मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्‍नोत्तर-सूची
जुलाई, 2026 सत्र


मंगलवार, दिनांक 21 जुलाई, 2026


भाग-1
तारांकित प्रश्‍नोत्तर



जांच कर वैधानिक कार्यवाही की जाना

[वन]

1. ( *क्र. 590 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वन वृत्‍त कार्यालय छतरपुर में मुख्‍य लिपिक एवं स्‍थापना प्रभारी आर.पी. द्विवेदी को कब पदस्‍थ किया गया था? वन कर्मचारियों की पदस्थिति/कार्य आवंटन, परिक्षेत्र सहायक वृत्‍तों/वीटों में स्‍थानांतरण एवं पदोन्‍नति जैसे महत्‍वपूर्ण कार्यों में सामान्‍य प्रशासन विभाग के आदेश क्र. एफ 6-1/2019/1/9, दिनांक 04.06.2021 पर क्‍या कार्यवाही की गई? संपूर्ण जानकारी दस्‍तावेजों सहित उपलब्‍ध करायें। (ख) क्‍या तत्‍कालीन सी.सी.एफ. छतरपुर के आदेश क्र./118, दिनांक 05.10.2023 एवं पत्र क्र./स्‍थापना/2024/3359, दिनांक 04.12.2024 एवं पत्र क्र./स्‍थापना/2024/2851,            दिनांक 18.10.2024 एवं दिनांक 16.05.2024 एवं आदेश क्र./स्‍थापना/2024/42, दिनांक 17.05.2024 के आदेशों एवं पत्रों पर क्‍या कार्यवाही हुई? संपूर्ण कार्यवाही के आदेशों की छायाप्रतियां उपलब्‍ध करायें। (ग) क्‍या सतर्कता एवं शिकायत शाखा भोपाल के द्वारा पत्र क्र. 1440, दिनांक 05.06.2026 एवं पत्र क्र. 1559, दिनांक 17.06.2025 एवं पत्र क्र. 1678, दिनांक 25.06.2025 एवं पत्र क्र. 1105, दिनांक 10.04.2026 एवं पत्र क्र. 3230, दिनांक 13.04.2026 पर क्‍या कार्यवाही की गई? जानकारी से अवगत करायें तथा आज दिनांक तक कार्यवाही नहीं किये जाने के जिम्‍मेदार अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? कारण स्‍पष्‍ट करें। (घ) क्‍या पत्र क्र. 138 एवं 139 दिनांक 24.01.2024 के द्वारा न्‍यायालय एवं वरिष्‍ठ अधिकारी छतरपुर को वाहन जब्‍ती के लिये राजसात की कार्यवाही सूचना निर्धारित प्रपत्र में भरकर दी गई थी? क्‍या न्‍यायालय एवं वरिष्‍ठ कार्यालय में उक्‍त कार्यवाही की सूचना निरस्‍त किये जाने की सूचना पत्र क्र. 159 एवं 160               दिनांक 24.01.2024 द्वारा दी गई थी? क्‍या प्रकरण की उच्‍च स्‍तरीय जांच कराकर एस.डी.ओ. टीकमगढ़ एवं सी.सी.एफ. छतरपुर के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण स्‍पष्‍ट करें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री दिलीप अहिरवार) : (क) वन वृत्त कार्यालय छतरपुर में मुख्य लिपिक एवं स्थापना प्रभारी श्री आर.पी. द्विवेदी, लेखापाल की पदस्थिति प्रधान मुख्य वन संरक्षक, म.प्र. भोपाल के आदेश दिनांक 11.09.2008 द्वारा कार्यालय वन संरक्षक वृत्त छतरपुर में की गई थी। तदुपरांत मुख्य वन संरक्षक छतरपुर, वृत्त छतरपुर के आदेश क्रमांक/स्था./2013/19, दिनांक 02.02.2013 द्वारा मुख्य लिपिक के रिक्त पद पर पदस्थ किया गया था। सामान्य प्रशासन विभाग का आदेश क्रमांक एफ 6-1/2019/1/9, दिनांक 04.06.2021 वन कर्मचारियों की पदस्थिति, कार्य आवंटन, परिक्षेत्र सहायक वृत्तों, बीटों में स्थानांतरण एवं पदोन्नति कार्यों के संबंध में नहीं है, अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) मुख्य वन संरक्षक छतरपुर के आदेश क्रमांक 118, दिनांक 05.10.2023 द्वारा कुल 83 वनरक्षकों को प्रभारी कार्यवाहक वनपाल के पद पर पदस्थ किया गया। मुख्य वन संरक्षक छतरपुर के पत्र क्रमांक/स्था./2024/3359, दिनांक 04.12.2024 द्वारा श्रीमती राजकुमारी प्रजापति, प्रभारी वनपाल को जतारा के स्थान पर उड़नदस्ता दल वनमण्डल टीकमगढ़ में संशोधित पदस्थिति की गई। मुख्य वन संरक्षक छतरपुर द्वारा पत्र क्रमांक/स्थापना/2024/2851, दिनांक 18.10.2024 से श्री डालचंद अहिरवार, कार्यवाहक वनपाल को वृत्त कार्यालय की ड्यूटी से मुक्त कर वनमण्डल छतरपुर में पदस्थ किया गया। वनमंडल छतरपुर में विर्निमता/व्यापारी, उपभोक्ता फुटकर विक्रेताओं के कुल 190 ऑनलाईन पंजीयन दिनांक 16.05.2024 की स्थिति में लंबित पाये जाने के कारण मुख्य वन संरक्षक छतरपुर के आदेश क्रमांक/स्था./2024/42, दिनांक 17.05.2024 द्वारा श्री सुखदेव कुशवाहा, सहायक ग्रेड-3 को निलंबित किया गया था। प्रश्‍नाधीन शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) श्री आर.पी. द्विवेदी के विरुद्ध विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों को सतर्कता शिकायत शाखा के प्रश्‍नाधीन पत्रों से मुख्य वन संरक्षक छतरपुर को जांच हेतु प्रेषित किया गया था। प्रश्‍नांश में उल्लेखित पत्र क्रमांक 3230, दिनांक 13.04.2026 सतर्कता/शिकायत शाखा द्वारा जारी नहीं किया गया है। मुख्य वन संरक्षक छतरपुर द्वारा दिनांक 09.07.2026 से उक्त शिकायतों के संबंध में जांच प्रतिवेदन प्रेषित किया गया है। प्रतिवेदन अनुसार शिकायतें निराधार होने एवं किसी भी अधिकारी/कर्मचारी को दोषी नहीं पाये जाने से कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी हाँ। प्रकरण जांच की प्रक्रिया में है, जांच उपरान्त गुण-दोष के आधार पर विधिसम्मत कार्यवाही संभव है।

संविदा कर्मचारियों का नियमि‍तीकरण

[सामान्य प्रशासन]

2. ( *क्र. 690 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) माननीय मुख्‍यमंत्री द्वारा प्रदेश में कार्यरत संविदा कर्मचारियों के हित में दिनांक 30.01.2026 को संविदा महासम्‍मेलन में की गई घोषणा अनुसार 10 वर्ष से अधिक की सेवाएं दे चुके अनुभवी संविदा कर्मचारियों को विभाग में नियमित करेंगे? उक्‍त घोषणा को अमल में लाने के लिये विभाग कब तक आदेश जारी करेगा? (ख) क्‍या शासन संविदा कर्मचारियों को अन्‍य विभागों/अन्‍य स्‍टाफ में प्रतिनियुक्ति पर जाने की अनुमति प्रदान करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों, कारण बतायें? (ग) क्‍या शासन द्वारा 10 वर्ष से अधिक की सेवा कर चुके संविदा कर्मचारियों को नियमित नहीं करेगा, तो क्‍या उन्‍हें भी नियमित कर्मचारियों की तरह ही डी.ए. (मंहगाई भत्‍ता), ग्रेच्‍युटी, एन.पी.सी., स्‍वास्‍थ्‍य बीमा, अनुकम्‍पा नियुक्ति, सेवा समाप्ति के मामले में सी.सी.ए. सुरक्षा, रिक्‍त होने पर शासकीय आवास की सुविधा और उपलब्‍ध न होने पर आवास भत्‍ता दिया जायेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों? यदि हाँ, तो शासन कब तक यह मूलभूत सुविधाएं संविदा कर्मचारियों को मुहैया करायेगी? समय-सीमा बतायें। संविदा कर्मचारी को नियमित करने का प्‍लान कब तक लागू होगा? समय-सीमा बतायें। (घ) क्‍या शासन द्वारा 10 वर्ष से अधिक संविदा कर्मचारियों को यदि नियमित नहीं करती है, तो क्‍या नियमित कर्मचारियों की तरह ही महिला संविदा कर्मचारियों को चाइल्‍ड केयर लीव का प्रावधान लागू करेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों? यदि हाँ, तो कब तक? समय-सीमा बतायें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्रीमती कृष्‍णा गौर) : (क) माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा दिनांक 30.01.2026 को घोषणा की गई थी कि ''10 वर्ष से अधिक अनुभवी संविदा कर्मियों को नियमित पदों पर संविलियन की अभी तक 50 प्रतिशत प्रक्रिया जारी है। इस दिशा में आगे और काम किया जायेगा।'' इस घोषणा के अनुरूप संविदा नीति 2023 अनुसार विभागों में सीधी भर्ती के रिक्‍त पद के 50 प्रतिशत पद संविदा कर्मियों हेतु आरक्षित रखे जाने संबंधी प्रावधान वर्तमान में लागू हैं। इस प्रावधान का पालन शासन के विभागों द्वारा किये जाने के निर्देश हैं, जो एक सतत् प्रक्रिया है। संविदा नीति 2023 पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। अत: शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। संविदा नीति 2023 में प्रावधान नहीं होने से। (ग) राज्‍य शासन के विभागों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नियमित शासकीय सेवकों के समान ग्रेज्‍युटी, एन.पी.एस., स्‍वास्‍थ्य बीमा योजना, अनुकंपा नियुक्ति प्रदान किये जाने संबंधी प्रावधान किये गये हैं। उत्‍तरांश '''' अनुसार संविदा कर्मियों को नियमित किये जाने संबंधी निर्देश वर्तमान में लागू हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। महिला संविदा कर्मचारियों को महिला शासकीय सेवकों के समान प्रसूति अवकाश की पात्रता है।

सूरजपुरा वनखण्‍ड से निजी भूमि को पृथक किया जाना

[वन]

3. ( *क्र. 198 ) श्रीमती ललिता यादव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                 (क) क्या तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 878, दिनांक 12 जुलाई, 2023 आश्‍वासन क्रमांक 121 के अनुसार वर्किंग प्लान ऑफि‍सर श्री अजय पान्डे द्वारा सूरजपुरा वनखण्ड में आने वाली निजी भूमियों की जानकारी प्रेषित करने के बाद भी सूरजपुरा वनखण्ड से निजी भूमियों को प्रश्‍नांकित दिनांक तक भी पृथक नहीं किया गया? (ख) यदि हाँ, तो सूरजपुरा वनखण्ड में शामिल भू-स्वामी हक की भूमि से संबंधित श्री अजय पान्डे ने पत्र क्रमांक मा.चि./2023/978, दिनांक 08.12.2023 से वन व्यवस्थापन अधिकारी के किस-किस दिनांक के आदेश एवं किस-किस किसान के किस खसरा नम्बर के कितने रकबे से संबंधित जानकारी छतरपुर वन एवं छतरपुर वनमंडल प्रेषित की उस पर वनवृत एवं वन मंडल ने किस-किस दिनांक को क्या-क्या कार्यवाही की है? (ग) प्रश्‍न क्रमांक 878, आश्‍वासन क्रमांक 121 के अनुसार एक माह में निजी भूमि पृथक करने एवं 15 दिन में संबंधित अधिकारी पर कार्यवाही करने के संबंध में वन मुख्यालय भोपाल एवं राज्य मंत्रालय वन विभाग द्वारा प्रश्‍नांकित दिनांक तक किन-किन कारणों से कार्यवाही नहीं की गई, कब तक कार्यवाही की जावेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री दिलीप अहिरवार) : (क) सूरजपुरा वनखण्ड में सम्मिलित निजी भूमियों से संबंधित दावों की जांच भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 11 के अंतर्गत वन व्यवस्थापन अधिकारी के समक्ष अर्द्ध-न्यायिक प्रक्रिया में है। इस कारण प्रश्‍नांकित दिनांक तक निजी भूमियों के संबंध में कार्यवाही नहीं की जा सकी है। (ख) प्रश्‍नाधीन अधिकारी द्वारा प्रस्तुत जाँच प्रतिवेदन में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), छतरपुर से प्राप्त जानकारी संलग्न है, न कि वन व्यवस्थापन अधिकारी के भूमि संबंधी आदेश की प्रति। दावों के निराकरण की कार्यवाही वन व्यवस्थापन अधिकारी द्वारा किया जाना है। अतः वनमंडल स्तर पर पृथक कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) निजी भूमि के संबंध में वन व्यवस्थापन की कार्यवाही                     अर्द्ध-न्यायिक प्रक्रिया है तथा वन व्यवस्थापन अधिकारी, वन विभाग के प्रशासकीय नियंत्रण में नहीं है। अतः वन विभाग द्वारा समय-सीमा निर्धारित करने अथवा किसी वन अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही करने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

वन समितियों के कार्य व भूमिका

[वन]

4. ( *क्र. 801 ) श्रीमती कंचन मुकेश तनवे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खंडवा जिले में वन अधिकार अधिनियम 2026 अंतर्गत आज दिनांक तक कितने व्यक्तिगत वन अधिकार पट्टे, कितने सामुदायिक वन संसाधन अधिकार के आवेदन प्राप्त हुये हैं, कितने निराकृत, कितने लंबित हैं एवं किन-किन व्यक्तियों को जारी किये गये हैं? खंडवा जिले में कितनी वन समितियां पंजीकृत हैं, कितनी समितियों को वनों के रख-रखाव में सक्रिय रहने पर राज्य सरकारों द्वारा इन्हें विशेष अनुदान या प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है? (ख) वनों की कटाई, अतिक्रमण के नियंत्रण हेतु आधुनिक संसाधन व बल की बढ़ाने की क्या योजना है? (ग) क्‍या विगत माह ओंकारेश्वर अभयारण्य की चांदगढ़ रेंज में काला देव क्षेत्र में वन्य जीव हत्यारों को पकड़ा गया है? वन विभाग खंडवा द्वारा की गई यह कार्यवाही बहुत सराहनीय है? हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय डॉ. मोहन यादव जी के साथ हम सब वन्य प्राणियों और पर्यावरण की रक्षा के लिये संकल्पित हैं, इन वन्य जीव हत्यारों में से जो भी हत्यारे प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र खण्डवा के निवासी हों तो उनकी जानकारी नाम, पता, वर्तमान व्यवसाय, पूर्व का अपराधिक रिकॉर्ड आदि प्रदान किया जावेl (घ) खंडवा विधान सभा अंतर्गत वनों के पुनरुद्धार एवं संवर्धन हेतु विगत 2 वर्षों में          क्या-क्या कार्य किये गये, उन कार्यों का विवरण, परिणाम की जानकारी आगामी वर्ष में विभाग की क्या कार्य योजना है? जानकारी उपलब्‍ध करायें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री दिलीप अहिरवार) : (क) खंडवा जिले में व्यक्तिगत वनाधिकार के कुल 10,765 दावे प्राप्त हुए, जिनमें से 9,985 दावे मान्य तथा 780 दावे अमान्य किये गए हैं। वर्तमान में कोई भी व्यक्तिगत वनाधिकार दावा निराकरण हेतु लंबित नहीं है। जिले में सामुदायिक वनाधिकार के 05 दावे प्राप्त हुए हैं, जो परीक्षण में हैं। व्यक्तिवार स्वीकृत वनाधिकार-पत्रों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 में है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 में है। (ग) चांदगढ़ रेंज में दर्ज वन अपराध प्रकरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 में है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 में है।

विभागों में रिक्त पदों के विरूद्ध नवीन भर्तियों की वर्तमान स्थिति  

[सामान्य प्रशासन]

5. ( *क्र. 125 ) श्रीमती सेना महेश पटेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि     (क) प्रदेश के जिले में समस्‍त विभागों में प्रश्‍न दिनांक तक कितने संख्या में पद रिक्त हैं? यदि हाँ, तो विभागवार रिक्त पदों की वर्तमान स्थिति का आरक्षणवार विवरण प्रदान किया जाये।                             (ख) रिक्त पदों के विरुद्ध नवीन भर्तियों की वर्तमान स्थिति क्या है? समस्‍त विभागवार कितने पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रचलित है? (ग) भर्ती प्रक्रियाओं में विलंब के प्रमुख कारण क्या हैं? शासन द्वारा इन प्रक्रियाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने हेतु क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं? (घ) क्‍या प्रदेश के जिलों में समस्‍त विभागों के अनुकम्पा नियुक्ति हेतु प्रकरण लंबित हैं? यदि हाँ, तो रिक्त पदों पर अनुकम्पा नियुक्ति क्यों नहीं दी गई है? क्या कारण है? कब तक रिक्त पदों पर अनुकम्पा नियुक्ति दी जावेगी।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्रीमती कृष्‍णा गौर) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

बदनावर उद्वहन सिंचाई परियोजना में विलंब से धार क्षेत्र में जल संकट

[नर्मदा घाटी विकास]

6. ( *क्र. 232 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बदनावर उद्वहन सिंचाई परियोजना कब स्वीकृत हुई? कार्य कब प्रारंभ हुआ तथा कार्य पूर्णता की अवधि क्या थी? क्या परियोजना में समयावधि बढ़ाई गयी? यदि हाँ, तो कब-कब बढ़ायी गई? (ख) क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा इस परियोजना के धीमी गति से कार्य करने को लेकर वि.स. सत्र         जनवरी-2024 में प्रश्‍न पूछा था? इन दो वर्ष में परियोजना की भौतिक प्रगति किस स्तर पर है?                   (ग) क्या परियोजनाओं में विलम्बता से कच्चे माल के बाजार मूल्यों में वृद्धि होने से इन वृहद परियोजना की लागत में वृद्धि होती है? यदि हाँ, तो यह वित्तीय भार कौन वहन करता है? क्या इससे परियोजना की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है? (घ) विभाग द्वारा निविदा शर्तों में इस प्रकार विलम्बता से कार्य करने वाले ठेकेदारों के विरूद्ध नोटिस दिये जाने के अतिरिक्त अर्थदण्ड/ब्लेक लिस्टेड सहित क्या कोई ठोस कार्यवाही किये जाने का प्रावधान है? यदि नहीं, तो क्या विभाग जनहित में इस हेतु समाधान कारक प्रयास करेगा? यदि हाँ, तो अब तक कौन-कौन सी कार्यवाहियां की गई? (ड.) परियोजना को शीघ्र पूर्ण करवाये जाने हेतु क्या कोई विशेष प्रयास विभाग द्वारा किये जायेंगे?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री धर्मेन्‍द्र भाव सिंह लोधी) : (क) दिनांक 07 अगस्त, 2018 को। दिनांक 17.02.2020 को। 48 माह दिनांक 16.02.2024 तक थी। प्रथम समयावधि दिनांक 17.02.2024 से 30.06.2024 तक 4 माह एवं द्वितीय समयावधि दिनांक 01.07.2024 से 30.06.2026 तक कुल 24 माह बढ़ाई गई है। (ख) जी हाँ। भौतिक प्रगति 65 प्रतिशत हो गई है। (ग) परियोजना का निर्माण कार्य टर्न की पद्धति से किया जा रहा है, जिसकी अनुबंधित राशि निर्धारित है। परियोजना के निर्माण में लगने वाली सामग्री की दरों में वृद्धि से लागत में बढ़ोत्‍तरी होती है। किन्‍तु अनुबंध की कंडिका अनुसार एवं मूल्‍य सूचकांक में वृद्धि/कमी का आंकलन कर भुगतान किया जाता है, जिसका वहन शासन द्वारा किया जाता है। परियोजना की द्वितीय समयावृद्धि मूल्‍य सूचकांक फरवरी 2024 की स्थिति में फ्रीज करते हुए प्रदान की गई है। कच्‍चे माल की दरों में वृद्धि से परियोजना की गुणवत्‍ता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है।           (घ) जी हाँ। ठेकेदार को निर्माण कार्य की प्रगति बढ़ाये जाने हेतु समय-समय पर पत्र जारी किये गये, इसके साथ ही परियोजना की द्वितीय समयावृद्धि मूल्‍य सूचकांक फरवरी-2024 की स्थिति में फ्रीज करते हुए प्रदान की गई। (ड.) जी हाँ। निर्माण कार्य की सतत् मॉनिटरिंग तथा तकनीकी जांच के माध्‍यम से कार्य शीघ्र पूर्ण करने के प्रयास किये जायेंगे।

सीधी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्र का विकास

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

7. ( *क्र. 793 ) श्रीमती रीती पाठक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                 (क) क्या सीधी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कोई नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किये जाने की योजना है? (ख) यदि हाँ, तो इस औद्योगिक क्षेत्र को विधानसभा के किन पंचायतों में विकसित किया जायेगा और इसके लिये कितनी भूमि की आवश्यकता होगी? (ग) यदि नहीं, तो युवाओं को रोजगार देने व उत्‍पादनशीलता बढ़ाने के लिये सरकार द्वारा क्या प्रयास किये जा रहे हैं? (घ) क्या प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में सीधी जिले में कोई औद्योगिक इकाई स्थापित करने की सहमति‍ बनी है या कोई योजना है? (ड.) सीधी विधानसभा में औद्योगिक इकाइयों के क्षेत्र में विभिन्न सरकारों द्वारा अब तक क्या-क्या कार्य किये गये हैं?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - मंत्री (श्री चेतन्‍य काश्‍यप) : (क) जी हाँ।                                       (ख) सीधी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने हेतु विभाग के अधीन एम.पी.आई.डी.सी.लि. क्षेत्रीय कार्यालय रीवा द्वारा ग्राम बरिगवां जिला सीधी में 52.810 हेक्‍टेयर भूमि चिन्हांकित की गई है। चिन्‍हांकित भूमि औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्‍साहन विभाग के पक्ष में हस्‍तांतरित किये जाने हेतु कलेक्‍टर जिला सीधी के समक्ष आवेदन पत्र भी प्रस्‍तुत किया गया है। विभाग के पक्ष में भूमि हस्‍तांतरण उपरांत औद्योगिक क्षेत्र वि‍कसित करने की कार्यवाही की जावेगी। सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार सीधी विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत ग्रामबाडीटोला, तहसील गोपदबनास में औद्योगिक क्षेत्र की स्‍थापना हेतु 09.49 हेक्‍टेयर भूमि पर राशि रु. 11.22 करोड़ की लागत से नवीन औद्योगिक क्षेत्र की स्‍थापना की जा रही है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना का उल्‍लेख है। औद्योगिक इकाइयां स्‍थापित होने से रोजगार के अवसर सृजित होने एवं उत्‍पादनशीलता बढ़ने की संभावना है। (घ) प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित ग्‍लोबल इन्‍वेस्‍टर समिट में सीधी जिले में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्‍साहन विभाग को कुल 08 इकाइयों के निवेश प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुये थे, जिसमें से 03 इकाइयां वर्तमान में स्‍थापित हो गयी हैं। 01 इकाई का प्रस्‍ताव प्रक्रियाधीन है तथा शेष 04 इकाइयों द्वारा इकाई स्‍थापना में रूचि प्रदर्शित नहीं की गयी है।                         (ड.) जानकारी उत्‍तरांश (क) अनुसार है। उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार विभाग में संचालित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (P.M.F.M.E.) अंतर्गत सीधी विधानसभा में योजना प्रारंभ से वर्तमान तक कुल 32 सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित की गई हैं।  

परिशिष्ट - "एक"

आयुक्त, जिला निर्वाचन एवं तहसील निर्वाचन कार्यालयों में संयोजित कर्मचारी

[विधि एवं विधायी कार्य]

8. ( *क्र. 786 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                         (क) क्‍या उज्जैन जिला अंतर्गत विधानसभा एवं लोकसभा आम निर्वाचन की समाप्ति के पश्चात् भी कई कर्मचारियों को निर्वाचन कार्यालयों में अन्य विभागों से संयोजित कर रखा है? वर्तमान में आयुक्त कार्यालयों, जिला निर्वाचन कार्यालयों एवं तहसील निर्वाचन कार्यालयों आदि में किस-किस विभाग से कितने कर्मचारी संयोजित हैं? नाम, पदनाम एवं संस्था के नाम सहित उन्हें संयोजित किये जाने के कारण सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) कितने कर्मचारियों को निर्वाचन आयोग से आवंटित विशेष मानदेय का भुगतान किया गया एवं क्यों? जिन संयोजित कर्मचारियों को मानदेय भुगतान नहीं किया गया क्या उनके द्वारा निर्वाचन कार्यालय में कोई कार्य नहीं किया गया?                           (ग) विधानसभा 2023 एवं लोकसभा निर्वाचन 2024 के दौरान स्टेशनरी, टेण्ट, लाईट माईक आदि कार्यों हेतु जिला उज्जैन के निर्वाचन कार्यालय में किन-किन फर्मों के देयक भुगतान नहीं किये गये और क्यों? क्या विभिन्न निर्वाचन सामग्री कय करने के लिये स्वीकृत निविदाकारों से ही सामग्री कय की गई? यदि नहीं, तो क्यों? क्या सामग्री कय करने हेतु भण्डार क्रय नियमों का पालन किया गया है? (घ) जिला निर्वाचन कार्यालय में लेखा शाखा के कार्य संपादन हेतु क्या योग्यता निर्धारित है? जिला निर्वाचन कार्यालय उज्जैन में वर्ष 2023 से वर्तमान तक लेखा शाखा का कार्य किसके द्वारा संपादित किया जा रहा है एवं क्या उक्त लेखापाल लेखा शाखा के लिये योग्य है? यदि नहीं, तो नियम विरूद्ध अयोग्य कर्मचारी से लेखा शाखा का कार्य संपादित करवाने के लिये जिम्मेदार अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री गौतम टेटवाल) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

पुलिस विवेचना में विलंब

[गृह]

9. ( *क्र. 669 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                       (क) क्या थाना जौरा में दर्ज अपराध क्रमांक 719/23, दिनांक 30.11.2023 को प्रकरण में                     प्री-इन्वेस्टिगेशन के उपरांत दर्ज किया गया था? यदि हाँ, तो विवेचना में विलंब होने का कारण क्या है? क्या पुलिस विवेचना में विलंब करके अपराधियों को बचाने का प्रयास कर रही है?                                              (ख) प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रश्‍नांश '' अनुसार प्रकरण के संबंध में प्रश्‍न क्रमांक 591, दिनांक 02.07.2024, प्रश्‍न क्रमांक 2642, दिनांक 05.08.2025, प्रश्‍न क्रमांक 779, दिनांक 02.12.2025 एवं प्रश्‍न क्रमांक 637, दिनांक 18.02.2026 के माध्यम से जानकारी चाही गई, किन्तु प्रत्येक बार विवेचना जारी होने के संबंध में उत्तर प्राप्त हुआ। प्रकरण दर्ज हुए लगभग दो साल छह माह से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बाद भी विवेचना पूर्ण न होने का क्‍या कारण है? स्‍पष्‍ट जानकारी दें। (ग) क्या थाना जौरा में पदस्थ पुलिस अधिकारी विवेचना पूर्ण करने में असफल होने की स्थिति में क्या जांच के लिये एस.आई.टी. का गठन किया जायेगा? (घ) प्रश्‍नांश (क) अनुसार प्रकरण में विवेचना पूर्ण कराने हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा पुलिस महानिदेशक मध्यप्रदेश पुलिस को प्रेषित पत्र क्रमांक 82/26, दिनांक 25.02.2026 के क्रम में क्या कार्यवाही की गई संपूर्ण विवरण दस्तावेजों एवं पत्राचारों की प्रतियों सहित उपलब्ध कराएं?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री नरेन्‍द्र शिवाजी पटेल) : (क) जी हाँ, थाना जौरा के अपराध क्रमांक 719/23, धारा 365, 342, 294, 323,506 वी भा.द.वि. का प्रथम सूचना पत्र घटना के संबंध में आवेदक विनोद कुमार दुबे से प्राप्त शिकायत पत्र की प्रारंभिक जांच के उपरांत मुलायम सिंह सिकरवार व अन्य के विरुद्ध पंजीबद्ध किया गया था। प्रकरण वर्तमान में विवेचनाधीन है। प्रस्तुत शिकायती आवेदन पत्रों में उल्लेखित तथ्यों से विवेचना की जा रही है। जी नहीं, पुलिस द्वारा विवेचना में विलंब नहीं किया जा रहा है और न ही अपराधियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। साक्ष्यों के परीक्षण उपरांत ही प्रकरण का निराकरण किया जाता है। (ख) आवेदक एवं अनावेदक पक्षों द्वारा शिकायत आवेदन प्रस्तुत किये गये हैं, जिनमें उल्लेखित तथ्यों पर सूक्ष्मता से विवेचना जारी है, संकलित साक्ष्यों के अनुसार ही प्रकरण का यथाशीघ्र उचित निराकरण किया जाना है। प्रकरण वर्तमान में विवेचनाधीन है। (ग) प्रकरण की विधिवत विवेचना की जा रही है, एस.आई.टी. के गठन का कोई प्रस्ताव नहीं है। (घ) प्रश्‍नाश "क" के संबंध में विस्तृत प्रतिवेदन पुलिस अधीक्षक, मुरैना द्वारा समनि (शिकायत) पुलिस मुख्यालय को प्रेषित किया गया है। जांच प्रतिवेदन अनुसार प्रकरण विवेचनाधीन है। जांच प्रतिवेदन संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "दो"

क्रय की गई कृषि भूमि से अधिक रकबे की रजिस्ट्रियों को शून्य किया जाना

[वाणिज्यिक कर]

10. ( *क्र. 461 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला भिण्ड स्थित, कस्बा भिण्ड के वार्ड नंबर-35, स्वतंत्र नगर, नगर पालिका सीमा के अंदर भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका क्रमांक सी.एल.आर. नं-11092110245, आरजी नं.-2835, कुल रकबा-0.5640 हेक्‍टेयर कृषि भूमि में से 0.07 विश्‍वा एवं 0.09 विश्‍वा कुल-16 विश्‍वा कृषि भूमि भू-स्वामियों द्वारा दिनांक 01 फरवरी, 2024 एवं 06 जून, 2024 का विक्रय पंजीयक कार्यालय में पंजीबद्ध हुआ है? (ख) यदि हाँ, तो क्या प्रश्‍नांकित कृषि भूमि को विक्रय करते समय रजिस्ट्रियों में शासन द्वारा स्वीकृत नक्शा लगाया गया था? यदि नहीं, तो क्यों? बगैर नक्शा लगे रजिस्ट्रीयां क्यों की गई? (ग) क्या प्रश्‍नांकित कृषि भूमि से अधिक रकबे की रजिस्ट्रियां, म.प्र. शासन द्वारा ई-रजिस्ट्रीकरण का डिजीटाइजेशन हो जाने के बावजूद भी अधिक रजिस्ट्रियां की गई है? यदि हाँ, तो कुल कितनी रजिस्ट्री की जानी थी और कितनी की गई, बतायें? (घ) क्या विक्रय किये गये रकबे से अधिक की रजिस्ट्रियों को शून्य किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक?                     समय-सीमा बतायें तथा क्या दोषी अधिकारियों के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जावेगी?                          (ड.) क्या प्रश्‍नांकित प्रकरणों में दिनांक 22.5.2026 को उप पंजीयक कार्यालय, जिला-भिण्ड, भिण्ड (म.प्र.) को कृषक (भू-स्वामी) के साथ हुई धोखाधड़ी का शिकायती पत्र धारा-72 या धारा-73 के अधीन आवेदन कर जमा की गई थी? यदि हाँ, तो उस पर क्या कार्यवाही की गई? की गई कार्यवाही की प्रति उपलब्ध करावें?

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ, दस्‍तावेज क्रमांक MP042902024A1130345, दिनांक 01.02.2024 से क्रेता अयोध्‍याशरण चौबे, रामस्‍वरूप बघेल द्वारा आराजी नंबर 2835 की कृषि भूमि एवं दस्‍तावेज क्रमांक MP042902024A1712811 दिनांक 06.06.2024 से क्रेता सुनीता शर्मा, रामस्‍वरूप बघेल, अखिलेश शर्मा द्वारा आराजी नंबर 2835 की कृषि भूमि क्रय की गई थी। (ख) जी हाँ, विक्रय करते समय रजिस्ट्रियों में राजस्व विभाग की भू-अभिलेख शाखा द्वारा जनरेट कम्प्यूटरीकृत सत्यापित नक्शा लगाया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) दस्तावेज क्रमांक MP042902024A1130345, दिनांक 01.02.2024 से क्रेता अयोध्याशरण चौबे, रामस्वरूप बघेल द्वारा आराजी नंबर 2835 की कृषि भूमि एवं दस्तावेज क्रमांक MP042902024A1712811, दिनांक 06.06.2024 से क्रेता सुनीता शर्मा, रामस्वरूप बघेल, अखिलेश शर्मा द्वारा आराजी नंबर 2835 की कृषि भूमि क्रय की गई थी। श्री रामस्वरूप बघेल द्वारा क्रय भूमि में से कुल 08 दस्तावेजों के माध्यम से 08 भूखण्डों का विक्रय एवं श्री अयोध्याशरण चौबे द्वारा क्रय भूमि में से कुल 2 दस्तावेजों के माध्यम से 02 भूखण्डों का विक्रय किया गया है, जिनका विवरण संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। ई-रजिस्ट्रीकरण के डिजीटाईजेशन उपरांत पक्षकारों को केवल पुराने पंजीबद्ध दस्तावेजों की सर्च करने की सुविधा प्रदाय की गई है। पक्षकारों द्वारा तत्समय प्रस्तुत खसरा एवं भू-अधिकार ऋण पुस्तिका के आधार पर उप पंजीयक द्वारा दस्तावेजों का पंजीयन किया गया है। पक्षकारों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की सत्यता की जांच करने के लिये पंजीयन अधिकारी, पंजीयन अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत सक्षम नहीं हैं। (घ) रजिस्ट्री शून्य घोषित करवाने संबंधी अधिकार पंजीयन विभाग के क्षेत्राधिकार में नहीं है। संबंधित पक्षकारों द्वारा व्यवहार न्यायालय में वाद दायर कर तदाशय की कार्यवाही की जा सकती है, अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।                   (ड.) आवेदक श्री रामशंकर शर्मा द्वारा आपत्ति आवेदन मय शुल्‍क के प्रस्‍तुत करने के उपरांत आराजी नंबर 2835 से संबंधित कोई दस्‍तावेज पंजीबद्ध नहीं हुआ, अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "तीन"

खनन एवं निवेश क्षेत्र में अधिग्रहण भूमि की जानकारी

[खनिज साधन]

11. ( *क्र. 731 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                 (क) क्या जिला रतलाम के ग्राम बिबड़ोद में प्रस्तावित रतलाम निवेश क्षेत्र (मेगा इंडस्ट्रियल पार्क) के अंतर्गत आने वाली आबादी भूमि पर निवासरत गरीब आदिवासी परिवारों को प्रशासन द्वारा हटाने की कार्यवाही की गई है तथा निवेश क्षेत्र हेतु अधिग्रहित उक्त क्षेत्र में खनिज पट्टा संचालक एवं खनन गतिविधियों से संबंधित व्यक्तियों/संस्थाओं द्वारा भी भूमि पर कब्जा कर उपयोग किया जा रहा है? यदि हाँ, तो उनके नाम, खसरा नंबर एवं क्षेत्रफल की जानकारी प्रदान की जाये। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार निम्न व्यक्तियों/संस्थाओं को भूमि खाली करने संबंधी नोटिस जारी किये गये हैं :- (1) ऋषभ महेंद्र पावेचा (2) कामधेनु स्टोन एंड सेंड (संचालक संजय पाटवाला) (3) भरत राठौर (4) प्रतीक विजयवर्गीय (5) शशांक विजयवर्गीय (6) मनोज कोठारी (7) राहुल जायसवाल (8) कैलाश कुमावत एवं अन्य संबंधित पट्टा संचालक? जारी नोटिस की संपूर्ण जानकारी देवें।                       (ग) क्या संबंधित क्षेत्र में खनिज का उत्खनन एवं परिवहन जारी है तथा इससे शासन को रॉयल्टी की हानि हुई? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक उत्खनित खनिज की मात्रा, देय रॉयल्टी, वसूल की गई राशि एवं बकाया राशि की जानकारी बतावें। (घ) क्या शासन निवेश क्षेत्र में निवासरत गरीब आदिवासी परिवारों के समान सभी खनिज पट्टा संचालकों एवं अतिक्रमणकर्ताओं के विरुद्ध निष्पक्ष एवं समान कार्यवाही सुनिश्चित करेगा? यदि हाँ, तो समय-सीमा बतावें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - मंत्री (श्री चेतन्‍य काश्‍यप) : (क) जी नहीं। जी नहीं। ग्राम बिबड़ोद में प्रस्तावित रतलाम निवेश क्षेत्र (मेगा इंडस्ट्रियल पार्क) के अंतर्गत आने वाली तथा निवेश क्षेत्र हेतु अधिग्रहित उक्त क्षेत्र में पूर्व से स्वीकृत उत्खनन पट्टाधारकों द्वारा स्वीकृत क्षेत्र के भीतर नियमानुसार खनन संक्रिया की जा रही है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं। किसी भी संस्था अथवा व्यक्ति को भूमि खाली संबंधी नोटिस जारी नहीं किया गया है, अपितु उक्त भूमि प्रस्तावित रतलाम निवेश क्षेत्र (मेगा इंडस्ट्रियल पार्क) हेतु आवंटित होने से क्षेत्र पर पूर्व से स्वीकृत उत्खनन पट्टों को समय पूर्व निरस्त किये जाने के संबंध में नोटिस जारी किये गये हैं, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्टि अनुसार है। (ग) नियमानुसार स्वीकृत उत्खनन पट्टा क्षेत्र से खनिज का उत्खनन एवं परिवहन होने से राज्य शासन को रॉयल्टी की प्राप्ति हो रही है तथा जिससे राज्य शासन को रॉयल्टी की कोई हानि नहीं हुई है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

वन्य जीवों का रेस्क्यू अभियान

[वन]

12. ( *क्र. 169 ) श्री घनश्याम चन्द्रवंशी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                      (क) क्या वर्ष 2025 में कालापीपल विधानसभा में पायलेट प्रोजेक्ट के तहत बीमा तकनीक से फसल को नुकसान पहुँचाने वाले वन्यजीवों को रेस्क्यू किया गया था? यदि हाँ, तो उक्त प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्‍य क्या था? (ख) क्या शासन द्वारा फसलों को नुकसान पहुँचानें वाले वन्यजीवों को अन्यत्र स्थानों पर भेजने हेतु पुनः कोई अभियान चलाया जाना प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो उस अभियान कि जानकारी प्रदान करें? यदि ‍कोई अभियान प्रस्‍तावित नहीं है, तो क्या विभाग कोई अभियान चलायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों नहीं बतावें? (ग) क्या विभाग वन्यजीवों से किसानों की फसलों के संरक्षण के लिये नियमित रूप से कोई कार्य योजना बनायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों नहीं?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री दिलीप अहिरवार) : (क) जी हाँ, पायलट प्रोजेक्ट का उद्देश्य कृष्ण मृगों एवं नीलगायों से फसल नुकसान को कम करना था।                                   (ख) माह सितम्‍बर-अक्टूबर, 2026 के दौरान अनुकूल मौसम एवं वन्यजीवों की पर्याप्त उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए अभियान का संचालन शाजापुर तथा उज्जैन जिलों के फसल प्रभावित क्षेत्रों में किये जाने की योजना है। (ग) वित्तीय वर्ष 2025-26 से योजना क्रमांक 1621 टाइगर रिज़र्व के अंतर्गत बफर क्षेत्रों का विकास हेतु प्रारंभ की गई, जिसमें ग्रामों से लगे संवेदनशील वन क्षेत्रों जहां पर मानव-वन्यजीव द्वंद्व अधिक है, में किसानों की फसल हानि के रोकथाम एवं सुरक्षा की दृष्टि से वन क्षेत्र की तरफ फैंसिंग कार्य का प्रावधान है।

अपराधियों के विरूद्व कार्यवाही

[गृह]

13. ( *क्र. 787 ) श्री अम्बरीष शर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                       (क) क्या चौकी मछंड, थाना रौन जिला भिण्ड के ग्राम लालौर में संरक्षण प्राप्त अज्ञात अपराधी-रौन, प्रदीप राजावत, गोपाल राजावत, दीपू राजावत, एम.पी. राजावत, अशोक राजावत, विवेक राजावत व अन्य दिनांक 23.02.2026 को ग्राम लालौर नदी घाट पर अवैध रेत उत्खनन परिवहन करते समय रेत से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली रौन पुलिस द्वारा पकड़ने पर रेत से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली पुलिस अभिरक्षा से छुड़ा ले गए थे? यदि हाँ, तो पुलिस द्वारा उक्त घटना के संबंध में किन-किन धाराओं में एवं             किन-किन अपराधियों पर तहत पंजीबद्ध की गई है? यदि हाँ, तो किन-किन अपराधियों को गिरफ्तार किया गया? यदि नहीं, तो फरार आरोपियों के विरूद्व क्या कार्यवाही की गई? (ख) दिनांक 24.02.2026 को चौकी मछंड क्षेत्र के ग्राम लालौर में अपराध क्र. 192/25,  256/25 के फरार आरोपियों को पकड़ने हेतु पुलिस गई थी, तो उक्त फरार आरोपियों द्वारा रास्ते में ट्रैक्टर ट्रॉली अड़ाकर पुलिस का रास्ता रोककर पुलिस पर लाठी, डंडे व कट्टे से पुलिस पर हमला कर मारपीट की गई? यदि हाँ, तो उक्त घटना संलिप्त अपराधियों पर क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री नरेन्‍द्र शिवाजी पटेल) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

परिशिष्ट - "चार"

लोक सेवा आयोग द्वारा भर्ति‍यों की समय-सीमा

[सामान्य प्रशासन]

14. ( *क्र. 473 ) श्री नितेन्‍द्र बृजेन्‍द्र सिंह राठौर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा विज्ञापित पदों पर परीक्षा, परिणाम एवं नियुक्ति की क्या कोई निर्धारित समय-सीमा है? यदि हाँ, तो अवगत करायें? यदि नहीं, तो युवाओं को समय पर रोजगार उपलब्ध कराने हेतु ऐसी समय-सीमा निर्धारित करने का शासन का कोई प्रस्ताव है? यदि हाँ, तो अवगत करायें? यदि नहीं, तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्रीमती कृष्‍णा गौर) : जी नहीं। आयोग द्वारा प्रत्‍येक वर्ष के प्रारंभ में परीक्षा आयोजन का वार्षिक परीक्षा केलेण्‍डर जारी किया जाता है। लिखित परीक्षा परिणाम पश्‍चात साक्षात्‍कार प्रक्रिया पूर्ण होने पर ही अंतिम चयन परिणाम जारी किया जाता है, किन्‍तु माननीय न्‍यायालय द्वारा कोई अंतरिम आदेश या स्‍थगन की स्थिति में केलेण्‍डर में परिवर्तन किया जाता है। जी नहीं। चयन परिणाम के घोषित होने के पश्‍चात आवेदकों की नियुक्ति का कार्य संबंधित विभागों द्वारा किया जाता है। माननीय न्‍यायालय के अंतरिम आदेशों या स्‍थगन आदि की स्थिति के कारणों से परीक्षा परिणामों व नियुक्तियों के लिये समय-सीमा निर्धारित की जाना उपयुक्‍त नहीं है।

निर्माण कार्यों हेतु रेत की उपलब्धता

[खनिज साधन]

15. ( *क्र. 183 ) श्री विवेक विक्की पटेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि        (क) जिला बालाघाट अंतर्गत निर्माणाधीन शासकीय, गैर शासकीय निर्माण कार्य जैसे शासन द्वारा स्वीकृत निर्माण कार्य, पी.एम. आवास, विधायक क्षेत्र विकास निधि के कार्य, विभागों के महत्वपूर्ण एवं व्यक्तिगत निवास भवन के निर्माण कार्य जारी हैं और इनके निर्माण हेतु रेत की नितांत आवश्यकता बनी रहती है? ऐसे में वर्तमान में जिला बालाघाट में रेत उपलब्ध कराने हेतु कौन-कौन से रेत घाट स्वीकृत हैं? विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 112 सहित जिला बालाघाट में समस्त विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृत रेट घाटों की सूची उपलब्ध करवाएं? (ख) जिले में निर्माण कार्यों के लिये रेत उपलब्ध कराने हेतु जिला प्रशासन एवं खनिज विभाग द्वारा क्या कार्रवाई की जा रही है? यदि कोई ठोस नीति नहीं बनाई गई है, तो कब तक खनिज विभाग द्वारा उत्खनन हेतु रॉयल्टी जारी किया जाना प्रारंभ किया जायेगा? समय-सीमा बताएं।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - मंत्री (श्री चेतन्‍य काश्‍यप) : (क) जी हाँ। प्रश्‍नांश अनु‌सार विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 112 सहित जिला बालाघाट में मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम के पक्ष में उत्खनिप‌ट्टा पर स्वीकृत रेत घाटों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट पर दर्शित है।                                 (ख) जिला बालाघाट में रेत की आपूर्ति सुनिश्चित किये जाने हेतु कृत कार्यवाही का विवरण निम्नानुसार है :- जिला बालाघाट की रेत खदानों से रेत का खनन एवं विक्रय, माईन डेवलपर कम ऑपरेटर (एम.डी.ओ.) के माध्यम से वर्ष 2023 से दिनांक 11.03.2026 तक संचालित रहा। मध्यप्रदेश रेत (खनन, परिवहन, भण्डारण एवं व्यापार) नियम, 2019 के नियम 18 के प्रावधानों के अंतर्गत पूर्व एम.डी.ओ. के पक्ष में स्वीकृत भण्डारण अनुज्ञप्तियों से रेत का निर्वतन दिनांक 10.04.2026 तक हुआ। इसके उपरांत जिले में राजसात हुये रेत भण्डारणों का निवर्तन नियम 18 के उप नियम 11 के प्रावधानों के अंतर्गत जिला स्तर से किया गया। इसके अतिरिक्त रेत नियम में, किसी समूह में ठेके का संचालन न होने की स्थिति में अन्य समूहों के माइन डेवलपर कम ऑपरेटर को समूह की खदानों के संचालन हेतु विकल्प दिये जाने का प्रावधान है। उक्त नियम 26 (2) के अंतर्गत जिला बालाघाट की खदानों के संचालन हेतु निकटवर्ती समूह के एम.डी.ओ. को दिनांक 06.05.2026 को सहमति हेतु पत्र जारी किये गये। जिला बालाघाट की रेत खदानों में एम.डी.ओ. की नियुक्ति हेतु वर्तमान प्रचलित ई-निविदा सह नीलामी प्रक्रिया (निविदा सूचना दिनांक 10.06.2026) सफल हुई है एवं खदानों को अतिशीघ्र प्रारंभ किये जाने की कार्यवाही की जा रही है।

परिशिष्ट - "पांच"

सेंधवा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना अंतर्गत सिंचाई लाभ से वंचित आदिवासी कृषक

[नर्मदा घाटी विकास]

16. ( *क्र. 663 ) श्री मोंटू सोलंकी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                           (क) क्या सेंधवा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना में राजस्व भूमि के कृषकों को सिंचाई जल उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि वन भूमि पर परंपरागत खेती कर रहे आदिवासी कृषकों को लाभ नहीं दिया जा रहा है? यदि हाँ, तो कारण सहित ग्रामवार जानकारी दें। (ख) क्या वन भूमि पर कृषि कर रहे आदिवासी कृषकों की आजीविका कृषि पर आधारित होने के बावजूद उन्हें परियोजना के कमांड क्षेत्र के लाभ से वंचित रखा गया है? यदि हाँ, तो प्रभावित कृषकों की संख्या एवं रकबे की जानकारी दें। (ग) क्या पेसा अधिनियम, 1996 के अंतर्गत अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों एवं विकास योजनाओं के संबंध में अधिकार प्राप्त हैं? यदि हाँ, तो उक्त अधिकारों के बावजूद वन भूमि पर खेती कर रहे आदिवासी कृषकों को सिंचाई सुविधा से वंचित रखने के विधिक, प्रशासनिक अथवा तकनीकी कारण का कारण बताएं। (घ) क्या शासन के संज्ञान में राजस्व एवं वन भूमि के कृषकों के बीच सिंचाई सुविधा को लेकर असमानता की स्थिति है? यदि हाँ, तो समाधान हेतु क्या कदम उठाए गए हैं? (ड.) क्या शासन परियोजना में संशोधन कर वन भूमि पर खेती कर रहे पात्र आदिवासी कृषकों को भी सिंचाई सुविधा देने पर विचार कर रहा है? यदि हाँ, तो समय-सीमा बताई जाए।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री धर्मेन्‍द्र भाव सिंह लोधी) : (क) से (घ) वन विभाग के प्रचलित प्रावधानों के अनुसार वन भूमि को परियोजना के कमाण्‍ड क्षेत्र में सम्मिलित नहीं किया गया है। शेष प्रश्‍न लागू नहीं। (ड.) ऐसा कोई प्रस्‍ताव वर्तमान में विभाग में विचाराधीन नहीं है।

औद्योगिक इकाइयों की स्‍थापना

[सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम]

17. ( *क्र. 714 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुसनेर विधानसभा क्षेत्र जिला आगर मालवा अंतर्गत वर्ष 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितनी औद्योगिक इकाइयां स्थापित की गई हैं तथा कितने उद्योग कहां-कहां लगना प्रस्तावित हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार क्षेत्र के कितने लोगों को रोजगार दिया गया? सूची उपलब्ध करावें।

सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ) : (क) सुसनेर विधानसभा क्षेत्र जिला आगर मालवा अंतर्गत वर्ष 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल स्थापित औद्योगिक इकाइ‌यों की जानकारी एम.एस.एम.ई. मंत्रालय भारत सरकार के उद्यम पोर्टल अनुसार कुल 102 औद्योगिक इकाइयां स्थापित हैं तथा उद्योग लगाने हेतु वर्तमान में ग्राम आंकली औद्योगिक क्षेत्र में कुल 44 उद्योग लगना प्रस्तावित है। (ख) एम.एस.एम.ई. मंत्रालय भारत सरकार के उद्यम पोर्टल अनुसार कुल 629 व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है, जिसकी जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "छ:"

परामर्शी सेवा में मानदेय का निर्धारण

[वित्त]

18. ( *क्र. 868 ) श्री केशव देसाई : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वित्त विभाग द्वारा आदेश क्रमांक एफ-11-01/2025/नियम/4, दिनांक 02.05.2025 के माध्यम से परामर्शी सेवाओं हेतु वार्षिक पारिश्रमिक/मानदेय की अधिकतम सीमा क्रमशः 20 लाख, 15 लाख एवं 10 लाख की तीन श्रेणियों में निर्धारित की गई है? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्‍ध कराएं। (ख) क्या कोई विभाग अथवा स्वायताशासी संस्थाएँ उक्त आदेश के अंतर्गत निर्धारित श्रेणी के मानदेय से कम राशि निर्धारित कर परामर्शी नियुक्ति का आदेश जारी कर सकती है? यदि हाँ, तो इसके लिये निर्धारित नियम/मापदण्ड का विवरण दिया जाये? (ग) उक्त आदेश में निर्धारित पारिश्रमिक/मानदेय की राशि संबंधित विभाग के लिये बाध्यकार्य है अथवा अधिकतम सीमा के रूप में निर्धारित की गई है? क्या 10 लाख की वार्षिक सीमा के एवज में गत आदेश क्रमांक एफ/11-01-2022/नियम/चार, दिनांक 24.05.2022 अनुसार श्रेणी 3 हेतु निर्धारित राशि 06 लाख 25 हजार अंतर्गत नये आदेश वर्तमान में विभाग द्वारा किया जा सकता है? स्पष्ट करें।                   (घ) दिनांक 02 मई, 2025 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने विभागों संस्थाओं द्वारा निर्धारित श्रेणी से कम मानदेय नियुक्ति की गई हैजो विभाग के संज्ञान में है? जानकारी परामर्शी/विभागवार, प्रदान की जाये।

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ। आदेश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है(ख) आदेश स्‍वत: सुस्‍पष्‍ट है। (ग) जी हाँ। जी हाँ, आदेश स्‍वत: सुस्‍पष्‍ट है। (घ) उत्‍तरांश (क) से (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

पुलिस बल के पदों की स्‍वीकृति

[गृह]

19. ( *क्र. 557 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                          (क) नवगठित जिला मैहर में जिला स्तरीय कार्यालय एवं पुलिस लाइन तथा अन्य शाखाओं के पद स्वीकृत किये जाने के विषय में तारांकित प्रश्‍न क्र. 1240, दिनांक 25 फरवरी, 2026 में प्रस्तुत उत्‍तर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, के संबंध में क्या अब तक प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है? यदि हाँ, तो जानकारी दी जावे। (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में यदि नहीं, तो क्यों और कब तक पूर्ण की जावेगी? समयावधि बतायी जावे।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री नरेन्‍द्र शिवाजी पटेल) : (क) एवं (ख) नवगठित जिलों की आवश्यकता अनुसार आवश्यक पदों की स्वीकृति का प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

वन भूमि के खनन हेतु दी गई अनुमति

[वन]

20. ( *क्र. 567 ) डॉ. विक्रांत भूरिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                        (क) प्रदेश में पिछले 5 वर्षों में आदिवासी ब्लॉक क्षेत्रों में "खनन परियोजनाओं" हेतु कितनी वन भूमि हस्तांतरित की गई? जिलेवार जानकारी प्रदान करें। (ख) कितनी परियोजनाओं को ग्राम सभा की सहमति प्राप्त होने के बाद स्वीकृति दी गई तथा कितनों को बिना सहमति के आगे बढ़ाया गया? विस्तृत जानकारी प्रदान करें।  

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री दिलीप अहिरवार) : (क) प्रदेश में पिछले 5 वर्षों में आदिवासी ब्लॉक क्षेत्रों में खनन परियोजनाओं हेतु 847.487 हेक्टेयर वनभूमि वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 के तहत स्वीकृत की गई। जिलेवार जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) उत्तरांश "क" में दर्शित सभी परियोजनाओं में ग्राम सभा की सहमति प्राप्त होने के बाद स्वीकृति दी गई है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "सात"

नर्मदा घाटी विकास विभाग द्वारा उपलब्ध जानकारी

[नर्मदा घाटी विकास]

21. ( *क्र. 718 ) श्री राजन मण्‍डलोई : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक 176/2026, दिनांक 07.05.2026, कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग-11, बड़वानी को प्रेषित किया गया था? यदि हाँ, तो क्या प्रश्‍नकर्ता को संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करा दी गई है? यदि नहीं, तो सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश क्रमांक F-19-76/2007/1/4, दिनांक 22.03.2011 के अनुसार संबंधित अधिकारी/कर्मचारी की जवाबदेही निर्धारित कर उनके विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई है अथवा की जायेगी तथा जानकारी कब तक उपलब्ध कराई जायेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री धर्मेन्‍द्र भाव सिंह लोधी) : जी हाँ। शेष प्रश्‍न लागू नहीं।

औद्योगिक क्षेत्र में आवंटित किये गए भूखंडों की वर्तमान स्थिति

[सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम]

22. ( *क्र. 726 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम फर्नाखेड़ी, तहसील खाचरौद जिला उज्जैन में स्थित औद्योगिक क्षेत्र में जिन लोगों को भूखंड आवंटित किये गए थे, क्या उन लोगों को भौतिक पजेशन (कब्ज़ा) प्रदान कर दिया गया है? यदि हाँ, तो भूखंड क्रमांक 52 की स्थिति क्या है? (ख) भूखंड क्रमांक 4 से 11 तक भूखंडों पर आवंटित सदस्यों को पजेशन (कब्ज़ा) नहीं मिला है, वहां अन्य लोगों का कब्जा है, क्या? यदि हाँ, तो भूखंडधारियों को अतिक्रमण हटाकर कब्जा दिलाने की कार्यवाही क्यों नहीं की गई? (ग) क्या भूखंड क्रमांक 13 से 18 तक के आवंटि‍तों को भी कब्जा प्राप्त नहीं हुआ, इन्हे कब तक कब्जा प्रदान करवा दिया जायेगा? (घ) औद्योगिक क्षेत्र में स्थानिय पंचायत, चौकीदार एवं अन्य लोगों के द्वारा अपना कब्जा बताकर भूखंडधारियों के कार्यों में बाधा उत्पन्न की जाती है, इस संबंध में विभाग की क्या भूमिका है और अब तक क्या कार्यवाही की गई है?

सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ) : (क) औद्योगिक क्षेत्र फर्नाखेडी तहसील खाचरोद जिला उज्जैन में 54 आवंटियों को कब्जा प्रदान किया जा चुका है। शेष 19 आवंटियों द्वारा म.प्र. एम.एस.एम.ई. को औद्योगिक भूमि तथा भवन आवंटन एवं प्रबंधन नियम 2025 की कंडिका 13 (V) अनुसार लीज निष्पादन दिनांक से आधिपत्य (डीम्ड पजेशन) प्राप्त किया गया। भूखण्ड क्रमांक 52 के आवंटी का लीज निष्पादन दिनांक से आधिपत्य लेना मान्य किया गया है। भूखण्ड क्रमांक 52 के आवंटी द्वारा नियत समय में उद्योग प्रारंभ नहीं करने के कारण लीज डीड निरस्त की गई है। (ख) भूखंड क्रमांक 4 से 11 तक के आवंटी भूखंडों में से भूखण्ड क्रमांक 5, 6, 7, 8, 9, 11 के आवंटियों द्वारा आधिपत्य प्राप्त किया गया है। भूखंड क्रमांक 4 एवं 10 के आवंटियों द्वारा लीज निष्पादन दिनांक से डीम्ड पजेशन प्राप्त किया गया है। उक्त आवंटियों द्वारा निर्धारित समयावधि में उद्योग प्रारंभ नहीं करने के कारण लीज डीड निरस्त की गई है। (ग) भूखंड क्रमांक 13 से 18 तक के भूखंड में से भूखंड क्रमांक 16, 17, 18 के आवंटियों द्वारा आधिपत्य प्राप्त किया गया। भूखंड क्रमांक 13, 14, 15 के आवंटियों द्वारा लीज निष्पादन दिनांक से डीम्ड पजेशन प्राप्त किया गया है। उक्त आवंटियों द्वारा समयावधि में उद्योग स्थापित नहीं करने के कारण लीज डीड निरस्त की गई है। (घ) प्रश्‍नांश के संबंध में शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है, अत: शेष प्रश्‍न उपस्थ्ति नहीं होता है।

सिराली तहसील अंतर्गत अवैध शराब की बिक्री

[वाणिज्यिक कर]

23. ( *क्र. 343 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा के सिराली क्षेत्रांतर्गत किन नियमों के तहत विभिन्‍न ग्रामों में अवैध रूप से शराब की दुकानें संचालित हो रही है? इन अवैध संचालित दुकानों को शराब की आपूर्ति किसके द्वारा होती है? विभाग द्वारा ऐसे कितने प्रकरण बनाये गये तथा इनमें कितनी शराब जप्त की गई? क्या जांच में इन अवैध शराब आपूर्तिकर्ताओं के विरूद्ध भी प्रकरण पंजीबद्ध किये गये? यदि हाँ, तो कृत कार्यवाही की जानकारी देवें? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र के सिराली क्षेत्रांतर्गत अवैध शराब के परिवहन, विक्रय, भंडारण, ओवर रेटिंग तथा बिलिंग से संबंधित कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं? इन शिकायतों के निराकरण की स्थिति क्या है? वर्षवार, माहवार जानकारी उपलब्ध कराई जाए। (ग) म.प्र. आबकारी अधिनियम एवं आबकारी नीति के प्रावधानों के तहत विभाग एवं सक्षम प्राधिकारी द्वारा कब-कब, किस-किस लायसेंसी शराब दुकान की जाँच की गई तथा इन जांच में क्या कमी/अनियमितता पाई गई? जांच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध करावें? प्रश्‍नांश (क) से (ग) की जानकारी 01 जनवरी, 2024 से प्रश्‍न दिनांक तक उपलब्ध करावें। (घ) पी.ओ.एस. बिलिंग, सी.सी.टी.व्ही. एवं बारकोड/क्यू आर कोड ट्रैकिंग अनिवार्य है, इसे क्यों लागू नहीं किया गया? क्षेत्रांतर्गत संचालित लायसेंसी शराब दुकानों की विगत 06 माह की स्टॉक पंजी, आगम निर्गम पंजी, इनडेन्ट/ट्रांसपोर्ट परमिट, डेड/खराब स्टॉक की जानकारी, विक्रय पंजी की प्रति उपलब्ध करावें।

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) विधानसभा के सिराली क्षेत्रान्तर्गत वर्ष 2024-25 से वर्तमान वर्ष 2026-27 तक की अवधि में अवैध रूप से कोई भी मदिरा दुकान का संचालन नहीं किया जा रहा है। शेष प्रश्‍नांश की जानकारी निरंक है। उक्‍त क्षेत्र में वर्ष 2026-27 के लिये 02 कम्पोजिट मदिरा दुकानों के टेण्‍डर के माध्‍यम से निष्‍पादन किया जाकर, संचालित किये जा रहे हैं। विधान सभा के सिराली क्षेत्रांतर्गत वर्ष 2024-25 से, वर्तमान वर्ष 2026-27 तक की अवधि में विभाग द्वारा मदिरा अवैध विक्रय, संग्रहण, परिवहन, आदि के प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं। विस्तृत विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश के संबंध में वर्ष 2026-27 के माह जून, 2026 अंत तक की अवधि में शराब के अवैध परिवहन, विक्रय, भण्डारण, ओवर रेटिंग, बिलिंग आदि से संबंधित कुल 11 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। शिकायतें असत्य पाई गईं, विस्‍तृत विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (ग) मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 एवं आबकारी नीति में दिये गये प्रावधानों के तहत विभाग द्वारा प्रत्येक माह जिले की समस्त कम्पोजिट मदिरा दुकानों की जांच/निरीक्षण किया जाता है। वर्ष 2024-25 से वर्तमान वर्ष 2026-27 के माह जून, 2026 तक की अवधि में कम्पोजिट मदिरा दुकानों पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा की गई कार्यवाही/जांच में पाई गई कमी/अनियमितता पर मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 के अंतर्गत 226 विभागीय प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं। मदिरा दुकानों पर जांच के दौरान कमी/अनियमितता पाई जाने संबंधी जानकारी पी-8 की छायाप्रतियां पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-तीन अनुसार है। उक्त प्रकरणों में संबंधित कम्पोजिट मदिरा दुकानों पर कुल राशि रूपये 4,03,410/- की शास्ति आरोपित कर राज्य शासन के पक्ष में संबंधित लायसेंसी से जमा कराई गई है। (घ) शासन द्वारा वर्ष 2026-27 हेतु जारी आबकारी नीति अनुसार, मदिरा दुकानों पर पी.ओ.एस. मशीनों से बिलिंग, सी.सी.टी.व्ही. एवं बॉटल लेबल तक ट्रेक एण्‍ड ट्रेस व्‍यवस्‍था को अनिवार्य नहीं किया गया है। हरदा जिले की समस्त कम्पोजिट मदिरा दुकान पर विभाग द्वारा प्रदत्त क्यू.आर. कोड, जो मदिरा की फुटकर विक्रय दरों को प्रदर्शित करते हैं, सभी दुकानों पर चस्पा कराये गये हैं। क्षेत्रान्तर्गत संचालित कम्पोजिट मदिरा दुकान मकडाई रोड, सिराली एवं मसनगांव रोड, सिराली के विगत 06 माह की स्टॉक पंजी, आगम-निर्गम पंजी एवं मदिरा विक्रय की जानकारी लायसेंसी द्वारा विभाग के ई-आबकारी पोर्टल पर ऑनलाईन प्रतिदिन दर्ज की जाती है, जिसकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-चार अनुसार है। इसके अतिरिक्त उक्त मदिरा दुकानों के ट्रांसपोर्ट परमिट की छायाप्रतियां पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-पांच अनुसार है।

मुरैना में मिट्टी व गिट्टी-मुरम का अवैध उत्खनन एवं परिवहन

[खनिज साधन]

24. ( *क्र. 670 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                               (क) क्या खनिज विभाग यह स्पष्ट करेगा कि मुरैना क्षेत्र में ग्रीनफील्ड हाईवे का निर्माण कर रही निर्माण एजेंसी/ठेकेदार को विभाग द्वारा किस खदान से और कितनी मात्रा में गिट्टी, मिट्टी व मुरम उत्खनन की अनुमति (TP) जारी की गई थी? क्या मुरैना में मुरम की कोई वैध खदान न होने के बावजूद ठेकेदार द्वारा निजी व सरकारी जमीनों पर अवैध रूप से पोकलेन मशीनें चलाकर                दिन-रात अवैध उत्खनन किया जा रहा है? यदि नहीं, तो कहां से निर्माण कार्य हेतु आपूर्ति की गई है? (ख) क्या विभाग ठेकेदार द्वारा निर्माण में खपाए गए कुल रॉ-मटेरियल की नाप (Measurement) और उसके द्वारा काटी गई रॉयल्टी पर्चियों का मिलान करायेगा? बिना रॉयल्टी के करोड़ों रुपये के खनिज का अवैध दोहन करने वाले ठेकेदार के विरुद्ध चोरी का मामला (F.I.R.) दर्ज कर उसे ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई करेगा? (ग) ठेकेदार द्वारा बिना किसी लीज या वैध अनुमति के किये जा रहे इस महा-घोटाले और अवैध परिवहन पर क्षेत्र के खनिज अधिकारियों द्वारा कोई दंडात्मक कार्रवाई न करने का क्‍या कारण है? इस गंभीर लापरवाही से शासन को लगे करोड़ों के राजस्व चूने के लिये दोषी ठेकेदार और उसे संरक्षण देने वाले अधिकारियों पर कब तक संयुक्त रूप से रिकवरी और निलंबन की कार्रवाई की जायेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - मंत्री (श्री चेतन्‍य काश्‍यप) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट पर दर्शित है। मुरैना जिले में मुरम खनिज की 5 खदानें स्वीकृत है। प्रश्‍नाधीन कंपनी के विरूद्ध मिट्टी खनिज का अवैध उत्खनन पाये जाने पर दो प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं। निर्माण कंपनी द्वारा अनुमति प्राप्त स्थल एवं सड़क लेबलिंग से प्राप्त खनिज का उपयोग किया गया है।                (ख) ठेकेदार के बिल भुगतान के पूर्व रॉयल्‍टी चुकता प्रमाण पत्र जारी किये जाने का प्रावधान है। रॉयल्‍टी चुकता प्रमाण पत्र जारी किये जाने के पूर्व रॉयल्‍टी पर्ची से उपयोगित खनिज की मात्रा के मिलान के प्रावधान हैं। वर्तमान में प्रश्‍नाधीन कंपनी को कोई रॉयल्‍टी चुकता प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है। यदि रॉयल्‍टी भुगतान में अनियमितता पाई जाती है तब उपयोगित खनिज का बाजार मूल्य लिये जाने का प्रावधान है। प्रश्‍नानुसार शेष प्रावधान मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम, 1996 में नहीं है। (ग) उत्‍तरांश (क) एवं (ख) अनुसार वर्तमान में प्रश्‍नानुसार कोई स्थिति नहीं है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "आठ"

जाति प्रमाण पत्र बनाये जाने संबंधी

[सामान्य प्रशासन]

25. ( *क्र. 81 ) श्री नरेन्द्र प्रजापति [इंजीनियर] : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत 03 वर्षों से नवीन जिला रीवा से विभक्त जिला मऊगंज एवं जिला सतना से विभक्त जिला मैहर में कुम्हार जाति को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र नहीं बन रहा है, कब तक में बनना शुरू होगा? (ख) क्‍या जिला मऊगंज एवं जिला मैहर में कुम्हार जाति का प्रमाण पत्र न बनने से छात्र-छात्राओं को विद्यालय/कॉलेज में प्रवेश, छात्रवृत्ति में एवं युवाओं को रोजगार में समस्या होती है? इसके लिये जिला कलेक्टर, सामान्य प्रशासन विभाग को ज्ञापन एवं पत्राचार किया गया, परंतु अभी तक जाति प्रमाण पत्र बनना शुरू नहीं हुआ? कब तक शुरू होगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्रीमती कृष्‍णा गौर) : (क) प्रश्‍नांश के संबंध में कलेक्‍टर के प्रस्‍ताव सामान्‍य प्रशासन विभाग को प्राप्‍त हो चुके हैं। परीक्षण उपरांत कार्यवाही प्रकियाधीन है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। (ख) उत्‍तरांश 'क‍' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

 

 

 






भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्‍नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्‍नोत्तर


वृक्षारोपण एवं वन संरक्षण के कार्य

[वन]

1. ( क्र. 3 ) श्री प्रहलाद लोधी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पवई विधानसभा क्षेत्र में विगत चार वर्षों (2022-2026) के दौरान वृक्षारोपण, पौधारोपण, नर्सरी विकास एवं ताल तलैया निर्माण हेतु कुल कितनी राशि स्वीकृत की गई और उक्त राशि का वर्षवार व्यय विवरण क्या है? (ख) क्या शासन द्वारा उक्त समस्त कार्यों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कराया गया है? यदि हाँ, तो कार्य स्थल पर पौधों की जीवित रहने की दर (Survival Rate) क्या है और क्या निर्माण कार्यों की गुणवत्ता निर्धारित तकनीकी मानकों (Standard Specifications) के अनुरूप पाई गई है? (ग) यदि भौतिक सत्यापन रिपोर्ट में कार्य असंतोषजनक या मानकों के विपरीत पाए गए हैं, तो इसके लिए कौन-कौन से अधिकारी/कर्मचारी और संविदाकार दोषी पाए गए हैं? उनके विरुद्ध अब तक क्या दंडात्मक कार्यवाही की गई है? (घ) क्या शासन को पवई क्षेत्र में वन वृक्षों की अवैध कटाई और प्रतिबंधित क्षेत्रों में अवैध पत्थर खनन की सूचना प्राप्त हुई है? यदि हाँ, तो विगत चार वर्षों में दर्ज प्रकरणों, जब्त खनिज लकड़ी और वसूल की गई अर्थदंड की राशि का पूर्ण विवरण क्या है? (ड.) क्या अवैध खनन और वृक्षों की अवैध कटाई में संलिप्त माफियाओं तथा इस हेतु जिम्मेदार अधिकारियों पर शासन उच्च स्तरीय जाँच बैठाकर एफ.आई.आर. (FIR) दर्ज कराने की कार्यवाही करेगा? यदि नहीं, तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी संलग्न  परिशिष्ट-में है। (ख) समस्त कार्यों का सत्यापन विभागीय निर्देशों के तहत कराया गया है। पवई विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत भौतिक सत्यापन के अनुसार उक्त अवधि में रोपित पौधों का जीवितता दर प्रतिशत 92% से 100% तक पाया गया है निर्माण कार्यों की गुणवत्ता निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप पाई गई है।                   (ग) उत्तरांश (ख) के अनुक्रम में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। जानकारी संलग्न            परिशिष्ट-2  में है। (ड.) वर्तमान में उपलब्ध अभिलेखों एवं जांच के आधार पर अवैध कटाई एवं अवैध उत्खनन करने वाले अपराधियों पर वन अपराध प्रकरण दर्ज कर विधि सम्मत कार्यवाही की गई है। किसी भी अधिकारी की संलिप्तता प्रमाणित नहीं हुई है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "नौ"

जिला सागर  अंतर्गत उद्योगों की स्‍थापना

[सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम]

2. ( क्र. 21 ) श्री गोपाल भार्गव : क्या सूक्ष्‍म,लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) औद्योगिक केन्द्र पटना ककरी जिला सागर में अभी तक किन-किन उद्योगों एवं उद्यमियों को विभाग द्वारा भूखण्ड आवंटन किये गये है। पूर्ण विवरण प्रस्तुत करें इनमें से किस किस उद्यमी द्वारा कार्य प्रारंभ कर दिया गया है उसकी पूर्ण जानकारी दी जावें? (ख) औद्योगिक केन्द्र पटना ककरी जिला सागर में अभी तक विभाग द्वारा दी गई सुविधाओं की जानकारी तथा शेष कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया जावे? (ग) क्या खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा औद्योगिक क्षेत्र पटना ककरी में भूखण्ड आवंटित किया गया है तथा भूखण्ड पर अभी तक किस प्रयोजन के लिए निर्माण कार्य किया जा रहा है? (घ) पटना ककरी औद्योगिक क्षेत्र में आवंटित उद्योगों को शीघ्र स्थापित करने के लिए विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है तथा इस कार्य के लिए किस अधिकारी को उत्तरदायी किया गया है पूर्ण विवरण दिया जावें?

सूक्ष्‍म,लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार  है। (ख) औ‌द्योगिक क्षेत्र में सी.सी. रोड, आर.सी.सी. ड्रेन, ह्यूम पाईप कलवर्ट, वाटर सप्लाई स्कीम मय बोरवेल ट्यूबवेल, ओव्हर हेड टैंक, सेम्पवेल टैंक, पाइप-लाइन बिछाने का कार्य, 2 नग साइन बोर्ड, चौकीदार क्वार्टर, गेट काम्पलेक्स, बाह्य इलेक्ट्रिफिकेशन मय सबस्टेशन, बारवेट वायर फेन्सिंग एवं लेड डेवलपमेंट का कार्य पूर्ण किया गया है। (ग) विभाग द्वारा खादी एवं ग्रामो‌द्योग बोर्ड को औ‌द्योगिक क्षेत्र पटना ककरी में भूखण्ड आवंटित किया गया है परंतु बोर्ड द्वारा निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है। (घ) विभाग द्वारा उ‌द्योग स्थापना हेतु आवश्यक अधोसंरचना का विकास पूर्ण किया गया है। सूक्ष्म एवं लघु उ‌द्योग के मामले में उत्पादन प्रारंभ करने हेतु लीज निष्पादन दिनांक से 02 वर्ष कि समय-सीमा निर्धारित है। आवंटियों को आवश्यक मार्गदर्शन, सहयोग एवं सहायता महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, सागर द्वारा उपलब्ध कराई जाती है।

वन भूमि का गैर वानिकी कार्य हेतु व्यपवर्तन

[वन]

3. ( क्र. 41 ) श्री संजय उइके : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में विभिन्न योजनाओं/परियोजनाओं/खनन हेतु वन भूमि का गैर वानिकी कार्य हेतु व्यपवर्तन वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक की अवधि में किया गया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ, तो            किन-किन जिलों की कितनी-कितनी वन भूमि गैरवानिकी कार्य हेतु व्‍यपवर्तन किया गया? वन स्वीकृति कब-कब दी गई? प्रतिपूरक वनीकरण हेतु चिन्हित भूमि कहां-कहां, कितनी-कितनी,                          किस-किस जिले में विभाग को प्राप्त हुई? (ग) प्रतिपूरक वनीकरण के लिए विभाग को प्राप्त भूमि भारतीय वन अधिनियम 1927 की किस धारा में कब-कब अधिसूचित किया गया? (घ) प्रतिपूरक वनीकरण हेतु प्राप्त भूमियों पर कब से वनीकरण का कार्य प्रारम्भ किया गया और पूर्ण किया गया? वनीकरण कार्य पूर्ण करने के उपरान्त कहां-कहां 0.4 से 0.7 तक वितान सघनता का वन विकसित किया गया? जिलेवार जानकारी उपलब्ध करावें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-में है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2  में है। (घ) प्रथम भाग से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-में है। वनीकरण क्षेत्रों में वितान सघनता का आंकलन वृक्षों के छत्र पूर्ण रूप से विकसित होने के उपरांत ही किया जा सकता है। अतः वर्तमान में वितान सघनता संबंधी जानकारी दिया जाना संभव नहीं है।

पुलिस चौकी का थाने में उन्‍नयन

[गृह]

4. ( क्र. 54 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) क्या नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कर्रापुर पुलिस चौकी स्थापित है? यदि हाँ, तो वर्णित पुलिस चौकी को पुलिस थाना का दर्जा प्रदान करने के सबंध में विभाग द्वारा कोई कार्यवाही की गई है? जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित पुलिस चौकी कर्रापुर में सम्मिलित ग्रामों/जनसंख्या/ नगर पंचायत को दृष्टिगत रखते हुए विभाग द्वारा पुलिस चौकी उन्नयन के संबंध में विभाग कोई कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो जानकारी देवें तथा पुलिस चौकी से थाने का दर्जा कब तक प्राप्त होगा? (ग) क्या पुलिस थाना मकरोनिया अंतर्गत दीनदयाल नगर मकरोनिया में पुलिस चौकी स्थापना के संबंध में विभाग द्वारा कोई प्रस्ताव शासन स्तर पर भेजा गया है या लंबित है(घ) दीनदयाल नगर मकरोनिया में रेल्वे स्‍टेशन/अस्पताल व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स एवं अन्य आवासीय कालोनी तथा जनसंख्या घनत्व को देखते हुए विभाग द्वारा पुलिस चौकी की स्थापना की जायेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। पुलिस चौकी, कर्रापुर का थाना में उन्नयन का प्रस्ताव का परीक्षण किया गया है। परीक्षण में पाया गया कि यह थाना के मापदण्ड पूरे नहीं करता है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। (घ) दीनदयाल नगर मकरोनिया में पुलिस चौकी की स्थापना का प्रस्ताव का परीक्षण किया गया है। परीक्षण में पाया गया कि यह चौकी के मापदण्ड पूरे नहीं करता है।

अवैध शराब की बिक्री

[वाणिज्यिक कर]

5. ( क्र. 55 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नरयावली विधानसभा क्षेत्र अतंर्गत कितनी अंग्रेजी/देशी कम्पोजिट शराब दुकान संचालित हैं? जानकारी विक्रेता का नाम एवं स्थान सहित देवें। (ख) नरयावली विधानसभा क्षेत्र अतंर्गत नगरीय क्षेत्र मकरोनिया एवं छावनी क्षेत्र सदर तथा संलग्न ग्रामों में कितने अवैध शराब बिक्री के प्रकरण एवं छापामार कार्यवाही विभाग द्वारा वर्ष 2025-26 एवं वर्ष 2026 से प्रश्‍न दिनांक तक की गई एवं विभाग द्वारा कितने प्रकरण पंजीबद्ध किये गये है? जानकारी देवें।               (ग) प्रश्‍नांश (ख) में वर्णित कितने प्रकरणों में विभाग द्वारा न्यायालयीन कार्यवाही की गई प्रकरण सहित संपूर्ण जानकारी देवें। (घ) क्या अवैध शराब बिक्री रोकने एवं दुकानों के निर्धारित समय पर संचालन के संबंध में विभाग द्वारा कोई कार्यवाही समय-समय पर की जाती है यदि हाँ, तो उक्त कार्यवाही विभाग द्वारा कब-कब की गई एवं संचालित दुकान निर्धारित समय से अधिक समय तक खुली होने पर विभाग ने किन-किन दुकानों पर कार्यवाही की?

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) नरयावली विधानसभा क्षेत्र अतंर्गत वर्ष 2026-27 में कुल 18 कम्‍पोजिट मदिरा दुकानें संचालित हैं। जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे           परिशिष्ट-एक अनुसार है। (ख) नरयावली विधानसभा क्षेत्र अतंर्गत नगरीय क्षेत्र मकरोनिया एवं छावनी क्षेत्र सदर तथा संलग्‍न ग्रामों में विभाग द्वारा वर्ष 2025-26 एवं वर्ष 2026-27 से प्रश्‍न दिनांक तक 268 स्‍थलों पर छापामार कार्यवाही करते हुये अवैध शराब बिक्री के कुल 239 प्रकरण पंजीबद्ध किये जाकर, वर्ष 2025-26 में 190 एवं वर्ष 2026 से प्रश्‍न दिनांक तक 49 प्रकरण, कुल 239 पंजीबद्ध प्रकरण सक्षम न्‍यायालय में प्रस्‍तुत किये गये हैं। पंजीबद्ध प्रकरणों की जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार पंजीबद्ध प्रकरणों की जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-तीन अनुसार है। (घ) जिला सागर में अवैध शराब विक्रय पर रोक लगाने हेतु सूचकों से प्राप्‍त सूचना, औचक निरीक्षण करने के दौरान नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। वृत्‍त प्रभारियों द्वारा वित्‍तीय वर्ष 2024-25 में अवैध शराब विक्रय के कुल 958 प्रकरण एवं वर्ष 2026-27 में 02 जुलाई 2026 तक कुल 208 प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं। सहायक आबकारी आयुक्‍त,जिला सागर द्वारा पत्र क्रमांक/आब./शिका./2026/1962 दिनांक 08.05.2026 से मदिरा दुकानों का संचालन समय पर किये जाने हेतु वृत्‍त प्रभारियों को निर्देशित किया गया है, पत्र की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-चार अनुसार है। निर्धारित समय से अधिक समय तक मदिरा दुकानें खुली होने संबंधी कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आने से जानकारी निरंक है।

संचालित मदिरा दुकानों की जानकारी

[वाणिज्यिक कर]

6. ( क्र. 89 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक छिंदवाड़ा एवं नवगठित पांढुर्णा जिले में वर्षवार, श्रेणीवार (देशी, विदेशी एवं कम्पोजिट) कुल कितनी शराब दुकानें संचालित रही हैं, वर्तमान में दोनों जिलों में कुल कितनी दुकानें संचालित हैं? (ख) पिछले 10 वर्षों में इन दोनों जिलों में कुल कितनी नई शराब दुकानें खोली गई हैं या उप-दुकानें (Sub-shops) स्वीकृत की गई हैं, वर्षवार एवं स्थानवार (Location-wise) स्वीकृत दुकानों की संख्यात्मक सूची क्या है? (ग) वर्ष 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में छिंदवाड़ा एवं पांढुर्णा जिले की शराब दुकानों से सरकार को वर्षवार कुल कितना आबकारी राजस्व (Excise Revenue) प्राप्त हुआ है, दोनों जिलों की पृथक-पृथक वर्षवार जानकारी दें? (घ) क्या सरकार ने पिछले 10 वर्षों में इन दोनों जिलों के धार्मिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों या कन्या शालाओं के निर्धारित दायरे (नियम विरुद्ध) में संचालित शराब दुकानों को बंद करने या स्थानांतरित करने की कोई कार्रवाई की है, यदि हाँ, तो ऐसी दुकानों की संख्या कितनी है और उन्हें कहाँ स्थानांतरित किया गया?

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) वर्ष 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक छिंदवाड़ा एवं नवगठित पांढुर्णा जिले में वर्षवार, श्रेणीवार (देशी, विदेशी एवं कम्पोजिट) मदिरा दुकानों की जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। (ख) छिंदवाड़ा एवं नवगठित पांढुर्णा जिले में विगत 10 वर्षों में कोई नवीन मदिरा दुकान एवं उप दुकान नहीं खोले जाने से, प्रश्‍नांश की जानकारी निरंक है। (ग) छिंदवाड़ा एवं नवगठित पांढुर्णा जिले में विगत 10 वर्षों की वर्षवार प्राप्त राजस्व की जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। (घ) छिंदवाड़ा एवं नवगठित पांढुर्णा जिले में विगत 10 वर्षों में मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 के अन्‍तर्गत बने सामान्य प्रयुक्ति नियमों के नियम-1 यथा धार्मिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों, कन्या शालाओं आदि, के लिये प्रतिबंधित सीमा के अनुसार आपत्ति रहित स्थल पर संचालित होना पाई जाने से, विभाग द्वारा किसी मदिरा दुकान को स्‍थानांतरित किये जाने संबंधी कोई कार्यवाही नहीं की गई है। प्रश्‍नांश की जानकारी निरंक है।

बरगी परियोजना की दांयी तट नहर क्षतिग्रस्त होने पर कार्यवाही

[नर्मदा घाटी विकास]

7. ( क्र. 108 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) बरगी व्यपवर्तन परियोजना की दांयी तट नहर 01 फरवरी 2026 को ग्राम सगड़ा-झपनी के पास क्षतिग्रस्त हो गई थी, क्या विभाग को जिस स्थान पर नहर टूटी है, वहां पर पूर्व से हो रहे रिसाव की सूचना थी? अगर हाँ, तो समय रहते नहर को फूटने से बचाने के लिये उपाय क्यों नहीं किये गये? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित नहर क्षतिग्रस्त स्थल पर पानी भरने से स्थानीय कृषकों की फसलों को नुकसान पहुंचा था एवं नहर फूटन के पश्चात स्थानीय प्रशासन द्वारा मुआवजे की घोषणा की गई थी। कुल कितने कृषकों की फसलों को नुकसान पहुंचा था और उन्हें कितनी राशि का मुआवजा प्रदान किया गया, उसका विस्तृत विवरण दें। मुआवजे की राशि का भुगतान किस मद से किया गया अथवा किया जाना है? (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित स्थल पर क्या नहर क्षतिग्रस्त होने के बाद बिना कोई ठोस योजना बनाये सुधार कार्य किये गये, सुधार कार्य हेतु कितना व्यय किया गया? क्या शासकीय राशि व्यय करने के पश्चात भी समस्या का स्थाई समाधान हुआ अथवा नहीं? अगर नहीं तो व्यय राशि का उत्तरदायित्व किन अधिकारियों पर आना चाहिये? (घ) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित नहर के क्षतिग्रस्त होने के पश्‍चात जिन अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लापरवाही से यह घटना घटी उन पर क्या कार्यवाही की गई?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। ग्राम सगड़ा-झपनी के पास तत्‍समय हो रहे रिसाव को रोकने आदि के मरम्‍मत हेतु निरीक्षण किया गया तथा प्रस्‍ताव-प्राक्‍कलन भी तैयार किये गये। नहर में रबी सिंचाई हेतु जल प्रवाहित होने से तत्‍काल मरम्‍मत कार्य कराना संभव नहीं था।              (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न लागू नहीं। (ग) अस्‍थायी सुधार कार्य कराया गया जिस पर राशि                 रू. 50,35,812/- का व्‍यय हुआ। उक्‍त व्‍यय तत्‍समय रबी सिंचाई के दृष्टिगत तात्‍कालिक कराया गया। अत: किसी अधिकारी के उत्‍तरदायित्‍व का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। नहर की समस्‍या के स्‍थाई समाधान हेतु पूर्ण रूप से सुदृढ़ीकरण व पुनर्निर्माण के लिये निविदा आमंत्रित की गई है।  (घ) नहर का विभागीय अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया गया, जिसमें पाया गया कि नहर अदृश्‍य रेट होल्‍स एवं पाईपिंग प्रक्रिया स्‍थापित होने के कारण क्षतिग्रस्‍त हुई थी। अत: अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लापरवाही परिलक्षित नहीं होती।

टैक्‍स वसूली में अनियमितता

 [गृह]

8. ( क्र. 115 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्री अभय वर्मा निवासी नर्मदापुरम द्वारा दिनांक 19.09.2025 को पुलिस अधिक्षक, नर्मदापुरम को नगर पालिका, नर्मदापुरम में 2019-20 से 2022-23 तक नगर पालिका में कार्यरत अधिकारियों/ कर्मचारियों द्वारा जनता से वसूले गये विभिन्‍न टैक्‍स की वसूली गई राशि के अंकेक्षण में आर्थिक अनियमितता पाए जाने के बाद भी केशबुक में उल्‍लेख न करने एवं नगर पालिका प्रशासन के खाते में 7 करोड़ 59 लाख 52 हजार 524 रूपये की राशि जमा न किये जाने की शिकायत प्राप्‍त हुई थी? (ख) जानकारी दें कि जांच में कौन से तथ्‍य प्रकाश में आये। (ग) जांच से प्राप्‍त तथ्‍यों के आधार पर क्‍या कार्यवाही की गयी? (घ) क्‍या नगरीय प्रशासन विभाग के संयुक्‍त संचालक वित्‍त, प्रभारी उप संचालक एवं सहायक लेखा अधिकारी द्वारा जनवरी 2026 में की गयी जांच में भी 5 करोड़ 80 लाख का अंतर पाया गया है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी नहीं अपितु आवेदक श्री अभय वर्मा द्वारा किंतु दिनांक 14.05.2025 को पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम को 7,78,91,654/- रूपये की हेराफेरी के संबंध में शिकायत आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया है। (ख) शिकायत आवेदन पत्र की जांच अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) नर्मदापुरम द्वारा की गई। शिकायत आवेदन में धोखाधड़ी एवं राशि गबन करने संबंधी तथ्य पाए गए। (ग) शिकायत आवेदन पर थाना कोतवाली जिला नर्मदापुरम में अपराध           क्र.652/2026 धारा 420, 408 भादवि पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

कूट रचना की शिकायत पर कार्यवाही

[गृह]

9. ( क्र. 116 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कलेक्टर, नर्मदापुरम ने पुलिस अधिक्षक, नर्मदापुरम को दिनांक 29.05.2026 को प्रश्‍नकर्ता की शिकायत के संबंध में रामनारायण उपभोक्ता भंडार, इटारसी एवं स्वामीनारायण उपभोक्ता भंडार के अध्यक्षों के (जाली हस्ताक्षर कर संस्था के अध्यक्ष बनकर कूट रचना, धोखाधड़ी, गबन एवं जालसाजी करने वाले) खिलाफ कार्यवाही हेतु लिखा गया था। (ख) प्रकरण में जांच किसके द्वारा की जा रही है। (ग) जांच में कौन से तथ्य प्रकाश में आये एवं इस आधार पर क्या कार्यवाही की गयी।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) :(क) जिला दण्डधिकारी, नर्मदापुरम द्वारा पुलिस अधीक्षक, नर्मदापुरम को दिनांक 29.05.2026 को नहीं अपितु दिनांक 23.06.2026 को प्रश्‍नकर्ता की शिकायत के संबंध में कार्यवाही हेतु पत्र लिखा गया था। (ख) प्रकरण की जांच थाना इटारसी द्वारा की जा रही है।              (ग) वर्तमान में शिकायत आवेदन की जांच प्रचलित होने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

प्रदेश के लापता बालिकाओं की जानकारी

[गृह]

10. ( क्र. 131 ) श्री अजय अर्जुन सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) पिछले पांच वर्षों में 31 मई 2026 तक मध्‍यप्रदेश में कुल कितनी बालिकाएं लापता हुई हैं? इनमें से कितनी बालिकाओं का पता लगाया जा चुका है और कितनी बालिकाएं अब भी लापता है? (ख) क्‍या  पिछले पांच वर्षों में हजारों बालिकाओं का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है? उपरोक्‍त अवधि में वर्षवार लापता हुई, बरामद हुई और अब तक लापता बालिकाओं का संख्‍यात्‍मक विवरण प्रदान करें।                              (ग) क्‍या केन्‍द्र सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार, गुमशुदा बच्‍चों की हर शिकायत पर अनिवार्य रूप से एफ.आई.आर. दर्ज करने और उसे प्रारंभिक रूप से अपहरण या तस्‍करी मानकर जांच करने के निर्देश पुलिस को दिए गए हैं? यदि हाँ, तो क्‍या प्रदेश के सभी थानों में इन निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है? (घ) प्रदेश में बालिकाओं के अपहरण और मानव तस्‍करी को रोकने के लिए सरकार द्वारा क्‍या विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं? क्‍या सरकार लापता बालिकाओं की शीघ्र बरामदगी के लिए जिला स्‍तर पर कोई विशेष ट्रैकिंग सेल या कार्ययोजना बना रही है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रश्‍नाधीन अवधि में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कुल 61,112 बालिकाएं लापता हुई है। इसी अवधि में कुल 61,498 बालिकाओं को बरामद किया गया है तथा 3241 बालिकाओं का पता नहीं चल सका। (ख) जी नहीं। दिनांक 31.05.2026 की स्थिति में 3241 बालिकाएं लापता है एवं लगातार प्रयास किये जाने के फलस्वरूप बालिकाओं की पता तलाश के सकारात्मक परिणाम परिलक्षित हुये हैं। उपरोक्त अवधि में वर्षवार संख्यात्मक जानकारी  संलग्‍न परिशिष्ट  अनुसार है। (ग) जी हाँ। गुमशुदा बच्चों की हर शिकायत पर माननीय उच्चतम न्यायालय के रिट याचिका 75/12 के आदेश के पालन में प्रदेश के प्रत्येक थाने में गुम नाबालिग के प्रकरण में अपहरण का अपराध पंजीबद्ध कर कड़ाई से पालन किया जा रहा है। (घ) प्रदेश में बालिकाओं के अपहरण और मानव तस्करी को रोकने के लिए ऑपरेशन मुस्कान चलाया जा रहा है एवं एकीकृत अभियान के अन्तर्गत किशोरावस्था बालिकाओं के लिए "सृजन" एवं बालकों के लिए "अभिमन्यु" अभियान चलाया जा रहा है। लापता बालिकाओं की शीघ्र बरामदगी के लिए मासिक तौर पर समीक्षा की जा रही है। प्रदेश स्तर पर मानव दुव्यापार निरोधी ब्यूरो का गठन किया गया है एवं प्रदेश में जिला स्तर पर संचालित 52 महिला थानों में मानव दुव्यापार विरोधी ईकाई का गठन किया गया है।

परिशिष्ट - "दस"

कलेक्टरों के ग्रामीण दौरों की समीक्षा

[सामान्य प्रशासन]

11. ( क्र. 132 ) श्री अजय अर्जुन सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) क्या मुख्यमंत्री जी द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रीवा एवं शहडोल संभाग के सभी कलेक्टरों को अनिवार्य रूप से मैदानी स्तर पर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए लगातार जिलों का भ्रमण करने तथा गांवों में रात्रि विश्राम करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक पिछले 01 वर्ष में रीवा एवं शहडोल संभाग के किस-किस जिले के कलेक्टर ने किस-किस दिनांक को किस-किस ग्रामीण क्षेत्र/ग्राम का शासकीय दौरा किया है? जिलावार, दिनांकवार एवं स्थानवार सूची देवें। (ग) उपरोक्त अवधि में किस-किस जिले के कलेक्टर द्वारा किस-किस दिनांक को किस-किस ग्रामीण स्थान, पंचायत भवन या शासकीय विश्राम गृह में रात्रि विश्राम (Night Halt) किया गया है? जिलेवार, दिनांकवार और स्थानवार पृथक-पृथक विवरण देवें। (घ) क्या शासन द्वारा कलेक्टरों के इन ग्रामीण दौरों और रात्रि विश्राम की समीक्षा के लिए कोई ट्रैकिंग प्रणाली या रैंकिंग व्यवस्था बनाई गई है? यदि हाँ, तो पिछले एक वर्ष में इस रैंकिंग में सबसे बेहतर और सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले शीर्ष 05-05 जिले कौन से हैं?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्‍थित नहीं होता।

केमिकल फैक्ट्रियों के लाइसेंस  हेतु प्राप्‍त आवेदन

[पर्यावरण]

12. ( क्र. 140 ) डॉ. चिंतामणि मालवीय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) जिला उज्जैन के नागदा, खाचरोद एवं बिरलाग्राम क्षेत्र में वर्ष 2020 से वर्तमान दिनांक तक केमिकल उद्योग/फैक्ट्री स्थापना, संचालन, विस्तार, प्रदूषण नियंत्रण स्वीकृति, एन.ओ.सी. अथवा अन्य लाइसेंस हेतु कितने आवेदन प्राप्त हुए। (ख) उक्त प्रत्येक आवेदन का आवेदक का नाम, उद्योग का नाम, स्थान, आवेदन दिनांक तथा वर्तमान स्थिति क्या है? (ग) उक्त आवेदनों के साथ प्रस्तुत दस्तावेजों (परियोजना प्रतिवेदन, भूमि संबंधी दस्तावेज, पर्यावरणीय अनुमति, प्रदूषण नियंत्रण मंडल की स्वीकृति, एन.ओ.सी., मानचित्र, अनुज्ञप्ति आवेदन आदि) की जानकारी प्रदान करें। (घ) वर्ष 2020 से वर्तमान तक कितनी केमिकल फैक्ट्रियों को लाइसेंस/अनुमति/स्वीकृति प्रदान की गई? प्रत्येक प्रकरण में जारी स्वीकृति आदेश, लाइसेंस, अनुज्ञप्ति एवं संबंधित आदेशों की जानकारी  प्रदान करें। (ड.) क्या किसी आवेदन को अस्वीकृत किया गया? यदि हाँ, तो अस्वीकृति आदेशों के कारणों का उल्लेख करते हुए आदेश की जानकारी  प्रदान करें?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) कुल 16 आवेदन प्राप्‍त हुये। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' एवं  '''' अनुसार है(घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ड.) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

संभागीय मुख्यालय सागर में एयरपोर्ट विकसित किया जाना

[विमानन]

13. ( क्र. 148 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) संभागीय मुख्यालय सागर में एयरपोर्ट विकसित करने हेतु कोई नीति/कार्ययोजना शासन के समक्ष प्रस्तावित/विचाराधीन है? यदि हाँ, तो वर्तमान स्थिति क्या है तथा प्रदेश सरकार द्वारा अब तक क्या-क्या कार्यवाही की गई? विस्तृत ब्यौरा देवें। (ख) क्या शासन द्वारा सागर ढाना स्थित हवाई पट्टी का विस्तार एवं उन्नयन किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक तथा प्रश्‍न दिनांक तक क्या कार्यवाही प्रचलन में है? (ग) यदि नहीं, तो इसका क्या कारण है? (घ) क्या उक्त परियोजना को भारत सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना (UDAN) अथवा अन्य किसी विमानन विकास योजना अंतर्गत सम्मिलित करने का प्रयास किया गया है? यदि हाँ, तो विवरण देंवे।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एयरपोर्ट निर्माण का कार्य मुख्यतः केन्द्रीय अनुसूची का है। एयरपोर्ट विकसित करने हेतु विमानन विभाग द्वारा मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति, 2025 जारी की गई है। (ख) मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति, 2025 के तहत आदर्श हवाई पट्टी हेतु निर्धारित मापदण्ड/मानचित्र अनुसार प्रस्ताव चाहे गये हैं। (ग) उत्तरांश "ख" के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) UDAN योजना भारत सरकार की है, जिसकी जानकारी विमानन विभाग द्वारा संधारित नहीं की जाती है। मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति 2025 के अनुसार प्रत्‍येक 75 कि.मी. में हवाई पट्टी बनाये जाने का लक्ष्य है।

चिड़िया घर अथवा वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर की स्थापना

[वन]

14. ( क्र. 149 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) क्या संभागीय मुख्यालय सागर में वन्य जीव संरक्षण, उपचार एवं पर्यावरण शिक्षा को प्रोत्साहित किये जाने के उद्देश्य से चिड़ियाघर (Zoo) अथवा वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव शासन के समक्ष विचाराधीन है? (ख) यदि हाँ, तो प्रस्तावित स्थल एवं प्रश्‍न दिनांक तक शासन स्तर से क्या-क्या कार्यवाही की गई विवरण सहित जानकारी देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) वर्णित परियोजना हेतु विभाग द्वारा कितनी राशि स्वीकृत की गई है? अब तक योजनांतर्गत कौन-कौन से कार्य संपादित किये गये हैं तथा कितनी राशि व्यय की गई है? क्या उक्त योजनांतर्गत बजट वित्तीय संसाधनों के अभाव में लंबित है? यदि हाँ, तो क्या प्रतिपूरक वनीकरण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (CAMPA) अंतर्गत उपलब्ध निधि से परियोजना को क्रियान्वित किये जाने की कोई योजना विचाराधीन अथवा प्रचलन में है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी नहीं। (ख) एवं (ग) उत्तरांश ()  के अनुक्रम में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

मध्यप्रदेश राज्य लघु वन उपज व्यापार एवं विकास

[वन]

15. ( क्र. 184 ) श्री विवेक विक्की पटेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) विधायक विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 112 वारासिवनी- खैरलांजी के द्वारा प्रबंध संचालक प्रदेश लघु वनोपज व्यापार एवं विकास वन भवन भोपाल को पत्र क्रमांक/935/M.L.A/2026 दिनांक 11/03/26 को लिखा गया पत्र प्राप्त हुआ है? यदि हाँ, तो उक्त पत्र में उल्लेखित निर्माण विकास कार्यों की स्वीकृति संबंधी कार्यवाही क्या पूर्ण कर ली गई है? यदि हाँ, तो कार्यों की राशिमय सूची उपलब्ध कराएं और नहीं तो कब तक पूर्ण कर ली जावेगी? (ख) मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज व्यापार एवं विकास सहकारी संघ मर्यादित भोपाल द्वारा बालाघाट जिले के जिला दक्षिण लघु अनुपात सहकारी संघ मर्यादित में वर्ष 2023-24 से प्रश्‍न दिनांक तक तेंदूपत्ता लाभांश मद राशि से कितने विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं और स्वीकृत कार्यों में कितने कार्यों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है? कृपया स्पष्ट ग्राम अनुसार सूची प्रदान करें? (ग) यह की मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज व्यापार एवं विकास सहकारी संघ मर्यादित भोपाल में कुल कितनी प्राथमिक लघु वनोपज समितियां संचालित हैं और कुल कितने जिला लघु वनोपज यूनियन गठित हैं? सूचीवार जानकारी प्रदान करें?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। पत्र में उल्लेखित निर्माण कार्यों हेतु अधोसंरचना विकास मद में उपलब्ध राशि के अनुरूप विकास कार्यों के प्रस्ताव जिला यूनियन दक्षिण बालाघाट से चाहे गये थे। जिला यूनियन दक्षिण बालाघाट द्वारा 04 विकास कार्यों के प्रस्ताव भेजे गये है। वर्तमान में अधोसंरचना विकास मद अंतर्गत जिला यूनियन दक्षिण बालाघाट हेतु पर्याप्त राशि उपलब्ध न होने से उक्त कार्यों की स्वीकृति नहीं दी गई। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।               (ख) मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित, भोपाल द्वारा जिला यूनियन दक्षिण बालाघाट को वर्ष 2023-24 से प्रश्‍न दिनांक तक तेंदूपत्ता लाभांश मद राशि से             08 विकास कार्य स्वीकृत किए गए। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 में है।            (ग) मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित, भोपाल में कुल 1069 प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियां संचालित हैं एवं कुल 60 जिला लघु वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित गठित हैं। सूचीवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 में है।

नकली गुटखा फैक्ट्रियों पर कार्यवाही

[वाणिज्यिक कर]

16. ( क्र. 219 ) श्री रमेश प्रसाद खटीक : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले के करैरा विधान सभा में कितनी गुटखा फैक्ट्रियों  का (GST) पंजीयन है तथा उनका सत्‍यापन किस विभागीय अधिकारी द्वारा कब-कब किया गया है? नामवार बताएं। (ख) शिवपुरी जिले में GST पंजीकृत गुटखा फैक्ट्रियों द्वारा आज दिनांक तक कितनी राशि कर के रूप में जमा कराई गई है? फर्मवार राशि की जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ग) यदि पंजीकृत गुटखा फैक्ट्रियों द्वारा आज दिनांक तक कर जमा नहीं कराया गया तो विभाग द्वारा कब तक वसूला जायेगा जानकारी बताए? शासन को हुई राजस्‍व हानि के लिए उत्‍तरदायी अधिकारी/कर्मचारी का नाम बताएं? क्‍या उन पर कार्यवाही का कोई नियम है? यदि हाँ, तो उन पर कब तक कार्यवाही की जावेगी?

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) शिवपुरी जिले में करैरा विधान सभा में मेसर्स वैष्णवी ट्रेडिंग एवं मेन्युफेक्चरिंग (GSTIN-23DCKPA8155H1ZO) वृत्त छतरपुर से दिनांक 27.09.2023 से पंजीयत है। व्‍यवसायी द्वारा ऑनलाईन प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर व्यवसायी का पंजीयन जारी किया गया है। व्यवसायी का अतिरिक्त व्यवसाय स्थल शिवपुरी जिले के करैरा विधानसभा में स्थित है। उक्त अतिरिक्त व्यवसाय स्थल का भौतिक सत्यापन वाणिज्यिक कर अधिकारी, छतरपुर वृत्त क्रमांक/वाक/पंजीयन/2025/700, के पत्र दिनांक 02.07.2025 के अनुक्रम में वाणिज्यिक कर निरीक्षक श्री दीपक आर्य द्वारा दिनांक 02.07.2025 को किया गया था, जिसमें व्‍यवसाय स्थल सत्यापित पाया गया। (ख) शिवपुरी जिले में GST पंजीकृत गुटखा फैक्ट्रियों द्वारा आज दिनांक तक जमा कराई गई राशि निम्‍नानुसार है-

 (राशि रूपये में)

क्र.

फर्म का नाम

अवधि

जमा राशि (नगद+ आयटीसी)

1

2

3

4

1

मेसर्स वैष्‍णवी ट्रेडिंग एवं मेन्‍युफेक्‍चरिंग जीएसटीआईएन 23DCKPA8155H1ZO

2023-24 से 2026-27

10907214

2

मेसर्स रामराजा ट्रेडिंग एवं मेन्‍युफेक्‍चरिंग जीएसटीआईएन 23AZEPY9488M1Z9

2024-25 से 2026-27

2507044

 

योग

 

13414258

विवरण संलग्‍न  परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के उत्तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "ग्यारह"

गिट्टी क्रेशर स्‍थापित किये जाने के नियम

[खनिज साधन]

17. ( क्र. 220 ) श्री रमेश प्रसाद खटीक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) शिवपुरी जिले में कितने-कितने गिट्टी क्रेशर स्थापित किये गये है? स्थापित के क्या नियम हैं तथा स्थापित किये जाने हेतु किन-किन विभागों से अनुमति प्रमाण पत्र लिया जाना आवश्यक है? (ख) शिवपुरी जिले में कितने  गिट्टी क्रेशर स्थापित किए जाने की अनुमति प्रदाय की गई है? क्रेशर मालिक का नाम, स्थान सहित बतायें। (ग) शिवपुरी मजिले में गिट्टी केशर हेतु शासकीय भूमि को लीज पर लिये जाने का क्या नियम है  और किन-किन नियमों के तहत लीज की अनुमति प्रदाय की जाती है? जानकारी उपलब्ध करायें। (घ) शिवपुरी जिले में स्थापित गिट्टी क्रेशर के लिए                कितनी-कितनी भूमि लीज कराई है? क्रेशर मालिक का नाम व भूमि का सर्वे नं, रकवा तथा हल्का नं बताने की जानकारी  उपलब्ध करायें। (ड.) शिवपुरी में स्थापित गिट्टी क्रेशर  के लिए भूमि कितने सालों के लिए  लीज पर दी है? प्रारम्भ दिनांक से अवधि समाप्‍ति‍ की जानकारी उपलब्‍ध कराएं।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) शिवपुरी जिले में वर्तमान में 28 गिट्टी क्रशर स्थापित है। क्रशर द्वारा प्रदूषण नियंत्रण मण्डल से अनुमति प्राप्त कर क्रशर का संचालन किया जाता है। मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम 1996 में गिट्टी निर्माण हेतु पत्थर खनिज का उत्खनन पट्टा स्वीकृत किये जाने का प्रावधान है। उत्खनन पट्टा स्वीकृत किये जाने के पूर्व राजस्व विभाग, वन विभाग से जांच प्रतिवेदन एवं संबंधित ग्राम सभा से अनापत्ति प्राप्त की जाती है। मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम 1996 के नियम 18 (2) में यह प्रावधान है कि मंजूरी प्राधिकारी ऐसी जांच करेगा जैसा ठीक समझे। उसके उपरांत उत्खनन पट्टा आवेदन पर निर्णय ले सकता है। (ख) शिवपुरी जिले में कुल 35 खदानें गिट्टी निर्माण हेतु स्वीकृत है, जिनमें से 28 खदानों में गिट्टी क्रशर मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मण्डल से अनुमति प्राप्त कर वर्तमान में स्थापित किये गये है। प्रश्‍नांश की शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  पर दर्शित है। (ग) मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम 1996 के प्रावधान शासकीय भूमि पर यांत्रिक क्रिया से गिट्टी निर्माण हेतु पत्थर खनिज के उत्खनन पट्टा स्वीकृत किये जाने हेतु लागू होते है। यह नियम अधिसूचित नियम है। (घ) जिले में गिट्टी क्रशर हेतु स्वीकृत उत्खनन पट्टा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर दर्शित है। (ड.) जिले में गिट्टी क्रशर हेतु स्वीकृत उत्खनन पट्टा की जानकारी पुस्तकालय में रखे             परिशिष्ट  पर दर्शित है।

प्रदेश में संचालित आसवानियों को अवैध लाभ पहुंचाना

[वाणिज्यिक कर]

18. ( क्र. 245 ) श्री महेश परमार : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चालू वित्तीय वर्ष में प्रदेश में कितनी आसवनियां (Distilleries) संचालित हैं? अनुमति अनुसार प्रत्येक आसवनी द्वारा उत्पादित मदिरा/स्पिरिट एवं अन्य उत्पादों का प्रकारवार तथा मात्रानुसार विवरण देवें? संबंधित आसवनियों को जारी लाइसेंस एवं आवश्यक अनुमतियों का विवरण उपलब्ध कराया जाए? (ख) मध्यप्रदेश डिस्टिलरी नियम, 1995 के नियम 3 (1) के अनुसार अतिरिक्त स्पिरिट/स्पेशल माल्ट के उत्पादन हेतु अनुमति प्रदान करने का अधिकार किस प्राधिकारी को हैराज्य शासन अथवा आबकारी आयुक्त संबंधित नियमों की प्रति उपलब्ध कराई जाए? (ग) जिला खरगोन स्थित एसोसिएट अल्कोहल एंड ब्रेब्रिज लिमिटेड के मालिक प्रसन्न केडिया को तत्कालीन आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल द्वारा अतिरिक्त स्पिरिट/स्पेशल माल्ट उत्पादन हेतु अनुमति प्रदान की गई थी? यदि हाँ, तो स्पेशल माल्ट का कब से उत्पादन किया जा रहा है और प्रश्‍न दिनांक तक कितना उत्पादन किया गया है, जानकारी देवें? (घ) क्या राज्य शासन को अतिरिक्त स्पिरिट/स्पेशल माल्ट उत्पादन संबंधी अनुमति के संबंध में संवैधानिक संस्था लेखा परीक्षण संस्था (CAG) द्वारा कोई आपत्ति/टिप्पणी प्राप्त हुई है? यदि हाँ, तो उसकी तिथि, विषयवस्तु एवं उस पर शासन द्वारा की गई कार्रवाई का विवरण उपलब्ध कराया जावें? (ड.) यदि किसी मामले में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई हो, तो संबंधित अधिकारियों/संस्थाओं के विरुद्ध की गई अथवा प्रस्तावित कार्रवाई का विवरण देवें?

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) चालू वित्तीय वर्ष में प्रदेश में                  10 आसवनियां संचालित हैं। प्रत्येक आसवनी द्वारा उत्पादित मदिरा/स्पिरिट एवं अन्य उत्पादों का प्रकारवार तथा मात्रानुसार विवरण पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-एक तथा संबंधित आसवनियों को जारी लाइसेंस एवं आवश्यक अनुमतियों का विवरण पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट दो अनुसार है।  (ख) मध्यप्रदेश आसवनी नियम, 1995 का नियम 3 (1) नई आसवनी की स्थापना के लिए अनुज्ञप्ति से संबंधित है, न कि पहले से संचालित आसवनी में अतिरिक्त स्पिरिट/स्पेशल माल्ट के उत्पादन की अनुमति से, नवीन आसवनी की स्थापना के संबंध में अनुज्ञप्ति जारी करने का अधिकार, राज्य शासन की पूर्व स्वीकृति के अधीन, नियम 3 (11) के तहत आबकारी आयुक्त को है। पहले से स्थापित आसवनी में स्पिरिट/स्पेशल माल्ट के अतिरिक्त उत्पादन हेतु विनिर्दिष्ट संयत्र और मशीनरी में परिवर्तन की अनुमति प्रदान करने के अधिकार मध्यप्रदेश आसवनी नियम, 1995 के नियम 4 (26) के अंतर्गत आबकारी आयुक्त को है। संबंधित नियम की प्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-तीन अनुसार है। (ग) जी हाँ, मेसर्स एसोसिएटेड अल्कोहल एंड ब्रेवरीज लिमिटेड को मध्यप्रदेश आसवनी नियम 1995 के नियम 4 (26) के तहत तत्कालीन आबकारी आयुक्त द्वारा अतिरिक्त माल्ट स्पिरिट उत्पादन की अनुमति दी गयी है। दिनांक 01.10.2025 से उत्पादन किया जा रहा है। दिनांक 01.10.2025 से 30.06.2026 तक 1184087.8 प्रू.ली. का उत्पादन किया गया है। (घ) जी हाँ, पत्र की तिथि 04.05.2026 है तथा आपत्ति का विषयवस्तु है कि माल्ट स्पिरिट निर्माण हेतु प्लांट लगाने की अनुमति राज्य-सरकार को प्रस्तुत न किया जाना। जिस पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ड.) जी नहीं, नियमों का उल्‍लंघन नहीं होने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

प्रमुख एवं गौड खनिज का अवैध उत्‍खनन

[वन]

19. ( क्र. 278 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) क्या  वन परिक्षेत्र जतारा की वीट लिधौरा के कक्ष, क्र. पी-246 एवं परिक्षेत्र टीकमगढ़ की वीट कारी नं. 02 के कक्ष क्र. आर.एफ. 48 में अवैध रूप से ग्रेनाइट एवं पायरों फ्लाईट, डायोस्फोर का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। यदि हाँ, तो क्यो? (ख) क्या कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख (कक्ष संरक्षक) के पत्र क्र./वन अप./25-26/10-10/528 भोपाल दिनांक  14.02.2026 के द्वारा 3 सदस्यीय दल का गठन किया था। जिसको  जांच कर 15 दिवस में जांच प्रतिवेदन देना था यदि हाँ, तो जांच प्रतिवेदन एवं संलिप्त कर्मचारी/अधिकारी के विरूद्ध की गई कार्यवाही से अवगत करावें? (ग) क्या  वन मंडलाधिकारी टीकमगढ़ ने अपने पत्र क्र./मा.चि./2026/435 टीकमगढ दिनांक 01.04.26 जो मुख्य वन संरक्षक छतरपुर को लेख कर अवैध उत्खनन स्वीकार करते हुए दोषी कर्मचारी एवं अधिकारियों पर कार्यवाही हेतु लेख किया था। यदि हाँ, तो अब तक की गई कार्यवाही से अवगत करावे? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) में वर्णित तथ्यों के लिये कौन-कौन दोषी है, क्या संबंधित फर्मों को अवैध उत्खनन का दोषी मानकर ब्लैक लिस्टेड कर वसूली अधिरोपित की जायेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रश्‍नांश में उल्लेखित स्थलों पर वर्तमान में अवैध उत्खनन नहीं किया जा रहा है, अपितु वन परिक्षेत्र जतारा की बीट लिधौरा के कक्ष क्रमांक पी-246 में पूर्व में ग्रेनाइट खनिज का अवैध उत्खनन होना पाये जाने पर विधिसम्मत कार्यवाही कर वन अपराध प्रकरण क्रमांक 268/16, दिनांक 13.02.2026 पंजीबद्ध किया गया है। (ख) कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख (कक्ष संरक्षण) के पत्र क्रमांक/वन अपराध/2025-26/10-10/528, दिनांक 14.02.2026 द्वारा वन परिक्षेत्र जतारा की बीट लिधौरा के कक्ष क्रमांक पी-246 में अवैध उत्खनन की जाँच 15 दिवस में किए जाने हेतु तीन सदस्यीय जाँच दल का गठन किया गया था। जाँच प्रतिवेदन की प्रति  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-1 में तथा संलिप्त कर्मचारियों/अधिकारियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 में है। (ग) जी हाँ, वनमंडलाधिकारी, टीकमगढ़ के प्रश्‍नाधीन पत्र के माध्यम से मुख्य वन संरक्षक, छतरपुर को लेख किया गया था। प्रकरण में अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी उत्तरांश (ख) के पुस्तकालय में रखे  परिशिष्ट-2 अनुसार है। (घ) दोषी पाए गए अधिकारियों/कर्मचारियों तथा उनके विरुद्ध की गई कार्रवाई की जानकारी उत्तरांश (ख) पुस्तकालय में रखे  परिशिष्ट-2 अनुसार है। बीट लिधौरा के कक्ष क्रमांक             पी-246 में अवैध उत्खनन किए जाने के संबंध में मेसर्स कामतानाथ मिनरल्स की पार्टनर श्रीमती शिवानी भारद्वाज, पति श्री गौरव भारद्वाज, निवासी 336, जीवाजी नगर, थाटीपुर, ग्वालियर के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण क्रमांक 268/16, दिनांक 13.02.2026 पंजीबद्ध किया गया है।

दोषी कर्मचारी/अधिकारियों पर कार्यवाही

[खनिज साधन]

20. ( क्र. 279 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) क्या  कलेक्टर जिला-टीकमगढ द्वारा गौण खनिज ग्रेनाइट के उत्खनन हेतु आदेश क्र. 998 दिनांक 08.06.2021 से ग्राम बैदोरा जंगल तहसील लिधौरा के ख.नं.37/1/मिन-1 में रकवा 6.900 है का उत्खनीय पट्टा मेमर्स कामता नाथ मिनरल्स पाटर्नर श्रीमति शिवानी भारद्वाज निवासी थाटीपुर ग्वालियर के नाम 30 वर्ष की अवधि को दिया गया? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित खं.न. राजस्व विभाग द्वारा वन विभाग को हस्तांतरित कर वन क्षेत्र घोषित किया गया था। फिर वन क्षेत्र में पट्टा देने हेतु किन-किन विभागों की अनुशंसा व अनापत्ति प्राप्त की गई प्रतियां प्रस्तुत करें और यदि नहीं, तो पट्टा किस आधार पर दिया गया? (ग) क्या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित खदान आज भी चालू है खदान से कुल कितने उत्खनन एवं परिवहन के पिट पास आज दिनांक तक जारी किये गये, उनकी प्रतियां उपलब्ध करावें? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) में वर्णित अनियमितताओं की जांच कर कब तक दोषी कर्मचारी/अधिकारियों पर कार्यवाही की जावेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

बरगी बांध की नहरों से सिंचित भूमि का लक्ष्‍य

[नर्मदा घाटी विकास]

21. ( क्र. 319 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) क्या महाकौशल क्षेत्र में नर्मदा नदी पर निर्मित बरगी बांध परियोजना का मुख्य उद्देश्य विद्युत उत्पादन के साथ-साथ लाखों किसानों के खेतों तक पानी पहुँचाना और सूखे क्षेत्रों को राहत देना था? यदि हाँतो योजना की शुरुआत से अब तक कुल कितने हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने का लक्ष्य रखा गया था और वर्तमान में वास्तव में कितने हेक्टेयर भूमि में सिंचाई हो पा रही है?               (ख) क्या सरकार को यह संज्ञान है कि बांध का निर्माण कार्य पूरा होने के लंबे समय बाद भी मुख्य नहरों और उप-नहरों (Distributary Canals) का कार्य आज भी अधूरा पड़ा हुआ है, जिसके कारण बंजर भूमि की प्यास बुझाने का मूल उद्देश्य अधूरा है? यदि हाँ, तो नहर निर्माण कार्य में विलंब होने के मुख्य कारण क्या है? (ग) विगत तीन वर्षों में बरगी बांध की बायी तट नहर एवं दायी तट नहर के विस्तार, मरम्मत और सुदृढ़ीकरण के लिए कितनी राशि स्वीकृत की गई और उसमें से कितनी राशि वास्तविक रूप से व्यय की गई है? बायी तट नहर के संभाग क्रमांक-2 के अंतर्गत दो-दो लाख रूपये के कितने कार्य कब-कब और कहां-कहां कराये गये? वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक की जानकारी दें। भौतिक प्रगति की वर्तमान स्थिति क्या है? (घ) महाकौशल और आसपास के सूखे क्षेत्रों के किसानों को राहत पहुँचाने के लिए सरकार इस परियोजना के शेष बचे नहर नेटवर्क के काम को कब तक पूर्ण करने की योजना रखती है? क्या इसके लिए कोई निश्चित समय-सीमा (Timeframe) तय की गई है? यदि हाँ, तो विवरण दें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। बरगी बांध परियोजना से विद्युत उत्‍पादन के साथ ही परियोजना की बांयी तट मुख्‍य नहर से 1,57,000 हेक्‍टेयर भूमि को सिंचित करने का लक्ष्‍य रखा गया था। वर्तमान में रबी सीजन में 40,801 हेक्‍टेयर, खरीफ सीजन में 40,072 हेक्‍टेयर एवं ग्रीष्‍म सीजन में 10,475 हेक्‍टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्‍ध कराई गई है। दांयी तट मुख्‍य नहर से 2,45,010 हेक्‍टेयर भू‍मि को सिंचित करने का लक्ष्‍य रखा गया था वर्तमान में खरीफ सीजन में 26,500 एवं रबी सीजन में 49,905 हेक्‍टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्‍ध कराई गई है। (ख) बांयी तट मुख्‍य नहर का लगभग 89.80 कि.मी. का कार्य न्‍यायालयीन प्रकरण, भू-स्‍वामियों के द्वारा विरोध के कारण पूर्ण नहीं हो सका है। इसी प्रकार दांयी तट मुख्‍य नहर की आर.डी. 104.00 कि.मी. से 116.00 कि.मी. के मध्‍य स्‍लीमनाबाद टनल का कार्य प्रगतिरत होने के कारण पूर्ण नहीं हो सका है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''',  '''' एवं  '''' अनुसार है। (घ) बांयी तट का कार्य संबंधित न्‍यायालयीन प्रकरण आदि का निराकरण के पश्‍चात संभव हो सकेगा। अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। दांयी तट नहर के शेष कार्य को वर्ष 2027-28 तक पूर्ण कराया जाना लक्षित है।

ककरा माइन्‍स की जानकारी उपलब्‍ध कराई जाना

 [वन]

22. ( क्र. 338 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा अपने पत्र क्रमांक 82 दिनांक 18/03/2026 द्वारा जे.के.सीमेंट कंपनी के ककरा माइन्‍स पन्‍ना के संबंध में उप संचालक पन्‍ना टाइगर रिजर्व पन्‍ना जानकारी चाही गई थी? यदि हाँ, तो आज दिनांक तक जानकारी उपलब्‍ध क्‍यों नहीं कराई गई? इसके लिये कौन दोषी है? (ख) क्‍या मध्‍यप्रदेश शासन सामान्‍य प्रशासन विभाग के निर्देश है कि माननीय विधानसभा सदस्‍यों/सांसदों के पत्रों का यथा शीघ्र उत्‍तर दिया जावे? क्‍या प्रश्‍नकर्ता के पत्र का उत्‍तर न देना सामान्‍य प्रशासन विभाग के निर्देशों की अव्‍हेलना नहीं है? इसके लिये कौन दोषी है? दोषियों पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी? यदि कार्यवाही नहीं की जावेगी तो क्‍यों? (ग) प्रश्‍नांश (क) से संबंधित चाही गई जानकारी उपलब्‍ध करावें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। प्रश्‍नाधीन जानकारी उप संचालक, पन्‍ना टागर रिजर्व के पत्र क्रमांक/तकनीकी/2026/4288 दिनांक 30/06/2026 से उपलब्‍ध करा दी गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी हाँ। माननीय प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य के पत्र का उत्‍तर दिया जा चुका है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्‍तरांश () के अनुसार जानकारी उपलब्‍ध करा दी गई है।

औद्योगिक विकास एवं निवेश की जानकारी

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

23. ( क्र. 362 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2023 से आज दिनांक तक औद्योगिक विकास के लिए म.प्र. सरकार ने कब-कब कहां-कहां क्‍या-क्‍या, कार्यक्रम किया, उन कार्यक्रमों में कितना खर्च हुआ? कार्यक्रमवार जानकारी दें।                     (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार औद्योगिक विकास के प्रयास व कार्यक्रमों में कौन-कौन उद्योगपति एवं कम्‍पनी उपस्थित हुई? उन्‍होंने कौन-कौन से उद्योग के लिए सहमति दी? उसमें कितनी-कितनी राशि का प्रस्‍ताव दिया? उन उद्योगों की स्‍थापना से कितने लोगों को रोजगार प्रस्‍तावित था? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार प्रस्‍तावित उद्योगों में कहां-कहां उद्योग का काम प्रारंभ हुआ? उसमें कितने लोगों को रोजगार मिला? उद्योगों का काम कितना हुआ? सहमति के आधार पर कितने उद्योगों का काम प्रारंभ हुआकितने का नहीं हुआ?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) वर्ष 2023 से आज दिनांक तक औद्योगिक विकास एवं निवेश संवर्धन हेतु विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश में आयोजित विभिन्न औद्योगिक विकास के प्रयास व कार्यक्रमों में उपस्थित उद्योगपतियों एवं कंपनियों की जानकारी संधारित नहीं की जाती है। उद्योगपतियों द्वारा उद्योग स्‍थापित करने की सहमति नहीं दी जाती है अपितु रूचि प्रदर्शित की जाती है। प्रश्‍न अवधि में उद्योगपतियों द्वारा प्रदर्शित रूचि संबंधी  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 में समाहित है।

प्रदूषण की रोकथाम

[पर्यावरण]

24. ( क्र. 363 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर, शहडोल, इंदौर एवं भोपाल संभाग में प्रदूषण किस-किस कारण से है एवं बढ़ रहा है? कब से बढ़ रहा है उसके लिये कौन-कौन जिम्‍मेदार है? (ख) प्रदूषण रोकने के लिये सरकार                क्‍या-क्‍या प्रयास कर रही है? वर्ष 2023 से आज तक म.प्र. सरकार ने प्रदूषण रोकने के लिये            कब-कब, कहां-कहां, क्‍या-क्‍या प्रयास एवं कार्यक्रम किया उसमें प्रत्‍येक कार्यक्रम में कितना-कितना व्‍यय किस-किस विषय में हुआ? (ग) वर्ष 2025 से आज तक प्रदूषण से संबंधित किसने-किसने, कब-कब शिकायत, कहां-कहां किया उसका क्‍या-क्‍या निराकरण हुआ? (घ) जबलपुर, शहडोल एवं रीवा संभाग कौन-कौन से उद्योग एवं अन्‍य कार्य हेतु अनुमति दी गई? वर्ष 2025 से आज तक की जानकारी दें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी  पुस्तकालय (पेनड्राइव) में रखे परिशिष्ट-'' अनुसार है(ख) जानकारी  पुस्तकालय (पेनड्राइव) में रखे परिशिष्ट-'' एवं  '' अनुसार है(ग) जानकारी  पुस्तकालय (पेनड्राइव) में रखे परिशिष्ट-'' अनुसार है(घ) जानकारी  पुस्तकालय (पेनड्राइव) में रखे परिशिष्ट-'' अनुसार है

उद्योगपतियों को औद्योगिक भूमि का हस्तानान्तरण

[सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम]

25. ( क्र. 402 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या सूक्ष्‍म,लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के समस्त उद्योगपतियों के औद्योगिक भूमि हस्तानान्तरण के प्रकरणों में शासन 100 % राशि न लेते हुये मात्र 30 % राशि में हस्तांतरण आदेश जारी कर सकता है एवं शेष 70% राशि 12 से 14 वर्ष में बिना ब्याज के जमा की जा सकती है? (ख) यदि प्रश्‍नांश '''' का उत्तर ''नहीं'' है तो क्या शासन के द्वारा एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज म.प्र. इंदौर के अध्यक्ष और मेसर्स नीव एलॉयज एंड मेटल्स प्रा.लि. एवं मेसर्स व्यंकटेश अलॉयज एंड मेटल प्रा.लि. के संचालक को नियम विरूद्ध पूर्ण हस्तांतरण शुल्क बिना ब्याज के किश्तों में जमा करने हेतु 12 से 14 वर्ष का समय देते हुये वित्तीय लाभ पहुँचाया गया है? (ग) यदि प्रश्‍नांश (ख) का उत्तर हाँ है तो क्या शासन लोक लेखा समिति या विभागीय जांच के निर्देश देकर उपरोक्‍त कंपनी के संचालक के विरूद्ध ब्याज की वसूली हेतु भू-राजस्व बकाया (RRC) की कार्यवाही करेगा? (घ) क्या इस वित्तीय अनियमितता हेतु (AIMP) के अध्यक्ष एवं जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र इंदौर के दोषी अधिकारियों पर शासन कोई कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक कार्यवाही की जायेगी?

सूक्ष्‍म,लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ) : (क) जी नहीं। म.प्र.एमएसएमई को औद्योगिक भूमि तथा भवन आवंटन एवं प्रबंधन नियम, 2025 के नियम 18 के तहत किया जाता है। (ख) जी नहीं शासन द्वारा समय प्रदान नहीं किया गया है। वर्ष 2017 में महालेखाकार, ऑडिट दल के निरीक्षण प्रतिवेदन के माध्यम से प्रकरण प्रकाश में आने पर ऑडिट दल द्वारा निकाली गई शेष राशि मेसर्स नीव मेटल एण्ड अलॉयज प्रा.लि. की रूपये 8,75,562/- एवं मेसर्स व्यंकटेश अलॉयज एण्ड मेटल प्रा.लि. की रूपये 19,28,265/- की पूर्ण वसूली की जा चुकी है। (ग) जानकारी उत्‍तरांश (ख) अनुसार है। (घ) प्रश्‍नांश में उल्लेखित इकाईयों के संबंध में कार्यालय प्रधान महालेखाकार (लेखा परीक्षा-2) म.प्र. भोपाल के विशेष ऑडिट दल द्वारा लेखा परीक्षण दिनांक 23.06.2026 को किया गया है। लेखा परीक्षण प्रतिवेदन अप्राप्त है।

विगत तीन वित्तीय वर्षों में प्रदेश सरकार द्वारा लिये गये ऋण

[वित्त]

26. ( क्र. 474 ) श्री नितेन्‍द्र बृजेन्‍द्र सिंह राठौर : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत तीन वित्तीय वर्षों में प्रदेश सरकार द्वारा कुल कितना ऋण लिया गया? वर्षवार जानकारी उपलब्ध कराई जाए। (ख) उक्त ऋण राशि में से कितना प्रतिशत विकास कार्यों, अधोसंरचना निर्माण एवं जनकल्याणकारी योजनाओं पर व्यय किया गया? (ग) उक्त ऋण राशि में से कितना प्रतिशत पुराने ऋणों की अदायगी एवं ब्याज भुगतान में खर्च किया गया? वर्षवार जानकारी उपलब्ध कराई जाए। (घ) क्या सरकार के पास ऋण पर निर्भरता कम करने हेतु कोई कार्ययोजना है? यदि हाँ, तो उसका विवरण दिया जाए।

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) विगत तीनों वषों में प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए ऋण की जानकारी वित्‍तीय वर्ष 2023-242024-25 प्रदेश सरकार द्वारा लिये गये ऋण की जानकारी वित्‍त लेखे II के विवरण पत्रक 17- उधार एवं अन्‍य दायित्‍व का विस्‍तृत विवरण पत्रक अंतर्गत पुस्‍तकालय  में रखे अनुसार तथा वेबसाइट www.cag.gov.in पर उपलब्‍ध है। (परिशिष्‍ट-1 एवं 2 पर है) भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक द्वारा वित्‍तीय वर्ष 2025-26 का अंतिम लेखा तैयार नहीं किये जाने से अंकेक्षित जानकारी दिया जाना संभव नहीं हैं। तथापि वित्‍तीय वर्ष 2025-26 में ऋण की प्रत्‍याशित जानकारी बजट साहित्‍य के वित्‍त सचिव के स्‍मृति पत्र के 'बिन्‍दु क्रमांक (17) - राज्‍य शासन की ऋण स्थिति पुस्‍तकालय  में रखे अनुसार है तथा वेबसाइट https://finance.mp.gov.in पर उपलब्‍ध हैं। (परिशिष्‍ट-पर है) (ख) ऋण राशि का संपूर्ण उपयोग पूंजीगत कार्यों हेतु किया जाता है।             (ग) मध्‍यप्रदेश शासन के बजट साहित्‍य के वित्‍तीय वर्ष 2026-27 वित्‍त सचिव के स्‍मृति पत्र अनुसार  परिशिष्‍ट-छ: उद्देश्‍यवार प्रावधानों का विश्‍लेषण अनुरूप  पुस्‍तकालय  में रखे अनुसार तथा वेबसाइट https://finance.mp.gov.in पर उपलब्‍ध हैं। (परिशिष्‍ट-4  पर है।) तदनुसार पुराने ऋणों की अदायगी एवं ब्याज भुगतान में प्रतिवर्ष होने वाले खर्च की जानकारी राज्‍य के बजट साहित्‍य के वित्‍त सचिव के स्‍मृति पत्र अनुसार परिशिष्‍ट-छ: पर है, उद्देश्‍यवार प्रावधानों का विश्‍लेषण अनुरूप  जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे अनुसार तथा वेबसाइट https://finance.mp.gov.in पर उपलब्‍ध हैं। (घ) जी हाँ। राज्‍यमध्‍यप्रदेश राजकोषीय उत्‍तरदायित्‍व और बजट प्रबंधन अधिनियम 2005 के अनुरूप ऋण को नियंत्रित एवं निर्धारित सीमा के भीतर रखता है एवं वित्‍तीय प्रबंधन के दृष्टि से राजकोषीय सूचक चल लक्ष्‍य (रोलिंग टारगेट्स) के अनुरूप नियंत्रित रखा जा रहा है।

चीता परियोजना के टेण्डरों में की जा रही अनियमितता

[वन]

27. ( क्र. 477 ) श्री बाबू जन्‍डेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्योपुर में चीता परियोजना प्रारम्भ होने के दिनांक से वर्तमान दिनांक तक प्रतिवर्ष चीतों के भोजन हेतु मीट सप्लाई के जो टेण्डर हुये उन टेण्डरों में कौन-कौन  उम्मीदवार शामिल हुये थे, उन सभी द्वारा आनलाईन आवेदन के साथ-साथ जो दस्तावेज प्रस्तुत किये थे, एवं विज्ञापन शर्तें सहित उन सभी की सत्यापित प्रति उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) अवधि में मीट सप्लाई के टेण्डर अपने चहेते एक ही ठेकेदार को प्रतिवर्ष 2020-21 से प्रश्‍न दिनांक तक मनमाने तरीके से विज्ञप्ति शर्तें जारी कर दिये जा रहे है? यदि हाँ तो प्रति वर्ष किस दर पर किस ठेकेदार को सप्लाई आर्डर दिये गये? प्रतिदिन मीट सप्लाई दिनांक सहित वजन की सत्यापित जानकारी गौशवारा सहित उपलब्ध करावें? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार चीतों के भोजन हेतु बकरे/पाडे की मीट के बिलों की प्रति, जो संबंधित फर्म/ठेकेदार द्वारा भुगतान हेतु प्रस्तुत देयकों/बिलों को किन-किन अधिकारियों द्वारा सी.एस किया गया है? साथ ही किन-किन अधिकारी/कर्मचारियों के सामने मीट की तुलाई की गई, कर्मचारियों के नाम व पदनाम सहित प्रतिदिन का गौशवारा सहित जानकारी उपलब्ध करावें? (घ) बाडे़ में से चीता किस-किस दिनांकों में बाहर जंगल में स्वतंत्र विचरण हेतु छोडे़ गये, उक्त चीतों की प्रतिदिन मॉनीटरिंग डायरी की प्रति उपलब्ध करावें?         (ड.) परियोजना प्रारम्भ से एवं वर्ष 2026-27 में एक ही ठेकेदार का टेण्डर रहने के कारण पुनः विज्ञप्ति जारी क्यों नहीं की गई? स्पष्ट अभिमत दिशा/निर्देश/नियमों सहित अवगत करावेप्रश्‍नांश (क), (ख), (ग), (घ) में उल्लेखित सभी बिन्दुओं की जांच उच्च प्रदेश स्तरीय अधिकारियों की समिति गठित कर कराई जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक समय-सीमा बतावें?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) श्योपुर में चीता परियोजना प्रारंभ होने के दिनांक से वर्तमान दिनांक तक प्रति वर्ष चीतों के भोजन हेतु मीट प्रदाय से संबंधित निविदा सहित प्रश्‍नांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अनुसार है। (ख) वनमण्डल अंतर्गत प्रतिवर्ष एम.पी.टेण्डर पोर्टल के माध्यम से ऑनलाईन निष्पक्ष टेण्डर शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अंतर्गत आमंत्रित किये जाते है तथा सप्लायर्स का चयन प्रतिस्पर्धा के माध्यम से किया जाता है। अत: चहेते ठेकेदार को मनमानी तरीके से टेंडर स्वीकृत करने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। प्रश्‍नांश की शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अनुसार है। (ग) भुगतान हेतु प्रस्तुत देयकों को संबंधित मीट प्राप्तकर्ता अधिकारी/कर्मचारी, संबंधित वन परिक्षेत्राधिकारी एवं उप वनमण्डलाधिकारी द्वारा सत्यापित किया जाता है, वनमण्डल कार्यालय द्वारा देयकों का भुगतान किया जाता है, शेष जानकारी उत्तरांश (ख) के पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- अनुसार है। (घ) जंगल में स्वतंत्र विचरण हेतु छोडे़ गये चीतों का दिनांकवार विवरण  पुस्तकालय   में रखे परिशिष्ट-3  अनुसार है। चीतों का स्वतंत्र विचरण होने के कारण इनके सतत् विचरण की मॉनिटरिंग संबंधित कोई भी पंजी संधारित नहीं है।                 (ड.) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

वित्‍तीय वर्ष 2025-26 तक प्रदेश पर कुल कर्ज की जानकारी

[वित्त]

28. ( क्र. 481 ) श्री भंवर सिंह शेखावत : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश पर विगत वर्षों में सार्वजनिक ऋण (कर्ज) लगातार बढ़ता गया है? वित्तीय वर्ष 2025-26 तक प्रदेश पर कुल कितना कर्ज बकाया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के सन्दर्भ में, प्रदेश सरकार द्वारा ऋण प्रारम्भ अवधि से लेकर गत वित्तीय वर्ष (2025-26) तक लिए गए ऋण की कुल राशि, ऋण लेने के उद्देश्य, ब्याज दर तथा ऋणदात्री संस्थाओं का विवरण क्या है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के सन्दर्भ में, क्या यह सत्य है कि प्रदेश के कुल राजस्व प्राप्तियों का बड़ा हिस्सा ऋण एवं ब्याज भुगतान में व्यय हो रहा है, यदि हाँ, तो कितनी राशि‍ का व्यय मासिक/वार्षिक हो रहा है?                (घ) प्रश्‍नांश (ग) के सन्दर्भ में, प्रदेश को बढ़ते ऋण के बोझ से मुक्त करने, वित्तीय अनुशासन स्थापित करने तथा भविष्य में अनावश्यक कर्ज लेने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने हेतु वित्त विभाग द्वारा क्या ठोस कदम उठाए गए हैं? क्या शासन इस संबंध में कोई दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार कर रहा है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें।

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) राज्‍य शासन द्वारा मध्यप्रदेश राजकोषीय उत्‍तरदायित्‍व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम 2005 के अनुरूप राज्‍य की अधोसंरचना के आवश्‍यकता अनुसार ही ऋण लिया जाता है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखाकार द्वारा वित्‍तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम लेखा तैयार नहीं किये जाने से अंकेक्षित जानकारी दिया जाना संभव नहीं हैं। तथापि मध्‍यप्रदेश शासन के बजट साहित्‍य वित्‍त सचिव के स्‍मृति पत्र" के 'बिन्‍दु क्रमांक (17) - राज्‍य शासन की ऋण स्थिति में वित्‍तीय वर्ष 2025-26 पुनरीक्षित अनुमान की जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे अनुसार तथा वेबसाईट https://finance.mp.gov.in पर उपलब्‍ध हैं। (परिशिष्‍ट-1 पर है।)             (ख) भारत के नियंत्रक एवं महालेखाकार द्वारा प्रतिवर्ष वित्‍त लेखे खण्‍ड-II के विवरण पत्रक संख्‍या 17 उधार एवं अन्‍य दायित्‍व का विस्‍तृत वि‍वरण पत्रक अनुसार ऋण की कुल राशि, ऋण लेने के उद्देश्य, ब्याज दर तथा ऋणदात्री संस्थाओं का विवरण जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे अनुसार तथा वेबसाइट www.cag.gov.in पर उपलब्‍ध हैवित्‍तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम लेखा तैयार नहीं किये जाने से अंकेक्षित जानकारी दिया जाना संभव नहीं हैं। तथापि मध्‍यप्रदेश शासन के बजट साहित्‍य वित्‍त सचिव के स्‍मृति पत्र" के  बिन्‍दु क्रमांक (17) - राज्‍य शासन की ऋण स्थिति में वित्‍तीय वर्ष 2025-26 पुनरीक्षित अनुमान की जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे अनुसार तथा वेबसाईट -https://finance.mp.gov.in पर उपलब्‍ध हैं। (ग) राज्‍य की पूंजीगत आवश्‍यकताओं के दृष्टिगत राज्‍य शासन द्वारा ऋण लिया जाता है। मध्‍यप्रदेश राजकोषीय उत्‍तरदायित्‍व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम 2005 की निर्धारित सीमा के अंतर्गत है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखाकार द्वारा वित्‍तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम लेखा तैयार नहीं किये जाने से अंकेक्षित जानकारी दिया जाना संभव नहीं हैं। मध्यप्रदेश राजकोषीय उत्‍तरदायित्‍व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम 2005 के अनुसार वर्ष 2025-26 के पुनरीक्षित अनुमान में ब्‍याज भुगतान तथा कुल राजस्‍व प्राप्तियों का अनुपात 11.02% रहने की संभावना है। (परिशिष्‍ट-2 पर है) (घ) वित्तीय अनुशासन स्थापित करने हेतु राज्‍य शासन द्वारा मध्‍यप्रदेश राजकोषीय उत्‍तरदायित्‍व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम 2005 के अनुरूप राज्‍य अधोसंरचाना की आवश्‍यकता अनुसार ऋण लिया जाता है। उक्‍तानुसार राज्‍य शासन ऋण को निर्धारित सीमा के भीतर रखता है तथा भविष्‍य में भी निर्धारित मध्‍यप्रदेश राजकोषीय उत्‍तरदायित्‍व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम 2005 के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करेगा।

नॉन-माइनिंग अनुमति एवं संबंधित अभिलेखों की जानकारी

[खनिज साधन]

29. ( क्र. 485 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि  (क) ग्राम पगरा, झिरिया कोठार, झिरिया बाजपाईन एवं झिरिया कोपरिहान, तहसील रामपुर बघेलान, जिला सतना स्थित 395.965 हेक्टेयर (Mining Lease Agreement with government 06.11.2015) तथा ग्राम जमुना, तहसील रामपुर बघेलान, जिला सतना स्थित 89.234 हैक्टेयर (Mining Lease Agreement with government 05.11.2015) खनिज क्षेत्र में डालमियां सीमेंट (भारत) लिमिटेड द्वारा वर्ष 2017 से 2019 तथा वर्ष 2019 से 2021 की अवधि हेतु नॉन-माइनिंग अनुमति प्राप्त करने के लिये प्रस्तुत किये आवेदन पत्रों सहित कंपनी की ओर से जमा किये गये शुल्क/फीस की रसीदों, चालानों एवं भुगतान संबंधी सभी अभिलेखों की सत्यापित प्रतिलिपियां उपलब्ध करायी जावें?                (ख) प्रश्‍नांश ()  में वर्णित नॉन-माइनिंग अनुमति के संबंध में जिला कलेक्टर सतना द्वारा जारी अनुशंसा-पत्र, अनुशंसा रिपोर्ट नॉन-माइनिंग अनुमति स्वीकृति संबंधी आदेश तथा इस विषय से संबंधित पत्राचार सहित अनुमति स्वीकृत करने वाले सक्षम अधिकारी का नाम, पदनाम की जानकारी प्रदान की जाय। (ग) प्रश्‍नांश () में वर्णित नॉन-माइनिंग अनुमति किन नियम व वैधानिक प्रावधानों के आधार पर प्रदान की गयी उन नियमों, अधिनियमों, शासनादेशों अथवा वैधानिक प्रावधानों की प्रति सहित यदि अनुमति की अवधि में किसी प्रकार का विस्तार (Extension) प्रदान किया गया हो तो इससे संबंधित समस्त जानकारी  प्रदान की जाये। (घ) क्या उक्त खनिज क्षेत्र/खनन पट्टा कंपनी को किसी विशिष्ट प्रयोजन हेतु आवंटित किया गया था? यदि हाँ, तो कंपनी द्वारा उक्त प्रयोजन की पूर्ति कर ली गई? यदि नहीं, तो वर्तमान में खनन किस प्रयोजन हेतु किन प्रचलित नियमों व प्रावधानों के अनुरूप किया जा रहा तथा इसके लिये कौन उत्तरदायी है।                  (ड.) क्या कंपनी द्वारा आशय पत्र (Letter of intent-LOI) में निर्धारित शर्तों एवं समय-सीमा का पूर्णतः पालन किया गया? यदि नहीं, तो विभाग द्वारा कंपनी के को नोटिस, दंडात्मक अथवा निरस्तीकरण संबंधी कार्यवाही की उसका पूर्ण विवरण  प्रदान की जाये।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ  पर दर्शित है।              (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित नॉन माइनिंग अनुमति के संबंध में कलेक्‍टर जिला सतना द्वारा प्रेषित प्रस्‍ताव/रिर्पोट एवं शासन से जारी नॉन माइनिंग अनुमति आदेश/पत्राचार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ  पर दर्शित है। अनुमति स्‍वीकृत किये जाने के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब  पर दर्शित है। (ग) अधिसूचित खनिज (परमाणु और हाईड्रोकार्बन ऊर्जा खनिजों से भिन्‍न) रियायत नियम 2016 के नियम 20 के प्रावधानों के अंतर्गत प्रश्‍नांश (क) में वर्णित प्रकरणों में खनन संक्रियाए प्रारंभ करने हेतु रकबा 395.965 हेक्‍टेयर पर स्‍वीकृत खनिपट्टा खदान (अवधि दिनांक 27.07.2015 से 26.07.2065) में शासन आदेश दिनांक 03.09.2019 जारी कर 02 वर्ष की अवधि अर्थात दिनांक 27.07.2017 से 26.07.2019 तक एवं शासन आदेश दिनांक 13.11.2019 जारी कर 02 वर्ष की अवधि अर्थात दिनांक 27.07.2019 से 26.07.2021 तक अतिरिक्ति समय अवधि प्रदान की गई है। इसी प्रकार रकबा 89.234 हेक्‍टेयर पर स्‍वीकृत खनिपट्टा खदान (अवधि दिनांक 28.07.2015 से 27.07.2065) में शासन आदेश दिनांक 03.09.2019 जारी कर 02 वर्ष की अवधि अर्थात दिनांक 28.07.2017 से 27.07.2019 तक एवं शासन आदेश दिनांक 13.11.2019 जारी कर  02 वर्ष की अवधि अर्थात दिनांक 28.07.2019 से 27.07.2021 तक अतिरिक्ति समय अवधि प्रदान की गई है। (घ) जी हाँ। उक्‍त खनिज क्षेत्र/खनन पट्टा कंपनी को सीमेंट निर्माण हेतु आवंटित किया गया है। कंपनी द्वारा उक्‍त प्रयोजन की पूर्ति हेतु सीमेंट संयत्र की स्‍थापना की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। वर्तमान में खनन कैप्टिव प्रयोजन हेतु अधिसूचित खनिज (परमाणु और हाईड्रोकार्बन ऊर्जा खनिजों से भिन्‍न) रियायत नियम 2016 के नियमों के तहत किया जा रहा है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) प्रश्‍नांश अनुसार कंपनी द्वारा आशय पत्र (Letter of intent-LOI) में निर्धारित शर्तों एवं समय-सीमा का पूर्णत: पालन किया है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

पेट्रोलियम पदार्थों की बिक्री पर अधिक टैक्‍स की वसूली

[वाणिज्यिक कर]

30. ( क्र. 486 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में पेट्रोल एवं डीजल पर राज्य सरकार द्वारा कुल कितना टैक्स  लिया जा रहा है? टैक्स के ऊपर शेष  एवं सरचार्ज कितना है? पृथक-पृथक जानकारी दी जाये। (ख) क्या पेट्रोलियम पदार्थों पर राज्य सरकार की ओर से देश में सबसे ज्यादा टैक्स वसूल किया जा रहा है? भारत सरकार द्वारा पेट्रोल एवं डीजल पर जो नई दर बढ़ाई है, उसी अनुपात में कितना सरचार्ज टैक्स राज्य सरकार के द्वारा लगाया गया? दिनांक 01 अप्रैल, 2026 से राज्य सरकार को कितना टैक्स प्राप्त हुआ? (ग) क्या  प्रदेश की डीजल पेट्रोल बेचने वाली संगठन के द्वारा राज्य सरकार से कई बार यह मांग की गई कि राज्य सरकार का टैक्स अधिक होने से राज्य के निकटवर्ती प्रदेशों उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, महाराष्ट्र से लगे प्रदेश के जिलों के अधिकतम वाहन अधिक टैक्स होने से मध्यप्रदेश से पेट्रोलियम पदार्थ नहीं खरीदते और पड़ोसी राज्यों से जहाँ टैक्स कम है, वहीं से खरीद रहे हैं जिससे राज्य को काफी वित्तीय नुकसान होता है? क्या राज्य सरकार जनता को राहत देने के लिए पेट्रोलियम पदार्थों पर टैक्स कम करेगी? कम से कम केंद्र सरकार ने जो अभी जो बड़ी हुई रेट जारी की है, उस पर राज्य सरकार यदि टैक्स नहीं ले तो प्रदेश की जनता को लाभ मिल सकता है? (घ) क्या राज्य शासन अन्य राज्यों की तरह प्रदेश में पट्रोलियम पदार्थों पर टैक्‍स कम करने पर विचार कर रही है?

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) प्रदेश में पेट्रोल पर राज्य सरकार द्वारा वैट 29 %, अतिरिक्त कर रुपये 2 पैसा 50 प्रति लीटर एवं उपकर 1% है। डीजल पर वैट 19%, अतिरिक्त कर रुपये 1 एवं पैसा 50 प्रति लीटर एवं उपकार 1% लिया जा रहा है। (ख) अन्य राज्यों में वैट दर क्या है, इसकी जानकारी विभाग में संधारित नहीं होती है। पेट्रोल एवं डीजल पर दर में वृद्धि हुई है, परंतु राज्‍य सरकार द्वारा पेट्रोल एवं डीजल पर कर दर नहीं बढ़ाई गई है। दिनांक 01 अप्रैल, 2026 से 30 जून 2026 तक राज्‍य सरकार को 3604.45 करोड़ रूपये सेस सहित टैक्‍स प्राप्‍त हुआ है, जिसका विवरण संलग्‍न  परिशिष्‍ट  पर है। (ग) प्रदेश के डीजल पेट्रोल बेचने वाले संगठनों के द्वारा पत्र प्राप्त हुए है। डीजल-पेट्रोल पर कर की दरों में कम करने का निर्णय एक नीतिगत निर्णय है। (घ) जी नहीं। प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों पर टैक्‍स के संबंध में कोई कार्यवाही प्रक्रियाधीन नहीं है।

परिशिष्ट - "बारह"

घायलों को उपचार हेतु अस्‍पताल पहुंचाने वाली राहवीर योजना

[गृह]

31. ( क्र. 496 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) मध्‍यप्रदेश में वर्ष 2025 से 2026 तक कितनी सड़क दुर्घटना दर्ज की गई। इन सड़क दुर्घटनाओं में कितने व्‍यक्ति घायल एवं मृत हुए, जिलेवार मृतक और घायलों की संख्‍या बताइये इन घायलों को अस्‍पताल तक ले जाने हेतु सरकार द्वारा कौन सी व्‍यवस्‍था की गई है। (ख) 'राहवीर' योजना कब से लागू की गई है? इस योजना में घायलों को उठाकर अस्‍पताल ले जाने वाले व्‍यक्ति को किस तरह से पुरस्‍कृत किया जाता है विस्‍तार से बतायें? (ग) योजना लागू होने की दिनांक से आज तक इस योजना में प्रदेश के जिलों में जिलेवार कितने लोगों को पुरस्‍कृत किये गये जिलेवार संख्‍या और राशि बताइये। (घ) क्‍या सरकार इस योजना का विस्‍तार पानी में डूबने, आग में जलने जैसे संकटापन्‍न मामलों में जान बचाने वाले लोगों को ''राहवीर'' मानने तक भविष्‍य में विस्‍तारित किया जा सकेगी।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। दुर्घटना में घायलों को अस्पताल तक ले जाने हेतु डायल-112 एवं डॉयल 108 वाहनों की व्यवस्था की गई है। जिनके द्वारा घायलों को अस्पताल तक पहुँचाया जाता है। (ख) राह-वीर योजना सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा दिनांक 21.04.2025 से लागू की गई है। इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुँचाने वाले व्यक्ति (राह-वीर) को राशि रूपये 25000/- एवं प्रशस्ति पत्र से पुरस्कृत किया जाता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। (घ) जी नहीं। राह-वीर योजना मोटर वाहन से होने वाली घातक सड़क दुर्घटना में पीड़ित की जान बचाने वाले गुड सेमेरिटन (नेक व्यक्ति) को पुरस्कृत करने के संबंध में है।

कोषालय अधिकारी के भ्रष्‍टाचार की जांच

[वित्त]

32. ( क्र. 512 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कोषालय अधिकारी रीवा के द्वारा की जा रही भ्रष्‍टाचार की जांच के संबंध में आयुक्‍त कोष एवं लेखा के द्वारा पत्र क्र. राज. शा./41689/1433 दिनांक 17.12.2024 को प्रमुख सचिव वित्‍त को पत्र लिखकर कलेक्‍टर रीवा से अभिमत प्राप्‍त कर प्रतिवेदन प्राप्‍त कर वित्‍त विभाग को प्रेषित किये जाने का लेख किया गया है? यदि हाँ, तो लगभग डेढ़ वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी क्‍या कलेक्‍टर रीवा से जांच प्रतिवेदन प्राप्‍त कर कोई कार्यवाही की गई है? प्रतिवेदन एवं की गई कार्यवाही की प्रति उपलब्‍ध करावें। क्‍या श्री शुक्‍ला के विरूद्ध अगस्‍त क्रांति मंच फाउण्‍डेशन एवं मनीष नामदेव पार्षद नगर पालिका निगम रीवा द्वारा की गई शिकायतों एक विभिन्‍न समाचार पत्रों में छपी भ्रष्‍टाचार की खबरों की तथ्‍यात्‍मक एवं वित्‍त विभाग के नियमों के निर्देशों के आधार पर आयुक्‍त कोष एवं लेखा अथवा प्रमुख सचिव स्‍तर से नहीं की जा सकती है? यदि की जा सकती है तो अब तक जांच नहीं करने से क्‍या विभाग की छवि धूमिल नहीं हो रही है? (ख) क्‍या कोषलाय अधिकारी द्वारा षंडयंत्रपूर्वक श्रीमती हसीना खान के नाम से शिकायत के आधार पर प्रस्‍ताव बनाकर श्री दीपक पटेल को पदवनत जैसी कार्यवाही कराई गई? क्‍या जांच में उक्‍त शिकायत शिकायतकर्ता द्वारा कराया जाना नहीं पाई गई? यदि हाँ, तो षडयंत्र पूर्वक तैयार प्रस्‍ताव भेजने वाले अधिकारी के विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही करेंगे?

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ। कार्यालय आयुक्‍त, कोष एवं लेखा द्वारा कोषालय अधिकारी रीवा के विरूद्ध प्राप्‍त शिकायत के संबंध में कलेक्‍टर रीवा से जांच प्रतिवेदन प्राप्‍त किये जाने हेतु पत्र दिनांक 06/05/2025 एवं 06/03/2026 प्रेषित किया गया था। जिसके संदर्भ में कलेक्‍टर रीवा के पत्र क्रमांक/शिकायत/2026/450, रीवा दिनांक 03/07/2026 द्वारा जांच प्रतिवेदन प्राप्‍त हुआ है। प्रतिवेदन की प्रति संलग्‍न  परिशिष्‍ट पर है। कोषालयीन संरचना में कोषालय, जिला कलेक्‍टर के कार्य क्षेत्र में होने के कारण प्राप्‍त शिकायत की जांच कलेक्‍टर स्‍तर से की गई है जिसमें शिकायत को तथ्‍यहीन एवं निराधार पाया गया है, जिसके आधार पर शिकायत नस्‍तीबद्ध किये जाने योग्‍य है। अत: प्रकरण अंतर्गत कोई कार्यवाही अपेक्षित नहीं है। (ख) जी नहीं। जी हाँ, नहीं पाई गई। किसी अधिकारी द्वारा कोई षड़यंत्र करने संबंधी कोई साक्ष्‍य न होने से कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "तेरह"

जनसुनवाई कार्यक्रम के तहत प्राप्‍त आवेदनों पर कार्यवाही

[सामान्य प्रशासन]

33. ( क्र. 516 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) जिले में प्रति सप्‍ताह जनसुनवाई आयोजित करने के शासन नियम क्‍या है एवं क्‍या इसमें निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किये जाने के प्रावधान है? किन-किन जिलों में किस नियम के आधार पर जनसुनवाई में जनप्रतिनिधि को आमंत्रित किया जा रहा है एवं किन-किन जिलों में जनप्रतिनिधि द्वारा स्‍वयं शासकीय विभागों की उपस्थिति में किस नियम के तहत जनसुनवाई आयोजित की जा रही है? शासन नियम निर्देशों की प्रति सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें?                   (ख) सिवनी में विगत एक वर्ष में कुल कितनी जनसुनवाई जिला स्‍तर पर आयोजित की गई? इनमें प्राप्‍त, निराकृत, निरस्‍त एवं लंबित आवेदनों की वर्तमान स्थिति एवं निराकरण हेतु विभाग द्वारा तय समय-सीमा की सम्‍पूर्ण जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ग) जनपद पंचायत सिवनी, छपारा एवं लखनादौन में जनसुनवाई का आयोजन कब-कब आयोजित किया गया तथा किन-किन जनप्रतिनिधि ने उपस्थिति दी, जनपदवार जानकारी उलपब्‍ध करावें? (घ) प्रश्‍नांश '''' में उल्‍लेखित लंबित आवेदनों की संख्‍या जिन आवेदनों पर कार्यवाही नहीं हो पाई, उनकी संख्‍या और कारण? अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? माहवार जानकारी पृथक-पृथक दें?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अनुसार है। जी नही। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) विगत एक वर्ष में 8421 जनसुनवाई के आवेदन पत्र प्राप्‍त हुये जिनमें 6213 आवेदन पत्रों का निराकरण किया गय। शेष 2208 आवेदन पत्रों पर कार्यवाही जारी है। जानकरी परिशिष्‍ट 'अनुसार  है। (ग) सामान्‍य प्रशासन विभाग के आदेश दिनांक 30.06.2009 द्वारा प्रेत्‍यक मंगलवार को जनसुनवाई आयोजित की जाती है। (घ) लंबित प्रकरणों पर कार्यवाही प्रचलन में है। जानकरी परिशिष्‍ट '' अनुसार है।

बाघ व चीतों की मृत्‍यु की जानकारी

[वन]

34. ( क्र. 517 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) प्रदेश शासन ने वन्‍य प्राणियों जैसे बाघ, चीतों की सुरक्षा, संरक्षण, देखभाल, ईलाज तथा इनकी सुरक्षा हेतु स्‍पेशल फोर्स का गठन करने की क्‍या व्‍यवस्‍था है तथा इस पर कितनी-कितनी राशि व्‍यय की है। बाघों व चीतों की बढ़ती संख्‍या को देखते हुये सुरक्षित कॉरिडोर बनाने की क्‍या योजना बनाई गई है? वर्ष 2022-23 से प्रश्‍न दिनांक तक की जानकारी देवें? (ख) पेंच नेशनल पार्क में कितने-कितने बाघ/बाघिन व चीते हैं? वर्षवार कितनी-कितनी वृद्धि हुई है तथा कितने-कितने शावकों, बाघों, बाघिन व चीते की मृत्‍यु हुई हैं? वर्षवार पृथक-पृथक जानकारी देवें? (ग) प्रश्‍नांश '''' राष्ट्रीय उद्यान में कितने-कितने बाघों व चीतों की मृत्‍यु स्‍वाभाविक, प्राकृतिक, बीमारी, आपसी संघर्ष, करेंट, फंदा, अवैध शिकार से हुई है? कितने बाघ व चीतों की मृत्‍यु के कारणों का पता नहीं लगा है? कितने लापता है तथा कितनों की मृत्‍यु टाईगर रिजर्व क्षेत्र के बाहर हुई है? कितने प्रतिशत बाघ व चीतों की मृत्‍यु संदिग्‍ध पाई गई है? शासन ने पेंच नेशनल पार्क व उसके आसपास हुई कितने बाघों व चीतों की संदिग्‍ध मौतों की जांच कब किसने कराई है? जांच रिपोर्ट कब प्रस्‍तुत की गई और शासन ने इस पर क्‍या कार्यवाही की है? जांच रिपोर्ट की छायाप्रति दें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रदेश शासन ने बाघ एवं अन्य वन्यप्राणियों की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दृष्टि से राज्य एवं क्षेत्रीय स्तरीय टाइगर स्ट्राईक फोर्स का गठन किया गया है, जिस पर वर्ष 2022-23 से प्रश्‍न दिनांक तक निम्नानुसार राशि व्यय की गई है:

वित्तीय वर्ष

व्यय राशि रू. लाख में

2022-23

349.15

2023-24

459.85

2024-25

522.56

2025-26

583.92

2026-27 (30 जून 2026 तक)

114.19

प्रदेश में बाघों व चीतों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वन्यजीव एक्शन प्लान वर्ष 2023-43 में 21 वन्यजीव कॉरिडोर चिन्हित किये गये हैं। (ख) पेंच राष्ट्रीय उद्यान सिवनी में चीता नहीं पाया जाता है। वन्यजीव आंकलन वर्ष 2024-25 के अनुसार इस राष्ट्रीय उद्यान में 21 बाघ एवं 19 बाघिन पाये गये हैं। प्रश्‍नांश की शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 एवं  2 में है। (ग) पेंच राष्ट्रीय उद्यान सिवनी में वर्ष 2022-23 से माह जून 2026 के मध्य 2 बाघ की स्वभाविक मृत्यु, 2 बाघ की प्राकृतिक बीमारी से मृत्यु, 2 बाघ की आपसी संघर्ष के कारण मृत्यु सहित कुल 06 बाघों की मृत्यु हुई है। उक्त कोई भी बाघ लापता नहीं है। मृत्यु संदिग्ध नहीं पाये जाने पर उच्च स्तरीय जांच का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। वर्ष 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी के बाहर टाइगर रिजर्व की सीमा से लगे हुये क्षेत्रीय वनमंडल/परियोजना मण्डल बरघाट के वनक्षेत्रों में कुल 09 बाघों की मृत्यु हुई जिसमें से 3 बाघों की मृत्यु प्राकृतिक रूप से तथा 06 बाघों के प्रकरणों में अवैध शिकार हुआ है। अत: 66 प्रतिशत बाघों की मृत्यु शिकार से हुई है, जिसमें 04 प्रकरणों की जांच पूर्ण हो चुकी है जिसका अंतिम प्रतिवेदन राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण नई दिल्ली को प्रेषित किया जा चुका है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 में है। दक्षिण सिवनी वनमंडल अंतर्गत वर्ष 2025-26 में 01 बाघ तथा वर्ष 2026-27 में 01 बाघ के प्रकरण जांच प्रक्रिया में है।

कूनो वनमण्डल में की जा रही अनियमितता

[वन]

35. ( क्र. 520 ) श्री बाबू जन्‍डेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कूनो वन्यप्राणी वनमण्डल श्योपुर में वर्ष 2020 से चैनलिंग फैसिंग, सौलर, मटेरियल एवं अन्य समस्त कार्यों के कुल कितने-कितने टेण्डर हुये? उक्त टेण्डरों में कौन-कौन प्रतिभागी शामिल हुये नाम व पता सहित सूची उपलब्ध करावे। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार बार-बार एक ही ठेकेदार, प्रतिभागी को ही मिलीभगत कर टेण्डर दिया जाता है? यदि नहीं, तो योजना प्रारम्भ से प्रश्‍न दिनांक तक प्रत्येक वर्ष किस-किस वस्तु सामग्री का टेण्डर कौन-कौन को कितनी-कितनी दर पर दिया गया एवं उक्त प्रतिभागी ठेकेदार को किस-किस सामग्री सप्लाई का कितना-कितना भुगतान किया गया? वर्षवार जानकारी दें। (ग) कूनो वन्यप्राणी वनमण्डल श्योपुर के अंतर्गत वर्ष 2020 से 2026 तक वनपरिक्षेत्र मोरावन पूर्व/मोरावन पश्चिम/पालपुर पूर्व/पालपुर पश्चिम/सिरौनी/औछापुरा/अगरा/धोरेटा/सेसईपुरा/विस्थापन क्षेत्र अगरा के कुल कितने कार्य स्वीकृत हुये है? उक्त कार्य हेतु मुख्यालय से कितना बजट आवंटन प्राप्त हुआ है एवं प्राप्त बजट आवंटन में से कितना-कितना भुगतान हुआ है? (घ) सामान्य एवं कूनो वनमण्डल में कितने कम्प्यूटर आपरेटर के पद है एवं कितने पद रिक्त है एवं कौन-कौन कम्प्यूटर आपरेटर कब से पदस्थ होकर क्या-क्‍या कार्य कर रहा है? उनकी शैक्षणिक योग्यता क्या है? PGDCA कब किया है? पदस्थ दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक उनको प्रतिमाह किस माह से पारिश्रमिक भुगतान किया है? क्या उक्त सभी की नियमानुसार नियुक्ति की गई यदि हाँ, तो सभी के नियुक्ति आदेश, शैक्षणिक योग्यता की प्रमाणित प्रति उपलब्ध करावे? (ड.) प्रश्‍नांश (क), (ख), (ग), (घ) में उल्लेखित सभी बिन्दुओं की जांच लोकायुक्त एवं उच्च स्तरीय अधिकारियों की समिति गठित कर प्रदेश स्तर से कराई जावेगी? समय-सीमा बतावें। यदि नहीं, तो क्यों कारण बतावें?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रश्‍नाधीन अवधि में 82 टेण्डर हुए हैं। प्रश्‍नांश की शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1  में है। (ख) जी नहीं। टेंडर म.प्र. शासन के निविदा पोर्टल से एवं भारत सरकार के जेम पोर्टल के माध्यम से किए जाते हैं, जिनमें कोई भी प्रतिभागी शामिल हो सकता है। इस प्रकार किसी एक प्रतिभागी को मिलीभगत कर टेंडर देने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। प्रश्‍नांश की शेष जानकारी उत्तरांश (क) के  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1  में है।                (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2  में है। (घ) विभागीय पदीय संरचना में कम्प्यूटर ऑपरेटर का पद स्वीकृत नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। प्रोजेक्ट विशेष में कम्प्यूटर टंकण के लिए स्वीकृत जॉबदर के आधार पर कार्य कराया जाता है। (ड.) किसी प्रकार की अनियमितता प्रकाश में नहीं आने के कारण जांच कराने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

गौण खनिज एवं परिवहन पर रायल्‍टी से छूट

[खनिज साधन]

36. ( क्र. 528 ) श्री अभय मिश्रा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन द्वारा विभिन्‍न तरह के सरकारी निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाले गौण खनिज (मिट्टी मुरम आदि) पर रायल्‍टी से छूट प्रदान की गई है? फिर म.प्र. गौण खनिज नियम 1996 के नियम 68 के अंतर्गत क्‍या सरकारी निर्माण कार्यों हेतु मिट्टी/गौण खनिज उत्‍खनन एवं परिवहन के लिए संबंधित विभाग/उसके ठेकेदारों से रायल्‍टी जमा करना अनिवार्य है? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार प्रदेश के विभिन्‍न जिलों में खनिज विभाग द्वारा रायल्‍टी छूट कार्यों में भी परिवहन एवं अनुज्ञा (Transit pass) जारी करने हेतु रायल्‍टी जमा कराने हेतु मांग की जाती है। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार यदि रायल्‍टी में छूट प्रभावित है तो शासन स्‍पष्‍ट करें कि ऐसे मामलों में नियम 68 के अंतर्गत परिवहन अनुज्ञा जारी करने की प्रक्रिया क्‍या होगी क्‍या रायल्‍टी जमा किये बिना परिवहन अनुज्ञा जारी की जा सकेगी? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) में उल्‍लेखित आधारों पर सरकारी निर्माण कारो हेतु गौण खनिज रायल्‍टी पूर्णत: छूट प्रदान की गई तब म.प्र. गौण खनिज नियम 1996 के नियम 68 के अंतर्गत परिवहन अनुज्ञा प्राप्‍त करने हेतु रायल्‍टी जमा कराने की शर्त किस विधिक प्रावधान के आधार पर लागू की जा रही है? यदि कोई स्‍पष्‍ट प्रावधान नहीं है तो क्‍या शासन नियमों में संशोधन अथवा स्‍पष्‍टीकरण जारी कर समस्‍त कलेक्‍टरों एवं खनिज अधिकारियों हेतु एक रूपता जारी करने हेतु निर्देश देंगे जिससे प्रदेश में एक रूपता की व्‍यवस्‍था लागू हो सकें। (ड.) प्रश्‍नांश (क), (ख), (ग) एवं (घ) अनुसार उल्‍लेखित आधारों पर कार्यवाही के निर्देश देंगे तो बतावें अगर नहीं तो क्‍यों?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी नहीं। मध्‍यप्रदेश गौण खनिज नियम, 1996 के नियम 68 (1) के तहत गौण खनिज हटाने हेतु उत्‍खनन अनुज्ञा की स्‍वीकृति में नियम 68 (3) के तहत शर्तों के अधीन निर्माण कार्यों के लिए साधारण मिट्टी और मुरम पर रायल्‍टी देय नहीं है। नियम 68 (6) (ब) अंतर्गत शासकीय एवं निजी भूमि से खनिज की परिवहन अनुज्ञा जारी करने के पूर्व, ऐसे खनिज पर देय रायल्‍टी के समतुल्‍य राशि अग्रिम जमा किया जाना प्रावधानित है। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार प्रदेश के विभिन्‍न जिलों द्वारा मध्‍यप्रदेश गौण खनिज नियम, 1996 के नियम 68 (6) (ब) अंतर्गत शासकीय एवं निजी भूमि से खनिज की परिवहन अनुज्ञा जारी करने के पूर्व, ऐसे खनिज पर देय रायल्‍टी के समतुल्‍य राशि अग्रिम जमा करना अनिवार्य है, इसलिये रायल्‍टी के समतुल्‍य राशि जमा कराने हेतु मांग की जाती है।        (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार मध्‍यप्रदेश गौण खनिज नियम, 1996 के नियम 68 (1) के तहत उत्‍खनन अनुज्ञा स्‍वीकृति में नियम 68 (3) के तहत खनिज साधारण मिट्टी और मुरम पर रॉयल्‍टी छूट है तथा बिना रॉयल्‍टी जमा किए अभिवहन पास (ट्रांजिट पास) ई-खनिज पोर्टल से जारी किये जाने का प्रावधान है तथा नियम 68 (6) (ब) के तहत खनिज के परिवहन अनुज्ञा जारी करने के पूर्व रॉयल्‍टी के समतुल्‍य राशि जमा किया जाना अनिवार्य है। रॉयल्‍टी के समतुल्‍य राशि जमा होने पर ई-खनिज पोर्टल से अभिवहन पास (ट्रांजिट पास) जारी किया जाना प्रावधानित है। (घ) उत्‍तरांश (क) से (ग) में उल्‍लेखित अनुसार शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) उत्‍तरांश (क) से (घ) अनुसार नियमानुसार प्रावधानों के तहत कार्य होने के कारण कार्यवाही के निर्देश दिये जाने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

जिला मैहर में कुम्‍हार जाति के अधिका‍र

[सामान्य प्रशासन]

37. ( क्र. 558 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) नवगठित जिला मैहर अंतर्गत कुम्हार जाति अनुसूचित जाति में होते हुए MPE-DISTRIC पोर्टल मैहर में दर्ज न होने संबंधी शिकायतों पर विगत 02  वर्षों से क्या कार्यवाही की गयी जानकारी के संबंध में विगत सत्र 18 फरवरी 2026  के तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 823 के  प्रस्तुत उत्‍तर में जी हाँ। प्राप्त पत्रों पर कार्यवाही प्रचलन में है, लेख किया गया था। अभी तक प्रचलित प्रक्रिया क्या पूर्ण कर पोर्टल पर प्रविष्टि वांछित अनुसार की जा चुकी है। (ख) प्रश्‍नांश (क)  अनुसार यदि हाँ, तो उक्त संबंध में जारी आदेश की जानकारी आदेश की प्रतिलिपि सहित दी  जावें। यहि नहीं तो अनुसूचित जाति के अधिकारों से वंचित एवं प्रभावित हो रहे  उक्त जाति के संबंध में सार्थक कार्यवाही पूर्ण न किए जाने की विस्तृत जानकारी कारण सहित दी जावें

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रश्‍नांश के संबंध में कलेक्‍टर के प्रस्‍ताव सामान्‍य प्रशासन विभाग को प्राप्‍त हो चुके है। परीक्षण उपरांत कार्यवाही प्रकियाधीन है। समय-सीमा बताई जाना सम्‍भव नहीं है। (ख) उत्‍तरांश (क‍) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

हरदा जिला अंतर्गत स्वीकृत गंजाल-मोरंड डेम सिंचाई परियोजना

[नर्मदा घाटी विकास]

38. ( क्र. 562 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) गंजाल-मोरंड डेम सिंचाई परियोजना की वर्तमान तिथि तक भौतिक प्रगति कितनी प्रतिशत है? डैम निर्माण, मुख्य नहर, शाखा नहर एवं अन्य संरचनाओं के कार्य की चरणवार प्रगति का विस्तृत जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) उक्त परियोजना पर अब तक कुल कितनी राशि व्यय की जा चुकी है तथा शेष कार्य पूर्ण करने हेतु कितनी राशि की आवश्यकता संभावित है? वित्तीय प्रगति का बिंदुवार एवं योजनावार विवरण क्या है? जानकारी उपलब्ध करावे। (ग) विभागीय तकनीकी मूल्यांकन एवं स्वीकृत कार्ययोजना के अनुसार परियोजना का समस्त कार्य किस माह एवं वर्ष तक पूर्ण किया जाना निर्धारित है? यदि समय-सीमा में विलंब हुआ है तो उसके कारण क्या हैं तथा विलंब निवारण हेतु क्या सुधारात्मक एवं दण्डात्मक कार्यवाही की गई है? जानकारी उपलब्ध करावे। (घ) परियोजना पूर्ण होने के उपरांत हरदा जिले के कितने ग्रामों एवं कितने हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, इसका ग्रामवार एवं क्षेत्रफलवार विवरण क्या है? जानकारी उपलब्ध करावे।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) भौतिक प्रगति 48 प्रतिशत है। मोरंड बांध की वन एवं पर्यावरण स्वीकृति केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय, नई दिल्ली में प्रक्रियाधीन हैं। गंजाल बांध की वन पर्यावरण स्वीकृति दिनांक 08/04/2026 को प्राप्त हुई है, जिससे बांधों का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किये जा सके। मुख्य पाइप-लाइन का 24 प्रतिशत, शाखा पाइप-लाइन नहर का 15 प्रतिशत, पम्प हाउस क्रमांक 4 का 85 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका है। (ख) राशि रु. 964.45 करोड़ व्यय हो चुके हैं तथा शेष कार्य पूर्ण करने के लिए रु.1202.20 करोड़ शेष हैं। वित्तीय प्रगति 45 प्रतिशत है। (ग) अनुबंध अनुसार परियोजना 05.02.2024 तक पूर्ण किया जाना निर्धारित था। कोरोना महामारी, वन एवं पर्यावरण स्‍वीकृति में विलंब हुआ है। शेष प्रश्‍न लागू नहीं। (घ) कुल 144 ग्रामों के 40,816 हेक्‍टेयर क्षेत्र में। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है

हरदा जिले में संचालित लाइसेंसी शराब दुकानों  से अवैध शराब की बिक्री

[वाणिज्यिक कर]

39. ( क्र. 563 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा जिले में वर्तमान में संचालित समस्त देशी/विदेशी मदिरा दुकानों की संख्या कितनी है तथा प्रत्येक दुकान के लाइसेंसधारी ठेकेदार/फर्म का नाम, दुकानवार विवरण एवं लाइसेंस अवधि क्या है? विस्तृत एवं दुकानवार पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) हरदा जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध मदिरा विक्रय एवं परिवहन पर नियंत्रण हेतु वर्ष 2024-25 से वर्तमान वर्ष में अब तक कितने प्रकरण पंजीबद्ध किए गए हैं तथा उनमें कितनी मात्रा में मदिरा जप्त की गई है? (ग) क्या विभाग द्वारा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब विक्रय रोकने हेतु विशेष अभियान/छापामार कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो उसका स्थानवार एवं कार्यवाहीवार विवरण क्या है? (घ) क्या लाइसेंसी मदिरा दुकानों द्वारा निर्धारित एम.आर.पी. से अधिक मूल्य पर विक्रय की शिकायतें प्राप्त हुई हैं? यदि हाँ, तो ऐसी कितनी शिकायतों पर क्या कार्यवाही की गई तथा किन दुकानों व ठेकेदारों पर दंडात्मक कार्यवाही की गई? (ड.) क्या विभाग द्वारा नियमित निरीक्षण, सीलिंग, या लाइसेंस निरस्तीकरण जैसी कार्रवाई की गई है? यदि हाँ, तो उसका विवरण क्या है?

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) हरदा जिले में वर्तमान में कुल 18 कम्पोजिट मदिरा दुकानें संचालित है, जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है।               (ख) हरदा जिले में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में मदिरा के अवैध विक्रय एवं परिवहन पर नियंत्रण हेतु वर्ष 2024-25 से वर्तमान वर्ष 2026 के माह जून, 2026 अंत तक 3163 प्रकरण पंजीबद किये गये हैं। पंजीबद्ध प्रकरणों में देशी मदिरा 1344.06 बल्क लीटर, विदेशी मदिरा स्प्रिट 61.62 बल्क लीटर, विदेशी मदिरा बीयर 280.46 बल्क लीटर तथा कच्ची हाथ भट्टी मदिरा 6,821.3 लीटर तथा महुआ लाहन 2,34,972 किलो ग्राम जप्त किया गया है। (ग) जी हाँ। हरदा जिले में विभाग द्वारा समय-समय पर विशेष अभियान/छापामार कार्यवाही की जाती है। विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। (घ) जी हाँ। जिले में निर्धारित एम.आर.पी. से अधिक मूल्य पर मदिरा विक्रय के कुल 76 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इन शिकायतों पर कार्यवाही करते हुए, जिले की कुल 05 कम्पोजिट मदिरा दुकान क्रमशः 1-चारूवा, 2-छीपानेर रोड हरदा, 3- हरदा क्रमांक-2, 4- रहटगांव एवं  5-टेमागांव के लायसेंसधारियों पर दण्डात्मक कार्यवाही करते हुए कुल राशि 11,44,028/- रू. की शास्ति आरोपित की जाकर, शासन पक्ष में शास्ति की वसूली की जा चुकी है, जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-तीन अनुसार है। (ड.) जी हाँ। विभाग द्वारा नियमित निरीक्षण किये जाते हैं। निरीक्षण के दौरान दुकानों पर पाई गई त्रुटियों के लिये विभागीय प्रकरण 2808 कायम किये गये हैं। इन पर शास्ति के रूप में राशि रूपये 58,69,280/- आरोपित की जाकर, संबंधित लायसेंसियों से शास्ति की राशि जमा कराई गई है। मदिरा दुकानों की सीलिंग अथवा लायसेंस निरस्तीकरण की कोई कार्यवाही किये जाने की स्थिति निर्मित नहीं होने से, जानकारी निरंक है।

अपराध क्रमांक 266/23 की जानकारी

[गृह]

40. ( क्र. 580 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या थाना सिटी कोतवाली, छतरपुर जिला छतरपुर में अपराध क्रमांक 266/23 पंजीबद्ध किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त आरोपी व्‍यक्ति द्वारा दिनांक 18.04.2023 को आत्‍महत्‍या का प्रयास करने के उपरांत अप.क्र. 266/23 दिनांक 18.04.2023 समय 14.30 बजे गिरफ्तारी दर्शाई गई तो, सोशल मीडिया वायरल वीडियो में 13:00 बजे पुलिस द्वारा पकड़कर ले जाते दिखने का कारण क्‍या है? (ग) क्‍या गिरफ्तारी 18.04.2023 समय से न्‍यायिक अभि‍रक्षा 19.04.2023 समय भेजने के पूर्व अप.क्र. 277/23 पंजीबद्ध किया गया था एवं क्‍या MLC/डीजल/बोतल/माचिस की जप्ति की गई थी? यदि नहीं, तो क्‍यों। (घ) क्‍या अप. क्र. 266/23 के आरोपी को विशेष न्‍यायालय SC/ST. Act छतरपुर ने दिनांक 05.01.2025 को दोषमुक्‍त किया है? यदि हाँ, तो क्‍यों? (ड.) यदि हाँ, तो क्‍या अप.क्र. 266/23 फर्जी/मालाफाइड/FIR परिलक्षित होती है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (च) क्‍या उक्‍त आरोपी की आत्‍महत्‍या से मृत्‍यु हो गई है? यदि हाँ, तो कब कहां क्‍यों? (छ) क्‍या शासन नियमानुसार सीएम हेल्‍पलाइन नंबर में दर्ज शिकायतों का निराकरण लेवल 1 से 4 तक के अधिकारियों द्वारा शिकायतकर्ता से संपर्क/कथन लेकर निराकरण किया जाता है? (ज) यदि हाँ, तो क्‍या सीएम हेल्‍पलाइन क्रमांक 39049617, 39057990, 3907251, 39072375, 39072398 में दर्ज शिकायतों पर लेवल 1 से 4 तक के अधिकारियों द्वारा संपर्क/कथन लेकर निराकरण किया जाएगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) थाना कोतवाली, जिला छतरपुर में अपराध क्रमांक 266/23 धारा 294, 323, 506 भादवि 3 (1) (द), 3 (1) (ध) 3 (1) (va) अजा/जजा अत्याचार निवारण अधिनयम, 1989 का प्रकरण दिनांक 17.04.2023 को पंजीबद्ध किया गया था। (ख) अपराध क्रमांक 266/23 में आरोपी सुरेन्द्र सिंह तोमर को दिनांक 18.04.2023 के 14:30 बजे गिरफ्तार कर दिनाक 19.04.2023 को सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था। घटना दिनांक 18.04.2023 के 12:30 बजे से 13:00 बजे के मध्य उपरोक्त आरोपी सुरेन्द्र सिंह द्वारा आत्महत्या का प्रयास किया गया था, जिसके संबंध में दिनांक 21.04.2023 को थाना कोतवाली छतरपुर पर अपराध क्रमांक 277/23 अंतर्गत धारा 309, 109 भादवि पंजीबद्ध किया गया है। प्रकरण में सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने संबंधी जानकारी वर्तमान में उपलब्ध नहीं है तथा इस प्रकार का कोई भी वीडियो डायरी में जब्त एवं संलग्न नहीं है। (ग) जी नहीं। अपितु उक्त आपराधिक प्रकरण दिनांक 21.04.2023 को पंजीबद्ध किया गया था। आरोपी सुरेन्द्र सिंह को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत करने के पूर्व उसका मेडि‍कल परीक्षण कराया गया था। डीजल/बोतल/माचिस आदि घटनास्थल पर भीड़ अधिक होने के कारण प्राप्त नहीं होने से जब्त नहीं की जा सकी। (घ) जी हाँ। उक्त प्रकरण (अपराध क्रमांक 266/23) साक्ष्यविहीन होने से आरोपी सुरेन्द्र सिंह को दोषमुक्त किया गया है।            (ड.) जी नहीं। उपरोक्त आपराधिक प्रकरण की प्रथम सूचना पत्र शिकायतकर्ता रतिराम अहिरवार निवासी ग्राम सरानी की रिपोर्ट पर लेख की गई थी। (च) जी हाँ, दिनाक 04.04.2026 को आरोपी सुरेन्द्र सिंह के द्वारा जहरीला पदार्थ खाने से इलाज के लिये जिला अस्पताल छतरपुर ले जाते समय मृत्यु हो गई। (छ) जी हाँ। (ज) जी हाँ। प्रश्‍नांश में उल्लेखित सीएम हेल्पलाईन शिकायतों का यथाशीघ्र निराकरण किया जायेगा। उक्त शिकायतों की वर्तमान स्थिति निम्नानुसार है:- 1. शिकायत क्रमांक-39049617 वर्तमान में थाना सिविल लाईन में लेवल 02 पर लंबित है। 2. शिकायत क्रमांक-39057990- राजस्व विभाग ग्वालियर में लेवल 01 पर लंबित है। 3. शिकायत क्रमांक-3907251 शिक्षा विभाग जिला अशोकनगर में लेवल 04 पर लंबित है। 4. शिकायत क्रमांक-39072375 सीएम हेल्प लाईन केन्द्र भोपाल ‌द्वारा बंद की गई है। 5. शिकायत क्रमांक-39072398 थाना कोतवाली में लेवल 01 पर आंशिक रूप से बंद की गई। चूंकि प्रकरण वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है, जिस कारण से आवेदक के कथन लिया जाना आवश्यक नहीं है।

तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी की नहरों के मरम्मत एवं रख-रखाव कार्यों की स्थिति

[नर्मदा घाटी विकास]

41. ( क्र. 607 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) क्या वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में मनावर, कुक्षी एवं धरमपुरी विधानसभा क्षेत्रों अंतर्गत नर्मदा परियोजना की तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी की नहरों के मरम्मत, रख-रखाव, लाइनिंग, सफाई, पुनर्स्थापना एवं जल प्रवाह क्षमता सुधार हेतु विभिन्न कार्य स्वीकृत किए गए हैं? (ख) यदि हाँ, तो विधानसभा क्षेत्रवार एवं नहरवार स्वीकृत एवं वास्तविक व्यय राशि, कार्य का स्वरूप,                 जियो-टैगिंग, कार्य प्रारंभ एवं पूर्णता तिथि एवं उक्त अवधि में जारी सभी प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृतियों का क्रमांकवार एवं दिनांकवार जानकारी दें। (ग) वर्तमान में स्वीकृत मरम्मत एवं           रख-रखाव कार्यों हेतु क्षेत्रवार एवं कार्यवार कितनी राशि स्वीकृत है? इन कार्यों हेतु जारी निविदाओं का विवरण, निविदा क्रमांक, तिथि, अनुमानित लागत, निविदा प्रक्रियां, प्राप्त निविदाओं की संख्या, न्यूनतम एवं स्वीकृत दर सहित क्या है? (घ) किन एजेंसियों/ठेकेदारों को कार्यादेश जारी किए गए हैं उनके नाम, पंजीयन श्रेणी, कार्यादेश क्रमांक, अनुबंध राशि, कार्यस्थल, निर्धारित प्रारंभ एवं पूर्णता तिथि तथा पूर्ण एवं प्रगतिरत कार्यों का विवरण क्या है? (ड.) कार्यों की गुणवत्ता परीक्षण एवं निरीक्षण प्रतिवेदन क्या हैं तथा क्या किसी कार्य में विलंब, गुणवत्ता संबंधी शिकायत अथवा वित्तीय अनियमितता पाई गई है? यदि हाँ, तो संबंधित अधिकारियों/ठेकेदारों के विरुद्ध की गई कार्रवाई का विवरण दें। (च) वर्तमान में लंबित नहर मरम्मत कार्यों की सूची, अनुमानित लागत एवं प्रस्तावित समय-सीमा क्या है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जी नहीं, शेष प्रश्‍न लागू नहीं। (ग) उक्‍त विधानसभा क्षेत्रों में मरम्‍मत एवं रख-रखाव का कोई कार्य स्‍वीकृत नहीं है। उक्‍तानुक्रम में उक्‍त कार्य हेतु निविदा आमंत्रण नहीं की गई है। (घ) एवं (ड.) उत्‍तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न लागू नहीं।              (च) वर्तमान में उक्‍त विधानसभा क्षेत्रों में नहर मरम्‍मत के कोई कार्य लंबित नहीं हैं।

नदियों एवं जल स्रोतों के खनन के कारण हुए पर्यावरणीय नुकसान

[पर्यावरण]

42. ( क्र. 614 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) चौरई विधानसभा क्षेत्र की नदियों एवं जल स्रोतों के खनन के कारण हुए पर्यावरणीय नुकसान का मूल्यांकन कब कराया गया था? (ख) क्या खनन गतिविधियों के कारण चौरई विधानसभा क्षेत्र में भूजल स्तर में गिरावट दर्ज की गई है यदि हो तो ग्रामवार जानकारी क्या है। (ग) खदान प्रभावित गाँवों में धूल प्रदूषण एवं स्वास्थ्य समस्याओं के संबंध में शासन द्वारा क्या अध्ययन कराया गया है? (घ) खनन के कारण क्षेत्र की प्रमुख नदियों, नालों एवं जलाशयों की जलधारण क्षमता प्रभावित हुई है तो शासन द्वारा क्या सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) राज्‍य स्‍तरीय पर्यावरण समाघात निर्धारण प्राधिकरण (सिया) के पत्र क्रमांक 294 दिनांक 10/07/2026 से प्राप्‍त जानकारी अनुसार चौरई विधानसभा क्षेत्र में             04 पर्यावरणीय स्‍वीकृतियां खनन हेतु जारी की गई हैं। पर्यावरणीय स्‍वीकृति जारी करने के पूर्व क्षेत्र की वर्तमान जल, वायु, मिट्टी, जैवविविधता इत्‍यादि के दृष्टिगत खनन के फलस्‍वरूप पड़ने वाले पर्यावरणीय प्रभावों एवं उनके निराकरण के उपायों पर विचार करने के उपरांत राज्‍य स्‍तरीय विशेषज्ञ मूल्‍यांकन समिति (सेक) की अनुशंसा पर राज्‍य स्‍तरीय पर्यावरण समाघात निर्धारण प्राधिकरण (सिया) द्वारा 04 पर्यावरणीय स्‍वीकृति जारी की गई थी। खनन के कारण हुए पर्यावरणीय नुकसान का मूल्‍यांकन राज्‍य स्‍तरीय पर्यावरण समाघात निर्धारण प्राधिकरण (सिया) द्वारा नहीं कराया जाता है और न ही कराया गया है। (ख) वरिष्‍ठ भू-जलविद संभागीय भू-जल सर्वेक्षण इकाई बालाघाट के पत्र क्रमांक 502 दिनांक 11/07/2026 से प्राप्‍त जानकारी अनुसार जल स्‍तर में काई गिरावट दर्ज नहीं की गई है। (ग) कलेक्‍टर, जिला-छिंदवाड़ा के पत्र क्रमांक 372 दिनांक 12/07/2026 से प्राप्‍त जानकारी अनुसार धूल प्रदूषण एवं स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं के संबंध में शिकायत प्राप्‍त नहीं होने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) मध्‍यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में उपलब्‍ध अभिलेख अनुसार चौरई विधानसभा क्षेत्र में प्रमुख नदियों, नालों एवं जलाश्‍यों की जल धारण क्षमता प्रभावित नहीं हुई है।

स्वीकृत मात्रा से अधिक खनन पर निर्धारित राशि जमा नहीं की जाना

[खनिज साधन]

43. ( क्र. 619 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) तारांकित प्रश्‍न-क्रमांक 2309 दिनांक 05.08.2025 में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार क्‍या जबलपुर जिले की सिहोरा तहसील के अंतर्गत आयरन ओर का स्वीकृत मात्रा से अधिक अतिरिक्त उत्पादन/उत्खनन करने पर मेसर्स आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन, मेसर्स निर्मला मिनरल्स एवं मेसर्स पैसिफिक एक्सपोर्ट से राशि रुपये 4,43,04,86,890/- एवं तदानुसार देय जीएसटी राशि की वसूली हो गयी है? (ख) प्रश्‍नांश के संदर्भ में यदि उक्त राशि की वसूली आज दिनांक तक नहीं की गई है तो इसके क्या कारण हैं, कब तक उक्त राशि की वसूली मय जीएसटी एवं कंपाउंडिंग/दंडात्मक ब्याज के संबंधित माइनिंग कंपनियों से की जायेगी? निश्चित समयावधि बतावें। (ग) प्रश्‍न दिनांक तक भी उक्त राशि की वसूली करने में विलंब के लिये कौन-कौन दोषी/उत्तरदायी पाए गए हैं तथा उनके विरुद्ध क्या विभागीय या वैधानिक कार्यवाही प्रस्तावित अथवा प्रचलित है? क्या उक्त राशि की वसूली का डिमांड जारी किया जा चुका है? यदि डिमांड नहीं जारी किया गया है तो कब तक उक्त राशि की वसूली का डिमांड जारी किया जायेगा? इस संबंध में कलेक्टर जबलपुर, जिला खनिज कार्यालय एवं विभाग द्वारा संबंधित कंपनियों को जारी किये गये समस्त नोटिस, पत्राचार, आदेश, मांग-पत्र, संबंधित कंपनियों द्वारा प्रस्तुत समस्त जवाब, पत्र की प्रति उपलब्ध करावें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रश्‍नांश अनुसार मेसर्स आनंद माइनिंग कॉपोरशन, मेसर्स निर्मला मिनरल्स एवं मेसर्स पैसिफिक एक्सपोर्ट व्दारा सिहोरा तहसील अंतर्गत आयरन ओर की अनुमत मात्रा से अधिक उत्पादन के संबंध में गठित जाँच दल व्दारा संबंधित कंपनियों के विरूद्ध राशि रूपये 4,43,04,86,890/- एवं तदानुसार जीएसटी की वसूली हेतु प्रतिवेदन म.प्र. शासन खनिज साधन विभाग को प्रस्तुत किया गया है। जिसमें शासन एवं संचालनालय द्वारा कलेक्टर (खनिज-शाखा) जबलपुर को वसूली एवं अन्य कार्यवाही विधि अनुसार करने हेतु लेख किया गया है। प्रकरण वर्तमान माननीय न्यायालय कलेक्टर जबलपुर में प्रचलन में है। (ख) प्रश्‍नांश अनुसार प्रकरण माननीय न्यायालय कलेक्टर, जबलपुर के समक्ष प्रचलन में है। माननीय न्यायालय कलेक्टर, जबलपुर में पारित आदेश अनुसार आगामी कार्यवाही की जायेगी। (ग) प्रश्‍नांश अनुसार माननीय न्यायालय कलेक्टर, जबलपुर के समक्ष प्रचलन में होने से विलंब हेतु कोई दोषी नहीं है। अतः किसी के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। प्रकरण में अंतिम आदेश पारित होने उपरांत नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। शेष प्रश्‍नांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर दर्शित है।

संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण

[सामान्य प्रशासन]

44. ( क्र. 627 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या माननीय मुख्यमंत्री द्वारा शुक्रवार 30 जनवरी 2026 को टी.टी. नगर दशहरा मैदान में भारतीय मजदूर संघ द्वारा आयोजित मध्यप्रदेश 'संविदा कर्मी संयुक्त संघर्ष मोर्चा' के 'संविदा कर्मी-अधिकारी सम्मेलन' को संबोधित करते हुये विभिन्न विभागों में 10 वर्ष से अधिक के अनुभव वाले संविदा कर्मचारियों को नियमित पदों में संविलियन किये जाने की घोषण की गई थी? यदि हाँ, तो वह कब तक पूर्ण कर ली जायेगी। (ख) क्या सरकार विभिन्न विभागों में 10 वर्ष से अधिक की सेवाएं देने वाले अनुभवी संविदा कर्मचारियों को नियमित पदों पर संविलियन प्रथम नियुक्ति दिनांक से की जावेगी तथा उनकी पुरानी सेवाएं जोड़ी जायेगी अथवा नहीं? यदि नहीं, तो क्यों? यदि हाँ, तो कब तक? नियमितीकरण करने का प्लान लागू होगा? समय-सीमा बतायें। (ग) जो संविदा कर्मचारी पारदर्शी रूप से विधिवत रोजगार कार्यालय/विभागीय परीक्षा एवं साक्षात्कार के माध्यम से भर्ती हुए हैं और जिनकी सेवाएं 10 वर्षों से अधिक हो चुकी है जिन्हें संबंधित विभागों में वेतनमान (ग्रेड-पे) भी प्राप्त हो रहा है, इन्हें नियमित पदों पर उसी ग्रेड-पे पर (वेतन संरक्षण का लाभ प्रदान कर) नियमित/संविलियन किया जायेगा? यदि नहीं, तो क्यों? कारण बतायें। यदि हाँ, तो कब तक? समय-सीमा बतायें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा दिनांक 30.01.2026 को घोषणा की गई थी कि ''10 वर्ष से अधिक अनुभवी संविदा कर्मियों को नियमित पदों पर संविलियन की अभी तक 50 प्रतिशत प्रक्रिया जारी है। इस दिशा में आगे और काम किया जायेगा।'' इस घोषणा के अनुरूप संविदा नीति 2023 अनुसार विभागों में सीधी भर्ती के रिक्‍त पद के 50 प्रतिशत पद संविदा कर्मियों हेतु आरक्षित रखे जाने संबंधी प्रावधान वर्तमान में लागू हैं। इस प्रावधान का पालन शासन के विभागों द्वारा किये जाने के निर्देश हैं, जो एक सतत् प्रक्रिया है। संविदा नीति 2023  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार है। अत: शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। संविदा नीति 2023 अनुसार संविदा कर्मियों की पुरानी सेवाएं जोड़ने के निर्देश नहीं हैं। उत्‍तरांश '''' अनुसार संविदा कर्मियों को नियमित किये जाने संबंधी निर्देश वर्तमान में लागू हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। उत्‍तरांश '''' में उल्‍लेखित प्रक्रिया के अतिरिक्‍त अन्‍य किसी प्रकार से संविदा कर्मचारियों/अधिकारियों को नियमित किये जाने के निर्देश नहीं हैं।

विधायक निधि से ग्रामीण संपर्क मार्गों के निर्माण की स्वीकृति

[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]

45. ( क्र. 671 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या उप मुख्‍यमंत्री, योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के ग्रामीण अंचलों व मजरे-टोलों में संपर्क मार्गों के अभाव के कारण ग्रामीणों को आवागमन में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और मुख्य बजट में प्रावधान न होने से ये छोटे-छोटे जनहित के कार्य वर्षों तक लंबित रहते हैं?                      (ख) क्या विधायक विकास निधि की वर्तमान संदर्शिका (गाइड-लाइन) में संशोधन कर ग्रामीण क्षेत्रों में 'डब्ल्यू.बी.एम. सड़क' (WBM Road) तथा 'गिट्टी-मुरम मार्ग' निर्माण कार्य को शामिल करने पर शासन विचार करेगा? (ग) क्या शासन संपर्क मार्गों के निर्माण को समय पर पूरा कराने हेतु विधायक निधि से डब्ल्यू.बी.एम. व गिट्टी-मुरम रोड निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने पर विचार कर रहा है? यदि हाँ, तो जनहित में विधायक निधि की गाइड-लाइन में इस जनोपयोगी कार्य को जोड़ने हेतु शासन कब तक नीतिगत निर्णय लेकर आदेश जारी करेगा? यदि नहीं, तो इसका क्या कारण है?

उप मुख्‍यमंत्री, योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजनान्तर्गत उक्त कार्य अनुमत श्रेणी में होने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।               (ख) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना की मार्गदर्शिका-2013 में उक्त कार्य अनुमत श्रेणी में होने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश () के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

प्रतियोगी परिक्षाओं की जानकारी

[सामान्य प्रशासन]

46. ( क्र. 675 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) म.प्र. में कर्मचारी चयन मण्डल भोपाल द्वारा वर्ष 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में कौन-कौन सी परीक्षा आयोजित की गई? परीक्षा का नाम सहित वर्षवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में किन-किन परीक्षाओं का परिणाम घोषित कर दिया गया है एवं कितनी परीक्षाओं का परिणाम घोषित करना शेष है? परीक्षावार एवं वर्षवार जानकारी देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संबंध में आयोजित परीक्षाओं में से कितनी परीक्षाएं निरस्त की गई? परीक्षा निरस्त करने के क्या कारण थे? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संबंध में परीक्षा में पेपर लीक जैसी अनियमितायें थी, यदि हाँ, तो किन जांच एजेंसियों को जांच का जिम्मा सौंपा गया? (ड.) प्रश्‍नांश (घ)  के संबंध में की गई जांचों में से कितनी जांच पूर्ण हो चुकी है एवं कितनी जांचें वर्तमान में प्रचलित है, परीक्षाएं निरस्त होने के लिए कौन-कौन अधिकारी-कर्मचारी एवं अन्य व्यक्ति दोषी हैं? नाम, पदनाम एवं लिये गये अंतिम निर्णय सहित जानकारी देवें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–'' अनुसार है।               (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट–'' अनुसार  है। (ग) प्रश्‍नांश () एवं () के संबंध में आयोजित परीक्षाओं में से कोई भी परीक्षा निरस्‍त नहीं की गई। (घ) जी नहीं, शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (ड.) उत्‍तरांश ()  के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

ग्वालियर जिले में खदानों का आवंटन

[खनिज साधन]

47. ( क्र. 679 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) ग्वालियर जिले में कितनी रेत, पत्थर फर्शी, लोह अयस्क, मुरम, गिट्टी पत्थर की कितनी खदानें कहाँ-कहाँ/किन-किन स्थानों पर संचालित है? खदान के प्रकारवार, स्थानवार, आवंटित रकवेवार जानकारी दें। आवंटन/लीज किन नियम एवं शर्तों के अधीन किया गया है? प्रति उपलब्ध करायें। (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित खदानें लीज पर/पट्टे पर जिला प्रशासन एवं राज्य शासन द्वारा दी गई है? यदि हाँ, तो वर्ष 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक जिला प्रशासन, राज्य शासन द्वारा लीज/आवंटन की पृथक-पृथक वर्षवार, खदानवार जानकारी दें। (ग) क्या प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित खदानों हेतु आवंटित/लीज पर दिए गए रकवे से अधिक क्षेत्र/क्षेत्रफल में खनन किया जा रहा है? क्या जिला प्रशासन द्वारा मौके पर जांच की गई है? यदि हाँ, तो खदानवार, जांचकर्ता अधिकारीवार, प्रश्‍नांश '''' में उल्लेखित अवधि की वर्षवार जानकारी दें। (घ) प्रश्‍नांश (क) के में उल्लेखित खदानों से प्रश्‍नांश '''' में उल्लेखित अवधि में कितना रॉयल्टी राजस्व, जिला प्रशासन एवं राज्य शासन को प्राप्त हुआ है? वर्षवार खदानवार जानकारी दें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रश्‍नानुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ  पर दर्शित है। मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम 1996 के प्रावधानों एवं शर्तों के अधीन गौण खनिज रेत, गिट्टी पत्थर, फर्शी पत्थर, मुरम की खदानें स्वीकृत किये जाने के प्रावधान है। रेत खनिज की खदानों का संचालन मध्यप्रदेश रेत (खनन, परिवहन, भण्डारण और व्यापार) नियम 2019 के अधीन किया जाता है। यह दोनों नियम अधिसूचित नियम है। मुख्य खनिज लौह अयस्क की खदानें खान एवं खनिज (विकास तथा विनियमन) अधिनियम, 1957 तथा इसके अधीन बनाये गये नियम खनिज (परमाणु तथा हाईड्रोकार्बन ऊर्जा खनिजों से भिन्न) रियायत नियम, 2016 के प्रावधानों एवं शर्तों के अधीन स्वीकृत तथा संचालित होती है। यह अधिनियम एवं नियम भारत सरकार द्वारा निर्मित तथा अधिसूचित है। (ख) प्रश्‍नानुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब  पर दर्शित है। (ग) प्रश्‍नानुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स  पर दर्शित है। (घ) खदानों से राजस्व राज्य की संचित निधि में जमा किये जाने का प्रावधान है। प्रश्‍नानुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द पर दर्शित है।

उत्‍खनन हेतु राजस्व एवं वन भूमि लीज पर देने के नियम

[खनिज साधन]

48. ( क्र. 680 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                          (क) जिला प्रशासन एवं राज्य शासन द्वारा रेत खनन, पत्थर उत्खनन, मुरम, गिट्टी पत्थर, लोह अयस्क उत्खनन हेतु राजस्व भूमि/वन भूमि लीज पर देने/आवंटन करने के क्या नियम/नीति है? (ख) ग्वालियर जिले में प्रश्‍नांश '''' में उल्लेखित खदानों में से कितनी खदानें जिला प्रशासन द्वारा एवं कितनी खदानें राज्य शासन द्वारा लीज पर/पट्टे पर दी गई हैं? खदानवार, लीजवार होल्डरवार/आवंटितीवार रकवे सहित वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक की जानकारी दें। (ग) प्रश्‍नांश '''' में खदान लीज पर देने/आवंटित करने के उपरांत लीज होल्डर/आवंटिती/फर्म को आधिपत्य देने की क्या नियम प्रक्रिया है? प्रति उपलब्ध करायें। (घ) लीज होल्डर, आवंटिती, फर्म को आवंटित भूमि का आधिपत्य देते समय विभाग के, राजस्व के, वन विभाग के प्रशासन के किस स्तर (पद धारक) के अधिकारी की उपस्थिति रहना चाहिये? (ड.) प्रश्‍नांश '''' में उल्लेखित खदानें एवं अवधि में लीज पर आवंटित खदानों का आधिपत्य किस-किस अधिकारी की उपस्थिति में दिया गया? खदानवार, अधिकारियोंवार, वर्षवार जानकारी दें। यदि अधिकारी उपस्थित नहीं थे तो लीज/आवंटित भूमि लीज होल्डर/आवंटिती/फर्म को कैसे आधिपत्य में दी गई? स्पष्ट ब्यौरा दें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम 1996 के प्रावधानों एवं शर्तों के अधीन गौण खनिज रेत, गिट्टी पत्थर, फशीं पत्थर, मुरम की खदानें स्वीकृत किये जाने के प्रावधान है। रेत खनिज की खदानों का संचालन मध्यप्रदेश रेत (खनन, परिवहन, भण्डारण और व्यापार) नियम 2019 के अधीन किया जाता है। यह दोनों नियम अधिसूचित नियम है। मुख्य खनिज लौह अयस्क की खदानें खान एवं खनिज (विकास तथा विनियमन) अधिनियम, 1957 तथा इसके अधीन बनाये गये नियम खनिज (परमाणु तथा हार्डड्रोकार्बन ऊर्जा खनिजों से भिन्न) रियायत नियम, 2016 के प्रावधानों एवं शर्तों के अधीन स्वीकृत तथा संचालित होती है। यह अधिनियम एवं नियम भारत सरकार द्वारा निर्मित तथा अधिसूचित है। (ख) प्रश्‍नाधीन अवधि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर दर्शित है। (ग) मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 के प्रावधान के तहत आवंटित खदान का भू-प्रवेश दिया जाना प्रावधानित है। यह संहिता अधिसूचित संहिता है। (घ) राजस्व भूमि पर आधिपत्य दिये जाने हेतु तहसीलदार अपर तहसीलदार नायब तहसीलदार तथा खनि निरीक्षक की उपस्थिति होती है। वन भूमि के मामले में जिला वनमण्डलाधिकारी के प्रतिनिधि की उपस्थिति होती है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर दर्शित है। पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

सागर संभागीय मुख्यालय पर एयरपोर्ट का निर्माण

[विमानन]

49. ( क्र. 686 ) श्री भूपेन्द्र सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश सरकार द्वारा सागर संभागीय मुख्यालय पर एयरपोर्ट निर्माण हेतु विचार किया जा रहा है? यदि हाँ, तो कहाँ एवं इस हेतु किये जा रहे प्रयासों का विवरण क्या है? (ख) प्रश्‍नांश '' अनुसार एयरपोर्ट निर्माण हेतु क्या केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है? यदि हाँ, तो कब?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) एयरपोर्ट निर्माण का कार्य मुख्यतः केन्द्रीय अनुसूची का है। वर्तमान में सागर संभागीय मुख्यालय में ढ़ाना स्थित हवाई पट्टी है, जो बड़े विमानों की लैंडिंग/टेकऑफ हेतु उपयुक्त नहीं है। सागर के आसपास विमानतल निर्माण हेतु उपयुक्त भूमि चिन्हांकन हेतु जिला कलेक्‍टर को पत्र भेजा गया है।

बांदरी परिक्षेत्र में वन भूमि पर अतिक्रमण

[वन]

50. ( क्र. 687 ) श्री भूपेन्द्र सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उत्तर वन मण्डल सागर अन्तर्गत बांदरी परिक्षेत्र के किन-किन ग्रामों में कितनी-कितनी वन भूमि है? किन-किन ग्रामों की कितनी-कितनी वन भूमि पर किस-किस के द्वारा अतिक्रमण किया गया है? (ख) प्रश्‍नांश '' अनुसार उक्त अतिक्रमित भूमि के संबंध में विभाग द्वारा अभी तक कहाँ-कहाँ,                    किन-किन के विरूद्ध क्या-क्या कार्यवाही की गयी? कहाँ-कहाँ, कितनी-कितनी भूमि अतिक्रमण से मुक्त करायी गयी? कितनी-कितनी भूमि पर वर्तमान में अतिक्रमण है? विस्तृत ब्यौरा दें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

बालाघाट जिला अंतर्गत खनिज रायल्‍टी से प्राप्‍त राशि

[खनिज साधन]

51. ( क्र. 691 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) बालाघाट जिला अंतर्गत खनिज विभाग द्वारा कौन-कौन से अयस्कों का किस-किस ग्रामों में खनन के लिए शासकीय अनुमति किस-किस ठेकेदार को वर्ष 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक दी गई है तथा राजस्व एवं जुर्माना राशि आज दिनांक तक कितनी जमा की गई? पूर्ण दस्तावेज सहित संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) क्या बालाघाट विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत भरवेली मॉयल द्वारा खनिज खनन से मध्यप्रदेश सरकार को लाभांश वर्ष 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने करोड़ों रूपये की राजस्व आय प्राप्त हुआ है? वर्षवार जानकारी देवें। (ग) क्या शासन के निर्देशानुसार खनन क्षेत्रों के ग्रामों में मध्यप्रदेश के कुल खनिज खनन राजस्व में से कितने प्रतिशत लाभांश राशि उन क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए खर्च करना आवश्यक है, जहां से मॉयल द्वारा निरंतर खनन किया जा रहा है? नियम-निर्देश की प्रति उपलब्ध कराएं। (घ) मॉयल (मैंगनीज ओर इंडिया लिमिटेड) द्वारा मध्यप्रदेश सरकार को दिए जा रहे राजस्व में से बालाघाट विधानसभा क्षेत्र के किन-किन ग्रामों में वर्ष 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि, किस-किस विकास कार्यों में खर्च की गई हैं? खर्च की गई संपूर्ण राशि के समस्त दस्तावेज, बिल वाउचर के साथ उपलब्ध करावें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जिला बालाघाट, अंतर्गत वर्ष 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक खनिज विभाग द्वारा शासकीय भूमि पर अयस्क खनन अनुमति जारी नहीं की गई है, अनुमति जारी नहीं किये जाने से जमा राजस्व एवं जुर्माना राशि जमा कराये जाने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। अपितु विभाग द्वारा जिला-बालाघाट अंतर्गत 05 खनिज ब्लॉकों हेतु अधिमानी बोलीदारों को आशय पत्र जारी किया गया है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" पर दर्शित है। (ख) लाभांश वर्ष 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक राजस्व की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" पर दर्शित है। (ग) खनिज खनन राजस्व/लाभांश की राशि राज्य की संचित निधि में जमा होती है। इसके पृथक से प्रश्‍नानुसार व्यय/खर्च किये जाने का प्रावधान नहीं है। शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) मॉयल (मैंगनीज और इंडिया लिमिटेड) द्वारा मध्यप्रदेश सरकार को दिए जा रहे राजस्व राशि राज्य की संचित निधि में जमा होती है। इसके पृथक से प्रश्‍नानुसार व्यय/खर्च किये जाने का प्रावधान नहीं है। शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

सिवनी-मालवा की कजलास में हो रहा अवैध उत्‍खनन

[खनिज साधन]

52. ( क्र. 702 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सिवनी-मालवा की कजलास रेत खदान स्वीकृत खदान है अथवा नहीं?                               (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि नहीं, तो उक्त रेत खदान कब तक स्वीकृत की जाएगी? (ग) क्या उक्त खदान से अवैध उत्खनन किया जाता है? यदि हाँ, तो अवैध उत्खनन कब तक बंद किया जाएगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। विधानसभा क्षेत्र सिवनी-मालवा की कजलास रेत खदान मध्‍यप्रदेश राज्‍य खनिज निगम के पक्ष में स्वीकृत खदान है। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) मध्‍यप्रदेश राज्‍य खनिज निगम के पक्ष में स्‍वीकृत कजलास रेत खदान के संचालन हेतु आवश्‍यक वैधानिक अनुमतियों (खनन योजना, पर्यावरण अनुमति) प्राप्‍त किये जाने की कार्यवाही प्रचलित है। अनुमतियों के अभाव में खदान वर्तमान में बंद है। उक्‍त खदान में अवैध उत्‍खनन की शिकायत प्राप्‍त होने पर विभाग द्वारा नियमानुसार कार्यवाही की गई है। जिसकी जानकारी संलग्न परिशिष्ट पर दर्शित है। वर्तमान में खदान में खनन पूर्णत: बंद है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "चौदह"

नर्मदा तट पर घाट एवं पिचिंग के स्‍वीकृत कार्य

[नर्मदा घाटी विकास]

53. ( क्र. 703 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सिवनी-मालवा में नर्मदा तट पर घाट एवं पिचिंग के कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किए गए? (ख) यह कार्य कितनी राशि के स्वीकृत किए गए एवं किस दिनांक को स्वीकृत किए गए? (ग) यह कार्य कब तक पूर्ण होंगे?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) ग्राम खोकसर एवं ग्राम बाबरी में घाट एवं पिचिंग के कार्य स्‍वीकृत किये गये हैं। (ख) राशि रूपये 18.14 करोड़ के दिनांक 05.06.2023 को। (ग) निविदा प्रक्रिया पूरी होने के उपरांत लगभग 18 माह की अवधि में।

वन क्षेत्रों में वृक्षों की अवैध कटाई

[वन]

54. ( क्र. 708 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                          (क) उपवनमंडल सिरोंज अंतर्गत विभिन्न वन परिक्षेत्रों में कहाँ-कहाँ कितनी वन भूमि उपलब्ध है? उक्त जानकारी बीटवार, कक्षवार एवं परिक्षेत्रवार पृथक-पृथक उपलब्ध कराई जाए। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में उक्त वन क्षेत्रों में वृक्षों की अवैध कटाई रोकने हेतु विभाग द्वारा क्या-क्या प्रयास किए जा रहे हैं? साथ ही यह भी बताया जाए कि वृक्षों की कटाई रोकने हेतु विभाग द्वारा कब-कब ठूंठ सर्वे (स्टंप सर्वे) कराया गया? उसके लिए क्या नियम एवं दिशा-निर्देश निर्धारित हैं तथा अंतिम ठूंठ सर्वे में किन-किन बीटों में वृक्ष कटे हुए पाए गए? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में ठूंठ सर्वे में किन-किन बीटों में कितने-कितने ठूंठ पाए गए? बीटवार विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाए। साथ ही उक्त ठूंठ सर्वे किन-किन अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा किया गया? उनके नाम, पदनाम एवं सर्वे दिनांक सहित जानकारी दी जाए। (घ) प्रश्‍नांश (ख) एवं (ग) के संदर्भ में जिन स्थानों पर वृक्ष कटे हुए पाए गए, उनके लिए कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी उत्तरदायी पाए गए? दोषियों के विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई? यदि कोई कार्यवाही नहीं की गई है, तो उसके कारण एवं कार्यवाही की प्रस्तावित समय-सीमा बताई जाए। (ड.) दिनांक 1 अप्रैल 2023 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक वन परिक्षेत्र दक्षिण लटेरी, उत्तर लटेरी एवं सिरोंज वन परिक्षेत्र में राज्य स्तर, क्षेत्रीय स्तर, मंडल स्तर एवं उपवनमंडल स्तर के अधिकारियों द्वारा कब-कब निरीक्षण किया गया? निरीक्षण करने वाले अधिकारियों के नाम, पदनाम एवं दिनांक सहित जानकारी उपलब्ध कराई जाए। साथ ही निरीक्षण में क्या-क्या कमियाँ पाई गईं? उनकी प्रतिवेदन प्रतिलिपि एवं निरीक्षण संबंधी नियम/निर्देशों की छायाप्रति उपलब्ध कराई जाए।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) उप वनमंडल सिरोंज अंतर्गत वन परिक्षेत्र सिरोंज में 22509.798 हेक्टेयर, वन परिक्षेत्र उत्तर लटेरी में 15506.638 हेक्टेयर एवं वन परिक्षेत्र दक्षिण लटेरी में 12163.817 हेक्टेयर वन भूमि उपलब्ध है। बीटवार, कक्षवार एवं परिक्षेत्रवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) सामान्य वनमंडल विदिशा अंतर्गत उप वनमंडल सिरोंज के समस्त वन परिक्षेत्रों में वन क्षेत्रों के वृक्षों की अवैध कटाई रोकने हेतु प्रत्येक बीट पर एक वनरक्षक नियुक्त है, जो सतत् निगरानी करता है तथा गश्ती दलों द्वारा भी निरंतर गश्त की जाती है। विभाग द्वारा ठूंठ सर्वे (स्टंप सर्वे) हेतु प्रत्येक वर्ष 01 जुलाई से 30 जून तक का बीट रोस्टर बनाया जाता है। प्रत्येक माह में रोस्टर अनुसार आने वाली बीटों का वनमंडलाधिकारी, उप वनमंडलाधिकारी, वन परिक्षेत्राधिकारी, उप वनक्षेत्रपाल एवं वनपालों द्वारा ठूंठ सर्वे (स्टंप सर्वे) किया जाता है। अंतिम ठूंठ सर्वे में कटे हुए पाए गए वृक्षों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है।                                (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। (घ) जिन स्थानों पर वृक्ष कटे हुए पाए गए, उनके लिए उत्तरदायी पाए गए दोषी अधिकारी/कर्मचारियों के विरुद्ध की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। जिन वन अपराध प्रकरणों में वन हानि पाई जाती है, उन प्रकरणों में अपलेखन/वसूली की कार्यवाही की जाती है। (ड.) दिनांक 01 अप्रैल 2023 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक निरीक्षण करने वाले अधिकारियों के नाम, पदनाम एवं दिनांक सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। निरीक्षण में पाई गई कमियों के प्रतिवेदन की प्रतिलिपि पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 एवं निरीक्षण संबंधी नियम/निर्देशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-5 अनुसार है।

पदेन उप सचिव को चिकित्सा शिक्षा का प्रभार

[सामान्य प्रशासन]

55. ( क्र. 711 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा प्रश्‍न क्र. 2523 दिनांक 25.02.2026 के उत्तर में वाहन सुविधा दिये जाने तथा अपर मुख्य सचिव द्वारा प्रस्ताव भेजे जाने का उल्लेख है जबकि प्रश्‍न के मूल आशय के अनुसार यह स्पष्ट नहीं किया है कि अन्य विभाग के पदेन उप सचिव को चिकित्सा शिक्षा का प्रभार किन नियमों के अन्तर्गत, किस अवधि के लिए सौंपा गया था? संबंधित अभिलेखों/नोटशीट की प्रतियां देवें। (ख) उपरोक्त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्य में उक्त अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार में वाहन सुविधा सहित अन्य कौन-कौन सी वित्तीय/प्रशासनिक सुविधाएं प्रदान की गई? उन पर कुल कितना व्यय हुआ? विवरण देवें। (ग) लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण का चिकित्सा शिक्षा में विलय के पश्चात उक्त अतिरिक्त प्रभार स्वतः समाप्त किया गया? यदि नहीं, तो विधिक/प्रशासनिक कारण बतावें।                                            (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्य में बिना सक्षम स्वीकृति/प्रचलित नियमों के विपरित अतिरिक्त प्रभार दिया जाना तथा चिकित्सा शिक्षा का लोक स्वास्थ्य में विलय हो जाने के बावजूद संबंधित द्वारा बिना संशोधित आदेश के अपने आपको लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा का अनधिकृत उप सचिव दर्शाते/बताते हुए कार्यों का निष्पादन करने पर क्या शासन सम्पूर्ण प्रकरण की जाँच कर अनधिकृत कार्य करने वाले दोषी एवं सहयोग करने वालों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करेगा? यदि नहीं, तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) अपर मुख्य सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से प्राप्त प्रस्ताव अनुसार आदेश दिनांक 22 जून 2021 द्वारा श्री कृष्णकांत दुबे, (मूलत: संयुक्त संचालक, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग) पदेन उप सचिव, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग को कार्य की आवश्यकता की दृषटिगत प्रशासनिक आधार पर उप सचिव चिकित्सा शिक्षा विभाग का प्रभार अतिरिक्त रूप से आगामी आदेश तक सौंपा गया था। संबंधित अभिलेख/नोटशीट की प्रतियां संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) शासन के नियमों के अनुसार जो सुविधायें उप सचिव को प्रदान की जाती हैं, नियमानुसार प्रदाय की गई हैं। सुविधाओं के मुद्रिकरण के स्पष्ट मापदण्ड नहीं होने से उन पर वास्तविक व्यय बताया जाना संभव नहीं है। (ग) राज्य शासन द्वारा चिकित्सा शिक्षा विभाग का लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में विलय होने से, चिकित्सा शिक्षा विभाग के निर्धारित पद एवं लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निर्धारित पद, नवीन विभाग ''लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग'' में विलय होने के कारण चिकित्सा शिक्षा विभाग में पदस्थ अधिकारियों के आदेश निरस्त होने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्‍नांश (क) एवं (ग) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्‍न उपस्थिति नहीं होता।

परिशिष्ट - "पंद्रह"

नियम विरुद्ध अचल सम्पत्तियों को तोड़ने से उत्पन्न स्थिति

[गृह]

56. ( क्र. 712 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में संगीन अपराध करने वालों को पुलिस द्वारा माननीय न्यायालय में चालान प्रस्तुत करने अथवा माननीय न्यायालय के निर्णय आने के पूर्व ही अचल सम्पत्तियों को तोड़ने का कोई कानून वर्तमान में विद्यमान है? यदि है, तो बतावें। (ख) उपरोक्त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्य में यदि नहीं, तो किस कानून के तहत आरोपियों की सम्पत्तियों को बुलडोजर से गिराया जा रहा है? (ग) क्या उन सम्पत्तियों को राजसात किये जाने के लिए कानून बनाया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क), (ख) एवं (ग) पुलिस द्वारा बी.एन.एस. एवं बी.एन.एस.एस. की उपयुक्त धाराओं में नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण के विरूद्ध कार्यवाही राजस्व विभाग, नगरीय निकायों तथा ग्राम पंचायत द्वारा उनके अधिनियमों के अंतर्गत की जाती है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

युवाओं को रोजगार का प्रदाय

[सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम]

57. ( क्र. 715 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2024 से प्रश्‍न दिनांक तक जिला आगर-मालवा में कितने हितग्राहियों को विभिन्न स्व-रोजगार योजनाओं के तहत प्रकरण स्वीकृत किए गए? हितग्राहियों की संख्या, नाम, अनुदान राशि तथा योजना का नाम सहित वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार विभिन्‍न योजनाओं में से कितने हितग्राहियों को शासन द्वारा बैंक ऋण हेतु गारंटी प्रदान की गई? हितग्राहियों की संख्या सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार जिला आगर-मालवा में ऐसे कितने प्रकरण हैं जो शासन स्तर से स्वीकृत हुए, लेकिन बैंक द्वारा ऋण स्वीकृत न किए जाने के कारण लंबित हैं? हितग्राहियों के नाम सहित प्रकरणों की संख्या बताई जाए। (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार कितने प्रकरण अस्‍वीकृत किये गए? अस्‍वीकृत प्रकरणों की जानकारी देवें।

सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ) : (क) विभाग द्वारा प्रश्‍नांश अवधि में युवाओं को स्वरोजगार प्रदान करने के लिए राज्य शासन की मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना संचालित है। लाभान्वित हितग्राहियों का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना अंतर्गत बैंक द्वारा हितग्राही को प्रदाय किये गये ऋण की गारंटी भारत सरकार की CGTMSE योजना अंतर्गत दी जाती है, जिसमें हितग्राही को लगने वाली ऋण गारंटी फीस (CGTMSE FEES) की प्रतिपूर्ति विभाग द्वारा की जाती है, ऐसे हितग्राहियों की संख्या पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) योजनान्तर्गत विभाग द्वारा पात्र प्रकरणों को संबंधित बैंक शाखाओं को अनुशंसित किया जाता है, ऋण स्वीकृत किये जाने की अधिकारिता बैंकों की है। बैंकों में वर्त्तमान में लंबित प्रकरणों की संख्या पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (घ) बैंकों द्वारा अस्‍वीकृत प्रकरणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है।

नर्मदा उद्वहन सिंचाई योजना की प्रशासकीय स्‍वीकृति

[नर्मदा घाटी विकास]

58. ( क्र. 722 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नर्मदा घाटी विकास विभाग के अंतर्गत 1 अप्रैल 2024 से दिसम्बर 2024 तक विभाग में 6 उद्वहन सिंचाई परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति में प्रश्‍न दिनांक के बाद तृतीय पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। यदि हाँ, तो उसका आधार बतावें एवं मदवार बढ़ोतरी का विस्तृत विवरण एवं तृतीय पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति की प्रति देवें। (ख) तारांकित प्रश्‍न क्र. 599 दिनांक 04.11.2025 के प्रश्‍न (ग) के उत्तर में कमांड क्षेत्र की सीमा में लगे आंशिक ग्रामों के शेष रकबे को जोड़ने के संदर्भ में अनुबंध क्लॉज 116 में कार्य को समय पूर्व पूर्ण करने के लिए ठेकेदार को प्रोत्साहन राशि देने के प्रावधान के विरूद्ध कमाण्ड‍ क्षेत्र बढ़ाने का प्रावधान किस नियम/परिपत्र के तहत किया गया? नियम/परिपत्र की प्रति देवें। यदि नियम नहीं है तो किस अधिकारी द्वारा ऐसा किया गया, उसके विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में वर्णित तारांकित प्रश्‍न के प्राप्त उत्तर के संदर्भ में यह बतावें कि उद्वहन सिंचाई परियोजनाओं की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति में कमाण्ड का रकबा बढ़ाने के लिए किन-किन जनप्रतिनिधियों/कृषकों की मांग पर बढ़ाया गया है? सभी जन प्रतिनिधियों/कृषकों के पत्रों की छायाप्रति देवें। (घ) तारांकित प्रश्‍न क्र. 599 दिनांक 04.11.2025 के उत्तर के संदर्भ में जनप्रतिनिधियों/कृषकों के पत्रों को मुख्यमंत्री जी द्वारा सी.एम. मॉनिट श्रेणी में लिया गया है। यदि हाँ, तो उसकी प्रति देवें और यदि नहीं, तो रकबा बढ़ाने के लिए कौन अधिकारी जिम्मेदार है, उसके विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? बतावें।                                 (ड.) तारांकित प्रश्‍न क्र. 599 दिनांक 04.11.2025 के उत्तर के अनुसार टर्न की ठेकों की राशि एवं ठेके निर्धारित हो जाने के पश्चात उन्हीं ठेकों की राशि में बढ़ोतरी करने का प्रावधान ठेके की किस क्लॉज/नियम में है? प्रति देवें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍न लागू नहीं। (ख) धार माईक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना, महेश्‍वर जानापाव माईक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना एवं सोण्‍डवा माईक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के अंतर्गत कमाण्ड क्षेत्र की सीमा से लगे आंशिक ग्रामों के शेष रकबे को जोड़ने एवं कमाण्‍ड क्षेत्र बढ़ाने हेतु जारी संशोधन अनुबंध के वॉल्‍यूम-1 की कंडिका-11.0 “Amendment of bidding document” के अनुसार नर्मदा नियंत्रण मण्‍डल से स्‍वीकृति प्राप्‍त कर किया गया है, जिसकी प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। शेष प्रश्‍न लागू नहीं। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है(घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ड.) अनुबंध के वॉल्‍यूम-2 के अंतर्गत जारी संशोधन क्रमांक 01 के सरल क्रमांक 18 एवं 19 पर उल्‍लेखित संशोधित क्‍लॉज 116.3 के अनुसार। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है।

सर्विस सेंटर संचालकों के खिलाफ कार्यवाही

[पर्यावरण]

59. ( क्र. 727 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                        (क) नागदा नगर (तहसील नागदा, जिला उज्जैन) में विगत कई वर्षों से सर्विस स्टेशन के नाम पर एसिड, रसायन युक्त टैंकरों को धोने का काम बिना किसी अनुमति लाइसेंस या बिना वैधानिक प्रक्रिया के किया जाता है, जिसकी शिकायत आमजन, पत्रकारों द्वारा कई बार की गई है। प्रश्‍नकर्ता द्वारा पूर्व में भी विधानसभा में प्रश्‍न के माध्यम से अवगत करवाया गया है। विभाग द्वारा अब तक ऐसे सर्विस सेंटर के संचालकों के खिलाफ कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही है? (ख) विभाग द्वारा ऐसा बताया जाता है कि नगर पालिका द्वारा कार्यवाही की जाएगी? ऐसा बताकर इन लोगों को संरक्षण देने का काम किया जाता है। सर्विस सेंटर संचालकों के द्वारा टैंकर धोने के उपरांत एसिड और रसायन युक्त पानी को तालाब, नालों, खाल आदि के अंदर गहरी पाइप-लाइन डालकर छोड़ देते हैं, जिसके कारण जल प्रदूषण, मृदा प्रदूषण होता है। साथ में कई जलीय जीव भी इसके कारण मारे जाते हैं। विभाग द्वारा कब तक इनके खिलाफ कोई सख्त कार्यवाही की जाएगी? (ग) अब तक विभाग के पास कितने ऐसे सर्विस सेंटर संचालक की जानकारी है और उनके खिलाफ क्या-क्या कार्यवाही की गई है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। सर्विस स्‍टेशनों के विरूद्ध कार्यवाही की गई है।                       (ख) जी नहीं, मध्‍यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा स्‍वत: कार्यवाही की गई है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "सोलह"

फैक्ट्री के औद्योगिक अपशिष्ट एवं उत्सर्जन से प्रभावित ग्राम

 [पर्यावरण]

60. ( क्र. 732 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                           (क) क्या जिला रतलाम स्थित इफ्का फैक्ट्री के औद्योगिक अपशिष्ट एवं उत्सर्जन के कारण आसपास के ग्रामों में भू-जल, पेयजल एवं कृषि भूमि प्रदूषित होने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं? यदि हाँ, तो ग्रामवार जानकारी बतावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित वर्ष 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक उक्त फैक्ट्री के विरुद्ध जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण, बोरवेलों में लाल रंग का पानी आने, पेयजल अनुपयोगी होने तथा कृषि भूमि की सिंचाई प्रभावित होने संबंधी कितनी शिकायतें प्राप्त हुई हैं? यदि हाँ, तो शिकायतकर्ता, ग्राम एवं कार्यवाही की जानकारी बतावें। मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा उक्त अवधि में कितनी बार जल, भू-जल, वायु एवं मृदा की जांच कराई गई? जांच रिपोर्ट की प्रतिलिपि एवं निष्कर्ष उपलब्ध करावें। (ग) क्या किसी जांच अथवा वैज्ञानिक परीक्षण में यह पाया गया है कि फैक्ट्री के कारण आसपास के ग्रामों के जलस्रोत प्रदूषित हुए हैं? यदि हाँ, तो प्रभावित ग्रामों एवं परीक्षण परिणामों की जानकारी बतावें। उक्त फैक्ट्री के विरुद्ध पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम तथा वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम के अंतर्गत क्या कार्यवाही की गई है? वर्षवार जानकारी पृथक-पृथक बतावें। (घ) क्या शासन उक्त फैक्ट्री की पर्यावरणीय स्वीकृतियों की पुनः समीक्षा कर उसके संचालन को बंद करने अथवा स्थगित करने पर विचार कर रहा है? यदि हाँ, तो निर्धारित समयावधि बतावें। यदि नहीं, तो कारण बतावें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -"अ" एवं "ब" (पेन ड्राइव) अनुसार है। (ग) एवं (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

बहुउत्पाद औद्योगिक क्षेत्र जावरा में अधोसंरचना के स्वीकृत कार्य

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

61. ( क्र. 734 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत बहुउत्पाद औद्योगिक क्षेत्र जावरा में अधोसंरचना के कार्य स्वीकृत होकर कार्य किये जा रहे हैं? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्‍नकर्ता द्वारा लगातार विभाग को पत्रों एवं विधानसभा में प्रश्नों के माध्यम से अधोसंरचना कार्यों के पूर्ण किये जाने की प्रगति एवं औद्योगिक कार्य प्रारंभ किये जाने की कठिनाइयों को दूर करने का आग्रह किया जा रहा है? (ग) यदि हाँ, तो बहुउत्पाद औद्योगिक क्षेत्र जावरा में जल उपलब्धता के लिए विभाग एवं जल संसाधन द्वारा बैराज निर्माण की स्वीकृति प्रदान की थी? उस कार्ययोजना पर अब तक क्या-क्या हुआ? सम्पूर्ण स्थिति से अवगत करावें। (घ) औद्योगिक क्षेत्र में नए निवेशकों को आमंत्रित करने, सर्वे कार्य पूर्ण होने वाले उद्योगों को प्रारम्भ करने, उद्योगों को अस्थाई रूप से जल उपलब्ध कराने के लिए क्या-क्या कार्य किये गए? क्या कार्ययोजना बनाई गई? कब-कब किस अधिकारी द्वारा कार्य का निरीक्षण किया गया? अधोसंरचना के कार्य कब तक पूर्ण हो सकेंगे? सम्पूर्ण जानकारी से अवगत कराएं।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) औद्योगिक क्षेत्र जावरा सहित प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना हेतु इन्वेस्टर समिट, रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव, राइज कॉन्क्लेव, कृषि उद्योग सम्मेलन, रोड शो आदि से प्रचार-प्रसार किया जाता है। औद्योगिक क्षेत्र जावरा में 09 निवेशकों को भूखण्ड का आवंटन कर सर्वे कार्य पूर्ण हो चुका है। 02 निवेशकों की लीज डीड निष्पादित कर निवेशकों को लीज डीड का पंजीयन किये जाने हेतु उपलब्ध करायी जा चुकी है। शेष 07 निवेशकों से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त होने के उपरांत लीजडीड/पंजीयन की कार्यवाही सम्पादित की जाएगी। औद्योगिक क्षेत्र जावरा में औद्योगिक इकाइयों को जल उपलब्ध कराये जाने सम्बन्धी जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। औद्योगिक क्षेत्र जावरा में अधोसंरचना के कार्य जैसे - सड़क, ड्रेन, सीवेज लाइन, आंतरिक पाइप लाइन, सम्पवेल, ओवरहेड टैंक, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, विद्युत लाइन आदि के कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा जल स्त्रोत की स्थिति सुनिश्चित होने पर जल प्रदाय योजना के कार्य पूर्ण कराये जायेंगे।

परिशिष्ट - "सत्रह"

मुख्यमंत्री जी द्वारा की गई विकास कार्यों की घोषणा

[सामान्य प्रशासन]

62. ( क्र. 735 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के मुख्यमंत्री जी द्वारा शासकीय सार्वजनिक आयोजन में आमजन व जनप्रतिनिधियों की मांग/ आवेदन/आवश्यकता को दृष्टिगत विकास कार्यों की स्वीकृति की घोषणा की जाती है? (ख) यदि हाँ, तो वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक रतलाम जिले में माननीय मुख्यमंत्री जी किस-किस स्थान पर शासकीय आयोजन में सम्मिलित हुए और किस-किस कार्यों की घोषणा की? (ग) माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणाओं के परिपालन में किन-किन कार्यों की प्रशासकीय व वित्तीय स्वीकृति जारी हुई? कार्यों की लागत व स्थानवार जानकारी से अवगत करें। (घ) माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा अनुसार किन कार्यों की स्वीकृति अभी तक जारी नहीं हो पाई, तो किन कारणों से? कौन से ऐसे कार्य हैं, जो अभी तक अप्रारंभ है? लम्बित हैं, तो किन कारणों से? कार्यों की स्वीकृति, प्रगति और पूर्णता की सम्पूर्ण जानकारी से अवगत करें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा विभिन्‍न सार्वजनिक आयोजनों/जन-सभाओं में जनप्रतिनिधियों द्वारा की गई क्षेत्र के विकासात्‍मक कार्यों की मांग के दृष्टिगत जनहित में विभिन्‍न घोषणाएं की जाती हैं। (ख) से (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

अपराध क्रमांक 22/16 के खात्मा रिपोर्ट की जानकारी

[गृह]

63. ( क्र. 750 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                             (क) थाना चिनौनी चंबल में दर्ज अपराध क्रमांक 22/16 में प्रस्तुत खात्मा रिपोर्ट क्रमांक 04/22 (एम.जे.सी.आर. क्रमांक 217/22 पर दर्ज) से पूर्व पत्र के माध्यम से माननीय न्यायालय में यह उल्लेख किया गया, कि दस्तावेजों को दीमक द्वारा चट करके नष्ट किया गया है? यदि नहीं, तो यह तथ्य छिपाने के लिए दोषी कौन है एवं उसके विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाएगी? विस्तारपूर्वक जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) क्या प्रकरण क्रमांक 22/16 में न्यायालय द्वारा खात्मा रिपोर्ट को स्वीकार नहीं किया गया है? यदि हाँ, तो, प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 778 दिनांक 02/12/2025 के प्रश्‍नांश '' के उत्तर में साक्ष्यों के रिकंस्ट्रक्शन को विधिसम्मत क्यों नहीं माना गया है? कारण सहित स्पष्ट उत्तर दें। (ग) तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 2456 दिनांक 25/02/2026 के प्रश्‍नांश (क) के उत्तर में यह उल्लेख किया गया है कि साधारण प्रकरण में सी.एस.पी./एस.डी.ओ.पी. को खात्मा रिपोर्ट स्वीकृत किए जाने के अधिकार प्राप्त है, तो क्या प्रकरण क्रमांक 22/16 जो कि करोड़ों रुपये के घोटाले से संबंधित है, सामान्य श्रेणी का अपराध है? यह भी जानकारी उपलब्ध कराएं कि किन-किन अपराधों को सामान्य और किन अपराधों को गंभीर श्रेणी में रखा गया है? संबंधित समस्त आदेशों एवं परिपत्रों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराएं।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

अवैध दुकानों के माध्‍यम से शराब का विक्रय

[वाणिज्यिक कर]

64. ( क्र. 755 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले के विभिन्न ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में संचालित देशी, विदेशी एवं कम्पोजिट मदिरा दुकानों की सूची मय लायसेंसधारी के नाम सहित दें। (ख) क्‍या जिला शिवपुरी के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वीकृत मदिरा दुकानों के अतिरिक्त सभी ग्रामों में कमीशन पर दुकानें अवैध रूप से खोलकर शराब का विक्रय किया जा रहा है? (ग) क्‍या क्षेत्रीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा समय-समय पर आबकारी विभाग एवं पुलिस विभाग को शिकायती पत्र प्रेषित किए हैं? यदि हाँ, तो वर्ष 2024-25 से वर्तमान वर्ष में प्राप्त शिकायतों का विवरण क्या है? पोहरी अंतर्गत वर्ष 2024-25 से वर्तमान तक अवैध शराब के विरुद्ध कितने प्रकरण दर्ज किए, कितनी मात्रा में अवैध मदिरा जप्त की गई? विवरण दें। (घ) प्रश्‍नकर्ता द्वारा तारांकित प्रश्‍न क्र.-723 दिनांक 29.07.2025 के माध्यम से अवैध शराब विक्रय का विषय उठाया था? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई? वहां पर पुन: अवैध दुकान खोलकर शराब विक्रय की जा रही है। (ड.) विधानसभा पोहरी के समस्त ग्रामों में विशेष सघन जांच अभियान चलाकर स्वीकृत मदिरा दुकानों के अतिरिक्त अवैध रूप से शराब विक्रय, परिवहन एवं भंडारण करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो कारण क्या है? (च) क्‍या शिवपुरी जिले में स्वीकृत शराब दुकानों पर एम.आर.पी. प्रदर्शित नहीं की गई है, जिससे दुकानों पर मनमाने तरीके से शराब की कीमत ली जा रही है? यदि हाँ, तो क्यों?

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) शिवपुरी जिले के विभिन्न ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में संचालित कम्पोजिट मदिरा दुकानों के लायसेंसियों के नाम सहित सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। (ख) जी नहीं। जिला शिवपुरी के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में केवल स्वीकृत मदिरा दुकानों के माध्यम से ही मदिरा के विक्रय की अनुमति है। मदिरा के अवैध विक्रय की सूचना प्राप्त होने पर आबकारी विभाग एवं पुलिस विभाग द्वारा नियमानुसार जांच की जाकर, मध्‍यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915, में वर्णित प्रावधानों के अन्‍तर्गत आपराधिक प्रकरण दर्ज किये जाकर संबंधितों के विरूद्ध कार्यवाही की जाती है। (ग) जी हाँ। वर्ष 2024-25 से वर्तमान वर्ष तक क्षेत्रीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों के माध्यम से समय-समय पर आबकारी विभाग को कुल 03 एवं पुलिस विभाग को कुल 06 शिकायती पत्र प्राप्त हुये, जिन पर कार्यवाहियां की गई हैं। आबकारी वृत्त पोहरी अंतर्गत 2024-25, वर्ष 2025-26 एवं वर्ष 2026-27 के माह जून 2026 अंत तक, प्राप्‍त शिकायतों एवं सूचनाओं के आधार पर, मदिरा के अवैध विक्रय, परिवहन, विनिर्माण, कब्‍जा आदि के आबकारी विभाग द्वारा कुल 577 आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कर कुल 2819.14 लीटर मदिरा जप्त की गई है। इसी तरह पुलिस विभाग द्वारा पोहरी विधानसभा अंतर्गत वर्ष 2024-25, वर्ष 2025-26 एवं वर्ष 2026-27 के माह जून 2026 अंत तक अवधि में कुल 139 प्रकरण पंजीबद्ध किये जाकर 1910.98 लीटर अवैध शराब जप्त की गई हैं। शिकायतों के निराकरण एवं पंजीबद्ध प्रकरणों में जप्‍त मदिरा आदि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। (घ) जी हाँ। विधानसभा तारांकित प्रश्‍न क्र. 723 दिनांक 29.07.2025 के प्रश्‍नांश (ड.) के संबंध में, विभाग द्वारा माननीय विधायक श्री कैलाश कुशवाहा को प्रभारी उप निरीक्षक वृत्‍त करैरा द्वारा अपने पत्र क्रमांक 495 दिनांक 08.07.2025 से अवगत कराया है, जिसकी छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-तीन अनुसार है। यह कहना सही नहीं है कि, अवैध दुकान खोलकर शराब विक्रय की जा रही है। विभाग द्वारा मदिरा के अवैध विक्रय, परिवहन, विनिर्माण, कब्‍जा आदि पर, मध्‍यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915, के प्रावधानानुसार निरंतर कार्यवाही की जा रही है। (ड.) विधानसभा पोहरी के समस्त ग्रामों में स्वीकृत मदिरा दुकानों के अतिरिक्त अवैध रूप से शराब विक्रय परिवहन एवं भंडारण करने वालों के विरूद्ध मध्‍यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915, में वर्णित प्रावधानों के अन्‍तर्गत निरंतर कठोर कार्यवाही की जाती है। आबकारी वृत्त पोहरी में वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 में माह जून 26 तक कुल 380 आपराधिक प्रकरण कायम किये गये हैं। (च) शिवपुरी जिले में स्वीकृत सभी मदिरा दुकानों पर मदिरा की रेट लिस्ट प्रदर्शित की गई है। वर्ष 2025-26 माह जून 2026 अंत तक मनमाने तरीके से शराब विक्रय के संबंध में प्राप्‍त शिकायत की जांच एवं निरीक्षण के दौरान निर्धारित एम.एस.पी एवं एम.आर.पी. के उल्‍लंघन पाये जाने पर संबंधी अनुज्ञप्तिधारियों के विरूद्ध कुल 10 प्रकरण पंजीबद्ध किये जाकर कार्यवाही की गई है।

वन चौकी बिजावर एवं बीट पिपट अंतर्गत किये गए कार्य

[वन]

65. ( क्र. 756 ) श्री राजेश कुमार शुक्‍ला : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                 (क) विधानसभा क्षेत्र बिजावर अंतर्गत वन चौकी बिजावर में वित्तीय वर्ष 2024-25 से प्रश्‍न दिनांक तक सुरक्षा, मरम्मत, निर्माण एवं अन्य मदों में हुए समस्त व्यय के संबंध में निम्न जानकारी उपलब्ध कराई जाए (अ) मदवार एवं दिनांकवार संपूर्ण व्यय का विवरण। (ब) उक्त कार्यों में लगे समस्त मजदूरों की संख्‍या, भुगतान की गई राशि का विवरण देवें। (स) क्रय की गई सामग्री का नाम, मात्रा, कीमत, क्रय तिथि बतावें। (ख) विधानसभा क्षेत्र बिजावर अन्‍तर्गत बीट पिपट के कक्ष क्रमांक P-318 में कराएं गए वृक्षारोपण कार्यों के संबंध में — (अ) वित्तीय वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में कराएं गए वृक्षारोपण क्षेत्र की जी.पी.एस. रीडिंग की जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ब) वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं वर्ष 2026 में प्रस्तावित/स्वीकृत वृक्षारोपण कार्यों के प्राक्कलन की राशि एवं जी.पी.एस. रीडिंग की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) विधान सभा क्षेत्र बिजावर में वन परिक्षेत्र बिजावर अंतर्गत स्‍थल बिजावर में कोई भी वनचौकी स्‍थापित नहीं है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) (अ) विधानसभा क्षेत्र बिजावर अंतर्गत वर्ष 2015-16 में बीट पिपट कक्ष क्रमांक पी-318 में 60 हेक्‍टेयर एवं 20 हेक्‍टेयर के 2 वृक्षारोपण क्षेत्र स्‍वीकृत किये गये थे, जिसकी जी.पी.एस. रीडिंग क्रमशः N24041'48.27" E79024'56.60" एवं N24041'59.12" E79025'17.36" है। वर्ष 2016-17 में विधानसभा क्षेत्र बिजावर अंतर्गत बीट पिपट कक्ष क्रमांक पी-318 में कोई भी वृक्षारोपण स्‍वीकृत नहीं हुआ है। (ब) वित्‍तीय वर्ष 2025-26 में विधानसभा क्षेत्र बिजावर अंतर्गत बीट पिपट कक्ष क्रमांक पी-318 में स्‍वीकृत वृक्षारोपण कार्य के सात वर्षीय प्रोजेक्‍ट के प्राक्‍कलन की कुल राशि रूपये 50.50 लाख है तथा जी.पी.एस. रीडिंग N24041'26.05" E79024'53.52" है। विधानसभा क्षेत्र बिजावर अंतर्गत बीट पिपट कक्ष क्रमांक पी-318 में वर्ष 2026 में वृक्षारोपण कार्य प्रस्‍तावित/स्‍वीकृत नहीं है।

अनुकम्‍पा नियुक्ति के लम्बित प्रकरण

[सामान्य प्रशासन]

66. ( क्र. 759 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                                                                                                           (क) माह जून 2026 की स्थिति में पन्‍ना जिला अंतर्गत विभिन्‍न विभागों में तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के कितने पद रिक्‍त हैं? वर्गवार, विभागवार जानकारी देवें। (ख) पन्‍ना जिला अंतर्गत विभिन्‍न विभागों में वर्ष 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक अनुकम्‍पा नियुक्ति के कितने प्रकरण, कब से लंबित हैं? नामवार सूची देवें। (ग) अनुकम्‍पा नियुक्ति के प्रकरणों को अधिक समय तक लंबित रखने के लिये कौन दोषी है? दोषियों पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (घ) क्‍या विभागों द्वारा रिक्‍त पदों की सही जानकारी न देने से प्रकरण अनावश्‍यक लंबित रहते हैं? यदि हाँ, तो इस प्रकार की गलत जानकारी देने वाले कर्मचारियों पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) माह जून 2026 की स्थिति में पन्‍ना जिला अंतर्गत विभिन्‍न विभागों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – '''' अनुसार है। (ख) पन्ना जिला अंतर्गत विभिन्न विभागों में वर्ष 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक लंबित प्रकरणों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – '''' अनुसार है। (ग) अनुकम्‍पा नियुक्ति के प्रकरणों को अधिक समय तक लंबित नहीं रखा गया है। पद की उपलब्धता होने पर तत्काल नियुक्ति संबंधी कार्यवाही की गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

वन विभाग में संचालित योजनाएं एवं वृक्षारोपण

[वन]

67. ( क्र. 762 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वन विभाग अंतर्गत कौन सी योजनाओं संचालित है? सतना वन विभाग को कौन-कौन सी योजनाओं से कितना-कितना मद/फंड और कौन-कौन से कार्य कराए जाने हेतु कब-कब विभाग द्वारा आवंटित किया गया? योजनावार/मदवार/कार्यवार, 03 वित्तीय वर्षों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) वृक्षारोपण कार्य हेतु सतना जिले को वन विभाग द्वारा कितना का फंड आवंटित किया गया और वृक्षारोपण हेतु कौन-कौन से पेड़ लगाए जाने का प्रावधान है और पेड़ों की सुरक्षा के क्या उपाय किए जाते हैं? पिछले 03 वित्तीय वर्षों में कितने-कितने और कौन-कौन से पेड़ों का वृक्षारोपण कहाँ-कहाँ किया गया है और वर्तमान में कितने पेड़ सुरक्षित और संरक्षित हैं? (ग) क्या वृक्षारोपण हेतु आमजन/किसानों को पेड़ निःशुल्क दिए जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो कितने लोगों को कब-कब, कौन-कौन से पेड़ दिए गए? (घ) वृक्षारोपण हेतु पेड़ों की खरीदी की क्या प्रक्रिया/नियमावली है? कौन-कौन से पेड़ किस-किस दर में किस फर्म या संस्था से कब-कब खरीदे गए? पौधावार, दर सहित GST बिल के साथ 03 वित्तीय वर्षों की जानकारी उपलब्ध कराएं।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) वन विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 में एवं सतना वन विभाग को योजनाओं में मद/फण्ड और कराये गये कार्य हेतु वर्षवार, योजनावार, कार्यवार तीन वर्षों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 में है। (ख) वृक्षारोपण कार्य हेतु सतना जिले को विभाग द्वारा पिछले 3 वित्तीय वर्षों में आवंटित फंड की जानकारी निम्नानुसार है:-

क्रमांक

वित्तीय वर्ष

आवंटित राशि (रूपये में)

1

2023-24

106119066

2

2024-25

53234439

3

2025-26

75618258

वृक्षारोपण हेतु सागौन, बांस, आंवला, महुआ, खम्हेर एवं अन्य मिश्रित स्थल उपयुक्त वानिकी प्रजाति लगाने का प्रावधान है। पेड़ों की सुरक्षा हेतु वृक्षारोपण क्षेत्र का घेराव कर चैनलिंक फेंसिंग लगायी जाती है एवं ग्राम वन समितियों के प्रस्ताव अनुसार सुरक्षा श्रमिक रखे जाते हैं, जिनके द्वारा रोपण की सुरक्षा की जाती है। पिछले 3 वर्षों में किये गये वृक्षारोपण की स्थलवार, प्रजातिवार एवं सुरक्षित एवं संरक्षित पौधों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 में है। (ग) जी नहीं। (घ) वृक्षारोपण हेतु पौधे विभागीय रोपणियों द्वारा तैयार किये जाते हैं तथा पौधों की तैयारी हेतु भुगतान विभाग द्वारा किया जाता है। कुछ विशेष प्रजाति के पौधे विभागीय रोपणियों में उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में भण्डार क्रय नियम का पालन करते हुए ई-निविदा के माध्यम से सफल निविदाकार से पौधे क्रय किये गये हैं। भण्डार क्रय नियम की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है। पिछले 3 वित्तीय वर्षों में फर्म/संस्था से खरीदे गये पौधावार, दर सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-5 अनुसार है।

शराब की दुकान का संचालन

[वाणिज्यिक कर]

68. ( क्र. 763 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश शासन की शराब/आबकारी नीति क्या है? क्या रिहायशी इलाके/क्षेत्र में शराब दुकान खोलने का नियम है? क्या इसकी अनुमति शासन प्रशासन देता है? क्या सरकारी जमीन पर शराब दुकान बनाकर संचालित करने का नियम है? (ख) सतना जिला अंतर्गत कितनी दुकानें सरकारी जमीनों पर किस-किस जगह पर और किस-किस नाम से संचालित की जा रही हैं? सरकारी जमीनों पर संचालित शराब दुकानों का निर्माण कार्य किसके द्वारा और कब-कब कराया गया? उक्त शराब दुकानों का किराया कौन लेता है? दुकानवार/स्थानवार/नामवार, जानकारी उपलब्ध कराएं। (ग) नगर निगम सतना के वार्ड नंबर 14 नई बस्ती में शराब दुकान कहाँ पर और किसके द्वारा संचालित की जा रही है? यह शराब दुकान कब और किसके द्वारा किस सक्षम अधिकारी की अनुमति से बनाई गई है? उक्त शराब दुकान को सरकारी और विवादित जमीन पर रिहायशी इलाकों में दुकान बनाकर खोलने की अनुमति शासन प्रशासन द्वारा किस नियम के तहत दी गयी है? (घ) शराब दुकान खोलने का क्या नियम/मापदंड है? क्या सरकार द्वारा आबादी के अनुपात से शराब दुकान खोलने का नियम है? यदि हाँ, तो कितनी आबादी के बीच में एक दुकान होनी चाहिए? सतना जिले में संचालित शराब की दुकान आवश्यकता से अधिक है। क्या सभी दुकानें आबादी के अनुपात में तय मापदंडों के अनुरूप है? यदि नहीं, तो क्यों? क्या आवश्यकता से अधिक जगह-जगह संचालित दुकानों को बंद किया जाएगा? यदि नहीं, तो क्यों?

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) शासन द्वारा वर्ष 2026-27 हेतु जारी आबकारी नीति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। मदिरा दुकानों की स्‍थापना मध्‍यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 के अन्‍तर्गत बने सामान्‍य प्रयुक्ति नियमों के अनुसार की जाती है। इस संबंध में मध्‍यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 111 दिनांक 31.03.2023 की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। इसी प्रकार वर्ष 2026-27 हेतु आबकारी नीति की कण्डिका क्रमांक 3.8 में प्रावधानित व्‍यवस्‍था अनुसार जिला निष्‍पादन समिति द्वारा निर्धारित स्‍थान पर नगर निगम/नगरीय निकाय द्वारा मदिरा दुकान के संचालन हेतु दुकान उपलब्‍ध कराये जाने पर मदिरा दुकान खोली जा सकेगी। (ख) सतना जिले में 52 मदिरा दुकान संचालित है। उक्‍त दुकानों में से 01 मदिरा दुकान नई बस्‍ती के अतिरिक्‍त अन्‍य कोई दुकान सरकारी जमीन पर संचालित नहीं है। उक्‍त स्‍थल पर दुकान का संचालन वर्तमान लायसेंसी श्री अमित शर्मा द्वारा दिनांक 02.05.2026 से कराया जा रहा है। उक्‍त मदिरा दुकान का किराया निर्धारण संबंधी कार्यवाही अनुविभागीय दण्‍डाधिकारी राजस्‍व रघुराजनगर, जिला सतना के कार्यालय में प्रक्रियाधीन है। (ग) नगर निगम सतना के वार्ड नंबर 14 नई बस्ती के प्रवेश द्वार के समीप मदिरा दुकान नई बस्‍ती का संचालन              श्री अमित शर्मा द्वारा किया जा रहा है। उक्‍त दुकान अनुविभागीय दण्‍डाधिकारी राजस्‍व रघुराजनगर, जिला सतना द्वारा नई बस्‍ती गेट निकट शासकीय भूमि चिन्हि्त कर स्‍थापित करने हेतु मौके पर लायसेंसी को निर्देशित किया गया था। उक्‍त दुकान दिनांक 02.05.2026 को लायसेंसी द्वारा शासकीय भूमि किराये पर उपलब्‍ध होने की प्रत्‍याशा में अनुविभागीय दण्‍डाधिकारी राजस्‍व रघुराजनगर, जिला सतना के कार्यालय में आवेदन कर संचालित है। उक्‍त दुकान जिला निष्‍पादन समिति द्वारा घोषित परिक्षेत्र के अंदर तथा सामान्‍य प्रयुक्ति के नियम-1 के तहत स्‍थापित है। (घ) मदिरा दुकानों को खोलने संबंधी जानकारी उत्‍तरांश (क) अनुसार है। आबादी के अनुपात में मदिरा दुकान खोलने का कोई प्रावधान नहीं है।

वन भूमि में कराये गए वानिकी कार्य की जानकारी

[वन]

69. ( क्र. 768 ) श्री मधु भगत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या टीकमगढ़ रेंज के रेंजर द्वारा सत्र 2023-24 / 2024-25 एवं 2025-26 में वन भूमि में वानिकी कार्य कराए गए हैं? यदि हाँ, तो क्या वानिकी कार्यों में स्थानीय मजदूरों को छोड़कर जिले के बाहर के मजूदरों को कार्य दिया गया? (ख) यदि हाँ, तो उक्त समस्त मजदूरों के नाम, पते तथा संबंधित ग्राम पंचायत में पारित प्रस्ताव सहित अनुमोदन संबंधी समस्‍त दस्तावेजों को उपलब्ध करावें। (ग) उक्त के संबंध में किसी के द्वारा क्या शिकायत दर्ज की गई हैं? यदि दर्ज की गई है, तो विभागीय कार्यवाही क्या की गई है? विभाग की कार्यवाही संबंधी समस्‍त जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) वन मण्डल छतरपुर, टीकमगढ़ एवं निवाड़ी अंतर्गत सभी रेंजों में 1 अप्रैल 2018 से 20 जून 2026 तक कराए गए वानिकी एवं गैर वानिकी कार्यों की सूची, उक्त कार्यों में लगाए गए मजदूरों की सूची, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, स्टीमेट स्वीकृ‍त राशि एवं खर्च राशि के दस्तावेज कार्य करवाने हेतु वरिष्ठालय से प्राप्त स्वीकृति आदेश एवं वर्क प्लान में कार्यों की जानकारी के सम्‍पूर्ण दस्‍तावेज उपलब्ध करावें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ, वानिकी कार्यों में स्थानीय मजदूरों के साथ-साथ समीपस्थ जिलों के मजदूरों से कार्य कराया गया। (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) जी हाँ, प्राप्त शिकायत के संबंध में वन मण्डल अधिकारी, टीकमगढ़ द्वारा उप वनमण्डल अधिकारी, टीकमगढ़ की अध्यक्षता में दिनांक 25.07.2025 को एक तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया गया था। जांच दल द्वारा जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जा चुका है, जो परीक्षण में है। (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

सार्वजनिक स्थल से शराब की दुकान का अन्यत्र स्थानांतरण

[वाणिज्यिक कर]

70. ( क्र. 776 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पांढुर्णा जिले के विधानसभा क्षेत्र सौसर के अंतर्गत स्थित विश्व प्रसिद्ध जाम सांवली हनुमान मंदिर जिसे सरकार ने हनुमान लोक के रूप में विकसित किया है, क्या लोगों की आस्था एवं जन भावनाओं को देखते हुए सरकार इसे पवित्र क्षेत्र घोषित करेगी एवं इस क्षेत्र में भी शराब बंदी लागू करेगी? (ख) क्या इस क्षेत्र से लगे हुए पीपला नारायणवार स्थित शराब दुकान जिसे हटाने के लिए जनता जनार्दन समस्त मात्र शक्ति एवं समाज सेवियों सहित राजनैतिक दलों द्वारा लगातार मांग की जा रही है एवं जन आंदोलन चलाया जा रहा है? क्या सरकार उस पीपला शराब दुकान को जन भावनाओं का सम्मान करते हुए अन्यत्र स्थान पर स्थान्तरित करेगी? (ग) यदि करेगी तो कब तक?

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) विधानसभा क्षेत्र सौसर के अंतर्गत स्थित विश्व प्रसिद्ध जाम सांवली हनुमान मंदिर जिला पाण्‍ढुर्णा को पवित्र क्षेत्र घोषित करने की कोई कार्यवाही विभागीय स्‍तर पर प्रचलित नहीं है। (ख) पांढुर्णा जिले के पीपला नारायणवार स्थित मदिरा दुकान को हटाने के लिए राजनैतिक दल द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन के संबंध में वृत्त प्रभारी से जाँच कराई गई। जाँच प्रतिवेदन अनुसार कम्पोजिट मदिरा दुकान पीपला नारायणवार, मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 के अन्‍तर्गत बने सामान्य प्रयुक्ति नियमों के नियम-1 के अन्‍तर्गत आपत्ति रहित स्थल पर संचालित होना पाई गई है। उक्‍त मदिरा दुकान विगत 20 वर्षों से वर्तमान स्थान पर संचालित की जा रही है। वर्तमान में उक्त मदिरा दुकान को अन्यत्र स्‍थान पर स्थानांतरित करने की कोई कार्यवाही प्रचलित नहीं है। (ग) उत्‍तरांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नहरों पर पुल / पुलिया का निर्माण

[नर्मदा घाटी विकास]

71. ( क्र. 777 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                     (क) क्‍या निर्धारित मापदण्‍डों के अनुसार नहरों के माइनर-सब-माइनर पर पुलियों का निर्माण किया गया है? (ख) क्‍या मुख्‍य नहर की आर.डी. 22860 मी. से निकलने वाली सालीवाडा माइनर की सब-माइनर आर.डी. 2650 मी. पर एवं अन्‍य 3-4 स्‍थानों पर निर्माण की गई पुलियों से नहर का पानी अवरूद्ध हो गया है? (ग) क्‍या प्रश्‍नांकित 8 फुट 6 इंच चौड़ी नहर में मात्र 24 इंच डायमीटर की पुलिया डाली गई है जो सिल्‍ट भर जाने से बंद है? (घ) क्‍या पुलिया निर्माण संबंधी मापदण्‍डों में सकरी पुलिया बनाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो प्रावधान बतायें। यदि नहीं, है तो प्रश्‍नांश (ग) के अंतर्गत सकरी पुलिया क्‍यों बनाई गई? क्‍या विधिवत परीक्षण कर कार्यवाही की जावेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न लागू नहीं। (घ) जी हाँ। टेक्‍निकल सर्कुलर 70/1 अनुसार। शेष प्रश्‍न लागू नहीं।

समग्र आई.डी. में वैवाहिक स्थिति में सुधार

[विज्ञान और प्रौद्योगिकी]

72. ( क्र. 778 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) क्‍या समग्र आई.डी. में वैवाहिक स्थिति परिवर्तन करने हेतु विवाह प्रमाण-पत्र अनिवार्य किया गया है? (ख) क्‍या 30-40 वर्ष पूर्व हुये विवाहों के प्रमाण-पत्र जन-सामान्‍य के पास उपलब्‍ध नहीं है? (ग) क्‍या ऐसी स्थिति में वैकल्पिक प्रावधान किये जायेंगे?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा जारी परिपत्र क्र. SNT/14/0025/2023/41-2 दिनांक 07.04.2025 अनुसार। (ख) उक्‍त जानकारी विभाग में संधारित नहीं की जाती हैं। (ग) जी हाँ, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा जारी परिपत्र क्रमांक SNT/14/0025/2023//41-2 दिनांक 01.07.2026 अंतर्गत स्थिति स्‍पष्‍ट की गई हैं।

रेत खनन से प्राप्त राजस्व पर देय डी.एम.एफ. राशि

[खनिज साधन]

73. ( क्र. 782 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या District Mineral Foundation (DMF) का गठन खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास हेतु किया गया है? यदि हाँ, तो वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक म.प्र. में रेत खनन से प्राप्त राजस्व के आधार पर देय DMF राशि का वर्षवार, जिलेवार विवरण देवें। (ख) जिन जिलों के DMF खाते में रेत खनन से देय राशि जमा नहीं की गई अथवा आंशिक रूप से जमा की गई, उसके कारण क्या है? संबंधित अधिकारियों/संस्थाओं का विवरण देवें। (ग) जो राशि संबंधित जिलों के DMF खाते में जमा नहीं की गई, वह वर्तमान में कहाँ जमा है? यदि उसका उपयोग किया गया है, तो किस मद में, किस विभाग द्वारा, किस जिले में तथा कितनी राशि व्यय की गई, उसका वर्षवार विवरण देवें। (घ) यदि उक्त राशि का न तो संबंधित जिला DMF खाते में हस्तांतरण की गयी और न ही उसका उपयोग किया गया, तो इसके लिए उत्तरदायी अधिकारी/संस्था कौन है तथा शासन द्वारा क्या कार्रवाई प्रस्तावित है? (ड.) खरगोन जिले में वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक रेत खनन से प्राप्त कुल राजस्व, देय DMF राशि, वास्तविक प्राप्त DMF राशि तथा राशि प्राप्त नहीं हुई, तो उसका कारण एवं वर्तमान स्थिति बताएं।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक मध्‍यप्रदेश में रेत खनन से प्राप्‍त राजस्‍व के आधार पर देय डी.एम.एफ. राशि का वर्षवार, जिलेवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ पर दर्शित है। (ख) रेत खनन/विक्रय से देय संपूर्ण डी.एम.एफ. राशि, जिले के डी.एम.एफ. खाते में न जमा होकर मध्‍यप्रदेश रेत (खनन, परिवहन, भण्‍डारण एवं व्‍यापार) नियम, 2019 के नियम 21 (2) के तहत म.प्र. राज्‍य खनिज निगम द्वारा राज्‍य शासन को खनिज शीर्ष 0853 में अंतरित की गयी है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्‍नांश अनुसार राशि राज्‍य की संचित निधि में जमा है। राशि व्‍यय के प्रावधान, सीधे संचित निधि से होने के कारण, विभाग द्वारा राशि व्‍यय नहीं की गई है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्‍तरांश (ख) एवं (ग) अनुसार शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब पर दर्शित है।

रेत का अवैध भण्‍डारण

[गृह]

74. ( क्र. 788 ) श्री अम्बरीष शर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या चौकी मछण्ड थाना रौन के ग्राम लालौर में पुलिस, राजस्व एवं खनिज टीम के द्वारा संयुक्त रूप से अवैध रेत भण्डारण पर दिनांक 25-2-26 एवं दिनांक 28-2-26 को अवैध रूप से लालौर नदी घाट पर एवं निजी भूमि पर भंडारित की गई अवैध रेत के संबंध में कानूनी कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो उक्त अवैध रेत खनन अपराधियों पर कितना जुर्माना लगाया गया और किन धाराओं में उनके विरुद्ध FIR दर्ज की गई है? उक्त अपराधियों के नाम भी बतायें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : दिनांक 25.02.2026 व दिनांक 28.02.2026 को खनिज, राजस्व व पुलिस विभाग की संयुक्त कार्यवाही में ग्राम लालौर तहसील रौन की निजी भूमि खसरा क्रमांक 67 पर खनिज रेत मात्रा 350 घनमीटर का अवैध भण्डारण पाये जाने पर अवैध भण्डारणकर्ता/भू-स्वामी के विरुद्ध म.प्र. खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भण्डारण का निवारण) नियम 2022 के नियम 18 के अन्तर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर प्रशमन एवं शास्ति की कुल राशि रूपये 13, 13, 500/- रूपये प्रस्तावित की गई एवं ग्राम लालौर तहसील रौन के निजी भूमि खसरा क्रमांक-729/1 पर खनिज रेत मात्रा 320 घनमीटर का अवैध भण्डारण पाये जाने से प्रकरण पंजीबद्ध कर प्रशमन एवं शास्ति की कुल राशि रूपये 12, 01, 000/- रुपये प्रस्तावित की गई है। उक्त प्रकरण न्यायालय कलेक्टर, जिला भिण्ड में विचाराधीन है। शेष प्रश्‍न उपिस्थत नहीं होता है।

खनिज उत्पादन, संग्रहण एवं परिवहन के लंबित प्रकरण

[खनिज साधन]

75. ( क्र. 794 ) श्रीमती रीती पाठक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                         (क) सीधी जिले में खनिज पदार्थों के उत्पादन को बढ़ावा देने एवं स्थापित खनिज उत्पादन इकाइयों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के लिए क्या-क्या विकास कार्य किये जा रहे हैं एवं कितनी राशि खर्च की जा रही है? (ख) सीधी जिले में वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में अवैध खनिज परिवहन के सम्बन्ध में क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई एवं जुर्माने की प्राप्ति राशि कितनी है? (ग) सीधी जिले में अवैध खनिज उत्पादन, अवैध खनिज संग्रहण एवं खनिज परिवहन को लेकर कितने प्रकरण कार्यवाही हेतु लंबित हैं और ऐसे कितने प्रकरण हैं जिसमें अभी तक जुर्माने की राशि की वसूली नहीं की जा सकी है? इसका कारण क्या है? (घ) वर्ष 2023 एवं वर्ष 2024 में जिला खनिज प्रतिष्ठान मद के सम्बन्ध में जिला सीधी कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में सम्मिलित किये गए निर्माण कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति जारी नहीं की जा सकी, इसका कारण क्या है? उक्त बैठक की कार्यवाही का ब्‍यौरा सहित कारण बताने की कृपा करें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) सीधी जिला अंतर्गत खनिज पदार्थों के उत्‍पादन को बढ़ावा देने हेतु 03 खनिज ब्‍लॉक में अन्‍वेषण/पूर्वेक्षण कार्य एन.एम.ई.टी. मद से किया जा रहा है, जिसमें व्‍यय हेतु अनुमोदित राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ में दर्शित है। सीधी जिला अंतर्गत समेकित अनुज्ञप्ति के 04 ब्‍लॉक सफलतापूर्वक नीलाम किये गये हैं, जिनमें सफल बोलीदार द्वारा स्‍वयं के व्‍यय पर पूर्वेक्षण कार्य किया जा रहा है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ के द्वितीय भाग में दर्शित है। खनिज उत्‍पादन इकाइयों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के लिये विकास कार्य विभाग के कार्य क्षेत्र अंतर्गत नहीं आता है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब पर दर्शित है। (ग) लंबित प्रकरणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स एवं जुर्माना वसूली हेतु शेष प्रकरणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द पर दर्शित है।           (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ई पर दर्शित है।

सिवनी जिलांतर्गत किए गए वृक्षारोपण की जानकारी

[वन]

76. ( क्र. 799 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) सिवनी जिले सहित केवलारी विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2021 से आज दिनांक तक वन विभाग द्वारा कितने हेक्टेयर क्षेत्र में वृक्षारोपण किया गया है? वन परिक्षेत्रवार एवं वर्षवार जानकारी दें।             (ख) उक्त अवधि में वृक्षारोपण, वन संरक्षण एवं वन संवर्धन कार्यों हेतु कितनी राशि स्वीकृत एवं व्यय की गई है? कार्यवार विवरण दें। (ग) उक्त अवधि में वन भूमि अतिक्रमण, अवैध वृक्ष कटाई एवं वन्यजीव अपराध के कितने प्रकरण दर्ज किए गए हैं तथा उनमें की गई कार्रवाई का विवरण दें। (घ) वृक्षारोपण की उत्तरजीविता (Survival Rate) का वन परिक्षेत्रवार विवरण क्या है तथा जिन क्षेत्रों में उत्तरजीविता निर्धारित मानक से कम पाई गई है वहाँ क्या कार्रवाई की गई है? (ड.) क्या शासन द्वारा सिवनी जिले एवं केवलारी विधानसभा क्षेत्र में वन क्षेत्र बढ़ाने, वन संरक्षण एवं पर्यावरण संवर्धन हेतु कोई नवीन योजना स्वीकृत अथवा प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो उसका विवरण दें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है।             (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) सिवनी जिले में वर्ष 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक वन भूमि अतिक्रमण, अवैध वृक्ष कटाई एवं वन्यजीव अपराध के कुल 10566 प्रकरण दर्ज किये गये हैं। अवैध वृक्ष कटाई, वन भूमि पर अतिक्रमण एवं वन्यप्राणी प्रकरणों में जांच के आधार पर विधिसम्मत कार्यवाही की गयी है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 पर है। सिवनी जिले के अंतर्गत वर्ष 2021 से किये गये वृक्षारोपण में किसी भी क्षेत्र में उत्तरजीवितता निर्धारित मानक से कम नहीं पाई गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ड.) सिवनी जिले एवं केवलारी विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृत कार्य आयोजना के प्रावधान अनुसार वानिकी कार्य किये जाते है। वन क्षेत्र बढ़ाने, वन संरक्षण एवं पर्यावरण संवर्धन हेतु कोई नवीन योजना स्वीकृत अथवा प्रस्तावित नहीं है, अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

जावर माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना की जानकारी

[नर्मदा घाटी विकास]

77. ( क्र. 802 ) श्रीमती कंचन मुकेश तनवे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र खंडवा में वर्ष 2018 से जावर माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना का कार्य चल रहा है किन्तु 550 करोड़ की योजना को 8 वर्ष पूर्ण होने के बाद भी, कार्य अधूरा है और ग्राम सिंहाडा, गोकुल गांव, माथनी, पीपलकोटा तक तो लाइन भी नहीं पहुंची है। जो कार्य किया है अब तक कंपनी ने वह भी गुणवत्ताहीन और बेतरतीब किया है। मापदंड के अनुरूप उचित गहराई में पाइप-लाइन नहीं डाली गई। कहीं किसानों के खेत में पाइप बोनी के दौरान फंस जाते हैं। टेस्टिंग के बाद लाइन फूट रही है। किसानों के खेत में लाइन फूटने से नुकसान हो रहा है। क्‍या जिम्मेदार कंपनी और विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही की जाएगी? यदि हाँ, तो ऐसी स्थिति में जांच दल गठित कर कब तक कार्यवाही की जायेगी? (ख) इस योजना के तहत 9.2 हेक्टेयर में 50.60 लाख की लागत से वृक्षारोपण किया जाना चाहिए था तथा कमांड क्षेत्र में 50 हेक्टेयर में पौधारोपण भी किया जाना था। इसकी क्या स्थिति है? कितना कार्य, कितनी लागत का किया गया है? स्वास्थ्य सुविधाएं हेतु 125 लाख राशि प्रस्तावित थी तथा वॉटर यूजर एसोसिशन WUA के तहत प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाने थे, उन पर अब तक कितनी राशि का, कहाँ-कहाँ उपयोग किया गया है? कृपया लिखित दस्तावेज उपलब्ध कराने का कष्ट करें

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) योजना का कार्य, अनुबंध क्रमांक 01/2017-18, दिनांक 20.04.2018 को किया गया था। अनुबंधित राशि रु. 432.81 करोड़ है। ग्राम सिंहाडा, गोकुल गांव, माथनी एवं पीपलकोटा में वितरण शाखा की लाइन अनुबंध में निर्धारित मापदण्ड अनुसार एवं उचित गहराई में बिछाई गई है। योजना में टेस्टिंग के दौरान कृषकों के खेत में जहां पर भी लाइन में टूट-फूट होती है उसे एजेन्सी ‌द्वारा संचालन एवं संधारण अवधि में सुधार कर लिया जाता है। शेष प्रश्‍न लागू नहीं। (ख) 20 हेक्‍टेयर में वृक्षारोपण का कार्य पूर्ण हो चुका है। वर्ष 2021-22 से वर्ष 2025-26 तक कुल राशि रू. 83, 59, 424/- का व्‍यय किया जाकर स्‍वीकृ‍त प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट अनुसार आगामी वर्षों में रख-रखाव कार्यों पर व्‍यय किया जाना है। अनुबंध में स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं हेतु कोई प्रावधान नहीं है। निर्वाचित जल उपभोक्‍ता संस्‍थाओं के नहीं होने से उपभोक्‍ता संस्‍थाओं पर राशि व्‍यय नहीं की गई है। शेष प्रश्‍न लागू नहीं।

प्रदेश में अडानी ग्रुप को प्रदत्‍त खदानों की जानकारी

[खनिज साधन]

78. ( क्र. 803 ) डॉ. विक्रांत भूरिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में वर्ष 2010 से 2026 तक "अडानी ग्रुप" और उनकी अन्य कम्पनी को प्रदेश के कौन-कौन से जिलों में, किस प्रकार के खनिज (खनन और सर्वे) की लीज और अनुमति, कब-कब, कितने समय हेतु प्रदान की गई है? विस्तृत जानकारी प्रदान करें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के सबन्ध में कौन से गाँव में कितने हेक्टेयर भूमि को, किस प्रकार के खनिज के दोहन हेतु, "Adani group की कंपनी" को दी गई है तथा इससे खनिज विभाग को कितना राजस्व प्राप्त हुआ? प्रदेश के कितने निवासियों को रोजगार प्राप्त हुआ?      (ग) ऊपर लिखत प्रश्‍न के संदर्भ में "Environmental Assessment Report " जो इन खदानों के संचालन से पर्यावरण पर प्रभाव होना है, उसकी विस्तृत जानकारी प्रदान करें। (घ) ऊपर लिखित प्रश्‍न के संदर्भ में खदानों के संचालन हेतु, कितनी जनसंख्या को विस्थापित किया गया और कितना मुआवजा दिया गया? नाम और पते सहित, ग्राम पंचायत अनुसार विस्तृत जानकारी प्रदान करें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रश्‍नानुसार वर्ष 2010 से 2026 तक अडानी ग्रुप और उनकी अन्य कंपनी को जिला सिंगरौली, अनूपपुर, अलीराजपुर, सतना एवं रीवा में खनन एवं सर्वे की अनुमति प्रदान की गई है। शेष जिलों की जानकारी निरंक है। स्वीकृत लीज एवं अनुमति का जिलेवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'पर दर्शित है। (ख) प्रश्‍नानुसार स्वीकृत खनि रियायतों के संबंध में चाही गई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' पर दर्शित है। (ग) उत्‍तरांश (क) अनुसार स्‍वीकृत खनि रियायतों में से केवल सिंगरौली जिले में धिरौली कोयला खनिज ब्‍लॉक अंतर्गत 2672 हेक्‍टेयर पर स्थित खदान में मई 2026 से खनन कार्य प्रारंभ हुआ है। उक्‍त कोयला खदान के संचालन से पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों के संबंध में क्षेत्रीय कार्यालय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सिंगरौली से प्राप्‍त Environmental Assessment Report की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' पर दर्शित है। (घ) प्रश्‍नानुसार स्वीकृत खनि रियायतों के संबंध में खदान संचालन हेतु विस्थापितों एवं उनको दिये गये मुआवजे की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' पर दर्शित है तथा विस्थापितों के नाम और पते संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' पर दर्शित है।

निवाड़ी जिला अंतर्गत संचालित विभागों की जानकारी

[सामान्य प्रशासन]

79. ( क्र. 806 ) श्री अनिल जैन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला निवाड़ी अंतर्गत जिला स्तर पर संचालित होने वाले विभागों में से कितने विभाग वर्तमान में संचालित हैं एवं किन-किन विभागों में पदों की स्वीकृति हो चुकी है एवं किन-किन विभागों को आहरण एवं संवितरण अधिकार प्राप्त हो गये हैं? विभागवार संपूर्ण जानकारी देवें। (ख) निवाड़ी जिले के लगभग 08 वर्ष पूर्ण होने के उपरांत भी प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में निवाड़ी जिले में कितने विभाग टीकमगढ़ जिले से संचालित हो रहे हैं? जो विभाग टीकमगढ़ जिले से संचालित हो रहे हैं, वह विभाग निवाड़ी जिले से कब से संचालित होंगे?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जिला निवाड़ी अंतर्गत जिला स्‍तर पर वर्तमान में कुल 29 विभागों के जिला स्‍तरीय कार्यालय संचालित हैं। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।                                  (ख) जिला निवाड़ी में कार्यरत 17 विभागों के जिला कार्यालय का मुख्‍यालय टीकमगढ़ में है। विभागों द्वारा आवश्‍यकतानुसार जिला कार्यालय निवाड़ी मुख्‍यालय पर खोले जाने की कार्यवाही की जा रही है। शेष प्रश्‍न उपस्‍थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "अठारह"

शराब की दुकानों का नियम विरूद्ध संचालन

[वाणिज्यिक कर]

80. ( क्र. 809 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परासिया विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत संचालित समस्त शासकीय शराब दुकानों का संचालन नियम विरूद्ध तरीके से संबंधित ठेकेदारों द्वारा रात्रि कालीन समय 12:00 से 01:00 बजे तक किया जा रहा है और कई शराब दुकानों के बाजू में नियम विरूद्ध अहातों को संचालित किया जा रहा है, जैसे भण्डारिया शराब दुकान वार्ड नं. 19 में है, दुकान के पास 100 मीटर के अंदर हनुमान मंदिर स्थित है। दुकान आवासीय क्षेत्र में संचालित है। बुटरिया चांदामेटा शराब दुकान के पास 100 मीटर के अंदर में जत्थी हनुमान मंदिर एवं शासकीय आदर्श कन्या शाला चांदामेटा स्थित है। दुकान आवासी क्षेत्र में संचालित है। पेट्रोल पंप बड़कुही के पास जो शराब दुकान स्थित है, उस शराब दुकान के पास सिविल अस्पताल चांदामेटा, संतचावरा स्कूल चांदामेटा, सेंट्रल स्कूल बड़कुही स्थित है। उपरोक्त तीनों शराब दुकानें नियम विरूद्ध तरीके से संचालित हो रही हैं। इन शराब की दुकानों के अलावा भी परासिया विधानसभा क्षेत्र में और भी कई शराब की दुकानें ऐसी हैं, जो नियम विरूद्ध तरीके से संचालित हो रही हैं परन्तु विभाग द्वारा नियम विरूद्ध तरीके से संचालित शराब दुकानों के ठेकेदारों पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है, जिसका क्या कारण है? कब तक जांच कर कार्यवाही की जायेगी? (ख) नियम विरूद्ध संचालित शराब दुकानों/अहातों को बन्द कराये जाने हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा कलेक्टर महोदय छिंदवाड़ा को पत्र 305 दिनांक 20.06.2026 एवं आबकारी अधिकारी छिंदवाड़ा को पत्र क्र. 304 दिनांक 20.06.2026 को प्रेषित किए गये हैं, जिन पत्रों पर अभी तक क्या कार्यवाही की गई है?

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) छिन्दवाड़ा जिले के परासिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत संचालित सभी मदिरा दुकानें निर्धारित समय अनुसार संचालित हो रही हैं। वृत्त प्रभारी मदिरा दुकानों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। निर्धारित समय के पश्‍चात मदिरा दुकानें संचालित किये जाने संबंधी कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया है और न ही किसी भी मदिरा दुकान में अहाता संचालित किया जा रहा है। भण्डारिया शराब दुकान वार्ड नं. 19 के पास स्थित हनुमान मंदिर एवं बुटरिया चांदामेटा मदिरा दुकान के पास स्थित जत्थी हनुमान मंदिर किसी ट्रस्ट के अधीन नहीं है। इसी प्रकार शासकीय आदर्श कन्या शाला चांदामेटा, आवासी क्षेत्र, पेट्रोल पंप बड़कुही, सिविल अस्पताल चांदामेटा, संतचावरा स्कूल चांदामेटा, सेंट्रल स्कूल बड़कुही के पास संचालित मदिरा दुकान का नाम एवं दूरी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। संचालित मदिरा दुकानें मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 के अधीन बने सामान्य प्रयुक्ति नियमों के नियम-1 के अनुरूप आपत्ति रहित स्थल पर संचालित की जा रही है। परासिया विधानसभा क्षेत्र की समस्त मदिरा दुकानें मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 के अधीन बने सामान्य प्रयुक्ति नियमों के नियम-1 के अनुरूप आपत्ति रहित स्थल पर संचालित की जा रही है। मदिरा दुकानों के निरीक्षण के दौरान मदिरा दुकानों के नियम विरूद्ध संचालन/अनिमितताएं पाये जाने पर मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 में वर्णित प्रावधानों के अन्‍तर्गत कार्यवाही की जाती है। वृत्‍त अंतर्गत की गई कार्यवाही का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। (ख) जी हाँ। माननीय विधायक महोदय द्वारा कलेक्टर, जिला छिंदवाड़ा को पत्र 305 दिनांक 20.06.2026 एवं जिला आबकारी अधिकारी, जिला छिंदवाड़ा को पत्र क्र. 304 दिनांक 20.06.2026 प्रेषित किए गये हैं। उक्‍त पत्रों के अनुक्रम में जांच प्रतिवेदन क्रमांक/आब/शिका/2026/1215 दिनांक 02.07.2026 से माननीय विधायक की ओर प्रेषित किया गया है। प्रेषित पत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-तीन अनुसार है।

भू-खण्‍ड घोटालों में हुई शिकायतों पर कार्यवाही

[गृह]

81. ( क्र. 817 ) श्री महेन्द्र हार्डिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भोपाल संभागायुक्त द्वारा गौरव गृह निर्माण में वित्तीय अनियमितताओं, अवैध भू-खण्‍ड आवंटन की जांच हेतु उच्च स्तरीय SIT का गठन किया गया था? क्या इस जांच कमेटी में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मिलित थे? यदि हाँ, तो समिति के प्रतिवेदन के आधार पर शाहपुरा थाना में अपराध क्रमांक 21/20, 22/20 एवं 78/20 दर्ज किए गए थे? क्या जांच में यह पाया गया कि अपात्र व्यक्तियों को 16 भू-खण्‍ड बेचकर प्राप्त राशि को खुर्द-बुर्द किगा गया है? मूल जांच रिपोर्ट एवं दर्ज FIR में जिन रसूखदार व्यक्तियों/पदाधिकारियों के नाम नामजद थे, क्या विवेचना के दौरान पुलिस द्वारा उनके नाम हटा दिए गए है? यदि हाँ, तो नियम बतायें। (ख) प्रश्‍नांश '' में उल्लिखित तीनों (FIR No-21/20, 22/20, 78/20) में नामजद आरोपियों में से अब तक कितने व्यक्तियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है और कितने आरोपी अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं? फरार आरोपियों की गिरफ्तारी न होने का क्या कारण है? क्या इन प्राथमिकियों के दर्ज होने के उपरांत संबंधित संलिप्त व्यक्तियों द्वारा संस्था के 34 भूखंडों को अवैध रूप से बेच दिया गया? उसकी राशि का गबन कर लिया गया? यदि हाँ, तो इसके अतिरिक्त कोई एफ.आई.आर. थाना शाहपुरा में दर्ज है? क्‍या गिरफ्तारी कर चालान पेश किया गया है? यदि नहीं पेश किया गया है, तो नियम बतायें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। आयुक्त, भोपाल संभाग, भोपाल के आदेश दिनांक 27.12.2019 के द्वारा गौरव गृह निर्माण सहकारी समिति के विरूद्ध प्राप्त शिकायतों की जांच के लिए संयुक्त आयुक्त सहकारिता भोपाल संभाग भोपाल की अध्यक्षता में 03 सदस्यीय जांच दल गठित किया गया था। गठित जांच दल में एस.डी.एम. एवं नगर पुलिस अधीक्षक शामिल थे। उक्त जांच दल के जांच प्रतिवेदन के आधार पर श्री सुधाकर पाण्डेय, उप अंकेक्षक, सहकारिता विभाग द्वारा थाना शाहपुरा में अपराध क्रमांक-21/20, 22/20 एवं 78/20 पंजीबद्ध कराये गये थे। विवेचना के दौरान अपराध क्रमांक-21/20, 22/20 के नामजद आरोपी 1. अजली कुकरेजा 2. संतोष जैन 3. शिशिर खरे 4. मनोज सिंह के विरूद्ध आपराधिक साक्ष्य प्राप्त न होने से प्रकरण से नाम पृथक किया गया। थाना शाहपुरा के अपराध क्रमांक 21/20 में 01 प्लॉट अपराध क्रमांक-22/20 में 16 प्लॉट, अपराध क्रमांक 78/20 में 16 प्लॉट को अपात्र व्यक्तियों को विक्रय करने संबंधी प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। अपराध क्रमांक 21/20, 22/20 में कुल 17 प्लॉटों को अपात्र व्यक्तियों के विक्रय करने एवं राशि को खुर्द-बुर्द करने संबंधी अपराध सबूत पाया जाने से अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। अपराध क्रमांक-78/20 में 16 अपात्र व्यक्तियों को विक्रय करने के संबंध में 07 व्यक्तियों के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया है जो वर्तमान में विवेचना में लंबित है।                           (ख) उत्‍तरांश "क" अनुसार प्राथमिकी दर्ज होने के उपरांत 01 भू-खण्ड को अभियुक्त मनोज कुमार साहू, संचालक, गौरव गृह निर्माण समिति द्वारा अपात्र व्यक्ति को प्लॉट विक्रय करने की शिकायत प्राप्त होने पर थाना शाहपुरा में अपराध क्रमांक 281/24 पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है, जिसमें अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं हुई है, प्रकरण वर्तमान में विवेचनाधीन है। इस प्रकार उपरोक्त 04 प्रकरणों में 34 भू-खण्डों को अपात्र व्यक्तियों को विक्रय करने के संबंध में विवेचना की गई। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट "अ" एवं "ब" अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "उन्नीस"

अपराध की प्रकृति अनुसार बी.एन.एस. की धाराएं लगाई जाना

[गृह]

82. ( क्र. 825 ) श्री शिवनारायण सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                          (क) क्या अनूपपुर जिला अन्तर्गत जैतहरी नगर के वार्ड क्र. 09 में संचालित झोलाछाप क्लीनिक पर कानूनी कार्यवाही हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा बी.एम.ओ. ने 01 जनवरी 2024 से 30 मई 2026 तक कितने पत्र पुलिस अधीक्षक एवं जैतहरी थाना में वैधानिक कार्यवाही हेतु दिए गए हैं? प्रत्येक प्रथम सूचना पत्र की प्रति व दिनांक अनुसार प्रत्येक शिकायत पर                      पृथक-पृथक कार्यवाही से अवगत कराएं। (ख) क्या जैतहरी थाने में फर्जी झोलाछाप अपात्र डॉ. के विरूद्ध अपराध क्र. 118/2026 धारा 24 म.प्र. राज्य आयुर्विज्ञान परिषद् एक्ट दर्ज किया गया है? यदि हाँ, तो प्रथम सूचना पत्र के आरोप व तथ्य उपलब्ध कराते हुए अपराध की प्रकृति अनुसार बी.एन.एस. की क्या-क्या धारा लगेगी? इस विषय पर महाधिवक्ता या विधि सचिव के अभिमत सहित जानकारी देवें। (ग) क्या एफ.आई.आर. में अपराध की गंभीर प्रकृति के बावजूद धाराएं नहीं लगायी गई हैं? प्रकरणों में जालसाजी धोखाधड़ी दवाइयां संग्रह व उपयोग, जन-जीवन से खिलवाड़ सहित अन्य अपराध की पुष्टि पर क्या-क्या धाराएं लगनी चाहिए? (घ) स्वास्थ्य विभाग ने किस दिनांक को एफ.आई.आर. दर्ज कराने हेतु पत्र व अन्य जानकारी दी है तथा अपराध किस दिनांक को दर्ज किया गया? पूर्ण जानकारी देते हुए पुलिस महानिदेशक थाना प्रभारी पर संज्ञान लेकर विलम्ब पर कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे? (ड.) अपराध की प्रकृति के अनुसार धाराएं लगाने हेतु अनेक व्‍यक्तियों ने पुलिस अधीक्षक व थाना प्रभारी को पत्र लिखे हैं? यदि हाँ, तो पत्र की प्रति उपलब्ध कराते हुए कार्यवाही से अवगत कराएं।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।           (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट में समाहित है। विवेचना के दौरान औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम 1940 के उल्लंघन का भी अनुसंधान किया जा रहा है तथा प्रकरण वर्तमान में विवेचनाधीन होने से धाराओं के समावेश के संदर्भ में महाधिवक्ता या विधि सचिव का अभिमत नहीं लिया गया है। (ग) विवेचना में उद्घाटित होने वाले तथ्यों के अनुसार अपराधों की धारायें लगायी जाती हैं।                            (घ) स्वास्थ्य विभाग के द्वारा दिनांक 24.02.2026 को प्रकरण दर्ज करने हेतु पत्र थाने पर प्राप्त हुआ था। प्रकरण में अपराध कायमी दिनांक 17.03.2026 को की गई थी। तत्समय कायमी में किये गये विलंब के संबंध में पुलिस अधीक्षक द्वारा तत्कालीन थाना प्रभारी को लघुशास्ति हेतु कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। (ड.) प्रकरण विवेचनाधीन है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अनूपपुर जिलांतर्गत संचालित कोयला खदानें

[खनिज साधन]

83. ( क्र. 828 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                      (क) जिला अनूपपुर में कितनी कोयला खदानें संचालित हैं तथा उनमें में से कितनी खदानें निजी उद्यमियों के द्वारा संचालित की जा रही हैं? खदानवार पृथक-पृथक जानकारी उपलब्ध करावें।                                (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार प्रत्येक खदानों के संचालन के लिये शासन द्वारा कितना डीजल खर्च किये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो इन संस्थानों को प्रतिमाह में कितनी मात्रा में डीजल का उपयोग किये जाने का प्रावधान है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जिले में वर्तमान में कुल 23 कोयला खदानें संचालित हैं। जिनमें 02 खदानें निजी उद्यमियों द्वारा संचालित की जा रही हैं। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट पर दर्शित है। (ख) खदानों के संचालन के लिये शासन द्वारा डीजल खर्च किये जाने का प्रावधान न होने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "बीस"

हवाई पट्टी का संचालन एवं संधारण

[विमानन]

84. ( क्र. 840 ) श्री विपीन जैन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर-नीमच जिला अंतर्गत वर्तमान में कुल कितनी हवाई पट्टियां/एयर-स्ट्रिप संचालित है? हवाई प‌ट्टी के नाम सहित जानकारी उपलब्ध कराएं। इनमें से कितनी हवाई पट्टियां वर्तमान में चालू हैं, कितनी बंद अथवा आंशिक रूप से संचालित है? (ख) हवाई पट्टियों के रख-रखाव, मरम्मत एवं नवीनीकरण हेतु शासन द्वारा निर्धारित मानक अवधि/समय-सीमा क्या है? संबंधित नियम, दिशा-निर्देश अथवा प्रावधान की प्रति उपलब्ध कराएं। विगत पाँच वर्षों में उक्त जिले की प्रत्येक हवाई पट्टी पर कब-कब नवीनीकरण, मरम्मत अथवा विशेष रख-रखाव कार्य किए गए? लागत, कार्य प्रारंभ एवं पूर्णता तिथि की जानकारी देवें। क्या सभी हवाई पट्टियों पर निर्धारित समय-सीमा के अनुसार नवीनीकरण एवं रख-रखाव कार्य किए जा रहे हैं? (ग) जनवरी 24 के पश्चात हवाई पट्टियों के रख-रखाव, मरम्मत एवं नवीनीकरण कार्यों हेतु विमानन विभाग द्वारा कितनी राशि आवंटित की गई तथा कितनी राशि व्यय की गई? वर्षवार जानकारी देवें। जिन हवाई पट्टियों पर नवीनीकरण अथवा मरम्मत कार्य किए गए हैं, उनके भुगतान हेतु विमानन विभाग द्वारा समय पर राशि उपलब्ध कराई गई अथवा नहीं? यदि नहीं, तो संबंधित प्रकरणों का विवरण एवं कारण बताएं। (घ) वर्तमान में ऐसी कितनी हवाई पट्टियां हैं जहां नवीनीकरण/मरम्मत कार्य लंबित है अथवा स्वीकृत होने के बावजूद प्रारंभ नहीं हुए हैं? जानकारी देवें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। हवाई पट्टी के नवीनीकरण का कार्य सामान्यत: 5 वर्ष पश्चात कराया जाता है। (घ) रतलाम, छिंदवाड़ा एवं बालाघाट।

परिशिष्ट - "इक्कीस"

जिला बदर की कार्यवाही

[गृह]

85. ( क्र. 852 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                         (क) 01 जनवरी 2024 के बाद दतिया जिले में कुल कितने लोगों पर 110 या जिला बदर की कार्यवाही की गई है या प्रक्रिया में प्रचलित है? पुलिस अनुविभागीय सूची सहित जानकारी दी जाये। (ख) जिन लोगों पर कार्यवाही की गई है, उन पर कौन-कौन सी धाराओं में क्‍या-क्‍या केस दर्ज हैं? FIR की छायाप्रतियों सहित पुलिस अनुविभागीय प्रकरणवार जानकारी दी जाये (ग) क्‍या ऐसे व्‍यक्ति जिन पर आपसी झगड़े या जमीन जायदाद के छोटी-मोटी धाराओं में केस चल रहे हैं, उन पर कार्यवाही की जा रही है जबकि अन्‍य ऐसे अपराधी किस्‍म के लोग जिन पर अनेकों केस दर्ज हैं, खुलेआम घूम रहे हैं, उन पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है? यदि नहीं, तो क्‍या जांच कराई जावेगी? (घ) क्‍या थाना प्रभारियों के गलत प्रतिवेदनों के आधार पर उच्‍च अधिकारियों द्वारा कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो क्‍या सभी प्रकरणों की सूक्ष्‍म जांच कराई जायेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" एवं "ब" अनुसार है। (ग) आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति एवं आदतन अपराधी के विरुद्ध समय-समय पर अपराध की रोकथाम एवं शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिये धारा 110 दण्ड प्रक्रिया संहिता अथवा जिलाबदर की कार्यवाही की जाती है। किसी भी आपराधिक रिकार्ड वाले व्यक्ति के विरुद्ध पक्षपातपूर्ण प्रतिबंधात्मक कार्यवाही नहीं की जा रही है। आपराधिक अभिलेख वाले अपराधियों पर समुचित प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की जाती है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

माइनिंग कार्पोरेशन को फर्शी पत्‍थर क्षेत्र का हस्‍तांतरण

[खनिज साधन]

86. ( क्र. 854 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 430 दिनांक 18.02.2026 में प्रश्‍नकर्ता द्वारा फर्शी पत्थर धारित उपलब्ध क्षेत्र खनन हेतु माइनिंग कार्पोरेशन को हस्तांतरण किये जाने के संबंध में पूछे गए प्रश्‍न के उत्तर में माननीय मंत्री जी द्वारा कलेक्टर कार्यालय खनिज शाखा से वन क्षेत्र संबंधी विस्तृत प्रतिवेदन पत्र दिनांक 03.02.26 से प्राप्त हुआ है, जिसके परीक्षण हेतु तकनीकी समिति का गठन किया गया है? समिति का प्रतिवेदन प्राप्त होने के उपरान्त आगामी कार्यवाही की जावेगी से अवगत कराया गया था? (ख) यदि हाँ, तो उक्त संबंध में प्रश्‍न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? कब तक फर्शी पत्थर धारित उपलब्ध क्षेत्र खनन हेतु माइनिंग कार्पोरेशन को हस्तांतरण किया जावेगा? अवगत करावें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) कलेक्‍टर कार्यालय से प्राप्‍त प्रतिवेदन पर समिति द्वारा क्षेत्र के संबंध में खनन हेतु उपयुक्‍त क्षेत्र का विभिन्‍न दृष्टिकोण से परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण पूर्ण होने उपरांत उपयुक्‍त चिन्हित क्षेत्र हेतु खनन संबंधी नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।

अजयपाल पर्यटक स्‍थल तक पहुंच मार्ग का निर्माण

[वन]

87. ( क्र. 855 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) क्या पन्ना विधानसभा अन्तर्गत अजयपाल पर्यटक स्थल तक पहुंच मार्ग लम्बाई 2200 मीटर के निर्माण की स्वीकृति हेतु एजेंसी नगर परिषद् अजयगढ़ द्वारा परिवेश पोर्टल पर आवेदन किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो उक्त संबंध में क्या कार्यवाही की गई? कब तक स्वीकृति प्रदान की जावेगी? समय-सीमा बतावें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्‍नाधीन आवेदन राज्य शासन की अनुशंसा सहित, वन भूमि व्यपवर्तन एवं वन्यजीव क्षेत्र में होने के कारण अनुमति हेतु भारत सरकार को प्रेषित किया गया था। प्रस्ताव पर भारत सरकार द्वारा स्थल निरीक्षण हेतु एक समिति का गठन किया गया। समिति के स्थल निरीक्षण उपरांत संपूर्ण मार्ग का संशोधित प्रस्ताव प्रस्तुत करने की अनुशंसा की गई है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर परिषद्, अजयगढ़ से संशोधित प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है। अतः समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

माल परिवहन में अनियमितता

[वाणिज्यिक कर]

88. ( क्र. 862 ) श्री उमंग सिंघार : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 जनवरी 2024 से 30 अप्रैल 2026 तक मध्‍यप्रदेश में अन्‍य राज्‍यों से आने वाले माल के परिवहन में फर्जी अथवा हेरफेर किए गए E-way Bill, अंडर-इनवॉइसिंग अथवा बिना वैध कर भुगतान के परिवहन से संबंधित कुल कितने प्रकरण वाणिज्यिक-कर विभाग के संज्ञान में आए? (ख) उपर्युक्‍त अवधि में फर्जी E-way Bill, अंडर-इनवॉइसिंग अथवा अन्‍य माध्‍यमों से GST चोरी के मामलों में कुल कितने व्‍यापारियों, फर्मों अथवा पंजीकृत करदाताओं के विरूद्ध कार्रवाई की गई तथा उनमें से कितनों के GST पंजीयन निलंबित अथवा निरस्‍त किए गए? (ग) उपर्युक्‍त प्रकरणों में कुल कितनी कर राशि, ब्‍याज एवं अर्थदंड निर्धारित किया गया तथा उसमें से कितनी राशि की वसूली की गई? (घ) उपर्युक्‍त अवधि में फर्जी E-way Bill, अंडर इनवॉइसिंग अथवा अन्‍य माध्‍यमों से GST चोरी के सर्वाधिक प्रकरण किन 3 जिलों अथवा अंतर्राज्‍यीय सीमा जांच चौकियों (Border Check Points) पर पाए गए? कृपया प्रत्‍येक स्‍थान पर दर्ज प्रकरणों की संख्‍या प्रस्‍तुत किया जाए।

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) 01 जनवरी, 2024 से 30 अप्रैल 2026 तक मध्यप्रदेश में अन्य राज्यों से आने वाले माल के परिवहन में फर्जी अथवा हेरफेर किए गए E-way Bill, अंडर-इनवॉइसिंग अथवा बिना वैध कर भुगतान के परिवहन से संबंधित कुल 2807 प्रकरण विभाग के संज्ञान में आए। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। (ख) उपर्युक्त अवधि में फर्जी E way Bill, अंडर-इनवॉइसिंग अथवा अन्य माध्यमों से GST चोरी के मामलों में कुल 3617 व्यापारियों, फर्मों अथवा पंजीकृत करदाताओं के विरुद्ध कार्रवाई की गई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। जिसमें से 187 के GST पंजीयन निलंबित अथवा निरस्त किए गए। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-तीन अनुसार है। (ग) उपर्युक्त प्रकरण में कुल रू. 6725.37 लाख कर राशि, ब्याज रु. 2536.02 लाख एवं अर्थदंड/शास्ति रु. 22823.97 लाख निर्धारित किया गया। जिसमें से रु. 5580.29 लाख राशि की वसूली की गई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। (घ) 01 जुलाई 2017 से जी.एस.टी. विधान के अंतर्गत अंतर्राज्‍यीय सीमा जांच चौकियों (Border Check Points) को समाप्‍त कर दिया गया है। अत: शेष के संबंध में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

वन क्षेत्र में कोल ब्‍लॉक आवंटन में अनियमितताएं

[वन]

89. ( क्र. 863 ) श्री उमंग सिंघार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                             (क) क्या सिंगरौली के घने वन क्षेत्र में लगभग 1500 हेक्टेयर वन भूमि को कोयला खनन के लिए आवंटित किया गया है, जबकि वन विभाग की पूर्व सर्वे रिपोर्ट के अनुसार यह क्षेत्र प्रस्तावित 'एलीफेंट कॉरिडोर' के अंतर्गत आता है? (ख) क्या नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने इस मामले में केंद्र, राज्य सरकार और संबंधित निजी समूह (अडानी समूह) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है? यदि हाँ, तो कब? (ग) क्या अप्रैल 2024 में गठित एक उच्च स्तरीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में इस क्षेत्र को जैव-विविधता से भरपूर बताते हुए यहाँ कोयला उत्खनन न करने की स्पष्ट अनुशंसा की थी? यदि हाँ, तो इस रिपोर्ट को नजर-अंदाज कर मई 2025 में पर्यावरणीय स्वीकृति (Environmental Clearance) क्यों दी गई? (घ) क्या नियमों के मुताबिक प्रस्तावित एलीफेंट कॉरिडोर की 10 किलोमीटर की परिधि में खनन की अनुमति नहीं दी जा सकती? इस नियम के उल्लंघन के लिए कौन से अधिकारी उत्तरदायी हैं? (ड.) क्या सरकार हाथियों और अन्य वन्यजीवों के आवास को बचाने हेतु इस कोल ब्लॉक आवंटन और पर्यावरणीय स्वीकृति को निरस्त करने के लिए केंद्र सरकार से पहल करेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) वनमंडल सिंगरौली के वन परिक्षेत्र पूर्व सरई, माड़ा एवं बैढ़न के अंतर्गत कोयला खनन हेतु धिरौली कोल ब्लॉक के लिए विभिन्न वन कक्षों में कुल 1, 397.54 हेक्टेयर वन भूमि आवंटित की गई है। उक्त कोल ब्लॉक वर्तमान कार्य आयोजना में दर्शाए गए एलीफेंट कॉरिडोर के अंतर्गत नहीं आता है। कार्य आयोजना में दर्ज कक्ष क्रमांक आर.एफ.-373, एलीफेंट कॉरिडोर के मानचित्र में दर्शाए गए कॉरिडोर से लगभग 5 किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्थित है। (ख) नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल का प्रश्‍नाधीन नोटिस वन विभाग को प्राप्त नहीं हुआ है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) राज्य शासन द्वारा अप्रैल, 2024 में कोई उच्च स्तरीय समिति का गठन नहीं किया गया है, अतः राज्य शासन को अनुशंसा प्राप्त नहीं है। पर्यावरणीय स्वीकृति भारत सरकार के अधिकार क्षेत्र का विषय है। (घ) एलीफेंट कॉरिडोर की 10 किलोमीटर की परिधि में खनन की अनुमति नहीं दिए जाने संबंधी कोई नियम प्रचलित नहीं है। कोल ब्लॉक को अनुमति प्रदान करने में किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया गया है। अतः किसी अधिकारी के उत्तरदायी होने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ड.) हाथियों एवं अन्य वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों तथा उनके आवागमन गलियारों का संरक्षण वन विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रश्‍नाधीन कोल ब्लॉक का आवंटन नियमानुसार किए जाने के कारण शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अ.जा. एवं अ.ज.जा. सब स्‍कीम के तहत बजट प्रावधान

[सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम]

90. ( क्र. 883 ) श्री बाला बच्चन : क्या सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मद संख्‍या 2124 M.S.M.E प्रोत्‍साहन व्‍यवसाय निवेश संवर्धन/सुविधा प्रदाय योजना में वर्ष 2024-25 में 2172 करोड़ रू. (लेखा अनुसार) वर्ष 2025-26 में 1250 करोड़ रू. (पुनरीक्षित अनुमान अनुसार) के अंतर्गत अनुसूचित जाति सब स्‍कीम, अनुसूचित जनजाति सब स्‍कीम के तहत कितनी राशि निर्धारित थी एवं उसके समक्ष इस वर्ग के कितने उद्यमियों/फर्मों को इस योजना का लाभ मिला? पृथक-पृथक वर्गवार जानकारी, प्रदाय राशि, उद्यमियों/फर्म संख्‍या सहित देवें। (ख) क्‍या अनु. जाति - जनजाति सब स्‍कीम की राशि अन्‍यत्र प्रदाय कर दी गई? इस संबंध में प्राप्‍त अनुमति, निर्देश एवं नियमों की प्रमाणित प्रति देवें। ऐसा करने वाले अधिकारियों पर विभाग कब तक कार्यवाही करेगा? (ग) मद संख्‍या 6750 एवं 9603 में वर्ष 2024-25 एवं 25.26 में किए पूंजीगत व्‍यय की जानकारी कार्य नाम, प्रदाय राशि, स्‍थान नाम, उद्योग नाम, पता, निर्माण एजेंसी/फर्म सहित वर्षवार, मदवार देवें।

सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ) : (क) अनुसूचित जाति सब स्‍कीम एवं अनुसूचित जनजाति सब स्‍कीम के तहत बजट प्रावधान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। एम.एस.एम.ई. प्रोत्‍साहन व्‍यवसाय निवेश संवर्धन/सुविधा प्रदाय योजना अंतर्गत अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति सब स्‍कीम की बजट राशि का व्‍यय अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति बाहुल्‍य क्षेत्रान्‍तर्गत स्‍थापित समस्त पात्र विनिर्माण इकाइयों पर किया जाता है। शेष प्रश्‍न उपस्‍थि‍त नहीं होता है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्‍थि‍त नहीं होता है। (ग) मद संख्‍या 6750 एवं 9603 से किये गये व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब तथा '''' अनुसार है।

नर्मदा तटों पर अवैध रेत खनन पर कार्यवाही

[खनिज साधन]

91. ( क्र. 884 ) श्री बाला बच्चन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजपुर वि.स. क्षेत्र में बड़दा में रेत खदान से संबंधित कितने आवेदन दिनांक 01.03.2026 से 20.06.2026 तक कलेक्टर बड़वानी को प्राप्त हुए? प्राप्त आवेदनों, उसके साथ संलग्न फोटो, वीडियो, अन्य डिजीटल साक्ष्यों के आधार पर की गई कार्यवाही की जानकारी आवेदनवार देवें। इस अवधि के इन सभी आवेदनों एवं उनके साथ संलग्नकों की प्रति देवें। (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) वर्णित प्रकरणों पर कार्यवाही नहीं की गई तो रेत माफिया को संरक्षण देने का कारण स्पष्ट करें। नर्मदा तट पर रेत खनन पर प्रतिबंध के बावजूद हो रहे रेत खनन को रोकने के स्थान पर प्रश्रय क्‍यों दिया जा रहा है? स्‍पष्‍ट करें। (ग) राजपुर वि.स. क्षेत्र के नंदगांव, ब्राह्मण गांव एवं बड़वानी वि.स. क्षेत्र पिछोड़ी, पिपलूद एवं छोटी कसरावद के अवैध रेत खनन को कब तक रोका जाएगा? समय-सीमा देवें।                         (घ) राजपुर वि.स. क्षेत्र में औझर स्थित डेब नदी के अवैध रेत खनन को संरक्षण क्यों दिया जा रहा है, जबकि रेत माफिया द्वारा खनन से निर्मित गड्‌ढों में डूबने से औझर चौकी थाना नांगलवाड़ी में दिनांक 20.09.2023 एवं 03.08.2025 में दो मृत्यु हुई हैं? औझर डेब नदी में हो रहे अवैध खनन को कब तक प्रतिबंधित कर इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जाएगी? यदि नहीं, तो इन्हें संरक्षण देने का कारण दें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" पर दर्शित है। (ख) जी नहीं। प्रश्‍नांश अनुसार नर्मदा तट पर अवैध रेत खनन पाए जाने पर ग्राम-बड़दा में विभाग द्वारा कार्यवाही कर कुल 04 प्रकरण पंजीबद्ध किये गये है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" पर दर्शित है। (ग) प्रश्‍नांश अनुसार उल्लेखित क्षेत्रों में दिनांक 01.01.2025 से प्रश्‍न दिनांक तक विभाग द्वारा कुल 32 प्रकरण दर्ज किया गया है। अवैध उत्खनन को रोकने के लिये विभाग द्वारा सतत कार्यवाही की जा रही है। शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। प्रश्‍नांश अनुसार यह कहना सही नहीं है कि उल्लेखित दिनांकों एवं स्थानों में खनन से निर्मित गड्ढों में डूबने से मृत्यु हुई है। पुलिस थाना नांगलवाडी से दो मृत्यु होने की प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "स" में दर्शित है। शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। ग्राम औझर में दिनांक 01.01.2025 से वर्तमान दिनांक तक 04 प्रकरण अवैध परिवहन के पंजीबद्ध किए हैं तथा जिले में सतत् भ्रमण किया जाकर अवैध खनन पर अंकुश लगाया जा रहा है।

आदिवासी की भूमि का क्रय

[गृह]

92. ( क्र. 897 ) डॉ. राजेन्‍द्र कुमार सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दिनांक 25/26.09.2023 को पुलिस अधीक्षक सतना/थाना प्रभारी रामनगर/थाना प्रभारी हरिजन कल्‍याण सतना को प्रार्थी जगदीश सिंह गौंड पिता रामसुख गोड़ निवासी ग्राम पोड़िया विद्यालय के पास थाना व तहसील रामनगर (तत्‍कालीन सतना जिला) वर्तमान में मैहर जिले के द्वारा अपने आवेदन उक्‍त ऊपर उल्‍लेखित कार्यालयों को देकर रिसीविंग प्राप्‍त की थी? उक्‍त प्रार्थी के आवेदन पर प्रश्‍न तिथि तक किस-किस कार्यालयों के द्वारा किस-किस दिनांकों को किस आदेश क्रमांकों से कब व क्‍या कार्यवाही कीकार्यालयवार विवरण उपलब्‍ध करायें। आदेशों/पत्रों की एक प्रति उपलब्‍ध करायें। (ख) क्‍या आदिवासी (अनुसूचित जनजाति) की भूमि का विक्रय/एग्रीमेंट बिना जिला कलेक्‍टर की लिखित अनुमति के किया जा सकता है? अगर हाँ तो आदेशों की एक प्रति दें। (ग) क्‍या उक्‍त जगदीश सिंह को एग्रीमेंटकर्ता राम सुशील पटेल के द्वारा दस लाख खण्‍ड-खण्‍ड में 5 लाख रूपये एक मुश्‍त देने का एग्रीमेंट करवाया? (घ) क्‍या थाना रामनगर जिला मैहर में 06.06.2026 को धारा 420 के तहत आवेदक राम सुशील के द्वारा जगदीश गौड़ आदिवासी के विरूद्ध अपराध क्रमांक 0240 दर्ज करवाई गई? एफ.आई.आर. की एक प्रति दें। क्‍या आदिवासी की भूमि पर एग्रीमेंट कर सीधे खरीदना अपराध है? जानकारी दें कि उक्‍त एफ.आई.आर. सही है या गलत? शासन कब तक राम सुशील पटेल के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज करवायेगा? जारी आदेशों की एक प्रति दें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं तथापि एग्रीमेंट के विषय में कोई प्रतिबंध नहीं है। (ग) एग्रीमेंट की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट में समाहित है। (घ) आवेदक राम सुशील के द्वारा जगदीश गौंड आदिवासी के विरुद्ध थाना रामनगर जिला मैहर में एफ.आई.आर. दर्ज करायी गयी। प्रकरण विवेचना में है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

प्रतिनियुक्ति पर पदस्‍थ अधिकारियों की जानकारी

[वन]

93. ( क्र. 898 ) डॉ. राजेन्‍द्र कुमार सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                        (क) क्या म.प्र. राज्य लघु वनोपज व्यापार एवं विकास सहकारी संघ, म.प्र. शासन के वन विभाग अधीन कार्यरत है? क्या इसमें पदस्थ भारतीय वन सेवा के अधिकारी म.प्र. वन विभाग से प्रतिनियुक्ति पर आते हैं? इस लघु वनोपज संघ म.प्र. शासन की अंश पूजी से स्थापित है? म.प्र. शासन के किस-किस नाम/पदनाम के अधिकारी प्रश्‍न तिथि तक इसके प्रशासक हैं? क्या म.प्र. शासन द्वारा अनुमोदित नियम प्रक्रिया के तहत ही संघ कार्य करता है? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित कार्यालय में क्या सूचना का अधिकार अधिनियम लागू है? अगर नहीं तो क्यों? क्या जिस न्यायालय से स्टे मिला है, उसे हटवाने हेतु म.प्र. वन विभाग/म.प्र. शासन के सामान्य प्रशासन विभाग/विधि विभाग/अन्य के द्वारा क्या-क्या कार्यवाही प्रश्‍न तिथि तक की है? दिनांकवार/जारी आदेश (पत्रवार)/कार्यालयवार जानकारी दें। (ग) राज्य शासन सूचना का अधिकार नियम वनोपज संघ में लागू करवाने हेतु प्रतिबद्ध है या नहीं? अगर नहीं तो कारण दें। अगर है तो कब तक सूचना का अधिकार नियम कब व कैसे शुरू करवाया जायेगा? समय-सीमा दें। (घ) क्‍या स्टे हटवाने के प्रयास होंगे या नहीं?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) म.प्र. राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित, भोपाल का प्रशासकीय विभाग वन विभाग है। जी हाँ। लघु वनोपज संघ में मध्यप्रदेश शासन की अंशपूंजी है। लघु वनोपज संघ में प्रश्‍न दिनांक तक निम्नानुसार प्रशासक पदस्थ रहे हैं:-

क्र.

नाम

पद

अवधि

1

श्री अशोक बर्णवाल,                                                                               प्रमुख सचिव, म.प्र. शासन, वन विभाग

प्रशासक

05 अक्टूबर 2020 से 30 अक्टूबर 2022 तक

2

श्री जे.एन. कांसोटिया,                                                               अपर मुख्य सचिव, म.प्र. शासन, वन विभाग

प्रशासक

31 अक्टूबर, 2022 से 30 जून, 2024 तक

3

श्री अशोक बर्णवाल,                                                                      अपर मुख्य सचिव, म.प्र. शासन, वन विभाग

प्रशासक

01 जुलाई, 2024 से 15 फरवरी, 2026 तक

4

श्री संदीप यादव,                                                                           प्रमुख सचिव, म.प्र. शासन, वन विभाग

प्रशासक

16 फरवरी, 2026 से लगातार

म.प्र. राज्य लघु वनोपज व्यापार एवं विकास सहकारी संघ मर्यादित, भोपाल के कार्य संचालन हेतु कार्यालय आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्था के आदेश क्रमांक/विप/वनो./14/2195 दिनांक 12.12.2014 से उप नियम (बायलॉज) जारी किए गए हैं। (ख) जी नहीं। लघु वनोपज संघ, म.प्र. सहकारी सोसाइटी अधिनियम 1960 के अंतर्गत पंजीकृत सहकारी संस्था है तथा सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 2 (ज) के अंतर्गत लोक सूचना प्राधिकारी नहीं होने के कारण सूचना का अधिकार अधिनियम लागू नहीं है। राज्य सूचना आयोग के आदेश दिनांक 27 मार्च, 2014 में आयोग ने निर्णय दिया है कि संघ पर सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 लागू नहीं होता है। राज्य सूचना आयोग के आदेश दिनांक 17/12/2020 में निर्णय दिया है कि संघ पर सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 लागू है। इस सम्बंध में लघु वनोपज संघ ने माननीय उच्च न्यायालय से स्थगन प्राप्त किया है, अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश '' अनुसार प्रकरण न्यायालयीन प्रक्रिया में होने से प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) मान. न्यायालय से लघु वनोपज संघ ने स्थगन प्राप्त किया है, अत: प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

जबलपुर आई.टी. पार्क में बहुराष्‍ट्रीय आई.टी. कम्‍पनियों का आगमन

[विज्ञान और प्रौद्योगिकी]

94. ( क्र. 900 ) डॉ. अभिलाष पाण्डेय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                        (क) क्या जबलपुर सहित पूरे महाकौशल क्षेत्र (कटनी, रीवा, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडोरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा) एवं बघेलखंड (सतना, रीवा, शहडोल, मैहर, उमरिया) के अनेक कुशल सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवा वर्तमान में रोजगार के लिए मुंबई, पुणे और बेंगलुरु जैसे महानगरों में पलायन कर चुके हैं? (ख) क्या शासन जबलपुर स्थित आई.टी. (IT) पार्क में बड़ी बहुराष्ट्रीय सॉफ्टवेयर कंपनियों (MNCs) को आकर्षित करने हेतु किसी विशेष रियायती नीति, विशेष पैकेज या औद्योगिक अनुबंधों पर विचार कर रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर ही रोजगार सृजित हो सके? (ग) क्या विभाग इस तथ्य से अवगत है कि जबलपुर की बेहतर रेल कनेक्टिविटी के कारण यहाँ बड़ी कंपनियां आने से महाकौशल के युवाओं को रोजगार मिल सकेगा तथा मुंबई पुणे की तुलना में कम लिविंग कॉस्ट होने के कारण कंपनियों को भी यहाँ कम वेतन पर कुशल कर्मचारी मिल सकेंगे? (घ) यदि हाँ, तो युवाओं के पलायन को रोकने, 'कुटुंब प्रबोधन' के माध्यम से परिवारों को जोड़ने तथा वृद्ध माता-पिता की सामाजिक सुरक्षा हेतु सरकार जबलपुर में मल्टीनेशनल आई.टी. सॉफ्टवेयर कंपनियों को लाने के लिए कब तक एक जल्दी व ठोस योजना बनाकर प्रस्तुत करेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी, नहीं। ऐसी कोई सूचना/जानकारी विभाग के पास उपलब्‍ध नहीं है। जबलपुर में आई.टी. पार्क संचालित है तथा अन्‍य सॉफ्टवेयर कंपनियां भी संचालित हैं, बेहतर अवसर प्राप्‍त होने पर सॉफ्टवेयर इंजीनियरों द्वारा कार्य स्‍थल एवं कंप‍नियां बदली जाती है। (ख) पूर्व से ही जबलपुर में आई.टी. पार्क संचालित है। समय-समय पर निवेशकों के साथ क्षेत्रीय कार्यशाला, सेमीनार आयोजित किये जाते हैं। प्रदेश में राज्‍य शासन की मध्‍यप्रदेश आई.टी., आई.टी.ई.एस. एवं ई.एस.डी.एम. निवेश प्रोत्‍साहन नीति 2023 के साथ ही मध्‍यप्रदेश वैश्विक क्षमता केन्‍द्र (जी.सी.सी.) नीति 2025, मध्‍यप्रदेश एनीमेशन, विजुअल इफेक्‍ट्स, गेमिंग कॉमिक्‍स और विस्‍तारित रियलटी (ए.वी.जी.सी.-एक्‍स.आर.) नीति 2025, मध्‍यप्रदेश ड्रोन संवर्धन एवं उपयोग नीति 2025 एवं मध्‍यप्रदेश सेमीकंडक्‍टर नीति 2025 पूर्व से ही प्रभावशील है। (ग) जी, हाँ। जबलपुर में निर्मित औद्योगिक वातावरण के दृष्टिगत आई.टी. पार्क का विकास किया गया है।                      (घ) उत्‍तरांश "ख" अनुसार नीतियां पूर्व से प्रभावशील हैं, अत: पृथक से कार्यवाही करने की आवश्‍यकता नहीं है।

जबलपुर से अन्‍य महानगरों के लिए फ्लाइट कनेक्टिविटी

[विमानन]

95. ( क्र. 901 ) डॉ. अभिलाष पाण्डेय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                       (क) क्या जबलपुर से देश के अन्य मुख्य महानगरों (जैसे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद आदि) के लिए फ्लाइट कनेक्टिविटी (हवाई संपर्क) वर्तमान में अत्यंत सीमित और अनियमित है? (ख) क्या जबलपुर डुमना हवाई अड्डे पर करोड़ों रुपये की लागत से नए आधुनिक टर्मिनल और हवाई पट्टी का विस्तार होने के बाद भी उड़ानों की संख्या में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है, जिसके कारण क्षेत्र के औद्योगिक निवेश, पर्यटन और गंभीर मरीजों के लिए आपातकालीन एयर एंबुलेंस/चिकित्सा सुविधाओं पर अत्यंत प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है? (ग) क्या हवाई संपर्क की इस भारी कमी को दूर करने तथा जबलपुर से नई उड़ानें प्रारंभ करवाने के लिए राज्य शासन अथवा विमानन विभाग द्वारा केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय या विभिन्न निजी विमानन कंपनियों (Airlines) से विगत एक वर्ष में कोई औपचारिक पत्राचार या उच्च स्तरीय चर्चा की गई हैयदि हाँ, तो उसका क्या परिणाम रहा? (घ) जबलपुर से नए हवाई मार्गों को जोड़ने, उड़ानों की आवृत्ति (Frequency) बढ़ाने तथा यात्रियों को सुलभ व किफायती हवाई सेवा का लाभ देने के लिए शासन स्तर पर वर्तमान में क्या विशेष नीति अपनाई जा रही है तथा इस संबंध में विभाग कब तक कोई ठोस व प्रभावी कार्ययोजना लागू करेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) फ्लाइट कनेक्टिविटी (हवाई संपर्क) मुख्यतः केन्द्रीय अनुसूची का विषय है। राज्य शासन द्वारा इस प्रकार का अभिलेख संधारित नहीं किया जाता है। (ख) उत्तरांश "क" अनुसार। गंभीर मरीजों को आपातकालीन एम्बुलेंस/चिकित्सा सुविधा प्राप्त हो सके, इस हेतु राज्य शासन द्वारा "पी.एम. श्री एयर एम्बुलेंस सेवा" प्रारंभ की गई है। (ग) जी हाँ। राज्य शासन द्वारा निजी विमानन कंपनियों से चर्चा की गई है। विभाग द्वारा मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति, 2025 के अंतर्गत निविदाएं आमंत्रित की गयी हैं। निजी विमानन कंपनियों से कई बार चर्चा की गयी हैं। कंपनियों द्वारा रूचि प्रदर्शित की गयी है। (घ) जी हाँ। मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति, 2025 जारी की गई है, जिसके अंतर्गत समय-समय पर विभिन्न हवाई मार्गों के लिये विमानन संस्थाओं से प्रस्ताव प्राप्त करने हेतु निविदाएं आमंत्रित की जाती हैं।

अवैध उत्‍खननकर्ता का पट्टा निरस्‍त किया जाना

[खनिज साधन]

96. ( क्र. 902 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वानी जिलान्तर्गत कार्यालय कलेक्टर खनिज शाखा, बड़वानी के पत्र क्रमांक 1772/खनिज/2022 बड़वानी दिनांक 24/01/2022 के अनुसार विजय यादव निवासी जुलवानिया को स्वीकृत खनिज पट्टा, जो की ग्राम जाहुर तहसील राजपुर के सर्वे नंबर 488/21 पर स्वीकृत है, पट्टाधारी द्वारा स्वीकृति दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी मात्रा में खनन किया गया है? वर्षवार खनन मात्रा की संपूर्ण जानकारी देवें और खनिज अधिकारी की वार्षिक टीप की प्रमाणित प्रति भी उपलब्ध करावें। (ख) उपरोक्त प्रश्‍नांश (क) अनुसार कार्यालय कलेक्टर के पत्र अनुसार 10000 घन मीटर खनन की पात्रता थी, फिर किस आधार पर एवं किस नियम के तहत इनके द्वारा एक लाख घनमीटर से अधिक का अवैध खनन किया गया है? जानकारी दें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार अवैध खनन करने पर कब तक इनका खनिज पट्टा निरस्त कर दिया जाएगा? यदि नहीं, तो इन्हें अवैध उत्खनन हेतु संरक्षण देने का कारण स्पष्ट करें? खनन माफिया को संरक्षण देकर अवैध खनन करवाने वाले अधिकारियों के नाम, पदनाम देते हुए जानकारी दें कि इसके लिए विभाग इन पर कब तक क्या कार्यवाही करेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) कार्यालय कलेक्टर खनिज शाखा, बड़वानी के पत्र क्रमांक 1772/खनिज/2022 बड़वानी दिनांक 24/01/2022 से कोई उत्खनिप‌ट्टा स्वीकृत नहीं किया गया है अपितु कलेक्टर खनिज शाखा के आदेश दिनांक 01/06/2026 से श्री विजय यादव के पक्ष में ग्राम जाहुर, तहसील राजपुर, के सर्वे नंबर 488/21 पर उत्खनिपट्टा स्वीकृत किया गया है। स्वीकृत खदान का अनुबंध/निष्पादन की प्रक्रिया प्रचलन में होने के कारण शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्‍तरांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

औद्योगिक क्षेत्र में अधोसंरचनात्‍मक निर्माण

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

97. ( क्र. 904 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या बैरसिया विधानसभा के ग्राम पातलपुर में औद्योगिक क्षेत्र में अधोसंरचनात्मक निर्माण एवं विकास कार्य कर लिये गये हैं? यदि हाँ, तो नवीन औद्योगिक इकाईयों के निर्माण हेतु भूखण्डों को उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आज दिनांक तक प्रारंभ क्यों नहीं हुई हैं? स्पष्ट करें। यदि नहीं, तो ग्राम पातलपुर औद्योगिक क्षेत्र में अधोसंरचनात्मक निर्माण एवं विकास कार्य कब तक पूर्ण कर लिये जायेंगे? जानकारी उपलब्ध कराये।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : जी नहीं। अधोसरंचनात्मक निर्माण एवं विकास कार्य पूर्ण नहीं होने के कारण नवीन औद्योगिक इकाईयों के निर्माण हेतु भूखण्डों को उपलब्ध कराने की प्रक्रिया प्रारंभ नहीं की गई। औद्योगिक क्षेत्र बैरसिया के अधोसंरचनात्मक निर्माण एवं विकास कार्य वर्तमान वर्षाकाल के दृष्टिगत आगामी 09 माह में पूर्ण होना संभावित है।

अनूपपुर जिले में अधिकारियों/कर्मचारियों का स्‍थानांतरण

[सामान्य प्रशासन]

98. ( क्र. 908 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि       (क) जिला अनूपपुर अंतर्गत जनवरी 2026 से 16 जून 2026 तक जिले के अंदर पदस्‍थ शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के स्‍थानांतरण, पदस्‍थापना से संबंधित कितने आदेश जारी किये गये है श्रेणीवार, विभागवार सूची उपलब्‍ध करावें। स्‍थानांतरण नीति की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में जिला स्‍तरीय स्‍थानांतरण क्‍या नियम के तहत किये गये है? यदि हाँ, तो प्रशासनिक स्‍थानांतरणों में कई वर्षों से जमे कर्मचारियों को उनकी शिकायत पर भी नहीं हटाया गया, जबकि कई कर्मचारियों को एक वर्ष के अंदर ही बिना शिकायत के हटा दिया गया। प्रशासनिक स्थानांतरण में विकलांग/पैरालिसिस से ग्रस्त कर्मचारी अथवा जिनको सेवानिवृत्त होने में 6 अथवा 8 माह का समय शेष था, उनका भी स्थानांतरण किया गया है तथा ऐसी शिक्षण संस्थायें जहां पर मात्र एक कर्मचारी ही पदस्थ था, उसका स्थानांतरण भी किस नियम के तहत कर दिया है, ऐसी संस्थाओं की सूची उपलब्ध करायें। (ग) जिला अनूपपुर अंतर्गत गत दो वित्तीय वर्ष में प्रशासनिक लापरवाही, कदाचार, अनियमितता के कितने प्रकरण सामने आये हैं। उन प्रकरणों में दोषी पाये गये अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध प्रश्‍न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के संदर्भ में जनप्रतिनिधियों द्वारा (सांसद, विधायक, मंत्री) स्थानांतरण में किसी अधिकारी अथवा कर्मचारी की अनुशंसा की गई हो तो अनुशंसा पत्र की छायाप्रति उपलब्ध कराते हुये बताये कि स्थानांतरण नीति से अलग हटकर किये गये स्थानांतरण को कब तक निरस्त अथवा संशोधित कर दिया जायेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '1' अनुसार है।          (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '2' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '3' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '4' अनुसार है।

वन्‍य प्राणी अभयारण्य घोषित किया जाना

[वन]

99. ( क्र. 909 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि       (क) क्या अनूपपुर जिले का अमरकंटक क्षेत्र छत्तीसगढ़ की सीमा से लगा होने के कारण वन्य प्राणी अभ्यारण्य अचानकमार (छत्तीसगढ़) से हाथी, बाघ, चीता, भालू, लकड़बग्घा जैसे वन्य प्राणी विचरण करते हुये अमरकंटक वन परिक्षेत्र, मध्यप्रदेश में प्रवेश करके काफी नुकसान पहुंचाते हैं? (ख) क्या शासन मां नर्मदा की उद्गम स्थली अमरकंटक में आ रहे दर्शनार्थियों को आकर्षित करने तथा रोजगार के नये अवसर सृजन करने की दृष्टि से शासन अमरकंटक वन परिक्षेत्र को वन्य प्राणी अभ्यारण घोषित करने पर विचार कर रहा है? (ग) क्या प्रश्‍नकर्ता सदस्य द्वारा इस संबंध में अपने पत्र क्रमांक 435, दिनांक 19.2.2026 को अमरकंटक वन परिक्षेत्र को वन्यप्राणी अभ्यारण्य घोषित करने संबंधी मान. मुख्यमंत्री जी को पत्र प्रेषित किया था? (घ) प्रश्‍नांश (ग) का उत्तर यदि हाँ, है तो उक्त पत्र पर की गई कार्यवाही से अवगत कराते हुये जानकारी दें कि अमरकंटक वन परिक्षेत्र को वन्यप्राणी अभ्यारण्य घोषित करने हेतु कब तक कार्यवाही कर दी जायेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) वन्यप्राणियों का विचरण एक नैसर्गिंक प्रक्रिया है। अनूपपुर जिले का अमरकंटक क्षेत्र छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे होने के कारण वन्यजीवों का विचरण परिक्षेत्र अमरकंटक में होता रहता है, इस दौरान 01 मादा बाघ द्वारा विचरण करते हुए 06 पशु हानि की गई थी, जिसकी सहायता राशि का भुगतान नियमानुसार किया जा चुका है। (ख) जी नहीं। (ग) जी हाँ। (घ) प्रश्‍नाधीन पत्र मध्यप्रदेश शासन वन विभाग के पत्र दिनांक 08.04.2026 द्वारा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) को परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही हेतु भेजा गया है। परीक्षण में होने के कारण समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

पुलिस चौकी का थाने में उन्‍नयन

[गृह]

100. ( क्र. 912 ) श्री चन्‍द्रशेखर देशमुख : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि      (क) मुलताई विधानसभा की मासोद चौकी में कुल कितने ग्राम सम्मिलित है? इस चौकी में कुल कितने कर्मचारी पदस्‍थ है? (ख) क्‍या मासोद चौकी का थाने में उन्‍नयन किया जाना प्रक्रियाधीन है? यदि हाँ, तो कब तक मासोद चौकी का उन्‍नयन थाने में किया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?               (ग) मुलताई विधानसभा क्षेत्र के कितने ग्राम अन्‍य विधानसभा के थानों में सम्मिलित है? इन ग्रामों के अन्‍य विधानसभा के थानों में सम्मिलित रहने के क्‍या कारण है? क्‍या इन ग्रामों से अन्‍य थानों की दूरी लगभग 50 कि.मी. है? यदि हाँ, तो इन ग्रामों को कब तक मुलताई थाने में सम्मिलित किया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) मासोद चौकी में कुल 62 ग्राम सम्मिलित हैं एवं कुल 06 कर्मचारी पदस्थ हैं। (ख) जी नहीं। मासोद चौकी क्षेत्र में थाने की स्थापना हेतु निर्धारित मापदण्ड से अपराध कम होने एवं कानून व्यवस्था नियंत्रण में होने से मासोद चौकी को थाने में उन्नयन करने की वर्तमान में आवश्यकता नहीं है। (ग) मुलताई विधानसभा क्षेत्र के 16 ग्राम अन्य विधानसभा के थानों में सम्मिलित है। 14 गांव पूर्व से सम्मिलित थे। वर्ष 2023 में परिसीमन के द्वारा दूरी को दृष्टिगत रखते हुए ग्राम कुमुन्द्रा को थाना मुलताई से थाना आठनेर में एवं ग्राम पाटाखेड़ा को थाना आमला से थाना गंज में सम्मिलित किया गया है। जी नहीं। अधिकतम दूरी ग्राम कुमुन्द्रा की थाना आठनेर से 35 किमी है। इन ग्रामों को थाना मुलताई में सम्मिलित करने की कोई कार्यवाही प्रस्तावित नहीं है।

राशि को पुन: बहाल किया जाना

[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]

101. ( क्र. 938 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या उप मुख्‍यमंत्री, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्त्ता का प्रश्‍न क्र. 2588, उत्तर दिनांक 25 फरवरी, 2026 जो कि निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना की लेप्स राशि पुनः बहाल किये जाने से संबंधित था? इस प्रश्‍न के संबंध में अद्यतन स्थिति क्या है? (ख) उपरोक्त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्य में क्या देयक भुगतान हेतु कोषालय में प्रस्तुत किये गये परन्तु IFMIS पोर्टल से राशि का आहरण कर लिया गया है? यदि हाँ, तो कितना? नहीं तो क्यों? (ग) वित्तीय वर्ष 2025-26 में तृतीय अनुपूरक अनुमान में राशि आवंटन की मांग पृथक अनुपूरक अनुमान में सम्मिलित नहीं किये जाने के कारण बतायें।

उप मुख्‍यमंत्री, योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ। तृतीय अनुपूरक में लेप्स राशि की मांग की गई थी। जो कि अप्राप्त है। (ख) जी हाँ। तकनीकी कारणों से IFMIS पोर्टल पर बिल आहरण हेतु जिला कोषालय भिंड को फॉरवर्ड नहीं होने से राशि का आहरण नहीं हो सका। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) लेप्स राशि की मांग अनुपूरक में किये जाने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

फर्जी शस्‍त्र लायसेन्‍स जारी किया जाना

[गृह]

102. ( क्र. 939 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि     (क) क्‍या विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 2604, उत्‍तर दिनांक 25/02/2026 जो कि भिण्ड जिले में फर्जी शस्त्र लायसेन्स बनाये जाने से संबंधित था, प्रश्‍न के उत्तर में "क से ड." तक की जानकारी एकत्रित करने की जानकारी दी गई थी? (ख) यदि हाँ, तो क्या उक्त जानकारी संकलित कर ली गई है? यदि हाँ, तो संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराये। (ग) जानकारी समय-सीमा में नहीं देने के क्या कारण है और इसके लिये कौन-कौन जिम्मेदार है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं, थाना देहात भिण्ड के अपराध क्रमांक 24/2026 धारा 318 (4) 3 (5) इजाफा धारा 338, 336 (3) 340 (2), 61 बी.एन.एस. का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है जिसमें 17 सदस्यीय एस.आई.टी. टीम गठित की गई है, वर्तमान में प्रकरण विवेचना में है। शेष प्रश्‍न उत्पन्न नहीं होता है। (ग) उत्‍तरांश (ख) के आलोक में शेषांश का प्रश्‍न उत्पन्न नहीं होता है।

पत्रों पर कार्यवाही नहीं करना

[गृह]

103. ( क्र. 944 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि         (क) प्रश्‍नकर्ता का पत्र क्र.  984/26, दिनांक 02/04/26, पत्र क्र. 1884 दिनांक 12/05/26 जो एस.पी. गुना को आरक्षक-राधौगढ़ द्वारा अतिक्रमण करने के संबंध में लिखा गया, उस पर साप्रवि के आदेश दिनांक 22/03/2011 के पालन में कब-क्या कार्यवाही की गई? आदेश के उल्लंघन पर कब तक निलंबन कर कृत कार्यवाही से अवगत कराया जायेगा? (ख) प्रश्‍नकर्ता का पत्र क्र. 1025/26, दिनांक 6/6/26 जो सीएम-एसीएससीएम-एसीएसहोम-डीजीपी-एसपी/कलेक्टर-राजगढ़, पत्र क्र. 1002/26, दिनांक 12/05/26 जो सीएम-एसीएस होम-एसीएससीएम, सायबर अपराध को प्रेषित क्रमशः पत्र क्र. 1033/26, दिनांक 14/6/26, पत्र क्र. 1011/26, दिनांक 03/06/2026 पत्र क्र. 1005/26 दिनांक 26/05/26, पत्र क्र. 995/26, दिनांक 04/05/26, पत्र क्र. 987/26 दिनांक 09/04/26, पत्र क्र. 985/26 दिनांक 09/04/26 को प्रेषित है, प्राप्त हुआ। पत्र प्रति, आवक पंजी, एकल नस्ती एवं प्रश्‍नांश (क) में साप्रवि के आदेश के अनुक्रम में निलंबन की कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) बस क्रमांक एमपी04, ईडी/5598 द्वारा हिट एण्ड रन में दिनांक 27/05/26 को थाना गोविन्दपुरा, भोपाल में शिकायत प्राप्त हुई, थाना प्रभारी एवं एसआई खेतसिंह धुर्वे द्वारा कब-क्या कार्यवाही की? नहीं तो क्यों? कार्यवाही नहीं होने पर संबंधितों पर कब-क्या कार्यवाही की जायेगी? (घ) सीएम हेल्पलाईन नं. 37838303, 36544703, 37479095, प्राचार्य, शा.आ.क. महावि. श्योपुर का पत्र दिनांक 17/01/26 जो थाना कोतवाली श्योपुर, विश्वास जैन द्वारा शिकायती पत्र थाना कमला नगर, भोपाल को दिनांक 25/12/25 एनएसयूआई का पत्र 4, 7, 8, 10 दिनांक 10/3/26 में कब-क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों कारण बताये।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रश्‍नकर्ता का पत्र क्र. 984/26 दिनाक 02/04/26 कार्यालय पुलिस अधीक्षक गुना में प्राप्त नहीं हुआ है। प्रश्‍न कर्ता का पत्र क्र. 1884 दिनाक 13/05/26 कार्यालय पुलिस अधीक्षक गुना में प्राप्त हुआ है, जो कि थाना राघौगढ़ के अप.क्र. 112/26 धारा 106 (1) बी.एन.एस. से संबंधित है। प्रकरण अनुसंधान में है। अतिक्रमण से संबंधित प्रश्‍नकर्ता का पत्र क्र. 1885 दिनांक 13/05/26 कार्यालय पुलिस अधीक्षक गुना में प्राप्त हुआ। पत्र में उल्लेखित तथ्यों की विषयवस्तु राजस्व संबंधी होने से तहसील-राघौगढ़ कार्यालय से जानकारी प्राप्त करने पर ज्ञात हुआ, कि कार्यवाहक प्रधान आरक्षक महेन्द्र पाल द्वारा किये गये अतिक्रमण का प्रकरण तहसील राघौगढ़ न्यायालय में चल रहा है, जिसके अनुक्रम में तहसीलदार तहसील राघौगढ़ के द्वारा दिनांक 06/07/2026 को आरक्षक महेन्द्र पाल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" एवं '' अनुसार है(ग) वाहन क्र. MP 04 ED 5598 के वाहन स्वामी के द्वारा दिनांक 27/05/2026 को थाना गोविन्दपुरा में बस क्र. MP 04 PA 2876 के चालक व टिकट देने वाले एवं 02 अन्य स्टॉफ के विरुद्ध आवेदन प्रस्तुत किया गया। जिस पर थाना गोविन्दपुरा भोपाल में दिनांक 04.07.2026 को उपनिरीक्षक खेतसिंह धुर्वे के द्वारा आरोपीगणों के विरुध्द अपराध क्र. 562/2026 धारा 281, 352.3 (5) बी.एन.एस. का पंजीबद्ध किया गया है। वर्तमान में प्रकरण विवेचनाधीन है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "स" अनुसार है।

डी.एम. फण्ड राशि जारी नहीं की जाना

[खनिज साधन]

104. ( क्र. 945 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि        (क) डी.एम. फण्ड क्या होता है? इसे कब-कितना किस प्रकार से दिया जाता है? नियम-निर्देश आदेश की प्रति सहित संपूर्ण जानकारी दें। वर्ष 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक किसकी अनुशंसा से कितनी बार कितना डी.एम. फण्ड किस मापदण्डों पर जारी किया गया है का वर्षवार जिलेवार गौशवारा बनाकर बतायें। (ख) प्रश्‍नकर्ता का पत्र क्र. 1955, दिनांक 15/06/26 जो कलेक्टर एवं सीईओ गुना को प्रेषित किया गया, पत्र प्राप्ति से प्रश्‍न दिनांक तक कब  क्या कार्यवाही की गई? राशि जारी नहीं होने पर संबंधितों के विरूद्ध कब तक निलंबन की कार्यवाही की जाकर राशि जारी की जायेगी?        (ग) फ्री-रायल्टी पर लीज जारी करने के नियम आदेश-निर्देशों से अवगत कराते हुये बतायें कि प्रश्‍नांश (क) अवधि में कितनी लीज, कितनी अवधि के लिये, किसकी अनुशंसा पर किसे क्यों जारी की गई गौशवारा दें? फ्री-रायल्टी लीज के मॉनीटरिंग/शिकायत पर विभाग ने कब और क्या कार्यवाही कर कितना जुर्माना वसूल किसके विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज की? (घ) प्रश्‍नकर्ता का पत्र क्र. 1027/26 दिनांक 06/06/26 जो पीएस/एसीएस-जलसंसाधन-यूडी-राजस्व-वन-पर्यावरण, संचालक खनिज, कलेक्टर एवं एमओ भोपाल- रायसेन-विदिशा- सागर, 1005/26 दिनांक 26/05/26, 1001/26 दिनांक 12/05/26, 985/26 दिनांक 09/04/26, 983/26 दिनांक 02/04/26 एवं 982/26 दिनांक 02/04/26 जो एसीएससीएम-पीएस/संचालक खनिज-कलेक्टर भोपाल को प्राप्त हुये हैपत्र की प्रति, साप्रवि के आदेश दिनांक 22/03/2011 के उल्लंघन होने पर कब तक निलंबन की संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई जायेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) भारत के राजपत्र में खान मंत्रालय, भारत सरकार की प्रकाशित अधिसूचना दिनांक 17/09/2015 अनुसार मुख्‍य खनिज में प्रत्‍येक खननपट्टा अथवा पूर्वेक्षण अनुज्ञप्ति सह खननपट्टा का धारक स्‍वामिस्‍व के अतिरिक्‍त संदाय किये गये स्‍वामिस्‍व का दस प्रतिशत (12/01/2015 को अथवा उसके पश्‍चात प्रदान) एवं स्‍वामिस्‍व का 30 प्रतिशत (12/01/2015 के पूर्व प्रदान किये गये) से तथा गौण खनिज अंतर्गत मध्‍यप्रदेश गौण खनिज नियम, 1996 के नियम 29 (7) के तहत अनुसूची-एक, दो और पांच में विनिर्दिष्‍ट गौण खनिजों के उत्‍खनन पट्टों के पट्टाधारक, उस जिले, जिसमें उत्‍खनन संक्रियाएं की जा रही हैं, के जिला खनिज प्रतिष्‍ठान को रायल्‍टी भुगतान करने के अतिरिक्‍त देय रायल्‍टी की 10 प्रतिशत के समतुल्‍य रकम से जिले का डी.एम.एफ. फंड निर्मित होता है। इस संबंध में मध्‍यप्रदेश जिला खनिज प्रतिष्‍ठान, नियम, 2016 के प्रावधान अधिसूचित हैं। म.प्र. जिला खनिज प्रतिष्‍ठान नियम, 2016 में अनुशंसा के आधार पर निधि से राशि जारी किये जाने का प्रावधान न होने के कारण प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्‍नकर्ता माननीय विधायक राघौगढ़ के पत्र क्रमांक 1955 दिनांक 15/06/2026 के पत्र के परिप्रेक्ष्‍य में, द्वितीय किश्‍त की राशि रूपये 4.50 लाख के भुगतान हेतु RTGS पत्र क्रमांक 1296/खनिज/2026 गुना, दिनांक 08/07/2026 को स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा गुना को जारी कर दिया गया है। अत: किसी के विरूद्ध कार्यवाही करने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।                                   (ग) फ्री-रायल्‍टी पर लीज जारी करने के प्रावधान खनिज नियमों न होने के कारण शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

शासकीय कार्यक्रमों में व्‍यय राशि की जानकारी

[सामान्य प्रशासन]

105. ( क्र. 982 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01 अप्रैल, 2024 से प्रश्र दिनांक तक रायसेन जिले में विभिन्न स्थानों पर विभिन्न विभागों के द्वारा माननीय मुख्यमंत्री/प्रभारी मंत्री/जनप्रतिनिधि व पूर्व जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में किये गए शासकीय कार्यक्रमों में किस-किस मद में कितनी-कितनी राशि, किस-कि‍स विभाग के द्वारा कब-कब, कहाँ-कहाँ व्यय की गई? आयोजनवार/माहवार/वर्षवार/मदवार/व्ययवार/राशिवार जानकारी दें।                           (ख) प्रश्‍नांश (क) वर्णित अवधि में उक्‍त कार्यक्रमों में व्‍यय की गई राशि का भुगतान किस-किस को कब-कब, कितना-कितना किया गया? कार्यवार, मदवार जानकारी दें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) उल्लेखित व्‍यय के संबंध में जिन फर्मों को भुगतान किया गया है के बिल (GST सहित) की प्रति व फर्म का पता बतावें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है

परिशिष्ट - "बाईस"

नवीन एस.डी.ओ.पी. कार्यालय, पुलिस थाने और चौकियों की स्‍वीकृति

[गृह]

106. ( क्र. 985 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि          (क) टीकमगढ़ जिले के कहां-कहां नवीन अनुविभागीय कार्यालय, पुलिस थाना एवं पुलिस चौकी बनाए जाना आवश्‍यक है? यदि हाँ, तो क्‍या  प्रश्‍नकर्ता से इस मामले में सुझाव लेकर नवीन कार्यालय, थाना एवं चौकियों के प्रस्‍ताव तैयार किए जावेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? (ख) प्रश्‍नांश (क) के आधार पर बताये कि जिले में कहां-कहां, कितनी-कितनी लागत से पुलिस थाना एवं चौकियों के भवन बनाए जा रहे हैं? किस खसरा नं. के कितने-कितने रकबा में? कहां-कहां और बनाए जाना अतिआवश्‍यक है और कब तक थाना एवं चौकियों एवं आवासीय परिसरों का निर्माण कार्य हेतु भूमि कहां-कहां की कितनी-कितनी आवंटित करा ली जावेगी और शासन कितनी राशि से भवन निर्माण कार्य कब से करायेगा? संपूर्ण जानकारी प्रदाय करें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताये कि कब तक नवीन अनुविभागीय कार्यालय पुलिस थाना एवं चौकियों को खोले जाने की शासन द्वारा स्‍वीकृति प्रदान की जावेगी एवं कब तक, कितनी-कितनी राशि से पुराने थाने, चौकियों के लिये भवन राशि स्‍वीकृत कर कार्य प्रारंभ कराए जावेंगे? संपूर्ण जानकारी प्रदाय करें। (घ) प्रश्‍नांश (क) (ख) एवं (ग) के आधार पर बताएं कि कहां-कहां, कितनी-कितनी लागत से जिले के पुराने भवनों में मरम्‍मत या उनमें नवीन निर्माण कार्य कराए जाना अतिआवश्‍यक है? कब तक कितनी-कितनी राशि स्‍वीकृत की जावेगी एवं यह कार्य कराए जावेंगे? निश्चित समय-सीमा सहित बताएं।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) अनुविभाग दिगौडा के स्थान पर अनुविभाग लिधौरा के गठन का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। नवीन थाना एवं चौकियां बनाये जाने के संबंध में प्रस्ताव/सुझाव प्राप्त होने पर नियम अनुसार उचित कार्यवाही की जाती है। (ख) जानकारी पुस्कालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। भवन निर्माण कार्यों के संबंध में लागत राशि एवं कार्य पूर्णता की समय-सीमा का निर्धारण किया जाना संभव नहीं है, क्योंकि समय-समय पर प्रचलित एसओआर (Schedule of Rates) की दरों में संशोधन होने के परिणामस्वरूप निर्माण कार्य की अनुमानित लागत में परिवर्तन होता रहता है। फलस्वरूप, वर्तमान परिस्थितियों में निर्माण कार्यों के लिए निश्चित लागत राशि एवं समय-सीमा का उल्लेख किया जाना संभव नहीं है।                       (घ) पुराने भवनों की मरम्मत हेतु बजट उपलब्धता के आधार पर आवंटन की कार्यवाही की जाती है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

रासायनिक खाद कारखाने की स्‍थापना

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

107. ( क्र. 986 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि        (क) क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा टीकमगढ़ जिले के जतारा विधानसभा क्षेत्र में आंवटित की जा रही भूमि पर तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 973, दिनांक 18 फरवरी, 2026 सीमेंट एवं रासायनिक खाद कारखाने की स्थापना हेतु किया गया था? (ख) प्रश्‍नांश (क) के आधार पर जानकारी दें कि इससे संबंधित प्रश्‍न दिनांक तक टीकमगढ़ जिले में कहाँ-कहाँ, कितनी-कितनी भूमि किस-किस खसरा नम्‍बर से                      कितने-कितने रकबा की भूमि कुल कितनी-कितनी भूमि आंवटित की जा चुकी है? कृपया सम्पूर्ण जानकारी छायाप्रतियों सहित प्रदाय करें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बतायें कि जिला प्रशासन एवं विभाग अब भविष्‍य में  और क्या-क्या कार्यवाही करेगा  और कितनी-कितनी लागत से शासन द्वारा किस-किस माह में उपरोक्त भूमि पर क्या-क्या कार्य कराये जायेंगे? सम्पूण जानकारी प्रदाय करें। (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बतायें कि कब तक विभाग टीकमगढ़ जिले में उपरोक्त भूमि पर उद्योगों की स्थापना शीघ्र कराने उद्योगपतियों से विभाग कब तक सम्पर्क करेगा? निश्चित समय-सीमा सहित बतायें। क्या इस विभाग का जिले में कोई वृहद उद्योग नहीं है, तो उन्हें शासन धरातल पर लाने के लिए शीघ्र सीमेंट एवं रासायनिक खाद कारखाना लाने हेतु विभाग सार्थक पहल करेगा, तो कब तक? निश्चित समय-सीमा सहित बतायें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।          (ग) औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्‍साहन विभाग द्वारा विभाग के पक्ष में हस्‍तांतरित भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र वि‍कसित करने के लिए विस्‍तृत परियोजना तैयार करने हेतु कंसलटेंट नियुक्‍त कर दिया गया है। डीपीआर तैयार किये जाने के उपरांत अधोसंरचना विकास कार्य हेतु टेंडर प्रकाशन एवं एजेंसी नियुक्‍त करने की कार्यवाही की जा सकेगी। विस्‍तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किये जाने के पूर्व समय-सीमा की जानकारी दी जाना संभव नहीं हैं। (घ) प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए ग्‍लोबल इन्‍वेस्‍टर समिट, रीजनल इण्‍डस्‍ट्री कॉनक्‍लेव एवं रीजनल इण्‍डस्‍ट्री स्किल एवं एम्‍प्‍लॉयमेंट कॉनक्‍लेव तथा राष्‍ट्रीय एवं अन्‍तर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर रोड-शो, इन्‍टरेक्टिव सेशनों के आयोजन किये जाते है। उक्‍त आयोजनों में इच्‍छुक निवेशकों से टीकमगढ़ जिले में सीमेंट एवं रासायनिक खाद्य कारखानों की स्‍थापना हेतु सम्‍पर्क किया जा रहा है।

परिशिष्ट - "तेईस"

हरदा जिले में प्रस्तावित फूड पार्क की स्थापना

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

108. ( क्र. 1215 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि       (क) तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा हरदा प्रवास के दौरान हरदा शहर में फूड पार्क स्थापित किए जाने की घोषणा की गई थी, उक्त घोषणा के परिपालन में फूड पार्क की स्थापना हेतु शासन स्तर पर अब तक कौन-कौन सी कार्यवाही की गई है? कार्यवाहीवार जानकारी उपलब्ध कराई जावे।              (ख) प्रस्तावित फूड पार्क हेतु भूमि चयन, विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डी.पी.आर.) तैयार करने, बजट प्रावधान, प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृतियों की वर्तमान स्थिति क्या है? विस्तृत जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) तत्कालीन मुख्यमंत्री महोदय द्वारा की गई घोषणा के उपरांत भी हरदा शहर में फूड पार्क की स्थापना प्रश्‍न दिनांक तक नहीं की गई है, इसका क्या कारण है? (घ) हरदा शहर में फूड पार्क की स्थापना एवं संचालन हेतु शासन द्वारा क्या समय-सीमा निर्धारित की गई है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। माननीय मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन द्वारा की गई घोषणा के अनुक्रम में फूडपार्क की स्थापना हेतु औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के पक्ष में ग्राम सुल्तानपुर के खसरा क्र. 20/1 रकबा 6.070 हेक्टे., खसरा क्र. 45/2 रकबा 11.130 हेक्टे. खसरा क्र. 90/2/2 रकबा 10.522 हेक्टे. खसरा क्रं. 62 रकबा 2.914 हेक्टे. एवं खसरा क्रं. 90/1 रकबा 0.817 हेक्टे. कुल रकबा 31.453 हेक्टे. भूमि हस्तांतरित करा ली गई है। उल्लेखनीय है कि विभाग के पक्ष में हस्तांतरित भूमि 04 अलग-अलग भागों में स्थित है जिसके लिए पहुंच मार्ग उपलब्ध नहीं है। 02 भूखण्ड मुख्य भूखण्ड से दूरस्थ क्षेत्र में स्थित है। उक्त भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने हेतु नियुक्त सलाहकार द्वारा प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसमें यह लेख किया कि उक्त क्षेत्र में नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाना व्यावहारिक नहीं है। ग्राम सुल्तानपुर की उपरोक्त उल्लेखित भूमि पर पहुंच मार्ग ना होने एवं औद्योगिक इकाईयों को जल आपूर्ति हेतु समीपवर्ती क्षेत्र में चिरस्थाई जल स्त्रोत ना होने से वर्तमान तक औद्योगिक क्षेत्र का विकास नहीं किया जा सका। ग्राम सुल्तानपुर की उपरोक्त भूमियों पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किये जाने के लिए पहुंच मार्ग एवं एक भूखण्ड को दूसरे भूखण्ड से जोड़े जाने के लिए अतिरिक्त शासकीय भूमि के विभाग के पक्ष में हस्तांतरण एवं औद्योगिक क्षेत्र को व्यवहार्य बनाने के लिए निजी भूमि के अर्जन की आवश्यकता भी है उक्त हेतु भूमि के चिन्हांकन की कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है एवं हस्तांतरण तथा भू-अर्जन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किये जाने के लिए अतिरिक्‍त भूमि प्राप्‍त करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन होने से प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित गतिविधियां वर्तमान में नहीं की गई है। (ग) जानकारी उत्‍तरांश (क) में समाहित है। (घ) उत्‍तरांश (क) से (ग) में उल्‍लेखित जानकारी के परिप्रेक्ष्‍य में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

औद्योगिक परियोजनाओं हेतु भूमि का आवंटन

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

109. ( क्र. 1420 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि       (क) जिला-धार अंतर्गत कुल कितनी भूमि पीएम मित्रा पार्क योजना हेतु अधिग्रहित कर हस्तांतरित की, संपूर्ण जानकारी, आदेश की प्रति देवें। क्या अनुसूचित क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चिराखान, भैरूपाड़ा की लगभग 133.402 हेक्टेयर भूमि वर्ष 2020 एवं 2022 में कलेक्टर-धार के आदेशों द्वारा एमपीआईडीसी, इंदौर को जबरिया बिना सुनवाई अधिग्रहण कर हस्तांतरित की? आदेशवार, खसरावार प्रति सहित बतावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) भूमि-हस्तांतरण से पूर्व क्या संबंधित ग्राम सभाओं की वैधानिक सहमति ली? ग्रामसभा प्रस्ताव, कार्यवृत्त, उपस्थिति रजिस्टर, अनुमोदन की संपूर्ण प्रति सहित बतावें। भूमि हस्तांतरण के पूर्व प्रभावितों को व्यक्तिगत सुनवाई, आपत्ति बावत अवसर क्यों नहीं दिया? कितने प्रभावित परिवारों को नोटिस जारी कर किस सक्षम अधिकारी द्वारा सुनवाई की? नाम, पता, नोटिस की प्रति सहित बतावें। सुनवाई में लिये निर्णय, पारित आदेश की प्रति देवें। (ग) क्या पेसा अधिनियम का अक्षरशः पालन प्रश्‍नांश (क) के भूमि अधिग्रहण के समस्त कार्यवाही में किया? यदि नहीं, तो उत्तरदायी अधिकारियों के नाम-पदनाम, उनके विरुद्ध प्रस्तावित वैधानिक कार्यवाही बतावें। (घ) क्या प्रश्‍नांश (क) की भूमि अधिग्रहण और हस्तांतरण योजना में पीएम मित्रा पार्क एवं अन्य औद्योगिक परियोजनाओं हेतु तैयार डीपीआर, एक्जीक्यूटिव समरी, सामाजिक पर्यावरणीय प्रभाव आंकलन रिपोर्ट तथा भूमि अधिग्रहण/हस्तांतरण संबंधी अभिलेख सार्वजनिक कर उसकी एक प्रति प्रश्‍नकर्ता को देंगे, यदि नहीं, तो क्यों। प्रभावित परिवारों की बेदखली पर रोक लगाकर उच्चस्तरीय न्यायिक अथवा विधानसभा-समिति से जांच कराई जाएगी? यदि नहीं, तो क्यों। (ड.) जून-2026 में प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रमुख सचिव, एमपीआईडीसी, कलेक्टर-धार, रतलाम सहित अन्य जिला-कलेक्टरों को प्रेषित पत्रों की कोई जानकारी नहीं देने के लिए कौन उत्तरदायी है, संपूर्ण जानकारी कब तक देंगे। दिनांक 01.01.2000 से प्रश्‍न दिनांक तक धार-जिले में पीएम मित्रा पार्क एवं अन्य औद्योगिक परियोजनाओं हेतु प्रस्तावित/आवंटित शासकीय अशासकीय भूमि का ग्रामवार, खसरावार, योजनावार विवरण देवें। प्रभावितों को क्या सहायता, अनुदान, मुआवजा दिया, कितने प्रभावितों को मुआवजा शेष है। संपूर्ण सूची देवें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। पी.एम.मित्रा पार्क हेतु कोई भूमि अधिग्रहित नहीं की गई है। कलेक्‍टर द्वारा मध्‍यप्रदेश नजूल भूमि निर्वर्तन नियम 2020 के प्रावधानों के तहत विहित प्रक्रिया का अनुसरण करते हुए भूमि हस्‍तांतरण की कार्यवाही की गई है। आदेश की प्रतियां  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-''” अनुसार है। (ग) अधिसूचना सं. 79 अनुसूचित क्षेत्र (छत्तीसगढ़, झारखंड और मध्यप्रदेश राज्य) आदेश, 2003 (नई दिल्ली) दिनांक 20 फरवरी, 2003 अनुसार तहसील बदनावर PESA (Panchayat Extension To Scheduled Areas) अधिनियम अंतर्गत शामिल नहीं है। (घ) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने हेतु विस्तृत परियोजना रिपोर्ट  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-''” (पेनड्राइव) अनुसार है। योजना के लिए निजी भूमि की अधिग्रहण की कार्यवाही नहीं की गयी है। अतः शेष कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ड.) प्रश्‍नकर्ता द्वारा जून-2026 में विभाग अंतर्गत एम.पी.आई.डी.सी., क्षेत्रीय कार्यालय इंदौर को प्रेषित पत्र द्वारा वांछित जानकारी कार्यालयीन पत्र क्रमांक 312, दिनांक 12/06/2026 से उपलब्ध कराई जा चुकी है। दिनांक 01/01/2000 से प्रश्‍न दिनांक तक धार जिले में पी.एम.मित्रा पार्क एवं अन्य औद्योगिक परियोजनाओं के संबंध में वांछित  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'' अनुसार है।

 

 





भाग-3

अतारांकित प्रश्‍नोत्तर


अवैध खनन की जानकारी

[खनिज साधन]

1. ( क्र. 13 ) श्री प्रहलाद लोधी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पन्ना जिले में बड़े पैमाने पर पत्थर (गिट्टी) एवं मुरुम का अवैध उत्खनन एवं परिवहन किया जा रहा है? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा गत 02 वर्षों में अवैध खनन को रोकने के लिए क्या प्रभावी कदम उठाए गए हैं? (ख) पवई विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में कितनी पत्थर एवं मुरुम खदानें वैध रूप से संचालित हैं और कितनी खदानें ऐसी हैं जिनकी लीज समाप्त हो चुकी है या जो पर्यावरणीय स्वीकृति (EC) के अभाव में चल रही हैं? सूचीवार ब्यौरा देवें। (ग) जिले में अवैध रूप से संचालित पत्थर और मुरुम खदानों के कारण कितनी मात्रा में खनिज की चोरी हुई और इस अवैध कार्य से सरकार को कितनी राजस्व हानि हुई? अवैध उत्खननकर्ताओं पर की गई अब तक की दंडात्मक एवं अर्थदंड वसूली की कार्यवाही का पूर्ण विवरण उपलब्ध कराएं। (घ) अवैध खनन के कारण पवई क्षेत्र की कृषि योग्य भूमि, स्थानीय जल स्रोतों और सड़कों का भारी नुकसान हो रहा है। क्या सरकार इन प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास एवं पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के लिए कोई विशेष कार्य योजना बना रही है? (ड.) क्या सरकार जिले में खनिज चेक-पोस्टों के सुदृढ़ीकरण एवं अवैध परिवहन को रोकने के लिए 'ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम' या उड़नदस्तों (Flying Squad) की संख्या बढ़ाने पर विचार करेगी, ताकि पन्ना जिले की खनिज संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी नहीं। (ख) प्रश्‍नांश अनुसार पवई विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्तमान में स्वीकृत संचालित खदानों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ पर है एवं अवधि समाप्त खदानों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब पर है। पर्यावरणीय स्वीकृति/अनुमति के बिना कोई भी खदान संचालित नहीं। शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जिले में अवैध रूप से कोई भी पत्थर या मुरूम खदान संचालित नहीं है। अतः राजस्व हानि का प्रश्‍न ही नहीं उठता है। अपितु अवैध खनन संबंधी शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाकर प्रकरण दर्ज किये जाते हैं। अवैध उत्खनन/परिवहन एवं भण्डारण के दर्ज प्रकरण पर की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स पर है। (घ) जी नहीं। ऐसा कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया है। शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) खनिज के अवैध परिवहन को नियंत्रित करने के उ‌द्देश्य से प्रदेश में खनिज परिवहन वाले मुख्य मार्गों पर 40 आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आधारित ई-चेकगेट स्थापित किये गये है, इन मार्गों पर स्थापित ई-चेकगेट पन्ना जिले की खनिज संपदा की भी निगरानी करते है। संचालनालय स्तर पर राज्य कमाण्ड सेंटर एवं 25 जिलो में जिला कमाण्ड सेंटर स्थापित किये गये है। अवैध उत्खनन की निगरान हेतु उपग्रह आधारित माईनिंग सर्विलांस सिस्टम लागू किया गया है। परियोजना अंतर्गत सैटेलाईट इमेजेस का उपयोग कर जिला पन्ना एवं प्रदेश के अन्य जिलों स्थित खदानों में अवैध परिवहन की निगरानी की जा रही है।

घरेलू विमान सेवा ढाना हवाई पट्टी में प्रारम्भ करना

[विमानन]

2. ( क्र. 56 ) इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                   (क) क्या ढाना हवाई पट्टी सागर में घरेलू विमान सेवा प्रारम्भ करने की विभाग की कोई योजना प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें। (ख) क्या हवाई पट्टी ढाना घरेलू विमान सेवा हेतु निर्धारित मापदंड रखती है/पालन करती है? (ग) क्या हवाई पट्टी ढाना को घरेलू विमान सेवा चालू करने के संबंध में जनप्रतिनिधि‍/आम जनता द्वारा प्रारम्भ करने के संबंध में समय-समय पर पत्राचार एवं अन्य माध्यमों से घरेलू हवाई सेवा प्रारम्भ करने के संबंध में मांग की गई है?                               (घ) प्रश्‍नांश (क) एवं (ग) में वर्णित विषय को देखते हुए तथा घरेलू हवाई सेवा की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए क्या विभाग ढाना हवाई पट्टी पर घरेलू विमान सेवा कब तक प्रारंभ करेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रदेश स्थित हवाई अड्डों से घरेलू विमान सेवा प्रारंभ करने हेतु मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति, 2025 जारी की गई है। (ख) वर्तमान में ढाना हवाई पट्टी बड़े विमानों की लैंडिंग/टेकऑफ हेतु उपयुक्त नहीं है। (ग) जी हाँ। (घ) उत्तरांश "ख" के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

लालगांव चौकी को थाना में उन्नयन करना

[गृह]

3. ( क्र. 82 ) श्री नरेन्द्र प्रजापति [इंजीनियर] : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा मनगवां 73 की लालगांव चौकी को उन्नयन की आवश्यकता है, जिससे इस अंचल में अपराधों की कमी हो सके। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक रीवा आई.जी. एवं डी.जी.पी. को कई बार पत्राचार किया जा चुका है परंतु परिणाम अभी तक शून्य है। लालगांव चौकी को थाना में उन्नयन कब तक किया जायेगा? एक निश्चित समय-सीमा बतलायी जाये। (ख) थाना मनगवां, गढ़, नईगढ़ी एवं बैकुण्ठपुर में कितने पद रिक्त है? कब तक रिक्त पदों को भर लिया जायेगा? (ग) थाना मनगवां, गढ़, नईगढ़ी एवं बैकुण्ठपुर में कितने अग्निशामक वाहन हैं? प्रत्येक चौकी में एक अग्निशामक वाहन की उपलब्धता कब तक हो जायेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) लालगांव चौकी के थाने में उन्नयन का प्रस्ताव परीक्षणाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जानकारी संलग्न  परिशिष्ट अनुसार। पदों की पूर्ति एक नियमित चलने वाली प्रक्रिया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) थाना मनगंवा, गढ़, नईगढ़ी एवं बैकुण्ठपुर में अग्निशामक वाहन उपलब्ध नहीं है। प्रत्येक चौकी में अग्निशामक वाहन उपलब्ध नहीं है। आवश्यकता पड़ने पर नगरीय निकायों के अग्निशामक वाहन का उपयोग किया जाता है।

परिशिष्ट - "चौबीस"



 

निर्माण कार्यों की जानकारी एवं शराब दुकाने स्थानांतरित करना

[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]

4. ( क्र. 83 ) श्री नरेन्द्र प्रजापति [इंजीनियर] : क्या उप मुख्‍यमंत्री, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभिन्न निर्माण कार्यों के लिये विधायक निधि राशि पंचायतों को प्रदत्त की गयी थी, उक्त निर्माण की उपयोगिता जमा करने के उपरांत अभी तक शेष राशि प्राप्त नहीं हुई? इस कारण निर्माण कार्य अधूरे हैं। शेष राशि कब तक में प्रदत्त की जायेगी?

उप मुख्‍यमंत्री, योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी ( श्री जगदीश देवड़ा ) : जी हाँ। जिन निर्माण ऐजेंसियों द्वारा प्रथम किस्‍त की राशि की उपयोगिता 25 मार्च 2025 के पश्‍चात जमा की गई थी उनका भुगतान नहीं हो पाया था। लैप्‍स राशि की मांग अनुपूरक में की जाती रही है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

आनंद विभाग का कार्यालय एवं कर्मचारियों की जानकारी

[आनंद]

5. ( क्र. 87 ) श्री नरेन्द्र प्रजापति [इंजीनियर] : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रीवा में आनंद विभाग का कार्यालय कहां पर है एवं इस विभाग के कर्मचारियों की दूरभाष सहित जानकारी देवें। (ख) क्या भविष्य में आनंद विभाग के विधानसभावार कार्यालय एवं कर्मचारियों के नियुक्त करने की योजना है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) आनंद विभाग का रीवा जिले में कोई कार्यालय नहीं है। अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) वर्तमान में विधानसभावार कार्यालय एवं कर्मचारियों को नियुक्‍त करने की योजना प्रस्‍तावित नहीं है।

पेंच टाइगर रिजर्व एवं वन कर्मचारियों की जानकारी

[वन]

6. ( क्र. 109 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                       (क) क्षेत्र संचालक एवं उपसंचालक स्तर के अधिकारियों के लिए शासकीय वाहन का उपयोग निजी कार्यों या निजी प्रवास के लिए किये जाने का क्या नियम है? उपसंचालक कोर जोन पेंच टाइगर रिज़र्व की टूर डायरी एवं लॉगबुक की जाँच व सत्यापन कब-कब किसके-किसके द्वारा की गई? क्या उपसंचालक द्वारा अपनी संपत्ति की जानकारी सार्वजनिक की गई है, यदि हाँ, तो जानकारी उपलब्ध कराएं? (ख) पेंच टाइगर रिज़र्व के कोर जोन के वन परिक्षेत्रों में वर्ष 2024-25 से वर्तमान दिनांक तक विभिन्न मदों में किये गए कार्यों की जानकारी कार्य का नाम, लागत राशि, व्यय राशि, स्वीकृति दिनांक एवं पूर्णता दिनांक सहित उपलब्ध कराएं? सड़क मरम्मत के जिन कार्यों में मुरम का उपयोग किया गया है, उनके लिए मुरम का परिवहन कहाँ से एवं किनके द्वारा किया गया? (ग) क्या कोर जोन में किसी भी तरह के उत्‍खनन पूर्णतः वर्जित है? क्या प्रश्‍नांश (ख) के कार्यों में मुरम का उपयोग कोर जोन के भीतर ही वन क्षेत्र में नॉन टूरिज्म एरिया में उत्‍खनन करके किया गया है? क्या कोर जोन के भीतर किये गए उत्‍खनन की जाँच वरिष्ठ अधिकारियों की टीम गठन करके करवाई जाएगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) मध्यप्रदेश शासन परिवहन विभाग के ज्ञापन क्रमांक 22-61-82/8 दिनांक 31.01.1983 के अनुसार क्षेत्र संचालक एवं उप संचालक स्तर के अधिकारियों के लिए शासकीय वाहन का उपयोग निर्धारित नियमित शुल्क के साथ निजी कार्यों के लिए किये जाने का प्रावधान है। उप संचालक द्वारा नियमित रूप से प्रत्येक माह मासिक दौरा दैनंदिनी प्रस्तुत की जाती है जिसकी जांच व सत्यापन उनसे वरिष्ठ अधिकारी द्वारा आगामी माह में किया जाता है। वाहन की लॉगबुक की प्रविष्टि नियमित रूप से प्रत्येक माह वाहन चालक द्वारा की जाती है जिसका सत्यापन वाहन प्रभारी द्वारा प्रत्येक माह किया जाता है। जी हाँ। उप संचालक द्वारा संपत्ति की जानकारी प्रत्येक वर्ष निर्धारित पोर्टल के माध्यम से ऑनलाईन दर्ज की जाती है।                                    (ख) पेंच टाईगर रिजर्व के कोर जोन के वन परिक्षेत्रों में वर्ष 2024-25 से वर्तमान दिनांक तक विभिन्न मदों में किये कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। सड़क मरम्मत कार्य में मुरम परिवहन नहीं कराया गया। वनमार्ग मरम्मत कार्यों में साईड ट्रेंच बनाई जाती है जिससे निकली मिट्टी का उपयोग वनमार्ग में फैलाने में किया जाता है। (ग) जी हाँ। कोर जोन में वनमार्ग मरम्मत कार्य में मुरम का उपयोग नहीं किया गया है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित ही नहीं होता।

राजपत्र अधिसूचना में प्रकाशित विज्ञप्ति या आदेश की जानकारी

[सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम]

7. ( क्र. 110 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या सूक्ष्‍म,लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सूक्ष्‍म लघु एवं मध्‍यम उद्यम विभाग के पत्र क्रमांक 2338/2382628/2024/1-65 दिनांक 24.12.2024 सहपठित संचालनालय उद्योग के पत्र दिनांक 20.12.2024 द्वारा सूचित किया गया कि राजपत्र दिनांक 27.01.1945 में प्रकाशित अधिसूचना मि.न.-27/2000 हु.आ क्रमांक-59 राजस्‍व विभाग की है? (ख) क्‍या आवेदन में संलग्‍न उपरोक्‍त राजपत्र, राज्‍य गठन के पूर्व की तत्‍कालीन ग्‍वालियर स्‍टेट का है? मध्‍यप्रदेश शासन का नहीं है?                               (ग) क्‍या महाप्रबंधक उद्योग केन्‍द्र ग्‍वालियर ने पत्र क्रमांक-जिव्‍याउके-ग्‍वा./उद्योविक/2018/1567/ दिनांक 19.09.2018 द्वारा कलेक्‍टर को प्रतिवेदित किया कि उद्योग विभाग को भूमि उपरोक्‍त (क) के राजपत्र द्वारा भूमि अर्जन के फलस्‍वरूप प्राप्‍त हुई? (घ) यदि (ख) एवं (ग) का उत्‍तर हाँ तो बतायें कि प्रश्‍नांश (क) की राजपत्र अधिसूचना विज्ञप्ति नहीं है? या आदेश नहीं है?

सूक्ष्‍म,लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ) : (क) एवं (ख) जी हाँ।                               (ग) जी नहीं। (घ) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्य में तत्कालीन ग्वालियर स्टेट के राजपत्र दिनांक 27.01.1945 की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

खनिज प्रतिष्ठान मद अन्तर्गत स्वीकृत कार्य

[खनिज साधन]

8. ( क्र. 127 ) श्रीमती सेना महेश पटेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                               (क) आलीराजपुर जिले में खनिज प्रतिष्ठान मद अन्तर्गत वर्ष 2023-24 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि विकास कार्यों के लिए प्राप्त हुई? वर्षवार जानकारी देवें। प्राप्त राशि का व्यय हेतु कार्यों के अनुमोदन हेतु समिति गठन की थी? यदि हाँ, तो समिति गठन आदेश की कॉपी वर्षवार देवें। (ख) वर्ष 2023-24 से प्रश्‍न दिनांक तक के क्या खनिज प्रतिष्ठान मद की राशि से कार्य स्वीकृत हेतु क्षेत्रिय विधायक से प्रस्ताव चाहे गये थे। यदि हाँ, तो कब-कब प्रस्ताव चाहे गये पत्रों की प्रति एवं प्राप्त प्रस्ताव की जानकारी वर्षवार देवें? प्राप्त प्रस्ताव में कार्य स्वीकृति हेतु अनुमोदन किये गये है? यदि हाँ, तो समिति द्वारा अनुमोदित कार्य की कार्यवाही विवरण पंजी की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ग) वर्ष 2023-24 से प्रश्‍न दिनांक तक अलीराजपुर जिले के खनिज प्रतिष्ठान मद की राशि से स्वीकृति‍ जारी की गई? यदि हाँ, तो आदेश की कॉपी एवं क्रियान्वयन एजेन्सी को प्रदत्त राशि एवं व्यय राशि तथा कार्यों की वर्तमान स्थिति सहित जानकारी देवें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रश्‍नांश अनुसार खनिज प्रतिष्ठान मद में प्राप्त राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ पर है। जी हाँ। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब पर है। (ख) प्रश्‍नांश अनुसार खनिज प्रतिष्ठान नियम वर्ष 2016 एवं संशोधित दिनांक 13/05/2026 के अनुसार माननीय विधायक से प्रस्ताव प्राप्त करने के नियमों में कोई प्रावधान नहीं है अपितु विधायक द्वारा प्राप्त प्रस्ताव में से गठित समिति द्वारा कार्यों का अनुमोदन नहीं किया गया है। जिसमें माननीय विधायक स्‍वयं सदस्‍य है। शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।                                     (ग) जी हाँ। आदेश की कॉपी एवं क्रियान्वयन एजेन्सी को प्रदत्त राशि, व्यय राशि तथा कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स पर है।

लघु वनोपज सहकारी संघ से बजट आवंटन राशि

[वन]

9. ( क्र. 133 ) श्री अजय अर्जुन सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) मध्यप्रदेश द्वारा अपने पत्र क्रमांक/बजट/2026-27/ 4833 दिनांक 01.06.2026 के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ से विभिन्न संरक्षित क्षेत्रों (टाइगर रिजर्व व अभयारण्यों) में तालाब निर्माण कार्यों हेतु ₹1980.10 लाख के बजट आवंटन की मांग/अनुशंसा की गई है यदि हाँ, तो संरक्षित क्षेत्रवार मांगी गई राशि का विवरण देवें? (ख) क्‍या मध्‍यप्रदेश राज्‍य लघु वनोपज संघ द्वारा  अर्जित शुद्ध लाभ या लाभांश (Dividend) का उपयोग केवल वनोपज संग्राहकों के कल्याण/ बोनस, वनों के पुनरूत्‍पादन और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए ही किए जाने का वैधानिक प्रावधान है? यदि हाँ, तो क्या संग्राहकों के हक की लाभांश राशि को संरक्षित क्षेत्रों में तालाब निर्माण जैसे अन्य विभागीय निर्माण कार्यों पर व्यय किया जाना नियमों के अनुकूल है? (ग) संरक्षित क्षेत्रों में तालाब निर्माण व अधोसंरचना विकास कार्यों के लिए वन विभाग के पास कैम्पा (CAMPA) फंड, वन्यजीव बजट एवं अन्य केंद्रीय क्षेत्रीय योजनाओं में वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 में कुल कितनी राशि उपलब्ध है? विभाग द्वारा इन उपलब्ध मदों के स्थान पर लघु वनोपज संघ के लाभांश  की राशि की मांग किस नियम के अंतर्गत की गई है? (घ) क्या शासन आदिवासियों और वनोपज संग्राहकों के हितों के संरक्षण हेतु वन्यजीव विंग द्वारा मांगी गई इस ₹1980.10 लाख की लाभांश राशि के अनुचित डायवर्जन (हस्तांतरण) पर तत्काल रोक लगाएगा? यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो इसके क्या कारण हैं?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ, संरक्षित क्षेत्रवार मांग की गई राशि का विवरण  संलग्‍न  परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज (व्‍यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित, भोपाल द्वारा अर्जित शुद्ध लाभ का वितरण शासनादेशानुसार 75% संग्राहकों को, 10% वन एवं लघु वनोपज संरक्षण-संवर्धन हेतु, 5% सामुदायिक वन प्रबंधन समितियों को तथा 10% अधोसंरचना एवं कल्याणकारी योजनाओं हेतु किया जाता है। संग्राहकों के हक की लाभांश राशि का व्यय निर्माण कार्यों हेतु नहीं किया जाता है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट-2 अनुसार है।                                (घ) वन्यप्राणी शाखा को उत्तरांश (क) के  संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार-1 मांग राशि स्वीकृत नहीं की गई है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "पच्चीस"

फर्जी गवाहों के संबंध में जानकारी

[गृह]

10. ( क्र. 136 ) श्री अजय अर्जुन सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                    (क) क्‍या मऊगंज के हनुमना थाने में पुलिस द्वारा मात्र 50 मिनट के अंतराल में 50 किलोमीटर के दायरे में 6 अलग-अलग स्‍थानों पर कार्यवाही दिखाकर एफ.आई.आर. दर्ज की गई है, जिनमें गवाह एक ही व्‍यक्ति हैं? (ख) क्‍या सूर्यमणि मिश्रा और राजेश साकेत जैसे व्‍यक्तियों को वर्ष 2020 से अब तक 300 से अधिक मामलों में पुलिस द्वारा स्‍वतंत्र गवाह बनाया गया है, जबकि नियमानुसार गवाह स्‍थानीय और स्‍वतंत्र होना चाहिए? (ग) क्‍या उक्‍त गवाहों में से एक व्‍यक्ति हनुमना थाना प्रभारी का निजी वाहन चालक है, जिसने स्‍वयं स्‍वीकार किया है कि उसे इन मामलों की जानकारी नहीं है और वह केवल हस्‍ताक्षर करता है? (घ) क्‍या शासन पुलिस विभाग की साख को प्रभावित करने वाले इस फर्जी गवाह घोटाले की उच्‍च स्‍तरीय जांच कराएगा और दोषी थाना प्रभारी एवं अन्‍य अधिकारियों के विरूद्ध दंडात्‍मक कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी नहीं। (ख) श्री सूर्यमणि मिश्रा को वर्ष 2020 से अब तक 300 से अधिक माईनर एक्ट (लघु अधिनियम मुख्यतः आबकारी एक्ट) के मामलों में स्वतंत्र गवाह बनाया गया है एवं श्री राजेश साकेत को 18 मामलों में स्वतंत्र गवाह बनाया गया है। (ग) जी नहीं। (घ) जी हाँ। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मऊगंज द्वारा जांच की जा रही है।

अनुदान एवं ब्‍याज सहायता राशि का भुगतान

[सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम]

11. ( क्र. 161 ) श्री संजय उइके : क्या सूक्ष्‍म,लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले में वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना तथा अन्य स्वरोजगार योजनाओं के अंतर्गत कितने आवेदन स्वीकृत किए गए? योजनावार जानकारी देवें? (ख) उक्त योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत हितग्राहियों को कितनी राशि का मार्जिन मनी अनुदान (Subsidy) एवं ब्याज अनुदान (Interest Subsidy) स्वीकृत किया गया तथा उसमें से कितनी राशि का वास्तविक भुगतान किया गया? योजनावार एवं वर्षवार जानकारी देवें? (ग) कितने हितग्राहियों को स्वीकृति मिलने के बावजूद आज दिनांक तक मार्जिन मनी अनुदान अथवा ब्याज अनुदान का भुगतान नहीं किया गया है? योजनावार एवं बैंकवार जानकारी देवें? लंबित अनुदान एवं ब्याज सहायता की कुल राशि कितनी है तथा भुगतान में विलंब के क्या कारण हैं? (घ) क्या शासन के संज्ञान में यह तथ्य आया है, कि अनुदान स्वीकृत होने के बाद भी अनेक हितग्राहियों को समय पर राशि प्राप्त नहीं हुई है? यदि हाँ, तो संबंधित अधिकारियों एवं बैंकों के विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई है? लंबित प्रकरणों का निराकरण कर समस्त पात्र हितग्राहियों को अनुदान एवं ब्याज सहायता कब तक प्रदान की जाएगी?

सूक्ष्‍म,लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ) : (क) प्रश्‍नांश अवधि में विभाग द्वारा राज्य शासन की मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना संचालित है, योजना अंतर्गत बालाघाट जिले में स्वीकृत आवेदनों की जानकारी निम्नानुसार है:-

वर्ष

स्वीकृत प्रकरण

2023-24

143

2024-25

125

2025-26

211

नोट- मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना एवं मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का संचालन वर्ष 2019-20 पश्चात बंद कर दिया गया था। (ख) मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना अंतर्गत हितग्राहियों को अनुदान के रूप में वितरित ऋण पर ब्याज अनुदान एवं ऋण गारंटी फीस (CGTMSE Fee) प्रतिपूर्ति की जाती है, जिसकी वर्षवार जानकारी निम्नानुसार है -

वर्ष

भुगतान की गयी अनुदान राशि (रु.लाख में)

2023-24

44.56

2024-25

43.67

2025-26

40.29

योग

128.52

(ग) योजना अंतर्गत ब्याज अनुदान तथा ऋण गारंटी फीस प्रतिपूर्ति अधिकतम 7 वर्षों तक किये जाने का प्रावधान है, जिसमें बैंकों द्वारा अनुदान राशि विभाग से क्लेम की जाती है तथा विभाग द्वारा परीक्षण उपरान्त अनुदान भुगतान किया जाता है, इस प्रकार अनुदान भुगतान की प्रक्रिया एक सतत प्रक्रिया है, अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्‍नांश '' के सन्दर्भ में उल्लेखनीय है कि विभाग द्वारा स्वीकृत प्रकरणों में नियमित रूप से अनुदान राशि भुगतान की जाती है। योजनान्तर्गत सब्सिडी क्लेम-सेटलमेंट की बैंकों के साथ नियमित समीक्षा, जिला स्तर पर DLCC/BLBC की बैठकों में तथा राज्य स्तर पर SLBC की बैठकों में की जाती है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

खनन पट्टाधारक द्वारा खदाने संचालित करना

[खनिज साधन]

12. ( क्र. 164 ) श्री संजय उइके : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बालाघाट जिले में मैंगनीज, बाक्साईड, तांबा, की स्वीकृत खनन पट्टाधारक द्वारा खदाने संचालित की जा रही है? हाँ तो कौन-कौन सी सक्रिय है? कौन-कौन सी निष्क्रिय है? (ख) वित्तीय वर्ष 2020-21 से प्रश्‍न दिनांक तक खनन पट्टाधारक खदानों से प्रतिवर्ष कितना-कितना, कब-कब, DMF की राशि प्राप्त हुई एवं कितनी-कितनी, कब-कब रायल्टी की राशि प्राप्त हुई? (ग) क्या बैहर विधानसभा क्षेत्र में खनन पट्टाधारकों द्वारा वित्तीय वर्ष 2020-21 से प्रश्‍न दिनांक तक खनिज संरक्षण और विकास नियम 2017 के नियम में दिये गये प्रावधान अनुसार मासिक एवं वार्षिक विवरणी, उप्पादन, प्रेषण एवं स्टॉक की विभाग में जमा कराया जाता है? हाँ तो प्रति उपलब्ध करावें?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) बालाघाट जिले में मैगनीज एवं ताबां की खदाने प‌ट्टाधारियों द्वारा संचालित की जा रही है। वर्तमान में खनिज बाक्साईड की खदान स्वीकृत नहीं है। सक्रिय एवं निष्क्रीय खदानों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" पर है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' पर है। (ग) जी हाँ। शेष प्रश्‍नांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "'' पर है।

आउटसोर्स कर्मचारी नियोजन की जानकारी

[नर्मदा घाटी विकास]

13. ( क्र. 193 ) श्री आरिफ मसूद : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण अंतर्गत एवं इनके अधीनस्थ कार्यालयों में कितने आउटसोर्स कर्मचारी नियोजित हैं? (ख) प्रश्‍नांश "क" में उल्लेखित आउटसोर्स कर्मचारी के नियोजन की स्वीकृति के दस्तावेज/आदेश/पत्र की छायाप्रति उपलब्ध करावें। साथ ही किन-किन कार्यों के लिये इन्हें नियोजित किया गया है, पृथक-पृथक कार्यवार संख्यात्मक जानकारी कार्यालयवार देवें। (ग) उपरोक्त प्रश्‍नांशों में उल्लेखित आउटसोर्स कर्मचारियों में से कौन-कौन से नियोजित कर्मचारी वर्तमान आउटसोर्स में नियोजित होने से पूर्व नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण से सेवानिवृत्त हुये हैं? ऐसे कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति आदेश के साथ इनकी सूची जिसमें नाम, वर्तमान कार्य का प्रकार एवं वर्तमान में कार्यालय जहां कार्य कर रहे हैं, उपलब्ध करावें। (घ) सेवानिवृत्ति उपरांत ऐसे आउटसोर्स कर्मचारियों को किस नियम के तहत नियोजित किया गया है? आदेश की प्रति उपलब्ध करावें और यदि नियम विरुद्ध नियोजित किया गया है, तो ऐसे कर्मचारियों को कब तक पृथक किया जायेगा और ऐसे नियोजित कर्मचारियों को मासिक वेतन के रूप में दी गई राशि की वसूली की जावेगी अथवा नहीं? (ड.) नीति नियम विरुद्ध नियोजन में दोषी अधिकारी के विरुद्ध क्या कार्यवाही प्रस्तावित की जा रही है? विवरण दीजिये।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

माटी कला बोर्ड के दिशा निर्देश

[कुटीर एवं ग्रामोद्योग]

14. ( क्र. 196 ) श्री आरिफ मसूद : क्या राज्‍य मंत्री, कुटीर एवं ग्रामोद्योग महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माटी कला बोर्ड बनाने का उद्देश्य व समय-समय पर जारी समस्त दिशा निर्देश से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध करावें। (ख) वर्ष 2020-21 से वर्तमान तक वर्षवार क्या-क्या लक्ष्य निर्धारित किए गए। क्या उपलब्धि रही? वर्षवार कितना बजट किस मद में आवंटित किया, वर्षवार कितना किस-किस मद में खर्च किया गया? कितने हितग्राहियों को वर्षवार लक्षित किया गया व कितनों को लाभ दिया गया। जिलेवार हितग्राहियों के नाम, मोबाइल नंबर, पता की सूची उपलब्ध करावें। राज्य स्तर से लेकर, जिला स्तर तक बोर्ड की कितनी बैठकें आयोजित की गई? इन बैठकों के एजेण्‍डे क्या रहे? दस्तावेज उपलब्ध करावें। (ग) वर्ष 2020-21 से माटी कला बोर्ड के राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर तक कितने अधिकारी व कर्मचारी है? उनके नाम, संपर्क मोबाइल नंबर कार्यालय का पता क्या है? इनके कार्य और दायित्व क्या-क्या है? वर्तमान में यह अपने कार्य का पालन कर रहे हैं या नहीं? बोर्ड को कितनी शिकायतें प्राप्त हुई हैं शिकायतों पर क्या-क्या कार्रवाई की गई? राज्य स्तर से जिला स्तर तक के अधिकारी, कर्मचारियों द्वारा लगाए गए समस्त बिलों और कैशबुक की वर्षवार छायाप्रति उपलब्ध करावें। (घ) इन राज्य स्तर से लेकर जिले स्तर के अधिकारियों, कर्मचारियों ने वेतन के अलावा कौन-कौन ‌से भुगतान, किस मद में प्राप्त किये। वर्षवार जानकारी देवें।

राज्‍य मंत्री, कुटीर एवं ग्रामोद्योग ( श्री दिलीप जायसवाल ) : (क) माटीकला बोर्ड बनाने के उद्देश्‍य व समय-समय पर जारी समस्‍त दिशा निर्देश से संबंधित दस्‍तावेज की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) वर्ष 2020-21 से वर्तमान तक वर्षवार निर्धारित लक्ष्‍य, उपलब्धि, बजट, आवंटित एवं व्‍यय तथा जिलेवार हितग्राहियों की सूची और राज्‍य स्‍तर पर प्रबंध कारिणी बैठक आयोजित करने की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'', '', '' एवं '' अनुसार  है। (ग) वर्ष 2020-21 से माटीकला बोर्ड के राज्‍य स्‍तर से जिला स्‍तर तक अधिकारियों/कर्मचारियों के नाम, मोबाईल नं., कार्यालय का पता की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एफ अनुसार है। इन अधिकारी/कर्मचारी का दायित्‍व विभाग की योजनाओं को क्रियान्वित करना है। वर्तमान में ये पूर्ण निष्‍ठा से कार्य कर रहे है। छात्रवृत्ति भुगतान प्राप्‍त नहीं होने से शिकायतें प्राप्‍त हुई है जिसका निराकरण किया जा चुका है। राज्‍य स्‍तर, जिला स्‍तर तक के अधिकारी/कर्मचारी द्वारा लगाये गये बिलों और कैशबुक की जानकारी निरंक है। (घ) राज्‍य स्‍तर पर खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड/ हाथकरघा संचालनालय म.प्र. के कर्मचारियों को माटीकला बोर्ड का अतिरिक्‍त प्रभार सौंपा गया है। अत: बोर्ड द्वारा वेतन भुगतान या वेतन के अलावा अन्‍य भुगतान की जानकारी निरंक है।

पॉवर प्‍लांट बरेला में अवैध भंडारण

[वन]

15. ( क्र. 215 ) श्री योगेन्‍द्र सिंह (बाबा) : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                     (क) क्‍या जिला सिवनी अंतर्गत तहसील घंसौर के ग्राम बरेला में स्‍थापित पॉवर प्‍लांट के फ्लाई ऐश का  अवैध भंडारण  ग्राम उमरपानी एवं रजगढ़ी में किया जा रहा है, के संबंध में भण्‍डारण एवं परिवहन जारी आदेश पत्रों की प्रतियां उपलब्‍ध कराई जायें। (ख) पॉवर प्‍लांट द्वारा ग्राम उमरपानी एवं रजगढ़ी में फ्लाई ऐश के अवैध भंडारण एवं परिवहन क्‍या वन क्षेत्र से किया जा रहा है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जिला सिवनी अंतर्गत तहसील घंसौर के ग्राम बरेला में स्‍थापित झाबुआ पॉवर लिमिटेड द्वारा ग्राम उमरपानी एवं रजगढ़ी में किसी भी प्रकार का राखड़ (फ्लाई ऐश) का निस्‍तारण नहीं किया जा रहा है। पूर्व में ग्राम उमरपानी एवं रजगढ़ी में लो-लाईंग भूमि को सुधारकर कृषि के लायक बनाने हेतु पोंड ऐश का उपयोग केन्‍द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी निर्देशानुसार एवं स्‍थानीय प्रशासन तथा मध्‍यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी आवश्‍यक अनुमति के उपरांत किया गया। (ख) झाबुआ पॉवर प्‍लांट द्वारा ग्राम उमरपानी एवं रजगढ़ी में वन भूमि पर राखड़ (फ्लाई ऐश) का अवैध भण्‍डारण एवं परिवहन नहीं किया जा रहा है।

बजरी और गिट्टी, क्रेशर की जानकारी

[खनिज साधन]

16. ( क्र. 223 ) श्री रमेश प्रसाद खटीक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                 (क) शिवपुरी जिले में निर्मित बजरी और गिट्टी क्रेशर स्‍थापित किये जाने हेतु, क्‍या नियम है और किन-किन विभागों से अनापत्ति प्रमाण-पत्र लिया जाना आवश्‍यक है? (ख) क्‍या शिवपुरी जिले में निर्मित बजरी और गिट्टी क्रेशर स्‍थापित किये जाने हेतु अनुमति प्रदान की गई है? क्रेशर मालिक का नाम तथा क्रेशर स्‍थापित स्‍थान सहित बतायें। (ग) क्‍या निर्मित बजरी और गिट्टी क्रेशर के लिये शासकीय भूमि को लीज पर लिये जाने का नियम है? यदि हाँ, तो किन शर्तों के तहत लीज की अनुमति प्रदाय की जाती है? (घ) शिवपुरी जिले में कितनी-कितनी भूमि किस-किस क्रेशर को लीज पर उपलब्‍ध कराई है? नाम तथा भूमि सर्वे न. रकवा, तहसील और हल्‍का न. सहित बतायें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रदेश में निर्मित बजरी (एम-सेण्ड) और यांत्रिक क्रिया से गिट्टी निर्माण हेतु पत्थर खनिज के उत्खनिपट्टा स्वीकृत किये जाने के लिए मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम, 1996 के प्रावधान लागू है। यह प्रावधान शिवपुरी जिले में भी लागू होता है। उत्खनिपट्टा स्वीकृत किये जाने के पूर्व राजस्व विभाग, वन विभाग से जांच प्रतिवेदन एवं संबंधित ग्राम सभा से अनापत्ति प्राप्त की जाती है। मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम 1996 के नियम 18 (2) में यह प्रावधान है कि मंजूरी प्राधिकारी ऐसी जांच करेगा जैसा ठीक समझे। उसके उपरांत उत्खनन पट्टा आवेदन पर निर्णय ले सकता है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित नियम शासकीय भूमि पर भी लागू होते है। इस अधिसूचित नियम में उत्खनन पट्टा की शर्तों का उल्लेख है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है।

पुलिस कर्मचारियों की अनुकम्पा नियुक्ति नियम

[गृह]

17. ( क्र. 254 ) श्री नितेन्‍द्र बृजेन्‍द्र सिंह राठौर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के गृह विभाग अन्तर्गत पुलिस कर्मचारियों की सेवाकाल के दौरान मृत्यु होने पर उनके परिजनों को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान करने का नियम/आदेश/निर्देश हैं? यदि हाँ तो विगत 10 वर्षों में विभाग एवं पुलिस मुख्यालय द्वारा अनुकम्पा नियुक्ति संबंधी जारी आदेश/निर्देशों/नियमों की प्रतियां प्रदान करें। (ख) क्या किसी पुलिसकर्मी की सेवाकाल के दौरान मुत्यु उपरांत उसकी पत्नी/पति को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान करते समय दिवंगत पुलिसकर्मी के परिवार के भरण-पोषण का दायित्व नियुक्ति प्राप्त सदस्य का होता है? यदि हाँ तो इस संबंध में शासन/पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेशों/निर्देशों की प्रतियां उपलब्ध करायें। यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या अनुकम्पा नियुक्ति प्राप्त पति अथवा पत्नी पुनर्विवाह कर सकते हैं? यदि हाँ तो इस संबंध में शासन/पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश/निर्देश/नियमों की प्रतियां उपलब्ध करायें। यदि नहीं, तो क्यों? कारण बतायें एवं इस संबंध में जारी आदेश/निर्देश की प्रतियां उपलब्ध करायें। (घ) विगत 10 वर्षों में रीवा संभाग में कितने पुलिसकर्मियों की सेवा के दौरान मृत्यु हुई है? नाम पदनाम सूची सहित बतायें एवं 10 वर्षों में दिवंगत पुलिसकर्मियों के पति अथवा पत्नियों को अनुकम्पा नियुक्ति अपरांत पुनर्विवाह एवं परिवारिक भरण पोषण की शिकायतें पुलिस मुख्यालय भोपाल एवं जिलों में अधिकारियों को प्राप्त हुई है? यदि हाँ तो उक्त समस्त शिकायतों की प्रतियां तथा शिकायतों पर की गई कार्यवाहि‍यों की प्रतियां प्रदान करे।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- अ अनुसार(ख) जी हाँ। उक्त संबंध में म.प्र.शासन, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देश क्रमांक-सी/3-12/2013/1/3 भोपाल दिनांक 29.09.2014 की कण्डिका 10.3 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार(ग) अनुकम्‍पा नियुक्ति परिपत्र दिनांक 29.09.14 में पुनर्विवाह को लेकर पाबंदी उल्लेखित नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द एवं  '' अनुसार

बढ़ते अपराधों की जानकारी

[गृह]

18. ( क्र. 288 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                      (क) टीकमगढ़ जिले में विगत तीन वर्ष में कुल कितने अपराध घटित हुए कितने प्रकरणों में चालानी कार्यवाही की गई और कितने अपराध विवेचनाधीन है। थानावार जानकारी बतावें?                                       (ख) प्रश्‍नांश "क" में वर्णित कितने अपराधों में सिद्ध न होने पर खात्मा खारिजी की गई अपराध पंजीबद्ध होने पर कितने दिनों में चालान पेश करना अनिवार्य होता है? (ग) टीकमगढ़ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में कुल कितनी शिकाय‌तें प्राप्त हुई और कितनी शिकायतों पर कार्यवाही हुई। विगत तीन वर्ष में कितनी शिकायतों पर कोई कार्यवाही नहीं की गई पृथक-पृथक विवरण दें?                              (घ) टीकमगढ़ जिले में सर्राफा व्यापारी की हत्या का खुलासा न होने का क्या कारण है क्या हत्या के प्रकरण भी खात्मा खारिजी में जाते है यदि हाँ, तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है।                    (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' में समाहित है। बी.एन.एस.एस. की धारा 187 (2) के प्रावधान अनुसार जिन आपराधिक प्रकरणों में अभियुक्त न्यायिक अभिरक्षा में हैं (अ) आपराधिक प्रकरण जिनमें 10 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है उन आपराधिक प्रकरणों में पुलिस रिपोर्ट प्रस्तुत करने की समयावधि 60 दिवस है। (ब) आपराधिक प्रकरण जिनमें मृत्युदंड, आजीवन कारावास या 10 वर्ष से अधिक की सजा का प्रावधान है उन प्रकरणों में पुलिस रिपोर्ट प्रस्तुत करने की समयावधि 90 दिवस है। बी.एन.एस.एस. की धारा 193 (1) के प्रावधान अनुसार प्रत्येक अन्वेषण अनावश्यक विलंब के बिना पूरा किया जायेगा। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। (घ) टीकमगढ़ जिले में सर्राफा व्यापारी की हत्या होने पर थाना देहात में अप.क्र. 19/26 धारा 103 (1) बी.एन.एस. पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान आरोपी बाल सिंह को दिनांक 04/07/2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। जी हाँ। ऐसे हत्या के प्रकरण जिनमें अभियुक्त की मृत्यु हो चुकी है अथवा अभियुक्त के विरुद्ध साक्ष्य का अभाव हो अथवा विवेचना पर अपराध घटित होना नहीं पाया जाये तब समीक्षा उपरांत खात्‍मा/ खारिजी प्रस्तुत की जाती है।

नियम विरूद्ध तरीके से स्‍वीकृत नवीन मुरम खदान

[खनिज साधन]

19. ( क्र. 289 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या टीकमगढ़ विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत आलमपुरा में हाल ही में एक नवीन मुरम खदान को स्वीकृति प्रदान की गई है? यदि हाँ, तो खदान का खसरा नं., रकवा और स्वीकृति दिनांक एवं आवेदक/फर्म का संपूर्ण विवरण देवें। (ख) क्या उक्त नवीन मुरम खदान की स्वीकृति से पूर्व म.प्र. गौण खनिज नियमों के तहत संबंधित ग्राम पंचायत आलमपुरा की ग्राम सभा या पंचायत से वैधानिक अनापत्ति प्रस्ताव (एन.ओ.सी.) प्राप्त किया गया था? यदि हाँ, तो पंचायत प्रस्ताव की प्रति और दिनांक उपलब्ध करावें। (ग) क्या ग्राम पंचायत आलमपुरा के स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों द्वारा इस खदान का विरोध किया जा रहा है? क्योंकि इसके लिए पंचायत से प्रस्ताव नहीं लिया गया है? (घ) बिना पंचायत प्रस्ताव और ग्रामीणों की सहमति के नियम के विरूद्ध स्वीकृत की गई? इस नवीन मुरम खदान को कब तक निरस्त किया जायेगा और बिना पंचायत की अनुमति के खदान स्वीकृत करने वाले दोषी अधिकारियों पर क्या कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट-अ पर है। (ख) जी हाँ। ग्राम सभा प्रस्‍ताव की प्रति  संलग्‍न परिशिष्‍ट-ब पर है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश की जानकारी प्रश्‍नांश (ख) में दिये गये उत्‍तर अनुसार है। (घ) नियमानुसार ग्राम सभा से अनापत्ति प्रस्‍ताव प्राप्‍त होने के उपरांत खदान स्‍वीकृत की गई है। शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "छब्बीस"

वित्तीय स्थिति की जानकारी

[वित्त]

20. ( क्र. 328 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश शासन की वित्‍तीय वर्ष 2026-27 की स्थिति में कुल कितनी-कितनी राशि देनदारियां व लेनदारियां है। प्रदेश शासन पर कुल कितना कर्ज है तथा शासन ने कर्ज की एवं ब्‍याज की कितनी-कितनी राशि का कब-कब भुगतान किया है? वर्ष 2023-24 से 2026-27 तक की वर्षवार जानकारी दें। (ख) प्रदेश शासन ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के माध्‍यम से कब-कब, कहां-कहां से कितना-कितना कर्ज लिया है। इसमें पंजीकृत व्‍यय के तहत वित्तीय उत्‍पादक कार्यक्रमों व निर्माण विभाग कार्यों फ्रीबीज योजनाओं (मुफ्त की योजनाओं) अधिकारियों/कर्मचारियों के वेतन भत्ता प्रदेश शासन मंत्रियों एवं आई.ए.एस.आई.पी.एस. व एफ.ए.एस. अधिकारियों की सुख-सुविधाओं, वाहनों का क्रय पर कितने-कितने प्रतिशत कितनी-कितनी राशि व्‍यय हुई है? (ग) नीति आयोग की वार्षिक रिपोर्ट में प्रदेश शासन पर बढ़ते कर्ज के संबंध में क्‍या टिप्‍पणी उल्‍लेखित की गई है। इस कर्ज के संबंध में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के क्‍या निर्देश है? (घ) प्रदेश शासन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के माध्‍यम से कब-कब, कहां-कहां से कितना-कितना कर्ज किया है। मार्च 2026 में कितना-कितना कर्ज लिया है? शासन के वर्ष 2026-27 में बजट के अनुपात में कुल कर्ज की कितनी राशि है? औसतन प्रति व्‍यक्ति कर्ज की कितनी राशि हैं?

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) (1) वित्‍तीय वर्ष 2026-27 में देनदारियों की जानकारी बजट साहित्‍य के वित्‍त सचिव के स्‍मृति पत्र के 'बिन्‍दु क्रमांक (17) - राज्‍य शासन की ऋण स्थिति' अनुरूप उल्‍लेखित है तथा राज्‍य शासन के लेनदारियां 'बिन्‍दु क्रमांक (18) - ऋण बकाया का विवरण'  पुस्‍तकालय में रखे अनुसार तथा बेबसाइट https://finance.mp.gov.in पर उपलब्‍ध हैं। (परिशिष्‍ट-1 एवं 2 संलग्‍न) (2) (i) राज्‍य शासन के कुल कर्ज, की जानकारी मध्‍यप्रदेश शासन के बजट साहित्‍य के वित्‍त सचिव के स्‍मृति पत्र वर्ष 2026-27 में 'बिन्‍दु क्रमांक (17) - राज्‍य शासन की ऋण स्थिति' बजट अनुमान 2027 अनुरूप है। (परिशिष्‍ट-1 संलग्‍न) (ii) राज्‍य शासन के कर्ज की जानकारी वित्‍तीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 के वित्‍त लेखे खण्‍ड-II के विवरण पत्रक 17 अनुसार उपलब्‍ध है। (परिशिष्‍ट-3 एवं 4 संलग्‍न) राज्‍य शासन के ब्‍याज भुगतान की जानकारी वित्‍तीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 के वित्‍त लेखे खण्‍ड-II के विवरण पत्रक 15 अंतर्गत मांग संख्‍या 2049 ब्‍याज अदायगियां अनुसार उपलब्‍ध है। (परिशिष्‍ट-5 एवं 6 संलग्‍न) भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक द्वारा वित्‍तीय वर्ष 2025-26 एवं वर्ष 2026-27 का अंतिम लेखा तैयार नहीं किये जाने से अंकेक्षित जानकारी दिया जाना संभव नहीं हैं। तथापि वित्‍तीय वर्ष 2025-26 की पुनरीक्षित अनुमान एवं वर्ष 2026-27 के बजट अनुमान अनुसार, ऋण की जानकारी वित्‍तीय वर्ष 2026-27 के बजट साहित्‍य-वित्‍त सचिव के स्‍मृति पत्र के 'बिन्‍दु क्रमांक (17) - राज्‍य शासन की ऋण स्थितिमें पुस्‍तकालय में रखे अनुसार तथा वेबसाईट https://finance.mp.gov.in पर उपलब्‍ध हैं। (परिशिष्‍ट-1 संलग्‍न) (ख) (1) प्रश्‍नांश में प्रदेश शासन ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से कब-कब, कहां-कहां से कितना-कितना कर्ज लिया है की जानकारी चाही गई हैलेकिन इसमें अवधि/वर्ष उल्‍लेखित नहीं है। तथापि मध्‍यप्रदेश शासन के बजट साहित्‍य में वर्षवार जानकारी वित्‍त लेखे खण्‍ड-II के विवरण पत्रक 17 अनुसार,  पुस्‍तकालय में रखे अनुसार तथा वेबसाईट https://finance.mp.gov.in पर उपलब्‍ध हैं। (2) मध्‍यप्रदेश शासन के बजट साहित्‍य वित्‍तीय वर्ष 2026-27 के वित्‍त सचिव के स्‍मृति पत्र पुस्‍तकालय में रखे  परिशिष्‍ट-छ- उद्देश्‍य वार प्रावधानों का विश्‍लेषण में जानकारी पुस्‍तकालय में रखे अनुसार तथा बेबसाइट https://finance.mp.gov.in पर उपलब्‍ध हैं। (परिशिष्‍ट-7 संलग्‍न ) (ग) नीति आयोग की वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 में मध्यप्रदेश के कर्ज के संबंध में कोई टिप्‍पणी नहीं की गयी है जो कि https://niti.gov.in/publication/annual-report पर उपलब्ध है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (घ) (1) वित्‍तीय वर्ष 2026-27 लोक ऋण की अनुमानित जानकारी वित्‍तीय वर्ष 2026-27 के बजट साहित्‍य के वित्‍त सचिव के स्‍मृति पत्र अनुसार बजट का सार में 'बिन्‍दु क्रमांक (17) - राज्‍य शासन की ऋण स्थितितथा पुस्‍तकालय में रखे अनुसार तथा वेबसाइट https://finance.mp.gov.in पर उपलब्‍ध हैं। (परिशिष्‍ट-1 संलग्‍न ) (2) मार्च 2026 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से लिये कर्ज की जानकारी परिशिष्ट अनुसार संलग्‍न है। (परिशिष्‍ट-8 संलग्‍न) (3) राज्‍य शासन द्वारा कर्ज की स्थिति का अनुपात मध्‍यप्रदेश राजकोषीय उत्‍तरदायित्‍व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम 2005 की निर्धारित सीमा के अधीन लिया जाता है। बजट 2026-27 के मध्‍यप्रदेश राजकोषीय उत्‍तरदायित्‍व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम 2005 अनुसार राजकोषीय सूचक-चल लक्ष्‍य (रोलिंग टारगेट्स) Ratio 32.53% अनुमानित है। (परिशिष्‍ट- 9 संलग्‍न ) (4) मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा प्रति व्यक्ति कर्ज के आधार पर ऋण नहीं लिया जाता है।

बरगी बांध में रिसाव

[नर्मदा घाटी विकास]

21. ( क्र. 329 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                  (क) रानी अवंतिबाई लोधी सागर बांध परियोजना बरगी (जबलपुर) के तहत मेसनरी बांध संभाग बरगी को किस-किस मद के कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई एवं कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? वर्ष 2023-24  से 2026-27 तक की जानकारी दें। (ख) बांध सुरक्षा अधिनियम 2021 के प्रावधान के तहत बरगी बांध की सतत् निगरानी सुरक्षा व्यवस्था रखरखाव व देखभाल आदि की किस स्तर पर क्या व्यवस्था की गई है? इस पर वर्षवार कितनी-कितनी राशि व्यय की गई है? बांध सुरक्षा यूनिट (बी.एस.यू.) के तहत स्वीकृत संरचना में कितना-कितना स्टॉफ पदस्थ है एवं कौन-कौन से पद कब से रिक्त हैं एवं क्यों? (ग) प्रश्‍नांकित बांध की मेंसनरी स्लिपवे गैलरी में असामान्य रिसाव की समस्या कब से बनी हुई है एवं क्यों? वर्तमान में रिसाव की क्या स्थिति हैं? सामान्यतः रिसाव की सीमा कितनी निर्धारित है? कितने प्रतिशत पोरस ड्रेन बंद हैं? असामान्य रिसाव की स्थिति को नियंत्रित करने के लिये विशेषज्ञ टीम ने क्या सुझाव दिये हैं तथा शासन ने इसके लिये कब कितनी राशि आवंटित की है? इसके तहत कौन-कौन सा कार्य कराना स्वीकृत है तथा कब तक कराया जावेगा? (घ) प्रश्‍नांश (क) में आपदा की स्थिति के लिये इमरजेंसी क्या प्लान तैयार किया गया है? जल स्तर और सीवेज नापने के लिये कौन-कौन से आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था की गई है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट-'''' अनुसार है। (ख) बांध की सतत निगरानी, सुरक्षा व्‍यवस्‍था व देखभाल हेतु सुरक्षा गार्ड तैनात हैं साथ ही पुलिस मुख्‍यालय से राज्‍य पुलिस बल के आरक्षकों की प्रतिनियुक्ति की जाती है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट-'''' अनुसार है। (ग) गैलरी का उद्देश्‍य बांध में होने वाले सीपेज को एकत्र करना एवं उसका उचित निस्‍तारण करना ही है। बांध के निर्माण के बाद से ही निर्धारित सीमा में सीपेज की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाती है। सामान्‍यत: रिसाव की सीमा 0.05 लीटर/मीटर/वर्ग मीटर है। लगभग 30 प्रतिशत पोरस ड्रेन पूर्ण अथवा आंशिक रूप से बंद है। असामान्यतः रिसाव की स्थिति को नियंत्रित करने हेतु विशेषज्ञ दल द्वारा ग्राउटिंग, सीपेज ड्रेन क्लीनिंग एवं अन्य कार्य कराया जाने का सुझाव दिया गया है। उक्‍त कार्य को संपादित करने हेतु राशि रू. 35.69 करोड़ का दिनांक 09.04.2026 को अनुबंध किया गया है। रिसाव नियंत्रण हेतु स्‍वीकृत कार्य के लिये अब तक कार्य की प्रगति अनुसार राशि रू. 5.00 करोड़ के भुगतान की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उक्त अनुबंध में जल रिसाव नियंत्रण, ग्राउटिंग, पोरस ड्रेन क्लीनिंग, इंस्ट्रूमेनटेशन कार्य, आफिस बिल्डिंग, डाउन स्ट्रीम ब्रिज का सुधार कार्य इत्यादि के अतिरिक्त विद्युत यांत्रिकी के कार्य एवं आधुनिक उपकरण स्थापित करने का कार्य एवं अन्य सिविल कार्य भी सम्मिलित किये गये हैं। कार्य को संपादित करने हेतु 11 माह का समय लक्षित है। (घ) राज्‍य बांध सुरक्षा संगठन द्वारा निरीक्षण उपरांत बांध को सुरक्षित किया गया है। आपदा की स्थिति में डाउन स्ट्रीम के घाटों पर सायरन बजाकर सूचना, पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना, बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना। बांध का जल स्तर नापने के लिए बांध की अपस्ट्रीम वॉल पर गेज मीटर अंकित किये गये एवं सीपेज की मात्रा नापने के लिए निरीक्षण गैलेरी के अन्दर निर्मित सम्पवेल में भी वाटर गेज अंकित है।

परिशिष्ट - "सत्ताईस"

खसरा क्र.30 की जानकारी

[वन]

22. ( क्र. 353 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                       (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मोरतलाई, पटवारी हल्का जामुखो, तहसील सिराली स्थित खसरा क्रमांक 30 वर्तमान में वन विभाग के अभिलेखों में किसके नाम से दर्ज है? यह भूमि कब से किसके आधिपत्य में चली आ रही है? इस संबंध में विभाग के पास उपलब्ध दस्तावेजों की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराई जाये। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित भूमि का कुल रकबा, इसका बटांकन कब-कब किया गया, किसके-किसके नाम से कब-कब परिवर्तन किया गया, कब-कब भूमि का मद परिवर्तन किया गया? दस्तावेजों की प्रति सहित जानकारी उपलब्ध करावें। वर्तमान में उक्त खसरा भूमि पर किसका वास्तविक कब्जा व आधिपत्य दर्ज है तथा प्रचलित वन व  राजस्व कानूनों के अनुसार इस भूमि पर वैधानिक स्वामित्व व अधिकार किसका बनता है? विस्तृत विवरण दिया जाये। (ग) वन विभाग द्वारा खसरा क्रमांक 30 पर स्वामित्व अथवा अधिकार का दावा किस अधिसूचना, राजपत्र, सीमांकन, वन खंड घोषणा, शासनादेश अथवा अन्य वैधानिक दस्तावेज के आधार पर किया जा रहा है? संबंधित दस्तावेजों व आदेशों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराई जाये। (घ) यदि वन विभाग के अभिलेखों में उक्त भूमि के स्वामित्व संबंधी कोई वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, तो भूमि को वन विभाग की भूमि के रूप में दर्ज अथवा प्रदर्शित करने वाले अधिकारियों के नाम, उनकी जिम्मेदारी तथा उनके विरुद्ध प्रस्तावित विभागीय व वैधानिक कार्यवाही का विवरण प्रदान किया जाये।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित खसरा मध्य प्रदेश स्वत्वों (संपदा, महल, अन्य संक्रांत भूमियाँ) समाप्ति अधिनियम, 1950 के अंतर्गत शासन में निहित होकर वन विभाग को प्रबंधन हेतु हस्तांतरित है तथा तत्‍समय से वर्तमान तक वन विभाग के आधिपत्‍य में है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार  है। (ख) प्रश्‍नाधीन खसरे का कुल रकबा 30.90 एकड़ है तथा म.प्र.शासन की अधिसूचना क्रमांक 9-एक्‍स-58 दिनांक 10.07.1958 से संरक्षित वन के रूप में अधिसूचित है। अधिसूचना क्रमांक एफ-2-87-10-3 राजपत्र प्रकाशन दिनांक 30.01.1987 से प्रश्‍नाधीन खसरे के कुल 30.90 एकड़ रकबे में से 17.44 एकड़ भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 4 के अंतर्गत स्यानी पूर्व वनखंड में सम्मिलित है तथा शेष 13.46 एकड़ भूमि असीमांकित संरक्षित वन के रूप में दर्ज है। भूमि पर वैधानिक स्वामित्व एवं अधिकार राज्य शासन का है। (ग) उत्तरांश "ख" अनुसार। शेष जानकारी उत्‍तरांश '' के पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट  में  है। (घ) उत्‍तरांश (क), (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

 

 

सहायक ग्रेड 3 का समयमान वेतनमान

[सामान्य प्रशासन]

23. ( क्र. 354 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                      (क) म.प्र.शासन के विधि विभाग, मंत्रालय एवं राज्‍यपाल सचिवालय में कार्यरत सहायक ग्रेड-3 कर्मचारियों के दायित्‍व किस प्रकार विभागाध्‍यक्ष, तहसील, जिला कार्यालयों में पदस्‍थ सहायक ग्रेड-3 श्रेणी कर्मचारी से भिन्‍न है? उनके कर्तव्‍यों में क्‍या-क्‍या अंतर है? शासन द्वारा जारी कर्तव्‍यों, नियुक्ति शर्तों की प्रति सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित समस्‍त सहायक ग्रेड-3 कर्मचारियों की नियुक्ति शर्ते, न्‍यूनतम अर्हतायें एवं सेवा शर्ते समान है? यदि नहीं, तो कृपया अंतर दस्‍तावेजों, शासन निर्देशों, परिपत्रों की प्रति सहित उपलब्‍ध करावें। (ग) क्‍या शासन यह मानता है कि नियुक्ति के 20 एवं 30 वर्ष व्‍यतीत होने के उपरांत विधि विभाग, मंत्रालय  एवं  राज्‍यपाल सचिवालय के सहायक ग्रेड-3 कर्मचारियों के कर्तव्‍यों में विशेष परिवर्तन हो जाते है, जो अपेक्षाकृत विभागाध्‍यक्ष कार्यालयों के सहायक ग्रेड-3 में नहीं है? यह अंतर क्‍या है तथा यह अंतर 2013 के बाद ही क्‍यों आये? स्‍पष्‍ट जानकारी दें। (घ) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित दोनों श्रेणी के सहायक ग्रेड 3 के कर्मचारियों के प्रथम, द्वितीय, तृतीय समयमान में अंतर क्‍या है? यदि पदों के नाम, शैक्षणिक योग्‍यता, सेवा शर्तें, न्‍यूनतम अर्हतायें, कर्तव्‍य समान है तो समयमान में अंतर किस आधार पर है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) ब्रम्‍हस्‍वरूप समिति की अनुशंसाओं के परिप्रेक्ष्‍य में राज्य सरकार द्वारा नीति निर्माण, निर्णय लेने तथा विधि संबंधी विषयों के दृष्टिगत विधि विभाग, मंत्रालय, राज्‍यपाल सचिवालय के सहायक ग्रेड-3 कर्मचारियों के दायित्‍व विभागाध्‍यक्ष, तहसील, जिला कार्यालयों में पदस्‍थ सहायक ग्रेड-3 श्रेणी कर्मचारी से भिन्‍न हैं। संबंधित कार्यालयों में प्रचलित कार्यों के आधार पर कर्तव्‍य निर्धारित होने से प्रति दी जाना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार

परिशिष्ट - "अट्ठाईस"

निर्माण कार्य की जानकारी

[गृह]

24. ( क्र. 366 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2025 एवं 2026 में पुलिस हाउसिंग बोर्ड द्वारा कौन-कौन से निर्माण कार्य किस-किस मद का कितनी-कितनी राशि का कहां-कहां पर कर रहे हैं? कार्यवार जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार क्‍या सभी कार्य समय से चल रहे हैं? (ग) डिण्‍डोरी, मण्‍डला, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया जिला में कौन-कौन से कार्य किस-किस मद के कितनी-कितनी राशि के निर्माणाधीन है एवं निर्मित हुए हैं, उसमें कितना-कितना कार्य हुआ है? भौतिक प्रगति एवं स्थिति क्या है? नवीन कार्य कौन-कौन से किस-किस के द्वारा कब-कब किये गये हैं? उसके क्‍या-क्‍या कार्य नहीं हुए? जानकारी दें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) वर्ष 2025 एवं 2026 में पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन द्वारा कराये जा रहे निर्माण कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार(ख) जी नहीं, कुछ कार्य विलम्ब से चल रहे है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार

राजस्‍व प्राप्‍ति एवं निर्माण कार्य की जानकारी

[खनिज साधन]

25. ( क्र. 367 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में म.प्र. के सभी जिलों में कहां-कहां से कितनी-कितनी राशि राजस्‍व के रूप प्राप्‍त हुई? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार प्राप्‍त राजस्‍व राशि के विरूद्ध कौन-कौन से निर्माण कार्य कितनी-कितनी राशि या किस-किस स्‍थान के कब-कब स्‍वीकृत हुए? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार स्‍वीकृत सभी निर्माण कार्य की भौतिक प्रगति एवं व्‍यय राशि तथा निर्माण एजेंसी बतावें? (घ) निर्माण कार्य स्‍वीकृति के क्‍या नियम है? बतावें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी  संलग्न  परिशिष्ट पर है। (ख) प्रश्‍नांश अनुसार प्राप्त खनिज राजस्व राज्य की संचित निधि में जमा की जाती है। इस राशि से निर्माण कार्य स्वीकृत किये जाने के खनिज नियमों में कोई प्रावधान नहीं है। (ग) एवं (घ) प्रश्‍नांश (ख) के उत्तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "उनतीस"

कोलार वनखण्‍ड की जांच एवं कार्यवाही

[वन]

26. ( क्र. 380 ) डॉ. योगेश पंडाग्रे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 759 दिनांक 5 जुलाई 2024 में सीहोर वनमंडल के कोलार वनखण्‍ड की 6976.707 हेक्‍टयर भूमि के भा.व.अ.1927 की धारा 5 से 19 तक की जांच अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) याने पदेन वन व्‍यवस्‍थापन अधिकारी बुदनी के समक्ष अधिसूचना दिनांक 22/01/1988 के अनुसार लम्बित होना विभाग ने प्रतिवेदित किया है। (ख) यदि हाँ, तो दिनांक 22/01/1988 को अधिसूचित कोलार वनखण्‍ड की धारा 5 से 19 तक की जांच का प्रकरण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) याने पदेन वन व्‍यवस्‍थापन अधिकारी बुदनी के समक्ष किस दिनांक को वनमंडल या वन वृत्‍त या वन मुख्‍यालय ने प्रस्‍तुत किया प्रकरण की प्रति सहित बतावे। (ग) वन व्‍यवस्‍थापन अधिकारी के समक्ष प्रस्‍तुत प्रकरण में किस ग्राम की कुल कितनी भूमि को प्रस्‍तावित किया है उसमें से किस खसरा नम्‍बर का कितना रकबा भू-स्‍वामी हक में दर्ज है।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) वर्ष 1988 की अधिसूचना के तत्काल उपरांत प्रकरण अथवा नस्ती भेजे जाने संबंधी पत्र, पावती अथवा अन्य अभिलेख वर्तमान में संबंधित कार्यालयों में उपलब्ध नहीं हैं। अतः वर्ष 1988 के पश्चात् पूर्व में प्रकरण प्रस्तुत किए जाने की निश्चित तिथि की पुष्टि किया जाना संभव नहीं है। वनमण्डलाधिकारी, सामान्य वनमण्डल सीहोर के पत्र क्रमांक/मानचित्रकार/2024/5798 दिनांक 08.07.2024 द्वारा कोलार वनखण्ड से संबंधित धारा 4 की अधिसूचनाएं एवं अन्य उपलब्ध अभिलेख पुनः अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), बुधनी एवं पदेन वन व्यवस्थापन अधिकारी को आवश्यक वैधानिक कार्यवाही हेतु उपलब्ध कराए गए थे। वनमण्डलाधिकारी के पत्र दिनांक 08.07.2024 की प्रति  संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) वनखण्ड की अधिसूचना में ग्रामवार कुल भूमि तथा भूमिस्वामी हक में दर्ज खसरावार रकबे का पृथक विवरण उपलब्ध नहीं है। अतः जानकारी दिया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "तीस"

घोड़ारोज़ और जंगली सूअर से होने वाले नुकसान से बचाव

[वन]

27. ( क्र. 441 ) श्री विपीन जैन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर विधानसभा क्षेत्र में जंगली सूअर, घोड़ारोज़ से किसानों की फसलों को हो रहे नुकसान से बचाव के लिए क्या-क्या प्रयास किए गए है? (ख) प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 55 दिनांक 13/3/2025 और तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 204 दिनांक 1/8/2025 के संदर्भ में आसंदी द्वारा दिए गए आश्वासन के संबंध में घोड़ारोज़ की समस्या के निराकरण हेतु विभाग द्वारा कितनी बैठकें, कार्य योजना इस समस्या के निराकरण हेतु की गयी है विवरण देवें?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) नीलगायों (घोड़ारोज) एवं जंगली सुअर द्वारा किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाये जाने पर सहायता राशि का भुगतान यथा संशोधित राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र खण्‍ड छ: क्रमांक-4 के प्रावधानों के तहत किया जाता है। किसानों की फसलों को नुकसान करने वाली नीलगाय (घोड़ारोज) एवं जंगली सुअर को आखेट करने की अनुमति जारी करने के लिए मध्यप्रदेश के समस्त अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अपने-अपने अधिकार क्षेत्र की सीमाओं के भीतर प्राधिकृत अधिकारी घोषित है। वर्ष 2016 में मंदसौर जिले के ऐरा ग्राम से 27 एवं वर्ष 2023-24 में NATRAX कैम्पस, पीथमपुर धार से 45 नीलगायों को प्रायोगिक तौर पर बोमा विधि से पकड़कर गांधी सागर अभयारण्य में छोड़ा गया है। शाजापुर जिले से प्रायोगिक तौर पर 846 काले हिरण एवं 67 नीलगाय को हेलीकॉप्टर से हांका लगाकर बोमा विधि से अन्यत्र स्थानांतरित किया गया है। (ख) वनमंडल मंदसौर अंतर्गत जिला स्तर पर गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स की वर्ष 2021 से जून 2026 तक आहूत 11 बैठकों, जिला वन स्थाई समिति की आहूत 04 बैठकों, जिला योजना समिति की आहूत 01 बैठक एवं जिला पंचायत साधारण सभा की आहूत 2 बैठकों में समिति सदस्यों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से नीलगाय (घोड़ारोज) से होने वाली समस्याओं/ घटनाओं के समाधान हेतु विस्तृत चर्चा कर प्रचलित शासन निर्देशों से अवगत कराया गया है।

संचालित योजनाओं का क्रियान्वयन

[कुटीर एवं ग्रामोद्योग]

28. ( क्र. 482 ) श्रीमती सेना महेश पटेल : क्या राज्‍य मंत्री, कुटीर एवं ग्रामोद्योग महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अलीराजपुर जिले में खादी एवं ग्राम कुटीर उद्योग विभाग/बोर्ड के अंतर्गत कौन-कौन सी योजनाएं संचालित की गई हैं? वर्ष 2023-24 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया वर्षवार जानकारी देवें। (ख) वर्ष 2023-24 से प्रश्‍न दिनांक तक जिले में हितग्राहियों को स्वरोजगार/उद्योग स्थापना हेतु ऋण, अनुदान अथवा अन्य वित्तीय सहायता प्रदान की गई? हितग्राहियों के नाम एवं ऋण, अनुदान राशि सहित योजनावार एवं विकासखंडवार जानकारी देवें। (ग) वर्ष 2023.24 से प्रश्‍न दिनांक तक खादी एवं ग्राम कुटीर उद्योग योजनाओं के अंतर्गत जिले में कितनी नई इकाइयाँ स्थापित हुईं तथा उनसे कितने लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ? स्थापित इकाइयाँवार एवं वर्षवार जानकारी उपलब्ध कराई जाए। (घ) जिले में योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों में से कितने लंबित हैं? लंबित प्रकरणों के कारण एवं उनके निराकरण की समय-सीमा बताई जाए।

राज्‍य मंत्री, कुटीर एवं ग्रामोद्योग ( श्री दिलीप जायसवाल ) : (क) विभाग अंतर्गत खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा अलीराजपुर जिले में कौशल उन्‍नयन प्रशिक्षण कार्यक्रम योजना संचालित की गई है। जिसमें कुल 90 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। वर्ष 2023-24 से प्रश्‍न दिनांक तक लाभान्वित हितग्राहियों की वर्षवार जानकारी निम्‍नानुसार है:- (1) 2023-24 कम्‍प्‍यूटर हार्डवेयर रिपेयरिंग-30 हितग्राही, (2) 2024-25 बेसिक सिलाई-30 हितग्राही, (3) 2025-26 कम्‍प्‍यूटर हार्डवेयर रिपेयरिंग-30 हितग्राही एवं 2026-27 प्रश्‍न दिनांक तक निरंक। (ख) वर्ष 2023-24 से प्रश्‍न दिनांक तक स्‍वरोजगार/उद्योग स्‍थापना हेतु ऋण, अनुदान अथवा अन्‍य वित्‍तीय सहायता की जानकारी निरंक है। (ग) उत्‍तरांश (ख) के संदर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जिले में उत्‍तरांश (क) अनुसार संचालित योजना में प्राप्‍त आवेदनों की संख्‍या निरंक है।

विधायक निधि की लैप्‍स राशि उपलब्‍ध कराई जाना

[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]

29. ( क्र. 489 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या उप मुख्‍यमंत्री, योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा अतारांकित प्रश्‍न क्र.938 के माध्यम से वित्त वर्ष 2024-25 में विधायक निधि से विधान सभा क्षेत्र अटेर, जिला भिण्ड से संबंधित स्वीकृत सभी विकास कार्यों की 60 प्रतिशत राशि लेप्स हो जाने से विकास कार्य अवरूद्ध होने संबंधी जानकारी चाहे जाने पर प्रश्‍न के उत्तर में विभाग द्वारा द्वितीय अनुपूरक बजट में उक्त लेप्स राशि के पुनः आवंटन की मांग किये जाने की जानकारी दी गयी थी? (ख) द्वितीय अनुपूरक में उक्त लेप्स हुई राशि का प्रावधान नहीं हो पाने से एवं प्रश्‍न दिनांक तक लेप्स राशि उपलब्ध नहीं कराये जाने से निर्वाचन क्षेत्र के उक्त स्वीकृत सभी विकास कार्य अवरूद्ध हैं, यह लेप्स राशि कब तक उपलब्ध करा दी जायेगी? समय-सीमा बतायी जावे?

उप मुख्‍यमंत्री, योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। लेप्‍स राशि की मांग की गई है। राशि उपलबध कराए जाने का निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

वनों की सुरक्षा हेतु किये गये कार्य

[वन]

30. ( क्र. 501 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                  (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र खातेगांव के अन्‍तर्गत कौन-कौन से वन परिक्षेत्रों में वनों की सुरक्षा हेतु कार्य किये गये कार्यों के नाम बतायें। (ख) खातेगांव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ऐसे कौन-कौन से वन परिक्षेत्र है जहां पर जाने हेतु एप्रोच रोड बना हुआ है। यदि हाँ, तो उन क्षेत्रों के नाम और एप्रोच रोड की लंबाई बतावें। (ग) खातेगांव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वनों की सुरक्षा हेतु तार फेंसिंग या जाली लगवाये जाने संबंधी कार्य किया गया है, यदि हाँ, तो उन वन परिक्षेत्रों के नाम बतावें। (घ) खातेगांव विधानसभा क्षेत्र के जिन वन परिक्षेत्रों में एप्रोच रोड नहीं बने है, तो क्‍या इस संबंध में विभाग कोई योजना बना रहा है यदि है तो बतावें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) वनमण्डल (क्षेत्रीय) देवास अंतर्गत खातेगांव विधानसभा के परिक्षेत्र खातेगांव, कन्नौद, पानीगांव एवं अभयारण्य खिवनी में वनों की सुरक्षा हेतु अग्नि सुरक्षा एवं वृक्षारोपण के सुरक्षा कार्य कराये गये है। (ख) खातेगांव विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत वन परिक्षेत्रों के कार्य क्षेत्र में जाने हेतु आवश्यकतानुसार एप्रोच रोड है। एप्रोच रोड सम्पूर्ण वन क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर होने के कारण उनकी लम्बाई की जानकारी संधारित नहीं है। (ग) खातेगांव विधान सभा क्षेत्रों के अं‍तर्गत वनों की सुरक्षा हेतु विभाग द्वारा वर्ष 2026-27 में तार फेंसिंग या जाली लगवाये जाने संबंधी जानकारी निरंक है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) विभाग में पूर्व से निर्धारित वन मार्ग की मरम्मत उपलब्ध बजट की सीमा में की जाती है।

शराब बंदी की जानकारी

[वाणिज्यिक कर]

31. ( क्र. 502 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में कितनी दुकाने ''शासकीय शराब'' की है? जिलेवार संख्या बताये? मध्यप्रदेश में प्रतिमाह कितने ''गेलन'' शराब की खपत होती है। वर्ष 2024-25 एवं वर्ष 2025-2026  में  की गई उपयोग की कुल मात्रा और इससे होने वाली आय बतायें? यह राशि मध्यप्रदेश के कुल बजट का कितना प्रतिशत है? (ख) सरकार शराब के दुष्प्रभाव विषय पर लोगों को जागरूक करने के लिए क्या कोई अभियान चला रही है? क्या वर्ष 2025, वर्ष 2026 में "लिवर" खराब होने से मृत्यु होने का सरकार के पास कोई आंकड़ा है, संख्या बतायें। (ग) मध्यप्रदेश में शराब के ठेके (दुकान) को पूर्णतः बन्द कराने पर सरकार को कुल कितनी हानि होगी क्या? सरकार शराब बन्द कराने पर सरकार को कुल कितनी हानि होगी? (घ) क्या सरकार शराब बन्द करने की कोई योजना बना रही है?

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) मध्यप्रदेश में वर्ष 2026-27 में कुल 3553 कम्‍पोजिट मदिरा दुकानें संचालित हैं। जिलेवार मदिरा दुकानों की संख्या  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। वर्ष 2024-25 एवं वर्ष 2025-26 में जिलेवार मदिरा की मासिक एवं वार्षिक खपत एवं आय की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। वर्ष 2024-25 में शराब बिक्री से आबकारी आय (वैट सहित) रूपये 17458 करोड़ है जो कि मध्‍यप्रदेश के कुल बजट (राजस्‍व व्‍यय) रूपये 261644 करोड़ का 6.67 प्रतिशत है। वर्ष 2025-26 में शराब बिक्री से आबकारी आय (वैट सहित) रूपये 20501 करोड़ है जो कि मध्‍यप्रदेश के कुल बजट (राजस्‍व व्‍यय) रूपये 290261 करोड़ का 7.06 प्रतिशत है। (ख) मदिरा दुकानों पर मदिरा सेवन के कारण होने वाले दुष्‍प्रभाव को प्रदर्शित करने वाले बैनर/पोस्‍टर को प्रमुखता से लगाये जाकर, आमजन को मदिरा के दुष्‍प्रभाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है। लिवर खराब होने से कारित मृत्यु के संबंध में जानकारी आबकारी विभाग द्वारा संधारित किये जाने के प्रावधान नहीं होने से, प्रश्‍नांश की जानकारी निरंक है।                               (ग) वर्तमान में मध्यप्रदेश में मदिरा दुकानों से मदिरा विक्रय पूर्णतः बंद नहीं है, भविष्‍य में राज्‍य सरकार द्वारा दुकानों को पूर्णत: बंद किए जाने के निर्णय यदि लिये जाते हैं तो तत्‍समय के राजस्‍व आय के मान से राजस्‍व हानि की गणना की जा सकेगी, वर्तमान में हानि का आंकलन बताना संभव नहीं है। (घ) वर्तमान में राज्य शासन द्वारा शराब बंद किए जाने की कोई योजना नहीं है।

पुलिस बल भर्ती की जानकारी

[गृह]

32. ( क्र. 503 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                      (क) देवास जिले के पुलिस थाना नेमावर में स्‍वीकृत पुलिस बल कितना है? इसकी तुलना में वर्तमान में कितना पुलिस बल कार्यरत है? (ख) क्‍या नेमावर में मॉ नर्मदा का नाभि स्‍थल, जैन तीर्थ एवं भगवान सिद्धनाथ का प्राचीन मंदिर है जिसके दर्शन पूजन हेतु प्रतिदिन हजारों की संख्‍या में श्रद्धालु नेमावर में एकत्रित होते है जिनकी व्‍यवस्‍था के लिये पुलिस बल जिला मुख्‍यालय से पुलिस भेजा जाता है? (ग) जिला मुख्‍यालय से 150 कि.मी. की दूरी होने पर एवं बाढ़ और नहाते समय डूब जाने की घटनाओं पर होमगार्ड की टीम जिला मुख्‍यालय से भेजनी पड़ती है जिसमें समय अधिक लगता है साथ ही खर्च भी लगता है? क्‍या विभाग नेमावर में वर्षभर विशेष शस्‍त्रबल की एक कंपनी तैनात करने पर विचार कर रहा है जिससे स्‍थानीय स्‍तर पर पर्वों, त्‍यौहारों और प्राकृतिक आपदाओं के समय सुरक्षा प्रदान की जा सके बतायें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) देवास जिले के पुलिस थाना नेमावर में स्वीकृत पुलिस बल संख्या 21 है। वर्तमान में पुलिस बल 12 एवं 09 होमगार्ड सैनिक कार्यरत हैं। (ख) जी हाँ।                              (ग) आवश्यकतानुसार जिला, जोन एवं मुख्यालय स्तर से पर्याप्त संख्या में बल उपलब्ध कराया जाता है। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सामान्‍य प्रशासन विभाग के अंतर्गत कार्यरत अधिकारी

[सामान्य प्रशासन]

33. ( क्र. 514 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. शासन अन्तर्गत संचालित कार्यालयों में पदस्थ कार्यालय प्रमुख अथवा आहरण संवितरण अधिकारियों को क्या दैनंदिन उपस्थिति‍ पंजी में हस्ताक्षर करने से छूट का प्रावधान है? यदि हाँ, तो कृपया आदेश की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) कलेक्टर, एस.पी. एवं डी.एफ.ओ. जैसे फील्ड में जाने वाले अधिकारियों के अतिरिक्त कार्यालयीन प्रति के विभाग के कार्यालय प्रमुख जैसे कोषालय, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, कामर्शियल टैक्स चिकित्सा आदि विभाग के जिला/संभागीय कार्यालयों में पदस्थ अधिकारियों द्वारा क्या सार्थक एप, थम्ब तकनीक अथवा उपस्थिति‍  पंजी पर उपस्थिति‍  हस्ताक्षर डिजिटल उपस्थिति‍ दी जा रही है? यदि नहीं, तो किस प्रावधान में इन्हें छूट दिया गया है? यदि प्रावधान नहीं है तो प्रतिदिन उपस्थिति‍ प्रक्रिया का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों एवं DDO सूची उपलब्ध कराते हुए बताने की कृपा करें कि इन अधिकारियों के विरुद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? (ग) क्या कार्यालय प्रमुख DDO को उपस्थिति‍ पंजी/सार्थक/थम्ब तकनीक से उपस्थिति‍ निर्धारण में छूट देने से उक्त अधिकारियों में गैर जिम्मेदारी पूर्ण अनुपस्थिति‍ अथवा विलम्बता की प्रवृत्ति नहीं बढ़ेगी? क्या विभाग द्वारा कोई विस्तृत आदेश इस सम्बन्ध में जारी किया जायेगा? जिससे समस्त कार्यालय प्रमुख/आहरण संवितरण अधिकारियों की उपस्थिति‍ अन्य कर्मचारी/अधिकारी की तरह ही नियंत्रित एवं परिवेक्षित की जा सकें?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी नहीं, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) विभिन्‍न विभागों के जिला/संभागीय कार्यालयों में पदस्‍थ अधिकारियों की उपस्थिति लेने की व्‍यवस्‍था संबंधित प्रशासकीय विभाग/विभागाध्‍यक्ष/कार्यालय प्रमुख द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप की जाती है। उपस्थिति प्रक्रिया से छूट देने बावत् कोई निर्देश सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा जारी नहीं किये गये है। उपस्थिति संबंधी अनियमितता पाई जाने पर संबंधित अनुशासनिक प्राधिकारी द्वारा नियमानुसार अनुशासनात्‍मक कार्यवाही की जाती है। (ग) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। उपस्थिति एवं कार्यालयीन समय का पालन शासन द्वारा जारी निर्देशों एवं निर्धारित व्‍यवस्‍था के अंतर्गत किया जाता है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

विधायकों के पत्रों पर कार्यवाही संबंधी दिशा-निर्देश

[सामान्य प्रशासन]

34. ( क्र. 518 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                  (क) क्‍या विभाग द्वारा विधायक से प्राप्‍त पत्रों की अलग पंजी बनाने तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्यवाही कर की गई कार्यवाही से अवगत करने के निर्देश है? (ख) प्रश्‍नांश (क) हाँ है तो जिला सिवनी में प्रश्‍नकर्ता ने दिनांक 01 जनवरी 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक किन विभागों में कौन-कौन से पत्र जारी किये थे? सम्‍पूर्ण पत्रों की प्रति उपलब्‍ध करावें और यह भी बतावें कि उक्‍त पत्रों पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही कब-कब की गई? विभागवार जानकारी दें। (ग) उक्‍त पत्रों में से किन-किन पत्रों पर कार्यवाही नहीं की गई है और किस कारण तथा किन-किन पत्रों पर की गई कार्यवाही से प्रश्‍नकर्ता को अवगत नहीं कराया गया तथा क्‍यों? कब तक अवगत करा दिया जावेगा।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

पुलिस थाना व पुलिस बल की उपलब्‍धता

[गृह]

35. ( क्र. 519 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                              (क) प्रदेश में सुरक्षा के दृष्टि से निर्धारित मानकों के अनुसार प्रति कितनी जनसंख्‍या एवं प्रति कितने वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल पर एक पुलिस थाना तथा कितने पुलिस बल की आवश्‍यकता निर्धारित है? वर्तमान में राज्‍य में कुल कितने पुलिस थाने कार्यरत है तथा उनके अंतर्गत कितनी जनसंख्‍या एवं कितने क्षेत्रफल का कवरेज किया जा रहा है? (ख) सिवनी जिले में वर्तमान में कुल स्‍वीकृत पुलिस बल की संख्‍या कितनी है तथा उसके विरूद्ध कितने पद भरे हुये हैं और कितने पद रिक्‍त है? क्‍या वर्तमान में जिले में जनसंख्‍या एवं क्षेत्रफल के अनुपात में पुलिस थाने एवं पुलिस बल पर्याप्‍त है? यदि हाँ, तो उसका आधार क्‍या है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या राज्‍य सरकार द्वारा पुलिस व्‍यवस्‍था को सुदृढ़ करने हेतु नवीन पुलिस थानें स्‍थापित किये जाने का प्रस्‍ताव है? यदि हाँ, तो आगामी वर्षों में कब तक तथा किन-किन जिलों/स्‍थानों पर नवीन पुलिस थानें स्‍थापित किये जाने की योजना है? (घ) क्‍या राज्‍य सरकार द्वारा पुलिस बल की कमी को दूर करने हेतु, नवीन भर्ती की योजना प्रस्‍तावित है? यदि हाँ, तो वर्षवार एवं जिलेवार विवरण देवें?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। वर्तमान में राज्य में कुल 1175 पुलिस थाने स्वीकृत हैं, जिनके अंतर्गत सम्मिलित रूप से मध्यप्रदेश की सम्पूर्ण जनसंख्या एवं क्षेत्रफल का कवरेज किया जा रहा है। (ख) सिवनी जिले में वर्तमान में कुल स्वीकृत पुलिस बल की संख्या-1154 है तथा उसके विरूद्ध 946 पद भरे हुये हैं और 208 पद रिक्त हैं। वर्तमान में जिले में जनसंख्या एवं क्षेत्रफल के अनुपात में पुलिस थाने पर्याप्त हैं। रिक्त पदों को भरना एक सतत प्रक्रिया है। (ग) राज्य की कानून व्यवस्था की स्थिति को सुदृढ़ करने हेतु संबंधित जिलों से एवं जनप्रतिनिधियों के माध्यम से क्षेत्र अनुसार नवीन थाने स्थापित करने के प्रस्ताव प्राप्त होते हैं। परीक्षण में मापदण्ड अनुसार पाये जाने पर नवीन पुलिस थाना/चौकी स्थापित करने की स्वीकृति दी जाती है। इस तरह ये नियमित चलने वाली प्रकिया है। नवीन थानों की स्थापना की वर्षवार अथवा जिलेवार योजना नहीं बनायी जाती है। (घ) जी हाँ। वर्ष 2026-2027 में राज्य में लगभग 8000 से अधिक पदों पर भर्ती की योजना है।

अन्‍यत्र स्‍थानांतरित कर अनुशासनात्मक कार्यवाही

[वाणिज्यिक कर]

36. ( क्र. 538 ) श्री अभय मिश्रा : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासकीय मदिरा दुकानों के निलामी उपरांत चयनित निविदाकारों द्वारा अनुबंध के समय उपयोग की गई बैंक गारंटी राजपत्र में दिये गये निर्देशों का पालन कर तैयार नहीं कराई गई जिस पर ई.ओ.डब्ल्यू. एफ.आई.आर नं. 0078 दिनांक 28.03.2025 द्वारा 7 लोगों के विरूद्ध गंभीर धाराओं के अपराध पंजीबद्ध किये गये जिसमें श्री अनिल जैन जिला आबकारी का नाम भी है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के सन्दर्भ में श्री अनिल जैन के विरूद्ध ई.ओ.डब्ल्यू. में अपराध पंजीबद्ध होने के उपरान्त रीवा से हटाते हुये अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित नहीं की गई क्यों? इनको अन्यत्र हटाते हुये अनुशासनात्मक कार्यवाही बावत् क्या निर्देश देंगे,  अगर नहीं तो क्यों? जबकि श्री जैन का स्थानान्तरण ग्वालियर के लिए किया गया था जिस पर माननीय उच्‍च न्यायालय द्वारा स्थगन भी समाप्त किया जा चुका है, फिर भी भार मुक्त नहीं किया गया क्यों बतावे?                      (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार श्री जैन के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध होने के बाद भी स्थानान्तरण नीति 2026 कंडिका 27 एवं 31 का पालन कर स्थानान्तरण नहीं किया गया क्यों जबकि प्रथम दृष्टि दोषी सिद्ध पाये गये है तब रीवा से अन्यत्र स्थानान्तरण करने एवं कार्यवाही के निर्देश देंगे अगर नहीं तो क्यों?

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ। श्री अनिल जैन, सहायक आबकारी आयुक्‍त, जिला रीवा के विरूद्ध आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ, भोपाल में बैंक गारंटी संबंधी शिकायत के आधार पर अपराध क्रमांक 0078/2025, दिनांक 28.03.2025 पंजीबद्ध है। (ख) आर्थिक अपराध प्रकोष्‍ठ में प्रकरण पंजीबद्ध होने की सूचना के आधार परशासन आदेश दिनांक 31 जुलाई 2025 द्वारा श्री अनिल जैनजिला आबकारी अधिकारी को जिला रीवा से संभाग ग्‍वालियर स्‍थानांतरित किया गया था। किन्‍तु उक्‍त स्‍थानांतरण आदेश पर रिट याचिका क्रमांक 31531/2025, अनिल जैन विरुद्ध मध्यप्रदेश शासन एवं अन्य में माननीय उच्च न्यायालयजबलपुर द्वारा दिनांक 14.08.2025 को स्थगन आदेश पारित किया गया। तत्पश्चात् माननीय न्‍यायालय ने अपने अंतिम आदेश दिनांक 16.12.2025 द्वारा स्थानांतरण आदेश को निरस्त किया गयाजिसके विरुद्ध रिव्यू पिटीशन क्रमांक 171/2026 प्रस्तुत की गई। जिसमें माननीय न्‍यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 20 फरवरी 2026 द्वारा डब्‍ल्‍यू.पी. क्रमांक 31531/2025 में पारित दिनांक 16 दिसम्‍बर 2025 का आदेश recalled किया गया है। प्रकरण माननीय उच्‍च न्‍यायालय में विचाराधीन है। (ग) स्‍थानांतरण नीति 2026 की कंडिका 27 (शिकायत की जांच उपरांत दोष सि‍द्ध पाये जाने) एवं कंडिका 31 (गृह जिला संबंधी) के प्रावधानों के अनुरूप ही प्रशासकीय कार्य सुविधा की दृष्टि से स्‍थानांतरण किये जाने का निर्णय लिया जाता है।

अन्‍यत्र हटाते हुए कार्यवाही करना

[वाणिज्यिक कर]

37. ( क्र. 539 ) श्री अभय मिश्रा : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले में सी.टी.ओ., कमिश्‍नर टैगकमिश्नर जी.एस.टी. एवं डिप्टी कमिश्नर के पद रीवा जिले में कौन-से अधिकारी कब-कब पदस्‍थ रहे, का विवरण पिछले 15 वर्षों का देते हुए इनके स्‍थानांतरण बावत् निर्देश कब-कब जारी किये गये? स्‍थानांतरण की प्रति देते हुए बतावें।                            (ख) प्रश्‍नांश (क) के अधिकारी द्वारा कितने प्रकरण अपने पदस्‍थगी  के दौरान तैयार किये गये? इन प्रकरणों में अपील के दौरान क्‍या कार्यवाही की गई, प्रकरणवार जानकारी देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) के अधिकारी का स्थानान्तरण  नीति 2026 में उल्लेखित कंडिका 19, 27 एवं 31 के पालन में रीवा जिले से अन्यत्र हटाये जाने बावत् की गई कार्यवाही की जानकारी की प्रति देते हुए बतावें एक स्‍थान पर 3 वर्ष से ऊपर पदस्थ अधिकारियों/कर्मचारियों के स्थानान्तरण के निर्देश क्‍या हैं? बतावें। (घ) प्रश्‍नांश (क) के अधिकारी के द्वारा प्रश्‍नांश (ख) अनुसार नियम विरूद्ध प्रकरणों के  तैयार करने एवं प्रश्‍नांश (ग) अनुसार स्‍थानांतरण नीति का पालन कर स्‍थानांतरित न करने पर कार्यवाही बावत् क्‍या निर्देश देंगे एवं उच्‍च स्‍तरीय समिति बनाकर जांच निर्देश देंगे तो बतावें अगर नहीं तो क्‍यों?

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'', 'बी' एवं '' अनुसार है(ग) प्रश्‍नांश '' में उल्लेखित अधिकारियों के संबंध में स्थानांतरण नीति, 2026 की कंडिका 19, 27 एवं 31 के पालन में रीवा जिले में अन्यत्र पदस्थापना नहीं की गई है। स्थानांतरण नीति, 2026 के प्रावधान अनुसार एक स्थान पर तीन वर्ष में ऊपर पदस्थ अधिकारियों/कर्मचारियों के स्थानांतरण के संबंध में निम्‍नानुसार निर्देश है- "जिलों में पदस्‍थ प्रथम श्रेणी एवं द्वितीय श्रेणी के कार्यपालिक अधिकारियों के एक ही स्थान पर तीन वर्ष की पदस्थापना पूर्ण कर लेने पर जिले में अन्यत्र प्राथमिकता पर स्थानांतरण किया जा सकेगा। तृतीय श्रेणी कार्यपालिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों का भी एक ही स्थान पर सामान्यतः 3 वर्ष या उसमें अधिक पदस्थापना की अवधि पूर्ण कर लेने के कारण स्थानांतरण किया जा सकेगा।" (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

पुरूष एवं महिला बंदियों हेतु उपलब्ध सुविधायें

[जेल]

38. ( क्र. 564 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                        (क) हरदा जिला जेल की स्वीकृत बंदी क्षमता एवं वर्तमान में निरुद्ध बंदियों की संख्या कितनी है? (ख) जिला जेल में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के स्वीकृत, कार्यरत एवं रिक्त पदों की संख्या कितनी है? (ग) विगत तीन वर्षों में हरदा जिला जेल के उन्नयन, मरम्मत एवं अन्य विकास कार्यों हेतु कितनी राशि स्वीकृत एवं व्यय की गई है? (घ) हरदा जिला जेल में महिला बंदियों हेतु पृथक बैरक, महिला प्रहरी, शौचालय, चिकित्सा सुविधा, प्रसूता महिलाओं एवं उनके साथ रहने वाले बच्चों के लिए क्या-क्या सुविधाएँ उपलब्ध हैं? सुविधावार जानकारी उपलब्ध कराई जावे। (ड.) यदि महिला बंदियों हेतु उपलब्ध सुविधाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं, तो उन्हें विकसित एवं सुदृढ़ करने के लिए शासन द्वारा क्या कार्ययोजना बनाई गई है तथा इसके लिए कितनी राशि स्वीकृत/प्रस्तावित है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जिला जेल की बंदी क्षमता 90 बंदियों की है तथा दिनांक 01.07.2026 की स्थिति में कुल 227 बंदी परिरुद्ध हैं। (ख) अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कुल 42 पद स्वीकृत हैं जिसमें 32 अधिकारी/कर्मचारी कार्यरत हैं तथा शेष 10 पद रिक्त हैं। (ग) विगत 3 वर्षों में जेल के उन्नयन एवं मरम्मत व अन्य विकास कार्यों पर कुल स्वीकृत राशि 1,59,40,396 के विरुद्ध 1,05,43,896/- राशि व्यय की गई है। (घ) जेल में महिला बंदियों हेतु पृथक बैरिक, महिला प्रहरियों के लिए पृथक टॉयलेट की व्यवस्था है। महिला बंदियों का जिला अस्पताल में उपचार कराया जाता है। गर्भवती महिला बंदियों को उचित देखभाल हेतु केन्द्रीय जेल स्थानांतरित किया जाता है। चिकित्सक के परामर्श पर नियमानुसार महिला बंदियों एवं बच्चों को पोषक आहार दिया जाता है। वर्तमान में जेल में महिला बंदियों के साथ कोई भी बच्चे नहीं है। जेल में महिला फार्मासिस्ट हैं जो चिकित्सा/उपचार में सहायता करती है। (ड.) जेल में महिला बंदियों के लिए जेल नियमावली में दिये प्रावधानों के अनुसार समुचित व्यवस्थाएं एवं सुविधाएं उपलब्ध हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

एम.एस.एम.ई. के अंतर्गत लघु उद्योगों की स्थापना

[सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम]

39. ( क्र. 569 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या सूक्ष्‍म,लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा जिले में वर्तमान में एम.एस.एम.ई. के अंतर्गत पंजीकृत लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योगों की कुल संख्या कितनी है? उद्योगवार जानकारी उपलब्ध कराई जाए।                            (ख) विगत तीन वर्षों में हरदा जिले में एम.एस.एम.ई. के अंतर्गत कितने नवीन लघु उद्योगों की स्थापना हेतु पंजीकरण किए गए हैं तथा इनमें से कितने उद्योग वास्तव में स्थापित एवं संचालित हैं? (ग) जिले में लघु उद्योगों के प्रोत्साहन हेतु शासन द्वारा संचालित योजनाओं (जैसे प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना आदि) के अंतर्गत कितने हितग्राहियों को ऋण/अनुदान/सहायता प्रदान की गई है? हितग्राही के नाम सहित पृथक-पृथक सूची उपलब्ध करावे। (घ) क्या हरदा जिले में एम.एस.एम.ई. के अंतर्गत लघु उद्योगों हेतु पर्याप्त औद्योगिक भूमि, विद्युत, जल एवं अन्य आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध हैं? यदि नहीं, तो इनके विस्तार एवं सुधार हेतु क्या कार्यवाही प्रस्तावित है? (ड.) क्या शासन द्वारा हरदा जिले में नवीन औद्योगिक क्षेत्र अथवा लघु उद्योग क्लस्टर विकसित करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन है? यदि हाँ, तो उसकी वर्तमान स्थिति एवं समय-सीमा क्या है?

सूक्ष्‍म,लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ) : (क) भारत सरकार द्वारा संचालित उद्यम पोर्टल अनुसार वर्तमान में एमएसएमई अंतर्गत कुल 3482 उद्योग पंजीकृत हैं जिसमें से 3442 सूक्ष्म, 35 लघु एवं 05 मध्यम उद्योग पंजीकृत हुए हैं। (ख) भारत सरकार के उद्यम पोर्टल अनुसार जिला हरदा में विगत 03 वर्षों में 03 लघु उद्योग पंजीकृत हुए हैं, जो वर्तमान में उत्पादनरत हैं। (ग) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में चाही गई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) हरदा में विभाग की 20.007 हेक्टेयर भूमि पर औद‌योगिक क्षेत्र स्थापित है, जिसमें उद्‌योग स्थापना हेतु आवश्यक अधोसंरचनायें/सुविधा उपलब्ध है। (ड.) वर्तमान में औद‌योगिक क्षेत्र विकसित करने का प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

थाना प्रभारियों के स्थानान्तरण हेतु

[गृह]

40. ( क्र. 576 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या धार जिले की धरमपुरी विधानसभा अंतर्गत पुलिस थानों में पदस्थ थाना प्रभारियों के स्थानान्तरण हेतु पत्राचार किया गया था? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार यदि हाँ, तो उक्त थाना प्रभारियों के स्थानान्तरण हेतु कार्यवाही की गई है और यदि नहीं, तो कब तक कार्यवाही की जावेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी  संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "इकतीस"

विभागों में स्वीकृत एवं रिक्त पदों की जानकारी

[सामान्य प्रशासन]

41. ( क्र. 612 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                          (क) चौरई विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न विभागों में स्वीकृत एवं रिक्त पदों का विभागवार विवरण क्या है? (ख) चौरई विधानसभा क्षेत्र में पदस्थ अधिकारियों की औसत कार्यकाल अवधि क्या है?                                       (ग) चौरई विधानसभा क्षेत्र में विगत तीन वर्षों में कितनी जन शिकायतें मध्‍यप्रदेश शासन के सी.एम. हेल्‍पलाईन (181) राजस्‍व विभाग से प्राप्‍त हुई और उनमें से कितनों का संतोषजनक निराकरण हुआ?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट '' अनुसार हैं। (ख) चौरई विधानसभा क्षेत्र में पदस्‍थ अधिकारियों के औसत कार्यकाल का पृथक समेकित अभिलेख संधारित नहीं किये जाने से प्रश्‍न उपस्‍थित नहीं होता। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट '' अनुसार है।

परिशिष्ट - "बत्तीस"

 

प्रदेश पर बकाया ऋण एवं ब्‍याज भुगतान

[वित्त]

42. ( क्र. 613 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश पर वर्तमान में कुल कितना ऋण है तथा प्रति व्यक्ति ऋण का आंकड़ा क्या है?                              (ख) पिछले तीन वर्षों में राज्य के ऋण एवं ब्याज भुगतान में कितनी वृद्धि हुई है? (ग) राज्य की कुल आय का कितना प्रतिशत ऋण एवं ब्याज भुगतान में व्यय हो रहा है?

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) मध्‍यप्रदेश शासन के वित्‍तीय वर्ष 2026-27 के बजट साहित्‍य "वित्‍त सचिव के स्‍मृति पत्र" के  बिन्‍दु क्रमांक (17) - राज्‍य शासन की ऋण स्थिति में उपलब्‍ध हैं एवं पुस्‍तकालय में रखे अनुसार तथा वेबसाइट https://finance.mp.gov.in पर उपलब्‍ध हैं। (परिशिष्‍ट-1 संलग्‍न) मध्‍यप्रदेश शासन में प्रति व्यक्ति के आधार पर ऋण नहीं लिया जाता है। (ख) (1) पिछले तीन वर्षों में वर्ष 2023-24 एवं वर्ष 2024-25 का लेखा अनुसार राज्य के ऋण की स्थिति "वित्‍त सचिव के स्‍मृति पत्र" के लोक ऋण अंतर्गत 7.2: भुगतान में तथा राजस्‍व व्‍यय अंतर्गत 11.1- ब्‍याज भुगतान एवं ऋण परिशोधन खर्च अनुरूप पुस्‍तकालय में रखे अनुसार तथा वेबसाइट https://finance. mp.gov.in पर उपलब्‍ध हैं। (परिशिष्‍ट -2 एवं 3 संलग्‍न) (2) भारत के नियंत्रक एवं महालेखाकार द्वारा वित्‍तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम लेखा तैयार नहीं किये जाने से अंकेक्षित जानकारी दिया जाना संभव नहीं हैं। तथापि वित्‍तीय वर्ष 2025-26 के राज्‍य के ऋण एवं ब्‍याज भुगतान की पुनरीक्षित अनुमान की जानकारी, वित्‍तीय वर्ष 2026-27 के "वित्‍त सचिव के स्‍मृति पत्र" के लोक ऋण अंतर्गत 7.2 भुगतान एवं ऋण परिशोधन खर्च अनुरूप पुस्‍तकालय में रखे अनुसार तथा वेबसाइट https://finance.mp.gov.in पर उपलब्‍ध हैं। (परिशिष्‍ट-3 संलग्‍न) (ग) वित्‍तीय वर्ष 2026-27 के बजट साहित्‍य के वित्‍त सचिव के स्‍मृति पत्र अनुसार परिशिष्‍ट-छ उददेश्‍यवार प्रवधानों का विश्‍लेषण अनुरूप पुस्‍तकालय में रखे अनुसार तथा वेबसाइट  https://finance.mp.gov.in पर उपलब्‍ध हैं। (परिशिष्‍ट-4)

IAS, SAS अधिकारियों के विरुद्ध लंबित, निराकृत प्रकरणों की जानकारी

[सामान्य प्रशासन]

43. ( क्र. 617 ) श्री महेश परमार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल एवं उज्‍जैन संभाग में संचालित कुल विभागों में संभाग, जिला व मंत्रालय स्तर पर पदस्थ कुल IAS एवं SAS अधिकारियों के नाम, पदनाम व उनके आवंटित कर्तव्यों की अद्यतन सूची देवें।                                   (ख) उपरोक्त विवरण में कितने अधिकारियों के विरुद्ध माननीय सर्वोच्च न्यायालय व माननीय उच्च न्यायालय में न्यायालय अवमानना अधिनियम,1971 के तहत न्यायिक अवमानना के प्रकरण दर्ज हैं? कितने मामलों में न्यायालय द्वारा उन्हें दोषी माना गया या तीखी टिप्पणियां की गईं? दोषी अधिकारियों के नाम, पद व प्रकरण क्रमांक सहित नोटशीट की प्रतियां देवें। (ग) अवमानना के दोषी अधिकारियों के विरुद्ध म.प्र.सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 एवं अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1969 के तहत कितनी अनुशासनात्मक कार्यवाहियां संस्थित की गईं? क्या इन शास्तियों का इंदराज उनकी सेवापुस्तिका में किया गया है? यदि नहीं,तो इस विधिक शिथिलता के लिए कौन उत्तरदायी है? (घ) वर्तमान में पदस्थ कितने अधिकारियों पर लोकायुक्त, EOW, थानों एवं अदालतों में भारतीय न्यायसंहिता, 2023 IPC, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत सिविल, फौजदारी प्रकरण लंबित हैं? कितने अधिकारी दोषमुक्त हुए? दागी व आरोपित अधिकारियों का वर्तमान पद व धाराओं का पूर्ण विवरण क्या है? सम्‍पूर्ण प्रमाणित विवरण सहित अभिलेख उपलब्ध करावे। (ड.) क्या न्यायालय की निरंतर अवमानना या संविधान के अनुच्छेद 141 एवं 142 के उल्लंघन को 'कदाचार' मानते हुए अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम, 1968 के तहत सेवा से बर्खास्तगी का प्रावधान है? यदि हाँ, तो नियम संख्या क्या है? क्या शासन ऐसे आदतन अवमाननाकर्ताओं को नीतिगत पदों से हटाकर कार्यवाही करते हुये पद मुक्त करने की नीति बनाई गई है? यदि नहीं, तो कारण बतावें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

विक्रय पत्रों में अनियमितताओं पर कार्यवाही

[वाणिज्यिक कर]

44. ( क्र. 618 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला कटनी में यश लॉजिस्टिक प्रा.लि. द्वारा निष्पादित पांच विक्रय पत्रों में भूमि की चौहद्दी, स्थिति एवं अन्य विवरणों में कथित परिवर्तन/विसंगतियों, धोखाधड़ी एवं स्टाम्प ड्यूटी चोरी के संबंध में दिनांक 19.01.2026, 17.04.2026 एवं 03.06.2026 को शिकायतें प्राप्त हुई हैं? (ख) यदि हाँ, तो उक्त शिकायतों पर जिला पंजीयक, कटनी द्वारा अब तक क्या जांच एवं कार्यवाही की गई है? शिकायतवार एवं तिथिवार विवरण क्या है? (ग) क्या शासन के संज्ञान में यह तथ्य आया है कि उक्त पांचों विक्रय पत्रों के कारण संपत्ति का अवमूल्यन दर्शाकर मुद्रांक शुल्क एवं पंजीयन शुल्क की राजस्व हानि हुई है? यदि हाँ, तो अनुमानित राजस्व हानि कितनी है? (घ) क्या उक्त प्रकरण में वास्तविक बाजार मूल्य का पुनर्मूल्यांकन, कम वसूल मुद्रांक शुल्क एवं पंजीयन शुल्क की वसूली तथा दाण्डिक/वैधानिक कार्यवाही प्रस्तावित या प्रचलन में है? यदि हाँ, तो उसका विवरण क्या है? (ड.) क्या शिकायतों पर समयबद्ध कार्यवाही न किए जाने के संबंध में जिला पंजीयक, कटनी की भूमिका की विभागीय जांच कराने का शासन का कोई प्रस्ताव है? यदि हाँ, तो वर्तमान स्थिति क्या है? सम्पूर्ण विवरण एवं जानकारी उपलब्ध कराएं।

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ। (ख) प्राप्‍त तीनों शिकायतों में उल्‍लेखित पंजीबद्ध दस्‍तावेज के आधार पर भारतीय मुद्रांक अधिनियम 1899 के तहत पांच मुद्रांक प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही प्रारम्‍भ की गई। पक्षकारों को सुनवाई का अवसर प्रदान कर, पांचों प्रकरणों में कलेक्‍टर ऑफ स्‍टाम्‍प, कटनी द्वारा दिनांक 29.06.2026 को आदेश पारित किये गये। (ग) उक्‍त पांच प्रकरणों में से एक प्रकरण उचित मुद्रांकित पाया गया व शेष चार प्रकरणों में कमी मुद्रांक शुल्‍क 71.61 लाख व पंजीयन शुल्‍क 6.03 लाख की राजस्‍व कमी पाई गई। जानकारी  संलग्‍न परिशिष्‍ट  अनुसार है। (घ) जी हाँ, उक्‍त प्रकरणों में से चार प्रकरणों में कमी मुद्रांक शुल्‍क 71.61 लाख व पंजीयन शुल्‍क 6.03 लाख व अर्थदण्‍ड 71.61 लाख व ब्‍याज का निर्धारण कमी मुद्रांक शुल्‍क के निर्धारण हेतु आदेश जारी किये गये हैं। (ड.) जी नहीं, प्राप्‍त शिकायतों पर कार्यवाही करने में किसी प्रकार का विलम्‍व नहीं हआ है। शिकायत प्राप्‍त होने के उपरांत प्रकरण दर्ज कर पक्षकारों को सुनवाई का अवसर देते हुए मौका जांच रिपोर्ट प्राप्‍त कर आदेश पारित कर प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है। विलम्‍वकारित नहीं होने से शेष प्रश्‍नांश की जानकारी निरंक है।

परिशिष्ट - "तैंतीस"

तिलहन संघ के सेवायुक्‍तों को पांचवे वेतनमान का लाभ दिया जाना

[सामान्य प्रशासन]

45. ( क्र. 622 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                           (क) विधानसभा अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 2235, उत्तर दिनांक 25.02.2026 के उत्‍तरांश '' में पांचवा वेतनमान स्वीकृति के संदर्भ में क्या दिनांक 19.05.2016 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में तिलहन संघ से शासन में पदस्थ सेवायुक्त कर्मचारियों को माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के पालन में पंचम वेतनमान का लाभ सक्षम स्तर से स्वीकृत किए जाने का निर्णय लिया गया था? यदि हाँ, तो उसके परिपालन में विभागवार की गई कार्यवाही का विवरण उपलब्ध कराया जाए तथा संबंधित आदेशों एवं पत्राचार की छायाप्रतियां दें। (ख) माननीय उच्च न्यायालय में पंचम वेतनमान संबंधी लंबित/निस्तारित अवमानना याचिकाओं की संख्या/सेवायुक्तवार विवरण उपलब्ध कराये। (ग) सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा शासन में पदस्थ तिलहन संघ कर्मचारियों को पंचम वेतनमान का लाभ प्रदान करने संबंधी आयोजित बैठकों का विवरण दिनांक सहित तथा कार्यवाही की प्रतियां उपलब्ध कराई कराएं। (घ) प्रश्‍नांश (क) के अंतर्गत प्राप्त कर्मचारियों को न्यायालयीन आदेशानुसार देय लाभ स्वीकृत किए जाने की स्थिति स्पष्ट की जाए। यदि लाभ स्वीकृत नहीं किए गए हैं तो उसके कारणों का स्पष्ट उल्लेख किया जाए।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ, कार्यवाही विवरण की छायाप्रति  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ख) माननीय उच्‍च न्‍यायालय में पांचवा वेतनमान संबंधी लंबित/ निस्‍तारित अवमाननाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ग) तिलहन संघ कर्मचारियों को पांचवा वेतनमान का लाभ देने संबंधी बैठक सहकारिता विभाग द्वारा अयोजित की गई थी, कार्यवाही विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट- '''' अनुसार है। (घ) तिलहन संघ के मंत्रालय में संविलियत सेवायुक्‍तों के स्‍वीकृत संबंधी आदेश की छायाप्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट- '''' अनुसार है। श्री बेन्‍नी पी.एम. का सामान्‍य प्रशासन विभाग में केवल प्रतिनियुक्ति अवधि का पांचवे वेतनमान संबंधी प्रकरण माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर में विचाराधीन होने से स्‍वीकृत नहीं किया गया है।

 

 

खनिज पट्टों में अनियमितता एवं अवैध खनन की जानकारी

[खनिज साधन]

46. ( क्र. 626 ) श्री भंवर सिंह शेखावत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                               (क) क्या विधानसभा क्षेत्र बदनावर में वर्ष 2018-19 से प्रश्‍न दिनांक तक पत्थर, गिट्टी एवं रेत खदानों के लिए विभिन्न व्यक्तियों/संस्थाओं को खनन पट्टे आवंटित किए गए हैं? यदि हाँ, तो प्रत्येक पट्टाधारी का नाम, खसरा/सर्वे नंबर, स्वीकृत क्षेत्रफल, (लम्बाई x चौड़ाई x गहराई = घन मीटर) स्वीकृत खनिज, पट्टा अवधि तथा शासन को प्राप्त रॉयल्टी की जानकारी प्रदान की जाए। (ख) प्रश्‍नांश (क) के सन्दर्भ में, क्या विभाग/शासन के संज्ञान में यह तथ्य आया है कि अनेक पट्टाधारियों द्वारा स्वीकृत क्षेत्रफल (लम्बाई x चौड़ाई x गहराई = घन मीटर) एवं स्वीकृत मात्रा से अधिक खनन कर शासन को राजस्व हानि पहुँचाई गई है? यदि हाँ, तो संबंधित खदानों का विवरण, अतिरिक्त उत्खनन की मात्रा तथा जिम्मेदार व्यक्तियों के नाम बताए जाएँ। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के सन्दर्भ में, अवैध अथवा स्वीकृत सीमा से अधिक खनन पाए जाने पर विभाग द्वारा अब तक क्या कार्यवाही की गई है? दोषी पट्टाधारियों पर कितनी दंडात्मक राशि आरोपित एवं वसूल की गई?                                     (घ) प्रश्‍नांश (ग) के सन्दर्भ में, जिन मामलों में कार्यवाही नहीं की गई अथवा विलंब हुआ, उसके लिए उत्तरदायी अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध क्या अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की गई है? नहीं, तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रश्‍नांश अनुसार खनिज पत्‍थर/गिट्टी हेतु कुल 14 उत्‍खनिपट्टे स्‍वीकृत किये गये है तथा खनिज रेत की कोई खदान स्‍वीकृत नहीं है। खनिज नियमों में उत्‍खनिपट्टा हेक्‍टेयर ईकाई में स्‍वीकृत किये जाने के प्रावधान है, ना कि लम्‍बाईXचौड़ाई=घन मीटर के मान से उत्‍खनिपट्टा स्‍वीकृत किये जाने के प्रावधान है। पट्टेदारों को स्‍वीकृत खदानों की जानकारी  संलग्‍न परिशिष्‍ट पर है। (ख) प्रश्‍नांश (क) में दिये गये उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में पट्टेदारों द्वारा स्‍वीकृत क्षेत्र/स्‍वीकृत मात्रा से बाहर खनन किये जाने के संबंध में कोई भी तथ्‍य संज्ञान में नहीं आया है। शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) एवं (घ) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में शेष भाग प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "चौंतीस"

श्योपुर जिले में खनिज विभाग की स्‍वीकृतियां

[खनिज साधन]

47. ( क्र. 634 ) श्री बाबू जन्‍डेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खनिज विभाग श्योपुर द्वारा विगत 8 वर्षों में कितने क्रेशरों की अनुमति जारी की गई है? जारी अनुमति दिनांक, अवधि सहित प्रकरणवार, वर्षवार बतावे? क्या अनुमतियों में उल्लेखित शर्तों के संबंध में खनिज अधिकारी श्योपुर द्वारा समय-समय पर मौका जांच की है? यदि हाँ तो कौन-कौन सी दिनांकों में कहां-कहां की जांच प्रतिवेदन की सत्य प्रतिलिपि देवें? उन जांचों में क्या कार्यवाही हुई है? यदि कार्यवाही नहीं की गई है तो क्यों? इसके लिए कौन दौषी है? दोषियों पर क्या कार्यवाही की जावेगी? (ख) खनिज अधिकारी श्योपुर द्वारा विगत 8 वर्षों में कितने अवैध परिवहन एवं भण्डारण, उत्खनन की शिकायतों एवं शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुक्रम में मौके पर जाकर कार्यवाही की गई है? जांच पंचनामा एवं अंतिम आदेश की प्रति सहित जानकारी वर्षवार देवें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जिला श्योपुर द्वारा विगत 8 वर्षों में यांत्रिक क्रिया से गिट्टी निर्माण हेतु पत्थर खनिज के 21 उत्खनन पट्टा स्वीकृत किये गये है। प्रश्‍नानुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ पर है। जी हाँ, शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब पर है। जाँच में की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ पर है। अतः किसी के दोषी नहीं होने के कारण कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी हाँ। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स पर है।

वन परिक्षेत्र में कराये गये कार्यों की जानकारी

[वन]

48. ( क्र. 635 ) श्री चन्दरसिंह सिसौदिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                      (क) गरोठ विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत वन विभाग द्वारा वर्ष 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किये गये? इन कार्यों की क्या स्थिति हैं? क्या सभी कार्य पूर्ण हो गये हैं? स्वीकृत कार्यों की सूची प्रदान करें। (ख) स्वीकृत कार्य किस एजेंसी के माध्यम से कराये जा रहे हैं? कार्य की लागत, एजेंसी का नाम, अभी तक व्यय राशि सहित सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) क्‍या नवीन कार्य की योजना बनाई हैं? यदि हाँतो विभाग के कौन-कौन से कार्य प्रस्तावित हैं? सूची उपलब्ध करावें। (घ) विभाग द्वारा कराये गये कार्यों का भौतिक सत्यापन कराया गया हैं? यदि हाँतो भौतिक सत्यापन का विस्तृत विवरण उपलब्ध करावें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है।                                    (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है।

डी.एम.एफ. मद में व्यय राशि

[खनिज साधन]

49. ( क्र. 636 ) श्री चन्दरसिंह सिसौदिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                               (क) मन्दसौर जिले में डी.एम.एफ.मद जिला खनिज मद अंतर्गत वर्ष 1.04.2021 से प्रश्‍न दिनांक तक वर्षवार कितनी-कितनी राशि कहाँ-कहाँ से प्राप्त हुई? मदवार जानकारी दे। (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित अवधि अनुसार डी.एम.एफ.मद में प्राप्त राशि से कौन-कौन से कार्य कितनी-कितनी राशि के स्वीकृत किये गये। वर्षवार, कार्यवार, एजेंसीवार, जानकारी मद आदेश की प्रति उपलब्ध करावे।                            (ग) स्वीकृत समस्त कार्य पूर्ण हो गये हैं? यदि हाँ, तो इनका कार्य पूर्णत: प्रमाण पत्र की प्रति कार्यवार उपलब्ध करावे। यदि नहीं, तो कौन-कौन से कार्य अपूर्ण हैं तो जानकारी उपलब्ध करावे।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ पर है।                        (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब पर है।

 

घोड़ारोज उन्मूलन के संबंध में

[वन]

50. ( क्र. 653 ) डॉ. चिंतामणि मालवीय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                        (क) घोड़ारोज उन्मूलन के लिए क्या प्रयास किए गए हैं? (ख) क्या उनको पकड़ने या बधिया करण की कोई योजना सरकार ने बनाई है? (ग) किन-किन जिलों में घोड़ारोज की समस्या अधिक है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) नीलगाय (घोड़ारोज) द्वारा किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाये जाने पर आर्थिक सहायता राशि का भुगतान यथा संशोधित राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र खण्‍ड छ: क्रमांक-4 के प्रावधानों के तहत किया जाता है। किसानों की फसलों को नुकसान करने वाली नीलगाय (घोड़ारोज) को आखेट करने की अनुमति जारी करने के लिए मध्यप्रदेश के समस्त अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अपने-अपने अधिकार क्षेत्र की सीमाओं के भीतर प्राधिकृत अधिकारी घोषित है। नीलगाय (घोड़ारोज) से सड़क हादसों के रोकथाम के लिए आमजन को जागरूक करने हेतु सड़कों पर स्पीड ब्रेकर एवं सड़क किनारे वन्यजीवों की उपस्थिति के सूचक बोर्ड लगाये गये हैं। (ख) वर्ष 2016 में मंदसौर जिले के ऐरा ग्राम से 27 एवं NATRAX कैम्पस, पीथमपुर धार से 45 नीलगाय (घोड़ारोज) को वर्ष 2023-24 में प्रायोगिक तौर पर बोमा विधि से पकड़कर गांधी सागर अभयारण्य में छोड़ा गया है। शाजापुर जिले से प्रायोगिक तौर पर 846 काले हिरण एवं 67 नीलगाय को हेलीकॉप्टर से हांका लगाकर बोमा विधि से अन्यत्र स्थानांतरित किया गया है। नीलगाय के बधियाकरण की कोई योजना नहीं है। (ग) मध्यप्रदेश में मुख्यत: मंदसौर, रतलाम, नीमच, उज्जैन, सीहोर, रायसेन, विदिशा, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, देवास जिलों में घोड़ारोज की समस्या है।

बैंक खाते में जमा राशि में वित्तीय अनियमितता

[वित्त]

51. ( क्र. 654 ) डॉ. चिंतामणि मालवीय : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या संस्थागत वित्त संचालनालय द्वारा मुख्यमंत्री किसान योजना के बैंक आफ बड़ौदा के खाते में जमा राशि में कुछ वित्तीय गड़बड़ी पाई गई थी? (ख) यदि हाँ, तो कितने करोड़ की वित्तीय गड़बड़ी थी? (ग) क्या उस वित्तीय गड़बड़ी से शासन को अपूर्णीय क्षति हुई थी? (घ) वित्तीय गड़बड़ी के कारण क्या बैंक ऑफ बड़ौदा को ब्लेक लिस्टेड किया गया था? यदि हाँ, तो किस सक्षम अधिकारी के आदेश से बैक आफ बड़ौदा को किस पत्र के माध्यम से किस दिनांक को ब्लैक लिस्टेड किया गया था? (ड.) क्या बैंक आफ बड़ौदा को ब्लेक लिस्ट से पुनः हटा दिया गया? (च) यदि हाँ, तो किस सक्षम अधिकारी के किस पत्र के माध्यम से और किस दिनांक को? (छ) क्या बैंक आफ बड़ौदा को ब्लेक लिस्टेड करने की तिथि  तथा ब्लेक लिस्ट से समाप्त करने की तिथि के बीच के समय में अपूर्णीय क्षति की पूर्ति  कर ली गई? यदि हाँ, तो किस प्रकार की गई?

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी नहीं। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश "क" के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। आयुक्‍त, संस्‍थागत वित्‍त के पत्र क्रमांक 1/912701/ 2026, दिनांक 27/03/2026 द्वारा प्रतिबंधित किया गया था। (ड.) जी हाँ। (च) आयुक्‍त, संस्‍थागत वित्‍त के पत्र क्रमांक 530 दिनांक 28/03/2026 द्वारा। (छ) शासन को किसी प्रकार की आर्थिक क्षति नहीं हुई है।

जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों का निराकरण

[सामान्य प्रशासन]

52. ( क्र. 662 ) डॉ. चिंतामणि मालवीय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                 (क) उज्जैन जिले की नागदा तहसील में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रमों में दिनांक 01 जनवरी 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितने आवेदन, शिकायतें एवं अभ्यावेदन प्राप्त हुए? (ख) क्या प्रत्येक जनसुनवाई आवेदन पर पृथक पंजीयन क्रमांक प्रदान किया जाता है? यदि हाँ, तो उसके संबंध में लागू नियम, दिशा-निर्देश एवं प्रक्रिया क्या है? (ग) नागदा में जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों में से कितने आवेदनों का विधिवत पंजीयन किया गया तथा कितने आवेदनों को संबंधित विभागों को जांच एवं प्रतिवेदन हेतु प्रेषित किया गया? (घ) विभागों से प्राप्त प्रतिवेदनों के आधार पर जनसुनवाई अधिकारी द्वारा कुल कितने प्रकरणों का निराकरण किया गया, कितने प्रकरण लंबित हैं तथा कितने प्रकरणों में आवेदकों को लिखित सूचना प्रदान की गई? (ड.) जनसुनवाई में प्राप्त आवेदन पर संबंधित विभाग से प्रतिवेदन प्राप्त करने एवं अंतिम निराकरण करने हेतु निर्धारित समय-सीमा क्या है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रश्‍नाधीन अवधि में जन सुनवाई में कुल 1245 आवेदन प्राप्‍त हुए। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) 1245 आवेदन को पंजीयन किया गया एवं संबंधित विभागों को भेजा गया। (घ) नागदा तहसील में जनसुनवाई कार्यक्रम अंतर्गत प्राप्‍त आवेदनों का संबंधित विभाग द्वारा 752 आवेदनों का निराकरण किया गया एवं 493 आवेदन लंबित है। जनसुनवाई में प्राप्‍त आवेदन मूलत: संबंधित विभाग को कार्यवाही हेतु दिये जाते है। संबंधित विभाग द्वारा आवेदको को कार्यवाही से अवगत कराया जाता है। (ड.) यथासंभव उसी दिन या उसके लिए आवश्‍यक न्‍यूनतम अवधि में शिकायतों/आवेदनों के निराकरण किये जाने के निर्देश है।

वृक्षारोपण के कार्य

[वन]

53. ( क्र. 665 ) श्री मोंटू सोलंकी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सेंधवा विधानसभा क्षेत्र में विगत पाँच वर्षों में वन विभाग द्वारा कराए गए समस्त विकास, निर्माण, संरक्षण, वृक्षारोपण एवं अन्य कार्यों का कार्यवार विवरण उपलब्ध करावें? प्रत्येक कार्य का नाम, स्थान, स्वीकृत राशि, व्यय, कार्यादेश, संबंधित ठेकेदार/संस्था तथा भुगतान का विवरण क्या है?                                (ख) उक्त कार्यों में उपयोग की गई सामग्री (पोल, तार-जाली, सीमेंट, रेत, गिट्टी, पौधे आदि) की मात्रा, क्रय प्रक्रिया, भुगतान का विवरण जानकारी उपलब्ध करावें? (ग) प्रत्येक कार्य में नियोजित श्रमिकों की संख्या, कार्य दिवस, मशीन अथवा श्रमिकों से कराए गए कार्य का विवरण, मस्टर रोल, मजदूरी भुगतान की राशि, तिथि एवं भुगतान की जानकारी उपलब्ध करावें? (घ) विधानसभा में तेंदूपत्ता मद की राशि किस-किस मद में एवं किन-किन कार्यों पर व्यय की गई, उसका मदवार विवरण एवं संबंधित स्वीकृति आदेश एवं तेंदूपत्ता संग्रहण से प्राप्त कुल राशि का वर्षवार विवरण दें। (ड.) वृक्षारोपण में लगाई गई प्रजातियों, पौधों की संख्या, जीवित एवं नष्ट पौधों का वर्षवार विवरण, सत्यापन, रख-रखाव, सुरक्षा, सिंचाई व्यय एवं निरीक्षण रिपोर्ट की जानकारी क्या है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है।                           (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) वर्तमान में विभाग में मस्टर रोल प्रथा प्रचलित नहीं है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-5 अनुसार है।

विभागों के अप्रयुक्त बजट, समर्पित राशि

[वित्त]

54. ( क्र. 667 ) श्री मोंटू सोलंकी : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सेंधवा विधानसभा क्षेत्र में विगत पाँच वर्षों के दौरान विभिन्न विभागों को आवंटित बजट में से कितनी राशि खर्च नहीं हो सकी तथा कितनी शासन को समर्पित (लैप्स) हुई? विभागवार, वर्षवार एवं मदवार विवरण उपलब्ध करावें। (ख) क्या उक्त अवधि में सेंधवा विधानसभा क्षेत्र के किसी विभाग, कार्यालय अथवा परियोजना में वित्तीय अनियमितता, ऑडिट आपत्ति अथवा लेखा संबंधी त्रुटियाँ पाई गई हैं? यदि हाँ, तो विभागवार विवरण, आपत्ति की प्रकृति, संबंधित अधिकारी-कर्मचारी तथा की गई कार्यवाही की जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) सेंधवा विधानसभा क्षेत्र में संचालित योजनाओं एवं विकास कार्यों के लिए विगत पाँच वर्षों में कितनी राशि जारी की गई, जिसमें से कितनी राशि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र (यू.सी.) शासन को प्रस्तुत किया गया तथा कितने प्रकरण लंबित हैं? विभागवार जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) क्या शासन के संज्ञान में ऐसे प्रकरण हैं जिनमें बजट स्वीकृत होने के बावजूद राशि जारी नहीं होने अथवा विलंब से जारी होने के कारण विकास कार्य प्रभावित हुए हों? यदि हाँ, तो कार्यवार नाम, विभाग, स्वीकृत राशि, विलंब के कारण एवं वर्तमान स्थिति की जानकारी उपलब्ध करावे।

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) विधानसभा क्षेत्रवार बजट तैयार नहीं किया जाता है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (ख) से (घ) शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है।

मूल निवासियों के रोजगार अधिकारों का हनन

[सामान्य प्रशासन]

55. ( क्र. 672 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश के समस्त विभागों की सीधी भर्तियों में ओपन भर्ती नीति लागू होने के कारण अनारक्षित वर्ग के पदों पर अन्य राज्यों के आवेदकों द्वारा बड़े पैमाने पर नौकरियां हासिल की जा रही हैं?                               (ख) क्या वर्ष 2011 में बाहरी आवेदकों के लिए निर्धारित 5% कोटा समाप्त किए जाने के बाद से वर्ष 2011 से 2026 तक पुलिस, स्वास्थ्य, फॉरेस्ट, सिंचाई और महिला बाल विकास जैसे विभागों की भर्तियों में अनारक्षित वर्ग के 70% से 90% पदों पर अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों का चयन हुआ है? (ग) क्या शिक्षक सीधी भर्ती (वर्ष 2013 से 2024 तक) में शत-प्रतिशत ओपन भर्ती होने के चलते अनारक्षित श्रेणी के लगभग 80% पदों पर अन्य राज्यों के लोग काबिज हो चुके हैं? (घ) क्या सरकार स्थानीय युवाओं के हितों की रक्षा हेतु सीधी भर्ती में अन्य राज्यों के आवेदकों के लिए पुनः 5% कोटा निर्धारित करने अथवा नियमों में तत्काल संशोधन करने पर विचार कर रही है? यदि हाँ, तो कब तक?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (ग) जी नहीं। (घ) जी नहीं, ऐसा कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है।

टीडीएस एवं जीएसटी, टीडीएस  की कटौती

[वाणिज्यिक कर]

56. ( क्र. 673 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के समस्त विभागों में शासकीय सप्लाई करने वाले सप्लायर्स व ठेकेदारों के बिलों से टीडीएस (TDS) और जीएसटी टीडीएस (GST TDS) की कटौती तो कर ली गई है, परंतु संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (DDOs) द्वारा उसे नियमानुसार जमा नहीं किया गया है? (ख) पिछले 3 वर्षों में प्रदेश भर में कुल कितना टीडीएस और जीएसटी टीडीएस काटा गया तथा उसमें से कितनी राशि शासन के खातों में जमा की गई और कितनी राशि वर्तमान में लंबित है? (ग) टी.डी.एस. राशि समय पर जमा न करने और फॉर्म-16ए व जीएसटीआर-7 जनरेट न होने के कारण सप्लायर्स को उनके रिफंड व इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ न मिलने से जो आर्थिक नुकसान हुआ है, क्या शासन उसकी भरपाई (ब्याज सहित) करने पर विचार कर रहा है?                                                   (घ) शासकीय राशि दबाकर बैठने वाले अधिकारियों की शासन कब तक व्यापक जांच कराकर प्राथमिकी (FIR) या निलंबन की कार्रवाई सुनिश्चित करेगा? क्या इसकी कोई निश्चित समय-सीमा तय की गई है? यदि नहीं, तो उचित कारण देवें।

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) प्रदेश के अन्‍य विभागों में किये गये टीडीएस (TDS) और जीएसटी टीडीएस (GST TDS) की कटौती की जानकारी का संधारण संबंधित विभागों के द्वारा स्‍वयं किया जाता है। वाणिज्यिक कर विभाग के पास टीडीएस (TDS) डिडक्‍टर द्वारा जमा की गई टीडीएस (TDS) की राशि को GSTR-7 के माध्‍यम से जीएसटी पोर्टल पर प्रदर्शित किया जाता है, की जानकारी का संधारण किया जाता है। (ख) टीडीएस (TDS) की राशि को GSTR-7 के माध्‍यम से जीएसटी पोर्टल पर प्रदर्शित किया जाता है। जीएसटी पोर्टल पर उपलब्‍ध जानकारी अनुसार पिछले 3 वर्षों में शासन के खाते में जमा टीडीएस कटौत्रा की जानकारी निम्‍नानुसार है:-

 (राशि करोड़ में)

2023-24

2024-25

2025-26

2304.14

2593.98

2831.38

शासन के अन्‍य विभागों के द्वारा काटी गई टीडीएस एवं लंबित की जानकारी का संधारण संबंधित विभागों के द्वारा स्‍वयं किया जाता है। (ग) विभाग द्वारा टीडीएस राशि समय पर जमा की गई है। अन्‍य विभागों के संबंध में जानकारी का संधारण विभाग द्वारा नहीं किया जाता है। अत: शेष प्रश्‍नांश उद्भूत नहीं होता है। (घ) वाणिज्यिक कर विभाग के द्वारा टीडीएस राशि समय पर जमा की गई है। अत: शेष प्रश्‍नांश उद्भूत नहीं होता है।

 

स्वीकृत रेत खदानें एवं भंडारण

[खनिज साधन]

57. ( क्र. 674 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                        (क) क्‍या विभाग द्वारा जिला मुरैना में वर्ष 2026 में किस-किस स्थान पर कितनी रेत खदानें एवं रेत भंडारण स्थलों की स्वीकृत किये जाने हेतु चिन्हित की गई है? (ख) प्रश्‍नांश (क) में चिन्हित की गई रेत खदानें एवं रेत भंडारण स्थलों को आवंटित करने के लिये क्या प्रक्रिया अपनाई गई है, इस संबंध में शासन निर्देशों सहित जानकारी दी जावे। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संबंध में रेत खदानों एवं रेत भंडारण स्थलों हेतु किन-किन फर्मों से अनुबंध निष्पादित कराया गया है, उन फर्मों के नाम एवं ऑनर का नाम सहित पूर्ण जानकारी दी जावे। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संबंध में दी गई खदानों एवं भण्डारण स्थलों की राशि का निर्धारण किस नियम के अनुसार किया गया। इसमें से कितनी प्रतिशत राशि किस माध्यम से जमा कराई गई एवं शेष राशि कितने-कितने प्रतिशत के हिसाब से राशि ली जायेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) मुरैना जिले में वर्ष 2026 में रेत खनिज की कोई खदान स्‍वीकृत या चिन्हित नहीं की गई है। जिला मुरैना में रेत भंडारण हेतु 11 आवेदनों पर कार्यवाही कर रेत भंडारण अनुज्ञप्ति स्‍वीकृत की गई हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'' पर है।                                  (ख) मुरैना जिले में कोई रेत खनिज की खदान स्वीकृत नहीं है। इसलिए आवंटित करने की प्रक्रिया का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। खनिज रेत भण्डारण अनुज्ञप्तियाँ जारी करने के संबंध में मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भण्डारण का निवारण) नियम, 2022 नियम-13 एवं अन्य नियम अधिसूचित है। म.प्र. शासन खनिज साधन विभाग मंत्रालय भोपाल के पत्र क्रमांक 5152/1626929/2023/12-1 भोपाल दिनांक 05/10/2023 में दिये गये निर्देशों के अनुसार खनिज भण्डारण अनुज्ञप्तियाँ स्वीकृत की गई है। निर्देश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'' पर है।                  (ग) जिला मुरैना में रेत खनिज की कोई खदान स्वीकृत नहीं है। अनुबंध निष्पादन का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। खनिज रेत भण्डारण अनुज्ञप्तियाँ में अनुबंध निष्पादन का नियमों में प्रावधान नहीं है। स्वीकृत खनिज भण्डारण अनुज्ञप्तियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'' अनुसार है। (घ) रेत की कोई खदान स्वीकृत नहीं है। मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भण्डारण का निवारण) नियम, 2022 के नियम 8 के तहत् खनिज रेत भण्डारण अनुज्ञप्तियों स्वीकृति हेतु विनिर्दिष्ट पोर्टल पर ऑनलाईन आवेदन किया जाता है। जिसका आवेदन शुल्क 5000/- रुपये है एवं नियम 14 के तहत् प्रतिभूति निक्षेप 25000/- रूपये जमा किया जाना प्रावधानित है। पृथक से राशि का निर्धारण नहीं किया जाता है। शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

विधायक स्वेच्छानुदान में प्राप्‍त राशि का वितरण

[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]

58. ( क्र. 676 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या उप मुख्‍यमंत्री, योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधायक स्वेच्छानुदान में प्राप्त राशि का वितरण हेतु वर्तमान में शासन के क्या नियम है? नियम की प्रति उपलब्ध कराई जावे। (ख) विधायक स्वेच्छानुदान में प्राप्त राशि के वितरण हेतु किस-किस वर्ष में नियमों में संशोधन किया गया? अद्यतन नियमों/शासन आदेश की प्रति वर्षवार उपलब्ध कराई जावे। (ग) विधायक स्वेच्छानुदान में प्राप्त राशि का वितरण विधायक द्वारा स्व-विवेक पर हितग्राहियों की आवश्यकता के अनुसार किये जाने हेतु प्रदाय किया जाता है?

उप मुख्‍यमंत्री, योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) जी हाँ।

कूनो राष्ट्रीय उद्यान एवं ''प्रोजेक्ट चीता'' के संबंध में

[वन]

59. ( क्र. 677 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                            (क) कूनो राष्ट्रीय उद्यान में ''प्रोजेक्ट चीता'' का शुभारंभ किस वर्ष में किया गया एवं इस प्रोजेक्ट का उदेश्य क्या था? (ख) ''प्रोजेक्ट चीता'' के अंतर्गत किस-किस वर्ष में कितने चीते किस देश से लाये जाकर उद्यान में छोडें गये? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संबंध में छोडे गये चीतों को लाने हेतु परिवहन एवं चीतों के क्रय करने पर कितना व्यय किया गया? (घ) ''प्रोजेक्ट चीता'' के शुभारंभ दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में कितने पर्यटक कूनो राष्ट्रीय उद्यान में आये, क्या पर्यटकों से शुल्क लिया जाता है? यदि हाँ, तो प्रति पर्यटक के मान से कितना राजस्व की प्राप्ति हुई? वर्षवार एवं पर्यटकों की संख्यवार जानकारी दी जावे।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) कूनो राष्ट्रीय उ‌द्यान में प्रोजेक्ट चीता का शुभारंभ वर्ष 2022 में किया गया। प्रोजेक्ट का उद्देश्य "भारत में चीतों की एक दीर्घकालिक एवं व्यवहार्य मेटापॉपुलेशन (परस्पर जुड़ी हुई आबादी) स्थापित करना, जिससे चीता शीर्ष परभक्षी के रूप में अपनी पारिस्थितिक भूमिका का निर्वहन कर सके तथा अपने ऐतिहासिक वितरण क्षेत्र में पुनः विस्तार कर सके और इस प्रकार वैश्विक चीता संरक्षण प्रयासों में भारत का प्रभावी योगदान सुनिश्चित हो।" (ख) वर्ष 2022 में 08 चीते नामीबिया से, वर्ष 2023 में 12 चीते दक्षिण अफ्रीका से एवं वर्ष 2026 से 09 चीते बोत्सवाना से लाकर कूनो राष्ट्रीय उ‌द्यान में छोड़े गए। (ग) कूनो वन्यजीव वनमंडल, श्योपुर द्वारा चीतों के परिवहन एवं चीतों के क्रय करने पर कोई राशि व्यय नहीं की गई। (घ) प्रोजेक्ट चीता के शुभारंभ दिनांक 17.09.2022 से वर्तमान दिनांक तक कूनो राष्ट्रीय उ‌द्यान में कुल 17,849 पर्यटक भ्रमण हेतु आए हैं। पर्यटकों से प्रवेश शुल्क लिया जाता है। वर्तमान में प्रति चार पहिया वाहन अधिकतम 06 पर्यटक हेतु रुपये 825/- प्रवेश शुल्क लिया जाता है, इस प्रकार प्रति व्यक्ति प्रवेश शुल्क रूपये 137.5/- है। प्रश्‍नांश की शेष जानकारी निम्नानुसार है:-

वर्ष (अवधि)

पर्यटकों की संख्या

प्राप्त प्रवेश शुल्क की राशि (रुपये मे)

अक्टूबर 2022 से जून 2023

1578

280320

अक्टूबर 2023 से जून 2024

3221

500290

अक्टूबर 2024 से जून 2025

4007

717400

अक्टूबर 2025 से जून 2026

9043

1884225



जेल व्यवस्थाओं की जानकारी

[जेल]

60. ( क्र. 678 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                       (क) प्रदेश में कितनी सेन्ट्रल जेल/जिला जेल/उपजेल है? इनकी कैदी क्षमता कितनी-कितनी है? कितनी जेलो में क्षमता से अधिक कैदी है? जिला जेलवार जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित जेलों में 50 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे विचाराधीन कैदी है, जिन्हें विभिन्न बीमारियों, विकलांगता, घटनों के दर्द से संबंधित बीमारी है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्लेखित कैदियों के लिए क्या प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित जेलों में पश्‍चात्‍य श्रेणी के शौचालय उपलब्ध है? यदि हां, तो कितनी जेलों में जिलावार संख्यात्मक जानकारी दें। यदि नहीं, तो क्या शासन इस पर विचार करेगा यदि हाँ, तो कब तक समय-सीमा बतायें। (घ) क्या बीमार कैदियों को उपचार हेतु अस्पताल में ले जाने के लिए समय पर पुलिस बल उपलब्ध नहीं होता है? यदि हाँ, तो क्या विभाग/शासन कैदियों के समय पर ईलाज हो सके इस संबंध में निर्देश जारी करेगा? यदि हां, तो कब तक? समय-सीमा बतायें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रदेश में 11 केन्द्रीय, 41 जिला, 73 सब एवं 08 खुली जेलें है। प्रदेश में कुल 133 जेलें संचालित है। केन्द्रीय जेलों की 15256, जिला जेलों की 10249, सब जेलों की 5801 एवं खुली जेलों की 138 बंदी आवास क्षमता है। इस प्रकार प्रदेश की जेलों की कुल बंदी आवास क्षमता 31444 है। प्रदेश में 85 जेलों पर क्षमता से अधिक कैदी परिरूद्ध है। जिन जेलों पर क्षमता से अधिक कैदी परिरूद्ध है उनकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"अ" अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) अधिकांश जेलों में पाश्चात्य श्रेणी के शौचालय उपलब्ध है। जिलावार संख्यात्मक जानकारी कॉलम 03 में दर्शायी गयी है। उनकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"ब" अनुसार है। जिन जेलों में यह सुविधा नहीं है उनमें उपलब्‍ध बजट अनुसार पाश्चात्य श्रेणी के शौचालय निर्माण की व्यवस्था की जाती है। (घ) जी हां। पुलिस बल प्राप्त न होने की दशा में मध्यप्रदेश जेल नियमावली 1968 के नियम 178 (क) अनुसार जब कोई गंभीर रूप से बीमार हो और जेल के चिकित्सा अधिकारी की सलाह पर विशेष उपचार के लिए शासकीय अस्पताल में भर्ती किया जाना हो ऐसी स्थिति हो कि पुलिस गार्ड प्राप्त किया जाना शीघ्र संभव नहीं हो तो जेल अधीक्षक ऐसे गंभीर रूप से बीमार बंदी को दो प्रहरियों के साथ शासकीय अस्पताल में भेजकर भर्ती करवाएगा और तत्काल पुलिस गार्ड की मांग करेगा और पुलिस गार्ड उपलब्ध होने पर ऐसे बंदी को पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया जायेगा।

खदानों के संचालन से पर्यावरण क्षति

[पर्यावरण]

61. ( क्र. 681 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                            (क) प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण हेतु कौन-कौन सी योजनाएं संचालित है? (ख) क्या ग्वालियर जिले में रेत लौह अयस्क, पत्थर फर्सी, मुरम, गिट्टी पत्थर की खदाने संचालित है? यदि हाँ, तो क्या इन खदानों से पर्यावरण को क्षति एवं ईकोसिस्टम प्रभावित नहीं हो रहा है? क्या विभाग द्वारा खदानों के संचालन हेतु अनुमति/अनापत्ति/सहमति दी गई है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) का उत्तर यदि हाँ, तो वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक विभाग द्वारा कब-कब, क्या-क्या कार्यवाही की गई? वर्षवार विवरण दें। (घ) ग्वालियर जिले में रेत और लौह अयस्क, पत्थर फर्शी, गिट्टी पत्थर, मुरम की खदानें कहाँ-कहाँ, किन-किन स्थानों पर संचालित है? स्थानवार, खदान के प्रकारवार, विभाग द्वारा दी गई अनुमति/अनापत्ति/सहमतिवार जानकारी दें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"अ" अनुसार है।                                 (ख) जी हाँ। (ग) सम्मति की शर्तों का उल्लंघन नहीं होने के कारण शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-"ब" अनुसार है

गौण खनिज राशि से स्वीकृत विकास कार्य

[खनिज साधन]

62. ( क्र. 684 ) श्री सुरेश राजे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गौण खनिज क्षेत्र (काली गिट्टी उत्खनन, रेत उत्खनन तथा मुरम व पत्थर फर्सी) उत्खनन हेतु पट्टे पर देने संबंधी शासन आदेश/नियम की सत्यापित प्रति देवें? वर्ष 2023-24 से 2026-27 में प्रश्‍न दिनांक तक जिला ग्वालियर में विभिन्न गौण खनिजों के उत्खनन से विभाग को कितनी-कितनी राशि प्राप्त हुई? वर्षवार बतावें। (ख) मध्यप्रदेश शासन से जिला में प्राप्त गौण खनिज की राशि से किस सक्षम अधिकारी द्वारा कौन-कौन से निर्माण कार्य स्वीकृत किये जा सकते हैं? शासन आदेश/नियम की सत्यापित प्रति देवें। वर्ष 2023-24 से 2026-27 में प्रदेश शासन से जिला ग्वालियर को निर्माण कार्य स्वीकृत हेतु गौण खनिज मद की कितनी-कितनी राशि प्राप्त हुई? प्राप्त राशि से जिला ग्वालियर में विधानसभा क्षेत्रवार स्वीकृत कार्य (विधानसभा क्षेत्र/कार्य का स्थान/कार्य का नाम/ स्वीकृत राशि‍/जारी की गई कुल राशि एवं दिनांक/कार्य पूर्ण की अवधि/पूर्ण, अपूर्ण का कारण/निर्माण एजेंसी का नाम) की वर्षवार पूर्ण जानकारी देवें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रश्‍नाधीन खनिजों के उत्खनन पट्टे प्रदान करने हेतु मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम 1996 प्रावधानित है। यह नियम अधिसूचित नियम है। प्रश्‍नांश की शेष जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट पर है। (ख) गौण खनिज की राशि से निर्माण कार्य स्वीकृत किये जाने प्रावधान नहीं है। प्रश्‍नाधीन अवधि में गौण खनिज से प्राप्त राजस्व की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट पर है। गौण खनिज से प्राप्त राजस्व राशि से कार्य स्वीकृत होने का प्रावधान न होने के कारण शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "पैंतीस"

मालथौन परिक्षेत्र में वन भूमि पर अतिक्रमण

[वन]

63. ( क्र. 688 ) श्री भूपेन्द्र सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उत्तर वन मण्डल सागर अन्तर्गत मालथौन परिक्षेत्र के किन-किन ग्रामों में, कितनी-कितनी वन भूमि है? किन-किन ग्रामों की कितनी-कितनी वन भूमि पर किस-किस के द्वारा अतिक्रमण किया गया है?                                 (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार उक्त अतिक्रमित भूमि के संबंध में विभाग द्वारा अभी तक कहाँ-कहाँ, किन-किन के विरूद्ध क्या-क्या कार्यवाही की गयी? कहाँ-कहाँ, कितनी-कितनी भूमि अतिक्रमण से मुक्त करायी गयी? कितनी-कितनी भूमि पर वर्तमान में अतिक्रमण है? विस्तृत ब्यौरा दें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "छत्‍तीस"

सिविल न्यायालय के नवीन भवन का निर्माण

[विधि एवं विधायी कार्य]

64. ( क्र. 689 ) श्री भूपेन्द्र सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि सागर जिले के खुरई में स्थित सिविल न्यायालय का भवन जो सन् 1964-65 में बना था? वर्तमान में इस न्यायालय भवन की क्या स्थिति है? नवीन न्यायालय भवन हेतु कब तक स्वीकृति प्रदान की जावेगी? क्या वर्तमान में संचालित न्यायालय में माननीय न्यायाधीशों एवं नागरिकों को अत्यधिक असुविधा एवं असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : जानकारी एकत्रित की जा रही है।

उद्योग इकाई की स्थापना

[सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम]

65. ( क्र. 693 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या सूक्ष्‍म,लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला बालाघाट में सुक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की कौन-कौन सी योजनाएं संचालित की जा रही है? विभाग द्वारा सूक्ष्म, लघु उ‌द्योग स्थापित किये जाने हेतु वर्ष 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक की कार्य योजना क्या-क्या है? (ख) वर्तमान में जिला बालाघाट में कौन-कौन सी उद्योग इकाई सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा किन-किन स्थानों पर स्थापित की गई है तथा उसमें कितने लोगों को 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक रोजगार प्रदान किया गया है? (ग) जिला बालाघाट अंतर्गत बालाघाट विधानसभा में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, विभाग द्वारा लघु उ‌द्योगों हेतु कौन-कौन से स्थान/भूमि चिन्हित की गई है तथा वहां पर कौन-कौन से उ‌द्योग स्थापित किये जाने की योजना है? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार सूक्ष्म, लघु उ‌द्योग स्थापित किये जाने हेतु विभाग द्वारा कहां-कहां भूमि आवंटित की गई एवं किन-किन इकाई/समूह एवं व्यक्ति को कौन-कौन से उ‌द्योग स्थापित करने हेतु की भूमि आवंटित की गई?

सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ) : (क) जिला बालाघाट सहित संपूर्ण प्रदेश में शिक्षित बेरोजगार युवाओं को स्वयं का उद्यम स्थापित करने हेतु मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना संचालित की जा रही है। साथ ही एमएसएमई की स्थापना को प्रोत्साहित करने हेतु म.प्र. एमएसएमई प्रोत्साहन योजना 2025 संचालित की जा रही है। सूक्ष्म एवं लघु उद्योग की स्थापना हेतु उन्हें भूमि उपलब्ध कराने के लिये कुल 12.853 हेक्टेयर क्षेत्र में नवीन औयोगिक क्षेत्र कनकी विकसित किया जा चुका है और औद्योगिक क्षेत्र एकोडी तहसील वारासिवनी में कुल 6 हेक्टेयर में ''लाख क्लस्टर'' हेतु विकास कार्य किया जा रहा है। (ख) विभाग द्वारा स्वयं उद्योग स्थापित नहीं किये जाते हैं, अपितु प्रचलित विभागीय नीति एवं नियमों के अंतर्गत उद्यमियों को उद्योग स्थापना में सहयोग एवं समर्थन प्रदान करता है। तथापि भारत सरकार, एमएसएमई मंत्रालय के उद्यम पोर्टल अनुसार विगत तीन वर्षों में पंजीकृत विनिर्माण उद्योग इकाइयों की जानकारी निम्नानुसार है:-

वर्ष

इकाई

निवेश (करोड़ रूपये में)

रोजगार

2023-24

755

43.6

3648

2024-25

810

37.3

9126

2025-26

837

11.2

4033

(ग) वर्तमान में नवीन भूमि चिह्नित नहीं है। अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।                                 (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

आउटसोर्स कंपनियों द्वारा कर्मचारियों की नियुक्ति

[वित्त]

66. ( क्र. 694 ) श्री विवेक विक्की पटेल : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्य प्रदेश में शासकीय विभागों में आउटसोर्स कंपनी को किस आधार पर कर्मचारी नियुक्त करने की पात्रता और प्रक्रिया है और जिला बालाघाट में कितनी कंपनियों द्वारा किन-किन विभागों में कर्मचारी उपलब्ध कराए जा रहे हैं? क्या आउटसोर्स कर्मचारी की नियुक्ति या हटाए जाने हेतु समिति गठित की गई है? सेवा प्रदाता कंपनियों द्वारा ही अपनी स्वेच्‍छा से कर्मचारियों की नियुक्ति कर दी जाती है? (ख) शासकीय विभागों को किस आधार या मापदंड के अनुसार आउटसोर्स कर्मचारी उपलब्ध कराए जाते हैं? नियुक्ति के क्या नियम है? जिला बालाघाट अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 112 के किस-किस विभाग में किस-किस कंपनी द्वारा किस-किस पद पर आउटसोर्स कर्मचारी नियुक्त किए हैं? अनुबंध व नियुक्ति प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्रदान की जावे?                   (ग) विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 112 अंतर्गत आने वाले सिविल अस्पताल वारासिवनी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामपायली, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खैरलांजी में कार्यरत कंपनी द्वारा विगत 3 वर्ष में कितने कर्मचारी किस-किस पद पर नियुक्त किए गए हैं और कितने हटाए गए हैं? हटाने का कारण सहित आदेशों की छायाप्रति व कर्मचारियों की सूची प्रदान करें। (घ) विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 112 अंतर्गत शासकीय महाविद्यालय वारासिवनी एवं खैरलांजी में सेवा प्रदाता कंपनी द्वारा कितने आउटसोर्स कर्मचारी किन-किन पदों पर नियुक्त किए गए हैं? संख्यावार सूची प्रदान करें?

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

सी.एस.आर. मद के कार्य

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

67. ( क्र. 695 ) श्री विवेक विक्की पटेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                       (क) क्या बालाघाट जिला अंतर्गत शासन द्वारा जनकल्याणकारी कार्यों हेतु सी.एस.आर. मद के माध्यम से वर्ष 2023-24 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्य किए गए हैं? (ख) यदि हाँ, तो जिला अंतर्गत क्षेत्रीय एवं आमजन की सुविधाओं हेतु किन-किन स्थानों पर किस-किस वर्ष में किन-किन कार्यों पर कितना-कितना बजट स्वीकृत किया जाकर क्या-क्या कार्य किए गए हैं? वर्षवार जानकारी दें। (ग) जिला बालाघाट अंतर्गत उक्त मद के माध्यम से कार्य किए जाने हेतु किस-किस प्रकार के किन-किन कार्यों के आवेदन या सुझाव प्राप्त होकर उन्हें स्वीकृतियां दी गई है? तो उनमें से कितने कार्य पूर्ण हो गए कितने अपूर्ण है? तो किन कारणों से जानकारी वर्षवार देवें।                                    (घ) सी.एस.आर. मद से किए जाने वाले कार्यों की स्वीकृत हेतु जिले में किस समिति को एवं किस नियम प्रक्रिया के माध्यम से स्वीकृतियां दी जाकर कार्यों की मॉनिटरिंग की जा रही है एवं नियम अनुसार किन संस्थानों, फार्म, निवेशकों इत्यादि द्वारा योजना में सम्मिलित होकर सहयोग कार्य किया गया है एवं किनके द्वारा नहीं जानकारी उपलब्ध देवें? (ड.) विधानसभा क्षेत्र 112 अंतर्गत सी.एस.आर. मद से कौन-कौन से कार्य कराए गए हैं? सूचीबद्ध जानकारी उपलब्ध करें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (ड.) जानकारी संकलित की जा रही है।

रेत खदानों में वृहद स्तर की अनियमितता

[खनिज साधन]

68. ( क्र. 701 ) श्री निलेश पुसाराम उईके : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) क्या जिला-पांढुर्णा, छिंदवाड़ा व सिवनी में स्टोन क्रेशर आधारित पत्थर उत्खनन हेतु पट्टा/लीज दी गई है? यदि हाँ, तो वर्ष 2022 से आज दिनांक के मध्य दी गई लीज/पट्टा की स्थान, अवधि, पत्थर उत्खनन क्षेत्र व पट्टाधारी व्यक्ति के नाम सहित जानकारी देवें। क्या उक्त पत्थर उत्खनन पट्टा/लीजधारी व्यक्ति द्वारा लीज में वर्णित निर्धारत क्षेत्र से अधिक क्षेत्र/गहराई/चौडाई में पत्थर का उत्खनन करने की विधिवत जांच हेतु पत्र स्थानीय जनप्रतिनिधियों व मजदूर संघ द्वारा शासन/ प्रशासन/संभाग कमिश्नर/जिला-प्रशासन को प्राप्त हुए है? यदि हाँ, तो पत्र के बिंदु अनुसार कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो कब तक कि जावेगी? (ख) क्या जिला-पांढुर्णा, छिंदवाड़ा व सिवनी में रेत खदानों/घाटो का विभाग द्वारा रेत उत्खनन पूर्व विधिवत सीमांकन, फेंसिंग, वृक्षारोपण व अन्य बिन्दुओं का पूर्णतः पालन किया गया हैं? यदि नहीं, तो क्यों? क्या उक्त बिंदुओं से संबंधित रेत खदानों/घाटों में की जा रही वृहद अनियमितता के संबंध में स्थानीय जनप्रतिनिधियों व मजदूर संघ द्वारा फरवरी वर्ष 2024 व इसके उपरांत शासन/विभाग/सम्भाग कमिश्नर/जिला-प्रशासन को कोई पत्र प्राप्त हुए है? यदि हाँ, तो पत्र के बिंदु अनुसार कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो कब तक की जावेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ, प्रश्‍नांश अनुसार जिला पांढुर्णा, छिन्‍दवाड़ा व सिवनी में स्टोन क्रेशर आधारित पत्थर खनिज के उत्खनि पट्टे स्वीकृत किये गये है। वर्ष 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक जिला पांडुर्णा, छिन्‍दवाड़ा व सिवनी में स्वीकृत उत्खनि पट्टों तथा इनके संबंध में प्राप्त पत्रों एवं की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'पर है। (ख) जी हाँ, प्रश्‍नांश अनुसार रेत खदानों में रेत खनन प्रारंभ करने के पूर्व अनुमोदित जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट में दिये गये को-आर्डिनेट्स, पूर्व पर्यावरण स्वीकृति तथा जिला स्तरीय स्वीकृति की शर्तों के अनुसार सीमा चिन्हांकन, वृक्षारोपण एवं अन्य सुरक्षात्मक बिंदुओं का पालन किया जाता है। फरवरी 2024 के पश्चात रेत खदानों में अनियमितताओं एवं अवैध उत्खनन संबंधी प्राप्त पत्रों तथा इन पर की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' पर है।

थाना में पर्याप्त बल एवं चौकी

[गृह]

69. ( क्र. 704 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी-मालवा विधानसभा क्षेत्र के थाना सिवनी-मालवा में कितने पद एस.आई. के कितने पद ए.एस.आई. के और कितने पद कांस्टेबल सिपाही के रिक्त हैं? (ख) इन रिक्त पदों को कब तक भरा जाएगा जिससे कि पुलिस प्रशासन ठीक से अपना काम कर सके? (ग) क्‍या सिवनी-मालवा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नवीन थाना खोलने की कोई योजना है और नवीन थाना चौकी बनाने की कोई योजना है? हिरनखेड़ा में पुलिस चौकी कब तक स्वीकृत की जाएगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) सिवनी-मालवा विधानसभा क्षेत्र के थाना सिवनी-मालवा में एस.आई. के 03, ए.एस.आई.के 03 एवं कांस्टेबल के 06 पद रिक्त है। (ख) पद पूर्ति सतत् प्रक्रिया है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। (ग) जी नहीं। हिरनखेडा में नवीन पुलिस चौकी की स्थापना का प्रस्ताव निर्धारित मापदण्ड पूर्ण नहीं करने के कारण साध्य नहीं पाया गया है।

वन भूमि पर अवैध कब्‍जा

[वन]

70. ( क्र. 705 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी विधानसभा क्षेत्र में कुल कितने वन ग्राम है? अलग-अलग विकासखंडवार बताने की कृपा करें? (ख) इन ग्रामों में कितनी वन की भूमि पर अवैध कब्जा है? किसने किया है, इनकी संख्या क्या है? (ग) आदिवासियों को पट्टा देने की क्या योजना है? (घ) पिछले दस वर्षों में वृक्षारोपण के लिए कितनी राशि स्वीकृत एवं व्यय की गई तथा कितने पौधे लगाए गए? लगाए गए पौधों में जीवित रहने (survival rate) का प्रतिशत कितना है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। (ग) अनुसूचित जनजाति और अन्य परम्‍परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्‍यता) अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत अनुसूचित जनजाति वर्ग के पात्र वन निवासियों को वनभूमि पर वन अधिकार पत्र दिये जाने का प्रावधान है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है।

रिक्त पदों की जानकारी

[गृह]

71. ( क्र. 706 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पुलिस अधीक्षक कार्यालय विदिशा, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस कार्यालय जिला विदिशा तथा जिले के समस्त पुलिस थानों में विभिन्न श्रेणी के कितने-कितने पद स्वीकृत हैं? उनमें से कितने पद वर्तमान में रिक्त हैं तथा कितने पदों पर पदस्थापना की गई है? कार्यालयवार एवं थानावार विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाए। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में पुलिस विभाग में पदस्थ निरीक्षक, उपनिरीक्षक, सहायक उपनिरीक्षक, प्रधान आरक्षक, आरक्षक तथा अन्य पदों की श्रेणीवार पृथक-पृथक जानकारी उपलब्ध कराई जाए। साथ ही रिक्त पदों की पूर्ति हेतु विभाग द्वारा अब तक क्या-क्या कार्यवाही की गई है एवं भविष्य में उन्हें भरने की क्या योजना है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में क्या पुलिस बल की कमी के कारण जिले में चोरी, लूट एवं अन्य अपराधों की घटनाएं बढ़ रही हैं तथा पुलिस द्वारा समय पर उनका खुलासा नहीं किया जा रहा है? यदि हाँ, तो दिनांक 01 अप्रैल, 2023 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक अनुविभाग सिरोंज एवं लटेरी के समस्त थानों में चोरी के कितने प्रकरण दर्ज हुए, उनके विरुद्ध कितने आरोपी गिरफ्तार किए गए एवं कितने प्रकरणों का खुलासा किया गया, थानावार जानकारी उपलब्ध कराई जाए। (घ) प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिनांक 01 जनवरी, 2024 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सिरोंज, लटेरी, थाना प्रभारी सिरोंज, लटेरी, दीपनाखेड़ा, मुगलसराय, मुरवास, आनंदपुर एवं उनारसीकला को प्रेषित पत्रों पर क्या-क्या कार्यवाही की गई? पत्र प्राप्ति दिनांक, पत्र पावती एवं कृत कार्यवाही से प्रश्‍नकर्ता को कब-कब अवगत कराया गया, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार।                             (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार तथा रिक्त पदों की पूर्ति हेतु पुलिस मुख्यालय स्तर से नव आरक्षकों के पद पर भर्ती की जाकर जिले को 293 नव आरक्षक के पद की पूर्ति की गई। पद पूर्ति एक सतत प्रक्रिया है। (ग) पुलिस बल की उपलब्धता के आधार पर रेसपांस टाइम का ध्यान रखा जाकर बल का समुचित उपयोग किया जा रहा है। जिले में हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, वाहन चोरी, पशु चोरी तथा बलवा के कमी परिलक्षित हुई है, शेष अपराध शीर्षों में बदलते परिवेश में सामान्य कारणों से आंशिक वृद्धि परिलक्षित हुई है। अनुविभाग सिरोंज, लटेरी के थानों में चोरी के अपराधों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार(घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार

शराब दुकानों के ठेकेदारों द्वारा की जा रही अनियमितताएं

[वाणिज्यिक कर]

72. ( क्र. 707 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला विदिशा में विभिन्न स्थानों पर मदिरा दुकानें संचालित की जा रही हैं? यदि हाँ, तो जिले में संचालित समस्त मदिरा दुकानों, कंपोजिट मदिरा दुकानों, बीयर हाउस एवं अन्य लाइसेंसधारी प्रतिष्ठानों की स्थानवार सूची उपलब्ध कराई जाए। साथ ही मदिरा दुकानों के संचालन हेतु शासन/विभाग द्वारा निर्धारित नियम, दिशा-निर्देश एवं शर्तों की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराई जाए। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु आबकारी लाइसेंसधारी बीयर हाउस, बॉटलिंग निर्माण इकाई एवं खुदरा/कंपोजिट मदिरा दुकानों की नीलामी में किन-किन लाइसेंसधारियों/ठेकेदारों द्वारा टेंडर प्रस्तुत किए गए? प्रत्येक लाइसेंसधारी द्वारा जमा की गई निविदा राशि, सुरक्षा निधि एवं अन्य शुल्कों का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराया जाए। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में क्या मदिरा की आपूर्ति, वेयरहाउस से उठाव, स्टॉक प्रबंधन, निर्धारित दर, कर एवं ड्यूटी में आर्थिक अनियमितताएँ की जा रही हैं तथा कुछ खुदरा लाइसेंसधारियों द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर मदिरा विक्रय की जा रही है? यदि हाँ, तो ऐसे दोषी लाइसेंसधारियों एवं ठेकेदारों के नाम, उनके विरुद्ध दर्ज प्रकरण तथा विभाग द्वारा की गई कार्यवाही का विवरण उपलब्ध कराया जाए। यदि अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है, तो इसके क्या कारण हैं एवं कब तक कार्यवाही की जाएगी? (घ) क्या विकासखंड सिरोंज एवं लटेरी के अंतर्गत अनेक ग्रामों में लाइसेंसधारी ठेकेदारों द्वारा अधिकृत दुकान क्षेत्र से बाहर अवैध रूपसे शराब की बिक्री कराई जा रही है? यदि हाँ, तो इस संबंध में विभाग द्वारा अब तक क्या-क्या कार्यवाही की गई है? क्या विभाग के अधिकारियों एवं ठेकेदारों की मिलीभगत से ग्राम-ग्राम में शराब विक्रय की शिकायतें प्राप्त हुई हैं?

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जिला विदिशा में विभिन्न स्थानों पर 74 वैध मदिरा दुकानें संचालित हैं, मदिरा दुकानों का संचालन आबकारी नीति के अन्‍तर्गत किया जाता है। जिला विदिशा में संचालित समस्त कंपोजिट मदिरा दुकानों एवं अन्य लायसेंसधारी प्रतिष्ठानों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-एक एवं दो अनुसार है। जिला विदिशा में 1-देशी स्‍टोरेज मद्यभाण्‍डागार विदिशा, 2- देशी स्‍टोरेज मद्यभाण्‍डागार बासौदा एवं 3- देशी स्‍टोरेज मद्यभाण्‍डागार सिरोंज में स्थित है। जिला विदिशा में बीयर हाऊस संचालित नहीं है। मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 के अन्‍तर्गत बने सामान्य प्रयुक्ति नियमों के नियम-1 एवं वर्ष 2026-27 में जारी आबकारी नीति के अनुसार मदिरा दुकानों का संचालान किया जाता है। नियम एवं आबकारी नीति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-तीन एवं चार अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश (क) में वर्ष 2026-27 में बीयरहाऊस, बॉटलिंग निर्माण इकाई नहीं होने से जानकारी निरंक है। वर्ष 2026-27 में जिला विदिशा में लायसेंसधारियों/ठेकेदारों द्वारा प्रस्तुत टेंडर एवं जमा की गई निविदा राशि, सुरक्षा निधि एवं अन्य शुल्कों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-पांच अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश (क) एवं (ख) में मदिरा की आपूर्ति, वेयरहाउस से उठाव, स्टॉक प्रबंधन, निर्धारित दर, कर एवं ड्यूटी में आर्थिक अनियमितताएँ नहीं की जा रही है, उक्‍त के संबंध में वर्ष 2026-27 में अनियमितताएँ के संबंध में कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया है। विदिशा जिले में खुदरा लायसेंसधारियों द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर मदिरा विक्रय किये जाने पर 11 लायसेंसियों के विरूद्ध विधिवत कार्यवाही की गयी है। उक्‍त अनियमितताओं के विरूद्ध लायसेंसियों पर विभागीय कार्यवाही की गई है, जो प्रक्रियाधीन है। जिसकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-छ: अनुसार है।                                 (घ) विकासखण्ड सिरोंज एवं लटेरी के अन्तर्गत अनेक ग्रामों में लायसेंसधारी द्वारा अधिकृत दुकान क्षेत्र से बाहर अवैध रूप से शराब की बिक्री के संबंध में अवैध रूप से मदिरा विक्रय किये जाने संबंधी कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया है। विकासखण्ड सिरोंज एवं लटेरी के अन्तर्गत अनेक ग्रामों में आबकारी उपनिरीक्षक वृत्त सिरोंज द्वारा 11 प्रकरण पंजीबद्ध कर कार्यवाही की गई है। जिसकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-सात अनुसार है। विभाग के अधिकारियों एवं ठेकेदारों की मिलीभगत से ग्राम-ग्राम शराब विक्रय की कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है।

प्रदेश में संचालित एथेनॉल उद्योगों को शासन द्वारा दिये गये अनुदान

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

73. ( क्र. 710 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के बैतूल, छिन्दवाड़ा, नरसिंहपुर जिले सहित एथेनॉल के उद्योग/प्लांट कहां-कहां पर कितने-कितने क्षेत्रफल में कब-कब से संचालित है एवं कहां-कहां पर नये एथेनॉल के उद्योग/प्लांट लगाया जाना प्रस्तावित है अथवा प्रक्रियाधीन है? कृपया इन ऐथनॉल उद्योग संचालकों/मालिकों के नाम, पता सहित सूची दें। (ख) उक्त किन-किन संचालित एथेनॉल प्लांट के लिये केन्द्र सरकार अथवा राज्य सरकार द्वारा कितनी-कितनी राशि का अनुदान दिया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में एथेनॉल प्लांट के लिये कच्चे माल, गन्ना, अनाज आदि की आपूर्ति कहां-कहां से की जा रही है? (घ) उपरोक्त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्य में यह सही है कि खराब अनाज सरकारी गोदामों से औने-पौने दामों पर इन एथेनॉल प्लांट को बेचा जा रहा है? यदि हाँ, तो संचालित उक्त किन-किन प्लांटों पर विगत 2 वर्ष में कितना-कितना खराब अनाज किस-किस दर पर खरीदा गया?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) विभाग अंतर्गत एम.पी. इण्डस्ट्रियल डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन लि. के कार्य क्षेत्रान्तर्गत जिले में संचालित एथेनॉल के उद्योग/प्लांट स्थानवार, क्षेत्रफलवार, संचालनवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम विभाग से प्राप्‍त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में उद्योग संवर्धन नीति अंतर्गत प्रदाय की जा रही सुविधा/सहायता के संदर्भ में प्राप्‍त आवेदनों अनुसार बैतूल, छिन्दवाड़ा, नरसिंहपुर जिले सहित एथेनॉल के स्‍थापित वृहद उद्योगो को राज्य सरकार द्वारा प्रदाय किये गये अनुदान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 में समाहित है। सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम विभाग से प्राप्‍त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। (ग) एथेनॉल प्लांट के लिये कच्चे माल, गन्ना, अनाज आदि की आपूर्ति विभाग द्वारा नहीं की जाती है। सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम विभाग से प्राप्‍त जानकारी अनुसार एथेनॉल प्‍लांट के लिए कच्‍चे माल, गन्‍ना, अनाज आदि की आपूर्ति की जानकारी सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम विभाग द्वारा संधारित नहीं की जाती। (घ) विभाग द्वारा प्रश्‍नांश से संबंधित जानकारी संधारित नहीं की जाती।

मध्यप्रदेश लघु वनोपज संघ को प्राप्त अर्जित लाभ

[वन]

74. ( क्र. 713 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2018 से 2026 तक मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ का कितना व्यापार रहा एवं अर्जित शुद्ध लाभ या लाभांश (Dividend) कितना रहा? क्या अर्जित शुद्ध लाभ या लाभांश (Dividend) उपयोग वन अभ्यारणों एवं संरक्षित क्षेत्रों में तालाब निर्माण, अन्य विभागीय निर्माण कार्यों एवं वाहन खरीदी पर व्यय किया गया? वर्ष 2018 से 2026 तक के अर्जित शुद्ध लाभ या लाभांश राशि से किये गये विविध निर्माण, अन्य विभागीय निर्माण कार्यों एवं वाहन खरीदी पर व्यय के मदवार विवरण प्रदान करें। (ख) क्या वर्ष 2018 से 2026 तक मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ के प्रशासकीय/अध्यक्षीय मद से विविध निर्माण, अन्य विभागीय निर्माण कार्यों एवं खरीदी का कार्य किया गया है? यदि हाँ, तो कार्यवार विवरण प्रदान करें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में क्या वर्ष 2018 से 2026 तक मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ के प्रशासकीय/अध्यक्षीय एवं प्रबंध संचालक के वित्तीय अधिकारों को पुनरीक्षित किया गया है? अर्जित शुद्ध लाभ या लाभांश के मद से प्रशासकीय/अध्यक्षीय एवं प्रबंध संचालक के आदेशों से जारी कार्य आदेशों और किये गये कार्यों विवरण वर्ष 2018 से 2026 तक का प्रदान करें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रश्‍नांश के प्रथम भाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज (व्‍यापार एवम् विकास) सहकारी संघ मर्यादित, भोपाल द्वारा अर्जित शुद्ध लाभ का वितरण शासनादेशानुसार 75 प्रतिशत संग्राहकों को, 10 प्रतिशत वन एवं लघु वनोपज संरक्षण-संवर्धन हेतु, 5 प्रतिशत सामुदायिक वन प्रबंधन समितियों को तथा 10 प्रतिशत अधोसंरचना एवं कल्याणकारी योजनाओं हेतु किया जाता है। अर्जित शुद्ध लाभ की 10 प्रतिशत राशि का उपयोग संरक्षित क्षेत्र के बाहर बफर जोन एवं क्षेत्रीय वन मण्‍डल की प्राथमिक लघु वनोपज समिति क्षेत्रों में विकास कार्य, अधोसंरचना निर्माण आदि कार्य हेतु किया गया है। प्रश्‍नांश की शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 में एवं वाहन क्रय पर व्यय का मदवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 में है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 में है। (ग) मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ के प्रशासकीय/अध्यक्षीय एवं प्रबंध संचालक के वित्तीय अधिकारों को पुनरीक्षित किए जाने संबंधी आदेशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-5 में है। वर्ष 2018 से 2026 की अवधि में अर्जित शुद्ध लाभ के मद से प्रशासकीय/अध्यक्षीय एवं प्रबंध संचालक के आदेशों से जारी कार्य आदेशों और किये गये कार्यों का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 एवं 4 में है।

खनिज मद से स्‍वीकृत कार्यों की जानकारी

[खनिज साधन]

75. ( क्र. 716 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला आगर-मालवा में खनिज मद से दिसम्‍बर 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन निर्माण कार्यों की स्‍वीकृति प्रदान की गई, वर्षवार निर्माण कार्य का नाम/स्‍थान का नाम सहित जानकारी देवें?                                  (ख) प्रश्‍नांश (क) सुसनेर विधानसभा में कितनी राशि प्रदान की गई एवं किन-किन कार्यों हेतु प्रदान की गई जानकारी देवें? (ग) जिला आगर-मालवा में जिला खनिज मद में दिसम्‍बर 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी प्राप्‍त हुई जानकारी देवें? खनिज मद से कौन-कौन से विकास कार्य करवाये जा सकते है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) खनिज मद से निर्माण कार्य स्‍वीकृति संबंधी प्रावधान नहीं होने से जानकारी निरंक है। (ख) एवं (ग) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में जानकारी निरंक है।

दैनिक वेतनभोगी कर्मचारि‍यों को विनियमित करने

[सामान्य प्रशासन]

76. ( क्र. 717 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                            (क) सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 2016 में कार्यरत तथा 2016 के बाद से निरंतर कार्यरत दैनिक वेतन भोगी जिनको 10 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं तथा विनियमितीकरण योजना का लाभ नहीं मिला ऐसे दैनिक वेतन भोगियों को विनियमित किया जाने के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 2016 के बाद कब-कब विभागों को आदेश/निर्देश दिए गए? आदेश/निर्देश की प्रतिलिपि‍ उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा विभागों को दैनिक वेतन भोगियों को विनियमित किए जाने के संबंध में जारी आदेश/निर्देश का पालन कितने विभागों ने किया एवं कितने विभागों ने नहीं? (ग) मध्य प्रदेश में दैनिक वेतन भोगियों को श्रम विभाग के अनुसार कितना वेतन दिया जाता है क्या कारण है कि मध्य प्रदेश में कार्यरत दैनिक वेतन भोगियों को केंद्र के समान न्यूनतम वेतनमान नहीं दिया जा रहा है? (घ) 2016 के बाद शेष दैनिक वेतन भोगी जो विनियमितिकरण से छुट गए है उन्‍हें कब तक विनियमितिकरण योजना का लाभ दिया जायेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रश्‍न में उल्‍लेखित विषय के संबंध में वर्ष 2016 के बाद कोई निर्देश जारी नहीं किये गये हैं। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) मध्‍यप्रदेश के शासकीय विभागों में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों एवं कर्मचारियों को दिनांक 01.04.2026 से प्रचलित न्‍यूनतम वेतन दरें निम्‍नानुसार हैं:-

श्रमिक श्रेणी

मूल वेतन (रूपये में)

परिवर्तनशील (रूपये में)

कुल वेतन (रूपये में)

अकुशल

9575

2850

12425

अर्द्ध कुशल

10571

2850

13421

कुशल

12294

2850

15144

उच्‍च कुशल

13919

2850

16769

न्‍यूनतम वेतन का निर्धारण समवर्ती सूची का विषय है, जिसमें राज्‍य को न्‍यूनतम वेतन निर्धारण का अधिकार है। राज्‍य की जनसंख्‍या, भौगोलिक, व्‍यावसायिक, औद्योगिक स्थि‍ति एवं लेबर ब्‍यूरो द्वारा जारी उपभोक्‍ता मूल्‍य सूचकांक के आधार पर मध्‍यप्रदेश में न्‍यूनतम वेतन का निर्धारण किया जाता है। (घ) सामान्‍य प्रशासन विभाग के परिपत्र दिनांक 07.10.2016 की, कंडिका-2 के अतिरिक्‍त, अन्‍य कंडिकाओं अनुसार पात्रता निर्धारित करते हुए कार्यवाही संबंधित विभागों द्वारा वर्तमान में की जा सकती है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

इंदौर, उज्‍जैन अंतर्गत लॉजिस्टिक कंपनियों की जानकारी

[वाणिज्यिक कर]

77. ( क्र. 719 ) श्री राजन मण्‍डलोई : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदौर, उज्जैन संभाग अंतर्गत इंदौर से संचालित सभी लॉजिस्टिक कंपनी के डीलर सब डीलर फ्रेंचाइजी की सूची प्रदान करें। सभी के जीएसटी नम्‍बर प्रत्येक शहर में फ्रेंचाइजी फर्म का नाम फ्रेंचाइजी आवंटन पत्र वर्ष एवं फर्म द्वारा लिया गया जीएसटी नंबर समस्त जानकारी प्रदान करें। (ख) उन लॉजिस्टिक कंपनी के नाम बताएं जिनके द्वारा सोना, चांदी एवं कीमती आभूषण एवं आर्म्स की डिलीवरी हेतु विशेष रूप से सरकार द्वारा प्रमाणित लाइसेंस प्राप्त किया गया है। इससे संबंधित समस्त नियमों की प्रमाणित प्रति देवें। (ग) सोना, चांदी, विशेष धातुओं के परिवहन हेतु एवं आर्म्स के परिवहन हेतु शासन द्वारा निर्धारित मापदंड निर्धारित मात्रा एवं सुरक्षा संबंधी नियमों की छायाप्रति प्रदान करें। (घ) अनाधिकृत रूप से सोना, चांदी एवं आर्म्स का परिवहन करने पर विगत 3 वर्षों में कितने लॉजिस्टिक कंपनी के विरुद्ध इंदौर, उज्जैन संभाग के संदर्भ में प्रकरण दर्ज हुए। उनके नाम एवं पते सहित छायाप्रति प्रदान करें।

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) विभाग में लॉजिस्टिक कंपनी के डीलर, सब-डीलर, फ्रेन्‍चाईज़ी संबंधी जानकारी का संधारण नहीं होता है। पंजीयत लॉजिस्टिक कंपनी द्वारा पंजीयत स्‍थान के अतिरिक्‍त अन्‍य स्‍थानों से भी संचालन का कार्य किया जा सकता है। वाणिज्यिक कर इन्‍दौर संभाग-01, 02 एवं 03 एवं उज्‍जैन अंतर्गत लॉजिस्टिक कंपनी/फर्मों के नाम, क्षेत्राधिकार वाले वृत्‍त का नाम, GSTIN, पता एवं पंजीयन दिनांक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा प्रशासित किसी भी अधिनियम में प्रश्‍नांश से संबंधित लायसेंस प्रदाय नहीं किया जाता है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।                                             (ग) वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा प्रशासित किसी भी अधिनियम में प्रश्‍नांश से संबंधित नियम प्रावधानित नहीं होने से प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित अवधि में वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा प्रशासित किसी भी अधिनियम अंतर्गत कोई प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है।

लॉकडाउन अवधि के प्रकरण

[गृह]

78. ( क्र. 721 ) श्री राजन मण्‍डलोई : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या गृह विभाग द्वारा कोविड के पश्चात लॉकडाउन की अवधि में साधारण प्रकृति के एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा में पंजीबद्ध आपराधिक प्रकरणों को प्रत्याहारित किए जाने का आदेश जारी हुआ था? यदि हाँ, तो आदेश की छायाप्रति प्रदान करें। (ख) क्या आदेशानुसार सारे प्रकरण वापस ले लिए गए है? बड़वानी जिले के वापस लिए गए प्रकरणों की सूची उपलब्ध कराएं। (ग) जिन प्रकरणों को वापस नहीं लिया गया उसकी भी सूची कारण सहित उपलब्ध कराएं।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार(ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार(ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

कर्मचारी चयन मंडल/व्यापम द्वारा बेरोजगारों से प्राप्त फीस

[सामान्य प्रशासन]

79. ( क्र. 724 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कर्मचारी चयन मंडल/व्यापम द्वारा बेरोजगारों से प्राप्त फीस में से ‌शिक्षा विभाग को, जिसका बजट 36000 करोड़ से ज्यादा है, 2022 में 137 करोड़ तथा 2023 में 297 करोड़, कुल 434 करोड़ देने का तथ्यात्मक कारण बताएं। सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश का उल्लेख न करें। (ख) कर्मचारी चयन मंडल/व्यापम के पास 2020-21 से 2025-26 को कुल कितनी सावधि जमा, बैंक में नगद जमा तथा अन्य विविध जमा और एडवांस दी गई राशि कितनी-कितनी है? इस अवधि में चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा की गई ऑडिट रिपोर्ट फाइनेंशियल स्टेटमेंट सहित देवें। (ग) 2020-21 से 2025-26 तक प्रतिवर्ष कौन-कौन सी भर्ती, पात्रता तथा प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई? प्रत्येक परीक्षा में कितनी कितनी फीस प्राप्त हुई? कितने अभ्‍यार्थियों ने आवेदन किया? कितने परीक्षा में शामिल हुए तथा परीक्षा कितने दिन तक चली? (घ) प्रश्‍नांश (ग) में उल्लेखित प्रत्येक भर्ती परीक्षा कितने पद के लिए आयोजित की गई, कितनों का चयन किया गया? (ड.) 2020-21 से 2025-26 तक आयोजित विभिन्न परीक्षा में किस शहर में फर्जीवाड़े को लेकर पुलिस प्रकरण दर्ज किए गए? प्रत्येक प्रकरण की एफ.आई.आर. की प्रति देवें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रतिभाशाली वि‌द्यार्थी प्रोत्साहन योजना के क्रियान्वयन हेतु 2022 में 137 करोड़ तथा 2023 में 160 करोड़, इस प्रकार कुल 297 करोड़ की राशि आयुक्‍त लोक सेवा शिक्षण संचालनालय को अंतरित की गई थी। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। वर्ष 2025-26 का ऑडिट प्रक्रियाधीन होने से वर्तमान में जानकारी उपलब्‍ध कराया जाना संभव नहीं है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। (घ) उत्‍तरांश (ग) अनुसार है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है।

ई.ओ.डब्ल्यू. में प्राप्‍त आवेदनों की जानकारी

[सामान्य प्रशासन]

80. ( क्र. 725 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                 (क) ई.ओ.डब्ल्यू. में 2020 से 2025 तथा जून 2026 तक कितने आवेदन आये, कितनो को नस्तीबद्ध किया गया तथा कितने आवेदन शिकायत में दर्ज किए गए? क्या नस्तीबद्ध करने या शिकायत दर्ज करने की सूचना आवेदनकर्ता को दी जाती है, यदि नहीं, तो क्यों? (ख) प्रश्‍नाधीन अवधि में किस दिनांक के आवेदन/शिकायत पर किस‌ दिनांक को अपराध पंजीबद्ध किया गया? (ग) प्रश्‍नाधीन अवधि में किस दिनांक की शिकायत पर चालान किस दिनांक को न्यायालय में पेश किए गए? उस शिकायत पर अपराध किस दिनांक को पंजीबद्ध किया गया था? (घ) स्वर्गीय महेश पांडे की शिकायत 293/2023 पर की गई कार्रवाई विस्तार से दिनांक अनुसार बताएं तथा बतावें की पूर्व विधायक पारस सकलेचा द्वारा प्रकरण में उन्हें फरियादी के रूप में संयोजित करने बावत् आवेदन दिनांक 20/11/25 पर क्या कार्रवाई की गई? प्रकरण के समस्त दस्तावेज, नोटशीट की प्रति देवें। (ड.) रतलाम नगर निगम में सीवरेज योजना में फर्जीवाडे पर पूर्व विधायक पारस सकलेचा की शिकायत क्रमांक 1659/2025 दिनांक 11/6/2025 पर की गई कार्रवाई की दिनांक अनुसार विस्तार से जानकारी दें?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) ई.ओ.डब्ल्यू. में 2020 से जून 2026 तक कुल 23,261 आवेदन प्राप्त हुए हैं जिनमें से 756 आवेदनों को नस्तीबद्ध किया गया है तथा 3018 शिकायतें दर्ज की गई हैं। नस्तीबद्ध करने या शिकायत दर्ज करने की सूचना प्रकोष्ठ मुख्यालय स्तर पर आवेदक को नहीं दी जाती है। शिकायत दर्ज होने के उपरांत शिकायत अग्रिम कार्यवाही हेतु प्रकोष्ठ की संबंधित इकाई को दी जाती हैं जिसमें प्रकोष्ठ इकाई में सत्यापनकर्ता अधिकारी आवेदक को नोटिस जारी करते हैं। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) पूर्व विधायक श्री पारस सकलेचा द्वारा दिनांक 20.11.2025 को दिये गये शिकायत आवेदन को स्वर्गीय श्री महेश पांडे की शिकायत क्रमांक 293/2023 में सम्मिलित किया गया है, शिकायत वर्तमान में सत्यापनाधीन है। (ड.) रतलाम नगर निगम में सीवरेज योजना में फर्जीवाड़े पर पूर्व विधायक पारस सकलेचा की शिकायत आवक क्रमांक 1659/2025 दिनांक 11/06/2025 मूलतः आवश्यक कार्यवाही हेतु नगरीय विकास एवं आवास विभाग को दिनांक 24.06.2025 को प्रेषित की गई है।

वृक्षारोपण की जानकारी

[वन]

81. ( क्र. 728 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वन विभाग द्वारा गत वर्ष नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र में कितने स्थानों पर 100 से अधिक वृक्षारोपण करने का कार्य किया गया? वर्तमान में गत वर्ष किए गए वृक्षारोपण की स्थिति क्या है? वृक्षारोपण किए गए स्थानों के नाम व लगाए वृक्षों की संख्या बताने की कृपा करेंl                                                (ख) वर्तमान में विभाग द्वारा वर्षा ऋतु में नागदा-खाचरौद में व्यापक वृक्षारोपण करने की क्या कार्य योजना है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) वन विभाग द्वारा गत वर्ष नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र में एक स्थान ''बेडावन्या'' पर 10000 पौधों का रोपण किया गया। जिसमें वर्तमान में 100 प्रतिशत पौधे जीवित हैं। (ख) वनमंडल उज्जैन अन्तर्गत वर्तमान में नागदा-खाचरौद में ग्राम रानी पिपलिया में 10000 पौधों का रोपण कार्य किया जा चुका है।

किसानो के खिलाफ कार्यवाही

[खनिज साधन]

82. ( क्र. 729 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या किसानों द्वारा आसपास के किसी स्थान से मुरम खोदकर खेत तक का रास्ता बनाने का काम किया जाता है, जिससे की खेत पर आवागमन हो सके? क्‍या मुरम खदान पर खनिज विभाग द्वारा किसानों के खिलाफ कार्यवाही की जाती है? (ख) क्‍या खेत तक मार्ग बनाने हेतु किसानों द्वारा किया गया? उक्त खनन विधि के अनुरूप है या अवैधानिकl () यदि वैधानिक है तो इस तरह किसानों के खिलाफ होने वाली कार्यवाही पर रोक लगाये जाने के सन्दर्भ में कोई कार्यवाही करेंगे और अवैधानिक है तो क्या किसान हित में खेत तक मार्ग बनाने के लिए रॉयल्टी आदि से मुक्त कर उन्हें मुरम खनन करने की अनुमति प्रदान करने की दिशा में कोई उचित कार्यवाही करेंगेl

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) म.प्र. गौण खनिज नियम 1996 के नियम 3 (दो) छूट-गौण खनिज के ऐसे उत्खनन पर, जो विक्रय के लिए नहीं किया जाकर कुओं के निर्माण या मरम्मत अथवा अन्य कृषि कार्यों के लिए या ग्रामों में निवास करने वाले कृषकों, ग्रामीण कारीगरों और श्रमिकों के निवास गृहों के प्रयोजन के लिए किया गया हो, लागू नहीं होगी, ऐसा प्रावधान अधिसूचित है। मध्यप्रदेश गौण नियम 1996 के नियम 3 (क) के तहत निम्नानुसार प्रक्रिया बनायी गई है:- 3 (क) नियम के खण्ड (एक) और (दो) के अधीन छूट प्राप्त करने के पात्र किसी व्यक्ति/संस्था को संबंधित क्षेत्र के नायब तहसीलदार या तहसीलदार द्वारा सम्यक रूप से प्रमाणित किया जाएगा। इस प्रमाणीकरण में उत्खनन क्षेत्र की अवस्थिति, खनिज की मात्रा तथा खनन की कालावधि का लेख किया जायेगा। इस प्रकार प्रमाणीकरण किये जाने के पश्चात् खनिज शाखा का प्रभारी अधिकारी रायल्टी का भुगतान किये बिना अभिवहन पास जारी करेगा। खनिजों का परिवहन वैध अभिवहन पास द्वारा किया जायेगा, प्रावधानित है। मुरम खदान पर खनिज विभाग द्वारा किसानों के खिलाफ कार्यवाही का प्रकरण प्रकाश में नहीं आया है। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश (क) अनुसार शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

अवैध खनन एवं जिला खनन प्रतिष्ठान निधि की जानकारी

[खनिज साधन]

83. ( क्र. 730 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                       (क) क्या जिला रतलाम में अवैध खनन, अवैध भंडारण एवं अवैध खनिज परिवहन की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं? यदि हाँ, तो विगत तीन वर्षों (वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26) में प्राप्त शिकायतों एवं दर्ज प्रकरणों की वर्षवार एवं खनिजवार जानकारी उपलब्ध करावे एवं वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 में अवैध खनन, अवैध भंडारण एवं अवैध परिवहन के विरुद्ध जिला रतलाम में की गई कार्यवाहियों की तहसीलवार एवं वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावे। उक्त अवधि में आरोपित व्यक्तियों/संस्थाओं के विरुद्ध की गई अन्य वैधानिक कार्यवाही की जानकारी उपलब्ध करावे। (ख) उपरोक्त अवधि में अवैध खनन, अवैध भंडारण एवं अवैध परिवहन के प्रकरणों में अधिरोपित एवं वसूल किए गए जुर्माने, शास्ति, रॉयल्टी, पर्यावरण प्रतिकर तथा अन्य राजस्व की वर्षवार एवं मदवार जानकारी उपलब्ध करावे। (ग) क्या अवैध खनन एवं परिवहन की रोकथाम हेतु विशेष अभियान, संयुक्त जांच दल अथवा उड़नदस्ता दल गठित किए गए हैं? यदि हाँ, तो विगत तीन वर्षों में संचालित अभियानों एवं उनके परिणामों का विवरण उपलब्ध करावे। (घ) जिला रतलाम में जिला खनिज प्रतिष्ठान निधि से वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, आंगनवाड़ी, छात्रावास, सामुदायिक भवन एवं अन्य विकास कार्यों हेतु स्वीकृत कार्यों की विभागवार एवं विकासखण्डवार सूची उपलब्ध करावे। खनिज प्रभावित ग्रामों एवं क्षेत्रों की सूची एवं उक्त ग्रामों में DMF निधि से अब तक कराये गए विकास कार्य की जानकारी देवें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रश्‍नाधीन अवधि में प्राप्‍त शिकायतों एवं दर्ज प्रकरणों की वर्षवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-अ तथा की गई कार्यवाही की तहसीलवार वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब पर है। उक्‍त अवधि में अरोपितों के विरूद्ध की गई अन्‍य वैधानिक कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स पर है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द पर है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ई पर है। (घ) प्रश्‍नाधीन अवधि में जिला खनिज प्रतिष्ठान के (भाग-क) नि‍धि से कोई भी कार्य स्वीकृत नहीं किये गये है, राज्य निधि (भाग-ख) से स्वीकृत कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-फ पर है। म.प्र. जिला खनिज प्रतिष्ठान नियम 2016 के नियम 12 (पॉच) अनुसार प्रदेश/जिला का सम्पूर्ण भू-भाग खनन प्रभावित मान्य किया गया है। जिला खनिज प्रतिष्ठान नियम 2016 में अधिसूचना दिनांक 14.05.2026 से किये गये संशोधन के अनुक्रम में जिला अंतर्गत प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष खनन प्रभावित क्षेत्रो का निर्धारण प्रगति पर है।

कैंपा (CAMPA) योजनांतर्गत कार्य एवं व्यय

[वन]

84. ( क्र. 733 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                             (क) वर्ष 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक जिला रतलाम में कैंपा (CAMPA) योजना अंतर्गत स्वीकृत कार्यों का वर्षवार एवं विकासखण्‍ड/वन परिक्षेत्रवार विवरण प्रदान करें। उक्त अवधि में जिला रतलाम हेतु राष्ट्रीय कैंपा एवं राज्य कैंपा निधि से कितनी-कितनी राशि स्वीकृत, आवंटित एवं व्यय की गई? जानकारी वर्षवार पृथक-पृथक उपलब्ध करावें। (ख) कैंपा योजना अंतर्गत जिला रतलाम में क्षतिपूरक वनीकरण हेतु कितने हेक्टेयर क्षेत्र में वृक्षारोपण किया गया तथा कितने पौधे लगाए गए? क्षेत्रवार एवं वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्राकृतिक वनों के सुधार, वन संरक्षण, वन अग्नि नियंत्रण, मिट्टी एवं जल संरक्षण कार्यों हेतु जिला रतलाम में कौन-कौन से कार्य स्वीकृत एवं पूर्ण किए गए? वन्यजीव संरक्षण एवं उनके आवास विकास हेतु जिला रतलाम में कैंपा निधि से कौन-कौन से कार्य किए गए तथा उन पर कितनी राशि व्यय की गई? (घ) क्या सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कैंपा योजना से कोई कार्य स्वीकृत एवं संचालित किए गए हैं? यदि हाँ, तो ग्रामवार, कार्यवार एवं व्यय राशि का विवरण प्रदान करें। क्या उक्त अवधि में कैंपा योजना अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की अनियमितताओं संबंधी शिकायत प्राप्त हुई है? यदि हाँ, तो शिकायतों का विवरण, जांच की स्थिति एवं कार्यवाही की जानकारी बतावें। वर्तमान में जिला रतलाम में कैंपा योजना अंतर्गत कौन-कौन से कार्य प्रगतिरत हैं तथा उन्हें पूर्ण किए जाने की संभावित समय-सीमा क्या है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) वर्ष 2021-22 से प्रश्‍न दिनांक तक जिला रतलाम में कैम्पा योजना अंतर्गत क्षतिपूरक वनीकरण संबंधी जानकारी निम्नानुसार:-

वर्ष

रकबा (हे.)

पौधा संख्या

स्थल

2022-23

26.180

26180

P-193

2025-26

31

31000

छायन खसरा नं. 2,66

(ग) प्रश्‍नाधीन जानकारी उत्तरांश (क) के परिशिष्ट में है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। वनमण्डल रतलाम में वन क्षेत्र का श्रेणीकरण वन कक्षवार होने से परिक्षेत्रवार एवं कक्षवार उत्तरांश '' के परिशिष्ट अनुसार है। कैम्पा योजना से स्वीकृत कार्यों की अनियमितताओं संबंधी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित ही नहीं होता है। जिला रतलाम में कैम्पा योजना अंतर्गत प्रचलित एवं प्रगतिरत कार्यों की जानकारी उत्तरांश '' के परिशिष्ट अनुसार है। प्रगतिरत कार्य प्राक्कलन अनुसार निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करना संभव है।

पत्रों पर कार्यवाही

[सामान्य प्रशासन]

85. ( क्र. 736 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन/विभाग द्वारा आमजन की कठिनाइयों के निराकरण हेतु विभिन्न स्तर पर जनसुनवाई की जा रही है? (ख) यदि हाँतो रतलाम जिले में वर्ष 2022 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक जनसुनवाई के कितने शिविर कहाँ-कहाँ लगाए गए? जिला व अनुविभागीय स्तर पर जनसुनवाई कितनी हुई? इनमें अब तक कितने आवेदन प्राप्त हुए, उनमें से कितनों का निराकरण हुआ, कितने लम्बित हैं? (ग) क्या शासन के निर्देश अनुसार मंत्री/सांसद/विधायक व जनप्रतिनिधियों के पत्रो पर विभागीय स्तर एवं जिला व अनुविभाग स्तर पर जवाब दिया जाना आवश्यक होता है? उन पत्रो पर कार्यवाही भी आवश्यक होती है? (घ) यदि हाँ, तो प्रश्‍नकर्ता द्वारा उक्त अवधि में जिला व अनुविभाग स्तर पर कितने, किस-किस आवश्यक कार्य हेतु पत्र प्रेषित किये गए? उन पत्रों पर क्या कार्यवाही की गई? कितनी कठिनाई का निराकरण हुआ, कितनी लंबित है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) विभागाध्‍यक्ष से लेकर विकासखण्‍ड स्‍तर तक के प्रत्‍येक कार्यालय में जनसुनवाई किये जाने के निर्देश है, अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अनुसार है। कुल प्राप्‍त 17907, निराकृत 12820, लंबित 5087 हैं। (ग) जी हाँ। जी हाँ। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अनुसार है।

न्‍यायालय में रिक्‍त पदों की पूर्ति

[विधि एवं विधायी कार्य]

86. ( क्र. 737 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या माननीय न्यायालय हेतु शासकीय अधिवक्ता/लोक अभियोजक/अपर लोक अभियोजक/नोटरी के पदों पर नियुक्ति की जाती है? (ख) यदि हाँ, तो रतलाम जिले में कितने स्थानों पर कितने-कितने पद स्वीकृत है? उन पदों पर किस-किस की नियुक्ति की गई है? (ग) वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक उक्त पदों पर किस-किस समयावधि के लिए किस-किस की कहां-कहां पर नियुक्ति की गई?                                     (घ) रतलाम जिले में किन-किन स्थानों पर कितने-कितने पद रिक्त हैं? उनके आवेदन व चयन प्रक्रिया पूर्ण कर लिए जाने के पश्चात किन स्थानों पर नियुक्ति नहीं हो पाई है? रिक्त स्थानों पर उक्त पदों की नियुक्ति कब तक हो जाएगी? सम्पूर्ण जानकारी देवें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) माननीय उच्‍च न्‍यायालय की वेबसाईट के अनुसार सत्र/अपर सत्र न्‍यायालयों की संख्‍या अनुसार, लोक अभियोजक एवं अतिरिक्‍त लोक अभियोजकों की नियुक्ति की जाती है। जिला मुख्‍यालय रतलाम में श्री सुरेश कुमार वर्मा, लोक अभियोजक एवं श्री संजीव सिंह चौहान, श्री समरथ पाटीदार, श्री सतीश त्रिपाठी, श्री सौरभ सक्‍सेना, श्री विवेक उपाध्‍याय, श्री विनोद राव, श्री निलेश शर्मा, तहसील-जावरा में श्री समरथ साहू, श्री पुखराज सोनगरा, तहसील-आलोट में श्री नितिन व्‍यास अपर लोक अभियोजकों की नियुक्तियॉ की गईं है। नोटरीयों की नियुक्ति के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' एवं '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' एवं '''' अनुसार है। (घ) जिला मुख्‍यालय रतलाम एवं तहसील जावरा में लोक अभियोजकों एवं अपर लोक अभियोजकों की नियुक्ति की कार्यवाही पूर्ण की गई है। तहसील आलोट में अपर लोक अभियोजक का एक पद रिक्‍त है। विभागीय अभिलेख अनुसार जिला रतलाम में वर्तमान में नोटरी के 10 पद रिक्‍त है। (मुख्‍यालय रतलाम में 05, तहसील जावरा में 02, तहसील आलोट में 01 तथा तहसील ताल एवं रावटी में 01-01 पर रिक्‍त है। 01 पद हेतु पैनल अप्राप्‍त है। जिसमें से रिक्‍त 09 पदों पर नोटरी के चयन/नियुक्ति के संबंध में नस्‍ती राज्‍य शासन स्‍तर पर विचाराधीन है। रिक्‍त अपर लोक अभियोजक एवं नोटरी के पदों पर चयन/नियुक्ति के संबंध में निश्चित समयावधि बताई जाना सम्‍भव नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' एवं '''' अनुसार है।

विधायकों के पत्रों के उत्तर के संबंध में

[सामान्य प्रशासन]

87. ( क्र. 739 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                         (क) सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा विधायकों के पत्रों का उत्तर देने हेतु निर्धारित समय-सीमा क्या है? इस संबंध में विभाग द्वारा जारी निर्देशों की प्रतिलिपि उपलब्ध कराएं। यदि कोई विभाग निर्धारित समय-सीमा में उत्तर प्रदान नहीं करता है, तो क्या यह नियमों का उल्लंघन है? (ख) 1 जनवरी, 2024 के पश्चात प्रश्‍नकर्ता विधायक द्वारा नीमच विधानसभा क्षेत्र हेतु विभिन्न विभागों को लिखे गए पत्रों का विवरण दें। इनमें से कितने पत्रों का उत्तर किस समयावधि में प्रदान किया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (क) (ख) संबंधित, सामान्य प्रशासन विभाग के नियमों के अनुसार, यदि कोई अधिकारी विधायकों के पत्रों का उत्तर समय-सीमा में नहीं देता है, तो उसके विरुद्ध क्या कार्यवाही का प्रावधान है? 1 जनवरी, 2018 के पश्चात उज्‍जैन संभाग में ऐसे कितने अधिकारियों के विरुद्ध विधायकों के पत्रों के जवाब नहीं देने के कारण क्या-क्या दंडात्मक कार्यवाही की गई है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) सामान्‍यत: अधिकतम एक माह में और इससे अधिक समय लगने की सम्‍भावना हो तो माननीय सदस्‍य को अंतरिम रूप से अवगत कराये जाने के निर्देश हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ग) जी हाँ। समय-सीमा में पत्रों का उत्‍तर दिये जाने के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अधिकारियों/कर्मचारियों की पुनः पदस्थापना

[गृह]

88. ( क्र. 749 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                      (क) 1 जनवरी, 2020 से वर्तमान तक नीमच एवं मंदसौर जिलों में अनियमितताओं, कर्तव्य में लापरवाही अथवा अन्य कारणों से कितने नारकोटिक्स अधिकारियों/कर्मचारियों को लाइन अटैच, निलंबित अथवा अन्य दंडात्मक कार्यवाही का सामना करना पड़ा? संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों के नाम, पदनाम, कार्यवाही की तिथि एवं कारणवार विवरण उपलब्ध कराएं। (ख) विभागीय नियमों एवं नीति के अनुसार लाइन अटैच अथवा निलंबित अधिकारियों/कर्मचारियों की पुनः उसी स्थान पर पदस्थापना के लिए क्या प्रावधान एवं समय-सीमा निर्धारित है? इस संबंध में प्रचलित नियम, परिपत्र एवं दिशा-निर्देशों की प्रतिलिपि उपलब्ध कराई जाए। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) संदर्भित नीमच जिले में नारकोटिक्स विंग में निलंबन अथवा लाइन अटैच किए जाने के पश्चात अधिकारियों/कर्मचारियों को पुनः उसी स्थान पर पदस्थ किए जाने के कितने प्रकरण सामने आए हैं? ऐसे प्रकरणों में पुनः पदस्थापना के कारण, सक्षम प्राधिकारी का नाम तथा जारी आदेशों की प्रतिलिपियां उपलब्ध कराई जाएं।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है।                       (ख) इस संबंध में कोई पृथक या विशेष नियम नहीं है। यद्यपि प्रशासनिक कारणों से स्थानांतरण (लाइन अटैच को उसी स्थान पर पदस्थ करना आदि) किए जाते है। यह एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है।

विधायक निधि से स्वीकृत कार्य

[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]

89. ( क्र. 751 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या उप मुख्‍यमंत्री, योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजनान्तर्गत तथा विधायक स्वेच्छानुदान निधि के तहत कितनी-कितनी राशि एक वित्तीय वर्ष में आवंटित की जाती है?                             (ख) एक वित्तीय वर्ष में एक पंचायत व संस्था या अन्य किसी शासकीय एजेन्सी को माननीय विधायक को अधिकतम कितनी राशि के कार्यों की अनुशंसा करने का अधिकार है?                                               (ग) म.प्र. विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना हेतु मार्गदर्शिका वर्ष 2013 के बिन्दु क्रमांक 2.5 के तहत जिला कलेक्टर को एक संस्था के कार्यों हेतु 25.00 लाख रूपये स्वीकृत करने का अधिकार है। यदि हाँ, तो वित्तीय वर्ष 2025-26 में कलेक्टर भिण्ड द्वारा ग्राम पंचायत बरौआ जनपद पंचायत लहार को 10306000/- रूपये, पत्र क्रमांक 2041 दिनांक 29.08.2025 द्वारा तथा ग्राम पंचायत बरौआ को ही पत्र क्रमांक 2080 दिनांक 11.09.2025 के द्वारा 994000/- रूपये की राशि कुल राशि 11300000/- रूपये तथा ग्राम पंचायत बरई में पत्र क्रमांक 2080 दिनांक 11.09.2025 के द्वारा 36.00 लाख रूपये की राशि तथा ग्राम पंचायत अखदेवा को पत्र क्रमांक 2080 दिनांक 11.09.2025 के द्वारा 40.00 लाख रूपये की राशि किस नियम के तहत स्वीकृत की गई? जानकारी दें।

उप मुख्‍यमंत्री, योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना अंतर्गत वर्तमान में राशि रूपये 2.50 करोड़ एवं विधायक स्वेच्छानुदान योजनान्तर्गत राशि रूपये 75.00 लाख प्रति विधानसभा क्षेत्र प्रतिवर्ष प्रावधानित है। (ख) योजना की मार्गदर्शिका में संस्था को राशि रूपये 10.00 लाख का प्रावधान है। पंचायत अथवा शासकीय एजेंसी के संबंध में स्वीकृत सीमा निर्धारण संबंधी उल्लेख नहीं होने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

वन्य प्राणियों से आमजन की सुरक्षा

[वन]

90. ( क्र. 753 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शिवपुरी जिले में माधव राष्ट्रीय उद्यान, कूनो राष्ट्रीय उद्यान एवं आसपास के वन क्षेत्रों से टाइगर, तेंदुआ, चीता एवं अन्य वन्यजीव बार-बार आबादी क्षेत्रों, ग्रामीण बस्तियों एवं मुख्य सड़कों पर पहुंच रहे हैं, यदि हाँ, तो वर्ष-2023 से वर्तमान तक ऐसे मामलों का क्षेत्रवार विवरण क्या है? (ख) नरवर क्षेत्र के ग्राम रायपुर-धमकन में एक आदिवासी नागरिक की टाइगर के हमले में मृत्यु हुई, यदि हाँ, तो मृतक के परिजनों को प्रदान की गई सहायता राशि, परिवार के सदस्य को नौकरी सहायता संबंधी प्रावधान एवं की गई कार्यवाही का विवरण क्या है? (ग) विगत तीन वर्षों में शिवपुरी जिले में टाइगर, तेंदुआ, चीता एवं अन्य वन्यजीवों द्वारा मानवों पर हमले, मृत्यु, घायल व्यक्तियों तथा पालतू पशुओं के शिकार की घटनाओं का वर्षवार विवरण क्या है? (घ) कूनो राष्ट्रीय उद्यान एवं माधव राष्ट्रीय उद्यान में टाइगर, तेंदुआ, चीता एवं अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा, निगरानी, संरक्षण, भोजन व्यवस्था, रेडियो कॉलर, गश्त एवं प्रबंधन पर वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 में कितना बजट स्वीकृत किया गया, कितना व्यय हुआ तथा मदवार विवरण क्या है? (ड.) वन्यजीवों के बार-बार आबादी क्षेत्रों में पहुंचने के कारण क्या हैं तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष, जनहानि एवं पशुहानि रोकने एवं आम लोगों की सुरक्षा हेतु शासन द्वारा कौन-कौन से विशेष उपाय एवं कार्ययोजनाएं लागू की जा रही हैं?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। चीता वनक्षेत्र के अलावा शिवपुरी जिले के तहसील शिवपुरी, पोहरी, बेराड, कोलारस, बदरवास, पिछोर, खनियाधाना, करैरा, नरवर एवं रन्नोद में भी विचरण किया गया है। अन्य वन्यजीव का विचरण नैसर्गिक रूप से होता है, अत: वर्षवार क्षेत्रवार जानकारी संधारित नहीं है। (ख) जी हाँ। मृतक के परिजनों को नियमानुसार क्षतिपूर्ति की राशि रु 8.00 लाख का भुगतान किया जा चुका है। परिवार सदस्य को नौकरी प्रदाय करने का कोई प्रावधान नहीं है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट-1 अनुसार है। (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट-2 एवं 3 अनुसार है। (ड.) मानव वन्यजीव द्वंद्व की घटनाओं में वृद्धि का प्रमुख कारण मानवीय बस्तियों का वन क्षेत्रों की ओर विस्तार, वन्यजीव संरक्षण के प्रभावी प्रयासों के परिणामस्वरूप बाघ, तेंदुआ एवं अन्य वन्यजीवों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि तथा वन्यजीव भोजन, पानी अथवा प्राकृतिक विचरण के दौरान मानव आबादी वाले क्षेत्रों में प्रवेश करना है। प्रदेश में मानव वन्यजीव द्वंद्व की घटनाओं के प्रभावी नियंत्रण हेतु निरंतर निगरानी एवं त्वरित कार्यवाही की व्यवस्था स्थापित की गई है। विभाग के साथ चीता मित्र दल एवं हाथी मित्र दलों द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में जागरूकता पैदा की जाती है। समय-समय पर आवश्यकतानुसार मानव वन्यजीव द्वंद से बचाव का परामर्श जारी किया जाता है। मानव-वन्यजीव द्वंद को कम करने के लिए संवेदनशील वनक्षेत्र में वन क्षेत्र की ओर फेंसिंग कार्य की योजना स्वीकृत है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण द्वारा टाइगर रिजर्व के बाहर विचरण कर रहे बाघों के लिए योजना लागू की है। वन्यजीवों से जनहानि/जनघायल/पशुहानि/फसलहानि होने पर सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश हैं।

परिशिष्ट - "सैंतीस"

आपराधिक प्रकरणों की जानकारी

[गृह]

91. ( क्र. 754 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2021 से 2025 तक शिवपुरी जिले में महिलाओं तथा बालिकाओं के अपहरण बलात्कार, छेड़छाड़, लैंगिक उत्पीड़न, पॉक्सो अधिनियम के कितने प्रकरण दर्ज हुए? इनमें प्राप्त शिकायतों, दर्ज एफ.आई.आर., न्यायालयों में प्रस्तुत चालानों, लंबित प्रकरणों, का वर्षवार विवरण क्या है? (ख) जिला शिवपुरी में आपसी विवाद, मारपीट, दहेज प्रताड़ना, पारिवारिक विवाद एवं अन्य आपराधिक प्रकरणों में वास्तविक घटना में शामिल व्यक्तियों के अतिरिक्त उनके परिजनों, रिश्तेदारों एवं परिचितों को भी एफ.आई.आर. में नामजद कर दिया जाता है? यदि हाँ, तो वर्ष 2021 से 2025 तक ऐसे कितने मामलों में विवेचना अथवा न्यायालयीन परीक्षण के दौरान नामजद व्यक्तियों को निर्दोष पाया गया? विवरण उपलब्ध कराया जाए। (ग) जिला शिवपुरी में स्मैक (हेरोइन) एवं अन्य मादक पदार्थों का अवैध व्यापार निरंतर संचालित हो रहा है? यदि हाँ, तो वर्ष 2023 से 2026 तक एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत दर्ज प्रकरणों, जब्त मादक पदार्थों की मात्रा, गिरफ्तार आरोपियों का विवरण क्या है? क्या अधिकांश मामलों में केवल छोटे विक्रेता अथवा वाहक गिरफ्तार किए जाते हैं जबकि बड़े तस्कर, आपूर्ति श्रृंखला संचालक एवं वित्तपोषक कार्रवाई से बच जाते हैं? यदि हाँ, तो विगत तीन वर्षों में बड़े तस्करों एवं संगठित गिरोहों के विरुद्ध की गई कार्रवाई, गिरफ्तारियों तथा संपत्ति जब्ती/ कुर्की का विवरण क्या है? (घ) विधानसभा पोहरी में SC/ST में सभी प्रकार के वर्ष 2021-2025 तक दर्ज अपराधों में क्या-क्या कार्यवाही हुई?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट '' अनुसार है। (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट '' अनुसार है। (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट '' अनुसार है। सी.सी.टी.एन.एस. में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के वर्ष 2021 से 2025 तक पोहरी विधानसभा क्षेत्र में कुल 107 प्रकरण पंजीबद्ध किये जाकर सभी प्रकरणों में चालान प्रस्तुत किये गये है।

परिशिष्ट - "अड़तीस"

वन परिक्षेत्र बिजावर से शिकायतों की जानकारी

[वन]

92. ( क्र. 757 ) श्री राजेश कुमार शुक्‍ला : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                      (क) फरवरी 2025 से प्रश्‍न दिनांक तक वन परिक्षेत्र बिजावर से संबंधित विभिन्न स्तरों (सीएम हेल्पलाइन, शिकायती आवेदन, जन-सुनवाई, समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचार आदि) के संबंध में उक्त अवधि में प्राप्त सभी शिकायतों का विवरण, शिकायतवार तथा प्रत्येक शिकायत की छायाप्रति दें। शिकायतकर्ता का नाम एवं पता प्रत्येक प्रकरण में जांच हेतु नियुक्त अधिकारी/कर्मचारी का नाम एवं पदनाम प्रत्येक शिकायत पर की गई जांच का विवरण तथा उस पर की गई कार्यवाही की छायाप्रति प्रदाय करें। (ख) प्रश्‍न दिनांक तक कितनी शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है एवं कितनी शिकायतें लंबित हैं? लंबित शिकायतों के लंबित रहने के कारण एवं उनके निराकरण की संभावित समय-सीमा क्या है? क्या किसी शिकायत में अनियमितता/दोषी अधिकारी-कर्मचारी पाए गए हैं? यदि हाँ, तो उनके विरुद्ध की गई कार्यवाही का विवरण प्रदाय करें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक, दो, तीन, चार एवं पांच अनुसार है।

वाहनों का बीमा

[वन]

93. ( क्र. 758 ) श्री राजेश कुमार शुक्‍ला : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                            (क) विधानसभा बिजावर अंतर्गत परिक्षेत्र बिजावर अंतर्गत वाहन, पंजीयन क्रमांक MP 02 AV 2464 का वर्तमान बीमा कब से कब तक वैध है (प्रारंभ एवं समाप्ति तिथि सहित)? वर्तमान बीमा से पूर्व वाहन का बीमा कब से कब तक वैध था? क्या उपरोक्त दोनों बीमा अवधियों के मध्य कोई ऐसा समय अंतराल रहा है, जिसमें वाहन का बीमा वैध नहीं था? यदि हाँ, तो उस अवधि का विवरण प्रदान करें। (ख) उक्त वाहन के वर्तमान एवं पूर्व बीमा की प्रतियां तथा पंजीयन प्रमाण-पत्र की प्रति प्रदाय करें। यदि किसी अवधि में वाहन का बीमा अथवा पंजीयन वैध नहीं था, तो उस अवधि में वाहन का संचालन किस अधिकारी के आदेश से किया गया? संबंधित आदेश की छायाप्रति प्रदाय करें। (ग) वित्तीय वर्ष 2025-26 से वर्तमान तक उक्त वाहन पर हुए व्यय का विवरण, तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति, दिनांकवार व्यय विवरण तथा गतिमाप पुस्तिका (Log Book) की प्रतियां प्रदाय करें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा की 146 की उपधारा (2) तहत केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार के स्वामित्वाधीन वाहनों को बीमा कराने से कानूनी छूट प्राप्त होता है। अत:शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) पंजीयन प्रमाण-पत्र की एम.पी. ट्रांसपोर्ट की बेव साईट पर उपलब्ध प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है, राज्य शासन के वाहनों का 15 वर्ष की अवधि के पश्चात नवीनीकरण नहीं किया जाता है। वन सुरक्षा एवं गश्ती हेतु उक्त वाहन का उपयोग वन परिक्षेत्र बिजावर द्वारा किया जाता रहा है। (ग) वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान उक्त वाहन हेतु डीजल क्रय व्यय 2,81,000 रू. हुआ है। वाहन मरम्मत पर कोई व्यय नहीं हुआ है। गतिमाप पुस्तिका की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है।

गुनौर माइक्रो उदवहन सिंचाई योजना का कार्यान्‍वयन

[नर्मदा घाटी विकास]

94. ( क्र. 761 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                                    (क) क्‍या कार्यपालन यंत्री नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-1 नागौद जिला सतना द्वारा अपने पत्र क्रमांक 775 दिनांक 13.06.2024 के माध्‍यम से मुख्‍य अभियंता अपर नर्मदा जोन बरगी हिल्‍स जबलपुर को गुनौर माइक्रो उदवहन सिंचाई योजना स्‍वीकृत करने हेतु विस्‍तृत परियोजना प्रतिवेदन भेजा गया था? क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा भी पत्रों के माध्‍यम से विषयांकित परियोजना को शीघ्र स्‍वीकृत कराये जाने का अनुरोध किया गया है? यदि हाँ, तो पत्रों पर क्‍या कार्यवाही की गई है?                                                          (ख) कार्यपालन यंत्री नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-1 नागौद जिला सतना के प्रश्‍नांश (क) में उल्लिखित पत्र में कोई कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो क्‍या? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या गुनौर विधानसभा की तहसील देवेन्‍द्रनगर एवं गुनौर में सिंचाई की सुविधा उपलब्‍ध कराने हेतु किसानों के हित में इस महात्‍वाकांक्षी योजना को शीघ्र स्‍वीकृत न किये जाने का क्‍या कारण है? इसे कब तक स्‍वीकृत कर कार्यरूप में परिणित कर दिया जावेगा? समय-सीमा बतावें। (घ) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा पन्‍ना जिले के अमानगंज में गुनौर माइक्रो उदवहन सिंचाई योजना को पूर्ण किये जाने की घोषणा की गई थी? यदि हाँ, तो इसे कब तक पूरा कर लिया जावेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। प्रशासकीय स्‍वीकृति हेतु नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण में निर्णयार्थ एजेण्‍डा में शामिल किया गया है। शेष प्रश्‍न लागू नहीं। (ग) जानकारी उत्‍तरांश (क) एवं (ख) अनुसार है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्‍न लागू नहीं।                             (घ) जी हाँ। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

खनिज विभाग को प्राप्त राजस्व की जानकारी

[खनिज साधन]

95. ( क्र. 764 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले के खनिज विभाग को कहां-कहां से और किन-किन संस्थानों से कब व कितना-कितना राजस्व प्राप्त हुआ? संस्थानवार/राशिवार/वर्षवार 03 वित्तीय वर्षों की अलग-अलग जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) सतना जिले के खनिज साधन विभाग के पिछले 03 वर्षों में जो कुल राजस्व प्राप्त हुआ? उसका कितने प्रतिशत व कहां-कहां और कौन-कौन से विकास कार्यों के लिए उपयोग किया गया? वर्षवार/कार्यवार/राशिवार अलग अलग जानकारी उपलब्ध कराएं।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर है। (ख) सतना जिले के खनिज साधन विभाग के पिछले 03 वर्षों में जो कुल राजस्‍व की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर है। विभाग को प्राप्‍त राजस्‍व राज्‍य की संचित निधि में जमा किया जाता है। राज्‍य की संचित निधि से विकास कार्य कराये जाने के प्रावधान नहीं होने शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

बबूल के वृक्षों को वन विभाग के नियंत्रण से अलग रखा जाना

[वन]

96. ( क्र. 765 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                 (क) क्या प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बबूल का वृक्ष बड़ी मात्रा में पाया जाता है जिसे वर्तमान में वन विभाग की नियंत्रण एवं प्रबंधन व्यवस्था के अंतर्गत रखा गया है? (ख) क्या शासन के पास बबूल वृक्ष को वन विभाग के नियंत्रण से पृथक कर सामान्य राजस्व भूमि अथवा निजी भूमि पर स्थित बबूल वृक्षों के कटान एवं उपयोग हेतु सरल व्यवस्था बनाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन है?                                     (ग) यदि नहीं, तो क्या शासन बबूल वृक्ष को वन विभाग के प्रतिबंधों से आंशिक अथवा पूर्ण रूप से मुक्त करने पर विचार करेगा? जिससे किसानों एवं ग्रामीणों को इसके उपयोग में सुविधा मिल सके।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बबूल वृक्ष वनक्षेत्रों में तथा वनक्षेत्रों के बाहर बड़ी मात्रा में पाए जाते हैं। वनक्षेत्रों में स्थित बबूल वृक्षों का प्रबंधन प्रचलित वन विधियों एवं स्वीकृत कार्य-आयोजनाओं के अनुसार किया जाता है। वनक्षेत्रों के बाहर स्थित बबूल वृक्ष वन विभाग के प्रत्यक्ष प्रबंधन में नहीं हैं, तथापि उनसे प्राप्त काष्ठ का परिवहन मध्यप्रदेश अभिवहन (वनोपज) नियम, 2000 के अंतर्गत अनुज्ञा-पत्र के माध्यम से विनियमित है। (ख) जी नहीं। राजस्व अथवा निजी भूमि पर स्थित बबूल वृक्षों की कटाई क्षेत्रानुसार लागू विधिक प्रावधानों के अधीन है तथा उनसे प्राप्त वनोपज के परिवहन को अनुज्ञा-पत्र से मुक्त करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। (ग) वनक्षेत्रों में भी बबूल वृक्ष पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने तथा रिट याचिका क्रमांक 13864/2019 एवं संबद्ध प्रकरण में माननीय उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, मुख्यपीठ जबलपुर द्वारा दिनांक 01.03.2025 को पारित आदेश के आलोक में बबूल वृक्ष से प्राप्त वनोपज को परिवहन अनुज्ञा-पत्र संबंधी प्रावधानों से आंशिक अथवा पूर्ण रूप से मुक्त करने पर विचार नहीं किया जा रहा है।

सागौन के वृक्षों की जानकारी

[वन]

97. ( क्र. 766 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                        (क) बरगी विधानसभा क्षेत्र में वर्षवार वन विभाग के अधीन कुल कितना वन क्षेत्र (रकबा) दर्ज था? उक्त क्षेत्र में वर्षवार सागौन के कुल कितने वृक्ष/पौधे दर्ज थे? (ख) वर्तमान में बरगी विधानसभा क्षेत्र में वन विभाग के अधीन कुल कितना वन क्षेत्र (रकबा) शेष है? वर्तमान में उक्त क्षेत्र में सागौन के कुल कितने वृक्ष/पौधे उपलब्ध हैं? (ग) यदि वन क्षेत्र अथवा सागौन वृक्षों की संख्या में कमी आई है, तो उसके कारण क्या हैं तथा संबंधित अधिकारियों द्वारा क्या कार्रवाई की गई है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जबलपुर जिले के बरगी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सामान्य वनमंडल, जबलपुर के अधीन 23,479.966 हेक्टेयर तथा मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम, जबलपुर के अधीन 7,124.654 हेक्टेयर वन क्षेत्र है। इस प्रकार, बरगी विधानसभा क्षेत्र में वन विभाग के अधीन कुल 30,604.620 हेक्टेयर वन क्षेत्र दर्ज है। सामान्य वनमंडल, जबलपुर एवं मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम, जबलपुर की प्रचलित कार्य आयोजनाओं के निर्माण के समय किए गए वन संसाधन सर्वेक्षण में सागौन वृक्षों की अनुमानित संख्या 40,27,170 आंकलित की गई थी।                                            (ख) उत्तरांश (क) में उल्लेखित वन क्षेत्र का पूर्ण रकबा वर्तमान में वन विभाग के अधीन है। वन क्षेत्र में विद्यमान वृक्षों की प्रतिवर्ष गणना नहीं की जाती है, अपितु 10 वर्षीय कार्य आयोजना पुनरीक्षण के समय वृक्षों की संख्या का आंकलन किया जाता है। अतः सागौन वृक्षों की वर्तमान संख्या से अवगत कराना संभव नहीं है। (ग) उत्तरांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नहरों की स्थिति

[नर्मदा घाटी विकास]

98. ( क्र. 767 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                             (क) बरगी विधानसभा क्षेत्र में नर्मदा घाटी विकास विभाग की कितनी मुख्य शाखा एवं उपशाखा की नहरें हैं? इनमें से कितनी नहरें वर्तमान में चालू एवं कितनी बंद/क्षतिग्रस्त हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में नहरों के मरम्मत हेतु कितनी राशि स्वीकृत की गई है? कार्य की वर्तमान स्थिति क्या है? कब तक कार्य पूर्ण कर लिया जायेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एक दांयी तट एवं एक बांयी तट मुख्‍य नहर है। दांयी तट मुख्‍य नहर के अंतर्गत शाखा एवं उपशाखा नहर नहीं हैं जबकि बांयी तट मुख्‍य नहर के अंतर्गत एक पाटन शाखा नहर है तथा इसके अंतर्गत कोई उपशाखा नहर नहीं है। दांयी तट मुख्‍य नहर की आर.डी. 6.94 कि.मी. पर क्षति होने से वर्तमान में चालू नहीं है। बायीं तट मुख्‍य नहर के कतिपय स्‍थानों में लाईनिंग, स्‍ट्रक्‍चर, बैंक इत्‍यादि क्षतिग्रस्‍त हैं, जबकि इसके अंतर्गत मुख्‍य एवं पाटन शाखा नहर चालू हैं। (ख) दांयी तट मुख्‍य नहर हेतु राशि रू. 12.81 करोड़ की राशि स्‍वीकृत है। कार्य को मई 2027 तक पूर्ण कराया जाना लक्षित है। शेष जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "उनतालीस"

प्रश्‍नकर्ता के पत्र पर की गई कार्यवाही की जानकारी

[गृह]

99. ( क्र. 769 ) श्री मधु भगत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा जारी पत्र क्रमांक 2023/विस110/परसवाड़ा दिनांक 25/05/2026 प्रति श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय जिला कटनी को जारी पत्र पर पुलिस विभाग एवं पुलिस अधीक्षक कटनी द्वारा क्या कार्यवाही की गई हैं? जारी आदेशों सहित सुसंगत दस्तावेजों को उपलब्ध करायें। यदि कार्यवाही नहीं की गई हैं तो क्यों स्पष्टीकरण से जानकारी उपलब्ध करायें? (ख) उक्त पत्र में उल्‍लेखित तथ्यात्मक बिंदुवार जाँच एफ.आई.आर. दर्ज करते हुए कार्यवाही कब की जायेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) उच्च शिक्षा विभाग म.प्र. शासन की जांच उपरांत तथ्यों के आधार पर अग्रिम कार्यवाही की जा सकती है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

रेत खदानों की बिक्री हेतु अपनाई गई प्रक्रिया

[खनिज साधन]

100. ( क्र. 770 ) श्री मधु भगत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) समस्त बालाघाट जिले में वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितने रेत (बालु) की निविदा आंमत्रित की गई, कितनी निविदा स्वीकार की गई तथा कितनी खदानों का क्रियान्वयन प्रचलित रहा, खदान का नक्सा, खसरा, विज्ञापन, निविदा प्रक्रिया के दस्तावेज विस्तृत जानकारी बोर्ड की फोटो सहित निविदा राशि का विस्तृत ब्यौरा कॉलमवार देवें? (ख) क्या विगत कई महिनों से बालाघाट जिले में रेत घाट की स्वीकृति नहीं होने के कारण रेत परिवहन एवं रेत उपलब्धता नहीं हो पा रही हैं? यदि हाँ, तो ग्रामीण अंचलों में यह निर्माण या अन्य कार्यों हेतु रेत कैसे उपलब्ध करायेगी? कारण सहित स्पष्ट करें। (ग) क्या जिले में शासकीय निर्माण कार्यों प्रगतिशील हैं? यदि हाँ, तो चल रहे निर्माण कार्यों के लिए रेत कहां से उपलब्ध हो रही हैं? जानकारी उपलब्ध करावें।                                         (घ) क्या सरकार 2013-14 के भांति ग्राम पंचायतों को ग्राम पंचायतों में होने वाले निर्माण कार्य प्रधानमंत्री आवास एवं अन्य कार्य हेतु रेत उपलब्ध कराने के लिए निस्तारित पंचायतों को रेत घाट निस्ता‍रित करायेगी यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जिला रेत समूह बालाघाट में प्रश्‍नांश अवधि में जिले के समूह में सम्मिलित समस्‍त 65 रेत खदानों के निवर्तन हेतु रेत खनिज की ई-निविदा सह नीलामी के माध्‍यम से 04 बार निविदा आमंत्रित की गई थी, उक्‍त में 01 बार उच्‍चतम निविदाकार की निविदा स्‍वीकार की गई। जिसमें सम्मिलित खदानों का क्रियान्‍वयन/अनुबंध निष्‍पादन किया गया था। पांचवी बार 48 रेत खदानों के जिला रेत समूह के लिए ई-निविदा सह नीलामी के माध्‍यम से निविदा आमंत्रित की गई है, जिसमें निविदा स्‍वीकार कर सम्मिलित रेत समूह का क्रियान्‍वयन/ अनुबंध निष्‍पादन की कार्यवाही प्रचलित है। पांचों बार जारी ई-निविदा सह नीलामी की सूचना एवं निविदा राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ पर है। जिला रेत समूह में सम्मिलित खदानों का खसरा, नक्‍शा, निविदा प्रक्रिया के दस्‍तावेज विस्‍तृत जानकारी, बोर्ड की फोटो सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब पर है। (ख) बालाघाट जिले की रेत खदानों से रेत का खनन एवं विक्रय, माईन डेवलपर कम ऑपरेटर (एमडीओ) के माध्‍यम से दिनांक 11/03/2026 तक संचालित रहा। मध्‍यप्रदेश रेत (खनन, परिवहन, भण्‍डारण एवं व्‍यापार) नियम, 2019 के नियम 18 के प्रावधानों के अंतर्गत पूर्व एमडीओ के पक्ष में स्‍वीकृत भण्‍डारण अनुज्ञप्तियों से रेत का निवर्तन दिनांक 10/04/2026 तक हुआ। इसके उपरांत जिले में राजसात हुये रेत भण्‍डारणों का निवर्तन नियम 18 के उप नियम 11 के प्रावधानों के अंतर्गत जिला स्‍तर से किया गया। जिला बालाघाट की रेत खदानों में एमडीओ की नियुक्ति हेतु वर्तमान प्रचलित ई-निविदा सह नीलामी प्रक्रिया (निविदा सूचना दिनांक 10/06/2026) सफल हुई है एवं खदानों को अतिशीघ्र प्रारंभ किये जाने की कार्यवाही की जा रही है। (ग) जी हां। प्रश्‍नांश (ख) में दिये गये उत्‍तर अनुसार रेत की उपलब्‍धता हो रही है। (घ) कार्यों के लिए रेत उपलब्‍ध कराने के प्रावधान मध्‍यप्रदेश रेत (खनन, परिवहन, भण्‍डारण एवं व्‍यापार) नियम, 2019 के नियम (4) के तहत अधिसूचित किए गए हैं।

 

निजी वेबसाइट द्वारा समग्र आई.डी. में सुधार करने

[विज्ञान और प्रौद्योगिकी]

101. ( क्र. 779 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या एक निजी वेबसाइट https://mpvala.com के माध्‍यम से प्रदेश में रिटेलर एवं डिस्‍ट्रीब्‍यूटर बनाकर समग्र आई.डी. में सुधार किया जा रहा है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या शुल्‍क लेकर ओटीपी एवं दस्‍तावेजों के बिना सुधार कार्य किया जा रहा है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अंतर्गत क्‍या मध्‍य प्रदेश राज्‍य इलेक्‍ट्रॉनिक विकास निगम द्वारा कार्यवाही की गई है? (घ) यदि हाँ, तो क्‍या कार्यवाही की गई है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी नहीं। उत्‍तर दिनांक को उक्‍त वेबसाइट अकार्यशील पाई गई हैं। अत: पुष्टि नहीं की जा सकी। (ख) वेबसाइट बंद होने के कारण शिकायत की पुष्टि नहीं की जा सकती। (ग) जी हाँ मध्‍यप्रदेश स्‍टेट इलेक्‍ट्रानिक्‍स डेव्‍हलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा साइबर क्राइम पुलिस थाना को सूचित किया गया हैं। (घ) जी हाँ। उपरोक्‍त (ग) अनुसार।

उद्योगों हेतु आवंटित भूमि

[सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम]

102. ( क्र. 780 ) श्री महेंद्र रामसिंह यादव : क्या सूक्ष्‍म,लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र कोलारस में उद्योग विभाग हेतु किस-किस स्थान पर भूमि चिन्हित की गयी है? क्या उक्त चिन्हित भूमि का आवंटन उद्योग विभाग को प्राप्त हो चुका है यदि हाँ, तो विवरण दें? यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें। उनका स्थानवार विवरण उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार उक्त क्षेत्र में कौन-कौन से भूमि किस-किस व्यक्ति, फर्म व संस्था को आवंटित है? जानकारी नामवार, स्थानवार, पृथक-पृथक उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार कोलारस विधानसभा क्षेत्र में कौन-कौन से उद्योग किस-किस व्यक्ति फर्म द्वारा वर्तमान में संचालित है? जानकारी नामवार, स्थानवार पृथक-पृथक उपलब्ध करावें।

सूक्ष्‍म,लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ) : (क) जी हॉं। कोलारस विधानसभा के ग्राम सड़बूढ़ तहसील बदरवास में भूमि सर्वे क्रमांक 743 की भूमि औद्योगिक प्रयोजन हेतु भूमि चिन्हित की गई। चिन्हित भूमि में से 8.696 हैक्‍टेयर भूमि दिनांक 20/02/2026 को MSME विभाग को हस्‍तांतरित हो गई है। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित भूमि अभी किसी व्‍यक्ति फर्म अथवा संस्‍था को आवंटित नहीं की गई है। अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

विभाग द्वारा किये गये कार्यों की जानकारी

[वन]

103. ( क्र. 783 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वन विभाग द्वारा नगर वन ईको टूरिज्म अंतर्गत खरगोन जिले में कितने नगर वन के कार्य स्वीकृत किये गये हैं? विधानसभावार सूची दें। (ख) वन विभाग द्वारा खरगोन जिले में स्वीकृत कार्यों की स्वीकृत लागत राशि, प्रशा. स्वीकृति, तकनीकी स्वीकृति, निर्माण स्थल का नाम, कार्य की वर्तमान भौतिक स्थिति विधानसभावार सूची दें? (ग) विकासखण्ड भीकनगांव के ग्राम केदवां जागीर में वैकल्पिक मिश्रित वृक्षारोपण योजनान्तर्गत कराये गये वृक्षारोपण में कितने पौधे जीवित एवं कितने पौधे मृत हो गये हैं, संख्या एवं कारण दें? (घ) विकासखण्ड भीकनगांव वन विभाग अंतर्गत कैंपा मद में कितने कार्य स्वीकृत किये गये थे? कार्य का स्थल, कार्य की लागत राशि, कार्य की वर्तमान भौतिक स्थिति की जानकारी दें?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) खंडवा जिले में ईको टूरिज्म के अंतर्गत कोई भी नगर वन स्थापित नहीं किया गया है, अपितु नगर वन योजना अंतर्गत नगर वन के स्वीकृत कार्यों की विधानसभावार सूची निम्नानुसार है:-

क्रमांक

विधानसभा का नाम

स्वीकृत नगर वन की संख्या

1

खरगोन

1

2

कसरावद

1

3

भीकनगांव

2

4

बड़वाह

2

5

महेश्वर

1

 

योग

7

(ख) जानकारी पुस्तकाल्य में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ग) विकासखण्ड भीकनगांव के ग्राम केदवां जागीर में वैकल्पिक मिश्रित वृक्षारोपण वर्ष 2025 में 20000 पौधों का रोपण किया गया है। माह मई 2026 मूल्यांकन अनुसार जीवित पौधों की संख्या 19307 है। पौधों संख्या 693 अधिक गर्मी के कारण मृत हो गये हैं। (घ) विकासखण्ड भीकनगांव के अन्तर्गत कैम्पा मद में स्वीकृत कार्यों की जानकारी पुस्तकाल्य में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है।

अभियोजना स्वीकृति को सार्वजनिक पोर्टल पर प्रदर्शित करना

[सामान्य प्रशासन]

104. ( क्र. 784 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                        (क) क्या मध्यप्रदेश लोकायुक्त संगठन द्वारा पूर्व में अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर शिकायतों, जांचों एवं कार्यवाहियों संबंधी विभिन्न सूचनाएँ सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाती थीं? यदि हाँ, तो उक्त जानकारी को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना कब एवं किस आदेश/निर्णय के तहत बंद किया गया? संबंधित आदेश, परिपत्र अथवा निर्देश की प्रति उपलब्ध करायें। (ख) 01/01/2020 से 21/06/2026 तक लोकायुक्त संगठन द्वारा कुल कितने प्रकरणों में जांच पूर्ण की जा चुकी है? उक्त प्रकरणों में से कितने मामलों में लोकायुक्त संगठन द्वारा अभियोजन अथवा मुकदमा चलाने की अनुमति हेतु सक्षम शासन/विभाग को प्रस्ताव भेजा गया? कितने की स्वीकृति प्रदान की है? कितने लंबित है? लंबित प्रकरणों का वर्षवार, समय, विभागवार विवरण दें। उनमें से कितने जांच पूर्ण होने के बावजूद भी स्वीकृति के अभाव न्यायालय में अभियोजन प्रारंभ नहीं हो सका? (ग) क्या शासन द्वारा अभियोजन स्वीकृति प्रदान करने अथवा अस्वीकृत करने के लिए कोई समय-सीमा निर्धारित की गई है? यदि हाँ, तो विवरण दें। (घ) क्या शासन लोकायुक्त जांचों एवं अभियोजन स्वीकृति संबंधी आंकड़ों को पुनः सार्वजनिक पोर्टल पर उपलब्ध कराने पर विचार कर रहा है? यदि नहीं, तो क्या कारण हैं?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) लोकायुक्त संगठन की शिकायत एवं जांच शाखा, तकनीकी शाखा से संबंधित शिकायतों, जांचों एवं कार्यवाहियों की संख्यात्मक जानकारी नियमित रूप से वेबसाइट पर संधारित की जा रही है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) दिनांक 01.01.2020 से दिनांक 21.06.2026 तक शिकायत एवं जांच शाखा में 1965 एवं तकनीकी शाखा में 190 प्रकरणों में इस प्रकार कुल 2155 प्रकरणों में जांच पूर्ण की गई है। संगठन की विशेष पुलिस स्थापना द्वारा दिनांक 01.01.2020 से दिनांक 21.06.2026 तक कुल 1318 प्रकरणों में विवेचना पूर्ण की जा चुकी है। उक्त प्रकरणों में से 1302 मामलों में अभियोजन अथवा मुकदमा चलाने की अनुमति हेतु सक्षम प्राधिकारी शासन/विभाग को प्रस्ताव भेजा गया। 985 प्रकरणों में स्वीकृति प्रदान की है, 14 प्रकरणों में अमान्य, 02 प्रकरण में खात्मा पेश किया गया तथा शेष 06 प्रकरणों में आरोपी की मृत्यु के कारण समाप्त हुए है। शेष 295 अभियोजन स्वीकृति हेतु सक्षम प्राधिकारी के पास लंबित है। लंबित प्रकरणों का विभागवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'' अनुसार है। उनमें से 295 प्रकरणों की विवेचना पूर्ण होने के बावजूद भी स्वीकृति के अभाव में माननीय न्यायालय में चालान पेश नहीं किये जा सके हैं। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (घ) लोकायुक्त की जांच के आकड़े लोकायुक्त की अधिकारिक वेबसाईट https://mplokayukat.nic.in एवं अभियोजन स्वीकृति के आकड़े विभागीय पोर्टल https://mid.mp.nic.in/GOIMS/abhiyojan पर प्रदर्शित किए जाते हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों का निराकरण

[सामान्य प्रशासन]

105. ( क्र. 785 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                              (क) महिदपुर/झारडा/नागदा तहसील में दिनांक 01/01/2023 से 21/06/2026 तक जनसुनवाई में आवेदन/शिकायत के कुल कितने आवेदन प्राप्त हुए है? नाम, विषय सहित वर्षवार विवरण दे।                              (ख) प्राप्त आवेदनों में से पंजीकृत प्रकरणों, संबंधित विभागों को जांच एवं प्रतिवेदन हेतु प्रेषित प्रकरणों, विभागों से प्राप्त प्रतिवेदनों, निराकृत एवं लंबित प्रकरणों की वर्षवार, विभागवार संख्या उपलब्ध कराते हुए विवरण दें। (ग) कितने आवेदकों को लिखित सूचना/निराकरण आदेश प्रदान किए गए? (घ) ऐसे कितने प्रकरण है, जिन्हें विभागीय प्रतिवेदन प्राप्त हुए बिना अथवा आवेदक को सुनवाई का अवसर दिए बिना निराकृत किया गया हो? नाम सहित विवरण दें। (ड.) प्रत्येक जनसुनवाई आवेदन को पृथक पंजीयन क्रमांक प्रदान करने, विभागीय प्रतिवेदन प्राप्त करने एवं अंतिम निराकरण हेतु निर्धारित समय-सीमा, प्रक्रिया तथा लागू नियम/दिशा-निर्देशों की प्रतिलिपियां उपलब्ध कराई जाएं। (च) जनसुनवाई कार्यक्रम के संचालन, पंजीयन, अभिलेख संधारण, मॉनिटरिंग एवं समीक्षा संबंधी शासन द्वारा जारी समस्त नियम, परिपत्र, आदेश, मानक संचालन प्रक्रिया की छायाप्रति उपलब्ध कराते हुए प्राप्त आवेदनों की समीक्षा एवं मॉनिटरिंग हेतु राज्य/संभाग/जिला स्तर पर कोई व्यवस्था निर्धारित है? यदि हाँ, तो विवरण दें। (ज) वर्ष 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक आयोजित जनसुनवाई के संबंध में संधारित पंजी, ऑनलाइन पोर्टल प्रविष्टियों, विभागवार प्रेषण विवरण एवं निराकरण प्रतिवेदनों का सांख्यिकीय विवरण उपलब्ध कराये।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। (ग) जनसुनवाई के तहसील महिदपुर में कुल 119, तहसील झारडा में 177 आवेदकों को विधिवत सूचना दी जाकर निरा‍करण किया गया, तहसील नागदा के प्रतिवेदन अनुसार जनसुनवाई में प्राप्‍त आवेदन मूलत: संबंधित विभाग को कार्यवाही हेतु‍ दिये जाते है। संबंधित विभाग द्वारा आवेदकों को कार्यवाही से अवगत कराया जाता है। (घ) तहसील महिदपुर, झारडा एवं नागदा की जानकारी निरंक है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) एवं (च) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। (ज) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है।

आउटसोर्स कर्मचारियों की जानकारी

[वित्त]

106. ( क्र. 792 ) श्री ऋषि अग्रवाल : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभागों में एजेंसियों (आउटसोर्स) के माध्यम से कर्मचारी रखने के मापदंड एवं उद्देश्य क्या है? वर्ष 2023 से प्रदेश के कितने विभागों द्वारा किस-किस एजेंसियों के माध्यम से आउटसोर्स कर्मचारियों से कार्य लिया जा रहा है? विभागवार उन कंपनियों/एजेंसी के नाम बतावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार अवधि में गुना जिले में स्‍वास्‍थ्‍य विभाग, नगरपालिका गुना, क्रांतिवीर तात्‍याटोपे यूनिवर्सिटी, पीजी कॉलेज गुना, जल निगम, विद्युत मण्‍डल में कितने-कितने आउटसोर्स कर्मचारी   किस-किस एजेन्‍सि‍यों (आउटसोर्स) के माध्‍यम से कार्य कर रहे हैं? प्रश्‍न दिनांक तक कर्मचारियों के नाम, पद, विभागवार कार्यालयवार व मानदेय सहित जानकारी देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संबंध में एजेंसियों के अनुबंध पर कार्य कर रहे कर्मचारियों के दस्तावेजों का परीक्षण विभाग के कौन-कौन पद के अधिकारी करते है, प्रत्येक क्षेत्र में आउटसोर्स एजेंसी को कितना ‌% कमीशन दिया जा रहा है एवं प्रतिवर्ष आउटसोर्स कर्मचारियों का मानदेय कितने प्रतिशत बढाया जा रहा है। प्रश्‍न दिनांक तक की जानकारी देवें।

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

लोक सेवा केन्द्र में आधार संचालन के नियम

[लोक सेवा प्रबन्धन]

107. ( क्र. 795 ) श्री प्रणय प्रभात पांडे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                     (क) म.प्र. शासन लोक सेवा प्रबंधन विभाग भोपाल का पत्र क्र 252/2024/लोसेप्र/61-1 भोपाल दिनांक 12.06.2024 एवं 1152/लोसेप्र/2018/61 दिनांक 11.07.2018 से विभाग द्वारा जारी उक्त पत्र के नियमों में परिवर्तन या निरस्त किया गया है तो बताये? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में यदि परिवर्तन निरस्त नहीं किया गया है तो पत्र के बिन्दु कमांक 3 एवं 4 के अनुसार लोक सेवा केन्द्रों को आधार इनरोलमेंट एवं अपडेशन के प्रति कार्य से मिलने वाली आय में से रु. 5/- के अतिरिक्त राशि जमा करने हेतु कहा जाता है तथा नि:शुल्क बनाये गये नवीन आधार एवं मैंडेटरी बायोमेट्रिक आवेदनों की राशि का भुगतान भी लोक सेवा केन्द्र संचालकों को नहीं किया जाता है, यदि भुगतान किया गया है तो कब-कब जानकारी सहित उपलब्ध करावे? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में लोक सेवा केन्द्रों द्वारा नि:शुल्क बनाये गये नवीन आधार एवं मैंडेटरी बायोमेट्रिक आवेदनों की राशि जो विभाग द्वारा लोक सेवा केन्द्रों को प्रदाय की जानी है उसको समायोजित करके राशि जमा करायी जा सकती है या नहीं बतलावे? या उक्त के संबंध में निर्देश कब तक जारी किये जावेंगे बताये?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

बहोरीबंद विधान सभा क्षेत्र अन्तर्गत स्वीकृत खदानें

[खनिज साधन]

108. ( क्र. 796 ) श्री प्रणय प्रभात पांडे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                              (क) बहोरीबंद विधान सभा क्षेत्र अन्तर्गत कहाँ-कहाँ पर कौन-कौन से खनिजों के उत्खनन हेतु किन-किन को कब अनुमति दी गई है? नाम, पते सहित सूची देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित खनन पट्टिकाओं की खसरा नम्बर सहित खनन हेतु स्वीकृत रकबों की जानकारी देवें? (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित स्वीकृत खदानों में से कौन-कौन सी खदानें क्रियाशील हैं एवं कौन-कौन सी खदानें कब से किस कारणों के कारण अक्रियाशील हैं? सम्पूर्ण जानकारी सहित सूची देवें। (घ) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित क्षेत्र अन्तर्गत कहाँ-कहाँ पर कौन-कौन से खनिजों के उत्खनन के आवेदन विभाग अन्तर्गत किस स्तर पर लंबित है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" पर है। (घ) लंबित आवेदन पत्रों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" पर है।

वन्यजीवों को पेयजल उपलब्धता

[वन]

109. ( क्र. 797 ) श्री बृजेन्द्र सिंह यादव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                          (क) अशोकनगर जिले की समस्त वन परिक्षेत्रों में अप्रैल, 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक वृक्षारोपण, भू-जल संवर्धन, भू-जल संरक्षण एवं वन्यजीवों को पेयजल उपलब्धता के उद्देश्य से कितने निर्माण कार्य किस मद एवं योजना से स्वीकृत किये गये हैं, कितने कार्य पूर्ण किये गये हैं एवं कितने शेष हैं? सभी की वर्षवार, कार्यवार, परिक्षेत्रवार मय स्थान के जानकारी देवें। (ख) किस-किस कार्य में कितनी-कितनी राशि व्यय की गई है? कितनी राशि शेष है? कार्यवार विस्तृत जानकारी देवें।                           (ग) किस-किस कार्य का भौतिक सत्यापन एवं भुगतान कब-कब किया गया था?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

 वन संरक्षण एवं वृक्षारोपण

[वन]

110. ( क्र. 800 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि     (क) वर्ष 2021 से वर्तमान दिनांक तक केवलारी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वन कटाई, अवैध लकड़ी परिवहन, वन भूमि अतिक्रमण, वन्यजीव शिकार एवं अन्य वन अपराधों के कितने प्रकरण दर्ज किए गए हैं? वन परिक्षेत्रवार एवं वर्षवार जानकारी प्रदान करें। (ख) उक्त प्रकरणों में कितने आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई, कितनी सामग्री जप्त की गई तथा कितनी राशि की वसूली की गई है?         (ग) वर्तमान में कितने प्रकरण लंबित हैं तथा उनके लंबित रहने के कारण क्या हैं? (घ) क्या शासन द्वारा वन अपराधों की रोकथाम एवं प्रभावी निगरानी हेतु कोई विशेष कार्ययोजना संचालित अथवा प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो उसका विवरण एवं समय-सीमा बतायी जाए।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (ग) की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है(घ) वन अपराधों की रोकथाम एवं प्रभावी निगरानी हेतु वार्षिक तौर पर वनमंडल अनुसार वन सुरक्षा योजना तैयार की जाती है।

सहारा ग्रुप के stamp ड्यूटी की अनियमिता

वाणिज्यिक कर]

111. ( क्र. 804 ) डॉ. विक्रांत भूरिया : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में "सहारा समूह" के द्वारा बिक्रीत संपत्तियों में स्टाम्प शुल्क चोरी की जांच में कितनी रजिस्‍ट्रियों में स्टाम्प शुल्क कम पाया गया और कितनी रजिस्ट्रियां सही पायी गयी। इनमें से कितनी रजिस्ट्रियों में स्टाम्प शुल्क की वसूली की गई और कितने दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की गई? रजिस्ट्री क्रमांक, जिले का नाम, जांचकर्ता का नाम, स्टाम्प शुल्क की कमी, वसूली और दोषी अधिकारियों के नाम सहित सूची देवें। (ख) सहारा समूह की रजिस्ट्रियों के विषय में पूर्व में पूछे गये विधानसभा प्रश्नों के उत्तरों में विभाग द्वारा समय-समय पर दी गई जानकारियों में भिन्नता है? ऐसे कितने जिले हैं, जिनके द्वारा पहले रजिस्ट्रियों को सही बताया गया था? किन्तु बाद में स्टाम्प शुल्क की हानि दर्शाकर प्रकरण दर्ज करने की जानकारी दी गई। ऐसे अधिकारियों द्वारा पहले दी गई जानकारी और बाद में दी गई जानकारी का तुलनात्मक चार्ट, अधिकारी के नाम, जिले के नाम और रजिस्ट्री क्रमांक सहित सूची देवें। (ग) क्या शासन के राजस्व की जांच और वसूली संबंधी महत्वपूर्ण विषयों पर कुछ अधिकारियों द्वारा बार-बार जांच एवं प्रकरण दर्ज कर मामलें की लीपा-पोती करने की कोशिश की जा रही है? इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा क्या कार्यवाही की गई, जानकारी देवें?

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

वन भूमि का अतिक्रमण

[वन]

112. ( क्र. 808 ) श्री पन्‍नालाल शाक्‍य : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                (क) अनुभाग रेंज राघोगढ़ में वन भूमि का कितना रकबा अतिक्रमण मुक्त है? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित जो भूमि को छोड़कर कितनी भूमि पर मकान निर्माण, खेती की वस्तु स्थिति से खसरा नम्बर एवं  बीट प्रभारी सहित वर्ष 2022 से वर्ष 2026 की स्थिति में बतलावें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) कार्ययोजना अनुसार अनुभाग रेंज राघोगढ़ में वन भूमि का 14229.368 हेक्‍टेयर रकबा अतिक्रमण मुक्‍त है। (ख) जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट अनुसार  है।

परिशिष्ट - "चालीस"

जिला खनिज प्रतिष्‍ठान विधि की राशि की स्‍वीकृति

[खनिज साधन]

113. ( क्र. 829 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) जिला अनूपपुर के अंतर्गत जिला खनिज प्रतिष्‍ठान निधि से वर्ष 2025-26 में कितनी राशि प्राप्‍त हुई थी तथा उनमें से कितनी राशि का जिले के विकास कार्यों के लिये स्‍वीकृति प्रदान की गई थी? संपूर्ण जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) जिला अनूपपुर में वित्‍तीय वर्ष 2025-26 में विकास कार्यों की कितने कार्यों का किन-किन जनप्रतिनिधियों/सांसद विधायकों/जिला पंचायत अध्‍यक्ष की अनुशंसा पर कौन-कौन से कार्य कितने-कितने लागत का प्रस्‍ताव तैयार कर प्रदेश में अनुमोदन प्राप्‍त किया गया तथा कितने कार्यों की प्रशास‍कीय स्‍वीकृति आदेश जारी की गई तथा कितने कार्य प्रक्रियाधीन है? कितने लंबित है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार अनुमोदन हेतु प्रस्‍तावित कार्यों को किस आधार पर किस-किस जनप्रतिनिधियों प्रस्‍तावों को सम्मिलित किया गया है तथा अधोहस्‍ताक्षरी द्वारा प्रेषित प्रस्‍तावों में कितने कार्यों को सम्मिलित किया गया तथा उनमें से कितने कार्य का प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी की गई? आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें। (घ) वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिला खनिज प्रतिष्‍ठान निधि से कार्यों को अनुमोदन होने के उपरांत भी प्रशासकीय स्‍वीकृति किन कारणों से जारी नहीं की गई इसके दोषी कौन है तथा उसके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जिला अनूपपुर अन्‍तर्गत जिला खनिज प्रतिष्‍ठान निधि में वर्ष 2025-26 में कुल राशि 2612.00 लाख प्राप्‍त हुई थी। उक्‍त राशि में से कुल 606.53 लाख के विकास कार्यों की स्‍वीकृति प्रदान की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है।      (ख) प्रश्‍नांश अनुसार 251 कार्यों की कार्य योजना का प्रस्‍ताव अनुमोदन हेतु प्राप्‍त किया गया था, जिनमें से 35 कार्यों का प्रशासकीय स्‍वीकृति आदेश जारी किया गया एवं 72 कार्य प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी किये जाने हेतु प्रक्रियाधीन है शेष 144 कार्यों का राज्‍य स्‍तरीय नोडल विभाग से अनुमोदन प्राप्‍त न होने के कारण स्‍वीकृति लंबित है। प्रश्‍नांश की संपूर्ण जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है(ग) जिला अनूपपुर अन्‍तर्गत वित्‍तीय वर्ष 2025-26 में जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्‍तावित कार्यों को न्‍यास मंडल की अनुशंसा के आधार परपुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट '''' में उल्‍लेखित जन प्रतिनिधियों के प्रस्‍ताव को डीएमएफ की कार्ययोजना में सम्मिलित किया गया है जिसमें प्रश्‍नकर्ता माननीय विधायक के 19 प्रस्‍तावों को सम्मिलित किया गया तथा उनमें से 1 कार्य गौशाला परासी का बाउण्‍ड्रीवाल निर्माण कार्य की प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी की गई है आदेश की प्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है(घ) वित्‍तीय वर्ष 2025-26 में जिला खनिज प्रतिष्‍ठान निधि से कार्यों का अनुमोदन होने के उपरांत, 72 कार्य प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी किये जाने हेतु प्रक्रियाधीन हैं। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

औद्योगिक कंपनियों को आवंटित भूमियों पर उद्योग की स्‍थापना

[सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम]

114. ( क्र. 834 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या सूक्ष्‍म,लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या औद्योगिक क्षेत्र अनूपपुर में शासन द्वारा विभिन्न कंपनियों एवं संस्थाओं को उद्योग स्थापित करने हेतु भूमि आंवटित की गई है? यदि हाँ, तो जिले में औद्योगिक क्षेत्रवार किन-किन कंपनी एवं संस्थाओं को कितनी-कितनी भूमि आवंटित की गई है? जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार औद्योगिक क्षेत्र के स्थापना हेतु किस प्रकार के उद्योगों की स्थापना हेतु भूमि आवंटित की गई है तथा उद्योग स्थापित करने का कितना समय दिया गया है? समय-सीमा बतावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार उद्योग स्थापित हेतु ऐसे कितनी कंपनियों को भूमि आवंटित की गई हैजिनके द्वारा भूमि आवंटन के उपरांत भी प्रश्‍न दिनांक तक उद्योग स्थापित नहीं किये गये? उद्योग स्थापित नहीं करने वाली कंपनियों के विरूद्ध शासन द्वारा अब तक क्या कार्यवाही की? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार उद्योग स्थापित करने वाली कंपनियों के द्वारा अब तक कितने स्थानीय लोगों को रोजगार एवं अन्य सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं? जानकारी उपलब्ध करावें।

सूक्ष्‍म,लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ) : (क) जी हाँ। सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम विभाग द्वारा कदमटोला में औद्योगिक क्षेत्र विकसित एवं आवंटित किया गया है। जिसमें आवंटन की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) स्थापित 05 औद्योगिक इकाईयों द्वारा कुल 47 स्थानीय व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।

परिशिष्ट - "इकतालीस"

पेंशन प्रकरण का निराकरण

[वित्त]

115. ( क्र. 841 ) श्री विपीन जैन : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के पत्र क्रमांक 1261, दिनांक 26/02/2026 राज्य कोषालय अधिकारी पर्यावास भवन भोपाल को संबोधित पत्र के संदर्भ में क्या कार्यवाही वर्तमान दिनांक तक की गई है की गई संपूर्ण कार्यवाही से अवगत कराये। कर्मचारी जगदीश चंद्र ईश्‍वर की पेंशन समस्या का निराकरण अभी तक क्यों नहीं किया गया है इसके पीछे क्या कारण रहे हैं कौन जिम्मेदार है? (ख) विभागीय कार्यालय के चक्कर काटते-काटते उक्त कर्मचारी की मृत्यु भी हो चुकी है जनपद पंचायत मल्हारगढ़ द्वारा जिला कोषालय अधिकारी जिला मंदसौर को प्रेषित पत्र के संदर्भ में भी की गई कार्यवाही से भी अवगत कराये। (ग) उक्त कर्मचारी की पेंशन समस्या के निराकरण हेतु जिला कौशल अधिकारी मंदसौर, संभागीय संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा उज्जैन, संभागीय पेंशन अधिकारी उज्जैन मध्य प्रदेश द्वारा कर्मचारी हित में व उसकी समस्या के निराकरण के संबंध में क्या-क्या प्रयास और आवेदक द्वारा दिए गए आवेदन के संदर्भ में क्या कार्यवाही की गई है? संपूर्ण कार्यवाही से अवगत कराये। (घ) संबंधित कर्मचारी  के प्रकरण का निराकरण कब तक कर दिया जाएगा और उसके सेवाकाल की राशि और उसकी पत्नी की पेंशन कब तक शुरू कर दी जाएगी।

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) प्रश्‍नकर्ता का पत्र क्रमांक 1261, दिनांक 26/02/2026 कार्यालय आयुक्‍त, कोष एवं लेखा को प्राप्‍त नहीं हुआ है। शेषांग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। श्री जगदीश ईश्‍वर के पेंशन प्रकरण का निराकरण किया जा चुका है। शेषांग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जनपद पंचायत मल्‍हारगढ़ द्वारा ऑनलाईन प्रक्रिया में पेंशन त्रुटिपूर्ण राशि की समस्‍या के चलते IFMIS हेल्‍पडेस्‍क पर दिनांक 09/12/2025 को एवं जिला पेंशन कार्यालय द्वारा दिनांक 23/02/2026 एवं 16/03/2026 को एसडी लॉक की गई थी, प्रकरण में जनपद पंचायत/जिला पंचायत द्वारा अकार्य दिवस से संबंधित कोई भी दस्‍तावेज संलग्‍न न करने के कारण उनके द्वारा की गई एसडी लॉक पर कार्यवाही नहीं की जा सकी। प्रकरण में संबंधित दस्‍तावेज अपलोड होने के पश्‍चात प्रकरण का निराकरण कर दिया गया है। (ग) प्रकरण में ऑनलाईन तकनीकी समस्‍या हेतु उत्‍तरांश "ख" में उल्‍लेखित दिनांकों को एसडी लॉक के फलस्‍वरूप निराकरण होकर दिनांक 01/04/2026 से नवीन व्‍यवस्‍था राज्‍य केन्‍द्रीयकृत पेंशन प्रक्रिया केन्‍द्र मध्‍यप्रदेश भोपाल द्वारा पेंशन एवं उपदान भुगतान आदेश जारी हो चुका है। (घ) नवीन व्‍यवस्‍था राज्‍य केन्‍द्रीयकृत पेंशन प्रक्रिया केन्‍द्र मध्‍यप्रदेश भोपाल द्वारा पीपीओ क्रमांक 052/06/2026/200176034 दिनांक 10/06/2026 जारी किया जा चुका है।

जंगली सूअर, घोड़ारोज से नुकसान

[वन]

116. ( क्र. 842 ) श्री विपीन जैन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर विधानसभा क्षेत्र में जंगली सूअर, घोड़ारोज़ से किसानों की फसलों को हो रहे नुकसान से बचाव के लिए विभाग द्वारा क्या-क्या प्रयास किए गए है? (ख) मंदसौर विधानसभा क्षेत्र में जंगली सूअर, घोड़ारोज़ से विगत 5 वर्षों से कितने दुर्घटनाएं हुई है? विवरण देवें। (ग) मंदसौर विधानसभा क्षेत्र में जंगली सूअर, घोड़ारोज़ से अनुमानित किसानों की फसलों का कितना नुकसान हुआ है क्या इसका आंकलन विभाग द्वारा किया गया है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) नीलगायों (घोड़ारोज) एवं जंगली सुअर द्वारा किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाये जाने पर सहायता राशि का भुगतान राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र खण्‍ड छ: क्रमांक-4 के प्रावधानों के तहत किया जाता है। किसानों की फसलों को नुकसान करने वाली नीलगाय (घोड़ारोज) एवं जंगली सुअर को आखेट करने की अनुमति देने हेतु मध्यप्रदेश के समस्त अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अपने-अपने अधिकार क्षेत्र की सीमाओं के भीतर प्राधिकृत अधिकारी घोषित है। वर्ष 2016 में मंदसौर जिले के ऐरा ग्राम से 27 एवं वर्ष 2023-24 में NATRAX कैम्पस, पीथमपुर धार से 45 नीलगायों को प्रायौगिक तौर पर बोमा विधि से पकड़कर गांधी सागर अभयारण्य में छोड़ा गया है। वर्ष 2025 में शाजापुर जिले से प्रायोगिक तौर पर 846 काले हिरण एवं 67 नीलगाय को हेलीकॉप्टर से हाँका लगाकर बोमा विधि से अन्यत्र स्थानांतरित किया गया है। (ख) मंदसौर विधानसभा क्षेत्र में प्रश्‍नाधीन अवधि में वर्ष 2023 में नीलगाय (घोड़ारोज) से 01 एवं वर्ष 2025 में जंगली सुअर से 01, इस प्रकार कुल दो सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। (ग) जंगली सुअर, नीलगाय (घोड़ारोज) से किसानों की फसलों के नुकसान का आंकलन वन विभाग द्वारा नहीं किया जाता है, अपितु राजस्व विभाग द्वारा किया जाता है। फसल हानि से प्रभावित व्यक्ति द्वारा आवेदन करने पर फसल हानि का आंकलन कर सहायता राशि का भुगतान राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र खण्‍ड छ: क्रमांक-4 के प्रावधान अनुसार मध्यप्रदेश लोक सेवा प्रदाय गारंटी अधिनियम, 2010 की सेवा क्रमांक 4.6 के तहत राजस्व विभाग द्वारा 30 कार्य दिवस में किया जाता है।

 

निलंबित शस्‍त्र लायसेंस प्रकरणों की जांच

[गृह]

117. ( क्र. 853 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि          (क) दतिया जिले में दिनांक 01-01-2024 के बाद कौन-कौन के शस्‍त्र लायसेंस निलंबित किये गये और कौन-कौन के निलंबित किये जाने हेतु किस आधार पर प्रकरण  तैयार किये गये है? विकासखण्‍डवार/थानावार जानकारी देवें। (ख) जिनके शस्‍त्र लायसेंस निलंबित किये गये है अथवा प्रकरण बनाये गये है, उन पर कौन-कौन सी धाराओं में केस दर्ज है उनके संबंध में थाना प्रभारी द्वारा क्‍या प्रतिवेदन किये गये प्रतिवेदनों एवं FIR की छायाप्रतियों सहित जानकारी देवें? (ग) क्‍या जिन लोगों के शस्‍त्र लायसेंस निलंबित किये गये अथवा किये जा रहे है उनमें कुछ ऐसे लोग भी शामिल है जिन पर कोई केस नहीं है केवल थाना प्रभारी के गलत प्रतिवेदन पर कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो क्‍या प्रतिपाल यादव एवं शिशुपाल यादव नि. पड़री के निलंबित शस्‍त्र लायसेंस प्रकरण की जांच कराई जावें? (घ) क्‍या विभाग द्वारा दतिया जिले में निलंबित किये गये अथवा किये जाने वाले शस्‍त्र लायसेंस के प्रकरणों की जांच कराई जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक, जानकारी उपलब्‍ध कराएं?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- '' अनुसार है।    (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- '' अनुसार है(ग) पुलिस अधीक्षक, जिला दतिया के प्रतिवेदन दिनांक 26.05.2026 के अनुसार नरेश शर्मा पुत्र मथलीशरण नि. ग्राम पडरी पार्टी क. 2 प्रतिपाल यादव एवं शिशुपाल यादव निवासीगण ग्राम पड़री के ऊपर पूर्व में नरेश ने कथित रूप से गोली चलाई थी, जिस पर थाना इन्दरगढ़ में अप.क. 80/2010 धारा 307,34 भा.द.वि. का प्रकरण पंजीबद्ध हुआ था। उक्त घटना के बाद से दोनों पक्षों के मध्य लगातार आपसी रंजिश चली आ रही है। कभी कोई घटना घटिन होने तथा गांव में शांति व्यवस्था बनाये रखने की दृष्टि से प्रतिपाल एवं शिशुपाल पुत्रगण दशरथ यादव का शस्त्र लायसेंस निलंबित किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) लायसेंसधारियों के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध होने से जिले में शांति व्यवस्था बनाये रखने की दृष्टि से शस्त्र निलंबित/निरस्त किये जाते है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

नवगठित जिला मैहर में जिला कोषालय स्‍थापित कराया जाना

[वित्त]

118. ( क्र. 858 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नवगठित जिला मैहर में जिला कोषालय स्थापित कराये जाने की प्रक्रिया क्या पूर्ण करा ली गयी है? यदि हाँ, तो इस संबंध के जारी आदेश की प्रति उपलब्ध करायी जावे? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उद्भूत स्थिति से क्या यह सत्‍य  है  कि नवगठित जिले में विभिन्न विभागों के कार्यालय स्थापित कराये जाने की आवश्यकता जिले के वास्तविक रूप से संचालन हेतु अतिआवश्यक होने की स्थिति में उनमें कार्यरत अधिकारियों/कर्मचारियों के वेतन एवं अन्य व्यय भुगतान हेतु जिला कोषालय का होना अनिवार्य है? यदि हाँ, तो कब तक स्थापित करा दिया जावेगा? समयावधि स्पष्ट की जावे।

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ, जिला कोषालय मैहर के गठन, वरिष्‍ठ कोषालय अधिकारी मैहर को कार्यालय प्रमुख घोषित करने, आहरण संवितरण अधिकारी कोड जारी करने एवं कोषालय में अधिकारियों/कर्मचारियों की पदस्‍थापना संबंधी आदेश जारी किये गये। आदेशों की प्रतियां  पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्‍ट अनुसार(ख) जी हाँ, उत्‍तरांश (क) के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मध्‍यप्रदेश की वित्‍तीय स्थिति

[वित्त]

119. ( क्र. 864 ) श्री उमंग सिंघार : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नीति आयोग द्वारा जारी वित्तीय वर्ष 2023-24 के 'स्टेट सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स' (State Sustainability Indeu) में मध्य प्रदेश का स्कोर गिरकर 37.8 रह गया है और प्रदेश, देश के 18 बड़े राज्यों में 10वें स्थान पर खिसक गया है? (ख) क्या वित्तीय वर्ष 2026-27 तक राज्य पर अनुमानित कुल कर्ज का भार लगभग 5.15 लाख करोड़ रुपये तक पहुँचने की संभावना है? यदि हाँ, तो सरकार इस ऋण भार को कम करने के लिए क्या योजना बना रही है? (ग) क्या रिपोर्ट के अनुसार राज्य की आय का एक बड़ा हिस्सा ऋण के ब्‍याज भुगतान और पेंशन जैसे अनिवार्य खर्चों में जा रहा है? विकास कार्यों (पूँजीगत व्यय) के लिए कुल बजट का कितना प्रतिशत उपलब्ध हो पा रहा है?         (घ) राज्य की वित्तीय स्थिति सुधारने और नीति आयोग के इंडेक्स में रैंकिंग बेहतर करने के लिए वित्त विभाग द्वारा वर्तमान वित्तीय वर्ष में क्या विशेष कदम उठाए गए हैं?

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी नहीं। नीति आयोग द्वारा जारी एस.डी.जी. इंडिया इंडेक्‍स 2023-24 प्रेस विज्ञप्ति दिनांक 12/07/2024 में राज्‍य और केन्‍द्र शासित प्रदेशों के परिणाम अनुसार मध्‍यप्रदेश अग्रणी स्थिति में शामिल है। मध्‍यप्रदेश का स्‍कोर 67 है। उक्‍त जानकारी www.pib.gov.in/PressRelease अनुसार उपलब्‍ध है। (परिशिष्‍ट-क) (ख) मध्‍यप्रदेश शासन के बजट साहित्‍य के वित्‍तीय वर्ष 2026-27 में वित्‍त सचिव के स्‍मृति पत्र अनुसार बिन्‍दु क्रमांक (17) - राज्‍य शासन की ऋण स्थिति में संपूर्ण जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार तथा वेबसाइट https://finance.mp.gov.in पर उपलब्‍ध हैं। (परिशिष्‍ट-1) (1) राज्‍य द्वारा मध्‍यप्रदेश राजकोषीय उत्‍तरदायित्‍व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम 2005 के अनुरूप ऋण को नियंत्रित एवं निर्धारित सीमा के भीतर रखा जा रहा है। (2) राज्‍य अपने ऋणों का पुर्नभुगतान यथासमय कर रहा है। राज्‍य किसी भी परिस्थिति में पुर्नभुगतान करने में डिफाल्‍ट नहीं रहा है। (ग) (1) मध्‍यप्रदेश शासन के बजट साहित्‍य के वित्‍तीय वर्ष 2026-27 में वित्‍त सचिव के स्‍मृति पत्र  परिशिष्‍ट  : अंतर्गत उद्देश्‍यवार प्रावधानों का विश्‍लेषण में उद्देश्‍यवार व्‍ययों की जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट अनुसार तथा वेबसाइट https://finance.mp.gov.in पर उपलब्‍ध हैं। (परिशिष्‍ट-2)                   (2) मध्‍यप्रदेश शासन के बजट साहित्‍य के वित्‍तीय वर्ष 2026-27 में वित्‍त सचिव के स्‍मृति पत्र के बजट का सार अनुसार कुल बजट का 18.31का पूंजीगत व्‍यय का अनुमान है। (परिशिष्‍ट-3)       (घ) राज्‍यमध्‍य प्रदेश राजकोषीय उत्‍तरदायित्‍व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम 2005 का पालन करता है एवं वित्‍तीय प्रबंधन के दृष्टि से राजकोषीय सूचक चल लक्ष्‍य (रोलिंग टारगेट्स) के अनुरूप नियंत्रित रखा जा रहा है।

आबकारी आरक्षक भर्ती में अनियमितता

[सामान्य प्रशासन]

120. ( क्र. 865 ) श्री उमंग सिंघार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कर्मचारी चयन मंडल (ESB) द्वारा आयोजित आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा-2024 में रतलाम के एक केंद्र पर 12 अभ्यर्थियों ने मात्र 30 मिनट में 100 सवाल हल कर 100 परसेंटाइल अंक प्राप्त किए हैं? (ख) क्या शासन को इस बात की जानकारी है कि इन 12 संदिग्ध अभ्यर्थियों ने पिछली परीक्षाओं में 50 अंक भी प्राप्त नहीं किए थे? यदि हाँ, तो अचानक आए इस 'असाधारण' परिणाम की सत्यता की जांच हेतु विभाग ने क्या कदम उठाए हैं? (ग) क्या रतलाम पब्लिक स्कूल' को पहली बार परीक्षा केंद्र बनाया गया था और सीसीटीवी फुटेज में किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा अभ्यर्थियों को गाइड करते हुए देखा गया है? इस स्कूल को केंद्र बनाने की सिफारिश किस अधिकारी या एजेंसी द्वारा की गई थी? (घ) क्या विभाग ने इन 12 अभ्यर्थियों के खिलाफ एफ.आई.आर. (FIR) दर्ज की है? यदि हाँ, तो इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे सक्रिय 'सिंडिकेट' और मुख्य साजिशकर्ताओं के नाम क्या हैं और उनके विरुद्ध अब तक क्या कार्रवाई की गई है? (ड.) क्या सरकार इस परीक्षा की शुचिता भंग होने के कारण संबंधित केंद्र की परीक्षा निरस्त करने और भविष्य में ऐसी तकनीकी सेंधमारी को रोकने के लिए कोई ठोस नीति बना रही है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी नहीं। 8 अभ्‍यर्थियों ने प्रथम 15 मिनिट में सारे प्रश्‍न देखे एवं बाद में 15-30 मिनिट में अधिक प्रश्‍नों का उत्‍तर दिया व 6 अभ्‍यर्थियों ने 100 परसेंटाइल अंक प्राप्‍त किए हैं। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। जी हां, सीसीटीवी फुटेज में किसी बाहरी व्‍यक्ति द्वारा अभ्‍यर्थियों की सीट पर जाकर कुछ संदिग्‍ध गतिविधि करते हुए देखा गया था। परीक्षा प्रक्रिया अनुसार, मध्‍यप्रदेश कर्मचारी चयन मण्‍डल के निर्धारित मापदण्‍ड पूर्ण करने पर परीक्षा संचालन एजेंसी द्वारा प्राप्‍त प्रस्‍ताव व परीक्षा सुरक्षा एजेंसी के ऑडिट उपरांत स्‍कूल को परीक्षा केन्‍द्र बनाया गया था। (घ) जी हाँ। जांच एजेंसी द्वारा जांच की कार्यवाही प्रचलन में होने से जानकारी दी जाना संभव नहीं है। (ड.) 12 अभ्‍यर्थियों के डाटा विश्‍लेषण में डाटा असामान्‍य होने से इन्‍हीं अभ्‍यर्थियों की परीक्षा निरस्‍त की गई है और ऐसी तकनीकी सेंधमारी को रोकने के लिए मध्‍य प्रदेश कर्मचारी चयन मण्‍डल द्वारा परीक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने हेतु सतत् प्रयास किए जाते हैं।

तिलहन संघ सेवायुक्‍तों को पंचम वेतनमान लाभ

[सामान्य प्रशासन]

121. ( क्र. 869 ) श्री केशव देसाई : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुख्य सचिव की अध्यक्षता में दिनांक 19.05.2016 को उच्च अधिकारियों की बैठक तिलहन संघ से शासन में पदस्थ सेवायुक्तों को पंचम वेतनमान का लाभ प्रदान किए जाने संबंधी विषय पर आयोजित की गई थी? (ख) क्या उक्त बैठक रिट अपील के एजेंडे में तिलहन संघ सेवायुक्तों द्वारा मान. उच्च न्यायालय में दायर अवमानना प्रकरणों के निराकरण तथा न्यायालयीन आदेशों के पालन हेतु सक्षम स्तर से स्वीकृति प्राप्त कर देय भुगतान किए जाने का विषय सम्मिलित था? यदि हाँ, तो बैठक में क्या निर्णय लिया गया था? (ग) क्या श्री बेन्नी पी.एम. (तिलहन संघ से) सामान्य प्रशासन विभाग में पदस्थ प्रतिनियुक्ति अवधि का पंचम वेतनमान लाभ एवं एरियर आज दिनांक तक स्वीकृत नहीं किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या इसे उक्त बैठक के निर्णय का अवमानना माना जाएगा? (घ) मुख्य सचिव स्तर की बैठक में विषय पर निर्णय लिया जा चुका था तथा न्यायालयीन प्रकरणों के पालन की आवश्यकता भी चिन्हित की गई थी तब श्री बेन्नी पी.एम. के प्रकरण में पंचम वेतनमान का लाभ एवं एरियर स्वीकृत करने हेतु अब तक क्या कार्यवाही की गई है? अभिलेखों की छायाप्रतियां दें? लाभ स्वीकृत किए जाने की समय-सीमा क्या है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ, कार्यवाही विवरण की छायाप्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट- '''' अनुसार है(ग) श्री बेन्‍नी पी. एम. का सामान्‍य प्रशासन विभाग में प्रतिनियुक्ति अवधि का वेतनमान संबंधी प्रकरण माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर में विचाराधीन होने से स्‍वीकृत नहीं किया गया है। (घ) संबंधित अभिलेखो की छायाप्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट- '''' अनुसार है। प्रकरण माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर में विचाराधीन होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

पंचम वेतनमान पात्रता में समानता का प्रश्‍न

[सामान्य प्रशासन]

122. ( क्र. 870 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा प्रश्‍न 972, दिनांक 29.07.2025 एवं प्रश्‍न 3401, दिनांक 29.07.2025 में जानकारी दी गई कि सा.प्रशा. विभाग में तिलहन संघ के संविलियन उपरांत प्रतिनियुक्ति अवधि पर पदस्थ रहे तिलहन संघ कर्मियों को पांचवा वेतनमान लाभ पात्रता अनुसार दिया गया है? यदि हाँ, तो उक्त पात्रता का आधार नियम, आदेश एवं मापदण्ड क्या है? (ख) पात्रता निर्धारित करने हेतु किस विभाग, समिति अथवा सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्णय लिया गया था? इस संबंध में जारी आदेश अनुमोदन की छायाप्रति दें? कितने सेवायुक्तों को अपात्र माना गया? संबंधितों के नाम एवं अपात्र होने के कारण दें?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। पांचवा वेतनमान माननीय उच्‍च न्‍यायालय में दायर याचिका क्रमांक 4522/2014 एवं अवमानना क्रमांक 276/2018 में पारित आदेश दिनांक 02.11.2018 के पालन में वित्‍त विभाग के परिपत्र दिनांक 23.03.2019 के अनुसार स्‍वीकृत किया गया।          (ख) पात्रता निर्धारण हेतु वित्‍त विभाग के अभिमत एवं संविलियन नीति के आधार पर मंत्रालय में संविलियत प्रतिनियुक्ति पर पदस्‍थ सभी पात्र कर्मचारियों को लाभ दिया गया है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। पात्र/आपात्र का विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट- '''' अनुसार है

लोकायुक्‍त प्रकरणों पर कार्यवाही में विलंब

[सामान्य प्रशासन]

123. ( क्र. 889 ) श्री बाला बच्चन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि         (क) भ्रष्‍टाचार तथा अधिकारों के  दुरूपयोग पर अंकुश लगाने के लिए गठित लोकायुक्‍त संगठन शिकायत पर अंतिम कार्रवाई करने में 8-10 साल का समय क्‍यों ले रहा है? (ख) वर्ष 2020 से 2025 तक लोकायुक्‍त में कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई, कितनी निराकृत, कितनी जांच हेतु पंजीबद्ध की गई? उनमें से जांच उपरांत कितने प्रकरण समाप्‍त किए गए? कितनी शिकायत पर आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किए गए? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित अवधि में प्रतिवर्ष जो आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए, वह शिकायत कितने दिन पहले, किस दिनांक को प्राप्‍त हुई थी? विशेष न्‍यायालय में जो चालान प्रस्‍तुत किए गए, उन पर आपराधिक प्रकरण कितने दिन पहले किस दिनांक को दर्ज किया गया था तथा शिकायत किस दिनांक को चालान पेश करने के कितने दिन पहले प्राप्‍त हुई थी?       (घ) प्रश्‍नाधीन अवधि में माननीय न्‍यायालय द्वारा कितने प्रकरण में निर्णय दिए गए तथा कितने में सजा तथा कितनों में बरी किया गया? (ड.) वर्ष 2020 से 2025 तक कुल कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई, कितनी निराकृत तथा कितनों में जांच प्रकरण दर्ज किए गए? कितनी जांच के बाद समाप्‍त की गई? कितनों में आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए, उनमें से कितनों के न्‍यायालय में चालान पेश किए गए तथा उनमें से कितनों में फैसले हुए तथा कितने को सजा मिली तथा कितने प्रकरण में बरी हुए तथा कितनी शिकायत/प्रकरण किस-किस स्‍टेज पर शेष है? सिर्फ इस अवधि में प्राप्‍त शिकायतों के संदर्भ में ही उपरोक्‍त जानकारी दें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) शिकायत एवं जांच शाखा में प्राप्त शिकायतों पर संबंधित विभाग से जांच प्रतिवेदन प्राप्त किया जाकर निराकरण किया जाता है। प्रक्रिया अंतर्गत कार्यवाही करने में समय लगना संभावित है। (ख) लोकायुक्त संगठन की शिकायत एवं जांच शाखा एवं तकनीकी शाखा में वर्ष 2020 से 2025 तक कुल 27192 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, कुल 24717 शिकायतें निराकृत की गई हैं एवं 2475 जांच हेतु पंजीबद्ध की गई है। इन वर्षों में पंजीबद्ध एवं पूर्व के लंबित प्रकरणों में से कुल 2279 प्रकरण समाप्त किये गये हैं। लोकायुक्त संगठन की विशेष पुलिस स्थापना में वर्ष 2020 से 2025 तक की अवधि में कुल 1451 आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं। (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्लेखित अवधि में प्रतिवर्ष जो आपराधिक प्रकरण दर्ज किये गये हैं उनकी वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'' अनुसार हैपरिशिष्ट  के कालम नं.-7 में शिकायत की दिनांक, कॉलम नं-10 में विशेष न्यायालय में चालान प्रस्तुत करने का दिनांक, कॉलम नं-06 में अपराध पंजीबद्ध करने का दिनांक अंकित है। (घ) प्रश्‍नाधीन अवधि में पंजीबद्ध कुल 1451 प्रकरणों में से 477 प्रकरणों में चालान पेश किया गया है, जिनमें से विभिन्न माननीय न्यायालय द्वारा 84 प्रकरणों में निर्णय पारित किया गया है। जिनमें 55 प्रकरणों में सजा तथा 26 प्रकरणों में दोषमुक्ति निर्णय पारित हुए हैं तथा 03 प्रकरणों में आरोपी की मृत्यु के कारण समाप्त किए गए हैं। (ड.) उत्तरांश (ख) एवं (घ) अनुसार। प्रकरणों की अद्यतन स्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' के कॉलम नं.-14 में अंकित है।

PMT परीक्षा वर्ष 2008 से 2011 के संबंध में

[सामान्य प्रशासन]

124. ( क्र. 892 ) श्री बाला बच्चन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2008 से 2011 तक PMT की परीक्षा केन्‍द्रों पर अनुचित साधन का उपयोग (UFM) (यू.एफ.एम.) समस्‍त प्रकरणों की जानकारी देवें। (ख) ऐसे प्रकरणों के अभ्‍यर्थी नाम, रोल नंबर सहित वर्षवार देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार परीक्षा केन्‍द्र पर भरे गए यू.एफ.एम. प्रोफार्मा की सत्‍यापित प्रतियां देवें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) उपलब्‍ध दस्‍तावेजों के परीक्षणोंपरांत व प्राप्‍त UFM प्रकरणों की सूची अनुसार PMT वर्ष 2008, 2009 एवं 2010 के UFM प्रकरणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है

लघुवनोज व्‍यापार एवं विकास संघ द्वारा व्‍यय राशि

[वन]

125. ( क्र. 896 ) डॉ. राजेन्‍द्र कुमार सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि        (क) 01.04.2021 से प्रश्‍नतिथि तक म.प्र. राज्य लघु वनोपज व्यापार एवं विकास सहकारी संघ के द्वारा संचालक मंडल पूर्ण रूप से ना होने पर बिना प्रस्ताव लाये/बिना समुचित अनुमोदन के व्यापार राशि से 15 प्रतिशत विकास मद से क्विड प्रो क्‍वो (किसी के बदले कुछ पाना) कितनी कितनी राशि कब-कब, कहा-कहां, किस-किस मद व स्थान पर व्यय की/भुगतान की गई? वर्षवार/माहवार/मदवार/राशिवार/भुगतान प्राप्तकर्तावार जानकारी दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित समयानुसार बिजनेस मैनेजमेंट यूनिट में कितनी राशि कहां-कहां, कब-कब व्यय की? क्या फायदा हुआ? किसको भुगतान किया गया? सूची दें। मेले आयोजित करने में किस-किस स्थान पर कितना व्यय किया गया? भुगतान प्राप्तकर्ताओं की सूची रकमवार, वर्षवार, स्थानवार दें? (ग) लघु वनोपज प्रसंस्करण एवं अनुसंधान केन्द्र बरखेड़ा पठानी में उत्पादन के लिये रॉ मैटेरियल क्रय की क्या प्रकिया है? प्रश्‍नांश (क) में वर्णित समयानुसार किस-किस से क्या-क्या सामग्री खरीदी और उसे (नाम पता दें) कितना-कितना भुगतान वर्षवार,माहवार,राशिवार,मदवार किया गया? (घ) प्रश्‍नांश (ग) में वर्णित केन्द्र में कच्चा माल किन-किन वन समितियों से क्रय किया गया? जारी सभी निविदाओं की एक प्रति दें? प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित समयानुसार जानकारी दें? सभी रॉ मैटेरियल क्रय के लिये प्राप्त निविदा दरें, क्रय हेतु अनुमोदित सभी फाइलों की छायाप्रति एवं जारी सभी क्रय आदेशों की एक प्रति दें?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज व्यापार एवं विकास सहकारी संघ को अर्जित शुद्ध लाभ की 10 प्रतिशत राशि से अधोसंरचना एवं विकास मद के कार्यों का अनुमोदन मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज व्यापार एवं विकास सहकारी संघ के संचालक मंडल द्वारा नहीं किया जाता है; अपितु, इस संबंध में राज्य शासन द्वारा समय-समय पर जारी आदेशों के अनुरूप स्वीकृति प्रदान की जाती है; अतः बिना अनुमोदन राशि व्यय किए जाने संबंधी शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 एवं  2 अनुसार है(ग) लघु वनोपज प्रसंस्करण एवं अनुसंधान केन्द्र, बरखेड़ा पठानी में उत्पादन के लिए आवश्यक कच्चे माल का क्रय प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों से तथा प्रचलित भंडार क्रय नियमों के अंतर्गत निर्धारित निविदा प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है। प्रश्‍नांश की शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है(घ) प्रश्‍नांश (ग) में उल्लेखित केन्द्र द्वारा वन समितियों से क्रय किए गए कच्चे माल का समितिवार विवरण  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-4  अनुसार है। जारी निविदाओं की प्रतियां  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-5  अनुसार है। स्वीकृत निविदा दरों की वर्षवार सूची  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-6  अनुसार है तथा जारी क्रय आदेशों की प्रतियां  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-7 अनुसार है

ई.ओ.डब्‍लू भोपाल द्वारा पंजीबद्ध प्रकरण की जानकारी

[सामान्य प्रशासन]

126. ( क्र. 899 ) डॉ. राजेन्‍द्र कुमार सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि      (क) आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ई.ओ.डब्लू) भोपाल के द्वारा 01.04.2022 से प्रश्‍नतिथि तक किस-किस स्थान पर प्रकरण पंजीबृद्ध कर, किस-किस के विरूद्ध कब व क्या कार्यवाही कर क्या-क्या पाया सभी प्रकरणों के अपराध क्रमांको सहित एफ.आई.आर. की एक-एक प्रति उपलब्ध कराये। (ख) रीवा संभाग में रीवा/मउगंज में एम.पी.आर.आर.डी.ए.के अधिकारियों/संविदाकारों के विरूद्ध गुणवताविहीन डामर का प्रयोग कर उसके स्थान पर आई.ओ.सी. एवं उच्च गुणवता के डामर का फर्जी इनवाइस लगाकर भुगतान प्राप्त करने पर दर्ज सभी आपराधिक प्रकरणों की एफ.आई.आर. की एक प्रति व जिन-जिन के विरूद्ध प्रकरण कायम हुये है की सूची नाम/पदनाम उपलब्ध कराये।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ, म.प्र. भोपाल के द्वारा दिनांक 01.04.2022 से प्रश्‍नतिथि तक कुल 443 प्रकरण पंजीबद्ध किए गए हैं। प्रकरण प्रकोष्ठ थाना मुख्यालय भोपाल में पंजीबद्ध किए जाते हैं। शेष प्रश्‍न का उत्तर  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' एवं एफ.आई.आर. की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है(ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है

ई.ओ.डब्‍ल्‍यू. द्वारा गंभीर मामले की अनदेखी

[सामान्य प्रशासन]

127. ( क्र. 903 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि         (क) श्री विकास सचदेव द्वारा दिनांक 04.12.2025 को कार्यालय महानिदेशक, आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ भोपाल को दिए आवेदन पत्र एवं अब तक उस मामले में की गई कार्यवाही संबंधी सम्‍पूर्ण जानकारी दें और बताएं कि समुचित कार्यवाही क्यों नहीं की गई है? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित पत्र में उल्लेखित बिंदुओं की जांच अब तक क्यों नहीं कराई गई? यदि जांच करा ली गई है तो जांच प्रतिवेदन की छायाप्रति देवें। यदि नहीं, कराई गई है तो कब तक इसकी जांच पूर्ण की जाएगी?      (ग) क्या जांच में विलंब किया जा रहा है? शिकायत में उल्लेखित दोषियों को संरक्षण क्यों दिया जा रहा है? कब तक इन दोषियों पर प्राथमिकी की दर्ज कराकर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) श्री विकास सचदेव द्वारा दिनांक 04.12.2025 को दिए गए आवेदन पत्र को मूलत: आवश्यक कार्यवाही हेतु कलेक्टर, जिला उमरिया को प्रेषित किया गया है। तत्पश्चात श्री विकास सचदेव द्वारा दिनांक 09.06.2026 को दिए गए आवेदन पर शिकायत क्रमांक-454/2026 पंजीबद्ध की गई है। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित आवेदन पत्र के बिन्दुओं पर शिकायत क्रमांक-454/2026 प्रकोष्ठ इकाई भोपाल में सत्यापनाधीन है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। वर्तमान में शिकायत सत्यापनाधीन है। सत्यापन में प्राप्त तथ्यों व साक्ष्यों के आधार पर विधिसम्मत कार्यवाही किए जाने का प्रावधान है।

 

 

सीएम हेल्‍पलाईन शिकायतों के विलंबित एवं अप्रभावी निराकरण

[लोक सेवा प्रबन्धन]

128. ( क्र. 940 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि     (क) वर्ष 2023-24 से प्रश्‍न दिनांक तक क्या शासन के संज्ञान में यह तथ्य है कि सीएम हेल्पलाइन अंतर्गत दर्ज शिकायतों के निराकरण में अत्यधिक विलंब किया जा रहा है तथा निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप प्रभावी एवं संतोषजनक कार्यवाही सुनिश्चित नहीं हो पा रही है? जिलेवार, कार्यालयवार दर्ज प्रकरणों की संख्या, निराकृत एवं लंबित संख्या बताये। (ख) क्या कतिपय प्रकरणों में शिकायतों का वास्तविक एवं तथ्यपरक निराकरण किए बिना मात्र औपचारिकता पूर्ण कर प्रकरणों को निराकृत दर्शाया जा रहा है, जिससे शिकायतकर्ताओं को अपेक्षित राहत एवं न्यायोचित समाधान प्राप्त नहीं हो रहा है? (ग) कलेक्टर जनसुनवाई, जो आमजन की समस्याओं के निराकरण हेतु एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक व्‍यवस्‍था है, का नियमित एवं प्रभावी आयोजन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है? जिलेवार दर्ज प्रकरणों की संख्या निराकृत एवं लंबित प्रकरणों की संख्या दें। (घ) उक्त परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए शासन द्वारा यह स्पष्ट किया जाए कि सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण तथा कलेक्टर जनसुनवाई की नियमितता सुनिश्चित करने हेतु क्या प्रशासनिक, उत्तरदायित्वात्मक एवं अनुश्रवणात्मक कार्यवाही की जायेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

जिला खनिज प्रतिष्ठान कार्यपालिक समिति की बैठक

[खनिज साधन]

129. ( क्र. 941 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि    (क) जिला खनिज प्रतिष्ठान सामान्य सभा एवं जिला खनिज प्रतिष्ठान कार्यपालिक समिति की बैठक आयोजित करने के क्या नियम एवं कितनी अवधि में आयोजित करना अनिवार्य है? वर्ष 2023-24, 2024-25, 2025-26 से प्रश्‍न दिनांक तक जिला खनिज प्रतिष्ठान भिण्ड की सामान्य सभा बैठक एवं कार्यपालिका समिति की कुल कितनी बैठक आयोजित की गई? बैठक आयोजित करने हेतु क्या एजेण्डा था एवं बैठक उपरांत उसका पालन प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध कराई जाये। यदि बैठकों का आयोजन नहीं हुआ है, तो उसके लिये उत्तरदायित्व निर्धारित कर उनके विरूद्ध कब और क्या कार्यवाही की जायेगी? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) प्रश्‍नांश (क) में कौन-कौन से कार्य कितनी-कितनी राशि के कहां-कहां पर स्वीकृत किये गये हैं? क्या स्वीकृत कार्यों की राशि जारी कर दी गई है? यदि हाँ, तो राशि के उपयोगिता प्रमाण पत्र की प्रति दें। यदि नहीं, तो किन कारणों से कार्य लंबित है? कब तक कार्य पूर्ण कर लिये जायेंगे? समय-सीमा बतायें। (ग) प्रश्‍नांश (क) अवधि में कितने खनिज धारकों को कितनी खनिज लीज पर कितनी राशि डी.एम.एफ. में जमा कराई गई?

 मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) म.प्र. जिला खनिज प्रतिष्‍ठान नियम, 2016 के नियम 5 (4) के तहत न्‍यास मंडल की बैठक एक वित्‍तीय वर्ष में कम से कम दो बार एवं नियम 7 (3) के तहत कार्यपालिका समिति की बैठक प्रत्‍येक तिमाही में कम से कम एक बार आयोजित करने के संबंध में प्रावधान अधिसूचित है। प्रश्‍नांश अनुसार जिला खनिज प्रतिष्‍ठान भिण्‍ड के न्‍यास मंडल/सामान्‍य सभा बैठक एवं कार्यपालिका समिति की बैठक दिनांक 26/06/2023 को एवं न्‍यास मंडल की दूसरी बैठक दिनांक 21/10/2024 को आयोजित की गई थी। एजेण्‍डा अनुसार बैठक का कार्यवाही विवरण पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-अ  अनुसार  है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'' अनुसार है(ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स  अनुसार है

साप्रवि के आदेशों का पालन नहीं होने पर निलंबन

[विज्ञान और प्रौद्योगिकी]

130. ( क्र. 946 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) प्रश्‍नकर्ता का पत्र 1033 दिनांक 14.06.2026, 997/26 दिनांक 04.05.2026, 987/26 दिनांक 09.04.2026 जो एसीएससीएम-पीएस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- एमडी एमपीएसईडीसी-एडीजी सायबर, कार्या. सीएस का पत्र 4960 दिनांक 21.04.2026, एससीएसजीएडी का पत्र R-1/1068892/2026 /5078740/2026/1/4 दिनांक 05.06.2026 जो पीएस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग को प्रेषित प्राप्‍त हुआ। पत्र की प्रति, आवक/जावक पंजी, एकल नस्‍ती/ई फाईल-ऑनलाईन चैट एवं साप्रवि के आदेश दिनांक 22.03.2011 के अनुक्रम में निलंबन की कार्यवाही कर जानकारी पूर्णत: प्रदान कर दी गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) इंदौर स्थित इलेक्‍ट्रानिक्‍स कॉम्‍पलेक्‍स भूखण्‍ड क्र. 143 (5 एकड़) की भूमि कब, किस दर पर, कितनी अवधि के लिये और कैसे प्राप्‍त हुई? भूखण्‍ड के समस्‍त दस्‍तावेज लीज, आवेदन की प्रति सहित संपूर्ण दस्‍तावेज दें? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में अद्यतन स्थिति में उक्‍त भूखण्‍ड पर निर्मित एवं खुला क्षेत्रफल कितना है? निर्मित क्षेत्र में से कब और कितना क्षेत्रफल किस प्रयोजना से किस कंपनी को, किस दर पर, कितनी अवधि के लिये, किस करारनामें के लिये अधिकृत किया गया है। अधिकारी/कर्मचारी का नाम, पदनाम, पदस्‍थी कार्यालय का नाम, करारनामें की प्रति सहित संपूर्ण दस्‍तावेज दें? (घ) एमपीएसईडीसी के पत्र ए-13021/6/2022/प्रोज/4515 दिनांक 19.09.2025 कब-क्‍यों-किस प्रयोजन से किसे जारी किया गया? क्‍या उक्‍त भूखण्‍ड को अन्‍य किसी को दिये जाने हेतु प्रक्रिया जारी है, तो उसकी संपूर्ण जानकारी दस्‍तावेजों के माननीय मुख्‍यमंत्री जी की घोषणा क्रमांक बी- 1207 के अनुक्रम में प्रदान करें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी, हाँ नियमानुसार कार्यवाही की गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।

सेडमेप द्वारा उद्देश्‍यों के विपरीत नियोजन

[सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम]

131. ( क्र. 947 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या सूक्ष्‍म,लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अधोहस्‍ताक्षरकर्ता का पत्र 1011/26 दिनांक 03.06.2026 जो सीएस-पीएस एमएसएमई-संचालक सेडमेप, एडीजी सायबर अपराध को प्रेषित प्राप्‍त हुआ। पत्र की प्रति, आवक/जावक पंजी, एकल नस्‍ती, साप्रवि के आदेश दिनांक 22.03.11 के अनुक्रम में क्‍या निलं‍बन की कार्यवाही कर जानकारी पूर्णत: प्रदान कर दी गई? यदि नहीं, तो क्‍यों कारण सहित दें। (ख) सेडमेप का गठन कब किस उद्देश्‍यों से किया गया? अद्यतन स्थिति में सेडमेप मुख्‍यालय एवं चार संभागीय मुख्‍यालयों द्वारा नियोजन की कार्यवाही कब से की जा रही है? गठन से प्रश्‍न दिनांक तक कब और कितने नियोजन किस संस्‍था/कार्यालय/निगम/मण्‍डल के लिये किये गये वर्षवार गौशवारा बनाकर दें। (ग) सेडमेप मुख्‍यालय एवं चार संभागीय मुख्‍यालयों की चल-अचल संपत्ति की संपूर्ण जानकारी दें। कितने बैंक खाते कहां पर खोले गये है बैंक का नाम, पता, खाते का प्रकार (चालू/बचत) खाते में अद्यतन स्थिति में जमा राशि, शेयर बाजार, इक्विटी, बॉण्ड्स इत्‍यादि की जानकारी दें।        (घ) सेडमेप मुख्‍यालय एवं चार संभागीय मुख्‍यालयों में गठन से अद्यतन स्थिति तक कार्यरत अधिकारी/कर्मचारियों के नाम, पदनाम, वेतनमान, संपत्ति की जानकारी, कार्यालय में ऑउटसोर्स अधिकारी/कर्मचारी कब और कहां से नियोजित है जानकारी दें। (ड.) सेडमेप का पत्र क्र./सेडमेप/मेनपॉवर/2025/9027 दिनांक 18.12.2025 कब क्‍यों किस आधार पर जारी किया गया? वर्ष 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक जारी किये गये समस्‍त पत्रों की प्रति पठनीय दी जायें।

सूक्ष्‍म,लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ) : (क) जी हाँ। सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र दिनांक 22.03.2011 के अनुक्रम में माननीय विधायक को पत्र प्राप्ति की अभिस्वीकृति सेडमैप द्वारा दिनांक 22.06.2026 को प्रेषित की गई है एवं पत्र दिनांक 10.07.2026 से चाही गई जानकारी में से उपलब्ध जानकारी प्रेषित की गई। अतः शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) सेडमैप का गठन वर्ष 1988 में किया गया। सेडमैप की स्थापना मध्यप्रदेश में उद्यमिता विकास, स्वरोजगार एवं रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई, जिसमें समय-समय पर परिवर्तन हुए हैं। नियोजन की कार्यवाही प्रायोगिक रूप से वर्ष 2009 में प्रारम्भ की गई थी। अद्यतन स्थिति में प्रदेश में सेडमैप के संभागीय मुख्यालय बंद कर दिए गए हैं। नियोजन की कार्यवाही मुख्यालय भोपाल स्तर से की जाती है। शेष जानकारी अत्यंत विस्तृत रूवरूप की होने से संकलित की जा रही है। (ग) चल-अचल संपत्ति की जानकारी एवं सेडमैप के बैंक का नाम, पता, खाते का प्रकार (चालू/बचत) खाते में अद्यतन स्थिति में जमा राशि, शेयर बाजार, इक्विटी, बॉण्ड्स इत्यादि की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। (ड.) उक्त पत्र दिनांक 18.12.2025 लोक शिक्षण संचालनालय से प्राप्त मांग पत्र के आधार पर जारी किया गया। उक्त पत्र सेडमैप की एस.ओ.पी. के प्रावधान अनुसार आउटसोर्स इम्पेनल्ड एजेंसी को जारी किया गया एवं लोक शिक्षण संचालनालय से प्राप्त समस्त पत्रों की प्रति  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है।

उप पंजीयक की जांच कराई जाना

[वाणिज्यिक कर]

132. ( क्र. 951 ) श्री केशव देसाई : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या  उप-पंजीयक कार्यालय गोहद में कृषि भूमि के रूप में दर्शाकर व्यावसायिक/निर्माणयुक्त भूमि की रजिस्ट्री किए जाने तथा शासन को राजस्व हानि पहुँचाने संबंधी शिकायतें प्राप्त हुई हैं? यदि हाँ, तो इस संबंध में की गई जाँच, कार्रवाई एवं वर्तमान स्थिति क्या है? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार क्या उप पंजीयक श्‍वेता चंदेरिया के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की निष्पक्ष जाँच कराई गई है? यदि नहीं, तो जाँच कब तक कराई जाएगी? (ग) यदि उप पंजीयक श्वेता चंदेरिया के विरुद्ध अनियमितता की शिकायतें लंबित हैं, तो उन्हें उसी स्थान पर पदस्थ रखने के कारणों की जानकारी दी जाये। (घ) क्या शासन को राजस्व की हानि पहुंचाने वाली उप पंजीयक श्वेता चंदेरिया को उप पंजीयक कार्यालय गोहद से कब तक हटाया जायेगा। समय-सीमा बतायें।

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ, शिकायत की जांच जिला पंजीयक भिण्‍ड एवं उप महानिरीक्षक पंजीयन ग्‍वालियर स्‍तर पर प्रचलित है। विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है(ख) जी हाँ, उप पंजीयक श्‍वेता चंदेरिया के विरूद्ध प्राप्‍त शिकायतों की जांच जिला पंजीयक भिण्‍ड एवं उप महानिरीक्षक पंजीयन ग्‍वालियर से करायी जा रही है।       (ग) जांच उपरांत प्राप्‍त निष्‍कर्ष के आधार पर निर्णय लिया जायेगा। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में यथा समय नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "बयालीस"

भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड को भुगतान अनियमितता

[जनसंपर्क]

133. ( क्र. 980 ) श्री चैन सिंह वरकड़े : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2018 से 2020 तक एवं वर्ष 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक बीसीएलएल द्वारा मध्‍यप्रदेश माध्‍यम से जो पत्राचार किया गया एवं मध्‍यप्रदेश माध्‍यम द्वारा भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड से जो पत्राचार किया गया, उन समस्‍त पत्रों सहित दस्‍तावेजों की छायाप्रति प्रदान करें। (ख) मध्‍यप्रदेश माध्‍यम द्वारा वर्ष 2018 से 2020 तक एवं वर्ष 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड को जो राशि का भुगतान किया गया है, उसका माहवार, वर्षवार एवं मदवार (जिस कार्य/मद हेतु भुगतान किया गया) विवरण का गौशवारा बनाकर, संबंधित समस्‍त नोटशीट एवं सहायक दस्‍तावेजों सहित विवरण पटल पर रखें। (ग) क्‍या मध्‍यप्रदेश माध्‍यम से श्री संजय सोनी, बीसीएलएल की तरफ से आधिकारिक रूप से पत्राचार करते थे? क्‍या मध्‍यप्रदेश माध्‍यम द्वारा इनके पद/प्राधिकरण की पुष्टि की गई थी? क्‍या बीसीएलएल के बोर्ड ऑफ डायरेक्‍टर्स या किसी वरिष्‍ठ अधिकारी द्वारा इन्‍हें मध्‍यप्रदेश माध्‍यम या जनसंपर्क शाखा में बीसीएलएल को रिप्रेजेंट (प्रतिनिधित्‍व) करने के लिए कोई अधिकारिक पत्र या अधिकार-पत्र जारी किया गया था? यदि हाँ, तो उसकी प्रति दें। यदि नहीं, तो वे किस आधार पर जनसंपर्क विभाग में बीसीएलएल के प्रतिनिधि के रूप में कार्य कर रहे थे? (घ) क्‍या वर्ष 2013 से वर्ष 2020 तक की अवधि में भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के अंतर्गत जनसंपर्क अधिकारी (PRO) का कोई पद स्‍वीकृत या सृजित था? यदि हाँ, तो उस पद पर किसकी नियुक्ति की गई थी और उसकी शैक्षणिक व व्‍यावसायिक योग्‍यता क्‍या थी? पूर्ण विवरण देवें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''एक'' अनुसार है।                    (ख) वित्‍तीय वर्ष 2024-25 में राशि रूपये 1,56,18,480/- वित्‍तीय वर्ष 2026-27 (अप्रैल 26 से जून,26 तक की अवधि) में राशि रूपये 16,77,960/- का भुगतान किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''दो'' अनुसार है(ग) प्रश्‍नांकित अवधि में श्री संजय सोनी के हस्‍ताक्षर से मध्‍यप्रदेश माध्‍यम को केवल एक पत्र प्राप्‍त हुआ था, जो  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-''एक'' अनुसार है। जी नहीं। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) विभाग से संबंधित नहीं।



बसनिया बांध परियोजना के निर्माण की स्‍वीकृति निरस्‍त की जाना

[नर्मदा घाटी विकास]

134. ( क्र. 981 ) श्री चैन सिंह वरकड़े : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नर्मदा नदी पर प्रस्‍तावित 'बसनिया बांध' (मंडला/डिंडोरी जिला) के निर्माण से हजारों एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि, वन क्षेत्र और कई आदिवासी गांव जलमग्‍न (डूब) हो रहे हैं? (ख) क्‍या प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों, स्‍थानीय जनप्रतिनिधियों और पर्यावरणविदों द्वारा इस बांध के निर्माण का लगातार विरोध किया जा रहा है तथा इसे निरस्‍त करने की मांग की जा रही है? (ग) जनहित, पर्यावरण सरंक्षण और आदिवासियों के विस्‍थापन को रोकने के लिए क्‍या सरकार बसनिया बांध निर्माण की दी गई स्‍वीकृति को निरस्‍त करने पर विचार कर रही है? यदि हाँ, तो इस पर अंतिम निर्णय कब तक लिया जाएगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न लागू नहीं।

जतारा क्षेत्र में चल रही खदानों पर रोक लगायी जाना

[वन]

135. ( क्र. 987 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) टीकमगढ़ जिले में जनवरी 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक वन विभाग ने किस स्थान पर कितनी-कितनी भूमि, किस-किस फर्म की पत्थरों की खदानों हेतु अनुबंध कर दी है? क्या वन भूमि देते समय उस क्षेत्र में क्या कोई वन्यप्राणी नहीं थे? यदि थे तो क्या उनका विस्थापन किया गया है तो कहां-कहां? सम्पूर्ण जानकारी देते हुए यह भी बताएं कि जमीन का सीमांकन एवं नक्शा तथा वन प्राणियों की संख्या सहित भारत सरकार को जानकारी कब-कब और क्या-क्या भेजी गई थी? कृपया सम्पूर्ण जानकारियां छायाप्रतियों सहित प्रदाय करें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के आधार पर बतायें कि प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा जतारा के वन परिक्षेत्र जतारा के वन प्रकोष्ठ 262 एवं 263 में स्वीकृत डायस्पोर, पायरोफिलाइट की खदानों को जमीन खनन फर्म को संबंधित को कितनी-कितनी रकबा की कब-कब दी है? छायाप्रतियां प्रदाय कर यह भी बताएं कि उसका रकबा कितना-कितना दिया गया है और प्रश्‍न दिनांक तक यह फर्म द्वारा कितने-कितने रकबा पर इन्होंने कब्जा कर लिया है? सम्पूर्ण जानकारी प्रदाय करें आवंटित रकबे से कितनी दूरी में यह खनन कार्य कर रहे हैं? बताएं। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बतायें कि वन परिक्षेत्र जतारा के अंतर्गत वन प्रकोष्ठ 262 कुंवरपुरा, वेदपुरा, में वन भूमि देते समय वन मंत्रालय, भारत सरकार को उस वन क्षेत्र में पाए जाने वाले पशु-पक्षी जानवर के बारे में तथा जैव-विविधता की जानकारी जल संरचनाओं, नदी-नालों, झरना की रिपोर्ट विभाग ने दी थी तो क्या-क्या और यह रिपोर्ट कब किस को भेजी गई थी? सम्पूर्ण जानकारियां छायाप्रतियों सहित प्रदाय करें। (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बताएं कि वन प्रकोष्ठ 262/263 ग्राम कुंवरपुरा, वेदपुरा में जिस फर्म को खनन कार्य हेतु वन भूमि पहाड़ का खनन करने ठेकेदार को कब्जा दिया गया है? क्या वह निर्धारित मापदंडों के आधार पर दिया गया है? वह क्या नियमों के विरुद्ध नहीं है? क्या विभाग पुनः नाप करवायेगी तो कब तक और अवैध खनन जो करवाया जा रहा है, उसे रुकवाया जावेगा? यदि हाँतो कब तक? क्या विभाग तत्काल कार्यवाही कर रोक लगायेगा तो कब तक? निश्चित समय-सीमा सहित बताएं।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जिला टीकमगढ़ के वनमंडल टीकमगढ़ अंतर्गत जनवरी, 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 के अंतर्गत डायस्पोर एवं पायरोफिलाइट खनिज के उत्खनन हेतु वनभूमि के व्यपवर्तन की स्वीकृतियाँ  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। आवेदित क्षेत्रों में वन्यप्राणी पाए जाते हैं, किन्तु स्थल निरीक्षण प्रतिवेदनों एवं वन्यप्राणी गणना वर्ष 2018-19 के अनुसार कोई दुर्लभ, संकटापन्न अथवा विशिष्ट वन्यप्राणी प्रजाति नहीं पाई गई, अतः वन्यप्राणियों के विस्थापन की आवश्यकता नहीं हुई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। प्रस्तावों के साथ स्थल निरीक्षण प्रतिवेदन, स्थल का सीमांकन, वनस्पति एवं वन्यप्राणी संबंधी जानकारी भारत सरकार को प्रेषित की गई थी। संबंधित अभिलेखों की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है(ख) वन कक्ष क्रमांक आर.एफ.-262 में मेसर्स खजुराहो मिनरल्स प्रा.लि., छतरपुर के पक्ष में वर्ष 2022 में 12.000 हेक्टेयर तथा वर्ष 2026 में 19.000 हेक्टेयर वनभूमि के व्यपवर्तन की स्वीकृति प्रदान की गई है। दोनों क्षेत्रों में स्वीकृत रकबे में ही खनन कार्य किया जा रहा है। अतः स्वीकृत रकबे से खनन कार्य की दूरी का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। वन कक्ष क्रमांक आर.एफ.-263 में प्रश्‍न दिनांक तक किसी संस्था के पक्ष में खनन हेतु वनभूमि के व्यपवर्तन की स्वीकृति प्रदान नहीं की गई है। भारत सरकार की स्वीकृतियों की प्रतियां पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है(ग) वन कक्ष क्रमांक आर.एफ.-262 के आवेदित क्षेत्रों के स्थल निरीक्षण एवं जैव-विविधता संबंधी प्रतिवेदन भारत सरकार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को प्रस्ताव के साथ भेजे गए थे। प्रतियां  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है(घ) वनभूमि का व्यपवर्तन वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 के प्रावधानों तथा भारत सरकार द्वारा अधिरोपित शर्तों के अधीन किया गया है। उत्तरांश (ख) के अनुक्रम में स्वीकृति अनुसार ही कब्जा दिया गया है, अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

इन्‍दौर वनमंडल द्वारा दिनांक 11 फरवरी 1961 का प्रतिवेदित ग्राम

[वन]

136. ( क्र. 1000 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि        (क) प्रश्‍नकर्ता के पत्र क्रमांक 1353/2023 दि. 12/07/2023 के आधार पर वन मुख्‍यालय वन भवन भोपाल के द्वारा की गई जांच के आधार पर राज्‍य मंत्रालय प्रेषित टीप क्रमांक 1404 दिनांक 20/06/2024 पर किस-किस अधिकारी के हस्‍ताक्षर है टीप में बताए 45 ग्रामों में से किस वनमंडल का कौन सा ग्राम है, टीप क्रमांक 1404 में 45 ग्रामों के संबंध में क्‍या-क्‍या अभिमत एवं अनुशंसा की गई है। (ख) बड़वाह वनमंडल में ग्राम मोयदा की उपलब्‍ध वर्ष 1948-49 एवं वर्ष 1980-81 की खसरा पंजी में किस खसरा नम्‍बर के कितने रकबे को आरक्षित वन दर्ज किया है, कितने किसानों के नाम पर कितनी भूस्‍वामी हक की भूमि दर्ज कर उसे अधिवासित भूमि बताया है कितनी भूमि को अनाधिवासित भूमि खसरा पंजी में दर्ज किया है दोनों खसरा पंजियों की पृथक जानकारी दें। (ग) ग्राम मोयदा की निजी भूमि की उप पंजीयक मुद्रांक शुल्‍क बड़वाह ने वर्ष 1928-29 से वर्ष 2022-23 तक किस-किस दिनांक को रजिस्‍ट्री पंजीबद्ध करने की जानकारी वन मंडल में उपलब्‍ध है रजिस्‍ट्रीयों में बताई गई भूमि एवं वर्ष 1948-49 की खसरा पंजी में दर्ज भूमि को राजपत्र में किस अधिसूचना क्रमांक आदेश दिनांक से आरक्षित वन अधिसूचित किया है।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रश्‍नांकित टीप पर तत्कालीन उप वन संरक्षक (वन भू-अभिलेख), अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन भू-अभिलेख) तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (कार्य-आयोजना एवं वन भू-अभिलेख) के हस्ताक्षर हैं। शेष  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-''एक'' एवं ''दो'' अनुसार है(ख) वनमंडल बड़वाह अंतर्गत वनग्राम मोयदा की 207.481 हेक्टेयर वनभूमि आरक्षित वनखंड मेन विंध्य में सम्मिलित है। वर्ष 1948-49 एवं वर्ष 1980-81 की खसरा पंजियों में दर्ज खसरा नंबरों एवं रकबे की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट-तीन एवं ''चार'' अनुसार है। वर्ष 1948-49 के मिसल बंदोबस्त अभिलेख के अनुसार हक मालिकान में मध्य भारत सरकार दर्ज है। उक्त अभिलेख में अधिवासित एवं अनाधिवासित रकबे का पृथक उल्लेख नहीं है। वर्ष 1980-81 की खसरा पंचसाला के अनुसार अधिवासित रकबा 137.091 हेक्टेयर तथा अनाधिवासित रकबा 70.390 हेक्टेयर है। (ग) कार्यालय उप-पंजीयक, बड़वाह से प्राप्त  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-पाँच अनुसार है। फॉरेस्ट एंड ट्राइबल वेलफेयर डिपार्टमेंट, ग्वालियर की अधिसूचना क्रमांक 1623/एक्स-एफ/114 (54) दिनांक 09.10.1954 द्वारा आरक्षित वनखंड मेन विंध्य के 147.99 वर्गमील, अर्थात् 38,329.267 हेक्टेयर क्षेत्र को मध्य भारत फॉरेस्ट एक्ट, 1950 की धारा 20 के अंतर्गत आरक्षित वन घोषित किया गया है।

संपत्तियों में स्टाम्प शुल्क चोरी

[वाणिज्यिक कर]

137. ( क्र. 1616 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में सहारा समूह के द्वारा बिक्रीत संपत्तियों में स्टाम्प शुल्क चोरी की जांच में कितनी रजिस्ट्रीयों में स्टाम्प शुल्क कम पाया गया और कितनी रजिस्ट्रियां सही पायी गयी। इनमें से कितनी रजिस्ट्रियों में स्टाम्प शुल्क की वसूली की गई और कितने दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की गई रजिस्ट्री क्रमांक, जिले का नाम, जांचकर्ता का नाम, स्टाम्प शुल्क की कमी वसूली और दोषी अधिकारियों के नाम सहित सूची देवें। (ख) सहारा समूह की रजिस्ट्रियों के विषय में पूर्व में पूछे गये विधानसभा प्रश्नों के उत्तरों में विभाग द्वारा समय-समय पर दी गई जानकारियों में भिन्नता है ऐसे कितने जिले हैं जिनके द्वारा पहले रजिस्ट्रियों को सही बताया गया था किन्तु बाद में स्टाम्प शुल्क की हानि दर्शाकर प्रकरण दर्ज करने की जानकारी दी गई। ऐसे अधिकारियों द्वारा पहले दी गई जानकारी और बाद में दी गई जानकारी का तुलनात्मक चार्ट, अधिकारी के नाम, जिलों के नाम और रजिस्ट्री क्रमांक सहित सूची देवें। (ग) ऐसे कितने अधिकारी है, जो जांच के नाम पर शासन को सही जानकारी देने से बच रहे हैं? शासन के राजस्व और सहारा के इन्वेस्टर्स के साथ धोखाधड़ी के इस गंभीर मामले में स्टाम्प शुल्क की वसूली और दोषियों पर कार्यवाही कब तक की जायेगी? (घ) भोपाल, सागर, विदिशा, जिलों में सहारा समूह की संपत्तियों के विक्रय पत्रों के पंजीयन में अनियमितता पाई गई अथवा नहीं? इस संबंध में मुद्रांक कलेक्टर द्वारा कितनें प्रकरण कब-कब दर्ज किये गये, कौन-कौन से पत्र, प्रतिवेदन,आदेश जारी किये गये, जिले एवं दिनांकवार सूची और पत्रों एवं आदेशों की प्रतिलिपि देवें। (ड.) क्या शासन के राजस्व की जांच और वसूली संबंधी महत्वपूर्ण विषयों पर कुछ अधिकारियों द्वारा बार-बार जांच एवं प्रकरण दर्ज कर मामलें की लीपा-पोती करने की कोशिश की जा रही है? इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा क्या कार्यवाही की गई, जानकारी देवें?

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क)  से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।