विलोपन एवं नवीन पात्र परिवारों को जोड़ा जाना एक सतत प्रक्रिया है। इस हेतु कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं है। (घ) जी हाँ, नगर परिषद् पंधाना में सत्‍यापन अभियान की स्थिति संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "बाईस"

कोरोना से प्रभावित रोजगार

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

119. ( क्र. 729 ) श्री राम दांगोरे : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कोरोना काल दौरान या कोरोना प्रभावित छोटे दुकानदार, मध्‍य वर्गीय परिवार, मंदिरों के पुजारी, कर्मकण्‍डी पण्डित, छोटे किसान, नाव संचालक, आटो चालक, सभी कन्‍डेक्‍टर एवं ड्रायवरों के लिए भी विभाग कोई योजना ला रहा है? (ख) यदि हाँ तो उपरोक्‍त श्रेणी के लोगों को कब से खाद्यान्‍न मिलना शुरू हो जाएगा? (ग) यदि नहीं तो क्‍यों नहीं? जो व्‍यक्ति बिना रोजगार के 30 दिन तक घर में रहा जो लोग विगत 4-5 माह में पूर्णत: बेरोजगार है, उसके बारे में सरकार कब विचार करेगी? (घ) क्‍या उपरोक्‍त श्रेणी के लोगों का घर-घर जाकर कोई सर्वे किया गया है?

खाद्य मंत्री ( श्री बिसाहूलाल सिंह ) :  (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

भूमि का अधिगृहण

[नगरीय विकास एवं आवास]

120. ( क्र. 732 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2019 (क्र. 35 सन् 2019) पारित किया गया है? यदि हाँ तो विधेयक पारित उपरांत जारी दिशा-निर्देशों, नियम की प्रति उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में विधेयक के अनुसार इन्‍दौर, भोपाल, ग्‍वालियर एवं जबलपुर प्राधिकरणों में किस-किस योजना (प्रोजेक्‍ट) के तहत कृषकों (हितग्राहियों) की कितनी-कितनी भूमि,      कब-कब से किस-किस दर से अधिगृहीत की गई है? योजनावार (प्रोजेक्‍ट), प्राधिकरणवार, हितग्राहियों के नाम एवं पते सहित संपूर्ण जानकारी दें। (ग) क्‍या पारित विधेयक में 10 प्रतिशत से अधिक विकास होने वाले योजनाओं को प्रारंभ रखने एवं जिन योजनाओं में 10 प्रतिशत से कम विकास कार्य हुआ है, उन योजनाओं को बंद कर हितग्राहियों को अधिगृहीत भूमि वापस किये जाने का प्रावधान किया है? यदि हाँ तो कौन-कौन सी योजनाएं 10 प्रतिशत से अधिक एवं कौन-कौन सी 10 प्रतिशत से कम विकास की हैं तथा कितनी योजनायें छोड़ते हुये हितग्राहियों को भूमि वापस की जा रही है? (घ) क्‍या हितग्राहियों द्वारा योजनाओं के मापदण्‍डों के अनुरूप कार्य नहीं होने से उक्‍त प्राधिकरणों से अधिगृहीत भूमि वापस दिलाये जाने हेतु हितग्राहियों द्वारा आवेदन पत्र प्रस्‍तुत किया है? यदि हाँ तो उक्‍त भूमि कब तक वापस की जायेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों? भूमि वापस लेने हेतु प्राप्‍त आवेदकों के नाम, पते, भूखण्‍ड की जानकारी सहित विस्‍तृत जानकारी दें। (ड.) क्‍या उक्‍त प्राधिकरणों द्वारा कानूनी परामर्श भूमि वापस करने हेतु लिया गया है? यदि हाँ तो उक्‍त परामर्श के पश्‍चात प्रश्‍न दिनांक तक भूमि वापस करने की कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई है? यदि की जायेगी तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? क्‍या यह पारित विधेयक के               दिशा-निर्देशों की अवेहलना नहीं है? यदि हाँ तो संबंधितों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। मध्‍यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश नियम, 2012 में संशोधन संबंधी मध्‍यप्रदेश राजपत्र में दिनांक 29/07/2020 को प्रकाशित मध्‍यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश नियम, 2012 (संशोधन प्रारूप) की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में कृषकों (हितग्राहियों) की भूमि अधिग्रहित नहीं की गई है, अत: प्रश्‍नांश (ख) का शेष भाग उपस्थित नहीं होता है। (ग) अंशत: जी हाँ, विधेयक की धारा 50 (1) (ख) में प्रावधान है कि जहां अधोसंरचना विकास कार्य प्रारंभ किया गया था और अधिनियम, में संशोधन की तारीख को गणना करने पर 10 प्रतिशत तक व्‍यय उपगत किया गया है और भूमि स्‍वामी द्वारा स्‍कीम पर उपगत किए गए व्‍यय का विकास प्राधिकरण को प्रतिपूर्ति कर दी गई है तो जैसा कि विहित किया जाए, योजना व्‍यपगत हो जाएगी। 10 प्रतिशत से अधिक एवं 10 प्रतिशत से कम नगर विकास योजनाओं की प्राधिकरणवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। अधिग्रहण की गई भूमि लौटाने का प्रावधान नहीं है, केवल अनुबंध के आधार पर प्राप्‍त भूमियां अधिनियम की धारा 50 (1) (ख) के प्रावधानों के तहत योजना व्‍यपगत होने पर मुक्‍त हो सकेगी। (घ) जी नहीं। अत: प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) इंदौर विकास प्राधिकरण के अतिरिक्‍त जी नहीं। प्राधिकरणों की योजनाओं को व्‍यपगत करने के संबंध में अधिनियम की धारा 50 (1) (ख) में उल्‍लेखित विधिक प्रावधानों के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। जी नहीं। अत: संबंधितों के विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

आकृति दूत परियोजना का क्रियान्‍वयन

[महिला एवं बाल विकास]

121. ( क्र. 733 ) श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) कुपोषण का कलंक समाप्‍त करने के लिये रतलाम में काश्‍यप फाउन्‍डेशन द्वारा 2018 से चलाये जा रहे कुपोषण मुक्‍त अभियान की सफलता को देखते हुये क्‍या म.प्र. में अटल बाल मिशन के तहत आकृति दूत परियोजना का क्रियान्‍वयन शुरू हो गया है? यदि नहीं, तो कब तक शुरू होगा? (ख) क्‍या आकृति दूत परियोजना को क्रियान्वित करने के दिशा-निर्देश पूर्व महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती इमरती देवी ने विगत विधानसभा सत्र में प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न पर जबाव दिये थे?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती इमरती देवी ) : (क) जी नहीं। कोई प्रस्ताव नहीं है।              (ख) जी नहीं।

अविकसित कॉलोनियों में निर्माण कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

122. ( क्र. 734 ) श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रतलाम में कितनी अविकसित कॉलोनियां हैं? इन्‍हें किन-किन वर्षों में अनुज्ञा दी गई थी? अविकसित कॉलोनियों की अनुज्ञा दिनांक सहित सूची उपलब्‍ध करायें। (ख) आज तक जिन कॉलोनियों के विकास कार्य पूर्ण नहीं हुये हैं तो उनके कॉलोनाईजरों के बंधक रखे भूखण्‍डों को बेचकर विकास कार्य कराने की जवाबदारी जिन अधिकारियों पर थी क्‍या उन्‍होंने निर्माण कार्य पूर्ण कराने की कार्रवाई पूर्ण की? जिन अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की उनके विरूद्ध क्‍या कार्रवाई करेंगे? (ग) अविकसित कॉलोनियों में विकास के कार्य पूर्ण कराकर नागरिकों को कब तक सभी मूलभूत सुविधायें उपलब्‍ध करा दी जायेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) नगर निगम रतलाम क्षेत्रान्‍तर्गत विकास अनुमति प्राप्‍त 58 अविकसित कॉलोनियां है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) नगर निगम, रतलाम द्वारा नियमानुसार कार्यवाही हेतु संबंधित कॉलोनाईजर को सूचना पत्र जारी किये गये हैं। नगर निगम द्वारा नियमानुसार कार्यवाही किये जाने के कारण शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) नगर निगम, रतलाम में नियमानुसार कार्यवाही किया जाना विचाराधीन है, समय-सीमा बताया जाना सम्‍भव नहीं है।

प्रदेश में पूरक पोषण आहार की व्‍यवस्‍था

[महिला एवं बाल विकास]

123. ( क्र. 737 ) श्री सज्जन सिंह वर्मा : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या मा. मुख्‍यमंत्री जी द्वारा दिनांक 14.09.2016 को प्रदेश में व्‍याप्‍त कुपोषण जैसी महामारी की वास्‍तविक स्थिति के संबंध में श्‍वेत-पत्र जारी करने निर्देश/आदेश दिये गये थे? (ख) यदि हाँ तो वर्ष 2018 तक श्‍वेत-पत्र जारी नहीं करने के क्‍या कारण रहे हैं और कब तक श्‍वेत-पत्र जारी किया जायेगा? (ग) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या राज्‍य सरकार द्वारा मा. सर्वोच्‍च न्‍यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही प्रदेश के समस्‍त आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में पूरक पोषण आहार उपलब्‍ध कराने की व्‍यवस्‍था लागू है? यदि हाँ तो मा. सर्वोच्‍च न्‍यायालय द्वारा कब और क्‍या    दिशा-निर्देश दिए गये थे एवं उक्‍त के संबंध में मार्च 2018 में मंत्रि परिषद् द्वारा क्‍या निर्णय लिया गया था? (घ) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या महिला स्‍व-सहायता समूहों से पोषण आहार बनाने का कार्य न लिया जाकर एम.पी. एग्रो और उनकी ज्‍वाइंट वेंचर क‍थि‍त कंपनियों के माध्‍यम से पोषण आहार बनवाकर मा. सर्वोच्‍च न्‍यायालय के दिशा-निर्देशों की लगातार अवहेलना की जाकर प्रदेश की महिला स्‍व-सहायता समूहों को स्‍वावलम्‍बी बनाने से वंचित किया जा रहा है एवं पोषण आहार पर प्रतिवर्ष अरबों रूपये के बजट का दुरूपयोग ठेकेदारों एवं नौकरशाहों को मिलीभगत से की जा रही है? यदि नहीं, तो क्‍या कारण है कि पोषण आहार बनाने का कार्य महिला स्‍व-सहायता समूह को नहीं दिया जा रहा है? स्‍पष्‍ट करें।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती इमरती देवी ) : (क) जी हाँ। (ख) श्‍वेत-पत्र जारी करने के संबंध में सामान्‍य प्रशासन विभाग में समिति गठित नहीं की गई है। विभाग द्वारा मामले का परीक्षणोपरांत निर्णय लिया गया है कि अब श्‍वेत-पत्र जारी करने का औचित्‍य नहीं है। (ग) जी हाँ। मान. सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों एवं मार्च 2018 में मंत्रि-परिषद् द्वारा लिए निर्णय की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 एवं 02 अनुसार है। (घ) जी नहीं वर्तमान में टेकहोम राशन का प्रदाय म.प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत गठित महिला स्व-सहायता समूहों के परिसंघों द्वारा देवास, धार, होशंगाबाद, सागर, मण्डला, शिवपुरी एवं रीवा स्थानों पर स्थापित 07 संयंत्रों एवं एम.पी. एग्रो के स्वयं के बाड़ी संयंत्र के माध्यम से किया जा रहा है।

सागर स्‍मार्ट सिटी निर्माण में व्‍यय राशि

[नगरीय विकास एवं आवास]

124. ( क्र. 741 ) श्री हर्ष यादव : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर स्‍मार्ट सिटी के लिए अब तक कितनी राशि प्राप्‍त हुई है? कितनी राशि किस कार्य पर खर्च हुई हैं? कितने अधिकारी/कर्मचारी कार्यरत हैं? इनकी भर्ती कैसी की गई? यदि विज्ञापन से हुई है तो इसकी प्रतियां दें। अब तक का वर्षवार स्‍थापना व्‍यय वेतन भत्‍ता सहित बतायें।             (ख) कितनी डी.पी.आर. बनी कितनी पर कार्य हुआ इस पर कितना व्‍यय हुआ? क्‍या सागर की स्‍थानीय प्राथमिकता वं जनप्रतिनिधियों के सुझाव/प्रस्‍ताव पर कार्य नहीं कर कार्य थोपकर धन की बर्बादी की गई? यदि नहीं, तो बतायें कि जनप्रतिनिधियों के कौन से प्रस्‍ताव थे जिन पर कार्य हुआ? (ग) दिशा सूचक बोर्ड पर कितनी राशि व्‍यय की गई? तीन पार्कों का रकबा कितना था? उसपर कितनी राशि खर्च की गई? क्‍या शहर में अच्‍छी किस्‍म के दिशा सूचक लगे थे? इन्‍हें हटाकर दिशा सूचक लगवायें पार्क पहले से विकसित थे। पुनरुद्धार पर व्‍यर्थ घटिया व्‍यय किया गया? क्‍या इसकी जांच कर दोषियों पर कार्यवाही की जावेगी? (घ) क्‍या सड़क चौड़ीकरण, शहर में पार्किंग पर काम न कर सिविल लाइन चौराहों एवं जिला पंचायत चौराहों पर ट्रैफिक सिंग्‍नल, कैमरा आदि पर व्‍यय किया जा रहा हैं? स्‍मार्ट सिटी सभी कार्यों एवं फिजूल खर्च की जांच की जायेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड को आज दिनांक तक केन्द्र सरकार से 85 करोड़ रूपये एवं राज्य सरकार से 20 करोड़ रूपये का अंशदान प्राप्त हुआ है एवं विभिन्न कार्यों पर राशि रू. 55.86 करोड़ का व्यय किया जा चुका है। व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड कार्यालय में तीन अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं एवं 23 अधिकारी/कर्मचारी संविदा आधार पर कार्यरत् हैं तथा उक्त अधिकारियों/कर्मचारियों में से 2 अधिकारियों की नियुक्ति विज्ञापन जारी कर की गई हैं। विज्ञापन की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। शेष अधिकारी/कर्मचारी स्मार्ट सिटी कंपनी में Empanelled HR Agencies के माध्यम से कार्यरत हैं। इस कंपनी में आज दिनांक तक हुये स्थापना पर व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ख) सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड अंतर्गत आज दिनांक तक कुल 26 डी.पी.आर. तैयार की गई है एवं कुल 18 डी.पी.आर. पर कार्य प्रचलन में हैं। डी.पी.आर. पर लगभग राशि रू. 0.98 करोड़ का व्यय किया गया है। जी नहीं, स्मार्ट सिटी मिशन गाइड-लाइन अनुरूप जनप्रतिनिधि के रूप में स्थानीय सांसद, स्थानीय विधायक व महापौर सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड की शहर स्तरीय परामर्शी समिति के सदस्य हैं एवं समय-समय पर संपन्न की जाने वाली परामर्शी समिति की बैठकों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के द्वारा सुझाव दिये जाते हैं। उक्त सुझावों पर बोर्ड ऑफ डॉयरेक्टर्स से अनुमोदन प्राप्त कर कार्य संपन्न किये जाते हैं। बैठकों के कार्यवाही विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। (ग) सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अंतर्गत दिशा सूचक बोर्डों पर आज दिनांक तक राशि रू 0.94 करोड़ का व्यय किया गया हैं। सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अंतर्गत शहर के ह्रदय स्थल में स्थित तीन पार्कों यथा चंद्रा पार्क के 1.65 एकड़ एरिया में, मधुकरशाह पार्क 0.20 एकड़ एरिया एवं डॉ. हरि सिंह गौर पार्क 0.25 एकड़ एरिया में हैं। इस पर राशि रू. 3.07 करोड़ का व्यय किया गया है। वर्तमान में जिन स्थानों पर बोर्डों की स्थापना की गई हैं वहां किसी भी प्रकार के बोर्डों की स्थापना पूर्व में नहीं थी, ही सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के द्वारा किसी भी प्रकार के बोर्डों को पृथक किया गया है। पार्कों में पुनर्विकास व सौंदर्यीकरण का कार्य कर अत्याधुनिक तरीके से विकसित किये गये हैं। उक्त पार्कों में मुख्यतः वॉकिंग पाथवे, ओपन ऐयर थियेटर, ओपन जिम, चिल्ड्रन प्ले एरिया, ओपन लाईब्रेरी, सुंदर लाईटिंग, म्यूजिक सिस्टम आदि कंपोनेंट को सम्मिलित करते हुये तैयार किये गये हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता हैं।           (घ) सड़क चौड़ीकरण आदि कार्य स्मार्ट सिटी मिशन की गाइड-लाइन अनुरूप एवं बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के अनुमोदन उपरांत किये जा रहे हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता हैं।

अमृत योजनांतर्गत कार्यों की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

125. ( क्र. 746 ) श्री प्रवीण पाठक : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्‍वालियर नगर निगम में संचालित अमृत योजना के दोनों घटकों सीवेज एवं पेयजल का कार्य कब अवार्ड हुआ था एवं कब से प्रारंभ हुआ? कार्य पूर्ण होने की समय-सीमा क्‍या तय की गई थी? (ख) वर्तमान में कितना प्रतिशत कार्य पूर्ण हो पाया है? समय अवधि में यदि पूरा नहीं हो पा रहा है, तो कब-कब ठेकेदार पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? ठेकेदार पर अब तक कुल कितनी पेनाल्‍टी लगाई गई है? (ग) परियोजना में हो रहे विलम्‍ब के लिये क्‍या कोई अधिकारी उत्‍तरदायी है? यदि है तो उस पर क्‍या कार्यवाही की गई? यदि अधिकारीगण दोषी नहीं हैं तो क्‍या कार्य समय पर पूर्ण हो पायेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। समय अवधि में कार्य पूर्ण न करने के लिए ठेकेदार को समय-समय पर सूचना पत्र जारी किए गए हैं। ठेकेदार के ऊपर लगाई गई पेनाल्‍टी का विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जी नहीं, शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' में उल्‍लेखित समय-सीमा अनुसार कार्य पूर्ण कराया जाना लक्षित है।

परिशिष्ट - "तेईस"

लीज की भूमि का दुरूपयोग

[राजस्व]

126. ( क्र. 749 ) श्री नारायण त्रिपाठी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                   (क) क्‍या नगर पालिका परिषद् अंतर्गत नजूल सीट नं.-23, भूखंड क्र.-2, रकबा 384910 वर्गफीट की लीज मैहर स्‍टोन लाइम कंपनी को दी गई थी? यदि हाँ तो कब और किस उद्देश्‍य हेतु किन-किन शर्तों पर? (ख) क्‍या वर्तमान में लीज धारक द्वारा उक्‍त भूमि का व्‍यवसायिक इस्‍तेमाल अन्‍य उद्देश्‍यों हेतु किया जा रहा है? वर्तमान में भूमि पर क्‍या कोई चूना भट्टी संचालित है? (ग) शहर के बीच स्थित इस बेशकीमती भूमि की क्‍या लीज निरस्‍त की जावेगी अथवा वर्तमन में उक्‍त भूमि के भू-उपयोग की समीक्षा कराई जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जी हाँ, व्‍यावसायिक कार्य हेतु दी गई थी। (ख) जी हाँ, वर्तमान में चूना भट्ठा संचालित नहीं है। (ग) लीज निरस्‍त करने के संबंध में प्रकरण कमिश्‍नर, रीवा संभाग के समक्ष विचाराधीन है।

 

 







 

 


भाग-3

अतारांकित प्रश्नोत्तर


समयावधि में कार्य पूर्ण किया जाना

[लोक निर्माण]

1. ( क्र. 21 ) श्री दिलीप सिंह गुर्जर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नागदा-खाचरौद तथा इसको अन्य तहसीलों/जिलो से जोड़ने वाली सड़क, पुल-पुलिया, भवन ओव्हर ब्रिज, रेल्वे ब्रिज आदि की लोक निर्माण विभाग द्वारा 1 जनवरी 2016 से 22 अगस्त 2020 तक स्वीकृति प्रदान की गई है? यदि हां तो समस्त निर्माण कार्यों के नाम, राशि‍, सड़कों की लम्बाई, कार्यादेश की स्वीकृति, कार्य पूर्ण की समयावधि, दिनांक सहित कितने कार्य पूर्ण व कितने अपूर्ण है व कितने अप्रारंभ हैं? नाम सहित सम्पूर्ण विवरण दें। (ख) क्या ठेकेदार द्वारा पेमेंट में विलंब होने के कारण कार्य को बंद रखकर वर्तमान में चल रहे सड़क निर्माण कार्य में विलंब किया गया है? यदि नहीं, तो बि‍ल का भुगतान कब-कब कितनी राशि का किया गया? किए भुगतान का दिनांकवार विवरण दें। यदि नहीं, तो ठेकेदार के विरूद्ध निर्धारित शर्तों का उल्लंघन करने व समय-सीमा में कार्य पूर्ण न करने पर क्या कार्यवाही की गई? (ग) क्षेत्र में चल रहे समस्त कार्य कब तक पूर्ण कर लिये जायेगा? कार्यों के नाम, समयावधि सहित विवरण दें। (घ) वर्ष 2018-19, 2019-202020-21 में विभाग द्वारा उज्‍जैन जिले में कितनी रोडों, पुल, ओवर ब्रिज, रेल्वे ब्रिज, भवनों आदि की स्वीकृति प्रदान की गयी है? उक्‍तावधि में प्रश्नकर्ता द्वारा विभाग को किन-किन रोडों की स्वीकृति के प्रस्ताव दिए गए है? कार्यों के नाम सहित विवरण दें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '', 'अ-1' एवं 'अ-2' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-2' अनुसार है।                   (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार एवं 2018-2019, 2019-2020 एवं 2020-2021 में म.प्र. सड़क विकास निगम अंतर्गत स्‍वीकृत मार्गों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। निगम अंतर्गत प्रश्‍नकर्ता से प्राप्‍त प्रस्‍ताव पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

लंबित राजस्‍व के नामांतरण के प्रकरण

[राजस्व]

2. ( क्र. 47 ) श्री बैजनाथ कुशवाह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                         (क) जिला मुरैना में कितने राजस्‍व नामान्‍तरण के प्रकरण लंबित हैं और क्‍यों? (ख) इन प्रकरणों का निराकरण कब तक हो जावेगा? (ग) तहसीलवार पूर्ण विवरण देवें?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जिला मुरैना में नामान्तरण के कुल 8628 प्रकरण न्यायालयीन प्रक्रिया प्रचलित होने के कारण लम्बित है। (ख) जिला मुरैना में लम्बित नामान्तरण प्रकरणों का न्यायालयीन प्रक्रिया की प्रतिपूर्ति पश्चात नियमानुसार समय-सीमा में निराकरण किया जावेगा। (ग) जिला मुरैना में लम्बित नामान्तरण का तहसीलवार विवरण निम्नानुसार है :-

क्रमांक

तहसील

लम्बित प्रकरण

1

पोरसा

1279

2

अम्बाह

1194

3

मुरैना

1718

4

बामौर

776

5

जौरा

1811

6

कैलारस

979

7

सबलगढ़

871

 

योग जिला

8628


जिला मुरैना में हैण्‍डपम्‍प एवं नलजल योजना की स्‍वीकृति

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

3. ( क्र. 51 ) श्री बैजनाथ कुशवाह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला मुरैना के सभी विकासखण्‍डों में दिनांक 23-03-2020 से 25-8-2020 तक पीने के पानी की समस्‍या के निराकरण हेतु कितने हैण्‍डपम्‍प व नलजल योजनायें स्‍वीकृत हुई है और इनके लिये कितनी राशि स्‍वीकृत है? (ख) कितने हैण्‍डपम्‍पों का खनन और नलजल योजनायें पूर्ण हो चुकी हैं और कितनी-कितनी राशि का भुगतान किन-किन ठेकेदारों को किया गया है?                                                   (ग) विकासखण्‍डवार पूर्ण विवरण देवें।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

नगर पालिका द्वारा किए गए व्‍यय की जांच

[नगरीय विकास एवं आवास]

4. ( क्र. 62 ) श्री दिलीप सिंह गुर्जर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा अतारांकित प्रश्‍न क्र. 56 (232) दिनांक 18 फरवरी 2019 के तारतम्‍य में क्‍या तत्‍कालीन उप संचालक उज्‍जैन सोमनाथ झारिया के द्वारा माननीय उच्‍च न्‍यायालय में दायर याचि‍का क्र.डब्‍ल्‍यु.पी. 6672/2016 के अंतर्गत शपथ-पत्र में नगर पालिका अधिनियम 1961 में उल्‍लेखित नियमों एवं प्रावधानों अनुसार जानकारी न देते हुए असत्‍य जानकारी देकर नागदा नगर पालिका अधिकारियों को नगर पालिका निधि में गबन एवं भ्रष्‍टाचार के अपराध से सांठगांठ करके बचाया है? विवरण दें। (ख) क्‍या विधानसभा प्रश्‍न क्र. 232 के उत्‍तर के अनुसार उपसंचालक उज्‍जैन ने माननीय उच्‍च न्‍यायालय में झूठा शपथ-पत्र देकर विधानसभा के साथ-साथ, विभाग के उच्‍च अधिकारियों एवं न्‍यायालय को गुमराह किया है तथा जनता की कई शिकायतें होने के बावजूद भी शासन के महत्‍वपूर्ण पद पर नियुक्ति की जा रही है? इनके विरूद्ध कितनी शिकायतें जांच में है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी नहीं। संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास, भोपाल द्वारा आदेश क्रमांक 12444 दिनांक 27.08.2020 द्वारा दो सदस्‍यीय दल का गठन किया है। जांच प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर गुण-दोष के आधार पर निर्णय लिया जायेगा।               (ख) माननीय उच्‍च न्‍यायालय में तत्‍कालीन उप संचालक द्वारा दिये गये शपथ पत्र की बैधानिकता पर विभाग स्‍तर से टिप्‍पणी नहीं की जा सकती है। इनके विरूद्ध नगर पालिक निगम, रतलाम से संबंधित एक शिकायत प्राप्‍त हुई थी तथा प्राप्‍त जांच प्रतिवेदन के आधार पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

मिनी आंगनवाड़ी/आंगनवाड़ी केन्‍द्र की स्‍वीकृति

[महिला एवं बाल विकास]

5. ( क्र. 70 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नरयावली विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत नगर पालिका क्षेत्र मकरोनिया/सागर एवं राहतगढ़ विकासखण्‍ड में कितने मिनी आंगनवाड़ी केन्‍द्र/आंगनवाड़ी केन्‍द्र शासन द्वारा संचालित किये जा रहे हैं? (ख) क्‍या उपरोक्‍त संचालित मिनी आंगनवाड़ी केन्‍द्र/आंगनवाड़ी केन्‍द्र जनसंख्‍या/ शासन के मापदण्‍ड अनुसार संचालित किये जा रहे हैं? (ग) क्‍या नगर पालिका क्षेत्र मकरोनिया/सागर एवं राहतगढ़ विकासखण्‍ड में नवीन आंगनवाड़ी/मिनी आंगनवाड़ी केन्‍द्र खोले जाने के प्रस्‍ताव शासन स्‍तर पर लंबित है? वार्डवार/ग्राम का नाम/पंचायत/विकासखण्‍ड सहित जानकारी देवें। (घ) प्रश्नांश (ग) में प्रस्‍तावित नवीन आंगनवाड़ी/मिनी आंगनवाड़ी केन्‍द्र शासन द्वारा कब तक स्‍वीकृत किये जायेंगे?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती इमरती देवी ) : (क) नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नगर पालिक क्षेत्र मकरोनिया/सागर एवं राहतगढ़ विकासखण्ड में 22 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र एवं 260 आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित किये जा रहे है। (ख) जी हाँ। (ग) जी नही वर्तमान में भारत सरकार द्वारा नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों/मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्वीकृति प्रदान नहीं की जा रही है। अतः शेष का प्रश्‍न नही। (घ) प्रश्नांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में शेष का प्रश्‍न नही।

स्किम बोर एवं बोर खनन का कार्य

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

6. ( क्र. 71 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिसम्‍बर, 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक विभाग द्वारा/कार्य एजेंसी द्वारा सागर जिले के किन-किन विकासखण्‍डों में कितने स्‍कीम बोर एवं कितने बोर खनन कार्य कार्य स्‍वीकृत किये गये? (ख) किन-किन विकासखण्‍डों में स्‍वीकृत स्‍कीम बोर खनन/बोर खनन का कार्य विभाग/कार्य एजेंसी द्वारा किया गया है? विकासखण्‍डवार जानकारी देवें। स्‍कीम बोर खनन/बोर खनन कार्य किन-किन ग्रामों में किये गये? (ग) प्रश्नांश (ख) में खनन किये गये स्‍कीम बोर खनन/बोर खनन में कितनों में जलस्‍तर प्राप्‍त हुआ? किनमें जलस्‍तर अप्राप्त हुआ तथा विभाग द्वारा जल स्‍तर प्राप्‍त बोरों में कितनों में हैंडपम्‍प/सिंगल फेस मोटर स्‍थापित की गई? ग्राम सहित जानकारी देवें। (घ) वर्तमान में किन-किन ग्रामों में बोर खनन कार्य प्रस्‍तावित है तथा इन ग्रामों में कब तक बोर खनन कार्य किया जायेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है, उक्त प्रपत्र-1 एवं 2 में दर्शाये गये नलकूपों में से खनन हेतु शेष रहे नलकूपों का खनन एवं जिन ग्रामों में नलकूपों में पर्याप्त जल प्राप्त नहीं हुआ है उन ग्रामों में भू-जलविद के सर्वेक्षण उपरांत प्राप्त अनुशंसा अनुसार खनन कार्य आने वाले समय में किया जा सकेगा, निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है।

स्वीकृत निर्माण कार्य

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

7. ( क्र. 82 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिन्दवाड़ा जिले की परासिया विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के द्वारा वित्तीय वर्ष 2017-18 से माह अप्रैल 2020 वर्ष तक कौन-कौन से विभिन्न कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार स्वीकृत निर्माण कार्यों में से कौन-कौन से निर्माण कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं और कौन-कौन से निर्माण कार्य वर्तमान में अपूर्ण हैं एवं कौन-कौन से निर्माण कार्यों को प्रारंभ किया जाना शेष है? सम्पूर्ण स्वीकृत निर्माण कार्यों की भौतिक स्थिति की जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) क्या विभाग द्वारा स्वीकृत निर्माण कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराया जा रहा है? अगर नहीं कराया जा रहा है तो इसका क्या कारण है? (घ) वित्तीय वर्ष 2020-21 में परासिया विधानसभा क्षेत्र के लिए कौन-कौन से कार्यों को विभाग द्वारा प्रस्तावित कर, स्वीकृति हेतु शासन स्तर पर भेजा गया है? उन कार्यों में से किन किन कार्यों की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न  परिशिष्ट  अनुसार है। (ग) जी हाँ। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।                   (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट  अनुसार है, शासन स्तर पर वर्तमान में कोई स्वीकृति लंबित नहीं है।

परिशिष्ट - "चौबीस"

पात्र हितग्राहियों को पात्रता पर्ची प्रदान की जाना

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

8. ( क्र. 83 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) क्‍या छिन्दवाड़ा जिले की परासिया विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत गरीबी रेखा के कार्डधारी एवं अन्य विभिन्न श्रेणि‍यों के पात्र हितग्राहियों को समय पर पात्रता पर्ची विभाग द्वारा प्रदान नहीं की जा रही है? जिससे पात्र हितग्राहियों को खाद्यान्न नहीं मिल पा रहा है और हितग्राहियों व उनके परिवार को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यदि हां तो समय पर हितग्राहियों को पात्रता पर्ची प्रदान नहीं किये जाने का क्या कारण है? (ख) परासिया विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत ऐसे कितने बी.पी.एल. कार्डधारी एवं अन्य विभिन्न श्रेणी में पात्र हितग्राही हैं, जिन्हें पात्रता पर्ची प्रदान किया जाना शेष है? ऐसे हितग्राहियों की संख्‍यात्‍मक जानकारी जनपद पंचायत एवं नगरीय निकाय वार पृथक-पृथक उपलब्ध करायें। सूची अनुसार बी.पी.एल. कार्डधारी एवं अन्य विभिन्न श्रेणी में पात्र हितग्राही को कब तक पात्रता पर्ची प्रदान कर दी जायेगी? (ग) कोविड-19 महामारी लॉकडाउन के समय राज्य सरकार द्वारा बी.पी.एल. कार्डधारियों एवं अन्य विभिन्न श्रेणी के मजदूरों को 3 माह का खाद्यान्न प्रदान किए जाने की घोषणा की गई थी, परन्तु फिर भी बी.पी.एल. कार्डधारियों एवं अन्य विभिन्न श्रेणि‍यों में पात्र मजदूरों को खाद्यान्न प्राप्त नहीं हो पा रहा है? जिसका क्या कारण है? ऐसे पात्र हितग्राहियों को कब तक खाद्यान्न उपलब्ध करा दिया जायेगा?

खाद्य मंत्री ( श्री बिसाहूलाल सिंह ) : (क) राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत प्रदेश की वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 75% आबादी की सीमा तक ही लाभार्थियों को पात्रता पर्ची दी जा सकती है। अत: जिले के नवीन सत्यापित हितग्राहियों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित जनसंख्‍या सीमा के भीतर नवीन पात्रता पर्चियां जारी कर सम्मिलित किया जाता है। पूर्व से सत्‍यापित समस्‍त पात्र आवेदकों को माह सितम्‍बर, 2020 से पात्रता पर्ची जारी कर लाभान्वित करने की कार्यवाही की जा रही है, नवीन पात्र आवेदकों द्वारा आवेदन किये जाने हेतु भी प्रावधान किया गया है। (ख) परासिया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत चिन्हित बी.पी.एल. एवं अन्‍य पात्रता श्रेणियों के 2388 पात्र हितग्राहियों को पात्रता पर्ची जारी की जा चुकी है जिसकी जनपद पंचायत एवं नगरीय निकायवार संख्‍यात्‍मक जानकारी  संलग्‍न परिशिष्‍ट  अनुसार है। उत्‍तर दिनांक में किसी भी पात्र आवेदक को पात्रता पर्ची उपलब्‍ध कराया जाना शेष नहीं है। (ग) कोविड-19 संक्रमण काल में राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत सम्मिलित पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण अन्‍न योजना (PMGKAY) अंतर्गत माह अप्रैल, 2020 से नवंबर, 2020 तक (कुल 08 माह) 5 किलो प्रति सदस्‍य खाद्यान्‍न एवं 1 किलो दाल प्रति परिवार नि:शुल्‍क वितरण कराया जा रहा है। माईग्रेंट लेबर की खाद्यान्‍न सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु आत्‍मनिर्भर भारत अभियान अंतर्गत श्रमिकों को माह मई एवं जून, 2020 में 5 किलोग्राम खाद्यान्‍न प्रति सदस्‍य एवं 1 किलोग्राम दाल प्रति परिवार नि:शुल्‍क वितरण की व्‍यवस्‍था की गई। कोविड-19 लॉकडाउन अवधि में पूरे राज्‍य में बेघर, बेसहारा एवं माईग्रेंट लेबर के भोजन की आवश्‍यकता की पूर्ति हेतु SDRF मद से कुल 30,917 मे.टन खाद्यान्‍न एवं 137 मे.टन नमक का नि:शुल्‍क प्रदाय कराया गया। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।
परिशिष्ट - "पच्चीस"

कटनी जिले में सड़क निर्माण

[लोक निर्माण]

9. ( क्र. 116 ) श्री विजयराघवेन्द्र सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी जिले में लोक निर्माण वि‍भाग अंतर्गत विगत 5 वर्षों में किस-किस विधान सभा क्षेत्र में कहां से कहां तक कितनी लागत की रोड किस मद में बनाई गई रोडवार विवरण दें? (ख) प्रश्नांश (क) की सड़कों में कौन-कौन सी रोड परफारमेंस गारंटी के अन्‍तर्गत बनाई गई है। जिनकी फरफारमेंस गारंटी कब पूर्ण हो रही हैं तिथि बताएं? (ग) विगत पांच वर्षों से प्रश्‍न दिनांक तक जबलपुर संभाग के कटनी एवं जबलपुर जिले के उपयंत्री, सहायक यंत्री, कार्यपालन यंत्री, अधीक्षण यंत्री, मुख्‍य अभियंता की प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई है शिकायतवार कार्यवाहीवार विवरण दें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है। (ख) विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है।              (ग) विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ-1' एवं '' अनुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है।

कर्मचारियों का स्‍थानांतरण

[नगरीय विकास एवं आवास]

10. ( क्र. 117 ) श्री विजयराघवेन्द्र सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिक निगम रीवा, सतना, कटनी में कार्यरत उपयंत्री, सहायक यंत्री, कार्यपालन यंत्री, अधीक्षण यंत्री एवं स्‍वच्‍छता निरीक्षकों की सूची पदस्‍थापना दिनांक सहित दें एवं इनके स्‍थानांतरण संबंधी शासन के नियम/निर्देशों की प्रति उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) के अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध विगत 5 वर्षों में शासन/प्रशासन निगम स्‍तर पर कुल कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई। कितनी शिकायतें जांच हेतु लंबित है उनकी जांच कब तक पूर्ण कर ली जावेगी। इनमें से किन-किन को विगत 5 वर्षों में कभी कोई दण्‍ड दिया गया है तो उसकी भी जानकारी दें? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में विगत 5 वर्षों से एक ही स्‍थान पर पदस्‍थ एवं दागी अधिकारियों को अन्‍यत्र हटा कर दूसरे नगर निगमों में स्‍थानांतरण किया जावेगा। यदि हां तो कब तक, यदि नहीं, तो क्‍यों कारण बताएं?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  '''' एवं '''' पर है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  '''' पर है।      (ग) नगर पालिक निगमों में पदस्‍थ नगर पालिक निगम संवर्ग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के स्‍थानांतरण के संबंध में 05 वर्ष की समय-सीमा का बंधन नहीं है। नगर पालिक निगम संवर्ग के किसी अधिकारी या कर्मचारी को मूल निकाय से हटाया जाना आवश्‍यक होने पर राज्‍य सरकार नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 58 की उपधारा 05 में नि‍हित प्रावधान अनुसार प्रतिनियुक्ति पर किसी अन्‍य नगर पालिक निगम में पदस्‍थ कर सकेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

कूट रचित दस्‍तावेजों से जमीन का हस्‍तांतरण होना

[राजस्व]

11. ( क्र. 126 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सतना जिले की तह. रघुराजनगर के अंतर्गत पटवारी हल्‍का घूरडांग के ग्राम बदखर में बृजलाल नाई तनय बहोरिया नाई निवासी बदखर की आराजी नं. 39 रकवा 2.28 एकड़ के दर्ज प्रतिष्ठियों की जानकारी हेतु तह. रघुराजनगर ने पत्र क्र. 2947 दिनांक 08.03.19 को पांच सदस्‍यीय कमेटी का गठन किया था उक्‍त कमेटी ने अपना जांच प्रतिवेदन जमा कर दिया है? उक्‍त संबंध में कलेक्‍टर सतना ने भी 05.05.18 को जांच के आदेश दिये थे? कमेटी के जांच प्रतिवेदन के आधार पर तह. रघुराजनगर ने 18.12.2019 को दिये गये अभिमत स्‍पष्‍ट लिखा है कि उक्‍त पंजी उपलब्‍ध न होने से उक्‍त प्रविष्टि संदेहास्‍पद है उक्‍त आराजी को जिला प्रशासन द्वारा फर्जी तरीके से उक्‍त नाई का नाम विलोपित कर ओमप्रकाश बल्‍द अमृतलाल बिलोरिया का नाम दर्ज किया है जिसे पुन: व जलाल नाई के नाम दर्ज किये जाने का आदेश पारित किया जाय? (ख) क्‍या न्‍यायालय अनुविभागीय अधिकारी अनुविभाग रघुराजनगर के द्वारा उक्‍त संबंध में लोगों को नोटिस जारी कर 12.02.20 न्‍यायालीय समय में उपस्थित होकर नामांतरण का आधार एवं नामांतरण आदेश की प्रमाणित प्र‍ति सहित जवाब प्रस्‍तुत करे आदेश दिये थे उक्‍त नाई परिवार मौजा बदखर में ही आराजी नं. 343, 352, 353, 355, 381 व जलाल नाई की पुस्‍तैनी आराजी है जिसे फर्जी तरीके से अनावेदक द्वारा अपने नाम करा ली गई है क्‍या उक्‍त संबंध में तह. रघुराजनगर ने पत्र क्र. 1773 दिनांक 28.02.2020 को 5 सदस्‍यीय कमेटी का गठन किया था उक्‍त कमेटी के मुखिया नायब तह. हाटी ने जांच प्रतिवेदन जमा कर दिया है एवं फर्जीवाड़ा भी सिद्ध पाया गया है? (ग) न्‍यायालय अनुविभागीय अधिकारी रघुराजनगर द्वारा ग्राम सतना की आराजी क्र. 138 रकवा 1.92 एकड़ की जांच हेतु 5 सदस्‍यीय कमेटी का गठन पत्र क्र. 163 दिनांक 04.03.2020 को आदेश दिये थे उक्‍त कमेटी द्वारा आज दिनांक तक क्‍या किया गया है? (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ख) सही है तो गरीब पीड़ित व बृजलाल नाई को अपनी आराजी का निजी स्‍वत्‍व कब तक जायेगा नहीं मिलेगा तो क्‍यों कारण सहित बतायें तथा (ग) से संबंधित आराजी को कब तक म.प्र. शासन दर्ज कर दिया जायेगा? नहीं किया जायेगा क्‍यों? विवरण सहित बतायें।

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जी हाँ। गठित जांच दल के द्वारा जांच प्रतिवेदन के आधार पर तहसीलदार रघुराजनगर के द्वारा अपने प्रतिवेदन दिनांक 18.12.2019 में उल्लेख किया हैं कि वर्ष-1970 के खसरे में अंकित पंजी क्रमांक-21 दिनांक 26.01.1971 उपलब्ध न होने से प्रविष्टि संदेहास्पद है। उक्त के सबंध में प्रकरण न्यायालय अनु.अधि. रघुराजनगर के यहां प्रचलित है। (ख) न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी रघुराजनगर द्वारा संबधितों को पत्र क्रमांक 271 दिनांक 06.02.2020 द्वारा नोटिस जारी कर दिनांक 18.02.2020 को उपस्थित होकर नामांतरण आधार तथा आदेश की प्रमाणित प्रति सहित जबाव प्रस्तुत किये जाने का लेख किया गया है। मौजा बदखर की आराजी नं. 343, 352, 353, 355, 381 वर्ष 1958-59 की खतौनी अनुसार सरजू व बेटा पिता पियारे नाई साकिन बिरहुली के नाम दर्ज अभिलेख है। उक्त भूमि के संबंध में तहसीलदार रघुराजनगर द्वारा अनु. अधि. रघुराजनगर को भेजे गये जांच प्रतिवेदन क्रमांक 1441/1 तह.रघु्./2020-21 दिनांक 07.08.2020 में उल्लेख है कि अनावेदक नर्बदा तनय बेटा सा.बिरहुली द्वारा अवैधानिक तरीके से अपने नाम नामांतरण कराकर भूमियों का बिक्रय किया जो त्रुटि पूर्ण है। (ग) अनुविभागीय अधिकारी रघुराजनगर के द्वारा मौजा सतना की आराजी क्रमांक 138 रकवा 1.92 एकड़ के संबंध में जांच दल का गठन किया गया था, गठित जांच दल के प्रथम सदस्य-श्री मणिराज सिंह ना.तह. रघुराजनगर सेवानिवृत्‍त हो जाने के फलस्वरूप पुनः पत्र क्रमांक 582 दिनांक 27.08.2020 द्वारा संशोधित जांच दल का गठन किया। जांच दल द्वारा अभिलेखों का परीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है। (घ) प्रश्‍नांश '' और '' में न्यायालयीन कार्यवाही पूर्ण होने पर न्यायालय द्वारा दिये गये निर्णय के आधार पर कार्यवाही की जा सकेगी। प्रश्‍नांश '' से संबंधित जांच प्रतिवेदन में पाए गए तथ्यों के आधार पर संबंधित लोगों को सुना जाकर विधि अनुसार निर्णय किया जाएगा। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

पैचवर्क के नाम पर राशि का आहरण

[लोक निर्माण]

12. ( क्र. 127 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) क्‍या सतना-सेमरिया मार्ग में निविदा में स्‍वीकृत दर से 10 प्रतिशत से ज्‍यादा राशि का एक्‍सटेंशन लिखित में किया गया है? जारी सभी स्‍वीकृतियों की एक-एक प्रति कार्यालयवार उपलब्‍ध करायें? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित एक्‍सटेंशन कार्य एवं राशि को 10 प्रतिशत से ज्‍यादा नियमों के तहत नहीं किया जा सकता था? इस नियम विरूद्ध कार्य हेतु कौन-कौन जवाबदार है नाम/पदनाम बताएं। (ग) उपसंभाग सतना के अंतर्गत रिंग रोड सोहावल से तिघरा में गुणवत्ताविहिन कार्य करने पर पूरी सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे हो गये है एवं नई बनी सड़क के बाद भी ठेकेदार के विरूद्ध कार्यवाही ना कर 50 लाख रूपये से ज्‍यादा लगभग राशि पैच वर्क के नाम पर आहरित कर ली गई? (घ) शासन कब तक उपयंत्री/सहा. यंत्री एवं तात्‍कालीन कार्यपालन यंत्री को निलंबित कर विभागीय जांच संस्थित करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) नियमों के तहत किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। जी नहीं। परफारमेंस गारंटी के अंतर्गत संविदाकार द्वारा आवश्‍यक मरम्‍मत कार्य किया जा रहा है। (घ) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मसीही अस्पताल को भू-माफियाओं के द्वारा विक्रय

[राजस्व]

13. ( क्र. 140 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मसीही हास्पिटल धार, तत्कालीन धार महाराज द्वारा क्रिश्चन समाज को दान में दी गई दो भूमियों में से एक पर बना हुआ है? (ख) यदि हां तो क्या पिछली सरकार में जिला प्रशासन द्वारा इसे भू-माफिया विरोधी अभियान अंतर्गत अतिक्रमण मुक्त करवाया गया है? (ग) क्या इन भूमियों से संबंधित धार न्यायालय के वार्ड क्रमांक 18अ/80 में डॉ. रत्नाकार दास द्वारा अपने गवाह में उक्त सम्पत्ती को धार महाराज से दान में मिलना तथा अपने को सम्पत्ति‍ का एडमिनिस्ट्रेटर बनाया जाना बताया था? (घ) क्या उक्त अतिक्रमण हटाते समय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) धार द्वारा पत्रकारों से चर्चा में यह कथन दिया गया था कि यह भवन किसी भी संस्था को हास्पिटल संचालन के लिये दिया जा सकता है? यदि हां तो क्या चिकित्सा सेवा के नाम पर इस भूमि को हथियाने के कथित प्रयास को कतिपय भू-माफियाओं द्वारा रचा जा रहा है? (ड.) क्या इस अस्पताल को एक व्यक्ति द्वारा अपने को सम्पत्ति का मालिक बताते हुए विक्रय करने का अनुबंध किया गया है? प्रशासन द्वारा इस सम्पत्ति की अवैध बिक्री को रोकने हेतु क्या कदम उठाये जा रहे हैं? क्या शासन इस भवन में शासकीय मोहल्ला क्लिनिक संचालित किये जाने पर विचार करेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) कलेक्‍टर जिला धार के कार्यालय में मसीही हास्पिटल धार, तत्‍कालीन धार महाराज द्वारा क्रिश्‍चन समाज को दान में देने के संबंध में कोई दस्तावेज उपलब्‍ध नहीं हैं वर्तमान में जो खसरा है उसमें मसीही अस्पताल धार पटवारी हल्का ग्राम नौगांव में स्थित सर्वे नम्बर 770 रकबा 0.493 हेक्टेयर मद नजूल में बना हुआ है। (ख) उक्त भूमि, उपलब्ध अभिलेख अनुसार, नजूल की होने से अनुविभागीय अधिकारी धार के द्वारा नगर पालिका एवं राजस्व अमले के साथ दिनांक 20.12.2019 को भू-माफियाओं विरोधी अभियान के अंतर्गत अतिक्रमण मुक्त कराया जा कर नगर पालिका को अधिपत्य में दिया गया। (ग) उक्त प्रकरण माननीय सिविल न्यायालय का होने से जिला कलेक्‍टर कार्यालय में कोई अभिलेख उपलब्ध नहीं है। (घ) अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा अतिक्रमण हटाते समय पत्रकारों से की गई चर्चा अधिकारिक नहीं होने से उक्त चर्चा के दस्तावेज उपलब्ध नहीं है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा PRO के माध्यम से कोई प्रेस नोट जारी नहीं करवाया गया, जिससे उक्त रिकार्ड अधिकारिक नहीं माना जा सकता। शेष प्रश्‍नांश उद्भूत नहीं होता। (ड.) उपरोक्त शासकीय भूमि बिना वैध अनुमति के सुधीरदार पिता रत्नाकर पीटरदास निवासी मिशन कम्‍पाउंड धार द्वारा अंकित पिता उल्हासमल वडेरा निवासी हा.मु. छोटी ग्वालटोली इन्दौर को विक्रय अनुबंध निष्पादित करने की जांच के संबंध में पूर्व में आवेदन प्राप्त होने पर अनुविभागीय दण्डाधिकारी धार के न्यायालय में राजस्व प्रकरण क्रमांक 488/बी-121/2017-18 पंजीबद्ध किया जाकर, अनावेदक सुधीरदास पिता रत्नाकर पीटरदास निवासी मिशन कंपाउंड धार एवं अंकित पिता उल्हासमल वडेरा निवासी हा.मु. छोटी ग्वालटोली इन्दौर को सूचना पत्र जारी किया जाकर जवाब चाहा गया। अनावेदक के द्वारा उक्त संबंध में माननीय जिला न्यायाधीश धार के दिवानी प्रकरण क्रमांक 23ए/2010, जो की चर्च ऑफ नार्थ इण्डिया ट्रस्ट ऐसोसिएसन के मुख्त्यारआम श्रीमती सुहासीनी रचेल दत्ता द्वारा डॉ श्रीमती ईलापीटरदास, सुधीरदास व डॉ. आर. मोसेज तथा अंकित उल्हास वडेरा में पारित निर्णय दिनांक 21.06.2011 की प्रति प्रस्तुत की गई जिसमें आवेदिका का उक्त वाद निरस्त किया गया। उसके पश्चात माननीय न्यायालय जबलपुर के सिविल रीट पीटीशन क्रमांक 527/2011, जो कि चर्च ऑफ नार्थ इण्डिया ट्रस्ट ऐसोसिएशन नई दिल्ली द्वारा अनावेदक डॉ. श्रीमती ईलापीटरदास, सुधीरदास व डॉ. आर. मोसेज तथा अंकित उल्हास वडेरा के विरूद्ध प्रस्तुत की गई, दिनांक 27.10.2016 को निरस्त की गई। उक्त आदेशों को दृष्टिगत रखते हुए, पूर्व पीठासीन अधिकारी द्वारा प्रकरण क्रमांक 03/अ-68/2007-08 में पारित आदेश दिनांक 22.07.2008 के द्वारा अनावेदक सुधीरदास के विरूद्ध संस्थित कार्यवाही को निरस्त किया जाने से रेस जुडीकेटा की बाधा होने से प्रकरण क्रमांक 488/बी-121/2017-18 की कार्यवाही भी नस्तीबद्ध की गई है। किंतु उक्त भूमि राजस्व अभिलेख में नजूल अंकित होने से वर्तमान में उक्त भूमि पर निर्मित अस्पताल एवं उसमें संचालित 6 दुकानों का अधिपत्य प्राप्त कर, शासनहित में नगर पालिका के संरक्षण में दी गई है। उक्‍त भवन में शासकीय मोहतला क्‍लीनिक संचालित करने की वर्तमान में कोई योजना नहीं है।

 

 

महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत संचालित योजनाऍ

[महिला एवं बाल विकास]

14. ( क्र. 144 ) श्री रामलाल मालवीय : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विभाग अंतर्गत कौन-कौन सी योजनाऍ संचालित हैं? योजनाओं के संचालन के क्या-क्या नियम निर्देश हैं? उज्जैन जिले में 1 जनवरी 2016 से आज दिनांक तक कौन-कौन सी योजना के लिए किस-किस मद में कितना-कितना आवंटन प्राप्त हुआ? (ख) उज्जैन जिले में            किस-किस विधान सभा क्षेत्र में क्या-क्या कार्य/योजनाऍ स्वीकृत हैं? प्राप्त आवंटन के विरूद्ध किस-किस कार्य पर कितना-कितना व्यय किया गया? विधानसभा क्षेत्रवार बतावें। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार स्वीकृत कार्यों/योजनाओं की प्रगति क्या है? स्वीकृत कार्यों/योजनाओं में किन-किन कार्यों की शिकायत प्राप्त हुई है? शिकायत किसके द्वारा की गई है? शिकायत का क्या निष्कर्ष निकला है?           (घ) कोरोना 19 के दौर में विभाग की आंगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से क्या-क्या कार्य/सहयोग किया गया? दर्ज बच्चों को क्या लाभ दिया गया? इसके लिए किस स्तर से क्या आदेश निर्देश प्राप्त हुए? आदेशों निर्देशों की प्रति देवें।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती इमरती देवी ) : (क) विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। योजनाओं के संचालन के नियम निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार है। उज्जैन जिले में 1 जनवरी 2016 से आज दिनांक तक योजनावार मदवार प्राप्त आवंटन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-03 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-04 अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार स्वीकृत कार्यों/योजनाओं की प्रगति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -05 अनुसार है। स्वीकृत कार्यों/योजनाओं में कार्यों की शिकायत निरंक है, अतः शेष का प्रश्न ही नहीं है। (घ) कोरोना 19 के दौरान आंगनवाड़ी केन्द्रों का संचालन स्थगित किया गया है, किन्तु आंगनवाड़ी के अमले के माध्यम से निगरानी कार्य एवं समुदाय को आवश्यक समझाईश देने का कार्य एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा आंगनवाड़ी केन्द्रों में नियमित टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श सेवाऐं तथा आंगनवाड़ी केन्द्रों में दर्ज हितग्राहियों को टी.एच.आर./रेडीटूईट पौष्टिक सत्तु का वितरण किया गया। इस हेतु संचालनालय स्तर से जारी निर्देशों के पत्रों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-06 अनुसार है।

ग्रामीण नलजल योजनाएं

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

15. ( क्र. 160 ) श्री श्याम लाल द्विवेदी : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) त्योंथर विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत संचालित ग्रामीण नलजल योजनाओं की वर्तमान स्थिति क्या है? योजनाओं के संबंध में स्पष्‍ट विवरण प्रदान किया जाए। (ख) वर्तमान में कितनी योजनाएं/संचालित है कितनी अधूरी पड़ी है कितनी योजनाएं स्थायी रूप से बंद हो चुकी हैं उक्त योजनाओं के संबंध में आगामी विभागीय योजनाए क्या हैं? (ग) प्रश्नांश (ख) के प्रतिउत्तर के आधार पर यह स्पष्‍ट किया जाए की शासन/विभाग के ग्रामीण क्षेत्रो में शुद्ध जल उपलब्धता की नयी योजनाओं के संबंध में क्या स्थिति है?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत रेट्रोफिटिंग द्वारा वर्ष 2024 तक सभी ग्रामों के सभी घरों में क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने की योजना है। (ग) जल जीवन मिशन के अंतर्गत कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

परिशिष्ट - "छब्बीस"

शासकीय भूमि को फर्जी तरीके से हड़पने वालों पर कार्यवाही

[राजस्व]

16. ( क्र. 170 ) श्री मनोज चावला : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कि रतलाम जिले के आलोट तहसील में श्री हनुमान मंदिर प्रमिला गंज आलोट प्रबंधक कलेक्टर रतलाम के नाम से भूमि सर्वे क्रमांक 1351 रकबा 1.181 हेक्टेयर की भूमि दर्ज है। (ख) क्या उक्त भूमि के पास में सर्वे नंबर 1345 स्थित है तथा उक्त भूमि का बटांकन होकर 1345/एक, 1345/ दो, 1345/ तीन, 345/चार,1345/5,1345/6 अलग-अलग भूमि स्वामी के नाम से दर्ज है। (ग) क्या उक्त सर्वे नंबर 1345 के बटांकन पश्चात वर्ष 2010-11 के पूर्व 1345 बटा 7 रकबा 0.379 आरी का राजस्व अभिलेखों में अस्तित्व था यदि नहीं, तो क्या राजस्व अभिलेखों में सर्वे नंबर 1351 शासकीय मंदिर भूमि में नक्शे में फर्जी नक्शा काटकर सर्वे नंबर 1345 बटा 7 की कूट रचना की है। (घ) क्या करोड़ों रुपए की शासकीय भूमि को फर्जी तरीके से हड़पने का प्रयास किया गया यदि हां तो इसमें किन-किन व्यक्तियों तथा राजस्व कर्मचारी अधिकारी भू-माफियाओं का सहयोग रहा? (ड.) क्या उक्त भूमि के संबंध में जिला कलेक्टर को शिकायत प्राप्त हुई? यदि हां तो अब तक क्या कार्रवाई की गई यदि नहीं, तो क्यों? उक्त मंदिर की भूमि कब तक भू-माफियाओं से मुक्त करा कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई कर दी जाएगी।

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) सर्वे क्रमांक 1345 का बटांकन वर्ष 2011 के पूर्व 1345/7 रकबा 0.379 हे.राजस्व अभिलेख में अस्तिव में नहीं था। तहसीलदार आलोट के न्यायालयीन प्र.क्रं. 23/अ/6अ/2011-12 में पारित आदेश दिनांक 30/04/2012 द्वारा रिकार्ड दुरूस्त किया गया। (घ) शासकीय रिकार्ड की जांच की कार्यवाही तहसील आलोट के न्यायालयीन प्र.क्र. क्रं. 0056/बी-121/2020-21 में प्रचलित है। जांच पूर्ण होने पर स्पष्ट होगा।                (ड.) जी हाँ। श्रवण सिंह पिता नागू सिह सोलंकी से शिकायत प्राप्त हुई थी, उक्त शिकायत की जांच की कार्यवाही प्रचलित है। मंदिर की भूमि का रकबा 1.81 हेक्टर यथावत है। जांच में पाए गए तथ्यों एवं गुण दोषों के आधार पर विधि संगत कार्यवाही की जावेगी।

निर्मित वेयर हाउस की शिकायत

[नगरीय विकास एवं आवास]

17. ( क्र. 171 ) श्री मनोज चावला : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आलोट एवं ताल तहसील में व्यवसायी मनोज काला के स्वामित्व के बनाए गए श्रीनाथ फैसिलिटी वेयरहाउस में से अधिकांश नियम विरुद्ध बनाए गए होने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। (ख) क्या आलोट कृषि उपज मंडी के पीछे व्यवसाई मनोज काला द्वारा निर्मित वेयर हाउस नगर पंचायत आलोट की सीमा क्षेत्र में बगैर किसी वैधानिक अनुमति के निर्मित किया गया है तथा उक्त वेयर हाउस में नगर तथा ग्राम निवेश विभाग द्वारा स्वीकृत नक्शे अथवा अन्य शासकीय आवश्यक सभी आवश्यक दस्तावेजों को दरकिनार कर पूर्णता अवैध बनाया गया है।              (ग) यदि हां तो उक्त पर क्या कार्रवाई प्रस्तावित है क्या उक्त अवैध वेयर हाउस को तोड़ा जाएगा यदि हां तो कब तक। (घ) क्या व्यवसायी मनोज काला द्वारा ताल आलोट रोड पर रेलवे फाटक के पास निर्मित एक वेयर हाउस व आम रोड के बीच, ग्राम पंचायत मऊखेड़ी द्वारा निर्मित तालाब को बंद कर उस पर अतिक्रमण कर गोडाउन वॉल फेंसिंग कर दी है? (ड.) उक्‍त संबंध में क्‍या शिकायतों की जांच राजस्व अधिकारियों के पास लंबित है क्या शिकायत प्रमाणित पाई गई है यदि हां तो अतिक्रमणकर्ता के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जा रही है तथा कब तक कार्रवाई पूर्ण हो जाएगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। जी हाँ। (ग) नगर परिषद आलोट द्वारा संबंधित को सूचना पत्र क्रमांक 3116/2019 दिनांक 03/12/2019 एवं क्रमांक 3186/2019 दिनांक 06/12/2019 जारी किया गया है। वेयर हाउस में वर्तमान में समर्थन मूल्‍य पर क्रय किये गये गेंहू का भण्‍डारण किया गया है। शासकीय भण्‍डारण को खाली कराने के उपरांत ही कार्यवाही की जा सकेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जी नहीं। (ड.) जांच प्रक्रियाधीन है, जांच प्रतिवेदन अनुसार गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही की जावेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं हैं।

ब्लॉक हिस्ट्री के गायब होने की जांच

[राजस्व]

18. ( क्र. 210 ) श्री राजेश कुमार शुक्‍ला : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्न क्रमांक 2423 दिनांक 19 मार्च 2008 एवं प्रश्न क्रमांक 4821 दिनांक 4 अगस्त 2009 के उत्तर में छतरपुर वनमंडल की उपलब्ध बताई गई 229 वनखंडों की ब्लॉक हिस्ट्री गायब होने के कारण वनखंडों में शामिल निजी भूमि की जानकारी प्रश्नांकित दिनांक तक निरंक बताई जा रही है? (ख) किस वनमंडल में किस ग्राम की कितनी शासकीय, निजी एवं अहस्तान्तरित भूमि शामिल किए जाने का ब्‍यौरा ब्लॉक हिस्ट्री में दर्ज किया गया वह ब्लॉक हिस्ट्री वनमंडल से कब और किसने गायब की पद एवं नाम सहित जानकारी प्रदाय करें? (ग) वनमंडल में ब्लॉक हिस्ट्री उपलब्ध नहीं होने के बाद भी प्रश्न क्रमांक 2423 दिनांक 19-3-2008 एवं 4821 दिनांक 4-8-2009 में 229 वनखंडों की ब्लॉक हिस्ट्री उपलब्ध होने की गलत जानकारी दिए जाने का क्या कारण रहा है. इसके लिए शासन किसे जिम्मेदार मानता है? उस पर कब तक क्या कार्यवाही की जावेगी?

 राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) विधान सभा प्रश्‍न क्रमांक 2423 दिनांक 19 मार्च 2008 तथा प्रश्‍न क्रमांक 4821 दिनांक 04 अगस्‍त 2009 है। वर्तमान में कार्यालयीन अभिलेख अनुसार वनमण्‍डल छतरपुर की 229 वनखण्‍डों की ब्‍लॉक हिस्‍ट्री उपलब्‍ध नहीं है। ब्‍लॉक हिस्‍ट्री उपलब्‍ध न होने के कारण वनखण्‍ड में शामिल निजी भूमियों की जानकारी नहीं है। (ख) वनमण्‍डल छतरपुर में वर्तमान में ब्‍लॉक हिस्‍ट्री की अनुपलब्‍धता के कारण जानकारी उपलब्‍ध नहीं है।               (ग) प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

 

ताकायमी कारखानों एवं सिंहस्थ की सरकारी भूमि पर अतिक्रमण

[राजस्व]

19. ( क्र. 218 ) श्री महेश परमार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ताकायमी कारखानों की भूमि एवं सिंहस्थ की भूमि पर कॉलोनी काटने एवं विकास करने का कोई प्रावधान है? यदि हाँ तो अवगत करायें और यदि नहीं, तो, उज्‍जैन जिला अन्‍तर्गत उक्त भूमि पर विकसित कॉलोनियों की वैधता एवं अतिक्रमण का विवरण प्रस्‍तुत करें। (ख) उक्त भूमि पर कॉलोनियों को स्वीकृति देने वाले संदिग्‍ध अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्यवाही के लिए विभाग द्वारा क्या कदम उठाए गए है? ऐसी कितनी भूमि है जिन्हें अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए चिन्हित किया गया है? गंतव्य स्थल, जिम्मेदार अधिकारी सहित पूर्ण विवरण देवें। जैसे पूर्व में मालवा कॉटन की भूमि पर निजी लोगों का अतिक्रमण पाया गया था, इसी प्रकार मक्सी रोड शराब गोदाम के पास 35 बीघा जमीन पर कब्जे की शिकायत पर की गयी कार्यवाही से अवगत कराएं। (ग) अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष नरेंद्र गिरि की शिकायत सिंहस्थ मेला क्षेत्र में अतिक्रमण एवं नई कोलोनियां बनाने की चिंता को लेकर प्रशासन से बार-बार मांग की जा रही है कि इस सभी को लेकर उज्जैन ज़िला प्रशासन एवं शासन द्वारा क्या कदम उठाए गए हैं?                     (घ) उज्जैन नगर निगम क्षेत्र में कितने बीघा सरकारी जमीन पर भू-माफियाओं ने कॉलोनी काटी और बेची? उन पर कि गयी कार्यवाही का विवरण प्रदान करें।

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) तकायमी कारखानों की भूमि एवं सिंहस्‍थ की भूमि पर कॉलोनी काटने एवं विकास करने का कोई प्रावधान नहीं है। नगर निगम उज्‍जैन के द्वारा ताकायमी कारखानों की भूमि एवं सिंहस्‍थ क्षेत्र के लिए आरक्षित भूमि पर कोई भी कालोनी विकास करने की अनुमति जारी नहीं की गई है अपितु सिंहस्‍थ मेला क्षेत्र में अवैध कालोनी काटने वाले 10 कालोनाईजर के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज करने की कार्यवाही की गई है। विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र – अ अनुसार है। (ख) नगर निगम उज्‍जैन के द्वारा ताकायमी कारखानों की भूमि एवं सिंहस्‍थ क्षेत्र के लिए आरक्षित भूमि पर कोई भी कालोनी विकास करने की अनुमति जारी नहीं की गई है। अत: किसी अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्‍न उद्भुत नहीं होता। मक्‍सी रोड शराब गोदाम के पास 35 बीघा जमीन पर कब्‍जे की शिकायत पर दल गठन कर सीमांकन कार्य करवाया जा रहा है। सीमांकन दल गठन  आदेश  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्रब अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश (क) अनुसार कार्यवाही की गई। (घ) उज्‍जैन नगर निगम के द्वारा 03 अवैध कालोनाईजरों के विरूद्ध शासकीय भूमि पर अवैध कालोनी काटने के लिए संबंधित थानों में एफ.आई.आर. दर्ज करने की कार्यवाही की गई है। 01 कालोनाईजर के विरूद्ध ई.ओ.डब्‍ल्‍यू. में प्रकरण पंजीबद्ध है एवं 01 कालोनाईजर के विरूद्ध एफ.आई.आर. की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्रस अनुसार है।

व्यवस्था में लगे परिवहन, एजेंसी का अनुबंध एवं भुगतान

[परिवहन]

20. ( क्र. 219 ) श्री महेश परमार, श्री रामलाल मालवीय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश एवं उज्जैन ज़िले में प्रवासी मजदूरों को लाने ले जाने में कुल कितने वाहनों का प्रयोग शासन एवं प्रशासन के द्वारा किया गया? किस एजेंसी के माध्यम से किया गया? किस अनुबंध के आधार पर किया गया? व्यवस्था की ज़िम्मेदारी किस अधिकारी को दी गयी? पूर्ण विवरण देवें। (ख) प्रवासी मजदूरों को किस गंतव्य स्थान से लाया गया? प्रवासी मजदूरों की जिलेवार संख्या देवें? परिवहन लगने की दिनांक, समाप्ति की दिनांक गंतव्य स्थान जहां से लाये और जहां ले जाया गया, टोल रशीद, प्रयुक्त वाहनों की बीमा फिटनेस की कॉपी, मालिकों का विवरण, भुगतान राशि और दिनांक और गाड़ी संख्या सहित पूर्ण विवरण प्रदान करें। (ग) प्रवासी मजदूरों के परिवहन के लिए परिवहन विभाग द्वारा किन-किन अधिकारियों को किस अवधि के लिए, कौन-कौन सी जिम्मेदारियों के साथ तैनात किया गया? उन सभी का डाटा और वेरिफिकेशन रिपोर्ट के साथ उच्च स्तरीय पर्यवेक्षण एवं निगरानी रखने वाले समीक्षा करने वाले सभी मॉनिटरिंग करने वाले दलों का विवरण, नाम, पते, पद व दिनांक सहित उनके द्वारा विभाग की दी गयी प्रमाणित रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। (घ) प्रवासी मजदूरों पर किस मद से, कितनी राशि का, जिलेवार भुगतान किया गया और प्रत्येक जिले में किन एजेसियों को कब-कब किया गया?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

अमलतास कालोनी फेस-2 में मूलभूत सुविधाओं का अभाव

[नगरीय विकास एवं आवास]

21. ( क्र. 238 ) श्री पी.सी. शर्मा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र क्र. 152 दक्षिण-पश्चिम विधान सभा भोपाल के वार्ड नं. 30 में दानिश कुंज सोसायटी द्वारा अमलतास कॉलोनी फेस-2 निर्मित की गई है?                 (ख) प्रश्‍नांकित कॉलोनी नगर-निगम भोपाल को कब हेण्‍ड ओवर की गई? क्‍या प्रश्‍नांकित सोसायटी द्वारा मूलभूत सुविधाओं अंतर्गत स्‍ट्रीट लाईट, पानी, सड़क, सफाई आदि विकास शुल्‍क नगर-निगम भोपाल में अधिग्रहण के समय जमा किया गया था? (ग) क्‍या प्रश्‍नांकित कॉलोनियों के निवासियों द्वारा संपत्तिकर, जलकर आदि समस्‍त करों का नियमित रूप से प्रदाय नगर निगम को किया जा रहा है? (घ) यदि हां तो प्रश्नांश (क) से लेकर (ग) तक विकास शुल्‍क जमा किये जाने, समस्‍त करों का भुगतान किये जाने के उपरांत भी नगर-निगम भोपाल द्वारा अभी तक अमलतास कॉलोनी फेस-2 में क्‍या-क्‍या मूल‍भूत सुविधाएं उपलब्‍ध कराई है? उपर्युक्‍त सुविधाओं की प्राप्ति के लिये रहवासियों के द्वारा नगर-निगम ने कब-कब शिकायतें की गई, उनका निराकरण कब-कब किया गया? यदि नहीं, किया गया तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्नांकित कालोनी नगर निगम, भोपाल को हेंड ओवर नहीं की गई है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 132 के अंतर्गत नगर के भीतर स्थित भवनों भूमि स्वामियों से करों की वसूली की जाती है। (घ) प्रश्नांकित कालोनी नगर निगम, भोपाल को हेंड ओवर नहीं की गई है। नगर निगम द्वारा कालोनी में घर-घर से कचरा संग्रहण का कार्य निरंतर किया जा रहा है एवं समय-समय पर साफ-सफाई का कार्य भी कराया जाता है तथा कीटनाशक दवाओं का भी छिड़काव भी कराया जाता है। दानिश कुंज सोसायटी द्वारा पानी की सुविधा हेतु पत्राचार नहीं किया गया है। सोसायटी की मांग अनुसार बल्क कनेक्शन दिया जा सकता है। निगम की भवन अनुज्ञा, यांत्रिक एवं विद्युत शाखा में रहवासियों की ओर से विभाग को कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।

प्रियंका नगर में मूलभूत सुविधाओं का अभाव

[नगरीय विकास एवं आवास]

22. ( क्र. 239 ) श्री पी.सी. शर्मा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजहर्ष गृह निर्माण सहकारी संस्‍था, मर्यादित भोपाल पंजीयन क्रमांक डी.आर.बी. 318, दिनांक 08.02.1983 अंतर्गत समिति ने गेहूंखेड़ा, कोलार रोड पर स्थित प्रियंका नगर कॉलोनी को नगर निगम भोपाल को कब सौंपा गया? (ख) क्‍या प्रश्‍नांकित समिति द्वारा प्रियंका नगर के मूलभूत अधोसंरचना एवं विकास कार्य हेतु विकास शुल्‍क नगर निगम को दी गई है? यदि हां तो कब, कितनी राशि दी गई? यदि विकास शुल्‍क पूर्ण रूप से जमा किया गया है तो नगर निगम भोपाल ने प्रियंका नगर में समस्‍त मूलभूत अधोसंरचना एवं सी.सी. रोड का निर्माण करा दिया है? यदि नहीं, कराया तो कहॉ-कहॉ शेष है? (ग) क्‍या प्रश्‍नांकित प्रियंका नगर में नगर निगम भोपाल द्वारा प्रस्‍तावित सभी मार्गों पर सी.सी. रोड बनाई गई है? यदि नहीं, तो किन-किन मार्गों पर सी.सी. रोड निर्मित होना कब से लंबित है? (घ) क्‍या प्रश्‍नांकित प्‍लॉट क्रमांक पी.109 से पी. 104 तक एवं प्‍लॉट क्र. पी 96 से पी. 90 तक सी.सी. रोड का निर्माण किया गया है? यदि नहीं, तो स्‍वीकृति के उपरांत भी सी.सी. रोड निर्माण नहीं किये जाने का क्‍या कारण है? नगर निगम भोपाल द्वारा वर्षाकाल में पानी भराव, कीचड़ आदि समस्‍याओं को दृष्टिगत रख रहवासियों की सुविधा हेतु सी.सी. रोड का निर्माण कब तक कराया जावेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) प्रियंका नगर कालोनी दि.30-06-1992 को तत्कालीन ग्राम पंचायत बैरागढ़ चीचली को हस्तांतरित की गई थी, तत्पश्चात् ग्राम पंचायत बैरागढ़ चीचली को नगर पालिका कोलार में सम्मिलित किया गया तथा नवम्बर 2014 में कोलार नगर पालिका को नगर पालिक निगम, भोपाल में सम्मिलित किया गया। (ख) जी नहीं। समिति द्वारा प्रियंका नगर में मूलभूत अधोसरंचना एवं विकास कार्य स्वयं सम्पादित किये गये है। विकास कार्यों हेतु समिति द्वारा कोई राशि नगर निगम भोपाल, में जमा नहीं की गई है इस कारण नगर निगम द्वारा समस्त मूलभूत अधोसंरचना एवं सी.सी. रोड के निर्माण का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। नगर निगम भोपाल, द्वारा केवल समिति द्वारा किये गये विकास कार्यों के रखरखाव हेतु संधारण शुल्क लिया जाता है। प्रियंका नगर कॉलोनी के समस्त मूलभूत अधोसरंचना के कार्य पूर्ण रूप से नहीं कराये गये है। प्रियंका नगर जी-सेक्टर, पी-सेक्टर एवं पुलिस हाउसिंग सोसायटी प्रियंका नगर में सी.सी. सड़क एवं अन्य मूलभूत संरचनाओं के कार्य शेष हैं। (ग) प्रियंका नगर में नगर निगम द्वारा समय-समय पर कुछ मार्गों का सी.सी. सड़क निर्माण किया गया है। नवीन सड़क निर्माण कार्यों के कोई प्रस्ताव वर्तमान में लंबित नहीं है। (घ) पी-109 से पी-104 एवं पी-96 से पी-90 तक सी.सी. सड़क का निर्माण नहीं किया गया है। उक्त मार्गों पर सी.सी. सड़क निर्माण का कार्य स्वीकृत नहीं है। बजट उपलब्धता एवं सक्षम स्वीकृति उपरांत सी.सी. सड़क निर्माण का कार्य कराया जाना संभव होगा। जिसकी समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

 

समर्थन मूल्‍य पर गेहूँ की खरीदी एवं भण्‍डारण

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

23. ( क्र. 256 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                        (क) मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2019-20 में समर्थन मूल्‍य पर कितने-कितने मैट्रिक टन गेहूँ/धान/चना की खरीदी की गई एवं इस हेतु कितना-कितना भुगतान किया गया? (ख) समर्थन मूल्‍य पर खरीदी गई उक्‍त उपज के भण्‍डारण हेतु शासन द्वारा क्‍या-क्‍या व्‍यवस्‍था की गई?                (ग) क्‍या बरसात के दौरान समर्थन मूल्‍य पर खरीदा गया गेहूँ उचित भण्‍डारण के अभाव में खराब हो गया? यदि हां तो कितनी मात्रा में गेहूँ खराब हो गया एवं इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है? क्‍या इसकी जांच कराकर संबंधितों के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी? (घ) क्‍या प्रदेश में समर्थन मूल्‍य पर खरीदे गए गेहूँ के बरसात से भीग जाने की विस्‍तृत रिपोर्ट केन्‍द्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली मंत्री भारत सरकार द्वारा राज्‍य शासन से मांगी गई है? यदि हाँ, तो राज्‍य शासन द्वारा क्‍या रिपोर्ट भेजी गई? (ड.) क्‍या सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वितरित किए जाने वाला गेहूँ उत्‍तर प्रदेश से सागर जिले के सुरखी में समर्थन मूल्‍य पर बेचे जाने का शासन के संज्ञान में आया है? यदि हाँ, तो क्‍या इसकी जांच कराई जाकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों और कब तक की जायेगी?

खाद्य मंत्री ( श्री बिसाहूलाल सिंह ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

दोषी ठेकेदार के ऊपर कार्यवाही

[लोक निर्माण]

24. ( क्र. 266 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले के मुख्‍यालय के बीच से निकले नेशनल हाईवे-75 के रैगांव मोड़ से माधवगढ़ तक रख-रखाव व संधारण की जिम्‍मेदारी किस निर्माण एजेंसी के पास है? (ख) पिछले 5 वर्षों में नेशनल हाईवे के रखरखाव व मेंटनेंस में क्‍या-क्‍या कार्य कराये गये और इसमें कितनी राशि खर्च की सम्‍पूर्ण ब्‍यौरा उपलब्‍ध करायें? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के अनुसार यह कार्य किन-किन ठेकेदारों के द्वारा कितनी लागत से कराया गया? क्‍या निर्माण कार्यों की गुणवत्‍ता जांची गई या नहीं? गुणवत्‍ताविहीन कार्य होने पर ठेकेदारों के खिलाफ क्‍या-क्‍या कार्यवाही हुई? सम्‍पूर्ण जानकारी दिनांक सहित उपलब्‍ध करायें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) लोक निर्माण विभाग रा.रा. संभाग रीवा के अंतर्गत है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

दोषी ठेकेदार पर कार्यवाही

[नगरीय विकास एवं आवास]

25. ( क्र. 267 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना नगर निगम को सीवर लाइन प्रोजेक्‍ट कब दिया गया तथा वह कितनी लागत का था और कितने समय में इस कार्य को पूरा करने का ठेका किस कम्‍पनी को नगर निगम द्वारा दिया गया? (ख) क्‍या सतना नगर निगम में सीवर प्रोजेक्‍ट फेल हुआ तथा अब शहर में सीवर प्रोजेक्‍ट बंद पड़ा है? कई इलाकों में सड़के खोदकर नगर निगम व लोक निर्माण विभाग और जनता के रूपयों का दुरूपयोग किया गया? यदि हां तो क्‍या ठेका एजेंसी पर गुणवत्‍ताहीन कार्य किये जाने के कारण क्‍या ठेकेदार पर कोई कार्यवाही की गई? यदि की गई तो विवरण दें और नहीं की गई तो क्‍यों? (ग) क्‍या सतना नगर निगम में ठेका कम्‍पनी पर तीन करोड़ की पेनाल्‍टी लगाई थी तो बाद में इसे राहत क्‍यों दे दी गई? (घ) क्‍या नगर निगम सतना ने टेण्‍डर निरस्‍त कर दिया है लेकिन सड़कों की हालत जर्जर हो गई है? रेस्‍टोरेशन सही ढंग से नहीं किया गया? जिससे आये दिन शहर में हादसे हो रहे हैं? यदि हां तो क्‍या दोषियों पर कार्यवाही की जा रही है? यदि नहीं, की जा रही है तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) अमृत मिशन अंतर्गत राज्य स्तरीय तकनीकी समिति द्वारा दिनांक 25.01.2016 को नगर पालिक निगम, सतना हेतु राशि रू. 175.55 करोड़ की सीवरेज परियोजना स्वीकृत की गई। 36 माह की अवधि में कार्यपूर्ण करने हेतु, मेसर्स के.के. स्पन इंडिया लिमिटेड, नई दिल्ली को दिनांक 05.12.2016 को कार्यादेश दिया गया। (ख) जी नहीं, सीवर प्रोजेक्ट का कार्य प्रगतिरत है। किसी भी जगह सड़के खोदकर नगर निगम, लोक निर्माण विभाग एवं जनता के पैसों का दुरूपयोग नहीं किया गया है। सड़के पाईप लाईन डालने के लिये खोदी गई हैं, जिनका अनुबंध अनुसार रेस्टोरेशन निर्माण कम्पनी को करना है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। अमृत योजना के कार्यों की देखरेख एवं गुणवत्ता नियंत्रण हेतु नियुक्त पी.डी.एम.सी. (प्रोजेक्ट डेवलपमेंट एण्ड मैनेजमेंट कंसल्टेंट) द्वारा पुनरीक्षित माइलस्टोन के परिप्रेक्ष्य में लिक्विडेटेड डैमेज अंतर्गत रोकी गई राशि जारी करने की अनुंशसा के आधार पर राशि संविदाकार को जारी की गई है। (घ) नगर पालिक निगम, सतना द्वारा परियोजना के अनुबंध को समाप्त करने की कार्यवाही को अपीलीय अधिकारी, संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास द्वारा निलंबित कर, संविदाकार को कार्य करने के लिए 06 माह की समय-सीमा वृद्धि की गई है। संविदाकार द्वारा जिन स्थानों पर रेस्टोरेशन का कार्य ठीक से नहीं किया गया है वहाँ कार्य में सुधार कराया गया है। रेस्टोरेशन के कार्य में कमी के कारण शहर में कोई हादसे नहीं हो रहे हैं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

वेयर हाउसिंग एण्‍ड लॉजिस्टिक्‍स गोदामों की स्‍वीकृति

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

26. ( क्र. 278 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                  (क) वेयर हाउसिंग एण्‍ड लाजिस्टिक्‍स गोदामों को बनाए जाने हेतु शासन ने क्‍या-क्‍या मापदण्‍ड बनाएं हैं? ऐसे सभी आदेशों की छाया प्रतियां प्रदाय करें एवं यह भी बताएं इसमें कितना लोन एवं कितनी छूट प्रदाय की जाती है? (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर बताएं कि टीकमगढ़, छतरपुर एवं निवाड़ी जिले में वर्तमान स्थिति में कहां-कहां, कितनी-कितनी राशि से कितने क्षमता भण्‍डारण का गोदाम किस-किस की कितनी-कितनी भूमि पर बने हैं? कौन-कौन सी बैंकों से या इसी विभाग से कितनी-कितनी राशि का लोन किसने लिया था और कितनी-कितनी राशि की छूट प्रदाय की गई है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताएं कि टीकमगढ़ जिले में लिधौरा, जतारा एवं पलेरा तहसीलों में गोदामों की संख्‍या कितनी-कितनी है, यह कहां बने हैं? प्रश्‍न दिनांक तक इनके मालिक कौन-कौन हैं? क्‍या ऐसे गोदामों की इन तहसीलों में संख्‍या कम नहीं हैं अगर हाँ तो और स्‍वीकृत किये जावेंगे तो यदि हाँ तो कब तक और नहीं तो क्‍यों?

खाद्य मंत्री ( श्री बिसाहूलाल सिंह ) :  (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

सड़कों के लिए भवन राशि स्‍वीकृत कराना

[लोक निर्माण]

27. ( क्र. 279 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिनांक 11/07/2019 के अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 81 (1119) नवीन सड़क, पुल एवं भवनों के निर्माण हेतु राशि स्‍वीकृत करने हेतु पूछे गये प्रश्‍न के उत्‍तर में बताया गया था कि वर्ष 2019-20 में टीकमगढ़ जिले में एक भी सड़क पुल एवं भवनों के निर्माण हेतु राशि स्‍वीकृत नहीं की गई थी? (ख) प्रश्नांश (क) के उत्‍तर में यह भी बताया गया था कि मात्र नवीन जिला निवाड़ी के विधानसभा क्षेत्र पृथ्‍वीपुर के अंतर्गत दो सड़कें कैरीपुरा से मड़वा लड़वारी मार्ग लंबाई 07 कि.मी. लागत 420 लाख एवं दूसरी सड़क लहरगुवां से सिद्ध गणेश वाया खर बम्‍हौरी लम्‍बाई 08 कि.मी. 480 लाख की स्‍वीकृत की गई थी? मात्र दो सड़कें क्‍यों? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताएं कि टीकमगढ़ जिले से कौन-कौन से सड़क भवन एवं पुलों के निर्माण हेतु वर्ष 2020-21 के बजट में कार्य स्‍वीकृत कराने कौन-कौन से कार्यों की स्‍वीकृति हेतु जिले से प्रस्‍ताव डी.पी.आर. सहित बनकर आए हैं? उनके नाम लागत सहित जानकारी दें और यह कहां पर लंबित रखे हैं? इन कार्यों की स्‍वीकृति कब तक दी जावेगी? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बताएं कि प्रश्‍नकर्ता द्वारा जो विभागीय मंत्री जी एवं जिले में प्रश्‍नकर्ता के क्षेत्र जतारा विधानसभा क्षेत्र में कार्यों की स्‍वीकृति हेतु पत्र दिये गये थे ऐसे कार्यों के बजट में स्‍वीकृति दी जावेगी तो कब तक और नहीं तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। भवन कार्य की जानकारी संलग्न प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जी हाँ। विभाग में उपलब्‍ध वित्‍तीय संसाधन के अनुसार ही स्‍वीकृति जारी की गई है। (ग) कोई नहीं, शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। भवन कार्य की जानकारी संलग्न प्रपत्र '' अनुसार है। समय-सीमा बताया जाना संभवा नहीं। (घ) उपलब्‍ध वित्‍तीय संसाधन के अनुसार विभाग द्वारा स्‍वीकृति की कार्यवाही की जाती है वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "सत्ताईस"

भवनों/सड़कों की मरम्‍मत एवं निर्माण कार्य

[लोक निर्माण]

28. ( क्र. 292 ) श्री प्रह्लाद लोधी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि      (क) पन्‍ना जिले में विगत 03 वर्षों में लोक निर्माण विभाग के द्वारा किन-किन भवनों एवं सड़कों की मरम्‍मत का कार्य कितनी-कितनी लागत से किया गया है और मरम्‍मत के कार्यों की स्‍वीकृति किस सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रदान की गयी और मरम्‍मत के कार्यों का निरीक्षण एवं परीक्षण और भौतिक सत्‍यापन किन-किन शासकीय सेवकों द्वारा कब-कब किया गया? (ख) पन्‍ना जिले में विगत 03 वर्षों में किन-किन भवनों एवं सड़कों के निर्माण का कार्य विभाग द्वारा कितनी-कितनी लागत से किया गया है और निर्माण के कार्यों की स्‍वीकृति किस सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रदान की गयी और निर्माण के कार्यों का निरीक्षण एवं परीक्षण और भौतिक सत्‍यापन किन-किन शासकीय सेवकों द्वारा कब-कब किया गया? (ग) प्रगतिरत इन कार्यों के कार्यादेश कब-कब किए गए थे एवं निर्माण कार्यों के पूर्ण होने की समयावधि क्‍या थी और सड़कों के निर्माण का कार्य-कार्यक्रम (WORK PROGRAMME) क्‍या था निर्माण/सड़क बार बतायें। (घ) प्रश्नांश (ख) से (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में बतायें, कि क्‍या भवनों एवं सड़कों का निर्माण नियत अवधि में पूर्ण नहीं हुआ है और निर्माण कार्य नियत कार्य-कार्यक्रम (WORK PROGRAMME) से विलम्‍ब से चल रहे है? यदि हाँ, तो कौन-कौन से निर्माण कार्यों में किन कारणों से विलम्‍ब हुआ है और इस पर अब तक क्‍या कार्यवाही की गयी है एवं की जा रही है? यदि नहीं, तो क्‍या ऐसा ना होना सत्‍यापित किया जायेंगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '', 'अ-1' एवं 'अ-3' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'अ-2', '', 'ब-1' एवं 'ब-2' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'अ-2', '', 'स-1' एवं 'स-2' अनुसार है। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'अ-2', '', 'स-1' एवं 'स-2' अनुसार है।

जिला जबलपुर को आवंटित 36 एकड़ जमीन बाबत

[आयुष]

29. ( क्र. 295 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या राज्यमंत्री, आयुष महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय ग्वारीघाट जिला जबलपुर को शासन द्वारा 36 एकड़  जमीन आवंटित की गई है? (ख) क्या उक्त शासकीय भूमि के ठीक बाजू में प्राइवेट कोलोनाईजर द्वारा आवास निर्मित किये जा रहे हैं? (ग) क्या आवंटित जमीन में से लगभग आधा किलोमीटर लम्बी एवं 100 फीट चौड़ी जमीन प्राइवेट जमीन के साथ छोड़ी गई है? यदि हां तो कारण बतावे? (घ) क्या आवंटित जमीन का उपयोग शैक्षणिक प्रयोजन हेतु किया जावेगा?

राज्यमंत्री, आयुष ( श्री रामकिशोर (नानो) कावरे ) : (क) 36.9 एकड़ भूमि आवंटित की गई है।             (ख) जी नहीं। (ग) लगभग 40 फीट चौड़ी जमीन। कारण परीक्षणाधीन है। (घ) शैक्षणिक प्रयोजन हेतु जमीन का उपयोग किया जा रहा है।

अनुभवहीन प्रोफेसर्स की नियुक्ति

[आयुष]

30. ( क्र. 296 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या राज्यमंत्री, आयुष महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शा. आयुर्वेद महाविद्यालय, जबलपुर में वर्ष 2008 में फिजियोलॉजी के निर्धारित अवधि से कम अनुभवी प्रोफेसर्स को नियुक्ति दी गई थी? (ख) यदि नहीं, तो नियुक्ति के समय प्रोफेसर्स को कितने वर्षों का अनुभव था? (ग) क्या न्यूनतम 10 वर्ष के अनुभवी प्रोफेसर को नियुक्त करने का नियम है? (घ) यदि हां तो कम अनुभवी प्रोफेसर्स को क्यों नियुक्त किया गया?

राज्यमंत्री, आयुष ( श्री रामकिशोर (नानो) कावरे ) : (क) जी नहीं। (ख) नियुक्ति के समय फिजियोलॉजी के प्रोफेसर को 10 वर्ष 08 माह का अनुभव था। (ग) जी हाँ। (घ) कम अनुभवी को नियुक्त नहीं किया गया है।

कोविड 19 लॉकडाउन अवधि दौरान किये गये कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

31. ( क्र. 298 ) श्री राहुल सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिका दमोह को कोविड 19 अंतर्गत कितना बजट समाजसेवी संस्थाओं से डोनेशन प्राप्त हुआ उनके नाम सहित जानकारी दी जावे? (ख) दमोह नगर पालिका द्वारा कोविड 19 लॉकडाउन अवधि के दौरान किन-किन वार्डों को मशीन से सेनेटाईज कर, मास्क,पी.पी.किट वितरण में कितना व्यय किया गया वार्डवार जानकारी दी जावे साथ ही अवगत कराया जावे कि सेनेटाईजर में किन-किन केमीकल पदार्थों का मिश्रण किया गया इन पदार्थों को पालिका द्वारा कहां से क्रय किया गया यदि निविदा आमंत्रित की गई है तो निविदा उपलब्ध कराई जावे? (ग) कोरोनटाईन सेन्टरों में भर्ती मरीजों पर पालिका द्वारा कितना व्यय किस-किस मद अंतर्गत किया गया? प्रतिदिन किये गये व्यय की जानकारी दी जावे? (घ) लॉकडाउन के दौरान पालिका द्वारा आम जनता को खाद्य सामग्री के रूप में क्या-क्या दैनिक उपयोग की वस्‍तुए प्रदान की गई उल्लेखित किया जावे उक्त सामग्री किन वाहनों/ठेकेदारों की मदद से घर-घर पहुंचाई गई?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी नही, समाज सेवी संस्‍थाओं से डोनेशन प्राप्‍त न होकर सामग्री के रूप में 5500 सैनेटाईजर की बॉटल (180 मि.ली.) ग्रेट गेलन वेल्‍चर लिमिटेड धार से सी.एस.आर. के तहत निशुल्‍क प्राप्‍त हुई। (ख) समस्‍त 39 वार्डों के मुख्‍य मार्ग शासकीय कार्यालयों तथा संभावित कोविड-19 व्‍यक्तियों के संपर्क में आने वाले निवासियों के घर में सैनेटाईजेशन का कार्य किया गया है, साथ ही मास्‍क, पी.पी.ई. किट आदि वार्डों में वितरित न करते हुये केवल निकाय कर्मचारियों को ही प्रदान किया गया है। व्‍यय की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। उक्‍त सैनेटाईजर में सोडियम हाईपोक्‍लोराईड तथा पानी की उचित मात्रा का मिश्रण का छिड़काव किया गया है। जिसे जैम पोटर्ल के माध्‍यम से क्रय किये जाने के कारण प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) कोरेन्‍टाईन सेन्‍टरों में व्‍यय निकाय द्वारा नहीं किया गया है। अत: शेष प्रश्‍नांश उ‍पस्थित नहीं होता। (घ) लॉकडाउन के दौरान आम जनता को खाद्य एवं अन्‍य दैनिक उपयोग की वस्‍तुयें निकाय द्वारा उपलब्‍ध न कराये जाने के कारण प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "अट्ठाईस"

म.प्र.राज्य कर्मचारी आवास निगम द्वारा भू-खण्‍ड आवंटन

[नगरीय विकास एवं आवास]

32. ( क्र. 299 ) श्री राहुल सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कर्मचारी आवास निगम म.प्र.भोपाल द्वारा दमोह जिले के कर्मचारियों के लिए विभिन्न श्रेणियों में विज्ञापित 223 भूखण्डों के विरूद्ध लगभग 400 कर्मचारियों ने पंजीयन कराया था वहीं निगम द्वारा मात्र 168 प्लाट ही कर्मचारियों को उपलब्ध कराये गये शेष कर्मचारियों को कब तक प्लाटों का आवंटन कर दिया जावेगा? (ख) विज्ञापन कीमत के बदले लगभग 08 गुना अधिक कीमत कर्मचारियों से वसूली गई। प्लाटों का आवंटन पंजीयन के बावजूद 13 वर्ष बाद क्यों किया गया जानकारी दी जावे? (ग) म.प्र.राज्य कर्मचारी आवास निगम द्वारा प्रदेश के किन-किन जिलों में कर्मचारियों को आवंटित भूखण्ड के बदले भू-भाटा लिया जा रहा है? (घ) भू-भाटा की दरें क्या प्रदेश के जिलों में अलग-अलग है यदि हां तो क्यों और प्रदेश के सबसे पिछड़े जिले दमोह के कर्मचारियों से अत्‍यधिक दर लगभग 15000 प्रति वर्ष भू-भाटा कब तक लिया जावेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) कलेक्टर दमोह द्वारा निगम को 14.48 एकड़ भूमि के विरूद्ध मात्र 10.48 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई, जिसमें उपयोगिता क्षेत्रफल के अनुसार 168 भूखण्डों का विकास कार्य कर 168 कर्मचारियों को भूखण्ड आवंटित किये गये वर्तमान में निगम के पास दमोह में कोई भूमि उपलब्ध नहीं हैं, ऐसी स्थिति में शेष कर्मचारियों को भूखण्ड उपलब्ध कराया जाना संभव नहीं है। (ख) भूमि का मूल्य एवं विकास कार्य में हुये व्यय के आधार पर भूखण्ड का मूल्य निर्धारण कर कर्मचारियों को भूखण्ड आवंटित किया जाता है। निगम की नीति के अनुसार कोई लाभ नहीं कोई हानि नहीं के आधार पर कर्मचारियों को भूखण्ड उपलब्ध कराये जाते है। (ग) राजस्व विभाग/कलेक्टर/नजूल विभाग द्वारा आवंटित भूमि पर प्रीमियम राशि का 05 प्रतिशत भू-भाटक प्रतिवर्ष लिया जाता है। तद्नुसार निगम द्वारा भी कलेक्टर से प्राप्त नजूल की भूमि पर दमोह, नीमच, मंदसौर, ग्वालियर, झाबुआ, रतलाम, कटनी, धार एवं रीवा जिले में भूखण्डधारी कर्मचारियों से भू-भाटक लिया जा रहा है। (घ) प्रदेश के अलग-अलग जिलों की क्षेत्रवार कॉलोनियों में कलेक्टर गाईड लाइन अनुसार भूमि के प्रीमियम का 05 प्रतिशत भू-भाटक लिया जाता है। प्रदेश के जिलों में एवं क्षेत्रवार कॉलोनियों की भूमि की लोकेशन के आधार पर भूमि का मूल्य पृथक-पृथक होता है। राजस्व विभाग के नियमानुसार निगम भी कर्मचारियों को प्रथम बार 30 वर्ष के लिये भू-भाटक पट्टे पर आवंटित करता है, 30 वर्ष उपरान्त भू-भाटक की राशि 06 गुना कर पट्टे को अगले 30 वर्ष के लिये नवीनीकरण किये जाने का प्रावधान है।

मृत व्यक्ति के रकवा, खसरा नम्‍बर में छेड़छाड़

[राजस्व]

33. ( क्र. 300 ) श्री राहुल सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हल्का नं. 06 तह. जिला दमोह इस गांव में बन्दोबस्त 1981-91 में हुआ प्रक्रिया के दौरान पुराने मूल नम्बरों (88/1ड/1,88/1ग/2 एवं 88/1ल/1) के स्थान पर मनगढंत नं. डाले जाने और पुराने नंबर से मिसल अभिलेख में ही छेड़छाड़ किये जाने संबंधी प्रमाण मिसल बन्दोबस्त में और मिसल बन्दोबस्त की री-नंबरिंग सूची में वर्ष 1986 से 1991 के मध्य की खसरा प्रवृष्टि को देखे जाने पर खसरा नं. 169 का पुराना नं. 88/1ब/2 दर्शाया गया है जबकि री-नंबरिंग सूची में 88/1,/2 और 88/1ड/3 रकवा 0.84 दर्ज है तो सही किसे माना जाना चाहिये? (ख) राजस्व मद अ-46 वर्ष 82-83 के प्रकरण की जांच तहसीलदार, अनुविभागीय अधिकारी द्वारा कराई जा चुकी है, जांच प्रतिवेदन में विधिक प्रक्रिया का पूरी तरह से पालन क्यों नहीं किया गया?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) हल्का नंबर 06 ग्राम महुआखेड़ा के पांचसाला खसरा वर्ष 1986-87 से 1990-91 में पुराना खसरा नंबर 88/1ड/1 रकबा 0.405 हे., खसरा नंबर 88/1 ग/2 रकबा 0.607हे. एवं खसरा नंबर 88/1ल/1 रकबा 0.405 हे. मिशल बन्‍दोवस्‍त वर्ष 1990-91 की क्षेत्र पुस्तिका खसरा नंबर 169 का पुराना 88/1 ड/2, 88/1ड/3 रकबा 0.84 हे. है। खसरा नंबर 88/1 ब/2 मिसल बंदोबस्त में दर्ज नहीं हैं। रीनम्बरिंग सूची में भी यही नंबर दर्ज हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। जांच प्रतिवेदन के आधार पर राजस्व प्रकरण क्रमांक -11/अ-74/2020-21 न्यायालय कलेक्टर, दमोह में विचाराधीन हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

राज्य स्तरीय तकनीकि समितियां

[नगरीय विकास एवं आवास]

34. ( क्र. 305 ) श्री संजय उइके : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राज्य स्तर पर राज्य स्तरीय तकनीकी समिति बनाई गई है? (ख) यदि हां तो समिति के दायित्व एवं कार्य क्या-क्या है एवं समिति में कौन-कौन अध्यक्ष एवं सदस्य है?                  (ग) राज्य स्तरीय तकनीकि समिति द्वारा वित्तिय वर्ष 2016-17 से प्रश्न दिनांक तक जबलपुर एवं भोपाल संभाग के किन-किन नगरीय निकायों के कितनी-कितनी लागत के निर्माण कार्यों की किस-किस दर की स्वीकृत करने की आनुशंसायें की गई?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

टास्कफोर्स कमेटी की रिपोर्ट

[राजस्व]

35. ( क्र. 307 ) श्री संजय उइके : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ए.सी.एस. वन श्री ए.पी.श्रीवास्तव द्वारा 15 फरवरी 2020 को प्रस्तुत टास्कफोर्स कमेटी की रिपोर्ट पर राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव एवं सचिव और प्रमुख राजस्व आयुक्त के हस्ताक्षर है?                 (ख) यदि हां तो रिपोर्ट में डीनोटीफाईड भूमि, निजी भूमि, रैय्यतवारी ग्रामों की भूमि, नारंगी भूमि बताई जा रही है राजस्व भूमि एवं पटवारी मानचित्र से पृथक की गई भूमि के संबंध में क्या-क्या सिफारिश कर क्या सुझाव दिये है पृथक-पृथक हिंदी में जानकारी दें? (ग) राजस्व विभाग ने किस अवधि में पटवारी मानचित्र एवं खसरा पंजी से कितनी भूमि किन कारणों से किसकी अनुमति एवं आदेश के बाद पृथक की है यह भूमि निस्तार पत्रक एवं अधिकार अभिलेख में किस-किस मद, प्रयोजन एवं अधिकार के लिये दर्ज भूमि रही है? (घ) पृथक की गई भूमि को पटवारी मानचित्र में पुन: शामिल करने हेतु शासन क्या कार्यवाही कर रहा है?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जी हाँ। (ख) उक्‍त रिपोर्ट शासन स्‍तर पर विचाराधीन है। (ग) प्रश्नांश (ख) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (घ) प्रश्नांश (ख) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

 

विभागीय जांच एवं कार्यवाही

[नगरीय विकास एवं आवास]

36. ( क्र. 367 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नगर परिषद पिपलौदा के वर्ष 2010 से लेकर 2019-20 तक अवधि में किये गये गये अनेक निर्माण कार्यों में हुई अनियमितताओं, नियम विरूद्ध हुए कार्यों तथा गुणवत्‍ता विहिन हुए कार्यों द्वारा भारी भ्रष्‍टाचार इत्‍यादि अनेक शिकायतें प्राप्‍त हुई? (ख) यदि हां तो विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 2544 तारांकित दिनांक 19 जुलाई 2019 के अंतर्गत प्राप्‍त शिकायतों की जानकारी का पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र (अ) में उल्‍लेखित अद्यतन स्थिति (कालम 6) के आठ बिन्‍दुओं के संबंध में आगामी क्‍या कार्यवाही हुई? (ग) साथ ही क्‍या शासन/विभाग द्वारा नगर परिषद पिपलौदा को समय-समय पर लिखे गये पत्रों, जो कि वर्ष 2011 से लेकर वर्ष 2019 तक के है, जिनके प्रत्‍युत्‍तर में न तो निकाय ने रिकार्ड उपलब्‍ध करवाया न ही जवाब दिये इस कारण अनेक शिकायतें व जांच अपूर्ण हैं? (घ) यदि हां तो वर्ष 2010 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक विभिन्‍न आवेदकों के तथ्‍यात्‍मक शिकायत जांच आवेदनों पर आज पर्यन्‍त तक कोई कार्यवाही नहीं होने का कारण स्‍पष्‍ट करें। साथ ही प्रश्‍नकर्ता द्वारा विधानसभा में समय-समय पर प्रश्‍नों के माध्‍यम से एवं विभागीय पत्रों के माध्‍यम से ध्‍यान आकृष्‍ट किये जाने पर विभाग द्वारा की गई कार्यवाही से अवगत कराएं।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) एवं (ग) विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 2544 तारांकित दिनांक 19 जुलाई 2019 के अंतर्गत प्राप्‍त शिकायतों पर कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट  के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। (घ) नगर परिषद, पिपलौदा की शिकायतों पर एवं प्रश्‍नकर्ता के विभागीय पत्रों पर कार्यवाही प्रचलित है।

रतलाम जिले में बंदोबस्‍त का कार्य

[राजस्व]

37. ( क्र. 368 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) क्‍या रतलाम जिले में मध्‍य भारत एवं मध्‍यप्रदेश गठन के पश्‍चात प्रदेश में शासन/विभाग द्वारा राजस्‍व व नजूल तथा लीज भूमियों को चिन्हित कर सीमांकन, नक्‍शा, खसरा इत्‍यादि तैयार कर सूचीबद्ध कर पंजीबद्ध किया गया? (ख) साथ ही क्‍या समय-समय पर आवश्‍यकता अनुसार शासन/ विभाग द्वारा बदोबस्‍त की कार्यवाहियां भी निरंतर की तो संपूर्ण प्रदेश में किन-किन वर्षों में विशेष अभियान चलाकर बंदोबस्‍त की कार्यवाही की गई? रतलाम जिले की स्थिति से अवगत कराएं। (ग) क्‍या रतलाम जिले में अनेक स्‍थानों से सर्वे नं. के संबंध में अदला-बदली होने की शिकायतें, नक्‍शों में त्रुटि, खसरे में गलत इन्‍द्राज कई तहसीलों एवं पटवारी हल्‍कों में मूल रिकार्ड का उपलब्‍ध नहीं होना इस आशय की शिकायतें विगत वर्षों से निरंतर प्राप्‍त हुई और आमजन परेशान रहा?      (घ) यदि हां तो शासन/विभाग द्वारा संपूर्ण रिकार्ड को दुरस्‍त करवाने तथा जिन तहसीलों व पटवारी हल्‍कों में रिकार्ड उपलब्‍ध नहीं है इस हेतु क्‍या कार्यवाही की गई? जिले में भी उपरोक्‍तानुसार अनेक कठिनाइयां हैं तो उन्‍हें दूर करने हेतु क्‍या-क्‍या किया गया?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जी हाँ l (ख) जी हाँ। रतलाम जिले में बन्दोबस्त की कार्यवाही वर्ष 1956-57, 1993-94 से 1998-99 तक की गई है। (ग) रतलाम जिले में बन्दोबस्त के दौरान हुई गलत इन्द्राज के संबंध में शिकायतें समय.समय पर प्राप्त होती रही है तहसीलों एवं पटवारी हल्को का मूल रिकार्ड उपलव्ध नहीं होने के संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। जी नहीं। (घ) प्रश्‍नांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्रवासीय मजदूरों की घर वापसी एवं उन्‍हें प्रदत्‍त रोजगार

[राजस्व]

38. ( क्र. 377 ) श्री सज्जन सिंह वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) प्रदेश में कोरोना वायरस कोविड-19 की रोकथाम एवं बचाव के लिए दिनांक 25 मार्च 2020 से देश में लागू लॉकडाउन की अवधि में प्रश्‍न दिनांक तक कितने प्रवासी मजदूरों को प्रदेश में वापस उनके घर बसों/ट्रेन से लाया गया? (ख) उक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में प्रवासी मजदूरों की घर वापसी पर कितनी-कितनी राशि बसें/ट्रेनों पर व्‍यय की गई? पृथक-पृथक विवरण दें। (ग) क्‍या प्रदेश के प्रवासी मजदूरों के घर लौटने पर उनका रजिस्‍ट्रेशन कर वही स्‍थानीय स्‍तर पर रोजगार देने के संबंध में माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय द्वारा निर्देश दिये गये हैं? यदि हॉ तो लॉकडाउन के दौरान 25 मार्च से 31 अगस्‍त 2020 तक कितने प्रवासी मजदूरों का रजिस्‍ट्रेशन किया गया है एवं कितने प्रवासी मजदूरों को स्‍थानीय स्‍तर पर रोजगार उपलब्‍ध कराया गया?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) प्रदेश में कोरोना वायरस कोविड-19 की रोकथाम एवं बचाव के लिए दिनांक 25 मार्च 2020 से देश में लागू लॉकडाउन की अवधि में प्रश्‍न दिनांक तक लगभग 1000000 प्रवासी मजदूर लाये गये। (ख) उक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में प्रवासी मजदूरों की घर वापसी पर लगभग 73.00 करोड रूपये की राशि बसों पर एवं लगभग 7.00 करोड रूपये की राशि ट्रेनों पर व्‍यय की गई। (ग) माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय द्वारा स्‍थानीय स्‍तर पर प्रवासी मजदूरों को शासन की योजनाओं की जानकारी देना, परामर्श केन्‍द्र स्‍थापित करना, परामर्श केन्‍द्र में रोजगार के अवसरों की जानकारी देना आदि संधारित करने के निर्देश दिये गये है। जी हाँ। प्रवासी मजदूरों का रजिस्‍ट्रेशन एवं रोजगार उपलब्‍ध होने की जानकारी वेब साईट-http://sambal.mp.gov.in/RojgarSetu/पर उपलब्‍ध है।

मंदसौर शहर से गुजरने वाली रतलाम नसीराबाद सड़क निर्माण

[लोक निर्माण]

39. ( क्र. 386 ) श्री यशपाल सिंह सिसौदिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर शहर के मध्य गुजरने वाला रतलाम नसीराबाद मार्ग के निर्माण को लेकर क्या कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) क्या मंदसौर विभागीय कार्यालय द्वारा उक्त सड़क निर्माण हेतु 10 करोड़ 86 लाख का प्राक्‍कलन विभाग को प्रेषित किया गया है यदि हाँ तो विभाग की वर्तमान कार्यवाही से अवगत करायें? (ग) प्रश्नकर्ता विधायक द्वारा 1 जनवरी 2018 के पश्चात कब-कब इस शहर की इस प्रमुख सड़क हेतु पत्र व्यवहार किया गया उस पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गयी?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) प्राक्‍कलन परीक्षणाधीन है। (ख) जी हाँ। प्रमुख अभियंता कार्यालय में परीक्षणाधीन है। (ग) माननीय विधायक महोदय के पत्र (1) क्रमांक 48 दिनांक 17.10.2019, (2) क्रमांक सी.एम./30/दिनांक 06.02.2020, (3) क्रमांक 35/सी.एम. दिनांक 03.06.2020 से विभाग को सूचित किया गया है। मुख्‍य अभियंता उज्‍जैन ने प्राक्‍कलन रू.1011.85 लाख का प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग भोपाल को प्रेषित किया है जो परीक्षणाधीन है।

पूर्व नगर पालिका अध्‍यक्ष को कारण बताओ सूचना

[नगरीय विकास एवं आवास]

40. ( क्र. 406 ) श्री आलोक चतुर्वेदी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. शासन नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्रालय भोपाल ने पत्र क्रमांक एफ 4-50/2019/18-3 भोपाल दिनांक 19/3/2020 के द्वारा मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 35-क व अन्य सुसंगत धाराओं के अंतर्गत कारण बताओ सूचना पत्र पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष छतरपुर को दिया था? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुक्रम में कितने दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने के निर्देश थे? क्या निर्धारित दिवस के अंदर स्पष्टीकरण प्राप्त हो चुका है?                   (ग) प्रश्नांश (ख) हाँ है तो प्रति प्रदाय करें। (घ) प्रश्नांश (ख) नहीं है तो स्पष्टीकरण नहीं देने का क्या कारण हैं? निर्धारित अवधि में स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर पत्र में लेखानुसार क्या कार्यवाही की गयी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) उत्‍तरांश (क) के अनुक्रम में 15 दिन की अवधि में स्‍पष्‍टीकरण देने के निर्देश थे जी नहीं। (ग) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) अपचारी द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 19.03.2020 का स्‍पष्‍टीकरण देने हेतु संबंधित अभिलेखों की मांग किये जाने के कारण यथा- समय स्‍पष्‍टीकरण प्रस्‍तुत नहीं किया गया। प्रकरण में दिनांक 28.09.2020 को नियमानुसार समक्ष में सुनवाई नियत की जाकर अपचारी को स्‍पष्‍टीकरण/पक्ष प्रस्‍तुत करने का अवसर दिया गया है।

राशन वितरण में आ रही शिकायतें

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

41. ( क्र. 410 ) श्री मुकेश रावत (पटेल) : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) शासन द्वारा अलीराजपुर जिले को वर्ष 2019-20 से 2020-21 प्रश्‍न दिनांक तक प्रतिमाह कितना कितना राशन गेहूं, चावल, नमक, दाल, केरोसीन आदि का आवंटन प्राप्त हुआ है? राशनवार और माहवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार प्राप्त आवंटन अनुसार जिले की प्रत्येक उचित मूल्य की दुकानों को कितना-कितना आवंटन जारी किया गया? आवंटन अनुसार प्रदाय की गई खाद्यान्न की मात्रा गेहूं, चावल, नमक, दाल, केरोसीन आदि की माहवार जानकारी देवें। (ग) क्या वर्ष 2019-20 से 2020-21 प्रश्न दिनांक तक ग्रामीण/शहरी क्षेत्रों में राशन नहीं मिलने की शिकायतें विभाग को प्राप्त हुई हैं? प्राप्त शिकायतों के निराकरण हेतु अभी तक क्या कार्यवाही की गई, की गई कार्यवाही से संबंधित विवरण प्रस्तुत करें। (घ) यदि विभाग द्वारा प्राप्त शिकायत का निराकरण किये जाने, बताये जाने के बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में राशि प्राप्त नहीं हुई है तो क्या उक्त शिकायत निराकृत मानी जावेगी? (ड.) विभाग के जवाबदेह अधिकारी द्वारा प्राप्त शिकायतों को मौका परीक्षण किये बिना शिकायत का निराकरण करना पाया जाता है तो क्‍या शासन उस पर कार्यवाही करेगी?

खाद्य मंत्री ( श्री बिसाहूलाल सिंह ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

समग्र पोर्टल पर पंजीकृत परिवारों को राशन का वितरण

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

42. ( क्र. 413 ) श्री मुकेश रावत (पटेल) : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि       (क) प्रदेश में समग्र पोर्टल पर प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितने परिवारों का पंजीयन किया गया है? जिलेवार वर्गवार संख्‍यात्‍मक जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार पंजीकृत परिवारों में से अलीराजपुर जिले के कितने परिवारों को प्रश्‍न दिनांक तक राशन हेतु पात्रता पर्ची जारी की जा चुकी है और कितने परिवार राशन हेतु पात्रता पर्ची से वंचित हैं? स्‍थानीय निकायवार जानकारी देवें।             (ग) क्या प्रश्नांश (ख) अनुसार अलीराजपुर जिले में राशन हेतु पात्रता पर्ची से वंचित परिवारों को शासकीय उचित मूल्य की दुकानों से राशन नहीं दिया जा रहा है राशन नहीं मिलने संबंधी माह मार्च 2020 से प्रश्न दिनांक तक कितनी शिकायतें प्राप्त हुई हैं? प्राप्त शिकायतों पर क्या कार्यवाही की गई है? शिकायतकर्ता के नाम पता सहित जानकारी दी जावे। (घ) क्‍या अलीराजपुर जिले में समग्र पोर्टल पर पंजीकृत परिवार के सदस्यों की संख्‍या अनुसार राशन नहीं दिया जा रहा है। यदि हाँ तो इसके क्या कारण हैं? क्या आगामी समय में छूटे हुए परिवार के सदस्यों को निरंतर राशन देने हेतु शासन द्वारा क्या कार्यवाही की जावेगी?

खाद्य मंत्री ( श्री बिसाहूलाल सिंह ) : (क) एन.एफ.एस.ए. समग्र पोर्टल पर प्रश्‍न दिनांक तक 1,16,89,136 परिवार पंजीकृत हैं। जिलेवार एवं श्रेणीवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ख) अलिराजपुर जिले के 1,19,565 परिवारों को प्रश्‍न दिनांक तक राशन हेतु पात्रता पर्ची जारी की जा चुकी है एवं सत्‍यापित किंतु अलाभान्वित 4,407 परिवारों को पात्रता पर्ची जारी किया जाना प्रक्रियाधीन है। स्‍थानीय निकायवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ग) एन.एफ.एस.ए. अंतर्गत वैध पात्रता पर्चीधारी परिवारों को ही शासकीय उचित मूल्‍य की दुकानों से राशन दिये जाने का प्रावधान है। माह मार्च 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक अलिराजपुर जिले में कुल 15 शिकायतें प्राप्‍त हुई है। शिकायतकर्ताओं का नाम व विवरण तथा शिकायतों पर की गई कार्यवाही का पत्रक पुस्‍तकालय में परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है।             (घ) ए.ई.पी.डी.एस. पोर्टल पर दर्ज, सत्‍यापित सदस्‍य संख्‍या अनुसार ही राशन आवंटन दिया जाता है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत सम्मिलित पात्रता श्रेणियों में स्‍थानीय निकाय द्वारा सत्‍यापित एवं वर्तमान में सम्मिलित पात्र परिवारों में से छूटे हुए सदस्‍यों को जोड़कर पात्रता पर्ची जारी की जा रही है।

कृषि उपज का उपार्जन एवं भंडारण की जांच एवं कार्यवाही

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

43. ( क्र. 425 ) श्री संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2018-19 से कटनी जिले में किन-किन खरीदी केन्द्रों से अनाज का उपार्जन किया गया एवं खरीदी केन्द्रों के प्रभारी कौन-कौन थे और खरीदी केन्द्रों का किस नाम एवं पदनाम के शासकीय सेवकों द्वारा कब-कब निरीक्षण किया गया और क्या जांच प्रतिवेदन किस सक्षम प्राधिकारी को कब प्रस्तुत किए गये तथा जांच प्रतिवेदनों पर प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गयी? प्रतिवेदनवार बतायें। (ख) प्रश्नांश (क) केन्द्रों में क्‍या नियुक्त कम्‍प्यूटर ऑपरेटरों के स्थानांतरण किए गये एवं स्थानांतरण निरस्त कर पुनः पूर्ववत पदस्थ किया गया था? यदि हाँ, तो किस सक्षम प्राधिकारी के किन आदेशों से एवं क्यों? ऑपरेटरों के स्थानांतरण करने और निरस्त करने का औचित्य बतायें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में खाद्यानन के उपार्जन एवं भंडारण पर लगातार गंभीर अनियमितताओं के चलते क्‍या उच्च स्तरीय जांच दल गठित कर विस्तृत जांच कराई जायेगी?

खाद्य मंत्री ( श्री बिसाहूलाल सिंह ) : (क) कटनी जिले में वर्ष 2018-19 से 2020-21 तक की अवधि में समर्थन मूल्‍य पर गेहूं, धान, चना, मसूर एवं सरसों का उपार्जन किया गया है। खरीदी केन्‍द्रों तथा केन्‍द्रों पर नियुक्‍त प्रभारियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। शासकीय सेवकों द्वारा खरीदी केन्‍द्रों पर निरीक्षण कर जांच प्रतिवेदन सक्षम अधिकारी को प्रस्‍तुत किये गये प्रश्‍न दिनांक तक प्रतिवेदनों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जी नहीं। उपार्जन केन्‍द्रों में कार्य करने वाले कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटर समिति के नियमित कर्मचारी नहीं होते हैं। खरीदी के दौरान समिति प्रबंधकों द्वारा उपार्जन अवधि में उपार्जन का कार्य करने हेतु उन्‍हें अधिकृत किया जाता है। अत: खरीदी केन्‍द्रों के ऑपरेटरों को स्‍थानांतरित करने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) खाद्यान्‍न के उपार्जन एवं भंडारण संबंधी अनियिमितता की जानकारी संज्ञान में आने के उपरांत नियमानुसार कार्यवाही की जाती है।

परियोजना अधिकारियों को आहरण-संवितरण अधिकार

[महिला एवं बाल विकास]

44. ( क्र. 464 ) श्री रामलाल मालवीय : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विभाग अंतर्गत कितने परियोजना कार्यालय, कहां-कहां पर संचालित हैं? इन परियोजना अधिकारियों को आहरण एवं संवितरण के अधिकार कब से दिये गये थे और कब से यह अधिकार वापस लिए गये हैं? यह कार्यवाही किसलिये की गई? इसके क्या परिणाम प्राप्त हुए? क्या जिस उद्देश्‍य से वित्तीय अधिकार वापस लिये उसका वह उद्देश्‍य पूरा हुआ या नही? (ख) क्या प्रश्नांश (क) अनुसार वित्तीय अधिकार वापस लेने से परियोजना कार्यालयों में कठिनाइयां आ रही हैं? यदि हाँ तो क्या-क्या कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं? समस्याओं के समाधान के लिए विभाग स्तर पर परियोजना अधिकारियों को आहरण एवं संवितरण के अधिकार बहाल कराने के लिए कोई कार्यवाही की गई है? यदि हाँ तो उसका विवरण देवें। (ग) विगत 3 वर्षों में प्रदेश में किस जिले में क्‍या-क्‍या वित्तीय अनियमिताएं प्राप्त हुई हैं और इस पर क्या कार्यवाही की गई?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती इमरती देवी ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -अनुसार है। विभाग की भिन्न-भिन्न परियोजना के प्रारंभ से ही आहरण संवितरण अधिकार प्रत्यायोजित किये गये है एवं संचालनालय, कोष एवं लेखा मध्यप्रदेश के पृ.क्रं./डीटीए/ युक्तियुक्तकरण/2016/79 दिनांक 15.07.2016 द्वारा आहरण एवं संवितरण अधिकारियों की संख्या कम करने हेतु परियोजना अधिकारियों को प्रदत्त आहरण अधिकारों को समाप्त किया गया। देयक बनाने, आहरण करने एवं भुगतान करने की प्रक्रिया ऑनलाइन होने के संदर्भ में आहरण संवितरण अधिकारियों का युक्तियुक्तकरण करते हुये संख्या में कमी करने हेतु वित्त विभाग द्वारा वर्ष 2012 में लिये सैद्धांतिक निर्णय अनुसार परियोजना अधिकारियों के आहरण संवितरण अधिकार निष्क्रिय करने का निर्णय लिया गया था। व्‍यावहारिक रूप से आहरण-वितरण अधिकारियों की संख्‍या कम होने के कारण पर्यवेक्षण आसान हुआ किन्‍तु मैदानी अमलों के दावों के भुगतान में व्‍यावहारिक समस्‍याएं भी आयी। शासन के नीतिगत निर्णय के पालन स्वरूप उद्देश्य पूर्ण हुआ। (ख) जी हां, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार है। समस्याओं के समाधान के लिये परियोजना अधिकारियों को आहरण एवं संवितरण के अधिकार बहाल कराने के लिये विभागीय टीप क्रमांक 2110 दिनांक 27.06.2016 द्वारा एकल नस्ती में प्रस्ताव वित्‍त विभाग को प्रेषित किया गया है जिस पर आगामी कार्यवाही वित्त विभाग द्वारा की जाना है। (ग) पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार है।

उज्जैन संभाग में पर्यावरण प्रदूषण के प्रकरण

[पर्यावरण]

45. ( क्र. 471 ) श्री यशपाल सिंह सिसौदिया : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन संभाग में 1 जनवरी 2015 के पश्चात पर्यावरण विभाग द्वारा किस-किस व्यक्ति/उद्योग/गिट्टी मशीन या अन्य के खिलाफ किस-किस तरह की शिकायत विभाग को प्राप्त हुई उन पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गयी? प्रत्येक प्रकरण की जानकारी देवें? (ख) उक्त शिकायतों में से ऐसी कितनी शिकायतें हैं जो किसी व्यक्ति/उद्योग/गिट्टी मशीन के खिलाफ एक से अधिक बार की गयी, इनमें ऐसी कितनी शिकायतें हैं, जिनमें विभाग द्वारा जुर्माना लगाने के बाद भी पुन: व्यक्ति/उद्योग/गिट्टी मशीन अन्य द्वारा प्रदूषण फैलाया जा रहा है और नागरिकों के स्वास्थ के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है? (ग) क्या उज्जैन संभाग में अधिकारियों की उद्योग एवं अन्य प्रदूषण फैलाने वाले व्यक्ति से सांठ-गांठ के कारण उज्जैन संभाग में लगातार शिकायतों के बाद भी उक्त अवधि में एक भी उद्योग को सील नहीं किया गया है? यदि सील किया गया है तो उसका विवरण देवें?

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री हरदीपसिंह डंग ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्राप्त शिकायतों पर की गई कार्यवाही के परिप्रेक्ष्य में उज्जैन संभाग में किसी भी उद्योग को सील नहीं किया गया है।

कोरोना महामारी के नियंत्रण एवं बचाव हेतु किया गया व्यय

[नगरीय विकास एवं आवास]

46. ( क्र. 482 ) श्री विनय सक्सेना : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कोरोना महामारी के नियंत्रण एवं बचाव हेतु जबलपुर नगर निगम द्वारा         किस-किस कार्य हेतु कितनी-कितनी राशि व्यय की गयी? मदवार/कार्यवार विवरण उपलब्ध करावें? (ख) नगर निगम द्वारा गरीबों/जरूरतमंदों को भोजन वितरण हेतु कितनी राशि व्यय की गयी? जोनवार किन-किन ठेकेदारों को, कितनी-कितनी दरों पर कार्य दिया गया एवं कितना-कितना भुगतान किया गया तथा कार्य का सत्यापन किस-किस अधिकारी द्वारा किया गया? सभी कार्यों के देयक उपलब्ध करावें। (ग) निगम द्वारा सेनीटाईजर केमिकल/मास्क व अन्य सुरक्षा सामाग्री किन-किन फर्मों से कितनी-कितनी दरों पर क्रय की गयी? उनके देयक की प्रति उपलब्ध करावें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) कोरोना महामारी के नियंत्रण एवं बचाव हेतु नगर निगम जबलपुर द्वारा किये गये कार्यों में रु. 1,70,45,006/- व्यय की गई राशि का विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- '' अनुसार है। (ख) नगर निगम द्वारा गरीबो, जरूरतमंदों को भोजन वितरण के जोनवार रूपये 2,79,11,570/- व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- '' अनुसार है। (ग) निगम द्वारा सेनीटाईजर केमिकल/मास्क व अन्य सुरक्षा सामग्री क्रय पर रूपये 1,41,88,650/- व्यय किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- '' अनुसार है।

स्‍मार्ट सिटी की प्रगति एवं नगर निगम क्षेत्र के कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

47. ( क्र. 493 ) श्री जुगुल किशोर बागरी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सतना शहर में स्मार्ट सिटी योजना के तहत जो सीवर लाइन घटिया किस्म की तथा कम साइज पाइप लाइन डाली गई हैं टूट गई हैं? इस योजना के तहत सड़क की खुदाई कर पूरे शहर की सड़कों को नष्ट कर दिया गया है जबकि अनुबंध के तहत सड़क को मरम्मत कराना कार्य एजेन्सी की जबावदेही थी? (ख) शहर के पूरे सड़कों की मरम्मत कब तक कराई जायेगी तथा दोषी कार्य एजेन्सी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? (ग) प्रश्नकर्ता द्वारा आयुक्त नगर पालिक निगम सतना को जनवरी 2020 से प्रश्न दिनांक तक कौन-कौन से कार्यों की अनुशंसा के प्रस्ताव प्रेषित किये, उन पर की गई कार्यवाही की अद्यतन जानकारी देवें? (घ) प्रश्नांश (ग) अनुसार अनुशंसित कार्यों में से कितने कार्य पूर्ण कराये जा चुके हैं कार्य अब तक पूर्ण न कराये जानें के क्या कारण हैं, कार्यवार विवरण दें तथा यह भी बतावें कि कब तक अनुशंसित कार्यों को पूर्ण करा दिया जावेगा एवं लापरवाही बरतने वालों पर क्या कार्यवाही की जावेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी नहीं, सतना शहर में स्‍मार्ट सिटी योजना में सीवर का कार्य नहीं हुआ है, अपितु सतना शहर में अमृत योजनान्तर्गत सीवर लाईन निर्धारित स्पेशिफिकेशन की डाली गई है। कही भी पाईप लाईन टूटी नहीं है। संविदाकार द्वारा अनुबंध अनुसार पाईप लाईन के लिए खोदी गई सड़कों/मार्गों को पाईप लाईन डालने के बाद पूर्व स्थिति अनुसार बनाया जा रहा है। (ख) संविदाकार द्वारा खोदी गई सड़कों/मार्गों को पूर्व की स्थिति में बनाया जा रहा है। सड़क मरम्‍मत का कार्य निरन्तर चल रहा है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट  के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "उनतीस"

 

रैगाँव विधानसभा क्षेत्र में संचालित औषधालय

[आयुष]

48. ( क्र. 494 ) श्री जुगुल किशोर बागरी : क्या राज्यमंत्री, आयुष महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रैगॉंव विधानसभा क्षेत्र में संचालित स्‍वास्‍थ्‍य केन्द्र की जानकारी ग्रामवार तथा स्वी‍कृत, पदस्थ कर्मचारियों की सूची, उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी स्वास्‍थ्‍य केन्द्रवार देवें? (ख) क्या प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र रैगांव अंतर्गत शासकीय आयुर्वेद औषधालय मुढहा चिकित्सकविहीन है, उक्‍त विधान सभा क्षेत्र में चिकित्सकविहीन औषधालयों की जानकारी देवें एवं बतावें कि चिकित्‍सकों को कब तक पदस्थ कर दिया जावेगा? (ग) स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र या आयुर्वेद औषधालय स्‍थापना के क्‍या मापदण्ड हैं क्या मापदण्‍ड के अनुरूप सितपुरा में आयुर्वेदिक या मिनी स्‍वास्‍थ्‍य केन्द्र खोलना उचित है अगर हाँ तो कब तक खोले जावेंगे? (घ) प्रश्नांश (ख) अनुसार मुढहा एवं अन्य आयुर्वेद औषधालयों में चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की पदस्‍थापना कब तक की जाकर क्षेत्र की जनता को उपचार एवं स्‍वास्‍थ्‍य लाभ की सुविधा उपलब्ध करा दी जावेगी? यदि नहीं, तो क्यों?

राज्यमंत्री, आयुष ( श्री रामकिशोर (नानो) कावरे ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार। ओ.पी.डी. के माध्यम से आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से उपचार एवं परामर्श। (ख) जी हॉ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट  अनुसार। नियुक्ति एवं पदस्थापना एक सतत् प्रक्रिया है, जिसकी निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) आयुर्वेद औषधालय स्थापना हेतु ग्राम की जनसंख्या 5000 तथा कम से कम 5 किलो मीटर के क्षेत्र में अन्य कोई स्वास्थ्य केन्द्र न हो। जी हॉ। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। (घ) नियुक्ति एवं पदस्थापना एक सतत् प्रक्रिया है, जिसकी निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "तीस"

नालों पर अतिक्रमण एवं अवैध कॉलोनियों का निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

49. ( क्र. 497 ) श्री शशांक श्रीकृष्ण भार्गव : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिका परिषद विदिशा क्षेत्र अंतर्गत वर्षाकाल का पानी एवं निस्तारी पानी की निकासी हेतु शहर में स्थित सभी नालों को अतिक्रमण से मुक्त करने की योजना पर कार्यवाही की गई थी? क्या प्रश्नकर्ता द्वारा भी उक्त संबंध में कलेक्टर विदिशा, मुख्य नगर पालिका अधिकारी विदिशा को भी दिनांक 09.05.2020 को प्रतिलिपि पत्र क्र. 4428 एवं अन्य पत्र दिनांक 27.04.2020 के माध्यम से अतिक्रमण के संबंध में कार्यवाही की मांग की थी एवं दिनांक 15.06.2020 को पत्र क्र. 467के क्रम में एस.डी.एम. उपखण्ड विदिशा एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी विदिशा को शहर के आस-पास निर्माणाधीन अवैध कॉलोनि‍यों के संबंध में भी कार्यवाही की मांग की थी? (ख) यदि हां तो क्या उक्त पत्रों के क्रम में शहर के नालों पर हुये अतिक्रमण से जल भराव की स्थिति को दूर करने एवं मूलभूत सुविधाओं से वंचित अवैध कालोनियों के संबंध में विभाग/शासन कार्यवाही करेगा? यदि हां तो कब तक नहीं तो क्यों? (ग) क्या शासन नगर विदिशा स्थित वैशाली बिहार, वैशाली नगर, रंगियरपुरा, तलैया, पूरनपुरा, आज्ञाराम कॉलोनी, कागदीपुरा, मोहनगिरी, सिंधी, कॉलोनी, पीलिया नाला, रायपुरा, राजेन्द्र नगर वक्सरिया सहित शहर के अन्य नालों पर व्याप्त अतिक्रमण को हटाकर समस्या का निराकरण करेगा? यदि हाँ तो कब तक और नहीं तो क्यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी नहीं, प्रश्‍नांकित योजना नहीं थी, अपितु नगर पालिका परिषद, विदिशा द्वारा नगरीय सीमा में स्थित सभी नालों की वर्षाकाल पूर्व साफ-सफाई नियमित प्रक्रिया के अंतर्गत की गई थी। जी हॉ, प्रश्नांश में उल्‍लेखित माननीय विधायक का सिर्फ एक पत्र दिनांक 15/06/2020 नगर पालिका एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) विदिशा के कार्यालय में प्राप्‍त हुये है जिसमें विदिशा नगर एवं इसके समीप स्थित अवैध कालोनियों एवं इसके संबंध में की गई कार्यवाहियों की जानकारी चाही गई थी एवं शेष अन्‍य दो पत्र अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) एवं नगर पालिका कार्यालय में प्राप्‍त नहीं हुये है। (ख) उत्‍तरांश '' के अनुसार नगर पालिका विदिशा द्वारा नियमित प्रक्रिया के अन्‍तर्गत शहर के नालों में जल भराव वाले चिन्हित स्‍थानों से अतिक्रमण हटाया जाता है एवं अवैध कालोनियों के नियमितीकरण हेतु अधिनियम में संशोधन की कार्यवाही विचाराधीन है वैधानिक प्रक्रिया होने के कारण समय-सीमा बताया जाना सम्‍भव नहीं है। (ग) जी हॉ, नगर पालिका विदिशा द्वारा विस्‍तृत सर्वे उपरान्‍त विधि एवं नियमानुसार समुचित कार्यवाही की जा सकेगी। समय-सीमा बताया जाना सम्‍भव नहीं है।

सौठिया ट्रेचिंग ग्राउंड तक सड़क का निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

50. ( क्र. 498 ) श्री शशांक श्रीकृष्ण भार्गव : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नगर पालिका परिषद विदिशा द्वारा विगत वर्षों में हरिपुरा से सौंठिया ट्रेचिंग ग्राउण्ड तक सड़क निर्माण कार्य की स्वीकृति प्रदान की गई थी यदि हां तो क्या सड़क निर्माण कार्य स्वीकृति‍ अनुसार नियमानुसार पूर्ण किया गया? (ख) क्या मात्र ट्रेचिंग ग्राउण्ड सौंठिया में ही डामरीकरण कार्य की खानापूर्ति कर पूर्ण किया गया है यदि हॉ तो क्‍या उक्त नियम विरूद्ध कार्य के संबंध में जांच की गई तथा जांच में दोषी पाये गये अधिकारी के खिलाफ कोई कार्यवाही की गई यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या शासन जनहित की दृष्टि से उक्त सड़क निर्माण कार्य की जांच कर दोषी अधिकारी व्यक्तियों के खिलाफ यथाशीघ्र कार्यवाही करेगा यदि हॉ तो कब तक नहीं तो क्यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हॉ, जी नहीं, (ख) जी हॉ, हरीपुरा से सोंठिया ट्रेचिंग ग्राउण्‍ड तक सड़क निर्माण की स्‍वीकृति के विरूद्ध सोंठिया ट्रेचिंग ग्राउण्‍ड में डामरीकरण कार्य कराया गया है। संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास स्‍तर से ग्राम सोंठिया ट्रेचिंग ग्राउण्‍ड पर डामरीकरण कार्य की जांच हेतु समिति का गठन किया जाकर जांच कराई गई। जांच प्रतिवेदन के अनुसार उत्‍तरदायी पाये गये अधिकारी के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही प्रचलन में है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) कार्यवाही प्रचलन में है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

वाहनों के बीमा एवं रजिस्ट्रेशन का सत्यापन

[परिवहन]

51. ( क्र. 502 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) क्या परिवहन विभाग के सॉफ्टवेयर में पंजीकृत वाहनों के विवरण दर्ज हैं? यदि हॉ, तो सफारी वाहन क्रमांक MP66 T 3565 एवं सफारी वाहन MP66 C 3565 किस व्यक्ति के नाम से पंजीकृत हैं? दोनों वाहनों की पंजीकृत सत्यापित प्रति उपलब्ध करावें। (ख) क्या इस सॉफ्टवेयर से वाहनों की चेकिंग के दौरान बीमा एवं रजिस्‍ट्रेशन का सत्यापन, ई- चालान एवं ई-पेमेंट से किया जा सकता है? (ग) यदि हॉ, तो यह तकनीक प्रदेश के किन-किन जिलों में अपनाई जा रही है? (घ) यदि नहीं, तो क्या इलेक्ट्रॉनिक स्‍मार्ट हैंड डिवाइस के उपयोग से उपरोक्‍तानुसार व्‍यवस्‍थाएं की जा सकती हैं? यदि हाँ, तो यह व्‍यवस्‍थायें कब तक लागू होंगी?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) परिवहन विभाग के सॉफ्टवेयर में पंजीकृत वाहनों का विवरण दर्ज है। सफारी वाहन क्र. MP66T3565 का पंजीयन जिला परिवहन कार्यालय, सिंगरौली में नहीं किया गया है। वाहन क्रमांक MP66C3565 सफारी वाहन का पंजीयन श्री कपिल कुमार पिता सुखचन्द्र एम.आई.जी 126 नवजीवन बिहार विन्ध्यनगर के नाम पते पर किया गया है। पंजीकृत वाहन क्रमांक MP66C3565 की आर.सी. हिस्ट्री की सत्यापित प्रति  संलग्न  परिशिष्ट अनुसार है। (ख) से (घ) परिवहन विभाग के सॉफ्टवेयर से वाहनों के चैकिंग के दौरान पंजीयन के समय दर्ज किये गये बीमा एवं रजिस्‍ट्रेशन का सत्यापन किया जा सकता है। ई-चालान एवं ई-पेमेंट की व्यवस्था परिवहन विभाग में लागू नहीं है। इलेक्ट्रोनिक स्मार्ट हैण्ड डिवाइस से ई-चालन एवं ई-पेमेंट की व्यवस्था की जा सकती है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "इकतीस"

विभाग द्वारा स्वीकृत कार्य

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

52. ( क्र. 505 ) श्री विशाल जगदीश पटेल : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सांवेर, देपालपुर विधानसभा क्षेत्र में अप्रैल-2020 से अगस्त-2020 तक कितने बोर खनन कार्य, मोटर पंप, पानी की टंकी वितरण या अन्य कार्य स्वीकृत किए गए l (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार, विभाग का बोर खनन, मोटर पंप अन्य कार्य स्वीकृत करने का प्राथमिकता आधार क्रम क्या है? (ग) प्रश्नांश (क) के अनुसार कितने कार्य की स्वीकृति, स्वीकृत राशि, कार्य की स्थिति, अपूर्ण, पूर्ण, नामजद सूची देवें l (घ) इंदौर जिले में समस्त विधानसभा क्षेत्र में अप्रैल-2020 से अगस्त-2020 तक विभाग ने कौन-कौन से कार्य स्वीकृत करायें, कितने पूर्ण हैं, कितने अपूर्ण, स्वीकृत राशि सहित सूची देवें l

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) प्रश्नाधीन अवधि में पानी की टंकी वितरण का कार्य स्वीकृत नहीं किया गया है, शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1, 2 एवं प्रपत्र-3 के अनुसार है। (ख) पेयजल समस्याग्रस्त के दृष्टिगत आवश्यकता अनुसार प्राथमिकता निर्धारित की जाती है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1, 2 एवं प्रपत्र-3 के अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1, 2 एवं प्रपत्र-3 के अनुसार है।

राजधानी परियोजना द्वारा स्‍वीकृत पौधारोपण प्रोजेक्‍ट

[नगरीय विकास एवं आवास]

53. ( क्र. 514 ) श्री आरिफ अक़ील : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजधानी परियोजना द्वारा जम्‍बूरी मैदान, बी.एच.ई.एल., रचना नगर, अन्‍ना नगर और हबीबगंज में पौधारोपण के लिये कोई प्रोजेक्‍ट मंजूर हुआ है? यदि हां तो कितनी लागत का प्रोजेक्‍ट मंजूर हुआ है? (ख) पौधारोपण में प्रति प्‍लांट का बजट कितना तय हुआ है वर्तमान तक कितनी राशि खर्च की जा चुकी है? (ग) क्‍या प्‍लांटेशन के लिये गड्ढे खोदने का कार्य जे.सी.बी. मशीन से कराया गया है या कोरोना संक्रमण के कारण बेरोजगार हुये मजदूरों से कराया गया है? (घ) यदि पौधारोपण के प्रोजेक्‍ट की मंजूरी नहीं है और गड्ढे खोदने का कार्य मजदूरों के स्‍थान पर जे.सी.बी. से कराया गया है तो कितना भुगतान किया जा चुका है तो इसके लिये कौन-कौन जिम्‍मेदार है एवं उन पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हां। पौधारोपण के लिये प्रोजेक्ट को कार्योत्तर स्वीकृति दिनांक 15.09.2020 को दी गई है। प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत रूपये 1,83,90,000/- है। (ख) प्रति प्लांट रूपये 1371/- का निर्धारित है। माह अगस्त 2020 तक कुल रूपये 64,31,679/- का व्यय किया जा चुका है। (ग) प्लांटेशन के लिए गड्ढे खुदाई का कार्य यांत्रिक साधन (जे.सी.बी.) एवं मानव श्रम (मजदूरों) दोनों से कराया गया है। कोरोना संक्रमण काल में मजदूरों को कार्य उपलब्ध कराया गया है। (घ) मजदूरों के स्थान पर केवल जे.सी.बी. से कार्य नहीं कराया गया है। जे.सी.बी. द्वारा आंशिक खुदाई के कार्य के लिये रूपये 10,57,006/- का भुगतान किया गया है। गड्ढों को आकार एवं गहराई देने के लिए नियोजित श्रमिकों को रूपये 6,10,566/- का भुगतान किया गया है। गड्ढा खुदाई कार्य हेतु यांत्रिक साधन एवं मानव श्रम का नियोजन आवश्यक होने से प्रोजेक्ट रिपोर्ट में प्रावधान अनुसार भुगतान किया गया है। इसके लिये कोई जिम्मेदार नहीं है, अतः किसी पर कार्यवाही करने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

नगर पालिका निगम भोपाल अंतर्गत पोकलेन मशीनों से कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

54. ( क्र. 515 ) श्री आरिफ अक़ील : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिक निगम भोपाल अंतर्गत वर्तमान में कितनी पोकलेन मशीनें कार्यरत हैं एवं किस कार्य के लिये किस नाम से रजिस्‍टर्ड है? सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) 1 मार्च 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी पोकलेन मशीनों द्वारा कहां-कहां पर तथा क्‍या-क्‍या कार्य कराया गया है की जानकारी लॉगबुक सहित उपलब्‍ध करायें। (ग) क्‍या 1 मार्च 2019, से प्रश्‍न दिनांक तक पोकलेन मशीनें किराये से लेकर कार्य कराया गया है? यदि हां तो कुल कितनी मशीनों का तथा कितना भुगतान किया गया है। लॉगबुक सहित जानकारी उपलब्‍ध करायें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

नगर पालिका राजगढ़ की पात्रता तथा योजना

[नगरीय विकास एवं आवास]

55. ( क्र. 518 ) श्री बापूसिंह तंवर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिका राजगढ़ को चुंगी क्षतिपूर्ति/वित्‍तीय आयोग/अन्‍य समस्‍त स्‍वीकृत योजनाओं के विरूद्ध वित्‍तीय वर्ष 2020-21 में कितनी राशि की पात्रता/स्‍वीकृत योजनाओं के विरूद्ध अनुदान/ऋण राशि/अन्‍य योजनाओं के विरूद्ध अनुदान/ऋण राशि/नगर पालिका राजगढ़ की पात्रता अनुसार कितनी राशि शासन/विभाग द्वारा उपलब्‍ध कराई जाना है समस्‍त योजनाओं/पात्रता का नाम दर्शाते हुये राशि की जानकारी दें? (ख) प्रश्‍न कंडिका (क) अनुसार उपलब्‍ध जानकारी के आधार पर प्रश्‍न दिनांक तक‍ किस-किस योजना/पात्रता/चुंगी क्षतिपूर्ति तथा अन्‍य योजनाएं/पात्रता की कितनी राशि किस-किस योजना में उपलब्‍ध करा दी है? (ग) प्रश्‍न कंडिका (क) अनुसार उपलब्‍ध जानकारी समस्‍त राशि उपलब्‍ध नहीं कराई है तो? कब तक राशि निकाय को उपलब्‍ध करा दी जायेगी? नहीं तो क्‍यों नहीं दें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) वित्‍तीय वर्ष 2020-21 में वित्‍त विभाग के दिशा निर्देश एवं आरहण की छूट पश्‍चात निर्धारित व्‍यय सीमा में उपलब्‍ध आवंटन से निकायों की शासन निर्देशानुसार पात्रता निर्धारित कर संपूर्ण राशि निकाय को अंतरित की जाती है।               (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "बत्तीस"

जीरापुर जिला राजगढ़ में भूमि नामांतरण का निराकरण

[राजस्व]

56. ( क्र. 525 ) श्री प्रियव्रत सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ जिले के अंतर्गत जीरापुर तहसील में लॉक-डाउन अवधि के दौरान नामांतरण प्रकरण का निराकरण किया गया है? 20 मार्च 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक जीरापुर तहसील में कितने नामांतरण किये गये हैं? (ख) क्‍या उक्‍त नामांतरण के दौरान शासन के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए दोनों पक्षों की सुनवाई का अवसर दिया गया है? यदि हां, तो क्‍या सुनवाई हेतु कोई सूचना जारी की गई है? उनकी प्रति उपलब्‍ध करायें। (ग) उक्‍त नामांतरण हेतु कितनी आपत्तियाँ प्राप्‍त हुईं? कितनी आपत्तियों को पंजीबद्ध किया गया है? कितनी आपत्तियों का निराकरण दोनों पक्षों की सुनवाई के दौरान किया गया है एवं कितनी आपत्तियों का निराकरण एकपक्षीय किया गया है? (घ) प्रकरण में नामांतरण में बरती गई अनिमित्‍ताओं के लिए कौन दोषी है? क्‍या शासन उनके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही करेगा।

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जी हाँ। जिला राजगढ़में तहसील जीरापुर के न्यायालय में दिनांक 20 मार्च 2020 से प्रश्न दिनांक तक 573 प्रकरण एवं नायब तहसीलदार टप्पा माचलपुर के न्यायालय में 414 एवं कुल 987 प्रकरणों में नामांतरण किए गए हैं। (ख) उक्त अवधि के दौरान नामांतरण किए जाने हेतु शासन निर्देशों का पालन किया जाकर दोनो पक्षों को नियमानुसार सुनवाई के अवसर दिए गए हैं। नियमानुसार उभय पक्षों को सूचना जारी की गई है। सूचना पत्रों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) उक्त नामांतरण में दो आपत्तियां प्राप्त हुई थी जिनमें उभय पक्षों को सुनवाई के दौरान दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया। दोनो प्रकरणों में आपत्तियों को विधिवत पंजीबद्व किया जा कर सुनवाई उपरांत प्रकरण का निराकरण किया गया। किसी भी आपत्ति का निराकरण एक पक्षीय नहीं किया गया है। (घ) प्रश्नांश (ख) एवं (ग) के उत्‍तर के दृष्टिगत प्रश्न उत्पन्न नहीं होता है।

अप्रैल-20 से अगस्त-20 तक विभाग द्वारा खाद्यान्न पात्रता पर्ची की स्वीकृति

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

57. ( क्र. 548 ) श्री विशाल जगदीश पटेल : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सांवेर एवं देपालपुर विधानसभा क्षेत्र में अप्रैल-20 से अगस्त-20 तक विभाग द्वारा स्‍थानीय निकायवार कितनी खाद्यान्न पात्रता पर्ची स्वीकृत कर लाभान्वित हितग्राहियों की संख्या ग्रामवार एवं स्‍थानीय निकायवार बतावें l (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार विभाग का खाद्यान्न पात्रता पर्ची स्वीकृत करने का प्राथमिकता क्रम क्या है और कितनी संख्या में खाद्यान्न पात्रता पर्ची स्‍थानीय निकायवार जारी की जा सकती है। (ग) इंदौर जिले की समस्त विधानसभा क्षेत्रवार अप्रैल-20 से अगस्त-20 तक विभाग में कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किए एवं खाद्यान्न पात्रता पर्ची स्वीकृत कर जारी की, कितने हितग्राही लाभान्वित हुए, कितने खाद्यान्न की मात्रा जारी की गई स्‍थानीय निकायवार बताएं।

खाद्य मंत्री ( श्री बिसाहूलाल सिंह ) : (क) अप्रैल-20 से अगस्‍त-20 तक, स्‍थानीय निकायवार, सांवेर विधानसभा क्षेत्र में 3,560 तथा देपालपुर विधानसभा क्षेत्र में 3,663 पात्रता पर्ची जारी की गयी है। लाभान्वित हितग्राहियों की ग्रामवार एवं स्‍थानीय निकायवार संख्‍या की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 'एवं '' अनुसार है। (ख) वर्तमान में पात्रता पर्ची स्वीकृत करने का कोई प्राथमिकता क्रम नहीं है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत प्रदेश की वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 75%आबादी की सीमा तक ही लाभार्थियों को पात्रता पर्ची दी जा सकती है। स्‍थानीय निकायवार पात्रता पर्ची जारी करने की संख्‍यात्‍मक सीमा निर्धारित नहीं की गयी है, अत: जिले के नवीन सत्यापित हितग्राहियों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित जनसंख्‍या सीमा के भीतर नवीन पात्रता पर्चियां जारी कर सम्मिलित किया जाता है। (ग) खाद्य विभाग द्वारा NFSA अंतर्गत पात्र परिवारों को पात्रता पर्ची जारी कर खाद्यान्‍न आवंटन एवं वितरण का कार्य किया जाता है। इंदौर जिले में अप्रैल-20 से अगस्‍त-20 के मध्‍य 1,13,896 हितग्राहियों हेतु 27,118 पात्रता पर्ची जारी की गई हैं। विधानसभावार जारी पात्रता पर्ची एवं खाद्यान्‍न आवंटन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है।

वन/राजस्‍व खण्‍ड में किसानों को भूमि का आवंटन

[राजस्व]

58. ( क्र. 551 ) श्री कुँवर विक्रम सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) विगत 5 वर्षों में छतरपुर राजस्‍व/वन के अंतर्गत भा.व.अ./927 की धारा 4 में अधिसूचित 229 वन खण्‍डों में शामिल निजी भूमि की संरक्षित वन प्रतिवेदित कर किसानों को बेदखल निजी भूमि पर कब्‍जा करने, किसानों को कृषि कार्य से रोके जाने, किसानों के विरूद्ध पंजीयन करने वाले किन-किन राजस्‍व/वन अधिकारियों पर कार्यवाही की गई? यदि हाँ तो नाम बतायें? (ख) 229 वन खण्‍डों में कितने किसानों की निजी भूमि शामिल की गई? कितनी निजी भूमि को वर्किग प्‍लान एवं वन संरक्षित वन के आकड़ों में शामिल किया गया वन/राजस्‍व विवरण नामवार देवें। (ग) 229 वन खण्‍डों में शामिल निजी भूमि के संबंध में राजस्‍व/वन की वर्ष 2019 में की गई कार्यवाही की जानकारी देवें। प्रश्‍नांकित दिनांक तक वन विभाग द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी देवें।

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जी नहीं। कोई कार्यवाही नहीं की गई।              (ख) जानकारी निरंक है। (ग) कोई कार्यवाही नहीं की गई।

समूह जल प्रदाय योजना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

59. ( क्र. 557 ) श्री रामपाल सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भारत सरकार द्वारा वर्ष 2024 तक हर घर में नल जल योजना के माध्‍यम से पेयजल सुविधा उपलब्‍ध कराने का लक्ष्‍य तय किया है, इस संबंध में रायसेन जिले में अगस्‍त, 2020 तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) 1 जनवरी 19 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में नर्मदा नदी से समूह जल प्रदाय योजना के माध्‍यम से विकासखण्‍ड बेगमगंज एवं सिलवानी के ग्रामों में पेयजल व्‍यवस्‍था की योजना बनाने के संबंध में प्रश्‍नकर्ता विधायक के पत्र माननीय मंत्री जी, प्रमुख सचिव एवं प्रमुख अभियन्‍ता लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग को कब-कब प्राप्‍त हुए तथा उन पर आज दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) रायसेन जिले में कहां-कहां पर समूह जल प्रदाय योजना का कार्य किस-किस एजेंसी द्वारा किया जा रहा है? उक्‍त कार्यों में अनियमितताओं तथा गुणवत्‍तापूर्ण कार्य न करने की किन-किन माध्‍यमों से कब-कब शिकायतें प्राप्‍त हुईं तथा उन पर आज दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) विकासखण्‍ड बेगमगंज एवं सिलवानी के ग्रामों में पेयजल की समस्‍या के निराकरण हेतु विभाग की क्‍या-क्‍या योजना है?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ, जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर में नल के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने हेतु ग्रामों का सर्वेक्षण कर योजनाएं तैयार की गई हैं। (ख) माननीय मंत्री जी को दिनांक 3.08.2019, प्रमुख सचिव, लो.स्वा.यां.वि. को दिनांक 24.01.2020, 02.06.2019 एवं प्रमुख अभियंता को दिनांक 24.01.2020, 07.02.2020 को पत्र प्राप्त हुआ। उक्त पत्रों के आधार पर बेगमगंज एवं सिलवानी जनपद पंचायत के ग्रामों में पेयजल समस्या के निराकरण हेतु नर्मदा नदी, सेमरी बांध तथा बारना बांध से जल उपलब्धता एवं तकनीकी व्यवहार्यता के संबंध में परीक्षण किया जा रहा है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।                (घ) जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रत्येक ग्राम के हर घर में क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने की योजना है।

परिशिष्ट - "तैंतीस"

अपूर्ण तथा अप्रांरभ कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

60. ( क्र. 561 ) श्री रामपाल सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सितम्‍बर 2020 की स्थिति में रायसेन जिले की नगर पालिका तथा नगर परिषदों में किस-किस योजना में स्‍वीकृत कौन-कौन से कार्य अपूर्ण तथा अप्रांरभ हैं तथा क्‍यों? कार्यवार कारण बतायें। उक्‍त कार्य कब तक पूर्ण होंगे? (ख) सितम्‍बर 2020 की स्थिति में उक्‍त निकायों के पास किस-किस मद एवं योजना की कितनी-कितनी राशि किन-किन खातों में जमा है? उक्‍त राशि व्‍यय करने की क्‍या योजना है? उक्‍त राशि कब तक व्‍यय होगी? (ग) उक्‍त निकायों में किन-किन स्‍थानों पर कौन-कौन से नोईयत की भूमि पर कौन-कौन व्‍यक्ति कब से कच्‍चे मकान बनाकर रह रहे हैं? उनके नाम, पिता का नाम, पता सहित सूची दें। उनको भूमि का पट्टा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना में आवास क्‍यों नहीं दिया जा रहा हैं? (घ) उक्‍त व्‍यक्तियों को कब तक भूमि का पट्टा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में आवास दिया जायेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) एवं (घ) की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

ए.डी.बी. की वित्‍तीय मदद से स्‍वीकृत सड़कें

[लोक निर्माण]

61. ( क्र. 562 ) श्री रामपाल सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि    (क) एशियन डेव्‍हलपमेंट बैंक (एडीबी) की वित्‍तीय मदद से 6वाँ एवं सातवें चरण में कौन-कौन सी सड़कें कितनी लागत की कब-कब स्‍वीकृत की गई? (ख) उक्‍त स्‍वीकृत सड़कों में से किन-किन सड़कों की निर्माण एजेंसी तय हो गई है? किन-किन सड़कों के टेण्‍डर कब आमंत्रित किये? शेष सड़कों की क्‍या स्थिति हैं? (ग) उक्‍त स्‍वीकृत सड़कों का कार्य कब तक प्रांरभ होगा? (घ) उक्‍त स्‍वीकृत सड़कों में से किन-किन सड़कों को योजना से किसके आदेश से क्‍यों पृथक किया गया? सड़कवार कारण बतायें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। शेष मार्ग विभिन्‍न कारणों जैसे फिजिबिलिटी रिपोर्ट स्‍तर पर, निविदा प्रक्रिया प्रारंभ करने के स्‍तर पर, निविदा मूल्‍याकंन स्‍तर पर एवं परियोजना से पृथक करने के प्रस्‍ताव पर निर्णय हेतु प्रस्‍तावित है।                    (ग) तीन मार्गों पर कार्य प्रारंभ एवं शेष मार्गों पर कार्य प्रारंभ की निश्चित तिथि बताना संभव नहीं है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार 41 मार्गों को विभिन्‍न कारणों से उपयुक्‍त नहीं पाये जाने के फलस्‍वरूप परियोजना से पृथक किया जाना प्रस्‍तावित किया गया है।

शासकीय बंजर भूमि का अवैध रूप से विक्रय

[राजस्व]

62. ( क्र. 568 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भिण्‍ड जिले के कस्‍बा दबोह तहसील लहार की सर्वे क्रमांक 2609 रकबा 28 बीघा 07 विस्‍वा वर्ष 1950 में शासकीय बंजर भूमि थी? यदि हां तो क्‍या उपरोक्‍त भूमि राजस्‍व अधिकारियों की मिली भगत से निजी व्‍यक्ति के नाम कराकर करोडों रूपयों के प्‍लाट बनाकर बेचे जा रहे हैं? यदि हां तो उक्‍त भूमि को बेचने वाले एवं खरीदने वालों के नाम, पता सहित बतायें। (ख) क्‍या न्‍यायालय कलेक्‍टर भिण्‍ड के प्रकरण क्रमांक 0044/19-20/अ/74 दिनांक 26.03.2020 द्वारा तहसीलदार लहार को अभिलेख दुरूस्‍त करने का आदेश दिया गया था? यदि हां तो अभी तक कार्यवाही न करने वाले उत्‍तरदायी अधिकारियोंके विरूद्ध कार्यवाही की जाकर उपरोक्‍त भूमिकब तक शासकीय घोषित कर अतिक्रमण से मुक्‍त करा दी जावेगी? (ग) क्‍या उपरोक्‍त सर्वे क्रमांक की भूमि कलेक्‍टर भिण्‍ड ने कृषि उपज मण्‍डी आलमपुर की उपमण्‍डी दबोह को हस्‍तांतरित की थी? यदि हाँ तो अतिक्रमणकर्ता का वृक्ष लगाने की क्षतिपूर्ति भुगतान करने का आदेश माननीय उच्‍च न्‍यायालय ग्‍वालियर ने किस दिनांक को दिया था? कृषि उपज मण्‍डी आलमपुर ने अभी तक वृक्षों की क्षतिपूर्ति अतिक्रमणकर्ता को भुगतान न कर वाउण्‍ड्रीवाल निर्माण न कराने के उत्‍तरदायी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों? मुआवजा भुगतान करने की समयवधि बतायें। (घ) प्रश्नांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में वृक्ष लगान की क्षतिपूर्ति का भुगतान कब तक कर दिया जायेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) भिण्‍ड जिले के कस्‍वा दबोह तहसील लहार के सर्वे क्रमांक 2609 रकबा 28 बीगा 07 विश्‍वा खसरा संवत 2007 यानी वर्ष 1950 में खसरा खाना नम्‍बर 3 में बंजर दर्ज है। उपरोक्‍त भूमि किसी राजस्‍व अधिकारी की मिली भगत से निजी व्‍यक्ति को नहीं दिलाई गयी है। अपितु माननीय न्‍यायालय अतिरिक्‍त जिला जज लहार के प्रकरण क्रमांक 5-अ/94 अ.दी. एवं माननीय उच्‍च न्‍यायालय खण्‍डपीठ ग्‍वालियर की द्वतीय अपील क्रमांक 212/1996 में पारित आदेश दिनांक 01.10.2002 में स्‍वीकृत राजीनामा आई.ए. 5289/02 के पालन में नायब तहसीलदार टप्‍पा दवोह के प्रकरण 7/02-03/अ-6 में पारित आदेश दिनांक 27.07.2004 से नामांतरण किया गया है। नायब तहसीलदार दवोह द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) लहार को प्रस्‍तुत प्रतिवेदन दिनांक 20.03.2020 में उल्‍लेखित अनुसार गोपालकृष्‍ण पुत्र अमरदेव से जरिये रजिस्‍टर्ड विक्रय पत्र गीता देवी वैश्‍य, केवशदास वैश्‍य, भगवतदास, दिनेश गुप्ता आदि द्वारा क्रय किया गया। सर्वे क्रमांक 2609 का बन्‍दोबस्‍त बाद सर्वे क्रमांक 438 बना। बंटाकन उपरांत 438/1 एवं 438/2 कायम हुये वर्तमान में ग्राम दवोह की भूमि सर्वे क्रमांक 438/1 रकबा 2.994 हे. खसरा संवत 2014-15 में गोपालकृष्‍ण भाग 470/2994 विनोद कुमार भाग 467/2994 राजेन्‍द्र कुमार भाग 462/2094 पुत्रगण अमरदेव, रामदेवी वेबा अमरदेव भाग 451/2994 गिरजादेवी, विजयलक्ष्‍मी पुत्रियां अमरदेव समान भाग 1/3 रेखा पत्‍नी अशोक कुमार भाग 5/2994 गीतादेवी पत्‍नी केवशदास भाग 10/2994, महिला रामराजा पत्‍नी रामपाल सिंह भाग 11/2994 जाति गुर्जर, कुसमादेवी पत्‍नी मुकेश जाति बघेल भाग 12/2994, राजीवकुमार, प्रदीपकुमार पुत्रगण सूरजप्रसाद रकबा 1250 वर्गफीट, दिनेश कुमार पुत्र सूरजप्रसाद रकबा 1000 वर्गफीट, पुष्‍पा देवी पत्‍नी बांके विहारी कौरव, रामसिया देवी पत्‍नी रघुवंशी धाकड् 750 वर्गफीट सुनीता पत्‍नी सूरजसिंह किरार रकबा 750 वर्गफीट मिथिला देवी पत्‍नी रामसिया छिवावली नं. 2 रकबा 1250 वर्गफीट रामकली पत्‍नी दुर्जनसिंह रकबा 300 वर्गफीट मातादीन, दुर्जन पुत्रगण डबल कुशवाह रकबा 900 वर्गफीट कमलेशी पत्‍नी मुकेश कुमार ब्रा. रकबा 750 वर्गफीट भगवतदास पुत्र लक्ष्‍मीनारायण रकबा 7500 वर्गफीट, तुलसीराम पुत्र मतौले काछी रकबा 750 वर्गफीट अर्जुन सिंह पुत्र हरजनसिंह निवासी सिंगोसा रकबा 1000 वर्गफीट केशव पुत्र वाबूलाल रकबा 500 वर्गफीट भूमि स्‍वामी दर्ज है। (ख) न्‍यायालय कलेक्‍टर भिण्‍ड के प्र.क्र. 0044/2019-20/अ-74 में पारित आदेश दिनांक 26-03-2020 के क्रम में कार्यवाही प्रचलित की गयी। जिसके विरूद्ध गोपालकृष्‍ण, विनोदकुमार, राजेन्‍द्रकुमार पुत्रगण अमरदेव महिला रामदेवी पत्‍नी अमरदेव निवासीगण पतारा बाग द्वारा आयुक्‍त चंबल संभाग मुरैना में प्रकरण क्रमांक 0004/अपील/2020-21 में पारित स्‍थगन आदेश दिनांक 09.07.2020 से स्‍थगित किया गया। इसलिए कार्यवाही स्‍थ‍गित की गयी है। (ग) आराजी सर्वे क्र. 2609 का नया सर्वे क्र. 438 रकवा 5.711 हे. में से 2.717 हे. पर कृषि उपज मंडी समिति के हित में छोडकर माननीय उच्‍च न्‍यायालय खण्‍डपीठ ग्‍वालियर की द्वितीय अपील क्र.212/1996 में पारित आदेश दिनांक 01.10.2002 में हुये राजीनामा अनुसार 2.717 हे. कृषि उपज मण्‍डी आलमपुर एवं शेष रकवा 2.114 हे. पर अनावेदकगण गोपालकृष्‍ण आदि को दिया गया। उक्‍त याचिका में 47 आम के पेडों की क्षतिपूर्ति का आदेश दिया गया जिसके क्रम में कार्यालय कृषि उपज मण्‍डी समिती आलमपुर के प्रस्‍ताव ठहराव क्र.5 दिनांक 21-07-2020 में उल्‍लेखित अनुसार मुआवजा राशि 763335रू. का मूल्‍यांकन वनमंण्‍डलाधिकारी एवं उद्योग अधीक्षक से कराया जाना वर्णित है मानमीय उच्‍च न्‍यायालय खण्‍डपीठ ग्‍वालियर WP5460/2016 (PIL) में पारित आदेश दिनांक 12-02-2020 में मंडी को वाउण्‍ड्रीवाल निर्माण कराने का आदेश किया गया। उक्‍त आदेश के विरूद्ध गोपालकृष्‍ण आदि द्वारा माननीय उच्‍च न्‍यायालय खण्‍डपीठ ग्‍वालियर में RP424/2020 रिव्‍यू दायर की गई जो वर्तमान में प्रचलित है। (घ) क्षतिपूर्ति भुगतान संबंधी कार्यवाही कृषि उपज मंडी आलमपुर द्वारा प्रश्नांश (ग) में वर्णित याचिका में प्राप्‍त निर्देशानुसार की जा सकेगी। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

नगर परिषद लहार में तरण पुष्‍कर का निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

63. ( क्र. 569 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास म.प्र. भोपाल के पत्र क्रमांक/567/यां.प्र./07-5/2020 भोपाल, दिनांक 13.01.2020 के द्वारा नगर परिषद लहार को तरूण पुष्‍कर निर्माण हेतु 500.00 लाख की स्‍वीकृति प्रदान कर 14वें वित्‍त में 119.05 लाख की स्‍वीकृति शासन ने जारी की थी? (ख) यदि हाँ तो क्‍या शेष आवश्‍यक राशि वर्ष 2020 के बजट प्रावधान अनुसार उपलब्‍ध कराने बावत पत्र में उल्‍लेख किया गया था? (ग) यदि हाँ तो शेष राशि का बजट में प्रावधान कराकर कब तक उपलब्‍ध करा दी जावेगी? (घ) नगर पालिका लहार में वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 में विभिन्‍न योजनाओं में विकास कार्यों हेतु कितनी-कितनी राशि का प्रावधान था तथा प्रावधान अनुसार  कितनी-कितनी राशि उपलब्‍ध कराई गई? शेष राशि कब तक उपलब्‍ध करा दी जावेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। (ग) नगर परिषद लहार को वित्त वर्ष 2019-20 में 14 वें वित्त की प्रथम किस्त राशि रू. 119.05 लाख, द्वितीय किस्त राशि रू. 119.05 लाख एवं वित्त वर्ष 2020-21 में 15 वें वित्त से राशि रू. 89.64 लाख इस प्रकार कुल राशि रू. 327.74 लाख उपलब्ध कराया गया है, शेष राशि बजट की उपलब्धता अनुसार आवंटित की जा सकेगी, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) वित्त विभाग से उपलब्ध बजट अनुसार नगर परिषद लहार को संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार राशि उपलब्ध कराई गई है एवं मुख्यमंत्री शहरी अधोसरंचना विकास योजना तृतीय चरण वित्त वर्ष 2019-20 में स्वीकृत हुई है, परियोजना वित्त वर्ष 2020-21 से स्वीकृत किया जाना है। मुख्यमंत्री शहरी अधोसरंचना विकास योजना के अन्तर्गत नगर परिषद लहार के लिए राशि रू. 75.00 लाख चार वर्षों में प्रावधानित है। उपलब्‍ध बजट अनुसार नगर परिषद लहार से प्रस्ताव प्राप्त होने पर राशि उपलब्ध कराई जा सकेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "चौंतीस"

 

शासकीय उचित मूल्‍य की दुकानों का नियम विरूद्ध आवंटन

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

64. ( क्र. 576 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) शासकीय उचित मूल्‍य की दुकान पंचायतों में समिति के माध्‍यम से दिये जाने के क्‍या नियम/प्रावधान है? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या हर पंचायत में पृथक-पृथक समिति को उचित मूल्‍य की दुकान दिये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ तो गुना जिले की राघौगढ़ विधानसभा क्षेत्र अन्‍तर्गत वन समिति जामनेर की पंचायत बंजला, परेवा, जांगरू एवं बीलखेड़ा में एक ही समिति को उचित मूल्‍य की दुकानें किन नियमों/प्रावधानों के तहत आंवटित की गई? यदि नियम विरूद्ध आंवटित की गई है, तो क्‍या इन पंचायतों में आंव‍टित उचित मूल्‍य की दुकानों का आवंटन निरस्‍त किया जायेगा? यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में आवंटन निरस्‍त होने की स्थिति में कब तक नवीन उचित मूल्‍य की दुकान स्‍थानीय पंचायतों को दी जायेगी? नियम विरूद्ध आंवटन के लिये दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों?

खाद्य मंत्री ( श्री बिसाहूलाल सिंह ) : (क) प्रदेश में जिन संस्‍थाओं को उचित मूल्‍य की दुकानें आवंटित करने की पात्रता है उनकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। प्रश्‍न के शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

इन्दौर-अहमदाबाद मार्ग पर 10 किलोमीटर पहले टोल लगाने की जांच

[लोक निर्माण]

65. ( क्र. 608 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि      (क) प्रश्नकर्ता के प्रश्न '' 3986 दिनांक 25.07.2019 के संदर्भ में बतावें कि मेठवाड़ा टोल प्लाजा मात्र 24.7 किलोमीटर पर क्यो बनाया, जबकी अनुबंध अनुसार वह 34.450 याने 10 किलोमीटर आगे गुणावद पर लगना चाहिये था, अनुबंध की प्रति देवें तथा बतावें कि उसके किस पृष्ठ पर टोल बूथ लगाने का उल्लेख है? (ख) राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के साथ हुए राज्य समर्थन समझौता की प्रति देवें तथा बतावें कि दोनों टोल बूथ कितने-कितने किलोमीटर का शुल्क वसुल रहे हैं तथा कुल मार्ग कितने किलोमीटर का है? (ग) 60 किलोमीटर से अधिक का कार्य अपूर्ण रहने पर भी टोल वसूलने की अनुमति देने संबंधी समस्त पत्र व्यवहार तथा आदेश की प्रति NHAI से उपलब्ध करावे, शुल्क गणना एवं वसूली रूल 2008 तथा अनुवर्ती संशोधन की प्रति देवें। (घ) राज्य समर्थन समझौता अनुसार शासन किस-किस बात पर आपत्ती ले सकता है, क्या 35 किलोमीटर के स्थान पर 25 किलोमीटर पर टोल लगाने, अधुरे कार्य पर भी टोल वसूलने पर राज्य शासन आपत्ती नहीं ले सकता है, यदि हाँ तो आपत्ति क्यों नहीं ली गई?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) से (घ) भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

 

लेबड नयागॉव टोल पर 1055 करोड़ के बदले 2650 करोड़ की वसूली

[लोक निर्माण]

66. ( क्र. 611 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि    (क) क्या जावरा नयागॉव फोरलेन पर लागत 450.47 करोड़ के बदले अगस्त 2020 तक लगभग 14000 करोड़ तथा लेबड जावरा पर 605.45 के बदले 11300 करोड़ वसूल चुकी है। मात्र 09 वर्ष में लागत से दो से तीन गुना वसुली हो चुकी है? तो क्या इन दोनो फोरलेन की वित्तीय व्यवहार्यता का पुनः आकलन किया जायेगा?  (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्या शासन राज्य और जनता के धन की लूट को रोकने के लिए दोनों फोरलेन टोल बूथ बंद करने की कार्यवाही करेगा? (ग) शासन स्तर पर किस गणना के आधार पर दोनो फोरलेन पर टोल अवधि 25 वर्ष तय की गई? अवधि तय करने संबंधी समस्त नोट शीट, पत्र व्यवहार, आंकडे, सर्वे आदि का विवरण प्रस्तुत करे। (घ) क्या अगर दोनों फोरलेन पर टोल बूथ बंद न किये गये तो पूर्व अवधि तक ये लागत का 12 गुना शुल्क वसुल करेंगे? क्या ये उचित होगा, शासन इस पर कोई कार्यवाही करेगा। यदि नहीं, तो क्यों और यदि हाँ तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। जी नहीं। लेबड़-जावरा मार्ग के कंसेशन अनुबंध की कंडिका-29 अनुसार यातायात पुर्नगणना की जा रहीं है। तदानुसार अनुबंध के प्रावधानुसार टोल वसूली की अवधि का पुर्ननिर्धारण किया जावेगा। (ख) टोल वसूली अनुबंधानुसार की जा रही है। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न अनुसार टोल अवधि तय की गई है। पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-क अनुसार एवं सर्वे डीपीआर पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ख-1, ख-2, ख-3 अनुसार। समस्त नोटशीट एवं पत्र व्यवहार संबंधी जानकारी संकलित की जा रही है। (घ) जी नहीं। टोल वसूली अनुबंध की कंडिका-27 अनुसार की जा रही है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

रतलाम की राशन दुकानों में 100 करोड़ का घोटाला

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

67. ( क्र. 612 ) श्री हर्ष विजय गेहलोत : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि      (क) क्‍या कलेक्‍टर रतलाम के आदेश क्रमांक 786 दिनांक 06-04-2017 के अनुसार रतलाम की 63 राशन दुकानों की जांच पूर्ण हो गई है तथा डिप्‍टी कलेक्‍टर रतलाम के आदेश क्रमांक 256 दिनांक 22-05-2017 द्वारा 12 दुकानों की जांच रिपोर्ट की प्रति देवे तथा शेष दुकानो की जांच के आदेश की प्रति देवे? (ख) क्‍या रतलाम की राशन दुकानों के 21202 काल्‍पनिक हितग्राही के नाम हटा दिये गये? यदि हाँ तो किस-किस दुकान से कितने-कितने हितग्राही हटाये गये तथा हटाये गये कूपन की संख्‍या कितनी है? यदि ये दूसरे के कूपन में बोगस तरीके से जोड़े गये नाम थे तो बतावें कि विभाग को बिना जांच किये कैसे इन नामों का पता चला? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में काल्‍पनिक हितग्राहि‍यों को हटाने की प्रक्रिया संबधी समस्‍त पत्राचार तथा नोटशीट, आदेश की प्रति देवे?                      (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार राशन का वितरण किस दुकान से हुआ तथा लागत मूल्‍य क्‍या है? क्‍या यह राशि किस से वसूल की जावेगी वसूली प्रक्रिया संबधी पत्राचार की प्रति देवें?

खाद्य मंत्री ( श्री बिसाहूलाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

प्याज खरीदी के भष्ट्राचारियों पर कार्यवाही

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

68. ( क्र. 615 ) श्री हर्ष विजय गेहलोत : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                 (क) प्रश्नकर्ता द्वारा प्रमुख सचिव को लिखे पत्र क्रमांक 1276 दिनांक 29.11.2019 का उत्तर देवे। सिविल सप्लाय कारर्पोरेशन द्वारा 2017 में रतलाम में प्याज विनि‍ष्टीकरण के नाम पर बागवान ट्रेडिंग कम्पनी के 17.20 लाख काटे जाने की प्याज उपार्जन समिति की अनुशंसा तथा महाप्रबंधक उज्जैन के अभिमत की प्रति उन दस्तावेजों सहित उपलब्ध करावें। जिस आधार पर अनुशंसा की गई। (ख) क्‍या दिनांक 22.07.2017 की कार्यवाही विवरण में प्याज खराबी का कोई उल्लेख नहीं था, मात्र विलम्ब का उल्लेख था? क्या फर्म को पत्र क्रमांक 403 दिनांक 19.07.2017 तीन दिन बाद 22.07.2017 को दिया? क्या SCSC के पत्र क्रमांक 496 दिनांक 01.09.2017 का जवाब 07.09.2017 को तथा स्मरणपत्र 19.09.2017 को दिया गया? (ग) क्‍या SCSC रतलाम द्वारा बागवान ट्रेडिंग कम्पनी को पत्र क्रमांक 476 दिनांक 18.08.2017 में प्याज खराबी का उल्लेख नहीं था या लिखा था कि अपने द्वारा जमा राशि का हिसाब प्रस्तुत करे, ताकि मिलान कर भुगतान की कार्यवाही कर सके। क्या बागवान ट्रेडिंग कम्पनी ने शेड न. 05-06 के एक हजार टन में से 875 टन प्याज 23.07.2017 तक उठा लिया था? (घ) क्‍या प्याज उपार्जन समिति नें लिखा कि 01.09.2017 के पत्र का उत्तर नहीं दिया गया? यह किस आधार पर लिखा गया। इस सन्दर्भ में बागवान ट्रेडिंग द्वारा SCSC भोपाल, रतलाम तथा कलेक्टर रतलाम को लिखे पत्र तथा दिये गए उत्तर की प्रति देवे। क्या निर्णय पर पुर्नविचार किया जायेगा?

खाद्य मंत्री ( श्री बिसाहूलाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

नगरपालिका श्‍योपुर को प्रदत्‍त राशि

[नगरीय विकास एवं आवास]

69. ( क्र. 616 ) श्री बाबू जन्‍डेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्तीय वर्ष 2017-18 से प्रश्नांश दिनांक तक नगर पालिका श्योपुर एवं नगर परिषद बड़ौदा को किस-किस मद? योजनान्तर्गत वर्षवार कितनी-कितनी राशि? कब-कब प्राप्त हुई? उक्त राशि से क्या-क्या कार्य? कहाँ-कहाँ करवायें? कौन-कौन से कार्य अपूर्ण तथा अप्रारंभ हैं, कार्यवार कारण बतावें? उक्त कार्य कब तक पूर्ण होंगे? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार करायें गये कार्यों का मूल्यांकन, भौतिक सत्यापन/पूर्णतः प्रमाण-पत्र किन-किन अधिकारियों के कब-कब दिये गये? किये गये कार्यवार प्रतियां उपलब्ध करावें(ग) क्या प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) अंतर्गत नगर पालिका श्योपुर एवं नगर परिषद बड़ौदा क्षैत्र में नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा मिलीभगत कर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ अपात्र व्यक्तियों को दिया गया है एवं पात्र हितग्राहियों को आवास का लाभ नहीं दिया गया है, नगर पालिका क्षेत्र में ऐसे कितने पात्र हितग्राही जिनको अभी तक आवास नहीं मिला है? सूची उपलब्ध करावें पात्र हितग्राहियों को आवास का लाभ कब तक दिया जावेगा? (घ) प्र.आ.यो. (शहरी) अपात्रों को लाभ दिये जाने की जांच शासन द्वारा करायी जायेंगी? यदि हाँ तो कब तक? अपात्र व्यक्तियों को लाभ दिलाये जाने हेतु कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी है? अवगत करायें। उक्त दोषी कर्मचारियों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जावेंगी? यदि हां तो कब तक? (ड.) कोविड-19 कोरोना महामारी के तहत नगर पालिका श्योपुर द्वारा बचाव हेतु किये गये प्रबंधों पर कितनी-कितनी राशि व्यय की गयी? नगर पालिका के आकस्मिक मदों में किस-किस कार्य पर? किस-किस ठेकेदार का? कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया गया?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ग) जी नहीं। नगर पालिका परिषद श्‍योपुर में 1266 एवं नगर परिषद बडौदा में 421 हितग्राहियों को आवास का लाभ प्राप्‍त नहीं हुआ है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। भारत शासन के आवासन एवं शहरी विकास मंत्रालय, नई दिल्‍ली से राशि प्राप्‍त होने पर पात्र हितग्राहियों को राशि आवंटित की जा सकेगी, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) नगरीय निकाय द्वारा सर्वे उपरान्‍त सूची तैयार की गई है, जिसका अनुमोदन सक्षम प्राधिकारी द्वारा किया गया है। अनुमोदित सूची में से उपलब्‍ध आवंटन अनुसार हितग्राहियों को राशि प्रदान की गई है, अपात्र हितग्राहियों को लाभ नहीं दिया गया है, जिससे शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।                 (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है।

कर्मचारियों को मानदेय का प्रदाय

[महिला एवं बाल विकास]

70. ( क्र. 620 ) श्री पाँचीलाल मेड़ा : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या महिला एवं बाल विकास विभाग में समेकित बाल संरक्षण योजना (icps) अंतर्गत अधिकारी/कर्मचारी कार्यरत हैं? पदवार मानदेय/वेतन बतावें। (ख) क्‍या समेकित बाल संरक्षण योजनांतर्गत कार्यरत कर्मचारियों को 05 जून, 2018 के परिपत्र अनुसार 90 प्रतिशत वेतन/मानदेय प्रदाय किया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्‍यों? क्‍या इस संबंध में कोई कार्यवाही प्रचलन में है? यदि हाँ, तो किस दिनांक से आवश्‍यक कार्यवाही लंबित हैं और क्‍यों? क्‍या विभाग में संविदा पर्यवेक्षकों को 05 जून, 2018 के परिपत्र अनुसार 90 प्रतिशत वेतन/मानदेय प्रदाय किया जा रहा है? यदि हाँ, तो समेकित बाल संरक्षण योजनांतर्गत कार्यरत कर्मचारियों को लाभ क्‍यों नहीं दिया जा रहा है?                   (ग) आई.सी.पी.एस. योजनांतर्गत पदस्‍थ कर्मियों को किस पद श्रेणी के समकक्ष रखा गया है? इन कर्मचारियों के यात्रा भत्‍ता के लिए श्रेणी का निर्धारण किया गया है? यदि हाँ, तो किस नियम के तहत निर्धारण किया गया हैं? क्‍या मध्‍यप्रदेश शासन के संविदा कर्मिकों के संबंध में जारी आदेश दिनांक 05 जून, 2018 के अनुसार लाभ दिलाये जाने के लिए पुन: श्रेणी का निर्धारण कराया जा रहा है? यदि हाँ, तो पुन: श्रेणी निर्धारण की क्‍या आवश्‍यकता हैं? (घ) क्‍या समेकित बाल संरक्षण योजना अंतर्गत कार्यरत अधिकारी/कर्मचारियों के लिये वर्तमान में कोई स्‍थानांतरण नीति है? यदि नहीं, तो कब तक बनायी जायेगी? क्‍या समेकित बाल संरक्षण योजना अंतर्गत कार्यरत अधिकारी/कर्मचारियों के लिये पूर्व में स्‍थानांतरण नीति लागू की गई थी? यदि हाँ, तो किन जिलों से किसी भी कर्मचारी का स्‍थानांतरण नहीं हुआ? इसके लिए कौन जिम्‍मेदार हैं?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती इमरती देवी ) : (क) जी हाँ। पदवार मानदेय/वेतन का विवरण संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जी नहीं। समेकित बाल संरक्षण योजना भारत सरकार द्वारा स्वीकृत योजना है एवं भारत सरकार द्वारा वेतन में वृद्धि किये जाने की दशा में प्रदेश स्तर पर वेतन में वृद्धि की जाती है। जी हाँ, समेकित बाल संरक्षण योजनांतर्गत कार्यरत् संविदा कर्मियों को 90 प्रतिशत वेतन/मानदेय प्रदाय किये जाने के संबंध में कार्यवाही प्रचलन में है। जी हाँ, विभाग में संविदा पर्यवेक्षकों को 05 जून, 2018 के परिपत्र अनुसार प्रतिशत वेतन/मानदेय प्रदाय किया जा रहा है किंतु समेकित बाल संरक्षण योजनान्तर्गत कार्यरत कर्मचारी भारत सरकार द्वारा स्वीकृत योजनान्तर्गत कार्यरत हैं। जिनके लिये वर्तमान में नीति लागू नहीं है। नीति का लाभ दिये जाने के संबध में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) आई.सी.पी.एस. योजनांतर्गत पदस्थ संविदाकर्मियों को कार्यपालिक, तृतीय श्रेणी एवं अकार्यपालिक, तृतीय श्रेणी के समकक्ष रखा गया है। जी हाँ, इन कर्मचारियों के यात्रा भत्ता के श्रेणी का निर्धारण किया गया है। समेकित बाल संरक्षण योजना अंतर्गत जिला बाल संरक्षण इकाई के कर्मचारियों के लिये यात्रा भत्ता का प्रावधान है। राज्य शासन द्वारा कर्मचारियों की पद संरचना एवं उन्हें सौंपे गये कार्य दायित्व के आधार पर श्रेणी का निर्धारण किया गया है, जिसकी स्वीकृति वित्त विभाग से ली गयी है। जी नहीं, मध्यप्रदेश शासन द्वारा संविदाकर्मियों के संबंध में जारी आदेश दिनांक 05 जून 2018 के अनुसार लाभ दिलाये जाने के लिये पुनः श्रेणी का निर्धारण नहीं कराया जा रहा है। अतः शेष का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं, स्थान परिवर्तन नीति संबंधी कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। जी हाँ वर्ष 2017 में संपूर्ण सेवा अवधि में एक बार के लिये नीति लागू की गई थी। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। सूची अनुसार जिलों से स्थान परिवर्तन संबंधी प्रस्ताव प्राप्त न होने अथवा स्थान परिवर्तन चाहे गये जिले में पद उपलब्ध न होने अथवा जिला कलेक्टर की अनुशंसा न होने के कारण स्थान परिवर्तन नहीं किये गये हैं। समस्त पात्र संविदाकर्मियों के स्थान परिवर्तन किये गये हैं। अतः स्थान परिवर्तन नहीं होने का प्रश्न ही नहीं है।

परिशिष्ट - "पैंतीस"

कलेक्‍टर के समक्ष शिकायत की जांच

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

71. ( क्र. 624 ) श्री राजेश कुमार प्रजापति : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या उपार्जन नीति वर्ष 2012-13 बिन्‍दु क्रमांक 30 पर उपार्जन की गुणवत्‍ता तथा अन्‍य विषयों पर निर्णय लेने हेतु प्रशासकीय समिति खरीदी संबंधी समस्‍त विवादों को अंतिम निराकरण करेंगी लेख था? यदि हाँ तो तहसीलदार द्वारा उक्‍त समिति को जाँच प्रतिवेदन भेजा था? हाँ या नहीं। यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण स्‍पष्‍ट करें। (ख) क्‍या अनुविभागीय अधिकारी छतरपुर के पत्र क्रमांक 929 दिनांक 12/12/2019 को अपने जांच प्रतिवेदन में यदि आवेदक उक्‍त तामीली प्रक्रिया से प्रतिवेदित था तो वह विधिवत सक्षम न्‍यायालय में अपील निगरानी प्रस्‍तुत करने हेतु स्‍वतंत्र लेख था? यदि हाँ तो क्‍या आवेदक द्वारा तहसीलदार द्वारा गेहूँ छोड़े जाने हेतु कोई कार्यवाही नहीं की जा रहीं है। कलेक्‍टर के समक्ष शिकायत की थी? यदि हाँ तो उक्‍त शिकायत पर क्‍या कार्यवाही की गयी थी?

खाद्य मंत्री ( श्री बिसाहूलाल सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

कटनी उमरिया मार्ग खंड का निर्माण कार्यों में अनियमितता

[लोक निर्माण]

72. ( क्र. 625 ) श्री संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी-उमरिया मार्ग-खंड में किमी-01 से 08 के अंश भाग में क्या-क्या कार्य किन शर्तों के अध्यधीन कराये गए एवं इस मार्ग का निर्माण कब पूरा हुआ और इस मार्ग-खंड में प्रश्न-दिनांक तक क्या-क्या खराबी किस प्रकार एवं कब-कब ज्ञात हुई? (ख) आईआरसीएसपी 83-2008 के क्लाज-5.4 के क्या प्रावधान हैं और क्या मार्ग-खंड में आई खराबियों के चलते मरम्मत/निर्माण के कार्य किए गए हैं? यदि हाँ, तो प्रश्न दिनांक तक मार्ग की खराबियों और किए गए मरम्मत/निर्माण के कार्यों से अवगत कराएं? (ग) प्रश्नांश (क) मार्ग-खंड के निर्माण कार्यों के तकनीकी पर्यवेक्षण हेतु कौन एजेंसी प्राधिकृत थी और एजेंसी द्वारा निर्माण कार्यों का कब-कब निरीक्षण किया गया और निर्माण के दौरान क्या-क्या प्रतिवेदन और कार्य-पूर्णता प्रमाण-पत्र दिये गए? (घ) प्रश्नांश (क) से (ग) के परिप्रेक्ष्य में मार्ग-खंड में पायी गयी खराबियों का कारण बताएं और तकनीकी पर्यवेक्षण एजेंसी द्वारा इन खराबियों का अपने प्रतिवेदन में उल्लेख न करने का कारण बताएं एवं क्या मार्ग-खंड में लगातार आ रही गंभीर खराबियों का संज्ञान लेते हुये, सक्षम प्राधिकारियों से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की प्रश्नकर्ता की सहभागिता में जांच एवं कार्यवाही की जाएगी? यदि हाँ, तो किस प्रकार एवं कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) एवं (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

परिशिष्ट - "छत्‍तीस"

कटनी में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना

[चिकित्सा शिक्षा]

73. ( क्र. 626 ) श्री संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय चिकित्सा-महाविद्यालय की स्थापना के क्या नियम/निर्देश हैं और किन संसाधनों की उपलब्धता और आवश्यकता के चलते चिकित्सा-महाविद्यालय की स्थापना की जाती हैं? मध्यप्रदेश में कितने और कौन-कौन से चिकित्सा-महाविद्यालय वर्तमान में कहाँ-कहाँ कबसे स्थापित/संचालित हैं? (ख) मध्यप्रदेश में, सचालित शासकीय चिकित्सा-महाविद्यालय किन परिस्थितियों और किन संसाधनों की उपलब्धता के चलते स्वीकृत एवं प्रारम्भ किए गए और नियत मानक अनुसार कितने और चिकित्सा-महाविद्यालय प्रारम्भ किए जा सकते हैं? (ग) क्या मध्यप्रदेश में नवीन शासकीय चिकित्सा-महाविद्यालय प्रारम्भ किए जाने हेतु विभाग/मप्र शासन/भारत सरकार के स्तर पर प्रस्ताव लंबित/प्रचलन में हैं? यदि हाँ, तो क्या प्रस्ताव किस स्तर पर क्या कार्यवाही हेतु लबित/प्रचलन में हैं, पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं? (घ) क्या जिला-कटनी प्रदेश/देश के लगभग मध्य में स्थित हैं एवं कटनी से प्रदेश/देश में लगभग सभी ओर आवागमन हेतु मुख्य-रेलमार्ग एवं राष्ट्रीय/राज्य-राजमार्ग उपलब्ध हैं? साथ ही जिला चिकित्सालय में 200 बिस्तरों की उपलब्धता हैं एवं 150-बिस्तरों का भवन निर्माणाधीन हैं, आवश्यकतानुसार शासकीय भूमि की उपलब्धता हैं?                 (ङ) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा दिनांक- 12/08/2020 को माननीय मुख्यमंत्री जी को लिखित पत्रों से कटनी में शासकीय चिकित्सा-महाविद्यालय की स्थापना हेतु आग्रह/मांग की गयी हैं? यदि हाँ तो संदर्भित पत्रों पर क्या कार्यवाही किस स्तर पर लंबित/प्रचलित हैं? (च) क्या कटनी में शासकीय चिकित्सा-महाविद्यालय की स्थापना की मांग के परीक्षण एवं स्वीकृति की कार्यवाही विभाग/शासन स्तर से की जायेंगी? यदि हाँ, किस प्रकार एवं कब तक?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) शासकीय चिकित्‍सा महाविद्यालय की स्‍थापना संबंधी नियम निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। PMSSY योजना अन्‍तर्गत एम.सी.आई. के मापदण्‍ड पूर्ण करते हुए जिला चिकित्‍सालयों को चिकित्‍सा महाविद्यालय में उन्‍नयन किए जाने हेतु चिन्‍हाकित कर चिकित्‍सा महाविद्यालय स्‍थापित करने की स्‍वीकृति दी जाती है। मध्‍यप्रदेश में स्‍थापित चिकित्‍सा महा‍विद्यालयों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ख) मध्‍यप्रदेश में पूर्व से 6 चिकित्‍सा महाविद्यालय संचालित है। तत्‍पश्‍चात जिला चिकित्‍सालयों का चिकित्‍सा महाविद्यालय में उन्‍नयन करने संबंधी भारत सरकार की PMSSY योजना अंतर्गत प्रथम चरण में विदिशा, शिवपुरी, शहडोल, रतलाम, दतिया, खण्‍डवा एवं छिन्‍दवाड़ा तथा द्वितीय चरण में सतना एवं तृतीय चरण में राजगढ़, मण्‍डला, नीमच, मंदसौर, श्‍योपुर, महेश्‍वर (खरगौन) एवं सिंगरौली स्‍वीकृत किए गए है। भारत सरकार की PMSSY योजना अंतर्गत अन्‍य जिलों में चिकित्‍सा महाविद्यालय स्‍थापित किए जाने की स्‍वीकृति प्राप्‍त होने पर चिकित्‍सा महाविद्यालय स्‍थापित किए जा सकेगे। (ग) जी नहीं, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। जी हाँ। जी हाँ। भविष्‍य में अन्‍य कोई निर्माण हेतु परिसर में शासकीय भूमि उपलब्‍ध नहीं है। (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (च) शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

समूह पेयजल योजना के निर्माण कार्य में अनियमितता

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

74. ( क्र. 629 ) श्री राकेश पाल सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सिवनी जिले में विकासखंड धनौरा के ग्राम धनौरा में समूह पेयजल योजना के तहत निर्माण कार्य किये जा रहे है, यदि हाँ तो कब तक पूर्ण कर लिये जावेंगे? (ख) क्या समूह पेयजल योजना में संबंधित निर्माण एंजेसी के द्वारा पूर्व में निर्मित नालियों में पाईप लाईन बिछाना एवं गंदी नालियों में बिना कांक्रीट के किये जा रहे है यदि हाँ तो कब तक प्राक्कलन के तहत किया जावेगा यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या समूह पेयजल योजना में संबंधित एजेंसी के द्वारा समय-सीमा के भीतर प्राक्कलन के अनुरूप निर्मित नालियों में बिना क्रांकीट के पाईप लाईन बिछाने में निर्माण एजेंसी के विरूद्ध कोई कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्री ऐदल सिंह कंषाना ) : (क) जी हाँ, योजना का कार्य दिनांक 31.10.2020 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है। (ख) निर्माण एजेंसी द्वारा कुछ स्थानों पर जगह उपलब्ध न होने एवं नवीन कांक्रीट सड़क होने के कारण ऐसे स्थानों पर नालियों के बगल से या नीचे गहराई पर एच.डी.पी.ई. पाइप लाईन डाली गई है, इनके पुनर्निर्माण के पूर्व पाइप लाईन की टेस्टिंग की जाती है, उसके उपरांत संरचनाओं को यथास्थिति में किया जाता है। यह कार्य समय-सीमा में दिनांक 31.10.2020 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है। (ग) जी हाँ, यदि अनुबंध के प्रावधान के अनुसार कार्य समय-सीमा में संपादित नहीं किया जाता है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।

मार्ग/पुल-पुलियों के निर्माण कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति

[लोक निर्माण]

75. ( क्र. 630 ) श्री राकेश पाल सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सिवनी जिले के लो.नि.वि (भ/स) सं. क्र. 01 के उपसंभाग केवलारी/सिवनी-02 द्वारा विभाग/शासन के पास निम्न मार्ग-कान्हीवाड़ा से कलारबांकी, चांदनी चौक से मलारा, सुनवारा से पिंडरई, खैरलांजी से छींदामार्ग, बिछुआटोला से सिद्धघाट, थांवरी पहुँच मार्ग, उगली से गोरखपुर व घीसी-पांडयाछपारा की जर्जर एवं खराब स्थिति के चलते मार्ग निर्माण की प्रशा.स्वी. के लिए डी.पी.आर. जमा है? यदि हाँ तो इन मार्गों की प्रशा.स्वी. कब तक प्रदाय कर दी जावेगी? यदि नहीं, तो इन मार्गों के निर्माण की शासन द्वारा कब तक कार्यवाही की जावेगी? (ख) सिवनी जिले की वि.स. क्षेत्र केवलारी में लो.नि.वि के अधीन मार्गों/पुल/पुलिया/ब्रिज की वर्तमान भौतिक स्थिति की जानकारी मार्ग के नाम एवं दूरी सहित की जानकारी उपलब्ध करावें। क्या उक्त मार्गों के नवीनी/चौड़ी/मरम्मतीकरण हेतु जिले के लो.नि.वि. संभाग द्वारा शासन/विभाग को प्रस्ताव दिया गया है? यदि हाँ तो इसकी स्वी. कब तक प्रदान कर दी जावेगी? यदि नहीं, तो कब तक प्रस्ताव दिया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) मार्गों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' एवं 'अ-1' अनुसार एवं ब्रिज की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है।

आमागढ़ स्थित चैक पोस्ट से राजस्‍व की वसूली

[परिवहन]

76. ( क्र. 632 ) श्री राकेश पाल सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                 (क) क्‍या सिवनी जिले की कटंगी रोड में आमागढ़ के पास स्थित चैक पोस्ट लगाने का प्रकाशन राजपत्र में किया गया था? यदि हाँ तो उसकी प्रति उपलब्ध कराये। (ख) आमागढ़ चैक पोस्ट से किस आधार पर वाहनों से राजस्व वसूला जा रहा है एवं चैक पोस्ट स्थापित करने की दिनांक से वर्तमान तक कितना राजस्व वसूला गया? क्या आमागढ़ चैक पोस्ट में धर्मकांटा है? यदि नहीं, तो किस आधार पर ओवरलोडिंग वाहनों का चालान वसूला जा रहा है?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) परिवहन आयुक्त के प्रस्ताव के अनुक्रम में अवैध परिवहन/कर अपवंचन को रोकने तथा राजस्व वृद्धि को देखते हुये विभागीय ज्ञाप क्रमांक 2684/3490/2016/आठ भोपाल दिनांक 17.10.2016 द्वारा नागपुर-छिदवाड़ा, नागपुर-बालाघाट मार्ग पर ग्राम करीरात में अस्थाई चैकिंग प्वाइंट (सब-बैरियर) खोलने की अनुमति प्रदान की गई। अनुमति के क्रम में उल्लेखित ग्राम करीरात में अनुमत अस्थाई परिवहन जांच चौकी नागपुर से छिंदवाड़ा एवं नागपुर से बालाघाट रोड पर स्थापित है, जो भोगोलिक रूप से एक ही है किन्तु स्थानीय स्तर पर आमागढ़ प्रचलित नाम है। (ख) आमागढ़ चेकपोस्ट पर मोटरयान अधिनियम 1988, केन्द्रीय मोटरयान नियम 1989, मध्यप्रदेश मोटरयान नियम 1994 एवं मध्यप्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम 1991 में विहित प्रावधानों का उल्लंघन पाये जाने पर कर एवं शमन शुल्क वसूल किया जाता है। दिनांक 17.10.2016 से अस्थाई चेक पोस्ट की अनुमति उपरान्त स्टॉफ की कमी के कारण दिनांक 09.07.2020 तक उक्त अस्थाई चेक पोस्ट संचालित नहीं हुआ है। अब दिनांक 10.07.2020 से स्टॉफ की उपलब्धता उपरान्त अस्थाई चेक पोस्ट प्रारम्भ किया गया। चेकपोस्ट प्रारम्भ होने की तिथि 10 जुलाई 2020 से प्रश्न दिनांक (05.09.2020) तक रूपये 17,01,700/- (सत्रह लाख एक हजार सात सौ रूपये मात्र) वसूल कर शासन के मद में जमा किया गया है। आमागढ़ चेकपोस्ट में कोई धर्मकांटा नहीं है। वाहन चालक/वाहन स्वामी द्वारा प्रस्तुत किये जाने वाले तोलकॉटा पर्ची से, माल के बिल्टी में प्रदर्शित वजन एवं वाहन के पंजीयन            प्रमाण-पत्र में दर्शित लदान रहित वजन को जोडकर प्राप्त भार से ओव्हरलोड की गणना की जाकर, उल्लंघन पाये जाने पर शमन शुल्क वसूला जाता है।

भोपाल संभागांतर्गत वक्फ बोर्ड की सम्पत्ति

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

77. ( क्र. 634 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल संभाग के अंतर्गत वक्फबोर्ड की सम्पत्ति किन-किन जिलों के किन-किन नगरों व गांवो में किन-किन स्थानों पर है एवं यह वक्फ सम्पत्ति पर वर्तमान में किन-किन व्यक्तियों के कब्जे में है? जिलेवार, नगरवार, ग्रामवार, स्थानवार कब्जा धारकों प्लाट नंबर एवं खसरा नंबर, नाम पते सहित जानकारी दें (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में उक्त वक्फ सम्पत्तियों में कृषि भूमि, दुकान एवं अन्य क्या-क्या आय देने वाली सम्पत्तियां हैं एवं वर्तमान में यह सम्पत्तियां किन-किन के स्वामित्व में एवं किराये पर हैं? नाम पते सहित सम्पत्ति के स्थानवार जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में उक्त वक्फ सम्पत्ति से 01.01.2017 से 27.08.2020 तक की स्थिति में कितनी-कितनी आय वक्फ बोर्ड को प्राप्त हुई है एवं किन-किन व्यक्ति/संस्थाओं द्वारा राशि जमा कराई गई है वक्फ सम्पत्ति की आय से किन-किन कार्यों में राशि को व्यय किया गया है एवं किन नियम प्रक्रियाओं के तहत राशि व्यय की गई है वर्षवार, सम्पत्तिवार एवं सम्पत्ति के स्वामित्व के अनुसार जानकारी दें। उक्त सम्पत्तियों से अभी तक कौन-कौन व्यक्ति/संस्था बोर्ड को किराया आदि की राशि जमा नहीं करा रहे हैं? इसके लिए बोर्ड द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है? बतलावें।              (घ) क्या खसरा नंबर 223/1,225,119/1,119/2 ग्राम चौड़ाखेड़ी तहसील सिरोंज भूमि वक्फ संपत्ति/ भूमि है? यदि हाँ, तो इन खसरा नंबरों पर किन-किन व्यक्तियों द्वारा शासकीय भवन, मकान बनाकर निवास किया जा रहा हैं तथा क्या उक्त भूमि पर खेती भी की जा रही है? यदि हाँ, तो किसकी अनुमति से? यदि अनुमति नहीं दी गई है? तो संबंधित व्यक्तियों पर क्या कार्यवाही की गई? यदि कार्यवाही नहीं की गई है? तो इसके लिए दोषी कौन है तथा अवैध कब्जधारियों पर कब तक कार्यवाही की जावेगी?

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ( श्री रामखेलावन पटेल ) : (क) से (घ) जानकारी ए‍कत्रित की जा रही है।

 

योजनाओं के प्रचार-प्रसार में अनियमितताएं

[महिला एवं बाल विकास]

78. ( क्र. 636 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 01 जनवरी, 2018 से 23 मार्च, 2020 तक जनंसपर्क विभाग के माध्यम से अपने विभाग की कौन-कौन सी योजनाओं का प्रचार/प्रसार               किन-किन संस्थाओं के माध्यम से कराया गया है? किये गये प्रचार/प्रसार का सत्यापन विभाग द्वारा कैसे किया जाता है? क्या उक्त प्रचार/प्रसार का सत्यापन किया गया है? यदि हाँ, तो विवरण देवें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) के संदर्भ में विभागीय बैठकों में जिले के मैदानी अधिकारियों ने संस्थाओं द्वारा प्रचार/प्रसार में होर्डिंग एवं फ्लेक्स आदि नहीं लगाये जाने की जानकारी दी थी? यदि हाँ, तो विभाग के प्रमुख सचिव ने जांच के निर्देश दिये थे? यदि हाँ तो क्या जांच हुई? जांच रिर्पोट का विवरण उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ जांच में कौन-कौन सी संस्थाएं दोषी पायी गई एवं उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई है? यदि वह संस्थाऐं दोषी नहीं हैं? तो विभाग के जिन अधिकारियों ने फ्लेक्स/होर्डिंग नहीं लगे होने की असत्य जानकारी विभाग के प्रमुख सचिव के समक्ष बैठक में दी थी तो उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? (घ) प्रश्नांश (क) के संदर्भ जनंसपर्क विभाग से संबंधित ऐसी संस्थायें जिनके द्वारा केन्द्रीय एवं राज्य सरकार की योजनाओं का प्रचार/प्रसार किये जाते हैं? उनके द्वारा किये गये फर्जीवाडे से करोड़ों रूपये की धांधली के लिए कौन-कौन जिम्मेदार है और उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? क्या दोषी पायी संस्थाओं और उत्तरदायी प्रमुख अधिकारियों से राशि वसूली की जाकर आपराधिक प्रकरण भी दर्ज कराये जावेगें? यदि हाँ, तो कब तक और किन-किन पर?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती इमरती देवी ) : (क) जी हाँ। विभाग द्वारा संचालनालय जनसंपर्क के माध्यम से विभिन्न योजनाओं का प्रचार-प्रसार कराया गया है। संचालनालय जनसंपर्क से प्राप्त जानकारी अनुसार ''विभागीय योजनाओं का प्रचार-प्रसार नीलम ट्रेडर्स, उदय इंटरप्राईजस, प्रथम पब्लिसिटी प्रा.लि.एवं वर्ल्ड विजन इंटर प्राईजेस-भोपाल द्वारा विभागीय योजनाओं के प्रचार-प्रसार का कार्य किया गया। प्रचार-प्रसार कार्य उपरान्त जिला स्तरीय कार्यों का सत्यापन संबंधित जिला अधिकारियों द्वारा किया जाता है, शेष कार्यों की पुष्टि संचालनालय जनसंपर्क द्वारा की जाती है। जांच प्रचलन में होने से शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। विभाग के निर्देशानुसार प्रचार-प्रसार संबंधी होर्डिंग्स (आयरन फ्रेम बोर्ड) के संबंध में जांच प्रचलन में है, शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जांच प्रचलन में होने से शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।              (घ) प्रचलित जांच के निष्कर्ष के आधार पर विभाग द्वारा संचालनालय जनसंपर्क को तदअनुरूप नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही हेतु संसूचित किया जावेगा।

जल आवर्धन योजनांतर्गत नल कनेक्‍शन प्रदाय

[नगरीय विकास एवं आवास]

79. ( क्र. 639 ) श्री राज्‍यवर्धन सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ जिले की नगर पालिका नरसिंहगढ़ अंतर्गत जल आवर्धन योजना (शहरी पेयजल) का कार्य प्रश्‍न दिनांक तक पूर्ण हो चुका है? यदि नहीं, तो योजनांतर्गत कौन-कौन से कार्य प्रश्‍न दिनांक तक किन कारणों से कब से अपूर्ण है एवं उक्‍त योजनांतर्गत नगर में कितने नल कनेक्‍शन दिये जाने का प्रावधान डी.पी.आर. में रखा गया था तथा डी.पी.आर. स्‍वीकृति के पूर्व नगर में वैध व अवैध नल कनेक्‍शन की संख्‍या क्‍या थी? योजना के ब्‍लू प्रिंट सहित बतावें। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य उक्‍त योजनांतर्गत जलप्रदाय हेतु बिछाई गई पाईप लाईन से नवीन नल कनेक्‍शन हेतु प्रश्‍न दिनांक तक कितने उपभोक्‍ताओं से कितनी-कितनी राशि कब-कब जमा कराई गई एवं क्‍या उन उपभोक्‍ताओं को नवीन नल कनेक्‍शन दिया जा चुका है यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या             14-15 माह पूर्व जिन उपभोक्‍ताओं द्वारा नल कनेक्‍शन हेतु वांछित राशि जमा करा दी गई है, उनको प्रश्‍न दिनांक तक नल कनेक्‍शन प्रदान नहीं किये गये है एवं जिन उपभोक्‍ताओं को कनेक्‍शन दिये जा चुके है, उनको नल के माध्‍यम से जलप्रदाय नहीं हो पा रहा है? यदि हाँ तो उक्‍त योजना की मॉनीटरिंग हेतु स्‍थानीय व शासन स्‍तर नियुक्‍त कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी है? क्‍या शासन उक्‍त योजना में उपयोग हुये मटेरियल गुणवत्‍ता की जांच कर उत्‍तरदायियों के विरूद्ध कोई कार्यवाही करेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। योजना की जनरल अरेन्‍जमेंट ड्राईंग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ग) जिन उपभोक्‍ताओं द्वारा नल कनेक्‍शन हेतु राशि जमा की गई है, उन्‍हें नल कनेक्‍शन प्रदान किये गये है। नल के माध्‍यम से जलप्रदाय किया जा रहा है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

ग्रामीण सड़क‍ निर्माण कार्यों की स्‍वीकृतियां

[लोक निर्माण]

80. ( क्र. 640 ) श्री राज्‍यवर्धन सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) एक जनवरी 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक लोक निर्माण विभाग संभाग राजगढ़ द्वारा विधानसभा क्षेत्र नरसिंहगढ़ अंतर्गत नवीन सड़क निर्माण, अत्‍यंत जीर्ण-शीर्ण मार्गों की मरम्‍मत/विशेष मरम्‍मत, सड़क नवीनीकरण, सुदृढ़ीकरण, मजबूतीकरण सहित अन्‍य किस-किस योजना/मद में किन-किन मार्गों की स्‍वीकृति हेतु प्रस्‍ताव वरिष्‍ठालय को कब-कब प्रेषित किये गये तथा प्रेषित प्रस्‍तावों में किन-किन कार्यों की प्रशासकीय स्‍वीकृति कब प्राप्‍त हुई? कार्यों के नाम व लागत राशि सहित बतावें।               (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 1712 दिनांक 20 दिसम्‍बर, 2019 के उत्‍तर की कंडिका (ख) में दिये गये पुस्‍तकालय परिशिष्‍ट अनुसार क्‍या निर्माण कार्यों में प्रश्‍न दिनांक तक अपेक्षित प्रशासकीय स्‍वीकृतियां प्रदान कर दी गई है? यदि हां तो कब? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) उपरोक्‍तानुसार क्‍या राजगढ़ जिले की विधानसभा क्षेत्र नरसिंहगढ़ अंतर्गत सड़क निर्माण कार्यों में अपेक्षित स्‍वीकृति प्रदान करने में हो रहे विलंब के कारण क्षेत्र का विकास निरंतर अवरूद्ध हो रहा है? यदि हाँ तो क्‍या शासन विधानसभा क्षेत्र नरसिंहगढ़ अंतर्गत उक्‍त वर्णित प्रस्‍तावों में अपेक्षित स्‍वीकृतियां प्रदान करेगा? यदि हाँ तो कब तक, यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जी नहीं वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अ के खण्‍ड-7 अनुसार है। (ग) जी हाँ। प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर अनुसार।

पहुँच मार्ग निर्माण की स्वीकृति‍

[लोक निर्माण]

81. ( क्र. 644 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भीकनगांव विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत विधानसभा चुनाव के दौरान क्या भीकनगांव विकासखण्ड अन्तर्गत ग्राम चापड एवं झिरन्या विकासखण्ड अन्तर्गत ग्राम निलीखाली के ग्रामीणों द्वारा पहुँच मार्ग निर्माण को लेकर चुनाव बहिष्कार किया था तथा तत्काल मार्ग निर्माण करने हेतु प्रशासन पर दबाव बनाया गया था तथा प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा मार्ग निर्माण कराने के संबंध में ग्रामीणों को आश्‍वस्‍त किया गया था? (ख) यदि हाँ तो क्या वर्तमान में पहुँच मार्ग की ग्रामीणों की मांग को देखते हुए उक्त मार्ग स्वीकृति हेतु शासन द्वारा कोई कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ तो उक्त मार्ग कब तक स्वीकृत कर दिया जायेंगा और नहीं तो क्यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) प्रश्‍नाधीन मार्ग लोक निर्माण विभाग के कार्यक्षेत्र अंतर्गत नहीं है, अपितु यह मार्ग वन विभाग का है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) भीकनगांव से प्राप्‍त उत्‍तर संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "सैंतीस"

नापतोल नियंत्रक द्वारा किए गए निरीक्षण

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

82. ( क्र. 646 ) श्री रवि रमेशचन्द्र जोशी : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उप/सहायक नियंत्रक नापतोल खरगोन द्वारा विगत 2 वर्षों में कितने निरीक्षण कार्य किए गए तथा अमानक नापतोल के कितने प्रकरण दर्ज कराएं दर्ज प्रकरणों पर की गई कार्रवाई की सूची देवें। (ख) विभागीय अधिकारी द्वारा खरगोन जिले में वर्ष 2018 से वर्ष 2020 में कितने बड़े तोल कांटो (वाहन से माल तोलने वाले) का सत्यापन कब-कब किया गया तोल कांटे के नाम, स्थान सहित सूची देवे? विभागीय अधिकारी द्वारा खरगोन जिले में वर्ष 2018 से वर्ष 2020 में कितनी जिनिंग एवं दाल मिलों में निरीक्षण कार्य किया गया तथा कितने प्रकरण बनाए गए? प्रकरणवार सूची देवें।

खाद्य मंत्री ( श्री बिसाहूलाल सिंह ) : (क) सहायक नियंत्रक, नापतौल द्वारा खरगोन जिले में विगत दो वर्षों में कोई निरीक्षण नहीं किया गया है। (ख) बड़े तौल कांटों (वाहन से माल तौलने वाले) का सत्‍यापन पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है वर्ष 2018 से वर्ष 2020 तक जिनिंग एवं दाल मिलों के निरीक्षण कार्य विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है।

परफार्मेन्‍स ग्‍यारंटी वाली सड़कों की जानकारी

[लोक निर्माण]

83. ( क्र. 648 ) श्री रवि रमेशचन्द्र जोशी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्न दिनांक को खरगोन जिले की लोक निर्माण विभाग की कौन-कौन सी सड़कें परफार्मेन्‍स ग्‍यारंटी वाली है और परफॉर्मेंस ग्यारंटी कब से कब तक है? सड़कवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार परफार्मेन्‍स ग्‍यारंटी वाली सड़कों की स्थिति प्रश्न दिनांक को कैसी है प्रश्न दिनांक तक भौतिक सत्यापन किस पद नाम व नाम के अधिकारी ने किया है। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार परफॉर्मेंस ग्यारंटी वाली सड़कों का पेज वर्क मरम्मत कार्य ठेकेदारों द्वारा कब कब किया गया है? किस पदनाम व नाम के अधिकारी द्वारा उसका भौतिक सत्यापन किया गया? सूची देवें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है। पेंच बनना एवं उसका भरा जाना एक निरंतर प्रक्रिया है। परफारमेंस ग्‍यारंटी वाली सड़कों पर निगम अंतर्गत मरम्‍मत कार्य अनुबंधानुसार ठेकेदार द्वारा निरंतर प्रक्रिया के तहत किया जाता है।

अपूर्ण उत्‍तर की पूर्ण जानकारी

[चिकित्सा शिक्षा]

84. ( क्र. 649 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा प्रश्न क्रमांक 1641, दिनांक 19 दिसंबर, 2019 का उत्तर देने में विलंब का कारण बताएं एवं उत्तर प्रस्तुत करें। (ख) आयुक्त चिकित्सा शिक्षा म.प्र. शासन का पत्र क्र. 20/स्था/राज/ 2020 भोपाल दिनांक 04/01/2020 की प्रति उपलब्ध कराएं।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) संभागायुक्‍त, भोपाल संभाग भोपाल से जानकारी चाही गई है, जो अपेक्षित है। (ख) प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित प्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार।

परिशिष्ट - "अड़तीस"

मेडिकल कॉलेज की स्‍थापना

[चिकित्सा शिक्षा]

85. ( क्र. 652 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्रमांक 170/13/2020/2/पचपन दिनांक 01-02-2020, चिकित्सा शिक्षा विभाग, म.प्र. शासन के संदर्भ अनुसार मनावर विधानसभा क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज खोले जाने का प्रस्ताव प्राप्त होने के उपरांत किन-किन बिंदुओं पर किन शर्तों/नियमों के तहत संचालनालय चिकित्सा शिक्षा द्वारा परीक्षण कराया गया? (ख) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा माननीय मुख्यमंत्रीजी को प्रस्तावित बिंदुओं के आधार पर परीक्षण किया गया? यदि नहीं, तो नियमसम्मत कारण बताएं। (ग) प्रदेश में शासकीय मेडिकल कॉलेज खोले जाने के लिए क्या मानक एवं नियम, निर्देश, शर्त स्थापित किए गए हैं? यदि कोई मानक, नियम, शर्त स्थापित नहीं किए गए तो प्रदेश के शासकीय मेडिकल कॉलेजों को किन मानकों, नियमों, शर्तों के आधार पर निर्माण किया गया है? (घ) क्या धार, अलीराजपुर, झाबुआ और बड़वानी जिले में मेडिकल सुविधा एवं शासकीय स्वास्थ्य संरचनाओं का घोर अभाव है तथा इन क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर, कुपोषण, एनीमिया, सिलिकोसिस, स्किल सेल एवं मलेरिया जैसी बीमारियों के मामले प्रदेश में सबसे अधिक हैं? यदि नहीं, तो आधार-सामग्री एवं डाटा उपलब्ध कराएं। (ङ) क्या प्रश्नांश (घ) के बिंदु एवं मामले मनावर विधानसभा क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज खोले जाने की शर्तों को पूरा करते हैं? यदि हाँ तो प्रस्ताव अस्वीकृत करने के कारण बताएं।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) मनावर विधानसभा क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज खोले जाने का प्रस्‍ताव विभाग स्‍तर पर विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।                 (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। (घ) जी नहीं। धार, अलीराजपुर, झाबुआ एवं बड़वानी जिलों में मेडिकल सुविधा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार है। जी न‍हीं। आधार सामग्री एवं डाटा संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-03 अनुसार है।                        (ड.) मेडिकल कॉलेज खोले जाने हेतु एम.सी.आई. के मापदण्‍ड एवं शर्तों का पालन आवश्‍यक है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्रधानमंत्री सड़क योजनांतर्गत सड़क निर्माण

[लोक निर्माण]

86. ( क्र. 654 ) श्री मुरली मोरवाल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़नगर विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत वर्तमान में लोक निर्माण विभाग की कितनी सड़कें निर्माणाधीन हैं एवं कितनी सड़कें समय अवधि में पूर्ण हो चुकी है एवं कितनी सड़कें समय अवधि के बाद पूर्ण हुई एवं कितनी नवीन सड़कें विगत 2 वर्षों में स्वीकृत की गई? सम्पूर्ण जानकारी सड़कवार उपलब्ध करावें। (ख) विगत 2 वर्षों में बड़नगर विधानसभा क्षेत्र में कितनी सड़कों की मरम्मत के लिए कितनी-कितनी राशि स्वीकृत की गई एवं किन-किन सड़कों पर मरम्मत कार्य किए गए एवं किस-किस एजेंसी को कितना-कितना भुगतान किया गया? सड़कवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) निर्माणाधीन एवं मरम्मत सड़कों की गुणवत्ता के संबध में कौन-कौन से परीक्षण (गिट्टी, रेती, मिट्टी, डामर, सीमंट) कब-कब किसके द्वारा किये गए सड़कवार जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) निमार्णधीन सड़कों की गुणवत्ता के संबंध में किन-किन अधिकारि‍यों द्वारा कब-कब निरिक्षण किया गया ओर किन-किन सड़कों में क्या-क्या कमी पाई गई? सड़कवार सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण से सम्‍बंधित है। महाप्रबंधक म.प्र. सड़क विकास प्राधिकरण पी.आई.यू.-1 उज्‍जैन से प्राप्‍त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '', 'अ-1' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।   (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

प्रधानमंत्री आवास योजना का क्रियान्‍वयन

[नगरीय विकास एवं आवास]

87. ( क्र. 655 ) श्री मुरली मोरवाल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री अवास योजना अन्तर्गत बड़नगर विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2018-19 एवं वर्ष 2019-20 में कितने आवास स्वीकृत किये गये? नामवार, स्थानवार सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में आवास योजना में कितने मकान पूर्ण हो गए हैं, राशि स्वीकृत करने के बाद भी कितने अपूर्ण है? (ग) प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत वर्ष 2019-20 में स्वीकृत आवास के मकान प्रथम किस्त नवम्बर 2019 में 1 लाख की राशि हितग्राही को दी गई थी उसके पश्‍चात शासन द्वारा बकाया किस्तों का भुगतान क्यों नहीं किया गया और कब तक किया जावेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) अंतर्गत बड़नगर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नगर पालिका, बड़नगर में वर्ष 2018-19 में 269 एवं वर्ष 2019-20 में 256 आवास स्वीकृत किये गये है, स्वीकृत आवासों की नामवार, स्थानवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार हैं। (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में योजनान्तर्गत कुल 14 आवास पूर्ण हो गये है एवं राशि स्वीकृत करने के बाद भी 166 आवास निर्माणाधीन तथा 89 अप्रारंभ है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार हैं। (ग) जी नहीं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) अंतर्गत नगर पालिका, बड़नगर के लिए वर्ष 2019-20 में स्वीकृत 256 हितग्राहियों की डीपीआर में प्रथम किश्त राशि भारत सरकार द्वारा प्रदाय नहीं की गई हैं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

प्रस्‍तावित मार्ग निर्माण की जानकारी

[लोक निर्माण]

88. ( क्र. 656 ) श्री प्रणय प्रभात पाण्डेय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी जिले में लोक निर्माण विभाग (भ/स) संभाग कटनी अंतर्गत कौन-कौन से कितने मार्ग विभागाधीन है? जिनका निर्माण/रख-रखाव विभाग द्वारा किया जाता है, सूची देवे एवं वर्तमान समय में ये मार्ग किस स्थिति में है क्या इन पर आवागमन सुचारू रूप से हो रहा है? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित कौन-कौन से डामरीकृत ग्रामीण मार्ग का पुनर्निर्माण प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क विकास द्वारा किया जाना प्रस्तावित है एवं अच्छी गुणवत्ता वाले इन डामरीकृत मार्गों को किन नियम प्रक्रिया के तहत प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क प्राधिकरण को नवनिर्माण हेतु स्थानांरित किया जा रहा है। नियम प्रक्रिया की छायाप्रति देवें। (ग) प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क प्राधिकरण द्वारा नवीन मार्गों के निर्माण एवं कच्चे मार्गों के डामरीकरण के क्या नियम दिशा-निर्देश हैं एवं क्‍या लोक निर्माण विभाग कम लागत से अपने अधीनस्थ डामरीकृत मार्गों को दुरस्त कर सकता है यदि हां तो इन मार्गों को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क प्राधिकरण के अधीनस्थ पुनर्निर्माण क्यों किया जा रहा है? (घ) प्रश्नांश (क) से (ग) तक तत्संबंध में लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क प्राधिकरण से क्या-क्या पत्राचार किये गये तथा इनके क्या परिणाम निकले दस्तावेजों की छायाप्रति सहित जानकारी देवें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है। (ख) विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। नियम प्रक्रिया की जानकारी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से प्राप्‍त है। (जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है) (ग) जी हाँ, विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। जी हाँ। कटनी जिले में कोई प्रस्‍ताव प्रक्रियाधीन नहीं है। (घ) विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है।

मार्ग निर्माण प्राक्‍कलन संबंधी

[लोक निर्माण]

89. ( क्र. 657 ) श्री प्रणय प्रभात पाण्डेय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग (म/क्षे) जबलपुर ने अपने पत्र क्र. 5849/कार्य/ सी.एम.मानिट ए$प्रकरण/2020 जबलपुर दिनांक 20/07/2020 के द्वारा कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग कटनी से कुछ मार्गों के निर्माण हेतु जांच कर प्राक्कलन मांगे थे। यदि हाँ तो ये मार्ग  कौन-कौन से थे तथा कितनी अनुमानित लंबाई के मार्ग निर्माण हेतु कितनी राशि का प्राक्कलन कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग द्वारा अपने ज्ञापन क्र.2319/तक. कटनर दिनांक 05/08/20 के प्रस्तुत किया गया। उल्लेखित दस्तावेजों की छायाप्रति देवें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) में उल्लेखित मार्गों में कुआं से भटगवां पहुँच मार्ग का प्राक्कलन भी सम्मिलित था? यदि हाँ तो इस मार्ग का स्टीमेट कितनी लागत से कितनी लंबाई का बनाया गया है। मार्ग के मानचित्र सहित संपूर्ण जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित निर्माणधीन मार्ग पूर्व से लोक निर्माण विभाग कटनी के मानचित्र में अंकित है? यदि हाँ तो इस मार्ग की सुस्पष्ट छायाप्रति देवें और यह भी बतलावें कि इस मार्ग का निर्माण प्रकार से कब तक प्रारंभ हो जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ख) जी हाँ। प्रथम स्‍तरीय प्राक्‍कलन लं. 3.00 कि.मी. लागत रू. 211.50 लाख है। मानचित्र पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ग) जी नहीं। स्‍वीकृति अप्राप्‍त होने से वर्तमान में समय-सीमा बताना संभव नहीं।

कोरोना महामारी में आवंटित खाद्यान्न सामग्री

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

90. ( क्र. 659 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि     (क) प्रदेश में कोरोना कोविड 19 वैश्विक महामारी के दौरान मार्च, 2020 से प्रश्न दिनांक तक कितना-कितना खाद्यान्न जिसमें गेहूँ, चावल, दाल आदि का आवंटन किया गया? (ख) प्रश्नांश (क) में आवंटित खाद्यान्न सामग्री में से नीमच विधान सभा क्षेत्र के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र में कितना-कितना खाद्यान्न आवंटित किया गया तथा कितना वितरण किया गया? सामग्रीवार वितरण का ब्यौरा दें। (ग) प्रश्नांश (ख) में आवंटित सामग्री किन मापदण्‍डों के आधार पर वितरित की गई?

खाद्य मंत्री ( श्री बिसाहूलाल सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है।               (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है।

परिशिष्ट - "उनतालीस"

शमशान भूमियों पर अतिक्रमण

[राजस्व]

91. ( क्र. 661 ) श्री बाबू जन्‍डेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना जिले की सबलगढ़ तहसील के ग्राम मांगरोल में स्थित शमशान की भूमियों पर कितना अतिक्रमण है? क्‍या यह सही है कि अतिक्रमण हटाने हेतु ग्रामवासियों द्वारा शासन एवं विभाग से बार-बार मांग की जा रही है लेकिन शासन द्वारा अभी तक कोई कार्यवाही क्यों नहीं की गयी है?                       (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित भूमियों में से सर्वे क्रं. 1103 एवं 1109 में जो शमशान स्थित है? उस शमशान की भूमि एवं उसके रास्ते (नाले) से अतिक्रमण हटाने हेतु ग्रामवासियों की मांग पर अतिक्रमण क्यों नहीं हटाया जा रहा है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में वर्णित भूमियो से अतिक्रमण कब तक हटाया जायेगा? अभी तक अतिक्रमण न हटाने के लिये कौन-कौन अधिकारी कर्मचारी दोषी है? क्या दोषी कर्मचारियों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जावेंगी? यदि हां तो कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) तहसील सबलगढ़ के ग्राम मांगरोल की भूमि सर्वें नम्बर 1103 रकवा 0.07 हैक्टे. नोईयत मरघट शासकीय अभिलेख में दर्ज होकर मौके पर खाली है जिस पर किसी का कोई अतिक्रमण नहीं है उक्त मरघट पर अतिक्रमण न होने से शेष प्रश्‍नांश लागू नहीं होता। (ख) तहसील सबलगढ़ के ग्राम मांगरोल की भूमि सर्वें नम्बर 1103 रकवा 0.07 हैक्टे. नोईयत मरघट शासकीय अभिलेख में दर्ज होकर मौके पर खाली है जिस पर किसी का कोई अतिक्रमण नहीं है उक्त मरघट ग्राम आबादी से लगा होकर तीन तरफ से आबादी बसाहट से घिरा हुआ है जिसके लिये शासकीय आम रास्ता पटवारी अभिलेख में दर्ज नहीं है उक्त मरघट के दोनों तरफ दो मरघट हैं जिसकी दूरी लगभग 300 मीटर होने से ग्रामवासी इन दोनों मरघट का ज्यादा उपयोग करते हैं। इसके अतिरिक्त ग्राम मांगरौल में अन्य मरघट निम्नानुसार हैं:- 1. सर्वे नं. 693 रकवा 0.63 हैक्टे. 2. सर्वे नं. 1568 रकवा 0.19 है. एवं सर्वे नं. 1589 रकवा 0.23 है. संयुक्त है। 3. सर्वे नं. 1661 रकवा 0.05 है. 4. सर्वे नं. 2562 रकवा 0.21 है. 5. सर्वे नं. 1065/2582 रकवा 0.005 है. 6. सर्वे नं. 1910/2585 रकवा 0.01 है. इस प्रकार ग्राम मांगरौल सर्वे नं. 1103 रकवा 0.07 है. नोईयम मरघट सहित कुल 07 मरघट शासकीय अभिलेख में दर्ज है। सर्वे नं. 1109 रकवा 0.05 है की नोईयत नाली शासकीय अभिलेख में दर्ज है जिस पर से अतिक्रमण हटाने संबंधी आवेदन दिनांक 05.09.2020 को प्राप्त हुआ है इस संबध में उक्त नाले पर अतिक्रमण कर्ता के विरुध्द पटवारी मौजा से अतिक्रमण रिपोर्ट ली जाकर न्यायालय में प्रकरण पंजीबध्द कर नोटिस जारी किये गये हैं। नाले से अतिक्रमण हटाने का प्रकरण न्यायालय में प्रचलित है। (ग) सर्वे नं. 1109 रकवा 0.05 है की नोईयत नाली पर अतिक्रमण कर्ता के विरुध्द प्रकरण पंजीबध्द कर नोटिस जारी किये गये हैं। अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही म.प्र. भू-राजस्‍व संहिता की धारा 248 के उपबंधों अंतर्गत न्‍यायालयीन प्रक्रिया का पालन करते हुए की जाती है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। अतिक्रमण न हटाने के लिए कोई दोषी नहीं है। अत: शेष प्रश्‍नांश उद्भूत नहीं होता।

शासन को राजस्व हानि की जांच

[राजस्व]

92. ( क्र. 662 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन द्वारा कृषि भूमियों को व्यपवर्तित किये जाने के संबंध में दिनांक 28.09.2019 को राजपत्र प्रकाशित किया गया है? (ख) यदि हाँ तो क्या कृषि भूमियों के व्यपवर्तित किये जाने व           भू-भाटक व प्रीमि‍यम की राशि का निर्धारण किये जाने के अधिकार अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को प्रदत्त किये गये है? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में एस.डी.ओ. द्वारा लगान निर्धारित आदेश पारित किये जाने के पश्चात आरोपित लगान को कम किये जाने के संबंध में क्या कोई निर्देश/नियम जारी किये गये है तथा इस हेतु किस स्तर के अधिकारी को प्राधिकृत किया गया है? (घ) क्या अधीक्षक भू-अभिलेख को एस.डी.ओ. द्वारा पारित आदेश के माध्यम से आरोपित लगान को कम करने के अधिकार प्राप्त हैं? यदि नहीं, तो धार जिले में पिछले एक वर्ष में अधीक्षक भू-अभिलेख द्वारा कितने इस विषयक आदेश जारी किये जाकर कुल कितनी धनराशि के लगान को कम किया गया है? सूची दवें। (ड.) क्या इस प्रकार अधीक्षक, भू-अभिलेख द्वारा लगान कम किया जाना नियम विरूद्ध होकर इससे शासन को राजस्व की हानि‍ हुई है? यदि हाँ तो इस प्रकरण में उच्च स्तरीय जांच की जाकर दोषियों के विरूद्ध क्या कार्रवाई की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) म.प्र. शासन, राजस्‍व विभाग द्वारा म.प्र. भू-राजस्‍व संहिता (भू-राजस्‍व का निर्धारण तथा पुर्ननिर्धारण) नियम, 2018 जारी किये गये हैं। उक्‍त नियमों के भाग '''' के नियम 3 (2) में उल्‍लेखित प्रावधान अनुसार शासन द्वारा विर्निदिष्‍ट दरों पर आगामी राजस्‍व वर्ष में भू-राजस्‍व का निर्धारण स्‍वत: हो जाता है (घ) जी नहीं। प्रश्‍नांश () के उत्‍तर में उल्‍लेखित अनुसार भू-राजस्‍व का आगामी राजस्‍व वर्ष में निर्धारण स्‍वत: हुआ है। म.प्र. राजपत्र में दिनांक 28 सितंबर, 2018 को प्रकाशित होने के पूर्व की व्‍यपवर्तित भूमियों के संबंध में जारी अनुसूची-एक में वर्णित दरों के मान से भू-राजस्‍व का आगामी राजस्‍व वर्ष के लिये स्‍वत: निर्धारण हो जाने के परिप्रेक्ष्‍य में भूमि स्‍वामियों द्वारा नवीन नियमों के परिप्रेक्ष्‍य में गणना करने संबंधी आवेदन-पत्र प्रस्‍तुत करने पर नियमानुसार भू-राजस्‍व की गणना की गई है। सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ड.) अधीक्षक भू-अभिलेख धार द्वारा नियम विरूद्ध किसी भी प्रकार का लगान कम नहीं किया गया है और ना ही शासन को किसी प्रकार से राजस्‍व की हानि पहुँचाई है। इस स्थिति में संबंधित के विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्‍न ही उद्भूत नहीं होता है।

बरगी विधान सभा क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य

[लोक निर्माण]

93. ( क्र. 666 ) श्री संजय यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि    (क) बरगी विधान सभा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग द्वारा वर्ष 2019-20 से आज दिनांक तक कितनी सड़कों के निर्माण कार्य की स्‍वीकृति हुई है? सूची देवें। (ख) बरगी विधान सभा क्षेत्र की कितनी सड़कों या पुल-पुलियों के निर्माण की स्‍वीकृति हेतु शासन के पास लंबित है? (ग) बरगी विधान सभा क्षेत्र के ग्राम सालीबाड़ा से बरगी सड़क (अंदर वाली) निर्माण हेतु नेशनल हाइवे द्वारा पी.डब्‍ल्‍यू.डी. विभाग म.प्र. शासन को कितनी राशि दी गई? (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (ग) में वर्णित सड़क का निर्माण कार्य प्रारम्‍भ हो गया है? यदि हाँ तो कितना निर्माण हो चुका है? यदि नहीं, तो कब तक प्रारम्‍भ होगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) विस्‍तृत विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) कोई नहीं। (ग) विभाग को कोई भी राशि नेशनल हाइवे से प्राप्‍त नहीं है।             (घ) उत्‍तरांश () अनुसार।

अधिकारी/कर्मचारी के स्‍थानांतरण

[लोक निर्माण]

94. ( क्र. 667 ) श्री संजय यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि    (क) मध्‍यप्रदेश शासन के लोक निर्माण विभाग में उप संभागीय अधिकारी (SDO) और उप यंत्री (Section Engineer) के एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय में स्‍थानांतरण करने की सामान्‍य अवधि क्‍या है? (ख) प्रश्नांश (क) के तहत यह भी बतावें भोपाल शहर में स्थित लोक निर्माण विभाग के विभिन्‍न संभागों में कौन-कौन से उप संभागीय अधिकारी (SDO) और उप यंत्री (Section Engineer) कितने-कितने वर्षों से एक ही कार्यालय में कार्यरत है? उप संभागवार जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के तहत यह भी स्‍पष्‍ट करें कि जो उपयंत्री/उप संभागीय अधिकारी एक ही कार्यालय में तीन वर्षों से अधिक समय से कार्यरत हैं उनका स्‍थानांतरण कब तक कर दिया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) स्थानांतरण नीति 2019-20 की कंडिका-11.4 के तहत प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के कार्यपालिक अधिकारी के एक ही स्थान पर तीन वर्ष की पदस्थापना पूर्ण कर लेने पर जिले से अन्यत्र प्राथमिकता पर स्थानांतरण किया जा सकेगा। तृतीय श्रेणी कार्यपालिक अधिकारियों/कर्मचारियों का भी एक ही स्थान पर सामान्यतः 3 वर्ष या उससे अधिक पदस्थापना की अवधि पूर्ण कर लेने के कारण स्थानांतरण किया जा सकेगा। इसका आशय यह है, कि जिन आधारों पर स्थानांतरण किया जा सकता है, उनमें से एक आधार यह भी है। यह अनिवार्य नहीं है, कि 3 वर्ष पूर्ण होने पर स्थानांतरण किया ही जावे। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) वर्तमान में स्थानांतरण पर प्रतिबंध है। समयावधि बताना संभव नहीं है।

पी.पी.पी. मोड में ड्रायविंग स्‍कूल खोला जाना

[परिवहन]

95. ( क्र. 670 ) श्रीमती कृष्णा गौर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                (क) क्‍या भारत सरकार के सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा प्रदेश में पी.पी.पी. मोड पर ड्रायविंग ट्रेनिंग स्‍कूल खोलने के कोई दिशा-निर्देश प्राप्‍त हुये हैं? यदि हाँ तो उसकी प्रति उपलब्‍ध कराते हुये बताएं कि प्रश्‍न दिनांक तक कि किन जिलों में कितने ट्रेनिंग स्‍कूल प्रारम्‍भ हो गये हैं? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित स्‍कूल खोलने के लिये भोपाल एवं इंदौर संभाग में कितने प्रस्‍ताव प्रश्‍न दिनांक तक प्राप्‍त हुये? जिलेवार प्रस्‍तावकों के नाम एवं उनके आवेदनों की स्थिति बताई जावे?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) भारत सरकार सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के पत्र क्र. RT-25044/03/2017-RS दिनांक 05.04.2018 द्वारा ड्रायविग ट्रेनिंग स्कूल की स्थापना हेतु विस्तृत योजनान्तर्गत निर्देश जारी किये गये हैं। जिसकी छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। उपरोक्त योजना के तहत अभी प्रदेश के किसी जिले में ड्रायविंग ट्रेनिंग स्कूल की स्थापना नहीं हुई है। (ख) प्रश्नांश में उल्लेखित संभागों में कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुये हैं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।


भोपाल में अवैध कालोनियों की स्थिति

[नगरीय विकास एवं आवास]

96. ( क्र. 671 ) श्रीमती कृष्णा गौर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल में कुल कितनी अवैध कालोनियां हैं? उनके नाम एवं पते सहित सूची विधानसभा क्षेत्रवार बताएं। (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित अवैध कालोनियों को वैध किये जाने की कोई कार्यवाही प्रचलन में है? यदि हाँ, तो इन कालोनियों को कब तक वैध कर दिया जायेगा?    (ग) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित कालोनियों को वैध होने तक यहां के निवासियों को मूलभूत सुविधायें जैसे बिजली पानी आदि अन्‍य वैध का कालोनियों के तरह दिए जाने में कोई दिशा-निर्देश दिये गये है? यदि हाँ, तो प्रतिलिपि दी जाये।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) भोपाल नगर निगम क्षेत्रान्‍तर्गत 321 अवैध कालोनियां है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं, नगर निगम भोपाल में अवैध कालोनियों को वैध किये जाने की कोई कार्यवाही वर्तमान में प्रचलन में नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) पृथक से कोई दिशा-निर्देश नहीं दिये गये है, म.प्र. नगर पालिका (कालोनाईजर का रजिस्‍ट्रीकरण, निर्बधन तथा शर्तें) नियम 1998 के नियम 15-ख में सक्षम प्राधिकारी द्वारा अवैध कालोनियों में विद्युत/जल प्रदाय संयोजन उपलब्‍ध कराने के प्रावधान है।

प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण योजनांतर्गत आवंटित राशन का वितरण

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

97. ( क्र. 675 ) श्री जालम सिंह पटैल : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                (क) जिला नरसिंहपुर में केन्‍द्र सरकार की प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण योजना अंतर्गत आवंटित राशन कितने परिवारों को, कितने माह का, कितनी मात्रा में बांटा जा चुका है एवं आगे कितने महीनों तक कितनी-कितनी मात्रा में बांटा जावेगा? संख्‍यात्‍मक जानकारी दें। (ख) जिला नरसिंहपुर में उज्‍जवला योजना अंतर्गत कितने पंजीकृत हितग्राहियों को कोविड-19 (कोरोना) संक्रमण के समय में गैस सिलेंडर भरवाने हेतु खाते में राशि प्रदान की गयी? संख्‍यात्‍मक जानकारी दें।

खाद्य मंत्री ( श्री बिसाहूलाल सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। नरसिंहपुर जिले में केन्‍द्र सरकार की प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण योजनान्‍तर्गत आवंटित राशन सामग्री प्रति व्‍यक्ति 05 किलोग्राम खाद्यान्‍न (गेहूं+चावल) एवं 01 किलोग्राम चना प्रति परिवार आगामी नवम्‍बर 2020 तक दिये जाने के निर्देश जारी हुये है। (ख) प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजना अन्‍तर्गत नरसिंहपुर जिले में कुल 1,30,736 पंजीकृत हितग्राहियों को कोविड-19 (कोरोना) संक्रमण के समय गैस सिलेण्‍डर रिफिल हेतु राशि रूपये 1,35,33,346 हितग्राहियों के खाते में प्रदान की गई है।

परिशिष्ट - "चालीस"

 

 

सड़क निर्माण हेतु भूमि अधिग्रहण

[लोक निर्माण]

98. ( क्र. 676 ) श्री जालम सिंह पटैल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या होशंगाबाद जिले के अंतर्गत बाबई तहसील के ग्राम चूरना से मालनी तक 45 फुट चौड़ी, 1200 मीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जा रहा है? यदि हाँ तो लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने किसानों की जमीन किस आधार पर अधिग्रहित की है? (ख) क्‍या किसानों की जमीन पर बिना किसी नोटिस के बिना अधिसूचना जारी किए बिना मौखिक सहमति‍ के सड़क बनाई जा रही है? (ग) क्‍या उच्‍च अधिकारियों को इसकी शिकायत मिली है? यदि हाँ तो क्‍या कार्रवाई की गई? (घ) क्‍या किसानों को जमीन का मुआवजा दिया जाएगा? यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं, तो कारण सहित जानकारी दें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। ग्राम चूरना से मालनी जो बागरा से नया घोड़ानाल परसापानी, रोरीघाट, महेन्‍द्रवाडी, बदकछार, चुरना, मालनी अंजनढ़ाना, जाम, साकोट, काकडी, बोरी, बिरजौखापा, नयासांकई, नयाकाजरी पथरई मार्ग, लंबाई 36.10 कि.मी. का हिस्‍सा है में 7.50 मीटर चौड़ाई एवं 1200 मीटर मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। मार्ग के निर्माण में भूमि का अधिग्रहण नहीं किया गया है। (ख) जी हाँ। विगत 10 से 15 वर्षों से प्रचलित भूमि पर आम रास्‍ता है, जिसका सार्वजनिक उपयोग आने-जाने के लिए वन विभाग, आदिवासियों एवं आम जनता द्वारा किया गया है, उसी एक रेखण पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। (ग) कृषकों द्वारा माननीय अल्‍पसंख्‍यक आयोग में शिकायत दिनांक 27.12.2019 को पंजीबद्ध की गई है। माननीय आयोग के आदेश दिनांक 11.02.2020 के क्रम में मार्ग का निर्माण कार्य विवादित स्‍थल 1200 मीटर यथास्थिति में रोक दिया गया है। शेष लंबाई में कार्य प्रगति पर है। (घ) पात्रता पाये जाने पर। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

लंबित प्रकरणों का निराकरण

[राजस्व]

99. ( क्र. 679 ) श्री देवेन्‍द्र सिंह पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) सितम्‍बर 2020 की स्थिति में रायसेन जिले में बंटवारे, नामांतरण नक्‍शा सुधार तथा आर.बी.सी. 6 (4) के तहत राहत राशि भुगतान के कितने प्रकरण क्‍यों लंबित हैं? कारण बतायें, उक्‍त प्रकरणों का कब तक निराकरण होगा? (ख) 1 जनवरी, 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक आर.बी.सी.6 (4) के तहत राहत राशि भुगतान के संबंध में किन-किन सांसद/विधायकों के पत्र जिले के अधिकारियों को कब-कब प्राप्‍त हुये तथा उक्‍त पत्रों पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के               किन-किन आवेदन पत्र क्‍यों निरस्‍त किये गये प्रकरणवार कारण बतायें? (घ) आर.बी.सी 6 (4) के अंतर्गत कितने दिन के भीतर राशि का भुगतान होना चाहिये इस संबंध में शासन के क्‍या निर्देश है? उनकी प्रति दें। रायसेन जिले में उक्‍त निर्देशों का पालन क्‍यों नहीं हो रहा है?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) सितम्बर 2020 की स्थिति में रायसेन जिले में बंटवारे के 643, नामांतरण के 1803, नक्‍शा सुधार के 127 तथा आर.बी.सी 6 (4) के तहत राहत राशि भुगतान के 93 प्रकरण लंबित है। प्रकरण न्यायालयीन प्रक्रिया के होने के कारण लंबित है।            समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) प्रश्‍नांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुलग्नक '''' '''' '''' एवं '''' के अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' के अनुसार है। (घ) आर.बी.सी खण्‍ड छ: क्रमांक 4 अंतर्गत विभिन्‍न मामलों में आर्थिक सहायता दी जाने हेतु 30 कार्य दिवस की समय-सीमा लोक सेवा प्रदाय की गारंटी अधिनियम 2010 की धारा 3 के तहत अधिसूचित है। अधिसूचना की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। रायसेन जिले में निर्देशों का पालन नियमानुसार हो रहा है।

वन व्‍यवधान एवं विद्युत तार हटवाया जाना

[लोक निर्माण]

100. ( क्र. 680 ) श्री देवेन्‍द्र सिंह पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सितम्‍बर 2020 की स्थिति में रायसेन जिले में लोक निर्माण विभाग, सेतु संभाग एवं एम.पी.आर.डी.सी. द्वारा स्‍वीकृत किन-किन सड़कों, पुलों तथा अन्‍य कार्यों में वन विभाग की अनुमति तथा विद्युत तार एवं पोल हटवाने की समस्‍या है? (ख) उक्‍त कार्य स्‍वीकृत दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त समस्‍याओं के निराकरण हेतु प्रबंध संचालक एम.पी.आर.डी.सी. एवं प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग तथा विभाग के अन्‍य अधिकारियों द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? किन‍-किन अधिकारियों से कब-कब पत्र व्‍यवहार किया? (ग) प्रश्नांश (क) की समस्‍याओं के निराकरण के संबंध में विगत 3 वर्षों में रायसेन जिले के किन-किन सांसद तथा विधायकों के पत्र मान. मंत्री जी तथा विभाग के अधिकारियों को कब-कब मिले तथा उन पर आज दिनांक तक    क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? पत्रों के जबाव क्‍यों नहीं दिये? (घ) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित वन विभाग की अनुमति तथा विद्युत तार एवं पोल हटवाने की क्‍या प्रक्रिया है तथा इस संबंध में शासन के क्‍या-क्‍या निर्देश हैं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) प्रक्रिया की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के कॉलम 9 में दर्शित है।

सीवर ट्रीटमेंट प्‍लांट की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

101. ( क्र. 685 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीवर ट्रीटमेंट प्‍लांट नगर पंचायत डिण्‍डौरी का प्राक्‍कलन कब तैयार हुआ? कितना राशि स्‍वीकृत की गई? निविदा कब आमंत्रित की गयी? निविदा में कौन-कौन से ठेकेदारों ने भाग लिया? उनका दर क्‍या क्‍या थी? निविदा किस ठेकेदार को मिली? ठेकेदार से विभाग ने कब एग्रीमेन्‍ट किया? कार्य का भूमि पूजन कब किया गया? (ख) एग्रीमेंट के अनुसार कार्य कितने दिनों में पूर्ण होना था? कार्य को समय पर पूर्ण कराने के लिये विभाग ने कब-कब, क्‍या कार्यवाही की है? (ग) आज दिनांक तक कितना कार्य हुआ, कितनी राशि व्‍यय की गई है? कार्य में विलम्‍ब के क्‍या कारण है? कौन दोषी है? कार्य कब तक पूर्ण होगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) सीवरेज परियोजना नगर पंचायत डिण्डौरी का प्राक्कलन वित्तीय वर्ष 2016-2017 में तैयार किया गया, जिसमें सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी सम्मिलित है। राशि रू. 32.23 करोड़ स्वीकृत की गई। निविदा दिनांक 17.10.2017 को आमंत्रित की गई। निविदा में एक ठेकेदार मेसर्स चंद्रनिर्माण प्रा.लि.रायपुर (छत्तीसगढ) द्वारा भाग लिया गया। ठेकेदार की दर राशि रू. 31.53 करोड़ थी। निविदा ठेकेदार मेसर्स चंद्रनिर्माण प्रा.लि.रायपुर (छत्तीसगढ़) को मिली। ठेकेदार से एग्रीमेंट दिनांक 08.01.2018 को किया गया। दिनांक 30.12.2017 को कार्य का भूमि पूजन किया गया। (ख) एग्रीमेंट के अनुसार कार्य 730 दिन (24 माह) में पूर्ण होना था। कार्य को समय पर पूर्ण कराने के लिए विभाग द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) वर्तमान में कार्य की भौतिक प्रगति 17 प्रतिशत है और राशि रू 89.32 लाख व्यय की गई है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट एवं अन्य घटकों के निर्माण के लिए भूमि के आवंटन में विलंब एवं कोविड-19 (कोरोना महामारी) के कारण कार्य में विलम्ब हुआ है। प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। कार्य 31 मार्च 2021 तक पूर्ण कराया जाना लक्षित है।

परिशिष्ट - "इकतालीस"

जोगी टिकरिया से दुल्‍लोपुर मार्ग की जानकारी

[लोक निर्माण]

102. ( क्र. 686 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जोगी टिकरिया से दुल्‍लोपुर मार्ग जिला डिण्‍डौरी बहुत जर्जर है? जिस कारण दुल्‍लोपुर, हिनौता, बिजौरा के ग्रामवासी परेशान हैं? (ख) प्रश्नांश (क) मार्ग का निर्माण कब हुआ था? सड़क की लम्‍बाई कितनी है? इस मार्ग सुधार हेतु कोई प्राक्‍कलन तैयार अगर है तो कितनी राशि की है एवं कब तक स्‍वीकृत होगा? (ग) PWD की सड़कों की मरम्‍मत का कोई प्रावधान है? अगर है तो इस सड़क की मरम्‍मत क्‍यों नहीं की गयी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। जी नहीं। (ख) वर्ष 2007-08 में लम्‍बाई 3.40 कि.मी. है। जी हाँ, मार्ग के उन्‍नयन हेतु राशि रूपये 315.53 लाख का प्राक्‍कलन तैयार किया गया वर्तमान में स्‍वीकृति की समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ग) जी हाँ। सुलभ आवागमन हेतु सड़क की मरम्‍मत समय-समय पर विभाग द्वारा की जाती है।

चार्टड बस सेवा की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

103. ( क्र. 689 ) श्री कुणाल चौधरी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्‍जैन में आर्गनाइज सिटी बस सेवा हेतु कम्‍पनियों का गठन किया गया था? यदि हाँ तो बतावें कि सिटी बस सेवा के लिए गठित कम्‍पनी अन्‍य शहर तथा राज्‍य के लिए किस नियम से बस सेवा प्रारंभ कर सकती है? इससे संबंधित समस्‍त दस्‍तावेज देवें। (ख) इन्‍दौर में AICTSL इंदौर से किस अन्‍य शहर के लिए कितनी-कितनी बसें चला रही है तथा उनका किराया क्‍या है? किराया तय करने के नियम क्‍या हैं तथा किराया कौन तय करता है? प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 1513 दिनांक 12/07/2019 के खण्‍ड (क) के उत्‍तर के अनुसार चार्टेड बस कम्‍पनी एक्‍ट के विपरीत नहीं है क्‍योंकि इनका गठन आर्गनाइज सिटी बस सेवा हेतु किया गया था? (ग) यदि शहर के बाहर चलने वाली बसें लोक परिवाहन सेवा में आती हैं तो बतावें कि कम्‍पनी के गठन को लेकर (ख) में उल्‍लेखित प्रश्‍न तथा प्रश्‍न क्रमांक 3213 दिनांक 26 जुलाई, 2019 के खण्‍ड (क) के उत्‍तर में विरोधाभास क्‍यों है? (घ) AICTSL को गठन से जनवरी 2020 तक प्रीमियम से प्राप्‍त आय की राशि बतायें तथा बतावें कि CSR के तहत चार वर्षों में कितना-कितना व्‍यय किस कार्य में किया गया? यदि नहीं, तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जी हाँ। मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MoA) के अन्‍तर्गत बसों का संचालन किया जा रहा है। MoA पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। (ख) ए.आई.सी.टी.एस.एल., इन्‍दौर द्वारा अन्‍य शहरों के लिए चलाई गई यात्री बसें एवं किराये की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। किराया तय करने के नियम पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। मध्‍यप्रदेश शासन परिवहन विभाग द्वारा तय किया जाता है। जी नहीं। मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MoA) के प्रावधान के अनुसार ही है। प्रश्‍नांश क्रमांक 1513 दिनांक 12/07/2019 तारांकित प्रश्‍न के (क) भाग में पूछा गया था कि ''मध्‍यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्‍पनी मध्‍यप्रदेश मेट्रों रेल कम्‍पनी भोपाल, इन्‍दौर, जबलपुर एवं उज्‍जैन की आर्गनाइज सिटी बस सेवा हेतु गठित कम्‍पनी/सोसायटी/संस्‍था इन्‍दौर में संचालित AiCTSL (चाटर्ड बस) में शासन की ओर से प्रतिनियुक्ति से आये शासकीय कर्मचारियों को छोड़कर शेष नियुक्‍त किये गये अधिकारी/कर्मचारियों के नाम, पिता/पति का नाम, उम्र, शैक्षणिक योग्‍यता, नियुक्ति दिनांक, पद तथा कुल मासिक वेतन सहित सूची देवें'' प्रश्‍न के उक्‍त भाग में कम्‍पनी एक्‍ट के संबंध में कोई जानकारी नहीं चाही गई थी। (ग) जी हाँ। इस प्रश्‍न के (ख) भाग में उल्‍लेखित 1513 दिनांक 12/07/2019 के खण्‍ड- (क) में एआईसीटीएसएल में कार्यरत शासन की ओर प्रतिनियुक्ति पर आये हुए शासकीय कर्मचारी एवं एआईसीटीएसएल के कर्मचारियों की जानकारी चाही गई थी जिसे उत्‍तर में दिया गया है। प्रश्‍न क्रमांक 3213 दिनांक 26/07/2019 के खण्‍ड- (क) में "ए.आई.सी.टी.एस.एल. कम्‍पनी का गठन क्‍यों किया गया? नगर निगम किस विषय के तहत प्रदेश में तथा अर्न्‍तराज्‍यीय सेवा कर रही है? क्‍या यह परिवहन विभाग के कार्यों का अतिक्रमण नहीं है। स्‍काय बस सर्विस के अनुबंध की प्रति देवें तथा इन्‍हें इन्‍दौर के गीता भवन क्षेत्र में भूमि का उपयोग किस शर्त के तहत करने दिया जा रहा है। " पूछा गया है। जिसका उत्‍तर दिया गया है। शहरों में जो शहरी परिवहन कम्‍पनी का गठन किया गया है वह कम्‍पनीयॉ पूर्ण रूप से नगर निगम अध्‍याधीन है। कोई विरोधाभास नहीं है। (घ) एआईसीटीएसएल को प्रीमियम से प्राप्‍त राशि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। AiCTSL को CSR से कोई राशि प्राप्‍त नहीं होती है। इसलिए कोई व्‍यय नहीं किया गया है।

त्रिकुट काढ़ा वितरण

[आयुष]

104. ( क्र. 693 ) श्री जितू पटवारी : क्या राज्यमंत्री, आयुष महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि     (क) शासन ने जो त्रिकुट काढ़ा मुफ्त में वितरित किया है, क्‍या उस काढ़े को केन्‍द्र सरकार के आयुष मंत्रालय से कोरोना दवा के रूप में एप्रुवल लिया गया है? यदि हां तो उसकी प्रति देवें।                    (ख) प्रश्नांश (क) यदि नहीं, तो बतावें कि केन्‍द्रीय आयुष मंत्रालय की एप्रुवल लिए बिना काढ़ा कैसे बांटा गया तथा इस संदर्भ में समाचार पत्रों में विज्ञापन किस आधार पर कोरोना भगाओ के शीर्षक से दिये गये? क्‍या यह आपत्तिजनक विज्ञापन नहीं है? (ग) इंदौर में जिला प्रशासन ने जो पंतजली का काढा बंटवाकर अनैतिक ड्रग ट्रायल्‍स किसकी अनुशंसा पर किया? क्‍या शासन स्‍तर पर जिला प्रशासन द्वारा अनुमति प्राप्‍त की गई? यदि नहीं, तो इस अनैतिक ड्रग ट्रायल्‍स पर क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) त्रिकुट काढ़ा के विज्ञापन पर कितना खर्च हुआ तथा 30 जून तक काढ़ा के कितने पैकेट बाटे गये? कुल कितने पैकेट बनाये गये प्रति पैकेट लागत क्‍या है? 30 जून तक काढ़ा निर्माण पर सभी मदों में विज्ञापन, वितरण, पेम्‍प्‍लेट इत्‍यादि सभी में कितना-कितना खर्चा हुआ?

राज्यमंत्री, आयुष ( श्री रामकिशोर (नानो) कावरे ) : (क) जी नहीं। प्रश्न उपस्थित नहीं होता।              (ख) आयुष मंत्रालय की एडवाइजरी के अनुसार। जी नहीं। (ग) जिला प्रशासन इंदौर से प्राप्त जानकारी के अनुसार पतंजली का काढ़ा बटवाकर किसी प्रकार का ड्रग ट्रायल करने की अनुमति नहीं दी गई। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) विज्ञापन पर कुल रू. 29,75,895 खर्च हुआ। 48,82,320 पैकेट बांटे गये। दिनांक 30.06.2020 तक 50 ग्राम पैकिंग के कुल 55,39,400 पैकेट बनाये गए। 500 ग्राम के प्रति पैकेट का मूल्य 517.65/- जी.एस.टी. सहित तथा 50 ग्राम के प्रति पैकेट का मूल्य 52.5/- जी.एस.टी. सहित है।

खाद्यान्‍न वितरण में कालाबाजारी

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

105. ( क्र. 694 ) श्री जितू पटवारी : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में कई शहरों में लॉकडाउन के दौरान गरीबों को फ्री में बाटे जाने वाले, खाद्यान्‍न की बड़े स्‍तर पर कालाबाजारी हुई है? बतावें कि किस शहर में कितनी मात्रा में क्‍या-क्‍या खाद्यान्‍न सामग्री की कालाबाजारी पकड़ाई गई? (ख) क्‍या गरीबों को लॉकडाउन में मुफ्त में सामान जो दिया जाना था वह नहीं दिया गया तथा सीधे मुनाफाखोरो के पास भेज दिया गया? इस कालाबाजारी में बड़े लोगों का हाथ है? (ग) अप्रैल से जून 2020 में कितने हितग्राहियों को मुफ्त में कुल कौन-कौन सा खाद्यान्‍न कितना बांटा गया? प्रदेश में अप्रैल 2020 कुल हितग्राहियों की संख्‍या कितनी थी? (घ) क्‍या लॉकडाउन में सामान्‍य कूपन धारी को भी कन्‍ट्रोल का राशन देने की घोषण हुई थी? यदि हाँ, तो बताएं कि ऐसे कितने हितग्राहियों को राशन दिया गया? यदि नहीं, दिया गया तो क्‍यों?

खाद्य मंत्री ( श्री बिसाहूलाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

चुंगी क्षतिपूर्ति राशि का आवंटन

[नगरीय विकास एवं आवास]

106. ( क्र. 698 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में नगरीय निकायों की चुंगी क्षतिपूर्ति राशि का आवंटन किस नियम के तहत किया जाता है? निकायों को आवंटित की जाने वाली राशि की निकायवार सूची की जानकारी दें। (ख) नगर पालिका राघौगढ़ एवं विजयपुर को कितनी चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि स्‍वीकृत है? (ग) नगर पालिका राघौगढ़ एवं विजयपुर को वर्तमान में किस आधार पर राशि प्रदाय की जाती है अथवा की जा रही है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) म.प्र. में नगरीय निकायों की चुंगी क्षतिपूर्ति राशि का आवंटन शासन आदेश दिनांक 13 नवम्‍बर, 2015 में जारी निर्देशानुसार किया जा रहा है। निकायों को आवंटित की जाने वाली राशि की निकायवार मासिक पात्रता सूची की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) नगर पालिका राघौगढ एवं विजयपुर को वर्तमान में उत्‍तरांश (क) में दर्शित नियमानुसार ही राशि प्रदाय की जा रही है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के स्‍वीकृत डी.पी.आर. की राशि जारी किया जाना

[नगरीय विकास एवं आवास]

107. ( क्र. 699 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 में म.प्र. के नगरीय निकायों में प्रधानमंत्री आवास योजना बी.एल.सी. के अंतर्गत कितने आवास स्‍वीकृत किये गये एवं इन उपरोक्‍त आवासों को कितनी राशि आवंटन की गई है? निकायवार सूची बतायें (ख) उक्‍तानुसार नगर पालिका राघौगढ़ एवं विजयपुर में उक्‍त आवासों की कितनी डी.पी.आर. स्‍वीकृति की गई है एवं कितनी डी.पी.आर. की राशि निकाय को प्रदाय की गई है? (ग) राघौगढ़ नगर पालिका की 800 हितग्राहियों की स्‍वीकृत डी.पी.आर. की राशि कब प्रदाय की जावेगी? (घ) राघौगढ़ नगर पालिका को पूर्व की स्‍वीकृत डी.पी.आर. की द्वितीय एवं तृतीय किश्‍त की राशि कब आवंटित की जावेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) प्रश्नाधीन अवधि में मध्यप्रदेश के नगरीय निकायों में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के बीएलसी घटक अन्तर्गत स्वीकृत आवासों की संख्या एवं आवंटित राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। (ख) नगर पालिका परिषद राघोगढ़-विजयपुर में बीएलसी घटक अन्तर्गत स्वीकृत आवासों एवं प्रदाय की गई राशि की परियोजनावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। (ग) नगर पालिका परिषद राघोगढ़ की 800 हितग्राहियों की स्वीकृत डीपीआर (2018-19) के एमआईएस अटैचमेंट के आधार पर वर्तमान तक भारत सरकार से राशि रू.0.26 करोड़ प्राप्त हुई है, योजनान्तर्गत सम्पूर्ण राशि भारत सरकार से प्राप्त होने के उपरांत प्रदाय की जा सकेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) योजना के बीएलसी घटक के प्रावधान अनुसार आवासीय इकाईयों का निर्माण हितग्राहियों द्वारा स्वयं किया जाता है तथा कार्य की भौतिक प्रगति की जिओटेगिंग के आधार पर एवं प्रथम व द्वितीय किश्त के उपयोगिता प्रमाण-पत्र निकाय से प्राप्त होने पर भारत सरकार को प्रेषित किये जाते है भारत सरकार से राशि एवं अनुपातिक राज्यांश प्राप्त होने पर संबंधित निकायों को द्वितीय एवं तृतीय किश्त की राशि प्रदाय की जाती है, तदानुसार आवंटित की जावेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।

 

 

नामांतरण एवं बंटवारे के प्रकरणों का निराकरण

[राजस्व]

108. ( क्र. 702 ) श्री पाँचीलाल मेड़ा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) धार जिले के धरमपुरी विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत किस-किस तहसील में किन-किन किसानों के अविवादित नामांतरण/बंटवारे के प्रकरण कब-कब से तथा किन-किन कारणों से विचाराधीन/लंबित है? (ख) 1 जनवरी, 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक धार जिले में कलेक्‍टर धार द्वारा बैठक कर कब-कब अविवादित नामांतरण/बंटवारे के प्रकरणों को निपटाने के निर्देश दिये? (ग) क्‍या उपरोक्‍त लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण न करने वाले संबंधित राजस्‍व अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही की गई? यदि हाँ तो किन-किन के विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) धार जिले के धरमपुरी विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत धरमपुरी, पीथमपुर तहसील में अविवादित नामांतरण के 87 एवं अविवादित बंटवारा के 33 प्रकरण प्रचलित है, जो निराकरण हेतु समय-सीमा के अन्दर है। (ख) दिनांक 09.03.2020, दिनांक 27.06.2020 एवं दिनांक 13.08.2020 को राजस्व अधिकारियों की बैठक में निर्देश दिये गये। दिनांक 31.03.2020 से 30.05.2020 तक कोरोना कोविड-19 के कारण लॉकडाउन में राजस्व न्यायालय की कार्यवाही स्थगित थी। (ग) समय-सीमा के बाहर कोई भी लंबित प्रकरण नहीं है। अत: प्रश्‍नांश लागू नहीं होता।

दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

109. ( क्र. 705 ) श्री योगेन्‍द्र सिंह : क्या पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पिछड़ा वर्ग तथा अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण विभाग के अंतर्गत आने वाले दो आयोग यथा अल्‍पसंख्‍यक आयोग एवं पिछड़ा वर्ग आयोग में विगत 10 वर्षों से प्रश्‍न दिनांक तक कितने दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित/विनियमित किया गया है। नाम, पद, नियमित, करने का दिनांक विभागीय मंत्री एवं सामान्‍य प्रशासन विभाग का अनुमोदन लिया जाकर आदेश प्रसारित किये गये है यदि हाँ, तो सम्‍पूर्ण जानकारी देवें। (ख) आयोग में 14 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का वेतन किस कारण से रोका गया है तथा वेतन रोकने के लिये कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी जिम्‍मेदार हैं, क्‍यों न ऐसे अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही करते हुये कोविड-19 को दृष्टिगत रखते हुये वेतन प्रदान किया जावेगा, स्‍पष्‍ट करें।                (ग) आयोग के अंतर्गत कितने दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी कब से कार्यरत हैं उनको नियमित करने के लिये अभी तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को कोविड-19 को दृष्टिगत रखते हुये उनको रोका गया वेतन कब तक प्रदान किया जायेगा एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को उनकी निरंतर सेवा को देखते हुये कब तक नियमित किया जायेगा। हाँ, तो कब तक नहीं तो क्‍यों नहीं?

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ( श्री रामखेलावन पटेल ) : (क) पिछड़ा वर्ग तथा अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण विभाग के अंतर्गत आने वाले पिछड़ा वर्ग आयोग के कुल 16 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को विनियमित किया गया। म.प्र. शासन सामान्‍य प्रशासन विभाग के ज्ञापन क्रमांक 5-1/2013/1/3 दिनांक 07 अक्‍टूबर 2016 में दिये निर्देशानुसार कार्यरत दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों के लिए स्‍थायीकर्मियों को विनियमित करने की योजना है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  अनुसार है। मध्‍यप्रदेश राज्‍य अल्‍पसंख्‍यक आयोग में म.प्र. शासन पिछड़ा वर्ग तथा अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण विभाग के पत्र क्रमांक एफ 1-3/2012/54-2 दिनांक 30/06/2012 के परिपालन में दिनांक 03/07/2015 को एक कर्मचारी को नियमित किया गया है। कार्यालय आयुक्‍त, पिछड़ा वर्ग तथा अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण का आदेश पृ. क्रमांक/स्‍था./68/2017-18/4017 दिनांक 31/07/2017 को दो कर्मचारियों को विनियमित किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशष्‍ट के प्रपत्र  अनुसार है। (ख) मध्‍यप्रदेश राज्‍य पिछड़ा वर्ग आयोग के संबंध में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। म.प्र. राज्‍य अल्‍पसंख्‍यक आयोग में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी कार्यरत नहीं है। शासन द्वारा आयोग में तीन वर्ष के लिए मा0 अध्‍यक्ष/सदस्‍यों की नियुक्ति की जाती है। मा0 अध्‍यक्ष/सदस्‍यों को प्रदत्‍त सुविधाओं में उन्‍हें कार्यकाल अवधि तक के लिए निजी स्‍टाफ रखने की सुविधाएं शासन द्वारा प्रदान की है। मा0 अध्‍यक्ष/सदस्‍यों के निजी स्‍टाफ का कार्यकाल अवधि तक का पूर्ण वेतन भुगतान किया जा चुका है। (ग) एवं (घ) मध्‍यप्रदेश राज्‍य पिछड़ा वर्ग आयोग एवं मध्‍यप्रदेश राज्‍य अल्‍पसंख्‍यक आयोग में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी कार्यरत नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नर्मदा सेवा यात्रा में बसों का संचालन

[परिवहन]

110. ( क्र. 709 ) श्री बाला बच्चन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) प्रश्‍न क्र. 1093 दिनांक 29.11.2017 में वर्णित नर्मदा सेवा यात्रा बसों के नंबर, बस मालिक नाम सहित देवें। (ख) इन बस मालिकों को कितना भुगतान कर दिया गया है? कितना शेष है? बसवार बतावें। (ग) जिन्‍हें भुगतान किया है उनके नाम, अकांउट नंबर भी साथ में देवे। कितना टी.डी.एस. काटा गया है? इसका उल्‍लेख भी करें।

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

त्रिकुट काढ़ा वितरण

[आयुष]

111. ( क्र. 710 ) श्री बाला बच्चन : क्या राज्यमंत्री, आयुष महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) शासन द्वारा वितरित त्रिकुट काढ़ा के विज्ञापन पर ''कोरोना भगाओं'' का उल्‍लेख किस संदर्भ में किया गया है? क्‍या यह कोरोना खत्‍म करने के संदर्भ में है? (ख) दिनांक 01.04.2020 से 25.08.2020 तक कितने पैकेट का वितरण कितने-कितने जिलों में किया गया? जिलावार, पैकेट संख्‍या सहित बतावें। (ग) इसका निर्माण/क्रय कहाँ-कहाँ से कितनी मात्रा में किया गया? पूर्ण विवरण निर्माता नाम/एजेंसी नाम सहित देवें। (घ) इसके निर्माण/क्रय, पैकेजिंग, वितरण, विज्ञापन पर कितनी राशि व्‍यय की गई? पूर्ण जानकारी नाम सहित देवें।

राज्यमंत्री, आयुष ( श्री रामकिशोर (नानो) कावरे ) : (क) आयुष मंत्रालय भारत सरकार की कोरोना संबंधित प्रथम एडवाईजरी दिनांक 29.01.2020 के अनुसार दिया गया। जी नहीं। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार(ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार।           (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार।

परिशिष्ट - "बयालीस"

फ्लय एश के निष्‍पादन/विवरण/विक्रय के नियम

[पर्यावरण]

112. ( क्र. 712 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) निजी उद्योगों के ताप विद्युत गृहों से निकलने वाली फ्लाय एश के निष्‍पादन/वितरण/विक्रय के नियमों की जानकारी देवें। (ख) इनके परिवहन के क्‍या नियम है क्‍या उद्योगों को परिवहन की राशि भी फ्लाय एश लेने वालों को देना रहती है? यदि हाँ तो कितनी(ग) क्‍या फ्लाय एश विक्रय के लिए शासन में कोई दर तय की है या उद्योग विक्रय मूल्‍य के लिए स्‍वतंत्र है? (घ) नागदा जं. स्थित ग्रेसीम उद्योग द्वारा विगत 2 वर्ष में कितनी फ्लाय एश विक्रय की गई? मात्रा, विक्रय मूल्‍य, बिलों की प्रमाणित प्रति सहित जानकारी देवें।

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री हरदीपसिंह डंग ) : (क) ताप विद्युत गृहों से निकलने वाली फ्लाई एश के निष्पादन/वितरण/विक्रय हेतु भारत सरकार, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा राजपत्र में प्रकाशित फ्लाई एश अधिसूचना दिनांक 14/09/1999 यथा संशोधित क्रमश: 27/08/2003, 03/11/2009 तथा 25/01/2018 में प्रावधान निर्धारित है। जिनकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ, , स अनुसार है। (ख) फ्लाई एश परिवहन के संबंध में भारत सरकार, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 25 जनवरी 2016 में उप-पैरा 10 के अनुसार 100 किलोमीटर की परिधि तक परिवहन राशि ताप विद्युत गृह द्वारा वहन करने एवं 100 किलोमीटर से 300 किलोमीटर की परिधि तक परिवहन राशि उपयोगकर्ता एवं ताप विद्युत गृह के बीच समान रूप से अंश भाजित किये जाने का प्रावधान है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है।             (ग) भारत सरकार, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय नई दिल्ली की अधिसूचना दिनांक 27/08/2003 में निर्धारित बिन्दु क्रमांक-5 के अनुसार केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग एवं राज्य सरकार की जो संस्थाएं फ्लाई एश का निर्माण कार्यों में उपयोग अथवा फ्लाई एश आधारित ईट, ब्लॉक, टाईल्स इत्यादि के निर्माण हेतु अनुमोदित मटेरियल एवं दर के अनुसार निर्धारित किये जाने का प्रावधान है। (घ) उद्योग मेसर्स ग्रेसिम इंडस्ट्रीज बिरला लि. ग्राम नागदा द्वारा प्रदत्त जानकारी अनुसार माह जून 2018 से माह अगस्त 2020 तक कुल 339947 टन फ्लाई एश का विक्रय किया गया। व्यवसायिक गोपनीयता को आधार बताकर शेष विवरण उद्योग द्वारा प्रदान नहीं किया गया है। उद्योग से प्राप्त उत्तर की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ई अनुसार है।

प्रधानमंत्री आवास योजनांतर्गत कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

113. ( क्र. 713 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) महिदपुर नगर पालिका जिला उज्‍जैन में प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों की अद्यतन स्थिति देवें। (ख) वर्तमान में कितने हितग्राहियों को द्वितीय किश्‍त का भुगतान शेष है? उनकी सूची देवें। इन्‍हें इसका भुगतान कब तक कर दिया जाएगा? (ग) प्रश्‍न दिनांक तक कितने निर्माण कार्य पूर्ण हो गये है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) नगर पालिका परिषद, महिदपुर में 39 हितग्राहियों को द्वितीय किश्‍त का भुगतान किया जाना शेष हैं, सूची की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। योजनान्‍तर्गत भारत सरकार से राशि प्राप्‍त होने पर भौतिक प्रगति अनुसार इन्‍हें भुगतान किया जा सकेगा, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) प्रश्‍न दिनांक तक 263 आवास पूर्ण हो चुके हैं।

परिशिष्ट - "तैंतालीस"

स्‍व-सहायता समूहों को प्रदत्‍त पोषण वितरण का कार्य

[महिला एवं बाल विकास]

114. ( क्र. 717 ) श्री सुनील सराफ : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) अनूपपुर, मुरैना एवं बड़वानी जिलों में विगत 06 माह में कितने स्‍व-सहायता समूहों को पोषण आहार वितरण का कार्य दिया गया है? उनके अध्‍यक्ष, सचिव, समूह, नाम सहित विधानसभा क्षेत्रवार बतावें। (ख) उपरोक्‍तानुसार विगत 06 माह में टेक होम राशन व एस.एच.जी. को प्रतिमाह कितना खाद्यान्‍न एवं कितनी राशि का आवंटन किया गया तथा वर्तमान में कितना खाद्यान्‍न व कितनी राशि समूहों के खाते में शेष है? समूहवार, विधान सभा क्षेत्रवार, जिलावार बतावें। (ग) विगत 06 माह में जिला स्‍तर/ब्‍लाक स्‍तर के अधिकारियों ने कितने आंगनवा‍ड़ी केन्‍द्रों का दौरा किया? प्रत्‍येक दौरे के निरीक्षण टीप की जानकारी विधानसभा क्षेत्रवार, जिलावार देवें।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती इमरती देवी ) : (क) अनूपपुर, मुरैना एवं बड़वानी जिलों में विगत 06 माह में जिन स्व-सहायता समूहों को पोषण आहार वितरण का कार्य दिया गया है उन समूहों के अध्यक्ष, सचिव, समूहों के नाम सहित विधान सभा क्षेत्रवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अनुसार है। (ख) अनूपपुर, मुरैना एवं बड़वानी जिलों में विगत 06 माह में एस.एच.जी. को प्रतिमाह आवंटित खाद्यान्न आपूर्ति एवं भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अनुसार है। (ग) अनूपपुर, मुरैना एवं बड़वानी जिलों में विगत 06 माह में जिला स्तर/ब्लॉक स्तर के अधिकारियों द्वारा आंगनवाड़ी केन्द्रों के दौरे की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अनुसार है।

स्‍व-सहायता समूहों द्वारा पोषण आहार वितरण

[महिला एवं बाल विकास]

115. ( क्र. 720 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह हनी बघेल : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) धार जिले में विगत 6 माह में विधानसभा क्षेत्रवार आंगनवाड़ी केन्‍द्रों पर कितने स्‍व-सहायता समूहों को पोषण आहार वितरण का कार्य दिया गया है? उनके अध्‍यक्ष, सचिव, समूह के नाम सहित जानकारी देवें। (ख) उपरोक्‍तानुसार विगत 6 माह में टेक होम राशन एवं एस.एच.जी. को प्रतिमाह कितना खाद्यान्‍न एवं कितनी राशि का आवंटन दिया गया एवं कितना आवंटन तथा कितनी राशि समूहों के खाते में शेष है? समूहवार विधानसभा क्षेत्रवार बतावें।              (ग) विगत 6 माह में जिला स्‍तर/ब्‍लाक स्‍तर के अधिकारियों ने कितने आंगनवाडी केन्‍द्रों का दौरा किया? प्रत्‍येक दौरे के निरीक्षण टीप की जानकारी विधानसभा क्षेत्रवार देवें।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती इमरती देवी ) : (क) धार जिले में विगत 6 माह में विधानसभा क्षेत्रवार आंगनवाड़ी केन्द्रो पर 1828 स्व सहायता समूहों को पोषण आहार वितरण का कार्य दिया गया। समूहों के अध्यक्ष, सचिव, समूह के नाम की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। (ख) उपरोक्तानुसार विगत 6 माह में एस.एच.जी. को प्रतिमाह आवंटित खाद्यान्न, राशि की समूहवार विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 एवं 03 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-04 अनुसार है।

पट्टे की स्‍वीकृति

[राजस्व]

116. ( क्र. 721 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह हनी बघेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत 03 वर्षों में नगर पंचायत क्षेत्र कुक्षी के अंतर्गत कितने पट्टे स्‍वीकृत किये गए?                       (ख) हितग्राही का नाम, स्‍थान, नाम, स्‍वीकृति दिनांक, रकबा सहित जानकारी देवें। (ग) वर्तमान में पट्टा स्‍वीकृति के कितने आवेदन लंबित है? उनकी सूची देवें।

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) विगत 03 वर्षों में नगर परिषद/नगरीय क्षेत्र कुक्षी में कुल 320 पट्टे स्वीकृत किये गये है। (ख) हितग्राही के नाम/स्थान की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है एवं स्‍वीकृति दिनांक 23/01/2020 है। (ग) वर्तमान में निकाय क्षेत्र में पट्टा स्वीकृति के आवेदन लंबित नहीं है।

आंगनवाड़ियों का निर्माण व संचालन

[महिला एवं बाल विकास]

117. ( क्र. 726 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जनपद पंचायत सिहावल अंतर्गत विगत तीन वर्षों में कितने आंगनवाड़ी भवन स्‍वीकृत हुए हैं उनके निर्माण की क्‍या स्थिति है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्‍या स्‍वीकृत आंगनवाड़ी भवनों में से कुछ भवनों का निर्माण अभी तक प्रारंभ नहीं किया गया है? इसका क्‍या कारण है? उक्‍त कारणों का वरिष्‍ठ अधिकारियों द्वारा क्‍या निराकरण किया गया है? (ग) क्‍या आंगनवाड़ियों का संचालन लॉक डाउन के पश्‍चात प्रारंभ किया गया है? यदि नहीं, तो पूरक पोषण आहार वितरण किस प्रकार किया गया है? साझा चूल्‍हा के संचालन एवं पूरक पोषण आहार वितरण की रिपोर्ट बतायें।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती इमरती देवी ) : (क) सीधी जिले के जनपद सिंहावल में विगत तीन वर्षों में 46 आंगनवाड़ी भवन स्वीकृत किये गये है, जिसमें से 29 आंगनवाड़ी निर्मित हो चुके है, 10 आंगनवाड़ी भवन निर्माणाधीन है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जनपद सिंहावल अन्तर्गत 07 आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण कार्य शासकीय भूमि की अनुपलब्धता के कारण प्रारंभ नहीं हो सका है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है वर्तमान में जिला कलेक्टर द्वारा भवन निर्माण के लिये शासकीय भूमि उपलब्ध करा दी गई है। (ग) सीधी जिले में लॉकडाउन के पश्चात से वृद्धि निगरानी एवं टीकाकरण तथा आरोग्य केन्द्र की गतिविधियाँ संचालित की जा रही है वर्तमान में आंगनवाड़ी केन्द्रों का संचालन प्रारंभ नहीं हुआ है। आंगनवाड़ी केन्द्रों में ईसीसीई एवं अन्य सामूहिक गतिविधियाँ बंद रहने की स्थिति में आंगनवाड़ी सेवाओं से संबद्ध हितग्राहियों को रेडी टू ईट/टी.एच.आर. पूरक पोषण आहार का प्रदाय महिला स्व-सहायता समूहों के द्वारा आंगनवाड़ी केन्द्र को प्रदाय कर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा घर-घर जाकर वितरित किया जा रहा है।

परिशिष्ट - "चौवालीस"

खाद्यान्‍न कूपन जारी किया जाना

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

118. ( क्र. 727 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र परिवारों को राशन प्रदाय हेतु कितनी श्रेणि‍यों में पात्रता का निर्धारण किया गया है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में जनपद पंचायत सिंहावल अंतर्गत ऐसे कितने अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के परिवार हैं, जिन्‍हें खाद्यान्‍न कूपन प्राप्‍त नहीं हुआ है? इन्‍हें कब तक खाद्यान्‍न कूपन जारी किया जावेगा? (ग) बी.पी.एल. व पेंशन में सम्मिलित नवीन हितग्राहियों को खाद्यान्‍न कूपन प्रदाय की क्‍या प्रक्रिया है? जनपद पंचायत सिंहावल अंतर्गत ऐसे कितने नवीन परिवार है जिन्‍हें खाद्यान्‍न कूपन जारी नहीं किया गया है। कब तक इन्‍हें खाद्यान्‍न कूपन जारी कर दिया जावेगा?

खाद्य मंत्री ( श्री बिसाहूलाल सिंह ) : (क) राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 अंतर्गत 02 पात्रता श्रेणियां प्राथमिकता परिवार श्रेणी तथा अंत्‍योदय अन्‍न योजना श्रेणी निर्धारित है। प्राथमिकता परिवार अन्‍तर्गत 25 श्रेणियां चिन्हित है। (ख) जनपद पंचायत सिंहावल अंतर्गत अनुसूचित जाति/ जनजाति के 1078 परिवारों को पात्रता पर्ची जारी किया जाना शेष है। अपात्र परिवारों का विलोपन तथा पात्र परिवारों को जोड़ा जाना एक सतत प्रक्रिया है इसकी कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं है। माह सितम्‍बर, 2020 में समस्‍त सत्‍यापित किन्‍तु अलाभान्वित पात्र आवेदकों को पात्रता पर्ची जारी की जा रही है। (ग) राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 अंतर्गत प्रदेश में एएवाय सहित 25 पात्रता श्रेणियों में सम्मिलित आवेदकों का उनके पात्रता संबंधी वैध दस्‍तावेज के आधार पर स्‍थानीय निकाय द्वारा पोर्टल पर सत्‍यापन किया जाता है, सत्‍यापन पश्‍चात जिला खाद्य कार्यालय द्वारा उनको स्‍वीकृत किया जाता है। इसके उपरांत भारत सरकार द्वारा निर्धारित जनसंख्‍या सीमा के भीतर पात्र आवेदकों की पात्रता पर्ची जारी की जाती है। जनपद पंचायत सिंहावल अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा पेंशन कार्डधारक श्रेणी के 1052 एवं बीपीएल के 1090 कुल 2142 नवीन परिवारों को पात्रता पर्ची जारी किया जाना प्रक्रियाधीन है। शेष प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर अनुसार।

सड़कों के निर्माण कार्यों को सम्मिलित नहीं किया जाना

[लोक निर्माण]

119. ( क्र. 731 ) श्री राम दांगोरे : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि    (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र पंधाना की सड़कों के निर्माण किए जाने हेतु बजट में सम्मिलित करने हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा विगत 02 वर्षों में बार-बार पत्रों के माध्‍यम से पी.डब्‍ल्‍यू.डी. जिला कार्यालय खण्‍डवा को जानकारी भेजी जाने पर भी सम्मिलित क्‍यों नहीं किया गया? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र की सड़कों को सम्मिलित करने हेतु कार्यवाही की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) विभाग के लिये नियत सूचकांक अनुसार उपलब्‍ध वित्‍तीय सीमा में प्राथमिकता क्रम में ही कार्यों की स्‍वीकृति की व्‍यवस्‍था है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर अनुसार। निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं।

अवैध कॉलोनियों का वैध करना

[नगरीय विकास एवं आवास]

120. ( क्र. 735 ) श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) न्‍यायालय के फैसले से वैध से अवैध हुई प्रदेश की कॉलोनियों को कब तक वैध कर दिया जायेगा? (ख) पिछले विधानसभा सत्र में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ने इसके लिये नया कानून बनाने की बात कही थी? क्‍या नया कानून बन गया है? यदि नहीं, तो कब तक बन जायेगा? (ग) न्‍यायालय का फैसला आने से पूर्व रतलाम सहित प्रदेश की जिन कॉलोनियों में अद्योसंरचना विकास के कार्य प्रांरभ हो गये थे उन्‍हें कब तक पूर्ण करा दिया जायेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ। जी नहीं। वैधानिक प्रक्रिया होने के कारण समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।  (ग) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

सुपर स्‍पेशलिटी अस्‍पताल का दर्जा

[चिकित्सा शिक्षा]

121. ( क्र. 736 ) श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह द्वारा अपने पूर्ववर्ती कार्यकाल में की गई घोषणा के अनुसार रतलाम मेडिकल कॉलेज से संबंद्ध 750 बिस्‍तर वाले अस्‍पताल को सुपर स्‍पेशलिटी अस्‍पताल का दर्जा कब तक दिया जायेगा? क्‍या अस्‍पताल में सभी आवश्‍यक सुविधायें और उपकरण आदि उपलब्‍ध करा दिये गये हैं? यह अस्‍पताल कब तक प्रांरभ होगा? क्‍या अस्‍पताल के लिये स्‍वीकृ‍त सभी चिकित्‍सकीय, गैर-चिकित्‍सकीय तथा तकनीकी पदों पर नियुक्तियां कर दी गई हैं? (ख) क्‍या इन नियुक्तियों में 50 प्रतिशत भागीदारी स्‍थानीय बेरोजगारों की सुनिश्चित कर दी गई हैं? नहीं तो क्‍यों?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) कार्यवाही प्रचलन में है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। रतलाम चिकित्‍सा महाविद्यालय से संबद्ध अस्‍पताल में आवश्‍यक सुविधायें उपलब्‍ध कराने हेतु उपकरणों एवं फर्नीचर का क्रय किये जाने की कार्यवाही प्रचलन में है वर्तमान में अस्‍पताल का उपयोग कोविड-19 से ग्रस्‍त मरीजों के इलाज हेतु किया जा रहा है। जी नहीं, शासकीय चिकित्‍सा महाविद्यालय, र‍तलाम अंतर्गत चिकित्‍सकीय संवर्ग के 104 पदों पर स्‍थाई भर्ती की जा चुकी है एवं गैर चिकित्‍सकीय और तकनीकी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रचलन में है। (ख) जी नहीं, समस्‍त चिकित्‍सकीय, गैर चिकित्‍सकीय और तकनीकी पदों पर आदर्श सेवा नियम, 2018 में दिये गये प्रावधानों के अंतर्गत आरक्षण नियमों का पालन सुनिश्चित करते हुये नियुक्ति की कार्यवाही की जा रही है।

प्रदेश में संचालित बाल विकास परियोजनाएं

[महिला एवं बाल विकास]

122. ( क्र. 738 ) श्री सज्जन सिंह वर्मा : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में कितनी-कितनी बाल विकास परियोजनाएं आंगनवाडी केन्‍द्र, मिनी आंगनवाड़ी केन्‍द्र हैं? (ख) क्‍या उक्‍त परियोजनाएं प्रदेश के समस्‍त आंगनवाड़ी केन्‍द्रों पर कोरोना काल में संपूर्ण लॉकडाउन/क्षेत्रीय लॉकडाउन की अवधि में प्रश्‍न दिनांक तक बंद/स्‍थगित की गई थी? यदि हाँ तो किस दिनांक से किस दिनांक तक बंद/स्‍थगित रहीं? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में परियोजनाओं के बंद/स्‍थगित की अवधि में पूरक पोषण आहार वितरण की व्‍यवस्‍था किस-किस माध्‍यम से की गई तथा कुल कितनी राशि के पूरक पोषण आहार का वितरण किया गया? ब्‍यौरा दें। (घ) उपरोक्‍तानुसार क्‍या कोराना काल में संपूर्ण लॉकडाउन/क्षेत्रीय लॉकडाउन की अवधि में पोषण आहार कागजों पर वितरित किया जाकर आर्थिक अनियमितताएं की गई हैं? यदि हॉ तो इसके दोषी कौन-कौन हैं तथा दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती इमरती देवी ) : (क) प्रदेश में 453 बाल विकास परियोजनाएं, 84465 आंगनवाडी केन्द एवं 12670 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित है। (ख) जी हाँ। हितग्राहि‍यों की उपस्थिति हेतु दिनांक 14.03.2020 से आंगनवाड़ी केन्द्र निरन्तर बंद है, लेकिन इस दौरान हितग्राहियों को आंगनवाड़ी केन्द्र के माध्यम से पूरक पोषण आहार स्वास्थ जांच एवं अन्य सेवाएं निरंतर प्रदाय की जा रही है। (ग) आंगनवाड़ी केन्द्रों के बन्द रहने की स्थिति में आंगनवाड़ी केन्द्र में दर्ज लाभान्वितों को स्व-सहायता समूहों के माध्यम से रेडी-टू-ईट तथा म.प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा गठित महिला स्व-सहायता समूहों के परिसंघों द्वारा स्थापित संयंत्रों एवं एम.पी.एग्रो के बाड़ी संयंत्र के माध्यम से टेकहोम राशन पूरक पोषण आहार के रूप में वितरण की व्यवस्था की गई। जिलेवार वितरित पूरक पोषण आहार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। है। (घ) जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

टी.आर. नंबर जारी किया जाना

[परिवहन]

123. ( क्र. 739 ) श्री नीरज विनोद दीक्षित : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. परिवहन विभाग के समस्‍त कार्यालयों में टी.आर. नंबर जारी करने के लिये केन्‍द्रीय मोटरयान अधिनियम एवं म.प्र. मोटरयान नियम का अनुसरण किया जाता है अथवा मध्‍यप्रदेश में किसी जिला/कार्यालय विशेष को इससे छूट प्रदान की गई है? (ख) परिवहन विभाग सी.एम. हेल्‍पलाईन शिकायत क्र. 8953550 (भोपाल आर.टी.ओ.) 8953413 (ग्‍वालियर आर.टी.ओ.) 8953373 (धार आर.टी.ओ.), 9056957 (विदिशा आर.टी.ओ.), 9003042 (खरगोन आर.टी.ओ.), 9003002 (अलिराजपुर आर.टी.ओ.) 9057188 (बुरहानपुर आर.टी.ओ.), 9056801 (देवास आर.टी.ओ.), 9057008 (जबलपुर आर.टी.ओ.), में जिला परिवहन अधिकारियों द्वारा स्‍कूल मान्‍यता प्रमाण-पत्र जारी होने के पश्‍चात ही वाहन डीलर के द्वारा स्‍कूल बस के नाम पर सेल लेटर एवं परिवहन कार्यालय द्वारा अस्‍थायी रजिस्‍ट्रेशन किया जाना निराकृत किया गया है? क्‍या यह निराकरण प्रश्नांश (क) के अनुसार सत्‍य है? (ग) टी.आर. नंबर जारी करने के पूर्व टी.आर. नंबर पर बैंक का फायनेंस चढ़ाने, वाहन को एजुकेशन इंस्‍टीट्यूट के रूप में दर्ज करने हेतु किन-किन दस्‍तावेजों का केन्‍द्रीय मोटरयान अधिनियम एवं म.प्र. मोटरयान नियम के अनुसार होना अनिवार्य है। उन समस्‍त प्रपत्रों की छायाप्रति देवें। (घ) क्‍या यह सत्‍य है कि दिनांक 30 मार्च 2017 को सागर फ्यूल इंजेक्‍शन इंदौर, TV Sundram Iyenger & Sons Pvt Ltd. इंदौर के द्वारा लोटस वेली स्‍कूल के नाम पर स्‍कूल बसें बेची गई? यदि हां,तो क्‍या वाहन विक्रय करते समय डिलरों के पास स्‍कूल मान्‍यता प्रमाण पत्र बैंक फायनेंस संबंधी लोन सेक्‍शन लेटर नहीं था? यदि हां, तो प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर विभाग दोनों वाहन डिलरों के पंजीयन निरस्‍त करने की कार्यवाही करेगा? (ड.) परिवहन आयुक्‍त, ग्‍वालियर के समक्ष श्री विकास भरसाकले निवासी बड़वानी द्वारा पंजीकृत डाक से माध्‍यम से दिनांक 29.07.2020 पंजीकरण आदेश से इंकारी के विरूद्ध प्राप्‍त शिकायत के विरूद्ध पारित आदेश की छायाप्रति देवें।

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) म.प्र. में परिवहन कार्यालयों में केन्द्रीय मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 43 एवं म.प्र. मोटरयान नियम 1994 के नियम 45 के अनुसरण में ही कार्यवाही की जाती है। पृथक से इस संबंध में कोई छूट प्रदान नहीं की जाती है। (ख) नियम अनुसार स्कूल वाहन के पंजीयन हेतु स्कूल की मान्यता होना आवश्‍यक है मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 2 (11) में शिक्षा संस्था बस की परिभाषा विनिर्दिष्‍ट की गई है। प्रश्नांश में उल्लेखित सी.एम.हेल्पलाईन की शिकायतों का शिकायतकर्ता की सहमति के अनुसार संतुष्टि पूर्वक निराकरण किया गया है। (ग) प्रश्नांश के संबंध में केन्द्रीय मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 43 एवं म.प्र. मोटरयान नियम 1994 के नियम 45 की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) हाँ, दिनांक 30 मार्च 2017 को सागर फ्यूल इंजेक्शन इंदौर, TV Sundram lyenger& Sons Pvt Ltd. इंदौर द्वारा लोटस वेली स्कूल के नाम पर स्कूल बसें विक्रय की गई। वाहन विक्रेता द्वारा वाहन विक्रय प्रमाण-पत्र (Sale Letter) फार्म-21 पर वाहन का विवरण एवं वित्तपोषक (Financer) के नाम का उल्लेख किया है, वाहन विक्रेता को किसी भी स्कूल बस को विक्रय करने के पूर्व मान्यता प्रमाण-पत्र लिये जाने का नियमों में प्रावधान नहीं होने के कारण डीलर के विरूद्ध कार्यवाही की जाना संभव नहीं है। (ड.) जिला परिवहन अधिकारी द्वारा आवक नम्बरों को जान बूझकर, रिक्त रखा जाना नहीं पाये जाने, किसी कूट रचित दस्तावेजों में उनके प्रयोग करने के प्रमाण नहीं पाये जाने तथा कर्मचारी द्वारा गलती से आवक नम्बर रिक्त रह जाने के कारण की गई क्षमा याचना के आधार पर कार्यवाही किया जाना अपेक्षित नहीं पाया गया।

परिशिष्ट - "पैंतालीस"

आदिवासी बाहुल्‍य क्षेत्रों में नियम विरूद्ध डायवर्सन

[राजस्व]

124. ( क्र. 740 ) श्री नारायण त्रिपाठी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                        (क) क्‍या दिनांक 25.9.18 से म.प्र. भू-राजस्‍व संहिता 2018 लागू हो जाने के उपरांत भी आज दिनांक तक म.प्र. भू-राजस्‍व संहिता 1959 की धारा 165 (6ड.ड.) अद्यतन रूप से आदिवासी बाहुल्‍य बड़वानी जिले में आज भी प्रभावी है? (ख) क्‍या म.प्र. भू-राजस्‍व संहिता 1959 की धारा 165 (6ड.ड.) के उल्‍लंघन एवं नियमों के विपरित व्‍यपवर्तन पाये जाने पर तत्‍कालीन अनुविभागीय अधिकारी (आय.ए.एस.) राजस्‍व, राजपुर जिला बड़वानी ने पत्र क्र. 5136 दि. 20.12.17 प्रकरण क्र. 44-अ-2/2016-17 कलेक्‍टर जिला बड़वानी को अवगत कराया था? (ग) न्‍यायालय अनुविभागीय अधिकारी, (राजस्‍व) राजपुर राजस्‍व प्रकरण 44/अ-2/2016 में पारित आदेश दिनांक 17.02.17 में दिनांक 01 जनवरी 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक राजस्‍व विभाग के द्वारा कार्यवाही के लिये कलेक्‍टर जिला बड़वानी से जो पत्र व्‍यवहार किया गया है, उन समस्‍त पत्रों पर अब तक की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन देवें। (घ) क्‍या म.प्र. भू-राजस्‍व संहिता 1959 की धारा 165 (6ड.ड.) के उल्‍लंघन करने वाले भूमि मालिकों के विरूद्ध कार्यवाही कर डायवर्सन अनुज्ञा को अपास्‍त करने के आदेश जारी करेंगे? यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ड.) प्रश्‍नांश (घ) यदि नहीं, तो क्‍या संपूर्ण म.प्र. में म.प्र. भू-राजस्‍व संहिता 1959 की धारा 165 (6ड.ड.) के दोषी भूमि मालिकों को आदिवासी बाहुल्‍य क्षेत्रों में नियम विरूद्ध डायवर्सन की अनुज्ञा स्‍वत: मानी जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जी नहीं। (ख) जी हाँ। (ग) विधानसभा सत्र जुलाई, 2019 में विधानसभा तारांकित प्रश्न क्रमांक 2585 के संबंध में म.प्र. शासन, राजस्व विभाग द्वारा विषयांकित प्रकरणों के संबंध में कार्यवाही करने हेतु कलेक्‍टर बड़वानी को निर्देशित किया गया था। कलेक्टर भू-अभिलेख जिला बड़वानी के पत्र क्रमांक 3045 दिनांक 17-12-2019 से व्यपवर्तन के प्रकरणों में तत्समय प्रभावशील म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 के तहत निराकृत किये गये प्रकरणों में कार्यवाही के संबंध में राजस्व विभाग से मार्गदर्शन चाहा गया था। म.प्र. शासन, राजस्व विभाग, मंत्रालय भोपाल के पत्र क्रमांक एफ 21-27/2019-सात-7 भोपाल, दिनांक 03-02-2020 द्वारा संहिता की धारा 172 (5) तथा (6) अन्तर्गत नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। तदनुसार कलेक्टर जिला बड़वानी द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राजपुर को म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 165 (6ड.ड.) के उल्लंघन में निराकृत किये गये प्रकरणों में संहिता की धारा 172 (5) तथा (6) अन्तर्गत नियमानुसार कार्यवाही करने का लेख किया गया। प्रश्नांश-ग में उल्लेखित राजस्व प्रकरण क्रमांक 44/अ-2/2016-17 के संबंध में माननीय सत्र न्यायाधीश बड़वानी के न्यायालय में आपराधिक प्रकरण क्रमांक 29/2019 (थाना नागलवाड़ी विरूद्ध विनय सोनी) में आवश्यकता होने से प्रकरण माननीय न्‍यायालय को भेजा गया। उक्त प्रकरण माननीय न्यायालय से दिनांक            25-07-2020 को वापस प्राप्त होने पर कलेक्‍टर बड़वानी द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राजपुर को नियमानुसार कार्यवाही हेतु वापस भेजा गया। (घ) अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राजपुर द्वारा प्रकरण क्रमांक 44/अ-2/2016-17 में संबंधित भूमि मालिक संत सिंगाजी शिक्षा समिति ओझर उपाध्यक्ष विनय सोनी के विरूद्ध कार्यवाही हेतु कारण बताओ सूचना पत्र क्रमांक 3040 दिनांक 05-09-2020 जारी किया गया है। (ड.) प्रश्‍नांश (घ) के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न ही उद्भूत नहीं होता है।

कोविड मरीजों को चिकित्‍सा

[चिकित्सा शिक्षा]

125. ( क्र. 743 ) श्री हर्ष यादव : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज को कोविड 19 हेतु कितनी राशि दी गई? मदवार बताएं? कौन-कौन होटल भवन किस दर पर कितने दिन के लिए किराये पर लिए गए हैं? प्रश्‍न दिनांक तक कितना किराया भुगतान किया गया है? कहाँ कितने लोगों को रखा गया है? किराये पर लेने हेतु क्‍या निविदा आमंत्रित कि गई थी? निविदा बताएं यदि नहीं, तो क्‍या प्रक्रिया की गई? (ख) कॉलेज ने क्‍या-क्‍या सामग्री? किस दर पर? कितनी राशि की? कहाँ से? किस प्रक्रिया से खरीदी? खरीदी से प्राप्‍त सामग्री का गुणवत्‍ता परिक्षण किस सक्षम समिति ने/सक्षम अधिकारी ने किया है? क्‍या बगैर गुणवत्‍ता परीक्षण के सप्‍लायर को भुगतान कर दिया गया है? यदि नहीं, तो गुणवत्‍ता परीक्षण रिपोर्ट बताएं? (ग) कोविड पॉजीटिव मरीज को प्रतिदिन कौन-कौन खाद्य सामग्री दी जाती है? प्रतिदिन खुराक की कीमत क्‍या है? नाश्‍ता, चाय, दूध, खाना, पानी की अलग अलग कीमत बताएं? क्‍या भोजन सामग्री प्रदाय बगैर निविदा की गई, इसका दोषी कौन है? उस पर क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो प्राप्‍त निविदा/तुलनात्‍मक बताएं? (घ) संस्‍थागत कोरेन्‍टीन सेंटर कहाँ-कहाँ थे? प्रश्‍न दिनांक तक कितने लोग रखे गए। यहाँ प्रति व्‍यक्ति भोजन, नाश्‍ता, चाय, दूध, पानी आदि पर कितना व्‍यय किया गया? कुल कितना व्‍यय किया गया। (ड.) क्‍या प्रश्‍न (ग) (घ) स्‍थानों आदि व्‍यवस्‍था का कभी भी सांसद विधायक कमिश्‍नर एवं कलेक्‍टर ने औचक निरीक्षण नहीं किया? क्‍या मरीजों ने दूषित गन्‍दा भोजन दिए जाने का वीडियो जारी किया था? इस पर किस अधिकारी पर क्‍या दंडात्‍मक कार्यवाही की गई है?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

रोग प्रतिरोधक काड़ा/पाउडर का क्रय

[आयुष]

126. ( क्र. 744 ) श्री हर्ष यादव : क्या राज्यमंत्री, आयुष महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                 (क) विभाग द्वारा फरवरी, 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक रोग प्रतिरोधक बर्धक काड़ा पाउडर, किस दर पर कहाँ से कुल कितनी कीमत का खरीदा गया? जिस संस्‍था को प्रदाय का आदेश दिया गया उस संस्‍था ने कहाँ से खरीदा? क्‍या विन्‍द्य हर्बल ने मंडीदीप के व्‍यापारी/फर्म से काड़ा पाउडर खरीदा? यदि नहीं, तो कहाँ से खरीदा? इसके पहले क्‍या इस फर्म ने इतनी मात्रा में कभी यह दवा बेची है? यदि हाँ तो कब? यदि नहीं, तो फर्म के पास इतनी मात्रा में दवा कि सामग्री कैसे आ गई है?                    (ख) पांच या दस लोगों के परिवार को पचास ग्राम का पाउडर कितने दिन कितनी मात्रा में देने की चिकित्‍सकीय अनुशंसा थी। परिवार संख्‍या के आधार पर कितने पैकेट दिए गए। पूर्ण डोज क्‍या था? क्‍या पूर्ण डोज दिया गया है? यदि हाँ तो कैसे दिया गया? इस दवा से कितने दिन तक इम्‍युनिटी बनी रहती है? सक्षम चिकित्‍सीय अनुशंसा की प्रति दें। (ग) प्राप्‍त दवा की गुणवत्‍ता परीक्षण कब किया गया? परीक्षण रिपोर्ट दें यदि नहीं, तो यह कैसे तय किया गया कि प्राप्‍त दवा वही है जो चाहिए थी? बिना गुणवत्‍ता परीक्षण के राशि भुगतान नियम है तो नियम कि प्रति बताएं?                       (घ) होम्‍योपैथी कि कौन सी दवा कितनी मात्रा में, किस दर पर कुल कितनी राशि की खरीदी गई? क्‍या प्रश्नांश (क) एवं (ख) खरीदी में सभी मानकों का उल्‍लंघन हुआ है। क्‍या इसकी जांच कराई जावेगी यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्यमंत्री, आयुष ( श्री रामकिशोर (नानो) कावरे ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार। संस्था द्वारा स्वयं निर्माण किया गया। विंध्य हर्बल द्वारा मण्डीदीप के किसी व्यापारी से काढ़ा पाउडर नहीं खरीदा गया। विंध्य हर्बल द्वारा औषधि निर्माण हेतु आवश्यक घटकों को निविदाकारों एवं संस्था स्तर पर क्रय किया गया। विंध्य हर्बल द्वारा नियमित रूप से प्रतिवर्ष आयुर्वेदिक औषधियां प्रदाय की जाती है। (ख) भारत शासन, आयुष मंत्रालय की एडवाईजरी परिवार के लिए नहीं अपितु व्यक्ति के लिए थी। परिवार संख्‍या के आधार पर पैकेट नहीं वितरित किये गये। शास्त्रोक्त अनुसार 01 से 03 ग्राम प्रति व्यक्ति मात्रा अनुशंसित है। हाँ इच्छित व्यक्तियों की संख्या के आधार पर। इम्यूनिटी कितने दिनों तक बनी रहेगी, ये व्यक्ति की प्रकृति पर निर्भर करता है। सक्षम अनुशंसा जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍‍‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार(ग) दिनांक 12.03.2020 एवं 07.04.2020 को दवा की गुणवत्ता परीक्षण किया गया, परीक्षण रिपोर्ट संलग्न है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार। जी नहीं। जी नहीं। नियमानुसार क्रय कार्यवाही होने से।

पोषण आहार का वितरण

[महिला एवं बाल विकास]

127. ( क्र. 747 ) श्री प्रवीण पाठक : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) ग्‍वालियर जिले में संचालित आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में जिन संस्‍थानों/समूहों द्वारा पोषण आहर प्रदाय किया जा रहा है। उनके लिये टेंडर की क्‍या कोई प्रक्रिया है। यदि हाँ, तो उन संस्‍थाओं/समूहों को पोषण आहार प्रदाय करने का कार्य देने में क्‍या टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई है और यदि नहीं, तो उनकों यह जिम्‍मेदारी कब से एवं किस आधार पर एवं शासन के किस नियम के तहत दी गई है। (ख) ग्‍वालियर जिले में पिछले 7 वर्षों से पोषण आहार प्रदाय करने के लिये क्‍या कोई टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई हैं। यदि नहीं, तो क्‍यों? टेंडर प्रक्रिया नहीं होने की स्थिति में किस आधार पर संस्‍थाओं/समूहों को आंगनवाड़ियों में पोषण आहार प्रदान करने की जिम्‍मेदारी दी गई है। (ग) ग्‍वालियर में संचालित आंगनवाड़ी केन्‍द्रों द्वारा आम जनता को वार्षिक मासिक साप्‍ताहिक एवं प्रतिदिन चलाये जाने वाले कार्यक्रमों के अन्‍तर्गत क्‍या-क्‍या सुविधायें एवं सेवायें प्रदान की जाती है अथवा क्‍या-क्‍या योजनाऐं चलाई जाती है। सूची उपलब्‍ध करावें। (घ) ग्वालियर जिले के संदर्भ में शहरी क्षेत्र 17-ग्‍वालियर दक्षिण विधानसभा में संचालित आंगनवाड़ी केन्‍द्रों द्वारा पंजीकृत हितग्राहियों (महिलाओं एवं बच्‍चों) को (01 जनवरी, 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में)  किन-किन योजनाओं के तहत कितने हितग्राहियों को क्‍या-क्‍या सुविधायें उपलब्‍ध करायी गई हैं प्राप्‍त सुविधाओं की जानकारी (सामग्री/राशि/टीकाकरण) सहित प्रदान की जावें।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती इमरती देवी ) : (क) जी नहीं। आंगनवाड़ी केन्द्रों में पूरक पोषण आहार प्रदाय करने हेतु विभागीय निर्देशानुसार टेंडर की कोई प्रक्रिया नहीं है। ग्रामीण क्षेत्र के आंगनवाड़ी केन्द्रों में पूरक पोषण आहार प्रदाय के विभागीय परिपत्र क्रमांक 2101 दिनांक 12.09.2018 एवं शहरी क्षेत्र के आंगनवाड़ी केन्द्रो में विभागीय परिपत्र क्रमांक 2103 दिनांक 12.09.2018 के अनुसार संचालन किया जाता है। विभागीय निर्देशों की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 एवं 02 अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष उत्‍तर प्रश्‍नांश (क) अनुसार।                  (ग) ग्वालियर जिले में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों द्वारा आम जनता को वार्षिक, मासिक, सप्ताहिक एवं प्रतिदिन चलाये जाने वाले कार्यक्रमों के अन्तर्गत प्रदान की जाने वाली सुविधायें एवं सेवाओं का विवरण की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-03 अनुसार है। (घ) ग्वालियर जिले के विधानसभा 17 ग्वालियर दक्षिण में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से 01.01.2019 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में निम्न योजनाओं में लाभान्वित हितग्राहियों का विवरण निम्नवत है:- 1. लाड़ली लक्ष्मी योजना में 2095 हितग्राहियों को ई प्रमाण-पत्र प्रदान किये गये2. प्रधानमंत्री मात्र वंदना योजना में 3863 हितग्राहियों को उनके खातों में सीधे राशि रू. 1,93,15,000/-अंतरित की गयी है3. 6 माह से 6 वर्ष तक के पोषण आहार हितग्राही बच्चों की संख्या– 24982, 4. गर्भवती/ धात्री/किशोरी बालिका के पोषण आहार हितग्राही संख्या – 8662, 5. टीकाकरण के हितग्राहियों की संख्या – 9756.

ग्‍वालियर जिले में खाद्य वितरण

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

128. ( क्र. 748 ) श्री प्रवीण पाठक : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) ग्‍वालियर जिले में कोविड-19 संक्रमण के दौरान गरीब, बेसहारा एवं जरूरतमंद अन्‍य मध्‍यम वर्गीय परिवारों को क्‍या कोई खाद्यान्‍न वितरण किया गया? यदि हाँ, तो विधानसभा क्षेत्रवार सूची उपलब्‍ध करावें कि कितनों को क्‍या-क्‍या खाद्यान्न सामग्री का वितरण किया गया एवं इसका मापदंड क्‍या था। खाद्यान्न/आटा की आपूर्ति करने वाली संस्‍थाओं को किस प्रक्रिया के तहत कार्य दिया गया? अनुबंध के अनुसार वितरण किये गये पैकेट की मात्रा कितनी निर्धारित की गई थी और क्‍या निर्धारित मात्रा के पैकेट वितरण किये गये? (ख) कोविड-19 संक्रमण के दौरान सरकार द्वारा गरीबों को प्रदाय किये गये आटे के पैकेट में निर्धारित मात्रा से कम मात्रा पाये जाने पर प्रश्‍नकर्ता द्वारा पुलिस महानिदेशक आर्थिक अपराध प्रकोष्‍ट, मध्‍यप्रदेश शासन, भोपाल को पत्र क्रमांक 195/विधा./17 द.वि./2020-21, ग्‍वालियर, दिनांक 21.04.2020 एवं अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक ग्‍वालियर संभाग को पत्र क्रमांक 194/विधा./17/द.वि./2020-21, ग्‍वालियर, दिनांक 21.04.2020 को की गई शिकायत पर आज दिनांक तक की गई कार्यवाही के कार्य विवरण की जानकारी उपलब्‍ध करावें।

खाद्य मंत्री ( श्री बिसाहूलाल सिंह ) : (क) जी हाँ। ग्‍वालियर जिले में नगर निगम क्षेत्रान्‍तर्गत संचालित शासकीय उचित मूल्‍य दुकानों के माध्‍यम से पात्र हितग्राहियों से भिन्‍न गरीब, बेघर एवं बेसहारा परिवारों को आटा के पैकेट वितरित किया गया। विधानसभा क्षेत्र ग्‍वालियर पूर्व-15878, ग्‍वालियर दक्षिण-13008, ग्‍वालियर-31859 एवं ग्‍वालियर ग्रामीण-5442 पैकेट वितरित। इस प्रकार, कुल 66187 पैकेट वितरित कराए गए हैं। खाद्यान्‍न सामग्री में केवल आटा के पैकेट का वितरण किया गया है। प्रति परिवार 10 किलोग्राम गेहूं से आटा फॉरमेशन, पैकिंग, परिवहन एवं अन्‍य व्‍यय में समायोजित मात्रानुसार 90 प्रतिशत आटे की मात्रा निर्धारित की गई। कलेक्‍टर, ग्‍वालियर द्वारा जनप्रतिनिधियों की बैठक में लिए गए निर्णयानुसार नो प्रोफिट नो लॉसके आधार पर गेहूँ को आटा में परिवर्तित करके पैकिंग सहित उपलब्‍ध कराने वाली संस्‍था से काम कराया गया, इसी क्रम में नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा 03 आटा मिल्‍स के माध्‍यम से आटे के पैकेट उपलब्‍ध कराये गये। अनुबंध के अनुसार वितरित किए गए पैकेट की मात्रा 10 किलो ग्राम गेहूँ से आटा फॉरमेशन, पैकिंग, परिवहन एवं अन्‍य व्‍यय में समायोजित मात्रानुसार 90 प्रतिशत आटा निर्धारित की गई है एवं तदानुसार ही निर्धारित मात्रा में पैकेट वितरण किए गए। (ख) कोविड-19 संक्रमण के दौरान गरीब परिवारों को प्रदाय किये गये आटे के पैकेट में निर्धारित मात्रा से कम मात्रा पाये जाने की माननीय प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक ग्‍वालियर संभाग को दिनांक 21.04.2020 को प्रेषित शिकायत तथ्‍यों का परीक्षण करने हेतु जिला कलेक्‍टर ग्‍वालियर को प्रेषित की गई। कलेक्‍टर, द्वारा कराई गई जांच अनुसार यह तथ्‍य सामने आया कि वितरित कराए गए आटा पैकैट की मात्रा जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित मात्रा अनुसार ही है। माननीय सदस्‍य द्वारा आर्थिक अपराध प्रकोष्‍ठ को प्रेषित शिकायत कार्यवाही हेतु खाद्य विभाग को प्राप्‍त हुई है जिस पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

रिक्‍त पदों की पूर्ति

[नगरीय विकास एवं आवास]

129. ( क्र. 750 ) श्री नारायण त्रिपाठी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग के अधीन राजधानी परियोजना प्रशासन में कार्यरत कुशल एवं अर्द्धकुशल स्‍थाई कर्मियों की प्रश्‍न दिनांक तक की उनके द्वारा वर्तमान में किये जा रहे कार्य अनुसार कैडर में आये दिनांक से वरिष्‍ठता सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) राजधानी परियोजना प्रशासन में प्रश्‍न दिनांक तक नियमित तृतीय वर्ग एवं कार्यभारित वर्ग के रिक्‍त पदों की पदवार सूची उपलब्‍ध करावें। (ग) प्रश्‍न (ख) अनुसार रिक्‍त पदों पर क्‍या स्‍थाईकर्मी कर्मचारियों द्वारा भर्ती करने संबंधी कार्यवाही क्‍या विभाग द्वारा की जा रही है? यदि हाँ तो क्‍या कार्यवाही की जा रही है? यदि नहीं, तो कार्यवाही न किये जाने के कारण क्‍या है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) राजधानी परियोजना प्रशासन में कार्यरत कुशल एवं अर्द्धकुशल स्थाई कर्मियों की किसी भी प्रकार की वरिष्ठता सूची नहीं है और न ही कोई स्थायीकर्मी किसी कैडर के पद के विरूद्ध कार्यरत है। (ख) राजधानी परियोजना प्रशासन, भोपाल में प्रश्न दिनांक तक तृतीय वर्ग एवं कार्यभारित स्थापना के रिक्त पदों की जानकारी संलग्‍ल परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' एवं '''' अनुसार है। (ग) जी नहीं। स्थायी कर्मी के नियमितीकरण के संबंध में कोई कार्यवाही प्रस्तावित नहीं है।

परिशिष्ट - "छियालीस"