मध्यप्रदेश विधान सभा
प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च, 2026 सत्र
सोमवार, दिनांक 23 फरवरी, 2026
भाग-1
तारांकित
प्रश्नोत्तर
सामग्री
क्रय में
नियमों का
पालन
[अनुसूचित जाति कल्याण]
1. ( *क्र. 2133 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन जिले अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र महिदपुर में विभाग द्वारा वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक किन-किन छात्रावासों में क्या-क्या सामग्री कब-कब कितनी-कितनी किस-किस के द्वारा क्रय की गई है? राशि की जानकारी वर्षवार, सामग्रीवार,दिनांकवार, नामवार देवें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) में क्रय की गई सामग्री भंडार क्रय नियमों के तहत की गई है? यदि हाँ, तो क्रय करने हेतु जारी टेंडर की छायाप्रति उपलब्ध करावें। प्रश्नांश (क) में क्रय की गई सामग्री के स्टॉक रजिस्टर की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) व (ख) में क्रय की गई सामग्रियों के भौतिक सत्यापन हेतु गठित की गई समितियों के आदेशों की छायाप्रति एवं उनके द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट की छायाप्रति उपलब्ध करावें। सामग्री सप्लाई करने वाली एजेंसी का नाम एवं उनको किये गये भुगतान राशि की संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्नांश (क) में क्रय की गई सामग्री के भुगतान के व्यय व्हाउचर की छायाप्रति उपलब्ध करावें। बताएं कि क्रय की गई सामग्री वर्तमान में भौतिक रूप से उपलब्ध है या नहीं? यदि है तो जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग, जिला उज्जैन के काउंटर साइन से भौतिक रूप से उपलब्ध सामग्री की डिटेल दें।
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) विभागीय छात्रावासों हेतु जिला संयोजक, जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति विकास द्वारा सामग्री क्रय की गई है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' एवं ''दो'' अनुसार है। (ख) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''तीन एवं ''चार'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''पांच'' एवं ''छ:'' अनुसार है। भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''छ: अनुसार है। जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''सात'' अनुसार है।
मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना में बी.पी.एल कार्ड की अनिवार्यता
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
2. ( *क्र. 2066 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना किस वर्ष से लागू की गई? शासन द्वारा जारी आदेश की प्रति उपलब्ध कराई जावे। (ख) योजना प्रारंभ के दिनांक से योजना अंतर्गत कौन-कौन से अभिलेख आवेदन के साथ संलग्न करने होते थे? वर्षवार जानकारी दी जावे। (ग) प्रदेश में वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक कितने विवाह सम्पन्न हुये? वर्षवार संख्यात्मक जानकारी दी जावे। (घ) क्या वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत विवाह करने हेतु कन्या के बी.पी.एल. कार्ड की अनिवार्यता कर दी गई है? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति सहित जानकारी दी जावे। (ड.) क्या बी.पी.एल. की अनिवार्यता कर देने से उक्त योजना का लाभ निर्धन वर्ग के लोगों को नहीं मिल पा रहा है, जिसके कारण मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का उद्देशय निष्फल हो रहा है? (च) उक्त योजना के अंतर्गत बी.पी.एल. कार्ड की अनिवार्यता समाप्त करने का प्रस्ताव क्या शासन स्तर पर प्रचलित है? यदि हाँ, तो जानकारी दी जावे? यदि नहीं, तो क्या बी.पी.एल. की पात्रता समाप्त करने पर निर्णय लिया जावेगा।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) प्रदेश में मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना वर्ष 2006 से लागू की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ख) योजना प्रारंभ से योजना अन्तर्गत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। (वर्ष 2006, 2013, 2022 एवं 2025)। (ग) वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक कुल 1,94,146 विवाह सम्पन्न हुए। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स' अनुसार है। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'द' अनुसार है। (ड.) जी नहीं। इस योजना का लाभ वास्तविक गरीब और जरुरतमंद कन्या एवं उनके अभिभावकों को हो, इस दृष्टि से ''कन्या तथा कन्या के अभिभावक गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करते हो''। यह शर्त जोड़ी गई है। (च) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
जल जीवन मिशन अंतर्गत स्वीकृत योजनाएं
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
3. ( *क्र. 993 ) श्री नारायण पटेल : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र में जल जीवन मिशन अंतर्गत कितनी योजनाएं स्वीकृत हुईं? (ख) वर्तमान में उन योजनाओं में कितनी पूर्ण हो चुकी है तथा कितनी अपूर्ण हैं? (ग) जिन पूर्ण योजनाओं में स्वीकृत किये गये डी.पी.आर. के तहत कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा अनापत्ति प्राप्त कर ली गई है, उनकी सूची उपलब्ध कराई जाये तथा अपूर्ण योजनाओं को पूर्ण करने में कितना समय लगेगा? (घ) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जल निगम योजना में कितने ग्रामों में योजना स्वीकृत है तथा किस कम्पनी को कार्य करने हेतु अनुबंधित किया गया है व उन कम्पनियों द्वारा कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जायेगा?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) विधानसभा क्षेत्र मांधाता में जल जीवन मिशन अंतर्गत 126 एकल ग्राम नल-जल प्रदाय योजनाएं तथा 01 समूह जल प्रदाय योजना स्वीकृत है। (ख) 114 एकल ग्राम नल-जल योजना पूर्ण तथा 12 अपूर्ण हैं। 01 समूह जल प्रदाय योजना अपूर्ण है। (ग) 114 पूर्ण की गई एकल ग्राम नल-जल योजनाओं में स्वीकृत डी.पी.आर. के तहत् कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं, अपूर्ण एकल ग्राम नल-जल योजना को मार्च 2026 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है। पूर्ण की गई एकल ग्राम नल-जल योजनाओं की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। प्रगतिरत 01 समूह जल प्रदाय योजना को माह सितम्बर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। (घ) मध्य प्रदेश जल निगम अंतर्गत स्वीकृत इंदिरासागर-1 समूह जल प्रदाय योजना में मांधाता विधानसभा क्षेत्र के 152 ग्राम सम्मिलित हैं। उक्त समूह जल प्रदाय योजना का कार्य करने हेतु कंपनी मेसर्स एफ्कोन इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, मुंबई को अनुबंधित किया गया है व कार्य सितम्बर 2026 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है।
विभागीय योजनाओं की जानकारी
[जनजातीय कार्य]
4. ( *क्र. 1918 ) श्री मधु भगत : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला बालाघाट अंतर्गत जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति विभाग में कौन-कौन सी योजनाएं संचालित हैं तथा उन योजनाओं में वर्ष 2023-24 से 2025-26 में कितनी-कितनी राशि आवंटित की गयी है? आवंटित राशि में कितनी-कितनी राशि किन मदों में व्यय की गयी है? योजनावार, मदवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांक (क) अनुसार संचालित योजनाओं में आवंटित राशि में से सुदृढ़ीकरण मद, लघु निर्माण, विद्युतीकरण, बस्ती विकास परिसंपत्तियों का संधारण आदि अन्य निर्माण योजनाओं से कौन-कौन से निर्माण कार्य कराये गये एवं कराये जा रहे हैं? प्रत्येक निर्माण कार्य में कितनी-कितनी राशि खर्च की गयी हैं? विकासखण्डवार, ग्राम पंचायतवार विवरण देवें एवं कार्य एजेंसी निविदा संबंधी समस्त दस्तावेज सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) क्या इस योजना के अंतर्गत कुछ ग्राम पंचायत, विकासखण्ड एवं कार्य एजेंसी को बार-बार लाभ मिला, जबकि अन्य बस्तियां, ब्लॉक अथवा कार्य एजेंसी उपेक्षित रही, विगत तीन वर्ष की सूची देवें, जिनमें सबसे अधिक राशि प्रदाय की गयी है तथा इन्हें किस आधार पर किसकी अनुशंसा पर बार-बार राशि दी गयी है? आवंटित की गई उच्चतम राशि से निम्नतम राशि तक कॉलमवार जानकारी उपलब्ध करावें? (घ) प्रश्नांक (क) अनुसार संचालित योजनाओं में से सामग्री पूर्ति एवं अन्य मद अंतर्गत विगत तीन वर्षों में क्रय की गयी सामग्रियों की सूची, मय बिल व्हाउचर दर, लेजर, बीड की सत्यप्रति सहित उपलब्ध करावें?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जिला बालाघाट अंतर्गत जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति विभाग में संचालित योजनाओं तथा उन योजनाओं में वर्ष 2023-24 से 2025-26 में व्यय की गई राशि की योजनावार, मदवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार संचालित योजनाओं में आंवटित राशि में से सुदृढ़ीकरण मद, लघु निर्माण, विद्युतीकरण, बस्ती विकास परिसंपत्तियों का संधारण आदि अन्य निर्माण योजनाओं में कराए गये कार्यों की विकासखंडवार, ग्रामपंचायतवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है तथा कार्य एजेंसी निविदा से संबंधित समस्त दस्तावेज पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। (ग) जी नहीं। बालाघाट जिले में अनुसूचित जनजाति बस्ती विकास योजना अंतर्गत विगत 03 वर्षों में स्वीकृत कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार है। योजनांतर्गत गठित समिति की अनुशंसा/अनुमोदन के आधार पर राशि दी जाती है। आंविटत की गई उच्चतम राशि से निम्नतम राशि तक जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ड.'' अनुसार है। (घ) प्रश्नांश (क) अनुसार संचालित योजनाओं में से सामग्री पूर्ति एवं अन्य मद अंतर्गत विगत 03 वर्षों में सामग्री क्रय नहीं की गई है। शेष प्रश्नांश के संबंध में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नीमच में बांछड़ा समाज की समस्याएं
[अनुसूचित जाति कल्याण]
5. ( *क्र. 1961 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नीमच, मंदसौर, रतलाम में निवासरत बांछड़ा समाज को मध्यप्रदेश में किस जाति का दर्जा प्राप्त है? अधिसूचना एवं आदेशों की प्रतिलिपि देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में संदर्भित जाति की कितनी महिलाएँ और बच्चियाँ (किस उम्र की) उक्त जिलों में निवासरत हैं? जिस अवधि की गणना उपलब्ध हो, वह बताएं। इस जाति की कितनी संख्या में महिलाओं व बच्चियों को लाड़ली बहना योजना में किस-किस अवधि में कितनी-कितनी राशि का लाभ दिया गया तथा कितनों को किस कारण से नहीं दिया गया? सभी महिलाओं को लाभ प्राप्त हो, इस हेतु विभागीय स्तर पर क्या प्रयास किये गये? (ग) प्रश्नांश (क) और (ख) में संदर्भित उक्त समुदाय की महिलाओं एवं बच्चियों को सेक्स वर्कर के रूप में कार्य करने से रोकने के लिये किये गये कार्यों, योजनाओं, जागरूकता आदि का विवरण देते हुए बताएं कि किस-किस व्यक्ति ने, किस वकील के माध्यम से इस संबंध में जनहित याचिका दायर की? याचिका एवं जवाब की प्रतियाँ दें। (घ) उक्त जाति के कितने व्यक्तियों ने 3 वर्ष की अवधि में किस जाति का प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिये कितने आवेदन प्रस्तुत किये? कितने आवेदन किस-किस कारण से निरस्त किये गये और कितने आवेदन किन-किन कारणों से किस दिनांक से लंबित हैं?
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' एवं ''ब' अनुसार है। (ख) योजना के प्रावधान अनुसार सभी पात्र महिलाओं को (21 से 60 वर्ष तक) लाड़ली बहना योजना का लाभ प्रदान किया जाता है। प्रश्नांश में वर्णित श्रेणी की महिलाओं की श्रेणीवार जानकारी संधारित नहीं की जाती है। (ग) मध्यप्रदेश में वैश्यावृत्ति उन्मूलन हेतु जाबाली योजना संचालित है। योजना में स्वैच्छिक संस्थाओं को अनुदान प्रदान किया जाता है। बच्चों के लिये शिक्षा व्यवस्था (आश्रम शाला) संचालित है। इस बिन्दु की जानकारी निरंक है। (घ) मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग के नियमानुसार मध्यप्रदेश में निवासरत पात्र व्यक्तियों को ''बाछड़ा '' जाति के जाति प्रमाण-पत्र जारी किये जा रहे हैं। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है।
पात्र लाड़ली बहनों को योजना में सम्मिलित किया जाना
[महिला एवं बाल विकास]
6. ( *क्र. 1782 ) श्री महेश परमार : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) लाड़ली बहना योजना के प्रारंभ दिनांक से प्रश्न दिनांक तक कुल कितनी लाड़ली बहनों का पंजीयन किया गया? इस अवधि में कितने पंजीयन प्रचलन में/सक्रिय हैं? अब तक कितने पंजीयन निरस्त किये गये? सकारण जानकारी देवें। (ख) योजना लागू होने के पश्चात निर्धारित आयु पूर्ण कर चुकी पात्र लाड़ली बहनों का नवीन पंजीयन कब तक कर लाभ दिया जायेगा? उनके पंजीयन हेतु वर्तमान में कोई स्पष्ट नीति/विधिक प्रावधान एवं समय-सीमा लागू है अथवा नहीं? यदि नहीं, तो क्या शासन उचित बजट प्रावधान सहित सभी पात्र बहनों को योजना में सम्मिलित करने का निर्णय लेगा? (ग) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा लाड़ली बहना योजना से संबंधित अनेक प्रश्न विधानसभा में पूछे गये हैं? यदि हाँ, तो अब तक पूछे गये प्रश्नों की संख्या, उनकी प्रमाणित प्रतियाँ तथा उन पर अंतिम निर्णय/स्वीकृति की समय-सीमा क्या है? (घ) क्या शासन यह स्वीकार करता है कि पात्र बहनों को पंजीयन से वंचित रखना समानता के अधिकार एवं सामाजिक न्याय की भावना के प्रतिकूल है और क्या योजना को अधिक समावेशी बनाने हेतु आवश्यक नीतिगत/विधिक संशोधन किये जायेंगे? (ड.) लाड़ली बहना योजना में निरस्त/हटाई गई बहनों को किस योजना में शामिल किया गया है? (च) लाड़ली बहनों को मिलने वाली राशि को बढ़ाकर 3000/- रुपये प्रतिमाह कब से प्रदान किये जायेंगे? (छ) क्या इस बजट में नवीन पात्र बहनों को लाभ दिलाने ओर राशि बढ़ाकर 3000/- करने हेतु बजट प्रावधान कितना किया गया है?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) लाड़ली बहना योजना के प्रारंभ दिनांक से प्रश्न दिनांक तक 1,31,06,525 महिलाओं का पंजीयन किया गया। वर्तमान में 1,25,29,051 पंजीयन सक्रिय हैं। 40 पंजीयन दावा आपत्ति समिति में अपात्र होने के कारण योजना से पृथक किया गया है। (ख) वर्तमान में नवीन पंजीयन संबंधी कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। अत: शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। 02 प्रश्न पूछे गये। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। अंतिम निर्णय की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार प्रश्न के उत्तर में निहित है। (घ) जी नहीं। योजना के वर्तमान नियम निर्देश के अनुरूप ही लाभ दिया जा रहा है। (ड.) लाड़ली बहना योजना में मृत्यु होने पर, 60 वर्ष से अधिक उम्र के होने के कारण लाड़लियों को योजना से बाहर किया जाता है। 60 वर्ष से अधिक उम्र के हितग्राही पात्रता अनुसार अन्य योजनाओं में आवेदन कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं। लाड़ली बहना योजना से अपात्रता के कारण योजना से पृथक की गई महिला पर भी यह लागू होता है। (च) वर्तमान में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। (छ) वर्तमान में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
आबा योजनातंर्गत श्योपुर जिले को आवंटित राशि
[जनजातीय कार्य]
7. ( *क्र. 1821 ) श्री बाबू जन्डेल : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री आदि आर्दश ग्राम/जनमन/धरती आबा योजनांतर्गत श्योपुर जिले के कौन-कौन से ग्रामों/ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है? विधानसभा/विकासखण्डवार विस्तृत सूची एवं योजनाओं का स्वरूप तथा नियम निर्देशों की जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार उक्त योजनाओं के तहत योजना प्रारंभ से प्रश्न दिनांक तक कौन-कौन सी गतिविधियां तथा कौन-कौन से निर्माण कार्य कितनी-कितनी राशि से कहां-कहां कराये गये हैं? निर्माण कार्यवार निर्माण एजेंसी को प्रदाय राशि एवं व्यय की गई राशि की जानकारी तथा निर्माण कार्यवार किये गये मूल्यांकन (माप पुस्तिका) की छायाप्रति एवं कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र तथा निरीक्षण/सत्यापन प्रतिवेदनों की प्रति उपलब्ध करावें एवं कार्य की भौतिक स्थिति का प्रतिवेदन देवें? (ग) उक्त योजनाओं में श्योपुर जिले को योजना प्रारंभ से प्रश्न दिनांक तक कितनी-कितनी बजट राशि प्राप्त हुई है? वर्षवार, मदवार, जानकारी उपलब्ध करावें तथा कौन-कौन सी ग्राम पंचायत को कब-कब कितनी-कितनी राशि किस-किस निर्माण कार्य हेतु किस नियम निर्देशों के तहत प्रदाय की गई है? गौशवारा सहित विस्तृत जानकारी उपलब्ध करावें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) चयनित ग्रामों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'एक' एवं नियम निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'दो' अनुसार है। (ख) उक्त योजना अन्तर्गत कराये गये निर्माण कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'तीन', मूल्यांकन (माप पुस्तिका) निरीक्षण आदि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'चार' एवं कार्यों की भौतिक स्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'तीन' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'पांच' अनुसार है।
स्वीकृत नल-जल योजनाओं के कार्य पूर्ण कराए जाना
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
8. ( *क्र. 2037 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) टीकमगढ़ जिले की जतारा वि.स. या संपूर्ण जिले की ग्रामीण जनता को नल-जल योजना के कार्य पूर्ण करवाकर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने जनवरी 2019 से प्रश्न दिनांक तक प्रश्नकर्ता द्वारा कब-कब प्रश्न विधानसभा में किये गये हैं? संपूर्ण जानकारी प्रदाय करें। (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर बतायें कि टीकमगढ़ जिले की जल जीवन अंतर्गत स्वीकृत ऐसी कौन-कौन सी नल-जल योजनाएं हैं, जो प्रश्न दिनांक तक ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं करा पाई है, क्यों? कारण स्पष्ट करें। इन योजनाओं पर विभाग द्वारा कौन-कौन से ठेकेदारों को कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया जा चुका है? इतनी राशि व्यय होने के बावजूद भी ठेकेदार ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल नहीं दे पाये। विभाग ने क्या-क्या प्रश्न दिनांक तक कार्यवाही की है? संपूर्ण जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर निश्चित समय-सीमा सहित जानकारी दें कि कब तक ग्राम पंचायत चंदेरा, बम्हौरी खास, सदगुआ, टोरिया, बम्हौरी कला, कनेरा, स्यावनी, सिमरा खुर्द, बराना सहित सभी स्वीकृत ग्रामों की नल-जल योजनाओं से शुद्ध पेयजल मिलने लगेगा?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) एकल ग्राम नल-जल योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। बाणसुजारा समूह जल प्रदाय योजना के कार्य प्रगतिरत हैं, कार्य में विलंब विभिन्न विभागों से अनुमतियों को प्राप्त करने में हुआ है। मेसर्स एन्वायरों इन्फ्रा इंजीनियर्स लि., नई दिल्ली को राशि रु. 225.38 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। जी हाँ, कार्य पूर्ण नहीं करने के कारण फर्म से अनुबंधानुसार माइलस्टोन के अनुरूप राशि रु. 3.93 करोड़ की कटौती देयक से की गई है, कार्य पूर्ण होने के उपरांत विलंब विश्लेषण कर गुणदोष के आधार पर कार्यवाही की जायेगी। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।
अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाएं
[जनजातीय कार्य]
9. ( *क्र. 2009 ) श्रीमती रीती पाठक : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान में प्रदेश में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विद्यार्थियों के लिये कौन-कौन सी योजनायें संचालित की जा रही हैं? (ख) क्या अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विद्यार्थियों को दी जा रही छात्रवृत्ति की राशि बढ़ाने की सरकार की कोई योजना है? (ग) क्या अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विद्यार्थियों को जिला स्तर पर स्नातक एवं स्नातकोत्तर शिक्षा हेतु पृथक महाविद्यालय की स्थापना की कोई योजना है? (घ) ऐसे अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी जो दूरस्थ ग्रामीण अंचल में निवास करते हैं एवं आर्थिक रूप से कमजोर हैं, की तकनीकी शिक्षा व चिकित्सा शिक्षा जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु शासन द्वारा क्या कदम उठाये जा रहे हैं? (ड.) अनुसूचित जाति एवं जनजाति बालक एवं बालिका छात्रावासों, आश्रमों को आधुनिक तकनीकी युक्त बनाने की दिशा में वर्तमान सरकार द्वारा क्या कदम उठाये जा रहे हैं?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जनजातीय विद्यार्थियों हेतु संचालित योजनाओं की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है एवं अनुसूचित जाति विद्यार्थियों हेतु संचालित योजनाओं की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (ख) जी नहीं। (ग) जी नहीं। (घ) तकनीकी शिक्षा एवं चिकित्सा शिक्षा में जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत छात्रवृत्ति प्रदाय की जाती है। इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करने की क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से आकांक्षा योजना अंतर्गत J.E.E. एवं N.E.E.T. की कोचिंग प्रदाय की जाती है। अनुसूचित जाति विभाग की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। (ड.) छात्रावास एवं आश्रम शालाओं में वाटर प्यूरीफायर, टी.व्ही., कम्प्यूटर सुविधा एवं भारत सरकारी के सहयोग से रोटी मेकर मशीन प्रदाय करने की कार्यवाही की गई है। अनुसूचित जाति बालक एवं बालिका छात्रावासों में सोलर लाईट/वाटर हीटर, वाटर प्यूरीफायर, स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाएं दी जा रही है।
जनजाति कार्य विभाग की जानकारी
[जनजातीय कार्य]
10. ( *क्र. 1930 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रतलाम के सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जनजाति कार्य विभाग द्वारा वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक संचालित समस्त योजनाओं/कार्यक्रमों जैसे शिक्षा, छात्रवृत्ति, छात्रावास, आश्रम शालाएँ, स्व-रोजगार, आवास, स्वास्थ्य, सामाजिक एवं आर्थिक विकास योजनाओं की वर्षवार पृथक-पृथक जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश 'क' में उल्लेखित उक्त अवधि में सैलाना विधानसभा क्षेत्र में कितने जनजाति छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति/फेलोशिप का लाभ दिया गया? कितने नवीन छात्रावास/आश्रम शालाएँ स्वीकृत/संचालित हैं तथा उनकी वर्तमान स्थिति क्या है? जानकारी वर्षवार अनुसार पृथक-पृथक बतावें। (ग) कितने जनजाति परिवारों को विभिन्न विकास योजनाओं से लाभान्वित किया गया है? क्या उक्त अवधि में जनजाति कार्य विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की अनियमितता, शिकायत अथवा लापरवाही सामने आई है? यदि हाँ, तो वर्षवार प्राप्त शिकायतों की संख्या, जाँच की स्थिति तथा दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध की गई कार्यवाही की जानकारी वर्षवार अनुसार पृथक-पृथक बतावें? (घ) क्या शासन द्वारा सैलाना विधानसभा क्षेत्र के जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास हेतु कोई विशेष योजना/पैकेज प्रस्तावित या क्रियान्वित किया गया है? यदि हाँ, तो जानकारी बतावें? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? जानकारी उपलब्ध करावें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जिला रतलाम के सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत प्रश्नांकित अवधि में जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। (ख) जनजातीय कार्य विभाग की छात्रवृत्ति योजनाओं में सैलाना विधानसभा क्षेत्र में लाभान्वित विद्यार्थियों की वर्षवार संख्या संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। संचालित छात्रावास एवं आश्रम शालाओं की संख्या संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। वर्तमान में सभी छात्रावास एवं आश्रम शालाए सुचारू रूप में संचालित हैं। (ग) जनजातीय कार्य विभाग द्वारा हितग्राही मूलक योजनाए संचालित हैं, जिसके अंतर्गत सैलाना विधानसभा क्षेत्र में स्व-रोजगार योजना में लाभान्वित हितग्राहियों की वर्षवार संख्या संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''3'' अनुसार है। योजनाओं के क्रियान्वयन में अनियमितता अथवा लापरवाही के प्रकरण नहीं हैं। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जनजातीय कार्य विभाग की योजनाएं पूरे प्रदेश में क्रियान्वित हैं। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
पेंशन राशि में बढ़ोत्तरी की जाना
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
11. ( *क्र. 459 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान समय में संपूर्ण प्रदेश में शासन द्वारा वृद्धा पेंशन, निराश्रित पेंशन, विकलांग पेंशन, कल्याणी पेंशन, परित्यागता पेंशन व सामाजिक सुरक्षा एवं अन्य प्रकार की पेंशन की प्रतिमाह 600/- रूपये राशि हितग्राहियों को प्रदान की जा रही है, जो पेंशन की राशि वर्तमान समय में बढ़ती हुई महंगाई के अनुसार बहुत ही कम है, पेंशन की राशि अत्यधिक कम होने के कारण पेंशनर हितग्राहियों को अपना जीवन यापन करने में बहुत अधिक असुविधाओं व परेशानियों का सामना करना पड़ता है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार पेंशन की राशि कम होने के कारण क्या विभिन्न प्रकार की पेंशनों की राशि 600/- रूपये से बढ़ाकर पेंशनों की राशि को 1200/- रूपये प्रतिमाह किया जाना आवश्यक प्रतीत नहीं होता है? अगर आवश्यक प्रतीत होता है तो क्या शासन द्वारा विभिन्न प्रकार की पेंशनों की राशि को बढ़ाकर 1200/- रूपये प्रतिमाह किया जायेगा? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित विभिन्न प्रकार की पेंशनों की राशि को 600/- रूपये से बढ़ाकर 1200/- रूपये प्रतिमाह किये जाने के संबंध में प्रश्नकर्ता द्वारा मान. मुख्यमंत्री महोदय म.प्र. शासन को पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2026/27, दिनांक 12.01.2026 प्रेषित किया गया है, जिस पत्र पर अभी तक क्या कार्यवाही की गई है? कब तक कार्यवाही व विभिन्न औपचारिकताओं को पूर्ण करते हुए, विभिन्न प्रकार की पेंशनों की राशि को 600/- रूपये से बढ़ाकर 1200/- रूपये प्रतिमाह कर दिया जायेगा?
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जी हाँ। प्रदेश में शासन द्वारा वर्तमान में पात्र हितग्राहियों को प्रतिमाह रुपये 600/- पेंशन प्रदाय की जा रही है। (ख) राज्य शासन द्वारा अपने सीमित वित्तीय संसाधनों के अंतर्गत इस प्रकार की वृद्धि का निर्णय लिया जाता है। (ग) प्रश्न में उल्लेखित माननीय विधायक महोदय का पत्र मुख्यमंत्री कार्यालय से दिनांक 13.02.2026 को प्राप्त हुआ है। शेष कार्यवाही उत्तरांश (ख) अनुसार।
प्रतिष्ठानों के विरूद्ध अधिनियम 1955 के तहत कार्यवाही
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
12. ( *क्र. 174 ) श्री घनश्याम चन्द्रवंशी : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा वर्ष 2022 से 2025 के मध्य कितने प्रतिष्ठानों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की कार्यवाही की गई? संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) विभागीय कार्यवाही में नियमों के उल्लंघन करने पर कितना जुर्माना वसूला गया? संपूर्ण ब्यौरा देवें।
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) विभाग में खाद्य आपूर्ति अधिनियम नाम से कोई भी अधिनियम अधिसूचित नहीं है, अपितु अत्यावश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के अंतर्गत जारी नियंत्रण आदेश के अंतर्गत कार्यवाही की जाती है। प्रश्नांकित अवधि में अत्यावश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत जिले में कुल 235 प्रकरण दर्ज किये गये हैं, जिसका विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) सक्षम अधिकारियों द्वारा नियंत्रण आदेशों का उल्लंघन पाये जाने से प्रकरणों में वसूल की गई राशि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
वर्ष 2025-26 में धान उपार्जन में व्याप्त समस्याएं
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
13. ( *क्र. 829 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मैहर जिला सहित समूचे रीवा संभाग में वर्ष 2025-26 में उपार्जित की गयी धान के लिये जिला उपार्जन एजेन्सी द्वारा आपूर्ति किये गये वारदानों में 38 से 39 किलो धान समाहित होने से सोसायटियों द्वारा S.O.P. की कण्डिका 11.3.6 तथा सॉफ्टवेयर में 40 किलो की गणना के प्रावधान के कारण अतिरिक्त वरदानों में परिदान के समय जमा कराये जाने के साथ ही अतिरिक्त बोरियों की हम्माली व्यय भुगतान किये जाने जैसी व्याप्त कठिनाइयों के निराकरण कराये जाने के संबंध में सहकारी संस्थाओं के कर्मचारी-यूनियन जिला इकाई मैहर द्वारा शासन स्तर में मांग पत्र क्या प्रेषित-किया गया है? यदि हाँ, तो अभी तक क्या कार्यवाही की गयी? (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में क्या सोसायटियों के T.C. एवं चालान में दर्ज अनुसार अतिरिक्त रुप से लगे वारदानों का समायोजन चालान एवं T.C. अनुसार किये जाने की कार्यवाही संबंधी आदेश जारी किये गये हैं? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्ध करायी जाये? यदि नहीं, तो क्यों और कब तक जारी किये जावेंगे। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में क्या निकट भविष्य में सॉफ्टवेयर में 40 किलो की मात्रा के स्थान पर बोरियों में वास्तविक रूप से समाहित होने वाली धान की मात्रा का प्रावधान किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु जारी S.O.P. की कंडिका 11.3.6 के अंतर्गत धान से भरे बारदानों की प्राथमिकता के आधार पर विद्युत चलित मशीन से डबल सिलाई करने का प्रावधान किया गया है। विगत वर्षों में प्रदेश के कुछ जिलों के चिन्हित उपार्जन केन्द्रों पर कृषकों द्वारा विक्रय हेतु लाई गई पतली धान (फाईन वेरायटी) मानक 40 किलों के बारदाने में भर्ती करने, विद्युत चलित सिलाई मशीन से बोरे न सिल पाने तथा धान शेष रह जाने की समस्या के निराकरण हेतु ऐसी धान के बोरों को हाथ से सिलाई की जा सकेगी। बोरों की हाथ से सिलाई हेतु उपार्जन केन्द्रों, किसान एवं मात्रा का सत्यापन जिला उपार्जन समिति द्वारा कराया जाकर विशेष परिस्थिति में जिला कलेक्टर द्वारा अनुमति जारी करने का प्रावधान किया गया है। इस प्रकार धान की भर्ती हेतु अतिरिक्त बारदानों की आवश्यकता न लगने के कारण शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। मैहर जिला सहकारी कर्मचारी यूनियन इकाई जिला मैहर द्वारा दिनांक 19.01.2026 को शासन को प्रेषित ज्ञापन की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांक (क) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) समर्थन मूल्य पर उपार्जिन धान को 40 किलों के मान से बोरों में भरने का प्रावधान होने से सॉफ्टवेयर में संशोधन करने की आवश्यकता प्रतीत नहीं होती है।
नल-जल (हर घर जल) योजनाओं की प्रगति, जल गुणवत्ता एवं जवाबदेही
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
14. ( *क्र. 1556 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) हरदा विधानसभा क्षेत्रातंर्गत विगत 03 वर्षों में स्वीकृत नल-जल योजनाओं की ग्राम/वार्डवार सूची उपलब्ध करावें तथा इनमें से कितनी योजनाएँ पूर्ण, प्रगतिरत एवं विलंबित हैं? योजना के विलंबित होने का क्या कारण है? (ख) क्या हरदा विधानसभा के समस्त ग्रामों के मजरे-टोलों में पाइप-लाइन बिछाई जा चुकी है? यदि हाँ, तो कहाँ-कहाँ पर? यदि नहीं, तो क्यों? कारण स्पष्ट करें। (ग) किन ग्रामों/वार्डों में योजना पूर्ण होने के बावजूद नियमित जल-प्रदाय प्रारंभ नहीं हुआ अथवा बाधित है? (घ) उक्त अवधि में कितने ग्रामों में जल गुणवत्ता परीक्षण किया गया तथा कहाँ-कहाँ जल मानक अनुरूप नहीं पाया गया? (ड.) पाइप-लाइन लीकेज, कम दबाव अथवा अनियमित जल-प्रदाय से संबंधित शिकायतों की संख्या कितनी है तथा लंबित शिकायतें कितनी है? शिकायतों के लंबित होने का कारण स्पष्ट करें। (च) कार्य में विलंब/गुणवत्ता दोष के मामलों में संबंधित ठेकेदारों/एजेंसियों के विरुद्ध क्या दंडात्मक कार्यवाही की गई है? अपूर्ण योजनाओं को किस समय-सीमा में पूर्ण कर नियमित जल-प्रदाय सुनिश्चित किया जायेगा?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। (ख) हरदा विधानसभा क्षेत्र के समस्त 232 ग्रामों में से 228 ग्रामों के समस्त मजरो-टोलों में पाइप-लाइन बिछाई जा चुकी है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (च) कार्य विलम्ब से करने वाले 1 ठेकेदार/एजेंसी पर विभाग द्वारा नियमानुसार पेनल्टी अधिरोपित की गई है। अपूर्ण नल-जल योजनाओं को दिनांक 31.03.2026 तक पूर्ण कर नियमित जल प्रदाय किया जाना लक्षित है।
किसानों को वन अधिकार पत्र का प्रदाय
[जनजातीय कार्य]
15. ( *क्र. 1796 ) श्री केदार चिडाभाई डावर : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधान सभा क्षेत्र भगवानपुरा, जिला खरगोन में वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत वन क्षेत्र में रह रहे आदिवासी कृषकों को वन अधिकार पत्र दिये जाने की सतत् कार्यवाही चल रही है? (ख) क्या इस अधिनियम के तहत वन क्षेत्र में निवासरत अनेक आदिवासी कृषकों को वन अधिकार पत्र वितरण कर दिये गये हैं, जिससे क्षेत्र में रह रहे कृषकों को काफी अच्छा लाभ मिल रहा है तथा अपने-अपने परिवारों का पालन पोषण कर रहे हैं? (ग) क्या अभी भी हजारों आदिवासी कृषकों को वन अधिकार पत्र, आवेदन पत्र, जनपद कार्यालय एवं वन रेंजों में लम्बे समय से लंबित है, जिसके कारण कृषक काफी परेशान हैं, जिससे काबिज क्षेत्र से बेदखली के डर से भय व्याप्त है? (घ) यदि हाँ, तो विधान सभा क्षेत्र भगवानपुरा के अन्तर्गत वन रेंज सिरवेल, बिस्टान एवं बरुड़ के अंतर्गत आबाद ग्रामों के कितने वन अधिकार पत्रों का वितरण अभी तक किया है तथा कितने आवेदन लंबित हैं? लंबित आवेदन पत्रों का वितरण कब तक हो जायेगा? लंबित होने का कारण क्या? नवीन आबाद ग्रामों के कितने कृषक हैं? रेंजवार अलग-अलग जानकारी दें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ (ख) भगवानपुरा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत जनजातीय वर्ग के कृषि कार्य हेतु 8118 वन अधिकार पत्र वितरित किये गये हैं। इनको प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, कपिलधारा, डीजल पंप आदि शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्रता अनुसार मिल रहा है, जिससे उनके परिवार का पालन पोषण करने में मदद मिल रही है। (ग) भगवानपुरा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत वन अधिकार अधिनियम 2006 अंतर्गत 4606 दावे पंजीकृत हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। वन अधिकार अधिनियम 2006 की धारा 4 (5) में प्रावधानित है कि अनुसूचित जनजाति या अन्य परम्परागत वन निवासियों का कोई सदस्य उसके अधिभोगाधीन वन भूमि से तब तक बेदखल नहीं किया जावेगा या हटाया नहीं जावेगा जब तक की मान्यता और सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) भगवानपुरा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत वन रेंज सिरवेल में 3608, बिष्टान में 3200 एवं बरूड में 1310 वन अधिकार पत्रों का वितरण किया गया है तथा वन रेंज सिरवेल में 1289, बिष्टान में 2332 एवं बरूड में 985 कुल 4606 वन अधिकार का दावे वन अधिकार अधिनियम 2006 अंर्तगत पंजीकृत है। वन अधिकार अधिनियम की प्रक्रिया अर्द्धन्यायिक स्वरूप की होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'दो' अनुसार है।
जिम्मेदार अधिकारियों/कर्मचारियों पर कार्यवाही
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
16. ( *क्र. 2381 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल जिले में वर्ष 2023-24 से आज तक रबी और खरीफ विपणन वर्ष में कुल कितने खरीदी केन्द्र स्थापित किये गये हैं? इन में से कितने खरीदी केन्द्र सहकारी समितियों द्वारा तथा कितने स्व-सहायता समूह द्वारा या अन्य समूहों द्वारा संचालित किये जा रहे हैं? फसलवार रबी, खरीफ के केन्द्रों का नाम एवं व संचालित की जा रही एजेंसी का नाम जानकारी सहित देवें। (ख) उक्त खरीदी केन्द्रों पर शासन के नियमों अनुसार किसानों हेतु की जाने वाली व्यवस्थायें (जैसे-पेयजल, बैठक व्यवस्था, बारदाने, स्टैकिंग, तौल व्यवस्था, परिवहन, छाया, शौचालय आदि) क्या-क्या निर्धारित है तथा प्रत्येक केन्द्र पर इन व्यवस्थाओं का कितने प्रतिशत पालन किया गया है? केन्द्रवार, समूहवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के तारतम्य में प्रत्येक खरीदी केन्द्रों व समूहों द्वारा समितिवार कितने मजदूर लगाये गये व उक्त मजदूरों को किस मद से राशि भुगतान की गई? वितरित की गई राशि का विवरण उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में अब तक शहडोल जिले में कुल कितनी मात्रा में खरीदी की गई? फसलवार, केन्द्रवार एवं समिति/समूहवार विवरण देवें। उक्त खरीदी गई फसल का भण्डारण किन-किन स्थानों, गोदामों में किया गया? क्या भण्डारण संबंधित समिति खरीदी केन्द्र के अन्तर्गत किया गया अथवा दूरस्थ स्थानों पर यदि दूरस्थ स्थानों पर किया गया है तो उसका कारण स्पष्ट करें। (ड.) प्रश्नांश (घ) के संदर्भ में भण्डारण स्थल तक परिवहन की जिम्मेदारी किसकी रही? समूह/समिति/एजेंसी/परिवहन में हुये व्यय की जानकारी उपलब्ध करावें।
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
केन्द्र सरकार से समर्थन मूल्य की लंबित राशि प्राप्त करना
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
17. ( *क्र. 496 ) श्री बाला बच्चन : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तारांकित प्रश्न क्र. 507, दिनांक 01.12.2025 के अनुसार केन्द्र सरकार द्वारा गेहूं और धान के समर्थन मूल्य की राशि पूरी नहीं दी जा रही है। इसके लिये विभाग/शासन द्वारा विगत 03 वर्षों में केन्द्र सरकार से हुये समस्त पत्राचारों की प्रमाणित प्रति देवें? केन्द्र सरकार द्वारा इस विलम्ब के ब्याज के भुगतान की जानकारी विगत 04 वर्षों के संदर्भ में वर्षवार देवें? (ख) प्रश्न दिनांक की स्थिति गेहूं और धान के समर्थन मूल्य की कितनी राशि केन्द्र सरकार से लेना शेष है? पृथक-पृथक देवें। (ग) वर्ष 2026 में गेहूं और धान खरीदी के लिये वर्तमान व्यवस्था जारी रहेगी या अन्य/नवीन व्यवस्था से खरीदी होगी? स्पष्ट करें। (घ) कृषक हित में वर्तमान व्यवस्था जारी रखने के लिये क्या कार्यवाही की जा रही है? विवरण देवें। यदि नहीं, तो क्यों?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) केन्द्र शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर खाद्यान्न उपार्जन हेतु प्रत्यक्ष रूप से कोई राशि नहीं दी जाती है। समर्थन मूल्य पर खरीदी का कार्य भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा स्वीकृत उपार्जन स्तर के व्ययों के लिये खाद्यान्न साख सीमा से राशि आहरित कर खरीदी की व्यवस्था की जाती है। भारत सरकार द्वारा स्वीकृत योजनाओं में आवंटन के विरुद्ध वितरित मात्रा के आधार पर त्रैमासिक रूप से अनुदान राशियों की स्वीकृतियां जारी की जाती है। राज्य के वार्षिक आवंटन से अतिशेष मात्रा का परिदान भारतीय खाद्य निगम को किये जाने पर प्रासंगिक व्ययों का भुगतान किया जाता है। विपणन वर्ष में उपार्जित अतिशेष मात्रा का पूर्ण परिदान/योजनाओं में वितरण पूर्ण नहीं होने के कारण आगामी वर्षों में भी वितरण का कार्य जारी रहने के कारण विपणन वर्ष की संपूर्ण उपार्जित मात्रा के निराकरण में 1 से अधिक वर्षों का समय लग रहा है। भारत सरकार द्वारा त्रैमासिक अनुदान देयकों में स्वीकृत मात्रा पर समर्थन मूल्य के भुगतान की राशि स्वीकृत की जा रही है। भारत सरकार द्वारा अंतिम आर्थिक लागत के निर्धारण उपरांत तद्नुसार केन्द्र सरकार द्वारा समर्थन मूल्य एवं प्रासंगिक व्ययों की शेष राशि की प्रतिपूर्ति की जाती है। विभाग एवं मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन की ओर से विगत 03 वर्षों में प्रासंगिक व्ययों एवं अनुदान राशियों की स्वीकृति हेतु भारत सरकार को प्रेषित पत्रों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। केन्द्र सरकार द्वारा वितरण स्तर पर ब्याज एवं भुगतान एवरेज इन्वेंटरी अवधि के आधार पर स्वीकृत किया जाता है। अनुदान राशि विलंब से जारी होने के कारण विलंब अवधि पर ब्याज भुगतान का प्रावधान नहीं है। (ख) गेहूँ एवं धान-चावल के प्रावधानिक, अग्रिम एवं अंतिम अनुदान देयक केन्द्र शासन को प्रेषित किये जाते हैं, जिसमें समर्थन मूल्य एवं अन्य प्रासंगिक व्ययों का भुगतान भी सम्मिलित होता है। इस अनुसार अद्यतन स्थिति में केन्द्र शासन से लंबित प्रावधानिक, अग्रिम एवं अंतिम अनुदान देयकों की सूची दिनांक 31.01.2026 की स्थिति में पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। (ग) एवं (घ) खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में कृषकों से समर्थन मूल्य पर 51.74 लाख मे. टन धान का उपार्जन किया गया है एवं रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन हेतु दिनांक 07.02.2026 से किसान पंजीयन की कार्यवाही प्रारंभ करने हेतु निर्देश जारी किये गये हैं।
पेयजल की शुद्धता की जांच
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
18. ( *क्र. 1565 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला आगर-मालवा में ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल स्त्रोतों तथा जल जीवन मिशन द्वारा प्रदाय जल, हेंडपंप, नलकूप, कुंआ बावड़ी आदि से सप्लाई जल की शुद्धता की जांच विभाग (फील्ड टेस्टिंग किट एवं प्रयोग शाला) द्वारा विगत वर्ष 2024 से प्रश्न दिनांक तक कब-कब की गई ग्रामीण क्षेत्र की अब तक की पेयजल रिपोर्ट की जानकारी देवें। जिला आगर-मालवा में जल की शुद्धता हेतु कितनी लैब वर्तमान में संचालित हैं? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार जांच में किन-किन जल स्त्रोतों का पानी पीने योग्य है और किन-किन जल स्त्रोतों का पानी पीने योग्य नहीं है? ग्रामीण क्षेत्र की जानकारी देवें। (ग) मध्यप्रदेश ग्राम पंचायत (ग्रामीण जल प्रदाय योजना क्रियान्वयन एवं प्रबंधन नियम 2020) अनुसार जिला आगर मालवा अंतर्गत कौन-कौन सी ग्राम पंचायत में ग्राम जल एवं स्वच्छता तदर्थ समिति का गठन किया गया है? कितनी ग्राम पंचायतों में नहीं, जानकारी देवें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) एकल ग्राम नल-जल योजनाओं एवं समूह जल प्रदाय योजनाओं की जानकारी विभागीय वेबसाइट https://www.phed.mp.gov.in/en/ Downloads पर एवं जल जीवन मिशन के पोर्टल में लिंक https://ejalshakti.gov.in/WQMIS/Report/ rpt_ftk_testing_village पर प्रकाशित है। आगर-मालवा जिला मुख्यालय पर विभाग की जल गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला संचालित है। मध्यप्रदेश जल निगम अंतर्गत आगर-मालवा जिले में क्रियान्वित आगर-मालवा समूह जल प्रदाय योजना अंतर्गत जल शोधन संयंत्र स्थित की शुद्धता हेतु जल परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित है। (ख) जानकारी विभागीय वेबसाइट https://www.phed.mp.gov.in/ en/Downloads पर प्रकाशित है। आगर समूह जल प्रदाय योजना के जल स्त्रोत (कुण्डालिया बांध) का पानी पीने योग्य है। (ग) जिले के सभी 480 ग्रामों में ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति (V.W.S.C.) का गठन किया गया है, जिसकी ग्राम पंचायत/ग्रामवार जानकारी भारत सरकार के जल जीवन मिशन के पोर्टल में लिंक https://ejalshakti.gov.in/JJM/JJMReports/Physical/ JJMRep_GetFormedVWSCandVAP.aspx पर प्रकाशित है।
आंगनवाड़ी केन्द्रों के भवन निर्माण
[महिला एवं बाल विकास]
19. ( *क्र. 1267 ) श्री कुँवर सिंह टेकाम : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सीधी एवं सिंगरौली जिले के प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र-धौहनी में कितने आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिये कितनों के पास स्वयं के भवन हैं एवं कितने भवन विहीन हैं? पूर्ण विवरण सहित जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिये भवन निर्माण की योजना है, क्या? यदि हाँ, तो संपूर्ण विवरण सहित जानकारी उपलब्ध करायें। (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिये कब तक शासकीय भवन निर्मित होकर आंगनवाड़ी केन्द्रों को उपलब्ध करा दिया जायेगा? समय-सीमा बताएं।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) सीधी एवं सिंगरौली जिले के विधानसभा क्षेत्र धौहनी में 718 आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हैं। (ख) धौहनी विधानसभा सीधी एवं सिंगरौली दोनों जिलों में समाहित है। धौहनी विधानसभा में कुल 718 आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिसमें से विभागीय शासकीय भवनों में 535 आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हैं, भवन विहीन कोई आंगनवाड़ी केंद्र नहीं हैं, 109 अन्य शासकीय भवनों में एवं 74 किराए के भवनों में संचालित हैं, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ (विभागीय शासकीय भवन) एवं जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब (अन्य शासकीय भवन तथा किराये के भवन) में पृथक-पृथक जिलेवार संलग्न हैं। (ग) भवन विहीन आंगनवाड़ी केंद्रों के लिये नवीन आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण की स्वीकृति राज्य योजना मद एवं केंद्र सरकार के सहयोग से दी जाती है। विधानसभा क्षेत्र धौहनी में कुल 4 आंगनवाड़ी भवन निर्माण स्वीकृत हुए हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (घ) भवन विहीन आंगनवाड़ी केंद्रों के लिये नवीन आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण स्वीकृति एक सतत् प्रक्रिया है। आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण की स्वीकृति भूमि उपलब्धता एवं वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर करता है, जिनकी समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।
भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य एवं अनियमितता
[उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण]
20. ( *क्र. 2158 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन और नर्मदापुरम जिलों में उद्यानिकी विभाग के माध्यम से विगत 05 वर्षों में किन-किन योजनाओं के अंतर्गत भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य प्रदान किये गये? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में वर्षवार एवं योजनावार व्यय राशि की जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में विगत 5 वर्षों में कितने किसानों को लाभान्वित किया गया है? (घ) क्या योजनाओं में अनियमितताओं की शिकायतें प्राप्त हुई हैं? यदि हाँ, तो शिकायत किस के संबंध में थी तथा उन पर क्या कार्यवाही की गई? (ड.) आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ भोपाल में विभाग से संबंधित पंजीबद्ध शिकायत क्रमांक 31/2021 पर विभाग और ई.ओ.डब्ल्यू. द्वारा अभी तक क्या कार्यवाही की गई है? समय-सीमा में कार्यवाही नहीं किये जाने के क्या कारण हैं? इस हेतु कौन जिम्मेदार है?
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) विगत 05 वर्षों में राज्य पोषित योजना, एकीकृत बागवानी विकास मिशन, पर ड्रॉप मोर क्रॉप, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना, अनुसूचित जाति उप योजना विशेष केन्द्रीय सहायता योजनाओं में भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य प्रदान किये गये हैं। (ख) एवं (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) प्रश्नाधीन अवधि में योजनाओं में अनियमितताओं की शिकायतें प्राप्त नहीं होने से जानकारी निरंक है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ भोपाल में पंजीबध्द शिकायत क्रमांक 31/2021 पर ई.ओ.डब्ल्यू., भोपाल द्वारा कार्यवाही प्रचलन में है, इसके निष्कर्षों के उपरांत ही विभाग द्वारा कोई कार्यवाही अपेक्षित होगी।
धार विधानसभा में हाई स्कूल भवनों के निर्माण की स्वीकृति
[जनजातीय कार्य]
21. ( *क्र. 1183 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता विधायक द्वारा विधानसभा सत्र दिसम्बर 2024 में प्रश्न क्रमांक 38 के माध्यम से धार विधानसभा के तीन हाई स्कूल क्रमशः धामंदा, तोरनोद तथा नारायणपुरा का माध्यमिक विद्यालय से उन्नयन किये जाने के पश्चात कतिपय कारणों से भवन स्वीकृति नहीं होने के संबंध में पूछा गया था? (ख) यदि हाँ, तो क्या हाई स्कूल धामंदा एवं हाई स्कूल तोरनोद के भवनों की प्रशासकीय स्वीकृति वित्तीय वर्ष 2019-20 में जारी करने के पश्चात इन भवनों की पुनरीक्षित स्वीकृति निर्माण एजेन्सी पी.आई.यू. द्वारा चाहे जाने से इनका प्रस्ताव तथा हाई स्कूल नारायणपुरा के नवीन भवन की स्वीकृति सहित प्रस्ताव 2025-26 की वार्षिक कार्य योजना में सम्मिलित किये जाने हेतु आयुक्त लोक शिक्षण को प्रेषित किये गये? (ग) यदि हाँ, तो प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में इन भवनों की स्वीकृति की वर्तमान अद्यतन स्थिति से अवगत कराएं। (घ) क्या प्रचलित वित्तीय वर्ष की समाप्ति पूर्व निर्माण एजेंसी द्वारा इन भवनों की टेण्डर आदि प्रक्रिया पूर्ण कर निर्माण कार्य प्रांरभ कर दिया जावेगा? (ड.) यदि नहीं, तो विलम्ब के क्या कारण हैं तथा प्रक्रिया कब तक पूर्ण कर ली जावेगी?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) संचालक लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश के पत्र क्रमांक/लो.शि.स./वि.स.बज.सत्र./प्र.क्र.1183/2026/2743, दिनांक 12.02.2026 के माध्यम से प्राप्त जानकारी अनुसार शासकीय हाई स्कूल धामंदा एवं तोरनोद जिला धार के भवन निर्माण हेतु वर्ष 2017-18 में राज्य योजना अंतर्गत शासकीय हाई स्कूल तोरनोद एवं धामंदा जिला धार के विद्यालय भवन निर्माण हेतु वर्ष 2019-20 में दिनांक 06-07-2019 को स्वीकृति प्रदान की गई थी। भवन निर्माण हेतु 03 वर्ष तक भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण कार्य आरंभ नहीं हो सका, जिसके कारण उक्त दोनों विद्यालयों के निरस्तीकरण का प्रस्ताव है। शासकीय हाई स्कूल नारायणपुरा के भवन निर्माण हेतु राज्य योजना अंतर्गत प्रशासकीय स्वीकृति स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी नहीं की गई है। परियोजना क्रियान्वयन इकाई लो.नि.वि. (भवन), संभाग धार द्वारा शासकीय हाई स्कूल तोरनोद एवं शासकीय हाई स्कूल धामंदा के विद्यालय भवन निर्माण हेतु पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान किये जाने हेतु पत्र क्र./एफ-3/तकनीकी/पी.आई.यू./2021, धार दिनांक 25.10.2021 के माध्यम से आयुक्त, लोक शिक्षण, भोपाल को पत्र भेजा गया था। उपरोक्त के कारण प्रस्ताव वार्षिक कार्य योजना 2025-26 में सम्मिलित नहीं किये गये। (ग) से (ड.) उत्तरांश ''ख'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उद्भूत नहीं होता।
नलकूपों की मरम्मत एवं पेयजल व्यवस्था
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
22. ( *क्र. 1793 ) श्री दिव्यराज सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विकासखंड जवा, सिरमौर एवं गंगेव अंतर्गत कुल कितने हैण्डपंप स्थापित हैं? कितने हैण्डपंप चालू अवस्था में हैं तथा कितने हैण्डपंप खराब हैं? ग्राम पंचायतवार सूची उपलब्ध कराएं। (ख) ऐसे समस्त खराब हैण्डपंपों को कब तक सुधार दिया जावेगा? समय-सीमा बतावें। (ग) विकासखंड जवा, सिरमौर एवं गंगेव अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में कितनी पंचायतों के चिन्हित स्थानों में कुल कितने हैण्डपंपों में पाइप डाले गये हैं? भौतिक सत्यापन रिपोर्ट उपलब्ध करावें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) हैंडपंप सुधार की कार्यवाही एक सतत् प्रक्रिया है, सामान्यत: विभाग में सुधार योग्य हैंडपंपों की संधारण प्रक्रिया अनुसार ऊपरी भाग की साधारण खराबी का सुधार 07 कार्य दिवस में तथा जमीन के निचले भाग में हैंडपंप के लाइन असेम्बली व सिलेंडर की गंभीर खराबी का सुधार 15 कार्यदिवस में किया जाना प्रावधानित है, हैंडपंपवार सुधार कार्य की निश्चित तिथि बताया जाना संभव नहीं है। (ग) विकासखंड जवा, सिरमौर एवं गंगेव अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 379 ग्राम पंचायतों के 1325 हैंडपंपों में 1782 नग पाइप डाले गये हैं, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। हैंडपंपो में डाले गये पाइपों के भौतिक सत्यापन प्रतियां विभागीय वेबसाइट लिंक https://www.phed.mp.gov.in/en/Downloads पर प्रदर्शित हैं।
पेयजल व्यवस्थाओं के संबंध में
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
23. ( *क्र. 1888 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या खरगोन जिले के साथ ही विधानसभा क्षेत्र कसरावद में हैंडपंपों के संधारण का कार्य सामग्री के अभाव में विगत एक वर्ष से पूरी तरह बंद है? अगर हाँ तो सामग्री क्यों नहीं उपलब्ध कराई जा रही है? (ख) क्या विगत एक वर्ष से सिंगल फेस मोटर, बोरिंग के केसिंग पाईप और अन्य सामग्रियां विभाग को प्रदाय नहीं की गई है? अगर हाँ तो क्यों नहीं कारण बतायें? (ग) क्या खरगोन जिले में बोरिंग के टेंडर किये गये हैं? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) क्या खरगोन जिले में विभाग को बजट उपलब्ध कराया गया है? यदि हाँ, तो कब और कितना?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी नहीं, सामग्री की कमी होने पर आपूर्ति की समुचित व्यवस्था की जाकर हैण्डपंप संधारण कार्य निरंतर प्रक्रिया के अंतर्गत किया जाता रहा है। (ख) उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के अंतर्गत खरगोन जिले के अन्तर्गत आवंटन अनुसार सिंगलफेस मोटर, बोरिंग के केसिंग पाइप और अन्य सामग्रियाँ प्रदाय की गई हैं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) नलकूप खनन का कार्य विभाग के मैकेनिकल संकाय की शासकीय ड्रिलिंग रिंग मशीनों से तथा सिविल खंड द्वारा कराए जाने वाले नलकूप खनन कार्य निविदा आमंत्रित कर ठेकेदार एजेंसी का चयन करके कराए जाते हैं। वर्तमान में वित्तीय वर्ष 2024-25 में आमंत्रित निविदाओं के अंतर्गत अनुबंधित ठेकेदार एजेंसियों को आवंटित कार्य की मात्रा के अंतर्गत नलकूप खनन कार्य किये जा रहे हैं, आगामी ग्रीष्मऋतु में नलकूप खनन कार्य की आवश्यकता के लिये माह जनवरी, 2026 में निविदाएं आमंत्रित की गई हैं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी हाँ, जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
भवन विहीन एवं जीर्ण-शीर्ण आंगनवाड़ी केन्द्र
[महिला एवं बाल विकास]
24. ( *क्र. 2013 ) श्री श्याम बरडे : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बड़वानी जिले के अंतर्गत कितने आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हैं, इन आंगनवाड़ी केन्द्रों में भवन विहीन एवं जीर्ण शीर्ण भवनों की जानकारी दें। (ख) भवन विहीन एवं जीर्ण शीर्ण भवनों के निर्माण की क्या योजना है? (ग) कितने आंगनवाड़ी केंद्र किराये के भवनों में संचालित हैं और इन्हें कितना-कितना किराया भुगतान किया जा चुका है?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) बड़वानी जिले के अंतर्गत 1815 आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हैं, भवन विहीन कोई केन्द्र नहीं हैं, 211 आंगनवाड़ी भवन जीर्ण-शीर्ण हैं। (ख) वित्तीय संसाधनों एवं भूमि उपलब्धता के आधार पर सभी जिलों में आंगनवाड़ी भवन निर्माण की स्वीकृति दी जाती है। समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है। (ग) 216 आंगनवाड़ी केंद्र किराये के भवनों में संचालित है, किराया भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
रतलाम जिले में जल जीवन मिशन का क्रियान्वयन
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
25. ( *क्र. 2114 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या केंद्र/राज्य प्रवर्तित योजना के माध्यम से विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत रतलाम जिले में घर-घर नल योजना हेतु निरंतर कार्य किया जा रहा है? (ख) यदि हाँ, तो शासन/विभाग द्वारा योजना को स्वीकृति किस दिनांक को किन-किन कार्यों के क्रियान्वयन हेतु प्रदान की एवं कार्य किस एजेंसी के माध्यम से किस दिनांक को प्रारंभ हुआ? (ग) कार्य प्रारंभ से प्रश्न दिनांक तक रतलाम जिले के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में किन-किन स्थानों पर कितनी–कितनी राशि का कितना कार्य एवं किस-किस प्रकार का कार्य किस एजेंसी के द्वारा किया जा रहा है, जिसमें से कितना कार्य पूर्ण हुआ, कितना अपूर्ण रहा तो किन कारणों से? साथ ही कोई कार्य अप्रारंभ है तो किन कारणों से? कार्यवार, स्थानवार जानकारी दें। (घ) विभागीय मापदंडों एवं अनुबंध के अनुसार कार्य किये जाने हेतु किन-किन सक्षम अधिकारियों द्वारा कहां-कहां पर भौतिक सत्यापन किया गया एवं थर्ड पार्टी के आशय के नाम से किन कारणों से किस तरह का अनुबंध कर क्या किया जाता है? थर्ड पार्टी की भूमिका की जानकारी दें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी हाँ। (ख) एकल ग्राम नल-जल योजनाओं एवं समूह जल प्रदाय योजनाओं की जानकारी क्रमश: पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 एवं 02 अनुसार है। (ग) जल जीवन मिशन अंतर्गत एकल ग्राम नल-जल योजनाएं नगरीय क्षेत्र हेतु स्वीकृत नहीं की जाती है, ग्रामीण क्षेत्र की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 अनुसार है। समूह जल प्रदाय योजना अंतर्गत स्थानवार राशि एवं किये गये कार्यों की पृथक-पृथक जानकारी बताया जाना संभव नहीं है, एजेंसी, कार्य पूर्ण एवं अपूर्ण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 02 अनुसार है। समूह जल प्रदाय योजना का कार्य प्रगतिरत है। अतः समूह जल प्रदाय योजनाओं के संदर्भ में शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (घ) विभागीय मापदण्डों एवं अनुबंध के प्रावधानों के अनुसार जल जीवन मिशन अंतर्गत क्रियान्वित किये जा रहे समस्त कार्यों का नियमित रूप से विभागीय अधिकारियों द्वारा स्थल निरीक्षण कर भौतिक सत्यापन किया जाता है। थर्ड पार्टी एजेंसी द्वारा स्वतंत्र रूप से प्रत्येक योजना के समस्त अवयवों का निरीक्षण नियमित रूप से अनुबंध में निर्धारित प्रक्रिया अनुसार किया जाता है, थर्ड पार्टी की भूमिका मुख्य रूप से कार्य में लगने वाली सामग्री की गुणवत्ता का परीक्षण तथा कार्यों का क्रियान्वयन निर्धारित तकनीकी मापदंडों के अनुसार किये जाने को सुनिश्चित करना होता है, विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-03 अनुसार है।
भाग-2
नियम
46 (2) के
अंतर्गत
अतारांकित प्रश्नोत्तर
के रुप में
परिवर्तित
तारांकित प्रश्नोत्तर
ग्रामीण
अंचलों में
पेयजल की
आपूर्ति
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
1. ( क्र. 12 ) श्री मुकेश मल्होत्रा : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला श्योपुर के समस्त ग्रामीणांचलों में ट्यूवेल, हैण्डपम्प बोरवेल न होने के कारण ग्रामीण लोग आज भी नदी,झरनों, कुआँ,बावड़ी तालाबों का गंदा पानी पीने को मजबूर है? नल-जल योजना पूरी तरह से फेल है? नल-जल योजना और phe विभाग में ठेकेदारों द्वारा बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार किया गया है? इसकी जांच की जावे? (ख) तहसील विजयपुर, वीरपुर एवं कराहल क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामों में आज भी पेयजल संकट उत्पन्न हो रहा है? क्या विभाग के अधिकारी कर्मचारी पेयजल समस्या के निदान पर कोई ध्यान नहीं देने का क्या कारण है? (ग) तहसील विजयपुर, वीरपुर एवं कराहल क्षेत्र के किन-किन गांवों में कितनी-कितनी क्षमता की नई पानी की टंकियों का निर्माण किया गया है और कितनी चालू अवस्था में है? जानकारी ग्राम पंचायतवार पृथक-पृथक उपलब्ध करावें? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) की जानकारी सही है तो क्या विभाग ठेकेदार और दोषी कर्मचारी अधिकारियों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही करेगा? यदि नहीं तो क्यों नहीं कारण बतावे।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी नहीं। जी नहीं। श्योपुर जिले में स्थापित 4270 हैंडपंपों एवं 2196 सिंगल फेस सबमर्सिबल मोटर पंपों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, इसके अतिरिक्त जिले के समस्त ग्रामों में एकल ग्राम नल-जल योजना/समूह जल प्रदाय योजना से जल प्रदाय किया जाना लक्षित है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 एवं 02 अनुसार है। (घ) उपरोक्त उत्तरांशों के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
फर्जी जाति प्रमाणपत्र की जांच
[जनजातीय कार्य]
2. ( क्र. 49 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता एवं अन्य किन-किन व्यक्तियों/संस्थाओं ने माननीय मुख्यमंत्री, मंत्री विभाग एवं किस सक्षम अधिकारी को प्रश्न-दिनांक तक अक्षय सिंह मरकाम उर्फ अक्षय गुप्ता की फर्जी जाति प्रमाणपत्र के संबंध में कब-कब ईमेल एवं पत्र प्रेषित कर क्या-क्या जांच/कार्यवाही की मांग की, प्रति सहित बतावें। किन-किन व्यक्तियों/संस्थाओं के पत्रों पर प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की? प्रतिसहित बतावें। (ख) अक्षय सिंह मरकाम, उनके पिता नागेश्वर गुप्ता ने किस दिनांक को किस जिले से अनुसूचित जनजाति (एसटी) प्रमाणपत्र बनवाया, दोनों के एसटी प्रमाणपत्र प्रतिलिपि देवें। (ग) अक्षय सिंह मरकाम ने एसटी प्रमाणपत्र बनवाने बाबत निर्धारित प्रपत्र अनुसार कब किस सक्षम-अधिकारी के समक्ष क्या-क्या डाक्युमेंट प्रस्तुत किए? उसकी छायाप्रति देवें। (घ) प्रश्नांश (ग) के सक्षम-अधिकारी ने निर्धारित मानक अनुसार किन-किन डॉक्युमेंट की क्या-क्या जांचकर क्या-क्या निर्णय पारित किए? पारित निर्णय की प्रतिलिपि देवें। किस-किस आधार पर एसटी प्रमाणपत्र जारी किया उसकी प्रतिलिपि देवें। निर्धारित मानक के विपरीत अक्षय सिंह मरकाम को एसटी प्रमाणपत्र देने वाले सक्षम अधिकारी के विरुद्ध किन नियमों के तहत कार्यवाही की जाएगी। (ङ) अक्षय सिंह मरकाम का जिस जाति प्रमाणपत्र से चयन किया गया क्या वह वैध है, यदि हाँ, तो विधिसम्मत कारण बतावें एवं उससे संबंधित समस्त दस्तावेज देवें। यदि अवैध है तो कब तक पद से हटाकर उनके विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर कार्यवाही की जाएगी? किस-किस दिनांक को किन कारणों से उसने अपने नाम में क्या-क्या परिवर्तन कराया।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) प्रश्नकर्ता एवं अन्य व्यक्ति संस्थाओं द्वारा श्री अक्षय सिंह मरकाम उर्फ अजय गुप्ता के फर्जी जाति प्रमाण पत्र संबंधी शिकायतों की जानकारी पुस्ताकलय में रखे परिशिष्ट- एक अनुसार एवं इन शिकायतों पर की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। (ख) श्री अक्षय मरकाम एवं उनके पिता नागेश्वर गुप्ता के जाति प्रमाण पत्रों की छायाप्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- तीन अनुसार है। (ग) श्री अक्षय सिंह मरकाम के द्वारा प्रमाण पत्र बनवाने बाबत ऑनलाइन रिकार्ड अनुसार आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया। ऑनलाईन प्रस्तुत पत्र की प्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-चार अनुसार है। (घ) उत्तरांश (ख) एवं (ग) अनुसार है। मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र क्रमांक/एफ-7-74/2003/आ.प्र./एक दिनांक 21.07.2003 द्वारा जाति प्रमाण पत्र जारीकर्ता अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने का प्रावधान है। (ड.) राज्य उच्च स्तरीय छानबीन समिति के समक्ष अनावेदन के जाति प्रमाण पत्र के संबंध में प्रकरण नस्ती क्रमांक 2421/2025 दिनांक 20.03.2025 अनुसार दर्ज है। उच्च स्तरीय छानबीन समिति के समक्ष कार्यवाही अर्धन्यायिक होने से जाति प्रमाण पत्र के संबंध में निर्णय की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। वर्तमान स्थिति में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। मध्यप्रदेश राजपत्र दिनांक 02.08.2013 अनुसार अक्षय गुप्ता पिता नागेश्वर गुप्ता का नाम अक्षय सिंह मरकाम पिता स्व. श्री नागेश्वर गुप्ता किया गया है।
अतिथि शिक्षकों के मानदेय का प्रदाय
[जनजातीय कार्य]
3. ( क्र. 119 ) श्री वीरसिंह भूरिया : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र 194 झाबुआ जिले में विकासखंडवार कितने अतिथि शिक्षकों का सहायक आयुक्त द्वारा अनुमोदन किया गया है? जिनको मानदेय मिल रहा है और कितने अतिथि शिक्षकों का सहायक आयुक्त द्वारा अनुमोदन नहीं किया गया है? जिनको मानदेय नहीं मिल रहा है। विकासखंडवार जानकारी प्रदान करें। जिनको सहायक आयुक्त द्वारा अनुमोदन नहीं किया है, उनके मानदेय की जवाबदारी किसकी रहेगी?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : विधानसभा क्षेत्र 194 झाबुआ जिले में विकास खण्डवार अतिथि शिक्षकों की जानकारी निम्नानुसार है :-
|
क्र. |
विकास खण्ड का नाम |
वर्ष 2025-26 अनुमोदन उपरांत अतिथि शिक्षकों की वर्गवार संख्या |
|||
|
वर्ग -1 |
वर्ग - 2 |
वर्ग - 3 |
कुल योग |
||
|
1 |
झाबुआ |
47 |
69 |
104 |
220 |
|
2 |
रामा |
70 |
163 |
116 |
349 |
|
3 |
रानापुर |
73 |
142 |
181 |
396 |
|
4 |
मेघनगर |
44 |
106 |
142 |
292 |
|
5 |
थांदला |
49 |
194 |
267 |
510 |
|
6 |
पेटलावद |
74 |
219 |
188 |
481 |
|
|
योग |
357 |
893 |
998 |
2248 |
विकासखण्ड मेघनगर में अतिथि शिक्षक वर्ग-2 में कुल 108 अतिथि शिक्षकों का अनुमोदन किया गया था, किन्तु 01 अतिथि शिक्षक का चयन आंगनवाड़ी में होने एवं 01 अतिथि शिक्षक द्वारा अध्यापन कार्य नहीं करने से उनका मानदेय भुगतान नहीं किया जा रहा है। जिला स्तरीय समिति द्वारा संस्थावार स्वीकृत पदों के मान से एवं पात्रता अनुसार अतिथि शिक्षक का अनुमोदन किया गया है और उन्हें मानदेय भुगतान किया जा रहा है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
धान खरीदी में अनियमितता
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
4. ( क्र. 129 ) श्री मधु भगत : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट एवं सिवनी जिले में विगत 2 वर्षों में किस-किस दिनांक को किन-किन कृषकों की कितनी-कितनी धान खरीदी की गई तथा राशि का भुगतान किस तिथि को किया गया, खरीदी केन्द्र सहित कृषकों के धान की मात्रा एवं भुगतान राशि का कॉलमवार ब्यौरा उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित खरीदी केन्द्रों में किन-किन में अनियमितता या नियम विरूद्ध खरीदी, अधिक मात्रा में धान लिये जाने की शिकायत की गई? खरीदी केन्द्रवार, दोषियों पर की गई कार्यवाही की जानकारी समस्त दस्तावेज सहित उपलब्ध करावे? (ग) सिवनी जिले के प्राथमिक सहकारी, समिति ताखलाकला में वर्ष 2023 में 28 ट्रक धान घोटाला किया गया जिसमें लगभग 2 करोड़ रूपये राशि की हेरा-फेरी किये जाने वाले लोकसेवकों पर क्या कार्यवाही की गई? जिन कृषकों की धान राशि में हेरा-फेरी की गई उन्हें राशि का भुगतान किस प्रकार कौन सी राशि प्रदाय कर किया गया जानकारी उपलब्ध करावे? (घ) प्रश्नांश (ग) में उल्लेखित धान घोटाला एवं राशि हेरा-फेरी में महाप्रबंधक सिवनी जिला पर कार्यवाही क्यों नहीं की गई? कारण स्पष्ट करें, क्या गैर जिम्मेदार महाप्रबंधक पर कठोर दण्डात्मक कार्यवाही होगी। यदि हाँ, तो कब तक?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जिला बालाघाट एवं सिवनी में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में उपार्जन केन्द्रवार विक्रेता कृषक, उपार्जित मात्रा एवं भुगतान राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'अ' अनुसार है। दिनांकवार, कृषकवार उपार्जित मात्रा एवं भुगतान राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' (पेन ड्राइव) अनुसार है। (ख) जिला सिवनी में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में तथा जिला बालाघाट में वर्ष धान उपार्जन केंद्रों में अनियमितता या नियम विरूद्ध अधिक धान लिये जाने से संबंधित किसी कृषक द्वारा कोई शिकायत संज्ञान में नहीं आई है। जिला बालाघाट में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान खरीदी केन्द्रों पर अधिक धान लिए जाने संबंधी 05 खरीदी केन्द्रों के विरूद्ध शिकायत संज्ञान में आई है। जिसके विरूद्ध की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'स' अनुसार है। (ग) सिवनी जिले की सहकारी समिति ताखलाकला में समिति प्रबंधक एवं उपार्जन केंद्र प्रभारी द्वारा कूटरचित दस्तावेज तैयार कर 28 ट्रक धान 7400 क्विंटल एवं 1536 क्विंटल की स्पॉट कमी कुल- 8936 क्विंटल की राशि रू. 19507288/- की हेरा-फेरी की गई। जांच में दोषी पाये गये ताखलाकला समिति के समिति प्रबंधक, ऑपरेटर एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी (चौकीदार) के विरूद्ध संस्था प्रशासक द्वारा पुलिस थाना अरी में एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई तथा उक्त तीनों कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया, पुलिस द्वारा इन दोषी कर्मचारियों पर धारा 420, 467, 468, 471, 120 बी, 66 सी, 66 डी, के अंतर्गत आपराधिक प्रकरण क्रमांक 0029/2024 दर्ज किया गया। वर्तमान में उक्त प्रकरण माननीय न्यायालय में विचाराधीन है। साथ ही प्रशासक सेवा सहकारी ताखलाकला द्वारा समिति प्रबंधक श्री सत्यनारायण बघेल को निलंबित कर दिनांक 27.01.2026 को प्रशासक द्वारा श्री सत्यनारायण बघेल की सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर श्री अभिषेक कटरे तथा दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी श्री शोभा चंद बघेल की सेवा समाप्त की गई। संस्था के प्रशासक एवं विकासखण्ड बरघाट के सहकारिता विस्तार अधिकारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु कलेक्टर सिवनी द्वारा आयुक्त सहकारिता को पत्र प्रेषित किया गया मुख्यालय द्वारा सहकारिता विस्तार अधिकारी को दोषमुक्त किया गया तथा संस्था के प्रशासक की एक वेतन वृद्धि असंचय प्रभाव से रोकी गई। ताखलाकला समिति में कर्मचारियों द्वारा की गई धान राशि की हेरा-फेरी का कृषकों को भुगतान हेतु उपार्जन एजेंसी (नान) द्वारा जिला उपार्जन समिति से अनुमोदन प्राप्त कर मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन भोपाल से जिले की धान उपार्जन करने वाली अन्य सहकारी संस्थाओं की लंबित कमीशन की राशि से किसानों का भुगतान किया गया। (घ) सिवनी जिले की ताखलाकला समिति में धान घोटाला एवं राशि हेरा-फेरी की जांच हेतु कार्यालय कलेक्टर जिला सिवनी के पत्र क्र./उपार्जन/2024/73 सिवनी दिनांक 27.01.2024 द्वारा 4 सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई थी। जांच कमेटी द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में ताखलाकला समिति के 03 कर्मचारियों को दोषी पाया गया, जिन पर पुलिस थाना अरी में भा.दं.सं. 1860 की धारा 420, 467, 468, 471, 170 B, 66 C, 66 D अंतर्गत अपराधिक प्रकरण क्रमांक 0029/2024 दर्ज कराया गया। वर्तमान में दोषी कर्मचारियों के विरूद्ध न्यायिक कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। प्रतिवेदन में अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही प्रस्तावित नहीं की गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
वन पट्टे वितरण हेतु प्राप्त आवेदन
[जनजातीय कार्य]
5. ( क्र. 189 ) श्रीमती सेना महेश पटेल : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश भर सहित अलीराजपुर जिले में वर्ष 2005-06 से प्रश्न दिनांक तक वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत वन पट्टे (Forest Patta) हेतु कुल कितने आवेदन प्राप्त हुए हैं, इनमें से कितने आवेदन स्वीकृत, कितने निरस्त तथा कितने लंबित हैं? जिला एवं विकासखंडवार विवरण उपलब्ध कराएँ। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार पात्र आवेदकों को अब तक वन पट्टे वितरित नहीं किए गए हैं, उनके लंबित रहने के मुख्य कारण क्या हैं? इसके लिए कौन जिम्मेदार है और जिम्मेदार पर क्या कार्यवाही की गई? नहीं की गई तो क्यों? (ग) सरकार द्वारा वन पट्टा वितरण में तेजी लाने हेतु अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं? यदि वितरण प्रारंभ नहीं हुआ है, तो इसके क्या कारण हैं? कब तक पात्र हितग्राहियों को वन पट्टे वितरित किए जाएंगे? अवधि बतायें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''एक'' अनुसार है। (ख) जिला सिंगरौली में 93 मान्य दावे mpforest.gov.in/servey पोर्टल पर वन परिक्षेत्र बगदरा दर्शित नहीं होने तथा पी.डी.ए. सर्वे नहीं होने के कारण वितरण हेतु लंबित है। समस्या तकनीकी स्वरूप की होने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) मध्यप्रदेश शासन के पत्र क्रमांक 1073/134617/2023/10-3 दिनांक 29-05-2023 के द्वारा मान्य वन अधिकार के दावों के वन अधिकार पत्र जारी करने के दिए गए निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''दो'' अनुसार है। जिला सिंगरौली में mpforest.gov.in/servey पोर्टल परवन परिक्षेत्र बगदरा दर्शित नहीं होने तथा पी.डी.ए. सर्वे नहीं होने के कारण वितरण हेतु लंबित है समस्या तकनीकी स्वरूप की होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
खरीदी केंद्रों द्वारा फसलों का भुगतान
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
6. ( क्र. 225 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना/मैहर जिला अंतर्गत समर्थन मूल्य में किसानों की फसलों को खरीदने के लिए कितने-कितने खरीदी केंद्र किस-किस नाम, पते से पंजीकृत/रजिस्टर्ड है और खरीदी केंद्रों का पंजीयन रजिस्ट्रेशन किस आधार पर किया जाता है? रजिस्ट्रेशन का मापदण्ड और नियम क्या है? जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) सतना/मैहर जिला अंतर्गत कितने खरीदी केंद्रों पर कौन-कौन से किसानों से कितनी-कितनी धान खरीदी गई है? कितने किसानों का कितना-कितना भुगतान किया गया है और कितने किसानों का कितना-कितना भुगतान लंबित/शेष है? केंद्रवार किसानवार, राशिवार, अलग-अलग जानकारी उपलब्ध कराए। (ग) सतना/मैहर जिले के जिन-जिन खरीदी केंद्रों के किसानों की फसलों का भुगतान नहीं किया गया उसका कारण क्या है और दोषी कौन है? क्या दोषियों पर कार्रवाई करते हुए किसानों के लंबित/शेष भुगतान को शीघ्र किया जाएगा? यदि हाँ, तो कब तक में यदि नहीं तो क्यों कारण स्पष्ट करें?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) सतना एवं मैहर जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु स्थापित केन्द्रों के नाम, केन्द्र का कोड क्रमांक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'अ' अनुसार है। समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु केन्द्रों का निर्धारण उपार्जन नीति एवं SOP में निर्धारित मापदण्ड अनुसार किया जाता है जिसकी प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'ब' अनुसार है। (ख) सतना एवं मैहर जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में उपार्जन केन्द्रवार एवं किसानवार उपार्जित धान की मात्रा, किसानों को भुगतान की गई राशि एवं शेष राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' (पेन ड्राइव) अनुसार है। (ग) खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने वाले किसानों में से शेष किसानों का भुगतान की कार्यवाही प्रचलित होने से किसी के विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
आलीराजपुर जिले में पेयजल संकट की व्यवस्था
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
7. ( क्र. 256 ) श्रीमती सेना महेश पटेल : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक आलीराजपुर जिले में वर्तमान में कितने ग्राम, फलिया एवं मोहल्ले ऐसे हैं जहाँ प्रश्न दिनांक तक नल से जल प्रदाय की सुविधा उपलब्ध नहीं है वहां पर ग्रामीण शुद्ध पेयजल के लिए किन-किन स्रोतों पर निर्भर हैं तथा पेयजल उपस्थित न होने का कारण क्या है? (ख) जिले में 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक कितने हैंडपंपों का खनन किया गया है, उनमें से कितने प्रश्न दिनांक तक चालू नहीं किए गए हैं, उन्हें चालू न किए जाने के कारण क्या है? (ग) जिले में प्रत्येक घर को नल से जल कब तक उपलब्ध कराया जावेगा। जहाँ नल से जल संभव नहीं है वहाँ नए हैंडपंप खनन एवं वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था कब तक की जाएगी? अभी तक नहीं की गई तो क्यों और उसका कारण क्या है?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) आलीराजपुर जिले में वर्तमान तक 381 ग्राम के 3092 फलियों/बसाहटों में प्रश्न दिनांक तक नल से जल प्रदाय की सुविधा उपलब्ध नहीं है, ग्रामीणजन विभाग द्वारा इन ग्रामों/फलियों/बसाहटों में स्थापित 11908 हैण्डपंपों से पेयजल प्राप्त कर रहे हैं, शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। जिले के ग्रामीण क्षेत्र के सभी ग्रामों में हैण्डपंप स्थापित हैं एवं जल-जीवन मिशन अंतर्गत स्वीकृत की गई एकल नल-जल योजनाओं एवं जल निगम की स्वीकृत अलीराजपुर समूह जल प्रदाय योजना के माध्यम से पेयजल प्रदाय किया जाना प्रस्तावित है। (ख) प्रश्नांकित अवधि में कुल 350 नलकूप खनन किये गये हैं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में खनित किये गये नलकूपों में से 45 नलकूपों पर हैण्डपंप स्थापना का कार्य प्रगतिरत है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जिले में प्रत्येक घर को नल से जल दिनांक 31.03.2026 तक उपलब्ध कराया जाना लक्षित है। जहाँ नल से जल की व्यवस्था किया जाना तकनीकी रूप से साध्य नहीं है, वहाँ विभाग द्वारा पूर्व में लगाए गए हैण्डपंपों के माध्यम से की गई पेयजल व्यवस्था उपलब्ध है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
गेहूँ एवं धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
8. ( क्र. 262 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या संकल्प पत्र 2023 मध्यप्रदेश की जनता को माननीय प्रधानमंत्री जी की गारंटी भी और विकसित मध्यप्रदेश का निर्माण का विजन डॉक्यूमेन्ट भी है एवं सरकार ने संकल्प पत्र के बिन्दुओं को धरातल पर उतारने का कार्य प्रारंभ कर दिया है जैसा कि माननीय राज्यपाल महोदय मध्यप्रदेश के अभिभाषण दिनांक 20 दिसम्बर 2023 के बिन्दु क्र. 09 में उल्लेख किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो संकल्प पत्र 2023 में गेहूँ और धान के लिये समर्थन मूल्य पर बोनस की गारंटी दी गई है इसके अंतर्गत 2700 रू. प्रति क्विंटल गेहूँ तथा 3100 रूपये प्रति क्विंटल पर धान खरीदी होगी, का भी उल्लेख किया गया है? (ग) यदि हाँ, तो वर्तमान सरकार को 2 वर्ष से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी 2700 रूपये प्रति क्विंटल गेहूँ एवं 3100 रू. प्रति क्विंटल धान की खरीदी नहीं किये जाने के क्या कारण है एवं इस संबंध में सरकार कब तक निर्णय लेगी बतावें? यदि नहीं तो क्यों?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) संकल्प पत्र 2023 मध्यप्रदेश में रू. 2700 प्रति क्विंटल की दर से गेहूं उपार्जन करने का प्रावधान 05 वर्ष के लिए किया गया है। राज्य सरकार द्वारा रबी विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन पर राशि रू.125 प्रति क्विंटल का बोनस देकर रू. 2400 एवं वर्ष 2025-26 में रू.175 प्रति क्विंटल का बोनस देकर रू.2600 प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया गया है। भारत सरकार द्वारा रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए रू.160 प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य में वृद्धि करते हुए रू.2585 प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने वाले कृषकों को मुख्यमंत्री कृषि उन्नति योजना 2024 के अंतर्गत राशि रू.4000 प्रति हेक्टेयर एवं राशि रू 10000 अधिकतम प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया गया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में राशि रू. 2369 प्रति क्विंटल की दर से धान का उपार्जन किया गया है।
प्याज की उपज का लागत मूल्य
[उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण]
9. ( क्र. 278 ) श्री अजय अर्जुन सिंह : क्या उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दिसम्बर, 25 में प्याज की नई फसल आने पर राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में प्याज के दाम इतने अधिक गिर गए कि किसानों को उनकी उपज का लागत मूल्य भी प्राप्त नहीं हो पाने के कारण अनेक किसानों ने अपनी प्याज फसल सड़क पर फेंक दी है? (ख) किसानों की उत्पादन लागत के अनुरूप प्याज का भाव न मिलने के कारण उनकी आय पर क्या प्रभाव पड़ा है और सरकार ने प्याज उत्पादक किसानों को राहत देने के लिए अब तक कौन-कौन से कदम उठाए हैं? जानकारी दें। (ग) क्या सरकार के संज्ञान में यह तथ्य है कि अत्यधिक गिरते भाव के कारण किसान प्याज की अगली फसल बोने हेतु हतोत्साहित हो रहे हैं, जिससे आगामी सीजन में प्याज की उपलब्धता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है? (घ) यदि हाँ, तो फसल विविधीकरण, अनुबंध कृषि, प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना तथा निर्यात प्रोत्साहन के माध्यम से किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने के लिए सरकार द्वारा क्या-क्या उपाय प्रस्तावित हैं?
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) वर्तमान स्थिति में मण्डियों में प्याज सामान्य दर से विक्रय हो रही है। प्याज फसल के भाव मांग और पूर्ति के सिद्धांत पर आधारित है। कभी-कभी बाजार में मांग की तुलना से अधिक आवक हो जाने के कारण भाव में अल्प समय के लिये कमी हो जाती है। ऐसे समय किसान प्याज सुरक्षित संग्रह कर लेते हैं तथा भाव बढ़ने पर बेच देते हैं, प्याज फेंकने जैसी स्थिति सामान्यत: नहीं होती है। (ख) किसानों को प्याज के दाम अधिक मिलने पर आय में वृद्धि होती है इसी तरह यदाकदा दाम कम होने पर आय में अपेक्षाकृत लाभ नहीं मिलता है यह बाजार की मांग एवं पूर्ति के सिद्धांत पर आधारित है। कृषकों को प्याज का सुरक्षित भंडारण करने के लिये विभाग में प्याज भंडार गृह निर्माण करने के लिये योजनांतर्गत अनुदान सहायता का प्रावधान है। इसके साथ ही पीएमएफएमई योजनांतर्गत प्याज प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने पर अधिकतम राशि रूपये 10.00 लाख तक अनुदान सहायता दिये जाने का प्रावधान है। राज्य शासन द्वारा इसके अतिरिक्त प्राकृतिक आपदा आदि से प्याज की फसल को क्षति होने पर RBC 6-4 के अंतर्गत कृषकों को राज्य सरकार द्वारा तात्कालिक आर्थिक सहायता दी जाती है। (ग) राज्य शासन प्याज उत्पादक कृषकों के लिये बोनी से लेकर उत्पादन भण्डारण तथा प्रसंस्करण तक हर संभव सहायता दे रही है। विगत वर्षों में प्रदेश में वर्ष 2022-23 में 54.06 लाख मीट्रिक टन से वर्ष 2024-25 में 57.09 लाख मीट्रिक टन तक प्याज फसल का उत्पादन बढ़ा है, इससे स्पष्ट है कि किसानों को इससे लाभ हो रहा है और राज्य सरकार की किसान हितैषी योजनाओं से किसान लाभान्वित हो रहे हैं, हतोत्साहित नहीं है। (घ) जानकारी उत्तरांश (ख) एवं (ग) अनुसार है।
रजक समाज को संपूर्ण प्रदेश में अनुसूचित जाति (SC) का दर्जा दिया जाना
[अनुसूचित जाति कल्याण]
10. ( क्र. 339 ) इंजीनियर हरिबाबू राय : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल, रायसेन एवं सीहोर में रजक समाज को अनुसूचित जाति का दर्जा दिया गया है, परंतु अन्य 52 जिलों में रजक समाज को अन्य पिछड़ा वर्ग में रखा गया है ऐसा क्यों, संपूर्ण रजक समाज को कब तक मध्यप्रदेश के संपूर्ण जिलों में अनूसूचित जाति का दर्जा मिल जायेगा और अनुसूचित जाति में शामिल करने की क्या कार्य योजना है? (ख) क्या रजक समाज को अन्य 52 जिलों में अन्य पिछड़ा वर्ग में रखा गया है, जबकि मध्यप्रदेश के 3 जिलों में रजक समाज अनुसूचित जाति में आता है, संपूर्ण मध्यप्रदेश में रजक समाज को अनुसूचित जाति में शामिल कब तक कर दिया जावेगा?
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) मध्यप्रदेश राज्य की अधिसूचित अनुसूचित जाति वर्ग की सूची में जातियों को शामिल करने का क्षेत्राधिकार भारत सरकार का है। अधिसूचना जारी करते समय भारत सरकार द्वारा विचारोपरांत निर्णय लिया है, राज्य सरकार के प्रस्ताव को विचारोपरांत भारत सरकार, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा अमान्य किया गया है। विवरण संलग्न परिशिष्ट पर है। (ख) जी हाँ, राज्य सरकार के कार्यक्षेत्र में न आने से प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
कटनी जिले में धान खरीदी
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
11. ( क्र. 347 ) श्री संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी जिले में धान खरीदी वर्ष 2024-2025 एवं 2025-26 में कितनी-कितनी एवं किस-किस समिति/समूह को किस आधार पर चयनित कर कहां-कहां खरीदी का कार्य दिया गया, संख्या, नाम एवं पता सहित पूर्ण विवरण देवें? इस संबंध में शासन के क्या नियम/निर्देश हैं? (ख) प्रश्नांश (क) अंतर्गत उल्लेखित समिति/समूहों द्वारा वर्ष 2024-2025 और 2025-26 में समिति/समूह द्वारा जो खरीदी की गई, को किस सक्षम अधिकारी की अनुमति से किन-किन भंडारण स्थलों में रखा गया? समिति/समूहों से उनकी दूरी क्या थी? इस संबंध में शासन के क्या नियम हैं? (ग) समिति/समूह द्वारा एक दिन में कितनी खरीदी की जा सकती है? इसके क्या नियम/निर्देश है? वर्ष 2024-2025 और 2025-26 में समिति/समूह को प्रतिदिन स्वीकृत अधिकतम खरीदी और समिति/समूह द्वारा की गई खरीदी की दिनांकवार जानकारी पूर्ण विवरण सहित उपलब्ध कराई जाएं।
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) कटनी जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु निर्धारित उपार्जन केन्द्र, उपार्जन करने वाली संस्थाओं के नाम, पता एवं उपार्जन केन्द्र स्थल की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट– 'अ' अनुसार है। समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु संस्थाओं का निर्धारण विभाग द्वारा जारी उपार्जन नीति एवं SOP के प्रावधान अनुसार जिला उपार्जन समिति द्वारा किया जाता है। विभाग द्वारा जारी उपार्जन नीति एवं SOP की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'ब' अनुसार है। (ख) कटनी जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान का भण्डारण मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक्स कार्पोरेशन द्वारा उपलब्ध कराए गए गोदामों/कैप में नियमानुसार अनुमानित न्यूनतम दूरी एवं भण्डारण स्थल की उपलब्धता के आधार पर जिला उपार्जन समिति के अनुमोदन उपरांत कराया गया। वर्षवार उपार्जन केन्द्र से गोदामों की मैपिंग एवं दूरी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'स' अनुसार है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित खाद्यान्न के भण्डारण के संबंध में जारी निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'ब' अनुसार है। (ग) प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर धान की तौल क्षमता का निर्धारण पोर्टल पर किया जाता है, जिसके अनुसार प्रति तौलकांटा प्रतिदिन 250 क्विंटल के मान से गणना की जाती है। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर प्रतिदिन न्यूनतम 1000 क्विंटल उपज की तौल हेतु 4 तौल कांटे आवश्यक रूप से लगाए जाने का प्रावधान है, जिसमें उपज की आवक अनुसार तौल कांटों की संख्या में वृद्धि की जा सकती है। पोर्टल पर तौल काटों की संख्या की प्रविष्टि डीएसओ लॉगिन से किए जाने का प्रावधान है। खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में उपार्जन केन्द्रवार खरीदी गई धान की मात्रा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'द' अनुसार है। उपार्जन केन्द्रवार एवं दिनांकवार खरीदी की जानकारी ई-उपार्जन पोर्टल पर उपलब्ध है।
उज्जैन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
12. ( क्र. 359 ) श्री सतीश मालवीय : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या ग्राम पंचायतों में संचालित पेयजल योजना के अंतर्गत ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का दायित्व जिला पंचायत, जनपद पंचायत, ग्राम पंचायत के अंतर्गत आता है? (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में यदि हाँ, तो इसके मॉनिटरिंग का क्या सिस्टम है, उज्जैन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के जिन ग्राम पंचायतों में पेयजल योजना के अंतर्गत पानी की टंकी उपलब्ध है उनकी साफ-सफाई कब-कब, किन-किन तारीखों को की गई थी? ग्राम पंचायतवार संपूर्ण उज्जैन जिले (उज्जैन शहरी सीमा क्षेत्र व दक्षिण विधानसभा को छोड़कर) की सूची उपलब्ध करवाई जाएं। (ग) लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के द्वारा किन-किन जल के स्रोतों में शुद्ध गुणवत्ता युक्त पानी की वॉटर टेस्टिंग कब-कब और कहां-कहां करवाई गई? शासन के निर्देश के अनुरूप संधारित पंजी एवं सूची व टेस्टिंग रिपोर्ट भी उपलब्ध करवाई जावे जिससे स्पष्ट हो सके कि कहां का जल पीने योग्य है और कहां का जल पीने योग्य नहीं। (घ) उज्जैन जिले की (उज्जैन दक्षिण विधानसभा को छोड़कर) प्रत्येक ग्राम पंचायतों में पेयजल उपलब्ध कराने हेतु कितनी ग्राम पंचायतों में बोरिंग के माध्यम से कितनी ग्राम पंचायतों में कूप के माध्यम से और कितने ग्राम पंचायतों में नलकूप के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जाता है? ग्राम पंचायतवार सूची उपलब्ध कराई जावे, व जल स्रोत का नाम भी उपलब्ध कराया जाए।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) ग्राम पंचायतों में संचालित पेयजल योजनाओं से ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का दायित्व ग्राम पंचायत का है। जिला पंचायत उज्जैन से प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जिला पंचायत उज्जैन से प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की जल परीक्षण प्रयोगशालाओं में जल गुणवत्ता का परीक्षण किया जाता है, प्रयोगशाला में टेस्टिंग रिपोर्ट की पंजी संधारित की जाती है, जिसमें जल की गुणवत्ता रिपोर्ट का विवरण अंकित किया जाता है, प्रयोगशाला में किए गए जल गुणवत्ता परीक्षण की रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से भारत सरकार के पोर्टल लिंक https://ejalshakti.gov.in/WQMIS/Report/Report_L पर प्रकाशित है। (घ) जिला पंचायत उज्जैन से प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
जर्जर भवनों में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्र
[महिला एवं बाल विकास]
13. ( क्र. 383 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) महिला एवं बाल विकास विभाग जिला जबलपुर को राज्य शासन एवं केन्द्र प्रवर्तित संचालित किन-किन योजनान्तर्गत कुपोषण की रोकथाम, उपचार, टीकाकरण, पोषण आहार, कुपोषित बच्चों की खोज, आंगनवाड़ी केन्द्रों भवनों का रख-रखाव, देखभाल, सुरक्षा, संसाधनों की व्यवस्था व नवीन भवनों का निर्माण हेतु किस-किस मद में कितनी-कितनी राशि आवंटित की है एवं कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक की वर्षवार पृथक-पृथक जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) में परियोजनावार कितने-कितने आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित हैं। इनमें से कितने-कितने आंगनवाड़ी केन्द्र सुविधा विहीन, जर्जर, खस्ताहाल भवनों, किराये के भवनों, स्कूलों के कक्षों/कमरों में संचालित है? कितने आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों के लिये बुनियादी सुविधाएं, व्यवस्था, शुद्ध पेय जल, विद्युत व्यवस्था, खेल मैदान, पर्याप्त कमरे व मनोरंजन के साधन नहीं हैं एवं क्यों? किराये के भवनों में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों के किराया पर कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? परियोजनावार जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (क) में किन-किन संचालित योजनान्तर्गत आंगनवाड़ी केन्द्रों को कितनी-कितनी राशि, कितनी-कितनी मात्रा में कितनी-कितनी राशि का पोषण आहार, पूरक पोषण आहार आदि, आवंटित किया गया एवं कितने-कितने बच्चों, धात्री महिलाओं को कितनी-कितनी मात्रा में वितरित किया गया? (घ) प्रश्नांश (क) में कुपोषित कितने-कितने बच्चे चिन्हित किये गये हैं। इनमें कितने-कितने बच्चे गंभीर अतिकुपोषित, कुपोषित, मध्यम कुपोषित पाये गये हैं। गंभीर अतिकुपोषित, कितने बच्चों को उपचार हेतु पोषण पुनर्वास केन्द्रों में भर्ती कराया गया। इनमें से कितने-कितने बच्चे पूर्ण स्वस्थ्य हुये, स्वास्थ्य में सुधार हुआ, वजन बढ़ा तथा कितने बच्चों की मृत्यु हुई हैं? वर्षवार जानकारी दें।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) :(क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ एवं ब अनुसार है। (ख) जबलपुर जिले में परियोजनावार संचालित आंगनवाड़ी केन्द्र, सुविधा विहीन जर्जर, खस्ताहाल भवनों, किराये के भवनों, स्कूल के कक्षों/कमरों में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों के लिए बुनियादी सुविधाएं, व्यवस्था। शुद्ध पेयजल, विद्युत व्यवस्था, खेल मैदान, पर्याप्त कमरा व मनोरंजन के साधन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -स अनुसार है। किराये के भवनों में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों के किराये की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -ई अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एफ अनुसार है।
छात्रावासों में निवासरत छात्र-छात्राओं की मृत्यु
[अनुसूचित जाति कल्याण]
14. ( क्र. 384 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले में संचालित किन-किन छात्रावासों में निवासरत छात्र-छात्राओं के लिये किस-किस योजना मद में कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई एवं कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? सामग्री का क्रय, छात्रावासों का रख-रखाव, सुधार, मरम्मत कार्य पुनर्निर्माण आदि पर कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? किस-किस योजना मद की कितनी-कितनी राशि का उपयोग नहीं किया गया एवं क्यों? वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक की पृथक-पृथक जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में किन-किन छात्रावासों में कौन-कौन सी बुनियादी सुविधाओं शुद्ध पेयजल, साफ-सफाई, मेस, शौचालय की समुचित व्यवस्था, खेलकूद का मैदान, खेल सामग्री व अन्य संसाधनों की समुचित व्यवस्था नहीं हैं एवं क्यों? (ग) प्रश्नांकित छात्रावासों से निवासरत छात्र/छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण, स्वास्थ्य सुविधाएं आदि के सम्बंध में शासन के क्या निर्देश हैं? किन-किन छात्रावासों में निवासरत कितने कितने छात्र-छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण कब-कब किया गया। इनमें से कितने-कितने, छात्र-छात्राएं अस्वास्थ्य बीमार एवं स्वास्थ्य सम्बंधी क्या-क्या शिकायतें पाई गई हैं। इनका समुचित उपचार व दवाइयां आदि की क्या व्यवस्था की गई। कितने-कितने छात्र/छात्राओं को उपचार हेतु चिकित्सालय में भर्ती कराया गया हैं? कितने-कितने छात्र-छात्राओं की मृत्यु हुई है? (घ) शासकीय सीनियर आदिवासी बालक छात्रावास हर्दुलीकला विकासखण्ड कुण्डेश्वर धाम में माह अगस्त 2025 में 14 छात्रों के बीमार होने एवं 14 वर्षीय छात्र श्री राजकुमार धुर्वे की मृत्यु होने पर शासन ने कब किन-किन दोषी अधिकारियों पर कब क्या कार्यवाही की हैं। शासन ने मृतक छात्र के परिजनों को कब कितनी राशि की आर्थिक सहायता दी हैं?
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ' अनुसार है। (ख) छात्रावासों में दी जा रही उल्लेखित बुनियादी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। छात्रावासों में निवासरत छात्र/छात्राओं का नियमित स्वस्थ्य परीक्षण प्रतिमाह छात्रावास अधीक्षकों के द्वारा निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सकों से संपर्क कर आवश्यकता अनुसार कराई जाती है, चिकित्सक स्वयं छात्रावास में उपस्थित होकर स्वास्थ्य परीक्षण करते हैं एवं समुचित उपचार व दवाइयां उपलब्ध कराई जाती है। 01 छात्र को उपचार हेतु चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। अस्पताल से घर जाने के उपरांत छात्र की मृत्यु हुई थी। (घ) छात्र श्री राजकुमार धुर्वे की मृत्यु होने के पश्चात संबंधित छात्रावास अधीक्षक को स्थानांतरित किया गया है, वर्तमान में प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। शासन नियमानुसार छात्र के पालक को राशि रूपये 25,000/- की आर्थिक सहायता राशि प्रदाय की गई है।
नियम विरुद्ध छात्रावास अधीक्षकों की नियुक्ति
[जनजातीय कार्य]
15. ( क्र. 446 ) डॉ. चिंतामणि मालवीय : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित अनुसूचित जाति/जनजाति छात्रावास में अधीक्षक पद पर क्या शिक्षा विभाग के शिक्षक, अथवा शिक्षाकर्मी पदस्थ किया जा सकता है? (ख) आलोट विधानसभा क्षेत्र के किसी अनुसूचित जाति/जनजाति छात्रावास में शिक्षा विभाग के शिक्षक अथवा शिक्षाकर्मी को अधीक्षक के पद पर पदस्थ किया गया है, यदि हाँ, तो कितने वर्ष पूर्व तथा कितने छात्रावासों में किया गया है? (ग) नियम विरुद्ध अनुसूचित जाति/जनजाति छात्रावास में शिक्षा विभाग के शिक्षक अथवा शिक्षाकर्मी को अधीक्षक के पद पर पदस्थ करने वाले अधिकारी तथा वर्तमान तक नियम विरुद्ध नियुक्ति को मौन समर्थन देने वाले अधिकारियों के विरुद्ध क्या कार्यवाही की जाएगी।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) मध्यप्रदेश शासन आदिम जाति कल्याण विभाग मंत्रालय भोपाल के आदेश दिनांक 16/03/2015 अनुसार छात्रावास आश्रमों के संचालन एवं अधीक्षक की नियुक्ति हेतु दिश निर्देश अनुसार अधीक्षकों की पदस्थापना/प्रभार की व्यवस्था की जाती है। (ख) आलोट विधानसभा क्षेत्र के छात्रावासों में शिक्षा विभाग के शिक्षक अथवा शिक्षाकर्मी को अधीक्षक पदस्थ नहीं किया गया है। (ग) उत्तरांश (क) अनुसार शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता हैं।
लाड़ली बहना योजना का बजट और राशि वितरण
[महिला एवं बाल विकास]
16. ( क्र. 466 ) डॉ. विक्रांत भूरिया : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2023 से 2026 तक कुल कितनी राशि, लाड़ली बहना योजना पर खर्च की है, प्रति वर्षवार, जिलेवार, विस्तृत जानकारी प्रदान करें। (ख) प्रश्नांश (क) के सबंध में इस योजना को जिस दिनांक से शुरू किया गया था, उस समय कितनी रजिस्टर्ड हितग्राही बहने थी और जनवरी 2026 की स्थिति में कितनी हैं जिलेवार जानकारी प्रदान करें। (ग) मध्यप्रदेश में जो नई पात्र महिलाएं हैं, उनका नाम सरकार कब और किस प्रक्रिया के माध्यम से इस योजना से में जोड़ा गया है। पिछले 3 वर्ष में कितनी महिला को अपात्र करा गया? (घ) माननीय मुख्यमंत्री की घोषणा अनुसार महिलाओं को इस योजना के तहत 3 हजार रुपए प्रतिमाह का भुगतान किस दिनांक से होगा?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जिलेवार व्यय की गई राशि की जानकारी संलग्न परिशिष्ट - 01 अनुसार है। (ख) माह जून 2023 को कुल पंजीकृत पात्र महिलाओं की संख्या 1,25,06,186 थी एवं जनवरी 2026 में 1,25,31,286 है। जिलेवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट- 02 अनुसार है। (ग) वर्तमान में नवीन पंजीयन संबंधी कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। पिछले तीन वर्षों में 40 महिलाओं को अपात्र किया गया है। (घ) वर्तमान में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
नल-जल योजना का क्रियान्वयन
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
17. ( क्र. 511 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्रमांक 376 दिनांक 18.03.2025 के परिप्रेक्ष्य में शेष रहे 73 ग्रामों में कितने ग्रामों में आज दिनांक तक नल-जल योजना प्रारंभ की जाकर ग्राम पंचायत को सुपुर्द कर दी गई है? योजनांतर्गत कुल 12 कार्य पूर्ण ग्राम जिनमें नलकूप की जल आवक क्षमता कम होने तथा पुनरीक्षित योजना लंबित होने के कारण योजना जमीनी स्तर पर अपूर्ण है, उनकी वर्तमान स्थिति क्या है? ग्रामवार, योजना की पूर्ण होने की तिथि (यदि पूर्ण हो) सहित जानकारी प्रदान करें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कुल 73 ग्राम जिनमें 59 ग्रामों में वर्ष 2023 से, 06 ग्रामों में वर्ष 2024 से एवं 08 ग्रामों में वर्ष 2021 से नल-जल योजना का कार्य अपूर्ण है, इसकी वर्तमान में मौके पर स्थिति क्या है? अपूर्ण समस्त कार्यों का कारण एवं पूर्ण होने की अवधि बतावें। (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में जिन ग्रामों में नल-जल योजना अपूर्ण है, उनमें कार्य पूर्ण कर पंचायत को सुपुर्द करनें की समय-सीमा दिनांक 31.03.2025 बताई गई थी। क्या आज दिनांक तक इन समस्त ग्रामों में कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं? यदि हाँ, तो कार्यपूर्णता एवं सुपुर्दगी की तारीख सहित बतावें। यदि नहीं तो क्यों।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) 73 ग्रामों की नल-जल योजनाओं में से वर्तमान में पूर्ण कर ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित की गई योजनाओं, पूर्ण परन्तु ग्राम पंचायतों को हस्तांतरण शेष योजनाओं तथा वर्तमान में प्रगतिरत योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है, जिसमें वर्ष 2023 के 59 ग्रामों की सूची सरल क्रमांक 1 से 59 तक है, वर्ष 2024 के 6 ग्रामों की सूची सरल क्रमांक 60 से 65 तक है एवं वर्ष 2021 के 8 ग्रामों की सूची सरल क्रमांक 66 से 73 तक है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है।
लाड़ली बहना योजना का क्रियान्वयन
[महिला एवं बाल विकास]
18. ( क्र. 512 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) लाड़ली बहना योजनांतर्गत कुल कितनी महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है? दिनांक 01.01.2025 से प्रश्न दिनांक तक कितनी महिलाओं के नाम योजना में काटे गये है एवं कितने नाम योजना में जोड़े गये है? योजना से नाम काटे जाने के क्या कारण है? मध्यप्रदेश की जिलावार एवं विधानसभावार सूची उपलब्ध कराई जावे। (ख) लाड़ली बहना योजना में नाम जोड़े जाने के क्या नियम एवं प्रक्रिया है? दस्तावेजों की प्रति उपलब्ध कराई जावे? नाम जोड़े जाने हेतु समस्त प्रक्रिया पूर्ण करने के कितने दिवस में/कितनी समयावधि में महिला हितग्राही के खाते में राशि डाले जाने का प्रावधान है? अनुमानित समयावधि क्या है? (ग) दिनांक 01.01.2025 से प्रश्न दिनांक तक कितने नाम 60 वर्ष की आयु से अधिक होने के कारण काटे गए एवं क्या उन नामों को वृद्धावस्था पेंशन से लाभान्वित किया जा रहा है या नहीं? अगर नहीं तो सरकार के पास उन लाभार्थियों के लिए क्या आगामी कार्ययोजना है? अगर 60 वर्षों से कम आयु वाले नामों को काटा गया है तो इसका भी प्रमाण प्रस्तुत किया जाए एवं बताया जाए के उनका नाम क्यों विलोपित किया गया है। समस्त जानकारियां जिलेवार, विधानसभावार दी जाएं। (घ) योजना का लाभ न मिलने संबंधी कितनी शिकायत दिनांक 01.01.2025 से प्रश्न दिनांक तक विभिन्न माध्यम से जिला हरदा में प्राप्त हुई है? इन शिकायतों की वर्तमान स्थिति क्या है? कितनी शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है? कितनी लंबित है?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) वर्तमान में लाड़ली बहना योजनांतर्गत 1,25,31,286 महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है। विगत 01 वर्ष में किसी महिला का नाम नहीं काटा गया है, परन्तु 01 वर्ष में 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर 1,51,921 महिलाएं योजना की पात्रता से बाहर हुई हैं। कोई नवीन पंजीयन नहीं किया गया है। 05 पंजीकृत पात्र महिलाओं को पात्रता नहीं रखने संबंधी आपत्ति प्राप्त होने एवं स्थानीय आपत्ति निराकरण समिति द्वारा परीक्षण उपरांत उक्त आपत्ति सही पाये जाने के कारण योजना से अपात्र किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -1 पर है। (ख) लाड़ली बहना योजना की गाइड-लाइन जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -2 पर है। (ग) विगत 01 वर्ष में 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर 1,51,921 महिलाओं को योजना की पात्रता से बाहर हुई हैं न कि नाम काटे गये हैं। 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलायें वृद्धावस्था पेंशन योजना अन्तर्गत पंजीयन कराकर पात्रता अनुसार लाभ प्राप्त कर सकती हैं। अत: शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। विगत 01 वर्ष में 60 वर्ष से कम आयु की महिलाओं का नाम नहीं काटा गया है अपितु 05 पंजीकृत पात्र महिलाओं को पात्रता नहीं रखने संबंधी आपत्ति प्राप्त होने एवं स्थानीय आपत्ति निराकरण समिति द्वारा परीक्षण उपरांत उक्त आपत्ति सही पाये जाने के कारण योजना से अपात्र किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-01 अनुसार है। (घ) विगत 01 वर्ष में (04 फरवरी 2026 तक) हरदा जिले में 685 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। वर्तमान में 464 शिकायतों का निराकरण किया गया है, 221 शिकायतें प्रचलन में है।
फर्जी प्रमाण पत्र की जानकारी
[जनजातीय कार्य]
19. ( क्र. 559 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 1988-89 में तहसील सिरोंज जिला विदिशा में निवासरत मीना जाति को अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए मध्य प्रदेश शासन के क्या निर्देश/नियम थे? निर्देश/नियम की प्रति संलग्न करें। तहसील सिरोंज में जन्मे मीना जाति के व्यक्तियों को अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए क्या डिप्टी कलेक्टर जिला विदिशा प्राधिकृत अधिकारी थे? (ख) क्या वर्ष 1950 के पूर्व तक तहसील (उपखण्ड) सिरोंज में जन्मे मीना जाति के व्यक्तियों को अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र जारी करने का प्रावधान था? जनजातीय कार्य विभाग अनुसूचित जनजाति संदेहास्पद जाति प्रमाण पत्र उच्च स्तरीय छानबीन समिति के निर्णय दिनांक 18.03.2019 में श्री आलोक कुमार मीना पिता श्री गोर्वधन लाल मीना को वर्ष 1983 से 1990 तक केवल कैलाश बाबू यादव के मकान में रहना बताकर तहसीलदार सिरोंज के प्रस्ताव अनुसार डिप्टी कलेक्टर जिला विदिशा द्वारा दिनांक 11.01.1989 का पूर्णतया फर्जी आधार पर जारी अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र का सही बता कर फर्जी व्यक्ति का साथ दिया है? क्या सिरोंज में जन्मे अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र जारी करने के नियम/निर्देश के विपरीत इस मनगढ़त एवं दूषित निर्णय दिनांक 18.03.2019 की पुन: समीक्षा कर श्री आलोक मीना के विरूद्ध जन्म स्थान से हटकर बनावटी निवास के आधार पर फर्जी तरीके से अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र प्राप्त कर नौकरी एवं पदोन्नति पाने के प्रकरण में एफ.आई.आर. दर्ज कर आपराधिक कार्यवाही एवं वेतन भत्तों की वसूली कब तक की जावेगी? समय-सीमा बतायें। (ग) क्या श्री आलोक कुमार मीना के संदेहास्पद पूर्णतया निराधार एवं फर्जी अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र के प्रकरण को निर्धारित समय-सीमा के अंदर फास्ट ट्रेक में लेकर श्री आलोक कुमार मीना के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कर इनको शासकीय सेवा से बर्खास्त करके इनको प्राप्त भत्तों की वसूली की कार्यवाही कब तक की जावेगी? समय-सीमा बतायें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। तहसील सिरोंज जिला विदिशा में निवासरत मीना जाति को अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए मध्यप्रदेश शासन के नियम निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''1'' अनुसार है। जी हाँ। (ख) जी हाँ। माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा कुमारी माधुरी पाटिल एवं अन्य विरूद्ध एडीशनल कमिश्नर आदिवासी विकास, सिविल अपील नम्बर 5854, 1994 दिनांक 02.09.1994 ए.आई.आर. 1995 उच्चतम न्यायालय 1994 में पारित आदेश में प्रदत्त निर्देश के पालन में अनुसूचित जनजाति के जाति प्रमाण पत्रों की जांच किये जाने हेतु मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय द्वारा दिनांक 08 सितम्बर 1997 को राज्य उच्च स्तरीय छानबीन समिति का गठन किया गया। श्री आलोक कुमार मीना पिता श्री गोवर्धन मीना के जाति प्रमाण पत्र की जांच हेतु छानबीन समिति द्वारा अपनाई जाने वाली प्रक्रिया का पालन किया जाकर सतकर्ता अधिकारी (पुलिस अधिकारी) से जांच कराई गई। प्राप्त जांच प्रतिवेदन एवं सम्पूर्ण साक्ष्य एवं अभिलेखों का सूक्ष्मता से परीक्षण किये जाने के उपरांत समिति द्वारा प्रकरण में निर्णय श्री आलोक मीणा के पक्ष में लिया गया है। जो पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''दो'' अनुसार है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
उपभोक्ता फोरम की स्थापना किया जाना
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
20. ( क्र. 628 ) श्री रामनिवास शाह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि सिंगरौली जिला क्षेत्रांतर्गत उपभोक्ता फोरम की स्थापना नहीं होने से सिंगरौली जिले के नागरिकों को सीधी जिले में लगभग 100 कि.मी. दूर होने से आवागमन करने में परेशानी होती है सिंगरौली जिले में उपभोक्ता फोरम की स्थापना कब तक की जावेगी?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : जिला सिंगरौली में उपभोक्ता फोरम खोले जाने की कार्यवाही विचाराधीन है। निश्िचत समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
धान परिवहन में धांधली पर कार्यवाही
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
21. ( क्र. 654 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी जिले के अंतर्गत कितने धान भंड़ारण के गोदाम एवं कितने खरीदी केन्द्र हैं एवं कहां-कहां पर? धान भंडारण गोदाम की क्षमता स्थान सहित एवं खरीदी केन्द्रों के नाम के साथ पृथक-पृथक सूची दें? (ख) वर्ष 2025-26 में उक्त जिले के खरीदी केन्द्रों से उपार्जित की गई धान का परिवहन किन-किन भंडारण केन्द्रों में किया गया है? खरीदी केन्द्र एवं गोदामों की जानकारी दें एवं खरीदी केन्द्रों से गोदामों की दूरी सहित सूची उपलब्ध करावें। (ग) खरीदी केन्द्रों से धान का परिवहन किन-किन गोदामों में कराया गया है खरीदी केन्द्र से गोदाम की दूरी सहित सूची दें? (घ) क्या खरीदी केन्द्रों से उनके नजदीक गोदाम रिक्त होने के पश्चात भी धान का परिवहन दूरस्थ गोदामों में कराया गया है? यदि हाँ, तो शासन को परिवहन के माध्यम से हुई आर्थिक क्षति के लिए कौन-कौन अधिकारी जवाबदार है? दोषी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जाएगी? नहीं तो क्यों?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) कटनी जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु 89 केन्द्र बनाए गए। उपार्जन केन्द्रों के नाम, उपार्जन स्थल का नाम, गोदामों के नाम एवं भण्डारण क्षमता की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में कटनी जिले के खरीदी केन्द्रों से उपार्जित की गई धान का परिवहन जिला उपार्जन समिति से अनुमोदन उपरांत कराया गया। उपार्जित धान को जिन गोदामों में भण्डारण कराया गया उनके नाम एवं खरीदी केन्द्र से गोदाम की दूरी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) जानकारी उत्तरांश (ख) अनुसार है। (घ) जी नहीं। मध्यप्रदेश वेयर हाउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन द्वारा उपलब्ध कराए गए गोदामों/कैपों में मैपिंग अनुमोदन उपरांत परिवहन कराया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नर्मदा गंभीर समूह जलप्रदाय योजना
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
22. ( क्र. 737 ) श्री सतीश मालवीय : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नर्मदा गंभीर समूह जल प्रदाय योजना के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र घट्टिया में किन किन कार्यों हेतु कितनी-कितनी राशि का व्यय किया गया? कार्यवार सम्पूर्ण जानकारी ऑडिट रिपोर्ट सहित उपलब्ध करावें। (ख) उक्त योजना के अंतर्गत घट्टिया विधानसभा क्षेत्र के कितने गांवों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाया गया है? कितने ग्रामों तक पेयजल पहुंचाया जाना शेष है? शेष ग्रामों में कब तक शुद्ध पेयजल पहुंचाया जाएगा? सम्पूर्ण जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (ख) के संबंध में कितने गांवों में आबादी के अंदर/बाहर पाइप डालने के दौरान जो सड़कें खराब हुए है? वर्तमान में उन ग्रामों की क्या स्थिति है? ग्रामवार जानकारी देवें। (घ) उक्त योजना के कार्य पूर्ण होने की समय-सीमा क्या थी? क्या तय समय में कार्य पूर्ण कर लिया गया है? यदि नहीं तो विलंब के लिए संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसी पर क्या कार्यवाही की गयी अथवा की जाएगी? विवरण देवें। (ङ) नर्मदा गंभीर समूह जल प्रदाय योजना के प्रारम्भ होने पर इसका नियमित जल प्रदाय एवं रख-रखाव के लिए किस एजेंसी को कितने वर्ष के लिए अनुबंध किया गया है? अनुबंध की शर्तों की प्रति के साथ सम्पूर्ण जानकारी देवें और यह भी बतावे कि अनुबंध के पूरा होने के बाद रख-रखाव कि ज़िम्मेदारी किसकी होगी और खर्च का भुगतान किसके द्वारा किया जाना है?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) नर्मदा-गंभीर समूह जल प्रदाय योजना का कार्य एकमुश्त निविदा आधारित है, अतः विधानसभा क्षेत्र घट्टिया अंतर्गत किये गये कार्यों हेतु व्यय राशि पृथक से बताया जाना संभव नहीं है। योजनान्तर्गत वर्तमान तक राशि रू.1081.25 करोड़ (जी.एस.टी. अतिरिक्त) का व्यय किया गया है। देयक की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -01 अनुसार है। (ख) नर्मदा-गंभीर समूह जलप्रदाय योजना का कार्य प्रगतिरत है। योजना अंतर्गत घट्टिया विधानसभा क्षेत्र के समस्त ग्रामों में सितम्बर 2026 से पेयजल प्रदाय किया जाना लक्षित है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार है। (घ) योजना का कार्य प्रगति पर है। कार्य पूर्ण होने पर गुणदोष के आधार पर कार्यवाही की जा सकेगी। (ङ) अनुबंधानुसार क्रियान्वयन फर्म को ही योजना प्रारंभ के पश्चात 10 वर्ष तक जल प्रदाय एवं रख-रखाव करना है। अनुबंध की शर्तों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-03 अनुसार है। अनुबंध पूरा होने के पश्चात योजना का रख-रखाव एवं भुगतान शासन द्वारा निर्धारित नीति अनुसार किया जायेगा।
लाड़ली बहनाओं के योजना से नाम काटा जाना
[महिला एवं बाल विकास]
23. ( क्र. 761 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में लाड़ली बहना योजना के प्रारंभ दिनांक से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में कितनी लाड़ली बहनाओं को किन-किन कारणों से अपात्र किया जाकर योजना से बाहर किया गया है? कृपया उनकी संख्या बतावें। (ख) क्या लाड़ली बहना योजना के प्रारंभ करने के पूर्व 3000/- प्रतिमाह लाड़ली बहनों को दिये जाने की तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा घोषणा की गई थी? यदि हाँ, तो उक्त घोषणा के अनुसार योजना प्रारंभ दिनांक से 3000/- प्रतिमाह न दिये जाने के क्या कारण है? वर्तमान मुख्यमंत्री जी ने 2028 तक पांच हजार रूपये प्रतिमाह देने की घोषणा की है? यदि हाँ, तो किस माह से 5000/- प्रतिमाह दिये जायेंगे? (ग) लाड़ली बहना योजना के प्रारंभ दिनांक से प्रश्न दिनांक की अवधि में योजना के प्रचार-प्रसार एवं कार्यक्रम आयोजित करने पर कुल कितनी राशि व्यय की गई एवं प्रश्न दिनांक तक कितनी संख्या में लाड़ली बहनाओं को कितनी राशि दी जा चुकी है? कृपया व्यय राशि का ब्यौरा अंकों एवं शब्दों में दें। (घ) उक्त योजना के लिए राशि किस-किस बजट मद से ली जा रही है?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) 41 महिलाओं को आपत्ति प्राप्त होने के कारण स्थानीय दावा आपत्ति समिति द्वारा योजना के प्रावधान अनुसार पात्रता न रखने के कारण अपात्र किया गया है। (ख) जी हाँ। संलग्न घोषणा में स्पष्ट है कि लाड़ली बहनों को दी जा रही प्रतिमाह रूपये 1000/- की राशि आगामी वर्षों में रूपये 3000/- तक कर दी जाएगी। अत: योजना प्रारम्भ से देने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। ऐसी कोई घोषणा दर्ज नहीं है। (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (घ) योजनांतर्गत लाभार्थी महिलाओं को राशि का भुगतान योजना क्रमांक-1130 ''मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना 2023'' की 42-सहायक अनुदान, 006-आर्थिक सहायता मद से किया गया है।
उचित मूल्य की दुकानों की संख्या में वृद्धि किया जाना
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
24. ( क्र. 792 ) श्री विक्रम सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले की रामपुर बाघेलान विधानसभा अंतर्गत बीपीएल राशन कार्ड धारियों की जनसंख्या के आधार पर उचित मूल्य की दुकानों की संख्या वृद्धि करने की क्या योजना है? (ख) प्रश्नांश्ा (क) अनुसार दुकानों की वृद्धि कब तक होगी? यदि नहीं तो क्यों?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) शासकीय उचित मूल्य की दुकानों के संचालन संबंधी प्रावधान मध्यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 में विहित हैं। विहित प्रावधान अनुसार जिले के भीतर नगरीय क्षेत्र में अधिकतम दुकानों की संख्या की गणना पात्र परिवारों की संख्या में 800 से भाग देकर ज्ञात की जाती है। उक्त प्रावधान के परिप्रेक्ष्य में प्रश्नांकित विधानसभा क्षेत्र के नगरीय क्षेत्र में उचित मूल्य दुकान की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि कुल 3160 पात्र परिवार हैं एवं वर्तमान में संचालित उचित मूल्य दुकानों की संख्या 7 है। ग्रामीण क्षेत्र में जिस पंचायत में 800 से अधिक पात्र परिवार हैं, वहां अतिरिक्त उचित मूल्य दुकान खोलने का प्रावधान है। तद्नुसार ग्रामीण क्षेत्र में केवल 08 पंचायतों में 800 से अधिक पात्र परिवार होने से अतिरिक्त दुकान खोलने की आवश्यकता थी, परन्तु 02 पंचायतों में पूर्व से ही अतिरिक्त दुकानें संचालित हैं। जिन पंचायतों में अतिरिक्त दुकानें संचालित नहीं हैं, उनकी जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार रामपुर बघेलान विधानसभा अंतर्गत नगरीय क्षेत्र में अधिकतम दुकानों की संख्या अनुसार पूर्व से शासकीय उचित मूल्य दुकानें संचालित है। रामपुर बघेलान विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्र में भी सभी पंचायतों में उचित मूल्य दुकाने संचालित है एवं 800 से अधिक पात्र गृहस्थियों वाली 08 ग्राम पंचायतों में भी पूर्व से शासकीय उचित मूल्य दुकानें संचालित है एवं उक्त संचालित उचित मूल्य दुकानों से नियमानुसार प्रत्येक माह पात्र परिवारों को सुचारू रूप से खाद्यान्न का वितरण किया जा रहा है अत: वर्तमान में उचित मूल्य दुकानों की संख्या में वृद्धि करने की आवश्यकता नहीं है।
सोसायटियों के देयकों का भुगतान
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
25. ( क्र. 830 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नवगठित जिला मैहर अंतर्गत समर्थन पर धान एवं गेहूँ का उपार्जन करने वाली सहकारी समितियों को वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के प्रासंगिक व्यय एवं कमीशन की राशि का भुगतान ऑडिट शुदा देयकों के प्रस्तुत किये जाने के बावजूद भी अभी तक क्यों भुगतान नहीं किया गया है? कारण सहित जानकारी दी जाये। (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में क्या धान उपार्जन 24-25 एवं गेहूँ उपार्जन वर्ष 25-26 के पश्चात अब 25-26 धान उपार्जन समाप्त होने के बावजूद भी केश क्रेडिट ऋण पर कार्य करने वाली सहकारी-सोसायटियों के देयकों का भुगतान न मिलने से उनके आर्थिक हितों के प्रतिकूल असर पड़ता है तथा क्रियाशील रहकर कार्यरत होने में अति कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यदि हाँ, तो क्या अविलम्ब ऐसी सोसायटियों के देयकों का भुगतान किया जावेगा? समयावधि बतायी जाये। यदि नहीं तो क्यों विस्तृत कारण बताते हुए जानकारी दी जावें।
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) मैहर जिले में रबी विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं पर समितियों को देय कमीशन एवं प्रासंगिक व्यय की सम्पूर्ण राशि रू. 8.13 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में राशि रू 3.74 करोड़ एवं वर्ष 2025-26 में राशि रू 3.16 करोड़ का भुगतान एवं रबी विपणन वर्ष 2025-26 में राशि रू.1.24 करोड़ का भुगतान उपार्जन करने वाली संस्थाओं को कमीशन एवं प्रासंगिक व्यय मद में किया गया है। अधिकांश समितियों से अंकेक्षित देयक विलंब से प्राप्त हुए है तथा समितियों को प्रदाय बारदानो का मिलान तथा अग्रिम भुगतान समायोजन आदि की प्रक्रिया प्रचलन में है। मिलान की पुष्टि उपरांत अंतिम भुगतान होगा। (ख) समितियों को प्रदाय बारदानो का मिलान तथा अग्रिम भुगतान समायोजन आदि की कार्यवाही यथा शीघ्र पूर्ण कर रबी विपणन वर्ष 2025-26 के शेष प्रासंगिक एवं कमीशन व्यय का भुगतान कर दिया जाएगा। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में स्कन्ध एवं बारदाना आदि मिलान की कार्यवाही एवं अंकेक्षित देयक प्राप्त होना अपेक्षित है।
पनागर में आंगनवाड़ी भवन केन्द्र निर्माण
[महिला एवं बाल विकास]
26. ( क्र. 864 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या आंगनवाड़ी केन्द्र कारीवाह, वीरनेर, रिठौरी, सरसवाही, घाना, सूखा, महगवां बरेला, सिलपुरी, देवरी पटपरा, सरोरा, धनपुरी, रिमझा के भवन विगत 5 वर्षों से अधिक समय से अपूर्ण है? (ख) क्या ग्राम पंचायतों को राशि न मिलने के कारण निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो रहे हैं? (ग) प्रश्नांश (क) के अनुसार निर्माण कार्य कब तक पूर्ण किये जायेंगे?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) आंगनवाड़ी केन्द्र कारीवाह, वीरनेर, रिठौरी, सरसवाही, घाना, सूखा, सिलपुरी, सरोरा, धनपुरी, रिमझा के भवन विगत 5 वर्षों से अधिक समय से अपूर्ण हैं। महगवां बरेला पूर्ण हो चुका है। देवरी पटपरा 2 आंगनवाड़ी केन्द्र फिनिशिंग स्तर पर है। आंगनवाड़ी केन्द्र रिमझा वर्ष 2013-14 में स्वीकृत किया था परंतु वर्ष 2016 में नगर निगम का परिसीमन होने के कारण जनपद पंचायत पनागर से नगर निगम जबलपुर में स्थानांतरित हो गया है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट - 1 अनुसार है। (ख) अपूर्ण एवं निर्माणाधीन आंगनवाड़ी भवनों को पूर्ण कराए जाने हेतु आवश्यक आवंटन जिलों को उपलब्ध कराया गया है। आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण कराये जाने हेतु संबंधित निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत अधिकृत है। केन्द्रवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट – 2 अनुसार है। (ग) भवनों के निर्माण कार्य पूर्ण करने हेतु संबंधित ग्राम पंचायत अधिकृत है। आंगनवाड़ी भवनों को पूर्ण कराए जाने हेतु निर्देश दिए गए है।
आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने व अनुशासनात्मक कार्यवाही
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
27. ( क्र. 885 ) श्री अभय मिश्रा : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या महाप्रबंधक स्थापना सिविल सप्लाई कार्पोरेशन के पत्र क्रमांक-2493 दिनांक-08.07.2025 में उल्लेखित नामों पर विभागीय जाँच एवं कार्यवाही का विवरण देवें, प्रश्नकर्ता के पत्र क्रमांक 1143 दिनांक 29.09.2025 के पालन में मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जावक क्रमांक 14452 दिनांक 30925 द्वारा अपर मुख्य सचिव खाद्य नागरिक आपूर्ति को कार्यवाही बावत लेख किया गया कार्यवाही की स्थिति बतावें? (ख) प्रश्नांश (क) के संबंधितों पर कार्पोरेशन के पत्र दिनांक 29.01.2024 व क्षेत्रीय प्रबंधक रीवा के जाँच प्रतिवेदन दिनांक 20.12.2024 पर की गई कार्यवाही का विवरण देवें, कॉर्पोरेशन के पत्र दिनांक 04.12.2024 के पालन में किन-किन पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर विभागीय जांच संस्थित की गई की विस्तृत जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (क) प्रश्न क्रमांक-1331 उत्तर दिनांक 01.08.2025 के उत्तर में माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में लंबित रिट पिटीशनों में श्री देवेन्द्र तिवारी द्वारा प्राप्त स्थगन के समाप्त कराये जाने बावत की गई कार्यवाही की जानकारी प्रति के साथ देवें स्थगन समाप्ति उपरान्त प्रकरणवार जानकारी देवें? डायरेक्टर श्री हरेन्द्र सिंह के द्वारा प्रस्तुत जाँच प्रतिवेदन अनुसार श्री तिवारी को आज ही निलंबित कर अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुये विभाग को अवगत करावें के लेख पर कार्यवाही आज भी लंबित है क्यों कारण बतावें? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) में उल्लेखित अनुसार श्री तिवारी एवं अन्य के विरूद्ध पदीय दायित्वों के निर्वहन पर अनियमितता का दोषी मानकर अनुशासनात्मक कार्यवाही व आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने बावत निर्देश देंगे बतायें अगर नहीं तो क्यों?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने साथ वसूली
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
28. ( क्र. 886 ) श्री अभय मिश्रा : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या तारांकित प्रश्न क्रमांक-434 उत्तर दिनांक 02.12.2025 के उत्तरांश (ख) में कार्यपालन यंत्री खण्ड रीवा के पत्र-1809 दिनांक 06.06.2025 के माध्यम से जाँच प्रतिवेदन प्रमुख अभियंता लो.स्वा.यां.वि. को प्रेषित किया गया तदुपरान्त प्रमुख अभियंता लो.स्वा.यां.वि. भोपाल के पत्र क्रमांक-4817 दिनांक 10.06.2025 से कार्यपालन यंत्री खण्ड रीवा से जाँच प्रतिवेदन शासन को उपलब्ध कराया गया कार्यवाही प्रक्रियाधीन है उत्तर अनुसार कार्यवाही की स्थिति क्या है, किन-किन पर कौन-कौन सी कार्यवाही प्रस्तावित की गई जानकारी देवें अगर कार्यवाही प्रस्तावित नहीं की गई तो क्यों? दोषियों को बचाया जा रहा है इसके लिये कौन-कौन उत्तरदायी हैं इनके पदनाम के साथ इन पर कार्यवाही के क्या निर्देश देंगे बतायें एवं जांच प्रतिवेदन अनुसार कार्यवाही कब तक करावेंगे बतायें अगर नहीं तो क्यों? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित प्रश्न के बिन्दु (ग) में दिये गये उत्तर अनुसार प्राप्त शैक्षणिक योग्यता संबंधी अभिलेख प्रमुख अभियंता स्तर पर परीक्षणाधीन है संबंधित अभिलेख का परीक्षण उपरान्त की गई कार्यवाही की जानकारी प्रति के साथ देवें? सम्पूर्ण सेवा पुस्तिका एवं शैक्षणिक योग्यता की प्रति भी देवें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में उल्लेखित आधारों पर संबंधितों के विरुद्ध कार्यवाही के साथ कूटरचित दस्तावेज के आधार पर नौकरी करने एवं शासकीय राशि के गबन पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कराये जाने के साथ अनुशासनात्मक कार्यवाही बावत निर्देश देंगे अगर नहीं तो क्यों? कारण दें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी हाँ। प्रकरण परीक्षणाधीन है। (ख) शैक्षणिक योग्यता संबंधी अभिलेखों के परीक्षण के अंतर्गत हाईस्कूल व इंटरमीडिएट डिप्लोमा (सिविल इंजीनियरिंग) एवं बी.ई. (पी.टी.डी.सी.) सिविल इंजीनियरिंग की अंकसूचियों/प्रमाण-पत्रों के सत्यापन हेतु प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा संबंधित शिक्षण संस्थानों से अंकसूचियों/प्रमाण-पत्रों के सत्यापन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। संबंधित अधिकारी की संपूर्ण सेवापुस्तिका एवं शैक्षणिक योग्यता संबंधी दस्तावेज तृतीय पक्ष से संबंधित होने के कारण संबंधित अधिकारी द्वारा उक्त दस्तावेजों की प्रतियां देने हेतु असहमति व्यक्त की गयी है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी उत्तरांश "क" एवं "ख" अनुसार है।
सेवानिवृत्ति के उपरांत भी पेंशन का लाभ न मिलना
[जनजातीय कार्य]
29. ( क्र. 1030 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जल संसाधन विभाग में कार्यभारित एवं आकस्मिक निधि से कापिस्ट के पद पर 1 सितम्बर, 1980 से कार्यरत श्री अरुण पिता यशवंत राव बेंडे को बाद में दिनांक 26 अगस्त, 1997 को जनजातीय कार्य विभाग (आदिवासी विकास विभाग) में सहायक ग्रेड 3 के पद पर नियमित नियुक्ति दी गई थी। (ख) क्या 28 फरवरी, 2007 को सेवानिवृत्त हो गये हैं। माननीय उच्च न्यायालय ने दिनांक 15 जनवरी, 2025 को श्री अरुण पिता यशवंत राव बेंडे की सेवा की गणना उनकी प्रारम्भिक नियुक्ति अर्थात 1 सितम्बर, 1980 से करते हुए उन्हें पेंशन प्रदान करने का आदेश पारित किया है लेकिन अभी तक उन्हें उच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन में प्रारम्भिक नियुक्ति दिनांक के आधार पर पेंशन नहीं दी गई है जबकि शासन द्वारा तीन माह की समयावधि में पेंशन देने का आश्वासन दिया गया था? (ग) क्या यह सरकार के संज्ञान में है कि उपरोक्त कर्मचारी की आयु 78 वर्ष से अधिक हो चुकी है। (घ) यदि हाँ, तो इस मामले में सरकार की उदासीनता और अमानवीय व्यवहार का क्या कारण है? क्या इस संबंध में तत्काल आदेश जारी किये जायेंगे?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जल संसाधन विभाग में दैनिक वेतन भोगी कापिस्ट के पद पर 11 अगस्त 1980 से कार्यरत श्री अरुण पिता यशवंत राव बेंडे को कलेक्टर छिंदवाड़ा के आदेश क्रमांक 1887सा.स्था./आ.वि./97 दिनांक 26/08/1997 के द्वारा जनजातीय कार्य विभाग (आदिवासी विकास विभाग) में सहायक ग्रेड-3 के पद पर नियुक्ति किया गया था। (ख) जी हाँ। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा याचिका क्रमांक 13314/2019 में दिनांक 15.01.2025 को निर्णय पारित किया गया है। मा. न्यायालय द्वारा पारित निर्णयों के संबंध में नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। (ग) जी हाँ। (घ) उत्तरांश (ख) अनुसार।
अनुसूचित जाति छात्रावास में भर्ती के नियम
[अनुसूचित जाति कल्याण]
30. ( क्र. 1118 ) डॉ. चिंतामणि मालवीय : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनुसूचित जाति छात्रावास में भर्ती के क्या नियम हैं? (ख) शासकीय अ.जा. बालक उत्कृष्ट सीनियर छात्रावास आलोट में वर्तमान में छात्र संख्या कितनी है? (ग) शासकीय अजा बालक उत्कृष्ट सीनियर छात्रावास आलोट, शासकीय अजा महाविद्यालयीन छात्रावास आलोट, शासकीय अजा जूनियर छात्रावास लसूडियाखेड़ी, शासकीय अजा बालक सीनियर छात्रावास कराडिया एवं शासकीय अजा जूनियर छात्रावस आलोट में जुलाई 2022 से प्रश्न दिनांक तक प्रतिवर्ष जिला कार्यालय, उपभोक्ता भंडार से प्राप्त किए गए खाद्यान्न का ब्यौरा देवें।
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) छात्र संख्या 50 है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है।
नल-जल योजना के स्वीकृत एवं पूर्ण कार्य
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
31. ( क्र. 1135 ) श्री संजय उइके : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जल जीवन मिशन के अंतर्गत योजना प्रारंभ से प्रश्न दिनांक तक बैहर विधानसभा क्षेत्र में कितनी ग्राम पंचायतों/गांवों में नल जल योजना के कार्य स्वीकृत किए गए हैं तथा उनमें से कितने कार्य पूर्ण हो चुके हैं? (ख) पूर्ण बताए गए कार्यों में से कौन-कौन सी नल-जल योजनाएँ वर्तमान में सुचारू रूप से चालू हैं और कौन-कौन सी योजनाएँ बंद पड़ी हुई हैं? कौन-कौन सी योजना ग्राम सभा/पंचायत को सौंपी गई है? (ग) क्या कई स्थानों पर जल स्रोतों की कमी, बोरवेल/कुएँ सूख जाने, विद्युत आपूर्ति के अभाव, पंप खराब होने अथवा रखरखाव की कमी के कारण योजनाएँ चालू नहीं हो पा रही हैं? यदि हाँ, तो ग्रामवार विवरण क्या है? (घ) बंद पड़ी नल-जल योजनाओं को चालू करने हेतु विभाग द्वारा अब तक क्या कार्यवाही की गई है तथा इसके लिए कितनी राशि स्वीकृत एवं व्यय की गई है? (ड.) भविष्य में बैहर विधानसभा क्षेत्र की सभी नल जल योजनाओं को नियमित एवं स्थायी रूप से चालू रखने हेतु सरकार की क्या कार्ययोजना है और इसे कब तक पूर्ण किया जाएगा?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) विभिन्न कारणों से बंद योजनाओं का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ङ) जल जीवन मिशन अंतर्गत समस्त योजना पूर्ण कर जल प्रदाय प्रारंभ कर ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित की जाती हैं तथा संबंधित योजनाओं से नियमित जलप्रदाय तथा रख-रखाव/मरम्मत इत्यादि का दायित्व ग्राम पंचायत का है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
हैण्डपम्पों का खनन एवं रख-रखाव
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
32. ( क्र. 1207 ) श्री विश्वामित्र पाठक : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या सीधी एवं सिंगरौली जिले में खराब/बिगड़े हैण्डपम्प का शीघ्रता से सुधार की व्यवस्था विभाग क्यों नहीं कर पा रहा है? (ख) क्या हैण्डपम्पों के सुधार हेतु कर्मचारी या सामग्री का अभाव है जिसके कारण हैण्डपम्पों के सुधार में विलम्ब हो रहा है? (ग) गांवों में पेयजल की सुचारू उपलब्धता हेतु आवश्यकतानुसार हैण्डपम्पों का खनन भी नहीं हो रहा है एवं खराब हैण्डपम्पों के सुधार में काफी विलम्ब हो रहा है जनमानस को स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था कब तक उपलब्ध करायी जायेगी?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) सीधी एवं सिंगरौली जिले में विभाग द्वारा खराब/बिगड़े सुधार योग्य हैण्डपंपों का सुधार कार्य सतत् चलने वाली हैंडपंप संधारण प्रक्रिया के अंतर्गत निरंतर किया जा रहा है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं। हैण्डपंप संधारण प्रक्रिया के तहत विभाग द्वारा हैंडपंपों का नियमित रूप से सुधार कार्य कराए जाने के लिए समुचित व्यवस्था की गई है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जल जीवन मिशनांतर्गत पाइप- लाइन के माध्यम से जलापूर्ति के लिए नल-जल योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है, जिनसे ग्रामों में क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शनों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कार्य कराए जा रहे हैं, जिससे लाभान्वित होने वाले ग्रामों में पेयजल के लिए हैंडपंपों पर निर्भरता में कमी लाई जा सकी है, अपर्याप्त पेयजल व्यवस्था वाले ग्रामों के लिए जिलों को दिए गए भौतिक लक्ष्य एवं आवंटन के अंतर्गत नए हैंडपंप लगाने के कार्य कराए जा रहे हैं, विद्यमान हैंडपंपों के संधारण कार्य के लिए उत्तरांश (क) एवं (ख) अनुसार व्यवस्था उपलब्ध है, समुचित पेयजल व्यवस्था उपलब्ध है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
नियम विरूद्ध अधीक्षक की पदस्थापना की जाँच
[जनजातीय कार्य]
33. ( क्र. 1227 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश शासन द्वारा जनजातीय कार्य विभाग के संचालित कन्या शिक्षा परिसरों में कितने-कितने पद शासन के द्वारा स्वीकृत है तथा प्रत्येक कन्या शिक्षा परिसरों में अधीक्षकों के कितने पद स्वीकृत हैं? पदवार पृथक-पृथक जिलेवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार कन्या शिक्षा परिसर अनूपपुर में अधीक्षकों के कितने पद स्वीकृत है तथा वर्तमान में कितने अधीक्षक कार्यरत है? अधीक्षकों के नियुक्ति/पदस्थापना के क्या नियम है तथा वर्तमान में अधीक्षिकाओं की पदस्थापना शासन के निर्धारित मापदण्ड अनुसार किया गया है? यदि हाँ, तो जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) कन्या शिक्षा अनूपपुर में श्रीमती ललिता देवी, प्राथमिक शिक्षक का 2011 से लगातार अधीक्षक के पद पर पदस्थ है तथा श्रीमती लीला देवी माध्यमिक शिक्षक की पदस्थापना किस खण्ड में किया गया है और उसे प्रभार न देने के क्या कारण है? श्रीमती ललिता देवी को अधीक्षक का नियम विरुद्ध प्रभार दिया जाना है? जाँच योग्य है जिसकी विभाग द्वारा उच्च स्तरीय जाँच करायी जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) प्रश्नांश (ग) अनुसार छात्रावास में नियम विरुद्ध तरीके से पद के प्रतिकूल अधीक्षक की पदस्थापना व शासकीय राशि का अनधिकृत रुप से किये गये व्यय की उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित कर श्रीमती ललिता देवी को पद से पृथक कर जाँच कब तक की जायेगी?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) विभाग अंतर्गत संचालित कन्या शिक्षा परिसरों में स्वीकृत पद की जानकारी पदवार पृथक-पृथक जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। प्रत्येक माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसरों में 2 पद अधीक्षक के स्वीकृत है। (ख) कन्या शिक्षा परिसर अनूपपुर में अधीक्षकों के 02 पद स्वीकृत है तथा वर्तमान में 02 अधीक्षिका कार्यरत है। कन्या शिक्षा परिसरों में अधीक्षिकाओं की पदस्थापना हेतु शासन के पृथक से कोई निर्धारित मापदण्ड नहीं है। मध्यप्रदेश शासन आदिम जाति कल्याण विभाग मंत्रालय भोपाल के पत्र दिनांक 16-03-2015 अनुसार छात्रावास आश्रमों के संचालन एवं अधीक्षकों के नियुक्ति हेतु दिशा निर्देश है। कन्या शिक्षा परिसर अनूपपुर में अधीक्षिकाओं की पदस्थापना शासन के निर्धारित मापदंड अनुसार की गई है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। श्रीमती ललिता पाटले, सहायक अध्यापक शा.प्रा.वि. बधवा टोला को अधीक्षकीय दायित्व के निर्वहन हेतु दिनांक 28-06-2014 से कार्यादेशित किया गया है। श्रीमती लीला देवी माध्यमिक शिक्षक शा.मा.वि. जोरातलवा, विकासखंड अनूपपुर में पदस्थ है। श्रीमती लीला देवी को माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर अनूपपुर के माध्यमिक खंड हेतु अपने कार्य के साथ-साथ अधीक्षकीय दायित्व के निर्वहन हेतु दिनांक 30-10-2025 से कार्यादेशित किया गया है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नांश ''ग'' के उत्तर अनुसार शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
अनुसूचित जाति के छात्रों के शुल्क प्रतिपूर्ति का भुगतान
[अनुसूचित जाति कल्याण]
34. ( क्र. 1228 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्राचार्य सैनिक स्कूल अंबिकापुर का पत्र क्रमांक SSAP/Acct/PC/1111/1019, 06 दिसम्बर 2025 एवं पत्र दिनांक 22 दिसम्बर 25 के द्वारा अनूपपुर जिले के अनुसूचित जाति वर्ग के सैनिक स्कूल में अध्ययनरत छात्रों को राज्य शासन द्वारा प्रदत्त की जाने वाली शुल्क प्रतिपूर्ति हेतु कलेक्टर, सहायक आयुक्त अनूपपुर को पत्र लेख किया गया है तथा उक्त पत्र की प्रतिलिपि आयुक्त अनुसूचित जाति विकास मध्यप्रदेश को भेजी गई है? यदि हाँ, तो उक्त पत्रों की छायाप्रतियां उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में आयुक्त अनुसूचित जाति विकास भोपाल द्वारा क्या शुल्क प्रतिपूर्ति की आवश्यक राशि/बजट अनूपपुर को उपलब्ध कराई गई तथा शुल्क प्रतिपूर्ति राशि सैनिक स्कूल अंबिकापुर अथवा छात्रों के पिता के बैंक खातों में उपलब्ध करा दी गई? यदि हाँ, तो संपूर्ण विवरण उपलब्ध करावें? यदि नहीं तो क्यों? इसके लिये कौन-कौन अधिकारी कर्मचारी दोषी है तथा उनके विरुद्ध क्या-क्या कार्यवाही की जावेगी। संपूर्ण जानकारी देवें? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संबंध में क्या शुल्क प्रतिपूर्ति हेतु आवश्यक बजट विभाग के पास कब से उपलब्ध है तथा कब तक संबंधीजन को भुगतान कराया जावेगा? समय-सीमा बतावें।
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) प्रश्नांश अनुसार केवल पत्र दिनांक 22.12.2025 पृष्ठांकन से सूचनार्थ प्राप्त हुआ है। विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं, विभाग की योजना अंतर्गत प्रकरण न आने से कोई कार्यवाही अपेक्षित नहीं शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश ''ख'' के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं।
राज्य शासन के आदेशों का उल्लंघन
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
35. ( क्र. 1277 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या छतरपुर जिले के बड़ा मलेहरा अनुविभाग अंतर्गत राशन दुकानों में उपलब्ध स्टॉक को जिला प्रशासन द्वारा गठित की गई समिति के बगैर हटाया गया? (ख) क्या 200-400-प्रति क्विंटल की वसूली राशन का स्टॉक घटाने में की गई जो गंभीर अनियमितता की श्रेणी में है? (ग) क्या घुवारा क्षेत्र के विक्रताओं ने 200 से लेकर 400 प्रति क्विंटल गेहूँ, चावल स्टॉक कम करने के आरोप लगाए हैं? (घ) राज्य शासन के आदेशों का पालन न करने वाले कनिष्ट आपूर्ति अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही की जावेगी? समय-सीमा बतायें।
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जी नहीं, कार्यालय कलेक्टर (खाद्य) जिला छतरपुर के आदेश दिनांक 781/पीडीएस/खाद्य/2024 दिनांक 26.11.2024 के अनुसार कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी, बड़ामलहरा द्वारा क्षेत्रांतर्गत उचित मूल्य दुकानों के भौतिक रूप में उपलब्ध स्टॉक एवं पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक का ऑनलाइन सत्यापन करते हुए कम पायी गयी राशन सामग्री के संबंध में उचित मूल्य दुकान के विक्रेता के विरूद्ध सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2015 के प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज कर संबंधितों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करवाये गये हैं एवं शेष कार्यवाही प्रचलन में है। भौतिक सत्यापन की कार्यवाही समिति के उपलब्ध सदस्यों के समक्ष की गई। (ख) इस प्रकार की अनियमितता का कोई प्रकरण संज्ञान में नहीं आया है। (ग) इस प्रकार की कोई शिकायत संज्ञान में नहीं है। (घ) उत्तरांश (क), (ख) एवं (ग) के आलोक में कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा संचालित योजनायें
[उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण]
36. ( क्र. 1296 ) श्री सतीश मालवीय : क्या उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र घट्टिया के अंतर्गत उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग अंतर्गत अक्टूबर 2023 से प्रश्न दिनांक तक विभाग के द्वारा कौन-कौन सी योजनाएँ किन-किन स्थानों पर संचालित हो रही है? स्थानवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) विधानसभा क्षेत्र घट्टिया में विभाग द्वारा अक्टूबर 2023 से प्रश्न दिनांक तक कौन-कौन सी योजनाओं का लाभ किन-किन हितग्राहियों को किस-किस रूप में दिया गया है? हितग्राहियों के नाम पते की सूची, योजना का नाम सहित सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें एवं यह भी बतावें कि हितग्राहियों के चयन प्रक्रिया क्या है? (ग) विधानसभा क्षेत्र घट्टिया अंतर्गत विभाग द्वारा किसानों एवं कोल्ड स्टोरेज संचालकों को प्रदान की जाने वाली सब्सिडी किन योजनाओं के तहत प्रदान की गयी एवं कितनी-कितनी राशि, कितने कोल्ड, स्टोरेज संचालकों की राशि जारी की गयी?
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) विधानसभा क्षेत्र घट्टिया के अंतर्गत विभाग द्वारा अक्टूबर 2023 से प्रश्न दिनांक तक निम्नानुसार योजनाएं संचालित की जा रही हैं:- 1. एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना। 2. ''पर ड्रॉप मोर क्रॉप'' (PDMC) योजना। 3. राष्ट्रीय कृषि विकास योजना। 4. राज्य पोषित योजनाएं। 5. प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना। स्थानवार (ग्रामवार) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-01 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-02 अनुसार है। एकीकृत बागवानी विकास मिशन,''पर ड्रॉप मोर क्रॉप'' (PDMC) एवं राष्ट्रीय कृषि विकास योजनान्तर्गत विभागीय MPFSTS पोर्टल पर लॉटरी प्रक्रिया से तथा राज्य पोषित योजनान्तर्गत ''प्रथम आओ प्रथम पाओ'' प्रक्रिया से हितग्राहियों का चयन किया जाता है। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजनान्तर्गत भारत सरकार द्वारा संचालित MIS पोर्टल पर आवेदन प्राप्त कर हितग्राहियों का चयन किया जाता है। (ग) विधानसभा क्षेत्र घट्टिया अंतर्गत अक्टूबर 2023 से प्रश्न दिनांक तक विभाग द्वारा किसानों को प्रदाय की जाने वाली सब्सिडी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-02 अनुसार है। कोल्ड स्टोरेज निर्माण हेतु योजना में विधानसभा क्षेत्र के किसी किसान/संचालक द्वारा लाभ नहीं लिया गया है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा संचालित योजनाएं
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
37. ( क्र. 1297 ) श्री सतीश मालवीय : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र घट्टिया के अंतर्गत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा 01/10/2024 से प्रश्न दिनांक तक कौन-कौन सी योजनाएँ किन-किन स्थानों पर संचालित हो रही है? कौन सी योजनाएँ पूर्ण है एवं कौन सी योजनाएँ अपूर्ण है? स्थानवार संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में विधानसभा क्षेत्र घट्टिया में कितनी योजनाएँ समय-सीमा में पूर्ण हुई एवं कितनी समय-सीमा में पूर्ण नहीं हुई है? जो योजनाएँ समय-सीमा में पूर्ण नहीं हुई है, क्या विभाग द्वारा संबंधित अधिकारियों पर कोई कार्यवाही की गयी है? संपूर्ण जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांकित अवधि में विभाग द्वारा किस-किस योजना में कितनी-कितनी राशि का भुगतान किस किस कार्य में किस-किस एजेंसी को कब-कब दिया गया? कार्यवार माप-पुस्तिका की संपूर्ण जानकारी देवें। (घ) विधानसभा क्षेत्र घट्टिया के लिए वर्तमान में सिंहस्थ 2028 को दृष्टिगत रखते हुए कौन-कौन सी योजनाएँ बनाई गयी है? वर्तमान में इन योजनाओं की क्या स्थिति है एवं किस स्तर पर लंबित है?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) प्रश्नांकित अवधि में कुल 134 एकल ग्राम नल-जल योजनाएं संचालित हो रही हैं, नर्मदा-गंभीर समूह जल प्रदाय योजना का कार्य प्रगतिरत है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। (ख) विधानसभा क्षेत्र घट्टिया के अंतर्गत सभी 134 एकल ग्राम नल-जल योजनाएं अनुबंध के अंतर्गत संबंधित एजेंसियों को दी गई समय-सीमा में पूर्ण हुई हैं। समूह योजना का कार्य प्रगतिरत है, कार्य पूर्ण होने पर गुणदोष के आधार पर अनुबंध की शर्तों अनुसार कार्यवाही की जाएगी। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 एवं 02 अनुसार है। (घ) सिंहस्थ 2028 के दौरान पंचक्रोशी यात्रा में घट्टिया विधानसभा क्षेत्र को सम्मिलित करते हुए पूर्ण पंचक्रोशी यात्रा अंतर्गत पड़ाव स्थलों एवं यात्रा मार्ग में पेयजल व्यवस्था एवं गन्दे पानी के निस्तारण हेतु स्टेज-1 प्राक्कलन बनाया गया है, उक्त प्रस्ताव संभाग स्तरीय समिति के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत किया गया है।
कैलेण्डर वितरण में अनियमितता
[महिला एवं बाल विकास]
38. ( क्र. 1323 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्रमांक 579 दिनांक 18/07/2025 के तारतम्य में प्रश्नांश (क) उत्तर में स्वीकार किया है कि प्राप्त कुल कैलेण्डर 361832 में से 164000 कैलेण्डर का वितरण नहीं किया गया है जिसकी दर 6.27 (कर सहित) थी जिससे शासकीय राशि 10,28,280/- रूपये की हानि हुई है इसके लिए कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी है। क्या दोषी से शासकीय धन की हानि की वसूली की जावेगी? (ख) प्रश्नकर्ता के प्रश्न 579 के तारतम्य में प्रश्नांश (क) उत्तर में उक्त प्रकरण में जांच पर निर्णय की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। कार्यवाही कब तक पूर्ण कर ली जायेगी और दोषी अधिकारी को कब तक निलंबित किया जायेगा? सम्पूर्ण कार्यवाही से अवगत कराये। (ग) क्या भण्डार शाखा प्रभारी, सहायक ग्रेड-3 को निलंबित किया गया हैं? क्या निलंबन के बाद आरोप पत्र जारी किया गया एवं विभागीय जाँच किया जा रहा हैं? हाँ तो आदेश की प्रति देवें। नहीं तो क्यों? आरोप पत्र जारी नहीं करने हेतु दोषी कौन-कौन हैं? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) व (ग) अनुसार तत्कालीन प्रभारी अधिकारी, महिला एवं बाल विकास बालाघाट को उक्त प्रकरण में कब तक निलंबित करने की कार्यवाही की जायेगी? क्या कर्मचारी ही दोषी है जो अधिकारी के संरक्षण में कार्य/आदेशों का निर्वहन करता है? तो अधिकारी दोषी क्यों नहीं है? सम्पूर्ण जानकारी दें।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी हाँ। दोषियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रचलित है, जांच में प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्यवाही होगी। (ख) जी हाँ। अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रचलन में होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी हाँ। कार्यालय कलेक्टर (महिला एवं बाल विकास) जिला बालाघाट के आदेश क्रमांक/4388/मबावि/ला.बा.यो./2025-26 दिनांक 04.09.2025 द्वारा श्री योगेश खजरे, सहायक ग्रेड-3 (तत्कालीन भण्डार शाखा प्रभारी) की 01 वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकते हुए लघुशास्ति से दण्डित किया गया है। लघुशास्ति की कार्यवाही किये जाने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जानकारी संलग्न परिशिष्ट-अ अनुसार है। (घ) तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास, जिला-बालाघाट के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रचलन में होने से शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट-ब अनुसार है।
स्व. सहायता समूहों द्वारा किसानों की फसल का भुगतान
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
39. ( क्र. 1342 ) डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 01.04.2021 से प्रश्नतिथि के दौरान सतना/मैहर जिलों में किन-किन किसानों को उनकी फसल का भुगतान नागरिक आपूर्ति निगम/खाद्य विभाग/स्व सहायता समूहों के द्वारा प्रश्नतिथि तक कितना-कितना नहीं किया है जिसकी जानकारी खाद्य विभाग/नागरिक आपूर्ति निगम/ एसडीएम/कलेक्टर सतना मैहर के कार्यालयों को प्राप्त शिकायतों में दर्ज है? (ख) सतना जिले में जयतमाल बाबा स्व सहायता समूह कारीगोडी उपार्जन केन्द्र में 90 लाख रूपयों से ज्यादा के फर्जी परिवहन के प्रकरण में परिवहन ठेकेदार को विभाग ने प्रश्न तिथि तक आरोपी क्यों नहीं बनाया है? क्या उक्त रकम की वसूली परिवहन ठेकेदार से विभाग द्वारा कर ली है? अगर नहीं की है तो राज्य शासन के राजस्व को खुल्लम खुल्ला गबन के आरोपियों को क्या कलेक्टर सतना/प्रमुख सचिव खाद्य संरक्षण दे रहे हैं? अगर नहीं तो कब तक आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी होगी? (ग) सतना/मैहर के उपार्जन केन्द्रों में प्रश्नांश (क) में वर्णित समयानुसार किस-किस केन्द्र में गबन के प्रकरण/किसानों को भुगतान न होने के प्रकरणों की शिकायतें खाद्य विभाग/ना. आपूर्ति निगम/तहसीलदार/एसडीएम/कलेक्टर/राज्य शासन के समक्ष कब व क्या आई? उन पर किस आदेश क्रमांकों एवं दिनांकों से क्या-क्या कार्यवाही की गयी? जारी सभी आदेशों/पत्रों की एक प्रति देते हुये बतायें कि किन-किन के विरुद्ध एफ.आई.आर की गयी?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) सतना एवं मैहर जिले में 01.04.2021 से प्रश्न दिनांक तक समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान के लंबित भुगतान की किसानवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'अ' अनुसार है। (ख) सतना जिले में जयतमाल बाबा स्व-सहायता समूल कारीगोडी उपार्जन केन्द्र में 90 लाख रूपयों से ज्यादा के फर्जी परिवहन की जांच हेतु गठित जिला स्तरीय दल द्वारा दोषी पाए जाने पर 9 व्यक्तियों जिसमें परिवहनकर्ता का ऑपरेटर भी शामिल है प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जिसमें पुलिस द्वारा एक आरोपी की गिरफ्तारी की गई थी, उसके उपरांत सभी आरोपियों को माननीय उच्च न्यायालय से जमानत प्राप्त हो गई है। प्रकरण उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। जांच प्रतिवेदन अनुसार अधिकृत परिवहनकर्ता श्री विशाल जयसवाल एवं परिवहनकर्ता ऑपरेटर श्री सम्राट सिंह द्वारा प्रकरण से संबंधित 13 ट्रक की बिल्टी नहीं बनाया जाना बताया गया तथा उक्त ट्रकों की बिल्टी परिवहनकर्ता लॉगिन हैक कर बनाया गया है। इस प्रकार परिवहनकर्ता ठेकेदार को कोई संरक्षण दिया जाना नहीं पाया गया है। (ग) सतना एवं मैहर जिले में 01.04.2021 से उपार्जन केन्द्रवार गबन प्रकरणों एवं किसानों के भुगतान न होने के प्रकरणों की प्राप्त शिकायतें एवं उन पर की गई कार्यवाही एवं दस्तावेजों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'ब' अनुसार है।
जनजाति विभाग को प्राप्त शिकायतें
[जनजातीय कार्य]
40. ( क्र. 1343 ) डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 01.04.2021 से प्रश्न तिथि के दौरान जनजाति कार्य विभाग को किस-किस विभाग (म.प्र. शासन के विभागों/उपक्रमों/अन्य) में कार्यरत किस नाम/पदनाम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के द्वारा फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पाने/प्रमोशन लेने/अन्य सुविधायें लेने की क्या-क्या शिकायतें, कब-कब किसके-किसके द्वारा (शिकायतकर्ता) प्राप्त हुई? प्राप्त सभी शिकायतों की एक-एक प्रति उपलब्ध कराते हुये बतायें कि प्रकरणवार उक्त शिकायतों की जाँच हेतु किस-किस कार्यालयों को जनजाति कार्य विभाग की विशेष कमेटी ने जांच हेतु भेजा? सभी पत्रों/आदेशों/निर्देशों की एक-एक प्रति उपलब्ध करायें? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित समयानुसार हुई शिकायतों की जाँच किन-किन प्रकरणों में प्रश्नतिथि तक लंबित है? लंबित होने के कारण प्रकरणवार विभागवार दें? (ग) किन-किन प्रकरणों में प्रश्नांश (क) में उल्लेखित समयानुसार जाँच नस्तीबद्ध की गई? नस्तीबद्ध किये गये सभी प्रकरणों की जानकारी जारी आदेशों की एक प्रति सहित उपलब्ध करायें? (घ) प्रश्नांश (क) में वर्णित समयानुसार किन-किन प्रकरणों की जांच किन-किन जिलों के पुलिस अधीक्षकों को भेजी गई? प्रकरणवार जानकारी दें? पुलिस अधीक्षकों को भेजे सभी पत्रों/निर्देशों/आदेशों की एक-एक प्रति प्रकरणवार दें?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) प्रश्नांश अनुसार कर्मचारी/अधिकारियों के द्वारा फर्जी जाति प्रमाण के आधार पर नौकरी पाने/प्रमोशन लेने अन्य सुविधाएं लेने के संबंध में प्राप्त शिकायतों के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'एक' अनुसार है। प्राप्त शिकायतों को जांच हेतु पुलिस अधीक्षक को जांच हेतु प्रेषित किया गया पत्रों की प्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'दो' अनुसार है। (ख) पंजीबद्ध शिकायतों की सूची एवं लम्बित होने के कारण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'तीन' अनुसार है। (ग) जाति प्रमाण पत्रों की जांच किये जाने उपरांत जाति प्रमाण पत्र मान्य या अमान्य होने का निर्णय लिया जाता है। नस्तीबद्ध नहीं किया जाता है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नांश अनुसार पुलिस अधीक्षक को जांच हेतु भेजे गये प्रकरणों की सूची एवं पत्रों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'दो' अनुसार है।
आंगनवाड़ी केन्द्र एवं भवनों की जानकारी
[महिला एवं बाल विकास]
41. ( क्र. 1357 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बरगी विधानसभा अंतर्गत विकासखण्ड शहपुरा एवं बरगी में प्रश्नांश दिनाँक तक कुल कितने आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित हैं? इन केन्द्रों में कुल कितने बच्चे हैं? केन्द्रों सहित बच्चों की संख्या बतायें? (ख) प्रश्नांश (क) में संचालित कितने आंगनवाड़ी केन्द्र शासकीय भवनों में संचालित हो रहीं हैं और कितने किराये के भवन में संचालित हो रही हैं? आंगनवाड़ी केन्द्रों में कितना किराया मासिक दिया जा रहा है? शासकीय/अशासकीय भवनों की जानकारी अलग-अलग नाम, पता सूची सहित बतायें? (ग) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा क्षेत्र में आंगनवाड़ी भवनों की स्वीकृति हेतु संबंधित विभाग को पत्र लिखा गया था? यदि हाँ, तो इन पत्रों पर विभाग द्वारा कब-कब, क्या-क्या कार्यवाही करते हुये आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गयी? यदि हाँ, तो कितने भवनों की और कहाँ-कहाँ पर कितनी-कितनी राशि से निर्मित होंगे? यदि नहीं तो कब तक स्वीकृति प्रदान की जावेगी? समय-सीमा बतायें।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) बरगी विधानसभा अंतर्गत विकासखण्ड शहपुरा में 333 एवं बरगी में 209 कुल 542 आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित है। इन केन्द्रों में कुल 26,804 बच्चे है। केन्द्रवार बच्चों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 पर है। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित आंगनवाड़ी केन्द्रों में से शासकीय भवन एवं किराये के भवन में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 पर है। शासकीय भवनों में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 पर एवं किराये पर संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों की किराया सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 पर है। (ग) जी हाँ। पत्रों पर की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-5 पर है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में बरगी विधानसभा अंतर्गत स्वीकृत आंगनवाड़ी भवनों एवं राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-6 पर है। आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण वित्तीय संसाधन एवं भवन हेतु जमीन की उपलब्धता पर निर्भर करता है। समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।
हालोन समूह जल प्रदाय योजना में अनियमितता
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
42. ( क्र. 1383 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) तारांकित प्रश्न क्रमांक 845, दिनांक 02/12/25 के बिंदु (ग) के उत्तर में विभाग द्वारा बताया गया है कि माइलस्टोन अनुसार कार्य नहीं होने पर बिलों से 1.64 करोड़ की राशि काटी गई जबकि निविदा की कंडिका 7.14 के अनुसार माइलस्टोन 1 से 4 तक क्रमशः लगभग 1.93 करोड़, 11.52 करोड़, 24.22 करोड़ एवं 32.38 करोड़ रुपये की अनुमानित कटौती की जानी थी, ये कटौती क्यों नहीं की गई? कारण बतावें? विभाग द्वारा माइलस्टोन अनुसार अब तक जो कटौती की गई उसका विस्तृत विवरण उपलब्ध कराएं? (ख) प्रश्नांश (क) संदर्भित प्रश्न के प्रश्नांश (घ) में विभाग द्वारा स्वीकार किया गया है कि त्रुटिवश नाम लिखा गया था, इस त्रुटि के लिए जिम्मेदार अधिकारी के विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई है? प्रोटोकॉल उल्लंघन पर क्या कार्यवाही की गई? (ग) क्या निर्माण कम्पनी/फर्म द्वारा इंटेकवेल, रॉ-वाटर पंपिंग, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, क्लियर वाटर पंपिंग मैन एमबीआर, बीपीटी, ओवरहेड टैंक, डिस्ट्रीब्यूशन-नेटवर्क सहित अन्य संरचनाओं के कार्य अनेक छोटे-छोटे ठेकेदारों को कम दरों में देकर कार्य कराया गया एवं कराया जा रहा है? कम्पनी द्वारा अन्य ठेकेदारों जैसे एनेक्टॉस कंस्ट्रक्शन, एएस कंस्ट्रक्शन, पाखी कंस्ट्रक्शन, श्रेष्ठांग बिल्डर्स-डेवलपर्स, देवांश कंस्ट्रक्शन, सार्थक कंस्ट्रक्शन, अक्षत ट्रेडर्स, जेएमडी कंस्ट्रक्शन, तरुण ट्रेडर्स, मोदी फेंसिंग कम्पनी, हिंदुस्तान इंजीनियरिंग, अंश कंस्ट्रक्शन को अब तक किये गए भुगतानों, कार्यादेश एवं बिलों की छायाप्रतियाँ उपलब्ध कराएं? (घ) एक्सटेंशन की भी समय अवधि समाप्त हो जाने के बाद कम्पनी/फर्म के विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई या की जा रही है, अवगत करावें? (ङ) क्या अन्य विभागों से आवश्यक अनुमति लेने का कार्य फर्म/कम्पनी का ही था? उसके बाद भी एक्सटेंशन देने एवं निर्धारित दंड अधिरोपित नहीं किये जाने के क्या कारण हैं?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी हाँ, जी नहीं, अनुबंध की कंडिका अनुसार राशि रू. 4.48 करोड़ की कटौती की गई है। प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ, त्रुटि के लिए जिम्मेदार अधिकारी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर स्पष्टीकरण लिया गया है। त्रुटिपूर्ण पट्टिका स्थापित नहीं की गई है। (ग) जी नहीं, शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (घ) वर्तमान में पाइप-लाइन बिछाने हेतु वन विभाग एवं म.प्र. सड़क विकास प्राधिकरण से अनुमति प्राप्त नहीं होने के कारण द्वितीय समय वृद्धि हेतु कार्यवाही प्रचलन में है, अतः प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ङ) जी हाँ। अनुमति हेतु सभी आवश्यक कार्यवाही करने के उपरांत भी संबंधित विभाग द्वारा अनुमति प्रदान करने में विलंब के कारण ठेकेदार को नियमानुसार एक्सटेंशन दिया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
छत्तीसगढ़ राज्य से प्रतिनियुक्ति पर ली गई सेवाएं वापिस की जाना
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
43. ( क्र. 1391 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रशिक्षित शिक्षक शासकीय विद्यालय धमतरी छत्तीसगढ़ की सेवाएं म.प्र. राज्य में वर्ष 2008 में प्रतिनियुक्ति पर ली जाकर किशोर बालिका गृह भोपाल में परिवीक्षा अधिकारी के रिक्त पद पर पदस्थ किया गया था? हाँ, तो कितने समय के लिए? इसकी नस्ती की छायाप्रति संलग्न कर जानकारी दें? कि इनकी सेवाएं प्रतिनियुक्ति पर क्यों ली गई थी? प्रतिनियुक्ति आदेश की छायाप्रति संलग्न कर जानकारी दें, की छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा प्रतिनियुक्ति अवधि बढ़ाये जाने हेतु सहमति कब-कब दी, यदि नहीं दी तो प्रतिनियुक्ति अवधि क्यों एवं कैसे बढ़ाई गई? (ख) क्या किशोर बालिका गृह भोपाल महिला एवं बाल विकास विभाग को अन्तारित कि गई है यदि हाँ, तो जिनकी सेवाएं महिला एवं बाल विकास विभाग को क्यों नहीं सौंपी गई इसके लिए कौन दोषी हैं? उनकी सेवाएं पुन: विभाग में लिए जाने हेतु क्या-क्या? कार्यवाही की गई? छायाप्रति संलग्न कर बताएं। (ग) प्रशिक्षित शिक्षक छत्तीसगढ़ राज्य की प्रतिनियुक्ति समाप्त कर इनकी सेवाएं वापिस छत्तीसगढ़ राज्य के लिए कब तक कर दी जायेगी निश्चित समयावधि बताएं सेवाएं कितने समय के लिए ली गई थी? अभी तक वापिस नहीं की गई इसका क्या कारण है? कौन दोषी हैं दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही कब तक की जायेगी।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) मध्यप्रदेश शासन सामाजिक न्याय विभाग के आदेश क्रमांक एफ 2-30/2007/26-1 दिनांक 26/05/2008 द्वारा श्रीमती कल्पना मिश्रा, प्रशिक्षित शिक्षक शासकीय श्रवण विद्यालय धमतरी की सेवाएं प्रतिनियुक्ति पर ली जाकर किशोर गृह बालिका भोपाल में रिक्त परीवीक्षा अधिकारी पद के विरूद्ध आगामी आदेश तक पदस्थ किया गया था। प्रतिनियुक्ति आदेश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार। छतीसगढ़ शासन महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग रायपुर के पत्र क्रमांक 1974/स.क/2007/26 दिनांक 26/07/2007 द्वारा श्रीमती कल्पना मिश्रा प्रशिक्षित शिक्षक श्रवण नि:शक्तता वाली बालिकाओं के लिये विशेष विद्यालय धमतरी, छत्तीसगढ़ की सेवाएं मध्यप्रदेश शासन में लेने के लिए अनापत्ति प्रदान की गई थी। (ख) श्रीमती कल्पना मिश्रा, जो श्रवण बाधित दिव्यांगता वाले बच्चों को शिक्षण हेतु प्रशिक्षित शिक्षक है। वर्तमान में कार्यालय अधीक्षक दृष्टि एवं श्रवण उ.मा विद्यालय भोपाल में कार्यरत है, इस विद्यालय में व्याख्याता श्रवणबाधितार्थ के 2 पद एवं शिक्षक श्रवणबाधितार्थ के 2 पद पूर्व से रिक्त है। अत: श्रवणबाधित दिव्यांग छात्र/छात्राओं को अध्ययापन कार्य प्रभावित न हो अत: इनकी सेवाओं की विद्यालय में आवश्यकता है। इनकी सेवाएं महिला एवं बाल विकास को सौंपे जाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रशिक्षित शिक्षक की सेवाएं मध्यप्रदेश राज्य में लिये जाने हेतु छत्तीसगढ़ शासन द्वारा दी गई अनापत्ति में समय अवधि का कोई उल्लेख नहीं था। उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में इनकी सेवाएं वापिस की जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
आंगनवाड़ी केन्द्रों में कुपोषण से बचाव
[महिला एवं बाल विकास]
44. ( क्र. 1448 ) श्री अजय अर्जुन सिंह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या प्रदेश के आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने और उन्हें कुपोषण से बचाने के लिए सामान्य या कुपोषित होने पर प्रति बच्चे प्रति दिन मात्र आठ रूपये और अति कुपोषित होने पर बारह रूपये प्रतिदिन की राशि दी जाती है? (ख) क्या उपरोक्त राशि में पिछले दस वर्ष से कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गई है? (ग) यदि हाँ, तो क्या सरकार इस राशि को बढ़कर कम से कम दो गुना करने पर विचार करेगी?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी नहीं, राशि देने का कोई प्रावधान नहीं है। आंगनवाड़ी केद्रों के माध्यम से सामान्य पोषण स्तर श्रेणी के बच्चों को प्रदाय किए जाने वाले पूरक पोषण आहार हेतु राशि रुपये 8/- प्रति दिन प्रति हितग्राही तथा अति गंभीर कुपोषित बच्चों के लिए राशि रुपये 12/- प्रति दिन प्रति हितग्राही का प्रावधान है। (ख) पूरक पोषण आहार की दर का निर्धारण भारत सरकार द्वारा किया जाता है। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2017 में पूरक पोषण आहार की दर में वृद्धि की गई थी। (ग) पूरक पोषण आहार की दर भारत सरकार द्वारा निर्धारित की जाती है, राज्य सरकार स्तर पर पूरक पोषण आहार की राशि वृद्धि करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
विधायक के प्रस्तावों को बस्ती विकास योजना हेतु शामिल किया जाना
[अनुसूचित जाति कल्याण]
45. ( क्र. 1456 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अनु. जाति बस्ती विकास योजना मद से 40 प्रतिशत से अधिक अनु.जाति जनसंख्या वाले ग्रामों में निर्माण कार्य स्वीकृत किये जाते है। तो क्या प्रश्नकर्ता के द्वारा पत्र क्र.एम.एल.ए./टी.के.जी./I-621/2024 दिनांक 27.12.2024 को जिला संयोजक अनुसूचित जाति/जनजातीय कार्य विभाग टीकमगढ़ को लिखा था। यदि हाँ, तो? (ख) अधोहस्ताक्षरकर्ता द्वारा बस्ती विकास योजना अंतर्गत 40 प्रतिशत से अधिक अनु.जाति जनसंख्या बाहुल्य बस्ती में विकास कार्य स्वीकृत किये जाने हेतु भेजे गए प्रस्ताव पर क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं तो क्यों? (ग) क्या विधायकों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों को बस्ती विकास योजना में शामिल करने के निर्देश शासन से दिये गये है यदि हाँ, तो? अधोहस्ताक्षरकर्ता के कितने प्रस्ताव उक्त योजना में शामिल किये गये है। यदि नहीं तो क्यों? (घ) प्रश्नकर्ता के द्वारा पिछले दो सत्रों से जिला संयोजक अनु. जाति/अनु.जनजाति कार्य विभाग टीकमगढ़ को प्रस्ताव भेजे जा रहे है परंतु जिला संयोजक के द्वारा अधोहस्ताक्षरकर्ता द्वारा प्रस्तावित एक भी कार्य को शामिल नहीं किया गया। ऐसा क्यों? विधायक के पत्रों पर कार्यवाही न करने वाले दोषी अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जावेगी?
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ, जी हाँ। (ख) प्रश्नांश ''क'' में उल्लेखित पत्र दिनांक 27.12.2024 के प्रस्ताव जिले की कार्य योजना में सम्मिलित कर जिला स्तरीय समिति के समक्ष प्रस्तुत किये गये। (ग) जी नहीं। प्रस्तावकर्ता के 04 प्रस्तावों को कार्य योजना में शामिल किया गया था। (घ) प्रश्नकर्ता माननीय विधायक टीकमगढ़ से वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्राप्त प्रस्तावों को कार्य योजना में सम्मिलित किया गया था। जिले में उक्त वित्तीय वर्ष 2024-25 में उपलब्ध सीमित बजट एवं कार्यों की अधिकता होने से जिला स्तरीय चयन समिति से अनुमोदन नहीं हो सका। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राप्त प्रस्तावों को कार्य योजना में सम्मिलित किया गया है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
अनुसूचित जाति कल्याण बस्ती विकास योजना के प्रस्ताव
[अनुसूचित जाति कल्याण]
46. ( क्र. 1457 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अनु.जाति बस्ती विकास योजना मद से 40 प्रतिशत से अधिक अनु.जाति जनसंख्या वाले ग्रामों में निर्माण कार्य स्वीकृत किये जाते है। तो क्या प्रश्नकर्ता के द्वारा पत्र क्र.-एम.एल.ए./टी.के.जी./1-490/2024 दिनांक 04.10.2024 को जिला संयोजक अनुसूचित जाति/जनजातीय कार्य विभाग टीकमगढ़ को लिखा था। यदि हाँ, तो? (ख) क्या कार्या. कलेक्टर (जनजातीय कार्य विभाग) जिला-टीकमगढ़ द्वारा पत्र क्र.-/आजाक/2493/निर्माण/बस्ती विकास/2024-25 टीकमगढ़ दिनांक 10.12.2024 को प्रस्ताव आयुक्त अनुसूचित जाति विकास म.प्र. भोपाल को भेज गए। यदि हाँ, तो? (ग) आयुक्त अनुसूचित जनजाति विकास म.प्र. भोपाल द्वारा प्रश्नांश (ख) में वर्णित प्रस्तावों पर क्या कार्यवाही की गई यदि नहीं तो क्यों? (घ) कब तक प्रश्नांश (क) एवं (ख) में वर्णित पत्रों पर कार्यवाही कर भेजे गए निर्माण कार्य प्रस्ताव स्वीकृत किए जावेंगे। यदि नहीं तो क्यों?
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ, जी हाँ। (ख) जी हाँ। (ग) अनुसूचित जाति बस्ती विकास योजना में सीमित आवंटन उपलब्ध होने से प्राप्त मांग पत्र पर कार्यवाही संभव नहीं हुई है। (घ) उत्तरांश (ग) अनुसार कार्यवाही की जाती है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।
क्षतिग्रस्त एवं भवनविहीन आँगनवाड़ी केन्द्रों की जानकारी
[महिला एवं बाल विकास]
47. ( क्र. 1538 ) श्री महेन्द्र नागेश : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र गोटेगाँव अंतर्गत अनेक आँगनवाड़ी केन्द्रों के भवन जर्जर एवं क्षतिग्रस्त अवस्था में हैं, जिनमें बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए दुर्घटना की आशंका बनी रहती है? यदि हाँ, तो ऐसे आँगनवाड़ी केन्द्रों की ग्रामवार एवं संख्यावार विवरण क्या है? (ख) क्या यह भी तथ्य है कि विधानसभा क्षेत्र गोटेगाँव में कई आँगनवाड़ी केन्द्र स्वीकृत होने के बावजूद अब तक भवनविहीन हैं और उनका संचालन अस्थायी अथवा अनुपयुक्त स्थानों से किया जा रहा है? यदि हाँ, तो ऐसे केन्द्रों की संख्या एवं विवरण क्या है? (ग) जर्जर एवं भवनविहीन आँगनवाड़ी केन्द्रों के संचालन हेतु वर्तमान में क्या वैकल्पिक व्यवस्थाएँ की गई हैं तथा क्या इन व्यवस्थाओं से बच्चों की सुरक्षा एवं पोषण सेवाएं पूर्ण रूप से सुनिश्चित हो पा रही हैं? (घ) उक्त जर्जर आँगनवाड़ी भवनों के पुनर्निर्माण एवं भवनविहीन स्वीकृत आँगनवाड़ी केन्द्रों के लिए नवीन भवन निर्माण हेतु शासन द्वारा क्या ठोस कार्ययोजना प्रस्तावित है तथा इन्हें कब तक पूर्ण किए जाने की संभावना है?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) विधानसभा क्षेत्र गोटेगाँव अंतर्गत 15 आँगनवाड़ी केन्द्रों के भवन जर्जर एवं क्षतिग्रस्त अवस्था में हैं, जर्जर एवं क्षतिग्रस्त भवनों में केन्द्र का संचालन नहीं किया जा रहा है। जर्जर एवं क्षतिग्रस्त विभागीय आंगनवाड़ी भवनों की सूची संलग्न परिशिष्ट –1 अनुसार है। (ख) विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत भवन विहीन कोई आंगनवाड़ी केन्द्र नहीं है स्वीकृत आंगनवाड़ी केन्द्रों में से जिन आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिये विभागीय शासकीय भवन नहीं है वह आंगनवाड़ी केन्द्र अन्य शासकीय भवनों या किराये के भवनों में चल रहे है इन भवनों के स्थान अनुपयुक्त नहीं है। अन्य शासकीय भवनों या किराये में चल रहे स्वीकृत 50 आंगनवाड़ी भवनों की सूची संलग्न परिशिष्ट – 2 अनुसार है। (ग) जर्जर एवं विभागीय शासकीय भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों को वर्तमान में अन्य शासकीय/किराये के भवनों में संचालन किया जा रहा है। व्यवस्थाओं में बच्चों की सुरक्षा एवं पोषण सेवाएं पूर्ण रूप से सुनिश्चित हो पा रही है। (घ) विभागीय शासकीय भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिए नवीन आंगनवाड़ी भवनों की स्वीकृति वित्तीय संसाधनों एवं भूमि की उपलब्धता पर निर्भर करती है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजनांतर्गत अनाथ एवं कमजोर बच्चों को प्रदत्त लाभ
[महिला एवं बाल विकास]
48. ( क्र. 1550 ) श्री महेन्द्र नागेश : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र गोटेगाँव में मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना के अंतर्गत वर्तमान में कितने अनाथ एवं कमजोर बच्चों को आर्थिक सहायता, शिक्षा एवं स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं? (ख) इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि ऐसे कितने पात्र लाभार्थी हैं जिन्हें अब तक उक्त योजना का लाभ प्राप्त नहीं हो पाया है तथा उन्हें लाभान्वित किए जाने हेतु शासन द्वारा क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि सभी पात्र बच्चों को समय पर एवं सुचारु रूप से योजना का लाभ सुनिश्चित किया जा सकें?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) निरंक (ख) उत्तरांश (क) के संदर्भ में योजना अंतर्गत कोई भी पात्र लाभार्थी न होने से योजना का लाभ प्राप्त नहीं हो रहा है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण योजना अंतर्गत बस्तियों में विकास कार्य
[जनजातीय कार्य]
49. ( क्र. 1558 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता द्वारा आदिम जाति कल्याण विभाग हरदा को दिनांक 01 जनवरी 2024 से 01 दिसंबर 2025 की अवधि में अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण योजना अंतर्गत अनुसूचित जाति/जनजाति बस्तियों में विकास कार्य कराए जाने हेतु कुल कितने पत्र/प्रस्ताव प्रेषित किए गए है? प्रेषित किए गए पत्रों/प्रस्तावों पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? (ख) विभाग द्वारा इनमें से कितने प्रस्तावों पर स्वीकृति प्रदान की गई, कितने लंबित हैं तथा कितने अस्वीकृत किए गए हैं? (ग) स्वीकृत प्रस्तावों पर अब तक कौन-कौन से विकास कार्य पूर्ण/प्रगतिरत हैं? (घ) जिन प्रस्तावों पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई, उनके कारण क्या हैं तथा उन पर कब तक कार्यवाही की जावेगी?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) प्रश्नकर्ता से प्रश्नाधीन अवधि में अनुसूचित जाति/जनजाति बस्तियों में विकास कार्य कराए जाने हेतु 18 कार्यों को स्वीकृत किए जाने के प्रस्ताव प्राप्त हुए है। प्रस्ताव पर विभाग द्वारा की गई कार्यवाही का विवरण की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्राप्त प्रस्तावों पर विभाग द्वारा स्वीकृत, लंबित एवं अस्वीकृत कार्यों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) स्वीकृत कार्यों के पूर्ण/प्रगतिरत की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) योजनांतर्गत जिले को प्राप्त आवंटन की सीमा में कार्य स्वीकृत किए जाते है। अत: प्रश्नांश का शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
खाद्य प्रसंस्करण योजनाओं का लाभ
[उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण]
50. ( क्र. 1564 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला आगर-मालवा में फल सब्जी मसाले जैसी उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में नई और मौजूदा योजनाएं कौन-कौन सी है? फ्रुट पल्प केंद्र, मिनी कोल्ड स्टोरेज, पैकेजिंग इकाइयां, क्लस्टर डेवलपमेंट इत्यादी की कौन-कौन सी इकाई वर्तमान में संचालित की जा रही है? (ख) जिला आगर-मालवा में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित करने हेतु कोई वित्तीय सहायता योजनाएं (जैसे अनुदान, सब्सिडी, ऋण सहायता) उपलब्ध है? वर्ष 2024 से प्रश्न दिनांक तक जिला आगर-मालवा के कितने लोगों उक्त योजनाओं का लाभ दिया गया जानकारी देवें? (ग) जिला आगर-मालवा में कोल्ड स्टोरेज, ग्रेडिंग-पैकिंग केन्द्र, फूड प्रोसेसिंग क्लस्टर जैसी अधोसरंचना के विकास हेतु किन योजनाओं को लागू किया जा रहा है? योजनावार विवरण दें। (घ) उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में युवाओं किसानों और महिला स्व-सहायता समूहों को प्रशिक्षण व उद्यमिता के अवसर किस प्रकार प्रदान किए जा रहे हैं? क्या कोई सेंटर ऑफ इन्क्यूबेशन सेंटर या फील्ड डेमो साइट जिला आगर-मालवा में संचालित है?
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) :(क) मौजूदा योजनाओं का विवरण निम्नानुसार है- 1. एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना (MIDH) 2. राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) 3. पर ड्रॉप मोर क्रॉप योजना (PDMC) 4. राज्य योजना 5. प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) प्रदेश में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना वर्ष 2020-21 से संचालित है। जी नहीं। (ख) जी हाँ। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 से वर्तमान तक कुल 105 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। (ग) जिला आगर मालवा में कोल्ड स्टोरेज, ग्रेडिंग पैकिंग एवं फूड प्रोसेंसिग क्लस्टर जैसी अधोसंरचना के विकास हेतु एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना एवं प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना लागू है। योजनावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) विभाग में संचालित विभिन्न राज्य एवं केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं जैसे-प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना, एकीकृत बागवानी विकास मिशन, राज्य पोषित योजना अंतर्गत जिले के अंदर, राज्य के अंदर एवं राज्य के बाहर प्रशिक्षण सह-भ्रमण तथा प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण एवं उद्यमिता के अवसर प्रदान किए जाते हैं। जी नहीं। जिला आगर-मालवा में कोई भी सेंटर ऑफ इन्क्यूबेशन सेंटर या फील्ड डेमोसाइट संचालित नहीं है।
अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्रावासों का संचालन
[जनजातीय कार्य]
51. ( क्र. 1576 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन द्वारा सागर विधानसभा समेत जिले भर में संचालित अनुसूचित जाति एवं जनजाति बालक-बालिका छात्रावासों की सीटों के विस्तार करने की कोई योजना है? यदि नहीं तो क्या इस पर विचार किया जायेगा? (ख) अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्रावासों के बालक-बालिका को प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रशिक्षण के लिये शासन द्वारा क्या व्यवस्थायें की गई है? (ग) सागर जिले भर में संचालित अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्रावासों में से किन-किन छात्रावासों में पुस्तकालय एवं खेल-कूद मैदान व्यवस्थायें है? जिस छात्रावासों में उक्त व्यवस्थायें नहीं है क्या उनकी पूर्ति हेतु शासन द्वारा विचार किया जायेगा? यदि नहीं तो क्यों? (घ) सागर जिले के अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्रावासों में स्वीकृत पदों की अपेक्षा कितने पद रिक्त है? रिक्त पदों की पूर्ति हेतु शासन द्वारा क्या कार्यवाही प्रचलन में है?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। किसी भी छात्रावास की सीट वृद्धि पर निर्णय उसका औचित्य स्थापित होने पर लिया जाता है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) JEE, NEET एवं CLAT जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु कोचिंग के लिए जनजातीय कार्य विभाग की आंकाक्षा योजना संचालित है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''एक'' अनुसार है। छात्रावासों में सुविधाओं की वृद्धि हेतु समय-समय आवश्यकता एवं उपलब्ध बजट अनुसार कार्यवाही की जाती है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) छात्रावासों में स्वीकृत एवं रिक्त पदों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''दो'' अनुसार है। छात्रावास अधीक्षक के पद प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संवर्ग के है। प्राथमिक शिक्षक एवं माध्यमिक शिक्षक संवर्ग की भर्ती हेतु कर्मचारी चयन मण्डल द्वारा पात्रता परीक्षा का प्रावधान है।
फर्जी अंक सूची संलग्न करने वालों के विरूद्ध एफ.आई.आर.
[महिला एवं बाल विकास]
52. ( क्र. 1607 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या आंगनवाड़ियों में सहायिकाओं एवं कार्यकर्ताओं के रिक्त पदों हेतु विकासखण्ड बल्देवगढ़ एवं पलेरा में ऑनलाईन आवेदनों से फर्जी अंक सूचियां संलग्न का आवेदन किये गये है और फर्जी अंक सूचियों के संबंध में शिकायतें भी हुई थी, जिसके संबंध में प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक-872 दिनांक 02/12/2025 के उत्तर में बताया गया था कि जिला स्तरीय दावा/आपत्ति निराकरण समिति के निर्देशानुसार जिला कार्यकम अधिकारी टीकमगढ़ के पत्र क्रमांक 2572 दिनांक 04/11/2025 द्वारा 12वीं की अंकसूचियां सत्यापन हेतु माध्यमिक शिक्षा मण्डल भोपाल को प्रेषित की गई है? क्या उक्त सत्यापन का निराकरण हुआ तथा कितनी अंक सूची सत्यापन के लिये भेजी गई? केन्द्र के नामवार तथा अंकसूचियों के नामवार तथा भेजे गये पत्र की सत्यापित प्रतियां उपलब्ध करायेंगे? यदि नहीं भेजी तो क्यों? कारण स्पष्ट करें। (ख) क्या नियुक्तियों जैसे महत्वपूर्ण कार्य में इतना विलंब किस कारण से किया जा रहा है? क्या सत्यापित कराये जाने वाली अंक सूचियों में विलंब होने पर विभाग के प्रमुख सचिव या किसी अधिकारी द्वारा स्मरण पत्र जारी किये गये? यदि हाँ, तो प्रतियां उपलब्ध करायें। यदि नहीं तो क्यों? कारण स्पष्ट करें। (ग) क्या माध्यमिक शिक्षा मण्डल भोपाल द्वारा उक्त अंक सूचियां खासकर पटौरी रमपुरा के केन्द्र की सत्यापन किये जाने पर क्या आवेदक सहित सभी फर्जी अंकसूचियां संलग्न करने वालो के विरुद्ध एफ.आई.आर. दर्ज करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं तो क्यों? कारण स्पष्ट करें।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी हाँ। जी नहीं, पलेरा एवं बल्देवगढ़ विकासखण्ड की 13 अंकसूचियों के सत्यापन हेतु प्रेषित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 पर है। शेष का प्रश्न नहीं। (ख) विकासखण्ड स्तरीय समिति द्वारा जारी अनंतिम सूची के विरूद्ध प्राप्त सभी आपत्तियों के सत्यापन हेतु प्रतिवेदन प्राप्त नहीं होने के कारण विलंब हो रहा है। जी हाँ, नियुक्ति कार्य जिला स्तरीय होने से जिला कार्यक्रम अधिकारी टीकमगढ़ द्वारा स्मरण पत्र जारी किये गये। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 पर है। शेष का प्रश्न नहीं। (ग) जिला स्तरीय दावा/आपत्ति निराकरण समिति निर्णय हेतु सक्षम है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
जनप्रतिनिधियों को विभागीय कार्यक्रमों में आमंत्रण
[महिला एवं बाल विकास]
53. ( क्र. 1608 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या पलेरा विकासखण्ड में परियोजना अधिकारी दिनांक 01/02/2014 से पदस्थ है तथा परियोजना अधिकारी पलेरा की मनमानी के चलते आँगनवाड़ी केन्द्रों पर शासन की योजना के अनुसार मंगल दिवसों के अर्न्तगत सुपोषण दिवस, अन्नप्राशन, गोद भराई एवं किशोरी बालिका दिवस जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में क्षेत्रीय विधायक को आज आमंत्रित क्यों नहीं किया जाता है। कारण स्पष्ट करें। (ख) क्या महिला बाल विकास परियोजना पलेरा द्वारा आज तक क्षेत्रीय विधायक को बैठक में आमंत्रित किस कारण से नहीं किया जाता है। क्या परियोजना अधिकारी पलेरा की लम्बे समय से पदस्थ होने के कारण जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा करने में महारत हासिल है और विभाग पूरी तरह सहयोग में है क्या ऐसे परियोजना अधिकारी का स्थानांतरण यदि नहीं कर सकते तो इनके विरुद्ध विधि संगत कार्यवाही तो की जा सकती है आज तक विभाग द्वारा इनके विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई जानकारी स्पष्ट करे तथा आगे कार्यवाही कर उन्हें पलेरा से कब तक हटा देगें। समयावधि बतायें। (ग) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा पूर्व में लगाये गये प्रश्न क्र.-877 दिनांक 02 दिसम्बर 2025 में आपके द्वारा उत्तर में बताया गया है कि प्रश्नांश (क) के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाता है क्या क्षेत्रीय विधायक स्थानीय जन प्रतिनिधि नहीं है जानकारी स्पष्ट करें तथा उत्तर में यह भी लेख किया गया है कि परियोजना अधिकारी द्वारा क्षेत्रीय विधायक को आमंत्रित करके कोई बैठक नहीं की गई। क्यों? कारण स्पष्ट करें एवं परियोजना अधिकारी द्वारा क्षेत्रीय विधायक को विभागीय बैठक में आमंत्रित नहीं करने पर कदाचरण की श्रेणी में कार्यशैली मानते हुये इनके विरुद्ध कार्यवाही करेंगे। यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं तो क्यों? कारण स्पष्ट करें।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी हाँ, पलेरा विकासखण्ड में प्रश्नांकित कार्यक्रमों के आयोजन में स्थानीय/ग्राम स्तरीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाता है। आंगनवाड़ी केन्द्र स्तर पर माननीय विधायक की गरिमा अनुरूप स्थान एवं संसाधनों की उपलब्धता न होने के कारण क्षेत्रीय विधायक को आमंत्रित नहीं किया गया। (ख) वर्ष 2022 एवं 2023 में माननीय विधायक जी को आमंत्रित किया गया था। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्न क्र. 877 दिनांक 02-12-2025 के उत्तर में दी गई जानकारी अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - ब अनुसार है।
प्राथमिक शिक्षकों की काउंसिलिंग का आयोजन
[जनजातीय कार्य]
54. ( क्र. 1620 ) श्री सुरेन्द्र सिंह हनी बघेल : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दिनांक 16 अगस्त 2024 को कार्यालय संभागीय उपायुक्त जनजातीय कार्य विभाग तथा अनुसूचित जाति विकास इन्दौर द्वारा विकासखण्ड स्तर पर स्नातक प्राथमिक शिक्षकों की काउंसिलिंग का आयोजन किया गया था। उक्त प्रक्रिया में जिलेवार कितने प्राथमिक शिक्षकों उच्च प्रभार का लाभ मिलना था? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार क्या उक्त काउंसिलिंग स्थगित कि गई थी? यदि हाँ, तो क्यों स्थगित की गई थी, इसका कारण बताएं? (ग) प्रश्नांश (ख) का उत्तर यदि हाँ, हैं तो डेढ़ साल से अधिक समय बितने के बाद भी जिन आपत्तियों के चलते उक्त प्रक्रिया स्थगित की गई थी उनका निराकरण क्यों नहीं किया गया? मध्यप्रदेश में वर्ष 2016 से पदोन्नति पर रोक हैं। आदिवासी क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों को उच्च प्रभार का लाभ भी नहीं दिया जा रहा हैं। प्राथमिक शिक्षकों के उच्च प्रभार शेष रहने के कारण व लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन हैं? क्या विभाग लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही करेगा? (घ) क्या संभागीय उपायुक्त जनजातीय कार्य विभाग तथा अनुसूचित जाति विकास इन्दौर द्वारा प्राथमिक शिक्षकों के उच्च प्रभार दिये जाने की कार्यवाही की जाएगी? यदि हाँ, तो क्या योजना हैं विस्तार से बताएं और नहीं तो क्यों?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। संभागीय उपायुक्त, जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति कल्याण इंदौर संभाग के पत्र क्रमांक शि.स्था.02/2024/4561 एवं 4562 दिनांक 09/08/2024 द्वारा विकासखंड स्तर पर स्नातक प्राथमिक शिक्षकों की काउंसलिंग के निर्देश दिये गये थे। जिसकी जिलेवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट में है। (ख) जी हाँ। संभागीय उपायुक्त, जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति कल्याण इंदौर संभाग के पत्र क्रमांक शि.स्था 02/2024/4561 एवं 4562 दिनांक 09/08/2024 द्वारा विकासखंड स्तर पर स्नातक प्राथमिक शिक्षकों की काउंसलिंग के लिए पात्र शिक्षकों की सूची प्रेषित की गई थी, जिस पर बड़ी संख्या में प्राथमिक शिक्षकों द्वारा पात्र सूची एवं वरिष्ठता सूची में नाम छूटने एवं सूची में गलत विषय अंकित होने संबंधी अभ्यावेदनों के फलस्वरूप उक्त आयोजित काउंसलिंग संभागीय उपायुक्त, जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति कल्याण इंदौर संभाग के पत्र क्रमांक शि.स्था 02/2024/4607 एवं 4609 दिनांक 13/08/2024 द्वारा स्थगित की गई। (ग) इंदौर संभाग अंतर्गत कुल 22392 प्राथमिक शिक्षक कार्यरत है, जिसमें से जिलों से प्राप्त जानकारी के आधार पर 12794 स्नातक प्राथमिक शिक्षकों की अनन्तिम वरिष्ठता सूची जारी की गई थी, काउंसलिंग में पात्र पाए गये प्राथमिक शिक्षकों की सूची जारी होने के पश्चात कुल 2047 प्राथमिक शिक्षकों के अभ्यावेदन प्राप्त हुए। चूंकि प्राथमिक शिक्षकों की सेवा पुस्तिका का संधारण संकुल प्राचार्य स्तर पर होता है इसलिए जिलों के संकुल प्राचार्य/विकासखंड शिक्षा अधिकारियों से सेवापुस्तिका की प्रविष्टि अनुसार प्रमाणीकरण हेतु निर्देश जारी किये गये हैं। प्राथमिक शिक्षकों की संख्या काफी अधिक होने एवं संभाग में हाईस्कूल एवं उ.मा.वि.कुल संख्या 843 होने के कारण जानकारी प्राप्त होने में समय लगना स्वाभाविक है, इस कारण से प्रक्रिया में विलंब हुआ है। अत: विलंब हेतु कोई भी अधिकारी व्यक्तिगत रूप से दोषी नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी उत्तरांश ''ग'' अनुसार।
कुक्षी क्षेत्र में हैडपंप का खनन
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
55. ( क्र. 1621 ) श्री सुरेन्द्र सिंह हनी बघेल : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र कुक्षी में वर्ष 2022 से वर्तमान दिनांक तक कितने हैंडपंप खनन किये जा चुके हैं खनन के बाद कितने खनन में हैंडपंप और मोटर लगाई जा चुकी है? (ख) हैंडपंप खनन हो जाने के दो से तीन वर्ष का समय व्यतीत हो जाने के पश्चात भी हैंडपंप का इंस्टॉलेशन का कार्य क्यों नहीं किया गया? जो इंस्टॉलेशन किये गये हैं वह कितने फिट पर और कब किए हैं दिनांक और जानकारी प्रदान करें। (ग) क्या संबंधित अधिकारियों के द्वारा इंस्टॉलेशन के कार्य को समय पर नहीं किया गया व जानबूझकर लापरवाही बरती गई यदि हाँ, तो इसका जिम्मेदार कौन है उन पर कार्यवाही की जाएगी? (घ) वर्ष 2025-26 में कितने खनन की कार्य योजना तैयार की गई है व कहां-कहां मोटर एवं हैंडपंप लगाए जाने हैं?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) हैण्डपंप इंस्टॉलेशन कार्य सामग्री की उपलब्धता होने के अनुसार तत्परतापूर्वक किया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) वर्ष 2025-26 में जिले को नलकूप खनन कर हैंडपंप स्थापना के लिए प्राप्त लक्ष्य के अनुसार कार्य पूर्ण कराए जा चुके हैं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
ग्रामों को जल-जीवन मिशन योजनांतर्गत जोड़े जाने की स्वीकृति
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
56. ( क्र. 1633 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) परासिया विधानसभा की ग्राम पंचायत भमोड़ी, जाटाछापर, भाजीपानी, इकलहरा, अम्बाड़ा में ग्रामीणजनों की पेयजल की व्यवस्था हेतु पांचों ग्राम पंचायतों को जल-जीवन मिशन योजना के अन्तर्गत जोड़े जाने के प्रस्ताव विभाग द्वारा शासन स्तर पर भेजे जा चुके थे, परन्तु उक्त सभी पंचायतों को जल-जीवन मिशन योजना के अन्तर्गत नहीं जोड़ा गया था? कब तक कार्यवाही करते हुए इन पंचायतों को जल-जीवन मिशन योजना से जोड़े जाने की स्वीकृति प्रदान कर दी जायेगी? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार पांचों ग्राम पंचायतों को जल-जीवन मिशन योजना से जोड़े जाने हेतु प्रश्नकर्ता द्वारा मान.विभागीय मंत्री महोदया को पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2025/88-। दि. 22.02.2025, अनुस्मरण पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2025/116 दि.10.03.2025 एवं पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2025/696 दि.01.12.2025 प्रेषित किया गया है, जिन पत्रों पर अभी तक स्वीकृति हेतु क्या कार्यवाही की गई है?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जल-जीवन मिशन की गाइड-लाइन के अनुसार रेट्रोफिटिंग/आवर्धन ग्रामीण जलप्रदाय योजनाओं के कार्य 31 मार्च, 2021 तक पूर्ण किए जाने थे, कालांतर में उक्त समय-सीमा को भारत सरकार, राष्ट्रीय जल-जीवन मिशन द्वारा शिथिल करके दिनांक 31 मार्च, 2022 तक किया गया। प्रश्नांकित ग्रामों की ग्राम पंचायतों द्वारा रेट्रोफिटिंग/आवर्धन योजना बनाने के प्रस्ताव उपरोक्त समय-सीमा में विभाग को प्रस्तुत नहीं किए गए, जिसके कारण रेट्रोफिटिंग/आवर्धन योजना की डी.पी.आर तैयार कर सक्षम स्तर से स्वीकृति प्राप्त नहीं की जा सकी। प्रस्तावों का विवरण संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। भारत सरकार द्वारा जल-जीवन मिशन-2 के संदर्भ में शीघ्र ही गाइड-लाइन/दिशा-निर्देश जारी किया जाना संभावित है, उक्त गाइड-लाइन/दिशा-निर्देश राज्य शासन को प्राप्त होने पर उनमें अंतर्निहित प्रावधानों के आधार पर प्रश्नांकित ग्रामों के रेट्रोफिटिंग/आवर्धन नल-जल योजना के प्रस्तावों पर निर्णय लिया जाना संभव हो सकेगा। (ख) प्रश्नांकित पत्रों पर की गई कार्यवाही की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।
दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र में दिव्यांगों को प्रदाय सुविधाएं
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
57. ( क्र. 1641 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सागर स्थित दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र में दिव्यांगों के लिये कृत्रिम अंग बनाये जाने एवं उनकी मरम्मत/सुधार कार्य किया जा रहा है? यदि हाँ, तो विगत 3 वर्षों में सागर विधानसभा अंतर्गत कितने दिव्यांगों को लाभ दिया गया है? (ख) क्या जिले भर के दिव्यांगों के लिये दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र में फिजियोथैरेपी, मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों की थैरेपी, स्पीच थैरेपी एवं बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के लिये विशेष शिक्षा दी जा रही है? विगत 3 वर्ष में कितने दिव्यांगों को लाभान्वित किया गया? विस्तृत जानकरी दें। (ग) क्या सागर स्थित दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र में दिव्यांगों के कृत्रिम अंग की मरम्मत के लिये कोई पर्याप्त संसाधन/उपकरण एवं कर्मचारी उपलब्ध है? यदि हाँ, तो विस्तृत जानकारी उपलब्ध करायें? यदि नहीं तो इनकी पूर्ति के लिये शासन द्वारा विचार किया जायेगा? (घ) सागर में संचालित दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र में कितने पद रिक्त है? क्या इनकी पूर्ति के लिये शासन द्वारा विचार किया जा रहा है? यदि हाँ, तो कब तक रिक्त पदों की पूर्ति की जा सकेगी।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) सागर स्थित दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र में दिव्यांगों कि लिए कृत्रिम अंग नहीं बनाये जाते है, अपितु उनकी मरम्मत/सुधार कार्य किया जा रहा है। विगत तीन वर्षों में सागर विधान सभा अंतर्गत 630 दिव्यांगजनों का कृत्रिम अंग सुधार कार्य कर लाभान्वित किया गया। (ख) जी हां। विगत तीन वर्ष में इसके अन्तर्गत 1270 दिव्यांगों को लाभान्वित किया गया है। (ग) जी नहीं। सागर सहित प्रदेश के समस्त डी.डी.आर.सी. में दिव्यांगों के कृत्रिम अंग की मरम्मत के लिए पर्याप्त कच्चा माल एवं संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिवर्ष 2.00 लाख का वित्तीय प्रावधान विभाग द्वारा किया गया है। इससे अधिक राशि की आवश्यकता होने पर प्रस्ताव संचालनालय को प्रेषित करने के निर्देश दिये गये है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। साथ ही कृत्रिम अंग की मरम्मत के लिये पर्याप्त संसाधन/उपकरण उपलब्ध कराने हेतु भारत सरकार को अनुदान प्रस्ताव भेजा गया है। (घ) डी.डी.आर.सी. जिला सागर में कुल 6 पद रिक्त है। जी हाँ, रिक्त पदों की पूर्ति हेतु जिला स्तर पर डी.एम.टी. (जिला प्रबंधन दल) द्वारा की जाती है। जिले स्तर पर विज्ञप्ति जारी कर, निर्धारित योग्यता अनुसार, उम्मीदवार का आवेदन प्राप्त होने पर पदों की पूर्ति की कार्यवाही किये जाने का प्रावधान है, यह एक निरंतर प्रक्रिया है।
जल-जीवन मिशन योजना अन्तर्गत कराये गये कार्यों की जांच
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
58. ( क्र. 1659 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में जल-जीवन मिशन योजना के प्रारंभ दिनांक से जून, 2024 तक की अवधि में रूपये 29015.77 करोड़ का व्यय किया जा चुका है? यदि हाँ, तो माह जुलाई, 2024 से प्रश्न दिनांक तक उक्त योजना पर कुल कितनी राशि व्यय की गई? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में इंदौर संभाग में गुणवत्ताविहीन कार्य अधिकारी एवं ठेकेदारों की मिलीभगत से किये के संबंध में योजना के प्रारंभ से प्रश्न दिनांक तक कितनी-कितनी शिकायतें किस-किस स्तर पर प्राप्त हुई है उन प्राप्त शिकायतों के संबंध में क्या कोई जांच समिति बनाई गई थी। यदि हाँ, तो उस जांच समिति की रिपोर्ट कब प्राप्त हुई जांच रिपोर्ट के आधार पर क्या-क्या कार्यवाही की गई? (ग) उपरोक्तानुसार क्या योजनाओं के कार्य निर्धारित मापदण्ड एवं गुणवत्ता का तृतीय पक्ष निरीक्षण एजेंसी द्वारा कार्यों का पर्यवेक्षण कराया गया है यदि हाँ, तो क्या पर्यवेक्षण अनुसार किस-किस जिले में कितनी-कितने कार्य गुणवत्ताविहीन पाये गये है। इस संबंध में कौन-कौन उत्तरदायी है और उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? (घ) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में विभाग द्वारा जल-जीवन मिशन योजना के तहत इंदौर संभाग के स्कूलों एवं आंगनवाड़ियों को पाइपगत जल आपूर्ति का क्रियान्वयन किया गया है? यदि हाँ, तो संभाग के अन्तर्गत जिलेवार भेजी गई अद्यतन जानकारी फार्मेट में देवें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी हाँ, जल-जीवन मिशन अंतर्गत माह जुलाई, 2024 से प्रश्न दिनांक तक रु. 20274.13 करोड़ (रुपए बीस हजार दो सौ चौहत्तर करोड़ एवं तेरह लाख) राशि व्यय की जा चुकी है। (ख) इन्दौर संभाग के धार जिले के खण्ड धार एवं खण्ड सरदारपुर में गुणवत्ताविहीन कार्य संबंध में कुल 2 एवं बड़वानी ज़िले में कुल 2 शिकायतें प्राप्त हुई थी, जिनके जांच प्रतिवेदन परीक्षणाधीन हैं। (ग) जी हां, इन्दौर संभाग में योजनाओं के कार्य निर्धारित मापदण्ड एवं गुणवत्तापूर्वक कराये गये हैं। तृतीय पक्ष परीक्षण संस्थाओं से कार्यों का परीक्षण कराया गया है तथा परीक्षण में कोई भी कार्य गुणवत्ताविहीन नहीं पाये गये हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-01 एवं 02 अनुसार है।
जनजाति समुदाय का सर्वांगीण विकास
[जनजातीय कार्य]
59. ( क्र. 1661 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश संकल्प पत्र 2023 मध्यप्रदेश की जनता को माननीय प्रधानमंत्री जी की गारंटी भी और विकसित मध्यप्रदेश का निर्माण का विजन डॉक्यूमेंट भी है एवं सरकार ने संकल्प पत्र के बिन्दुओं को धरातल पर उतारने का कार्य प्रारंभ कर दिया है जैसा कि माननीय राज्यपाल मध्यप्रदेश का अभिभाषण दिनांक 20 दिसम्बर 2023 के बिन्दु क्रमांक 09 में उल्लेख किया है। (ख) यदि हाँ, तो जनजाति समुदाय के सर्वांगीण विकास के संबंध में मध्यप्रदेश संकल्प पत्र 2023 में क्या-क्या वायदे किये गये थे उनमें से किन-किन वायदे पर वर्तमान सरकार को दो साल से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बाद कौन-कौन से वायदे अक्षरश: पूर्ण कर दिये गये है तथा किन-किन वायदे में कार्यवाही प्रारंभ कर दी है। (ग) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में क्या प्रदेश की सभी प्रमुख जनजातीय समुदाय के समग्र विकास एवं शिकायतों के समय पर समाधान हेतु बोर्ड स्थापित किये गये है। यदि हाँ, तो किस-किस जिले में कब-कब बोर्ड स्थापित किये गये है यदि नहीं तो क्यों।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रदेश की सभी प्रमुख जनजातीय समुदाय के समग्र विकास एवं शिकायतों के समय पर समाधान हेतु म.प्र. राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग गठित है। प्रदेश की विशेष पिछड़ी जनजातियों यथा सहरिया, बैगा एवं भारिया हेतु विकास प्राधिकरण गठित है। इसके अतिरिक्त कोल विकास प्राधिकरण भी गठित है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
स्वयं सहायता समूह की जानकारी
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
60. ( क्र. 1670 ) डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना व मैहर जिले की अमरपाटन तहसील में प्रियंका स्व-सहायता समूह बिगोड़ी/सरस्वती स्व-सहायता समूह लालपुर/लक्ष्मीबाई स्व सहायता समूह महारानी लक्ष्मी बाई वार्ड इटमा खजुरी/अश्वनी स्व सहायता समूह भीष्मपुर/अंबेडकर स्व सहायता समूह भीष्मपुर के सभी सदस्यों/पदाधिकारियों के नाम/पता/पिता या पति का नाम उपलब्ध करायें? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित समूहों के द्वारा 01.04.2022 से प्रश्नतिथि तक कब कहां उपार्जन का कार्य किया गया? समूहवार/फसलवार/केन्द्रवार/माहवार/वर्षवार जानकारी दें? उक्त समूहों के द्वारा उपार्जन कार्य से प्राप्त लाभांश समूह के किस-किस नाम के सदस्यों को कितनी-कितनी राशि कब-कब ऑनलाईन दी गई? भुगतान की गई राशिवार/सदस्यों के समूहवार नाम/पतेवार/माहवार/वर्षवार/केन्द्रवार/उपार्जन कार्य/फसलवार उपलब्ध करायें? (ग) प्रश्नांश (ख) में वर्णित लाभांश क्या नियमों के अनुरूप ऑनलाइन वितरित कर उसके प्रमाण की प्रति विभाग को उपलब्ध कराना अनिवार्य थी? क्या स्व-सहायता समूहों के द्वारा लाभांश वितरण की ऑनलाईन प्रमाण की प्रति विभाग/कार्यालयों में उपलब्ध कराई उन सभी की एक-एक प्रति प्रश्नांश (क) में वर्णित स्व-सहायता समूहों के सदस्यों के नामवार/पतेवार/पिता या पति के नामवार/राशिवार/माहवार/वर्षवार/जिलेवार/फसलवार/उपार्जन केन्द्रवार जानकारी दें? (घ) आर्थिक अनियमितता करने वालों के विरूद्ध ई.ओ.डब्ल्यू. में शासन कब तक अपराध पंजीबद्ध करायेगा?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) सतना व मैहर जिले की अमरपाटन तहसील में प्रियंका स्व-सहायता समूह बिगोड़ी/सरस्वती स्व-सहायता समूह लालपुर/लक्ष्मीबाई स्व-सहायता समूह महारानी लक्ष्मी बाई वार्ड इटमा खजुरी/अश्वनी स्व-सहायता समूह भीष्मपुर/अंबेडकर स्व-सहायता समूह भीष्मपुर के सभी सदस्यों/पदाधिकारियों के नाम/पता/पिता या पति का नाम की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित समूहों में से अंबेडकर स्व-सहायता समूह भीष्मपुर द्वारा दिनांक 01.04.2022 के बाद उपार्जन संबंधी कार्य नहीं किया गया है। शेष समूहों का दिनांक 01.04.2022 से प्रश्न तिथि तक समूहवार/फसलवार/ केन्द्रवार/माहवार/वर्षवार उपार्जन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। अश्वनी स्व-सहायता समूह ग्राम भीष्मपुर द्वारा उपार्जन कार्य से प्राप्त राशि से सदस्यों को ऑनलाइन लाभांश का भुगतान किया गया है। सदस्यों को भुगतान की गई लाभांश राशि/सदस्यों के नाम/पता/माह/वर्ष/केन्द्र/फसल की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। शेष समूहों में लाभांश राशि का ऑफलाइन भुगतान किया गया है, जिसका विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है। (ग) महिला स्व-सहायता समूह द्वारा समर्थन मूल्य पर उपार्जित खाद्यान्न पर प्राप्त राशि को समूह के सदस्यों को ऑनलाइन वितरण कर उसके प्रमाण की प्रति विभाग को उपलब्ध कराना अनिवार्य नहीं था। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित समूहों में गंभीर आर्थिक अनियमितता के प्रकरण प्रकाश में न आने के कारण आर्थिक अपराध ब्यूरो में प्रकरण दर्ज करने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
उपार्जन केन्द्र का संचालन
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
61. ( क्र. 1671 ) डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या स्व-सहायता समूह/ग्राम संगठन उपार्जन केन्द्र संचालन हेतु 13 बिन्दुओं के फॉरमेट एवं 12 बिन्दु वाले आवश्यक दस्तावेजों वाले फार्मों अनुशंसा के आधार पर उपार्जन केन्द्रों का एलॉटमेंट होता है, दोनों फॉरमेटो की एक-एक प्रति दें। (ख) क्या यह सत्य है कि उपार्जन केन्द्रों के एलॉटमेंट के लिये (13) बिन्दु वाले फॉरमेट के बिन्दु क्रमांक (13) के अनुसार पूर्व में उपार्जन कार्य से प्राप्त लाभांश समूह के समस्त सदस्यों को वितरित किया गया? हाँ या नहीं? फॉरमेट के बिन्दु क्रमांक (11) के अनुसार "पूर्व में उपार्जन कार्य से प्राप्त लाभ सदस्यों को ऑनलाइन वितरित किया गया के प्रमाण की प्रति।" (ग) दिनांक 01.04.2022 से प्रश्न तिथि तक मैहर/सतना जिलों में समर्थन मूल्य पर उपार्जन केन्द्रों के लिये (दोनों फसलों हेतु) किस-किस नाम एवं पते वाले स्व-सहायता समूहों/महिला स्व-सहायता समूहों/अन्य सभी स्व-सहायता समूहों को उपार्जन के कार्य हेतु आदेश जारी किये गये? जारी सभी आदेशों की एक-एक प्रति दें। (घ) प्रश्नांश (क) में वर्णित स्व-सहायता समूहों द्वारा उपार्जन कार्य से प्राप्त लाभांश समूहों के सदस्यों को कैसे व कब व कितना दिया गया? समूहवार/सदस्यवार जानकारी दें। साथ ही पूर्व में उपार्जन कार्य से प्राप्त लाभ सदस्यों को ऑनलाइन किस प्रकार समूहवार वितरित किया गया की सदस्यवार/समूहवार/राशिवार/माहवार/वर्षवार/ जिलेवार/प्रश्नांश (ग) में वर्णित समयवार उपलब्ध करायें। दस्तावेज दें।
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) महिला स्व-सहायता समूह/ग्राम संगठक को समर्थन मूल्य पर खाद्यान्न उपार्जन का कार्य देने के संबंध में खाद्य विभाग द्वारा जारी निर्देश एवं आवश्यक दस्तावेज़/जानकारी हेतु निर्धारित प्रारूप की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। सतना जिले में महिला स्व-सहायता समूह/ग्राम संगठकों को उपार्जन कार्य देने के लिए निर्धारित अनुशंसा पत्र प्रारूप एवं दस्तावेजों की सूची की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ख) समस्त महिला समूहों द्वारा सदस्यों को लाभांश का वितरण नहीं किया गया है। महिला समूह द्वारा ऑनलाइन/नगद वितरित लाभांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। (ग) दिनांक 01.04.2022 से प्रश्न तिथि तक मैहर/सतना जिलों में समर्थन मूल्य पर उपार्जन केन्द्र (दोनों फसलों हेतु) देने के संबंध में फसलवार जारी आदेश की प्रति, महिला समूह का नाम एवं पते की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है। (घ) समर्थन मूल्य पर खाद्यान्न उपार्जन में महिला स्व-सहायता समूहों को प्राप्त राशि में से समूहवार, सदस्यवार, माहवार, वर्षवार ऑनलाइन/नगद वितरित लाभांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है।
पोषण ट्रैकर में जनरेट बिलों का भुगतान
[महिला एवं बाल विकास]
62. ( क्र. 1674 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या महिला एवं बाल विकास विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा बच्चों को गर्म-पका भोजन, नाश्ता प्रतिदिन दिये जाने के प्रावधान है? यदि हाँ, तो उक्त कार्यक्रम के बिलों का भुगतान पोषण ट्रेकर से जनरेट बिलों के आधार पर किए जाने का प्रावधान विभाग द्वारा कब से किया गया? क्या पन्ना जिले में इस प्रक्रिया से बिलों का भुगतान किया गया है? यदि हाँ, तो मार्च 2025 से अप्रैल 2025 की अवधि में पन्ना जिले के परियोजना अधिकारियों द्वारा पोषण ट्रैकर में जनरेट बिल/जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा अनुमोदित बिलों की प्रतियां, सक्षम स्वीकृति हेतु बनाई गई नस्ती की सत्यापित प्रति, प्रदाय की जावे। (ख) क्या माह मार्च एवं अप्रैल 2025 में प्रश्नांश ''क'' से संबंधित कार्यक्रम के मैनुअल बिल बनाकर भुगतान किया गया है? यदि हाँ, तो वह कौन-कौन से स्व-सहायता समूह है, जिनका भुगतान मैनुअल बिल बनाकर किया गया है? विकासखण्डवार बतावें? (ग) क्या प्रश्नांश (क) से संबंधित कार्यक्रम के बिलों का भुगतान पोषण ट्रेकर से जनरेट बिलों के आधार पर किए जाने के प्रावधान होने के बावजूद पन्ना जिले के परियोजना अधिकारियों एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी की मिली भगत से मैनुअल बिल बनाकर, अपने चहेते स्व-सहायता समूहों को ज्यादा राशि भुगतान किया गया, फिर उनसे वसूली कर भ्रष्टाचार किया गया? क्या उक्त कार्यक्रम के मैनुअल बिल बनाकर भुगतान के संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी पन्ना एवं परियोजना अधिकारियों द्वारा शासन नियमों के विपरीत कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो संबंधितों के विरूद्ध कब तक और क्या कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं तो क्यों?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी हाँ। पोषण ट्रेकर से प्राप्त डाटा तथा स्व-सहायता समूहों से प्राप्त मैनुअल देयक के आधार पर देयकों का भुगतान किए जाने का प्रावधान माह मार्च 2025 से किया गया है। जी हाँ, पन्ना जिले में माह जुलाई 2025 से नवीन प्रक्रिया अनुसार स्व-सहायता समूहों का भुगतान किया जा रहा है। माह मार्च 2025 एवं अप्रैल 2025 के देयकों का नवीन प्रक्रिया अनुसार भुगतान विभागीय एम.आई.एस. के डैशबोर्ड में तकनीकी समस्या होने के कारण नहीं किया गया। जिला कलेक्टर के अनुमोदन उपरान्त देयकों का भुगतान पूर्व प्रचलित व्यवस्था अनुसार किया गया। अतः शेष का प्रश्न ही नहीं (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर है। (ग) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
गुनौर विधानसभा के जनजातीय कार्य विभाग के कार्य
[जनजातीय कार्य]
63. ( क्र. 1681 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्ना जिले में वित्तीय वर्ष 2022-2023 से प्रश्न दिनांक तक किस-किस मद में कितनी-कितनी राशि, किस-किस कार्य हेतु, किस दिनांक को, मध्यप्रदेश शासन या केन्द्र शासन द्वारा जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग पन्ना को आवंटित हुई? उक्त राशि में से किस-किस मद में कितनी-कितनी राशि, किस-किस कार्य हेतु, गुनौर विधानसभा के लिए किस दिनांक को, प्रदाय की गई? उक्त कार्यों में से कौन-कौन से कार्य हेतु किन-किन कार्य एजेंसी को कितनी राशि का भुगतान, किस माध्यम से किया गया? निविदा प्रकाशन के विज्ञापन तथा निविदाकारों को दिए गए कार्यादेश के प्रति उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित कार्यों में से कितने कार्य पूर्ण किये गये, कितने अपूर्ण है? बगैर विज्ञापन निकाले कितने कार्य मैन्युअल आधार पर प्रदान किए गए? दिनांकवार सूची उपलब्ध करावें? (ग) प्रश्नांश ''क'' से संबंधित कार्यों की जांच के क्या नियम है? जांच के नियमों के परिप्रेक्ष्य में प्रश्नांश (क) में उल्लिखित कार्यों की कब-कब जांच जिला स्तर पर की गई तथा कब-कब जांच विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की गई, प्रत्येक कार्यवार विवरण देवें। किस कार्य में क्या कमी पाई गई, पाई गई कमियों के संबंध में किसी अधिकारी/निर्माण एजेंसी/ठेकेदारों के विरूद्ध कोई कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं तो क्यों इसके लिये कौन दोषी है? दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) पन्ना जिले को वित्तीय वर्ष 2022-2023 से प्रश्न दिनांक तक प्रदत्त आवंटन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है, उक्त राशि में से गुनौर विधान सभा अंतर्गत प्रदाय की गई राशि, कार्यों की जानकारी तथा कार्य एजेन्सी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। संबंधित कार्य एजेंसियों को कार्यों की प्रशासकीय/तकनीकी स्वीकृति के उपरांत जिला कोषालय के माध्यम से कार्य एजेंसियों को उनके एकल खातों में सीधा भुगतान किया जाता है। निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत होने से किसी भी प्रकार की निविदा का प्रकाशन नहीं किया गया एवं कार्य आदेश जारी नहीं किए गये हैं। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित कार्यों में से कार्य पूर्ण तथा अपूर्ण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। शेष उत्तरांश ''क'' अनुसार है। (ग) प्रश्नांश ''क'' से संबंधित कार्यों की गुणवत्ताहीन शिकायत प्राप्त होने पर तकनीकी अधिकारियों द्वारा निर्माण स्थल की जांच की जाती है। जांच के नियम कि जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है। उल्लेखित किसी भी कार्यों की जांच जिला स्तर पर एवं विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकरियों द्वारा नहीं की गई है। शेष प्रश्नांश की जानकारी निरंक है।
अशोकनगर में विभिन्न योजनांर्तगत किये गये घोटाले की जांच
[अनुसूचित जाति कल्याण]
64. ( क्र. 1699 ) श्री जगन्नाथ सिंह रघुवंशी : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्तीय वर्ष 2025-26 में आदिम जाति कल्याण विभाग अशोकनगर में किस मद में कितना बजट प्राप्त हुआ है, एवं कितना बजट व्यय किया गया है। प्रश्न दिनांक तक आहरण किये गये बजट के आहरण आदेश एवं व्यय व्हाउचर की छायाप्रति देवें। (ख) प्रश्न दिनांक तक एस.सी/एसटी एक्ट में आर्थिक सहायता के कितने प्रकरण लंबित है एफ.आई.आर. दिनांक अनुसार नाम-सहित सूची देवें और विगत 3 वर्ष से कितने प्रकरणों का निराकरण हुआ है नामवार, भुगतान दिनांक अनुसार सूची देवें। उक्त प्रकारणों में अनियमित रूप से भुगतान किया जाता है पहले पंजीबद्ध प्रकरण में पहले भुगतान नहीं किया जाता है विशेष लाभ के हितग्राही को पहले भुगतान किया जाता है। क्या उक्त प्रकरणों की जांच कर दण्डात्मक कार्यवाही की जावेगी। यदि हाँ, तो कब तक। (ग) वित्तीय वर्ष-2025-26 में अनुसूचित-बस्ती विकास एवं अनुसूचित जनजाति बस्ती विकास योजनांतर्गत कौन-कौन से कार्य स्वीक़ृत किये गये है आदेशों की छायाप्रति देवें। कार्य स्वीकृत करने के क्या नियम है। क्या जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा अनियमित रूप से एस.सी/एसटी जनसंख्या दरकिनार करके अपने लाभ की ग्राम पंचायतों में राशि भुगतान कर दी गई है। यदि हाँ, तो इसकी जांच कर जिला संयोजक, आदिम जाति कल्याण विभाग अशोकनगर पर दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी। यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं तो क्यों नहीं।
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' एवं ''स'' अनुसार है। नियमानुसार तिथि के बढ़ते क्रम में भुगतान किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' द'' एवं नियमावली पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ई'' अनुसार है। जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
पन्ना विधानसभा में पेयजल की व्यवस्था
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
65. ( क्र. 1707 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पन्ना विधानसभा में जल-जीवन मिशन अंतर्गत कितने स्कूलों एवं आंगनवाड़ी केन्द्रों में पेयजल व्यवस्था हेतु कार्य कराया गया था? उनमें से कितने स्कूलों एवं आंगनवाड़ी केन्द्रों में पेयजल व्यवस्था चालू है एवं कितने में बंद पड़ी है? स्कूलवार एवं आंगनवाड़ीवार जानकारी देवें? बंद होने का क्या कारण है एवं कब से बंद पड़ी है? बंद योजनाओं को पुनः प्रारंभ किये जाने हेतु शासन की क्या योजना है? (ख) पन्ना जिले में वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में नलकूप खनन हेतु कितना लक्ष्य रखा गया था? उक्त लक्ष्य के विरूद्ध पन्ना विधानसभा अंतर्गत उनमें से कितने नलकूप खनन कहां-कहां कराया गया है? ग्रामवार जानकारी देवें? (ग) पन्ना विधानसभा अंतर्गत कितनी नल-जल योजनायें स्वीकृत की गई थी? उनमें से कितनी योजनायें संचालित है एवं कितनी बंद पड़ी हुई है? बंद होने का क्या कारण है? पंचायतवार जानकारी देवें? कब तक बंद पड़ी हुई नल-जल योजनाओं को प्रारंभ किया जावेगा?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) प्रश्नांकित विधानसभा क्षेत्र में 402 स्कूलों तथा 131 आंगनवाड़ी केन्द्रों में जल-जीवन मिशन अंतर्गत स्वीकृत पेयजल व्यवस्था का कार्य पूर्ण कर संबंधित स्कूल/आंगनवाड़ी संस्था को हस्तांतरित किया जा चुका है। पूर्ण की गई पेयजल व्यवस्था की योजनाएं उपरोक्तानुसार स्कूल/आंगनवाड़ी संस्थाओं को स्वयं के संसाधनों से संचालित की जाना है तथा उनका रख-रखाव एवं संधारण कार्य भी उनके द्वारा किया जाना है, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को जल-जीवन मिशन में उक्त पेयजल व्यवस्था के रख-रखाव/संधारण कार्य के लिए राशि उपलब्ध कराया जाना प्रावधानित नहीं है। उपरोक्त हस्तांतरित पेयजल व्यवस्था का संचालन एवं जल प्रदाय चालू/बंद होने की मॉनिटरिंग लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा किया जाना प्रावधानित नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) पन्ना जिले में वित्तीय वर्ष 2024-25 में 75 नग एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 में 45 नग नवीन हैण्डपंप हेतु नलकूपों का लक्ष्य प्रदान किया गया, उक्त लक्ष्य के विरुद्ध पन्ना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 36 नग एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 में 18 नग नवीन नलकूप खनन कराये गये। जिसकी ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (ग) पन्ना विधानसभा में 21 एकल ग्राम नल-जल योजनाएं एवं 2 समूह जल प्रदाय योजनाओं की स्वीकृति प्राप्त है। एकल ग्राम नल-जल योजनाओं की चालू/बंद की स्थिति, योजना बंद होने का कारण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। 21 एकल ग्राम नल-जल योजनाओं में से 19 योजनाओं के कार्यों को पूर्ण कर संबंधित ग्राम पंचायत को हस्तांतरित की जा चुकी है, जिसके संचालन-संधारण, रख-रखाव तथा मरम्मत कार्य कराने का दायित्व संबंधित ग्राम पंचायत का है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। 02 समूह जल प्रदाय योजनाओं का स्त्रोत मझगायं बांध है, बांध का कार्य पूर्ण होने पर ही समूह योजनाओं को संचालित किया जा सकेगा।
जीर्ण-शीर्ण आंगनवाड़ी भवन के निर्माण की स्वीकृति
[महिला एवं बाल विकास]
66. ( क्र. 1708 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पन्ना विधानसभा अंतर्गत कितने आंगनवाड़ी केन्द्र हैं जो जीर्ण-शीर्ण हैं अथवा किराये के भवनों पर संचालित हो रहे हैं? विवरण देवें। (ख) पन्ना विधानसभा अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में कितने नवीन आंगनवाड़ी भवन स्वीकृत किये गये थे? स्वीकृत आंगनवाड़ी केन्द्रों में से कितने भवन बनकर तैयार हो गये है एवं कितने भवन निर्माण हेतु शेष है? ग्रामवार जानकारी देवें। शेष बचे हुये ग्रामों में आंगनवाड़ी भवन कब तक स्वीकृत किये जावेंगे?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) पन्ना विधानसभा अंतर्गत कुल 17 आंगनवाड़ी केन्द्र जीर्ण-शीर्ण हैं विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ पर है। कुल 161 आंगनवाड़ी केन्द्र किराये के भवनों में संचालित है। विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब पर है। (ख) पन्ना विधानसभा अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 26 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्र एवं 2025-26 में 01 नवीन आंगनवाड़ी भवन स्वीकृत किया गया है। स्वीकृत आंगनवाड़ी केन्द्रों में से बनकर तैयार भवनों की जानकारी निरंक है 06 भवन अप्रारंभ एवं 21 भवन निर्माणाधीन है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स पर है। नवीन आंगनवाड़ी भवनों की स्वीकृति वित्तीय संसाधनों एवं भूमि उपलब्धता पर निर्भर करती है। अत: समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।
शासन द्वारा लोकहित की शासकीय संपत्ति का विक्रय
[लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन]
67. ( क्र. 1715 ) श्री सुरेश राजे : क्या लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश शासन की शासकीय एवं अशासकीय भूमि का विक्रय करने संबंधी नियम/आदेश की सत्यापित प्रति देवें एवं वर्ष 2013-14 से 2025-26 में प्रश्न दिनांक तक प्रदेश के किस जिला में किस स्थान व किस प्रयोजन की शासकीय/अशासकीय विभागों की कितनी भूमि कुल कितनी राशि में किस फर्म/व्यक्ति को बेची गई? प्रत्येक का कारण सहित वर्षवार एवं जिलावार बतावें, क्या आगामी 03 वर्षों में किस जिला में किस स्थान की परिसंपत्ति बेचे जाने की कोई योजना है? यदि हाँ, तो विस्तृत ब्यौरा देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार विक्रय के पूर्व लोकहित में लायी जा रही बस स्टैंड व गरीब, बेसहारा व्यक्तियों के ठहरने हेतु बना रेन बसेरा तथा सुलभ शौचालय को तोड़कर ऐसी भूमि का विक्रय करने से उक्त लोकहित की सुविधाओं का निर्माण अन्य स्थानों पर अभी तक नहीं करवाने से चार पहिया वाहन अनुबंधित बसें मुख्य मार्ग पर खड़े होने से आए दिन हादसे हो रहे हैं इन हादसों का जिम्मेदार कौन है? उक्त प्रकार की विक्रय की गई भूमि से जनसुविधाओं की दृष्टि से अन्य स्थान पर लोकहित में निर्माण कार्य करवा कर, नवीन बस स्टैंड का संचालन कब तक करवाया जायेगा? यदि हाँ, तो समयावधि बतावें, यदि नहीं तो क्यों?
लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) शासकीय भूमि के विक्रय संबंधी नियम/आदेश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। विभाग के गठन वर्ष 2020 उपरांत विभाग द्वारा निर्वर्तित परिसम्पत्तियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। आगामी 3 वर्षों में परिसम्पत्तियों के निर्वर्तन के संबंध में वर्तमान में विभाग की कोई योजना नहीं है। (ख) इस विभाग द्वारा विभागीय पोर्टल पर अन्य विभागों द्वारा उनके प्रशासकीय स्वीकृति उपरांत इंद्राज की गई परिसम्पत्तियों को विभागीय साधिकार समिति से अनुमोदन प्राप्त कर, निविदा आमंत्रित कर, निर्वर्तन किया जाता है। अन्य गतिविधियों में विभाग की कोई भूमिका नहीं है।
ग्वालियर जिले में नल-जल योजना एवं पेयजल की आपूर्ति
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
68. ( क्र. 1723 ) श्री साहब सिंह गुर्जर : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) ग्वालियर जिले को वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के लिये नलकूप/हैण्डपम्प खनन का कितना लक्ष्य विभाग द्वारा आवंटित गया था? लक्ष्य के विरूद्ध खनन कार्य कहां-कहां पर कराया गया? बसाहटवार, ग्रामवार/पंचायतवार जानकारी उपलब्ध करावें? (ख) विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत क्या शत्-प्रतिशत घरों में नल से जल प्रदाय किया जा रहा है? यदि नहीं तो कारण बतावें? कब तक शत्-प्रतिशत घरों में नल से जल प्रदाय किया जावेगा? क्या नल-जल योजना से क्षतिग्रस्त सीसी रोडों की मरम्मत कराई गई? यदि हाँ, तो कार्यवार जानकारी देवें। यदि नहीं तो कब तक कराया जावेगा? (ग) ग्वालियर जिले में विभाग के भण्डार गृह में सिंगल फेस मोटर, केसिन, हैण्डपम्प हैण्डल, हैण्ड, राइजर पाइप, सिलेण्डर, बेरल आदि सामग्री की दिनांक 22/01/2026 की स्थिति में संख्यावार, इकाइवार उपलब्धता की जानकारी देवें? उपलब्ध सामग्री के उपयोग की क्या कार्ययोजना है? (घ) 14 ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा के जिन ग्रामों में नल-जल योजना नहीं है क्या उन ग्रामों/बसाहटों पर विभाग द्वारा नवीन हैण्डपम्प खनन का पृथक से लक्ष्य आवंटित किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक समय-सीमा बतावें? यदि नहीं तो कारण बतावें तथा इन बसाहटों में पेयजल प्रदाय की विभाग की क्या कार्ययोजना है?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) ग्वालियर जिले को वर्ष 2024-25 में 59 एवं वर्ष 2025-26 में 35 नलकूप/हैण्डपंप खनन का लक्ष्य आवंटित किया गया। लक्ष्य के विरुद्ध खनन कार्य बसाहटवार, ग्रामवार/पंचायतवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी नहीं। प्रश्नांकित विधानसभा क्षेत्र में 127 एकल ग्राम नल-जल योजनायें स्वीकृत हैं, जिनमें से 114 पूर्ण योजनाओं के ग्रामों के घरों में शत्-प्रतिशत जल प्रदाय किया जा रहा है। 13 योजनाओं के कार्य पूर्ण न होने के कारण घरों में शत्-प्रतिशत जल प्रदाय नहीं किया जा रहा है। प्रगतिरत योजनाओं के कार्य मार्च, 2026 तक पूर्ण होना लक्षित है, शेष कार्यवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। इसके अतिरिक्त समूह जल प्रदाय योजनाओं का कार्य वर्तमान में प्रगतिरत है, जिनकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ग) उपलब्ध सामग्री की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। सामग्री के उपयोग की कार्ययोजना नहीं बनाई जाती है, अपितु स्वीकृत योजनाओं एवं कार्यों के लिए सामग्री की आवश्यकता के आधार पर सामग्री का उपार्जन (क्रय) करके विभागीय भंडार गृह में प्राप्त किया जाता है, जहां से विभिन्न कार्यों के लिए आवश्यकतानुसार मांग के आधार पर इंडेंट के माध्यम से सामग्री प्रदाय की जाती है। (घ) प्रश्नांकित विधानसभा क्षेत्र के जिन ग्रामों में नल-जल योजना क्रियान्वित नहीं है, उन ग्रामों में पूर्व से स्थापित हैंडपंप के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में पेयजल प्रदाय किया जा रहा है। वर्तमान में हैण्डपंप हेतु अतिरिक्त लक्ष्य की आवश्यकता नहीं है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
आंगनवाड़ी केन्द्रों के संचालन की मॉनिटरिंग
[महिला एवं बाल विकास]
69. ( क्र. 1724 ) श्री साहब सिंह गुर्जर : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश की आंगनवाड़ी केन्द्रों में पोषण आहार वितरण एवं खिलौने तथा अन्य सामग्री उपलब्ध कराने/क्रय करने के क्या नियम-निर्देश है? नियम निर्देंशों की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) 01/01/2024 से प्रश्न दिनांक तक ग्वालियर जिले के आंगनवाड़ी केन्द्रों में पोषण आहार, खिलोने तथा अन्य सामग्री किस संस्था/एजेंसी द्वारा प्रदाय की गई है? आंगनवाड़ीवार संस्था/एजेंसी का नाम, पता सहित जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में आंगनवाड़ी केन्द्रों हेतु क्रय की गई सामग्री एवं क्रय उपरान्त सामग्री की गुणवत्ता का भौतिक सत्यापन रिपोर्ट की छायाप्रति प्रतियां उपलब्ध करावें तथा भौतिक सत्यापन किनके द्वारा किया गया? नाम, पदनाम सहित जानकारी देवें? (घ) विधानसभा क्षेत्र 14 ग्वालियर ग्रामीण अन्तर्गत आंगनवाड़ी केन्द्रों के संचालन की मॉनिटरिंग हेतु जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों द्वारा कब-कब निरीक्षण/भ्रमण किया गया? निरीक्षण/भ्रमण में क्या कमियां पाई गई? कमियां पाई जाने पर स्थानीय स्तर पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? आंगनवाड़ी केन्द्रवार निरीक्षण टीप की छायाप्रतियां उपलब्ध करावें। (ड.) विधानसभा 14 ग्वालियर ग्रामीण अन्तर्गत भवनविहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की ग्रामवार, आंगनवाड़ी केन्द्रवार उपलब्ध करावें तथा इन केन्द्रों पर नवीन भवन की स्वीकृति कब तक जारी की जावेगी? समय-सीमा बतावें।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) प्रदेश की आंगनवाड़ी केन्द्रों में पोषण आहार वितरण एवं खिलौने तथा अन्य सामग्री उपलब्ध कराने/क्रय करने के नियम-निर्देश की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) 01/01/2024 से प्रश्न दिनांक तक ग्वालियर जिले के आंगनवाड़ी केन्द्रों में पोषण आहार, प्रदाय की आंगनवाड़ीवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -क (1) अनुसार है एवं खिलौने तथा अन्य सामग्री प्रदाय की आंगनवाड़ीवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- क (2) अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में ग्वालियर जिले में आंगनवाड़ी केन्द्रों हेतु जिला स्तर से क्रय की गयी सामग्री की जानकारी एवं संचालनालय स्तर से प्राप्त सामग्री की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- क (2) अनुसार है। आंगनवाड़ी केन्द्रों हेतु जिला स्तर/संचालनालय स्तर से प्राप्त सामग्री का भौतिक सत्यापन क्रय समिति द्वारा किया गया है। भौतिक सत्यापन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- क (3) अनुसार है। आंगनवाड़ी केन्द्रों हेतु पूरक पोषण आहार प्राप्त करते समय गुणवत्ता का पंचनामा तैयार किया जाता है। परियोजनावार पंचनामा की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- क (4) अनुसार है। (घ) विधानसभा क्षेत्र 14 ग्वालियर ग्रामीण अंतर्गत आंगनवाड़ी केन्द्रों के संचालन की मॉनिटरिंग हेतु जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों (जिला कार्यक्रम अधिकारी, परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक) द्वारा आंगनवाड़ी केन्द्रवार किये गये निरीक्षण/भ्रमण एवं टीप की छायाप्रतियां की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-(ख) अनुसार है। (ड.) विधानसभा 14 ग्वालियर अंतर्गत भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की ग्रामवार आंगनवाड़ी केन्द्रवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- (ग) अनुसार है।
अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र में मांगलिक भवन की स्वीकृति
[अनुसूचित जाति कल्याण]
70. ( क्र. 1729 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग द्वारा अनुसूचित जाति बाहुल्य ग्रामों में मांगलिक भवन/सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा सागर में आयोजित कार्यक्रम में मान. मुख्यमंत्री जी द्वारा की गई थी? यदि हाँ, तो बतावें। (ख) यदि हाँ, तो प्रश्नांश (क) की घोषणा में विभाग द्वारा प्रश्न दिनांक तक कोई कार्यवाही की गई है तथा 15-15 लाख रू. की राशि से सामुदायिक भवन निर्माण ग्राम भैंसा वि.खं. सागर, गंभीरिया वार्ड क्र. 04 न.पा. मकरोनिया, कर्रापुर न.प. कर्रापुर, बम्होरीबीका वि.खं. सागर, नगर निगम सागर के वार्ड सुभाष नगर संतोषपुरा, राजीव नगर मछरयाई, संत रविदास वार्ड, भगवानगंज वार्ड एवं कुल्ल बहरोल वि.खं. बंडा के संबंध में की गई कार्यवाही से अवगत करावें। (ग) क्या प्रश्नांश (क) की घोषणा पर कार्यवाही करते हुये उक्त घोषणा की राशि में वृद्धि कर सामुदायिक भवन लागत 25-25 लाख रू. से निर्मित किये जाने की स्वीकृति प्रदाय करेगा? यदि हाँ, तो कब तक विस्तृत जानकारी देवें।
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा वर्ष 2017 क्र. बी-3425 सागर जिले के बण्डा, राजीव नगर (सागर) भैंसा, करीला, कर्रापुर, गंभीरिया के संत रविदास मंदिरों में सामुदायिक भवन एवं निर्माण हेतु प्रत्येक मंदिर को राशि रूपये 15.00 लाख दिये जायेंगे। (ख) तत्समय अनुसूचित जाति बस्ती विकास योजना में सीमित प्रावधान होने से कार्यवाही संभव नहीं हुई। (ग) वर्ष 2025-26 में योजनान्तर्गत सीमिट बजट प्रावधान होने से स्वीकृति संभव नहीं हे। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
शासकीय उचित मूल्य की दुकान पर खाद्यान्न सामग्री का वितरण
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
71. ( क्र. 1730 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय उचित मूल्य दुकान पर वितरित की जाने वाली राशन सामग्री उपभोक्ताओं को निर्धारित मात्रा में प्रदाय करने के लिए क्या निर्देश है? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित राशन दुकान पर मानक तौल कांटा/इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटा उपलब्ध है? जानकारी देवें तथा क्या राशन उपभोक्ताओं को प्रदाय राशन निर्धारित मात्रा से कम प्राप्त होने/कम तौल की शिकायत विभाग को प्राप्त हुई है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (क) में वर्णित मानक तौल कांटा/इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटा का विभाग द्वारा क्या समय-समय पर निरीक्षण/परीक्षण किया गया है? क्या विभाग राशन उपभोक्ता को प्रदाय सामग्री हो सके? इसके लिए विभाग अभियान/निर्देश जारी करेगा/(घ) प्रश्नांश (क) में वर्णित मानक तौल कांटा/इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटा का विभाग द्वारा क्या समय-समय पर निरीक्षण/परीक्षण किया गया है? क्या विभाग राशन उपभोक्ता को प्रदाय सामग्री हो सके? इसके लिए विभाग अभियान/निर्देश जारी करेगा?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) NFSA के पात्र परिवारों को उनकी पात्रता अनुसार राशन सामग्री का प्रदाय समय-समय पर शासन द्वारा निर्धारित दर एवं मात्रा में प्रदाय किये जाने हेतु लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 के तहत प्रावधान किये गये हैं। (ख) जी हाँ, प्रदेश की समस्त उचित मूल्य दुकानों पर मानक तौल कांटा/इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटा उपलब्ध है। सतना, मैहर एवं रीवा जिले में कुल 04 उचित मूल्य दुकानों के विक्रेताओं द्वारा कम राशन तौलने की शिकायत कार्यालय, निरीक्षक नापतौल (विधिक माप विज्ञान) रीवा,सतना/मैहर को प्राप्त हुयी थी, शिकायतवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ, नापतौल कार्यालय के द्वारा शासकीय उचित मूल्य दुकानों के मानक तौल कांटे/इलेक्टॉनिक तौल कांटे विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 के अनुसार प्रतिवर्ष निरीक्षण/परीक्षण उपरांत सत्यापित किये जाते है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी उत्तरांश (ग) अनुसार।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के अधिकारियों के खिलाफ लोकायुक्त की कार्यवाही
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
72. ( क्र. 1745 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्नकर्ता द्वारा पूर्व में पूछे गये प्रश्न के जवाब में यह बताया गया था कि कुछ अधिकारियों के ऊपर लोकायुक्त का प्रकरण दायर है अथवा जांच चल रही है? (ख) आखिरकार उन लोगों पर प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही हुई क्या वे आज भी अपने पद पर विराजमान है अगर हाँ तो क्या शासन के स्वास्थ्य विभाग में कोई ऐसी नियम लागू है कि लोकायुक्त प्रकरण दायर होने के बावजूद भी कोई अपने पद पर अनवरत बना रह सकता है। (ग) उक्त दोषी अधिकारियों के ऊपर कब तक कार्यवाही होगी एवं क्या उन पर दंडात्मक कार्यवाही हो सकती है क्या समयावधि बतावें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) प्रश्न में पूछे गए प्रश्न का क्रमांक एवं सत्र स्पष्ट नहीं किये जाने के कारण जानकारी दिया जाना संभव नहीं है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश '' क'' अनुसार।
दिव्यांगजनों के हितार्थ हेतु कैंप का संचालन
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
73. ( क्र. 1754 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तहसील मुख्यालय पर दिव्यांगजनों के परीक्षण, उपचार, दिव्यांगता का प्रमाण-पत्र, यू.डी.आई.डी. कार्ड बनाने एवं पात्र हितग्राही को आवश्यकता अनुसार कृत्रिम अंग वितरण करने के लिए कैंप कितने समय के अंतराल पर लगाए जाने का प्रावधान है? दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए इस प्रकार का कैंप अंतिम बार कब लगाया गया था? इन कैंपों के लगाने की सूचना के लिए प्रचार - प्रसार करने की व्यवस्था क्या होती है? (ख) नागदा खाचरोद में 80% से अधिक कितने दिव्यांगजनों को बैटरी चलित तीन पहिया साइकिल आज दिनांक तक दी गई है? संख्या बताने की कृपा करें। इन साइकिल को देने की नियम व प्रक्रिया क्या है? इसे यदि किसी दिव्यांग को प्राप्त करना हो तो इसके आवेदन की प्रक्रिया क्या है? (ग) क्या कैंप के अलावा तहसील मुख्यालय पर दिव्यांगजन परीक्षण, उचित उपचार या परामर्श और कृत्रिम अंग उपकरण वितरण की कोई स्थाई रूप से संस्थागत व्यवस्था भी संचालित की जाती है?
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) दिव्यांगजनों के प्रमाण-पत्र, यू.डी.आई.डी. बनाये जाने का कार्य लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग स्तर द्वारा किया जाता है। कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण वितरण का कार्य भारत सरकार की एडिप योजना अंतर्गत भारत सरकार द्वारा अधिकृत उपक्रम भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (ऐलिम्को) द्वारा जिले से समन्वय कर, आवश्यकता अनुसार समय-समय पर दिव्यांगजनों के चिन्हांकन एवं सहायक उपकरण वितरण शिविर का आयोजन किया जाता है। जिला उज्जैन में इस वित्तीय वर्ष में अंतिम बार शिविर दिनांक 07.11.2025 नगर पालिका खाचरोद में लगाया गया एवं समय-समय पर लगाये गये शिविरों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''क'' अनुसार। उक्त शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु जनसंपर्क विभाग एवं निकायों के स्थानीय संसाधनों के माध्यम से किया जाता है। (ख) वर्तमान तक नागदा खाचरोद में 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगजनों को प्रश्न दिनांक तक कुल 30 बैट्री चलित तीन पहिया साइकिल वितरित की गई है। कोई भी पात्र दिव्यांग मोटराइज्ड ट्राई साइकिल के लिए कार्यालय, जनपद पंचायत, नगर पालिका, नगर परिषद् और सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के जिला कार्यालय में आवेदन कर सकता है। आवेदक को समय-समय पर आयोजित होने वाले चिन्हांकन शिविर की सूचना सार्वजनिक माध्यम से हितग्राही को दे दी जाती है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ख'' अनुसार। (ग) जिला स्तर पर जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र के माध्यम से दिव्यांगजनों को विभाग द्वारा दिव्यांगजनों के हितार्थ संचालित योजनाओं का परामर्श, थेरेप्यूटिक्स सुविधाएं एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान किये जाने का प्रावधान है।
जल जीवन मिशन योजनांतर्गत जल की आपूर्ति
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
74. ( क्र. 1755 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नागदा-खाचरोद विधानसभा क्षेत्र के जल जीवन मिशन के अंतर्गत समस्त 87 गांव में एकल ग्राम नल-जल योजना का कार्य सितंबर 2025 तक पूर्ण किया जाना लक्षित था, वर्तमान में कार्य पूर्णता की क्या स्थिति है? (ख) अब तक कितने ग्रामों में कार्य पूर्ण हो चुका है और संचालित हो रही योजना के अंतर्गत ऐसे कितने गाँव हैं जिनमें ट्यूबवेल में पानी अपर्याप्तता की स्थिति में है? मार्च-अप्रैल के लगभग पर्याप्त पानी नहीं रहने के कारण टंकी नहीं भर पाती जिससे सुचारू रूप से जल का वितरण घरों तक नहीं हो पाता है? कृपया ऐसे घरों की संख्या व स्थान बतावें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) 87 ग्रामों में कार्य पूर्ण हो चुका है। (ख) 87 ग्रामों में कार्य पूर्ण हो चुका है एवं संचालित हो रही समस्त 87 योजनाओं के अंतर्गत ऐसे 25 गाँव है, जिनमें मार्च-अप्रैल में अस्थायी रूप से नलकूपों की जल आवक क्षमता कम होने के कारण नियमित रूप से पेय-जल टंकियां पर्याप्त नहीं भर पाती हैं, जिससे पेय-जल वितरण में कठिनाई उत्पन्न होती है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
प्रशासकीय स्वीकृति के बिना नलकूप खनन
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
75. ( क्र. 1764 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या तारांकित प्रश्न क्र. 188 दिनांक 01/08/2025 के उत्तरांश (घ) में विभाग द्वारा प्रपत्र-3 में विभाग द्वारा योजनाओं में खनित नलकूपों में साधारण एवं ग्रेवेल पैक नलकूपों की प्रशासकीय स्वीकृति का उल्लेख किया गया है किंतु उक्त संदर्भित प्रश्न में कॉम्बीनेशन रिग मशीन द्वारा खनित किए गए नलकूपों के प्रशासकीय स्वीकृति की भी जानकारी मांगी गई थी? (ख) संदर्भित प्रश्न के उत्तरांश (ख) में विभाग में यह माना है कि 34 नलकूपों का खनन कॉम्बीनेशन रिग मशीन द्वारा कराया गया है तो क्या विभाग के पास कॉम्बीनेशन रिग मशीन से नलकूप खनन कराने की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त थी? यदि हाँ, तो प्रशासकीय स्वीकृति की प्रति दें। यदि नहीं तो क्या विभाग में बिना प्रशासकीय स्वीकृति के भी नलकूप खनित कराए जाने का प्रावधान है तथा उक्त प्रशासकीय स्वीकृति की जानकारी प्रश्नाधीन प्रश्न के उत्तर में क्यों छुपाई गई? स्पष्ट करें। (ग) क्या कटनी जिले में हुए इस भ्रष्टाचार में जिले के विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की संलिप्तता मानते हुए क्या दोषियों को चिन्हित कर सेवा नियमों के तहत दंड़ित किया जाएगा? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी नहीं, तारांकित प्रश्न क्र. 188, दिनांक 01.08.2025 के उत्तरांश (घ) में विभाग द्वारा प्रपत्र-3 में नल-जल योजना की प्रशासकीय स्वीकृति का उल्लेख किया गया है। नल-जल योजना के अंतर्गत नलकूप खनन करने हेतु पृथक से प्रशासकीय स्वीकृति जारी नहीं की जाती है। यह कार्ययोजना के अवयव में ही सम्मिलित रहता है। (ख) नल-जल योजना की डी.पी.आर. में योजनांतर्गत प्रस्तावित नलकूप स्रोत तथा अन्य प्रस्तावित अवयव सम्मिलित किए जाते हैं, अवयववार प्रशासकीय स्वीकृति जारी नहीं की जाती है, अपितु योजना की डी.पी.आर. में प्रस्तावित लागत राशि की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जाती है, इस प्रकार प्राप्त प्रशासकीय स्वीकृति के आधार पर योजना की डी.पी.आर. में स्वीकृत अवयवों के कार्य स्थल अनुरूप कराये जाते हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
समर्थन मूल्य पर मक्का की खरीदी
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
76. ( क्र. 1768 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश सरकार द्वारा रबी सीजन के मक्का का पंजीयन कराकर, गेहूँ की तरह समर्थन मूल्य पर शासकीय खरीदी कराने का कोई निर्णय प्रस्तावित है? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) महाराष्ट्र सरकार द्वारा मक्का के 50 क्विंटल प्रति एकड़ तक खरीदी तथा कर्नाटक सरकार द्वारा भी मक्का की खरीदी समर्थन मूल्य पर की गई है, तो मध्यप्रदेश सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर खरीदी क्यों नहीं की जा रही है? (ग) क्या प्रदेश सरकार अप्रैल माह में रबी सीजन में मक्का खरीदी हेतु केन्द्र सरकार से अनुमति/अनुमोदन मांगने जा रही है? यदि नहीं, तो क्यों? कारण स्पष्ट करें। (घ) वर्तमान में मक्का का बाजार भाव 1350 से 1500 रूपये प्रति क्विंटल (अधिकतम लगभग 1540 रूपये प्रति क्विंटल) होने से किसानों को भारी नुकसान हो रहा है, जबकि समर्थन मूल्य 2400 रूपये प्रति क्विंटल है। ऐसी स्थिति में किसानों के हित में मक्का खरीदी सुनिश्चित करने हेतु प्रदेश सरकार द्वारा क्या तात्कालिक कार्यवाही की जाएगी? स्पष्ट करें। (ड.) रबी मक्का की खरीदी हेतु केन्द्र सरकार को कब तक प्रस्ताव भेजा जावेगा? स्पष्ट करें एवं हरदा जिले में कितने खरीदी केन्द्र व कितनी लक्ष्य खरीदी मात्रा निर्धारित की जावेगी? जानकारी उपलब्ध करावें।
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) प्रदेश में रबी सीजन में किसानों द्वारा उत्पादित मक्का को समर्थन मूल्य पर उपार्जन पूर्व वर्षों में कभी नहीं किए जाने से उपार्जन प्रस्तावित नहीं है। भारत सरकार की नीति अनुसार खरीफ विपणन वर्ष में समर्थन मूल्य पर उपार्जित मक्का को लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पात्र परिवारों को वितरण की अनिवार्यता, सरप्लस मक्का को केन्द्रीय पूल में प्राप्त न करने, मक्का की सेल्फ लाइफ सीमित होने तथा मक्का उपार्जन मात्रा अनुसार लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली में खपत न होने के कारण विगत वर्षों से मक्का का उपार्जन नहीं होता रहा है। (ख) से (ड.) जानकारी उत्तरांश (क) अनुसार।
विद्यालयों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों में पेय-जल व्यवस्था
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
77. ( क्र. 1784 ) श्री महेश परमार : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जल-जीवन मिशन अंतर्गत उज्जैन जिले के किन-किन शासकीय विद्यालयों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों में विगत चार वर्षों में (2022-23, 2023-24, 2024-25, 2025-26) पेय-जल व्यवस्था हेतु पावरपम्प एवं अन्य उपकरणों के संचालन के लिए आवश्यक विद्युत संयोजन स्वीकृत प्रावधानों के अनुसार किया गया है? संबंधित संस्थाओं की नामवार सूची, लगाए गए पावरपम्प/उपकरणों की संख्या, कार्यादेश, स्वीकृत एवं व्यय राशि का पूर्ण विवरण क्या है? (ख) उपरोक्त संस्थानों में पेय-जल आपूर्ति हेतु प्रयुक्त सामग्री (पाइप, मोटर, टंकी, केबल आदि) कौन-कौन सी है, जिन्हें निविदा शर्तों एवं आई.एस.आई./BIS मापदण्डों के अनुसार लगाया गया? उनका भौतिक सत्यापन विवरण क्या है? (ग) सामग्री की गुणवत्ता की जांच किन-किन तृतीय-पक्ष/निरीक्षण एजेंसियों (जैसे SGS, CIPET) द्वारा वर्षवार कराई गई है? सभी जांच/टेस्ट रिपोर्ट प्रस्तुत करने की स्थिति क्या है? (घ) क्या उक्त निर्माण कार्य महिला एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारियों तथा शिक्षा विभाग के शिक्षक/शाला प्रभारी/प्रधानाचार्य की उपस्थिति में कराए गए? यदि हाँ, तो उनकी जानकारी कब तक सदन पटल पर रखी जाएगी? (ड.) आई.सी. अंतर्गत एजेंसियों/अशासकीय संस्थाओं, ठेकेदारों के नाम, कार्य का प्रकार (वॉल पेंटिंग, नुक्कड़ नाटक, सेमिनार आदि), स्वीकृत राशि, कार्यादेश तिथि, भुगतान राशि वर्षवार, कार्यवार जानकारी दें। (च) उक्त कार्यों हेतु टेंडर प्रत्यक्ष नामांकन की प्रक्रिया क्या अपनाई गई? यदि टेंडर हुए तो टेंडर संख्या, प्रकाशन तिथि, माध्यम, प्राप्त बोलियों की संख्या एवं चयन का औचित्य सहित उत्तर देवें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) शासकीय विद्यालयों एवं आंगनवाड़ी केन्द्रों में विगत चार वर्षों में (2022-23, 2023-24, 2024-25, 2025-26) में पेय-जल व्यवस्था हेतु पावरपम्प एवं अन्य उपकरणों के संचालन के लिए विद्युत संयोजन संबंधित शाला/आंगनवाड़ी उपभोक्ता संस्था द्वारा विद्युत वितरण कंपनी से अनुबंध निष्पादित करके लगवाया जाता है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) पेय-जल आपूर्ति हेतु प्रयुक्त सामग्री (पाइप, मीटर, टंकी, केबल आदि) अनुबंध में उल्लेखित मेक व तृतीय पक्ष एजेंसी जैसे - SGS, CIPET एवं अन्य अधिकृत संस्थाओं से निरीक्षण कराकर प्राप्त किया गया है, प्रदाय एवं कार्यों का भौतिक सत्यापन विभागीय अमलों एवं तृतीय पक्ष निरीक्षण (TPI) संस्था द्वारा किया गया है। (ग) कार्यों में प्रयुक्त विभिन्न सामग्री की गुणवत्ता का निरीक्षण CIPET, RITES, IRS, EIL, SGS, एजेंसी द्वारा कराया गया है, उक्त एजेंसियों द्वारा जांच/टेस्ट रिपोर्ट विभाग को उपलब्ध कराई गई है। (घ) महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनवाड़ी संस्थाओं में संबंधित संस्था के प्रभारी/कर्मचारी तथा शिक्षा विभाग की शालाओं में संबंधित शाला के शिक्षक/शाला प्रभारी/प्रधानाचार्य की उपस्थिति में कार्य कराए गए हैं, कार्य पूर्ण होने के उपरांत उपरोक्तानुसार विभागों की स्कूल/आंगनवाड़ी संस्था के प्रभारी/संचालनकर्ता को हस्तांतरण रिपोर्ट दी गई है, उदाहरण स्वरूप शाला/आंगनवाड़ी के पेय-जल कार्य की हस्तांतरण रिपोर्ट की नमूना प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ड.) एवं (च) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
वन ग्रामों में व्यक्तिगत वन अधिकार के दावे
[जनजातीय कार्य]
78. ( क्र. 1803 ) श्री संजय उइके : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जनवरी 2008 से लागू वन अधिकार कानून 2006 की धारा 2 (च) एवं धारा 3 (1) ज के स्पष्ट प्रावधानों के बाद भी वन ग्रामों में व्यक्तिगत वन अधिकार के दावे आमंत्रित कर उन्हें मान्य, अमान्य करने की विधि विरूद्ध की गई कार्यवाही को रोका जाकर राज्य मंत्रालय के पत्र क्रमांक एफ-2-4/2014/सात/-7/261 दिनांक 30/05/2022 से वन ग्रामों को राजस्व ग्राम का दर्जा देने की कार्यवाही के आदेश, निर्देश जारी किए है? (ख) दिनांक 30/05/2022 के पूर्व कितने वन ग्रामों की कितनी भूमि के कितने दावे प्राप्त हुए, उनमें से कितनी भूमि के कितने दावे मान्य किए, कितनी भूमि के कितने दावे अमान्य किए? आदिवासी एवं गैर आदिवासियों की पृथक-पृथक जिलेवार जानकारी दें। (ग) दिनांक 30/05/2022 के पूर्व वन ग्रामों के दावे, मान्य करने, अमान्य करने की विधि विरूद्ध की गई कार्यवाही के लिए शासन किसे जिम्मेदार एवं दोषी मानता है? दिनांक 30/05/2022 को पत्र जारी कर वन ग्रामों को राजस्व ग्राम का दर्जा देने की कार्यवाही का शासन क्या -क्या कारण मानता है? पृथक-पृथक बतावें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। वन अधिकार अधिनियम की धारा 2 (च) में वन ग्रामों को परिभाषित किया गया है तथा धारा 3 (1) (ज) में वन ग्रामों, पुराने आवासों असर्वेक्षित ग्रामों और अन्य ग्रामों के बसने और संपरिवर्तन के अधिकार उल्लेखित है। मध्यप्रदेश शासन राजस्व विभाग के पत्र क्रमांक एफ-2-4/2014/सात/-7/261 दिनांक 30/05/2022 के द्वारा राजस्व भूमि के वन क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परम्परागत वर्ग के वन निवासियों को जारी किये गये वन अधिकारों का राजस्व विभाग के अभिलेखों के संधारण एवं प्रबंधन के संबंध में जारी किये गये दिशा-निर्देश हैं, जिनका वन ग्रामों के विषय से कोई संबंध नहीं है। मध्यप्रदेश शासन राजस्व विभाग के पत्र क्रमांक एफ-2-4/2014/सात/-7/261 दिनांक 30/05/2022 का पत्र पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – एक अनुसार है। (ख) वन ग्रामों में जनजातीय एवं गैर जनजातीय वर्ग के प्राप्त, मान्य, अमान्य दावों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – दो अनुसार है। (ग) उत्तरांश 'क' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। मध्यप्रदेश शासन राजस्व विभाग के पत्र क्रमांक एफ-2-4/2014/सात/-7/261 दिनांक 30/05/2022 के द्वारा राजस्व भूमि के वन क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परम्परागत वर्ग के वन निवासियों को जारी किये गये वन अधिकारों का राजस्व विभाग के अभिलेखों के संधारण एवं प्रबंधन के संबंध में जारी किये गये दिशा-निर्देश है, जिनका वन ग्रामों के विषय से कोई संबंध नहीं है।
जल निस्पंदन एवं ट्रीटमेंट प्लांट का संचालन
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
79. ( क्र. 1808 ) डॉ. विक्रांत भूरिया : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश के समस्त जिलों में विभाग के अंतर्गत कितने Water Filtration/ट्रीटमेंट प्लांट ग्रामीण क्षेत्रों हेतु संचालित है और ये कितने वर्ष पुराने हैं तथा विभाग के अंतर्गत इन ट्रीटमेंट प्लांट से संचालित "Water Supply " की Pipe लाइन कितने वर्ष पुरानी है? विस्तृत जानकारी प्रदान करें। (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में वर्ष 2015 से 2025 तक विभाग ने "Water Filtration/ट्रीटमेंट प्लांट और Pipe लाइन के रख-रखाव और संचालन में कितना खर्चा प्रति वर्ष करा गया है और कितना बजट प्रतिवर्ष था? जिलेवार विस्तृत जानकारी प्रदान करें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 एवं 02 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 एवं 03 अनुसार है।
नल-जल योजना अंतर्गत किये गये कार्यों का विवरण
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
80. ( क्र. 1817 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र सिवनी अंतर्गत जल जीवन मिशन में कुल कितनी नल-जल योजना किन-किन ग्रामों में कितनी लागत से कब से संचालित है? कुल योजनाओं में से कितनी वर्तमान में चालू हैं? कितनी बंद है, तो क्यों बंद है? कॉलमवार, तिथिवार जानकारी देवें। (ख) क्या अधिकतम ग्रामों के दूरस्थ टोलों, मजरों में नल-जल योजना की पाइप-लाइन नहीं होने से बसाहट वाले ग्रामीणों को शुद्ध जल नहीं मिल पा रहा है जबकि ऐसे मजरों-टोलों में नवीन हैण्डपम्प खनन का प्रावधान भी शासन द्वारा निरस्त कर दिया गया है? यदि हाँ, तो पाइप-लाइन या नवीन नल-जल योजना या नवीन हैण्डपम्प कब तक उपलब्ध कराये जावेंगे? (ग) क्या समस्त सिवनी जिले में जल में फ्लोराइट्स तथा अन्य अवांछनीय तत्वों की मिलावट है, जो कि लोगों के लिये घातक सिद्ध हो रहे है? शासन स्तर पर शुद्ध जल उपलब्ध कराने हेतु क्या-क्या प्रयास किये जा रहे हैं?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) विधानसभा क्षेत्र सिवनी अंतर्गत जल जीवन मिशन में एकल ग्राम नल-जल योजना अंतर्गत कुल 139 ग्रामों में नल-जल योजना संचालित है, जिनकी कुल लागत रु. 5646.14 लाख है, योजनाओं के चालू/बंद की स्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। इसके अतिरिक्त समूह जल प्रदाय योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार है। (ख) जी नहीं, विधानसभा क्षेत्र सिवनी अंतर्गत 51 योजनाओं को पुनरीक्षित कर ग्रामों के दूरस्थ/टोला/मजरों में पेय-जल व्यवस्था की जा रही है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ, विभाग द्वारा फ्लोराइड आधिक्य वाले विभागीय पेय-जल नलकूपों को कैप किया गया तथा जिन ग्रामों में वर्तमान में समुचित सुरक्षित वैकल्पिक पेय-जल स्रोत उपलब्ध नहीं हैं, उनमें फ्लोराइड रिमूवल यूनिट/प्लांट की स्थापना की गई है। वर्तमान में जिले के लगभग 50 प्रतिशत क्षेत्र में सतही स्रोत आधारित समूह योजना के माध्यम से पेय-जल उपलब्ध कराये जाने का प्रबंध किया जा रहा है। सिवनी विधानसभा अंतर्गत एकल योजनाओं में ग्राम सीलादेही एवं ग्राम तुलफ रैयत में फ्लोराइड रिमूवल प्लांट स्थापित किए गए हैं।
ग्रामीणों द्वारा रोजगार हेतु अन्य राज्य में पलायन
[जनजातीय कार्य]
81. ( क्र. 1818 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले में 50 प्रतिशत से अधिक आदिवासी परिवार महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, दिल्ली राज्यों में रोजगार के लिये पलायन क्यों कर रहे हैं? क्या शासन गरीबों को प्रदेश में और सिवनी जिले में रोजगार देने में विफल हो रही है, जिसके कारण ग्रामीणजन अपने घरों को छोडकर अन्य प्रदेशों में मजदूरी करने जा रहे हैं? (ख) क्या शासन-प्रशासन द्वारा स्थानीय स्तर पर पलायन कर रहे आदिवासियों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिये कोई योजना या सिवनी में कोई उद्योग खोलेगा जिससे लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सके? इस पर किसी प्रकार का विचार किया गया है? (ग) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) सही है तो रोजगार उपलब्ध कराने व पलायन कर रहे आदिवासियों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने हेतु कोई उद्योग परियोजना का निर्माण किया जा रहा है? यदि हाँ, तो जानकारी उपलब्ध करायें। यदि नहीं तो क्यों नहीं?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। सिवनी जिले में 50 प्रतिशत से अधिक आदिवासी परिवारों के राज्य से बाहर पलायन की जानकारी नहीं है। जी नहीं। जिले के अनुसूचित जनजाति वर्ग के व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु विभिन्न विभागों की अनेक योजनाएं संचालित हैं। विविरण संलग्न परिशिष्ट पर है। (ख) जिले के अनुसूचित जनजाति वर्ग के व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु विभिन्न विभागों की अनेक योजनाएं संचालित है। विविरण संलग्न परिशिष्ट पर है। (ग) जानकारी उत्तरांश (ख) अनुसार।
दिव्यांगजन को मिलने वाली पेंशन की जानकारी
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
82. ( क्र. 1822 ) श्री बाबू जन्डेल : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 की धारा 24 (1) के अनुसार प्रदेश में किसी भी योजना में दी जाने वाली सर्वाधिक राशि से कम से कम 25 प्रतिशत अधिक राशि दिव्यांगजनों को देने का प्रावधान है? यदि हाँ तो इस संबंध में मान. म.प्र. उच्च न्यायालय जबलपुर ने शासन को नियमों के तहत दिव्यांगजनों को दिव्यांग पेंशन देने बाबत् क्या आदेश दिया है? इस पर शासन ने कब-कब क्या कार्यवाही की है? (ख) प्रश्नकर्ता की जानकारी के अनुसार म.प्र. में दिव्यांगजनों को पेंशन 600 प्रतिमाह दी जा रही है जबकि अन्य राज्यों में आंध्रप्रदेश में 6000, हरियाणा में 3000, दिल्ली में 2500 की तुलना में म.प्र. में बहुत कम पेंशन राशि दी जा रही है? यदि हाँ तो शासन द्वारा पेंशन राशि को कब तक बढाने पर निर्णय लिया जावेगा? (ग) क्या प्रदेश में भाजपा ने वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान अपने घोषणा पत्र में दिव्यांगजनों को राशि 1500 रूपये पेंशन देने का वादा किया था? यदि हाँ तो शासन इसका कब तक पालन करेगा? यदि नहीं तो क्यों? (घ) श्योपुर जिले में कुल कितने दिव्यांग/वृद्ध/विधवा/निराश्रित लोग हैं? विकासखण्डवार सूची सहित जानकारी उपलब्ध करावें।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जी हाँ। राज्य शासन द्वारा समस्त पेंशन योजनाओं में पात्र दिव्यांगजनों को पेंशन राशि रुपये 600/- प्रदाय की जा रही है। माननीय उच्च न्यायालय, खण्ड पीठ इंदौर के रिट याचिका क्रमांक/WP/No-23923/2023 में पारित निर्णय/निर्देश दिनांक 26.08.2023 के संबंध में विभाग द्वारा जारी स्पीकिंग ऑर्डर पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'द' अनुसार है। (ख) जी हाँ। राज्य शासन द्वारा अपने सीमित वित्तीय संसाधनों के अंतर्गत इस प्रकार की वृद्धि का निर्णय लिया जाता है। (ग) जी हाँ। उत्तरांश (ख) अनुसार। (घ) श्योपुर जिले के स्पर्श पोर्टल से विकास खंडवार प्राप्त सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ', 'ब' एवं 'स' अनुसार।
उचित मूल्य की दुकानों का संचालन
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
83. ( क्र. 1825 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय उचित मूल्य की दुकानों के संचालन के क्या नियम, निर्देश, आदेश हैं? छायाप्रति उपलब्ध करावें। समितियों के दुकान संचालन हेतु क्या-क्या मापदण्ड एवं अर्हताएं हैं? एक समिति कितनी दुकानों का संचालन कर सकती है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में विकासखण्ड सिरोंज लटेरी में कहाँ-कहाँ शासकीय उचित मूल्य की दुकानों का संचालन किया जा रहा है एवं इन दुकानों का संचालन कौन-कौन सी समिति एवं विक्रेता द्वारा किया जा रहा है एवं इनकी नियुक्ति किन-किन अधिकारियों द्वारा की गई है? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में शासकीय उचित मूल्य की दुकान विकासखण्ड लटेरी की रूसिया, मलनिया, शहरखेड़ा, धरगा, वीरपुर कलां तथा विकासखण्ड सिरोंज की रतनबर्री, देवपुर, बांसखेड़ी गूगल, कचनारिया, कांजीखेड़ी, महू, साकलोन, अमीरगढ़, दुकान कोड क्र. 2706069, 2706062 के द्वारा की जा रही आर्थिक अनियमितताओं की जांच विभाग द्वारा कब तक करवा ली जावेगी? समय-सीमा बतावें। यदि नहीं तो क्यों?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) शासकीय उचित मूल्य की दुकानों के संचालन संबंधी प्रावधान मध्यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 में विहित हैं। उक्त नियंत्रण आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। नगरीय क्षेत्र में एक सहकारी समिति/संस्था को एक से अधिक उचित मूल्य की दुकान का आवंटन न करने का प्रावधान उक्त नियंत्रण आदेश में किया गया है, परन्तु ग्रामीण क्षेत्र में समितियों द्वारा संचालित की जाने वाली अधिकतम दुकानों की संख्या का प्रावधान नहीं है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (ग) प्रश्नांकित उचित मूल्य दुकानों की आर्थिक अनियमितता के संबंध में जांच करा ली गई है। शेष भाग का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
लाड़ली बहना योजनांतर्गत हितग्राहियों की समस्या का निराकरण
[महिला एवं बाल विकास]
84. ( क्र. 1828 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में कुल ऐसी कितनी लाड़ली बहना हितग्राही हैं जिनकी समग्र आई.डी. डिलीट होने के कारण उनको भुगतान प्राप्त होना बंद हो गया? कुल संख्या बतावें तथा विधानसभा क्षेत्र जौरा की सूची उपलब्ध कराएं। (ख) क्या प्रश्नांश (क) अनुसार लाड़ली बहना हितग्राहियों को पुनः भुगतान प्रारंभ किया जाएगा? यदि हाँ, तो इसकी क्या प्रक्रिया होगी? (ग) लाड़ली बहना योजना में 20 अगस्त 2023 के बाद नया पंजीयन नहीं करने का निर्णय मंत्रि-मंडल स्तर पर लिया गया या प्रशासन स्तर पर लिया गया? इस संदर्भ में बनाई गई नोटशीट की प्रति देवें। (घ) मार्च 2023 से जनवरी 2026 तक लाड़ली बहना के विज्ञापन पर किए गए खर्च की माहवार जानकारी दें। पंजीयन बंद हैं तो फिर लगातार विज्ञापन कर करोड़ों का खर्च का उद्देश्य क्या है? (ड.) क्या लाड़ली बहना को वर्ष 2028 से ₹ 3000 प्रतिमाह आर्थिक सहायता देना प्रस्तावित है? क्या शासकीय दस्तावेज में लाड़ली बहना को वर्ष 2028 से ₹ 3000 प्रतिमाह दिए जाने की घोषणा शामिल है?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) 25, 395 लाड़ली बहनों का समग्र आई.डी. डिलीट होने के कारण भुगतान बंद है। विधानसभा क्षेत्र जौरा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-01 अनुसार है। (ख) जी हाँ। लाड़ली बहना हितग्राही द्वारा KYC कराकर समग्र ID रिकवर करायी जाती है, समग्र ID रिकवर होने पर भुगतान स्वत: प्रारंभ हो जाता है। (ग) 20 अगस्त 2023 के बाद नवीन पंजीयन करने के सम्बंध में निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। अत: शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। योजना का प्रचार-प्रसार केवल पंजीयन कार्य तक सीमित न होने से शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) वर्तमान में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। जी नहीं।
जिला उपभोक्ता आयोगों के अध्यक्षों की नियुक्ति
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
85. ( क्र. 1829 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश के अधिकांश जिलों में उपभोक्ता आयोग के अध्यक्षों के पद रिक्त हैं एवं एक अध्यक्ष पर एक से अधिक जिलों का प्रभार है? यदि हाँ, तो प्रदेश के कुल कितने जिलों में उपभोक्ता आयोगों में अध्यक्ष पद रिक्त हैं एवं कितने जिलों के अध्यक्षों उसके पास एक से अधिक जिलों का प्रभार है? सूची उपलब्ध कराएं। (ख) क्या वर्ष 2018 में सरकार द्वारा जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्षों की नियुक्ति हेतु आश्वासन दिया गया था? यदि हाँ, तो वर्ष 2018 के उपरांत जिला उपभोक्ता आयोगों के अध्यक्षों के नियुक्ति हेतु कब एवं क्या कार्यवाही की गई एवं कितने जिलों में अध्यक्षों की नियुक्ति की गई? संपूर्ण विवरण उपलब्ध कराएं। (ग) वर्ष 2018 से वर्ष 2025 तक जिला उपभोक्ता आयोग मुरैना में कुल लंबित प्रकरणों की संख्या कितनी है? वर्षवार एवं जिलेवार उपलब्ध कराएं। (घ) जिला मुरैना में जनवरी 2026 की स्थिति में ऐसे कितने प्रकरण हैं जो एक वर्ष अथवा अधिक अवधि से लंबित हैं?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जी हाँ, वर्तमान में जिला उपभोक्ता आयोग हेतु अध्यक्षों के 25 पद स्वीकृत हैं, जिसमें 07 पद रिक्त हैं। जिलों के प्रभार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है (ख) वर्ष 2018 के उपरांत शासन द्वारा 24 अध्यक्षों के पदों पर नियुक्ति की गई है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (ग) वर्ष 2018 से वर्ष 2025 तक जिला उपभोक्ता, आयोग मुरैना में कुल लंबित प्रकरणों की संख्या 561 है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है। (घ) जिला उपभोक्ता आयोग मुरैना में जनवरी, 2026 की स्थिति में एक वर्ष अथवा अधिक अवधि से लंबित प्रकरणों की संख्या 367 है।
धार जिले के आंगनवाड़ी केन्द्रों का निर्माण
[महिला एवं बाल विकास]
86. ( क्र. 1833 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्नकर्ता द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी, माननीया मंत्री जी एवं विभाग को मनावर विधानसभा क्षेत्र में भवन विहीन 208 आंगनवाड़ी केंद्रों में आंगनवाड़ी भवन के प्राक्कलन तैयार कर राशि स्वीकृत किए जाने बाबत् लिखे पत्र पर प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? (ख) कब तक मनावर विधानसभा क्षेत्र में भवन विहीन 208 आंगनवाड़ी केंद्रों में आंगनवाड़ी भवन के प्राक्कलन तैयार कर राशि स्वीकृत की जाएगी? समय-सीमा सहित बतावें। भवन विहीन आंगनवाड़ी केंद्रों को योजनाओं का सही ढंग से निष्पादन करने में क्या-क्या परेशानी होती है? (ग) किस-किस योजना के तहत मनावर और उमरबन विकासखंड में वर्ष 2022-23 से निर्माणाधीन आंगनवाड़ी भवन, आजीविका भवन निर्माण कार्य पूर्ण करने के लिये दूसरी किश्त की राशि प्रश्न दिनांक तक जारी नहीं किए जाने का कारण बतावें। कब तक राशि जारी की जाएगी? समय-सीमा सहित बतावें। (घ) विगत पांच वर्षों में किन-किन योजनाओं के तहत किन-किन आंगनवाड़ी केंद्रों में आंगनवाड़ी भवन स्वीकृत किए गए? सूची सहित बतावें एवं वर्तमान में उनकी स्थिति बतावें। (ङ) धार जिले के किन-किन आंगनवाड़ी केंद्र के अंतर्गत कितने प्रतिशत बच्चे कुपोषित हैं, कितने आदिवासी वर्ग से एवं कितने अन्य वर्ग से हैं? पृथक-पृथक सूची सहित बतावें। पोषण आहार का क्या प्रावधान है? पोषण आहार वितरण की निगरानी के लिए क्या-क्या प्रावधान है और निगरानी कैसे की जाती है? विगत पांच वर्षों की निगरानी रिपोर्ट की प्रति देवें।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) माननीय मंत्री जी को प्रेषित पत्र में उल्लेखित 208 आंगनवाड़ी केंद्रों में से राज्य आयोजना मद से 03 तथा आदि आदर्श ग्राम योजना अंतर्गत 30 भवनों की स्वीकृति हो चुकी है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–अ अनुसार है। (ख) विभागीय शासकीय भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिए नवीन आंगनवाड़ी भवनों की स्वीकृति वित्तीय संसाधनों एवं भूमि उपलब्धता के आधार पर दी जाती है। यह आंगनवाड़ी भवन विहीन नहीं है, स्वयं के शासकीय भवन नहीं होने से अन्य शासकीय/किराये के भवनों में संचालित किये जाते है, अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं है। (ग) मनावर और उमरबन विकासखंड में वर्ष 2022-23 से निर्माणाधीन आंगनवाड़ी भवन की दूसरी किश्त की राशि नियमित रूप से जारी की गई। (घ) विगत पांच वर्षों में विभिन्न योजनाओं में स्वीकृत आंगनवाड़ी भवनों की योजनावार, केन्द्रवार एवं वर्तमान में उनकी स्थिति सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–ब अनुसार है। (ड.) आंगनवाड़ी केन्द्र के अंतर्गत कुपोषित बच्चों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–स अनुसार है। पोषण ट्रेकर एप पर वर्गवाइज बच्चों का विकल्प नहीं होने से वर्गवाइज जानकारी उपलब्ध नहीं है। आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषण ट्रैकर अंतर्गत पंजीकृत 06 माह से 03 वर्ष के बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा धात्री माताओं को टेक होम राशन तथा आंगनवाड़ी केंद्रों में 03 से 06 वर्ष के बच्चों को माह में औसतन 25 दिवस नाश्ता एवं गर्म पका भोजन प्रदाय किया जाना प्रावधानित है तथा माह में औसतन 04 दिवस 06 माह से 03 वर्ष के बच्चों को नाश्ता एवं गर्म पका भोजन तथा गर्भवती एवं धात्री माताओं को गर्म पका भोजन प्रदाय किया जाता है। आंगनवाड़ी स्तर पर पूरक पोषण आहार व्यवस्था की निगरानी ग्राम सभा स्वस्थ ग्राम तदर्थ समिति तथा सहयोगिनी मातृ समिति के सदस्यों द्वारा की जाती है। समय-समय पर विभागीय अधिकारियों/पर्यवेक्षक द्वारा भी निगरानी की जाती है। विभागीय अधिकारी/पर्यवेक्षक द्वारा की गई निगरानी सम्पर्क एप के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज किया जाता है। कोई रिपोर्ट नहीं बनाई जाती है।
राज्य में आदिवासी उपयोजना से प्राप्त राशि का विवरण
[जनजातीय कार्य]
87. ( क्र. 1834 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत पांच वर्षों में आदिवासी उपयोजना के तहत केंद्रीय मद से कितनी राशि राज्य शासन को प्राप्त हुई? राज्य शासन ने कुल कितनी राशि इस योजना के तहत आवंटित की? वर्षवार प्रति सहित बतावें। (ख) विगत पांच वर्षों में किन-किन विभागों के माध्यम से आदिवासी उपयोजना की कितनी-कितनी राशि खर्च की गई? कितनी राशि आवंटित की गई? कितनी राशि लेप्स होने पर अन्य मदों में ट्रांसफर की गई? वर्षवार ब्यौरा देवें। (ग) आदिवासी उपयोजना की राशि खर्च करने के लिए केंद्र सरकार और मध्यप्रदेश सरकार की क्या-क्या नियमावली बनी है? किस नियमावली के तहत विगत पांच वर्षों में किन-किन मदों में कहाँ-कहाँ कितनी-कितनी राशि खर्च की गई? (घ) आदिवासी उपयोजना की राशि सामान्य क्षेत्रों/सामान्य मदों में खर्च किया गया? यदि हाँ, तो क्यों? किस नियम के तहत? जहां-जहां राशि खर्च की गई, उसकी डिटेल्ड जानकारी देवें। (ङ) आदिवासी उपयोजना की राशि का दुरुपयोग होता है और अन्य विभागों या अन्य मदों में ट्रांसफर किया जाता है, किस नियम के तहत कार्यवाही के क्या प्रावधान है? (च) आदिवासी उपयोजना की राशि खर्च करने में आदिवासी विधायकों से विचार-विमर्श नहीं किया जाता ताकि राशि को लेप्स करके अन्य मदों में खर्च किया जा सके? यदि नहीं तो उपयोजना की राशि के लेप्स होने या अन्य मदों में ट्रांसफर होने से रोकने के लिए शासन क्या कार्यवाही कर रहा है?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) विगत पांच वर्षों में जनजातीय उपयोजना के तहत केंद्रीय मद से राज्य शासन को प्राप्त एवं आवंटित की गई राशि की विभागवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''एक'' अनुसार है। भारत सरकार द्वारा जारी की गई राशि की विभागवार जानकारी वित्त विभाग की वेबसाइट https://finance.mp.gov.in/goi पर वर्षवार उपलब्ध है। (ख) विगत पांच वर्षों में जनजातीय उपयोजना के तहत केंद्रीय मद की आवंटित एवं खर्च की गई राशि की जानकारी तथा राशि लेप्स होने पर अन्य मदों में ट्रांसफर की गई राशि की वर्षवार एवं विभागवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''एक'' अनुसार है। (ग) विषय के संबंध में भारत सरकार योजना आयोग द्वारा गाइड-लाइन्स दिनांक 18-06-2014 जारी की गई है। मध्यप्रदेश शासन वित्त विभाग के आदेश दिनांक 17-11-2016 वित्तीय वर्ष 2017-18 से आयोजना एवं आयोजनेत्तर का विभेदीकरण समाप्त किन्तु पैरा 5 अनुसार जनजातीय वर्गों के कल्याण के लिये व्यय की जा रही धनराशि का समुचित अनुश्रवण के निर्देश है। वर्षवार एवं विभागावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''दो'' अनुसार है। (घ) प्रश्नांकित अवधि की वर्षवार एवं विभागवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''दो'' अनुसार है। (ड.) मध्यप्रदेश शासन वित्त विभाग के आदेश दिनांक 17-11-2016 वित्तीय वर्ष 2017-18 से आयोजना एवं आयोजनेत्तर का विभेदीकरण समाप्त किन्तु पैरा 5 अनुसार जनजातीय वर्गों के कल्याण के लिये व्यय की जा रही धनराशि का समुचित अनुश्रवण के निर्देश का पालन किया जाता है। जनजातीय उपयोजना की राशि का दुरूपयोग/अनियमितता से संबंधित कोई तथ्य प्रकाश में नहीं आए है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (च) जनजातीय सलाहकार परिषद् (टी.ए.सी.) भारतीय संविधान की पांचवी अनुसूची/(अनुच्छेद 244 (1) के तहत अनुसूचित क्षेत्रों वाले राज्यों के लिए अनिवार्य एक वैधानिक निकाय है, जिसका उद्देश्य विषय के संबंध में राज्यपाल को सलाह देना है। मध्यप्रदेश शासन वित्त विभाग के आदेश दिनांक 17-11-2016 वित्तीय वर्ष 2017-18 से आयोजना एवं आयोजनेत्तर का विभेदीकरण समाप्त किन्तु पैरा 5 अनुसार जनजातीय वर्गों के कल्याण के लिये व्यय की जा रही धनराशि का समुचित अनुश्रवण के निर्देश का पालन किया जाता है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सतना जिलांतर्गत उचित मूल्य की दुकानों का संचालन
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
88. ( क्र. 1840 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिला अंतर्गत कौन-कौन सी विधानसभा में कितनी-कितनी उचित मूल्य की दुकानें हैं और कहाँ-कहाँ पर किस-किस के नाम से संचालित हो रही हैं? उक्त दुकानों को कितने वर्षों के लिए आवंटित किया जाता है? कितनी दुकानों की समय अवधि पूर्ण होने के बाद भी संचालित हो रही हैं? कितनी दुकानों की समय अवधि में कब-कब वृद्धि की गई है? विगत तीन वित्तीय वर्षों की विधान सभावार/दुकानवार अलग-अलग सूची उपलब्ध कराएं। संचालन/आवंटन और समय वृद्धि का नियम क्या है? नियम की एक प्रति उपलब्ध कराएं। (ख) सतना जिला अंतर्गत प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत कितने परिवार/लोगों को 5 किलो मुफ्त राशन दिया जा रहा है? विधान सभावार/उचित मूल्य दुकानवार तीन वित्तीय वर्षों की अलग-अलग सूची उपलब्ध कराएं। (ग) सतना जिला अंतर्गत कौन-कौन सी विधानसभा में कितने-कितने लोग गरीबी रेखा कार्डधारी और अंत्योदय कार्डधारी परिवार है? क्या उक्त सभी गरीब परिवारों को राशन दिया जा रहा है? यदि नहीं तो क्यों? यदि हाँ, तो कितने गरीबी रेखा कार्डधारी एवं कितने अंत्योदय कार्डधारी परिवार को कितने-कितने किलो राशन किस-किस दर पर दिया गया है? क्या उक्त सभी परिवारों को 5 किलो राशन योजना (PMGKAY) का लाभ भी दिया जा रहा है? यदि नहीं तो क्यों नहीं दिया जाता है? यदि हाँ, तो कितने गरीबी रेखा कार्डधारी एवं अंत्योदय कार्डधारी परिवार को लाभ दिया गया? कब-कब कितना-कितना राशन दिया गया? विधान सभावार उचित मूल्य दुकानवार पिछले 3 वर्षों की अलग-अलग जानकारी उपलब्ध कराएं।
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। उचित मूल्य दुकानों का आवंटन मध्यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 की कंडिका 8 (2) के अनुरूप 03 वर्षों के लिए किया जाता है। 03 वर्ष के पश्चात कार्य संतोषजनक पाये जाने पर उसका नवीनीकरण किया जाता है। जिले में संचालित 536 उचित मूल्य दुकानों में से 48 उचित मूल्य दुकानों के संचालकों द्वारा प्रस्तुत आवेदन अनुसार दुकान आवंटन प्राधिकारी द्वारा दुकानों के प्राधिकार पत्र को नवीनीकृत किया गया है जिनकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। शेष 488 उचित मूल्य की दुकानों, जिनका नवीनीकरण नहीं किया गया है, की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है। प्राधिकार पत्र की नवीनीकरण की कार्यवाही प्रचलन में है। कलेक्टर कार्यालय (खाद्य शाखा), जिला सतना के पत्र क्रमांक 1701/12/पीडीएस/2025 सतना, दिनांक 30.12.2025 प्रेषित कर उचित मूल्य दुकानों के नवीनीकरण की कार्यवाही पूर्ण करने हेतु लिखा गया है। दुकानों के आवंटन/संचालन के नियम की जानकारी मध्यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 में विहित है जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'द' अनुसार है। (ख) प्रश्नांकित जिले में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना अंतर्गत NFSA के पात्रताधारी अंत्योदय अन्न योजना के परिवारों को 35 कि.ग्रा. एवं बी.पी.एल. सहित अन्य प्राथमिकता श्रेणी के हितग्राहियों/सदस्यों को नि:शुल्क 05 कि.ग्रा. खाद्यान्न दिया जा रहा है। विगत 03 वर्षों की विधान सभावार/उचित मूल्य दुकानवार राशन प्राप्त करने वाले परिवारों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'इ' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ई' अनुसार है। जी हाँ। ऐसे सभी पात्रताधारी परिवार जो राशन लेने दुकान पर आते हैं, पी.ओ.एस. मशीन में बायोमेट्रिक सत्यापन उपरांत राशन सामग्री का लाभ दिया जा रहा है। अंत्योदय परिवारों को प्रति परिवार 35 कि.ग्रा. खाद्यान्न नि:शुल्क (25 कि.ग्रा. गेहूँ एवं 10 कि.ग्रा. फोर्टिफाईड चावल), 01 कि.ग्रा. फोर्टिफाईड नमक 01 रूपये प्रति किलो एवं 01 कि.ग्रा. शक्कर 20 रूपये प्रति किलो की दर पर वितरण किया जा रहा है। बी.पी.एल. सहित प्राथमिकता श्रेणी के परिवारों को प्रतिमाह 05 कि.ग्रा. खाद्यान्न प्रति सदस्य नि:शुल्क (04 कि.ग्रा. गेहूँ एवं 01 कि.ग्रा. फोर्टिफाईड चावल), 01 कि.ग्रा. फोर्टिफाईड नमक 01 रूपये प्रति किलो की दर से प्रति परिवार वितरण किया जा रहा है। जिले के सभी विधानसभा की विगत तीन वर्षों की जानकारी उक्तानुसार ही है।
स्व-सहायता समूह के सदस्यों का भुगतान
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
89. ( क्र. 1841 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01-04-2022 से प्रश्न तिथि तक सतना जिले के किस-किस अनुविभाग में किन-किन नियमों मापदंडों के तहत किस नाम/पते वाले स्व-सहायता समूहों को दोनों फसलों की खरीदी करने हेतु उपार्जन केंद्रों का अलॉटमेंट (आवंटन) किया? अनुविभागवार/नामवार/पतेवार/ फसलवार जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित स्व-सहायता समूह में से किस-किस को कितनी-कितनी बार कार्य (उपार्जन) कब-कब आवंटित हुआ था? जारी सभी आदेशों की एक प्रति दें। स्व-सहायता समूहों के द्वारा पूर्व में उपार्जन कार्य से प्राप्त लाभांश समूह के सदस्यों को वितरित किया? हाँ या नहीं? क्या उपार्जन कार्य से प्राप्त लाभांश सदस्यों को ऑनलाइन वितरित किया, की प्रमाणित प्रति विभाग में जमा कराई जो अत्यावश्यक एवं अत्यंत महत्वपूर्ण मापदंडों/नियमों के तहत थी? (ग) प्रश्नांश (क) में वर्णित समय अनुसार एवं उल्लेखित सभी स्व-सहायता समूहों ने किसानों को उनकी फसलों का भुगतान कर दिया है। जानकारी दें। (घ) किस-किस का कहाँ कितना भुगतान उपार्जन केंद्रवार लंबित है? सूची अनुविभागवार दें।
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) सतना जिले में दिनांक 01.04.2022 से प्रश्न दिनांक तक महिला स्व-सहायता समूहों को समर्थन मूल्य पर गेहूँ एवं धान उपार्जन केन्द्र आवंटन की अनुभागवार, नाम, पता एवं माहवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। महिला स्व-सहायता समूहों को समर्थन मूल्य पर खाद्यान्न उपार्जन हेतु केन्द्र निर्धारण के संबंध में जारी निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ख) सतना जिले में दिनांक 01.04.2022 से प्रश्न दिनांक तक महिला समूहों को आवंटित उपार्जन कार्य आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। समर्थन मूल्य पर खाद्यान्न उपार्जन कार्य से प्राप्त राशि से सदस्यों को वितरित लाभांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। उपार्जन कार्य से प्राप्त लाभांश ऑनलाइन वितरण किया की प्रमाणित प्रति विभाग में जमा नहीं कराई जाती है। (ग) समर्थन मूल्य पर खाद्यान्न उपार्जन करने वाली सस्थाओं द्वारा किसानों से उपार्जित खाद्यान्न मात्रा का भुगतान JIT पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जाता है, जिसमें संस्था द्वारा JIT पोर्टल पर EPO साईन किए जाते हैं, जिसमें भुगतान के प्रमाण-पत्र जारी करने का प्रावधान नहीं है। समस्त किसानों का भुगतान नहीं हुआ है, लंबित भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है। (घ) समर्थन मूल्य पर उपार्जित खाद्यान्न के उपार्जन केन्द्रवार, अनुभागवार एवं कृषकवार लंबित भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है।
जल प्रदाय से वंचित घरों में जल की आपूर्ति
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
90. ( क्र. 1854 ) श्री बाला बच्चन : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) राजपुर विधान सभा क्षेत्र में जल जीवन मिशन व जल निगम के अंतर्गत कितने ग्रामों में कितनी लागत के कार्य स्वीकृत किए गए? ग्राम नाम, लागत, कार्य स्वीकृति दिनांक, कार्य प्रारंभ दिनांक, कार्य पूर्ण/अपूर्ण स्थिति, भुगतान दिनांक, निर्माणकर्ता फर्म का नाम, भुगतान राशि सहित देवें। (ख) उपरोक्तानुसार इन कार्यों से नल-जल योजनाओं में कितने घरों में जल प्रदाय हो रहा है? कितने घर जल प्रदाय से वंचित हैं की जानकारी ग्रामवार देवें। (ग) तारांकित प्रश्न क्रमांक 3346 दिनांक 08.08.2025 के उत्तरांश (ग) अनुसार जांच वरिष्ठ स्तर पर परीक्षणाधीन है। इसके परीक्षणकर्ता अधिकारियों के नाम, पदनाम देकर बतावें कि परीक्षण कब तक पूर्ण कर जांच प्रतिवेदन पर कार्यवाही की जाएगी? इसमें विलंब क्यों किया जा रहा है? स्पष्ट करें। (घ) प्रश्नांश (क) अनुसार अपूर्ण कार्य कब तक पूर्ण होंगे व प्रश्नांश (ख) अनुसार जल प्रदाय से वंचित घरों तक जल आपूर्ति कब तक सुनिश्चित की जाएगी? इसमें विलंब के उत्तरदायी अधिकारियों पर विभाग कब तक कार्यवाही करेगा?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जल जीवन मिशन अंतर्गत खंड बड़वानी के राजपुर विधानसभा क्षेत्र में 110 ग्रामों में राशि रू. 11523.28 लाख की एकल ग्राम योजनाएं स्वीकृत हैं, जिनकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। इसके अतिरिक्त सैगवाल-01 समूह जल प्रदाय योजना स्वीकृत है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार है। (ख) एकल ग्राम नल-जल योजनाओं के संदर्भ में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। सैगवाल-01 समूह जल प्रदाय योजना से वर्तमान में जल प्रदाय प्रारंभ नहीं हुआ है, उक्त योजना का कार्य प्रगतिरत है। (ग) जांच प्रतिवेदन के बिंदुओं के परिप्रेक्ष्य में अधीनस्थ कार्यालय से अद्यतन स्थिति की जानकारी चाही गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) एकल ग्राम नल-जल योजनाओं के संदर्भ में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। सैगवाल-01 समूह जल प्रदाय योजना का कार्य प्रगतिरत है, जिसे मार्च 2026 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
आंगनवाड़ी एवं स्कूलों में पेय-जल की आपूर्ति
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
91. ( क्र. 1857 ) श्री अजय अर्जुन सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या रीवा संभाग में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा आंगनवाड़ी केन्द्रों एवं स्कूलों में स्थापित हैंडपम्प/पम्प में अधिकांश खराब पड़े होने के कारण बच्चे पीने के पानी के लिए परेशान हैं? (ख) उपरोक्त खराब हैंडपम्पों की मरम्मत हेतु विभाग द्वारा क्या व्यवस्था की गई है एवं वर्तमान में कितने हैंडपम्प/पम्प कार्यशील हैं तथा कितने खराब हैं? जिलेवार विवरण सहित बताएं। (ग) क्या विभाग द्वारा आंगनवाड़ी एवं स्कूलों में पेय-जल आपूर्ति हेतु नियमित रख-रखाव एवं मॉनिटरिंग के लिए कोई विशेष प्रकोष्ठ/समिति गठित की गई है एवं यदि हाँ, तो उसके कार्यों का विवरण प्रदान करें। (घ) सरकार द्वारा विभाग के घटिया रख-रखाव कार्य को सुधारने एवं जल जीवन मिशन के तहत सभी आंगनवाड़ी/स्कूलों में स्वच्छ पेय-जल सुनिश्चित करने हेतु क्या कदम उठाए जा रहे हैं? यदि हाँ, तो कब तक उठाए जाएंगे?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) प्रश्नांश के सबंध में विभाग को कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, तथापि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा आंगनवाड़ी केन्द्रों एवं स्कूलों सहित ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित सभी हैंडपम्पों के संधारण कार्य के लिए प्रत्येक जिले में हैंडपम्प संधारण व्यवस्था स्थापित है, ग्रामीण क्षेत्र से हैंडपम्प खराबी की सूचना प्राप्त होने पर सुधार योग्य हैडपम्पों का सुधार कार्य तत्परतापूर्वक कराया जाता है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जिलों में स्थापित हैंडपम्पों में से कुछ हैंडपम्पों का बिगड़ना एवं विभाग द्वारा उनका सुधार कार्य किया जाना एक रोजाना चलने वाली सतत् प्रक्रिया है, जिलों के सभी हैंडपम्पों के चालू/बंद की दिन-प्रतिदिन की संख्या का विवरण प्राप्त कर संधारित किया जाना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है, यह संख्या निरंतर परिवर्तनशील रहती है, अतः किसी विशेष दिन की स्थिति में चालू/बंद हैंडपम्पों की सटीक संख्या बताया जाना संभव नहीं है, तथापि हैंडपम्प संधारण प्रक्रिया में विभाग को बिगड़े हैंडपम्पों की सूचना प्राप्त होने पर सुधार योग्य हैंडपम्पों का तत्परतापूर्वक सुधार कार्य कराया जाता है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जल जीवन मिशनांतर्गत ग्रामीण क्षेत्र के आंगनवाड़ी केन्द्र एवं शालाओं में पेय-जल व्यवस्था का क्रियान्वयन पूर्ण कर संबंधित संस्थाओं को हस्तांतरित किया जा चुका है, पेय-जल आपूर्ति एवं नियमित रख-रखाव तथा मॉनिटरिंग के कार्य का उत्तरदायित्व संबंधित संस्थाओं का है, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा उक्त व्यवस्था की मॉनिटरिंग के लिए कोई विशेष प्रकोष्ठ अथवा समिति गठन किया जाना प्रावधानित नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उपरोक्त उत्तराशं (क), (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
हितग्राहियों को पेंशन योजना का लाभ
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
92. ( क्र. 1889 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरगोन जिले में वृद्धावस्था, विधवा, परित्यक्ता, दिव्यांग और अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत कितने हितग्राही पंजीकृत हैं? योजनावार विवरण देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार सामाजिक सुरक्षा के पात्र हितग्राहियों को प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जा रही है? अगर नहीं तो क्यों नहीं? कारण बताएं? (ग) खरगोन जिले में दिव्यांगजनों के लिए सहायक उपकरण, छात्रवृत्ति एवं रोजगार संबंधी योजनाओं का लाभ मिल रहा है? अगर हाँ तो विवरण दें। नहीं तो कारण बतायें।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) खरगोन जिला अंतर्गत विभाग की संचालित पेंशन योजनाओं के पंजीकृत हितग्राहियों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट-'अ' अनुसार। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। पात्र दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण के वितरण की जानकारी संलग्न परिशिष्ट–'ब' अनुसार। दिव्यांग छात्रवृत्ति हेतु वर्ष 2025-26 में आवेदन प्राप्त न होने से लाभ नहीं दिया गया।
जनजातीय कार्य विभाग द्वारा आदिवासी ग्रामों का विकास
[जनजातीय कार्य]
93. ( क्र. 1895 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या धार जिले में जनजातीय कार्य विभाग द्वारा आदिवासी ग्रामों के विकास हेतु विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार कौन-कौन सी योजनाओं अंतर्गत विकास कार्य किये जा रहे हैं? इन योजनाओं की गाइड-लाइन उपलब्ध करावें। (ग) धार जिले में अ.ज.जा. बस्ती मद, धरती आभा योजना और अन्य योजनाओं अंतर्गत 1 जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक कौन-कौन से विकास कार्य स्वीकृत किये गए और सामग्री क्रय की है? विधान सभावार, वर्षवार, कार्यवार, राशिवार प्रमाणित सूची उपलब्ध करावें। (घ) क्या इन योजनाओं से प्राप्त राशि को समय-सीमा में खर्च नहीं किये जाने पर इस राशि का ब्याज प्राप्त होता है? यदि हाँ, तो कब-कब कितने-कितने ब्याज की राशि प्राप्त हुई है और उक्त राशि को किस-किस कार्य हेतु खर्च की गई है? (ङ) क्या धरती आभा योजना अंतर्गत विकास कार्यों की डी.पी.आर. विभाग द्वारा तैयार की जा रही है? यदि हाँ, तो किन-किन कार्यों की डी.पी.आर. तैयार की जा रही है? इस योजना अंतर्गत प्रस्ताव के सम्बन्ध में प्रश्नकर्ता को पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया था और यदि नहीं कराया गया तो किस कारण? स्पष्ट करें और इसका जिम्मेदार कौन है?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) विभाग अन्तर्गत अनुसूचित जनजाति बस्ती विकास एवं विद्युतीकरण योजना, संविधान के अनुच्छेद 275 (1) एवं धरती आबा योजना अन्तर्गत विकास कार्य किये जा रहे है। योजनाओं की गाइड-लाइन पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ग) स्वीकृत कार्यों की जानकारी एवं विधान सभावार, वर्षवार, कार्यवार, राशिवार प्रमाणित सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (घ) प्रश्नांश में उल्लेखित योजनाओं में प्राप्त राशि पर कोई ब्याज प्राप्त नहीं होता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) जी हाँ। भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय के पत्र दिनांक 14-01-2025 द्वारा स्वीकृत छात्रावास निर्माण, छात्रावास/आश्रम मरम्मत, छात्रावास अधीक्षक आवास एवं Tribal Multipurpose Marketing Centres (TMMCs) पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार डी.पी.आर. की जाकर विभाग द्वारा प्रचलित विभागीय व्यवस्था अनुसार अन्य कार्यों के साथ-साथ उपरोक्त कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक 23-05-2025 एवं 06-08-2025 को पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''द'' एवं ''इ'' अनुसार जारी की गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
धार जिले की लंबित राशि का प्रदाय
[जनजातीय कार्य]
94. ( क्र. 1896 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या धार जिले अन्तर्गत विशेष केन्द्रीय सहायता एवं संविधान के अनुच्छेद 275 (1) के अन्तर्गत प्राप्त होने वाली राशि विगत वर्षों की लंबित है? हाँ, तो वह राशि क्या है? लंबित राशि की जानकारी वर्षवार, विकासखण्डवार एवं कार्यवार प्रदाय करें। वर्तमान तक राशि लंबित होने का क्या कारण है तथा उक्त राशि कब तक प्रदाय की जायेगी? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार क्या उक्त राशि राज्य को केन्द्र से प्राप्त नहीं हुई है? हाँ तो राशि प्राप्त करने हेतु राज्य शासन द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? केन्द्र सरकार से राशि की मांग हेतु जारी किये गये पत्रों की प्रतिलिपि उपलब्ध करावें। (ग) धार जिले में विशेष केन्द्रीय सहायता एवं संविधान के अनुच्छेद 275 (1) अंतर्गत वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक कौन-कौन से कार्यों की स्वीकृति प्रदाय या अनुमोदन किया गया है? विकास खण्डवार, स्वीकृत कार्य का नाम एवं राशि के विवरण सहित जानकारी उपलब्ध करावें तथा ऐसे कार्य भी हैं, जिनकी राशि परियोजना में प्राप्त होकर कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति जारी करना शेष है? हाँ तो जानकारी कार्यवार, वर्षवार प्रदाय करें तथा इसका लंबित रहने का क्या कारण है?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। लंबित राशि की जानकारी पुस्कालय में रखे परिशिष्ट–''एक'' अनुसार है। निर्माण कार्यों की निविदा प्रक्रिया में समय लगने के कारण राशि की मांग समय पर प्राप्त न होने से राशि प्रदाय नहीं की जा सकी। मांग प्राप्त होने पर राशि प्रदाय की जाती है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ख) जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -''दो'' एवं ''तीन'' अनुसार है।
आदिवासी उपयोजना की राशि का आवंटन
[जनजातीय कार्य]
95. ( क्र. 1914 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आदिवासी उपयोजना के तहत केन्द्रीय मद से कितनी राशि राज्य शासन को प्राप्त हुई? राज्य शासन ने कुल कितनी राशि इस योजना के तहत आवंटित की? विगत तीन वित्तीय वर्षों का ब्यौरा उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में शहडोल संभाग में किन-किन विभागों के माध्यम से आदिवासी उपयोजना की कितनी-कितनी राशि खर्च की गई, कितनी राशि आवंटित की गई, कितनी राशि लेप्स होने पर अन्य मदों में स्थानांतरित की गई? वर्षवार, जिलेवार ब्यौरा उपलब्ध करावें। (ग) आदिवासी उपयोजना की राशि खर्च करने के लिये भारत सरकार और मध्यप्रदेश सरकार के क्या दिशा-निर्देश हैं? दिशा-निर्देशों की प्रति उपलब्ध करावें। साथ ही आदिवासी उपयोजना की राशि का दुरूपयोग अथवा अन्य विभाग या मदों में स्थानांतरित किया जाता है तो उसमें कार्यवाही के क्या प्रावधान हैं? (घ) क्या आदिवासी उपयोजना की राशि खर्च करने में स्थानीय जनजातीय वर्ग के जनप्रतिनिधियों से विचार विमर्श किया जाता है? यदि नहीं तो आदिवासी उपयोजना की राशि के लेप्स होने या अन्य मदों में स्थानांतरित होने से रोकने के लिये विभाग क्या कार्यवाही कर रहा है?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) विगत तीन वित्तीय वर्षों में जनजातीय उपयोजना के तहत केन्द्रीय मद से राज्य शासन को प्राप्त एवं आवंटित राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) के प्रकाश में शहडोल संभाग में जनजातीय उपयोजना के तहत केन्द्रीय मद की आवंटित, व्ययित, लेप्स एवं अन्य मदों में स्थानांतरित की गई राशि की विभागवार, वर्षवार एवं जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। (ग) जनजातीय उपयोजना की राशि खर्च करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी संशोधित दिशा-निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-तीन अनुसार है एवं म.प्र. शासन वित्त विभाग द्वारा जारी आयोजना एवं आयोजनेत्तर के मध्य विभेदीकरण की समाप्ति के संबंध में जारी निर्देश पस्तकालय में रखे परिशिष्ट-चार अनुसार है। जनजातीय उपयोजना की राशि के दुरुपयोग/अनियमितता से संबंधित कोई तथ्य प्रकाश में नहीं आए हैं। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जनजातीय सलाहकार परिषद् (टी.ए.सी.) भारतीय संविधान पांचवी अनुसूची अनुच्छेद 244 (1) के तहत अनुसूचित क्षेत्रों वाले राज्यों के लिए अनिवार्य एक वैधानिक निकाय है, जिसका उद्देश्य विषय के संबंध में राज्यपाल को सलाह देना है। विभागों द्वारा जनजातीय उपयोजना की राशि का व्यय केन्द्र शासन एवं वित्त विभाग की स्वीकृति/अनुमति से एवं शासकीय वित्तीय अधिकार से संबंधित नियमों/दिशा-निर्देशों के तहत किया जाता है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
ग्रामीण नल-जल योजनाओं की मॉनिटरिंग
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
96. ( क्र. 1915 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जल जीवन मिशन अंतर्गत घर-घर नल से जल पहुँचाने के प्रावधान के तहत अनूपपुर जिले में 1 जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक की अवधि में कितने ग्रामों को इस योजना में सम्मिलित किया गया है तथा उनमें से कितने ग्रामों में नल-जल योजना का कार्य पूर्ण हो चुका है, कितने में कार्य प्रचलित है तथा कितने ग्रामों में कार्य किया जाना शेष है? विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में जिन ग्रामों में जल स्त्रोत की उपलब्धता नहीं है वहां पेय-जल पहुँचने हेतु जिले में किन-किन परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है? विधानसभा क्षेत्र पुष्पराजगढ़ में इन ग्रामों को किन-किन योजना में सम्मिलित किया गया है तथा उक्त परियोजना की अद्यतन प्रगति व परियोजना पूर्णता की संभावित तिथि से अवगत करावें। (ग) इन ग्रामीण नल-जल योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग हेतु जिला स्तर पर या अन्य वरिष्ठ स्तर पर क्या कोई व्यवस्था निर्धारित की गई है और तकनीकी समस्याओं का निराकरण किस प्रकार से होगा, इस संबंध में अद्यतन स्थिति से अवगत करावें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) 1 जनवरी, 2024 से प्रश्न दिनांक तक कोई भी नवीन ग्राम, जल जीवन मिशन योजना में सम्मिलित नहीं किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश ''क'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
योजनाओं में प्राप्त आवंटन एवं व्यय की जानकारी
[महिला एवं बाल विकास]
97. ( क्र. 1919 ) श्री मधु भगत : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला बालाघाट अंतर्गत वर्ष 2023 से 2025-26 तक बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ व बाल विवाह मुक्त भारत एवं पोषण माह आयोजन हेतु जिला एवं परियोजनाओं को कितनी राशि का आवंटन प्राप्त हुआ है? कितनी राशि, जिला कार्यालय एवं कितनी राशि परियोजना कार्यालयों द्वारा खर्च की गई है? समस्त दस्तावेज, परियोजना कार्यालयों द्वारा प्रस्तु्त प्रतिवेदन बिल वाउचर एवं उनके भुगतान शीट की कॉपी एवं शासन से प्राप्त निर्देश बजट कॉपी तथा भारत सरकार के पोर्टल पर की गई प्रविष्टि एवं व्यय की जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) राष्ट्रीय पोषण मिशन अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024 एवं 2025-26 में ''पोषण भी पढ़ाई भी'' प्रशिक्षण हेतु कितनी राशि का आवंटन प्राप्त हुआ है? कितनी राशि खर्च की गई है? समस्त दस्तावेज, परियोजना कार्यालयों द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन, बिल वाउचर एवं उनके भुगतान शीट की कॉपी एवं कितनी भुगतान की राशि शेष है तो कारण बतायें। आयोजन के संबंध में शासन से प्राप्त निर्देश एवं बजट कॉपी उपलब्घ करावें। (ग) जिला बालाघाट अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2022 से 2025-26 तक IFMS एवं PFMS में जिले को विभाग की समस्त योजनाओं हेतु योजनावार प्राप्त आवंटन एवं व्यय की जानकारी (वेतन मद को छोड़कर) वर्ष 2022 से 2026 तक जिला कार्यालय को मिली राशि के विरूद्ध जिला कार्यालय द्वारा कौन-कौन सी सामग्री क्रय कार्य, मुद्रण कार्य, कार्यशाला, प्रशिक्षण आयोजन कार्य किये गये? उनके बिल वाउचर सहित समस्त विवरण उपलब्ध करावें।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जिला बालाघाट अंतर्गत वर्ष 2023 से 2025-26 तक बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ व बाल विवाह मुक्त भारत एवं पोषण माह आयोजन हेतु प्राप्त आवंटन एवं व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–''अ'' अनुसार है। उपरोक्त से सम्बंधित राशि, जिला कार्यालय एवं कितनी राशि परियोजना कार्यालयों द्वारा खर्च की गई के दस्तावेज परियोजना कार्यालय द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन, बिल वाउचर, भुगतान शीट की कॉपी एवं शासन से प्राप्त निर्देश, बजट कॉपी तथा भारत सरकार के पोर्टल पर की गई प्रविष्टि तथा व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' (पेनड्राइव) अनुसार है। (ख) राष्ट्रीय पोषण मिशन अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024 एवं 2025-26 में जिला बालाघाट को पोषण भी पढ़ाई भी प्रशिक्षण हेतु कुल राशि 46, 25, 000/- रु. का बजट आवंटन प्राप्त हुआ। जिसमें से राशि 23, 10, 482/- का व्यय परियोजनाओं से प्राप्त प्रशिक्षण कार्यक्रम के बिलों के भुगतान में किया गया है। शेष राशि 23, 14, 518/- रु. से परियोजनाओं से प्राप्त पोषण भी पढ़ाई भी प्रशिक्षण कार्यक्रम के बिलों के भुगतान किया जाना शेष है। जिले की समस्त 11 बाल विकास परियोजनाओं से प्राप्त बिल, वाउचर, उनके भुगतान शीट की कॉपी, भुगतान की शेष राशि एवं शासन से प्राप्त निर्देश एवं बजट की कॉपी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' (पेनड्राइव) अनुसार है। (ग) जिला बालाघाट अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2022 से 2025-26 तक IFMS एवं PFMS में जिले को विभाग की समस्त योजनाओं हेतु योजनावार प्राप्त आवंटन एवं व्यय की जानकारी (वेतन मद को छोड़कर) पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–''द'' अनुसार है। वर्ष 2022 से 2025-26 तक जिला कार्यालय को मिली राशि के विरूद्ध जिला कार्यालय द्वारा सामग्री क्रय कार्य, मुद्रण कार्य, कार्यशाला, प्रशिक्षण आयोजन कार्य किये गये उनके बिल वाउचर सहित समस्त दस्तावेज की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''इ'' (पेनड्राइव) अनुसार है।
सिंगारदीप एकलव्य विद्यालय के मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता
[जनजातीय कार्य]
98. ( क्र. 1926 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या छिंदवाड़ा जिला स्थित सिंगारदीप एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में विद्यार्थियों को प्रदत्त मिड डे मील की गुणवत्ता खराब होने की शिकायतें विभाग को प्राप्त हुई हैं? यदि हाँ, तो शिकायत प्राप्त होने की तिथि एवं शिकायतों का विवरण क्या है? (ख) उक्त विद्यालय में मिड डे मील की आपूर्ति एवं गुणवत्ता की निगरानी हेतु कौन-कौन से अधिकारी/समिति उत्तरदायी है एवं पिछले एक वर्ष में कितनी बार निरीक्षण किया गया है? (ग) विद्यालय में रखी निरीक्षण पंजी को कौन-कौन से उच्च अधिकारियों द्वारा देखा गया एवं टीप पर क्या कार्यवाही की गयी। (घ) दोषी पाए जाने पर संबंधित ठेकदार/प्रबंधन के विरुध्द क्या कार्यवाही की गई?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं, भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय अंतर्गत संचालित सिंगारदीप एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में विद्यार्थियों हेतु मिड डे मील योजना संचालित नहीं है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) से (घ) उत्तरांश ''क'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
ग्राम पंचायतों में नियमित जलापूर्ति
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
99. ( क्र. 1927 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) चौरई विधानसभा क्षेत्र में जल जीवन मिशन अंतर्गत कितने ग्राम पंचायतों में योजना प्रारंभ होने के बाद भी नियमित जलापूर्ति नहीं हो पा रही है? (ख) क्या कुछ ग्रामों में अन्य कार्य पूर्ण हो गए पर पानी के स्रोत की व्यवस्था नहीं बनायी गयी? उनके नाम देवें एवं कब तक पानी के स्रोत की व्यवस्था बना दी जावेगी? (ग) क्या कुछ ग्राम ऐसे हैं जहाँ अन्य कार्य पूर्ण हो गए पर विद्युत कनेक्शन न होने से जलापूर्ति प्रारंभ नहीं हो पाई है? यदि हाँ, तो ग्रामों के नाम देवें एवं कब तक कनेक्शन हो जावेंगे? (घ) चौरई विधान सभा क्षेत्र में जल जीवन मिशन की योजनाएं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण नहीं होने पर ठेकेदारों के विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) चौरई विधानसभा क्षेत्र में जल जीवन मिशन अंतर्गत 5 ग्राम पंचायतों के 5 ग्रामों में योजना प्रारंभ होने के बाद स्रोत में जल आवक क्षमता कम होने से नियमित जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। चौरई विधानसभा क्षेत्रांतर्गत ऐसा कोई भी ग्राम नहीं है, जहाँ कार्य पूर्ण हो गए हैं, परन्तु विद्युत् कनेक्शन न होने से जलापूर्ति प्रारंभ नहीं हो पाई है, अपितु प्रगतिरत योजनाओं में विद्युत् कनेक्शन के कार्य प्रगति पर हैं, प्रगतिरत विद्युत कनेक्शन के कार्य के पूर्ण होने की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) एकल ग्राम नल-जल योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। माचागोरा समूह जल प्रदाय योजना के कार्य वर्तमान में प्रगतिरत हैं, योजना मार्च 2026 तक पूर्ण किया जाना संभावित है।
महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं का क्रियान्वयन
[महिला एवं बाल विकास]
100. ( क्र. 1931 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विभाग द्वारा वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक संचालित समस्त योजनाओं/कार्यक्रमों जैसे — आंगनवाड़ी सेवाएं, पोषण अभियान, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, किशोरी बालिका योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना, महिला सशक्तिकरण एवं संरक्षण योजनाएँ) की वर्षवार पृथक-पृथक जानकारी क्या है? उक्त अवधि में कितने आंगनवाड़ी केंद्र स्वीकृत, संचालित एवं बंद हैं तथा कितने नए केंद्र खोले गए? जानकारी वर्षवार पृथक-पृथक बतावें। (ख) आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका के कितने पद स्वीकृत हैं, कितने पद रिक्त हैं तथा रिक्त पदों की पूर्ति हेतु क्या कार्यवाही की गई? (ग) सैलाना विधानसभा क्षेत्र में कितनी गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तथा 0–6 वर्ष के बच्चों को पोषण एवं अन्य लाभ प्रदान किए गए? वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत कितनी बालिकाएं लाभान्वित हुई हैं? (घ) क्या उक्त अवधि में विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की अनियमितता, शिकायत अथवा लापरवाही सामने आई हैं? यदि हाँ, तो वर्षवार शिकायतों की संख्या, जाँच की स्थिति तथा दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध की गई कार्यवाही की जानकारी देवें। (ङ) क्या शासन द्वारा सैलाना विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी एवं पिछड़े क्षेत्रों में महिला एवं बाल विकास सेवाओं को सुदृढ़ करने हेतु कोई विशेष योजना/कार्ययोजना प्रस्तावित या क्रियान्वित की गई है? यदि हाँ, तो जानकारी बतावें। नहीं तो क्यों नहीं? स्पष्ट जानकारी बतावें।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) योजनाओं/कार्यक्रमों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 पर है। आंगनवाड़ी केन्द्रों के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 पर है। (ख) आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के रिक्त पदों एवं की गई कार्यवाही से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 पर है। (ग) पोषण एवं अन्य सेवाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 पर है। लाड़ली लक्ष्मी योजना के लाभान्वित हितग्राहियों के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-5 पर है। (घ) जी नहीं। शेष का प्रश्न नहीं उपस्थित नहीं होता। (ङ) जी नहीं। विभागीय योजनाओं का पात्रतानुसार क्रियान्वयन समग्र रूप से किया जाता है।
शैक्षणिक संस्थाओं में अध्ययनरत विद्यार्थियों को शासन की योजनाओं का लाभ
[जनजातीय कार्य]
101. ( क्र. 1944 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में वर्ष 2019-20 से 2025-26 तक संचालित शैक्षणिक संस्थाओं तथा उसमें अध्ययनरत विद्यार्थियों एवं आवासीय संस्थान में निवासरत विद्यार्थियों की संख्या बताएं। इस अवधि में कक्षा एक से आठ तक कितने विद्यार्थियों को नि:शुल्क पुस्तकें, नि:शुल्क गणवेश, मध्यान्ह भोजन तथा छात्रवृत्ति प्रदान की गई एवं धार जिले में वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक पुस्तकें, नि:शुल्क गणवेश, छात्रवृत्ति प्रदान करने में कुल कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं और उन पर क्या कार्यवाही की गई जाँच रिपोर्ट एवं कार्यवाही के लिए प्राप्त पत्र की प्रति देवें। (ख) वर्ष 2019-20 से 2025-26 तक आश्रम शाला, जूनियर छात्रावास, सीनियर छात्रावास, और महाविद्यालयीन छात्रावास में बजट प्रावधान कितना था, कितना व्यय किया गया? चारों कैटेगरी में वर्ष 2020-21 से 2025-26 तक प्रति वर्ष व्यय में कितने प्रतिशत की कमी या वृद्धि हुई, उसके कारण क्या हैं? (ग) वर्ष 2019-20 से 2025-26 तक (1) कक्षा 1 से 8 छात्रवृत्ति (2) कक्षा नवीं एवं दसवीं की प्री-मैट्रिक राज्य छात्रवृत्ति (3) केंद्र प्रवर्तित प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति कक्षा नवीं एवं दसवीं (4) केंद्र प्रवर्तित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति कक्षा 11वीं, 12वीं एवं महाविद्यालयीन छात्रवृत्ति (5) पोस्ट मैट्रिक कक्षा 11वीं, 12वीं एवं महाविद्यालयीन राज्य छात्रवृत्ति (6) बोर्ड परीक्षा शुल्क की प्रतिपूर्ति का बजट प्रावधान और भौतिक लक्ष्य क्या था? व्यय राशि और भौतिक उपलब्धि क्या है? वर्षवार बताएं। (घ) वर्ष 2019-20 से 2025-26 तक किस-किस अशासकीय संस्था को जनजाति कल्याण के किस-किस कार्य के लिए कितना-कितना अनुदान प्रतिवर्ष दिया गया तथा उन संस्थानों में लाभान्वित हितग्राही की कार्य अनुसार वर्षवार संख्या कितनी-कितनी है? (ड.) विभाग में जनवरी 2026 अनुसार प्रथम श्रेणी, द्वितीय श्रेणी, शिक्षा संवर्ग तथा तृतीय श्रेणी कार्यपालिका, चतुर्थ श्रेणी पदों के स्वीकृत, कार्यरत तथा रिक्त पद कितने हैं? जिलेवार जानकारी देवें।
नजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''1'' अनुसार है एवं छात्रवृत्ति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''5'' अनुसार है। धार जिले में प्रश्नावधि में 01 शिकायत प्राप्त हुई शिकायत की जांच पश्चात अपचारी शासकीय सेवकों के विरूद्ध कार्यवाही हेतु आरोप-पत्र जारी किये गए हैं। जांच प्रतिवेदन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''2'' अनुसार है एवं संबंधित शासकीय सेवकों के विरूद्ध जारी आरोप-पत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''3'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''4'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''5'' अनुसार है। छात्रवृत्ति एवं बोर्ड परीक्षा शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में समस्त पात्र विद्यार्थी लाभान्वित होते हैं, लक्ष्य निर्धारित नहीं है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''6'' अनुसार है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''7'' अनुसार है।
लाड़ली बहना योजनांतर्गत हितग्राहियों का पंजीयन
[महिला एवं बाल विकास]
102. ( क्र. 1945 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जून 2023 से जनवरी 2026 तक उन लाड़ली बहना की संख्या, तथा दी गई राशि की जिलेवार एवं माह अनुसार जानकारी दें, जो सामाजिक सुरक्षा पेंशन की हितग्राही नहीं है। (ख) जून 2023 से जनवरी 2026 तक उन लाड़ली बहना की संख्या जो सामाजिक सुरक्षा पेंशन की हितग्राही थीं, उन्हें दी गई सहायता राशि (सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि घटाकर) की जिलेवार, माह अनुसार जानकारी दें। (ग) जून 2023 से जनवरी 2026 तक सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त नहीं करने वाली, तथा प्राप्त करने वाली लाड़ली बहना (1) 21 से 23 वर्ष (2) 23 वर्ष से अधिक तथा 35 वर्ष (3) 35 वर्ष से अधिक तथा 55 वर्ष (4) 55 वर्ष से अधिक तथा 60 वर्ष की संख्या, दोनों कैटेगरी की अलग-अलग, माहवार एवं जिलेवार बतावें। (घ) माननीय मुख्यमंत्री जी ने जनवरी 2025 से जनवरी 2026 के मध्य किस शहर में किस दिनांक को यह घोषणा की कि लाड़ली बहना को वर्ष 2028 से ₹ 3000 प्रतिमाह दिए जाएंगे तथा यह घोषणा किस क्रमांक पर दर्ज है, उसकी प्रति देवें। (ड.) लाड़ली बहना योजना तथा महिला सम्मेलन के लिए जनवरी 2023 से जनवरी 2025 तक, विज्ञापन पर किए गए खर्च की माहवार जानकारी दें। इस अवधि में किस-किस दिनांक को, किस-किस शहर में, महिला सम्मेलन किया गया तथा प्रत्येक सम्मेलन में सभी विभाग मिलाकर कुल कितना-कितना खर्च किया गया? (च) अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक कितनी लाड़ली बहना हैं एवं कितनी कम हुईं? माहवार जिलेवार जानकारी देवें एवं नई लाड़ली बहना के पंजीयन कब से बंद हैं और कब से नए पंजीयन प्रारम्भ किए जाएंगे?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-01 (पेनड्राइव) पर है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-02 (पेनड्राइव) पर है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-03 (पेनड्राइव) पर है। (घ) जी नहीं। इस आशय की घोषणा पोर्टल पर दर्ज नहीं है। (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (च) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 (पेनड्राइव) पर है। लाड़ली बहना योजना के पंजीयन 20 अगस्त 2023 तक किये गये हैं। वर्तमान में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
फ्लोराइड युक्त पेय-जल की जाँच
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
103. ( क्र. 1964 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नीमच जिले में 1 जनवरी 2023 के बाद कितने नलकूपों, हैंडपम्पों और कुओं में फ्लोराइड या अन्य रसायन युक्त पानी पाया गया? विभाग द्वारा उनका परीक्षण कब-कब किया गया? स्थलवार जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में, क्या फ्लोराइड युक्त जल स्रोतों पर लाल निशान अंकित करना अनिवार्य है? यदि हाँ, तो क्या नीमच जिले के उन सभी जल स्रोतों पर ऐसे निशान अंकित हैं और क्या नागरिकों को यह सूचित किया जा रहा है कि यह पानी पीने योग्य नहीं है? (ग) प्रश्नांश (क) और (ख) के संदर्भ में, क्या नीमच जिले के विभिन्न गाँवों में फ्लोराइड के कारण गठिया, हड्डियों, दाँतों और पथरी की समस्या तथा शरीर के विभिन्न हिस्सों में कैल्शियम की मात्रा लगातार बढ़ रही है? यदि हाँ, तो पी.एच.ई. और स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त रूप से किन-किन गाँवों की जाँच की है और किन-किन गाँवों को चिह्नित किया गया है?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। जी हाँ। फ्लोराइड युक्त जल स्रोतों पर पीला निशान अंकित किया गया है, पानी पीने योग्य नहीं है, इस हेतु ग्रामवासियों को भी सूचित किया गया है। (ग) विभागीय स्तर पर नीमच जिले में स्थापित समस्त ग्रामों में पेय-जल गुणवत्ता से होने वाली बीमारियों के संबंध में वर्तमान में कोई भी सूचना प्राप्त नहीं है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग से जानकारी संकलित की जा रही है।
पेय-जल सप्लाई हेतु पानी की टंकी का निर्माण
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
104. ( क्र. 1965 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या राजगढ़ विधानसभा अंतर्गत जल निगम द्वारा पानी की सप्लाई हेतु पानी की टंकी का निर्माण करवाया गया है? (ख) यदि हाँ, तो किन-किन ग्रामों में पानी की टंकी का निर्माण पूर्ण हो चुका है तथा किन-किन ग्रामों में पानी की टंकी का निर्माण पूर्ण नहीं हुआ है? (ग) शेष बचे ग्रामों में पानी की टंकी का निर्माण कब तक पूर्ण हो जावेगा? (घ) क्या जल निगम द्वारा कई ग्रामों में पानी की टंकी का निर्माण नहीं कर दूर के ग्राम से पानी की सप्लाई की जा रही है जिससे ग्रामीणों को पानी नहीं मिल पा रहा है? यदि हाँ, तो क्या उन ग्रामों में पानी की टंकी का निर्माण किया जाएगा? यदि हाँ, तो कब तक?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी हाँ। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जी नहीं, टंकियों की डिजाइन, निर्धारित मापदंड अनुसार की जाती है, जिससे प्रत्येक टंकी के सप्लाई क्षेत्र के अंतर्गत सम्मिलित ग्रामों/घरों को निर्धारित मापदंडों के अनुसार पेय-जल प्राप्त हो सके। ग्राम के अंतर्गत जल प्रदाय हेतु वॉल्व का संचालन/संधारण ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के अधीनस्थ है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
आंगनवाड़ी केंद्रों में कार्यकर्ताओं एवं सहायिकों के पदों की पूर्ति
[महिला एवं बाल विकास]
105. ( क्र. 1966 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या राजगढ़ विधानसभा अंतर्गत वर्ष 2025- 26 में आंगनवाड़ी केंद्रों पर रिक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकों के पदों पर नियुक्ति हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए थे? यदि हाँ, तो परियोजना एवं आंगनवाड़ी केन्द्रवार बतावें। (ख) उक्त पदों में से किन-किन आंगनवाड़ी केंद्रों पर नियुक्ति हुई और किन-किन पर पुनः आवेदन आमंत्रित किए गए है? (ग) पुनः आवेदन आमंत्रित किए जाने का क्या कारण है? (घ) उक्त रिक्त पदों की पूर्ति कब तक की जावेगी?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी हाँ। कुल 06 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं 210 आंगनवाड़ी सहायिका के पदों हेतु आवेदन पत्र आमंत्रित किये गये थे। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 पर है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 पर है। (ग) प्राप्त आवेदनों में से कोई भी आवेदक पात्र न होने के कारण पुन: आवेदन आमंत्रित किये गये। (घ) दिनांक 29.12.2025 को पुन: विज्ञापन प्रकाशित कर आवेदन आमंत्रित किये गये। समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं।
छात्रावासों का संचालन हेतु राशि का आवंटन
[अनुसूचित जाति कल्याण]
106. ( क्र. 1969 ) श्री महेंद्र रामसिंह यादव : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले में अनुसूचित जाति/जनजाति, पिछड़े वर्ग के कौन से छात्रावास कब से संचालित हैं व उनमें किस वर्ग के कितने-कितने छात्र निवासरत व अध्ययनरत हैं? छात्रावासों में कौन कर्मचारी कब से पदस्थ/अनुलग्न है, अनुलग्न कर्मचारी का मूल विभाग क्या है? जानकारी विकासखण्डवार उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार उक्त छात्रावासों में वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक किस-किस मद में कितनी-कितनी राशि का आवंटन प्राप्त हुआ व उसके विरूद्ध कौन-कौन से कार्य कराये गये व उनमें कितनी-कितनी राशि व्यय की गयी? जानकारी वर्षवार उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार प्रश्न दिनांक तक सामग्री क्रय एवं निमार्ण/मरम्मत कार्य हेतु कौन-कौन सी निविदाएं किसके द्वारा आमंत्रित की गयी? उनमें से क्या-क्या सामग्री कब किस फर्म से किस आदेश द्वारा क्रय की गयी? फर्म को कितनी राशि का भुगतान किया गया? क्या उक्त सामग्री उचित मानकों को पूर्ण करती है? सामग्री का सत्यापन व मूल्यांकन किस-किस अधिकारी द्वारा किया गया? जानकारी वर्षवार उपलब्ध करावें। (घ) क्या समग्र क्रय व मरम्मत कार्य में वित्तीय अनियमितताएं की गयी हैं? यदि हाँ, तो इनके लिए कौन-कौन दोषी है व उन पर क्या कार्यवाही की जावेगी?
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' एवं ''स'' अनुसार है। (ग) छात्रावासों के लघु निर्माण/मरम्मत कार्य पर्यवेक्षण समिति, छात्रावास पालक शिक्षक समिति तथा लोक निर्माण विभाग के माध्यम से कराये गये हैं। विभाग द्वारा कोई निविदाएं जारी नहीं की गई हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' एवं ''स'' अनुसार है। (घ) जी नहीं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नल-जल योजनाओं के संचालन हेतु क्रय सामग्री
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
107. ( क्र. 1970 ) श्री महेंद्र रामसिंह यादव : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) कोलारस विधानसभा क्षेत्र के किस-किस ग्राम में पी.एच.ई. की कौन-कौन सी नल-जल योजनाएं संचालित हैं? उक्त योजनाओं में से कौन-कौन सी वर्तमान में चालू व कौन-कौन सी बंद हैं व किस-किस कारण से हैं? जानकारी ग्रामवार, विकासखण्डवार, योजनावार, अद्यतन स्थिति सहित पृथक-पृथक उपलब्ध करावें। (ख) शिवपुरी जिले में संचालित नल-जल योजनाओं व नलकूलों के संचालन में कब-कब, किस-किस आदेश द्वारा कौन-कौन सी सामग्री किस-किस फर्म से क्रय की गयी? उक्त सामग्री क्रय हेतु वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक कब-कब कौन-कौन सी निविदाएं किस-किस के द्वारा आमंत्रित की गयी है? उक्त निविदिओं में किस फर्म द्वारा भाग लिया गया है? समस्त जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार प्रश्न किस-किस आदेश से क्या सामग्री कब किस फर्म से किस आदेश द्वारा क्रय की गयी? फर्म को किस-किस आदेश द्वारा किस-किस देयक का भुगतान कितना-कितना भुगतान किया गया? क्या उक्त सामग्री उचित मानकों को पूर्ण करती है? सामग्री का सत्यापन व मूल्यांकन किस-किस अधिकारी द्वारा किया गया? जानकारी वर्षवार, निविदावार, कार्यवार, भुगतानवार, सत्यापनकर्ता अधिकारी के नाम सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्नांश (ख) व (ग) अनुसार क्या समग्र क्रय व मरम्मत कार्य में वित्तीय अनियमितताएं की गयी हैं? यदि हाँ, तो इनके लिए कौन-कौन दोषी हैं व उन पर क्या कार्यवाही की जावेगी?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) एकल ग्राम नल-जल योजनाओं की जानकारी तथा मढीखेडा समूह जल प्रदाय योजना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 एवं 02 अनुसार है। (ख) नल-जल योजनाओं व उनके नलकूपों का संचालन योजना के हस्तांतरण पश्चात संबंधित ग्राम पंचायत द्वारा किया जाता है तथा योजना के नियमित संचालन एवं रख-रखाव/मरम्मत आदि के लिए आवश्यक सामग्री का क्रय संबंधित ग्राम पंचायत द्वारा किया जाता है, शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश ''ख'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश ''ख'' एवं ''ग'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नल-जल योजनाओं का क्रियान्वयन
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
108. ( क्र. 1971 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) ग्वालियर जिले में कितनी ग्रामीण पेय-जल, नल-जल योजनाएं वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक जल जीवन मिशन अंतर्गत स्वीकृत की गई हैं? इनमें से कितनी पूर्ण हैं? कितनी अपूर्ण हैं? (ख) प्रश्नांश ''क'' अवधि में ग्वालियर जिले की भितरवार विधानसभा क्षेत्र की कितनी योजनाएं हैं? इनमें से कितनी पूर्ण एवं कितनी अपूर्ण हैं? अपूर्ण रहने का क्या कारण है? क्या अपूर्ण/नल-जल योजना को पूर्ण करने के लिए समय-सीमा निर्धारित की जायेगी? (ग) क्या विधानसभा प्रश्न क्रमांक 793 दिनांक 02.12.2025 के उत्तर में योजना पर व्यय 25.50 प्रतिशत बताया गया है? क्या इसमें से राशि रूपये 46.68 करोड़ के केवल पाइप क्रय किये गये है? क्या योजना के प्रथम चरण में पाइपों का क्रय आवश्यक था? स्पष्ट करें। (घ) क्या प्रश्नांश ''ग'' में क्रय पाइप योजना स्थल पर 1 वर्ष से पड़े हुए है? पाइप किस एजेन्सी एवं कहाँ से कितनी राशि के क्रय किये गये है? इनकी गुणवत्ता परीक्षण बगैर भुगतान कर दिया गया है? यदि हाँ तो कैसे? योजना के अन्य कार्य लंबित क्यों है? इसकी जांच कराई जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) 453 एकल ग्राम नल-जल योजनाएं स्वीकृत हैं, इनमें से 368 पूर्ण एवं 85 अपूर्ण हैं। इसके अतिरिक्त 02 समूह जल प्रदाय योजनाएं क्रमश: साडा एवं घाटीगाँव - भितरगाँव समूह जल प्रदाय योजनाएं स्वीकृत हैं। उक्त दोनों समूह जल प्रदाय योजनाओं के कार्य प्रगतिरत हैं। (ख) विधानसभा क्षेत्र भितरवार में 208 एकल ग्राम नल-जल योजनाएं स्वीकृत हैं, इनमें से 163 पूर्ण एवं 45 अपूर्ण हैं। इसके अतिरिक्त 01 समूह जल प्रदाय योजना ( घाटीगाँव-भितरगाँव) स्वीकृत हैं, जिसका कार्य वर्तमान में प्रगतिरत है। पंचायतों से समय पर टंकी/सम्पवेल निर्माण हेतु उपयुक्त निर्विवाद स्थल का चयन न होना, समय पर विद्युत कनेक्शन हेतु प्राक्कलन/डिमांड नोट प्राप्त न होना, भू-जल आधारित योजनाओं में पर्याप्त जल आवक क्षमता के स्त्रोत उपलब्ध न होना, विभिन्न विभागों से अनुमति प्राप्त करने में विलंब आदि प्रमुख कारणों से योजनाओं के क्रियान्वयन में विलंब हुआ है। अपूर्ण एकल ग्राम नल-जल योजनाओं के कार्य मार्च - 2026 तक पूर्ण करना लक्षित है तथा घाटीगाँव - भितरगाँव समूह जल प्रदाय योजना का कार्य दिनांक 28 सितम्बर 2026 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है। (ग) जी नहीं। योजना की भौतिक प्रगति 25.50 प्रतिशत थी। जी हाँ। योजनांतर्गत कुल 792.74 कि.मी. का कार्य प्रावधानित है, इसमें से 265.78 कि.मी. पाइप की आपूर्ति की गई है एवं पाइप-लाइन बिछाई गई है। योजनांतर्गत पाइप-लाइन के साथ इंटेकवैल, जल शोधन संयंत्र, उच्च स्तरीय टंकी निर्माण, पाइप-लाइन बिछाने आदि विभिन्न कार्य भी प्रारंभ किए गए हैं। (घ) जी नहीं, पाइप-लाइन बिछाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। पाइप को यार्ड/स्टोर में सुरक्षित रखा गया है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। जी नहीं। योजनांतर्गत पाइप-लाइन बिछाने, उच्च स्तरीय टंकी निर्माण एवं अन्य अवयवों के निर्माण हेतु विभिन्न विभागों से अनुमतियां प्राप्त करने में विलंब एवं ठेकेदार द्वारा कार्य धीमी गति से करने के कारण योजना को पूर्ण करने में विलंब हुआ है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
ग्रामों में हैण्डपम्प एवं ट्यूबवेल का उत्खनन
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
109. ( क्र. 1975 ) इंजीनियर हरिबाबू राय : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्नकर्ता द्वारा अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1652 दिनांक 18.03.2025 के माध्यम से अशोकनगर विधानसभा के विभिन्न ग्रामों जल संकट के निवारण हेतु हैण्डपम्प/ट्यूबवेल उत्खनन के लिए मांग की गई थी तथा पुनः जुलाई अगस्त 2025 में प्रश्न क्र. 1942 के माध्यम से कार्य को पूर्ण किये जाने का अनुरोध किया गया था एवं पुनः नवम्बर दिसम्बर 2025 में तारांकित प्रश्न क्रमांक 796 दिनांक 07.12.2025 के माध्यम से मांग की गई थी परंतु 100 हैण्डपम्प/ट्यूबवेल का आश्वासन दिये जाने के बाद भी प्रश्न दिनांक तक उत्खनन की कार्यवाही नहीं की गई है। कब तक हैण्डपम्प/ट्यूबवेल उत्खनन का कार्य शुरू किया जायेगा? (ख) अशोकनगर जिले में 100 हैण्डपम्प/ट्यूबवेल का वार्षिक लक्ष्य दिया गया था, कृपया बतायें कि 100 हैण्डपम्प/ट्यूबवेल में से कितने हैण्डपम्प/ट्यूबवेल विधानसभा अशोकनगर में उत्खनन किये गये हैं? ग्राम नल-जल योजना एवं समूह जल प्रदाय योजना के माध्यम से अभी तक कितने घरेलू नल कनेक्शन दिये गये हैं? सूचीबद्ध कर जानकारी प्रदाय करें। (ग) विधानसभा अशोकनगर के क्षेत्रवासियों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए 400-600 फिट गहराई वाले 185 हैण्डपम्प/ट्यूबवेल अति आवश्यक है, जिसे बजट में स्वीकृत करेंगे?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) पूर्व विधानसभा प्रश्नों के संबंध में 100 हैंडपम्प/ट्यूबवेल का आश्वासन नहीं दिया गया था, अपितु तारांकित प्रश्न क्रमांक 796, दिनांक 07.12.2025 के उत्तरांश (क) में अशोकनगर जिले को 100 हैंडपम्प/ट्यूबवेल का वार्षिक लक्ष्य दिए जाने का उल्लेख किया गया था। अशोकनगर विधानसभा क्षेत्र के पेय-जल संकट ग्रस्त गांवों में 18 नग हैंडपम्प/ट्यूबवेल खनन का कार्य किया गया है। (ख) विधानसभा क्षेत्र अशोकनगर में 18 नग हैंडपम्प/ट्यूबवेल खनन का कार्य किया गया है। एकल ग्राम नल-जल योजनाओं के माध्यम से 52773 घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। राजघाट समूह जल प्रदाय योजनांतर्गत जिला अशोकनगर में कार्य प्रगति पर है, जल प्रदाय प्रारंभ नहीं हुआ है। (ग) विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में पेय-जल समस्या को दृष्टिगत रखते हुए आवश्यकतानुसार तकनीकी रूप से उचित गहराई के हैंडपम्प/ट्यूबवेल खनन की कार्यवाही की जाती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में जल की समस्या का निराकरण
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
110. ( क्र. 1978 ) श्री उमंग सिंघार : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या जनवरी 2026 को जारी जल जीवन मिशन की फंक्शनैलिटी असेसमेंट रिपोर्ट के अनुसार म.प्र. के ग्रामीण इलाकों में 36.7 प्रतिशत पेय-जल सैंपल असुरक्षित पाए गए हैं जो कि पानी पीने लायक नहीं है? (ख) क्या केन्द्र ने सितम्बर-अक्टूबर 2024 में म.प्र. राज्य के 15 हजार से ज्यादा ग्रामीण घरों से पानी के सैंपल लिए थे, जिसमें कई सैंपलों में बैक्टीरिया व रासायनिक गड़बड़ियां पाई गईं? (ग) क्या म.प्र. में क्वालिटी चेक की कमी के कारण हर साल हजारों लोग बीमार हो रहे हैं? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के प्रकाश में शासन द्वारा क्या प्रयास किये जा रहे हैं? स्पष्ट जानकारी दें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) भारत सरकार द्वारा जनवरी 2026 में जारी फंक्शनैलिटी असेसमेंट रिपोर्ट में प्रदेश के 36.70 प्रतिशत सैम्पल अपात्र पाये जाने का उल्लेख किया गया है, इसी रिपोर्ट में मध्यप्रदेश में 96.30 प्रतिशत उपभोक्ताओं द्वारा प्रदाय जल की गुणवत्ता पर संतुष्टि व्यक्त किए जाने का उल्लेख भी किया गया है, रिपोर्ट के उक्त दोनों आंकड़े परस्पर समर्थन में नहीं है, सैंपल परीक्षण में जल गुणवत्ता अपात्र होने की स्थिति में उपभोक्ताओं की संतुष्टि भी उसी अनुरूप परिलक्षित होना चाहिए, अतः उक्त रिपोर्ट के संदर्भ में जांचे गए पेय-जल सैंपल की जांच रिपोर्ट की प्रतियां लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को उपलब्ध कराए जाने के लिए पेय-जल एवं स्वच्छता विभाग, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार को प्रमुख अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के पत्र क्रमांक 1044/मॉनि/प्र.अ./लो.स्वा.यां.वि./2026 भोपाल, दिनांक 09.02.2026 के द्वारा अनुरोध किया गया है। (ख) जानकारी उत्तरांश (क) अनुसार है। (ग) क्वालिटी चेक की कमी के कारण लोगों के बीमार होने की कोई रिपोर्ट नहीं है। (घ) उत्तरांश (क) में उल्लेखित विभागीय पत्र के संदर्भ में पेय-जल सैंपल परीक्षण की जांच रिपोर्ट की प्रतियां प्राप्त होने के उपरांत उनका परीक्षण किया जाकर तथ्यात्मक जानकारी प्राप्त करने के उपरांत शासन स्तर पर आवश्यक कार्यवाही के संबंध में विचार किया जाना संभव होगा।
लाड़ली बहना योजना के बजट की जानकारी
[महिला एवं बाल विकास]
111. ( क्र. 1979 ) श्री उमंग सिंघार : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या लाड़ली बहना योजना जब से चालू हुई है तब से योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या में लगातार कमी आ रही है? (ख) क्या सरकार उन महिलाओं के लिए जो अभी तक योजना का लाभ नहीं प्राप्त कर पायी हैं, पुन: रजिस्ट्रेशन की सुविधा प्रदान करेगी? यदि वर्तमान में रजिस्ट्रेशन बंद है तो उसका कारण क्या है और इसे कब पुन: चालू किया जाएगा? (ग) क्या हितग्राहियों/लाभार्थियों के बजट एवं खर्च में कमी आ रही है, तो क्यों? विगत तीन वर्ष की जानकरी दें।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी हाँ। 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने या मृत्यु होने पर अनेक महिलायें योजना की पात्रता से बाहर हुई है। (ख) वर्तमान में पुन: रजिस्ट्रेशन का प्रस्ताव विचाराधीन नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। योजना के बजट एवं खर्च में कोई कमी नहीं आई है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
प्रश्नकर्ता के पत्रों पर विभाग द्वारा की गई कार्यवाही
[भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास]
112. ( क्र. 1982 ) श्री आरिफ मसूद : क्या भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के शिकायती पत्र दिनांक 29/10/2025 द्वारा स्पीड पोस्ट सेवा भारत सरकार के माध्यम से मुख्य सचिव म.प्र. शासन एवं विभागीय मंत्री/प्रमुख सचिव भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग भोपाल को भेजकर उसमें तारांकित प्रश्न क्रमांक 1164 दिनांक 01/08/2025 का नकारात्मक, तथ्यों के विपरीत, आधा अधूरा देकर गुमराह कर, सदन अवमानना करने वाले दोषियों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही का अनुरोध किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो प्राप्त शिकायत पर किन-किन के द्वारा क्या-क्या निर्देश दिये गये? उन पर प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या प्रभावी कार्यवाही किस-किस के द्वारा कब-कब की गई? उसके क्या निष्कर्ष निकले? की गई कार्यवाही एवं सकारात्मक उत्तर से क्या प्रश्नकर्ता को कब व क्या कार्यवाही से अवगत कराया गया? यदि प्रश्न दिनांक तक कार्यवाही नहीं की गई है तो क्यों? क्या कारण है? क्या दोषियों को बचाये जाने की नियत से कार्यवाही नहीं की जा रही है? (ग) क्या शासन/विभाग प्रश्नकर्ता के शिकायती पत्र के बिन्दुओं की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुये उस पर तत्काल प्रभावी कार्यवाही करते हुये विधानसभा प्रश्न का उत्तर उचित व सही प्रकार देकर गुमराह उत्तर देने वाले दोषियों के विरूद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं तो क्यों?
भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। शिकायत पत्र दिनांक 29.10.2025 विभाग को प्राप्त हुआ है। उक्त शिकायत विभागीय पत्र क्र. एफ-1/1/0004/ 2025/47 दिनांक 13.11.2025 एवं स्मरण दिनांक 04.02.2026 को संचालक, गैस राहत एवं पुनर्वास, भोपाल से तथ्यात्मक प्रतिवेदन चाहा गया है। संचालक, गैस राहत एवं पुनर्वास, भोपाल द्वारा दिनांक 06.02.2026 को प्राप्त पत्र के संबंध में तथ्यात्मक स्थिति प्रस्तुत की गई है। परीक्षण उपरांत गुण और दोष के आधार पर निर्णय लिया जावेगा। (ख) उत्तरांश ''क'' अनुसार। (ग) उत्तरांश ''क'' एवं "ख" अनुसार। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।
अनियमित समयमान-वेतनमान का प्रदाय
[भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास]
113. ( क्र. 1983 ) श्री आरिफ मसूद : क्या भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शिकायतकर्ता द्वारा उसके शिकायती पत्र दस्तावेजी साक्ष्यों सहित दिनांक 19/08/2018, 19/08/2019, 16/12/2019, 06/10/2025 एवं 23/01/2026 स्पीड पोस्ट सेवा भारत सरकार के माध्यम से मुख्यमंत्री/मुख्य सचिव म.प्र. शासन एवं विभागीय मंत्री/प्रमुख सचिव/संचालक, भोपाल गैस त्रासदी एवं राहत एवं पुनर्वास विभाग के साथ-साथ अन्य सभी संबंधितों को समय-समय पर भेजकर शासन के प्रचलित नियमों के विपरीत अपने पद प्रभाव का दुरूपयोग करते हुये संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह कर उप संचालक (सांख्यिकी) के पदों का अवैध/अनियमित रूप से समयमान वेतनमान लिये जाने से अवगत कराते हुये नियमानुसार कार्यवाही का अनुरोध किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो प्राप्त शिकायतों के बिन्दुओं का प्रमुखता से उल्लेख करते हुये प्राप्त शिकायतों की प्रतियां उपलब्ध करावें। किन-किन शिकायतों पर किस-किस के द्वारा क्या-क्या निर्देश दिये/प्राप्त हुये? उन पर प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या प्रभावी कार्यवाही कब-कब की गई? शिकायतों के बिन्दुओं की बिन्दुवार जानकारी से अवगत करावें। यदि प्रश्न दिनांक तक प्राप्त शिकायतों पर कार्यवाही नहीं की गई तो क्या कारण है? क्या संबंधितों को अवैध/अनियमित समयमान वेतनमान के आदेश दिनांक 11/12/2025 को जारी कर दिये गये हैं? (ग) क्या शासन/विभाग प्राप्त शिकायती पत्र के बिन्दुओं की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुये उस पर तत्काल प्रभावी कार्यवाही कर तथ्यों के विपरीत वरिष्ठतम अधिकारियों को अंधेरे में रख अवैध/अनियमित जारी किये गये समयमान वेतनमान आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुये शासन/विभाग को पहुंचाई जाने वाले आर्थिक वित्तीय हानि से बचाया जाकर संबंधित दोषियों के विरूद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित करेगा? यदि नहीं तो क्यों?
भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) प्राप्त शिकायतों की जांच हेतु संचालक, गैस राहत एवं पुनर्वास, भोपाल को विभागीय पत्र क्र. 106/आर/4499587/ 2026/47, दिनांक 10.02.2026 को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर स्थिति स्पष्ट की जायेगी। (ख) उत्तरांश "क" अनुसार। (ग) उत्तरांश "क" एवं "ख" अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
संचालित आंगनवाड़ियों की जांच
[महिला एवं बाल विकास]
114. ( क्र. 1991 ) श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या वर्ष 2023 से एक ही व्यक्ति व उसके परिजनों ने कूटरचित दस्तावेज के आधार पर भिण्ड विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत शहरी/ग्रामीण में अनुमानित 50 से अधिक आंगनवाड़ियों का संचालन किया जाकर कई करोड़ रू. की आर्थिक अनियमितताएं की हैं? विगत वर्ष हुये विभागीय जांच में भी उन्हें दोषी पाया गया है, दोषी व्यक्ति व संचालित महिला स्व. सहायता समूहों पर क्या कार्यवाही की गई है? (ख) भिण्ड शहर/ग्रामीण क्षेत्र में आंगनवाड़ियों को सामग्री प्रदाता व्यक्ति/फर्म/महिला स्व. सहायता समूह का पंजीकृत पता/दस्तावेजों के आधार अनुसार नाम व पता तथा वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक कितनी राशि की सामग्री प्रदाय की गई है? प्रतिवर्ष का प्रतिवेदन उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) व (ख) के परिप्रेक्ष्य में आंगनवाड़ियों को प्रदाय की जाने वाली सामग्री का नाम, बाजार मूल्य की दर, प्रति हितग्राही आवंटन का वजन तथा गुणवत्ता संधारण करने वाले प्राधिकृत अधिकारी का नाम व पदनाम तथा प्रदाय करने वाली एजेंसी का संपूर्ण विवरण व सामग्री का अधिभार लेने वाले प्राधिकृत अधिकार के नाम/पदनाम की जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) क्या भिण्ड विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2023 से आंगनवाड़ियों में एक व्यक्ति द्वारा कूटरचित दस्तावेज के आधार पर पंजीकृत महिला स्व-सहायता समूहों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाकर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो समयावधि बताने का कष्ट करें।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी नहीं। आंगनवाड़ी केन्द्र का संचालन सम्बंधित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के द्वारा किया जाता है। कार्यालय कलेक्टर (महिला एवं बाल विकास) जिला भिंड के आदेश क्रमांक/मबावि/पो.आ./2024/5873 भिंड दिनांक 05.08.2024 के द्वारा जांच समिति से प्राप्त प्रतिवेदन के क्रम में दोषी पाए गये 30 स्व-सहायता समूहों के अनुबंध निरस्त कर कार्यालय कलेक्टर के आदेश क्रमांक/मबावि/2024-25/7070 भिंड दिनांक 24.08.2024 के माध्यम से 13 स्व-सहायता समूहों के खातों पर रोक लगाई गई। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट (01) अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट (02) अनुसार है। (घ) कार्यालय कलेक्टर (महिला एवं बाल विकास) जिला भिंड के पत्र क्र. 637237 दिनांक 28.11.2025 के द्वारा जांच समिति का गठन किया गया है। जांच अवधि विगत 03 वर्षों की होकर वृहद प्रकृति की होने से समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।
स्वीकृत हैंडपम्प खनन की प्रक्रिया
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
115. ( क्र. 1992 ) श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या भिण्ड विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत हैंडपम्प खनन हेतु निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर वर्क-ऑर्डर जारी किया जा चुका है? यदि हाँ, तो प्रश्न दिनांक तक आवश्यक सामग्री उपलब्ध क्यों नहीं कराई गई है? (ख) भिण्ड विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत स्वीकृत हैंडपम्पों की संख्या व चयनित गांव कौन-कौन है? विभाग द्वारा जारी वर्क-ऑर्डर के अनुसार ग्रेवल की उपलब्धता कब होगी? समयावधि बताएं। (ग) भिण्ड विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत स्वीकृत हैंडपम्प के खनन की प्रक्रिया कब-तक पूर्ण कर ली जावेगी? क्या भीषण गर्मी से पहले यह खनन कार्य समाप्त किया जावेगा? यदि हाँ, तो समयावधि की जानकारी दें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) भिण्ड विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत हैंडपम्प खनन् हेतु निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर जारी किए गए वर्क-ऑर्डर के लिए सामग्री उपलब्ध कराई गई है, कार्य की प्रगति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। वर्क-ऑर्डर अंतर्गत नलकूप खनन कार्य करने वाली ठेकेदार एजेंसी द्वारा आवश्यकतानुसार स्वयं ग्रेवल की व्यवस्था की जाती है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) स्वीकृत हैंडपम्पों के कार्य जिले को वित्तीय वर्ष हेतु प्राप्त भौतिक लक्ष्य के अंतर्गत किए जाते हैं, तद्नुसार वित्तीय वर्ष में कार्य पूर्ण कराने का प्रयास किया जाता है। कार्य पूर्ण किए जाने की निश्चित तिथि बताया जाना संभव नहीं है।
लोकहित स्पॉन्सरशिप योजनांतर्गत हितग्राहियों को राशि का प्रदाय
[महिला एवं बाल विकास]
116. ( क्र. 1995 ) श्री विपीन जैन : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या प्रदेश सरकार द्वारा लोकहित स्पॉन्सरशिप योजना माता या पिता का देहांत हो जाने पर उनके बच्चों को आर्थिक सहयोग प्रदाय करने के लिए शुरू की गई है? (ख) मंदसौर जिले अंतर्गत कितने हितग्राही इस योजना से लाभान्वित होने के लिए पात्र पाए गए हैं? उनकी सूची देवें। इन पात्र हितग्राहियों को योजना अंतर्गत राशि अभी तक प्रदाय क्यों नहीं की गई है? (ग) पात्र हितग्राहियों को कब तक शासन द्वारा सहयोग राशि प्रदाय कर दी जाएगी? (घ) क्या योजना की शुरुआत से लेकर वर्तमान दिनांक तक इस योजना से लाभान्वित हुए हितग्राहियों की संख्या मध्यप्रदेश के अन्य जिलों की तुलना में मंदसौर में सबसे कम है? इसके क्या कारण है?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी नहीं। प्रदेश सरकार द्वारा लोकहित स्पॉन्सरशिप नाम से कोई योजना शुरू नहीं की है। (ख) से (घ) उत्तरांश ''क'' के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
दलोदा में महिला बाल विकास कार्यालय का संचालन
[महिला एवं बाल विकास]
117. ( क्र. 1996 ) श्री विपीन जैन : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 2420 (तारांकित), दिनांक 5/8/2025 अनुसार व प्रश्न क्रमांक 744 (अतारांकित) दिनांक 2/12/2025 के सम्बन्ध में महिला बाल विकास विभाग परियोजना ग्रामीण-दो का कार्यालय दलोदा में संचालित किए जाने हेतु प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई है? विवरण देवें। (ख) आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और हितग्राहियों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए कब तक कार्यालय दलोदा में संचालित कर दिया जाएगा?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) प्रस्ताव के संबंध में जिले से जानकारी एवं अतिरिक्त जानकारी प्राप्त की गई है। (ख) उत्तरांश 'क' के परिप्रेक्ष्य में कार्यवाही प्रचलन में है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली कार्यक्रम अंतर्गत अनियमितताएं
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
118. ( क्र. 2004 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला खाद्य विभाग, शिवपुरी में पदस्थ अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) कार्यक्रम के अंतर्गत अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार की शिकायतें शासन के संज्ञान में आई हैं? यदि हाँ, तो विगत तीन वर्षों में प्राप्त शिकायतों की संख्या तथा प्रत्येक शिकायत पर की गई जांच की वर्तमान स्थिति क्या है? (ख) क्या जिला शिवपुरी अन्तर्गत विकासखण्ड पोहरी एवं विकासखण्ड शिवपुरी में 22 उचित मूल्य दुकानों में पात्र हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा से कम खाद्यान्न वितरित किया गया तथा पूर्व से स्टॉक में दिख रहा खाद्यान्न गेहूँ एवं अन्य खाद्यान्न को विक्रेताओं से मिलकर मूव (जीरो) कर दिया। इस संबंध में अब तक क्या-क्या दंडात्मक कार्यवाही की गई है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार शिकायत प्राप्त होने पर प्रश्नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक 2025/11 दिनांक 06/01/2026 से सम्पूर्ण प्रकरण की जांच हेतु कलेक्टर शिवपुरी को लिखा गया। उक्त लिखे गये पत्र के संबंध में जांच कर क्या कार्यवाही की गई? (घ) क्या प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार सम्पूर्ण जिले में बायोमेट्रिक सत्यापन में गड़बड़ी एवं खाद्यान्न स्टॉक को विक्रेताओं से मिलकर मूव (जीरो) किया गया है? इस संबंध में 03 वर्षों की जानकारी दी जावे।
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
प्रत्येक घर में पेय-जल का प्रदाय करने की योजना
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
119. ( क्र. 2010 ) श्रीमती रीती पाठक : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सीधी जिले के ग्रामों में जल प्रदाय हेतु चल रही पाइप-लाइन योजना का कितना कार्य पूर्ण किया जा चुका है? (ख) सीधी विधानसभा के ग्राम पंचायत स्तर पर जल जीवन मिशन के अंतर्गत किये जा रहे कार्यों की अद्यतन स्थिति क्या है? यह कार्य कब तक पूर्ण कर प्रत्येक घर में स्वच्छ पेय-जल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी? (ग) सीधी जिले में जल जीवन मिशन द्वारा किये जा रहे कार्यों के दौरान खोदी गई सड़कों के पुनर्निर्माण/सुधार के लिए शासन द्वारा क्या प्रावधान रखे गए हैं और इन प्रावधानों के परिपालन की सुनिश्चितता हेतु शासन स्तर पर क्या कोई मॉनिटरिंग की जा रही है? (घ) सीधी जिले में सूखा ग्रस्त इलाकों में हैंडपम्प उत्खनन हेतु जिलावार अतिरिक्त बजट आवंटन हेतु सरकार की क्या व्यवस्था है? (ङ) सीधी जिले में ग्रीष्म काल में भीषण गर्मी के दौरान ख़राब हैण्डपम्पों के सुधारने हेतु पिछले वर्षों में पाइप की कमी बड़े पैमाने पर दृष्टिगोचर हुई थी, इसे देखते हुए आगामी गर्मियों हेतु विभाग की क्या तैयारी है?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) सीधी जिले के ग्रामों में चल रही जल जीवन मिशन की स्वीकृत एकल ग्राम नल-जल योजनाओं में से पूर्ण की गई योजनाओं तथा समूह जल प्रदाय योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र - 01 एवं 02 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र - 01, 02 एवं 03 अनुसार है। स्वीकृत नल-जल योजनाओं के क्रियान्वन पूर्ण होने पर योजनांतर्गत शामिल किए गए सभी घरों में स्वच्छ पेय-जल की उपलब्धता किया जाना प्रावधानित है। (ग) सीधी जिले में जल जीवन मिशन अंतर्गत किए जा रहे कार्यों के दौरान खोदी गई सड़कों का पुनर्निर्माण/सुधार हेतु अनुबंध की शर्तों के अंतर्गत संबंधित ठेकेदार एजेंसी द्वारा कार्य किए जाने का प्रावधान रखा गया है। पाइप-लाइन कार्य पूर्ण एवं टेस्टिंग करने के उपरांत उक्त कार्यों के लिए काटी/खोदी गई सड़कों को यथाशीघ्र यथास्थिति में रेस्टोरेशन कराए जाने के लिए विभाग द्वारा सतत मॉनिटरिंग की जाती है। (घ) जल जीवन मिशन अंतर्गत ग्रामों में नल-जल योजनाओं का क्रियान्वयन कर पाइप-लाइन जलापूर्ति द्वारा प्रत्येक घर को क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से पेय-जल उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था की जा रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पेय-जल हेतु हैंडपम्पों पर निर्भरता में कमी लाई गई है, तथापि ग्रामीण क्षेत्रों में पेय-जल समस्याग्रस्त (सूखाग्रस्त) बसाहटों में पेय-जल की आवश्यकता पूर्ति के लिए आवश्यक होने पर नए हैंडपम्प लगाए जाने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के बजट में प्रतिवर्ष समुचित बजट प्रावधानित किया जाता है, अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ङ) ग्रीष्मकाल प्रारंभ होने के पूर्व विभाग द्वारा हैंडपम्प संधारण का विशेष अभियान चलाकर हैंडपम्प संधारण का कार्य कराने के लिए सभी जिलों को प्रतिवर्ष निर्देश जारी किए जाते हैं, ग्रीष्मकाल में भी हैंडपम्प संधारण कार्यों को सुचारू रूप से कराए जाने के लिए विभाग द्वारा समुचित मात्रा में स्पेयर पार्ट्स एवं राइजर पाइप सभी जिलों को उपलब्ध कराए जाते हैं।
नल-जल योजना अंतर्गत गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
120. ( क्र. 2014 ) श्री श्याम बरडे : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बड़वानी जिले में कितने ग्रामों से गुणवत्ताहीन कार्यों की शिकायतें प्राप्त हुई हैं? कृपया ग्रामवार विवरण बतावें। (ख) विभाग द्वारा इन कार्यों का तकनीकी निरीक्षण एवं गुणवत्ता परीक्षण कब-कब किया गया? उनकी जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) जिन कार्यों में गुणवत्ताहीनता पाई गई, उनके संबंध में संबंधित ठेकेदार/एजेंसी के विरुद्ध कौन-कौन सी दंडात्मक/अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है? (घ) क्या दोषपूर्ण कार्यों के सुधार/पुनर्निर्माण हेतु एजेंसी को निर्देश जारी किए गए हैं? यदि हाँ, तो उसकी वर्तमान प्रगति विवरण प्रस्तुत करें। (ङ) क्या गुणवत्ताहीन कार्यों के कारण कुछ कार्यों का भुगतान रोका गया है? यदि हाँ, तो उनका विवरण देवें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) बड़वानी जिले में गुणवत्ताहीन कार्यों की शिकायतें किसी भी ग्राम से प्राप्त नहीं हुई है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) कार्य के दौरान पाई जाने वाली कमियों का आवश्यकतानुसार सुधार कार्य करवाया जाता है। विभागीय मापदण्डानुसार गुणवत्तापूर्ण किए गए कार्य मापांकन एवं भुगतान के लिए स्वीकार किए जाते हैं। उपयंत्री, सहायक यंत्री एवं कार्यपालन यंत्री द्वारा कार्यों की सतत् निगरानी की जाती है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ङ) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
जल मिशन के कार्यों की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
121. ( क्र. 2026 ) श्री राजेन्द्र भारती : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या दतिया जिले में विभाग द्वारा जल मिशन में कार्य कराये गये हैं? यदि हाँ, तो कृपया जल मिशन में कराये गये कार्यों का विस्तृत ब्यौरा प्रदान करें। क्या जल मिशन द्वारा प्रधानमंत्री जनमन योजना में आदिवासी ग्रामों, डेरों, मजरे-टोलों में नल-जल योजना एवं जल जीवन मिशन योजना अंतर्गत कार्य किया गया है? यदि हाँ, तो उक्त कार्यों का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराते हुए कार्य हेतु योजना प्रारंभ दिनांक से प्रश्न दिनांक तक आवंटित राशि का मदवार एवं वर्षवार विवरण सहित नल-जल योजना, जल जीवन मिशन के कार्यों की डी.पी.आर., कार्यादेश, संबंधित फर्म/एजेंसी से हुये अनुबंध, किये गये एवं किये जा रहे कार्यों की भौतिक सत्यापन की जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) क्या जल मिशन द्वारा जिला दतिया में संबंधित ठेकेदारों/फर्मों द्वारा नल-जल योजना एवं जल जीवन मिशन योजना अंतर्गत पाइप-लाइन डालने हेतु मजबूत एवं नवीन निर्मित सड़कों को खोदकर पाइप-लाइन डाली गई थी? यदि हाँ, तो उक्त सड़कों को खोदने हेतु क्या म.प्र. सड़क विकास निगम ग्राम पंचायत अथवा किसी अन्य एजेंसियों से अनुमति प्राप्त की गई थी? यदि नहीं तो क्यों? कारण सहित बतायें। (ग) क्या जिला दतिया में संबंधित ठेकेदारों/फर्मों द्वारा नल-जल योजना एवं जल जीवन मिशन योजना अंतर्गत पाइप-लाइन डालने हेतु मजबूत एवं नवीन निर्मित सड़कों को खोदकर पाइप-लाइन डाली गई थी? यदि हाँ, तो उक्त सड़कों को खोदने हेतु क्या म.प्र. सड़क विकास निगम ग्राम पंचायत अथवा किसी अन्य एजेंसियों से अनुमति प्राप्त की गई थी? यदि नहीं तो क्यों तथा उक्त संबंधित एजेंसियों से सड़क निर्माण/मरम्मत कार्य कराया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं तो क्यों? क्या राशि की वसूली की जायेगी? विवरण दें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी हाँ, दतिया जिले के 452 ग्रामों में जल जीवन मिशन अंतर्गत एकल ग्राम नल-जल योजनायें स्वीकृत हैं, जिसमें से 419 ग्रामों में सिविल संकाय एवं 33 ग्रामों में मैकेनिकल संकाय द्वारा कार्य संपादित कराया जा रहा है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। इसके अतिरिक्त समूह जल प्रदाय योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार है। जी हाँ। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत 79 आदिवासी बाहुल्य ग्रामों/डेरों/मजरों एवं टोलों में भी जल जीवन मिशन के अंतर्गत स्वीकृत योजनाओं में नल के माध्यम से पेय-जल व्यवस्था के कार्य कराये जा रहे हैं, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। योजना के प्रारम्भ दिनांक से प्रश्न दिनांक तक आवंटित राशि का मदवार एवं वर्षवार विवरण सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 एवं 04 अनुसार है। जल जीवन मिशन कार्यों की डी.पी.आर., कार्यादेश, संबंधित फर्म/एजेन्सी से हुए अनुबंध एवं किये गये कार्यों के भौतिक सत्यापन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 एवं 05 अनुसार है। (ख) जी हाँ। पाइप-लाइन डालने हेतु खोदी गई सड़क एवं सी.सी. को यथा स्थिति में निर्माण करने की कार्यवाही संबंधित फर्म द्वारा अनुबंध अनुसार संपादित की जा रही है। एकल ग्राम नल-जल योजनाएं ग्राम पंचायत के प्रस्ताव पर स्वीकृत की जाती हैं। योजना के कार्य पूर्ण होने पर ग्राम पंचायत को हस्तांतरित की जाती है, ग्राम में ग्राम पंचायत के समन्वय से पाइप-लाइन इत्यादि कार्य हेतु ग्राम की सड़कें आवश्यकतानुसार काटी जाती हैं। अन्य विभागों से आवश्यकतानुसार स्वीकृति प्राप्त की जाती है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। पाइप-लाइन डालने हेतु खोदी गई सड़क एवं सी.सी. को यथा स्थिति में निर्माण करने की कार्यवाही संबंधित फर्म द्वारा अनुबंध अनुसार संपादित की जा रही है एवं अनुबंधानुसार कार्य न करने की स्थिति में राशि वसूली की कार्यवाही भी नियमानुसार की जा रही है। एकल ग्राम नल-जल योजनाएं ग्राम पंचायत के प्रस्ताव पर स्वीकृत की जाती हैं। योजना के कार्य पूर्ण होने पर ग्राम पंचायत को हस्तांतरित की जाती है, ग्राम में ग्राम पंचायत के समन्वय से ठेकेदार एजेंसी द्वारा पाइप-लाइन इत्यादि कार्य हेतु ग्राम की सड़कें आवश्यकतानुसार काटी जाती हैं एवं कार्य उपरांत यथास्थिति हेतु मरम्मत की जाती है, मरम्मत कार्य न करने पर अनुबंधानुसार ठेकेदार से राशि वसूलने की कार्यवाही की जाती है। अन्य विभागों की सड़कें खोदने हेतु आवश्यकतानुसार स्वीकृति संबंधित विभाग से प्राप्त की जाती है।
प्रधानमंत्री जनमन योजनांतर्गत किये गये कार्यों की जानकारी
[जनजातीय कार्य]
122. ( क्र. 2027 ) श्री राजेन्द्र भारती : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दतिया जिले सहित म.प्र. में जनजातीय कार्य विभाग द्वारा प्रधानमंत्री जनमन योजना संचालित की जा रही है? यदि हाँ, तो योजना अंतर्गत विभाग द्वारा कौन-कौन सी योजना/कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं? विस्तृत विवरण देते हुये योजनाओं की प्रति उपलब्ध करायें। (ख) दतिया जिले में प्रधानमंत्री जनमन योजना अंतर्गत कौन-कौन से ग्रामों को चिन्हित किया गया है और योजनान्तर्गत चिन्हित ग्रामों में बिजली, सड़क, जल, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास उपलब्ध कराने हेतु क्या-क्या कार्य किये गये हैं? अवगत कराते हुये बतायें कि उक्त योजनाओं में वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि आंवटित की गई है? वर्षवार, मदवार जानकारी प्रदाय करें। (ग) क्या दतिया जिले में स्वावलंबन योजना अंतर्गत जिला अंत्यावसायी विकास समिति द्वारा अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को दतिया एवं इंदरगढ़ में दुकानें आवंटित करने के संबंध में समिति की बैठक आयोजित की गई थी? यदि हाँ, तो क्या एक बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार इंदरगढ़ की दुकानें चयनित व्यक्तियों को आवंटित की गई है? यदि हाँ, तो दतिया के चयनित व्यक्तियों को दुकानें आवंटित क्यों नहीं की गई हैं? कारण सहित बतायें कि दुकानें आवंटित करने में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार किया गया है? वही दतिया में इन्हीं व्यक्तियों द्वारा रिश्वत न दिये जाने के कारण आवंटन नहीं की गयी हैं? यदि हाँ, तो एक ही मीटिंग में लिये गये निर्णय के क्रियान्वयन में पृथक-पृथक कार्यवाही क्यों की गई है? कारण सहित बतायें तथा शासन उक्त भ्रष्ट अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं तो क्यों? कारण सहित बतायें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। योजना अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की जानकारी हेतु योजना की गाइड-लाइन की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। (ख) दतिया जिला अंतर्गत चिन्हित ग्रामों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार एवं किये गये कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। (ग) जी हाँ। स्वावलंबन योजना के अंतर्गत जिला अंत्यावसायी समिति के द्वारा अनुसूचित जाति के जरूरत मंद व्यक्तियों हेतु निर्मित दुकानों पर पूर्व काबिज दुकानदारों द्वारा योजना नियमों का उल्लंघन किये जाने के कारण कलेक्टर द्वारा दुकान आवंटन वर्ष 2021 में निरस्त किया गया था। दुकान पुनः आवंटन की प्रक्रिया में हितग्राही चयन समिति की बैठक दिनांक 17-12-2024 को आयोजित की गई थी। जी हाँ। समिति की बैठक निर्णय अनुसार इन्दरगढ़ स्थित दुकानों हेतु चयनित हितग्राहियों को तत्समय दुकान आवंटन आदेश जारी किये गये थे। दतिया स्थित दुकानों हेतु उसी अवधि में आवंटन आदेश जारी नहीं किये गये, इसीलिए दुकानें आवंटित नहीं की गई। दतिया में व्यक्तियों द्वारा रिश्वत न दिये जाने के कारण आवंटन नहीं किये जाने संबंधी आरोप निराधार है। पृथक-पृथक कार्यवाही का कारण दतिया स्थित दुकान आवंटन कार्यवाही का अपूर्ण होने के कारण कलेक्टर के निर्देशानुसार दुकान पुनः आवंटन लकी ड्रा के माध्यम से पुनः किये जाने हेतु निर्देशित किया जाना था, तदानुसार कार्यवाही की गई। दुकान आवंटन प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के आरोप निराधार हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
समान कार्य के आधार पर समान वेतन भुगतान
[जनजातीय कार्य]
123. ( क्र. 2038 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन का ऐसा आदेश है कि किसी भी शासकीय कार्यालय में कार्यरत पुरूष/महिला को 10, 000/- रूपये मासिक से कम नहीं मिलना चाहिए? अगर है तो ऐसे आदेश की छायाप्रति प्रदाय करें। (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर बतायें कि टीकमगढ़, छतरपुर एवं निवाड़ी जिलों के छात्रावासों में कौन-कौन रसोईया, पनभरा, चौकीदार एवं अन्य वर्तमान में कब से कौन-कौन पदस्थ हैं? इनके नाम, पद सहित संपूर्ण जानकारी प्रदाय करें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर जानकारी दें कि क्या अंशकालीन कर्मचारियों को भी प्रश्न दिनांक तक 10, 000/- रूपये से कम का मानदेय प्रदाय किया जा रहा है, क्यों? स्पष्ट एवं संपूर्ण जानकारी प्रदाय करें। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बतायें कि क्या विभाग में ऐसे कुछ रसोईया, पनभरा एवं चौकीदार है, जिनको 10, 000/- रूपये से अधिक एवं कुछ को 10, 000/- रूपये से कम का मानदेय दिया जा रहा है, क्यों? संपूर्ण जानकारी देते हुये यह भी बतायें कि कब तक शासन समान कार्य एवं समान वेतन के आधार पर आदेश जारी करेगा? निश्चित समय-सीमा बतायें एवं संपूर्ण जानकारी दें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ, अंशकालीन कर्मचारियों को वित्त विभाग के परिपत्र क्रमांक एफ 8-3/2018/नियम/चार/भोपाल दिनांक 23-05-2018 के द्वारा निर्धारित पारिश्रमिक का भुगतान किया जाता है। (ग) कलेक्टर दर पर कार्यरत दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों को श्रम विभाग द्वारा समय-समय पर निर्धारित न्यूनतम वेतन की दरों अनुसार एवं अंशकालीन कर्मचारियों को वित्त विभाग के परिपत्र क्रमांक एफ 8-3/2018/नियम/चार/भोपाल दिनांक 23-05-2018 के द्वारा निर्धारित पारिश्रमिक का भुगतान किया जाता है। शेष प्रश्न वित्त विभाग से संबंधित।
अत्याचार निवारण संशोधन के तहत दी जाने वाली सुविधायें
[अनुसूचित जाति कल्याण]
124. ( क्र. 2042 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. अनुसूचित जाति और जनजाति (अत्याचार निवारण) संशोधित नियम 2016 के उपबंधों के तहत बिन्दु क्रमांक 46 पर हत्या/सामूहिक हत्या के प्रकरणों में विधवा का आश्रितों को अनुतोष रकम के अतिरिक्त क्या-क्या सुविधायें दी जाती हैं एवं इन्हें प्राप्त करने की क्या पात्रता है? (ख) क्या ग्वालियर/चंबल संभाग में हत्या के प्रकरणों में उक्त सुविधायें दी गई हैं? यदि हाँ, तो दिनांक 01 जनवरी 2023 से प्रश्न दिनांक तक प्रकरणवार जानकारी दें। यदि नहीं तो क्यों? कारण दें। (ग) जिन जिलों में उक्त सुविधायें नहीं दी गई हैं, उनके लिये कौन जिम्मेदार है? क्या जिम्मेदार अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) क्या पीड़ित परिवार को शासन द्वारा दी जाने वाली उक्त सुविधायें जो अभी तक नहीं दी गई, उन्हें दिया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक?
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ख) एवं (ग) जिलेवार दी गई सुविधाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। जिला राहत समितियों के द्वारा राहत एवं अनुतोष का परीक्षण उपरांत भुगतान किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जिला राहत समितियों के स्तर से नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
नल-जल योजनाओं के क्रियान्वयन में समय वृद्धि
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
125. ( क्र. 2048 ) श्री केशव देसाई : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जल जीवन मिशन के तहत आज दिनांक तक ग्रामीण नल-जल योजनाओं में ठेकेदारों द्वारा अनुबंध की शर्तों अनुसार समय पर कार्य पूर्ण न कराने पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मण्डल ग्वालियर एवं चंबल मण्डल मुरैना के अधीक्षण यंत्रियों द्वारा समय वृद्धि के आदेश जारी किये हैं, उनमें नियमानुसार समय वृद्धि की गणना न कर अपनी मनमर्जी से दण्ड का निर्धारण कर समय वृद्धि आदेश जारी किए हैं? इनकी अनियमितता के द्वारा शासन को लाखों रूपये की वित्तीय हानि पहुँचाई गई है। क्या दोषियों के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी? यदि हाँ, तो समय-सीमा बतायें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार प्रश्न दिनांक तक सहायक यंत्रियों द्वारा उक्त अनुबंधों के तहत कराये गये कार्यों, प्रथम माप एवं बिल जो भुगतान हेतु खण्ड कार्यालय भेजे हैं, उन पत्रों के दिनांक एवं पत्र क्रमांकों का मिलान तथा प्रथम माप दर्ज करने का दिनांक तथा समय वृद्धि हेतु प्रकरण जो कार्यपालन यंत्रियों द्वारा अनुशंसा पत्र भेजे हैं, उन कारणों से अनुशंसा के बाद जारी समय वृद्धि आदेशों एवं समय वृद्धि के बाद जो भुगतान किए हैं, उनकी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) ग्वालियर एवं चंबल संभाग के अधीक्षण यंत्रियों द्वारा समय वृद्धि के संबंध में प्रश्नाधीन विधानसभा प्रश्न के प्राप्त उत्तर में विसंगति प्रतीत होने के कारण परीक्षण हेतु प्रमुख अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के पत्र क्रमांक 154 दिनांक 13.02.2026 द्वारा मुख्य अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग परिक्षेत्र ग्वालियर को परिक्षेत्र स्तरीय समिति के गठन के निर्देश दिए गए हैं, समिति के प्रतिवेदन अनुसार कार्यवाही की जा सकेगी निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है (ख) जानकारी संकलित की जा रही है।
जल जीवन मिशन अंतर्गत बिलों का भुगतान
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
126. ( क्र. 2049 ) श्री केशव देसाई : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) भिण्ड जिले में जल जीवन मिशन के तहत प्रश्न दिनांक तक नल-जल योजना में कराये गये रोड रेनोवेशन एवं आगामी रोड रेनोवेशन के कार्य कराया जाना है, उनकी जानकारी अनुबंधवार, योजनावार, एम.बी. पर दर्ज माप एवं बिल जो भुगतान किये गये हैं की माप पुस्तिका क्रमांक सहित एवं योजना में स्वीकृत प्राक्कलन सहित माप एवं बिलों की विधान सभावार पृथक- पृथक जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) जल जीवन मिशन के तहत भिण्ड जिले में वर्तमान तक नल-जल योजनाओं के तहत विद्युत के स्वीकृत कार्य, विद्युत विभाग द्वारा प्रस्तुत प्राक्कलन, विद्युत कार्य हेतु ठेकेदारों ने जो सामग्री क्रय की है, उसके बिल एवं कार्यों के बिल जो भुगतान हुये हैं की अनुबंधवार एवं योजनावार जानकारी विधान सभावार पृथक-पृथक उपलब्ध करावें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) विद्युत कार्य हेतु ठेकेदार के द्वारा क्रय की गई सामग्री के बिल प्राप्त करने का प्रावधान अनुबंध में नहीं है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।
विभाग द्वारा प्रश्नों की भ्रामक एवं असत्य जानकारी का प्रदाय
[भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास]
127. ( क्र. 2057 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के शिकायती पत्र दिनांक 22.12.2025 द्वारा स्पीड पोस्ट के माध्यम से मुख्य सचिव मध्यप्रदेश शासन एवं विभागीय प्रमुख सचिव भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग को भेजकर उसमें तारांकित प्रश्न क्रमांक 1878 दिनांक 01.08.2025 का नकारात्मक, तथ्यों के विपरीत, आधा अधूरा उत्तर देकर गुमराह कर, सदन की अवमानना करने वाले दोषियों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही का अनुरोध किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो प्राप्त शिकायत पर किन-किन के द्वारा क्या-क्या निर्देश दिये गये/प्राप्त हुये? उक्त पत्र पर प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या प्रभावी कार्यवाही किस-किस के द्वारा कब-कब की गई? कार्यवाही के क्या निष्कर्ष निकले तथा की गई कार्यवाही एवं सकारात्मक उत्तर से प्रश्नकर्ता को कब अवगत कराया गया? यदि प्रश्न दिनांक तक कार्यवाही नहीं की गई तो क्यों तथा इसके क्या कारण हैं? क्या दोषियों को बचाने की मंशा से विभाग द्वारा कार्यवाही नहीं की जा रही है? (ग) क्या शासन/विभाग प्रश्नकर्ता के शिकायत पत्र के बिन्दुओं की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुये उस पर तत्काल प्रभावी कार्यवाही करते हुये विधानसभा प्रश्न का उत्तर उचित व सही प्रकार देकर भ्रामक व असत्य उत्तर देने वाले दोषियों के विरूद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं तो क्यों?
भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। शिकायत पत्र दिनांक 22.12.2025 विभाग को प्राप्त हुआ है। उक्त शिकायत विभागीय पत्र क्र. एफ-1/1/0005/ 2025/47 दिनांक 13.01.2026 एवं 16.01.2026 को संचालक, गैस राहत एवं पुनर्वास, भोपाल से तथ्यात्मक प्रतिवेदन चाहा गया है। संचालक, गैस राहत एवं पुनर्वास, भोपाल द्वारा दिनांक 23.01.2026 को प्राप्त पत्र के संबंध में तथ्यात्मक स्थिति प्रस्तुत की गई है। परीक्षण उपरांत गुण और दोष के आधार पर निर्णय लिया जावेगा। (ख) उत्तरांश ''क'' अनुसार। (ग) उत्तरांश ''क'' एवं "ख" अनुसार। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।
संयुक्त संचालक के पद पर अनियमित संविदा नियुक्ति
[भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास]
128. ( क्र. 2058 ) श्री आतिफ आरिफ अकील [श्री आरिफ मसूद] : क्या भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जनवरी 2026 में गैस राहत एवं पुनर्वास विभाग अन्तर्गत संयुक्त संचालक के पदों पर संविदा नियुक्तियां प्रदान की गई हैं? यदि हाँ, तो किन-किन को नियम युक्त/विधियुक्त कारणों से संविदा नियुक्ति प्रदान की गई है? उनके नाम सहित पूर्व की पदस्थापना स्थल एवं नवीन संविदा नियुक्ति की पदस्थापना स्थल सहित जानकारी देवें। (ख) उपरोक्तानुसार संविदा नियुक्ति दिये जाने में क्या विभाग के प्रचलित संविदा नियमों का पालन किया गया है? यदि नहीं तो क्यों? संविदा नियुक्ति किन नियमों के अन्तर्गत की गई है? उनके औचित्य सहित स्पष्ट जानकारी देवें। (ग) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में क्या जिस व्यक्ति को संविदा नियुक्तियां दी गई है उनके विरूद्ध अवैध/अनियमित नियुक्ति के साथ-साथ संविदा नियुक्ति प्रदान किये जाने के संबंध में शिकायतें प्राप्त हुई है? क्या अवैध/अनियमित नियुक्ति के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में प्रकरण में W.P. 2953/2046 विचाराधीन है? क्या संविदा नियुक्ति दिये जाने के पूर्व प्राप्त शिकायतों व विचाराधीन न्यायालयीन प्रकरण को संविदा नियुक्ति के संबंध में गठित समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया है? यदि नहीं तो क्यों? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्य में क्या जिसे संयुक्त संचालक के पद पर संविदा नियुक्ति दी गई है क्या उक्त व्यक्ति को अन्य महत्वूपर्ण/संवेदनशील उच्च पदों का भी प्रभार सौंपा गया है? यदि हाँ, तो पृथक से सौंपे गये प्रभार तथा प्रभार अन्तर्गत प्रदान की गई सुविधायें किस नियम/निर्देश अन्तर्गत उपलब्ध कराई गई है? नियम/निर्देश की प्रति उपलब्ध करायें। (ड.) क्या शासन/विभाग संयुक्त संचालक के पदों पर कई गंभीर शिकायतों व न्यायालयीन प्रकरणों को छुपाते हुये अनियमित संविदा नियुक्ति देकर अन्य महत्वपूर्ण/संवेदनशील जैसे पदों का प्रभार एवं अन्य सुविधायें दिये जाने वाले आदेश को निरस्त कर विभाग को लाखों रूपये की वित्तीय हानि से बचाया जाना सुनिश्चित करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं तो क्यों?
भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। सामान्य प्रशासन विभाग के संविदा नियुक्ति नियम, 2017 के नियम 4 (4) के अंतर्गत श्री कृष्ण कांत दुबे, संयुक्त संचालक (पदेन उप सचिव) को संविदा नियुक्ति प्रदान की गई है। (ख) विभाग में प्रचलित संविदा नियम 2003 में चिकित्सकीय संवर्ग नर्सिंग एवं पैरामेडिकल के संविदा नियुक्ति के प्रावधान है। शेष उत्तरांश "क" अनुसार। (ग) प्राप्त शिकायतों की जांच हेतु संचालक, गैस राहत एवं पुनर्वास, भोपाल को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर में प्रकरण क्र. डब्ल्यू.पी. 2953/2046 वर्तमान में विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) एवं (ड.) जानकारी उत्तरांश "क", "ख", "ग" एवं "घ" अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
संध्या छाया वृद्धाश्रम का संचालन
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
129. ( क्र. 2061 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल में वृद्धाश्रम ''संध्या छाया'' के निर्माण-लोकार्पण तक कुल कितनी राशि किस मद पर व्यय की गई? व्यय की समस्त जानकारी एवं भूमि का आवंटन कब-कैसे किस विभाग से हुआ? निर्माण हेतु अनिवार्य अनुमति के आवेदन, अनुमतियां, एकल नस्ती की प्रति, निर्माण एजेन्सी के समस्त दस्तावेज, टेण्डर विज्ञापन, प्राप्त टेण्डर, किसे किस लागत पर टेण्डर देकर कितनी अवधि में कार्य पूर्ण, प्राप्त देयक, भुगतान एवं कम्प्लीशन प्रमाण-पत्र की प्रति एवं एकल नस्ती दें। (ख) वृद्धाश्रम का संचालन किसे-कब-कितनी अवधि के लिये किस दर पर कौन सी प्रक्रिया-नियम-निर्देश से दिया गया? वृद्धाश्रम में कुल कितने मेनपॉवर, किस प्रयोजन से किस दर पर कितनी अवधि के लिये किस एजेन्सी से लिये गये हैं, उनका संपूर्ण विवरण एकल नस्ती, आदेशों की प्रति सहित दें।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) ''संध्या छाया'' वरिष्ठजन निवास पर कुल 2396.47 लाख का व्यय निराश्रित निधि से किया गया। म.प्र. शासन राजस्व विभाग के पत्र क्र.6-20/2019/सात/शाखा-3, दिनांक 10/07/2019 द्वारा भूमि आवंटित। भूमि का आवंटन व्यय निर्माण हेतु अनुमतियां, निर्माण एजेंसी के दस्तावेज, टेंडर, भुगतान एवं कम्प्लीशन प्रमाण-पत्र, मानचित्र स्वीकृति आदि दस्तावेजों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार। (ख) पेड ओल्ड एज होम का संचालन करने वाली सेवा भारती मध्यभारत भोपाल को 2 वर्ष अवधि के लिए RFP निविदा प्रक्रिया में सफल निविदाकार होने पर दिया गया। संचालन की नियमावली, अनुबंध एवं RFP पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है।
सा.प्र.वि. के आदेशों के अनुक्रम में निलंबन
[महिला एवं बाल विकास]
130. ( क्र. 2062 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) अधोहस्ताक्षरकर्ता के प्रश्न क्र. 1126 दिनांक 12/03/25 के संदर्भ में पत्र क्र. 800 दिनांक 01/04/25 पर सीएम/एससीएस/उप सचिव/आयुक्त महिला एवं बाल विकास विभाग ने कब क्या किसे पत्र जारी किये गये? पत्र की प्रति एकल नस्ती की प्रति दें। (ख) क्या उक्त समस्त पत्रों पर कृत कार्यवाही से प्रश्नकर्ता को अवगत करा दिया गया है? यदि नहीं तो सा.प्र.वि. के आदेश क्रमांक एफ 19-76/2007/1/4 दिनांक 22/3/2011 के उल्लंघन होने पर आदेश के बिन्दु पांच अनुसार संबंधितों का निलंबन करते हुये कब तक जानकारी उपलब्ध कराई जायेगी? यदि नहीं तो क्यों? कारण सहित बतायें। (ग) 26 जनवरी 26 को इंदौर के मूसाखेड़ी स्थित सांदीपनि शासकीय विद्यालय में विशेष मध्यान्ह भोजन का आयोजन किया गया था? उसमें कुल कितने लोगों के लिये, किस दर पर, कितनी राशि का भुगतान किया गया? बतायें। (घ) डिण्डौरी जिले में तेजस्वनी महिला संघ द्वारा कोदो-कुटकी से बनी पट्टी वर्ष 2017 से 2020 तक प्रातः नाश्ते में वितरित की गई? उक्त के संबंध में सप्लाई संघकर्ता ने कब किस दर पर कितनी राशि देयक प्रस्तुत किया? उसे कब और कितना भुगतान किया गया? 2017 से प्रश्न दिनांक तक समस्त जानकारी का गौशवारा मय दस्तावेज, आदेश-निर्देश-एकल नस्ती की प्रति दें। (ड.) क्या प्रश्नांश (क) से (ड.) के संबंध में जांच दल गठित किया गया? जांच दल की रिपोर्ट एकल नस्ती की प्रति आदेश सहित बतायें।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''क'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ख'' अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ग'' अनुसार है। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''घ'' (पेनड्राइव) अनुसार है। (ड.) जी हाँ। प्रश्नांश (क) में उल्लेखित जांच की कार्यवाही प्रचलित है। प्रश्नांश ''घ'' के संबंध में गठित जांच दल की रिपोर्ट एवं संबंधित अभिलेख पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ड.'' अनुसार है।
मुख्यमंत्री पेजयल योजना का क्रियान्वयन
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
131. ( क्र. 2071 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री पेजयल योजना के तहत कितने ग्रामों में योजना के प्रारम्भ से प्रश्न दिनांक तक स्वीकृति प्रदान की गई है? ग्रामों की सूची उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित ग्रामों में से कितने ग्रामों में कार्य पूर्ण होकर प्रत्येक मोहल्ले एवं घर-घर नल के माध्यम से वर्तमान में सम्पूर्ण गांव में पेय-जल उपलब्ध कराया जा रहा है एवं ऐसे कितने मोहल्ले या घर वंचित है जहां प्रश्न दिनांक तक पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है? दोनों की पृथक-पृथक जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) मुख्यमंत्री पेजयल योजना के तहत वंचित मोहल्लों या घरों तक पेय-जल उपलब्ध कराने के लिए शासन द्वारा क्या योजना तैयार की गई है, जिससे वंचितों को पानी मिल सके? (घ) क्या मुख्यमंत्री पेय-जल योजना में वंचित मोहल्ले या घरों को प्रधानमंत्री नल-जल योजना/जल जीवन मिशन के तहत पेय-जल पानी उपलब्ध कराया जाएगा? यदि हाँ, तो पूर्ण प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध करावें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री पेय-जल योजना के तहत 6 ग्रामों में प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त की गई थी। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित 6 समस्त ग्रामों में मुख्यमंत्री पेय-जल योजना के कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। वर्तमान में उपरोक्त वर्णित 6 ग्रामों में प्रत्येक परिवार को (शत्-प्रतिशत ग्रामों में) पेय-जल उपलब्ध हो रहा है। इन ग्रामों में कोई भी मोहल्ला एवं घर पेय-जल से वंचित नहीं है। (ग) मुख्यमंत्री पेय-जल योजना में वंचित रह गये मोहल्ले या घरों में पेय-जल उपलब्ध कराने हेतु 2 ग्राम क्रमशः 1- काचरिया, 2- रहीमगढ़ में जल जीवन मिशन अंतर्गत रेट्रोफिटिंग योजना बनाकर शत्-प्रतिशत घरों में पेय-जल उपलब्ध करा दिया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्तरांश ''ख'' एवं ''ग'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
आई.पी.पी.ई. योजनान्तर्गत आंगनवाड़ी भवनों की स्वीकृति
[महिला एवं बाल विकास]
132. ( क्र. 2072 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) आई.पी.पी.ई. योजनान्तर्गत सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में कुल कितने आंगनवाड़ी भवन स्वीकृत किए गए थे? उनकी सूची उपलब्ध कराएं। (ख) स्वीकृत सूची में से कितने भवन पूर्ण हो चुके हैं तथा कितने अपूर्ण तथा कितने वंचित हैं, जिनका प्रश्न दिनांक तक निर्माण कार्य प्रारम्भ नहीं हुआ है उनकी वर्तमान स्थिति से अवगत कराकर सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) उपरोक्त सूची में अपूर्ण रहने एवं भवन स्वीकृत होने के पश्चात् निर्माण कार्य प्रश्न दिनांक तक प्रारम्भ नहीं होने का क्या कारण है? जानकारी देवें। (घ) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में भवन विहीन आंगनवाड़ियों की सूची उपलब्ध कराई जाए तथा कब तक भवन स्वीकृत कर दिए जावेंगे?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) आई.पी.पी.ई. योजनान्तर्गत सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में कुल 104 आंगनवाड़ी भवन स्वीकृत किये गये थे, उनकी सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' पर है। (ख) स्वीकृत सूची में से समस्त 104 भवन पूर्ण हो चुके हैं। अत: शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश "ख" के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं। (घ) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में कुल 505 आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हैं जिसमें 254 आंगनवाड़ी केन्द्र स्वयं के शासकीय भवन में संचालित नहीं हो रहे हैं, जिसकी सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' पर है। वित्तीय संसाधनों एवं भूमि उपलब्धता के आधार पर सभी जिलों में आंगनवाड़ी भवन निर्माण की स्वीकृति दी जाती है। समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।
अनुसूचित जाति/जनजाति बस्तियों में कराये गये निर्माण कार्य
[अनुसूचित जाति कल्याण]
133. ( क्र. 2076 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले में वर्ष 2023-24 से वर्तमान तक अनुसूचित जाति बस्ती विकास एवं अनुसूचित जनजाति विकास योजना के अंतर्गत सी.सी. रोड, बाउंड्रीवॉल, पुलिया, सामुदायिक भवन, हैण्डपम्प, ट्यूबवेल मोटर, विद्युतीकरण सहित अन्य समस्त कार्य किन-किन ग्रामों की कौन-कौन सी बस्तियों में क्या-क्या कार्य कब-कब कितनी-कितनी राशि के स्वीकृत किये गये? कार्यों की निर्माण एजेंसी का नाम बताते हुए विधानसभा क्षेत्रवार एवं विकासखण्डवार सम्पूर्ण जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित कार्यों में से कौन-कौन से कार्य कब-कब पूर्ण हुए? कौन-कौन से कार्य प्रश्न दिनांक तक अपूर्ण एवं अप्रारंभ हैं? अपूर्ण कार्य कब तक पूर्ण होंगे? उक्त बस्तियों में निर्माण कार्य स्वीकृत करने के मापदण्ड क्या हैं? नियम/निर्देशों की प्रति संलग्न कर विस्तृत जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में वर्णित कौन-कौन से कार्यों का किन-किन के द्वारा कब-कब कितनी राशि का मूल्यांकन एवं भौतिक सत्यपान किया गया? मूल्यांकनकर्ता एवं सत्यापनकर्ता अधिकारी का नाम व पद सहित बतायें। (घ) क्या प्रश्नाधीन वर्णित अवधि में निर्मित कुछ निर्माण कार्य प्रश्न दिनांक की स्थिति में अस्तित्व में नहीं हैं? यदि हाँ, तो वह निर्माण कार्य कौन-कौन से हैं? क्या अस्तित्व विहीन कार्यों की शासन राशि की वसूली आदि की कोई कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्या एवं किस-किस के विरुद्ध कार्यवाही करेंगे? अवगत कराएं।
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। नियम निर्देंश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
एकीकृत बागवानी व खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना
[उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण]
134. ( क्र. 2089 ) श्रीमती कंचन मुकेश तनवे : क्या उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत 3 वर्षों में खंडवा जिले में कुल कितने पॉली हाउस एवं एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना अंतर्गत अब तक कुल कितने व्यक्तियों, किसानों को योजना का लाभ दिया गया है? सूची उपलब्ध करायी जाए। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित कार्यों व शासन की योजनाओं अंतर्गत खंडवा जिले में कौन-कौन सी कंपनियां पंजीकृत व कार्यरत हैं और कब से है? उनके अनुबंध पत्र की प्रति प्रदान की जावे। क्या उक्त कंपनियों में से किसी को पूर्व में ब्लैक लिस्टेड किया गया है? (ग) विभाग द्वारा प्रधानमंत्री सूक्ष्म उद्यम योजना अंतर्गत विगत 3 वर्षों में खंडवा जिले में कितनी खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित की गई हैं, किन-किन व्यक्तियों द्वारा स्थापित की गई, कितनी संचालित हैं और कितनी बंद हैं और क्यों? (घ) क्या वर्तमान में खंडवा जिले में वेजिटेबल एक्सीलेंस सेंटर स्थापित है? यदि हाँ, तो कहाँ-कहाँ और नहीं तो खोले जाने की क्या कार्ययोजना है ताकि किसानों को सब्जियों के उत्तम गुणवत्ता के बीज, प्रशिक्षण, उद्यानों का विकास आदि लाभ मिल सके।
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) विगत 3 वर्षों में खडण्वा जिले के किसी भी कृषक द्वारा विभागीय योजना के तहत पॉली हाउस निर्माण का लाभ नहीं लिया गया। एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना अन्तर्गत खडण्वा जिले के व्यक्तियों, किसानों को योजनाओं में दिये गये लाभ की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-01, 02, 03 एवं 04 अनुसार है। (ख) विभिन्न योजनाओं के लिए प्रदेश स्तर पर विभिन्न कंपनियों का नियमानुसार चयन किया जाता है, जो खंडवा जिले हेतु भी लागू है। विगत 03 वर्षों में कार्यरत कंपनियों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-05 अनुसार एवं ब्लैक लिस्ट कंपनियों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-06 अनुसार है। पंजीकृत व कार्यरत कंपनियों के अनुबंध की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-07 अनुसार है। (ग) विभाग द्वारा प्रधानमंत्री सूक्ष्म उद्यम योजना अंतर्गत विगत 03 वर्षों में खंडवा जिले में 275 खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित की गई हैं, जिसमें से 273 इकाइयां संचालित हैं एवं 02 बंद हैं, सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-08 अनुसार है। 02 इकाइयों के बंद होने का कारण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-08 के सरल क्रमांक 21 एवं 23 पर दर्ज है। (घ) जी नहीं। वर्तमान में खंडवा जिले में वेजिटेबल एक्सीलेंस सेंटर खोले जाने की योजना नहीं है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
पॉली हाउस एवं एकीकृत बागवानी मिशन योजना
[उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण]
135. ( क्र. 2090 ) श्रीमती कंचन मुकेश तनवे : क्या उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत 3 वर्षों में खंडवा जिले में कुल कितने पॉली हाउस एवं एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना अंतर्गत अब तक कुल कितने व्यक्तियों, किसानों को योजना का लाभ दिया गया है? सूची उपलब्ध की जावे। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित कार्यों व शासन की योजनाओं अंतर्गत खंडवा जिले में कौन-कौन सी कंपनियां पंजीकृत व कार्यरत हैं और कब से हैं? उनके अनुबंध पत्र की प्रति प्रदान की जावे। क्या उक्त कंपनियों में से किसी को पूर्व में ब्लैक लिस्टेड किया गया है? (ग) विभाग द्वारा प्रधान मंत्री सूक्षम उद्यम योजना अंतर्गत विगत 3 वर्षों में खंडवा जिले में कितनी खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित की गई हैं, किन-किन व्यक्तियों/ किसानों द्वारा स्थापित की गई, कितनी संचालित है और कितनी बंद हैं और क्यों? जानकारी दें। (घ) क्या वर्तमान में खंडवा जिले में वेजिटेबल एक्सिलेंस सेण्टर स्थापित है? यदि हाँ, तो कहाँ-कहाँ और नहीं तो क्या खोले जाने की कार्ययोजना है ताकि किसानों को सब्जियों के उत्तम गुणवत्ता के बीज, प्रशिक्षण, उद्यानों का विकास आदि लाभ मिल सके l
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) विगत 3 वर्षों में खडण्वा जिले के किसी भी कृषक द्वारा विभागीय योजना के तहत पॉली हाउस निर्माण का लाभ नहीं लिया गया। एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना अन्तर्गत खडण्वा जिले के व्यक्तियों, किसानों को योजनाओं में दिये गये लाभ की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-01, 02, 03 एवं 04 अनुसार है। (ख) विभिन्न योजनाओं के लिए प्रदेश स्तर पर विभिन्न कंपनियों का नियमानुसार चयन किया जाता है, जो खंडवा जिले हेतु भी लागू है। विगत 03 वर्षों में कार्यरत कंपनियों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-05 अनुसार एवं ब्लैक लिस्ट कंपनियों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -06 अनुसार है। पंजीकृत व कार्यरत कंपनियों के अनुबंध की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-07 अनुसार है। (ग) विभाग द्वारा प्रधानमंत्री सूक्ष्म उद्यम योजना अंतर्गत विगत 03 वर्षों में खंडवा जिले में 275 खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित की गई हैं, जिसमें से 273 इकाइयां संचालित हैं एवं 02 बंद हैं, सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-08 अनुसार है। 02 इकाइयों के बंद होने का कारण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-08 के सरल क्रमांक 21 एवं 23 पर दर्ज है। (घ) जी नहीं। वर्तमान में खंडवा जिले में वेजिटेबल एक्सीलेंस सेंटर खोले जाने की योजना नहीं है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन में वृद्धि
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
136. ( क्र. 2107 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन प्रदेश की विधवा महिला और बुजुर्ग लोगों को मात्र छ: सौ रूपये प्रतिमाह पेंशन दिया जाना उचित और न्यायपूर्ण मानता है? (ख) यदि नहीं तो क्या शासन विधवा महिला और बुजुर्ग लोगों को भी लाड़ली बहना की तरह पन्द्रह सौ रूपये प्रति माह देने हेतु विचारकर आदेश जारी करेगा?
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) प्रदेश में शासन द्वारा संचालित वृद्धा पेंशन, निराश्रित पेंशन, विकलांग पेंशन, कल्याणी पेंशन, परित्यागता पेंशन व सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का संचालन किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत वर्तमान में प्रति हितग्राही प्रतिमाह रुपये 600/- पेंशन प्रदाय की जा रही है। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में राज्य शासन द्वारा अपने सीमित वित्तीय संसाधनों के अंतर्गत इस प्रकार की वृद्धि का निर्णय लिया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
केंद्र एवं राज्य प्रवर्तित योजनाओं का क्रियान्वयन
[महिला एवं बाल विकास]
137. ( क्र. 2115 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या विभाग द्वारा केंद्र/राज्य प्रवर्तित योजनाओं के माध्यम से जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ ही मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु अधोसरंचनागत अनेक निर्माण कार्य भी किये जा रहे हैं? (ख) यदि हाँ, तो वर्ष 2020-21 से लेकर प्रश्न दिनांक तक विधानसभा क्षेत्र में क्रियान्वित योजना अंतर्गत लाभान्वित हितग्राहियों एवं अधोसरंचना के कार्यों हेतु स्वीकृत वर्षवार बजट राशि एवं वर्षवार किये गये व्यय राशि से अवगत करें। (ग) प्रश्नांश (ख) उल्लेखित वर्षों के अंतर्गत कितने कार्य पूर्ण हुए, कितने कार्य अपूर्ण रहे तो किन कारणों से? साथ ही कितने कार्य अप्रारम्भ रहे तो किन कारणों से? जानकारी देंl (घ) जावरा विधानसभा क्षेत्र में कुल भवन विहीन आंगनवाड़ी केंद्र किन-किन स्थानों पर हैं तथा प्रत्येक आंगनवाड़ी पर विद्युत, पानी एवं शौचालय इत्यादि की भी वस्तुस्थिति से अवगत कराएं तथा वर्षवार प्राप्त मरम्मत मूलक राशि अथवा अन्य बजट से भी किये गये कार्यों की वस्तुस्थिति की जानकारी दें।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी हाँ। (ख) वित्तीय वर्ष 2020-21 से प्रश्न दिनांक तक रतलाम जिले में क्रियान्वित योजना अंतर्गत लाभान्वित हितग्राहियों एवं अधोसंरचना के कार्यों हेतु स्वीकृत वर्षवार बजट राशि एवं वर्षवार किये गये व्यय राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे "परिशिष्ट-01" पर है। (ग) वर्ष 2020-21 से प्रश्न दिनांक तक जावरा विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत स्वीकृत 11 भवनों में से 03 भवन पूर्ण हुए एवं 08 भवन अपूर्ण/निर्माणाधीन है। अपूर्ण भवनों की कारण सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे "परिशिष्ट-02" पर है। (घ) जावरा विधानसभा क्षेत्र में कुल 195 आंगनवाड़ी केन्द्र भवन विहीन हैं। भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों के स्थानों की जानकारी पुस्तकालय में रखे "परिशिष्ट-03" पर है। जावरा विधानसभा क्षेत्र के केन्द्रों पर विद्युत, पानी एवं शौचालय आदि उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे "परिशिष्ट-04" पर है। वर्षवार प्राप्त मरम्मत मूलक राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे "परिशिष्ट-05" पर है एवं अन्य बजट से किये कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे "परिशिष्ट-06" पर है।
नल-जल योजना के कार्यों की अद्यतन स्थिति
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
138. ( क्र. 2118 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 136, सिवनी-मालवा के अंतर्गत कुल कितने ग्रामों में नल-जल योजना स्वीकृत है? (ख) स्वीकृत योजना का कार्य कितने ग्रामों में पूर्ण हो गया एवं घरों में नल से जल पहुंचाया जा रहा है? (ग) कितने ग्रामों में नल-जल योजना का कार्य अपूर्ण है तथा योजना का कार्य कब तक पूर्ण किया जावेगा? (घ) ग्राम बघवाड़ा की नल-जल योजना की स्वीकृत राशि क्या है एवं कार्य पूर्ण होने की समय अवधि क्या है?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) 312 ग्रामों में। (ख) स्वीकृत योजनाओं का कार्य 199 ग्रामों में पूर्ण हो गया है तथा इन ग्रामों के घरों में नल से जल पहुंचाया जा रहा है। (ग) 113 ग्रामों में नल-जल योजनाओं के कार्य अपूर्ण है, जिसमें से 3 ग्रामों में प्रत्येक घर में पेय-जल हेतु निजी व्यवस्था उपलब्ध होने के कारण ग्रामवासियों द्वारा योजना के क्रियान्वयन हेतु असहमति प्रदान की गई है, 110 ग्रामों में योजनाओं के कार्य प्रगतिरत हैं। प्रगतिरत कार्यों को पूर्ण करने की निश्चित तिथि बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जल जीवन मिशन योजना अंतर्गत ग्राम बगवाड़ा की रेट्रोफिटिंग नल-जल योजना राशि रु.77.05 लाख की स्वीकृत है, जिसका कार्य मेसर्स पार्थ इंजीनियरिंग हरदा द्वारा किया जा रहा है। इस कार्य की टेंडर अवधि 6 माह की थी। वर्तमान में योजना के प्रावधानित सभी कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। ग्राम में लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क निर्माण में कुछ पाइप-लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसका सुधार कार्य करा दिया गया है। वर्तमान में योजना का ट्रायल रन प्रगतिरत है।
आंगनवाड़ी केंद्रों का भवन निर्माण
[महिला एवं बाल विकास]
139. ( क्र. 2119 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 136 सिवनी-मालवा में कितने आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हैं? (ख) कितने आंगनवाड़ी केंद्रों के भवन बने हुए हैं? (ग) कितने आंगनवाड़ी केंद्रों के भवन नहीं हैं? (घ) भवन विहीन आंगनवाड़ी केंद्रों के भवन बनाने की क्या योजना है तथा कब तक बनकर तैयार हो जाएंगे?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 136 सिवनी-मालवा में 560 आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हैं। (ख) 311 आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए शासकीय विभागीय भवन बने हुए हैं। (ग) कोई भी आंगनवाड़ी केन्द्र भवन विहीन नहीं है, 311 आंगनवाड़ी केन्द्र शासकीय विभागीय भवनों में, 171 आंगनवाड़ी केन्द्र अन्य शासकीय भवनों में एवं 78 आंगनवाड़ी केन्द्र किराये के भवनों में संचालित हैं। (घ) विभागीय शासकीय भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिए नवीन आंगनवाड़ी भवनों की स्वीकृति वित्तीय संसाधनों एवं भूमि उपलब्धता पर निर्भर करती है। समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।
प्रदेश में स्कंध भण्डारण में अनियमितताएं
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
140. ( क्र. 2147 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में म.प्र. वेयर हाउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक्स कार्पो. के अथवा निजी गोदामों में कितने समय तक किस पद पर गेहूँ का भण्डारण कर, रखने व उसके उठाव के क्या नियम हैं? (ख) क्या प्रबंध संचालक, म.प्र. वेयर हाउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक्स कार्पो. के पत्र क्र.मप्रवेलाका/वाणिज्य/ 04/665/ 2022-23/4095 दिनांक 18.10.2022 द्वारा शाखा बकतरा, जिला सीहोर अंतर्गत जे.व्ही.एस. गोदामों में गेहूँ उपार्जन वर्ष 2017-18, 2018-19 एवं 2019-20 का स्कंध लंबी अवधि से उठाव न होने व कीटग्रस्त, क्षतिग्रस्त एवं आटा फॉर्मेशन होने के कारण सितम्बर, 2022 में शाखा बकतरा में नूरगंज व दीवटिया व क्षेत्र के गोदामों से कीटग्रस्त एवं क्षतिग्रस्त भण्डारित कराये गेहूँ को क्षति/हानि से बचाव हेतु सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर उठाव/निराकरण कराने हेतु निर्देशित किया गया था? यदि हाँ, तो उक्त भण्डारित गेहूँ (स्कंध) की मात्रा क्या थी? उठाव/निराकरण किस दिनांक को व क्या हुआ? इससे शासन को कुल कितने रूपये की हानि हुई आदि की पूर्ण जानकारी दी जाये। (ग) उक्त स्कंध किस दिनांक से किस दिनांक तक कितनी मात्रा में किस किराये की दर पर किस निजी/शासकीय गोदाम में भण्डारित रहा, की पूर्ण जिम्मेदारी उपलब्ध करायी जाये? (घ) क्या उक्त भंडारित रहे स्कंध पर 28 से अधिक बार दवा का छिड़काव किया गया जबकि 8 से अधिक बार छिड़काव होने की स्थिति में वह खाने के योग्य नहीं रहता? इस प्रकार यह एक गंभीर लापरवाही है। (ड.) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित स्कंध का समय पर उठाव/निराकरण नहीं करने से स्कंध खराब होने व किराये के रूप में अधिक अवधि तक निजी गोदाम संचालक को राशि का भुगतान किये जाने से कुल कितनी क्षति हुई? इसके लिये कौन-कौन जिम्मेदार है तथा उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गयी? (च) क्या उक्त प्रकरण में तत्कालीन प्रमुख सचिव द्वारा दोषी अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध एक माह में विभागीय जाँच कर अनुशासनिक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये थे? यदि हाँ, तो आज दिनांक तक प्रकरण में किस-किस अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गयी? पूर्ण जानकारी दी जाये।
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) 1. प्रदेश में म.प्र. वेयर हाउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक्स कार्पो. के स्वनिर्मित एवं पर्यवेक्षणाधीन निजी गोदामों में रखे गये स्कंध को भंडारित कर रखने की समय-सीमा निर्धारित नहीं है। 2. म.प्र. वेयर हाउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक्स कार्पो. की संयुक्त भागीदारी योजना की कंडिका 7.4 अनुसार म.प्र. शासन द्वारा जारी उपार्जन नीति में उल्लेखित प्राथमिकता क्रम में FIFO (जमा के विपरीत) पद्धति के आधार पर उठाव किये जाने का प्रावधान है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) 1. जी हाँ। पत्र दिनांक 18.10.2022 पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" अनुसार है। 2. शाखा दीवटिया एवं नूरगंज पर भंडारित गेहूँ की मात्रा तथा उठाव की मात्रा एवं दिनांक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "स" अनुसार है। 3. शाखा दीवटिया में 12391 मे.टन एवं शाखा नूरगंज में 7405 मे.टन भुगतान हेतु शेष है। पूर्ण भुगतान होने से पूर्व हानि का आकलन किया जाना संभव नहीं है। (ग) निजी गोदामों से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"द" अनुसार है। वर्तमान में स्कंध निजी गोदामों से स्थानांतरित कर शासकीय गोदाम नूरगंज व दीवटिया में भंडारित किया गया है। (घ) भंडारित स्कंध में कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव एवं आवश्यकता अनुसार धूमीकरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"इ" अनुसार है। (ड.) 1. शाखा दीवटिया में 12391 मे.टन एवं शाखा नूरगंज में 7405 मे.टन भुगतान हेतु शेष है। पूर्ण भुगतान होने से पूर्व क्षति का आकलन किया जाना संभव नहीं है। 2. स्कंध कीटग्रस्त, क्षतिग्रस्त होने एवं आटा फार्मेशन होने बकतरा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक श्री भीमसिंह डाबर को निलंबित किया गया तथा उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाकर परिनिन्दा की शास्ति अधिरोपित की गयी। (च) जी हाँ। तत्कालीन शाखा प्रबंधक श्री भीमसिंह डाबर को निलंबित किया गया तथा उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाकर परिनिन्दा की शास्ति अधिरोपित की गयी।
हर घर जल योजना में अनियमितताएं
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
141. ( क्र. 2148 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या बुरहानपुर जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर नल योजना के तहत प्रदेश के बुरहानपुर जिले को राष्ट्रपति द्वारा अवार्ड से सम्मानित किया गया है? यदि हाँ, तो किस दिनांक को यह सम्मान प्राप्त हुआ? पूर्ण जानकारी दी जाये। (ख) क्या जिला मुख्यालय से मात्र 40 कि.मी. दूर स्थित ग्राम बालन्द्रा, हसनपुरा, पुरा, रामदा एवं कोटराखेडा सहित जिले के अन्य गांव के निवासियों के घरों में पानी नहीं पहुँच रहा तथा गांव के लोग दो-दो कि.मी. दूर से पानी ला रहे हैं? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा असत्य जानकारी देकर अवार्ड प्राप्त करने हेतु कौन दोषी है व उसके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गयी? (ग) क्या विभाग प्रदेश के गांवों में हर घर जल की उपलब्धता के संबंध में औचक रूप से प्रत्येक तहसील के दस गांवों का अधिकारियों से स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ औचक निरीक्षण कराकर वस्तुस्थिति ज्ञात करायेगा? यदि हाँ, तो कब से? जिलावार निरीक्षण का रोस्टर तैयार करते हुए जानकारी दें। (घ) क्या जल जीवन मिशन अंतर्गत पूरे प्रदेश में सप्लाई किये गये पाइप की गुणवत्ता निम्न स्तर की होने की शिकायतें विभाग को प्राप्त हुई हैं? यदि हाँ, तो शिकायतों का विवरण दें एवं क्या उसकी जाँच कराकर समुचित कार्यवाही करायी जावेगी?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी हाँ, बुरहानपुर जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर नल-जल योजना के तहत् वर्ष 2022 में समस्त कार्य पूर्ण कर जल जीवन मिशन की गाइड-लाइन अनुसार सभी ग्रामों के समस्त घरों में नल के माध्यम से पेय-जल प्रदाय किए जाने के कार्य पूर्ण किए गए, जिसके तहत् बुरहानपुर जिले को दिनांक 02.10.2022 को महामहिम राष्ट्रपति महोदय जी द्वारा "हर घर जल प्रमाणित जिले" के रूप में अवार्ड से सम्मानित किया गया। (ख) जी नहीं, जिला मुख्यालय से लगभग 40 कि.मी. दूर स्थित ग्राम बालन्द्रा (जालन्द्रा), हसनपुरा एवं पुरा में नल-जल योजनाएं बनाकर पूर्ण कर संबंधित ग्राम पंचायत को हस्तांतरित कर दी गई हैं एवं इन योजनाओं से पेय-जल सुचारू रूप से प्रदाय हो रहा है। योजनाओं के संचालन-संधारण का दायित्व संबंधित ग्राम पंचायत का है। ग्राम रामदा एवं कोटराखेडा बुरहानपुर जिले से संबंधित नहीं है। जिले के अन्य ग्रामों में निवासरत ग्रामीणों को नल-जल योजना के अंतर्गत पेय-जल प्रदाय हो रहा है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) विभागीय अधिकारियों द्वारा समय-समय पर पेय-जल व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जल जीवन मिशन अंतर्गत सप्लाई किए गए पाइप की गुणवत्ता निम्न स्तर की होने की शिकायत बुरहानपुर जिले में प्राप्त नहीं हुई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
अनुसूचित जनजाति के फर्जी जाति प्रमाण-पत्र
[जनजातीय कार्य]
142. ( क्र. 2159 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश शासन आदिम जाति तथा अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग मंत्रालय का पत्र क्रमांक 647/613/25-5/95 भोपाल दिनांक 23.11.1995 के अनुसार आदिवासी जनजाति गदबा/गदाब केवल जिला बस्तर (वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य) में पाई जाती है? क्या वर्ष 1995 के बाद यह जनजाति (गदबा/गदाबा) का जिला बस्तर से मध्यप्रदेश के किसी जिले, तहसील, कस्बे में प्रवजन (माइग्रेशन) हुआ है? यदि हाँ, तो किन क्षेत्रों में? सूची दें। (ख) मध्यप्रदेश में कुम्हार (गधेरे, गदेरे) उपनाम प्रजापति, सोनकर, चक्रवर्ती किस-किस जिले, तहसील में किस-किस जाति वर्ग (OBC, SC, ST) में आते हैं? सूची दें। (ग) अन्य पिछड़ा वर्ग व अनुसूचित जाति में आने वाले लोगों द्वारा छल-कपट, धोखाधड़ी व शब्दों के हेर-फेर कर अ.ज.जा. के जाति प्रमाण-पत्र बनवाकर आदिवासियों का हक छीनने के मामलों में कितनी शिकायतें लंबित हैं? सूची दें। ऐसे कितने लोगों को शासकीय सेवा से बाहर किया जाना शेष है? सभी लंबित शिकायतों का निराकरण कर इन पर कब तक कार्यवाही की जावेगी? समय-सीमा बतावें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) प्रश्नांश में उल्लेखित पत्र संचालनालय में उपलब्ध नहीं है। मध्यप्रदेश राज्य की अनुसूचित जनजाति की सूची में गदबा/गदाब नाम से कोई जनजाति अधिसूचित नहीं है। अनुसूचित जातियां और अनुसूचित जनजातियां आदेश (संशोधन) अधिनियम, 1976 भारत का राजपत्र 29 नवंबर 1979 के अनुसार अनुसचित जनजाति की अधिसूचित सूची में क्रमांक 15 पर गडाबा, गडबा जनजाति अंकित है। उक्त जाति संपूर्ण मध्य्रपेदश राज्य के लिए मान्य है, भारत सरकार द्वारा उक्त जाति में किसी क्षेत्र का बंधन नहीं रखा गया है। जनजातियों के प्रवर्जन (माइग्रेशन) संबंधी जानकारी संकलन नहीं किया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) अनुसूचित जातियां और अनुसूचित जनजातियां आदेश (संशोधन) अधिनियम, 1976 के तहत भारत सरकार द्वारा म.प्र. राज्य के लिये जारी अनुसूचित जातियों की सूची के क्रमांक 35 पर कुम्हार (छतरपुर, दतिया, पन्ना, रीवा, सतना, शहडोल, सीधी एवं टीकमगढ़ जिलों में) क्षेत्रीय बंधन के साथ अनुसूचित जाति सूची में अधिसूचित है। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''एक'' अनुसार है। इस सूची में गधेरे, गदेरे उपजाति/उपनाम उल्लेखित नहीं है। मध्यप्रदेश शासन, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल की अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) दिनांक 02 अप्रैल 1997 के क्रमांक 38 पर कुम्हार (प्रजापति) कुंभार, (छतरपुर, दतिया, पन्ना, टीकमगढ, सतना, रीवा, सीधी व शहडोल जिलों को छोड़कर) पिछड़ा वर्ग सूची में शामिल है एवं सूची के क्रमांक 33 पर (अ) काछी (कुशवाहा, शाक्य, मोर्य कोयरी या कोइरी (कुशवाहा) कोहरी, पनारा, मुराई सोनकर) अधिसूचित है। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''दो'' अनुसार है। चक्रवर्ती मध्यप्रदेश राज्य के लिए अधिसूचित जनजातियों, जातियों एवं पिछड़ा वर्ग की सूची में सम्मिलित नहीं है। (ग) राज्य स्तरीय छानबीन समिति में अनुसूचित जनजाति वर्ग के संदेहास्पद जाति प्रमाण-पत्र धारकों की 392 पंजीबद्ध शिकायतें लम्बित हैं। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''तीन'' अनुसार है। राज्य उच्च स्तरीय छानबीन समिति द्वारा प्रकरण में जाति प्रमाण-पत्र अमान्य किये जाने संबंधी निर्णय की प्रतिलिपि संबंधित जिले के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक के साथ-साथ अनावेदक नियोक्ता को आगामी कार्यवाही हेतु दी जाती है। तदोपरांत शासकीय सेवा से हटाए जाने संबंधी विधि अनुरूप कार्यवाही अनावेदक के नियोक्ता (केन्द्र/राज्य शासन/उपक्रम/ कार्यालयों द्वारा की जाती है। अत: शासकीय सेवा से बाहर किये जाने की संख्या बताया जाना संभव नहीं है। राज्य स्तरीय छानबीन समिति का अर्द्धन्यायिक स्वरूप का शिकायतों के निराकरण एवं उन पर कार्यवाही की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
शासन द्वारा खरीदी गई धान की सुरक्षा में लापरवाही
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
143. ( क्र. 2256 ) श्री संदीप श्रीप्रसाद जायेसवाल : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी जिले में सरकार द्वारा खरीदी गई धान में से कितनी धान खुले में पड़ी हुई है एवं खुले में रखने के क्या कारण है? (ख) खुले में रखी गई धान को सुरक्षित रखने के लिए क्या-क्या उपाय विभाग द्वारा किए जाने थे और क्या वह सभी उपाय विभाग द्वारा किए गए हैं? अगर नहीं तो क्या कारण है और उसके लिए जवाबदार अधिकारियों पर क्या कार्यवाही की जाएगी? (ग) पिछले 5 वर्षों में खुले में रखने के कारण किस-किस उपज का कितना-कितना नुकसान और कितनी राशि का नुकसान शासन को हुआ है और उसके लिए कौन जवाबदार है और जवाबदारों पर क्या कार्यवाही कब तक की जाएगी?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) कटनी जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित 494045.78 मे.टन उपार्जित धान में से मात्र 15301 मे.टन धान जिले में भण्डारण के स्थल के अभाव में परिवहन किया जाना शेष है। (ख) उपार्जन समिति द्वारा परिवहन से शेष धान को पन्नी, तिरपाल से ढक्कर सुरक्षित रखा गया है। जिले में कोई भी धान असुरक्षित रूप से नहीं रखी गई है एवं शेष धान के परिवहन का कार्य परिवहनकर्ता/मिलर्स के माध्यम से जारी है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) विगत 05 वर्षों में समर्थन मूल्य पर उपार्जित उपज को खुले में रखने के कारण नुक़सान हुई मात्रा एवं राशि की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। केपों में भण्डारित उपज की सम्पूर्ण मात्रा का उठाव न करने, दीर्घ अवधि तक भण्डारित एवं PMS एजेंसी ग्रोग्रीन वेयर हाउसेस प्रायवेट लिमिटेड द्वारा उपज की भण्डारण के दौरान उपज की सुरक्षा/देखरेख में लापरवाही बरतने के कारण उपज को नुकसान हुआ है, जिसके संबंध में थाना बडवारा, बहोरीबन्द, रीठी एवं बरही में PMS एजेंसी ग्रोग्रीन वेयर हाउसेस प्रायवेट लिमिटेड के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। वर्तमान में प्रकरण माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में प्रचलित है। माननीय न्यायालय के निर्णय अनुसार कार्यवाही की जा सकेगी।
भाग-3
अतारांकित
प्रश्नोत्तर
छात्र-छात्राओं
को नि:शुल्क
डी.एड.,
बी.एड.
की व्यवस्था
[जनजातीय कार्य]
1. ( क्र. 3 ) श्री मुकेश मल्होत्रा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, भारिया एवं सहरिया के छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क डी.एड., बी.एड. कराने का नियम बनायेंगे? (ख) क्या विशेष पिछड़ी जनजाति के छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क डी.एड., बी.एड. कराने की कोई व्यवस्था की गई है? (ग) क्या विभाग मध्यप्रदेश की विशेष पिछड़ी आदिम जनजातियों को नि:शुल्क डी.एड., बी.एड. शिक्षा की व्यवस्था करेगा? (घ) क्या प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) सही है तो शासन व शिक्षा विभाग आदिम जाति बैगा, भारिया एवं सहरिया जनजाति के 12वी उत्तीर्ण व स्नात्तकोत्तर उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को कब तक डी.एड., बी.एड. का कोर्स नि:शुल्क कराया जाएगा? यदि हाँ, तो समय-सीमा बतावें, नहीं तो क्यों नहीं कारण दें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जनजातीय कार्य विभाग द्वारा क्रियान्वित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत डी.एड., बी.एड. पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने पर शिक्षण संस्था द्वारा लिया जाने वाला संपूर्ण अनिवार्य शिक्षण शुल्क एवं स्टाइपेंड का भुगतान जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को किया जाता है, जिसमें विशेष पिछ़डी जनजातीय वर्ग के विद्यार्थी भी शामिल है। अत: पृथक से नियम बनाने की आवश्यकता नहीं है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश (क) अनुसार है। (घ) उत्तरांश (क) के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका का नियमितीकरण
[महिला एवं बाल विकास]
2. ( क्र. 152 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या विभाग की योजनाओं के प्रसार एवं क्रियान्वयन के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की नियुक्ति की गई है? यदि हाँ, तो जिला मुरैना में कुल कितनी कार्यकर्ता एवं सहायिका पदस्थ हैं? उनके मानदेय सहित जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्या विभाग इन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को नियमित करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? समय-सीमा बतायें।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी हाँ। मुरैना जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के स्वीकृत 2620 पदों के विरूद्ध 2548 तथा आंगनवाड़ी सहायिका के स्वीकृत 2620 पदों के विरूद्ध 2175 पदस्थ है। प्रदेश में मानदेय एवं अतिरिक्त मानदेय सहित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को राशि रूपये 13,000/- प्रतिमाह तथा सहायिका को राशि रूपये 6,500/- प्रतिमाह देय है। (ख) उत्तरांश ''क'' के संदर्भ में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के पद मानसेवी पद है, अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
भगवान बिरसा मुण्डा व टंट्या मामा स्व-रोजगार योजना की जानकारी
[जनजातीय कार्य]
3. ( क्र. 180 ) श्री मुकेश मल्होत्रा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या श्योपुर जिले में निवासरत आदिवासी वर्ग के युवक-युवतियों को भगवान बिरसा मुण्डा व टंट्या मामा योजना से कितने हितग्राहियों को लाभांवित किया गया है। लाभान्वित हितग्राहियों की सूची उपलब्ध करावें? (ख) श्योपुर जिले में वर्ष 2023 से 2025 तक उक्त योजनाओं का लाभ कितने हितग्राहियों को दिया गया है सूची उपलब्ध करावे? (ग) यदि प्रश्नांश (क) एवं (ख) का उत्तर सही है तो जानकारी प्रदान करेंगे यदि हाँ, तो कब तक और नहीं तो क्यों नहीं कारण बतायें?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तलकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र के प्रकरण में कार्यवाही
[अनुसूचित जाति कल्याण]
4. ( क्र. 187 ) श्री मुकेश मल्होत्रा : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में कुम्हार/प्रजापति उप जाति के लोगों को संबंधित अधिसूचित जिले में जन्म के आधार पर अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए क्या नियम/निर्देश है? क्या श्री सरदार सिंह प्रजापति ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी श्योपुर पुत्र श्री खच्चूराम जाति कुम्हार, का जन्म स्थान ग्राम बिजलीपुरा, तहसील अम्बाह, जिला मुरैना का है? यदि है तो क्या ग्राम रिधोलाताल, तहसील जतारा, जिला टीकमगढ़ (म.प्र.) से कुम्हार/प्रजापति उपजाति के नाम से अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र बनवाकर वर्ष 1993 में ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी श्योपुर के पद पर नौकरी पाई है? (ख) प्रश्नांश (क) के तारतम्य में जन्म स्थान जिला मुरैना के व्यक्ति ने फर्जी तरीके से जिला टीकमगढ़ से निवास के आधार पर अनुसूचित जाति का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर शासकीय नौकरी पाने पर विभाग ने इनके विरूद्ध अभी तक एफ.आई.आर. दर्ज कर नौकरी से बर्खास्त करने की कार्यवाही क्यों नहीं की है? यह कार्यवाही कब तक की जायेगी? समय-सीमा बतायें।
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। शेष जानकारी विभाग से संबंधित नहीं है। (ख) जानकारी विभाग से संबंधित नहीं है।
कन्यादान योजना का क्रियान्वयन
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
5. ( क्र. 191 ) श्री सुरेन्द्र सिंह हनी बघेल : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले के उमरबन में वर्ष 2024-25 में कन्यादान योजना के दौरान प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र कुक्षी अंतर्गत कुल कितने आवेदन प्राप्त हुए थे? (ख) कितनी पात्र कन्याओं को सहायता राशि स्वीकृत की गई? (ग) कितनी कन्याओं को अभी तक राशि का भुगतान नहीं हो पाया है, भुगतान न होने के क्या कारण हैं? क्या शासन द्वारा योजना की राशि वितरण में किसी प्रकार की अनियमितता/विलंब की शिकायतें प्राप्त हुई हैं? यदि हाँ, तो शिकायतों पर अब तक क्या कार्यवाही की गई है? (घ) वर्ष 2024-25 में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना अंतर्गत उमरबन में आयोजित विवाह समारोह में विधानसभा कुक्षी से सम्मिलित होने वाले वर-वधू के आवेदन के साथ संलग्न समस्त दस्तावेज एवं उपस्थित, अनुपस्थित वर-वधु की सूची तथा इनको शासन की योजना अनुसार दी गई राशि की जानकारी उपलब्ध करवायें।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) वर्ष 2024-25 में कन्यादान योजना के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र कुक्षी अंतर्गत कन्या विवाह के आवेदन प्राप्त नहीं हुए है। (ख) से (घ) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
खरीफ विपणन एवं परिवहन
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
6. ( क्र. 230 ) श्री संजय उइके : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या खरीफ विपणन कार्य हेतु समितिवार उपार्जन केन्द्र स्थापित किया जाता है? (ख) यदि हाँ, तो खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक बैहर विधानसभा क्षेत्र के समितिवार उपार्जन केन्द्र में कितना-कितना धान खरीदा/विपणन किया गया? जानकारी दें। (ग) खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक उपार्जन केन्द्रों से किन-किन को कितनी-कितनी मात्रा का धान परिवहन किया गया? जानकारी उपलब्ध करावें?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु सहकारी संस्थाओं एवं महिला स्व-सहायता समूह द्वारा जिला उपार्जन समिति द्वारा निर्धारित स्थान पर उपार्जन केन्द्र संचालित किए गए है। (ख) बैहर विधानसभा क्षेत्र में उपार्जन केन्द्रवार समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान की मात्रा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'अ' अनुसार है। (ग) खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर 67139.28 मे.टन एवं वर्ष 2025-26 में 61661.58 में.टन उपार्जित धान का उपार्जन केन्द्रों से जिले के अनुबंधित परिवहनकर्ता द्वारा जिले के गोदाम/कैप में परिवहन किया गया। वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में उपार्जन केन्द्रों से दिनांकवार, वाहनवार परिवहन कर गोदाम/कैप में परिवहन की गई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'ब' (पेन-ड्राईव) अनुसार है।
पायली प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
7. ( क्र. 388 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बरगी बांध जबलपुर से नर्मदा तट (बरगी बांध) के आसपास के कितने गांवों के घर-घर नालों से पानी पहुंचाने की पायली प्रोजेक्ट कब कितनी राशि की योजना बनाई गई थी? इसे कब तक पूर्ण कर घर-घर पानी पहुंचाने का क्या लक्ष्य निर्धारित किया गया था? इसके लिये शासन ने कब कितनी राशि का बजट प्रावधान किया है? कब-कब कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई एवं वर्षवार कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? वर्ष 2025-26 तक की जानकारी दें। (ख) प्रश्नांकित पायली प्रोजेक्ट की मूल योजना के तहत इसका कौन-कौन सा निर्माण कार्य कब कितनी-कितनी राशि में किस निर्माण एजेंसी से किस स्तर पर कराया गया है? निर्धारित समयावधि में कब से कौन-कौन सा निर्माण कार्य नहीं कराया गया है एवं क्यों? शासन ने इसके लिये दोषी अधिकारियों व ठेका निर्माण एजेंसी पर कब क्या कार्यवाही की है? जानकारी दें। (ग) प्रश्नांकित मूल योजना के तहत कितनी ग्राम पंचायतों के कितने-कितने गांवों में कब से घर-घर पानी प्रदाय कराना शुरू कर दिया गया है? कितने गांव योजना के लाभ से वंचित है एवं क्यों? कारण बताएं। (घ) प्रश्नांश (क) में किन-किन ग्राम पंचायतों में पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूर्ण कराने के पश्चात् इन ग्राम पंचायतों के गांवों में अभी तक घर-घर पेयजल न पहुंचाने का क्या कारण है? क्या शासन इसके लिये दोषी अधिकारियों/ठेका निर्माण एजेंसी पर कार्यवाही करेगा? वर्तमान में इन ग्राम पंचायतों में पेयजल की क्या व्यवस्था है? जानकारी दें। (ड.) क्या शासन प्रश्नांकित पायली प्रोजेक्ट में गुणवत्ताविहीन निर्माण कार्य कराने, राशि का अपव्यय, भ्रष्टाचार व निर्माण एजेंसी को अनुचित लाभ पहुंचाने की जांच करवाकर दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करेगा?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) पायली समूह जल प्रदाय योजना वर्ष 2018 में लागत रू. 749.17 करोड़ की बनायी गयी थी। दिनांक 03.01.2022 तक। समूह योजनाओं के क्रियान्वयन में योजनावार बजट प्रावधान नहीं किया जाता है। समूह योजनाओं में वर्षवार राशि आवंटित नहीं की जाती, जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) समूह जल प्रदाय योजना का कार्य अनुबंधित एकमुश्त राशि रू. 645.46 करोड़ में मेसर्स लार्सन एण्ड टूब्रों कंस्ट्रक्शन, चैन्नई से कराये जा रहे हैं। निर्धारित समयावधि में योजना के सभी कार्य अपूर्ण थे जिसका मुख्य कारण विभिन्न विभागों से अनुमति मिलने में विलंब होने, कोविड-19 महामारी, समुचित संसाधनों का नियोजन न करना आदि थे। योजना पूर्ण होने के उपरांत गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही की जा सकेगी। (ग) पेयजल प्रदाय अप्रारंभ है। जल प्रदाय अप्रारंभ है, मुख्य कारण कार्य में विलम्ब होना है। (घ) योजनांतर्गत सभी ग्राम पंचायतों में पाइपलाइन बिछाने एवं घेरलू कनेक्शन का कार्य प्रगतिरत है, इन ग्राम पंचायतों के ग्रामों में कार्य पूर्ण होने पर पेयजल प्रदाय किया जावेगा। योजना पूर्ण होने के उपरांत गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही की जावेगी। योजनांतर्गत ग्रामों में हैण्डपंप/ नल-जल योजनाओं के माध्यम से पूर्ववत जल प्रदाय किया जा रहा है। (ङ) गुणवत्ताविहीन कार्य, राशि के अपव्यय अथवा भ्रष्टाचार का कोई प्रकरण जानकारी में नहीं है, शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।
पी.एम. मातृ वंदना योजना
[महिला एवं बाल विकास]
8. ( क्र. 405 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में कोविड-19 में अनाथ, बेसहारा हुये बच्चों के कल्याण व गर्भवती महिलाओं के कल्याण, उत्थान, उपचार, स्वरोजगारोन्मुखी राज्य एवं केन्द्रीय शासन की संचालित किन-किन योजनान्तर्गत कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई एवं कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? वर्ष 2020-21 से 2025-26 तक की वर्षवार पृथक-पृथक जानकारी दें। (ख) प्रश्नांकित संचालित किन-किन योजनान्तर्गत महिला एवं बाल विकास जिला जबलपुर को कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई? किन-किन योजनाओं की कितनी-कितनी राशि कब से नहीं आवंटित की गई है एवं क्यों? किन-किन योजनान्तर्गत कितने-कितने लाभान्वित बच्चों व हितग्राही महिलाओं को कितनी-कितनी राशि प्रदाय की गई? कितने-कितने बच्चों व हितग्राही महिलाओं को किन-किन योजनान्तर्गत कब से कितनी-कितनी राशि प्रदाय नहीं की गई है? किन-किन योजनाओं के लाभ से पंजीकृत कितनी-कितनी हितग्राही महिलाएं लाभ से वंचित हैं एवं क्यों? वर्षवार पृथक-पृथक जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (ख) में पी.एम. मातृ वंदना योजना में पंजीकृत कितनी हितग्राही महिलाओं को कब से कितनी राशि उनके खाते में जमा नहीं की गई है एवं क्यों? इस संबंध में कितनी महिलाओं ने सी.एम. हेल्प लाइन की मदद ली है और कितनी महिलाओं की कितनी राशि बैंक खाते में जमा की गई हैं? कितनी महिलाओं को समय पर राशि का भुगतान नहीं किया गया हैं? वर्ष 2025-26 की माहवार जानकारी दें। (घ) क्या शासन पी.एम. मातृ वंदना योजना की राशि समय पर हितग्राही महिलाओं को राशि का भुगतान न करने की जांच कराकर दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करेगा?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) प्रदेश में कोविड-19 में अनाथ, बेसहारा हुये बच्चों के कल्याण के लिए राज्य शासन की संचालित मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना एवं केन्द्रीय शासन की पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 पर है। (ख) प्रश्नांकित संचालित मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना एवं पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजनांतर्गत महिला एवं बाल विकास, जिला जबलपुर को योजना वार आवंटित राशि, लाभन्वित बच्चों की संख्या एवं प्रदाय की गई राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 पर है। प्रश्नांकित संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में महिला एवं बाल विकास जबलपुर को पृथक से राशि आवंटित नहीं की गई है। योजनान्तर्गत गर्भवती महिलाओं को DBT के माध्यम से राज्य स्तर से सीधे भुगतान किये जाने का प्रावधान है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 पर है। (ग) प्रश्नांश (ख) में पी.एम. मातृ वंदना योजना अन्तर्गत पंजीकृत समस्त हितग्राही महिलाओं को निर्धारित पात्रता अनुसार निरंतर मातृत्व लाभ प्रदाय किया जा रहा है। इस संबंध में 3031 महिलाओं ने सीएम हेल्पलाइन की मदद ली है जिसमें से 2911 महिलाओं के बैंक खाते में राशि रू 58.22 लाख जमा की गई। वित्तीय वर्ष 2025-2026 में महिलाओं को समय पर भुगतान नहीं हुआ जिसका विवरण जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 पर है। (घ) भुगतान प्रक्रिया में परिवर्तन किये जाने से तकनीकी कारणों से भुगतान बाधित हुआ है। इसमें किसी अधिकारी के दोषी नहीं होने से जांच/कार्यवाही का प्रश्न नहीं।
सामुदायिक भवन निर्माण के लिये स्वीकृत राशि
[अनुसूचित जाति कल्याण]
9. ( क्र. 406 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पूर्व विधानसभा क्षेत्र क्र. 97 जबलपुर स्थित सिद्धबाबा वार्ड लालमाटी में सामुदायिक भवन के निर्माण हेतु कब, कितनी राशि की प्रशासकीय स्वीकृति दी थी? इसके लिये कब कितनी राशि आवंटित की हैं? (ख) प्रश्नांकित सामुदायिक भवन हेतु जिला प्रशासन जबलपुर ने कब कितनी भूमि आवंटित की हैं एवं भू-स्वामित्व संबंधी अधिकार पत्र कब जारी किया हैं? (ग) संचालनालय नगर एवं ग्राम निवेश विभाग म.प्र. शासन भोपाल ने पत्र क्र. 4559/न.ग्रा.नि./टी.सी./जबलपुर/107/ 2022 भोपाल दिनांक 09.11.2022 को कलेक्टर जबलपुर को प्रश्नांकित भूमि के संबंध में क्या जानकारी दी है? तत्संबंध में कलेक्टर जबलपुर ने कब क्या कार्यवाही की है? (घ) प्रश्नांकित सामुदायिक भवन का निर्माण हेतु अभी तक भूमि का उपांतरण न करने का क्या कारण है? क्या शासन इसकी जांच कराकर दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही कर आवंटित भूमि का उपांतरण कराना सुनिश्चित करेगा?
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जी नहीं। कोई प्रशासकीय स्वीकृति जारी नहीं हुई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) भूमि आवंटन नहीं किया गया है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) आवश्यकता न होने से प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
गैस राहत दावा अदालत एवं शेड निर्माण
[भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास]
10. ( क्र. 493 ) श्री आरिफ मसूद : क्या भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा किन-किन स्थानों पर गैस राहत दावा अदालतें एवं शेड तथा सामुदायिक भवनों का निर्माण कराया गया था तथा वर्तमान में उक्त संपत्ति का क्या उपयोग किया जा रहा है? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में क्या कई स्थलों की गैस राहत दावा अदालत, शेड एवं सामुदायिक भवन को विभाग द्वारा स्वयं सेवी संस्थाओं को दे दिया गया है यदि हाँ, तो संस्थाओं सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में क्या कई स्थलों की गैस राहत दावा अदालत, शेड एवं सामुदायिक भवन जो कि विभाग के आधिपत्य में थे उनको नीलाम/लीज या विक्रय कर दिया गया है। यदि हाँ, तो राशि, स्थान, क्रेता एवं वार्ड सहित जानकारी उपलब्ध करावें।
भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) गैस त्रासदी के समय 56 वार्डों में दावा अदालत वार्डवार निर्माण कराए गए थे। विभाग के अंतर्गत गैस प्रभावित क्षेत्र में शांहजानाबाद, पुतलीघर, टीलाजमालपुरा, जेपी नगर, स्टेशन बजरिया, भारत टॉकिज, जहांगीराबाद, ऐशबाग, गिन्नोरी, गैस राहत आई.टी.आई. परिसर, कॉजीकैम्प, गौतम नगर, ग्रीन पार्क कॉलोनी, छोला मंदिर, द्वारिकानगर, राजेन्द्र नगर, चॉंदबड़, बरखेड़ी में कुल 40 वर्कशेड का निर्माण किया गया था तथा कल्याण आयुक्त, भोपाल गैस पीड़ित भोपाल का कार्य पूर्ण होने पर रिक्त दावा अदालत विभाग को सौंपे गये। विभाग द्वारा शासकीय विभाग नगर निगम एवं अन्य को आवंटित किया गया है, की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशष्ट ''अ'' अनुसार। (ख) जी हाँ। गैस राहत दावा अदालत एवं शेड को स्वयं सेवी संस्थाओं को आंवटित किए गए भवनों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार। (ग) मध्यप्रदेश शासन लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग मंत्रालय भोपाल के पत्र क्रमांक एफ PAM/PMSAMC/575/P1/CP/2023 दिनांक 03/10/2023 में उल्लेखित मंत्री परिषद द्वारा दिनांक 26/09/2023 को लिए गए निर्णय अनुसार भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग की केवल एक परिसम्पत्ति वार्ड क्रमांक 8 मुंशी अली खान, जिला भोपाल, मध्यप्रदेश स्थित भूमि परिसम्पत्ति खसरा क्रमांक 44/1, 44/2 का भाग कुल रकबा 1010 वर्ग मीटर के निर्वतन हेतु एच-1 निविदाकार श्री नासिर अली (मेसर्स व्हाइट बिल्डिग कन्स्ट्रक्शन) की उच्चतम निविदा राशि रूपये 2,04,96,000/- (दो करोड़ चार लाख छियान्वे हजार मात्र) का अनुमोदन किया जाकर विक्रय की गई। मध्यप्रदेश शासन लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग मंत्रालय, भोपाल के पत्र क्रमांक एफ PAM/PMSAMC/575/P1/CP/2023 दिनांक 03/10/2023 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार।
स्थापित हैण्डपंपों का रखरखाव
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
11. ( क्र. 494 ) श्री वीरसिंह भूरिया : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि प्रश्नकर्ता विधान सभा क्षेत्र 194 झाबुआ जिले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा न तो हैण्डपम्पों का रिपेयर किया जाता है और न ही समान रूप से संधारण का है पेयजल की जवाबदारी किसकी है?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : विधानसभा क्षेत्र थांदला-194 के अंतर्गत झाबुआ जिले के विकासखंड मेघनगर एवं थांदला आते हैं, वर्तमान में दोनों विकासखंडों के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में कुल 5316 हैण्डपम्प स्थापित है, सुधार योग्य हैण्डपम्पों के संधारण/सुधार का कार्य विभाग के अंतर्गत निरंतर चलने वाली हैण्डपम्प संधारण व्यवस्था के अंतर्गत तत्परतापूर्वक किया जाता है। विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जल जीवन मिशनांतर्गत स्वीकृत की गई 219 नल-जल योजनाओं का क्रियान्वयन भी प्रश्नांकित क्षेत्र के ग्रामों में कराया जा रहा है, जिनके अंतर्गत 68,629 क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को नल से जल की सुविधा उपलब्ध कराया जाना प्रावधानित है।
वन भूमि पर आवंटित पट्टे और कब्जे
[जनजातीय कार्य]
12. ( क्र. 649 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना एवं मैहर जिलों में किस-किस स्थान पर वन भूमि पर किन-किन नाम एवं पते के लोगों को राज्य शासन द्वारा प्रश्न तिथि तक पट्टे आवंटित (विभिन्न प्रकार के) किये हुए हैं? उक्त सभी पट्टे कब-कब दिए गए थे। रेंजवार सूची दें? क्या प्रश्न तिथि तक पट्टेधारी अभी भी जगह पर काबिज है या नहीं? प्रकरणवार जानकारी दें? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित जिलों में वन विभाग के पास उसके शासकीय रिकॉर्ड में कुल कितनी भूमि आधिपत्य में दर्ज है? रेंजवार/भूमि के रकबेवार/जिलेवार/भूमियों के कब्जेवार जानकारी दें? (ग) वन विभाग प्रश्न तिथि तक राजस्व विभाग की कुल कितने रकबो की, किस-किस रेंज की, किस प्रकार की भूमि पर कब्जा चाहता है और क्यों? कब्जा क्यों एवं किस कारण अप्राप्त है? रेंजवार भूमिवार/रकबावार विवरण दें? (घ) क्या वन विभाग अपने पट्टाधारियों को जिनका वर्षों से वन विभाग से गुजर बसर करने हेतु पट्टे प्राप्त हैं को प्लांटेशन के नाम पर विस्थापित कर रहा है? किस-किस रेंजों में किस नाम एवं पते के लोगों को कब-कब विस्थापित किया? विस्थापित किए गए लोग कब से उस स्थान पर काबिज थे? कितने वर्ष पुराने उनके पट्टे थे? प्रकरणवार/रेंजवार/व्यक्तिवार जानकारी दें?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–एक अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट –दो अनुसार है। (ग) माननीय सर्वोच्च न्यायालय की याचिका क्रमांक 202/95 श्री गोदा वर्मन विरूद्ध भारत सरकार एवं अन्य की रिट पिटिशन 301/2008 के अन्तर्गत आई.ए.नं. 9108/2024 में जारी पारित निर्णय दिनांक 15-05-2025 के पालन में वन विभाग के कब्जे के बाहर ऐसी भूमि जो वन भूमि के रूप में अधिसूचित है एवं राजस्व विभाग के कब्जे में है या जिसे राजस्व विभाग द्वारा निजी व्यक्तियों/संस्थाओं को आवंटित किया गया है, वन विभाग के कब्जे या प्रबंधन के बाहर ऐसी समस्त भूमियों को कब्जे में लेने के संबंध में मध्यप्रदेश शासन वन विभाग द्वारा जारी निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -तीन अनुसार है। सीमा निर्धारण अर्द्धन्यायिक कार्यवाही होने से रेंजवार भूमिवार/रक्बावार विवरण दिया जाना संभव नहीं है। (घ) जी नहीं। वन विभाग द्वारा अपने पट्टाधरियों को विस्थापित नहीं किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
धान उपार्जन परिवहन में अनियमिताएं
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
13. ( क्र. 655 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी जिले के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में नागरिक आपूर्ति द्वारा धान उपार्जन में किन-किन केन्द्रों द्वारा कितनी-कितनी मात्रा क्रय की गई है? केन्द्रवार बताएं। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में क्रय की गई मात्रा को परिवहन हेतु किन-किन एजेंसियों को अधिकृत किया गया है? नाम बताएं। (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में परिवहन एजेंसियों द्वारा क्रय किए जाने के पश्चात् धान को कितनों दिनों में परिवहन किए जाने का प्रावधान है? नियम बताएं। (घ) नियमानुसार निर्धारित समयावधि के अंतर्गत परिवहन नहीं किए जाने की स्थिति में किसानों के लंबित भुगतान हेतु कौन जवाबदार है? संबंधित के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जाएगी? नहीं तो क्यों बतायें।
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) कटनी जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान की केन्द्रवार उपार्जित मात्रा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) कटनी जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में उपार्जित धान के परिवहन हेतु मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन द्वारा मेसर्स जय श्री राम ट्रासंपोर्ट कंपनी कटनी सेक्टर कटनी (कटनी, रीठी एवं बहोरीबंद) एवं मेसर्स जय श्री राम ट्रासंपोर्ट कंपनी कटनी सेक्टर स्लीमनाबाद (बड़वारा, विजयराघवगढ़ एवं ढीमरखेड़ा) परिवहनकर्ता नियुक्त किए गए है। (ग) खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में उपार्जित धान के परिवहन हेतु उपार्जन केन्द्र द्वारा R2T होने के 12 घण्टे के अंदर जिला कार्यालय मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन द्वारा समितिवार ट्रांसपोर्ट ऑर्डर जारी किए जाते है। तदोपरान्त परिवहनकर्ता द्वारा परिवहन कार्य किया जाता है। (घ) कटनी जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में कुल उपार्जित धान की मात्रा 494045.78 में.टन. के विरूद्ध जिले में उपलब्ध भण्डारण क्षमता अनुसार 472099.12 में.टन मात्रा का परिवहन तत्समय कराया जा चुका है। शेष मात्रा मिलर के माध्यम से जिला उपार्जन समिति के प्रस्ताव अनुसार उठाव कराई जा रही है। जिले में 51996 किसानों को राशि रू. 1030.02 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। अत: विलंब के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
पात्र गरीबी रेखा के परिवारों को पेंशन सहायता
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
14. ( क्र. 704 ) श्री नरेन्द्र प्रजापति [इंजीनियर] : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जो गरीब परिवार गरीबी रेखा में नहीं है परन्तु अत्यंत गरीब हैं, उन गरीब परिवार के पात्र लोगों को भी सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में नाम कब तक जोड़ा जायेगा? (ख) जो दिव्यांगजन है, उन्हें दिव्यांग प्रमाण पत्र स्थानीय स्तर पर उनके निज निवास पर डॉक्टरों की मेडिकल टीमें पहुंचकर उनको जाँच कर दिव्यांग प्रमाण पत्र कब से दिया जाना शुरू होगा, क्योंकि दिव्यांग जो अचल है, अस्पताल तक की दूरी कैसे तय कर सकते हैं? (ग) दिव्यांग पेंशन को 600 से बढ़ाकर दो गुना 1200 कब तक की जायेगी?
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) राज्य शासन की संचालित समग्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में गरीबी रेखा की शर्त नहीं है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) दिव्यांग प्रमाण-पत्र (UDID) बनाने की प्रक्रिया स्वास्थ्य विभाग के सिविल सर्जन द्वारा की जाती है। विभाग द्वारा शासन की मंशा अनुसार स्थानीय स्तर पर दिव्यांगता प्रमाण पत्र (UDID) बनाये जाने हेतु समस्त कलेक्टर, म.प्र. को विभाग द्वारा निर्देश जारी किये गये है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ग) राज्य शासन द्वारा अपने सीमित वित्तीय संसाधनों के अंतर्गत इस प्रकार की वृद्धि का निर्णय लिया जाता है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।
विभाग में मनमाने नियम और मनमाने काम
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
15. ( क्र. 802 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला छतरपुर में समर्थन मूल्य पर खरीद कार्य में गेहूं चना, मसूर, सरसों खरीद कार्य के खाद्य विभाग द्वारा क्या-क्या कार्य संपदित किये जाते है पृथक-पृथक खरीद जिंसबार बताये? (ख) क्या खाद्य विभाग द्वारा मूल्य पर गेहूं खरीद के साथ-साथ अन्य जिसकी खरीदी हेतु नीति निर्धारण की जाती है यदि हाँ, तो जिंसवार खरीदी नीति वर्ष 2020 की प्रति उपलब्ध कराये? यदि नहीं तो बताये समर्थन मूल्य या खरीदें निर्देश किस विभाग द्वारा जारी किये जाते है। (ग) चना, मसूर एवं सरसों के उपार्जन कार्य एवं गुणवत्ता निरीक्षरण की निगरानी खाद्य विभाग द्वारा जारी की जाती है? यदि हां तो खाद्य विभाग द्वारा जारी उन निर्देशों की प्रतियां उपलब्ध कराये? यदि नहीं तो किस विभाग द्वारा की जाती है? कृपया विभाग का नाम बताये? (घ) गेहूं, चना, मसूर एवं सरसों के समर्थन मूल्य पर खरीदी के दौरान खाद्य विभाग के कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी का गुणवत्ता जाँच करने, खरीदी केन्द्र निर्धारित करने एवं भुगतान करने के अधिकार प्राप्त है? यदि हाँ, तो खाद्य विभाग द्वारा जारी उन आदेशों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराये यदि नहीं तो बतायें की इन कार्यों के अधिकार किस पदाधिकारी को है?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा जिला छतरपुर में भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन विभाग द्वारा जारी नीति में प्रावधानित कार्य विभागीय अमले द्वारा किया गया है। समर्थन मूल्य पर चना, मसूर एवं सरसों का उपार्जन का कार्य हेतु किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा किया जाता है। छतरपुर जिले में समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं, चना, मसूर एवं सरसों की मात्रा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा रबी विपणन वर्ष में गेहूं तथा खरीफ विपणन वर्ष धान, ज्वार एवं बाजरा का उपार्जन किया जाता है। विभाग द्वारा जारी उपार्जन नीति की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। चना, मसूर एवं सरसों खरीदी हेतु किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग निर्देश जारी किए जाते है। (ग) जी नहीं। चना, मसूर एवं सरसों के उपार्जन एवं गुणवत्ता निरीक्षण की निगरानी का कार्य किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा किया जाता है। (घ) समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन कार्य का पर्यवेक्षण विभागीय अमले द्वारा किया जाता है। भारत सरकार द्वारा गेहूं के निर्धारित FAQ मापदण्डों के अनुरूप समर्थन मूल्य पर खाद्यान्न उपार्जन का प्राथमिक दायित्व संबंधित उपार्जन केन्द्र संचालित करने वाली सहकारी समिति/SHG/ CLF का होता है तथा उपार्जन केन्द्र का निर्धारण जिला उपार्जन समिति द्वारा एवं भुगतान की कार्यवाही उपार्जन एजेंसी द्वारा की जाती है। चना, मसूर एवं सरसों के गुणवत्ता जांच, केन्द्र का निर्धारण एवं भुगतान की कार्यवाही किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा एवं उनके द्वारा अधिकृत एजेंसी के द्वारा की जाती है।
वसूली के साथ पद से पृथक किये जाने की कार्यवाही
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
16. ( क्र. 900 ) श्री अभय मिश्रा : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले के शासकीय उचित मूल्य के दुकानों के संबंध की शिकायतें वर्ष 2024 से प्रश्नांश दिनांक तक कितनी प्राप्त हुई इनमें से कितनी शिकायतों का निराकरण कर कार्यवाही की गई, कितनी शिकायतें लंबित है का विवरण विकासखंडवार देवें? राशि की वसूली किन-किन पर प्रस्तावित की गई की जानकारी पृथक से देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार जिन दुकानदारों/सेल्समेनों पर वसूली प्रस्तावित की गई उनमें से कितनों से कार्य लिये जा रहे है, के पदनाम सहित विवरण देवें यह भी बतायें कि इनमें से कितने सेल्समेनों को प्रभारी समिति प्रबंधक का प्रभार देकर कार्य लिया जा रहा है तो क्यों बतावें? इन्हें कब तक हटायेंगे? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार जिले में संचालित शासकीय उचित मूल्यों की दुकानों में वर्ष 2024 से प्रश्नांश दिनांक तक के दौरान कितना खाद्यान्न जिले को माहवार प्राप्त हुआ कितना आवंटित किया गया कितना शेष रहा, कितना खाद्यान्न अगले माह में समायोजित किया गया, की जानकारी विकासखंडवार जानकारी देवें इनमें से कितने दुकानों में प्रत्येक माह खाद्यान्न का आवंटन बढ़ाया गया एवं वसूली को खाद्यान्न का आवंटन बढ़ाकर समायोजित किया गया की जानकारी के साथ कार्यवाही बावत् क्या निर्देश देंगे बतायें अगर नहीं तो क्यों? (घ) प्रश्नांश (क) अनुसार कार्यरत दुकानों में सेल्समैन/समिति प्रबंधकों पर राशि वसूली प्रस्तावित होने के बाद भी प्रभार देकर कार्य लिये जाने पर प्रभार से पृथक नहीं किया गया क्यों पृथक करने के साथ जांच एवं कार्यवाही के निर्देश देंगे? अगर नहीं तो क्यों?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) वर्ष 2024 से प्रश्नांश दिनांक के दौरान कुल 20 शिकायतें प्राप्त हुई जिसमें से 18 शिकायतों का निराकरण कर कार्यवाही की गई, 2 शिकायतें लंबित है, संबंधितों के विरूद्ध प्रस्तावित वसूली की विकासखंडवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'अ' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार जिन दुकानदारों/सेल्समेनों पर वसूली प्रस्तावित की गई, उनमें से 05 शा.उ.मू. दुकानों के सेल्समेनों से संबंधित प्रकरण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) त्योंथर के न्यायालय में प्रचलित होने के कारण 05 सेल्समेन कार्यरत है, शेष 13 विक्रेताओं को विक्रेता के पद से पृथक किया गया है। जिन सेल्समेनों पर वसूली प्रस्तावित की गई है उनको प्रभारी समिति प्रबंधक का प्रभार नहीं दिया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश (क) अनुसार जिले में संचालित 18 शासकीय उचित मूल्य दुकानों में वर्ष 2024 से प्रश्नांश दिनांक के दौरान माहवार आवंटित खाद्यान, प्राप्त मात्रा, शेष मात्रा, की विकासखंडवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "स" अनुसार है। प्रत्येक माह दुकानों से हितग्राहियों को खाद्यान्न वितरण उपरान्त शेष मात्रा समायोजित कर AePDS पोर्टल पर दुकानों का आवंटन प्राप्त होता है एवं दुकानों पर आवंटित मात्रा का वितरण कराया जाता है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (घ) 05 शा.उ.मू. दुकानों के सेल्समेनों से संबंधित प्रकरण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) त्योथर के न्यायालय में प्रचलित होने के कारण 05 सेल्समेन कार्यरत है इन सेल्समेनों को प्रभारी समिति प्रबंधक का कार्य नहीं दिया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है।
जिम्मेदारों पर कार्यवाही के साथ राशि वसूली
[अनुसूचित जाति कल्याण]
17. ( क्र. 901 ) श्री अभय मिश्रा : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति बस्तियों में विकास हेतु बस्ती विकास योजना, प्रधानमंत्री आदर्श योजना, रोजगारोन्मुखी योजना, अन्य विभागीय संचालित योजना अन्तर्गत कितना बजट रीवा संभाग अन्तर्गत जिलों की वर्ष 2020 से प्रश्नांश दिनांक तक के दौरान प्राप्त हुआ का विवरण वर्षवार जिलेवार देवें, प्राप्त राशि अनुसार व्यय का विवरण वर्षवार देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार प्राप्त राशि हेतु माननीय सांसद सदस्यों एवं क्षेत्रीय विधायकों के प्रस्ताव के आधार पर कितने कार्य स्वीकृत किये गये का विवरण विधानसभा क्षेत्रवार अनुशंसित माननीयों के पत्र, प्रशासनिक स्वीकृति की प्रति, भौतिक स्थिति, व्यय व पूर्णतः प्रमाण पत्र की प्रति सहित विवरण वर्षवार देवें। (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार प्राप्त बजट से प्रश्नांश (ख) अनुसार स्वीकृत कार्यों में से कितने कार्यों की स्वीकृति माननीय विधायकों के प्रस्तावों अनुसार उनके क्षेत्रों में स्वीकृति प्रदान की गई, रीवा जिले के सेमरिया विधानसमा क्षेत्र के स्वीकृत कार्यों का विवरण पृथक से मदवार देवें। (घ) प्रश्नांश (क) अनुसार स्वीकृत कार्य प्रश्नांश (ख) एवं (ग) के प्रस्ताव अनुसार समानुपातिक मान से राशि व्यय की गई अगर नहीं की गई राशि विशेष विधानसभा क्षेत्र में व्यय कर कार्य स्वीकृत किये गये समानुपातिक भाव से राशि व्यय नहीं हुई इसके लिये जिम्मेदारों पर कार्यवाही बावत् क्या निर्देश देंगे अगर नहीं तो क्यों?
अनुसूचित
जाति कल्याण
मंत्री ( श्री
नागर सिंह
चौहान ) : (क)
जानकारी पुस्तकालय
में रखे परिशिष्ट-''अ''
अनुसार
हैं। (ख) जानकारी
पुस्तकालय
में रखे परिशिष्ट-''ब''
अनुसार
हैं। (ग) जानकारी
पुस्तकालय
में रखे परिशिष्ट-''ब''
एवं
''द'' अनुसार
हैं। (घ) विधान
सभा व्यय
राशि
समानुपातिक
दिये जाने के
नियम नहीं है।
शेष प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता।
वन अधिकार कानून 2006 के संबंध के अन्य जानकारी
[जनजातीय कार्य]
18. ( क्र. 924 ) कुँवर
अभिजीत शाह : क्या
जनजातीय
कार्य मंत्री
महोदय यह
बताने की कृपा
करेंगे कि (क) वन
अधिकार कानून 2006 के तहत
जिला स्तरीय
वनाधिकार
समिति हरदा, बैतूल
एवं
नर्मदापुरम
ने किस-किस
दिनांक की बैठक
में किस-किस
स्थान के लिए
सामुदायिक वन
अधिकारों को
मान्यता
प्रदान किए
जाने का प्रस्ताव
पारित किया है
उस प्रस्ताव
में किस कक्ष
क्रमांक या
खसरा नम्बर के
कितने-कितने
रकबे पर कौन
सा सामुदायिक
अधिकार दिया है। (ख) विभाग के
प्रमुख सचिव
के पत्र
क्रमांक
व.अधि./08/1047
दिनांक 10
जून 2008
एवं आयुक्त
आदिवासी
विकास के पत्र
क्रमांक 621/वनअधि/15/136 दिनांक 16 अप्रैल 2015 में
सामुदायिक वन
अधिकारों बावत्
क्या-क्या
निर्देश दिए, आरक्षित
वन भूमि पर
सामुदायिक वन
अधिकारों बावत्
किस दिनांक को
क्या निर्देश
किस पत्र
क्रमांक से
दिए,
प्रति सहित
बतावें। (ग) सामुदायिक
वन अधिकारों
को मान्यता
दिए जाने की
वर्तमान में
क्या-क्या
कार्यवाही
लम्बित है वह
कब तक पूरी
होगी समय-सीमा
सहित बतावें।
जनजातीय
कार्य मंत्री
( डॉ. कुंवर
विजय शाह ) : (क) जानकारी
पुस्तकालय में
रखे परिशिष्ट-एक
अनुसार है।
(ख) जानकारी
पुस्तकालय में
रखे परिशिष्ट-दो
अनुसार है। (ग) वन
अधिकार
समितियों
द्वारा
सामुदायिक
दावों का
नियमानुसार निराकरण
किया जाता है।
वन अधिकार की
प्रक्रिया
अर्द्धन्यायिक
स्वरूप की है।
समय-सीमा बताया
जाना संभव
नहीं है।
मानचित्र, खसरा पंजी, निस्तार पत्रक अन्य की जानकारी
[जनजातीय कार्य]
19. ( क्र. 925 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वन मुख्यालय के पत्र क्रमांक 1173 दिनांक 4 सितम्बर 2024 में दिए निर्देश के बाद भी हरदा, नर्मदापुरम एवं बैतूल जिले के वनग्रामों की ग्रामपंचायत एवं ग्रामसभा को पटवारी मानचित्र, खसरा पंजी, निस्तार पत्रक, अधिकार अभिलेख की प्रति प्रश्नांकित दिनांक तक भी उपलब्ध नहीं करवाई गई। (ख) 4 सितम्बर 2024 के पत्र में क्या-क्या निर्देश दिए गए उसके अनुसार किस ग्राम पंचायत या ग्रामसभा के किस कर्मचारी या पदाधिकारी को किस दिनांक को किस अभिलेख एवं मानचित्र की प्रति उपलब्ध करवाई है यदि प्रश्नांकित दिनांक तक भी उपलब्ध नहीं करवाए हो तो कारण बतावे। (ग) किस ग्राम की खसरा पंजी में कुल कितनी भूमि दर्ज है, उसमें से कितनी भूमि कितने पट्टेधारियों के नाम पर दर्ज है कितनी भूमि निस्तार पत्रक में दर्ज है और कितनी भूमि पर कितने अतिक्रमणकारी काबिज बताए गए है। (घ) पटवारी मानचित्र एवं खसरा पंजी के आधार पर सीमांकन एवं सत्यापन नहीं करने का क्या कारण है।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक एवं दो अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। (घ) मध्यप्रदेश शासन जनजातीय कार्य विभाग के पत्र क्रमांक/PS/TWD/224/2025 दिनांक 16.04.2026 से वनग्रामों में वन अधिकार पत्र पटटों की मान्यता लागू करने के लिये एस.ओ.पी. अनुसार कार्यवाही संभव है।
आदिवासी दलित बस्तियों की जानकारी
[जनजातीय कार्य]
20. ( क्र. 954 ) श्री चैन सिंह वरकड़े : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्य प्रदेश में जितने भी आदिवासी दलित बस्तियां हैं लोग उन बस्तियों को जातिगत रूप से पुकारते हैं मध्य प्रदेश शासन से अनुरोध है कि हर आदिवासी बस्ती और दलित बस्तियों में उनके आराध्य है या उनके पूर्वज या उनकी रानी राजा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के नाम से पुकारा जाए। (ख) विगत 2 वर्षों में जबलपुर संभाग में अभी तक आदिवासियों के जमीनों के विक्रय हेतु कलेक्टर द्वारा कितनी जमीनों की परमिशन दी गई? (ग) जबलपुर में नकली जाति प्रमाण पत्रों पर सरकार ने अभी तक क्या-क्या किया है क्या किसी जाति प्रमाण पत्र को निरस्त किया या अभी भी लोग जाति प्रमाण पत्रों पर नौकरी राजनीति या अन्य लाभ ले रहे हैं कृपया सरकार विस्तार से जानकारी दें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) प्राप्त मांग एवं आवश्यकता अनुसार कार्यवाही की जाती है। (ख) विगत दो वर्षों में जबलपुर संभाग में आदिवासियों की जमीन विक्रय हेतु कलेक्टर द्वारा प्रदान की गई परमिशन की जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) संदेहास्पद जाति प्रमाण पत्रों की जांच हेतु म.प्र. शासन, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा राज्य उच्च स्तरीय छानबीन समिति का गठन किया गया है। उच्च स्तरीय छानबीन समिति द्वारा निर्धारित प्रक्रिया अनुसार प्रकरणों की जांच की जाकर जाति प्रमाण पत्र मान्य या अमान्य का निर्णय लिया जाता है। जी हाँ। जबलपुर जिलें के 13 संदेहास्पद जाति प्रमाण पत्रों को अमान्य किया गया है।
उद्यानिकी विभाग द्वारा लगाई गई फसलें
[उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण]
21. ( क्र. 1088 ) श्री नरेन्द्र प्रजापति [इंजीनियर] : क्या उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा मनगवां 73 में उद्यानिकी विभाग की कितनी फसलों को और किन स्थानों पर लगाया गया है? फसलों की एवं स्थानों की सूचीवार जानकारी प्रदान करने की कृपा करें। (ख) विधानसभा मनगवां 73 में खाद्य प्रसंस्करण का कारखाना कहाँ पर है? यदि है तो स्थान बतलायें। यदि नहीं है तो निकट भविष्य में कब और कहाँ लगेगा? (ग) उद्यानिकी विभाग का विधानसभा मनगवां 73में कार्यालय है या नहीं? यदि है तो कहाँ पर है और यदि नहीं है तो कहाँ पर खोला जायेगा? (घ) उद्यानिकी विभाग एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के जिला रीवा में कितने कर्मचारी पदस्थ हैं? नाम एवं पद सहित जानकारी देने की कृपा करें।
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-क अनुसार है। (ख) विभाग द्वारा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के तहत खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां संचालित हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ख अनुसार है। (ग) जी हाँ, कृषि विभाग के कार्यालय भवन में ही उद्यानिकी कार्यालय स्थित है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ग अनुसार है।
बोर एवं नलकूप की सफाई ना होना
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
22. ( क्र. 1164 ) श्री नरेन्द्र प्रजापति [इंजीनियर] : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा मनगवां-73 में भरे-पटे गये बोर एवं नलकूपों की सफाई के लिये पत्र क्रमांक 09/23-24 दिनांक 27.06.2023 पीएचआईडी-287517-1, रीवा/मऊगंज को टेंडर जारी किया गया था जिस पर एक भी बोर/नलकूप की सफाई संविदाकार द्वारा नहीं की गई, इसका क्या कारण है एवं संविदाकार पर क्या कार्यवाही की गई? (ख) यदि संविदाकार नलकूपों की सफाई नहीं करता है तो अनुबंध के अनुसार नयी निविदा जारी कर कब तक में भरे-पटे हुए बोर/नलकूपों की सफाई कब तक में की जायेगी? कृपया समय-सीमा बतलाने की कृपा करें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) यह सही है कि कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, खंड रीवा द्वारा निविदा सूचना क्रमांक 09/23-24, दिनांक 27.06.2023 (E-Tender No. 2023_PHED_287517_1) के तहत् विकासखंड रीवा गंगेव, सिरमौर, जवा एवं रायपुर में 200, 150 एवं 125/115 मि.मी. व्यास के भरे-पटे नलकूपों की सफाई, गिरी फंसी पाइपलाइन एवं अन्य सामग्री निकालने, निकाली गई सामग्री उपखंडीय भंडार में जमा करने तथा हैण्डपम्प स्थापना आदि समस्त कार्य हेतु मैसर्स आशीष कुमार मिश्रा, रीवा को अनुबंधित किया गया था, किन्तु संविदाकार द्वारा कार्य नहीं किया गया, जिस हेतु कार्यपालन यंत्री, खंड रीवा द्वारा संविदाकार को तत्समय निरंतर नोटिस एवं मौखिक रूप से भी कार्य पूर्ण करने हेतु अवगत कराया गया। कार्यपालन यंत्री, खंड रीवा के पत्र क्र. 515, दिनांक 07.02.2025 से अनुबंध विखंडित करने तथा संविदाकार का नाम काली सूची में डाले जाने हेतु संविदाकार मैसर्स आशीष कुमार मिश्रा को नोटिस जारी किया गया है। उक्त टेंडर खंड मऊगंज से संबंधित नहीं है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार पूर्व में निष्पादित अनुबंध को विखंडन करने की कार्यवाही करते हुए नवीन निविदा आमंत्रण की कार्यवाही की जा रही है, नवीन निविदा प्रक्रिया अंतर्गत कार्य हेतु ठेकेदार एजेंसी चयनित करने के उपरांत कार्य कराया जाना प्रावधानित है।
पाइपलाइन का कार्य पूर्ण कराना
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
23. ( क्र. 1211 ) श्री विश्वामित्र पाठक : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र सिंहावल अन्तर्गत ग्रामों में नल-जल योजना अन्तर्गत पाइपलाइन का कार्य पूरा होने की समय-सीमा क्या है? (ख) कब तक नल-जल योजना का कार्य पूरा कराकर स्वच्छ पेयजल प्रदान किया जायेगा समय-सीमा बतायें? (ग) नल-जल योजना के कार्य के दौरान कार्य एजेन्सी जल निगम/लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी द्वारा ग्रामों में सड़कों नाली को क्षतिग्रस्त कर छोड़ दिया गया है कब तक सुधार कराया जायेगा समय-सीमा बतायें?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) विधानसभा क्षेत्र सिंहावल क्षेत्र अंतर्गत जल जीवन मिशन की प्रगतिरत एकल ग्राम नल-जल योजनाओं का कार्य मार्च 2026 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है। सीधी-बाणसागर समूह जल प्रदाय योजना एवं गोण्ड देवसर समूह जल प्रदाय योजनांतर्गत पाइपलाइन का कार्य क्रमश: दिसम्बर 2026 एवं जनवरी 2027 तक पूर्ण होना संभावित है। (ख) जल जीवन मिशन की पूर्ण की गई एकल ग्राम नल-जल योजनाओं से जल प्रदाय किया जा रहा है, प्रगतिरत योजनाओं को मार्च 2026 तक पूर्ण कर पेयजल प्रदाय किया जाना लक्षित है। समूह जल प्रदाय योजनाओं से दिसम्बर 2026, जनवरी 2027 तक पेयजल प्रदाय किया जाना संभावित है। (ग) जल जीवन मिशन की नल-जल योजनाओं में पाइपलाइन डालने हेतु आवश्यकतानुसार जहाँ सड़कों, नाली की खुदाई की जाती है, वहाँ खोदी गई सड़कों, नाली का सुधार कार्य कर उन्हें यथास्थिति में किए जाने का कार्य सतत् प्रक्रियाधीन है, निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मैहर में जिला स्तरीय अधिकारी की पदस्थापना
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
24. ( क्र. 1244 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नवगठित जिला मैहर में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी मय स्टॉफ पदस्थ कराये जाने की प्रक्रिया क्या प्रचलन में है। यदि हाँ, तो कब तक मैहर जिला मुख्यालय में कार्यालय समुचित रूप से प्रारम्भ करा दिया जावेगा समयावधि बताई जावे। (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में यदि नहीं तो क्यों? कारण सहित जानकारी दी जावे। (ग) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में क्या यह सही है कि मैहर जिला-मुख्यालय में नियमित रूप से कार्यालय का मय स्टॉफ संचालन न होने से क्षेत्रीय कार्यों के समय से सम्पादित होने में कठिनाइयां हो रही है। यदि हाँ, तो कठिनाइयों के निवार्णार्थ कब कार्यवाही की जावेगी? जानकारी बतायी जावें। यदि नहीं, तो क्यों? कारण स्पष्ट करते हुए जानकारी बतावें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी हाँ। मैहर जिला मुख्यालय में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का खण्ड कार्यालय खोले जाने हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) उत्तरांश "क" अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। वर्तमान में विद्यमान व्यवस्था अनुसार अतिरिक्त प्रयास कर समय-सीमा में कार्य संपादित किये जा रहे हैं।
जिला स्तरीय मय स्टॉफ पदस्थ करना
[जनजातीय कार्य]
25. ( क्र. 1245 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नवगठित जिला मैहर में अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी मय स्टॉफ पदस्थ कराये जाने की कार्यवाही क्या शासन स्तर में प्रचलित है? यदि हाँ, तो कब तक मैहर जिला मुख्यालय में कार्यालय समुचित रूप से प्रारम्भ करा दिया जावेगा? समयावधि सहित जानकारी दी जावें। (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में यदि नहीं तो क्यों? क्या जनहित में उक्त कार्यालय स्थापित कर सतना आवागमन की कठिनाइयों से क्षेत्र की जनता को पृथक कर अविलम्ब नियमित कार्यालय संचालन प्रारम्भ कराया जावेगा? जानकारी दी जावे।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) मध्य प्रदेश शासन जनजातीय कार्य विभाग मंत्रालय भोपाल के आदेश क्रमांक/1/0157/2025-ESTB-5-CTD/E-796956 भोपाल दि. 13.02.2026 द्वारा नव गठित जिला मैहर में जिला कार्यालय हेतु अधिकारी/कर्मचारियों की पदस्थापना की गई है, जारी आदेश की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्तरांश (क) के अनुक्रम में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नल-जल योजना का क्रियान्वयन
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
26. ( क्र. 1329 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बरगी विधानसभा में जल जीवन मिशन अंतर्गत नल-जल योजना में किस-किस गांव के लिये उक्त योजना के तहत कितनी-कितनी राशि स्वीकृत हुई? सूची उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) योजना के अंतर्गत किन-किन ग्रामों में कार्य कितने प्रतिशत हुआ? किन-किन ग्रामों में कार्य पूर्ण होकर घरों में पेयजल मिलना प्रारंभ हो गया? (ग) क्या कई जगह केवल पाइपलाइन बिछा कर छोड़ दिया गया है तथा कई जगह टंकी का निर्माण ही नहीं हुआ है?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) एकल ग्राम नल-जल योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। समूह जल प्रदाय योजनांतर्गत ग्रामवार राशि स्वीकृत नहीं होती है, अत: समूह जल प्रदाय योजनाओं के संदर्भ में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) एकल ग्राम नल-जल योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। समूह जल प्रदाय योजनांतर्गत ग्रामवार कार्य प्रतिशत बताया जाना संभव नहीं है। समूह जल प्रदाय योजनांतर्गत किसी भी ग्राम में कार्य पूर्ण होकर घरों में पेयजल मिलना प्रारंभ नहीं हुआ है। (ग) जी नहीं। ग्राम झिन्ना एवं मातापुर की एकल ग्राम नल-जल योजनाओं में जगह उपलब्ध न होने के कारण उच्च स्तरीय टंकी का निर्माण नहीं किया गया है। समूह जलप्रदाय योजनांतर्गत टंकी निर्माण के कार्य प्रगतिरत हैं।
उद्यानिकी विभाग अंतर्गत संचालित नर्सरियों की जानकारी
[उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण]
27. ( क्र. 1330 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी विधानसभा अंतर्गत वर्तमान में उद्यानिकी विभाग की कितनी नर्सरी हैं? सूची उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश 'क' नर्सरी में कितने प्रकार के पौधे उपलब्ध हैं? नर्सरी में पौधों के विक्रय से विगत 3 वर्षों में कितनी रूपयों की आय प्राप्त हुई? (ग) विभाग द्वारा संचालित योजना का विगत 2 वर्षों में कितने किसानों को लाभ हुआ है? (घ) विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी किसानों को कब-कब दी गई?
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) बरगी विधानसभा अंतर्गत उद्यानिकी विभाग की एक नर्सरी (विकासखण्ड-शहपुरा) संचालित हैं। (ख) नर्सरी में कलमी, बीजू, शोभायमान एवं वानिकी पौधें उपलब्ध है। पौधे विक्रय से विगत तीन वर्षों की आय निम्नानुसार है:-
|
क्र. |
वर्ष |
आय (रूपये में) |
|
1 |
2022-23 |
43178/- |
|
2 |
2023-24 |
24264/- |
|
3 |
2024-25 |
26205/- |
|
|
योग |
93647/- |
(ग) विगत 02 वर्षों में 741 किसान लाभान्वित हुऐ हैं। (घ) संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
समितिवार उपार्जन केन्द्र स्थापित करना
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
28. ( क्र. 1332 ) श्री संजय उइके : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या खरीफ विपणन कार्य हेतु समितिवार उपार्जन केन्द्र स्थापित किया जाता है? (ख) यदि हाँ, तो खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक बैहर विधानसभा क्षेत्र के समितिवार उपार्जन केन्द्र में कितना-कितना धान खरीदा/विपणन किया गया? (ग) खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक उपार्जन केन्द्रों से किन-किन को कहां-कहां के गोदाम/कैंप में कितनी-कितनी मात्रा का धान परिवहन किया गया? (घ) जिला उपार्जन समिति का कार्यवाही विवरण और उपार्जन नीति की प्रति उपलब्ध करावें?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु सहकारी संस्थाओं एवं महिला स्व सहायता समूह द्वारा जिला उपार्जन समिति द्वारा निर्धारित स्थान पर उपार्जन केन्द्र संचालित किए जाते है। (ख) बैहर विधानसभा क्षेत्र में उपार्जन केन्द्रवार समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान की मात्रा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'अ' अनुसार है। (ग) खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर 67139.28 मे.टन एवं वर्ष 2025-26 में 61661.58 में.टन उपार्जित धान का उपार्जन केन्द्रों से जिले के अनुबंधित परिवहनकर्ता द्वारा जिले के गोदाम/कैंप में परिवहन किया गया। वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में उपार्जन केन्द्रों से दिनांकवार, वाहनवार परिवहन कर गोदाम/कैंप में परिवहन की गई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'ब' (पेन ड्राइव) अनुसार है। (घ) खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु जारी उपार्जन नीति एवं SOP तथा जिला उपार्जन समिति का कार्यवाही विवरण की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 'स' अनुसार है।
जनजाति कार्य विभाग को प्राप्त शिकायतों पर कार्यवाही
[जनजातीय कार्य]
29. ( क्र. 1349 ) डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 01.04.2017 से 31.03.2021 के दौरान जनजाति कार्य विभाग को किस-किस विभाग (म.प्र.शासन के विभागों/उपक्रमों/अन्य) में कार्यरत् किस नाम/पदनाम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के द्वारा फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पाने/प्रमोशन लेने अन्य सुविधायें लेने की क्या-क्या शिकायतें कब-कब किसके-किसके द्वारा (शिकायतकर्ता) प्राप्त हुई? प्राप्त सभी शिकायतों की एक-एक प्रति उपलब्ध कराते हुये बतायें कि प्रकरणवार उक्त शिकायतों की जाँच हेतु किस-किस कार्यालयों को जनजाति कार्य विभाग की विशेष कमेटी ने जाँच हेतु भेजा? सभी पत्रों/आदेशों/निर्देशों की एक-एक प्रति उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित समयानुसार हुई शिकायतों की जाँच किन-किन प्रकरणों में प्रश्नतिथि तक लंबित है? लंबित होने के कारण प्रकरणवार विभागवार दें? (ग) किन-किन प्रकरणों में प्रश्नांश (क) में उल्लेखित समयानुसार जाँच नस्तीबद्ध की गई? नस्तीबद्ध किये गये सभी प्रकरणों की जानकारी जारी आदेशों की एक प्रति सहित उपलब्ध करायें। (घ) प्रश्नांश (क) में वर्णित समयानुसार किन-किन प्रकरणों की जाँच किन-किन जिलों के पुलिस अधीक्षकों को भेजी गई? प्रकरणवार जानकारी दें। पुलिस अधीक्षकों को भेजे सभी पत्रों/निर्देशों/आदेशों की एक-एक प्रति प्रकरणवार दें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) कर्मचारी/अधिकारियों के द्वारा फर्जी जाति प्रमाण के आधार पर नौकरी पाने/प्रमोशन लेने अन्य सुविधाए लेने के संबंध में प्राप्त शिकायतों के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'एक' अनुसार है। प्राप्त शिकायतों को जांच हेतु पुलिस अधीक्षक को जांच हेतु प्रेषित किया गया पत्रों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'दो' अनुसार है। (ख) लम्बित शिकायतों की सूची एवं लम्बित होने के कारण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'तीन' अनुसार है। (ग) जाति प्रमाण पत्रों की जांच किये जाने उपरांत जाति प्रमाण पत्र मान्य या अमान्य होने का निर्णय लिया जाता है। नस्तीबद्ध नहीं किया जाता है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) पुलिस अधीक्षक को जांच हेतु भेजे गये प्रकरणों की सूची एवं पत्रों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'दो' अनुसार है।
मंडला जिले में विभिन्न मदों के कार्यों की जानकारी
[जनजातीय कार्य]
30. ( क्र. 1385 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनजातीय कार्य विभाग मंडला अंतर्गत जिले में वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक सभी मदों से कौन-कौन से कार्य स्वीकृत एवं पूर्ण कार्यों की विस्तृत जानकारी कार्य का नाम, स्वीकृत राशि, स्वीकृति दिनांक, पूर्णता दिनांक ठेकेदार का नाम मोबाइल नंबर सहित उपलब्ध कराएं? (ख) जनजातीय कार्य विभाग की राशि से मंडला जिले में अन्य विभागों द्वारा उक्त अवधि में किये गए कराये जा रहे कार्यों की भी विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराएं? (ग) सहायक यंत्री नरेन्द्र कुमार गुप्ता के ट्रेप होने के बाद में इनके मंडला में ही पदस्थ रहने के दौरान, क्या विभागीय कार्यों में फर्जी भुगतान और गुणवत्ताहीन कार्यों की शिकायतों पर जांच समिति का गठन किया गया था, यदि हाँ, तो फर्जी भुगतान एवं गुणवत्ताहीन कार्यों की शिकायत, पर जांच समितियों से क्या रिपोर्ट प्राप्त हुई, शिकायत एवं जांच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध करायें? क्या शिकायतकर्ताओं को शिकायत के सत्यापन के लिए प्रमाण देने/कथन के लिए बुलाया गया था यदि हाँ, तो प्रमाण एवं कथन की प्रति उपलब्ध करायें? यदि नहीं तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है तथा संबंधित पर क्या कार्यवाही की गयी? (घ) मंडला जिला अंतर्गत विभाग के समस्त छात्रावासों में वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक प्रदाय राशि एवं उसके खर्च की जानकारी प्रत्येक छात्रावास के अनुसार उपलब्ध करावें?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जनजातीय कार्य विभाग मंडला अंतर्गत वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक स्वीकृत कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है, मोबाईल नम्बर निजी जानकारी है, जिसे दिये जाने में कठिनाई है। (ख) जनजातीय कार्य विभाग मंडला अंतर्गत प्रश्न दिनांक तक अन्य कार्य एजेंसी से कराए जा रहे कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) जी नहीं। विभागीय कार्यों में फर्जी भुगतान और गुण्वत्ताहीन कार्यों संबंधी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। प्रश्नांश का शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है।
हालोन समूह जल प्रदाय योजना का क्रियान्वयन
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
31. ( क्र. 1386 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) हालोन समूह जल प्रदाय योजना अंतर्गत ठेका जिस कंपनी को दिया गया उसके कार्य आदेश, ठेका कंपनी के साथ किया गया कार्य अनुबंध, उक्त कार्य की विस्तृत NIT एवं बिल/ वाउचर/मेजरमेंट की प्रति उपलब्ध कराएं। अन्य विभागों से ठेका कंपनी द्वारा ली गई अनापत्तियां एवं इन अनापत्तियों (NOC) को लेने हेतु ठेका कंपनी द्वारा अन्य विभागों के पास जो FDR जमा की गई है, उन FDR की छायाप्रति देवें। (ख) अप्रैल 2022 से प्रश्न दिनांक तक जल निगम मर्यादित संस्था परि. क्रिया. इकाई मंडला में आज दिनांक तक सी.एम. हेल्पलाइन में जो भी शिकायत दर्ज हुई एवं उन शिकायतों पर हुई कार्यवाही की जानकारी उपलब्ध कराएं। (ग) प्रश्नांश (क) वर्णित योजना अंतर्गत जितनी पाइपलाइन बिछाई गई एवं जितने किलोमीटर पाइपलाइन का हाइड्रो किया गया, उसकी जानकारी, आज दिनांक तक कितनी उच्च स्तरीय पानी टंकी हैंड ओवर की गई एवं कितने नल कनेक्शन किए गए? जानकारी उपलब्ध कराएं। (घ) उक्त परियोजना अंतर्गत WTP का कार्य कितने प्रतिशत पूर्ण हो चुका है? उक्त परियोजना में कुल कितने प्रतिशत कार्य हुआ है? (ड.) उक्त परियोजना अंतर्गत जिन ग्रामों में उच्च स्तरीय पानी टंकियों का निर्माण कराया जाना था, उसकी सूची एवं इस योजना अंतर्गत कितनी टंकिया पूर्ण हुईं, कितनी प्रगतिरत हैं, किस स्थिति में है? उसकी जानकारी उपलब्ध कराएं।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जानकारी विभागीय वेबसाइट के लिंक https://www.phed.mp.gov.in/en/Downloads पर प्रदर्शित है। (ख) जानकारी विभागीय वेबसाइट के लिंक https://www.phed.mp.gov.in/en/Downloads पर प्रदर्शित है। (ग) हालोन समूह योजनांतर्गत कुल 1755.453 कि.मी. पाइपलाइन बिछाई गई एवं 448.528 कि.मी. पाइपलाइन की हाइड्रो टेस्टिंग की गई है। समूह जल प्रदाय योजनांतर्गत उच्च स्तरीय पानी की टंकी ग्राम पंचायत को संधारण हेतु हस्तांतरित नहीं होती है। योजना से जल प्रदाय अप्रारंभ है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) हालोन समूह जल प्रदाय योजना अंतर्गत WTP की भौतिक प्रगति 76.56 प्रतिशत है। योजना की भौतिक प्रगति 76.27 प्रतिशत है। (ड.) जानकारी विभागीय वेबसाइट के लिंक https://www.phed.mp.gov.in/en/Downloads पर प्रदर्शित है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका की भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता
[महिला एवं बाल विकास]
32. ( क्र. 1464 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या म.प्र. महिला बाल विकास विभाग द्वारा जून 2025 में विभिन्न जिलों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की गई थी? (ख) यदि हाँ, तो क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित भर्ती प्रक्रिया में समय रोस्टर अनुसार ऑनलाइन आवेदन/अनंतिम सूची प्रकाशन/दावा/ आपत्ति एवं अंतिम सूची प्रकाशन हेतु समय निर्धारित किया गया था? (ग) टीकमगढ़ जिले में आज दिनांक तक सभी केन्द्रों के लिए अंतिम सूची का प्रकाशन नहीं किया गया है, जिससे प्रश्नांश (क) एवं (ख) में वर्णित प्रक्रिया का उल्लंघन किया जा रहा है? कब तक प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) में वर्णित भर्ती प्रकिया के नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) वर्ष 2025-26 में टीकमगढ़ जिले हेतु कुल 244 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं आंगनवाड़ी सहायिकाओं के पदों की पूर्ति हेतु दिनांक 19.06.2025 को विज्ञापन जारी किया गया था। कुल 244 पदों के विरूद्ध 169 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के पदों की अंतिम मेरिट सूची जारी की जा चुकी है। शेष 75 पदों हेतु जिला स्तरीय दावा/आपत्ति निराकरण समिति द्वारा प्रकरण जांच में लिये जाने के कारण अंतिम सूची का प्रकाशन किया जाना शेष है। अत: अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्न नहीं।
वितरित हो रहे पोषण आहार की जानकारी
[महिला एवं बाल विकास]
33. ( क्र. 1465 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देशानुसार प्रत्येक आंगनवाड़ी केन्द्र में पोषण आहार दो समय पर वितरित किये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो? (ख) क्या टीकमगढ़ नगर के सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों पर दोनों समय पोषण का वितरण किया जा रहा है यदि नहीं तो क्यों? (ग) क्या टीकमगढ़ नगर में एक ही समूह के द्वारा कई आंगनवाड़ी केन्द्रों का पोषण आहार वितरण किया जा रहा है जिससे पोषण आहार का वितरण दोनों समय न होकर सिर्फ एक ही समय पोषण आहार वितरण हो रहा है? यदि हाँ, तो? (घ) नगर टीकमगढ़ में प्रश्नांश (क) एवं (ख) में वर्णित पोषण वितरण कर रहे समूह के विरूद्ध अनुबंध समाप्त कर कब तक कार्यवाही की जावेगी?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी हाँ, आंगनवाड़ी केन्द्रों में सुबह का नाश्ता एवं दोपहर में गर्म पका भोजन वितरित किये जाने का प्रावधान है। (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। टीकमगढ़ जिला अंतर्गत टीकमगढ़ नगर के सभी 74 आंगनवाड़ी केन्द्रों में 08 स्व-सहायता समूहों द्वारा मीनू अनुसार नाश्ता एवं गर्म पका भोजन का नियमित वितरण किया जा रहा है। (घ) टीकमगढ़ नगर में सभी 08 समूहों द्वारा आवंटित आंगनवाड़ी केन्द्रों में मीनू अनुसार नाश्ता एवं भोजन वितरण किया जा रहा है। अतः शेष का प्रश्न ही नहीं।
हितग्राहियों को लाभान्वित करने वाली योजना
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
34. ( क्र. 1557 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग हरदा में हितग्राहियों को प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से लाभ प्रदान करने हेतु कौन-कौन सी योजनाएं/कार्यक्रम संचालित किये जा रहे है? योजनावार जानकारी उपलब्ध करावे। (ख) प्रत्येक योजना के अंतर्गत विगत 03 वर्षों में लभांवित हितग्राहियों की संख्या, लाभ का प्रकार (नल कनेक्शन/जल प्रदाय/अन्य) तथा स्वीकृत एवं व्यय राशि कितनी है? (ग) उक्त योजनाओं में लाभ प्राप्त करने हेतु पात्रता मापदंड, आवेदन प्रक्रिया क्या है? (घ) लाभ वितरण में प्राप्त शिकायतों की संख्या, उनके निराकरण की स्थिति तथा लंबित प्रकरणों का विवरण क्या है? (ड.) ऐसे पात्र हितग्राही जिन्हें अब तक लाभ नहीं मिला है, उन्हें लाभान्वित करने हेतु विभाग द्वारा क्या कार्यवाही प्रस्तावित है?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जल जीवन मिशन अंतर्गत स्वीकृत की गई ग्रामीण नल-जल योजनाएं, लाभान्वित होने वाली इकाई "परिवार (Household)" है। हितग्राही मूलक योजना नहीं है, अपितु लाभान्वित होने वाली इकाई "परिवार (Household)" है। (ख) योजनावार जानकारी जल जीवन मिशन की अधिकारिक वेबसाइट www.ejalshakti.gov.in पर JJM Reports में फार्मेट J1, B15 एवं J8 पर उपलब्ध है। (ग) से (ड.) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
आंगनवाड़ी, पोषण आहार वितरण व अन्य योजनाओं की जानकारी
[महिला एवं बाल विकास]
35. ( क्र. 1559 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) हरदा जिले में कुल कितने आंगनवाड़ी केन्द्र स्वीकृत हैं? कितने वर्तमान में संचालित है? कितने केन्द्रों में स्वयं का भवन नहीं है? कितने किराये के भवन में संचालित अथवा जर्जर स्थिति में है? (ख) विगत 03 वर्षों में हरदा जिले में आंगनवाड़ी केन्द्रों को पूरक पोषण आहार वितरण का परियोजना/सेक्टर/केन्द्रवार वितरण क्या है? वितरण में हुई अनियमितता/शिकायतों की संख्या तथा प्राप्त शिकायतों पर क्या कार्यवाही की गई? (ग) जिले में विगत 03 वर्षों में कुपोषित (SAM/MAM) बच्चों की संख्या कितनी रही तथा विभाग द्वारा उपचार/पुनर्वास हेतु क्या कार्यवाही की गई? (घ) जिले में विगत 03 वर्षों में लाड़ली लक्ष्मी योजना अंतर्गत कितने पंजीयन हुए है? कितने हितग्राहियों को राशि प्रदाय की गई है? कितने प्रकरण लंबित है और लंबित रहने का क्या कारण है? (ड.) जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका/पर्यवेक्षक के कितने पद रिक्त हैं तथा इन्हें कब तक भरा जाएगा?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) हरदा जिले में कुल 699 आंगनवाड़ी केन्द्र स्वीकृत हैं, 699 केन्द्र वर्तमान में संचालित है, 262 केन्द्रों में स्वयं का भवन नहीं है, 131 किराये के भवन में संचालित है 82 जर्जर स्थिति में है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-(अ) एवं (ब) अनुसार है। वितरण में हुई अनियमितता/शिकायतों की संख्या की जानकारी निरंक है। शेष का प्रश्न उत्पन्न नहीं होता है। (ग) जिले में विगत 03 वर्षों में कुपोषित (SAM/MAM) बच्चों की संख्या 7684 है, जिले में चिन्हित सभी SAM एवं MAM बच्चों का मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम अंतर्गत निर्धारित प्रोटोकॉल से उपचार एवं प्रबंध पोषण प्रबंधन किया जा रहा है। (घ) योजनान्तर्गत पोर्टल अनुसार हरदा जिले में विगत 3 वर्षों में 5413 बालिकाओं का पंजीयन हुआ है, पंजीकृत हितग्राहियों को राशि प्रदान नहीं की जाती है बल्कि आश्वासन प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है। कोई प्रकरण लंबित नहीं है, शेष का प्रश्न नहीं है। (ड.) हरदा जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 8 पद सहायिका के 26 पद एवं पर्यवेक्षक के 05 पद रिक्त है। पदों की पूर्ति की कार्यवाही सतत प्रक्रिया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
परियोजना अधिकारी की मनमानी
[महिला एवं बाल विकास]
36. ( क्र. 1613 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा एक माह के भीतर आंगनवाडि़यों पर कितने कार्यक्रम परियोजना अधिकारी पलेरा द्वारा किये जाते हैं? सम्पूर्ण जानकारी दें। दिनांक 01.02.2021 से प्रश्न दिनांक तक सत्यापित प्रतियों में उपलब्ध करायें। (ख) क्या पलेरा परियोजना के तहत कितने आंगनवाड़ी केन्द्रों के भवनों की जर्जर हालत है कितने केन्द्रों पर अव्यवस्था है कहीं-कहीं पर झाड़ एवं पेड़ों के कारण बच्चे परेशानी उठाते हैं कार्यकर्ता सहायिका परेशान रहती है तथा सांझा-चूल्हों पर नास्ते एवं भोजन की गड़बडि़यां पाई जाती है परियोजना अधिकारी द्वारा समस्याओं के निराकरण हेतु क्या कदम उठाये गये? संपूर्ण जानकारी से अवगत करायें। (ग) क्या परियोजना अधिकारी पलेरा द्वारा क्षेत्रीय विधायक को आंगनवाड़ी केन्द्रों पर आमंत्रित करके शासन की योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों गर्भवती महिलाओं को पोषण आहार या कई प्रकार की शासन की योजनाओं से जानकारी के लिए परियोजना अधिकारी द्वारा कब-कब आमंत्रित किया गया? संपूर्ण जानकारी सत्यापित छायाप्रतियों में उपलब्ध कराये। (घ) क्या परियोजना अधिकारी पलेरा वर्ष 2014 से पलेरा में पदस्थ है इसलिये इनके द्वारा विभाग की सारी योजनायें इनकी मनमानी के कारण बंद पड़ी है क्षेत्रीय विधायक को आम जनता शिकायतों से अवगत कराती है मगर परियोजना अधिकारी अपनी दबंग मानसिकता के साथ कार्य कर रहे हैं? क्या इनके विरूद्ध कार्यवाही करते हुये पलेरा से हटाये जाने के आदेश जारी करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं तो क्यों?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ख) पलेरा परियोजना के तहत 29 आंगनवाड़ी केन्द्रों के भवन जर्जर/ मरम्मत योग्य है। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट –'''ब'' अनुसार है। किसी भी केन्द्रों पर अव्यवस्था, झाड़ एवं पेड़ों के कारण बच्चों के परेशान होने सम्बन्धी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। पलेरा परियोजना में सांझा-चूल्हों के कार्यक्रम के तहत नाश्ता एवं भोजन में अनियमितता पाए जाने पर परियोजना अधिकारी पलेरा द्वारा 16 समूहों को नोटिस जारी कर अनुश्रवण समिति के अनुमोदन से उक्त कार्य से हटाया गया। सूची एवं जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – ''स'' अनुसार है। (ग) परियोजना अधिकारी पलेरा द्वारा समय-समय पर आंगनवाड़ी केन्दों में आयोजित कार्यक्रमों में क्षेत्रीय विधायक एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करने एवं उपस्थित होने संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – ''द'' अनुसार है। (घ) जी हाँ। विभागीय योजनाएं निरंतर संचालित हैं। अतःशेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
कुक्षी में आंगनवाड़ी केन्द्र का संचालन
[महिला एवं बाल विकास]
37. ( क्र. 1622 ) श्री
सुरेन्द्र
सिंह हनी बघेल
: क्या
महिला एवं बाल
विकास मंत्री
महोदया यह बताने
की कृपा
करेंगी कि (क) प्रश्नकर्ता
विधानसभा
क्षेत्र
कुक्षी
अंतर्गत वर्तमान
में कुल कितनी
आंगनवाड़ी
केन्द्र
संचालित है? उक्त
आंगनवाड़ी
केन्द्रों
में से कितने
केन्द्र स्वयं
के शासकीय भवन
में संचालित
है तथा कितने
केन्द्र भवन विहीन
है? (ख) जो
आंगनवाड़ी
केन्द्र स्वयं
के भवन में
संचालित नहीं
है, वे
वर्तमान में
किन स्थानों
(किराये के
भवन/पंचायत
भवन/निजी आवास
आदि) में
संचालित किए
जा रहे हैं? (ग) भवन
विहीन
आंगनवाड़ी
केन्द्रों
हेतु नवीन भवन
निर्माण का
कोई प्रस्ताव
शासन के
विचाराधीन है
अथवा स्वीकृत
किया गया है? यदि हाँ, तो स्वीकृत
भवनों की संख्या
क्या है? (घ) उक्त
स्वीकृत
आंगनवाड़ी
भवनों का
निर्माण
कार्य कब तक
पूर्ण कर लिये
जाने की
संभावना है?
महिला
एवं बाल विकास
मंत्री (
सुश्री
निर्मला
भूरिया ) : (क) विधानसभा
क्षेत्र
कुक्षी
अंतर्गत
वर्तमान में
कुल 673
आंगनवाड़ी
केन्द्र
संचालित है। उक्त
आंगनवाड़ी
केन्द्रों
में से 404
आंगनवाड़ी
केन्द्र स्वयं
के शासकीय भवन
में संचालित
है। भवन विहीन
कोई केन्द्र
नहीं है। जबकि
269
किराये/अन्य
शासकीय भवनों
में संचालित
है। (ख) जो
आंगनवाड़ी
केन्द्र स्वयं
के भवन में
संचालित नहीं
है, वे
वर्तमान में
किराये के एवं
अन्य शासकीय
भवनों में
संचालित है। (ग)
जिन आंगनवाड़ी
केन्द्रों के
पास विभाग का
भवन नहीं है
उनका निर्माण
वित्त
संसाधनो एवं
भूमि की उपलब्ध
पर निर्भर
करता है। (घ) उत्तरांश
'ग'
के
परिप्रेक्ष्य
में समय-सीमा
बताया जाना
संभव नहीं है।
कुक्षी में रिक्त पदों की पूर्ति
[महिला एवं बाल विकास]
38. ( क्र. 1623 ) श्री
सुरेन्द्र
सिंह हनी बघेल
: क्या
महिला एवं बाल
विकास मंत्री
महोदया यह
बताने की कृपा
करेंगी कि (क) प्रश्नकर्ता
के विधानसभा
क्षेत्र
कुक्षी
अंतर्गत वर्तमान
में परियोजना
अधिकारी, पर्यवेक्षक, आंगनवाड़ी
कार्यकर्ता
एवं सहायिका
के कुल स्वीकृत
पदों की
संख्या कितनी
है तथा इनमें
से कितने पद
वर्तमान में
रिक्त हैं? संबंधित
पद किस अवधि
से रिक्त हैं
एवं इनके
रिक्त रहने के
प्रमुख कारण
क्या हैं? (ख) आदिवासी
एवं पिछड़े
क्षेत्रों
में रिक्त पदों
की पूर्ति
हेतु शासन
द्वारा कोई
विशेष प्रावधान/नीति
लागू है अथवा
प्रस्तावित
है? यदि
हाँ, तो
उसका विवरण
क्या है?
(ग)
उक्त
रिक्त पदों की
पूर्ति हेतु
शासन स्तर पर
वर्तमान में
क्या कार्यवाही
की जा रही है? (घ) इन
रिक्त पदों पर
नियुक्ति की
प्रक्रिया कब
तक पूर्ण कर
लिये जाने की
संभावना है?
महिला
एवं बाल विकास
मंत्री (
सुश्री
निर्मला
भूरिया ) : (क) प्रश्नकर्ता
के विधानसभा
क्षेत्र
कुक्षी
अंतर्गत
संचालित
परियोजना
कार्यालयों
में निम्नानुसार
स्वीकृत भरे
एवं रिक्त पद
है –
|
परियोजना का नाम |
पदनाम |
स्वीकृत पद |
भरे पद |
रिक्त पद |
रिक्त पद की अवधि |
|
कुक्षी |
परियोजना अधिकारी |
01 |
0 |
01 |
वर्ष 2021 से |
|
|
पर्यवेक्षक |
08 |
06 |
02 |
दिसम्बर 2025 से |
|
|
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता |
223 |
222 |
01 |
जनवरी 2026 से |
|
|
आंगनवाड़ी सहायिका |
223 |
221 |
02 |
जनवरी 2026 से |
|
निसरपुर |
परियोजना अधिकारी |
01 |
01 |
0 |
- |
|
|
पर्यवेक्षक |
06 |
05 |
01 |
दिसम्बर 2025 से |
|
|
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता |
167 |
164 |
03 |
जनवरी 2026 से |
|
|
आंगनवाड़ी सहायिका |
167 |
165 |
02 |
जनवरी 2026 से |
|
डही |
परियोजना अधिकारी |
01 |
0 |
01 |
वर्ष 2021 से |
|
|
पर्यवेक्षक |
10 |
09 |
01 |
दिसम्बर 2025 से |
|
|
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता |
283 |
278 |
05 |
जनवरी 2026 से |
|
|
आंगनवाड़ी सहायिका |
283 |
278 |
05 |
जनवरी 2026 से |
पद रिक्त रहने के प्रमुख कारण संबंधित के सेवानिवृत्त अथवा स्थांनातरण होना है। (ख) जी, नहीं प्रश्नांश (क) में उल्लेखित संवर्ग के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु कोई विशेष प्रावधान/नीति लागू अथवा प्रस्तावित नहीं है। (ग) परियोजना अधिकारी, द्वितीय श्रेणी संवर्ग (राजपत्रित संवर्ग) के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु लोक सेवा आयोग को प्रस्ताव भेजा गया है। पर्यवेक्षक, तृतीय श्रेणी कार्यपालिक संवर्ग के रिक्त पदों की पूर्ति म.प्र.कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षा के तहत चयनित अभ्यर्थियों में से उपयुक्त पाये गये अभ्यर्थियों के नियुक्ति आदेश संचालनालय महिला एवं बाल विकास द्वारा दिनांक 09.02.2026 को जारी किये गये है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु दिनांक 29.12.2025 को विज्ञापन जारी किया गया है। (घ) रिक्त पदों की पूर्ति हेतु नियुक्ति की प्रक्रिया एक सतत प्रक्रिया है। अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
भवनों का निर्माण एवं रखरखाव
[महिला एवं बाल विकास]
39. ( क्र. 1645 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) ग्वालियर जिले में कितने आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित है, इनमें से कितने के भवन है एवं कितने किराये के भवनों में, अन्य शासकीय भवनों में संचालित है? परियोजनावार जानकारी दें। (ख) ग्वालियर जिले की भितरवार विधानसभा क्षेत्र में कितने आंगनवाड़ी केन्द्रों के भवन नहीं है? परियोजनावार, आंगनवाड़ीवार जानकारी दें। भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों के भवन कब तक स्वीकृत किये जायेंगे? (ग) प्रश्नांश ''ख'' क्षेत्र में आंगनवाड़ी भवनों के रखरखाव के लिए 1 जनवरी 2023 से प्रश्न दिनांक तक कितनी राशि आवंटित की गई? किस-किस भवन पर किस कार्य में कितनी-कितनी राशि व्यय की गई? किसके द्वारा कार्य कराया गया? आंगनवाड़ी भवनवार जानकारी दें। (घ) क्या बरई जिला ग्वालियर का परियोजना कार्यालय भवन हेतु राशि स्वीकृत की गई थी? यदि हाँ तो क्या भवन का निर्माण कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं कराया गया? भवन का निर्माण कार्य कब तक प्रारंभ कर दिया जायेगा? समय-सीमा बताऐं।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) ग्वालियर जिले अन्तर्गत 1493 आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित है। जिनमें से 658 विभागीय भवन है एवं 635 किराये के भवनों में, 200 अन्य शासकीय भवनों में सचालित है। परियोजनावार सूची जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "क" पर है। (ख) ग्वालियर जिले अन्तर्गत भितरवार विधानसभा क्षेत्र में 117 आंगनवाड़ी केन्द्रों के विभागीय भवन नहीं है। परियोजनावार आंगनवाड़ी केन्द्रवार सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ख" पर है। भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों के भवन निर्माण की स्वीकृति वित्तीय संसाधनों एवं भूमि उपलब्धता के आधार पर दी जाती है। समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है। (ग) 1 जनवरी 2023 से प्रश्न दिनांक तक कुल राशि 86,80,900 रुपये आवंटित की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ग" पर है। (घ) जी हाँ। बरई जिला ग्वालियर के परियोजना कार्यालय भवन हेतु राशि स्वीकृत की गई थी। भवन निर्माण प्रारंभ नहीं हुआ है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "घ" पर है।
सामुदायिक भवनों का निर्माण
[अनुसूचित जाति कल्याण]
40. ( क्र. 1646 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सभी अनुसूचित जाति की ग्रामों/बस्तियों में मांगलिक कार्यों एवं अन्य कार्यों हेतु सामुदायिक भवन निर्माण कराने की योजना है? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित योजना में ग्वालियर जिले के कौन-कौन से अनुसूचित जाति बाहुल्य ग्रामों को चिन्हित किया गया है? ग्रामवार जानकारी दें। (ग) क्या प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना अन्तर्गत ग्वालियर जिले की भितरवार विधानसभा क्षेत्र के ग्रामों को शामिल किया गया है? यदि हाँ तो कौन-कौन से? चिन्हित ग्रामों में विकास कार्यों हेतु वर्ष 2021-22 से प्रश्न दिनांक तक कितनी राशि आवंटित की गई? कितनी राशि किस-किस कार्य पर व्यय की गई है एवं कितनी शेष है? शेष राशि से कब तक कार्य स्वीकृत किये जायेंगे एवं कौन-कौन से ग्रामवार जानकारी दें। (घ) क्या प्रश्नांश ''ग'' में उल्लेखित विधानसभा क्षेत्र के चिन्हित ग्रामों में सामुदायिक भवनों का निर्माण कराया जायेगा? यदि हाँ तो कब तक यदि नहीं तो क्यों?
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जी नहीं। (ख) उत्तरांश (क) के उत्तर के अनुक्रम में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार, जिला स्तरीय अभिसरण समिति से प्रस्ताव अप्राप्त। निरंक राशि जारी की गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं ऐसी कोई योजना न होने से प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
टेक होम राशन का प्रदाय अनुबंध के अनुसार नहीं करना
[महिला एवं बाल विकास]
41. ( क्र. 1660 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में बड़वानी जिले में टेक होम राशन प्रदायकर्ता, परिवहन हेतु निविदाएं आमंत्रित की गई थी? यदि हाँ, तो कब-कब निविदाएं आमंत्रित की गई थी। (ख) उक्त निविदाओं के दस्तावेज, चयनित प्रदायकर्ता का निविदा आवेदन पत्र, तकनीकी एवं वित्तीय योग्यता के दस्तावेज, अनुबंध पत्र, EMD/FD सहित प्रदायकर्ता द्वारा प्रस्तुत देयक तथा भुगतान बिल की नोटशीट सहित छायाप्रतियां देवे। (ग) पोषण आहार वितरण व्यवस्था हेतु निगरानी समिति के सदस्य के नाम तथा विगत 12 माह में की गई समीक्षा बैठक के कार्यवाही विवरण की जानकारी देवे। (घ) पोषण आहार संयंत्र धार पर आपूर्ति किये जाने वाली कच्चे माल के प्रदायकर्ता हेतु निकाले निविदा एवं निविदा दस्तावेज, चयनित प्रदायकर्ता की निविदा, तकनीकी तथा वित्तीय योग्यता के दस्तावेज, अनुबंध पत्र, EMD/FD सहित प्रदायकर्ता द्वारा प्रस्तुत देयक तथा भुगतान बिल की नोटशीट सहित छायाप्रतियां देवें। (ङ) क्या टेक होम राशन प्रदायकर्ता द्वारा राशन का प्रदाय आंगनवाड़ी केन्द्रों तक किया जाता है? यदि नहीं किया जाता है तो क्यों।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी नहीं। शेष का प्रश्न ही नहीं। (ख) उत्तरांश (क) की जानकारी के परिप्रेक्ष्य में शेष का प्रश्न ही नहीं। (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है (पेन ड्राईव में)। (ङ) जी नहीं। टेक होम राशन प्रदायकर्ता संयंत्र के साथ निष्पादित अनुबंध में परियोजना स्तर तक ही टेक होम राशन वितरण कराए जाने का प्रावधान है।
निर्माणाधीन समूह जल योजनाएं
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
42. ( क्र. 1662 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक 7 एवं 8 दिनांक 08/01/2026, पत्र क्रमांक 9 एवं 10 दिनांक 09/01/2026 तथा पत्र क्रमांक 12 एवं 13 दिनांक 13/01/2026, महाप्रबंधक, पीआईयू बड़वानी, म.प्र. जल निगम को लिखे गए थे? यदि हाँ, प्रश्नकर्ता को सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करा दी गई है? यदि नहीं तो सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश क्रमांक एफ-19-76/2007/1/4 भोपाल दिनांक 12.11.2021 में सम्बंधित अधिकारी/कर्मचारी की जवाबदेही निर्धारित करते हुए उनके विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जावेगी एवं कब तक जानकारी उपलब्ध कराई जावेगी? (ख) विभागीय निर्माण कार्यों में ठेकेदारों को दिए मोबिलाइजेशन एडवांस तथा एडवांस की रिकवरी तथा ब्याज सम्बन्धी नियमों की छायाप्रतियां देवे।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी हाँ, जी हाँ। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा अतिरिक्त बजट से कराये गये कार्य
[महिला एवं बाल विकास]
43. ( क्र. 1676 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या जिला कार्यक्रम अधिकारी पन्ना द्वारा संचालनालय से वित्तीय वर्ष 2025-2026 में अतिरिक्त बजट की मांग की गई है? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा किन-किन कार्यों हेतु कितना-कितना अतिरिक्त बजट प्रदान किया गया? प्रदाय बजट से क्या-क्या कार्य किए गए? भुगतान किन-किन व्यक्तियों को कितना-कितना किया गया? भुगतान किए गए बिलों, कोटेशन, टेंडर आदि, भुगतान की कार्यवाही से संबंधित समस्त दस्तावेजों की प्रति उपलब्ध करावे। (ख) क्या प्रश्नांश (क) से संबंधित कार्यों का भुगतान बिना कार्य के किया गया है? यदि नहीं तो कार्यों का विवरण, सक्षम स्वीकृति, गठित क्रय समिति, समिति का सत्यापन की प्रतियों के साथ-साथ भुगतान स्वीकृति से संबंधित दस्तावेजों की सत्यापित प्रति उपलब्ध करावें। यदि हाँ, तो क्या बिना कार्य के भुगतान किया जाना वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है? यदि हाँ, तो संबंधितों के विरूद्ध क्या और कब तक कार्यवाही की जावेगी?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी नहीं। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्तरांश (क) के संबंध में जानकारी निरंक है।
बस्ती विकास योजना के कार्य
[जनजातीय कार्य]
44. ( क्र. 1683 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति बस्ती विकास योजना अन्तर्गत जिला स्तर पर प्राप्त राशि से कार्य स्वीकृति हेतु क्या नियमावली है? कृपया प्रतिलिपि उपलब्ध करावें। (ख) पन्ना जिले में वर्ष 2022-2023 से प्रश्न दिनांक तक बस्ती विकास योजना से संबंधित कौन-कौन से कार्यों की स्वीकृति जारी की गई है? कृपया कार्य का नाम, कार्य का स्थान, प्रशासकीय आदेश जारी होने का दिनांक, कार्य पूर्ण करने का निर्धारित दिनांक, कार्य पूर्ण करने का वास्तविक दिनांक, यदि कार्य प्रगतिरत या लंबित है तो उसके लंबित/प्रगतिरत रहने के कारण, कार्य एजेंसी का नाम, कार्य की लागत, भुगतान की स्थिति सहित, विधानसभावार जानकारी देवे। किस कार्य का भुगतान कब-कब किया गया? (ग) जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग पन्ना द्वारा, गुनौर विधानसभा अंतर्गत, बस्ती विकास योजना के, वर्ष 2022-2023 से प्रश्न दिनांक तक की, अवधि के कार्यों की जांच कब-कब और किसके द्वारा की गई तथा कार्यों में किस प्रकार की कमियां पाई गई? जांच प्रतिवेदनों की प्रतियां उपलब्ध करावे। पाई गई कमियों पर क्या कार्यवाही की गई? यदि कार्यवाही नहीं की गई तो इसके लिये कौन दोषी है? दोषियों पर क्या कार्यवाही की जावेगी?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) नियम की प्रतिलिपि पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) पन्ना जिले में वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक अनुसूचित जाति एवं जनजाति बस्ती विकास योजना से संबंधित कार्यों की स्वीकृति एवं कार्य लंबित, प्रगतिरत रहने के कारण, कार्य एजेंसी का नाम, कार्य की लागत, भुगतान की स्थिति व तिथि विधानसभावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' एवं ''स'' अनुसार है। (ग) गुनौर विधानसभा अंतर्गत बस्ती विकास योजना के वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक की अवधि के कार्यों की निरीक्षण संबंधित अधिकारियों द्वारा समय-समय पर प्रचलित व्यवस्था अनुसार किया जाता है। शिकायत प्राप्त होने पर जांच की जाती है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
निर्दोष व्यक्तियों की एफ.आई.आर. वापस लेना
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
45. ( क्र. 1686 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2024 में गुरुदेव प्रा.उप.सह.भं. मर्या. घुवारा जिला छतरपुर (म.प्र.) के अनधिकृत/निर्दोष व्यक्तियों के विरूद्ध खाद विभाग के द्वारा एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है। यदि हाँ, तो किन-किन व्यक्तियों के नाम एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है। एफ.आई.आर. की प्रति उपलब्ध करावें? (ख) क्या उक्त एफ.आई.आर. में दर्ज उक्त व्यक्ति कभी भी उक्त भंडार के सदस्य/ प्रबंधक/विक्रेता या अध्यक्ष रहे है, यदि नहीं तो किस आधार पर उक्त व्यक्तियों के नाम एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है। आधार का सुस्पष्ट प्रमाण/दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए गलत/फर्जी एफ.आई.आर. दर्ज कराने वाले दोषी अधिकारी/कर्मचारी के नाम/पदनाम उल्लेखित करे? (ग) क्या शासन अनधिकृत/निर्दोष व्यक्तियों के विरूद्ध दर्ज कराई गई एफ.आई.आर. को तत्काल वापस लेने के कार्यवाही करते हुए उक्त दोषी/अधिकारी/कर्मचारी को निलंबित कर विभागीय जाँच संस्थापित कर दण्डात्मक कार्यवाही करेगा। यदि हाँ, तो कब तक समय-सीमा नियत कर बताये।
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) गुरुदेव प्रा.उप.सह.भं. मर्या. घुवारा जिला छतरपुर (म.प्र.) की उचित मूल्य दुकान की जांच अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बड़ामलहरा जिला छतरपुर के पत्र क्रमांक 366 दिनांक 14.06.2024 के द्वारा गठित पांच सदस्यीय दल द्वारा की गई जांच में पाई गई अनियमितताओं के आधार पर कलेक्टर जिला छतरपुर के अनुमोदन उपरांत तत्कालीन दोषी प्रबंधक श्री नीरज भटनागर एवं तत्कालीन विक्रेता राजेश खटीक के विरूद्ध थाना भगवां में अपराध क्र. 127 दिनांक 18.06.2024 से एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई। एफ.आई.आर. की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ, शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।
सहरिया अनुसूचित जनजाति को योजनाओं का लाभ
[जनजातीय कार्य]
46. ( क्र. 1714 ) श्री सुरेश राजे : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सहरिया अनुसूचित जनजाति के उत्थान हेतु केन्द्र सरकार एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा कौन-कौन सी योजनायें वर्तमान में संचालित हैं? इनके क्रियान्वयन संबंधी शासन आदेश/नियम की सत्यापित प्रति उपलब्ध करवाएं। (ख) वर्ष 2023-24 से 2025-26 में केन्द्र शासन एवं प्रदेश शासन द्वारा संचालित किस-किस योजना में जिला ग्वालियर की सहरिया जनजातीय क्षेत्रों में निर्माण कार्यों एवं स्व-रोजगार/अनुदान हेतु कितनी-कितनी राशि प्राप्त हुई? प्राप्त राशि से कहाँ-कहाँ कितनी-कितनी राशि से कौन-कौन से कार्य करवाए गए? हितग्राही मूलक योजनाओं में प्राप्त राशि से किस ग्राम के किस व्यक्ति को किस प्रयोजन हेतु कितनी राशि स्वीकृत की गई? कितनी राशि किस दिनांक को अनुदान दी गई? वर्षवार पृथक-पृथक सूची उपलब्ध करवाएं।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) सहरिया अनुसूचित जनजाति के उत्थान हेतु केन्द्र सरकार एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा पीएम जनमन योजना एवं पीवीटीजी आहार अनुदान योजना संचालित है। योजनाओं से संबंधित शासन आदेश/नियम की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। (ख) वर्ष 2023-24 से 2025-26 के दौरान केन्द्र शासन द्वारा पीएम जनमन एवं धरती आबा योजना अंतर्गत जिला ग्वालियर के सहरिया जनजातीय क्षेत्रों में किए गए निर्माण कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–दो अनुसार है। हितग्राही मूलक योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–तीन अनुसार है।
कोल जाति को अनुसूचित जनजाति की योजनाओं का लाभ
[जनजातीय कार्य]
47. ( क्र. 1719 ) श्री
सुरेश राजे : क्या
जनजातीय
कार्य मंत्री
महोदय यह
बताने की कृपा
करेंगे कि (क) क्या
मध्यप्रदेश
में कोल जाति
अनुसूचित जनजाति
में आती है? यदि हाँ, तो
विधानसभा
क्षेत्र डबरा
अंतर्गत
ग्राम पंचायत
सर्वा एवं
करियावटी में
निवासरत कोल
जाति के
कितने-कितने
व्यक्ति (परिवार)
निवासरत हैं? ग्रामवार
संख्या
बतावें तथा इन
ग्रामों के किस-किस
व्यक्ति को
जनमन योजना
प्रारंभ से
अभी तक कब-कब
आवास स्वीकृत
किये गए?
प्रत्येक
हितग्राही को
किस-किस
दिनांक को कितनी-कितनी
राशि प्रदाय
की गई तथा वर्तमान
में किस-किस
का आवास पूर्ण
हो चुका है
तथा किसका
आवास किस कारण
अपूर्ण है? वर्षवार
एवं ग्रामवार
लाभान्वित
हितग्राहियों
की सूची देवें? (ख) प्रश्नांश
(क) अनुसार
ग्राम पंचायत
करियावटी एवं
सर्वा का ग्राम
समचौली की कोल
अनुसूचित
जनजाति बस्ती
तक पहुंच
मार्ग एवं
आंतरिक सड़क
तथा अन्य
कौन-कौन से
निर्माण
कार्य जनमन
योजना
प्रारंभ से
अभी तक स्वीकृत
किये गए?
अथवा
कार्य योजना
में शामिल
किये गए है? यदि
नहीं तो कब तक
शामिल किए
जायेंगे? समयावधि
बतावें यदि
नहीं तो कारण
सहित बतावें।
जनजातीय
कार्य मंत्री
( डॉ. कुंवर
विजय शाह ) : (क) जी
हाँ। मध्यप्रदेश
में कोल जाति
अनुसूचित
जनजाति में
आती है। विधान
सभा क्षेत्र
डबरा के ग्राम
पंचायत सर्वा
के ग्राम
सर्वा में कोल
जनजाति के 49 परिवार
एवं ग्राम
पंचायत
करियावटी के
ग्राम
करियावटी में 56 परिवार
निवासरत है। पीएम
जनमन योजना
विशेष पिछड़ी
जनजातियों (बैगा, भारिया
एवं सहरिया) के
लिए है। कोल
जनजाति विशेष
पिछड़ी
जनजाति में
सम्मिलित
नहीं है। अत:
शेष का प्रश्न
उपस्थित नहीं
होता है। (ख) जानकारी
उत्तरांश ''क'' में
समाहित है।
सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
48. ( क्र. 1728 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजन हेतु वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में विभाग/शासन द्वारा क्या निर्धारित नियम-निर्देशों में परिवर्तन किया गया है? यदि हाँ, तो विस्तृत जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में यदि विभाग/शासन द्वारा नियम-निर्देशों में परिवर्तन किया गया है, तो आगामी वर्ष 2026-27 के लिए शासन/विभाग के क्या दिशा-निर्देश हैं? (ग) क्या विभाग/शासन के नये नियम-निर्देशों में सामूहिक विवाह सम्मेलन में विवाह के जोड़ों (वर-वधु) की संख्या निश्चित की कई है? यदि हाँ, तो अधिकतम कितने जोड़ों के विवाह संपन्न हो सकेंगे? (घ) क्या विभाग/शासन के नये नियम-निर्देश में वर्ष 2026-27 सामूहिक विवाह सम्मेलन में वधु के परिवार/आत्मज का नाम गरीबी रेखा सूची में होना आवश्यक है? यदि हाँ, तो विस्तृत जानकारी देवें।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जी हाँ। वित्तीय वर्ष 2024-25 में कोई परिवर्तन नहीं किया गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग द्वारा जारी निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार। (ख) वर्ष 2026-27 हेतु विभाग द्वारा जारी निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार। (ग) जी हाँ। अधिकतम 200 जोड़ों की संख्या निर्धारित की गई है। (घ) जी हाँ। शासन के परिपत्र दिनांक 29/04/2025 अनुसार किया गया परिवर्तन दिनांक 2026-27 में भी लागू है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' एवं 'ब' अनुसार।
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के नवीन पंजीयन
[महिला एवं बाल विकास]
49. ( क्र. 1731 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या ''मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना-2023'' अंतर्गत कितनी बहनों/हितग्राहियों का पंजीयन किया गया था? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित कितनी बहनें/हितग्राहियों को माह जनवरी 2026 में राशि का वितरण किया गया तथा नवीन पंजीयन हितग्राही के लिए विभाग/शासन की कोई योजना प्रस्तावित है? (ग) क्या ''मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना-2023'' के नवीन पंजीयन के संबंध में विभाग को नवीन हितग्राहियों/जनप्रतिनिधियों से पंजीयन कराने के संबंध में लगातार पत्राचार किया जा रहा है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें। (घ) क्या ''मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना-2023'' के नवीन पंजीयन के लिए विभाग/शासन द्वारा कोई योजना बनाई जा रही है? यदि हाँ, तो योजना का पंजीयन कार्य कब से प्रारंभ होगा?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) लाड़ली बहना योजना अन्तर्गत 1,31,06,525 महिलाओं का पंजीयन किया गया था। (ख) 1,25,31,286 महिलाओं को माह जनवरी 2026 में राशि का भुगतान किया गया है। वर्तमान में नवीन पंजीयन संबंधी कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। (ग) जी हाँ। विभाग को जनप्रतिनिधियों के पत्र प्राप्त हुए हैं। (घ) वर्तमान में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
आउटसोर्स कर्मचारियों की जानकारी
[महिला एवं बाल विकास]
50. ( क्र. 1746 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विभाग में किस-किस पद पर वर्तमान में कितने कर्मचारी आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत है? (ख) सितम्बर में आयोजित कैबिनेट बैठक के निर्णय जिसमें अस्थायी पदों को निरंतरता दिनांक 31.01.2026 तक जारी रखने के परिपालन में विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए क्या कार्यवाही की गई? (ग) विभाग में HUB अंतर्गत प्रत्येक जिले में कई पद स्वीकृत किये गये है जिसमें भर्ती की कार्यवाही प्रचलित है। प्रश्नांश (क) में कार्यरत कर्मचारियों को HUB के लिये स्वीकृत पदों के विरूद्ध सेवा में लिये जाने की कोई कार्ययोजना है? यदि हाँ, तो क्या कार्ययोजना है कब तक लागू की जावेगी? (घ) सरकार के द्वारा घोषणा की गई थी कि अस्थायी या आउटसोर्स कर्मचारियों को संविदा का लाभ दिये जाने के संबंध में की गई घोषणा के क्रियान्वयन में महिला एवं बाल विकास विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों के लिये विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) विभाग में वर्तमान में आउटसोर्स माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों की संख्या-1176 जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) अस्थाई पदों की निरंतरता आउटसोर्स सेवाओं के लिये नहीं। अत: कोई कार्यवाही अपेक्षित नहीं। (ग) जी नहीं। ऐसी कार्ययोजना नहीं है। अत: शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) उक्त के संबंध में विभाग में कोई निर्देश प्राप्त नहीं है।
नल-जल योजना का लाभ
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
51. ( क्र. 1747 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वित्तीय वर्ष 2021-22 से प्रश्न दिनांक तक विधानसभा केवलारी अंतर्गत जल जीवन मिशन में कितनी नल-जल योजना संचालित की जा रही है, कितने हितग्राहियों को लाभ प्राप्त हो रहा है एवं वर्तमान में कौन-कौन सी नल-जल योजना संचालित है एवं योजना में कितनी राशि स्वीकृत की गई थी, वर्षवार जानकारी दें। (ख) कितनी ग्राम पंचायतों में प्रश्न दिनांक तक नल-जल योजना का लाभ नहीं पहुंच पाया है? यदि उक्त ग्राम पंचायत में कब तक नल-जल योजना संचालित हो पायेगी? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार किस कारण से नल-जल योजना चालू नहीं हो पाई है? विवरण देवें। (घ) विभाग अंतर्गत केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा संचालित समस्त नल-जल योजनाओं से सिवनी जिले को प्राप्त आवंटन राशि एवं व्यय राशि का विवरण वर्षवार देवें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) 197 एकल ग्राम नल-जल योजनाएं तथा 03 (बण्डोल, सिद्ध घाट एवं संगम घाट) समूह जल प्रदाय योजनाएं, 63,236 हितग्राहियों (परिवारों) को लाभ प्राप्त हो रहा है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र - 01 एवं 02 अनुसार है। (ख) 13 ग्राम पंचायतों के 14 ग्रामों में एकल ग्राम नल-जल योजनाओं का कार्य प्रगतिरत होने के कारण योजना का लाभ नहीं पहुँच पाया है, प्रगतिरत योजनाओं से 31 मार्च 2026 तक जल प्रदाय किया जाना लक्षित है। इसके अतिरिक्त 16 ग्राम पंचायतें जो कि प्रगतिरत पायली एवं संगम घाट समूह जल प्रदाय योजना में सम्मिलित हैं, में नल-जल योजना का लाभ नहीं पहुंच पाया है। पायली समूह जल प्रदाय योजना का कार्य मार्च 2026 एवं संगम घाट समूह जल प्रदाय योजना का कार्य जून 2026 तक पूर्ण किया जाना संभावित है। (ग) एकल ग्राम नल-जल योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र - 01 अनुसार है। पायली समूह जल प्रदाय योजना अंतर्गत ठेकेदार द्वारा समूचित संसाधनों का नियोजन न किए जाने एवं विभिन्न विभागों से अनुमति प्राप्त करने में विलंब के कारण योजना निर्धारित समय में चालू नहीं हो पाई एवं संगम घाट समूह जल प्रदाय योजना में विभिन्न विभागों से अनुमति प्राप्त करने में विलंब एवं ठेकेदार द्वारा धीमी गति से कार्य करने के कारण योजना चालू नहीं हो पाई। (घ) एकल ग्राम नल-जल योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र - 03 अनुसार है। समूह जल प्रदाय योजनाओं के अंतर्गत जिलेवार आवंटन राशि बताया जाना संभव नहीं है। सिवनी जिले की समूह जल प्रदाय योजनाओं में व्यय की गई राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र - 04 अनुसार है।
खाद्य प्रसंस्करण की जानकारी
[उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण]
52. ( क्र. 1752 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र में फल सब्जी प्रसंस्करण के क्षेत्र, पैकेजिंग और भंडारण के क्षेत्र में एवं खाद्य संरक्षण तकनीकी के क्षेत्र में, व्यक्तिगत, संस्थागत या गैर सरकारी संगठन (NGO ) स्वयं सहायता समूह एवं किसी के द्वारा भी कार्य किया जा रहा है तो उनके नाम की सूची प्रदान करने का कष्ट करेंगे l (ख) सूची में वित्तीय स्थिति स्वयं आधारित है या बैंक आधारित, ऋण लेकर या अन्य किसी योजना के अंतर्गत या शासन के स्टार्टअप से किया जा रहा है कौन-कौन से स्थान पर किया जा रहा है?
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'क' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ख' अनुसार है।
आंगनवाड़ी केन्द्रों के भवन, स्वीकृत पदों एवं भर्ती प्रक्रिया की जानकारी
[महिला एवं बाल विकास]
53. ( क्र. 1753 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिए कुल कितनी कार्यकर्ता एवं सहायिका के पद स्वीकृत है और इन स्वीकृत पदों के विरूद्ध कितने पद रिक्त हैं, रिक्त पदों पर विगत कितने समय से भर्ती प्रक्रिया लम्बित है, कब तक इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी? (ख) नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र में कुल कितनी आंगनवाड़ियां हैं जो शासकीय भवन विहीन है, इनकी संख्या एवं उनके स्थानों की सूची देवें?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) नागदा - खाचरौद विधानसभा क्षेत्र में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 313 पद तथा आंगनवाड़ी सहायिका के 313 पद स्वीकृत है, इनमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 08 पद एवं सहायिका के 16 पद रिक्त है। रिक्त पदों पर भर्ती का विज्ञापन दिनांक 19.06.2025 एवं 29.12.2025 को जारी किया गया है एवं नियुक्ति की कार्यवाही प्रचलन में है, समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है। (ख) नागदा - खाचरौद विधानसभा क्षेत्र में 120 आंगनवाड़ी केन्द्रों में शासकीय भवन उपलब्ध नहीं है। यह केन्द्र किराये के भवनों में संचालित है। केन्द्रों की सूची संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
गलत जानकारी दी जाना
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
54. ( क्र. 1766 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या तारांकित प्रश्न क्रमांक 188 दिनांक 01/08/2025 के उत्तरांश (ग) में विभाग ने 33 नलकूप सफल एवं 1 असफल होना बतलाया गया है? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो 33 सफल नलकूपों में मोटरपम्प डालकर कितनी नल-जल योजनाओं को सुचारू रूप से चालू कर दिया गया है तो सभी 33 नलकूप/ग्राम पंचायतों एवं प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायतों द्वारा सत्यापित प्रति दें? यदि नहीं तो इस भ्रामक जानकारी देने वाले अधिकारियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जायेगी?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी हाँ। (ख) 33 सफल नलकूपों में से 12 नलकूपों में मोटरपंप डालकर योजनाओं को सुचारू रूप से चालू कर दिया गया है, सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। इन 12 ग्रामों की योजनाओं की ग्राम पंचायत द्वारा सत्यापित हस्तांतरण की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
महिला अभ्यर्थियों को नियुक्ति आदेश प्रदान करना
[महिला एवं बाल विकास]
55. ( क्र. 1779 ) श्री
सोहनलाल बाल्मीक
: क्या
महिला एवं बाल
विकास मंत्री
महोदया यह बताने
की कृपा
करेंगी कि (क) जिला
छिन्दवाड़ा के
अन्तर्गत
महिला एवं बाल
विकास विभाग
द्वारा
विभिन्न
परियोजनाओं
में लगभग 7 माह
पूर्व आंगनवाड़ी
कार्यकर्ताओं
व सहायिकाओं
की ऑनलाईन
नियुक्ति की
गई है? कितने
दिनों में
ऑनलाईन
नियुक्ति की
प्रक्रिया को
पूर्ण कर
विभाग द्वारा
नियुक्ति
आदेश जारी कर
दिया जाना
चाहिये?
छिन्दवाड़ा
जिला
कार्यक्रम अधिकारी
द्वारा
शासन/विभाग के
दिशा-निर्देशों
का पालन ना
करते हुए प्रश्न
दिनांक तक
दावे आपत्ति
का निराकरण
नहीं किया गया
है और ना ही अभ्यर्थियों
की अन्तरिम
मेरिट सूची
जारी की गई है, जिसका
क्या कारण है? उपरोक्त
संबंध में
विभाग द्वारा
कब तक जांच कराकर
संबंधित अधिकारी
के विरूद्ध
कार्यवाही की
जायेगी?
(ख)
प्रश्नांश
''क''
के
अनुसार शासन
के दिशा-निर्देशों
गाईडलाईन के
अनुसार
नियुक्ति से
संबंधित जिला
स्तरीय दावे
आपत्ति से
संबंधित बैठक
का आयोजन किस
तिथि तक कराकर
दावे आपत्ति
का निराकरण कर
अभ्यर्थियों
की अंतरिम
मेरिट सूची
जारी किया
जाना था?
क्या
छिंदवाड़ा
जिले की
नियुक्ति से
संबंधित जिला
स्तरीय दावे
आपत्ति
निराकरण से
संबंधित बैठक
का आयोजन
संबंधित
अधिकारी
द्वारा शासन
से जारी
निर्धारित
समय-सीमा में
कराया गया है? अगर
नहीं कराया
गया तो उसका
क्या कारण है? कब तक
दावे आपत्ति
के निराकरण के
संबंध में
बैठक कराकर अभ्यर्थियों
की अन्तरिम
मेरिट सूची
जारी कर दी
जायेगी और अभ्यर्थियों
को नियुक्ति आदेश
प्रदान कर
दिये जायेंगे?
महिला
एवं बाल विकास
मंत्री (
सुश्री
निर्मला
भूरिया ) : (क) वर्ष
2025-26 में
आंगनवाड़ी
कार्यकर्ताओं
एवं सहायिकाओं
के रिक्त
पदों की
नियुक्ति
हेतु जारी
विज्ञापन के
विरूद्ध
छिंदवाड़ा
जिले में
नियुक्ति
प्रक्रिया
प्रचलित है। नियुक्ति
प्रक्रिया के
संबंध में
समय-सीमा की जानकारी
संलग्न परिशिष्ट-1 अनुसार है।
नियुक्ति
प्रक्रिया
अंतर्गत
प्राप्त
दावा/आपत्तियों
का निराकरण
मुख्य कार्यपालन
अधिकारी, जिला
पंचायत की अध्यक्षता
वाली जिला स्तरीय
समिति द्वारा
किया जाता है।
जिला
दावा/आपत्ति
निराकरण
समिति की बैठक
संबंधी जानकारी
संलग्न
परिशिष्ट-2 अनुसार है।
जिले में
आंगनवाड़ी
कार्यकर्ता
के 53
पदों में से 01 पद हेतु
आवेदन अपात्र
पाये जाने पर 52 पदों
एवं
आंगनवाड़ी
सहायिका के 341 पदों
में से 12 पद
हेतु आवेदन
अपात्र पाये
जाने पर 329
पदों की,
अनंतिम
सूची जारी की
गई। दावा/आपत्तियों
का निराकरण
जिला स्तरीय
समिति द्वारा
लगातार किया
जा रहा है। (ख) दावा/आपत्ति
निराकरण हेतु
समय-सीमा संलग्न
परिशिष्ट -1
अनुसार है।
छिन्दवाड़ा
जिला स्तरीय
दावे/आपत्ति
समिति की
आयोजित बैठकों
की जानकारी संलग्न
परिशिष्ट-2 अनुसार है।
अत: समय-सीमा बाताया
जाना संभव
नहीं है।
शासकीय धन से निर्मित ''संध्या छाया'' वृद्धाश्रम की जानकारी
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
56. ( क्र. 1780 ) श्री महेश परमार : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भोपाल स्थित ''संध्या छाया'' वृद्धाश्रम का निर्माण शासकीय भूमि पर शासकीय धन (लगभग ₹.24 करोड़) से किया गया है? जिसमें प्रति व्यक्ति मासिक शुल्क ₹.38,490 से ₹.49,990 निर्धारित है? (ख) यदि हाँ, तो क्या शासन गरीब, निराश्रित एवं मध्यम वर्गीय परिवार इतनी भारी भरकम निर्धारित राशि का भुगतान कैसे करेगा? (ग) यदि अधिकांश गरीब/ मध्यम वर्ग इस शुल्क का भुगतान नहीं कर सकते, तो क्या यह स्थिति यह संकेत नहीं देती की आम नागरिक के नाम पर शासकीय भूमि एवं धन का उपयोग कर निजी/अशासकीय संस्थाओं के साथ मिलकर लाभ पहुँचाने की व्यवस्था की जा रही है? (घ) जब परियोजना पूर्णतः शासकीय है, तब सामाजिक न्याय विभाग द्वारा इसका विभागीय संचालन स्वयं न करके किसी निजी/NGO संस्था को सौंपने के पीछे क्या नीति एवं औचित्य है? (ड.) क्या विभाग में स्वीकृत पद रिक्त हैं, फिर भी बेरोजगारों की भर्ती न कर आउटसोर्स मॉडल अपनाया गया? (च) इस वृद्धाश्रम निर्माण का उद्देश्य, विभागीय दिशा-निर्देश, अनुबंध शर्तें, शुल्क निर्धारण एवं बजट प्रावधानों की सभी प्रतियां देवें? (छ) क्या यह परियोजना धनाढ्य/पूंजीपति वर्ग के लिए बनाई गई है? (ज) क्या सामाजिक न्याय की मूल भावना—गरीब, निराश्रित, दिव्यांग एवं कमजोर वर्ग की सेवा इस मॉडल से प्रभावित नहीं होती? (झ) क्या शासन भविष्य में ऐसे सर्वसुविधायुक्त वृद्धाश्रम उज्जैन जिले स्तर पर शासकीय संचालन में विभाग कब तक स्थापित करेगा? बजट आवंटन एवं समय-सीमा?
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जी हाँ। (ख) ''संध्या छाया'' वरिष्ठजन निवास आर्थिक रुप से सक्षम, जो एकांकी जीवन व्यतीत कर रहे वरिष्ठजनों के लिए बनाया गया है। इसमें दी गई सेवाओं का शुल्क एजेंसी को देय है। गरीब, निराश्रित एवं मध्यम वर्गीय परिवार के लिए पृथक से प्रदेश में कुल 84 वृद्धाश्रम संचालित हैं, जिसमें आवास, भोजन एवं स्वास्थ्य की सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध है। (ग) जी नहीं। विभाग द्वारा उत्तरांश 'क' एवं 'ख' अनुसार आर्थिक रुप से सक्षम किंतु एकांकी निवासरत वरिष्ठजन हेतु संध्या छाया का निर्माण किया है तथा आर्थिक रुप से कमजोर वरिष्ठजनों हेतु प्रदेश में नि:शुल्क 84 वृद्धाश्रम संचालित किये जा रहे हैं। (घ) ''संध्या छाया'' का निर्माण शासन द्वारा किया गया है तथा संचालन की जिम्मेदारी सेवा भावी संस्था को निर्धारित चयन प्रक्रिया के माध्यम से सौंपी गई है। शासकीय भवन में परियोजना संचालन करने वाली संस्था से प्रतिमाह कलेक्टर दर निर्धारण अनुसार किराया लिया जाना अनुबंधित है। प्रदेश में अन्य नि:शुल्क 84 वृद्धाश्रम भी सेवा भावी संस्थाओं के माध्यम से संचालित है। (ड.) जी नहीं। वृद्धाश्रम के लिए पृथक से कोई पद स्वीकृत नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (च) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। सशुल्क होने से बजट प्रावधान नहीं। (छ) जी नहीं। जो एकांकी जीवन व्यतीत कर रहे आर्थिक रुप से सक्षम वरिष्ठजनों के लिए बनाया है। (ज) जी नहीं। (झ) जी नहीं। ऐसी कोई योजना नहीं है।
प्रशिक्षण में वित्तीय अनियमितताएं
[महिला एवं बाल विकास]
57. ( क्र. 1783 ) श्री महेश परमार : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत प्रदेश के उज्जैन जिले में माह मार्च 2025 में ''पोषण भी, पढ़ाई भी'' विषय पर प्रशिक्षण सत्र/कार्यशालाओं का आयोजन किया गया था? यदि हाँ, तो प्रशिक्षणार्थियों पर किए जाने वाले व्यय के संबंध में संचालनालय स्तर से कौन-कौन से दिशा-निर्देश जारी किए गए थे? क्या उक्त प्रशिक्षणों में किया गया समस्त व्यय इन दिशा-निर्देशों के अनुरूप है? यदि नहीं, तो विचलन के कारण स्पष्ट किए जाए तथा संबंधित देयकों/बिलों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराई जाए। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में उज्जैन जिले की परियोजनाओं में किए गए व्यय का परीक्षण एवं सत्यापन भुगतानकर्ता/आहरण एवं संवितरण अधिकारी (DDO) द्वारा किया गया था अथवा नहीं? यदि नहीं, तो इसके लिए उत्तरदायी अधिकारी कौन है तथा कारण क्या हैं? (ग) प्रश्नांश (ख) के तारतम्य में यह स्पष्ट किया जाए कि यदि देयकों का भुगतान सेवा प्रदाता फर्म/व्यक्ति के वास्तविक बैंक खाते के स्थान पर किसी अन्य अनधिकृत व्यक्ति के खाते में किया गया हो, तो क्या यह संचालनालय महिला एवं बाल विकास विभाग, भोपाल के वित्तीय दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है? यदि हाँ, तो दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही प्रस्तावित है एवं कब तक की जाएगी? (घ) प्रश्नांश (क) से (ग) के संबंध में जारी समस्त दिशा-निर्देशों की प्रतियां तथा प्रशिक्षण मद की व्यय राशि का विवरण बताया जाए।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी हाँ। दिशा-निर्देश जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जी हाँ, शेष का प्रश्न नहीं। (ख) जी हाँ। शेष का प्रश्न नहीं। (ग) जी नहीं। शेष का प्रश्न नहीं। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। पोषण भी पढ़ाई भी विषय पर आयोजित प्रशिक्षण पर कुल राशि रूपये 29,87,050/- (अक्षरी उनतीस लाख सत्यासी हजार पचास रूपये) का व्यय किया गया है।
आदिवासी कन्या आश्रम हेतु स्वीकृत राशि
[जनजातीय कार्य]
58. ( क्र. 1800 ) श्रीमती मनीषा सिंह : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या केन्द्रीय सहायता निधि 275 (1) के अंतर्गत निर्माणाधीन आदिवासी कन्या आश्रम/शाला भवन ग्राम टिकुरी बुढ़ार में स्वीकृत हुआ था? यदि हाँ, तो उक्त भवन के निर्माण हेतु कितनी राशि स्वीकृत हुई थी? स्वीकृत आदेश की छायाप्रति देवें? (ख) प्रश्नांश 'क' अनुसार उक्त आदिवासी कन्या आश्रम/शाला भवन के निर्माण हेतु निविदा जारी की गई थी यदि हाँ, तो निविदा जारी दिनांक, पूर्णता एवं प्राप्तकर्ता का नाम बतावें? (ग) प्रश्नांश 'क' अनुसार उक्त भवन का निविदा श्री विष्णुकांत मिश्रा को प्राप्त हुआ था और उसके द्वारा भवन का निर्माण गुणवत्ताविहीन सामग्री का उपयोग कर भारी अनियमितता, घटिया एवं गुणवत्ताविहीन निर्माण कराया जा रहा है, जिसकी शिकायत अधोहस्ताक्षरी द्वारा सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग शहडोल को पत्र क्रमांक 1566/29.09.2025 प्रेषित कर समिति बनाकर जांच कराते हुये दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही कराने का उल्लेख किया गया था? यदि हाँ, तो अब तक क्या कार्यवाही की गई तथा की गई कार्यवाही से अधोहस्ताक्षरी को क्या अवगत कराया गया है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें नहीं तो क्यों? (घ) प्रश्नांश 'ग' अनुसार क्या जानकारी न देने एवं पत्र की अवहेलना करने पर विभाग इनके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करेगा यदि हाँ, तो कब तथा उक्त भवन की जाँच कब तक करायी जायेगी?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। भवन निर्माण कार्य की राशि रूपए 275.43 लाख की स्वीकृति प्राप्त है। स्वीकृति आदेश की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। कन्या आश्रम भवन निर्माण कार्य की निविदा कार्यालयीन पत्र क्रमांक 10445 दिनांक 05.12.2024 को जारी की गई, वर्तमान में कार्य प्रगतिरत है एवं कार्य संविदाकार श्री विष्णुकांत मिश्रा को आवंटित हुआ। (ग) जी हाँ। जी नहीं। कार्य गुणवत्तापूर्वक पूर्ण कराया जा रहा है। जी हाँ। शिकायत के संबंध में समिति बनाकर जांच कराई गई। प्रतिवेदन पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश ''ग'' अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
बस्ती विकास योजना से जिलों में प्राप्त राशि
[जनजातीय कार्य]
59. ( क्र. 1804 ) श्री संजय उइके : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग द्वारा बस्ती विकास योजना की राशि प्रतिवर्ष जिलों को आवंटित किया जाता है? (ख) हाँ तो वित्तीय वर्ष 2022-23 से प्रत्येक जिलों को कितनी-कितनी राशि कब-कब, आवंटित किया गया? आंवटित राशि कितना-कितना व्यय किया गया? कितनी-कितनी राशि व्यय नहीं कर पाने के कारण समर्पित किया गया? (ग) योजनान्तर्गत आवंटित राशि के प्रस्ताव कब-कब स्वीकृत किये गये? क्या प्रस्ताव विलम्ब से स्वीकृत होने के कारण राशि समर्पित करना पड़ा? (घ) क्या विलम्ब से प्रस्ताव स्वीकृत करने और समय पर राशि व्यय नहीं करने के लिए विभाग द्वारा किन-किन अधिकारियों पर क्या कार्यवाही की गई? नहीं की गई तो कारण बतावें?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) वित्तीय वर्ष 2022-23 में दिनांक 12-04-2022, वर्ष 2023-24 में दिनांक 10-04-2023, वर्ष 2024-25 में दिनांक 08-07-2024 दिनांक 12-08-2024, दिनांक 30-07-2024 एवं वर्ष 2025-26 में दिनांक 02-05-2025 को जिलों को आवंटन प्रदाय किया गया है। जिलों का प्रदाय आवंटन, व्यय एवं समर्पण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) योजना अंतर्गत जिलों द्वारा आंवटित राशि से स्वीकृत कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। राशि सर्मपण का एक मात्र कारण प्रस्ताव विलम्ब से स्वीकृत होना नहीं है। (घ) उत्तरांश (ग) अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
स्कूल,हॉस्टल, ऑफिस में कार्यरत कर्मचारी और अधिकारी
[जनजातीय कार्य]
60. ( क्र. 1809 ) डॉ. विक्रांत भूरिया : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के समस्त जिलों में विभाग के अंतर्गत कार्यरत समस्त कर्मचारी, अधिकारी जो की 5 वर्ष से अधिक एक ही स्कूल, कार्यालय और स्थान, पद पर 5 वर्ष से अधिक समय से कार्यरत है। विस्तृत जानकारी प्रदान करें। (ख) ट्रांसफर (स्थानांतरण) की विभाग की क्या नीति है? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में वर्ष 2021 से 2025 तक "वितीय अनियमितता" के तहत कितने case/FIR और कार्यवाही विभाग से संबंधित कर्मचारी और अधिकारी पर "E.O.W./लोकायुक्त" के द्वारा कब-कब की गई और क्या-क्या निर्णय हुआ, क्या कार्यवाही हुई। विस्तृत जानकारी वर्ष अनुसार प्रदान करे।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) विभाग के अंतर्गत 5 वर्ष से अधिक एक ही स्कूल, कार्यालय और स्थान पर जिलों में कार्यरत कर्मचारी/अधिकारियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''एक'' अनुसार है। (ख) म.प्र. सामान्य प्रशासन विभाग की नीति अनुसार विभाग द्वारा स्थानांतरण किया जाता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''दो'' अनुसार है।
विभागीय कार्यों हेतु भुगतानों का विवरण
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
61. ( क्र. 1816 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मैकेनिकल खण्ड सिवनी द्वारा जलजीवन मिशन एवं अन्य विभागीय कार्य कराये जाते है? यदि हाँ, तो जलजीवन मिशन कार्यक्रम अंतर्गत एकल ग्राम जल प्रदाय योजना अंतर्गत सिवनी विधानसभा क्षेत्र के ग्रामों में योजना लागू दिनांक से प्रश्न दिनांक तक कितने कार्य कराये गये? कार्यों के जारी कार्यादेश, निष्पादित अनुबंध, कार्य पूर्णता संबंधी पूर्णता/हस्तांतरण प्रमाण पत्रों, किये गये घरेलू कनेक्शनों की जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मैकेनिकल खण्ड सिवनी द्वारा कार्यक्षेत्र अंतर्गत कराये गये समस्त विभागीय कार्य एवं नवीन नलकूप खनन एवं स्थापना, नलकूप पुनर्जीवन, नलकूप सफाई एवं हाइड्रो फैक्चरिंग का विवरण एवं किये गये भुगतान का विवरण वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक उपलब्ध कराये। (ग) लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मैकेनिकल खण्ड सिवनी अंतर्गत पदस्थ अधिकारियों/कर्मचारियों के कार्य विभाजन की जानकारी तथा कार्यपालन यंत्रियों द्वारा किये गये भ्रमण/निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण से संबंधित जानकारी वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक उपलब्ध करायें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी हाँ। 05 एकल ग्राम नल-जल योजनाओं के कार्य कराए गए हैं, शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 एवं 03 अनुसार है। (ग) सिवनी जिले में मैकेनिकल खंड कार्यालय स्वीकृत नहीं है, अपितु मैकेनिकल उपखंड कार्यालय स्थापित है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-04 अनुसार है। कार्यपालन यंत्रियों द्वारा किए गए भ्रमण/निरीक्षण से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-05 अनुसार है।
संचालित योजनाओं में आवंटित राशि का वितरण
[उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण]
62. ( क्र. 1819 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा जिला सिवनी को राज्य एवं केन्द्र शासन से संचालित किन-किन योजनाओं में कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई एवं कितनी-कितनी राशि व्यय हुई। वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक की विधानसभावार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के तारतम्य में किन-किन योजना अंतर्गत सामग्री, खाद, बीज, पुष्प, फूल, फल आदि के पौधों का क्रय एवं रोपण कार्य पर कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक सिवनी जिले की विधानसभावार सूची देवें। (ग) सिवनी जिले में संचालित किन-किन नर्सरियों को किस-किस मद में कितनी-कितनी राशि सामग्री, बीज, खाद, पुष्प, फल, फूल के पौधों का कब-कब प्रदाय किया गया? रोपणी कार्य नर्सरियों को रखरखाव, सुरक्षा पर कितनी-कितनी राशि व्यय हुई। वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक सिवनी जिले की विधानसभावार जानकारी देवें। (घ) हितग्राही मूलक संचालित किन-किन योजनाओं में लाभान्वित कितने-कितने हितग्राहियों को किस मान से अनुदान की कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया गया एवं कितने हितग्राहियों को कब से कितनी-कितनी राशि का भुगतान नहीं किया गया एवं क्यों? वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक सिवनी जिले की विधानसभावार जानकारी योजनावार देवें। (ड.) किन-किन योजना अंतर्गत कितने-कितने दिवसीय कृषकों के भ्रमण कार्यक्रमों में किस-किस मद में कितनी राशि व्यय हुई? वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक सिवनी जिले की विधानसभावार जानकारी योजनावार देवें।
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-01 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-02 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-03 अनुसार है। (घ) हितग्राहियों को योजनावार दिये गये लाभ की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-04 अनुसार है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-05 अनुसार है।
नियम विरूद्ध कार्य करने के संबंध में
[महिला एवं बाल विकास]
63. ( क्र. 1820 ) श्री बाबू जन्डेल : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) श्योपुर जिले में परियोजना कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मुख्यालय पर निवास करने की अनिवार्यता है। यदि हाँ तो निर्देशों की प्रति उपलब्ध करावे? क्या श्योपुर जिले में नियमानुसार सभी अधिकारी/कर्मचारी अपने निर्धारित मुख्यालय पर निवास करते है? यदि हाँ तो कर्मचारीवार मुख्यालयवार जानकारी उपलब्ध करावे? (ख) क्या जिला मुख्यालय श्योपुर में संचालित 03 परियोजना कार्यालयों के लिये पृथक से मुख्यालय निर्धारित नहीं किया गया है यदि हाँ तो पृथक से मुख्यालय निर्धारित होने के उपरांत भी वर्षों से जिला मुख्यालय श्योपुर में 03 परियोजना कार्यालयों का संचालन किसके निर्देशों से किया जा रहा है। इसके लिये संबंधित परियोजना अधिकारी अथवा कौन दोषी है क्या इनके विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं तो क्यों? (ग) क्या विभाग द्वारा श्योपुर जिले में वाहन लेने के लिये शासन द्वारा निर्धारित प्रकिया का पालन किया गया है अथवा नहीं? यदि नहीं तो कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी जिम्मेदार है एवं श्योपुर जिले में वाहनों के नियम विरूद्ध उपयोग एवं भुगतान के लिये जिम्मेदार अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी और कब तक?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी हाँ। निर्देशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। जी हाँ। कर्मचारीवार मुख्यालयवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ख) जी नहीं। भारत सरकार से, जिला मुख्यालय पर संचालित 03 परियोजनाओं श्योपुरकला, श्योपुर ग्रामीण-2 एवं श्योपुर शहरी के नाम से स्वीकृत हैं, परियोजनाओं से संबंधित आंगनवाड़ी केन्द्र जिला मुख्यालय से समीप होने के कारण इनके पृथक-पृथक कार्यालय जिला मुख्यालय पर संचालित किये जा रहे हैं। अत: शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) वाहन किराये से लेने हेतु जिले में 02 बार निविदा आमंत्रित की गई है। दोनों बार कोई भी सफल निविदा प्राप्त नहीं हुई। विभाग के निर्देशानुसार भ्रमण एवं निरीक्षण हेतु वाहनों की आवश्यकता होने से कलेक्टर कार्यालय से निर्धारित दर पर वाहन किराये पर लिये गये है। जिनका भुगतान नियमानुसार किया जा रहा है। कलेक्टर कार्यालय से निर्धारित दर पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -स अनुसार है। वाहन को किराये पर लेने हेतु कोई भी नवीन दर कलेक्टर कार्यालय द्वारा निर्धारित नहीं की गई है। अत: वर्तमान में उक्त दर पर ही वाहन किराये पर लिये गये है। अत: शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नल-जल योजनाओं की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
64. ( क्र. 1823 ) श्री बाबू जन्डेल : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र श्योपुर में विभाग द्वारा वर्ष 2024-25 में नवीन हैण्डपम्प उत्खनन हेतु विभागीय मंत्री द्वारा पत्र जारी किया था? यदि हाँ तो वित्तीय एवं भौतिक लक्ष्य कितना था? उनमे से कितने हैण्डपम्प उत्खनन किये गये एवं कहाँ-कहाँ पर विकासखण्डवार जानकारी उपलब्ध करावे? (ख) श्योपुर जिले में वर्ष 2018 से जल जीवन मिशन के तहत एवं विभाग द्वारा कौन-कौन से ग्रामों में नल-जल योजना स्वीकृत हुई है? प्रशासकीय स्वीकृति, तकनीकी स्वीकृति, निविदा कार्य आदेश स्वीकृत राशि, कार्यपूर्णता दिनांक सहित विकासखण्डवार जानकारी उपलब्ध करावे? उक्त योजनाओं में कौन-कौन सी नल-जल योजनाओं के कार्य पूर्ण हो गये है? कितने अपूर्ण है? कितने अप्रारम्भ है? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में उक्त योजनाओं का निरीक्षण योजना प्रारम्भ से प्रश्न दिनांक तक कलेक्टर श्योपुर, प्रमुख अभियंता, मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री एवं अन्य अधिकारियों द्वारा कब-कब निरीक्षण किया गया क्या गुणवत्ताहीन कार्य पाया गया? यदि हाँ तो कार्य एजेंसी/ठेकेदार के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? (घ) प्रश्नांश (ख) एवं (ग) के संदर्भ में विकासखण्ड श्योपुर में 80 प्रतिशत ग्रामों में गुणवत्ताहीन कार्य हुआ है? यदि हाँ तो उन पर क्या कार्यवाही की गई? कार्य अधूरा होने पर कार्य को पूर्ण बताकर उपयंत्री, सहायक यंत्री, कार्यपालन यंत्री की मिलीभगत से भुगतान कर दिया गया है? यदि हाँ तो इसके लिए दोषी कौन है? क्या विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की समिति बनाकर जांच की जावेगी?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी नहीं, नवीन हैण्डपम्पों के लिए प्राप्त मांग पत्र संकलित कर पत्रों के माध्यम से नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही हेतु विभाग को लेख किया जाता है, तथापि उक्त आधार पर जिलों को भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य जारी किए जाने का प्रावधान नहीं है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले को 90 नवीन हैण्डपम्प का भौतिक लक्ष्य जारी किया गया, जिसके अंतर्गत कराए गए कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। (ख) एकल ग्राम नल-जल योजनाओं एवं समूह जल प्रदाय योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 एवं 03 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 एवं 04 अनुसार है, कार्य गुणवत्तायुक्त पाए गए हैं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
बजट आवंटन की जानकारी
[अनुसूचित जाति कल्याण]
65. ( क्र. 1826 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण हेतु वर्तमान में कौन-कौन सी योजनाएं संचालित हैं? 01 अप्रैल 2022 से प्रश्नांकित अवधि तक इन योजनाओं के अंतर्गत योजनावार, मदवार एवं जिलेवार स्वीकृत बजट तथा व्यय राशि की विस्तृत जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश 'क' के संदर्भ में मध्यप्रदेश में किन-किन योजनाओं से कितने अनुसूचित जाति हितग्राहियों को लाभ दिया गया है? योजनावार लाभांवित हितग्राहियों के कुल व्यय राशि की जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) मध्यप्रदेश में वर्तमान में कितने अनुसूचित जाति छात्रावास एवं विद्यालय संचालित हैं? विगत तीन वर्षों में आवंटित बजट, व्यय राशि, किए गए निरीक्षणों की जानकारी सहित जांच प्रतिवेदनों का प्रमुख द्वारा उपलब्ध करावें तथा निरीक्षण में पाई गई प्रमुख कमियों एवं कृत कार्यवाही की जानकारी देवें। (घ) प्रश्नांश 'क' के संदर्भ में छात्रावासों/विद्यालयों में विभिन्न सामग्रियों का क्रय बिना टेण्डर प्रक्रिया अपनाए, बिना दर निर्धारण किए तथा मध्यप्रदेश भंडार क्रय नियमों का पालन किए बिना किया गया हैं? यदि हाँ, तो कौन-कौन सी सामग्री खरीदी गई? किस-किस कार्यालय/संस्था द्वारा, कब-कब, कितनी मात्रा एवं राशि में खरीदी गई? संस्था का नाम, देयकों की छायाप्रति, सामग्रीवार, कार्यालयवार, विद्यालयवार जिलावार, विकासखण्डवार जानकारी उपलब्ध करावें।
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे डिजीटल फार्म (पेन ड्राइव) में है। (ग) प्रदेश में वर्तमान में 1913 अनुसूचित जाति छात्रावास है। व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे डिजीटल फार्म (पेन ड्राइव) में है। (घ) जी नहीं। शेष उपस्थित नहीं होता।
अनुसूचित जनजाति वर्ग के कल्याण हेतु बजट आवंटन
[जनजातीय कार्य]
66. ( क्र. 1827 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में अनुसूचित जनजाति वर्ग के कल्याण हेतु वर्तमान में कौन-कौन सी योजनाएं संचालित हैं? 01 अप्रैल 2022 से प्रश्नांकित अवधि तक इन योजनाओं के अंतर्गत योजनावार, मदवार एवं जिलेवार स्वीकृत बजट तथा व्यय राशि की विस्तृत जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में मध्यप्रदेश में किन-किन योजनाओं से कितने अनुसूचित जनजाति हितग्राहियों को लाभ दिया गया है? योजनावार लाभांवित हितग्राहियों के नाम, पता सहित कुल व्यय राशि की जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) मध्यप्रदेश में वर्तमान में कितने अनुसूचित जनजाति छात्रावास एवं विद्यालय संचालित हैं? विगत तीन वर्षों में आवंटित बजट, व्यय राशि, किए गए निरीक्षणों की जानकारी सहित जांच प्रतिवेदनों की छायाप्रति उपलब्ध करावें तथा निरीक्षण में पाई गई प्रमुख कमियों एवं कृत कार्यवाही की जानकारी देवें। (घ) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में छात्रावासों/विद्यालयों में विभिन्न सामग्रियों का क्रय बिना टेण्डर प्रक्रिया अपनाए, बिना दर निर्धारण किए तथा मध्यप्रदेश भंडार क्रय नियमों का पालन किए बिना किया गया हैं? यदि हाँ, तो कौन-कौन सी सामग्री खरीदी गई? किस-किस कार्यालय/संस्था द्वारा, कब-कब, कितनी मात्रा एवं राशि में खरीदी गई? संस्था का नाम, देयकों की छायाप्रति, सामग्रीवार, कार्यालयवार, विद्यालयवार जिलावार, विकासखण्डवार जानकारी उपलब्ध करावें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) विभाग द्वारा संचालित प्रमुख योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। एक अप्रैल 2022 से प्रश्नांकित अवधि तक विभाग की योजनाओं के अंतर्गत जिलेवार स्वीकृत बजट तथा व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। MPTAASC पोर्टल पर संचालित योजनाओं से लाभांवित हितग्राहियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है। (ग) प्रदेश में वर्तमान में विभागान्तर्गत 1593 छात्रावास एवं 25,294 विद्यालय संचालित है। इस हेतु आवंटित बजट व व्यय राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। वर्तमान में विभाग द्वारा ''परख ऐप '' के माध्यम निरीक्षण किये जाने के निर्देश जारी किये गए है। उक्तानुसार किये गए निरीक्षणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''द'' अनुसार है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
विकास योजना के तहत स्वीकृत कार्यों की जानकारी
[अनुसूचित जाति कल्याण]
67. ( क्र. 1830 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनुसूचित जाति बस्ती विकास योजना अन्तर्गत जिला स्तर पर आवंटित राशि से कार्य स्वीकृत किए जाने के लिए कार्ययोजना तैयार किए जाने हेतु क्या प्रावधान हैं? (ख) क्या प्रश्नांश (क) अनुसार योजना अन्तर्गत स्वीकृत होने वाले कार्य तैयार की गई कार्ययोजना सूची में से ही चयनित कर स्वीकृत किए जाते हैं? यदि हाँ, तो जिला मुरैना हेतु आवंटित राशि के विरूद्ध वित्तीय वर्ष 2025-26 में माननीय प्रभारी मंत्री महोदय के अनुमोदन उपरान्त स्वीकृत किए गये कार्य, कार्ययोजना सूची के किस-किस सरल क्रमांक पर अंकित हैं? उपरोक्त कार्यों को कार्ययोजना सूची में चिन्हित करते हुए जानकारी उपलब्ध कराये। (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार जिला मुरैना अन्तर्गत विगत 3 वित्तीय वर्षों में माननीय सांसद/समस्त विधायकों द्वारा किन-किन कार्यों के प्रस्ताव कार्यालय जिला संयोजक जनजाति विभाग मुरैना को प्रेषित किए गए तथा उनमें से कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किए गए? सूची उपलब्ध कराएं। (घ) प्रश्नांश (क) अनुसार योजना के अंतर्गत विगत 3 वर्षों में स्वीकृत किए गए समस्त कार्यों की अनुशंसा किस-किस के द्वारा की गई? वर्षवार पृथक-पृथक सूची उपलब्ध कराये। (ङ) क्या प्रश्नांश (क) अनुसार योजना के तहत कार्ययोजना में सम्मिलित कार्यों के अतिरिक्त अन्य कार्य स्वीकृत किए जा सकते हैं? यदि हाँ, तो इसके लिए क्या प्रावधान है?
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''द'' अनुसार है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार ही कार्य स्वीकृत किये जाने के प्रावधान है।
जलजीवन मिशन की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
68. ( क्र. 1831 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र में जौरा जल जीवन मिशन के तहत नलजल योजना में कितने गांव सम्मिलित हैं एवं उनमें कार्यों की अद्यतन स्थिति क्या है? ग्रामवार जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जौरा में जल निगम की कौन-कौन सी परियोजनाएं संचालित हैं? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार परियोजनाओं में विधानसभा क्षेत्र के किन-किन गांवों में जलापूर्ति किया जाना प्रस्तावित है तथा किन-किन गांवों में जलापूर्ति की जा रही है तथा किन-किन गांवों में किया जाना शेष है एवं क्या-क्या कठिनाइयां है? सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं। (घ) घाटीगांव-भितरवार परियोजना में विधानसभा क्षेत्र जौरा के किन-किन गांव में जलापूर्ति किए जाने का प्रावधान किया गया है? उपरोक्त परियोजना में प्रावधानित गांवों में जलापूर्ति की क्या समय-सीमा निर्धारित की गई है? संपूर्ण विवरण उपलब्ध कराएं! (ङ) प्रश्नांश (घ) अनुसार परियोजना के क्रियान्वयन की वस्तुस्थिति से संबंधित संपूर्ण जानकारी एवं दस्तावेज उपलब्ध कराये?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) विधानसभा क्षेत्र जौरा में जल जीवन मिशन के तहत 167 एकल ग्राम नल जल योजनाएं स्वीकृत की गई हैं, उनमें कार्यों की अद्यतन स्थिति की ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। इसके अतिरिक्त जौरा विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृत घाटीगॉव-भितरवार समूह जल प्रदाय योजना में 21 ग्राम सम्मिलित हैं, शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-03 अनुसार है। (ग) एकल ग्राम नल जल योजनाओं एवं समूह जल प्रदाय योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 एवं 03 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-03 अनुसार है। (ड.) घाटीगॉव-भितरवार समूह जल प्रदाय योजना के क्रियान्वयन की वस्तुस्थिति से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02, 03 एवं 04 अनुसार है।
नलजल योजना के अधूरे कार्यों को पूर्ण किया जाना
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
69. ( क्र. 1832 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मनावर विधानसभा अंतर्गत कितने राशि की योजना के तहत किन-किन ग्रामों में जल जीवन मिशन की नलजल योजना के कार्य पूर्ण होकर पेयजल उपलब्ध है, किन-किन ग्रामों में कार्य अधूरे हैं? कार्यों की पूर्ण/अपूर्ण/प्रगतिरत/अप्रारंभ की कारणवार वर्तमान भौतिक स्थिति बतावें। जो मानक/मापदंड/नीति-नियम/आदेश जारी किए उसकी प्रति देवें एवं उनमें किस दिनांक को किन कारणों से क्या-क्या संशोधन किए? तकनीकी स्वीकृति, प्रशासकीय स्वीकृति तथा निर्माण कार्य करने वाली एजेंसी/ठेकेदार/संस्था/कंपनी का नाम, पता बताएं। (ख) कार्य पूर्ण होकर पेयजल उपलब्ध होने वाले ग्रामों में कार्यों की स्वीकृत राशि, प्राप्त राशि, व्यय-राशि, शेष राशि, लागत-वृद्धि, की जानकारी देवें। किन-किन ग्रामों में किस कंपनी के किस क्वालिटी एवं साइज के पाइप लाइन इस्तेमाल किए? किस-किस ग्राम में नल जल योजना में कितनी-कितनी पाइप लाइन डाली गई? किन-किन ग्राम में भौतिक निरीक्षण किस-किस सक्षम अधिकारी द्वारा कब-कब किया गया? नाम, पदनाम सहित बतावें। (ग) प्रश्नांश (क) के कार्यों के लिए किस एजेंसी/संस्था/ठेकेदार द्वारा कितने रूपए की बैंक गांरटी दिया गया? बैंक गारंटी की जांच/सत्यापन कर उसे स्वीकृत करने वाले अधिकारी के नाम-पदनाम बतावें। (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के किन-किन कार्यों के संबंध में कब-कब, किस-किस के द्वारा क्या-क्या शिकायतें प्राप्त हुईं? प्राप्त शिकायतों पर क्या-क्या कार्यवाही की गई?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) एकल ग्राम नल जल योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। इसके अतिरिक्त 02 समूह जल प्रदाय योजनाएं लागत रू 1447.09 करोड़ के कार्य प्रगतिरत हैं, जिनमें कुल 817 ग्राम सम्मिलित हैं, जिसमें से मनावर विधानसभा क्षेत्र के 198 ग्राम सम्मिलित हैं। समूह योजनाओं की शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार है। जल जीवन मिशन के मानक/मापदंड/नीति-नियम/आदेश भारत सरकार के जल जीवन मिशन के पोर्टल पर प्रकाशित है, जिसका लिंक https:/jaljeevanmission.gov.in/guidelines एवं https://jaljeevanmission.gov.in/letters_circulars है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है, समूह जल प्रदाय योजनाओं के कार्य प्रगतिरत हैं। (ग) विधानसभा क्षेत्र मनावर अंतर्गत जल जीवन मिशन के एकल ग्राम नल जल योजनाओं के कार्यों हेतु अनुबंधित किसी भी ठेकेदार द्वारा बैंक गेरेंटी नहीं दी गई है। समूह जल प्रदाय योजनाओं से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-03 अनुसार है। (घ) विधानसभा क्षेत्र मनावर के अंतर्गत कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
लाडली लक्ष्मी बहना योजना छूटे हुए नामों को जोड़ा जाना
[महिला एवं बाल विकास]
70. ( क्र. 1842 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) लाडली लक्ष्मी बहना योजना में जिन बहनों का नाम छूट गया है/था, जो उसमें समय रहते नहीं जुड़वा पाई हैं वह अपना नाम जुड़वाने के लिए किन-किन नियमों के तहत किस प्रकार आवेदन करें? इस योजना में क्या-क्या दस्तावेज होना चाहिए जिनके आधार पर योजना में महिला अपना नाम जुड़वा सके? क्या-क्या मापदण्ड होना चाहिए जिसके आधार पर उक्त योजना के क्राइटेरिया में आ सकें? बिंदुवार जानकारी योजना की उपलब्ध कराएं। क्या लाडली बहना योजना में अभी नाम जोड़े जा रहे हैं? यदि नहीं तो क्यों? कब तक वंचित बहनों के नाम जोड़कर लाभ दिया जाएगा समयावधि बताएं? (ख) सतना/मैहर जिलों में किस-किस शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में किस-किस नाम/पते की महिलाओं के नाम लाडली लक्ष्मी बहना योजना में शामिल किए गए? जिलेवार वर्ष 2024-25 से वर्तमान तक लाभान्वित के नाम जानकारी दें एवं लाभान्वितों की सूची उपलब्ध कराएं।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) वर्तमान में नवीन पंजीयन संबंधी प्रस्ताव विचाराधीन न होने से शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट (पेन ड्राइव) पर है।
आंगनवाडी केंद्रों की सुविधाओं एवं व्यवस्थापन
[महिला एवं बाल विकास]
71. ( क्र. 1843 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) दिनांक 01.04.2024 से प्रश्न दिनांक तक सतना जिला अंतर्गत कौन-कौन विधानसभा में कितने-कितने आंगनवाडी केंद्र कहां-कहां संचालित है? क्या सभी आंगनवाडी केंद्रों पर स्वयं का भवन है? यदि नहीं तो कितने आंगनवाडी केंद्र किराए के भवन पर, कहां-कहां संचालित हो रहे हैं? जो आंगनवाडी केंद्र किराए के भवन पर चल रहे हैं वह कब से चल रहे हैं? प्रत्येक आंगनवाडी का कितना-कितना मासिक किराया दिया जा रहा है? जानकारी दें। (ख) सरकार द्वारा किराए से संचालित आंगनवाडी केंद्रों के स्थान पर अपना स्वयं का सर्वसुविधायुक्त भवन क्यों नहीं बनाया जाता है/उपलब्ध कराया जाता है? क्या सरकारी भवन और किराए के मकान पर संचालित केंद्रों पर शौचालय, शुद्ध पेयजल, लाइट-बिजली और पंखे की उचित व्यवस्था है? यदि नहीं तो बच्चों के इतने संवेदनशील मामले पर इतनी लापरवाही क्यों? क्या सरकार इस पर गंभीर नहीं है? यदि गंभीर है तो सतना जिले के सभी आंगनवाडी केंद्रों को सर्वसुविधायुक्त भवन कब तक उपलब्ध कराएगी? समयावधि बताएं। (ग) सतना विधानसभा के नगर-निगम क्षेत्र एवं ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर कितने आंगनवाडी केंद्रों (प्रत्येक) में कितने-कितने बच्चे है? 01/04/2024 से प्रश्नांश दिनांक तक वर्षवार, केंद्रवार, जानकारी उपलब्ध कराएं। (घ) आंगनवाडी केंद्रों में पोषण-आहार वितरण एवं व्यवस्थापन की प्रक्रिया एवं नियम क्या हैं और किसके द्वारा किस प्रकिया के तहत उक्त कार्य को किया/कराया जा रहा हैं?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) सतना जिले अंतर्गत नागौद विधानसभा में 446, सतना विधानसभा में 406, मझंगवा विधानसभा में 359, रामपुर बघेलान विधानसभा में 418 एवं रैगांव विधानसभा में 425 आंगनवाडी केंद्र संचालित है, विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–अ पर है। जी नहीं। सतना जिलें में 552 आंगनवाडी केंद्र अन्य शासकीय भवनों में एवं 702 आंगनवाडी केंद्र किराये के भवनों में संचालित है विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–ब पर है। (ख) नवीन भवन निर्माण की स्वीकृति वित्तीय संसाधनों एवं भूमि उपलब्धता के आधार पर दी जाती है। सतना जिले के कुल 2054 भवनों में से शासकीय भवनों में 1352 आंगनवाडी केंद्र एवं किराये के भवनों में 702 आंगनवाडी केंद्र संचालित है, इनमें से 2054 में पेयजल, 1668 में शौचालय, 1331 में बिजली तथा 1331 में पंखे उपलब्ध है। संवेदनशील है। नवीन भवन निर्माण की स्वीकृति वित्तीय संसाधनों एवं भूमि उपलब्धता के आधार पर दी जाती है। समय-सीमा देना संभव नहीं है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–स पर है। (घ) आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषण ट्रैकर अंतर्गत पंजीकृत 6 माह से 3 वर्ष के बच्चों गर्भवती महिलाओं तथा धात्री माताओं को FRS प्रक्रिया से प्रति माह अधिकतम 21 दिवस 08 आकांक्षी जिलों में 14 से 18 वर्ष की किशोरी बालिकाओं को अधिकतम 25 दिवस का टेक होम राशन वितरण किया जाता है। आंगनवाड़ी केंद्रों में प्रत्येक मंगलवार को 6 माह से 3 वर्ष के बच्चों को नाश्ता एवं गर्म पका भोजन तथा गर्भवती एवं धात्री माता को गर्म पका भोजन प्रदाय किया जा रहा है। 3 से 6 वर्ष के बच्चों को माह में अधिकतम 25 दिवस नाश्ता एवं गर्म पका भोजन प्रदाय किया जाना नियत किया गया है। मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के द्वारा संचालित 7 संयंत्रों द्वारा टेकहोम राशन का उत्पादन एवं परियोजनाओं के माध्यम से केंद्र स्तर तक वितरण किया जाता है। ग्रामीण क्षेत्र में सांझा चूल्हा कार्यक्रम के तहत पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित किए जा रहे मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम अन्तर्गत गठित महिला स्व-सहायता समूहों एवं शहरी क्षेत्र में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन से संबद्ध महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा नाश्ता एवं गर्म पका भोजन प्रदाय किया जा रहा है।
अनुदान राशि प्रदान किये जाना
[जनजातीय कार्य]
72. ( क्र. 1855 ) श्री बाला बच्चन : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01-04-2023 से 20-01-2026 तक जनजातीय कार्य विभाग द्वारा किस-किस निजी संस्था/एनजीओ/अशासकीय शैक्षणिक संस्था/व्यक्तियों/अन्य को किन-किन कार्यों के लिए कितनी अनुदान राशि किस मद से दी गई? नाम, राशि, भुगतान दिनांक, मद, कार्य, नाम, पता सहित वर्षवार देवें। (ख) उपरोक्तानुसार जिन्हें अनुदान राशि प्रदान की गई उनके द्वारा प्रस्तुत राशि व्यय विवरण के जमा दस्तावेजों की छायाप्रति भी देवें। (ग) अनुदान प्राप्त संस्थाओं ने विगत 02 वर्षों में जो आडिट कराया है उसकी प्रमाणित प्रति संस्थावार देवें। यदि आडिट नहीं कराया गया तो किस नियम के तहत अनुदान दिया गया? संस्थावार स्पष्ट करें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है।
धरती आबा योजना का क्रियान्वयन
[जनजातीय कार्य]
73. ( क्र. 1856 ) श्री बाला बच्चन : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1626 दिनांक 01.08.2025 के प्रश्नांश (क) के उत्तर अनुसार धरती आबा योजनांतर्गत राजपुर विधानसभा क्षेत्र से संबंधित जो कार्य योजनाएं सम्मिलित की गई उनमें कितने कार्य स्वीकृत किए गए? कार्य नाम, स्थान, लागत, कार्य प्रारंभ/अप्रारंभ स्थिति सहित देवें। यदि स्वीकृति नहीं दी गई है, तो कब तक स्वीकृति दी जाएगी कार्यवार देवें। (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित प्रश्न के प्रश्नांश (ग) के उत्तर में वर्णित आफग्रिड के माध्यम से राजपुर वि.स. क्षेत्र में विद्युतीकरण हेतु टेंडर प्रकिया प्रारंभ होना बताया गया था इसकी अद्यतन स्थिति कार्य प्रारंभ/ अप्रारंभ रूप में कार्यवार बतावें। (ग) प्रश्नांश (क) व (ख) अनुसार कार्यों में विलंब की स्थिति के कारण भी पृथक-पृथक देवें। प्रश्नांश (क) के कार्यों के संबंध में विभागीय पत्राचार की छायाप्रतियां भी देवें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) धरती आबा योजनांतर्गत जिला स्तर से विभाग प्रमुखों द्वारा जो कार्य योजनाएं प्रेषित की गई है उनमें राजपुर विधानसभा क्षेत्र से संबंधित कार्य योजनाएं भी सम्मिलित है, प्रेषित कार्य योजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ पर है। अभियान अवधि 5 वर्ष (2024-25 से 2028-29) है। स्वीकृति की समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। (ख) जी नहीं। प्रश्नांश (क) वर्णित प्रश्न के प्रश्नांश (ग) के उत्तर में आफग्रिड के माध्यम से टेंडर प्रकाशित नहीं किया गया है अपितु आनग्रिड के माध्यम से टेंडर प्रकाशित किये जाने के संबंध में अवगत कराया गया है। शेष जानकारी का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) अभियान अवधि 5 वर्ष (2024-25 से 2028-29) है। स्वीकृति की समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। प्रश्नांश (क) व (ख) अनुसार कार्यों में विलंब का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। प्रश्नांश (क) के संबंध में विभागीय पत्राचार की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब पर है।
भवनविहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की जानकारी
[महिला एवं बाल विकास]
74. ( क्र. 1890 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) कसरावद विधानसभा क्षेत्र में ऐसे कितने आंगनवाड़ी है जो भवन विहीन और कितने जीर्ण-शीर्ण स्थिति में है? विवरण देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार जीर्ण-शीर्ण भवनों की मरम्मत किये जाने का कोई प्रस्ताव है, अगर हाँ तो विवरण दें। (ग) कसरावद विधानसभा में सक्षम आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित है, अगर हाँ तो कितने केन्द्र जर्जर हैं और इनमें क्या सुविधाएं दी जा रही है? (घ) विधानसभा क्षेत्र कसरावद के भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों को कब तक स्वयं के भवन उपलब्ध कराये जायेंगे?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) महिला एवं बाल विकास परियोजना कसरावद में कुल 277 आंगनवाडी केंद्र संचालित है, जिसमें से 164 आंगनवाडी केंद्र विभागीय शासकीय भवन विहीन है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 पर है एवं 07 आंगनवाडी भवन जीर्णशीर्ण स्थिति में है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 पर है। (ख) जी नहीं। (ग) महिला एवं बाल विकास परियोजना कसरावद में कुल 12 सक्षम आंगनवाडी केंद्र संचालित है जो जर्जर नहीं है। उपरोक्त 12 सक्षम आंगनवाडी केंद्रों में हितग्राहियों के लिए स्वच्छ जल हेतु आर.ओ., बच्चों के लिए ईसीसीई गतिविधियों के लिए टीवी, योगा मेट, बच्चों को बैठने के लिए कुर्सी, ई.सी.सी.ई. किट, आंगनवाडी केंद्रों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग, पोषण वाटिका तथा आंगनवाडी कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं दी गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 पर है। (घ) भवन निर्माण की स्वीकृति वित्तीय संसाधनों एवं भूमि उपलब्धता के आधार पर दी जाती है। अत: समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।
रिक्त पदों की पूर्ति
[महिला एवं बाल विकास]
75. ( क्र. 1897 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) धरमपुरी विधानसभा में विकासखंड धरमपुरी और नाल्चा में आंगनवाडी कार्यकर्ता और सहायिका की कितने पद भरे हुए है और कितने पद रिक्त है? रिक्त पदों की पूर्ति कब तक कर ली जाएगी? समय-सीमा बतावें। (ख) धरमपुरी विधानसभा अंतर्गत धरमपुरी विकासखंड और नाल्चा विकासखण्ड में कितने आंगनवाडी केंद्र स्वीकृत है? कितने में विभागीय भवन है और कितने किराये के भवन में और कितने अन्य शासकिय भवनों में संचालित किये जा रहे है? सम्पूर्ण जानकारी बतावें। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार किराये के भवन में और अन्य शासकिय भवनों में संचालित केन्द्रों में नविन भवन स्वीकृत कब तक कर दिए जायेंगे? समय-सीमा बतावें।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-1 अनुसार है। पदों की रिक्ति एवं पूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) आंगनवाडी भवनों का निर्माण वित्तीय संसाधन एवं भवन हेतु जमीन की उपलब्धता पर निर्भर करता है। समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।
जल-जीवन मिशन योजना की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
76. ( क्र. 1898 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या जल-जीवन मिशन योजना अंतर्गत धार जिले के समस्त विकासखण्डों में संचालित नल-जल योजना का कार्य क्रियान्वित है? वर्तमान में जिले में कितने ग्रामों में कार्य प्रगतिरत है? कितने ग्राम में कार्य पूर्ण किया जा चुका है एवं कितनी जगह कार्य प्रारम्भ नहीं हुआ है? ब्लॉकवार कार्यों की जानकारी उपलब्ध करावें एवं उक्त कार्यों पर अभी तक कितनी-कितनी राशि खर्च की जा चुकी है? (ख) प्रश्नांश (क) के कार्यों अनुसार योजना के प्राक्कलन में ग्रामीणों को नल का कनेक्शन घर के अंदर दिया जाना प्रस्तावित है अथवा नहीं? (ग) पाईपों को ठेकेदार के द्वारा ही क्रय किया जा रहा है अथवा विभाग के द्वारा ठेकेदारों को सप्लाई किया जा रहा है? पाईप क्रय करने हेतु विभाग द्वारा ऑनलाइन पद्धति से कोटेशन या टेण्डर बुलाये गये थे अथवा नहीं? यदि नहीं, बुलाये गये थे तो किस आदेश से किस कंपनी को पाईप सप्लाई का आदेश दिया गया है? आदेश की छायाप्रति उपलब्ध करावें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र- 01 एवं 02 अनुसार है। (ख) जी नहीं, स्वीकृत योजनाओं में किए गए प्रावधानानुसार नल कनेक्शन ग्रामीणों के आवासीय परिसर में दिया जाना प्रावधानित है। (ग) योजनाओं हेतु ठेकेदारों द्वारा ही विभाग द्वारा आमंत्रित/स्वीकृत निविदाओं में सूचीबद्ध (Empanelled) पाइप निर्माता कंपनियों के माध्यम से पाइप क्रय किया जा रहा है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
एनआईसी द्वारा संधारित डाटा की प्रति उपलब्ध कराना
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
77. ( क्र. 1908 ) श्रीमती ललिता यादव : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश की शासकीय उचित मूल्य दुकानों का संधारण एनआईसी द्वारा किया जाता है? यदि हाँ, तो जिला छतरपुर में वर्ष 2021 से प्रश्न दिनांक तक विकासखण्डवार कितनी शासकीय उचित मूल्य दुकानों को कुल कितना खाद्यान्न प्राप्त हुआ? (ख) क्या उक्त प्राप्त समस्त खाद्यान्न को पीओएस मशीन में रिसीव किया गया है? यदि नहीं तो क्यों? क्या उक्त प्राप्त समस्त खाद्यान्न को पीओएस मशीन से वितरण किया गया है? यदि नहीं तो क्यों? (ग) यदि नहीं तो क्या उक्त खाद्यान्न को पीओएस मशीन से सक्षम अधिकारी के आदेश पारित से घटाया गया है? यदि हाँ, तो कब-कब, किन-किन दुकानों का कितना-कितना एवं किसके आदेश पारित से प्रति उपलब्ध कराई जाए? (घ) जिला छतरपुर में वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक किन-किन शासकीय उचित मूल्य दुकानों के जांच अधिकारी के जांच प्रतिवेदन के तथ्यों के आधार पर जिला आपूर्ति अधिकारी छतरपुर द्वारा अंतिम आदेश पारित में लेख किया गया है कि कालाबाजारी किये जाने के कारण वसूल किये जाने आदेश किया जाता है? (ड.) क्या उक्त आदेश पारित करने के उपरांत कालाबाजारी करने वाली दुकानों पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली स्कीम के तहत अध्यक्ष, प्रबंधक एवं विक्रेता के विरूद्ध अधिनियम 3/7 के तहत कलेक्टर को कार्रवाई हेतु प्रस्तावित किया जाएगा? यदि नहीं तो क्यों?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) प्रदेश के उचित मूल्य की दुकानों के डाटा का संधारण एन.आई.सी. द्वारा किया जाता है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार है। (ख) जी हाँ, उक्त प्राप्त समस्त खाद्यान्न को पीओएस मशीन में रिसीव किया गया है एवं उचित मूल्य दुकानों पर उपस्थित हुये समस्त उपभोक्ताओं को खाद्यान्न वितरित किया गया है। (ग) म.प्र. शासन, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग भोपाल के पत्र क्रमांक एफ-7-16/2019/29-1 दिनांक 21.11.2024 के निर्देशानुसार उचित मूल्य दुकानों में आवंटन संबंधी विसंगति दूर करने हेतु पीओएस मशीनों में दर्ज स्टॉक एवं भौतिक रूप से उपलब्ध सामग्री का सत्यापन कराया गया। अंतर पायी गई सामग्री को मूव किया जाकर, अंतर की मात्रा की वसूली की कार्यवाही संबंधित सक्षम अधिकारी के समक्ष प्रचलित है। दुकानवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- ब एवं उक्त निर्देश दिनांक 21.11.2024 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। (घ) वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी, छतरपुर के प्रतिवेदन के तथ्यों के आधार पर दुकान आवंटन प्राधिकारी जो कि जिला आपूर्ति अधिकारी हैं, के द्वारा नगर छतरपुर स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान वार्ड क्र. 09 दुकान कोड 2301084 के निर्मित प्रकरण क्र. 01 खाद्य/विधि/2023 में दोषी व्यक्तियों से पीडीएस कन्ट्रोल आर्डर 2015 की कंडिका 16 के तहत राशि वसूल करने के आदेश जारी किये गये। (ड.) दुकान आवंटन प्राधिकारी द्वारा प्रकरण क्र. 01 खाद्य/विधि/2023 में जांच प्रतिवेदन के आधार युक्तियुक्त सुनवाई करते हुए म.प्र. सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2015 की कंडिका 16 के तहत वसूली आदेश व अन्य वैधानिक कार्यवाही करते हुये प्रकरण समाप्त किया गया। सक्षम प्राधिकारी जो कि जिला आपूर्ति अधिकारी हैं, के कार्यालय में प्रचलित उक्त प्रकरण में अंतिम आदेश जारी होकर प्रकरण समाप्त हो जाने से अधिनियम 3/7 के तहत कलेक्टर को कार्यवाही हेतु प्रस्तावित नहीं की गई।
संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकानों का वितरण
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
78. ( क्र. 1909 ) श्रीमती ललिता यादव : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकानों को किन तथ्यों के आधार पर कब किसके द्वारा आवंटन दिया जाता है? (ख) क्या उक्त तथ्यों के आधार पर जिला नगर पालिका छतरपुर क्षेत्रान्तर्गत संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकानों को गेहूँ/चावल/शक्कर/नमक वितरण अनुसार आवंटन दिया गया है? यदि नहीं तो क्यों? (ग) यदि हाँ, तो वर्ष 2025 से प्रश्न दिनांक तक किन-किन दुकानों द्वारा कितना-कितना गेहूँ/चावल/शक्कर/नमक का वितरण किया एवं कितना-कितना आवंटन दिया गया है, सूची उपलब्ध कराई जाए। (घ) क्या सार्वजनिक वितरण प्रणाली स्कीम के नियमानुसार शासकीय उचित मूल्य की दुकान संचालक द्वारा पीओएस मशीन में पात्रताधारी का फिंगर लगाकर पात्रता अनुसार खाद्यान्न नहीं देने पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली स्कीम के नियमों का उल्लंघन है? यदि हां/नहीं तो क्यों? (ड.) यदि हाँ, तो क्या संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालक द्वारा पीओएस मीशन में पात्रताधारी अंगूठा लगाने के उपरांत पात्रताधारी खाद्यान्न नहीं ले जाता है तो पात्रताधारी जवाबदेह होगा? यदि हां/नहीं तो क्यों? (च) यदि हाँ, तो क्या पात्रताधारी की परिवार आई.डी. को ब्लॉक कर अपात्र किया जा सकता है? यदि हां/नहीं तो क्यों?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 अनुसार प्राथमिकता परिवारों के सदस्यों को 05 किलोग्राम प्रति सदस्य तथा अन्त्योदय परिवारों को 35 किलोग्राम प्रति परिवार के मान से खाद्यान्न की पात्रता निर्धारित है। इसके अतिरिक्त समस्त पात्र परिवारों को 01 किलोग्राम आयोडीन/डबल फोर्टिफाइड नमक प्रति परिवार एवं अन्त्योदय परिवारों को शक्कर 01 किलोग्राम प्रति परिवार के मान से प्रदाय करने की व्यवस्था है। AePDS पोर्टल के Key register अनुसार उचित मूल्य दुकान पर संलग्न परिवारों हेतु राशन सामग्री की पात्रता की गणना कर, मध्यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 के प्रावधानों के तहत उचित मूल्य दुकान पर उपलब्ध शेष स्कंध का समायोजन करते हुए, प्रतिमाह पोर्टल पर उचित मूल्य दुकानवार ऑनलाइन मासिक आवंटन (आगामी माह का) खाद्य संचालनालय द्वारा NIC, हैदराबाद के माध्यम से जारी किया जाता है। (ख) जी हाँ, मध्यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 के प्रावधानों के तहत उचित मूल्य दुकान पर वितरण पश्चात, विगत माह के शेष स्कंध का समायोजन करते हुए, हितग्राहियों को पात्रतानुसार वितरण हेतु अग्रिम आवंटन जारी किया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जनवरी, 2025 से प्रश्न दिनांक तक नगरपालिका छतरपुर अंतर्गत 31 उचित मूल्य दुकानों को आवंटित राशन सामग्री की माहवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' एवं वितरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (घ) जी हाँ, पात्र परिवारों के सदस्य द्वारा पीओएस मशीन पर बॉयोमेट्रिक सत्यापन किये जाने के पश्चात हितग्राही को राशन सामग्री प्रदाय न करने पर, विक्रेता का उक्त कृत्य मध्यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 के प्रावधानों का उल्लंघन है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत समस्त पात्र परिवारों को उनकी पात्रता का खाद्यान्न नि:शुल्क, नमक 01 रूपये प्रति किलोग्राम एवं अन्त्योदय परिवारों को शक्कर 20 रूपये प्रति किलोग्राम पर प्रदाय किये जाने का प्रावधान है। अस्तु ऐसा कोई कारण नहीं है कि हितग्राही उचित मूल्य दुकान पर आकर पीओएस मशीन पर बॉयोमेट्रिक सत्यापन करने के पश्चात नि:शुल्क खाद्यान्न एवं अति रियायती दर पर दी जाने वाली राशन सामग्री को उचित मूल्य दुकान से प्राप्त न करे। अत: पात्र हितग्राही द्वारा बायोमेट्रिक सत्यापन के पश्चात राशन का उठाव न करने के लिये हितग्राही की जवाबदेही निर्धारित करने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (च) भारत सरकार के सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश, 2015 में संशोधन दिनांक 22 जुलाई, 2025 अनुसार NFSA अंतर्गत चिन्हित पात्र परिवार यदि लगातार 06 माह तक उचित मूल्य दुकान पर आकर राशन प्राप्त नहीं करता है तो उसकी राशन प्राप्ति की पात्रता स्वत: स्थगित करने का प्रावधान है।
धान खरीदी केन्द्र की स्थापना
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
79. ( क्र. 1916 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा धान खरीदी केन्द्रों की स्थापना कर खरीदी कार्य संबंधी निर्देश जारी किये गये है, निर्देशों की प्रति उपलब्ध कराते हुये बतावें कि अनूपपुर जिले में 1 अप्रैल, 2025 से प्रश्न दिनांक तक कितने किसानों ने पंजीयन कराया था, कितने उपार्जन केन्द्र बनाये गये, क्या शासकीय उपार्जन केन्द्र तथा स्व-सहायता समूहों को इसका कार्य दिया गया है? यदि हाँ, तो कितने खरीदी केन्द्र कब कब, कहां-कहां संचालित हैं तथा इनका संचालन किसके माध्यम से किया जा रहा है, 1 अप्रैल, 2025 से प्रश्न दिनांक तक की जानकारी उपलब्ध कराई जावे। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में अनूपपुर जिले में धान की खरीदी हेतु क्या समय-सीमा निर्धारित की गई थी, क्या स्लॉट बुक होने में सर्वर की परेशानी के कारण किसानों को स्लाट बुक कराने में परेशानी हुई तथा किसान फसल का विक्रय नहीं कर पाये थे जिसकी शिकायत उनके द्वारा जिला स्तर पर की गई थी, शिकायत पर की गई कार्यवाही से अवगत करावें। (ग) फसल का विक्रय नहीं कर पाने वाले किसानों को फसल की खरीदी किये जाने हेतु किसानों को कब तक अनुमति प्रदान कर दी जायेगी, नहीं तो क्यों?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जी हॉं। समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु उपार्जन केन्द्रों की स्थापना के संबंध में जारी निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय हेतु 22044 किसानों द्वारा ई उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कराया गया था। अनूपपुर जिले में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन कुल 34 केन्द्र बनाए गए, जिसमें सहकारी समितियों को 20 एवं महिला स्व-सहायता समूह को 14 उपार्जन केन्द्र आवंटित किए गए। समर्थन मूल्य पर धान का उपार्जन 01.12.2025 से 20.01.2026 तक किया गया। उपार्जन केन्द्र के स्थान का नाम एवं उपार्जन केन्द्र संचालन करने वाली संस्था की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु 01.12.2025 से 20.01.2026 तक की समय-सीमा निर्धारित की गई थी। अनूपपुर जिले में निर्धारित तिथि तक किसानों स्लॉट बुक कर धान का विक्रय किया गया है। खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में 18741 किसानों द्वारा 98732 मे.टन धान का विक्रय समर्थन मूल्य पर किया गया था, जिसकी तुलना में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 19288 किसानों द्वारा 105803 मे.टन धान का विक्रय किया गया जो कि गत वर्ष की तुलना में अधिक है। (ग) प्रश्नांश (ख) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
पी.एम. जनमन योजना का क्रियान्वयन
[जनजातीय कार्य]
80. ( क्र. 1917 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पी.एम. जनमन योजना जो 15 नवंबर, 2023 को प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई जिसका उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) का सामाजिक-आर्थिक विकास करना है। जिसमें इन वर्गों के लिये सुरक्षित आवास, स्वच्छ पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने का प्रावधान है, यह योजना प्रदेश में लागू की गई है। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में शहडोल संभाग अंतर्गत जिलों में योजना प्रारंभ से प्रश्न दिनांक तक सम्पन्न कराये गये समस्त कार्यों की जानकारी, उनके उपयोगिता प्रमाण-पत्र, संभाग अथवा जिला स्तरीय बैठक का कार्यवाही विवरण, स्वीकृत कार्य योजना की प्रति उपलब्ध करावें। इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित लोगों की सूची, विधानसभा क्षेत्रवार उपलब्ध करावें। (ग) योजना के क्रियान्वयन में हितग्राही योजना का किस प्रकार लाभ प्राप्त कर सके इस हेतु विभाग द्वारा प्रचार-प्रसार हेतु की गई तैयारी से अवगत करावें तथा इस योजना के तहत कितने पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) शहडोल संभाग में योजना प्रारंभ से प्रश्न दिनांक तक संपन्न कराये गये कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक, उपयोगिता प्रमाण-पत्र जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो, संभाग अथवा जिला स्तरीय बैठक का कार्यवाही विवरण जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-तीन, स्वीकृत कार्य योजना की प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-चार तथा लाभान्वित लोगों की सूची जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-पांच अनुसार हैं। (ग) योजना के क्रियान्वयन में विभाग द्वारा प्रचार-प्रसार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-छ अनुसार है। योजना के तहत लाभान्वित हितग्राहियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-पांच अनुसार है।
धान भण्डारण,परिवहन एवं भुगतान
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
81. ( क्र. 1920 ) श्री मधु भगत : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) समस्त बालाघाट जिले में वर्तमान वित्तीय वर्ष तथा विगत वर्ष में किन-किन धान खरीदी केन्द्र में कितना-कितना धान का भण्डारन किस-किस भण्डारण केन्द्र में कितनी मात्रा में किस ट्रांसपोर्ट कम्पनी द्वारा परिवहन किया गया खरीदी केन्द्र से भण्डारण केन्द्र की दूरी सहित, भण्डारण की मात्रा तथा परिवहन की निविदा प्रक्रिया के दस्तावेज सहित प्रत्येक वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर का विस्तृत ब्यौरा देवें? (ख) किन-किन भण्डारण केन्द्रों में कितनी मानक मात्रा में भण्डारण क्षमता हैं और कितना धान भण्डारण किस दर पर किया गया? धान की मात्रा सहित, भण्डारण केन्द्र का किराया नामा सहित भुगतान का ब्यौरा देवें? (ग) धान परिवहन के विगत तीन वर्षों की निविदा या परिवहन किस माध्यम से ट्रान्सपोर्टर तय किये गए? परिवहनकर्ता के नाम सहित सम्पूर्ण परिवहन निविदा प्रक्रिया का विस्तृत ब्यौरा देवें? (घ) विगत 3 वर्षों में कुछ धान भण्डारण में कितनी मात्रा में उपयोग/मिलींग के समय धान पाया गया? शार्टेज के लिए कौन अधिकारी/कर्मचारी जिम्मेदार हैं उन पर क्या कार्यवाही की गई?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) बालाघाट जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 (दोनों वर्ष) में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु कुल स्थापित 185 केन्द्रों में से 58 केन्द्र गोदाम स्तरीय एवं 127 समिति स्तरीय केन्द्र स्थापित किए गए। समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान की उपार्जन केन्द्रवार धान खरीदी, भण्डारण केन्द्रों में भण्डारित मात्रा व अनुबंधित परिवहनकर्ता परिवहन की गई धान भण्डारण की जानकारी उपार्जन केन्द्रवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। समिति स्तरीय खरीदी केन्द्र से भण्डारण केन्द्र की जानकारी तथा परिवहन के निविदा के दस्तावेज़ सहित परिवहनकर्ताओं के वाहन रजिस्ट्रेशन नंबर की जानकारी विस्तृत स्वरूप के होने के कारण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' (पेन-ड्राइव) अनुसार है। (ख) गोदामवार/ केपवार भंडारण क्षमता, धान की भंडारित मात्रा एवं किराये की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। (ग) मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान के परिवहन हेतु जेम पोर्टल के माध्यम से एसओआर के आधार पर परिवहन हेतु निविदा आमंत्रित की गई थी निविदा में प्राप्त न्यूनतम दर पर परिवहनकर्ताओं से धान का परिवहन कराया गया है। खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज़ कार्पोरेशन द्वारा बालाघाट जिले में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान का परिवहन मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ के अनुबंधित परिवहनकर्ताओं से कराया गया है। परिवहनकर्ताओं के नाम एवं निविदा का विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है। (घ) बालाघाट जिले में विगत 03 वर्षों में गोदामवार/केपवार धान भुगतान तथा भुगतान पश्चात आई शार्टेज की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ई अनुसार है। जिले में पाई गई शार्टेज पूर्णतः प्राकृतिक है, जिसके लिए अधिकारी-कर्मचारी जिम्मेदार नहीं है।
ठप्प पड़ी नलजल योजना में पानी की टंकी निर्माण
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
82. ( क्र. 1921 ) श्री मधु भगत : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या यह सही है कि जिला बालाघाट में कई स्थानों पर पानी की टंकियॉ अत्यधिक जर्जर अवस्था में हैं, जिनसे किसी भी समय दुर्घटना होने की अशंका बनी हुई है यदि हाँ, तो अब तक कितनी जर्जर टंकियों की तकनीकी जांच कराई कराई जा चुकी है एवं कितनी टंकियों को उपयोग के लिये अनुपयुक्त घोषित किया गया है? संबंधित क्षेत्र में नई पानी की टंकी के निर्माण हेतु कोई प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित है? यदि हाँ, तो नई पानी टंकी की स्वीकृति एवं निर्माण कार्य कब तक प्रारंभ किया जायेगा? यदि नहीं तो, क्यों इसके क्या कारण है? स्पष्ट करें। (ख) समस्त बालाघाट जिले में विभाग ने विगत 2 वर्षों से किस-किस कार्य हेतु कितनी राशि किस मद में आवंटित हुई तथा कितना व्यय हुआ? कार्यादेश निविदा प्रक्रिया के समस्त विज्ञापन समाचार पत्र तथा प्रशासकीय स्वीकृति की जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) क्या यह सही है कि जिले में नलजल व्यवस्था ठप्प पडी है, अधिकतम नलजल योजना बंद पड़ी है क्यों कारण स्पष्ट करें। ग्रामवार, विकासखण्डवार, नलजल योजना की भौतिक स्थिति बतायें एवं यह बतायें कि योजना में लापरवाही करने वाले अधिकारी/कर्मचारी तथा निविदाकारो पर क्या कार्यवाही की गई ब्यौरा देवें?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी हाँ, बालाघाट जिले के विभिन्न विकासखंडों की 17 पुरानी उच्च स्तरीय टंकियॉं जर्जर अवस्था में हैं। उक्त 17 टंकियों की तकनीकी जांच हेतु प्राचार्य पॉलिटेक्निक कॉलेज बालाघाट को पत्र प्रेषित किया गया है, तकनीकी जांच रिपोर्ट प्राप्त होना शेष है। संबंधित सरपंचों के माध्यम से उक्त जर्जर टंकियों से ग्रामवासियों को सचेत रहने हेतु सुझाव दिया गया है। सभी 17 टंकियाँ उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं हैं। उक्त जर्जर टंकियों के स्थान पर नवीन टंकी निर्माण की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि आवश्यकतानुसार भंडार क्षमता के लिए नवीन टंकियों का निर्माण जल जीवन मिशन अंतर्गत योजना में किया जा चुका है, अथवा किया जा रहा है, अतः वर्तमान में कोई भी प्रस्ताव नवीन टंकी निर्माण हेतु शासन स्तर पर लंबित नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) बालाघाट जिले में विभाग द्वारा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खंड बालाघाट को विगत 2 वर्षों में विभिन्न मदों में जारी राशि का आवंटन एवं व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है, समूह जल प्रदाय योजनाओं के क्रियान्वयन अंतर्गत राशि का आवंटन जिलेवार नहीं होता है। कार्यादेश निविदा प्रक्रिया के विज्ञापन समाचार पत्र की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। विभिन्न योजनाओं की प्रशासकीय स्वीकृति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। जिले में कार्यरत 4 ठेकेदार एजेंसियों को उनके खराब प्रदर्शन के कारण काली सूची में डाला जा चुका है एवं 12 ठेकेदार एजेंसियों को काली सूची में डालने हेतु प्रस्ताव बनाए गए हैं।
नगर परिषद द्वारा निर्माण सामग्री
[जनजातीय कार्य]
83. ( क्र. 1923 ) श्री सुनील उईके : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बैतूल जिले के चिचोली स्थित शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय (शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक शाला चिचोली) में नगर परिषद के द्वारा निर्माण सामग्री रखे जाने को लेकर जनता द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है? (ख) क्या उक्त विद्यालय में निर्माण सामग्री रखे जाने संबंध में जनजातीय कार्य विभाग से कोई अनुमति जारी की गई है यदि हाँ, तो उसकी कॉपी प्रदान करें और यदि नहीं तो विभाग द्वारा संबंधितों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जा रही है? कारण सहित स्पष्ट करने का कष्ट करें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। प्राचार्य उ.मा. शाला चिचोली के पत्र क्रमांक/स्था./2026/301 दिनांक 16/01/2025 द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार दिनांक 23/01/2026 को जनता द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया था। (ख) जी नहीं। नगर परिषद चिचोली द्वारा निर्माण सामग्री हटा ली गई है। वर्तमान में कोई भी निर्माण सामग्री स्कूल परिसर में नहीं है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
लाड़ली लक्ष्मी योजना अंतर्गत पंजीकृत बालिकाएं
[महिला एवं बाल विकास]
84. ( क्र. 1928 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) चौरई विधान क्षेत्र में लाडली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत कितनी बालिकाएँ पंजीकृत हैं? (ख) वर्तमान तक कितनी बालिकाओं को इसका लाभ मिल चुका है? विवरण बताएँ। (ग) जिन पंजीकृत बालिकाओं को लाभ नहीं मिल पाया उनके नाम बतावें एवं कारण बताएँ क्यों नहीं मिल पाया?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) चौरई विधान क्षेत्र में लाडली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत कुल 26060 बालिकाएँ पंजीकृत हैं। (ख) वर्तमान तक 26060 बालिकाओं को लाभ दिया जा चुका है। लाभाविन्त बालिकाओं की जानकारी विधानसभा क्षेत्र चौराई में संचालित परियोजनाओं से लाडली लक्ष्मी पोर्टल पर संधारित डेटा अनुसार है, जो जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट (पेन ड्राइव) अनुसार है। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
PDS दुकानों और राशन वितरण
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
85. ( क्र. 1929 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्षेत्र में वितरित राशन और अन्य खाद्य सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कितनी बार जांच की जाती है? (ख) क्या PDS दुकानों और राशन वितरण की समय-समय पर आडिट प्रक्रिया कराई जाती है? (ग) प्रत्येक राशन दुकान पर उपलब्ध राशन का रिकार्ड कितनी बार लिया जाता है और क्या इसे सार्वजनिक किया जाता है?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सहायक आपूर्ति अधिकारी, शाखा प्रबंधक, MPWLC तथा प्रदाय केंद्र प्रभारी, MPSCSC की समिति द्वारा गुणवत्ता को देखते हुए आवश्यक मात्रा के खाद्यान्न के स्टैक का चयन किया जाता है। अंतर जिला परिवहन हेतु स्टैक चयन समिति में जिला आपूर्ति नियंत्रक/अधिकारी, संबंधित जिले का जिला प्रबंधक, मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन के ब्रांच मैनेजर एवं क्षेत्रीय प्रबंधक के प्रतिनिधि रहते हैं। 03 माह में 01 बार उचित मूल्य दुकानों के निरीक्षण का प्रावधान सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 में विहित है। तत्समय निरीक्षणकर्ता अधिकारियों द्वारा खाद्यान्न का सामान्य अवलोकन किया जाता है। (ख) सहकारी संस्थाओं द्वारा दुकान संचालक संस्थाओं की ऑडिट की जाती है। उचित मूल्य दुकान निरीक्षण के दौरान निरीक्षणकर्ता अधिकारियों द्वारा उपभोक्ताओं से पूछताछ की जाती है। (ग) AePDS Portal पर संपूर्ण प्रदेश की उचित मूल्य दुकानों पर उपलब्ध एवं वितरित राशन मात्रा सार्वजनिक रूप से Public Domain में उपलब्ध करायी गयी है।
स्वीकृत पेयजल योजनाओं की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
86. ( क्र. 1932 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला रतलाम के सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक क्रियान्वित की गई समस्त पेयजल योजनाओं/कार्यों जैसे-नलजल योजना, समूह जल प्रदाय योजना, हैंडपंप, पाइप लाइन विस्तार, की वर्षवार पृथक-पृथक जानकारी बतावें? उक्त अवधि में कितने ग्राम/मजरों में नवीन पेयजल योजनाएँ स्वीकृत एवं पूर्ण की गई हैं तथा कितनी योजनाएँ प्रगतिरत हैं? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित कितने हैंडपंप स्थापित किए गए तथा कितने खराब पाए जाने पर सुधार/मरम्मत की गई? जल जीवन मिशन अंतर्गत कितने घरों को नल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं? क्या उक्त अवधि में सैलाना विधानसभा क्षेत्र के किसी ग्राम/क्षेत्र में पेयजल संकट, जल गुणवत्ता (फ्लोराइड/आयरन/अन्य अशुद्धता) की शिकायतें प्राप्त हुई हैं? यदि हाँ, तो वर्षवार शिकायतों की संख्या तथा उनके निराकरण की स्थिति क्या है? जानकारी पृथक-पृथक वर्षवार अनुसार बतावें। (ग) क्या विभाग द्वारा पेयजल योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही पाई गई है? यदि हाँ, तो दोषी ठेकेदारों अधिकारियों के विरुद्ध की गई कार्यवाही का विवरण क्या है? क्या शासन द्वारा सैलाना विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी एवं जल-संकटग्रस्त क्षेत्रों में स्थायी पेयजल समाधान हेतु कोई विशेष योजना/कार्ययोजना प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो उसकी जानकारी बतावें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 एवं 02 अनुसार है। (ख) 253 हैंडपंप स्थापित किए गए हैं। प्रश्नांकित अवधि में खराब पाये गए हैण्डपम्पों का संधारण कार्य कर सुधार/मरम्मत किए गए हैण्डपम्पों की वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। 21047 घरों में नल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। उक्त अवधि में सैलाना विधानसभा क्षेत्र के किसी भी ग्राम/क्षेत्र में पेयजल संकट, जल गुणवत्ता (फ्लोराइड/आयरन/अन्य अशुद्धता) की शिकायतें प्राप्त नहीं हुई हैं अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं, प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। सैलाना विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी एवं जल-संकटग्रस्त क्षेत्रों में स्थायी पेयजल समाधान हेतु मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा सतही स्रोत आधारित माही एवं मझोडिया समूह जल प्रदाय योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिनके कार्य वर्तमान में प्रगतिरत हैं, उक्त योजनाओं में विधानसभा क्षेत्र सैलाना के समस्त ग्राम सम्मिलित हैं। उक्त योजनाएं पूर्ण होने पर सम्पूर्ण क्षेत्र में पेयजल का स्थाई समाधान हो सकेगा।
खाद्य नागरिक आपूर्ति की जानकारी
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
87. ( क्र. 1933 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रतलाम के सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा संचालित समस्त योजनाओं (जैसे-सार्वजनिक वितरण प्रणाली, पात्रता पर्ची, राशन वितरण, अंत्योदय/प्राथमिकता परिवार, गैस कनेक्शन, अन्य संबंधित योजनाएँ) की वर्षवार पृथक-पृथक जानकारी क्या है? उक्त अवधि में सैलाना विधानसभा क्षेत्र में कितने राशन कार्डधारी परिवार पंजीकृत हैं? जानकारी पृथक-पृथक वर्षवार अनुसार बतावें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित कितने नए राशन कार्ड जारी किए गए तथा कितने निरस्त किए गए? पात्र हितग्राहियों को माहवार कितना खाद्यान्न आवंटित एवं वितरित किया गया? जानकारी पृथक-पृथक वर्षवार अनुसार बतावें। (ग) क्या उक्त अवधि में क्षेत्र की उचित मूल्य की दुकानों के विरुद्ध किसी प्रकार की शिकायतें/अनियमितताएँ प्राप्त हुई हैं? यदि हाँ, तो वर्षवार शिकायतों की संख्या, जाँच की स्थिति तथा दोषी पाए गए दुकानदारों/अधिकारियों के विरुद्ध की गई कार्यवाही की जानकारी बतावें? (घ) क्या शासन द्वारा सैलाना विधानसभा क्षेत्र में खाद्य आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु कोई विशेष योजना/कार्ययोजना प्रस्तावित या क्रियान्वित की गई है? यदि हाँ, तो जानकारी पृथक-पृथक वर्षवार अनुसार बतावें।
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जिले के सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2023 से अब तक खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा संचालित योजनाओं सार्वजनिक वितरण प्रणाली, पात्रता पर्ची, राशन वितरण, अंत्योदय/प्राथमिकता परिवार, गैस कनेक्शन तथा अन्य संबंधित योजनाओं तथा उक्त अवधि में सैलाना विधानसभा क्षेत्र में पंजीकृत राशन कार्डधारी परिवारों की वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-01 अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित अवधि वर्ष 2023 से जारी किए गए नए राशनकार्ड (पात्रता पर्ची) तथा निरस्त किए गए राशनकार्ड (पात्रता पर्ची) की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-02 अनुसार है। पात्र हितग्राहियों को माहवार आवंटित एवं वितरित खाद्यान्न की वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-03 अनुसार है। (ग) जिला रतलाम के सैलाना विधानसभा क्षेत्र में वर्षवार शिकायतों की संख्या, जाँच की स्थिति तथा दोषी पाए गए दुकानदारों के विरुद्ध की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-04 अनुसार है। (घ) जिला रतलाम के सैलाना विधानसभा क्षेत्र में खाद्य आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु ग्रामवासियों को उनके ग्राम में ही राशन वितरण करने के लिये मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम योजना, आदिवासी ब्लॉकों में कुपोषण को दूर करने एवं गर्भवती महिलाओं व बच्चों में एनिमिया के स्तर को कम करने के उद्देश्य से आयोडीन युक्त/फोर्टीफाईड नमक, चावल का वितरण पात्र परिवारों को प्रतिमाह पीओएस मशीन पर बायोमेट्रिक सत्यापन (अंगूठे की छाप) लगाकर अथवा आवश्यकता अनुसार ओटीपी/नॉमिनी सुविधा द्वारा राशन का वितरण किया जा रहा है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-01 एवं 03 अनुसार है।
नलजल योजनाओं का निर्माण
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
88. ( क्र. 1937 ) श्री देवेन्द्र कुमार जैन : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र में प्रश्न दिनांक तक कुल कितनी नल जल योजनाएं जल जीवन मिशन अंतर्गत किन-किन ग्रामों में कितनी-कितनी राशि की स्वीकृत की गई हैं? उक्त योजनाओं का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण किया जाना निश्चित किया गया है? पूर्ण हो चुकी नलजल योजनाओं में से किन-किन ग्रामों में योजना पूर्णतः संचालित हो रही हैं व किन-किन ग्रामों में कार्य पूर्ण होने के उपरांत भी नलजल योजनाएं संचालित नहीं हैं व क्यों? सकारण उत्तर दें। जानकारी ग्राम पंचायत व जनपद पंचायतवार उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में स्वीकृत योजनाओं में से कहां-कहां पर निर्माण कार्य प्रगति पर है तथा कितने-कितने प्रतिशत कार्य पूर्ण व कितने प्रतिशत कार्य अपूर्ण है? अपूर्ण कार्य कब तक पूर्ण कर दिये जाएंगे? समयावधि बतायें। किन-किन योजनाओं के कार्य अप्रारंभ हैं व क्या? सकारण उत्तर दें। (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में से किन-किन योजनाओं के पूर्ण होने के बाद भी ठेकेदार द्वारा विद्युत ट्रांसफार्मस लगाकर उनका हस्तांतरण विद्युत विभाग को नहीं किया गया है? क्यों? सकारण उत्तर दें। क्या ट्रांसफार्मर का हस्तारंतरण नहीं होने के कारण उक्त ग्रामों में नल जल योजनाओं का संचालन भी नहीं हो पा रहा है? इस हेतु कौन-कौन उत्तरदायी हैं? हस्तांतरण हेतु शेष रहे ट्रांसफार्मस का विद्युत विभाग को कब तक हस्तांतरण कर दिया जावेगा? निश्चित समयावधि बतायें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) एकल ग्राम नल जल योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। इसके अतिरिक्त 03 समूह जल प्रदाय योजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार है, समूह योजनाओं के कार्य प्रगतिरत हैं। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 एवं 02 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है।
लोक परिसंपत्ति प्रबंधन की संपत्तियां
[लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन]
89. ( क्र. 1946 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 2022 से प्रश्न दिनांक तक लोक परिसंपत्ति प्रबंधन द्वारा बेची गई संपत्तियों की कितनी रजिस्ट्रियों में स्टाम्प और पंजीयन शुल्क की कमी पाई गई? कितनी रजिस्ट्रियां सही पाई गई? जिलें का नाम, रजिस्ट्री का क्रमांक, क्रेता-विक्रेता के नाम, बिक्री मूल्य, गाइड लाइन मूल्य, स्टाम्प शुल्क की कमी सहित सूची देवें। (ख) प्रश्नांश (क) से संबंधित रजिस्ट्रियों में कितनी रजिस्ट्रियों में स्टाम्प और पंजीयन शुल्क की वसूली हो चुकी है, यदि नहीं तो कब तक की जायेगी? इस कमी के लिये दोषी अधिकारियों में से कितनों के विरूद्ध कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो कब तक की जायेगी? (ग) प्रश्नांश (क) से संबंधित ऐसी कितनी रजिस्ट्रियां है, जिनमें गाइड लाइन से सही मूल्यांकन नहीं किया गया? एक ही संपत्ति को टुकडों में अलग-अलग गाइड लाइन लगाकर शुल्क की चोरी की गई? ऐसे दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई, यदि नहीं तो कब तक की जायेगी? (घ) प्रश्नांश (क) से संबंधित ऐसी कितनी रजिस्ट्रियां है, जिनमें लोकसम्पत्ति विभाग ने टेण्डर किसी ओर का खुला लेकिन रजिस्ट्री किसी ओर व्यक्ति/फर्म को कर दी गई। इसके लिये कौन दोषी है? ऐसे मामलों में स्टाम्प शुल्क, आयकर सहित अन्य शुल्क लिये गये है?
लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) विभाग द्वारा निर्वर्तित परिसम्पत्तियों की रजिस्ट्री संबंधी कार्यवाही जिला स्तर पर पंजीयन कार्यालय द्वारा सम्पादित की जाती हैI वाणिज्यिक कर विभाग के पत्र क्रमांक 5/1/2/0016/2026-SEC-2-05 (CT) दिनांक 13.02.2026 से प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) विभाग द्वारा निर्वर्तित परिसम्पत्तियों में 39 परिसम्पत्तियों ऐसी हैं जिनमें उच्चतम निविदाकार द्वारा निविदा प्रपत्र की कंडिका 5.8 अनुसार किसी अन्य व्यक्ति को मनोनीत किया गया है अत: ऐसे मनोनीत व्यक्तियों के नाम पर रजिस्ट्री की गई। निविदा प्रपत्र की कंडिका 5.8 ''The land owning department will execute the sale deed/registration in the name of Allottee or his authorised nominee (s) '' है। उक्त के अनुक्रम में कोई भी दोषी नहीं है। रजिस्ट्री संपादित करने में लगने वाले समस्त शुल्क पंजीयन कार्यालय द्वारा लिए गए हैं।
लाडली लक्ष्मी योजना का पंजीयन
[महिला एवं बाल विकास]
90. ( क्र. 1947 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) लाडली लक्ष्मी योजना के प्रारंभ से दिसंबर 2025 तक पंजीयन की संख्या, छात्रवृत्ति वितरण राशि तथा छात्रवृत्ति प्राप्त लाडलियों की संख्या बताएं? पंजीयन की संख्या में प्रारंभ से 2024-25 तक प्रतिवर्ष होने वाली वृद्धि/कमी तथा उसके कारण बताएं। (ख) योजना के प्रारंभ से दिसंबर 2025 तक कक्षा छठी, कक्षा नवी, कक्षा ग्यारहवीं, कक्षा 12वीं, स्नातक एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रम में छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाली लाडलियों की संख्या तथा राशि की जानकारी, उपरोक्त छात्रवृत्ति की केटेगरी अनुसार अलग-अलग दें। (ग) वर्ष 2017-18 से दिसंबर 2025 तक वर्षवार प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित सातों प्रकार की कैटेगरी में छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाली लाडलियों की संख्या अलग-अलग छात्रवृत्ति की कैटेगरी अनुसार बताएं। (घ) योजना के प्रारंभ से 2019-20 पंजीकृत लाडलियों में ऐसी कितनी लाडली लक्ष्मी है जिन्हे (1) कोई छात्रवृत्ति प्राप्त नहीं हुई (2) ₹2000 छात्रवृत्ति प्राप्त हुई (3) कुल रुपए 6000 छात्रवृत्ति प्राप्त हुई (4) कुल रुपए 12000 छात्रवृत्ति प्राप्त हुई (5) कुल रुपए 18000 छात्रवृत्ति प्राप्त हुई (6) कुल रुपए 30500 छात्रवृत्ति प्राप्त हुई (7) कुल रुपए 43000 छात्रवृत्ति प्राप्त हुई? विवरण देवें।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) मुख्यमंत्री लाडली लक्ष्मी पोर्टल अनुसार योजना के प्रारंभ से दिसंबर 2025 तक पंजीयन की संख्या, छात्रवृत्ति प्राप्त लाडलियों की संख्या एवं पंजीयन की संख्या में प्रारंभ से 2024-25 तक प्रतिवर्ष होने वाली वृद्वि/कमी का विवरण जानकारी संलग्न परिशिष्ट-1 एवं 2 अनुसार है। छात्रवृत्ति वितरण राशि 813.20 करोड़ रूपये है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-3 अनुसार है। (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
छात्रावास अधीक्षकों की पदस्थापना एवं कार्यकाल
[अनुसूचित जाति कल्याण]
91. ( क्र. 1962 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1384 दिनांक 05.12.2025 के उत्तरांश में बताया गया है कि छात्रावास अधीक्षकों का कार्यकाल अधिकतम 3 वर्ष तथा संतोषप्रद कार्य होने पर 5 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। उज्जैन संभाग में विभिन्न अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति में कितने छात्रावास अधीक्षक 3 वर्ष से अधिक से कार्य कर रहे हैं तथा कितनों का कार्यकाल 5 वर्ष तक बढ़ाया गया? सूची उपलब्ध कराएं। (ख) प्रश्नांश (क) संदर्भित वर्तमान में कार्यरत कितने छात्रावास अधीक्षक छात्रावास में ही निवास कर रहे हैं तथा कितने शिक्षक गणित, अंग्रेजी विषय से संबंधित हैं? क्या 3 वर्ष तक परीक्षा परिणाम बेहतर देने वाले शिक्षक को ही अधीक्षक बनाया जाता है? यदि हाँ, तो नीमच, मंदसौर, रतलाम जिलों में कार्यरत अधीक्षकों के अधीक्षक बनने के पूर्व के 3 वर्षों के परीक्षा परिणामों की जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (क) व (ख) संदर्भित उक्त अधीक्षकों में नीमच जिले में जिन अधीक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच प्रचलन में है, क्या उन्हें अधीक्षक पद से मुक्त किया गया है? 1 जनवरी, 2020 के पश्चात की जानकारी दें।
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' एवं ''ब'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार है। जी नहीं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार है।
पाली हाउस में अनियमितता
[उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण]
92. ( क्र. 1963 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 जनवरी, 2021 के पश्चात् नीमच जिले में किन-किन किसानों ने किन-किन कंपनियों से पाली हाउस का निर्माण करवाया? शासन स्तर पर किसानों को क्या-क्या सुविधाएँ प्रदान की गईं? (ख) क्या प्रश्नांश (क) के संदर्भ में नीमच जिले का वातावरण पॉली हाउस के अनुकूल नहीं है? क्या तेज हवाएँ और अन्य कारणों से पाली हाउस की फसल विभाग द्वारा बताएं गए मानदंडों के अनुरूप नहीं मिल पा रही है? विभाग द्वारा इसका अध्ययन कब-कब किया गया? उक्त अवधि के सभी पाली हाउस के उत्पादन की वर्षवार रिपोर्ट दें। (ग) 1 जनवरी, 2021 के बाद नीमच जिले में किन-किन किसानों ने पाली हाउस निर्माणकर्ता कंपनी के खिलाफ किस-किस प्रकार की शिकायतें की? शिकायतकर्ता का नाम, कंपनी का नाम, शिकायत पर की गई जाँच के प्रतिवेदन की प्रतिलिपि सहित संपूर्ण जानकारी दें तथा यह भी बताएँ कि पाली हाउस पर मिलने वाला अनुदान क्या उक्त वर्षों में सभी को मिल गया है? यदि नहीं, तो किन-किन किसानों को किन-किन कारणों से अनुदान नहीं दिया गया, इसकी जानकारी दें।
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) 1 जनवरी, 2021 के पश्चात् नीमच जिले में विभागीय योजना में पॉली हाउस निर्माण की जानकारी निरंक है। शासन स्तर पर किसानों को विभागीय योजनाओं में अनुदान का प्रावधान है। (ख) जिले का वातावरण पॉली हाउस निर्माण हेतु अनुकूल है, अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। उक्त अवधि में निर्मित पॉली हाउस की जानकारी निरंक होने से उत्पादन संबंधी प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उपलब्ध अभिलेख के आधार 1 जनवरी, 2021 से प्रश्न दिनांक तक पॉलीहाउस निर्माणकर्ता कम्पनी के विरुद्ध कृषको से कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई हैं। 1 जनवरी, 2021 के पश्चात् नीमच जिले में पाली हाउस निर्माण की जानकारी निरंक होने से शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नवीन आंगनवाडी भवन स्वीकृत किया जाना
[महिला एवं बाल विकास]
93. ( क्र. 1967 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) राजगढ़ विधानसभा अंतर्गत किन-किन आंगनवाडी केंद्रों के पास स्वयं के भवन नहीं हैं? परियोजनावार आंगनवाडी केंद्रों के नाम बतावें। (ख) क्या कुछ आंगनवाडी केंद्र ऐसे भी जिनके भवन पुराने होकर जीर्ण-क्षीर्ण हो गए है? यदि हाँ, तो परियोजनावार केंद्रों के नाम बतावें। (ग) क्या उक्त आंगनवाडी केंद्रों पर जहां भवन नहीं है या भवन जीर्ण-क्षीर्ण हो गए हैं, उनको भवन उपलब्ध कराए जाएंगे? (घ) यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं तो क्यों नहीं?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 01 अनुसार है। (ख) हां, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-02 अनुसार है। (ग) वित्तीय संसाधनों एवं भूमि की उपलब्धता के आधार पर आंगनवाडी भवन निर्माण की स्वीकृति दी जाती है। (घ) उत्तर (ग) के संदर्भ में समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।
दिव्यांगजनों की सुविधाएं
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
94. ( क्र. 1968 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सामाजिक न्याय विभाग द्वारा पात्र दिव्यांगजनों को आने जाने हेतु कोई वाहन आदि उपलब्ध कराए जाते है? यदि हाँ, तो कौन-कौन से वाहन उपलब्ध कराए जाते है? (ख) उक्त वाहन दिये जाने हेतु शासन के क्या नियम निर्देश है? निर्देश की प्रति उपलब्ध करावें। (ग) वाहन दिए जाने हेतु आवेदन कहां पर आमंत्रित किए जाते है? (घ) वर्ष 2025-26 में राजगढ़ जिला अंतर्गत किन-किन हितग्राहियों को कौन-कौन से वाहन कब-कब उपलब्ध कराए गए है? विधानसभावार नाम, पिता का नाम, पता और विकलांगता के प्रतिशत सहित बतावें।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जी, हाँ। विभाग द्वारा भारत सरकार की एडिप योजनांतर्गत 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता प्रतिशत वाले अस्थिबाघित दिव्यांगजनों तथा राज्य सरकार की दिव्यांग शिक्षा प्रोत्साहन योजनांतर्गत 60 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले अस्थिबाधित दिव्यांगजनों को मोटराईज्ड ट्रायसाईकल (बेट्री वाली गाडी) प्रदान की जाती है इसके साथ ही 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले समस्त अस्थिबाधित दिव्यांगजनों को ट्राईसायकिल प्रदान की जाती है। (ख) भारत सरकार की एडिप योजना एवं राज्य शासन की दिव्यांग शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत दिव्यांगजनो को मोट्रेट ट्राईसिकल प्रदान किये जाने हेतु भारत सरकार एवं राज्य के नियम-निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ग) वाहन दिये जाने हेतु सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण जिला कार्यालय एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत साथ ही नगर निगम/नगर पालिका के क्षेत्रीय कार्यालय में आवेदन लिये जाते है। (घ) राजगढ़ जिला अन्तर्गत विधानसभावार हितग्राहियों को मोटराईज्ड ट्राईसिकल एवं ट्राईसिकल की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है।
जल जीवन मिशन कार्य की राशि
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
95. ( क्र. 1980 ) श्री उमंग सिंघार : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जल जीवन मिशन योजना को पूर्ण करने का लक्ष्य कब तक निर्धारित किया गया? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में योजना को पूर्ण करने हेतु कितनी राशि केन्द्र से प्राप्त की जानी है? क्या इस आशय का कोई पत्र भारत शासन के जल शक्ति मंत्रालय पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को भेजा गया है तो कब तक एवं कितनी राशि का जानकारी दें? (ग) प्रश्नांश (ख) के प्रकाश में कब-कब पत्र भेजे गये तथा संबंधित विभाग ने क्या उत्तर दिया? पत्रों सहित जानकारी दें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) वर्ष 2028 तक। (ख) वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 की स्थिति अनुसार कार्य पूर्ण करने के लिए रु. 16740 करोड़ की राशि केन्द्र से प्राप्त की जानी है, इस हेतु मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन के अर्द्धशासकीय पत्र क्रमांक 400/मु.स./2025, भोपाल, दिनांक 25.07.2025 तथा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के पत्र क्रमांक एफ 16-31/2020/2/34 (1061) भोपाल दिनांक 27 जनवरी, 2026 के माध्यम से रु. 16740 करोड़ की राशि राज्य को उपलब्ध कराने के लिए त्वरित कार्यवाही हेतु भारत सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से अनुरोध किया गया है। (ग) भारत सरकार को प्रेषित पत्र की जानकारी उत्तरांश (ख) अनुसार है। उक्त पत्रों के संदर्भ में भारत सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग का राशि उपलब्ध कराए जाने संबंधी उत्तर प्रतीक्षित है।
सहायता राशि का भुगतान
[अनुसूचित जाति कल्याण]
96. ( क्र. 1981 ) श्री उमंग सिंघार : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के कितने प्रकरण विगत तीन वर्ष में दर्ज किये गये? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में दी जाने वाली राशि कितनों को दी गई है? कितने प्रकरण लंबित है? (ग) क्या प्रभावित परिवारों को समय पर राशि उपलब्ध नहीं हो रही है यदि हाँ, तो क्यों?
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार हैं। (ख) 40196 प्रकरणों में राहत राशि दी गई है। 8656 प्रकरण लंबित है। (ग) जी हॉं, योजनांतर्गत 50 प्रतिशंत केन्द्रांश राशि प्राप्त होने पर भुगतान किया जाता है, जो प्रक्रियाधीन है।
सामाजिक कल्याण योजनाओं का संचालन
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
97. ( क्र. 1993 ) श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्ड विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विभाग द्वारा कौन-कौन सी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है, उक्त योजनाओं का संचालन करने वाली एजेंसी के नाम समेत संपूर्ण विवरण उपलब्ध करावें। (ख) भिण्ड विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विभाग द्वारा वित्त पोषित स्वयं सेवी संस्थाओं का नाम/परियोजना का नाम/आवंटित राशि तथा स्वीकृत करने वाले प्राधिकृत अधिकारी का नाम तथा पदनाम समेत समस्त जानकारी उपलब्ध कराएं।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) विभागांतर्गत संचालित योजनाओं का क्रियान्वयन मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पालिका/नगर परिषद जिला भिण्ड और उप संचालक, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण जिला भिण्ड द्वारा किया जा रहा है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट -''अ''अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है।
भिण्ड विधान सभा क्षेत्रांतर्गत संचालित योजनाएं
[उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण]
98. ( क्र. 1994 ) श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह : क्या उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्ड विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विभाग द्वारा नई किस्म की प्रजाति के किन-किन पेड़-पौधों का संरक्षण व संवर्धन किया गया है? इन पर व्यय की जाने वाली कुल राशि कितनी है? योजना का नाम सहित विगत 03 वर्षों के लिये सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) भिण्ड विधानसभा क्षेत्र अंतगर्त खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के तहत् किन-किन फर्म/व्यक्ति या अन्य को कितनी यूनिट स्थापित करने हेतु स्वीकृति प्रदान की गई है? कुल व्यय राशि तथा हितग्राहियों की संख्या सहित सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें।
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) नई किस्म की प्रजातियों के पेड़-पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए विभाग अंतर्गत कोई योजना संचालित नहीं है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) भिण्ड विधानसभा क्षेत्र में पीएमएफएमई योजना अंतर्गत 91 हितग्राहियों को यूनिट स्थापित करने हेतु स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना अंतर्गत 91 हितग्राहियों को कुल अनुदान राशि रूपए 6,04,88,454.00 (शब्दों में राशि छ: करोड़ चार लाख अठ्ठासी हजार चार सौ चौवन मात्र) के रूप में संबंधित बैंक को प्रदान की है।
पेयजल की उपलब्धता
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
99. ( क्र. 1997 ) श्री विपीन जैन : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मंदसौर विधानसभा क्षेत्र की किन-किन ग्राम पंचायतों के मजरो टोलों में नल जल योजना का लाभ मिला है तथा किन ग्राम पंचायत के कितने मजरे टोले अब तक योजना से वंचित है? सूची देवें। (ख) क्या जिन ग्राम पंचायत में नल जल योजना प्रारंभ की गई है वहां पाइपलाइन सूखी पड़ी है, मोटरे खराब है तथा विभागीय अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण नहीं किया जा रहा है? (ग) क्या विभाग द्वारा नल जल योजना का संचालन पंचायत को सोपना विभाग की जिम्मेदारी से बचने का प्रयास है जिसके कारण अधिकांश ग्रामवासी अभी तक स्वच्छ पेयजल से वंचित हैं? (घ) क्या विभाग ने अब तक कोई सर्वेक्षण कराया है जिससे यह ज्ञात हो सके कि किन ग्राम पंचायत में नल जल योजना सुचारू रूप से संचालित हो रही है और कहां पर अनियमितताएं पाई गई हैं? (ड.) क्या सरकार यह निश्चित करेगी कि भविष्य में नल जल योजना का संचालन पुनः सीधे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधीन ही मॉनिटरिंग होकर पंचायत और ग्रामों में नियमित पेयजल सुनिश्चित किया जाए?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 एवं 02 अनुसार है। मंदसौर विधानसभा क्षेत्र में कोई भी ग्राम पंचायत/ग्राम/ मजरे/पारे/टोले नलजल योजना से वंचित नहीं है। (ख) पूर्ण की गई नलजल योजना अंतर्गत जल प्रदाय प्रारंभ है। वर्तमान में किसी भी योजना में पाइप लाइन सूखी नहीं है तथा न ही मोटर खराब है। विभागीय अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाता है। (ग) जी नहीं, शासन के नियमानुसार स्वीकृत योजना के समस्त अवयव पूर्ण कर योजना संचालन/संधारण हेतु संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित की जाती हैं, तत्पश्चात् योजना से ग्रामवासियों को पेयजल उपलब्धता संबंधित कार्य ग्राम पंचायत द्वारा किया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं, योजना हस्तांतरण उपरांत संचालन एवं संधारण का दायित्व संबंधित ग्राम पंचायत का है। (ड.) नल जल योजना के संचालन/संधारण की नीति निर्धारण हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
100. ( क्र. 1998 ) श्री विपीन जैन : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या विभाग का यह दायित्व है कि वह जनता का स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराये? (ख) मंदसौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में जनता को स्वच्छ पेयजल उपलब्धता हेतु विभाग द्वारा कब-कब पानी का परीक्षण किया गया है विगत 3 वर्षों का पेयजल परीक्षण का विवरण रासायनिक संगठन सहित ग्रामवार देवें और बताएं कि कौन-कौन से ऐसे ग्रामीण क्षेत्र है जहां पर परीक्षण में लाल पानी या पीने योग्य पानी नहीं होने की संभावनाएं पाई गई है? (ग) ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता जनता को मिले क्या इसका दायित्व विभाग का नहीं है? बिंदु (ख) अनुसार ऐसे कितने ग्रामीण क्षेत्र हैं जहां पर कभी भी पेयजल का परीक्षण नहीं किया गया है परीक्षण नहीं करने के क्या कारण रहे हैं?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्नांकित अवधि में विभागीय प्रयोगशाला में परीक्षण किए गए जल स्रोतों की परीक्षण रिपोर्ट विभागीय वेबसाइट पर प्रकाशित है, जो लिंक https.//www.phed.mp.gov.in/en/downloads पर प्रदर्शित है। परीक्षण किए जल स्रोतों की रिपोर्ट के अनुसार किसी भी जल स्रोत में लाल पानी या पीने योग्य पानी नहीं होने की संभावना नहीं पाई गई। (ग) ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता कराए जाने का दायित्व विभाग का है। प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में विभाग द्वारा पेयजल स्रोतों का जल परीक्षण नियमित रूप से किया जाता है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
पी.एम. जनमन योजना की मूलभूत सुविधाओं
[जनजातीय कार्य]
101. ( क्र. 2005 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (जनमन योजना) के अंतर्गत पोहरी विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी ग्रामों को शामिल किया गया है? यदि हाँ, तो कौन-कौन से ग्रामों में जनमन योजना के अंतर्गत क्षेत्र में कौन-कौन सी योजनाएं/घटक लागू किए जा रहे हैं? विभागवार जानकारी देवें। यह योजना कब से कब तक प्रभावशील रहेगी? (ख) विधानसभा क्षेत्र-24 पोहरी के अन्तर्गत जनमन योजना में आदिवासी ग्रामों में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत पक्के मकान, हर घर नल से जल, सड़क एवं पुलिया निर्माण, घर-घर बिजली कनेक्शन, सोलर स्ट्रीट लाइट, स्वास्थ्य उपकेंद्र/हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, मोबाइल मेडिकल यूनिट, विद्यालय भवन, आश्रम शाला, छात्रावास, आंगनवाडी केंद्र, पोषण आहार, शौचालय निर्माण, मोबाइल नेटवर्क/डिजिटल कनेक्टिविटी, आजीविका एवं कौशल विकास, लघु वनोपज संवर्धन, आयुष्मान भारत कार्ड, पेंशन एवं बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा तथा वन अधिकार पट्टे जैसी कौन-कौन सी सुविधाएं स्वीकृत एवं प्रदत्त की गई हैं? कृपया प्रत्येक घटक के अंतर्गत स्वीकृत, प्रगतिरत एवं पूर्ण कार्यों की सूची ग्रामवार व विभागवार जानकारी दें। (ग) क्या कुछ आदिवासी ग्राम आज भी जनमन योजना की मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं? यदि हाँ, तो ऐसे ग्रामों को योजना से जोड़ने एवं शेष कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराने हेतु शासन द्वारा क्या कार्ययोजना प्रस्तावित है? विभागवार जानकारी देवें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हॉं। ग्रामों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। योजना तथा विभाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। वर्तमान में योजना 15 नवम्बर, 2023 से प्रारंभ होकर 31 मार्च, 2027 तक प्रभावशील है। (ख) विधान सभा क्षेत्र पोहरी अंतर्गत प्रधान मंत्री जनमन योजना के तहत क्रियान्वयन की जा रही योजनाओं की ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-तीन अनुसार है। (ग) प्रधानमंत्री जन-मन योजनांतर्गत भारत सरकार के गतिशक्ति पोर्टल पर दर्शित ग्रामों में मूलभूत सुविधायें प्रदाय की जा रही है। योजना मार्च 2027 तक संचालित है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
जल जीवन मिशन में अनियमितताएं
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
102. ( क्र. 2006 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र-24 पोहरी में जल जीवन मिशन अंतर्गत कौन-कौन से कार्य कितनी-कितनी लागत से किये गये हैं या किये जा रहे हैं? तय समय-सीमा पूर्ण होने के बाद भी कौन-कौन से कार्य अभी भी पूर्ण नहीं हुए हैं? उसके क्या कारण हैं? विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? अब तक कितने कार्य पूर्ण हो चुके हैं एवं शेष कार्य कितनी अवधि में पूर्ण कर लिये जायेगे? (ख) क्या उक्त कार्यों हेतु संबंधित कंपनी/ठेकेदार द्वारा वन विभाग, लोक निर्माण विभाग, एम.पी.आर.डी.सी., नगर परिषद, ग्राम पंचायत से एन.ओ.सी. ली गई? यदि हाँ, तो एन.ओ.सी. की जानकारी उपलब्ध करायें? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) शिवपुरी जिले के विधानसभा क्षेत्र-24 पोहरी में नल-जल योजना का कार्य कब से प्रारंभ हुआ हैं? उक्त कार्य किस फर्म/एजेंसी को दिया गया है? उक्त कार्य किस-किस ग्राम में किया गया? ग्राम का नाम, कार्य की लंबाई, नल कनेक्शन, चैम्बर, पाइप-लाइन की गहराई, वॉल, पाइप लाइन की मोटाई सहित समस्त मापदण्ड बतायें। (घ) उपरोक्त के संबंध में कभी कोई शिकायत प्राप्त हुई है? उस पर कब और क्या कार्यवाही की गई? अनियमितता पर विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ ठेकेदार के विरुद्ध कोई कार्यवाही की जायेगी, कब तक? यदि नहीं तो क्यों? योजना की अद्यतन स्थिति क्या है? कब तक कार्य पूर्ण हो जायेगा?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) एकल ग्राम नल जल योजनाओं एवं समूह जल प्रदाय योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 एवं 02 अनुसार है। समूह जल प्रदाय योजनाओं के कार्य वर्तमान में प्रगतिरत हैं। उक्त योजनाओं में विलम्ब मुख्यतः विभिन्न विभागों से अनुमति प्राप्त करने के कारण हुआ है। मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा संबंधित विभागों से समन्वय कर अनुमतियाँ प्राप्त करने हेतु सतत् प्रयास किए गए है। (ख) जी हॉं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-03 अनुसार है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) विधानसभा क्षेत्र पोहरी में नल जल योजना का कार्य जुलाई 2020 से प्रारंभ हुआ। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 एवं 04 अनुसार है। (घ) विधानसभा क्षेत्र पोहरी में शाला/आंगनवाडी में गुणवत्तायुक्त कार्य एवं नलजल योजनाओं में रोड रेस्टोरेशन संबंधी शिकायत प्राप्त हुई, जिनका निराकरण कर दिया गया है, कार्यवाही की आवश्यकता नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 एवं 02 अनुसार है।
अधिसूचित जातियों को पिछड़ा वर्ग से विलोपित किया जाना
[जनजातीय कार्य]
103. ( क्र. 2030 ) श्री राजेन्द्र भारती : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मार्च 2023 के बजट कालीन सत्र के अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1121 दिनांक 13.03.2023 के जवाब में तत्कालीन माननीय जनजातीय मंत्री महोदय द्वारा यह स्वीकार किया गया है कि तत्कालीन विंध्य प्रदेश की मूल/समाहित मांझी जनजाति धीमर, केवट, मल्ला, भोई हैं? (ख) क्या यदि कोई मूल/समाहित अनुसूचित जाति, जनजाति अधिसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग की सूची में अधिसूचित हो तो पिछड़ा वर्ग की सूची से विलोपित किए जाने का प्रावधान है या नहीं? (ग) यदि हाँ, तो तत्कालीन विंध्य प्रदेश की मूल/समाहित मांझी जनजाति धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची क्रमांक 12 से विलोपित किए जाने की कार्यवाही कब तक की जाएगी? यदि नहीं तो कारण बताएं।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। (ख) भारत सरकार को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग की सूची में संशोधन एवं परिवर्धन की अनन्य अधिकारिता है। (ग) भारत सरकार द्वारा मध्यप्रदेश राज्य के लिये जारी अनुसूचित जनजाति की अधिसूचित सूची में क्रमांक 29 पर ''माझी'' जाति अंकित है। मध्यप्रदेश शासन जनजातीय कार्य विभाग के पत्र क्रमांक एफ 7-4/2004/23-2/1091 दिनांक 29.08.2018 द्वारा धीमर/ढीमर/भोई/कहार/ केवट/निषाद/मल्लाह जातियों को अनुसूचित जनजाति की अनुसूची की ''माझी'' जनजाति के समक्ष सम्मिलित करने एवं अधिसूचना जारी करने हेतु प्रस्ताव भारत सरकार, जनजातीय कार्य मंत्रालय को प्रेषित किया गया था। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय के पत्र क्रमांक F.NO.12016/14/2001-C&LM दिनांक 13 मार्च, 2020 द्वारा धीमर, कहार, भोई, केवट, मल्लाह, निषाद आदि को मध्यप्रदेश राज्य के लिये अधिसूचित अनुसूचित जनजातियों में मांझी जाति के पर्याय (सिनोनेम) के रूप में सम्मिलित करने का प्रस्ताव अमान्य किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। अत: धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची क्रमांक 12 से विलोपित किये जाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का क्रियान्वयन
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
104. ( क्र. 2031 ) श्री राजेन्द्र भारती : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना वर्तमान में प्रचलित है? यदि हाँ, तो योजना के क्या-क्या मापदंड एवं नियम है? कृपया मापदण्डों एवं नियम/निर्देशों की प्रतियां प्रदान करते हुये बतायें कि वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 से प्रश्न दिनांक तक म.प्र. में कुल कितने विवाह/निकाह कराये गये? व्यय की गई राशि का विवरण जिलावार देते हुए दतिया जिला में योजना अंतर्गत कुल कितने विवाह सम्पन्न कराये गये? नाम, पता सहित माहवार, जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) क्या दतिया जिले में दिव्यांगजनों 'को सहायक उपकरण प्रदान किये जा रहे हैं? यदि हाँ, तो वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक कौन-कौन से उपकरण प्रदान किये गये हैं? नामवार, वर्षवार, माहवार जानकारी उपलब्ध करायें एवं यह भी बताये कि आगामी समय में किन-किन तिथियों में कौन-कौन सी योजना के अंतर्गत शिविर लगाकर दिव्यांग हितग्राहियों को उपकरण वितरण/शासकीय योजनाओं के अंतर्गत सहायता प्रदान की जायेगी? (ग) क्या विभाग द्वारा सामाजिक कल्याण हेतु स्वयं सेवी संस्थाओं को विभाग की योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु राशि प्रदान करने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो विगत 5 वर्षों में दतिया जिला में विभाग को शासन एवं अन्य मद से प्राप्त आवंटन का मदवार, वर्षवार ब्यौरा प्रदान करते हुये किन-किन स्वयं सेवी संस्थाओं को कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई है? उसका मदवार, वर्षवार, संस्थावार 5 वर्षों का ब्यौरा प्रदान करते हुये बताये कि उक्त राशि स्वयं सेवी संस्थाओं द्वारा उपयोग कर ली गई हैं? यदि हाँ, तो व्यय राशि का विगत 5 वर्षों का वर्षवार, मदवार, संस्थावार, कैशबुक का बिल व्हाउचर्स के विवरण की जानकारी सहित उपयोगिता प्रमाण-पत्रों की छायाप्रतियां प्रदान करें। (घ) दतिया जिले में वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक केन्द्र व राज्य सरकार एवं विभाग द्वारा वृद्धाश्रम व नशामुक्ति केन्द्रों एवं सामाजिक संगठनों व संस्थाओं को कितनी-कितनी राशि किन-किन मद में दी गई हैं? कृपया वर्षवार, मदवार व्यय की गई राशि का अलग-अलग विवरण देते हुए वृद्धजनों एवं नशायुक्त व्यक्तियों के नाम, पता सहित संपूर्ण विवरण दें।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार। वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 से प्रश्न दिनांक तक म.प्र. में कन्या विवाह के 95,027 एवं निकाह 4,992 सहित कुल 1,00,019 सम्पन्न हुए है। व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–''ब'' अनुसार। दतिया जिले में योजना अन्तर्गत 87 विवाह सम्पन्न कराये गये है। योजना के अन्तर्गत वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 से प्रश्न दिनांक तक दिनांक 10 मई, 2025 को केवल एक ही तिथि को सामूहिक विवाह सम्पन्न कराये गये। शेष माह की जानकारी निरंक है। कन्या विवाह के नाम, पता सहित माह मई 2025 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'स' अनुसार। (ख) जी हाँ। वर्ष 2024-25 से प्रश्न दिनांक तक दतिया जिले में दिव्यांगजन हितग्राहियों को प्रदाय किये गये सहायक उपकरण वितरण की नामवार, वर्षवार, माहवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'द' अनुसार। जिले में आगामी माहों में भी भारत सरकार की योजना एडिप के तहत सहायक उपकरण हेतु चिन्हांकन एवं वितरण का शिविर भारत सरकार के उपक्रम एलिम्कों द्वारा लगाया जाता है। वर्तमान में इसकी नहीं दी जा सकती। (ग) जी नहीं। विगत 05 वर्षों में जिला दतिया में स्वयंसेवी संस्थाओं को विभाग द्वारा राशि आवंटित नहीं की गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। दतिया जिले में वर्ष 2018 से प्रश्न दिनांक तक केन्द्र, राज्य सरकार एवं विभाग द्वारा नशामुक्ति केन्द्रों एवं सामाजिक संगठनों व संस्थाओं को राशि का प्रदाय नहीं किया गया है। प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। नशायुक्त व्यक्तियों के नाम, पता सहित संपूर्ण जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ई' अनुसार।
योजनाओं से हितग्राहियों का लाभ
[उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण]
105. ( क्र. 2039 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग की वर्तमान में ऐसी कौन-कौन सी योजनाएं है जिनके कारण जनता को लाभ दिया जा रहा है? कृपया सम्पूर्ण योजनाओं की जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर जानकारी दें कि जनवरी 2019 से प्रश्न दिनांक तक टीकमगढ़ जिले में विभागीय योजनाओं में किस-किस मद में कितनी-कितनी राशि प्रदाय की गई है और प्रतिवर्ष कितनी-कितनी प्राप्त होती है? किस-किस को, कब-कब, कितनी-कितनी राशि व्यय करके लाभ प्रदाय किया गया है? सभी का नाम, पिता/पति, जाति, पता सहित योजनावार जानकारी प्रदाय करें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर जानकारी दें कि जिले में पदस्थ कर्मचारियों एवं अधिकारी में कौन-कौन, कब से पदस्थ है? सम्पूर्ण जानकारी दें। (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर निश्चित समय-सीमा सहित बताये कि प्रश्न दिनांक तक विभागीय शेष कितनी राशि है? कब तक सम्पूर्ण राशि व्यय करके जनता को लाभ प्रदाय जावेगा?
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "क" अनुसार है। (ख) जनवरी 2019 से प्रश्न दिनांक तक टीकमगढ़ जिले को विभिन्न योजनाओ में मदवार, वर्षवार प्राप्त आवंटन, व्यय, हितग्राही संख्या की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ख" अनुसार एवं हितग्राहियों का नाम-पिता/पति, जाति, पता सहित की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ग" अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "घ" अनुसार है। (घ) जनवरी 2019 से वर्ष 2024-25 तक विभिन्न-योजनाओं में शेष राशि निरंक है। वित्तीय वर्ष 2025-26 की शेष राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"ण'' अनुसार है, जिसका वित्तीय वर्ष के अंत तक नियमानुसार व्यय किया जायेगा।
जिले से मांग पत्र के आधार पर राशि का संचित संवितरण
[अनुसूचित जाति कल्याण]
106. ( क्र. 2040 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले में अनुसूचित एवं जनजातीय कार्यविभाग द्वारा शासन से सीधे जिला संयोजक कार्यालय में जनवरी 2019 से प्रश्न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि कौन-कौन से कार्य प्रयोजनार्थ हेतु कब-कब भेजी गयी है? सम्पूर्ण जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर जानकारी दें कि जिले में कहां-कहां, किस-किस प्रयोजनार्थ कितनी-कितनी राशि प्रश्न दिनांक तक व्यय कब-कब कर दी गयी है? छायाप्रतियों सहित सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराये। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताये कि उपरोक्त राशि जिले में मांग पत्र के आधार पर भेजी गई है या बिना मांग पत्र के? अगर मांग पत्र भेजा गया है तो कब-कब? स्पष्ट बताये एवं मांग पत्र की छायाप्रतियां प्रदाय करें। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर जानकारी दें कि अभी टीकमगढ़ जिले में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के कल्याण हेतु क्या-क्या सार्थक पहल की जा रही है? विभाग द्वारा विभिन्न प्रयोजनार्थ हेतु अभी कितनी-कितनी राशि की आवश्यकता है? क्या वह राशि भेजी जावेगी तो कब तक और नहीं तो क्यों? सम्पूर्ण जानकारी छायाप्रतियों सहित जानकारी प्रदाय करें।
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार हैं। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार हैं। (ग) जिले की आबादी/संस्थाओं की संख्या तथा विगत वर्ष हुए व्यय के आधार पर नान ग्लोबल योजना में आवंटन प्राप्त होता है। (घ) जिले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजातीय कल्याण हेतु निम्न योजनाएं संचालित है :- 1. छात्रवृत्तियॉं एवं शिक्षा प्रोत्साहन योजनाएं 2. छात्रावास 3. आवास सहायता 4. अधोसंरचना विकास 5. अनुसूचित जाति और जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1959 नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम 1955 जिले की आवश्यकता अनुसार ग्लोबल बजट से राशि आहरित होती है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार हैं।
छात्रावासों की साज सज्जा हेतु सामग्री प्रदाय
[अनुसूचित जाति कल्याण]
107. ( क्र. 2046 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिले में विभाग द्वारा दिनांक 01.01.2024 से प्रश्न दिनांक तक विभागीय छात्रावासों की साज-सज्जा हेतु कौन-कौन सी सामग्री क्रय की गई है? सामग्रीवार कीमत सहित जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित सामग्री किस फर्म से क्रय की गई है, फर्म के बिलों की छायाप्रतियाँ संलग्न की जावे। (ग) क्या उक्त सामग्री का भौतिक सत्यापन समिति कराया गया है, यदि हाँ, तो सत्यापन समिति की कार्यवाही की छायाप्रति संलग्न की जावे। क्या क्रय सत्यापन समिति में अनु.जाति का विधायक सदस्य है यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्ध कराई जाये।
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ख) उल्लेखित सामग्री श्रीज्ञान ट्यूबेल्स जिला टीकमगढ़ से जेम पोर्टल के माध्यम से क्रय की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। (ग) जी हॉं, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार है। जी नहीं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
प्रयोगशाला हेतु सामग्री क्रय
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
108. ( क्र. 2047 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) दतिया जिले में विभाग अन्तर्गत वर्ष जनवरी 2023 से प्रश्न दिनांक तक एक प्रयोगशाला हेतु क्या-क्या सामग्री क्रय की गई है तथा किस फर्म से क्रय की गई है? कितना भुगतान किया गया हैं, उक्त बिलों में कितना जी.एस.टी काटा गया है? बिलों की जानकारी दें। (ख) उक्त क्रय की गई सामग्री को कहाँ-कहाँ उपयोग किया गया है? सूची उपलब्ध कराई जाये। (ग) क्या उक्त अनियमितता के संबंध में जनप्रतिनिधि/द्वारा शिकायत की गई है? यदि हाँ, तो उस पर क्या कार्यवाही की गई कार्यवाही की प्रति उपलब्ध कराई जाये यदि नहीं तो क्यों?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
संचालित सह उत्पादन केन्द्र (टी.सी.पी.सी.) की जानकारी
[जनजातीय कार्य]
109. ( क्र. 2050 ) श्री केशव देसाई : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग अंतर्गत मध्य प्रदेश में प्रशिक्षण सह उत्पादन केन्द्र (टी.सी.पी.सी.) किस-किस स्थान पर स्थापित है और किस-किस स्थान पर संचालित है और किस स्थान पर किस आदेश से बन्द है? जिलेवार जानकारी एवं शासन द्वारा संस्था बन्द करने जारी आदेश की प्रति सहित जानकारी बताये? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार अगर संस्था बन्द है, तो पदस्थ कर्मचारियों से शासन स्तर से क्या कार्य लेना है इस संबंध में कोई आदेश जारी किया गया है? अगर नहीं तो क्यों एवं कब तक जारी किया जावेगा? अवधि सहित जानकारी बताये। (ग) मध्य प्रदेश में प्रशिक्षण सह उत्पादन केन्द्र (टी.सी.पी.सी.) में पदस्थ तृतीय श्रेणी कर्मचारी क्या कार्य पालिक श्रेणी में आते है? अगर हाँ तो विभाग में तृतीय श्रेणी कार्यपालिक के रिक्त मण्डल संयोजक व अन्य पदों पर कार्य कराने हेतु आदेश क्यों नहीं किये गये? क्या विभाग में तृतीय श्रेणी कार्यपालिक के रिक्त पदों पर समायोजन करने हेतु कार्यवाही की गई है? नहीं तो क्यों नहीं? क्या समायोजन करने हेतु कार्यवाही की जावेगी? अगर हाँ तो शासन आदेश की प्रति उपलब्ध कराएं। (घ) विभाग द्वारा विगत पांच वर्षों में तृतीय श्रेणी कार्यपालिक कर्मचारियों को किस आदेश के तहत उच्च पद पर कार्य करने हेतु आदेश जारी किये गये है? प्रश्नांश (क) अनुसार संस्थाओं में पदस्थ तृतीय श्रेणी कार्यपालिक कर्मचारियों को किस आदेश के तहत उच्च पद कार्य करने हेतु आदेश जारी क्यों नहीं किये गये? किस शासन आदेश से उच्च किये गये एवं प्रश्नांश (क) अनुसार संस्थाओं में पदस्थ कर्मचारियों को किस शासन आदेश से उच्च पद करने से वंचित रखा गया? शासन आदेश की प्रति सहित जानकारी कर्मचारी का नाम पद/श्रेणीवार एवं जिलेवार बताये।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित प्रशिक्षण सह उत्पादन केन्द्रों की सूची एवं उनके संचालन की स्थिति कि जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। म.प्र.शासन, जनजातीय कार्य विभाग के पत्र क्रमांक एफ 3-6/2017/ 25-2/1782 दिनांक 3/11/2017 द्वारा प्रशिक्षण सह उत्पादन केन्द्रों का संचालन मध्यप्रदेश रोजगार एवं प्रशिक्षण परिषद को सौंपा गया है। छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। इनमें अभी तक नवीन गतिविधियों प्रारंभ नहीं हो सकी है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार, आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग के पत्र क्रमांक/तक.प्रशि./197/2017-18/1963 दिनांक 17/01/2018 द्वारा पदस्थ कर्मचारियों से कार्य लिये जाने संबंधी आदेश जारी किये गये है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) उच्च पद संबंधी शासन आदेश की प्रति पुस्तकालय रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार है। उत्तरांश (ग) अनुसार, शेष प्रश्न अपस्थित नहीं होता।
छात्रावास सामग्री की पूर्ति हेतु आवंटन
[अनुसूचित जाति कल्याण]
110. ( क्र. 2051 ) श्री केशव देसाई : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनुसूचित जाति कल्याण विभाग जिला भिण्ड को वर्ष 01 अप्रैल 2024 से प्रश्न दिनांक तक छात्रावास सामग्री पूति हेतु शासन से आवंटन प्राप्त हुआ और प्राप्त आवंटन के विरूद्ध, क्या-क्या सामग्री किस-किस फर्म से किस-किस आदेश से कितनी-कितनी मात्रा में क्रय की गई और किस-किस फर्म से किस-किस देयक से कितनी-कितनी मात्रा में सामग्री प्राप्त कर कितनी-कितनी राशि किस आदेश से भुगतान की गई? जानकारी मय आदेश के उपलब्ध कराएं। (ख) अनुसूचित जाति कल्याण विभाग जिला भिण्ड में संचालित विभागीय छात्रावासों विगत दो वर्षों में लगाये गये वाटर सॉलर हीटर एवं सी.सी.टी.व्ही. कैमरे किस-किस छात्रावास में लगाये गये हैं और कितनी-कितनी राशि से किस देयक द्वारा प्राप्त हुये और किस-किस संस्था में वाटर सोलर हीटर एवं सी.सी.टी.व्ही. कैमरे बन्द है? जानकारी छात्रावासवार मय क्रय आदेश एवं देयक की छायाप्रति सहित जानकारी बतायें। (ग) अनुसूचित जाति कल्याण विभाग जिला भिण्ड द्वारा संचालित छात्रावासों में सामग्री पूर्ति हेतु क्रय की गई सामग्री का सत्यापन करने हेतु क्या जिले के अनुसूचित जाति विधायक को समिति में रखने का नियम है? अगर हाँ, तो विगत दो वर्षों में क्रय की गई सामग्री का सत्यापन अनुसूचित जाति विधायक से क्यों नहीं कराया गया? सत्यापन समिति से पृथक रखने वाले दोषी अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी, अगर हाँ तो कब तक? नहीं तो क्यों?
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जी हॉं, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'', ''ब'' एवं ''स'' अनुसार है। (ख) जी हॉं, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''द'' अनुसार है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार है। (ग) जी नहीं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
महिलाओं एवं बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाना
[महिला एवं बाल विकास]
111. ( क्र. 2059 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में महिलाओं एवं बालिकाओं के उत्थान एवं आत्मनिर्भर बनाने हेतु शासन द्वारा कौन-कौन सी योजनाएं/रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण आदि वर्तमान में प्रचलित होकर योजना का लाभ प्रदेश की महिलाओं/बालिकाओं को उपलब्ध हो रहा है? योजनावार विगत 2 वर्षों की वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) उपरोक्तानुसार भोपाल उत्तर विधानसभा में महिलाओं/बालिकाओं के उत्थान एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में शासन द्वारा वर्तमान में किस-किस योजना अंतर्गत कौन-कौन से प्रशिक्षण कार्यों हेतु किन-किन क्षेत्रों में कौन-कौन से प्रशिक्षण केन्द्र किस-किस माध्यम से संचालित हो रहे हैं? सामाजिक/तकनीकी/रोजगारोन्मुखी व अन्य की पृथक-पृथक क्षेत्रवार/वार्डवार/संचालित केन्द्रों का नाम/पते/संचालक सह प्रभारी का नाम/मोबाईल नंबर सहित संपूर्ण जानकारी दें। (ग) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में क्या प्रश्नकर्ता द्वारा अपने विधानसभा अंतर्गत महिलाओं एवं बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु विभिन्न वार्डों/क्षेत्रों में रोजगारोन्मुखी सिलाई/कढ़ाई/कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र आदि खोलने का अनुरोध अपने पत्र क्रमांक 997 दिनांक 17.12.2025 को मान. विभागीय मंत्री जी से किया था? (घ) यदि हाँ, तो उक्त पत्र के अंकित बिन्दुओं पर प्रश्न दिनांक की स्थिति में क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं तो क्यों?
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) प्रदेश में महिलाओं के उत्थान एवं आत्मनिर्भर बनाने हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना संचालित है। वर्ष 2023-24 में 68 महिलाओं को एवं वर्ष 2024-25 में 283 महिलाओं को लाभांवित किया गया है। (ख) भोपाल उत्तर विधानसभा में महिला एवं बाल विकास विभाग से महिलाओं/ बालिकाओं के उत्थान एवं आत्मनिर्भर बनाने हेतु प्रशिक्षण केन्द्र संचालित नहीं है। प्रश्न शेष की जानकारी निरंक है। (ग) जी हाँ। (घ) विभाग अंतर्गत वर्तमान में सिलाई कढाई प्रशिक्षण केन्द्र निर्मित/स्थापित संबंधी कोई योजना संचालित नहीं है।
वृद्धजनों को पेंशन सुविधा हेतु ऑनलाईन पेंशन सेंटर
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
112. ( क्र. 2060 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दिव्यांजगन और वृद्ध नागरिकों को घर के पास, पारदर्शी और डिजिटल तरीके से पेंशन सुविधा देने के उद्देश्य से शासन द्वारा प्रदेश भर ऑनलाईन पेंशन सेंटर विकसित किये जा रहे है? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो भोपाल संभाग के किस-किस नगरीय निकायों तथा जनपद पंचायतों में कितने-कितने ऑनलाईन पेंशन सेन्टर विकसित किया जाना है एवं पेंशन सेन्टर विकसित करने हेतु किन-किन सामग्रियों/उपकरणों को किन-किन माध्यमों से कब-कब तथा कितनी-कितनी राशि से क्रय किया गया? प्रश्न दिनांक की स्थिति में उक्त सम्पूर्ण कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी दें। (ग) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में क्या ऑनलाईन पेंशन सेन्टर विकसित करने हेतु सामग्री/उपकरण क्रय करने में विभाग/अधिकारियों द्वारा विभिन्न तथ्यों को छुपाने/भ्रामक जानकारी प्रस्तुत कर गड़बड़ी की गई है? (घ) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में यदि हाँ, तो उक्त प्रकरण की जांच/कार्यवाही के लिये क्या जांच समिति गठित की गई है? यदि हाँ, तो उक्त जांच समिति द्वारा प्रश्न दिनांक की स्थिति में किन-किन विरूद्ध, कब-कब तथा क्या-क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं तो क्यों? कारण बतावें।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। उत्तरांश (क) अनुसार। (ग) एवं (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नियम विरूद्ध सम्पत्तियों का विक्रय
[लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन]
113. ( क्र. 2063 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सरकार की प्रदेश से बाहर कहां-कहां पर कितनी संपत्तियां हैं? उसका बाजार मूल्य, संपत्ति का उपयोग, राज्य सरकार को राजस्व प्राप्ति रख-रखाव, मरम्मत पर कितना व्यय होता है, की संपूर्ण जानकारी का गौशवारा संपत्तिवार पृथक-पृथक बनाकर उपलब्ध करावें। (ख) सितम्बर 2020 से प्रश्न दिनांक तक कितने विभागों के आवेदन पर मध्यस्थता कर कब, कितनी, किस दर पर भूमि, भूखण्ड, फ्लैट, अन्य स्थल उपलब्ध कराये हैं? विभाग को कितनी आय हुई है? संपूर्ण जानकारी का गौशवारा निर्देश, आदेश, एकलनस्ती की प्रति दें। (ग) विभाग के प्रदेश में कितने कार्यालय है, विभाग अन्तर्गत कितने अधिकारी/कर्मचारी/अन्य सपोर्टिंग स्टॉफ कार्यरत हैं? उनका नाम, पदनाम, पदीय दायित्व, किस विभाग से प्रतिनियुक्ति पर आये, की विस्तृत जानकारी दें। (घ) वन भवन की संपत्ति अन्य विभागों को विक्रय करने में विभाग की क्या भूमिका थी? क्या उक्त संपत्ति में सभी कार्य नियमानुसार दिशा-निर्देशों में संपादित किये गये है? नियम विरूद्ध संपत्ति कर विक्रय क्यों किया गया? वन विभाग ने उक्त संपत्ति का विक्रय रजिस्ट्री उपरांत निरस्त क्यों कर दिया है? क्या उसके विभाग की सहमति ली गई है? यदि नहीं तो क्यों? जानकारी दें।
लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग द्वारा प्रदेश सरकार की प्रदेश से बाहर स्थित परिसम्पत्तियों का रिकॉर्ड संधारित नहीं किया जाता है। वर्तमान में विभाग के पोर्टल पर प्रदेश सरकार की प्रदेश से बाहर की कोई भी परिसम्पत्ति इंद्राज नहीं है। (ख) विभाग द्वारा मात्र 1 विभाग (वन विभाग) की परिसम्पत्ति वन भवन को विक्रय करने में मध्यस्थता की गई है। विभाग द्वारा उक्त कार्य के निष्पादन में कोई आय नहीं हुई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ग) लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग अंतर्गत कार्यकारी निकाय के रूप में मध्य प्रदेश राज्य परिसम्पत्ति प्रबंधन कंपनी लि. संचालित है, जिसका राज्य में एक मात्र कार्यालय भोपाल में स्थित है। विभाग अंतर्गत 07 तथा कंपनी अंतर्गत 11 अधिकारी/ कर्मचारी/अन्य सपोर्टिंग स्टाफ कार्यरत हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (घ) वन विभाग द्वारा मंत्रि-परिषद के निर्णय उपरांत आदेश क्रमांक एफ 03-05/2008/10-2 दिनांक 12.07.2021 जारी किया गया जिसकी कंडिका -1 में निम्नानुसार उल्लेख है कि ''वन भवन का ई खण्ड भू-तल को छोड़कर शेष भाग वर्तमान एजेन्सी द्वारा बाहर से Finish कर लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग को सौंपे एवं विधिवत निराकरण करेगा। ''उक्त के परिपालन में वन भवन के ई-ब्लॉक के तीन तलों को कलेक्टर गाइड लाइन अनुसार बाजार मूल्य पर विक्रय करने के विषय में मध्यप्रदेश शासन के समस्त विभागों/विभागाध्यक्ष कार्यालयों/निगम/मण्डल/बोर्ड कार्यालयों को पत्र क्रमांक एफ 284/172/2021/76-1 दिनांक 16.5.2023 द्वारा प्रस्ताव आमंत्रित किया गया। प्रशासकीय अनुमोदन उपरांत तीनों तलों की सम्पूर्ण राशि जमा करने उपरांत अन्य विभागों के अधीन संस्थाओं को विक्रय करने उपरांत रजिस्ट्री की कार्यवाही वन विभाग द्वारा की गई। अत: मंत्रि-परिषद के निर्णय के अनुक्रम में सभी कार्य नियमानुसार संपादित किए गए हैं। वन विभाग के पत्र क्रमांक एफ 5/1/2/0024/2026 दिनांक 09/02/2026 अनुसार वन भवन में ब्लॉक ''ई'' के तीन तल अन्य संस्थाओं को आवंटित करने के कारण वन विभाग के विभागाध्यक्ष कार्यालय की सभी शाखाएं वन भवन में स्थापित नहीं हो पा रहीं थीं, जो शाखाएं स्थापित थीं, उन्हें भी पर्याप्त स्थान प्राप्त नहीं हुआ, जिससे वन भवन निर्माण के उद्देश्यों की पूर्ति नहीं हो पाई थी। पूर्व में विक्रय का निर्णय मंत्रि-परिषद की स्वीकृति उपरांत किया गया था, जिसे मंत्रि-परिषद के पुन: निर्णय उपरांत विक्रय रजिस्ट्री निरस्त की गई। मंत्रि-परिषद के निर्णय के पूर्व सभी संबंधित विभागों के अभिमत लेकर मंत्रि-परिषद के समक्ष निर्णय के समय प्रस्तुत किये गये थे। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
छात्रावासों के संचालन पर व्यय राशि एवं निरीक्षण
[अनुसूचित जाति कल्याण]
114. ( क्र. 2065 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला ग्वालियर में अनुसूचित जाति/जनजाति के कितने छात्रावास किस-किस स्थान पर संचालित है? छात्रावास के नाम एवं स्थान सहित जानकारी दी जावे। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित छात्रावासों हेतु कितनी-कितनी राशि वर्ष 2024-25 एवं वर्ष 2025-26 में शासन द्वारा आवंटित की गई? मदवार/वर्षवार आवंटित राशि की जानकारी दी जावे। (ग) प्रश्नांश (ख) के संबंध में आवंटित राशि से क्या-क्या सामग्री क्रय की गई? क्या आवंटित राशि का पूर्ण उपयोग हुआ अथवा नहीं यदि उपयोग नहीं हुआ तो क्या कारण रहे? इसके लिये कौन जिम्मेदार है? (घ) प्रश्नांश (क) के संबंध में उक्त छात्रावासों में कितने छात्रों के रहने की क्षमता है और वर्तमान में कितने बालक-बालिकायें निवासरत है? छात्रावास के नाम एवं छात्र-छात्राओं की संख्यात्मक सहित जानकारी दी जावे। (ड.) उक्त छात्रावासों के निरीक्षण करने के लिये शासन द्वारा क्या समय-सीमा निर्धारित की गई है? यदि हां, तो उक्त छात्रावासों का निरीक्षण किस-किस अधिकारी द्वारा कब-कब किया गया?
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है। वर्ष 2024-25 में आवंटित राशि में से शासन स्तर से बी.सी.ओ. लिमिट उपलब्ध नहीं होने से राशि रूपये 22,23,328/- का उपयोग नहीं हो पाया था। वर्ष 2025-26 में प्राप्त आवंटन का क्रय आदेश जारी किया जा चुका है। आवंटन का व्यय किये जाने की कार्यवाही की जा रही है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ड.) जी नहीं, आकस्मिक निरीक्षण का प्रावधान है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''द'' अनुसार है।
विकास एवं अन्य कार्यों हेतु आवंटित राशि
[अनुसूचित जाति कल्याण]
115. ( क्र. 2073 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक विभाग को शासन की ओर से विकास एवं अन्य कार्यों हेतु अलग-अलग मद में कितना आवंटन प्राप्त हुआ है? दिनांक, मद का नाम, प्राप्त राशि सहित जानकारी देवें। (ख) उपरोक्त प्राप्त राशि किस-किस कार्य हेतु स्वीकृत की गई है? जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) उपरोक्त कार्यों हेतु कितनी-कितनी राशि की किन-किन जनप्रतिनिधियों/अधिकारी की अनुशंसा पर कार्य हेतु स्वीकृति प्रदान की गई? जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) ऐसे कितने अजा बाहुल्य चयनित ग्राम है जहां पर जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक विभाग द्वारा राशि जारी नहीं की गई थी? उनकी सूची उपलब्ध करावें।
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार हैं। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार हैं। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार हैं।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना क्रियान्वयन हेतु राशि की प्राप्ति
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
116. ( क्र. 2077 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना (संशोधित योजना 2022) के अन्तर्गत योजना क्रियान्वयन हेतु अधिकृत संस्था जनपद पंचायत लालबर्रा एवं बालाघाट जिला बालाघाट को योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक जो राशि जनपद पंचायत लालबर्रा एवं बालाघाट के खाते में प्राप्त हुई या मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत के खाते में प्राप्त हुई? कितनी-कितनी राशि प्राप्त हुई? सम्पूर्ण जानकारी देवें? (ख) योजनान्तर्गत राशि जनपद पंचायत के खाते में प्राप्त हुई तो क्या जनपद पंचायत के सामान्य प्रशासन समिति से अनुमोदन कराया गया था, यदि कराया गया था तो कब, अनुमोदित कार्यवृत्त की प्रमाणित प्रति उपलब्ध करावें? यदि नहीं, कराया गया तो म.प्र. पंचायत स्वराज अधिनियम 1961 की किस धारा एवं नियम में दिये गये प्रावधान अनुसार नहीं कराया गया? तो उसके लिए कौन अधिकारी दोषी है? उनके विरुद्ध क्या कार्यवाही की जायेगी? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार विवाह योजना की प्राप्त राशि किन-किन खातों में, कब-कब जारी किये गये हैं? सूची उपलब्ध कराये। (घ) प्रश्नांश (ग) अनुसार योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक लाभान्वित हितग्राहियों को राशि भुगतान नहीं किया गया हैं तो सूची उपलब्ध कराये? तो उसके लिए कौन अधिकारी दोषी है?
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में जनपद पंचायत लालबर्रा एवं बालाघाट में राशि प्राप्त नहीं हुई है। वर्ष 2025-26 में प्रश्न दिनांक तक जनपद पंचायत लालबर्रा एवं बालाघाट में प्राप्त राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'अ' अनुसार। (ख) जी हाँ। जनपद पंचायत बालाघाट के खाते में प्राप्त राशि का सामान्य प्रशासन समिति की बैठक दिनांक 16-10-2025 के पारित प्रस्ताव क्रमांक-1 के अनुसार अनुमोदन कराया गया था। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार। माननीय विधायक विधान सभा क्षेत्र क्रमांक-111 बालाघाट के निर्देश प्राप्त होने पर जनपद पंचायत लालबर्रा में दिनांक 23-04-2025 को सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। पूर्व निर्धारित तिथि दिनांक 06-03-2025 को सामूहिक विवाह कार्यक्रम अपरिहार्य कारण से निरस्त होने से दिनांक 12-03-2025 को आयोजित सामान्य प्रशासन समिति की बैठक में माननीय सदस्यगण के उपस्थित नहीं होने एवं योजनान्तर्गत जनपद पंचायत लालबर्रा के खाते में प्राप्त राशि दिनांक 25-07-2025 के पश्चात सामान्य प्रशासन समिति की बैठक दिनांक 06-08-2025 एवं 07-11-2025 में सामूहिक विवाह कार्यक्रम का बहिष्कार करते हुए समिति द्वारा जनपद पंचायत लालबर्रा के खाते में प्राप्त राशि के आय-व्यय का अनुमोदन नहीं कराया गया। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में जनपद पंचायत लालबर्रा के खाते में प्राप्त राशि विभिन्न खातों में जारी की गई राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'स' अनुसार। (घ) उत्तरांश (ग) अनुसार सामूहिक विवाह सम्मेलन में लाभान्वित हितग्राहियों की सूची की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'द' अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
जल-जीवन मिशन में चयनित गांव की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
117. ( क्र. 2078 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र के कौन-कौन से गाँव जल जीवन मिशन के अंतर्गत लिए गए हैं? सूची देवें। जल जीवन मिशन के नियम-निर्देश की प्रति उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र के किन-किन ग्रामों में नल-जल योजना पूर्ण होकर घर घर पानी दिया जा रहा है? सूची देवें। (ग) ऐसे कितने ग्राम है जिनमें नल-जल योजना का कार्य अपूर्ण है? सूची देवें। (घ) उक्त ग्राम में नल-जल योजना का कार्य कब तक पूर्ण हो जावेगा? पूर्ण नहीं होने के लिये दोषी कौन-कौन है? नामवार, पदवार जानकारी देवें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जल जीवन मिशन अंतर्गत स्वीकृत एकल ग्राम नल जल योजनाओं एवं समूह जल प्रदाय योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 एवं 02 अनुसार है। जल जीवन मिशन के नियम-निर्देश (गाइड लाइन) भारत सरकार की वेबसाइट पर प्रकाशित एवं उपलब्ध है, जिसका लिंक https://jaljeevanmission.gov.in/guidelines है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 01 एवं 02 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 एवं 02 अनुसार है। (घ) एकल ग्राम नल जल योजनाओं से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। भटेरा रैट्रोफिटिंग समूह जल प्रदाय योजना हेतु निविदा आमंत्रण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, योजना का कार्य पूर्ण होने की निश्चित तिथि बताया जाना संभव नहीं है। नलजल योजनाओं को विभागीय अधिकारियों द्वारा पूर्ण कराने के लिए सतत् प्रयास किए गए, जहाँ अतिरिक्त कार्य की मांग परिलक्षित हुई, उन ग्रामों में पुनरीक्षित योजनाओं की स्वीकृति भी दी गई है, अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
विशेष केंद्रीय सहायता मद अंतर्गत स्वीकृत कार्य
[जनजातीय कार्य]
118. ( क्र. 2109 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वित्तीय वर्ष 2012-13 से 2018-19 तक आदिवासी उप योजना विशेष केंद्रीय सहायता मद जनजातीय कार्य विभाग भारत सरकार नई दिल्ली द्वारा प्रदत्त राशि से प्रदेश के विभिन्न जिलों में विभिन्न गतिविधियां एवं कार्य स्वीकृत किए गए थे यदि हाँ, तो उन स्वीकृत गतिविधियों एवं कार्यों की सूची प्रदान करें। (ख) उपरोक्त स्वीकृत गतिविधियों एवं कार्यों में वन सेक्टर (वन विभाग) के द्वारा क्रियान्वित की जाने वाली समस्त गतिविधियों एवं कार्यों के अनुमोदित प्रस्तावों की कॉपी प्रदान करें। (ग) जनजातीय कार्य विभाग, भारत सरकार, नई दिल्ली द्वारा आदिवासी उप योजना विशेष केंद्रीय सहायता मद की राशि के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों एवं गतिविधियों के क्रियान्वयन के लिए वर्ष 2012 से 2018 के बीच दिए गए समस्त आदेशों, निर्देशों, मार्गदर्शी निर्देशों एवं शर्तों, पत्रों परिपत्रों की कॉपी प्रदान करें। (घ) आदिवासी उपयोजना विशेष केंद्रीय सहायता मद अंतर्गत स्वीकृत गतिविधियों एवं कार्यों के क्रियान्वयन के संबंध में वर्ष 2012 से 2018 के बीच राज्य सरकार, प्रमुख सचिव, जनजातीय कार्य विभाग म.प्र. एवं आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग, मध्य प्रदेश भोपाल द्वारा समस्त जिला कलेक्टरों एवं जिले के सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग को दिए गए दिशा-निर्देशों आदेशों की भी कॉपी प्रदान करें।
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हॉं। संचालनालय जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजनाएं सतपुड़ा भवन, भोपाल में जून 2023 में हुई आगजनी की घटना तथा आगजनी उपरांत जनजातीय अनुसंधान और विकास संस्थान श्यामला हिल्स भोपाल के भण्डारण में चोरी होने से पुरानी नस्तियां नष्ट हो जाने से जानकारी उपलब्ध कराया जाना संभव नहीं है। (ख) से (घ) उत्तर प्रश्न (क) के उत्तर में समाहित है।
खाद्य प्रसंस्करण योजनाओं में बजट आवंटन
[उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण]
119. ( क्र. 2117 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग द्वारा केंद्र/राज्य प्रवर्तित योजनाओं के माध्यम से उद्यानिकी फसलों एवं खाद्य प्रसंस्करण हेतु रतलाम जिले में निरंतर उल्लेखनीय कार्य किये जा रहे है? (ख) यदि हाँ, तो वर्ष 2021-22 से लेकर प्रश्न दिनांक तक वर्षवार योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु कितना-कितना बजट प्राप्त होकर पात्र हितग्राहियों को किन-किन कार्यों हेतु किस-किस वर्ष में कितनी-कितनी राशि स्वीकृत की जाकर उक्त कार्यों के परिणाम क्या रहे? वर्षवार जानकारी देंl (ग) रतलाम जिला अंतर्गत किस-किस ब्लाक में किस-किस प्रकार की उद्यानिकी फसलों एवं खाद्य प्रसंस्करण हेतु कार्य किये जा रहे है तो उनका स्थानवार, कार्यवार तथा उल्लेखनीय परिणामों का उल्लेख कर वर्षवार, क्षेत्रवार जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) रतलाम जिला प्रश्नांश (ख) वर्णित वर्षों में उक्ताशय के कार्यों के प्रशिक्षण हेतु किन-किन वर्षों में दलों का गठन कर किन स्थानों पर भ्रमण हुआ, उसके क्या परिणाम आये तथा उद्यानिकी फसलों एवं खाद्य प्रसंस्करण के कार्यों हेतु कितने-कितने आवेदन प्राप्त होकर पात्रता का चयन किस प्रकार कर राशि/कार्यों का वितरण किया गया? कितने आवेदक वंचित रहे, कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं? उन पर कार्यवाही हुई? वर्षवार जानकारी देंl
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जी हाँ। (ख) वर्ष 2021-22 से लेकर प्रश्न दिनांक तक वर्षवार योजनावार प्राप्त बजट स्वीकृत राशि एवं कार्यों के परिणाम की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (घ) प्रशिक्षण, भ्रमण एवं परिणाम संबंधित वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। उद्यानिकी फसलों एवं खाद्य प्रसंस्करण के कार्यों हेतु प्राप्त आवेदन, पात्रता का चयन तथा वंचित आवेदक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है। कार्यालय में संधारित अभिलेख अनुसार प्रश्नाधीन अवधि में कोई शिकायत संज्ञान में नहीं आई है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
छात्रावास का संचालन
[जनजातीय कार्य]
120. ( क्र. 2120 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 136 सिवनी-मालवा में कुल कितने छात्रावास संचालित है? (ख) इनमें बालक छात्रावास कितने हैं एवं बालिका छात्रावास कितने हैं? (ग) छात्रावास में कितने अधीक्षक/शिक्षक के पद रिक्त हैं, उनकी पूर्ति कब तक की जावेगी?
जनजातीय कार्य मंत्री ( डॉ. कुंवर विजय शाह ) : (क) विधान सभा क्षेत्र क्रमांक 136 सिवनी-मालवा में कुल 10 छात्रावास संचालित है। (ख) 09 बालक छात्रावास एवं 01 कन्या छात्रावास संचालित है। (ग) विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों में अधीक्षक/शिक्षक के पद रिक्त नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
उचित मूल्य दुकानों से सामग्री वितरण
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
121. ( क्र. 2121 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 136 सिवनी-मालवा में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के अंतर्गत संचालित उचित मूल्य दुकानों की संख्या कितनी है तथा उनमें से कितनी वर्तमान में सक्रिय हैं? (ख) क्या पात्र हितग्राहियों को कितनी मात्रा में गेहूं चावल शक्कर एवं अन्य सामग्री वितरण की जाती है? (ग) विधानसभा क्षेत्र सिवनी-मालवा में राशन कार्ड सूची से अपात्र व्यक्तियों के नाम हटाने एवं पात्र व्यक्तियों के नाम जोड़ने की क्या प्रक्रिया अपनायी जा रही है?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) प्रश्नांकित विधानसभा क्षेत्रांतर्गत वर्तमान में उचित मूल्य दुकानों की संख्या 141 है। सभी दुकानें सक्रिय हैं। (ख) अंत्योदय परिवारों को 30 किग्रा. गेहूं (नि:शुल्क), 05 किग्रा. चावल (नि:शुल्क), 01 किग्रा. शक्कर (20 रु. प्रति किग्रा. के मान से), 01 किग्रा. नमक (01 रुपये प्रति किग्रा.के मान से) प्रति परिवार प्रदाय किया जा रहा है, जबकि प्राथमिकता परिवारों को 04 किग्रा. गेहूँ (नि:शुल्क), 01 किग्रा. चावल (नि:शुल्क) प्रति सदस्य के मान से तथा 01 किग्रा. नमक (01 रुपये प्रति किलो) प्रति परिवार प्रदाय किया जा रहा है। (ग) अपात्र व्यक्तियों के नाम हटाने एवं पात्र व्यक्तियों के नाम जोड़ने की कार्यवाही एक सतत् प्रक्रिया अनुसार की जाती है, जो संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
आंगनवाड़ी केन्द्रों के भवन निर्माण
[महिला एवं बाल विकास]
122. ( क्र. 2122 ) श्री अनिल जैन : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला निवाड़ी के अंतर्गत निवाड़ी विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2018 से अब तक कितनी ग्राम पंचायतों/नगरीय निकायों के वार्डों में आंगनवाड़ी केन्द्रों हेतु भवन स्वीकृत किए गए हैं? ग्राम पंचायत/वार्ड का नाम, स्वीकृत राशि तथा कार्य की वर्तमान स्थिति सहित पूर्ण विवरण उपलब्ध कराएंगे? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में स्वीकृत भवनों में से आज दिनांक तक कितने भवन पूर्ण हो चुके हैं एवं कितने भवन अपूर्ण हैं? अपूर्ण भवनों के कारण क्या हैं? कारणवार विवरण देंगे। (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार भवनों के अपूर्ण रहने के लिए उत्तरदायी अधिकारियों/एजेंसियों के विरुद्ध विभाग द्वारा अब तक क्या वैधानिक/प्रशासनिक कार्रवाई की गई है? विवरण देवें।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जिला निवाड़ी के अंतर्गत निवाड़ी विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2018 से 2025 तक 36 आंगनवाड़ी भवन स्वीकृत किये गये है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) स्वीकृत भवनों में से आज दिनांक तक 15 भवन पूर्ण हो चुके है, 21 अपूर्ण है, अपूर्ण भवनों के कारण जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जिला एवं राज्य स्तर पर सतत् समीक्षा की जाकर कार्य पूर्ण कराया जा रहा है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नवीन बसाहटों में पेयजल आपूर्ति
[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]
123. ( क्र. 2123 ) श्री अनिल जैन : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या निवाड़ी विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री नल-जल योजना अंतर्गत छूट गए मजरा/ टोले एवं नवीन बसाहटों में पेयजल उपलब्ध कराने हेतु पाइप लाइन विस्तार के प्रस्ताव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा प्रेषित किए गए हैं? (ख) यदि हाँ, तो उक्त प्रस्तावों की वर्तमान स्थिति क्या है तथा उन्हें कब तक स्वीकृति प्रदान की जाएगी? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में स्वीकृति उपरांत मजरा/टोले एवं नवीन बसाहटों में पाइप लाइन विस्तार का कार्य कब तक प्रारंभ किया जाएगा?
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( श्रीमती संपतिया उइके ) : (क) जी नहीं, कोई प्रस्ताव प्रेषित नहीं है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश ''क'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
छात्रावासों की क्षमता एवं निरीक्षण
[अनुसूचित जाति कल्याण]
124. ( क्र. 2134 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र महिदपुर में कुल कितने विभाग अंतर्गत बालक/बालिका छात्रावास संचालित है? प्रत्येक छात्रावास में कितनी-कितनी क्षमता है? क्या विभाग द्वारा क्षमता बढ़ाने हेतु कोई कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो कब-कब, क्या-क्या कार्यवाही की गई है? क्या विभाग द्वारा छात्रावासों में क्षमता बढ़ाने की कार्यवाही की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक? (ख) संचालित छात्रावासों का कब-कब, किस-किस अधिकारी द्वारा निरीक्षण किया गया है? निरीक्षण में क्या-क्या कमियां पाई गई है, क्या-क्या शिकायतें प्राप्त हुई है प्राप्त शिकायतों पर क्या-क्या कार्यवाही की गई है? संपूर्ण विवरण देवें। (ग) संचालित छात्रावासों में छात्र/छात्राओं के प्रवेश हेतु क्या नियम है? किस प्रकार से छात्रावासों में प्रवेश दिया जाता हैं? क्या समस्त छात्रावासों में प्रवेश नियमानुसार किया गया है?
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ' अनुसार है। जी नहीं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हॉं, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। निरीक्षण के दौरान अधीक्षकों को छात्रावास संचालन संबंधी सामान्य निर्देश दिये गये। विधान सभा क्षेत्र महिदपुर अंतर्गत अधीक्षक/अधीक्षिकाओं की कोई शिकायत प्राप्त नहीं होने से शिकायत संबंधी जानकारी निरंक। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। छात्रावास प्रवेश समिति द्वारा सीटों की रिक्तता के आधार पर नियमानुसार निर्णय लिया जाकर प्रवेश दिया जाता है।
विभिन्न योजनाओं में हितग्राहियों का चयन
[उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण]
125. ( क्र. 2139 ) श्री राजेश कुमार शुक्ला : क्या उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक छतरपुर जिला अंतर्गत उद्यानिकी विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं (फलोद्यान विकास, पॉलीहाउस, ड्रिप/स्प्रिंकलर, पौध वितरण, नर्सरी विकास आदि) में कुल कितने आवेदन प्राप्त हुए, कितने हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया? विधानसभावार संख्या बताएं। (ख) उपरोक्त अवधि में योजनावार स्वीकृत हितग्राहियों के नाम ग्रामवार, जाति/वर्गवार, आर्थिक श्रेणीवार (सामान्य/लघु/सीमांत कृषक) सूची प्रदाय करें। सभी योजनाओं में प्रदत्त उपकरण आदि की वर्तमान भौतिक स्थिति क्या है? (ग) क्या प्रश्नांश (क) वर्णित अवधि में क्या जनप्रतिनिधियों, आवेदकों, हितग्राहियों एवं आम नागरिकों द्वारा शिकायतें की गई हैं? यदि हाँ, तो अब तक कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं, क्या उन पर जाँच कराई गई, जाँच में क्या निष्कर्ष निकला? (घ) विभाग द्वारा हितग्राही चयन का आधार एवं प्रक्रिया क्या है?
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-01 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-02 अनुसार है। (ग) जी हाँ। कुल 05 शिकायतें प्राप्त हुई। जांच एवं निष्कर्ष की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-03 एवं 04 अनुसार है। (घ) एकीकृत बागवानी विकास मिशन, ''पर ड्रॉप मोर क्रॉप (PDMC) एवं राष्ट्रीय कृषि विकास योजनांतर्गत विभागीय MPFSTS पोर्टल पर लॉटरी प्रक्रिया से तथा राज्य पोषित योजनांतर्गत ''प्रथम आओ प्रथम पाओ'' प्रक्रिया से हितग्राहियों का चयन किया जाता है। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्ययम उन्नयन योजनांतर्गत भारत सरकार द्वारा संचालित MIS पोर्टल पर आवेदन प्राप्त कर हितग्राहियों का चयन किया जाता है।
महिला बाल विकास विभाग में अनियमितताएं
[महिला एवं बाल विकास]
126. ( क्र. 2149 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या विभाग में वर्ष 2012-13 में दो महिला सशक्तिकरण संचालनालय एवं एकीकृत बाल विकास संचालनालय का गठन कर तत्समय नवीन पद विकासखंड महिला सशक्तिकरण अधिकारी के 313 पदों का सृजन किये गये, किन्तु अचानक वर्ष 2018 में दोनों संचालनालय का एकीकरण कर दिया गया? यदि हाँ, तो ऐसा करने का क्या कारण है? पूर्ण जानकारी दी जाय। (ख) विभाग में एकीकरण के पश्चात् महिला सशक्तिकरण की दिशा में कौन-कौन सी महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित हो रही हैं तथा एकीकरण पश्चात क्या-क्या कार्य विभाग द्वारा किये गये? जिलावार जानकारी दी जाये। (ग) क्या विकासखंड सशक्तीकरण अधिकारी का पद विभाग द्वारा पूर्ण रूप से समाप्त कर दिया है? यदि हाँ, तो क्यों यदि नहीं तो वर्तमान में विकासखण्ड सशक्तिकरण अधिकारी के पद पर कौन-कौन अधिकारी पदस्थ हैं? अधिकारी के नाम सहित जिला एवं विकासखण्डवार जानकारी दी जाये। विकासखण्ड सशक्तिकरण अधिकारियों को किस पद पर किस पदनाम से मर्ज किया गया? जिलावार जानकारी दी जाये तथा वर्तमान में विकासखंड सशक्तिकरण अधिकारी के कितने पद रिक्त है? रिक्त पदों की पूर्ति पदोन्नति अथवा सीधी भर्ती से कब तक कर ली जायेगी? विस्तृत जानकारी दी जाये। (घ) क्या महिला एवं बाल विकास विभाग में 1996 से वर्ष 2014 तक सहायक संचालक से उप संचालक, उप संचालक से संयुक्त संचालक के पदों पर पदोन्नति की कार्यवाही की गयी? वर्षवार जानकारी दी जाये। (ड.) क्या इन पदोन्नति के लिये निर्धारित अर्हता में छूट ली गयी थी? यदि हाँ, तो छूट का लाभ किन-किन अधिकारियों को मिला संवर्गवार और नामवार जानकारी दी जाये। (च) क्या प्रश्नांश (ख) अनुसार विभाग में पदोन्नति हेतु किन परिस्थितियों में निर्धारित अर्हता में छूट प्रदान करने का प्रावधान है? नियम/प्रावधान सहित जानकारी दी जाये। क्या विभाग में सदैव ही पदोन्नति की अर्हता में छूट ली गई थी अथवा किन्हीं व्यक्ति विशेष या संवर्ग विशेष के अधिकारियों को लाभान्वित करने के लिये ली गयी? यदि हाँ, तो इसके लिये दोषी अधिकारियों पर क्या कार्यवाही की जायेगी तथा नियम विरूद्ध पदोन्नत किये गये अधिकारियों को कब तक पदावनत किया जायेगा? पूर्ण जानकारी दी जाये।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) से (च) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
प्रदेश में कुपोषण के स्तर में निरंतर गिरावट
[महिला एवं बाल विकास]
127. ( क्र. 2150 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में वर्तमान में कुपोषण का क्या स्तर है? कुपोषण के स्तर में पिछले 5 वर्षों में क्या कोई सुधार हुआ है? प्रदेश देश के अन्य राज्यों की तुलना में कुपोषण एवं कुपोषण से होने वाली मृत्यु के मामले में शीर्ष पर क्यों है? पूर्ण जानकारी दी जाये। (ख) प्रदेश में कुपोषण को दूर करने के लिये शासन द्वारा कौन-कौन से कार्यक्रम एवं योजनाएं संचालित हैं? क्या इन योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ है? (ग) क्या भारत सरकार के डैशबोर्ड पोषण ट्रैकर का सही इस्तेमाल विभाग के मैदानी अमले द्वारा नहीं किये जाने के कारण से SAM, MAM और SUV बच्चों का सही चिन्हांकन नहीं हो पा रहा है? क्या SAM, MAM और SUV बच्चे संपर्क एप पर MMBASK में दर्ज होने के पश्चात् सामान्य हो पाते हैं? (घ) क्या मैदानी अमले द्वारा केवल पोषण ट्रैकर डैशबोर्ड और संपर्क एप पर ही कुपोषण को दर्ज करने की कार्यवाही की जा रही है या मैदानी स्तर पर भी प्राथमिकता से बच्चों को वास्तविक फॉलो किया जाता है? यदि हाँ, तो पूर्व निर्धारित मानकों अनुरूप कार्यवाही के लिये विभाग क्या सुधारात्मक कार्यवाही करेगा और यदि नहीं तो जिम्मेदारों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जायेगी? पूर्ण जानकारी दी जाये।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे-5 अनुसार प्रदेश में 35.7% बच्चे ठिगनापन, 33% बच्चे कमवजन तथा 19% बच्चे दुबलापन की कुपोषण की श्रेणी में हैं। जी हाँ, राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे-4 की तुलना में ठिगनापन में 16%, कमवजन में 23% तथा दुबलेपन में 26% सुधार परिलक्षित हुआ है। जी नहीं, शेष का प्रश्न ही नहीं। (ख) प्रदेश में कुपोषण को दूर करने के लिए सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 अन्तर्गत संचालित योजनाएं एवं मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जा रहा है। जी हाँ। (ग) जी नहीं। सामान्य पोषण स्तर हेतु मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम प्रोटोकॉल अनुसार प्रबंधन किया जाता है। (घ) जी नहीं, मैदानी अमले द्वारा चिन्हित सभी SAM, MAM एवं SUW बच्चों को संपर्क एप पर दर्ज कर उनके उपचार एवं पोषण प्रबंधन हेतु सतत् फॉलो-अप किया जाता है। अतः शेष का प्रश्न ही नहीं।
दिव्यांग को उपकरण व पेंशन का प्रदाय
[सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण]
128. ( क्र. 2160 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक रायसेन जिले में कब-कब, किस-किस संस्थान द्वारा शिविर लगाकर दिव्यांगजनों का चिन्हांकन किया जाकर उन्हें प्रमाण-पत्र/यूपीआईडी जारी किये गये है? विवरण दें व सूची उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) उल्लेखित अवधि में एलिम्को द्वारा किन-किन को कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण वितरित किये गये? लाभान्वित दिव्यांगजनों की सूची दें। (ग) क्या राज्य शासन/विभाग के पास दिव्यांगजनों को दी जा रही पेंशन में वृद्धि का प्रस्ताव है? यदि हाँ, तो कितने पेंशन दी जाना है? यह प्रस्ताव कब से किस स्तर पर लंबित है?
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) रायसेन जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला अस्पताल में प्रति बुधवार को मेडिकल बोर्ड के माध्यम से तथा सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से समय-समय पर दिव्यांजनों के लिए लगाए जाने वाले शिविरो में दिव्यांग प्रमाण-पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड बनाए जाते है। रायसेन जिला अंतर्गत वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक जिला मेडिकल बोर्ड के माध्यम से जारी किये गये दिव्यांग प्रमाण-पत्र यूडीआईडी कार्ड की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार। (ख) वर्ष 2022 से एलिम्कों द्वारा वितरित कृत्रिम अंग/सहायक उपकरणों से लाभांवित दिव्यांगजनों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार। (ग) जी हॉं। विभाग द्वारा पेंशन राशि में नियमानुसार वृद्धि का प्रस्ताव शासन स्तर पर विचाराधीन है।
बस्ती विकास योजना के कार्य
[अनुसूचित जाति कल्याण]
129. ( क्र. 2161 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन, सतना व मैहर जिले में बस्ती विकास योजना से अनुसूचित जाति कल्याण विभाग को राज्य शासन से वित्तीय वर्ष 2022-23 से प्रश्न दिनांक तक की स्थिति तक कितना आवंटन प्राप्त हुआ? आवंटन से संबंधित आदेश की प्रतियां उपलब्ध करावें। वर्षवार प्राप्त आवंटन से विधानसभावार कितने और कौन से कार्य कितनी लागत के स्वीकृत किये? संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में प्राप्त आवंटन में से निर्माण कार्य स्वीकृत किये जाने के लिये क्या विभाग द्वारा दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं? यदि हाँ, तो निर्देशों की प्रतियां उपलब्ध करावें। (ग) प्राप्त आवंटन से किसकी अनुशंसा पर कौन-कौन से कार्य कितनी लागत के कार्य योजना में सम्मिलित कर, क्या संबंधित समिति से अनुमोदन लिये गये हैं? यदि हाँ, तो अनुमोदित कार्य योजना विधानसभावार एवं वित्तीय वर्षवार उपलब्ध करावें। (घ) क्या प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) में उल्लेखित तथ्यों से संबंधित राज्य शासन के निर्देशों की अवहेलना कर प्रशासकीय स्वीकृति जारीकर्ता अधिकारी ने नियमों के प्रतिकूल प्रशासकीय स्वीकृति जारी की है, तो ऐसी स्थिति में जारीकर्ता अधिकारी के विरुद्ध क्या कार्यवाही कब तक की जावेगी?
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ( श्री नागर सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) नियम निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (घ) नियमानुसार स्वीकृति जारी किये जाने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
शासकीय उचित मूल्य दुकानों का संचालन
[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण]
130. ( क्र. 2383 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल जिले में वर्तमान में कुल कितनी शासकीय उचित मूल्य की दुकाने संचालित हैं? विकासखण्डवार, नगरवार विवरण प्रस्तुत करें। (ख) उक्त उचित मूल्य दुकानों का संचालन कौन कर रहा है तथा प्रत्येक दुकान का संचालन कब से किया जा रहा है? संचालक का नाम, संस्था, फर्म एजेंसी का नाम, संचालन की तिथि केन्द्रवार बतायें। (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कितनी उचित मूल्य की दुकानें सहकारी समितियों द्वारा, स्व-सहायता समूहों द्वारा, अन्य एजेंसियों, व्यक्तियों द्वारा संचालित की जा रही है? केन्द्रवार विवरण देवें। (घ) अनुसूचित क्षेत्रों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के संचालन हेतु शासन द्वारा क्या-क्या विशेष नियम, व्यवस्थायें निर्धारित हैं? नियमों, दिशा-निर्देशों का संक्षिप्त विवरण जानकारी देवें। (ड.) क्या शहडोल जिले में अनुसूचित क्षेत्रों में उचित मूल्य दुकानों के संचालन में उक्त नियमों का पालन किया गया है? यदि नहीं तो किन-किन केन्द्रों में नियमों का उल्लंघन हुआ है, उसका क्या कारण है तथा जिम्मेदार व्यक्तियों एजेंसियों के विरूद्ध आज तक क्या-क्या कार्यवाही की गई है या प्रस्तावित है?
खाद्य मंत्री ( श्री गोविन्द सिंह राजपूत ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है। केंद्र की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब' अनुसार है। (घ) प्रदेश के 20 जिलों के 89 आदिवासी विकासखंडों की उचित मूल्य दुकानों के आश्रित ग्रामों के पात्र परिवारों को उनके ही ग्राम में खाद्यान्न, शक्कर, नमक वितरण किये जाने हेतु 'मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम योजना' लागू की गई है। दिशा-निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'द' अनुसार है। (ड.) जी हाँ।