मध्यप्रदेश विधान सभा
प्रश्नोत्तर-सूची
जुलाई, 2026 सत्र
बुधवार, दिनांक 22 जुलाई, 2026
भाग-1
तारांकित
प्रश्नोत्तर
ई-अटेंडेंस
प्रणाली के क्रियान्वयन
संबंधी नीति
[स्कूल शिक्षा]
1. ( *क्र. 1122 ) श्री सुनील उईके : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों एवं कर्मचारियों की ई-अटेंडेंस प्रणाली लागू करने हेतु निविदा (टेंडर) के माध्यम से किसी निजी कंपनी/एजेंसी का चयन किया गया है? (ख) उक्त कार्य हेतु चयनित कंपनी का नाम, निविदा प्रक्रिया का विवरण एवं अनुबंध की शर्तों की जानकारी प्रदान करें? (ग) ई-अटेंडेंस प्रणाली के अंतर्गत शिक्षकों एवं कर्मचारियों से कौन-कौन सा व्यक्तिगत एवं बायोमेट्रिक/डिजिटल डेटा एकत्रित किया गया है? (घ) क्या उक्त डेटा की सुरक्षा, गोपनीयता एवं दुरुपयोग की रोकथाम हेतु साइबर सुरक्षा, एनक्रिप्शन, डेटा संरक्षण तथा सर्वर सुरक्षा के संबंध में कोई मानक (प्रोटोकॉल) निर्धारित किये गये हैं? यदि हाँ, तो उनका विवरण दें? यदि नहीं, तो कारण बताएं? (ड.) यदि कर्मचारियों का डेटा लीक होता है अथवा उसका दुरुपयोग होता है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी तथा संबंधित कंपनी के विरूद्ध अनुबंध में क्या दंडात्मक प्रावधान किये गये हैं?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) ई-अटेंडेंस प्रणाली के लिये पृथक से कोई कार्यादेश नहीं दिया गया है। ई-अटेंडेंस प्रणाली एजुकेशन पोर्टल 3.0 का ही एक मॉड्यूल है। एजुकेशन पोर्टल 3.0 का कार्य सक्षम स्वीकृति उपरांत भारत सरकार के उपक्रम नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर सर्विसेज इंकॉर्पोरेटेड (NICSI) द्वारा किया जा रहा है। MoU की प्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) ई-अटेंडेंस मॉड्यूल के लिये शिक्षकों एवं कर्मचारियों का पृथक से कोई डेटा एकत्रित नहीं किया गया है। (घ) जी हाँ। डेटा की सुरक्षा एवं गोपनीयता से संबंधित प्रावधान अनुबंध में किये गये हैं। डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के संबंध में निक्सी के माध्यम से तकनीकी एजेंसी द्वारा अवगत कराया गया है कि डाटा सुरक्षित है एवं एप्लीकेशन का सिक्योरिटी ऑडिट है। विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ड.) डेटा की सुरक्षा एवं गोपनीयता हेतु संबंधित एजेंसी जबावदेह है, इस संबंध में अनुबंध में स्पष्ट प्रावधान किये गये हैं। शेषांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 में समाहित है।
माननीय न्यायालय के आदेश का परिपालन न किया जाना
[स्कूल शिक्षा]
2. ( *क्र. 1120 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा अतारांकित प्रश्न क्र. 1160, दिनांक 30.07.2025 के जवाब में अध्यापिका मनीषा कुशवाहा शासकीय माध्यमिक शाला जोरी रीवा के माध्यमिक शिक्षक पद पर नियुक्ति माननीय विशेष न्यायाधीश पी.सी.एक्ट. रीवा के प्रकरण क्र.14/2004 में पारित निर्णय दिनांक 08.12.2011 के कारण रोकी गयी थी? (ख) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित न्यायालयीन निर्णय को माननीय हाई कोर्ट जबलपुर ने क्रिमिनल अपील क्र. 2930, वर्ष 2011 एवं अन्य में पारित आदेश दिनांक 25.06.2025 द्वारा निरस्त कर दिया है तथा मध्यप्रदेश शासन द्वारा उक्त हाई कोर्ट के फैसले के विरुद्ध भारत की सर्वोच्च न्यायालय में दायर याचिका क्र. SLP (Crl) No.00912/2026, रजि. दिनांक 02.02.2026 खारिज कर दी गयी है? (ग) क्या अध्यापिका मनीषा कुशवाहा वर्ष 1998 से नियमित सेवाएं दे रही हैं, विभाग इन्हें प्रथम एवं द्वितीय क्रमोन्नति वेतनमान का लाभ दे चुका है, इनके खिलाफ कोई भी न्यायालयीन प्रकरण लंबित नहीं है, तो फिर माध्यमिक शिक्षक पद का लाभ क्यों नहीं दिया जा रहा है? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) तथा न्यायालय निर्णय के शिक्षक परिपालन में अध्यापिका मनीषा कुशवाहा के माध्यमिक शिक्षक पद पर नियुक्ति का आदेश शिक्षा विभाग रीवा द्वारा प्रश्नांश दिनांक तक जारी नहीं किया गया क्यों? कारण स्पष्ट करें। माननीय न्यायालय के आदेश के बावजूद नियुक्त आदेश न जारी करने का दोषी कौन है? क्या माननीय न्यायालय के आदेश का पालन न करने वाले अधिकारी पर दंडात्मक कार्यवाही होगी तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। प्रश्नांश "ख" में पारित निर्णय के क्रम में मनीषा कुशवाह को नवीन संवर्ग में नियुक्ति का प्रस्ताव जिला स्तरीय पात्रता समिति में प्रस्तुत करने हेतु परीक्षणाधीन है। (घ) उत्तरांश "ग" अनुसार। उत्तरांश ''ग'' के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
अनुसूचित जनजातियों की भूमि के अंतरण की पुनर्बहाली
[राजस्व]
3. ( *क्र. 992 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 170-ख मुख्यतः अनुसूचित जनजातियों की भूमि के ऐतिहासिक अवैध अंतरणों की जांच एवं पुनर्बहाली हेतु लागू की गई थी? (ख) वर्ष 1980 के बाद छल, कपट, कूटरचना, फर्जी अनुमति, मिथ्या अभिलेख अथवा अन्य अवैध उपायों से अनुसूचित जनजातियों की भूमि के गैर-जनजातियों को हुए अंतरणों के निरस्तीकरण एवं भूमि पुनर्बहाली हेतु वर्तमान में कौन-कौन से वैधानिक प्रावधान लागू हैं? (ग) क्या 2018 के पूर्व म.प्र. भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 11 में "Collector (including Additional Collector)" का उल्लेख होने के कारण वर्ष 1959 से वर्ष 2018 तक अतिरिक्त कलेक्टर को कलेक्टर की पदश्रेणी में माना जाता रहा है? यदि हाँ, तो संबंधित अधिसूचनाओं, नियमों एवं शासन निर्देशों की प्रतिलिपि सदन के पटल पर रखी जाए। (घ) यदि अतिरिक्त कलेक्टर, कलेक्टर की पदश्रेणी में था, तो राज्य में वर्ष 1959 से 2018 तक अतिरिक्त कलेक्टर द्वारा अनुसूचित जनजातियों की भूमि के अंतरण संबंधी दी गयी अनुमतियों, आदेशों एवं निर्णयों की वैधानिक स्थिति क्या है? (ड.) क्या शासन ऐसे सभी मामलों की समीक्षा करायेगा, जिनमें अनुसूचित जनजातियों की भूमि के अंतरण की अनुमति अतिरिक्त कलेक्टर द्वारा प्रदान की गई थी? यदि नहीं, तो कारण बताएं।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) विषयांतर्गत प्रावधान म.प्र. भू-राजस्व संहिता, 1959 (यथा संशोधित 2018) की धारा 170-ख आदिम जनजाति के सदस्य की ऐसी भूमिका जो कपट द्वारा अंतरित की गई थी, प्रतिवर्तन में दिये गये हैं। (ग) जी नहीं, शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता। (घ) विधि विरूद्ध प्रदाय की गई अनुमति संज्ञान में आने पर वैधानिक कार्यवाही की जाती है। (ड.) उत्तरांश (घ) अनुसार।
राहत राशि का प्रदाय
[राजस्व]
4. ( *क्र. 439 ) श्री विपीन जैन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों की फसलों के खराब होने पर आर.बी.सी. 6-4 के प्रावधानों के अंतर्गत मुआवजा राशि दी जाती रही है? प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 767, दिनांक 24 मार्च, 2025 में दिये गये उत्तर अनुसार मंदसौर जिले में 51179 किसानों के लिये 80,08,46,518/- की राहत राशि स्वीकृत की गई थी? (ख) उक्त स्वीकृत राशि में से 27,47,55,734/- की राशि का वितरण किन-किन किसानों को देना शेष है? वंचित किसानों की सूची देवें। (ग) वंचित किसानों को प्रावधान के अंतर्गत राशि प्रदाय क्यों नहीं की गई है, जबकि इसके बाद की प्राकृतिक आपदाओं के प्रकरणों की राशि वितरित कर दी गई है? (घ) स्वीकृत राशि कब तक प्रदाय कर वंचित किसानों को लाभान्वित कर दिया जायेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) तत्समय वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता की सीमा में पात्र कृषकों को राहत राशि का भुगतान किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश ''ख'' अनुसार। (घ) उत्तरांश ''ख'' एवं ''ग'' के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
केन-बेतवा परियोजना से प्रभावित परिवारों का पुनर्वास/मुआवजे का प्रदाय
[राजस्व]
5. ( *क्र. 1191 ) श्री उमंग सिंघार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केन-बेतवा परियोजना के अंतर्गत छतरपुर एवं पन्ना जिलों के कुल कितने ग्राम एवं कितने परिवार विस्थापन, भूमि अधिग्रहण अथवा डूब क्षेत्र से प्रभावित हैं? (ख) प्रभावित परिवारों में से कुल कितने परिवारों को भूमि अधिग्रहण मुआवजा, पुनर्वास पैकेज एवं अन्य देय लाभ स्वीकृत किये गये हैं तथा कितने परिवार अभी तक इन लाभों से वंचित हैं? (ग) क्या परियोजना प्रभावित परिवारों द्वारा पुनर्वास सूची से पात्र व्यक्तियों के छूट जाने, मुआवजा निर्धारण में त्रुटियों तथा पुनर्वास लाभों के वितरण में अनियमितताओं संबंधी शिकायतें की गई थी, जिसके फलस्वरूप पुनः सर्वेक्षण (Fresh Survey) कराये जाने का निर्णय लिया गया था? यदि हाँ, तो सर्वेक्षण की वर्तमान स्थिति एवं अब तक के प्रमुख निष्कर्ष क्या हैं?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) पन्ना जिले में केन-बेतवा परियोजना के अंतर्गत पन्ना जिले के कुल 07 ग्रामों के 1321 परिवारों का विस्थापन किया गया तथा कुल 08 ग्रामों के 644 खातेदारों (1699 कृषकों की भूमि) अधिग्रहण से प्रभावित है। छतरपुर जिले में अनुभाग-बिजावर जिला छतरपुर अन्तर्गत कुल 14 ग्राम एवं कुल 3718 परिवार विस्थापित भूमि अधिग्रहण अथवा डूब क्षेत्र से प्रभावित है। (ख) पन्ना जिले में प्रभावित परिवारों में से कुल 1321 परिवारों को पुनर्वास पैकेज एवं 644 खातेदारों (1699 कृषकों की भूमि) अधिग्रहण की जाकर मुआवजा राशि स्वीकृत की गई है तथा कोई भी परिवार इन लाभों से वंचित नहीं है। छतरपुर जिले में कुल 3718 परिवार में से समस्त 3718 परिवार को देय लाभ स्वीकृत कर दिये गये हैं। उत्तर दिनांक तक कोई परिवार स्वीकृत किये जाने से वंचित नहीं है। (ग) जी हाँ, पन्ना जिला परियोजना प्रभावित परिवारों द्वारा पुनर्वास सूची से पात्र व्यक्तियों के छूट जाने, मुआवजा निर्धारण में त्रुटियों तथा पुनर्वास लाभों के वितरण में अनियमितताओं संबंधी शिकायतें की गई थी, जिसके फलस्वरूप पुन: सर्वेक्षण (Fresh Survey) कराये जाने हेतु दल का गठन किया गया, जिसमें परियोजना में प्रभावित कोई पात्र व्यक्ति नहीं छूटा है, भूमि अर्जन पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 में निहित प्रावधानों के तहत मुआवजा निर्धारण किया गया है, जिसमें किसी प्रकार की त्रुटि नहीं की गई तथा पुनर्वास लाभों के वितरण में कोई अनियमितता नहीं पाई गई। जी हाँ, छतरपुर जिला परियोजना प्रभावित परिवारों द्वारा पुनर्वासन सूची में छूटे परिवारों को जोड़े जाने की शिकायतें की गई थी, जिसके निराकरण हेतु कार्यलयीन आदेश क्रमांक 195/भू-अर्जन/2026, दिनांक 15.04.2026 से सर्वेक्षण का कार्य करने हेतु ग्रामवार दल गठित कर सर्वे कार्य कराया गया। पूर्व में कुल 3080 परिवारों को निर्धारित लाभ स्वीकृत किये गये थे, सर्वेक्षण दलों द्वारा ग्रामवार रिर्पोट प्रस्तुत किये जाने पर अतिरिक्त 638 पात्र परिवारों को निर्धारित राशि स्वीकृत की जा चुकी है।
घटिया कार्यों की जांच कर ठेकेदारों को ब्लेक लिस्टेड किया जाना
[जल संसाधन]
6. ( *क्र. 959 ) श्री बाबू जन्डेल : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चम्बल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना श्योपुर में 175 करोड़ की लागत से निर्मित कार्य का उद्घाटन के 06 वर्षों के बाद भी अभी भी अधूरा है? जिससे किसानों को इस परियोजना का कोई लाभ नहीं मिला है? ऐसा क्यों? (ख) घटिया निर्माण कार्य के चलते कई बार पाइप-लाइन जगह-जगह फूट चुकी है, लिकेज होने से खेतों तक सिंचाई हेतु प्रेशर से पानी नहीं पहुंच रहा है? योजना पूरी तरह असफल हो चुकी है? क्या शासन प्रदेश स्तरीय तकनीकी एवं उच्च स्तरीय अधिकारियों का दल गठित कर स्थानीय कृषकों के समक्ष परीक्षण एवं जांच कराई जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों कारण बतावें? (ग) कलेक्टर जिला श्योपुर द्वारा कई बार उक्त परियोजना के परीक्षण हेतु विभागीय अधिकारियों को किसानों के समक्ष निरीक्षण, परीक्षण एवं जांच करने के आदेश/निर्देश दिये गये थे? यदि हाँ, तो प्रश्न दिनांक तक किसानों के समक्ष अधिकारियों द्वारा परीक्षण क्यों नहीं किया गया? यदि नहीं, तो कब तक करा लिया जावेगा? समय सीमा बतावें। यदि नहीं, तो क्यों? (घ) क्या उक्त परियोजना अभी भी गारंटी समय में है? यदि हाँ, तो संबंधित कंपनी ठेकेदार द्वारा डी.पी.आर. अनुसार कार्य न करने तथा घटिया निर्माण करने नकली, सामग्री का उपयोग करने एवं समय-समय पर संधारण एवं मरम्मत कार्य नहीं करने के कारण क्या म.प्र. शासन जल संसाधन विभाग द्वारा संबंधित कंपनी की धरोवर (एफ.डी. डिपोजिट) राशि जप्त कर संबंधित कंपनी को ब्लेक लिस्ट किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? समय सीमा बतावें। यदि नहीं, तो क्यों कारण बतावें?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) श्योपुर जिले के अंतर्गत चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति राशि रू. 167.58 करोड़ की दिनांक 27.07.2018 को प्रदान की गई थी। वर्ष 2023 में परियोजना के अंतर्गत जी.एम. 1 (सिंचित क्षेत्र 7088 हेक्टेयर) एवं जी.एम.-2 (सिंचित क्षेत्र 455.75 हेक्टेयर) पूर्ण कर लिया गया था तथा जी.एम.-3 (सिंचित क्षेत्र 4927.02 हेक्टेयर) का कार्य आंशिक रूप से पूर्ण किया जा चुका था। किसानों को परियोजना से त्वरित लाभ प्रदान करने हेतु तत्कालीन माननीय मुख्यमंत्री महोदय के माध्यम से दिनांक 12.03.2023 को परियोजना का उद्घाटन किया गया था। उद्घाटन के उपरांत विगत 03 वर्षों में परियोजना से उपलब्ध कराई गई सिंचाई सुविधा का विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। परियोजना से पूर्ण रूप से सिंचाई न होने का मुख्य कारण निम्नानुसार प्रतिवेदित है :- 1. कमाण्ड क्षेत्र में विगत वर्षों में पर्याप्त वर्षा होने के कारण कृषकों के निजी बोरवेल एवं खेत तालाबों में पानी की उपलब्धता होना। 2. राजस्थान, जल संसाधन विभाग द्वारा ग्रीष्मऋतु में जी.एम. 3 के कमाण्ड क्षेत्र (4927.02 हेक्टेयर) की टेस्टिंग हेतु चंबल दाहिनी मुख्य नहर में पानी उपलब्ध न कराना। 3. श्योपुर जिले में चंबल दाहिनी मुख्य नहर प्रणाली होने के कारण क्षेत्र के कृषक फ्लो सिंचाई से अवगत है, इस नई तकनीक से वाकिफ होने एवं इसे अपनाने का माईंडसेट कृषकों का न होने के कारण पाईप प्रणाली को बार-बार क्षतिग्रस्त करना, ओ.एम.एस. बॉक्स को क्षतिग्रस्त करना इत्यादि घटनाएं आम हो गई है, जिससे उक्त परियोजना के सफल संचालन में समस्या उत्पन्न होना। (ख) परियोजना का कार्य आई.एस. कोड, विभागीय तकनीकी सर्कुलर एवं विभागीय स्पेसिफिकेशन के अनुरूप समस्त तकनीकी परीक्षण/टेस्टिंग उपरांत गुणवत्तापूर्वक कराया जाना प्रतिवेदित है। कृषकों के द्वारा पाइप-लाइन को अनेक स्थानों पर क्षतिग्रस्त करने के कारण लीकेज की समस्या का सामना करना पड़ता है, जिसे एजेन्सी द्वारा तुरन्त ठीक किया जाता है। यह कहना कि परियोजना पूरी तरह असफल है, असत्य है। परियोजना की तकनीकी जांच प्रमुख अभियंता, भोपाल द्वारा गठित दल के द्वारा स्थानीय कृषकों एवं कृषक प्रतिनिधियों के समक्ष दिनांक 24.07.2024 से 26.07.2024 तक एवं दिनांक 26.12.2024 को कराई जाना प्रतिवेदित है। अत: शेष प्रश्नांश का प्रश्न ही नहीं उठता है। (ग) कलेक्टर, जिला श्योपुर के द्वारा दिये गये निर्देशानुसार परिप्रेक्ष्य में विभाग द्वारा उत्तरांश 'घ' में वर्णित कार्यवाही की गई है। अत: शेष प्रश्नांश का कोई प्रश्न ही नहीं है। (घ) जी हाँ। निर्माण एजेन्सी द्वारा डी.पी.आर. के अनुसार एवं अनुबंध में निहित प्रावधान अनुसार कार्य कराया जाना प्रतिवेदित है। विभागीय तकनीकी परिपत्र/आई.एस. कोड एवं विभागीय स्पेसिफिकेशन अनुसार निर्माण सामग्री से संबंधित सभी गुणवत्ता परीक्षण कराये जाना प्रतिवेदित है। घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग का कथन निराधार है। वर्तमान में परियोजना निर्माणाधीन है एवं एजेन्सी द्वारा शेष कार्यों को पूर्ण किया जा रहा है। अनुबंधानुसार एजेन्सी द्वारा निर्माण कार्य प्रबंधन, संचालन और रख-रखाव न करने की स्थिति में अनुबंध में निहित प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही की जाती है। अतः शेष प्रश्न लागू नहीं होता है।
भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड की शक्तियां एवं कार्यप्रणाली
[परिवहन]
7. ( *क्र. 978 ) श्री चैन सिंह वरकड़े : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (B.C.L.L.) विभाग/प्रबंधन, किसी निविदाकार बस ऑपरेटर (Tenderer) को बिना कारण बताओ नोटिस दिये या बिना उसका पक्ष सुने सीधे पेनल्टी का आदेश दे सकता है? यदि हाँ, तो किस नियम, उप-विधि या अनुबंध की शर्तों के तहत? यदि ऐसा कोई नियम नहीं है, तो इस प्रकार सीधे शास्ति आरोपित करना क्या प्रशासनिक एवं वैधानिक प्रक्रियाओं का उल्लंघन नहीं है? (ख) क्या कोई ऑपरेटर पिछले 14 महीनों से लिखित रूप में अपनी पेनल्टी का विवरण या जवाब मांग रहा हो, तो B.C.L.L. प्रबंधन द्वारा विवरण न देकर मुख्य कार्यपालन अधिकारी (C.E.O.) द्वारा प्रकरण को टालना या गुमराह करना कानूनन कितना वैध है? (ग) क्या मध्य प्रदेश शासन का कोई नियम या प्रशासनिक आदेश बी.सी.एल.एल. के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को यह शक्ति देता है कि वह महापौर, जो कि बी.सी.एल.एल. की अध्यक्ष हैं, द्वारा जारी नोटशीट का समय सीमा में जवाब न दें या उसकी अवहेलना करें? (घ) क्या सिविल सेवा आचरण नियमों या सामान्य प्रशासन विभाग (G.A.D.) के निर्देशों के तहत किसी भी लोक सेवक या सी.ई.ओ. को यह अधिकार है कि वह माननीय विधायक द्वारा प्रेषित शासकीय पत्रों का जवाब न दें या उनकी उपेक्षा करें? यदि उपर्युक्त कृत्य (महापौर की नोटशीट एवं विधायक के पत्र का जवाब न देना तथा ऑपरेटर को गुमराह करना) नियमों के विरुद्ध है, तो क्या राज्य शासन ऐसे मनमाने ढंग से कार्य करने वाले सी.ई.ओ. के विरुद्ध अनुशासनात्मक या दंडात्मक कार्रवाई करने का विचार रखता है? यदि हाँ, तो कब तक और क्या कार्रवाई की जायेगी?
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। अनुबंध की शर्तों के अनुसार पेनाल्टी का नोटिस दिया जाता है एवं गुण-दोष के आधार पर निर्णय लिया जाता है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) मेसर्स कैपिटल रोडवेज एंड फाइनेंस प्रा.लि. (बस ऑपरेटर) द्वारा निविदा क्रमांक 13 के अंतर्गत जमा की गई Adjustable Security Deposit की राशि को वापस किये जाने की मांग की गई थी। परन्तु उक्त बस ऑपरेटर द्वारा बसों का संचालन नहीं करने की स्थिति में बस ऑपरेटर के विरुद्ध पेनल्टी अधिरोपित की गई है। बस ऑपरेटर की उक्त Adjustable Security Deposit वापसी संबंधी प्रकरण बी.सी.एल.एल. की 41वीं बोर्ड बैठक दिनांक 04.04.2025 एवं 43वीं बोर्ड बैठक दिनांक 25.02.2026 में प्रस्तुत किया गया था, परन्तु प्रकरण को आगामी बोर्ड बैठक में रखे जाने का निर्णय लिया गया, साथ ही मेसर्स कैपिटल रोडवेज एंड फाइनेंस प्रा.लि. द्वारा मान. उच्च न्यायालय में दायर प्रकरण क्रमांक WP/40149/2025 में न्यायालय द्वारा दिनांक 12.01.2026 को आदेश पारित किया गया है, जिसकी प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। माननीय द्वारा पारित निर्णय के परिपालन में मेसर्स कैपिटल रोडवेज एंड फाइनेंस प्रा.लि. द्वारा सक्षम प्राधिकारी के समक्ष ही कार्यवाही किया जाना है, अत: प्रकरण मुख्य कार्यपालन अधिकारी के कार्यक्षेत्र से बाहर होने के कारण शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। (घ) जी नहीं। मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों के अनुसार जनप्रतिनिधियों से प्राप्त पत्रों पर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जाती है। सक्षम प्राधिकारी से प्राप्त माननीय विधायक महोदय के पत्रों के संबंध में नियमानुसार अभिस्वीकृति पत्र प्रेषित किये जाते हैं तथा पत्र में उल्लेखित विषयों के संबंध में कार्यालय में उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर परीक्षण उपरांत तथ्यात्मक प्रतिवेदन तैयार कर जानकारी संबंधित विभाग को प्रेषित की गई है। अतः अनुशासनात्मक अथवा दंडात्मक कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
पट्टे की शर्तों का उल्लंघन
[राजस्व]
8. ( *क्र. 117 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के अतारांकित प्रश्न क्र. 1100, दिनांक 04.12.2025 के उत्तरांश (ख) में दी गई जानकारी अनुसार पट्टाग्रहिता द्वारा दुकान हेतु आवंटित पट्टे की शर्तों की उल्लंघन की शिकायतों की जाँच हेतु न्यायालय नजूल अधिकारी नर्मदापुरम में राजस्व प्रकरण क्रमांक 0031/ब-121/2025-26 दर्ज किया गया है? (ख) क्या उक्त प्रकरण में राजस्व निरीक्षक द्वारा जांच प्रतिवेदन दे दिया गया है? यदि हाँ, तो प्रतिवेदन उपलब्ध करावें। (ग) शासन द्वारा आवंटित पट्टे की शर्त अनुसार शर्तों का उल्लंघन करने पर क्या पट्टा स्वमेव निरस्त हो जावेगा। क्या इसका पालन किया गया? यदि नहीं, तो क्यों, इसका उत्तरदायित्व किसका था। पट्टेधारी द्वारा पट्टे की किन-किन शर्तों का उल्लंघन किया गया? (घ) पट्टा ग्रहिता द्वारा सीढ़ी बनाने, बिना अनुमति दुकान पर द्वितीय तल बनाने एवं पट्टे की शर्तों के उल्लंघन के संबंध में नर्मदापुरम के कलेक्टर नजूल अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी को विगत पांच वर्षों में सी.एम. हेल्पलाइन सहित कब-कब, कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं? (ड.) क्या शर्तों के उल्लंघन के बाद भी पट्टाधारी का पट्टे का नवीनीकरण कर दिया गया है? यदि हाँ, तो कब एवं किस अधिकारी द्वारा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ, राजस्व निरीक्षक के जांच प्रतिवेदन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'क' अनुसार है। (ग) नजूल निर्वर्तन निर्देश 2020 की कंडिका 82 (1) अनुसार स्थायी पट्टे की शर्त उल्लंघन या अपालन प्रतिवेदित होने या पाए जाने पर सक्षम अधिकारी पट्टेदार को सुनवाई का समुचित अवसर प्रदान करने के उपरांत प्रकरण का निराकरण करेगा। इसी प्रकार नजूल निर्वर्तन निर्देश 2020 की कंडिका 82 (2) के अनुसार सक्षम अधिकारी शमन राशि लेकर पुनप्रविश के अधिकार का त्यजन करते हुए शर्त उल्लंघन के मामले का निराकरण करेगा। प्रस्तुत प्रकरण में शिकायत में उल्लेखित पट्टा दिनांक 07 अप्रैल, 2012 की अवधि अवसान उपरांत शर्त उल्लंघन का शमन करते हुए नवीनीकृत पट्टा दिनांक 08.07.2025 को जारी किया जा चुका है एवं पट्टे का पंजीयन भी दिनांक 18.08.2025 को किये जाने से शेष जानकारी निरंक है। (घ) पट्टा ग्रहिता द्वारा सीढ़ी बनाने, बिना अनुमति दुकान पर द्वितीय तल बनाने एवं पट्टे की शर्तों के उल्लंघन के संबंध में नजूल अधिकारी नर्मदापुरम के कार्यालय के सी.एम. हेल्पलाईन पोर्टल पर विगत तीन वर्षों में कोई भी शिकायत प्रदर्शित नहीं हो रही है। इसके अतिरिक्त उक्त संबंध में शिकायती पत्र दिनांक 10.11.2025, दिनांक 08.12.2025 व दिनांक 29.12.2025 को प्राप्त हुये हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ख' अनुसार है। (ड.) जी हाँ। सक्षम अधिकारी अपर कलेक्टर श्री डी.के. सिंह द्वारा पट्टे की शर्त उल्लंघन का शमन करते हुए नवीनीकृत पट्टा दिनांक 08.07.2025 को जारी किया जा चुका है एवं पट्टे का पंजीयन भी दिनांक 18.08.2025 को किया जा चुका है।
वसीयत के आधार पर फौती नामांतरण के प्रकरण
[राजस्व]
9. ( *क्र. 1020 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वसीयत के आधार पर फौती नामांतरण के लिये शासन के क्या नियम निर्देश हैं? क्या प्रकरणों के निराकरण की समय सीमा निर्धारित है? नियम निर्देशों की प्रति उपलब्ध करायें। (ख) ग्वालियर एवं शिवपुरी जिले में 1 जनवरी, 2022 से प्रश्न दिनांक तक वसीयत के आधार पर फौती नामांतरण के कितने प्रकरण प्राप्त हुए हैं? तहसीलवार जानकारी दें। प्राप्त प्रकरणों में से कितने प्रकरणों के निराकरण हुए हैं, कितने लंबित हैं? वर्षवार तहसीलवार जानकारी दें। (ग) ग्वालियर जिले की भितरवार, घाटीगांव तहसील एवं शिवपुरी जिले की पोहरी तहसील में प्रश्नांश ''ख'' अवधि में किन-किन आवेदकों ने कब-कब वसीयत के आधार पर फौती नामांतरण कराने हेतु आवेदन दिये गये? आवेदकों की ग्रामवार, नामवार जानकारी दें। क्या राजस्व अभियान अन्तर्गत आवेदन प्राप्त हुए हैं? यदि हाँ, तो कितने? (घ) प्रश्नांश (ख) अवधि में प्रश्नांश (ग) में उल्लेखित तहसीलों के कितने प्रकरण मान्य, अमान्य किये गये? कितने लंबित हैं? मान्य, अमान्य एवं लंबित रहने की सूचना आवेदकों को दी गई या नहीं? यदि हाँ, तो पत्रों की छायाप्रति उपलब्ध करावें। क्या सूचना नहीं देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर शासन कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक समय सीमा बताएं? यदि नहीं, तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 109 एवं 110 के तहत वसीयत के आधार पर फौती के नामांतरण किये जाते हैं। जी हाँ। निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार है। (ग) जिला ग्वालियर की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स' एवं जिला शिवपुरी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'द' अनुसार है। (घ) मान्य, अमान्य एवं लंबित प्रकरणों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'द' अनुसार है। मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता संशोधित अधिनियम के तहत नियमानुसार सभी प्रकरणों का गुणदोष के आधार पर निराकरण किया गया है, जो आर.सी.एम.एस. पोर्टल पर अपलोड किया जाता है, जिस पर आवेदक स्वयं जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। शेष जानकारी निरंक है।
सर्वशिक्षा अभियान अंतर्गत छात्रावासों में वार्डनों की नियुक्ति
[स्कूल शिक्षा]
10. ( *क्र. 1151 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रीवा एवं मऊगंज में सर्व शिक्षा अभियान अंतर्गत संचालित बालिका एवं कस्तूरबा छात्रावासों में 03 वर्ष से अधिक समय से पदस्थ वार्डनों की सूची उपलब्ध करावें? उक्त वार्डनों का कार्यकाल पूरा होने के बाद भी अब तक उन्हें मुक्त नहीं करने हेतु दोषी जिला परियोजना समन्वयकों की सूची उपलब्ध करावें। (ख) जिला रीवा एवं मऊगंज अंतर्गत बिना विज्ञापन प्रक्रिया का पालन किये ही वार्डनों की नियुक्ति प्रक्रिया किन जिलों में पूरी की गई है? पिछले 05 वर्षों में नियुक्त वार्डनों की नियुक्ति प्रक्रिया तथा 03 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के बाद भी उन्हें किन्हीं न किन्हीं कारणों से यथावत रखने हेतु चलाई गई नस्तियों तथा उक्त चलाने वाली नस्तियों के प्रभारी लिपिकों, डी.पी.सी., मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा कलेक्टरों की जिलावार सूची तथा नस्ती की प्रतियां उपलब्ध करावें। (ग) रीवा एवं मऊगंज जिलों सहित संपूर्ण म.प्र. में 05 वर्ष से अधिक समय से पदस्थ वार्डनों के कार्यकाल की जाँच क्या वित्त विभाग/ए.जी. ऑडिट दल से कराई गई? क्षेत्र से सामान्यतया शिकायतें आती हैं कि अधिक दिनों से पदस्थ वार्डनों द्वारा आर्थिक अनियमितता करते हुए छात्राओं को प्रावधानित सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जाती है। 03 वर्ष से अधिक समय से पदस्थ वार्डनों को कब तक हटाया जावेगा एवं 05 वर्ष से अधिक समय से पदस्थ वार्डनों को अब तक नहीं हटाने वाले कौन अधिकारी जिम्मेदार हैं अथवा उनके विरुद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जिला रीवा एवं मऊगंज की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 एवं 2 अनुसार है। (ख) जिला रीवा एवं मऊगंज में नियमानुसार प्रक्रिया का पालन करते हुये वार्डनों की नियुक्ति की गयी है। शेषांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3, 4, 5 अनुसार है। (ग) जी हाँ। शिकायत प्राप्त होने की स्थिति में जांच कराकर नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। जिला रीवा एवं मऊगंज के शेषांश भाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 6 अनुसार है।
भवन विहीन शालाओं का भवन निर्माण किया जाना
[स्कूल शिक्षा]
11. ( *क्र. 152 ) श्री वीरेन्द्र सिंह लोधी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान समय में संपूर्ण प्रदेश में भवन विहीन शालाओं के भवन निर्माण की क्या मंशा है? यदि हाँ, तो कब तक भवनों का निर्माण किया जावेगा? (ख) संपूर्ण प्रदेश में क्षतिग्रस्त भवनों के जीर्णोद्धार की क्या योजना है? क्या इस शैक्षणिक सत्र में क्षतिग्रस्त भवनों का जीर्णोद्धार हो पायेगा? यदि हाँ, तो कब तक?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) प्रदेश में विगत 02 वर्षों में 230 भवन विहीन प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं की स्वीकृति की गई है। विभाग अंतर्गत संपूर्ण प्रदेश में शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेन्डरी भवन क्रमशः माध्यमिक एवं हाई स्कूल के उन्नयन से अस्तित्व में आते हैं। अतः उन्नत हुए माध्यमिक शाला एवं हाई स्कूल के भवन ही क्रमशः हाई स्कूल और हायर सेकेन्डरी स्कूल भवन हैं। अतः कोई भी शासकीय हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन विहीन नहीं हैं, अपितु विद्यार्थी नामांकन के अनुसार अतिरिक्त आवश्यकता होने पर उपलब्ध बजट अनुसार आवश्यक अधोसंरचना निर्माण किया जाता है। आवश्यक अधोसंरचना निर्माण कार्य बजट की उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर करता है। अतः निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) प्रदेश में क्षतिग्रस्त भवनों के विरूद्ध 2656 प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं के नवीन भवन स्वीकृत किये गये हैं। विगत 02 वर्षों में 7115 विशेष मरम्मत के कार्य स्वीकृत किये गये हैं। वर्तमान में शैक्षणिक सत्र में शेष कार्यों की स्वीकृति, बजट की उपलब्धता पर निर्भर करेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। विभाग अंतर्गत संपूर्ण प्रदेश में शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेन्डरी स्कूल भवन के क्षतिग्रस्त भवनों में कक्षा संचालित नहीं करने के निर्देश हैं। ऐसे भवनों के जीर्णोद्धार की कोई योजना नहीं है, अपितु विद्यार्थी नामांकन के आधार पर आवश्यकतानुसार बजट उपलब्धता अनुसार अतिरिक्त कक्ष निर्माण किया जाता है।
आदिवासी ब्लॉक में संचालित हॉस्पिटल
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
12. ( *क्र. 1072 ) डॉ. विक्रांत भूरिया : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के आदिवासी बहुल विकासखंडों में डॉक्टरों, विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं स्टाफ नर्सों के कितने पद स्वीकृत हैं और कितने पद रिक्त हैं? (ख) पिछले 5 वर्षों में आदिवासी ब्लॉक में मातृ मृत्यु एवं शिशु मृत्यु दर का विवरण क्या है? विस्तृत जानकारी प्रदान करें। (ग) प्रदेश में कुपोषित, अति कुपोषित (S.A.M.) एवं मध्यम कुपोषित (M.A.M.) बच्चों की वर्तमान संख्या क्या है? जिलेवार जानकारी दें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' एवं ''ब'' अनुसार है। (ख) भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय (Office of the Registrar General, India) के द्वारा जारी एस.आर.एस. (Sample Registration System) में मातृ मृत्यु दर की जानकारी ब्लॉकवार अथवा जिलेवार प्राप्त नहीं होती। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। भारत के महापंजीयक और जनगणना आयुक्त द्वारा जारी S.R.S. (Sample Registation System) सर्वे में शिशु मृत्यु दर की जानकारी जिलावार व विकासखण्ड आकलित नहीं की जाती है। (ग) प्रदेश में कुपोषित, अति कुपोषित (S.A.M.) एवं माध्यम कुपोषित (M.A.M.) बच्चों की वर्तमान संख्या की जिलेवार संख्यात्मक जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है।
सीधी-सिंगरौली के अंतर्गत सिंचाई बांध एवं नहर
[जल संसाधन]
13. ( *क्र. 572 ) श्री कुँवर सिंह टेकाम : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी एवं सिंगरौली जिले के अंतर्गत कितने सिंचाई बांध, एनीकट, लिफ्ट एरीगेशन संचालित हैं? नाम एवं सिंचित रकबा सहित जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्नांश 'क' के संदर्भ में सिंचाई बांध, एनीकट, लिफ्ट एरीगेशन के क्षतिग्रस्त सिंचाई नहरों का मरम्मत एवं सफाई का कार्य कब तक करा दिया जावेगा? समय सीमा बतायें। सिंचाई के लिये किसानों को पानी किस दिनांक से दिया जायेगा? बरचर बांध के सिंचाई नहरें पूर्णतः क्षतिग्रस्त एवं जर्जर हो चुके हैं, मरम्मत व सफाई का कार्य कब तक करा दिया जायेगा? समय सीमा बतायें। बरचर सिंचाई नहरों को पूरी तरह अतिक्रमण कर लिया गया है? अतिक्रमण कब तक हटा लिया जायेगा? समय सीमा बतायें। (ग) गौण सिंचाई परियोजना सिंगरौली का निर्माण कार्य प्रश्न दिनांक तक प्रारंभ नहीं किया गया है? कारण बतायें। निर्माण कार्य कब प्रारंभ किया जावेगा? समय सीमा बतायें। गौण सिंचाई परियोजना के अंतर्गत गोतरा भाग का निर्माण कार्य कब तक प्रारंभ कर दिया जावेगा? समय सीमा बतायें। निर्माण कार्य प्रारंभ होने में विलंब का कारण क्या है? (घ) सीधी जिले के अमहोरा सिंचाई बांध मड़वास का निर्माण कार्य अवरुद्ध क्यों है? निर्माण कार्य कब तक में प्रारंभ कराकर कब तक में पूर्ण करा दिया जावेगा? समय सीमा बतायें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) नहरों का मरम्मत कार्य रबी सिंचाई के पूर्व कराया जाना प्रस्तावित है। किसानों की मांग के अनुसार सिंचाई हेतु पानी प्रदाय किया जाये एवं विभाग सतत् प्रयासरत सक्षम है। बरचर परियोजना की नहरों में जहां भी अतिक्रमण है, उसे हटाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन होना प्रतिवेदित है। (ग) जी हाँ। परियोजना का निर्माण कार्य वन एवं पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त न होने के कारण प्रारंभ नहीं किया जा सका है। निश्चित समय सीमा बताया जाना संभव नहीं है। गोतरा बैराज की वन एवं पर्यावरण की स्वीकृति हेतु कार्यवाही वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय नई दिल्ली में प्रक्रियाधीन है। पर्यावरणीय स्वीकृति उपरान्त कार्य प्रारंभ संभव हो सकेगा। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) सीधी जिले के अमोहरा डोल तालाब योजना में संजय टायगर रिजर्व सीधी के कोर जोन में प्रभावित 11.963 हेक्टेयर वन भूमि की स्वीकृति न होने से निर्माण कार्य अवरूद्ध है। वन भूमि स्वीकृति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। स्वीकृति प्राप्त होने के उपरान्त कार्य प्रारंभ होना संभव हो सकेगा।
टीकमगढ़ में शासकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
14. ( *क्र. 1516 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा प्रश्न क्र. 1372, दिनांक 19 फरवरी, 2026 के माध्यम से टीकमगढ़ में शासकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना हेतु शासन का ध्यानाकर्षित कराया गया था? (ख) क्या पूर्व में टीकमगढ़ में शासकीय मेडिकल कॉलेज स्वीकृत किया गया था और बाद में पी.पी.पी. मोड पर किया गया है? शासन के ऐसे आदेशों की छायाप्रतियां प्रदाय करें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताएं कि जब प्रश्नकर्ता के प्रश्नांश (क) के उत्तर (घ) में बताया गया कि वर्तमान में टेंडर प्रक्रिया प्रचलन में है, टेंडर प्रक्रिया जारी होने के कारण सरकारी मेडिकल कॉलेज टीकमगढ़ में खोले जाने हेतु पुनः विचार किया जाना वर्तमान में संभव नहीं है। अब टेंडर प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है और पी.पी.पी. मोड पर कोई निविदाकार नहीं आ रहा है तो क्या अब शासन पुनः सरकारी मेडिकल कॉलेज खोलने पर विचार करेगा? स्पष्ट बतावें। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बताएं कि जब टीकमगढ़ जिले के चारों ओर ललितपुर (उ.प्र.) में, छतरपुर में, सागर और झांसी, दतिया में चारों ओर बुंदेलखण्ड की गरीबी को देखते हुए सरकारी मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, तो क्या टीकमगढ़ जिले की गरीबी को देखते हुए पी.पी.पी. मोड से मेडिकल कॉलेज हटाते हुए पुनः विचार करते हुए सरकारी मेडिकल कॉलेज टीकमगढ़ किये जाने हेतु शासन कब तक आदेश जारी करेगा?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। टीकमगढ़ में मेडिकल कॉलेज स्थापित किये जाने की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई थी। वर्तमान में पी.पी.पी. मोड पर टीकमगढ़ में मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाना है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ग) जी नहीं। वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के मद्देनजर शासकीय मेडिकल कॉलेज नहीं खोलने का निर्णय हुआ है। (घ) जी नहीं। शेष उत्तरांश ''ग'' अनुसार।
विधानसभा क्षेत्र सिरोंज-लटेरी में स्वास्थ्य सुविधाएं
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
15. ( *क्र. 1048 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या माननीय मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग द्वारा नवीन स्वास्थ्य संस्थाओं की स्थापना के अंतर्गत लटेरी में सिविल अस्पताल तथा पिपलियाहाट एवं उनारसीकलां में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्वीकृत किये गये हैं? यदि हाँ, तो प्रशासकीय स्वीकृति की प्रतिलिपि एवं निर्माण/संचालन प्रारंभ करने की समय-सीमा बताई जाये। (ख) विकासखंड सिरोंज एवं लटेरी में दिनांक 01.04.2023 से प्रश्न दिनांक तक स्वास्थ्य विभाग के स्वीकृत निर्माण कार्यों का विवरण, प्रशासकीय स्वीकृति की प्रतिलिपि, उप स्वास्थ्य केंद्र भवनों की पूर्णता समय-सीमा तथा कार्य एजेंसियों/ठेकेदारों को किये गये भुगतान का विवरण दिया जाये। (ग) सिविल अस्पताल सिरोंज में डायलिसिस एवं सोनोग्राफी सेवाएँ, आर.ओ. संयंत्र तथा सोनोग्राफी हेतु प्रशिक्षित चिकित्सकों की पदस्थापना कब तक होगी? समय-सीमा बताई जाये। (घ) प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आनंदपुर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा उप स्वास्थ्य केंद्र मुरारिया रतनबरी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन हेतु की गई कार्यवाही एवं स्वीकृति की संभावित समय-सीमा बताई जाए।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'', ''ब'' एवं ''स'' अनुसार है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार है। (ग) विभाग में रेडियोलॉजी विशेषज्ञों की कमी होने के कारण पदस्थापना की जाने में कठिनाई है। पदपूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है, निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) स्वास्थ्य केंद्रों का उन्नयन संसाधनों की उपलब्धता, जनसंख्या मापदंड, वर्तमान संस्था के उपयोग की स्थिति एवं उस क्षेत्र में उपलब्ध अन्य संस्थाओं के उपयोग की स्थिति आदि को देखते हुए प्राथमिकता निर्धारण के साथ किया जाता है। स्वीकृति की संभावित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
शासकीय हाई स्कूल बिजाना का उन्नयन
[स्कूल शिक्षा]
16. ( *क्र. 372 ) श्री अरूण भीमावद : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय हाई स्कूल बिजाना कौन से सन में प्रारंभ हुआ है? आरंभ होने के पश्चात कितने बालक/बालिकाओं में कक्षा 10वीं उत्तीर्ण की? संख्या बताएं। (ख) शास. हाईस्कूल बिजाना से शासकीय हायर सेकेण्ड्री की दूरी कितनी है, कौन-कौन से हायर सेकेण्ड्री संचालित हो रहे हैं? (ग) अभी तक कितने बालक/बालिकाओं उच्च अध्ययन करने से ड्रॉप आऊट हुए हैं? (घ) शासकीय हाई स्कूल बिजाना का उन्नयन शास. हायर सेकेण्ड्री में कब तक किया जावेगा? समयावधि बतलाने का कष्ट करें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) शासकीय हाईस्कूल बिजाना वर्ष 2002 से प्रारंभ हुआ है। आरंभ होने के पश्चात 273 बालक एवं 163 बालिकाओं ने कक्षा 10वीं उत्तीर्ण की। (ख) जानकारी परिशिष्ट अनुसार है। (ग) शाला प्रारंभ होने से उक्त शाला में आज तक लगभग 175 बालक/बालिकाएं ड्रॉप आउट हुए हैं। (घ) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
विद्यालय परिसर में निर्माणाधीन वाहन स्टैंड व अन्य कार्य
[स्कूल शिक्षा]
17. ( *क्र. 698 ) श्री निलेश पुसाराम उईके : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश की विधानसभा-क्षेत्र पांढुर्णा व जिला-पांढुर्णा में संचालित शासकीय हाईस्कूल व हायर सेकेंड्री स्कूल परिसर में वर्ष 2023 से आज दिनांक के मध्य वाहन/साईकिल स्टैंड निर्मित किये गये हैं व निर्माणाधीन हैं? यदि हाँ, तो उनकी लागत, स्थान, तकनीकी स्वीकृति, कार्य आदेश व कार्य पूर्णता प्रमाणपत्रों की जानकारी देवें। क्या उक्त वाहन/साईकिल स्टैंड अपने निर्माण के उपरांत अल्प अवधि में ही अव्यवस्थित/जर्जर हो गये हैं? यदि हाँ, तो क्यों? यदि नहीं, तो उनकी वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट सक्षम तकनीकी अधिकारी के द्वारा दी जावे। (ख) क्या जिला-पांढुर्णा व छिंदवाड़ा में संचालित शासकीय हाईस्कूल व हायरसेकेंड्री स्कूल परिसर व स्कूल भवन में वर्ष 2024 से आज दिनाँक तक कोई निर्माण व मरम्मत कार्य किये गये हैं एवं निर्माणधीन हैं? यदि हाँ, तो उनकी लागत-स्थानवार, कार्यआदेश, कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र व उक्त कार्यों की वर्तमान अद्यतन स्थिति की जानकारी देवें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। जी नहीं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'दो' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'तीन' अनुसार है।
रगी बांध में घटित क्रूज हादसे की जानकारी
[पर्यटन]
18. ( *क्र. 318 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दिनांक 30.04.2026 को बरगी बांध में घटित क्रूज हादसा जिसमें 13 पर्यटकों की मृत्यु हुई है, यह घोर मानवीय लापरवाही, अव्यवस्था, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एन.जी.टी.) द्वारा दिनांक 12.12.2023 को जारी नियमों का उल्लंघन व मौसम विभाग द्वारा एक दिन पूर्व ही जारी अलर्ट की अवहेलना के परिणाम स्वरूप उक्त दर्दनाक हादसा हुआ है? यदि हाँ, तो इस संबंध में जिला न्यायालय जबलपुर द्वारा कब-कब दिये गये निर्देश के तहत आरोपियों के विरूद्ध पुलिस थाना बरगी में कब एफ.आर.आई. दर्ज कर शासन एवं जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन ने कब क्या कार्यवाही की है? छायाप्रतियां दें। (ख) प्रश्नांकित घटित हादसे की उच्च स्तरीय जांच रिपोर्ट तीन दिन में देने बाबत् मान. मुख्यमंत्री, म.प्र. शासन द्वारा दिये गये निर्देश के पूर्व ही किसके आदेश से महत्वपूर्ण साक्ष्य क्रूज को नष्ट करने का क्या कारण है? शासन ने जाँच रिपोर्ट पर कब क्या कार्यवाही की है? जांच रिपोर्ट की छायाप्रति दें। (ग) प्रश्नांकित घटित हादसे में मृतकों के परिजनों व घायलों तथा हादसे में बचे पर्यटकों (व्यक्तियों को) राज्य शासन व मान. प्रधानमंत्री कार्यालय, नई दिल्ली द्वारा घोषित कितनी-कितनी राशि की आर्थिक सहायता कब कितने-कितने व्यक्तियों को दी गई है एवं कितने-कितने आर्थिक सहायता से वंचित हैं एवं क्यों? सूची दें। (घ) प्रश्नांकित घटित हादसा घायल पर्यटकों के समुचित इलाज की किस स्तर पर क्या व्यवस्था की गई? मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल में भर्ती घायलों से अभद्र व्यवहार करने व इलाज की राशि वसूल करने पर जिला प्रशासन ने कब क्या कार्यवाही की है?
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) दिनांक 30.04.2026 को बरगी बांध में घटित हादसे में 13 लोगों की मृत्यु हुई की न्यायिक जांच हेतु म.प्र. शासन द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ GAD/50/0001/2026-GAD-10-01 (GAD), दिनांक 10.05.2026 से एकल सदस्यी जांच आयोग गठित किया गया है, जिसकी जांच प्रचलित है। शेष की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार है। (ख) प्रश्नांकित घटित हादसे की जांच हेतु म.प्र. शासन द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ GAD/50/0001/2026-GAD-10-01 (GAD), दिनांक 10.05.2026 से न्यायिक जांच हेतु एकल सदस्यी जांच आयोग गठित किया गया है, जिसकी जांच प्रचलित है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (घ) जिला प्रशासन द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स' अनुसार है।
मैहर विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत खोह सिंचाई परियोजना
[जल संसाधन]
19. ( *क्र. 559 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मैहर-विधान सभा क्षेत्रान्तर्गत स्थित घुसडू नाला में बाँध निर्माण-कर खोह सिंचाई परियोजना का प्रोजेक्ट तैयार कर क्या विगत वर्षों से विभाग/शासन स्तर में प्रशासकीय स्वीकृति हेतु लम्बित है? (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में यदि हाँ, तो उक्त सिंचाई परियोजना को अभी तक प्रशासकीय स्वीकृति जारी न किये जाने की कार्यवाही क्यों नहीं की गयी है? क्या निकट भविष्य में कृषि उत्पादन में बढ़ावा देने एवं क्षेत्रीय किसानों के कृषि व्यवसाय की वृद्धि की दृष्टि से इस सिंचाई परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? कारण सहित जानकारी दी जावे।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। परियोजना का डी.पी.आर. रूपये 7345.83 लाख का तैयार कर तकनीकी परीक्षण हेतु मुख्य अभियंता बोधी कार्यालय भोपाल को प्रेषित किया गया है। तकनीकी रूप से परीक्षण उपरान्त परियोजना को तकनीकी रूप से साध्य होने पर परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति संभव हो सकेगी। वर्तमान में निश्चित समय सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्न लागू नहीं होता है।
नहर की शासकीय भूमि पर अवैध रूप से अतिक्रमण
[जल संसाधन]
20. ( *क्र. 1009 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जल-संसाधन विभाग की चंबल 5L शाखा नहर से संबंधित शासकीय भूमि, ग्राम नगर कैलारस, तहसील कैलारस, जिला मुरैना में स्थित सर्वे क्रमांक-461/1 र.105, 252/2 र, 355, 253/2 र.272, 254/2 र.387, 308/1 र.10, 307 र.502, 295/2 र.4, 305 र.240, 303/2 ग र.303, 427/2 र.282, 429/2 र.324, 260, 261, 303/1ख, 412, 424, 430, 953, 946, 945, 948 पर बड़े पैमाने पर अवैध प्लाटिंग एवं अतिक्रमण किये जाने का मामला शासन के संज्ञान में है? यदि हाँ, तो जल-संसाधन विभाग उपखंड कैलारस द्वारा दिनांक 13.11.2020 को S.D.M. सबलगढ़ को प्रेषित पत्र में जिन सर्वे नंबरों को चंबल 5L शाखा नहर एवं नहर भूमि के रूप में चिन्हित किया गया था, उनकी कुल रकबा/भूमि कितनी है? उक्त भूमि में से वर्तमान में कितने क्षेत्रफल पर अवैध प्लाटिंग, निर्माण/अन्य प्रकार का अतिक्रमण पाया गया है? संपूर्ण जानकारी दस्तावेजों सहित प्रदान करें। (ख) क्या प्रश्नांश ''क'' अनुसार भूमि में से लगभग 7.30 एकड़ शासकीय/सिंचाई विभाग की भूमि पर अवैध प्लाटिंग कर करोड़ों रुपये का लाभ अर्जित किया गया है? यदि हाँ, तो संबंधित व्यक्तियों के नाम एवं उनके विरुद्ध की गई कार्रवाई का विवरण दें? (ग) 2020 से भूमि की जांच हेतु कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं तथा उन पर क्या कार्यवाही की गई? क्या शासन इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराकर शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा दोषी भू-माफियाओं एवं विभागीय अधिकारियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करायेगा? यदि हाँ, तो समय-सीमा सहित विवरण दें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ। जल संसाधन उपखण्ड कैलारस द्वारा दिनांक 13.11.2020 को S.D.M. सबलगढ़ को 5L शाखा नहर की शासकीय भूमि पर अतिक्रमण के संबंध में कोई पत्र प्रेषित नहीं किया जाना प्रतिवेदित है। 5L शाखा नहर के कई शासकीय नम्बरों में अतिक्रमण एवं अवैध प्लाटिंग पाई है, जिसके सीमांकन करने एवं अतिक्रमण हटाने हेतु राजस्व विभाग को लेख किया गया है, पत्रों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट (पेज क्र. 1-4) अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न लागू नहीं होता है। (ग) वर्ष 2020 से भूमि की जांच हेतु 03 व्यक्तियों की शिकायत प्राप्त होना प्रतिवेदित है। शिकायतों के निराकरण हेतु भूमि के सीमांकन एवं नहर के एलाइनमेंट को नक्शे में अंकित करने हेतु राजस्व विभाग को पत्र लिखा गया है, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा सीमांकन हेतु दिनांक 03.12.2025 को दल भी गठित किया गया है। जांच की कार्यवाही प्रचलन में होना प्रतिवेदित है। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर गुणदोष के आधार पर कार्यवाही की जा सकेगी। निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का संचालन
[जल संसाधन]
21. ( *क्र. 830 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अनूपपुर में सिंचाई योजना कहाँ-कहाँ संचालित है? जिला अनूपपुर में अब तक प्रधानमंत्री सिंचाई योजना में कितनी भूमि सिंचित हो रही है तथा इसके लिये भारत सरकार से कितनी राशि आवंटित हुई है? विगत 3 वर्षों की जानकारी विकासखण्डवार पृथक-पृथक उपलब्ध करावें। (ख) प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के अंतर्गत जिले के कितने कृषकों को सिंचाई योजना का लाभ प्राप्त है तथा कृषक कितने हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई का लाभ लेकर फसल उत्पादन कर रहे हैं? इस योजना के लिये कृषकों के चयन की प्रक्रिया क्या है? विकासखण्डवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार भारत सरकार के द्वारा प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के तहत कृषकों को सिंचाई योजना का लाभ पहुँचाने का क्या प्रावधान तैयार किया गया है तथा कृषकों को उक्त योजना का लाम कैसे मिलता है? (घ) अनूपपुर विधानसभा क्षेत्र सहित प्रश्न दिनांक तक कितने कृषकों को उक्त योजना से जोड़कर लाभान्वित किया गया है तथा उन्हें कौन-कौन सी अनुदान योजना का लाभ दिया जा चुका है? स्वीकृत एवं वितरित अनुदान का वर्षवार विवरण दें। (ड.) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार कृषकों को प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के तहत प्रदान की गई अनुदान की स्वीकृति एवं वितरित राशि व सामग्री की विभाग द्वारा वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) विवरण संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। राशि रू. 4428.32 लाख आवंटित हुई है, विवरण संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब" अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ" अनुसार है। (ग) जी नहीं। योजनाओं से कृषकों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराकर कृषकों को योजना का लाभ प्रदान किया जाना प्रतिवेदित है। (घ) विवरण संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ" अनुसार है। कृषकों को किसी भी प्रकार की अनुदान योजना का लाभ दिये जाने का विभाग में प्रावधान नहीं होना प्रतिवेदित है। (ड.) प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के तहत किसी भी प्रकार की अनुदान राशि व सामग्री वितरण किये जाने का प्रावधान नहीं होना प्रतिवेदित है। अत: शेष प्रश्नांश लागू नहीं होता है।
प्रदेश में बंद हुए सरकारी स्कूलों की जानकारी
[स्कूल शिक्षा]
22. ( *क्र. 741 ) श्री अजय अर्जुन सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विगत पांच वर्षों के दौरान मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल बंद किये गये हैं? यदि हाँ, तो प्रदेश में बंद हुए स्कूलों की कुल संख्या क्या है? वर्तमान में संचालित सरकारी एवं निजी स्कूलों का जिलावार विवरण क्या है? (ख) इन स्कूलों को बंद करने का मुख्य कारण क्या रहा है? (ग) क्या विभाग को इस बात की जानकारी है कि सरकारी स्कूलों में नामांकन में कमी आई है, जबकि निजी स्कूलों में यह संख्या बड़ी है? क्या सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं और शिक्षकों की कमी इस गिरावट का मुख्य कारण है? (घ) क्या सरकार प्रदेश में सरकारी शिक्षा तंत्र को मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूलों को बंद होने से बचाने के लिये कोई नई योजना बना रही है? यदि हाँ, तो सांदीपनी स्कूल योजना के अतिरिक्त अन्य सामान्य सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने हेतु क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। अपितु एक परिसर एक शाला योजना एवं सांदीपनी विद्यालयों में प्रावधान अनुसार शालाओं को मर्ज किया गया है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। जी नहीं। (घ) स्कूलों को बंद करने का प्रावधान नहीं है। अपितु शून्य नामांकन वाली शालायें असंचालित रहती हैं। स्कूल चलें हम अभियान एवं चाइल्ड ट्रैकिंग के माध्यम से छात्रों का पुन: नामांकन करते हुए इन शालाओं को संचालित करने का प्रयास किया जाता है। इसके अतिरिक्त आंगनवाड़ी केन्द्रों से प्राथमिक शाला की मैपिंग/को-लोकेशन भी की जा रही है, जिससे न्यूनतम कक्षा में प्रवेश सुनिश्चित हो सके।
शिक्षकों के रिक्त पदों पर लंबित नियमित भर्ती
[स्कूल शिक्षा]
23. ( *क्र. 917 ) श्री नितेन्द्र बृजेन्द्र सिंह राठौर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्तर पर स्वीकृत पदों के विरुद्ध कार्यरत एवं रिक्त शिक्षकों की संख्या कितनी है? श्रेणीवार एवं जिलावार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रदेश में ऐसे कितने विद्यालय हैं, जहाँ केवल एक शिक्षक के भरोसे शिक्षा व्यवस्था संचालित हो रही है? क्या सरकार इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप मानती है? (ग) प्रदेश की शालाओं में शिक्षकों के पद रिक्त हैं, शासन द्वारा पात्रता परीक्षा भी संपन्न हो चुकी है तथा परीक्षा परिणाम भी जारी हो चुका है, परन्तु अभ्यर्थियों को नियुक्ति आदेश जारी नहीं किये गये हैं, क्या कारण हैं? (घ) प्रदेश में ऐसी कितनी माध्यमिक शालायें हैं, जहा हमारी मात्र भाषा हिन्दी विषय पढ़ाने वाले विषय शिक्षक ही नहीं हैं, क्या सरकार का ध्यान मात्र भाषा की शिक्षा पर नहीं है? यदि नहीं, तो क्यों? यदि है तो प्रदेश में कब तक सभी विद्यालयों में हिन्दी विषय पढ़ाने वाले शिक्षक उपलब्ध हो जायेंगे?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रदेश में एकल शिक्षकीय शालाओं में नियमित शिक्षक पदस्थ हैं एवं शेष रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था है। (ग) माध्यमिक शिक्षकों के विषयमान से एवं प्राथमिक शिक्षक खेल, नृत्य, गायन, वादन की चयन सूची से नियुक्ति आदेश जारी किये गये हैं। रिक्त पदों की पूर्ति एक सतत् प्रक्रिया है। (घ) शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत न्यूनतम तीन शिक्षकों का प्रावधान होने से सामाजिक विज्ञान के शिक्षक द्वारा हिन्दी भाषा का अध्ययन कराया जाता है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर की स्थाई पदस्थापना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
24. ( *क्र. 404 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) COLDRIF SYRUP घटना के उपरांत डॉक्टरों के निलंबित होने के बाद सिविल अस्पताल परासिया में शिशुरोग विशेषज्ञ डॉक्टर की स्थाई पदस्थापना के संबंध में प्रश्नकर्ता द्वारा दिनांक 07.05.2026 को 1 दिवसीय अनशन उपरांत धरना प्रदर्शन किये जाने की सूचना जिला कलेक्टर एवं C.M.H.O. व अन्य अधिकारी को दी गई थी, सूचना उपरांत C.M.H.O. छिंदवाड़ा द्वारा तात्कालिक व्यवस्था अस्थाई तौर पर जिला अस्पताल छिंदवाड़ा में पदस्थ 2 शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर की सप्ताह में 3 दिन सिविल अस्पताल परासिया में सेवाएं देने हेतु ड्यूटी लगाई गई और अनशन धरना प्रदर्शन के दिन C.M.H.O. द्वारा धरना स्थल पर उपस्थित होकर उनके कार्यालीन पत्र क्रमांक/स्था/राज/2026/11135, छिंदवाड़ा दिनांक 07.05.2026 के माध्यम से 1 माह के भीतर शिशुरोग विशेषज्ञ की पदस्थापना कराये जाने हेतु लिखित आश्वासन देकर अनशन धरना प्रदर्शन समाप्त कराया था, परन्तु प्रश्न दिनांक तक सिविल अस्पताल परासिया में शिशुरोग विशेषज्ञ डॉक्टर की स्थाई पदस्थापना नहीं की गई है, क्या कारण है? कब तक शिशुरोग विशेषज्ञ डॉक्टर की स्थाई पदस्थापना कर दी जायेगी? (ख) सिविल अस्पताल परासिया में शिशुरोग विशेषज्ञ डॉक्टर की पदस्थापना किये जाने के संबंध में प्रश्नकर्ता द्वारा मान. उप मुख्यमंत्री महोदय को पत्र क्र. 689, दिनांक 01.12.2025 व अनुस्मरण-1 पत्र क्र. 82, दिनांक 16.02.2026 मान. प्रभारी मंत्री महोदय छिंदवाड़ा को पत्र क्र. 198, दिनांक 25.04.2026 एवं जिला कलेक्टर पत्र क्र. 657, दिनांक 20.11.2025 व C.M.H.O. छिंदवाड़ा S.D.M. परासिया, B.M.O. परासिया को पत्र क्र. 194, दिनांक 25.04.2026 को प्रेषित किया गया था, जिन पत्रों पर अब तक क्या कार्यवाही की गई है? (ग) 100 बिस्तर अस्पताल के लिये शासन-विभाग का जो मानक निश्चित है, उसके अनुसार भी अस्पताल परासिया में पर्याप्त विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, कब तक निर्धारित मानक अनुसार स्टाफ व अन्य सुविधाएं सिविल अस्पताल परासिया में उपलब्ध करा दी जायेंगी?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। यह सही है कि सिविल अस्पताल परासिया में शिशुरोग विशेषज्ञ की पदस्थापना नहीं की जा सकी है। संचालनालय के आदेश क्रमांक 1/विज्ञप्त/सेल-संविदा/2026/301, दिनांक 01 अप्रैल, 2026 के द्वारा 01 शिशुरोग पीजी बंधपत्र चिकित्सक सहित 05 पीजी बंधपत्र चिकित्सकों की पदस्थापना की गई थी, किन्तु संबंधित बंधपत्र चिकित्सकों द्वारा कार्यभार ग्रहण नहीं किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा स्थानीय स्तर पर 02 शिशुरोग विशेषज्ञों की ड्यूटी लगाई गई है। पदपूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्तरांश "क" अनुसार पदपूर्ति की कार्यवाही निरंतर प्रक्रिया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) नियमित, संविदा एन.एच.एम., बंधपत्र एवं आउटसोर्स के माध्यम से आवश्कतानुसार चिकित्सक/कर्मचारियों की पदपूर्ति की कार्यवाही एक निरंतर प्रक्रिया है। स्वास्थ्य केन्द्रों में मापदण्ड अनुसार उपकरण एवं अन्य सुविधाएँ वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता अनुसार प्रदान की जाने की कार्यवाही निरंतर प्रक्रिया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
शिल्पी गृह निर्माण सहकारी समिति के भू-खण्डों की जानकारी
[राजस्व]
25. ( *क्र. 895 ) डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शिल्पी गृह निर्माण सहकारी समिति, अकबरपुर भोपाल जो कि खसरा क्रमांक 62/1/2 एवं 62/1/1 रकबा 5 एकड़ भूमि जो कि सरपंच द्वारा अनुमोदित अभिन्यास अनुसार मौके पर स्थित है अथवा नहीं, इसकी पुष्टि करते हुए स्थल का सीमांकन कर मौके पर रिक्त भू-खण्डों की जानकारी, नाले की स्पष्ट स्थिति, कितने भू-खण्डों पर सर्वजन कॉलोनी के भवन निर्मित हैं, की जानकारी मांगी गई थी, अभी तक संबंधित अधिकारी द्वारा जानकारी मुख्य नगर निवेशक, नगरपालिक निगम भोपाल को क्यों नहीं भेजी गई, जानकारी कब तक भेजी जायेगी? (ख) उक्त कॉलोनी की सीमाओं का निर्धारण ले-आउट मैपिंग कर ले-आउट को गूगल मैप पर तकनीकी विशेषज्ञ से यथास्थान पर बैठ कर, उसकी प्रमाणित प्रति मुख्य नगर निवेशक, नगरपालिक निगम भोपाल, छठवां तल, मुख्यालय भवन, तुलसी नगर, सेकेण्ड स्टाप को कब तक उपलब्ध करा दी जायेगी?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) सीमांकन हेतु दल गठित कर दिया गया है। नियमानुसार सीमांकन कराया जाकर प्रतिवेदन एवं वस्तुस्थिति की जानकारी प्रेषित की जावेगी। (ख) दल द्वारा सीमांकन उपरांत सीमांकन प्रतिवेदन मुख्य नगर निवेशक को प्रेषित कर दिया जायेगा। शेष प्रश्न की कार्यवाही कॉलोनी की सीमाओं का निर्धारण ले-आउट मैपिंग कर ले-आउट को गूगल मैप पर तकनीकी विशेषज्ञ से कराये जाने संबंधी नगर तथा ग्राम निवेश विभाग से संबंधित है।
भाग-2
नियम
46 (2) के अंतर्गत
अतारांकित प्रश्नोत्तर
के रुप में परिवर्तित
तारांकित प्रश्नोत्तर
पवई
विधानसभा क्षेत्र
में चिकित्सीय
स्टाफ की पदस्थापना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
1. ( क्र. 4 ) श्री प्रहलाद लोधी : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पवई विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) एवं उप-स्वास्थ्य केंद्रों की वर्तमान संख्या कितनी है? इनमें से कितने केंद्र जर्जर स्थिति में हैं? (ख) उक्त केंद्रों में डॉक्टरों, विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य पैरामेडिकल कर्मचारियों के स्वीकृत पद कितने हैं और वर्तमान में कितने पद रिक्त हैं? (ग) क्या पूरे पवई विधानसभा क्षेत्र में एक भी स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) डॉक्टर पदस्थ नहीं है? यदि हाँ, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ की स्थापना कब तक की जावेगी। अवधि बतायें। शासन इस गंभीर स्थिति को सुधारने हेतु क्या विशेष कदम उठाएगी? (घ) पवई विधानसभा अंतर्गत कितने उप-स्वास्थ्य केंद्रों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तथा कितने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन (Upgrade) करने के प्रस्ताव शासन/विभाग के पास वर्तमान में लंबित हैं? इन प्रस्तावों पर अभी तक क्या निर्णय लिया गया है और इन्हें स्वीकृति देने हेतु क्या समय-सीमा निर्धारित है? (ड.) क्या सरकार पवई विधानसभा की भौगोलिक दुर्गमता एवं स्वास्थ्य सेवाओं की लचर स्थिति को देखते हुए रिक्त पदों (विशेषकर स्त्री रोग विशेषज्ञ) पर तत्काल नियुक्ति करेगी एवं जर्जर भवनों के जीर्णोद्धार तथा लंबित उन्नयन प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत करेगी?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) पवई विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र 02, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र 09 एवं उप स्वास्थ्य केन्द्र 59 है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हरदुआ खमरिया का भवन जर्जर स्थिति में है, उक्त केन्द्र के भवन निर्माण कार्य हेतु शासन द्वारा दिनांक 16.01.2026 को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ग) जी हाँ। ''पदपूर्ति'' एक निरंतर प्रक्रिया है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) पवई विधानसभा अंतर्गत कोई भी उप स्वास्थ्य केन्द्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन का प्रस्ताव लंबित नहीं है, विकासखण्ड पवई के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सेमरिया एवं विकासखण्ड शाहनगर के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रैपुरा को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन की कार्यवाही अनुशंसित है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। (ड.) ''पदपूर्ति'' एक निरंतर प्रक्रिया है, संस्था उन्नयन प्रस्ताव संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर किया जाता है।
पवई विधान सभा क्षेत्र में संचालित सिंचाई परियोजनाएं
[जल संसाधन]
2. ( क्र. 5 ) श्री प्रहलाद लोधी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पवई विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सिंचाई विभाग की कौन-कौन सी लघु, मध्यम एवं वृहद सिंचाई परियोजनाएं वर्तमान में संचालित हैं? कृपया प्रत्येक परियोजना का नाम, उनकी कुल सिंचाई क्षमता (हेक्टेयर में) और उनकी वर्तमान भौतिक स्थिति (Physical Status) का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराएं। (ख) क्या इन परियोजनाओं के अंतर्गत आने वाले तालाबों, बांधों एवं नहरों का समय-समय पर रख-रखाव और जीर्णोद्धार किया जा रहा है? यदि हाँ, तो पिछले तीन वर्षों में किन-किन परियोजनाओं पर कितना व्यय किया गया है? (ग) शासन के संज्ञान में यह बात है कि क्षेत्र की कई पुरानी नहरें अत्यंत जर्जर अवस्था में हैं, जिससे अंतिम छोर के किसानों तक सिंचाई का पानी नहीं पहुँच पा रहा है। क्या इन नहरों के जीर्णोद्धार हेतु विभाग के पास कोई कार्ययोजना है? यदि है, तो कार्य कब तक प्रारंभ होगा? (घ) विगत वर्षों में क्षेत्र में निर्मित की गई कई नई नहरों में अत्यंत घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग की शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिसके कारण ये नहरें निर्माण के अल्पकाल में ही क्षतिग्रस्त हो गई हैं। क्या शासन इन निर्माण कार्यों की किसी स्वतंत्र तकनीकी समिति अथवा उच्च-स्तरीय एजेंसी से जाँच कराने हेतु प्रतिबद्ध है? (ड.) यदि हाँ, तो जाँच कब तक पूर्ण की जाएगी और दोषी निर्माण एजेंसियों/अधिकारियों के विरुद्ध शासन क्या दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करेगा?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जी हाँ। वार्षिक रख-रखाव पर व्यय का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के ''प्रपत्र-ब'' अनुसार है। (ग) लघु परियोजनाओं की नहरों का सुधार एवं मरम्मत कार्य आर.आर.आर. अंतर्गत कराये जाने हेतु प्रकरणों की प्रशासकीय स्वीकृति की कार्यवाही प्रचलन में है, राज्य स्तरीय स्वीकृति उपरांत भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात नहरों के सुधार मरम्मत कार्यों को कराया जाना संभव हो सकेगा। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) विभाग अंतर्गत सम्पादित कराये जाने वाले कार्यों की गुणवत्ता की जांच समय-समय विभाग अंतर्गत स्थापित गुण नियंत्रण इकाई से कराया जाता है। पृथक से अन्य एजेंसी से कार्यों के गुणवत्ता की जांच कराने की स्थिति नहीं होने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) उत्तरांश (घ) अनुसार। किसी के विरूद्ध कार्यवाही की स्थिति नहीं है। अतः शेष प्रश्न लागू नहीं होता है।
स्कूलों के जीर्णशीर्ण भवन के स्थान पर नये भवन का निर्माण
[स्कूल शिक्षा]
3. ( क्र. 25 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत शासकीय हाई स्कूल बडखेरा, बैरागी, बिलहरी, गधेरी, सुहागी के भवन अत्यंत जीर्णशीर्ण होने के कारण नये भवनों का निर्माण किया जाना आवश्यक है? (ख) क्या नये भवन निर्माण किये जायेंगे? (ग) यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों? (घ) नये भवन निर्माण हेतु मापदण्डों की जानकारी देवें?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। उल्लेखित विद्यालयों में विद्यार्थी नामांकन एवं भूमि उपलब्धता के अनुसार अतिरिक्त कक्ष स्वीकृत किये जा रहे है। (ख) में (घ) विद्यार्थी नामांकन के अनुसार आवश्यकता होने पर उपलब्ध बजट अनुसार आवश्यक अतिरिक्त अधोसंरचना निर्माण किया जाता है। आवश्यक अधोसंरचना निर्माण कार्य बजट की उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर करता है। अतः निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
शासकीय हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी में उन्नयन
[स्कूल शिक्षा]
4. ( क्र. 26 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासकीय हाई स्कूल रैगवां के 8 कि.मी. की परिधि में कोई भी शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल नहीं है? (ख) क्या शासकीय हाई स्कूल रैगवां में अतिरिक्त कक्ष एवं हायर सेकेण्डरी शिक्षा के विषय शिक्षक पदस्थ हैं? (ग) क्या हाई स्कूल रैगवां का हायर सेकेण्डरी में उन्नयन किया जायेगा?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) शासकीय हाईस्कूल रैगवां से 6.8 किलोमीटर की दूरी पर हायर सेकेण्डरी स्कूल तमरहाई है। (ख) शासकीय हाईस्कूल रैगवां में अतिरक्ति कक्ष नहीं है, अपितु विद्यार्थी नामांकन के अनुसार अतिरिक्त आवश्यकता होने पर उपलब्ध बजट अनुसार आवश्यक अधोसरंचना निर्माण किया जाता है। आवश्यक अधोसरंचना निर्माण कार्य बजट की उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर करता है रैगवां स्कूल हाईस्कूल स्तर का है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) शासकीय हाईस्कूल रैगवां दूरी के अनुसार मापदण्ड की पूर्ति नहीं करता है। अतः उन्नयन किया जाना संभव नहीं है।
शासकीय विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की कमी
[स्कूल शिक्षा]
5. ( क्र. 36 ) श्रीमती सेना महेश पटेल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या आलीराजपुर जिले में आज भी अनेक शासकीय विद्यालय ऐसे हैं जहाँ बच्चों के बैठने हेतु पर्याप्त भवन उपलब्ध नहीं हैं? यदि हाँ, तो शासन स्तर से क्या कार्यवाही की जा रही है। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार आलीराजपुर जिले में विकासखंडवार एवं ग्राम पंचायतवार कितने विद्यालय ऐसे हैं जिनके पास स्वयं का भवन नहीं है, कितने विद्यालय जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं तथा कितने विद्यालयों में कक्षाओं की कमी के कारण विद्यार्थियों को बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं है? यदि हाँ, तो शासन स्तर से क्या कार्यवाही की जा रही है इसे कब तक पूर्ण किया जाएगा। (ग) क्या आलीराजपुर जिले के कई विद्यालयों में शिक्षकों की कमी, शिक्षक विहीन एवं एकल शिक्षक व्यवस्था, साथ ही मूलभूत सुविधाओं जैसे पेयजल, शौचालय, बिजली, फर्नीचर, खेल मैदान एवं डिजिटल शिक्षा संसाधनों की भारी कमी बनी हुई है? यदि हाँ, तो शासन स्तर से क्या कार्यवाही की जा रही है इसे कब तक पूर्ण किया जाएगा।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) से (ग)जानकारी एकत्रित की जा रही है।
पट्टे की भूमि का अवैध हस्तांतरण
[राजस्व]
6. ( क्र. 42 ) इंजीनियर हरिबाबू राय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पटवारी द्वारा जिन पट्टेधारी व्यक्तियों के नाम पर भूमि दर्ज थी उनके नाम हटाकर अन्य व्यक्तियों एवं सामान्य वर्ग के व्यक्तियों के नाम पर बिना विक्रय के हस्तांतरित कैसे की गई? दर्ज नाम इस प्रकार है। पुराने पट्टेधारी नए पट्टेधारी सर्वे नं 1. बांके पुत्र कलुआ चिडार-रानू पुत्र दशरथ रघुवंशी, 87/1 2. माखन पुत्र बुन्देलसिंह चिडार-कैलाश पुत्र जुगता चिडार, 134 3. रामदास पुत्र उमकार जाटव-वंदना पत्नी चन्द्रभान रघुवंशी, 219 4. दलूपसिंह पुत्र हीरा चिडार-दलूप सिंह पुत्र छोटा चिडार, 219 5. कैलाश पुत्र जुगता चिडार-आशा पुत्री बुन्देल सिंह चिडार, 219 6. राजेश पुत्र रामचरण बैडिया-रानू पुत्र दशरथ रघुवंशी, 270 7. नारायण पुत्र कल्लू चिडार-मोहित पुत्र हरवीरसिंह रघुवंशी, 264 8. मुन्नी पत्नी कलुआ चिडार-मोहित पुत्र हरवीरसिंह रघुवंशी, 264 9. रघुवीर पुत्र कन्हैया चिडार- मोहित पुत्र हरवीरसिंह रघुवंशी, 264 10. राजेश पुत्र रामचरण बैडिया-रानू पुत्र दशरथ रघुवंशी, 264. (ख) यदि हाँ, तो पटवारी हल्का ठाटी द्वारा विक्रय से वंचित भूमि को 22-09-2016 को भूमि पर नाम परिवर्तित किये गये है, जो पट्टे फर्जी रूप से सामान्य वर्ग के व्यक्तियों को हस्तांतरित किए गए है वह पुन: कब तक सही पट्टेधारियों को वापिस कर दिये जायेंगे। दोषी पटवारी को कब तक बर्खास्त करेंगे?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) तहसील रन्नौद अंतर्गत वर्ष 2012-13 में हल्का ठाटी पर श्री हरतम सिंह यादव पटवारी पदस्थ थे। जो वर्तमान में अशोकनगर जिले में पदस्थ है। दिनांक 22.09.2016 में हल्का ठाटी में श्री कैलाश नारायण अहिरवार पटवारी पदस्थ थे। श्री कैलाश नारायण अहिरवार को लोकायुक्त ग्वालियर द्वारा दर्ज किये गये प्रकरण में दोष सिद्ध होने पर बर्खास्त कर दिया गया है। सामान्य वर्ग के नाम हस्तांतरित अवैध प्रविष्टियों को मूल भूमिस्वामी के नाम दर्ज करने हेतु अनुविभागीय अधिकारी कोलारस को विधि सम्मत कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया है।
परिसीमन आयोग द्वारा उज्जैन जिले का दौरा
[राजस्व]
7. ( क्र. 43 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश राजपत्र राजस्व विभाग दि. 12/03/2024 के द्वारा परिसीमन आयोग का गठन किया गया है यदि हाँ, तो आयोग का कार्यकाल कब समाप्त हुआ है? आयोग द्वारा कितने जिलों का दौरा कब-कब किया गया? दिनांकवार विवरण दें तथा प्रेषित प्रतिवेदन पर शासन द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? (ख) विधानसभा प्रश्न क्रमांक 2654 दि. 26/02/2026 के प्रश्नांश (घ) तथा प्रश्न क्र.852 दि. 04/12/2025 के प्रश्नांश (ख) में बताया गया कि आयोग द्वारा शीघ्र उज्जैन जिले का दौरा किया जाएगा तो प्रश्न दिनांक तक उज्जैन जिले का दौरा क्यों नहीं किया गया? आयोग द्वारा किस दिनांक तक उज्जैन जिले का दौरा कर लिया जाएगा? (ग) नागदा को जिला बनाने की प्रारंभिक अधिसूचना दि. 28/07/2023 को जारी की गई थी दावें/आपत्ति के निराकरण के पश्चात अंतिम गजट अधिसूचना जारी करने के बजाय एक वर्ष पश्चात दि. 27.03.2025 को नागदा को नवीन जिला बनाए जाने का प्रकरण आयोग को नियम विरूद्ध प्रेषित किया गया है? प्रकरण को प्रेषित किए जाने का कारण/आधार एवं सक्षम प्राधिकारी के आदेश का विवरण देते हुए छायाप्रति उपलब्ध कराये। (घ) नागदा को नवीन जिला घोषित किए जाने की वर्तमान स्थिति क्या है तथा अंतिम अधिसूचना जारी करने हेतु शासन द्वारा क्या समय-सीमा निर्धारित की गई है?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) मध्यप्रदेश राजपत्र राजस्व विभाग दि. 12/03/2024 के द्वारा मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग का गठन किया गया है एवं मध्यप्रदेश शासन राजस्व विभाग के आदेश क्र.एफ 1/11/0001/2024/सात 4, दिनांक 18/03/2026 द्वारा आयोग का कार्यकाल 12/03/2027 तक वृद्धि की गयी है। आयोग के दौरे से संबंधित जानकारी संलग्न परिशिष्ट पर है। प्राप्त प्रस्तावों से संबंधित अनुशंसाएं विचारोपरान्त आयोग के प्रतिवेदन में समाहित किया जाना प्रस्तावित हैं। (ख) आयोग द्वारा निरंतर भ्रमण किया जा रहा है। संभागीय मुख्यालय के जिलों जिसमें उज्जैन भी शामिल है, का भ्रमण माह अगस्त/सितम्बर में किया जाना प्रस्तावित है। (ग) नागदा की जिला बनाने की प्रारंभिक अधिसूचना दि. 28/07/2023 को जारी किये जाने के उपरान्त प्राप्त आपत्तियों का निराकरण कार्यालयीन पत्र क्रमांक 2237/भू.अ./स.नि/2023 उज्जैन, दिनांक 15.09.2023 से तथा पत्र क्रमांक 2337/भू.अ./रा.नि./2023 उज्जैन, दिनांक 04.10.2023 के माध्यम से शासन की ओर प्रेषित किये गये है। प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर दावें/आपत्तियां आमंत्रित कर निराकरण हेतु म.प्र. प्रशासनीक ईकाई, पुनर्गठन आयोग को प्रेषित किया गया है, प्रतिवेदन अप्राप्त है। (घ) वर्तमान में जनगणना, 2027 प्रभावशील होने से राज्य के प्रशासनिक ईकाइयों की सीमाओं में किसी भी प्रकार का परिवर्तन मार्च, 2027 तक किया जाना संभव नहीं है।
शासकीय सांदीपनि विद्यालयों के भवन निर्माण में अनियमितताएं
[स्कूल शिक्षा]
8. ( क्र. 49 ) श्री गोपाल भार्गव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सागर में विधानसभा क्षेत्र रहली जिला सागर अंतर्गत कितने/कहाँ पर शासकीय सांदीपनि विद्यालय स्वीकृत हुए हैं? इन विद्यालयों के भवन एवं अनुषांगिक कार्यों के लिए कितनी राशि स्वीकृत की गई है? जानकारी दी जावे एवं निर्माण एजेंसी का विवरण भी दिया जावे। (ख) क्या रहली जिला सागर स्थित शासकीय सांदीपनि विद्यालय भवन का निर्माण अपेक्षित मापदण्डों पर नहीं हो रहा है? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा इसके पर्यवेक्षण के लिए क्या कार्यवाही अब तक की गई है? (ग) विधानसभा क्षेत्र रहली जिला सागर अंतर्गत शासकीय सांदीपनि विद्यालयों के निर्माण कब तक पूर्ण हो जावेंगे तथा इनका विधिवत संचालन कब तक प्रारंभ हो जायेगा? (घ) विधानसभा क्षेत्र रहली जिला सागर में स्वीकृत सांदीपनि विद्यालयों के भवन निर्माण में घटिया निर्माण एवं कार्य मे विलंब के लिए उत्तरदायी के विरूद्ध अब तक क्या कार्यवाही की गई है?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जिला सागर के विधानसभा क्षेत्र रेहली अंतर्गत 02 शासकीय सांदीपनि विद्यालय स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें शासकीय सांदीपनि विद्यालय रेहली तथा शासकीय सांदीपनि विद्यालय गढ़ाकोटा शामिल है। इन विद्यालयों के भवन एवं अनुषंगिक कार्यों हेतु क्रमश: राशि रू. 37.27 करोड़ एवं राशि रु. 31.35 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। दोनों निर्माण कार्यों की निर्माण एजेंसी मध्यप्रदेश भवन विकास निगम है। (ख) जी नहीं। रहली जिला सागर स्थित शास. सादीपनि विद्यालय भवन का निर्माण अपेक्षित मापदंडों पर हुआ है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) विधानसभा क्षेत्र रहली जिला सागर अंतर्गत शासकीय सांदीपनि विद्यालय रहली का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है तथा विद्यालय में कक्षाओं का संचालन प्रारंभ हो चुका है। शासकीय सांदीपनि विद्यालय साबूलाल गढ़ाकोटा का भवन उपलब्ध की गई भूमि पर तैयार है। लोकार्पण पश्चात, नवीन भवन में विद्यालय का संचालन प्रांरभ किया जाना प्रस्तावित है। (घ) विधानसभा क्षेत्र रेहली जिला सागर में स्वीकृत सांदीपनि विद्यालयों के भवन निर्माण के संबंध में सांदीपनि विद्यालय गढ़ाकोटा के संविदाकार मेसर्स सरयुग गौतम कंस्ट्रक्शन को अनुबंध विच्छेद करने हेतु संबधित निर्माण एजेंसी मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा दिनांक 19.05.2026 को नोटिस जारी किया गया है। कार्य में विलंब के लिए प्रथम दृष्टया उत्तरदायी संविदाकारों पर नियमानुसार सांदीपनि विद्यालय रहली के संविदाकार पर 02 प्रतिशत एवं सांदीपनि विद्यालय गढ़ाकोटा के संविदाकार पर 01 प्रतिशत की राशि रोके जाने की कार्यवाही की गई है।
हाई स्कूल एवं माध्यमिक शाला का उन्नयन
[स्कूल शिक्षा]
9. ( क्र. 57 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासकीय हाई स्कूल का उन्नयन हायर सेकेण्डरी में एवं शासकीय माध्यमिक शाला का उन्नयन हाई स्कूल में किये जाने हेतु विभाग की कोई नीति/योजना प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें। (ख) क्या नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत संचालित शासकीय माध्यमिक शाला से हाई स्कूल उन्नयन प्रस्ताव एवं शासकीय हाई स्कूल से हायर सेकेण्डरी में उन्नयन के कितने प्रस्ताव विभाग में लंबित है? (ग) क्या सागर वि.ख. अंतर्गत शासकीय माध्यमिक शाला सड़ेरी, साईखेड़ा तथा वि.खं. राहतगढ़ अंतर्गत ढाना नरयावली, देवरी एवं शासकीय हाई स्कूल से हायर सेकेण्डरी में शासकीय हाई स्कूल मेनपानी, पड़रिया, शास.कन्या हाई स्कूल कर्रापुर के प्रस्ताव शासन स्तर पर प्रस्तावित किए गए है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें। (घ) प्रश्नांश (ग) में वर्णित शासकीय शालाओं के उन्नयन के संबंध में विभाग द्वारा कोई कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें तथा शालाओं का उन्नयन कब तक किया जावेगा?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जिलों से प्राप्त प्रस्तावों के परीक्षण का कार्य प्रक्रियाधीन है। (ग) एवं (घ) प्राप्त प्रस्ताव का परीक्षण किया जा रहा है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
कड़ान सिंचाई परियोजना की पुनरीक्षित स्वीकृति
[जल संसाधन]
10. ( क्र. 58 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कड़ान मध्यम सिंचाई परियोजना जिला सागर के पुनरीक्षित स्वीकृति प्रशासकीय विभाग में लंबित है? यदि हाँ, तो लागत सहित विस्तृत जानकारी देवें। (ख) क्या विभाग में पुनरीक्षित स्वीकृति के संबंध में समय-समय पर मान. मुख्यमंत्री जी द्वारा अनुमोदन किया गया है? यदि हाँ, तो मान. मुख्यमंत्री जी द्वारा घोषणा क्र.3895/सहा.अधी./2026 दिनांक 07/05/2026 कार्या. कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट सागर की घोषणा विभाग को प्रेषित की गई हैं? यदि हाँ, तो जानकारी देवें। (ग) क्या नवीन प्रशासकीय स्वीकृति मिलने से कड़ान सिंचाई मध्यम परियोजना से वर्तमान में सिंचाई से लाभान्वित 52 गांव के स्थान पर अनेक गावों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा तथा निर्माणाधीन परियोजना में गाईड बंध निर्माण के कारण ग्रामीणों द्वारा किया जा रहा विरोध समाप्त हो जायेगा एवं प्रशासकीय स्वीकृति मिलने से उक्त परियोजना बहुउपयोगी साबित होगी? (घ) प्रश्नांश (ख) में वर्णित मान. मुख्यमंत्री जी की घोषणा का क्रियान्वयन विभाग द्वारा प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की है तथा कड़ान सिंचाई योजना की पुनरीक्षित प्रशासकीय के आदेश कब तक जारी होंगे?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ। कड़ान मध्यम सिंचाई परियोजना का पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति राशि रू.973 करोड़ आंकलित है जिसमें पथरिया हाट की 125.20 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण की राशि शामिल है। (ख) जी नहीं। जी हाँ, संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। नवीन प्रशासकीय स्वीकृति हेतु प्रस्ताव ग्रामीणजनों का विरोध समाप्त किये जाने की दृष्टि से प्रक्रियाधीन है। (घ) परियोजना का डीपीआर तैयार किया जा रहा है तथा आगामी साधिकार समिति में प्रस्ताव पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किया जाना प्रस्तावित है। स्वीकृति की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के व्यक्तियों से क्रय भूमि की जानकारी
[राजस्व]
11. ( क्र. 77 ) इंजीनियर हरिबाबू राय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अशोकनगर जिले के अंतर्गत आनंदपुर ट्रस्ट द्वारा संचालित कुल कितने आश्रम/संस्थाएं संचालित हैं? तहसीलवार एवं ग्रामवार जानकारी उपलब्ध कराई जाए। आनंदपुर ट्रस्ट अथवा उससे संबद्ध संस्थाओं द्वारा स्थापना से आज दिनांक तक अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के व्यक्तियों से कितनी भूमि क्रय की गई है? प्रत्येक भूमि क्रय प्रकरण में विक्रेता का नाम, पिता का नाम, जाति, ग्राम, खसरा नंबर, रकबा, पंजीयन दिनांक तथा क्रय मूल्य की जानकारी पृथक-पृथक उपलब्ध कराई जाए। (ख) उक्त भूमि क्रय के लिए सक्षम राजस्व अधिकारियों से प्राप्त अनुमतियों एवं स्वीकृतियों का विवरण उपलब्ध कराया जाए। क्या शासन के संज्ञान में ऐसे कोई प्रकरण आए हैं जिनमें अनुसूचित जाति अथवा अनुसूचित जनजाति वर्ग की भूमि के हस्तांतरण में नियमों का उल्लंघन पाया गया हो? यदि हाँ, तो प्रकरणवार विवरण तथा दोषियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। वर्तमान में आनंदपुर ट्रस्ट के स्वामित्व अथवा कब्जे में अशोकनगर जिले में कुल कितनी भूमि है? ग्रामवार, खसरावार एवं रकबावार विवरण उपलब्ध कराया जाए।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) अशोकनगर जिले के अंतर्गत तहसील ईसागढ़ के ग्राम आनंदपुर स्थित आनंदपुर ट्रस्ट निजी संस्था नाम से संचालित है। आनंदपुर ट्रस्ट द्वारा स्थापना से लेकर वर्तमान तक अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के व्यक्तियों से क्रय की गई भूमि की जानकारी जिला पंजीयक अशोकनगर से प्राप्त की गई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार। (ख) भूमि क्रय के संबंध में अनुसूचित जनजाति के विक्रय की अनुमतियों एवं स्वीकृतियों संबंधी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'ब'' अनुसार। वर्तमान में आनंदपुर ट्रस्ट के स्वामित्व में जिला अशोकनगर स्थित भूमि का विवरण निम्नानुसार है:-
|
क्रमांक |
ग्राम का नाम |
भूमि (हे.) |
|
1 |
नैथाई |
143.51 |
|
2 |
आनंदपुर |
316.272 |
|
3 |
कुलवार |
37.969 |
|
4 |
सकर्रा |
41.466 |
|
5 |
गोपालपुर |
187.346 |
|
6 |
ईसागढ़ |
12.217 |
|
7 |
आकलोन |
45.694 |
|
8 |
दयालपुर |
298.59 |
|
9 |
शांतपुर |
295.744 |
|
10 |
बहेरिया उर्फ रूपनगर |
257.076 |
|
11 |
जमडेरा |
309.336 |
|
12 |
बांसाखेडी |
69.275 |
|
13 |
पंवारगढ़ |
85.279 |
|
14 |
कस्बा अशोकनगर |
3.220 |
|
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योग |
2102. 984 |
अनुसूचित जाति अथवा अनुसूचित जनजाति वर्ग की भूमि के हस्तांतरण में नियमों का उल्लंघन नहीं पाया गया है। वर्तमान में आनंदपुर ट्रस्ट के पास अशोकनगर जिले में कुल 2102.984 हेक्टर भूमि है। ग्रामवार एवं रकबा सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- स अनुसार। खसरा की जानकारी एकत्रित की जा रही है।
सांदीपनि विद्यालय के विद्यार्थियों को बस परिवहन की सुविधा
[स्कूल शिक्षा]
12. ( क्र. 94 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या छिंदवाड़ा जिले के सौंसर विधानसभा क्षेत्र में संचालित सांदीपनि सीएम राइज (CM Rise) स्कूल में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को घर से स्कूल आने-जाने के लिए नियमानुसार नि:शुल्क बस परिवहन सुविधा का प्रावधान है? (ख) यदि हाँ, तो वर्तमान में इस विद्यालय के विद्यार्थियों को बस सुविधा उपलब्ध न कराने के क्या कारण हैं? क्या शासन को यह जानकारी है कि बस सुविधा न मिलने से पालकों को स्वयं के खर्च और संसाधनों से बच्चों को स्कूल भेजना पड़ रहा है? (ग) क्या परिवहन विभाग या विभाग द्वारा जारी टेंडर प्रक्रिया में कोई भी बस ऑपरेटर समय पर भुगतान न होने के डर से भाग नहीं ले रहा है? यदि हाँ, तो इस समस्या के समाधान के लिए विभाग क्या कदम उठा रहा है? (घ) शासन द्वारा सौंसर के सांदीपनि सीएम राइज स्कूल के बच्चों को लाने ले जाने के लिए बस सुविधा कब तक बहाल कर दी जाएगी? निश्चित समय-सीमा बताएं।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) वर्तमान में इस विद्यालय के विद्यार्थियों को बस सुविधा उपलब्ध कराये जाने हेतु निविदा की प्रक्रिया प्रचलन में है। जी हाँ। (ग) उत्तरांश (ख) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) निविदा एक सतत् प्रकिया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
शिक्षा विभाग द्वारा जारी निविदाएं
[स्कूल शिक्षा]
13. ( क्र. 121 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत तीन वर्षों में लोक शिक्षण संचालनालय, पाठ्यपुस्तक निगम एवं माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा 50 लाख से अधिक राशि के, किन-किन मापदंडों की, किस सामग्री की खरीदी हेतु, कब-कब, किन-किन समाचार पत्रों में विज्ञापन जारी किये गये? जारी निविदाओं में से किस फर्म की, किस दर की निविदाएं स्वीकृत हुई? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित प्रत्येक निविदा हेतु कौन-कौन शर्तें निर्धारित की गई थी? (ग) निविदा जारी होने के बाद किन-किन निविदाओं की शर्तों में कौन-कौन से परिवर्तन, किन कारणों से, किसकी अनुमति से किन तारीखों में किए गए? प्रत्येक निविदा की संशोधित शर्तों की जानकारी दें? (घ) प्रश्नांश (ग) में शर्तों में परिवर्तन से कौन-कौन से निविदाकार निविदा प्रक्रिया से बाहर हो गये? नाम सहित जानकारी दें। (ड.) शर्तों में परिवर्तन से बाहर हुए निविदाकारों की दरें स्वीकृत की गई दरों से कितनी कम थी? क्या शर्तों में संशोधन कतिपय निविदाकारों को बाहर करने के लिए किये गये? (च) शिक्षा विभाग में निविदा शर्तों में परिवर्तन कर विशिष्ट निविदाकारों को लाभ पहुँचाने के संबंध में कितनी शिकायतें विगत दो वर्षों में आयुक्त लोक शिक्षण एवं प्रमुख सचिव, शिक्षा को प्राप्त हुई? इन शिकायतों की जांच में कौन से तथ्य प्रकाश में आये।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) लोक शिक्षण संचालनालय से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार। माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. भोपाल द्वारा विगत तीन वर्षों (जून 2023 से मई 2026 तक) 50 लाख से अधिक राशि की कोरी उत्तर पुस्तिकाएं खरीदी गई। इन उत्तर पुस्तिकाओं का उपयोग मण्डल द्वारा आयोजित हाई स्कूल/हायर सेकेण्डरी एवं डी.एल.एड. की मुख्य एवं द्वितीय अवसर परीक्षाओं में उपयोग किया जाता है। निविदा एम.पी. पोर्टल के माध्यम से जारी की गई थी। निविदा जारी करने का विज्ञापन समाचार पत्र दैनिक भास्कर, नव-भारत एवं नव-भारत टाइम्स नई दिल्ली में प्रकाशित किया गया था। जारी निविदा में न्यूनतम दरधारी फर्म मेसर्स प्रिन्टोग्राफी सिस्टम प्रा.लि. मुम्बई की दरें स्वीकृत की गई। जारी निविदा शर्तें एवं न्यूनतम दरें संबंधी प्रपत्रों की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार। म.प्र.पाठ्यपुस्तक निगम की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3, 4 अनुसार। (ख) लोक शिक्षण संचालनालय से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-5 अनुसार। माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा जारी निविदा एवं शर्तें निम्नानुसार रखी गई थीः- 1- निविदादाता फर्म IBA से पंजीकृत सिक्युरिटी प्रिन्टर्स होना अनिवार्य है। 2- फर्म का पेन नम्बर एवं जीएसटी पंजीयन नम्बर होना अनिवार्य है। 3- पिछले दो वर्ष (2022-23 एवं 2023-24) में से किन्हीं भी एक वर्ष में किसी भी शिक्षा मण्डल/विश्वविद्यालय में 30 लाख उत्तर पुस्तिकाओं का सिंगल कार्यादेश के द्वारा कार्य करने एवं प्रदाय का अनुभव होना अनिवार्य है। उपरोक्त से संबंधित सभी प्रमाण पत्र निविदा के साथ संलग्न किये जावे। 4- फर्म का पिछले 05 वर्ष (2019-20 से 2023-24) में किन्हीं 03 वर्षों का अवसर टर्न ओवर 02 करोड़ से कम नहीं होना चाहिए। पंजीकृत सी.ए. के द्वारा 02 करोड़ के टर्न ओवर का प्रमाण पत्र संलग्न किया जाना अनिवार्य है। म.प्र. पाठ्यपुस्तक निगम की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-6 अनुसार। (ग) शारीरिक शिक्षा शाखा अंतर्गत स्पोर्टस किट निविदा में परिवर्तन किया गया, जिसमें शासकीय के स्थान पर शासकीय, अर्द्धशासकीय एवं अशासकीय शब्द जोड़े गये जो कि टंकण त्रुटिवश छूट गये थे। परिवर्तन आयुक्त लोक शिक्षण की अनुमति से किये गये थे। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-7 अनुसार। मण्डल द्वारा निविदा जारी करने के पश्चात किसी भी शर्तों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया। म.प्र.पाठ्यपुस्तक निगम द्वारा निविदा जारी करने के पश्चात किसी भी शर्तों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया। (घ) एवं (ड.) शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (च) लोक शिक्षण में 01 शिकायत प्राप्त हुई थी। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-8 अनुसार।
चिकित्सा महाविद्यालय सागर में मरीजों हेतु आवश्यक सुविधाएं
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
14. ( क्र. 151 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) संभागीय मुख्यालय सागर में वर्ष 2008 में स्थापित हुये बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय सागर में मरीजों के लिए कौन-कौन सी आवश्यक सुविधायें उपलब्ध है? (ख) क्या बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय, सागर में कैथ लैब, कैंसर हॉस्पिटल एवं ब्लड बैंक जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं का अभाव हैं? यदि हाँ, तो इसका क्या कारण है एवं कब तक सेवायें शुरू करा दी जायेगी। (ग) क्या सुपर स्पेशलिटी सेवाओं के अंतर्गत कार्डियोलॉजी, कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (CTVS), नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, गैस्ट्रो सर्जरी एवं पीडियाट्रिक सर्जरी जैसे महत्वपूर्ण विभाग वर्तमान में संचालित नहीं हैं? यदि हाँ, तो इन विभागों की स्थापना, आवश्यक पदों के सृजन, विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति तथा अधोसंरचना विकास हेतु शासन स्तर पर क्या कार्यवाही की गई है? विभागवार वर्तमान स्थिति एवं प्रस्तावित समय-सीमा से अवगत कराएं।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) :(क) संभागीय मुख्यालय सागर में वर्ष 2008 में स्थापित हुये बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय, सागर में मरीजों के लिए उपलब्ध आवश्यक सुविधाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" अनुसार है। (ख) जी हाँ। बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय, सागर में कैथ लैब, कैंसर हॉस्पिटल जैसी सुविधाओं का अभाव है। वर्तमान ब्लड बैंक जिला चिकित्सालय, सागर में संचालित है, जिससे मरीजों को सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। कैथ लैब, कैंसर अस्पताल स्थापना जैसी सुविधाओं वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर किया जाता है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी नहीं। कार्डियोलॉजी, कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (CTVS), नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, गैस्ट्रो सर्जरी एवं पीडियाट्रिक सर्जरी विभागों की स्थापना आवश्यक पदों के सृजन, विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति एवं अधोसंरचना विकास जैसे कार्य वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर चरणबद्ध तरीके से सम्पूर्ण राज्य में किए जाते हैं। सागर के लिए समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। न्यूरोसर्जरी विभाग अन्तर्गत पदों का सृजन किया जा चुका है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" अनुसार है।
कालापीपल विधानसभा में सिंचाई परियोजनाओं से छूटे हुए ग्राम
[जल संसाधन]
15. ( क्र. 166 ) श्री घनश्याम चन्द्रवंशी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान मे शाजापुर जिले मे कौन-कौन सी प्रचलित एवं प्रस्तावित सिंचाई परियोजना है कृपया योजनावार विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी प्रदाय करें? (ख) उक्त प्रचलित एवं प्रस्तावित सिंचाई परियोजनाओं मे कालापीपल विधानसभा क्षेत्र के कितने ग्रामों को शामिल किया गया है तथा कितने ग्राम छूटे है ग्रामवार जानकारी प्रदाय करें? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार छूटे हुए ग्राम के किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने हेतु क्या विभाग कोई योजना बना रहा है? यदि हाँ, तो उक्त योजना की जानकारी प्रदाय करे तथा उस पर कार्य कब तक आरंभ होगा? (घ) प्रश्नांश (ग) यदि नहीं तो वंचित रह गए किसानों के लिए भविष्य में क्या योजना हो सकती है जिससे किसानों को शासन की हर खेत तक पानी पहुँचाने की मंशा पूर्ण हो सके?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) प्रचलित योजनाओं का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ख) विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (ग) एवं (घ) जी नहीं, शेष प्रश्न लागू नहीं।
चार पहिया वाहनों पर हूटर लगाने की अनुमति
[परिवहन]
16. ( क्र. 173 ) श्री सुरेश राजे : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश शासन के आदेश अनुसार किन-किन वाहनों पर हूटर लगाने की अनुमति है? अपात्र वाहनों एवं जनप्रतिनिधियों के वाहनों पर हूटर लगाये जाने पर किस सक्षम अधिकारी को कितनी राशि का जुर्माना लगाने का अधिकार है? शासन आदेश/नियम की सत्यापित प्रति देवें (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार वर्ष 2024-25 से 2026-27 में प्रश्न दिनांक तक प्रदेश के किस जिले में किस-किस अपात्र व्यक्ति/वाहन एवं जनप्रतिनिधि द्वारा चार पहिया वाहन पर हूटर लगाने के कारण किस दिनांक को किस सक्षम अधिकारी द्वारा कितनी राशि का जुर्माना लगाकर कितनी राशि वसूली गई? (रसीद क्रमांक, दिनांक, राशि तथा अधिकारी का नाम) यह वसूली गई राशि शासन के किस मद/खाते में किस दिनांक को जमा की गई? अभिलेख सहित बतावें तथा इन व्यक्तियों का नाम/पद/पता सहित चालान की दिनांक, जिलेवार एवं वर्षवार बतावें? (ग) दिनांक 24/03/26 को डबरा नगर में की गई वाहन चेकिंग का आदेश उपलब्ध करवाएं तथा किस-किस वाहन से कितनी-कितनी चालान राशि वसूली गई? क्या इस चेकिंग के दौरान प्रदेश में सत्ताधारी दल के समर्थकों/राजनेताओं के वाहनों पर लगे हूटर का चालान किया गया? यदि हाँ, तो पूर्ण जानकारी रसीद सहित देवें?
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) केन्द्रीय मोटरयान नियम, 1989 के नियम 119 तथा मध्यप्रदेश मोटरयान नियम, 1994 के नियम 185 के अनुसार पात्र वाहनों पर हूटर लगाने की अनुमति है जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। अपात्र वाहनों पर हूटर लगाये जाने पर जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। सक्षम अधिकारियों को मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 177 के अंतर्गत रूपये 500/- का शमन शुल्क वसूलने का अधिकार है। इसके अतिरिक्त सक्षम न्यायालय द्वारा उक्त अपराध को प्रथम बार कारित करने के लिए चेतावनी तथा द्वितीय अथवा पश्चातवर्ती अपराध की दशा में न्यूनतम रूपये 500/- तथा अधिकतम रूपये 1500/- का जुर्माना लिये जाने का प्रावधान है जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है। (ग) दिनांक 24.03.2026 को डबरा नगर में की गई वाहन चेकिंग माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ग्वालियर के निर्देशानुसार न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, डबरा द्वारा की गई थी। इस कार्यवाही में परिवहन विभाग की भागीदारी नहीं होने से जानकारी दिया जाना संभव नहीं है।
फार्मर आई.डी. से किसानों को रासायनिक खाद का वितरण
[राजस्व]
17. ( क्र. 176 ) श्री सुरेश राजे : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में जिलावार कितने किसान हैं? जिनमें से प्रश्न दिनांक तक कितने किसानों की फार्मर ID बनी है? कितनों की नहीं? शेष किसानों की कब तक बनायी जाएगी? जिलावार संख्या बतावें तथा किसानों को कृषि भूमि पर खरीफ व रबी तथा ग्रीष्मकालीन खेती हेतु प्रति वर्ष कितना DAP तथा यूरिया दिए जाने का प्रावधान है? क्या नेनो खाद की बोतल लेना अनिवार्य है? यदि हाँ, तो प्रति देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार प्रदेश में जिन किसानों की फार्मर ID नहीं बनी है उन्हें रासायनिक खाद का वितरण किस प्रकार किया जायेगा? ऐसे किसान जो गाँव से बाहर रहते हैं एवं कृषि भूमि बटाई/ठेका पर अन्य किसान को दी गई है के लिए खाद का क्या नियम है? (ग) क्या बड़े किसानों द्वारा रासायनिक खाद का स्टॉक किया जा रहा है? जबकि अशिक्षित व छोटे किसानों को खाद नहीं मिल रहा है, किसान द्वारा फार्मर ID से खाद क्रय हेतु लगाया गया नंबर स्थानीय अथवा आस-पास के विक्रय केन्द्रों का नहीं देकर दूर की दुकानों का क्रय करने हेतु किसानों को दिया जा रहा है? जिससे गरीब व छोटे किसान जब तक केंद्र पर पहुँचता है तब तक स्टॉक खत्म बताया जाता है, ऐसी स्थिति में पास की दुकान/केंद्र से वितरण क्यों नहीं करवाया जा सकता?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) राजस्व अभिलेख में खातावार जानकारी का संधारण किया जाता है। दिनांक 30/06/2026 की स्थिति में 1,11,88,295 किसानों की फार्मर आईडी बनाई जा चुकी है। जिलावार फार्मर आईडी की जानकारी संलग्न परिशिष्ट में है। फार्मर आईडी किसान के माध्यम से ही बनाई जा सकती है। जिसके लिए सतत् कार्यवाही जारी है। (ख) जी हाँ। जिन किसानों की फार्मर ID नहीं बनी है एवं ऐसे किसान जो गांव से बाहर रहते है एवं कृषि बटाई, ठेके पर अन्य किसानों को दी गई है, हेतु भी ई-विकास पोर्टल पर ई-टोकन जनरेट करने हेतु सुविधा दी गई है जिसमें किसान योग्य/श्रेणी विकल्प का चयन कर उर्वरक क्रय हेतु ई-टोकन जनरेट सुगमता से कर सकता है। (ग) जी नहीं। किसान की भूमि रकबा एवं फसल के मान से उर्वरक मात्रा का टोकन जनरेट होता है, उर्वरक क्रय हेतु विक्रेता का चयन किसान द्वारा ही किया जाता है। विक्रय केन्द्र में स्टॉक उपलब्ध होने पर ही प्रत्येक किसान का ई-टोकन जनरेट होता है जो तीन दिवस तक आरक्षित रहता है। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
अस्पतालों में सिविल सर्जन की नियुक्तियां
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
18. ( क्र. 192 ) श्री आरिफ मसूद : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला चिकित्सालय भोपाल में सिविल सर्जन के पद पर विगत वर्षों में कितने डाक्टरों की नियुक्ति की गई है? (ख) सिविल सर्जन द्वारा अस्पताल के निर्मित भवनों का कब-कब निरीक्षण किया गया? (ग) हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सक कितने हैं? उनके द्वारा एक वर्ष में कितने ऑपरेशन किये गये हैं?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जिला चिकित्सालय भोपाल में विगत वर्षों में सिविल सर्जन के पद पर पदस्थ किए गए चिकित्सकों की सूची जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) विगत एक वर्ष में सिविल सर्जन द्वारा दिनांक 28.10.2025, 10.11.2025, 14.11.2025, 13.01.2026, 16.01.2026, 17.01.2026, 03.02.2026, 06.02.2026, 02.03.2026, 02.04.2026, 26.05.2026, 27.05.2026, 05.06.2026, 09.06.2026, 10.06.2026, 06.06.2026, 22.06.2026 एवं 27.06.2026 को निर्मित भवनों का निरीक्षण किया गया। (ग) जिला चिकित्सालय भोपाल में 05 अस्थिरोग विशेषज्ञ कार्यरत हैं। विगत एक वर्ष में किए गए ऑपरेशनों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है।
शासकीय विद्यालयों में नियम विरूद्ध बजट आवंटन
[स्कूल शिक्षा]
19. ( क्र. 199 ) श्रीमती ललिता यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या लोक शिक्षण संचालनालय, म.प्र. भोपाल द्वारा क्रमांक/भवन/अ/9545/03/2024/02/796 दिनांक 03.11.2025 को जिला छतरपुर के विद्यालयों में विशेष मरम्मत हेतु वित्तीय स्वीकृति एवं बजट आवंटन जारी किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो क्या म.प्र. शासन विभागीय परिसंपत्ति संधारण योजना के अनुसार 5.00 लाख से अधिक के विशेष मरम्मत कार्य हेतु निविदा/तकनीकी स्वीकृति/संभागीय संयुक्त संचालक की अनुमति आवश्यक है? (ग) क्या शासन नियमानुसार बजट स्प्लिटिंग (टुकड़ों) पर प्रतिबंध है? (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ग) के अनुसार यदि हाँ, तो क्या उक्त वित्तीय स्वीकृति को जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा शासन के नियमों का उल्लंघन कर टुकड़ों में वित्तीय स्वीकृति दी गई थी? (ड.) यदि हाँ, तो क्या शासन के नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक/विभागीय कार्यवाही की जाएगी? (च) जिला छतरपुर के उक्त विद्यालयों में हुए मरम्मत कार्य हेतु लोक निर्माण विभाग की कौन-कौन सी एस.ओ.आर. अनुसूची लागू की गई? एस.ओ.आर का वर्ष/संस्करण व पृष्ठ संख्या सहित बताएं? कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र, मेजरमेंट बुक एवं भुगतान बिल की प्रति उपलब्ध कराई जाए? (छ) वर्ष 2025 से प्रश्न दिनांक तक जिला छतरपुर के किन-किन शासकीय विद्यालयों को मरम्मत/अन्य वित्तीय/संधारण हेतु कब-कब कितनी-कितनी वित्तीय स्वीकृति जारी की गई? स्कूलवार, दिनांकवार, पत्र क्रमांक सहित राशि का विवरण उपलब्ध कराया जाएं? (ज) प्रश्नांश 'क', 'ख', 'ग', 'घ' एवं 'ड.' के अनुसार यदि हाँ, तो क्यों एवं यदि नहीं तो क्यों एवं SOP क्या है?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। परन्तु संभागीय संयुक्त संचालक की अनुमति आवश्यक नहीं है। (ग) एवं (घ) जी हाँ। (ड.) शासन नियम एवं निर्देशों के विपरीत कार्य करने पर अनुशासनात्मक/विभागीय कार्यवाही किये जाने के पूर्व से प्रावधान है। इस हेतु विहीत प्रक्रिया का पालन न होने के फलस्वरूप संबंधित शासकीय सेवक के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। अतः शेषाश उद्भूत नहीं होता। (च) प्रश्नाधीन जिला अंतर्गत उक्त विद्यालयों में हुए मरम्मत कार्य हेतु ग्रामीण यांत्रिकीय सेवा के एस.ओ.आर. दिनांक 11.04.2022 अनुसार अनुसूची लागू की गई है, जारी की गई अनुसूची की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'एक' पर है। उत्तरांश (ड.) के प्रकाश में शेषांश प्रक्रियाधीन है। (छ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'दो' पर है। (ज) उत्तरांश 'क' 'ख' 'ग' 'घ' एवं 'ड.' के प्रकाश में मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'तीन' पर है।
शासन के नियमानुसार नामांतरण किया जाना
[राजस्व]
20. ( क्र. 200 ) श्रीमती ललिता यादव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्रमांक 2207 दिनांक 24/03/2025 में उत्तर दिया गया था कि रियासतकालीन कि वह भूमि जिस पर राजा की गाड़ियां रखने के लिए उपयोग की जाती है, वह भूमि खासगत गाड़ीखाना कहलाती थी, भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा जारी इन्वेंट्री में चडू छतरपुर गाड़ीखाना के रूप में दर्ज है, जो तत्कालीन-राजा की निजी भूमि है, शेष प्रश्नांश जांच का विषय जांच उपरांत तत्संबंध में निर्णय लिया जाएगा? (ख) यदि हाँ, तो क्या उक्त इन्वेंट्री को भारत सरकार द्वारा कब जारी किया गया, जारी इन्वेंट्री में खसरा नंबर लेख है, क्या शेष प्रश्नांश जांच का विषय जांच-उपरांत तत्संबंध में निर्णय लिया गया है? यदि नहीं तो क्यों? (ग) क्या अभिलेख-पंजी के खसरा नंबर 3664 में रियासतकालीन से विलय दिनांक तक खासगत-गाड़ीखाना लेख था? यदि नहीं तो क्यों किन तथ्यों पर लेख किया गया है, कि वह भूमि खासगत-गाड़ीखाना कहलाती थी, तत्कालीन-राजा की निजी-भूमि है? (घ) शासन नियमानुसार रियासत छतरपुर के विलय दिनांक से प्रश्न-दिनांक तक तत्कालीन राजा द्वारा कब-कब, कौन-कौन सी भूमि को अपने स्वामित्व में रखा गया, शासन-हित में छोड़ा गया, क्या रिकॉर्ड संधारित है? यदि हाँ, तो प्रति उपलब्ध कराई जाएं? (ड.) क्या शासन नियमानुसार रजिस्टर्ड विक्रय-पत्र/वसीयतनामा/दानपात्रकर्ता का भू-स्वामीस्वत्व का मूलनाम खसरा-नंबर में लेख होने के उपरांत ग्रहिता/क्रेता के आवेदन पर नामांतरण किया जा सकता है? यदि हाँ, तो क्या 3664 में भू-स्वामीस्वत्व का मूलनाम लेख होने पर ग्रहिता/क्रेता के आवेदन पर नामांतरण किया गया था? यदि नहीं तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) इन्वेन्ट्री में दिनांक व खसरे का उल्लेख नहीं है। जांच अभी प्रचलनशील है। अधिकारियों के स्थानांतरण होने के कारण जांच प्रक्रिया बाधित हुई है। (ग) जी नहीं। तारांकित प्रश्न क्रमांक 2207 दिनांक 24.03.2025 के उत्तर में स्पष्टतः भारत सरकार के ग्रह मंत्रालय द्वारा जारी इन्वेंट्री को आधार बनाकर उसे तत्कालीन राजा की निजी भूमि बताया गया है। (घ) तहसील कार्यालय में रिकार्ड संधारित नहीं है। (ड.) नामांतरण प्रक्रिया म.प्र.भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 109, 110 के तहत गुणदोष के आधार पर की जाती है। उक्त प्रश्न किस ग्रहिता/क्रेता के संबंध में है, यह स्पष्ट न होने से जानकारी प्रदाय नहीं की जा सकती।
राजस्व प्रकरणों का नियम अनुसार निराकरण नहीं किया जाना
[राजस्व]
21. ( क्र. 202 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दि. 01/01/2024 से 17/06/2026 तक तहसील एवं अनुविभागीय कार्यालय राजस्व नागदा में नामांतरण, बंटवारा/बटांकन, रकबा/नक्शा दुरुस्ती, भूमि सीमांकन तथा डायवर्सन के कितने प्रकरण/अपीलें दर्ज की गईं? दर्ज/निराकृत/लंबित प्रकरणों की संख्या, भूमि स्वामी का वर्षवार विवरण दें। तहसीलदार द्वारा स्वीकृत कितने प्रकरणों को अपील में एसडीएम द्वारा निरस्त किया गया है? प्रकरण सहित विवरण दें। (ख) क्या नागदा बायपास हेतू अधिग्रहित भूमि का विवरण राजस्व अभिलेखों/नक्शा शीटों में दर्ज किया जा चुका है? यदि हाँ, तो नक्शा शीटों में बायपास मार्ग की चौड़ाई कितनी है? यदि नहीं किया गया तो क्यों? (ग) संभागीय प्रबंधक एमपीआरडीसी उज्जैन के पत्र क्र. 871 दि. 23.03.2026 एवं 1359 दि. 28.04.2026 को प्रेषित पत्र पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), नागदा द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं की गई तो क्यों? कब तक की जाएगी? (घ) पटवारी हल्का पाडल्या कलां, मेहतवास, नागदा, कस्बा खाचरोद का भूमि बंदोबस्त नहीं किया गया है? यदि हाँ, तो क्यों तथा भूमि बंदोबस्त करने हेतु शासन द्वारा कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही है? (ड.) क्या कलेक्टर कार्यालय उज्जैन के अभिलेख कक्ष में उक्त पटवारी हल्कों के राजस्व नक्शें एवं अभिलेख उपलब्ध हैं? यदि हाँ, तो नक्शों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध करायें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) दि. 01/01/2024 से 17/06/2026 तक तहसील एवं अनुविभागीय कार्यालय राजस्व नागदा में नामांतरण, बंटवारा/बटांकन, रकबा नक्शा दुरुस्ती, भूमि सीमांकन तथा डायवर्सन के दर्ज/निराकृत/लंबित प्रकरणों की संख्या, वर्षवार पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' एवं 'ब' अनुसार है। (ख) नागदा बायपास हेतू अधिग्रहित भूमि का पूर्व में ही राजस्व अभिलेखों/नक्शा शीटों में दर्ज की गयी है, अधिग्रहित कुछ सर्वे क्रमांक के संबंध में विभिन्न न्यायालयों में वाद प्रचलित होने से अभिलेख में अमल नहीं किया गया है। नागदा बायपास की चौड़ाई राजस्व नक़्शे में 2 जरीब यानी 150 वर्गफीट है। (ग) संभागीय प्रबंधक एमपीआरडीसी उज्जैन के पत्र क्र. 870 दि. 23.03.2026 एवं 1359 दि. 28.04.2026 को प्रेषित पत्र पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), नागदा द्वारा तहसीलदार नागदा को कार्यवाही हेतु प्रेषित किये गये है। तहसीलदार द्वारा उक्त पत्रों पर संभागीय प्रबंधक म.प्र. सड़क विकास निगम उज्जैन को पत्र क्रमांक 579 दिनांक 09/04/2026 एवं स्मरण पत्र क्रमांक 856 दिनांक 23/06/2026 प्रस्तुत कर उज्जैन जावरा बीओटी टु-लेन मार्ग की नागदा बायपास हेतु अधिग्रहित भूमि सर्वे क्रमांक 1160 की भूमि अधिग्रहण सम्बन्धी दस्तावेज नक्शा आदि सहित सम्बंधित अधिकारी/कर्मचारी को उपस्थित रहने हेतु पत्र जारी किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'स' अनुसार है। (घ) पटवारी हल्का पाडल्या कलां, मेहतवास, नागदा, कस्बा खाचरौद का भूमि बंदोबस्त संवत 1993 वर्ष 1936-37 में हुआ था। वर्तमान में बंदोबस्त के स्थान पर सर्वे, री सर्वे की कार्यवाही की जाती है। (ड.) जिला अभिलेखागार में संवत 1993 वर्ष 1936-37 में ग्राम मेहतवास और कस्बा खाचरोद के नक्शे उपलब्ध है। ग्राम पाल्डयाकला और नागदा के नक्शे उपलब्ध नहीं है। ग्राम पाल्डयाकला, मेहतवास, नागदा एवं कस्बा खाचरोद के मिसल बन्दोबस्त अभिलेख संवत् 1993 वर्ष 1936-37 के उपलब्ध है।
पशुओं की मृत्यु/हानि पर मुआवजे का प्रदाय
[राजस्व]
22. ( क्र. 210 ) श्री साहब सिंह गुर्जर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सरकार के संज्ञान में है कि प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में मवेशियों की मृत्यु/हानि अवैध करंट के तारों से, आकाशीय बिजली गिरने एवं आगजनी से होने वाली दुर्घटनाओं के कारण हो जाती है। ऐसी दुर्घटनाओं में पशुपालकों को मुआवजा देने का सरकार का क्या प्रावधान है? यदि नहीं है तो क्यों? (ख) विधानसभा क्षेत्र क्र. 14 ग्वालियर ग्रामीण अन्तर्गत विगत 5 वर्षों में कितने मवेशियों की मृत्यु अवैध करंट के तारों, आकाशीय बिजली गिरने, आग लगने से हुई है इसकी जानकारी ग्राम पंचायतवार उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में पशुपालकों को सरकार द्वारा क्या सहायता दी गई? प्रकरणवार पशुपालक का नाम, निवास का पता सहित जानकारी देवें। यदि सहायता नहीं दी गई तो कब तक दी जावेगी?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। राजस्व पुस्तक परिपत्र 6 (4) के तहत आकाशीय बिजली एवं आगजनी हेतु प्राकृतिक प्रकोप से पशु हानि होने पर प्रभावितों/संबंधितों को आर्थिक सहायता राशि प्रदाय किये जाने के प्रावधान है। अवैध करंट के तारों से मवेशियों की मृत्यु होने पर मुआवजा का प्रावधान नहीं है। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है।
विद्यालयों के जर्जर भवनों का जीर्णोद्धार
[स्कूल शिक्षा]
23. ( क्र. 211 ) श्री साहब सिंह गुर्जर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 04 ग्वालियर अन्तर्गत कितने विद्यालयों के भवन जर्जर स्थिति में है तथा कितने विद्यालयों में गर्ल्स टायलेट, पेयजल हेतु हैण्डपम्प/बोर, विद्युत कनेक्शन नहीं है शालावार जानकारी उपलब्ध करावें तथा इन विद्यालयों की मरम्मत/जीर्णोद्धार का कार्य कब तक कराया जावेगा समय-सीमा बतावें। (ख) जिला ग्वालियर अन्तर्गत शैक्षणिक वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक आर.टी.ई. के अन्तर्गत प्रवेश हेतु कितने आवेदन प्राप्त हुए, उनमें से कितने विद्यार्थियों को आर.टी.ई. के तहत सीट आवंटित की गई तथा कितने विद्यार्थियों को सीट आवंटित नहीं हुई, वर्षवार आवेदनवार विस्तृत जानकारी उपलब्ध करावें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) प्रश्नांकित विधान सभा अंतर्गत शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक जीर्ण-शीर्ण/विद्युत विहीन शालाओं की जानकारी संलग्न परिशिष्ट-'क' पर है। विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कोई प्राथमिक/माध्यमिक/हाई स्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूल बालिका शौचालय विहीन नहीं है एवं समस्त शालाओं में पेयजल सुविधा है। शेष कार्यों की स्वीकृति बजट की उपलब्धता पर निर्भर करेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट–'ख' पर है।
शासकीय भूमि का विक्रय
[राजस्व]
24. ( क्र. 221 ) श्री रमेश प्रसाद खटीक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सर्वे नं. 96 हल्का धसारई बन्दोबस्त पर शासकीय पट्टा किस-किस व्यक्तियों के नाम पर है? (ख) इस सर्वे नं. 96 की भूमि को विक्रय करने का आदेश किस सक्षम अधिकारी द्वारा दिया गया? (ग) क्या पट्टा धारक को दिये गए पट्टे की वर्ष से आज तक यह भूमि कितने बार क्रय या विक्रय हुई और वर्तमान में किसके नाम पर दर्ज है। (घ) क्या वर्तमान में इस सर्वे नं. 96 में कृषि योग्य भूमि है या नहीं? (ड.) क्या इस भूमि को नियम के अनुसार शासकीय दर्ज कर दोषियों पर कार्यवाही करने का नियम में है या नहीं है। अगर है तो दोषियों पर कार्यवाही की जावेगी?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) मिसल बंदोबस्त वर्ष 1982-83 के अनुसार ग्राम घसारही स्थित भूमि सर्वे क्रमांक 96 रकवा 2.00 है. पर शहजाद पुत्र शुभराती मुसलमान निवासी ग्राम शासकीय पट्टा ग्राहिता के रूप में दर्ज है। (ख) न्यायालय तहसीलदार करैरा के प्रकरण क्रमांक 69/2000-2001/अ-74 आदेश दिनांक 06.09.2001 से विक्रय वर्जित शब्द विलोपित किया गया। (ग) 1. वर्ष 1975-76 लगायत 2005-06 तक ग्राम घसारही स्थित भूमि सर्वे क्रमांक 96 रकवा 2.00 है. पर शहजाद पुत्र शुभराती मुसलमान के नाम दर्ज रहा। 2. वर्ष 2006-07 में उक्त भूमि में से 1.00 है. का विक्रय शंकरलाल पुत्र राजाराम शर्मा को किया। 3. दिनांक 30.12.2017 को शंकर लाल शर्मा के द्वारा 96/2 रकवा 0.98 है. का विक्रय पत्र गायत्री शर्मा पत्नी शिवकुमार शर्मा के पक्ष में कराया गया। 4. दिनांक 21.04.2023 को गायत्री शर्मा पत्नी शिवकुमार शर्मा के द्वारा 96/2 रकवा 0.98 है. का विक्रय पत्र क्रेता संगीता पाण्डेय पत्नी सूर्यकान्त पाण्डेय को कराया गया। 5. वर्तमान में सर्वे क्रमांक 96/1 रकवा 0.98 है. शहजाद के वारिसान विहिदन वेवा शहजाद खाँ, आजाद, रफीक, मोहम्मद शाह, एहसान पुत्रगण शहजाद खाँ के नाम भूमि स्वामी स्वत्व पर दर्ज है। 6. सर्वे क्रमांक 96/2/2 रकवा 0.70 है. संगीता पाण्डेय पत्नी सूर्यकान्त पाण्डेय, 96/2/1 रकवा 0.28 है. व्यसायिक लगान 2800 रूपय पर संगीता पाण्डेय पत्नी सूर्यकान्त पाण्डेय के नाम भूमि स्वामी स्वत्व पर दर्ज है, 96/2/1 कर व्यपवर्तन श्रीमान अनुविभागीय अधिकारी के प्रकरण क्रमांक 0158/आदेश दिनांक 08.03. 2018 से किया गया। 7. सर्वे क्रमांक 96/3 रकवा 0.04 है. राष्ट्रीय राज्य मार्ग में अधिग्रहण की जा कर वर्तमान राजस्व अभिलेख में मध्य प्रदेश शासन दर्ज है। (घ) वर्तमान में ग्राम घसारही स्थित भूमि सर्वे क्रमांक 96/1 रकवा 0.98 है. शहजाद के वारिसानों के नाम दर्ज होकर कृषि कार्य किया जा रहा है, शेष रकवा 0.98 है. में दुकान, मकान, वेयर गोदाम (वेयर हाउस) निर्मित है व शेष भूमि रिक्त पड़ी है। (ड.) तहसीलदार के प्रकरण क्रमांक 69/2000-2001/अ-74 आदेश दिनांक 06.09.2001 से विक्रय वर्जित शब्द विलोपित किया गया था। प्रकरण की गहन जांच हेतु अनुविभागीय अधिकारी करैरा को पत्र लिखा गया है। जानकारी प्राप्ति पश्चात प्रकरण दर्ज कर दोषियों पर कठोर कार्यवाही जावेगी।
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में चिकित्सक की पदस्थापना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
25. ( क्र. 235 ) श्री दिव्यराज सिंह : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विकासखण्ड जवा अंतर्गत शा. प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र डभौरा में चिकित्सीय एवं सह चिकित्सीय कुल कितने पद स्वीकृत हैं? पदवार विवरण उपलब्ध करावें। (ख) क्या कारण है विगत 02 वर्षों से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र डभौरा में चिकित्सक की पदस्थापना संभव नहीं हो सकी है? कब तक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र डभौरा में चिकित्सीय एवं रोगों की जाँच हेतु पैथोलाजी सुविधा प्रारंभ की जा सकेगी? यदि हाँ, तो समय-सीमा बतावें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) "पदपूर्ति" एक निरंतर प्रक्रिया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र डभौरा में चिकित्सीय एवं रोगों की जांच हेतु पैथोलाजी सुविधा चिकित्सक की पदस्थापना के पश्चात ही प्रारंभ किया जाना संभव है। निश्िचत समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
अतिक्रमण मुक्त कर अभिलेख में शासकीय तालाब दर्ज करना
[राजस्व]
26. ( क्र. 236 ) श्री दिव्यराज सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जनपद पंचायत सिरमौर के ग्राम पंचायत पल्हान वार्ड क्रमांक 05 में स्थित बेला तालाब खसरा क्रमांक 1141 एवं 1142 कुल रकवा 6.813 हेक्टेयर का कलेकटर निगरानी प्रकरण 35/बी-121/84-85 दिनांक 28/01/1987 में शासकीय दर्ज करने तथा अतिक्रमण से मुक्त कराने संबंधी आदेश क्या कलेक्टर न्यायालय द्वारा पारित किया गया था? यदि हाँ, तो क्या कारण है कि उक्त आदेश का पालन आज दिनांक तक नहीं किया जा सका? (ख) क्या ग्राम पल्हान के खसरा क्रमांक 1141 एवं 1142 जो कि वर्ष 1924-25 की खतौनी एवं उसके आगे के वर्षों में निरंतर राजस्व दस्तावेजों में शासकीय तालाब गैर हकदार/नाकाबिल काश्त के रुप में दर्ज रहा है? यदि हाँ, तो शासन के किस आदेश एवं नियम के तहत उक्त शासकीय तालाब (जलाशय) को निजी भूमि स्वामी के रुप में दर्ज किया गया? (ग) क्या शासकीय तालाबों को संरक्षित करने के संबंध में शासन के कोई आदेश जारी किये गए हैं? यदि हाँ, तो समस्त शासनादेशों के अनुपालन में क्या उक्त बेला शासकीय तालाब ग्राम पल्हान को अतिक्रमण मुक्त कराकर पुनः शासकीय दस्तावेजों में शासकीय तालाब आम निस्तार दर्ज कराया जा सकेगा? तो कब तक कराया जावेगा? समय-सीमा बतावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) से (ग) जानकारी संकलित की जा रही है।
जिला प्रशासन द्वारा शिकायतों पर कार्यवाही
[राजस्व]
27. ( क्र. 280 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कार्यालय कलेक्टर (शिकायत) जिला-टीकमगढ़ ने अपने पत्र क्र.588/शिका./2024 टीकमगढ़ दिनांक 19.06.2024 अधीक्षक भू-अभिलेख टीकमगढ़ को लेख किया था यदि हाँ, तो अधीक्षक भू-अभिलेख द्वारा की गई कार्यवाही से अवगत करावें? (ख) क्या कार्यालय अपर कलेक्टर टीकमगढ़ जिला टीकमगढ़ ने अपने पत्र क्र./08/अपर कलेक्टर/2024 टीकमगढ़ दिनांक 04.07.2024 के द्वारा जांच दल गठित किया था यदि हाँ, तो जांच दल द्वारा की गई जांच की प्रति उपलब्ध करावे और यदि जांच नहीं की गई तो क्यों जांच दल के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्नकर्ता द्वारा कुल कितनी शिकायतें कलेक्टर टीकमगढ़ को की गई, उनमें से कितनी शिकायतों का निराकरण किया गया शिकायत एवं निराकरण बिन्दुवार बतावें? (घ) शिकायतों पर कार्यवाही न होने का कारण एवं कब तक कार्यवाही की जावेगी विस्तृत विवरण दें?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) हाँ, यह सही है कि अधीक्षक भू-अभिलेख टीकमगढ़ को पत्र क्रमांक 588/शिका./2024 दिनांक 19.06.2024 के द्वारा जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु लेख किया गया था। उक्त परिपालन में अधीक्षक भू-अभिलेख टीकमगढ़ के द्वारा पत्र क्रमांक 296 दिनांक 07.07.2026 एवं पत्र क्रमांक 297 दिनांक 07.07.2026 के द्वारा संयुक्त रूप से जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है। उक्त जांच प्रतिवेदन पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) हाँ, यह सही है, कि अपर कलेक्टर टीकमगढ़ के द्वारा पत्र क्रमांक 08/2024 दिनांक 04.07.2024 के द्वारा जांच दल गठन किया गया था। जांच दल के द्वारा पत्र क्रमांक 296 दिनांक 07.07.2026 एवं पत्र क्रमांक 297 दिनांक 07.07.2026 को संयुक्त जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है। (ग) प्रश्नकर्ता द्वारा प्रस्तुत 96 पत्रों में से 93 पत्रों पर संबंधित विभागों द्वारा समुचित कार्यवाही की जा चुकी है, केवल 03 पत्रों पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (घ) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-43 टीकमगढ़ के द्वारा विभिन्न विभागों के 96 पत्रों में से 93 पत्रों का निराकरण हो चुका है। शेष 03 पत्रों पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
अवैध मुरम खनन पर कार्यवाही
[राजस्व]
28. ( क्र. 281 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कार्या. कलेक्टर (शिकायत) जिला-टीकमगढ़ म.प्र. द्वारा पत्र क्र.542/शिका./2024 टीकमगढ़ दिनांक 03.06.2024 अनुविभागीय अधिकारी टीकमगढ़ को लेख कर जांच कर कार्यवाही करने एवं की गई कार्यवाही से अवगत कराने हेतु लेख किया था? यदि हाँ, तो की गई कार्यवाही से अवगत करावें? (ख) किस वैध खदान से मुरम उत्खनन की गई, खदान का रकवा एवं खनन परिक्षेत्र क्या था खनन हेतु किस फर्म से पिट पास जारी किये गये एवं नगर पालिका परिषद द्वारा मुरम खरीदने में कितनी राशि व्यय की गई? (ग) क्या टीकमगढ़ जिले में गौण एवं प्रमुख खनिज के अवैध उत्खनन में जिला प्रशासन का सहयोग रहता है यदि नहीं तो कारी खदान टीकमगढ़ बैदऊ खदान लिधौरा तहसील जिला-टीकमगढ़ में करोड़ों का अवैध उत्खनन क्यों किया जा रहा है। जबकि संपूर्ण उत्खनन सीमांकित जमीन के बाहर हो रहा है। क्या संबंधित फर्मों को अवैध उत्खनन का दोषी मानकर ब्लैक लिस्टेड कर वसूली अधिरोपित की जायेगी? (घ) प्रश्नांश (ग) में वर्णित अवैध उत्खनन में कौन-कौन दोषी है, नाम पद सहित बतावें? यदि खनन अवैद्य खदान या बिना पिटपास के किया गया तो उसके भुगतान के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कब तक कार्यवाही कर वसूली की जायेगी?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) हाँ, कार्यालय कलेक्टर (शिकायत) टीकमगढ़ के पत्र क्र./542/शिका./2024 टीकमगढ़ दिनांक 03.06.2024 में संलग्न शिकायत आवेदन द्वारा, श्री यादवेन्द्र सिंह, विधायक 43-टीकमगढ़ दिनांक 02.05.2024 पर जांच उपरांत न्यायालय अनु.अधि.(राजस्व) टीकमगढ़ के प्र.क./241/बी-121/23-24 प्रतिवेदन दिनांक 10.07.2023 द्वारा न्यायालय कलेक्टर टीकमगढ़ प्रेषित किया गया। न्यायालय कलेक्टर टीकमगढ़ के प्र.क्र./0066/बी-121/25-26 द्वारा अनधिकृत कॉलोनी के निर्माण पर कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर अनधिकृत कॉलोनी की भूमि पर अंतरण व नामांतरण पर प्रतिबंध लगाया गया है। प्रकरण न्यायालय कलेक्टर टीकमगढ़ में विचाराधीन है। (ख) नगर पलिका परिषद् टीकमगढ़ द्वारा प्रत्यक्ष रूप से मुरम क्रय नहीं की गई और न ही इस संबंध में कोई राशि व्यय की गई। (ग) जी नहीं, टीकमगढ़ जिले में ग्राम कारी के वन कक्ष क्रमांक 48 में म.प्र. राज्य खनिज निगम भोपाल को वन क्षेत्र में खनिज डायस्पोर पायरोफिलाईट उत्खनि पट्टा स्वीकृत है, जिसमें अवैध उत्खनन से संबंधित जानकारी वन विभाग से संबंधित है एवं ग्राम बेदोरा जंगल तहसील लिधोरा के खसरा क्रमांक 37/1/मिन-1 रकवा 6.900 हे. राजस्व क्षेत्र पर खनिज ग्रेनाइट का उत्खनि पट्टा पट्टेदार मेसर्स कामता नाथ मिनरल्स पार्टनर श्रीमती शिवानी भारद्वाज पत्नी गौरव भारद्वाज निवासी ग्वालियर (म.प्र.) को स्वीकृत है। उक्त खदान असंचालित होने के कारण अवैध उत्खनन किये जाने का प्रश्न ही उत्पन्न नहीं होता है। (घ) प्रश्नांश (ग) में अवैध उत्खनन या बिना पिटपास परिवहन नहीं पाये जाने के कारण शेष प्रश्न ही उत्पन्न नहीं होता है।
सुविधाविहीन एवं जर्जर भवनों में स्कूल का संचालन
[स्कूल शिक्षा]
29. ( क्र. 320 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश शासन ने जिला शिक्षा अधिकारी जबलपुर एवं जिला शिक्षा केन्द्र जबलपुर को स्कूल भवनों का रख-रखाव मरम्मत, सुधार कार्य, पुनर्निर्माण व नये शाला भवनों का निर्माण हेतु किस-किस योजना मद में कितनी-कितनी राशि आवंटित की है एवं कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक की जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) में कितने-कितने जर्जर, खंडर व सुविधा विहीन बाउंड्रीवॉल विहीन स्कूलों को चिंहित कर इनका सुधार, मरम्मत व पुनर्निर्माण तथा नवीन शाला भवनों का निर्माण कराने की कब क्या कार्य योजना बनाई गई? कितने जर्जर व खंडर शाला भवनों का सुधार व मरम्मत कार्य कितनी राशि में कराया गया एवं कितने शाला भवनों का सुधार व मरम्मत कार्य व बाउंड्रीवॉल का निर्माण नहीं कराया गया है एवं क्यों? पूर्व विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 97 के स्कूलों की सूची दें। (ग) प्रश्नांश (क) में कितने-कितने स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं जैसे शुद्ध पेयजल, शौचालयों की साफ-सफाई, स्वच्छता, खेल मैदान, विद्युत व्यवस्था, टाट पट्टी, फर्नीचर, अतिरिक्त कमरों आदि की समुचित व्यवस्था नहीं है एवं क्यों? (घ) प्रश्नांकित स्कूलों में स्वीकृत पद संरचना के तहत कितने-कितने पद रिक्त है? कितने-कितने स्कूल प्रधानध्यापक व प्राचार्य विहीन है? कितने स्कूल एक शिक्षक के संचालित है?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'1' अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेन्डरी स्कूलों में विद्यार्थी नामांकन के आधार पर आवश्यक अधोसंरचना निर्माण/सुदृढ़ीकरण कार्य बजट की उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर करता है। यह एक सतत् प्रक्रिया है। प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जर्जर, खंडहर की जानकारी निरंक है वर्तमान में जर्जर भवन व पुनर्निर्माण तथा नवीन शाला भवनों का निर्माण कार्य खनिज मद व एसएसए की वार्षिक कार्ययोजना में शामिल किया गया है। अपितु स्कूलों में कराये गये आवश्यक मरम्मत की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेन्डरी स्कूलों में पूर्व से बाउण्ड्रीवाल उपलब्ध है। बाउंड्रीवॉल निर्माण हेतु म.प्र. राज्य रोजगार गांरटी परिषद के पत्र क्रमांक 5129/MGNREGS-MP/NR-3/2020 पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देश है जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। (ग) प्रश्नाधीन स्कूलों में उल्लेखित मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था उपलब्ध है। खेल मैदान से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-5 अनुसार है।
मेडिकल यूनिवर्सिटी जबलपुर का विखण्डन
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
30. ( क्र. 321 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश शासन ने प्रदेश की एकमात्र म.प्र. आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर की स्थापना वर्ष 2011 में किस उद्देश्य एवं लक्ष्य से की थी। इसकी स्थापना पर कितनी राशि व्यय हुई? क्या शासन अपने मूल उद्देश्य एवं लक्ष्य प्राप्ति में असफल सिद्ध हुई हैं? यदि नहीं तो शासन ने इस मेडिकल यूनिवर्सिटी को तीन हिस्सों में विभाजित करने का क्या प्रस्ताव तैयार किया हैं एवं क्यों? इसकी मंत्रिपरिषद से कब स्वीकृति ली हैं? प्रस्ताव व मंत्रिपरिषद की स्वीकृति की छायाप्रति दें। (ख) प्रश्नांकित स्थापित मेडिकल यूनिवर्सिटी को तीन हिस्सों में विभाजित करने से इसका सीधा प्रभाव जबलपुर शहर की साख पर व विश्वविद्यालय के प्रशासनिक विकेन्द्रीयकरण, परिसम्पत्तियों का बंटवारा, क्षेत्राधिकार आदि पर क्या प्रभाव पड़ेगा? (ग) प्रश्नांकित मेडिकल यूनिवर्सिटी को स्थापना से लेकर अभी तक बिना शैक्षणिक कैलेण्डर के एवं इसके लिये बनाये गये अधिनियम के विपरीत संचालित करने का क्या कारण है? इसका सीधा प्रभाव छात्रों की शैक्षणिक व्यवस्था व भविष्य पर क्या प्रभाव पड़ा है? अधिनियम की छायाप्रति दें। (घ) प्रश्नांकित मेडिकल यूनिवर्सिटी में स्वीकृत पद संरचना के तहत कितना स्टाफ पदस्थ है एवं कौन-कौन से कितने-कितने पद कब से रिक्त हैं एवं क्यों? इसके लिये अभी तक किन-किन संसाधनों व व्यवस्थाओं की पूर्ति नहीं की गई है एवं क्यों? स्वीकृत एवं पदस्थ स्टाफ की छायाप्रति दें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) म.प्र. राजपत्र दिनांक 06/05/2011 की धारा 4 में उल्लेखित उद्देश्य एवं लक्ष्य की पूर्ति हेतु म.प्र.आयुर्विज्ञान, जबलपुर की स्थापना की गई थी। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"अ" अनुसार। विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु प्रशासनिक भवन निर्माण में 23.27 करोड़ एवं प्रशासनिक भवन निर्माण हेतु आवंटन भूमि का भू-भाटक एवं प्रब्याजी राशि रूपये 26 करोड़ की राशि व्यय की जा चुकी है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"ब" एवं "स" अनुसार। जी नहीं। विश्वविद्यालय को तीन हिस्सों में बांटने का कोई निर्णय नहीं हुआ है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उत्तरांश "क" अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) विश्वविद्यालय में अकादमिक गतिविधियों का संचालन अकादमिक कलैण्डर के अनुसार किया जा रहा है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। अधिनियम की प्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"द" अनुसार। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"ड" अनुसार।
ग्राम मोरतलाई का राजस्व रिकार्ड
[राजस्व]
31. ( क्र. 345 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मोरतलाई, पटवारी हल्का जामुखो, तहसील सिराली स्थित खसरा क्रमांक 30 मिसल बंदोबस्त, राजस्व अभिलेखों में कितना रकबा, किसके नाम से तथा भूमि किस मद में दर्ज है? इस खसरा नंबर में कब-कब, क्या-क्या परिवर्तन किये गये वर्षवार बतावें? इसका नामांतरण, बटांकन, मद परिवर्तन किसके द्वारा किसके आदेश से कब-कब किया गया? दस्तावेजों की प्रमाणित प्रति उपलब्ध करावें। (ख) भू-अभिलेख के ऑनलाइन पोर्टल पर खसरा क्रमांक 30/2 को "छोटा घास" भूमि के रूप में किस आधार, आदेश व अधिकारी द्वारा दर्ज किया गया? साथ ही खसरा क्रमांक 30/1 ऑनलाइन किसी मद में दर्ज न होने का कारण क्या है तथा क्या राजस्व अभिलेखों के अनुसार उसे भी "छोटा घास" भूमि माना जाता है? यदि हाँ, तो आधार सहित विवरण दिया जाये। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित भूमि वर्तमान में राजस्व अभिलेखों में किसके नाम से दर्ज है तथा किसके नियंत्रणाधीन है? आधिपत्य संबंधित दस्तावेज किस विभाग से पास उपलब्ध है? दस्तावेजों की प्रति उपलब्ध करावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) ग्राम मोरतलाई खसरा क्रमांक 30 राजस्व अभिलेखों में पांच साला खसरा वर्ष 2000-2001 से 2009-10 तक रकबा 12.505 हे. बडाझाड का जंगल शासकीय मद में दर्ज है। 2010-2011 से 2011-12 तक खसरा क्रमांक 30 में से 30/1, रकबा 7.056 हे. बडाझाड का जंगल शासकीय मद मे दर्ज है एवं 30/2 में से रकबा 5.449 हे. रकबा छोटा घास मद में शासकीय दर्ज है। कार्यालय वनमंडलाधिकारी सामान्य वन मंडल हरदा के पत्र क्रमांक/भू. प्रबंध/366 हरदा दिनांक 09.02.2010 में उल्लेखित राजपत्र अधिसूचना क्र. एफ-5-74-10-03 (11) (12) दि.07.01.91 एवं एफ 5-74-10-03 (16) दिनांक 11.01.1991 से अन्य राजं. विधिवत राजस्व विभाग को वन भूमि अंतर्गत कर दी गई है। उपरोक्त आदेश के पालन में वर्णित प्रविष्टि अनुसार भूमि वन विभाग से राजस्व विभाग छोटा घास मद में तत्कालिन तहसीलदार द्वारा रिकॉर्ड दर्ज किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- अ अनुसार। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार। खसरा क्रमांक 30/1 ऑनलाइन शासकीय दर्ज है परन्तु त्रुटि होने के कारण ऑनलाइन किसी भी प्रकार का मद दर्ज नहीं है। ग्राम मोरतलाई की संशोधन पंजी क्रमांक 01 आदेश दिनांक 25.02.2010 के अनुसार त्रुटि संज्ञान में आने के कारण दुरूस्ती की कार्यवाही प्रचलित है। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित भूमि वर्तमान में वनविभाग के नियंत्रण में है। खसरा क्रमांक 30/2 वर्तमान में छोटा घास मद में दर्ज है। राजपत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ' ब' शेष उत्तरांश (क) अनुसार।
खेल मैदान एवं राजस्व भूमि की जानकारी
[राजस्व]
32. ( क्र. 346 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वनमंडल अधिकारी हरदा (उत्पादन) के पत्र क्रमांक 7793, दिनांक 18/08/2025 में काष्ठगार को नवीन स्थान पर स्थापित किये जाने हेतु लगभग 50 से 60 एकड़ भूमि की आवश्यकता का लेख है जबकि वर्तमान काष्ठगार केवल 8 एकड़ भूमि पर संचालित है। स्पष्ट है, कि भूमि पर्याप्त नहीं है। क्या पत्र में गलत जानकारी दी गई? यदि नहीं तो इतनी कम भूमि में कैसे संचालित है? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित पत्र में नौसर, बघवाड़, रायबोर, नयागांव धौलपुर की भूमि पर जलभराव, बाढ़ का हिस्सा होने, दूर स्थित होने की जानकारी दी गई है। क्या यह मौके अनुसार सही है? जांच प्रतिवेदन में खसरे के कुल कितने भाग में से कितने भाग पर बारिश, नदी से जलभराव की स्थिति रहती है? जांच दल के आदेश की प्रति, जांच दल द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन, पंचनामा की प्रति सहित जानकारी उपलब्ध करावें। उक्त भूमि किसके अधीन है? इस पर वर्तमान में क्या गतिविधियां किसके द्वारा संचालित की जा रही है? यदि जलभराव के कारण फसल खराब हुई है, तो कितना मुआवजा किसे दिया गया? (ग) भूमि के चयन हेतु स्थानीय विधायक को दल में क्यों शामिल नहीं किया गया? क्या अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं वनमंडलाधिकारी प्रमाण पत्र जारी कर सकते है, कि टिमरनी अनुभाग अंतर्गत काष्ठागार हेतु कोई उपयुक्त भूमि उपलब्ध नहीं है? यदि हाँ, तो प्रति उपलब्ध करावें। (घ) टिमरनी अनुविभाग अंतर्गत 10 एकड़ से अधिक समस्त शासकीय भूमि के खसरा नंबर, ग्राम, भूमि स्वामित्व राजस्व अभिलेख के अनुसार जानकारी उपलब्ध करावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) वनमंडल अधिकारी हरदा उत्पादन के पत्र क्रमांक 7793 दिनांक 18-08-2025 में काष्ठागार को नवीन स्थान पर स्थापित किये जाने हेतु लगभग 50 से 60 एकड़ भूमि की आवश्यकता का लेख किया गया है। वर्तमान टिमरनी काष्ठागार 39.13 एकड़ में संचालित है। यदि काष्ठागार अन्यत्र स्थापित किया जाता है तो भविष्य में वनोपज की आवक एवं नवीन कार्यालय भवन नीलाम हाल कर्मचारियों के आवास आदि आवश्यकताओं को देखते हुये लगभग 50-60 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। वर्तमान में संचालित काष्ठागार की भूमि का विवरण इस प्रकार है:-
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1 |
शासकीय भूमि |
15.98 एकड़ |
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2 |
श्री अरूण कुमार तिवारी |
20.00 एकड़ |
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3 |
राजाबरारी स्टेट |
3.05 एकड़ |
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कुल योग |
39.033 एकड़ |
(ख) जी हाँ। मौके पर निरीक्षण करने के उपरांत पंचनामा तैयार किया गया है जो सही है। जाँच प्रतिवेदन में उल्लेखित खसरा नंबरों के रकबे में 50 से 60 प्रतिशत अंश भाग पर जल भराव की स्थिति रहती है। उक्त भूमि चराई मद में दर्ज होकर शासकीय है, जिस पर वर्तमान में अतिक्रमणकारियों का अतिक्रमण है। जिनका अतिक्रमण हटाये जाने हेतु तहसीलदार द्वारा अतिक्रमण रिपोर्ट प्राप्त की जाकर कार्यवाही की जा रही है। जलभवराव के कारण फसल खराब होने की स्थिति में किसी को भी मुआवजा राशि प्रदान नहीं की गयी है। (ग) भूमि चयन हेतु अनुविभागीय अधिकारी राजस्व टिमरनी एवं वन मंडलाधिकारी हरदा द्वारा अनौपचारिक भ्रमण किया गया था। पृथम दृष्ट्या भूमि उपयुक्त न होने के कारण आगामी कार्यवाही नहीं की गई। इस कारण माननीय विधायक महोदय को दल में शामिल नहीं किया गया। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
चिल्लर बांध की नहरों को प्रेशराइज्ड किया जाना
[जल संसाधन]
33. ( क्र. 371 ) श्री अरूण भीमावद : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधान सभा क्षेत्र शाजापुर अंतर्गत चिल्लर बांध योजना की नहरों के प्रेशराइज्ड (उच्च दाब सिंचाई) किया जा सकता है अथवा नहीं? (ख) चिल्लर बांध योजना से वर्तमान में कितने हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जा रही है? यदि प्रेशराइज्ड किया जाता है तो कितने हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जायेगी? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के अनुसार प्रश्न दिनांक तक इसके लिए क्या-क्या कार्यवाही की गई? (घ) यदि हाँ, तो योजना कब तक स्वीकृत की जावेगी?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी नहीं। (ख) चिल्लर बांध से वर्तमान में 3441 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जा रही है। योजना को प्रेशराइज्ड करने हेतु आकलन नहीं किया गया है। अतः कितने हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जायेगी बताया जाना संभव नहीं है। (ग) चिल्लर बांध योजना की नहरों को प्रेशराइज्ड (उच्च दाब सिंचाई) किये जाने हेतु वर्तमान मे कोई योजना नहीं है। (घ) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
विधानसभा क्षेत्र आमला में सिंचाई परियोजनाओं के विशेष सुधार
[जल संसाधन]
34. ( क्र. 377 ) डॉ. योगेश पंडाग्रे : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र आमला में कितनी सिंचाई परियोजनाओं द्वारा कितने हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सिंचित किया गया है? कृपया जलाशयवार कमाण्ड एरिया बताने का कष्ट करें। (ख) इनमें से कितने जलाशयों में नहरों के क्षतिग्रस्त होने, नहरों की लाइनिंग नहीं होने तथा वेस्टवियर के क्षतिग्रस्त होने के कारण कमांड एरिया के कितने कृषि रकबे को सिंचाई सुविधा नहीं दी जा पा रही है? (ग) आमला विधानसभा के अंतर्गत बुण्डाला तथा जमदेही कला परियोजनाओं के विशेष सुधार हेतु DPR विभाग/शासन के समक्ष कितनी अवधि से लंबित है? इन दोनों ही कार्यों हेतु राशि जारी नहीं किए जाने के क्या कारण रहे हैं? (घ) इन दोनों ही जलाशयों के विशेष मरम्मत कार्य हेतु कब तक राशि स्वीकृत की जावेगी?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जलाशयवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) विवरण संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (घ) निश्िचत समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
कलेक्टर द्वारा अन्तरित भूमि
[राजस्व]
35. ( क्र. 379 ) डॉ. योगेश पंडाग्रे : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह सही है कि कलेक्टर बैतूल द्वारा पत्र क्रमांक 13/भू/1672 दिनांक 12/06/1956 से 683 ग्रामों की 3 लाख 60 हजार 478 एकड़ 3 ग्रामों की 13,285 एकड़ वन विभाग को अन्तरित गैरखाता मद की दखल रहित भूमियों से संबंधित कार्यवाही प्रश्नांकित दिनांक तक भी पूरी नहीं होने के कारण, वनखण्डों के बाहर छोड़ी भूमि का जिले के विकास में उपयोग नहीं हो पा रहा है। (ख) पत्र दिनांक 12/06/1956 से किस ग्राम की कितनी भूमि अन्तरित की गई, किस ग्राम की कितनी भूमि संरक्षित वन सर्वे में उपयुक्त पाई या अनुपयुक्त पाई, कितनी भूमि किस पत्र क्रमांक दिनांक से वन विभाग ने अन्तरित या आवंटित की है, कितनी भूमियों की भा.व.अ.1927 की धारा 5 से 19 की जांच लम्बित है। (ग) वन विभाग द्वारा अनुपयुक्त पाई गई, वनखण्ड के बाहर छोड़ी गई भूमियों से संबंधित कौन-कौन सी कार्यवाही किन-किन कारणों से वर्तमान में भी लम्बित बताई जा रही है, लम्बित कार्यवाही पूरी नहीं होने का क्या कारण है। (घ) 683 ग्रामों एवं 3 ग्रामों की अन्तरित भूमि बाजिबुल अर्ज, गांव कायदा, निस्तार पत्रक, अधिकार अभिलेख में किस-किस सार्वजनिक, निस्तारी प्रयोजन के लिए किस-किस मद में अभी भी दर्ज है।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी नहीं, पत्र दिनांक 12.06.1956 के स्थान पर पत्र क्रमांक 13/भू/1672 दिनांक 12.09.1956 द्वारा वन विभाग को प्रबंधन के लिये 1954 से पत्र दिनांक 12.09.1956 तक भूतपूर्व मालगुजारी एवं रैयतवाड़ी गांव के जो वन हस्तांतरित किये गये, उनके खसरा नंबर एवं गांववार सूची जिलाध्यक्ष बैतूल को 686 ग्रामों की भेजी गई थी, जो पृष्ठांकन क्रमांक/13, निस्तार दिनांक 26.09.1956/10.10.1956 से वन मण्डलाधिकारी को प्रेषित की गई। वन मंडल उत्तर,दक्षिण व पश्चिम जिला बैतूल से प्रश्नांश की प्राप्त जानकारी अनुसार उन्हें प्राप्त सूचियों में कुल 321 ग्राम होना पाये गये हैं। (ख) पत्र दिनांक 12.06.1956 के स्थान पर पत्र क्रमांक 13/भू/1672 दिनांक 12.09.1956 द्वारा वन विभाग को प्रबंधन के लिये 1954 से पत्र दिनांक 12.09.1956 तक भूतपूर्व मालगुजारी एवं रैयतवाड़ी गांव के जो वन हस्तांतरित किये गये, उनके खसरा नंबर एवं गांववार सूची जिलाध्यक्ष बैतूल को 686 ग्रामों की भेजी गई थी, जो पृष्ठांकन क्रमांक/13, निस्तार दिनांक 26.09.1956/10.10.1956 से वन मण्डलाधिकारी को प्रेषित की गई। वनमंडलाधिकारी वन मण्डल उत्तर,दक्षिण, पश्चिम बैतूल से प्रश्नांश की प्राप्त जानकारी अनुसार उन्हें 686 ग्रामों की पूर्ण सूचियां प्राप्त नहीं होने से प्रश्नांश में उल्लेखित पत्रानुसार जानकारी वन मंडलों द्वारा दिया जाना संभव नहीं हैं। (ग) वनमंडल के अंतर्गत म.प्र.शासन के निर्देश दिनांक 14/09/1996 द्वारा संरक्षित वन क्षेत्रों (ऑरेंज क्षेत्र) के सर्वेक्षण एवं सीमांकन उपरांत जो वन क्षेत्र वन विभाग के प्रबंधन के लिए अनुपयुक्त पाये जाते है उन्हें राजस्व विभाग को सौपे जाने के निर्देश दिये गये थे किन्तु माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा याचिका क्रमांक 337 वर्ष 1995 में दिनांक 13/11/2000 में पारित आदेश से निर्वनीकरण पर रोक लगाई जाने के कारण निर्वनीकरण कर राजस्व विभाग को सौंपे जाने की कार्यवाही नहीं की गयी है। (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।
सिंचाई योजनाओं की स्वीकृति
[जल संसाधन]
36. ( क्र. 405 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परासिया विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत कृषकों की सुविधा हेतु निम्नलिखित सिंचाई योजनाओं की शासन/विभाग द्वारा स्वीकृति प्रदान किया जाना अत्यंत आवश्यक है सिंचाई योजनाएं निम्नानुसार हैं:- दमुआ भीमसेन ढाना घटामाली नदी पर कोहका दमुआ बैराज, झुर्रेमाल शंकरपुर रोड खमडोढ़ा नाला पर जलाशय एवं मंडला पंडापुल नाला जलाशय यदि इन सिंचाई योजनाओं की स्वीकृति शासन द्वारा प्रदान कर दी जाती है तो निश्चित ही किसानों को आर्थिक लाभ होगा और फसलों का उत्पादन अधिक होगा और कृषि सिंचाई का रकबा भी बढ़ेगा उपरोक्त सिंचाई योजनाओं की स्वीकृति हेतु विभाग द्वारा विभिन्न औपचारिकताओं व कार्यवाही को कब तक पूर्ण कर लिया जायेगा? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार विभिन्न सिंचाई योजनाओं की स्वीकृति कब तक प्रदान कर दी जायेगी? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित सभी सिंचाई योजनाओं के निर्माण कार्य की स्वीकृति हेतु प्रश्नकर्ता द्वारा मान. मुख्यमंत्री महोदय जी को अनुस्मरण पत्र 01 क्र.121 दि. 10.03.2025 व मान. विभागीय मंत्री महोदय जी को अनुस्मरण पत्र 01 क्र.122 दि. 10.03.2025 व प्रमुख सचिव महोदय को अनुस्मरण पत्र 01 क्र.123 दि. 10.03.2025 को अनुस्मरण पत्र प्रेषित किए गये है, उन पत्रों पर अभी तक क्या कार्यवाही की गई है?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) छिंदवाड़ा जिले के विधान सभा क्षेत्र परासिया के अंतर्गत कोहका दमुआ बैराज योजना का निर्माण कार्य पूर्ण हो कर 260 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचाई सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। माल शंकरपुर रोड खमडोदा नाला पर जलाशय की डी.पी.आर. विस्तृत सर्वेक्षण उपरांत प्रति हेक्टेयर लागत रू.08.61 लाख एवं मंडला पंडापुल नाला जलाशय योजना की डी.पी.आर. की प्रति हेक्टेयर लागत रू.07.06 लाख निर्धारित हुई जो विभागीय मापदण्डों से अत्यधिक होने से योजना साध्य नहीं पाई गई। अतः शेष प्रश्नांश लागू नहीं। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार। (ग) विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
आवासीय भूमि के पट्टे का प्रदाय
[राजस्व]
37. ( क्र. 455 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्रामीण क्षेत्र में राजस्व (सरकारी/दखल रहित) जमीन पर मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता (MPLRC), 1959 की धाराओं एवं म.प्र. भू राजस्व संहिता नियम 2020 के अनुसार वर्षों से मकान बनाकर निवासरत व्यक्तियों को आवासीय भूमि का पट्टा प्रदान किया जाता है या नहीं जानकारी देवें? (ख) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र की पंचायतों से प्रश्न दिनांक तक शासन की ओर से पत्र जारी कर प्रस्ताव अथवा आवेदन क्या मंगायें गए है या नहीं जानकारी देवें? यदि नहीं तो, कब तक मंगायें जावेंगे? (ग) सुवासरा विधानसभा में ऐसी कितनी पंचायतें एवं उनके सम्मिलित ग्राम है जिनमें राजस्व (सरकारी/दखल रहित) भूमि पर वर्षों से मकान बनाकर निवासरत व्यक्तियों को आवासीय भूमि का पट्टा प्रदान नहीं किया गया है पंचायत एवं ग्रामवार जानकारी देवें? (घ) उपरोक्त पात्र व्यक्तियों को पट्टा प्रदान करने हेतु कार्यवाही कब तक पूर्ण कर ली जावेगी जानकारी देवें?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ, स्वामित्व योजना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) सुवासरा विधानसभा अंतर्गत सरकारी/दखल रहित भूमि के धारा 247 में कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं है। (ग) सुवासरा विधानसभा अंतर्गत 278 ग्रामों में आबादी में निवासरतों को स्वामित्व योजनांतर्गत 70450 हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख प्रदान किये गये है। शेष कोई नहीं होने से जानकारी निरंक। (घ) उत्तरांश (ग) अनुसार।
भूमि स्वामियों द्वारा विक्रय की गई भूमि का बटांकन
[राजस्व]
38. ( क्र. 462 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भिण्ड के वार्ड नंबर-35, स्वतंत्र नगर नगर पालिका सीमा के अंदर सी.एल.आर. नं-11092110245 जो राजस्व निरीक्षक मंडल भिण्ड तहसील व जिला भिण्ड में स्थित है जिसका आरजी नं.-2835, कुल रकवा 0.5640 हेक्टेयर है, जिसमें से भू-स्वामियों ने 0.16 विश्वा कृषि भूमि दिनांक 01 फरवरी, 2024 एवं 6 जून, 2024 को विक्रय की थी? (ख) यदि हाँ, तो क्या प्रश्नांकित भूमि से संबंधित विक्रेतागणों ने तहसील न्यायालय भिण्ड (म.प्र.) में बटांकन एवं सीमांकन हेतु 0.07 विश्वा कृषि भूमि प्रकरण क्रमांक 0177/अ27/2025-2026 एवं 0.09 विश्वा कृषि भूमि प्रकरण क्रमांक 0178/अ27/2025-2026 कुल 16 विश्वा कृषि भूमि का आवेदन/प्रकरण दर्ज कराया था तथा क्या इस संबंध में एस.डी.एम., भिण्ड को भी दिनांक 22.05.2026 को आवेदन दिया गया था? (ग) म.प्र. शासन के नियम अंतर्गत बटांकन व सीमांकन की कार्यवाही आवेदन प्राप्ति से कितने समय में की जाना निर्धारित है? क्या कर्मचारियों व अधिकारियों ने प्रश्नांकित प्रकरणों में निर्धारित समय-सीमा में क्या-क्या कार्यवाही की है। यदि कार्यवाही समय-सीमा में नहीं की गई तो घोर लापरवाही के दोषियों के विरूद्ध विभाग क्या कार्यवाही करेगा? (घ) क्या प्रश्नांकित कृषि भूमि के बटांकन व सीमांकन के बगैर भी भू-स्वामी की कृषि भूमि पर अवैध अतिक्रमण हुआ है? यदि हाँ, तो उक्त अतिक्रमणों को हटाने के लिए विभाग द्वारा अभी तक क्या-क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं की गई तो कब तक अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जायेगी?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ, जी हाँ। (ग) म.प्र. शासन के नियम अंतर्गत निर्धारित समय-सीमा में प्रकरणों का निराकरण किया जाता है। प्रश्नांकित प्रकरण समय-सीमा में निराकृत हो चुका है। (घ) बटांकन व सीमांकन के बाद ही अवैध अतिक्रमण चिन्हित किया जाता है। सीमांकन हेतु कोई प्रकरण दर्ज नहीं किया गया है।
आदीवासी के मकान विक्रय के नियम की जानकारी
[राजस्व]
39. ( क्र. 479 ) श्री ठाकुर दास नागवंशी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यदि कोई आदिवासी व्यक्ति किसी डायवर्टेड भूमि पर निर्मित अपने मकान को यदि किसी समान्य व्यक्ति (गैर आदिवासी) को विक्रय करता हैं, तो क्या इसके लिये किसी अनुमति की आवश्यकता होती हैं यदि हाँ, तो यह अनुमति किस नियम व धारा के तहत प्रदान की जावेगी और इसके लिये समक्ष अधिकारी कौन होगा बतायें? (ख) प्रश्नांश (क) का उत्तर यदि न में है तो क्या कोई आदिवासी व्यक्ति डायवर्टेड भूमि पर निर्मित अपने मकान को सामान्य क्रय-विक्रय की प्रक्रिया के तहत विक्रय कर सकता हैं।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) म.प्र.भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 165 (संशोधित नियम 2018) के अनुसार कोई आदिवासी व्यक्ति किसी सामान्य व्यक्ति (गैर आदिवासी) को भूमि विक्रय करता है तो विक्रय की अनुमति कलेक्टर की श्रेणी से अभिन्न पद श्रेणी के किसी राजस्व अधिकारी के द्वारा दी जाने का प्रावधान है। (ख) प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
कोपरा एवं मिड़वासा सिंचाई परियोजना का क्रियान्वयन
[जल संसाधन]
40. ( क्र. 515 ) श्री गोपाल भार्गव : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला सागर में मध्यम सिंचाई परियोजना कोपरा की पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त हो गई है। यदि नहीं तो इस संबंध में वन एवं पर्यावरण विभाग से किये गये नवीन पत्राचार की प्रति सुलभ कराई जाए। साथ ही मध्यम सिंचाई परियोजना मिडवासा की समस्त औपचारिकता पूर्ण होने के उपरांत भी निर्माण कार्य प्रारंभ न होने का क्या कारण है? (ख) मध्यम सिंचाई परियोजना कोपरा के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति में अत्याधिक विलंब होने का क्या कारण है तथा इस कार्य के लिए पर्यवेक्षणीय दायित्व कितना है पदनाम सहित जानकारी दी जावें? (ग) मध्यम सिंचाई परियोजना मिडवासा का निर्माण कार्य कब तक प्रारंभ होगा तथा नहर निर्माण सहित कार्य पूर्ण होने की अवधि क्या है। इस योजना की पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई जाये? (घ) वन एवं पर्यावरण विभाग द्वारा भारत शासन के कोपरा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए प्रेषित प्रस्ताव के विवरण की प्रति उपलब्ध कराई जावे?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी नहीं। वन एवं पर्यावरण विभाग से किये गये नवीन पत्राचार की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''1'' अनुसार है। मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना की निविदा आमंत्रण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शेष प्रश्न लागू नहीं होता है। (ख) कोपरा मध्यम सिंचाई परियोजना की पर्यावरणीय स्वीकृति हेतु 05 बार निविदा आमंत्रण के बावजूद निविदाकार के भाग नहीं लेने के कारण पर्यावरणीय स्वीकृति में विलंब हो रहा है। विभाग द्वारा सतत् प्रयास किये जा रहे है। अत: किसी भी अधिकारी/कर्मचारी का पर्यवेक्षणीय दायित्व नहीं है। (ग) मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक 17.04.2026 को राशि रू.286.26 करोड़ की 7200 हेक्टेयर सिंचाई की प्राप्त है। निविदा आमंत्रण कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। अत: निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) वन एवं पर्यावरण विभाग द्वारा भारत शासन के कोपरा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिये प्रेषित प्रस्ताव की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''2'' अनुसार है।
उद्योग विभाग को किसानों की भूमि का आवंटन
[राजस्व]
41. ( क्र. 521 ) श्री भंवर सिंह शेखावत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या तहसील बदनावर जिला धार अंतर्गत ग्राम भेसोला में पी.एम. मित्र मेगा पार्क हेतु 2158 एकड़ भूमि अधिग्रहण के पश्चात भी ग्राम चिराखान एवं निंदवानीया में गरीब आदिवासी एवं लघु किसानों की कृषि भूमि को विभिन्न प्रक्रियागत पैसा नियमों की अनदेखी करते हुए अनावश्यक रूप से उद्योग विभाग को आवंटित किया गया है? यदि हाँ, तो प्रभावित किसानों की संख्या, अधिग्रहित भूमि का रकबा क्या है? (ख) प्रश्नांश (क) के सन्दर्भ में, क्या भूमि अधिग्रहण से पूर्व किसानों की सहमति, सामाजिक प्रभाव आकलन (Social Impact Assessment) तथा जनसुनवाई की प्रक्रिया पूर्ण की गई थी? यदि हाँ, तो कृपया जानकारी प्रदान करें। (ग) प्रश्नांश (ख) के सन्दर्भ में, प्रभावित गरीब आदिवासी किसानों को पुनर्वास एवं आजीविका के दृष्टिगत क्या पुनः उसी भूमि पर काबिज किया जाएगा अथवा क्षेत्र में अन्य भूमि आवंटित की जावेगी? यदि हाँ, तो कृपया अवगत करावे। नहीं तो क्यों? (घ) प्रश्नांश (ग) के सन्दर्भ में, क्या शासन के संज्ञान में यह तथ्य आया है कि गरीब आदिवासी किसानों पर दबाव बनाकर अथवा पैसा नियमों की अवहेलना कर भूमि उद्योग कंपनी को हस्तांतरित की गई? यदि हाँ, तो कृपया जानकारी देवें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) ग्राम चिराखान की शासकीय भूमि औद्योगिक नीति निवेश एवं प्रोत्साहन विभाग, म.प्र. भोपाल के पक्ष में हस्तांतरित की गई है। निजी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया नहीं की गई है। ग्राम निंदवानिया किसी भी योजना में शामिल नहीं है। बदनावर ब्लॉक पैसा अधिनियम 1996 के अधिन अधिसूचित क्षेत्र में शामिल नहीं है। (ख) से (घ) उत्तरांश (क) के संदर्भ में जानकारी निरंक है।
निर्माण कार्यों हेतु स्वीकृति प्रदान कर राशि जारी की जाना
[जल संसाधन]
42. ( क्र. 531 ) श्री अभय
मिश्रा : क्या जल संसाधन
मंत्री महोदय यह
बताने की कृपा
करेंगे कि (क) क्या
विधानसभा प्रश्न
क्रमांक 883 उत्तर दिनांक
26.02.2026 के उत्तरांश (क) में
प्राप्त आवंटन
के अनुसार बांध
एवं नहरों का संधारण
कार्य कराया जाना
प्रतिवेदित है।
शेष प्रश्नांश
लागू नहीं है।
(ख) जी
हाँ, नहर
के लाइनिंग का
प्रस्ताव परीक्षणाधीन
होना प्रतिवेदित
है का उत्तर दिया
गया। (ख) यदि
प्रश्नांश
(क) हाँ तो नहरों
के संधारण एवं
लाइनिंग के कार्य
बाबत स्वीकृति
प्रदान कर राशि
कब तक जारी की जावेगी।
प्रश्नकर्ता
सदस्य द्वारा
पत्र क्र. 3341 दिनांक 02.06.2026 द्वारा मुख्य
सचिव को दिये गये
पत्र पर कार्यवाही
बाबत् माननीय मंत्री
जी द्वारा कार्यालय
पत्र क्र.3626 द्वारा प्रमुख
अभियंता जल संसाधन
भोपाल द्वारा कार्यवाही
के निर्देश दिये
गये निर्देश के
पालन में की गई
कार्यवाही की प्रति
देते हुये जानकारी
देवें। (ग)
प्रश्नांश
(क) एवं (ख) अनुसार
कार्यवाही कर निर्माण
कार्य की स्वीकृति
प्रदान कर निर्माण
कार्य कब तक प्रारंभ
करा दिया जावेगा? अगर नहीं
तो क्यों?
जल
संसाधन मंत्री
( श्री तुलसीराम
सिलावट ) : (क) जी हाँ।
(ख) जी हाँ।
जरमोहरा बांध के
दायी तट नहर एवं
बायी तट नहर में
लाइनिंग कार्य
का प्राक्कलन, ई.आर.एम. मद
में रु.786.00 लाख
का तैयार किया
गया है तथा वर्तमान
में तकनीकी परीक्षणाधीन
है। ई.आर.एम. मद में
स्वीकृति प्राप्त
कर कार्य कराए
जाने का प्रस्ताव
है। अतः निश्चित
समय सीमा बताया
जाना संभव
नहीं है। माननीय
सदस्य का पत्र
क्रमांक 3341 दिनांक 02.06.2026 एवं पत्र
क्रमांक 3626 प्राप्त
नहीं होना प्रतिवेदित
है। (ग) प्रशासकीय
स्वीकृति उपरान्त
निर्माण कार्य
कराया जाना संभव
हो सकेगा। शेष
प्रश्न उपस्थित
नहीं होता है।
सिविल अस्पताल का निर्माण
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
43. ( क्र. 573 ) श्री कुँवर सिंह टेकाम : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी जिले के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मझौली को 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में उन्नयन किया गया था? यदि हाँ, तो जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल भवन निर्माण के लिये कितनी राशि की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है? राशि सहित जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल का निर्माण कार्य प्रश्न दिनांक तक प्रारंभ नहीं किया गया है? कारण बतायें। सिविल अस्पताल भवन का निर्माण कब तक प्रारम्भ करा दिया जावेगा समय-सीमा बतायें। (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में सिविल अस्पताल भवन निर्माण कार्य प्रश्न दिनांक तक प्रारम्भ नहीं कराया गया? उसके लिये कौन-कौन से अधिकारी उत्तरदायी हैं? उनके विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल मझौली में उन्नयन/निर्माण कार्य हेतु राशि रूपये 1134.86 लाख फर्नीचर कार्य हेतु राशि रूपये 8.14 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई। भवन निर्माण एवं उपकरण फर्नीचर सहित कुल राशि रूपये 1143.00 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। (ग) जी हाँ, आवश्यक स्थल अनुपलब्धता के कारण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है। निर्माण पुराने अस्पताल भवन को तोड़कर किया जाना है जिसको तोड़ने की अनुमति आयुक्त रीवा के समक्ष विचाराधीन है। अनुमति प्राप्त होते ही कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। (घ) उत्तरांश "ग" अनुसार।
चिकित्सकों के पदों की पूर्ति
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
44. ( क्र. 581 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें म.प्र. भोपाल के पत्र क्र./1-जी/विज्ञप्त/सेल-6/2023/233 दिनांक 07.03.2023 के द्वारा "मध्यप्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण (राजपत्रित) सेवा भर्ती नियम 2022" के प्रावधान अनुसार वरिष्ठ संयुक्त संचालक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं सिविल सर्जन के पदों की पूर्ति विशेषज्ञ पद पर पदस्थ व्यक्तियों के चयन से किये जाने की सूचना जारी की गयी थी। यदि हाँ, तो उक्त प्रक्रिया के तहत कितने चिकित्सकों की। (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में चिकित्सकों द्वारा प्रस्तुत किये गये विकल्प पत्रों के आधार पर किस समिति द्वारा किस आधार पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की पदोन्नति/पदस्थापना/चयन वरिष्ठ संयुक्त संचालक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं सिविल सर्जन के पद पर किया गया। समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों के नाम, पद एवं पदस्थापना स्थान की जानकारी सहित उक्त प्रक्रिया की सम्पूर्ण कार्यवाही से संबंधित सम्पूर्ण नस्ती उपलब्ध करायें। (ग) क्या उक्त प्रक्रिया के तहत कुछ पात्र एवं वरिष्ठ विशेषज्ञ संवर्ग के चिकित्सक पदोन्नति/पदस्थापना/चयन के लाभ से वंचित रह गये हैं, तो संबंधित विशेषज्ञ चिकित्सक के नाम, पदनाम एवं पदस्थापना स्थल की जानकारी देते हुये उनके द्वारा प्रस्तुत शिकायतों अथवा आवेदनों की प्रति उपलब्ध करावें। उक्त आवेदनों पर क्या कार्यवाही की गयी, की गयी कार्यवाही की नस्ती उपलब्ध करायी जावे। (घ) प्रश्नांश (ग) के प्रकाश में पदोन्नति/पदस्थापना/चयन की उक्त प्रक्रिया में वंचित वरिष्ठ एवं पात्र विशेषज्ञ चिकित्सकों को क्या शासन द्वारा संयुक्त संचालक/मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी/सिविल सर्जन पर पदोन्नति अथवा पदस्थापना का लाभ दिया जावेगा। यदि हाँ, तो अवधि बतायें एवं यदि नहीं तो शासकीय नियमावली के परिप्रेक्ष्य में कारण स्पष्ट किया जावे।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। विशेषज्ञ संवर्ग से वरिष्ठ संयुक्त सचालक/मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के रिक्त 18 पदों एवं विशेषज्ञ संवर्ग से सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक के 52 रिक्त पदों हेतु चयन प्रक्रिया संपादित की गई। (ख) मध्यप्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण (राजपत्रित) सेवा भर्ती नियम 2022 के प्रावधान अनुसार विशेषज्ञ संवर्ग से वरिष्ठ संयुक्त संचालक/मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक के पदों पर चयन हेतु विभाग द्वारा संपादित चयन प्रक्रिया की संपूर्ण जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) शासन के ध्यान में ऐसे कोई तथ्य नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश "ग" के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों का भवन निर्माण
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
45. ( क्र. 591 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के पत्र क्रमांक 177/24 के अनुसार माननीय केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री भारत सरकार की स्वीकृति अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पलेरा, बल्देवगढ़ में 10-10 करोड़ की लागत से भवन निर्माण किये का कार्य वर्ष 2024 से प्रश्न दिनांक तक क्यों नहीं किया जा रहा है? कारण स्पष्ट करें। (ख) क्या विगत विधानसभा सत्र के दौरान में प्रश्नकर्ता द्वारा अतारांकित प्रश्न क्रमांक 880 दिनांक 04/12/2025 के उत्तर में बताया गया था, कि 2026 में कार्य प्रारंभ कर दिया जावेगा परंतु अभी तक कार्य प्रारंभ क्यों नहीं किया गया जानकारी स्पष्ट करें। (ग) क्या टेंडर प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है और राशि का आवंटन भी प्राप्त हो गया फिर निर्माण कार्य सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पलेरा एवं बल्देवगढ़ का कार्य प्रारंभ नहीं किया जा रहा है जानकारी स्पष्ट करें कि दोनों स्थानों के भवनों के कार्य कब तक जनहित में करा दिया जावेंगे।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) (क) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पलेरा एवं बल्देवगढ़ में राशि रू. 9.95 करोड़ लागत प्रत्येक भवन के मान से 15वें वित्त आयोग योजनांतर्गत स्वीकृत किए गऐ थे, परंतु वर्ष 2024 से प्रश्न दिनांक तक उक्त योजनांतर्गत भारत सरकार से समुचित राशि प्राप्त न होने एवं योजनावधि मार्च-2026 में समाप्त हो जाने के कारण कार्य नहीं किया जा रहा है। (ख) जी नहीं, पूर्व में दिए गए विभागीय उत्तर की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ग) जी नहीं। उतरांश (क) के संदर्भ में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
न्यायालय द्वारा जारी आदेशों-निर्देशों का उल्लंघन
[स्कूल शिक्षा]
46. ( क्र. 616 ) श्री महेश परमार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या माननीय उच्च न्यायालय खंडपीठ ग्वालियर ने WP 24867/2024 में तत्कालीन प्रमुख सचिव (GAD) द्वारा गंभीर आरोप पत्र को 'कारण बताओ नोटिस' में बदलने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे "कानून के साथ धोखाधड़ी" व अनुच्छेद 141 का उल्लंघन माना है? यदि हाँ, तो इस विधिक कदाचार पर दोषी अधिकारी पर क्या दंडात्मक कार्रवाई की गई? कि गई कार्यवाही का सम्पूर्ण ब्यौरा उपलब्ध करावें। (ख) क्या अशोक चौहान मामले में प्रतिपादित सिद्धांतों की अवहेलना पर विधि विभाग ने प्रशासनिक स्वेच्छाचारिता व त्रुटियां रोकने हेतु समस्त विभागाध्यक्षों को कोई बाध्यकारी गाइड-लाइन या परिपत्र (Circular) जारी किया है? यदि हाँ, तो प्रति उपलब्ध करावें। (ग) क्या सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सिविल अपील 11527/2014 (रफ़ीक मसीह) SLP (C) 16848/2021 एवं SLP (C) 29852/2009 में जारी न्यायिक निर्देशों के परिपालन में म.प्र. के विभागों द्वारा कोई पालन प्रतिवेदन तैयार किए गए हैं? विभागवार सिद्धांतों का प्रमाणित विवरण समस्त अभिलेखों सहित देवें। (घ) क्या उक्त प्रकरणों पर महाधिवक्ता (AG) कार्यालय की विधिक सलाह पर जारी परिपत्रों, विभागीय कार्यवाहियों, नोटशीट की प्रतियों तथा सजगता प्रतिवेदनों का संपूर्ण अभिलेखीय विवरण उपलब्ध करावें। (ड.) विगत 3 वर्षों में विभागीय जांचों व शास्ति (Penalty) निर्धारण हेतु प्राप्त संदर्भों में से कितने स्वीकृत, लंबित या विधिक सम्मति के विपरीत निराकृत हुए? क्या शासन अदालतों की नाराजगी व "कानून के साथ धोखाधड़ी" रोकने हेतु कोई बाध्यकारी विधिक संवीक्षा (Legal Scrutiny) प्रणाली लागू करेगा?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) डब्ल्यू.पी. 24867/24 जो माननीय उच्च न्यायालय मुख्य खंडपीठ जबलपुर में पारित निर्णय दिनांक 02.09.2024 द्वारा प्रकरण को जगदीश प्रसाद दुबे (सुप्रा) के प्रकाश में निर्णीत करते हुये याचिकाकर्ता के संदर्भ में वसूली आदेश दिनांक 15.03.2024 को अपास्त करते हुये 6 प्रतिशत के ब्याज के साथ 45 दिवस की अवधि में रिकवरी लौटाने के निर्देश दिये गये हैं। श्री जगदीश प्रसाद सुप्रा के विरूद्ध माननीय सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली में एस.एसल.पी क्रमांक- 2030/2025 दायर की गई है, जो वर्तमान में प्रचलन में है। प्रश्नांश अनुसार विधिक कदाचार के संबंध में किन्हीं अधिकारी को दोषी नहीं बताया गया है। अतः शेषांश प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) प्रश्नांश अनुसार याचिका क्रमांक इत्यादि विवरण उपलब्ध न होने से ऐसा कोई प्रकरण कार्यालय के संज्ञान में नहीं है। (ग) सिविल अपील-11527/2014 के क्रम में म.प्र. शासन वित्त विभाग के परिपत्र दिनांक 31.03.2016 द्वारा प्रकरणों के निराकरण के सबंध में निर्देश जारी किये गये है। निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) एवं (ड.) उत्तरांश (क) (ख) एवं (ग) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण
[स्कूल शिक्षा]
47. ( क्र. 628 ) श्री केशव देसाई : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ग्वालियर खंडपीठ रिट याचिका क्रमांक 26064/2023 में दिये गये निर्णयानुसार संविदा कर्मचारियों के हित में जारी किये गये निर्देश/निर्णय के अनुसार संविदा कर्मचारियों को प्राप्त हो रहे ग्रेड पे-2400 को कम न किया जाये उक्त न्यायालयीन निर्णय/आदेश/निर्देश का पालन करने के लिए शासन द्वारा समस्त विभागों को निर्देश/आदेश जारी किये गये हैं यदि नहीं तो क्यों? (ख) प्रश्नांश (क) के तारतम्य में किन-किन विभागों द्वारा संविदा कर्मचारियों को पूर्व में दिया गया ग्रेड-पे कम किया गया है? (ग) सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश क्रमांक सी-5-2/2018/1/3 दिनांक 05 जून 2018 नीति की कंडिका 1.15 के अनुसार किसी विभाग द्वारा संविदा अधिकारियों/कर्मचारियों के संबंध में यदि कोई सुविधा पूर्व में प्रदत्त की जा रही हो वह यथावत रख सकेगी के तारतम्य में प्रदेश में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को दिनांक 05 जून 2018 नीति के पूर्व ग्रेड-पे के साथ डी.ए. का लाभ मिल रहा है तो क्या वह सुविधा यथावत रहेगी? (घ) सामान्य प्रशासन मध्यप्रदेश शासन द्वारा संविदा कर्मचारियों को संविदा नीति 2023 में वार्षिक वेतन वृद्धि के साथ मूल्यांक महंगाई भत्तों के स्थान पर संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों की तरह ही समान कार्य एवं समान वेतन के आधार पर समस्त सुविधाएं दिये जाने हेतु निर्देश/आदेश कब तक जारी करेगा? यदि नहीं तो क्यों कारण बतावें?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं। म. प्र. शासन विधि एवं विधायी कार्य विभाग के पत्र दिनांक 16.06.2026 द्वारा याचिका क्रमांक 26064/2023 श्री आलोक संत एवं अन्य विरूद्ध म. प्र. शासन में पारित आदेश दिनांक 28.04.2026 के विरूद्ध रिट अपील माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर में प्रस्तुत करने की अनुमति प्राप्त की गयी है। (ख) राज्य शिक्षा केन्द्र अंतर्गत (समग्र शिक्षा अभियान) में संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट-''1'' अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट- ''2'' अनुसार है। (घ) संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों की तरह ही समान कार्य एवं समान वेतन के आधार पर समस्त सुविधाएं दिये जाने हेतु राज्य शासन की कोई योजना नहीं, है। अत: इस संबंध में आदेश/निर्देश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
आदिवासी किसानों के भूमि अभिलेखों में विसंगतियां
[राजस्व]
48. ( क्र. 664 ) श्री मोंटू सोलंकी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन के संज्ञान में है कि ग्राम दगड़खेड़ी के आदिवासी किसान वर्षों से भूमि अभिलेखों, बी-1, खसरा, नक्शों एवं राजस्व रिकॉर्ड गुम होने संबंधी शिकायतें कर रहे हैं? क्या ग्राम सभा धुलकोट द्वारा 15.06.2026 को पेसा नियम, 2022 के नियम 17 (2) के अंतर्गत भूमि अभिलेख सुधार हेतु प्रस्ताव पारित किया गया है? (ख) क्या अनेक आदिवासी परिवार 3 से 5 पीढ़ियों से लगभग 100 वर्षों से भूमि पर काबिज एवं खेती कर रहे हैं तथा उनके पास पावती, ऋण एवं कृषि अभिलेख उपलब्ध हैं, किन्तु वर्तमान रिकॉर्ड में नाम दर्ज नहीं हैं अथवा त्रुटिपूर्ण हैं? प्रभावित किसानों की संख्या, रकबा एवं जांच स्थिति क्या है? (ग) भूमि अभिलेखों के रिकॉर्ड किस स्तर पर गुम हुए, इसके लिए कौन अधिकारी/कर्मचारी जिम्मेदार पाए गए तथा उनके विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई या प्रस्तावित है? (घ) वर्ष 2022 से प्राप्त शिकायतों की संख्या, उन पर की गई कार्यवाही एवं लंबित प्रकरणों का विवरण क्या है? (ड.) क्या शासन ग्राम सभा धुलकोट के प्रस्तावानुसार भूमि अभिलेखों का पुनः सत्यापन, रिकॉर्ड सुधार, स्वतंत्र जांच तथा जांच पूर्ण होने तक भूमि के हस्तांतरण, आवंटन, अधिग्रहण अथवा परियोजना उपयोग पर रोक लगाने का विचार रखता है? यदि हाँ, तो समय-सीमा बताई जाएं।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) दगड़खेड़ी फालिया ग्राम धुलकोट के आदिवासी किसानों द्वारा भूमि अभिलेखों, बी-1, खसरा नक्शों एवं राजस्व रिकार्ड गुम होने संबंधी ज्ञापन पत्र दिनांक 07.06.2026 को तहसील कार्यालय भगवानपुरा में प्रस्तुत किया गया है। ग्राम सभा धुलकोट द्वारा म.प्र. पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों का विस्तार) नियम 2022 के नियम 17 (2) अनुसार ग्राम धुलकोट स्थित शासकीय भूमि खसरा नंबर 318/2 में काबिज कृषकों के नाम राजस्व अभिलेख में दर्ज किये जाने का प्रस्ताव पारित किया गया है। (ख) दगड़खेड़ी के आदिवासी परिवार वर्तमान में ग्राम धुलकोट की राजस्व अभिलेख अनुसार शासकीय भूमि खसरा नंबर 318/2 पर काबिज होकर कृषि कार्य कर रहे है। उक्त खसरा नंबर मिसल बंदोबस्त से ही राजस्व अभिलेख में शासकीय दर्ज होना पाया गया। कृषकों द्वारा दर्शाई गई पावती में खसरा नंबर 318/2 का कोई उल्लेख नहीं है। उक्त शासकीय भूमि खसरा नंबर 318/2 रकबा 229.058 हे. पर लगभग 250 कृषक काबिज होकर लगभग 180 हे. पर कृषि कार्य कर रहे है जिसके संबंध में गठित दल द्वारा जांच की जा रही है। (ग) ग्राम धुलकोट पहन 06 का राजस्व अभिलेख मिसल बंदोबस्त वर्ष 1925-26, अधिकार अभिलेख वर्ष 1968-69 एवं खसरा पाचसाला एवं वेब जीआईएस पोर्टल पर आनलाईन अभिलेख वर्ष 2010-11 से वर्तमान तक उपलब्ध है। राजस्व अभिलेख गुम होना नहीं पाया गया। शेष कार्यवाही अपेक्षित नहीं है। (घ) संबंधित किसानों द्वारा दगड़खेड़ी फालिया ग्राम धुलकोट के राजस्व अभिलेख गुम होने संबंधी ज्ञापन पत्र दिनांक 07.06.2026 को प्रस्तुत किया गया है, इसके पहले रिकॉर्ड गुम होने संबंधी शिकायत प्रस्तुत नहीं की गई है। (ड.) वर्तमान में ग्राम धुलकोट का शासकीय भूमि खसरा नंबर 318/2 रकबा 229.058 हे. पर काबिज कृषकों की जांच गठित दल द्वारा की जा रही है। उक्त भूमि के हस्तांतरण, आवंटन, अधिग्रहण अथवा अन्य किसी परियोजना के उपयोग हेतु प्रक्रिया/प्रस्ताव प्रचलित नहीं है।
शासकीय अस्पतालों में चिकित्सकों के स्वीकृत पद के विरूद्ध नियुक्ति
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
49. ( क्र. 696 ) श्री विवेक विक्की पटेल : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला बालाघाट अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र 112 वारासिवनी-खैरलांजी में स्थित शासकीय सिविल अस्पताल वारासिवनी, शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामपायली एवं शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खैरलांजी में कौन-कौन से चिकित्सक एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद स्वीकृत है? और उसके विरुद्ध कितने पदों की पूर्ति हो चुकी है? सूचीबद्ध जानकारी उपलब्ध करावें? रिक्त पदों की पूर्ति हेतु शासन स्तर पर क्या कार्रवाई प्रचलित है? (ख) शासकीय सिविल अस्पताल वारासिवनी में कौन-कौन से चिकित्सा विशेषज्ञ के पद स्वीकृत है? उसके विरुद्ध कितनी नियुक्ति की गई है? सूची प्रदान करें? (ग) विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 112 अंतर्गत संचालित शासकीय चिकित्सालय में क्या एंटी स्नेक वेनम और एंटी रेबीज वैक्सीन के पर्याप्त खुराक सभी समय उपलब्ध रहती है? यदि नहीं तो इसकी प्रतिपूर्ति हेतु जिला प्रशासन द्वारा क्या कार्य योजना बनाई गई है? वर्तमान में शासकीय अस्पतालों में वेनम एवं वैक्सीन की उपलब्धता की मात्रा की जानकारी देवें?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। विभाग द्वारा पदपूर्ति हेतु मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से निरंतर सीधी भर्ती हेतु मांगपत्र प्रेषित किया जाता है एवं चयन उपरांत पदस्थापना की कार्यवाही की जाती है। पदपूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है जिस हेतु विभाग द्वारा मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं बंधपंत्र चिकित्सकों के माध्यम से रिक्त पर्दो की पूर्ति की जाती है। "पदपूर्ति" एक निरंतर प्रक्रिया है, निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है।
अमानक दवाई सप्लाई करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
50. ( क्र. 742 ) श्री अजय अर्जुन सिंह : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2026 की शुरूआत से फरवरी माह तक प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में सप्लाई की गई जीवनरक्षक एंटीबायोटिक्स और अन्य दवाओं सहित कुल 10 तरह की दवाएं जांच में अमानक पाई गई हैं? यदि हाँ, तो इन दवाओं और इन्हें निर्माण करने वाली कंपनियों का ब्यौरा क्या है? (ख) क्या अमानक पाई गई दवाओं में से अधिकांश गंभीर संक्रमण से जान बचाने वाली जीवनरक्षक एंटीबायोटिक्स (जैसे मीरोपीनम इंजेक्शन, सिप्रोफ्लोक्सासिन, एमिकैसिन और सिफिक्सिम) थी, जिनमें बेअसर होने से मरीजों की जान को गंभीर खतरा पैदा हुआ? यदि हाँ, तो मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों और सिविल सर्जनों द्वारा जांच रिपोर्ट आने से पहले ही ये दवाएं कितने मरीजों को वितरित या उपयोग की जा चुकी थी? (ग) म.प्र. पब्लिक हेल्थ सर्विसेस कॉर्पोरेशन द्वारा सर्टिफाइड कंपनियों से दवा खरीदने और तीन स्तरीय जांच व्यवस्था (सप्लाई से पहले और और बाद में रैंडम सैंपलिंग) के दवों के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में नकली/अमानक दवाएं अस्पतालों तक कैसे पहुंच गई? इस चूक के लिए कॉर्पोरेशन के कौन से अधिकारी व जांच प्रयोगशालाएं जिम्मेदार है और उन पर क्या कार्रवाई की गई है? (घ) क्या इन दोषी कंपनियों के केवल संबंधित बैच को एक-दो साल के लिए ब्लैकलिस्ट किया गया है, लेकिन बार-बार अमानक दवाएं सप्लाई करने के बावजूद किसी भी कंपनी के खिलाफ अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई है। यदि हाँ, तो इतनी गंभीर लापरवाही पर आपराधिक मामला दर्ज न कराने के क्या कारण है और सरकार इन कंपनियों के खिलाफ कब तक कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं, वर्ष 2026 की शुरूआत से फरवरी माह तक प्रदेश की सरकारी अस्पतालों में सप्लाई की गई औषधियों में से शासकीय प्रयोगशाला द्वारा परीक्षण उपरांत केवल एक औषधि को अमानक (Not of Standard Quality) घोषित किया गया है कि जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ख) जी नहीं, प्रश्नांश (क) अनुसार, अमानक घोषित औषधि जीवनरक्षक एंटीबायोटिक्स नहीं है, जिस हेतु शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेस कॉर्पोरेशन द्वारा औषधियों के दर अनुबंध (Rate Contract) निष्पादित किए जाते हैं। औषधियों का उपार्जन एवं गुणवत्ता नियंत्रण औषधि उपार्जन मार्गदर्शिका के प्रावधानों अनुसार किया जाता है। औषधि उपार्जन मार्गदर्शिका कि जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। औषधि उपार्जन मार्गदर्शिका का पूर्णतः पालन किया गया। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) औषधियों के अमानक घोषित बैचों अथवा दोषी कंपनियों के विरूद्ध ब्लैक लिस्टिंग एवं अन्य आवश्यक कार्यवाही निविदा की शर्तों के अनुसार की जाती है, निविदा शर्त कि जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार। शेष वैद्यानिक कार्यवाही संबंधित फर्म के विरूद्ध संबंधित राज्यों के खाद्य एवं औषधि प्रशासन नियंत्रण विभाग द्वारा ड्रग एण्ड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 के अनुसार की जाती है।
स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था
[स्कूल शिक्षा]
51. ( क्र. 773 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चौरई विकासखंड के कितने विद्यालयों में बाउंड्रीवॉल नहीं है। (ख) चौरई विकासखंड के कितने विद्यालयों में पेयजल व्यवस्था उपलब्ध नहीं है या खराब स्थिति में है? (ग) कितने विद्यालयों में बिजली कनेक्शन नहीं है या विद्युत व्यवस्था बंद है? (घ) चौरई विकासखंड के विद्यालयों में छात्र संख्या के अनुपात में पर्याप्त कक्ष उपलब्ध हैं या नहीं? (ड.) यदि नहीं तो उपरोक्त सभी सुविधाएँ विद्यालयों के लिए उपलब्ध कराने में शासन की क्या योजनाएँ हैं?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) प्रश्नाधीन विकासखण्ड अंतर्गत 67 शासकीय प्राथमिक एवं 20 माध्यमिक शालाओं में बाउंड्रीवॉल नहीं है एवं शासकीय हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नाधीन विकासखण्ड अंतर्गत समस्त शासकीय विद्यालयों में पेयजल व्यवस्था सुचारू रूप से उपलब्ध है। (ग) प्रश्नाधीन विकासखण्ड अंतर्गत 04 शासकीय प्राथमिक एवं 01 माध्यमिक शालाओं में से 02 शालाओं में विद्युत कनेक्शन स्वीकृत हो गए हैं एवं समस्त शासकीय हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में बिजली/विद्युत व्यवस्था उपलब्ध है। (घ) प्रश्नाधीन विकासखण्ड अंतर्गत समस्त शासकीय विद्यालयों में छात्र संख्या के अनुपात में पर्याप्त कक्ष उपलब्ध है, केवल शासकीय उमावि बांकानागनपुर में विद्यार्थी नामांकन के आधार पर अतिरिक्त कक्ष की आवश्यकता है। (ड.) विद्यार्थी नामांकन के अनुसार अतिरिक्त आवश्यकता होने पर उपलब्ध बजट अनुसार आवश्यक अधोसंरचना निर्माण किया जाता है। आवश्यक अधोसंरचना निर्माण कार्य बजट की उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर करता है। बाउंड्रीवॉल निर्माण हेतु म.प्र. राज्य रोजगार गारंटी परिषद के पत्र क्रमांक 5129/MGNREGS-MP/NR-3/2020 पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देश है। कार्यों की स्वीकृति बजट की उपलब्धता पर निर्भर करती है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
पिछड़ा वर्ग को आरक्षण का लाभ
[स्कूल शिक्षा]
52. ( क्र. 781 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश की विभिन्न शासकीय भर्तियों, विशेष रूप से याचिका क्रमांक WP/18105/2021, उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती-2018, माध्यमिक शिक्षक भर्ती से संबंधित याचिका क्रमांक WP/25558/2021 तथा अन्य भर्ती प्रक्रियाओं में चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्तियां किस विधिक एवं प्रशासनिक आधार पर लंबित रखी गई हैं? (ख) यह राज्य शासन द्वारा पूर्व में पटवारी, उपयंत्री (Sub Engineer) तथा पंचायत विभाग की विभिन्न भर्तियों में यह तर्क स्वीकार किया गया था कि संबंधित भर्तियाँ न्यायालयीन अंतरिम आदेशों से पूर्व विज्ञापित एवं प्रक्रियाधीन थी? अतः उन्हें अंतिम न्यायिक निर्णय के अधीन पूर्ण किया जा सकता है? यदि हाँ, तो समान परिस्थितियों में शिक्षक भर्ती-2018 एवं अन्य में उक्त सिद्धांत लागू क्यों नहीं किया गया? (ग) वर्षों से भर्ती प्रक्रिया लंबित रहने के कारण हजारों चयनित अभ्यर्थियों को आर्थिक, सामाजिक एवं मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है? यदि हाँ, तो शासन द्वारा न्यायालयों में कितनी बार पैरवी कराई? इस पर कितना व्यय हुआ तथा अंतिम सुनवाई एवं शीघ्र निराकरण के लिए शासन द्वारा क्या कदम उठाए? (घ) क्या शासन लंबित भर्तियों को न्यायालयीन प्रकरणों के अंतिम परिणाम के अधीन रखते हुए चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रदान करने पर विचार कर रहा है? यदि नहीं, तो कारण?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण के संबंध में न्यायालयीन प्रकरण क्र.डब्ल्यू.पी. 3757/2020 एवं अन्य समरूप याचिकाओं में पारित आदेश दिनांक 13.07.2021 एवं सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी पत्र क्र. एफ-07-46/2021/आ.प्र./एक, भोपाल दिनांक 09.05.2023 अनुसार कार्यवाही की गई है। (ख) उत्तरांश "क" अनुसार। (ग) विभागीय न्यायालयीन प्रकरणों में पैरवी शासकीय अधिवक्ता करते है अतः व्यय का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं नियमों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।
कनेरादेव जलाशय सिंचाई परियोजना के रिसाव रोकने की कार्यवाही
[जल संसाधन]
53. ( क्र. 807 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के अतारांकित प्रश्न क्रमांक 2854 दिनांक 06.08.2025 के उत्तरांश में बताया गया था कि, कनेरादेव सिंचाई परियोजना के जलाशय में वर्षा ऋतु में जितना जल संग्रहित होता है, वह रिसाव के कारण समाप्त हो जाता है, तो क्या रिसाव को रोकेने हेतु शासन द्वारा अब तक कोई ठोस कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो कब-कब और कौन-कौन से कार्य कराये गए तथा उन पर कितनी राशि व्यय की गई? पूर्ण विवरण देवें। (ख) उक्त प्रश्नांश के उत्तर में यह भी अवगत कराया गया था कि, जलाशय के रिसाव को रोकेने एवं मरम्मत कार्य हेतु प्रस्ताव विभागीय स्तर पर परीक्षणाधीन है। उक्त प्रस्ताव पर अब तक क्या कार्यवाही की गई? क्या रिसाव की समस्या का स्थायी समाधान हो गया है तथा परियोजना का पूर्ण सिंचाई लाभ किसानों को प्राप्त हो रहा है? यदि नहीं तो परियोजना को पूर्णतः उपयोगी बनाने हेतु शासन द्वारा क्या कार्ययोजना तैयार की गई है एवं इसके क्रियान्वयन की समय-सीमा क्या है?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ, रिसाव की भू-तकनीकी जांच हेतु भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण, विभाग भारत सरकार, से समझौता किया गया की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है एवं इस हेतु दिये गये सुझावों के अनुसार अनुसंधान कार्यों के निष्पादन पर वर्ष 2023 में राशि रु.1.95 लाख एवं वर्ष 2025 में राशि रू.1.33 लाख का व्यय किया जाना प्रतिवेदित है। (ख) कनेरादेव जलाशय के रिसाव रोकने सुधार कार्य हेतु दिनांक 12.06.2026 द्वारा राशि रु.55.81 लाख की विशेष मरम्मत की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। निविदा की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। रिसाव की समस्या का स्थायी समाधान कार्य पूर्ण होने के उपरांत संभव है। वर्तमान में निश्चित समय सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
पेंच व्यपवर्तन परियोजना से सिंचाई हेतु पानी का प्रदाय
[जल संसाधन]
54. ( क्र. 810 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पेंच परियोजना की दांयी तट नहर में किसानों को अंतिम छोर (टेल एंड) तक पानी प्रदान किया जा रहा है? (ख) यदि नहीं तो कब तक अंतिम छोर तक पानी प्रदान कर दिया जावेगा। (ग) क्या दांयी तट नहर में लाइनिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया है यदि नहीं तो कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा? (घ) दांयी तट नहर में भांडखापा ग्राम के पास मुख्य नहर के अंदर पाइप डाल लिए गए हैं क्या शासन उन्हें निकालने हेतु ठोस कार्यवाही करेगा ताकि सही समय में पानी आगे बढ़ सकें? (ड.) 4 नंबर सब माइनर नहर मुआरी गाँव के पास कार्य की क्या स्थिति है? नहर का कार्य अपूर्ण है तो किस कारण से कार्य रुका हुआ है? (च) ग्राम मुआरी और मरकाहांडी के किसानों को कब तक पानी मिल जावेगा?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी नहीं। (ख) नहर का निर्माण कार्य प्रगतिरत होना प्रतिवेदित है। नवम्बर 2027 तक रबी सिंचाई में परियोजना के अंतिम छोर तक पानी प्रदान किया जाना लक्षित है। (ग) उत्तरांश (ख) के अनुसार। (घ) टेल वितरक नहर में ग्राम भांडखापा में अनधिकृत रूप से डाले गये पाईप को संयुक्त रूप से प्रशासन से सहयोग प्राप्त कर निकालने की कार्यवाही रबी सिंचाई के पूर्व कराया जाना लक्षित है। (ड.) नं.-4 की सब माइनर मुआरी और मरकाहांडी के बीच एल (1) में 1.50 कि.मी. लंबाई में नहर का कार्य पूर्ण किया जा चुका है एवं 230 मीटर लंबाई का कार्य अक्टूबर 2026 तक पूर्ण कराया जाना लक्षित है। (च) आगामी रबी सिंचाई में जल उपलब्ध कराया जाना लक्षित है।
किसान सम्मान निधि से वंचित किसानों को सम्मान निधि का प्रदाय
[राजस्व]
55. ( क्र. 813 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सिवनी मालवा में कितने किसानों को किसान सम्मान निधि मिलती है और कितने किसानों को किसान कल्याण निधि मिलती है? (ख) सिवनी मालवा विधानसभा क्षेत्र के कितने किसान, किसान सम्मान निधि एवं किसान कल्याण निधि से वंचित हैं? (ग) वंचित पात्र किसानों को कब तक किसान सम्मान निधि एवं किसान कल्याण निधि देना प्रारंभ किया जाएगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) विधानसभा क्षेत्र सिवनी मालवा में 62645 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का लाभ प्राप्त हो रहा है। (ख) पात्र हितग्राहियों द्वारा योजना हेतु आवश्यक कार्यवाही पूर्ण करने पर लाभ प्रदान किया जाता है। अत: प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश (ख) के अनुक्रम में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
दोषी संविदा चिकित्सक के विरूद्ध कार्यवाही
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
56. ( क्र. 820 ) श्री शिवनारायण सिंह : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर जिले के जैतहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में कार्य व्यवस्था के तहत पदस्थ संविदा डॉ. स्वयांशु दास के विरूद्ध क्षेत्र के कौन-कौन जनप्रतिनिधियों ने उनके कदाचरण व श्रमिकों से इलाज कराने की शिकायत कलेक्टर व अन्य विभागीय अधिकारियों को प्राप्त हुयी है? यदि हाँ, तो उत्तर दिनांक तक जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराते हुए कार्यवाही से अवगत कराएं? (ख) क्या मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के लिखित आदेश पर बी.एम.ओ. जैतहरी ने आकस्मिक जांच व प्रतिवेदन प्रस्तुत किया है? यदि हाँ, तो जांच प्रतिवेदन व समस्त साक्ष्य उपलब्ध कराते हुए दोषी संविदा डॉ. के विरूद्ध उत्तर दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई है? (ग) क्या प्रश्नांश कथित डॉ. ने अपने निजी अपात्र कर्मचारियों से इलाज करने की पुष्टि व साक्ष्य प्रमाणित हुआ है? यदि हाँ, तो अवकाश अवधि तथा तथा मुख्यालय से बाहर रहने पर शासकीय आवास में कई मरीजो को भर्ती कर आदिवासी क्षेत्र में गंभीर कदाचरण व अपराध प्रमाणित होने पर सेवामुक्त करते हुए अपराध पंजीबद्ध कराया जाएगा? यदि नहीं तो क्यों? (घ) क्या अनूपपुर क्षेत्र के विधायक व पूर्व मंत्री ने प्रश्नांश (क) एवं (ग) के कदाचरण व अपराध पर भाजपा पूर्व जिला अध्यक्ष के पत्र सहित तत्परता पूर्वक कार्यवाही हेतु प्रमुख सचिव एवं आयुक्त लोक स्वास्थ्य को पत्र लिखे है? यदि हाँ, तो पत्र व सहपत्र की प्रति उपलब्ध कराते हुए उत्तर दिनांक तक कार्यवाही से अवगत कराएं?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) अनूपपुर जिले के जैतहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में कार्य व्यवस्था के तहत पदस्थ संविदा डॉ स्वयांशु दास के विरूद्ध श्री कैलाश सिंह मरावी जिला महामंत्री जैतहरी एवं श्री भूपेन्द्र सिंह सभापति जिला पंचायत अनुपपुर के द्वारा पत्र प्रेषित किये गये है। जो जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। जांच प्रतिवेदन पर कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला अनुपपुर से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर की गई जांच एवं जांच प्रतिवेदन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (ग) जी नहीं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। श्री बिसाहूलाल सिंह विधायक पूर्व मंत्री के द्वारा पत्र प्रेषित किये गये है। जो जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। चूंकि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला अनूपपुर द्वारा प्राप्त जांच प्रतिवेदन दिनांक 07.07.2026 के अनुसार डॉ.स्वयांशु दास के विरूद्ध आरोपित आरोप सिद्ध होना नहीं पाया गया जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार है। अतः कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
फर्जी पट्टा ग्रहिता पर पंजीबद्ध अपराध
[राजस्व]
57. ( क्र. 821 ) श्री शिवनारायण सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर जिला अन्तर्गत तहसील जैतहरी के ग्राम चांदपुर में खसरा नं. 1294/1 रकवा 0.809 एवं 1303/1 रकवा 1.212 हे. भूमि का जालसाजी पूर्वक पट्टा बनवाने की जांच कलेक्टर अनूपपुर के द्वारा अनुविभागीय अधिकारी जैतहरी ने पत्र क्र.387/शिकायत/2025 दिनांक 19.03.2025 प्रस्तुत करते हुए फर्जी पट्टा बनवाने की पुष्टि कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया है? यदि हाँ, तो जांच प्रतिवेदन के समस्त दस्तावेज की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराएं? (ख) क्या विधानसभा अतारांकित प्रश्न क्र.1098 दिनांक 19.02.2024 तथा आश्वासन पर कलेक्टर ने जांच करायी है? यदि हाँ, तो छल-कपट तथा जालसाजी के स्पष्ट प्रमाण पर शासकीय भूमि हड़पने तथा बैंक से सहायता प्राप्त करने जैसे गंभीर अपराध पर कब तक प्रशासन अपराध पंजीबद्ध कराते हुए भू-अधिकार पट्टा निरस्त किया जाएगा? (ग) क्या प्रतिमा सिंह पिता मनमोहन सिंह द्वारा विवाह उपरांत पति का नाम दर्ज न कराकर साजिश पूर्वक भूमिहीन बनकर पट्टा प्राप्त किया तथा स्टेट बैंक जैतहरी से ऋण अनुदान की शासकीय राशि का दुरूपयोग प्रमाणित होने के उपरांत भी अनावश्यक रूप से अपर कलेक्टर न्यायालय में प्रकरण भेजकर आरोपी जालसाज को खुला संरक्षण देना उचित है? (घ) क्या प्रतिमा सिंह के पति भूपेन्द्र सिंह जिला पंचायत के सभापति के प्रभाव व दबाव वर्षों बीत जाने के बावजूद भी कार्यवाही नहीं की जा रही है?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ, बंटन/व्यवस्थापन पट्टे से संबंधित प्रकरण अप्राप्त होने से अनुविभागीय अधिकारी जैतहरी से दोबारा जांच प्रतिवेदन चाहा गया है। कार्यवाही प्रचलित होने से शेष जानकारी निरंक है। (ग) कार्यवाही प्रचलित होने के कारण प्रश्न उद्भूत नहीं होता। (घ) उत्तरांश (ग) अनुसार।
चिकित्सकों की कमी एवं स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
58. ( क्र. 844 ) श्री भंवर सिंह शेखावत : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र बदनावर (जिला धार) अंतर्गत संचालित शासकीय चिकित्सालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की कमी के कारण आमजन को समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त नहीं हो पा रही हैं? यदि हाँ, तो क्षेत्र में संचालित समस्त शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों की संख्या एवं नामवार जानकारी प्रदान करें। (ख) क्या उक्त स्वास्थ्य संस्थानों में स्वीकृत पदों के अनुरूप चिकित्सक पदस्थ हैं? यदि हाँ, तो संस्थानवार पदस्थ चिकित्सकों के नाम एवं पदनाम की जानकारी दें। यदि नहीं, तो रिक्त पदों का विवरण प्रदान करें। (ग) क्या शासकीय चिकित्सालय बदनावर (जिला धार) में विशेषज्ञ चिकित्सक कार्यरत हैं? यदि हाँ, तो विशेषज्ञता अनुसार जानकारी प्रदान करें। यदि नहीं, तो विशेषज्ञ चिकित्सकों के स्वीकृत एवं रिक्त पदों का विवरण दें। (घ) क्षेत्रवासियों को बेहतर एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चिकित्सकों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु शासन द्वारा अब तक क्या कार्यवाही की गई है तथा शेष रिक्त पदों पर नियुक्ति/पदस्थापना कब तक की जाएगी?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं, शतप्रतिशत पदपूर्ति नहीं है। रिक्त पदों की पूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ, जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) पदपूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है। निश्िचत समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।
अभिलेख दुरुस्ती एवं प्रकरणों के निराकरण
[राजस्व]
59. ( क्र. 845 ) श्री भंवर सिंह शेखावत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता की धारा 115 के अंतर्गत भूमि अभिलेखों में त्रुटि सुधार से संबंधित 5 वर्ष से अधिक पुराने प्रकरणों का निराकरण वर्तमान में केवल कलेक्टर स्तर पर किया जाता है? यदि हाँ, अवगत करावे। (ख) प्रश्नांश (क) के सन्दर्भ में, क्या शासन के संज्ञान में यह तथ्य है कि उक्त व्यवस्था के कारण किसानों एवं आम नागरिकों को बार-बार जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक, मानसिक एवं समय संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है? (ग) प्रश्नांश (ख) के सन्दर्भ में, कृषक हित में क्या शासन 5 वर्ष तक के अभिलेख दुरुस्ती प्रकरणों के निराकरण का अधिकार तहसीलदार तथा 5 वर्ष से अधिक अभिलेख दुरुस्ती के प्रकरण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) स्तर पर प्रदान किये जा सकते है, जिससे आमजन को स्थानीय स्तर पर त्वरित न्याय मिल सके? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो, क्यों? (घ) प्रश्नांश (ग) के सन्दर्भ में, क्या शासन अभिलेख दुरुस्ती प्रकरणों के शीघ्र, पारदर्शी एवं समयबद्ध निराकरण हेतु ऑनलाइन अथवा सिंगल विंडो प्रणाली लागू करने का विचार रखता है? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) इस कार्यालय में विषयांतर्गत तथ्य संज्ञान में नहीं होने से शेष जानकारी निरंक है। (ग) इस कार्यालय स्तर पर विषयांतर्गत प्रस्ताव विचाराधीन नहीं होने से जानकारी निरंक है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - ख अनुसार।
केसला विकासखंड में दौड़ी झुनकर माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना
[जल संसाधन]
60. ( क्र. 850 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी विधानसभा क्षेत्र के केसला विकासखंड में दौड़ी झुनकर माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना कब स्वीकृत हुई एवं इसके टेंडर कब हुए है? (ख) उक्त दौड़ी झुनकर योजना के द्वारा केसला विकासखंड के कितने ग्रामों में कितने किसानों की जमीन सिंचित होगी कृपया गांव के नाम बताने की कृपा करें? (ग) उक्त सिंचाई योजना कब तक पूर्ण होगी एवं किसानों को खेतों में पानी कब से मिलना शुरू हो जाएगा?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) दौंडी (देवरी) माइको उद्वहन सिंचाई योजना की स्वीकृति दिनांक 05/11/2023 को प्रदान की गई है। निविदा की कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) परियोजना के निर्माण हेतु वर्तमान में निविदा की कार्यवाही प्रचलन में है। निविदा स्वीकृति उपरांत कार्य प्रारंभ हो सकेगा। अत: निश्िचत समय सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
मैहर स्थित पन्नी खोह का पर्यटक स्थल के रूप में विकास
[पर्यटन]
61. ( क्र. 857 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मैहर विधान सभा क्षेत्रान्तर्गत माँ शारदा शक्ति पीठ के समीप स्थित पन्नी खोह नामक स्थल क्षेत्रीय जन सामान्य के अलावा आने वाले दर्शनार्थियों की आस्था का केन्द्र एवं पर्यटक स्थल के रूप में है। किन्तु इसकी पर्यटक स्थल के रूप में विकसित कराये जाने की मांग अनुसार प्रक्रिया क्या शासन स्तर में प्रचलन में है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार उद्भूत विषय में यदि हाँ, तो कब तक विकसित कराया जावेगा? यदि नहीं, तो क्या निकट भविष्य में इस स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया पर विचार कर विकसित किया जावेगा? यदि हाँ, तो समयावधि बतायी जावे। नहीं तो क्यों?
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) ''पन्नी खोह'' स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने हेतु वर्तमान में विभाग में कोई कार्यवाही प्रचलन में नहीं है। (ख) उत्तरांश ''क'' अनुसार। शेष बताया जाना संभव नहीं है।
मिसल बंदोबस्त के अभिलेखों में दर्ज वैधानिक मान्यता
[राजस्व]
62. ( क्र. 866 ) श्री चन्द्रशेखर देशमुख : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राजस्व अभिलेखागार में उपलब्ध ग्राम सालबर्डी, तहसील मुलताई की मिसल बंदोबस्त वर्ष 1916-17 तथा मध्यप्रदेश स्वामित्व अधिकारों के अंत का कानून, 1950 के अनुसार अर्जित भूमि के प्रारूप ख-बी में दर्ज खसरा नंबरवार निर्माणों का विवरण उपलब्ध है? यदि हाँ, तो क्या उसमें महादेव मंदिर एवं मेला स्थल का उल्लेख है? खसरा नंबरवार जानकारी उपलब्ध कराई जाए। (ख) ग्राम सालबर्डी के किन-किन खसरा नंबरों एवं कितने रकबे की भूमि के संबंध में भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 5 से 19 के अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मुलताई के समक्ष जांच लंबित है, साथ ही आयुक्त आदिवासी विकास भोपाल द्वारा पत्र क्रमांक/621/वन.अधि./15/136 दिनांक 06.04.2015 से दिए गए निर्देशों का विवरण प्रदान किया जाए? (ग) उक्त पत्र दिनांक 16.04.2015 के अनुपालन में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मुलताई द्वारा किस पटवारी से कौन-कौन सी जानकारी संकलित कराई गई? सम्बन्धित प्रतिलिपियां उपलब्ध कराई जाएं? (घ) वर्ष 1916-17 की मिसल बंदोबस्त एवं वर्ष 1950 के अभिलेखों में दर्ज अधिकारों की वैधानिक मान्यता कब तक प्रभावी रहेगी? इस संबंध में प्रचलित नियमों एवं समय-सीमा का विवरण दिया जाए?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ, राजस्व अभिलेखागार में उपलब्ध ग्राम सालबर्डी के वर्ष 1917-18 की मिसल बन्दोबस्त तथा मध्यप्रदेश स्वामित्व अधिकारों और मालिकाना हको के अंत करने के अधिनियम 1950 के नमूना ख (बी) में दर्ज खसरा नंबर 10, 16/1, 16/2 एवं 17 के कैफियत कॉलम में मेला भरता है तथा खसरा नंबर 61 के कैफियत कॉलम में महादेव का विवरण उपलब्ध है। खसरा नम्बरवार विवरण पत्रक पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" अनुसार है। (ख) ग्राम सालबर्डी तहसील प्रभात पट्टन (पूर्व तहसील मुलताई) के अंतर्गत आने वाले वनखण्डों के भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 5 से 19 तक का 01 प्रकरण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के समक्ष जांच हेतु लंबित है। आयुक्त आदिवासी विकास भोपाल द्वारा पत्र क्रमांक/621/वन.अधि./ 15/136 दिनांक 16/04/2015 से दिए गए निर्देशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" अनुसार है। (ग) उक्त पत्र दिनांक 16.04.2015 में दिये गये निर्देश के अनुपालन में निर्धारित प्रपत्र में जानकारी संकलित कराई जा रही है। (घ) वर्ष 1916-17 की मिसल बन्दोबस्त एवं 1950 के भू-अभिलेखों का स्थाई रिकार्ड है। अत: समय-सीमा संबंधी प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
एफ.आई.आर. दर्ज की जाना
[राजस्व]
63. ( क्र. 871 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दिनांक 13 मार्च 2025 को प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्रमांक 1023 दिनांक 13.03.2025 में आपके द्वारा सदन में आश्वासन दिया गया था कि दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की जावेगी जिसके संबंध में अवर सचिव मध्य प्रदेश शासन राजस्व विभाग द्वारा कलेक्टर टीकमगढ़ की पत्र क्रमांक 804/ई.नं. 2982045/2025 दिनांक 28/05/2025 को एफ.आई.आर दर्ज किये जाने हेतु लेख किया फिर भी प्रश्न दिनांक तक दोषियों के विरुद्ध एफ.आई.आर. दर्ज क्यों नहीं की गई कारण स्पष्ट करें एवं सदन में दिया गया आश्वासन एवं अवर सचिव राजस्व का पत्र क्या असत्य था स्पष्ट करें। (ख) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा मुख्य सचिव मध्य प्रदेश शासन को दिये गये पत्र के उत्तर में मुख्य सचिव मध्य प्रदेश शासन द्वारा अपने पत्र क्रमांक 3661 दिनांक 16/03/26 में उल्लेख किया है कि प्रमुख सचिव राजस्व को आवश्यक कार्यवाही कर विधायक को अवगत करायेंगे मगर कोई कार्यवाही नहीं की गई और प्रमुख सचिव राजस्व द्वारा मुख्य सचिव म.प्र. शासन के पत्र को नकारते हुये मुझे कोई सूचना कार्यवाही किये जाने के सबंध में नहीं दी गई। क्या दोषियों के विरुद्ध एफ.आई.आर. की कार्यवाही कब तक कराई जावेगी समयावधि बतायें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ, आश्वासन क्रमांक 206 पर कार्यवाही प्रचलित है। थाना प्रभारी बल्देवगढ़ के पत्र क्रमांक/भाप्र./बल्दे./1282/2026 दिनांक 11.07.2026 के अनुसार तत्कालीन तहसीलदार द्वारा दोषियों कर्मचारियों के विरुद्ध शासकीय भूमियों की हेरा-फेरी के संबंध में शिकायत के आधार पर कमिश्नर सागर संभाग, सागर द्वारा गठित संयुक्त जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण क्र./108/4-121/2024-25 दिनाँक 20.01.2025 अनुसार दोषी कर्मचारी 01. ओमप्रकाश नापित सहायक ग्रेड-3 हाल तहसील टीकमगढ़, 02. भगवत प्रसाद अहिरवार सहायक ग्रेड-3 हाल पदस्थ तहसील निबासी लिधौरा, 03. अजमत्त उल्ला बेग सहायक ग्रेड-3 बल्देवगढ़, 4. महेश कुमार सोनी सहायक ग्रेड-3 बल्देवगढ़ हाल सेवानिवृत बल्देवगढ़ के विरुद्ध थाना बल्देवगढ़ में अपराध क्रमांक 46/25 धारा 420, 467, 468, 471, 34 ताहि का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। दौरान विवेचना आरोपीगण द्वारा माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर से कार्यवाही न करने के संबंध में WP 5855/2025 & WP8509/2025 याचिकायें लगाई गई है जो प्रकरण में माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा Ler case diary be made available by next date. Meanwhile, no coercive action be taken against petitioner till next date of hearing. लेख कर अग्रिम विवेचना हेतु स्टे जारी किया गया। प्रकरण सदर की डायरी कार्यवाही से स्थगित की गई है। उक्त प्रकरण में सुरेन्द्र सिंह पिता चूरामन लोधी, भागवती पत्नी सुरेन्द्र सिंह लोधी निवासी रमपुरा नजदीक हटा तहसील बल्देवगढ़ का भी फर्जी प्रविष्टि कर पट्टा प्रदाय की प्रविष्टि अंकित है, जिनके विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज करने हेतु आदेशित किया गया है। प्रकरण की अग्रिम विवेचना माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में प्रचलित प्रकरण अनुसार की जावेगी। (ख) पत्र दिनांक 16.03.2026 पर कार्यवाही प्रचलन में है। शेष उत्तरांश (क) अनुसार।
आशा ऊषा कार्यकर्ताओं की लंबित राशि का भुगतान
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
64. ( क्र. 885 ) श्री बाला बच्चन : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वानी जिले में आशा ऊषा कार्यकर्ताओं को प्रश्न दिनांक की स्थिति में कितने माह की प्रोत्साहन राशि कब से लंबित है? विगत 6 माह में इन्हें कब-कब, कितना- कितना भुगतान किया गया? विधानसभावार, आशा ऊषा कार्यकर्ता संख्या 6 माह में प्रदाय राशि प्रदाय दिनांक, लंबित राशि (प्रश्न दिनांक तक संरख्या सहित विधानसभावार) प्रदान करें। लंबित राशि का भुगतान कब होगा? (ख) क्या वर्ष 2023 में प्रोत्साहन राशि में 1 हजार रू. की वृद्धि एवं वर्ष 2025 में प्रोत्साहन राशि में 1500 रु. की वृद्धि घोषित होने के बाद भी इन्हें प्रश्न दिनांक तक इस वृद्धि का लाभ नहीं नहीं दिया गया? कब तक यह वृद्धि राशि पिछले एरियर्स सहित इन्हें प्रदाय की जाएगी? (ग) प्रश्नांश "क" व "ख" अनुसार राशि लंबित रखने को उत्तरदायी अधिकारियों पर विभाग कब तक कार्यवाही करेगा? यदि नहीं तो क्यों?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) बड़वानी जिले में आशा ऊषा कार्यकर्ताओं को प्रश्न दिनांक की स्थिति में प्रोत्साहन राशि लंबित नहीं है। विगत 6 माह में किये गये भुगतान का विवरण जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। विधानसभावार, आशा ऊषा कार्यकर्ताओं को प्रदायित राशि की दिनांकवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। वर्ष 2023 में प्रोत्साहन राशि में 1 हजार रू. की वृद्धि एवं वर्ष 2025 में प्रोत्साहन राशि में 1500 रु. की वृद्धि संबंधी कोई घोषित आदेश नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश "क" व "ख" अनुसार राशि लंबित नहीं होने के कारण उत्तरदायी अधिकारियों पर कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
दवा निर्माण में लापरवाही पर कार्यवाही
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
65. ( क्र. 886 ) श्री बाला बच्चन : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिंदवाड़ा में 25 बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार कफ सीरप में कौन सा जानलेवा घटक पाया गया था? (ख) क्या इसके पूर्व इंदौर स्थित एक दवा कंपनी रीमेन लैब की सीरप में भी यही जानलेवा घटक पाया गया था? दवा कंपनी का नाम, पता, टेस्ट रिपोर्ट, सीरप का नाम, बैच नंबर, पाए गए जान लेवा घटक की मात्रा बतावें। (ग) क्या रिमन लैब इंदौर के प्रकरण में अभियोजन दायर किया गया है? क्या प्रकरण दायर करने में अत्यधिक विलंब किया गया है? क्या रिपोर्ट दिनांक से अभियोजन दायर करने में 02 वर्ष से अधिक विलंब किया गया देवें। यदि हाँ, तो क्यों? रिपोर्ट दिनांक व अभियोजन दिनांक सहित बिंदुवार जानकारी देवें। (घ) इस प्रकरण में जांच व अभियोजन दायर करने वाले जिन अधिकारियों की जिम्मेदारी थी, उनके नाम और पदनाम बताएं। क्या रिपोर्ट में दवा में मिलावट आने के पश्चात त्वरित कार्यवाही की गई देवें। यदि हाँ, तो प्रकरण दायर करने में 02 वर्ष से अधिक समय क्यों लगा? जांच रिपोर्ट की कॉपी उपलब्ध करावें। क्या उक्त जांच में खानापूर्ति कर निर्माता को अनुचित लाभ पहुंचाया गया? उक्त प्रकरण में अभियोजन संबंधी राज्य एवं केंद्र सरकार की क्या गाइड-लाइन है? कॉपी देवें। (ड.) क्या वरिष्ठ औषधि निरीक्षक को विभाग द्वारा प्रथम दृष्ट्या जिम्मेदार मानते हुए विभागीय जांच हेतु नोटिस दिया गया था? तत्पश्चात क्या कार्यवाही की गई? क्या प्रकरण में देरी के लिए जिम्मेवारी तय की गई? क्या यह सही है कि संबंधित अधिकारी पर कोई कार्यवाही न करते हुए विभाग के द्वारा संबंधित अधिकारी का प्रमोशन करते हुए राज्य लाइसेंस अधिकारी बनाया गया? क्या उक्त अधिकारी पर विभाग द्वारा प्रकरण में देरी करने हेतु कोई कार्यवाही की जाएगी या नहीं? यदि हाँ, तो कब तक?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) डायइथायलीन ग्लायकोल जो तय मात्रा से अधिक पाया गया। (ख) जी हाँ। चाही गई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ग) जी हाँ। डायरेक्टर, केन्द्रीय औषधि प्रयोगशाला, कोलकाता द्वारा दिनांक 31.01.2024 को फार्म 2 में निर्णायक रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात प्रकरण में अन्वेषण पूर्ण होने पर अभियोजन दिनांक 08.10.2025 को माननीय न्यायालय में दायर किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। अतः प्रकरण दो वर्ष के भीतर ही दायर किया गया है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) संबंधित अधिकारियों की चाही गई जानकारी (नाम एवं पदनाम) पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। जी हाँ, शेष प्रश्न का उत्तर प्रश्नांश ''ग' में समाहित है एवं प्रकरण दायर करने में दो वर्ष से अधिक का समय नहीं लगा। केन्द्र सरकार द्वारा अवमानक औषधि के संबंध में जारी अभियोजन संबंधी गाइड-लाइन एवं औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 के अंतर्गत संबंधित नियमावली की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार। (ड.) वरिष्ठ औषधि निरीक्षक को रीमेन लेब्स प्रायवेट लिमिटेड के प्रकरण के संबंध में समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के लिये प्रशासन के पत्र दिनांक 09.10.2025 द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया। तदोपरांत सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 14 के अंतर्गत आरोप पत्र आदि जारी किये गये है। जी नहीं, संबंधित अधिकारी को पदोन्न्नति प्रदान नहीं की गई है, अपितु राज्य शासन द्वारा औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 के अनुसार राज्य अनुज्ञापन प्राधिकारी के रूप में अधिसूचित किया गया है। गुण-दोष के आधार पर ही कार्यवाही किये जाने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
राम जानकी बड़ा मंदिर का जीर्णोद्धार
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
66. ( क्र. 905 ) श्री विष्णु खत्री : क्या राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता द्वारा तारांकित प्रश्न क्रमांक 2884 दिनांक 26.02.2026 के माध्यम से बैरसिया के जीर्णोद्धार के संबंध में जानकारी चाही थी, जिसके उत्तर में मान. मंत्री जी ने मन्दिर के जीर्णोद्धार संबंधी प्रस्ताव के परीक्षण उपरांत कार्य की औचित्यता एवं बजट की उपलब्धता के आधार पर जीर्णोद्धार हेतु राशि स्वीकृत करने का आश्वासन दिया था? उक्त संबंध में विभाग द्वारा प्रश्न दिनांक तक क्या उल्लेखनीय प्रगति की है? जानकारी दें। (ग) क्या राम जानकी बड़ा मन्दिर बसई के जीर्णोद्धार संबंधी कार्य की औचित्यता का परीक्षण विभाग द्वारा कर लिया गया है? यदि हाँ, तो मन्दिर का जीर्णोद्धार हेतु राशि कब तक स्वीकृत की जायेगी?
राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जी हाँ। संचालनालय द्वारा जिला भोपाल से मंदिर के शासन संधारित होने संबंधी जानकारी चाही गई है, जो आज दिनांक तक अप्राप्त है। (ख) जी हाँ। प्रस्ताव अपूर्ण होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
विस्थापित परिवारों को मूलभूत सुविधाओं का प्रदाय
[जल संसाधन]
67. ( क्र. 906 ) श्री विष्णु खत्री : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैरसिया विधानसभा में कालापीपल जलाशय प्रोजेक्ट के कारण कितने ग्रामीण परिवारों को कहाँ-कहाँ विस्थापित किया गया है? (ख) विस्थापित परिवारों को जो मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, क्या विभाग उनसे संतुष्ट है?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) बैरसिया विधानसभा में कालापीपल जलाशय परियोजना के कारण कुल 485 ग्रामीण परिवारों को ग्राम रूनाहा, परसोरा, कोलूखेड़ी (मीनापुरा-1 एवं मीनापुरा-2) में विस्थापित किया जाना प्रतिवेदित है। (ख) कालापीपल जलाशय परियोजना अन्तर्गत विस्थापन स्थल पर म.प्र. की आदर्श पुनर्वास नीति 2002 के अनुसार विस्थापन किया गया है, उक्त नीति अनुसार विभाग द्वारा स्वीकृत कार्य पूर्ण कर मूल सुविधाएं उपलब्ध कराकर विस्थापित किया जाना प्रतिवेदित है।
प्रदेश में संचालित शासकीय विद्यालयों की जानकारी
[स्कूल शिक्षा]
68. ( क्र. 913 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय तथा निजी विद्यालयों में अलग-अलग कक्षा 1 से 5, 6 से 8, 9 एवं 10 तथा कक्षा 11 एवं 12 में नामांकन 2020-21 से 2026-27 के बताएं। यूडाइस की संख्या नहीं हो तो शिक्षा विभाग की संख्या बतावें। (ख) बेरोजगार से व्यापम द्वारा वसूली गई फीस में से स्कूल शिक्षा ने प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के लिए 2022-23 में 137 करोड़ एवं 2023-24 में 297 करोड़ कुल 434 करोड़ रुपए क्यों लिए जबकि इन वर्षों में बजट क्रमशः 27796 करोड़ 31983 करोड़ था। इस संदर्भ में समस्त जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) कक्षा 1 से 12 के नामांकन में कमी को लेकर अटल बिहारी संस्थान को पत्र क्रमांक 2025/2082-2083 दिनांक 8/5/2025 द्वारा 10 वर्षों का विश्लेषण सौंपा गया। रिपोर्ट की प्रति देवें। जांच शासकीय विद्यालयों की गई या निजी विद्यालयों की भी की गई? (घ) प्राथमिक, माध्यमिक, हायर सेकेण्डरी, हाई स्कूल, शासकीय विद्यालयों की वर्ष 2016-17 तथा 2026-27 की संख्या तथा उनमें कार्यरत नियमित अध्यापक एवं अतिथि शिक्षक की संख्या एवं कितने-कितने विद्यालय में नामांकनांक 10 से कम, 20 से कम, 30 से कम, 40 से कम एवं 50 से कम हैं। विगत 10 वर्षों में कितने विद्यालय बंद किये? जानकारी उपलब्ध करावें। (ड.) प्रदेश में कितने विद्यालय में कितने पद स्वीकृत हैं? कितने शिक्षक कार्यरत हैं? कितने पद रिक्त हैं? वर्गवार जानकारी देवें एवं कितने जर्जर भवन में स्कूल संचालित हैं? जर्जर भवन के स्कूलों के लिए शासन द्वारा क्या व्यवस्था की जाएगी? कितने स्कूलों में छात्र तथा छात्राओं के लिए टॉयलेट नहीं है, बाउंड्रीवॉल नहीं है, खेल मैदान नहीं है, खेल शिक्षक नहीं है? समस्त जानकारी उपलब्ध करावें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 पर है। (ख) वर्णित योजना में पर्याप्त आवंटन न होने से वित्तीय वर्ष 2022-23 में 137 करोड़ एवं वित्तीय वर्ष 2023-2024 में 160 करोड़ कुल 297 करोड़ की राशि ई.एस.बी. द्वारा दी गई थी। शेषांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 पर है। (ग) विश्लेषण रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 एवं 4 पर है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-5 पर है।
बीमारियों और दुर्घटनाओं से हुई मृत्यु के आंकड़े
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
69. ( क्र. 914 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2021 से जून 2026 तक विभिन्न बीमारियों और दुर्घटनाओं से मृत्यु के संबंध में MIS में क्या प्रविष्टियों की गईं? MIS में व्यक्ति की मृत्यु के संबंध में वर्षवार आंकड़े बतावें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित अवधि में प्रदेश में कुल कितने पोस्टमार्टम किये गए? प्रमुख दस मृत्यु के कारण, तथा उनसे मृत व्यक्ति की संख्या बताएं। पोस्टमार्टम करने के जिलेवार आंकड़े दें तथा रोड एक्सीडेंट से हुई मृत्यु के कितने-कितने पोस्टमार्टम किये गए? (ग) वर्ष 2021 से जून 2026 तक हार्ट-अटैक, पैरालिसिस, कैंसर, ब्रेन हेमरेज, लीवर, किडनी, जैसी अन्य गंभीर बीमारियों के मरीजों की संख्या वर्षवार बतावें व इन बीमारियों से हुई मृत्यु की वर्षवार संख्या कितनी है? (घ) प्रश्नाधीन अवधि में मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय सहित सभी प्रकार के चिकित्सा केंद्रों में कुल कितनी कीमत की दवाइयां मरीजों को नि:शुल्क उपलब्ध कराई गई व कितनी कीमत की एंटीबायोटिक किस-किस कंपनियों से खरीदी गई व मरीजों को नि:शुल्क उपलब्ध कराई गई? (ड.) क्या मुख्यमंत्री जी ने यह घोषणा की है कि प्रत्येक जिला चिकित्सालय में कैंसर मरीजों के लिए कीमोथेरेपी की व्यवस्था की जाएगी तथा कैंसर का इलाज, ऑपरेशन सहित किया जाएगा? यदि हाँ, तो अभी तक की गई कार्यवाही की विस्तृत जानकारी दस्तावेज सहित दें। प्रदेश में चिकित्सकों के कितने पद स्वीकृत हैं? कितने पद रिक्त हैं? कितने पद भरे हैं? वर्गवार बताएं।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार। (ड.) जी नहीं। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। प्रदेश में चिकित्सकों के वर्गवार, स्वीकृत, कार्यरत पदों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ई'' अनुसार।
ओरछा में स्नान घाट का निर्माण
[पर्यटन]
70. ( क्र. 919 ) श्री नितेन्द्र बृजेन्द्र सिंह राठौर : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विश्व प्रख्यात श्री रामराजा की नगरी ओरछा में करोड़ों रूपयों की लागत से रामराजा लोक का निर्माण किया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्या बैतवा नदी घाट पर श्रद्धालुओं के स्नान हेतु सर्व सुविधायुक्त स्नान घाट निर्माण कराया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं तो क्यों? (ख) क्या पिछले महीनों में बैतवा नदी में डूबने से 4 लोगों की मृत्यु हो चुकी है? यदि हाँ, तो इसका जिम्मेदार कौन है? बतावें। (ग) क्या बैतवा नदी में डूबने से मृत्यु जैसी गंभीर दुर्घटनायें हो रही हैं? क्या शासन द्वारा ऐसी गंभीर दुर्घटनायें रोकने के लिए कोई ठोस कार्य किये जा रहे हैं? यदि हाँ, तो अवगत करायें। यदि नहीं तो क्यों? कारण सहित जानकारी देवें। (घ) क्या स्नान घाटों पर जाली, चेन आदि लगाकर स्नान के लिए एक सीमित दायरा तय किया जाने का कोई कार्ययोजना बनाई गई है, जिससे भविष्य में ऐसी दुर्घटनायें न हों? यदि हाँ, तो अवगत करायें। यदि नहीं तो क्यों? कारण बतावें।
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जी हाँ। रामराजा लोक परियोजना में बेतवा नदी घाट पर श्रृद्धालुओं के स्नान हेतु सर्व सुविधायुक्त स्नान घाट का निर्माण सम्मिलित नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) पर्यटन विभाग से संबंधित नहीं। (ग) नगरीय निकाय ओरछा द्वारा बेतवा नदी घाटों एवं उनके आसपास पेन्ट से चेतावनी स्वरूप लेखन कार्य एवं बोर्ड लगाये गये हैं। सुरक्षा की दृष्टि से दोनों घाटों पर लोहे की रैलिंग एवं जंजीर लगाई गई है। माइक से निरंतर उद्घोषणा कराई जाती है। (घ) जानकारी उत्तरांश 'ग' अनुसार।
स्कूल भवनों का जीर्णोद्धार
[स्कूल शिक्षा]
71. ( क्र. 920 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी विधानासभा क्षेत्रांतर्गत कितने शासकीय हायर सेकेण्डरी, हाई स्कूल, माध्यमिक एवं प्राथमिक स्कूल संचालित हैं? सूची उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार कितने विद्यालय भवन विहीन हैं एवं कितने विद्यालय वर्तमान में जर्जर अवस्था में हैं? इन भवनों की मरम्मत एवं जीर्णोद्धार हेतु शासन द्वारा कब-कब कितनी-कितनी राशि स्वीकृत की गई है? कार्य की वर्तमान स्थिति क्या है? (ग) भवन विहीन स्कूलों में कब तक स्कूल भवन स्वीकृत कर दिये जावेंगे?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'एक' अनुसार है। (ख) शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी भवन क्रमशः माध्यमिक एवं हाई स्कूल के उन्नयन से अस्तित्व में आते हैं। अतः उन्नत हुए माध्यमिक शाला एवं हाई स्कूल के भवन ही क्रमशः हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन हैं। अतः कोई भी शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन विहीन नहीं है। प्राथमिक/माध्यमिक भवन विहीन विद्यालयों, भवनों की जर्जर अवस्था, मरम्मत एवं जीर्णोद्धार संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'2' अनुसार है, जिसके कार्य प्रक्रियाधीन है। (ग) उत्तरांश 'क' अनुसार कोई भी हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन विहीन नहीं है। भवन विहीन प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालयों की स्वीकृति बजट की उपलब्धता पर निर्भर करेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
बरगी क्षेत्रांतर्गत संचालित स्वास्थ्य केंद्रों की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
72. ( क्र. 923 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी विधानसभा क्षेत्र में कितने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, उप स्वास्थ्य केन्द्र एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं? इनमें से कितने स्वास्थ्य केन्द्रों में स्वयं के भवन हैं एवं कितने भवन विहीन हैं? सूची उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों, स्टाफ नर्सों, ए.एन.एम. एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों के कितने पद स्वीकृत हैं तथा कितने पद वर्तमान में रिक्त है? रिक्त पदों की पूर्ति कब तक की जावेगी? समय-सीमा बतावें। (ग) क्या यह सही है कि बरगी विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों में चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को उपचार हेतु जबलपुर जाना पड़ता है? यदि हाँ, तो क्षेत्र के स्वास्थ्य संस्थानों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की पदस्थापना कब तक कर दी जावेगी? समय-सीमा बतावें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) बरगी विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत 03 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 05 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं 57 उप स्वास्थ्य केन्द्र (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) संचालित है। समस्त स्वास्थ्य केन्द्रों के स्वयं के भवन हैं। भवन विहीन कोई स्वास्थ्य संस्था नहीं है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। पद पूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) बरगी विधानसभा क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, उप स्वास्थ्य केन्द्र में आने वाले मरीजों को उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, यदि किसी मरीज को सुपर स्पेशलिटी/मल्टी स्पेशलिटी चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता होती है तो जबलपुर जाते हैं। पद पूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
हरदा जिले के शासकीय चिकित्सालयों की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
73. ( क्र. 925 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा जिले में जिला, सिविल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं उप स्वास्थ्य केन्द्र स्तर तक संचालित समस्त शासकीय चिकित्सालयों के नाम एवं उनके स्थानवार सूची उपलब्ध करावें। (ख) उक्त समस्त चिकित्सालयों में चिकित्सकों, विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ एवं अन्य कर्मचारियों के कुल कितने पद स्वीकृत हैं? वर्तमान में कितने पद भरे हुए हैं तथा कितने पद रिक्त हैं? संस्थावार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) रिक्त पदों की पूर्ति हेतु शासन द्वारा क्या कार्यवाही की गई है तथा उक्त पदों को कब तक भरने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है? समय-सीमा बतावें। (घ) हरदा जिले के जिला, तहसील एवं ग्रामीण स्तर के समस्त शासकीय चिकित्सालयों में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, उपकरणों, विशेषज्ञ सेवाओं, प्रसूति सेवाओं, पैथोलॉजी, एक्स-रे, सोनोग्राफी, एम्बुलेंस एवं अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं का चिकित्सालयवार विवरण उपलब्ध करावें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। (ग) रिक्त पदों की पूर्ति एक सतत एवं निरंतर प्रक्रिया है तथा निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' एवं ''द'' अनुसार।
पेंच व्यपवर्तन नहर का निर्माण कार्य
[जल संसाधन]
74. ( क्र. 929 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी विधान सभा क्षेत्र में पेंच व्यपवर्तन नहर निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है? यदि हाँ, तो सिंचाई के लिये किसानों को पानी कब तक उपलब्ध करा दिया जावेगा? नहर शाखा डी-4 में 2 कि.मी. यातायात थाना एम.पी.आर.डी.सी. रोड नक्शा रोड क्रासिंग में पानी निकासी के लिए 2000 डायमीटर की पुलिया डालना है, जो अभी तक नहीं डाली गई है? उससे आगे दस हजार हेक्टेयर भूमि में सिचाई होना है। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित नहर शाखा डी-4 में खामखरेली गांव के किनारे व तालाब के किनारे-किनारे हार्ड रॉक का बहुत धीमी गति से खुदाई कार्य चल रहा है, लेकिन पाइप नहीं डाले गये है। (ग) प्रश्नांश (क) वर्णित नहर डी-4 उप माइनर बजरवाडा से खुदाई का कार्य लगभग 10 कि.मी. का अधूरा है। श्रीराम कन्सट्रक्शन द्वारा 31 कि.मी. का लाइनिंग कार्य अभी कुछ भी चालू नहीं किया गया है। (घ) प्रश्नांश (क) से (ग) तक निर्माण कार्य कब तक पूर्ण कर लिये जावेंगे? निश्चित समय-सीमा बतावें। (ड.) निर्माणाधीन पेंच व्यपवर्तन नहर कार्य के संबंध में प्रश्नकर्ता द्वारा वर्ष 2014 से प्रश्न दिनांक तक विधान सभा के माध्यम से कब–कब जानकारी चाही गई थी? सूची उपलब्ध करावें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) पेंच व्यपवर्तन नहर का निर्माण कार्य वर्तमान में अपूर्ण होकर प्रगतिरत है। विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत कृषकों को वर्ष 2025-26 में निर्मित नहरों से 37, 059 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का लाभ दिया जा चुका है। नहर शाखा डी-4 के अंतर्गत ग्राम नगझर के पास यातायात थाना एम.पी.आर.डी.सी. रोड क्रासिंग में पानी निकासी के लिए, तत्समय रूपांकित क्षमता अनुसार 2.00 मी. डायमीटर में सायफन का निर्माण वर्ष 2017-18 में किया जा चुका है। डी-4 वितरक मुख्य नहर की लंबाई 21 कि.मी. है जिसमें 20.70 कि.मी. में निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, शेष 300 मीटर में हार्ड-रॉक को सी.बी.एल. में लाने का कार्य प्रगतिरत् है। निर्माण कार्य पूर्ण किये जाने की लक्षित अवधि माह दिसम्बर-2026 है। (ख) नहर शाखा डी.4 में खामखरेली गांव के किनारे व तालाब के किनारे-किनारे हार्ड रॉक का कार्य एजेंसी द्वारा धीमी गति से किये जाने कारण लगभग 60 मीटर में पाइप-लाइन का कार्य एवं 300 मी. में हार्ड-रॉक को सी.बी.एल. में लाने का कार्य शेष है, जो प्रगतिरत् है। (ग) नहर डी-4 उप माइनर बजरवाडा से खुदाई का कार्य लगभग 850 मीटर शेष है एवं लाइनिंग का कार्य श्रीराम कन्सट्रक्शन का 31 कि.मी. में से 8 कि.मी. कार्य पूर्ण किया जा चुका है, शेष लाइनिंग कार्य वर्षा ऋतु उपरांत किया जाना प्रस्तावित है। (घ) निर्माण कार्य दिनांक 31.12.2026 पूर्ण किया जाना लक्षित है। (ड.) वर्ष 2014 से प्रश्न दिनांक तक विधान सभा के माध्यम से चाही जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन हेतु पदों की स्वीकृतियां
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
75. ( क्र. 930 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सामुदायिक, प्राथमिक, उप स्वास्थ्य केन्द्र एवं संजीवनी क्लिनिक कहाँ-कहाँ पर संचालित किये जा रहे हैं? (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित स्वास्थ्य सेवाओं के सफल संचालन हेतु कितने पदों की स्वीकृतियां दी एवं कितने पद भरे हुये हैं? कितने रिक्त हैं, तो रिक्त पदों की पूर्ति कब तक की जा सकेगी? (ग) किन-किन केन्द्रों पर संचालन हेतु किन-किन की पदस्थापना की गई, जिनमें से उच्च अध्ययन अथवा अन्य कारणों से लंबी अवधि की छुट्टी पर कौन-कौन है तथा ज्वाइनिंग के पश्चात छुट्टी लेकर कितने लोग कर्तव्य स्थल पर वापस नहीं आये? (घ) शासन/विभाग द्वारा सीधे पद पूर्ति के साथ ही संविदा, आउटसोर्स, रोगी कल्याण समिति इत्यादि द्वारा किस प्रकार पदपूर्ति की जा रही है? साथ ही सफाई कर्मी एवं सुरक्षा कर्मियों की पद पूर्ति की क्या व्यवस्था की जा रही है?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। पदपूर्ति विभाग की एक निरंतर प्रक्रिया है, निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। जिला चिकित्सालय सिवनी में कार्यरत 07 नर्सिंग ऑफिसर एम.एस.सी/एम.एस.सी नर्सिंग पाठ्यक्रम पर है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) शासन/विभाग द्वारा सीधे पद पूर्ति राज्य शासन स्तर से की जाती है। संविदा की भर्ती राज्य कार्यालय एन.एच.एम. भोपाल से ऑनलाइन के माध्यम से की जाती है। आउटसोर्स रोगी कल्याण समिति की पदपूर्ति निविदा के माध्यम से अनुबंधित फर्म के माध्यम से की जाती है। साथ ही सफाईकर्मी एवं सुरक्षा कर्मियों की पद पूर्ति भी निविदा के माध्यम से कार्यालय में अनुबंधित फर्म के माध्यम से की जाती है।
शिक्षकों के लंबित प्रकरणों का निराकरण
[स्कूल शिक्षा]
76. ( क्र. 933 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला शिवपुरी अंतर्गत कार्यरत उच्च माध्यमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक, प्राथमिक शिक्षकों एवं सहायक शिक्षकों को देय 12, 24, 30 एवं 35 वर्ष की क्रमोन्नति तथा 10, 12 वर्ष के समयमान वेतनमान के प्रकरणों का निराकरण प्रश्न दिनांक तक नहीं किया गया। पदवार एवं संकुलवार विवरण दें। (ख) जिला शिवपुरी में कितने शिक्षकों के 12, 24, 30 एवं 35 वर्ष की क्रमोन्नति तथा 10, 12 वर्ष के समयमान वेतनमान के आदेश जारी किए जा चुके हैं तथा कितने प्रकरण लंबित हैं? पदवार, विकासखंडवार एवं संकुलवार जानकारी दें। (ग) कितने प्रकरणों को कोष एवं लेखा कार्यालय से अनुमोदन प्राप्त हो चुका है तथा कितने प्रकरण अनुमोदन हेतु लंबित हैं? लंबित प्रकरणों का कारणवार विवरण क्या है? प्रकरण लंबित रहने से दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? (घ) कितने शिक्षकों के खातों में एरियर राशि का भुगतान किया जा चुका है तथा कितने शिक्षकों का भुगतान लंबित है? जानकारी दें। (ड.) क्या क्रमोन्नति एवं समयमान वेतनमान के संबंध में विधानसभा में दिनांक-19.11.2024 को तारांकित प्रश्न क्र. 1165 तथा दिनांक-19.02.2025 को अतारांकित प्रश्न क्र. 2587 के माध्यम से विषय उठाया गया था? यदि हाँ, तो उक्त प्रश्नों के उत्तर में शासन द्वारा क्या कार्यवाही की गई थी तथा उन पर प्रश्न दिनांक तक क्या प्रगति हुई है? (च) जिन अधिकारियों/कर्मचारियों की लापरवाही के कारण शिक्षकों की क्रमोन्नति, समयमान वेतनमान एवं एरियर भुगतान के प्रकरण लंबित हैं, उनके विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई है?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) 4135 पात्र शिक्षकों को प्रश्न अनुसार लाभ दिया गया। 770 प्रकरणों में पात्रता का परीक्षण कर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। यह एक सतत् प्रक्रिया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। (ख) उत्तरांश "क" अनुसार। (ग) 3550 में अनुमोदन हो चुका है। 1283 में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-तीन अनुसार। (ड.) जी हाँ। शेष रहे शिक्षकों के आदेश जारी किये गये हैं। यह एक सतत् प्रक्रिया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (च) उत्तरांश "क" "ख" 'ग'' "घ" एवं "ड." के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना एवं स्वास्थ सुविधाओं की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
77. ( क्र. 936 ) श्रीमती रीती पाठक : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी में नवीन मेडिकल कॉलेज की स्थापना हेतु भूमि पूजन कार्यक्रम वर्ष 2023 में किया गया था और महाविद्यालय हेतु भूमि आवंटन भी किया गया था किन्तु लगभग तीन वर्ष के बाद भी चिकित्सा महाविद्यालय की प्रशासकीय स्वीकृति नहीं हो सकी, हो रही देरी का कारण क्या है? महाविद्यालय कब तक स्वीकृत हो सकेगा? (ख) सीधी जिले में चिकित्सा अधिकारीयों एवं स्वास्थ विषेशज्ञों की संख्या स्वीकृति पदों की तुलना में बहुत कम है। कई विभागों में एक भी विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हैं। रिक्त पदों में डॉक्टरों की पदस्थापना की क्या योजना है? (ग) सीधी में लगातार प्रसूताओं की मृत्यु में इजाफा हो रहा है। यह अपने अधिकतम स्तर पर है। इसके कारण क्या हैं? रोकथाम के लिए क्या विशेष प्रयास किये जा रहे हैं? (घ) सीधी के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सेमरिया में भवन की कमी के कारण गर्भवती महिलाओं की प्रसूति के बाद सामान्य वार्ड में रखना पड़ रहा है और 20 बिस्तरीय अस्पताल की स्वीकृति के बाद भी केवल 15 बिस्तरीय अस्पताल का ही संचालन हो रहा है। एक्स-रे मशीन की व्यवस्थित सप्लाई न होने के कारण संचालन नहीं हो पा रहा है। साथ ही अन्य कई स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी है। इससे निपटने एवं व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए क्या कदम उठाये जा रहे हैं?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। राज्य शासन स्तर से सैद्धांतिक स्वीकृति उपरांत पी.पी.पी. मोड पर स्थापित होने वाले चिकित्सा महाविद्यालयों की सूची में जिला सीधी में स्थापित होने वाले चिकित्सा महाविद्यालय को भी शामिल किया जा चुका है, इस संबंध में निविदा भी आमंत्रित की जा चुकी है, नियमानुसार योग्य निविदाकार उपलब्ध होने पर चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित किया जाना संभव है, इसलिये प्रशासकीय स्वीकृति नहीं जारी की गई है। अतः उक्तानुसार शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। रिक्त पदों की पूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी नहीं। सीधी जिले में प्रतिमाह 9 एवं 25 तारीख को पी.एम. मातृत्व सुरक्षा दिवस के दिन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं जिला चिकित्सालय में गर्भवती माताओं का परीक्षण एवं उपचार स्त्री रोग विशेषज्ञ के द्वारा कराया जाता है। कलेक्टर के निर्देशन में दूरस्थ अंचल में प्रति सप्ताह स्वास्थ्य शिविर लगाकर उपचारित किया जा रहा है। जिला चिकित्सालय एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में बर्थवेटिंग कक्ष स्थापित है, गर्भवती माताओं से निरन्तर सम्पर्क बनाये रखकर 'सुमन हेल्पडेस्क' द्वारा जानकारी प्राप्त कर रक्त अल्पता वाली गर्भवती महिलाओं को जिला चिकित्सालय में ब्लड ट्रांसफ्यूजन व उपचारित कराया जाता है एवं संभावित प्रसव तिथि/अवधि में शासकीय अस्पताल में भर्ती होने हेतु प्रेरित कराया जाता है। आशा एवं ए.एन.एम., क्षेत्र में गर्भवती माताओं से सुरक्षित प्रसव हेतु निरन्तर सम्पर्क में रहती है। (घ) सीधी जिले में ग्राम सेमरिया में 20 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्वीकृत है, नवीन भवन निर्माण अपेक्षित है। स्थानाभाव के कारण 15 बिस्तरीय अस्पताल एवं 10 बिस्तरीय एन.आर.सी. संचालित है। एक्स-रे मशीन 8.12.1997 को प्राप्त हुई थी, वर्तमान में मरम्मत योग्य नहीं होने के कारण अपलेखन योग्य है। नवीन एक्स-रे मशीन स्थापित करने की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है।
राजस्व विभाग के लंबित प्रकरणों का निराकरण
[राजस्व]
78. ( क्र. 937 ) श्रीमती रीती पाठक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी विधानसभा अंतर्गत कुल कितनी शासकीय भूमि उपलब्ध हैं? इनमें कितनी अतिक्रमण मुक्त हैं एवं कितनी भूमि पर अवैध अतिक्रमण किया गया है? जिन भूमियों पर अवैध अतिक्रमण किया गया है, उन्हें कब तक अतिक्रमण मुक्त करा दिया जायेगा? (ख) सीधी विधानसभा अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा विकास कार्यों के लिए कितनी भूमि चाही गई है? विभागवार एवं विकास कार्यवार विवरण दें एवं भूमि अधिग्रहण में हो रही देरी का कारण बताने की कृपा करें। (ग) सीधी विधानसभा अंतर्गत कितने राजस्व प्रकरण लंबित हैं? लंबित प्रकरणों में से एक वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों की संख्या कितनी है एवं इनके निराकरण न होने का क्या कारण है? (घ) सीधी विधानसभा में नए उपक्रम/कार्यालय/संस्थान हेतु कितनी जमीन चाही गई है एवं कितने आवंटन लंबित हैं?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) सीधी विधानसभा अंतर्गत तहसील गोपद बनास अंतर्गत शासकीय भूमि रकवा 13502 हे. उपलब्ध है। वर्तमान स्थिति के अनुसार शासकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण के 161 प्रकरण लंबित है। 161 लंबित प्रकरणों में भू-राजस्व संहिता की धारा 248 के तहत कार्यवाही की जा रही है। सीधी विधानसभा अन्तर्गत तहसील बहरी में शासकीय भूमि रकवा 1680 हे. उपलब्ध है। वर्तमान स्थिति अनुसार शासकीय भूमि पर अवैध स्थाई अतिक्रमण नहीं है। (ख) सीधी विधानसभा अन्तर्गत तहसील गोपद बनास अंतर्गत नए उपक्रम/कार्यालय/संस्थान हेतु विकास कार्य हेतु विभिन्न विभागों द्वारा विकास कार्यों हेतु लगभग 15 हे. भूमि चाही गई है। जिनमें भूमि आवंटन की कार्यवाही यथाशीघ्र की जा रही है। भूमि अधिग्रहण के प्रकरणों में नियमानुसार समय-सीमा में कार्यवाही की जा रही है। विभागवार भूमि आवंटन प्रकरणों की जानकारी निम्नानुसार है:
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स.क्र. |
विभाग का नाम |
लंबित आवेदन की संख्या |
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1 |
2 |
3 |
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1 |
जनपद पंचायत सीधी |
01 |
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2 |
पर्यटन विभाग |
01 |
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3 |
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय |
05 |
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4 |
नगर पालिका परिषद् सीधी |
14 |
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खेलकूद कल्याण विभाग |
01 |
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5 |
जिला पंचायत सीधी विभाग |
01 |
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6 |
स्वयंसेवक संघ शाखा |
01 |
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7 |
जन प्रयास सतिति |
01 |
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कुल योग |
26 |
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(ग) सीधी विधानसभा अंतर्गत तहसील गोपद बनास अंतर्गत कुल 2246 राजस्व प्रकरण लंबित है एवं एक वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों की संख्या 565 है। प्रकरण विवादित होने से न्यायालयीन प्रक्रिया के कारण विलंब हो रहा है। सीधी विधानसभा अंतर्गत तहसील बहरी अंतर्गत कुल 19 राजस्व प्रकरण लंबित है एवं एक वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों की संख्या निरंक है। (घ) सीधी विधानसभा अंतर्गत तहसील बहरी में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कुल 11 प्रकरणों में 0.44 हे. भूमि आवंटन हेतु आवेदन प्राप्त हुये थे। उक्त प्रकरणों के संबंध में उपखण्ड अधिकारी सिहावल से दिनांक 03.07.2026 के जांच प्रतिवेदन/अभिमत एवं जिला नजूल निर्वर्तन समिति सीधी के अनुशंसा के आधार पर न्यायालय कलेक्टर जिला सीधी द्वारा दिनांक 10.07.2026 को आदेश पारित कर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को भूमि आवंटित किया जाकर प्रकरण का निराकरण किया जा चुका है। कोई प्रकरण लंबित नहीं है। (ड.) सीधी विधानसभा अन्तर्गत तहसील गोपद बनास अंतर्गत बंदोबस्त के पूर्व कई तहसीलें शामिल थी। इसलिए बंदोबस्त पूर्व चरनोई का रकवा कितना था। यह जानकारी उपलब्ध नहीं है। वर्तमान समय में चरनोई भूमि का रकवा 834 हे. उपलब्ध है, उक्त भूमि अन्य किसी कार्य हेतु आवंटित नहीं की गई है एवं तहसील बहरी अंतर्गत वर्तमान में चरनोई भूमि रकवा 168 हे. उपलब्ध है।
शासकीय विद्यालय में छात्रों के प्रवेश/नामांकन की संख्या
[स्कूल शिक्षा]
79. ( क्र. 943 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश में प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्तर के शासकीय विद्यालय संचालित हैं? यदि हाँ, तो जिलेवार एवं श्रेणीवार वर्तमान में संचालित विद्यालयों की संख्या की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। (ख) विगत दो वर्षों (वर्ष 2024 से प्रश्न दिनांक तक) छात्र संख्या कम होने अथवा अन्य कारणों से कितने शासकीय विद्यालयों का अन्य विद्यालयों में विलय (मर्ज) किया गया है? जिलेवार, विद्यालयवार एवं कारण सहित जानकारी उपलब्ध कराई जाए। (ग) क्या शासन के संज्ञान में यह तथ्य है कि शासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के प्रवेश/नामांकन की संख्या में लगातार कमी आ रही है? यदि हाँ, तो इसके कारणों का विभागीय विश्लेषण एवं स्थिति सुधार हेतु किए गए उपायों की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। (घ) क्या शासन के संज्ञान में यह तथ्य है कि शासकीय विद्यालयों के विलय, संसाधनों की कमी अथवा अन्य प्रशासनिक कारणों से निजी विद्यालयों को अप्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो रहा है? (ड.) स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आसपास के 15 कि.मी एरिया के स्कूलों को बंद करके/मर्ज एक स्थान पर सांदीपनि स्कूल खोला जा रहा है। क्या सांदीपनि स्कूल में उस एरिये के सभी बच्चों का प्रवेश संभव है? क्या सांदीपनि स्कूल में अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई होती है? यदी हाँ तो बतायें कि कौन-कौन से सांदीपनि स्कूल में?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-01 पर है। (ख) प्राथमिक एवं माध्यमिक छात्र संख्या कम होने के कारण किसी विद्यालय को मर्ज नहीं किया गया है। सांदीपनि विद्यालयों में समाहित किए गए विद्यालयों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-02 पर है। (ग) विगत वर्षों में कक्षा 1 से 5 एवं कक्षा 6 से 8 में नामांकन में कमी हुई है एवं कक्षा 9 से 12 में वृद्धि हुई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-03 पर है। नामांकन में वृद्धि हेतु विभाग द्वारा स्कूल चले हम अभियान, विभिन्न योजनाएं यथा गणवेश वितरण, नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तक वितरण, मध्यान्ह भोजन, नि:शुल्क साईकिल वितरण, स्कूटी वितरण, समेकित छात्रवृत्ति योजना एवं लेपटॉप वितरण इत्यादि संचालित की जा रही है। (घ) जी नहीं। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) जी नहीं। सांदीपनि विद्यालयों की क्षमता एवं आकांक्षी नामांकन के अनुसार प्रवेश संभव है। जी हाँ, 112 सांदीपनि विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई होती है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-04 पर है।
माँ बगुलामुखी लोक का निर्माण एवं मंदिरों के जीर्णोद्धार
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
80. ( क्र. 948 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुसनेर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नलखेड़ा में विराजित प्रसिद्ध माँ बगुलामुखी मंदिर परिसर में माँ बगुलामुखी लोक बनाये जाने हेतु प्रश्नकर्ता द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी को प्रेषित पत्र क्रमांक 151/2024 दिनांक 03/07/2024 पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? (ख) क्या लाखों करोड़ो श्रद्धालुओं की आस्था के केन्द्र माँ बगुलामुखी मंदिर पर बगुलामुखी लोक बनाया जायेगा? (ग) वर्ष 2024 से प्रश्न दिनांक तक जिला आगर-मालवा एवं जिला शाजापुर अंतर्गत शासन संधारित कितने मंदिरों के जीर्णोद्धार के प्रस्ताव स्वीकृति हेतु जिला कलेक्टर द्वारा धर्मस्व विभाग को प्रेषित किये गए? तहसीलवार मंदिरों के नाम सहित जानकारी देवें। (घ) प्रश्नांश (ग) अनुसार कितने मंदिरों के जीर्णोद्धार हेतु वर्ष 2024 से प्रश्न दिनांक तक भेजे गए प्रस्तावों को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई एवं कितने प्रस्ताव लंबित है?
राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) प्रश्नांश में उल्लेखित पत्र मुख्यमंत्री कार्यालय एवं विभाग में प्राप्त नहीं पाया गया। अत: प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) एवं (घ) (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
धरमपुर में नवीन तहसील की स्थापना
[राजस्व]
81. ( क्र. 949 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पन्ना विधानसभा अंतर्गत धरमपुर को नवीन तहसील बनाये जाने का प्रस्ताव कलेक्टर पन्ना ने पत्र क्रमांक 241 दिनांक 11.03.2025 द्वारा प्रमुख राजस्व आयुक्त को प्रेषित किया गया था? क्या दिनांक 29.05.2025 को मान. मुख्यमंत्री जी द्वारा पन्ना भ्रमण के दौरान पुनर्गठन आयोग के माध्यम से धरमपुर को नवीन तहसील बनाए जाने की घोषणा की गई थी? (ख) यदि हाँ तो उक्त संबंध में क्या कार्यवाही की गई है और कब तक धरमपुर को नवीन तहसील बनाया जावेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) कलेक्टर पन्ना द्वारा धरमपुरी को नवीन तहसील खोले जाने के संबंध में प्राप्त प्रस्ताव प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग को प्रेषित किया गया है। वर्तमान में प्रशासनिक इकाइयों के परिसीमन एवं युक्तियुक्तकरण के लिये मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग गठित होकर कार्यरत है। जनगणना 2027 हेतु क्षेत्राधिकार परिवर्तन की फ्रीजिंग तिथि दिनांक 31.12.2025 से किसी प्रशासनिक इकाई में क्षेत्राधिकार परिवर्तन अनुमत्य न होने से आगामी कार्यवाही वर्तमान में प्रतिबंधित हैं। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
पहाड़ीखेड़ा क्षेत्र का सर्वेक्षण कार्य एवं सिद्धा बांध की स्वीकृति
[जल संसाधन]
82. ( क्र. 950 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पन्ना पहाड़ीखेड़ा क्षेत्र का सर्वेक्षण कार्य पतने व्यारमा परियोजना अन्तर्गत पूर्ण कर लिया गया है? यदि नहीं तो अभी तक कितना सर्वेक्षण कार्य पूर्ण किया गया है? कितना कार्य शेष है? जानकारी दें। कब तक सर्वेक्षण कार्य पूर्ण कर परियोजना प्रारंभ की जावेगी? समय-सीमा बतावें। (ख) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा विधानसभा सत्र फरवरी 2026 के प्रश्न क्रमांक 1709 के प्रश्नांश (ख) अन्तर्गत सिद्धा बांध की स्वीकृति के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में माननीय मंत्री जी द्वारा योजना की साध्यता दिनांक 07.06.2024 पोर्टल पर दर्ज होना प्रतिवेदित है एवं वर्तमान में प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है, इससे अवगत कराया गया था? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार यदि हाँ, तो प्रस्ताव विचाराधीन न होने का क्या कारण है? कारण बतावें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ, पन्ना पहाड़ीखेड़ा क्षेत्र का सर्वेक्षण कार्य पतने व्यारमा परियोजना अंतर्गत पूर्ण कर लिया गया है एवं डी.पी.आर. परीक्षणाधीन है। पहाड़ीखेड़ा क्षेत्र को केन बेतवा परियोजना अंतर्गत शामिल करने की संभावना है। वर्तमान में समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ। (ग) पहाड़ीखेड़ा क्षेत्र को केन बेतवा अंतर्गत पतने व्यारमा परियोजना में शामिल किये जाने की संभावना पर विचार के कारण सिद्धा बांध (सुकवाहा) की साध्यता प्रस्ताव को लंबित रखा जाना प्रतिवेदित है।
पंजीकृत एवं क्रियाशील मछुआ सहकारी समितियों की जानकारी
[मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास]
83. ( क्र. 963 ) श्री विवेक विक्की पटेल : क्या राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले में कितनी मछुआ सहकारी समितियां विभाग में पंजीकृत हैं और कितनी समितियां क्रियाशील हैं? सूचीबद्ध जानकारी देवें। क्या क्रियाशील समितियों द्वारा मत्स्याखेट करने वाले सदस्यों द्वारा बंद ऋतु मत्स्याखेट प्रतिबंधित समय में प्रति व्यक्ति अंशदान की कितनी राशि जमा कराई जाती है? जमा अंशदान राशि एवं प्रदेश सरकार व केंद्र सरकार को मिलाकर कुल 4500 रुपए की राशि प्रति सदस्य को उपलब्ध कराने हेतु बचत सह राहत राशि का बजट वर्ष 2023-24 व 2024-25 स्वीकृत हुआ है? यदि हाँ, तो उस बजट से बचत सह राहत राशि का भुगतान जिला बालाघाट की मछुआ सहकारी समितियों में दर्ज सदस्यों को क्यों नहीं किया गया है? (ख) क्या मत्स्य विभाग के पास मत्स्य मछुआ कृषक उत्पादक सहकारी संस्था मर्यादित बालाघाट का आवेदन पंजीयन हेतु पोर्टल पर विचाराधीन है? यदि हाँ, तो उसके पंजीयन की आवश्यक कार्रवाई कब तक पूर्ण कर ली जावेगी? समय-सीमा बताएं। (ग) मत्स्य मछुआ कृषक उत्पादक सरकारी संस्था मर्यादित एफ.एफ.पी.ओ. के पंजीकृत करने हेतु क्या दिशा-निर्देश हैं? नियमावली सहित प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराएं।
राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास ( श्री नारायण सिंह पंवार ) : (क) बालाघाट जिले में कुल 112 मछुआ सहकारी समितियां विभाग में पंजीकृत एवं क्रियाशील हैं। प्रति सदस्य को 09 माह में राशि रु. 1500/- जमा की जाती है। वर्ष 2023-24 में राशि रु. 86.43 लाख का आवंटन प्राप्त हुआ जिससे राशि रु. 78.39 लाख का व्यय किया गया जिससे 2613 हितग्राही लाभान्वित हुए। वर्ष 2024-25 में राशि रु. 96.18 लाख का आवंटन प्राप्त हुआ, जिससे राशि रु. 25.59 लाख का व्यय किया गया जिससे 853 हितग्राही लाभान्वित हुए। शेष राशि रू. 70.59 लाख IFMIS पोर्टल में लेखा शीर्ष बदलने के कारण राशि आहरण नहीं हो सकी। बचत सह राहत की शेष राशि रु. 70.59 लाख का वितरण प्रक्रियाधीन है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार। (ख) मछुआ कृषक उत्पादक सहकारी संस्था मर्यादित योजना बन्द हो चुकी है। (ग) मछुआ कृषक उत्पादक सहकारी संस्था मर्यादित योजना की गाइड-लाइन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार।
सी.एम.एच.ओ. के विरूद्ध शिकायतों की जांच
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
84. ( क्र. 964 ) सुश्री मंजू राजेन्द्र दादू : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान में प्रभारी CMHO, बुरहानपुर की प्रथम नियुक्ति दिनांक से लेकर वर्तमान तक की समस्त पदस्थापनाओं का पदवार, स्थानवार एवं अवधि सहित विवरण उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, उनके विरुद्ध आज दिनांक तक प्राप्त समस्त ऑनलाइन एवं ऑफलाइन शिकायतों का पूर्ण विवरण, वर्तमान स्थिति सहित शिकायतों एवं अभिलेखों की प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में प्राप्त शिकायतों की जांच हेतु किन-किन अधिकारियों/समितियों को नियुक्त किया गया था? नियुक्ति संबंधी आदेशों एवं जांच प्रतिवेदन की प्रमाणित छायाप्रति तथा जांच में दिए गए निष्कर्षों का विवरण उपलब्ध करायें एवं डॉ. वर्मा को प्रभारी CMHO, बुरहानपुर किस नियम, अधिसूचना, शासनादेश अथवा विभागीय निर्देश के अंतर्गत पदस्थ किया गया है? संबंधित निर्देशों की प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध करायें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में यदि जांच में डॉ. राजेन्द्र वर्मा के विरुद्ध कोई अनियमितता अथवा दोष पाया गया हो, तो उनके विरुद्ध की गई विभागीय, प्रशासनिक अथवा अन्य कार्यवाही का पूर्ण विवरण एवं संबंधित आदेशों की प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध कराई जाए। यदि कोई कार्यवाही नहीं की गई है, तो उसके कारण स्पष्ट किए जाएं तथा कार्यवाही न किए जाने के लिए कौन अधिकारी उत्तरदायी हैं? विभाग द्वारा ऐसे अधिकारियों पर क्या कार्यवाही कब तक की जावेगी? बताएं।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। संचालनालय की शिकायत शाखा में इन्दौर संभाग सेल में उपलब्ध रिकार्ड अनुसार वर्तमान में प्रभारी सी.एम.एच.ओ. बुरहानपुर डॉ. राजेन्द्र कुमार वर्मा के विरूद्ध माननीय मुख्यमंत्री मॉनिट "ए" में प्रश्नकर्ता महोदया द्वारा शिकायती पत्र क्रमांक. 37/सी.एम.एस./एस.डी.के./2026/दिनांक 07.01.2026 प्राप्त हुआ, जिसकी जांच क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवायें इन्दौर से पूर्ण कराई जाकर जांच प्रतिवेदन प्राप्त किया गया। प्राप्त जांच प्रतिवेदन के अनुक्रम में संचालनालय के ज्ञाप दिनांक 12.03.2026 द्वारा पुनः क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवायें, इन्दौर संभाग, इन्दौर से जानकारी चाही गई जो प्राप्त होने के उपरान्त, संचालनालय के ज्ञाप क्रमांक 1266/दिनांक 05.07.2026 द्वारा डॉ. आर. के. वर्मा को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर उनका प्रतिवाद उत्तर चाहा गया। संबंधित अधिकारी द्वारा प्रतिवाद उत्तर प्रस्तुत किये जाने के पश्चात क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवायें, इन्दौर संभाग, इन्दौर का अभिमत पत्र क्रमांक 6770, दिनांक 07. 07.2026 के माध्यम से प्राप्त हुआ है। अभिलेखों की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। उक्त शिकायत के अतिरिक्त कोई अन्य शिकायत, उनके विरूद्ध प्रचलन में नहीं है। डॉ आर.के. वर्मा, लोक स्वास्थ्य प्रबंधन संवर्ग अंतर्गत नियमित मुख्य खण्ड चिकित्सा अधिकारी हैं, प्रशासनिक पदों पर प्रशासनिक कारणों से पदस्थापना/प्रभार सौंपे जाने संबंधी कार्यवाही की जाती है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवायें, इन्दौर से प्राप्त जांच प्रतिवेदन की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" अनुसार है, जिसमें अधिकारियों/समितियों को जांच हेतु नियुक्त किये जाने तथा जांच में दिये गये निष्कर्षों का विवरण समाहित है। (ग) जानकारी उत्तरांश (क) में समाहित है। उक्त के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
प्रभारी सी.एम.एच.ओ. के विरुद्ध कार्यवाही
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
85. ( क्र. 965 ) सुश्री मंजू राजेन्द्र दादू : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या संचालनालय लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, म.प्र. के पत्र क्र. 4/शिका. सेल-2/2026/488 दिनांक 12.03.2026 द्वारा जिला बुरहानपुर के प्रभारी CMHO के विरुद्ध प्राप्त शिकायत के संबंध में जांच उपरांत क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, इंदौर से जानकारी चाही गई थी? यदि हाँ, तो शिकायत में किन वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे? पूर्ण विवरण सहित जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में जांच दल द्वारा उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण के उपरांत सामग्री की कुल कितनी राशि का अनियमित व्यय एवं शासन को कितनी आर्थिक हानि होना पाया गया? पूर्ण विवरण अभिलेखों सहित देवें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में क्या जांच प्रतिवेदन में अनियमितता के आधार पर संबंधित अधिकारी, अन्य के विरुद्ध कोई कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो क्या एवं नहीं तो क्यों? कारण बताएं एवं जाँच लंबित है तो क्यों? कारण बताएं। (घ) क्या सी.एम. मॉनिट में दर्ज शिकायत क्रमांक 37/CMS/SDK/2026 दिनांक 07.01.2026 (Monitoring-A) पर वर्तमान तक कोई कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो बिंदुवार विवरण एवं संबंधित आदेश/प्रतिवेदन की प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध करायें। यदि शिकायत लंबित है, तो लंबित रहने के कारण एवं वर्तमान स्थिति बतायें। समय पर कार्यवाही न किए जाने के लिए कौन अधिकारी उत्तरदायी है?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। उक्त शिकायत में जिला चिकित्सालय बुरहानपुर में क्रिटिकल केयर यूनिट में सामग्री खरीदी में अनियमितताओं के आरोप लगाये गये है। उक्त शिकायत के तारतम्य में क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवायें, इन्दौर से जांच प्रतिवेदन प्राप्त किया गया। प्राप्त जांच प्रतिवेदन के अनुक्रम में संचालनालय के ज्ञाप दिनांक 12.03.2026 द्वारा चाही गई जानकारी क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवायें, इन्दौर संभाग, इन्दौर से प्राप्त होने के उपरान्त संचालनालय के ज्ञाप क्रमांक 1266/दिनांक 05.07.2026 द्वारा डॉ. आर.के. वर्मा, को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर उनका प्रतिवाद उत्तर चाहा गया। संबंधित अधिकारी द्वारा प्रतिवाद उत्तर प्रस्तुत किये जाने के पश्चात क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवायें, इन्दौर संभाग, इन्दौर का अभिमत पत्र क्रमांक 6770, दिनांक 7.7.2026 के माध्यम से प्राप्त हुआ है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) उत्तरांश (क) में उल्लेखित जांच प्रतिवेदन के सूक्ष्म परीक्षण उपरान्त इसका निर्धारण संभव है। (ग) जी हाँ, जानकारी उत्तरांश (क) में समाहित है। (घ) जी हाँ, उक्त शिकायत के संदर्भ में की गई कार्यवाही का विवरण उत्तरांश (क) में समाहित है तथा संबंधित अभिलेख पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार।
दान राशि एवं भूमि अधिग्रहण अनियमितताओं की जांच
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
86. ( क्र. 966 ) श्री महेश परमार : क्या राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या महाकाल मंदिर विस्तार परियोजना (2021-2023) में मुआवजे की ₹97 करोड़ दान राशि नियम विरुद्ध जिला पी.डी. खाते के बजाय वाणिज्यिक बैंक खातों में रखी गई? क्या यह म.प्र. कोषालय संहिता के नियम 284 का उल्लंघन है? यदि हाँ, तो दोषी तत्कालीन अधिकारियों के नाम क्या हैं? (ख) क्या उक्त विधिक व वित्तीय अनियमितता पर 'स्टेट फाइनेंस इंटेलिजेंस सेल' व 'कोष एवं लेखा आयुक्त' द्वारा प्रमुख सचिव को जांच पत्र जारी किया गया? यदि हाँ, तो इस वित्तीय अनुशासनहींनता के कारण प्रभावितों का अटका ₹20 करोड़ मुआवजा कब तक भुगतान होगा? (ग) क्या तारांकित प्रश्न क्र. 2053 (दिनांक 10/07/24), प्रश्न क्र. 1972 (दिनांक 25/03/2022) एवं पत्र क्र. 473 (दिनांक 29/04/26) पर प्रश्न दिनांक तक हुई संपूर्ण कार्यवाही, नोटशीट सहित विवरण क्या है? (घ) क्या विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर की नीमनवासा स्थित 48 बीघा कृषि भूमि (TDS-3 व TDS-4) को विकास के नाम पर अधिग्रहीत कर व्यावसायिक उपयोग का षड़यंत्र किया जा रहा है? यदि नहीं, तो उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा उक्त भूमि मंदिर समिति को वापस लौटाने की अद्यतन स्थिति क्या है? UDA द्वारा भूमि लौटने के प्रश्न दिनांक तक की गई कार्यवाही का संपूर्ण ब्यौरा उपलब्ध कराएं। (ड.) क्या सरकार इस संस्थागत गबन की जांच कर दोषी लोक सेवकों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13 एवं भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत FIR दर्ज करेगी? मंदिर के दान (आभूषण, सोना, चांदी, भूमि) की सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट की प्रति देवें। (च) धर्मस्व विभाग के द्वारा मंदिर समिति को उक्त भूमि को लौटाने के संबंध में UDA से की गई कार्यवाही का विवरण देवें।
राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) से (च) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
अन्य राज्यों के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ
[स्कूल शिक्षा]
87. ( क्र. 971 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश के मूल निवासी विद्यार्थियों के जाति प्रमाण-पत्र को महाराष्ट्र राज्य में शैक्षणिक छात्रवृत्ति (Scholarship) एवं प्रवेश हेतु मान्य किया जाता है? यदि हाँ, तो इस संबंध में दोनों राज्यों के बीच क्या कोई पारस्परिक समझौता (Reciprocal Agreement) या दिशा-निर्देश अस्तित्व में हैं? (ख) क्या महाराष्ट्र के मूल निवासी विद्यार्थियों के जाति प्रमाण-पत्र को मध्यप्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों में छात्रवृत्ति या अन्य लाभों हेतु मान्य नहीं किया जाता है? यदि हाँ, तो इसके क्या वैधानिक या नीतिगत कारण हैं? (ग) क्या सरकार के ध्यान में यह बात आई है कि इस विसंगति के कारण सीमावर्ती जिलों (जैसे बैतूल, छिंदवाड़ा, बुरहानपुर, सिवनी आदि) के उन विद्यार्थियों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है, जिनके परिवार रोजगार या अन्य कारणों से दोनों राज्यों से जुड़े हैं? (घ) क्या शासन महाराष्ट्र के जाति प्रमाण-पत्र धारक विद्यार्थियों को मध्यप्रदेश में भी छात्रवृत्ति व प्रवेश प्रक्रिया में पात्रता देने हेतु नियमों में संशोधन या महाराष्ट्र सरकार के साथ कोई समन्वय स्थापित करने पर विचार कर रहा है? यदि हाँ, तो इस संबंध में क्या योजना है और इसे कब तक लागू किया जाएगा? यदि नहीं, तो क्यों?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
विधायक के पत्रों पर कार्यवाही
[परिवहन]
88. ( क्र. 973 ) श्री सुरेन्द्र सिंह हनी बघेल : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2023 से प्रश्न दिनांक तक प्रश्नकर्ता सदस्य द्वारा भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (BCLL) से संबंधित कुल कितने पत्र सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) एवं नगरीय विकास एवं आवास विभाग में प्राप्त हुए हैं? (ख) उपरोक्त प्राप्त पत्रों की वर्तमान स्थिति क्या है? क्या विभाग प्राप्त पत्रों का पत्र क्रमांक एवं दिनांक, विभाग का नाम, पत्र का मुख्य विषय, वर्तमान स्थिति (प्रक्रियाधीन/नस्तीबद्ध), जांच/Enquiry का विषय, लंबित रहने के कुल दिन तथा उत्तर न देने/लंबित रहने के स्पष्ट कारण का विवरण गौशवारा (तालिका) बनाकर जानकारी प्रदाय करेगा? (ग) क्या सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के नियमों/निर्देशों के अनुसार माननीय विधायकों (जनप्रतिनिधियों) के पत्रों पर जांच पूरी कर उत्तर देने हेतु कोई समय-सीमा (दिनों की संख्या) निर्धारित है? यदि हाँ, तो वह समय-सीमा क्या है? नियम की प्रति उपलब्ध कराएं। (घ) क्या शासन उन दोषी वरिष्ठ अधिकारियों के विरुद्ध सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई करने एवं उनकी सेवा अभिलेख (Service Record) में प्रतिकूल प्रविष्टि (Adverse Entry) दर्ज करने हेतु कोई कदम उठा रहा है, जिन्होंने नियमों का स्पष्ट उल्लंघन कर समय-सीमा में उत्तर नहीं दिया है? यदि हाँ, तो यह कार्रवाई कब तक सुनिश्चित की जाएगी?
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) बी.सी.एल.एल., कार्यालय में जनवरी 2023 से प्रश्न दिनांक तक प्रश्नकर्ता सदस्य के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) एवं नगरीय विकास एवं आवास विभाग से कुल-22 पत्र प्राप्त हुए। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ग) जी नहीं। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के परिपत्र दिनांक 26 नवम्बर 1997 के अनुसार जनप्रतिनिधियों के पत्रों का उत्तर शीघ्र दिये जाने का प्रावधान है। परिपत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (घ) सक्षम प्राधिकारी से प्राप्त माननीय विधायकों (जनप्रतिनिधियों) के पत्रों के संबंध में नियमानुसार अभिस्वीकृति पत्र प्रेषित किये जाते है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
बिना कारण बताओ नोटिस के अर्थदंड अधिरोपित किया जाना
[परिवहन]
89. ( क्र. 979 ) श्री चैन सिंह वरकड़े : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) को यह अधिकार है कि वह किसी निजी बस ऑपरेटर को बिना कोई कारण बताओ नोटिस जारी किए या प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत (Principles of Natural Justice) का पालन किए बिना सीधे अर्थदंड/शास्ति (Penalty) का आदेश जारी कर सकते है? (ख) यदि हाँ, तो मोटर यान अधिनियम (Motor Vehicles Act) या मध्यप्रदेश मोटर यान कराधान अधिनियम की किस विशिष्ट धारा अथवा नियम के तहत यह शक्ति प्रदान की गई है? उस विधि/अधिनियम की जानकारी दें। (ग) यदि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, तो बिना पूर्व सूचना या सुनवाई का अवसर दिए सीधे पेनल्टी लगाना क्या पूर्णतः असंवैधानिक और विधि-विरुद्ध (Illegal) नहीं है? (घ) आर.टी.ओ. भोपाल (RTO Bhopal) द्वारा संबंधित बस ऑपरेटर को पिछले 5 महीनों से लिखित मांग के बावजूद टैक्स त्रुटि का विवरण (Detailed Break-up/Justification) उपलब्ध न कराना और सीधे पेनल्टी वसूली (Penalty Recovery Order) का आदेश निकाल देना किस सीमा तक वैधानिक है? क्या कोई कानून आर.टी.ओ. भोपाल को इस प्रकार की एकतरफा शक्तियों का अधिकार देता है?
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) किसी भी बस ऑपरेटर को अपना पक्ष प्रस्तुत किये जाने का अवसर प्रदान करने हेतु नोटिस जारी करने के उपरांत ही अर्थदंड/पेनल्टी लगायी जाती है। ऐसा न करना पूर्ण: विधि-विरूद्ध (Illegal) है। (घ) वाहन स्वामी द्वारा उनके स्वामित्व के वाहन का मोटरयान कर का भुगतान वाहन के उपयोग के आधार पर ऑनलाइन माध्यम से किया जाता है। भुगतान किये जाने वाले कर की दर एवं राशि की जानकारी संबंधित वाहन स्वामी को रहती है। आर.टी.ओ. भोपाल द्वारा संबंधित बस ऑपरेटर को सुनवाई का अवसर दिये जाने के पश्चात ही कर का अवधारण किया जाकर बकाया राशि/पेनल्टी की वसूली का आदेश निकाला जाता है। उक्त संबंध में आ.टी.ओ. भोपाल द्वारा एकतरफा शक्तियों का प्रयोग न किये जाने से शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।
आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन निर्धारण
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
90. ( क्र. 984 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि खरगोन जिला अन्तर्गत स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति हेतु किस कंपनी को अधिकृत किया गया है? उक्त कंपनी किस आधार पर कर्मचारियों की नियुक्ती करेगा? कृपया उक्त प्रक्रिया की शासन द्वारा निर्धारित नियमावली उपलब्ध करायें तथा खरगोन जिले अन्तर्गत कितनी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति किस कार्य हेतु की गई है? नाम सहित विकासखण्डवार जानकारी उपलब्ध करायें तथा नियुक्त आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन निर्धारण क्या तय किया गया है? कृपया निर्धारित पदवार वेतन की जानकारी उपलब्ध करावें तथा उक्त नियुक्त कर्मचारियों को वेतन का भुगतान कब से लंबित है? भुगतान लंबित रहने का क्या कारण है तथा इसके लिए कौन दोषी है? क्या संबंधित दोषी व्यक्ति पर कोई कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ तो कब तक तथा नहीं तो क्या कारण है? उक्त कर्मचारियों का लंबित वेतन कब तक प्रदाय किया जायेगा?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : खरगोन जिला अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्स कर्मचारियों के नियोजन हेतु न्यू बुंदेलखण्ड सिक्युरिटी सर्विसेस इन्दौर, कामथेन सिक्युरिटी सर्विसेस इन्दौर एवं शिवोहम बुंदेलखण्ड सिक्युरिटी एण्ड लैबर सर्विस प्रा.लि. इन्दौर अनुबंधित है। अनुबंधित एजेन्सी द्वारा श्रम विभाग, म.प्र. शासन द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों हेतु निर्धारित श्रेणीवार योग्यता व मापदण्डों के निर्धारण के संबंध में समय-समय पर जारी दिशा-निर्देश के अनुक्रम में किया जाता है। प्रक्रिया की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। खरगोन जिले में स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत नियोजित आउटसोर्स कर्मचारियों की संख्या, कार्य प्रकार एवं निर्धारित मानदेय की नामवार, विकासखण्डवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। एजेन्सियों द्वारा समस्त आउटसोर्स कर्मियों का मानदेय भुगतान माह मई 2026 तक किया जा चुका है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
स्कूल संचालन हेतु नवीन भवन की स्वीकृति
[स्कूल शिक्षा]
91. ( क्र. 989 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत कितनी संख्या में स्कूल भवन क्षतिग्रस्त हैं? कृपया क्षतिग्रस्त शाला भवन की सूची विकासखण्डवार उपलब्ध करायें। (ख) विगत वर्ष एवं वर्तमान वित्तीय वर्ष में कितने भवनों की मरम्मत या नवीन स्वीकृति प्रदाय की गई है? कृपया विकासखण्डवार सूची एवं कार्य एजेन्सी की जानकारी उपलब्ध करायें तथा कितने भवन वर्तमान में क्षतिग्रस्त हैं, जो वर्तमान तक मरम्मत या नवीन भवन की स्वीकृति शेष है? कृपया सूची उपलब्ध करायें तथा यह भी बताएं की उक्त शेष भवनों की मरम्मत या नवीन भवन की स्वीकृती कब तक प्रदाय की जायेगी तथा उक्त क्षतिग्रस्त भवनों में स्कूल संचालन की व्यवस्था कैसे होगी?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) विधानासभा क्षेत्र भीकनगांव अंर्तगत शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं के क्षतिग्रस्त भवनों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 पर है। विभाग के क्षतिग्रस्त 8 शासकीय हाई स्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूलों की जानकारी निरंक है। अत: शेषांश उद्भूत नहीं होता। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 पर है। नवीन भवन से संबंधित जानकारी निरंक है। शेष क्षतिग्रस्त भवनों में स्कूल संचालन न किए जाने सबंधी निर्देश राज्य शिक्षा केन्द्र के पत्र क्रमांक 2367 भोपाल दिनांक 15.04.2026 एवं पत्र क्रमांक 3396 दिनांक 09.06.2026 द्वारा प्रदान किए गए हैं, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 पर है। स्वीकृति बजट की उपलब्धता पर निर्भर करेगी। समय -सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
भूमि का रोवर-मशीन से सीमांकन कराकर विधिक कार्यवाही
[राजस्व]
92. ( क्र. 993 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला तहसील कटनी के ग्राम झिंझरी एवं अमकुही के मध्य सरहदी नाला (झिंझरी खसरा-क्रमांक 292 के उत्तर तथा अमकुही खसरा-क्रमांक 285/5 के दक्षिण) की दूरी ग्राम झिंझरी के मिसल-नक्शा एवं चालू-शीट के अनुसार पुराने राष्ट्रीय-राजमार्ग क्रमांक-7 से कितनी है? वर्तमान में उक्त नाला भौतिक-रूप से कितनी दूरी पर है? उक्त सरहदी नाले को मूल-स्थिति से उत्तर दिशा में स्थानांतरित किया है। यदि हाँ, तो झिंझरी के मूल खसरा-क्रमांक 292 एवं उसके बटांक-खसरों का कितना रकबा बढ़ा है? उक्त अतिरिक्त-भूमि पर वर्तमान में किसका कब्जा है? (ख) यश-लॉजिस्टिक, अतीशा-कंस्ट्रक्शन, निधि पाठक द्वारा विगत 15 वर्षों में झिंझरी के मूल खसरा-क्रमांक 288, 289, 290, 292 एवं उनके बटांक-खसरों तथा अमकुही के मूल खसरा-क्रमांक 264, 285, 286, 287, 288 एवं उनके बटांक-खसरों में से कितनी भूमि किस-किस विक्रेता से कब-कब क्रय की? विक्रेताओं के नाम, रजिस्ट्री दिनांक, रकबा सहित विवरण देवें। उक्त संस्थाओं/व्यक्तियों द्वारा झिंझरी एवं अमकुही में कुल कितना रकबा पिछले 15 वर्षों में क्रय किया गया? (ग) उपरोक्त संस्थाएं/व्यक्ति केवल क्रय की गई भूमि पर ही काबिज हैं? यदि हाँ, तो संपूर्ण भूमि का रोवर-मशीन से सीमांकन कराकर सीमांकन प्रतिवेदन एवं फील्ड-बुक उपलब्ध करावें। यदि नहीं, तो अतिरिक्त कब्जे का रकबा बतावें तथा उसे हटाने हेतु क्या कार्यवाही की गई? (घ) उपरोक्त भूमि का रोवर-मशीन से सीमांकन नहीं कराया है, तो कब तक कराया जाएगा? अतिरिक्त कब्जा पाए जाने पर उसे कब तक हटाया जाएगा? सम्पूर्ण विवरण देवें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिला-तहसील कटनी के ग्राम झिंझरी एवं अमकुही के मध्य सरहदी नाला (झिंझरी खसरा-क्रमांक 292 के उत्तर तथा अमकुही खसरा-क्रमांक 285/5 के दक्षिण) की दूरी ग्राम झिंझरी के मिसल-नक्शा एवं चालू-शीट के अनुसार पुराने राष्ट्रीय-राजमार्ग क्रमांक-7 से लगभग 5 जरीब (100 मीटर) की दूरी पर है एवं नाले की भौतिक दूरी एवं स्थल रिपोर्ट के संबंध में वर्षाकाल उपरान्त सीमांओं का विनिश्चय सीमांकन उपरान्त हो सकेगा। (ख) यश-लॉजिस्टिक, अतीशा-कंस्ट्रक्शन, निधि पाठक द्वारा विगत 15 वर्षों में ग्राम झिंझरी के मूल खसरा-क्रमांक 288, 289, 290, 292 एवं उनके बटांक-खसरों में कुल 3.68 हेक्टेयर एवं अमकुही के मूल खसरा-क्रमांक 264, 285, 286, 287, 288 एवं उनके बटांक खसरों में कुल 11.82 हेक्टेयर भूमि का क्रय किया गया है। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) वर्षाकाल उपरांत रोवर-मशीन से सीमांकन कराकर विधिक कार्यवाही की जा सकेगी। (घ) जानकारी उत्तरांश 'क' एवं 'ग' अनुसार।
सर्व शिक्षा अभियान अंतर्गत सामग्री का क्रय
[स्कूल शिक्षा]
93. ( क्र. 1001 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्रमांक 1117, दिनांक 04/12/2025 के उत्तर में चर्चा के दौरान माननीय मंत्री जी ने जाँच हेतु कहा था? यदि हाँ, तो अब तक क्या जाँच व कार्यवाही हुई? दस्तावेजों सहित जानकारी दें। (ख) मंडला जिला अंतर्गत सर्व शिक्षा अभियान/जिला शिक्षा केंद्र द्वारा वर्ष 2025-26 से प्रश्न दिनांक तक विभिन्न छात्रावासों व स्कूलों हेतु कितने इंटरएक्टिव पैनल, डेस्कटॉप-कम्प्यूटर आदि का क्रय किया गया है? इस हेतु क्रय नियम प्रक्रिया व विभागीय मापदंड की जानकारी उपलब्ध कराएं। इस हेतु कब-कब निविदा जारी की गई एवं निरस्त की गई? निरस्त करने के क्या कारण रहे? प्रत्येकवार निविदा में कौन-कौन सी शर्तों में संशोधन किया गया और क्यों? निविदा स्वीकृत होने के बाद कार्य आदेश कब जारी किया गया? प्रति उपलब्ध कराएं। भुगतान कब, कितना और किसको किया गया? क्या भुगतान के पूर्व सामग्री का भौतिक सत्यापन कराया गया? क्या इलेक्ट्रॉनिक आइटम होने के कारण गुणवत्ता जाँच व मापदंड की जाँच तकनीकी विशेषज्ञ के द्वारा कराई जानी थी? क्या क्रय की गई समस्त सामग्री वर्तमान में समस्त निर्धारित छात्रावासों/स्कूलों में उपलब्ध है? क्या इस सम्पूर्ण क्रय व भुगतान प्रक्रिया की जाँच भोपाल स्तर से टीम गठन कर करवाई जाएगी? (ग) राज्य शिक्षा केंद्र के पत्र क्रमांक/राशिके/आईसीटी/2026-27/3093, दिनांक 18/05/26 के परिपालन में जिला परियोजना समन्वयक मंडला द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की प्रतियां उपलब्ध कराएं। जिस शिकायत के परिप्रेक्ष्य में यह पत्र जारी किया गया, उसकी प्रति उपलब्ध कराएं। जाँच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध कराएं।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। जाँच प्रचलन में है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''1'' अनुसार है। रा.शि.के. भोपाल से 3 सदस्यीय जांच समिति गठित कर 03 एवं 04 जुलाई 2026 को जांच कराई गयी है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''2'' अनुसार है। शिकायती पत्र जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''3'' अनुसार है। जांच प्रतिवेदन जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''4'' अनुसार है।
मंडला जिले में आशा प्रशिक्षण हेतु प्राप्त बजट
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
94. ( क्र. 1002 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मण्डला जिले में आशा प्रशिक्षण किस संस्था द्वारा एवं कब से कराया जा रहा है? आशा प्रशिक्षण हेतु बैचवार कितने बजट पिछले 2 वर्षों में प्राप्त हुआ है एवं किन-किन गतिविधि में व्यय किया गया है? (ख) आशा प्रशिक्षण की देखरेख किस अधिकारी को दी गई थी एवं अधिकारी द्वारा कब-कब प्रशिक्षण का निरीक्षण किया गया? क्या आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा गुणवत्ताहीन प्रशिक्षण के संबंध में शिकायत की गई थी, अगर की गई थी तो क्या कार्यवाही की गई है? (ग) आशा कार्यक्रम अंतर्गत किन-किन फर्मों से भोजन स्टेशनरी प्रिंटिग एवं सामग्री पिछले 2 वर्षों में क्रय की गई? नोटशीट, सत्यापित बिल, स्टॉक रजिस्टर एंट्री की प्रतियां उपलब्ध कराएं। (घ) मण्डला जिला अंतर्गत आशा प्रशिक्षण के लिए चिन्हित संस्था को कितना भुगतान किया गया एवं इनका अनुबंध व नवीनीकरण किन शर्तों में कब-कब किया गया है? (ड.) आशा कार्यकताओं के प्रशिक्षण के संबंध में कोई शिकायत प्राप्त हुई है, इसके लिए क्या संस्था को बदला जावेगा?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) मंडला जिले में आशा प्रशिक्षण परिवर्तन सेवा एवं शिक्षा समिति, भोपाल द्वारा वर्ष 2012-13 से कराया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में आशा प्रशिक्षण हेतु बैचवार प्राप्त/आवंटित बजट एवं व्यय की गयी राशि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ' अनुसार। (ख) आशा प्रशिक्षण की देखरेख की जिम्मेदारी जिला कम्युनिटी मोबिलाइजर को दी गयी है। बैचवार निरीक्षण का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब' अनुसार। जी नहीं, कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) आशा कार्यक्रम के अंतर्गत भोजन, स्टेशनरी क्रय नहीं किया जाता है। प्रिंटिंग एवं अन्य सामग्री (एच.बी.एन.सी. किट) क्रय की नोटशीट, सत्यापित बिल, स्टॉक रजिस्टर का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'स' अनुसार। (घ) मण्डला जिले के अंतर्गत आशा प्रशिक्षण के लिए चिन्हित संस्था को पिछले दो वर्षों में 37 बैच के लिए रू. 28, 42, 950/- भुगतान किया गया एवं इनके शर्तयुक्त अनुबंध की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'द' अनुसार। नवीनीकरण की दिनांकवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ई' अनुसार। (ड.) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
परिवहन आयुक्त कार्यालय की स्थापना
[परिवहन]
95. ( क्र. 1011 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश के गठन के समय परिवहन-आयुक्त कार्यालय ग्वालियर में स्थापित करने संबंधी आदेश/राजपत्र की प्रति उपलब्ध कराएं। (ख) ग्वालियर के अलावा अन्य स्थान संचालित शाखा/कैम्प कार्यालय की स्थापना आदेश, वहां पदस्थ अधिकारियों/कर्मचारियों के नाम और पदस्थापना आदेश सहित पिछले तीन वर्षों का विवरण दें। कर्मचारियों का वेतन किस कार्यालय से आवंटित होता है? यदि वे अन्य कार्यालयों में कार्यरत हैं, तो नगर, क्षतिपूर्ति भत्ता/गृह भाड़ा भत्ता दिया जाता है? पिछले 03 वर्षों की जानकारी दें। (ग) परिवहन-आयुक्त को किस ईयर-मार्क शासकीय आवास का आवंटन हुआ? क्या वे पिछले तीन वर्षों से वहाँ निवासरत हैं? पजेशन लेटर व वेतन से किराया कटौती का विवरण एवं आवंटित/अनुबंधित वाहनों के पिछले एक वर्ष की लॉगबुक और कटौत्रा की प्रति दें। (घ) क्या कार्यालय ग्वालियर से किसी अन्य नगर में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव है? क्या राज्य परिवहन प्राधिकरण का कार्यालय में भोपाल में स्थानांतरित किया गया है? यदि हाँ, तो आदेश और मंत्रि-परिषद् की मंजूरी की प्रति दें। (ड.) क्या अधिकारियों/कर्मचारियों के अटैचमेंट पर रोक है? ग्वालियर कार्यालय में जिन अधिकारियों/कर्मचारियों का अटैचमेंट मुख्यालय से भिन्न स्थानों पर है? उनके नाम, पदनाम और पिछले तीन वर्षों के अटैचमेंट आदेश दें। (च) परिवहन विभाग के उप-परिवहन आयुक्त, सहायक आर.टी.ओ., परिवहन निरीक्षक, उप निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक, आरक्षकों के पिछले दस वर्षों और पिछले 03 वर्षों में सेवानिवृत्त हुए कर्मियों के संपत्ति पत्रक दें। यदि सेवा में संपत्ति पत्रक नहीं दिए तो, विभाग द्वारा कृत कार्यवाही आदेश की प्रति दें।
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) से (च) जानकारी संकलित की जा रही है।
क्यू.सी.ओ. टेंडरिंग प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितता
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
96. ( क्र. 1012 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या हेल्थ कॉर्पोरेशन द्वारा चिकित्सा उपकरणों के क्रय हेतु जारी QCO (Quality Control Order) टेंडर्स में 'बजट आवंटन' और 'टेंडर वैलिडिटी पीरियड' के बीच वित्तीय मिसमैनेजमेंट है, जिसके कारण बजट आने तक टेंडर लैप्स हो जाते हैं और प्रोक्योरमेंट प्रक्रिया ठप हो जाती है? इस तकनीकी विफलता के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की जा रही है? (ख) क्या हेल्थ कॉर्पोरेशन द्वारा टेंडर स्पेसिफिकेशन्स में स्थापित प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर, मनमाने ढंग से चुनिंदा बिड्स में 'डेमो क्लॉज' लागू करने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं? यदि हाँ, तो नियमों को ताक पर रखने वाले इन अधिकारियों को कब तक निलंबित किया जाएगा? (ग) क्या राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) में वेंडर्स के वैध कमर्शियल इनवॉइस और लायबिलिटी भुगतान की फाइलें संबंधित विंग के अधिकारियों द्वारा विगत 18 महीनों (डेढ़ वर्ष) से अकारण लंबित रखी गई है? ऑनलाइन ट्रैकिंग पोर्टल के लाइव होने के बाद भी फाइलों को डंप रखने वाले इन दोषी अधिकारियों पर विभाग क्या प्रशासनिक कार्रवाई कर रहा है? (घ) शासन के नियमों व सेंट्रलाइज्ड प्रोक्योरमेंट गाइड-लाइंस का उल्लंघन करने वाले ऑनलाइन पोर्टल को निष्क्रिय रखने वाले और वेंडर्स का भुगतान रोकने वाले इन समस्त दोषी अधिकारियों के विरुद्ध विभाग द्वारा कब तक विभागीय जांच (DE) संस्थित कर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं। चिकित्सा उपकरणों की प्रदायगी हेतु मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPPHSCL) द्वारा संपादित दर/मात्रा अनुबंध के तारतम्य में स्थानीय आवश्यकता, प्रशिक्षित मानव संसाधन एवं बजट उपलब्धता के आधार पर राज्य एवं स्थानीय स्तर पर क्रयादेश जारी किए जाते हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) शिकायतें मिली हैं। विभाग में यदि किसी उपकरण का डेमो लिया जाना अपेक्षित होता है, तो इसका स्पष्ट उल्लेख संबंधित इन्डेंट फॉर्म में किया जाता है। इन्डेंट फॉर्म में डेमो का प्रावधान अंकित होने की स्थिति में ही संबंधित उपकरण का डेमो लेने की कार्यवाही नियमानुसार सुनिश्चित की जाती है। अतः स्थापित प्रोटोकॉल के उल्लंघन का प्रश्न नहीं उठता। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनी का निर्माण
[राजस्व]
97. ( क्र. 1013 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे किक्या मुरैना के अंतर्गत आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर ग्राम जरेरूआ के सामने धनेला पहुंच मार्ग पर नियमों को ताक पर रखकर, बिना किसी वैध अनुमति, डायवर्सन और बिना 'रेरा' (RERA) की अनुमति के कृषि भूमि पर भू-माफियाओं द्वारा अवैध रूप से कॉलोनी विकसित की जा रही है? क्या गंभीर विषय पर प्रश्नकर्ता द्वारा दिनांक 07-04-2026 को कलेक्टर एवं एस.डी.एम. मुरैना को पत्र क्रमांक 07/26 प्रेषित कर निष्पक्ष जांच एवं कार्यवाही हेतु अवगत कराया गया था? यदि हाँ, तो प्रश्नकर्ता के इस पत्र पर स्थानीय प्रशासन द्वारा आज दिनांक तक क्या ठोस कार्रवाई की गई है और की गई कार्रवाई से प्रश्नकर्ता को नियमानुसार कब तक अवगत कराया गया है? यदि अवगत नहीं कराया गया, तो क्यों? मैन रोड के किनारे धड़ल्ले से चल रहे इस अवैध निर्माण, भूखंडों के अवैध विभाजन और बिना रेरा पंजीकरण के चल रही खरीद-फरोख्त पर स्थानीय राजस्व अमले (पटवारी/आर.आई.) व संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही न करना क्या भू-माफियाओं को संरक्षण को प्रमाणित नहीं करता? शासन को करोड़ों के डायवर्सन शुल्क व राजस्व का चूना लगाने वाले तथा रेरा नियमों का खुलेआम उल्लंघन करने वाले इन दोषी भू-माफियाओं के अवैध निर्माण को ढहाने व प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की कार्रवाई कब तक की जाएगी? साथ ही, जिम्मेदार अधिकारियों को कब तक निलंबित किया जाएगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : जी नहीं। मुरैना के अंतर्गत आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर ग्राम जरेरूआ के सामने धनेला पहुंच मार्ग पर कृषि भूमि पर अवैध रूप से कॉलोनी विकसित नहीं की जा रही है। श्री दिनेश गुर्जर माननीय विधान सभा सदस्य द्वारा पत्र दिनांक 07.04.2026 से अवगत कराया गया था, जिसके अनुक्रम में तहसीलदार बामौर को जांच हेतु निर्देशित किया गया था। तहसीलदार के जांच प्रतिवेदन अनुसार वस्तुस्थिति इस प्रकार है :- (1) उक्त प्रश्न ग्राम धनेला तहसील बामौर के सर्वे क्रमांक 111, 112, 113, 114, 151, 152/1, 150, 138, 139 रकवा 0.23, 0.25, 0.11, 0.64, 0.05, 0.79, 0.33, 0.23 जो निजी स्वामित्व की भूमि है से संबंधित है। (2) उक्त भूमि को सहखातेदारों द्वारा आपसी विभाजन कर अपने-अपने अंश भाग को सुरक्षा की दृष्टि से सीमेंट के आर.सी.सी. प्रीकास्ट कंपाउण्ड वाल से बाउन्ड्रीवॉल कर घेरा गया है। बाउन्ड्रीवॉल के अन्तर्गत प्लॉटिंग जैसी कोई संरचना नहीं पाई गई। (3) उक्त सर्वे नम्बरान 111, 112, 151, 152/1 का कृषि भिन्न आशय (डायवर्सन) व्यपवर्तन की सूचना क्रमांक 22138566521 चालान क्रमांक 051/9999999/0029/02/25/086417 दिनांक 15.02.2025 से एवं सर्वे क. 113, 114, 138, 139, 150 का कृषि भिन्न आशय व्यपवर्तन की सूचना क्रमांक 22138563629 चालान क्र. 051/9999999/0029/ 02/25/086397 दिनांक 15.02.2025 से व्यपवर्तन हो चुका है। (4) उपरोक्त जांच प्रतिवेदन एवं वस्तुस्थिति से माननीय विधायक महोदय को कार्यालय के पत्र क्रमांक 1374 दिनांक 04.07.2026 से विधिवत अवगत कराया गया था। चूंकि अवैध रुप से कॉलोनी विकसित नहीं की जा रही है तथा प्रश्नाधीन भूमि का विधिवत व्यपवर्तन किया जाकर निर्धारित शुल्क जमा किया गया है, किसी पर कार्यवाही संबंधी शेष प्रश्नांश उद्भूत नहीं होता है।
व्यावसायिक प्रशिक्षकों/शिक्षकों हेतु वेतनमान एवं अन्य सुविधाओं का प्रदाय
[स्कूल शिक्षा]
98. ( क्र. 1019 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत शासकीय विद्यालयों में वी.टी.पी (आउटसोर्स) के कितने व्यवसायिक प्रशिक्षक/शिक्षक किस वर्ष से नियुक्त है? (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में उक्त व्यवसायिक प्रशिक्षकों/शिक्षकों को कितना वेतन/मानदेय दिया जा रहा है? (ग) नवीन व्यवसायिक शिक्षा प्रशिक्षक महासंघ जिला ग्वालियर द्वारा समय-समय पर अन्य राज्यों के समान (38, 000 से 42, 000 रूपये तक) वेतन दिये जाने की मांग की जाती रही है, संघ द्वारा विभिन्न स्तरों पर प्रस्तुत ज्ञापन पर वेतन बढ़ाये जाने के संबंध में शासन स्तर पर प्रस्ताव प्रचलित है? यदि हाँ, तो अब तक की गई कार्यवाही की जानकारी दी जावे। (घ) अन्य विभागों के आउटसोर्स कर्मचारियों की तरह व्यावसायिक प्रशिक्षकों को ई.पी.एफ., ई.एस.आई.सी., बीमा कवर आदि अन्य सुविधायें प्रदान किये जाने का प्रावधान है, एक प्रदेश में एक नीति तय किये जाने का निर्णय कब तक लिया जायेगा? समय-सीमा बताई जावे। यदि नहीं तो क्यों?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) वर्ष 2014-15 में वी.टी.पी. (वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोवाइडर/पार्टनर) के माध्यम से 50 विद्यालयों में 100 व्यावसायिक प्रशिक्षक कार्यरत थे एवं वर्तमान में 3367 विद्यालयों में 6505 व्यावसायिक प्रशिक्षक कार्यरत हैं। (ख) वर्तमान में ₹20000/- प्रतिमाह प्रति व्यावसायिक प्रशिक्षक मानदेय की दर से माह की उपस्थिति के आधार पर वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोवाइडर/पार्टनर को मानदेय की प्रतिपूर्ति की जा रही है। (ग) वी.टी.पी. के साथ निष्पादित अनुबंध के अनुसार वी.टी.पी. व्यावसायिक प्रशिक्षक के नियोक्ता होने के कारण इस संबंध में कोई प्रस्ताव प्रचलन में नहीं है। (घ) वी.टी.पी. के साथ निष्पादित अनुबंध अनुसार व्यावसायिक प्रशिक्षकों के पी.एफ.. ई.एस.आई.सी., टी.डी.एस. आदि का उत्तरदायित्व संबंधित वी.टी.पी. का है।
नामांतरण, बंटवारे, सीमांकन के प्रकरणों का निराकरण
[राजस्व]
99. ( क्र. 1021 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले की भितरवार विधानसभा क्षेत्र के राजस्व अनुभागों एवं तहसीलों में दिनांक 1 जनवरी 2026 से प्रश्न दिनांक तक नामांतरण, बंटवारे, सीमांकन के कितने प्रकरण प्राप्त हुए? तहसीलवार, माहवार, ग्रामवार, आवेदकों के नामवार जानकारी दें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) अवधि में प्रश्नांश में उल्लेखित प्रकरण स्थानीय जनप्रतिनिधियों/प्रश्नकर्ता द्वारा भी संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को निराकरण हेतु भेजे गए है? यदि हाँ, तो पत्रों की प्रति उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) अवधि में प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित माध्यमों से प्राप्त प्रकरणों में से कितने प्रकरणों को मान्य, अमान्य किया गया है, कितने प्रकरण किन कारणों से लंबित है, की प्रकरणवार जानकारी दें। क्या प्रकरणों के मान्य, अमान्य, लंबित रहने की सूचना देने, समय-सीमा में निराकरण करने के शासन के नियम निर्देश है? यदि हाँ, तो क्या? क्या प्रकरणों के निराकरण की जानकारी संबंधितों को दी गई है? यदि हाँ, तो पत्रों की प्रति उपलब्ध करावें। (घ) क्या प्रकरणों के निराकरण हेतु प्रश्नकर्ता द्वारा पत्र 578 दिनांक 11.5.2026 को जिला कलेक्टर ग्वालियर को लिखा गया है? यदि हाँ, तो पत्र की प्रति उपलब्ध करावें। पत्र के साथ प्रेषित प्रकरणों पर प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई है? कार्यवाही से अवगत करावें। यदि नहीं तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) ग्वालियर जिले के भितरवार विधानसभा क्षेत्र के तहसीलों में दिनांक 1 जनवरी 2026 से प्रश्न दिनांक तक नामांतऱण, बंटवारे एवं सीमांकन की जानकारी निम्नुसार है :-
|
घाटीगांव |
भितरवार |
चीनोर |
|||||||
|
मद |
प्राप्त आवेदन |
निराकृत |
शेष |
प्राप्त आवेदन |
निराकृत |
शेष |
प्राप्त आवेदन |
निराकृत |
शेष |
|
नामांतरण |
1641 |
1328 |
293 |
2399 |
1744 |
655 |
1137 |
533 |
604 |
|
बंटवारा |
138 |
97 |
41 |
177 |
86 |
91 |
174 |
69 |
105 |
|
सीमांकन |
414 |
336 |
78 |
217 |
172 |
45 |
142 |
118 |
24 |
तहसीलवार, माहवार, ग्रामवार आवेदकों की नामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'', ''ब'', ''स'' अनुसार। तहसील घाटीगांव, (अ) भितरवार (ब) चीनोर (स). (ख) जी नहीं। प्रश्नांश (क) अवधि में प्रश्नांश में उल्लेखित प्रकरण अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को निराकरण हेतु नहीं भेजे गये हैं। (ग) प्रश्नांश "क" अवधि में प्रश्नाश "ख" में उल्लेखित माध्यमों से कोई सूचीबद्ध प्रकरण अथवा आवेदन पत्रों के माध्यम से प्राप्त नहीं हुए हैं। शासन नियमों के तहत अविवादित नामांतरण की समय-सीमा 30 दिवस, अविवादित बंटवारा की समय-सीमा 90 दिवस एवं अविवादित सीमांकन की समय-सीमा 45 दिवस है। आर.सी.एम.एस. पोर्टल के माध्यम से आवेदक स्वयं अपने प्रकरण की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। (घ) जी हाँ पत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''द'' में है। कलेक्टर जिला ग्वालियर को भेजे गये पत्र के 578 दिनांक 11.5.26 के अनुक्रम में कार्यालय कलेक्टर जिला ग्वालियर के पत्र क्रमांक/जनप्रतिनिधि/2026/8190 ग्वालियर दिनांक 19.5.2026 को अनुविभागीय अधिकारी अनुभाग भितरवार, डबरा एवं घाटीगांव को प्राप्त शिकायतों के निराकरण हेतु पत्र भेजा गया। माननीय विधायक के पत्र क्रमांक 578 दिनांक 11.5.2026 से संलग्न पी.एच.ई., विद्युत, राजस्व एवं पंचायत विभाग की सूची प्राप्त हुई है, जिसमें 31 विषय विभाग से संबंधित है। तहसीलदार घाटीगांव से प्राप्त जानकारी अनुसार उनके द्वारा 14 शिकायतों एवं भितरवार से 09 शिकायतों पर कार्यवाही की गई है। शेष कार्यवाही प्रचलित है।
कार्यालय भवन एवं अधिकारियों एवं कर्मचारियों हेतु आवासीय भवनों के निर्माण
[राजस्व]
100. ( क्र. 1024 ) श्री भूपेन्द्र सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि खुरई विधानसभा क्षेत्र के मालथौन अनुविभाग अन्तर्गत अनुविभागीय कार्यालय भवन एवं अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार व स्टॉफ आवास की सुविधा प्रदान किये जाने हेतु विभाग की क्या योजना है? क्या भवन व आवास न होने से कार्य प्रभावित हो रहे हैं? उक्त कार्यालय भवन एवं आवास सुविधा कब तक प्रदान कर दी जावेगी?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय भवन मालथौन के निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक 08 सितम्बर, 2021 को जारी की गई तथा जनवरी, 2023 से कार्यालय नवीन भवन में संचालित है। अनुविभाग मालथौन के अंतर्गत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के आवासीय भवनों के निर्माण का प्रस्ताव कार्यालय कलेक्टर सागर द्वारा दिनांक 08.07.2026 को विभागाध्यक्ष कार्यालय आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन को उपलब्ध कराया गया है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं तहसील कार्यालय पूर्व से निर्मित भवन में संचालित हैं तथा शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिये आवासीय भवनों का प्रस्ताव कार्यालय कलेक्टर सागर से प्राप्त हो गया है। कार्यालय भवन उपलब्ध होने से उक्त सुविधा प्रदान करने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है तथा आवासीय भवनों की सुविधा प्रदान करने के लिये कार्यालय कलेक्टर सागर से प्राप्त प्रस्ताव पर नियमानुसार कार्यवाही के दृष्टिगत, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
बीना नदी परियोजना अंतर्गत निर्माणाधीन बांधों का अपूर्ण कार्य
[जल संसाधन]
101. ( क्र. 1027 ) श्री भूपेन्द्र सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर जिले की बहुप्रतीक्षित बीना नदी सिंचाई योजना अन्तर्गत निर्माणाधीन हनौता, चकरपुर व बंडा परियोजना के उल्दन बांध से संबंधित कौन-कौन से कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं एवं कौन-कौन से कार्य किन-किन कारणों से अभी तक अपूर्ण हैं? (ख) प्रश्नांश 'क' अनुसार बीना नदी परियोजना के कार्यों में बार-बार समय-सीमा वृद्धि के बाद भी बांध निर्माण कार्य बढ़ाया गया। समय-सीमा में भी पूर्ण न होने के क्या कारण है? निर्माणाधीन बांध अनुसार कब-कब तक क्षेत्र के किसानों एवं नागरिकों को योजना का लाभ प्रदान कर दिया जावेगा?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
शासन संधारित मंदिरों का जीर्णोद्धार
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
102. ( क्र. 1028 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कलेक्टर पन्ना द्वारा अपने पत्र क्रमांक 340 दिनांक 05 अगस्त 2025 द्वारा गुनौर विधानसभा अंतर्गत शासन संधारित श्री जगदीश मंदिर बिहरासर, श्री बिहारी जू मंदिर गढीपडरिया एवं बिहारी जू मंदिर जसवंतपुरा के जीर्णोद्धार के प्रस्ताव संचालक धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व सिंहस्थ मेला कोठी रोड उज्जैन को प्रेषित किये गये थे? इन प्रस्तावों के अनुसार राशि स्वीकृति के संबंध में शासन द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? इन प्रस्तावों की राशि शासन द्वारा कब तक स्वीकृत कर दी जावेगी? यदि नहीं तो क्यों? जानकारी दें। (ख) क्या कलेक्टर पन्ना द्वारा अपने पत्र क्रमांक 22 दिनांक 21 जनवारी 2026 द्वारा गुनौर विधानसभा गुनौर अंतर्गत शासन संधारित मंदिर श्री रामजानकी मंदिर अखाड़ा भिलसांय, श्री बिहारी जी/जगदीश स्वामी मंदिर हिनौती, श्री जगदीश स्वामी मंदिर हिनौती, श्री जगदीश स्वामी जी एवं हनुमान गढी मंदिर ककरहटी, श्री मदन गोपाल मंदिर द्वारी एवं श्री धनुषधारी मंदिर महेबा के जीर्णोद्धार के प्रस्ताव संचालक धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व सिंहस्थ मेला कोठी रोड उज्जैन को प्रेषित किया था? इन प्रस्तावों के अनुसार राशि स्वीकृति के संबंध में शासन द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? इन प्रस्तावों की राशि शासन द्वारा कब तक स्वीकृत कर दी जावेगी? यदि नहीं तो क्यों?
राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जी हाँ। प्रस्ताव अपूर्ण होकर स्वीकृति योग्य नहीं होने से पूर्ति हेतु पत्र दिनांक 25/06/2026 द्वारा कलेक्टर जिला पन्ना को लेख किया गया है। कार्य की गुणवत्ता एवं बजट की उपलब्धता के आधार पर राशि स्वीकृति की जाती है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। प्रस्ताव अपूर्ण होकर स्वीकृति योग्य नहीं होने से पूर्ति हेतु पत्र दिनांक 25/06/2026 द्वारा कलेक्टर जिला पन्ना को लेख किया गया है। कार्य की गुणवत्ता एवं बजट की उपलब्धता के आधार पर राशि स्वीकृति की जाती है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
निर्माण कार्यों की जांच
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
103. ( क्र. 1031 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्ना जिले की गुनौर विधानसभा के लिये स्वास्थ्य विभाग द्वारा वर्ष 2022 से प्रश्न दिनांक तक कितने निर्माण कार्य स्वीकृत किये गये हैं? कितने निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा कितने प्रगतिरत हैं तथा कितने अपूर्ण हैं? प्रत्येक निर्माण कार्य का नाम, कार्य का स्थान, प्रशासनिक आदेश जारी होने का दिनांक, कार्य की लागत, कार्य पूर्ण करने का निर्धारित दिनांक, कार्य पूर्ण होने का वास्तविक दिनांक, संबंधित एजेंसी/ठेकेदार का नाम एवं उन्हें भुगतान की गई राशि के ब्यौरे सहित जानकारी देवें। क्या इनके भूमि पूजन व लोकार्पाण में जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाता है? यदि नहीं तो क्यों? (ख) क्या प्रश्नांश (क) में उल्लिखित सभी निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण कर लिये गये हैं? यदि नहीं तो इसके लिये दोषियों पर क्या कार्यवाही की गई है? (ग) जिले के किन-किन तकनीकी अधिकारियों ने प्रश्नांश (क) से संबंधित निर्माण कार्यों का किन-किन अवधियों में निरीक्षण किया? निरीक्षण के जांच प्रतिवेदनों में क्या कार्यवाही की गई? निरीक्षण करने में शासन की कितनी राशि का व्यय हुआ? दिनांकवार व्यय का विवरण उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्नांश (क) से संबंधित निर्माण कार्यों के लिये विभाग से कोई निर्धारित कार्यक्रम है, जिसके अनुसार जांच किया जाना आवश्यक है? यदि हाँ, तो क्या उन नियमों के अनुसार निर्धारित जांच की गई है तथा जांच उपरांत दोषियों पर कार्यवाही भी की गई है? यदि नहीं, तो दोषियों के विरुद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) गुनौर विधानसभा में वर्ष 2022 प्रश्न दिनांक तक 17 निर्माण कार्य स्वीकृत हुये थे। सभी 17 कार्य पूर्ण हो चुके है, कोई भी कार्य प्रगतिरत एवं अपूर्ण नहीं है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। जी हाँ। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं होने पर अनुबंध की धाराओं/शर्तों के अधीन ठेकेदार पर शास्ती अधिरोपित की जाती है, जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। कार्य के निरीक्षण के दौरान संविदाकार को स्थल पर दिशा-निर्देश दिये जाकर कार्यवाही सुनिश्चित की जाती है। म.प्र. वित्त विभाग के परिपत्र अनुसार शासकीय एवं अनुबंधित वाहन से भ्रमण एवं निरीक्षण किया जाता है, निरीक्षण पर कोई अतिरिक्त राशि व्यय नहीं की जाती है। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। म.प्र. शासन लोक निर्माण विभाग की कार्य नियमावली अनुसार कार्यक्रम निर्धारित किया जाता है, शिकायत प्राप्त होने पर जांच की कार्यवाही की जाती है। प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
नियोजन प्रक्रिया की जानकारी
[स्कूल शिक्षा]
104. ( क्र. 1032 ) श्री मधु भगत : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अतारांकित प्रश्न क्रमांक 871, दिनांक 19/02/2026 के जवाब में अनुदेशकों/पर्यवेक्षकों की भर्ती नहीं की गई बताया गया है, जबकि दिनांक 01/05/2025 एवं 27/06/2025 को जारी आदेश द्वारा तत्कालीन अनुदेशकों/पर्यवेक्षकों का संविदा शाला शिक्षक वर्ग-3 के पद पर नियोजन किया गया है? (ख) इसके पूर्व अनुदेशक/पर्यवेक्षक अपनी सेवा जिले के किस स्कूल में दे रहे थे? दिनांकवार जानकारी उपलब्ध करावें। साथ ही अनुदेशक/पर्यवेक्षक स्थायी कर्मचारी थे या अस्थायी कर्मचारी हैं, तो विभाग द्वारा नियोजन प्रक्रिया को अधिकारिक भाषा में क्या कहा जाता है? जानकारी दें। उक्त संबंध में की गई नियोजन प्रक्रिया में शासन के क्या नियम/निर्देश थे? समस्त नियम निर्देशों की प्रति उपलब्ध करावें एवं बालाघाट जिले में कितने अनुदेशकों/पर्यवेक्षकों का संविदा शाला शिक्षक वर्ग-3 के पद पर नियोजन किया गया है? सूची के साथ-साथ मूल निवासी प्रमाण-पत्र उपलब्ध करावें। (ग) बालाघाट में किये गये अनुदेशक/पर्यवेक्षक का संविदा शाला शिक्षक वर्ग-3 में नियोजन के साक्षात्कार जिले के किस विभाग में किस अधिकारी द्वारा लिया गया एवं साक्षात्कार में कितने अनुदेशकों की उपस्थिति प्राप्त हुई? सूची सहित उपलब्ध करावें एवं साक्षात्कार देने वाले अनुदेशक/पर्यवेक्षक जिले के किस ग्राम के निवासी हैं? अनुदेशकों/पर्यवेक्षकों की पृथक-पृथक सूची उपलब्ध करावें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। अनुदेशक एवं पर्यवेक्षकों की भर्ती नहीं की गई। अपितु आदेश दिनांक 1/05/2025 एवं 27/06/2026 के माध्यम से तत्कालीन अनुदेशक/पर्यवेक्षक का संविदा शाला शिक्षक वर्ग 3 के पद पर नियोजन किया गया। (ख) अनुदेशक एवं पर्यवेक्षक अपनी सेवा किसी स्कूल में नहीं दे रहे थे। अपितु इनकी सेवाएं औपाचारिकेत्तर शिक्षा केन्द्र में अस्थायी रूप से थी। नियोजन की प्रक्रिया अर्थात नियुक्ति है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''1'' अनुसार। प्रश्नांश ''क'' के अनुक्रम में बालाघाट जिले में कुल 75 अनुदेशक/पर्यवेक्षकों का नियोजन किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''2'' अनुसार। (ग) अनुदेशक/पर्यवेक्षकों का संविदा शाला शिक्षक वर्ग-3 के पद में नियोजन हेतु साक्षात्कार का प्रावधान नहीं है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
जिला स्टोर कार्यालय द्वारा क्रय की गई सामग्री की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
105. ( क्र. 1034 ) श्री मधु भगत : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय टीकमगढ़ अंतर्गत आने वाले जिला स्टोर कार्यालय द्वारा 1 अप्रैल 2020 से दिनांक 30 मार्च 2026 तक, स्टेशनरी, प्रिंटिंग सामग्री, दवाईयाँ, स्वास्थ्य उपकरण एवं अन्य सहित प्रचार प्रसार सामग्री क्रय करने हेतु जारी किए गए निविदा आदेशों, समाचार पत्रों में प्रकाशित विज्ञापन एवं सामग्री क्रय हेतु शासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों/नियमावली की छायाप्रतियां प्रदान करें। (ख) उक्त टेंडर प्रक्रिया के पश्चात टेंडर प्राप्त फर्म/संस्था/दुकान/व्यक्ति को दिए गए क्रय आदेश पत्रों एवं अनुबंध पत्रों एवं संस्था/फर्म द्वारा प्रेषित सामग्री की सत्यापित सूची एवं पावती सहित जानकारी प्रदान करें। (ग) उक्त सामग्री क्रय करने हेतु संबंधित फर्म/संस्था द्वारा प्रस्तुत किए गए बिल वाउचरों की एवं विभाग द्वारा भुगतान की गई राशि के भुगतान वाउचरों की जानकारी उपलब्ध करायें। (घ) टेंडर प्राप्त करने वाली फर्म/संस्था के दस्तावेजों (फर्म/संस्था रजिस्ट्रेशन, जी.एस.टी. रजिस्ट्रेशन, 3 साल की ऑडिट रिपोर्ट सहित सभी आवश्यक दस्तावेजों) का विवरण बतावें। (ड.) उक्त क्रय की गई सामग्री का वितरण कहाँ-कहाँ किया गया? संबंधित केंद्रों से प्राप्त मांग पत्रों एवं भेजी गई सामग्री की पावती दस्तावेज एवं सामग्री वितरण रजिस्टर की छायाप्रतियां उपलब्ध करवाई जाएं।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
106. ( क्र. 1036 ) श्री संतोष वरकड़े : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिहोरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सिविल अस्पताल सिहोरा एवं अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में डॉक्टर विशेषज्ञों जैसे स्त्री रोग, शिशु रोग व एनेस्थीसिया विशेषज्ञ और पैरामैडिकल स्टाफ के कुल कितने पद स्वीकृत हैं? उनमें से कितने पद वर्तमान में भरे हैं और कितने पद रिक्त हैं? (ख) रिक्त पदों पर नियुक्ति की समय-सीमा से अवगत करावें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) "पदपूर्ति" एक निरंतर प्रक्रिया है, निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
राजस्व प्रकरणों का निराकरण
[राजस्व]
107. ( क्र. 1039 ) श्री संतोष वरकड़े : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नाम त्रुटि एवं नक्शा त्रुटि सुधार हेतु कितने प्रकरण पंजीबद्ध हैं? तहसील स्तर पर कितने प्रकरण निराकृत हुए एवं कितने लंबित है? (ख) क्या नाम त्रुटि सुधार प्रक्रिया जटिल है? उपर्युक्त त्रुटियों के लिए कौन जिम्मेदार है, हितग्राही या विभाग? यदि विभाग जिम्मेदार है तो विभाग स्वयं संज्ञान लेकर उपरोक्त आवेदनों पर निराकरण क्यों नहीं करता?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) नाम त्रुटि, नक्शा त्रुटि सुधार हेतु तहसील स्तर पर निराकृत हुए एवं लंबित प्रकरणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 (यथा संशोधित 2018) की धारा के 115 के प्रावधान के तहत भू-अभिलेख के गलत या अशुद्ध? प्रविष्टि का शुद्धीकरण उप खण्ड अधिकारी स्वप्रेरणा से या यदि व्यथित व्यक्ति के आवेदन पर भू-अधिकार पुस्तिका तथा अधिकार अभिलेख को छोड़कर धारा 114 के अधीन तैयार किये गये भू-अभिलेखों में अप्राधिकृत प्रविष्टियों को सम्मिलित करते हुए गलत अशुद्ध प्रविष्टि को ऐसी जांच जैसी कि वह उचित समझे करने के पश्चात शुद्ध कर सकेगा और ऐसी शुद्धियां उसके द्वारा अभिप्रमाणित की जाएंगी परन्तु कलेक्टर की लिखित मंजूरी के बिना 05 वर्ष की कालावधि के पूर्व की किसी प्रविष्टि को शुद्ध करने की कार्यवाही प्रारम्भ नहीं की जायेगी। विभाग द्वारा समय-समय पर अभियान चलाकर भी आवेदनों का निराकरण किया जाता है।
जलाशय की नहरों का सुदृढ़ीकरण एवं लाइनिंग कार्य
[जल संसाधन]
108. ( क्र. 1043 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र बालाघाट अंतर्गत पाथरी लघु जलाशय की नहरों का सुदृढ़ीकरण एवं लाइनिंग कार्य की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति विभाग द्वारा कब तक कर दी जाएगी? उसकी राशि का आवंटन विभाग द्वारा कितने समय में किया जाएगा? समय-सीमा बतायें। (ख) बालाघाट विधानसभा अंतर्गत कितने जलाशय हैं? 10 वर्षों में कितने छोटे-बड़े जलाशयों का निर्माण हुआ? जानकारी सूची में देवें। निर्मित जलाशयों की जल भरण क्षमता क्या है तथा कितने हेक्टेयर में सिंचाई होती है? जलाशयवार बतायें। (ग) बालाघाट विधानसभा क्षेत्र में नहरों की मरम्मतीकरण के लिये क्या विभाग द्वारा प्रावधान किया गया है? यदि हाँ, तो नहरों का सुधार कब तक होगा? समय-सीमा बतायें। (घ) प्रश्नकर्ता द्वारा पाथरी लघु जलाशय की नहरों का सुदृढ़ीकरण एवं लाइनिंग कार्य के संबंध में विभाग को कितने पत्राचार किए गए? उन पत्राचार पर आज दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की गई? नस्ती आदेश एवं संपूर्ण अभिलेख उपलब्ध कराएं।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) पाथरी जलाशय की नहरों का सुदृढ़ीकरण एवं लाइनिंग कार्य की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति का कोई प्रस्ताव विभाग में प्रचलित नहीं है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जलाशयवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के ''प्रपत्र-अ'' अनुसार है। (ग) जी हाँ। पाथरी जलाशय की नहरों एवं फीडर नहर के मरम्मत कार्य हेतु विशेष मरम्मत अंतर्गत राशि रू. 30.72 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक 11.06.2026 को प्रदान की जा चुकी है। कार्य हेतु निविदा की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। पाथरी जलाशय की नहरों के लाइनिंग कार्य हेतु राशि रू. 270.37 लाख का प्रस्ताव सुधार, सुदृढ़ीकरण, पुर्नरूद्धार (आर.आर.आर.) के अंतर्गत प्रस्ताव तैयार किया जाना प्रतिवेदित है। राज्य स्तरीय स्वीकृति उपरांत भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात कार्यों को कराया जाना संभव हो सकेगा। वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) वांछित पत्राचार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के ''प्रपत्र-1'' के अनुसार है।
संजय सरोवर परियोजना की नहरों का रख-रखाव एवं मरम्मत कार्य
[जल संसाधन]
109. ( क्र. 1044 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले की केवलारी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत संजय सरोवर परियोजना की मुख्य एवं वितरण नहरों की कुल लंबाई कितनी है तथा वर्तमान में कितनी नहरें क्षतिग्रस्त अथवा मरम्मत योग्य स्थिति में हैं? (ख) वर्ष 2021 से प्रश्न दिनांक तक नहरों के रख-रखाव, मरम्मत, लाइनिंग एवं सफाई कार्यों हेतु कितनी राशि स्वीकृत, आवंटित एवं व्यय की गई है? कार्यवार जानकारी दें। (ग) क्या कई स्थानों पर नहरों के क्षतिग्रस्त होने, रिसाव एवं गाद भराव के कारण किसानों को पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है? यदि हाँ, तो प्राप्त शिकायतों एवं उन पर की गई कार्रवाई का विवरण दें। (घ) नहरों के सुदृढ़ीकरण, मरम्मत एवं नियमित रख-रखाव हेतु वर्तमान में कौन-कौन से कार्य प्रस्तावित अथवा स्वीकृत हैं? उनकी लागत, समय-सीमा एवं संभावित पूर्णता तिथि क्या है?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''अ'' अनुसार है। परियोजना की नहरें 40 वर्ष पुरानी कच्ची नहर है। प्रतिवर्ष नहरें क्षतिग्रस्त होती हैं, जिनका आवश्यक मरम्मत कार्य कराकर कृषकों को आवश्यकता अनुसार पानी उपलब्ध कराया जाता है। नहरों की लाइनिंग कार्य ई.आर.एम. मद अंतर्गत प्रस्तावित है। भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त होने पर नहरों का लाइनिंग कार्य कराया जाना संभव हो सकेगा। (ख) विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''ब'' एवं ''स'' अनुसार है। (ग) विभाग द्वारा वार्षिक अनुरक्षण मद अन्तर्गत प्राप्त राशि से नहरों के क्षतिग्रस्त होने, रिसाव एवं गाद, भराव का कार्य कराकर किसानों को पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध कराया जाना प्रतिवेदित है। वर्तमान में नहर सुधार संबंधी कोई शिकायत नहीं प्राप्त होना प्रतिवेदित है। (घ) नहरों के सुदृढ़ीकरण, मरम्मत एवं नियमित रख-रखाव हेतु की गई कार्यवाही अनुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''द'' एवं ''इ'' अनुसार है।
शासकीय विद्यालयों में कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टरों की नियुक्ति
[स्कूल शिक्षा]
110. ( क्र. 1045 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्य के शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में वर्तमान में कितने कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर कार्यरत हैं? जिलेवार एवं विकासखंडवार विवरण दें। इनमें से कितने नियमित, संविदा, आउटसोर्स एजेंसी अथवा अन्य व्यवस्था के अंतर्गत कार्यरत हैं। (ख) क्या कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टरों से उनके मूल कार्य के अतिरिक्त अन्य प्रशासनिक अथवा गैर-शैक्षणिक कार्य कराए जा रहे हैं? यदि हाँ, तो उनके लिए निर्धारित मानदेय कितना है तथा क्या यह राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन मानकों के अनुरूप है? (ग) विगत तीन वर्षों में कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टरों के मानदेय भुगतान में विलंब के कितने प्रकरण सामने आए हैं? जिलावार विवरण एवं संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की जानकारी दें। (घ) क्या शासन द्वारा कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टरों के पदों के नियमितीकरण, सेवा सुरक्षा, आरक्षण लाभ, आयु सीमा में छूट अथवा भविष्य की भर्ती प्रक्रियाओं में प्राथमिकता प्रदान करने संबंधी कोई प्रस्ताव विचाराधीन है? यदि हाँ, तो उसका वर्तमान स्थिति सहित विवरण दें। (ड.) राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के शासकीय विद्यालयों में इंटरनेट/ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने हेतु क्या कार्यवाही की गई है? वर्तमान में कितने विद्यालयों में यह सुविधा उपलब्ध है तथा शेष विद्यालयों में इसे कब तक उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) शैक्षणिक सत्र 2025-26 में शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी विद्यालयों में विद्यालयों में 3135 कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर कार्यरत थे। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। इन्हें प्रोजेक्ट आउटसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (POMS) के तहत रखा गया था। (ख) जी नहीं। शेषांश प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। भुगतान समय पर किया जाता है। शेषांश प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। शेषांश प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के द्वारा इंटरनेट प्रदाय की जाने की व्यवस्था प्रक्रियाधीन है। वर्तमान में कुल 4638 विद्यालयों में यह उपलब्ध है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।
सिंचाई परियोजनाओं की जानकारी
[जल संसाधन]
111. ( क्र. 1049 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या लटेरी-सेमरखेड़ी तीर्थ क्षेत्र सिंचाई परियोजना, बरखेड़ा हरगन सिंचाई परियोजना (सिरोंज) एवं सेमरखेड़ी सिंचाई परियोजना (लटेरी) का निर्माण कार्य प्रगति पर है? यदि हाँ, तो परियोजनावार निर्धारित कार्य पूर्णता तिथि, वर्तमान प्रगति, संभावित पूर्णता समय-सीमा तथा कार्य एजेंसियों/ठेकेदारों को अब तक दिनांकवार किए गए भुगतान का विवरण उपलब्ध कराया जाए। (ख) उक्त परियोजनाओं से प्रभावित वन भूमि, उसके बदले उपलब्ध कराई गई राजस्व भूमि, वन विभाग को जमा की गई राशि, भूमि आधिपत्य प्रदान किए जाने की दिनांकवार जानकारी तथा शेष वन भूमि उपलब्ध कराने हेतु की गई कार्यवाही एवं संबंधित पत्राचार की प्रतिलिपियां उपलब्ध कराई जाएं। (ग) विकासखंड सिरोंज एवं लटेरी में 01.04.2023 से प्रश्न दिनांक तक लघु सिंचाई तालाब, नहर, स्टॉप डैम, बैराज एवं अन्य सिंचाई संरचनाओं के निर्माण, रख-रखाव, मरम्मत एवं संधारण हेतु स्वीकृत राशि, स्वीकृति आदेशों की प्रतिलिपियां तथा कार्य एजेंसियों/व्यक्तियों को किए गए भुगतान का विवरण उपलब्ध कराया जाए। (घ) विकासखंड सिरोंज एवं लटेरी की प्रस्तावित सिंचाई परियोजनाओं का विवरण, तकनीकी एवं आर्थिक दृष्टि से साध्य/असाध्य स्थिति, स्वीकृति हेतु की गई कार्यवाही तथा संबंधित पत्राचार एवं अभिलेखों की प्रतिलिपियां उपलब्ध कराई जाएं। (ड.) 01.04.2024 से प्रश्न दिनांक तक प्रश्नकर्ता द्वारा अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं प्रमुख अभियंता को प्रेषित पत्रों पर प्राप्त पत्राचार, पत्र-पावती, की गई कार्यवाही, प्रश्नकर्ता को दी गई सूचना तथा संबंधित अभिलेखों की प्रतिलिपियां उपलब्ध कराई जाएं।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के "प्रपत्र-अ" अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के "प्रपत्र-ब" अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के "प्रपत्र-स" एवं "द" अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के "प्रपत्र-ई" अनुसार है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के "प्रपत्र-1" अनुसार है।
निर्धारित मापदंड अनुरूप निजी चिकित्सालय एवं नर्सिंग कॉलेज का संचालन
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
112. ( क्र. 1052 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल उत्तर विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत कहाँ-कहाँ पर निजी चिकित्सालय/नर्सिंग कॉलेज किस-किस नाम से कब-कब से संचालित है? इनके संचालक/मालिकों के नाम, पते सहित सूची दें। (ख) उक्त निजी चिकित्सालय/नर्सिंग कॉलेज खोलने के क्या-क्या मापदण्ड/नियम/शर्तें है? (ग) क्या यह सही है, कि उक्त संचालित निजी चिकित्सालयों/नर्सिंग कॉलेज में निर्धारित मापदण्डों/नियम/शर्तों का पालन नहीं किया जाकर उल्लंघन किया जा रहा है? यदि हाँ, तो विभाग के द्वारा निर्धारित मापदण्ड के विरूद्ध संचालित निजी चिकित्सालयों/नर्सिंग कॉलेज में संचालकों के विरूद्ध अब तक क्या-क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं तो क्यों? (घ) प्रश्नांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में किन-किन निजी चिकित्सालयों/नर्सिंग कॉलेज में निर्धारित मापदण्ड के अनुसार सर्वसुविधायुक्त व्यवस्था है एवं किन-किन में नहीं है? उनकी सूची दें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) भोपाल उत्तर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वॉर्ड क्रमांक 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14, 15, 16, 17, 18 में संचालित निजी चिकित्सालयों के संचालक/मालिकों के नाम व पता सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। निजी नर्सिंग कॉलेज के संचालक के नाम व पता सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (ख) निजी चिकित्सालय का संचालन संबंधी विनियामक अधिनियम एवं नियम की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। निजी नर्सिंग कॉलेज के संचालन हेतु लागू मापदण्ड, नियम एवं शर्तों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार है। (ग) निजी चिकित्सालय/नर्सिंग कॉलेज में स्थित सुविधाओं का निरीक्षण पंजीयन के समय किया जाता है। विभाग को निर्धारित मापदंड न होने की शिकायत इस वर्ष नहीं मिली है, अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी उत्तरांश (ग) अनुसार।
नियम विपरीत नियुक्ति पर कार्यवाही
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
113. ( क्र. 1054 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या संचालनालय लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मध्यप्रदेश के आदेश क्रं./शिका/सेल-4/विभा. जांच-भिण्ड-ग्वालियर/2025/471, भोपाल दिनांक 4/3/2025 डॉ. शर्मा के विरूद्ध संस्थित विभागीय जांच एक माह की समयावधि में अनिवार्य रूप से आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा को प्रस्तुत करना सुनिश्चित था? यदि हाँ, तो उक्त जांच प्रतिवेदन पर क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं तो क्यों? जांच प्रतिवेदन की प्रति दें। (ख) क्या सिविल अस्पताल लहार जिला भिण्ड में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. विजय शर्मा 3 बच्चे होने के बाद भी अवैध रूप से सेवारत हैं। (ग) यदि हाँ, तो विभागीय जांच में प्रमाणित होने के उपरान्त भी विभागीय अधिकारी अवैध रूप से सेवा में रखकर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचा रहे हैं? यदि नहीं तो डॉ. शर्मा के नियम विपरीत नियुक्ति प्राप्त करने के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं तो कार्यवाही न किये जाने के कारण व समयावधि बतावें। (घ) प्रश्न दिनांक तक डॉ. विजय शर्मा के विरूद्ध कब-कब विधानसभा में किन-किन माननीय विधायक महोदयों द्वारा प्रश्न लगाकर कार्यवाही की मांग की गई? कार्यवाही दिनांक सहित बतावें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। विभागीय जांचकर्ता अधिकारी से डॉ. विजय कुमार शर्मा के विरूद्ध संस्थित विभागीय जांच का जांच प्रतिवेदन, उनके ज्ञाप क्रमांक./शिका./14417-21 भिण्ड दिनांक 03.07.2026 द्वारा प्राप्त होने पर, प्राप्त जांच प्रतिवेदन की छायाप्रति, संचालनालय के ज्ञाप क्रमांक 1305 दिनांक 09.07.2026 द्वारा नियमानुसार डॉ. विजय कुमार शर्मा की ओर संलग्न प्रेषित कर, प्राप्त जांच प्रतिवेदन पर उनका अभ्यावेदन चाहा गया है। विभागीय जांच प्रतिवेदन पर संबंधित से चाहा गया अभ्यावेदन प्राप्त होने पर गुण-दोष के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही संभव है। उक्त के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जांच प्रतिवेदन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी उत्तरांश (क) अनुसार। (ग) जानकारी उत्तरांश (क) अनुसार, नियमानुसार अर्द्ध न्यायिक प्रक्रिया होने से समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है।
आउटसोर्स कर्मचारियों को वेतन का भुगतान
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
114. ( क्र. 1056 ) श्री हजारीलाल दांगी : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला राजगढ़ अन्तर्गत स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्स एजेंसियों ने कर्मचारियों को प्रश्न दिनांक तक वेतन भुगतान नहीं किया गया है? भुगतान नहीं करने का क्या कारण है? जानकारी उपलब्ध करायें। क्या विभाग द्वारा आउटसोर्स एजेंसियों को भुगतान कर दिया है, तो किस-किस माह का व कितना-कितना किया तथा कितने माह का बकाया है? जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्स के माध्यम से रखे गये कर्मचारियों को भुगतान करने के क्या नियम हैं? क्या मानदेय भुगतान नहीं करना शासन नियमों का उल्लंघन है? इसमें कौन-कौन अधिकारी-कर्मचारी दोषी हैं? इन आउटसोर्स कर्मचारियों का भुगतान कब तक कर दिया जायेगा एवं दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? (ग) क्या आउटसोर्स एजेंसियों के बिल भुगतान उपरान्त भी संबंधित कर्मचारियों को भुगतान नहीं किया गया है? यदि हाँ, तो इन आउटसोर्स एजेंसियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी और कब तक की जावेगी? समय-सीमा बतायें। (घ) वर्ल्ड क्लास आउटसोर्स एजेंसी द्वारा लगभग 8-10 माह से कर्मचारियों का भुगतान नहीं किया है, जबकि विभाग द्वारा इनके बिल भुगतान कर दिये हैं? क्या कम्पनी टेंडर अनुबंध शर्तों का उल्लंघन कर रही है? कम्पनी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी एवं कब तक की जावेगी? बतायें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं, जिला राजगढ़ अन्तर्गत स्वास्थ्य विभाग में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत नियोजित आउटसोर्स कर्मियों को माह जून 2026 तक का भुगतान संबंधित एजेन्सी द्वारा किया जा चुका है तथा विभाग द्वारा संबंधित एजेन्सी को भी माह मई 2026 तक का भुगतान किया गया है। राज्य मद के अंतर्गत नियोजित सिक्युरिटी एवं सपोर्ट स्टाफ का भुगतान भी जून 2026 तक किया जा चुका है। मल्टी ग्रुप-डी आउटसोर्स कर्मियों हेतु अनुबंधित एजेन्सी सिग्मा इन्फोटेक भोपाल एवं मेसर्स वर्ल्ड क्लास सर्विसेस लि. इन्दौर द्वारा माह मार्च 2026 तक का भुगतान किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार संबंधित एजेन्सियों द्वारा समय पर भुगतान न किये जाने के दृष्टिगत उनको कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। (ख) स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्स के माध्यम से नियोजित कर्मचारियों को भुगतान श्रम विभाग म.प्र. शासन द्वारा निर्धारित श्रेणीवार योग्यता एवं मापदण्डों के आलोक में, म.प्र. भण्डार क्रय नियम 2015 (यथा संशोधित 2022) में निहित प्रावधान एवं म.प्र. वित्तीय अधिकार पुस्तिका के प्रदत्त अधिकार अनुसार किया जाता है। जी हाँ, भुगतान में विलम्ब हेतु दोषी एजेन्सी सिग्मा इन्फोटेक भोपाल एवं वर्ल्ड क्लास लि. इन्दौर के द्वारा मल्टी ग्रुप-डी कर्मचारियों का भुगतान न किये जाने के संबंध में उनको कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर अनुबंध निरस्तीकरण की कार्यवाही प्रारंभ की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। अनुबंध शर्तानुसार एजेन्सी द्वारा नियोजित कर्मिकों के मानदेय भुगतान किये जाने के पश्चात प्रस्तुत देयकों का नियमानुसार परीक्षण कर विभाग द्वारा भुगतान किया जाता है। जानकारी उत्तरांश ''ख'' में समाहित है। (घ) जी नहीं। जानकारी उत्तरांश ''ख'' एवं ''ग'' में समाहित है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का सिविल अस्पताल में उन्नयन
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
115. ( क्र. 1060 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा पूछे गए अतारांकित प्रश्न क्रमांक 2770 के उत्तर में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, कसरावद को मात्र 74.93 प्रतिशत बेड ऑक्यूपेंसी के आधार पर सिविल अस्पताल में उन्नयन हेतु अपात्र बताया गया है? यदि हाँ, तो जब अस्पताल में चिकित्सकों, विशेषज्ञों एवं पैरामेडिकल स्टाफ के अनेक पद लंबे समय से रिक्त हैं, तब कम बेड ऑक्यूपेंसी को उन्नयन में बाधक मानने का औचित्य क्या है? क्या यह तथ्य नहीं है कि पर्याप्त विशेषज्ञ एवं सुविधाएं उपलब्ध न होने के कारण मरीजों को जिला अस्पताल एवं इंदौर रेफर किया जाता है, जिससे बेड ऑक्यूपेंसी प्रभावित होती है? (ख) क्या प्रदेश में ऐसे स्वास्थ्य संस्थान हैं जिन्हें 80 प्रतिशत से कम बेड ऑक्यूपेंसी होने के बावजूद सिविल अस्पताल में उन्नयन का लाभ प्रदान किया गया है? यदि हाँ, तो उनका विवरण तथा कसरावद को इससे वंचित रखने के कारण क्या हैं? (ग) कसरावद सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के रिक्त पद कब तक भरे जाएंगे तथा इसका सिविल अस्पताल में उन्नयन कब तक किया जाएगा?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। ''पदपूर्ति'' एक निरंतर प्रक्रिया है, निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। रिक्त पद एवं सुविधाओं के अभाव में मरीजों को उनकी स्थिति अनुसार जिला चिकित्सालय खरगोन रेफर किया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) बेड आक्यूपेंसी दर के अतिरिक्त अन्य मापदण्डों के आधार पर संस्था का उन्नयन किया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) ''पदपूर्ति'' विभाग की एक निरंतर प्रक्रिया है। स्वास्थ्य केंद्रों का उन्नयन संसाधनों की उपलब्धता, जनसंख्या मापदंड, वर्तमान संस्था के उपयोग की स्थिति एवं उस क्षेत्र में उपलब्ध अन्य संस्थाओं के उपयोग की स्थिति आदि को देखते हुए प्राथमिकता निर्धारण के साथ किया जाता है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
स्वामित्व योजना 2022 अंतर्गत सर्वेक्षण कार्य
[राजस्व]
116. ( क्र. 1061 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग द्वारा स्वामित्व योजना के अंतर्गत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित आबादी भूमि के सीमांकन, अभिलेखीकरण एवं स्वामित्व अधिकार पत्र (प्रॉपर्टी कार्ड) जारी करने के उद्देश्य से ड्रोन तकनीक के माध्यम से सर्वेक्षण कार्य कराया गया है? (ख) यदि हाँ, तो योजनान्तर्गत कुल कितने जिलों का सर्वे किया जाना प्रस्तावित था? उनमें से कितने जिलों का पूर्ण, अपूर्ण एवं शेष है? विवरण दें। (ग) जिन जिलों में सर्वेक्षण कार्य अपूर्ण अथवा प्रारंभ नहीं हुआ है, उसके क्या कारण हैं? अपूर्ण एवं शेष जिलों में सर्वेक्षण कार्य पूर्ण किए जाने हेतु सरकार द्वारा क्या समय-सीमा निर्धारित की गई है? बताएं (घ) योजना अंतर्गत अब तक कितने स्वामित्व अधिकार पत्र (प्रॉपर्टी कार्ड) जारी किए जा चुके हैं तथा शेष पात्र हितग्राहियों को कब तक प्रदान किए जाने का लक्ष्य है? क्या रजिस्ट्रियों के नामांतरण हो पा रहे है? जानकारी दें। (ड.) योजना के क्रियान्वयन के दौरान प्राप्त आपत्तियों/विवादों के निराकरण हेतु क्या व्यवस्था की गई है एवं अब तक कितने प्रकरणों का निराकरण किया गया है?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ, संपूर्ण मध्यप्रदेश स्वामित्व योजना के अंतर्गत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित आबादी भूमि के सर्वेक्षण सर्वे ऑफ इंडिया के माध्यम से कराया गया है। स्वामित्व योजनान्तर्गत 55 जिलों का सर्वे किया गया है। (ख) कोई भी जिला शेष नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) स्वामित्व योजनान्तर्गत 28 जिलों में कार्य पूर्ण हो गया है, शेष जिलों में कार्य प्रगतिरत है। (घ) स्वामित्व योजनान्तर्गत लगभग 41586 आबादी ग्रामों में से 40855 आबादी ग्रामों में 68.47 लाख अधिकार पत्र (अधिकार अभिलेख) जारी किये जा चुके है। जिसमें 48.57 लाख निजी एवं 19.89 लाख शासकीय है। जी हाँ, रजिस्ट्रियों के नामांतरण हो रहे है। (ड.) MPLRC 1959 के प्रावधानों के अनुकूल प्राप्त आपत्तियों/विवादों का निराकरण किया जा रहा है।
प्रश्नकर्ता के पत्रों पर कार्यवाही
[स्कूल शिक्षा]
117. ( क्र. 1064 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक 172/2026 दिनांक 07/05/2026, पत्र क्रमांक 179/2026 दिनांक 07/05/2026, पत्र क्रमांक 246/2026 दिनांक 19/06/2026, पत्र क्रमांक 247/2026 दिनांक 19/06/2026, पत्र क्रमांक 248/2026 दिनांक 19/06/2026, पत्र क्रमांक 249/2026 दिनांक 19/06/2026, जिला परियोजना समन्वयक, जिला बड़वानी को लिखे गये थे? यदि हाँ, तो क्या प्रश्नकर्ता को संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करा दी गई है? यदि "नहीं" तो सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश क्र. F-19-76/2007/1/4 भोपाल दिनांक 22-03-2011 अनुसार संबंधित अधिकारी/कर्मचारी की जवाबदेही निर्धारित करते हुए उनके विरुद्ध कार्यवाही कब तक की जावेगी तथा जानकारी कब तक उपलब्ध करा दी जावेगी? (ख) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक 183/2026 दिनांक 13/05/2026 संचालक, राज्य शिक्षा केंद्र, भोपाल म.प्र. को लिखा गया था? यदि "हाँ" तो प्रश्नकर्ता को संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करा दी गई है? यदि "नहीं" तो सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश क्र. F-19-76/2007/1/4 भोपाल दिनांक 22-03-2011 अनुसार संबंधित अधिकारी/कर्मचारी की जवाबदेही निर्धारित करते हुए उनके विरुद्ध कार्यवाही कब तक की जावेगी तथा जानकारी कब तक उपलब्ध करा दी जावेगी?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''1'' अनुसार है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी हाँ। जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''2'' अनुसार है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
चेक पॉइंट सेंधवा पर व्याप्त अनियमितता एवं भ्रष्टाचार
[परिवहन]
118. ( क्र. 1065 ) श्री राजन मण्डलोई : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन को माह जुलाई 2024 से प्रश्न दिनांक तक जिला बड़वानी के सेंधवा परिवहन चेक पॉइंट पर वाहन चालकों/परिवहनकर्ताओं से अवैध वसूली, बिना रसीद के राशि लेने, ओवरलोड वाहनों को बिना जांच जाने देने एवं फर्जी एंट्री करने संबंधी शिकायतें किस-किस स्तर पर प्राप्त हुई? (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित अवधि में चेक पॉइंट से प्रश्न दिनांक तक कुल कितना राजस्व वसूल किया गया? क्या वसूला गया राजस्व निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप है? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या सेंधवा चेक पॉइंट पर CCTV कैमरे, वे-ब्रिज एवं ऑनलाइन एंट्री सिस्टम पूर्णतः क्रियाशील हैं? यदि नहीं, तो उपकरण खराब/बंद रहने की अवधि एवं इसके लिए उत्तरदायी अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की गई? (घ) सेंधवा चेक पॉइंट महाराष्ट्र सीमा से लगा होने के कारण अत्यधिक संवेदनशील है। वहां व्याप्त अनियमितताओं को रोकने, पारदर्शिता लाने एवं राजस्व हानि रोकने हेतु शासन द्वारा क्या-क्या स्थायी व्यवस्था की जा रही है? (ड.) बड़वानी जिले में मद क्रमांक 872 एवं 873 में जिला परिवहन अधिकारी की मिलीभगत के कारण वसूली नहीं किए जाने से विभाग का करोड़ों रुपया डूब रहा है, इस संबंध में शासन द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है?
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) अभिलेखानुसार परिवहन आयुक्त कार्यालय में शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जो पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) चेक पॉइंटों को पृथक से कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं है। शासन द्वारा परिवहन विभाग को राजस्व प्राप्ति हेतु लक्ष्य समग्र रूप से निर्धारित किया जाता है। चेक पॉइंट बड़वानी 1 व 2 के द्वारा प्रश्नांश ''क'' में वर्णित अवधि के दौरान चेक पॉइंट बड़वानी-1 के द्वारा राशि रूपये 206034150 एवं चेक पॉइंट बड़वानी-2 के द्वारा राशि रूपये 5336350 का राजस्व वसूला गया है, जो पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) परिवहन विभाग के अंतर्गत समस्त चेक पॉइंट स्थाई रूप से एक ही स्थान पर रहकर कार्य नहीं करते है। चेक पॉइंट हेतु निर्धारित राजमार्गों पर विभागीय अमले द्वारा विभिन्न स्थानों पर खडे होकर रैन्डम चैकिंग की जाती है। इस कारण सी.सी.टी.वी. कैमरे, वे-ब्रिज एवं ऑनलाइन एंट्री सिस्टम की जानकारी निरंक है। अतः शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (घ) किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी प्राप्त होने पर विभाग द्वारा नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। चैकिंग कार्य में पारदर्शिता एवं राजस्व हानि रोकने के लिये विभाग द्वारा प्रवर्तन अमले को बॉडीवार्न कैमरे तथा अन्य रोड सेफ्टी उपकरण प्रदाय किये गये हैं एवं चालानी कार्यवाही हेतु पी.ओ.एस. मशीन भी अमले को प्रदाय की गई है। (ड.) बड़वानी जिले में माह अप्रैल 2026 से प्रश्न दिनांक तक मद संख्या 872 में राशि रूपये 1, 04, 055/- एवं मद संख्या 873 में राशि रूपये 3, 50, 730/- वसूल की गई है। इसके अतिरिक्त समय-समय पर बकाया वाहन स्वामियों के विरूद्ध नोटिस जारी किये जाकर वसूली के प्रयास किये जाते हैं।
विभाग के अंतर्गत संचालित स्कूलों की जानकारी
[स्कूल शिक्षा]
119. ( क्र. 1074 ) डॉ. विक्रांत भूरिया : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में शासकीय विद्यालयों में वर्ष 2020-21 से 2026-27 जून तक, नियमित अध्यापकों की संख्या, वर्ग और जेंडर अनुसार, प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक तथा उच्चतर माध्यमिक अनुसार विस्तृत जानकारी प्रदान करें। (ख) प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में वर्ष 2020-21 से 2026- 27 तक कक्षा 1 से 5, 6 से 8, 9 से 10 तथा 11 से 12 में नामांकन वर्ग तथा जेंडर अनुसार, यूडाइस अथवा विभाग अनुसार बताएं। (ग) प्रदेश में "प्रतिभाशाली विद्यार्थी" प्रोत्साहन योजना में "प्रारंभ होने से वर्ष 2025-26" तक कितने प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि दी गई? इस मद में प्रति वर्ष कितना बजट का प्रावधान था तथा कितना खर्च किया गया है? (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में "व्यापम/कर्मचारी चयन मंडल" से 137 करोड़ तथा 297 करोड़ क्यों लिए गए? क्या विभाग के पास बजट राशि समाप्त हो गई थी? जानकारी दें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-01 अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-02 अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-03 अनुसार है। (घ) वित्तीय वर्ष 2022-23 में 137 करोड़ एवं वित्तीय वर्ष 2023-24 में 160 करोड़ कुल 297 करोड़ योजना अंतर्गत पर्याप्त आवंटन न होने से राशि प्राप्त की गई थी।
उप स्वास्थ्य केन्द्रों के निर्माण कार्य की अद्यतन स्थिति
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
120. ( क्र. 1076 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नागदा-खाचरोद विधानसभा क्षेत्र में निर्माणाधीन उप स्वास्थ्य केन्द्रों की प्रगति रिपोर्ट क्या है? (ख) बिरियाखेड़ी में स्वीकृत उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कार्य अभी तक प्रारंभ क्यों नहीं हुआ है? इसे कब तक प्रारंभ कर दिया जाएगा? (ग) लगभग सभी उप स्वास्थ्य केन्द्रों के निर्माण कार्य अपूर्ण है। कार्य अत्यधिक धीमी गति से चल रहा है। साथ ही गुणवत्तापूर्ण न होने की शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गई? (घ) नागदा-खाचरोद विधानसभा क्षेत्र में उप स्वास्थ्य केन्द्रों के निर्माण कार्य कब तक पूर्ण कर लिए जाएंगे?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) नागदा-खाचरोद विधानसभा क्षेत्र में निर्माणाधीन उप स्वास्थ्य केन्द्रों की प्रगति की अद्यतन स्थिति की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) ग्राम बिरियाखेड़ी में स्वीकृत उप स्वास्थ्य केन्द्र भवन के निर्माण हेतु उपयुक्त भूमि अनुपलब्ध रहने की स्थिति में प्रशासकीय स्वीकृति निरस्त की गई है। (ग) जी नहीं, अद्यतन कुल स्वीकृत 23 कार्यों में से 05 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, 06 भवन पूर्ण है एवं मात्र बाह्य विकास कार्य शेष है तथा 11 भवन अपूर्ण है। 01 कार्य उपयुक्त भूमि के अभाव में निरस्त। कार्यों के संबंध में प्राप्त शिकायतों को निराकृत किया जाकर गुणवत्तापूर्ण कार्य संपादित किए गए हैं। (घ) कार्यों की संभावित पूर्णता तिथि की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के कॉलम-8 अनुसार है।
अतिथि शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि
[स्कूल शिक्षा]
121. ( क्र. 1077 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश के अतिथि शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि वर्ष 2023 में की गई थी। तत्पश्चात आज दिनांक तक किसी भी प्रकार से अतिथि शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि नहीं की गई है। क्या महंगाई एवं अतिथि शिक्षकों के संगठनों के द्वारा की जा रही मांग को दृष्टिगत रखते हुए अतिथि शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि हेतु शासन कोई कार्यवाही करेगा? (ख) विगत सत्र 2025-26 में शासन द्वारा ऑनलाइन उपस्थिति लगाने की प्रक्रिया प्रारम्भ की गयी थी, जिसमें प्रारम्भिक दौर में तकनीकी समस्या के कारण ऑनलाइन उपस्थिति नहीं लगा पा रहे थे, किन्तु शाला उपस्थिति पंजी में सम्बंधित के द्वारा उपस्थिति दर्ज की गयी थी। ई.एस.आई. स्थिति में पूरे जिले भर के कुछ अतिथि शिक्षकों का 20 -25 दिन का वेतन शेष रहा है, जिसका भुगतान आज दिनांक तक नहीं हो पाया है जबकि सत्र समाप्त हो चुका है। शासन इस शेष भुगतान को करने की प्रक्रिया कब तक पूर्ण कर लेगा? बताने की कृपा करेंl
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। (ख) संचालनालय के निर्देश क्र/388 दिनांक 17/10/2025 के द्वारा ऐसे अतिथि शिक्षक जो किसी कारणवश जुलाई एवं अगस्त माह में किसी दिवस की ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं कर सके हैं, तो उनके लिए शाला प्रभारी संबंधित अतिथि शिक्षक की शाला में उपस्थिति पंजी के आधार पर, जानकारी ऑनलाइन करते हुए मानदेय भुगतान कर निराकरण के निर्देश दिये गये थे। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार।
ब्लड बैंक संचालन में अनियमितता
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
122. ( क्र. 1080 ) श्री विपीन जैन : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला चिकित्सालय और अन्य स्थानों पर ब्लड बैंक संचालन से संबंधित शासन प्रशासन की क्या नियमावली/निर्देश/सर्कुलर है? उसकी प्रति देवें। (ख) क्या ब्लड बैंक संचालन की नियमावली में शासकीय कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि प्रदाय करने के दिशा-निर्देश हैं? (ग) मंदसौर जिला चिकित्सालय में प्रोत्साहन राशि के रूप में कितने कर्मचारियों को कितनी कितनी राशि, कब-कब, किसके आदेश से, किसके कार्यकाल में प्रदाय की गई है? विवरण देवें। (घ) क्या शिकायतों के बाद राशि वसूली की जाने के आदेश जारी कर दिये गये है? यदि हाँ, तो बताएं कि कितने कर्मचारियों द्वारा रोगी कल्याण समिति में ब्याज सहित राशि जमा करवा दी गई है और कितनों के द्वारा नहीं कराई गई है? बताएं कि यह राशि कब तक जमा कर दी जाएगी? राशि जमा नहीं करवाने पर क्या उन्हें कोई स्मरण पत्र दिया गया है या नहीं? क्यों न यह राशि उनके वेतन में से जमा कराई जाए? (ड.) इस प्रकार का कार्य करने वाले उस समय के जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों पर क्या कार्यवाही शासन प्रशासन द्वारा की गई है? यदि नहीं तो बताएं कि कब तक कार्यवाही संबंधितों पर की जाएगी?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जिला चिकित्सालय और अन्य स्थानों पर ब्लड बैंक संचालन औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 एवं नियम, 1945 के नियम 122 शेड्यूल "एफ" में वर्णित शर्तों के अनुसार किया जाता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ख) जी नहीं। (ग) मंदसौर जिला चिकित्सालय में 61 चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को प्रदाय की गई प्रोत्साहन राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। माह अप्रैल 2016 से जनवरी 2025 तक की अवधि में निजी चिकित्सालयों के मरीजों को मंदसौर जिला चिकित्सालय ब्लड सेंटर से रक्त एवं कम्पोनेंट्स उपलब्ध कराने पर शासन द्वारा निर्धारित प्रोसेसिंग चार्जेस रोगी कल्याण समिति के खाते में जमा की गई राशि से ब्लड सेंटर में कार्यरत मानव संसाधन को तत्कालीन कलेक्टर एवं अध्यक्ष, रोगी कल्याण समिति मंदसौर से नोटशीट पर अनुमोदन प्राप्त कर प्रोत्साहन राशि दी गई है। उक्त अवधि में जिला चिकित्सालय में निम्नलिखित अधिकारी के कार्यकाल में प्रोत्साहन राशि प्रदाय की गई:- (1) सेवानिवृत्त डॉ. अधीर कुमार मिश्रा के कार्यकाल दिनांक 03/06/2015 से 24/06/2020 तक। (2) सेवानिवृत्त डॉ. अजय कुमार गुलाटी के कार्यकाल दिनांक 25/06/2020 से 28/02/2021 तक। (3) सेवानिवृत्त डॉ. दिनेश कुमार शर्मा के कार्यकाल दिनांक 06/03/2021 से 31/05/2025 तक। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब में समाहित है। कुल 61 चिकित्सकों एवं कर्मचारियों में से 12 चिकित्सकों/कर्मचारियों द्वारा राशि जमा करवा दी गई है। शेष 49 चिकित्सकों/कर्मचारियों से राशि प्राप्त करने हेतु कार्यालय सिविलि सर्जन सह सचिव जिला अस्पताल रोगी कल्याण समिति मंदसौर के स्मरण पत्र क्रमांक/रोकस/2026/2508 दिनांक 04.07.2026 को जारी किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार। प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) तत्समय के जिम्मेदार अधिकारियों के सेवानिवृत्त हो जाने से तथा अधिकांश भुगतान 4 वर्ष से अधिक पुराने होने से पेंशन नियमों के तहत कार्यवाही संभव नहीं है।
खेल प्रतियोगिता में हुई अनियमितता
[स्कूल शिक्षा]
123. ( क्र. 1081 ) श्री विपीन जैन : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2024 में मंदसौर में हुई 68वीं राष्ट्रीय हॉकी की स्पर्धा कब से कब तक संचालित की गई थी? इस प्रतियोगिता में कितने ऑफिशियल्स की सूची जारी की गई थी। कितने उपस्थित हुए, कितने अनुपस्थित रहे और कितनों को कितनी राशि का भुगतान किया गया? विवरण देवें। (ख) उक्त प्रतियोगिता के आयोजन में आवास, भोजन, सफाई, मेडिकल, आतिशबाजी, टेंट, पुरस्कार वितरण इत्यादि की व्यवस्था हेतु खर्च की क्या प्रक्रिया अपनाई गई थी? उपरोक्त अलग-अलग व्यवस्थाओं हेतु कितना भुगतान किस फर्म को किस नियम के आधार पर किया गया? जी.एस.टी. नंबर सहित प्रमाणित बिल की प्रति देवें। (ग) इस प्रतियोगिता में वित्तीय अनियमितता की शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिसमें अनियमितताओं को लेकर जांच प्रस्ताव तैयार किए गए थे। जांच प्रस्ताव में किस प्रकार की अनियमिताएं पाई गई हैं? सहायक संचालक उज्जैन स्तर से क्या कार्यवाही उक्त प्रतियोगिता में अनियमितताओं को लेकर की गई है? उसका संपूर्ण विवरण देवें। (घ) उक्त प्रतियोगिता के संचालन की जिम्मेदारी किन-किन अधिकारियों, कर्मचारियों पर थी? उसका विवरण देवें और बताएं कि संपूर्ण प्रतियोगिता के संचालन में कुल कितने रुपए की राशि खर्च हुई थी? (ड.) उक्त प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर आर.टी.आई. के तहत भी जानकारी मांगी गई थी। क्या उन्हें जानकारी उपलब्ध करा दी गई है? यदि हाँ, तो उसका विवरण दें और नहीं तो क्यों?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) वर्ष 2024 में मंदसौर में राष्ट्रीय हॉकी स्पर्धा दिनांक 9.12.2024 से 13.12.2024 तक आयोजित हुई। प्रतियोगिता में लोक शिक्षण संचालनालय से 28 तथा हॉकी के फेडरेशन मध्यप्रदेश से 21 कुल 49 ऑफिशियल्स की सूचियां जारी हुई थी, इनमें से 30 ऑफिशियल्स उपस्थित हुए थे एवं 19 अनुस्थित रहे। उपस्थित ऑफिशियल्स को राशि 167467 रुपए का भुगतान किया गया है। उपस्थित ऑफिशियल्स की सूची एवं उन्हें भुगतान राशि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-01 अनुसार है। (ख) उक्त प्रतियोगिता के आयोजन में म.प्र. भंडार एवं क्रय नियम अनुसार समाचार पत्र में विज्ञप्ति का प्रकाशन किया जाकर टेंडर/कोटेशन की प्रक्रिया अपनाई गई। आयोजन में हुए व्यय का मदवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार हैं। (ग) प्राप्त शिकायत की जांच संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण, उज्जैन संभाग, उज्जैन से करायी जा रही है, जाँच निष्कर्ष के आधार पर कार्यवाही की जा सकेगी। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। (घ) उक्त प्रतियोगिता के संचालन की जिम्मेदारी आयोजनकर्ता जिले के कलेक्टर जिला मंदसौर, जिला शिक्षा अधिकारी जिला, मंदसौर एवं जिला क्रीड़ा अधिकारी, जिला मंदसौर की थी। सम्पूर्ण प्रतियोगिता के संचालन में कुल राशि 2577674 का व्यय हुआ है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार हैं। (ड.) सूचना का अधिकार के अंतर्गत जानकारी प्रदाय की गई है, विवरण एवं दस्तावेज पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-5 अनुसार हैं।
सड़क निर्माण कार्य में विलम्ब
[जल संसाधन]
124. ( क्र. 1085 ) श्री वीरेन्द्र सिंह लोधी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बण्डा विधानसभा के ग्राम-पडवार से ग्राम-मडैया गौड के मध्य निर्माणाधीन सड़क निर्माण के कार्य हेतु स्वीकृत राशि, निर्माण अवधि एवं कार्य आदेश एवं प्राक्कलन प्रति सहित जानकारी उपलब्ध करवायें। (ख) सड़क निर्माण कार्य की वर्तमान प्रगति एवं शेष कार्य की जानकारी उपलब्ध करवायें। (ग) उक्त सड़क निर्माण कार्य में विलम्ब का कारण क्या है? (घ) उक्त सड़क का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण हो जायेगा? (ड.) निर्माण कार्य में विलम्ब के कारणों को पृथक करने एवं कार्य की प्रगति में तेजी लाने के लिये अब तक क्या-क्या प्रयास/कार्यवाही की गई है? जानकारी प्रदान करें। (च) क्या लगभग 3 साल से लंबित इस कार्य में विलम्ब की जवाबदेही तय करके विलम्ब के जिम्मेदारों पर कार्यवाही की जायेगी? (छ) क्या उक्त सड़क निर्माण कार्य को अविलम्ब पूर्ण करवाये जाने के लिये निर्देशित करेंगे? (ज) माननीय मंत्री जी बण्डा वृहद परियोजना अंतर्गत 3 वर्षों से निर्माणाधीन यह मार्ग इसी वर्ष डैम के भराव उपरांत मुख्य वैकल्पिक मार्ग में परिवर्तित हो जायेगा, इसलिये क्या उक्त सड़क निर्माण कार्य पूर्ण करने के लिये अंतिम रूप से समय-सीमा निर्धारित कर कार्य पूर्ण कर लिया जावेगा?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) निर्माणाधीन सड़क निर्माण कार्य हेतु अनुबंधित राशि रु. 9.57 करोड़, निर्माण अवधि 18 माह, दिनांक 09.08.2023 प्रतिवेदित है। अनुबंध एवं प्राक्कलन की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"1" एवं "2" अनुसार है। (ख) वर्तमान में मार्ग का निर्माण लगभग 75 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है, शेष 25 प्रतिशत निर्माण कार्य जुलाई-2026 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है। (ग) उक्त सड़क निर्माण कार्य में विलम्ब का कारण निम्नानुसार है :- 1- मार्ग के निर्माण में ग्राम राखसी, ग्राम चितौआ, ग्राम चितौली, ग्राम पडवार में मार्ग के Row में निर्माण हेतु भू-अर्जन प्रक्रिया के कारण प्रभावित रहा। 2- ग्राम मडैया गौड में निर्मित मार्ग लगभग 1700 मी. में वन विभाग द्वारा स्वीकृति देने में विलम्ब हुआ। 3- बाबर मटिया नहर के चलने के समयान्तराल में निर्माण कार्य की प्रगति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। 4- समय-समय पर निर्माणाधीन मार्ग से प्रभावित कृषकों द्वारा किये जाने वाले विरोध आदि कारणों से कार्य प्रभावित होना प्रतिवेदित है। (घ) सड़क का निर्माण कार्य 31 जुलाई-2026 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है। (ड.) विभाग लगातार राजस्व विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए प्रभावित कृषकों के भू-अर्जन प्रकरणों को जारी कराने का प्रयास किये गये, प्रभावित कृषकों से विभाग के अधिकारियों द्वारा समझाइश व आपसी समन्वय स्थापित कर शेष निर्माणाधीन मार्ग में Row को स्थापित कर दिया गया है, मात्र बिटुमेन कार्य ही शेष है, जिसे जुलाई माह में पूर्ण कराया जाना लक्षित है। कृषकों से आपसी सामंजस्य स्थापित कर पुलियों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। वन विभाग से भी स्वीकृति प्राप्त कर संबंधित मार्ग में निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाना प्रतिवेदित है। (च) मैदानी अधिकारीयों द्वारा हर स्तर पर सार्थक प्रयास कर कार्य को कराये जाने का प्रयास किया जाना प्रतिवेदित है। अतः बिलंब के लिए किसी की जवाबदारी नियत करने की स्थिति नहीं है। (छ) जी हाँ। (ज) जी हाँ, मार्ग निर्माण कार्य जुलाई-2026 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का भवन निर्माण
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
125. ( क्र. 1087 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश, भोपाल के आदेश क्रमांक क्र./भवन/एन.एच.एम./2024-25/4978 दिनांक 01.09.2024 द्वारा 15वें वित्त आयोग योजनांतर्गत जिला रतलाम के सैलाना एवं बाजना विकासखण्ड में 50-50 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माण कार्य हेतु प्रत्येक के लिए 995.00 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी? यदि हाँ, तो स्वीकृतियों एवं कार्यादेश की छायाप्रति पृथक-पृथक उपलब्ध करावें। (ख) क्या उक्त कार्यों की निर्माण एजेंसी मध्यप्रदेश पुलिस आवास एवं अधोसंरचना विकास निगम को नियुक्त किया गया है? यदि हाँ, तो एजेंसी को अब तक कितनी राशि जारी की गई है? कार्यवार एवं जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित प्रश्न दिनांक तक सैलाना एवं बाजना सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के भवन निर्माण कार्यों की भौतिक प्रगति (प्रतिशत में) एवं वित्तीय प्रगति का विवरण पृथक-पृथक उपलब्ध कराएं। जानकारी दें कि प्रश्न दिनांक तक दोनों कार्यों पर कुल कितनी राशि व्यय की जा चुकी है तथा कितनी राशि शेष है? (घ) क्या दोनों निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हो गए हैं? यदि नहीं, तो विलम्ब के कारण क्या हैं तथा दोषी अधिकारियों/निर्माण एजेंसी के विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई है? जानकारी दें। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के आदेश क्रमांक 9671 दिनांक 17.09.2018 के अंतर्गत कंसलटेंट, इंजीनियर्स एवं डॉक्टर्स द्वारा किए गए निरीक्षणों का विवरण, निरीक्षण तिथियां, निरीक्षण प्रतिवेदन एवं दिए गए सुझावों की छायाप्रति उपलब्ध करावें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं, अपितु दिनांक 11.09.2024 को जारी प्रशासकीय स्वीकृति की छायाप्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार। सैलाना एवं बाजना में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के निर्माण हेतु यद्यपि निविदा आमंत्रित की गई थी, परन्तु आगामी कार्यवाही स्थगित किये जाने से कार्यादेश जारी नहीं किए गये। (ख) जी हाँ। 15वें वित्त आयोग अंतर्गत समुचित राशि प्राप्त न होने एवं योजनावधि मार्च 2026 में समाप्त होने के कारण निर्माण एजेंसी को कोई राशि जारी नहीं की गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) एवं (घ) उत्तरांश ''ख'' के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
आदिवासी कृषकों की भूमि का हस्तांतरण
[राजस्व]
126. ( क्र. 1089 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन द्वारा वर्ष 2012-13 से 2016-17 के मध्य पारित उन प्रकरणों की समीक्षा कराई गई है जिनमें आदिवासी भू-स्वामियों की संपूर्ण कृषि भूमि गैर-आदिवासी व्यक्तियों के पक्ष में हस्तांतरित हुई? यदि हाँ, तो समीक्षा प्रतिवेदन एवं निष्कर्षों का विवरण उपलब्ध कराया जाए। क्या शासन के संज्ञान में ऐसी शिकायतें आई हैं कि कुछ प्रकरणों में राजस्व अधिकारियों, कर्मचारियों एवं भूमाफियाओं की मिलीभगत से आदिवासी कृषकों की भूमि का हस्तांतरण कराया गया? यदि हाँ, तो विवरण उपलब्ध करावें। (ख) तारांकित प्रश्न क्रमांक 1188 दिनांक 12/02/2024 के उत्तर के पश्चात कितने प्रकरणों की पुनर्समीक्षा, पुनरीक्षण अथवा जांच की गई है? प्रकरणवार जानकारी उपलब्ध कराई जाए। ऐसे कितने प्रकरणों में आदेश निरस्त किए गए हैं अथवा भूमि को मूल आदिवासी भू-स्वामियों अथवा उनके उत्तराधिकारियों को वापस दिलाने की कार्यवाही की गई है? प्रकरणवार विवरण उपलब्ध कराया जाए। क्या शासन भूमिहीन हो चुके आदिवासी परिवारों को उनकी मूल कृषि भूमि वापस दिलाने अथवा वैकल्पिक कृषि भूमि उपलब्ध कराने हेतु कोई विशेष अभियान चलायेगा? (ग) जिला रतलाम में अनुसूचित जनजाति वर्ग की भूमि के गैर-आदिवासी व्यक्तियों को हुए हस्तांतरण के समस्त प्रकरणों की जांच कर दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों, दलालों एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही करने तथा भूमिहीन आदिवासियों को न्याय दिलाने हेतु शासन द्वारा क्या ठोस कार्यवाही की गई है अथवा प्रस्तावित है?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) यह प्रकरण न्यायालयीन प्रक्रिया के अध्यधीन है, जिसमें संहिता की धारा 165 (6) अंतर्गत सक्षम प्राधिकारी को आवश्यक प्रक्रिया कर या संहिता के प्रावधान अंतर्गत आदेशों का पुनरीक्षण पुनर्विलोकन सक्षम प्राधिकारी द्वारा ही किया जा सकता है। प्रावधान अंतर्गत आदेश पारित करने की अधिकारिता है। शासन स्तर पर समस्त कलेक्टर को धारा 165 (6) के संबंध में दिशा-निर्देश जारी हुए है। (ख) जानकारी उत्तरांश (क) अनुसार। (ग) आयुक्त, उज्जैन संभाग, उज्जैन से प्राप्त जानकारी अनुसार विषयांतर्गत तत्कालीन अपर कलेक्टर, रतलाम के कार्यकाल में आदिवासियों की भूमि गैर आदिवासियों को विक्रय किये जाने की जांच के संबंध में प्रचलित विभागीय जांच सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश दिनांक 07.08.2025 से समाप्त की गई है।
सांदीपनि विद्यालय की स्थापना
[स्कूल शिक्षा]
127. ( क्र. 1091 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए शासन/विभाग ने सांदीपनि विद्यालय की स्थापना की है? विद्यालयों के भवन व संसाधन भी स्वीकृत किये गये हैं? (ख) यदि हाँ, तो जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जावरा व पिपलोदा विकासखंड में सांदीपनि विद्यालय कहाँ-कहाँ पर कितनी राशि से स्वीकृत किये जाकर कितना कार्य पूर्ण हुआ है? कितना व्यय हुआ है? क्या-क्या कार्य लंबित है? (ग) सांदीपनि विद्यालय जावरा के भवन निर्माण में स्वीकृत राशि से कितनी राशि बचत में है? उक्त बचत राशि से विद्यालय के शेष कार्य ऑडिटोरियम निर्माण एवं पुराने पुरातात्विक भवन के जीर्णोद्धार कार्य कराए जाने की स्वीकृति कब तक दी जा सकेगी? (घ) जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत किन-किन स्थानों पर हायर सेकेण्डरी, हाई स्कूल, माध्यमिक व प्राथमिक विद्यालय भवन विहीन होकर अन्य भवनों में संचालित हो रहे हैं? इन विद्यालयों के भवनों की स्वीकृति कब तक दी जा सकेगी? वर्ष 2020 से लेकर प्रश्न दिनांक तक जावरा विधानसभा क्षेत्र में किन-किन विद्यालयों में किस-किस प्रकार के नवीन कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई है? स्वीकृत कार्य पूर्ण हो गये? माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा अनुसार ग्राम सुजापुर एवं ग्राम ढोढर में बालिका छात्रावास एवं पिपलोदा में दिव्यांग छात्रावास निर्माण की स्वीकृति कब तक दी जायेगी? जानकारी दें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जावरा एवं पिपलौदा विकासखण्ड में सांदीपनि विद्यालय जावरा में राशि रू. 3753.00 लाख स्वीकृत किये जाकर राशि रु. 3209.22 लाख व्यय किये जा चुके है। कार्य माह अप्रैल 2025 में पूर्ण किया जा चुका है। सांदीपनि विद्यालय पिपलौदा में राशि रू.3773.00 लाख स्वीकृत किये जाकर अद्यतन राशि रू. 2076.15 लाख व्यय किये जा चुके है। आउटर डेव्हलपमेंट, फिनिशिंग एवं फर्नीचर का कार्य लंबित है जो कि प्रगतिरत है। (ग) सांदीपनि विद्यालय जावरा के भवन निर्माण में स्वीकृत राशि से राशि रु.411.00 लाख की बचत हुई है। उक्त बचत राशि से विद्यालय के शेष कार्य ऑडिटोरियम निर्माण एवं पुराने पुरातात्विक भवन के जीर्णोद्धार कार्य कराये जाने का प्रावधान डी.पी.आर. में नहीं होने से शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विकासखण्ड जावरा की एक प्राथमिक शाला उणी भवन जीर्णशीर्ण होने से भवन विहीन होकर सामुदायिक भवन में संचालित हो रही है। उक्त शाला हेतु नवीन भवन की स्वीकृति प्रदान की गई है। निर्माण कार्यों की स्वीकृति एवं कार्यपूर्ण की जानकारी संलग्न परिशिष्ट -1 पर है। विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेन्डरी भवन क्रमशः माध्यमिक एवं हाई स्कूल के उन्नयन से अस्तित्व में आते हैं। अतः उन्नत हुए माध्यमिक शाला एवं हाई स्कूल के भवन ही क्रमशः हाई स्कूल और हायर सेकेन्डरी स्कूल भवन हैं। अतः कोई भी शासकीय हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन विहीन नहीं है, अपितु विद्यार्थी नामांकन के अनुसार अतिरिक्त आवश्यकता होने पर उपलब्ध बजट अनुसार आवश्यक अधोसंरचना निर्माण किया जाता है। आवश्यक अधोसंरचना निर्माण कार्य बजट की उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर करता है। अतः निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट-'2' अनुसार है। माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा अनुसार ग्राम सुजापुर एवं ग्राम ढोढर में बालिका छात्रावास निर्माण हेतु बजट उपलब्ध हो गया है। भूमि का चिन्हांकन तथा डीपीआर आदि की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है एवं ग्राम पिपलोदा में दिव्यांग छात्रावास के निर्माण का प्रस्ताव है। समय-सीमा बताया जाना संभव नही है।
राजस्व अभिलेखों को ऑनलाइन किया जाना
[राजस्व]
128. ( क्र. 1092 ) डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राजस्व बंदोबस्त रिकार्ड को ऑनलाइन कर दिया गया है? प्रदेश में राजस्व मिसल बंदोबस्त एवं ऑनलाइन रिकार्ड में कुल कितना रकबा दर्ज है तथा इसमें कितना अंतर है? स्पष्ट करें? रतलाम जिले की जानकारी दें? (ख) क्या रतलाम जिले में ड्रोन सर्वे का कार्य पूर्ण होने के पश्चात अभिलेख संधारण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है? किन-किन स्थानों पर अभी तक नहीं हो पाया है? स्पष्ट जानकारी से अवगत करें? (ग) क्या ड्रोन सर्वे में नक्शा, खसरा आदि में त्रुटि को सुधार के लिए एवं अभिलेख नहीं मिलने जैसी रतलाम जिले भर में शिकायतें जिला/तहसील के राजस्व कार्यालय में आ रही है? वर्ष 2020 से लेकर प्रश्न दिनांक तक किस-किस तहसील में उक्त आशय के कितने आवेदन प्राप्त होकर कितनों का निराकरण किया गया? यदि लंबित है तो कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही है? जानकारी दें। (घ) राजस्व महाभियान जैसे अभियान के बावजूद नामांतरण/ बंटवारा/नक्शा/खसरा सुधार के अलावा शासकीय/नजूल भूमि पर अतिक्रमण हटाए जाने के प्रकरण लंबित है? उक्त अवधि में कितने आवेदन किस कार्यालय में लंबित है? तहसीलवार जानकारी उपलब्ध कराएं?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिला रतलाम अंर्तगत राजस्व बंदोबस्त रिकार्ड को ऑनलाइन करने की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। प्रदेश स्तर की राजस्व मिसल बंदोबस्त एवं ऑनलाइन रिकॉर्ड की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। जिला रतलाम अंर्तगत राजस्व मिसल बंदोबस्त कुल रकबा 486967 हे. है एवं वर्तमान ऑनलाइन राजस्व रिकॉर्ड में कुल रकबा 489619 हे. दर्ज है। उक्त में 2652 हे. का अन्तर है। (ख) जी हाँ। जिला रतलाम में आबादी ड्रोन सर्वे का कार्य पूर्ण होकर अभिलेख संधारण का कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है। (ग) जिला रतलाम की जानकारी निरंक। (घ) जिला रतलाम की तहसीलवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार है।
सुसरी एवं कालाअंबा परियोजनाओं की निविदाएं
[जल संसाधन]
129. ( क्र. 1099 ) श्री श्याम बरडे : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुसरी एवं कालाअंबा परियोजनाओं हेतु अब तक कितनी बार निविदाएं जारी की गईं तथा कितनी बार निरस्त की गईं? वर्षवार विवरण प्रदान करें। (ख) प्रत्येक निविदा के निरस्तीकरण के कारण क्या-क्या रहे? (ग) क्या निविदाओं में पर्याप्त संख्या में निविदाकारों द्वारा भाग नहीं लेने, तकनीकी कारणों, प्रशासनिक कारणों अथवा अन्य किसी कारण से निविदाएं निरस्त की गईं? यदि हाँ, तो कारणवार विवरण प्रदान करें। (घ) निविदा निरस्तीकरण के लिए उत्तरदायी अधिकारियों एवं एजेंसियों का विवरण क्या है?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) एवं (ख) विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है l (ग) जी हाँ, विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है l (घ) उत्तरांश (क) और (ख) अनुसार तकनीकी कारणों एवं निविदाकारों के द्वारा निविदा में भाग नहीं लेने के कारण निविदा को प्रतिस्पर्धा नहीं होने के कारण निरस्त किया गया हैl अतः कोई अधिकारी उत्तरदायी नहीं होना प्रतिवेदित हैl
शासन द्वारा संधारित मंदिरों के जीर्णोद्धार
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
130. ( क्र. 1100 ) श्री श्याम बरडे : क्या राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र पानसेमल में शासन द्वारा संधारित मंदिरों के जीर्णोद्धार, मरम्मत एवं विकास कार्यों के संबंध में विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? (ख) विधानसभा क्षेत्र पानसेमल में धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के अधीन शासन द्वारा संधारित मंदिरों की संख्या कितनी है? मंदिरवार विवरण उपलब्ध कराएं। (ग) विगत तीन वर्षों में उक्त मंदिरों के जीर्णोद्धार, मरम्मत एवं विकास कार्यों हेतु कितनी राशि स्वीकृत एवं व्यय की गई है? वर्षवार एवं मंदिरवार विवरण प्रदान करें। (घ) वर्तमान में किन-किन मंदिरों के जीर्णोद्धार एवं मरम्मत के प्रस्ताव विभाग के समक्ष लंबित हैं? लंबित रहने के कारणों सहित जानकारी प्रदान करें। (ड.) क्या विभाग द्वारा विधानसभा क्षेत्र पानसेमल के किसी मंदिर के जीर्णोद्धार हेतु नवीन प्रस्ताव तैयार किए गए हैं? यदि हाँ, तो उनका विवरण एवं स्वीकृति की वर्तमान स्थिति बताई जाए।
राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) विधानसभा क्षेत्र पानसेमल स्थित श्री राम मंदिर पानसेमल के जीर्णोद्धार हेतु प्राप्त प्रस्ताव अपूर्ण होने से पूर्ति हेतु कलेक्टर जिला बड़वानी को लेख किया गया है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) विधानसभा पानसेमल क्षेत्र अंतर्गत मंदिर जीर्णोद्धार हेतु विगत 3 वर्षों से कोई राशि स्वीकृत नहीं की गई है। (घ) श्री राम मंदिर पानसेमल का जीर्णोद्धार प्रस्ताव जिला बड़वानी द्वारा अपेक्षित पूर्ति नहीं किये जाने से विभाग स्तर पर परीक्षणाधीन है। (ड.) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उद्भूत नहीं होता।
उज्जैन संभाग में "टेम्पल बांड" जारी करने के प्रस्ताव
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
131. ( क्र. 1102 ) श्री महेश
परमार : क्या
राज्य मंत्री, धार्मिक
न्यास और धर्मस्व
महोदय यह बताने
की कृपा करेंगे
कि (क) क्या उज्जैन
प्रशासन द्वारा
मंदिरों के कायाकल्प
हेतु "टेम्पल बांड"
से राशि जुटाने
का प्रस्ताव तैयार
किया है?
यदि
हाँ, तो स्मार्ट
सिटी, महाकाल
लोक (300 करोड़)
व सिंहस्थ के 20 हजार करोड़
बजट के बाद अतिरिक्त
कर्ज की विधिक-वित्तीय
आवश्यकता क्यों
हुई? (ख) क्या
बांड से 'म.प्र.
लोक न्यास अधिनियम, 1951 की धारा 13, 14 व 'श्री
महाकालेश्वर मंदिर
अधिनियम, 1982' का
उल्लंघन होगा? क्या ऋण पुनर्भुगतान
हेतु मंदिर परिसंपत्ति, भूमि या चढ़ावा
गिरवी रखने अथवा
वित्तीय प्रभार
(Lien) की गुप्त
योजना है? यदि हाँ, तो तकनीकी
विवरण व विधिक
स्पष्टीकरण सहित
अभिलेख देवें।
(ग) क्या
मुख्यमंत्री के
उज्जैन प्रतिनिधित्व
के बावजूद ऐसा
प्रस्ताव राजकोषीय
विफलता है? यदि नहीं, तो व्यवसायीकरण
की मानसिकता रखने
वाले संभाग आयुक्त, कलेक्टर
व मंदिर प्रशासक
पर 'म.प्र.
सिविल सेवा (आचरण)
नियम, 1965' के तहत
क्या अनुशासनात्मक
कार्रवाई या जांच
संस्थित की गई? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) क्या
एक तरफ विकास हेतु
कर्ज व दूसरी तरफ
अधिकारियों के
बंगलों के सौंदर्यीकरण
व हवाई यात्राओं
पर करोड़ों का
अपव्यय हो रहा
है? यदि
हाँ, तो विगत
3 वर्षों
का मदवार व्यय
क्या है तथा 'म.प्र. स्थानीय
निधि संपरीक्षा
अधिनियम' की
ऑडिट रिपोर्ट क्या
है? (ड.) क्या
जनभावना व धार्मिक
मर्यादा हित सरकार
इस विवादित निर्णय
को तत्काल निरस्त
करेगी? क्या
आगामी सिंहस्थ
व प्रमुख मंदिरों
हेतु मुख्य बजट
में 2,000 करोड़
का पृथक विशेष
बजटीय प्रावधान
किया जाएगा? यदि हाँ, तो समय-सीमा
बताएं।
राज्य
मंत्री, धार्मिक
न्यास और धर्मस्व
( श्री धर्मेन्द्र
भाव सिंह लोधी
) : (क) से (ड.) जानकारी
एकत्रित की जा
रही है।
म.प्र. नजूल भूमि निर्वर्तन निर्देश 2020 के खसरा में दर्ज भूमि
[राजस्व]
132. ( क्र. 1104 ) श्री संजय उइके : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश नजूल भूमि निर्वर्तन निर्देश 2020 के तहत वित्तीय वर्ष 2021-22 से प्रश्न दिनांक तक बालाघाट जिले में कहाँ-कहाँ की किस-किस खसरा नं. की कितने-कितने रकबे की किस-किस मद की भूमि किन-किन को कब-कब खसरा के कालम नम्बर 12 में दर्ज करने आदेशित/आंवटित की गई है? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित निर्देश के तहत हस्तांतरित/आदेशित भूमि जिस ग्राम की है उन ग्रामों का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल, कृषि भूमि, खाता मद, गैरखाता मद, निस्तार प्रायोजन की कितनी-कितनी भूमि आदेशित करने के पहले थी? और प्रश्न दिनांक को कितनी-कितनी है? (ग) क्या निस्तार प्रायोजन एवं बड़े झाड़ जंगल, छोटे झाड़ जंगल मद की भूमि हस्तांतरण नहीं बल्कि शॉपिंग कॉम्पलेक्स बनाने/विभिन्न प्रायोजन के लिए दर्ज करने आदेशित किया गया है? (घ) यदि हाँ, तो भू-अभिलेखों के किस प्रारूप में दर्ज करने आदेशित किया गया? क्या निस्तार प्रायोजन की भूमि का अन्य लोक प्रायोजन हेतु व्यपवर्तन की कार्यवाही के उपरान्त ही हस्तांतरित किया जा सकता है? हाँ या नहीं बतावें?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) म.प्र. नजूल भूमि निर्वर्तन निर्देश 2020 के तहत वितीय वर्ष 2021-22 से प्रश्न दिनांक तक बालाघाट जिले की तहसील परसवाड़ा अंतर्गत रा.प्र.क्र. 0015/अ-20 (3)/2024-25 आदेश दिनांक 04.10.2024 अनुसार ख.नं. 208 रकबा 0.198 हे. मद घास म.प्र. शासन में से 0.038 हे. भूमि जनपद पंचायत परसवाड़ा को बस स्टेण्ड एवं शॉपिंग काम्पलेक्स बनाये जाने एवं रा.प्र.क्र./0011/30-20(3)/2024-25 आदेश दिनांक 04.10.2024 अनुसार ग्राम परसवाड़ा स्थित भूमि ख.नं. 238/9 रकबा 1.011 हे. मद म.प्र. शासन छोटे झाड़ का जंगल में से 0.038 हे. भूमि शॉपिंग काम्पलेक्स बनाये जाने आरक्षित की गई है। (ख) बालाघाट जिले की तहसील परसवाड़ा अंतर्गत ग्राम परसवाड़ा का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 523.580 हे. कृषि भूमि/खाता मद 440.474 हे. गैर खाता मद 123.106 हे. निस्तार प्रयोजन की 64.054 हे. भूमि आदेश करने के पूर्व थी और प्रश्न दिनांक को 64.054 हे. भूमि है। (ग) बालाघाट जिले की तहसील परसवाड़ा अंतर्गत निस्तार प्रायोजन एवं बड़े झाड़ जंगल, छोटे झाड़ जंगल मद की भूमि हस्तांतरण नहीं बल्कि शॉपिंग कॉम्पलेक्स/बस स्टेण्ड हेतु आरक्षित की गई है। (घ) बालाघाट जिले की तहसील परसवाड़ा अंतर्गत भू-अभिलेख में आरक्षित करने हेतु आदेशित किया गया है। निस्तार प्रायोजन की भूमि का अन्य लोक प्रायोजन हेतु शासन के नियम अनुसार व्यपवर्तन की कार्यवाही के उपरांत हस्तांतरित किया जा सकेगा।
भू-अभिलेखों को ऑनलाइन करने हेतु विशेष अभियान
[राजस्व]
133. ( क्र. 1105 ) श्री संजय उइके : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले की तहसीलों बालाघाट, बैहर, बिरसा, परसवाड़ा, लांजी, किरनापुर, कटंगी, वारासिवनी, लालबर्रा, खैरलांजी, तिरोड़ी एवं लामता में कुल कितने खातेदार किसान दर्ज हैं? बतावें? इनमें से कितने किसानों के भू-अभिलेख (खसरा, खतौनी, बी-1, नक्शा आदि) MP Bhulekh पोर्टल पर पूर्ण रूप से ऑनलाइन उपलब्ध हैं तथा कितने किसानों के अभिलेख आज दिनांक तक ऑनलाइन उपलब्ध नहीं हो पाए हैं? तहसीलवार जानकारी दी जाए? (ख) क्या बालाघाट जिले के अनेक किसानों के नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, अभिलेखीय त्रुटियों अथवा तकनीकी कारणों से उनके भूमि अभिलेख ऑनलाइन पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो रहे हैं? यदि हाँ, तो ऐसे लंबित प्रकरणों की संख्या तहसीलवार कितनी है तथा उन्हें निराकृत करने के लिए क्या कार्यवाही की गई है? (ग) वर्ष 2023, 2024, 2025 एवं 2026 में बालाघाट जिले में भू-अभिलेखों को ऑनलाइन करने हेतु कितने विशेष अभियान चलाए गए तथा उन पर कितना व्यय हुआ? (घ) क्या शासन बालाघाट जिले के शेष किसानों के भू-अभिलेखों को निर्धारित समय-सीमा में ऑनलाइन करने हेतु विशेष अभियान चलाने का विचार रखता है? यदि हाँ, तो समय-सीमा क्या है?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) बालाघाट जिले की तहसीलों बालाघाट, बैहर, बिरसा, परसवाड़ा, लांजी, किरनापुर, कटंगी, वारासिवनी, लालबर्रा, खैरलांजी, तिरोड़ी एवं लामता में कुल 745106 खातेदार/किसान दर्ज हैं। इनमें से सभी किसानों के भू-अभिलेख (खसरा, खतौनी, वी-1, नक्शा आदि) MP Bhulekh पोर्टल पर पूर्ण रूप से ऑनलाइन उपलब्ध हैं। जिले में आनलाईन अभिलेख उपलब्ध नहीं होने वाले किसानों की संख्या निरंक है। (ख) जिले में राजस्व अभिलेखों के त्रुटि सुधार बावत जिले के राजस्व न्यायालय में कुल 685 प्रकरण लंबित हैं जिनमें आदेश उपरांत अभिलेखों की दुरुस्तगी की जाती है। लंबित प्रकरणों की संख्या संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। निराकरण हेतु जिला स्तर से बैठकों में मॉनीटरिंग की जाती है। (ग) राजस्व महा अभियान 1.0 15/01/2024 से 29/02/2024 राजस्व महा अभियान 2.0 16/07/2024 से 31/08/2024 राजस्व महा अभियान 3.0 15/09/2024 से 26/01/2025 अभियान चलाये गए जिसमें राज्य स्तर पर राजस्व महाभियान के प्रचार-प्रसार हेतु राशि ₹1.35 करोड़ के देयक का भुगतान शासन स्तर पर जनसंपर्क विभाग को किया जा चुका है। जिला बालाघाट स्तर पर पृथक से कोई व्यय नहीं हुआ है। (घ) भू-अभिलेख ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
सुवासरा में आवासीय पट्टे का प्रदाय
[राजस्व]
134. ( क्र. 1107 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुवासरा में आवासीय भूमि के पट्टे प्रदान करने हेतु दिसम्बर 2025 से प्रश्न दिनांक तक विभाग को कुल कितने आवेदन प्राप्त हुए हैं? वार्ड-वार आवेदनों की कुल (नाम, पिता/पति का नाम एवं पते सहित) जानकारी देवें। (ख) प्राप्त आवेदनों में से विभाग द्वारा कुल कितने व्यक्तियों को आवासीय पट्टे हेतु पात्र माना गया है तथा कितने व्यक्तियों को अपात्र घोषित किया गया है? कुल स्वीकृत, लंबित एवं निरस्त आवेदनों की पृथक-पृथक सूची (नाम, पिता/पति का नाम एवं पते सहित) उपलब्ध कराएं। (ग) उक्त आवेदकों को किन-किन दस्तावेजों के आधार पर पात्र घोषित किया गया है? (घ) कई आवेदकों के पास एक समान दस्तावेज होने के बावजूद भी, कुछ हितग्राहियों को पात्र और कुछ हितग्राहियों (प्रभूसिंह पिता भगवानसिंह वार्ड क्र. 01, शंकरसिंह पिता उदयसिंह वार्ड क्र. 01, पूरसिंह पिता करणसिंह वार्ड क्र. 01, गंगा बाई पति बंशीलाल व्यास वार्ड क्र. 01, सुगना बाई पति शंकरसिंह वार्ड क्र. 01) को अपात्र घोषित कर दिया गया है? इस विसंगति का क्या कारण है? एक जैसे दस्तावेज होने पर भी अपात्र करने के ठोस एवं तार्किक कारण स्पष्ट करें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) नगर परिषद सुवासरा में आवासीय भूमि के पट्टे हेतु 595 आवेदन प्राप्त हुए है। जिनकी वार्डवार नाम पिता/पति के नाम सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''क'' अनुसार है। (ख) नगर परिषद सुवासरा में 62 हितग्राही पात्र एवं 533 अपात्र है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ख'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''क'' अनुसार है। (घ) नगर परिषद सुवासरा में हितग्राहियों के आवेदन पर नियमानुसार जांच दल गठित कर जांच करवाई गई। जांच रिपेार्ट के आधार पर आवेदनकर्ता को अपात्र किया गया है। जिसमें प्रभूसिंह पिता भगवानसिंह वार्ड क्र. 01, शंकरसिंह पिता उदयसिंह वार्ड क्र. 01, पूरसिंह पिता करणसिंह वार्ड क्र. 01, गंगा बाई पति बंशीलाल व्यास वार्ड क्र. 01 एवं सुगना बाई पति शंकरसिंह वार्ड क्र. 01 को पट्टे के शर्त अनुसार दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण अपात्र किया गया था। अपात्र आवेदकों की सूची एवं आवेदनकर्ताओं के आवेदन की छायाप्रति मय दस्तावेज जवाब के साथ पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ख'' अनुसार है।
नई आबादी घोषित करने के प्रावधान
[राजस्व]
135. ( क्र. 1108 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 237 एवं 243 के तहत नई आबादी घोषित करने के कौन-कौन से प्रावधान दिए गए हैं? (ख) विगत 2 वर्षों में मंदसौर जिले के राजस्व एवं पंचायत विभाग के किसी भी स्तर के कार्यालय में नई आबादी घोषित करने हेतु किसी भी माध्यम से कितने प्रस्ताव प्राप्त हुये, सूची उपलब्ध करावें? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार उपरोक्त आवेदनों पर प्रश्न दिनांक तक कितनी नई आबादी घोषित की गई है जिनको नहीं की गई है तो उनका कारण बतावें तथा शेष वंचित नई आबादी घोषित करने के लिए जिला प्रशासन कोई अभियान चलाएगा यदि हाँ, तो जानकारी देवें?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 237 एवं 243 के संबंध में मध्यप्रदेश राजपत्र दिनांक 28 फरवरी 2020 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) विगत 2 वर्षों में मंदसौर जिले में नई आबादी घोषित करने हेतु अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के जरिये कुल 03 प्रस्ताव प्राप्त हुए है। जिनमें आबादी नोईयत परिवर्तित की गई है। 1. ग्राम कांवली तहसील भानपुरा 2. ग्राम केथुली तहसील भानपुरा 3. ग्राम रावटी तहसील सीतामउ (ग) प्रश्नांश (ख) के उत्तर के प्रकाश में 03 प्रस्ताव प्राप्त हुए है।
गणवेश टेंडर में भंडार क्रय नियमों का उल्लंघन
[स्कूल शिक्षा]
136. ( क्र. 1112 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के 52 लाख स्कूली बच्चों की गणवेश वितरण योजना हेतु जारी ₹355 करोड़ के टेंडर में ₹700 करोड़ का कुल टर्नओवर और ₹233 करोड़ का गणवेश निर्माण टर्नओवर जैसी अभूतपूर्व शर्तें जोड़ी गई हैं? यदि हाँ, तो क्या यह 'म.प्र. भंडार क्रय नियम तथा सेवा उपार्जन नियम, 2015' के नियम 23.1 का खुला उल्लंघन कर स्थानीय MSMEs और महिला स्व-सहायता समूहों को प्रक्रिया से बाहर करने का सुनियोजित प्रयास है? (ख) क्या दिनांक 10 जून 2026 को गठित 'तकनीकी मूल्यांकन समिति' में किसी वस्त्र विशेषज्ञ को शामिल न कर विसंगतिपूर्ण शर्तों को मंजूरी दी गई? टेंडर प्रक्रिया शुरू होने के ठीक पहले प्रबंध संचालक को हटाने तथा नए अधिकारी को असीमित विवेकाधीन शक्तियां सौंपने के प्रशासनिक कारण क्या हैं? (ग) क्या दिनांक 19 जून 2026 की आधिकारिक 'प्री-बिड' बैठक में किसी अनाधिकृत बाहरी व्यक्ति/दलाल की सक्रिय संलिप्तता के साक्ष्य मिले हैं? यदि हाँ, तो क्या सरकार इस सिंडिकेट निर्माण की भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत लोकायुक्त या किसी स्वतंत्र उच्च स्तरीय न्यायिक एजेंसी से समयबद्ध जांच कराकर वर्तमान दूषित निविदा को तत्काल निरस्त करेगी? यदि नहीं, तो क्यों?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं। राज्य शासन के निर्णय के आधार पर उपार्जन की कार्यवाही सुसंगत नियमों के अनुसार की जा रही है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। दिनांक 10/06/2026 को गठित तकनीकी मूल्यांकन समिति में विशेषज्ञ को शामिल किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। शेषांश संबंधित नहीं है। (ग) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
राज्य परिवहन निगम की संपत्तियों की स्थिति
[परिवहन]
137. ( क्र. 1113 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला मुख्यालय नीमच में राज्य परिवहन निगम की कुल कितनी एवं किस-किस प्रकार की संपत्तियाँ स्थित हैं? उक्त संपत्तियों से वर्तमान में किस-किस व्यक्ति/संस्था से कितनी किराया राशि प्राप्त की जा रही है? साथ ही, किन-किन व्यक्तियों/संस्थाओं द्वारा उक्त संपत्तियों पर अतिक्रमण किया गया है? अतिक्रमणकर्ताओं के नाम एवं अतिक्रमण का स्वरूप सहित जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लिखित राज्य परिवहन निगम की संपत्तियों के संरक्षण, उपयोग, विकास अथवा पुनर्विकास हेतु शासन की कोई योजना, नीति अथवा कार्ययोजना वर्तमान में प्रचलन में है? यदि हाँ, तो उसका विस्तृत विवरण उपलब्ध कराएं। (ग) उज्जैन संभाग में राज्य परिवहन निगम की कुल कितनी संपत्तियाँ कहाँ-कहाँ स्थित हैं? इन संपत्तियों पर वर्तमान में किन-किन व्यक्तियों/संस्थाओं द्वारा किस प्रकार (दुकान, होटल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान अथवा अन्य) का अतिक्रमण किया गया है? साथ ही, इन संपत्तियों को अतिक्रमण से मुक्त कराने हेतु कब-कब, क्या-क्या कार्यवाही एवं प्रयास किए गए हैं? जिलावार एवं संपत्तिवार विवरण उपलब्ध कराएं।
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जिला मुख्यालय नीमच में म.प्र. सड़क परिवहन निगम की 02 प्रकार की सम्पत्तियां है, जिनका विवरण निम्नानुसार है:- 1. बस डिपो/स्टैण्ड – इस भूमि पर बस डिपो एवं स्टेंड संचालित था तथा बस स्टेंड पर निगम द्वारा कुल 12 दुकान निर्मित कर व्यवसायियों को मासिक किराया आधार पर आवंटित की गई हैं। जानकारी संलग्न परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। इन 12 दुकान संचालकों द्वारा वर्ष 2022 से किराया जमा नहीं किया जा रहा है, जिसमें किराया वसूली की कार्यवाही प्रचलित है। 2. कर्मचारी आवास - इस सम्पत्ति पर निगम द्वारा 19 ''कर्मचारी आवास निर्मित'' किये गये। जानकारी संलग्न परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। बस स्टेंड एवं डिपो की सम्पत्त्ति का उपयोग नगर पालिका द्वारा किया जा रहा है। मध्यप्रदेश सड़क परिवहन निगम की इन सम्पत्तियों पर कोई अतिक्रमण नहीं है। (ख) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उज्जैन संभाग में म.प्र. राज्य परिवहन निगम की सम्पत्तियों की अद्यतन जानकारी संलग्न परिशिष्ट-''स'' अनुसार है। मध्यप्रदेश सड़क परिवहन निगम की इन सम्पत्तियों पर कोई अतिक्रमण नहीं है, शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
शासकीय चिकित्सालयों में रिक्त पदों की पूर्ति
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
138. ( क्र. 1115 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नीमच विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत संचालित शासकीय चिकित्सालयों में चिकित्सकों सहित विभिन्न श्रेणियों के स्वीकृत, कार्यरत एवं रिक्त पदों की संस्थावार जानकारी दें। रिक्त पदों की पूर्ति हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा विभाग को कब-कब पत्र प्रेषित किए गए? संबंधित पत्रों की प्रतिलिपियाँ एवं उन पर विभाग द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी दें। (ख) ग्राम सावन स्थित नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कुल कितने पद सृजित हैं? उनके विरुद्ध कितने पदों पर नियुक्तियाँ की गई हैं तथा कितने पद रिक्त हैं? शेष रिक्त पदों की पूर्ति कब तक किए जाने का प्रस्ताव है? (ग) क्या यह सत्य है कि भादवामाता में नवीन शासकीय चिकित्सालय भवन निर्माण हेतु शासन से स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है? यदि हाँ, तो क्या निर्माण हेतु भूमि का चयन कर लिया गया है? यदि हाँ, तो उसका विवरण एवं यदि नहीं, तो विलंब के कारण बताए जाएँ। (घ) नीमच जिला चिकित्सालय में फायर सेफ्टी हेतु वर्तमान में कौन-कौन सी अनुमतियां प्राप्त की गई हैं? इन अनुमतियों की प्रतिलिपियां उपलब्ध कराएं। किस संस्था या व्यक्ति द्वारा जिला चिकित्सालय का फायर सेफ्टी ऑडिट किया गया है? ऑडिट रिपोर्ट एवं सेफ्टी प्रमाण पत्र की प्रतिलिपियां प्रदान करें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। विभाग द्वारा पदपूर्ति हेतु मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से निरन्तर सीधी भर्ती हेतु मांग पत्र प्रेषित किया जाता है एवं चयन उपरांत पदस्थपना की कार्यवाही की जाती है। पदपूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है जिस हेतु विभाग द्वारा मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं बंधपत्र चिकित्सकों के माध्यम से रिक्त पदों की पूर्ति की जाती है। "पदपूर्ति" एक निरंतर प्रक्रिया है, निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार है। "पदपूर्ति" एक निरंतर प्रक्रिया है, निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) हाँ, भादवामाता में नवीन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की भवन निर्माण हेतु शासन से स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। किन्तु निर्माण हेतु जिस भूमि का चयन हुआ है उस भूमि का क्षेत्रफल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र निर्माण हेतु कम है। राजस्व विभाग से अतिरिक्त क्षेत्रफल के लिये भूमि की मांग की गई है। भवन स्वीकृति एवं भूमि आवंटन संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''द'' अनुसार है। (घ) जिला चिकित्सालय नीमच में फायर सेफ्टी हेतु ग्लोबल फायर सर्विसेस इंदौर के फायर इंजीनियर श्री रोहित बामने द्वारा आडिट किया गया, आडिट में प्राप्त कमियों की पूर्ति हेतु निविदा प्रक्रिया क्रमांक 297210 के माध्यम से जिला चिकित्सालय नीमच में फायर फायटिंग हायड्रेन्ट एवं फायर सेफ्टी का कार्य संपादित किये जाने के दृष्टिगत OM Ashvani Infrastructure Anantpur Dist Rewa को अनुबंधित किया गया है परन्तु मार्च 2026 से उक्त फर्म के द्वारा कार्य बंद कर दिया गया है। जिससे फायर एन.ओ.सी. प्राप्त नहीं हुई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''इ'' अनुसार है।
राजस्व ग्रामों के अभिलेखों के त्रुटि सुधार
[राजस्व]
139. ( क्र. 1117 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या तारांकित प्रश्न क्रमांक 656, दिनांक 19 फरवरी 2026 के पूछे गये प्रश्न के उत्तर में ग्राम रजरवारा नं.1 को ग्राम रजरवारा नं. 2 तथा ग्राम जंगल पुरैनी को ग्राम राखी पुरैनी के साथ राजस्व अभिलेख सम्मिलित होने की चाही गयी जानकारी में उपरोक्त ग्रामों को ग्रामवार, हल्कावार पृथक कर दिये जाने का उल्लेख किया गया है? (ख) यदि प्रश्नांश (क) का उत्तर सही है तो उपरोक्त ग्रामों की जमीनों की गाइड लाइन की भी जानकारी पृथक-पृथक हल्कावार एवं ग्रामवार उपलब्ध करायें? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में क्या (क) में वर्णित प्रश्न दिनांक से वर्तमान प्रश्न दिनांक तक उक्त ग्रामों की जमीनों का विक्रीकरण किया गया है? यदि हां, तो ग्रामवार, हल्कावार गाइड लाइन के हिसाब से पंजीयन शुल्क की जानकारी उपलब्ध करायें? (घ) यदि उपरोक्त ग्रामों के विक्रय पत्रों में लगने वाली पंजीयन शुल्क पूर्व सम्मिलित ग्रामों के अनुसार है तो इसके लिये किसानों को होने वाली असुविधा के लिये कौन-कौन जवाबदार है? लंबित समस्या का कब तक निराकरण कर दिया जायेगा, समय बताए? यदि नहीं, तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ, कटनी जिले के अनुभाग विजयराघवगढ़ अंन्तर्गत ग्राम रजरवारा नं.1 एवं ग्राम रजरवारा नं.2 व इसी तरह ग्राम जंगल पुरैनी एवं राखी पुरैनी पृथक-पृथक राजस्व ग्राम है उपरोक्त ग्रामों की ग्रामवार, हलकावार जानकारी का पृथक विवरण निम्नानुसार है:-
|
तहसील का नाम |
राजस्व निगम मंडल |
पटवारी हल्का नम्बर |
ग्राम का नाम |
LGD CODE |
|
विजयराघवगढ़ |
सिंगोडी |
22 |
रजरवारा नं. 1 |
488545 |
|
विजयराघवगढ़ |
देवराकलां |
02 |
रजरवारा नं. 2 |
488491 |
|
विजयराघवगढ़ |
सिंगोडी |
22 |
जंगल पुरैनी |
488488 |
|
विजयराघवगढ़ |
विजयराघवगढ़ |
20 |
राखी पुरैनी |
488544 |
(ख) पंजीयन विभाग अन्तर्गत चारों ग्रामों यदा रजवारा नं. 1 को ग्राम–रजरवारा नं. 2 तथा ग्राम जंगल पुरैनी को ग्राम राखी पुरैनी की गाईड लाईन दरें वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं वर्ष 2026-27 पृथक से खुली हुई है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ग) जी हाँ, वर्णित प्रश्न दिनांक से वर्तमान प्रश्न दिनांक तक उक्त ग्रामों की जमीनी के 21 विक्रय पत्रों का पंजीयन हुआ है जिसका ग्रामवार पटवारी हल्कावार मुद्रांक एवं पंजीयन शुल्क की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। (घ) उक्त ग्रामों के 21 विक्रय पत्रों का पंजीयन दस्तावेज की लिखत अनुसार पंजीयन शुल्क प्राप्त कर किया गया है, किसी भी पक्षकार अथवा किसानों द्वारा दस्तावेजों के पंजीयन में असुविधा के संबंध में लिखित अथवा मौखिक माध्यम से कार्यालय को अवगत नहीं कराई गई है। चूंकि सम्पदा 2.0 साफ्टवेयर भू-अभिलेख सॉफ्टवेयर से लिंक है अत: माननीय विधायक महोदय द्वारा उठाये गये प्रश्न को संज्ञान में लेते हुये तकनीकी समस्या का आवश्यक परीक्षण कर सम्पदा तकनीकी टीम भोपाल से समन्वय कर आवश्यक समाधान शीघ्र कर लिया जायेगा।
अनुबंधकर्ता के विरूद्ध कार्यवाही
[राजस्व]
140. ( क्र. 1118 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कटनी जिले के तहसील विजयराघवगढ़ के ग्राम डोकरिया के अंतर्गत आने वाले छप्पन सागर तालाब को कलेक्टर कटनी के आदेश क्रमांक 388 दिनांक 09.07.2010 के द्वारा दुर्गा मछुवारा समिति सिजहरा को 10 वर्षीय पट्टे पर आवंटित किया था? (ख) यदि प्रश्नांश (क) हाँ तो क्या कलेक्टर कटनी द्वारा मछली पालन हेतु दिये गये तालाब को पुनः समयावधि के अंदर मेसर्स वेलस्पन एनर्जी म.प्र. लि. को दिनांक 25.04.2016 से वर्ष 2040 तक रूपये 7,14,270.00 प्रतिवर्ष प्रीमियम निर्धारित किया गया था? उपरोक्त निर्धारित प्रीमियम की राशि को किस राजस्व के अधिकारी कार्यालय में जमा की गयी? वर्षवार जानकारी उपलब्ध करायें? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में अनुबंध अनुसार राशि जमा नहीं की गयी है तो संबंधित अनुबंधकर्ता के विरूद्ध प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की गयी? यदि नहीं तो क्यों? (घ) जनपद पंचायत विजयराघवगढ़ के अधीनस्थ तालाब की राशि जनपद पंचायत विजयराघवगढ़ को कब-कब कितनी उपलब्ध करायी गयी? वर्षवार जानकारी देवें? नहीं तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ । निर्धारित प्रीमियम/भूभाटक की राशि भारतीय स्टेट बैंक शाखा कटनी म.प्र. के माध्यम से भू-राजस्व के मद क्रमांक 0029LR, 0029LR/0007/101, 0029-00-101-0007 में चालान द्वारा ट्रेजरी में जमा की गई है। जमा राशि का वर्षवार विवरण निम्नानुसार है।
|
वर्ष |
चालान नंबर |
दिनांक |
राशि (रू. में) |
|
1 |
2 |
3 |
4 |
|
2016-17 |
1436 |
05-04-2026 |
714270 |
|
2017-18 |
09 |
23/03/2020 |
3760639 |
|
2018-19 |
08 |
06/11/2020 |
3760639 |
|
2019-20 |
06 |
11/02/2021 |
3760639 |
|
2020-21 |
41 |
20/11/2021 |
3760639 |
|
2021-22 |
40 |
15/02/2022 |
3760639 |
|
2022-23 |
120670 |
24/02/2023 |
3760639 |
|
2023-24 |
077018 |
20/10/2023 |
3760639 |
|
2024-25 |
001687 |
01/07/2024 |
3760639 |
|
2025-26 |
195132 |
20/06/2025 |
3760639 |
|
2026-27 |
019333 |
03/07/2026 |
3760639 |
कटनी जिले में मेसर्स वेलस्पन एनर्जी म.प्र. लिमि. को ग्राम डोकरिया में कुल रकबा 333.54 हे. भूमि राजस्व आवंटित की गई है जिसका प्रीमियम, पंचायत उपकर एवं भू-राजस्व की कुल राशि 3760639 रू. होता है इस राशि में से ग्राम डोकरिया स्थित छप्पन सागर तालाब भूमि रकबा 16.42 हे. का भू-भाटक राशि 714270 रू. होती है। यह राशि प्रतिवर्ष जमा कुल राशि 3760639 रू. के साथ संयुक्त रूप से चालान के माध्यम से ट्रेजरी में जमा की गई है। (ग) अनुबंध अनुसार प्रतिवर्ष राशि जमा की गई है। ऐसी स्थिति में अनुबन्धकर्ता के विरूद्ध कार्यवाही किए जाने का प्रश्न उदभूत नहीं होता। (घ) जनपद पंचायत विजयराघवगढ़ अन्तर्गत ग्राम डोकरिया स्थित भूमि खसरा नं. 1251 रकबा 15.42 हे. छप्पन सागर तालाब की निर्धारित वार्षिक भू-भाटक राशि कालूराम बर्मन अध्यक्ष दुर्गा मछुआ सहकारी समिति सिजहरा द्वारा जमा की गई है जिसका वर्षवार विवरण निम्नानुसार है-
|
स.क्र. |
वित्तीय वर्ष |
जमा किये जाने योग्य राशि |
जमा की गई राशि |
जमा दिनांक |
बकाया राशि |
रिमार्क |
|
1 |
2010-11 |
7710 |
0 |
|
7710 |
|
|
2 |
2011-12 |
7710 |
0 |
|
15420 |
|
|
3 |
2012-13 |
7710 |
0 |
|
23130 |
|
|
4 |
2013-14 |
7710 |
0 |
|
30840 |
|
|
5 |
2014-15 |
7710 |
0 |
|
38550 |
|
|
6 |
2015-16 |
7710 |
0 |
|
46260 |
|
|
7 |
2016-17 |
7710 |
30840 |
20-08-16 |
23130 |
|
|
8 |
2017-18 |
7710 |
0 |
- |
30840 |
|
|
9 |
2018-19 |
7710 |
10000 |
07-02-19 |
28550 |
|
|
10 |
2019-20 |
7710 |
10000 |
22-02-20 |
26260 |
|
|
11 |
2020-21 |
0 |
16840 |
30-06-20 |
9420 |
|
|
12 |
2020-21 |
0 |
9420 |
09-03-21 |
0 |
|
शेष प्रश्न उद्भू्त नहीं होता है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से प्रभावित शिक्षकों को राहत
[स्कूल शिक्षा]
141. ( क्र. 1123 ) श्री सुनील उईके : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सुप्रीम कोर्ट द्वारा TET को अनिवार्य किए जाने के आदेश के बाद राज्य के बड़ी संख्या में शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं? (ख) क्या राज्य सरकार ने इस विषय में केंद्र सरकार एवं राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद से समन्वय स्थापित कर शिक्षकों को राहत देने हेतु कोई प्रस्ताव भेजा है? (ग) क्या राज्य एवं केंद्र सरकार मिलकर TET संबंधी प्रावधानों में संशोधन या छूट देने हेतु कोई विधायी कदम (अध्यादेश/कानून संशोधन) लाने पर विचार कर रही हैं? (घ) क्या सरकार ने इस संबंध में माननीय सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका (Review Petition) या अन्य कोई विधिक उपाय अपनाया है? यदि हाँ, तो उसकी वर्तमान स्थिति क्या है? (ड.) क्या सरकार प्रभावित शिक्षकों को समय सीमा में छूट, विशेष प्रशिक्षण, या वैकल्पिक व्यवस्था प्रदान करने पर विचार कर रही है? यदि हाँ, तो उसका विवरण क्या है?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। (ग) ऐसा कोई प्रस्ताव राज्यस्तर पर विचाराधीन नहीं है। (घ) जी हाँ। याचिका खारिज हो गई। (ड.) जी नहीं। पात्रता परीक्षा के लिए शिक्षकों के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है।
रिक्त पदों की पूर्ति एवं प्रस्तावित शैक्षणिक अस्पताल की कार्यवाही
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
142. ( क्र. 1127 ) श्रीमती कंचन मुकेश तनवे : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला चिकित्सालय खंडवा में निरंतर दुर्घटना एवं गंभीर मरीजों की बढ़ती संख्या व आवश्यकताओं को देखते हुये न्यूरोलॉजिस्ट, नेफ्रोलॉजी, कार्डियोलॉजी, एनेस्थेसिया विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति व व्यवस्थाओं हेतु क्या कार्य योजना व समय सीमा है, विगत 2 वर्षों में कितने चिकित्सकों के खंडवा से स्थानांतरण हुये वर्षवार नामजद जानकारी प्रदान करें l (ख) जिला चिकित्सालय खंडवा एवं मेडिकल कालेज खंडवा में विगत 2 वर्षों में कितने चिकित्सकों, प्रशिक्षक चिकित्सकों की किस-किस पद पर नियुक्तियां की गई है, उनकी नाम, पद श्रेणी अनुसार जानकारी देने का कष्ट करें। चिकित्सा विद्यार्थियों एवं आमजन की उपचार सुविधा को देखते हुये प्रस्तावित 1100 बिस्तरीय शैक्षणिक अस्पताल हेतु आवश्यक कार्यवाही कब तक पूर्ण की जावेगी। (ग) विगत 2 वर्षों में जिला चिकित्सालय खंडवा में उपचार के दौरान कितने मरीजों की मृत्यु, किन-किन कारणों/बीमारी के चलते हुई है मृतक मरीज का नाम प्रदान करें। (घ) विगत 2 वर्षों में जिला चिकित्सालय खंडवा में कितने उपचार उपकरण, मशीनें स्थापित की गई है उनके क्रय एवं उपयोगिता की विस्तृत जानकारी प्रदान करें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रदेश अंतर्गत स्वीकृत स्वास्थ्य संस्थाओं हेतु विभाग द्वारा दिनांक 05.07.2024 को पद स्वीकृति हेतु राज्य स्तरीय मानक वर्ष 2024 निर्धारित किए गए है, मापदण्ड अनुसार जिला चिकित्सालय स्तर की संस्थाओं में न्यूरोलॉजिस्ट, नेफ्रोलॉजी, कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ के पद स्वीकृत नहीं हैं। उपरोक्त मानको अनुसार 400 बिस्तरीय जिला चिकित्सालय खण्डवा में निश्चेतना विशेषज्ञ के 03 पदों के विरूद्ध 02 विशेषज्ञ पदस्थ हैं। पद पूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है, निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। 1100 बिस्तरीय शैक्षणिक अस्पताल हेतु विभाग स्तर से कोई कार्यवाही प्रचलित नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''द'' अनुसार है।
सामग्री क्रय की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
143. ( क्र. 1128 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत जिला राजगढ़ में एनएचएम, जिला चिकित्सालय, रोगी कल्याण समिति आदि में कोई सामग्री क्रय की जाती है? (ख) यदि हाँ, तो क्या इसके लिए शासन से कोई बजट प्राप्त होता है? यदि हाँ, तो वित्तीय वर्ष 2023-24 से प्रश्न दिनांक तक किस-किस मद में कितना-कितना बजट प्राप्त हुआ है? वर्षवार एवं मदवार बताएं। (ग) 1 अप्रैल 2023 से प्रश्न दिनांक तक कौन-कौन सी सामग्री किस-किस मद से कितनी-कितनी राशि की क्रय की गई है? नाम व राशि सहित सूची उपलब्ध करावें। (घ) उक्त प्राप्त बजट से क्रय की गई सामग्री में क्या भंडार क्रय नियमों का पालन किया गया है? यदि हाँ, तो किस नियम से सामग्री क्रय की गई है? (ड.) यदि सामग्री क्रय में भंडार क्रय नियमों का पालन नहीं किया गया है तो इसके लिए कौन दोषी है?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार। (घ) जी हाँ, म.प्र. भण्डार क्रय नियम तथा सेवा उपार्जन नियम 2015 (यथा संशोधन 2022) का पालन नहीं करने की कोई शिकायत शासन को प्राप्त नहीं हुई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -''स'' अनुसार। (ड.) शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
बसों के परमिट व बकाया टैक्स की जानकारी
[परिवहन]
144. ( क्र. 1129 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला परिवहन कार्यालय द्वारा बसों के परिचालन हेतु परमिट जारी किये जाते है? (ख) यदि हाँ, तो जिला परिवहन कार्यालय राजगढ़ द्वारा किन-किन बसों का परमिट किस-किस मार्ग पर कब से कब तक जारी किया गया है बस मालिक का नाम सहित बतावें। (ग) क्या उक्त सभी बसों का पूरा टैक्स जमा है? यदि हाँ, तो बतावें। (घ) यदि नहीं तो ऐसी कौन-कौन सी बसे राजगढ़ जिले में संचालित है जिनका टैक्स जमा नहीं है? नाम सहित बतावें। (ड.) उक्त बसों पर कितना-कितना टैक्स कितने-कितने समय का शेष है। बस का नाम, नंबर सहित बतावें।
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) से (ड.) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
डबरा शहर में बस स्टैंड का निर्माण
[परिवहन]
145. ( क्र. 1134 ) श्री सुरेश राजे : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्र. 1096 दिनांक 30/07/25 के उत्तर में अवगत कराया गया था कि मध्यप्रदेश सड़क परिवहन निगम के परिसमापन का निर्णय वर्ष 2005 में लिया गया जिसके क्रम में राज्य परिवहन निगम डबरा बस स्टैंड की भूमि का विक्रय किया गया, वर्तमान में ग्वालियर-झाँसी मार्ग पर नगर पालिका डबरा द्वारा सड़क पर ही बस स्टैंड का संचालन किया जा रहा है? (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित राज्य परिवहन निगम डबरा बस स्टैंड की भूमि का विक्रय किस फर्म को किस दिनांक में कितनी राशि में किया गया? नगर पालिका डबरा को बस स्टैंड का संचालन करने संबंधी सक्षम अधिकारी द्वारा जारी आदेश की सत्यापित प्रति देवें तथा नगर पालिका/पंचायत को शहर के मुख्य मार्ग पर बस स्टैंड संचालित करने हेतु सम्बंधित आदेश/नियम की सत्यापित प्रति देवें (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के अनुसार नपा डबरा शहर की लगभग 02 लाख जनसँख्या है तथा डबरा से अंतर्राज्यीय बस भी संचालित हैं किन्तु बस स्टैंड का संचालन मुख्य मार्ग पर होने तथा निजी चार पहिया वाहनों का इस पहुँच मार्ग के दोनों ओर खड़ा रहने से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, ऐसी स्थिति में डबरा में बस स्टैंड भूमि हेतु अभी तक किये गए प्रयास तथा कब तक बस स्टैंड हेतु भूमि का चयन कर संचालन किया जायेगा? समयावधि बतावें
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
जिगनिया-बारकरी सिंचाई परियोजना की जानकारी
[जल संसाधन]
146. ( क्र. 1135 ) श्री सुरेश राजे : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिगनिया-बारकरी सिंचाई परियोजना अंतर्गत संचालित कार्यालयों का पूर्ण पता जिसमें कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री, उपयंत्री कब से इस परियोजना में पदस्थ होकर कार्यरत हैं? इनका नाम/पद/संपर्क सहित बतावें (ख) विधानसभा क्षेत्र डबरा के अंतर्गत जिगनिया-बारकरी सिंचाई परियोजना में बाँध का निर्माण एवं कितने किलोमीटर की पाइपलाइन बिछाने तथा अन्य कार्यों हेतु कितनी-कितनी राशि की परियोजना किस दिनांक को स्वीकृत हुई? जिसका निर्माण कार्य किस दिनांक से प्रारंभ किया गया तथा कार्य पूर्ण करने की अवधि कब तक है? एजेंसी का नाम सहित बतावें (ग) प्रश्नांश (क) के अनुसार प्रश्न दिनांक तक निर्माण एजेंसी को भुगतान की गई राशि, बाँध निर्माण पर व्यय की गई राशि तथा कितने किलोमीटर पाइप-लाइन बिछायी गई उसकी व्यय राशि तथा अन्य कार्यों पर व्यय की गई राशि बतावें, उक्त प्रत्येक कार्य पर कितना प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है? शेष कार्य कब तक पूर्ण होगा?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जिगनिया-बारकरी सिंचाई परियोजना के नाम कोई योजना नहीं है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उत्तरांश 'क' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश 'क' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
सिंचाई परियोजना से डूब क्षेत्र प्रभावित परिवारों को मुआवजा
[राजस्व]
147. ( क्र. 1136 ) श्री ऋषि अग्रवाल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गुना जिले की बमौरी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत निर्माणाधीन ग्वाल टोरिया सिंचाई परियोजना में कौन-कौन से गांव की कितनी-कितनी भूमि राजस्व, वनविभाग की डूब क्षेत्र में आ रही है। यह भूमि किस-किस के नाम पर कितने-कितने हेक्टेयर दर्ज है तथा किन-किन लोगों की राजस्व के खाताधारक, पट्टेधारक एवं वनाधिकार पट्टेधारक की कितनी-कितनी भूमि है। गांववार, नाम, रकबा (हेक्टेयर में) सहित जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में समस्त डूब क्षेत्र में आने वाले कृषकों की राजस्व खाताधारक, पट्टेधारक एवं वनाधिकार पट्टेधारक की भूमि को अधिग्रहण/क्रय करने के लिये किन-किन कृषकों को भूमि क्रय प्रस्ताव जारी किये गये एवं किन-किन राजस्व खाताधारक, पट्टेधारक एवं वनाधिकार पट्टेधारक कृषकों को मुआवजा वितरण कर दिया गया एवं कितने शेष हैं। क्रय प्रस्ताव, मुआवजा वितरण एवं शेष की सूची नाम, रकबा सहित जानकारी देवें एवं शेष राजस्व खाताधारक, पट्टेधारक एवं वनाधिकार पट्टेधारक कृषकों को प्रश्न दिनांक तक मुआवजा वितरण क्यों नहीं किया गया कारण बतावें एवं इनको कब तक वितरण किया जावेगा? (ग) प्रश्नाश (क) के संदर्भ में वन विभाग से कितनी भूमि अधिग्रहण की गई एवं इस भूमि के बदले में राजस्व विभाग द्वारा कहां, कब और कितनी भूमि वनविभाग को हस्तांतरित की गई?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) गुना जिले की बमौरी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत निर्माणाधीन ग्वालटोरिया सिंचाई परियोजना में राजस्व विभाग, वन विभाग की डूब क्षेत्र में आ रही भूमि की जानकारी निम्नानुसार है :-
|
क्र. |
ग्राम का नाम |
डूब क्षेत्र में आने वाली राजस्व विभाग की भूमि |
डूब क्षेत्र में आने वाली वन विभाग की भूमि |
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|
कृषकों की संख्या |
प्रभावित रकबा (हे.) में |
कृषकों की संख्या |
प्रभावित रकबा (हे.) में |
||
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1 |
आटाखेड़ी |
42 |
39.394 |
2 |
3.090 |
|
2 |
ककरूआडांग |
27 |
28.675 |
19 |
35.117 |
|
3 |
कुंवरपुर |
15 |
3.577 |
0 |
0 |
|
4 |
डिबिया मानपुर |
37 |
10.458 |
0 |
0 |
|
5 |
काबर बमोरी |
49 |
53.420 |
17 |
33.863 |
|
कुल योग |
170 |
135.524 |
38 |
72.070 |
|
जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ख) डूब क्षेत्र में आने वाले राजस्व खाताधारक/पट्टेधारक कृषकों की जानकारी
|
क्र. |
ग्राम का नाम |
डूब क्षेत्र में आने वाली राजस्व विभाग की भूमि |
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कृषकों की संख्या जिनकी आपसी सहमति से भूमि क्रय हेतु आदेश जारी किए गए है |
कृषकों की संख्या जिनको मुआवजा भुगतान किया गया है |
मुआवजा भुगतान हेतु शेष कृषकों की संख्या |
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1 |
आटाखेड़ी |
35 |
29 |
13 |
|
2 |
ककरूआडांग |
23 |
21 |
6 |
|
3 |
कुंवरपुर |
09 |
6 |
9 |
|
4 |
डिबिया मानपुर |
23 |
16 |
21 |
|
5 |
काबर बमोरी |
35 |
29 |
20 |
|
कुल योग |
125 |
101 |
69 |
|
जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है, शेष 69 कृषकों में से 44 कृषकों के अनिवार्य भू-अर्जन हेतु धारा-11 के तहत कार्यवाही प्रचलित है। शेष कृषकों के पट्टा प्रकरण संबंधी दस्तावेजों की छानबीन की जा रही है एवं कुल 38 वनाधिकार पट्टेधारक कृषकों को मुआवजा भुगतान हेतु प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख (कक्ष भू-प्रबंध) म.प्र. भोपाल के पत्र क्रमांक एफ-3/2026/1118806 भोपाल दिनांक 25/06/2026 एवं वन मण्डलाधिकारी सामान्य वन मण्डल गुना के पत्र क्रमांक/डी.एम./2026/6014 गुना दिनांक 06/07/2026 के दिये गये निर्देशानुसार मुआवजा भुगतान की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शेष कृषकों की ग्रामवार सूची जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है । जिनके प्रकरण अनिवार्य भू-अर्जन हेतु दिनांक 3.7.2026 को नियंत्रक शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय भोपाल भेजे जा चुके हैं।
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क्रमांक |
ग्राम का नाम |
कृषक संख्या |
|
1 |
आटाखेड़ी |
09 |
|
2 |
ककरूआडांग |
03 |
|
3 |
कुंवरपुर |
06 |
|
4 |
डिबिया मानपुर |
12 |
|
5 |
काबर बमोरी |
14 |
|
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कुल योग |
44 |
जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार है। (ग) ग्वालटोरिया मध्यम सिंचाई परियोजना के निर्माण में वनमण्डल गुना की कुल 203.964 हेक्टेयर वनभूमि प्रभावित हो रही है। प्रभावित वनभूमि के बदले में यूजर एजेन्सी द्वारा कलेक्टर जिला गुना के माध्यम से कुल 204.777 हेक्टेयर राजस्व भूमि (गैर वनभूमि) वन विभाग को हस्तांतरण कराई गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''द'' अनुसार है।
ईटीपी/एस.टी.पी कार्य में शासन के क्रय भंडार नियम की अवहेलना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
148. ( क्र. 1140 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया मेडिकल कॉलेज में ईटीपी/एस.टी.पी. का कार्य किस फर्म के द्वारा किस नियम से तथा किस दर से किया जा रहा है? (ख) क्या वर्तमान में प्रश्नांश (क) से संबंधित कार्य की कोई ऑनलाइन निविदा जारी की गई है यदि हाँ, तो कार्य आदेश की छाया प्रति एवं इसकी एल-1 दर क्या है? (ग) क्या वर्तमान में ई.टी.पी./एस.टी.पी. का कार्य मध्यप्रदेश भंडार क्रय नियम 2015 संशोधित 2022 के अनुसार किया जा रहा है यदि नहीं तो इसके लिए कौन-कौन दोषी है, इन दोषियों के विरुद्ध सरकार द्वारा क्या कार्रवाई की जाएगी शासन के हुए नुकसान की इनसे कब तक वसूली की जाएगी? (घ) क्या उक्त कार्य में शासन के क्रय भंडार नियम का पालन कराया जायेगा, जानकारी उपलब्ध कराई जावे।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय दतिया अंतर्गत ईटीपी/एस.टी.पी कार्य फर्म मे. मां पीताम्बरा ट्रेडर्स द्वारा सीमित निविदा से राशि रू. 4,95,000/- प्रतिमाह की दर से किया जा रहा है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार। (ख) जी हाँ। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय दतिया अंतर्गत प्रश्नांश (क) से संबंधित कार्य की ऑनलाइन निविदा जारी की गई, जिसमें एल-1 वार्षिक दर राशि रू. 39,40,000/- मय टैक्स प्रतिवर्ष है। अभी निविदा की प्रक्रिया पूर्ण नहीं हुई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार। (ग) वर्तमान में ई.टी.पी./एस.टी.पी. का कार्य म.प्र. भण्डार क्रय नियम 2015 यथा संशोधित 2022 के बिन्दु क्रमांक 10.1.3 अनुसार किया जाना प्रतीत नहीं होता है। इस हेतु सम्बंधित का स्पष्टीकरण लिया जा रहा है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार। (घ) उत्तरांश "ग" अनुसार।
अधिग्रहित जमीन की वापसी
[राजस्व]
149. ( क्र. 1145 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सतना शहर में वर्ष 1939 में 981.29 एकड़ भूमि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नागरिक उड्डयन मंत्रालय एयरपोर्ट अथॉरिटी ने अधिगृहीत की थी? क्या वर्ष 1951 से 1975 के दौरान और बाद के वर्षों में विभिन्न राजस्व अधिकारियों ने विभिन्न कार्यालयों नायब तहसीलदार/तहसीलदार/एसडीएम/डिप्टी कमिश्नर/राजस्व मंडल का लिखित आदेश न होने पर भी हवाला देकर 529.36 एकड़ भूमि खुर्द-बुर्द कर दी गई? उक्त भूमि की वापसी का प्रश्न तिथि तक आदेश एसडीएम/कलेक्टर सतना एवं अन्य सक्षम कार्यालयों के पास उपलब्ध नहीं है? है तो एक प्रति दें? (ख) क्या सरस्वती विद्यापीठ उतैली के बाजू में व सामने की भूमि व बाजू की भूमि को एसडीएम रघुराजनगर ने शासकीय घोषित किया था? प्रेरणा सिंह पत्नी राजकिशोर सिंह की खसरा क्रमांक 104/1/5/1/1 एवं 104/1/3/1एवं 104/1/3/2 को नोटिस जारी किया था? क्या उससे सटे सरस्वती विद्यापीठ उतैली को नोटिस दिया गया? अगर नहीं तो वर्ष 1958-59 की खसरा खतौनी में जिस स्थान पर सरस्वती विद्यापीठ उतैली है, के खसरों की (पूरी भूमि की) एक प्रति दें? (ग) सरस्वती स्कूल कृष्ण नगर सतना के आसपास गरीबों के घरों को नभ विभाग की जमीन पर काबिज कहकर तोड़ा/हटाया जा रहा है? सरस्वती स्कूल कृष्णनगर जिस भूमि पर है उस पूरी भूमि (खेल के मैदान एवं निर्माण सहित) का वर्ष 1958-59 की खसरा खतौनी की एक प्रति दें?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) उपलब्ध कार्यालयीन रिकार्ड के अनुसार तहसील रघुराजनगर के कुल 9 ग्रामों में 981.29 एकड़ भूमि पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार खतौनी संवत् 1982-2002 में एरोड्रम दर्ज अभिलेख हैं। जी हां, बगैर किसी सक्षम लिखित आदेश के एरोड्रम दर्ज अभिलेख भूमि को खुर्द-बुर्द किया गया है। उक्त भूमियों की वापसी का आदेश उपलब्ध नहीं है। (ख) हां,शासकीय घोषित किया गया था। प्रेरणा सिंह को नोटिस जारी किया गया था। सरस्वती विद्यापीठ, उतैली को नोटिस जारी नहीं किया गया है। सरस्वती विद्यापीठ उतैली की भूमि की आ.नं. 101, 102, 108 की वार्षिक खतौनी वर्ष 1958-59 पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। (ग) सरस्वती स्कूल के आसपास अतिक्रमणकर्ताओं को राजस्व विभाग द्वारा नहीं तोड़ा/हटाया जा रहा हैं। सरस्वती स्कूल कृष्णनगर की भूमि का अभिलेख रीवा रियासत संवत् 1983-2002 की प्रति एवं वर्ष 1958-59 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है।
शासकीय शालाओं के क्षतिग्रस्त भवन
[स्कूल शिक्षा]
150. ( क्र. 1147 ) श्रीमती कंचन मुकेश तनवे : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र खंडवा अंतर्गत विगत 2 वर्षों में कितने शासकीय, अशासकीय नए स्कूल खोले गए, कितने शासकीय स्कूल में अतिरिक्त कक्ष, लेब, स्वीकृत किये गए है, पूर्ण अपूर्ण, अपूर्ण का कारण सहित जानकारी देवें l (ख) विधान सभा खंडवा अंतर्गत विगत 2 वर्षों में कितने विद्यालयों में स्मार्ट टीवी, स्मार्ट बोर्ड, फर्नीचर व अन्य उपकरण किस-किस मद से प्रदाय किये गए, संस्थावार जानकारी प्रदान की जावे l (ग) विधान सभा खंडवा अंतर्गत संचालित कितनी शालाओं में बालक बालिका शौचालय निर्मित है, विगत 2 वर्षों में कितने शौचालय किन-किन शालाओं में स्वीकृत किये गए है l ऐसी कितनी प्राथमिक, माध्यमिक, उ.मा. शालाये हैं, जिनमें बालिका शौचालय नहीं है या क्षतिग्रस्त अनुपयोगी है एवं मांग है की जानकारी शालावार प्रदान करें l (घ) विधान सभा खंडवा अंतर्गत संचालित समस्त प्रकार की शासकीय शालाओं में सभी प्रकार के (नियमित, शैक्षणिक, कार्यालयीन, अनुकम्पा, संविदा, दवैभो, आउट सोर्स) आदि स्वीकृत पद, भरे पद, रिक्त पद की शाला वार जानकारी प्रदान की जावे।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) विधानसभा खण्डवा अन्तर्गत विगत 02 वर्षों में कोई भी नवीन शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक/हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूल नहीं खोले गये है एवं 20 अशासकीय प्राथमिक/माध्यमिक व 06 हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूल खोले गये। शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं में कोई भी अतिरिक्त कक्ष एवं कम्प्यूटर लेब स्वीकृत नहीं किये गये है। शासकीय हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूलों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''एक'' अनुसार है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) विधानसभा खण्डवा अन्तर्गत विगत 02 वर्षों प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालयों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''दो'' अनुसार है। शासकीय हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों की स्मार्ट टी.वी की जानकारी निरंक है। स्मार्ट बोर्ड एवं फर्नीचर की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''दो'' अनुसार है व अन्य उपकरण प्रदाय नहीं किए गए हैं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) विधानसभा खण्डवा अन्तर्गत जिले में शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं में कुल 186 शालाओं में बालक एवं बालिका शौचालय निर्मित है। विगत 02 वर्षों में 29 शालाओं में शौचालय रिपेयर कार्य स्वीकृत किये गये है जिसका कार्य पूर्ण किया जा चुका है। शालावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''तीन'' अनुसार है। सभी शालाओं में बालिका शौचालय उपलब्ध है एवं क्रियाशील है। 18 शासकीय हाईस्कूल एवं 15 हायर सेकेण्डरी स्कूलों में बालक-बालिका शौचालय निर्मित हैं, विगत 02 वर्षों में किसी भी शाला में शौचालय स्वीकृत नहीं हुए हैं। शासकीय उ.मा. शालाओं में बालिका शौचालय नहीं होने या क्षतिग्रस्त अनुपयोगी होने संबंधी माँग अप्राप्त है। अतः शेषांश उद्भूत नहीं होता। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''चार'' अनुसार है।
मल्टी टास्क ग्रुप डी वर्कर के पदों की स्वीकृति/नियुक्ति
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
151. ( क्र. 1161 ) श्री अजय विश्नोई : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जबलपुर द्वारा मल्टी टास्क ग्रुप डी वर्कर के कुल कितने पदों हेतु स्वीकृति प्राप्त की गयी है। उक्त पदों पर नियुक्तिकर्ता, चयनकर्ता एजेंसी कौन है? क्या, उक्त नियुक्तियां मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जबलपुर द्वारा की गई हैं? यदि नहीं, तो नियुक्ति की प्रक्रिया एवं सक्षम प्राधिकारी का विवरण क्या है? (ख) प्रश्न दिनांक तक मल्टी टास्क ग्रुप डी वर्कर के कितने पदों पर नियुक्तियां की जा चुकी है तथा कितने पद रिक्त हैं? मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जबलपुर के अंतर्गत स्वीकृत अन्य आउट-सोर्स पदों पर भर्ती हेतु कौन सी प्रक्रिया अपनाई जा रही हैं? उक्त पदों हेतु किस एजेंसी, फर्म को निविदा अथवा कार्यादेश प्रदान किया गया है? (ग) मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जबलपुर के अंतर्गत आउट-सोर्स व्यवस्था से संचालित सफाई कर्मी, सपोर्ट स्टॉफ, डाटा एंट्री ऑपरेटर, कुक, हेल्पर, सुरक्षा गार्ड, वार्ड अटेंडेंट, लैब अटेंडेंट एवं अन्य समस्त आउट सोर्स पदों के संबंध में पदवार पृथक-पृथक जानकारी उपलब्ध कराई जाए, जिसमें प्रत्येक पद हेतु स्वीकृत पदों की संख्या, कार्यरत कर्मियों की संख्या, रिक्त पदों की संख्या, नियुक्ति की प्रक्रिया तथा संबंधित एजेंसी/फर्म का नाम उल्लेखित हो।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जबलपुर द्वारा मल्टी टास्क ग्रुप डी वर्कर के कुल 314 पदों पर नियोजन हेतु कलेक्टर जिला जबलपुर के अनुमोदन से स्वीकृति प्राप्त की गई है। मल्टी टास्क ग्रुप डी वर्कर के पदों पर नियोजन की कार्यवाही उद्यमिता विकास केन्द्र (CEDMAP) की अधिकृत एजेन्सी (Zeus Enterprises) के माध्यम से की जा रही है। जी नहीं, नियोजन की प्रक्रिया उद्यमिता विकास केन्द्र के (CEDMAP) नामित नोडल अधिकारियों से की जा रही है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार। (ख) प्रश्न दिनांक तक कुल 177 मल्टी टास्क ग्रुप डी वर्कर की नियोजन की गई है एवं वर्तमान में कुल 137 पद रिक्त है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जबलपुर के अन्तर्गत स्वीकृत अन्य आउटसोर्स पदों पर भर्ती हेतु उद्यमिता विकास केन्द्र (CEDMAP) से की जा रही है। आउटसोर्स पदों पर भर्ती हेतु उद्यमिता विकास केन्द्र (CEDMAP) की अधिकृत एजेंसी ओम पारस मेन पावर सर्विस के माध्यम से कर्मचारी उपलब्ध कराए जा रहे है। इसके लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला जबलपुर स्तर पर पृथक निविदा आमंत्रित नहीं की जाती है क्योकि उद्यमिता विकास (CEDMAP) शासन द्वारा अधिकृत एजेन्सी है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार।
चिकित्सकों की भर्ती एवं पदस्थापना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
152. ( क्र. 1162 ) श्री अजय विश्नोई : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. लोक सेवा आयोग द्वारा वर्ष 2025-26 में चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती के अंतर्गत जिला जबलपुर को कितने चिकित्सा अधिकारी आवंटित/पदस्थ किए गए हैं? साथ ही म.प्र. के प्रत्येक जिले में कितने-कितने चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। जिलेवार विवरण प्रदान किया जाए? (ख) विगत 8 माह की अवधि में जिला जबलपुर में नियमित एवं संविदा पदों पर कार्यरत कितने चिकित्सकों द्वारा त्यागपत्र दिया गया है। नियमित एवं संविदा श्रेणीवार विवरण उपलब्ध कराया जाए। साथ ही उक्त अवधि में कितने चिकित्सकों ने नवीन पदस्थापना अथवा जॉइनिंग दी है, उसका भी विस्तृत विवरण प्रदान किया जाए? (ग) विधानसभा क्षेत्र पाटन में, वर्ष 2026 के दौरान कितने चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति, पदस्थापना की गई है? साथ ही इसी अवधि में कितने चिकित्सा अधिकारियों को स्थानांतरित अथवा कार्यमुक्त किया गया है? संस्थावार विवरण उपलब्ध कराया जाए। इसके अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला जबलपुर द्वारा विधानसभा क्षेत्र पाटन के स्वास्थ्य संस्थानों में कितने चिकित्सा अधिकारियों को अन्य स्वास्थ्य केंद्रों/स्वास्थ्य संस्थाओं में संलग्न किया गया है? संलग्न की अवधि, आदेश क्रमांक, कारण एवं वर्तमान कार्यस्थल सहित विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाए। (घ) विधानसभा क्षेत्र पाटन अंतर्गत संचालित प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में चिकित्सा अधिकारियों के कितने पद स्वीकृत हैं तथा वर्तमान में कितने पद रिक्त है? ऐसे कितने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र चिकित्सकविहीन है? संस्थावार विवरण उपलब्ध कराया जाए। साथ ही रिक्त पदों की पूर्ति हेतु शासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जा रही कार्यवाही, प्रस्तावित नियुक्ति प्रक्रिया तथा अपेक्षित समय-सीमा का विवरण भी प्रदान किया जाए?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) म.प्र. लोक सेवा आयोग द्वारा वर्ष 2025-26 में चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती के अंतर्गत जिला जबलपुर जिले में आवंटित चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की जानकारी निरंक है। जिलेवार विवरण जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ख) विगत 8 माह की अवधि में जिला जबलपुर में कार्यरत नियमित चिकित्सकों द्वारा त्याग पत्र नहीं दिया गया है, संविदा पदों पर कार्यरत कुल 31 चिकित्सकों द्वारा त्यागपत्र दिया गया है। उक्त वर्णित अवधि में जबलपुर जिले में 02 विशेषज्ञ, 09 चिकित्सा अधिकारी, 01 दंत चिकित्सक सहित कुल 12 नियमित एवं 10 संविदा चिकित्सकों की पदस्थापना की गई है। जबलपुर जिले में पदस्थ किए चिकित्सकों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। (ग) विधानसभा क्षेत्र पाटन में प्रश्नांश में वर्णित अवधि में 01 नियमित चिकित्सा अधिकारी की पदस्थापना की गई है एवं किसी नियमित चिकित्सक को अन्यत्र स्थानांतरित अथवा कार्यमुक्त नहीं किया गया है अपितु 03 संविदा चिकित्सकों को त्याग-पत्र प्रस्तुत किए जाने के फलस्वरूप संविदा सेवा से कार्यमुक्त किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार है। रजिस्ट्रार माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा चिकित्सक की व्यवस्था किए जाने संबंधी संदर्भ में पाटन विधानसभा क्षेत्र पाटन में पदस्थ डॉ निमिषा पॉल को सिविल डिस्पेंसरी हाईकोर्ट में कार्य करने हेतु, कलेक्टर जबलपुर से अनुमोदन उपरांत ड्युटी लगाई गई है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''द'' अनुसार है। पदपूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है, निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।
पुष्पराजगढ़ की ग्राम पंचायत करपा को नई तहसील बनाया जाना
[राजस्व]
153. ( क्र. 1167 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला अनूपपुर में विगत कई वर्षों से सामाजिक, व्यापारिक संगठनों के साथ ही क्षेत्र की जनता, जनप्रतिनिधियों द्वारा बढ़ती जनसंख्या एवं बढ़ते जनकार्यों को सुगमता से किये जाने हेतु पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत करपा को नई तहसील बनाये जाने की मांग की जा रही है? (ख) क्या मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त पत्र क्रमांक 2207/cms/pub/2024 दिनांक 8.5.2024 के माध्यम से जिला कलेक्टर, अनूपपुर द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अनुभाग पुष्पराजगढ़ जिला अनूपपुर को पत्र भेजकर ग्राम पंचायत करपा को तहसील का दर्जा दिये जाने के संबंध में परीक्षण कर यथोचित प्रतिवेदन मांगा गया था. जिसमें यह उल्लेख था कि उक्त संबंध में अधीक्षक, भू-अभिलेख, अनूपपुर से समन्वय स्थापित कर प्रतिवेदन देना सुनिश्चित करें ताकि वरिष्ठ कार्यालय को जानकारी प्रेषित की जा सके? (ग) क्या जिला स्तर पर समस्त औपचारिकता पूर्ण कर नवीन तहसील बनाये जाने संबंधी प्रकरण को शासन के पास में भेज दिया गया है किंतु प्रकरण शासन स्तर पर लंबित है? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) का उत्तर यदि हाँ, है तो क्या विभाग द्वारा ग्राम पंचायत करपा को नई तहसील बनाये जाने के संबंध में प्रशासनिक और वित्तीय प्रस्तावों के पूर्ण होने का विस्तृत सकारात्मक प्रतिवेदन अग्रेषित किया है तो ग्राम पंचायत करपा को नई तहसील बनाये जाने की कार्यवाही कब तक पूर्ण की जावेगी?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं, प्रस्ताव तैयार किये जाने के संबंध में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (घ) वर्तमान में प्रशासनिक इकाईयों के परिसीमन एवं युक्तियुक्तकरण के लिये मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग गठित होकर कार्यरत है। जनगणना 2027 हेतु क्षेत्राधिकार परिवर्तन की फ्रीजिंग तिथि दिनांक 31.12.2025 से किसी प्रशासनिक इकाई में क्षेत्राधिकार परिवर्तन अनुमत्य न होने से आगामी कार्यवाही वर्तमान में प्रतिबंधित हैं। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों का उन्नयन
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
154. ( क्र. 1168 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अनूपपुर के विकासखंड पुष्पराजगढ़ अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पुष्पराजगढ़ का उन्नयन कर सिविल अस्पताल बनाने तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बेनीवारी का उन्नयन सामुदायिक स्वा. केन्द्र में करने संबंधी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला अनूपपुर द्वारा आयुक्त स्वास्थ्य सेवायें, भोपाल को दिनांक 10.9.2024 को पत्र प्रेषित किया गया था। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में दिनांक 4 दिसम्बर, 2025 को उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा यह स्वीकार किया गया था कि प्रकरण अभी परीक्षणाधीन है। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) का उत्तर यदि हाँ, तो क्या उल्लेखित मांग को दृष्टिगत रखते हुये प्रश्नकर्ता सदस्य द्वारा पत्र क्रमांक 470 दिनांक 24.2.2026 को माननीय मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को प्रेषित कर पुष्पराजगढ़ में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का उन्नयन कर सिविल अस्पताल बनाने एवं प्रा. स्वा. केन्द्र बेनीवारी का उन्नयन कर सामु. स्वा. केन्द्र करने का अनुरोध किया था. यदि हाँ, तो उक्त पत्र पर की गई कार्यवाही एवं अद्यतन स्थिति से अवगत कराते हुये बतावें कि कब तक स्वीकृति प्रदान कर दी जावेगी?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। विभाग द्वारा प्राप्त प्रस्तावों की पात्रता का परीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। (ग) स्वास्थ्य केंद्रों का उन्नयन संसाधनों की उपलब्धता, जनसंख्या मापदंड, वर्तमान संस्था के उपयोग की स्थिति एवं उस क्षेत्र में उपलब्ध अन्य संस्थाओं के उपयोग की स्थिति आदि को देखते हुए प्राथमिकता निर्धारण के साथ किया जाता है। अत: निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
सांदीपनि विद्यालयों की जानकारी
[स्कूल शिक्षा]
155. ( क्र. 1173 ) डॉ. प्रभुराम चौधरी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सांची के रायसेन एवं गैरतगंज सांदीपनि विद्यालयों को कब तक पूर्ण किया जाना था? (ख) इन विद्यालयों का किन-किन विभागीय अधिकारियों द्वारा कब-कब निरीक्षण किया गया एवं निरीक्षण उपरांत क्या निर्देश जारी किये गये? निरीक्षण प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नकर्ता द्वारा सांदीपनि विद्यालय रायसेन एवं सांदीपनि विद्यालय गैरतगंज के संबंध में निरीक्षण उपरांत पत्र क्रमांक 390, 391, 392 एवं 393/2025 दिनांक 01.06.2025 द्वारा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश भवन विकास निगम लिमिटेड एवं अपर मुख्य सचिव, लोक निर्माण विभाग को भी लिखा गया था। प्रश्नकर्ता उपरोक्त पत्रों के संबंध में क्या कार्यवाही की गई? (घ) क्या यह सही है कि यह विद्यालय निर्धारित अवधि में पूर्ण नहीं किये गये हैं? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा इस संबंध में संबंधितों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? (ड.) उपरोक्त विद्यालयों का संपूर्ण कार्य कब तक पूर्ण किया जाकर संबंधित विभाग को भवन हस्तांतरण की कार्यवाही की जावेगी?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) विधानसभा क्षेत्र साँची के शासकीय सांदीपनि उ.मा.वि. पाटनदेव रायसेन को दिनांक 22.05.2024 में एवं शासकीय सांदीपनि कन्या उ.मा.वि. गैरतगंज को दिनांक 25.06.2024 में पूर्ण किया जाना था। (ख) इन विद्यालयों में शिक्षा विभाग से आयुक्त, लोक शिक्षण, जिला शिक्षा अधिकारी, सहायक संचालक, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक एवं निर्माण एजेंसी, म.प्र. भवन विकास निगम से तकनीकी अधिकारियों द्वारा समय-समय पर किये गये निरीक्षणों का प्रतिवेदन एवं निर्देश जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"1" अनुसार है। (ग) जी हाँ। मान. विधायक के पत्रों के परिपालन में प्रबंध संचालक, म.प्र. भवन विकास निगम द्वारा दिये गये निर्देशों के संदर्भ में किये गये सुधार कार्य आवश्यक कार्यवाही पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र (ब) के पृष्ठ क्र. 196 से 205 के अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "2" अनुसार है। (घ) जी हाँ। अनुबंधित प्रावधान अनुसार अर्थदण्ड की राशि रोकी गई। (ड.) शास. सांदीपनि उ.मा.वि. पाटनदेव रायसेन एवं शा. सांदीपनि कन्या उ.मा.वि गैरतगंज का निर्माण कार्य पूर्ण कर क्रमशः दिनांक 05.06.2026 एवं 29.06.2026 को विभाग को हस्तांतरित किये गये है।
स्टॉप डेम/तालाब का निर्माण
[जल संसाधन]
156. ( क्र. 1174 ) डॉ. प्रभुराम चौधरी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सांची अंतर्गत विगत 3 वर्षों में नहरों/तालाब/डेम मरम्मत हेतु कितनी राशि प्राप्त हुई है? प्राप्त राशि से विभाग द्वारा नहरों तालाब एवं डेम पर क्या-क्या मरम्मत/सुधार कार्य किन-किन फर्मों से करवाये गये है? सुधार कार्यों में कितनी राशि खर्च की गई है? कार्यवार जानकारी देवें। (ख) क्या विधानसभा सांची अंतर्गत नवीन स्टॉप डेम/तालाब निर्माण कार्य स्वीकृति हेतु प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो कब तक स्वीकृति प्रदान की जावेगी? कार्यवार जानकारी देवें।
जल संसाधन मंत्री
( श्री तुलसीराम
सिलावट ) : (क)
विवरण संलग्न परिशिष्ट-"अ" अनुसार
है। (ख) जी
हाँ । निश्चित
समय-सीमा बताया
जाना संभव नहीं।
विवरण संलग्न परिशिष्ट-"ब" अनुसार
है।
परिशिष्ट
- "चालीस"
स्वास्थ्य व्यवस्था अंतर्गत डॉक्टर, नर्स, टेक्नीशियन के रिक्त पदों की पूर्ति
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
157. ( क्र. 1176 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर संभाग के सभी जिलों में स्वास्थ्य सुविधा हेतु कौन-कौन सी संस्था कहां-कहां पर कब-कब से संचालित है, उन सभी संस्था में किस-किस श्रेणी के कितने-कितने पद स्वीकृत हैं? स्वीकृत पद के विरूद्ध कितने भरे हैं एवं कितने रिक्त हैं कब से रिक्त हैं। सभी संस्थाओं में उपर्युक्त व्यवस्था है, अगर नहीं, तो कहां-कहां क्या-क्या व्यवस्था नहीं है, जानकारी दें? (ख) वर्ष 2024-25, 2025-26 तथा 2026-27 में म.प्र. सरकार ने कौन-कौन सी दवाई एवं मशीन कहां-कहां से कितनी-कितनी राशि में कब-कब क्रय किया तथा कितनी-कितनी राशि किसे-किसे, कब-कब भुगतान किया? जानकारी दें। (ग) वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 में किसे-किसे, कितनी-कितनी राशि, कब-कब आयुष्मान योजना के तहत भुगतान किया गया। भुगतान के क्या नियम हैं?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- ''अ'' अनुसार। उक्त संस्थाओं में सुविधा/व्यवस्था की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार। (ख) वर्ष 2024-2027 के दौरान विभाग द्वारा क्रय की गई दवाई की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार तथा उपकरणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''द'' अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''इ'' अनुसार ।
सांदीपनि विद्यालय प्रारंभ किया जाना
[स्कूल शिक्षा]
158. ( क्र. 1180 ) श्री मुकेश टंडन : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश क्र. एफ-44-02/2020/20-2 दिनांक 05.10.2023 के द्वारा विदिशा जिले के गुलाबगंज में सी.एम. राईस योजनान्तर्गत शैक्षणिक सत्र 2023-24 में सर्व संसाधन सम्पन्न विद्यालयों के रूप में प्रारंभ करने की अनुमति दी गई थी? यदि हाँ, तो उस पर क्या कार्यवाही की गई? (ख) क्या उपरोक्त के संबंध में प्रश्नकर्ता ने पत्र क्र. 102 दिनांक 17.03.26 एवं कलेक्टर विदिशा ने पत्र क्र. 3503 दिनांक 26.03.26 को सचिव/प्रमुख सचिव को अवगत कराया था? यदि हाँ, तो उस पर क्या कार्यवाही हुई? (ग) क्या इस चालू शैक्षणिक सत्र में गुलाबगंज में सर्व संसाधन संपन्न विद्यालय के रूप में प्रारंभ करने की शासन द्वारा अनुमति दी जावेगी? यदि नहीं तो क्यों कारण स्पष्ट करें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। सर्व संसाधन सम्पन्न सांदीपनि विद्यालयों की संचालन सक्षम अनुमोदन एवं बजट की उपलब्धता पर निर्भर है। विगत 02 वित्तीय वर्षों में अतिरिक्त सांदीपनि विद्यालयों के लिए बजट स्वीकृत नहीं होने से शा.उ.मा.वि. गुलाबगंज का सांदीपनि विद्यालय के रूप में संचालन नहीं हो सका है। (ख) जी हाँ, बजट की अनुपलब्धता के कारण शा.उ.मा.वि. गुलाबगंज को सांदीपनि विद्यालय के रूप में संचालन नहीं किया जा सका है। (ग) उत्तरांश (क) एवं (ख) के अनुक्रम में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
नवीन नहर के विस्तार हेतु सर्वे किया जाना
[जल संसाधन]
159. ( क्र. 1181 ) श्री मुकेश
टंडन :
क्या
जल संसाधन मंत्री
महोदय यह बताने
की कृपा करेंगे
कि (क) क्या जिला
विदिशा मे बेतवा
नदी पर ग्राम
रुसल्ली-सुरई मूड़रा के पास से
नहर विस्तार की
योजना बनाई जा रही है? यदि हां, तो इसमें
ग्राम सुमेर बर्री
को शामिल किया
जा रहा है? यदि नहीं, तो क्यों, कारण बतावें।
(ख) क्या प्रश्नकर्ता
ने उपरोक्त के
संबंध में मा. मंत्री
महोदय को पत्र
क्र. 956 दिनांक
15/12/25 के माध्यम
से अवगत कराकर
ग्राम सुमेर बर्री
को शामिल करने
का आग्रह किया
है? (ग) यदि
प्रश्नांश
(ख) का उत्तर हाँ
तो उक्त संबंध
में विभाग द्वारा
क्या कार्यवाही
की गई?
जल
संसाधन मंत्री
( श्री तुलसीराम
सिलावट ) : (क) जी हाँ।
बेतवा नदी पर ग्राम
रुसल्ली-सुरई मूड़रा
के पास बेतवा प्रेशराइज़
सिंचाई योजना प्रस्तावित
है। इस योजना से
ग्राम सुमेर बर्री
में सिंचाई प्रस्तावित
है। (ख) इस योजना
के लाभान्वित ग्रामों
में सुमेर बर्री
प्रस्ताव में सम्मिलित
है। (ग) योजना
का प्रस्ताव स्वीकृति
हेतु आगामी साधिकार
समिति में रखा
जाना प्रस्तावित
है।
राजस्व न्यायालय में दर्ज प्रकरणों का निराकरण
[राजस्व]
160. ( क्र. 1184 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल जिले में वर्ष 2023 से 2026 प्रश्न दिनांक तक के दौरान राजस्व न्यायालयों में सीमांकन, बंटवारा, नामांतरण, नक्शा सुधार, अतिक्रमण एवं अन्य राजस्व प्रकरणों के कुल कितने आवेदन/प्रकरण प्राप्त हुये वर्षवार, तहसीलवार एवं जिलावार जानकारी उपलब्ध कराई जाए। (ख) म.प्र. शासन के प्रचलित नियमों एवं निर्देशो के अनुसार सीमांकन तथा अन्य राजस्व प्रकरणों के निराकरण हेतु समय सीमा क्या है? प्रकरणवार विवरण उपलब्ध कराया जाए। (ग) प्रश्नांश (क) के तारतम्य में जिले में कुल कितने प्रकरणों का निराकरण निर्धारित समय सीमा के भीतर किया गया था कितने प्रकरण समय सीमा के पश्चात निराकृत हुये? वर्षवार, तहसीलवार, प्रकरणवार विवरण उपलब्ध करायें। (घ) वर्तमान में लंबित प्रकरणों में से कितने प्रकरण शासन द्वारा निर्धारित समय सीमा से अधिक अवधि से लंबित है? उनको कब तक पूर्ण किया जायेगा? प्रकरणवार एवं तहसीलवार जानकारी उपलब्ध कराई जाए। (ड.) प्रश्नांश (क), (ग) एवं (घ) के तारतम्य में निर्धारित समय सीमा में प्रकरणों का निराकरण न होने का कारण क्या है? ऐसे मामलों में सबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई तथा लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण हेतु शासन द्वारा क्या कार्य योजना बनाई गई है एवं उन्हें कब-तक निराकृत किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है? समय सीमा सहित जानकारी उपलब्ध करावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' एवं ''ब'' अनुसार। (ख) म.प्र. लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत अविवादित नामांतरण 30 दिवस, अविवादित बंटवारा 90 दिवस एवं सीमांकन प्रकरणों में 45 कार्यदिवस की समय-सीमा निर्धारित की गई है। (ग) जिले में प्रश्न (क) में बताई गई अवधि में कुल 123771 प्रकरणों का निराकरण किया गया तथा 1404 प्रकरण शेष है। शेष सभी प्रकरण नियत समय सीमा के अंदर है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं है। (घ) उत्तरांश (ग) अनुसार। (ड.) नियमित साप्ताहिक व्ही.सी. से समीक्षा, मासिक राजस्व अधिकारियों की भौतिक बैठक, वरिष्ठ कार्यालय द्वारा पाक्षिक समीक्षा एवं कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण कर समीक्षा की जाती है।
पर्यटन स्थलों के विकास हेतु बजट का आवंटन
[पर्यटन]
161. ( क्र. 1185 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल एवं रीवा जिलो में पर्यटन विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त विकसित, विकासाधीन एवं प्रस्तावित पर्यटन स्थलों की संख्या कितनी है? पर्यटन स्थल का नाम, श्रेणी (धार्मिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, प्राकृतिक, पुरातात्विक इको-टूरिज्म, साहसिक पर्यटन आदि) एवं वर्तमान स्थिति सहित सूची उपलब्ध करायें। (ख) वित्तीय वर्ष 2023 से 2026 तक उक्त जिलों के पर्यटन स्थलों के विकास सौंदर्यीकरण, आधारभूत संरचना, निर्माण, पर्यटक सुविधाओं के विस्तार एवं प्रचार-प्रसार हेतु कितनी राशि स्वीकृत, आवंटित एवं व्यय की गई? स्थलवार, मदवार एवं वर्षवार विवरण उपलब्ध करायें। (ग) प्रश्नांश (क) के तारतम्य में कितने पर्यटन स्थल उनके विकास हेतु प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित हैं? प्रस्ताव प्राप्त तिथि, प्रस्तावित लागत, स्वीकृत की वर्तमान स्थिति एवं विलम्ब के क्या कारण है? उन पर क्या कार्यवाही हुई है? (घ) क्या शासन द्वारा शहडोल एवं रीवा जिलों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने हेतु स्थानीय युवाओं के लिये रोजगार, सृजन, होम स्टे, इको टूरिज्म, धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन के विकास हेतु कोई विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है? यदि हाँ, तो इसका विस्तृत विवरण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन, कार्यकम उपलब्ध कराया जाए। (ड.) जिलेवार यह भी बतायें कि आगामी 3 वर्षों में किन-किन पर्यटन स्थलों को विकसित किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है तथा इसके लिये कितनी राशि प्रस्तावित की गई है? जानकारी उपलब्ध करायें।
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) विभाग द्वारा पर्यटन स्थलों की संख्या एवं सूची संधारण नहीं की जाती है। (ख) वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' एवं ''ब''अनुसार। (ग) प्रश्नांश (क) परिप्रेक्ष्य में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"द" अनुसार। (ड.) पर्यटन स्थलों को विकसित किये जाने हेतु वर्तमान में कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
म.प्र. में संचालित 108 एम्बुलेंस के विरूद्ध कार्यवाही
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
162. ( क्र. 1192 ) श्री उमंग सिंघार : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्य प्रदेश, भोपाल के पत्र क्र. 2829, दिनांक 13.05.2026 के द्वारा परिवहन आयुक्त, कैम्प ऑफिस 1100 क्वार्टर भोपाल से मध्य प्रदेश में संचालित 108 एम्बूलेंस एवं जननी एक्सप्रेस का मध्यप्रदेश मोटरयान कर एवं शास्ति की राशि जमा कराने संबंधी पत्र लिखा गया है? (ख) क्या प्रश्नांश (क) के प्रकाश में कर एवं शास्ति की राशि जमा कराई गई है? यदि हाँ, तो कितनी? यदि नहीं तो कितनी? (ग) क्या शासन इस वित्तीय अनियमितता के संबंध में शीघ्र पहल कर राशि की वसूली करेगा एवं संबंधित के विरूद्ध एफ.आई.आर. की जायेगी? यदि नहीं तो क्यों?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं, वर्तमान में माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ जबलपुर में संस्थित याचिका क्रमांक WP-3433/2026 M/S JAES PROJECTS I PVT. LTD AND OTHERS Vs THE STATE OF MADHYA PRADESH AND OTHERS अंतर्गत पारित आदेश दिनांक 18.02.2026 अनुसार संस्था JAES को उक्त प्रकरण में अन्तरिम राहत प्रदाय की गई है, जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। प्रश्न भाग के प्रथम भाग में दिए गये उत्तर के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नांश (ख) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना
[राजस्व]
163. ( क्र. 1195 ) डॉ. अभिलाष पाण्डेय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन द्वारा शहरी व अन्य आबादी क्षेत्रों के नागरिकों के भू-खंड संबंधी अधिकारों को सुरक्षित करने तथा बैंकों से ऋण प्राप्ति सुगम बनाने हेतु हाल ही में 'स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना' को स्वीकृति प्रदान की गई है? (ख) यदि हाँ, तो उक्त जनहितैषी योजना के अंतर्गत जबलपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शहरी आबादी क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक से निर्मित अधिकार अभिलेखों (डीड ऑफ कन्वेयेंस) के निष्पादन एवं नागरिकों के हित में पूर्णतः निःशुल्क पंजीयन हेतु विभाग द्वारा क्या विशेष अभियान या कार्ययोजना तैयार की गई है? (ग) क्या विभाग द्वारा जबलपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ऐसे पात्र भू-खंडधारियों व शहरी संपत्तियों का वार्डवार पूर्ण चिन्हांकन कर लिया गया है जिन्हें इस योजना के तहत बिना स्टाम्प ड्यूटी व पंजीयन शुल्क दिए मालिकाना हक के पंजीकृत दस्तावेज सौंपे जाएंगे यदि हाँ, तो क्षेत्र के कुल कितने शहरी नागरिकों को इसका लाभ मिलेगा? (घ) जबलपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के शहरी नागरिकों को गृह निर्माण, व्यवसाय व अन्य आर्थिक कार्यों हेतु ऋण उपलब्ध कराकर उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने वाली इस योजना का क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर कब से प्रारंभ होगा तथा इसके प्रभावी संचालन व जन-जागरूकता हेतु स्थानीय स्तर पर क्या व्यवस्था की गई है?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी नहीं। स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना शहरी क्षेत्र से संबंधित नहीं है। (ख) से (घ) शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
शासकीय अस्पताल का सिविल अस्पताल में उन्नयन
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
164. ( क्र. 1196 ) डॉ. अभिलाष पाण्डेय : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा जबलपुर के मनमोहन नगर स्थित शासकीय अस्पताल को सिविल अस्पताल के रूप में उन्नयन (अपग्रेड) करने के संबंध में एक विस्तृत प्रस्ताव शासन व विभाग को प्रेषित किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो उक्त सघन आबादी वाले क्षेत्र की अत्यधिक चिकित्सा आवश्यकताओं को देखते हुए उक्त प्रस्ताव पर विभाग द्वारा अब तक दिनांकवार क्या-क्या कार्यवाही की गई है तथा वर्तमान में यह प्रस्ताव किस स्तर पर लंबित है? (ग) क्या शासन मनमोहन नगर अस्पताल में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने, विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति करने तथा आधुनिक जीवन रक्षक स्वास्थ्य उपकरण उपलब्ध कराने हेतु इस उन्नयन प्रस्ताव की तकनीकी व वित्तीय स्वीकृति आगामी बजट में शामिल करने पर विचार कर रहा है? (घ) यदि हाँ, तो क्षेत्र की जनता को सर्वसुविधायुक्त स्वास्थ्य लाभ समय पर मिल सके, इसके लिए उक्त प्रस्ताव को कब तक अंतिम स्वीकृति प्रदान कर राशि जारी कर दी जाएगी? यदि नहीं तो इसके क्या कारण है?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। (ख) से (घ) स्वास्थ्य केंद्रों का उन्नयन संसाधनों की उपलब्धता, जनसंख्या मापदंड, वर्तमान संस्था के उपयोग की स्थिति एवं उस क्षेत्र में उपलब्ध अन्य संस्थाओं के उपयोग की स्थिति आदि को देखते हुए प्राथमिकता निर्धारण के साथ किया जाता है। इस हेतु निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
नियम विरूद्ध उद्योगों को पानी का आवंटन
[जल संसाधन]
165. ( क्र. 1199 ) श्री गौरव सिंह पारधी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राजीव सागर परियोजना में उद्योग को पानी देने का कोई प्रावधान नहीं है? यदि नहीं हैं तो क्या उद्योग को पानी क्यों दिया जा रहा है? (ख) परियोजना में सिंचाई के लिये चिन्हित रकबे से कम में सिंचाई हो रही है? हाँ या ना। (ग) ऐसी परिस्थिति में किसान के सिंचाई के पानी को उद्योग में किस नियम के तहत दिया जा रहा है? (घ) मुख्य अभियंता के पत्र के बाद भी अभी तक इथेनाल उद्योग से अनुबंध कब तक निरस्त होगा? देरी के कारण कृपया बताएंगे।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) यद्यपि परियोजना के निर्माण के समय उद्योग को पानी देने का प्रावधान नहीं रखा गया था, तथापि परियोजना में तत्समय जल की उपलब्धता एवं उपयोग को दृष्टिगत रखते हुए, जनहित में उद्योगों एवं पेयजल हेतु जल आवंटन संभव हुआ। उक्त आवंटन मध्य प्रदेश सिंचाई अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित जलकर जमा करने की शर्त पर किया जाना प्रतिवेदित है। (ख) जी हाँ। (ग) परियोजना में सिंचाई के लिए जल की पर्याप्त उपलब्धता एवं उपयोग के अनुरूप उद्योग को जल आवंटन मध्य प्रदेश सिंचाई अधिनियम में निहित प्रावधान एवं निर्धारित जलकर जमा करने की शर्त पर किया जाना प्रतिवेदित है। (घ) मध्य प्रदेश सिंचाई अधिनियम में निहित प्रावधान एवं निर्धारित जलकर जमा करने की शर्त पर विभाग द्वारा उद्योग के साथ 30 वर्ष के लिए अनुबंध निष्पादित किया जाना प्रतिवेदित है। शेष प्रश्न लागू नहीं होता है।
शालाओं को आवंटित राशि में भ्रष्टाचार
[स्कूल शिक्षा]
166. ( क्र. 1222 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राज्य की शालाओं की मरम्मत रख-रखाव हेतु आवंटित राशि में व्यापक भ्रष्टाचार की शिकायतें शासन को प्राप्त हुई हैं? क्या मैहर जिले के रामनगर ब्लॉक में विद्यालयों की मरम्मत एवं संधारण कार्यों के नाम पर लगभग 4 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं/घोटाले का मामला पिछले विधानसभा सत्र में उठाये जाने पर सरकार द्वारा मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया था? (ख) यदि हाँ, तो मैहर जिले के रामनगर ब्लॉक से संबंधित उक्त मामले की जांच की वर्तमान स्थिति क्या है? क्या जांच पूर्ण हो चुकी है यदि हाँ, तो जाँच में किन अधिकारियों, कर्मचारियों अथवा अन्य संबंधित व्यक्तियों की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है तथा किन-किन व्यक्तियों को दोषी पाया गया है? (ग) दोषी पाए अधिकारियों, कर्मचारियों के विरुद्ध अब तक क्या विभागीय, प्रशासनिक अथवा वैधानिक कार्रवाई की गई है? कार्रवाई का विस्तृत विवरण दिया जाए। क्या शासन उक्त जांच प्रतिवेदन को सदन के पटल पर रखेगा? यदि हाँ, तो प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध करायी जाएं। यदि नहीं, तो कारण दें। (घ) प्रदेश के अन्य जिलों से विद्यालय मरम्मत एवं संधारण कार्यों में प्राप्त अनियमितताओं की शिकायतों की संख्या, जिलेवार विवरण तथा उन पर की गई जांच एवं कार्रवाई का ब्यौरा दिया जाए, क्या शासन अनियमितताओं की रोकथाम हेतु कोई राज्यस्तरीय विशेष जांच अथवा निगरानी तंत्र स्थापित करने पर विचार कर रही है? यदि हाँ, तो उसका विवरण दिया जाए।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं। जी हाँ। (ख) प्रकरण में पुलिस एफ.आई.आर. दर्ज की जा चुकी है, शेषांश उद्भूत नहीं होता है। (ग) प्रश्नांश (ख) के उत्तर के प्रकाश में प्रकरण पुलिस विवेचना के अंतर्गत होने के कारण जानकारी निरंक है। (घ) उत्तरांश (क) के पूर्वार्ध के प्रकाश में प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। शासन नियम एवं निर्देशों के विपरीत कार्य करने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही किये जाने के पूर्व से प्रावधान है। अतः शेषांश उद्भूत नहीं होता है।
जिला जबलपुर में क्रूज हादसे की जानकारी
[पर्यटन]
167. ( क्र. 1223 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले के बरगी डेम में क्रूज डूबने के हुये हादसे में कितने लोगों की मृत्यु हुई? डूबे क्रूज का नाम, रजिस्ट्रेशन नं., क्रय दिनांक, अंतिम रूप से क्रूज की फिटनेस/तकनीकी जाँच कब करायी गयी व क्या फिटनेस के आधार पर क्रूज संचालन के उपयुक्त था? क्रूज में सवारी बैठने की क्षमता क्या थी व घटना के समय कितनी सवारी थी? घटना की जाँच किस अधिकारी द्वारा की व जाँच में क्या पाया? क्या घटना के बाद डूबे क्रूज की तकनीकी जाँच करायी गयी थी? घटना के दोषियों के विरुद्ध की गयी कार्यवाही की पूर्ण जानकारी व समस्त जाँच प्रतिवेदनों की छायाप्रतियों सहित संपूर्ण नस्ती की छायाप्रति उपलब्ध करायी जाए। (ख) क्या दुर्घटनाग्रस्त हुये उक्त क्रूज का नष्टीकरण किया जा चुका है? यदि हाँ, तो इतने आनन-फानन में क्रूज के नष्टीकरण का क्या आधार था? नष्टीकरण किस अधिकारी से अनुमति प्राप्त कर व नियमानुसार किया गया? पूर्ण जानकारी सहित अनुमति की छायाप्रति उपलब्ध करायी जाये। (ग) बरगी सहित पूरे प्रदेश में कब-कब क्रूज़ खरीदे गए? कितने क्रूज़ संचालित थे? क्रूज़वार बैठने की क्षमता व शुल्क निर्धारित हैं? बरगी में अप्रैल व मई 2026 में प्रत्येक दिवस कितने टिकट वितरण किये गए? दिनवार टिकट संख्या सहित वर्ष 2025 से मई 2026 तक समस्त क्रूज़ के टिकट वितरण रिकॉर्ड व केशबुक की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (घ) क्रूज़ संचालन से संबंधित व सुरक्षा मानक व मौसम से संबंधित सम्पूर्ण दिशा निर्देश क्या है? आपदा, आंधी, तूफान मौसम की जानकारी रखने सचेत व सूचना प्रसारण करने की जिम्मेदारी किस अधिकारी की है, के पदनाम सहित पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें।
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) बरगी डेम में क्रूज डूबने से हुये हादसे में 13 लोगों की मृत्यु हुई। डूबे क्रूज का नाम मैकलसुता था। रजिस्ट्रेशन क्रमांक निल क्रय दिनांक 14/10/2006 अंतिम रूप से क्रूज की Fitness/तकनीकी जांच दिनांक 30/12/2024 को कराई गई थी, जिसमें फिटनेस के आधार पर क्रूज संचालन हेतु उपयुक्त था। क्रूज में 81 व्यक्ति बैठने की क्षमता थी। क्रूज में घटना के समय 41 व्यक्ति सवार थे। घटना की जांच हेतु म.प्र. शासन द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना क्र. एफ: GAD/50/0001/2026-GAD-10-01 (GAD) दिनांक 10/05/2026 से एकल सदस्यी जाँच आयोग गठित किया गया है, जिसकी जाँच प्रचलन में है। इसके अतिरिक्त विभाग द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार। (ख) बरगी डेम में क्रूज डूबने से हुई घटना की जाँच हेतु म.प्र. शासन द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना क्र. एफ: GAD/50/0001/2026-GAD-10-01 (GAD) दिनांक 10/05/2026 से एकल सदस्यी जाँच आयोग गठित किया गया है, जिसकी जांच प्रचलित है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार। (घ) क्रूज संचालन से संबंधित सुरक्षा मानक, मौसम संबंधी दिशा निर्देश (SOP) पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार। आपदा, तूफान मौसम की जानकारी रखने सचेत व सूचना प्रसारण की जिम्मेदारी स्थानीय स्तर पर संबंधित बोट क्लब प्रबंधक एवं पायलेट की है।
विकासखंड शिक्षा अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही
[स्कूल शिक्षा]
168. ( क्र. 1227 ) श्री बृज बिहारी पटैरिया : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सागर के विधानसभा क्षेत्र बंडा, सुरखी एवं देवरी अर्न्तगत वि.खं. में भवन मरम्मत, विद्युतीकरण एवं अन्य सामग्री क्रय किये जाने हेतु वर्ष 2025-2026 में किस-किस मद में बी.ई.ओ. को राशि आवंटित की गई थी, स्कूलवार, मदवार जानकारी देवें। किन-किन स्कूलों में सामग्री क्रय की गई किन स्कूलों में मरम्मत कार्य करा लिये गये मदवार स्कूलवार जानकारी देवें। (ख) जिन विधानसभा क्षेत्रों के विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को राज्य शासन द्वारा विभिन्न स्कूलों को अपग्रेड करने हेतु मांग अनुसार राशि आवंटित की गई थी उन विकास खंड के स्कूलों द्वारा प्राप्त बजट का उपयोग किया गया है। स्कूलवार जानकारी प्रदान कराये। यदि नहीं तो क्यों। (ग) जिन विकासखंड शिक्षा अधिकारियों एवं स्कूलों के प्राचार्य के द्वारा मांग की गई थी क्या उनके द्वारा बजट का उपयोग किया जा चुका हैं यदि नहीं तो क्या बजट विभाग को वापिस हुआ है यदि हाँ, तो इस लापरवाही के लिये जिम्मेदार विकासखंड शिक्षा अधिकारियों के विरूद्ध जिला अधिकारी संभाग अधिकारी या शासन के द्वारा क्या कोई कार्यवाही की है यदि हाँ, तो विवरण देवें। नहीं तो क्या कार्यवाही की जावेगी। पूर्व में प्राप्त बजट 2025-2026 जो शासन को वापिस हुआ है उसे पुनः स्कूलों में आवश्यक विद्युतीकरण, मरम्मत, पेयजल व्यवस्था आदि हेतु बजट मांगा गया है यदि हाँ, तो पत्र की प्रति देवें, यदि नहीं तो क्यों विवरण देवें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''एक'' एवं ''दो'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''दो'' अनुसार है। विकासखण्ड देवरी एवं केसली में माह मार्च 2026 में राशि प्राप्त होने से समय-सीमा में राशि का उपयोग नहीं किया जा सका। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''दो'' अनुसार हैं। जिला स्तर से की गई कार्यवाही जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''तीन'' अनुसार है। जी नहीं। मांग एवं बजट उपलब्धता पर निर्भर करता है।
विधानसभा देवरी अंतर्गत परियोजनाओं की जानकारी
[जल संसाधन]
169. ( क्र. 1228 ) श्री बृज बिहारी पटैरिया : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जल संसाधन विभाग अन्तर्गत सागर जिले की विधानसभा देवरी की कौन-कौन सी लघु एवं वृहद या अन्य परियोजनाओं योजनाओं की साध्यता स्वीकृत है। जिन पर कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) ऐसी कौन-कौन सी परियोजनाओं साध्यता की स्वीकृति दी जा चुकी है किनकी शेष है। योजनाएँ किस स्तर पर लंबित है? (ग) विधानसभा क्षेत्र देवरी अन्तर्गत दिनांक 14 जून 2026 को मा. मुख्यमंत्री जी के द्वारा किन-किन विभागीय योजनाओं की घोषणा की गई है उनके नाम बताये एवं उनकी स्वीकृति कब तक प्रदान करा दी जावेगी।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) साध्यता प्राप्त योजनाओं की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। डुडरया, सेमरा, सनगढ़ा जलाशय, कुण्डा जलाशय, थावरी जलाशय, देहचुआ स्टॉपडेम कम कॉजवे, योजनाओं की साध्यता हेतु प्रस्ताव मैदानी स्तर पर तैयार किये जाना प्रतिवेदित है। (ग) वेबसाईट पर उपलब्ध विधानसभा क्षेत्र देवरी अन्तर्गत दिनांक 14 जून 2026 को मा. मुख्यमंत्री जी की घोषणा सूची में कोई उल्लेख नहीं होना प्रतिवेदित है। अत: शेष प्रश्न लागू नहीं होता है।
सायकल स्टैंड निर्माण में अनियमितता
[स्कूल शिक्षा]
170. ( क्र. 1230 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत दो वर्षों में भोपाल संभाग के जिलों के किन-किन उच्च माध्यमिक व उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कितनी-कितनी लागत से सायकल स्टैंड/वाहन स्टैंड/पार्किंग सुविधा के कार्य स्वीकृत किये गये हैं? विद्यालयवार लागत की जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) उल्लेखित कार्य किन तकनीकी मापदण्डों से किन निर्माण एजेंसियों द्वारा किये गये है? क्या कार्य गुणवत्तापूर्ण रूप से पूर्ण किये गये हैं? नहीं तो क्यों, क्या कार्य एजेंसी के निर्धारित व गुणवत्तापूर्ण कार्य के मामले में विभाग व शासन के नियम-निर्देशों का पालन किया गया है? नहीं तो क्यों? इस हेतु कौन उत्तरदायी है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) वर्णित गुणवत्ताहीन कार्यों के मामले में क्या विभाग भोपाल से विभागीय व तकनीकी जांच दल भेजकर इनका भौतिक सत्यापन एवं गुणवत्ता की जांच कराकर उत्तरदायी लोगों को दंडित करेगा? नहीं तो क्यों? क्या विस्तृत जांच कराई जाकर दोषियों पर कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) प्रश्नाधीन संभाग अंतर्गत विगत दो वर्षों में जिला भोपाल एवं जिला रायसेन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। शेष जिलों की जानकारी निरंक है। (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में जिला भोपाल में निर्माण कार्य विद्यालय प्रबंधन एवं विकास समिति (SMDC) द्वारा प्राक्कलन अनुसार कराये गये है, जो कि गुणवत्तापूर्ण है। जी हाँ। अतः शेषांश उद्भूत नहीं होता। जिला रायसेन में विहीत प्रक्रिया का पालन न होने के फलस्वरूप संबंधित शासकीय सेवक के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। अतः शेषांश उद्भूत नहीं होता। (ग) जिला भोपाल हेतु उत्तरांश (ख) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जिला रायसेन अंतर्गत ऐसी शासकीय सेवक जिनके द्वारा विहीत प्रक्रिया का पालन न होने के फलस्वरूप संबंधित के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। अतः शेषांश उद्भूत नहीं होता।
मुआवजा राशि वितरण में विलम्ब
[राजस्व]
171. ( क्र. 1231 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले में वर्ष 2020-21 में कीट व्याधि, ओलावृष्टि संबंधी राहत राशि वितरण में रु. 18 करोड़ से ज्यादा राशि की अनियमितता के मामले में प्रश्न दिनांक तक किस स्तर से क्या-क्या कार्यवाही हुई है? विस्तृत विवरण दें। (ख) प्रश्नांश (क) उल्लेखित गंभीर मामले में वास्तविक दोषियों पर समुचित कार्यवाही न होने व जांच में अत्यंत विलम्ब होने के क्या कारण है? (ग) कब तक दोषियों से राशि वसूल कर वास्तविक हितग्राहियों को राशि का भुगतान किया जायेगा? नहीं तो क्यों? (घ) किन अधिकारियों के संरक्षण के कारण दोषियों को बचाने के लिए जांच में विलम्ब किया जा रहा है?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) रायसेन जिले में वर्ष 2020-21 में कीट व्याधि ओलावृष्टि संबंधी राहत राशि वितरण में 18 करोड़ रूपये से ज्यादा राशि की अनियमितता के मामले में प्रश्न दिनांक तक की गई कार्यवाही में जिले की तहसील बेगमगंज में रूपये 57,19,276/-, तहसील उदयपुरा में रूपये 2,90,933/- एवं तहसील सुल्तानपुर में रूपये 9,53,860/- की पाई गई अनियमितता जांच अंतर्गत राशि संबंधितो से वसूल कर शासन पक्ष में चालान के माध्यम से जमा की गई। तहसील बेगमगंज एवं सुल्तानपुर में पटवारी तथा कम्प्यूटर ऑपरेटर स्तर के दोषी पाए गए कर्मचारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाकर उन्हें दंडित किया गया। तहसील उदयपुरा में दोषी पाए गए तात्कालीन नाजिर, पटवारी एवं सहायक सह डाटा एंट्री ऑपरेटर (संविदा) में से पटवारी एवं नाजिर की मृत्यु हो जाने से कार्यवाही समाप्त की गई तथा सहायक सह डाटा एंट्री ऑपरेटर को सेवा से पृथक किया गया है। तहसील सिलवानी में तत्समय पदस्थ तत्कालीन तहसीलदार एवं प्रभारी अधिकारी श्री बृजेश कुमार सिंह, श्री रामजीलाल वर्मा, श्री शत्रुघन सिंह चौहान व श्री संजय नागवंशी, नायब नाजिर, प्रभारी नाजिर एवं सहायक ग्रेड-2 उप कोषालय सिलवानी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित गंभीर मामले के दोषियों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रचलित है। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता। (ग) जिला रायसेन अंतर्गत तहसील बेगमगंज में रूपये 57,19,276/-, तहसील उदयपुरा में रूपये 2,90,933/- एवं तहसील सुल्तानपुर में रूपये 9,53,860/- राशि की अनियमितता की जांच कर राशि वसूल की गई है। दोषी अधिकारियों पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रचलित है। परिणाम पश्चात गुणदोषों के आधार पर आगामी कार्यवाही की जावेगी। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता। (घ) उत्तरांश (क) एवं (ख) अनुसार कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता।
स्टॉप डेम का निर्माण कार्य
[जल संसाधन]
172. ( क्र. 1234 ) श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्र. 1219 उत्तर दिनांक 30 जुलाई 2025 एवं प्रश्न क्र. 2900 उत्तर दिनांक 26/02/26 के संदर्भ में तत्समय उत्तर कार्यवाही प्रचलन में थी दिया गया था। प्रश्नकर्ता के उक्त प्रश्नों के प्रश्नांशों के अनुसार वर्तमान में अद्यतन कार्य की प्रगति की जानकारी दें। (ख) उक्त स्टॉपडेम की कितनी राशि की निविदाएँ किस निर्माण एजेन्सी की स्वीकृत की गई? निर्माण एजेन्सी का नाम, पता, निर्माण एजेन्सी की श्रेणी, कार्य का अनुभव सहित पूर्ण अनुबंध एवं निविदा के दस्तावेज उपलब्ध करायें। (ग) अनुबंध की शर्तों के अनुसार कितनी समय-सीमा में निर्माण कार्य पूर्ण किया जाना है?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ, प्रश्नकर्ता के विधानसभा प्रश्न क्र.1219 एवं प्रश्न क्र.2900 के संदर्भ में तत्समय कार्यवाही प्रचलन में बताई गई थी। वर्तमान में योजना की पुनरीक्षित तकनीकी स्वीकृति में प्रचलित विभागीय सी.एस.आर. जुलाई 2024 पर प्राप्त की जाकर निविदा आमंत्रण की कार्यवाही प्रचलन में होना प्रतिवेदित है। (ख) नुन्हाटा स्टॉप डेम की निविदा राशि 306.06 लाख से 28.26 प्रतिशत कम दर पर राशि रू.219.57 लाख की माँ अंजनी कन्स्ट्रक्शन, सुरेश नगर ठाटीपुर, ग्वालियर की स्वीकृत की गई थी। सितम्बर 2016 से नवीन केन्द्रीयकृत एकल पंजीयन प्रणाली लागू होने से निर्माण एजेंसी की श्रेणी का प्रश्न ही नहीं उठता है। 5 करोड़ से कम लागत की निविदाओं में कार्य का अनुभव लागू नहीं होता है। नुन्हाटा स्टॉप डेम के निर्माण हेतु स्वीकृत निविदाकार द्वारा अनुबंध नहीं किया जाना प्रतिवेदित है। तथापि निविदा दस्तावेज की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) पूर्व में आमंत्रित की गई निविदा अनुसार नुन्हाटा स्टॉप डेम के निर्माण का कार्य 01 वर्ष में पूर्ण किया जाना लक्षित था।
300 बिस्तरीय नवीन भवन की स्वीकृति
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
173. ( क्र. 1235 ) श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला चिकित्सालय भिंड का वर्तमान भवन कब निर्मित हुआ था तथा इसकी बिस्तर क्षमता कितनी है? क्या वर्तमान बिस्तर क्षमता जिले की जनसंख्या के मान से पर्याप्त है? (ख) क्या जिला चिकित्सालय भिंड के नए भवन का निर्माण स्वीकृत किया गया है? यदि हाँ, तो नवीन भवन हेतु कुल कितनी राशि स्वीकृत की गई, कितनी राशि जारी की जा चुकी है तथा प्रश्न दिनांक तक कितनी राशि व्यय हुई है? स्वीकृति आदेश की प्रति उपलब्ध कराएं। (ग) नवीन भवन की स्वीकृत बिस्तर क्षमता कितनी है तथा इसमें कौन-कौन से विभाग/विशेषज्ञ सेवाएं जैसे आईसीयू, ट्रॉमा सेंटर, डायलिसिस यूनिट, एसएनसीयू प्रस्तावित हैं? पुराने भवन से नवीन भवन में सेवाएं कब तक स्थानांतरित होंगी? (घ) नवीन भवन के निर्माण कार्य का ठेका किस एजेंसी को दिया गया है? कार्यादेश दिनांक क्या है तथा कार्य पूर्ण करने की निर्धारित समय-सीमा क्या थी? यदि विलंब हुआ है तो इसके कारण क्या हैं तथा दोषी एजेंसी पर क्या कार्यवाही की गई? (ड.) क्या नवीन भवन का निर्माण कार्य अपूर्ण होने के कारण पुराने जर्जर भवन में ही मरीजों का उपचार किया जा रहा है? विगत माह में पुराने भवन का छत गिरने से दो महिला घायल हो गई थी? यदि हाँ, तो पुराने भवन की संरचनात्मक सुरक्षा ऑडिट कराकर पी.डब्ल्यू.डी. ने भवन को अनुपयोगी (कण्डम) करने की अनुशंसा कर पत्र कलेक्टर भिण्ड को दिनांक 29/08/2022 को भेजा था? (च) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में क्या प्रश्नकर्ता ने 300 बिस्तरीय नवीन भवन स्वीकृत करने बाबत् मा. विभागीय उपमुख्यमंत्री जी से भेटकर दिनांक 09/02/2025 को पत्र दिया था? यदि हाँ, तो उसमें क्या कार्यवाही की गई?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जिला चिकित्सालय भिण्ड का वर्तमान भवन शिलालेख अनुसार वर्ष 1936 में निर्मित हुआ था। समय-समय पर भवन का उन्नयन होने से 400 बिस्तरीय क्षमता का है। बिस्तर क्षमता का विकास जिले की जनसंख्या की बजाय बेड ऑक्युपेनसी रेशो के आधार पर किया जाता है। (ख) जी नहीं, बल्कि अतिरिक्त मैटरनिटी विंग और क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक की स्वीकृति दी गई है जिसकी जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार, भवन हस्तांतरण होने के उपरान्त स्वास्थ्य सेवायें नवीन भवन में यथाशीघ्र संचालित होगी। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ड.) जी हाँ, अस्पताल भवन की छत नहीं अपितु एस.एन.सी.यू. के स्थनपान कक्ष की सिलिंग का प्लास्टर गिरने के कारण दुर्घटना हुई। जी हाँ। (च) जी हाँ। नवीन भवन हेतु प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
जिम्मेदारी के विरूद्ध कार्यवाही
[राजस्व]
174. ( क्र. 1238 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अद्योहस्ताक्षरकर्त्ता का पत्र 1886 दिनांक 13/05/26 जो कलेक्टर गुना को आरक्षक राघौगढ़ द्वारा अतिक्रमण करने के संबंध में लिखा गया, उस पर साप्रवि के आदेश दिनांक 22/03/2011 के पालन में कब-क्या कार्यवाही की गई? आदेश के उल्लंघन पर कब तक निलंबन कर कृत कार्यवाही से अवगत कराया जायेगा? (ख) तहसीलदार परगना-आरोन के राजस्व आदेश अनुवृत्ति-पत्र मामला क्र.-0033/अ-68/26-27 दिनांक 04/06/2026 को पारित आदेश में क्यों-क्या आदेश जारी किया गया? क्या तहसीलदार के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित हुआ है? यदि हाँ, तो कब-क्या? यदि नहीं तो क्यों कारण सहित बताये एवं इसके लिये जिम्मेदारों पर कब-क्या कार्यवाही की जायेगी? (ग) शा.भूमि को लीज एवं पट्टे पर दिये जाने के क्या नियम-शर्तें है? क्या लीजधारी-पट्टाधारी को अधिकार हस्तांतरित करने के अधिकार है? यदि हाँ, तो किस प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करना होगा लीज-पट्टे के संबंध में सउदाहरण जानकारी दें? यदि नहीं तो क्यों कारण सहित बतायें। यद्यपि लीजधारी एवं पट्टाधारी ने भूमि को हस्तांतरित कर दिया है उसे वापस लेने के लिये क्या प्रक्रिया-नियम-निर्देश आदेश की प्रति सहित सउदाहरण बतायें। (घ) वनभवन, भोपाल, एकेव्हीएन इंदौर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स काम्प्लेक्स इंदौर को कब-कितनी भूमि, कितनी अवधि के लिये लीज पर, किस दर पर, किन नियम-शर्तों पर आवंटित की गई है? संपूर्ण दस्तावेजों की प्रति दें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) मा. विधायक के पत्र 1886 दिनांक 13/05/26 जो कलेक्टर गुना को आरक्षक राघौगढ़ द्वारा अतिक्रमण के संबंध में लिखा गया उस पर साप्रवि के परिपत्र दिनांक 22/03/2011 के पालन में जिला योजना कार्यालय द्वारा प्रेषित जानकारी अनुसार परिपत्र के बिन्दु क्रमांक 01 लगायत 04 का पूर्णतः पालन किया गया है। कस्बा राघौगढ़ के भूमि सर्वे क्रमांक 759 रकबा 23.902 हे. में से 1550 वर्गफीट पर अतिक्रामक महेन्द्रपाल सिंह पुत्र नंदलाल चौहान निवासी पीलाघाटा द्वारा मकान बनाकर अतिक्रमण किया हुआ है उक्त अतिक्रमण को हटाये जाने हेतु न्यायालय तहसीलदार के प्र.क्र. 0007/3-68/2026-27 से कार्यवाही प्रचलित है। तहसीलदार तहसील राघौगढ़ के द्वारा का.वा. प्रधान आरक्षक महेन्द्र पाल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। (ख) तहसीलदार परगना आरोन के राजस्व आदेश अनुवृत्ति पत्र मामला क्रमांक 0033/अ-68/26-27 में पारित आदेश दिनांक 04/06/2026 के अनुसार ग्राम बनियाई शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 58 नोईयत शासकीय रास्ता रकबा 1.254 हे. में से हि. 1/3 रकबा 0.418 हे. पर अनावेदक थानसिंह पुत्र गनेशराम राजपूत हि. 1/3 रकबा 0.418 हे. पर विजयसिंह पुत्र हरिया कुशवाह एवं हि. 1/3 रकबा 0.418 है. पर कल्लू पुत्र दिमान कुशवाह का कब्जा पाया गया। क्रमशः अनावेदकों पर प्रति व्यक्ति 6000 अर्थदण्ड आरोपित किया जाकर बेदखल आदेश पारित किया गया एवं हल्का पटवारी द्वारा उक्त शासकीय रास्ते की भूमि से अनावेदकगणों को बेदखल कर उक्त भूमि पंचायत सचिव को देख-रेख हेतु सुपुर्द की गई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''एक'' अनुसार बेदखली आदेश एवं बेदखली रिपोर्ट मय पंचनामा पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''दो'' अनुसार। (ग) लीज पट्टों के हस्तांतरण एवं वापस लेने हेतु नजूल निर्वर्तन निर्देश नियम 2020 लागू है। शेष जानकारी निंरक है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''दो'' अनुसार। (घ) म.प्र. शासन राजस्व विभाग के पत्र क्रमांक एफ 6-128/2008/सात/नजूल भोपाल दिनांक 22 मार्च 2008 द्वारा वन विभाग म.प्र. शासन के पक्ष में ग्राम शहर भोपाल के लिंक रोड़ नं. 2 पर स्थित खसरा नंबर 1499/1 में से 5.825 हेक्टेयर, खसरा। नंबर 296/85/2 में से 1.945 हेक्टेयर खसरा नंबर 89-90 में से 0.631 हेक्टेयर ग्राम कोटरा सुल्तानाबाद स्थित खसरा नंबर 144/2 में से 0.437 हेक्टेयर, खसरा नंबर 145 में से 1.587 हेक्टेयर (ग्राम शहर भोपाल की 6.027 हेक्टेयर, ग्राम शाहपुरा की 2.574 हेक्टेयर, ग्राम कोटरा सुल्तानाबाद की 2.024 हेक्टेयर) कुल रकबा 10.625 हेक्टेयर भूमि जो वन विभाग के आधिपत्य में है, उनके उपयोग हेतु राजस्व पुस्तक परिपत्र दण्ड परि. क्रमांक-1 की कंडिका 36 के अंतर्गत वन विभाग को हस्तांतरण की स्वीकृति दी गई है। कार्यकारी संचालक, एम.पी.आई.डी.सी. क्षेत्रिय कार्यालय इंदौर पत्र द्वारा कार्यालयीन क्रमांक/एम.पी.आई.डी.सी./क्षे.का.इं./ मन्वय/10264/इंदौर दिनांक 13-7-2026 से अवगत कराया है कि ए.के. व्ही.एन. इंदौर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्पलेक्स, इंदौर को भूमि लीज पर प्रदान नहीं की गई है।
आशा कार्यकर्ताओं की सेवाओं का भुगतान
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
175. ( क्र. 1239 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गुना जिले में कितनी आशा कार्यकर्ता कहां पर पदस्थ है? नाम, पता, मो.नं. पदस्थ आशा कार्यकर्ताओं का भुगतान कब से क्यों लंबित हैं? कारण सहित बताएं। इस संबंध में जारी समस्त पत्र आदेश-निर्देश एवं आशा कार्यकर्ता द्वारा दिए गए आवेदनों पर कब-क्या कार्यवाही की गई? एकल नस्ती प्रदान करें? (ख) बीएमओ राघौगढ़ द्वारा सीएमएचओ गुना को दिनांक 27/01/2025 में लिखे गए पत्र में आशा पोर्टल बंद का लेख है आशा पोर्टल कब से क्यों बंद हैं? कारण सहित बताएं और पुनः कब शुरू कर दिया जाएगा? (ग) मध्यप्रदेश नर्सिंग काउंसिल में 2026-27 सत्र के लिये कितने नर्सिंग कॉलेजों के नवीनीकरण एवं कितने नये कॉलेजों ने आवेदन किये? आवेदन की प्रति, निरीक्षण रिपोर्ट, स्क्रूटनी कमेटी की रिपोर्ट, कॉलेजों के स्टॉफ की समस्त जानकारी अनुभव प्रमाण पत्र, अस्पताल की जानकारी सहित पृथक-पृथक गौशवारा बनाकर मय दस्तावेजों के एकल नस्ती सहित बतायें। (घ) अ.ता. प्र.क्र. 1307 उत्तर दिनांक 19/02/26 की (क) से (च) तक एवं अं.ता.प्र.क्र. 3027 उत्तर दिनांक 06/08/2025 की (ख) की जानकारी अप्राप्त है? कब तक दी जायेगी? (ड.) कार्या.म.प्र. नर्सेस रजिस्ट्रेशन कौंसिल भोपाल का पत्र क्र. 7277/शिका./26 दिनांक 09/04/26 जो कलेक्टर जिला भोपाल, अवर सचिव लो.स्वा. एवं चि.शि.वि मप्र का पत्र 464/PHME-0282/2026/सत्रह/मेडि-3 जो कि आयुक्त लो.स्वा.एवं चि.शि. को प्रेषित किया गया, पत्र की प्रति एवं की गई कार्यवाही की एकल नस्ती प्रदान करें?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) गुना जिले में कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं के नाम, पता व मोबाईल नंबर की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। गुना जिले में आशा कार्यकर्ताओं के वर्तमान में कोई भुगतान लंबित नहीं है, अत: कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) बीएमओ राघौगढ़ द्वारा आशा पोर्टल पर नाम अंकित न होने के कारण आशा पोर्टल बंद होने का लेख किया गया है, आशा पोर्टल बंद नहीं है, आशा कार्यकर्ता का चयन वर्ष 2023-24 से बंद किया गया है। आशा पोर्टल पर नवीन आशा कार्यकर्ता की प्रविष्टि बंद है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) वर्ष 2026-27 के सत्र के लिए 272 नर्सिंग कॉलेजों के नवीनीकरण एवं 45 नये कॉलेजों के आवेदन प्राप्त हुए। आवेदन की प्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। नवीन कॉलेज के निरीक्षण रिपोर्ट के संबंध में जिला कलेक्टर को पत्र जारी किये गये है। कॉलेज स्टॉफ एवं उनके अनुभव की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार है। अस्पतालों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''द'' अनुसार है। (घ) अ.ता. प्रश्न क्रमांक 1307 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ई'' अनुसार है एवं अं.ता.प्र. क्र. 3027 के प्रश्नांश (ख) की जानकारी दिनांक 10.03.2026 को प्रेषित की जा चुकी है जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''फ'' अनुसार है। (ड.) उक्त प्रश्न से संबंधित एकल नस्ती की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ज'' अनुसार है।
कलेक्टर की अनुमति के बगैर रजिस्ट्री का नामान्तरण
[राजस्व]
176. ( क्र. 1242 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम बावडियाकलां तहसील कोलार जिला-भोपाल म.प्र. की भूमि खसरा क्र. 497/97 रकबा 4.17 एकड़ जो कि म.प्र. शासन द्वारा प्रकरण क्र. 181/ए-74/1967-68 आदेश दिनांक 05/07/1968 को उक्त भूमि भवानी जिला-गिरधारी जाति भील आदिवासी (भूमिहीन) को पट्टा दिया था। पट्टा मिलने के पूर्व ही कूटरचित फर्जी दस्तावेज तैयार कर दिनांक 20/02/1968 को आरोपी हमीरसिंह दांगी ने फर्जी अनुबंध बनाकर न्यायालय से नॉन इस्ट जजमेंट प्राप्त कर दिनांक 05/05/1976 को कूटरचित दस्तावेजों से (किसान की अनुपस्थिति में) रजिस्ट्री करवाई तथा उसने सालिगराम गुजराती को विक्रय कर दी। सलिगराम गुजराती से महेश पाटीदार ने पॉवर लेकर उक्त भूमि अन्य लोगों को टुकड़ों-टुकड़ों में विक्रय कर दी। (ख) पट्टा मिलने के पूर्व ही फर्जी अनुबंध बनाकर तथा पट्टा मिलने के 10 वर्ष पूर्व भू-सत्व प्राप्त होने के पहले ही मात्र 7 वर्षों में कूटरचित दस्तावेजों से रजिस्ट्री करवाने व आदिवासी की भूमि एवं पट्टे की भूमि कलेक्टर की अनुमति के बगैर रजिस्ट्री नामान्तरण आदि कराकर उक्त भूमि खुर्द-बुर्द कर दी गई है। वर्तमान में किसान के वारिस भूमिहीन होकर मजदूरी कर रहे हैं। (ग) क्या सरकार आरोपियों द्वारा फर्जी व कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, पट्टा मिलने के पूर्व ही फर्जी अनुबंध बनाने, नॉन इस्ट जजमेंट (void-ab-initio or non est.) प्राप्त करने, कलेक्टर की अनुमति के बगैर रजिस्ट्री करवाने तथा किसान के बगैर रजिस्ट्री करवाने आदि पर एफ.आई.आर. दर्ज कर, फर्जी रजिस्ट्री निरस्त कर किसान के वारिस के नाम फोती नामान्तरण करायेंगे, तो कब तक?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
नर्मदापुरम जिले में पर्यटन गतिविधि का बढ़ावा
[पर्यटन]
177. ( क्र. 1246 ) श्री केशव देसाई : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) एक जिला एक उत्पाद योजनान्तर्गत नर्मदापुरम जिले का चयन पर्यटन हेतु किया गया था, यदि हाँ, तो चयन उपरांत प्रश्न दिनांक तक पर्यटन गतिविधि बढ़ाने हेतु क्या-क्या कार्य किये है सूचीवार जानकारी देवें। (ख) नर्मदापुरम जिले में पर्यटन गतिविधि को बढ़ाने हेतु विभाग की भविष्य की क्या कार्ययोजना है? जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) नर्मदापुरम जिला अंतर्गत सोहागपुर तहसील में पर्यटन गतिविधि को बढ़ाने हेतु विभाग ने विगत 05 वर्षों में क्या-क्या कार्य किये है सूची दें। (घ) प्रश्नांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में सोहागपुर में पर्यटन गतिविधि बढ़ाने हेतु विभाग की क्या-क्या कार्य योजनाएं प्रस्तावित है। संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें।
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) नर्मदापुरम जिले में पर्यटन गतिविधि को बढ़ाने हेतु निम्नलिखित गतिविधियां निरंतर कराई जाती हैं:-1. पचमढ़ी मानसून मैराथन 2. फोर्सिथ ट्रेल रन 3. फोर्सिथ ट्रेकिंग ट्रेल 4. मढ़ई-तवा साइक्लिंग 5.बाइकिंग इवेंट "Riders in the wild" 6. छिंदवाड़ा से पचमढ़ी साइक्लिंग 7. जटाशंकर रॉक क्लाइम्बिंग नर्मदापुरम जिले में मध्यप्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व स्थित है। जिले में पर्यटन को विकसित करने के उद्देश्य से इन्हें ही केन्द्र बिंदु मानकर कार्यवाही संपादित की जा रही है। (ग) (1) ग्रामीण पर्यटन परियोजना अंतर्गत सोहागपुर ब्लॉक के पर्यटन ग्राम छेड़का में 06 होमस्टे हितग्राहियों द्वारा बनाये गये हैं एवं दो हितग्राहियों द्वारा माइक्रो एंटरप्राइजेज गतिविधि अंतर्गत घोड़ागाड़ी एवं बैलगाड़ी गतिविधि की जा रही है। (2) जनजातीय पर्यटन परियोजना अंतर्गत पर्यटन ग्राम ढ़ाबा में 03 होमस्टे पूर्णत: निर्मित हैं। (3) वर्ष 2023 से 2025 में ग्राम छेड़का में 15 स्थानीय युवाओं का चयन कर ग्राम स्तर पर स्टारगेजिंग गतिविधि पर प्रशिक्षित किया गया। तवा-मढ़ई साइक्लिंग, बाइकिंग इवेंट, बर्ड वाचिंग, विलेज टूर इत्यादि कार्य किये गये। (4) मध्यप्रदेश ट्रेवल मार्ट एवं IATO Convention के अंतर्गत फैम टूर में भ्रमण कराया गया। (5) भूटान एवं यूनाइटेड किंगडम (यूके) से आए प्रतिनिधिमंडलों को मढ़ई एवं जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों का फैम टूर कराया गया। पर्यटन अधोसंरचना को बढ़ाने हेतु किये गये कार्यों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार। (घ) सोहागपुर में पर्यटन गतिविधि को बढ़ाने हेतु निम्नलिखित गतिविधियां निरंतर कराई जाती हैं:- 1. मढ़ई-तवा साइक्लिंग 2. बाइकिंग इवेंट "Riders in the wild" सतपुड़ा टाईगर रिजर्व में वन विभाग की अनुमति के अधीन पर्यटन गतिविधियां की जा रही हैं।
औद्योगिक भूमि को निजी भूमि में परिवर्तित कर अवैध निर्माण
[राजस्व]
178. ( क्र. 1247 ) श्री केशव देसाई : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला भिण्ड की नगर परिषद मालनपुर क्षेत्र अंतर्गत पटवारी हल्का क्रमांक 27 की भूमि सर्वे क्रमांक 221, 258, 264 एवं 261 पूर्व में औद्योगिक प्रयोजन (फैक्ट्रियों/उद्योगों) हेतु आवंटित की गई थी? यदि हाँ, तो उक्त भूमि को किस आदेश, किस विभाग की अनुमति तथा किन नियमों के तहत निजी भूमि/आवासीय उपयोग हेतु परिवर्तित किया गया? (ख) क्या उक्त भूमि पर वर्तमान में अवैध कॉलोनी निर्माण किया जा रहा है, जबकि भूमि का मूल उपयोग औद्योगिक था? (ग) क्या उक्त भूमि के भू-उपयोग परिवर्तन (डायवर्सन/लैंड यूज चेंज) की अनुमति सक्षम प्राधिकारी द्वारा दी गई है? यदि हाँ, तो उसकी प्रति एवं दिनांक उपलब्ध करवाई जाये। (घ) यदि उक्त भूमि नियम विरुद्ध तरीके से निजी उपयोग में लाई गई है, तो अवैध कॉलोनी निर्माण रोकने की कार्रवाई की जाएगी? दोषी कॉलोनाइजरों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाएगी? (ड.) क्या मालनपुर पटवारी हल्का क्रमांक 27 के सर्वे क्रमांक 221, 258, 264 एवं 261 की पूरी जांच कराकर यह स्पष्ट किया जाए कि औद्योगिक उपयोग हेतु आवंटित भूमि किस प्रकार निजी हाथों में पहुंची और आवासीय कॉलोनी निर्माण की अनुमति किस आधार पर दी गई। यदि हाँ, तो समय सीमा बतायें?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) ग्राम मालनपुर के भूमि सर्वे क्रमांक 261 औद्योगिक प्रयोजन हेतु आवंटित किया गया था जो वर्तमान में उद्योग विभाग के अधीन है शेष सर्वे क्रमांक 221, 258,264 बन्दोवस्त पूर्व से ही भूमिस्वामी स्वत्य पर दर्ज है। (ख) सर्वे क्रमांक 221, 264 पर पूर्व में अवैध कालोनी का निर्माण किया गया था। कार्यालय कलेक्टर महोदय (जिला शहरी विकास अधिकरण) जिला भिण्ड के आदेश क्रमांक/इडा/2024/1582, 1584 दिनांक 11-10-2024 से उपरोक्त भूमि को शासकीय प्रबंधन में लिया जाकर नगर परिषद मालनपुर को विकास कार्य योजना तैयार करने हेतु निर्देशित किया गया है एवं सर्वे नम्बर 258 पर कार्यालय कलेक्टर जिला शहरी विकास अधिकरण जिला भिण्ड के पत्र क्रमांक/कॉलोनी शाखा/2026/381 भिण्ड दिनांक 04-06-2026 से कॉलोनी विकास की अनुमति प्रदान की गई है एवं सर्वे नम्बर 261 औद्योगिक प्रयोजन हेतु उद्योग विभाग को आवांटित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''क'' अनुसार है। (ग) सर्वे नम्बर 221 पर न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी महोदय के प्र.क्र. 0134/3-2/2022-23 आदेश दिनांक 17-01-2023 के द्वारा व्यपवर्तन कर भूमि उपयोग आवासीय किया गया एवं सर्वे नम्बर 264 पर न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी महोदय के प्रकरण क्रमांक 0019 अ-2/2022-23 आदेश दिनांक 08-06-2022 के द्वारा व्यपवर्तन कर भूमि, उपयोग आवासीय किया गया एवं सर्वे नम्बर 258 पर न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी महोदय के प्र.क्र. 0071/अ-2/2025-26 आदेश दिनांक 10-06-2025 के द्वारा व्यपवर्तन कर भूमि उपयोग आवासीय किया गया आदेश की प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ख'' अनुसार है। (घ) हाँ, सर्वे क्रमांक 221, 264 पर पूर्व में अवैध कॉलोनी का निर्माण किया गया था। कार्यालय कलेक्टर महोदय (जिला शहरी विकास अधिकरण) जिला भिण्ड के आदेश क्रमांक/इडा/2024/1582 दिनांक 11-10-2024 एवं कार्यालय कलेक्टर महोदय (जिला शहरी विकास अधिकरण) जिला भिण्ड के आदेश क्रमांक/ड्डा/2024/1584 दिनांक 11-10-2024 से उपरोक्त भूमि को शासकीय प्रबंधन में लिया जाकर नगर परिषद मालनपुर को विकास कार्य योजना तैयार करने हेतु निर्देशित किया गया है एवं सर्वे नम्बर 258 पर कार्यालय कलेक्टर जिला शहरी विकास अधिकरण जिला भिण्ड के पत्र क्रमांक कॉलोनी शाखा/2026/381 भिण्ड दिनांक 04-06-2026 से कॉलोनी विकास की अनुमति प्रदान की गई है एवं सर्वे नम्बर 261 औद्योगिक प्रयोजन हेतु उद्योग विभाग को आवांटित है। शेष प्रश्नांश उद्भूत नहीं होता। (ड.) सर्वे क्रमांक 221, 258,264 बन्दोबस्त पूर्व से ही राजस्व अभिलेख में भूमिस्वामी स्वत्व पर दर्ज है एवं सर्वे क्रमांक 221, 264 पर पूर्व में अवैध कॉलोनी का निर्माण करने के कारण कार्यालय कलेक्टर महोदय (जिला शहरी विकास अधिकरण) जिला भिण्ड के आदेश क्रमांक/इडा/2024/1582, 1584 दिनांक 11-10-2024 से उपरोक्त भूमि को शासकीय प्रबंधन में लिया जाकर नगर परिषद मालनपुर को विकास कार्य हेतु योजना तैयार करने हेतु निर्देशित किया गया है एवं सर्वे नम्बर 258 पर कार्यालय कलेक्टर जिला शहरी विकास अधिकरण जिला भिण्ड के पत्र क्रमांक कॉलोनी शाखा/2026/381 भिण्ड दिनांक 04-06-2026 से कॉलोनी विकास की अनुमति प्रदान की गई एवं सर्वे नम्बर 261 औद्योगिक प्रयोजन हेतु उद्योग विभाग को अवांटित है। शेष प्रश्नांश उद्भूत नहीं होता।
स्कूलों में प्रवेशित विद्यार्थी की संख्या
[स्कूल शिक्षा]
179. ( क्र. 1251 ) श्री सुरेन्द्र सिंह हनी बघेल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रजेंटेशन डिल्स नर्सरी स्कूल नेहरू नगर भोपाल में वर्ष 2012 से 2015 के मध्य किन-किन विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया था? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार विद्यार्थियों के नाम, माता-पिता का नाम तथा प्रवेश के समय प्रस्तुत जन्म प्रमाण-पत्र का विवरण बतायें? (ग) उक्त विद्यार्थियों में से किन-किन विद्यार्थियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं (छात्रवृत्ति, निःशुल्क पाठ्यपुस्तक, गणवेश, साइकिल, आरटीई एवं अन्य योजनाओं) का लाभ प्रदान किया गया? योजना-वार लाभान्वित एवं लाभ से वंचित विद्यार्थियों की संख्या एवं विवरण बतायें? (घ) यदि पात्र विद्यार्थियों को योजनाओं का लाभ नहीं दिया गया, तो इसके क्या कारण हैं तथा संबंधित प्रकरणों में क्या कार्रवाई की गई?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) से (घ) यह संस्था गैर-शासकीय है, अत: इस संबंध में कोई अभिलेख संधारित नहीं किया जाता है। शेषांश प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
कब्रिस्तान के लिए भूमि आवंटन
[राजस्व]
180. ( क्र. 1252 ) श्री सुरेन्द्र सिंह हनी बघेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला धार के जनपद डही में दाऊदी बोहरा जमात के लिए कब्रिस्तान हेतु सर्वे क्रमांक 20/1 की भूमि आवंटित किए जाने हेतु तत्कालीन तहसील कुक्षी में प्रकरण क्रमांक 01/अ-56/2001-02 किया गया था? इस प्रकरण में प्रारंभ से लेकर प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? संपूर्ण दस्तावेजों की प्रमाणित प्रति प्रदाय करें। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार उल्लेखित प्रकरण में पारित अंतिम आदेश के संदर्भ में पटवारी स्तर से लेकर शासन स्तर तक अभी तक क्या-क्या कार्यवाही की गई? इससे संबंधित अभिलेखों की प्रमाणित प्रति देवें। (ग) क्या प्रश्नांकित भूमि आवेदित प्रयोजन के लिए आवंटित हो चुकी है, यदि हाँ, तो इससे संबंधित खसरा नकल की प्रमाणित प्रति देवें, यदि नहीं तो क्यों? प्रमाणित जानकारी देवें। (घ) यदि उपरोक्त अनुक्रम में आवेदित भूमि का आवंटन अभी तक नहीं हो पाया है, तो कब तक हो जाएगा? समयसीमा से अवगत करायें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) प्रश्नांश में उल्लेखित तहसीलदार तहसील कुक्षी का प्रकरण क्रमांक 1/अ-56/2001-02 का शोध किया गया। प्रकरण कलेक्टर न्यायालय की दायरा पंजी में दर्ज नहीं होना पाया गया। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार प्रकरण कलेक्टर न्यायालय की दायरा पंजी में दर्ज नहीं होने से जानकारी निरंक। (ग) प्रश्नाधीन भूमि आरक्षित नहीं हुई है। तहसीलदार डही से नवीन प्रस्ताव प्राप्त किये जाकर प्रकरण क्रमांक 0006/अ-59/2026-27 पर दर्ज किया गया है। (घ) प्रकरण न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत होने से समयसीमा बताया जाना संभव नहीं है।
भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड को प्रेषित पत्रों पर कार्यवाही
[परिवहन]
181. ( क्र. 1253 ) श्री सुरेन्द्र सिंह हनी बघेल : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2023 से प्रश्न दिनांक तक प्रश्नकर्ता के कुल कितने पत्र नगरीय विकास एवं आवास विभाग के मंत्रालय/संचालनालय स्तर पर तथा भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (BCLL) कार्यालय में प्राप्त हुए? उन पत्रों की वर्तमान स्थिति क्या है? प्राप्त पत्रों, उन पर की गई कार्रवाई लंबित रहने के कारणों तथा पेंडेंसी के दिनों का विवरण गौशवारा बनाकर उपलब्ध करायें। नियमों का स्पष्ट उल्लंघन कर विधायक के पत्रों की निरंतर उपेक्षा करने वाले दोषी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों (CEO, BCLL) के विरुद्ध सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई करने एवं उनकी सेवा पुस्तिका में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने हेतु शासन क्या कदम उठा रहा है? (ख) वर्ष मई 2023 से प्रश्न दिनांक तक लोकायुक्त, EOW, District Court. High Court. AG Audit में BCLL के विरुद्ध कितनी शिकायतें, जांच अथवा प्रकरण दर्ज/लंबित/प्रचलित है? OIC का नाम, दर्ज प्रकरणों, शिकायतों की वर्तमान स्थिति, विभाग द्वारा दिए गए जवाब का पृथक-पृथक गौशवारा प्रदान करें। प्रकरणों में से ऐसे कितने प्रकरण हैं, जिनमें BCLL के अधिकारी व्यक्तिगत रूप से नामजद प्रतिवादी थे, फिर भी उनकी पैरवी हेतु फीस का भुगतान BCLL के कोष से किया गया? ऐसे अधिकारियों के नाम, पदनाम और उन पर व्यय की गई फीस की राशि का प्रकरणवार विवरण दें। (ग) BCLL के NIT 41 के तहत संचालित 12 बसों को बिना वैधानिक अनुमति के कर्नाटक (उडुपी) भेज दिया गया है? यदि हाँ, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी/कर्मचारी कौन हैं? उनके नाम एवं पद बताएं। क्या NIT 41 के संबंध में कोई गंभीर शिकायतें प्राप्त हुई हैं? 12 बसें गायब (मिसिंग) होने के बाद भी क्या CEO द्वारा VGF का भुगतान किया गया? इसका स्पष्ट कारण बताएं एवं भुगतान से संबंधित नोटशीट की छायाप्रति प्रदान करें। (घ) वर्ष 2023 से वर्तमान दिनांक तक नगर निगम परिषद में जो निंदा प्रस्ताव लाया गया है या किसी अपर आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की गई है, तो उस निंदा प्रस्ताव/कार्रवाई से संबंधित सत्यापित आदेश प्रदाय करें।
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।
भोपाल सिंटी लिंक लिमिटेड के अधिकारियों की कार्यप्रणाली
[परिवहन]
182. ( क्र. 1254 ) श्री सुरेन्द्र सिंह हनी बघेल : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या BCLL की NIT-13 के अंतर्गत दिनांक 11/12/2025 की संयुक्त बैठक की हस्तलिखित नोटशीट के बाद, दिनांक 18/12/2025 को CEO द्वारा प्रस्तावित बैठक बुलाई गई थी? हाँ अथवा नहीं? बैठक न बुलाने के स्पष्ट कारण क्या हैं? (ख) क्या उक्त नोटशीट में स्पष्ट लिखित है कि BOD की बैठक 18/12/25 की संयुक्त बैठक संपन्न होने के पश्चात ही होगी? हाँ अथवा नहीं? उक्त तिथि के उपरांत आज तक कुल कितनी BOD बैठकें हुई? उनका तिथि व कार्यसूची-वार पूर्ण विवरण उपलब्ध कराएं। NIT 13 Adjustable Security Deposit से संबंधित CA रिपोर्ट, महापौर कार्यालय की नोटशीट क्रमांक 436, 572, 609, 653 एवं अन्य, ADC Finance nagar nigam को प्रेषित नोटशीट, Dispute Resolution Procedure के संबंध में नोटशीट की छायाप्रति प्रदान करें। (ग) क्या BCLL CEO द्वारा NIT-13 की 'Adjustable Security Deposit' राशि रोकने हेतु अपनाई गई जटिल प्रक्रिया (CA रिपोर्ट, विधिक अभिमत, BOD अनुमति का इंतजार), अन्य सफल निविदाओं NIT-41 (लापता बसें/VGF भुगतान), NIT-43 (Capex से अधिक भुगतान), NIT-60 & 63 (BG वापसी), NIT-121 & 122 (NPA/बसें बंद होने पर 80 लाख भुगतान), NIT-123 (ब्लैक लिस्टिंग हटाना), NIT-153 (1 करोड़ की अतिरिक्त सब्सिडी), NIT-183 (अपूर्ण कार्य के बावजूद भुगतान), NIT-147 & 148 (अपूर्ण कार्य के बाद भी समय-वृद्धि) पर भी अपनाई गई? विवरण हाँ अथवा नहीं में निविदावार गोशवारा बनाकर प्रदाय करें। (घ) सभी मामलों में एक ही अधिकारी (CEO) के कार्यकाल में केवल NIT-13 के विरुद्ध ही दुर्भावनापूर्ण एवं दंडात्मक प्रक्रिया अपनाने के क्या कारण हैं? क्या शासन उक्त अधिकारी द्वारा तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत करने, एक प्रतिष्ठित निविदाकार कंपनी की साख को नुकसान पहुँचाने के प्रयासों और वित्तीय दोहरे मापदंडों की उच्च-स्तरीय निष्पक्ष जाँच कराएगा? यदि हाँ, तो समय-सीमा क्या होगी? यदि नहीं, तो क्यों?
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं। दिनांक 18/12/2025 को BCLL के संचालक मंडल की 42वीं बैठक प्रस्तावित होने के कारण NIT-13 के अंतर्गत पुन: संयुक्त, बैठक नहीं बुलाई गई। (ख) जी नहीं। दिनांक 18-12-25 के उपरांत 02 बोर्ड बैठक हुई। 42 वीं बोर्ड बैठक दिनांक 24-12-2025 को तथा 43 वीं बोर्ड बैठक दिनांक 25-02-2026 को आयोजित हुई थी, जिसकी कार्य सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''1'' एवं ''2'' अनुसार है, NIT 13 Adjustable Security Deposit से संबंधित सीए रिपोर्ट, महापौर कार्यालय की नोट शीट क्रमांक 436, 572, 609, 653, ADC Finance, nagar nigam को प्रेषित नोटशीट, Dispute Resolution Procedure के संबंध में नोटशीट क्रमश: पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''3'' से ''9'' अनुसार है। (ग) जी नहीं। प्रश्न में NIT-13 के Adjustable Security Deposit की वापसी संबंधी प्रकरण की तुलना अन्य निविदाओं के ऐसे प्रकरणों से की गई है, जिनका विषय, कार्य का स्वरूप, अनुबंधीय प्रावधान, अधिकार एवं दायित्व तथा तथ्यात्मक परिस्थितियाँ भिन्न-भिन्न हैं। प्रत्येक निविदा में संबंधित अनुबंध की शर्तों, उपलब्ध अभिलेखों तथा प्रकरण के तथ्यों एवं परिस्थितियों के परीक्षण के उपरांत, आवश्यकतानुसार सक्षम प्राधिकारी द्वारा नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। अतः प्रश्न में अपेक्षित स्वरूप में निविदावार तुलनात्मक गोशवारा तैयार कर प्रदाय किए जाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) बीसीएलएल द्वारा NIT-13 अथवा अन्य किसी भी निविदा के संबंध में की जाने वाली कार्यवाही संबंधित निविदा दस्तावेज, अनुबंध की शर्तों, उपलब्ध अभिलेखों, प्रकरण के तथ्यों एवं गुण-दोष के परीक्षण के आधार पर निर्णय लेकर आवश्यक कार्यवाही की जाती है, न कि किसी दुर्भावनापूर्ण उद्देश्य से। अतः शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।
बिना नोटिस दिए बसों पर कार्यवाही
[परिवहन]
183. ( क्र. 1263 ) श्री चैन सिंह वरकड़े : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या 1 जनवरी 2025 से प्रश्न दिनांक तक कराधान प्राधिकारी/आर.टी.ओ. भोपाल के समक्ष मेसर्स केपिटल रोडवेज एण्ड फायनेंस प्राइवेट लिमिटेड, केपिटल रोडवेज एण्ड बिल्डर्स, चरणजीत सिंह गुलाटी, हरजीत कौर, परमिंदरपाल सिंह गुलाटी एवं पूनम गुलाटी के विरूद्ध कराधान व अन्य शिकायतों संबंधी मामलों की सुनवाई की गई है? यदि हाँ, तो किस शिकायत/आधार पर की गई। (ख) क्या इन 23 बसों के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किए गए और कितनी बसों में बिना नोटिस कार्यवाही की गई। (ग) प्रत्येक वाहन के पारित आदेश की प्रमाणित प्रतियां (आदेश दिनांक सहित) उपलब्ध करायें। (घ) उपरोक्त ऑपरेटर्स को टैक्स और पेनाल्टी के जो नोटिस जारी किए गए वे किस कानून/धारा के तहत जारी किए गए? क्या टैक्स अथवा पेनाल्टी अधिरोपित करने से पूर्व नियमानुसार कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे?
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। प्रकरणों की सुनवाई श्री शिवराज सिंह एवं श्री मंगल सिंह चौहान द्वारा प्रस्तुत शिकायत के आधार पर की गई। (ख) जी हाँ, जिसके परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रत्येक वाहन के पारित आदेश की प्रमाणित प्रतियां (आदेश दिनांक सहित) पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार हैं। (घ) उपरोक्त ऑपरेटर्स को मोटरयान कराधान अधिनियम, 1988 की धारा 8 की उपधारा (3) एवं (4) के अंतर्गत नोटिस जारी किए गए। जी हाँ।
टैक्स की जानकारी
[परिवहन]
184. ( क्र. 1264 ) श्री चैन सिंह वरकड़े : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दिनांक 01/04/2023 से प्रदेश में आर.टी.ओ. (RTO) से संबंधित सभी कार्य एन.आई.सी. (NIC) पोर्टल के माध्यम से किए जा रहे हैं? क्या एन.आई.सी. एक सरकारी उपक्रम है अथवा निजी उपक्रम है तथा क्या इसका संचालन भारत सरकार द्वारा किया जा रहा है? हाँ अथवा नहीं में स्पष्ट उत्तर दें। (ख) क्या आर.टी.ओ. विभाग ने स्वयं अपने स्तर पर 15 वर्ष की अवधि पूर्ण कर चुकी पुरानी बसों के संबंध में यह अभियान चलाया है कि ऐसी कितनी बसे हैं जिनके आर.सी. (Registration Certificate) निरस्त होने के पश्चात उन पर कोई कर (Tax) संबंधित बकाया रह गया है? क्या इसमें ऐसी बसें भी शामिल हैं जिनकी आयु 20 या 30 वर्ष की हो चुकी है? यदि हाँ, तो श्रेणीवार विवरण दें। (ग) यदि उपरोक्त प्रश्नांश (ख) का उत्तर हाँ है, तो दिनांक 01/04/2024 से प्रश्न दिनांक तक इस संबंध में कितनी बसों को नोटिस जारी किए गए हैं तथा किन-किन बसों पर कितनी-कितनी बकाया राशि के नोटिस जारी किए गए हैं? नोटिस प्राप्त सम्पूर्ण बसों के क्रमांक, उनके वाहन स्वामी के नाम, पते तथा विभाग द्वारा की गई कार्यवाही का विवरण मय पत्राचार एवं प्राप्त जवाबों के गौशवारा दस्तावेज सहित बतावें। (घ) बस क्रमांक MP04D8026 वाहन का प्रथम पंजीकरण कब हुआ था, इस पर कुल कितना कर (Tax) बकाया है, कितना कर विभाग द्वारा वसूला जा चुका है, उक्त वाहन का नामांतरण कब-कब और किसके पक्ष में हुआ तथा इसका पंजीयन किस दिनांक को निरस्त किया गया? पंजीयन निरस्त होने के पश्चात एन.आई.सी. (NIC) पोर्टल पर इस वाहन को पुनः जिंदा (Re-activated/Active) कर दिया गया है? यदि हाँ, तो यह किस नियम के अंतर्गत, किस सक्षम अधिकारी के आदेश से तथा किस दिनांक को किया गया?
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। एन.आई.सी. एक सरकारी उपक्रम है तथा इसका संचालन भारत सरकार द्वारा किया जा रहा है। (ख) जी नहीं। वाहन पर उदगृहणीय मोटरयान कर जमा कराने उपरांत ही वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट निरस्त किया जाता है। जिसके परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में उत्तर अपेक्षित नहीं है। (घ) बस क्रमांक MP04 D8026 वाहन का प्रथम पंजीकरण दिनांक 07.01.1991 को हुआ था, इस वाहन पर कोई कर बकाया नहीं है। इससे विभाग द्वारा कर की राशि रूपये 3,16,200 वसूली जा चुकी है। उक्त वाहन का नामांतरण दिनांक 24.09.2005 को श्री मुकेश कुमार मेहता पुत्र श्री मिट्ठूलाल मेहता निवासी रेहटी के नाम किया गया था तथा इस वाहन का दिनांक 20.03.2020 को पंजीयन निरस्त किया गया। एन.आई.सी. के वाहन पोर्टल के रिकॉर्ड अनुसार वर्तमान में उक्त वाहन सक्रिय स्थिति में नहीं है। जिसके परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
संचालक मण्डल की बैठकों के मिनिट्स
[परिवहन]
185. ( क्र. 1265 ) श्री चैन सिंह वरकड़े : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) BCLL की BOD की बैठक क्रमांक 39, 40, 41, 42, 43 की तिथियां क्या हैं? क्या इन सभी बैठकों में ''ऑन-स्पॉट'' हस्तलिखित कार्यवाही तैयार की गई थी? यदि हाँ, तो छायाप्रति प्रदान करें एवं प्रत्येक बैठक के ऑन-स्पॉट मिनट लिखने वाले अधिकारी/कर्मचारी का नाम एवं पदनाम क्या है? यदि ऑन-स्पॉट मिनट तैयार नहीं किए गए, तो इसका वैधानिक कारण क्या है? (ख) उक्त प्रत्येक बैठक (BOD 39 से 43) में कौन-कौन से संविदा अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे? क्या इनमें से किसी संविदा कर्मचारी के विरुद्ध कोई विभागीय जांच लंबित थी? यदि हाँ, तो किस कर्मचारी के विरुद्ध किस दिनांक से विभागीय जांच शुरू की गई थी? जांच शुरू होने की स्पष्ट दिनांक से आज दिनांक तक जांच लंबित रहने का क्या कारण है और जांच लंबित होने के बावजूद उन्हें बोर्ड बैठक जैसी गोपनीय और महत्वपूर्ण बैठकों में किस नियम के तहत सी.ई.ओ. द्वारा शामिल किया गया? (ग) उपरोक्तानुसार प्रत्येक BOD बैठक के संपन्न होने के वास्तविक दिन और अध्यक्ष/संचालकों द्वारा उस बैठक के मिनिट्स पर वास्तविक हस्ताक्षर किए जाने के दिन के बीच कितने दिनों का अंतर था? कंपनी अधिनियम के तहत बैठक संपन्न होने के कितने दिनों के भीतर मिनिट्स हस्ताक्षरित होना अनिवार्य है और BCLL द्वारा प्रत्येक BOD में वास्तव में कितना समय लिया गया? गौशवारा बनाकर प्रदान करें। यदि इसमें देरी हुई है, तो बैठकवार देरी का स्पष्ट कारण क्या है? (घ) क्या बैठक संपन्न होने से लेकर मिनिट्स पर अंतिम हस्ताक्षर होने की इस ''प्रतीक्षा अवधि'' के दौरान एजेंडा, प्रस्तावों या नोटशीट पर कोई पत्राचार या संशोधन किया गया था? यदि हाँ, तो जानकारी प्रदान करें।
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) BCLL की BOD की बैठक क्रमांक 39, 40, 41, 42, 43 की तिथियां क्रमश: दिनांक 07.03.24, 30.09.24, 04.04.25, 24.12.25 एवं 25.02.26 है। जी नहीं, BOD की बैठक क्रमांक 39, 40, 41, 42, 43 के टंकित मिनिटस पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''1'' से ''5'' अनुसार है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) प्रत्येक बैठक (BOD 39 से 43) में उपस्थित संविदा अधिकारी/कर्मचारी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''6'' अनुसार है। उक्त परिशिष्ट में उल्लेखित अधिकारियों/कर्मचारियों में श्री रोहित यादव, श्री जीशान खान के विरूद्ध नियमानुसार विभागीय जांच संस्थापित न होकर शिकायत पत्र की जांच हेतु BCLL के आदेश दिनांक 02.04.2026 से समिति का गठन किया गया है। समिति द्वारा प्रारंभिक प्रतिवेदन प्रस्तुत कर समिति में शामिल अधिकारियों का स्तर समकक्ष/कनिष्ठ होने के कारण वरिष्ठ स्तर के अधिकारियों की समिति से जांच कराए जाने की अनुशंसा की गई है। उक्त प्रतिवेदन संचालनालय नगरीय विकास एवं आवास विभाग के समक्ष पत्र दिनांक 08.06.2026 से प्रस्तुत किया गया है। समिति द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''7'' अनुसार है। शिकायत पत्र पर जांच उपरांत निष्कर्ष प्राप्त न होने से अधिकारी/कर्मचारियों को प्रारंभिक रूप से दोषी ठहराया जाना उचित प्रतीत नहीं होता है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) कंपनी अधिनियम के तहत प्रत्येक BOD बैठक के संपन्न होने के 30 दिवस में मिनिट्स पर हस्ताक्षर होने के प्रावधान है। BCLL द्वारा प्रत्येक BOD के मिनिटस में हुए हस्ताक्षर हेतु समय एवं देरी का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''8'' अनुसार है। (घ) जी हाँ। बैठक संपन्न होने से लेकर मिनिटस पर अंतिम हस्ताक्षर होने की इस प्रतीक्षा अवधि के दौरान एजेंडा, प्रस्तावों या नोटशीट पर पत्राचार या संशोधन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''9'' से ''13'' अनुसार है।
बीसीएलएल निविदाओं में अनियमितता
[परिवहन]
186. ( क्र. 1266 ) श्री चैन सिंह वरकड़े : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) BCLL की सफल निविदाएं क्रमांक 41, 43, 63, 121, 122, 123, 147, 148, 153, 183 वर्तमान में इन ऑपरेटरों पर कुल कितनी पेनाल्टी लंबित है, लंबित बैंक गारंटी तथा न्यायालयीन स्टे की स्थिति क्या है? क्या उक्त पेनाल्टी को वित्तीय बहियों में दर्ज किया गया है? हाँ अथवा नहीं? निविदावार गौशवारा (विवरण) बनाकर प्रदाय करें। (ख) NIT 148 के अंतर्गत जिसे BOD द्वारा टर्मिनेशन नोटिस जारी करने के बाद पुन: बहाल किया गया था उस टेण्डरर द्वारा बहाली के बाद कुल कितना कार्य धरातल पर किया गया? कार्य में देरी के लिये कुल कितनी पेनाल्टी राशि वसूली गई? (ग) जिस निविदाकार ने स्वयं लिखित पत्र देकर भविष्य में Ticket (Tender) संचालन न करने की बात स्वीकार की थी, उसकी ब्लैकलिस्टिंग को किस नियम के तहत हटाया गया? (घ) BCLL के अंतर्गत वर्तमान में कुल कितने बस स्टॉप निर्मित/संचालित हैं? कुल स्वीकृत बस स्टॉप में से कितने बस स्टॉप के टेंडर्स में 'यूनिपोल' लगाने की अनुमति है? इन बस स्टॉप/यूनिपोल विज्ञापनों के माध्यम से BCLL को प्रतिवर्ष कुल कितनी राजस्व राशि प्राप्त होती है? यदि यूनिपोल से राशि प्राप्त नहीं हो रही है, तो इसका क्या कारण है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। इसका निविदावार गौशवारा बनाकर प्रदान करें।
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-''1'' अनुसार है। (ख) NIT 148 के अंतर्गत DOB द्वारा टर्मिनेशन नोटिस जारी नहीं किया गया। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) एनआईटी क्रमांक 123 अंतर्गत एजेंसी चलो मोबिलिटी द्वारा जिला न्यायालय में दायर प्रकरण में दिनांक 03.09.2024 को पारित आदेश अनुसार आर्बिट्रेशन के माध्यम से निराकरण किये जाने के परिपालन में निष्पादित अनुबंध की कंडिका 4.48 Dispute Resolution के प्रावधान अनुसार संभागायुक्त भोपाल आर्बिट्रेटर थे। आर्बिट्रेटर के समक्ष प्रस्तुत आर्बिट्रेशन प्रकरण में एजेंसी द्वारा प्रकरण का निराकरण अमीकेबली किये जाने सम्बन्धी प्रस्तुत पत्र दिनांक 11.02.2025 एवं बीसीएलएल को बकाया राशि के भुगतान किये जाने के अनुक्रम में बीसीएलएल बोर्ड की 41वीं बैठक दिनांक 04.04.2025 में प्रकरण के गुण दोष के आधार पर ब्लैक लिस्टिंग एवं टर्मिनेशन सम्बन्धी जारी पत्र को निरस्त किये जाने सम्बन्धी निर्णय लिया गया। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-''2'' अनुसार है। अनुबंध अनुसार यूनिपोल से पृथक से राशि प्राप्त होना प्रावधानित नहीं है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
केन बेतवा लिंक सिंचाई परियोजना प्रारंभ की जाना
[जल संसाधन]
187. ( क्र. 1517 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले में केन बेतवा लिंक सिंचाई परियोजना से कौन-कौन से ग्रामों के किसानों को इसका लाभ मिलेगा? सम्पूर्ण जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) के आधार पर बताएं कि इससे जिले में और क्या-क्या सुविधाएं इस जिले की जनता को मिलेगी? सम्पूर्ण जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के आधार पर इस योजना की सम्पूर्ण कार्ययोजना की छायाप्रतियां प्रदाय कर यह भी जानकारी दें कि विभाग द्वारा प्रश्न दिनांक तक शासन द्वारा क्या-क्या कार्य कार्ययोजना को प्रारंभ कराने हेतु कराए जा चुके हैं और क्या-क्या शेष हैं? सम्पूर्ण जानकारी दें। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर निश्चित समय-सीमा सहित सम्पूर्ण जानकारी देते हुए बताएं कि टीकमगढ़ जिले में कब से केन बेतवा लिंक सिंचाई परियोजना का कार्य प्रारंभ हो जावेगा?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) टीकमगढ़ जिले में केन बेतवा लिंक सिंचाई परियोजना से 157 ग्रामों के किसानों को सिंचाई का लाभ मिलेगा विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"अ" अनुसार है। (ख) केन बेतवा लिंक परियोजना से टीकमगढ़ जिले की 57256 हे. सिंचाई के अतिरिक्त 09 चंदेलकालीन तालाबों के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य तथा 4.64 एमसीएम जल पेयजल हेतु उपलब्ध होगा। विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"ब" अनुसार है। (ग) टीकमगढ़ जिले हेतु केन बेतवा लिंक परियोजना अंतर्गत पम्प हाउस क्र.06 की अनुमानित लागत रू. 2606.20 करोड़ का प्रस्ताव केन्द्रीय जल आयोग नई दिल्ली में परीक्षणाधीन है। 09 चंदेलकालीन तालाबों के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण का प्रस्ताव राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण, नई दिल्ली द्वारा तैयार किया जा रहा है। जिला टीकमगढ़ अंतर्गत केन बेतवा लिंक नहर निर्माण हेतु भूअर्जन अंतर्गत धारा-11 का प्रकाशन पूर्ण किया जा चुका है एवं धारा-19 की कार्यवाही प्रक्रियाधीन होना प्रतिवेदित है। (घ) निश्चित समय सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
दूषित खाद्य पदार्थों के विक्रेताओं पर कार्यवाही
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
188. ( क्र. 1636 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 जनवरी 2023 के पश्चात नीमच, मंदसौर और रतलाम जिलों में दूषित खाद्य पदार्थों एवं अन्य सामग्रियों के संबंध में विक्रेताओं के विरुद्ध किस-किस अधिकारी द्वारा, कब और क्या कार्यवाही की गई? शिकायत की वर्तमान स्थिति क्या है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में नमूना लिए जाने के उपरांत किसी दुकान/प्रतिष्ठान को अधिकतम कितने समय तक सील किए जाने का प्रावधान है? इस संबंध में प्रचलित अधिनियम, नियम, विभागीय निर्देश अथवा परिपत्रों की प्रतिलिपि उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच विभागीय/अधिकृत प्रयोगशाला द्वारा नियमानुसार अधिकतम कितने दिनों में पूर्ण किया जाना अनिवार्य है? (ग) 1 जनवरी 2018 के पश्चात नीमच उपभोक्ता न्यायालय में कुल कितने प्रकरण दर्ज किए गए? इनमें से कितनों का निराकरण हुआ और कितने शेष हैं? शिकायतकर्ता के नाम सहित प्रकरणवार जानकारी प्रदान करें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) नीमच, मंदसौर और रतलाम जिलों से प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार। (ख) नमूना लिए जाने के उपरांत किसी दुकान/प्रतिष्ठान को सील किए जाने की समयसीमा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 में उल्लेखित नहीं है। अपितु खाद्य प्रतिष्ठान सील किए जाने संबंधी अधिनियम की धारा 31 व नियम 2.1.3 (4) (i) की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार। खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच विभागीय/अधिकृत प्रयोगशाला द्वारा नियमानुसार पूर्ण किये जाने का उल्लेख अधिनियम की धारा 46 (3), नियम 2.4.2 (5) व 2.4.2 (6) में किया गया है जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''स'' अनुसार। (ग) कार्यालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग नीमच से प्राप्त पत्र क्रमांक 85/2026 दिनांक 07-07-2026 अनुसार वर्ष 2018 के पश्चात दूषित खाद्य पदार्थों एवं अन्य सामग्री संबंधी विक्रेताओं के विरूद्ध जिला उपभोक्ता नीमच में कोई प्रकरण पंजीबद्ध नहीं हुआ है। उक्त जानकारी निरंक है।
खाद्य सामग्री की शुद्धता एवं गुणवत्ता
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
189. ( क्र. 1709 ) डॉ. अभिलाष पाण्डेय : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग यह मानता है कि खाद्य सामग्री की शुद्धता और गुणवत्ता का सीधा संबंध नागरिकों के स्वास्थ्य से है? यदि हाँ, तो प्रदेश में आमजन को मिलावट रहित एवं उच्च गुणवत्ता वाली खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए शासन द्वारा नीतिगत स्तर पर क्या-क्या प्रभावी कदम उठाए गए हैं? (ख) विभाग द्वारा खाद्य पदार्थों में मिलावट को रोकने तथा गुणवत्ता सुधार हेतु गत 5 वर्षों में कब-कब विशेष अभियान चलाए गए हैं? इस अवधि के दौरान जबलपुर जिले में मिलावटखोरों, नकली खाद्य पदार्थ निर्माताओं एवं विक्रेताओं के विरुद्ध की गई कुल दंडात्मक व कानूनी कार्रवाई (जैसे-दर्ज प्राथमिकी, सील की गई दुकानें, जब्त सामग्री एवं वसूला गया जुर्माना) का वर्षवार विस्तृत विवरण देवें? छापेमारी या जांच में दोषी पाए गए संस्थान/विक्रेता भविष्य में दोबारा ऐसी गड़बड़ी न करें, इसके लिए विभाग के पास क्या नियम व दंडात्मक प्रावधान हैं? क्या विभाग द्वारा ऐसे दागी संस्थानों की दोबारा (री-चेकिंग) जांच की गई है कि वे पुनः मिलावट कर रहे हैं अथवा नहीं? यदि हाँ, तो जबलपुर जिले में दोबारा गड़बड़ी करते पाए गए संस्थानों पर क्या-क्या कड़ी चालानी व वैधानिक कार्रवाई की गई, स्पष्ट विवरण देवें? (ग) क्या खाद्य सामग्री की पैकिंग के संबंध में विभाग की कोई विशिष्ट नीति अथवा दिशा-निर्देश निर्धारित हैं? क्या विभाग इस वैज्ञानिक तथ्य को स्वीकार करता है कि अत्यधिक गर्म खाद्य सामग्री को प्लास्टिक सामग्री में पैक करने से उसमें कैंसर उत्पन्न करने वाले हानिकारक तत्व पैदा होते हैं, जिससे प्रदेशवासी गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं? यदि हाँ, तो क्या होटल, भोजनालय एवं रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं द्वारा गर्म भोजन को प्लास्टिक में पैक किए जाने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाने हेतु विभाग कोई नई नियमावली जारी करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) क्या पर्यावरण संरक्षण एवं जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में खाद्य सामग्री की पैकिंग हेतु केवल जैव-अपघटनीय (प्रकृति में स्वतः नष्ट होने वाली इको-फ्रेंडली) सामग्री का ही उपयोग अनिवार्य किया जाए? यदि हाँ, तो इस संबंध में कब तक कड़े नियम व कानून लागू किए जाएंगे? क्या विभाग यह मानता है कि खाद्य पदार्थों में प्रयुक्त होने वाले गैर-जैव अपघटनीय प्लास्टिक से भारी मात्रा में ऐसा कचरा उत्पन्न हो रहा है, जो मृदा की गुणवता को नष्ट करने के साथ-साथ शहरों की जल निकासी व्यवस्था को भी गंभीर रूप से बाधित कर रहा है?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। प्रदेश में सुरक्षित एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु शासन द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अंतर्गत जोखिम-आधारित खाद्य निगरानी (RBIS), नियमित निरीक्षण, नमूना संग्रहण एवं प्रयोगशाला परीक्षण, खाद्य व्यवसायों का लाइसेंसिंग एवं पंजीयन, विशेष प्रवर्तन अभियान, जन-जागरूकता कार्यक्रम, खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण (FoSTaC), मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के माध्यम से त्वरित परीक्षण एवं जागरूकता तथा उल्लंघनकर्ताओं के विरुद्ध अभियोजन एवं अन्य वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। (ख) प्रदेश में खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु त्यौहार विशेष अभियान, दुग्ध एवं दुग्ध उत्पाद विशेष अभियान, मावा एवं मिष्ठान जांच अभियान, खाद्य तेल एवं मसाला जांच अभियान, वर्षा ऋतु विशेष अभियान, ग्रीष्मकालीन पेय पदार्थ एवं पेयजल अभियान, उच्च जोखिम (High Risk Food) खाद्य पदार्थों के निरीक्षण अभियान, होटल/रेस्टोरेंट एवं स्ट्रीट फूड निरीक्षण अभियान तथा अन्य जोखिम-आधारित विशेष प्रवर्तन अभियान नियमित रूप से संचालित किए गये है। खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम संबंधी कार्यवाही हेतु अभियान निरंतर जारी है। जबलपुर जिले में उक्त अवधि के दौरान मिलावटखोरों, नकली खाद्य पदार्थ निर्माताओं एवं विक्रेताओं के विरुद्ध की गई निरीक्षण, नमूना संग्रहण, अधिनिर्णयन, अभियोजन, दर्ज प्राथमिकी, प्रतिष्ठानों पर की गई कार्यवाही, जब्त सामग्री, वसूले गए अर्थदण्ड तथा अन्य वैधानिक कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अंतर्गत उल्लंघन की प्रकृति के अनुसार सुधार सूचना (Improvement Notice), अधिनिर्णयन, अर्थदण्ड, अभियोजन, अनुज्ञप्ति का निलंबन अथवा निरस्तीकरण तथा अन्य वैधानिक कार्यवाही किये जाने का प्रावधान भी प्रावधानित है, ऐसे प्रतिष्ठान जो पूर्व में भी अधिनियम का उल्लंघन करते पाए गए है, उनके विरुद्ध आवश्यकता एवं जोखिम के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 अंतर्गत पुनः निरीक्षण (Pre Inspection) एवं नमूना संग्रहण की कार्यवाही की जाती है। जबलपुर जिले में पुनः निरीक्षण के दौरान अधिनियम के उल्लंघन की पुनरावृत्ति पाए जाने पर की गई वैधानिक कार्यवाही जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ग) खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 अंतर्गत खाद्य सामग्री की पैकेजिंग के संबंध में खाद्य सुरक्षा एवं मानक (पैकेजिंग) विनियम,2018 तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक (लेबलिंग एवं प्रदर्शन) विनियम प्रावधानित है। इन विनियमों का उल्लंघन पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अंतर्गत नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जाती है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) खाद्य सामग्री की पैकेजिंग के संबंध में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा उसके अधीन अधिसूचित खाद्य सुरक्षा एवं मानक (पैकेजिंग) विनियम, 2018 के अनुसार खाद्य-ग्रेड एवं सुरक्षित पैकेजिंग सामग्री का उपयोग किया जाना अनिवार्य है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के नियम 2011 एवं विनियमों में जैव-अपघटनीय (Eco-friendly) पैकेजिंग सामग्री का उपयोग अनिवार्य किए जाने संबंधी कोई नियम/विनियम प्रावधानित नहीं है। अतः ऐसी नियमावली लागू किए जाने की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के नियम 2011 एवं विनियमों में गैर-जैव अपघटनीय प्लास्टिक से उत्पन्न होने वाले पर्यावरणीय प्रभावों के एवं मृदा गुणवत्ता तथा जल निकासी की व्यवस्था के संबंध में कोई उल्लेख नहीं है।
भाग-3
अतारांकित
प्रश्नोत्तर
पवई
विधानसभा क्षेत्र
अंतर्गत
शासकीय भूमि
पर अतिक्रमण
[राजस्व]
1. ( क्र. 6 ) श्री प्रहलाद लोधी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन के संज्ञान में यह तथ्य है कि पन्ना जिले की पवई विधानसभा क्षेत्र में शासकीय भूमि, विशेषकर मवेशियों के चरने हेतु आरक्षित गोचर भूमि, युवाओं हेतु चिन्हित खेल मैदानों, विद्यालयों एवं चिकित्सालयों की भूमि पर व्यापक स्तर पर अतिक्रमण है? (ख) क्या पवई नगरीय क्षेत्र स्थित शासकीय स्टेडियम की भूमि पर भी अतिक्रमण किया गया है? उक्त स्टेडियम की भूमि को कब्जा मुक्त कराने हेतु अब तक क्या ठोस कार्यवाही की गई है? (ग) क्या शासन को यह संज्ञान है कि मिलोनीगंज (टोरिया) क्षेत्र में शासकीय भूमि पर अवैध रूप से पक्के मकानों का निर्माण और झुग्गी-झोपड़ियाँ बनाकर लगातार कब्जा बढ़ाया जा रहा है? यदि हाँ, तो इस क्षेत्र की भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने हेतु अब तक विभाग ने क्या कार्यवाही की है और वहां निर्माण कार्य को रोकने में विभाग विफल क्यों रहा है? (घ) पवई विधानसभा क्षेत्र में विगत तीन वर्षों में राजस्व विभाग द्वारा कुल कितनी हेक्टेयर शासकीय भूमि, गोचर भूमि, खेल मैदानों एवं संस्थागत भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है? इसका पूर्ण विवरण ग्रामवार/क्षेत्रवार उपलब्ध कराएं। (ड.) क्या मिलोनीगंज (टोरिया) एवं स्टेडियम के मामलों में स्थानीय राजस्व अधिकारियों/पटवारियों की संलिप्तता या लापरवाही की जांच कराई जाएगी? यदि हाँ, तो दोषी अधिकारियों के विरुद्ध शासन द्वारा क्या अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी और भविष्य में पुनः अतिक्रमण न हो, इसके लिए क्या कार्ययोजना है?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) विषयांतर्गत भूमियों पर अतिक्रमण की जांच करवाई गई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) प्रश्न के अनुक्रम में जांच की जाकर स्टेडियम की भूमि पर अतिक्रमणकारियों का चिंहाकन किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) प्रश्न अन्तर्गत टोरिया म.प्र. राजपत्र दिनांक 03.05.1957 के तहत भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 4 के तहत राज्य सरकार द्वारा राजस्व खसरा नंबर 2412 को आरक्षित वन बनाने का विनिश्चित किया गया है अत: उपरोक्त स्थल पर अन्य कार्यवाही करने का अधिकार भारतीय वन अधिनियम के तहत वन अधिकारियों को है अत: उक्त प्रश्नांश वन विभाग से संबंधित है। वन विभाग से प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार दक्षिण वन मण्डल पन्ना अन्तर्गत वन परिक्षेत्र पवई मिलौनीगंज (टौरिया) क्षेत्र वन खण्ड पवई ''अ'' अन्तर्गत आता है अधिसूचना अनुसार कुल रकबा 25.899 हे. अर्थात् 63.9978 एकड़ है जो प्रशासनिक रूप से वन परिक्षेत्र पवई बीट उत्तर पवई कक्ष क्रमांक पी 613 वन क्षेत्र है जिसमें वन खण्ड के मानचित्र अनुसार कुल 13 नग मुनारे मौके पर निर्मित हैं जो सुरक्षित हैं एवं मुनारों के अंदर वन भूमि पर कोई भी अतिक्रमण नहीं है तथा वन भूमि में कोई भी पक्के मकान एवं झुग्गी झोपड़ी का निर्माण नहीं है वन खण्ड के मुनारे एवं पूर्व में लगी फेंसिंग के बाहर कुछ जगह पर अतिक्रमण है जिसमें वन-राजस्व का संयुक्त सीमांकन के पश्चात् स्थिति स्पष्ट होने पर अतिक्रमण के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। वर्तमान में वन भूमि पर कोई अतिक्रमण नहीं है। (घ) पवई विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत विगत तीन वर्षों में राजस्व विभाग द्वारा शासकीय गोचर भूमि, खेल मैदानों एवं संस्थागत भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार है। (ड.) स्टेडियम के मामले में जांच उपरान्त संलिप्तता पाये जाने पर दोषी अधिकारियों/ कर्मचारियों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। शेष उत्तरांश 'ग' अनुसार।
विद्यालयों की जर्जर स्थिति एवं भौतिक सुविधाओं की कमी
[स्कूल शिक्षा]
2. ( क्र. 14 ) श्री प्रहलाद लोधी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पवई विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्तमान में कुल कितने शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालय संचालित हैं? (ख) उक्त विद्यालयों में से कितने विद्यालय भवन जर्जर स्थिति में हैं? क्या इन जर्जर भवनों के मरम्मत या पुनर्निर्माण हेतु विभाग द्वारा कोई विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है? यदि हाँ, तो विवरण दें और यदि नहीं, तो इसके क्या कारण हैं? (ग) इन विद्यालयों में शैक्षणिक स्टाफ (शिक्षकों) के स्वीकृत पदों के विरुद्ध वर्तमान में कितने शिक्षक कार्यरत हैं और कितने पद रिक्त हैं? विभाग द्वारा इन रिक्त पदों को भरने हेतु क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं? (घ) क्या यह सत्य है कि उक्त विधानसभा क्षेत्र के कई विद्यालयों में आज भी पर्याप्त पेयजल, क्रियाशील शौचालय, बिजली कनेक्शन एवं फर्नीचर जैसी मूलभूत भौतिक सुविधाओं का भारी अभाव है? यदि हाँ, तो इन सुविधाओं को सुनिश्चित करने हेतु विभाग द्वारा क्या समयावधि निर्धारित की गई है? (ड.) स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा इस संदर्भ में पूर्व में दी गई शिकायतों/ज्ञापन पर विभाग द्वारा अब तक क्या कार्यवाही की गई है? यदि कार्यवाही नहीं हुई है, तो इसके लिए कौन अधिकारी उत्तरदायी है? (च) शासकीय कन्या हाई स्कूल मोहंद्रा, शासकीय कन्या हाई स्कूल रैपुरा एवं माध्यमिक कन्याशाला हरदवा खमरिया के उन्नयन (अपग्रेडेशन) हेतु जनप्रतिनिधि द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव पर विभाग की क्या स्थिति है? क्या इन विद्यालयों को आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से उन्नयन करने हेतु स्वीकृति प्रदान की जाएगी? यदि हाँ, तो समय-सीमा क्या है?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 398 प्राथमिक शाला, 616 माध्यमिक शाला, 32 हाई स्कूल एवं 21 हायर सेकेण्डरी स्कूल संचालित है। (ख) पवई विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 59 प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालय जर्जर स्थिति में है। 06 प्राथमिक/ माध्यमिक शालाओं में मरम्मत की स्वीकृति प्रदान की गई है। शेष की स्वीकृति बजट की उपलब्धता पर निर्भर है। जर्जर भवनों में शाला संचालन न करने के संबंध में संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र के पत्र क्र./राशिके/निर्माण-1/2026/2367 भोपाल, दिनांक 15.04.2026 एवं पत्र क./राशिके/ निर्माण-1/2026/3396 भोपाल, दिनांक 09.06.2026 द्वारा सर्व संबंधितों को निर्देश दिये गये है। हाई स्कूल/हायर सेकेण्ड्रीकी जानकारी निरंक है शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) स्वीकृत पद-2710, कार्यरत-1688 एवं रिक्त पद-1022 है। वर्तमान में रिक्त पदों पर भर्ती की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है एवं रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों द्वारा अध्यापन का कार्य कराया जा रहा है। (घ) सभी प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालयों में पर्याप्त पेयजल, बालिका शौचालय उपलब्ध है। 26 बालक शौचालय की स्वीकृति प्रदान की गई है। 58 प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं में से 40 शालाओं में विद्युत कनेक्शन हेतु स्वीकृति प्रदान की गई है। फर्नीचर एवं मूलभूत सुविधाओं की पूर्ति हेतु चरणबद्ध योजना बनाई गई है। शेष स्वीकृति बजट की उपलब्धता पर निर्भर है। शास. हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में समस्त मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध है, अपितु छात्र नामांकन एवं उपलब्ध बजट अनुसार हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में फर्नीचर उपलब्ध कराया जाता है। निश्चित समय सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ड.) स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों के द्वारा की गई मांग अनुसार जिला स्तर से 29 प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं के मरम्मत हेतु जिला खनिज प्रतिष्ठान मद से 20 लाख की राशि जारी गई एवं शेष स्वीकृति बजट की उपलब्धता पर निर्भर है। हाई स्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूल के संबंध में जानकारी उतरांश 'घ' अनुसार है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (च) शासकीय माध्यमिक शाला से हाई स्कूल एवं हाई स्कूल से हायर सेकेण्डरी स्कूल हेतु उन्नयन प्रस्तावों के परीक्षण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। समय सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
सांदीपनि विद्यालयों में अन्य शालाओं के छात्रों का समायोजन
[स्कूल शिक्षा]
3. ( क्र. 27 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सांदीपनि विद्यालयों में लक्ष्य के अनुरूप छात्र संख्या दर्ज न होने के कारण आसपास की शालाओं के छात्रों को सांदीपनि विद्यालयों में समायोजित किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो कौन-कौन सी शालाओं को कौन से सांदीपनि विद्यालय में समायोजित किया गया है? नाम बताये? (ग) प्रश्नांश (ख) के अंतर्गत समायोजित की गई शालाओं में कितने विद्यार्थी अध्ययनरत थे एवं कितने विद्यार्थियों ने सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश लिया कितने ने नहीं लिया? स्कूलवार बतावे? (घ) प्रश्नांश (ग) के अंतर्गत शेष विद्यार्थियों द्वारा प्रवेश न लेने के कारण बतावे?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं। सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश नीति के तहत निकटस्थ संचालित शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालयों से प्रवेश कराकर शून्य नामांकन की स्थिति में समाहित किया गया। (ख) विधानसभा क्षेत्र पनागर अंतर्गत सांदीपनि विद्यालयों में समाहित किए गए विद्यालय एवं छात्र संख्या इस प्रकार है-I. शासकीय प्राथमिक शाला ब्योहारीचौक-89 II.शासकीय एकीकृत माध्यमिक शाला रिझाई-210 III. शासकीय प्राथमिक शाला उन्नत कंचनपुर-38 IV. शासकीय प्राथमिक सेटेलाईट शाला हिनौता-20 (ग) चारों विद्यालयों की कुल छात्र संख्या 357 है। जिसमें से 347 विद्यार्थियों ने सांदीपनि विद्यालय में प्रवेश लिया है। (घ) शेष 10 छात्रों के प्रवेश न लेने की जानकारी प्राप्त नहीं है।
सांदीपनि विद्यालयों में समायोजित अन्य शालाओं के रिक्त भवनों का उपयोग
[स्कूल शिक्षा]
4. ( क्र. 28 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जबलपुर एवं प्रदेश के सांदीपनि विद्यालयों में निर्धारित छात्र संख्या पूर्ति करने हेतु अन्य विद्यालयों के छात्रों को प्रवेश देकर शालाओं का समायोजन किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो कितनी शालाओं का समायोजन किया गया है? (ग) क्या प्रश्नांश (ख) के अंतर्गत इन शालाओं के रिक्त भवनों को आंगनवाड़ी अथवा स्वास्थ्य केन्द्रों हेतु उपयोग किया जा सकता है? (घ) प्रश्नांश (ग) यदि नहीं तो क्यों?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश नीति के तहत निकटस्थ संचालित शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालयों से प्रवेश कराकर शून्य नामांकन की स्थिति में समाहित किया गया। (ख) 67 सांदीपनि विद्यालयों में 448 शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं से प्रवेश कर समायोजन किया गया है जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ग) सांदीपनि विद्यालयों के रिक्त भवनों का उपयोग म.प्र. शासन के आदेश क्रं.।/ 1041776/2026/1232555/2026/20-2 भोपाल दिनांक 26.05.26 पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार किया जावेगा। (घ) उत्तरांश "ग" के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
मध्यप्रदेश में मदरसों के पंजीयन की प्रक्रिया
[स्कूल शिक्षा]
5. ( क्र. 39 ) श्री आरिफ मसूद : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश राज्य में नये मदरसों के पंजीयन की प्रक्रिया विगत कितने वर्षों से किस कारण से बंद है? इससे संबंधित आदेश/निर्देश की प्रति सहित जानकारी प्रदाय करे। (ख) मध्यप्रदेश में नये मदरसों के पंजीयन की प्रक्रिया कब शुरू की जाएगी? समय सीमा बताएं। यदि नहीं तो क्यों?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ख) उत्तरांश ''क'' के परिप्रेक्ष्य में समय-सीमा बताया जाना संभाव नहीं है।
जाति प्रमाण पत्र से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराना
[राजस्व]
6. ( क्र. 40 ) श्री संजय उइके : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनुभाग आधारताल जबलपुर को पत्र क्रमांक 901/2025-26 दिनांक 02-02-2026 को जाति प्रमाण पत्र से संबंधित दस्तावेजों हेतु पत्र लिखा गया था? जिस पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनुभाग आधारताल द्वारा अनुविभागीय अधिकारी गोरखपुर जबलपुर को ऑनलाईन सर्च करने पर उक्त जाति प्रमाण पत्र गोरखपुर तहसील से जारी किया गया I अत: जानकारी उपलब्ध कराने पत्र क्र. 737/प्रवा-1/अ.वि.अ./अधा./2026 जबलपुर दिनांक 27-02-2026 लिखा गया? (ख) हां तो प्रश्नकर्ता को जानकारी किन कारणों से उपलब्ध नहीं कराई गई है? बतावें और जानकारी कब तक उपलब्ध कराई जावेगी समय सीमा बतावें? (ग) प्रश्नकर्ता की जानकारी उपलब्ध नहीं कराने के लिए कौन अधिकारी/कर्मचारी जवाबदार है? क्या उसके विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी?
राजस्व
मंत्री ( श्री
करण सिंह
वर्मा ) : (क) जी
हाँ। (ख) माननीय
विधायक महोदय
को पत्र
क्रमांक 71/री.-3/अ.वि.अ.रा.गो./2026
जबलपुर
दिनांक 13/07/2026 द्वारा
जानकारी ईमेल
के माध्यम से
उपलब्ध करा दी
गई है। (ग) उत्तरांश
'ख' के
परिप्रेक्ष्य
में प्रश्नांश
'ग' उद्भूत
नहीं होता है।
मुआवजा राशि का भुगतान नहीं होना
[राजस्व]
7. ( क्र. 47 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या हरदा जिले में वर्ष 2025-26 के दौरान हुई प्राकृतिक आपदा एवं ओलावृष्टि से गेहूं, चना, मक्का, चीया सहित अन्य फसलें व्यापक रूप से प्रभावित एवं नष्ट हुई थीं? (ख) यदि हाँ, तो प्रभावित किसानों एवं क्षतिग्रस्त क्षेत्र का तहसीलवार विवरण क्या है तथा फसल क्षति के आंकलन हेतु शासन द्वारा कराए गए सर्वे की स्थिति क्या है? (ग) क्या सर्वे उपरांत हरदा जिले के किसानों को देय राहत/मुआवजा राशि कितनी स्वीकृत की गई है तथा आज दिनांक तक कितने किसानों को राशि का भुगतान किया जा चुका है? शेष किसानों की संख्या एवं लंबित राशि का विवरण क्या है? (घ) क्या सर्वे पूर्ण होने के बावजूद बड़ी संख्या में किसानों को आज दिनांक तक मुआवजा राशि प्राप्त नहीं हुई है? यदि हाँ, तो इसके लिए कौन से प्रशासनिक अथवा वित्तीय कारण उत्तरदायी हैं? (ड.) लंबित किसानों को मुआवजा राशि का भुगतान कब तक किया जावेगा? समय-सीमा बताये। (च) क्या शासन इस संबंध में कोई निश्चित समय-सीमा निर्धारित कर किसानों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराने जा रहा है? यदि हाँ, तो कब तक?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रभावित किसानों एवं क्षतिग्रस्त क्षेत्र का तहसीलवार विवरण तथा फसल क्षति के सर्वे के आंकलन अनुसार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ, जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) सर्वे पूर्ण होने के पश्चात कृषक एवं बटाईदार के मध्य आपसी विवाद, स्थानीय स्तर पर निवासरत नहीं होने एवं खाते/सहखातेदारों की सहमति प्राप्त नहीं होने के कारण कुछ किसानों को भुगतान नहीं हो पाया है। इसके लिए कोई प्रशासनिक अथवा वित्तीय कारण उत्तरदायी नहीं है। (ड.) शेष किसानों को राहत राशि के भुगतान हेतु सहखातेदारों एवं बटाईदारों के मध्य आपसी विवाद के निराकरण की कार्यवाही सतत् की जा रही है। (च) उत्तरांश (ड.) के परिप्रेक्ष्य में समय सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पामाखेड़ी एवं परसोरिया का संचालन
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
8. ( क्र. 59 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र परसोरिया एवं पामाखेड़ी में भवन निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है? यदि हाँ, तो जानकारी देवे तथा क्या नव निर्मित भवन विभाग के आधिपत्य में है? (ख) यदि प्रश्नांश (क) में वर्णित भवन विभाग के आधिपत्य में है तो विभाग द्वारा स्वास्थ्य केन्द्र संचालन के संबंध में प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की गई है? (ग) क्या विभाग प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के संचालन में स्वीकृति पदों की पूर्ति एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र संचालन के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के लिए विभाग ने प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की? (घ) क्या प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र परसोरिया एवं पामाखेड़ी का नवीन भवन में संचालन कब से किया जाएगा?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्तरांश (क) के संबंध में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र परसोरिया एवं पामाखेड़ी में फार्मासिस्ट ग्रेड-2 पदस्थ है, उपलब्ध सामग्री की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (घ) भवन निर्माण कार्य पूर्ण एवं हस्तांरित होने के उपरांत संचालन की कार्यवाही की जाती है, निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।
लघु सिंचाई योजनाओं की स्वीकृति
[जल संसाधन]
9. ( क्र. 60 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विभाग में लघु सिंचाई परियोजना प्रशासकीय स्वीकृति हेतु लंबित है? यदि हाँ, तो विस्तृत जानकारी देवे। (ख) क्या लघु सिंचाई परियोजना गौतमिया में तालाब निर्माण कार्य, गढ़ौली सेवारा जलाशय, पिपरिया जसराज जलाशय, रतौना जलाशय, घुरैटा सिंचाई परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति के संबंध में मान. मुख्यमंत्री जी द्वारा घोषणा दिनांक 23/04/2026 को की गई है? यदि हाँ, तो जानकारी देवे। (ग) प्रश्नांश (ख) में वर्णित लघु सिंचाई परियोजना स्वीकृति के संबंध में विभाग द्वारा प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई है? (घ) प्रश्नांश (क) में वर्णित लघु सिंचाई परियोजना की स्वीकृति कब तक प्राप्त होगी?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी नहीं। (ख) जी हाँ। परियोजनावार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) विभाग द्वारा की गई कार्यवाही का विवरण संलग्न परिशिष्ट के अनुसार है। (घ) जी नहीं।
किसानों को मिलने वाली मुख्यमंत्री किसान कल्याण की राशि
[राजस्व]
10. ( क्र. 65 ) इंजीनियर हरिबाबू राय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश में किसानों को सालाना 6000 हजार रूपये प्रत्येक चार माह में दो-दो हजार रूपये की किश्तों में वर्ष 2021-22 से प्रदान किये जाते रहे है। परंतु अगस्त 2025 के बाद से 10 माह हो जाने के बाद भी अब तक राशि का भुगतान क्यों नहीं किया गया है? (ख) क्या मुख्यमंत्री किसान कल्याण के अंतर्गत मिलने वाली राशि सरकार द्वारा बंद कर दी गयी है अगर नहीं तो अब तक किसानों को राशि का भुगतान क्यों नहीं किया गया। बजट 2026-27 में मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना हेतु कितना आवंटन किया गया था जिसमें से अब तक कितना शेष है। क्या आगे इस योजना को जारी रखा जायेगा या बंद किया जायेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। शेष किश्तों के भुगतान हेतु कार्यवाही प्रचलित है। (ख) जी नहीं। योजनांतर्गत हितग्राहियों को राशि के वितरण के संबंध में कार्यवाही प्रचलित है। वित्तीय वर्ष 2026-2027 में योजनांतर्गत राशि रूपये 5500.85 करोड़ का बजट प्रावधानित होकर शेष है। प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
राजस्व अभिलेखों में दर्जीकरण की कार्यवाही
[राजस्व]
11. ( क्र. 67 ) इंजीनियर हरिबाबू राय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अशोकनगर की अशोकनगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वर्तमान में कुल कितने राजस्व-विहीन बसाहट (आबादी) ग्राम/मजरों की पहचान की गई है? उक्त राजस्व-विहीन बसाहटों में से कितने ग्रामों का राजस्व अभिलेखों में दर्जीकरण/नामांतरण किया जा चुका है तथा कितने ग्राम अभी भी दर्जीकरण से वंचित हैं? (ख) क्या शासन के संज्ञान में यह तथ्य है कि राजस्व-विहीन बसाहटों के कारण ग्रामीणों को भूमि स्वामित्व, आवास, पेयजल, विद्युत, सड़क तथा अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है? इन बसाहटों को राजस्व ग्राम अथवा राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने हेतु अब तक क्या कार्यवाही की गई है? (ग) अशोकनगर विधानसभा क्षेत्र के शेष राजस्व-विहीन बसाहट ग्रामों का दर्जीकरण कब तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है? यदि कोई समय-सीमा निर्धारित है तो उसका विवरण प्रदान किया जाए। यदि समय-सीमा निर्धारित नहीं है, तो इसके कारण क्या हैं तथा शासन द्वारा इस कार्य को शीघ्र पूर्ण करने हेतु क्या कदम उठाए जा रहे हैं? उत्तर सहित विधानसभा पटल पर जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिला अशोकनगर की अशोकनगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वर्तमान में राजस्व विहीन बसाहट (आबादी) 4 मजरों की पहचान की गई है। जो निम्नानुसार हैं। क्र. ग्राम का नाम मजरे का नाम 1 डोगरापछार प्याउ चक 2 खजूरिया कला श्यामाटोरा 3 महूआलमपुर आलमपुर 4 राजपुर बिजलाई वर्तमान में उक्त मजरे राजस्व ग्राम में दर्ज नहीं किए गए है। (ख) प्रश्नांश 'क' अनुसार मजरे मूल ग्राम में समाहित होने से ग्रामीणों को भूमि स्वामित्व, आवास, पेयजल, विद्युत,सडक तथा अन्य सभी सुविधायें उपलब्ध हैं। (ग) शेष जानकारी निरंक होने से प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।
अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण एवं अवकाश अवधि में वेतन भुगतान
[स्कूल शिक्षा]
12. ( क्र. 71 ) इंजीनियर हरिबाबू राय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्य के शासकीय विद्यालयों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों की वर्तमान संख्या जिला एवं विकासखंडवार कितनी है? क्या शासन के संज्ञान में यह तथ्य है कि अनेक अतिथि शिक्षक कई वर्षों से निरंतर शिक्षण कार्य कर रहे हैं, फिर भी उनका नियमितीकरण नहीं किया गया है? क्या राज्य सरकार द्वारा अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण अथवा उन्हें स्थायी सेवा में समायोजित करने संबंधी कोई नीति, प्रस्ताव अथवा विचाराधीन योजना तैयार की गई है? यदि हाँ, तो उसका विवरण एवं संभावित समय-सीमा क्या है? (ख) क्या अवकाश अवधि (ग्रीष्मकालीन, शीतकालीन अथवा अन्य स्वीकृत अवकाश) के दौरान अतिथि शिक्षकों को वेतन/मानदेय का भुगतान नहीं किया जाता है, जिसके कारण उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है? क्या राज्य सरकार अतिथि शिक्षकों को अवकाश अवधि में भी मानदेय/वेतन प्रदान करने पर विचार कर रही है? यदि हाँ, तो प्रस्तावित व्यवस्था का विवरण क्या है तथा यदि नहीं, तो इसके कारण क्या हैं? अतिथि शिक्षकों के हितों की रक्षा, सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए सरकार द्वारा कौन-कौन से ठोस कदम उठाए जा रहे हैं?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) दिनांक 06.07.2026 की स्थिति में (एजुकेशन पोर्टल 3.0 अनुसार) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। अतिथि शिक्षकों को सीधे नियमितिकरण का कोई प्रावधान नहीं है। मध्यप्रदेश राज्य स्कूल शिक्षा (शैक्षणिक संवर्ग) सेवा शर्ते एवं भर्ती नियम 2018 में संशोधित नियम दिनांक 27.12.2024 अनुसार शैक्षणिक संवर्ग अंतर्गत सीधी भर्ती के शिक्षकों के विज्ञापित पदों की 50 प्रतिशत रिक्तियां म.प्र. शासन द्वारा संचालित शासकीय विद्यालयों में ऐसे अतिथि शिक्षक जिनके द्वारा न्यूनतम तीन शैक्षणिक सत्रों में 200 दिवस (प्रतिसत्र न्यूनतम 30 दिवस) के रूप में कार्य किया हो, के लिये आरक्षित है। पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने एवं तदुपरांत चयन परीक्षा से मेरिट क्रम में नियुक्ति का प्रावधान है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं हैं। अतिथि शिक्षक व्यवस्था अस्थायी व्यवस्था है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
वर्ष 1999 से 2003 के मध्य वितरित भूमि पट्टों पर अमल न होना
[राजस्व]
13. ( क्र. 75 ) इंजीनियर हरिबाबू राय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अशोकनगर में वर्ष 1999 से 2003 के मध्य शासकीय भूमि के कितने पट्टे वितरित किए गए थे? तहसीलवार, ग्रामवार एवं हितग्राहीवार जानकारी उपलब्ध कराई जाए। उक्त अवधि में वितरित पट्टों में से कितने पट्टाधारियों को आज दिनांक तक वास्तविक कब्जा, सीमांकन, नामांतरण अथवा राजस्व अभिलेखों में प्रविष्टि का लाभ प्राप्त नहीं हुआ है? कारण सहित जानकारी दी जाए। ऐसे कितने प्रकरण वर्तमान में लंबित हैं जिन पर आज तक अमल नहीं हुआ है? प्रत्येक प्रकरण की लंबित अवधि, ग्राम, तहसील एवं लंबित रहने के कारणों का विवरण उपलब्ध कराया जाए? (ख) क्या शासन द्वारा लंबित पट्टा प्रकरणों की समीक्षा अथवा विशेष अभियान चलाकर निराकरण की कोई कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो उसका विवरण दिया जाए। जिन अधिकारियों के स्तर पर लापरवाही, उदासीनता अथवा प्रशासनिक त्रुटियों के कारण पट्टों पर अमल नहीं हो पाया, उनके विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई है अथवा प्रस्तावित है? क्या शासन जिला अशोकनगर के सभी लंबित पट्टा प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण कर पट्टाधारियों को वास्तविक लाभ दिलाने हेतु विशेष अभियान चलाएगा? यदि हाँ, तो कब तक सभी पट्टों पर पूर्ण अमल सुनिश्चित कर दिया जाएगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिला अशोकनगर में वर्ष 1999 से 2003 के मध्य शासकीय भूमि के 14103 पट्टे वितरित किये गये थे। तहसीलवार जानकारी निम्नवत है। ग्रामवार, हितग्राहीवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।
|
क्र. |
तहसील |
पट्टों की संख्या |
|
1 |
अशोकनगर |
2731 |
|
2 |
शाढौरा |
3148 |
|
3 |
नईसराय |
1774 |
|
4 |
ईसागढ़ |
2359 |
|
5 |
चंदेरी |
817 |
|
6 |
मुंगावली |
1178 |
|
7 |
बहादुरपुर |
1216 |
|
8 |
पिपरई |
880 |
|
योग |
14103 |
|
सभी पट्टाधारियों का राजस्व अभिलेख में अमल हुआ है एवं भूमि का कब्जा सीमांकन एवं नामांतरण तथा राजस्व अभिलेखों में प्रविष्टि का लाभ समस्त हितग्राहियों प्राप्त कर रहे हैं। (ख) पट्टा आवंटन अवधि के दौरान शासन निर्देशानुसार तत्समय पट्टा प्रकरणों की समीक्षा की गई है। अभियान चलाकर हितग्राहियों को मौके पर कब्जा दिये गये है तथा भू-अभिलेख में अमल की कार्यवाही की गई है। वर्तमान में कोई प्रकरण अमल संबंधी प्रकाश में आता है, नियमानुसार कार्यवाही की जाती है।
किसान सम्मान निधि वितरण की विसंगति को दूर करना
[राजस्व]
14. ( क्र. 84 ) श्री नरेन्द्र प्रजापति [इंजीनियर] : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा मनगवां 73 अंतर्गत तहसील मनगवां, सिरमौर, नईगढ़ी में राजस्व से संबंधित कितने प्रकरण लंबित हैं? पूर्ण विवरण सहित जानकारी देवें। उपरोक्त लंबित प्रकरण कब तक में निराकृत किये जायेंगे? (ख) तहसील स्तर के प्रकरण जैसे वारिसाना नामांतरण, बटवारा, सीमांकन, नक्शा तरमीम में समय सीमा रहती है परंतु अपीलीय प्रकरणों में कोई समय सीमा नहीं रहती है। जिससे प्रकरण दस-दस सालों तक बेवजह चलते रहते हैं और न्याय समय सीमा में नहीं मिल पाता है। क्या अपीलीय प्रकरणों में समय सीमा निर्धारित की जा सकती है? अगर हाँ, तो कब तक लागू किया जा सकता है? (ग) राजस्व विभाग में पदस्थ पटवारी संवर्ग द्वारा कैडर रिव्यू/वेतनमान विसंगति को दूर करने के लिये लम्बें समय से मांग की जा रही है शासन स्तर पर इन्हें आश्वासन भी दिया गया, इसे कब तक लागू किये जाने की शासन की योजना है? बतलावें। (घ) राजस्व विभाग में पदस्थ विभिन्न कर्मचारियों की विभागीय परीक्षा 2017 में आयोजित की गयी थी उसके बाद विभागीय परीक्षा आयोजित नहीं हुयी यह विभागीय परीक्षा कब तक आयोजित की जायेगी? समय सीमा बतलावें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) विधानसभा मनगवां 73 अंतर्गत तहसील मनगवां, सिरमौर में राजस्व से संबंधित लंबित प्रकरणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ','ब','स' एवं 'द' अनुसार है।
|
तहसील |
अनुविभागीय अधिकारी के न्यायालय में लंबित प्रकरण |
तहसीलदार के न्यायालय में लंबित प्रकरण |
कुल लंबित प्रकरण |
|
मनगवां |
1135 |
1254 |
2389 |
|
सिरमौर |
810 |
760 |
1570 |
उक्त प्रकरण विधि अनुसार निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत निर्धारित समय-सीमा में निराकृत हो जायेंगे। (ख) जी हाँ, नामांतरण, बंटवारा के प्रकरणों में समय सीमा नियत है, किन्तु म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 (यथा संशोधित वर्ष 2018) एवं लोकसेवा गारंटी नियमों में अपील प्रकरणों हेतु कोई समय सीमा वर्तमान में नियत नहीं है। विषयांकित कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं होने से जानकारी निरंक है। (ग) पटवारी संवर्ग द्वारा कैडर रिव्यू/वेतनमान विसंगति संबंधी मांग पर वित्त विभाग द्वारा अभिमत चाहा गया है। अभिमत प्राप्त होने पर प्रकरण में नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। (घ) स्नातक पटवारी/राजस्व निरीक्षक तथा लिपिक संवर्ग से सीमित प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से नायब तहसीलदार के रिक्त 73 पदों पर विभागीय परीक्षा आयोजित कराये जाने का मांग पत्र म.प्र. कर्मचारी चयन मंडल भोपाल को प्रेषित किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
शासकीय शालाओं की स्थिति
[स्कूल शिक्षा]
15. ( क्र. 90 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2020 से प्रश्न दिनांक तक छिंदवाड़ा एवं नवगठित पांढुर्णा जिले में कुल कितने शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय बंद किए गए हैं या अन्य विद्यालयों में संविलियन (Merge) किए गए हैं, विकासखंडवार बंद/संविलियन किए गए विद्यालयों की कुल संख्या कितनी है? (ख) क्या उक्त अवधि में इन दोनों जिलों के शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में छात्रों की दर्ज संख्या (Enrollment) में भारी कमी आई है, यदि हाँ, तो वर्ष 2020 में छात्रों की कुल संख्या कितनी थी और वर्तमान में कितनी है? विकासखंडवार पृथक-पृथक विवरण दें। (ग) क्या सरकार बंद किए गए/संविलियन हुए इन सभी विद्यालयों की विकासखंडवार सूची (जिसमें बंद होने का कारण स्पष्ट हो) तथा प्रत्येक विद्यालय में कम हुई छात्र संख्या की स्कूलवार सूची बतावें? (घ) इन दोनों जिलों के ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों में शासकीय स्कूलों के बंद होने या छात्र संख्या कम होने के मुख्य तकनीकी एवं प्रशासनिक कारण क्या हैं, क्या शासन इन क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को सुधारने और ड्रॉप-आउट रेट को रोकने के लिए पुनः इन स्कूलों को शुरू करने या विशेष कार्ययोजना लागू करने पर विचार कर रहा है?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक शाला को बंद करने का प्रावधान नहीं है। अपितु शून्य नामांकन होने के कारण शालायें असंचालित रहती है। 15 शालाओं को सांदीपनी विद्यालयों में मर्ज किया गया। जानकारी संलग्न परिशिष्ट-''1'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट- ''2'' अनुसार। (ग) उत्तरांश (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट- ''1'' अनुसार। (घ) शून्य से 06 आयु वर्ग के बच्चों की संख्या में कमी के कारण मुख्य रूप से शालाएं असंचालित रहती है। ''स्कूल चले हम अभियान'' एवं चाइल्ड ट्रेकिंग के माध्यम से छात्रों का पुनः नामांकन करते हुये इन शालाओं को संचालित करने का प्रयास किया जाता है। इसके अतिरिक्त आंगनवाड़ी केन्द्रों से प्राथमिक शाला की मैपिंग/को-लोकेशन भी की जा रही है। जिससे न्यूनतम कक्षा में प्रवेश सुनिश्चित हो सके।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं संजीवनी की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
16. ( क्र. 103 ) श्री राकेश शुक्ला : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) महाराजा यशवंत राय होलकर अस्पताल में पिछले वित्तीय वर्ष में की गई विभिन्न खरीददारी (चिकित्सा उपकरणों एवं दवाएं) का विस्तृत ब्यौरा प्रदान करें? (ख) MGM महाविद्यालय में पिछले 2 वित्त वर्ष में की गई विभिन्न खरीददारी जिनकी लागत मूल्य 1 लाख रू. से अधिक हो ऐसी खरीददारी का विस्तृत ब्यौरा प्रदान करें? (ग) जिला चिकित्सालय में उपलब्ध विभिन्न जाँच मशीनों की जानकारी उपरोक्त जांच मशीनों से की जाने वाली जांचों की जानकारी उपरोक्त जांचों में आम नागरिकों से वसूल किए जाने वाले शुल्क की जानकारी? (घ) जिला चिकित्सालय एवं उनसे संबद्ध विभिन्न चिकित्सालयों (इंदौर शहर) में पदस्थ चिकित्सकों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों का संपूर्ण ब्यौरा उनका पदनाम एवं कार्य स्थल का विवरण प्रदान करें?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) महाराजा यशवंत राय होलकर अस्पताल में वित्तीय वर्ष 2025-26 में क्रय किए गये चिकित्सा उपकरणों एवं दवाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''अ'' अनुसार है। (ख) महाराजा यशवंत राय होलकर अस्पताल में पिछले 2 वित्तीय वर्षों में की गई खरीददारी जिसकी लागत मूल्य 1 लाख रूपये से अधिक है की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ब'' अनुसार है। (ग) जिला चिकित्सालय इन्दौर में उपलब्ध विभिन्न जांच मशीनों की जानकारी एवं जांच में आम नागरिकों से वसूल किया जाने वाले शुल्क की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। (घ) जिला चिकित्सालय इन्दौर एवं उनसे संबद्ध चिकित्सालयों में पदस्थ चिकित्सकों के पदनाम एवं कार्य स्थल सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं संजीवनी क्लीनिक की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
17. ( क्र. 104 ) श्री राकेश शुक्ला : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अन्तर्गत इंदौर शहर में कार्यरत अधिकारी कर्मचारियों की सूची पदनाम सहित देवें। (ख) मिशन द्वारा संचालित कार्यों की सूची एवं पिछले 2 वर्षों में उनके क्रियान्वयन की जानकारी उनकी सफलता का प्रतिशत। (ग) प्रश्नकर्ता विधानसभा क्षेत्र में कितने संजीवनी अस्पताल कार्यरत है, कितने और खुलने वाले है। इन संजीवनी अस्पतालों में नियुक्त डॉक्टर नर्स और अन्य स्टॉफ की संपूर्ण जानकारी पद एवं पदनाम सहित देवें। (घ) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा इंदौर शहरी क्षेत्र में किए गए कार्य एवं उनके क्रियान्वयन में किए गए वित्तीय आदान प्रदान का पिछले 2 वर्ष का लेखा जोखा प्रदान करें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) इंदौर शहरी क्षेत्र में कार्यरत अधिकारी एवं कर्मचारियों की सूची पदनाम सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) मिशन द्वारा संचालित कार्यों की सूची जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (ग) प्रश्नकर्ता विधानसभा क्षेत्र में 10 संजीवनी क्लीनिक कार्यरत है व कुल 03 संजीवनी क्लीनिक खोले जाने है। क्रियाशील संजीवनी अस्पतालों में नियुक्त डॉक्टर नर्स और अन्य स्टॉफ की पद एवं पदनाम सहित संपूर्ण जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार है। (घ) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा इन्दौर शहरी क्षेत्र में किए गए कार्य एवं उनके क्रियान्वयन में किए गए वित्तीय आदान प्रदान का पिछले 2 वर्ष का लेखा जोखा जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार है।
शासकीय शालाओं में इंटरैक्टिव पैनल लगाना
[स्कूल शिक्षा]
18. ( क्र. 118 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश की शासकीय शालाओं में स्मार्ट क्लासों हेतु इंटरैक्टिव पैनल लगाये जा रहे है? (ख) यदि हाँ, तो प्रदेश में कुल कितने इंटरैक्टिव पैनल लगाये जाना है? (ग) नर्मदापुरम जिले में किन-किन शालाओं में इंटरैक्टिव पैनल लगाये गये है। (घ) इंटरैक्टिव पैनल किस दर से, कब, कितने इंच की किस कंपनी के किस मॉडल की, किस प्रक्रिया के अंतर्गत खरीदे गये।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रदेश में सत्र 2023-24 में 2050 एवं 2024-25 में 1960 शालाओं में 2 इंटरैक्टिव पैनल प्रति शाला के मान से कुल 4010 शालाओं में इंटरैक्टिव पैनल की स्वीकृति भारत सरकार से प्राप्त हुई है। समग्र शिक्षा अभियान अंतर्गत 8,870 हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी विद्यालयों हेतु भारत सरकार द्वारा स्मार्ट क्लास स्वीकृत किये जा चुके है, इसमें प्रति विद्यालय इंटरएक्टिव पैनल की संख्या 2 है, जिससे इंटरएक्टिव पैनल की कुल संख्या 17,740 है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) नर्मदापुरम में इंटरैक्टिव पैनल 31/07/2024 को 38 पैनल रु. 104990 प्रति पैनल की दर से LG make 65'' तथा 01/09/2025 को 48 पैनल रु. 107155 प्रति पैनल की दर से ViewSonic 65'' जिला स्तर से जेम पोर्टल के माध्यम से क्रय किये गए हैं। सत्र 2025-26 हेतु 3 वर्ष की कॉम्प्रेहेंसिव वारंटी तथा इन्शुरेन्स के साथ प्रति नग कीमत 1,14,850 रूपये से, दिसंबर 25 में 65 इंच इंटरैक्टिव पैनल मेक LG का 65TR3DK-I मॉडल एवं मेक Samsung का (SAMSUNG WA65F (LH65WAFWLNCXXL) ) मॉडल जेम खुली निविदा के माध्यम से क्रय किए गए। पूर्व में क्रय की कार्यवाही जिला कार्यालय द्वारा की गई है। जिला नर्मदापुरम में संचालित 43 प्राथमिक शाला/माध्यमिक शालाओं में इंटरैक्टिव पैनल प्रथम बार 31.07.2024 को 38 पैनल रूपये 104990/-प्रति पैनल की दर से LG make 65" Inteactive Panal क्रय किये गये एवं द्वितीय बार 01.09.2025 को 48 पैनल रूपये 107155/- प्रति पैनल की दर से Viewsonic 65" क्रय किये गये जेम पोर्टल के माध्यम से खरीदी की प्रक्रिया पूर्ण कर क्रय किये गये। नर्मदापुरम जिले में हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी शालाओं हेतु जिला स्तर से प्रथमवार 67 इंटरैक्टिव पैनल 31 विद्यालयों हेतु राशि रूपये 115900/- प्रति पैनल की दर से LG make 65" क्रय किये गये। इसी प्रकार राज्य स्तर से द्वितीयवार में 170 इंटरैक्टिव पैनल 85 हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी विद्यालयों हेतु SAMSUNG 65" क्रय किये गये है।
आर.टी.ई. के अंतर्गत भुगतान
[स्कूल शिक्षा]
19. ( क्र. 122 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्कूली शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश की कितनी निजी शालाओं को विगत तीन वर्षों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत कितने छात्रों को शिक्षा हेतु कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया गया? वर्षवार जानकारी दें। जिलावार जानकारी दें। (ख) वर्तमान में कितनी शालाओं का कितनी राशि का भुगतान लंबित है?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर है।
तालाबों को लीज पर देना
[मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास]
20. ( क्र. 142 ) डॉ. चिंतामणि मालवीय : क्या राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा से कितने तालाबों को लीज पर दिया गया (ख) इन पर आखेट करने वाली संस्थाओं को कितना अनुदान दिया गया (ग) अनुदान प्राप्त करने वाली संस्थानों एवं हितग्राहियों की सूची उपलब्ध करवाने की कृपा करें।
राज्य मंत्री, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास ( श्री नारायण सिंह पंवार ) : (क) जी नहीं। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजनांतर्गत तालाबों को लीज पर देने का कोई प्रावधान नहीं है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश (क) अनुसार।
मंदिरों में दान पेटी से आय
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
21. ( क्र. 144 ) डॉ. चिंतामणि मालवीय : क्या राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्तीय वर्ष 2025-26 में रतलाम जिले में शासन नियंत्रित विभिन्न मंदिरों मे दान पेटी से कितनी आय प्राप्त हुयी है? (ख) मंदिरों से प्राप्त आय का उपयोग कहां-कहां किया गया?
राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) वित्तीय वर्ष 2025-26 में रतलाम जिले में शासन नियंत्रित विभिन्न मंदिरों में दान पेटी से कुल रूपये 27,73,010/- आय प्राप्त हुई है। (ख) मंदिरों से प्राप्त आय का उपयोग शिवरात्रि पर्व, मेला एवं सीसीटीवी कैमरे लगाने में, मंदिरों के विद्युत व साजसज्जा तथा डोल ग्यारस व महाशिवरात्रि पर झांकी निकालने पर किया जाता है।
वाहनों पर लगने वाली हेड लाइट को लेकर दिशा निर्देश
[परिवहन]
22. ( क्र. 172 ) श्री घनश्याम चन्द्रवंशी : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश मे दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों मे सफेद चमकीली हेड लाइट लगने की अनुमति दी गई है? यदि हाँ, तो किस नियमों से अनुमति दी है? (ख) क्या इन हेड लाइट की चमक से सामने आ रहे वाहन चालक के दुर्घटना ग्रस्त होने के संभावना है यदि हाँ, तो चमकीली सफेद हेड लाइट हटाने के लिए शासन स्तर पर क्या प्रयास किये जा रहे है और ये कब तक हटाई जा सकेगी जानकारी प्रदाय करे?
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) जी हाँ। प्रदेश में सक्षम अधिकारियों द्वारा की जाने वाली वाहन चेकिंग की कार्यवाही के दौरान इस प्रकार की अमानक हेड लाइट लगी होने पर संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार चालानी कार्यवाही की जाती है। प्रवर्तन अमले द्वारा इस प्रकार के अपराध को रोकने के लिए की जाने वाली कार्यवाही एक सतत प्रक्रिया होने के कारण समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
आरोग्यधाम चिकित्सालयों का संचालन
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
23. ( क्र. 178 ) श्री सुरेश राजे : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र क्र. 19 डबरा के अंतर्गत गत 10 वर्षों में चिकित्सालय भवन एवं आरोग्यधाम भवनों का निर्माण हेतु कितनी-कितनी राशि किस-किस दिनांक को स्वीकृत की गई? निर्माण एजेंसी का नाम तथा कार्य पूर्ण करने की अवधि कब तक है? प्रत्येक कार्य पर प्रश्न दिनांक तक कितनी राशि व्यय की गई? कार्य पूर्ण भवन का आधिपत्य चिकित्सालय विभाग को किस दिनांक को सौंपा गया? अपूर्ण कार्य का कारण सहित बतावें। (ख) विधानसभा डबरा के अंतर्गत संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं उप स्वास्थ्य केंद्र तथा आरोग्यधाम चिकित्सालयों के खुलने एवं बंद होने का समय एवं इसमें संवर्गवार स्वीकृत/भरे/रिक्त/पद सहित वर्तमान में कार्यरत द्वितीय श्रेणी/तृतीय श्रेणी/चतुर्थ श्रेणी/सहित सभी स्टाफ की जानकारी देवें, (चिकित्सालय का पता/कर्मचारी का नाम/पद/जन्मतिथि/शेक्षणिक योग्यता/नियुक्ति दिनांक/वर्तमान स्थान पर कार्यरत दिनांक/ स्थायी पता/मोबाइल नंबर) सहित पूर्ण जानकारी देवें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' एवं ''स'' अनुसार।
प्रदेश में संचालित श्रमोदय आवासीय विद्यालय
[स्कूल शिक्षा]
24. ( क्र. 190 ) श्री निलेश पुसाराम उईके : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में सरकार द्वारा श्रमोदय आवासीय विद्यालय संचालित है? यदि हाँ, तो कहाँ-कहाँ व कब से संचालित है इनमें प्रवेश की क्या प्रक्रिया है? इसकी संपूर्ण जानकारी देवे। (ख) क्या जबलपुर जिले में श्रमोदय आवासीय विद्यालय संचालित है? यदि हाँ, तो विद्यालय परिसर में रिक्त पड़े शिक्षक आवास में अतिथि शिक्षकों को उक्त आवास आवंटित करने में कोई परेशानी है? यदि नहीं तो उन्हें कब तक आवास आवंटित कर दिया जावेगा? (ग) क्या उक्त आवासीय विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं हेतु संचालित मेस/भोजन व्यवस्था की निविदा प्रक्रिया व छात्रों को अमानक/कम गुणवत्ता की भोजन दिए जाने सम्बन्धी कोई पत्र शासन/विभाग/जिला-प्रशासन को प्राप्त हुए है? यदि हाँ, तो उस पर क्या कार्यवाही की गई? (घ) क्या उक्त विद्यालय में पदस्थ अतिथि शिक्षकों को संविदा श्रेणी में उन्नयन किये जाने की कार्यवाही प्रचलन में है? यदि हाँ, तो उन्हें कब तक संविदा श्रेणी में उन्नयन कर दिया जावेगा?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) वर्ष 2018 से प्रदेश में 04 श्रमोदय आवासीय विद्यालय भोपाल, इन्दौर, ग्वालियर एवं जबलपुर में संचालित हैं। प्रवेश प्रक्रिया संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) जी हाँ। अतिथि शिक्षकों को आवास आवंटन हेतु श्रम विभाग से कोई निर्देश प्राप्त नहीं है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
व्यापारियों का विस्थापन
[राजस्व]
25. ( क्र. 191 ) श्री आरिफ मसूद : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ओल्ड सुभाष नगर व्यापारी वेल्फेयर एसोसिएशन 13, मोतीनगर ओल्ड सुभाष नगर भोपाल के सचिव म.प्र. शासन को संबोधित ज्ञापन दिनांक 12/02/2026 को मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा प्रमुख सचिव राजस्व के अन्तर्गत एम.पी. समाधान पोर्टल पर दिनांक 20/02/2026 को दर्ज कर लिया गया है जिसका शिकायत क्र. 1000070699 है? (ख) यदि हाँ, तो उक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न दिनांक तक क्या कार्रवाई की गई? यदि नहीं तो क्यों तथा कब तक प्रकरण का निराकरण किया जाएगा? समयावधि बताएं?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) भोपाल शहर में आर.ओ.बी. रेलवे क्रांसिग क्रमांक 249 पर तीसरी भुजा निर्माण कार्य हेतु म.प्र. शासन लोक निर्माण विभाग द्वारा राशि रू. 3182.55 लाख की दिनांक 15/03/2024 को स्वीकृति प्रदान की गई थी जिसके निर्माण हेतु मोती नगर ओल्ड सुभाष नगर में विद्यमान अतिक्रमणकारी 110 लोगों को नोटिस जारी किये गये, उक्त नोटिस अवैध अतिक्रमण को हटाकर शासकीय प्रयोजन को आर.ओ.बी. रेलवे की तृतीय भुजा का निर्माण पूर्ण किये जाने के लिये दिये गये थे, जिसमें अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई। लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण संभाग भोपाल के अंतर्गत उक्त अतिक्रमणकारियों के पुनर्वास की व्यवस्था करने हेतु कोई प्रावधान नहीं है इसलिये इस विभाग द्वारा पुनर्वास की व्यवस्था किया जाना संभव नहीं है।
स्वामित्व अधिकार अभिलेख (भू-अधिकार पत्र) का सर्वेक्षण
[राजस्व]
26. ( क्र. 194 ) श्री आरिफ मसूद : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भोपाल जिले में स्थित सब्जी फार्म, ई-8 भरत नगर भोपाल के कितने किसानों का स्वामित्व योजना ''स्वामित्व अधिकार अभिलेख'' (भू-अधिकार पत्र) के लिए सत्यापन और सीमांकन का कार्य पूर्ण हो चुका है? जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में यदि सर्वे का कार्य पूर्ण हो चुका है, तो उक्त किसानों के नाम और उनको कब तक मालिकाना हक प्रदान किया जाएगा? जानकारी दें।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) स्वामित्व अधिकार योजना म.प्र. में केवल ग्रामीण क्षेत्रों के लिये लाई गई थी। प्रश्नांश भूमि नगर निकाय क्षेत्रान्तर्गत आने से ये योजना उक्त भूमि पर लागू नहीं होती हैं। (ख) उत्तरांश “क” के परिप्रेक्ष्य में प्रश्नांश “ख” उत्पन्न ही नहीं होता।
मुआवजा दर में संशोधन
[राजस्व]
27. ( क्र. 204 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अतारांकित प्रश्न क्रमांक 520 दिनांक 3 जुलाई 2024 के उत्तरांश (क) में बताया कि वर्ष 2004 के पूर्व से ही राजस्व ग्राम सिहोरा जिला जबलपुर की सम्पूर्ण भूमि नगरीय क्षेत्र घोषित थी? (ख) क्या अनुविभागीय अधिकारी सिहोरा के प्रकरण क्रमांक-01/अ-82/2006-07 के प्रतिवेदन दिनांक 24.1.2008 एवं पत्र क्रमांक-465/20-2/अविअ/2014 दिनांक 4.6.2014 में खसरा क्रमांक 127 भू-अभिलेख में वर्ष 1994-95 से ही नगरीय भूमि होना सूचित करते हुए प्रतिवर्ग फुट की दर से मुआवजे की गणना कर भुगतान प्रस्ताव कलेक्टर को दिया गया था? (ग) उपरोक्त (क) एवं (ख) यदि हाँ, तो क्या प्रमाणित है कि भू-अर्जन अवार्ड दिनांक 16 जून 2015 में नगरीय/आवासीय भूखण्ड का मुआवजा कृषि भूमि की दर से भू-धारक को भुगतान किया गया? (घ) यदि प्रश्नांश (ग) का उत्तर हाँ तो राज्य शासन ने पत्र क्रमांक-एफ16-5/2014/सात-2ए, दिनांक 3.6.2014 में दिये अपने निर्देश का पालन कराकर आवासीय दर से भुगतान करने हेतु कलेक्टर को कब आदेश दिया? नहीं दिया तो कब देगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सिहोरा के पत्र क्र. 465/री-2/अ.वि.अ./2014 सिहोरा दिनांक 04.06.2014 द्वारा भूमि विनिमय के संबंध में मौजा सिहोरा प.ह.न. 73/06 खसरा क्रमांक 127 रकवा 0.081 हे. की कीमत 174000/- पर 12 प्रतिशत ब्याज दर की गणना एवं वर्तमान गाईड लाईन के अनुसार कीमत की जानकारी जिले को प्राप्त हुई थी। (ग) मुआवजा कृषि भूमि की दर से भू-धारक को भुगतान किया जा चुका है। (घ) म.प्र.शासन राजस्व विभाग मंत्रालय के पत्र क्रमांक-एफ16-5/2014/सात-2ए, दिनांक 03.06.2014 द्वारा कलेक्टर जबलपुर से जानकारी चाही गई। 03.06.2014 कलेक्टर जबलपुर को भेजा गया। इसके पश्चातवर्ती दिनांक में कलेक्टर न्यायालय के भू-अर्जन प्रकरण क्रमांक 001/अ-82/1445 में दिनांक 16.06.2015 को अवार्ड आदेश पारित कर दिया गया है। अत: शेष प्रश्न उद्धभूत नहीं होता।
झाबुआ पॉवर प्लांट बरेला के संबंध में
[राजस्व]
28. ( क्र.
216 ) श्री
योगेन्द्र
सिंह (बाबा) : क्या
राजस्व
मंत्री महोदय
यह बताने की
कृपा करेंगे
कि (क) जिला
सिवनी
अन्तर्गत
तहसील घंसौर, बरेला
के झाबुआ पॉवर
प्लांट के
अनुपयोगी
फ्लाई ऐश के
अवैध परिवहन भंडारण
एवं किसानों
की
सहमति/असहमति
पर एसडीएम
तहसील घंसौर
के द्वारा
निष्पादित
नस्तियों, दस्तावेजों, किये
गये
पत्राचारों
की प्रतियां
कब तक उपलब्ध
कराई जावेगी
समय दिनांक से
अवगत करावें। (ख) तहसील
घंसौर जिला
सिवनी के ग्राम
मेहरतला की
कृषक की कृषि
भूमि प.ह.नं.-6 खसरा
नं. 189/5, 189/2,
189/1 पर स्थानीय
नागरिकों/कृषकों
द्वारा किये
गये अवैध
कब्जा एवं
कूटरचित
दस्तावेजों
के आधार पर
कराये गये
नामांतरण को
निरस्त कराया
जाकर मूल भूमि
स्वामी को
उसका आधिपत्य
दिलाया जावेगा? यदि
हाँ, तो
कब तक?
यदि नहीं तो
क्यों नहीं?
राजस्व
मंत्री ( श्री
करण सिंह
वर्मा ) : (क) जिला
सिवनी
अन्तगर्त
तहसील घंसौर
बरेला के झाबुआ
पावर प्लांट
से निकली
प्लाई ऐश की
नस्तियों/पत्राचारों
की प्रति निम्नानुसार पुस्तकालय में
रखे परिशिष्ट-1 अनुसार 1. कार्या.अनु.वि.अधि.
घंसौर का
अनुमति पत्र
क्र./104/री.-2/अ.वि.अधि./2025 घंसौर
दिनांक 21.02.2025 2. कार्या.अनु.वि.अधि.
घंसौर का
अनुमति पत्र
क्र./731/री.-2/अ.वि.अधि./2024 घंसौर
दिनांक 30.05.2024. (ख) प्रश्नांश
(ख)
के संबंध में
जानकारी निम्नानुसार
है :- 1. तहसील
घंसौर जिला
सिवनी के
ग्राम
मेहरतला के
अन्तगर्त
प.ह.न. 06
रा.नि.म. कहानी
तहसील घंसौर
के अन्तगर्त
मिशल बंदोबस्त
वर्ष 1988
-1989 के अनुसार, भूमि
खसरा क्रमांक 189 रकबा 5.87 हे., गोपाल
प्रसाद पिता
चन्द्रभान
निवासी शिकारा
के नाम दर्ज
है। वर्तमान
राजस्व
अभिलेख अनुसार
उक्त भूमि
खसरा क्रमांक 189/1
एवं 189/2
रकबा क्रमश: 2.26 हे.
एवं 1.41
हे. भूमि
शंकरलाल पिता
मुल्लु जाति
अहीर मेहरतला
के नाम से तथा
खसरा क्रमांक 189/3
रकबा 1.00
हे. तुपई पिता
डुम्मन जाति
कुर्मि
मेहरतला, खसरा
क्रमांक 189/4
रकबा 1.20
हे. कमलाबाई
पत्नी
बाबूलाल जाति नाई
मेहरतला एवं
खसरा क्रमांक 189/5
रकबा 0.26
हे. रामनाथ
पिता मुल्लु
जाति अहीर
मेहरतला के
नाम से राजस्व
अभिलेख में
दर्ज है। 2. उक्त
भूमि स्वामी
गोपाल प्रसाद
पिता
चन्द्रभान द्वारा
एवं उनकी
मृत्यु
उपरांत उनके
वारसानों 1-शकुनतला
पत्नी गोपाल
प्रसाद 2-रोहणी कुमार
3-रोहित
कुमार 4- प्रीति 5-प्रमिला
पिता गोपाल
प्रसाद
निवासी
शिकारा द्वारा
निम्नानुसार
विक्रय की गई
है :- 1. वर्ष
1990
दिनांक 30.03.1990 में
भूमि स्वामी
विक्रेता
गोपाल पिता
चन्द्रभान
जाति
ब्राम्हण, निवासी
शिकारा
द्वारा भूमि
खसरा क्रमांक
(पुराना 79) वर्तमान
में 189
रकबा 5.87
हेक्टयर में
से 1.416
हेक्टयर भूमि
क्रेता
शंकरलाल पिता
मुल्लु यादव
को विक्रय की
गई तथा विक्रय
उपरांत 4.454 हे. भूमि
शेष रही। 2. वर्ष 1994
दिनांक 17.01.1994 में
भूमि स्वामी
विक्रेता 1-शकुंतला
2- रोहणी
कुमार पिता
गोपाल 3-रोहित
कुमार 4- प्रीति 5-प्रमिला
पिता गोपाल
प्रसाद
द्वारा भूमि
खसरा नम्बर 189 रकबा 4.46 में
से 1
हेक्टयर भूमि
डुम्मन वल्द
मनमामदी जाति
कुर्मि
मेहरतला को
विक्रय की गई
तथा विक्रय
उपरांत 3.46 हे. भूमि
शेष रही। 3. वर्ष 2002
दिनांक 07.05.2003 में
भूमि स्वामी
विक्रेता 1- शकुंतला
पत्नि गोपाल 2
रोहणी कुमार
पिता गोपाल 3-रोहित
कुमार पिता
गोपाल 4 प्रमिला
पिता गोपाल
प्रसाद
द्वारा भूमि
खसरा नम्बर 189/1
रकबा 3.46
में से 1.20 हेक्टयर
भूमि क्रेता
कमलाबाई
पत्नी बाबूलाल
निवासी
शिकारा जाति
नाई को विक्रय
की गई तथा
विक्रय
उपरांत 2.26 हे. भूमि शेष
रही। 4.
वर्ष 2007 दिनांक 20.06.2007
को भूमि
स्वामी 1-शकुतला
पत्नि गोपाल 2- रोहणी
कुमार पिता
गोपाल 3-रोहित
कुमार पिता
गोपाल 4- प्रमिला
पिता गोपाल
प्रसाद
द्वारा भूमि
खसरा नम्बर 189/1
का संपूर्ण
रकबा 2.26
हे. क्रेता
मुल्लु पिता
बल्ली यादव, रूपसिंह
बल्द सेवाराम
यादव निवासी
पाटन को
विक्रय किये
जाने के पश्चात्
विक्रता के
पास कोई रकबा
शेष नहीं रहा।
5. खसरा
नम्बर 189/1 रकबा 2.26 का
बटवारा
रा.प्र.क. 21/अ-27/2010 में
पारित आदेश
दिनांक 28.06.2010 के तहत
किया गया।
जिसमें खसरा
क्र. 189/1
रकबा 2.26
हेक्टयर भूमि
में से 0.26 हे. भूमि
रामनाथ पिता
मुल्लु को
प्राप्त हुई थी
तथा शेष भूमि 2.00
हेक्टयर भूमि
शंकरलाल पिता
मुल्लु के नाम
दर्ज होना था
किन्तु
लिपकीय
त्रुटिवश
खसरा क्रमांक 189/1
का रकबा
अशुद्धि
पूर्ण 2.26 हे. दर्ज हो
गया था। जिसके
कारण नवीन
निर्मित खसरा
बटांकों का
रकबा मूल रकबे
से 0.26
हेक्टेयर
अधिक हो गया
था। उक्त
त्रुटि के
सुधार हेतु न्यायालय
अ.वि.आ. (रा.)
घंसौर में
प्रकरण
गतिशील था।
जिसका
निराकरण
रा.प्र.क. 0282 अ-6 (अ)/2026-27, आदेश
दिनांक 13/07/2026 को किया
जाकर उक्त
त्रुटिपूर्ण
रकबा 2.26
हे. से कम किया
जाकर 2.0
हे. किया जाकर
अभिलेख
दुरूस्त
कराया जा चुका
है। आदेश एवं
खसरे की प्रति
पुस्तकालय में
रखे परिशिष्ट-2 में
है।
रजिस्टर्ड
विक्रय पत्र
को शून्य
घोषित करने का
अधिकार
राजस्व
न्यायालय को
नहीं होने से
शेष प्रश्न
उद्भूत नहीं
होता है।
गुटखा फैक्ट्रियों की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
29. ( क्र. 224 ) श्री रमेश प्रसाद खटीक : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले में करैरा विधान सभा में कितने गुटखा फैक्ट्रियों को गुटखा बनाने का लाइसेंस दिया गया है। फैक्ट्रियों का नाम, मालिक का नाम एवं कंपनी का नाम सहित बताएं। (ख) शिवपुरी जिले में करैरा विधान सभा में कितनी अवैध नकली गुटखा बनाने की फैक्ट्रियों पर कार्यवाही की गई है। नकली गुटखा बनाने वाले व्यक्तियों अथवा फर्म के विरुद्ध कार्यवाही किये जाने का नियम क्या है? (ग) क्या शिवपुरी जिले की करैरा विधानसभा के ग्राम टीला में नकली गुटखा बनाते हुए फैक्ट्री पकड़ी गई है। यदि हाँ, तो विभागीय अधिकारी द्वारा क्या कार्यवाही की गई? (घ) क्या शिवपुरी जिले के करैरा विधान सभा में नकली गुटखा बनाने वाले व्यक्तियों पर F.I.R. दर्ज कराई गई? यदि नहीं तो क्यों नहीं, कब तक की जायेगी?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) शिवपुरी जिले में करैरा विधानसभा में गुटखा फैक्ट्रियों को गुटखा बनाने का कोई भी लाइसेंस जारी नहीं किया गया है। (ख) शिवपुरी जिले में करैरा विधानसभा में किसी भी अवैध नकली गुटखा बनाने की फैक्ट्रियों पर कार्यवाही नहीं की गई है। विभाग द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006, नियम 2011 के अंतर्गत कार्यवाही की जाती है। (ग) विभाग द्वारा शिवपुरी जिले की करैरा विधानसभा के ग्राम टीला में नकली गुटखा बनाते हुए फैक्ट्री नहीं पकड़ी गई है। (घ) उत्तरांश "ग" के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
सर्वे नं. 96 हल्का घसराई की जानकारी
[राजस्व]
30. ( क्र. 225 ) श्री रमेश प्रसाद खटीक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सर्वे नं. 96 हल्का घसारई बंदोबस्त के बाद शासकीय पट्टा किस-किस व्यक्तियों के नाम पर है। (ख) क्या इस भूमि सर्वे नं. 96 की भूमि को विक्रय करने का आदेश किस सक्षम अधिकारी द्वारा किया गया है? (ग) क्या पट्टा धारक को दिए गए पट्टे की वर्ष से आज तक यह भूमि कितने बार क्रय या विक्रय हुई और वर्तमान में किसके नाम पर दर्ज है? (घ) क्या वर्तमान में इस सर्वे नं. 96 में कृषि योग्य भूमि है या नहीं जानकारी बताएं। (ड.) मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता धारा 165/7 क्या नियमों का पालन किया गया है? नहीं किया है सर्वे नं. 96 को सहकारी घोषित नहीं की गई इस भूमि को सरकारी घोषित कर दोषियों पर कार्यवाही की जायेगी।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) मिसल बंदोबस्त वर्ष 1982-83 के अनुसार ग्राम घसारही स्थित भूमि सर्वे क्रमांक 96 रकवा 2.00 हे. पर शहजाद पुत्र शुभराती मुसलमान निवासी ग्राम शासकीय पट्टा ग्राहिता के रूप में दर्ज है। (ख) न्यायालय तहसीलदार करैरा के प्रकरण क्रमांक 69/2000-2001/अ-74 आदेश दिनांक 06.09.2001 से विक्रय वर्जित शब्द विलोपित किया गया। (ग) 1. वर्ष 1975-76 लगायत 2005-06 तक ग्राम घसारही स्थित भूमि सर्वे क्रमांक 96 रकवा 2.00 हे. पर शहजाद पुत्र शुभराती मुसलमान के नाम दर्ज रहा। 2. वर्ष 2006-07 में उक्त भूमि में से 1.00 हे. का विक्रय शंकरलाल पुत्र राजाराम शर्मा को किया। 3. दिनांक 30.12.2017 को शंकर लाल शर्मा के द्वारा 96/2 रकवा 0.98 हे. का विक्रय पत्र गायत्री शर्मा पत्नि शिवकुमार शर्मा के पक्ष में कराया गया। 4. दिनांक 21.04.2023 को गायत्री शर्मा पत्नि शिवकुमार शर्मा के द्वारा 96/2 रकवा 0.98 हे.का विक्रय पत्र क्रेता संगीता पाण्डेय पत्नि सूर्यकान्त पाण्डेय को कराया गया। 5. वर्तमान में सर्वे क्रमांक 96/1 रकवा 0.98 हे. शहजाद के वारिसान विहिदन वेवा शहजाद खॉं, आजाद, रफीक, मोहम्मद शाह, एहसान पुत्रगण शहजाद खॉं के नाम भूमि स्वामी स्व पर दर्ज है। 6. सर्वे क्रमांक 96/2/2 रकवा 0.70 हे. संगीता पाण्डेय पत्नि सूर्यकान्त पाण्डेय, 96/2/1 रकवा 0.28 हे. व्यवसायिक लगान 2800 रूपये पर संगीता पाण्डेय पत्नि सूर्यकान्त पाण्डेय के नाम भूमि स्वामी स्वत्व पर दर्ज है, 96/2/1 कर व्यपवर्तन श्रीमान अनुविभागीय अधिकारी के प्रकरण क्रमांक 0158/आदेश दिनांक 08.03. 2018 से किया गया। 7. सर्वे क्रमांक 96/3 रकवा 0.04 हे. राष्ट्रीय राज्य मार्ग में अधिग्रहण की जा कर वर्तमान राजस्व अभिलेख में मध्य प्रदेश शासन दर्ज है। (घ) वर्तमान में ग्राम घसारही स्थित भूमि सर्वे क्रमांक 96/1 रकवा 0.98 हे. शहजाद के वारिसानों के नाम दर्ज होकर कृषि कार्य किया जा रहा है, शेष रकवा 0.98 हे. में दुकान, मकान, वेयर गोदाम (वेयर हाउस) निर्मित है व शेष भूमि रिक्त पडी है। (ड) मध्य प्रदेश भू राजस्व सहिता की धारा 165/7 का उल्लंघन हुआ है। प्रश्नाधीन भूमि ग्राम घसारही स्थित भूमि सर्वे क्रमांक 96 रकवा 2.00 हे. में न्यायालय तहसीलदार करैरा के प्रकरण क्रमांक 69/2000-2001/अ-74 आदेश दिनांक 06.09.2001 से विक्रय वर्जित शब्द विलोपित किया गया था। प्रकरण की गहन जांच हेतु अनुविभागीय अधिकारी करैरा को पत्र लिखा गया है। जानकारी प्राप्ति पश्चात प्रकरण दर्ज कर दोषियो पर कठोर कार्यवाही की जावेगी।
सहरांव नदी पर बने हुए स्टॉपडेम मरम्मतीकरण
[जल संसाधन]
31. ( क्र. 238 ) श्री दिव्यराज सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या रीवा जिले की जनपद पंचायत गंगेव के अधीन ग्राम पंचायत खरहरी में प्रवाहित सहरांव नदी पर स्टॉपडेम का निर्माण कराया गया था? यदि हाँ, तो ऐसे कुल कितने स्टॉपडैम हैं जो सहरांव नदी पर बने हुए हैं? विवरण उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में स्टॉपडेम निर्माण कार्य किस सत्र में कराए गए? क्या कारण है कि ऐसे समस्त स्टॉपडेम वर्तमान में क्षतिग्रस्त हैं जिस कारण जल संचय न हो पाने से कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं? गुणवत्ताहीन स्टॉपडेम निर्माण कराने वाली एजेंसी के विरुद्ध क्या विभाग के द्वारा कार्यवाही प्रस्तावित की जावेगी? यदि नहीं तो क्यों? (ग) कब तक सहरांव नदी पर बने हुए स्टॉपडेम का मरम्मतीकरण कार्य पूरा कर लिया जावेगा?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) से (ग) जी नहीं। सहराव नदी पर विभाग द्वारा अन्य कोई स्टॉपडेम का निर्माण नहीं किया गया है।
अयोग्यता धारी शिक्षकों की पदस्थापना
[स्कूल शिक्षा]
32. ( क्र. 290 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाईट) कुण्डेश्वर जिला टीकमगढ़ म.प्र. में कुल कितने पद सृजित है, उनमें कितने पद रिक्त है, संपूर्ण पदों का विवरण दें? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित पदों में किस पद पर कितनी योग्यताधारी कर्मचारी या अधिकारी होना चाहिये पदवार अनिवार्य योग्यता बतायें? (ग) क्या यह सही है कि सहायक प्राध्यापक/व्याख्याता के पद हेतु एम.एड. योग्यता अनिवार्य है यदि हाँ, तो प्रश्नांश (क) में वर्णित संस्था में सभी कर्मचारी अनिवार्य योग्यताधारी है यदि नहीं तो? (घ) शासन द्वारा निर्धारित योग्यता न रखने वाले अयोग्य अधिकारियों को कब तक पद से पृथक किया जायेगा? यदि नहीं तो क्यों?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- ''क'' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ख'' अनुसार। (ग) जी हाँ। शेषांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''ख'' में वर्णित अनुसार। (घ) निर्धारित अर्हता नहीं रखने वाले लोक सेवकों को अन्यत्र पदस्थापना किये जाने हेतु प्रकरण परीक्षणाधीन है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
शासकीय गौचर भूमि पर अतिक्रमण
[राजस्व]
33. ( क्र. 291 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के दिनांक 26 फरवरी 2026, तारांकित प्रश्न क्र. 1462 में प्रश्नांश (क) के उत्तर में स्वीकार किया था, कि हाँ अतिक्रमण है एवं प्रश्नांश (घ) के उत्तर में लेख, किया था कि मौके पर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही प्रचलित है तो क्या यह उत्तर असत्य दिया गया था। यदि नहीं तो आज भी अवैध अतिक्रमण यथावत क्यों? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित असत्य जानकारी किन-किन अधिकारियों तहसीलदार द्वारा दी गई तहसीलदारों के नाम व तहसीलदारों के विरूद्ध की गई कार्यवाही से अवगत करावें? (ग) क्या प्रश्नगत भूमि ख.नं. 946/8 रकबा 04.477 हे. शासकीय गौचर भूमि है और माननीय उच्च न्यायालय द्वारा याचिका क्र. 7356/2021 दिनांक 05.04.2021 एवं कलेक्टर टीकमगढ़ द्वारा अपने राजस्व प्र.क्र. 15 ब 121 सत्र 2021-22 को आदेश पारित कर पालन प्रतिवेदन मांगा था? (घ) कलेक्टर टीकमगढ़ के पास प्रतिवेदन न आने विधानसभा में असत्य जानकारी देने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही होगी यदि नहीं तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) एवं (ख) जी हाँ, विषयांतर्गत अतिक्रमण प्रकरण क्रमांक 69/अ-68/ 2025-26 प्रचलित होने से असत्य उत्तर नहीं दिया गया था। उक्त प्रकरण वर्तमान में अतिक्रामकों की राजस्व न्यायालयों में सिविल जेल की कार्यवाही हेतु प्रचलित है। (ग) जी हाँ। कलेक्टर टीकमगढ़ के द्वारा अपने प्रकरण क्रमांक 15/बी-121/2021-22 में आदेश पारित कर पालन प्रतिवेदन मांगा गया था। (घ) उत्तरांश (क) अनुसार।
अतिक्रमण एवं अवैध कब्ज़ा हटाना
[राजस्व]
34. ( क्र. 308 ) इंजीनियर हरिबाबू राय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अखिल भारतीय अखंड रघुवंशी क्षत्रिय परिषद के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष द्वारा रघुवंशी राजपूत बोर्डिंग हाउस अशोक नगर से अतिक्रमण एवं अवैध कब्ज़ा हटाए जाने के संबंध में पत्र क्रमांक 122, दिनांक 23 मार्च 2026 (सहपत्रों सहित) प्रमुख सचिव राजस्व विभाग को दिनांक 26 मार्च 2026 को प्रस्तुत किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो उक्त पत्र पर कार्यालयवार एवं दिनांकवार क्या-क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों? इसलिए कौन-कौन जवाबदार है और उनके विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई? कब तक कार्रवाई करके छात्रावास का कब्जा हटाकर रघुवंशी राजपूत छात्रावास को सौंप दिया जाएगा? यदि नहीं, तो क्यों?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) अखिल भारतीय अखण्ड रघुवंशी क्षत्रिय परिषद द्वारा श्रीमान अपर मुख्य सचिव महोदय सामान्य प्रशासन विभाग मध्यप्रदेश शासन को प्रस्तुत आवेदन पत्र क्र. 123 दिनांक 23/03/2026 पुलिस अधीक्षक, अशोकनगर, अपर कलेक्टर अशोकनगर, अनुविभागीय अधिकारी (रा.) अशोकनगर, तहसीलदार अशोकनगर एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी अशोकनगर को मार्क होकर पृथक-पृथक टी.एल. दिनांक 28/05/2026 से दर्ज होने के उपरांत दिनांक 01/06/2026 को प्राप्त हुआ। (ख) उक्त टी.एल. के क्रम में कार्यालयीन ई-ऑफिस पत्र क्र. 1059291 दिनांक 02/06/2026 एवं स्मरण पत्र क्र. 1126201 दिनांक 30/06/2026 से अनुविभागीय अधिकारी (रा.) अशोकनगर, तहसीलदार अशोकनगर एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी अशोकनगर (संयुक्त जांच दल) से टी.एल. में जबाव दर्ज कराने बावत वस्तु स्थिति का विस्तृत, स्पष्ट एवं अभिमत सहित जांच प्रतिवेदन चाहा गया। उक्त पत्रों की प्रति पुलिस अधीक्षक, अशोकनगर को भी प्रेषित की गई। अनुविभागीय अधिकारी (रा.) अनुभाग अशोकनगर द्वारा प्रेषित विधानसभा प्रश्न के उत्तर क्र. 646 दिनांक 03/07/2026 अनुसार उक्त के क्रम में संयुक्त जांच दल की बैठक दिनांक 03/07/2026 को आयोजित की गई है एवं वर्तमान में जांच प्रचलित है।
राष्ट्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत प्राप्त राशि का आवंटन
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
35. ( क्र. 330 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला जबलपुर को राज्य शासन एवं केन्द्रीय शासन की संचालित किन-किन योजनान्तर्गत राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम व पल्स पोलियों अभियान में किस-किस मद में कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई एवं कितनी- कितनी राशि व्यय हुई? वर्ष 2019-20 से 2026-27 तक की जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) में योजनाओं के प्रचार- प्रसार, स्टेशनरी - सामग्री, दवाइयों आदि का क्रय, मुद्रण कार्य, शिविरों का आयोजन टीकाकरण, वाहनों का किराया व पी.ओ.एल. पर कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? (ग) प्रश्नांश (क) में कोविड-19 मोबिलिटी सपोर्ट व मोबिलिटी सपोर्ट में वैक्सीन परिवहन, नमूना संग्रहण, एम्बूलेंस में वाहनों का किराया एवं पी.ओ.एल. पर कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? किन-किन वाहनों में कब-कब कितनी-कितनी मात्रा में कितनी-कितनी राशि का पी.ओ.एल. भरवाया गया तथा कौन-कौन सा वाहन कब से कब तक कितने-कितने दिवस माहवार कितने-कितने कि.मी. चला हैं? वाहनों का पं.क्र. मॉडल प्रकार नोटशीट सहित बिलों व लाकबुक की छायाप्रति दें। (घ) जिला टीकाकरण अधिकारी (डी.आई.ओ.) ने शासकीय कार्य व यात्राओं में कोविड-19 मोबिलिटी सपोर्ट, मोबिलिटी सपोर्ट में वाहनों के किराया पर माहवार कितनी-कितनी राशि व्यय की हैं? इन्होंने शासकीय आवंटित वाहन का माहवार कितने-कितने कि.मी. उपयोग किया हैं? बिलों सहित लागबुक की छायाप्रति दें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ख) मदवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। (ग) मदवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार। वाहनों के प्रकार, नोटशीट सहित बिल व लॉगबुक की छायाप्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द'' अनुसार। (घ) जिला टीकाकरण अधिकारी को आवंटित वाहन के उपयोग, बिल सहित लॉगबुक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''इ'' अनुसार।
बरगी बांध क्रूज हादसा
[पर्यटन]
36. ( क्र. 331 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एन.जी.टी.) द्वारा दिनांक 12 दिसम्बर 2023 को जारी दिशा निर्देश के तहत पर्यटन विभाग जबलपुर ने बरगी बांध में क्रूज संचालन हेतु एवं पर्यटकों की सुरक्षा, व्यवस्था के सम्बंध में क्या-क्या प्रबंध व उपाय किये गये हैं? दिशा-निर्देश की छायाप्रति दें। (ख) प्रश्नांश (क) में क्रूज संचालन हेतु कब किस स्तर पर कहां से कितने क्रूज कितनी राशि में क्रय किये गये? इनका क्रय हेतु प्रमुख रूप से किन बातों का ध्यान रखा गया। इनकी फिटनेस व सुधार, मरम्मत कार्य पर व स्थानीय स्तर पर क्रूज का इंजन व इलेक्ट्रिक मरम्मत, सुधार कार्य में कब-कब, कितनी-कितनी राशि व्यय हुई हैं? वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक की जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (क) में दिनांक 30/04/2026 को घटित हादसा के समय क्रूज में लगे दो इंजन में से एक इंजन कब से बंद, खराब था एवं क्यों? इसे किसके निर्देश पर किन नियमों के तहत एक इंजन पर संचालित किया जा रहा था एवं क्यों? ट्रेवलिंग नियमों व प्रोटोकाल का पालन न करने व पर्यटकों को लाइफ जैकेट न देने का क्या कारण है? इस घटित हादसे में कितने पर्यटकों की मृत्यु हुई हैं। शासन ने इसके लिये दोषी किन अधिकारियों पर कब क्या कार्यवाही की है?
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) द्वारा 12 दिसंबर 2023 को जो दिशा निर्देश जारी किए गए है वो "Minor mineral mining operation (Stone, limestone, sand and murram") से संबंधित है। इसके अतिरिक्त नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) द्वारा दिनांक 12 सितम्बर 2023 को जो दिशा निर्देश जारी किए गए है, उसके तारतम्य में विभाग द्वारा नर्मदा घाटी विकास विभाग एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से परिचालन हेतु अनुमति प्राप्त की गई है, की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार। (ख) म.प्र. राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा वर्ष 2006 में एक एवं 2007 में एक (प्रत्येक का मूल्य राशि रूपये 59,68,703/- ) कुल दो क्रूज राशि रूपये 1,19,37,406/- में राष्ट्रीय निविदा के माध्यम से मेसर्स हैदाराबाद बोट विल्डर्स, हैदाराबाद से क्रय किए गए। क्रूज की स्थिरता, तेज हवा एवं खराब मौसम में चलने की क्षमता, जलपोत के अंतरराष्ट्रीय मानक जो कि इन्टरनेशनल मेरीटाईम आरगनाईजेशन (आई.एम.ओ.) जो संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था है के द्वारा अनुमोदित है का पूर्ण रूप से पालन, क्रूज बोट की लम्बी लाईफ एवं क्रूज बोट के अंदर आपातकालीन स्थिति में बचाव के सभी उपकरणों की मौजूदगी तथा प्रदूषण रहित इंजन का ध्यान रखा गया। मैकल रिसोर्ट बरगी में वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक की अवधि में फिटनेस व सुधार, मरम्मत कार्य पर व स्थानीय स्तर पर क्रूज का इंजन व इलेक्ट्रिक मरम्मत, सुधार कार्य आदि अन्य विविध व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार। (ग) म.प्र. शासन द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना कमांक एफ GAD/50/0001/2026-GAD-10-01 (GAD) दिनांक 10/05/2026 से न्यायिक जांच हेतु एकल सदस्यी जांच आयोग गठित किया गया है, जिसकी जांच प्रचलन में है। इस हादसे मे कुल 13 पर्यटकों की मृत्यु हुई। इसके अतिरिक्त विभाग द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''स'' अनुसार।
संरक्षित वन एवं नारंगी वन सर्वे में शामिल भूमि
[राजस्व]
37. ( क्र. 355 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पत्र क्रमांक 13/भू/1672 दिनांक 12/06/1956 से निस्तार पत्रक, अधिकार अभिलेख एवं खसरा पंजी में दर्ज 3 लाख 60 हजार 478 एकड़ भूमि एवं पत्र क्रमांक 38/92/एस आर/908 दिनांक 02/08/1996 से 1 लाख 39 हजार 320 हेक्टेयर भूमि अधीक्षक भू-अभिलेख बैतूल द्वारा वन विभाग को अन्तरित की गई जिसे वन विभाग ने संरक्षित वन सर्वे, नारंगी भूमि सर्वे में शामिल किया जिनसे संबंधित भा.व.अ.1927 की धारा 5 से 19 तक की जांच वर्तमान में अनुविभागीय अधिकारी बैतूल, मुलताई एवं भैंसदेही के पास लम्बित है। (ख) वन विभाग को अन्तरित संरक्षित वन एवं नारंगी वन सर्वे में शामिल भूमि म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1954 एवं भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 237 (1) के अनुसार किस-किस प्रयोजन के लिए आरक्षित की जाकर निस्तार पत्रक, अधिकार अभिलेख एवं खसरा पंजी में किस-किस मद में दर्ज भूमि है इनमें से किस ग्राम की कितनी भूमि किस वनखण्ड में शामिल है। (ग) प्रमुख सचिव वन म.प्र. शासन भोपाल ने पत्र क्रमांक एफ. 25-36/005/10-3 दिनांक 10 अप्रैल 2015 को मद एवं प्रयोजन से संबंधित क्या-क्या निर्देश दिए इस निर्देश का पालन करवाने हेतु वन मुख्यालय वन भवन भोपाल एवं वन वृत्त बैतूल ने किस-किस दिनांक को पत्र जारी किए यदि कोई पत्र जारी नहीं किया हो तो कारण बतावे। (घ) धारा 5 से 19 तक की जांच के लिए लम्बित किस वनखण्ड की कितनी भूमि वर्किंग प्लान, एरिया रजिस्टर, वनकक्ष रजिस्टर, वनकक्ष इतिहास, वनकक्ष मानचित्र में दर्ज कर वन विभाग के कब्जे में है।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) पत्र क्रमांक 13/भू/1672 दिनांक 12/06/1956 एवं पत्र क्रमांक 38/92/एसआर/908 दिनांक 02/08/1996 के माध्यम से अधीक्षक भू-अभिलेख द्वारा भूमि वन विभाग को अंतरित नहीं की गयी है, बल्कि पत्र क्रमांक 13/भू/1672 दिनांक 12/09/1956 द्वारा वन विभाग को प्रबंधन के लिये वर्ष 1954 से पत्र दिनांक तक भूतपूर्व मालगुजारी व रैय्यतवाड़ी गांवों के जो वन हस्तांतरित किये गये उनकी खसरा नंबर एवं गाँववार सूची पत्र दिनांक 12/09/1956 के माध्यम से भेजी गयी है तथा पत्र क्रमांक 38/92/एलआर-2/908/दिनांक 02/08/1996 द्वारा राजस्व विभाग के अधीन छोटे झाड़, बड़े झाड़ के जंगल के अधीन भूमि के खसरा नंबरवार सूची तैयार कर भेजी गयी है। संरक्षित वन सर्वे, नारंगी भूमि सर्वे में शामिल भूमि के सन्दर्भ में भा.व.अ. 1927 की धारा 5 से 19 की जांच वर्तमान में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व/वन व्यवस्थापन अधिकारी भैंसदेही, मुलताई एवं बैतूल के पास लंबित नहीं है। (ख) जानकारी संकलित की जा रही है। (ग) प्रमुख सचिव वन मध्यप्रदेश शासन भोपाल के पत्र क्रमांक 25-36/005/10-3 दिनांक 10 अप्रेल 2015 से जारी निर्देश की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 1 अनुसार। उक्त पत्र से प्राप्त निर्देशों के पालन हेतु वनमंडल कार्यालय द्वारा जारी किये गए पत्रों की क्रमांक एवं दिनांकवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 2 अनुसार। (घ) वनमंडल के अंतर्गत भारतीय वन अधिनियम 1927 धारा 5 से 19 तक की जांच के लिये लंबित 574 वनखंडों की 74319.269 हे. भूमि वर्किंग प्लान एरिया रजिस्टर वनकक्ष इतिहास, वनकक्ष मानचित्र में दर्ज है। जिसका नियंत्रण एवं प्रबंधन वनमण्डल द्वारा किया जा रहा है। वनखंडवार भूमि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 3 अनुसार।
कलेक्टर द्वारा प्रेषित आपत्ति
[राजस्व]
38. ( क्र. 356 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कलेक्टर बैतूल ने जयस द्वारा प्रस्तुत आपत्तियों को दिनांक 24/03/2026 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बैतूल, मुलताई एवं भैसदेही को भा.व.अ.1927 की धारा 5 से 19 तक की जांच के लिए लम्बित कुल 467 आपत्तियां प्रेषित की है। (ख) यदि हाँ, तो किस ग्राम के निस्तार पत्रक, अधिकार अभिलेख, खसरा पंजी में दर्ज किस-किस मद एवं प्रयोजन के किस-किस खसरा नम्बर के कितने रकबे की धारा 5 से 19 तक की जांच वर्तमान में किस अनुविभागीय अधिकारी के समक्ष लम्बित है इसमें से किस ग्राम की कितनी भूमि वर्किंग प्लान, एरिया रजिस्टर, वनकक्ष इतिहास वनकक्ष मानचित्र में वन विभाग द्वारा दर्ज कर अपना कब्जा भी कर लिया है। (ग) आयुक्त आदिवासी विकास भोपाल के पत्र क्रमांक 621/वन.अधि/15/136 दिनांक 16/04/2015 में दिए प्रारूप में धारा 5 से 19 तक की जांच के लिए लम्बित किस-किस ग्राम की जमीनों की जानकारी संकलित करवाई जाकर प्रश्नांकित दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की है संकलित जानकारी की प्रति सहित बतावे।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) जिला बैतूल अंतर्गत कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बैतूल में 212, कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मुलताई में 116 एवं कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) भैंसदेही के 244 वनखंडों की धारा 5 से 19 तक की कार्यवाही प्रचलित है। ग्राम, वनखण्डवार निस्तार पत्रक, अधिकार अभिलेख, खसरा पंजी में दर्ज मद एवं प्रयोजनवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार। वन मंडल उत्तर, पश्चिम, दक्षिण जिला बैतूल के अंतर्गत भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 5 से 19 तक की जांच के लिए लंबित कुल 574 वनखंडो की 74319.269 हेक्ट. भूमि कार्य आयोजना, वन कक्ष, इतिहास, मानचित्र में दर्ज है, जिसका नियंत्रण एवं प्रबंधन वन मंडल द्वारा किया जा रहा है। वनखण्डवार ग्रामवार भूमि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार। (ग) जानकारी संकलित की जा रही है।
उप स्वास्थ्य केन्द्रों का प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में उन्नयन
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
39. ( क्र. 375 ) श्री अरूण भीमावद : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम पनवाड़ी, मंडोदा एवं तिलावद गोविन्द बड़े कस्बे में आते है जिनकी जनसंख्या 5000 से अधिक होने के कारण उप स्वास्थ्य केन्द्र संचालित हो रहे है। जिसमें स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां आमजनों को हो रही हैं? (ख) क्या प्रश्नांश (क) के अनुसार उक्त उप स्वास्थ्य केन्द्रों को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में उन्नयन करने हेतु कोई कार्य योजना प्रस्तावित है? (ग) यदि नहीं है तो क्यों नहीं? और यदि हाँ, तो कब तक उक्त उप स्वास्थ्य केन्द्रों का प्राथमिक उप स्वास्थ्य केन्द्रों में उन्नयन किया जाना है? कृपया समयावधि बताने का कष्ट करें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) ग्राम पनवाड़ी, मंडोदा एवं तिलावद गोविन्द में उप स्वास्थ्य केन्द्र संचालित हैं। (ख) स्वास्थ्य केंद्रों का उन्नयन संसाधनों की उपलब्धता, जनसंख्या मापदंड, वर्तमान संस्था के उपयोग की स्थिति एवं उस क्षेत्र में उपलब्ध अन्य संस्थाओं के उपयोग की स्थिति आदि को देखते हुए प्राथमिकता निर्धारण के साथ किया जाता है। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार। निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है।
मेडिकल कॉलेज का निर्माण
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
40. ( क्र. 376 ) श्री अरूण भीमावद : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र शाजापुर में माननीय मुख्यमंत्री महोदय के दिनांक 8 दिसम्बर 2024 के प्रवास के दौरान एक नया मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की गई थी? (ख) यदि हाँ, तो इसके लिए कितनी राशि स्वीकृत हुई है और इसका निर्माण कार्य कब तक शुरू होगा? कृपया समय-सीमा बताने का कष्ट करें। (ग) इस संबंध में अब तक क्या-क्या कार्यवाही की गई है?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। (ख) पीपीपी मोड पर शाजापुर में मेडिकल कॉलेज खोला जाना प्रस्तावित है, इसलिये राशि की स्वीकृति नहीं की गई है। पीपीपी मोड पर स्थापित किये जाने वाले चिकित्सा महाविद्यालयों के नियमानुसार सफल निविदाकार उपलब्ध होने पर निर्माण कार्य प्रारंभ हो सकता है। समय सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) प्रदेश मे पीपीपी मोड मे स्थापित होने वाले चिकित्सा महाविद्यालयों के लिये निविदायें आमंत्रित की गई थी। उक्त सूची मे पीपीपी मोड पर जिला शाजापुर में स्थापित होने वाले चिकित्सा महाविद्यालय को भी शामिल किया गया है। कोई निविदा प्राप्त नहीं होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शाजापुर में पीपीपी मोड पर चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित किये जाने के संबंध में भूमि का आवंटन/चिन्हांकन कलेक्टर, जिला शाजापुर द्वारा किया जा चुका हैं।
कोलार वनखण्ड के प्रकरण की जानकारी
[राजस्व]
41. ( क्र. 381 ) डॉ. योगेश पंडाग्रे : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को भा.व.अ.1927 की धारा 4 के तहत दिनांक 22 जनवरी 1988 को कोलार वनखण्ड की 6976.707 हेक्टयर भूमि से संबंधित धारा 5 से 19 तक की जांच के लिए वन व्यवस्थापन अधिकारी अधिसूचित करने के बाद भी कोलार वनखण्ड का प्रकरण धारा 5 से 19 तक की जांच के लिए प्रश्नांकित दिनांक तक भी प्रस्तुत नहीं किया गया। (ख) कोलार वनखण्ड के अन्दर किस-किस वनग्राम की भूमि शामिल की गई है उस वनग्राम का अप्रैल 2025 से प्रश्नांकित दिनांक तक वन एवं राजस्व विभाग के कर्मचारियों द्वारा कब-कब संयुक्त सीमांकन, निरीक्षण किया, किस वनग्राम में, कितनी भूस्वामी हक की भूमि होना पाया गया? (ग) कोलार वनखण्ड में शामिल ग्राम लावाखाड़ी के पटवारी मानचित्र में वनखण्ड एवं मुनारों की सीमा लाईन काली स्याही से कब अंतिम की गई उस सीमा लाईन में किस-किस भूस्वमी के किस खसरा नम्बर का कितना रकबा शामिल है खसरा नम्बर 122 के कितने रकबे को वनखण्ड का हिस्सा बताया है।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) वनमंडलाधिकारी सामान्य वन मंडल सीहोर के पत्र अनुसार वन मंडल के अंतर्गत भा.व.अ. 1927 की धारा 4 (1) के तहत अधिसूचना क्र./6550-6254-10-62 दिनांक 24.07.1962 राजपत्र प्रकाशन दिनांक 12.10.1962 एवं अधिसूचना क्र./5-38-87-10-3 (54) दिनांक 12.01.1998 राजपत्र प्रकाश दिनांक 22.01.1988 कोलार वनखण्ड रकबा 17239.82 एकड़ (6976.707 हे.) अधिसूचित किया गया है जिनमे सम्बंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पदेन वन व्यवस्थापन अधिकारी के समक्ष धारा 5 से 19 तक की कार्यवाही प्रचलित हैl (ख) वनमंडलाधिकारी सामान्य वनमंडल सीहोर के अनुसार उतरांश 'क' के वनखंड की अधिसूचना में ग्रामवार मदवार भूमि का विवरण शामिल नहीं होने से जानकारी देना संभव नहीं है। (ग) कार्यालय में उपलब्ध ग्राम लावा-खाडी की बंदोबस्ती नक्शा शीट में वनखण्ड एवं मुनारो की सीमा लाइन काली स्याही से अंकित नहीं है। शेष प्रश्नांश जानकारी उक्त परिप्रेक्ष्य में निरंक।
Motuary (शव गृह) बनाये जाने की स्वीकृति
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
42. ( क्र. 403 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परासिया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत संचालित सिविल अस्पताल परासिया 100 बिस्तरों का अस्पताल है परन्तु अस्पताल में Motuary (शव गृह) नहीं होने के कारण अस्पताल में मृत व्यक्तियों/मरीजों के पार्थिव शरीर को नहीं रखा जाता है और ना ही अस्पताल में शव परीक्षण संभव हो पाता है कई बार अज्ञात मृत व्यक्तियों के शवों को पहचान हेतु उनके परिवार को सौंपने के लिये पार्थिव शरीर को सुरक्षित रखने की आवश्यकता होती है परन्तु अस्पताल में Motuary (शव गृह) नहीं होने के कारण मृत व्यक्तियों के परिजनों एवं अस्पताल प्रबंधन को अनेक असुविधाओं व परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थिति को देखते हुये सिविल अस्पताल परासिया में Motuary (शव गृह) बनाया जाना बहुत जरूरी है विभाग द्वारा उपरोक्त संबंध में कब तक कार्यवाही करते हुये सिविल अस्पताल परासिया में Motuary (शव गृह) बनाये जाने की स्वीकृति प्रदान कर दी जायेगी? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित Motuary (शव गृह) बनाये जाने की स्वीकृति प्रदान किए जाने के संबंध में प्रश्नकर्ता द्वारा मान. विभागीय मंत्री महोदय को पत्र क्र. 285 दिनांक 17.06.2026 को प्रेषित किया गया है, जिस पत्र पर स्वीकृति हेतु अभी तक क्या कार्यवाही की गई है?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) वर्तमान में जिला अस्पताल के अतिरिक्त अन्य अस्पतालों में शव गृह वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता अनुसार स्वीकृति की कार्यवाही की जाती है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ, प्रश्नांश (क) के उत्तर में समाहित है।
एलोपैथिक दवाओं के निर्माण
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
43. ( क्र. 504 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) एलोपैथिक दवाइयों के निर्माण की क्या प्रक्रिया है? एलोपैथिक दवा निर्माण के कौन-कौन से नियम है एवं लायसेंस देने कि न्यूनतम अर्हता क्या-क्या है? (ख) वर्ष 2023 से प्रश्नांश दिनांक तक कितनी कंपनियों को एलोपैथिक दवा बनाने का लायसेंस दिया गया है? जिलेवार जानकारी देवें और इन दवाओं का सेंपल टेस्टिंग वर्ष भर में कितनी बार किया जाता है? (ग) क्या दवा निर्माता द्वारा दवा बनाकर अन्य विक्रेताओं की कंपनियों को दवाइयां दी जा रही है, जो अपना लेवल लगाकर इन्हे मेडिकल स्टोर्स से बिक्री कर रहे है? (घ) दवा निर्माण करने वाले कारखानों में तय मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं विभाग बताएं वर्ष 2023 से प्रश्नांश दिनांक तक कितनी दवा कंपनियों पर नियमों का उल्लंघन करने पर कार्यवाही की गई? प्रकरण संख्या बताएं।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) औषधि निर्माण अनुज्ञप्ति प्राप्ति हेतु आवेदक को औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 एवं नियमावली 1945 के नियम 69, 74 के अनुसार राज्य अनुज्ञापन प्राधिकारी के समक्ष एम.पी. ऑन लाइन (M.P.Online) अथवा ओएनडीएलएस (ONDLS) के माध्यम से आवेदन ऑनलाइन प्रस्तुत किये जाने का प्रावधान है। आवेदन प्राप्ति उपरांत, राज्य एवं केन्द्र सरकार के औषधि निरीक्षकों के द्वारा संयुक्त रूप से निर्माण स्थल का निरीक्षण किया जाता है। संयुक्त निरीक्षण की अनुशंसाओं के आधार पर एवं औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 एवं नियमावली 1945 के नियम 69, 74, 76 एवं 78 में वर्णित अर्हतायें पूर्ण किये जाने के उपरांत अनुज्ञापन प्राधिकारी द्वारा औषधि निर्माण अनुज्ञप्ति प्रदाय की जाती है। एलोपैथिक दवाइयों के निर्माण संबंधी प्रावधान एवं न्यूनतम अर्हतायें उक्त नियमावली में विहित हैं। (ख) वर्ष 2023 से प्रश्नांश दिनांक तक कुल 25 कंपनियों को एलोपैथिक दवा बनाने का लायसेंस दिया गया है। औषधि निर्माण अनुज्ञप्तिधारी को उनके द्वारा निर्मित औषधियों को बाजार में विक्रय किये जाने से पूर्व औषधियों की टेस्टिंग औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 एवं नियमावली 1945 के नियम 74 (c) एवं 78 (c) (ii) के अनुसार किया जाना अनिवार्य है। दवाओं के बाजार में विक्रय हेतु जाने के बाद निर्माता फर्म द्वारा उनकी एसओपी (Standard Operating Procedure) के अनुसार समय-समय पर टेस्टिंग की जाती है जिसकी जानकारी निर्माता फर्म के पास संधारित होती है। निर्माता फार्मों की जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) औषधि निर्माण हेतु आवेदक या आवेदक फर्म द्वारा किसी दूसरी फर्म जिसे पूर्व से ही औषधियों के निर्माण हेतु औषधि निर्माण अनुज्ञप्ति प्रदत्त है, से औषधियों का निर्माण लोन लाइसेंस के अंतर्गत करवाया जा सकता हैं। जिस पर आवेदक फर्म का नाम एवं पता तथा निर्माता फर्म का पता उल्लेखित करना औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 एवं नियमावली 1945 के नियम 96 अनुसार अनिवार्य है। इन दवाओं का विक्रय मेडिकल स्टोर्स से किया जा सकता है। (घ) औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 एवं नियमावली 1945 में तय मानको के पालन सुनिश्चितता संबंधी निरीक्षण समय-समय पर करवाये जाने के प्रावधान है। वर्ष 2023 से प्रश्न दिनांक तक किये गये निरीक्षणों में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 एवं नियमावली 1945 के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर मध्यप्रदेश स्थित कुल 86 दवा कंपनियों पर कार्यवाही की गई।
गंभीर बीमारियों के शासकीय अस्पताल में उपचार
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
44. ( क्र. 505 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्य प्रदेश में किन-किन अस्पतालों में आर्गन ट्रांसप्लान्ट (अंग प्रत्यारोपण) एवं हृदय की बाय-पास सर्जरी सुविधाएं हैं? अस्पताल का नाम और स्थान बतायें। यदि इन शासकीय अस्पताल में ये दोनों शल्य क्रियाएँ की जाती है, तो इनमें अनुमानित मरीजों को कितना खर्च करना पड़ता है? (ख) विभाग बतायें कि निजी अस्पतालों में अंग प्रत्यारोपण एवं हृदय की बाय-पास सर्जरी में मरीजों को आने वाले खर्च के भुगतान में सरकार किन-किन योजनाओं से कितनी-कितनी राशियों की मदद कर रही है? और योजनाओं के नाम बतायें। (ग) क्या- सरकार भविष्य में प्रत्येक जिला अस्पताल में हृदय-रोग के उपचार की यूनिट स्थापित करने पर विचार कर रही है, यदि हाँ, तो बतायें। यदि नहीं तो किस कारण से? क्या विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव से अथवा मशीनों की कमी से।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) मध्यप्रदेश में निजी एवं शासकीय चिकित्सालयो में अंग प्रत्यारोपण (ऑर्गन ट्रांसप्लांट) तथा हृदय की बाय-पास सर्जरी हेतु संबद्ध अस्पतालों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार। भिन्न-भिन्न अंगों के प्रत्यारोपण के लिए व्यय भिन्न-भिन्न होने तथा निजी क्षेत्र के अस्पतालों में होने वाले व्यय के अभिलेख संधारित नहीं होने से उत्तर दिया जाना संभव नहीं है। (ख) राशि 5.00 लाख तक की कैशलेस (निःशुल्क) उपचार की सुविधा आयुष्मान भारत योजनांतर्गत संबद्ध चिकित्सालयों में उपलब्ध करायी जाती है। योजनांतर्गत अंग प्रत्यारोपण एवं हृदय की बायपास सर्जरी हेतु पैकेज के राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार। (ग) प्रदेश में जिला चिकित्सालयों में मूलभूत हृदय रोग से संबंधित सेवायें प्रदान की जा रही है। प्रत्येक जिला चिकित्सालय में वर्तमान में हृदय रोग से संबंधित विशिष्ठ इकाई स्थापित करने की योजना नहीं है। अतः शेष प्रश्न उपस्थिति नहीं होता है।
डॉक्टरों के रिक्त पद भरने की योजना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
45. ( क्र. 506 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग बतायें कि प्रश्नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र खातेगांव के अन्तर्गत सिविल अस्पताल कन्नौद एवं खातेगांव में चिकित्सकों नर्सों, लेब टेक्नीशियन के कितने पद स्वीकृत हैं? इसकी तुलना में वर्तमान में कितने पद भरे हैं? (ख) उक्त दोनों अस्पताल नेशनल हाइवे पर स्थित होने के कारण लगातार दुर्घटना में सर्जन, उचित उपचार के आभाव से मरीजों को 100 कि.मी. दूर इन्दौर भेजना पड़ता है जिसके कारण कभी-कभी पेशेन्ट की मृत्यु हो जाती है। (ग) क्या विभाग इन दोनों अस्पतालों में शल्य चिकित्सक और महिला चिकित्सक के साथ अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ के रिक्त पदों को शीघ्र भरेगा बतावें?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार है। (ख) दुर्घटना में घायल मरीजों को उपचार सिविल हॉस्पिटल में किया जाता है एवं गंभीर मरीजों को आकस्मिक परिस्थतियों में आवश्यकतानुसार उपचार हेतु उच्च स्वास्थ्य सुविधायुक्त निकटतम स्वास्थ्य संस्थान को रेफर किया जाता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार है। (ग) पदपूर्ति विभाग की एक निरंतर प्रक्रिया है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
विद्यालयों के उन्नयन एवं भवन निर्माण की जानकारी
[स्कूल शिक्षा]
46. ( क्र. 540 ) श्री अभय मिश्रा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नवीन विद्यालयों का संचालन एवं स्वीकृत बावत् कितने प्रस्ताव किन-किन जिलो/विधान सभा क्षेत्रों के प्रस्ताव लंबित है का विवरण देवे? इस बावत् अपनाई गई विधि प्रकिया/निर्देश की प्रति साथ जानकारी देवे? प्रस्ताव पर कार्यवाही कर विद्यालयों का संचालन कब तक करावेंगे? (ख) प्रश्नांश (क) के सन्दर्भ में रीवा जिले के विधान सभा क्षेत्र सेमरिया के विद्यालयों के उन्नयन के कितने प्रस्ताव विभाग में लंबित है। लंबित प्रस्तावों पर कार्यवाही बावत् क्या निर्देश देंगे बतावे? सांदीपनी विद्यालय के रूप में संचालित किये जाने बावत् सेमरिया विधान सभा के लंबित प्रस्तावों पर कार्यवाही किये जाने के निर्देश देंगे नहीं तो क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के तारतम्य में विधान सभा क्षेत्र सेमरिया में संचालित हाई स्कूल/हायर सकेण्ड्री के भवन खेल मैदान के निर्माण बावत् निर्देश देंगे? इन विद्यालयों में से कितने भवन 50 वर्ष से पुराने है, इनके निर्माण/सुधार बावत् राशि जारी करेंगे तो क्यों? अगर नहीं तो क्यों? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार उल्लेखित अनुसार कार्यवाही बावत क्या निर्देश देंगे बतावे? जिन विद्यालयों के भवन जीर्ण-शीर्ण एवं 50 वर्ष पुराने है, उनके निर्माण बावत् राशि स्वीकृत के निर्देश देंगे? अगर नहीं तो क्यों?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) नवीन विद्यालयों के संचालन एवं स्वीकृति के संबंध में कोई भी प्रस्ताव लंबित नहीं है। जिलों से प्राप्त शाला उन्नयन के प्रस्तावों के परीक्षण का कार्य प्रक्रियाधीन है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ख) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। सांदीपनि विद्यालयों की स्वीकृति बजट की उपलब्धता एवं सक्षम अनुमोदन पर निर्भर है, अतएव शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। रीवा जिले के विधानसभा क्षेत्र के सेमरिया के अंतर्गत प्राथमिक से माध्यमिक विद्यालयों के उन्नयन के प्रस्ताव लंबित नहीं है। जिलों से प्राप्त शाला उन्नयन के प्रस्तावों के परीक्षण का कार्य प्रक्रियाधीन है। जानकारी परिशिष्ट अनुसार। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) शा.उ.मा.वि. सेमरिया का भवन 50 वर्ष पुराना हैं। भवन एवं खेल मैदान की स्वीकृति बजट प्रावधान एवं सक्षम स्वीकृति पर निर्भर करेंगा। (घ) उत्तराश 'क', 'ख' एवं 'ग' अनुसार।
जिम्मेदारों पर कार्यवाही के साथ नाम सुधार
[राजस्व]
47. ( क्र. 541 ) श्री अभय मिश्रा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले की तहसील सिरमौर, सेमरिया एवं हुजूर अंतर्गत नहरों के निर्माण हेतु अधिगृहित की गई भूमियों, जिनके मुआवजे की राशि किसानों की दी जा चुकी है, उन आराजियों पर आज भी किसानों के नाम दर्ज है, इनके नाम हटा कर म.प्र. शासन के नाम दर्ज किये जाने के क्या निर्देश देंगे? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार अधिगृहित की गई भूमियों में राजस्व अभिलेखों म.प्र. शासन का नाम दर्ज न किये जाने के लिए कौन-कौन उत्तरदायी है उनके पद नाम के साथ उन पर कार्यवाही के क्या निर्देश देंगे अगर नहीं तो क्यों एवं तब तक राजस्व अभिलेखों में म.प्र. शासन के नाम दर्ज करा दिये जावेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) रीवा जिले की तहसील सिरमौर, सेमरिया एवं हुजूर अंतर्गत नहरों के निर्माण हेतु अधिगृहित की गई भूमियों जिनके मुआवजे की राशि किसानों को दी जा चुकी है, उन आराजियों में संबंधित विभाग/म.प्र.शासन के नाम दर्ज किये जाने की कार्यवाही की जा चुकी है एवं विवादित प्रकरणों में कार्यवाही जारी है। मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग के पत्र क्रमांक 1071/2308260/2024/सात भोपाल दिनांक 27.09.2024 से मध्यप्रदेश शासन के विभाग के लिये अर्जित भूमियों पर संबंधित विभाग का नाम भू-अभिलेखों में प्रविष्टि किये जाने के संबंध में निर्देश जारी किये गए हैं। निर्देश की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) के उत्तरांश अनुसार।
नियम विरूद्ध पारित ओदश दिनांक 10/07/2025 निरस्त करना
[राजस्व]
48. ( क्र. 583 ) श्री योगेन्द्र सिंह (बाबा) : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आयुक्त, भोपाल संभाग भोपाल द्वारा शिकायतकर्ता मोती मोहल्ला सारंगपुर, जिला-राजगढ़ के अभ्यावेदन दिनांक 15.05.2026 एवं दिनांक 01.06.2026 के संबंध में तहसीलदार सारंगपुर, जिला-राजगढ़ द्वारा नियम विरुद्ध प्रकरण क्रमांक 0075/ब-121/2024-25 तथा पारित आदेश दिनांक 10.07.2025 को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया गया है अथवा नहीं स्पष्ट करें। (ख) कलेक्टर, जिला-राजगढ़ द्वारा शिकायतकर्ता के अभ्यावेदन मई 2026 को दृष्टिगत रखते हुये कलेक्टर कार्यालय के पत्र क्रमांक 2708/रीडर-1/2025 राजगढ़ दिनांक 18.11.2025 को दृष्टिगत रखते हुये म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 44 के तहत पारित आदेश के विरूद्ध अपील किये जाने के प्रावधान परिलक्षित नहीं होने पर तहसीलदार सारंगपुर के प्रकरण क्रमांक 0075/ब-121/2024-25 तथा पारित आदेश दिनांक 10.07.2025 तत्काल प्रभाव से निरस्त किया गया है? अथवा नहीं स्पष्ट करें। (ग) म.प्र. शासन, राजस्व विभाग, तहसीलदार सारंगपुर, जिला-राजगढ़ द्वारा पारित आदेश दिनांक 10. 07.2025 नियम विरूद्ध पारित करने पर तथा पारित आदेश पर अपील का प्रावधान नहीं होने पर प्राकृतिक न्याय आवेदक को प्राप्त हो किस धारा के तहत अपील स्वीकार की जायेगी या पारित आदेश दिनांक 10.07.2025 निरस्त किया जायेगा तथा निरस्त आदेश से रजिस्ट्रार बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल को अवगत कराया जायेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) से (ग) जानकारी संकलित की जा रही है।
आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी घोषित किया जाना
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
49. ( क्र. 594 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या स्वास्थ्य विभाग में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आशा-ऊषा कार्यकर्ता अंतिम छोर की पंक्ति की आम जनता का कार्य करने वालो को एक निश्चित मानदेय देकर राज्य कर्मचारी की श्रेणी में क्यों नहीं लिया जा रहा है कारण सहित जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) क्या खरगापुर विधान सभा सहित पूरे म.प्र. में आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं द्वारा करोना काल में जान जोखिम में डालकर कार्य किया और माननीय पूर्व मुख्यमंत्री म.प्र. शासन भोपाल द्वारा दिनांक 29 जुलाई 2023 में 1000 रु. बढ़ाये जाने, की घोषणा की थी परन्तु वह भी किसी को प्राप्त नहीं हो रही है ऐसा क्यों? (ग) क्या सम्पूर्ण म.प्र. सहित टीकमगढ़ जिले की खरगापुर विधान सभा की आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन राशि, एल.टी.टी. की राशि, डिलेवरी की राशि समस्त ऐक्टविटी की राशि समय पर प्रदाय क्यो नहीं की जाती है क्या बल्देवगढ़ स्वास्थ्य विभाग की लेखापाल द्वारा आशा ऊषा कार्यकर्ताओं को जानबूझकर परेशान किया जाता है और आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं से भ्रष्टाचार करते हुये राशि की मांग की जाती है? (घ) क्या प्रदेश की समस्त आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं शासकीय कार्य करने के दौरान किसी आकस्मिक घटना पर 10 लाख रुपये दिये जाने का प्रावधान क्यों नहीं किया गया तथा आशा ऊषा कार्यकर्ताओं को भुगतान को स्लिप क्यों नहीं दी जाती है?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, भारत सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार आशा कार्यकर्ता ग्राम सभा से चयनित एक स्वैच्छिक कार्यकर्ता है। एक निश्चित मानदेय देकर राज्य कर्मचारी की श्रेणी हेतु पात्रता नहीं है। (ख) जी नहीं, घोषणा उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित वृद्धि की थी जिसका पालन हो गया है। जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। खरगापुर विधानसभा क्षेत्र में आशाओं के कोई भुगतान लंबित नहीं है। आशाओं द्वारा बल्देवगढ़ विकासखंड में भुगतान लंबित होने की शिकायत कलेक्टर, टीकमगढ़ को की गयी थी। जिस पर कलेक्टर, टीकमगढ़ के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, टीकमगढ़ द्वारा संबंधितों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण प्राप्त किया गया था। (घ) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत आशा एवं ऊषा कार्यकर्ताओं को दुर्घटना में घायल होने पर रु.1 लाख की राशि प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा बीमा योजना के तहत तथा रू. 2 लाख मृत्यु होने पर प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत प्रदान किये जाने का प्रावधान है, साथ ही आयुष्मान योजना के अंतर्गत रु. 5 लाख तक की आशा एवं उनके परिजनों को चिन्हित चिकित्सालय में एक वित्तीय वर्ष में उपचार की पात्रता है। मृत्यु की स्थिति में रु. 10 लाख सहायता राशि दिये जाने का प्रावधान नहीं है। आशाओं को एकमुश्त प्रोत्साहन राशि सीधे बैंक खाते में प्रदान की जाती है एवं आशा पोर्टल पर उनके वाउचर डाउनलोड करने की सुविधा उपलब्ध है।
सी.एम. राईज स्कूल का भवन निर्माण
[स्कूल शिक्षा]
50. ( क्र. 595 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या खरगापुर में स्वीकृत सी.एम. राईज स्कूल के भवन का निर्माण कार्य जानबूझकर टाला जा रहा और भवन निर्माण क्यों नहीं किया जा रहा है, जिसका कारण क्या है सम्पूर्ण जानकारी से अवगत कराये? (ख) क्या विगत विधानसभा में पूछे गये प्रश्न में उत्तर दिया गया था कि माह-जुलाई 2026 तक भवन निर्माण का कार्य प्रारंभ करा दिया जावेगा परन्तु निर्माण कार्य तैयारी की कोई जानकारी प्राप्त नहीं हो पा रही है, क्या टेंडर लग चुका है यदि हाँ, तो सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराये यदि नहीं तो क्यों? (ग) क्या खरगापुर में निर्माण होने वाले सी.एम. राईज के भवन निर्माण हेतु कहॉं पर किस खसरे की जमीन आवंटित की गई तथा टेंडर किस फर्म को किस दिनांक को दिया गया है? संपूर्ण जानकारी प्रदाय करते हुये स्पष्ट करें, कि खरगापुर में सी.एम. राईज भवन का निर्माण कब से प्रारंभ कर कब समाप्त कर दिया जावेगा?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी नहीं। पूर्व में सांदीपनि विद्यालय खरगापुर का निर्माण कार्य हायर सेकेन्डरी स्कूल खरगापुर के परिसर के अंदर कराया जाना था परन्तु उक्त स्थल पर निर्माण कार्य के संबंध में स्थानीय लागों के विरोध के कारण कार्य आरंभ नहीं हो सका था, जिस कारण से जारी निविदा से विद्यालय का कार्यक्षेत्र हटा दिया गया था तदोपरांत दिनांक 11.03.2024 को सांदीपनि विद्यालय को नवीन भूमि आवंटित की गई। वर्तमान में उक्त निर्माण कार्य हेतु अनुबंध निष्पादन प्रक्रियाधीन है। (ख) जी नहीं। सांदीपनि विद्यालय खरगापुर के निर्माण कार्य की निविदा दिनांक 19.01.2026 को जारी की गई थी। वर्तमान में उक्त निर्माण कार्य हेतु अनुबंध निष्पादन प्रक्रियाधीन है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) सांदीपनि विद्यालय खरगापुर निर्माण कार्य हेतु स्थल खरगापुर में तहसील प्रागण के पीछे एवं कृषि उपज मंडी के समीप भूमि आवटित की गई है जिसका खसरा नं. 2208/1 है। कार्य की निविदा प्रक्रिया उपरांत L-1 निविदाकार मे सेन्चुरी कंस्ट्रक्शन, ग्वालियर को दिनांक 28.05.2026 को LOA (Letter of acceptance) जारी किया गया है। वर्तमान में 18 माह की कार्यावधि का अनुबंध निष्पादन प्रक्रियाधीन है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया जाना
[राजस्व]
51. ( क्र. 637 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय एवं निजी भूमि पर खसरा क्रमांक-568/2, 569/4, 566 ग्राम बगवाज तहसील सुठालिया जिला राजगढ़ (म.प्र.) पर अतिक्रमण होने व कब्जा होने की सूचना कलेक्टर राजगढ़ को दिनांक 19.08.2025 दी, संभाग आयुक्त भोपाल संभाग भोपाल को दिनांक 22.08.2025 को राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव महोदय को दिनांक 22.08.2025 को मुख्य सचिव म.प्र. शासन को दिनांक 22.06.2025 को सूचना प्रदान करने के उपरांत प्रश्न दिनांक तक संबंधित अधिकारियों एवं अधिनस्थ अधिकारियों द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? (ख) शासकीय एवं निजी भूमि पर खसरा क्रमांक-568 ग्राम बगवाज तहसील सुठालिया जिला राजगढ़ (म.प्र.) पर किये गये, अतिक्रमण पर कलेक्टर राजगढ़ (म.प्र.) द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? संपूर्ण विवरण सहित की गई प्रक्रिया की जानकारी दें। (ग) ग्राम पंचायत बगवाज तह. सुठालिया में शासकीय भूमि है एवं कितने दबंगों के द्वारा कब्जा किया गया है एवं कितनी भूमि कब्जा मुक्त कराई गई है, कितनों के विरूद्ध शिकायत दर्ज है? संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) तहसील सुठालिया के ग्राम बगवाज की भूमि सर्वे खसरा क्रमांक 568/2, 569/4, कुल रकबा 0.442 हेक्टयर भूमि गणपत पिता बक्सू जाति चमार निवासी ग्राम घूघचिडी के नाम से वर्तमान राजस्व रिकार्ड में दर्ज अभिलेख है। उक्त भूमि पर वर्तमान में किसी भी अन्य व्यक्ति का अवैध कब्जा न होकर भूमि स्वामी ही पुराने समय से काबिज चले आ रहे है। वर्तमान में भी भूमि स्वामी गणपत के विधिक वारिसान के द्वारा सोयाबीन की फसल बोकर भूमि पर काबिज है और बगवाज के भूमि खसरा क्रमांक 566 रकबा 0.354 हेक्टयर भूमि शासकीय दर्ज है। जिस पर लगभग 50 वर्षों पूर्व से भगवान विष्णु व शिव पार्वती व बालाजी महाराज और ग्राम की माताजी का मंदिर स्थित है। उक्त सभी मंदिर ग्राम घुघचिडी के सभी ग्रामवासियों का आस्था का केन्द्र है। वर्तमान में उक्त मंदिर की स्थिति जीर्ण-शीर्ण होने से सभी ग्रामवासियों की सहमति से जीर्णोद्वार किया जा रहा है। उक्त भूमि पर वर्तमान में किसी भी व्यक्ति का कोई अवैध अतिक्रमण नहीं है। (ख) प्रश्नांश 'ख' में अंकित भूमि पर कोई अतिक्रमण न होने से किसी प्रकार की कोई कार्यवाही किया जाना उचित एवं विधिसंगत नहीं है। (ग) ग्राम बगवाज में शासकीय भूमि है। जिस पर 14 कृषकों के द्वारा रकबा 3.149 हेक्टेयर पर अतिक्रमण किया गया था। जिसमे उक्त कृषकों को धारा 248 मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 के तहत प्रकरण दर्ज कर बेदखल किया जाकर उक्त भूमि मुक्त करवाई गई है।
परिवहन विभाग के नियमों की जानकारी
[परिवहन]
52. ( क्र. 683 ) श्री सुरेश राजे : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह सत्य है की मोटर यान अधिनियम के प्रावधान के अनुसार कमर्शियल वाहन के परमिट प्रदान करने की स्वीकृति देने की पात्रता संभागीय उप परिवहन आयुक्त/क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार को होती है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार यदि हाँ, तो भोपाल संभाग में दिनांक 01/07/24 से दिनांक 16/08/24 की अवधि में संभागीय उप परिवहन आयुक्त/क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार के पद पर कौन व्यक्ति पदस्थ थे? उनकी पदस्थापना के आदेश की प्रति देवें, क्या इस अवधि में पद रिक्त था? यदि हाँ, तो भोपाल संभाग में उक्त अवधि में किस अधिकारी के द्वारा कितने कमर्शियल वाहन के परमिट जारी किये गए? उन्हें परमिट जारी करने की पात्रता किस आधार पर थी? उनके आदेश की प्रति देवें। (ग) अगर किसी व्यक्ति ने यह कार्य बिना पात्रता के किया है को अपने पद के दुरूपयोग कर किसी अन्य को अनुचित लाभ पहुँचाना तथा कदाचरण की श्रेणी में आता है तथा नहीं? यदि हाँ, तो इसके कारण उनके विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई? अथवा की जा रही है? यदि नहीं तो क्यों? इसकी पूर्ण जानकारी, विस्तृत विवरण, नियम के प्रावधान के साथ देवें।
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ, भोपाल संभाग में दिनांक 01/07/24 से दिनांक 16/08/24 की अवधि में संभागीय उप परिवहन आयुक्त/क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार का पद रिक्त था। उक्त अवधि में भोपाल संभाग में जारी किये गये कमर्शियल वाहनों के परमिटों की वांछित जानकारी निम्नानुसार है-
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परिवहन कार्यालय का नाम |
परमिट जारीकर्ता अधिकारी |
परमिट संख्या |
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भोपाल |
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, भोपाल |
1920 |
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राजगढ़ |
जिला परिवहन अधिकारी, राजगढ़ |
1022 |
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सीहोर |
जिला परिवहन अधिकारी, सीहोर |
304 |
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विदिशा |
जिला परिवहन अधिकारीविदिशा |
442 |
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रायसेन |
जिला परिवहन अधिकारी रायसेन |
201 |
मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 68 की उपधारा (5) सहपठित मध्यप्रदेश मोटरयान नियम, 1994 के नियम 67 के उपनियम (1) एवं नियम 64 के उपनियम (1) के अंतर्गत पारित संकल्प दिनांक 19.06.2023 द्वारा प्रत्यायोजित शक्तियों के आधार पर उक्त परमिट जारी किए गए। आदेश की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) उत्तरांश (ख) के अनुसार उक्त कार्य संबंधित अधिकारियों द्वारा मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 68 की उपधारा (5) सहपठित मध्यप्रदेश मोटरयान नियम, 1994 के नियम 67 के उपनियम (1) एवं नियम 64 के उपनियम (1) के अंतर्गत पारित संकल्प दिनांक 19.06.2023 द्वारा प्रत्यायोजित शक्तियों के आधार किया गया है, जिसके परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणाओं पर अमल किया जाना
[राजस्व]
53. ( क्र. 685 ) श्री सुरेश राजे : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र डबरा में विधानसभा उपचुनाव 2020 के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री जी द्वारा तहसील डबरा को जिला बनाने तथा शहर में कन्या महाविद्यालय, विशाल खेल स्टेडियम का निर्माण करवाने की मंच से घोषणा की गई थी, उक्त घोषणाओं पर कब तक अमल कर पूर्ण किया जायेगा? समयावधि बताएं? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार जनसंख्या एवं भौगोलिक दृष्टि से तहसील को जिला बनाने संबंधी नियम/आदेश/शर्त की सत्यापित प्रति उपलब्ध करवाएं तथा तहसील बुरहानपुर/कटनी/पांढुर्णा/मऊगंज/मेहर/निवाड़ी एवं नीमच को किस-किस दिनांक को किस आधार पर जिला घोषित किया गया?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) वर्तमान में प्रशासनिक इकाइयों के परिसीमन एवं युक्तियुक्तकरण के लिये मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग गठित होकर कार्यरत है। जनगणना 2027 हेतु क्षेत्राधिकार परिवर्तन की फ्रीजिंग तिथि दिनांक 31.12.2025 से किसी प्रशासनिक इकाई में क्षेत्राधिकार परिवर्तन अनुमत्य न होने से आगामी कार्यवाही वर्तमान में प्रतिबंधित हैं। समयावधि बताया जाना संभव नहीं है। (ख) मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 (क्रमांक 20 सन् 1959) की धारा 13 की उपधारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों के तहत तहसील को जिला बनाने संबंधी नियम की सत्यापित प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। 1. बुरहानपुर तहसील को 11 अगस्त 2003 को जिला घोषित किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। 2. मध्यप्रदेश राजपत्र प्रकाशन दिनांक 22 मई 1998 द्वारा दिनांक 25 मई 1998 से जिला जबलपुर से नवीन कटनी जिले का गठन किया गया। 3. दिनांक 5 अक्टूबर 2023 को पांढुर्णा जिले का गठन किया गया। 4. दिनांक 13 अगस्त 2023 को मऊगंज जिले का गठन किया गया है। 5. मैहर को दिनांक 05/10/2023 को जिला घोषित किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। 6. निवाडी को 30/09/2018 को जिला घोषित किया गया। 7. नीमच को दिनांक 06/07/1959 से प्रथक जिला घोषित किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार।
शिक्षक/सेवानिवृत्त शिक्षक के वेतन की जानकारी
[स्कूल शिक्षा]
54. ( क्र. 697 ) श्री विवेक विक्की पटेल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले में ऐसे कितने शिक्षक/सेवानिवृत्त शिक्षक हैं जिनका वेतन कनिष्ठ शिक्षकों से कम हो जाने पर मध्यप्रदेश शासन वित विभाग,वल्लभ भवन मंत्रालय भोपाल, अधिसूचना भोपाल दिनांक 28 फरवरी, 2009 क्र.एफ-8/2009/नियम/चार के प्रावधान की टिप्पणी क्रमांक 5 तथा 7 का लाभ प्रदान किए जाने हेतु अभ्यावेदन प्रस्तुत किया है? (ख) क्या उनके अभ्यावेदन पर वेतन पुनर्निर्धारण कर संयुक्त संचालक कोष और लेखा से अनुमोदन प्राप्त कर लाभ दिया गया है? यदि हाँ, तो क्या तथा नहीं तो क्यों? (ग) क्या ऐसे शिक्षकों को वेतन पुनर्निर्धारण कर वेतन/पेंशन का लाभ दिया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक बताये?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) नियमानुसार पात्रता नहीं होने के कारण शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश "ख" के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
उप स्वास्थ्य केंद्र/अन्य भवनों का निर्माण
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
55. ( क्र. 699 ) श्री निलेश पुसाराम उईके : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के जिला-पांढुर्णा, छिंदवाड़ा व सिवनी में लोक स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत जिला मुख्यालय व ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य विभाग की भवन निर्माण विंग द्वारा वर्ष 2023 से आज दिनांक के मध्य कोई निर्माण कार्य उप स्वास्थ्य केंद्र भवन व अन्य किये गए हैं व निर्माणाधीन हैं? यदि हाँ, तो उन कार्यों की लागत-स्थानवार, कार्यादेश, कार्यपूर्णता प्रमाणपत्र एवं वह निर्माण कार्य जो विभाग द्वारा निर्धारित अवधि में पूर्ण न हुये हो जिनकी तथ्यात्मक कारण सहित जानकारी देवें। (ख) क्या उक्त निर्माण कार्यों के निर्माण स्थल में मजदूरों को मिलने वाली सुविधा के अभाव व अन्य तकनीकी अनियमितता के सम्बंध मे कोई पत्र स्थानीय जनप्रतिनिधियों व मजदूर संघ द्वारा शासन/विभाग/संभाग कमिश्नर को प्राप्त हुए हैं? यदि हाँ, तो उस पर पत्र के बिंदु अनुसार क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं तो कब तक कि जावेगी?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' ''ब'' एवं ''स'' अनुसार। (ख) मजदूरों को मिलने वाली सुविधा के अभाव व अन्य तकनीकी अनियमितता के संबंध में कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
उप तहसील को तहसील में उन्नयन करना
[राजस्व]
56. ( क्र. 700 ) श्री निलेश पुसाराम उईके : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश की जनजातीय विधानसभा-क्षेत्र पांढुर्णा,जिला-पांढुर्णा की जनजातीय उप तहसील-नादनवाडी व सांवरी जिसके अंतर्गत वृहद क्षेत्र आता है। जिसमें निवासरत जनजातीयजनों को अपने अधिकतर राजस्व सम्बन्धी व अन्य मुकदमों के निपटारे हेतु तहसील मुख्यालय जाने के लिए अधिक दूरी की यात्रा करना पड़ता हैं? क्या उक्त परेशानियों व अन्य समस्याओं का उल्लेख करते हुऐ स्थानीय विधायक द्वारा उप तहसील नादनबाड़ी व सावरी को उन्नयन कर तहसील बनाने हेतु पत्र शासन/विभाग को प्राप्त हुए है? यदि हाँ, तो इन पर क्या कार्यवाही की गई? उक्त उप तहसील को कब तक तहसील में उन्नयन कर दिया जावेगा? (ख) क्या प्रदेश के जिला-पांढुर्णा, छिंदवाड़ा व सिवनी के जनजातीय विकासखण्डों की तहसील में पदस्थ पटवारी एक ही प.हल्का में 04 वर्षों से अधिक अवधि से पदस्थ है? यदि हाँ, तो क्या इन्हें उसी तहसील के अन्य रा.नि.मं.के पटवारी हल्का में पदस्थ किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? क्या इस बाबत स्थानीयजनों व जनप्रतिनिधियों द्वारा शासन/विभाग को पत्र प्राप्त हुए हैं? यदि हाँ, तो उस पर कब तक कार्यवाही की जावेगी?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) उप तहसील नांदनवाड़ी का कार्यालय वर्तमान में नांदनवाड़ी में ही संचालित है। उक्त उप तहसील भवन में ही नियमित रूप से कार्य संपादित किए जाते हैं। उप तहसील नांदनवाड़ी में नायब तहसीलदार पदस्थ हैं तथा पूर्णकालीक रूप से राजस्व न्यायालय संचालित होता हैं। अतः क्षेत्र के नागरिकों को राजस्व प्रकरणों के निराकरण हेतु जिला मुख्यालय पांढुर्णा अथवा अन्य स्थान पर अनावश्यक यात्रा नहीं करनी पड़ती है। सांवरी उप तहसील पांढुर्णा जिले में स्थित नहीं है। जनगणना 2027 हेतु क्षेत्राधिकार परिवर्तन की फ्रीजिंग तिथि दिनांक 31.12.2025 से किसी प्रशासनिक इकाई में क्षेत्राधिकार परिवर्तन अनुमत्य न होने से आगामी कार्यवाही वर्तमान में प्रतिबंधित हैं। (ख) प्रदेश के जिला पांढुर्णा, छिन्दवाड़ा व सिवनी के जनजातीय विकासखण्डों की तहसील में पदस्थ पटवारी एक ही पटवारी हल्का में 04 वर्षों से अधिक अवधि से पदस्थ है की जानकारी निम्नानुसार है-1.जी हाँ। जिला सिवनी अंतर्गत म.प्र.शासन सामान्य प्रशासन विभाग भोपाल द्वारा जारी स्थानांतरण नीति 2026 के प्रावधानों पर नियम एवं विचार उपरांत कार्यवाही की गई है। 2.पांढुर्णा जिले में कोई भी जनजातीय विकासखण्ड अधिसूचित नहीं है। जिले में वर्तमान में दो तहसीले पांढुर्णा एवं सौंसर स्थित हैं। एक ही तहसील के अंतर्गत पटवारियों के हल्कों का परिवर्तन समय-समय पर प्रशासनिक आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए किये जाते है। एक ही तहसील के अंतर्गत पटवारियों के हल्का परिवर्तन की समय सीमा बताया जाना सम्भव नहीं है। 3.जिला छिन्दवाड़ा अंतर्गत म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग भोपाल द्वारा जारी स्थानांतरण नीति 2026 अनुसार कार्यवाही की चुकी है।
स्कूलों के बैग पॉलिसी की जानकारी
[स्कूल शिक्षा]
57. ( क्र. 746 ) श्री अजय अर्जुन सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग द्वारा 'स्कूल बैग पॉलिसी 2020' के तहत पहली से दसवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए बस्ते का वजन (1.6 से 4.5 किलोग्राम) निर्धारित किए जाने के बावजूद प्रदेश के निजी स्कूल संचालक इस नियम की सरेआम अनदेखी कर रहे हैं और दूसरी कक्षा के बच्चों को 7 से 8 किलो का भारी बस्ता उठाना पड़ रहा है? (ख) क्या राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए सभी राज्यों को बैग पॉलिसी का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं, यदि हाँ, तो मध्य प्रदेश में सितंबर 2022, फरवरी 2024 और मार्च 2025 में बार-बार आदेश जारी होने के बाद भी इसका कड़ाई से पालन न हो पाने के क्या कारण है? (ग) क्या विभाग के नियमानुसार जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा हर तीन महीने में स्कूलों का औचक निरीक्षण कर बस्तों का वजन जांचने और सप्ताह में एक दिन 'नो बैग डे' लागू कराने का नियम ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। यदि हाँ, तो निरीक्षण में लापरवाही बरतने वाले दोषी अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की गई है? (घ) क्या निजी स्कूल संचालक एनसीईआरटी की सीमित पाठ्य-पुस्तकों के स्थान पर निजी प्रकाशकों की 10 से 12 अनावश्यक किताबें पढ़ा रहे हैं, जिसने बस्ते का वजन और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, ग्रीष्मावकाश के बाद स्कूलों के खुलने पर इस मनमानी को रोकने और दोषी स्कूलों की मान्यता रद्द करने के लिए विभाग क्या ठोस दण्डात्मक कदम उठाने जा रहा है?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी, नहीं (ख) जी हाँ, निर्देशों के उल्लंघन की कोई शिकायत नहीं है। (ग) जी, नहीं शेषांश का प्रश्न ही उद्भूत नहीं होता। (घ) स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी मध्यप्रदेश राज्यपत्र दिनांक 02.03.2020 में प्रवधान है शिकायत प्राप्त होने पर कार्यवाही की जाती है।
निजी अस्पतालों में महंगे दर पर हो रहा इलाज
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
58. ( क्र. 747 ) श्री अजय अर्जुन सिंह : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में उपयोग होने वाले आवश्यक मेडिकल उपकरणों (जैसे ₹3 की फैक्टरी कीमत वाली सिरिंज ₹30 में और ₹6 का कैनुला ₹120 की अत्यधिक खुदरा कीमत पर) को मरीजों को महंगे दाम पर देकर भारी मुनाफाखोरी की जा रही है? (ख) क्या राज्य सरकार ने निजी अस्पतालों में इन जीवन रक्षक उपकरणों, पेसमेकर और हार्ट वाल्व की कीमतों को तर्कसंगत बनाने के लिए कोई राज्य स्तरीय गाइड-लाइन तय की है? यदि नहीं, तो इसके क्या कारण हैं? (ग) क्या निजी अस्पतालों द्वारा इलाज के फाइनल बिल में मेडिकल कंज्यूमबल्स और उपकरणों के नाम पर की जाने वाली इस अत्यधिक वसूली के कारण आमजनता पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है? यदि हाँ, तो इसे रोकने के लिए क्या कदम उठाये गये हैं? (घ) प्रदेश के नागरिकों को निजी चिकित्सालयों में सस्ता इलाज उपलब्ध कराने तथा मेडिकल उपकरणों की कीमतों में फैक्टरी मूल्य और खुदरा मूल्य के इस भारी अंतर (मुनाफाखोरी) को नियंत्रित करने के लिए विभाग स्तर पर क्या ठोस और प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) औषधि (मूल्य नियंत्रण) आदेश, 2013 के तहत आवश्यक औषधियों के मूल्यों के निर्धारण का अधिकार राज्य सरकार को नहीं अपितु भारत सरकार द्वारा गठित राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण, नई दिल्ली को है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा समय-समय पर शेडयूल औषधियों की सीलिंग प्राइज के निर्धारण का कार्य किया जाता है। जिसमें यह सुनिश्चित किया जाता है कि उपभोक्ता को इस मूल्य से अधिक मूल्य पर औषधियों का विक्रय न हो। सीरिंज अथवा केनुला को मूल्य नियंत्रण की सूची में शामिल नहीं किया गया है। इसलिए उनके मूल्य पर नियंत्रण नहीं है। (ख) जी नहीं। प्रदेश में निजी अस्पतालों का विनियमन म.प्र. उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन) अधिनियम, 1973 तथा नियम 1997 (यथा संशोधित) 2021 के स्थापित प्रावधान अनुरूप किया जाता है। जिसके नियम 17 के अनुसूची-2 (ब) अनुसार उपचर्यागृह में उपलब्ध कराई जाने वाली विभिन्न चिकित्सीय सेवाओं के अनिवार्य प्रदर्शन का प्रावधान है। (ग) मेडिकल कंज्यूमबल्स और उपकरणों के दरों के विनियमन हेतु पृथक से प्रावधान निजी अस्पतालों के विनियामक अधिनियम म.प्र. उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन) अधिनियम, 1973 तथा नियम 1997 (यथासंशोधित) 2021 में उपलब्ध नहीं है। (घ) उत्तर प्रश्नांश (क) के उत्तर में समाहित है।
विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या की जानकारी
[स्कूल शिक्षा]
59. ( क्र. 771 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चौरई विकासखंड के शासकीय प्राथमिक माध्यमिक, हाई एवं हायर सेकेण्डरी विद्यालयों में स्वीकृत एवं कार्यरत शिक्षकों की संख्या क्या है कितने पद रिक्त हैं? (ख) कितने विद्यालय एकल शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं। उन्हें पूर्ण शिक्षक उपलब्ध कराने हेतु क्या कार्यवाही की गई है? (ग) कितने विद्यालयों में विज्ञान, गणित एवं अंग्रेजी विषय के शिक्षकों के पद रिक्त हैं? (घ) कितने विद्यालयों में छात्र-छात्राओं हेतु पृथक शौचालय सुविधा उपलब्ध नहीं है। जिन विद्यालयों में नहीं है उनमें कब तक सुविधा उपलब्ध हो जावेगी?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) चौरई विकासखण्ड अन्तर्गत प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्ड्री शालाओं में शिक्षकों की स्वीकृत संख्या 1094 है। रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था है। अतः रिक्त पदों की संख्या निरंक है। (ख) एकल शिक्षकीय शालाओं में अतिथि शिक्षकों से अध्यापन कार्य कराया जा रहा है। जानकारी निरंक है। (ग) चौरई विकासखण्ड में कुल संचालित विद्यालयों में से विज्ञान, गणित एवं अंग्रेजी विषय के रिक्त पदों के विरूद्ध अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था है। अतः जानकारी निरंक है। (घ) छिंदवाड़ा जिले विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत चौरई विकासखण्ड के 02 प्राथमिक एवं 01 माध्यमिक शाला बालक शौचालय ध्वस्त है। इनमें से 02 प्राथमिक शालाओं में नवीन शौचालय वार्षिक कार्य योजना 26-27 में स्वीकृत हुये है। शेष की स्वीकृति, बजट की उपलब्धता पर निर्भर करेगी। समय सीमा बताया जाना संभव नहीं है। हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्ड्री स्तर पर जानकारी निरंक है।
माचागोरा डैम में पर्यटन विकास की जानकारी
[पर्यटन]
60. ( क्र. 772 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत तीन वर्षों में माचागोरा डैम में आने वाले पर्यटकों की संख्या कितनी रही है? (ख) क्या शासन माचागोरा डैम को प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की कोई कार्य योजना बना रहा है यदि हाँ, तो विवरण दें? (ग) क्या माचागोरा डैम क्षेत्र में पर्यटन निवेश आकर्षित करने के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी (PPP) मॉडल पर विचार किया जा रहा है?
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) माचागोरा डैम पर विगत तीन वर्षों में पर्यटकों की अनुमानित संख्या निम्नानुसार है:- (1) वर्ष 2023-24- 3000 (2) वर्ष 2024-25-12000, (3) वर्ष 2025-26, 5000 (ख) जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं।
डॉक्टर्स के रिक्त पदों की पूर्ति
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
61. ( क्र. 790 ) श्री जगन्नाथ सिंह रघुवंशी : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अशोकनगर जिला अस्पताल में मात्र 100 बिस्तर स्वीकृत हैं, जबकि 300 से अधिक मरीज भर्ती रहते हैं? (ख) क्या अशोकनगर जिला अस्पताल में 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं संभालने के लिए केवल एक मेडिकल ऑफिसर उपलब्ध है, जबकि स्वीकृत पद 23 हैं? (ग) क्या यह सत्य है कि अशोकनगर जिला अस्पताल, ईसागढ़ अस्पताल एवं चंदेरी अस्पताल में कुल स्वास्थ्य स्टाफ मात्र 10 प्रतिशत ही कार्यरत है और अत्यधिक मरीजों की सेवा कर रहा है? हाल ही में जारी ट्रांसफर लिस्ट में इन अस्पतालों से और भी डॉक्टरों के स्थानांतरण के कारण इनकी स्थिति और अधिक खराब हो गई है, क्या सरकार इसकी जानकारी रखती है? अशोकनगर जिले के साथ-साथ ईसागढ़, चंदेरी आदि क्षेत्रों के मरीज इन तीनों अस्पतालों में डॉक्टरों एवं स्टाफ की भारी कमी के कारण भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं? (घ) इन तीनों अस्पतालों (अशोकनगर जिला अस्पताल, ईसागढ़ अस्पताल एवं चंदेरी अस्पताल) में रिक्त पड़े डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों के पदों पर तत्काल नियुक्ति/पोस्टिंग करने का क्या प्रस्तावित समय-सारणी है?
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं, वर्तमान में जिला अस्पताल अशोकनगर में कुल 200 बिस्तर स्वीकृत हो कर उपलब्धता के आधार पर कुल 356 बिस्तर संचालित है। रोगियों की माहवार भर्ती की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ख) जी नहीं, वर्तमान में जिला चिकित्सालय अस्पताल में 24 घंटे एमरजेन्सी सेवाएं प्रदायगी हेतु कुल 02 नियमित चिकित्सा अधिकारी, 03 संविदा चिकित्सा अधिकारी, 01 संलग्नित चिकित्सा अधिकारी एवं 01 बंध पत्रक चिकित्सा अधिकारी उपलब्ध है तथा 24 घंटे ऑनकाल आकस्मिक सेवा प्रदायगी हेतु कुल 17 विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध है। जी नहीं, राज्य स्तरीय मानक वर्ष 2024 के आलोक में जिला चिकित्सालय अशोक नगर में कुल चिकित्सा अधिकारी के 13 पद स्वीकृत है। (ग) राज्य स्तरीय मानक वर्ष 2024 के आलोक में जिला चिकित्सालय अशोकनगर में 102.6 प्रतिशत, सिविल अस्पताल ईसागढ़ में 64.28 प्रतिशत तथा सिविल अस्पताल चंदेरी 55.36 प्रतिशत स्वास्थ्य स्टाफ (नियमित एवं संविदा) कार्यरत है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। जी नहीं, वर्तमान में संपादित स्थानांतरण प्रक्रिया में जिला चिकित्सालय अशोकनगर से कुल 02 चिकित्सकों, अधिकारी का स्थानांतरण किया गया था, जिसमें से 01 चिकित्सा अधिकारी के स्थानांतरण का निरस्तीकरण किया जा चुका है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) रिक्त पदों की पूर्ति एक सतत एवं निरंतर प्रक्रिया है तथा निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
मत्स्य पालन विभाग अंतर्गत कार्यों की जानकारी
[मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास]
62. ( क्र.
798 ) श्री
बृजेन्द्र
सिंह यादव : क्या
राज्य
मंत्री, मछुआ कल्याण
एवं मत्स्य
विकास महोदय
यह बताने की
कृपा करेंगे
कि (क) अशोकनगर
जिला
अन्तर्गत
अप्रैल 2023 से प्रश्न
दिनांक तक
मत्स्य पालन
विभाग द्वारा
कौन-कौन से
कार्य किस मद
एवं योजना से
स्वीकृत किये
गये हैं एवं
कितने कार्य
पूर्ण किये
गये हैं? सभी की
वर्षवार, कार्यवार, हितग्राही
के नाम एवं
पता सहित
जानकारी देवें।
(ख)
किस-किस
कार्य में
कितनी-कितनी
राशि व्यय की
गई है,
कितनी राशि
शेष हैं? कार्यवार
विस्तृत
जानकारी देवें।
(ग)
किस-किस
कार्य का
भौतिक
सत्यापन एवं
भुगतान कब-कब
किया गया था?
राज्य
मंत्री, मछुआ
कल्याण एवं
मत्स्य
विकास ( श्री
नारायण सिंह
पंवार ) : (क) अशोकनगर
जिला अंतर्गत
अप्रैल 2023 से प्रश्न
दिनांक तक
प्रधानमंत्री
मत्स्य सम्पदा
योजना, मुख्यमंत्री
मछुआ समृद्धि
योजना
अंतर्गत
कार्य
स्वीकृत किये
गये हैं।
वर्षवार, कार्यवार
हितग्राही के
नाम एवं पता
संबंधी जानकारी
पुस्तकालय में
रखे परिशिष्ट अनुसार।
(ख) स्वीकृत
समस्त
कार्यों पर
अनुदान राशि
व्यय की गई
है। कोई राशि
शेष नहीं है। जानकारी
पुस्तकालय में
रखे परिशिष्ट अनुसार।
(ग) कार्यों
का भौतिक
सत्यापन एवं
उपयंत्री से मूल्यांकन
उपरांत
भुगतान की
कार्यवाही की
जाती है। जानकारी
पुस्तकालय में
रखे परिशिष्ट अनुसार।
भारत से बाहर मेडिकल की पढ़ाई कर चुके विद्यार्थियों की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
63. ( क्र. 819 ) श्री महेन्द्र हार्डिया : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नेशनल मेडिकल कमीशन द्वारा दिनांक 6 मार्च 2026 को भारत से बाहर मेडिकल की पढ़ाई कर चुके विद्यार्थियों के लिए विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए गए है? (ख) यदि हाँ, तो चीन से 2019 बैच में एमबीबीएस किए विद्यार्थियों को जिन्होंने ऑनलाईन क्लास की प्रतिपूर्ति विशेष कक्षाओं के माध्यम से की हो व भारतीय दूतावास से वेरीफाई करवाया हो एवं एफएमजीई उत्तीर्ण की हो तो इनके रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया क्या होगी? (ग) क्या एनएमसी की गाईडलाईन में 2020 के पूर्व नेपाल, बंगलादेश व चीन से इंटर्नशीप किए गए विद्यार्थियों की इंटर्नशीप को मान्य कर उन्हें भारत में इंटर्नशीप से मुक्त किया गया है? (घ) यदि हाँ, तो ऐसे कितने विद्यार्थियों का मध्यप्रदेश में रजिस्ट्रेशन किया गया है? यदि नहीं तो क्यों? रजिस्ट्रेशन में कौन-कौन से दस्तावेज की आवश्यकता है? रजिस्ट्रेशन की समय-सीमा बताने का कष्ट करें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। नेशनल मेडिकल कमीशन, नई दिल्ली द्वारा जारी गाईडलाईन दिनांक 06/03/2026 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) मध्यप्रदेश मेडिकल कौंसिल द्वारा डायरेक्ट परमानेन्ट रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया हेतु परिषद द्वारा जारी परिपत्र दिनांक 25/06/2024 एवं आदेश दिनांक 05/06/2026 जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 2 एवं 3 अनुसार है। (ग) जी हाँ। मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया द्वारा जारी एडवायजरी दिनांक 30/07/2020 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है। (घ) 61 छात्रों को मध्यप्रदेश मेडिकल कौंसिल द्वारा रजिस्ट्रेशन जारी किया गया है। परिषद द्वारा जारी परिपत्र दिनांक 25/06/2024 एवं आदेश दिनांक 05/06/2026 जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 एवं 3 अनुसार है। आवेदक द्वारा प्रस्तुत अभिलेखों का सत्यापन संबंधित संस्थानों से प्राप्त होने के उपरांत परमानेन्ट पंजीयन जारी किया जाता है। अत: समय सीमा बताया जाना संभव नहीं।
आयुष्मान कार्ड योजना से लाभान्वित मरिजों की जानकारी
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
64. ( क्र. 837 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अनूपपुर में आयुष्मान कार्ड से ईलाज की सुविधा देने वाले कौन-कौन से शासकीय एवं निजी चिकित्सालय चिन्हित किये गये है? सूची उपलब्ध करावे। (ख) जिला अनूपपुर के अंतर्गत पिछले 3 वर्षों में विधानसभा क्षेत्र अनूपपुर के कितने मरीजों को आयुष्मान कार्ड से निःशुल्क ईलाज का लाभ मिला है? (ग) जिला अनूपपुर अंतर्गत कोतमा एवं पुष्पराजगढ़ के मरीजों को जिले में संचालित आयुष्मान कार्ड की सुविधा प्राप्त चिकित्सालयों द्वारा कितने मरीजों को लाभ पहुँचाया गया है? मरीजवार सूची बद्ध जानकारी उपलब्ध करावे। (घ) आयुष्मान कार्ड से जिले के विधानसभा क्षेत्र कोतमा, अनूपपुर एवं पुष्पराजगढ़ के कितने आयुष्मान कार्डधारियों को लाभ मिल सका है तथा उस पर कुल कितनी राशि व्यय हुई है? चिकित्सालयवार पृथक-पृथक जानकारी उपलब्ध करावे।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ'' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब'' अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''स'' अनुसार। लाभार्थी मरीजों का नाम, बीमारी का नाम, पता एवं मोबाईल नंबर की जानकारी व्यक्तिगत होने के कारण दी जाना संभव नहीं है। (घ) जिला अनुपपूर में योजनांतर्गत संबद्ध चिकित्सालयों द्वारा कोतमा एवं पुष्पराजगढ़ अंतर्गत उपचारित मरीजों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''द''अनुसार।
प्रधानमंत्री सिंचाई योजना का क्रियान्वयन
[जल संसाधन]
65. ( क्र.
838 ) श्री
बिसाहूलाल
सिंह : क्या जल
संसाधन
मंत्री महोदय
यह बताने की
कृपा करेंगे
कि (क) जिला
अनूपपुर में
सिंचाई योजना
कहां-कहां
संचालित है, जिला
अनुपपुर में
अब तक
प्रधानमंत्री
सिंचाई योजना
में कितनी
भूमि सिंचित
हो रही है तथा इसके
लिये भारत
सरकार से
कितनी राशि
आवंटित हुई है
विगत 3
वर्षों की
जानकारी
विकासखण्डवार
पृथक-पृथक जानकारी
उपलब्ध
करावे। (ख) प्रधानमंत्री
सिंचाई योजना
के अंतर्गत
जिले के कितने
कृषकों को
सिंचाई योजना
का लाभ
प्राप्त है
तथा कृषक
कितने
हेक्टेयर
भूमि पर
सिंचाई का लाभ
लेकर फसल
उत्पादन कर रहे
है? इस
योजना के लिये
कृषकों के चयन
की प्रक्रिया क्या
है? विकासखण्डवार
जानकारी
उपलब्ध
करावे। (ग) प्रश्नांश
(क) एवं (ख)
अनुसार भारत
सरकार के
द्वारा
प्रधानमंत्री
सिंचाई योजना
के तहत कृषकों
को सिंचाई
योजना का लाभ
पहुंचाने का
क्या
प्रावधान तैयार
किया गया है
तथा कृषकों को
उक्त योजना का
लाभ कैसे
मिलता है? (घ) अनूपपुर
विधानसभा
क्षेत्र सहित
प्रश्न
दिनांक तक
कितने कृषकों
को उक्त योजना
से जोड़कर
लाभांवित
किया गया है
तथा उन्हें
कौन-कौन सी
अनुदान योजना
का लाभ दिया
जा चुका है, स्वीकृत
एवं वितरित
अनुदान का
वर्षवार विवरण
दे? (ड.)
प्रश्नांश
(क), (ख)
एवं (ग) अनुसार
कृषकों को
प्रधानमंत्री
सिंचाई योजना
के तहत प्रदान
की गई अनुदान की
स्वीकृति एवं
वितरित राशि व
सामग्री का विभाग
द्वारा
वर्षवार
जानकारी
उपलब्ध
करावें?
जल संसाधन
मंत्री ( श्री
तुलसीराम
सिलावट ) : (क)
विवरण संलग्न परिशिष्ट के
"प्रपत्र-अ"
अनुसार है। राशि
रू. 4428.32
लाख आवंटित
हुई है, विवरण
संलग्न परिशिष्ट के
"प्रपत्र-ब"
अनुसार है। (ख)
जानकारी
संलग्न परिशिष्ट के
"प्रपत्र-अ"
अनुसार है। (ग) जी
नहीं।
योजनाओं से
कृषकों को
सिंचाई सुविधा
उपलब्ध कराकर
कृषकों को
योजना का लाभ
प्रदान किया
जाना
प्रतिवेदित
है। (घ)
विवरण संलग्न परिशिष्ट के "प्रपत्र-अ"
अनुसार है। कृषकों
को किसी भी
प्रकार की
अनुदान योजना
का लाभ दिये
जाने का
प्रावधान
विभाग में
नहीं होना
प्रतिवेदित
है। (ड.) प्रधानमंत्री
सिंचाई योजना
के तहत किसी
भी प्रकार की
अनुदान राशि व
सामग्री
वितरण किये जाने
का प्रावधान
नहीं होना
प्रतिवेदित
है। अत: शेष प्रश्नांश
लागू नहीं
होता है।
सीमांकन विवादों का निराकरण
[राजस्व]
66. ( क्र. 843 ) श्री भंवर सिंह शेखावत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में भूमि सीमांकन के अधिकांश कार्य आज भी पारंपरिक जरीब पद्धति से किए जा रहे हैं, जिसके कारण सीमांकन विवाद एवं न्यायालयीन प्रकरण बढ़ रहे हैं? यदि हाँ, तो विवरण दें। (ख) प्रश्नांश (क) के सन्दर्भ में, कृषक हितों की सुरक्षा, सीमांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा विवादों के स्थायी निराकरण के उद्देश्य से क्या शासन प्रदेश की प्रत्येक तहसील एवं नायब तहसील स्तर पर आधुनिक जी.एन.एस.एस. (GNSS) रोवर उपलब्ध कराने की कोई योजना संचालित कर रहा है? यदि हाँ, तो उसका विस्तृत विवरण, समय-सीमा एवं वित्तीय प्रावधान बताएं। यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें। (ग) प्रश्नांश (ख) के सन्दर्भ में, वर्तमान में प्रदेश में कितनी तहसील एवं नायब तहसील न्यायालय कार्यरत हैं? इनमें से कितनी तहसीलों एवं नायब तहसीलों में रोवर उपलब्ध है तथा कितनी इकाइयाँ अभी भी इससे वंचित हैं? जिलेवार जानकारी प्रदान करें। (घ) प्रश्नांश (ग) के सन्दर्भ में, रोवर उपलब्ध नहीं होने वाले क्षेत्रों में इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु शासन द्वारा क्या कार्यवाही की गई है तथा कब तक सभी तहसीलों में यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जी नहीं। प्रदेश में भूमि सीमांकन का कार्य अब केवल पारंपरिक जरीब पद्धति पर निर्भर नहीं है। वर्तमान में शासन द्वारा सीमांकन कार्य में सटीकता और गति लाने के लिए ई.टी.एस. (Electronic Total Station) मशीनों तथा आधुनिक जी.एन.एस.एस. (GNSS) रोवर तकनीक का भी उपयोग मैदानी स्तर पर किया जा रहा है। अतः यह कहना पूर्णतः सही नहीं है कि केवल जरीब पद्धति के कारण सीमांकन विवाद या न्यायालयीन प्रकरण बढ़ रहे हैं। (ख) जी हाँ। कृषकों के हितों की सुरक्षा, सीमांकन कार्य में पारदर्शिता और विवादों को न्यूनतम करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा प्रदेश में CORS (Continuously Operating Reference Stations) नेटवर्क स्थापित किया गया है। इसके अंतर्गत प्रदेश की तहसीलों में आधुनिक जी.एन.एस.एस. (GNSS) रोवर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह कार्य डी.आई.एल.आर.एम.पी. (DILRMP - Digital India Land Records Modernization Programme) एवं विभागीय बजट प्रावधानों के अंतर्गत किया जा रहा है। उपकरणों का क्रय एवं वितरण एक सतत् प्रक्रिया है। (ग) प्रदेश में वर्तमान में कुल 486 तहसील एवं 743 नायब तहसील न्यायालय कार्यरत हैं। प्रदेश के जिलों में सीमांकन कार्य हेतु वर्ष 2022 में 60 रोवर प्रदाय किये गए हैं जिसका क्रियान्वयन जिलों में रोस्टर बना कर किया जाता है तथा नगरीय कार्य के लिए वर्ष 2026 में 43 रोवर प्रदाय किये गए है। जिलेवार विस्तृत जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में, रोस्टर अनुसार तहसीलों में रोवर उपलब्ध कराए जाते है, इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु विभाग द्वारा मांग के अनुसार जेम (GeM) पोर्टल/निविदा के माध्यम से क्रय की कार्यवाही की जाती है। चूँकि उपकरणों का क्रय एवं वितरण तकनीकी आवश्यकताओं और बजट की उपलब्धता पर निर्भर एक सतत् प्रक्रिया है, किन्तु शासन प्रदेश की सभी राजस्व इकाइयों को इस तकनीक से शीघ्र लैस करने हेतु संकल्पित है।
मठ-मंदिरों के पुजारियों का मानदेय भुगतान एवं नियुक्ति की जानकारी
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
67. ( क्र. 846 ) श्री भंवर सिंह शेखावत : क्या राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिला अंतर्गत धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के अधीन संचालित मठों एवं मंदिरों की कुल संख्या कितनी है? इनमें से कितने मठ-मंदिरों में नियमित पुजारी नियुक्त हैं तथा कितने मंदिर बिना पुजारी के संचालित हो रहे हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में, क्या समस्त नियुक्त पुजारियों को शासन द्वारा निर्धारित मानदेय/पारिश्रमिक नियमित रूप से प्रदान किया जा रहा है? यदि हाँ, तो वर्तमान मानदेय दर एवं विगत तीन वर्षों में किए गए भुगतान का विवरण उपलब्ध कराएं। (ग) प्रश्नांश (ख) के सन्दर्भ में, क्या यह सत्य है कि धार जिले के अनेक पुजारियों का मानदेय लंबित है? यदि हाँ, तो प्रश्न दिनांक तक लंबित राशि कितनी है, कितने पुजारी प्रभावित हैं तथा भुगतान लंबित रहने के कारण क्या हैं? (घ) प्रश्नांश (ग) के सन्दर्भ में, पुजारियों की आजीविका एवं आर्थिक सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए लंबित मानदेय का भुगतान कब तक किया जाएगा? साथ ही क्या शासन पुजारियों के मानदेय में वृद्धि, नियमित भुगतान व्यवस्था एवं सामाजिक सुरक्षा संबंधी कोई नई योजना लागू करने पर विचार कर रहा है? यदि हाँ, तो जानकारी प्रदान करें।
राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) धार जिले में शासन संधारित मंदिरों की कुल संख्या 1199 है। जिनमें से कुल 563 मंदिरों में नियमित पुजारी नियुक्त है तथा शेष 636 मंदिरों में शासन द्वारा पुजारी नियुक्त नहीं है। (ख) एवं (ग) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।
भूमि का नामांतरण समय सीमा में करना
[राजस्व]
68. ( क्र. 851 ) श्री सोहनलाल बाल्मीक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) संपदा 2.0 पोर्टल के माध्यम से भूमि (खसरा सम्पूर्ण रकबा) की रजिस्ट्री (विक्रय पत्र) होते ही RCMS Portal में नामांतरण हेतु स्वतः ही प्रकरण दर्ज हो जाता है और दर्ज नामांतरण आवेदन पत्र व अन्य प्रपत्र पावती क्रेता के वाट्सअप व ई-मेल पर विभाग द्वारा भेज दी जाती है मध्यप्रदेश रेवेन्यू केस मेनेजमेंट सिस्टम (RCMS) साईबर तहसील के माध्यम से नामांतरण होना होता है परन्तु बहुत सारे भूमि के नामांतरण प्रकरण सायबर तहसील RCMS Portal डेशबोर्ड में लम्बित होते हैं परन्तु भौतिक रूप से संबंधित तहसीलदार के न्यायालय (ID) में प्राप्त नहीं होते और पटवारी की आईडी में भी प्रदर्शित नहीं होते जिसके कारण नियमों का हवाला देकर प्रकरण अस्वीकार कर दिया जाता है और भूमि का नामांतरण सायबर तहसील के माध्यम से नहीं हो पाता जबकि इसमें आवेदक की कोई गलती नहीं होती Portal/विभाग की समस्या के कारण आवेदक को परेशानियों का सामना करना पड़ता है उपरोक्त संबंध में कब तक विभाग द्वारा कार्यवाही करते हुये समस्या का समाधान कर दिया जायेगा? (ख) सायबर तहसील के माध्यम से भूमि नामांतरण के प्रकरणों का निराकरण 15 से 30 दिवसों के भीतर किया जाना होता है परन्तु बहुत सारे प्रकरण कई दिनों तक लम्बित रहते हैं क्यों नामांतरण के प्रकरणों का समय सीमा में निराकरण नहीं किया जा रहा है?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) संपदा 2.0 पोर्टल के माध्यम से RCMS पोर्टल पर भूमि (खसरा सम्पूर्ण रकबा) के नामांतरण की प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन है इसमें भौतिक रूप से प्रकरण संबंधित साइबर तहसीलदार को नहीं भेजा जाता है ना ही पटवारी को पटवारी प्रतिवेदन हेतु मेमो भौतिक रूप से भेजा जाता है। साइबर तहसील के माध्यम से नामांतरण आवेदन दर्ज होने से लेकर आदेश और अमल तक पूर्णतः ऑनलाइन है। नियमों का हवाला देकर प्रकरण अस्वीकार करने की सुविधा साइबर तहसीलदार को उनके लॉगिन पर उपलब्ध ही नहीं है। प्रकरण में यदि पटवारी का नकारात्मक प्रतिवेदन या किसी व्यक्ति द्वारा दावा आपत्ति दर्ज की जाती है तो प्रकरण स्वतः ही क्षेत्रीय तहसीलदार को स्थानांतरित हो जाता है और प्रकरण क्षेत्रीय तहसील कार्यालय से नियमानुसार निष्पादित किया जाता है। अतः पोर्टल/विभाग की कोई समस्या नहीं है जिसके कारण आवेदक को कोई परेशानी का सामना करना पड़ता हो। (ख) राजस्व पुस्तक परिपत्र एवं प्रचलित प्रावधानों के अनुसार साइबर तहसील के माध्यम से नामांतरण प्रकरणों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा में किया जाता है। इस प्रक्रिया के माध्यम से आज दिनांक तक 15-22 दिवसों के भीतर ही नामांतरण कर दिया जाता है। समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए जाते हैं तथा नियमित समीक्षा भी की जाती है।
राजस्व ग्रामों की भूमियों के नक्शा विहीन ग्रामों की जानकारी
[राजस्व]
69. ( क्र. 859 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मैहर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामों की भूमियों के नक्शे राबूद हो जाने के कारण किसानों को उनकी भूमियों के सीमांकन, बंटवारे आदि कार्य प्रभावित रहने की दशा में नक्शा विहीन ग्रामों के नवीन नक्शा बनवाये जाने की प्रक्रिया शासन स्तर में क्या प्रचलन में है? यदि हाँ, तो कब तक पूर्ण करा ली जावेगी, समयावधि निर्धारित कर जानकारी दी जावे। नहीं तो क्यों? (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में मैहर तहसील के कितने ग्रामों के नक्शे नवीन रूप में बनवाये जाने की प्रक्रिया प्रचलन में है और कितने ग्रामों की प्रक्रिया प्रारंभ किया जाना शेष है, ग्रामों के नामवार पटवारी हल्कावार जानकारी दी जावे।
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) नक्शा विहीन ग्रामों के नवीन नक्शे बनाए जाने की प्रक्रिया सर्वे नियम 2020 में लिखित है पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार वृहद स्वरूप की होने से नियमानुसार प्रक्रिया की जाएगी। (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में तहसील मैहर अंतर्गत ग्राम आमातारा, जरियारी, जुड़वानी, बुढ़ेरूआ, हिनौताकला, भैंसासुर, पचौंहा, बम्हनी, मउ, मांद, लेदरी, सलैयाकाप, ढबरई, बैहार, मनौरा, मोहरवा, करौंदी उपाध्याय/दुवे, सगमनिया कुल 18 ग्रामों के नक्शा नवीनीकरण का कार्य प्रकियाधीन था। जिसमें से ग्राम बम्हनी, मांद, पचौंहा, सगमनिया, मोहरवा, जुड़वानी, आमातारा, हिनौताकला, लेदरी, भैंसासुर, मनौरा, ढबरई कुल 12 ग्राम के नक्शों का डिजिटाइजेशन MPSEDC द्वारा किया जा चुका है। ग्राम मऊ, सलैयाकाप का मिलान पटवारी व राजस्व निरीक्षक द्वारा करा लिया गया है। शेष ग्राम बैहार, जरियारी, करौंदी उपाध्याय/दुबे एवं बुढ़ेरूआ कुल 04 ग्राम टेसर द्वारा ट्रेस कराकर हल्का पटवारी व राजस्व निरीक्षक से मिलान कराया जा रहा है। मैहर तहसील के किसी भी नक्शा विहीन ग्राम की नवीन नक्शे बनाए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ किया जाना शेष नहीं है।
स्थानांतरण आदेश का पालन
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
70. ( क्र. 890 ) श्री बाला बच्चन : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अतारांकित प्रश्न क्र. 853 दि. 04.12.2025 के उत्तरांश (क) उत्तर में बताया गया है कि याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन के निराकरण तक माननीय न्यायालय द्वारा स्थगन प्रदान किया गया है, लेकिन स्थगन आदेश में सक्षम अधिकारी द्वारा निराकरण का उल्लेख है, तो विभाग के सक्षम अधिकारी द्वारा इसका निराकरण क्यों नहीं किया गया? इस अधिकारी का नाम, पदनाम देवें। (ख) न्यायालयीन आदेश को कारण बताकर प्रकरण को लंबित क्यों रखा गया जबकि आदेश में सक्षम अधिकारी (विभाग) को प्रकरण सौंप दिया गया था इसको स्पष्ट करें। इस प्रकरण को विभागीय अधिकारियों द्वारा भ्रष्टाचार के चलते लंबित रखने पर उन पर कब तक कार्यवाही होगी? (ग) जिला देवास से प्रकरण भोपाल प्रेषित हुए कितना समय हो गया जानकारी दें। इतने समय पश्चात भी इस पर निर्णय न लेकर लंबित रखने वाले भोपाल स्तरीय अधिकारियों के नाम, पदनाम देकर बताने कि इस पर उनके खिलाफ कब तक कार्यवाही की जाएगी? इस पर निर्णय की समयावधि देवें।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) अतारांकित प्रश्न क्रमांक 853 दिनांक 04.12.2025 के उत्तरांश (क) उत्तर में बताया गया है कि याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन के निराकरण तक माननीय न्यायालय द्वारा स्थगन प्रदान किया गया था। श्रीमती सपना राठौर का अभ्यावेदन संचालनालय के आदेश क्रमांक 275 दिनांक 11.07.2026 द्वारा अमान्य किया गया है। आदेश की प्रति जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार। विलंब के लिए उत्तरदायित्व निर्धारण करने के निर्देश दिए गए है। (ग) यह प्रकरण जिला देवास से एक वर्ष पूर्व प्राप्त हो गया था। शेष उत्तरांश (ख) अनुसार।
निजी भूमि पर से अवैध कब्जा
[राजस्व]
71. ( क्र. 891 ) श्री बाला बच्चन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजपुर तहसील कार्यालय जिला बड़वानी में प्रार्थी नुरला पिता टुकड़या निवासी घुसगांव तहसील राजपुर जिला बड़वानी के मामला क्रमांक 0002/अ-70/सन 2026-27 प्रकरण में प्रश्न दिनांक तक की गई कार्यवाही का विवरण देंवे। (ख) इस प्रकरण से संबंधित कितने पत्र किन-किन कार्यालयों से राजपुर/बड़वानी स्थित कार्यालयों को प्राप्त हुए? उन पर की गई कार्यवाही की जानकारी उत्तर दिनांक के संदर्भ में पत्रवार देवें। (ग) प्रार्थी की निजी भूमि पर से कब तक कब्जा हटा दिया जाएगा? समय-सीमा देवें। यदि नहीं तो अवैध कब्जा करने वालों को संरक्षण देने का कारण बतावें। इन संरक्षणकर्ताओं अधिकारियों के नाम, पदनाम देकर बतावें कि इसके लिए विभाग उन पर कब तक कार्यवाही करेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिला बड़वानी तहसील राजपुर में उक्त प्रकरण पंजीबद्ध किया जाकर प्रतिप्रार्थीगण को सूचना पत्र जारी किये जाकर जवाब तलब किया जाकर प्रकरण तर्क हेतु नियत है। (ख) निरंक। (ग) विषयांतर्गत प्रकरण प्रचलित होने से शेष जानकारी निरंक है।
नामांतरण, बटवारा, सीमांकन के लंबित प्रकरण
[राजस्व]
72. ( क्र. 907 ) श्री विष्णु खत्री : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तहसील बैरसिया में नामांतरण, बटवारा, सीमांकन, नक्शा बटांकन, रास्ता विवाद एवं कब्जे से संबंधित कितने प्रकरण लंबित हैं? जानकारी उपलब्ध कराये। इन प्रकरणों के लंबित होने का क्या कारण हैं? (ख) इन लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण हेतु विभाग की क्या कार्य योजना हैं?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) तहसील बैरसिया में लंबित राजस्व प्रकरणों की जानकारी निम्नानुसार हैं:- (1.) नामांतरण - 1415 (2.) बटवारा - 296 (3.) सीमांकन - 1051 (4.) नक्शा बटांकन - 470 (5.) रास्ता विवाद - 53 6. धारा 250 (कब्जे) 298 उक्त सभी प्रकरण निराकरण की नियत समय सीमा अवधि में है जो पक्षकारों के उत्तर साक्ष्य सहमति सीमांकन प्रतिवेदन के कारण लंबित है। (ख) उक्त सभी प्रकरण समय-सीमा में होने से प्रश्न उद्भूत नहीं होता।
फर्जी जाति प्रमाण-पत्र बनाने वालों के विरूद्ध कार्यवाही
[जल संसाधन]
73. ( क्र. 910 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अनूपपुर में विगत तीन वर्षों में किस-किस जाति के फर्जी जाति प्रमाण-पत्र से नौकरी करने वाले कितने लोगों को चिन्हित किया गया है, किनके विरूद्ध क्या कार्यवाही प्रचलित है, किन के विरुद्ध किन कारणों से कार्यवाही प्रचलित नहीं है? सूची सहित बतावें। (ख) राज्य शासन की जानकारी में किस-किस जाति के फर्जी जाति प्रमाण-पत्र धारकों की कितनी संख्या है? किस प्रक्रिया में किस दिनांक को इनके जाति प्रमाण-पत्र फर्जी पाये गये हैं? फर्जी जाति प्रमाण-पत्र जारी करने वाले अधिकारियों एवं बनवाने वालों के विरूद्ध किन-किन नियमों में कार्यवाही करने का प्रावधान है? क्या आवश्यक दस्तावेज की जांच किये बिना जाति प्रमाण-पत्र जारी किया जा सकता है? जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) परि. अता. प्रश्न संख्या 164 (प्र.क्र. 2907) दिनांक 24.03.2025 के प्रश्नांश (क) एवं (ख) के उत्तर में शासन द्वारा यह स्वीकार किया गया है कि जल संसाधन संभाग अनूपपुर में कार्यरत श्री जीवनलाल नंदा ने कूटरचना कर अनु. जनजाति (मांझी) के जाति प्रमाण- पत्र के आधार पर दिनांक 3.4.1995 को जल संसाधन विभाग में उपयंत्री (नागरिक) के पद पर फर्जी नियुक्ति प्राप्त की थी? क्या प्रश्नकर्ता द्वारा इस संबंध में कार्यवाही हेतु मंत्री जल संसाधन विभाग एवं आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग को पत्र लिखा था? तत्संबंध में की गई कार्यवाही से अवगत करावें।
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जल संसाधन विभाग के अंतर्गत जिला अनूपपुर में विगत तीन वर्षों में अनुसूचित जनजाति के फर्जी प्रमाण-पत्र से नौकरी करने वाले एक व्यक्ति को चिन्हित किया गया है, आयुक्त जनजाति कार्य (राज्य स्तरीय अनुसूचित जनजाति छानबीन समिति भोपाल म.प्र. को कार्यालयीन पत्र दिनांक 04-07-2025 द्वारा कार्यवाही करने हेतु पत्र प्रेषित किया गया एवं दिनांक 21-07-2025, 08-09-2025, 04-11-2025 एवं 19-06-2026 से प्रकरण की अद्यतन स्थिति से अवगत कराने हेतु पत्र प्रेषित किया गया। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) आयुक्त, जनजाति कार्य (राज्य स्तरीय अनुसूचित जाति एवं जनजाति छानबीन समिति भोपाल म.प्र. में जल संसाधन विभाग के अंतर्गत फर्जी जाति प्रमाण-पत्र के कुल 17 प्रकरण है, जिनका विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। शेष प्रश्न जल संसाधन विभाग से संबंधित नहीं है। (ग) जी हाँ। माननीय मंत्री जल संसाधन विभाग का पत्र अप्राप्त है। आयुक्त, जनजाति कार्य विभाग से प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है।
लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट प्रारंभ किया जाना
[जल संसाधन]
74. ( क्र. 911 ) श्री फुन्देलाल सिंह मार्को : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर जिले में कितने लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट विगत 5 वर्ष में स्वीकृत होकर कार्य शुरू हुये है? उनके नाम पूर्ण तथा प्रगतिरत रिमार्क सहित, लागत मूल्य तथा अभी तक व्यय एवं तहसीलवार प्रोजेक्ट से लाभ प्राप्त करने वाले ग्रामों की सूची उपलब्ध करावें। (ख) अनूपपुर जिले में स्वीकृत लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट के लिये प्राप्त पर्यावरणीय स्वीकृति की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ग) अनूपपुर जिले में 'बघियार माइक्रो उदवहन (उद्वहन) सिंचाई योजना' एवं अपर नर्मदा परियोजना की स्वीकृति कब तक कर दी जावेगी?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) अनूपपुर जिले में वर्तमान में कोई भी स्वीकृत/निर्माणाधीन लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट स्वीकृत नहीं है। अतः प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) अनूपपुर जिले में बधियार माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना का प्रस्ताव, जल संसाधन विभाग अथवा नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण अंतर्गत विचाराधीन होना नहीं पाया गया है। अपर नर्मदा परियोजना की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति राशि रू.1482.96 करोड़ की दिनांक 05/08/2021 को प्रदाय की जा चुकी है।
चेक पोस्ट पर पारदर्शी व्यवस्था लागू किया जाना
[परिवहन]
75. ( क्र. 915 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चेक पोस्ट जिन्हें 1/7/24 से बंद किया, उनमें 30/6/22 से 30/6/24 तक रोककर चेकिंग किये वाहन, मोटरयान, कार तथा शमन शुल्क वसूले वाहन की संख्या, वसूला गया कुल मोटरयान कर और शमन शुल्क की माह अनुसार वर्ष अनुसार प्रत्येक चेक पोस्ट अनुसार जानकारी देंवे। (ख) 45 रोड सेफ्टी एंड एनफोर्समेंट चेकिंग पॉइंट पर 12/7/24 से 12/6/26 तक चेकिंग किये वाहन, मोटरयान कर तथा शमन शुल्क वसूली वाहन की संख्या, मोटरयान कर कुल राशि तथा शमन शुल्क की कुल राशि की माह अनुसार, वर्ष अनुसार, चेकिंग पॉइंट अनुसार, जानकारी देवें। (ग) क्या चेक पोस्ट पर हो रही अव्यवस्था को समाप्त कर, पारदर्शी व्यवस्था लागू करने के लिए बंद कर चेक पॉइंट बनाए गए? यदि हाँ, तो क्या अव्यवस्था कब से हो रही थी तथा पारदर्शी व्यवस्था बनाने के लिए क्या किया गया? (घ) क्या चेक पोस्ट के संसाधन, व्यवस्था, वही है तथा सिर्फ नाम बदलकर चेक पॉइंट कर दिया गया है? अव्यवस्था कैसे दूर हुई और पारदर्शी व्यवस्था कैसे लागू हुई? विस्तार से जानकारी दें। (ड.) समस्त बंद चेक पोस्ट पर 30/6/24 को कार्यरत समस्त कर्मचारी तथा संसाधन, भवन, भूमि, अन्य साधन एवं व्यवस्था की सूची तथा 12/7/24 को समस्त चेक पॉइंट पर कर्मचारी, भवन, भूमि व अन्य साधन एवं व्यवस्था की सूची देवें।
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) मध्यप्रदेश शासन द्वारा दिनांक 01.07.2024 से चैकपोस्टों का संचालन बंद किया गया है। तत्समय संचालित 45 चैक पोस्टों द्वारा दिनांक 30.06.2022 से 30.06.2024 तक चैकिंग किये गये वाहनों की संख्या, चालान संख्या, वसूला गया मोटरयान कर एवं शमन शुल्क की माहवार जानकारी के पत्रक चैकपोस्ट अनुसार, पृथक-पृथक पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''अ'' अनुसार है। (ख) प्रश्नाधीन जानकारी के पत्रक चैकपांइट अनुसार, पृथक-पृथक पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''ब'' अनुसार है। (ग) जी हाँ। परिवहन चैकपोस्ट बंद कर नवीन रोड सेफ्टी एंड एनफोर्समेंट चेकिंग पॉइंट शासन के आदेशानुसार संचालित किये जा रहे है। चैकिंग कार्यवाही को पारदर्शी बनाए जाने हेतु विभाग द्वारा चैकिंग अमले को वॉडीवार्न कैमरे, आनॅलाइन चालान हेतु पीओएस मशीन, स्पीड रडारगन इत्यादि अन्य रोड सेफ्टी उपकरण प्रदाय किये जाकर कमाण्ड एवं कंट्रोल सेंटर भी स्थापित किये गये है। (घ) पूर्व में चैकपोस्ट राज्य की सीमाओं पर स्थायी रूप से स्थापित थे जहां समस्त वाहनों को चैकिंग हेतु रोका जाकर चैंकिग तथा चालानी कार्यवाही की जाती थी, जबकि वर्तमान चैकपांइट की अवधारणा में अन्य राज्य को जाने वाले राजमार्ग पर प्रवर्तन अमले द्वारा अलग-अलग स्थानों पर वाहनों को रैण्डमली रोका जाकर चैकिंग/चालानी कार्यवाही की जाती है इससे राजमार्ग का शेष ट्रैफिक संचालन बाधित नहीं होता है। चैकिंग कार्यवाही को पारदर्शी बनाए जाने हेतु विभाग द्वारा चैकिंग अमले को वॉडीवार्न कैमरे, आनॅलाइन चालान हेतु पीओएस मशीन, स्पीड रडारगन इत्यादि एवं अन्य रोड सेफ्टी उपकरण प्रदाय किये गये हैं जिनकी कमाण्ड एवं कंट्रोल सेंटर के माध्यम से निरंतर मॉनिटरिंग की जाती है। (ड.) जानकारी संकलित की जा रही है।
बरगी डैम में संचालित क्रूज़ की जानकारी
[पर्यटन]
76. ( क्र. 916 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी डैम में संचालित क्रूज़ किस वर्ष में खरीदे गए थे? खरीदी के क्या नियम शर्त थी व क्रूज़ में क्या-क्या तकनीकी स्पेसिफिकेशन, मांगा गया था? दस्तावेज उपलब्ध करावें। (ख) क्रूज़ में सफर करने वाले पर्यटकों के लिए क्या-क्या सुरक्षा मानक तय किए गए थे? बरगी डैम संचालित सभी क्रूज़ में सफर करने वाले पर्यटकों के लिए सुरक्षा उपकरण कब-कब खरीदे गए तथा कितनी कीमत के खरीदे गए से संबंधित टेंडर, कोटेशन एवं बिलों की छायाप्रति उपलब्ध करावें? (ग) बरगी में क्रूज़ संचालन से संबंधित क्या-क्या दस्तावेज संधारित किये गए? किस उदेश्य से संधारित किए गए? 2015 से क्रूज़ के संचालन रिपेयरिंग, मेंटेनेंस, स्टॉफ और अन्य पर क्या-क्या व्यय किये गए? वर्षवार व मदवार कितना खर्च हुआ, से संबंधित संपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध करावें? (घ) क्रूज़ में कौन से ईंधन का उपयोग किया गया? क्रूज़ पर एक राउंड पर्यटक को घुमाने पर कितना ईंधन खर्च होता है व क्रूज़ का कितना एवरेज है? वर्ष 2025 से जून 2026 तक की लोग बुक उपलब्ध करावें। (ड.) क्रूज़ में मौसम से संबंधित जानकारी देने व खराब मौसम की चेतावनी देने के लिए कौन-कौन से उपकरण लगे हुए थे? क्रूज़ की रिपेयरिंग और मेंटेनेंस कराने का कार्य किन-किन अधिकारियों द्वारा किया जाता रहा है? जानकारी देवें।
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) बरगी में संचालित क्रूज वर्ष 2006 एवं 2007 में क्रय किये गये थे। खरीदी के संबंध में नियम शर्तें, तकनीकी स्पेशीफिकेशन दस्तावेज संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–'अ' अनुसार। (ख) मौसम (ग्रीष्म/मानसून) ऋतु अनुसार जारी सुरक्षा मानक पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'ब' अनुसार। सुरक्षा उपकरण लाईफ जॉकेट एवं रेसक्यू बोट क्रय संबंधी विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'स' अनुसार। (ग) बरगी में क्रूज संचालन से संबंधित सवारियों की संख्या, क्रूज के फेरों की संख्या, मरम्मत, माइलेज एवं व्यय की जानकारी हेतु लॉगबुक संधारित की जाती है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'द' अनुसार। (घ) क्रूज में ईंधन के रूप में डीजल का उपयोग किया जाता है। औसतन एक राउंड में 7 से 8 लीटर डीजल का उपयोग होता है। वर्ष 2025 से अप्रैल 2026 तक की लॉगबुक की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'द' अनुसार। दुर्घटना उपरान्त 01 मई, 2026 से आज दिनांक तक बरगी डैम में क्रूज का संचालन बंद है। (ड.) क्रूज पर मौसम संबंधी जानकारी हेतु Public Address System उपलब्ध थे। इसके अतिरिक्त मौसम की संबंधित जानकारी गूगल सर्च इंजन (इन्टरनेट), न्यूज पेपर, रेडियो, FM, जल संसाधन विभाग द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान weather forecast app इत्यादि के माध्यम से होती है। क्रूज की रिपेरिंग एवं मेटेनेंस का कार्य पायलेट की देख रेख में होता है जिसका अनुमोदन क्षेत्रीय कार्यालय/मुख्यालय द्वारा दिया जाता है।
प्रदेश के शासकीय विद्यालयों के transition rate एवं सामाजिक अंकेक्षण
[स्कूल शिक्षा]
77. ( क्र. 918 ) श्री नितेन्द्र बृजेन्द्र सिंह राठौर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में वर्तमान शासकीय विद्यालयों में प्राथमिक से माध्यमिक तथा माध्यमिक से उच्च माध्यमिक स्तर पर transition rate क्या है? प्राथमिक से माध्यमिक स्तर पर कम संक्रमण दर वाले जिलों की सूची उपलब्ध करावें। (ख) क्या यह transition rate हमारे लक्ष्य के अनुरूप है या नहीं तथा राष्ट्र स्तर पर transition rate में हम कौन से स्थान पर है? (ग) क्या सरकार प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का स्वतंत्र सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit) कराने पर विचार कर रही है? यदि नहीं, तो क्यों? drop out बच्चों के लिए शासन की कौन-कौन सी योजना वर्तमान में काम कर रही है? (घ) PARAKH 2024 मूल्यांकन में मध्यप्रदेश के भाषा गणित, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान विषयों में प्राप्त औसत अंक क्या हैं? राज्य की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार हेतु क्या कार्ययोजना बनाई गई है?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''1'' अनुसार है। (ख) नहीं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''2'' अनुसार है। (ग) जी हाँ। समग्र आई.डी. के माध्यम से ड्रॉपआउट बच्चों को चिन्हित कर चाइल्ड ट्रेकिंग के माध्यम से शाला में नामांकन हेतु कार्यवाही की जा रही है इसके अतिरिक्त ओपन स्कूल एवं आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराते हुये शाला से बाहर बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा में लाने हेतु कार्यवाही की जा रही है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''3'' अनुसार है। राज्य की शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार हेतु राज्य द्वारा परख में प्राप्त परिणामों के आधार पर शिक्षकों का प्रशिक्षण निरंतर मॉनिटरिंग शैक्षिक संवाद खेल आधारित टी.एल.एम. जिज्ञासु किट आदि प्रदान कर इसे प्रशिक्षण में सम्मिलित किया गया है।
नामांतरण के प्रकरणों की जानकारी
[राजस्व]
78. ( क्र. 921 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला जबलपुर अंतर्गत राजस्व विभाग के विभिन्न तहसीलों में ऐसे कितने नामांतरण प्रकरण लंबित हैं, जिनमें आवेदकों द्वारा भूमि क्रय कर नामांतरण आदेश प्राप्त कर लिया गया है, किन्तु उसकी प्रविष्टि भू-अभिलेख/कम्प्यूटर रिकार्ड में अद्यतन नहीं की गई है? तहसीलवार एवं ग्रामवार ऐसे लंबित प्रकरणों की संख्या कितनी है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार ऐसे प्रकरण कितने समय से लंबित हैं तथा लंबित रहने के क्या कारण हैं? कम्प्यूटर रिकार्ड में प्रविष्टि न होने के कारण प्रभावित हितग्राहियों को होने वाली समस्याओं के संबंध में शासन के संज्ञान में कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं हैं? (ग) लंबित प्रविष्टियों को पूर्ण करने हेतु शासन द्वारा क्या कार्यवाही की गई तथा इन्हें कब तक अद्यतन किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) जिला जबलपुर अंतर्गत राजस्व विभाग के विभिन्न तहसीलों में ऐसे 724 नामांतरण प्रकरण लंबित हैं, जिनमें आवेदकों द्वारा भूमि क्रय कर नामांतरण आदेश प्राप्त कर लिया है, किन्तु उसकी प्रविष्टि भू-अभिलेख/कम्प्यूटर रिकार्ड में अद्यतन नहीं है। तहसीलवार एवं ग्रामवार ऐसे लंबित प्रकरणों की संख्या पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार कुल 724 प्रकरण 01 माह से 03 माह तक लंबित है। लंबित प्रकरणों का आदेश अनुपालन तकनीकी कारणों से लंबित है तथा साइबर तहसील में प्रकरण लंबित होने के कारण आदेश का अनुपालन संभव नहीं हो पा रहा है। म.प्र. भू-राजस्व संहिता की धारा 115 अंतर्गत कम्प्यूटर रिकार्ड में प्रविष्टि सुधारना एक न्यायालयीन प्रक्रिया है जो संबंधित पीठासीन अधिकारी के न्यायालय में पंजीबद्ध होता है। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार।
पंजीकृत संस्थानों की जानकारी
[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]
79. ( क्र. 922 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी विधानसभा क्षेत्र में कितने मंदिर, मठ एवं धार्मिक संस्थान पंजीकृत हैं? उनकी ग्रामवार सूची उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार मंदिरों एवं धार्मिक संस्थानों के विकास, मरम्मत एवं सौदर्यीकरण हेतु कितनी राशि विगत 5 वर्षों में स्वीकृत एवं व्यय की गई? (ग) बरगी विधानसभा क्षेत्र में धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के अधीन कितने पुजारियों/सेवकों को मानदेय दिया जा रहा है? इनका मानदेय क्या है? (घ) क्या बरगी विधानसभा क्षेत्र के किसी धार्मिक स्थल के जीर्णोद्धार, पर्यटन विकास या सुविधाओं के विस्तार हेतु कोई योजना स्वीकृत है? यदि हाँ, तो उसकी संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें।
राज्य मंत्री, धार्मिक न्यास और धर्मस्व ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) बरगी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत पंजीबद्ध मंदिर, मठ एवं धार्मिक संस्थान की जानकारी निरंक है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) से (घ) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
रिक्त पदों की पूर्ति
[स्कूल शिक्षा]
80. ( क्र. 924 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा जिले में प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल एवं उच्चतर माध्यमिक स्तर तक संचालित समस्त शासकीय विद्यालयों की विकासखण्डवार एवं विद्यालयवार नाम एवं स्थान सहित सूची उपलब्ध करावें। (ख) उक्त विद्यालयों में प्रधानाध्यापक, व्याख्याता, शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक, प्राथमिक शिक्षक एवं अन्य कर्मचारियों के कुल कितने पद स्वीकृत हैं। उनमें से कितने पद भरे हुए एवं कितने रिक्त हैं? विद्यालयवार एवं विकासखण्डवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) जिले में ऐसे कितने शासकीय विद्यालय हैं जो शिक्षक विहीन हैं अथवा जिनमें केवल एक ही शिक्षक पदस्थ है? ऐसे विद्यालयों की सूची, विद्यार्थियों की संख्या एवं वर्तमान में की गई वैकल्पिक व्यवस्था की जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) समस्त शासकीय विद्यालयों में भवन, अतिरिक्त कक्ष, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, कम्प्यूटर लैब, स्मार्ट क्लास, खेल मैदान एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की विद्यालयवार स्थिति क्या है? (ड.) रिक्त पदों की पूर्ति एवं शिक्षक विहीन विद्यालयों में शिक्षकों की पदस्थापना हेतु शासन द्वारा क्या कार्यवाही की गई है तथा यह कार्य कब तक पूर्ण किया जावेगा?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है। (ड.) माध्यमिक शिक्षकों के विषयमान से एवं प्राथमिक शिक्षक खेल नृत्य, गायन वादन की चयन सूची से नियुक्ति आदेश जारी किये गये है। शिक्षक विहिन विद्यालयों में समीपस्थ शाला में पदस्थ शिक्षकों को शिक्षक विहिन शालाओं में शैक्षणिक कार्य करने के निर्देश दिये जाकर एवं अतिथि शिक्षकों से अध्यापन कार्य कराया जा रहा है। रिक्त पदों की पूर्ति एक सतत् प्रक्रिया है। समय-सीमा बताया जाना सभव नहीं है।
नहरों का निर्माण कार्य की प्रगति
[जल संसाधन]
81. ( क्र. 926 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा जिले की मुहाल माइनर परियोजना का निर्माण कार्य वर्तमान में कितने प्रतिशत पूर्ण हो चुका है तथा शेष कार्य कौन-कौन से स्थानों पर लंबित है? (ख) मुहाल माइनर मुख्य नहर से निकाली जाने वाली वितरक नहरों/माइनरों का नामवार विवरण एवं उनकी वर्तमान निर्माण स्थिति क्या है? (ग) जिन माइनरों एवं संबंधित निर्माण कार्यों को अब तक पूर्ण नहीं किया गया है, उनके लंबित रहने के कारण क्या हैं? (घ) मुहाल माइनर एवं उससे संबंधित समस्त वितरक नहरों का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है? समय-सीमा बतावें। (ड.) परियोजना के पूर्ण होने पर हरदा जिले के कितने ग्राम एवं कितने हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी तथा वर्तमान में कितने ग्राम एवं कितने क्षेत्र को इसका लाभ मिल रहा है?
जल संसाधन मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) मुहाल माईनर का निर्माण कार्य 90 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है तथा आर 1 माईनर में चै.क्र. 68 से 88 तक शेष है। एल-1 माईनर में चै.क्र. 29 से 45 तक शेष है तथा मुख्य शाखा में चै.क्र. 190 से 215 तक शेष होना प्रतिवेदित है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) मुहाल माइनर का निर्माण कार्य वर्ष 2019 में स्वीकृत हुआ था। जिसके उपरांत कोविड-19 महामारी के कारण प्रथम निविदा निरस्त होने के पश्चात् निविदा का पुनः आमंत्रण दिनांक 17-03-2023 को निष्पादित किया गया। मुहाल माइनर में भू-अर्जन की कार्यवाही में अधिक समय लगने से निर्माण कार्य प्रभावित होना प्रतिवेदित है। (घ) मुहाल माइनर का शेष कार्य पूर्ण करने की अनुमानित तिथि 31.03.2027 लक्षित है। (ड.) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।
लखनादौन से नरसिंहपुर की बसों के परिमिट
[परिवहन]
82. ( क्र. 931 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सिवनी जिले के अंतर्गत लखनादौन से नरसिंहपुर मार्ग पर संचालित परिमिटधारी द्वारा बसों का संचालन लगभग 15-20 वर्ष पुराने निर्धारित समय के आधार पर बसों का संचालन वर्तमान में भी कर रहे है, जबकि इन मार्गों की पूर्व की दशा अत्यंत जर्जर और एकल मार्ग थे परन्तु वर्तमान में फोरलेन सड़क निर्माण हो जाने के बाद भी बसों का संचालन पुराने परिमिट के आधार पर संचालित है? यदि हां, तो कारण बतावें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) मार्ग पर संचालित पुराने परिमिटधारियों को लगभग 60 कि.मी. की दूरी तय करने में लगभग ढाई से तीन घंटे का समय लग रहा है, जिससे यात्रियों का समय और पैसे ही बर्बाद हो रहे है? जबकि छत्तीसगढ, मंडला आदि से चलने वाली अनेक बसे उक्त दूरी को मात्र एक घंटे में तय कर रही है? (ग) क्या विभाग प्रश्नांश (ख) में वर्णित पुराने परिमिटधारियों के बसों के संचालन हेतु नवीन परिमिटों को जारी कर लखनादौन से नरसिंहपुर तक 60 कि.मी. की दूरी एक घंटे में तय करने वाली सुविधा यात्रियों को मुहैया करायेगें
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) सिवनी जिले के लखनादौन से नरसिंहपुर मार्ग पर कोई भी बस 15-20 वर्ष पुराने अनुज्ञा पत्र पर संचालित नहीं है, जिसके परिप्रेक्ष्य में 15-20 वर्ष पुराने निर्धारित समय के आधार पर बसों के संचालन का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। शेष प्रश्नांश का उत्तर अपेक्षित नहीं है। (ख) किसी भी मार्ग पर यात्री बस संचालन हेतु आवश्यक समयचक्र पर परमिट का आवेदन संबंधित वाहन स्वामी द्वारा प्रस्तुत किये जाने पर परिवहन प्राधिकार द्वारा नियमानुसार जारी किया जाता है, जिसके अनुक्रम में प्रश्नांश (क) मार्ग पर संचालित परमिटधारियों द्वारा प्रस्तुत आवेदन में प्रस्तावित समयचक्र पर नियमानुसार सुनवाई उपरांत क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार, जबलपुर द्वारा परमिट स्वीकृत किये गये हैं। जिसके परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नांश (ख) में वर्णित परमिटधारियों की बसों के संचालन हेतु उनके द्वारा नियमानुसार समयचक्र में परिवर्तन हेतु परमिट आवेदन प्रस्तुत करने पर क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार, जबलपुर द्वारा आवश्यक सुनवाई के पश्चात समयचक्र में परिवर्तन किया जा सकता है।
अनुविभागीय कार्यालय में शिक्षकों का संलग्नीकरण
[राजस्व]
83. ( क्र. 932 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सिवनी जिले के अंतर्गत अनुविभागीय कार्यालय (राजस्व) सिवनी, लखनादौन, छपारा, केवलारी, घंसौर, बरघाट द्वारा कई शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्य करने हेतु अनुविभागीय कार्यालयों में संलग्न किया गया है? कितने शिक्षक संलग्न है? सूची सहित जानकारी देवें। क्या राजस्व विभाग में कार्य करने के शासन के नियम/आदेश है? यदि हां, तो नियम बतायें। (ख) क्या अनुविभाग में संलग्न शिक्षक अपने शैक्षणिक शाला में कार्य करते? यदि हॉ, तो कब तक? नहीं तो क्यों नहीं? शासन की संलग्नीकरण के आदेश बताये क्या एसडीएम सिवनी, लखनादौन, छपारा, केवलारी, घंसौर बरघाट द्वारा शिक्षा विभाग या आदिम जाति कल्याण विभाग के शिक्षकों को ही संलग्न किया जाता है, क्यों? क्या बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ के विरूद्ध शासन कोई कार्यवाही करेगा? यदि हां, तो कब तक? (ग) क्या शिक्षकों को बी.एल.ओ. के दायित्व से मुक्त करने हेतु मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग का पत्र क्रमांक एफ -44-47/2011/20-2 भोपाल, दिनांक 25-03-2013, पत्र दिनांक 27-02-2015, पत्र क्र एफ-44-15/2017/20-2 भोपाल, दिनांक 24-7-2017 का पालन किया गया? यदि हां,तो कब तक? यदि नही, तो क्यों नहीं?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) से (ग) जानकारी संकलित की जा रही है।
लंबित आवेदनों की संख्या
[परिवहन]
84. ( क्र. 934 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2010 के अंतर्गत ग्वालियर संभाग में परिवहन विभाग की अधिसूचित सेवाओं के संबंध में वर्तमान में कुल कितने आवेदन लंबित हैं तथा विगत 03 वर्षों में प्राप्त, निराकृत एवं लंबित आवेदनों की वर्षवार संख्या क्या है? (ख) प्रश्नांश (क) के सन्दर्भ में विगत तीन वर्षों में ऐसे कितने प्रकरण रहे जिनमें अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित समय-सीमा का पालन नहीं किया गया तथा समय-सीमा उल्लंघन के कारण कितने अधिकारियों/कर्मचारियों पर अर्थदण्ड लगाया गया अथवा विभागीय/अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई? वर्षवार विवरण क्या है? (ग) परिवहन विभाग द्वारा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अनुपालन की निगरानी हेतु तैयार की जाने वाली समीक्षा रिपोर्ट, डैशबोर्ड रिपोर्ट अथवा मासिक रिपोर्ट अनुसार विगत 03 वर्षों में विभाग का प्रदर्शन, मूल्यांकन एवं रैंकिंग क्या रही है? (घ) लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित परिवहन विभाग की कुल कितनी सेवाएं वर्तमान में लोक सेवा केंद्र एवं e-District पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध हैं तथा जो सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें उपलब्ध न कराए जाने के कारण क्या हैं? (ड.) क्या परिवहन विभाग द्वारा नागरिकों को बिना कार्यालय में उपस्थित हुए सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु फेसलेस (Faceless) व्यवस्था लागू की गई है? यदि हाँ, तो वर्तमान में कौन-कौन सी सेवाएं फेसलेस माध्यम से उपलब्ध हैं तथा शेष सेवाओं को फेसलेस व्यवस्था में शामिल करने के लिए क्या कार्यवाही की जा रही है?
परिवहन मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) परिवहन विभाग की 31 सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2010 के अंतर्गत अधिसूचित किया गया है। वर्ष 2022 से परिवहन विभाग द्वारा केन्द्र सरकार के एनआईसी के ''वाहन पोर्टल'' के माध्यम से कार्य करना प्रारंभ करने के पूर्व उक्त सेवायें तत्कालीन प्रचलित पोर्टल के साथ एकीकृत होने से उनके संबंध में प्राप्त आवेदन निर्धारित समय-सीमा में निराकृत किये जाकर उनके संबंध में एमआईएस रिपोर्ट प्राप्त हो जाती थी, परंतु ''वाहन पोर्टल'' पर कार्य प्रारंभ करने के उपरांत मध्यप्रदेश शासन, परिवहन विभाग द्वारा एनआईसी को उक्त सेवाओं को ''वाहन पोर्टल'' से एकीकृत किये जाने तथा इस संबंध में एमआईएस रिपोर्ट तैयार किये जाने हेतु पत्र क्रमांक एफ 8-4/11/आठ, भोपाल दिनांक 24.06.2022, दिनांक 08.06.2022, दिनांक 23.11.2022, दिनांक 20.12.2022 एवं दिनांक 16.02.2023 द्वारा निरंतर रूप से कई बार लेख किया गया है, परंतु आज दिनांक तक केन्द्र सरकार की एनआईसी संस्थान द्वारा उक्त कार्यवाही नहीं की गई है, जिसके परिप्रेक्ष्य में वांछित जानकारी दिया जाना संभव नहीं है। (ख) से (घ) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में वांछित जानकारी दिया जाना संभव नहीं है। (ड.) जी हाँ, पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार परिवहन विभाग की सेवायें नागरिकों को उनके ऑनलाईन आधार अधिप्रमाणन करने पर बिना कार्यालय में उपस्थित हुए फेसलेस (Faceless) व्यवस्था से दी जा रही हैं। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना क्रमांक का. आ. 4353 (अ) दिनांक 16.09.2022 द्वारा अधिसूचित 58 सेवाओं में से मध्यप्रदेश में प्रयोज्य 51 सेवायें फेसलेस व्यवस्था से दी जा रही हैं, जिसके परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।
भीमपुर में न्यूक्लीयर पावर प्लांट मेगावाट स्थापित किया जाना
[राजस्व]
85. ( क्र. 935 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तहसील नरवर के ग्राम सिकन्दरपुर पटवारी हल्का् नं.-12 में वर्ष 1988-89 के बन्दोबस्त एवं नवीन अभिलेख में भिन्नता होने से राजस्व संबंधी सीमांकन, नक्शा में सुधार, बटांकन एवं अन्य राजस्व संबंधी कार्य नहीं हो पा रहे, किसान परेशान हो रहे हैं। (ख) प्रश्नांश (क) में कलेक्टर शिवपुरी द्वारा पत्र क्र. 1007/भू.अ./रा.नि/2020 शिवपुरी दिनांक 11/09/2020 द्वारा तहसीलदार नरवर एवं एस.डी.एम. करैरा से प्रस्ताव चाहा गया था। उक्त पत्र के संबंध में क्या कार्यवाही की गई है तथा बन्दोबस्त किये जाने हेतु शासन स्तर से क्या कार्यवाही की जा रही है? यदि नहीं तो कब तक बन्दोबस्त की कार्यवाही की जावेगी? जिससे किसानों की राजस्व संबंधी समस्याओं का निदान हो सके। (ग) तहसील नरवर के नगर पंचायत नरवर वार्ड क्र.-01 में सूढ़ा (आदिवासी बस्ती) में 350 परिवार निवासरत हैं। आदिवासी बस्ती में 02 कि.मी. सड़क न होने से परेशान है। CMO नरवर द्वारा भी इस संबंध में प्रस्ताव भेजा जा चुका है इस संबंध में कार्यवाही कब तक की जावेगी? सड़क जनमन योजना में कब तक स्वीकृत की जावेगी? (घ) क्या शासन द्वारा तहसील नरवर के ग्राम गोपलिया, नानकपुर, भीमपुर एवं टुकी की कृषि भूमि पर न्यूक्लीयर पावर प्लांट (विद्युत) 2800 मेगावाट स्थापित करने हेतु सर्वे कराया जा रहा है? ग्रामीणजन उक्त योजना का विरोध कर रहे हैं। उक्त योजना के लागू होने पर ग्रामीणों के विस्थापन आदि की क्या योजना है?
राजस्व मंत्री ( श्री करण सिंह वर्मा ) : (क) ग्राम सिकंदरपुर मे 1988-89 के बंदोबस्त एवं नवीन अभिलेख मे कोई भिन्नता नहीं है राजस्व संबंधी सीमाकंन, बटांकन एवं अन्य कार्य नक्शा सुधार सभी कार्य हो रहे है। (ख) तहसील नरवर मे ग्राम सिकन्दपुर का बंदोबस्त किये जाने की कोई जानकारी वर्तमान मे नहीं भेजी गई है। ग्राम सिकन्दरपुर का बन्दोबस्त किये जाने की कोई कार्यवाही प्रचलित नहीं है। (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (घ) तहसील नरवर के ग्राम भीमपुर, नानकपुर और टुकी की कृषि भूमि पर न्यूक्लीयर पावर प्लांट (विद्युत) 2800 मेगावाट स्थापित करने हेतु तहसील नरवर मे न्यूक्लीयर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड पत्र क्रमांक B 5322408 दिनांक 10/06/2026 पत्र के क्रम मे समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मौका निरीक्षण भी किया गया है एवं पूर्व मे सर्वे कार्य किया गया है। ग्रामीणजनों के विरोध के संबंध में कोई अधिकारिक जानकारी इस कार्यालय को प्राप्त नहीं हुई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
पर्यटन सुविधाओं का उन्नयन
[पर्यटन]
86. ( क्र. 942 ) श्रीमती रीती पाठक : क्या राज्य मंत्री, पर्यटन महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी विधानसभा अंतर्गत गोरियरा बांध में रिसोर्ट विकसित करने के अलावा पर्यटन को बढ़ावा देने की दृष्टि से और क्या अन्य कार्य/गतिविधि की जा रही है? (ख) सीधी जिले में पर्यटन गतिविधियों के विकास के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं वर्तमान वित्तीय वर्ष में क्या कार्य किये जा रहे हैं एवं आगामी कार्य योजना क्या है? (ग) सीधी जिला बीरबल की जन्मस्थली है एवं यहाँ पर बाणभट्ट जी ने प्रथम गद्य काव्य कादम्बरी की रचना की थी इस दृष्टि से सीधी में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है?
राज्य मंत्री, पर्यटन ( श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ) : (क) वित्तीय वर्ष 2025-26 में गोरिया बांध में पर्यटन को बढ़ावा देने की दृष्टि से प्रवेश द्वार, किचन, जन-सुविधा, व्यूइंग डेक, कैफेटेरिया एवं पाथ-वे का कार्य प्रगतिरत है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार। शेष बताया जाना संभव नहीं है। (ग) सीधी जिले में बीरबल एवं बाणभट्ट की महत्ता की दृष्टि से वर्तमान में पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु कोई कार्य-योजना नहीं है।
स्कूलों का उन्नयन किया जाना
[स्कूल शिक्षा]
87. ( क्र. 954 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासकीय माध्यमिक शाला से हाई स्कूल एवं हाई स्कूल से हायर सेकेण्ड्री स्कूलों के उन्नयन के प्रस्ताव जिला शिक्षा अधिकारी पन्ना कार्यालय से संयुक्त संचालक लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल को प्रेषित किये गये है? (ख) यदि हाँ, तो उक्त प्रस्ताव में पन्ना विधानसभा अन्तर्गत कितनी शासकीय शालाओं का चयन किया गया है? नामवार बतावें। कब तक शालाओं का उन्नयन किया जावेगा? समय-सीमा बतावें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रस्ताव का परीक्षण किया जा रहा है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
फिजियोथेरेपी केंद्रों से उत्पन्न होने वाले बायो-मेडिकल वेस्ट
[लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा]
88. ( क्र. 955 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश में संचालित फिजियोथैरेपी क्लीनिकों/ फिजियोथैरेपी केंद्रों से बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट नियम, 2016 के अंतर्गत आने वाला जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट उत्पन्न होने के आधार पर बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन प्रमाण-पत्र प्राप्त करना अनिवार्य किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो क्या फिजियोथैरेपी क्लीनिकों से उत्पन्न होने वाले बायो-मेडिकल वेस्ट के कौन-कौन से प्रकार स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिन्हित किए गए हैं? उनकी विस्तृत सूची उपलब्ध कराई जाए। (ग) क्या स्वास्थ्य विभाग के पास ऐसा कोई अध्ययन, सर्वेक्षण, तकनीकी रिपोर्ट, विशेषज्ञ समिति की अनुशंसा अथवा वैज्ञानिक आधार उपलब्ध है, जिसके आधार पर यह निर्धारित किया गया कि सामान्य फिजियोथैरेपी क्लीनिकों से बायो-मेडिकल वेस्ट उत्पन्न होता है? यदि हाँ, तो उसकी प्रति उपलब्ध कराई जाए। (घ) क्या स्वास्थ्य विभाग यह स्पष्ट करेगा कि फिजियोथैरेपी पाठ्यक्रम, क्लीनिकल प्रशिक्षण एवं उपचार प्रक्रियाओं के अध्ययन के उपरांत किन विशिष्ट गतिविधियों को बायो-मेडिकल वेस्ट उत्पन्न करने वाली गतिविधि माना गया है? (ड.) क्या स्वास्थ्य विभाग ने यह परीक्षण किया है कि सामान्य फिजियोथैरेपी क्लीनिकों में उत्पन्न अपशिष्ट नगर निगम/स्थानीय निकाय के सामान्य ठोस अपशिष्ट से भिन्न श्रेणी का है? यदि हाँ, तो उसका आधार क्या है? क्या सरकार फिजियोथैरेपी क्लीनिकों की वास्तविक कार्यप्रणाली, उपचार पद्धतियों तथा उत्पन्न अपशिष्ट की प्रकृति का पुनर्मूल्यांकन कर बायो-मेडिकल वेस्ट प्रमाण-पत्र की अनिवार्यता की समीक्षा करने का विचार रखती है? यदि नहीं, तो कारण बताए जाएं।
उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हां। (ख) जी नहीं। बायोमेडिकल वेस्ट के प्रकार का वर्गीकरण बायोमेडिकल वेस्ट मेनेजमेंट नियम, 2016 अनुरूप स्थापित है जिसका विनियमन मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा किया जाता है। (ग) जी हाँ। मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अभिमत पत्र की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (घ) जी नहीं, यह अधिकार क्षेत्र मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का है। (ड.) जी नहीं। चूंकि, विभिन्न संस्थाओं से उत्सर्जित बायोमेडिकल वेस्ट का विनियमन मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा किया जाता है अत: फिजियोथेरेपी क्लीनिकों के अपशिष्ट की प्रकृति का श्रेणीकरण/पुर्नमूल्यांकन कर बायोमेडिकल वेस्ट प्रमाण-पत्र की अनिवार्यता की समीक्षा का कार्य उक्त विनियामक बोर्ड द्वारा किया जा सकता है।
जीर्ण-शीर्ण शाला भवन मरम्मत एवं नवीन निर्माण
[स्कूल शिक्षा]
89. ( क्र. 958 ) श्री बाबू जन्डेल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र श्योपुर में कौन-कौन से शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक/हाई स्कूल व हाई सेकेण्डरी शाला भवन विहीन अथवा जीर्ण-शीर्ण व जर्जर एवं बाउण्ड्रीवॉल विहीन संस्थावार, संकुलवार नवीन भवनों व बाउण्ड्रीवॉल एवं मरम्मत योग्य भवनों अद्यतन स्थिति अनुसार जानकारी पृथक-पृथक उपलब्ध करावें? (ख) श्योपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों के उन्नयन के संबंध में प्रेषित पत्रों पर प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं तो क्यों? विभाग द्वारा कौन-कौन से उन्नयन के प्रस्ताव भेजे गये तथा लंबित है? कब तक उन्नयन संबंधी कार्य पूर्ण किया जावेगा? (ग) जिला शिक्षा केन्द्र मुरैना में BRCC एवं BAC द्वारा मेटरिंग ऐप द्वारा ऑनलाइन भ्रमण किया जाता है, जिसकी प्रतिमाह कलेक्टर महोदय द्वारा समीक्षा करने के बाद भी भ्रमण देयकों का भुगतान सत्र 2025-26 का नहीं किया गया है? कब तक कर दिया जावेगा? समय-सीमा बतावें। (घ) जिला शिक्षा केन्द्र मुरैना वर्ष 2025-26 के यात्रा/भ्रमण देयकों के भुगतान न करने के कारण दोषी वित्त APC एवं स्थापना बाबू के विरूद्व क्या कार्यवाही प्रस्तावित की जावेगी? समय-सीमा बतावें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री उदय प्रताप सिंह ) : (क) विधानसभा क्षेत्र श्योपुर अंर्तगत कोई भी विद्यालय भवन विहीन नहीं है। जीर्ण-शीर्ण एवं जर्जर शाला के विरूद्ध नवीन भवनों, मरम्मत योग्य भवनों, बॉउन्ड्रीवॉल विहीन शालाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''1'' अनुसार है। (ख) प्राथमिक शाला से माध्यमिक शाला में उन्नयन हेतु प्रस्ताव नहीं है। शासकीय माध्यमिक शाला से हाई स्कूल एवं हाई स्कूल से हायर सेकेण्डरी में उन्नयन हेतु जिलों से प्राप्त प्रस्तावों के परीक्षण के उपरांत उन्नयन करना एक सतत् प्रक्रिया है। अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी हॉ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''2'' अनुसार है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''3' अनुसार है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
हायर सेकेण्डरी स्कूल में पूर्णकालिक प्राचार्य की नियुक्ति
[स्कूल शिक्षा]
90. ( क्र. 960 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सिवनी-मालवा के ब्लॉक सिवनी-मालवा, केसला और नर्मदापुरम ब्लॉक में कितने हायर सेकेण्डरी स्कूल है? (ख) कितने हायर सेकेण्डरी स्कूल में पूर्णकालिक प्राचार्य हैं एवं कितने हायर सेकेण्डरी स्कूल में प्राचार्य की नियुक्ति नहीं की गई है? (