मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्‍नोत्तर-सूची
मार्च, 2025 सत्र


शुक्रवार, दिनांक 21 मार्च, 2025


भाग-1
तारांकित प्रश्‍नोत्तर



विधायकों के पत्रों पर कार्यवाही

[वाणिज्यिक कर]

1. ( *क्र. 1988 ) श्री साहब सिंह गुर्जर : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा सदस्यों द्वारा चाहे जाने पर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विभागों से लोकहित में जानकारी उपलब्ध कराये जाने के संबंध में शासन के क्या नियम हैं? नियम/अधिनियम की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) क्‍या ग्वालियर में संचालित बापूना एल्क्रोबू प्रायवेट लिमिटेड                 (रायरू डिस्टलरी) से संबंधित कुछ अनियमिततायें संबंधी शिकायतें प्राप्त होने पर प्रकरण में वस्तुस्थिति चाहे जाने के लिये शिकायत में वर्णित बिन्दुओं के आधार पर जानकारी प्रदाय किये जाने हेतु पत्र क्रमांक/MLA/243 ग्वालियर, दिनांक 17.09.2024 के द्वारा लेख किया गया, साथ ही कलेक्टर जिला ग्वालियर को भी पत्र क्रमांक/MLA/242 ग्वालियर, दिनांक 17.09.2024 के द्वारा प्रकरण में वस्तुस्थिति की जांच/कार्यवाही हेतु लेख किया गया? जानकारी प्राप्त नहीं होने से पुनः पत्र क्रमांक/280/2024/विधायक ग्वालियर, दिनांक 14.10.2024 से रायरू डिस्टलरी के संचालक को स्मरण पत्र भेजा गया? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार जानकारी प्राप्त नहीं होने पर कलेक्टर जिला ग्वालियर को पुनः पत्र क्रमांक/364/2024/MLA ग्वालियर, दिनांक 28.01.2025 तथा आयुक्त संभाग ग्वालियर को पत्र क्रमांक/353/2024/MLA ग्वालियर, दिनांक 18.01.2025 के माध्यम से लेख किया गया प्रश्‍नांकित दिनांक तक वांछित जानकारी, कार्यवाही प्रतिवेदन अप्राप्त है? जानकारी प्रदान की जाये। (घ) उपरोक्तानुसार पत्रों के आधार पर जांच दल का विवरण, जांच प्रतिवेदन, कथन, निष्कर्ष मय नोटशीट समस्त दस्तावेजों की प्रमाणित प्रति उपलब्ध करावें? यदि जांच/कार्यवाही नहीं की गई है तो कारण बतावें।

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) सामान्‍य प्रशासन विभाग के परिपत्र क्रमंक एफ 19-76/2007/1//4, दिनांक 22 मार्च, 2011 द्वारा प्राप्‍त जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। (ख) कलेक्टर जिला ग्‍वालियर द्वारा आदेश पत्र क्रमांक/क्यू/ए.डी.एम./स्टेनो/2025/134 ग्वालियर, दिनांक 24.02.2025 द्वारा जांच समिति गठित की गई है। आदेश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'दो' अनुसार है। जांच प्रचलन में है। (ग) एवं (घ) प्रश्‍नांश '''' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

सी.एम. हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतें

[लोक सेवा प्रबन्धन]

2. ( *क्र. 1738 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि          (क) सी.एम. हेल्पलाइन में वर्तमान में कुल कितनी शिकायतें दर्ज हैं? (ख) वर्तमान स्थिति में राजस्व विभाग में कितनी शिकायतें दर्ज हैं? (ग) प्रश्‍न (क) के प्रकाश में समय पर शिकायतें किन कारणों से निराकृत नहीं हो पा रही हैं? (घ) कब तक इनका निराकरण कर दिया जावेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्रीमती राधा सिंह) : (क) सी.एम. हेल्‍पलाईन में वर्तमान में कुल 564440 शिकायतें दर्ज हैं। (ख) वर्तमान स्थिति में राजस्‍व विभाग में 96727 शिकायतें दर्ज हैं। (ग) लोक सेवा प्रबंधन विभाग का पत्र क्र. 710/PSM/2014/61, दिनांक 30.07.2014 के कंडिका क्र. 04, बिंदु 4.1 अनुसार शिकायत के निराकरण संबंधी समस्‍त दायित्‍व संबंधित विभाग का होता है, जिसमें सभी विभागों के लिये लेवल-1 से लेवल-4 तक अधिकारी द्वारा किया जाता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर में समाहित है।  

मध्य प्रदेश जिला खनिज प्रतिष्ठान निधि

[खनिज साधन]

3. ( *क्र. 2648 ) श्री राजन मण्‍डलोई : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                  (क) क्‍या वर्ष 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक मध्यप्रदेश जिला खनिज प्रतिष्ठान नियम, 2016 अंतर्गत उच्च प्राथमिकता क्षेत्र एवं अन्य प्राथमिक क्षेत्र में निधि का उपयोग‍ किये जाने के निर्देश हैं?                                  (ख) प्रतिष्ठान की निधि के लिये आय के स्त्रोत क्‍या हैं? स्त्रोतवार आय/राशि का विवरण उपलब्ध करायें। (ग) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार यदि हाँ, तो उच्च प्राथमिकता क्षेत्र में पेयजल, पर्यावरण संरक्षण तथा प्रदूषण नियंत्रण के उपाय, स्वास्‍थ्‍य कल्या‍ण, शिक्षा, महिला एवं बाल कल्याण, वृद्ध एवं नि:शक्त जनकल्याण, कौशल विकास एवं स्‍वच्‍छता तथा अन्य प्राथमिकता के क्षेत्र भौतिक अवसंरचना, सिंचाई, ऊर्जा एवं वाटरशेड विकास पर निधि का कितना व्यय किया गया?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री दिलीप अहिरवार) : (क) जी हाँ।                 (ख) प्रतिष्‍ठान की निधि के संबंध में प्रावधान म.प्र. जिला खनिज प्रतिष्‍ठान नियम, 2016 के नियम 8 के तहत अधिसूचित है। प्रश्‍नांश अनुसार स्‍त्रोतवार आय/राशि का विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "एक"

संविदा कर्मचारियों को से‍वानिवृत्ति उपरांत सामाजिक सुरक्षा

[सामान्य प्रशासन]

4. ( *क्र. 1715 ) श्री नितेन्‍द्र बृजेन्‍द्र सिंह राठौर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि संविदा कर्मी के रिटायरमेंट उपरांत सामाजिक सुरक्षा के लिये सरकार के पास क्या प्लान है? एक ही पद संविदा कर्मी और सरकारी कर्मचारी को मिलने वाली सुविधा में क्या-क्या अंतर है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्रीमती कृष्‍णा गौर) : सामान्‍य प्रशासन विभाग के परिपत्र दिनांक 22.07.2023 द्वारा संविदा पर नियुक्‍त अधिकारियों/कर्मचारियों हेतु जारी             दिशा-निर्देश की कंडिका-7 में शासकीय सेवकों की भांति उपादान भुगतान एवं कंडिका-8 के अंतर्गत राष्‍ट्रीय पेंशन योजना का लाभ प्रदान किये जाने के प्रावधान हैं, परिपत्र की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। संविदा कर्मियों को राज्‍य शासन के नियमित पदों के विरूद्ध पदस्‍थ किये जाने का प्रावधान नहीं है। दोनों श्रेणी के नियम पृथक-पृथक होने से शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

विभागों एवं शासकीय उपक्रमों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारी

[सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम]

5. ( *क्र. 122 ) श्री जयंत मलैया : क्या सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश शासन के विभिन्न विभागों एवं शासकीय उपक्रमों में किस-किस पद पर वर्तमान में कितने कर्मचारी आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत हैं? श्रेणीवार जानकारी दें।                    (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित आउटसोर्स कर्मचारियों को वार्षिक आधार पर कितनी वेतनवृद्धि प्रदान की जाती है? श्रेणीवार जानकारी दें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में उल्लेखित आउटसोर्स कर्मचारियों के सुरक्षित भविष्य को लेकर शासन की कोई कार्ययोजना है? यदि हाँ, तो क्या? कार्ययोजना कब तक लागू की जावेगी?

सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ) : (क) मध्यप्रदेश शासन के विभिन्न विभागों एवं शासकीय उपक्रमों में विभाग की मांग अनुसार आउटसोर्स सेवाएं उपलब्‍ध कराई जा रही हैं। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा शर्तें, नियमित कर्मचारियों के समतुल्‍य नहीं हैं। आउटसोर्स कर्मचारियों को श्रम आयुक्‍त, मध्‍यप्रदेश द्वारा श्रमिकों के वर्ग अनुसार घोषित न्‍यूनतम मूल वेतन एवं परिवर्तनशील मंहगाई भत्‍ते की मासिक एवं दैनिक वेतन की दरों के अनुसार पारिश्रमिक भुगतान किया जाता है। अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) वर्तमान में ऐसी कोई कार्ययोजना विचाराधीन नहीं है।

परिशिष्ट - "दो"

थाना प्रभारी के विरूद्ध कार्यवाही

[गृह]

6. ( *क्र. 962 ) श्री अभय मिश्रा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                          (क) क्या थाना चोरहटा विधानसभा क्षेत्र सेमरिया अन्तर्गत अपराध क्रमांक 893/22, दिनांक 16.12.2022 के तहत श्री अभय मिश्रा (विधायक सेमरिया), पिता श्री बृजकिशोर मिश्रा एवं               श्री विभूति नयन मिश्रा, पिता श्री अभय मिश्रा के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था? प्रकरण पंजीबद्ध किये जाने वाले थाना प्रभारी का नाम क्या था? प्रकरण का विस्तृत विवरण देवें। (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) अनुसार पंजीबद्ध अपराधिक प्रकरण पर जांच उपरान्त खात्मे की कार्यवाही की गई थी? खात्मा किये जाने वाले थाना प्रभारी का नाम क्या था? खात्में का विवरण देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार उसी विधानसभा क्षेत्र के एक जनप्रतिनिधि एवं उसके परिवार के विरूद्ध विधानसभा क्षेत्र सेमरिया अन्तर्गत थाना चोरहटा में प्रकरण दर्ज करने वाला एवं खात्मा करने वाला थाना प्रभारी क्या एक ही व्यक्ति था, जिसका नाम श्री अवनीश पाण्डेय था?                      (घ) यदि प्रश्‍नांश (ग) अनुसार प्रकरण दर्जकर्ता एवं खात्मा लगाकर प्रकरण समाप्त करने वाला थाना प्रभारी एक ही व्यक्ति था तो एक सम्मानित जनप्रतिनिधि एवं उसके बच्चों के विरूद्ध खात्मा हो जाने से झूठा प्रकरण स्वमेव प्रमाणित होने पर उत्तरदायी थाना प्रभारी के विरूद्ध निलंबन की कार्यवाही बावत क्या निर्देश देंगे? अगर नहीं तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री नरेन्‍द्र शिवाजी पटेल) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।                (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

पुलिस आवासों का निर्माण

[गृह]

7. ( *क्र. 1136 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि         (क) क्‍या परासिया विधानसभा क्षेत्र में 4 पुलिस थाने (परासिया, चांदामेटा, शिवपुरी व उमरेठ) स्थित हैं, उपरोक्त चारों पुलिस थानों में लगभग 100 से अधिक पुलिस अधिकारी/कर्मचारी पदस्थ हैं, परन्तु इनमें से किसी भी अधिकारी/कर्मचारी के पास शासकीय आवास नहीं है? आवास नहीं होने के कारण पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों को पुलिस थाने से अधिक दूरी पर किराये का मकान लेकर निवास करना पड़ता है, जिससे कई बार कानून व्यवस्था प्रभावित होती है, चूंकी चांदामेटा व परासिया थाना प्रांगण में पुलिस अधिकारी/कर्मचारी के लिये आवास निर्माण हेतु पर्याप्त शासकीय भूमि उपलब्ध है, जिसमें 50 से भी अधिक आवासों का निर्माण कार्य कराया जा सकता है, आवास निर्माण होने से पुलिस विभाग में अधिकारी/कर्मचारी को बहुत अधिक सुविधा व राहत प्राप्त होगी। आवास निर्माण कार्य हेतु विभाग द्वारा कार्यवाही की जायेगी? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार उपरोक्त संबंध में कब तक कार्यवाही करते हुए विभिन्न औपचारिकताओं को पूर्ण कर आवास निर्माण कार्य की स्वीकृति प्रदान कर दी जायेगी? (ग) पुलिस अधिकारी/कर्मचारी की सुविधा हेतु आवास निर्माण कार्य की स्वीकृति प्रदान किये जाने के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा मान. मुख्यमंत्री जी एवं पुलिस महानिदेशक महोदय को पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2024/777, दिनांक 07.08.2024 तथा अनुस्मरण पत्र 01 पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2025/64, दिनांक 10.02.2025 प्रेषित किये गये थे, इन पत्रों पर विभाग द्वारा अभी तक क्या कार्यवाही की गई है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री नरेन्‍द्र शिवाजी पटेल) :                                             (क) जिला छिंदवाड़ा की परासिया विधानसभा अंतर्गत थाना परासिया-18, थाना चांदामेटा-8, थाना उमरेठ-14 शासकीय आवास उपलब्ध हैं तथा रावनवाड़ा (शिवपुरी) में आवास उपलब्ध नहीं है। मुख्यमंत्री पुलिस आवास योजना अंतर्गत जिला छिंदवाड़ा में कुल 458 आवास स्वीकृत हैं, जिसके विरूद्ध 356 आवासों का निर्माण कार्य किया जा चुका है। शेष आवासों का निर्माण आगामी चरणों में किया जावेगा। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार मुख्यमंत्री पुलिस आवास योजना अंतर्गत जिला छिंदवाड़ा में स्वीकृत आवासों में से शेष आवासों का निर्माण आगामी चरणों में चरणबद्ध किया जावेगा।                (ग) प्रश्‍नकर्ता माननीय विधायक के पत्र क्रमांक वि.स./परासिया/127/2024/777, दिनांक 07.08.2024 के पालन में की गई कार्यवाही से प्रश्‍नकर्ता माननीय विधायक को अवगत कराया जा रहा है एवं पत्र क्रमांक वि.स./परासिया/127/2025/64, दिनांक 10.02.2025 वर्तमान समय तक विभाग में आना नहीं पाया गया है।

बजट आवंटन की जानकारी

[कुटीर एवं ग्रामोद्योग]

8. ( *क्र. 2630 ) श्री संजय उइके : क्या राज्‍य मंत्री, कुटीर एवं ग्रामोद्योग महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग को सामाजिक-आर्थिक क्षेत्रों की योजनाओं अन्तर्गत अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने हेतु पृथक प्रावधान योजना (सब स्की‍म) के रूप में योजनावार बजट आवंटन प्राप्त होता है? (ख) यदि हाँ, तो वित्तीय वर्ष 2022-23 से प्रश्‍न दिनांक तक किस-किस योजना में कितनी-कितनी राशि कब-कब आवंटित की गई?

राज्‍य मंत्री, कुटीर एवं ग्रामोद्योग ( श्री दिलीप जायसवाल ) : (क) जी हाँ। (ख) वित्‍तीय                     वर्ष 2022-23 से प्रश्‍न दिनांक तक योजनावार आवंटित राशि के विवरण की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "तीन"

आंगनवाड़ी भवनों की स्वीकृति

[महिला एवं बाल विकास]

9. ( *क्र. 2351 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बरगी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुल कितने आंगनवाड़ी केन्द्रों को खोला गया है? इन केन्द्रों में कुल कितने बच्चे हैं? केन्द्रवार बच्चों की संख्या बतायें। (ख) प्रश्‍नांश '''' में संचालित कितनी आंगनवाड़ी शासकीय भवनों में संचालित हो रही हैं? किराये पर संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों में कितना किराया मासिक दिया जा रहा है? शासकीय एवं अशासकीय भवनों की जानकारी            अलग-अलग पता सहित बतावें। (ग) क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा क्षेत्र में आंगनवाड़ी भवनों की स्वीकृति हेतु संबंधित विभाग को लिखा गया था? यदि हाँ, तो कब-कब? क्या पत्र पर कार्यवाही करते हुये आंगनवाड़ी केन्द्र भवनों के निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है? यदि हाँ, तो कितने भवनों की? भवन कहाँ-कहाँ पर कितनी-कितनी राशि से निर्मित होंगे?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) बरगी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुल 541 आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित हैं। इन केन्द्रों में कुल 27507 बच्चें हैं। केन्द्रवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ख) शासकीय एवं किराये पर संचालित आंगनवाड़ी भवनों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। किराये पर संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों के भवनों के किराये से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे                  परिशिष्ट-के प्रपत्र 3 अनुसार है। शासकीय एवं अशासकीय भवनों के नाम एवं पते सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) प्रश्‍नकर्ता द्वारा क्षेत्र में आंगनवाड़ी भवनों की स्वीकृति हेतु विभाग को लिखे गये पत्र एवं उन पर की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में बरगी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत स्वीकृत आंगनवाड़ी भवन एवं राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

सडक निर्माण में लापरवाही से सड़क दुर्घटना

[गृह]

10. ( *क्र. 753 ) श्री वीरेन्द्र सिंह लोधी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                    (क) सागर से कबरई फोरलेन निर्माण प्रोजेक्ट के प्रथम-चरण अंतर्गत सागर-मोहारी के मध्य निर्माण प्रारंभ होने से अब तक हुई दुर्घटनाओं का स्थान, दिनांक एवं कुल-संख्या का ब्‍यौरा प्रदान किया जाये? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार दुर्घटना में अब तक कितने लोगों की असमय मौत हुई है? (ग) उक्त प्रोजेक्ट में द्वितीय चरण के तहत निर्माण कार्य प्रारंभ होने से अब तक हुई सड़क दुर्घटनाओं के स्थान, दिनांक एवं कुल संख्या का ब्यौरा प्रदान करें? (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार दुर्घटनाओं में अब तक कितने लोगो की असमय मौत हुई है? (ड.) क्या प्रोजेक्ट के दोनों चरणों में कार्यरत समस्त श्रमिकों/कर्मियों के नाम-पते की सूची प्रदान की जायेगी? (च) क्या प्रोजेक्ट के प्रारंभ से प्रश्‍न-दिनांक तक घायल एवं मृत श्रमिकों की संख्या, नाम, संपर्क-नम्बर, घटना स्थल एवं कंपनी द्वारा प्रदत्त सहायता राशि का ब्‍यौरा प्राप्त हो पायेगा? (छ) क्या जीत कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा निर्माण के दौरान यातायात बहाल रखने के उपायों एवं सुरक्षा-मानकों के पालन में लापरवाही बरतना सड़क-दुर्घटनायें अधिक होने का प्रमुख कारण है? (ज) क्या जीत कंस्ट्रक्शन द्वारा निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों में कमी एवं डायवर्सन आदि के मानकों एवं निर्माण-कार्य की जांच कर लापरवाही के दोषियों पर कार्यवाही की जावेगी? (झ) क्या उक्त प्रोजेक्ट अंतर्गत निर्माणाधीन एरिया में दुर्घटनाओं पर नियंत्रण हेतु अतिशीघ्र सुरक्षामानकों का पालन करवाकर प्रतिवेदन प्रश्‍नकर्ता को दिया जायेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री नरेन्‍द्र शिवाजी पटेल) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) दुर्घटना में कुल 97 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) दुर्घटना में कुल 06 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।             (च) प्रोजेक्ट के प्रारंभ से प्रश्‍न दिनांक तक प्रोजेक्ट निर्माण स्थल पर कोई भी श्रमिक घायल एवं मृत नहीं हुआ है। जानकारी निरंक है। (छ) निर्माण स्थल पर सभी कार्य सुरक्षा मानकों के अनुसार किये जा रहे हैं। (ज) निर्माण कार्य सभी सुरक्षा मानकों के अनुसार किये जा रहे हैं। यदि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों में कमी एवं डायवर्सन आदि में कमी पाई जाती है, तो नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। (झ) भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इकाई छतरपुर के निर्माण कार्य सभी सुरक्षा मानकों के अनुसार किये जा रहे हैं। यदि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों में कमी एवं डायवर्सन आदि में कमी पाई जाती है, तो नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।

जिला जेल के नवीन भवन का निर्माण

[जेल]

11. ( *क्र. 2344 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                     (क) राजगढ़ जिले की विधानसभा राजगढ़ के जिला जेल के नाम वर्तमान में कुल कितनी भूमि आवंटित है और उस पर जिला जेल के भवन का निर्माण किस वर्ष तथा कितने क्षेत्र में किया गया था? (ख) क्‍या राजगढ़ जिले की विधानसभा राजगढ़ के जिला जेल का भवन काफी पुराना होकर काफी छोटा है, जिससे कैदियों को क्षमता से अधिक रखे जाने से उन्‍हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है? (ग) जिला जेल में कितने कैदियों को रखे जाने की क्षमता है तथा प्रश्‍न दिनांक को कितने कैदी जिला जेल में रखे गये हैं? (घ) क्‍या नवीन जिला जेल के नवीन भवन हेतु शासन द्वारा भूमि आवंटित की गई है? यदि हाँ, तो कहां पर और कितनी? (ड.) क्‍या नवीन जिला जेल के नवीन भवन का निर्माण किया जावेगा? यदि हाँ, तो समयावधि बतावें और यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री नरेन्‍द्र शिवाजी पटेल) : (क) 0.49 हेक्टेयर। वर्ष 1905 में 2325.85 वर्गमीटर में। (ख) जी हाँ। (ग) जेल की क्षमता 239 कैदियों की है, जबकि दिनांक 27.02.2025 को कुल 343 कैदी परिरूद्ध हैं। (घ) जी नहीं। (ड.) उपयुक्त एवं पर्याप्त भूमि आवंटित होने पर पुनर्घनत्वीकरण की योजना में राजगढ़ में नवीन जेल का निर्माण प्रस्तावित है। समय-सीमा निर्धारित करना संभव नहीं है।

खनिज प्रतिष्ठान मद में प्राप्‍त राशि एवं वितरण

[खनिज साधन]

12. ( *क्र. 2230 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                (क) जिला खनिज प्रतिष्ठान मद जिला धार में विगत 4 वर्षों में किन-किन उद्योगों/कंपनियों/संस्थाओं से कितनी-कितनी राशि प्राप्त हुई? संस्थाओं/कंपनी/उद्योगों के नाम, प्राप्त राशि सहित पृथक-पृथक वर्षवार ब्यौरा देवें। (ख) जिला खनिज प्रतिष्ठान मद की राशि व्यय करने का क्या नियम/प्रावधान/प्रथा प्रचलित है? राशि व्यय करने में जिले के जनप्रतिनिधि विधायकों एवं सांसद के अनुमोदन/सहमति/सुझाव लेने की क्या प्रक्रिया है? (ग) जिला खनिज प्रतिष्ठान मद की राशि का जिले के सभी विकासखंडों/विधानसभा क्षेत्रों में एक समान वितरण/व्यय के लिये क्या प्रावधान/प्रक्रिया है? यदि एक समान वितरण/व्यय का प्रावधान नहीं है तो इसका विधिसम्मत कारण बतायें। (घ) विगत 4 वर्षों में जिला खनिज प्रतिष्ठान मद जिला धार की कितनी-कितनी राशि किन कार्यों के लिये किन अधिकारियों/नोडल पर्सन की स्वीकृति से कब-कब कहां-कहां किन-किन कार्यों में खर्च की गई? वर्षवार, कार्यवार पृथक-पृथक ब्यौरा देवें। (ड.) विगत 3 वर्षों में प्रश्‍नकर्ता ने जिला खनिज प्रतिष्ठान मद जिला धार से किन-किन कार्यों के लिये राशि आवंटित करने के लिये पत्र लिखा? उक्त पत्रों पर क्या कार्यवाही की गई? किन-किन कार्यों के लिये किन कारणों से राशि आवंटित नहीं की गई?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री दिलीप अहिरवार) :                                              (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जिला खनिज प्रतिष्ठान मद की राशि व्यय करने के संबंध में म.प्र. जिला खनिज प्रतिष्ठान नियम, 2016 के नियम 13 के तहत निधियों का उपयोग किया जाता है तथा उप नियम 6 एवं 7 व संशोधित नियम 2020 के नियम 7 उप नियम (2) में खण्ड (च) के पश्चात खण्ड (छ) अनुसार वार्षिक कार्ययोजना अनुसार कार्य संपादित किये जाते हैं। जिला स्तर पर समय-समय पर आयोजित मण्डल की बैठकों, उपस्थित विधायकों एवं सांसद के सुझाव/सहमति में अनुमोदन की प्रक्रिया है। (ग) प्रश्‍नांश अनुसार मध्यप्रदेश जिला खनिज प्रतिष्ठान नियम, 2016 के तहत प्रावधान नहीं है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जिला खनिज प्रतिष्ठान मद जिला धार में विगत 4 वर्षों के कार्यों की स्वीकृति म.प्र. राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 464, दिनांक 25 अगस्त, 2022 मध्यप्रदेश जिला खनिज प्रतिष्ठान नियम 2016 संशोधन नियम 7 अनुसार कार्यवाही की जाती है। स्वीकृत कार्यों एवं व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ड.) माननीय विधायक विधानसभा क्षेत्र मनावर द्वारा जिला खनिज प्रतिष्ठान मद अंतर्गत स्कूल भवन, बाउण्‍ड्रीवॉल, आंगनवाड़ी भवन, सी.सी. रोड, आर.एम.एस. पुलिया, नाली, ऊर्जा आदि कार्यों के प्रस्ताव राशि आवंटित करने हेतु पत्र प्राप्त हुए थे, जिनका विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। प्राप्त पत्रों में से मध्यप्रदेश जिला खनिज प्रतिष्ठान नियम, 2016 में उपलब्ध राशि एवं प्रतिष्ठान निर्धारित प्राथमिकताओं के आधार पर न्यास मंडल द्वारा कुल 09 कार्य राशि 93.53 लाख का अनुमोदन किया गया है। जिला खनिज प्रतिष्ठान धार अंतर्गत प्राप्त पत्र अनुसार अन्य प्राथमिकता के कार्य होने के कारण, कार्य की प्राथमिकता न होने एवं जिला खनिज प्रतिष्ठान में राशि उपलब्ध न होने से राशि आवंटित नहीं की गयी है। विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है।

निविदा को अनुचित कारणों से रोका जाना

[महिला एवं बाल विकास]

13. ( *क्र. 2764 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या भिण्ड जिले में आंगनवाड़ियों को विभिन्न सामग्री प्रदाय करने के लिये विगत महीनों में विज्ञप्ति के माध्यम से निविदा जारी की गई थी? उक्त निविदा प्रक्रिया में कितनी फर्मों/ठेकेदार ने भाग लिया है? उसे आज दिनांक तक किन कारणों से रोका गया है? इसके कारण तथ्यों सहित जानकारी दें। (ख) क्या जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा निविदा प्रक्रिया में गड़बड़ी करते हुए कुछ चिन्हित फर्मों/ठेकेदारों को सामग्री प्रदाय करने की अहर्ताएं दी जाती है, इनके खिलाफ पूर्व में कितनी शिकायतें विभाग को प्राप्त हुई है? उन पर की गई कार्यवाही से अवगत करावें।                          (ग) क्या भिण्ड विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत संचालित आंगनवाड़‍ियों द्वारा केन्द्र/राज्य सरकार द्वारा पोषित कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं, उन्हें भविष्य में आधुनिक बनाने की विभाग की क्‍या योजना है?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी हाँ। टैक होम राशन के परिवहन कराये जाने हेतु ई-निविदा जारी की गई। ई-निविदा प्रक्रिया में कुल 02 फर्मों/ठेकेदार द्वारा भाग लिया गया। म.प्र. भंडार क्रय एवं उपार्जन नियम-2015 (यथा संशोधित 2022) अंतर्गत न्‍यूनतम 03 निविदाकर्ता को भाग लिया जाना अनिवार्य है। ऐसी स्थिति में उक्‍त प्रक्रिया को निरस्‍त किया गया। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। अत: शेष का प्रश्‍न नही। (ग) जी हाँ। जी हाँ। केन्‍द्र एवं राज्‍य सरकार द्वारा आंगनवाड़ि‍यों का उन्‍नयन करने हेतु निरंतर प्रयास                   किये जा रहे हैं।

परिशिष्ट - "चार"

महाराजा प्राथ. उपभोक्‍ता भंडार मर्या. पर कार्यवाही

[गृह]

14. ( *क्र. 79 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                     (क) क्या महाराजा प्राथमिक उपभोक्ता भंडार मर्या., वार्ड क्र. 13, इटारसी जिला नर्मदापुरम के संचालकों द्वारा फर्जी सदस्य बनाने सहित अन्य शिकायतों पर सहकारिता विभाग के अधिकारियों द्वारा पुलिस थाना, इटारसी में वर्ष 2024 में प्रकरण पंजीबद्ध किये जाने हेतु आवेदन दिया गया था? (ख) क्या प्रकरण दर्ज किया जा चुका है? यदि हाँ, तो कब एवं किन धाराओं में? यदि नहीं, तो इसके क्या कारण हैं?  

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री नरेन्‍द्र शिवाजी पटेल) : (क) जी नहीं।        (ख) जी नहीं, सहकारिता विभाग के अधिकारियों द्वारा पुलिस थाना इटारसी में वर्ष 2024 में प्रकरण पंजीबद्ध किये जाने के संबंध में पुलिस थाना इटारसी में कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।

आय-व्‍यय में नियम विरूद्ध बचत खातों का उपयोग

[विज्ञान और प्रौद्योगिकी]

15. ( *क्र. 2732 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) प्रश्‍नकर्ता के अता. प्रश्‍न क्र. 3925, उत्तर दिनांक 16.07.2024 के प्रश्‍नांश '' के उत्तर में संलग्न परिशिष्ट के क्र. 2 में अचल संपत्ति का ब्यौरा दिया गया है, जिसमें बताये गये पते पर अचल संपत्ति नहीं है और संपत्ति धारण वर्ष 2024-25 में करना बताया है? सिद्ध करें कैसे? यदि नहीं, तो गलत जानकारी देकर सदन की अवमानना करने के लिये कौन जिम्मेदार है? (ख) उपरोक्त के अनुक्रम में चल संपत्ति के परिशिष्ट में क्र. 6 पर नेटवर्किंग इंस्टॉलेशन में राशि रूपये 24,597.30 खरीदना बताया गया है? संपूर्ण राशि का बिन्दुवार, कार्यवार, सामानवार, क्रय-विक्रय पत्रक अक्षरतः हिसाब दें। (ग) इसी प्रकार अचल संपत्ति के परिशिष्ट में नीमच में नि:शुल्क भूमि प्राप्त की गई, उसे किसे और किस दर पर कितनी अवधि के लिये दिया गया? संपूर्ण जानकारी एकल नस्ती सहित बतायें।                 (घ) विभाग में दो बचत खाते हैं, बचत खाता खोलने के नियम बतायें और उसमें प्राप्त समस्त आय का बैंक स्टेटमेन्ट, आय पत्रक एवं इसी प्रकार समस्त व्यय का स्टेटमेन्ट, व्यय पत्रक सहित          कब-कब और कितना-कितना ब्याज इन खातों में आया? ब्याज के पैसों का किसके अनुमोदन पर कितना व्यय कहां-कहां किया गया? नियम निर्देश, आदेश, बैंक स्टेटमेन्ट, आय-व्यय पत्रक ऑडिट रिपोर्ट सहित बतायें। एफ.डी. से प्राप्त ब्याज की राशि क्यों छुपाई गई? कारण सहित बतायें।                   (ड.) प्रश्‍नांश '' के संबंध में समस्त प्राप्त देयक, उसका सत्यापन, सत्यापन उपरांत किस फर्म/एजेन्सी को कितना और कब भुगतान किया गया? सहित संपूर्ण जानकारी का गौशवारा बनाकर बतायें। (च) उपरोक्त अवधि में विभाग की कुल कितनी आय किस-किस कार्य से किस प्रयोजन, कब-कब और कितनी-कितनी हुई? संपूर्ण जानकारी का गौशवारा बनाकर                        पृथक-पृथक बतायें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री गौतम टेटवाल) : (क) से (च) जानकारी संकलित की जा रही है।

भिण्ड जिले में सड़क दुर्घटनाएं

[गृह]

16. ( *क्र. 2468 ) श्री अम्बरीष शर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                  (क) जिला भिण्ड में विगत तीन वर्षों में कुल कितनी सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं तथा इनमें कितनी जानें गई हैं? (ख) कितनों को शासन द्वारा सहायता उपलब्ध कराई गई? (ग) प्रश्‍नांश (क) वर्णित घटनाओं के दौरान कितनी बार सड़कों पर चक्काजाम लगाया गया? कितने लोगों पर एफ.आई.आर. दर्ज की गई है? विधानसभावार, थानावार सूची उपलब्ध करायें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री नरेन्‍द्र शिवाजी पटेल) : (क) जिला भिण्ड में विगत 03 वर्षों में कुल 2241 सड़क दुर्घटनायें घटित हुई हैं, जिसमें 758 लोगों की मृत्यु हुई।       (ख) 39 लोगों को सहायता उपलब्ध कराई गई। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "पांच"

श्रमिकों को भुगतान

[सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम]

17. ( *क्र. 2588 ) श्रीमती अर्चना चिटनीस : क्या सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या विभाग द्वारा तारांकित प्रश्‍न क्र. 588, दिनांक 17.12.2024 के प्रश्‍न '''' के उत्तर में मिल के श्रमिकों की देयताओं के भुगतान पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है तथा प्रश्‍न '''' '''' भाग के उत्तर में श्रमिकों की देयताओं का तथ्य शासन के संज्ञान में है? इस पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्या विभाग द्वारा श्रमिकों की देयताओं के भुगतान पर किसी प्रकार की कार्यवाही सुनिश्चित की गई? यदि हाँ, तो भुगतान हेतु कोई समय-सीमा निश्चि‍त की गई है?

सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ) : जी हाँ। मिल श्रमिक/कर्मचारियों के स्‍वत्‍वों के आकलन हेतु कलेक्‍टर, बुरहानपुर द्वारा संबंधित विभागों के अधिकारियों की समिति गठित की गई है, समिति द्वारा श्रमिकों के प्रतिनिधि के साथ दो बैठक आयोजित की जा चुकी है, वर्तमान में उक्‍त कार्य प्रक्रियाधीन होकर प्रगतिरत है। सत्‍यापन उपरांत अग्रिम कार्यवाही की जावेगी।

विशेष पिछड़ी आदिम जनजातियों की पुलिस आरक्षक व S.A.F. में सीधी भर्ती

[गृह]

18. ( *क्र. 2594 ) श्री मुकेश मल्होत्रा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                 (क) क्या गृह पुलिस विभाग मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2017-18 में सीधी भर्ती के तहत मध्यप्रदेश की विशेष पिछड़ी आदिम जाति सहरिया, बैगा एवं भारिया जनजाति के शिक्षित बेरोजगार           युवक-युवतियों की गृह पुलिस विभाग में आरक्षक (जी.डी.) S.A.F. में नियुक्तियां की गई? (ख) क्या वर्ष 2017-18 के बाद गृह पुलिस विभाग सामान्य प्रशासन विभाग ने पुलिस आरक्षक जी.डी. S.A.F. के पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया सहरिया, बैगा, भारिया आदिम जातियों के लिये बंद कर दी गई है? यदि हाँ, तो कारण बतावें। (ग) क्या विभाग मध्यप्रदेश की विशेष पिछड़ी आदिम जनजातियों की पुलिस आरक्षक जी.डी. (S.A.F.) कार्यपालक पदों पर सीधी भर्ती का नियम 2017-18 का पुनः लागू कर उक्त वर्ग की नियुक्तियां करने की प्रक्रिया अपनाने का कार्य आरम्भ करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?          (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) का उत्तर सही है तो गृह पुलिस विभाग में आदिम जाति बैगा, भारिया एवं सहरिया जनजाति के 8 वीं उत्तीर्ण, 10 वीं उत्तीर्ण, 12 वीं उत्तीर्ण बेरोजगार व्यक्तियों की पुलिस आरक्षक जी.डी. S.A.F. पदों पर कब तक सीधी भर्ती की जायेगी? नहीं तो कारण बतावें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री नरेन्‍द्र शिवाजी पटेल) : (क) जी हाँ।                (ख) जी हाँ। म.प्र. शासन, गृह विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के आदेश क्रमांक/एफ2 (अ) 30/2017/बी-4/दो, भोपाल दिनांक 06.12.2017 के माध्यम से एक वर्ष की अवधि के लिये भर्ती प्रक्रिया एक बार के लिये किये जाने की अनुमति प्रदान की गई थी। (ग) जी नहीं। म.प्र. शासन, गृह विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के आदेश क्रमांक/एफ2 (अ) 30/2017/बी-4/दो भोपाल दिनांक 06.12.2017 के माध्यम से एक वर्ष की अवधि के लिये भर्ती प्रक्रिया एक बार के लिये किये जाने की अनुमति प्रदान की गई थी। (घ) जी नहीं। म.प्र. शासन, गृह विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के आदेश क्रमांक/एफ2 (अ) 30/2017/बी-4/दो भोपाल दिनांक 06.12.2017 के माध्यम से एक वर्ष की अवधि के लिये भर्ती प्रक्रिया एक बार के लिये किये जाने की अनुमति                       प्रदान की गई थी।

उप पंजीयक के विरूद्ध जांच

[वाणिज्यिक कर]

19. ( *क्र. 1406 ) श्री रमेश प्रसाद खटीक : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 338, दिनांक 17.12.2024 के उत्‍तर में विभाग द्वारा श्री सुरेन्‍द्र बरेलिया, उप पंजीयक के विरूद्ध प्राप्‍त शिकायत के संबंध में उन्‍हें कारण बताओ सूचना पत्र जारी किये जाने का उल्‍लेख किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या जांच के पूर्ण होने तक इन्‍हें पद से हटाया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ। (ख) जांच में प्राप्‍त निष्‍कर्ष के आधार पर यथोचित कार्यवाही की जावेगी।

प्रोटोकॉल का पालन

[सामान्य प्रशासन]

20. ( *क्र. 1195 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग के जारी आदेश के अनुसार विधान सभा क्षेत्र में शासकीय भूमि पूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रम में विधायक को आमंत्रित किया जाना चाहिये?                     (ख) चौरई विधानस‌भा क्षेत्र के हिवरखेड़ी, खूटपिपरिया, बादगांव के उप स्वास्थ्य केन्द्र के भूमि पूजन में विधायक को आमंत्रित नहीं किया गया, केवल शिलालेख में नाम लिखा गया, इस पर क्‍या शासन जिम्मेदारों पर कोई कार्यवाही करेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्रीमती कृष्‍णा गौर) : (क) जी हाँ।                           (ख) चौरई विधानसभा क्षेत्र के ग्राम हिवरखेड़ी, खूटपिपरिया एवं बादगांव के उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों का भूमि पूजन माननीय सांसद महोदय छिंदवाडा संसदीय क्षेत्र द्वारा दिनांक 09.10.2024 को अन्‍य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया गया है। इस भूमिपूजन कार्यक्रम के शिलालेख में माननीय विधायक चौरई का नाम अंकित किया गया है। विधायक महोदय को आमंत्रित नहीं किये जाने के कारण कलेक्‍टर छिन्‍दवाड़ा द्वारा खण्‍ड चिकित्‍सा अधिकारी, चौरई को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

खनिज खदानों का संचालन

[खनिज साधन]

21. ( *क्र. 2641 ) डॉ. विक्रांत भूरिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                  (क) झाबुआ, अलीराजपुर जिले में संचालित मेजर मिनरल की कितनी खदानें कितने प्रकार के खनि‍ज के लिये, किस फर्म, कंपनी और व्यक्ति द्वारा कहां-कहां पर कब से संचालित हो रही है? संपूर्ण जानकारी नाम, पता के साथ दी जाये। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में संचालित होने वाली निजी और सरकारी खदानें कितनी हैं, इनको कितने समय के लिये लीज़ पर दिया गया? टेंडर के समय कितनी मात्रा का खनि‍ज उपलब्ध था? आज की दशा में कितना खनिज उपलब्ध है?  

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री दिलीप अहिरवार) : (क) प्रश्‍नांश अनुसार झाबुआ एवं अलीराजपुर जिले में क्रमश: 04 एवं 01 खदानें संचालित हैं। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। उक्‍त खदानें खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत पूर्व से स्‍वीकृत है, टेंडर के माध्‍यम से स्‍वीकृत नहीं किया गया है। शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "छ:"

जिला मैहर में जिला उद्योग अधिकारी की मय स्‍टाफ पदस्‍थापना

[सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम]

22. ( *क्र. 1419 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नवगठित जिला मैहर में उद्योग विभाग के जिला स्‍तरीय अधिकारी की पद स्‍थापना मय स्‍टाफ किये जाने के संबंध में अभी तक क्‍या कार्यवाही शासन स्‍तर से की गयी है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में क्‍या मैहर में उद्योग विभाग का जिला स्‍तरीय कार्यालय खोला जाना तथा जिला स्‍तरीय अधिकारी की पदस्‍थापना किया जाना आवश्‍यक है? यदि हाँ, तो कब तक जिला स्‍तरीय अधिकारी मय स्‍टाफ पदस्‍थ कर कार्यालय प्रारंभ किया जावेगा?

सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्‍न (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। अत: समयावधि बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "सात"

मुख्‍यमंत्री जन सेवा मित्र की पुन: नियुक्ति

[लोक सेवा प्रबन्धन]

23. ( *क्र. 1587 ) श्री जगन्‍नाथ सिंह रघुवंशी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) संपूर्ण मध्‍य प्रदेश में कितने मुख्‍यमंत्री जन सेवकों की नियुक्ति की गई थी और कितने समय के लिये की गई थी? जिलावार संख्‍यात्‍मक आंकड़ों की सूची देवें। (ख) क्‍या शासन द्वारा मुख्‍यमंत्री जन सेवकों को पुन: नियुक्ति पर रखे जाने हेतु किसी पॉलिसी पर विचार किया जा रहा है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें। यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्रीमती राधा सिंह) : (क) माह फरवरी 2023 में 4695 इन्‍टर्न (जन सेवा मित्र) व माह अगस्‍त 2023 में 4695 नवीन (जन सेवा मित्रों) की                       इनके कौशल विकास हेतु इन्‍टर्नशिप प्रदान की गयी थी। इनकी अवधि से संबंधित विवरण निम्‍नानुसार है :- 1. ‘मुख्‍यमंत्री यूथ इंटर्नशिप फॉर प्रोफेशनल डेव्‍लपमेंट प्रोग्राम’ (CMYIPDP) के अंतर्गत माह फरवरी 2023 चयनित 4695 इन्‍टर्न (जन सेवा मित्र) की कार्य अवधि दिनांक 04.02.2023 से दिनांक 03.08.2023 तक इन्‍टर्नशिप प्रदान की गयी थी। 2. बूट कैंप–1                              (दिनांक 04.02.2023) में की गई माननीय मुख्‍यमंत्री जी की घोषणा के अनुसार, कार्य के मूल्‍यांकन उपरांत पात्र पाए गये 4401 जन सेवा मित्रों की इंटर्नशिप अवधि आगामी 6 माह                             (दिनांक 04.08.2023 से दिनांक 31.01.2024) के लिये प्रदान की गयी थी। 3. माह अगस्‍त 2023 में 4695 नवीन (जन सेवा मित्रों) की इन्‍टर्नशिप अवधि माह अगस्‍त 2023 से जनवरी 2024 तक प्रदान की गयी थी। यह इंटर्नशिप प्रदान की गई अधिकतम संख्‍या है। जिलेवार संख्‍यात्‍मक आंकड़ों की सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जन सेवा मित्र हेतु, पूर्व संचालित स्‍कीम की अवधि जनवरी 2024 में समाप्‍त हो चुकी है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "आठ"

अनुबंध से हटकर उत्‍खनन

[खनिज साधन]

24. ( *क्र. 1830 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल जिले में खनिज विभाग द्वारा, खनिज संपदा रेत, पत्थर, मुरूम, चूना की कुल कितनी खदानों को स्वीकृति प्रदान की गई है? खसरा, रकबे सहित जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश '''' की संचालित खदानों में से ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र के संचालित खदानों की जानकारी खसरा, रकबा सहित देवें। (ग) प्रश्‍नांश '''' एवं '''' अनुसार संचालित खदानों में वर्ष 2020 से प्रश्‍नांश दिनांक तक में कितना राजस्व, किस खदान से प्राप्त हुआ, का विवरण खदानवार, वर्षवार देवें। अगर राजस्व की वसूली नहीं की गई, आज भी राजस्व की राशि बकाया है तो इसके लिये कौन-कौन उत्तरदायी है? उन पर क्या कार्यवाही करेंगे? (घ) प्रश्‍नांश '''' एवं '''' की संचालित खदानों में उत्खनन बावत शासन के क्या निर्देश हैं, की प्रति देते हुये बतावें शासन के निर्देशों के पालन अनुसार क्या उत्खनन किये गये? इसका सत्यापन कब-कब, किन-किन सक्षम अधिकारियों द्वारा किया गया? उनका पद नाम व विवरण देते हुये बतावें, सत्यापन के दौरान उपयोग किये गये वाहन का क्र. लॉग बुक की छायाप्रति सहित देवें। (ड.) प्रश्‍नांश (क) से (घ) में उल्लेखित आधारों पर जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्यवाही बावत क्या निर्देश देंगे? अगर नहीं तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) अधिकृत - राज्‍य मंत्री (श्री दिलीप अहिरवार) : (क) शहडोल जिला अंतर्गत खनिज रेत की 34 खदानें, खनिज पत्‍थर की 121 खदानें तथा खनिज मुरूम की 03 खदानें स्‍वीकृत है। प्रश्‍नांश अनुसार विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) की संचालित खदानों में से ब्‍यौहारी विधानसभा क्षेत्र के संचालित खदानों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार संचालित खदानों में वर्ष 2020 से प्रश्‍नांश दिनांक तक प्राप्‍त राजस्‍व की खदानवार व वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। उपरोक्‍तानुसार संचालित समस्‍त खदानों में राजस्‍व जमा होना पाये जाने से बकाया की स्थिति निर्मित नहीं होती है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) की संचालित खदानों में उत्‍खनन बावत म.प्र. गौण खनिज नियम, 1996, वन संरक्षण अधिनियम, 1980, जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 तथा वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के प्रावधान लागू होते हैं। यह नियम तथा अधिनियम अधिसूचित हैं। प्रश्‍नांश (क) तथा (ख) अनुसार संचालित खदानों के निरीक्षण संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। उक्‍त खदानों के सत्‍यापन के दौरान निजी व शासकीय वाहनों का उपयोग किया गया है। निजी वाहनों के लॉग बुक कार्यालय में संधारित नहीं है। शासकीय वाहन के लॉग बुक की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अनुसार है। (ड.) उत्‍तरांश (क) से (घ) के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित              नहीं होता।

T.H.R. भवन पोषण आहार के प्लांट

[महिला एवं बाल विकास]

25. ( *क्र. 2661 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या शिवपुरी शहर में T.H.R. भवन, महिला बाल विकास के बच्चों के लिये पोषण आहार बनाने का प्लांट बनकर वर्षों से बंद पड़ा हुआ है? जिसमें शासन का करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी पोषण आहार बाज़ार से खरीदी कर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है? इसी प्रकार प्रदेश के कई जिलों में प्लांट बनकर बंद पड़े हुए हैं? यदि प्लांट बंद हैं तो क्यों? प्‍लांट कब तक चालू करवाये जायेंगे? समय-सीमा बतावें। (ख) क्या शिवपुरी जिले में महिला बाल विकास विभाग द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रों पर स्वच्छता सामग्री तेल, साबुन, कंघा, कांच, टॉवल, मेडिसिन किट प्रदाय की जाती है, लेकिन किसी भी केन्द्र पर यह सामान उपलब्ध नहीं रहता और न ही भवन की पुताई होती है तो क्यों? (ग) क्या शिवपुरी जिले में मातृत्व लाभ अधिनियम (Maternity Benefit Act) सभी महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करता है, किन-किन महिलाओं को सुरक्षा प्रदान की गयी?                 (घ) शिवपुरी जिले में महिलाओं को डिलीवरी होने के पश्चात शासन द्वारा दी जाने वाली सहायता राशि क्या सभी महिलाओं को प्रदान की जा रही है? यदि नहीं, तो क्यों?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी नहीं। जी नहीं। शेष जानकारी का प्रश्‍न ही नहीं। (ख) आंगनवाड़ी केन्द्र में प्रशासनिक कार्य हेतु प्रति आंगनवाड़ी केन्द्र राशि रू. 300/-वार्षिक के मान से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के बैंक खाते में भुगतान किये जाते हैं। सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों पर सामग्री उपलब्ध है। जिले के आंगनवाड़ी केन्द्रों पर 25.07.2023 में मेडिसिन किट का क्रय कर प्रदाय किया गया। जिले में वर्ष 2022-23 में 462 आंगनवाड़ी भवनों की पुताई कराई गई है। शेष जानकारी का प्रश्‍न ही नहीं। (ग) जी हाँ। शिवपुरी जिले में 79 महिलाओं को मातृत्व लाभ अधिनियम के तहत सुरक्षा प्रदान की गई है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जिले में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत नियमानुसार पात्रता रखने वाली सभी महिलाओं को योजनान्तर्गत लाभान्वित किया जा रहा है, अतः शेष जानकारी का प्रश्‍न ही नहीं।

परिशिष्ट - "नौ"

 

 






भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्‍नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्‍नोत्तर

3000
करोड़ के ई-टेंडर घोटाले की जांच

[सामान्य प्रशासन]

1. ( क्र. 16 ) श्री महेश परमार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्य प्रदेश में ई-टेंडर घोटाले में ई.ओ.डब्ल्यू. में सबसे पहले एफ.आई.आर. कब दर्ज की गई? वर्ष 2018 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितनी FIR विभाग के द्वारा दर्ज कराई गई? दर्ज कराई गई प्रत्येक FIR की प्रति देवेंl (ख) उक्त एफ.आई.आर. में किस-किस कंपनी, सरकारी अधिकारी, कर्मचारी, नेताओं के आईएसडी पर FIR दर्ज कराई गई थी? उनके नाम बतावेंl (ग) कुल कितने टेंडरों में घोटाला किया गया था? उनकी प्रति देवे,EOW द्वारा कोर्ट में प्रस्तुत क्लोज़र रिपोर्ट की प्रति देवें? प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में कितने आरोपियों को जमानत मिल चुकी है? उनकी सूची उपलब्ध करावे। (घ) Eow कोर्ट के विशेष न्यायाधीश द्वारा इस मामले में दोबारा जारी किए गए जांच के आदेश की प्रति देवें। आदेश जारी किए जाने के पश्‍चात विभाग के द्वारा की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन देवें। (ड.) जो दोषी जमानत पर बाहर है सरकार उनकी जमानत का विरोध करते हुए जांच प्रभावित न हो ऐसे उपाय करेगी? ई.ओ.डब्ल्यू. कोर्ट को सुप्रीम बनाने के लिए राज्य सरकार कौन-कौन सा कानूनी बल देने की तैयारी कर रही है? भ्रष्टाचार रोकने के लिए क्या-क्या उपाय अभी तक सरकार ने किए हैं?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) :  (क) ई.ओ.डब्ल्यू. में दिनांक 10.04.2019 को अपराध क्रमांक-12/2019 धारा-120-बी, 420, 467, 468, 471 भादवि एवं आई.टी.एक्ट 2000 की धारा-66 एवं भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा-7 सहपठित-13 (2) के अन्तर्गत पंजीबद्ध किया गया था। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार। (ग) माननीय न्यायालय के आदेशानुसार प्रकरण में वर्तमान में विवेचना जारी है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-193 के दृष्टिगत प्रकरण से संबंधित कोई भी दस्तावेज दिया जाना विधिसम्मत नहीं है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार।               (घ) उत्‍तरांश-'''' के अनुसार। (ड.) इस संबंध में नियमों में प्रावधान है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

प्रदेश में कर्मचारियों की पदोन्नति

[सामान्य प्रशासन]

2. ( क्र. 121 ) श्री जयंत मलैया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                       (क) मध्यप्रदेश शासन में विभिन्न विभागों एवं शासकीय उपक्रमों में पदोन्नति से भरे जाने वाले रिक्त पदों पर पदोन्नति की कार्यवाही करने में क्या किसी न्यायालय ने रोक लगाई है? यदि हाँ, तो क्या रोक है? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित पदों पर यदि न्यायालय ने कोई रोक लगाई ही नहीं है तो इन पदों की पूर्ति कब तक कर ली जाएगी?

 मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) :  (क) माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय में दायर एस.एल.पी. क्रमांक 13954/2016 में पारित अंतरिम आदेश दिनांक 12.05.2016 द्वारा यथास्थिति बनाये रखने से पदोन्‍नति की प्रकिया बाधित है। (ख) उत्‍तरांश  (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

जबलपुर जिले के पनागर अंतर्गत पटाखे की दुकानों की जानकारी

[गृह]

3. ( क्र. 234 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) क्‍या राजस्‍व विभाग के अधिकारियों द्वारा फरवरी 2024 में लायसेंसी पटाखों की दुकानों को सील किया गया था? सील की गई दुकानों के नाम दिनांक सहित बतावें? (ख) क्‍या प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद दुकानें खोल दी गई हैं? यदि हाँ, तो खोली गई दुकानों के नाम एवं दिनांक बतावें(ग) क्‍या प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद भी कुछ दुकानें प्रश्‍न दिनांक तक नहीं खोली गई हैं? (घ) यदि हाँ, तो क्‍यों? कारण बतायें?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" अनुसार। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" अनुसार। (ग) जी हाँ प्रक्रिया पूर्ण नहीं होने के कारण 2 दुकानें नहीं खोली गई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "स" अनुसार। (घ) एक दुकान लाइसेंस की शर्त व सुरक्षा का पालन न करने तथा आबादी के नजदीक अनाधिकृत रूप से पटाखा भंण्डारण करने के कारण एवं एक दुकान लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन होने से सील की गई है।

हरदा जिले की रेत खदान की नीलामी

[खनिज साधन]

4. ( क्र. 388 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा जिले की किस रेत खदान में कितनी मात्रा का क्या मूल्य निर्धारित कर किस मूल्य पर किस दिनांक को किसे नीलामी की गई, रेत खदानों का किस दिनांक को अनुबन्ध किया, किस रेत खदान से किस दिनांक को उत्पादन प्रारम्भ किया, अनुबन्ध नहीं किए जाने, उत्पादन नहीं किए जाने से शासन को नीलामी दिनांक से प्रश्‍नांकित दिनांक तक कितनी राशि का हानि उठानी पड़ी है?                    (ख) समय पर अनुबन्ध नहीं किए जाने, समय पर पर्यावरण, प्रदूषण से संबंधित अनुमति नहीं लिए जाने, समय पर उत्पादन नहीं किए जाने के लिए राज्य मंत्रालय भोपाल ने खनिज विकास निगम भोपाल और सफल बोलीदार के विरूद्ध किस-किस दिनांक को क्या कार्यवाही की है, क्या-क्या कार्यवाही वर्तमान में की जा रही है? (ग) हरदा जिले की किस रेत खदान का सीमांकन किस पटवारी के द्वारा किस दिनांक को किया गया सीमांकन पंचनामे एवं खदान पर बनाए गए सीमा चिन्हों से संबंधित प्रतिवेदन की प्रति सहित बतावें। (घ) हरदा जिले में म.प्र. गौण खनिज नियम 2019 के नियम 4 (2) एवं 4 (3) के अनुसार कितने हितग्राहियों को कितनी निःशुल्क रेत 2023 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक उपलब्ध करवाने हेतु कितने पिटपास जारी किए गए?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जिला हरदा में 16 रेत खदानों की निविदत्‍त मात्रा 6,00,000 घनमीटर वार्षिक हेतु प्रारंभिक आधार मूल्‍य रूपये 15,00,00,000 निर्धारित कर, ई-निविदा सह नीलामी के माध्‍यम से माइन डेवलपर कम ऑपरेटर के चयन हेतु, दिनांक 04/08/2023 को नीलामी की गई, जिसमें श्री सांई सूर्या प्रोफेशनल सर्विसेस प्रायवेट लिमिटेड को सफल निविदाकार घोषित किया गया। जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्‍ट-  पर दर्शित है। मध्‍यप्रदेश रेत (खनन, परिवहन, भण्‍डारण एवं व्‍यापार) नियम, 2019 के अनुक्रम में किसी भी खदान की समस्‍त वैधानिक अनुमतियाँ प्राप्‍त नहीं होने के कारण अनुबंध निष्‍पादन नहीं किया गया है, इस कारण किसी भी रेत खदान से उत्‍पादन प्रारंभ नहीं हुआ है। जिला हरदा की 16 रेत खदानों के माईनिंग प्‍लान रजिस्‍टर्ड क्‍वालिफाईड परसन (आर.क्‍यू.पी.) के माध्‍यम से बनवाये जाकर पर्यावरण स्‍वीकृति निगम के पक्ष में प्राप्‍त करने हेतु कंसल्टेंट के माध्‍यम से आवेदन किये गये हैं, म.प्र. सिया द्वारा रेत खदानों में एन.जी.टी. केस नं. OA No. 50/2024 (CZ) एवं O.A. No. 66/2024 (CZ) दायर होने के कारण पर्यावरण स्‍वीकृति हेतु लंबित आवेदन डीलिस्‍ट किये गये हैं। वैधानिक अनुमतियाँ प्राप्‍त न होने से अनुबंध निष्‍पादन नहीं हुआ है। अत: हानि उठाने का प्रश्‍न ही उत्‍पन्‍न नहीं होता। (ख) हरदा जिले में  दिनांक 04/08/2023 को की गई नीलामी में स्‍वीकृत 16 रेत खदानों की पर्यावरणीय स्‍वीकृति प्राप्‍त न होने एवं माननीय नेशनल ग्रीन ट्रिब्‍यूनल, सेन्‍ट्रल जोन, भोपाल में ओ.ए. क्रमांक 50/2024 एवं ओ.ए. क्रमांक 66/2024 के आदेश दिनांक 13/09/2024 से पारित निर्णय के परिप्रेक्ष्‍य में जिले में निविदा सह नीलामी में 16 स्‍वीकृत खदानों की वैधानिक अनुमतियाँ प्राप्‍त न होने से उत्‍पादन नहीं हुआ है। उक्‍त प्रकरण में माननीय एन.जी.टी. के निर्णय दिनांक 13/09/2024 के क्रम में खनि शाखा जिला हरदा द्वारा 5 नवीन रेत खदानें घोषित की गई है, जिनकी वैधानिक अनुमतियाँ प्राप्‍त करने की कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) हरदा जिले की स्‍वीकृत 16 खदानों में से पूर्व में संचालित 09 खदानों का सीमांकन संबंधी दिनांक सहित विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्‍ट-  पर दर्शित है।        (घ) हितग्राहियों के आवेदन प्राप्‍त नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

विभाग द्वारा बनाई गई समिति की जानकारी

[सामान्य प्रशासन]

5. ( क्र. 389 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा अपने पत्र क्रमांक आदेश क्रमांक एफ-19-79/2010/1/4 दिनांक 31/08/2010 द्वारा वनखण्‍ड एवं वर्किंग प्‍लान में शामिल निजी भूमि के संबंध में किसकी अध्‍यक्षता में समिति बनाकर किस-किस को सदस्‍य बनाया गया। (ख) समिति की किस-किस दिनांक को बैठक आयोजित हुई किस बैठक में कौन-कौन शामिल हुआ किस बैठक में किस-किस विषय पर चर्चा की जाकर क्‍या-क्‍या निर्णय लिया गया, बैठक के मिनिट्स की प्रति सहित बतावें। (ग) मुख्‍य सचिव के हस्‍ताक्षर से पत्र क्रमांक 974/एफ25-08/2015 दिनांक 1 जून 2015 में किसे क्‍या-क्‍या निर्देश दिए गए इस आदेश, निर्देश का राज्‍य के किसी भी जिले के कलेक्‍टर द्वारा प्रश्‍नांकित दिनांक तक भी पालन नहीं किए जाने का क्‍या कारण हैं? (घ) सामान्‍य प्रशासन विभाग आदेश दिनांक            1 जून 2015 का पालन करवाने हेतु क्‍या कार्यवाही कर रहा है कब तक करेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट  अनुसार है। (ख) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

परिशिष्ट - "दस"

किराये के भवनों में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्र

[महिला एवं बाल विकास]

6. ( क्र. 487 ) श्री भूपेन्द्र सिंह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि खुरई विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत भवन विहीन, शासकीय भवनों एवं किराये के भवनों में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों का ब्यौरा क्या है? कब तक इनके भवन स्वीकृत कर दिये जावेंगे?

 महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : खुरई विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत संचालित परियोजना खुरई एवं मालथौन के संचालित 325 आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में से 258 आंगनवाड़ी केन्‍द्र शासकीय भवनों में एवं 67 आंगनवाड़ी केन्‍द्र किराये के भवनों में संचालित है। 176 आंगनवाड़ी केन्‍द्र विभागीय भवन विहीन है। परियोजनावार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिये भवन निर्माण शासकीय भूमि एवं वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर है। समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।

 परिशिष्ट - "ग्यारह"

स्‍मार्ट फोन खरीदी में भ्रष्‍टाचार

[महिला एवं बाल विकास]

7. ( क्र. 642 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा अतारांकित प्रश्‍न 3873 दिनांक 16.07.2024 के अंतर्गत प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के उत्‍तरांशानुसार दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों को कारण बताओं सूचना पत्र/आरोप पत्र जारी करने के उपरांत भी निलंबित करने की कार्यवाही क्‍यों नहीं की जा रही है? यदि दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों को निलंबित नहीं करेगी तो क्‍यों? यदि निलंबित करेगी तो कब तक?              (ख) प्रश्‍नकर्ता द्वारा अतारांकित प्रश्‍न 3873 दिनांक 16.07.2024 के अंतर्गत प्रश्‍नांश (ग) एवं (घ) के उत्‍तरांश अनुसार जिन दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों की मिलीभगत से शासन के निर्देशानुसार राशि 0.50 प्रति एवं उत्‍पादन परफॉर्मेस गारंटी 2 प्रति जमा नहीं कराये जाने के उपरांत भी राशि 2.45 करोड़ रूपये का भुगतान नियम विरूद्ध फर्म को किया गया? तो क्‍यों किया गया। किस अधिकारी/कर्मचारी के माध्‍यम से भुगतान की स्‍वीकृति दी गई? क्‍या भुगतान से पहले संपूर्ण जांच की गई थी? भुगतान किस मद से किया गया? शासन को जो क्षति पहुंची है उसकी भरपाई कौन करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? प्रश्‍नांश दिनांक तक उक्‍त फर्म के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? यदि कार्यवाही नहीं की गई तो क्‍यों नहीं की गई? दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों को कब तक निलंबित करेंगे?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) आरोप पत्र जारी, कार्यवाही प्रचलन में है, शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) कार्यवाही प्रचलन में है, शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

सोलर स्ट्रीट लाइट का भुगतान

[खनिज साधन]

8. ( क्र. 675 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सतना जिले में जनपद पंचायत मैहर में 109 पंचायतों में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने वा 20 ग्राम पंचायतों में 5500 लीटर के टैंकर विथ डीजल पम्प लगाने की स्वीकृति वित्तीय वर्ष 2017-18 में मुख्य खनिज मद से की गई थी? क्या सोलर स्ट्रीट लाइट के लिये एजेंसी "ऊर्जा विभाग" थी? 5500 लीटर का टैंकर विथ डीजल पम्प की एजेंसी ग्राम पंचायत थी? (ख) क्या उक्त सप्लाई और स्थापना के लिये तत्कालीन कलेक्टर सतना नें सीईओ जिला पंचायत के प्रस्तावित किये बिना ही नोटशीट में दिनांक 11/04/2018 को एजेंसी के रूप में भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी समिति मर्यादित भोपाल का चयन कर दिनांक 13/04/2018 को 90,18,750/-रूपये एवं 15 लाख रूपये का अग्रिम भुगतान संस्था को कार्यादेश के साथ कर दिया गया था? (ग) क्या संस्था को अंतिम भुगतान 5 वर्ष बाद जब किया गया तब जिला पंचायत सतना के कई सीईओ और कलेक्टर बदल गये जिन्होंने यह संदिग्ध भुगतान नहीं किया? क्या सीईओ जनपद के भौतिक सत्यापन दिनांक07/04/2022 का परीक्षण किये बिना ही आनन फानन में दिनांक 19/04/2022 को ₹1,05,18750/- का भुगतान संस्था को किया गया है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी नहीं। खनिज विभाग में ''मुख्‍य खनिज मद'' नाम से कोई मद नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश (क) प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

जिला टीकमगढ़ के ग्राम कारी की खदान

[खनिज साधन]

9. ( क्र. 716 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश स्टेट माईनिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड भोपाल द्वारा पत्र क्र. भौमिकी/न.क्र. 172 (iv) 2024/335 दिनांक 01.08.2024 ओम कंस्ट्रक्शन कंपनी इंड़िया प्रा.लि. 32 इंदपुरी कॉलोनी टीकमगढ़ को सफल निविदाकार घोषित किया था? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित पत्र के पालन में निविदाकार ने अनुबंध निष्‍पादन किया था? यदि हाँ, तो अनुबंध की प्रति उपलब्ध करायें? (ग) क्या निविदाकार द्वारा 2 करोड़ 84 लाख की बैंक गारंटी कॉर्पोरेशन को दी गई है यदि हाँ, तो बैंक गारंटी की प्रति उपलब्ध करायें। (घ) क्या निविदाकार कंपनी को लोक निर्माण विभाग द्वारा काली सूची में एक वर्ष के लिये दर्ज किया है यदि हाँ, तो क्‍या ब्लैक लिस्टेड कंपनी से कार्य कराया जा सकता है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ, निगम द्वारा पत्र क्रमांक भौ./न.क्र. 172 (iv)/2024/335 दिनाँक 01/08/2024 के तहत जिला टीकमगढ़ ग्राम कारी के रकबा 5.000 हेक्टेयर क्षेत्र पर ओम कंस्ट्रक्शन कंपनी इंडिया प्रायवेट लिमिटेड को सफल निविदाकार घोषित किया गया। (ख) जी नहीं, निविदा शर्तों के अनुसार सफल निविदाकार द्वारा खदान की समस्त वैधानिक स्वीकृतियां आशय पत्र के 09 माह (3 माह हेतु विस्तारणीय) के भीतर अनुबंध निष्पादन किये जाने का प्रावधान है। अभी अनुबंध निष्पादन की अवधि समाप्त नहीं हुई है। अतः शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। निविदाकार द्वारा बैंक गारंटी प्रस्तुत की गई थी, जिसकी प्रति  संलग्न  परिशिष्ट  पर दर्शित है।  (घ) ओम कंस्ट्रक्शन कंपनी इंडिया लिमिटेड को दिनाँक 01/08/2024 से सफल निविदाकार घोषित किया गया है। तदुपरांत कार्यालय मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग, सागर के पत्र दिनाँक 11/11/2024 द्वारा मेसर्स ओम कंस्ट्रक्शन कंपनी इंडिया लिमिटेड को 01 वर्ष के लिये काली सूची में दर्ज किया गया है। मध्‍यप्रदेश भण्‍डार क्रय नियम तथा सेवा उपार्जन नियम 2015 (यथा संशोधित-2022) के नियम 54 (6) में वर्णित प्रावधानों के तहत यदि ब्‍लैक लिस्टिंग के पूर्व कार्यादेश/प्रदाय आदेश जारी किया गया हो तो यह ब्‍लैक लिस्टिंग से प्रभावित नहीं होगा, ऐसा प्रावधानित है।

 परिशिष्ट - "बारह"

संगीन अपराधों पर कार्यवाही न होना

[गृह]

10. ( क्र. 717 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा तारांकित प्रश्‍न क्र. 1590 के द्वारा दिनांक 09 जुलाई 2024 में संगीन अपराधों पर कार्यवाही होने संबंधी जानकारी चाही थी? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित प्रश्‍न के उत्तर में गिरी ग्रुप ऑफ कंपनीज द्वारा 9819900 रूपया की जमीन चंद्र प्रकाश गिरी को विक्रय करना लेख किया था। जिसमें छल-कपट करना स्वयं सिद्ध था। (ग) क्या प्रश्‍नांश (ख) में वर्णित तथ्यों पर एफ.आई.आर. न कर प्रकरण आयकर विभाग को सौंपना लेख किया था? (घ) क्या प्रश्‍नांश (क) से (ग) में वर्णित तथ्यों पर एफ.आई.आर. की जावेगी। यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा तारांकित प्रश्‍न क्र. 1590 के द्वारा दिनाँक 09.07.24 में विगत तीन वर्षों में जमीन में धोखाधडी़ कय-विक्रय करने पर प्राप्त हुई शिकायतों की जानकारी चाही गई थी। (ख) श्री पुष्पेन्द्र सिंह बुन्देला द्वारा की गई शिकायत की जाँच अनु अधी. पुलिस टीकमगढ़ से कराई गई। जाँच पर आये साक्ष्य के आधार पर अनावेदक चंद्र प्रकाश गिरी द्वारा दिनाँक 09.02.2023 को गिरी ग्रुप ऑफ कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर महेश गिरी गोस्वामी पिता स्वर्गीय नाथूराम गिरी गोस्वामी नि. रोरइया मुहल्ला टीकमगढ़, यशराज गिरी गोस्वामी पिता स्वर्गीय देवी गिरी ने नि. रोरइया मुहल्ला टीकमगढ़ एवं महेश साहू पिता स्व. घनश्याम दास साहू नि. रोरइया मुहल्ला टीकमगढ़ से 6239600/- रूपये की एवं दिनांक 06.06.2023 को महेश प्रसाद साहू नि. टीकमगढ़ से 3580300/रूपये कुल 9819900/- रूपये की भूमि कय करना पाया गया। उक्त प्रकरण प्रथम दृष्टया आय से अधिक संपत्ति का होना पाया गया है। जिसकी जाँच संबंधित आयकर विभाग द्वारा की जा सकती है। अतः उक्त शिकायत जाँच संबंधित अधिकृत विभाग से कराया जाना लेख किया गया है। (ग) जाँच पर आये साक्ष्यों के आधार पर अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) टीकमगढ़ द्वारा अपने प्रतिवेदन में प्रकरण प्रथम दृष्टया आय से अधिक सम्पत्ति का होना पाये जाने से अग्रिम जाँच आयकर विभाग/अधिकृत विभाग से कराये जाने हेतु लेख किया है। (घ) पुलिस मुख्यालय भोपाल के पत्र क्रमांक अअवि/वि.स./ध्याना/स्थगन/बजट सत्र/138/2024 दिनाँक 08.04.2024 द्वारा प्राप्त निर्देशानुसार कार्यालयीन पत्र क्रमांक पु.अधी./टीकम/ शिका/पुमु/16/2024 दिनांक 17.07.2024 के माध्यम से अनुविभागीय अधिकारी पुलिस टीकमगढ़ के जाँच प्रतिवेदन संलग्न कर जिलाधीश टीकमगढ़ को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया है। प्रतिवेदन प्राप्त होने पर कार्यवाही की जावेगी, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

आंगनवाड़ी केन्‍द्रों की जानकारी

[महिला एवं बाल विकास]

11. ( क्र. 726 ) श्री अशोक ईश्‍वरदास रोहाणी : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जबलपुर में वर्तमान में कितने आंगनवाड़ी केन्‍द्र हैं, कृपया विस्‍तृत जानकारी दें। (ख) आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में आशा कार्यकर्ता एवं सहायिका के कितने पद रिक्‍त हैं? (ग) रिक्‍त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया कब तक पूर्ण होगी, कृपया समय-सीमा बताएं?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जबलपुर जिले में वर्तमान में कुल 4686 आंगनवाड़ी केन्द्र है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) आंगनवाड़ी केन्द्र में आशा कार्यकर्ता का पद नहीं होता है। आंगनवाड़ी केन्द्र में कार्यकर्ता एवं सहायिका के पद स्वीकृत है। वर्तमान में कार्यकर्ता के 37 एवं सहायिका के 365 पद रिक्त है। (ग) पदों की रिक्ति एवं पूर्ति‍ एक निरंतर प्रक्रिया है। समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "तेरह"

नये उद्योग की स्थापना

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

12. ( क्र. 749 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्‍या नागदा खाचरोद विधानसभा क्षेत्र में भविष्य में औद्योगिक विकास की दृष्टि से नागदा और खाचरौद में नये उद्योग स्थापना और निवेश को लेकर कोई सम्भावना है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : विभाग अंतर्गत एमपी इंडस्‍ट्रीयल डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड क्षेत्रातंर्गत ग्राम-कचनारिया, रोहल खुर्द, भड़ला तहसील-नागदा जिला-उज्‍जैन में औद्योगिक प्रयोजन की कुल 268.460 हेक्‍टेयर भूमि पर उद्योग स्‍थापनार्थ औद्योगिक क्षेत्र बनाये जाने हेतु विस्‍तृत परियोजना तैयार की जा रही है। साथ ही ग्राम महू में विभाग के अधीन 61.45 हेक्‍टेयर अविकसित भूमि पर औद्योगिक प्रयोजन हेतु निवेशकों के लिये उपलब्‍ध है। सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम विभाग से प्राप्‍त जानकारी अनुसार नागदा खाचरौद विधानसभा क्षेत्र में औद्योगिक विकास की दृष्टि से औद्योगिक क्षेत्र भगतपुरी-उमरनी तथा औद्योगिक क्षेत्र फर्नाखेड़ी में नये उद्योगों की स्‍थापना हेतु विभागीय भूमि उपलब्‍ध है।

लाड़ली बहना योजना की जानकारी

[महिला एवं बाल विकास]

13. ( क्र. 804 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) लाड़ली बहना योजनांतर्गत हरदा विधानसभा क्षेत्र में कुल कितने पात्र हितग्राहि‍यों को पंजीकृत कर उनके खाते में प्रतिमाह राशि जमा की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्र की जानकारी ग्रामवार व शहरी क्षेत्र की जानकारी वार्डवार, हितग्राही के नाम सहित सूची उपलब्ध करावें। (ख) ऐसे पात्र हितग्राही जिन के नाम छूट गए है। उनके नाम जोड़ने की प्रक्रिया पुनः कब से प्रारंभ की जावेगी? (ग) वर्तमान में लाड़ली बहना योजनांतर्गत हितग्राही को लाभ प्रदाय करने के क्या नियम व शर्तें है? विस्तृत जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) लाड़ली बहना योजनांतर्गत दी जाने वाली राशि सरकार की घोषणानुसार 3000 रूपये प्रतिमाह कब तक की जावेगी?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट- (पेन ड्राईव)  पर है। (ख) इस संबंध में विभाग स्‍तर पर वर्तमान में कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। अत: शेष का प्रश्‍न नहीं उठता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे  परिशिष्‍ट – 02, 03 एवं 04 (पेन ड्राईव) पर है। (घ) इस संबंध में विभाग स्‍तर पर वर्तमान में कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। अत: शेष का प्रश्‍न नहीं उठता है।

रेत खदान के आवंटन एवं महंगे रेत की बिक्री

[खनिज साधन]

14. ( क्र. 905 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला अनूपपुर के आवंटित रेत खदान को वर्ष 2021-222022-23 में ठेकेदार द्वारा वर्ष 2023-24 में शासन को सरेण्‍डर कर दिया था? यदि हाँ, तो उन रेत खदानों को सरेण्‍डर करने के क्‍या कारण थे? जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार अनूपपुर के जिन रेत खदानों को जो ठेकेदार 2022-23 में 40 करोड़ के आस-पास की लागत राशि से टेण्‍डर लिया था, वही सरेण्‍डर उपरांत उन्‍ही खदानों को लगभग 18 करोड़ रूपये थे। लागत में ठेका प्राप्‍त किये जाने के पीछे क्‍या कारण हैं और उसी ठेकेदार को इतनी कम लागत में क्‍यों ठेका दिया गया? जानकारी उपलब्‍ध करावें।         (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार जिस ठेकेदार के द्वारा उन्हीं रेत खदानों को ठेके में लिया था, उस समय पर रेत कम कीमत पर हितग्राहियों एवं ठेकेदारों को भवन निर्माण हेतु बेची जाती थी, किन्‍तु जब वही ठेकेदार उन्हीं खदानों को आधे से भी कम कीमत में प्राप्‍त करते है तो इतनी महंगी रेत बेची जाती है, कि गरीबों का आवास हेतु मकान शासन द्वारा स्‍वीकृत किया गया उसका आधी राशि केवल रेत में ही खर्च हो रहा है फिर गरीब अपना आवास कैसे बना पाएंगे? क्‍या शासन गरीबों के आवास हेतु मुक्‍त अथवा कम राशि में रेत उपलब्‍ध करायेगी? यदि हाँ, तो कब तक और नहीं तो क्‍यों? जिन क्षेत्रों में नदियों में रेत है और वहां खदान घोषित नहीं हैं, तो क्‍या उन पंचायतों को जहां से नदियां बहती है, उन्‍हें शासकीय कार्यों अथवा कृषकों व आवास योजनाओं के लिए रेत दिये जाने का प्रावधान हैं? यदि हाँ, तो किस आधार पर? यदि नहीं, तो उस क्षेत्र के हितग्राहियों आवास इत्‍यादि के कार्यों के लिए रेत कहां से प्राप्‍त करें? महंगा रेत दूर के खदानों से लाने पर आवास कैसे बन पाएगा? क्‍या समाधानात्‍मक नियम बनाया जाएगा? (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार गरीबों के आवास एवं निजी मकानों व शासकीय प्रयोजनार्थ रेत के दर निर्धारण करने हेतु शासन द्वारा क्‍या पहल की जावेगी और कब तक? क्‍या पेशा एक्‍ट के तहत पंचायतों को रेत खदान आवंटित किये जाने का प्रावधान हैं तथा पैसा एक्‍ट के तहत रेत खदान आंवटित किये जाने का क्‍या नियम हैं? जानकारी उपलब्‍ध करायें? क्‍या जिला अनूपपुर में रेत खदान आवंटित करते समय पेशा एक्‍ट के नियमों का पालन किया गया हैं और आगे इसका पालन किया जाएगा अथवा नहीं?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जिला अनूपपुर की आवंटित रेत खदानों हेतु दिनांक 18/05/2020 से वर्ष 30/06/2023 तक ठेका मेसर्स के.जी. डेवलपर्स (प्रो. आशीष खारया), भोपाल द्वारा संचालित किया गया था। उक्‍त ठेका पूर्ण अवधि तक संचालित हुआ। जिला समूह अनूपपुर की रेत खदानों से रेत के उत्‍खनन एवं विक्रय हेतु माईन डेवलपर कम ऑपरेटर के रूप में मेसर्स अमन सेठी को माईन डेवलपर कम ऑपरेटर (एम.डी.ओ.) नियुक्‍त किया गया एवं दिनांक 02/11/2023 को अनुबंध निष्‍पादित किया गया। एम.डी.ओ. द्वारा पत्र दिनांक 03/11/2023 के नियम 16 के अनुक्रम में ठेका समर्पण की 3 माह की पूर्व सूचना दी गई। पत्र में कोई कारण दर्शित नहीं है।  (ख) मध्‍यप्रदेश रेत (खनन, परिवहन, भण्‍डारण एवं व्‍यापार) नियम, 2019 के नियम 7 में निम्‍नानुसार प्रावधान हैं - प्रारंभिक आधार मूल्‍य (अपसेट प्राइज) का निर्धारण - समूह की निविदा में सम्मिलित समस्‍त खदानों में पृथक-पृथक उपलब्‍ध रेत मात्रा (घनमीटर में) के कुल योग का 250 गुना (रूपये में) उस समूह का प्रारंभिक आधार मूल्‍य (अपसेट प्राइज) होगा। परन्‍तु किसी समूह के प्रारंभिक आधार मूल्‍य की गणना हेतु रेत की मांग के आंकलन के आधार पर समस्‍त खदानों की मात्रा के कुल योग से भिन्‍न मात्रा भी निर्धारित की जा सकती है। तदानुसार जिला समूह अनूपपुर की रेत खदानों में माईन डेवलपर कम ऑपरेटर की नियुक्ति बाबत्, निविदत्‍त मात्रा 7,00,000 घनमीटर हेतु रूपये 250/- प्रति घनमीटर के मान से 17,50,00,000/- आरंभिक मूल्‍य रखा गया था। निगम द्वारा एम.एस.टी.सी. (भारत सरकार का उपक्रम) के माध्‍यम से ई-निविदा सह नीलामी संपादित कर, उच्‍चतम राशि का प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत करने वाले प्रतिभागी मेसर्स एसोसिएटेड कामर्स ठेका आवंटित किया गया। यह प्रक्रिया पारदर्शी एवं नियमानुकूल है। (ग) मध्‍यप्रदेश रेत (खनन, परिवहन, भण्‍डारण एवं व्‍यापार) नियम, 2019 के नियमों के तहत विक्रय मूल्‍य निर्धारित नहीं है। अत: विक्रय के संबंध में दरें निश्‍िचत न होने से निश्‍िचत दर पर रेत बिक्री संभव नहीं है। प्रश्‍नांश अनुसार शासकीय कार्य अथवा कृषकों एवं आवास योजनाओं के लिए रेत दिये जाने के संबंध में मध्‍यप्रदेश रेत (खनन, परिवहन, भण्‍डारण एवं व्‍यापार) नियम, 2019 के नियम 4 के तहत प्रावधान अधिसूचित हैं। (घ) प्रश्‍नांश अनुसार आवास एवं निजी मकानों एवं शासकीय प्रयोजनार्थ रेत के दर निर्धारण करने हेतु, मध्‍यप्रदेश रेत (खनन, परिवहन, भण्‍डारण एवं व्‍यापार) नियम, 2019 के तहत प्रावधान न होने से दर निर्धारण किया जाना संभव नहीं है। पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्‍तार) अधिनियम, 1996 (पेसा एक्‍ट) के तहत पंचायतों को रेत खदान आवंटन का प्रावधान नहीं है। बल्कि रेत खदानों का आवंटन अनुसूचित क्षेत्र में ग्रामसभा की अनुशंसा प्राप्‍त करना आवश्‍यक किया गया है। पेसा एक्‍ट के तहत रेत खदानों के आवंटन के संबंध में, म.प्र. पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्‍तार) नियम, 2022 (पेसा नियम) के नियम 22 (क) के तहत अध्‍याय छ: के तहत प्रावधान अधिसूचित हैं। जिसके तहत अनूपपुर जिले में संबंधित ग्रामसभाओं से रेत खदानों को घोषित किये जाने के पूर्व, ग्रामसभाओं की अनुशंसा प्राप्‍त की गयी है और आगे भी पेसा एक्‍ट के नियमों का पालन किया जावेगा।

आवंटित भूमि में उद्योग की स्‍थापना

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

15. ( क्र. 906 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला अनूपपुर में वर्ष 2013-18 के बीच औद्योगिक क्षेत्र की स्‍थापना किये जाने हेतु कहां-कहां पर भूमि आरक्षित की गई थी तथा उक्‍त क्षेत्र में औद्योगिक स्‍थापना हेतु कौन-कौन से उद्यमियों के द्वारा भूमि क्रय की गई थी? क्रय की गई भूमि का रकबा, क्षेत्र, खसरा नम्‍बर, पटवारी हल्‍का, तहसील सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार जिले में औद्योगिक क्षेत्रों की स्‍थापना हेतु आवंटित भूमियों के उद्यमियों द्वारा क्रय की गई भूमियों में अब तक कौन-कौन उद्यम स्‍थापित किये गये है? यदि किये गये है तो उनमें कौन-कौन से उत्‍पाद तैयार किये जा रहे हैं और यदि उद्योग स्‍थापित नहीं किये है तो उन उद्यमियों की भूमि पर कब तक उद्योग स्‍थापित कराये जायेंगे और यदि उद्योग स्‍थापित नहीं किये गये हैं तो क्‍यों नहीं तथा कब तक उद्योग स्‍थापित कराये जायेंगे? जिन उद्यामियों द्वारा उद्योग स्‍थापित नहीं कराए जाते हैं, तो क्‍या उनसे उक्‍त आवंटित भूमि वापस लेकर अन्‍य उद्यमी जो रोजगार लगाने की रूचि लेता हो उसे आवंटित की जायेगी? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार यदि उद्यमियों के द्वारा उद्योग लगाये गये है तो उससे क्‍या उत्‍पाद तैयार किये जा रहे हैं शासन को उससे कितना लाभ मिलता है और यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार जिन उद्यामियों के द्वारा सस्‍ते दर पर भूमि क्रय करके आरक्षित की गई हैं और अभी तक उद्योग स्‍थापित नहीं किये है उनसे कब तक उद्योग स्‍थापित कराये जायेंगे तथा उद्योग स्‍थापित नहीं कराने पर उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जाएगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जिला अनूपपुर में वर्ष 2013-2018 के बीच औद्यो‍गिक प्रयोजन हेतु विभाग के अधीन एमपी इण्‍डस्ट्रियल डेव्‍हलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा ग्राम-जलसार, तहसील-कोतमा की कुल 116.530 हेक्‍टेयर भूमि का आधिपत्‍य दिनांक 10.02.2015 को प्राप्‍त किया गया, अधिपत्‍य पत्रक की प्रति  संलग्‍न  परिशिष्‍ट  अनुसार है। उक्‍त भूमि में से प्रथम चरण में 40.325 हेक्‍टेयर भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने हेतु अधोसंरचना विकास कार्य प्रारंभ किया गया है। वर्तमान में औद्योगिक स्थापना हेतु किसी भी उद्यमी को भूमि आवंटन नहीं किया गया है। अतएव प्रश्‍नांश के शेष भाग का उपस्थित नहीं होता है। (ख) से (घ) उत्‍तरांश () के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "चौदह"

जिला खनिज प्रतिष्‍ठान न्‍यास की बैठक

[खनिज साधन]

16. ( क्र. 942 ) श्रीमती मनीषा सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                (क) जिला शहडोल म.प्र में वर्ष 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 में जिला खनिज प्रतिष्ठान न्यास मण्डल की बैठक कब-कब और किन-किन जनप्रतिनिधियों व प्रशासकीय अधिकारियों के उपस्थिति में की गई थी और उक्त बैठकों में खनिज प्रतिष्ठान न्यास मण्डल की बैठक में कौन-कौन से प्रस्तावों एवं कार्ययोजनाओं का अनुमोदन कराया गया? जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) के अनुसार जिला खनिज प्रतिष्ठान न्यास मण्डल वर्ष 2023-24 दिनांक 04/10/2023 की बैठक में अनुमोदित कार्य योजना को खनिज विभाग म.प्र. शासन को प्रशासकीय अनुमोदन हेतु भेजा गया था? प्रशासकीय अनुमोदन माह फरवरी 2024 को प्राप्त हुआ इसके बाद अनुमोदित सूची से कितने कार्यों का प्रशासकीय स्वीकृति जिला प्रशासन द्वारा दी जा कर कार्य कराया गया तथा कितने अब तक शेष है? जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) क्या यह सही है, कि वर्ष 2023-24 में स्वीकृत कार्य योजना की सूची राज्य स्तर से अनुमोदन प्राप्त होने के उपरांत भी प्रश्‍न दिनांक तक कोई कार्य जिला प्रशासन द्वारा नहीं कराया गया? यदि हाँ, तो कार्य न कराने के क्या कारण है? यदि नहीं, तो क्यों? कारण उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार जिला प्रशासन द्वारा वर्ष 2023-24 में खनिज प्रतिष्ठान न्यास मण्डल की सूची राज्य शासन से अनुमोदन के बावजूद जिला शहडोल में मात्र नगर पालिका शहडोल के कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई? यदि हाँ, तो केवल नगर पालिका शहडोल के कार्यों का ही प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान किया गया, बाकी जिले के समस्त विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों व अन्य नगर पालिकाओं/नगर परिषदों का जारी क्यों नहीं किया गया? इसके पीछे जिला प्रशासन की क्या मंशा थी? (ड.) प्रश्‍नांश (क) से  (घ) अनुसार जिला प्रशासन द्वारा खनि‍ज प्रतिष्ठान न्यास मण्डल की बैठक में अनुमोदित कार्य योजना का राज्य स्तर से अनुमोदन उपरांत प्रशासकीय स्वीकृतियां नगर पालिका शहडोल को छोड़कर अन्य जगह का जारी नहीं करने के पीछे कौन दोषी है? क्या विभाग द्वारा कमेटी गठित कराकर जांच कराएगी तथा दोषी पाये जाने पर संबंधितों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जिला खनिज प्रतिष्ठान के न्यास मण्डल की बैठक की दिनांकवार जानकारी तथा बैठक में शामिल सदस्यों की  वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ  पर दर्शित है। जिला खनिज प्रतिष्ठान की उक्त बैठक में अनुमोदित प्रस्ताव एवं कार्य योजना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब  पर दर्शित है। (ख) कलेक्टर एवं अध्यक्ष, जिला खनिज प्रतिष्ठान द्वारा वर्ष 2023-24 में कुल 123 कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है तथा शेष 140 प्रशासकीय कार्यों की स्वीकृति जारी की जा रही है एवं 60 कार्यों की विभागीय सहमति/अनुमोदन नोडल विभाग से प्राप्त नहीं हुई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स  पर दर्शित है। (ग) जी नहीं। वर्ष 2023-24 में स्वीकृत कार्य योजना अनुसार जिला प्रशासन द्वारा कार्य कराया गया है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। उत्‍तरांश (ख) अनुसार जिला खनिज प्रतिष्ठान शहडोल अंतर्गत 123 कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गयी हैं एवं शेष 140 कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जा रही है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।             (ड.) उत्‍तरांश (ख) अनुसार जिला खनिज प्रतिष्ठान शहडोल अंतर्गत 123 कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गयी हैं एवं शेष 140 कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जा रही है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

विधायक के पत्रों का समय-सीमा में निराकरण

[सामान्य प्रशासन]

17. ( क्र. 1004 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या माननीय विधायक के पत्रों का समय-सीमा पर निराकरण करने का निर्देश जारी किए है यदि हाँ, तो निर्देश की प्रति देवें। (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) में हाँ तो प्रश्‍नकर्ता सदस्य द्वारा वर्ष 2024 में मुख्य सचिव को भेजे गये पत्र क्रमांक 7738, 7739, 7740, 7741, 7743, 7752/2024 पत्रों पर विभागों द्वारा क्या कार्यवाही की गई विवरण दें। (ग) वर्ष 2024 में प्रश्‍नकर्ता द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी को दिए गए पत्रों पर क्या कार्यवाही की गई। उससे अवगत करावें। (घ) मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा प्रश्‍नकर्ता के पत्रों के संबंध में जारी पत्र क्रमांक 4425/2024, 4426/2024, 4427/2024, 4476/2024/4472/2024/ 4465/2024 दिनांक 10.09.2024 एवं अन्य समस्त पत्रों पर क्या कार्यवाही की गई, अवगत करावें। (ड.) सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र क्रमांक 3452 पर शिक्षा विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई जिसकी समस्‍त जानकारी देवें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (च) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

खनिज विभाग के अंतर्गत घोषित एवं अघोषित रेत खदानें

[खनिज साधन]

18. ( क्र. 1009 ) श्री राजेन्‍द्र भारती : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गत तीन वर्षों से म.प्र. खनिज विभाग की खनिज नीति क्‍या है? कृपया वर्षवार जानकारी उपलब्‍ध कराये। म.प्र. में कितने प्रकार के खनिज उपलब्‍ध है कृपया खनिजवार, जिलेवार, जानकारी उपलब्‍ध करायें? क्‍या उक्‍त खनिजों में रेत/बजरी भी शामिल है? यदि हाँ, तो घोषित रेत खदानों की (नदी, नाल) जिलावार जानकारी उपलब्‍ध करायें तथा यह भी उल्‍लेख करे कि उक्‍त घोषित रेत खदानों से वन विभाग/राजस्‍व विभाग की कितनी रेत खदाने लगी हुई है? कृपया अलग-अलग विवरण दें।  (ख) वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक रेत उक्‍त खदानों की मूल्‍यांकन राशि शासन द्वारा              कितनी-कितनी निर्धारित की गई? कृपया जानकारी देते हुये बतायें कि उक्‍त खदानों की नीलामी के लिये विभाग द्वारा नीलामी/टेण्‍डर प्रक्रिया में कितनी कंपनियों/व्‍यक्तियों द्वारा भाग लिया गया है तथा किस कंपनी/व्‍यक्ति के नाम से अनुबंध कर कार्यादेश जारी किया गया है? कृपया समस्‍त जानकारी कंपनीवार (नाम/पता सहित)/जिलावार/समूहवार जानकारी उपलब्‍ध करायें? क्‍या वर्ष 2021-2022 से 2024-25 तक शासन के लक्ष्‍य अनुसार कार्यरत कंपनियों द्वारा लक्ष्‍य के विरूद्ध कितनी-कितनी राशि (राजस्‍व) जमा किया गया? कृपया वर्षवार/कंपनियों विस्‍तृत विवरण देते हुये कार्यरत कंपनियों के आय-व्‍यय पत्रक सहित कैशबुक/ऑडिट रिपोर्ट एवं जमा किये इनकम टैक्‍स, जी.एस.टी. टैक्‍स तथा अन्‍य टैक्‍सों से संबंधित वर्षवार जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ग) उक्‍त वर्षों में कितने-कितने अवैध वसूली के प्रकरण बनाये गये तथा कितने शासकीय/अशासकीय व्‍यक्तियों पर हमले हुये एफ.आई.आर. हुई तथा कितने मामलों में जुर्माना सहित क्‍या कानूनी कार्यवाही की गई है? कृपया जिलावार वर्षवार अलग-अलग विवरण दें। क्‍या विभाग द्वारा घोषित खदानों से लगे हुये अघोषित रेत खदानों का भौतिक सत्‍यापन किया गया यदि हाँ, तो क्‍या भौतिक सत्‍यापन में तकनीकी रूप से अवैध खनन करने वालों के विरूद्ध तकनीकी जांच कर वसूली की कार्यवाही की गई यदि नहीं, तो क्‍यों? कृपया अलग-अलग जानकारी दें। (घ) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा मुख्‍य सचिव/प्रमुख सचिव खनिज/प्रमुख सचिव गृह/प्रमुख सचिव वन विभाग को पत्र क्रमांक 1249 दिनांक 25/07/2022, 1530/2023 दिनांक 25/12/2023, 1599 दिनांक 19/01/2024, 1653 दिनांक 14/03/2024, 1690-1693 दिनांक 11/04/2024, 1770-1773 दिनांक 03/06/2024 एवं 634/2025 दिनांक 12/01/2025 से अवैध रेत उत्‍खनन के संबंध में शिकायतें की गई? उक्‍त शिकायतों सहित मुख्‍यमंत्री कार्यालय पत्र पंजीयन 641/CMS/MLA/022/2025 के परिपालन में क्‍या कार्यवाही की गई? कृपया संपूर्ण विवरण दें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

विधायक विकास निधि राशि देने का प्रावधान

[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]

19. ( क्र. 1026 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या उप मुख्‍यमंत्री, योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में विधायक विकास निधि से जिन कार्यों पर राशि दिये जाने का प्रावधान है वह आदेश वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक पुराने नियम लागू किये जा रहे क्या प्रत्येक पाँच वर्षों में नियम बदले जाने का कोई प्रावधान नहीं किया गया है सम्पूर्ण जानकारी से अवगत करायें। (ख) क्या जब शासन द्वारा नियम तैयार किये जाते है उस समय विधायकों से भी प्रस्ताव या सुझाव मांगे जाना चाहिये क्योंकि क्षेत्रीय विधायक धरातल पर आम जनता की सुविधा और असुविधा के बारे में भली भांति जानकारी रखते है तथा 2013 के नियमों में पानी की टंकी बनाये जाने का प्रावधान है मगर वाटर कूलर कम किये जाने या लगाये जाने का प्रावधान नहीं है क्या इस विसंगति को दूर किये जाने की व्यवस्‍था कर विधानसभा क्षेत्रों में पेयजल के लिये वाटर कूलर लगाये जाने हेतु आगामी अप्रैल 2025 में प्रावधान करेगे यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो कारण स्पष्ट करें। (ग) क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा विगत सत्र में प्रश्‍न के माध्‍यम से पूछा गया था कि क्षेत्रीय विधायक को मोटराइज्‍ड साइकिल (इंजन युक्त) तीन-तीन पहिया दिये जाने का प्राव‌धान नहीं है तो उत्तर में बताया गया कि व्हील चेयर दिये जाने का प्रावधान है व्हील चेयर यदि विकलांगों को दी जायेगी तो विकलांग के परिवार का एक व्‍यक्ति उक्त व्हील चेयर को धकेलने में लगा रहेगा। इम नियम में संशोधन करते हुये विधायको की मोटराइज्ड साइकिल (इंजन युक्त) तीन पहिया दिये जाने का प्रावधान करेंगे यदि हाँ, तो समय-सीमा बतायें यदि नहीं, तो क्यों तथा विकलांगों की सहायता हेतु मानवीय आधार पर विधायकों को इंजन युक्त तीन‌ पहिया मोटराइज्ड साइकिल दिये जाने हेतु आदेश जारी करें।

उप मुख्‍यमंत्री, योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) विभाग अंतर्गत विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना के तहत कार्यों का क्रियान्वयन योजना की मार्गदर्शिका वर्ष-2013 के अनुसार किया जा रहा है, परन्तु समय-समय पर योजना की मार्गदर्शिका के पैरा 4.4 के आधार पर परिपत्र जारी किये जाने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी हाँ। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना की मार्गदर्शिका वर्ष-2013 में पानी की टंकी बनाये जाने का प्रावधान है परंतु वाटर कूलर क्रय किये जाने या लगाने का प्रावधान नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। विगत सत्र-दिसंबर, 2024 के प्रश्‍न क्रमांक 1551 के उत्‍तर में बताया गया था कि विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना की मार्गदर्शिका वर्ष-2013 की कंडिका-2.4, परिशिष्‍ट-1 के क्रमांक-21 में दिव्‍यांगजनों के कल्‍याण हेतु मोटरयुक्‍त व्‍हीलचेयर का ही प्रावधान है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

जे.के. सीमेंट कंपनी का अनुबंध

[खनिज साधन]

20. ( क्र. 1042 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) गुनौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत संचालित जे.के.सीमेंट कम्पनी से कितने अनुबंध हुये है, सभी की प्रति उपलब्‍ध करावें। कंपनी द्वारा कितने स्थानीय लोगों को सेवा में लिया गया है? यदि कम्पनी द्वारा अनुबंध का पालन नहीं किया गया है तो उस पर क्या कार्यवाही की गई है? अनुबंध का पालन न करने पर यदि कोई कार्यवाही नहीं की गई है तो इसके लिये कौन दोषी है? दोषियों पर क्या कार्यवाही की जावेगी? जानकारी दें। (ख) ऐसी कितनी भूमियां है जिन पर जे.के.सीमेंट कम्पनी पुरैना तहसील अमानगंज द्वारा बिना रजिस्टर्ड विक्रय पत्र के किसानों की जमीनों पर कब्जा कर लिया गया है? ऐसे किसानों की सूची उपलब्ध करावें। (ग) कंपनी में कितने कर्मचारी/अधिकारी कार्यरत है? कार्यरत अधिकारी/कर्मचारियों के नाम, उनके पद, स्थाई निवास के पता सहित विवरण देवें।           (घ) क्या कंपनी द्वारा शासन से प्राप्त भूमियों को भी कृषकों से बिना कलेक्‍टर की अनुमति के क्रय किया गया है? यदि हाँ, तो कंपनी पर क्‍या कार्यवाही की जायेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) गुनौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत संचालित मेसर्स जे.के. सीमेंट लिमिटेड कम्पनी को जिला पन्‍ना में दो चूना पत्‍थर का खनिपट्टा स्‍वीकृत है। अनुबंध निष्‍पादन की छायाप्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-अ  पर दर्शित है। कंपनी जे. के. सीमेंट लिमिटेड द्वारा पन्‍ना के 605 लोगों को सेवा में लिया गया है, कंपनी द्वारा अनुबंध का पालन किया गया है। शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) मेसर्स जे.के. सीमेंट लिमिटेड द्वारा आपसी सहमति से समस्‍त विक्रय पत्र के निष्‍पादन के उपरांत ही भूमि पर कार्य प्रारंभ किया जाता है। जमीनों पर कब्‍जे किये जाने का कोई प्रमाणित मामला संज्ञान में नहीं आया है। (ग) कंपनी मेसर्स जे.के.सीमेन्‍ट लिमिटेड में कुल 1227 कर्मचारी कार्यरत है। जिसकी  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब  पर दर्शित है। (घ) जी नहीं। जिस भूमि को क्रय करने के पूर्व कलेक्‍टर की पूर्वानुमति की आवश्‍यकता थी, इन भूमि के क्रय के पूर्व कलेक्‍टर की पूर्वानुमति प्राप्‍त करने के उपरांत क्रय किया गया है। शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

जिला अशोकनगर में संचालित आंगनवाड़ी केन्‍द्रों की जानकारी

[महिला एवं बाल विकास]

21. ( क्र. 1061 ) श्री इंजीनियर हरिबाबू राय : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला अशोकनगर में आंगनवाड़ी केन्‍द्रों की संख्‍या कितनी है? कितने बच्‍चे आंगनवाड़‍ियों से लाभान्वित हो रहे है। कितनी आंगनवाड़‍ियों में कौन-कौन से पद रिक्‍त है। नाम सहित स्‍पष्‍ट करें। इन पदों को अभी तक क्‍यों नहीं भरा गया है। स्‍वीकृत सभी पदों को कब तक भर लिया जायेगा। (ख) कितने शासकीय भवनों में आंगनवाड़ी केन्‍द्र संचालित है। कितने किराये के भवनों में संचालित है। शासकीय भवन विहीन ग्रामों में कब तक आंगनवाड़ी केन्‍द्रों हेतु नए भव निर्मित करने की योजना है? (ग) अनियमितता करने पर कितने अधिकारियों/कर्मचारियों को अभी तक दण्डित किया गया है। कृपया नाम सहित सूची उपलब्‍ध कराने की कृपा करें।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) अशोकनगर जिले में कुल 1099 आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित हैं जिसमें 79826 बच्चें आंगनवाड़ी के माध्यम से लाभान्वित हो रहे हैं। आंगनवाड़ी केन्द्रों में रिक्त पदों की परियोजनावार एवं नामवार  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ पर  है। पदों की रिक्ति एवं पूर्ति‍ एक निरंतर प्रक्रिया है। समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब  पर है। आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर करता है। राज्य सरकार द्वारा वित्तीय संसाधन की उपलब्धता के आधार पर निरंतर भवनों का निर्माण किया जा रहा है। समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।  () अनियमितता करने पर 04 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं 01 कार्यालय सहायक ग्रेड-03 को दण्डित किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स  पर है।

शस्‍त्र लायसेंस का निरस्‍तीकरण

[गृह]

22. ( क्र. 1091 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                      (क) दतिया जिले के भाण्‍डेर में झूठा शपथ पत्र प्रस्‍तुत कर अपराध‍ छिपा कर निवास स्‍थान परिवर्तित कर शस्‍त्र लायसेंस प्राप्‍त करने वाले व्‍यक्ति पर कोई आपराधिक कार्यवाही किये जाने का नियम है, यदि हाँ, तो जानकारी दें। (ख) श्री प्रदीप धाकड़ पुत्र कमल सिंह धाकड़ निवासी-ग्राम सालौन बी तह. भाण्‍डेर जिला-दतिया द्वारा पुलिस अधीक्षक ग्‍वालियर को झूठा शपथ पत्र प्रस्‍तुत कर कि मेरे विरूद्ध म.प्र. में कोई अपराध दर्ज नहीं है तथा अपना मूल निवास स्‍थान परिवर्तित किया जाकर कलेक्‍टर ग्‍वालियर से शस्‍त्र लायसेंस प्राप्‍त किया हैं, इसके विरूद्ध शस्‍त्र लायसेंस निरस्‍त की क्‍या कार्यवाही की गई कार्यवाही की प्रति संलग्‍न करें? (ग) ग्‍वालियर प्रशासन को गुमराह करने वाले प्रदीप धाकड़ का शस्‍त्र लायसेंस कब तक निरस्‍त किया जायेगा एवं झूठा शपथ पत्र प्रस्‍तुत करने पर कानूनी कार्यवाही की जायेगी यदि हाँ, तो कब तक?

 मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ मिथ्या साक्ष्य देना भादवि की धारा 193 तथा बीएनएस की धारा 229 में दण्डनीय अपराध है। उक्त अपराध असंज्ञेय प्रकृति का है, जिसमें संबंधित कार्यालय जहां पर संबंधित साक्ष्य प्रस्तुत किया गया है, उनके द्वारा संबंधित सक्षम न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया जा सकता है। (ख) श्री प्रदीप धाकड़ पुत्र कमल सिंह धाकड़ नि. ग्राम सालौन बी तह. भाण्डेर जिला दतिया द्वारा पुलिस अधीक्षक ग्वालियर को झूठा शपथ पत्र प्रस्तुत किया, कि मेरे विरूद्ध म.प्र. में कोई अपराध दर्ज नहीं है तथा अपना मूल निवास स्थान परिवर्तित किया जाकर कलेक्टर ग्वालियर से शस्त्र लायसेंस प्राप्त किया है, इसके विरूद्ध शस्त्र लायसेंस निरस्त की कार्यवाही श्रीमान कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, जिला ग्वालियर द्वारा अपने पत्र क्रमांक/क्यू/आरडीएम/नौ-05/156/2024 ग्वालियर दिनांक 30.12.2024 में किया गया है। जिसकी प्रति  संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, जिला ग्वालियर द्वारा प्रदीप धाकड़ का शस्त्र लायसेंस निरस्त किया गया है एवं प्रार्थी के द्वारा असत्य शपथ पत्र प्रस्तुत करने के संबंध में जांच उप पुलिस अधीक्षक से कराई गई थी। इस संबंध में आगामी वैधानिक कार्यवाही हेतु पत्र क्रमांक/पुअ/ग्वा/पीए/01/प्रा.जी./(648/24) ए/2025 दिनांक 04.03.2025 के माध्यम से प्रतिवेदन जिला दण्डाधिकारी ग्वालियर की ओर प्रेषित किया गया है। विधि अनुरूप कार्यवाही प्रचलित है

परिशिष्ट - "पंद्रह"

तत्‍कालीन मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी की गिरफ्तारी

[गृह]

23. ( क्र. 1118 ) श्री सुरेन्द्र सिंह गहरवार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) थाना सभापुर जिला सतना के अपराध क्रमांक 65/11 दिनांक 23/04/11 में चालान पेश किये जाने के पूर्व अभियोजन स्वीकृति क्यों नहीं ली गई, जानबूझकर लोक अभियोजक एवं पुलिस के द्वारा आरोपियों को बचाने के उद्देश्य से गंभीर विधिक त्रुटि क्यों की गई? उक्‍त गंभीर लापरवाही के लिये दोषी कौन-कौन हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकरण में माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के पुनरीक्षण संख्या 4252/23 में अभियोजन स्वीकृति लेकर चालान पेश करने की कार्यवाही की स्वतंत्रता के आदेश को भी माननीय उच्च न्यायालय के उक्त आदेश का पालन क्यों नहीं किया जा रहा है? कब तक किया जायेगा? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार प्रकरण क्रमांक 65/11 के आरोपी मांगीलाल आस्के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मझगवां को प्रश्‍न दिनांक तक पुलिस के द्वारा गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया है, कब तक गिरफ्तार किया जायेगा? संबंधित के उक्‍त गंभीर अपराध में संल्पित होने के बावजूद प्रकरण दर्ज होने के बाद से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक कहां-कहां, किस-किस पद पर पदस्‍थ किया गया जानकारी दें? क्‍या इस प्रकार एक गंभीर प्रकरण के आरोपी को प्रशासनिक पदों पर पदस्‍थ करने से उसके द्वारा पदीय प्रभाव का दुरूपयोग नहीं किया गया, दोषी कौन है? क्‍या इसके लिये दोषियों पर दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की जायेगी तो कब तक समय-सीमा बतायें?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) थाना सभापुर जिला सतना के अपराध क्रमांक 65/2011 में चालान पेश किये जाने के पूर्व अभियोजन स्वीकृति नहीं लिये जाने की त्रुटि के संदर्भ में प्राथमिक जांच की जा रही है। प्राथमिक जांच में प्रकट तथ्य एवं साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के संबंध में निर्णय लिया जावेगा। (ख) प्रश्‍नांश में उल्लेखित न्यायालयीन प्रकरण में माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में आरोपी हीरामणि अग्निहोत्री, सचिव निवासी बरखेड़ा की अभियोजन स्वीकृति प्राप्त की गई है। शेष लोक सेवकों के अभियोजन स्वीकृति हेतु संबंधित विभाग से पत्राचार किया जा रहा है। (ग) अपराध क्रमांक 65/2011 के आरोपी मांगीलाल आस्के की गिरफ्तारी दिनांक 28.06.2015 को की जा चुकी है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

मुड़वारा विधानसभा अंतर्गत गठित अपराध

[गृह]

24. ( क्र. 1132 ) श्री संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत 3 वर्षों में मुड़वारा विधानसभा अंतर्गत थानावार कितने हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, बलात्कार, क्रिकेट के सट्टा, मादक पदार्थ से संबंधित अपराध कब-कब दर्ज किए गए? कितने प्रकरणों में माननीय न्यायालय में चालान कब-कब प्रस्तुत किए गए? कितने प्रकरणों में किन कारणों से चालान अब तक प्रस्तुत नहीं किए गए एवं प्रश्‍न दिनांक तक प्रकरणों की स्थिति क्या है? प्रकरणवार बताइए। (ख) नई बस्ती कटनी निवासी स्वर्गीय मयंक अग्रहरि द्वारा सितंबर 2024 को किन कारणों से क्या घटना कारित की गई थी? क्या प्रकरण में विवेचना पूर्ण हो गई तथा प्रश्‍न दिनांक तक किस-किस के विरुद्ध क्या-क्या कार्यवाही की गई है?

 मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है।           (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है।

धारा 188 के अंतर्गत बनाये गये पुलिस प्रकरण

[गृह]

25. ( क्र. 1202 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह सच है कि 10 दिसम्बर 2019 को संसद में पारित सि‍टीजनशीप अमेंडमेंट एक्ट का तत्कालीन मध्यप्रदेश सरकार के विरोध के कारण इस एक्ट के समर्थन में आम जनता द्वारा व्यापक जन समर्थन रैली का आयोजन अनेक शहरों में किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो क्या 16 जनवरी 2020 को इस शांतिपूर्ण तरीके से केन्द्र सरकार के महत्वकांक्षी तथा संसद से पारित सि‍टीजनशीप अमेंडमेंट एक्ट के समर्थन में धार नगर में अनुशासित व शांतिपूर्ण तरीके से निकाली रैली में पूर्व केन्द्रीय मंत्री विक्रम वर्मा, वर्तमान केन्द्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर सहित सम्मिलित गणमान्य नागरिकों पर कोतवाली पुलिस थाना धार में धारा 188 के अंतर्गत प्राथमिकी क्रमांक 0038 दिनांक 18 जनवरी 2020 को पंजीकृत की गई है? (ग) क्या कतिपय कारणों से धारा 188 अंतर्गत पंजीकृत इस एफ.आई.आर. को जनता की मांग अनुसार निरस्त कर प्रकरण वापस लिया जाने संबंधी पत्र क्रमांक 53 दिनांक 07 जुलाई 2024 को प्रश्‍नकर्ता विधायक द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी को प्रेषित किया गया है? (घ) यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश (ग) के तारतम्य में उक्त पत्र पर क्या कार्रवाई की गई है तथा क्या जनहि‍त में गृह मंत्रालय इस एफ.आई.आर. को निरस्त करने हेतु आगामी कार्रवाई करेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ, 10 दिसम्बर 2019 को संसद में पारित सिटीजनशीप अमेंडमेंट एक्ट का तत्कालीन मध्यप्रदेश सरकार के विरोध के कारण इस एक्ट के समर्थन में राजगढ़ (दो), बड़वानी (एक) और भोपाल (तीन) रैलि‍यों का आयोजन किया गया था। (ख) जी हाँ, थाना कोतवाली जिला धार पर अपराध क्र. 38/2020 धारा 188 भादवि का पंजीबद्ध किया गया था। (ग) जी हाँ। (घ) उक्त पत्र के तारतम्य में थाना कोतवाली जिला धार में पंजीकृत अप.क. 38/2020 का प्रकरण म.प्र. शासन गृह विभाग के माध्यम से वापसी की कार्यवाही हेतु प्राप्त हुआ, जिसे जिला स्तरीय प्रत्याहरण समिति, धार को प्रेषित किया गया। जिला स्तरीय प्रत्याहरण समिति धार को प्रकरण की प्राप्त अद्यतन स्थिति अनुसार उक्त प्रकरण में अभी चालान न्यायालय में पेश नहीं किया गया है।

शासकीय आवास आवंटन में लापरवाही

[गृह]

26. ( क्र. 1357 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में माननीय विधायकों/सांसदों को उनके क्षेत्र में एक शासकीय आवास कार्यालयीन कार्य हेतु उपलब्‍ध कराये जाने संबंधी कोई आदेश या नियम है, यदि हाँ, तो बतायें। (ख) यदि हाँ, तो विगत एक वर्ष बीत जाने के बाद भी प्रश्‍नकर्ता को उसके विधान सभा क्षेत्र में सरकारी आवास उपलब्‍ध कराया गया या नहीं? (ग) यदि नहीं, तो आवास आवंटन प्रक्रिया में अभी तक आवास उपलब्‍ध नहीं कराये जाने का क्या कारण है और कौन दोषी है? (घ) क्‍या किसी के दबाव में आकर शासन के नियमों के बावजूद माननीय सदस्यों को सुविधाओं से जानबूझकर वंचित किया जा रहा है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी नहीं। (ख) से  (घ) उत्‍तरांश ''''  के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित ही नहीं होता।

प्रभारी समिति प्रबंधक सेंधवा के विरूद्ध कार्यवाही

[सामान्य प्रशासन]

27. ( क्र. 1358 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आर्थिक अपराध प्रकोष्‍ठ ईकाई सागर (EOW) में सहकारी समिति सेंधवा जिला छतरपुर में हुये गबन घोटाला और भ्रष्‍टाचार की शिकायतें जांच एवं एफ.आई.आर. हेतु लंबित हैं? यदि हाँ, तो कब से कारण सहित जानकारी दें। (ख) प्रभारी समिति प्रबंधक सहकारी समिति सेंधवा एवं अन्‍य के विरूद्ध करोड़ों रूपये आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की एफ.आई.आर. क्रमांक 102/2022 दर्ज कर विवेचाधीन हैं हाँ या नहीं? (ग) प्रश्‍नांश (ख) यदि हाँ, तो विवेचना में गबन और धोखाधड़ी की सुसंगत धारायें जोड़ी जाकर कब तक अभियोजन की कार्यवाही पूर्ण की जायेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) आपराधिक प्रकरण/शिकायत जांच वर्तमान में विवेचनाधीन/जांचाधीन हैं, विवेचना/जांच के दौरान साक्ष्‍यों/दस्‍तावेजों के आधार पर विधिसम्मत कार्यवाही की जाती है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "सोलह"

केंट विधानसभा अंतर्गत थानों एवं चौकियों की स्‍थापना

[गृह]

28. ( क्र. 1393 ) श्री अशोक ईश्‍वरदास रोहाणी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केंट विधानसभा अंतर्गत कुल कितने पुलिस थाने एवं चौकियां हैं और इनमें कुल कितने स्‍टाफ वर्तमान में पदस्‍थ है, जानकारी दें? (ख) क्‍या केंट विधानसभा अंतर्गत भविष्‍य में पुलिस चौकियों में वृद्धि कराये जाने की कोई योजना हैं, जानकारी दें? (ग) केंट विधानसभा अंतर्गत रांझी में मानेगांव क्षेत्र में एवं निर्मल चंद जैन वार्ड कंचनपुर में पुलिस चौकी को बनाए जाने की कोई योजना हैं, अगर हाँ तो जानकारी दें? (घ) अगर नहीं तो कब तक इन स्‍थानों में पुलिस चौकियों को बनाया जाएगा, समय-सीमा बताएं?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) केंट विधानसभा अंतर्गत 09 थाने एवं 02 पुलिस चौकियां है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। (घ) रांझी थाना अंतर्गत मानेगांव में पुलिस चौकी बनाये जाने का प्रस्ताव निर्धारित मापदण्ड अनुरूप नहीं होने से अमान्य किया गया। निर्मल चंद जैन वार्ड कंचनपुर में नवीन पुलिस चौकी बनाए जाने का प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता

परिशिष्ट - "सत्रह"

सहायक ग्रेड-3 के लिए समयमान वेतनमान में भिन्‍नता

[वित्त]

29. ( क्र. 1450 ) श्री मुकेश टंडन : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या समान वर्ग के सहायक ग्रेड-3 के लिये एक समान द्वितीय व तृतीय समयमान वेतनमान प्रदेश के सभी विभागों सहित मध्यप्रदेश के उच्च न्यायालय, मंत्रालय, राजभवन एवं विधानसभा सचिवालय तथा माध्यमिक शिक्षा मंडल में कार्यरत सहायक ग्रेड-3 का प्रारंभिक वेतमान क्या-क्या है, पृथक-पृथक बतावें तथा वित्त विभाग के मूल आदेश दिनांक 24.01.2008 में प्रथम द्वितीय एवं तृतीय समयमान वेतनमान का क्या-क्‍या स्लेब निर्धारित किया था बतावें? (ख) क्या वित्त विभाग द्वारा प्रश्‍नांश "क" के उत्तर में वर्णित समयमान वेतनमान का लाभ दिये जाने के पश्‍चात वित्त विभाग ने अपने मूल आदेश दिनांक 24.01.2008 की किस कंडिका के क्रम में 13 जुलाई 2013 को मंत्रालय, 27 सितम्बर 2014 को राजभवन, जुलाई 2016 को उच्च न्यायालय, 26 मई 2015 को विधानसभा एवं 08.02.2021 को माध्यमिक शिक्षा मंडल के कार्यरत सहायक ग्रेड-3 को द्वितीय एवं तृतीय समयमान वेतनमान संशोधित किये हैं, जानकारी दें। (ग) क्या प्रदेश में समान वर्ग के सहायक ग्रेड-3 कर्मचारियों के द्वितीय एवं तृतीय समयमान वेतनमान में भिन्नता है। यदि हाँ, तो ऐसा क्यों, कारण बतावें? (घ) क्या शासन समान वर्ग के सहायक ग्रेड-3 के लिये एक समान द्वितीय एवं तृतीय समयमान वेतनमान लागू करने हेतु वेतनमान में भिन्नता दूर करने के लिये जनहित में कोई कदम उठा रहा है? यदि हाँ, तो कब तक, समय-सीमा बतावें?

 उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) सभी विभागों सहित म.प्र.उच्‍च न्‍यायालय, मंत्रालय, राजभवन में कार्यरत सहायक ग्रेड-3 का प्रारंभिक वेतनमान छठवें वेतनमान अनुसार 5200-20200+1900 ग्रेड-पे है। वित्‍त विभाग के मूल आदेश 24 जनवरी, 2008 में प्रथम एवं द्वितीय समयमान का प्रावधान वेतन पुनरीक्षण नियम,2009 के आधार पर निम्‍नानुसार है:- प्रारंभिक वेतनमान 5200-20200+1900, प्रथम समयमान वेतनमान 5200-20200+2400, द्वितीय समयमान वेतनमान 5200-20200+ 2800 शासन द्वारा लिये गये नीतिगत निर्णय के अनुसार म.प्र.उच्‍च न्‍यायालय, मंत्रालय, राजभवन में कार्यरत सहायक ग्रेड-3 को प्रथम एवं द्वितीय समयमान वेतनमान का प्रावधान निम्‍नानुसार है:- प्रारंभिक वेतनमान 5200-20200+1900, प्रथम समयमान वेतनमान 5200-20200+2400, द्वितीय समयमान वेतनमान 9300-34800+3600 तृतीय समयमान के संबंध में प्रावधान वित्‍त विभाग के परिपत्र दिनांक 24.01.2008 में न होकर दिनांक 30.09.2014 में है, जिसके अनुसार सहायक ग्रेड-3 के कार्मिकों को 30 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर दिनांक 01.07.2014 से 9300-34800+3200 स्‍वीकृत है। म.प्र.उच्‍च न्‍यायालय, मंत्रालय राजभवन में कार्यरत सहायक ग्रेड-3 को तृतीय समयमान 9300-34800+4200 स्‍वीकृत है। माध्‍यमिक शिक्षा मंडल के संबंध में वित्‍त विभाग से आदेश/निर्देश जारी नहीं किये जाते है। (ख) जी नहीं। राज्‍य शासन के नीतिगत निर्णय के आधार पर स्‍वीकृत है। माध्‍यमिक शिक्षा मंडल के संबंध में वित्‍त विभाग से आदेश/निर्देश जारी नहीं किये जाते है। (ग) राज्‍य शासन के नीतिगत निर्णय है। (घ) वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

उद्योगों की स्थापना

[सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम]

30. ( क्र. 1493 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परासिया विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2019 में ग्राम डोमरी में स्थित लगभग 118 एकड़ से अधिक राजस्व विभाग की भूमि को मध्यप्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कार्पोरेशन विभाग में परिवर्तित कराया गया था, ताकि आगामी समय में उक्त भूमि पर बड़े उद्योगों की स्थापना हो सके और क्षेत्र के बेरोजगार लोगों को अधिक रोजगार के अवसर प्राप्त हो सके। परन्तु प्रश्‍नकर्ता को जानकारी प्राप्त हुई है, कि जो संगम-2 बांध का निर्माण किया जा रहा है उसमें गांव डूब क्षेत्र में आने के कारण डोमरी में स्थित 118 एकड़ भूमि में से लगभग 47 हेक्टेयर भूमि में शासन के द्वारा सर्वे सीमांकन कर भूमि में विस्थापन की व्यवस्था बनाई जा रही है,जो अनुचित है, भूमि को राजस्व विभाग में हस्तांतरित करने में मेरी आपत्ति है। इस भूमि को एम.पी.आई.डी.सी. में ही रहने दिया जाये उक्त संबंध में 31.01.2025 को जबलपुर संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में प्रश्‍नकर्ता ने निवेदन किया था, जिस संबंध में प्रश्‍नकर्ता को श्री संजय दुबे अपर मुख्य सचिव सा.प्र.वि. एवं प्रभारी जबलपुर संभाग द्वारा विचार करके आश्‍वासन दिया गया था, कि भूमि को परिवर्तित नहीं किया जायेगा, परन्तु फिर भी उपरोक्त संबंध में कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं हो रही है। भूमि को यथावत एम.पी.आई.डी.सी.में रखे जाने व उद्योग स्थापना हेतु विभाग द्वारा कब तक कार्यवाही की जायेगी? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा मान. मुख्यमंत्री जी को पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2025/66 दि.10.02.2025 प्रेषित किया गया है, जिस पर अभी तक क्या कार्यवाही की गई है?

सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ) : (क) जी हाँ। कलेक्टर छिंदवाड़ा के आदेश दिनांक 03 सितम्बर, 2020 द्वारा ग्राम डोमरी, तहसील उमरेठ, जिला छिंदवाड़ा की 47.98 हेक्टेयर (118.561 एकड़) शासकीय भूमि औद्योगिक प्रयोजन हेतु औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग को हस्तांतरित की गई। जिसका आधिपत्य दिनांक 06.11.2020 को प्राप्त किया गया। कलेक्टर छिंदवाड़ा से प्राप्‍त प्रस्ताव संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 दिनांक 02.01.2024 पर औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग, भोपाल के पत्र दिनांक 22.05.2024 द्वारा विभागीय भूमि छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना अंतर्गत संगम-2 बांध निर्माण के डूब क्षेत्र ग्रामों के पुनर्वास हेतु राजस्व विभाग को समर्पित की गई संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 तदनुसार एम.पी. इण्डस्ट्रियल डेवलपमेंट कार्पोरेशन लि. द्वारा पत्र दिनांक 13.12.2024 से तहसीलदार, तहसील उमरेठ, जिला छिन्‍दवाड़ा को शासकीय भूमि का आधिपत्‍य सौंपा गया संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। इस संबंध में विभाग स्‍तर से कोई कार्यवाही विचाराधीन नहीं है। (ख) प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित पत्र विभाग में प्राप्‍त नहीं हुआ है।

परिशिष्ट - "अठारह"

स्‍व-सहायता समूहों से अनुबंध

[महिला एवं बाल विकास]

31. ( क्र. 1517 ) श्री केशव देसाई : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) भिण्ड जिले में वर्ष 2024-25 के लिए शहरी नगरीय क्षेत्र के किन-किन स्वसहायता समूहों के अनुबंधों को निरस्त किये गये, कितने नये स्व-सहायता समूहों को जोड़कर अनुबंध किया गया है सूची उपलब्ध करावें। क्या इन नये समूहों से अनुबंध के लिए विज्ञप्ति जारी की गई है, यदि हाँ, तो प्रति उपलब्ध करायें। यदि नहीं, तो कारण बतायें। (ख) भिंड जिले में वर्ष 2024-25 के लिए शहरी नगरीय क्षेत्र के किन-किन स्व-सहायता समूहों को समय से भुगतान किया गया है, किन-किन को भुगतान नहीं किया गया है, भुगतान नहीं करने के क्या कारण हैं? भुगतान न करने के संबंध में संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई है, यदि नहीं, तो कब तक की जावेगी?                  (ग) भिण्ड जिले में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना में वर्ष 2024-25 में क्या-क्या कार्य कराये गये हैं सूची उपलब्ध कराएं, किन-किन कार्यों के भुगतान किये गये हैं उनके बिलों की सत्यापित छायाप्रति उपलब्ध करायें।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) :  (क) से (ग) की जानकारी एकत्रित की जा रही है।

बैकलॉग के रिक्‍त पदों पर भर्ती

[सामान्य प्रशासन]

32. ( क्र. 1650 ) श्री इंजीनियर हरिबाबू राय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अशोकनगर जिले में कितने अनुसूचित जाति के बैकलॉग पद रिक्‍त हैं, इन्‍हें अभी तक सीधी भर्ती से क्‍यों नहीं भरा गया जबकि रिक्‍त पदों की भर्ती कलेक्‍टर द्वारा की जाने के सामान्‍य प्रशासन के आदेश हैं। (ख) पदवार रिक्‍त पदों की सूचीबद्ध जानकारी प्रस्‍तुत करने की कृपा करें। (ग) रिक्‍त पदों को कब तक भर्ती कर पूरा कर लिया जायेगा, समय-सीमा बताएं।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से  (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही हैं।

लोक सेवा आयोग द्वारा भर्तियों की जानकारी

[सामान्य प्रशासन]

33. ( क्र. 1716 ) श्री नितेन्‍द्र बृजेन्‍द्र सिंह राठौर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि पिछले 5 वर्ष में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के कितने पदों की भर्ती निकली है? क्या ये सही नहीं है कि लगातार पदों की भर्ती कम हो रही है? यदि हाँ, तो क्या कारण है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : पिछले 5 वर्षों में मध्‍यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा निम्‍नानुसार भर्ती निकाली गई :-

स.क्र.

    वर्ष

पदों की संख्‍या

1.

वर्ष 2020

455

2.

वर्ष 2021

3586

3.

वर्ष 2022

5301

4.

वर्ष 2023

921

5.

वर्ष 2024

5348

जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

जनभागीदारी राशि का आवंटन

[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]

34. ( क्र. 1753 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या उप मुख्‍यमंत्री, योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में जिले में जन भागीदारी योजना अंतर्गत आवंटन दिया जाता है? (ख) यदि हाँ, तो छिंदवाड़ा जिले को वर्ष 2019 से वर्तमान तक कितनी राशि का आवंटन किया गया? अगर नहीं तो क्यों नहीं किया गया।

उप मुख्‍यमंत्री, योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ। (ख) छिन्दवाड़ा जिले को वर्ष 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक जनभागीदारी मद में राशि रूपये 932.41 लाख का आवंटन प्रदाय किया गया। वर्षवार  जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "उन्नीस"

अपूर्ण उत्‍तर की पूर्ण जानकारी

[गृह]

35. ( क्र. 1818 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या यह सही है कि प्रश्‍न क्र. 1160 उत्‍तर दिनांक 24.12.2021 के उत्‍तर में जानकारी एकत्रित किए जाने के संबंध में अवगत कराया गया था? यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त वांछित जानकारी एकत्रित कर ली गई हैं? यदि हाँ, तो संपूर्ण जानकारी उपलब्‍ध कराएं। (ख) यदि नहीं, तो इतना लम्‍बा समय व्‍यतीत हो जाने के बावजूद भी जानकारी उपलब्‍ध नहीं कराने के लिए कौन उत्‍तरदायी हैं और उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जाएगी? यदि हाँ, तो बताएं? (ग) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में डाँ.अमित यादव को मेडिकल कॉलेज दतिया में तत्‍समय सहायक अधिष्‍ठाता के पद पर व्‍यापम का आरोपी होने के बाद भी किस नियम/आधार पर पदस्‍थ किया गया था?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से  (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

डी.एम.एफ. मद से स्‍वीकृत 8 पैकेज गोदामों की जानकारी

[खनिज साधन]

36. ( क्र. 1842 ) श्री विश्वामित्र पाठक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) क्या जिला सिंगरौली में डी.एम.एफ. मद से स्वीकृत 8 पैकेज गोदामों में कुल 23 गोदामों के निर्माण में विभाग द्वारा टेण्डर प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है? (ख) इन गोदामों में कितने संविदाकारों द्वारा टेण्डर प्रक्रिया में भाग लिया गया हैं? उन समस्त संविदाकारों की जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) क्या टेण्डर प्रक्रिया में एक ही संविदाकार को एक ही रेट पर अधिकतम कार्यादेश जारी किये गये? यदि हाँ, तो क्‍या इसकी जांच कराई जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक जाँच कराकर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही की जायेगी? समय-सीमा बतायें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्‍नांश अनुसार इन गोदामों में 22 संविदाकारों द्वारा टेण्‍डर प्रक्रिया में भाग लिया गया। भाग लेने वाले 22 संविदाकारों की सूची  संलग्‍न  परिशिष्‍ट  पर दर्शित है। (ग) निविदा के अनुरूप स्‍वीकृत किये गये हैं। अत: किसी प्रकार की जाँच का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "बीस"

नवगठित जिला मैहर के लिये बजट प्रावधान

[वित्त]

37. ( क्र. 1867 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नवगठित जिला मैहर को व्‍यवस्थित रूप से लोकहित में संचालन के लिये शासकीय कार्यालयों के समुचित संचालन एवं प्रारंभ कराये जाने के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या बजट स्‍वीकृत किया गया हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार यदि हाँ, तो किन-किन विभागों को किन-किन मदों पर         कितनी-कितनी राशि का बजट में प्रावधान किया गया हैं? यदि हाँ, तो माहवार, विभागवार, वर्षवार पृथक-पृथक जानकारी उपलब्‍ध करायी जावेगी। यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण सहित जानकारी दी जावें। क्‍या निकट वित्‍तीय वर्ष में प्रावधान किये जाने की कार्यवाही की जावेगी?

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

विदिशा जिले में स्थित खदानों की नीलामी

[खनिज साधन]

38. ( क्र. 1880 ) श्री सूर्यप्रकाश मीणा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) विदिशा जिले में वर्ष 2025-26 वर्ष में विभागीय स्‍तर पर खनिज विभाग अधीन शासकीय खदानों की नीलामी की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण सहित जानकारी दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के क्रम में यदि खदानों की नीलामी की गई तो उक्‍त खदानों से उत्‍खनन कार्य प्रारंभ नहीं किये जाने के कारण सहित जानकारी दें कि खदानों का संचालन क्‍यों नहीं किया जा रहा? (ग) क्‍या खनिज विभाग अंतर्गत खदानों के संचालन नहीं होने से विकास एवं निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं? यदि हाँ, तो इस संबंध में विभाग कब तक कार्यवाही करेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) विदिशा जिले में वर्ष 2025-26 में विभागीय स्‍तर पर खनिज विभाग अधीन शासकीय खदानों की नीलामी नहीं की गई है क्‍योंकि उक्‍त अवधि प्रारंभ नहीं हुई है। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश (क) अनुसार प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

अवैध शराब का विक्रय

[वाणिज्यिक कर]

39. ( क्र. 1881 ) श्री सूर्यप्रकाश मीणा : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला विदिशा अंतर्गत विगत 2 वर्षों में जिला प्रशासन एवं आबकारी विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से शराब विक्रय की कितनी शिकायतें आमजन/जन प्रतिनिधियों एवं संगठनों से प्राप्त हुई? शिकायतवार, वर्षवार जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के क्रम में अवैध रूप से शराब बिक्री के संबंध में प्राप्त शिकायतों पर कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो कितनी शिकायतों पर कार्यवाही की गई एवं कितनी शिकायतों पर कार्यवाही नहीं की गई के कारण सहित जानकारी दें? साथ ही किस-किस के खिलाफ कार्यवाही की गई, यह जानकारी भी उपलब्ध कराएं। (ग) क्या आबकारी विभाग को अवैध रूप से शराब बिक्री की जानकारी होने के बाद एवं प्राप्त शिकायतों पर सिर्फ खानापूर्ति की कार्यवाही किए जाने से जिले में अवैध शराब बिक्री पर रोक नहीं लग रही? यदि नहीं, तो फिर अवैध रूप से शमशाबाद, नटेरन, विदिशा तहसील सहित जिले भर में अवैध शराब बिक्री किस आधार पर हो रही है एवं विभाग इसकी रोकथाम हेतु कारगर कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जिला विदिशा अंतर्गत विगत 2 वर्षों में जिला प्रशासन एवं आबकारी विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से शराब विक्रय की शिकायतें आमजन/जनप्रतिनिधियों एवं संगठनों से प्राप्त शिकायतवार, वर्षवार जानकारी  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट- एक  अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के क्रम में अवैध रूप से शराब बिक्री के संबंध में प्राप्‍त शिकायतों पर की गयी कार्यवाही की जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-एक  अनुसार है।                (ग) आबकारी विभाग को प्राप्‍त शिकायतों पर विधिनुसार कार्यवाही की जाती है। जिले में अवैध शराब बिक्री से संबंधित जानकारी, मुखबीर, समाचार पत्र एवं इलेक्‍ट्रोनिक मीडिया एवं जनप्रतिनिधि से प्राप्‍त सूचनाओं के आधार पर त्‍वरित रूप से सख्‍ती से मध्‍यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 के तहत कार्यवाही की जाती है। प्राप्‍त सभी शिकायतों पर की गयी कार्यवाही की जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट- दो  अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मड़वास पुलिस चौकी का उन्‍नयन

[गृह]

40. ( क्र. 1938 ) श्री कुँवर सिंह टेकाम : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) क्‍या सीधी जिले के तहसील मड़वास अंतर्गत पुलिस चौकी मड़वास को थाने के रूप में उन्‍नयन किये जाने हेतु तत्‍कालीन माननीय मुख्‍यमंत्री जी के प्रवास के दौरान घोषणा की गई थी? यदि हाँ, तो कब तक उन्‍नयन कर दिया जावेगा? समय-सीमा बतायें। (ख) म.प्र. शासन गृह विभाग के द्वारा पुलिस चौकी से थाने के रूप में उन्‍नयन एवं नई पुलिस चौकी स्‍वीकृत किये जाने हेतु क्‍या मापदण्‍ड निर्धारित हैं? पूर्ण जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ग) सीधी जिले के अंतर्गत खाम्‍हघाटी-चौफाल, टिकरी एवं डोल-बरमबाबा में पुलिस चौकी स्‍थापित किये जाने का प्रस्‍ताव है क्‍या? यदि हाँ, तो कब तक पुलिस चौकी की स्‍थापना कर दी जावेगी? समय-सीमा बतायें। (घ) सिंगरौली जिले अंतर्गत पुलिस चौकी निवास को पुलिस थाना के रूप में उन्‍नयन किये जाने का प्रस्‍ताव हैं? यदि हाँ, तो कब तक थाने के रूप में उन्‍नयन कर दिया जायेगा समय-सीमा बतायें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। दिनांक 17.08.2023 द्वारा पुलिस चौकी मड़वास को थाने में उन्नयन किये जाने की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट  अनुसार। (ग) सीधी जिले के अन्तर्गत खम्हखाटी में पुलिस चौकी तथा टीकरी में पुलिस चौकी की स्थापना का प्रस्ताव निर्धारित मापदण्ड अनुसार नहीं होने से प्रस्ताव अमान्य किया गया है। जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) सिंगरौली में जिले अंतर्गत पुलिस चौकी निवास का पुलिस थाने में उन्नयन किए जाने का प्रस्ताव निर्धारित मापदण्ड अनुरूप नहीं होने से अमान्य किया गया है।

परिशिष्ट - "इक्कीस"

रेत भण्डारण की अनुमति

[खनिज साधन]

41. ( क्र. 2012 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नर्मदापुरम, सीहोर, रायसेन एवं भोपाल जिले में किस ग्राम के कितने खसरा नम्बर के, कितने रकबे, पर किस-किस व्यक्ति/संस्था को, वर्तमान में कितनी रेत के भण्डारण की अनुमति, किस दिनांक को दी गई है? (ख) 30 जनवरी 2025 को किस रेत भण्डारण स्थल पर कितनी रेत के भण्डारण की सूचना जिला खनिज विभाग को दी गई, रेत भण्डारण स्थल पर भण्डारित कितनी रेत का, किस-किस खदान से पिटपास जारी किया है? (ग) मध्यप्रदेश राज्य खनिज विकास निगम भोपाल के ऑनलाइन पोर्टल पर दिनांक 30 जनवरी 2025 को कितनी रेत का स्टाक होना दर्शाया गया है? मात्रा की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (घ) रेत भण्डारण स्थल पर किस खनिज निरीक्षक या खनिज अधिकारी ने, किस दिनांक को स्थल निरीक्षण कर, कितनी रेत का भण्डारण होना पाया है? रेत भण्डारण के भौतिक सत्यापन का पंचनामा किसके समक्ष, किस दिनांक को प्रस्तुत किया गया?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्‍ट-  पर दर्शित है।  (ख) जिला सीहोर, नर्मदापुरम एवं रायसेन में स्वीकृत रेत  भण्डारणों में किस रेत खदान से पिट पास जारी होकर रेत भण्डारित हुई है, जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे   परिशिष्‍ट-  पर दर्शित है। जिला भोपाल में रेत खनिज की भण्डारण अनुज्ञप्ति स्वीकृत नहीं हैं। (ग) दिनाँक 03/01/2025 को जिला रायसेन, सीहोर एवं नर्मदापुरम में स्वीकृत रेत भण्डारणों में उपलब्ध रेत मात्रा की जानकारी पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट-  पर दर्शित है। वर्तमान में जिला भोपाल में रेत खनिज हेतु कोई भण्डारण अनुज्ञप्ति स्वीकृत नहीं है। (घ) जिला नर्मदापुरम से प्राप्त जानकारी अनुसार खनि निरीक्षक नर्मदापुरम के साथ राजस्व विभाग की संयुक्त जांच  दिनाँक 04/10/2024 को ग्राम कुलामडी तहसील नर्मदापुरम के सर्वे क्रमांक 261/2 रकबा 1.214 हेक्टेयर क्षेत्र पर एम.डी.ओ. मेसर्स वेलासिटी माइनिंग वर्क्स को स्वीकृत भण्डारण अनुज्ञप्ति पर रेत की मात्रा निरंक पाई गई। दिनाँक 04/10/2024 को ग्राम रेसलपुर तहसील इटारसी के सर्वे क्रमांक 1057/2/2 रकबा 1.546 हेक्टेयर क्षेत्र पर एम.डी.ओ. मेसर्स सिल्वर मिस्ट रिटेल प्रायवेट लिमिटेड को स्वीकृत भण्डारण अनुज्ञप्ति पर रेत की मात्रा 593.04 घनमीटर पाई गई। उक्त सत्यापन का पंचनामा कार्यालय कलेक्टर (खनि शाखा) नर्मदापुरम में दिनाँक 08/10/2024 को प्रस्तुत किया गया। जिला सीहोर  में ग्राम श्यामुगांव तहसील रेहटी के खसरा क्र 1421/2/क/1 रकबा 1.214 हेक्टेयर क्षेत्र पर रेत खनिज व्यापार हेतु स्वीकृत भंडारण अनुज्ञप्ति का दिनाँक 13/10/2024 को भौतिक परीक्षण किया गया। भौतिक परीक्षण उपरांत स्थल पर रेत का 890 घनमीटर स्टॉक भंडारित पाया गया। रायसेन जिले में दिनाँक 14/07/2024 को 04 स्वीकृत रेत भंडारण स्थलों का निरीक्षण खनिज विभाग के अमले एवं ड्रोन सर्वेयर द्वारा किया गया। भौतिक सत्यापन में 04 स्वीकृत रेत भण्डारणों में से 01 खनिज भण्डारण अनुज्ञप्ति पर ही रेत का भंडारण होना पाया गया। प्रतिवेदन की प्रति पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट- पर दर्शित है। भोपाल जिले में खनिज भण्डारण अनुज्ञप्ति स्वीकृत न होने के कारण उत्‍तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में निरीक्षण नहीं किया गया।

माननीय मुख्‍यमंत्री की घोषणाएं

[सामान्य प्रशासन]

42. ( क्र. 2013 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा जनवरी 2023 से प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में भोपाल जिले में किस-किस प्रकार की घोषणायें की गई? प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में कौन-कौन सी घोषणायें पूर्ण हो चुकी है? कौन-कौन सी घोषणायें प्रचलन में है तथा कौन-कौन सी घोषणायें लंबित है? लंबित रहने के क्‍या कारण है कब तक पूरी होगी? बतावें। (ख) क्‍या यह भी सही है कि माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा सिंधी विस्‍थापित परिवारों को भोपाल शहर में विशेषकर संत नगर, गांधी नगर, इसरानी मार्केट आदि में पट्टे दिये जाने की घोषणा की गई थी? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक की स्थिति क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। विभागों में निहित नियमों/प्रावधानों के अंतर्गत घोषणाओं का क्रियान्‍वयन एक सतत् प्रक्रिया है। अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

बसनिया जलाशय की जलभराव क्षमता

[नर्मदा घाटी विकास]

43. ( क्र. 2029 ) श्री चैन सिंह वरकड़े : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) स्‍वीकृत बसनिया जलाशय की जलभराव क्षमता कितनी होगी? (ख) कुल उपलब्ध जल को किन-किन कार्यों में कितना-कितना आवंटित किया जायेगा? (ग) स्‍वीकृत जलाशय से कुल कितनी कृषि भूमि में सिंचाई होगी? (घ) स्‍वीकृत जलाशय से कहां-कहां कितनी सिंचाई होगी? रकबा सहित उपलब्‍ध करावें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) 1430 मिलियन घन मीटर। (ख) 42 ग्रामों की 8780 हेक्‍टेयर भूमि में सिंचाई हेतु 29.88 एम.सी.एम. जल पेयजल हेतु 143 एम.सी.एम. जल का उपयोग किया जावेगा। शेष जल से 100 मेगावाट विद्युत उत्‍पादन एवं बरगी जलाशय के पोषक (फीडर) के रूप में उपयोग किया जावेगा। (ग) 8780 हेक्‍टेयर में। (घ) डिण्‍डोरी जिले के 6 ग्रामों में कुल 1115 हेक्‍टेयर एवं मण्‍डला जिले के 36 ग्रामों में कुल 7665 हेक्‍टेयर भूमि को सिंचित किया जाना लक्षित है।

भ्रष्टाचार की जांच

[खनिज साधन]

44. ( क्र. 2039 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह हनी बघेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खनिज विभाग के वर्तमान सेवानिवृत्त अधिकारी श्री संजय लुणावत जिला श्योपुर द्वारा खनिज विभाग के तहत राजस्व निरीक्षक के पद का पदभार एवं उसके उपरांत खनिज विभाग के ही किस आदेश के तहत राजस्व निरीक्षक के पद से त्यागपत्र देकर खनिज निरीक्षक के पद पर कार्यभार ग्रहण किया गया था? विभाग द्वारा जारी सभी नियुक्ति आदेशों व इनके द्वारा दिए गए त्यागपत्र व दोनों पदों पर कार्य भार ग्रहण करने के दस्तावेज उपलब्ध करायें यदि इनके द्वारा खनिज निरीक्षक का कार्यभार ग्रहण नहीं किया गया तो सेवानिवृत्त होने तक विभाग के अधिकारी के रूप में किया गया कार्य वैध है या अवैध था? (ख) क्या राजस्व निरीक्षक के पद पर नियुक्ति दिए जाने के दौरान जारी नियुक्ति आदेश दिनांक 22.07.1991 में विभाग के पास खनिज निरीक्षक का पद रिक्त नहीं होने का लेख किया गया था? यदि हाँ, तो फिर नियुक्ति के तुरंत बाद विभाग में खनिज निरीक्षक का पद कैसे रिक्त हुआ? राजस्व निरीक्षक के पद पर शासकीय सेवा में नियुक्ति दिए जाने उपरांत परिवीक्षा काल में श्री लुणावत का पद क्यों और किस आधार पर परिवर्तित किया गया? (ग) क्या विभाग के पास श्री लुणावत के उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित होने के संबंध में जारी प्रमाण पत्र एवं खनिज निरीक्षक के पद पर नियुक्ति हेतु की गई सिफारिशों से संबंधित पत्र उपलब्ध है? यदि हाँ, तो उपलब्ध कराएं। यदि नहीं, है तो क्या श्री लुणावत द्वारा शासकीय सेवा को फर्जी तरीके से लिया गया है? (घ) क्या श्री लुणावत राजस्व निरीक्षक का खनिज निरीक्षक के पद पर असंवैधानिक नियुक्ति के संबंध में जांच किए जाने हेतु श्री नूर खान निवासी भोपाल एवं श्री ऐलन वेलैस, आर.टी.आई. कार्यकर्ता भोपाल द्वारा वर्ष 2018 और 2019 में की गई शिकायतों की जांच समस्त संबंधित विभागों द्वारा आज तक क्यों नहीं की गई? (यदि जांच की गई है तो जांच रिपोर्ट संपूर्ण दस्तावेज के साथ उपलब्ध कराएं)। (ड.) यदि विभाग के पास श्री लुणावत के खनिज निरीक्षक के पद पर नियुक्ति का आधार उपलब्ध नहीं है और श्री लुणावत की खनिज निरीक्षक के पद पर नियुक्ति गलत रही है तो क्या शासन द्वारा श्री सन पर फर्जीवाड़े के लिए आईपीसी 420 का प्रकरण अब तक क्यों दर्ज नहीं कराया गया एवं खनिज विभाग के साथ-साथ लोकायुक्त एवं ई.ओ.डब्ल्यू में की गई शिकायतों की जांच को दबाकर श्री लुणावत की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति क्यों प्रदान की गई? क्या फर्जी तरीके से नियुक्ति लेकर नौकरी करने के कारण श्री लुणावत की सेवाकाल के दौरान शासन द्वारा दी गई संपूर्ण राशि वसूल की जाएगी और सेवानिवृत्ति पश्‍चात दिए जाने वाले संपूर्ण लाभ जैसे पेंशन आदि पर तत्काल रोक लगाई जाएगी या नहीं? इनके विरुद्ध कब तक कार्यवाही होगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रश्‍नाधीन अधिकारी का राजस्व निरीक्षक के पद पर नियुक्ति आदेश दिनांक 22-07-1991 पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट अ-1, राजस्व निरीक्षक के पद का पदभार ग्रहण का प्रतिवेदन दिनांक 05-8-1991 पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट अ-2, खनि निरीक्षक के पद पर नियुक्ति आदेश दिनांक 05-9-1991 पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट अ-3, परिवीक्षा समाप्त किये जाने का आदेश दिनांक 08-03-1996 पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अ-4  पर दर्शित है। पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट अ-5  में दर्शित सेवापुस्तिका की प्रति में राजस्व निरीक्षक के पद से त्याग पत्र देकर खनि निरीक्षक के पद पर कार्य ग्रहण करने की प्रविष्टि नहीं है। विभाग द्वारा आदेश दिनांक 08-3-1996 द्वारा इनकी परिवीक्षा समाप्त कर खनि निरीक्षक के पद पर नियमित किया गया है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। जानकारी नस्ती में उपलब्ध नहीं है। पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट अ-3 में स्थिति स्पष्ट की गई है। (ग) जी नहीं। प्रश्‍नांश (क) में स्थिति स्‍पष्‍ट की गई है। (घ) प्रश्‍न में उल्लेखित शिकायतें प्रश्‍नाधीन कर्मचारी के नियुक्ति से संबंधित थी। प्राप्त शिकायतों की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ब-1 एवं ब-2  पर है। पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट ब-पर दर्शित शिकायत आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ से तथ्यात्मक प्रतिवेदन प्रेषित करने हेतु प्राप्त हुआ था। तथ्यात्मक प्रतिवेदन आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ को 14-1-2020 को पृष्ठांकित किया गया है। जिसकी प्रति  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट ब-3 पर है। (ड.) प्रश्‍नांश (क) में दिये उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

पदोन्नति की आयु सीमा का निर्धारण

[महिला एवं बाल विकास]

45. ( क्र. 2066 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या प्रदेश की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की पदोन्नति की आयु सीमा उनकी सेवानिवृति की उम्र 62 वर्ष से कम निर्धारित की गई हैं? यदि हाँ, तो इनकी पदोन्नति के लिए कितनी उम्र का क्या प्रावधान हैं? (ख) क्या प्रदेश के सभी वर्ग की पदोन्नति के लिए उम्र 62वर्ष से कम निर्धारित हैं? यदि नहीं, तो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के लिए पदोन्नति में आयु सीमा का भेदभाव समाप्त किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्यों?              (ग) क्या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा घटाई गई हैं? यदि हाँ, तो पूर्व की अधिकतम आयु सीमा और वर्तमान आयु सीमा बताएं। आयु सीमा घटाने से पात्र जरूरतमंद महिलाओं की आयु सीमा पूर्ववत करने का निर्णय कब तक लिया जावेगा और यदि नहीं, तो इसका क्या कारण है?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी हाँ, प्रदेश में निर्धारित पात्रता अनुसार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सीमित सीधी भर्ती परीक्षा के माध्‍यम से पर्यवेक्षक बनाये जाने का प्रावधान है, जिसमें पर्यवेक्षक के पद हेतु राज्‍य शासन द्वारा निर्धारित अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष है। निर्धारित पात्रताधारी आंगनवाड़ी सहायिकाओं को आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद पर पदोन्‍नत किये जाने हेतु वर्तमान में प्रचलित अधिकतम आयुसीमा 45 वर्ष है। (ख) जी नहीं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को समिति भर्ती परीक्षा के आधार से पर्यवेक्षक बनाये जाने का प्रावधान है जिसके नियम राज्‍य शासन द्वारा बनाये गये है एवं सहायिका को कार्यकर्ता पद पर पदोन्‍नत करने हेतु निर्देश भारत सरकार द्वारा जारी किये गये है। आंगनवाड़ी सहायिका के आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद पर पदोन्‍नत किये जाने हेतु भारत सरकार द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद हेतु निर्धारित योग्‍यता एवं आयु सीमा का प्रावधान निर्धारित है। वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्‍ताव नहीं है (ग) जी हॉं, भारत सरकार द्वारा सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 अंतर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की भर्ती हेतु निर्धारित आयुसीमा 18 से 35 वर्ष निर्धारित की है। पूर्व में यह आयुसीमा 18 से 45 वर्ष थी। भारत सरकार द्वारा आयुसीमा में परिवर्तन किये जाने से राज्‍य स्‍तर से कार्यवाही किया जाना संभव नहीं है। अत: शेष का प्रश्‍न नहीं।

शासकीय नियमों की अवहेलना

[खनिज साधन]

46. ( क्र. 2128 ) श्री सतीश मालवीय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) क्या जीएचवी इंडिया प्रा. लि. कंपनी के तीन डंपरों को अवैध उत्खनन करते पाये जाने पर उन्‍हें जिला खनिज अधिकारी उज्जैन द्वारा दिनांक 20/12/2024 को जब्त किया गया था? उक्त डंपरों को किसके आदेश से छोड़ा गया था? (ख) क्या उक्त डंपरों को छोड़ने के लिए उक्त खनिज अधिकारी सक्षम थे? यदि हाँ, तो जानकारी उपलब्ध करावें और यदि नहीं, थे तो, उक्त डंपरों को कैसे छोड़ा गया? क्या उक्त डंपरों को छोड़ने की कार्यवाही में शासकीय नियमों कि अनदेखी और मनमानी की गयी? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में बिना सक्षम अधिकारी कि अनुमति पर छोड़े गए डंपरों के लिए दोषी खनिज अधिकारी पर क्या कार्यवाही कि जावेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। जीएचवी इंडिया प्रा.लि. कंपनी के तीन डंपरों को अवैध उत्‍खनन में स‍ंलिप्‍त पाये जाने पर सहायक खनि अधिकारी उज्‍जैन द्वारा दिनांक 20/12/2024 को जब्‍त किया गया था तथा जिनके विरूद्ध मध्‍यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भण्‍डारण का निवारण) नियम 2022 के नियम 18 के तह्त कार्यवाही हेतु न्‍यायालय अपर कलेक्‍टर उज्‍जैन के समक्ष प्रकरण क्रमांक 0094/अ-67/2024-25 दर्ज किया गया। अनावेदक द्वारा प्रकरण में प्रशमन हेतु प्रस्‍तुत आवेदन दिनांक 30.12.2024 के स्‍वीकार होने पर न्‍यायालय अपर कलेक्‍टर उज्‍जैन के आदेश दिनांक 03/01/2025 से अर्थदण्‍ड की राशि 15,71,520/- CRN क्रमांक MPT085308012025000148 तथा प्रशमन आवेदन शुल्‍क 1000/- चालान क्रमांक CRN क्रमांक MPT085330122024000062 कुल राशि रूपये 15,72,520/- जमा कराये जाने के पश्‍चात पत्र क्रमांक 55/खनिज/2024-25 दिनांक 14.01.2025 से उक्‍त डंपरों को छोड़ा गया। (ख) अधिसूचित मध्‍यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भण्‍डारण का निवारण) नियम 2022 के नियम 18 (4) में कुल अधिरोपित शास्ति को जमा करने पर जब्‍त वाहन, मशीन, औजार आदि मुक्‍त किये जाने के प्रावधान है। प्रश्‍नाधीन प्रकरण में सक्षम न्‍यायालय अपर कलेक्‍टर उज्‍जैन के आदेश पर नियम 18 (4) की पूर्ति उपरांत वाहनों को छोड़ा गया है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

जी.एच.वी. इंडिया प्रा.लि. कंपनी द्वारा अवैध उत्खनन

[खनिज साधन]

47. ( क्र. 2129 ) श्री सतीश मालवीय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) जी.एच.वी. इंडिया प्रा.लि. कंपनी द्वारा उज्जैन गरोठ हाइवे निर्माण के दौरान घट्टीया विधानसभा क्षेत्र के किन-किन स्थानों से उत्खनन हेतु खनिज विभाग से अनुमतियाँ कितने खनन हेतु जारी की गयी? स्थानवार, जारी की गयी अनुमतियों की प्रतिलिपि सहित संपूर्ण जानकारी देवें। (ख) कहाँ-कहाँ कितनी मात्रा में उक्त कंपनी द्वारा अनुमति से अधिक मात्रा में अवैध उत्खनन किया गया है? कितने प्रकरण विभाग द्वारा बनाकर प्रस्तुत किए गए है? प्रकरणवार संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) घट्टीया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ढाबला गौरी के शासकीय भूमि सर्वे नंबर 1/1 रकबा 11.57 हेक्टेयर जोकि राजस्व रिकार्ड में जनपद पंचायत घट्टीया के नाम से दर्ज़ है। उक्त सर्वे नंबर पर जी.एच.वी. इंडिया प्रा. लि. कंपनी अवैध उत्खनन किसकी अनुमति से किया गया? क्या इस संबंध में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा अवैध उत्खनन की सूचना खनिज विभाग उज्जैन को दी गयी थी? यदि हाँ, तो, उक्त सूचना पर विभाग द्वारा अभी तक क्या कार्यवाही की गयी? प्रतिवेदन सहित संपूर्ण जानकारी देवें। (घ) विभाग अवैध उत्खनन करने वाली कंपनी और इस कृत्य में संलिप्त अधिकारियों के विरुद्ध जांच प्रस्तावित कर क्या अनुशासनात्मक कार्यवाही करेगा और कंपनी के विरुद्ध जुर्माना वसूलने की कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक करेगा?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ  पर दर्शित है।          (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब  पर दर्शित है। (ग) प्रश्‍नागत शासकीय भूमि में अवैध उत्‍खनन की सूचना जनपद पंचायत के मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी द्वारा पत्र दिनांक 03/01/2025 से खनिज विभाग को दी गई थी एवं सूचना प्राप्‍त होने पर सहायक खनि अधिकारी उज्‍जैन द्वारा बिना अनुमति के अवैध उत्‍खनन की गई खनिज मुरम की मात्रा 1584 घनमीटर आंकलित कर राशि रूपये 2377000/- अर्थदण्‍ड प्रस्‍तावित किया जाकर प्रकरण न्‍यायालय अपर कलेक्‍टर उज्‍जैन में प्रक्रियाधीन है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स  पर दर्शित है। (घ) अवैध उत्‍खनन पर नियमानुसार प्रकरण दर्ज कर अर्थदण्‍ड अधिरोपित किये जाने प्रस्‍तावित किया गया है। जो कि, सक्षम न्‍यायालय अपर कलेक्‍टर उज्‍जैन के समक्ष विचाराधीन है। नियमानुसार कार्यवाही की गई है, अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

बीयर का अवैधानिक निर्यात

[वाणिज्यिक कर]

48. ( क्र. 2233 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सितम्बर 2024 में 54090 पेटी बीयर (49 लाख 5 हजार 759 बल्क लीटर) किसकी सक्षम अनुमति से और किस नियमानुसार छत्तीसगढ़ राज्य के बिलासपुर और रायपुर से लाई गईं प्रति सहित बतावें। किस सक्षम अधिकारी की अनुमति, किस विधि के प्रावधान अनुसार सोम डिस्टलरीज एंड ब्रेवरीज लि. में प्रवेश करवा कर रखी गईं? क्या अवैधानिक रूप से लाई गईं? कौन-कौन दोषी है? क्या कार्यवाही की गई? निर्यात की गई बीयर वापस लाने का प्रावधान है? यदि नहीं, तो तस्करी का प्रकरण दर्ज क्यों नहीं करवाया? क्या अन्य राज्य के अधिकारी मध्यप्रदेश के आबकारी विभाग की बिना सक्षम अनुमति के एक्सपायर बीयर/अविक्रित बीयर वापस भेज सकते हैं? यदि नहीं, तो इस पर कार्यवाही के लिए छत्तीसगढ़ के अधिकारियों पर कठोर कार्यवाही के लिए पत्र लिखकर अनुशंसा क्यों नहीं की? (ख) बिना सक्षम अनुमति के अवैधानिक रूप से लाई गई बीयर को अवैधानिक तरीके से डिस्टलरी में प्रवेश करवाने पर डिस्टलरीज प्रभारी और डिस्टलरीज के मालिकों/जिम्मेदारों पर क्या कार्यवाही की, प्रति सहित विवरण देवें। इस मामले में किस व्यक्ति की शिकायतें प्राप्त हुई हैं, शिकायत पर बनाए/प्राप्त प्रतिवेदनों की प्रतियां देवें। (ग) इस संबंध में किन कार्यालयों से कार्यवाही करने और प्रतिवेदन भेजे जाने के लिए पत्र प्राप्त हुए हैं? प्रति सहित विवरण देवें।

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) मेसर्स सोम डिस्‍टलरीज एण्‍ड ब्रेवरीज लिमिटेड, रोजराचक जिला रायसेन से 54090 पेटी (4 लाख 95 हजार 759 बल्‍क लीटर ) बीयर छत्‍तीसगढ़ स्‍टेट ब्रेवरेजेस कार्पोरेशन लिमिटेड (छत्‍तीसगढ़ शासन का उपक्रम) बिलासपुर और रायपुर को निर्यात की गई थी। उक्‍त बीयर अविक्रित एवं एक्‍सपायरी हो जाने के कारण आबकारी आयुक्‍त, छत्‍तीसगढ़ की स्‍वीकृति के पश्‍चात छत्‍तीसगढ़ स्‍टेट ब्रेवरेजेस कार्पोरेशन लिमिटेड (छत्‍तीसगढ़ शासन का उपक्रम) बिलासपुर और रायपुर द्वारा मूल इकाई को वापस प्रेषित की गयी थी। आदेश की छायाप्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-एक  अनुसार है। यह बीयर अविक्रीत होने के कारण आबकारी आयुक्‍त, छत्‍तीसगढ़ के आदेश के परिपालन में मूल इकाई को वापस प्रेषित की गयी थी। अविक्रित मदिरा/बीयर को मूल इकाई में वापस किये जाने का प्रावधान आबकारी आयुक्‍त, मध्‍यप्रदेश ग्‍वालियर के स्‍थाई परिपत्र क्रमांक आसवनी/2017-18/35 ग्‍वालियर दिनांक 18.07.2017 की कंडिका क्रमांक 5 में प्रावधानित किया गया है। स्‍थाई परिपत्र की छायाप्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-दो  अनुसार है। चूंकि छत्‍तीसगढ़ स्‍टेट ब्रेवरेजेस कार्पोरेशन लिमिटेड छत्‍तीसगढ़ शासन का उपक्रम है, जो शासकीय तौर पर आबकारी विभाग छत्‍तीसगढ़ द्वारा संचालित किया जाता है। अत: किसी शासकीय उपक्रम द्वारा अविक्रित एवं एक्‍सपायरी होने के पश्‍चात बीयर का वापस प्रेषित किया जाना अवैधानिक न होकर तस्‍करी की श्रेणी में नहीं आता है। अविक्रित एवं एक्‍सपायरी मदिरा/बीयर का स्‍कंध मूल इकाई को वापस प्रेषित किया जाता है। जैसा कि स्‍थाई परिपत्र क्रमांक आसवनी/2017-18/35 ग्‍वालियर दिनांक 18.07.2017 एवं पृष्‍ठांकन क्रमांक/2017-18/3693 दिनांक 18.07.2017 की कंडिका क्रमांक 5 में प्रावधानित है। (ख) आबकारी आयुक्‍त, छत्‍तीसगढ़ के आदेश के पालन में उपायुक्‍त आबकारी, रायपुर एवं सहायक आबकारी आयुक्‍त, जिला बिलासपुर (छत्‍तीसगढ़) द्वारा परिवहन पारपत्र आदेश जारी कर अविक्रित बीयर मूल इकाई मेसर्स सोम डिस्‍टलरीज एण्‍ड ब्रेवरीज लिमिटेड, रोजराचक जिला रायसेन को प्रेषित की गयी। जारी किये गये परिवहन पारपत्र पर प्रभारी अधिकारी मेसर्स सोम डिस्‍टलरीज एण्‍ड ब्रेवरीज लिमिटेड, रोजराचक जिला रायसेन को आदेशित किया गया कि प्राप्‍त उक्‍त मदिरा को अपने इकाई में आमद लेकर निर्देशानुसार आवश्‍यक कार्यवाही किया जाना सुनिश्‍िचत करें। उक्‍त अनुमति के पालन में समस्‍त अभिलेखों सहित बी-3 के गोदाम क्रमांक 21 में पृथक से सुरक्षित रखी गयी। इस संबंध में              श्री राजेन्‍द्र के. गुप्‍ता 90 एन.जे.टॉवर पंडरीनाथ चौराहा, इंदौर से शिकायत प्राप्‍त हुई है। जिस पर सहायक आबकारी आयुक्‍त, जिला रायसेन द्वारा पत्र क्रमांक-107 दिनांक 24.01.2025 से प्रतिवेदन प्रस्‍तुत किया गया है। जिसकी छायाप्रति पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-तीन  अनुसार है। (ग) इस संबंध में कार्यवाही करने एवं प्रतिवेदन भेजने हेतु किसी कार्यालय से पत्र प्राप्‍त नहीं होने से जानकारी निरंक है।

विधायक/संसद सदस्यों के द्वारा लिखे गए पत्रों पर कार्यवाही

[सामान्य प्रशासन]

49. ( क्र. 2238 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा समय-समय पर माननीय विधायकों/सांसदों के द्वारा लिखे गए पत्रों पर शीघ्र कार्यवाही करने तथा कृत कार्यवाही से माननीय विधायकों/सांसदों को अवगत कराने के संबंध में आदेश जारी किये गए हैं? यदि हाँ, तो ऐसे समस्त आदेशों की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) क्या कारण है कि जनहित से संबंधित विषयों पर कार्यवाही करने के लिए लिखे गए पत्रों में जिला प्रशासन के द्वारा उदासीनता बरती जा रही है? विगत 01 वर्ष के दौरान प्रश्‍नकर्ता द्वारा लिखे गए पत्रों पर क्या कार्यवाही की गई है? कृपया पत्रवार विवरण उपलब्ध करावे। (ग) प्रश्‍नकर्ता द्वारा कलेक्टर एवं जिला पंचायत कार्यालय रीवा को लिखे गए क्रमशः पत्र क्रमांक 30 दिनांक 17/01/2024, पत्र क्रमांक 22 दिनांक 10/01/2024 तथा लोक निर्माण विभाग रीवा को लिखे गए पत्र क्रमांक 21 दिनांक 10/01/2024 में अभी तक कोई कार्यवाही न किये जाने का क्या कारण है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। निर्देशों की प्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

सागर में आई.टी. पार्क का निर्माण

[विज्ञान और प्रौद्योगिकी]

50. ( क्र. 2252 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि       (क) क्या सागर में आई.टी. पार्क निर्माण हेतु वर्ष 2017 में तत्कालीन विभागीय मंत्री की घोषणानुसार ग्राम सिदगुवां में भूमि का आरक्षण कर विस्तृत परियोजना तैयार कर स्वीकृति हेतु भेजी गयी थी? अब तक क्या कार्यवाही की गई एवं इस परियोजना हेतु कितना बजट प्रावधानित है? (ख) क्या यह भी सही है कि प्रश्‍नांश (क) वर्णित सागर में आई.टी. पार्क निर्माण परियोजना की शासन द्वारा अभी तक स्वीकृति प्रदान नहीं हो पाई है? यदि हाँ, तो इसका क्या कारण है? (ग) क्या शासन संभागीय मुख्यालय सागर के शिक्षित एवं बेरोजगार युवाओं के भविष्य को दृष्टिगत रखते हुए आई.टी. पार्क निर्माण हेतु स्वीकृति प्रदान करेगा तथा कब तक?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : जी हाँ। सागर में आई.टी. पार्क स्‍थापित किये जाने संबंधी प्रस्‍ताव पर स्‍वीकृति प्रदान नहीं की गई बल्कि मध्‍यप्रदेश राज्‍य इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स विकास निगम के पत्र दिनांक 03.03.2022 द्वारा ग्राम सिदगुवां, जिला सागर के खसरा नम्‍बर, 752 में आई.टी.पार्क के लिए आवंटित 4 हेक्‍टेयर भूमि का सीमांकन करने, आई.टी.पार्क विकसित करने की योजना हेतु भूमि का निरीक्षण एवं अन्‍य कार्यवाही तथा जिले में आई.टी.कंपनियों की आई.टी.पार्क में भूखण्‍ड लेने हेतु रूचि एवं भविष्‍य की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्‍टर का अभिमत चाहा गया। कलेक्‍टर सागर से कोई जानकारी प्राप्‍त नहीं हुई है। संकल्‍प पत्र 2024 के परिप्रेक्ष्‍य में प्रत्‍येक संभाग स्‍तर पर आई.टी. पार्कों की स्‍थापना के अंतर्गत मध्‍यप्रदेश राज्‍य इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स विकास निगम के प्रस्‍ताव पर सागर में आई.टी. पार्क की स्‍थापना के लिए सागर नगर क्षेत्र की 10 किलोमीटर की परिधि में आवश्‍यक लगभग 75 एकड़ भूमि आवंटन करने हेतु विभाग द्वारा दिनांक 11.01.2024 को कलेक्‍टर, सागर से अनुरोध किया गया है। दिनांक 20.05.2024 एवं 20.11.2024 द्वारा कलेक्‍टर, सागर को स्‍मरण पत्र भी भेजा गया है। कलेक्‍टर द्वारा भूमि का आवंटन अभी नहीं किया गया है। वर्तमान में सागर आई.टी.पार्क के लिए कोई राशि प्रावधानित नहीं है। (ख) परियोजना के लिए आवश्‍यक 75 एकड़ भूमि विभाग को आवंटित होने पर कार्ययोजना तैयार कर आगामी कार्यवाही की जायेगी। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्‍तरांश (क) एवं (ख) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

सागर जिला अंतर्गत उद्योगों की स्थापना

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

51. ( क्र. 2253 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि          (क) क्या मध्यप्रदेश शासन के माननीय मुख्यमंत्री जी के मुख्य आतिथ्य में विभागीय अधिकारियों द्वारा जिला सागर में 27 दिसम्बर 2024 को रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया था, जिसमें विभिन्न उद्योगपतियों/व्यवसायिक संगठनों द्वारा निवेश की सहमति प्रदान की गई थी?             (ख) यदि हाँ, तो सागर जिला अंतर्गत कौन-कौन से उद्योगों की स्थापना हेतु कितनी-कितनी राशि निवेश किये जाने की सहमति प्रदान की गई थी और कब तक इन उद्योगों की स्थापना हो जायेगी? (ग) क्या सागर जिला अंतर्गत स्थापित किये जाने वाले उद्योगों में स्थानीय लोगों को ही रोजगार दिया जायेगा अथवा कितने स्थानीय लोगों को रोजगार सृजन का अवसर मिलेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी नहीं, अपितु मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा रीजनल इण्‍डस्‍ट्री कॉनक्‍लेव सागर का आयोजन दिनांक 27 सितम्‍बर 2024 को किया गया था, जिसमें विभिन्न उद्योगपतियों/व्यवसायिक संगठनों द्वारा निवेश की सहमति प्रदान की गई थी। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्राप्‍त निवेश प्रस्‍तावों की राशि सहित जानकारी एवं अद्यतन स्थिति  संलग्‍न  परिशिष्‍ट  अनुसार है। (ग) औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्‍साहन विभाग द्वारा निवेशकों को उद्योग लगाने हेतु प्रोत्‍साहित करने एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के दृष्टिगत नवीन उद्योग संवर्धन नी‍ति 2025 लागू की गई, जो सागर जिले में ही नहीं अपितु सम्‍पूर्ण प्रदेश में समान रूप से प्रभावशील है। उक्‍त नीति अंतर्गत पात्र विनिर्माण औद्योगिक इकाइयों को वित्‍तीय एवं अन्‍य सुविधा/सहायता का लाभ प्राप्‍त करने हेतु कुल रोजगार का 70 प्रतिशत रोजगार मध्‍यप्रदेश के मूल निवासियों को प्रदाय किया जाना अनिवार्य किया गया है।

परिशिष्ट - "बाईस"

ग्‍वालियर चंबल संभाग में दर्ज प्रकरण

[गृह]

52. ( क्र. 2318 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 2016 के अन्तर्गत दिनांक 01.01.2023 से 31.01.2025 तक ग्वालियर-चंबल संभाग में कितने प्रकरण दर्ज हुये है तथा कितने प्रकरणों में चालान लंबित है, इनकी सूची संलग्न करें। (ख) क्‍या विगत विधानसभा सत्र के तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 1720 के उत्तर में दतिया, श्योपुर में उल्लेख किया है कि शीघ्र चालान पेश कराये जायेंगे, भिण्ड, मुरैना में अधिकतर प्रकरणों में आरोपी उपस्थित नहीं हो रहे है, शिवपुरी में उल्लेख किया है कि माननीय न्यायाधीश अवकाश पर है। (ग) यदि हाँ, तो तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 1720 के उत्तर के बाद प्रश्‍न दिनांक तक कितने लंबित प्रकरणों में चालान पेश किये गये है, सूची उपलब्ध कराई जाये। (घ) लंबित प्रकरणों में अधिकतर उत्तर में लिखा जाता है, कि आरोपी उपस्थित नहीं हो रहे है? इनको कौन उपस्थित करायेगा? यदि आरोपी उपस्थित नहीं होते है तो क्या चालान पेश किया जा सकता है? नियम सहित बतायें। लंबित चालान कब तक प्रस्तुत किये जायेंगे?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 2016 के अन्तर्गत दिनांक 01.01.2023 से 31.01.2025 तक ग्वालियर संभाग के जिलों में कुल 3158 प्रकरण पंजीबद्ध किये गये, इनमें से 2595 प्रकरणों में चालान न्यायालय प्रस्तुत कर दिये 299 प्रकरण विवेचना में लम्बित है एवं 264 प्रकरण में चालान लम्बित हैं। लम्बित चालान की सूची  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट "अ" अनुसार है। इसी प्रकार चम्बल संभाग के जिलों में कुल 1647 प्रकरण पंजीबद्ध किये गये, इनमें से 1290 प्रकरणों में चालान न्यायालय प्रस्तुत कर दिये 189 प्रकरण विवचेना में लम्बित है एवं 168 प्रकरण में चालान लम्बित है। लम्बित चालान की सूची  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट "ब" अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) विगत विधान सभा सत्र का तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 1720 में दिये गये उत्तर में लम्बित चालान की संख्या 234 थी। प्रश्‍न दिनांक 25.02.2025 तक इन लम्बित चालानों में से 149 चालान न्यायालय प्रस्तुत कर दिये है, शेष लम्बित चालान की संख्या 85 है। प्रस्तुत चालान की सूची  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट "स" अनुसार है एवं लम्बित चालान की सूची  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट "द" अनुसार है। (घ) जी हाँ। यदि माननीय न्यायालय आरोपी की अनुपस्थिति में चालान स्वीकार करते है तो धारा 335 बीएनएसएस (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) के तहत चालान न्यायालय प्रस्तुत किया जा सकता है। लम्बित चालान शीघ्रता शीघ्र प्रस्तुत किये जायेंगे।

पुलिस द्वारा रासुका के गलत प्रकरण

[गृह]

53. ( क्र. 2320 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) गजराजसिंह उर्फ सोनू गंगवाल पुलिस थाना नानाखेड़ा जिला-उज्‍जैन के विरूद्ध क्‍या दिनांक 01/10/2017 को एवं दिनांक 21/07/2020 को रासुका लगाई गई हैं यदि हाँ, तो दोनों आदेशों के संपूर्ण दस्‍तावेजों की कॉपी उपलब्‍ध करवाई जावे। (ख) एक अपराध के लिये दो बार रासुका लगाना संविधान के अनुच्‍छेद 20 (2), 21 एवं 17 का उल्‍लंघन है। यदि हाँ, तो क्‍या दिनांक 21/07/2020 को लगाई गई रासुका की कार्यवाही समाप्‍त की जायेगी तथा कब तक समाप्‍त की जायेगी व दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही की जावेगी तो कब तक की जायेगी। (ग) किसी अ.जा. के सदस्‍य के विरूद्ध मिथ्‍या द्वेषपूर्ण या तंग करने वाला या द‍ाण्डिक या अन्‍य विधि कार्यवाहियाँ संस्थित करेगा। वह संविधान के अनुच्‍छेद 17 तथा अ.आ.। अ.ज.जा. (अत्‍याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3) 1) (त) 3 (1) (थ) तथा 3 (2) (प) और (पप) के तहत क्‍या दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की जावेगी तथा कब तक।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट  '''' अनुसार है। (ख) एवं          (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट  '''' में समाहित है।

परिशिष्ट - "तेईस"

नवीन पुलिस थाना एवं चौकियों की स्वीकृति

[गृह]

54. ( क्र. 2331 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) क्या बढ़ती जनसंख्या एवं बढ़ते जा रहे जन कार्यों को दृष्टिगत रख पुलिस थानों एवं चौकियों के निर्धारित सीमा क्षेत्र का पुनर्निर्धारण कर नवीन थाने व नवीन चौकियां बनाई जाने की रूपरेखा बनाई जाकर कार्य योजना पर विचार किया जा रहा है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या जावरा नगर, पिपलोदा नगर, जावरा तहसील एवं पिपलोदा तहसील अंतर्गत विगत कई वर्षों से विभिन्न स्थानों पर नवीन पुलिस थाना एवं नवीन चौकियां बनाए जाने की मांग लगातार की जा रही है? (ग) क्‍या जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत महिला पुलिस थाना एवं ढोढर में नवीन पुलिस थाना तथा जावरा में खाचरोद नाका एवं अरनिया पीथा मंडी में नवीन पुलिस चौकी के साथ ही पिपलोदा तहसील अंतर्गत ग्राम आंबा एवं हसनपालिया में नवीन पुलिस चौकी प्रारंभ करने की मांग भी लगातार की जा रही है? (घ) यदि हाँ, तो क्या इस हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा भी समय-समय पर विभिन्न पत्रों के माध्यम से शासन/विभाग का ध्यान आकर्षित किया है तथा विभागीय प्रस्ताव भी अग्रेषित होकर विचाराधीन है तो उपरोक्तानुसार उल्लेखित महत्वपूर्ण स्थान की मांग की स्वीकृति कब तक दी जा सकेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) कानून व्यवस्था एवं प्रशासनिक दृष्टिकोण से पुलिस थानों एवं चौकियों की निर्धारिण सीमा क्षेत्र का पुनर्निर्धारण किया गया है। का पुनर्निर्धारण के उपरान्त नवीन थाने/चौकियां बनाए जाने की कोई कार्ययोजना नहीं है। (ख) भारसाधक अधिकारी, कृषि उपज मंडी जावरा जिला रतलाम द्वारा अरनियापीथा जावरा एवं माननीय विधायक डॉ, राजेन्द्र पाण्डेय द्वारा महिला थाना जावरा, ढोढर पुलिस थाना एवं खाचरौद नाका जावरा, अरनिया पीथा मण्डी जावरा, ग्राम आम्बा, ग्राम हसनपालिया, ग्राम हतनारा में नवीन पुलिस चौकी बनाए जाने की मांग की गई।         (ग) 1. जिले में पूर्व से महिला थाना संचालित होने से वर्तमान में एक अन्य नवीन महिला थाना की आवश्यकता नहीं है। 2. पुलिस चौकी ढोढर को थाना बनाए जाने तथा अरनिया पीथा मंडी, खाचरोद नाका, हतनारा, ग्राम आंबा एवं हसनापालिया में नवीन पुलिस चौकी के प्रस्ताव शासन द्वारा निर्धारित मापदण्ड अनुसार नहीं होने से अमान्य किये गये है। (घ) प्रश्‍नकर्ता द्वारा विधानसभा बजट सत्र 2024 में प्रश्‍न कमांक 676 एवं पुलिस अधीक्षक रतलाम से पत्र दिनांक 18.01.2023 एवं 23.02.2024 के द्वारा महिला थाना जावरा, चौकी ढोढर का उन्नयन, खाचरोद नाका, हतनारा, अरनियापीथा, ग्राम आम्बा एवं हसनपालिया में चौकी बनाए जाने के प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। जिस पर उत्तरांश "ग" अनुसार कार्यवाही की गई। वर्तमान में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

रतलाम जिले में विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन

[महिला एवं बाल विकास]

55. ( क्र. 2332 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या शासन/विभाग द्वारा केंद्र/राज्य प्रवर्तित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं एवं बालक बालिकाओं के स्वास्थ्य एवं देखभाल किए जाने के साथ ही उनके उत्थान हेतु विभिन्न योजनाओं के माध्यम से अनेक प्रकार के कार्य किया जा रहे हैं? (ख) यदि हाँ, तो रतलाम जिला अंतर्गत वर्ष 2018-19 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक बाल संप्रेषण गृह, एनआरसी केंद्र, वन स्टाप केंद्र तथा आंगनवाड़ियों सहित किसी और माध्यम से भी कार्य किये जा रहे हैं तो इस हेतु विभिन्न योजना एवं कार्यों को लेकर वर्ष भर कितना-कितना बजट प्राप्त होकर प्राप्त बजट का कितना व्यय हुआ? केंद्र एवं कार्यवार जानकारी दें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) से उल्लेखित वर्षों में कुपोषण एवं नवजात शिशुओं की विभिन्न बीमारियों में उनके स्वास्थ्य को लेकर किस-किस प्रकार के योजना अंतर्गत कार्य किए गए तो किस प्रकार के उपचार अथवा अन्य कार्य भी किए गए? वर्षवार जानकारी दें।        (घ) विकासखंडवार कितनी लाड़ली बहनें पंजीकृत होकर लाभान्वित की जा रही है तथा कितनी लाड़ली लक्ष्मी योजना अंतर्गत लाभान्वित हो रही है। साथ ही कितने बालक एवं बालिकाएं जिनके माता-पिता का देहांत होकर निराश्रित है तो उन्हें विकासखंडवार चिन्हित कर लाभान्वित किया जा रहा है तो उनकी भी विकासखंडवार जानकारी दें।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी हाँ। (ख) एन.आर.सी. का क्रियान्वयन संचालन स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जाने से व्यय की जानकारी निरंक है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-  पर है। (ग) बच्चों में कुपोषण निवारण हेतु ''मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्द्धन'' कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत चिकित्सकीय जटिलता वाले बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती कराकर उपचार एवं पोषकीय सुविधा उपलब्ध कराई जाती है तथा गैर चिकित्सकीय जटिलता वाले बच्चों का समुदाय स्तर पर पोषण प्रबंधन किया जाता है। सम्पर्क एप में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा SAM एवं MAM बच्चों की जानकारी दर्ज की जाकर प्रत्येक सप्ताह में उनका फॉलोअप दर्ज किया जाकर पोषण स्तर में सुधार की प्रविष्टि की जाती है। प्रत्येक माह की 11 से 20 तारीख तक सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों में शारीरिक माप दिवसों का आयोजन किया जाकर कुपोषित बच्चों का चिन्हांकन किया जाता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- ब पर है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स पर है।

विधायकों के निज सहायकों के यात्रा भत्‍ते में बढ़ोतरी

[सामान्य प्रशासन]

56. ( क्र. 2345 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                (क) क्‍या प्रदेश में विधायकों को लिपिकीय सुविधा प्रदान किये जाने हेतु निज सहायक उपलब्‍ध कराये जाने का प्रावधान है यदि हाँ, तो निर्देश की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) उपलब्‍ध कराये गये निज सहायकों को क्‍या क्‍या सुविधा उपलब्‍ध कराई जाती है बतावें। (ग) क्‍या निज सहायकों को यात्रा भत्‍ता आदि उपलब्‍ध कराया जाता है यदि हाँ, तो कितना? आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें। (घ) क्‍या निज सहायकों के यात्रा भत्‍ते में कोई बढ़ोतरी की जावेगी यदि हाँ, तो कितनी और कब तक बतावें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश (ख) के अनुसार।               (घ) वर्तमान में यात्रा भत्‍ता बढ़ोतरी संबंधी प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है।

मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के नवीन पंजीयन

[महिला एवं बाल विकास]

57. ( क्र. 2350 ) श्री इंजीनियर प्रदीप लारिया : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) ''मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना-2023'' अंतर्गत हितग्राहियों का पंजीयन कब-कब किया गया? (ख) क्या ''मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना-2023'' अंतर्गत नवीन पंजीयन कराये जाने के नियम/शर्तें हैं? यदि हाँ, तो जानकारी देवें तथा नवीन पंजीयन हितग्राही के लिए क्या मापदण्ड/शर्तें एवं नियम है? विस्तृत जानकारी देवें। (ग) क्या नवीन पंजीयन के संबंध में विभाग को जनप्रतिनिधियों/अन्य माध्यम से पंजीयन करने का लगातार अनुरोध किया जा रहा है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें। (घ) प्रश्‍नांश (ख) में वर्णित योजना के तहत क्या विभाग द्वारा नवीन पंजीयन कार्य प्रस्तावित है? हाँ तो जानकारी देवें तथा नवीन पंजीयन का कार्य कब से प्रस्तावित किया जाएगा? जानकारी देवें तथा प्रश्‍नांश (ग) को दृष्टिगत रखते हुए नवीन पंजीयन का निराकरण किया जाएगा?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) दिनांक 05/03/2023 से योजना का प्रारंभ किया गया था। पंजीयन हेतु 30/04/2023 अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी। विभाग के आदेश दिनांक 19/07/2023 द्वारा योजना में संशोधन किया गया, जिसके तहत दिनांक 25/07/2023 से दिनांक 20/08/2023 तक पुन: पंजीयन किया गया। (ख) आगामी पंजीयन हेतु कोई निर्देश जारी नहीं हुये हैं। अत: शेष का प्रश्‍न नहीं उठता है। (ग) जी हाँ। (घ) इस संबंध में विभाग स्‍तर पर वर्तमान में कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। अत: शेष का प्रश्‍न नहीं उठता है।

आंगनवाड़ी भवनों/केन्द्रों की मरम्‍मत कराया जाना

[महिला एवं बाल विकास]

58. ( क्र. 2454 ) श्री बाबू जन्‍डेल : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विगत 05 वर्षों में श्‍योपुर जिले में कितने आंगनवाड़ी केन्द्र, आंगनवाड़ी भवन स्वीकृत एवं निर्मित हुए? अवगत कराएं। (ख) वर्तमान में कितने केन्द्र भवन विहीन, जर्जर स्थिति में है और उस स्थिति में केन्द्र संचालित है या नहीं? यदि हाँ, तो किन शासकीय अशासकीय भवनों में संचालित है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार भवन विहीन एवं जर्जर स्थिति भवनों को निर्मित एवं मरम्मत कराये जाने की कोई योजना है? यदि हाँ, तो क्या? कब तक निर्माण एवं मरम्मत करा दी जावेगी? यदि नहीं, तो क्यों? कारण बताएं।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) श्‍योपुर जिले में विगत 05 वर्षों में 33 आंगनवाड़ी केन्द्र एवं 162 आंगनवाड़ी भवन स्वीकृत हुए है। स्‍वीकृत भवनों में से 29 आंगनवाड़ी भवन निर्मित हो चुके हैं। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) श्‍योपुर जिले में 603 आंगनवाड़ी केन्द्र भवन विहीन है। जर्जर स्थिति में कोई भवन नहीं है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट-2 अनुसार है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्‍तरांश (ख) अनुसार भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिये भवन निर्माण शासकीय भूमि एवं वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर है। समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "चौबीस"

निवेश प्रोत्‍साहन हेतु समिट का आयोजन

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

59. ( क्र. 2493 ) श्री राजेन्‍द्र भारती : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) औद्योगिक नीति के अंतर्गत निवेश प्रोत्‍साहन हेतु म.प्र. सरकार द्वारा वर्ष 2013 से वर्ष           2024-25 तक कितने समिट आयोजित किये गये है तथा आयोजित समिटों कौन-कौन कंपनियों/औद्योगिक घरानों द्वारा भाग लिया गया है? कृपया नाम, पता सहित वर्षवार आयोजित समिटों का स्‍थान का उल्‍लेख करते हुये बताये कि प्रत्‍येक समिट पर विभाग द्वारा कितना-कितना आयो‍जन में व्‍यय किया गया है? कृपया वर्षवार जानकारी दें। (ख) उक्‍त आयोजित समिटों में म.प्र. सरकार को कितने-कितने प्रस्‍ताव कौन-कौन सी कंपनियों/फर्मों द्वारा दिये गये है तथा एम.ओ.यू साईन किये गये है? कृपया वर्षवार प्रोजेक्‍ट की लागत सहित प्रस्‍तावों की प्रतियां जानकारी उपलब्‍ध करायें? (ग) उक्‍त कंपनियों/फर्मों को शासन द्वारा क्‍या-क्‍या सुविधायें प्रदान करते हुए जमीन, खनिज, वन, प्राकृतिक संसाधन उपलब्‍ध करायें गये है? कृपया कहां-कहां कितनी-कितनी जमीन आवंटित की गई है। कृपया कंपनीवार/फर्मवार/स्‍थानवार संपूर्ण जानकारी प्रदाय करें। (घ) शासन द्वारा कंपनियों/फर्मों में हुये एम.ओ.यू. साईन के परिपालन में कौन-कौन सी कपनी और फर्मों द्वारा कितनी-कितनी राशि निवेश कर उद्योग स्‍थापित किये गये है? कृपया वर्षवार, स्‍थानवार, फर्म कंपनियों के निवेश राशि और उद्योगों के विवरण सहित कितना-कितना रोजगार दिया गया। कृपया कार्यरत व्‍यक्तियों की संख्‍या नाम, पद सहित विवरण दें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।

दतिया जिले में कानून व्‍यवस्‍था

[गृह]

60. ( क्र. 2494 ) श्री राजेन्‍द्र भारती : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) दतिया जिले में सहारा कंपनी क्‍योसोप सेंटर लिमिटेड कंपनी के विरूद्ध कितने-कितने प्रकरण कौन-कौन से थानों में पंजीबद्ध है क्‍या पुलिस द्वारा सहारा कंपनी की जांच/निरीक्षण किया गया है? यदि हाँ, तो कंपनी के रिकार्ड के जांच/निरीक्षण के दौरान कितने-कितने हितग्राहियों का            कितनी-कितनी राशि जमा हुई है तथा कितनी राशि वापिस की गई है तथा कितनी अभी राशि कंपनी में जमा है? क्‍या पुलिस आपराधिक पंजीबद्ध प्रकरणों में न्‍यायालय में गिरफ्तारी चालान प्रस्‍तुत किया गया है? कृपया कारण सहित बताये कि उक्‍त आपराधिक प्रकरणों में अपराधियों की गिरफ्तारी की गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों और यदि हाँ, तो कब तक? (ख) क्‍या थाना पण्‍डोखर के अपराध क्रमांक 74/2016 धारा 376 (D), 506 (B) एवं भारतीय दण्‍ड संहिता की धारा 3/4 पॉक्‍सों अधिनियम में DNA की रिपोर्ट प्राप्‍त किये बगैर प्रकरण में ER लगाई गई? यदि हाँ, तो किस अधिकारी/कर्मचारी के द्वारा ER लगाने की कार्यवाही की गई? कृपया अधिकारी का नाम, पद का उल्‍लेख कर संपूर्ण प्रकरण की जानकारी देते हुये बतायें कि DNA रिपोर्ट FSL शाखा से क्‍या प्राप्‍त हुई है। कृपया रिपोर्ट की प्रतियां सहित जानकारी प्रदाय करें। (ग) उक्‍त प्रकरण में कौन-कौन से अधिकारियों द्वारा प्रकरण में खात्‍मा लगाने की कार्यवाही कर ER काटी गई है? कृपया सभी अधिकारियों के नाम, पद सहित विवरण देते हुये बताये कि अपराधियों को बचाने और पीड़‍िता को न्‍याय से वंचित किये जाने के आरोप में विभाग द्वारा पुलिस मैन्‍युअल एक्‍ट तथा अन्‍य अधिनियम के अंतर्गत क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों कारण सहित विवरण दें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जिला दतिया में किसी थाने में सहारा इंडिया क्योसोप सेण्टर लिमिटेड कम्पनी के विरूद्ध कोई प्रकरण दर्ज नहीं है, अपितु सहारा इंडिया लिमिटेड के विरूद्ध प्रकरण दर्ज है, जिनकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" अनुसार है। (ग) कृत कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" में समाहित है।


सेवड़ा गाँवों को सेवड़ा थाने में शामिल किया जाना

[गृह]

61. ( क्र. 2506 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) दतिया जिले के विधानसभा क्षेत्र सेवड़ा अंतर्गत कुल कितने पुलिस थाने अथवा चौकियां आती हैं नाम सहित सूची उपलब्ध करायें। (ख) उक्त थाने कौन-कौन से अनुभाग के अनुभागीय अधिकारी के अधिकार क्षेत्र में आते हैं थानेवार जानकारी दी जावें। (ग) क्या दतिया जिले में चार अनुभाग हैं चारों अनुभागीय अधिकारियों का अधिकार क्षेत्र सेवड़ा अनुभाग के थानों में लगता है यदि नहीं, तो थाना गोराघाट, धीरपुरा, गोदन थाने के अंतर्गत आने वाले सेवड़ा विधानसभा के ग्रामों के संबंध में जांच करावें, यदि हाँ, तो सेवड़ा के गांव सेवड़ा के थानों में शामिल किया जावे ताकि यहां के लोगों को अनावश्यक भटकना न पड़े। (घ) क्या सेवड़ा विधानसभा क्षेत्र के ग्रामों को सेवड़ा अनुभाग के अंतर्गत आने वाले थानों में शामिल करने हेतु आदेश प्रसारित करने की कृपा करेंगे यदि हाँ, तो कब तक?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी संलग्न  परिशिष्ट  "अ" अनुसार। (ख) जानकारी संलग्न  परिशिष्ट  "ब" अनुसार। (ग) जी हाँ। दतिया जिले में चार अनुभाग है। चारों अनुविभागीय अधिकारि‍यों का अधिकार क्षेत्र सेवड़ा अनुभाग के थानों में नहीं लगता है। सभी अधिकारी अपने अपने अनुभाग के थानों के कार्यप्रणाली देखते है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) सेवड़ा के गांव के सेवड़ा थानों में शामिल किये जाने के संबंध में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

परिशिष्ट - "पच्चीस"


एलपीसी अनुसार भुगतान किया जाना

[वाणिज्यिक कर]

62. ( क्र. 2542 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. राज्‍य तिलहन संघ के प्रतिनियुक्‍ति विभाग के कार्यमुक्‍त हुए संविलियन पर कार्य भार ग्रहण करने के उपरांत किन-किन सेवायुक्‍तों द्वारा विभाग में एलपीसी प्रस्‍तुत की गई थी? सूची उपलब्‍ध करायें? (ख) क्‍या संविलियन सेवायुक्‍तों की एलपीसी विभाग द्वारा म.प्र. राज्‍य तिलहन संघ से संविलियन नीति अनुसार वेतन गणना/वेतन निर्धारण हेतु एलपीसी प्राप्ति के लिए क्‍या परिसमापक तिलहन संघ को लेख किया गया था? यदि नहीं, तो क्‍यों? उल्‍लेखित संविलियन सेवायुक्‍तों को संविदा नीति अनुसार वेतन अंतर की राशि को व्‍यक्‍तिगत वेतन के रूप में वेतन गणना की जानी थी क्‍या वेतन निर्धारण में इसका पालन किया गया है? संविलियन कर्मचारियों को न्‍यूनतम वेतन पर वेतन गणना के कारण कम मासिक वेतन प्राप्‍त हुआ है यदि हाँ, तो क्‍या विभाग द्वारा उसकी पुनर्गणना मासिक परिलब्धियां संशोधित कर अंतर राशि भुगतान की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक। (ग) म.प्र. तिलहन संघ के ऐसे सेवायुक्‍तों को जिनकी एलपीसी परिसमापक तिलहन संघ द्वारा कर्मचारियों के मांग के बाद भी कार्यमुक्‍ति के समय नवीन पदस्‍थापना कार्यालय को तिलहन संघ द्वारा अंतिम वेतन भुगतान न करने के कारण उपलब्‍ध नहीं करायी गई तब क्‍या विभाग प्रतिनियुक्‍ति विभाग द्वारा जारी एलपीसी को मान्‍य कर वेतन भुगतान की कार्यवाही करने पर विचार कर रहा है? यदि नहीं, तो कारण बतायें? (ड.) वित्‍त विभाग के परिपत्र क्रमांक 496/2031/2018 नियम 4 दिनांक 23.03.2019 अनुसार म.प्र. राज्‍य तिलहन संघ की राज्‍य शासन के विभिन्‍न विभागों में प्रतिनियुक्‍ति पर कार्यरत कतिपय सेवायुक्‍तों को मान. न्‍यायालय ने दायर याचिकाओं में न्‍यायालय द्वारा पारित आदेशों के अनुपालन के अनुक्रम में विशिष्‍ट प्रकरणों में प्रतिनियुक्ति/संविलियन अवधि के लिए पांचवे एवं छटवें वेतनमान लाभ देने का निर्णय लिया है? परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या म.प्र. वाणिज्‍यिक कर अपील बोर्ड द्वारा यह लाभ प्रदान किया गया है? क्‍या इन सेवायुक्‍तों को संविलियन उपरांत निरंतर पूर्व में कोष एवं लेखा की पूर्व स्‍वीकृति एवं अनुमोदन अनुसार (अंतिम वेतन अनुसार) वेतन भुगतान क्‍यों नहीं किया जा रहा है? जिस कारण कम भुगतान करने एवं एलपीसी अनुसार भुगतान न करने का क्‍या कारण है? मान. उच्‍च न्‍यायालय के आदेश की अवहेलना की श्रेणी में नहीं है?

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) म.प्र. राज्य तिलहन संघ के प्रतिनियुक्ति विभाग के कार्यमुक्त हुए संविलियन पर कार्य भार ग्रहण करने के उपरांत वाणिज्यिक कर विभाग में संलग्न सेवायुक्तों की एलपीसी की  जानकारी संलग्‍न  परिशिष्ट-1 एवं  2 अनुसार है। विभाग के अंतर्गत म.प्र. वा. कर अपील बोर्ड में म.प्र. राज्य तिलहन संघ के प्रतिनियुक्ति विभाग के कार्यमुक्त हुए संविलियन पर कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत निम्नलिखित 01 सेवायुक्त द्वारा म.प्र. वाणिज्यिक कर अपील बोर्ड में एलपीसी प्रस्तुत की गई थीः- श्री सुशील कुमार जैन, सहायक रजिस्ट्रार। (ख) श्री विजय वर्मा की सेवानिवृत्ति के पूर्व कोष एवं लेखा, संभाग उज्जैन में वेतन निर्धारण अनुमोदन हेतु प्रकरण प्रस्तुत करने पर कोष एवं लेखा संभाग उज्जैन द्वारा आपत्ति ली जाने पर परिसमापक, तिलहन संघ को अंतिम वेतन प्रमाण-पत्र प्रदान करने हेतु पत्र लिखा गया। परिसमापक तिलहन संघ से अंतिम वेतन प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं हुआ। म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल के पत्र क्रमांक सी 3-14/2013/1/3 भोपाल दि. 12 अगस्त 2013 एवं पत्र क्रमांक सी 3-06/2016/1/3 भोपाल दिनांक 23 अगस्त 2016 द्वारा म.प्र. राज्य सहकारी तिलहन उत्पादक संघ भोपाल के संविलियन कर्मचारियों का वेतन निर्धारण किया गया है। विभाग के अंतर्गत म.प्र. वा.कर अपील बोर्ड में श्री सुशील कुमार जैन की एलपीसी प्रतिनियुक्ति विभाग पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक विभाग से प्राप्त हुई उक्त एलपीसी के आधार पर संविलियन नीति अनुसार वेतन निर्धारण किया गया। (ग) म.प्र. शासन, वित्त विभाग के परिपत्र क्रमांक 496/2031/2018/नियम/चार भोपाल, दिनांक 23.03.2019 की कंडिका 03 अनुसार तिलहन संघ से राज्य शासन के विभागों में किसी सेवायुक्त का संविलियन होने पर वेतन निर्धारण, सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र दिनांक 12 अगस्त, 2013 की कंडिका 2.6 एवं सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र दिनांक 23 अगस्त, 2016 में निर्धारित प्रक्रिया अनुसार ही किये गये हैं। उक्त के प्रकाश में प्रश्‍नांश की शेष कार्यवाहियों का प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है। (घ) म.प्र. शासन, वित्त विभाग के परिपत्र क्रमांक 496/2031/2018/नियम/चार भोपाल, दिनांक 23.03.2019 की कंडिका 03 अनुसार तिलहन संघ से राज्य शासन के विभागों में किसी सेवायुक्त का संविलियन होने पर वेतन निर्धारण, सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र दिनांक 12 अगस्त, 2013 की कंडिका 2.6 एवं सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र दिनांक 23 अगस्त, 2016 में निर्धारित प्रक्रिया अनुसार ही किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। वित्त विभाग के परिपत्र क्रमांक 496/2031/2018/नियम/चार भोपाल, दिनांक 23.03.2019 के अनुसार मध्यप्रदेश राज्य तिलहन संघ के राज्य शासन के विभिन्न विभागों में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कतिपय सेवायुक्तों को मा. न्यायालय में दायर याचिकाओं में पारित आदेशों के अनुपालन में विशिष्ट प्रकरणों में प्रतिनियुक्ति/संविलियन अवधि के लिए पांचवें एवं छठवें वेतनमान का लाभ देने का निर्णय लिया गया है। शेष प्रश्‍नांश विभाग से संबंधित नहीं है। विभाग के अंतर्गत म.प्र. वा.कर अपील बोर्ड में म.प्र. राज्य तिलहन संघ से म.प्र. वाणिज्यिक कर अपील बोर्ड में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ रहे 07 कर्मचारियों को माननीय उच्च न्यायालय, म.प्र. जबलपुर में दायर रिट पिटिशन क्रमांक 21234 में दिनांक 18-12-2013 को पारित आदेश के परिपालन में कोष एवं लेखा के सत्यापन उपरांत केवल प्रतिनियुक्ति अवधि का पांचवां/छठवां वेतनमान का लाभ स्‍वीकृत किया। इनमे से 3 कर्मचारी जिनका संविलियन अपील बोर्ड में हुआ। उनका वेतन निर्धारण संविलियन नीति अनुसार किया गया। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "छब्बीस"

वित्‍त विभाग में प्रतिनियुक्ति कर्मियों को पांचवां वेतनमान का लाभ

[वित्त]

63. ( क्र. 2543 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) संस्‍थागत वित्‍त में म.प्र. राज्‍य तिलहन संघ के प्रतिनियुक्ति/संविलियन किन-किन सेवायुक्‍तों को पांचवा वेतनमान का लाभ स्‍वीकृत किया गया? नाम, पद सहित बतायें? (ख) तिलहन संघ के शासन में पदस्‍थ सेवायुक्‍तों को पांचवा वेतनमान लाभ की पात्रता हैं कि नहीं? स्‍पष्‍ट करें? (ग) प्रश्‍नांश (क) अंतर्गत श्री सतीश गुप्‍ता, उपसंचालक को पांचवा वेतनमान का लाभ दिया गया है? यदि हाँ, तो किस आधार पर वित्‍त विभाग से अनुमोदन मिला? वित्‍त विभाग के अनुमोदन की छायाप्रति दें? (घ) प्रश्‍नांश (क) अंतर्गत कोष एवं लेखा द्वारा विगत 5 वर्षों में पुनरीक्षित वेतनमान देने संबंधी अनुमोदन प्रेषित किया गया हैं? संबंधितों के नाम, पद बतायें।

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) म.प्र.राज्‍य तिलहन संघ से संचालनालय संस्‍थागत वित्‍त में प्रतिनियुक्ति पर पदस्‍थ रहे श्री सतीश कुमार गुप्‍ता,उप संचालक को राज्‍य शासन में संविलियन पश्‍चात प्रतिनियुक्ति अवधि का पांचवें वेतनमान में लाभ स्‍वीकृत किया गया है।       (ख) तिलहन संघ के शासन में पदस्‍थ सेवायुक्‍तों को सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा जारी ज्ञाप दिनांक 12.08.2013 एवं वित्‍त विभाग द्वारा जारी ज्ञाप दिनांक 23.03.2019 अनुसार पात्रता है।           (ग) जी हाँ। संलग्‍न  परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

परिशिष्ट - "सत्ताईस"

प्रदेश में रेत खदानों की नीलामी

[खनिज साधन]

64. ( क्र. 2555 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में रेत खदानों के आवंटन/नीलामी की प्रक्रिया (टेण्‍डर अथवा बोली) संबंधी पूर्ण जानकारी उपलब्‍ध करायी जाये। (ख) प्रदेश में वर्ष 2019 से 2024 तक टेण्‍डर अथवा बोली के माध्‍यम से नीलाम की गई रेत खदानों की जिला एवं वर्षवार जानकारी? जिले का नाम, रेत खदान का नाम, सफलतम ठेकेदार/फर्म का नाम, निविदा राशि (अधिकतम बोली) निविदा की शर्तें उत्खनन कार्य प्रांरभ करने का दिनांक एवं जिलेवार कितना राजस्‍व प्राप्‍त हुआ? (ग) आलोच्‍य अवधि में आवंटित की गई रेत खदानों में से कितनी खदानों से उत्‍खनन कार्य प्रांरभ नहीं हुआ? की जानकारी जिसमें प्रत्‍येक रेत खदान का कार्य प्रांरभ नहीं होने के क्‍या कारण रहे व प्रशासन द्वारा उसके निदान हेतु क्‍या-क्‍या कार्यवाहियाँ की गई? जिलावार वर्षवार जानकारी दी जाये। (घ) आलोच्‍य अवधि में किन-किन रेत खदानों के संचालकों पर दण्‍डात्‍मक रूप से राशि का अधिरोपण किया व इनमें से किसके द्वारा राशि जमा करायी गयी व किसके ऊपर राशि बकाया है? जिलावार एवं वर्षवार जानकारी दी जाये। (ड.) प्रदेश में वर्ष 2023-24 में नीलाम की गई रेत खदानों में से कौन-कौन सी खदानों पर उत्‍खनन कार्य प्रांरभ हुआ तथा किन पर कार्य प्रांरभ नहीं किया गया? उत्‍खनन कार्य प्रांरभ नहीं होने के कारण है तथा शासन द्वारा इन खदानों को प्रांरभ कराने हेतु क्‍या-क्‍या प्रयास किये गये? जिलेवार, खदान का नाम, फर्म का नाम, कार्य प्रांरभ दिनांक सहित बंद खदानों के बारे में भी फर्म का नाम सहित प्रांरभ कराने हेतु की गई कार्यवाही की जानकारी दी जाये?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रदेश में रेत खदानों के आवंटन/नीलामी की प्रक्रिया अधिसूचित मध्‍यप्रदेश रेत खनन, परिवहन, भण्‍डारण तथा व्‍यापार) नियम, 2019 के तहत संपादित की जाती है। रेत खदानों के समूह में उत्‍खनन एवं विक्रय के कार्य के लिए माइन डेवलपर कम ऑपरेटर की नियुक्ति हेतु ई-निविदा सह नीलामी प्रपत्र की छायाप्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-1  पर दर्शित है। (ख) से (ङ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

अरक्षणीय रेत उत्खनन की जांच

[खनिज साधन]

65. ( क्र. 2563 ) श्री गौरव सिंह पारधी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) क्‍या बालाघाट जिले में संचालित रेत खदानों में हो रहे ‘’अरक्षणीय'' रेत उत्‍खनन को लेकर कोई जांच की गई हैं यदि हाँ, तो जानकारी उपलब्‍ध करने का कष्‍ट करें। (ख) क्‍या? स्‍टेट माईनिंग कॉर्पोरेशन के द्वारा विभिन्‍न रेत खदानों के माईनिंग प्‍लान की सत्‍यता जानने का प्रावधान, विभाग या SMC के द्वारा किया जाता हैं? (ग) क्‍या गलत माईनिंग प्‍लान और झूठी अनुपालन रिपोर्ट के आधार पर हो रहे ‘’अरक्षणीय'' रेत उत्खनन पर किसी प्रकार की कार्यवाही का प्रावधान है। अगर हैं तो प्रावधान की जानकारी के साथ की गई कार्यवाही की जानकारी उपलब्‍ध कराये। (घ) क्‍या म.प्र. खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भण्‍डारण का निवारण) नियम (2022) के अध्‍याय 05 के तहत आम नागरिक रेत के अवैध खनन, परिवहन की शिकायत पुलिस को कर सकता है और नियम 25 के तहत बालाघाट जिले में पुलिस के द्वारा SDO (राजस्‍व) के संज्ञान में ऐसे कितने मामले लाये गये जानकारी उपलब्‍ध कराएं।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, क्षेत्रीय कार्यालय जबलपुर द्वारा दिनाँक 13/12/2024 को जिले में संचालित रेत खदानों में से 02 रेत खदानें क्रमशः (1) ग्राम कलगांव तहसील कटंगी एवं (2) ग्राम बाहकल तहसील कटंगी में "अरक्षणीय" रेत उत्खनन की जांच के दौरान जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1974 की धारा 25/26 एवं वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 31(क) के तहत खदान संचालन बंद किये जाने के निर्देश के तहत कार्यालयीन पत्र क्रमांक 49 दिनाँक 10/01/2025 द्वारा उक्त खदानों को बंद किये जाने हेतु लेख अनुसार कार्यपालक संचालक, म.प्र. राज्य खनिज निगम लिमिटेड भोपाल द्वारा उक्त दोनों खदानों का संचालन एम.पी.सेंड पोर्टल  से बंद कर दिया गया है। (ख) जी हाँ। म.प्र. गौण खनिज नियम, 1996 के नियम 42(ग) में परीक्षण उपरांत खनन योजना के अनुमोदन का प्रावधान है। यह कार्यवाही विभाग द्वारा की जाती है। (ग) प्रश्‍नांश अनुसार म.प्र. गौण खनिज नियम, 1996 के नियम 42(ख)(4) के अंतर्गत प्रावधान है। विभाग द्वारा उक्त  प्रावधान के अंतर्गत कोई कार्यवाही नहीं की गई है। (घ) मध्‍यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, प‍रिवहन तथा भण्‍डारण का निवारण) नियम, 2022 के अध्‍याय 05 के तहत आम नागरिक रेत के अवैध खनन, परिवहन की शिकायत पुलिस विभाग को किये जाने के प्रावधान नियमों में नहीं है। नियम 25 के तहत जिला अंतर्गत पुलिस के द्वारा SDO (राजस्‍व) के संज्ञान में लाये जाने के उपरांत प्राप्‍त प्रकरणों की जानकारी निरंक है।

शासकीय नौकरियों में अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों का प्रतिशत निश्‍िचत किया जाना

[सामान्य प्रशासन]

66. ( क्र. 2573 ) श्री विपीन जैन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्य प्रदेश शासन और सरकार प्रदेश के अंदर शासकीय नौकरियों में मध्यप्रदेश के स्थानीय युवाओं को ज्यादा मौका देने पर संकल्पित है? (ख) मध्य प्रदेश के अंदर शासकीय नौकरियों में अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों का कितना प्रतिशत कोटा है? (ग) क्या पिछले 10 वर्षों में मध्यप्रदेश में आयोजित सरकारी भर्तियों में कई भर्ती परीक्षाओं में कुल पदों में से ज्यादातर पदों पर अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों का चयन हुआ है? (घ) क्या प्रदेश सरकार अन्य राज्यों की तरह मध्य प्रदेश के युवाओं को ज्यादा मौका देने और मध्य प्रदेश की सरकारी भर्तियों में अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों हेतु एक निश्‍िचत कोटा रखने के संबंध में विचार करेगी यदि हाँ, तो कब तक?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) अन्‍य राज्‍य के अभ्‍यर्थियों के लिए कोई कोटा/आरक्षण निर्धारित नहीं है। (ग) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में अन्‍य राज्‍यों के चयनित अभ्‍यर्थियों के संबंध में कोई विश्‍लेषण नहीं किया गया है। (घ) ऐसा कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है।

पदोन्‍नति से वंचित शासकीय सेवक

[सामान्य प्रशासन]

67. ( क्र. 2576 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि          (क) वर्ष 2015 के पश्‍चात प्रदेश के सभी शासकीय विभागों में कितने-कितने अधि./कर्म. बिना पदोन्‍नति के सेवानिवृत्‍त हुये हैं? विभागवार, वर्षवार, श्रेणीवार पृथक-पृथक गौशवारा बनाकर दें।          (ख) क्‍या माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय द्वारा राज्‍य सरकार को पदोन्‍नति के मामलों में स्‍वविवेक से निर्णय लेने हेतु निर्देशित किया है, उसके परिपालन में मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा क्‍या निर्णय लिया गया? (ग) राज्‍य सरकार के कर्मचारियों को वरिष्‍ठता के आधार पर पदोन्‍नति क्‍यों नहीं दी जा रही है? देश के अन्‍य राज्‍यों के भांति मध्‍यप्रदेश में पदोन्‍नति देने में क्‍या कठिनाई है? (घ) पूर्व सरकार में पदोन्‍नति के संबंध में गठित समिति द्वारा कितनी बैठकें की गईं? उन बैठकों का क्‍या निष्‍कर्ष निकला? बैठक किस दिनांक को, कहाँ पर, किस-किस विभाग के कौन-कौन से सदस्‍य इसमें शामिल हुये? उनके नाम, पदनाम, प्रतिनिधि की जानकारी, एजेण्‍डा मि‍निट्स सहित सम्‍पूर्ण जानकारी का गौशवारा बनाकर दें। (ड.) क्‍या राज्‍य सरकार में पदोन्‍नति हेतु कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन है? यदि हाँ, तो उक्‍त प्रस्‍ताव पर कब तक निर्णय लिया जायेगा? राज्‍य सरकार के अधिकारी/कर्मचारी को राज्‍य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की भांति पदोन्‍नति दिये जाने में क्‍या कठिनाई है? (च) क्‍या उक्‍त मांग को लेकर अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा संयुक्‍त मोर्चा के माध्‍यम से चरणबद्ध आन्‍दोलन के माध्‍यम से पूरे प्रदेश में मांग की जा रही है? यदि हाँ, तो जिला स्‍तर पर सौंपे गये ज्ञापन की जिलेवार जानकारी उपलब्‍ध करावें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) ''बिना पदोन्‍नति'' का आशय सम्‍पूर्ण सेवाकाल में पदोन्‍नति अथवा 2015 के पश्‍चात् पदोन्‍नति है, यह स्‍पष्‍ट नहीं होने के कारण जानकारी तैयार किया जाना संभव नहीं है। (ख) जी नहीं। (ग) माननीय न्‍यायालय के आदेशों का परीक्षण किया जा रहा है।                                (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। (ड.) उत्‍तरांश (ग) अनुसार परीक्षण किया जा रहा है। (च) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है।

हवाई पट्टियों का विस्तार

[विमानन]

68. ( क्र. 2582 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि         (क) प्रदेश में ऐसी कितनी डामरीकृत हवाई पट्टियाँ हैa जिनका तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी मरम्मत (पुनः डामरीकरण) नहीं हुआ है? (ख) प्रश्‍नांश (क) संदर्भित हवाई पट्टियों में से कितनी हवाई पट्टियों के मरम्मत के प्रस्ताव विभाग के पास किन-किन कारणों से लंबित है? इन पर कब तक कार्यवाही की जाएगी? समय-सीमा बताएं। (ग) नीमच हवाई पट्टी के विस्तार हेतु क्या कोई प्रस्ताव विभागीय स्तर पर लंबित है? यदि नहीं, तो क्या विस्तार हेतु आवश्यक भूमि का अधिग्रहण कर लिया गया है? यदि हाँ, तो भूमि की जानकारी दें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) का उत्तर यदि हाँ, है, तो विस्तारीकरण में हो रही देरी के कारण सहित जानकारी दें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) RCS-UDAN 5.2 योजना के अंतर्गत विकास कार्य प्रस्‍तावित है। वर्तमान में भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (घ) उत्‍तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नियम विरूद्ध की गई आंगनवाड़ी में नियुक्ति

[महिला एवं बाल विकास]

69. ( क्र. 2584 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्‍नकर्ता विधायक के तारांकित प्रश्‍न क्र. 132 दिनांक 17.12.2024 के जवाब में बताया गया कि कार्यवाही प्रचलन में है। क्या कार्यवाही पूर्ण हो चुकी है? यदि हाँ, तो कार्यवाही से अवगत कराएं। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्या नीमच के जमुनियाखुर्द केंद्र पर अनियमितता से नियुक्ति हुई आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को पद से मुक्त कर दिया गया है? यदि हाँ, तो उक्त ग्राम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की नवीन नियुक्ति हो चुकी है? (ग) प्रश्‍नांश (क) और (ख) संदर्भित फर्जी नियुक्ति को लेकर क्या विभाग मानता है कि इसके लिए नियुक्तिकर्ता पूरी तरह से दोषी है जिसने आवेदक के दस्तावेज की जांच किए बिना ही अनियमितता कर आवेदक को कार्यकर्ता के पद पर नियुक्ति दे दी जबकि उक्त आवेदिका पूर्व से ही सहायिका के रूप में सेवाएं दे रही थीं, तो उसके पूर्व दस्तावेजों से मिलान क्यों नहीं किया गया? यदि हाँ, तो नियुक्तिकर्ता अधिकारी के जानबूझ कर की गई गलती के खिलाफ विभाग ने क्या कार्यवाही की? क्या विभाग नियुक्तिकर्ता अधिकारी को भी निलंबित करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। कलेक्टर नीमच के पत्र क्र. 683 दिनांक 04.12.2024 अनुसार मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत नीमच से जांच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ। प्रतिवेदन में पदोन्नति त्रुटिपूर्ण आधार पर प्राप्त करने के कारण पदोन्नति निरस्त करने एवं आंगनवाड़ी सहायिका के पद से पृथक करने की कार्यवाही हेतु आदेशित किया गया। परियोजना अधिकारी नीमच के पत्र क्र. 896 दिनांक 26.12.2024 द्वारा श्रीमती गीताबाई पति मुन्नालाल आंगनवाड़ी केन्द्र जमुनियाखुर्द की पदोन्नति निरस्त की गई एवं सहायिका पद से भी पृथक किया गया। जांच प्रतिवेदन की जानकारी संलग्न परिशिष्ट-1 एवं सेवा समाप्ति तथा पदोन्नति निरस्ती आदेश की जानकारी संलग्न परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ख) जी हाँ। जी नहीं। (ग) जी नहीं। आंगनवाड़ी सहायिका से कार्यकर्ता के पद पर पदोन्नति की गई है, किसी प्रकार की नवीन नियुक्ति नहीं की गई है। आवेदक के द्वारा प्रस्तुत आवेदनों का मिलान विभागीय MIS पोर्टल पर दर्ज जन्मतिथि से किया गया जिसमें भिन्नता पाये जाने पर परियोजना कार्यालय नीमच ग्रामीण के पत्र क्र. 412 दिनांक 23.08.2024 द्वारा संबंधित को अवगत कराया गया। इसके परिप्रेक्ष्य में संबंधित द्वारा 50 रू. के स्टाम्प पेपर पर जन्म तिथि एवं अंकसूची के संबंध में शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया। श्रीमती गीताबाई के द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज एवं शपथ पत्र के आधार पर पदोन्नति संबंधी कार्यवाही किये जाने से संबंधित परियोजना अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "अट्ठाईस"

सागर संभागीय मुख्यालय पर एयरपोर्ट प्रारंभ किया जाना

[विमानन]

70. ( क्र. 2585 ) श्री भूपेन्द्र सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश सरकार द्वारा सागर संभागीय मुख्यालय पर एयरपोर्ट निर्माण हेतु विचार किया जा रहा है? यदि हाँ, तो सागर में इस हेतु किये जा रहे प्रयासों का विवरण क्या है? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार एयरपोर्ट निर्माण हेतु केन्द्र सरकार को प्रस्ताव कब भेजा गया? कब तक स्वीकृति प्राप्त होने की संभावना है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) वर्तमान में कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

आंगनवाड़ी केन्द्रों का संचालन

 [महिला एवं बाल विकास]

71. ( क्र. 2591 ) श्री साहब सिंह गुर्जर : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2021 से अब तक मुरार, घाटीगांव में किन-किन स्थानों में आंगनवाड़ी केन्द्रों का निर्माण कितनी-कितनी राशि का कराया गया है? क्या निर्मित समस्त आंगनवाड़ी भवनों में आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित हो रहे हैं? यदि नहीं, तो क्यों? कारण सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों में पोषण आहार वितरित किये जाने के लिए पोषण आहार एजेन्‍सी प्रक्रिया का क्या नियम है? उक्त अवधि में किस-किस एजेन्‍सी को पोषण आहार कार्य हेतु अधिकृत किया गया है? क्या बिना निविदा प्रक्रिया का पालन किये पोषण आहार का कार्य आवंटित किया गया है? यदि हाँ, तो ऐसा पाये जाने पर दोषियों के विरूद्ध विभाग द्वारा क्या कार्यवाही गई है और यदि नहीं की गई तो क्यों? (ग) आंगनवाड़ी केन्द्रों में पोषण आहार वितरण में अनियमितताएं पाये जाने पर किस-किस अधिकारी द्वारा कब-कब जांच की गई? जांच में दोषी पाये गये अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध क्या-क्या कार्यवाही की गई? यदि जांच लंबित है तो इसके लिए कौन दोषी है? इनके विरूद्ध क्या-क्या कार्यवाही विभाग द्वारा की गई है? यदि नहीं, की गई है तो कब तक कार्यवाही की जावेगी?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (‍क) विधानसभा क्षेत्र 14 ग्‍वालियर ग्रामीण अंतर्गत वर्ष 2021 से अब तक 01 आंगनवाड़ी केन्द्र सुसेरा, बाल विकास परियोजना गिर्द में राशि रूपये 7.80 लाख से भवन निर्माण कराया गया है, जिसमें आंगनवाड़ी केन्‍द्र संचालित हो रहा है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) (1) मध्यप्रदेश शासन महिला एवं बाल विकास के परिपत्र क्रमांक 2101/2830/2018/50-2/ए.एन. दिनांक 12.09.2018 के निर्देशानुसार मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम अन्तर्गत पंजीकृत स्व-सहायता समूह के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों में 03 वर्ष से 06 वर्ष तक के बच्चों को पूरक पोषण आहार प्रदाय किये जाने का नियम है। म.प्र. शासन महिला एवं बाल विकास विभाग के पत्र क्यू.2020/50-2 दिनांक 05.05.2021 के निर्देशानुसार शहरी क्षेत्र के आंगनवाड़ी केन्द्रों पर 03 वर्ष से 06 वर्ष तक के बच्चों के लिऐ पूरक पोषण आहार प्रदाय करने हेतु शहरी आजीविका मिशन अन्तर्गत पंजीकृत स्व-सहायता समूहों से निविदा (एक्सप्रेशन ऑफ इन्‍ट्रेस्ट) के माध्यम से पोषण आहार वितरण कराए जाने का नियम है। (2) पूरक पोषण आहार प्रदायकर्ता स्‍व-सहायता समूहों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है, आंगनवाड़ी केन्‍द्रों पर पंजीकृत 06 माह से 03 वर्ष तक के बच्‍चों के लिये टेकहोम राशन का प्रदाय राज्‍य मंत्री परिषद् के निर्णय अनुसार ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा स्‍थापित संयंत्रों के माध्‍यम से किया जाता है। (3) जी नहीं, पूरक पोषण आहार का प्रदाय कार्य आवंटन निर्धारित चयन प्रक्रिया/निविदा (एक्सप्रेशन ऑफ इन्‍ट्रेस्ट) के माध्यम से ही किया गया है। (4) अत: शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) पोषण आहार वितरण में कोई अनियमितता नहीं पाये जाने से जानकारी निरंक है।

परिशिष्ट - "उनतीस"

विक्रय पत्र को फाइल करने हेतु प्रावधान

[वाणिज्यिक कर]

72. ( क्र. 2593 ) श्री सुनील उईके : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भारतीय पंजीयन अधिनियम (Registration Act) 1908 के प्रावधान अनुसार बैंक एवं अन्‍य वित्‍तीय संस्‍थानों द्वारा अपनी ऋण वसूली हेतु लोक विक्रय (Public Auction) द्वारा Sarfaesi Act के अंतर्गत विक्रय किये गये अचल संपत्ति (Immovable Property) के विक्रय पत्र (Sale Certificate) को फाइल करने हेतु क्‍या प्रावधान है। (ख) उक्‍त विक्रय पत्र को अधिनियम की धारा 89 (4) के अन्‍तर्गत फाइल करने हेतु कितने प्रतिशत की स्‍टाम्‍प ड्यूटी एवं पंजीयन ड्यूटी व अन्‍य ड्यूटी देय है। (ग) उक्‍त फाइल किये गये विक्रय पत्र को किस प्रकार संरक्षित रखा जाता है, उस प्रक्रिया का विस्‍तृत विवरण दें। क्‍या इन विक्रय पत्रों को भी कम्‍प्‍यूट्रीकृत करने की कोई योजना है? यदि हाँ, तो कब तक और किस प्रकार? (घ) वित्‍तीय वर्ष 2023-24 में इन्‍दौर उप-पंजीयक कार्यालय क्र. 01 एवं भोपाल उप-पंजीयक कार्यालय क्र. 03 में माह अप्रैल 2023 से अक्‍टूबर 2023 तक फाइल किये गये विक्रय पत्रों की जानकारी फाइल क्रमांक, दिनांक एवं क्रेता का नाम सहित दी जावे।

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) पंजीयन अधिनियम, 1908 की धारा 89 (4) में प्रावधान है कि लोक नीलामी द्वारा बेची गई स्थावर संपत्ति के क्रेता को विक्रय प्रमाण-पत्र अनुदत्त करने वाला हर ऑफिसर प्रमाण-पत्र की प्रति उस रजिस्ट्रीकर्ता ऑफिसर को भेजेगा, जिसकी अधिकारिता की स्थानीय सीमाओं के अंदर प्रमाण-पत्र में समाविष्ट पूरी सम्‍पत्ति या उसका कोई भाग स्थित है और ऐसा ऑफिसर उस प्रति को अपनी पुस्तक संख्यांक 1 में फाइल करेगा। वित्‍तीय आस्तियों का प्रतिभूतिकरण और पुनर्गठन तथा प्रतिभूति हित का प्रवर्तन अधिनियम, 2002 (Sarfaesi Act) के अंतर्गत विक्रय प्रमाण-पत्र की फाईलिंग के संबंध में पृथक से कोई विशिष्ट प्रावधान नहीं हैं। (ख) उक्‍त विक्रय प्रमाण पत्रों पर स्टाम्प अनुसूची 1-क के अनुच्छेद 19 के अंतर्गत सम्पत्ति के बाजार मूल्य अथवा क्रय मूल्य, जो भी अधिक हो, के हस्तांतरण पत्र (क्रमांक-25) अनुसार शुल्क प्रभार्य है। मध्‍यप्रदेश उपकर अधिनियम, 1982 के अंतर्गत स्टाम्प शुल्क की राशि का 10 प्रतिशत उपकर, मध्‍यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्‍वराज अधिनियम, 1993 के अंतर्गत सम्‍पत्ति के मूल्‍य का 01 प्रतिशत तथा मध्‍यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956/मध्‍यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 के अंतर्गत सम्‍पत्ति के मूल्‍य का 03 प्रतिशत अतिरिक्‍त स्‍टाम्‍प शुल्क देय हैं। विक्रय प्रमाण-पत्र को अनुपूरक पुस्तक में फाइल करने के लिए पंजीयन शुल्क सारणी के अनुच्छेद नौ (ण) के अंतर्गत ₹500/- फीस देय है। (ग) उक्त फाइल किये गये विक्रय-प्रमाण-पत्र को नियमानुसार अनुपूरक पुस्तक क्रमांक-1 में पंजीयन अधिकारी के हस्ताक्षर व पद के साथ पृष्ठांकन उपरांत ग्रन्‍थ में चस्पा किया जाता है। पृष्‍ठांकन में पुस्‍तक के पृष्‍ठ क्रमांक, दिए गए अनुक्रमांक व फाईलिंग की दिनांक का उल्‍लेख रहता है। जहां तक इस संबंध में कम्‍प्‍यूटरीकरण की योजना का प्रश्‍न है दस्‍तावेजों के ई-पंजीयन की प्रणाली सम्‍पदा के अंतर्गत ई-फाईलिंग मॉड्यूल प्रचलित है। सम्‍पदा के उन्‍नत संस्‍करण सम्‍पदा 2.0 में ई-फाईलिंग मॉड्यूल विकसित किया जा रहा है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) वित्‍तीय वर्ष 2023-24 में उप पंजीयक कार्यालय, इन्दौर-1 अंतर्गत जानकारी निरंक है तथा उप पंजीयक कार्यालय, भोपाल-3 से संबंधित जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "तीस "

प्रशिक्षु आई.ए.एस. द्वारा मारपीट एवं अभद्रता

[सामान्य प्रशासन]

73. ( क्र. 2595 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                  (क) आई.ए.एस. की सेवा शर्तों की जानकारी उपलब्ध कराएं। क्या किसी प्रशिक्षु आई.ए.एस. को कार्य के दौरान किसी नागरिक के घर में जबरन घुसकर मारपीट करने या अभद्रता करने के अधिकार है? ऐसा करने वालों के विरुद्ध क्या कार्यवाही की जाती है या कार्यवाही के क्या प्रावधान हैं? (ख) क्या यह सही है कि दिनांक 08/02/2025 को प्रशिक्षु आई.ए.एस. जो अनुभाग घुघरी में एस.डी.एम. के पद पर कार्यरत हैं, के द्वारा ग्राम ख़मतरा में प्रश्‍नकर्ता के पैतृक घर में जबरन घुसकर एक आदिवासी युवक के साथ मारपीट की गई है? क्या प्रश्‍नकर्ता की माँ, भाई व बहु के साथ इनके द्वारा अभद्रता धक्का मुक्की की गई है? क्या इस घटना के बाद आक्रोषित ग्रामीणों की मांग पर इनके द्वारा अपने कृत्य के लिए सार्वजनिक क्षमा मांगी गई है? (ग) क्या दिनांक 11/02/2025 को जिला कलेक्टर द्वारा मंडला कलेक्ट्रेट के गोलमेज सभाकक्ष में प्रश्‍नकर्ता सहित अन्य विधायकों व श्री जीतू पटवारी जी की उपस्थिति में उक्त प्रशिक्षु आई.ए.एस. के उक्त कृत्य के लिए क्षमा मांगी गई है? क्या इस दौरान जिला कलेक्टर द्वारा संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही हेतु प्रस्ताव शासन को भेजने हेतु कहा गया था? यदि हाँ, तो भेजे गए प्रस्ताव एवं उसमें शासन द्वारा की गई कार्यवाही से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराएं। (घ) क्या प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा सदस्य होने एवं नियमावली अनुसार घर में जबरन घुसकर मारपीट करने एवं परिजनों से अभद्रता करने का यह मामला विशेषाधिकार हनन से संबंधित है? इसके अनुसार इसमें क्या कार्यवाही की जाएगी? (ङ) क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा इस सम्बन्ध में माननीय मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, डी.जी.पी., विधानसभा प्रमुख सचिव को पत्र देकर कार्यवाही की मांग की गई है? यदि हाँ, तो की गई या की जा रही कार्यवाही से अवगत करावें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) आई.ए.एस. की सेवा-शर्तें भारत सरकार, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग के नियम तथा निर्देशों के अधीन होती हैं, नियम, निर्देशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ‘‘’’ अनुसार है। जी नहीं। कार्यवाही के संबंध में अखिल भारतीय सेवायें (आचरण) नियम, 1968 के नियम-3 के प्रावधानों के अंतर्गत कार्यवाही की जाती है, जो पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ख) जी नहीं। प्रश्‍नकर्ता की माँ, भाई व बहू के साथ इनके द्वारा अभद्रता धक्‍का मुक्‍की नहीं की गई है। जांच दल का प्रतिवेदन अनुसार घटना नहीं पाई गई। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। तत्‍समय जांच दल का प्रतिवेदन प्रस्‍तुत नहीं था, इसलिए यह कहा गया कि ''अगर ऐसा कोई कृत्‍य हुआ है'' तो क्षमा कथन किया गया। आयुक्‍त, जबलपुर संभाग, जबलपुर को घटनाक्रम से अवगत कराया गया था किन्‍तु जांच दल के प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर घटना नहीं पाई गई, इसलिए शासन को कार्यवाही हेतु प्रस्‍ताव नहीं भेजा गया। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जांच दल के प्रतिवेदन अनुसार ऐसा घटनाक्रम नहीं हुआ है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ड.) जी हाँ। प्रश्‍नकर्ता द्वारा मुख्‍य सचिव को संबोधित शिकायती पत्र दिनांक 19.02.2025 प्राप्‍त हुआ है जिसमें शिकायत की छायाप्रति आयुक्‍त, जबलपुर संभाग, जबलपुर से तथ्‍यात्‍मक जांच प्रतिवेदन सुस्‍पष्‍ट अभिमत के साथ चाहा गया है।

थाना घुघरी अंतर्गत हुई घटना की जानकारी

[गृह]

74. ( क्र. 2596 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                (क) क्या मंडला जिले के थाना घुघरी अंतर्गत ग्राम ख़मतरा में दिनांक 08/02/2025 को प्रशिक्षु आई.ए.एस. द्वारा जबरन प्रश्‍नकर्ता के घर में घुसकर मारपीट करने व अभद्रता करने की सूचना थाना प्रभारी को प्राप्त हुई थी? यदि हाँ, तो कब एवं किसके द्वारा जानकारी दी गई? क्या ग्रामीणों व प्रशिक्षु आई.ए.एस. के बीच हुई वार्ता के दौरान थाना प्रभारी वहां मौजूद थी? यदि हाँ, तो क्या इस दौरान प्रशिक्षु आई.ए.एस. द्वारा अपने कृत्य के लिए ग्रामीणों से क्षमा मांगी गई थी? (ख) क्या घटना क्रम के पश्चात् उसी दिन आवेदक अजीत धुर्वे एवं आवेदक राजसिंह पट्टा, तीतो बाई, दुर्गावती पट्टा द्वारा थाना घुघरी में आवेदन देकर प्रशिक्षु आई.ए.एस. द्वारा जबरन घर में घुसकर अभद्रता मारपीट गाली गलौज करने की शिकायत दी गई थी? यदि हाँ, तो शिकायत की प्रति उपलब्ध कराएं। उन शिकायतों पर अब तक क्या कार्यवाही की गई है, अवगत कराएं। क्या दिनांक 17/02/2025 तक की स्थिति में उन शिकायतों के आधार पर कोई एफ.आई.आर. दर्ज नहीं की गई थी? यदि हाँ, तो क्यों? (ग) क्या यह सही है कि घटना के 10 दिन बाद दिनांक 17/02/2025 की रात्रि में आवेदक चंद्रकुमार वट्टे के आवेदन मात्र के आधार पर बिना जाँच व विवेचना किये 18/02/2025 की सुबह 3:51 बजे राजसिंह पट्टा, अजीत धुर्वे व अन्य 2 के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में एफ.आई.आर. दर्ज की गई है? यदि हाँ, तो सम्बंधित आवेदन व एफ.आई.आर. की प्रति उपलब्ध कराएं। क्या इस संबंध में आवेदक द्वारा कोई विभागीय जाँच कार्यवाही, प्रतिवेदन या अन्य कोई दस्तावेज, आवेदन के साथ संलग्न किये गए हैं? यदि हाँ, तो संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराएं। (घ) क्या यह सही है कि आवेदक के आवेदन में यह लेख हैं कि "आज दिनांक 17/02/2025 को अपर कलेक्टर महोदय राजेंद्र कुमार सिंह के मौखिक रूप से प्राथमिकी दर्ज कराने के सम्बन्ध में आदेश प्राप्त होने पर" यदि हाँ, तो क्या किसी उच्च अधिकारी के मौखिक निर्देश के आधार मात्र पर एफ.आई.आर. दर्ज कराई जा सकती है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ, दिनांक 08.02.2025 को आवेदक द्वारा पत्र प्राप्त हुआ। जी हाँ, थाना प्रभारी मौजूद थी। जी हाँ, माफी मांगी गई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। (ख) जी हाँ, आवेदन पत्र की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। आवेदक श्री अजीत धुर्वे की शिकायत में तथ्यों की पुष्टि एवं प्रमाण प्राप्त करने हेतु आवेदक                              श्री अजीत धुर्वे से संपर्क करने का प्रयास किया गया किन्तु दिनांक 17.02.2025 तक शिकायत कमांक 10/2025 के आवेदक श्री अजीत धुर्वे के कथन नहीं हो सके थे एवं प्रशिक्षु आई.ए.एस. व घटना के मौके के साक्षी तहसीलदार घुघरी चंद्रकुमार पट्टे, राजस्व निरीक्षक बलराम भगत, एस.डी.एम., सुरक्षा गार्ड, सैनिक मुन्नालाल कुशराम के कथन लिपिबद्ध किये गये हैं। आवेदक के कथन नहीं होने से जांच अपूर्ण है। शिकायत कमांक 11/2025 की आवेदिका श्रीमती तीतोबाई एवं श्रीमति दुर्गावती पट्टा एवं स्वतंत्र साक्षी श्रीमति मीनाबाई मराबी के कथन उनके बताये अनुसार लिपिबद्ध किये गये है व 01 अन्य आवेदक श्री राज सिंह पट्टा ग्राम खमतरा के शेष हैं। दिनांक 22-02-2025 को पुन: सम्पर्क करने पर परिजनों के द्वारा बाहर जाना बताने से शिकायत में कथन नहीं हो पाये है। उक्त शिकायत कमांक 10/2025 एब 11/2025 के आवेदक श्री अजीत धुर्वे व                   श्री राज सिंह पट्टा ग्राम खमतरा में उपस्थित न होने के कारण शिकायत जांच अपूर्ण है। जांच पूर्ण कर विधिसंगत कार्यवाही की जाएगी। (ग) दिनांक 18.02.2025 को आवेदक तहसीलदार घुघरी चंद्रकुमार पट्टे के लिखित विस्तृत आवेदन पत्र पर से अनावेदकगण श्री राज सिंह पट्टा श्री अजीत धुर्वे एवं अन्य 02 अवैध मुरम से भरे ट्रेक्टर के चालक व अन्य व्यक्ति के विरूद्ध अपराध क्रमांक 43/2025 धारा 221, 132, 127 (2) 303 (2) 3. (5) बीएनएस 4.21 खान एब खनिज अधिनियम 1957 के धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। एफ.आई.आर. की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। आवेदक के द्वारा विभागीय जांच कार्यवाही से संबंधित प्रतिवेदन या दस्तावेज लिखित आवेदन के साथ संलग्न नहीं किये गये थे। (घ) जी नहीं, किसी उच्च अधिकारी के मौखिक निर्देश के आधार मात्र से एफ.आई.आर. नहीं दर्ज कराई जा सकती है। आवेदक के द्वारा प्रस्तुत आवेदन में समस्त तथ्यों के साथ ही यह लेख है कि आज दिनांक 17.02.2026 को अपर कलेक्टर महोदय राजेन्द्र कुमार सिंह के मौखिक रूप से प्राथमिकी दर्ज कराने के संबंध में आदेश प्राप्त होने पर। अतः दिनांक 18.02.2025 को आवेदक के आवेदन पत्र के आधार पर अपराध क्रमांक 43/2025 धारा 221, 132, 127 (2) 303 (2) 3. (5) वीएनएम 421 खान एवं खनिज अधिनियम 1957 का पंजीबद्ध किया गया है।

खनिज अधिकारी पर कार्यवाही

[खनिज साधन]

75. ( क्र. 2603 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                            (क) क्या धार जिले की धरमपुरी और बदनावर विधानसभा में प्रजापत समाज, गरीब आदिवासी किसानों, ग्राम पंचायतों में शासकीय कार्य में उपयोग में लाने हेतु मिट्टी, मुरूम व रेती की खुदाई की अनुमति हेतु आवेदन पत्र जारी किया गया था? यदि हाँ, तो किन-किन लोगों और विभाग के अधिकारियों द्वारा अनुमति हेतु पत्र जारी किये गए थे? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार यदि हाँ, तो                 किन-किन लोगों पर किन-किन विभाग को अनुमति दी गई थी? क्या कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग संभाग धार के पत्र क्र. 4842/तक/24-25 धार दिनांक 9-12-24 और कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा मनावर के पत्र क्र. 2572/तक./ग्रा.या.से./2024 मनावर दिनांक 29.11.24 को मिट्टी व मुरम के लिए अनुमति चाही गई थी? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक अनुमति किस कारण नहीं दी गई है? (ग) क्या कान्हा सुभास पाटीदार निवासी चंदावड के वाहन क्र. एम.पी.-09-एफ.जी. 6264 डम्पर की मुरम रॉयल्टी क्र. ई.टी.पी. न. 2402614255 की कटी होने के बाद भी जिला खनिज अधिकारी राजेश कनरिया के मौखिक आदेश से झूठा प्रकरण दर्ज किया गया? यदि हाँ, तो खनिज अधिकारी पर कार्यवाही की जावेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रश्‍नांश अनुसार धार जिले की धरमपुरी और बदनावर विधानसभा में प्रजापत समाज, गरीब आदिवासी किसानों ग्राम पंचायतों में शासकीय कार्य में उपयोग में लाने हेतु मिट्टी मुरूम व रेती की अनुमति प्रदान नहीं की गई है। अपितु कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग संभाग धार के पत्र क्रमांक 4842/तक/24-25 धार दिनांक 09/12/2024 से अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी किया गया है। (ख) कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग संभाग धार के पत्र क्रमांक 4842/तक/24-25 धार दिनांक 09/12/2024 से अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी किया गया है। कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा मनावर के पत्र क्रमांक 2572/तक./ग्रा.या.से./2024 मनावर दिनांक 29/11/2024 को मिट्टी व मुरूम के लिए अनुमति चाही गई थी, परन्‍तु उपरोक्‍त में वन विभाग, ग्राम पंचायत से अनापत्ति प्रमाण-पत्र अप्राप्‍त होने से विभाग द्वारा अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी नहीं किया जा सका है। (ग) जी नहीं। प्रश्‍नांश अनुसार कान्‍हा सुभास पाटीदार निवासी चंदावड के वाहन क्रमांक एम.पी. 09 एफ.जी. 6264 डम्‍पर की जाँच के दौरान दिनांक 15/12/2024 को 2:10 दिन में उक्‍त डम्‍पर को अवैध खनिज मुरूम परिवहन में संलिप्‍त पाये जाने से जप्‍त किया गया था। प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित रॉयल्‍टी क्रमांक ई.टी.पी. नंबर 2402614255 दिनांक 15/02/2025 को 3:23 PM को जारी की गई, जो कार्यवाही के समय के बाद की होने से मान्‍य नहीं होने से अवैध परिवहन का प्रकरण दर्ज किया जाकर कुल अर्थदण्‍ड राशि रूपये 1, 06, 250/- अधिरोपित की गई है। प्रकरण का निराकरण कलेक्‍टर न्‍यायालय द्वारा दिनांक 21/02/2025 को किया गया है। शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

धार जिले में गौण खनिज मद से प्राप्‍त राशि‍

[खनिज साधन]

76. ( क्र. 2605 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                      (क) क्या धार जिले में वर्ष-2022-23, 2023-24, 2024-25 से प्रश्‍न दिनांक तक गौण खनिज मद से कितनी राशि प्राप्त हुई हैं, वर्षवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार प्राप्त राशि का उपयोग किस कार्य में किन स्थानों के लिए किया गया? स्थान, कार्य का नाम, राशि एवं कार्य की पूर्णता की स्थिति से संबंधित सूची उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) की वर्षवार सूची अनुसार क्या प्राप्त राशि का उपयोग किया गया है? यदि हाँ, तो उक्त वर्षवार प्राप्त राशि, कार्य के लिए स्वीकृत राशि एवं प्रश्‍न दिनांक तक शेष राशि कितनी है? सूची सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) क्या धार जिले में वर्ष-2022-23, 2023-24, 2024-25 से प्रश्‍न दिनांक तक गौण खनिज परिवहन में ट्रेक्टर/डम्फर/ट्रक या अन्य वाहन से अवैध परिवहन करते हुए विभाग ने कितने प्रकरण दर्ज किये एवं कितनी राशि विभाग को प्राप्त हुई हैं, माहवार जानकारी देवें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-अ पर दर्शित है। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार गौण खनिज मद में प्राप्‍त राशि को राज्‍य की संचित निधि में जमा किया जाता है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्‍तरांश (ख) अनुसार प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।                             (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट-ब पर दर्शित है।

परिशिष्ट - "इकतीस"

मुख्‍यमंत्री द्वारा विदेश यात्रा में व्‍यय राशि

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

77. ( क्र. 2608 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                             (क) प्रदेश को ग्लोबल इन्वेस्टमेंट हब के रूप में स्थापित करने के लिये मा. मुख्यमंत्री जी ने जनवरी 24 से जनवरी 25 तक किस-किस दिनांक से किस-किस देश में यात्रा की? यात्रा का समस्त विभाग मिलाकर खर्च कितना आया? यात्रावार खर्च की जानकारी देवें। । (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित उक्त यात्राओं का आयोजन किस कंसल्टेंट अथवा इवेंट कंपनी द्वारा किया गया तथा उसे यात्रावार कितना-कितना भुगतान किया गया? (ग) उक्त यात्रा में निवेश आकर्षित करने के लिये क्या-क्या आयोजन किये गये, किन-किन उद्योगपति, निवेशक से मुलाकात की, कितनी राशि के निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुये? देश अनुसार निवेशक का नाम, राशि निवेश क्षेत्र (उद्योग का प्रकार) सहित सूची देवें। । (घ) क्या विदेश यात्रा में निवेश के अतिरिक्त समग्र विकास के लिये विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख उद्योगों, शोध, शिक्षा संस्थाओं, सांस्कृतिक केन्द्रों का भ्रमण कर उन क्षेत्रों में रोजगार के अवसर तलाशना भी था? यदि हाँ, तो मा. मुख्यमंत्री जी ने किन-किन देश के किस शहर में किस क्षेत्र में भ्रमण किया तथा इस पर बनाई गई रिपोर्ट की प्रति देवें। (ङ) उक्त यात्रा में मा. मुख्यमंत्री के साथ गये उद्योगपति, अधिकारी, पत्रकार, राजनेता के नाम एवं पदनाम सहित सूची देवें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा जनवरी 2024 से जनवरी 2025 तक की गई विदेश यात्राओं के आयोजन का विवरण एवं यात्रा पर हुए खर्च का विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ग) उक्‍त यात्रा में निवेश आकर्षित करने के लिए किये गये आयोजन, निवेशक/उद्योगपति से की गई मुलाकात एवं निवेशकों से प्राप्‍त निवेश प्रस्‍ताव की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (घ) जी हाँ। विदेश यात्रा संबंधी अनंतिम रिपोर्ट (प्रोविजनल रिपोर्ट) पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ड.) उक्‍त यात्रा हेतु माननीय मुख्‍यमंत्री जी के साथ गए अधिकारिक व्‍यक्तियों के नाम एवं पदनाम की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है।

मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना

[महिला एवं बाल विकास]

78. ( क्र. 2612 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना प्रदेश में किस वर्ष में लागू हुई एवं योजना के लाभ हेतु क्या-क्या पात्रता एवं नियम है? शासन आदेश की प्रति उपलब्ध करायें। (ख) जिला ग्वालियर में वर्ष 2023 एवं 2024 में उक्त योजना का लाभ लेने हेतु कितने आवेदन प्राप्त हुये? संख्यावार जानकारी दी जावे। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संबंध में प्राप्त आवेदनों में से कितने आवेदन पात्र पाये गये एवं कितने आवेदन लंबित एवं निरस्त किये गये, संख्यवार जानकारी दी जावे।                              (घ) प्रश्‍नांश (ख) के संबंध में प्राप्त आवेदनों से लंबित आवेदन कब तक पात्र कर दिये जायेंगे?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना प्रदेश में वर्ष 2022 में लागू हुई। योजना के लाभ हेतु पात्रता एवं नियम तथा शासन आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जिला ग्वालियर में उक्त योजना का लाभ लेने हेतु वर्ष 2023 में 07 एवं वर्ष 2024 में 04 आवेदन प्राप्त हुए। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संबंध में वर्ष 2023 में प्राप्त सभी 07 आवेदन एवं वर्ष 2024 में प्राप्त सभी 04 आवेदन पात्र पाये गये एवं कोई भी आवेदन लंबित एवं निरस्त नहीं किया गया। (घ) प्रश्‍नांश (ख) के संबंध में प्राप्त आवेदनों से कोई भी आवेदन लंबित न होने से प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

पत्रकारों को चिकित्‍सा सहायता तथा सम्‍मान निधि

[जनसंपर्क]

79. ( क्र. 2613 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                    (क) प्रदेश में 60 वर्ष की उम्र से अधिक के पत्रकारों के इलाज के लिये सरकार द्वारा कौन-कौन सी योजनायें वर्तमान में प्रचलित है, शासन आदेश की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) क्या प्रदेश में वरिष्ठ एवं बुर्जुग पत्रकारों को सम्मान निधि दिये जाने की योजना है, अगर हाँ तो जानकारी दी जावे।                   (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संबंध में ग्वालियर-चंबल संभाग में वर्ष 2020 से वर्ष 2024 तक उक्त योजना अंतर्गत कितने आवेदन प्राप्त हुये? संख्यावार एवं वर्षवार जानकारी दी जावे। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संबंध में प्राप्त आवेदनों में से कितने आवेदनों में कार्यवाही लंबित है, कितने आवेदन निरस्त किये गये, लंबित आवेदनों का निराकरण कब तक कर दिया जायेगा इलाज समय-सीमा बताई जावे एवं निरस्त किये गये आवेदनों की कारणवार एवं नामवार जानकारी दी जावे।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रदेश के पत्रकारों को स्‍वयं/आश्रितों के उपचार के लिये आर्थिक सहायता योजना एवं पत्रकार स्‍वास्‍थ्‍य एवं दुर्घटना समूह बीमा योजना विभाग में संचालित है। इस संबंध में आर्थिक सहायता एवं पत्रकार स्‍वास्‍थ्‍य एवं दुर्घटना समूह बीमा योजना के प्रावधान से संबंधित नियम की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक एवं प्रपत्र-दो अनुसार है(ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-तीन अनुसार है(ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-चार अनुसार है(घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-पांच अनुसार है।

माईनिंग फंड (डी.एम.एफ.) से राशि का अनुमोदन

[खनिज साधन]

80. ( क्र. 2616 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना/मैहर जिला माईनिंग फंड (डी.एम.एफ.) से राशि का अनुमोदन (बंटवारा) डिस्‍पर्समेंट के लिये दिनांक 01/04/2021 से प्रश्‍न तिथि तक कब-कब बैठकें हुई? इन बैठकों में किस नाम/पदनाम के लोगों को बैठकों में बुलाना अनिवार्य/नियमानुसार है? सूची दें। कब-कब किस-किस पदनाम को लिखित में सूचना बैठकों की दी गई? सूचनाओं की एक-एक प्रति दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित जिला माईनिंग फंड (डी.एम.एफ.) में वर्णित समयानुसार कितनी-कितनी राशि कहाँ-कहाँ से प्राप्‍त हुई? कितनी-कितनी राशि किस-किस स्‍थान पर, कितनी-कितनी राशि व्‍यय कर, क्‍या-क्‍या कार्य, किस-किस विधानसभा क्षेत्रों में कब-कब कराये गये? जारी सभी व्‍यय कार्यादेशों/फंड एलाटमेंट के आदेशों की एक-एक प्रति दें।         (ग) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित समयानुसार एवं उल्‍लेखित फंड में से कराये गये कार्यों में किस-किस को कार्य करने की एजेन्‍सी नियुक्‍त किया गया? प्रश्‍न तिथि तक कब, कहाँ, क्‍या कार्य, कितनी लागत के कराये गये का विवरण कार्यवार/माहवार/मदवार/वर्षवार/राशिवार/व्‍ययवार/भुगतानवार/विधानसभावार/ तहसीलवार विवरण दें। (घ) डी.एम.एफ. की जिला सतना में कब से बैठक नहीं बुलाई गई है और क्‍यों? बैठक के नियम क्‍या हैं? बैठक कब-कब बुलाई जानी चाहिये? कारण स्‍पष्‍ट करें और बैठक के नियम की प्रति उपलब्‍ध करायें। (ङ) क्‍या सतना जिला खनिज मद का पैसा अन्‍य जिलों के विकास कार्यों में लगाया गया? यदि हाँ, तो जिलावार/कार्यवार/विभागवार सूची उपलब्‍ध करायें। क्‍या अन्‍य जिलों के विकास कार्यों में पैसा लगाये जाने का नियम है? यदि हाँ, तो एक प्रति दें। यदि नियम नहीं है तो अन्‍य जिलों के विकास कार्यों में डी.एम.एफ. का पैसा क्‍यों लगाया गया?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जिला खनिज प्रतिष्‍ठान, जिला सतना/मैहर, दिनांक 04/10/2023 तक सतना जिले में ही गठित था। दिनांक 05/10/2023 से मैहर जिले के गठन के पश्‍चात पृथक जिला खनिज प्रतिष्‍ठान मैहर बना है। मध्‍यप्रदेश जिला खनिज प्रतिष्‍ठान नियम, 2016 के नियम 5 के तहत जिला खनिज प्रतिष्‍ठान के न्‍यासियों का विवरण अधिसूचित है। दोनों जिला खनिज प्रतिष्‍ठान की दिनांक 01/04/2021 से प्रश्‍न दिनांक तक जिला खनिज प्रतिष्‍ठान की बैठकों के संबंध में सूचनाओं का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ पर दर्शित है। (ख) प्रश्‍नांश (क) में लेख अनुसार दिनांक 01/04/2021 से प्रश्‍न दिनांक तक जिला खनिज प्रतिष्‍ठान सतना एवं जिला खनिज प्रतिष्‍ठान मैहर में प्राप्‍त राशि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब पर दर्शित है। जिला खनिज प्रतिष्‍ठान, सतना में व्‍यय की गयी राशि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स पर दर्शित है। मैहर जिला खनिज प्रतिष्‍ठान मद से कोई भी राशि व्‍यय नहीं हुई हैं। (ग) दिनांक 01/04/2021 से प्रश्‍न दिनांक तक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स पर दर्शित है।                          (घ) जिला सतना में दिनांक 17/08/2023 के उपरांत जिला खनिज प्रतिष्‍ठान न्‍यास (डी.एम.एफ.) के न्‍यास मंडल की बैठक का आयोजन नहीं हुआ है, क्‍योंकि इस अवधि में विधानसभा निर्वाचन 2023 एवं लोकसभा निर्वाचन 2024 की आचार संहिता लागू होने के कारण माननीय सदस्‍यों के प्रस्‍ताव अपेक्षित थे। चालू वित्‍तीय वर्ष की कार्य योजना तैयार किया जाना प्रक्रियाधीन है। अधिसूचित मध्‍यप्रदेश जिला खनिज प्रतिष्‍ठान नियम, 2016 के नियम 5 (4) के तहत मंडल की बैठक एक वित्‍तीय वर्ष में कम से कम 02 बार होगी तथा बैठकों के बीच का अंतराल 08 माह से अधिक नहीं होगा, ऐसा प्रावधानित है। जिला खनिज प्रतिष्‍ठान की वित्‍तीय वर्ष 2024-25 की बैठक हेतु दिनांक 28/02/2025 के माध्‍यम से प्रतिष्‍ठान के सदस्‍यों एवं विभाग प्रमुखों से प्रस्‍ताव चाहे गये हैं। बैठक, प्रस्‍ताव प्राप्ति उपरांत प्रस्‍तावित है। (ड.) जी हाँ। जिलावार, कार्यवार, विभागवार सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द पर दर्शित है। अन्‍य जिलों के विकास कार्य में पैसा लगाये जाने के संबंध में, अधिसूचित मध्‍यप्रदेश जिला खनिज प्रतिष्‍ठान नियम, 2016 के नियम 13 (2) (ङ) के तहत प्रावधान हैं। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

कटनी जिले में घटित अपराध एवं कानून व्यवस्था की स्थिति

[गृह]

81. ( क्र. 2620 ) श्री धीरेन्द्र बहादुर सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                 (क) विगत-03 वर्षों में बड़वारा विधानसभा अंतर्गत पुलिस-थानावार कितने और कौन-कौन से अपराध किन-किन धाराओं में कब-कब दर्ज हुए? प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन प्रकरणों में क्या-क्या कार्यवाही किन-किन प्रकरणों में किन-किन आरोपियों के विरुद्ध माननीय न्यायालय में कब-कब चालान प्रस्तुत किए गए? किन-किन प्रकरणों में किन-किन कारणों से अब तक चालान प्रस्तुत नहीं हैं? (ख) विगत-02 वर्षों में कटनी-जिले के पुलिस-थानों के प्रकरणों की वरिष्ठ अधिकारी द्वारा कब-कब समीक्षा की? क्या-क्या निर्देश दिये गए? प्रकरणवार बताएं और मादक पदार्थों के विक्रय और आर्थिक/सामाजिक अपराधों की रोकथाम के लिए शासन/विभाग द्वारा जारी आदेशों/निर्देशों पर कृत कार्यवाही से अवगत कराएं और विगत-01 वर्ष में किन-किन विषयों पर नागरिकों/जन-प्रतिनिधियों/संगठनों द्वारा सौंपे गए ज्ञापनों पर ज्ञापनवार क्या-क्या कार्यवाही की गयी? (ग) क्या कटनी-जिले में पुलिस-थानों/चौकियों के सामने एवं अन्य स्थानों पर पुलिस द्वारा नाके लगाकर वाहनों सहित अन्य जांच की जाती हैं? यदि हाँ, तो किस नियम/निर्देश से? किस प्रकार एवं क्यों? विगत-01 वर्ष में किन-किन पुलिस-थानों/चौकियों के कौन-कौन पुलिस-कर्मियों द्वारा किन आदेशों/निर्देशों से किस-समय से किस-समय तक जांच-नाके लगाए और तैनात होकर क्या-क्या कार्य/कार्यवाही की गयी? (घ) क्या कटनी-जिले में घटित अपराधों एवं इनकी रोकथाम के लिए विगत-02 वर्षों में की गयी कार्यवाहियाँ और कानून-व्यवस्था की स्थिति संतुष्टिपूर्ण हैं? यदि हाँ, तो कैसे? नहीं तो क्या कार्यवाही किस प्रकार एवं कब तक की जायेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

कटनी जिले में संचालित रेत खदानें

[खनिज साधन]

82. ( क्र. 2623 ) श्री धीरेन्द्र बहादुर सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                  (क) कटनी जिले अंतर्गत विगत दो वर्षों में किन-किन स्थानों/घाटों पर किस एम.डी.ओ. को कब से कब तक की अवधि के लिए कौन-कौन सी चिन्हित/घोषित रेत-खदानें किस खनन योजना, पर्यावरण स्वीकृति तथा जल एवं वायु सम्मति अनुसार वर्तमान में स्वीकृत हैं? (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) एम.डी.ओ. द्वारा अनुबंध-पंजीयन कराया गया? यदि हाँ, तो किन-किन खदानों का? नहीं तो क्यों? पंजीयन हेतु खदानवार कितना-कितना स्टांप शुल्क दिया गया? एम.डी.ओ. द्वारा खदानवार खनन संक्रियाए कब-कब प्रारम्भ की गयी? क्या स्वीकृत खनन योजना अनुसार ही खनन किया जा रहा हैं? हाँ, तो कब-कब से किन-किन स्थानों के कितने-कितने रकबे पर? (ग) प्रश्‍नांश (ख) क्या एम.डी.ओ. द्वारा खनन-योजना, पर्यावरण-स्वीकृति और सीटीओ में दर्ज जीपीएस कार्डिनेट्स अनुसार एवं एनजीटी के दिशा निर्देशों के अनुसार ही खनन किया जा रहा हैं? यदि हाँ, तो किन-किन खदानों से और खदानों से रेत खनन किस प्रकार (मानव श्रम/मैन्युअली अथवा मशीनों के माध्यम से) किया जा रहा हैं? (घ) प्रश्‍नांश (ग) खदानों का प्रश्‍न दिनांक तक किस-किस नाम/पदनाम के किन-किन शासकीय सेवकों द्वारा कब-कब निरीक्षण किया गया और क्या निरीक्षण प्रतिवेदन दिये गए और विगत-02 वर्षों में रेत खदानों के संचालन में अनियमितताओं की विभाग एवं जिला-कार्यालय को प्राप्त शिकायतों पर शिकायत वार क्या-क्या कार्यवाही कब-कब की गयी? (ङ) क्या तहसील ढ़ीमरखेड़ा के शारदाघाट, शुक्ल पिपरिया एवं जिले के अन्य स्थानों तथा सिया द्वारा निरस्त रेत खदानों से अवैधानिक रेतखनन किया जा रहा हैं? हाँ, तो इस पर क्या-क्या कार्यवाही की गयी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) कटनी जिले में खनिज रेत की 49 खदानें स्‍टेट माईनिंग कॉरपोरेशन के पक्ष में स्‍वीकृत है। स्‍टेट माईनिंग कॉरपोरेशन द्वारा नीलामी के माध्‍यम से समस्‍त रेत खदानों के संचालन हेतु एम.डी.ओ. मेसर्स धनलक्ष्‍मी मर्चेण्‍ट के साथ अनुबंध किया गया है। खदानों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। चिन्हित/घोषित रेत-खदानें खनन योजना, पर्यावरण स्वीकृति तथा जल एवं वायु सम्मति अनुसार वर्तमान संचालित 28 खदानों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ख) एम.डी.ओ. के द्वारा त्रिपक्षीय अनुबंध निष्‍पादन कराया गया है। अनुबंध पंजीयन संबंधी प्रकरण माननीय उच्‍च न्‍यायालय में विचाराधीन है। एम.डी.ओ. द्वारा रेत खदानों का संचालन स्‍वीकृत खनन योजना अनुरूप, खनन संक्रियाए कब-कब प्रारम्भ की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ग) जी हाँ। स्‍वीकृत खनन योजना अनुसार खनन किया जा रहा है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। एम.डी.ओ. द्वारा खनन योजना अनुसार, पर्यावरण स्‍वीकृति एवं सी.टी.ओ. में दर्ज को-ऑर्डिनेट अनुसार एवं एन.जी.टी. के दिशा निर्देशों के अनुसार खनन किया जा रहा है। खदानों में रेत खनन माईनिग प्‍लॉन अनुसार मशीनों एवं मानव श्रम से किया जा रहा है। (घ) शासकीय सेवकों के द्वारा निरीक्षण किया जाकर प्रतिवेदन प्रस्‍तुत किया जाता है। शिकायतों पर की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ड.) तहसील ढीमरखेड़ा के शारदाघाट एवं शुक्‍ल पिपरिया में अवैध उत्‍खनन संबंधी प्राप्‍त शिकायत/की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। जिले में सिया द्वारा रेत खदान निरस्‍त नहीं किये जाने से प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मध्यप्रदेश के निवासियों को नेशनलिटी प्रमाण-पत्र प्रदान न करना

[सामान्य प्रशासन]

83. ( क्र. 2627 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                                  (क) क्या सरकार ने मध्यप्रदेश के निवासियों को नेशनलिटी प्रमाण-पत्र देना बंद कर दिया है?                                          (ख) यदि हाँ, तो इसका क्या कारण है? (ग) क्या सरकार को जानकारी है कि प्रदेश के निवासियों को प्रदेश से बाहर महाराष्ट्र सहित अन्य प्रदेश में शासकीय रोजगार के लिए आवेदन करने के लिए नेशनलिटी प्रमाण-पत्र की आवश्यकता होती है? (घ) यदि हाँ, तो नेशनलिटी प्रमाण-पत्र देना बंद करके प्रदेश के बेरोजगारों को अन्य प्रदेश में मिलने वाले रोजगार से क्यों वंचित किया जा रहा है?                                             (ड.) क्या सरकार उपरोक्त समस्या को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के बेरोजगारों को नेशनलिटी प्रमाण-पत्र जारी करने के आदेश करेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

विकास योजना में प्राप्‍त राशि

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

84. ( क्र. 2631 ) श्री संजय उइके : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अनुसूचित जनजाति/अनुसूचित जाति बजट आवंटन में वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2024-25 में औद्योगिकीकरण अधोसंरचना विकास, एक जिला एक उत्पाद की संचालन योजना, निर्यात प्रोत्साहन योजना, औधोगिक क्षेत्रों का लैंड पूलिंग योजना अंतर्गत विकास योजना में कितनी-कितनी राशि विभाग को प्राप्त हुई? वर्षवार बतावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित योजनाओं में किन-किन कार्यों में कहाँ-कहाँ, कितनी-कितनी राशि व्यय की गई? (ग) विभाग को योजनाओं में आवंटित बजट से किस तरह अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर से सामाजिक-आर्थिक उत्थान है? प्रत्येक योजनावार बतावें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। वर्षवार प्राप्‍त राशि एवं योजना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'' अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'' अनुसार है। (ग) विभाग की योजना औद्योगिकीकरण अधोसंरचना विकास अंतर्गत प्राप्त राशि का उपयोग नवीन औद्योगिक क्षेत्रों के विकास में किया गया है जिससे अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के साथ-साथ सभी वर्गों को रोजगार प्राप्त होता है तथा क्षेत्र का विकास होने से उनके जीवन स्‍तर में उत्‍तरोत्‍तर वृद्धि हुई है। लैंड पूलिंग योजना अंतर्गत प्राप्त राशि का उपयोग अधिसूचित निवेश क्षेत्रों में निजी भूमि अधिग्रहण में किया गया है, अधिग्रहित भूमि में औद्योगिक क्षेत्र घोषित होने के उपरांत उद्योग स्‍थापित होंगे, जिससे उपरोक्‍तानुसार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के साथ-साथ सभी वर्गों को लाभ प्राप्त होगा। एक जिला एक उत्पाद योजना के अंतर्गत जिलों में एक उत्‍पाद को चिन्हित किया गया है, जिसका निर्माण/उत्‍पादन अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग के साथ-साथ सभी वर्गों द्वारा किया जाता है। उक्‍त उत्‍पाद के निर्यात होने पर इन वर्गों का प्रत्‍यक्ष एवं अप्रत्‍यक्ष रूप से सामाजिक व आर्थिक उत्थान हुआ है।

संस्थाओं को दिये गये ऋण एवं अग्रिम की स्थिति

[वित्त]

85. ( क्र. 2632 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. शासन के विभिन्न विभागों द्वारा विगत दस वर्षों में किन-किन संस्थानों, व्यक्तियों, शासकीय एवं अशासकीय उपक्रमों एवं अन्य को ऋण एवं अग्रिम प्रदान किया गया है? अगर हाँ तो दिये गये ऋण एवं अग्रिम का संस्था/उपक्रमों की सूची सहित विवरण उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार ऋण एवं अग्रिम दिनांक 31 मार्च 2024 की स्थिति में कितना बकाया है? क्या विगत 10 वित्तीय वर्षों में ऋण वसूली का लक्ष्य के विरूद्ध राशि की वास्तविक रूप से वसूली की गई है? अगर हाँ तो वर्षवार लक्ष्य एवं वसूली का विवरण देंवे। (ग) 01 मार्च 2024 की स्थिति में बकाया शासकीय ऋण के विरूद्ध बकायादारों की सूची एवं उन पर बकाया मूल ऋण एवं ब्याज की जानकारी भी उपलब्ध करावें। शासकीय ऋण वसूल न होने पर सरकार द्वारा किसी प्रकार की कार्यवाही का प्रावधान हैं? अगर हाँ तो क्या कार्यवाही की गई? बतायें।

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ। सरकार द्वारा दिये गये ऋण एवं अग्रिमों के विस्तृत विवरण की जानकारी भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा तैयार किये गये वित्त लेखे वित्तीय वर्ष 2014-15 से वर्ष 2023-24 के Statement No.18 में दर्शित हैं उक्त वर्षों के वित्त लेखे विधानसभा के पटल पर प्रस्तुत किये जा चुके है जो पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट पर है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार। (ग) उत्तरांश (क) अनुसार। म.प्र. शासन वित्त विभाग द्वारा ऋण की वसूली के संबंध में समय-समय पर आदेश प्रसारित किये गये है, जो पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के रूप में रखे गये।

हितग्राहियों को लाड़ली बहना योजना का लाभ

[महिला एवं बाल विकास]

86. ( क्र. 2633 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) म.प्र. में लाड़ली बहना योजना कब प्रारंभ हुई थी? प्रारंभ के समय योजना में कितने हितग्राही थे? जिलेवार हितग्राहियों की सूची उपलब्ध कराएं। (ख) क्या योजना से हितग्राहियों को बाहर किया गया है? अगर हाँ तो कारण सहित जिलेवार सूची उपलब्ध कराएं। क्या नव विवाहिताओं को योजना का लाभ मिल रहा है? (ग) क्या योजना का पोर्टल बंद है? अगर हाँ तो कब से? बताएं। नवीन हितग्राहियों को जोड़ने के लिए सरकार की क्या योजना है? (घ) योजना में लाभ का कितने हितग्राहियों ने त्याग किया है? क्या हितग्राहियों ने स्वयं त्याग किया है या पोर्टल द्वारा किया गया?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) दिनांक 05/03/2023 से योजना का प्रारंभ किया गया था। जानकारी संलग्न परिशिष्ट – 01 अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट – 02 अनुसार है। पंजीकृत पात्र नव विवाहिताओं को लाभ दिया जा रहा है। (ग) दिनांक 20.08.2023 के उपरांत नवीन पंजीयन नहीं किया गया है। इस संबंध में विभाग स्‍तर पर वर्तमान में कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। अत: शेष का प्रश्‍न नहीं उठता है। (घ) कुल 27, 478 महिलाओं द्वारा लाभ परित्‍याग किया गया है। जी हाँ। जी नहीं।

परिशिष्ट - "बत्तीस"

औद्योगिक विकास का रोड मैप

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

87. ( क्र. 2646 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या रोजगार के अवसर बढ़ाने एवं अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सरकार औद्योगिक विकास के लिए रोड मैप तैयार कर रही है, उसकी समय अवधि क्या है? (ख) सरकारी और निजी क्षेत्र के कितने औद्योगिक पार्क और निर्यात क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। क्या स्मार्ट औद्योगिक टाउनशिप बनाई जाएगी, उसमें सरदारपुर विधानसभा के हातोद औद्योगिक क्षेत्र का नाम शामिल है? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) औद्योगिक निवेश के लिये वर्ष 2024 से 20 फरवरी 2025 तक में क्या-क्या आयोजन किस-किस दिनांक को किस शहर में किये गये? सभी विभागों को मिलाकर प्रत्येक आयोजन में कितना खर्च हुआ तथा कुल मिलाकर कितने डेलिगेट्स ने भाग लिया, किस-किस देशों के कितने अन्तराष्ट्रीय प्रतिनिधि‍यों की सहभागिता रही तथा कुल कितनी इकाइयों से कितनी राशि के निवेश प्रस्ताव मिले? (घ) जनवरी 2024 से 20 फरवरी, 2025 तक माननीय मुख्यमंत्री ने प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित आयोजन में कितनी इकाइयों में कितनी हेक्टेयर भूमि के लिये आवंटन पत्र दिये? इन इकाइयों द्वारा कितने का निवेश किया जायगा तथा कितनों को रोजगार मिलेगा? इकाइयों के नाम, आवंटित भूमि, शहर का नाम, भूमि की कीमत, निवेश राशि, संभावित रोजगार, उत्पादन प्रारंभ की संभावित दिनांक सहित सूची देवें। (ड.) प्रश्‍नांश (ग) में उल्लेखित निवेश प्रस्ताव में से अंतराष्ट्रीय निवेशकों द्वारा कितनी राशि के निवेश प्रस्ताव दिये गये?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) रोजगार के अवसर बढ़ाने एवं अर्थव्यवस्था को गति देने एवं औद्योगिक विकास के लिए औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्‍साहन विभाग द्वारा विकसित MP (at) 2047 हेतु रोड मैप तैयार किया जा रहा है। कार्य वृहद स्‍वरूप का होने के कारण वर्तमान में समयावधि बताया जाना संभव नहीं है। (ख) विभाग के अधीनस्‍थ एम.पी. इण्‍डस्ट्रियल डेव्‍हलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा वर्ष 2047 तक सरकारी क्षेत्र के 120-150 औद्योगिक पार्क विकसित किये जाने की योजना है। स्मार्ट औद्योगिक टाउनशिप बनाई जाएगी जिसमें सरदारपुर विधानसभा के हातोद औद्योगिक क्षेत्र पूर्व से विकसित होने के कारण शामिल नहीं है। (ग) प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्‍य से वर्ष 2024 से 20 फरवरी 2025 तक किए गए आयोजन एवं प्रत्‍येक आयोजन में हुए व्‍यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। उक्‍त आयोजनों में लगभग 32000 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा नीदरलैंड, मलेशिया, थाईलेंड, ताईवान, यूनाईटेड किंगडम, फिजी, कोस्‍टारिका, इन्‍डोनेशिया, आस्‍ट्रेलिया, स्विट्जरलैंड, इटली, फ्रांस, ब्रिटेन, फिनलेंड, पोलेंड, कम्‍बोडिया, मोरक्‍को, पेरू, ट्यूनीशिया, नामीबिया, स्‍पेन, कनाडा, टोगो, जाम्बिया, मेक्सिको, जर्मनी, रूस, ग्रीस, एल साल्‍वाडोर, बांग्‍लादेश माल्‍दीव, ग्‍वाटेमाला, मंगोलिया, अल्‍जीरिया, केन्‍या, ईरान एवं जापान इत्‍यादि देशों के लगभग 100 अन्‍तराष्‍ट्रीय प्रतिनिधियों की सहभागिता रही है। उक्‍त आयोजनों में कुल 281 इकाइयों से लगभग 4.17 लाख करोड़ के निवेश प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुए, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (घ) प्रश्‍नांश (क) में विकसित MP (at) 2047 हेतु रोड मैप तैयार किये जाने संबंधी जानकारी चाही गई है तथापि एम.पी. इण्‍डस्ट्रियल डेव्‍हलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा औद्योगिक विकास के लिए आयोजित कुल 07 रीजनल इण्‍डस्‍ट्री कॉनक्‍लेव में माननीय मुख्यमंत्री द्वारा कुल 1072 औद्योगिक इकाइयों को 1356 हेक्टेयर (3349 एकड़) भूमि के आशय पत्र/आवंटन पत्र दिये गये, साथ ही उक्‍त आयोजन में 289 औद्योगिक इकाइयों का भूमि पूजन/लोकार्पण किया गया जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है।                                  (ड.) उत्‍तरांश (ग) में उल्‍लेखित निवेश प्रस्ताव में से अन्‍तर्राष्‍ट्रीय इन्‍टेरेक्टिव सेशन में लगभग राशि रू. 78000 करोड़ के निवेश प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुए है।

अंशकालीन कर्मचारि‍यों का नियमितीकरण

[सामान्य प्रशासन]

88. ( क्र. 2647 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                    (क) सामान्य प्रशासन विभाग, म.प्र. शासन के पत्र क्रमांक 4/2/1/0001/1/4 भोपाल, दिनांक 08/11/2024 पर क्या कार्यवाही की गई? (ख) इन्दौर संभाग में कितने अंशकालीन कर्मचारी कार्यरत हैं जिनकी शासकीय सेवा 10 वर्ष से अधिक होने पर नियमित किया गया एवं कितनों को नियमित किया जाना शेष है, उन्हें कब तक नियमित किया जाएगा, जिलेवार जानकारी देवें। (ग) कार्यालय कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी जिला धार के आदेश क्रमांक/14083/वि.-2/2024 धार, दिनांक 03/10/2024 अनुसार न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के अंतर्गत दैनिक वेतन भोगी श्रमिक के लिए 01 अप्रैल 2024 से न्यूनतम वेतन दर धार जिले के किन-किन कार्यालयों में प्रभावशील की गई है? (घ) सहायक आयुक्त धार द्वारा धार जिले में कितने अंशकालीन कर्मचारियों को नियमानुसार नियमित किया गया एवं कितने शेष हैं? विधानसभावार जानकारी देवें। (ड.) श्रम विभाग के पत्र क्रमांक 2084 दिनांक 27.08.2024 को कलेक्टर धार को बताया गया कि सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग धार द्वारा शासन के दिशा निर्देशों का पालन न करते हुए अंशकालीन कर्मचारियों को प्रभावशील मानदेय से वंचित रखा जा रहा है यदि हाँ, तो संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों पर क्या कार्यवाही की जावेगी?

 मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

अधिकारी/कर्मचारी की पदोन्नति

[सामान्य प्रशासन]

89. ( क्र. 2649 ) श्री राजन मण्‍डलोई : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                     (क) क्या प्रदेश में विगत 10 वर्षों से पात्र अधिकारियों/कर्मचारियों की पदोन्नति नहीं हो रही है? यदि हाँ, तो क्या कारण है कि, शासन स्तर से अब तक इस समस्या का समाधान नहीं हो पाया? बतावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अधिकारियों/कर्मचारियों की पदोन्‍नति के संबध में शासन द्वारा वर्तमान में कोई नीतिगत नियम बना रहा है? यदि हाँ, तो यह कब तक लागू होंगे? यदि नहीं, तो कारण बतावें। (ग) शासन द्वारा निम्न श्रेणी के अधिकारियों/कर्मचारियों को उच्च पद का प्रभार दिया जा रहा है तो, उसमें अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति का रोस्टर का पालन करते हुये बैकलॉग पदों की पूर्ति क्यों नहीं की जा रही है? नियम/निर्देश बतावें। (घ) ऐसे विभाग जिसमे पदोन्नति पद रिक्त होने के उपरान्त भी उच्च पद का प्रभार पात्र अधिकारियों/कर्मचारियों को नहीं दिया जा रहा है, क्या शासन ऐसे विभागों पर कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक समय-सीमा बतावें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय में दायर एस.एल.पी. क्रमांक 13954/2016 में पारित अंतरिम आदेश दिनांक 12.05.2016 द्वारा यथास्थिति बनाये रखने से पदोन्‍नति की प्रक्रिया बाधित है। (ख) वैधानिक स्थिति परीक्षणाधीन है। (ग) चालू प्रभार अस्‍थाई व्‍यवस्‍था होने के कारण रोस्‍टर एवं बैकलॉग नियम लागू नहीं होते हैं। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है।

आदिवासी बेरोजगार युवाओं को रोजगार का प्रदाय

[सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम]

90. ( क्र. 2653 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रतलाम, झाबुआ में वर्ष 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम विभाग के द्वारा कितने युवाओं को रोजगार हेतु योजनान्तर्गत ऋण उपलब्ध कराया गया है? जानकारी पृथक-पृथक बतावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को रोजगार हेतु ऋण उपलब्ध कराने का कितना-कितना लक्ष्य रखा हैं? क्या मध्यप्रदेश सरकार की आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की मंशा हैं? यदि हाँ, तो कितने बेरोजगार युवाओं को दिसम्बर 2025 तक ऋण उपलब्ध करवा दिया जायेगा और कितनी-कितनी राशि का ऋण दिया जायेगा? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? स्पष्ट कारण बतावें। (ग) मध्यप्रदेश सरकार की बेरोजगार युवाओं को रोजगार से जोड़ने हेतु वर्तमान में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम विभाग द्वारा कौन-कौन सी योजनाओं का संचालन किया जा रहा हैं? संचालित योजना का नाम, योजना का लाभ लेने हेतु न्यूनतम योग्यता, ऋण की न्यूनतम व अधिकतम सीमा, ऋण की ग्यारंटी, अ.जा. व अ.ज.जा. वर्ग को कितना प्रतिशत अनुदान आदि की जानकारी पृथक-पृथक बतावें।

सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ) : (क) प्रश्‍नाधीन अवधि में सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम विभाग द्वारा मुख्यमंत्री उद्यम क्रान्ति योजना के मध्यम से रतलाम तथा झाबुआ जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र, जिसके अंतर्गत रतलाम जिले के सैलाना एवं बाजना विकासखंड एवं झाबुआ जिले के सभी विकासखंड सम्मिलित हैं, संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार स्थापना हेतु बैंक द्वारा ऋण उपलब्ध कराया गया है। विभाग द्वारा ब्‍याज अनुदान एवं ऋण गारंटी फीस स्‍वीकृत की गई है। अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं के लिए अनुसूचित जाति कल्‍याण विभाग की ‘’संत रविदास स्‍वरोजगार योजना'' तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं के लिए जनजाति कार्य विभाग की ‘’भगवान बिरसा मुण्‍डा स्‍वरोजगार योजना'' के अंतर्गत ऋण उपलब्‍ध कराया जाता है। (ख) मुख्यमंत्री उद्यम क्रान्ति योजनान्तर्गत, जिलेवार लक्ष्य निर्धारित किये जाते हैं। प्रश्‍नाधीन अवधि में रतलाम तथा झाबुआ जिले हेतु निर्धारित जिलेवार एवं वर्षवार लक्ष्य संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। वित्‍तीय वर्ष 2025-26 प्रारम्‍भ होने पर लक्ष्‍य निर्धारित किये जावेंगे। (ग) वर्तमान में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग द्वारा शिक्षित बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने हेतु मुख्यमंत्री उद्यम क्रान्ति योजना संचालित है। योजनान्तर्गत न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 8वीं पास, आयु सीमा 18-45 वर्ष, परियोजना सीमा राशि रूपए 50 हज़ार से 25 लाख तक सेवा एवं व्यवसाय इकाई हेतु तथा राशि रूपए 50 हज़ार से 50 लाख तक विनिर्माण इकाई हेतु निर्धारित है। बैंक द्वारा ऋण स्‍वीकृत किया जाता है। ऋण की गारंटी भारत सरकार की CGTMSE योजना अंतर्गत प्रदान की जाती है, जिसकी फीस की प्रतिपूर्ति विभाग द्वारा हितग्राहियों को की जाती है। इसमें हितग्राहियों को 3% प्रतिवर्ष की दर से ब्याज अनुदान सहायता, त्रैमासिक आधार पर, अधिकतम 7 वर्षों तक दी जाती है।

 परिशिष्ट - "तैंतीस"

आंगनवाड़ी केन्द्रों में कार्यकर्ताओं/सहायिकाओं की नियुक्ति

[महिला एवं बाल विकास]

91. ( क्र. 2654 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) रतलाम जिले में वर्ष 2011 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं/सहायिकाओं की नियुक्ति हेतु विज्ञापन जारी किये गये तथा उनमें से कितनों को नियुक्ति दी गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित की गई नियुक्तियों में कितनी शिकायतें प्राप्त हुई तथा उनमें से कितनों का निराकरण कर दिया गया है तथा कितनी शिकायतें लंबित है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार इन शिकायतों का आंगनवाड़ी केन्द्रवार विवरण प्रस्तुत करते हुये कृपया बतायें कि किन-किन पर भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतें की गई थी? क्या भ्रष्टाचार में लिप्त दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही की गई हैं? यदि हाँ, तो सम्पूर्ण जानकारी बतावें। यदि नहीं, तो क्यों नहीं? (घ) प्रश्‍नांश (क) के अंतर्गत क्या भर्ती प्रक्रिया में की गई शिकायतों की जांच की गई है? यदि हाँ, तो प्रत्येक के जांच प्रतिवेदन की प्रतियां उपलब्ध करावें। यदि नहीं, तो जांच लंबित होने का कारण बताएं।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) 389 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, 74 मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तथा 535 आंगनवाड़ी सहायिकाओं की नियुक्ति हेतु विज्ञापन जारी किये गये हैं तथा इन सभी पदों पर नियुक्ति कर दी गई है। (ख) नियुक्ति प्रक्रिया में अपीलीय प्रावधन होने के कारण पृथक से शिकायतें निरंक हैं। नियुक्तियों से संबधित सभी अपीलों का निराकरण कर दिया गया है। अतः शेष जानकारी का प्रश्‍न ही नहीं। (ग) नियुक्ति प्रक्रिया में अपीलीय प्रावधान होने के कारण पृथक से शिकायतें निरंक हैं। अतः शेष जानकारी का प्रश्‍न ही नहीं। (घ) उत्तरांश (ख) अनुसार जानकारी होने से शेष जानकारी का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

डकैती और व्यपहरण प्रभावित क्षेत्र अधिनियम, 1981 के प्रकरण

[गृह]

92. ( क्र. 2656 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा सार्वजनिक मंच से कहा है कि संपूर्ण मध्यप्रदेश डकैत विहीन हो गया है? क्या प्रदेश डकैत विहीन हो चुका है? यदि हाँ, तो कब? यदि नहीं, तो कहाँ-कहाँ पर कितने-कितने डकैत है एवं शासन प्रदेश को डकैतों से मुक्ति क्यों नहीं दिला पाई? (ख) क्या प्रदेश में मध्यप्रदेश डकैती और व्यपहरण प्रभावित क्षेत्र अधिनियम, 1981 वर्तमान में लागू है, यदि हाँ, तो किन-किन जिलों में एवं उक्त अधिनियम के तहत 5 वर्षों में कहाँ-कहाँ कितने-कितने प्रकरण दर्ज किए गए? वर्षवार, थानेवार जानकारी देवें। (ग) क्या चंबल संभाग में पुलिस द्वारा मध्यप्रदेश डकैती और व्यपहरण क्षेत अधिनियम, 1981 एक्ट लगने की धौंस देकर चंबल संभाग सीधे-साधे लोगों से अवैध वसूली की जा रही है? (घ) जब प्रदेश डकैत विहीन है एवं शासन की भी मंशा नहीं कि आमजनों पर उक्त एक्ट अंतर्गत गलत तरीके से प्रकरण पंजीबद्ध किए जाएं, तो इस एक्ट को समाप्त क्यों नहीं किया जा रहा? क्या शासन इस एक्ट को समाप्त करने पर विचार करेगा? यदि हाँ, तो कब तक समाप्त किया जाएगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) ऐसा कोई अभिलेख विभाग में उपलब्ध नहीं है। वर्तमान में प्रदेश में कोई सूचीबद्ध डकैत गिरोह सक्रिय नहीं हैं। पुलिस द्वारा डकैत गिरोह की गतिविधियों पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण कर लिया गया है। परन्तु यदाकदा सीमावर्ती राज्यों से कुछ अंतर्राज्यीय डकैत गिरोह की सक्रियता दस्यु प्रभावित क्षेत्र में दृष्टि गोचर होती है जिनके विरूद्ध तत्काल वैधानिक कार्यवाही की जाती है। (ख) मध्यप्रदेश डकैती और व्यपहरण प्रभावित क्षेत्र अधिनियम 1981 प्रदेश के कुछ जिलों के कुछ थानो/क्षेत्रों में लागू है, जिनका विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" अनुसार है। उक्त अधिनियम के तहत 5 वर्षों में दर्ज प्रकरणों की जानकारी वर्षवार/थानेवार पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" अनुसार है। (ग) जी नहीं। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है।

शराब बिक्री में अनियमितता

[वाणिज्यिक कर]

93. ( क्र. 2657 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्तीय वर्ष 2023-24 से प्रश्‍न दिनांक तक मुरैना जिले की शराब दुकानों में मदिरा स्टॉक की नियमित जांच और निगरानी के दौरान किस प्रकार की अनियमितताएं किन तिथियों को पाई गईं? लाइसेंसियों या अधिकृत व्यक्ति पर अब तक लगाए गए अर्थदंड और कार्यवाही आदेशों की प्रतियां दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में लाइसेंसियों द्वारा प्राप्त मदिरा, किस व्यक्ति द्वारा अवैधानिक रूप से परिवहन, विक्रय करते हुए जब्त हुई? मात्रा सहित प्रकरणों का विवरण प्रतियों सहित दें। साथ ही कितनी दुकानों पर अंकित मूल्य से अधिक मूल्य वसूलने एवं बिल नहीं देने की शिकायतें प्राप्त हुईं? (ग) म.प्र. के राजपत्र अनुसार क्षेत्र की जनसंख्या अनुसार मदिरा बिक्री की कोई भी दुकान राष्ट्रीय/राज्य राजमार्ग एवं सर्विस लेन से कितनी दूरी के भीतर नहीं होनी चाहिए? नियमों का स्पष्ट उल्लेख करें मुरैना जिले में कितनी दुकानें नियम विरुद्ध मापदंड से संचालित है? समस्त दुकानों की राष्ट्रीय/राज्य राजमार्ग के बाहरी किनारे की कितनी-कितनी दूरी है? (घ) मुरैना जिले के लाइसेंसियों पर दर्ज अपराध और बकाया का विवरण देते हुए बताएं कि क्या उनके आपराधिक रिकॉर्ड का सत्यापन किया गया है? यदि हाँ, तो उसकी प्रतियां दें।

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) वित्तीय वर्ष 2023-24 से प्रश्‍न दिनांक तक अर्थात दिनांक 01 अप्रैल 2023 से 28.02.2025 तक की अवधि में मुरैना जिले की मदिरा दुकानों में मदिरा स्टॉक की नियमित जांच और निगरानी के दौरान सामान्यतः मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 के तहत प्रावधानित नियम, सामान्य अनुज्ञप्ति की शर्त, अनुज्ञप्ति की शर्त, सामान्य प्रयोग के नियम, शासन एवं आबकारी आयुक्त द्वारा जारी आदेश/निर्देश आदि के उल्लंघन स्वरूप विभागीय प्रकरण दर्ज किये जाते हैं। प्रश्‍नाधीन अवधि में मुरैना जिले की मदिरा दुकानों के लायसेंसियों द्वारा की गई अनियमितताओं के विरूद्ध कुल 2818 विभागीय प्रकरण दर्ज किये गये हैं। तिथिवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। लायसेंसियों के विरूद्ध अधिरोपित अर्थदण्ड की कार्यवाही एवं आदेशों की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में जिले के लायसेंसियों द्वारा प्राप्त मदिरा के अवैधानिक रूप से परिवहन एवं विक्रय के प्रकरणों की जानकारी निरंक है। साथ ही न्यूनतम विक्रय दर/अधिकतम विक्रय दर/बिल नहीं देने की 76 शिकायतें प्राप्त हुई। जिनकी जांच के दौरान 08 शिकायतें सत्य पाये जाने पर संबंधित मदिरा दुकान का लायसेंस 01 दिवस के लिये निलम्बित कर, अर्थदण्ड के साथ-साथ मदिरा विक्रय प्रतिबंधित किया गया। आदेशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। (ग) मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 111, दिनांक 31 मार्च 2023 अनुसार मदिरा दुकानों के राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप जनसंख्या अनुसार मदिरा दुकानों की अवस्थिति संबंधी संशोधित नियम निम्नानुसार हैं :- 1. जिन क्षेत्रों में जनसंख्या 20000 से अधिक है, वहां मदिरा बिक्री की कोई भी दुकान राष्ट्रीय/राज्य राजमार्ग अथवा राष्ट्रीय/राज्य राजमार्ग के सर्विस लेन के बाहरी किनारे से 500 मीटर से कम दूरी पर स्थित नहीं होगी। 2. जिन क्षेत्रों में जनसंख्या 20000 से कम है, वहां मदिरा बिक्री की कोई भी दुकान राष्ट्रीय राज्य राजमार्ग अथवा राष्ट्रीय राज्य राजमार्ग के सर्विस लेन के बाहरी किनारे से 220 मीटर से कम दूरी पर स्थित नहीं होगी। उपरोक्त नियम किसी नगरीय निकाय (नगरनिगम/नगरपालिका/नगर पंचायत) की परिसीमा में स्थित किसी राष्ट्रीय राज्य राजमार्ग के खण्ड भाग में स्थापित/अवस्थित मदिरा दुकान पर लागू नहीं होंगे। मुरैना जिले में संचालित समस्त मदिरा दुकानें उपरोक्त नियमानुसार संचालित हो रही हैं। कम्पोजिट मदिरा दुकानों की राष्ट्रीय राजमार्ग/राज्य राजमार्ग के समीप अवस्थित दूरी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-तीन अनुसार है। (घ) प्रश्‍नांश अवधि में जिला आबकारी कार्यालय मुरैना में लायसेंसियों के विरूद्ध दर्ज आपराधिक प्रकरणों की कोई जानकारी प्रकाश में नहीं आने/पुलिस विभाग द्वारा प्राप्त नहीं होने से जानकारी निरंक है। बकाया राशि के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-चार अनुसार है।

स्टाम्प ड्यूटी के रूप में प्राप्त मुद्रांक शुल्क की जानकारी

[वाणिज्यिक कर]

94. ( क्र. 2662 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शिवपुरी जिला अंतर्गत वर्ष 2019 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक शासन विभाग ‌द्वारा कितना मुद्रांक शुल्क, स्टाम्प ड्यूटी के रूप में प्राप्त किया? वर्षवार जानकारी दी जावे। (ख) क्या प्राप्त मुद्रांक शुल्क जमा राजस्व राशि का नियमानुसार शिवपुरी जिले के विकासखंडवार उन्नति एवं प्रगति अथवा अन्य प्रयोजन हेतु किसी विभाग को किसी कार्य विशेष हेतु प्रदान की गई है, यदि हाँ, तो वर्षवार जानकारी दें। (ग) क्या उपरोक्त उल्लेखित वर्षों के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति वर्ग के भूमि विक्रेताओं ने कितने विक्रय पत्र अथवा बंधक पत्र या अनुबंध कर पंजीयन हेतु किसी प्रकार का कोई विक्रय पत्र सम्पादित किया तो वर्षवार अवगत कराएं? (घ) उपरोक्तानुसार प्रश्‍न में धारा 165 (6) के तहत दी जाने वाली अनुमति के बगैर कितनी भूमियों की रजिस्ट्री की गई? यदि अनुमति लेकर रजिस्ट्रियां की गई तो, कितनी दोनों स्थितियों में हुई अनियमितता की जांच की जाकर क्या कार्यवाही हुई? यदि नहीं, की गई तो क्यों? (ङ) जिला शिवपुरी में पदस्थ उप पंजीयकों के विरूद्ध विगत 03 वर्षों में विक्रय पत्र किये जाने में अनियमितता किये जाने एवं स्टाम्प चोरी एवं मुद्रांक शुल्क कम लिये जाने की कितनी शिकायतें प्राप्त हुई तथा प्राप्त शिकायतों पर क्या कार्यवाही की गई, यदि नहीं, की तो क्यों? सूची सहित जानकारी दी जावे।

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) शिवपुरी जिला अंतर्गत वर्ष 2019 से लेकर दिनांक 27.02.2025 तक स्टाम्प ड्यूटी के रूप में प्राप्त मुद्रांक शुल्क की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। (ख) कर राजस्‍व प्रदेश की समेकित निधि में जमा होता है एवं बजट के माध्‍यम से व्‍यय होता है। अत: जिला विशेष में व्‍यय का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।                                   (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। (घ) प्रश्‍नांश अवधि में शिवपुरी जिला अंतर्गत अनुसूचित जनजाति से अनुसूचित जनजाति के मध्य कुल 2656 दस्तावेज पंजीबद्ध हुये हैं जिनमें किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं है। अनुसूचित जनजाति से अन्य वर्गों में कुल 274 दस्तावेज पंजीबद्ध हुये हैं जिनमें उपलब्ध अभिलेख अनुसार अनुमति आदेश का विवरण अंकित है। प्रथम दृष्‍टया कोई अनियमितता प्रतीत न होने से कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।                                       (ङ) जिला शिवपुरी में पदस्थ उप पंजीयकों के विरूद्ध विगत 03 वर्षों में विक्रय पत्र किये जाने में अनियमितता किये जाने एवं स्टाम्प चोरी एवं मुद्रांक शुल्क कम लिये जाने संबंधी जिला पंजीयक कार्यालय शिवपुरी में 18 तथा विभागाध्यक्ष कार्यालय स्तर पर 10 शिकायतें प्राप्त हुई। प्राप्त शिकायतों एवं उन पर की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है।

सीधी जिले में अपराधिक प्रकरणों को कम किया जाना

[गृह]

95. ( क्र. 2667 ) श्रीमती रीती पाठक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                            (क) सीधी विधानसभा में भौगोलिक परिस्थिति को दृष्टिगत रखते हुए ग्राम पंचायत खाम्ह एवं पटेहरा (मुगुल चौराहा के पास) नवीन चौकियों के स्थापना की मांग सदन के माध्यम से पूर्व में भी की जा चुकी है? ये चौकियाँ कब तक स्वीकृत की जाएंगी? (ख) जिला सीधी में पुलिस विभाग में कई पद रिक्त हैं, पर्याप्त बल उपलब्ध न होने के कारण अपराधों के नियंत्रण में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है, सीधी जिले में पर्याप्त पुलिस बल कब तक उपलब्ध होंगे? (ग) सीधी जिले में प्रत्येक थाना क्षेत्रों एवं चौकी स्तर तक वन स्टाप सेंटर खोले जाने की मांग प्रश्‍नकर्ता द्वारा पहले भी सदन के माध्यम से की जा चुकी है इससे अपराधों के निपटारे में तेजी आएगी एवं महिलाओं को न्याय मिलना और भी आसान होगा, इस दिशा में अब तक सरकार द्वारा क्या कदम उठाए गए हैं? इन स्टाप सेन्टरों की स्थापना कब तक की जावेगी? सीधी जिले में कार्यरत पुलिस कर्मियों के रहने हेतु पर्याप्त मात्रा में शासकीय आवास उपलब्ध नहीं है। (घ) नवीन आवास निर्माण करते हुए पुलिस कर्मियों को इनके आवंटन के लिए सरकार की क्या कार्य योजना है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। विधानसभा के बजट सत्र 2024 में तारांकित प्रश्‍न कमांक 372 एवं शीतकालीन सत्र 2024 में तारांकित प्रश्‍न कमांक 833 के माध्यम से ग्राम पंचायत खाम्ह एवं के पटेहरा (मुगल चौराहा के पास) नवीन चौकियों की स्थापना की मांग की गई थी। दोनों चौकियों को स्वीकृत किये जाने संबंधी प्रस्ताव निर्धारित मापदण्ड के अनुसार पूर्ण नहीं होने से अमान्य किये गये। (ख) पद रिक्त होना तथा उनकी पूर्ति एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, प्रदेश स्तर पर आरक्षक के 7500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रचलन में है। शेष रिक्त पद अन्य वर्ग के होने पर पात्रतानुसार उच्च पद का (कार्यवाहक) प्रभार देने की कार्यवाही समय-समय पर की जा रही है।                              (ग) वन स्टाप सेंटर खोले जाने की कोई कार्ययोजना नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। वर्तमान में सीधी जिले में 561 पुलिस आवास उपलब्ध है। (घ) वर्तमान में सीधी जिले में पुलिस कर्मियों हेतु नवीन आवास निर्माण की कोई कार्ययोजना नहीं है।

खनिज उत्पादों के उत्खनन को बढ़ावा देने हेतु नीति

[खनिज साधन]

96. ( क्र. 2668 ) श्रीमती रीती पाठक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                                             (क) सीधी जिले में ग्रेनाइट, मार्बल, लाइम स्टोन और बॉक्साइट की खदानें संचालित हैं और कई लोग नई खदानें स्वीकृत कराने हेतु प्रयासरत हैं, सीधी जिले से मार्बल और ग्रेनाइट उत्खनन कर अन्य राज्यों में निर्यात भी किया जाता है किन्तु शासन स्तर से पर्याप्त बल न मिलने व सुविधाओं के आभाव के कारण केवल एक-दो खदानें ही संचालित हैं, इन खनिज पदार्थों के पर्याप्त मात्रा में उत्खनन से मध्यप्रदेश सरकार को राजस्व का लाभ भी होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार का श्रीजन भी होगा। हमारी सरकार द्वारा इन खनिजों के उत्खनन को बढ़ावा देने के लिए क्या नीति है? (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित खनिजों के उत्खनन हेतु विभाग द्वारा नवीन खदानें चिन्हित की गई हैं? यदि हं तो उसकी निविदा प्रक्रिया व आवंटन की स्थिति क्या है? (ग) ऐसे क्षेत्रों में जहाँ खनिज उत्खनन किया जा रहा है, वहाँ बिजली, पानी, सड़क आदि अधोसंरचना विकास के लिए मध्यप्रदेश सरकार की क्या नीति है, पर्यावरण को सुरक्षित रखते हुए खनिज उत्खनन के प्रोत्साहन हेतु सरकार द्वारा क्या कार्य किए जा सकते हैं व सीधी जिले में अधोसंरचना के ऐसे कौन-कौन से कार्य किए गए हैं?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) सीधी जिले में वर्तमान में खनिज ग्रेनाइट की 04 खदानें, मार्बल की 01 खदान और बॉक्साइट की 03 खदानें संचालित हैं, जिनसे वर्तमान वित्तीय वर्ष में कुल 21.61 करोड़ रुपए राजस्व प्राप्त हुआ है। गौण खनिज ग्रेनाइट तथा मार्बल के लिए मध्यप्रदेश शासन द्वारा मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम 1996 लागू किये गये है। मुख्य खनिज लाइम स्टोन और बॉक्साइट के लिए भारत सरकार द्वारा बनाए गये खनिज (परमाणु और हाइड्रो कार्बन ऊर्जा खनिज के अलावा) रियायत नियम 2016 लागू है। उक्त नियम खनिजों के पारदर्शी तरीके से आवंटन तथा खनन को बढ़ावा देने हेतु बनाए गये है, जिसका पालन किया जा रहा है। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित गौण खनिज ग्रेनाइट, मार्बल हेतु मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम 1996 के तहत आवेदन पत्र के आधार पर खदान स्वीकृत करने के प्रावधान है। अतः विभाग स्तर से इन खनिजों की नवीन खदानें चिन्हित नहीं की गई है, अपितु प्रश्‍नाधीन जिले में वर्तमान में खनिज ग्रेनाइट के 08 तथा खनिज मार्बल के 01 आवेदन पत्र उत्खनन पट्टा प्राप्ति हेतु आवेदकों द्वारा प्रस्तुत किये गये है। मुख्य खनिज लाइम स्टोन और बॉक्साइट की खदानें चिन्हित कर भारत सरकार द्वारा बनाए गए खनिज (नीलामी) नियम 2015 के अनुरूप नीलामी के माध्यम से आवंटित किये जाने के प्रावधान है। इस हेतु विभाग द्वारा लाईमस्टोन खनिज की 01 नवीन खदान चिन्हांकित की गई है। प्रश्‍नांश के शेष भाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ पर दर्शित है। (ग) ऐसे क्षेत्रों में जहाँ खनिज उत्खनन किया जा रहा है वहाँ बिजली, पानी, सड़क से संबंधित विभागों द्वारा विभाग की योजना अनुसार कार्य किया जाता है, इसके अतिरिक्‍त बिजली, पानी, सड़क, आदि अधोसंरचना विकास के लिए मध्यप्रदेश सरकार दवारा मध्यप्रदेश जिला खनिज प्रतिष्ठान नियम 2016 अधिसूचित किया गया है। इस नियम में पर्यावरण को सुरक्षित रखते हुए खनिज उत्खनन के प्रोत्साहन हेतु किए जाने वाले कार्यों को समाहित किया गया है। प्रश्‍नांश के शेष भाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब पर दर्शित है।

स्‍थाई कर्मियों को सातवां वेतनमान का लाभ

[सामान्य प्रशासन]

97. ( क्र. 2677 ) श्री आरिफ मसूद : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के समस्त विभागों/निगम/मण्डल/नगरीय निकायों, विश्ववि‌द्यालयों/शासकीय महावि‌द्यालयों में स्थाई कर्मी को सातवां वेतनमान देने की क्या मंशा है? क्या मध्यप्रदेश शासन, पंचायत सचिवों की भांति शेष स्थाई कर्मियों को सातवां वेतनमान दिया जाएगा? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में समस्त विभागों/निगम/मण्डल/नगरीय निकायों/ विश्ववि‌द्यालयों/शासकीय महावि‌द्यालयों में स्थाई कर्मियों को शासन द्वारा अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने के आदेश जारी किए जाएंगे अथवा नहीं? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्यों? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में क्या शासकीय विभागों में स्थानीय निधि से वेतन पाने वाले स्थाई कर्मियों को नियमितीकरण के उपरांत नियमितीकरण का लाभ प्रदान नहीं किया जा रहा है यदि हाँ, तो क्यों? यदि नहीं, तो कब तक? क्या अभियान चलाकर नियमितीकरण प्रदान किया जाएगा? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में क्या समस्त निधियों से वेतन पाने वाले समस्त विभागों के स्थाई कर्मियों को नियमिति कार्मिकों की भांति चिकित्सा, आवास, अवकाश, नवीनतम महंगाई भत्ता आदि का लाभ प्रदान किया जा रहा है यदि नहीं, तो क्यों? यदि हाँ, तो इसका पालन नहीं करने वाले अधिकारियों पर कब तक कार्यवाही की जाएगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित करने के उद्देश्‍य से सामान्‍य प्रशासन विभाग के परिपत्र दिनांक 16.05.2007 अनुसार दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित किये जाने संबंधी कार्यवाही के निर्देश जारी किये गये हैं, परिपत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। तत्‍पश्‍चात परिपत्र दिनांक 07.10.2016 द्वारा दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को ''स्‍थाई कर्मी'' की श्रेणी प्रदान करते हुए, जिला स्‍तर के चतुर्थ श्रेणी के रिक्‍त पदों पर एक वर्ष की समय-सीमा में नियमित करने की कार्यवाही के निर्देश जारी किये गये थे, परिपत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय द्वारा न्‍यायालयीन प्रकरण क्रमश: जग्‍गू विरूद्ध भारत सरकार तथा विनोद कुमार विरूद्ध भारत सरकार एवं अन्‍य में पारित निर्णय के परिप्रेक्ष्‍य में सामान्‍य प्रशासन विभाग के पत्र दिनांक 28.02.2025 द्वारा शासन के समस्‍त विभागों में पदस्‍थ कर्मचारियों की जानकारी चाही गई है, सभी विभागों से जानकारी प्राप्‍त होने के उपरांत ही अग्रिम में निर्णय लिया जा सकता है, अत: समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (घ) जी नहीं, स्‍थाई कर्मियों तथा राज्‍य शासन के नियमित कर्मचारियों की सेवा-शर्तें भिन्‍न होने से। शेष प्रश्‍न उपस्थि‍त नहीं होता।

मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ राज्य के समस्त पेंशनधारियों पर लागू धारा 49 (6)

[वित्त]

98. ( क्र. 2680 ) श्री विवेक विक्की पटेल : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ राज्य के समस्त विभागों में सेवानिवृत्‍त पेंशनर्स पर धारा 49 (6) लगाई गई है? यदि हाँ, तो यह धारा क्या है एवं इसे पेंशनर्स पर क्यों लगाया गया है? कारण सहित संपूर्ण विवरण मय दस्तावेज सहित प्रदान करें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अंतर्गत दोनों राज्यों के पेंशनर्स पर लागू धारा 49 (6) को आज तक क्यों नहीं हटाया गया है एवं उसे हटाने की प्रक्रिया क्या होगी? क्या इसे हटाने से राज्य शासन को कोई आर्थिक क्षति होगी? यदि नहीं, तो इससे राज्य शासन को क्या आर्थिक लाभ हो रहा है? धारा 49 (6) कब तक पेंशनर्स पर लागू रहेंगी अथवा हटा ली जाएगी? समय-सीमा बताएं। (ग) क्या धारा 49 (6 ) के कारण दोनों राज्य के पेंशनर्स को महंगाई भत्ता में वृद्धि के आदेश हेतु दोनों राज्य शासन की सहमति आवश्यक होती है? यदि हाँ, तो क्या यह दोषपूर्ण नहीं है क्योंकि उन्हें कई माह के महंगाई भत्ते की राशि का नुक्सान उठाना पड़ता है?                           (घ) वर्ष 2000 में मध्यप्रदेश की तरह बिहार राज्य से झारखंड एवं उत्तरप्रदेश राज्य से उत्तराखंड नए राज्य बने किन्तु वहां के पेंशनर्स पर यह धारा नहीं लगाई गई? यदि हाँ, तो मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ राज्य के पेंशनर्स पर यह धारा अनावश्यक क्यों लागू है?

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ। मध्‍यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49 पेंशनों की बाबत् दायित्‍व का प्रभाजन से संबंधित है। मध्‍यप्रदेश पुनर्गठन के आधार पर पेंशन दायित्‍व के उचित प्रभाजन के दृष्टिगत अधिनियम की धारा 49 प्रभावशील है। अधिनियम की धारा 49 से संबंधित जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ख) मध्‍यप्रदेश राज्‍य पुनर्गठन अधिनियम 2000 केन्‍द्र सरकार का अधिनियम है, राज्‍य शासन उक्‍त अधिनियम में स्‍वत: कोई संशोधन नहीं कर सकती है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार है। (घ) प्रत्‍येक राज्‍य का पुनर्गठन पृथक-पृथक अधिनियमों से प्रशासित है। भारत सरकार के अधिनियम "मध्‍यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2000'' में धारा 49 के संबंध में प्रावधान है।

परिशिष्ट - "चौंतीस"

राज्य सेवा परीक्षा 2015 में चयनित के जाति प्रमाण-पत्र की जांच

[गृह]

99. ( क्र. 2686 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                  (क) क्या MPPSC से राज्य सेवा परीक्षा 2015 में उप पुलिस अधीक्षक पद पर चयनित अक्षय सिंह मरकाम पिता स्व. नागेश्वरजी गुप्ता द्वारा अपना नाम अक्षय गुप्ता से परिवर्तित कराकर अक्षय सिंह मरकाम किया गया और MPPSC में अनुसूचित जनजाति के जाति प्रमाण-पत्र के तहत उप पुलिस अधीक्षक का शासकीय पद प्राप्त किया? प्रति सहित बतावें। (ख) अक्षय सिंह मरकाम के पिता स्व. नागेश्वरजी गुप्ता मूलरूप से किस राज्य के मूल निवासी हैं? अक्षय सिंह मरकाम के जाति प्रमाण-पत्र बनाने का आधार उनके पिता स्व. नागेश्वरजी गुप्ता के अनुसूचित जनजाति प्रमाण-पत्र की प्रति उपलब्ध करवाएं। (ग) अक्षय सिंह मरकाम का भुजिया जनजाति का प्रमाण-पत्र किस जिले के किस एस.डी.एम. द्वारा किन-किन प्रमाण-पत्रों के आधार पर किस दिनांक को बनाया गया? अक्षय सिंह मरकाम की जाति प्रमाण-पत्र, एस.डी.एम. का नाम-पता पदस्थ स्थान एवं आधार प्रमाण-पत्र की प्रतिलिपि देवें। (घ) भुजिया जनजाति प्रदेश के किस-किस जिले में निवासरत है, किस-किस जिले में भुजिया जनजाति का प्रमाण-पत्र जारी किया जाता है? (ङ) अक्षय सिंह मरकाम की जाति प्रमाण-पत्र के फर्जी होने के संबंध में किस-किस ने क्या-क्या शिकायत की, उस पर की गई कार्रवाई की प्रति देवें। यदि कार्रवाई नहीं की गई तो कारण बतावें। क्या अक्षय सिंह मरकाम के रक्त संबंधियों की सूक्ष्म जांच कर इनके अनुसूचित जनजाति प्रमाण-पत्र की जांच की गई, यदि नहीं, तो विधिसम्मत कारण बतावें। यदि हाँ, तो प्रति देवें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी नहीं। एम.पी.पी.एस.सी. से राज्य सेवा परीक्षा-2015 में उप पुलिस अधीक्षक के पद पर श्री अक्षय सिंह मरकाम का चयन नहीं हुआ है। (ख) से (ड.) उत्‍तरांश "क" के अनुक्रम में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

जीर्णशीर्ण पुलिस स्टाफ क्वार्टर

[गृह]

100. ( क्र. 2688 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                           (क) क्या विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत पुलिस स्टाफ हेतु पूर्व में निर्मित पुलिस क्वार्टर पूर्ण रूप से जीर्ण-शीर्ण होकर बदहाल अवस्था में है? यदि हाँ, तो क्या उक्त भवन को डिसमेंटल करने हेतु कोई कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों। क्या कोई प्रस्ताव विभाग को भेजा गया है? की गई कार्यवाहियों की छायाप्रतियां उपलब्ध कराएं। (ख) क्या कारण है की प्रश्‍न दिनांक तक जीर्ण-शीर्ण भवन के डिस्मेंटल एवं नवीन भवन के निर्माण हेतु कोई कार्यवाही ही नहीं की गई? क्या शासन के पास राशि का अभाव है? यदि नहीं, तो कब तक पुराने भवन को डिसमेंटल कर नवीन भवन का निर्माण कर दिया जायेगा। (ग) क्या पुलिस स्टॉफ खस्ता एवं बदहाल अवस्था में रहने को मजबूर हैं? क्या पूर्ण रूप से जीर्ण-शीर्ण भवन कभी भी गिरने एवं होने वाली जनहानि के लिए कौन जिम्मेदार है? क्या पुलिस जवानों के लिए भवन निर्माण किया जाना आवश्यक नहीं है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। जिला उज्जैन के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र महिदपुर के विभिन्न थाना परिसर में जीर्ण-शीर्ण शासकीय क्वार्टरों को डिसमेंटल करने हेतु पुलिस अधीक्षक जिला उज्जैन द्वारा कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग उज्जैन संभाग की ओर डिसमेंटल की कार्यवाही की हेतु प्रेषित किया गया है। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार पुलिस अधीक्षक जिला उज्जैन के पत्रों के माध्यम से डिस्मेंटल हेतु कार्यवाही की गई है। मुख्यमंत्री पुलिस आवास योजना अंतर्गत जिला उज्जैन में आवासों का निर्माण आगामी चरणों में किया जायेगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) समस्त कण्डम आवास वर्तमान में पूर्णतः रिक्त अवस्था में हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। जी हाँ, मुख्यमंत्री पुलिस आवास योजनांतर्गत जिला उज्जैन में आवासों का निर्माण आगामी चरणों में किया जावेगा।

परिशिष्ट - "पैंतीस"

फर्शी-पत्थर धारित नवीन क्षेत्रों के खनन के प्रस्‍ताव

[खनिज साधन]

101. ( क्र. 2691 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि  (क) क्या कलेक्टर जिला पन्ना ने पत्र क्रमांक 967-68/11/एम/3/6/2022 पन्ना दिनांक 24.08.2022 के माध्यम से पन्ना जिले में फर्शी पत्थर धारित नवीन क्षेत्रों के खनन हेतु प्रस्ताव संचालक भौमिकी तथा खनिकर्म म.प्र. भोपाल को प्रेषित किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो उस प्रस्ताव पर आज दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? उक्त प्रस्ताव वर्तमान में किस स्तर पर लंबित है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) प्राप्‍त प्रस्‍ताव में हीरा/फर्शी पत्‍थर के नवीन क्षेत्रों के चिन्‍हांकन एवं खनिज क्षेत्र उपलब्‍ध कराने का प्रस्‍ताव है। खनिज हीरे  हेतु केन्‍द्रीय सरकार की पूर्वेक्षण एजेन्‍सी एवं राज्‍य सरकार द्वारा उक्‍त खनिज हेतु पहले पूर्वेक्षण कार्य किया जाता है। उसके पश्‍चात खनिज की उपलब्‍धता होने पर उसको खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 में संशोधन दिनांक 12/01/2015 के प्रावधान के अंतर्गत हीरा खनिज का खनिपट्टा नीलामी के माध्‍यम से किये जाने के प्रावधान हैं। खनिज फर्शी पत्‍थर हेतु स्‍वयं आवेदक द्वारा क्षेत्र को चिन्हित कर उत्‍खनिपट्टा आवेदन प्रस्‍तुत किया जाता है। तत्‍पश्‍चात मध्‍यप्रदेश गौण खनिज नियम, 1996 के प्रावधानों के तहत प्राप्‍त आवेदन पत्रों का निराकरण किया जाता है। दोनों ही खनिज क्षेत्रों में वन क्षेत्र होने पर संबंधित सफल बोलीदार अथवा आवेदक को वन संरक्षण अधिनियम, 1980 के तहत कार्यवाही की जाना होगा।

आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में भर्ती

[महिला एवं बाल विकास]

102. ( क्र. 2703 ) श्री केदार चिडाभाई डावर : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आंगनवाड़ी केन्‍द्रों का संचालन कर बच्‍चों को इन केन्‍द्रों पर भर्ती कर शासन की योजना का लाभ दिया जा रहा है? (ख) क्‍या आंगनवाड़ी केन्‍द्रों को संचालित करने हेतु शासन भवनों का निर्माण करवाती है ताकि छोटे बच्‍चे सुरक्षित रह सके एवं निर्धारित समय तक केन्‍द्रों पर अपना शिक्षण प्राप्‍त कर सके? (ग) क्‍या आंगनवाड़ी केन्‍द्र का शासकीय भवन नहीं है वहां पर विभाग द्वारा किराये का भवन लेकर आंगनवाड़ी केन्‍द्र संचालित कर रही है? (घ) क्‍या भगवानपुरा वि.स. के ब्‍लाक, भगवानपुरा एवं सेगांव, गोगांवा, खरगोन में कितनी आंगनवाड़ी भवन शासकीय भवन में संचा‍लित है एवं कितने केन्‍द्र किराये के भवन में संचालित है इनमें कितने बच्‍चे दर्ज है किराये के भवन का कितना किराया निर्धारित है तथा अभी तक 2018 से मार्च 2024 तक कितनी राशि का किराया दिया गया है तथा कितना बाकी है?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) से (ग) जी हाँ। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "छत्तीस"

सेगांव विकासखण्‍ड में सिंचाई हेतु किसानों को पानी वितरण

[नर्मदा घाटी विकास]

103. ( क्र. 2704 ) श्री केदार चिडाभाई डावर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नर्मदा घाटी विकास विभाग द्वारा नागलवाड़ी माइक्रो उद्वहन सिंचाई संचालित होकर भगवानपुरा विधानसभा क्षेत्र के सेगांव ब्‍लाक के -53 ग्राम इस परियोजना में सम्मिलित है तथा विभाग द्वारा सिंचाई हेतु पानी की सप्‍लाय प्रारंभ कर दी गई है? (ख) क्‍या विभाग द्वारा किसानों के खेतों में पानी देने हेतु पेटियां लगाई गई है? जिसमें एक पेटी से लगभग 50 एकड़ या 20 हेक्‍टर तक की कृषि भूमि को पानी दिया जाता है? (ग) क्‍या विभाग द्वारा लगाई गई पेटियों से किसान को स्‍वयं की व्‍यवस्‍था से पानी अपने खेतों तक ले जाना पड़ेगा उसकी दूरी कितनी भी हो सकती है? साथ ही पेटी तक विभाग द्वारा बिछाई गई पाइप लाइन निर्धारित प्राक्‍कलन अनुसार ही गहराई में गाड़ी गई है? (घ) सेगांव ब्‍लॉक के 53 ग्रामों में पानी देने हेतु कितनी पेटियों का प्रावधान था एवं अभी तक कितनी लगाई गई है? इससे कितने किसानों को पानी मिल रहा है, एक पेटी से किसान को अधिकतम कितनी लम्‍बाई तक पानी ले जाना पड़ रहा है? प्राक्‍कलन अनुसार गहराई कितनी होनी थी, कृपया उक्‍त क्षेत्र में उक्‍त कार्य हेतु कितनी राशि खर्च की गई है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) 51 ग्राम सम्मिलित हैं। जी हाँ। (ख) जी हाँ। (ग) 2.5 हेक्‍टेयर आउटलेट के उपरांत किसानों को स्‍वयं के माध्‍यम से पानी लेना प्रावधानित है। जी हाँ। (घ) 51 ग्रामों में 963 पेटियां लगाना प्रावधानित था, जो लगाई जा चुकी हैं। लगभग 25, 523 किसानों को। 2.5 हेक्‍टेयर चक के अंतर्गत तक। 1 मीटर। राशि रूपये 470.25 करोड़।

पन्‍ना जिले में रेत खदानों से अवैध उत्‍खनन

[खनिज साधन]

104. ( क्र. 2705 ) श्री उमंग सिंघार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या खनिज साधन विभाग ने पत्र क्रमांक 1679 दिनांक 18 मार्च 24 स्मरण पत्र दिनांक 15.04.2024 को कलेक्टर पन्ना से पन्ना जिले में रेत खदानों में निजी फर्म रसमीत मल्होत्रा को ई.सी. अंतरित करने तथा फर्म को अनुचित लाभ पहुंचाने के संबंध में जांच प्रतिवेदन चाहा है? (ख) क्या जांच प्रतिवेदन प्राप्त हो गया है? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में क्या अनियमितताओं के संबंध में जांच पर कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो क्यों? वस्तुस्थिति की जानकारी दें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) कलेक्‍टर खनिज शाखा जिला पन्‍ना के पत्र क्रमांक 576 पन्‍ना दिनांक 29/04/2024 से पत्र प्राप्‍त हुआ है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।                                   (ग) उत्‍तरांश (ख) दिनांक 29/04/2024 को जाँच प्रतिवेदन प्राप्‍त हुआ, जिसके अनुसार शिकायत में उल्‍लेखित जानकारी मध्‍यप्रदेश राज्‍य पर्यावरण प्रभाव आंकलन प्राधिकरण (सिया) भोपाल से संबंधित है। खनिज साधन विभाग के पत्र क्रमांक 4614 भोपाल दिनांक 19/07/2024 से (सिया) भोपाल को लेख किया गया है।

सामाजिक सुरक्षा पेंशन घोटाले की जांच रिपोर्ट पर कार्यवाही

[सामान्य प्रशासन]

105. ( क्र. 2706 ) श्री उमंग सिंघार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन में अनियमितताओं के संबंध में गठित जांच आयोग की रिपोर्ट मंत्रि-परिषद् समिति का परीक्षण प्रतिवेदन दिनांक 06.07.2023 को सौंपा गया है?                   (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में प्रतिवेदन पर कार्यवाही अभी तक नहीं होने के क्या कारण है? कब तक कार्यवाही कर दी जावेगी? (ग) विलंब के लिये क्या कोई उत्तरदायित्व निर्धारित किया गया है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी नहीं (ख) उत्तरांश (क) के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता (ग) शेष उत्तरांश उपस्थित नहीं होता।

विभागीय योजनाओं की जानकारी

[महिला एवं बाल विकास]

106. ( क्र. 2709 ) श्रीमती गंगा सज्जन सिंह उईके : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा वर्तमान में कौन-कौन सी योजनायें संचालित हैं? ऐसी सभी योजनाओं की छायाप्रतियां प्रदाय करें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के आधार पर बतायें कि बैतूल जिले में कहाँ-कहाँ के कौन कौन से समूहों को वर्ष 2020-21 से वर्ष 2024-25 प्रश्‍न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि व्यय की गई है? कृपया सम्पूर्ण जानकारी प्रदाय करें।                    (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बतायें कि जिला स्तर से कौन-कौन सी सामग्री किससे क्रय की गई एवं इस पर व्यय की गई राशि की सम्पूर्ण जानकारी प्रदाय करें। जिले में मीनू अनुसार बच्चों को खाने-पीने की चीजें दी जाती हैं या नहीं? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बतायें कि जिले में कब से कौन-कौन अधिकारी एवं महिला बाल विकास अधिकारी एवं अन्य कब से पदस्थ हैं? क्या इनकी कभी कोई शिकायत प्राप्त हुई है? इनके विरूद्ध क्या-क्या कार्यवाही की गई है? जिनके विरूद्ध शिकायत है उन्हें कब तक हटा दिया जावेगा?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) विभाग अन्तर्गत संचालित योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' पर है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' पर है। (ग) जिला स्तर पर क्रय की गई सामग्री से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' पर हैं। जी हाँ। (घ) बैतूल जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग में पदस्थ अधिकारी एवं कर्मचारियों की पदस्थी एवं उनके विरूद्ध प्राप्त शिकायतें/की गई नियमानुसार कार्यवाही का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' पर है। शेष जानकारी का प्रश्‍न ही नहीं।

18 वर्ष से कम उम्र के बच्‍चों को प्रतिमाह भत्‍ते का प्रदाय

[महिला एवं बाल विकास]

107. ( क्र. 2710 ) श्रीमती गंगा सज्जन सिंह उईके : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या शासन के द्वारा वर्तमान में जिन बच्चे-बच्चियों की उम्र 18 वर्ष से कम है, उनके माता-पिता या माँ या पिता मृत हो गए हैं, ऐसे बच्चे-बच्चियों को शासन द्वारा सहायता प्रदाय करने की कोई योजनायें हैं? यदि हाँ, तो ऐसे आदेशों/नियमों की छायाप्रतियाँ प्रदाय करें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के आधार पर बतायें कि बैतूल जिले के कहाँ-कहाँ के ऐसे बेटा-बेटी हैं, जिनको इस योजना के आधार पर प्रतिमाह राशि भुगतान होने लगी है तो कितनी-कितनी और किस-किस को? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बतायें कि जिले के कहाँ-कहाँ के विभागीय कार्यालय द्वारा किस-किस के फार्म भरवाये गये हैं, उसकी अद्यतन सम्पूर्ण जानकारी से अवगत करायें। (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर निश्चित समय-सीमा सहित बतायें कि लंबित फार्मों की जाँच एवं निराकरण कर दिये जावेंगे तो कब तक? नहीं तो क्यों?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी हाँ, योजनाओं की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – 01 पर है। (ख) प्रश्‍नांश "क" के आधार पर बैतूल जिले में हितग्राहियों की योजनावार सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – 02, 03, 04 एवं 05 अनुसार है। (ग) चाही गई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-06 पर है। (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार प्राप्त आवेदनों पर जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा जाँच के बाद जिला स्तरीय स्पॉन्सरशिप फॉस्टर फेयर अनुमोदन समिति (SFCAC) से अनुमोदन प्राप्त किया जाता है। लंबित आवेदनों में पंजीकृत बच्चों को योजना अंतर्गत लाभ, भारत सरकार से बजट प्राप्त होने पर प्रदान किया जाता है, अतः लाभ कब तक प्रदान कर दिया जायेगा, समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

उप निरिक्षकों एवं निरिक्षकों की मृत्‍यु उपरांत अनुकंपा नियुक्ति

[गृह]

108. ( क्र. 2716 ) श्री इंजीनियर हरिबाबू राय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2010 से 2022 तक कितने उप निरीक्षकों एवं निरीक्षकों की ड्यूटी के दौरान मृत्‍यु हुई है, उनके परिवार को कौन-कौन से पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी गई है? (ख) जिनकों अनुकंपा नियुक्ति दी गई सभी के नाम, कर्मचारी क्रमांक, दिनांक सहित सूची प्रदाय करने का कष्‍ट करें। (ग) श्रीमती रूबी जाटव के पति स्‍व. श्री राजकुमार जाटव की मृत्‍यु उप निरीक्षक के पद पर रहते हुये दिनांक 14.05.2022 को हो चुकी है जो कि पुलिस थाना आरोन जिला गुना में पदस्‍थ थे। आज तक श्रीमती रूबी जाटव को अनुकम्‍पा नियुक्ति उप निरीक्षक के पद पर क्‍यों नहीं दी जा सकी? श्रीमती रूबी जाटव को कब तक उप निरीक्षक के पद पर नियुक्‍त कर दिया जावेगा? कृपया समय-सीमा बताने की कृपा करें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।                        (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट में समाहित है। (ग) श्रीमती रुबी जाटव को उप निरीक्षक के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दिये जाने हेतु प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय से प्राप्त हुआ है, जिसके संबंध में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। समय- सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

पद्मश्री विजेताओं को सुविधा

[गृह]

109. ( क्र. 2721 ) श्री केशव देसाई : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                       (क) पद्मश्री पुरूस्‍कार विजेताओं को म.प्र. के सर्किट हाउस/रेस्‍ट हाउस में ठहरने हेतु क्‍या कोई नियम‍ है? यदि नहीं, तो क्‍या शासन इन्‍हें रूकने हेतु निर्देश देगा? (ख) प्रदेश के शासकीय कार्यक्रमों में इन्‍हें आमंत्रण पत्र दिये जाते है? यदि नहीं, तो शासन इस संबंध में संबंधित को निर्देश देंगे?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता

मंडीदीप थाने का भवन निर्माण

[गृह]

110. ( क्र. 2724 ) श्री सुरेन्द्र पटवा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मंडीदीप स्थित थाने का भवन जर्जर स्थिति में है? यदि हाँ, तो नये भवन निर्माण हेतु कोई प्राक्कलन विचाराधीन है? यदि हाँ, तो जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में निर्माण हेतु             कब-कब क्या कार्यवाही की गई? कब तक मंडीदीप स्थित थाने का भवन निर्माण कर दिया जायेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। 

मंडीदीप में सड़क निर्माण

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

111. ( क्र. 2725 ) श्री सुरेन्द्र पटवा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                           (क) जिला रायसेन में स्थित मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र में सड़कों का निर्माण कब से जारी है, वर्तमान स्थिति की जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में सड़क निर्माण हेतु कब कितनी राशि स्वीकृत हुई, अनुबंध के अनुसार कब तक निर्माण कार्य पूर्ण होना था? कब तक निर्माण कार्य पूर्ण कर दिया जायेगा? (ग) क्या अनुबंध की शर्तों के अनुसार कार्य में विलंब हुआ है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जिला रायसेन में स्थित मण्‍डीदीप औद्योगिक क्षेत्र में सडकों का निर्माण दिनांक 06.10.2023 से जारी है। निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में सड़क निर्माण हेतु राशि रू. 82.88 करोड़ स्‍वीकृत हुई। एम.पी. इंडस्ट्रियल डेव्‍हलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड एवं मेसर्स वेल्‍जी रत्‍ना सरोठिया इन्‍फ्रा प्रा. लि. के मध्‍य अनुबंध के अनुसार दिनांक 05.04.2025 तक निर्माण कार्य पूर्ण होना है। जिस हेतु समय शेष है। (ग) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में विलंम्‍ब न होने से जिम्‍मेदारी निर्धारित करने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "सैंतीस"

भोपाल में अपराधों में वृद्धि

[गृह]

112. ( क्र. 2733 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पूर्व परिवहन आरक्षक सौरभ शर्मा का प्रकरण कब और कैसे विभाग के संज्ञान में आया? उसके उपरांत विभाग द्वारा कब और क्या कार्यवाही की गई? संपूर्ण प्रकरण में कितनी नगदी, सोना, चांदी, बैंक खातों में जमा पूंजी, बाजार में संपत्तियों का मूल्य सहित संपूर्ण जानकारी का गौशवारा बनाकर बतायें। इस प्रकरण में विभाग के कौन-कौन से स्तर के अधिकारी/कर्मचारी कार्यवाही में उपस्थित थे? उनका नाम, पदनाम, पदीय दायित्व, कार्यालय का नाम, भोपाल में कब से पदस्थ हैं, संपूर्ण जानकारी का गौशवारा बनाकर बतायें। (ख) उपरोक्त के संबंध में कितने लोगों के विरूद्ध किस-किस एजेन्सी ने किन-किन धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किया है? प्रश्‍न दिनांक तक प्रकरण की अद्यतन स्थिति क्या है? (ग) 20 मार्च 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक भोपाल जिले में समस्त थानों में कौन-कौन टी.आई. एवं प्रभारी टी.आई. नियुक्त है? भोपाल में अपनी सेवाकाल के कुल कितने वर्षों तक भोपाल में रहे? एक ही शहर में रहने के आदेश, उनके संपूर्ण सेवाकाल में उनके विरूद्ध कब और कितनी शिकायतें प्राप्त हुई तथा उन पर कब और क्या कार्यवाही की गई? उनकी संपत्ति की जानकारी सहित संपूर्ण जानकारी का गौशवारा बनाकर पृथक-पृथक बतायें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में टी.आई. पोस्टिंग के पूर्व थाने में लंबित प्रकरणों की संख्या, टी.आई. पोस्टिंग के बाद दर्ज प्रकरणों की संख्या एवं स्थानांतरण/सेवानिवृत्त होने पर निराकरण उपरांत लंबित प्रकरणों की संख्या, कितने प्रकरण में चालान पेश, कितने में किस कारण से लंबित सहित संपूर्ण प्रकरणों की जानकारी का गौशवारा बनाकर बतायें। (ड.) प्रश्‍नांश (ग) के संबंध में लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ होने के कारण अपराधों में बेतहाशा वृद्धि का प्रतिशत कितना अधिक रहा सहित टी.आई. का नाम, माहवार, प्रतिशत सहित गौशवारा बनाकर बतायें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

अवैध क्रेशर संचालकों के विरूद्ध कार्यवाही

[खनिज साधन]

113. ( क्र. 2736 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र की जैतहरी तहसील में गोबरी पंचायत क्षेत्र में क्रेशर संचालन एवं गिट्टी भंडारण के लिये प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा किन-किन क्रेशर संचालकों को लाईसेंस अथवा अनुमति दी गई है, क्रेशर संचालक का नाम, खसरा नंबर, रकबा नंबर तथा चारों तरफ कितने फिट की बाउन्ड्रीवॉल बनाई गई है? भौतिक सत्यापन उपरांत फोटोग्राफ सहित चोहद्दी दर्शाते हुये जानकारी दें। (ख) क्या गोबरी में संचालित क्रेशर संचालक में खनिज विभाग से पत्थर खदान की लीज ले रखी है, यदि हाँ, तो लीज की प्रति उपलब्ध कराते हुये खसरा, रकबा की जानकारी एवं प्रश्‍न दिनांक तक अवैधानिक रूप से खनन करने पर दर्ज प्रकरणों की सूची दें। जिसमें आरोपियों के नाम, प्रकरण क्रमांक और दिनांक अंकित हो. इनमें ऐसी कितनी खदानें हैं, जो बिना बाउन्ड्रीवॉल के पर्यावरणीय नियमावली के विरूद्ध संचालित हैं, इसकी कितनी शिकायतें विभाग को प्राप्त हुई हैं? सभी खदानों की पर्यावरणयी एनओसी की प्रतियां भी उपलब्ध करावें, निर्धारित खदान से बाहर कितना अवैध उत्खनन किया है? मूल्यांकन कर जानकारी दें। (ग) प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय शहडोल द्वारा अनूपपुर जिले में कितने क्रेशर संचालक के आवेदन को निर्धारित नियम पर्यावरणीय नियमावली के अनुसार चारों ओर बाउन्ड्रीवॉल न होने के कारण प्रश्‍नांकित अवधि तक आवेदन लंबित हैं, कितने स्वीकृत और कितने अस्वीकृत किये गये? (घ) क्या गोबरी में संचालित क्रेशर संचालक द्वारा प्रदूषण एवं पर्यावरण के नियमों का पालन न करने एवं क्रेशर स्थल में कोई भी बाउन्ड्रीवाल निर्मित न होने से शासन के नियम के विरूद्ध क्रेशर प्लांट संचालित किये जाने के लिये लीज पर दी गई भूमि को लीज निरस्त किया जायेगा. यदि हाँ, तो लीज कब तक निरस्त कर दी जावेगी? यदि नहीं, तो कारण बतावें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ एवं '''' पर दर्शित है। (ख) जी हाँ। प्रश्‍नानुसार उत्‍खनन पट्टा स्‍वीकृति आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स पर दर्शित है। जिसमें खसरा एवं रकबा की जानकारी दर्शित है। ग्राम गोबरी में अवैध उत्‍खनन का कोई प्रकरण दर्ज नहीं है। अत: प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। म.प्र. गौण खनिज नियम, 1996 में उत्‍खनिपट्टा में बाउन्‍ड्रीवॉल स्‍थापित किये जाने के प्रावधान नहीं है। पर्यावरण अनुमति की शर्तों में खदानों में बाउन्‍ड्रीवॉल स्‍थापित किये जाने की कोई शर्त नहीं है। इसके संबंध में कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है। स्‍वीकृत खदानों की पर्यावरण अनुमति की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द पर दर्शित है। निर्धारित खदान से बाहर जाँच में खदान सीमा से बाहर कोई अवैध उत्‍खनन नहीं पाया गया। अत: प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) क्षेत्रीय कार्यालय म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड शहडोल से प्राप्‍त जानकारी अनुसार 27 फरवरी 2024 से 26 फरवरी 2025 तक ऑनलाइन स्‍वीकृत आवेदन की संख्‍या 21 है। विन्‍ड ब्रेकिंग वॉल में कमी होने के कारण निरस्‍त किये गये 05 तथा लंबित आवेदनों की संख्‍या 01 है। (घ) प्रश्‍नानुसार कोई स्थिति न होने के कारण लीज निरस्‍त करने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

कुटीर एवं ग्रामोद्योग द्वारा संचालित योजनाएं

[कुटीर एवं ग्रामोद्योग]

114. ( क्र. 2737 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या राज्‍य मंत्री, कुटीर एवं ग्रामोद्योग महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में विभाग द्वारा अनूपपुर जिले में कौन-कौन सी योजनायें संचालित की जा रही हैं? योजना की सूची उपलब्‍ध करावें। उक्‍त योजनाओं में से जिला अनूपपुर में रेशम केन्‍द्र भी संचालित हो रहे हैं। यदि हाँ, तो यह रेशम केन्‍द्र कहाँ-कहाँ पर, कब से स्‍थापित हैं, इन केन्‍द्रों में कितने स्‍थानीय लोगों को रोजगार दिया जा रहा है? (ख) विभाग द्वारा पुष्‍पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र में किस-किस योजना में, कौन-कौन से कार्य, कितनी-कितनी राशि के कहाँ-कहाँ पर वित्‍तीय वर्ष 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक स्‍वीकृत किये गये हैं। इन कार्यों की वर्तमान स्थिति क्‍या है? योजनावार कार्यवाही विवरण उपलब्‍ध करावें। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों में ग्रामोद्योग लगाने की क्‍या प्रक्रिया है, शासन द्वारा इसके लिये कितना अनुदान-ऋण उपलब्‍ध कराया जाता है? नियमावली की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ग) विगत पांच वर्षों में अनूपपुर जिले में कौन-कौन सी                स्‍व-रोजगार योजनायें संचालित हैं तथा स्‍व-रोजगार हेतु कितने आवेदन प्राप्‍त हुये, कितने बेरोजगारों को बैंक के माध्‍यम से ऋण प्रदान किये गये, योजनावार-हितग्राहियों के नाम सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें। (घ) क्‍या पुष्‍पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र का सर्वे करवाकर जहां-जहां कुटीर एवं लघु उद्योग स्‍थापित कराया जाना आवश्‍यक है, उन स्‍थानों एवं ग्रामों में कुटीर एवं लघु उद्योग स्‍थापित किये जायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक?

राज्‍य मंत्री, कुटीर एवं ग्रामोद्योग ( श्री दिलीप जायसवाल ) : (क) विभाग द्वारा प्रदेश में संचालित योजनाओं की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। अनूपपुर जिले में संचालित रेशम केन्‍द्रों, स्‍थापित वर्ष एवं स्‍थानीय लोगों को दिये जा रहे रोजगार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ख) पुष्‍पराजगढ विधानसभा क्षेत्र में वित्‍तीय वर्ष 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक स्‍वीकृत योजनाओं के कार्य, राशि, स्‍थान एवं वर्तमान स्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-तीन अनुसार है। उक्‍त योजनाएं शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्र में लागू है। नियमों की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। प्रत्‍येक योजना में ऋण एवं अनुदान का प्रावधान पृथक-पृथक उल्‍लेखित है। (ग) अनूपपुर जिले में विगत पांच वर्षों से संचालित स्‍वरोजगार योजनाएं, प्राप्‍त आवेदन, बैंक के माध्‍यम से बेरोजगारों को प्रदाय किये गये ऋण की योजनावार हितग्राहियों के नाम सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। (घ) सर्वे करवाकर कुटीर एवं लघु उद्योग स्‍थापित करने की कार्यवाही वर्तमान में प्रचलित नहीं है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है।

क्रेशर संचालन की अनुमति

[खनिज साधन]

115. ( क्र. 2740 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                       (क) ग्वालियर जिले में कितने क्रेशर संचालित है? इन्हें कब-कब अनुमति दी गई है? वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक क्रेशरवार/फर्मवार जानकारी दें। (ख) ग्वालियर जिले के बिलौआ क्षेत्र में कितने क्रेशर संचालित है? इन्हें कितनी-कितनी भूमि/रकबा आवंटित की गई है? क्रेशरवार/फर्मवार जानकारी दें। क्या क्रेशर संचालकों द्वारा उन्हें आवंटित भूमि/रकबा से अधिक/आवंटन की सीमा से बाहर अवैध उत्खनन खनन/संचालन किया जा रहा है? यदि हाँ, तो इसके लिए कौन दोषी है? (ग) क्या अवैध उत्खनन/क्रेशर संचालन पुलिस/प्रशासन के संरक्षण में चल रहा है? यदि हाँ, तो क्या शासन संरक्षण देने वाले अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) क्या भितरवार विधानसभा क्षेत्र में जखौदा डैम के कैचमेंट ऐरिया/आसपास पत्थर खदान संचालन की अनुमति दी गई है? यदि हाँ, तो क्या इससे डैम को खतरा है? यदि हाँ, तो क्या खदान संचालन की अनुमति निरस्त की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम 1996 में क्रशर संचालन की अनुमति दिए जाने के प्रावधान नहीं है। नियमों में यांत्रिक क्रिया से गिट्टी बनाए जाने हेतु पत्थर खनिज का उत्खनन पट्टा स्वीकृत किए जाने का प्रावधान है। प्रदूषण नियंत्रण मण्डल द्वारा क्रेशर स्थापना के लिए दी गई सम्मति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 पर दर्शित है।                  (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 एवं 3 पर दर्शित है। दर्शाये अनुसार क्रेशर संचालकों द्वारा वर्तमान में आवंटित भूमि/रकबा से अधिक/आवंटन की सीमा से बाहर अवैध उत्खनन खनन/संचालन नहीं किया जा रहा है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र पर खदान संचालन की अनुमति नहीं दी गई हे। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

आंगनवाड़ी केन्‍द्रों एवं परियोजना कार्यालय हेतु भवन निर्माण की स्‍वीकृति

[महिला एवं बाल विकास]

116. ( क्र. 2744 ) श्री बृज बिहारी पटैरिया : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सागर जिले में कुल कितनी महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजनाएं संचालित है? नाम बतायें। क्‍या सभी के परियोजना कार्यालय हैं, यदि नहीं, तो परियोजना कार्यालय कहाँ-कहाँ संचालित है? (ख) देवरी विधानसभा अंतर्गत कुल कितनी परियोजनायें संचालित हैं? क्‍या उनके पास स्‍वयं के कार्यालय भवन एवं परियोजना अधिकारी आवास है अथवा नहीं? यदि नहीं, तो क्‍या वित्‍तीय वर्ष 2025-2026 में परियोजना कार्यालयों के भवन निर्माण एवं परियोजना अधिकारी के आवास हेतु राशि उपलब्‍ध करा दी जावेगी, यदि हाँ, तो कब तक? (ग) विधानसभा क्षेत्र अन्‍तर्गत कितने आंगनवाड़ी केंन्‍द्र भवन विहीन है? भवन विहीन केन्‍द्रों के भवन निर्माण हेतु चालू वित्‍तीय वर्ष में कितने केन्‍द्र शामिल किये जा रहे हैं? यदि नहीं, तों जानकारी देवें।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) सागर जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग की कुल 16 परियोजनाएं संचालित है। परियोजना के नाम, परियोजना कार्यालय भवन के संचालन की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) देवरी विधानसभा अंतर्गत 02 परियोजनायें - देवरी एवं केसली संचालित है। दोनो परियोजनाओं के स्‍वयं के शासकीय कार्यालय भवन नहीं है एवं न ही परियोजना अधिकारी के विभागीय आवास निर्मित हैं। विभाग अन्‍तर्गत परियोजना कार्यालयों के भवन निर्माण एवं परियोजना अधिकारी के आवास निर्माण की कोई योजना संचालित नहीं है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) देवरी विधानसभा क्षेत्र अन्‍तर्गत परियोजना देवरी में 111 तथा परियोजना केसली में 71 कुल 182 आंगनवाड़ी केन्‍द्र भवन विहीन है। आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिये भवन निर्माण शासकीय भूमि एवं वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर है। समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "अड़तीस"

खरगोन उद्वहन परियोजना में अनियमितता पर कार्यवाही

[नर्मदा घाटी विकास]

117. ( क्र. 2750 ) श्री बाला बच्चन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                        (क) खरगोन उद्वहन परियोजना में निर्माण किये गये BR1, BR2, BR3 को पूर्ण क्षमता (7MCM) के साथ कब भरा गया? RESERVIOR भरने के बाद प्रत्‍येक आउटलेट पर एक साथ 10 CTR/SEC पानी का डिस्‍चार्ज कब-कब हुआ? परियोजना प्रारंभ होने से प्रश्‍न दिनांक तक दोनों जानकारियां देवें।                   (ख) क्‍या इस परियोजना में किसानों को ड्रिप/स्प्रिंकलर से सिंचाई करना होगी, यदि हाँ, तो यह बतावें कि इससे लाभान्वित होने वाले सभी किसानों के पास ड्रिप/स्प्रिंकलर उपलब्‍ध है एवं क्‍या नहर के पानी से ड्रिप/स्प्रिंकलर चलना सम्‍भव है? क्‍योंकि नहर के पानी से ड्रिप चलाने से काई जमा होती है। ड्रिप/स्प्रिंकलर से सिंचाई प्रतिदिन आवश्‍यक होती है। प्रतिदिन विभाग जल उपलब्‍ध करा पायेगा, यदि हाँ, तो पूरी कार्ययोजना बतावें। (ग) विभाग द्वारा 10 HP के कितने पंप प्रत्‍येक आउटलेट के लिए प्रश्‍न दिनांक तक क्रय किये गये, क्‍या 10 HP के पंप से ड्रिप/स्प्रिंकलर से 100 एकड़ भूमि सिंचित की जा सकती है? यदि हाँ, तो स्‍पष्‍ट करें। (घ) क्‍या कारण है कि चादेल पावर प्‍लांट से बिजली क्रय का जो अनुबंध 1.15 रू. था से बिजली क्रय न कर 11 रू. प्रति यूनिट बिजली क्रय की जा रही है, इसके लिए ठेकेदार ने बिजली लाइन नहीं डालने पर उस पर कार्यवाही कब तक की जाएगी? उपरोक्‍त सभी प्रश्‍नानुसार परियोजना में व्‍यापक अनियमितता व भ्रष्‍टाचार के उत्‍तरदायी अधिकारियों पर विभाग कब तक कार्यवाही करेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) बी.आर.-1 को पूर्ण क्षमता एवं बी.आर.-2 तथा बी.आर.-3 को तकनीकी दृष्टि से पूर्ण क्षमता से कम भरा गया। आउटलेट में पानी पहुंच रहा है। बी.आर.-1 में वर्ष 2017-18 के रबी सीजन तथा बी.आर.-2 एवं बी.आर.-3 में वर्ष 2022-2023 के रबी सीजन से पानी दिया जा रहा है। (ख) ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। ऐसा कोई अभिलेख संधारित नहीं किया जाता है। जी हाँ। फिल्‍टर का उपयोग किया जाता है जिससे काई की रोकथाम होती है। ऐसा कोई प्रावधान नहीं होने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) ऐसे कोई भी पम्‍प क्रय नहीं किये गये हैं। जी हाँ।                 (घ) अनुबंध वर्ष 2011 में रूपये 2.25 दर प्रावधानित थी। बिजली का क्रय संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित दर पर किया गया है। वर्ष 2011 के निविदाकार द्वारा कार्य में रूचि न लेने से अनुबंध वर्ष 2018 में टर्मिनेट करते हुए विभाग के पास जमा राशि को राजसात कर लिया गया तथा शेष कार्य हेतु किये गये नवीन अनुबंध में बिजली क्रय का कोई प्रावधान नहीं था। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मुआवजा वितरण की जानकारी

[नर्मदा घाटी विकास]

118. ( क्र. 2751 ) श्री बाला बच्चन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                   (क) राजपुर विधान सभा क्षेत्र के ग्राम सिवई के मन्‍नालाल पिता भाना जी को इंदिरा सागर परियोजना का मुआवजा प्रश्‍न दिनांक तक क्‍यों नहीं दिया गया? क्‍या कारण है कि माननीय न्‍यायालय के आदेश का परिपालन भी इस प्रकरण में नहीं किया जा रहा है? कब तक यह राशि प्रदाय कर दी जायेगी? यदि नहीं, तो ऐसा करने वाले अधिकारियों के नाम, पदनाम देकर बतावें कि इसके लिये विभाग उन पर कब तक कार्यवाही करेगा? (ख) राजपुर विधान सभा क्षेत्र के इंदिरा सागर एवं लोअरगोई परियोजना के कितने मुआवजा प्रकरण प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में लंबित है की जानकारी नाम, पता राशि सहित देवें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार इन प्रकरणों का निराकरण कब तक कर दिया जायेगा? समय-सीमा देवें। इसके लिये बड़वानी में कितनी राशि विगत 3 वर्षों में आवंटित की गई? उसके समक्ष कितना मुआवजा वितरण किया गया? वर्षवार देवें। प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में कितनी राशि शेष है? (घ) राशि लंबित कर मुआवजा वितरण न करने वाले अधिकारियों के नाम, पदनाम देवें तथा बतावें कि इसके लिये विभाग उन पर कब तक कार्यवाही करेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रकरण क्रमांक एफ.ए. 370/2021 के माध्‍यम से मामला माननीय उच्‍च न्‍यायालय में विचाराधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-‘’'' एवं ‘’'' अनुसार है।                 (ग) अवार्डधारी कृषकों के आपसी विवाद एवं बंटवारे के कारण भुगतान लंबित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-‘’'' अनुसार है। (घ) उत्‍तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

विधायक निधि के लंबित कार्य

[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]

119. ( क्र. 2752 ) श्री बाला बच्चन : क्या उप मुख्‍यमंत्री, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत जनपद पंचायत राजपुर, जनपद पंचायत ठीकरी एवं नगर परिषद् राजपुर, अंजड़ एवं ठीकरी में प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में विधायक निधि की राशि के कौन-कौन से कार्य कहाँ-कहाँ पर लंबित है? कार्य नाम, लगत, आह‌रित राशि, लंबित कार्य का प्रतिशत की जानकारी निकायवार देवें। साथ में प्रत्येक कार्य की कार्य प्रारंभ दिनांक भी साथ में देवें। (ख) ऐसे कितने कार्य हैं जो पूर्ण हैं लेकिन उनके कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी नहीं किये गये हैं? निकायवार कार्य नाम सहित बतावें। ये कब तक जारी किए जायेंगे? (ग) जो कार्य तय सीमा से विलम्बित हैं, उनकी सूची कार्यवार, निकायवार देंवे। ये कार्य कब तक पूर्ण होंगे? समय-सीमा देवें। इसके विलम्‍ब में जिम्मेदारों के नाम, पदनाम सहित देकर बतावें कि इसके लिए विभाग इन पर कब तक कार्यवाही करेगा? (घ) प्रश्‍नांश क्र. 1479 दिनांक 09/07/2024 के (ग) उत्तरानुसार जिन कार्यों को पूर्ण कराने के लिए नोटिस जारी किए गए थे, उनकी अद्यतन स्थिति देवें।

उप मुख्‍यमंत्री, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) राजपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत जनपद पंचायत राजपुर में 29, जनपद पंचायत ठीकरी में 53, नगर परिषद् राजपुर में 04, नगर परिषद् अंजड़ में 02, नगर परिषद् ठीकरी में 06 कार्य लंबित हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ एवं '''' अनुसार है। (ख) राजपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत जनपद पंचायत राजपुर में 04, जनपद पंचायत ठीकरी में 02, नगर परिषद् राजपुर में 03, नगर परिषद् ठीकरी में 05 कार्य पूर्ण हैं लेकिन उनके कार्यपूर्णता प्रमाण-पत्र जारी नहीं किये गये हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब एवं '''' अनुसार है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब एवं '''' अनुसार है। (ग) राजपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत जनपद पंचायत राजपुर में 16, जनपद पंचायत ठीकरी में 33, नगर परिषद् राजपुर में 04, नगर परिषद् अंजड़ में 02, नगर परिषद् ठीकरी में 06 कार्य तय सीमा से विलंबित हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स एवं '''' अनुसार है। शेष प्रश्‍नांश के संदर्भ में सम्बन्धित क्रियान्वयन एजेन्सियों को लम्बित कार्यों को पूर्ण करवाने हेतु समय-समय पर नोटिस जारी किये गये हैं। (घ) राजपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत जनपद पंचायत राजपुर में 49 लम्बित कार्यों में से 33 कार्य पूर्ण हो चुके है तथा 16 कार्य लम्बित है एवं जनपद पंचायत ठीकरी में 48 लम्बित कार्यों में से 16 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 32 कार्य लम्बित हैं। अद्यतन स्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है।

अनुमति एवं शिकायतों की जानकारी

[खनिज साधन]

120. ( क्र. 2758 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्‍य खनिज एवं गौण खनिजों के अनुमति देने के क्‍या नियम है, वर्ष 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक मुख्‍य खनिज एवं गौण खनिज हेतु किसने-किसने, कब-कब, किस-किस खनिज हेतु कहाँ-कहाँ आवेदन दिये, उनके आवेदकों पर कब-कब, क्‍या-क्‍या निर्णय हुआ? जबलपुर एवं शहडोल संभाग के सभी जिलों की जानकारी दें। (ख) 2024 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रमुख सचिव, खनिज, आयुक्‍त खनिज को किस-किस मुख्‍य खनिज एवं गौण खनिजों के विरूद्ध तथा खनिज अधिकारियों, इंस्‍पेक्‍टरों के विरूद्ध किसने-किसने, कब-कब, क्‍या-क्‍या शिकायत की, उन शिकायतों में क्‍या-क्‍या कार्यवाही हुई? जानकारी दें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्‍साहन की जानकारी

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

121. ( क्र. 2759 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2021 से आज तक म.प्र. शासन ने औद्योगिक प्रगति हेतु डिण्‍डौरी जिले में कब-कब,                       कहाँ-कहाँ, क्‍या-क्‍या प्रयास किये? इन प्रयासों के लिए कितनी-कितनी राशि किस-किस प्रयोजन हेतु प्रस्‍तावित थी और वास्‍तव में कितनी-कितनी राशि व्‍यय हुई? भुगतान किसे-किसे, कब-कब,                  कितनी-कितनी राशि का किया गया? (ख) 2003 से आज तक कौन-कौन से व्‍यवसाय हेतु कौन-कौन सी कम्‍पनियों ने कहाँ-कहाँ, कब-कब, कौन-कौन से उद्योग व व्‍यवसाय कितने-कितने निवेश का प्रारम्‍भ किया। इनसे कितने-कितने लोगों को रोजगार मिला जिसमें म.प्र. के कितने लोगों को रोजगार मिला।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) डिण्‍डौरी जिले में वन भूमि की अधिकता होने तथा वन क्षेत्र होने से औद्योगिक प्रगति हेतु औद्योगिक क्षेत्र की स्‍थापना के लिए आवश्‍यक शासकीय भूमि की अनुपलब्‍धता के कारण कोई राशि व्‍यय नहीं की गई है। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में वृहद उद्योगों में निवेश नहीं होने से रोजगार सृजन का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

औद्योगिक क्षेत्र में आवंटित भूखण्‍ड

[सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम]

122. ( क्र. 2765 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भिण्‍ड शहर में स्‍थापित औद्योगिक क्षेत्र आई.टी.आई में बड़े पैमान पर औद्योगिक इकाइयां स्‍थापित करने के लिए भूखण्‍डों को आवंटित किया गया, उक्‍त                 भू-खण्‍डों पर कितनी इकाइयां स्‍थापित है, जिन भूखण्‍डों का आवंटन इकाई हेतु आवंटित तो हुआ है लेकिन वर्षों से उन पर कोई उद्योग नहीं लगे है केवल बाउण्ड्रीवॉल बनाकर छोड़ दिया गया है, जिससे असामाजिक तत्‍वों का जमावड़ा बना रहता है? (ख) क्‍या भिण्‍ड शहर के औद्योगिक क्षेत्र आई.टी.आई को विकसित करने के लिए डामरीकृत सड़क, नाले व सोलर स्‍ट्रीट लाइट लगाई गई थी, जो घटिया निर्माण के कारण सड़क व नाले पूरी तरह से जर्जर हो गये है तथा घटिया गुणवत्‍ता व निर्धारित मापदण्‍ड के कारण सोलर स्‍ट्रीट लाइट बंद पड़ी हुई है, क्‍या इसमें हुई आर्थिक अनियमितताओं की उच्‍च स्‍तरीय जांच कराई जावेगी? (ग) क्‍या औद्योगिक क्षेत्र में स्‍थापाना हेतु आवंटित भूखण्‍डों का उपयोग निजी कार्यों में किया जा रहा है, जिन भूखण्‍डों पर उद्योग नहीं लगाए गए है, उनका आवंटन रद्द करते हुए नये उद्यमियों को आवंटित करने की योजना पर विचार किया जावेगा?

सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ) : (क) जी हाँ। 124 इकाइयों को 148 भूखण्‍ड आवंटित हैं, जिनमें 103 इकाइयां स्थापित, 14 इकाइयां स्‍थापनाधीन एवं 05 इकाइयों द्वारा बाउंड्रीवाल का निर्माण किया गया है। उन्‍हें निर्धारित समयावधि में इकाई प्रारम्‍भ नहीं करने पर लीज निरस्‍तीकरण हेतु सूचना पत्र जारी किये गये हैं। औद्योगिक संस्‍थान, भिण्‍ड में सुरक्षा व्‍यवस्‍था/गश्‍त करने हेतु कलेक्‍टर, जिला भिण्‍ड द्वारा पुलिस अधीक्षक, भिण्‍ड को पत्र प्रेषित किया गया है। (ख) औद्योगिक क्षेत्र में डामरीकृत सड़क एवं नाला सही स्थिति में है तथा सोलर स्‍ट्रीट लाइट भी निरंतर कार्य रही है, उपयोग के दौरान इनमें कोई खराबी आती है तो उसे ठीक करवा दिया जाता है। अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। जिन भूखण्‍डों पर              समय-सीमा में उद्योग नहीं लगे हैं, उनकी लीज निरस्तीकरण की कार्यवाही प्रचलन में है एवं पुन: आवंटन हेतु ‘’म.प्र. एमएसएमई को औद्योगिक भूमि तथा भवन आवंटन एवं प्रबंधन नियम 2025'' के अनुसार आवंटित किये जाने का प्रावधान है।

सूक्ष्‍म एवं लघु उद्योगों की स्‍थापना

[सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम]

123. ( क्र. 2768 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग की विभागीय संरचना क्या है? छायाप्रति उपलब्ध करावें। विभाग के अंतर्गत कौन-कौन सी शासकीय, अर्द्धशासकीय, अशासकीय संस्‍थाएं, प्रशासनिक इकाइयां, संस्‍थाएं आदि सम्मिलित हैं? सभी के नाम और उक्त सभी संस्थाओं, इकाइयों में पदस्थ अधिकारी/कर्मचारी के नाम, सेवाकाल सहित संस्थावार जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) विभाग द्वारा वर्ष 2018 से प्रश्‍नांकित अवधि तक कितने सूक्ष्म? कितने मध्यम और कितने लघु उद्योगों की स्थापना कहाँ-कहाँ की गई? उद्योगवार, तहसीलवार, जिलेवार जानकारी उपलब्ध करायें। कितनी राशि आवंटित की गई? उद्योगों की स्थापना हेतु कितनी राशि व्यय की गई? बतावें। उद्योग स्थापना, अनुमति, स्वीकृति के क्या नियम/निर्देश/आदेश है? नियम/निर्देश/आदेशों की छायाप्रति उपलब्ध करावें। क्या अनियमितता की शिकायतें प्राप्त हुई? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई? कौन-कौन दोषी पाये गये? उन पर क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, की गई तो कब तक की जावेगी? जानकारी दें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में क्या सभी स्थापित सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्योग शासन द्वारा निर्धारित मापदण्डों का पालन करते हैं? यदि हाँ, तो मापदण्डों की छायाप्रति उपलब्ध करावें। यदि नहीं, तो उन पर क्या कार्यवाही की गई? क्या सभी सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्योग पर प्रश्‍नांकित दिनांक तक पर्यावरण विभाग एवं अन्य विभागों की अनापत्ति है? यदि हाँ, तो छायाप्रति उपलब्ध करावें। यदि नहीं, तो क्या कार्यवाही की गई? इसके लिए दोषी कौन है? दोषी पर क्या कार्यवाही की जावेगी? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के संदर्भ में कौन-कौन से उद्योगों को किस-किस मद में कितनी-कितनी शासकीय सहायता दी जाती है? उद्योगवार, तहसीलवार, जिलेवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ङ) प्रश्‍नांश (ग) एवं (घ) के संदर्भ में सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्योग की वर्ष 2018 से प्रश्‍नांकित अवधि तक किस-किस अधिकारी द्वारा,                     कब-कब निरीक्षण किया गया? निरीक्षणकर्ता अधिकारी का नाम सहित जांच प्रतिवेदन उपलब्ध करावें। निरीक्षण में क्या-क्या कमियां पाई गई? कमियों के लिए दोषियों पर क्या कार्यवाही की गई?

सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ) : (क) सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम विभाग के अधीनस्‍थ एक उद्योग संचालनालय विभागाध्‍यक्ष कार्यालय, 07 परिक्षेत्रीय उद्योग कार्यालय एवं 55 जिला व्‍यापार एवं उद्योग केन्‍द्र कार्यालय हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) विभाग द्वारा स्‍वयं कोई उद्योगों की स्‍थापना नहीं की जाती है। अत: प्रश्‍नांश के शेष बिन्‍दुओं पर प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्‍तरांश (ख) से (ङ) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

छात्र-छात्राओं की सुरक्षा संबंधित व्‍यवस्‍था

[गृह]

124. ( क्र. 2778 ) डॉ. अभिलाष पाण्डेय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                         (क) क्‍या शासन द्वारा जो विद्यालय मुख्‍य मार्गों पर संचालित है, उनके लगने एवं छूटने के समय विद्यालय प्रवेश द्वार पर पुलिस बल की तैनाती हेतु कोई कार्ययोजना बनाई गई हो, जिससे बच्‍चों की सड़क दुर्घटना को कम किया जा सके? यदि नहीं, तो इस पर विचार किया जायेगा? (ख) प्रदेश में संचालित समस्‍त गल्‍स महाविद्यालयों में सुरक्षा की दृष्टि से महाविद्यालय प्रारंभ एवं समाप्ति के समय पुलिस गश्‍त की जाती है? यदि नहीं, तो इस पर विचार करते हुये कोई योजना बनाई जायेगी?                                    (ग) गत 2 वर्षों में जिला जबलपुर के समस्‍त विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के आस-पास संचालित पान तम्‍बाकू की गुमठियों पर कब-कब कार्यवाही की गई? कार्यवाहीवार विवरण देवें। (घ) क्‍या स्‍कूल लगने एवं छूटने के समय भारी वाहनों का विद्यालय क्षेत्र में प्रतिबंध लगाने हेतु कोई नीति/नियम बनाया जायेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (घ) जानकारी संलग्‍न  परिशिष्ट '''' अनुसार है।

परिशिष्ट - "उनतालीस"

खनिपट्टों के भंडारण स्थल पर भू-प्रवेश की अनुमति

[खनिज साधन]

125. ( क्र. 2883 ) श्री धीरेन्द्र बहादुर सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                 (क) शासकीय भूमियों पर स्वीकृत खनिपट्टों भंडारण स्थल पर भू-प्रवेश की अनुमति और भूमि की नाप/सीमांकन और स्वीकृत भूमि/रकबे पर सीमा-चिन्ह लगाए जाने तथा खनन एवं भंडारण क्षेत्र की जांच के क्या विभागीय नियम हैं और वर्तमान में क्या निर्देश लागू हैं? (ख) बड़वारा-विधानसभा अंतर्गत किन-किन स्थानों पर किस-किस खसरा नंबरों की शासकीय-भूमि के कितने-कितने रकबे पर किस-किस खनिज का खनिपट्टा कब-कब स्वीकृत किया गया? और भू-प्रवेश, अनुमति की कार्यवाही किन-किन सक्षम प्राधिकारी द्वारा कब-कब की गयी? (ग) क्या प्रश्‍नांश (क) खनिपट्टों के रकबे का सीमांकन और उत्खनन क्षेत्र की शासकीय सेवकों द्वारा नाप/जांच की गयी? हाँ, तो विगत 03 वर्षों में कब-कब नाप/सीमांकन एवं जांचकर, क्या प्रतिवेदन दिये गए? खनिपट्टावार बताइये। (घ) बड़वारा-विधानसभा में वर्तमान में रेत खदानों का संचालन कर रही ठेकेदार कंपनी को     किन-किन स्थानों पर किन-किन खसरा नंबरों की कितने-कितने रकबे की भूमि पर रेत-खदानें स्वीकृत और रेत-भंडारण की अनुमति प्राप्त हैं? भूमि की नाप/सीमांकन किन-किन शासकीय सेवकों द्वारा कब-कब की गयी? और भू-प्रवेश की अनुमति कब-कब प्रदाय की गयी? (ङ) क्या प्रश्‍नांश (घ) रेत खदानों का संचालन एवं रेत का खनन और भंडारण स्वीकृत खसरा नंबरों के रकबे और क्षेत्र तथा लगाए गए सीमा-चिन्हों में नियमानुसार किया जा रहा हैं? हाँ, तो कैसे? की गयी जांच के प्रतिवेदनों से अवगत कराएं, नहीं तो अब तक क्या कार्यवाही की गयी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) शासकीय भूमियों पर स्‍वीकृत खनिपट्टों भंडारण स्थल पर                 भू-प्रवेश की अनुमति और भूमि की नाप/सीमांकन और स्वीकृत भूमि/रकबे पर सीमा-चिन्ह लगाए जाने के प्रावधान खनिज (परमाणु और हाईड्रोकार्बन ऊर्जा खनिजों से भिन्‍न) रियायत नियम, 2 016, म.प्र. खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भण्‍डारण का निवारण) नियम, 2022 एवं म.प्र. भू-राजस्‍व संहिता 1959 की धारा 247 में है। (ख) बढ़वारा विधानसभा अंतर्गत स्वीकृत खनि रियायतों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-¨¨ अनुसार है। स्वीकृत खनि रियायतों में शासकीय एवं अन्य मद की भूमियां सम्मिलित है। खसरावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-¨¨ में दर्शित है। खनिप‌ट्टों का अनुबंध निष्पादन उपरांत म.प्र. भू-राजस्‍व संहिता 1959 की धारा 247 के प्रावधानों के तहत सक्षम प्राधिकारी कलेक्टर/अपर कलेक्टर द्वारा भू-प्रवेश की अनुमतियाँ प्रदाय की गई है। (ग) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में खनिप‌ट्टों का सीमांकन का कार्य पट्टा स्‍वीकृति के पश्‍चात् शासकीय राजस्व अधिकारियों द्वारा किया गया है। विगत 03 वर्षों में खनिपट्टे स्‍वीकृत नहीं होने से सीमांकन एवं जांच नहीं हुआ है। (घ) जी हाँ, बड़वारा विधानसभा में वर्तमान में रेत खदानें स्वीकृत है, स्‍वीकृत रेत खदानों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-¨¨ पर दर्शित है। रेत भंडारण की अनुमति प्राप्त है, भंडारण की अनुमति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-¨¨ में दर्शित है। म.प्र. रेत खनिज नियम 2019 के प्रावधानों के तहत चिन्हित खदानों का सीमांकन राजस्व अधिकारियों द्वारा किये जाने के उपरांत रेत खदानें घोषित की गई है। रेत संचालन हेतु कब्जा दिये जाने के प्रावधान होने से शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।                     (ड.) रेत खदानों का संचालन एवं रेत का खनन और भंडारण स्वीकृत खसरा नंबरों के रकबे और क्षेत्र तथा लगाए गए सीमा चिन्हों में नियमानुसार किया जा रहा है। जांच प्रतिवेदन पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ¨ में दर्शित है। शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

इन्‍वेस्‍टर मीट से वृहद उद्योगों की स्‍थापना

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

126. ( क्र. 2894 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                         (क) शासन द्वारा वर्तमान में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्‍साहन विभाग की क्‍या-क्‍या नीति एवं नियम है? कृपया छायाप्रतियां प्रदाय करें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के आधार पर बतायें कि जनवरी 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक इनवेस्टर मीट के आधार पर टीकमगढ़ जिले में वृहद उद्योग खोले जाने हेतु प्रश्‍न दिनांक तक जिले में वृहद उद्योग खोले जाने हेतु क्या-क्या कार्यवाही की जा चुकी है? कृपया सम्पूर्ण कार्यवाही की जानकारी प्रदाय करें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बतायें कि प्रश्‍नकर्ता द्वारा कब-कब जिले में वृहद उद्योग किस-किस के खोले जाने हेतु माननीय मुख्यमंत्री जी को एवं विभाग के वरिष्ठ उच्चाधिकारी को पत्र दिये गये है। कृपया उन सभी की छायाप्रतियां प्रदाय कर यह भी बतायें कि युवाओं को रोजगार प्रदाय हेतु प्रश्‍न दिनांक तक प्रदेश एवं जिला प्रशासन द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की जा चुकी है और क्या-क्या शेष है? क्या जिले में इसके लिए भूमि चयनित की जा चुकी है तो कहाँ-कहाँ की, किस खसरा नंबर की कितनी-कितनी रकबा की।              (घ) प्रश्‍नांश (क) (ख) एवं (ग) के आधार पर बतायें कि जिले में ऐसी कौन-कौन सी प्राकृतिक सम्पदायें हैं जिनके आधार पर जिले में कौन-कौन से वृहद उद्योग इन्वेस्टर मीट के आधार पर खोले जा सकते है, अगर खोले जा सकते है तो टीकमगढ़ जिला देश की आजादी के 77 वर्ष बाद भी वृहद उद्योग से वंचित क्यों है? कब तक शासन विभाग इन्वेस्टर मीट के माध्यम से जिले में वृहद उद्योग खोलेगा तो किस-किस का एवं कब तक? कृपया निश्चित समय-सीमा सहित बतायें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) वर्तमान में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग अंतर्गत एम.पी. इंडस्ट्रियल डेव्‍हलपमेंट कॉर्पोरेशन लि. में लागू नीति एवं नियम निम्‍नानुसार है :-(1) मध्‍यप्रदेश राज्य औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम 2019 (यथा संशोधित 2022 एवं 2025) (2) मध्‍यप्रदेश निवेश क्षेत्र विकास और प्रबंध नियम 2016 (3) मध्‍यप्रदेश उद्योग संवर्धन नीति 2025 (4) मध्‍यप्रदेश निर्यात संवर्धन नीति 2025 (5) मध्‍यप्रदेश लॉजिस्टिक नीति 2025. उक्‍त नीति एवं नियम की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) शासन द्वारा स्वयं उद्योग की स्‍थापना नहीं की जाती है अपितु निवेश को आकर्षित करने एवं रोजगार को बढ़ावा देने के दृष्टिगत प्रश्‍नांश (क) अनुसार नीति एवं नियम जारी किए गए है, जो टीकमगढ़ जिले में ही नहीं अपितु संपूर्ण मध्‍यप्रदेश में समान रूप से प्रभावशील है। विभाग द्वारा उद्योग लगाने हेतु संपूर्ण प्रदेश में प्रचार प्रसार किया जाकर निवेशकों को फेसिलिटेट किया जाता है। निवेशकों की रूचि प्राप्त होने पर उन्हे विकसित/अविकसित भूमि उपलब्ध कराने की कार्यवाही की जाती है। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के आधार पर जनवरी 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक माननीय मुख्‍यमंत्री जी को प्रेषित 01 पत्र सीएम मॉनिट के माध्‍यम से प्राप्‍त हुआ है। उक्‍त पत्र के संबंध में की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। वर्तमान में जिला-टीकमगढ़ में विभाग के अधीनस्‍थ एम.पी. इंडस्ट्रीयल डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड का कोई औद्योगिक क्षेत्र स्थापित नहीं है। टीकमगढ़ जिले में औद्योगिक प्रयोजन हेतु ग्राम-रामनगर खुर्द तहसील-जतारा जिला-टीकमगढ़ की खसरा क्रमांक 1/1/1 रकबा 130.566 हेक्टेयर शासकीय भूमि चयनित की गई है। उक्‍त भूमि की प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक 05/03/2025 को जारी की जा चुकी है। (घ) प्रश्‍नांश (क) (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में लेख है कि शासन द्वारा स्वयं उद्योग की स्‍थापना नहीं की जाती अपितु निवेश को आकर्षित करने एवं रोजगार को बढ़ावा देने के दृष्टिगत विभागीय नीति एवं नियम जारी किए गए है, जो टीकमगढ़ जिले में ही नहीं अपितु संपूर्ण मध्‍यप्रदेश में समान रूप से प्रभावशील है। अतएव शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

उप जेल जतारा में पेयजल समस्‍या

[जेल]

127. ( क्र. 2895 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                             (क) टीकमगढ़ जिले की उप जेल जतारा में वर्तमान में क्या-क्या समस्याएँ व्याप्त हैं, इन समस्याओं को हल कराने प्रश्‍नकर्ता द्वारा जनवरी 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक कब-कब प्रश्‍न किये गये है? कौन-कौन सी समस्याओं का निराकरण किया जा चुका है और किस-किस का नहीं, कृपया सम्पूर्ण जानकारी प्रदाय करें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के आधार पर बतायें कि क्या वहां पेय जल समस्या है? क्या उप जेल के चारों ओर बाउण्ड्रीवॉल बनाई जा चुकी है? प्रश्‍न दिनांक तक विभाग ने क्या-क्या कार्यवाही की है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बतायें कि उप जेल जतारा भीषण पेय जल स्थाई निदान हेतु सम्पूर्ण बाउण्ड्रीवॉल निर्माण हेतु एवं अन्य समस्याओं के निदान हेतु शासन कितनी-कितनी राशि स्वीकृत करेगा और कब तक करेगा एवं कब तक सम्पूर्ण समस्याओं का निदान हल हो जावेगा?

 मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) सब जेल जतारा में बाउण्ड्रीवॉल, वेटिंग शेड, पेयजल तथा जल-मल निकासी की कठिनाइयां अवगत कराई हैं। जुलाई-2024 में प्रश्‍न क्रमांक 2587 एवं फरवरी 2024 में प्रश्‍न क्रमांक 887 वेटिंग शेड निर्मित हो चुका है, बाउण्ड्रीवॉल का कार्य प्रगति पर है, जबकि पेयजल की समस्या हेतु लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा वर्ष 2022 में 01 बोर तत्पश्चात दिनांक 22.11.2024 को विभागीय स्तर पर पुनः 02 बोर खोदे गए जो असफल रहे। (ख) जी हाँ, उत्तर (क) में उल्लेख किये अनुसार पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था होना शेष है। बाउण्ड्रीवॉल का कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा तीन दिशाओं में प्रगति पर है। (ग) बाउण्ड्रीवॉल के कार्य हेतु लोक निर्माण विभाग के पास पर्याप्त राशि उपलब्ध है। अन्य कठिनाइयों के संबंध में यथा प्रयोज्‍य समुचित प्रस्ताव प्राप्त होने पर परीक्षण उपरांत प्राथमिकता पर राशि स्‍वीकृत किये जा सकेंगे। राशियों का विवरण एवं समय-सीमा निर्धारित करना संभव नहीं है।

 

 


 

 




भाग-3

अतारांकित प्रश्‍नोत्तर


आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की अनुकंपा नियुक्ति

[महिला एवं बाल विकास]

1. ( क्र. 92 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या ग्राम तालपुरा, तहसील इटारसी जिला नर्मदापुरम् में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/ सहायिका स्व. हरिबाई पत्नि राजेन्द्र की मृत्यु उपरांत रिक्त पद पर नियुक्ति हेतु उनकी पुत्री सुश्री रागिनी परनाम आत्मज राजेन्द्र द्वारा आवेदन किया गया था। (ख) क्या रागिनी परनाम आत्मज राजेन्द्र की अंकसूची में उसकी माँ का नाम हरिबाई की जगह रमाबाई लिखा होने संबधी शिकायतों के कारण उसकी नियुक्ति नहीं हो पा रही है। (ग) क्या रागिनी के सगे भाई की अंकसूची में माँ का नाम हरिबाई लिखा है। (घ) रागिनी परनाम के राशन कार्ड एवं परिवार समग्र आईडी में उसकी माँ का नाम क्या है। (ड.) क्या यह सच है कि प्रश्‍नकर्ता द्वारा सितम्बर 2024 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पत्र लिखकर रागिनी के अभिलेखों में उल्लेखित उसकी माँ रमाबाई और हरिबाई दोनों एक ही महिला है या अलग-अलग है संबंधी तथ्यों की जाँच का अनुरोध किया था। (च) क्या अंकसूची को छोड़कर अन्य अभिलेखों में रागिनी की माता का नाम हरिबाई है। यदि हाँ, तो उस आधार पर नियुक्ति कब तक दी जावेगी?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी हाँ, सुश्री रागिनी परनाम द्वारा आंगनवाड़ी सहायिका के पद हेतु आवेदन किया गया। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। (घ) प्रस्‍तुत राशन कार्ड एवं समग्र आईडी में रागिनी परनाम की माँ का नाम हरिबाई दर्ज है। (ङ) जी हाँ। (च) जी हाँ। सुश्री रागिनी परनाम को आंगनवाड़ी सहायिका के पद पर नियुक्ति हेतु बाल विकास परियोजना अधिकारी केसला द्वारा आदेश दिनांक 04.03.2025 द्वारा जारी कर दिया गया है।

पत्र पर कार्यवाही

[गृह]

2. ( क्र. 93 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पाकिस्‍तानी संस्‍था दावते इस्‍लामी के लिए धन एकत्रीकरण के प्राप्‍त पत्र में उल्‍लेखित तथ्‍यों की जांच के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), इटारसी, पुलिस अधीक्षक, नर्मदापुरम, पुलिस महानिरीक्षक एवं ए.डी.जी. (इंटेलिजेंस) को ईमेल/पत्र से 6/7 जून 2024 को शिकायत की गयी थी। (ख) क्‍या उक्‍त पत्र के आधार पर पुलिस अधीक्षक द्वारा जांच करायी गई? यदि हाँ, तो जांच से प्राप्‍त तथ्‍यों से अवगत करायें। यदि जांच नहीं करायी गयी तो क्‍यों?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। उक्त पत्र के आधार पर अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) इटारसी से तथ्यात्मक जाँच करायी गयी। जो इस प्रकार है- नर्मदापुरम जिले के इटारसी में प्राप्त इस्लामी गुल्लक मुसलमान समुदाय के घर एवं दुकानों पर रखे जाने के संबंध में दावत-ए-इस्लामी हिंद संस्था के जिला व संभाग अध्यक्ष साजिद खान पिता नासिर खान उम्र 32 साल निवासी ग्राम पांडरी थाना पथरोटा तहसील इटारसी तथा संस्थान के अनुयायी शाहबुदीन खान पिता रहमउद्दीन खान उम्र 62 साल नाला मोहल्ला इटारसी के निवासी है। इस संस्था के संस्थापक मौलाना इल्यास अत्तार कादरी थे, वर्ष 1980 में भारत देश के जबलपुर से शुरु हई थी, वर्तमान में यह संस्था विश्व स्तर पर करीबन 200 देशों में काम करती है, भारत में इसका नाम दावत-ए-इस्लामी हिन्द रखा गया है अन्य देश में देश के अनुसार इसका नाम रखा जाता है, जैसे अमेरिका ने इसका नाम "दावते-ए-इस्लामी यूएसए रखा गया है। विश्व स्तर पर इसका मुख्यालय पाकिस्तान के कराची में है, भारत में इसका मुख्यालय मुम्‍बई में दावत ऐ इस्लामी मदनी मरकज पुलिस स्टेशन हाकड के पास डोंगरी मुबंई महाराष्ट्र में है। भारतीय स्तर पर इसका मुखिया सैय्यद आरिफ अली अत्तारी है, मध्यप्रदेश स्तर पर इसका मुख्यालय इंदौर में है, जिसका मुखिया मोहसीन अत्तारी है, इस संस्था के अलग-अलग ट्रस्ट भी है, मध्यप्रदेश में इसका ट्रस्ट जबलपुर में फैजाने बुरहाने मिल्लत के नाम से रजिस्टर्ड है जिसका संचालन जबलपुर से ही होता है. इस संस्था की एक शाखा जीएनआरएफ (गरीब नवाज रिलिफ फॉउंडेशन) नाम से है। संस्था के लोगों के पास एक गुल्लक दिया जाता है, नर्मदापुरम संभाग व जिले में गुल्लक दिये है। वे प्रतिदिन सदके (दान) की रकम व्यक्तिगत्त रूप से इच्छानुसार डालते है, वहीं एक या दो माह में गुल्लक खोल कर साजिद खान संस्था की साफ्टवेयर पर ऑनलाईन रकम व गुल्लक की फोटो डालते है एवं जमा रकम की पावती ऑनलाईन जनरेट कर दी जाती है तथा गुल्लकों की एकत्र की गयी संपूर्ण राशि को संस्था के बैंक खाता क्र. 922020066237445 एक्सिस बैंक जबलपुर में जमा करायी जाती है। संस्थान के लोगों द्वारा गुंडा गर्दी की जाना बताया गया है, लेकिन उक्त शिकायत की जांच पर जिला नर्मदापुरम में, उक्त संस्थान के नाम से या संस्था के किसी कर्मचारी के नाम पर कोई भी संज्ञेय अपराध शिकायत होना नहीं पाया गया है। ज्ञात हुआ है कि, संस्थान राष्ट्रीय व अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर काम कर रही है, उक्त संस्थान गैर इस्लामिक व इस्लामिक करीबन 200 राष्ट्रों में कार्य कर रही है।

अभियोजन की स्‍वीकृति

[सामान्य प्रशासन]

3. ( क्र. 94 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या केन्द्र सरकार द्वारा म.प्र. सहित सभी राज्यों को निर्देश दिये गये है कि भ्रष्टाचार के मामलों में संबंधित विभागों को कर्मचारियों के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति नियत समय-सीमा में देनी होगी। यदि हाँ, तो निर्देशों की एवं समय-सीमा की जानकारी दें। (ख) प्रदेश में केन्द्र सरकार के निर्देशों तक किन-किन विभागों के किन-किन कर्मचारियों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति लंबित थी। विभागवार संबंधित कर्मचारी का नाम, पदनाम एवं आरोपों की जानकारी दें। (ग) उपरोक्त में किन-किन प्रकरणों में अभियोजन की स्वीकृति दे दी गयी। (घ) विगत तीन वर्षों में अभियोजन की स्वीकृति के अभाव में कौन-कौन से कर्मचारी सेवानिवृत्‍त हुए, नाम, पदनाम सहित जानकारी दें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।



नगर पालिका क्षेत्र पनागर में सुविधाविहीन आंगनवाड़ी भवन

[महिला एवं बाल विकास]

4. ( क्र. 238 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या नगर पालिका क्षेत्र पनागर में 18 आंगनवाड़ी केन्द्र सुविधाविहीन किराये के भवनों में संचालित हो रहे हैं? (ख) क्या आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिये स्वयं का भवन उपलब्ध कराने हेतु कोई प्रस्ताव है? (ग) यदि हाँ, तो कब तक कितने भवन बनाये जायेंगे? (घ) यदि नहीं, तो क्यों?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी नहीं। नगर पालिका क्षेत्र पनागर में 26 आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित हो रहे हैं। इनमे से 12 केन्‍द्र किराये के भवनों में संचालित हैं। इन आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में पेयजल, विदयुत एवं शौचालय इत्‍यादि सुविधाएं उपलब्‍ध है। (ख) जी हाँ। नगर पालिका क्षेत्र पनागर में किराये पर संचालित 12 आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में से 8 आंगनवाड़ी केन्‍द्रों के भवन निर्माण के लिए प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुआ है। (ग) आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिये भवन निर्माण शासकीय भूमि एवं वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर है। समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के उत्‍तर अनुसार प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

कोलार में अतिरिक्त थाने की स्‍थापना

[गृह]

5. ( क्र. 250 ) श्री रामेश्‍वर शर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भोपाल के कोलार क्षेत्र में नवीन थाना कजलिखेड़ा बनाये जाने का प्रस्ताव है? यह थाना कब तक शुरू किया जाएगा? (ख) भोपाल नगरीय क्षेत्र में थानों एवं अनुविभागीय क्षेत्रों की सीमाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने की कृपा करें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। आदेश दिनांक 21.06.2023 द्वारा कोलार क्षेत्र में नवीन थाना कंजलीखेड़ा खोले जाने की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है

परिशिष्ट - "चालीस"

कुपोषण की रोकथाम

[महिला एवं बाल विकास]

6. ( क्र. 279 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) महिला एवं बाल विकास विभाग जिला जबलपुर को राज्य एवं केन्द्र प्रवर्तित संचालित किन-किन योजनान्‍तर्गत कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई एवं कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? बतलायें। वर्ष 2022-23 से 2024-25 तक की जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में कुपोषण की रोकथाम, कुपोषित बच्चों की खोज, पोषण आहार, पूरक पोषण आहार का क्रय, वितरण, उपचार, टीकाकरण, दवाइयों का क्रय, शिविरों का आयोजन आदि पर कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? जानकारी दें। (ग) प्रश्‍नांश (क) में कुपोषित बच्चों की खोज हेतु चलाये गये अभियान के तहत कब-कब कहां-कहां पर कितने-कितने दिवसीय आयोजित शिविरों में कितने-कितने बच्चे कुपोषित, अति कुपोषित पाये गये। कितने-कितने कुपोषित बच्चों की कितनी-कितनी राशि की दवाइयां, पोषण आहार, पूरक पोषण आहार प्रदाय किया गया। कितने-कितने कुपोषित बच्चों को उपचार हेतु पोषण पुनर्वास केन्द्रों में भर्ती किया गया? जानकारी दें। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की परियोजनावार जानकारी दें।                                       (घ) प्रश्‍नांश (क) में 0 से लेकर 1 वर्ष तक तथा 1 वर्ष से 5 वर्ष तक की आयु के कितने-कितने बच्चों, नवजात शिशुओं की मृत्यु कुपोषण निर्बलता, एनीमिया, कम वजन एवं अन्य कारणों से हुई है? इसमें बालक/बालिकाओं का प्रतिशत कितना-कितना है? (ड.) प्रश्‍नांश (क) में किन-किन विकासखण्डों में कुपोषित बच्चे अधिक पाये गये हैं एवं इसका कारण क्या है?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'' पर है। (ख) बच्चों में कुपोषण निवारण हेतु ''मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्द्धन'' कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत चिकित्सकीय जटिलता वाले बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती कराकर उपचार एवं पोषकीय सुविधा उपलब्ध कराई जाती है तथा गैर चिकित्सकीय जटिलता वाले बच्चों का समुदाय स्तर पर पोषण प्रबंधन किया जाता है। प्रत्येक माह की 11 से 20 तारीख तक सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों में शारीरिक माप दिवसों का आयोजन किया जाकर कुपोषित बच्चों का चिन्हांकन किया जाता है। यह कार्यक्रम स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से संचालित किया जाता है। इस कार्यक्रम हेतु पृथक से कोई बजट प्रावधान नहीं होने से राशि व्यय संबंधी जानकारी निरंक है। अतिकुपोषित बच्चों को राशि रूपए 4/- का अतिरिक्त आहार देने का प्रावधान है, जो पोषण आहार के सामान्य बजट में ही समाहित है। कार्यक्रम पर व्यय संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ख पर है। (ग) कुपोषित बच्चों की खोज हेतु आंगनवाड़ी केन्द्र स्तर पर प्रत्येक माह की 11 से 20 तारीख तक सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों में शारीरिक माप दिवसों का आयोजन किया जाकर कुपोषित बच्चों का चिन्हांकन किया जाता है। वजन अभियान में चिन्हांकित कुपोषित, अतिकुपोषित बच्चों की जानकारी, दवाइयां एवं पूरक पोषण आहार पर व्यय संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ग पर है। कुपोषित बच्चों को उपचार हेतु पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती कराए जाने संबंधी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की परियोजनावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-घ पर है। (घ) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला जबलपुर से प्राप्त जानकारी अनुसार नवजात शिशुओं की कुपोषण निर्बलता, एनीमिया एवं कम वजन से हुई मृत्यु की जानकारी निरंक है। अन्य कारण से 0-5 वर्ष तक के बच्चों की मृत्यु की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ड पर है। (ड.) विकासखण्ड बरगी, मझोली तथा शहपुरा में अधिक कुपोषित बच्चें पाए गए है जिसका कारण सामाजिक जागरूकता की कमी, लोगों का अशिक्षित होना, बच्चों में जन्म-जात विकृति, बच्चों में जन्म-जात गंभीर रोग का होना, मौसमी बीमारियां, बार-बार दस्त लगना, गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिलाओं में पौष्टिक आहार की कमी, एनीमिया, गरीबी एवं आर्थिक कठिनाइयां, उचित पोषण की अनुपलब्धता आदि है।

पंजीकृत आर्थिक अपराध

[सामान्य प्रशासन]

7. ( क्र. 280 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                          (क) प्रदेश में भ्रष्‍टाचार व रिश्‍वत मांगने से संबंधित लोकायुक्‍त संगठन एवं आर्थिक अपराध अन्‍वेषण ब्‍यूरो द्वारा कितने-कितने प्रकरण पंजीकृत किये गये हैं। छापे की कार्यवाही में कितने-कितने मामलों में कितनी-कितनी अनुपातहीन चल एवं अचल सम्‍पत्ति बरामद की गई है। कितने प्रकरणों में आई.पी.सी. की धारा 41 के तहत आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। कितने प्रकरणों में एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई हैं? बतलावें। वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक की विभागवार व जिलावार जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित) 2018 की धारा 7 (क) 13 (1) बी 13 (2) के तहत पंजीकृत कितने प्रकरण विवेचना में लंबित है। कितने प्रकरण अभियोजन स्‍वीकृति के लिये भेजे गये। शासन ने कितने प्रकरणों में अभियोजन की स्‍वीकृति दी है। कितने प्रकरणों में स्‍वीकृति नहीं दी है। कितने प्रकरण नस्‍तीबद्ध किये गये? बतलावें। अधिनियम की छायाप्रति दें। (ग) प्रश्‍नांश (क) में पंजीकृत कितने-कितने प्रकरणों में चालान प्रस्‍तुत किया गया। कितने प्रकरण लंबित हैं? न्‍यायालयों में निर्णित कितने प्रकरणों में आरोपियों को सजा सुनाई गई। कितने प्रकरण दोषमुक्‍त हुये हैं। न्‍यायालयों में कितने प्रकरण लंबित हैं? बतलावें। दोषमुक्‍त प्रकरणों की पं.क्र. दिनांक व निर्णय दिनांक सहित सूची दें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

लाड़ली बहना योजना अंतर्गत जबलपुर जिले में भुगतान

[महिला एवं बाल विकास]

8. ( क्र. 281 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) महिला एवं बाल विकास विभाग जिला जबलपुर को लाड़ली बहना योजना के तहत कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई एवं कितनी-कितनी हितग्राही महिलाओं को माहवार कितनी-कितनी राशि वितरित/खाते में जमा की गई है? कितनी-कितनी पात्र हितग्राही महिलाओं को कब से कितनी-कितनी राशि नहीं दी गई है एवं क्यों? बतलायें। योजना प्रारंभ माह से वर्ष 2024-25 तक की माहवार जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में योजना के तहत कितने-कितने आवेदन पत्र प्राप्त हुये हैं एवं कितनी-कितनी पात्र महिलाओं के नाम जोड़े गये। कितने आवेदन पत्र निरस्त किये गये हैं? जानकारी दें। (ग) प्रश्‍नांश (क) में 60 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी कितनी हितग्राही महिलाओं व मृतक कितनी हितग्राही महिलाओं के नाम योजना से काटे गये हैं। (घ) प्रश्‍नांश (क) में कितनी-कितनी सामाजिक सुरक्षा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन व परित्यक्‍ता/विधवा पेंशनधारी महिलाओं को योजना के तहत प्रतिमाह किस मान से कितनी-कितनी राशि दी गई है। इस सम्बंध में शासन के क्या निर्देश हैं?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) योजना अंतर्गत जिले की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट– 01 पर है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट– 02 पर है।                     (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट– 03 पर है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – 04 पर है। शासन के निर्देश पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट- 05 एवं 06 पर है।

प्रदेश में अपराधों पर नियंत्रण

[गृह]

9. ( क्र. 282 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                            (क) प्रदेश शासन ने बाल अपराधों को रोकने, छात्राओं, लड़कियों व महिलाओं के साथ घटित होने वाली घटनाओं, छेड़छाड़ दुष्‍कृत्‍य, अपहरण, हत्‍या, ब्‍लैक मेलिंग को रोकने, उन्‍हें सुरक्षा प्रदान करने, शक्तिशाली बनाने की दिशा में क्‍या उपाय प्रबंध किये हैं तथा क्‍या नियम कानून बनाये गये हैं? जानकारी दें। (ख) प्रदेश में निर्भया कांड जैसी कितनी जघन्‍य घटनाएं घटित हुई हैं? इसमें कितनी नाबालिग युवतियों, छात्राओं, लड़कियों व महिलाओं के साथ सामूहिक दुष्‍कृत्‍य व दुष्‍कृत्‍य व हत्‍या हुई हैं? बतलावें। वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक की जिलावार जानकारी दें। (ग) प्रश्‍नांकित घटित कितनी घटनाओं में कितने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई। कितने आरोपी फरार हैं। कितने आरोपियों के विरूद्ध पाक्‍सों एक्‍ट के तहत प्रकरण पंजीकृत किया गया हैं? जानकारी दें। (घ) प्रश्‍नांश (क) में पंजीकृत कितने प्रकरणों में न्‍यायालय द्वारा कितने आरोपियों को मृत्‍युदंड/फांसी की सजा सुनाई है। न्‍यायालयों में कितने प्रकरण लंबित हैं? जानकारी दें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश की जानकारी प्रश्‍नांकित अवधि में एक घटना जिला भोपाल (नगरीय पुलिस भोपाल) में वर्ष 2024 में दुष्कृत्य सहित हत्या (नाबालिग) के पंजीबद्ध 01 प्रकरण में सभी 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, गिरफ्तारी हेतु कोई आरोपी शेष नहीं है। प्रकरण में चालान मान. न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। प्रकरण मान. न्यायालय में विचाराधीन है तथा प्रदेश के शेष जिलों में निर्भया कांड जैसी कोई घटना घटित नहीं हुई है। (ग) एवं (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट  में समाहित है।

परिशिष्ट - "इकतालीस"

जनजाति वर्ग पर अत्‍याचार

[गृह]

10. ( क्र. 290 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                (क) प्रदेश में अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के लोगों, महिलाओं युवक/युवतियों पर अत्‍याचार, उत्‍पीड़न, शोषण, हत्‍या, आत्‍महत्‍या, अपहरण, दुष्‍कर्म, यौन शोषण, उनकी भूमि-मकान पर अवैध कब्‍जा करने, आदि संबंधी कितने-कितने मामले अनुसू‍चित जाति जनजाति अत्‍याचार निवारण कानून के तहत पंजीकृत किये गये हैं? बतलावें। वर्ष 2023-24 से 2024-25 तक की जिलावार पृथक-पृथक जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांकित पंजीकृत कितने प्रकरणों में पीड़ितों को कानूनी सहायता दी गई हैं। न्‍यायालयों में प्रस्‍तुत कितने मामलों में कितने आरोपियों को सजा सुनाई गई। कितने प्रकरण लंबित हैं। वर्षवार व जिलावार जानकारी दें। (ग) प्रश्‍नांकित कितने मामलों में कितने पीड़ितों, पीड़ितों के आश्रितों को कितनी-कितनी आर्थिक सहायता दी गई हैं। आर्थिक सहायता के कितने-कितने मामले लंबित हैं? बतलावें। (घ) प्रदेश शासन ने अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग पर अत्‍याचार के मामलों की शीघ्र सुनवाई करने, निराकरण करने हेतु विशेष अदालतें गठित की दिशा में क्‍या कार्यवाही/प्रयास किये हैं? बतलावें। (ड.) केन्‍द्रीय सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता विभाग नई दिल्‍ली की रिपोर्ट के अनुसार दलित अत्‍याचार/उत्‍पीड़न के मामले में देश में प्रदेश किस स्‍थान पर हैं। बतलावें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रदेश में अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के लोगों पर अत्याचार की घटना होने पर वर्ष 2023, 2024 एवं 2025 तक पंजीबद्ध प्रकरण की वर्षवार एवं जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" अनुसार है। (ख) उक्त अवधि में पंजीकृत 23720 प्रकरणों में से न्यायालय में प्रस्तुत सभी 20956 प्रकरणों में पीड़ित को कानूनी सहायता दी गई हैं। 238 प्रकरणों में 339 आरोपि‍यों को सजा सुनाई गई। न्यायालय विचारण में 18984 प्रकरण लम्बित है। जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" में समाहित है। (ग) उक्त अवधि में पीड़ित एवं आश्रितों को 16625 प्रकरणों में 192.26 करोड़ रूपये की राशि पीड़ितों को प्रदाय की गई। राहत के 7036 मामले लम्बित है। जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" में समाहित है। (घ) प्रदेश में अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 की धारा 14 के अनुसार प्रदेश के 43 जिलों में विशेष न्यायालय गठित है। (ड.) सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय नई दिल्ली वार्षिक रिपोर्ट 2022-23 में परिशिष्ट 4.7 पृष्ठ 319,320 पर दलित उत्पीड़न के मामलों में प्रदेश किस स्थान पर है, इसका उल्लेख नहीं है। रिपोर्ट की परिशिष्ट 4.7 की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" अनुसार है।

लम्‍बे समय से पदस्‍थ अधिकारियों का स्‍थानान्‍तरण

[महिला एवं बाल विकास]

11. ( क्र. 294 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) महिला एवं बाल विकास विभाग में संयुक्त संचालक, सहायक संचालक एवं परियोजना अधिकारी विगत 03 वर्षों से अधिक एक ही स्थान पर कब से पदस्थ हैं? नामवार, कार्यालयवार व पदवार (साथ ही गृह जिले की भी) सूची प्रदान करें। (ख) जबलपुर संभाग अंतर्गत एक ही स्थान पर 03 वर्ष से अधिक पदस्थ संयुक्त संचालक, सहायक संचालक एवं परियोजना अधिकारियों के स्थानांतरण के संबंध में शासन द्वारा कोई नीति बनाई गई है? यदि हाँ, तो इनका स्थानांतरण क्यों नहीं किया गया? यदि उनका स्थानांतरण किया जायेगा तो कब तक? (ग) जबलपुर संभाग में विगत 3 वर्ष में जिला कार्यालय का प्रभार वरिष्ठ सहायक संचालक के पदस्थ होने के पश्चात भी कनिष्ठ को प्रभार दिये जाने की कार्यवाही कितने जिलों में नियम विरूद्ध की गई है? इस अवधि में कितने सहायक संचालकों की शिकायत विभाग, संभाग व जिला स्तर पर प्राप्त हुई है? उसकी जांच किसके द्वारा की गयी है? जांच प्रतिवेदन के साथ सम्पूर्ण अभिलेख उपलब्ध करायें। जांच में दोषी पाये जाने पर निलंबन की कार्यवाही कितने अधिकारी व कर्मचारी के विरूद्ध की गई है? नहीं की गई है तो कब तक की जावेगी? (घ) महिला एवं बाल विकास विभाग में सहायक संचालक के पद कब से स्वीकृत किये गये हैं? आदेश, निर्देश व नस्ती की प्रति उपलब्ध करायें।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) सूचीपुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट 1 पर है। (ख) जी नहीं, शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जबलपुर संभाग में विगत 3 वर्ष में जिला कार्यालय का प्रभार वरिष्ठ सहायक संचालक के पदस्थ होने के पश्चात भी कनिष्ठ को शासन स्तर से नहीं सौंपा गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी का पद रिक्त होने पर जिला स्तर पर स्थानीय परिस्थितियों एवं आवश्यकता के अनुरूप जिला बालाघाट, मण्डला एवं छिंदवाड़ा में जिला कलेक्टर द्वारा कनिष्ठ सहायक संचालकों को प्रभार सौंपा गया है। इस अवधि में जिला बालाघाट में पदस्थ 01 सहायक संचालक की शिकायत जिला स्तर पर प्राप्त हुई है। जिसकी जांच जिला कलेक्टर द्वारा गठित समिति द्वारा की गई है। जांच प्रतिवेदन एवं अन्य अभिलेख पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट 2 पर है। जिला कलेक्टर के पत्र दिनांक 27.08.2024 द्वारा जांच प्रतिवेदन आगामी कार्यवाही हेतु संचालनालय को प्राप्त हुआ है। जिसके उपरांत संचालनालय के ज्ञाप दिनांक 4.12.2024 से श्रीमती धूमकेती सहायक संचालक एवं 02 अन्य कर्मचारियों को आरोप पत्र आदि जारी किये गये हैं। प्रकरण में अभी किसी अधिकारी व कर्मचारी को निलंबित नहीं किया गया है। आरोप पत्र के उत्तर के परीक्षण उपरांत नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। (घ) पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधीन 15 अगस्त 1986 को महिला एवं बाल विकास तथा कल्याण संचालनालय का गठन किया गया इस हेतु पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के ज्ञाप क्रमांक 2104/86/वि-4/22 दिनांक 30 जुलाई 1986 द्वारा सहायक संचालक के पद स्वीकृत किये गये हैं। आदेश एवं नस्ती की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट 3 पर है।

कोयला आवंटन की जानकारी

[सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम]

12. ( क्र. 405 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम भोपाल ने गत एक वर्ष में राज्य के किस-किस उद्योग को किस-किस कोल एरिया से कितना-कितना कोयला दिए जाने से संबंधित किस दिनांक को किस कोयला कम्पनी को पत्र लिखा पत्र की प्रति सहित बतावे। (ख) कोयला आवंटन के पूर्व कोयला कम्पनी में कितने कोयले के बदले किस मूल्य से कितनी राशि का बैंक ड्राफ्ट किस व्यक्ति ने जमा किया वह ड्राफ्ट किस बैंक से किस व्यक्ति ने किस दिनांक को बनाया उस ड्राफ्ट की राशि का भुगतान किसके द्वारा किया गया। (ग) मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम भोपाल ने कोयला कम्पनी में बैंक ड्राफ्ट जमा करने और अन्य कार्यवाही करने के लिए किस आदेश क्रमांक दिनांक से किसे अधिकृत किया है अधिकृत करने के आदेश एवं अनुबन्ध की प्रति सहित बतावे।

सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ) : (क) कोल इंडिया लिमिटेड कोलकाता द्वारा राज्‍य को कोयला आवंटन किया जाता है। स्‍टेट नोडल एजेंसी मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम द्वारा कलेक्‍टर की अध्‍यक्षता में जिला स्‍तरीय समिति की अनुशंसा अनुसार शासन की नीति के अनुरूप कोल वितरण किया जाता है। गत एक वर्ष में राज्य के किसी भी उद्योग को किसी भी कोल एरिया से कोयला दिए जाने से संबंधित पत्र कोल कंपनी को नहीं लिखा गया है। अत: प्रश्‍नांश की जानकारी निरंक है। (ख) कोल आवंटन के पूर्व कोयला कंपनी को भुगतान नहीं किया जाता है, कोयला आवंटन के पश्‍चात निगम द्वारा कोल कंपनी को NEFT/RTGS के माध्‍यम से सीधे भुगतान किया जाता है। (ग) उत्‍तरांश के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

महिला हॉस्टल और डे केयर सेन्टर का निर्माण

[महिला एवं बाल विकास]

13. ( क्र. 488 ) श्री भूपेन्द्र सिंह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि क्या नारी सशक्ति मिशन अन्तर्गत प्रदेश की महिलाओं के कल्याण हेतु प्रत्येक ब्लॉक मुख्यालय पर 50 बेड का महिला हॉस्टल और डे-केयर सेंटर बनाये जाने की योजना है? यदि हाँ, तो खुरई विधानसभा क्षेत्र के खुरई एवं मालथौन ब्लॉक मुख्यालयों पर कब तक इसकी स्वीकृति कर दी जावेगी?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : जी नहीं। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

कुपोषण बच्चों को न्‍यूट्रेशन

[महिला एवं बाल विकास]

14. ( क्र. 663 ) श्री चन्दरसिंह सिसौदिया : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मन्दसौर जिले में कुपोषित बच्चों की संख्या वर्ष 2022-24 में कितनी थी? तहसीलवार, आंगनवाड़ीवार ब्यौरा क्या हैं? (ख) कुपोषित बच्चों को भारत सरकार द्वारा प्रावधानित न्‍यूट्रेशन उपरोक्त अवधि में कितना-कितना व कहाँ-कहाँ वितरित किया गया? तहसीलवार ब्यौरा दें। (ग) उक्त न्यूट्रेशन सप्लाय में अनियमितता की कहाँ-कहाँ कितनी शिकायतें प्राप्त हुई व उन पर क्या कार्यवाही की गई? पूर्ण ब्यौरा दें।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) मन्दसौर जिले की परियोजनावार एवं आंगनवाड़ी केन्द्रवार कुपोषित बच्चों की उल्लेखित अवधि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) भारत सरकार द्वारा 6 माह से 6 वर्ष तक के आयु समूह के सभी सामान्य बच्चों हेतु राशि रू. 8/- का पोषण आहार दिये जाने का प्रावधान है। कुपोषित बच्चों में अतिकुपोषित बच्चों को अतिरिक्त आहार के रूप में राशि रू. 4/- प्रति बच्चा प्रतिदिन का पूरक पोषण आहार प्रदाय किये जाने का प्रावधान है, जो पोषण आहार के बजट में ही समाहित है। पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार आंगनवाड़ी केन्द्रों पर अतिरिक्त आहार वितरित किया गया। (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्लेखित बच्चों हेतु न्यूट्रेशन सप्लाय में अनियमितता संबंधी कोई शिकायत प्राप्त नहीं होने से शेष का प्रश्‍न नहीं।

मऊगंज जिले में अपराध

[गृह]

15. ( क्र. 673 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मऊगंज जिले में जिला बनने से प्रश्‍न दिनांक तक हत्या, लूट, डकैती, लव जिहाद, दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म, महिलाओं और नाबालिगों से छेड़छाड़, सायबर क्राइम, डिजिटल अरेस्ट और चोरी की कितनी घटनाएं हुई? थानावार, आरोपीवार जानकारी उपलब्ध कराएं? इन गंभीर मामलों में प्रश्‍न दिनांक तक कितने आरोपियों की गिरफ्तारी की गई नाम, पता सहित जानकारी दें? (ख) जिले में 1 जनवरी 2024 से प्रश्‍न दिनांक तक अवैध शराब, गांजा, कोरेक्स और अन्य मादक पदार्थों की तस्‍करी, बिक्री जैसे अपराधों पर किन-किन तारीखों में कार्यवाही की गई? थानावार आरोपियों के नाम, पता सहित जानकारी दें? (ग) गिरफ्तार किये गए आरोपियों से कितना मशरूका बरामद कर जब्त किया गया?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है।                          (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है।

 

 

जनसुनवाई प्रकरणों की जानकारी

[गृह]

16. ( क्र. 674 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मऊगंज जिला बनने से प्रश्‍न दिनांक तक एस.पी., एडिशनल एस.पी., एस.डी.ओ.पी. और सभी थानों व चौकियों में जनसुनवाई के कितने प्रकरण आए? सभी आवेदन की एक प्रति उपलब्ध कराएं।                              (ख) जनसुनवाई में प्राप्त कितने आवेदनों का निराकरण किया गया? आवेदनकर्ता के नाम, पता सहित जानकारी दें। (ग) ऐसे कितने आवेदन हैं जिन पर पीड़ित की समस्या का निराकरण नहीं किया गया? नियम दें कारण बताएं।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

क्रेशर और खदानों का सुरक्षित संचालन

[खनिज साधन]

17. ( क्र. 676 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मऊगंज जिले में कितने क्रेशर और खदानें हैं? ऐसे कितने क्रेशर हैं जो बस्ती से 500 मीटर के दायरे के अंदर हैं? (ख) क्या खदानों को खुला छोड़ कर रखा गया है उनके चारों तरफ बाड़ नहीं लगाई गई है? अगर हाँ तो ऐसी कितनी खदान हैं जो खुली हैं और उनकी लीज किसके नाम है? (ग) क्या खदानों के चारों तरफ पौधे न लगाकर पर्यावरण के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है? अगर हाँ तो क्या ऐसे खदान संचालकों के विरूद्ध कार्यवाई की जाएगी अगर हाँ तो कब तक? अगर नहीं तो क्यों कारण और नियम बतायें? (घ) क्या खदान में ब्लास्टिंग से बड़े पत्थर बस्तियों में गिरते हैं जिससे कुछ ग्रामीणों की मृत्यु हो चुकी और कई घायल हो चुके हैं? अगर हाँ तो ऐसे खदान संचालकों के विरूद्ध क्या कार्यवाई की गई? अगर नहीं तो क्यों? क्या इसके लिए खनिज अधिकारी भी जिम्मेदार हैं? यदि हाँ, तो उनके विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जाएगी? अगर नहीं तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) क्षेत्रीय कार्यालय, म.प्र.प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जिला रीवा से प्राप्‍त जानकारी अनुसार मऊगंज जिले में कुल 31 क्रेशर है और 60 खदानें हैं। जिले में स्‍थापित सभी स्‍टोन क्रेशर रहवासी क्षेत्र से 500 मीटर के दायरे में नहीं आते हैं। (ख) जी नहीं। खदान क्षेत्र में खनन से निर्मित पिट में सुरक्षा की दृष्टि से तार फेंसिग की गई है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। खदानों के चारों तरफ पौधारोपण किया गया है तथा समय-समय पर पौधारोपण कार्य किया जाता है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) मउगंज के हनुमना थाना क्षेत्र चौकी पिपराही अंतर्गत खदान में ब्‍लास्टिंग के दौरान पत्‍थर निकलने से एक महिला की मृत्‍यु व एक पुरूष के घायल होने से उक्‍त खदान संचालक व ब्‍लास्टिंग करने वाले के विरूद्ध कार्यवाही कर प्रकरण क्रमांक 195/23 दिनांक 22.08.2023 को माननीय न्‍यायालय के समक्ष प्रस्‍तुत किया गया, जो कि न्‍यायालय में विचाराधीन है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "बयालीस"

 

आय से अधिक सम्‍पत्ति पर कार्यवाही

[वाणिज्यिक कर]

18. ( क्र. 723 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अनुभाग व जिला टीकमगढ़ के पत्र क्र. टीकम/शिका.ज./पु.अ./22/24 दिनांक 02.07.2024 में आय से अधिक सम्‍पत्ति होने पर जांच हेतु लेख किया था? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश (क) में वर्णित पत्र पर प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित पत्र के विवरण के आधार पर लेन-देन हुआ यदि हाँ, तो कितना-कितना कर दोनों पक्षों पर अधिरोपित किया? (घ) यदि नहीं, तो पत्र में वर्णित विक्रय पत्र के आधार पर लेन-देन न होने से उक्‍त सम्‍पत्ति बेनामी की जायेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?
उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) से (घ) विभाग से संबंधित नहीं।

अपराधियों पर कार्यवाही

[सामान्य प्रशासन]

19. ( क्र. 724 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सामान्‍य प्रशासन विभाग को सुनील कुमार पाटीदार सहायक महानिर्देशक (अपराध) हेतु महानिरीक्षक ई.ओ.डब्‍लू. भोपाल ने अपने पत्र क्र. अप्र./विविध/वि.स. तारा.प्र.क्र./164/7813/2024 भोपाल दिनांक 08.12.2024 को पत्र लिखा गया था? यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में वर्णित पत्रों पर अब तक क्‍या कार्यवाही हुई? (ख) क्‍या यह भी सही है कि अपराध क्र. 15/2012धारा 409,120बी 420 भा.द.वि. एवं 13 (10) -13 मृ.नि.अधि. 1988 के तहत दोषियों पर 12 वर्ष से प्रकरण आगे न बढ़ने का क्‍या कारण हैं?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। प्रकरण वर्तमान में विवेचनाधीन है। (ख) प्रकरण वर्तमान में विवेचनाधीन है। विवेचना के दौरान साक्ष्‍यों/दस्‍तावेजों के आधार पर अग्रिम विधिसम्मत कार्यवाही की जाती है।

खेल,योग, मनोरंजन के केंद्र की स्‍थापना

[आनंद]

20. ( क्र. 750 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्‍या नागदा खाचरोद विधानसभा क्षेत्र में विभाग द्वारा सांस्कृतिक, खेल, मनोरंजन, साहित्यिक, योग, अध्यात्म आदि के लिए कोई केंद्र स्थापित किये जा रहे हैं या इस विभाग से सम्बंधित कोई गतिविधि संचालित हो रही है? जानकारी दें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : जी नहीं, राज्‍य आनंद संस्‍थान से सांस्‍कृतिक, खेल, मनोरंजन, योग, अध्‍यात्‍म आदि के लिये कोई केन्‍द्र स्‍थापित किये जाने संबंधी कोई निर्देश प्राप्‍त नहीं हुये हैं। आनंद विभाग के अंतर्गत प्रतिवर्ष जनवरी-फरवरी माह में आनंद उत्‍सवों का आयोजन ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में किया जाता है, जिसके अंतर्गत पारंपरिक खेलों के आयोजन होते हैं।

उपजेल बनाई जाना

[जेल]

21. ( क्र. 751 ) डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि नागदा, खाचरौद और उन्हैल तहसील में एक मात्र उपजेल चोकीजुनार्दा (खाचरौद) में स्थित है जो बहुत ही क्रियाशील है साथ ही उस पर भार भी अत्यधिक है और अत्यधिक भार होने के कारण अपराधी को उज्जैन जेल में ले जाना पड़ता है साथ ही इस जेल से अपराधी को उज्जैन लाने ले जाने में शासन का समय और पैसा तो व्यर्थ होता ही है और अपराधी को लाने ले जाने में कोई भी अप्रत्याशित घटना होने की सम्भावना होने के साथ ही रिस्क भी बनी रहती है इस पूरी प्रक्रिया में अपराधी के परिजनों को भी उनसे मिलने के लिए परेशान होना पड़ता है या कार्यवाही के सम्बन्ध में उज्जैन आना-जाना होता है इस उपजेल का भार कम करने की दृष्टि से शासन के पास नागदा या उन्हेल तहसील में नई उपजेल बनाने के सम्बन्ध में क्‍या कोई योजना विचाराधीन है कृपया जानकारी देंl

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : सब जेल खाचरौद में 130 की क्षमता के विरूद्ध दिनांक 31 जनवरी 2025 को 132 बंदी परिरूद्ध हैं, किसी भी बंदी को ओव्हरक्राउडिंग के कारण उज्जैन स्थानांतरित नहीं किया गया है, अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

सांझा चूल्हा योजना अंतर्गत पोषण आहार प्रदाय

[महिला एवं बाल विकास]

22. ( क्र. 758 ) श्री वीरेन्द्र सिंह लोधी : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सागर जिले के नगरीय क्षेत्रों में कितने-कितने आंगनवाड़ी/उप-आंगनवाड़ी केन्द्र हैं? (ख) सागर जिले के इन शहरी आंगनवाड़ी/उप-आंगनवाड़ी केन्द्रों पर सांझा चूल्हा में किन-किन समूहों से कौन-कौन से आंगनवाड़ी केन्द्रों एवं उप-आंगनवाड़ी केन्द्रों पर पोषण आहार दिये जाने का कार्य करवाया जा रहा है? (ग) एक समूह को अधिकतम कितने आंगनवाड़ी केन्दों/उप-आंगनवाड़ी केन्द्रों पर पोषण आहार देने का प्रावधान है? (घ) आंगनवाड़ी/उप-आंगनवाड़ी केन्द्रों में पोषण आहार देने के लिये नियत योग्यता, नियम एवं प्रक्रिया का सम्पूर्ण विवरण उपलब्‍ध कराएं? (ड.) क्या इसके लिये स्थानीय स्व-सहायता समूहों को पोषण आहार देने की प्राथमिकता तय की जा सकती है?                           (च) क्या स्थानीय स्तर पर कार्यवाही करके स्थानीय स्व-सहायता समूहों के माध्यम से यह कार्य करवाया जा सकता है? अगर नहीं तो इसमें क्या बाधा है?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) कुल 570 आंगनवाड़ी केन्द्र। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''एक'' पर है। (ख) जिला सागर के शहरी क्षेत्रों में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों में 03 वर्ष से 06 वर्ष तक के बच्चों को पूरक पोषण आहार प्रदाय कार्य सांझा चूल्हा कार्यक्रम के तहत नहीं कराया जाता है। अतः शेष जानकारी का प्रश्‍न ही नहीं। (ग) नगरीय क्षेत्र में एक स्व-सहायता समूह को अधिकतम 10 आंगनवाड़ी केन्द्रों पर पूरक पोषण आहार प्रदाय का कार्य दिये जाने का प्रावधान है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''दो'' पर है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''दो'' अनुसार है। शासन के निर्देशों के अनुरूप ही कार्यवाही की जा सकती है। (च) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ''दो'' अनुसार है। शासन के निर्देशों के अनुरूप ही कार्यवाही की जा सकती है। शेष का प्रश्‍न ही नहीं।

निर्वाचन में संलग्‍न कर्मचारियों की जानकारी

[विधि एवं विधायी कार्य]

23. ( क्र. 857 ) श्री भंवर सिंह शेखावत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                 (क) धार जिला अन्‍तर्गत सामान्य निर्वाचन में वर्तमान में नियमित पद के विरूद्ध कितने आउटसोर्स कर्मचारी (सहायक प्रोग्रामर, कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटर एवं भृत्य) कितने वर्षों से कार्यरत हैं? उनके नाम, मोबाईल नम्बर, वरिष्ठता क्रम, कार्य अनुभव, जिले व विधान सभावार जानकारी उपलब्ध करावे। (ख) प्रश्‍नांश (क) के सन्दर्भ में जिलेवार प्रति कर्मचारी जी.एस.टी. एवं अन्य खर्च सहित कम्पनी को कितना रूपया दिया जाता है और उसके एवज में कर्मचारी के खातों में कितना जमा होता है। कुल अन्तर कितना है प्रति कर्मचारी जानकारी उपलब्ध कराने का कष्ट करें। आउटसोर्स कर्मचारी को चुनावीय मानदेय विधान सभा/लोक सभा किस-किस जिले में प्रदाय किया गया, कृपया अवगत करावे। यदि नहीं, तो क्यों कारण सहित अवगत करावें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के सन्दर्भ में धार जिला अन्‍तर्गत सामान्य निर्वाचन के कुल कितने नियमित कर्मचारी है और ये किस आधार पर नियमित हैं जिलेवार जानकारी उपलब्ध करावे। क्या आउटसोर्स कर्मचारियों को शासन नियमित करेगा। यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों। (घ) बदनावर विधान सभा एवं धार जिले में शिक्षक या कोई अन्य विभाग के कर्मचारी कितने वर्षों से निर्वाचन के नाम से संलग्न किये गये हैं। इन्हें किस कारण से पुनः उनके विभाग में नहीं भेजा गया, उनके नाम पद नाम एवं मोबाईल नम्बर उपलब्ध करावें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

तिलहन संघ सेवायुक्‍तों, कर्मचारियों को पांचवा वेतनमान का लाभ

[सामान्य प्रशासन]

24. ( क्र. 874 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                              (क) क्‍या विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 2395 उत्‍तर दिनांक 16.07.2024 अनुसार तिलहन संघ से सामान्‍य प्रशासन विभाग में पदस्‍थ सेवायुक्‍तों को पांचवा वेतनमान का लाभ देने के मामले में पात्र व अपात्र श्रेणीकरण की जानकारी दी गई है? यदि हाँ, तो पात्र व अपात्र का आधार बतायें एवं दोनों श्रेणियों के अंतर्गत सेवायुक्‍तों का नाम व पद बतावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में तिलहन संघ से प्रतिनियुक्ति/संविलियन पर पदस्‍थ किन-किन सेवायुक्‍तों को पांचवा वेतनमान का लाभ एरियर कितना-कितना दिया गया है? कितना-कितना शेष हैं? सेवायुक्‍तवार बतायें? यदि नहीं, किया गया तो किन कारणों से? कारण कब तक दूर कर दिये जायेंगे? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अंतर्गत सेवायुक्‍तों को प्रतिनियुक्ति अवधि का पांचवा वेतनमान का लाभ की गणना संविलियन योजना दिनांक 12.08.2013 एवं परिपत्र दिनांक 23.08.2016 अनुसार किया जाना न्‍याय संगत हैं?                                  (घ) विधानसभा प्रश्‍न क्र. 3401 के उत्‍तर दिनांक 16.07.2024 में बताया है कि मुख्‍य सचिव, की अध्‍यक्षता में दिनांक 19.05.2016 को तिलहन संघ कर्मियों को न्‍यायालीयन आदेश पर सक्षम स्‍तर पर स्‍वीकृति लेकर लाभ देने का निर्देश/निर्णय लिया गया था। इस निर्णय के लाभ से सेवायुक्‍तों को वंचित क्‍यों किया जा रहा है? विभाग में प्रतिनियुक्ति पर वर्ष 2005 तक विभाग में रहे कर्मियों का वेतन निर्धारण संविलियन नीति में दिये निर्देशानुसार लाभ दिया जाना नियमानुकूल है? इस संबंध में कोई कार्यवाही प्रचलन में है? यदि हाँ, तो इसका निराकरण कब तक कर दिया जायेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट '''' एवं '''' अनुसार है। जिन तिलहन संघ के सेवायुक्‍तों का संविलियन हुआ है। उन्‍हें संविलियन योजना की शर्तों के अधीन वेतनमान दिया गया है। (ख) प्रश्‍नांश '''' में दिये गये उत्‍तर के अनुक्रम में संबंधित सेवायुक्‍तों का आज दिनांक तक वेतन निर्धारण कर संभागीय संयुक्‍त संचालक कोष एवं लेखा से अनुमोदन प्राप्‍त कर अनुमोदित वेतन निर्धारण अनुसार आदेश जारी किये जा चुके है। अनुमोदित वेतन निर्धारण उपरांत आगामी कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) जिन तिलहन संघ के सेवायुक्‍तों का संविलियन हुआ है। उन्‍हें संविलियन योजना की शर्तों के अधीन वेतनमान दिया गया है। (घ) तिलहन संघ के 01 सेवायुक्‍त जो केवल मंत्रालय में प्रतिनियुक्‍ति के पद पर पदस्‍थ थे। उनके द्वारा दायर न्‍यायालयीन प्रकरण में दिये गये निर्देश के परिप्रेक्ष्‍य में प्रतिनियुक्‍ति अवधि के भुगतान के संबंध में नियमानुसार कार्यवाही परीक्षणाधीन है। समयावधि बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "तैंतालीस"

जिला एवं सत्र न्‍यायालय हेतु भवन निर्माण

[विधि एवं विधायी कार्य]

25. ( क्र. 907 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला मुख्‍यालय अनूपपुर में जिला गठन होने के उपरांत जिला एवं सत्र न्‍यायालय का संचालन शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर के जीर्णशीर्ण भवन में किया जा रहा है? जिसके संचालन हेतु उक्‍त भवन में न्‍यायाधीशों के कक्ष, अभिभाषक, बंदी गृह, परिजनों का कैदियों से मुलाकात हेतु कक्ष, पेशी में उपस्थित पक्षकारों का प्रतीक्षालय सहित कई प्रकार के कक्षों का अभाव में न्‍यायालयीन कार्यों में भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ता है, जिसके लिए स्‍थानीय जनप्रतिनिधियों, अभिभाषकों एवं अधोहस्‍ताक्षरी के द्वारा विगत कई वर्षों से नवीन न्‍यायालय भवन के निर्माण हेतु राशि स्‍वीकृत कराये जाने के लिए कितने पत्र अब तक प्रेषित किये गये है तथा विगत सत्र में विधानसभा में तारांकित प्रश्‍न क्र. 2225 दिनांक 09/07/2024 एवं ध्‍यानाकर्षण सहित कई बार मांग की जा चुकी है, किन्‍तु अभी तक उक्‍त भवन के निर्माण हेतु राशि स्‍वीकृत नहीं किये जाने का क्‍या कारण हैं? जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या वर्ष 2023 में पूर्व मुख्‍यमंत्री मान. शिवराज सिंह चौहान जी द्वारा अनूपपुर प्रवास के दौरान अभिभाषकों एवं स्‍थानीय जनप्रतिनिधियों के मांग पर जिला एवं सत्र न्‍यायालय के भवन निर्माण हेतु राशि स्‍वीकृत करने की घोषणा की गयी थी? किन्‍तु बाद में विभाग के द्वारा लिखित जवाब में राशि की कमी के कारण उक्‍त कार्य को स्‍वीकृत नहीं दिये जाने का लेख किया? त‍ब से प्रश्‍न दिनांक तक अनवरत पत्राचार किये जाने के बावजूद भी केवल अनूपपुर न्‍यायालय हेतु शासन द्वारा राशि कमी का हवाला देकर भवन निर्माण कार्य स्‍वीकृत नहीं करने के पीछे का क्‍या उद्देश्‍य हैं? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार 16 अगस्‍त 2024 को मान. डॉ. मोहन यादव जी मुख्‍यमंत्री म.प्र.शासन के अनूपपुर प्रवास के दौरान अधोहस्‍ताक्षरी एवं अन्‍य जनप्रतिनिधियों के मांग पर जिला एवं सत्र न्‍यायालय भवन के निर्माण हेतु राशि स्‍वीकृत करने का दुबारा घोषणा की गयी थी? यदि हाँ, तो पुन:विभाग द्वारा प्रेषित पत्र में राशि के अभाव में उक्‍त भवन का निर्माण कार्य स्‍वीकृत नहीं किये जाने का उल्‍लेख किया गया है? बार-बार राशि का अभाव बताकर भवन का निर्माण कार्य स्‍वीकृत न किये जाने का कारण बतायें। (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार म.प्र. शासन के द्वारा अनेकों कार्य मुख्‍यमंत्री विशेष निधि से स्‍वीकृत किये जाते है, तो क्‍या जिला एवं सत्र न्‍यायालय भवन हेतु उक्‍त मद से राशि स्‍वीकृत नहीं की जा सकती हैं? यदि नहीं, तो क्‍यों? क्‍या अनूपपुर जिले में न्‍यायालय भवन हेतु शासन के द्वारा राशि स्‍वीकृत करने की मंशा नहीं हैं? यदि नहीं हैं तो कारण बतावें। (ड.) प्रश्‍नांश (क), (ख), (ग) एवं (घ) के परिप्रेक्ष्‍य में शासन द्वारा अनूपपुर जिले के जनप्रतिनिधियों, अभिभाषकों एवं जिले की आवश्‍यकता को दृष्टिगत रखते हुए उक्‍त विभाग में राशि अभाव होने पर क्‍या मुख्‍यमंत्री विशेष निधि से राशि स्‍वीकृत की जाएगी? यदि हाँ, तो क्‍या इस सत्र में राशि स्‍वीकृत की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक और नहीं तो क्‍यों?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। लगभग 12। विभागीय सूचकांक उपलब्‍ध न होने के कारण। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी हाँ। जी हाँ। विभागीय सूचकांक उपलब्‍ध न होना। (ग) जी हाँ। जी हाँ। जी नहीं। विभागीय सूचकांक उपलब्‍ध न होने के कारण। विभागीय सूचकांक उपलब्‍ध न होने के कारण। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। जी नहीं। शासन की ऐसी कोई मंशा नहीं है। विभागीय सूचकांक के पूर्ण हो जाने के कारण। (ड.) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

औद्योगिक क्षेत्र हेतु आवंटित भूमि पर उद्योग स्‍थापित कराये जाना

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

26. ( क्र. 914 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                               (क) औद्योगिक नीति क्‍या है? औद्योगिक नीति से संबंधित विस्‍तृत जानकारी उपलब्‍ध कराए तथा किस नियम के तहत औद्योगिक प्रयोजन हेतु भूमि आवंटित की जाती हैं? शासन उद्योग स्‍थापित किये जाने के लिए किन-किन शर्तों व नियमों के तहत भूमि आवंटित किये जाने का प्रावधान हैं? नियमावली सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ख) अनूपपुर जिले में कौन-कौन से उद्योग स्‍थापित किये जाने के लिए कितनी-कितनी, किन-किन कंपनियों को कहां-कहां और कब-कब भूमि किन-किन शर्तों के तहत आवंटित की गई हैं? जिले में उद्योग स्‍थापित करने के समय स्‍थानीय जनप्रतिनिधियों की क्‍या भूमिका होती है? क्‍या जिला प्रशासन को उक्‍त जिले के जनप्रतिनिधियों से संबंधित उद्योग की स्‍थापना करने के पूर्व स्‍थानीय जनप्रतिनिधियों के संज्ञान में उद्योग स्‍थापना की जानकारी दिया जाना आवश्‍यक है? यदि हाँ, तो अनूपपुर जिले में उद्योग स्‍थापना के पूर्व स्‍थानीय जनप्रतिनिधियों, विधायकों, सांसद को जानकारी दी गई थी तथा उद्योगपति के प्रतिनिधि के साथ बैठक आयोजित कर परामर्श लिया गया था? यदि हाँ, तो किन-किन शर्तों पर परामर्श एवं सहमति हुई थी? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार अनूपपुर जिले में संचालित उद्योगों में प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को स्‍थापित कंपनियों के द्वारा स्‍थापना के पूर्व निर्धारित शर्तानुसार कौन-कौन सी सुविधाएं कंपनी के स्‍थापना दिनांक से अभी तक सी.एस.आर. मद से शिक्षा स्‍वास्‍थ्‍य, पर्यावरण, सड़क निर्माण, सामाजिक उत्‍थान, पेयजल, जन जागरूकता के क्षेत्र में स्‍थानीय जनप्रतिनिधियों, विधायकों व सांसद के उप‍स्थिति में अथवा जानकारी में कार्य कराया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों? एस.ई.सी.एल. जमुना कोतमा क्षेत्र मोजर वियर, एम.पी.वी. पावर प्‍लांट चचाई, ओरियन्‍ट पेपर मिल्‍स अमलाई, सोड़ा फैक्‍ट्री एवं अन्‍य स्‍थापित कंपनियां के द्वारा सी.एस.आर. मद से क्‍या-क्‍या कार्य किस जनप्रतिनिधि के अनुशंसा पर किया गया है? यदि हाँ, तो उद्योग स्‍थापना दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक सी.आर. मद से स्‍वीकृत कार्यों की सूची उपलब्‍ध करावें? (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार जिले में स्‍थापित उद्योग/कंपनियों के द्वारा स्‍थानीय जनप्रतिनिधियों सांसद विधायकों से प्रभावित क्षेत्रों के विकास कार्य व जनहित के कितने प्रस्‍ताव मांगे व उनके अनुसार कार्य किये? कितने बार उद्योगों/कंपनियों में कार्यक्रमों का आयोजन कर उद्योग के द्वारा किये जा रहे जनहित कार्य से अवगत कराया हैं तथा कितनी बार उद्योगों में भ्रमण कराकर उद्योग की अवधारणा से परिचित कराया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों? यदि हाँ, तो जनप्रतिनिधियों के निरीक्षण के दौरान छायाचित्र, निरीक्षण टीप व अभिमत सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।

अपराध संबंधी प्रमाणित जानकारी

[गृह]

27. ( क्र. 915 ) श्री महेश परमार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन संभाग के अंतर्गत सभी जिलों की निम्नलिखित अपराध संबंधी जानकारी टेबल प्रारूप में, जिलेवार एवं अपराधवार, 1 जनवरी 2024 से 31 जनवरी 2025 की अवधि के लिए उपलब्ध कराएं: 1. अपराध संबंधी विवरण: महिला उत्पीड़न बलात्कार पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के अंतर्गत दर्ज प्रकरण शराब की अवैध बिक्री एम.डी. सहित अन्य मादक पदार्थों के सेवन और बिक्री से जुड़े प्रकरण *जमीनों पर बढ़ते अवैध कब्जे *कूट रचित दस्तावेजों एवं बैंक कर्मियों की सांठगांठ के आधार पर फर्जी रजिस्ट्रियां *डिजिटल अरेस्ट एवं ऑनलाइन साइबर ठगी एवं घोटाले के विविध प्रकरण मुख्यमंत्री जी के गृह जिले की घटित अपराधों की प्रतिलिपियां एवं प्रदेश की प्रत्येक अपराध की पूर्ण विवरण सहित जानकारी रिकॉर्ड देवें? (ख) क्या यह सत्य है कि समान अवधि में वर्ष 2022 एवं 2023 की तुलना में अपराधों में 150% वृद्धि दर्ज की गई है? (ग) यदि उपरोक्त बिंदु सत्य है, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है? प्रशासनिक स्तर पर उठाए गए कदमों का विवरण दें। इस वृद्धि को रोकने के लिए सरकार द्वारा की गई कार्रवाई का उल्लेख करें। (घ) यदि अपराधों में 150% वृद्धि नहीं हुई है, तो वास्तविक वृद्धि कितने प्रतिशत दर्ज की गई है? कृपया आंकड़ों सहित जानकारी प्रदान करें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

औद्योगिक व्यापारिक सम्मेलन

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

28. ( क्र. 916 ) श्री महेश परमार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 01 जनवरी 2024 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन राष्ट्रों, राज्यों एवं मध्यप्रदेश में परस्पर औद्योगिक, व्यापारिक, व्यवसायिक क्षेत्रों में निवेशों एवं परस्पर संबंधों को बढ़ावा देने हेतु किस-किस के द्वारा, कितने आयोजन, कब और कहां आयोजित हुए? तिथिवार एजेंडा कार्यवाही विवरण देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुक्रम में, सभी बैठकों सम्मेलनों के आयोजनों के लिए कौन-कौन सी एजेंसियों को किसके द्वारा अधिकृत कर कितना भुगतान किया गया? उनकी टेंडर सम्बन्धी सभी आदेश निर्देश के साथ सभी एजेंसियों की पूर्ण जानकारी मदवार प्रत्येक जानकारी मय अभिलेख पृथक-पृथक प्रस्तुत करें। (ग) देश, प्रदेश, विदेश के शहरों में प्रश्‍नांश "क" एवं "ख" में आयोजित सम्मेलनों के अनुक्रम में कितने निवेशक, कितने विभाग के मंत्रीगण, कितने विभागीय अधिकारी, कर्मचारी सम्मिलित हुए? नाम, पद, भूमिका, आवागमन व्यय, ठहरने का व्यय एवं उत्तरदायित्व, मूल्यांकन रिपोर्ट सहित वित्तीय एवं अकादमिक गतिविधियों का समस्त रिकॉर्ड की प्रमाणित प्रतियां देवें। (घ) सभी प्रश्‍न खंडों के अनुक्रम में आयोजक संस्था का नाम पता, आयोजनों का खर्च, आने-जाने ठहरने संबंधी समस्त नोट शीट आदेश निर्देश की प्रतियां, वित्तीय व्यय का प्रमाणित रिकॉर्ड देवें। 1 जनवरी 24 से प्रश्‍न दिनांक तक सभी व्यय राशि की ऑडिट रिपोर्ट एवं बिल वाउचरों की प्रमाणित प्रतियां देवें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।

शराब ठेके हेतु बैंक गारंटी

[वाणिज्यिक कर]

29. ( क्र. 975 ) श्री अभय मिश्रा : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. में शराब पॉलिसी 2023 हेतु प्रकाशित राजपत्र फरवरी 2023 के पैरा 10.2.3 के अनुसार आबकारी विभाग म.प्र. शराब ठेके हेतु ली जाने वाली बैंक गारंटी हेतु अधिकृत शेड्यूल कमर्शियल बैंकों की संख्या 12 है, निजी क्षेत्र के अनुसूचित व्यावसायिक बैंकों की संख्या 21 है एवं क्‍या म.प्र. राज्य के क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के रूप में अधिसूचित मध्यांचल ग्रामीण बैंक, नर्मदा-झाबुआ बैंक, सेन्ट्रल म.प्र. ग्रामीण बैंक के अतिरिक्त अन्य किसी बैंक द्वारा जारी बैंक गारंटी को आबकारी विभाग स्वीकार नहीं कर सकता है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के तारतम्य में आबकारी विभाग में पिछले 06 वर्षों में ठेकेदारों द्वारा जमा की गई बैंक गारंटी की जांच कराकर कार्यवाही बावत् क्या निर्देश देंगे बतावें, जमा की गई बैंक गारंटी अधिकृत बैंकों द्वारा जारी की गई या नहीं बैंक गारंटी कूटरचित या फर्जी थी इस बिन्दु का भी सत्यापन कर कार्यवाही बावत् निर्देश देंगे? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के तारतम्य में ठेकेदारों द्वारा कूटरचित तरीके से तैयार की गई बैंक गारंटियों को आबकारी विभाग द्वारा स्वीकार कर अग्रिम कार्यवाही की गई इसके लिये कौन-कौन उत्तरदायी है उनके विरूद्ध अपराधिक प्रकरण/एफ.आई.आर. दर्ज किये जाने के साथ अनुशासनात्मक कार्यवाही बावत् क्या निर्देश देंगे?

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) मध्यप्रदेश राज्य में वर्ष 2023-24 हेतु मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 62 दिनांक 22 फरवरी 2023 में प्रकाशित आबकारी नीति की कंडिका 10.2.3 में प्रतिभूति बैंक गारंटी के रूप में जमा कराये जाने के संबंध में प्रा‍व‍धानित है कि लॉटरी आवेदन पत्र के माध्यम से चयनित आवेदक/ई-टेण्डर में सफल टेण्डरदाता द्वारा वर्ष 2023-2024 की ठेका अवधि के लिये सम्पूर्ण प्रतिभूति राशि संबंधित जिले के सहायक आबकारी आयुक्त/ जिला आबकारी अधिकारी के पक्ष में जारी किसी भी सार्वजनिक क्षेत्र के अनुसूचित व्‍यावसायिक बैंक/निजी क्षेत्र के अनुसूचित व्‍यावसायिक बैंक/मध्यप्रदेश राज्य के क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की स्थानीय शाखा में देय बैंक गारंटी/सावधि जमा के रूप में, जिसकी वैधता/परिपक्वता अवधि कम से कम, दिनांक 30.04.2024 तक की होगी, निष्पादन के दिनांक से 10 दिवस की अवधि में अथवा 31 मार्च, 2023 के पूर्व जो भी पहले आये प्रस्तुत की जा सकेगी। प्रतिभूति की राशि ई-आबकारी पोर्टल पर ऑनलाईन भी नियत अवधि में जमा करायी जा सकेगी। मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 62 दिनांक 22 फरवरी 2023 की छायाप्रति  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश '' के तारतम्य में आबकारी विभाग में पिछले 6 वर्षों के दौरान संबंधित वर्ष हेतु घोषित आबकारी नीति अनुसार क्रियान्वयन के संबंध में समय-समय पर निर्देश जारी किये गये। प्रदेश के जिला इन्‍दौर, भोपाल एवं रीवा जिले को छोड़कर शेष सभी जिलों में विगत 06 वर्षों में जिले के शराब ठेकेदारों द्वारा अधिकृत बैंकों की बैंक गारंटी प्रस्‍तुत की गई, जो सत्‍यापन पर सही पायी गई। किसी भी ठेकेदार द्वारा आलोच्‍य अवधि में कोई कूटरचित या फर्जी बैंक गारंटी प्रस्‍तुत नहीं की गई। जिला रीवा में सहकारी केन्‍द्रीय मर्यादित बैंक सीधी मध्‍यप्रदेश के पत्र क्रमांक/295 दिनांक 27.06.2023 में उल्‍लेखित अनुसार श्री नागेन्‍द्र सिंह प्र.शाखा प्रबंधक द्वारा मदिरा दुकानों हेतु अधिकारविहीन बैंक गारंटी जारी की गई थी। इन्‍दौर संभाग के केवल इन्‍दौर जिले में विगत 06 वर्षों में ठेकेदारों द्वारा जमा की गई बैंक गारंटियों का नियमानुसार सत्‍यापन के दौरान, वर्ष 2022-23 के मदिरा समूह IND-5 एम.आई.जी. की बैंक गारंटी सत्‍यापन कराये जाने पर उक्‍त बैंक गारंटी के कूटरचित होने की पुष्टि हुई है। भोपाल संभाग के केवल भोपाल जिले में विगत 06 वर्षों में प्रस्‍तुत बैंक गारंटियों का सत्‍यापन संबंधित बैंक से कराया गया है, जिनमें से वर्ष 2023-24 में एण्‍ड मेहता एसोसिएटस द्वारा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, थाना द्वारा कालिमपोंग सिलीगुढ़ी वेस्‍ट बंगाल की बैंक गारंटी सत्‍यापन कराये जाने पर उक्‍त बैंक गारंटी के कूटरचित होने की पुष्टि हुई है।                             (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के तारतम्य में जिला रीवा में बैंक गारंटियों के फर्जी न पाये जाने से संबंधित अनुबंधकर्ता एवं श्री अनिल जैन, जिला आबकारी अधिकारी को दोषी नहीं पाया गया है। आदेश की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। जिला भोपाल में बैंक गारंटियों के सत्यापन कराये जाने पर जिला भोपाल में प्रस्‍तुत कूटरचित बैंक गारंटी के संबंध में संबंधित लायसेंसी के विरूद्ध थाना कोहेफिजा भोपाल में भारतीय दण्‍ड संहिता की धारा-420, 467, 468, 471, 20-बी के अंतर्गत एफ.आई.आर. क्रमांक- 0305/2023 दिनांक 27.05.2023 दर्ज कराई गई है। उक्‍त प्रकरण में श्री राकेश कुर्मी तत्‍कालीन जिला आबकारी अधिकारी एवं श्री ओमप्रकाश जामोद सहायक जिला आबकारी अधिकारी, भोपाल को भविष्‍य में सतर्कता पूर्वक कार्य करने की चेतावनी दी गई है। आदेश की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिश्ष्टि-तीन अनुसार है। जिला इन्‍दौर में बैंक गारंटियों के सत्यापन कराये जाने पर लायसेंसी द्वारा प्रस्‍तुत एफ.डी.आर. कूटरचित पाये जाने से लायसेंसी के विरूद्ध पुलिस थाना रावजी बाजार, जिला इंदौर में आपराधिक प्रकरण एफ.आई.आर. क्रमांक 349/2022 दिनांक 03.08.2022 पंजीबद्ध कराया गया है तथा उक्‍त प्रकरण में लापरवाही करने/ पदीय दायित्‍वों का निवर्हन नहीं करने के संबंध में संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरूद्ध, मध्‍यप्रदेश शासन, वाणिज्यिक कर विभाग, भोपाल द्वारा आदेश क्रमांक 1/1/190002/2022-Sec-2-05 (CT) दिनांक 14 फरवरी 2023 से श्री राजनारायण सोनी, तत्‍कालीन सहायक आयुक्‍त आबकारी, जिला इंदौर के विरूद्ध विभागीय जांच संस्थित की गई। शासन आदेश क्रमांक 1/1/190002/ 2022-Sec-2-05 (CT) दिनांक 13 अक्‍टूबर 2023 से श्री राजनारायण सोनी, तत्‍कालीन सहायक आयुक्‍त आबकारी, श्री राजीव उपाध्‍याय तत्‍कालीन सहायक जिला आबकारी जिला इन्‍दौर एवं श्री नरेन्‍द्र सिंह रावत, सहायक ग्रेड-3, जिला इंदौर के विरूद्ध संयुक्‍त विभागीय जांच संस्थित की गई है। वर्तमान में उक्‍त विभागीय जांच, विभागीय जांचकर्ता अधिकारी उपायुक्‍त आबकारी, संभागीय उड़नदस्‍ता, संभाग इन्‍दौर द्वारा की जा रही है।

आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाना

[महिला एवं बाल विकास]

30. ( क्र. 976 ) श्री अभय मिश्रा : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक के प्रतिवेदन 31 मार्च 2021 को समाप्त हुये वर्ष का म.प्र. शासन द्वारा 2024 के प्रतिवेदन संख्या-8 में 773.21 मेट्रिक टन टी.एच.आर. की संदिग्ध फेक आपूर्ति का उल्लेख किया गया है जिसमें धार, मण्डला, सागर एवं शिवपुरी संयंत्रों में वर्ष 2018 से 2021 के दौरान चालानों के जारी होने की तिथियों पर संयंत्रों के पास टी.एच.आर. स्टॉक नहीं होने के बावजूद 227 चालानों के माध्यम से 178 परियोजनाओं को 773. 21 मेट्रिक टन टी.एच.आर. की आपूर्ति दर्शायी गई जो धोखाधड़ी की श्रेणी में है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के क्षय संयंत्रों ने 773.21 मेट्रिक टन टी.एच.आर. की आपूर्ति के लिये रियायती दरों पर 298.04 मेट्रिक टन गेंहू और 74.72 मेट्रिक टन चावल उठाया संयंत्रों के बनावटी आपूर्ति के लिये न्यूनतम समर्थन मूल्य के अंतर अनुसार 60.21 लाख का अनुचित लाभ प्राप्त किया इस पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के साथ वसूली बावत क्या निर्देश देंगे बतायें? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में आपूर्तिकर्ताओं द्वारा अस्तित्वहीन ट्रकों के माध्यम से 479.46 मेट्रिक टन टी.एच.आर. की संलिप्त फेक आपूर्ति एम.पी. एग्रो न्यूटी फूड्स लिमिटेड, एम.पी. एग्रो एग्रोटोनिक्स लिमिटेड, एम.पी.एस.ए.आई.डी. सी.एल. कोटा दाल मिल राजस्थान, एम.पी. एग्रो फूड इन्डस्ट्री लिमिटेड के द्वारा 2.96 करोड़ मूल्य के 479.46 मेट्रिक टन संबंधी फर्जी अभिलेख प्रस्तुत किये इस बावत् संबंधितों के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के साथ वसूली के क्या निर्देश देंगे? अगर नहीं तो क्यों? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) में उल्लेखित अनियमितताओं के लिये कौन-कौन उत्तरदायी है उनके पदनाम सहित उनसे राशि वसूली के साथ आपराधिक प्रकरण दर्ज किये जाने बावत् निर्देश देंगे? अगर नहीं तो क्यों?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी हाँ उल्लेखित है। (ख) भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक द्वारा 31 मार्च 2021 को समाप्त वर्ष हेतु अनुपालन लेखा परीक्षा प्रतिवेदन विधानसभा को प्रस्तुत किया गया है। उक्त प्रकरण में भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक द्वारा आपराधिक प्रकरण दर्ज करने तथा वसूली करने के सम्बंध में कोई अनुशंसा नहीं की गई है। प्रकरण लोक लेखा समिति के समक्ष विचाराधीन है। (ग) प्रश्‍नांश में उल्लेखित प्रकरण में भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक द्वारा आपराधिक प्रकरण दर्ज करने तथा वसूली करने के सम्बंध में कोई अनुशंसा नहीं की गई है। प्रकरणों में परीक्षण कराया जा रहा है। प्रकरण लोक लेखा समिति के समक्ष विचाराधीन है। (घ) उपरोक्त प्रकरण लोक लेखा समिति के समक्ष विचाराधीन है। परीक्षण एवं जांच की कार्यवाही प्रचलन में है, जांच उपरांत गुण-दोष के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।

 

भूमि वापस की जाना

[खनिज साधन]

31. ( क्र. 980 ) श्री अभय मिश्रा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या रीवा जिले के बनकुईया सर्किल के राजस्व ग्रामों की भूमियों की लीज अवधि किसानों के बगैर सहमति बढ़ाए जाने की कार्यवाही की गई जिसके संबंध में ध्यानाकर्षण सूचना क्रमांक-37 विधानसभा सत्र जुलाई 2024 के माध्यम से शासन का ध्यान आकर्षित कराया गया था।                        (ख) प्रश्‍नांश (क) के तारतम्य में प्रश्‍नकर्ता सदस्य द्वारा पत्र क्रमांक-784 दिनांक 15.01.2025 के माध्यम से (ख) मुख्य सचिव म.प्र. शासन भोपाल व आयुक्त राजस्व रीवा संभाग रीवा को आवश्यक कार्यवाही बावत् पत्र लिखा गया जिस पर म.प्र. शासन मुख्य सचिव कार्यालय मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के पत्र क्रमांक-857 दिनांक 17.01.2025 द्वारा प्रमुख सचिव राजस्व विभाग को आगामी कार्यवाही बावत् लेख किया गया निर्देश के पालन में की गई कार्यवाही की प्रति देते हुये बतावे कि इस अनियमितता के लिये कौन-कौन जिम्मेदार है? (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार उल्लेखित आधारों पर प्रश्‍नांश (ख) के पत्र पर कार्यवाही कर किसानों की जबरन भूमियों की लीज अवधि बढ़ाए जाने के लिये कौन-कौन जिम्मेदार है उनके पदनाम के साथ कार्यवाही का विवरण देवें साथ ही किसानों की भूमि पुनः वापस किये जाने बावत् क्या कार्यवाही करेंगे बतावें अगर नहीं तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी नहीं। कलेक्टर रीवा से प्राप्त जानकारी अनुसार रीवा जिले के तहसील हुजूर अंतर्गत बनकुईया सर्किल क्षेत्र के ग्रामों की भूमियों को वर्ष 1981-82, 1984-85 एवं 1995-96 के दौरान मेसर्स जे.पी. रीवा एसोसिएट लिमि. के पक्ष में खनिज चूना पत्थर हेतु लीज स्वीकृत की गई थी। भारत सरकार खान मंत्रालय द्वारा अधिसूचित "खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम 2015" की धारा 8ए(क) के प्रावधान अनुरूप एवं इसके अनुक्रम में मध्यप्रदेश शासन खनिज साधन विभाग मंत्रालय से जारी परिपत्र क्रमांक एफ-19-5/2015/12-1 भोपाल, दिनांक 12.03.2015 से 50 वर्ष हेतु मान्य (Deemed Extended) की गई, जिसकी जानकारी ध्यानाकर्षण सूचना क्रमांक 37 से पूर्व में प्रेषित की गई है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे  परिशिष्ट- पर है। (ख) अवर सचिव, मध्यप्रदेश शासन राजस्व विभाग, मंत्रालय से प्राप्त जानकारी अनुसार मुख्य सचिव कार्यालय की टीप दिनांक 29.01.2025 के अनुक्रम में कलेक्टर रीवा को नियमानुसार विधिवत कार्यवाही किये जाने हेतु दिनांक 11.03.2025 से लेख किया गया है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट- पर है। अद्यतन दिनांक तक प्रकरण में कोई अनियमितता अवधरित नहीं हुई है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

स्‍थानांतरण की नीति एवं गतिविधियों की जानकारी

[महिला एवं बाल विकास]

32. ( क्र. 1011 ) श्री राजेन्‍द्र भारती : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या सामान्य प्रशासन विभाग की स्थानांतरण नीति महिला बाल विकास सहित सभी विभागों पर लागू होती है यदि हाँ, तो क्या बिन्दु क्रमांक 17 में 3 वर्ष या उससे अधिक एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों को उक्त नीति के अनुसार विभाग द्वारा स्थानांतरित किया जाना चाहिये? कृपया जानकारी प्रदाय करते हुये बताये कि कौन-कौन से जिलों में डी.पी.एम. परियोजना अधिकारी के पद पर कब से कौन-कौन से अधिकारी पदस्थ है। कृपया नाम, पद एवं स्थान/जिला सहित अलग-अलग संपूर्ण विवरण दें। (ख) क्या उक्त प्रभारी डी.पी.एम. के पास परियोजना अधिकारियों का भी प्रभार है यदि हाँ, तो जिला तहसील तथा अन्य स्थानों सहित प्रभारी पद की जानकारी देते हुये बताये कि क्या विभाग में उक्त पदों पर अधिकारी/कर्मचारियों की कमी है? यदि हाँ, तो डी.पी.एम./परियोजना अधिकारियों के पदों पर कार्यरत जिला तहसील, संचालनालय सहित अधिकारी/कर्मचारियों के नाम, पद, पता सहित सम्‍पूर्ण जानकारी प्रदाय करें। (ग) दतिया जिले की सभी आगंनवाड़ियों में 0-3 वर्ष एवं 3-6 वर्ष धात्री किशोरी, कुपोषित बच्चों सहित गर्भवतियों की कोरोनाकाल से आज दिनांक तक वर्षवार दर्ज संख्या बतायें तथा दतिया जिले में सभी आंगनवाड़ियों में संलग्न स्व-सहायता समूह की सूची सहित किस समूह पर कितनी आंगनवाड़ियां है। कृपया नाम, पता सहित आंगनवाड़ियों की विस्तृत जानकारी दें। (घ) दतिया जिले में विगत वर्ष 2008 से 2023 तक आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की भर्तियों में चयनित अभ्यर्थियों की सूची सहित, अंकसूची, जाति प्रमाण पत्र, बी.पी.एल. कार्ड सहित समस्त दस्तावेज उपलब्ध कराते हुये समस्त आंगनवाड़ियों के बिल, वाउचर सहित ई-पेमेंट की सूचियां कोरोनाकाल से लेकर आज दिनांक तक वर्षवार अलग-अलग उपलब्ध करायें।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) :  (क) से () जानकारी एकत्रित की जा रही है।

गंजाल-मोरंड डैम का निर्माण

[नर्मदा घाटी विकास]

33. ( क्र. 1141 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                    (क) हरदा जिले में स्वीकृत गंजाल मोरड की डैम की वास्‍तविक स्थिति क्या है? (ख) गंजाल मोरड डैम का कार्य प्रश्‍न दिनांक तक शुरू क्यों नहीं हो सका है? डैम के निर्माण कार्य में विलम्ब होने का क्या कारण है? (ग) डैम के कार्य में विलम्ब होने एवं विकास कार्य को रोकने के लिए कौन जिम्मेदार है? संबंधित दोषियों पर क्या कार्यवाही की जावेगी।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (ग) पर्यावरणीय स्‍वीकृति हेतु कार्यवाही प्रचलन में है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

निसरपुर वासियों का पुनर्वास

[नर्मदा घाटी विकास]

34. ( क्र. 1172 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह हनी बघेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र कुक्षी में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा निसरपुर वासियों को पुनर्वास (बसावट) के दौरान दी जाने वाली समस्त सुविधाएं उपलब्ध करवा दी गई है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार यदि हाँ, तो कौन-कौन सी सुविधाएं दी गई है जानकारी दें, यदि नहीं, तो कौन-कौन सी सुविधाओं से क्षेत्रवासी अभी वंचित हैं, जानकारी दें व कब तक समस्त सुविधाएं उपलब्ध होगी? (ग) क्या सदर इस्लामी अंजुमन कमेटी निसरपुर के पुनर्बसाहट आठ अवार्ड पास होकर आठ प्लाट दिए गए थे? जिनमें से 6 प्लाट का निर्माण कर लिया है किंतु दो प्लाट की अनुमति नहीं दी गई उसका क्या कारण है एवं उन्‍हें अनुमति कब तक दी जाएगी जानकारी दें। साथ ही ईदगाह का अवार्ड सर्वे में शामिल नहीं किया गया? क्या कलेक्टर कार्यालय से ईदगाह के लिए अवार्ड स्वीकृति के लिए प्रस्‍ताव अनुविभागीय अधिकारी व भू अर्जन अधिकारी के पास भेजा गया है यदि हाँ, तो अभी तक कार्यवाही क्यों नहीं की है? (घ) क्या मुस्लिम आबादी को ध्यान में रखते हुए कमेटी द्वारा कब्रिस्तान की जमीन के लिए तीन हेक्टेयर जमीन की मांग की गई थी? जिस हेतु कलेक्टर महोदय द्वारा अनुविभागीय अधिकारी को अनुशंसा पत्र लिख जमीन बढ़ाने और जमीन दिखाकर पंचनामा भी बनाया गया था? उस पर आज दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। आंतरिक मार्ग, नाली निर्माण, पुलिया निर्माण, शाला भवन, स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र, बीज गोदाम, पंचायत भवन तथा अन्‍य आवश्‍यक भवन, पेयजल एवं बाह्य विद्युत भवन आदि। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) सदर स्‍लामी अंजुमन कमेटी के नाम से 7 एवं मुस्लिम पंच के नाम से एक अवार्ड दर्ज है। कार्यपालन यंत्री (लो.नि.वि.) नघाविप्रा, मान जोबट संभाग कुक्षी कार्यालय द्वारा 6 भू-खण्‍ड का कब्‍जा संबंधित को वर्ष 2017 में सौंप दिया गया है एवं शेष 2 भू-खण्‍ड का कब्‍जा वर्ष 2021 में दिनांक 23.03.2021 को दिया गया तथा उक्‍त 2 भू-खण्‍ड M-7 & M-8 की मौके पर नपती कर दिनांक 28.05.2024 को पुन: कब्‍जा दिया जा चुका है। कार्यपालन यंत्री (लो.नि.वि.) नघाविप्रा, मान जोबट संभाग कुक्षी कार्यालय द्वारा सरदार सरोवर परियोजना के अंतर्गत डूब प्रभावित ग्राम निसरपुर के मुस्लिम समाज ईदगाह पर स्थित स्‍ट्रक्‍चर का मूल्‍यांकन कर भू-अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी सरदार सरोवर परियोजना कुक्षी को आगामी कार्यवाही हेतु प्रस्‍तुत किया गया है। (घ) न्‍यायालय कलेक्‍टर जिला धार में 3 हेक्‍टेयर भूमि आवंटन हेतु प्रकरण दर्ज हुआ है। प्रकरण में जांच उपरांत कलेक्‍टर द्वारा दिनांक 06.09.2022 को ग्राम कटनेरा में शासकीय भूमि उपलब्‍ध नहीं होने के कारण भूमि आवंटन न किये जा सकने के आदेश जारी किये जा चुके हैं।

पुलिस चौकी की स्‍थापना

[गृह]

35. ( क्र. 1187 ) श्रीमती प्रियंका पैंची : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                            (क) विधानसभा चाचौड़ा में ग्राम खटकिया, तेलीगांव एवं ग्राम पेची में हाइवे चौकी की मांग का कोई प्रस्ताव विचाराधीन है? (ख) प्रश्‍नांश (क) की खटकिया चौराहे पर स्थायी पुलिस चौकी विभाग द्वारा स्वीकृत कर दी गई थी किंतु भूमि आवंटन नहीं हुआ था? क्या अब इसके लिए भूमि आवंटन किया जाएगा और यदि हाँ, तो कब तक? (ग) विधानसभा चाचौड़ा के क्षेत्रवासियों की मांग के आधार पर ग्राम तेलीगांव एवं ग्राम पेची में पुलिस चौकी स्वीकृत की जा सकती है? यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) आदेश दिनांक 08.08.2013 द्वारा थाना कुंभराज अंतर्गत ग्राम खटकिया हाईवे पुलिस चौकी स्वीकृत है। ग्राम तेलीगांव एवं ग्राम पेची में हाईवे चौकी के निर्माण का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। (ख) जी हाँ। भूमि आवंटन हेतु पत्राचार किया जा रहा है, किन्तु भूमि का आवंटन अभी प्राप्त नहीं है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) ग्राम तेलीगांव में पुलिस चौकी का प्रस्ताव निर्धारित मापदण्ड के अनुरूप ना होने के कारण अमान्य किया गया है। ग्राम पेची में पुलिस चौकी के प्रस्ताव की कार्यवाही प्रचलन में है।

उद्योग हेतु भूमि आवंटन

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

36. ( क्र. 1220 ) श्री घनश्याम चन्द्रवंशी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                         (क) कालापीपल विधानसभा क्षेत्र में उद्योग विकास निगम को कहाँ पर एवं कितनी भूमि आवंटित है? दस्तावेज सहित जानकारी प्रदाय करें? क्या उद्योग संबंधी अन्य संस्थानों के नाम पर भी भूमि आवंटित की गई है? यदि हाँ, तो कहाँ एवं कितनी भूमि आवंटित की गई हैं। (ख) क्या शासन द्वारा कालापीपल विधानसभा क्षेत्र में उद्योग विकास निगम की भूमि पर औद्योगिक कॉरीडोर निर्माण की अथवा नवीन उद्योग की स्थापना के लिए कोई योजना बना रही हैं? यदि हाँ, तो सम्पूर्ण जानकारी प्रदाय करें तथा इसका क्रियान्वयन कब तक किया जाएगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। कालापीपल विधानसभा क्षेत्र के अन्‍तर्गत ग्राम-मोरटाकेवडी, खेड़ी, टाण्‍डाखुर्द एवं पोलायंकला में 327.635 हेक्‍टेयर अविकसित भूमि औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्‍साहन विभाग के अधीन एम.पी. इण्‍डस्‍ट्रीयल डेव्‍हलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के आधिपत्‍य में है। उद्योग संबंधी अन्‍य संस्‍था को विभाग द्वारा कोई भूमि आवंटित नहीं की गई है। सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम विभाग से प्राप्‍त जानकारी अनुसार एमएसएमई विभाग के अधीन जिला व्‍यापार एवं उद्योग केन्‍द्र, शाजापुर को चाकरोद तहसील कालापीपल जिला शाजापुर में भूमि रकबा 10.003 हेक्‍टेयर आवंटित है। (ख) विभाग के अधीन एम.पी. इण्‍डस्‍ट्रीयल डेव्‍हलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा कालापीपल विधानसभा क्षेत्र में आधिपत्‍य की भूमि पर औद्योगिक कॉरीडोर निर्माण के लिये कोई योजना वर्तमान में विचाराधीन नहीं है। नवीन उद्योग की स्‍थापना हेतु कुल 327.635 हेक्‍टेयर अविकसित भूमि निवेशकों हेतु उपलब्‍ध है। निवेशकों से प्रस्‍ताव प्राप्‍त होने पर प्रचलित मध्‍यप्रदेश राज्‍य औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम-2019 (यथा संशोधित 2022 एवं 2025) के प्रावधान अनुसार कार्यवाही होती है।

परियोजना अन्त‍र्गत धार्मिक स्थलों की जानकारी

[नर्मदा घाटी विकास]

37. ( क्र. 1265 ) श्री राजन मण्‍डलोई : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                (क) सरदार सरोवर बांध के कारण नर्मदा तट पर स्थित कितने घाट डूब गये है? उनमें से कितने घाटों का पुनर्निर्माण हो गया है और कितनों का निर्माण कार्य चल रहा है? यदि इनका पुनर्निर्माण कार्य नहीं हुआ है तो कारण सहित बताये। (ख) सरदार सरोवर परियोजना में कितने धार्मिक स्थल मंदिर/मस्जिद/धर्मशाल डूबे है और इनमें से कितने मंदिर/मस्जिद पुन: विस्थापित होकर बन गये है? इनकी सम्पूर्ण जानकारी देवें। (ग) धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण हेतु कितनी राशि आवंटित की गई है और उस राशि का अभी तक कितना उपयोग हुआ है? (घ) बड़वानी शहर के समीप राजघाट (रोहिणी तीर्थ) घाट डूब जाने से नवीन घाट बनाने की कार्य योजना है अथवा नहीं।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) 12 घाट प्रभावित हुए हैं जिनमें से 08 घाटों के पुनर्निर्माण की स्‍वीकृतियां प्राप्‍त हैं। कार्यवाही प्रक्रियाधीन होने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) कुल 496 धार्मिक स्‍थल, मंदिर/मस्जिद/धर्मशालाएं प्रभावित हुई हैं जिनमें से 79 का पु‍नर्स्‍थापन किया जा चुका है। (ग) कोई राशि आवंटित नहीं की गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) वर्तमान में विभाग की ऐसी कोई योजना नहीं है।

छात्र/छात्राओं का जाति प्रमाण पत्र बनवाने के निर्देश

[सामान्य प्रशासन]

38. ( क्र. 1288 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                    (क) मान. मुख्यमंत्री जी द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा पिछड़ा वर्ग छात्र/छात्राओं के जाति प्रमाण पत्र बनाये जाने के निर्देश दिये गये थे, इस संबंध में शासन द्वारा जारी निर्देश उपलब्ध कराये जाये। (ख) ग्वालियर संभाग के जिलों में शासकीय विद्यालयों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा पिछड़ा वर्ग के कितने छात्र/छात्रायें अध्ययनरत हैं? उनमें से कितने छात्र/ छात्राओं के जाति प्रमाण पत्र जारी कर दिये गये हैं? जिलेवार संख्यात्मक जानकारी दी जावे।                           (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संबंध में शेष छात्र/छात्राओं के जाति प्रमाण पत्र कब तक जारी कर दिये जायेंगे? क्या इस संबंध में कोई समय-सीमा निर्धारित की गई है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है                          (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है (ग) स्‍कूल के माध्‍यम से आवेदन पत्र आमंत्रित कर लोक सेवा केन्‍द्र के माध्‍यम से डिजिटल जाति प्रमाण पत्र जारी करने संबंधी विशेष अभियान की समय-सीमा विभागीय पत्र दिनांक 19 जून 2024 द्वारा दिनांक 30 जून 2025 तक बढ़ाई गई है। उत्‍तरांश (क) अनुसार शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

जनसम्‍पर्क भवन निर्माण

[जनसंपर्क]

39. ( क्र. 1324 ) डॉ. चिंतामणि मालवीय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                   (क) क्या उज्जैन के संभागीय जनसंपर्क कार्यालय के भवन निर्माण के लिए कोई शासकीय भूमि आवंटित की गई है, यदि हाँ, तो कौन से वर्ष में आवंटित हुई। (ख) वर्तमान में संभागीय जनसंपर्क कार्यालय क्या किराए के भवन में संचालित हो रहा है यदि हाँ, तो मासिक किराया कितना है।                                 (ग) क्या किराए के भवन में संचालित हो रहे जनसंपर्क कार्यालय को रिक्त करने के लिए भवन स्वामी विभाग द्वारा कोई पत्राचार किया गया है, यदि हाँ, तो कितनी बार? (घ) क्या जनसंपर्क विभाग मुख्यालय उज्जैन में रिफ्रेन्स लायब्रेरी स्थापित है? (ड.) यदि हाँ, तो कितना साहित्य उपलब्ध है, यदि नहीं, है तो क्या पत्रकारों के पठन पाठन के लिए रिफ्रेन्स लायब्रेरी स्थापित करने की शासन की क्या योजना है। (च) वर्तमान में पत्रकारों के पठन पाठन और रिफ्रेन्स के लिए क्या व्यवस्था है।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) संभागीय जनसंपर्क कार्यालय, उज्‍जैन के भवन निर्माण के लिये कुल 5000 वर्ग फिट भूमि वर्ष 2011 में आवंटित की गयी है। वर्तमान में भूमि रिक्‍त है।                      (ख) वर्तमान में उज्‍जैन जनसंपर्क कार्यालय, मा‍ध्‍यमिक शिक्षा मण्‍डल के संभागीय कार्यालय के प्रथम तल पर कार्यरत है। कलेक्‍टर द्वारा निर्धारित दर पर भवन का किराया 29,268/- रूपये मासिक दर से भुगतान किया जा रहा है। (ग) जी नहीं। (घ) जी हाँ। (ड.) कार्यालय की लायब्रेरी में वर्तमान में विविध विषयों पर 900 से अधिक पुस्‍तकें-साहित्‍य उपलब्‍ध है। (च) वर्तमान में पत्रकारों, विविध शोधकर्ता छात्रों, पत्रकारिता पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों के पठन-पाठन के लिये कार्यालय के कक्ष में सुविधा उपलब्‍ध है।

अपराधियों के विरूद्ध कार्यवाही

[गृह]

40. ( क्र. 1367 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला छतरपुर के थाना मातगुवां के ग्राम मातगुवां निवासी लक्षमण उर्फ बन्नू राजपूत को दिनांक 25/01/2025 को आदतन अपराधियों द्वारा मारपीट की गई थी जिसकी रिपोर्ट उनके पुत्र राजा राजपूत ने लिखवाई थी? (ख) क्‍या मारपीट की घटना के 6 घण्‍टे पूर्व आरोपियों से वाद-विवाद की सूचना थाना मातगुवां को दी गई थी? जिस पर पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही न करने के कारण प्‍लानिंग के साथ बड़ी घटना को अंजाम देने का मौका दिया गया?                 (ग) यदि नहीं, तो पुलिस द्वारा प्रथम आवेदन पर कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? इसके लिये कौन दोषी हैं? (घ) क्‍या यह सही है उक्‍त प्रकरण में जो धारायें लगाई गई है, पर्याप्‍त नहीं है? अभी तक दोषियों को नहीं पकड़ा गया हैं? इसके लिये कौन दोषी हैं?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। जिस पर अपराध क्रमांक-27/20 धारा 296, 115 (2), 351 (2), 118 (1), 3 (5) भारतीय न्याय संहिता 2023 का प्रकरण दर्ज किया जा कर विवेचना में लिया गया प्रकरण विवेचनाधीन है। (ख) जी नहीं। घटना के करीब आधा घंटा पूर्व ही आवेदक लक्ष्मण पिता शिवदयाल राजपूत निवासी मातगुंवा ने थाना पर वैधानिक कार्यवाही किये जाने बावत् आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया। (ग) आवेदक लक्षमण पिता शिवदयाल राजपूत निवासी मातगुंवा द्वारा घटना घटित होने के आधा घंटा पूर्व ही थाना पर आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया, जिसके लिये जांच अधिकारी नियुक्त किये जाने के पूर्व ही आरोपीगण द्वारा मन्नू राजपूत के साथ मारपीट की गई, जिसकी रिपोर्ट पर पुलिस द्वारा विधिसम्मत कार्यवाही अमल में लाई गई। (घ) जी नहीं। दिनांक 25.01.2025 को लक्षमण उर्फ बन्नू राजपूत पिता शिवदयाल राजपूत के साथ हुई मारपीट की घटना की रिपोर्ट इसके पुत्र राजा राजपूत द्वारा आरोपीगण 1. हैवी राजा उर्फ अनुज सिंह पिता रंधीर सिंह बुन्देला 2. समीर खान उर्फ कल्लू पिता उम्मेद खान 3. सतेन्द्र सिंह उर्फ सचिन सिंह पिता छुट्टे राजा बुन्देला 4. भूपेन्द्र सिंह उर्फ भूरे राजा पिता मंगल सिंह बुन्देला के विरूद्ध थाना मातगुंवा में दर्ज कराई गई थी। जिस पर प्रकरण दर्ज किया जा कर विवेचना में लिया गया विवेचना के दौरान मेडीकल दस्तावेज मजरूब के एक्स-रे रिपोर्ट प्राप्त होने पर एक्स-रे रिपोर्ट में फेक्चर होने से धारा 117 (2) बीएनएस का इजाफा किया गया सभी आरोपियों को दस्तयाब किया जाकर नोटिस पर पाबंद किया गया वर्तमान में प्रकरण विवेचनाधीन है। उपरोक्त आरोपीगणों के विरूद्ध प्रतिबंधात्मक कार्यवाही इस्तगासा कमांक 5/25 दिनॉक 08.02.2025, 4/25 दिनांक 07.02.2025, 10/25 दिनांक 02.03.2025 तैयार किया जाकर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट छतरपुर के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। प्रकरण में पुलिस द्वारा विधिसम्मत कार्यवाही की गई है।

योजनायें एवं आंगनवाड़ि‍यों का संचालन

[महिला एवं बाल विकास]

41. ( क्र. 1399 ) श्री प्रहलाद लोधी : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में महिला बाल विकास विभाग द्वारा महिलाओं के लिए कौन-कौन सी योजनाएं संचालित की जा रही है? जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) मध्य प्रदेश में लाड़ली बहन योजना के तहत कितनी महिलाएं पंजीकृत है एवं योजना शुरू होने के पश्‍चात कितनी पंजीकृत महिलाएं उम्र ज्यादा होने के कारण इस योजना से वंचित हो गई हैं? (ग) क्या विभाग द्वारा पात्र महिलाओं के लिये लाड़ली बहन योजना के पंजीकरण की प्रक्रिया पुनः शुरू की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? (घ) विभाग द्वारा कितनी जनसंख्या पर एक आंगनवाड़ी केंद्र खोले जाने का प्रावधान है? पन्ना जिले के पवई विधानसभा अंतर्गत कितने आंगनवाड़ी केंद्र संचालित है और भविष्य में कितने और आंगनवाड़ी केंद्र प्रस्तावित हैं? (ङ) पवई विधानसभा अंतर्गत संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों में कितने केंद्रों के पास स्वयं का भवन है और कितने आंगनवाड़ी केंद्र किराए के भवन में संचालित हो रहे हैं? जानकारी उपलब्ध करावें? किराए के भवनों में संचालित होने वाले आंगनवाड़ी केन्द्रों हेतु भवन का निर्माण कब तक कर लिया जाएगा?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट –01 अनुसार है। (ख) वर्तमान में प्रदेश में लाड़ली बहना योजना के तहत पंजीकृत पात्र महिलाओं की संख्‍या 1,27,21,000 है। अब तक कुल 3,19,991 महिलाएं 60 वर्ष की आयु पूर्ण हो जाने के कारण योजना की पात्रता से बाहर हुई हैं। (ग) इस संबंध में विभाग स्‍तर पर वर्तमान में कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। (घ) भारत सरकार के मापदण्‍ड अनुसार ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में 400 से 800 की जनसंख्‍या पर एक आंगनवाड़ी केन्‍द्र, आदिवासी क्षेत्रों में 300 से 800 की जनसंख्‍या पर एक आंगनवाड़ी केन्‍द्र तथा प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्‍याय महाअभियान (PM JANMAN) अंतर्गत 100 की जनसंख्‍या की बसाहट पर एक आंगनवाड़ी केन्‍द्र स्‍वीकृत किये जाने का प्रावधान है। विधानसभा क्षेत्र, पवई अंतर्गत कुल 546 आंगनवाड़ी केन्‍द्र संचालित है। वर्तमान में भविष्‍य हेतु आंगनवाड़ी केन्‍द्र प्रस्‍तावित नहीं हैं। (ड.) पवई विधानसभा अंतर्गत 546 संचालित आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में से 243 विभागीय (स्‍वयं के) भवन हैं तथा 39 आंगनवाड़ी केन्‍द्र किराये के भवन में संचालित हैं। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट – 02 अनुसार है। आंगनवाड़ी केन्‍द्रों के लिये भवन निर्माण शासकीय भूमि एवं वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धता पर निर्भर है। अत: समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "चौवालीस"

पुलिस चौकी मगरोनी का थाना में उन्‍नयन

[गृह]

42. ( क्र. 1409 ) श्री रमेश प्रसाद खटीक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                  (क) करैरा विधानसभा क्षेत्र की थाना नरवर जिला शिवपुरी की पुलिस चौकी मगरोनी की स्‍थापना कब की गयी थी। (ख) नगर पंचायत मगरोनी से लगे कितने ग्राम हैं, बताएं। क्‍या पुलिस चौकी मगरोनी का थाने में उन्‍नयन हेतु विभाग द्वारा कोई कार्यवाही/प्रस्‍ताव शासन स्‍तर पर भेजा गया है? जिले में बैठक में पुलिस चौकी के उन्‍नयन के भेजे गये प्रस्‍ताव पर आज दिनांक तक क्‍या कार्यवाही हुई? पुलिस चौकी नगर परिषद मगरोनी का थाना में उन्‍नयन कब तक किया जावेगा बताएं?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) करैरा विधानसभा क्षेत्र की थाना नरवर, जिला शिवपुरी की पुलिस की पुलिस चौकी मगरोनी की स्थापना 1987 में हुई। (ख) चौकी मगरोनी में 23 गांव व 7 मजरा आते है। जी नहीं। जिले स्तर पर कलेक्टर कार्यालय में बैठक में माननीय विधायक द्वारा थानों के परिसीमन संबंधी चर्चा की गई। माननीय विधायक द्वारा मगरोनी चौकी से थाने में उन्नयन का प्रस्ताव नहीं रखा गया था। चौकी मगरोनी का प्रस्ताव थाना निर्धारित मापदण्ड के अनुरूप नहीं होने से अमान्य किया गया है।

आंगनवाड़ी भवनों की स्‍वीकृति

[महिला एवं बाल विकास]

43. ( क्र. 1410 ) श्री रमेश प्रसाद खटीक : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) करैरा विधान सभा क्षेत्र के अन्तर्गत कितने आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित हैं तहसील करैरा व तहसील नरवर की विस्तृत जानकारी देवें। (ख) क्‍या आंगनवाड़ी केन्द्र शासकीय भवन/निजी भवन अथवा अन्‍य भवनों में संचालित हैं? (ग) विधान सभा क्षेत्र करैरा अन्तर्गत आंगनवाड़ी केन्द्र जो निजी भवन या अन्‍य भवनों में संचालित हैं, उनके लिये विभाग द्वारा भवन स्‍वीकृति हेतु कोई कार्यवाही की गयी है यदि हाँ, तो जानकारी दें। भवन स्वीकृति हेतु की गयी कार्यवाही की स्थान सहित सम्‍पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराये।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) करैरा विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत 450 आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित हैं तहसील करैरा एवं तहसील नरवर की विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर है। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। प्रधानमंत्री आदिवासी न्‍याय महाभियान अन्‍तर्गत विधान सभा क्षेत्र करैरा के ग्राम अलगी, ग्राम पंचायत अलगी विकासखण्‍ड करैरा हेतु 01 आंगनवाड़ी भवन स्‍वीकृत किया गया है। आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिये भवन निर्माण शासकीय भूमि एवं वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर है।

अनुसूचित जाति एवं जनजाति के प्रमाण-पत्र बनाए जाना

[सामान्य प्रशासन]

44. ( क्र. 1468 ) श्री आरिफ मसूद : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अनुसूचित जाति एवं जनजाति के जाति प्रमाण पत्र बनाए जाने संबंधी गृह मंत्रालय भारत सरकार के पत्र क्रमांक BC16014/1/82-SC-BCD-1 नई दिल्ली दिनांक 06 अगस्त 1984 में प्रवजन संबंधी व्याख्या दी गई है यदि हाँ, तो जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में क्या जिस व्यक्ति का जहाँ जन्म हुआ है एवं उसकी शिक्षा दीक्षा वहीं हुई है, मूल निवास अवधि को प्राप्त करता है तो उसे आरक्षण का लाभ दिया जाएगा, यदि नहीं, तो क्यों? (ग) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में क्या यह कहना सही है कि माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर की पिटीशन WP No 1160/2003, WP No 16642/2016 एवं WP No 2014 (3) MPLJ79 में माननीय न्यायालय द्वारा याचिकाकर्ताओं के जाति प्रमाण पत्र बनाए जाने संबंधी शासन को आदेशित किया था, यदि हाँ, तो उक्त आदेश के परिप्रेक्ष्य में शेष वंचितों के जाति प्रमाण पत्र क्यों नहीं बनाए जा रहे? जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली को लिखे गए पत्र क्रमांक/एफ 7-11/2004/आ.प्र./एक भोपाल दिनांक 30/01/2019 के परिप्रेक्ष्य में अब तक की गई कार्यवाही से अवगत करावें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) भारत सरकार द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों एवं माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा विभिन्न प्रकरणों में दिये गये निर्णय विशेषतः कु. माधुरी पाटील विरूद्ध एडीशनल कमिश्नर आदिवासी विकास, महाराष्ट्र सरकार में अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों के व्यक्तियों को जाति प्रमाण जारी करने के लिये महामहिम राष्ट्रपति जी द्वारा अधिसूचना जारी करने के वर्ष 1950 की स्थिति में निवास को आधार माना गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं नहीं होता।                           (ग) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) विभागीय पत्र दिनांक 28.11.2024 द्वारा पुन: भारत सरकार को स्मरण कराया गया है। भारत सरकार से जानकारी आज दिनांक तक अपेक्षित है।

जांच आदेश पर कार्यवाही

[गृह]

45. ( क्र. 1469 ) श्री आरिफ मसूद [श्री भैरो सिंह बापू] : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के अतारांकित प्रश्‍न क्र. 1619, दिनांक 13 मार्च 2023 के उत्‍तर में माननीय मंत्री जी ने प्रश्‍नांश (क) का उत्‍तर ‘’जी हां'' में देते हुए जांच आदेशित कर दी गई है एवं जांच के आधार पर अग्रिम कार्यवाही किये जाने का आश्‍वासन दिया था? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या पीड़िता के समस्‍त लंबित स्‍वत्‍वों का लाभ के भुगतान संबंधी उक्‍तानुसार जो जांच निर्धारित की गई थी, उसमें कब तक पीड़िता को संबंधितों द्वारा भुगतान किया जाकर दोषियों पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या विभाग के कुछ सम्‍बंधित‍ अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा इस संबंध में जानबूझकर उदासीनता बरतते हुए प्रकरण सुलझाने में कोई भी रूचि नहीं ली जाकर प्रकरण को उलझाया जा रहा है? (घ) क्‍या शासन ऐसे अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध कठोर दण्‍डात्‍मक कार्यवाही करते हुए शीघ्र पीडि़ता को स्‍वत्‍वों का भुगतान कराने की कार्यवाही करते हुए प्रश्‍नांश (क) से (घ) का उत्‍तर प्रमुख सचिव गृह एवं संचालक लोक अभियोजन के अभिमत सहित दिया जाना सुनिश्चित करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। विभागीय कार्यवाही अनुसार वर्तमान में उत्तराधिकार के संबंध में आवेदक/दावेदारों के मध्य माननीय न्यायालय में कार्यवाही प्रचलित है। (ख) वर्तमान में प्रकरण न्यायालय में लंबित है। (ग) एवं (घ) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

 

 

उद्योगों एवं उससे मिलने वाले रोजगार की जानकारी

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

46. ( क्र. 1673 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                       (क) वर्ष 2003-2004 से वर्ष 2023-2024 तक वर्षवार उद्योग संबंधी कितनी-कितनी इनवेस्टर मीट कहां किस-किस शहर में आयोजित करायी गयी इसमें कुल कितनी राशि खर्च की गयी।                                       (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में कितने उद्योग घरानों से कौन-कौन सी सामग्री के कितनी-कितनी राशि के किस-किस फर्म से एम.ओ.यू. हस्ताक्षर किये गये। (ग) वर्ष 2003-2004 से वर्ष 2023-2024 के मध्य वर्षवार कितने उद्योग (जैसे कपड़ा, सीमेन्ट, स्टील, सोयाबीन तेल एवं अन्य सामग्री) स्थापित किये गये है। इनमें से कितने औद्योगिक फर्मों द्वारा धरातल पर कार्य प्रारम्भ किये गये? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संबंध में स्थापित उद्योगों में कितने-कितने लोगों को रोजगार मिला?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्‍य से वर्ष 2003-2004 से वर्ष 2023-2024 तक आयोजित की गई इन्‍वेस्‍टर मीट/ग्‍लोबल इन्‍वेस्‍टर्स समिट/रीजनल इण्‍डस्‍ट्री कॉनक्‍लेव की वर्षवार जानकारी का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। वर्ष 2003-04 से वर्ष 2023-24 तक इन्‍वेस्‍टर मीट/ग्‍लोबल इन्‍वेस्‍टर्स समिट/रीजनल इण्‍डस्‍ट्री कॉनक्‍लेव में कुल राशि रू. 10477.95 लाख खर्च किये गये है। (ख) से (घ) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में उद्योग घरानों/औद्योगिक इकाइयों से केवल ग्‍लोबल इन्‍वेस्‍टर्स समिट-2007, 2010 एवं 2012 में ही एम.ओ.यू. हस्‍ताक्षरित किये गये हैं। हस्‍ताक्षरित एम.ओ.यू. की विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार हैं। सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम विभाग से प्राप्‍त जानकारी अनुसार वर्ष 2003-2004 से वर्ष 2023-2024 के मध्‍य वर्षवार स्‍थापित उद्योगों की भारत सरकार के उद्यम रजिस्‍ट्रेशन पोर्टल से प्राप्‍त जानकारी तथा स्‍थापित उद्योगों में प्रदत्‍त रोजगार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है।

शहडोल में आपराधिक प्रकरण की जांच

[गृह]

47. ( क्र. 1682 ) श्री बाला बच्चन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पुलिस अधीक्षक शहडोल जिला एवं संभाग शहडोल को दिनांक 26/07/2024 एवं 25/09/2024 को नगर निरीक्षक कोतवाली थाना शहडोल को दिनांक 27/07/2024 को पुलिस महानिरीक्षक शहडोल संभाग को दिनांक 24/09/2024 को और पुलिस उप महानिरीक्षक रेंज शहडोल को दिनांक 25/09/2024 को कूटरचित एवं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बेशकीमती सम्पूर्ण पैतृक भूमि का अपने नाम पर नामांतरण कराने वाले आरोपियों जान मोहम्मद पिता स्व. जहूर अहमद, फिरोजा बानों पत्नि स्व. मंजूर अहमद निवासी वार्ड क्रमांक 08 बिरसिंहपुर पाली जिला उमरिया एवं अन्य के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कर आरोपियों को गिरफ्तार करने हेतु सप्रमाण (साक्ष्य सहित) आवेदन पत्र आवेदक मोहम्मद शादिक उर्फ सादिक मोहम्मद निवासी पन्ना जिला पन्ना (म.प्र.) के द्वारा दिया गया था। यदि हाँ, तो उस पर अब तक क्या कार्यवाही की गई, यदि नहीं, तो क्यों, कारण सहित बताएं और इसके लिए कौन दोषी है? आवेदन पत्र वर्तमान में किस स्तर पर लंबित है, कब तक आवेदन का निराकरण किया जाएगा, निश्चित समय-सीमा बताएं? (ख) प्रश्‍नांश (क) वर्णित दोषी पाए जाते हैं तो उनके विरूद्ध शासन क्या कार्यवाही करेगा, निश्चित समय-सीमा बताएं?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। पुलिस अधीक्षक, शहडोल के प्रतिवेदन अनुसार आवेदन पत्र की जांच में संपूर्ण प्रकरण प्रथम दृष्टया सिविल प्रकृति का होना पाया गया है जो राजस्व न्यायालय में अपील में विचाराधीन है। पु.अ. शहडोल की जांच रिपोर्ट संलग्न मय दस्तावेज  पुस्तकालय  में रखे गये  परिशिष्ट  अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश '' में वर्णित अनावेदकगण दोषी पाये जाते हैं तो उनके विरूद्ध अविलम्ब विधिसम्मत कार्यवाही की जा सकती है

सुरक्षा प्रदान करने के मामले की जानकारी

[गृह]

48. ( क्र. 1688 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ओ.बी.सी. महासभा के राष्‍ट्रीय कोर कमेटी सदस्‍य धमेंद्र सिंह कुशवाहा के द्वारा सुरक्षा हेतु कोई आवेदन दिए गए हैं? यदि हाँ, तो उनकी सूची उपलब्‍ध कराएं। (ख) उन आवेदनों पर क्‍या कार्रवाई की गई? (ग) क्‍या माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा M.A. No.2566/2024 दिनांक 16.12.2024 के अनुसार आदेश देने के बाद भी प्रश्‍न दिनांक तक उन्‍हें सुरक्षा प्रदान नहीं की गई हैं? यदि हाँ, तो कारण स्‍पष्‍ट करें। (घ) क्‍या ओ.बी.सी. महासभा के राष्‍ट्रीय कोर कमेटी सदस्‍य धर्मेन्‍द्र सिंह कुशवाहा को सुरक्षा प्रदान की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक? समय-सीमा बताएं। यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार।                                 (ख) इनके द्वारा दिए गए आवेदनों पर पुलिस अधीक्षक, ग्वालियर से इनकी सुरक्षा के खतरे का आंकलन प्राप्त किया जाकर नियमानुसार प्रकरण राज्य सुरक्षा समिति में दिनांक 29.06.2023 को प्रस्तुत किया गया, समिति द्वारा परीक्षण उपरांत इसे अमान्य किया गया। (ग) जी हाँ, माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के संदर्भ में पुलिस अधीक्षक, ग्वालियर की रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा प्रदान किये जाने संबंधी वैधानिक कार्यवाही की जाती है। (घ) आगामी राज्य सुरक्षा समिति में इनका प्रकरण इनके खतरे के आंकलन प्रतिवेदन के साथ विचारार्थ रखा जा रहा है। अतः राज्य सुरक्षा समिति की बैठक में लिए गये निर्णय अनुसार अविलम्ब कार्यवाही की जावेगी।

नोटरी अभिभाषकों की नियुक्ति

[विधि एवं विधायी कार्य]

49. ( क्र. 1689 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधि विधायी कार्य विभाग द्वारा किसी वरिष्‍ठ अभिभाषक को योग्‍यता एवं अनुभवों के आधार पर नोटरी नियुक्‍त किया जाता हैं? यदि हाँ, तो नियम/निर्देशों की प्रति सहित जानकारी देवें। (ख) वर्ष 1984 से वर्ष 2013 तक जिला ग्‍वालियर में किन-किन अभिभाषकों को नोटरी नियुक्‍त किया गया? उनके नाम, पता, नियुक्ति दिनांक तथा कार्यकाल सहित जानकारी उपलब्‍ध करायें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रश्‍नांश के संबंध में लेख है कि नोटरी नियुक्ति में वरिष्‍ठता संबंधी लाभ देने का कोई प्रावधान नहीं है। समय-समय पर नोटरी के रिक्‍त पदों पर नियुक्ति की कार्यवाही नोटरी अधिनियम-1952 एवं नोटरी नियम-1956 अनुसार प्रधान जिला एवं सत्र न्‍यायाधीश/ सक्षम प्राधिकारी से प्राप्‍त अधिवक्‍ताओं के अनुशंसित पैनल पर राज्‍य शासन द्वारा पात्रता अनुसार की जाती है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। नोटरी नियम-1956 की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है।

शासकीय कर्मचारियों को पुरानी पेंशन की बहाली

[वित्त]

50. ( क्र. 1690 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्‍या सरकार शासकीय कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को पुन: लागू करेगी? यदि हाँ, तो कब तक? समय-सीमा बताएं। यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण स्‍पष्‍ट करें।

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : राज्‍य शासन अपने वित्‍तीय संसाधनों एवं अन्‍य प्राथमिकताओं को दृष्टिगत रखते हुए यथासमय पेंशनरों के हित में उचित निर्णय लेती है। वर्तमान में इस संबंध में कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है।

औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाना

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

51. ( क्र. 1691 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र अम्‍बाह में युवाओं के रोजगार हेतु कोई औद्यो‍गिक क्षेत्र नहीं हैं? यदि हाँ, तो कारण स्‍पष्‍ट करें। (ख) क्‍या सरकार विधानसभा क्षेत्र अम्‍बाह में युवाओं के रोजगार हेतु औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की कोई योजना बनाएगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) विधानसभा क्षेत्र अम्‍बाह में विभाग के अधीन एमपी इण्‍डस्ट्रियल डेव्‍हलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड का औद्यो‍गिक क्षेत्र स्‍थापित नहीं है। उद्योग स्‍थापना हेतु निवेशकों से भूमि की मांग न होने से औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की कार्यवाही नहीं की गई। (ख) उत्‍तरांश के परिप्रेक्ष्‍य में वर्तमान में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाना प्रस्‍तावित नहीं है।

रेत खदानों की स्‍वीकृति

[खनिज साधन]

52. ( क्र. 1754 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                    (क) छिंदवाड़ा जिले में कुल कितनी रेत खदानें शासन से स्वीकृत है, यह कहाँ-कहाँ, किस स्थान पर किस सर्वे नंबर पर संचालित है? जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) क्या शासन द्वारा स्वीकृत खदानों के अलावा अवैध रूप से अवैध खदानों से रेत का उत्खनन किया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्या इसकी जांच कराई जावेगी? (ग) क्या शासन अवैध उत्खनन कर दहशत फैलाने वालों पर प्रतिबन्ध लगाएगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट पर है। (ख) छिन्‍दवाड़ा जिले में शासन के अधिकृत ठेकेदार द्वारा स्‍वीकृत खदानों के अलावा अवैध खदानों से रेत का अवैध उत्‍खनन का प्रकरण प्रकाश में नहीं आने से छिन्‍दवाड़ा जिले में शासन के अधिकृत ठेकेदार द्वारा अवैध रूप से, अवैध खदानों से रेत का उत्‍खनन की जानकारी निरंक है। प्रश्‍नांश के शेष भाग का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्‍नांश अनुसार जिला छिन्‍दवाड़ा अंतर्गत रेत अवैध उत्‍खननकर्ताओं पर वर्ष 2024-25 में कुल 44 प्रकरण दर्ज कर शासन पक्ष में अर्थदण्‍ड रूपये 6,51,125/- जमा करवाये जाने की कार्यवाही कर प्रतिबंध लगाया गया है।

परिशिष्ट - "पैंतालीस"

विधायकों के पत्रों का उत्‍तर दिया जाना

[सामान्य प्रशासन]

53. ( क्र. 1756 ) चौधरी सुजीत मेर सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं के निराकरण एवं विभिन्न कार्यों की स्वीकृति के लिए प्रेषित किये गए पत्रों के जवाब जिला स्तर एवं विकासखंड स्तर के अधिकारियों द्वारा दिए जाने हेतु सामान्य प्रशासन विभाग के कोई निर्देश है? यदि हाँ, क्‍या जवाब नहीं देने वाले अधिकारि‍यों पर शासन कोई कार्यवाही करेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : जी हाँ। सामान्‍य प्रशासन विभाग के निर्देश क्रमांक एफ 19-76/ 2007/1/4 दिनांक 22 मार्च, 2011 में कार्यवाही का प्रावधान है।

पुलिस गृह निर्माण अधोसंरचनात्मक कार्य

[गृह]

54. ( क्र. 1782 ) श्री निलेश पुसाराम उईके : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के जिला-पांढुर्ना, छिंदवाड़ा व सिवनी में पुलिस गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास निगम द्वारा वर्ष 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक निर्मित व निर्माणाधीन कार्यों की स्थानवार, लागतवार, कार्य आदेश, कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र व कार्य की वर्तमान स्थिति की जानकारी उपलब्ध करावें।                               (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित जिलों व अवधि में म.प्र.पुलिस हाउसिंग द्वारा किये गए व कराए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता, मजदूरों को निर्माण स्थल में मिलने वाली सुविधा के अभाव व अन्य अनियमितता के सम्बंध में स्थानीय प्रतिनिधियों व मजदूर संगठन द्वारा कोई शिकायत जिला प्रशासन/शासन/विभाग को की गई है? यदि हाँ, तो उस पर क्या वरिष्ठ तकनीकी अधिकारियों द्वारा जांच की गई? यदि नहीं, तो क्यों और कब तक की जावेगी? (ग) क्या प्रदेश के जिला सिवनी के राष्ट्रीय राजमार्गों में स्थित होटल/ढाबों व नगरीय क्षेत्र के मार्गों की यातायात अव्यवस्था के सम्बंध में कोई पत्र स्थानीय मजदूर संगठन द्वारा जिला प्रशासन/शासन/विभाग को प्राप्त हुआ है? यदि हाँ, तो उस पर क्या कार्यवाही की गई? क्या सम्बंधित कार्य/व्यवस्था शासन के नियमों अनुकूल है? यदि नहीं, तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। जी हाँ। जांच कराकर शिकायत निराकृत करा दी गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।                          (ग) जी नहीं। जी हाँ। राष्ट्रीय राजमार्गों में स्थित होटल, ढाबों के सामने अनियमित रोड पर खड़े वाहनों पर पुलिस द्वारा कार्यवाही की जाती है। नगरीय क्षेत्र में भी यातायात सुव्यवस्थित संचालन हेतु अतिक्रमण हटाना, ठेला ठिलिया वालों पर 34 पुलिस एक्ट की कार्यवाही, संकेत बोर्ड, रोड मार्किंग कराना एवं चालानी कार्यवाही जैसे आवश्यक कार्य किये जा रहे है।

अधिकृत रेत खदानों का सीमांकन

[खनिज साधन]

55. ( क्र. 1783 ) श्री निलेश पुसाराम उईके : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के जिलों में खनिज विभाग द्वारा रेत उत्खनन हेतु अधिकृत रेत खदानों/घाटों को रेत उत्खनन करने वाले ठेकेदारों द्वारा विधिवत खनन योजना,स्थल का सीमांकन/फेंसिंग,वृक्षारोपण करने व अन्य आवश्यक शर्तों के पालन हेतु अनुबंध सम्बंधित जिले के खनिज विभाग के मध्य किया जाने का प्रावधान/नियम है? (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित उक्त नियमों/अनुबंधों का उल्लंघन कर रेत उत्खनन करने वाले ठेकेदारों के विरूद्ध शासन द्वारा कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों और कब की जावेगी? क्या इन अनुबंधों का उल्लंघन कर रेत उत्खनन करने वाले ठेकेदारों के सम्बंध में कोई शिकायत/पत्र प्रदेश के जिला-पांढुर्ना, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट व अन्य जिलों में स्थानीय प्रतिनिधियों व मजदूर संगठन द्वारा जिला प्रशासन/शासन/विभाग को की गई हैं? यदि हाँ, तो क्या उक्त जांच शासन/विभाग द्वारा प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक, पर्यावरण व अन्य अधिकारियों की समिति बनाकर की गई? यदि नहीं, तो क्यों और कब तक की जावेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

पेंशनरों के लिये शासन द्वारा लागू की गई सुविधा

[वित्त]

56. ( क्र. 1806 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सत्र 2000 में मध्यप्रदेश के विभाजन के उपरान्त छत्तीसगढ़ राज्य बनाया गया जिसमें मध्यप्रदेश शासन के कर्मचारी छत्तीसगढ़ राज्य में स्थानान्तरित किये गये। जिसके फलस्वरूप धारा 49 (6) दोनों राज्यों में लागू की गई। धारा 49 (6) में यह शर्त रखी गई कि पेंशनरों की महंगाई राहत दोनों राज्यों की सहमति से दी जावे, जिसमें मध्यप्रदेश को 76% तथा छत्तीसगढ़ राज्य को 76% राशि देय होगी। (ख) विभाजन के उपरान्त केन्द्र सरकार द्वारा DA/DR कर्मचारियों एवं पेंशनरों को उसी तिथि से दिया जावे जिस तिथि से केन्द्र शासन देता है। विगत कुछ वर्षों से केन्द्र शासन द्वारा दिये जाने वाले DA/DR की तिथि से ही कर्मचारियों एवं पेंशनरों को एरियर्स के साथ दिया जावे। वर्तमान में मध्यप्रदेश शासन में कर्मचारियों का D.A. 01 जनवरी से दिया है तथा पेंशनरों को 01 अक्टूबर से महंगाई राहत दी गई है। इसी प्रकार मध्यप्रदेश शासन ने छठवें वेतनमान में 32 माह का सातवें वेतन में 27 माह का एवं वर्तमान में 9 माह का एरियर्स नहीं दिया गया है। भेदभाव किये जाने का क्या कारण है? (ग) DA/DR राशि के संबंध में मध्यप्रदेश शासन को म.प्र. पेंशनर्स संगठन ने अनेकों बार ज्ञापन सौंपा है। परन्तु समस्या का निदान अभी तक नहीं हुआ तथा धारा 49 (A) को तत्काल प्रभाव से विलोपित भी नहीं किया गया उपरोक्त संबंध में कब तक कार्यवाही करते हुये समस्याओं का निदान कर दिया जायेगा?

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ। मध्‍यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49 पेंशनों की बावत् दायित्‍व का प्रभाजन से संबंधित है। (ख) राज्‍य शासन अपने कार्मिकों एवं राज्‍य के पेंशनरों को महंगाई भत्‍ता/महंगाई राहत की स्‍वीकृति स्‍वयं के संसाधनों एवं राज्‍य की अन्‍य प्राथमिकताओं को दृष्टिगत रखते हुए, नीतिगत निर्णय के आधार पर करती है। राज्‍य शासन द्वारा राज्‍य के पेंशनरों को छठवें एवं सातवें वेतनमान के अनुसार पुनरीक्षण भी राज्‍य का नीतिगत निर्णय है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है।

सजायाफ्ता बंधी की मृत्‍यु की उच्‍च स्‍तरीय जांच एवं आश्रितों को रोजगार

[जेल]

57. ( क्र. 1837 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                  (क) क्‍या केन्‍द्रीय करागार रीवा में सजायाफ्ता बंदी राहुल वर्मा (कोल) की मृत्‍यु जेल में रहते हुये मारपीट एवं प्रताड़ित करने से होने की शिकायत मृतक की माँ द्वारा कलेक्‍टर रीवा, मुख्‍यकार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रीवा, पुलिस अधीक्षक रीवा को की गई थी, जिस पर शिकायत अनुसार जांच कराकर की गई कार्यवाही की प्रति देते हुये बतावें कि मृत्‍यु किन कारणों से हुई? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के तारतम्‍य में मृतक से मिलने उसकी मां, उसके पिता दिनांक 06.08.2024 एवं दिनांक 12.08.2024 को मिलने गये तब भी मृतक के द्वारा बताया गया कि मेरे साथ मारपीट एवं प्रताड़ि‍त किया जाता है जिसका उल्‍लेख आवेदिका द्वारा अपने आवेदन पत्र में दिया गया है। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में उल्‍लेखित आधारों पर क्‍या मृतक की मां द्वारा यह मांग की गई कि प्रताड़ना के कारण हुई मृत्‍यु पर उसकी पत्‍नी और एक छोटी बच्‍ची जिसकी परवरिश एवं देखभाल हेतु उनके पास कोई आय के साधन नहीं होने से मृतक की पत्‍नी को नौकरी दिलाई जाय क्‍या विभाग इस संबंध में कोई कार्यवाही करेगा यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। जांच प्रतिवेदन कलेक्टर, जिला- रीवा से अपेक्षित है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। प्रकरण की न्यायिक जांच माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीवा के आदेशानुसार श्री ललित कुमार मईडा, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी रीवा द्वारा की जा रही है। जांच प्रतिवेदन अपेक्षित है। (ग) प्रकरण में न्यायिक जांच विचाराधीन है। मृतक बंदी की पत्नी को नौकरी देने हेतु नियमों में प्रावधान न होने से विचार किया जाना संभव नहीं है।

हितग्राहियों को लाभान्वित नहीं करने वाले जिम्‍मेदारों पर कार्यवाही

[कुटीर एवं ग्रामोद्योग]

58. ( क्र. 1838 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या राज्‍य मंत्री, कुटीर एवं ग्रामोद्योग महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल व रीवा जिले में कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग द्वारा कितनी योजनायें संचा‍लित की जा रही है का विवरण देवें यह भी बतावें कि इनके जिलेवार लक्ष्‍य शासन द्वारा क्‍या निर्धारित किये गये हैं लक्ष्‍य अनुसार कितने हितग्राहियों को लाभ दिया गया का विवरण प्रश्‍नांश दिनांक तक का देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के तारतम्‍य में शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को, लक्ष्‍य अनुसार हितग्राहियों को प्रदान कर लाभांवित नहीं किया गया हितग्राही लाभ से वंचित हुये तो इसके लिये कौन-कौन जिम्‍मेदार हैं क्‍या उन पर कार्यवाही के निर्देश देंगे जानकारी दें। (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार संचालित योजनाओं का प्रश्‍नांश (ख) अनुसार वर्ष 2020 से प्रश्‍नांश दिनांक के दौरान कितने आवेदन किस-किस वर्ग से किन-किन योजनाओं बावत् प्राप्‍त हुये उनमें से कितनों को लाभांवित किया गया का विवरण वर्षवार व जिलेवार देवें। (घ) प्रश्‍नांश (क) अनुसार संचालित योजनाओं को प्रश्‍नांश (ख) एवं (ग) अनुसार लक्ष्‍य के आधार पर हितग्राहियों को लाभांवित नहीं किया गया तथा आवेदन लंबित रहे बैंकों से संपर्क कर लाभ दिलाये जाने की कार्यवाही नहीं की गई इसके लिये कौन-कौन उत्‍तरदायी हैं क्‍या उन पर कार्यवाही के निर्देश देंगे साथ ही क्‍या लंबित आवेदन पत्रों के हितग्रा‍हियों को लाभांवित कराने के निर्देश देंगे नहीं तो क्‍यों। बतावें।

राज्‍य मंत्री, कुटीर एवं ग्रामोद्योग ( श्री दिलीप जायसवाल ) : (क) विभाग द्वारा प्रदेश में संचालित योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। यह योजनाएं शहडोल एवं रीवा जिले में भी लागू है। जिलेवार लक्ष्‍य का निर्धारण नहीं किया गया है। प्रश्‍न दिनांक तक लाभान्वित हितग्राहियों की संख्‍या जिला शहडोल में 185 एवं जिला रीवा में 165 है। वर्षवार विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। (ख) विभाग द्वारा संचालित योजनाओं में लक्ष्‍य जारी नहीं किया गया है। अत: शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्‍तरांश (क) अनुसार संचालित योजनाओं में उत्‍तरांश (ख) अनुसार प्राप्‍त आवेदन अनुसार हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। (घ) उत्‍तरांश (क) अनुसार संचालित योजनाओं में उत्‍तरांश (ख) एवं (ग) अनुसार हितग्राहियों को प्राप्‍त आवेदनों पर नियमानुसार लाभान्वित किया गया है। कोई आवेदन लंबित नहीं रहे है। अत: शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है।

बरगी व्‍यपवर्तन योजना

[नर्मदा घाटी विकास]

59. ( क्र. 1868 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                  (क) मैहर विधान सभा क्षेत्रान्तर्गत बरगी व्‍यपवर्तन योजना के तहत निर्माणाधीन मुख्य नहर एवं शाखा नहरों का निर्माण किन-किन स्थानों में कराया जा रहा है? नहर के स्थानवार, ग्रामवार जानकारी दी जावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित नहरों के निर्माण कार्य की भौतिक स्थिति क्‍या है। प्रत्येक नहरवार जानकारी दी जावे। नहरों के निर्माण कार्य अभी तक पूर्ण न हो पाने के क्या कारण हैं? क्या व्याप्त कारणों का अविलम्ब निराकरण कर नहरों का निर्माण कार्य पूर्ण कराकर किसानों को सिंचाई हेतु पानी उपलब्‍ध कराया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक, समयावधि सहित जानकारी उपलब्ध करायी जावे।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट-‘’'',  ‘’'' एवं ‘’'' अनुसार है।
परिशिष्ट - "छियालीस"

पहाडि़यों पर अवैध उत्‍खन्न

[खनिज साधन]

60. ( क्र. 1895 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                      (क) म.प्र. के इन्‍दौर, देवास, ग्‍वालियर नगरों के आसपास वर्ष 2015 से वर्ष 2025 तक कितनी पहाडि़यों के रकबे में कमी दर्ज की गई हैं इन पहाडि़यों का स्‍वामित्‍व किस विभाग के पास हैं एवं इनमें 2015 से आय की स्थिति में कितना पत्‍थर/मुरम का उत्‍खनन किया गया। (ख) क्‍या इंदौर भोपाल मार्ग, इन्‍दौर देवास, इन्‍दौर महू, इंदौर बैतूल राष्‍ट्रीय राजमार्ग के सड़क से 5 कि.मी. अंदर के क्षेत्र में कुल कितनी पहाडि़यों से उत्‍खनन किया गया है। जानकारी दें। (ग) इन पहाड़ि‍यों पर उत्‍खनन किस विभाग की अनुमति एवं किन प्रयोजनों के लिये, किन ठेकेदारों द्वारों किया गया प्रयोजनवार अनुमति बतायें, यदि बिना अनुमति किया गया तो कितने प्रकरण बनाये जाकर जुर्माना वसूला गया वर्षवार बतायें। (घ) इन पहाडि़यों पर उत्‍खनन से कितना नुकसान पर्यावरण को हुआ हैं एवं कितने राजस्‍व की हानि‍ अनुमानित है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : () जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) इंदौर भोपाल मार्ग, इन्दौर देवास, इन्दौर महू, इंदौर बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग के सड़क से 5 कि.मी. अंदर के क्षेत्र में पहाड़ियों से उत्खन्न किया गया की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।                              (ग) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र पर उत्खनन अनुमति प्रयोजन ठेकेदारों की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है तथा बिना अनुमति खनन, दर्ज प्रकरण एवं वसूल जुर्माने की वर्षवार जानकारी निरंक है। (घ) नियमानुसार उत्खनन एवं रायल्टी का भुगतान किये जाने से प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

आश्वासन की पूर्ति

[गृह]

61. ( क्र. 1973 ) श्री अनिरुध्द (माधव) मारू : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि विधानसभा सत्र मार्च 2022 में तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 1943 दिनांक 14/3/2022 द्वारा पुलिस स्टेशनों में आगजनी की घटना को रोकने हेतु स्वचालित अग्निशामक यंत्र लगाए जाने हेतु आश्वासन क्रमांक 199 दिया गया था। उस पर क्या कार्रवाई हुई? यदि हाँ, तो की गई कार्यवाही से अवगत करावें। यदि नहीं, तो कब तक कार्यवाही की जावेगी समय-सीमा बताएं।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : जी हाँ। आश्वासन क्र. 199 के संबंध में की गई कार्यवाही की जानकारी दिनांक 28.06.2024 को विधानसभा पोर्टल पर दी जाकर आश्वासन की पूर्ति की गई है। विधानसभा पोर्टल पर दी गई जानकारी संलग्न  परिशिष्ट अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "सैंतालीस"

उज्‍जैन संभाग के जिलों को बजट आवंटन

[वित्त]

62. ( क्र. 1981 ) श्री चन्दरसिंह सिसौदिया : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2024-25 में उज्जैन संभाग के किन-किन जिलों को किन-किन योजना मद में कितना-कितना बजट आवंटित किया गया? जिलेवार ब्यौरा दें। (ख) मन्दसौर जिले में उक्त आवंटन का तहसीलवार आवंटन ब्यौरा क्या है तथा आवंटन का मापदण्ड क्या हैं? (ग) क्या गरोठ विधानसभा क्षेत्र को अन्य क्षेत्रों की तुलना में बजट आवंटन नहीं के बराबर था? यदि हाँ तो किस कारण?
उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

विकलांग संतान का नाम पीपीओ में जोड़ने का प्रावधान

[वित्त]

63. ( क्र. 1998 ) श्री अरूण भीमावद : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र.शासन के किसी विभाग से सेवानिवृत्त हुए कर्मचारी/पेंशनर की मृत्यु होने पर उसके आश्रित व्यक्ति जो मानसिक रूप से विकलांग है, को परिवार पेंशन देने के निर्देश है? यदि हाँ, तो पेंशन अदायगी आदेश (पीपीओ) जारी होते समय ही पात्र व्यक्ति का नाम दर्ज करने का प्रावधान क्यों नहीं किया गया? (ख) क्या शाजापुर जिले के सेवानिवृत्त प्राध्यापक श्री शांतिविलास शर्मा एवं उनकी सेवानिवृत्त पत्नी ने स्‍वयं पर आश्रित पुत्री कु.मनीषा शर्मा जो मानसिक रूप से विकलांग होकर परिवार पेंशन की पात्रता रखती है, का नाम परिवार पेंशन के रूप में जोड़ने के लिए वर्ष 2002 से अभी तक कितने आवेदन पत्र कब जिला पेंशन कार्यालय एवं शिक्षा विभाग को दिए? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्लेखित मानसिक रूप से विकलांग पुत्री कु. मनीषा शर्मा यदि पात्रता रखती है तो उसका नाम उनके माता पिता के पेंशन अदायगी आदेश (पीपीओ) में संशोधित कर कब तक जोड़ दिया जाएगा। (घ) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार पेंशन अदायगी आदेश (पीपीओ) जारी होते समय ही पात्र विकलांग व्यक्ति का नाम दर्ज करने का प्रावधान करने संबंधी विभाग को निर्देश जारी करने में कोई तकनीकी समस्या हो तो उसका उल्लेख किया जाए?

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ। म.प्र.सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1976 के नियम-47 (6) अनुसार कर्मचारी/पेंशनर की मृत्‍यु होने पर उसके आश्रित व्‍यक्ति जो मानसिक रूप से विकलांग है, परिवार पेंशन देने के निर्देश है। म.प्र.शासन वित्‍त विभाग के परिपत्र क्रमांक डी-774/ 598-599/पी-डब्‍ल्‍यू.सी/चार दिनांक 15.11.1999 के अनुसार पेंशन अदायगी आदेश (पी.पी.ओ.) जारी करते समय मानसिक रूप से अक्षम पात्र पुत्र/पुत्री का नाम दर्ज करने का प्रावधान है। (ख) संचालक (पेंशन) द्वारा प्रस्‍तुत जानकारी अनुसार प्राध्‍यापक श्री शांति विलास शर्मा की पत्नि श्रीमती शकुन्‍तला शर्मा द्वारा दिनांक 22.02.2020 को कार्यालय जिला पेंशन अधिकारी शाजापुर को स्‍वयं पर आश्रित पुत्री कु. मनीषा शर्मा मानसिक रूप से विकलांग को परिवार पेंशन देने हेतु आवेदन दिया गया हैं एवं कार्यालय प्रमुख विकासखण्‍ड शिक्षा अधिकारी शाजापुर को श्री शांति विलास शर्मा एवं श्रीमती शकुन्‍तला शर्मा द्वारा उनकी दिव्‍यांग पुत्री कु. मनीषा शर्मा को दिव्‍यांगता के आधार पर परिवार पेंशन में नाम जुड़वाने हेतु दिनांक 22.09.2008, 17.10.2008 एवं 01.12.2021 को आवेदन दिये गये है। (ग) संचालक (पेंशन) द्वारा प्रस्‍तुत जानकारी अनुसार कार्यालय प्रमुख (विकासखण्‍ड शिक्षा अधिकारी शाजापुर) से पात्रता निर्धारित कर प्रस्‍ताव प्राप्‍त होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। (घ) प्रश्‍नांश "क" के उत्‍तर अनुसार प्रावधान है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्‍द्र

[महिला एवं बाल विकास]

64. ( क्र. 2022 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में विगत 3 वर्षों से प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में मध्‍यप्रदेश के किस-किस जिले में कौन-कौन से आंगनवाड़ी केन्‍द्र भवन विहीन है तथा किन-किन आंगनवाड़ी केन्‍द्रों के भवनों का निर्माण अपूर्ण है या आरंभ नहीं हुआ है? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित स्‍थानों पर कहां-कहां आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के पद रिक्‍त है तथा रिक्‍त होने का क्‍या कारण है?                                                    (ग) रिक्‍त पदों की पूर्ति हेतु विभाग क्‍या कार्यवाही कर रहा है? रिक्‍त पद कब तक भरे जावेंगे? जानकारी दें।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) एवं (ख) जानकारी विस्तृत प्रकृति की होने के कारण पुस्‍तकालय में रखे पेन ड्राईव में है। (ग) पदों की रिक्ति एवं पूर्ति एक निरंतर प्रक्रिया है। समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।

खनिज विभाग द्वारा प्रक्रिया का निर्धारण

[खनिज साधन]

65. ( क्र. 2023 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश रेत नियम 2019 के नियम 4 (2) एवं नियम 4 (3) के अनुसार रेत उपलब्‍ध करवाए जाने के संबंध में खनिज विभाग द्वारा जानबूझकर प्रश्‍नांकित दिनांक तक भी प्रक्रिया का निर्धारण नहीं दिया? ग्राम पंचायत को नि:शुल्‍क रेत उपलब्‍ध करवाए जाने हेतु पिटपास जारी करने का अधिकार भी नहीं दिया? (ख) नियम 4 (2) एवं नियम 4 (3) में क्‍या प्रावधान है इसके अनुसार रेत खदान का सीमांकन करने, निर्धारण करने एवं रेत खनन और परिवहन की अनुमति दिए जाने की क्‍या-क्‍या प्रक्रिया निर्धारित कर किसको क्‍या अधिकार दिया है? (ग) भोपाल एवं रायसेन जिले में नियम 4 (2) एवं नियम 4 (3) के अनुसार कितने हितग्राहियों को शासकीय योजना के आवास एवं शौचालय और कुंआ बनाने हेतु कितने रेत नि:शुल्‍क उपलब्‍ध करवाई गई? (घ) नियम का पालन सुनिश्चित करने हेतु कब तक प्रक्रिया निर्धारित कर दी जावेगी समय-सीमा सहित बतावें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। मध्‍यप्रदेश रेत (खनन, परिवहन, भण्‍डारण एवं व्‍यापार) नियम, 2019 के नियम 4 (2) एवं 4 (3) के प्रावधानों के तहत प्रक्रिया निर्धारण के लिये संचालनालय पंचायत राज के आदेश दिनांक 19.06.2024 से अंतर्विभागीय समिति गठित की गई है। प्रक्रिया निर्धारण की कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर के अनुसार प्रक्रिया निर्धारण की कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) प्रश्‍नांश अनुसार भोपाल एवं रायसेन जिले में आवेदन प्राप्‍त न होने के कारण अनुमति जारी नहीं की गयी है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) मध्‍यप्रदेश रेत (खनन, परिवहन, भण्‍डारण एवं व्‍यापार) नियम, 2019 के नियम 4 (2) एवं 4 (3) के तहत अधिसूचित नियम के प्रावधानों के तहत प्रक्रिया नियत करने हेतु गठित अंतर्विभागीय समिति की अनुशंसा पर शासन द्वारा निर्णय लिया जायेगा।

 

अवैध खनन व ओवरलोडिंग परिवहन

[खनिज साधन]

66. ( क्र. 2041 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह हनी बघेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र कुक्षी के ग्राम रोजा, मोगरा, गिरवान्या क्षेत्र में अवैध खनन व ओवर लोडिंग का काम जोरों-शोरों पर चल रहा है, अवैध परिवहन के दौरान एक्सीडेंट में कई परिवार के सदस्य मौत के घाट उतर गये, हाँ या नहीं? यदि हाँ, तो उन पर कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही है? बीते 1 वर्ष में कितने अवैध खनन करने वालों पर कार्यवाही की गई? कितने एक्सीडेंट हुए और यदि नहीं, तो शासन स्तर पर इसकी जांच करवाई जाएगी? (ख) क्या दिनांक 11 फरवरी 2025 को उक्त क्षेत्र में डंपर द्वारा बाइक सवार का एक्सीडेंट हुआ था? क्या बाइक सवार की मृत्यु हो गई? यदि हाँ, तो डंपर चालक पर क्या कार्यवाही की गई और बाइक सवार के परिवार वालों को शासन स्तर से क्या सहायता मुहैया करायी? (ग) क्या खनिज अधिकारी की मिली-भगत से अवैध खनन व ओवरलोडिंग का कार्य किया जा रहा है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के अनुसार यदि हाँ, तो अवैध खनन करने वाले और ओवरलोडिंग करने वाले शासन को करोड़ों रुपए का चूना लगा रहे हैं उनके खिलाफ कार्यवाही कब की जाएगी? उक्त समय-सीमा से अवगत करवाएं।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी नहीं। जी नहीं। विगत वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में कुक्षी विधानसभा क्षेत्र में अवैध उत्‍खनन के कुल 06 प्रकरण दर्ज कर राशि रूपये 4,15,365/- अधिरोपित कर जमा कराये गये हैं। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट-'''' पर है। शेष प्रश्‍नांश की जानकारी विभाग द्वारा संधारित नहीं की जाती है। (ख) थाना प्रभारी (पुलिस) कुक्षी के पत्र क्रमांक थाना/कुक्षी/183/ 2025 दिनांक 11.02.2025 अनुसार दिनांक 11.02.2025 को कुक्षी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रोजा क्रेशर के पास डम्‍पर चालक द्वारा एक मोटरसाईकिल के चालक को टक्‍कर मारकर चोट पहुंचाई गई जिसका ईलाज के दौरान मृत्‍यु होने के संबंध में सूचित किया गया। जिला कार्यालय द्वारा उक्‍त डम्‍पर क्रमांक MP09HJ3241 को म.प्र. खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भण्‍डारण का निवारण) नियम 2022 के तहत अवैध परिवहन में संलिप्‍त पाये जाने पर थाना कुक्षी की अभिरक्षा में रखे जाने हेतु पत्र दिनांक 12.02.2025 से लेख किया गया है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट-"ब" पर है। एक्सीडेंट होने पर सहायता राशि उपलब्‍ध कराने का खान एवं खनिज (विकास तथा विनियमन) अधिनियम, 1957 एवं मध्‍यप्रदेश गौण खनिज नियम, 1996 में कोई प्रावधान नहीं है। (ग) जी नहीं। (घ) खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 एवं मध्‍यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भण्‍डारण का निवारण) नियम, 2022 के तहत वित्‍तीय वर्ष 2024-25 में अवैध परिवहन/उत्‍खनन/भण्‍डारण के विरूद्ध सतत् कार्यवाही करते हुये कुल 237 प्रकरण दर्ज किया जाकर राशि रूपये 2,81,97,554/- अर्थदण्‍ड (प्रश्‍मन) की वसूली की गई है।

परिशिष्ट - "अड़तालीस"

आंगनवाड़ी में सुविधाओं की जानकारी

[महिला एवं बाल विकास]

67. ( क्र. 2049 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) भोपाल, दतिया एवं ग्‍वालियर जिले में स्थित आंगनवाडि़यों में गर्भवती महिलाओं को क्‍या-क्‍या सुविधा दी जाती है सूचीवार जानकारी दें। (ख) मातृत्‍व जननी सुरक्षा योजना में कितनी राशि गर्भवती महिलाओं को दी जाती है। ओम नगर भोपाल में स्थित आंगनवाड़ी में प्रश्‍न दिनांक तक कितनी गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की गई हैं एक गर्भवती महिला की गोदभराई पर कितनी राशि खर्च की जा सकती हैं? वर्ष 2023-25 में कितनी महिलाओं की गोदभराई आंगनवाड़ी में की गई की सूची एवं राशि की जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ग) प्रश्‍न दिनांक तक ओम नगर की आंगनवाड़ी में कितनी गर्भवती महिलाओं के रजिस्‍ट्रेशन किये गये है, विभाग द्वारा आंगनवाड़ी में गर्भवती महिलाओं को क्‍या-क्‍या सुविधायें प्रदान की गई हैं? सूचीवार जानकारी उपलब्‍ध करायें।                                   (घ) ओम नगर की आंगनवाड़ी में समय पर आशा कार्यकर्ताओं को समय पर वेतन दिया जाता हैं यदि हाँ, तो वर्ष 2023 से 2025 तक निरंतर वेतन ट्रांजेक्‍शन की जानकारी प्रदान करें।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) मातृत्व जननी सुरक्षा योजना अंतर्गत शासकीय स्वास्थ्य संस्था में प्रसव करने पर शहरी क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को राशि रू. 1000/-, ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को राशि रू. 1400/- तथा घर पर प्रसव होने की स्थिति में बी.पी.एल. गर्भवती महिलाओं को राशि रू. 500/- की राशि प्रदान की जाती है। ओम नगर परियोजना, बाणगंगा, जिला भोपाल अंतर्गत 02 आंगनवाड़ी केन्द्र (क्रं. 719 एवं 725) में वर्ष 2023-25 की अवधि में 54 गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की गई। प्रत्येक आंगनवाड़ी केन्द्र में उस माह की समस्त गर्भवती महिलाओं की गोदभराई पर राशि रू. 125/- खर्च की जा सकती है। वर्ष 2023-25 में ओम नगर की 02 आंगनवाड़ी केन्द्रों में गोदभराई की गई की 54 महिलाओं की सूची एवं राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) वर्ष 2023-25 की अवधि में प्रश्‍न दिनांक तक ओम नगर की 02 आंगनवाड़ी केन्द्रों में 67 गर्भवती महिलाओं के रजिस्ट्रेशन किए गए। पंजीकृत गर्भवती महिलाओं की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार एवं आंगनवाड़ी केन्द्र पर गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है।                (घ) आंगनवाड़ी केन्द्र में आशा कार्यकर्ता का पद नहीं होने से शेष का प्रश्‍न नहीं।

न्‍यायालय के आदेश के क्रम में वार्षिक वेतन वृद्धि

[वित्त]

68. ( क्र. 2058 ) श्री अनिल जैन कालूहेड़ा : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2005 के पूर्व अनुकंपा में नियुक्‍त लिपिकों को हिन्‍दी मुद्रलेखन परीक्षा उत्‍तीर्ण करने के पश्‍चात नियमित वेतन वृद्धि देने संबंधी प्रावधान हैं? (ख) क्‍या कतिपय लिपिकों को माननीय न्‍यायालय के आदेशानुसार नियुक्ति दिनांक से 01 वर्ष पश्‍चात वार्षिक वेतन वृद्धि देने संबंधी आदेश जारी किये गये हैं? (ग) यदि हाँ, तो ऐसे कितने लिपिक हैं जिन्‍होंने नियुक्ति दिनांक पश्‍चात हिन्‍दी मुद्रलेखन परीक्षा उत्‍तीर्ण की है एवं नियुक्ति दिनांक से 01 वर्ष पश्‍चात वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ प्राप्‍त हुआ है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) का उत्‍तर यदि नहीं, है तो दोहरी व्‍यवस्‍था समाप्‍त करते हुए शेष लिपिकों को वेतन वृद्धि कब तक प्रदान कर दी जावेगी?

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ। (ख) राज्‍य शासन के कार्मिकों को म.प्र.मूलभूत नियम 26 के अनुसार वेतन वृद्धि की पात्रता है। (ग) म.प्र.शासन, वित्‍त विभाग के कार्मिकों के संबंध में तदाशय की स्थिति दृष्टिगोचर नहीं हो रही है। (घ) उपरोक्‍त उत्‍तरांश "ग" के अनुक्रम में प्रश्‍न ही नहीं उठता है।

लघुकृत अवकाश अंतर्गत चिकित्सकीय प्रमाण पत्र की बाध्यता की समाप्ति‍

[वित्त]

69. ( क्र. 2059 ) श्री अनिल जैन कालूहेड़ा : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में शासकीय कर्मचारियों/अधिकारियों के लिए अवकाश नियम क्या है?                                                          (ख) कर्मचारियों को एक वर्ष में कितने लघुकृत अवकाश लेने की पात्रता है? क्या लघुकृत अवकाश का लाभ लेने वाले कर्मचारियों को चिकित्सकीय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक हैं? (ग) ऐसे विभाग जिसमें कर्मचारियों को अर्जित अवकाश की पात्रता नहीं होने के कारण कर्मचारियों के परिवार में वैवाहिक कार्यक्रम अथवा दुःखद ‌घटना घटित होने पर लघुकृत अवकाश का लाभ लेने पर चिकित्सा प्रमाण पत्र मांगे जाने का औचित्य क्या है? (घ) क्या शासन अवकाश नियम में संशोधन कर वैवाहिक कार्यकम अथवा परिजन की मृत्यु की स्थिति में चिकित्‍सकीय प्रमाण पत्र मांगे जाने के नियमों में संशोधन करेगा?

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) म.प्र. में शासकीय कर्मचारियों/अधिकारियों के लिये म.प्र.सिविल सेवा (अवकाश) नियम 1977 प्रभावशील है। (ख) कर्मचारी को उसके अवकाश लेखे में उपलब्‍ध अर्धवैतनिक अवकाश के आधार पर अवकाश नियम 1977 के नियम-29 के अनुसार पात्रता होती है। जी हाँ। (ग) अवकाश नियम 1977 के नियम-29 (1) में लघुकृत अवकाश चिकित्‍सा प्रमाण-पत्र के आधार पर स्‍वीकृत करने संबंधी प्रावधान है। शेष का प्रश्‍न ही नहीं उठता है। (घ) वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है।

जिला योजना समिति का गठन

[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]

70. ( क्र. 2080 ) श्री निलेश पुसाराम उईके : क्या उप मुख्‍यमंत्री, योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के जिलों में वर्ष 2024 के बाद से आज दिनांक तक शासन/विभाग द्वारा जिला योजना समिति का गठन कर दिया गया है? यदि नहीं, तो क्यों व कब तक गठन कर दिया जावेगा? यदि हाँ, तो किन-किन जिलों में कब-कब किया गया व जिला योजना समिति की बैठक कब-कब आयोजित की गई? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) क्या प्रदेश के जिलों के जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालयों में पदस्थ अधिकारी एक ही स्थान/जिला में 05-10 वर्षों से अधिक समय से पदस्थ है? यदि हाँ, तो उन्हें कब तक अन्यत्र जिला स्थानांतरित कर दिया जावेगा? यदि नहीं, तो क्यों? क्या उन्हें अन्यत्र जिले में पदस्थ किये जाने हेतु स्थानीय जनप्रतिनिधियों व अन्य के द्वारा कोई शिकायत/पत्र शासन/विभाग को प्राप्त हुए? यदि हाँ, तो उन पर क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों व कब तक की जावेगी? (ग) क्या प्रदेश के जिलों में जनभागीदारी मद से निर्माण व अन्य कार्य शासन/विभाग के नियमानुसार अनुपातिक रूप से स्वीकृत किये गए हैं? यदि हाँ, तो उन कार्यों की स्थान व लागत एवं इन कार्यों को अनुशंसित करने वाले अधिकारी/जनप्रतिनिधि सहित जानकारी देवें। यदि नहीं, तो क्यों?

उप मुख्‍यमंत्री, योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जिलेवार  जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। जिन जिलों में समिति गठित नहीं हुई है, उनमें जिला योजना समिति का गठन शीघ्र किया जाना अपेक्षित है। समिति गठित करने की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। समिति गठन की तिथि संबंधी जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। जिला योजना समिति की बैठक संबंधी  जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। कुछ जिलों में बैठक नहीं होने का कोई विशेष कारण प्रतीत नहीं होता है। (ख) प्रदेश के कुछ जिलों में जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालयों में कुछ अधिकारी 05-10 वर्षों से अधिक समय से पदस्थ हैं। अन्यत्र जिलों में स्थानांतरण करने के संबंध में शासन की स्थानांतरण नीति एवं प्रशासकीय सुविधा को ध्यान में रखते हुए नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। जी हाँ। शिकायतों के संबंध में शासन की स्थानांतरण नीति एवं प्रशासकीय सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए कार्यवाही की जायेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।                      (ग) प्रदेश के जिलों में जनभागीदारी मद से निर्माण व अन्य कार्य आनुपातिक रूप से स्वीकृत किये जाने संबंधी दिशा-निर्देश जनभागीदारी योजना की मार्गदर्शिका में उल्लिखित नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "उन्चास"

मदिरा का सेवन

[वाणिज्यिक कर]

71. ( क्र. 2081 ) श्री निलेश पुसाराम उईके : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला-भोपाल, इंदौर, सिवनी में संचालित मदिरा दुकानों के समक्ष/ परिसरों में बैठकर मदिरा का सेवन किया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्या यह नियमानुसार है? क्या इस सम्बंध में जिले के जनप्रतिनिधियों व अन्य संगठनों द्वारा जिला प्रशासन/शासन/विभाग को कोई शिकायत/पत्र प्राप्त हुआ है? यदि हाँ, तो कब-कब और उस पर सम्बंधित शिकायतकर्ता की उपस्थिति में कार्यवाही/जांच की गई? यदि नहीं, तो क्यों व कब तक कि जावेगी? (ख) क्या जिला-जबलपुर, सिवनी, इंदौर में स्थित जिला व संभागीय कार्यालयों में पदस्थ अधिकारी 05वर्षों से अधिक एक ही जिले में पदस्थ है? यदि हाँ, तो उनके नाम स्थान सहित जानकारी देवें? क्या इन्हें नियमानुसार अन्यत्र जिला पदस्थ किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? क्या उपरोक्त जिलों में पदस्थ अधिकारी व निरीक्षक इसके पूर्व भी इसी जिले में लगभग 10वर्षों तक पदस्थ रहे हैं व उक्त समय उनका स्थानांतरण जनप्रतिनिधियों व अन्य की शिकायतों पर किया गया था? यदि हाँ, तो उन्हें पुनः पूर्व की पदस्थापना स्थान में पदस्थ करने का क्या कारण है? क्या वर्तमान स्थान में पदस्थ अधिकारी जो पूर्व में भी इसी स्थान में 10 वर्षों तक पदस्थ रहे हैं उनके शराब माफियाओं से गहरे सम्बन्धों/अन्य विषयों के कारण अन्यत्र स्थान में पदस्थ करने हेतु स्थानीयजनों व संघों द्वारा कोई पत्र शासन को प्राप्त हुआ है? यदि हाँ, तो उस पर क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों व उन्हें कब तक अन्यत्र जिले में पदस्थ कर दिया जावेगा?

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जिला-भोपाल, इंदौर, सिवनी में संचालित किसी भी मदिरा दुकान के समक्ष परिसर में बैठकर मदिरा का सेवन नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में जिला इन्‍दौर में वित्‍तीय वर्ष 2024-25 में जनप्रतिनिधियों/अन्‍य संगठन के द्वारा की गई 01 शिकायत आवेदन दिनांक 25.11.2024 को प्राप्‍त हुई, जिसमें शिकायतकर्ता द्वारा उनकी उपस्थिति में जांच किये जाने की मांग नहीं की गई थी। अपितु जांच के दौरान शिकायत में उल्‍लेखित तथ्‍य असत्‍य पाये गये। शिकायत एवं की गई जांच प्रतिवेदन की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। इसी प्रकार सिवनी जिले के भारतीय मजदूर संघ जिला सिवनी द्वारा एक शिकायत दिनांक 27.02.2025 को प्राप्‍त हुई है। जिसकी जांच हेतु जिला आबकारी अधिकारी, जिला सिवनी द्वारा आबकारी उपनिरीक्षक वृत शहर को पत्र क्रमांक/आब/शिका/2025/537 दिनांक 27.02.2025 जारी किया गया है। शिकायती पत्र एवं जांच प्रतिवेदन की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। (ख) जिला-जबलपुर, सिवनी, इन्‍दौर एवं संभागीय कार्यालय जबलपुर एवं इन्‍दौर में 05 वर्षों से अधिक समय से पदस्‍थ अधिकारियों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-तीन अनुसार है। उपरोक्‍त जिलों में वर्तमान में पदस्‍थ अधिकारी की जानकारी जो पूर्व में उसी जिले में 10 वर्षों तक पदस्‍थ रहे अधिकारियों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-चार अनुसार है। भारतीय मजदूर संघ जिला सिवनी के शिकायत दिनांक 26-12-2024 को प्राप्‍त हुई है। जिस पर आबकारी आयुक्‍त से टीप चाही गई है। जिसकी छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-पांच अनुसार है। सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा जारी स्‍थानांतरण नीति एवं प्रशासनिक कार्य सुविधा की दृष्टि से अधिकारियों/कर्मचारियों की पदस्‍थापना की जाती है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

अनाथ बच्चों को गोद लेने की जटिल प्रक्रिया

[महिला एवं बाल विकास]

72. ( क्र. 2106 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्तमान में अनाथ बच्चों को गोद लेने के लिए क्या प्रक्रिया है? (ख) क्या सरकार उपरोक्त प्रक्रिया की जटिलता को देखते हुए जिला स्तर पर कमेटी बनाकर इसे आसान बनाने पर विचार करेगी ताकि अनाथ बच्चों को सरलता से आश्रय और संरक्षण मिल सके?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) अनाथ बच्चों के दत्तकग्रहण की प्रक्रिया दत्तकग्रहण विनियम 2022 के नियम 6 अनुसार निर्धारित है। जिसकी जानकारी परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "पचास"

विधायक के पत्रों के उत्‍तर देने संबंधी प्रोटोकॉल

[सामान्य प्रशासन]

73. ( क्र. 2168 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                              (क) विधायक द्वारा प्रेषित किये गये पत्रों को विभाग में प्राप्त होने के कितने दिनों के अंदर जवाब/जानकारी प्रतिउत्तर प्रेषित किये जाने के प्रावधान हैं? विभाग द्वारा समय-सीमा में जानकारी प्रेषित क्यों नहीं की जाती है? (ख) क्या निर्वाचित सदस्य विधानसभा सदस्य से प्राप्त पत्रों का रिकार्ड संधारण किया जाना आवश्यक है? यदि हाँ, तो जनवरी 2024 से प्रश्‍न दिनाँक तक प्रश्‍नकर्ता द्वारा जबलपुर जिले के विभिन्न विभागों को प्रेषित किये गये पत्रों का जवाब विभाग द्वारा किस-किस पत्र के माध्यम से प्रेषित किया गया है? पत्रों की छायाप्रति उपलब्ध करावें। यदि पत्रों का जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है? (ग) क्या शासन द्वारा विधायक प्रोटोकॉल के संबंध में विभागीय अधिकारियों को समय-समय पर निर्देश जारी किये गये हैं? यदि हाँ, तो शासन द्वारा जारी नियमों/ निर्देशों की प्रति उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित पत्रों का जवाब प्रस्तुत न किये जाने पर संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रोटोकॉल का उल्लंघन किये जाने पर जिलाधिकारी द्वारा क्या कार्यवाही की गई है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) सामान्‍य प्रशासन विभाग के निर्देश क्रमांक एफ 19-76/2007/1-4 दिनांक 17 अगस्‍त, 2009 में जनप्रतिनिधियों को एक माह की अवधि में जानकारी देने के स्‍पष्‍ट निर्देश हैं। (ख) जी हाँ। शेषांश की जानकारी कार्यालय कलेक्‍टर जबलपुर से एकत्रित की जा रही है। (ग) जी हाँ। निर्देशों की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जानकारी कार्यालय कलेक्‍टर जबलपुर से एकत्रित की जा रही है।

रावनवाड़ा पुलिस स्टेशन का उन्नयन

[गृह]

74. ( क्र. 2177 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                           (क) क्या रावनवाड़ा तहसील परासिया जिला छिंदवाड़ा स्थित पुलिस स्टेशन रावनवाड़ा का उन्नयन/ स्थानांतरण शिवपुरी किया गया है? यदि हाँ, तो पुलिस स्टेशन रावनवाड़ा के उन्नयन/स्थानांतरण के आदेश पत्र की प्रति उपलब्ध कराएं। (ख) पुलिस स्टेशन रावनवाड़ा का रावनवाड़ा से शिवपुरी स्थानांतरण किन कारणों/मानकों/समस्याओं से किया गया, किस-किस ने स्थानांतरण प्रस्ताव दिया था? प्रति सहित विधिसम्मत कारण बताएं। (ग) पुलिस स्टेशन रावनवाड़ा का मूल स्थान क्या है, रावनवाड़ा या शिवपुरी? इस बात का स्पष्टीकरण तथा प्रस्ताव की प्रतिलिपि उपलब्ध करावें।                       (घ) रावनवाड़ा से शिवपुरी की दूरी कितनी है, क्या शिवपुरी में पुलिस स्टेशन का संचालन रावनवाड़ा के नाम से हो रहा है, यदि हाँ, तो रावनवाड़ा के नाम से ही संचालन करने का क्या कारण है?                (ङ) रावनवाड़ा से पुलिस स्टेशन स्थानांतरण के विरोध में किन-किन जनप्रतिनिधियों, सरपंचों, समाजसेवियों ने आवेदन प्रस्तुत किए, उक्त आवेदनों में शिकायत और मुलाहिजा के संबंध में क्या कहा गया है, उन आवेदनों पर क्या कार्यवाही की गई? प्रति सहित बताएं। (च) रावनवाड़ा के आसपास आबादी का घनत्व कितना है और शिवपुरी के आसपास आबादी का घनत्व कितना है? प्रमाणित प्रति देवें। दोनों स्थानों के बीच अपराध का दर क्या है? क्या पुलिस स्टेशन के स्थानांतरण में आबादी का घनत्व और अपराध दर मायने रखता है? यदि हाँ, तो इसके अनुसार रावनवाड़ा और शिवपुरी में से किस स्थान पर पुलिस स्टेशन का होना ज्यादा उचित होगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) भौगोलिक एवं क्षेत्रवासियों की सुविधा की दृष्टि से पुलिस स्टेशन रावनवाड़ा का स्थानांतरण शिवपुरी किया गया है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) पुलिस स्टेशन रावनवाड़ा का मूल स्थान ग्राम सिरगोरा (शिवपुरी) है। स्वीकृति के थाना संचालन हेतु पुलिस विभाग का कोई भवन न होने से थाना रावनवाड़ा ग्राम शिवपुरी में स्थित वेस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड के भवन में संचालित है। कार्यालय कलेक्टर जिला छिंदवाड़ा द्वारा जारी अधिसूचना की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। (घ) रावनवाडा से शिवपुरी की दूरी 10 कि.मी. है। जी हाँ। पुलिस चौकी रावनवाड़ा के नाम से स्वीकृत थी, जिसका थाना में उन्नयन रावनवाड़ा के नाम से ही किया गया है। (ङ) रावनवाड़ा से पुलिस स्टेशन शिवपुरी में स्थानांतरण के विरोध में किसी भी जनप्रतिधि, सरपंच, समाजसेवी के द्वारा विरोध नहीं किया गया और न ही आवेदन दिया गया। (च) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है। वर्ष 2024 में रावनवाड़ा में 16 एवं शिवपुरी में 41 अपराध पंजीबद्ध हुए हैं। जी हाँ। अपराध, आबादी एवं भौगोलिक स्थिति अनुसार ग्राम शिवपुरी में पुलिस थाना का होना उचित है।

शासकीय आवास का आवंटन

[गृह]

75. ( क्र. 2180 ) श्री नागेन्द्र सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. के शासकीय अधि‍कारियों/कर्मचारियों हेतु शासकीय आवास आवंटन किये जाने संबंधी पूर्ण नियमावली व निर्देशों की प्रतियां उपलब्ध करायें। (ख) जिला मुख्यालय रीवा में अधिकारी/कर्मचारी हेतु कुल कितने शासकीय आवास निर्मित हैं, कितने भरे व कितने रिक्त हैं? स्थलवार व श्रेणीवार, भवन न. सहित पूर्ण विवरण उपलब्ध करायें। (ग) क्या संविदा/दैनिक वेतनभोगी/आउटसोर्स कर्मचारी तथा सेवानिवृत्त एवं मुख्यालय से बाहर स्थानान्तरित हो चुके अधिकारी/कर्मचारी को शासकीय आवास आवंटित किये जाने का प्रावधान है? यदि नहीं, तो क्या रीवा जिला मुख्यालय में संविदा/ दैनिक वेतनभोगी/आउटसोर्स कर्मचारी तथा सेवानिवृत्त एवं मुख्यालय से बाहर स्थानान्तरित हो चुके अधिकारियों/कर्मचारियों को शासकीय आवास आवंटित किये गये हैं। यदि हाँ, तो क्या नियम विरूद्ध आवंटित शासकीय आवास खाली कराये जायेगें यदि हाँ, तो कब तक? समय-सीमा बतायें। नियम विरूद आवंटन करने के लिये कौन जिम्मेदार है? क्या दोषी के विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही की जायेगी यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) शासकीय आवास एफ-टाइप किस श्रेणी के शासकीय अधिकारी/कर्मचारी को आवंटित करने का प्रावधान है? क्या यह सत्य है कि रीवा जिला मुख्यालय में एफ टाइप शासकीय आवासों को अपात्र श्रेणी कर्मचारियों को आवंटित किया गया है यदि हाँ, तो रीवा मुख्यालय में एफ-टाइप शासकीय आवासों के आवंटन का कर्मचारियों के पदवार, श्रेणी एवं वेतन ग्रेडवार पूर्ण विवरण उपलब्ध करायें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

खनिज उत्पादों का अवैध परिवहन और उत्खनन

[खनिज साधन]

76. ( क्र. 2210 ) श्री मथुरालाल डामर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                  (क) रतलाम जिले में रेत, पत्थर और मुरम की कितनी खदाने है, ठेकेदार के नाम, स्थान सहित विकासखण्डवार जानकारी देंवे। (ख) खनिज विभाग को विगत पांच वर्षों में खनिज उत्पादों से रायल्टी के रूप में कितनी-कितनी राशि प्राप्त हुई? अलग-अलग बतायें। (ग) विभाग को विगत तीन वर्षों में अवैध खनन एवं परिवहन की कितनी शिकायतें प्राप्त हुई और उन पर क्या कार्यवाही की गई कुल कितने प्रकरण पंजीबद्ध अलग-अलग विस्तार से जानकारी देंवे? (घ) अवैध उत्खनन व परिवहन के दर्ज प्रकरणों में क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों? कारण बतायें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ एवं ब पर है।                    (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स पर है। (ग) जिला रतलाम में विगत तीन वर्षों में कुल 175 शिकायतें प्राप्‍त हुई है। जिनमें से जाँच उपरांत अवैध उत्‍खनन के 60 प्रकरण एवं अवैध परिवहन के 145 प्रकरण कुल 205 प्रकरण पंजीबद्ध किये जाकर नियमानुसार अर्थदण्‍ड कर कार्यवाही की गई है। (घ) विगत पाँच वर्षों में अवैध उत्‍खनन एवं अवैध परिवहन के दर्ज प्रकरणों एवं वसूल अर्थदण्‍ड की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द पर है।

ई-टेंडर घोटाले की जांच

[सामान्य प्रशासन]

77. ( क्र. 2231 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                 (क) मध्यप्रदेश में ई-टेंडर घोटाले में ईओडब्ल्यू में पहले FIR कब दर्ज की गई? वर्ष 2018 से लेकर प्रश्‍न-दिनांक तक कितनी FIR विभाग के द्वारा दर्ज कराई गई? सभी FIR की प्रतिलिपि देवेंl (ख) उक्त FIR में किस-किस कंपनी, सरकारी अधिकारी, कर्मचारी, नेताओं के OSD पर FIR दर्ज कराई गई थी? उनके नाम बतावें। (ग) कुल कितने टेंडरों में घोटाला किया गया था? उनकी प्रति देवें। EOW द्वारा कोर्ट में प्रस्तुत क्लोज़र रिपोर्ट की प्रति देवें। (घ) EOW कोर्ट के विशेष न्यायाधीश द्वारा इस मामले में दोबारा जारी किए गए जांच के आदेश की प्रति देवें। (ङ) क्या सरकार दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है? यदि नहीं, तो क्या जो भी जमानत पर बाहर हैं उनकी जमानत का विरोध करते हुए जांच प्रभावित न हो ऐसे उपाय करेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) ई.ओ.डब्ल्यू. में दिनांक 10.04.2019 को अपराध क्रमांक-12/2019 धारा-120-बी, 420, 467, 468, 471 भादवि एवं आई.टी.एक्ट 2000 की धारा-66 एवं भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा-7 सहपठित-13 (2) के अन्तर्गत पंजीबद्ध किया गया था। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) माननीय न्यायालय के आदेशानुसार प्रकरण में वर्तमान में विवेचना जारी है। उक्त स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए प्रकरण से संबंधित दस्तावेज दिया जाना प्रकरण हित में विधिसम्मत नहीं है। (घ) उत्‍तरांश (ग) अनुसार। (ड.) जी नहीं। माननीय न्यायालय के आदेशानुसार प्रकरण में वर्तमान में विवेचना जारी है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

आरोपियों पर कार्यवाही

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

78. ( क्र. 2232 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                  (क) कार्यालय रजिस्ट्रार फर्म्स एंड सोसाइटी भोपाल को दिसंबर 2024 एवं जनवरी 2025 में कुल कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं, प्राप्त शिकायतों की प्रतिलिपि तथा शिकायत प्राप्ति उपरांत विभाग द्वारा प्रश्‍न-दिनांक की कार्यवाहियों की प्रतिलिपि, संपूर्ण रिकॉर्ड तथा शाखा प्रभारी का नाम बतावें। (ख) 1 दिसंबर, 2024 से प्रश्‍न दिनांक तक रजिस्टर फर्म्स एंड सोसाइटी भोपाल के कार्यालय की आवक/ जावक पंजी की प्रमाणित प्रति देवें। (ग) धारा 21 के उल्लंघन के मामले में अचल संपत्ति के मूल्य का आंकलन केवल भूमि को आधार मानकर वसूला जाएगा या भूमि पर बने भवन का भी मूल्य को जोड़कर कलेक्टर गाइड लाइन के आधार पर गणना की जाएगी? (घ) प्रश्‍न दिनांक जिला धार, बड़वानी, खरगोन, देवास, विदिशा, खंडवा में किन-किन समितियों को अनुज्ञा प्रदान की गई है? समस्त अनुज्ञा की प्रति देवें। (ङ) विभाग के द्वारा मामला संज्ञान में आने के बाद भी केवल नोटिस भेजे गए हैं, कोई प्रभावी कार्यवाही क्यों नहीं की गई?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) कार्यालय में जिला पंचायत अध्‍यक्ष, खरगौन एवं विदिशा के द्वारा माह दिसम्‍बर 2024 एवं माह जनवरी 2025 में प्रेषित पत्रों की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है तथा विभाग द्वारा की गई कार्यवाही की प्रति एवं शाखा प्रभारी का नाम की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ख) 1 दिसम्‍बर, 2024 से प्रश्‍न दिनांक तक कार्यालय के आवक/जावक पंजी की प्रमाणित प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ग) मध्‍यप्रदेश सोसायटी रजिस्‍ट्रीकरण अधिनियम, 1973 की धारा 21 में स्‍थावर सम्‍पत्ति के क्रय, विक्रय, अन्यथा अर्जित अथवा अंतरित किये जाने का प्रावधान है। उक्‍त प्रावधानानुसार स्‍थावर सम्‍पत्ति (भूमि/भवन) के क्रय/विक्रय/दान/अर्जन/अंतरण के समय प्रचलित कलेक्‍टर गाईड लाईन के आधार पर शुल्‍क का मूल्‍यांकन किया जाता है। (घ) प्रश्‍न दिनांक जिला धार, बड़वानी, खरगौन, देवास, विदिशा, खंडवा में कार्यरत संस्‍थाओं को प्रदान की गई अनुज्ञा की प्रमाणित प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ड.) कार्यालय के संज्ञान में आने के उपरांत संबंधित संस्‍थाओं को नियमानुसार नोटिस/पत्र जारी किये गये हैं।

ग्‍वालियर-चंबल में हत्‍या एवं अन्‍य प्रकरण

[गृह]

79. ( क्र. 2319 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) संशोधित नियम 2016 के अन्तर्गत वर्ष 01.01.2023 से 31.01.2025 तक संभाग ग्वालियर एवं चम्बल में हत्या, मृत्यु सामूहिक हत्या, बलात्कार, सामूहिक बलात्कार, स्थाई अक्षमता और डकैती के कितने प्रकरण दर्ज किये गये है? पीड़‍ित/आश्रित का नाम एवं पता सहित सूची उपलब्ध करायें। (ख) क्‍या पीड़ित/आश्रित परिवार को सहायता राशि के अतिरिक्त पांच हजार रूपये की मूल पेंशन एवं अनुज्ञेय महंगाई भत्ता रोजगार और कृषि भूमि दिये जाने का प्रावधान है? (ग) यदि हाँ, तो उक्त दर्ज प्रकरणों में कितने पीड़ित/आश्रित को उक्त सुविधा उपलब्ध कराई है, प्रकरणवार सूची संलग्न करें। यदि सुविधा नहीं दी गई है, तो क्यों? इसके लिये कौन जिम्मेदार है, कब तक सहायता दी जायेगी? (घ) विगत विधानसभा के तारांकित क्रमांक 1720 के उत्तर में दर्शाया है कि पुनर्वास हेतु कोई आवेदन पत्र प्राप्त नहीं हुआ है, तो अधिनियम में सुविधा की जानकारी पीड़ित/आश्रित को किस फील्ड अधिकारी द्वारा समझाइश दी गई यदि नहीं, दी गई तो इसके लिये कौन जिम्मेदार है? (ड.) क्या विभाग के अधिकारी पीड़ित/आश्रित से पुर्नवास के संबंध में आवेदन पत्र तैयार करायेंगे यदि हाँ, तो कब तक एवं शेष सहायता कब तक दी जायेगी।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) संशोधित नियम 2016 के अन्तर्गत वर्ष 01.01.2023 से 31.01.2025 तक ग्वालियर संभाग में हत्या के 23, सामूहिक हत्या के 04. बलात्कार के 190, सामूहिक बलात्कार के 19, स्थाई अक्षमता के 03 प्रकरण पंजीबद्ध एवं डकैती का कोई अपराध पंजीबद्ध नहीं हुआ। इसी प्रकार चम्बल संभाग में हत्या के 10, सामूहिक हत्या के 07, बलात्कार के 71, सामूहिक बलात्कार के 13, प्रकरण पंजीबद्ध स्थाई अक्षमता/डकैती का कोई अपराध पंजीबद्ध नहीं हुआ है। उक्त पंजीबद्ध प्रकरणों के पीडित/आश्रित के नाम व पता की सूची जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) कार्यालय आयुक्त अनुसूचित जाति विकास (नागरिक अधिकार संरक्षण प्रकोष्ठ) श्यामला हिल्स भोपाल से प्राप्त जानकारी अनुसार जिला श्योपुर के थाना कराहल के अप.क. 140/24, धारा 103 (1), 351 (2), बी.एन.एस. 3 (2) v एससी/एसटी एक्ट के प्रकरण में श्री रगुनी पुत्र स्व. श्री प्यारेलाल जाटव निवासी कराहल द्वारा रोजगार और पेंशन हेतु पत्र क्रमांक 3769 दिनांक 07.02.2025 प्राप्त होने पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शेष जिला मुरैना, भिण्ड, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, गुना एवं अशोकनगर जिलों में अत्याचार संबंधी हत्या व अन्य अत्याचार के प्रकरणों में पीड़ित/मृतक के आश्रितों को अधिनियम के प्रावधान अनुरूप राहत राशि प्रदाय की गई। पीडित/आश्रित परिवार को सहायता राशि के अतिरिक्त मूल पेंशन अनुज्ञेय महंगाई भत्ता, रोजगार और कृषि भूमि संबंधी पात्रता नहीं होने से जानकारी निरंक है। (घ) प्रश्‍नांश बिन्दु क' में उल्लेखित अत्याचार शीर्ष के पीड़ित/मृतक के आश्रित द्वारा प्रावधान अनुरूप सहायता राशि के अतिरिक्त सहायता-पेंशन, महंगाई भत्ता, रोजगार और कृषि भूमि दिये जाने हेतु आवेदन प्राप्त होने पर परीक्षण उपरांत पात्रता होने पर प्रदत्त की जाती है। इस अतिरिक्त सुविधा के संबंध में सहायता/राहत राशि प्रकरण तैयार करते समय संबंधित थाना पुलिस एवं संबंधित जिला के जिला संयोजक/सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग द्वारा समुचित जानकारी प्रदान की जाती है। (ड.) प्रश्‍नांश बिन्दु (क) में उल्लेखित अत्याचार शीर्ष के पीड़ित/मृतक के आश्रित को प्रावधानानुसार सहायता राशि प्रकरण तैयार करते समय संबंधित के अतिरिक्त सहायता की पात्रता संबंधी समुचित जानकारी प्रदाय की जावेगी एवं पात्रता होने पर संबंधित थाना के विवेचक या संबंधित जिले के जिला संयोजक/सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग द्वारा आवेदन पत्र तैयार करवाया जाकर परीक्षण उपरांत पात्रता अनुरूप अतिरिक्त सहायता प्रदाय की जाती है।

विभागीय पदों की पदपूर्ति

[विधि एवं विधायी कार्य]

80. ( क्र. 2333 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन/विभाग द्वारा विधि एवं विधायी संबंधी अनेक कार्य करने के संबंध में शासन के नियमानुसार रतलाम जिला अंतर्गत विभिन्न न्यायालय में लोक अभियोजक, अपर लोक अभियोजक एवं नोटरी इत्यादि प्रकार के कुल कितने न्यायालय में तदाशय के कितने-कितने पद हैं? (ख) उपरोक्तानुसार उल्लेखित स्थिति में जिला अंतर्गत विभिन्न न्यायालय में न्यायालयीन कार्य करने संबंधी कुल कितने पद होकर कितने पद भरे हैं, कितने पद रिक्त पड़े हैं यदि पद रिक्त हैं तो विगत किन वर्षों से कौन-कौन से पद रिक्त पड़े हैं? (ग) जिला अंतर्गत शासन/विभाग द्वारा विगत किन वर्षों में इन पदों की पदपूर्ति की तथा शासन/विभाग द्वारा चयनित/नामांकित पद पर जिन पर मनोनयन हुआ तो किस वर्ष में, कितनी अवधि हेतु चयनित/नामांकित हुए? नियुक्ति वर्ष एवं कार्यावधि सहित बताएं। (घ) किन-किन पदों पर निरंतर लंबे समय से अवधि पूर्ण हो जाने के पश्चात भी कौन-कौन, किस-किस कार्य हेतु कहां-कहां पर पदस्थ है तथा नवीन नियुक्तियां/चयन अथवा अन्य शासकीय प्रक्रिया से रिक्त पदों की पदपूर्ति कब से प्रारंभ कर कब तक पदपूर्ति की जाएगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) माननीय उच्च न्यायालय की वेबसाइट के अनुसार जिला मुख्यालय रतलाम में 1+8 एवं तहसील जावरा में 2, तहसील आलोट में 1, अपर सत्र न्यायालय संचलित है। वर्तमान में जिला रतलाम में नोटरी के कुल 62 (मुख्यालय रतलाम में - 22, तहसील जावरा 09, तहसील सैलाना, पिपलोद, बाजना में 05, 05, 05 तथा तहसील ताल एवं ढोढरटप्पा में 03, 03 तहसील रावटी एवं बडवदा में 02, 02 तथा तहसील आलोट में 06) पद स्वीकृत है। (ख) जिला मुख्यालय रतलाम में 01 जी.पी. का पद है। 08 अतिरिक्त लोक अभियोजक के पद तहसील जावरा में 02 पद, तहसील आलोट में 01 पद, जिला मुख्यालय रतलाम में 04 अतिरिक्त लोक अभियोजक पद भरे है। जिला मुख्यालय रतलाम में 04 अतिरिक्त लोक अभियोजक के पद रिक्त है। तहसील जावरा में 02 पद भरे है। तहसील आलोट में 01 पद भरा है। (ग) लोक अभियोजक की नियुक्ति, 2023 अतिरिक्त लोक अभियोजकों की नियुक्ति 2023 एवं 2020, 2019 में एक वर्ष की परिवीक्षा पर नियुक्‍त किया गया है। विभागीय नियमावली, 2008 के नियम-20 के अंतर्गत कार्यरत है। समय-समय पर नोटरी के रिक्त पदों पर नियुक्ति की कार्यवाही नोटरी अधिनियम-1952 एवं नोटरी नियम-1956 के अनुसार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सक्षम प्राधिकारी से प्राप्त अधिवक्ताओं के अनुशंसित पर राज्य शासन द्वारा पात्रता अनुसार नियुक्ति दिनांक से 05 वर्ष की अवधि के लिये की जाती है, 05 वर्ष की अवधि के पश्चात नोटरी अधिवक्ताओं के व्यवसाय प्रमाण-पत्र का नवीनीकरण 05-05 वर्ष की अवधि के लिये सक्षम अधिकारी/प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अनुशंसा के आधार पर विभाग द्वारा किया जाता है। (घ) जिला मुख्यालय रतलाम में :- श्री सुरेश कु. वर्मा-लोक अभियोजक नियुक्ति दिनांक 15.03.2023 (1) श्री संजीव सिंह चैहान 15.03.2023 (2) श्री समरथ पाटीदार 15.03.2023 (3) श्री सतीश त्रिपाठी 15.03.2023 (4) श्री सौरभ सक्सेना, अतिरिक्‍त लोक अभियोजक नियुक्ति दिनांक 07.06.2023 तहसील जावरा में:- (1) श्री समरथ साहू नियुक्ति दिनांक 11.09.2023 (2) श्री गगन श्रीमान – 17.03.2020 तहसील आलोट मेंः- (1) श्री हेमेन्द्र कु. गोयल- 18.10.2019 को एक वर्ष की परिवीक्षा पर अति. लोक अभियोजक के पद पर नियुक्ति किया गया था। समस्‍त लोक अभियोजक/अतिरिक्त लोक अभियोजक विधि विभाग नियमावली, 2008 के नियम-20 के अंतर्गत कार्यरत है। कलेक्टर रतलाम को पैनल भेजने हेतु पत्र/स्मरण पत्र प्रेषित किये गयें है। पैनल आज दिनांक तक अप्राप्त है। पैनल प्राप्त होने पर राज्य शासन की ओर प्रशासकीय अनुमोदन हेतु प्रेषित किये जायेंगे। निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। राज्य शासन द्वारा रिक्त पदों पर नियुक्ति की कार्यवाही नोटरी अधिनियम- 1952 एवं नोटरी नियम- 1956 अनुसार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सक्षम प्राधिकारी से प्राप्त अधिवक्ताओं के अनुशंसित पैनल पर पात्रता अनुसार प्रथम नियुक्ति, नियु‍क्ति दिनांक से 5 वर्ष की अवधि के लिये की जाती है, 5 वर्ष की अवधि के पश्चात नोटरी अधिवक्ताओं के व्यवसाय प्रमाण-पत्र का नवीनीकरण 5-5 वर्ष की अवधि के लिये सक्षम प्राधिकारी/प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अनुशंसा के आधार पर विभाग द्वारा किया जाता है। जिला रतलाम में नोटरी के शेष रिक्त पदों पर नियुक्ति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।

लोक सेवा केन्‍द्रों की स्‍थापना

[लोक सेवा प्रबन्धन]

81. ( क्र. 2334 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन द्वारा विभिन्न जानकारियां एवं जन आवश्यकताओं पर त्वरित कार्यवाही किए जाने हेतु लोक सेवा केंद्र बनाए जाकर विभिन्न प्रकार की सेवाएं दी जा रही है? (ख) यदि हाँ, तो रतलाम जिला अंतर्गत किन-किन स्थानों पर केंद्र संचालित किया जा रहे हैं तथा संचालित केंद्रों पर किस-किस प्रकार के अधिकारी-कर्मचारी एवं स्टाफ की नियुक्तियां होकर वे कार्यरत हैं? केंद्रवार संपूर्ण जानकारी दें। (ग) वर्ष 2018-19 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक केंद्रवार किन-किन सेवाओं एवं कार्यों को सम्मिलित करते हुए तदाशय संबंधी कार्यों का निराकरण किया जा रहा है तो उल्लेखित वर्षों के अंतर्गत कितनी शिकायतें आवेदनों से प्राप्त होकर उनका निराकरण हुआ तथा 181 से प्राप्त शिकायतों पर किस स्तर तक की कार्यवाहियां की जाकर उनका निराकरण किया गया? वर्षवार जानकारी दें। (घ) विभिन्न प्रकार के आवेदनों के संबंध में शासन द्वारा निर्धारित कितना शुल्क लिया जाता है, साथ ही इसके माध्यम से शासन को वर्षवार कितने राजस्व की प्राप्ति हुई? वर्षवार जानकारी दें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) रतलाम जिले में संचालित 09 लोक सेवा केन्‍द्र नाम निम्‍नानुसार हैं- आलोट, ताल, जावरा, पिपलौदा, सैलाना, बाजना, रतलाम ग्रामीण, रतलाम शहर, रावटी। लोक सेवा केन्‍द्र पब्लिक प्रायवेट पार्टनशिप (पीपीटी) आधार पर A एवं B श्रेणी में संचालित है। A श्रेणी के लोक सेवा केन्‍द्रों पर न्‍यूनतम स्‍टॉफ (कर्मचारी) संख्‍या 05 है तथा B श्रेणी के केन्‍द्रों पर न्‍यूनतम स्‍टॉफ (कर्मचारी) संख्‍या 03 निर्धारित है। तदनुसार स्‍टॉफ संबंधित लोक सेवा केन्‍द्र संचालक द्वारा नियुक्‍त किया जाता है। (ग) वर्ष 2018-19 से प्रश्‍न दिनांक (05/02/2025 तक) रतलाम जिले में संचालित लोक सेवा केन्‍द्रों पर प्राप्‍त आवेदनों की सेवावार एवं निराकरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। सी.एम. हेल्‍पलाईन (181) कॉल सेंटर में ऑनलाईन शिकायत दर्ज होकर संबंधित विभाग को ऑनलाईन प्रेषित की जाती है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) पीपीपी मॉडल पर संचालित लोक सेवा केन्‍द्रों के माध्‍यम से आवेदन दर्ज कराने हेतु निर्धारित प्रोसेस शुल्‍क वर्तमान में 20/- रूपये देय होता है, जिसमें से 15/- रूपये लोक सेवा केन्‍द्र संचालक तथा 05/- रूपये जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी को देय होते हैं। उपरोक्‍तानुसार शासन को किसी प्रकार का कोई राजस्‍व प्राप्‍त नहीं होता है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

खनिज मद से विकास कार्यों की जानकारी

[खनिज साधन]

82. ( क्र. 2352 ) श्री नीरज सिंह ठाकुर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                (क) बरगी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत जबलपुर/शहपुरा/चरगवां क्षेत्र के खनिज/गौण खनिज से खनिज विभाग को करोड़ों की आय होती है? यदि हाँ, तो गत 3 वर्षों में प्राप्त आय की वर्षवार जानकारी दें एवं उक्त आय को जिला खनिज विभाग जबलपुर द्वारा किन-किन क्षेत्रों में व्यय किया जा रहा है? (ख) बरगी विधानसभा क्षेत्र के निवासियों को मुलभूत सुविधाओं जैसे स्वास्थ्य/शिक्षा/पानी के लिये अभी तक वित्तीय वर्ष 2023 से प्रश्‍नांश दिनाँक तक कितनी राशि उपलब्ध कराई गयी है? (ग) प्रश्‍नकर्ता द्वारा विभाग को कितने विकास कार्यों के प्रस्ताव भेजे हैं एवं उनमें से विभाग द्वारा कितने स्वीकृत कर कितनी-कितनी राशि कब-कब आवंटित की गई? उन प्रस्तावों में से अभी तक कितने विकास कार्यों को लंबित रखा गया है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित क्षेत्र की खदानों से रॉयल्‍टी एवं डी.एम.एफ. के रूप में प्राप्‍त राजस्‍व की वर्षवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट-अ अनुसार है। जिला खनिज शाखा द्वारा प्राप्‍त राजस्‍व का प्रत्‍यक्षत: व्‍यय नहीं किया जा रहा है, अपितु जिला खनिज प्रतिष्‍ठान में संकलित जिले की समेकित राशि को उच्‍च प्राथमिकता क्षेत्र में 60 प्रतिशत (स्‍वास्‍थ्‍य, शिक्षा, महिला एवं बाल कल्‍याण, पेयजल प्रदाय एवं अन्‍य) तथा अन्‍य प्राथमि‍कता में 40 प्रतिशत (भौतिक अवसंरचना, सिंचाई, ऊर्जा एवं वाटरशेड़) के क्षेत्रों में व्‍यय किये जाने का प्रावधान है।                              (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट-ब अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट-स अनुसार है।

परिशिष्ट - "इक्यावन"

जिला खनिज मद की राशि का व्‍यय

[खनिज साधन]

83. ( क्र. 2372 ) श्री पन्‍नालाल शाक्‍य : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                       (क) गुना जिले में वर्ष 2019 से लेकर प्रश्‍न दिनांक की अवधि में जिला खनिज मद में कुल कितना राजस्व प्राप्त हुआ? प्राप्त राजस्व के विरुद्ध कुल कितना व्यय किया गया? प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में कुल कितना शेष है? तालिका में जानकारी देवें। (ख) शासन द्वारा जिला खनिज मद की राशि के उपयोग के संबंध में जारी किए गए समस्त परिपत्र, दिशा-निर्देश उपलब्ध करावें? (ग) क्या प्रश्‍नकर्ता विधायक जिला खनिज मद की राशि के उपयोग के संबंध में निर्णय लेने वाली समिति में सदस्य है? यदि हाँ, तो 1 जनवरी, 2022 से प्रश्‍न दिनांक की अवधि में जिला खनिज मद की समितियों की कुल कितनी बैठक आयोजित की गई है? आयोजित की गई समस्त बैठकों का कार्यवाही विवरण देवें। (घ) वर्ष 2019 से लेकर प्रश्‍न दिनांक की अवधि में माननीय सांसद, विधायक की कुल कितनी अनुशंसाएं प्राप्त हुई जानकारी दें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) गुना जिले में जनवरी 2019 से लेकर प्रश्‍न दिनांक 28/02/2025 तक कुल रूपये 54,78,75,033/- राजस्व प्राप्त हुआ है। प्राप्त राजस्व का जिला स्तर पर व्‍यय किये जाने के संबंध में नियमान्तर्गत प्रावधान न होने से व्यय नहीं किया गया है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। गुना जिले में खनिज मद अंतर्गत जिला खनिज प्रतिष्ठान के संबंध में प्रश्‍नांश अनुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ पर है। (ख) जिला खनिज प्रतिष्ठान की निधि के उपयोग के संबंध में प्रावधान मध्यप्रदेश जिला खनिज प्रतिष्ठान नियम, 2016 के तहत अधिसूचित किये गये है तथा परिपत्र एवं निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब पर है। (ग) मध्यप्रदेश जिला खनिज प्रतिष्ठान नियम, 2016 के नियम 5 (पांच) के अनुसार माननीय विधायक, म.प्र. विधानसभा के सदस्य के रूप में, जिला खनिज प्रतिष्ठान न्यास मंडल के सदस्य है तथा निर्णय लेने के संबंध में उक्त नियम 6 के तहत प्रावधान अधिसूचित है। जिला खनिज प्रतिष्ठान मद में न्यास मंडल के सदस्य है। जनवरी 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक दो बैठके कार्यपालिक समिति एवं एक बैठक न्यास मंडल की कुल 03 बैठके आयोजित की गई है। बैठक के संबंध में उपस्थिति पत्रक एवं कार्यवाही विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स पर है। (घ) वर्ष 2019 से लेकर प्रश्‍न दिनांक की अवधि में माननीय सांसद, विधायक की कुल 07 अनुशंसाएं प्राप्त हुई है।

पूर्व मुख्यमंत्री के प्रति अपमानजनक पोस्ट

[जनसंपर्क]

84. ( क्र. 2411 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार वि.वि. के लोकपाल ओमप्रकाश सुनरया द्वारा शासकीय सेवा में रहते हुए सोशल मीडिया पर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री के प्रति अपमानजनक पोस्ट की गई है? इस कृत्य के संबंध में सिविल सेवा आचरण नियमावली अनुसार इन पर कार्यवाही की गई? (ख) इनके विरुद्ध थाना रातीबड़ में शिकायत दर्ज होने के उपरांत विभाग द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गई? (ग) क्या वर्तमान में ये सेवा दे रहे हैं अथवा इनकी सेवाएं स्थगित की गई है? इन्हें सेवा से बर्खास्त क्यों नहीं किया गया? नियमों का उल्लेख करते हुए कारण देवें। (घ) नेता प्रतिपक्ष द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी को उक्त के संबंध में शिकायती पत्र क्र 1487 दिनांक 29/1/2025 पर विभाग द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गई? किए गए समस्त पत्राचार की प्रति उपलब्ध कराएं।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) सोशल मीडिया पर पोस्‍ट के संबंध में प्रश्‍नांश (घ) में उल्‍लेखित माननीय नेता प्रतिपक्ष का शिकायती पत्र प्राप्‍त हुआ है। विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग (छात्रों की शिकायतों का निवारण) विनियम, 2023 की कंडिका 6 अनुसार लोकपाल की नियुक्ति अंशकालीक पदाधिकारी के रूप में की गयी है। लोकपाल को प्रतिदिन बैठक के आधार पर शुल्‍क का भुगतान किया जाता है। (ख) पुलिस द्वारा दर्ज शिकायत के संबंध में कार्यवाही की सूचना अप्राप्‍त है। (ग) जी हाँ। विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग (छात्रों की शिकायतों का निवारण) विनियम, 2023 की कंडिका-6 (vii) कदाचार या दुर्व्‍यवहार के सिध्‍द आरोपों पर विश्‍वविद्यालय लोकपाल को पद से हटाया जा सकता है एवं कंडिका-6 (viii) के अनुसार लोकपाल को हटाने का कोई भी आदेश तब तक नहीं दिया जा सकता जब तक की इस संबंध में किसी ऐसे व्‍यक्ति द्वारा जांच नहीं की जाती है, जो उच्‍च न्‍यायालय के सेवानिवृत्‍त न्‍यायाधीश के पद से नीचे के पद का व्‍यक्ति न हो और जिसमें लोकपाल को सुनवाई का उचित अवसर दिया गया हो। (घ) पत्राचार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

रिक्त पदों की पूर्ति

[सामान्य प्रशासन]

85. ( क्र. 2417 ) श्री अनिल जैन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला निवाड़ी अंतर्गत समस्त विभागों के जिला स्तरीय कार्यालय, खण्ड स्तरीय कार्यालयों में लेखापाल, सहायक वर्ग-1, सहायक वर्ग-2, सहायक वर्ग-3 के स्वीकृत पद, भरे पद एवं रिक्त पद की वर्गवार जानकारी प्रदाय करे? उक्त रिक्त पदों को शासन द्वारा कब तक भरा जावेगा? बतावें। (ख) क्या मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा की जाने वाली भर्ती प्रक्रिया हेतु जिला निवाड़ी अंतर्गत आने वाले समस्त विभागों के जिला स्तरीय कार्यालय, खण्ड स्तरीय कार्यालयों में लेखापाल, सहायक वर्ग-1, सहायक वर्ग-2, सहायक वर्ग-3 के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु विभागों द्वारा जानकारी मांगी गई है, हाँ अथवा नहीं? यदि हाँ, तो जिला स्तर से विभागों को दी जाने वाली जानकारी उपलब्ध करावें              (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में यदि नहीं, तो नवीन जिला निवाड़ी में पद रिक्त होने के बाद भी जानकारी क्यों नहीं मांगी गई है, बतावें?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट-'' एवं '' अनुसार। यह एक सतत् प्रक्रिया है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) एवं (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही हैं।

परिशिष्ट - "बावन"

शासकीय कर्मचारियों को गृह भाडा भत्ता

[वित्त]

86. ( क्र. 2431 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश सरकार के समस्त शासकीय कर्मचारियों को 01.01.2016 से स्वीकृत हुए सातवें वेतनमान के अनुसार गृह भाडा भत्ता विगत 10 वर्षों से प्रदान नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण कर्मचारियों के गृह भाडा भत्ते में विगत 10 वर्षों से कोई भी वृद्धि नहीं हुई है, जबकि केन्द्र सरकार सहित अन्य प्रदेश के कर्मचारियों के गृह भाडा भत्ता में समय-समय पर वृद्धि होती रही है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्या मध्यप्रदेश सरकार के समस्त कर्मचारियों के गृह भाडा भत्ते में विगत 10 वर्षों से वृद्धि नहीं होने से उन्हें निरंतर प्रतिमाह राशि रू. 2000-5000 का आर्थिक नुकसान हो रहा है? क्या सरकार प्रदेश के समस्त कर्मचारियों को सातवें वेतनमान में बढ़ी हुई दर से गृह भाडा भत्ते में वृद्धि किये जाने पर विचार कर रही है अथवा नहीं? यदि हाँ, तो क्या तथा कब तक सातवें वेतनमान के अनुसार गृह भाडा भत्ता स्वीकृत किया जावेगा? यदि नहीं, तो कारण सहित जानकारी दी जावें? क्या सरकार विगत 10 वर्ष की गृह भाडा भत्ते की इस राशि के एरियर्स का सातवें वेतन अनुसार भुगतान कर्मचारियों को करेगी?

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। राज्‍य शासन अपने वित्‍तीय संसाधनों एवं राज्‍य की अन्‍य प्राथमिकताओं को दृष्टिगत रखते हुए यथासमय उचित निर्णय लेता है। (ख) जी नहीं। राज्‍य शासन उपलब्‍ध वित्‍तीय संसाधनों एवं राज्‍य की अन्‍य प्राथमिकताओं के साथ-साथ कर्मचारियों के कल्‍याण हेतु सदैव विचारशील रहती है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

राष्ट्रपति पदक प्राप्‍तकर्ताओं को सुविधाएं

[जेल]

87. ( क्र. 2432 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                     (क) मध्यप्रदेश में जेल विभाग में वर्तमान तक कितने अधिकारियों/कर्मचारियों को विशिष्ट एवं सराहनीय सेवा हेतु राष्‍ट्रपति पदक दिए गए हैं? (ख) क्या शासन निर्देशानुसार राष्‍ट्रपति पदक प्राप्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को क्या-क्या सुविधाएँ व भत्ते दिये जा रहे हैं यदि नहीं, तो क्यों?            (ग) क्या जेल विभाग में राष्‍ट्रपति पदकों से सम्मानित अधिकारियों/कर्मचारियों को शासकीय कार्यक्रमों 26 जनवरी, 15 अगस्त के कार्यक्रमों में दीर्घाओं में बैठने के लिए स्थान आरक्षित किया जाता है तथा दीर्घाओं में बैठने के क्या नियम है? (घ) क्या राष्‍ट्रपति पदक अधिकारियों/कर्मचारियों को हवाई यात्रा, रेल यात्रा की सुविधा दी गयी है? यदि दी गई है तो जानकारी दी जावे, यदि नहीं, तो कारण बताएँ।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जेल विभाग के अंतर्गत 12 अधिकारी/कर्मचारियों को विशिष्ट सेवा एवं 143 सराहनीय सेवा हेतु राष्ट्रपति पदक दिए गए हैं। (ख) लागू नहीं। तत्संबंध में भारत सरकार गृह मंत्रालय के निर्देश/आदेश नहीं होने से। (ग) जी नहीं। (घ) जी नहीं। तत्संबंध में भारत सरकार गृह मंत्रालय के निर्देश/आदेश नहीं होने से।

विश्‍वविद्यालय में अनियमितता

[जनसंपर्क]

88. ( क्र. 2481 ) श्री उमंग सिंघार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्‍वविद्यालय में कुलगुरू के पद पर नियुक्ति हेतु विज्ञापन क्रमांक 1/2024 दिनांक 30.01.2024 जारी कर आवेदन आमंत्रित किये गये है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में कितने आवेदन प्राप्त हुए क्‍या उन पर यूजीसी के मापदण्ड के अनुसार विधिवत नियुक्ति प्रक्रिया अपनाई गई? स्पष्ट जानकारी दें। (ग) क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा माननीय मुख्यमंत्री, म.प्र. शासन को दिनांक 26.01.2025 पत्र क्रमांक 1483/ने.प्र./2024 द्वारा माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलगुरू के पद पर यूजीसी के मापदण्ड के विरूद्ध नियुक्ति किये जाने के संबंध में पत्र दिया गया है इस पर क्या कार्यवाही की गई?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) 46 आवेदन प्राप्‍त हुए है। माखनलाल चतुर्वेदी राष्‍ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्‍वविद्यालय अधिनियम क्रमांक 15 सन् 1990 की कंडिका 10 (3) के अंतर्गत विधिवत नियुक्ति प्रक्रिया अपनाई गई है। (ग) जी हाँ। प्रश्‍नांश (ख) अनुसार विश्‍वविद्यालय के अधिनियम अंतर्गत विधिवत नियुक्ति प्रक्रिया अपनाई जाकर कुलगुरू के पद पर नियुक्ति की गई है। अत: कोई कार्यवाही अपेक्षित नहीं है।

परिसम्‍पत्तियों का रख-रखाव एवं जांच निरीक्षण

[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]

89. ( क्र. 2495 ) श्री राजेन्‍द्र भारती : क्या उप मुख्‍यमंत्री, योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग द्वारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास कार्य योजना अंतर्गत मार्गदर्शिका 2013 जारी की गई है? यदि हाँ, तो उक्‍त मार्गदर्शिका में उल्‍लेखित बिन्‍दुओं का क्रियान्‍वयन करने की जिम्‍मेदारी संबंधित विभागों की है? यदि हाँ, तो बिन्‍दु क्रमांक 2.12 में परिसंपत्तियों के रख-रखाव रखने की जिम्‍मेदारी कौन-कौन स्‍थानीय निकायों अथवा एजेन्सियों की है। कृपया निकायों एवं एजेन्सियों के अलग-अलग नाम एवं उनके कार्यरत अधिकारी/कर्मचारियों के पद का विस्‍तृत विवरण दें। (ख) क्‍या प्रशासकीय एवं तकनीकी स्‍वीकृति प्राप्‍त होने के पश्‍चात कार्यों का समय-समय पर निरीक्षण संबंधित विभागों के अधिकारियों के द्वारा किये जाने का निर्देश है? यदि हाँ, तो वर्ष 2024-25 में दतिया जिला के अंतर्गत सेंवढ़ा, भाण्‍डेर एवं दतिया में किये गये कार्य तथा परिसंपत्तियों के संबंध में भौतिक सत्‍यापन किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या संबंधित स्‍थानीय निकायों द्वारा पावती प्राप्‍त की जाकर संबंधित विधायकों को अवगत कराया गया है यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण सहित परिसंपत्तियों से संबंधित रख-रखाव की पावतियों की प्रतियां उपलब्‍ध करायें।         (ग) दतिया विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2013 से 2023-24 तक कितने-कितने निर्माण कार्य एवं परिसंपत्तियों (प्रतिकक्षालय, टेंकर, कुर्सियां बैंच) एवं अन्‍य सामग्री की प्रशासकीय तकनीकी स्‍वीकृति दी गई है तथा कितने निर्माण कार्य स्‍वीकृत किये गये है? कृपया उक्‍त निर्माण कार्यों एवं परिसंपत्तियो का वर्ष 2008 से 2024 तक वर्षवार जांच/भौतिक सत्‍यापन कर प्रतिवेदन प्रस्‍तुत करें। (घ) क्‍या विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र मार्गदर्शिका तीन में कार्यों की स्‍वीकृति तथा बिन्‍दु क्रमांक 1 में योजना के क्रियान्‍वयन सुझाव तथा अन्‍य विषयों पर वित्‍तीय वर्ष की पहली तिमाही में बैठक बुलाई जाना आवश्‍यक है? यदि हाँ, तो संबंधित विभागों के साथ बैठक बुलाई गई है? यदि हाँ, तो विवरण दें? यदि नहीं, तो क्‍यों?

उप मुख्‍यमंत्री, योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

शराब की अवैध बिक्री पर रोक

[वाणिज्यिक कर]

90. ( क्र. 2507 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिले में दिनांक 1/4/2023 से प्रश्‍न दिनांक तक अवैध शराब विक्रय के कुल कितने केस बनाए गए, पकड़ी गई शराब किस बैच नंबर की पाई गई, जो किस ठेकेदार को आवंटित की गई थी विकासखंडवार, थानेवार सूची व नाम सहित संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई जावे।          (ख) आबकारी नीति में पकड़ी गई अवैध शराब में किस-किस को आरोपी बनाए जाने का नियम है नियम की छायाप्रति उपलब्ध कराई जावे। (ग) क्या आबकारी के केसों में अवैध विक्रय होने वाली शराब के बैच नंबरों को नजर अंदाज कर बड़े-बड़े ठेकेदारों पर कार्यवाही न करते हुए छोटे-छोटे विक्रेताओं पर कार्यवाही की गई है? जिससे ठेकेदारों के हौसले बुलंद है और यह शराब के अवैध कारोबार में पूर्णतया लिप्त हैं यदि नहीं, तो जांच कराई जावे। (घ) क्या अवैध शराब की बिक्री को रोकने एवं बैच नंबर के आधार पर संबंधित ठेकेदारों पर कार्रवाई किए जाने हेतु निर्देश देने की कृपा करेंगे?

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) दतिया जिले में दिनांक 01/04/2023 से प्रश्‍न दिनांक तक अवैध शराब विक्रय के कुल 2397 (देशी मदिरा प्रकरण-136 एवं जब्ती 796.05 बल्क लीटर, विदेशी मदिरा प्रकरण-33 एवं जब्ती 241.05 बल्क लीटर तथा अवैध हाथभट्टी मदिरा प्रकरण 2228 एवं जब्ती 28985.9 बल्क लीटर) प्रकरण दर्ज किए गए हैं। उपरोक्त कायम किये गये प्रकरणों में अल्प मात्रा (कब्जे में रखने की सीमा से अधिक मात्रा) के प्रकरण कायम किये गये हैं। आलोच्य अवधि में दतिया जिले के 22 मदिरा समूह (70 कम्पोजिट मदिरा दुकान) के 15 लायसेंसियों को मद्य भाण्डागार से समान बैच नंबर की देशी एवं विदेशी मदिरा का प्रदाय किया गया है। कायम किये गये प्रकरणों की सूची जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। (ख) आबकारी के प्रकरणों में अवैध मदिरा विक्रय करने वाले अपराधियों के विरूद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34-विधि विरूद्ध विनिर्माण, परिवहन, कब्जा, विक्रय आदि के लिये शास्ति, धारा 41-किसी अन्य व्यक्ति की ओर से किसी भी व्यक्ति द्वारा विनिर्माण, विक्रय या कब्जा एवं धारा 42-अपराधों के करने का प्रयत्न और दुष्प्रेरण के उपधाराओं में वर्णित प्रावधान अनुसार कार्यवाही कर प्रकरण कायम किये जाते हैं। नियमों की छायाप्रति जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। (ग) आबकारी के प्रकरणों में अवैध मदिरा विक्रय करने वाले अपराधियों के विरूद्ध मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 में वर्णित प्रावधान अनुसार कार्यवाही कर प्रकरण कायम किये गये हैं। मात्र बैच नंबर के आधार पर मदिरा लायसेंसी के विरूद्ध प्रकरण कायम नहीं किया जा सकता। क्योंकि मद्य भाण्डागार से जिले की विभिन्न मदिरा दुकानों (15 लायसेंसियों) के समान बैच नंबर की मदिरा का प्रदाय किया गया है तथा आरोपियों द्वारा भी किसी लायसेंसी की संलिप्तता के संबंध में साक्ष्य/कथन नहीं दिये जाने से ठेकेदारों की संलिप्तता सिद्ध नहीं हुई।                  (घ) हाँ, अवैध शराब की बिक्री को रोकने एवं जब्त मदिरा के स्त्रोत को ज्ञात कर कार्यवाही हेतु आबकारी वृत्त प्रभारियों को समय-समय पर निर्देशित किया गया है।

कुपोषित बच्‍चों की जानकारी

[महिला एवं बाल विकास]

91. ( क्र. 2509 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पन्ना विधानसभा अंतर्गत कुपोषित बच्चों की कुल संख्या कितनी है? कुपोषण की दृष्टि से पन्ना का स्थान म.प्र. में कौन से नम्बर पर है? कुपोषित बच्चों के पोषण हेतु मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम के तहत कितने बच्चे स्वस्थ्य हुये है? कितने शेष है?                       (ख) शासन द्वारा कब-कब कुपोषित बच्चों हेतु पोषण आहार/राशि दी गई है? उन्हें कब-कब आंगनवाड़ी केन्द्रों में वितरित किया गया है? (ग) कुपोषित बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने के लिये क्या कार्यवाही की जा रही है? पन्ना जिला कब तक कुपोषण मुक्त बनेगा?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) पन्ना विधानसभा अंतर्गत कुपोषित बच्चों की कुल संख्या 382 है। कुपोषण की दृष्टि से NFHS -5 (2019-21) के अनुसार जिला पन्ना का म.प्र. में 43वां स्थान है। मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम के अंतर्गत स्वस्थ्य हुए बच्चों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ पर है। (ख) भारत सरकार द्वारा 6 माह से 6 वर्ष तक के आयु समूह के सभी बच्चों हेतु राशि रू. 8/- का पोषण आहार दिये जाने का प्रावधान है। कुपोषित बच्चों में अति कुपोषित बच्चो को अतिरिक्त आहार के रूप में राशि रू. 4/- प्रति बच्चा प्रतिदिन का पूरक पोषण आहार प्रदाय किये जाने का प्रावधान है, जो पोषण आहार के सामान्य बजट में ही समाहित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब पर है। (ग) बच्चों में कुपोषण निवारण हेतु ''मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्द्धन'' कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत चिकित्सकीय जटिलता वाले बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती कराकर उपचार एवं पोषकीय सुविधा उपलब्ध कराई जाती है तथा गैर चिकित्सकीय जटिलता वाले बच्चों का समुदाय स्तर पर पोषण प्रबंधन किया जाता है। प्रत्येक माह की 11 से 20 तारीख तक सभी आंगनवाडी केन्द्रों में शारीरिक माप दिवसों का आयोजन किया जाकर कुपोषित बच्चों का चिन्हांकन किया जाता है। विभाग द्वारा यह कार्यक्रम निरंतर चलाया जा रहा है तथा यह एक निरंतर प्रक्रिया है। समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।

प्रतिनियुक्ति कर्मचारियों को वेतन

[सामान्य प्रशासन]

92. ( क्र. 2544 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                      (क) क्‍या तिलहन संघ से शासन में पदस्‍थ प्रतिनियुक्ति कर्मियों को वेतनमान लाभ देने संबंधी मुख्‍य सचिव की अध्‍यक्षता में दिनांक 19.05.2016 को आयोजित बैठक में उच्‍च न्‍यायालय प्रकरण में पालन हेतु सक्षम स्‍तर से स्‍वीकृति लेकर वेतनमान का लाभ देने का निर्णय लिया गया था? यदि हाँ, तो निर्णय/कार्यवाही की छायाप्रति दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) का पालन किया है अथवा नहीं? यदि हाँ, तो किन-किन सेवायुक्‍तों को पुनरीक्षित वेतनमान का लाभ दिया गया? (ग) प्रश्‍नांश (क) अंतर्गत न्‍यायालीन प्रकरणों में पालन हेतु जबलपुर स्थित महाधिवक्‍ता कार्यालय से कब-कब, किन-किन सेवायुक्‍तों को पांचवा वेतनमान लाभ देने संबंधी पत्र प्राप्‍त हुये एवं इन पत्रों के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या कार्यवाही की गई? पत्रों की छायाप्रति दें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मध्‍यप्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने में आय-व्‍यय

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

93. ( क्र. 2556 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) राज्‍य शासन द्वारा विगत 10 वर्षों में प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने हेतु कब-कब, कहां-कहां (देश एवं विदेश में) बैठकें आयोजित हुई, बैठकों में मुख्‍य रूप से किन-किन देशों के किन-किन उद्योगपतियों ने भाग लिया? (ख) निवेश को बढ़ावा देने हेतु आयोजित की गई इन बैठकों के प्रचार-प्रसार अतिथियों के ठहरने, आवागमन, खानपान आदि पर कुल कितनी राशि व्‍यय हुई एवं प्रदेश में कितने उद्योग स्‍थापित हुये? पूर्ण जानकारी दी जाये। (ग) दिनांक 24-25 फरवरी को भोपाल में आयोजित ग्‍लोबल इन्‍वेटर्स समिट जिसमें कि मान. प्रधानमंत्री भी आ रहें हैं उक्‍त संपूर्ण आयोजन के प्रचार-प्रसार, अतिथियों को ठहराने, आवागमन, खानपान इत्‍यादि पर कुल कितनी राशि व्‍यय होने का अनुमान है? (घ) राज्‍य शासन द्वारा प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा दिये जाने संबंधी किये गये प्रयासों के परिणाम में प्रदेश में किन-किन उद्योग समूहों द्वारा कितनी-कितनी राशि के निवेश आने का अनुमान है? विस्‍तृत जानकारी उपलब्‍ध करायी जाये।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने हेतु औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्‍साहन विभाग द्वारा विगत 10 वर्षों में देश एवं विदेश में आयोजित समिट की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। उक्‍त समिट में मुख्‍य रूप से सम्मिलित उद्योगपतियो/प्रतिनिधियो/कंपनियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है।                (ख) निवेश को बढ़ावा देने हेतु प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में राशि रू. 268.65 करोड़ का व्‍यय हुआ है। उद्योग संवर्धन नीति 2014 एवं म.प्र. उद्योग संवर्धन नीति 2025 अंतर्गत सुवि‍धा सहायता के परिप्रेक्ष्‍य में प्राप्‍त आवेदनों अनुसार वित्‍तीय वर्ष 2015-16 से प्रश्‍नांश दिनांक तक स्‍थापित नवीन/ विस्‍तारित/शवलीकृत इकाइयों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। (ग) विभाग द्वारा दिनांक 24-25 फरवरी 2025 तक भोपाल में आयोजित ग्‍लोबल इन्‍वेटर्स समिट के आयोजन में लगभग राशि रू. 82.31 करोड़ का व्‍यय अनुमानित है। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में रीजनल इंडस्‍ट्रीज कॉनक्‍लेव, इन्‍टेक्टिव सेशन एवं ग्‍लोबल इन्‍वेस्‍टर्स समिट के संयुक्‍त प्रयासों से विभिन्‍न विभागों के कुल रू. 30.77 लाख करोड़ के निवेश प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुए है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है।

आर्थिक अपराध अन्‍वेषण ब्‍यूरों की शक्तियां

[सामान्य प्रशासन]

94. ( क्र. 2557 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                (क) प्रदेश में आर्थिक अपराध अन्‍वेषण ब्‍यूरो का गठन किस अधिनियम के अंतर्गत, किस नियम व किस धारा की शक्तियों का प्रयोग कर किया गया? अधिनियम की प्रति सहित पूर्ण जानकारी दी जाए। (ख) आर्थिक अपराध अन्‍वेषण ब्‍यूरो किन अपराधों में किस अधिनियम के अंतर्गत, किस नियम व किस धारा व प्रक्रिया से अनुसंधान करने की शक्तियां प्रदान की गई? यदि नहीं, तो किस आधार पर यह संस्‍थान अनुसंधान कार्य संपादित कर रही हैं? (ग) क्‍या प्रदेश में अपराध एवं अपराधी ट्रेकिंग नेटवर्क सिस्‍टम (CCTNS) लागू हैं एवं इसी सिस्‍टम के माध्‍यम से प्रदेश में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की जा रहीं हैं? (घ) क्‍या CCTNS में दर्ज होने वाली प्रथम सूचना रिपोर्ट का नंबर, दिनांक, समय, रोजनामचा सान्‍हा क्रमांक, राजनामचा प्रविष्टि की दिनांक और समय CCTNS सिस्‍टम द्वारा स्‍वयं दी जाती हैं अथवा प्रविष्टिकर्ता द्वारा टंकित की जाती है? प्रदेश में CCTNS सिस्‍टम के माध्‍यम से क्‍या-क्‍या ट्रेक किया जा रहा हैं तथा यह सिस्‍टम किस-किस चीज की दिनांक और समय स्‍वयं भर कर देता हैं? पूर्ण जानकारी दी जाये।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

जिला योजना समिति की बैठकों संचालन के प्रारूप नियम

[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]

95. ( क्र. 2558 ) श्री हेमंत सत्यदेव कटारे : क्या उप मुख्‍यमंत्री, योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला योजना समिति बैठक संचालन के प्रारूप नियम क्‍या-क्‍या हैं? (ख) जिला योजना समि‍ति की बैठकों में किन-किन जनप्रतिनिधियों/शासकीय/अशासकीय सदस्‍यों को बैठने की नियमानुसार पात्रता हैं? इस संबंध में नियम/निर्देशों की छायाप्रतियां उपलब्‍ध कराएं। (ग) जिला योजना समि‍ति की बैठक में क्षेत्रीय सांसद, विधायक एवं जिला पंचायत अध्‍यक्ष के अतिरिक्‍त शामिल होने वाले अन्‍य अशासकीय सदस्‍यों को प्रोटोकॉल अनुसार किस क्रम में बैठाना चाहिए? (घ) क्‍या जिला योजना समि‍ति की बैठक में राजनैतिक दल के जिलाध्‍यक्ष/पदाधिकारियों को नियमानुसार उपस्थित होने की पात्रता हैं? यदि हाँ, तो किस नियम अनुसार, नियम की छायाप्रतियां उपलब्‍ध कराएं। (ड.) क्‍या जिला योजना समि‍ति की बैठक का कार्यवाही विवरण (मीटिंग मिनिट्स) कितने समय में तैयार कर समिति के किन सदस्‍यों को प्रदाय करने का नियम हैं? यदि हाँ, तो नियमानुसार संपन्‍न हुई बैठक का कार्यवाही विवरण समय पर सदस्‍यों/जनप्रतिनिधियों को उपलब्‍ध नहीं कराने हेतु कौन उत्‍तरदायी होगा?

उप मुख्‍यमंत्री, योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जिला योजना समिति बैठक संचालन के प्रारूप नियम मध्‍यप्रदेश जिला योजना समिति अधिनियम, 1995 की धारा-10 "समिति का सम्मिलन" अनुसार हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।                      (ख) जानकारी मध्‍यप्रदेश जिला योजना समिति अधिनियम, 1995 की धारा-5 "विशेष आमंत्रित" एवं मध्‍यप्रदेश जिला योजना समिति (द्वितीय संशोधन) अधिनियम, 1999 की धारा-05 में प्रावधानित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) मध्‍यप्रदेश जिला योजना समिति अधिनियम, 1995 तथा मध्‍यप्रदेश जिला योजना समिति निर्वाचन नियम, 1995 में सदस्यों के बैठने के क्रम संबंधी प्रोटोकॉल का प्रावधान नहीं है। (घ) मध्यप्रदेश जिला योजना समिति अधिनियम, 1995 में राजनैतिक दल के जिला अध्यक्ष/पदाधिकारियों को बैठक में सम्मिलित होने का कोई प्रावधान नहीं है, परंतु अधिनियम की धारा-5 (2) अनुसार-''ऐसे आमंत्रिती, जो मंत्री हैं या संसद सदस्य हैं, समिति की बैठक में उनकी ओर से उपस्थित होने के लिए एक प्रतिनिधि को नाम निर्दिष्‍ट कर सकेंगे। ''जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ड.) जिला योजना समिति की बैठक का कार्यवाही विवरण जारी किया जाता है। कार्यवाही विवरण जारी करने की समय-सीमा के संबंध में मध्‍यप्रदेश जिला योजना समिति अधिनियम, 1995 में कोई उल्लेख नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

अवैध रेत का भण्‍डारण

[खनिज साधन]

96. ( क्र. 2564 ) श्री गौरव सिंह पारधी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) क्‍या रेत खदान संचालक (MDO) को स्‍वीकृत रेत डंप (भण्‍डारण) के अलावा रेत घाट के पास कोई ‘’लोडिंग प्‍वाइंट'' में रेत डंप करने की अनुमति है? (ख) क्‍या MDO के द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर स्‍वीकृत रेत डंप पर एकत्रित की गई रेत के मात्रा का सत्‍यता के जांच का प्रावधान हैं अगर है तो संबंधित विभाग एवं अधिकारियों/कर्मचारियों की जानकारी उपलब्‍ध कराएं। (ग) उपलब्‍ध डंप पर रेत के मात्रा की गलत जानकारी देने पर किस प्रकार की कार्यवाही या दंड का प्रावधान है जानकारी उपलब्‍ध कराएं? (घ) दिनांक 10-10-2024 को ग्राम कुमली पर स्‍वीकृत रेत डंप में पोर्टल पर दर्शाई जा रही रेत की मात्रा की जानकारी उपलब्‍ध कराएं।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) मध्यप्रदेश रेत (खनन, परिवहन, भण्डारण एवं व्यापार) नियम 2019 के अंतर्गत स्वीकृत रेत खनिज भण्डारण अनुज्ञप्ति (डंप) के अतिरिक्त रेत घाट के पास पृथक से "लोडिंग प्वाइंट" में रेत भण्डारण (डंप) करने का कोई प्रावधान नहीं है। (ख) प्रश्‍नांश अनुसार प्रावधान म.प्र. खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भण्डारण का निवारण) नियम, 2022 के नियम 17 (1) के तहत अधिसूचित है। रेत की मात्रा की सत्यता की जांच के संबंध में अधिकृत अधिकारियों/कर्मचारियों की जानकारी, उक्त नियम 23 के तहत अधिसूचित है। (ग) उपलब्ध भण्डारण (डंप) स्थल पर रेत की मात्रा की गलत जानकारी देने पर संबंधित के विरुद्ध म.प्र. खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भण्डारण का निवारण) नियम, 2022 के नियम 18 के तहत कार्यवाही किये जाने के प्रावधान अधिसूचित हैं। (घ) दिनाँक 10/10/2024 को ग्राम कुमली पर स्वीकृत रेत स्टॉक में उपलब्ध रेत की मात्रा की जानकारी संलग्न परिशिष्ट पर है।

परिशिष्ट - "तिरेपन"

मध्य प्रदेश के युवाओं को शासकीय सेवाओं में ज्यादा मौका दिए जाना

[सामान्य प्रशासन]

97. ( क्र. 2570 ) श्री विपीन जैन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जा रही परीक्षाओं में अन्य राज्यों से सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थियों के लिए पदों की कितनी संख्या निर्धारित की गई है? (ख) क्या आयोग द्वारा आयोजित की जा रही परीक्षाओं में अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों के लिए पदों का कोई निश्चित कोटा फिक्स कर रखा है या नहीं? (ग) क्या अन्य राज्यों की तरह मध्य प्रदेश लोक सेवा द्वारा आयोजित परीक्षाओं में भी मध्य प्रदेश के युवाओं को ज्यादा मौका देने और अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों हेतु 5% कोटा फिक्स करने के संबंध में विचार किया गया है? (घ) जनवरी 2021 से आयोग द्वारा आयोजित की जा रही परीक्षाओं में कुल पदों की संख्या में अन्य राज्यों के चयनित अभ्यर्थियों का क्या प्रतिशत रहा है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) आयोग के विज्ञापनों में राज्‍य आधारित कोई पद संख्‍या निर्धारित नहीं है। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं, ऐसा कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। (घ) उत्‍तरांश (क)  के परिप्रेक्ष्‍य में कोई विश्‍लेषण नहीं किया जाता है।

एरियर का भुगतान

[वित्त]

98. ( क्र. 2572 ) श्री विपीन जैन : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश वित्त सेवा संवर्ग के लिए वरिष्ठ श्रेणी, प्रवर श्रेणी, वरिष्ठ प्रवर श्रेणी तथा अधिसमय वेतनमान क्रमशः 6 वर्ष, 4 वर्ष, 5 वर्ष, 5 वर्ष के समय अंतराल पर दिया जाता है?                   (ख) प्रश्‍नांश (क) के सन्दर्भ में मध्य प्रदेश सिविल सेवा 2015, ज्वाइनिंग वर्ष 2017 बैच के कुल अधिकारियों में से कितने सामान्य, OBC, SC, ST अधिकारियों को पात्रता वर्ष 1.1.2023 की स्थिति में वरिष्ठ वेतनमान स्वीकृत किया गया? (ग) क्या प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में वंचित वर्गों को नीतिगत अन्याय कर न केवल पद अपितु वेतनमान से भी वंचित रखा जा रहा है एवं दोहरी क्षति की जा रही है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में एक साथ समान सेवा, समान भर्ती नियमों एवं सेवा शर्तों पर पर चयनित अधिकारियों को एक साथ वेतनमान 1.1.2023 से दिये जाने एवं एरियर के भुगतान के आदेश कब तक जारी होंगे।

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ। मध्‍यप्रदेश राज्‍य वित्‍त राजपत्रित भर्ती तथा सेवा की शर्ते नियम, 2018 की अनुसूची-चार (क) अनुसार वरिष्‍ठ श्रेणी, प्रवर श्रेणी, वरिष्‍ठ प्रवर श्रेणी तथा अधिसमय वेतनमान में चयन के लिये अपेक्षित सेवा कुल अवधि क्रमश: 6 वर्ष, 4 वर्ष, 5 वर्ष तथा 5 वर्ष निर्धारित है। तदनुसार वरिष्‍ठता क्रम में पद उपलब्‍धता के आधार पर चयन वेतनमान की कार्यवाही की जाती है। (ख) मध्‍यप्रदेश सिविल सेवा 2015, नियुक्ति वर्ष 2017 बैच के कुल 89 अधिकारियों में से सामान्‍य वर्ग के 11, अन्‍य पिछड़ा वर्ग के 01 इस प्रकार कुल 12 अधिकारियों को वर्ष, 2023 में वरिष्‍ठ वेतनमान स्‍वीकृत किया गया है। (ग) प्रश्‍नांश (क) में पात्रता निर्धारण के बिन्‍दु सुस्‍पष्‍ट है। अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) मध्‍यप्रदेश राज्‍य वित्‍त राजपत्रित भर्ती तथा सेवा की शर्ते नियम, 2018 की अनुसूची-चार (क) के अनुरूप चयन वेतनमान हेतु वरिष्‍ठता क्रम तथा पद उपलब्‍धता के आधार पर चयन वेतनमान की कार्यवाही की जाती है।

औद्योगिक निवेश को बढ़ावा

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

99. ( क्र. 2574 ) श्री विपीन जैन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रदेश में औद्योगिक निवेश बढ़ाए जाने के संबंध में औद्योगिक समिट आयोजित कि‍ये जा रहे हैं? (ख) औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए मंदसौर जिले में विगत पांच वर्षों में कौन-कौन से उद्योग स्थापित किए गए हैं? (ग) आगामी समय में मंदसौर जिले में वृहद औद्योगिक पार्क लगाए जाने के संबंध में शासन की क्या योजना है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) विगत पांच वर्षों में मंदसौर जिले अंतर्गत विभाग के अधीन एमपी इण्‍डस्ट्रियल डेव्‍हलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा संधारित औद्योगिक क्षेत्र जग्‍गाखेड़ी में 28 एमएसएमई एवं औद्यो‍गिक क्षेत्र के बाहर 02 वृहद श्रेणी की औद्योगिक इकाई स्‍थापित है, जिसकी विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम विभाग से प्राप्‍त जानकारी अनुसार विगत पांच वर्षों में मन्‍दसौर जिले में स्‍थापित उद्योगों की सूची जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) आगामी समय में मंदसौर जिले में विभाग के अधीन एमपी इण्‍डस्ट्रियल डेव्‍हलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा निम्‍नानुसार वृहद औद्योगिक पार्क बनाये जाने की कार्य योजना है :-1. औद्योगिक पार्क जग्‍गाखेड़ी (फेस-2) 2. औद्योगिक पार्क सेमली कांकड़ 3. औद्योगिक पार्क बसई

प्रथम सूचना रिपोर्ट पर कार्यवाही

[गृह]

100. ( क्र. 2577 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) प्रथम सूचना रिपोर्ट नं. 0063 थाना चॉद जिला छिंदवाडा वर्ष 2025 में दिनांक 01/02/2025 से प्रश्‍न दिनांक तक जो कार्यवाही की गई का पूर्ण विवरण मय दस्‍तावेज प्रदाय करें। प्रथम सूचना रिपोर्ट कौन सी धारा के तहत पंजीबद्ध की गई? कौन से अधिनियम एवं धाराओं के तहत अपराध हुआ इन धाराओं के तहत क्‍या कार्यवाही होनी थी? क्‍या कार्यवाही की गई और कब कार्यवाही की गई का गौशवारा बनाकर विवरण प्रदान करें। प्रथम सूचना रिपोर्ट की छायाप्रति प्रदान करें।             (ख) प्रश्‍नांश (क) के तहत शिकायतकर्ता का नाम, शिकायतकर्ता द्वारा दिये गये बयान, दस्‍तावेज की छायाप्रति प्रदान करें। यदि प्रथम सूचना रिपोर्ट प्रचलन में है तो कब तक पूर्ण होगी? समयावधि बतायें। जांच अधिकारी का नाम एवं पद बतायें। यदि जांच पूर्ण हो चुकी है तो जांच रिपोर्ट की छायाप्रति प्रदान करें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट '''' अनुसार है।

परिशिष्ट - "चउवन"

कुंभ के दौरान प्रदेश में घटित सड़क दुर्घटनाएं

[गृह]

101. ( क्र. 2578 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि     (क) उत्‍तर प्रदेश प्रयागराज में दिनांक 13 जनवरी, 2025 से चल रहे कुंभ मेले के दौरान मध्‍यप्रदेश की सीमाओं में घटित कितनी सड़क दुर्घटनाओं में कितने-कितने पुरूषों, महिलाओं, बालक-बालिकाओं की मृत्‍यु हुई? कितने घायल/अपंग हुये? इसमें कितने-कितने दो पहिया, चार पहिया वाहन चालकों की मृत्‍यु हुई है? प्रश्‍न दिनांक तक की जानकारी दें। (ख) देश में सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में टापटेन में प्रदेश का क्‍या स्‍थान है? प्रदेश में जबलपुर संभाग का स्‍थान क्‍या है? (ग) क्‍या यातायात नियमों का पालन न करने, शराब पीकर वाहन चलाने, तीव्रगति व लापरवाही से वाहन चलाने, सीट बेल्‍ट व हेलमेट नहीं लगाने से तथा ब्‍लैक स्‍पाट व शहरी क्षेत्रों में घटित कितनी-कितनी दुर्घटनाओं में कितने-कितने व्‍यक्तियों व वाहन चालकों की मृत्‍यु हुई है? 13 जनवरी, 2025 से प्रश्‍न दिनांक तक तिथिवार जानकारी दें। (घ) प्रदेश शासन ने राज्‍यमार्ग व राष्ट्रीय राजमार्ग (हाईवे) पर घाटित होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने हेतु क्‍या सुरक्षात्‍मक उपाय किये है तथा क्‍या कार्य योजना बनाई है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट "अ" अनुसार हैं। (ख) सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी किये गये वर्ष 2022 के सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों के अनुसार मध्यप्रदेश का देश में द्वितीय स्थान है। वर्ष 2024 की स्थिति‍ में जबलपुर संभाग का सड़क दुर्घटनाओं में प्रदेश में द्वितीय स्थान हैं। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट '' अनुसार हैं।        (घ) प्रदेश में राज्यमार्ग व राष्ट्रीय राजमार्गों से शहर के अंदर प्रवेश एवं निर्गम पॉइन्ट पर प्रदेश के 07 शहरों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर एवं सतना में आईटीएमएस के माध्यम से कैमरे लगाये गये हैं जो यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरूद्ध चालानी कार्यवाही किये जाने में सहायक सिद्ध होते हैं। प्रदेश से गुजरने वाले राज्यमार्ग व राष्ट्रीय राजमार्ग पर घटित होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में तत्काल राहत पहुंचाने एवं यात्रियों को सुरक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में 12वी पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत विभिन्न जिलों में 80 हाईवे चौकियों का निर्माण किया जा रहा है जिनमें से 46 चौकी स्थापित की जा चुकी है तथा 09 हाईवे चौकियां निर्माणाधीन हैं। पीटीआरआई संस्थान द्वारा प्रदेश के सभी जिलों को प्रति माह एवं प्रति वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में 10 प्रतिशत कमी लाने हेतु एवं माननीय सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी के आदेश से वाहन चालन के दौरान प्रदेश में सीट बैल्ट, हेलमेट एवं मोबाईल फोन का उपयोग करने पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत वृद्धि के साथ चालानी कार्यवाही किये जाने के लक्ष्य जारी किये जाते है। प्रदेश के समस्त जिलों में समय-समय पर यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जन जागरूकता अभियान आयोजित किये जाते है इसके साथ-साथ स्कूलों, विद्यालयों, कॉलेजो में भी छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों संबंधी शिक्षा दी जाकर जागरूक किया जा रहा हैं

परिशिष्ट - "पचपन"

अवैध रेत भण्‍डारण एवं स्‍वीकृत रेत खदानों की जानकारी

[खनिज साधन]

102. ( क्र. 2580 ) श्री मधु भगत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                   (क) बालाघाट जिले के खनिज विभाग के द्वारा विगत तीन वर्षों में विभाग के अवैध उत्खनन को रोकने रेत माफि़याओं पर क्या कार्यवाही की गई? की गई कार्यवाही के दस्तावेज उपलब्ध करावें, साथ ही हो रहे अवैध उत्खनन को लेकर क्या आपके द्वारा जिला कलेक्टर बालाघाट एवं राजस्व विभाग को कोई सूचना दी गई? यदि हाँ, तो सूचना के दस्तावेज उपलब्ध करावें (ख) जिले में आपके विभाग में पदस्थ कर्मचारी/अधिकारी द्वारा अवैध रेत के भंडारणों पर जप्ती की कारवाई की गई? जप्त भंडारणों की सूची एवं पंचनामे सहित दस्तावेज उपलब्ध करावें, साथ ही एसडीएम एवं तहसीलदार के माध्यम से स्वीकृत रेत खदानों के किये गये सीमांकन के दस्तावेजों एवं सीमांकन की फोटो जिसमें सीमांकन का प्रतीक चिन्ह दिखाई देता हो लकड़ी या फेंसिंग वॉल या अन्य चीजों से किया गया हो एवं पंचनामे की प्रति उपलब्ध करावें? (ग) विभाग द्वारा जिले में कितने रेत भंडारण स्वीकृत है, सूची उपलब्ध करावें? विभाग द्वारा दी गई भंडारण की स्वीकृति के नियमावली सहित स्थानवार, नक्शावर, खसरावार पृथक-पृथक सत्यापित प्रतिलिपि सहित दस्तावेज उपलब्ध करावे, साथ ही भंडारणों में लगे साइन बोर्ड की फोटो उपलब्ध कराएं।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) विगत तीन वर्षों में खनिज रेत के अवैध उत्‍खनन/परिवहन/ भण्‍डारण पर रेत माफियाओं के विरूद्ध की गई कार्यवाही/पंजीबद्ध प्रकरणों के दस्‍तावेज सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। खनिज रेत के अवैध उत्‍खनन/परिवहन/ भण्‍डारण के पंजीबद्ध प्रकरणों का निराकरण न्‍यायालय कलेक्‍टर बालाघाट द्वारा किया जाता है। राजस्‍व विभाग को सूचना दिये जाने का नियमों में कोई प्रावधान नहीं है। (ख) जिले में खनिज रेत के अवैध/अज्ञात भण्‍डारणों के प्रकरणों में की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। जिले में कुल स्‍वीकृत 65 रेत खदानों में से 36 रेत खदानों का एस.डी.एम. एवं तहसीलदार के माध्‍यम से किये गये सीमांकन प्रतिवेदन मय पंचनामा के जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। वर्तमान में जिले में स्‍वीकृत रेत खदानों में एम.डी.ओ. के साथ अनुबंध की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। अनुबंध के पश्‍चात शेष सभी खदानों का सीमांकन कर कब्‍जा देने के पूर्व पक्‍के मुनारे स्‍थापित/सुधार मय फोटोग्राफ के किये जायेंगे। पूर्व में स्‍थापित मुनारे ठेकेदार न होने के कारण, रख-रखाव के अभाव में नष्‍ट हो चुके हैं। (ग) जिले में खनिज रेत के कुल 05 भण्‍डारण अनुज्ञप्ति, मध्‍यप्रदेश रेत (खनन, परिवहन, भण्‍डारण एवं व्‍यापार) नियम, 2019 मध्‍यप्रदेश राजपत्र भोपाल दिनांक 08/04/2022 के नियम 14, 17 के प्रावधान एवं मध्‍यप्रदेश राजपत्र भोपाल दिनांक 26/05/2023 के नियम 18 के उप-नियम 6 के प्रावधान के तहत स्‍वीकृत किये गये क्षेत्र का स्‍थानवार, नक्‍शावार, खसरावार एवं साईन बोर्ड की फोटो सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है।

नीमच में हवाई सेवाओं की सुविधा

[विमानन]

103. ( क्र. 2583 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के 7 शहरों को हवाई सेवा से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने मंजूरी दी है? शहरों की जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) संदर्भित क्या केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2024 में उड़ान योजना अंतर्गत नीमच को भोपाल से कनेक्टिंग फ्लाइट सेवाएं शुरू करने की योजना है? यदि हाँ, तो समय-सीमा बताएं। (ग) नीमच हवाई पट्टी हेतु किन-किन निजी हवाई कंपनियों से हवाई सेवा प्रांरभ करने हेतु विभाग के साथ संभावनाएं तलाशी गई है? कंपनियों के नाम सहित जानकारी दें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) भारत सरकार, नागर विमानन मंत्रालय द्वारा RCS-UDAN 5.2 योजना के अंतर्गत शिवपुरी, नीमच, मण्‍डला, छिन्‍दवाड़ा, शहडोल, उज्‍जैन एवं खण्‍डवा स्थित हवाई पट्टियों के विकास कार्य हेतु चिन्हित किया गया है। (ख) यह विषय केन्‍द्रीय अनुसूची का है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

बुन्देलखण्ड की ब्रांडिंग हेतु पत्रिका का प्रकाशन

[जनसंपर्क]

104. ( क्र. 2586 ) श्री भूपेन्द्र सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या मध्यप्रदेश संदेश की तरह बुन्देलखण्ड एवं महाकौशल क्षेत्र की पत्रिका प्रकाशन करने की नीति पर विभाग द्वारा विचार किया जा रहा है? यदि हाँ, तो कब तक? क्या बुन्देलखण्ड क्षेत्र की ब्रांडिंग हेतु प्रयास होने से इस क्षेत्र में उपलब्ध खनिज सम्पदा व प्रतिभा का लाभ प्रदेश को प्राप्त हो सकेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : जी नहीं। म.प्र. संदेश राज्‍य स्‍तरीय पत्रिका है। इसमें प्रदेश के महाकौशल बुन्‍देलखण्‍ड सहित सभी अंचल कवर किये जाते हैं।

उद्योग हेतु विभिन्न योजनाएं

[सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम]

105. ( क्र. 2589 ) श्री मथुरालाल डामर : क्या सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) युवाओं हेतु व्यापार एवं उद्योग धंधे के लिए शासन की कितनी योजनाएं संचालित हो रही है? इन योजनाओं के लक्ष्य के विरुद्ध कितने प्रकरण स्वीकृत किये गये तथा कितने शेष है? यदि शेष है तो इसका क्या कारण है, सत्र 2022-23 से प्रश्‍न दिनांक तक की रतलाम जिले के विकासखण्डवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के सन्दर्भ में स्वीकृत प्रकरणों में बैंक द्वारा कितनी-कितनी राशि का ऋण वितरण कर अनुदान उपलब्ध कराया गया तथा कहां-कहां उद्योग स्थापित किये गये? (ग) क्या बैंक द्वारा न्यूनतम 5 लाख, 10 लाख रुपए की ऋण राशि तो उद्योग के लिए स्वीकृत कर दी जाती है, किन्तु बड़ी राशि का ऋण मंजूर नहीं किया जाता है? यदि हाँ, तो इसके क्या कारण है? (घ) अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के रतलाम ग्रामीण विधानसभा में कितने उद्योगों हेतु ऋण स्वीकृत किया गया? घटकवार जानकारी देवें।

सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ) : (क) युवाओं को व्यापार एवं उद्योग धंधे के लिये विभाग द्वारा मुख्यमंत्री उद्यम क्रान्ति योजना संचालित है। उक्त योजना में लक्ष्य, स्वीकृति एवं शेष प्रकरणों की प्रश्‍नाधीन अवधि की रतलाम जिले की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में प्रश्‍नाधीन अवधि में स्वीकृत प्रकरणों में ऋण वितरण एवं अनुदान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार है। स्थापित उद्योगों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) वर्तमान में केवल SAMAST पोर्टल पर ही स्‍वरोजगार संबंधी आवेदन लेने की व्‍यवस्‍था है। SAMAST पोर्टल पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के हितग्राहियों के आवेदन स्‍वत: ही अनुसूचित जाति कल्‍याण विभाग की संत रविदास स्‍वरोजगार योजना या जनजातीय कार्य विभाग की भगवान बिरसा मुण्‍डा स्‍वरोजगार में अंतरित हो जाते हैं, क्‍योंकि इन योजनाओं में मुख्यमंत्री उद्यम क्रान्ति योजना की तुलना में अधिक वित्‍तीय सहायता दिये जाने का प्रावधान है। SAMAST पोर्टल से शेष अनारक्षित एवं अन्‍य पिछड़ा वर्ग के हितग्राहियों के प्रकरण एमएसएमई विभाग को अंतरित होते हैं। विभाग द्वारा संवीक्षा उपरांत प्रकरण बैंकों को प्रेषित किये जाते हैं। अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

छिंदवाड़ा में एयरपोर्ट की स्वीकृति

[विमानन]

106. ( क्र. 2592 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या छिंदवाड़ा में एयरपोर्ट हेतु भूमि चिन्हित कर ली गई है, अगर हाँ तो कहां पर कितने एकड़ भूमि चिन्हित की गई है? छिंदवाड़ा में एयरपोर्ट बनाये जाने के संबंध में विभाग द्वारा अभी तक क्या-क्या कार्यवाही की गई है, मय दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतिलिपि सहित बतावें, एयरपोर्ट निर्माण हेतु विभिन्न औपचारिकताओं को पूरा करने में विभाग द्वारा बहुत अधिक विलम्ब किया जा रहा है जिसका क्या कारण है? (ख) छिंदवाड़ा में एयरपोर्ट बनाये जाने के संबंध में राज्य सरकार/ शासन द्वारा कब तक विभिन्न औपचारिकताओं एवं कार्यवाही को पूर्ण कराते हुये एयरपोर्ट की स्वीकृति प्रदान करा दी जायेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) छिन्‍दवाड़ा में वर्तमान में स्थित हवाई पट्टी का विकास कार्य भारत सरकार, नागर विमानन मंत्रालय द्वारा RCS-UDAN 5.2 योजना के अंतर्गत प्रस्‍तावित है। विमानतल का विषय केन्‍द्रीय अनुसूची का है तथा इस संबंध में नागर विमानन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्णय लिया जाता है। वर्तमान में कलेक्‍टर, जिला छिन्‍दवाड़ा से प्राप्‍त जानकारी अनुसार ग्राम खूनाझिरखुर्द, टिकाड़ी एवं तिवड़ाकामथ में लगभग 617.75 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। भविष्‍य में नागर विमानन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा लिए गए निर्णय अनुसार इसे भी संज्ञान में लिया जाकर कार्यवाही की जा सकेगी। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

 

 

रीजनल इंडस्ट्री कॉन्‍क्‍लेव की जानकारी

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

107. ( क्र. 2601 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 01.01.2024 से प्रश्‍न तिथि तक राज्य सरकार द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक विनिवेश को आकर्षित करने के लिए किन-किन स्थानों पर किस-किस दिनांक को रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव आयोजित किये गये? (ख) उपरोक्त रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव में अलग-अलग किन निवेशकों, औद्योगिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा किस-किस ने कितने-कितने निवेश का प्रस्ताव किस उद्योग के लिए दिया है? किन-किन कंपनियों को अनुज्ञा पत्र शासन के द्वारा जारी किया? (ग) उपरोक्त प्रस्तावों पर प्रश्‍न दिनाक तक क्या प्रगति हुई है, इसका अलग-अलग विवरण उपलब्ध कराएं।                            (घ) उपरोक्त आयोजनों पर सरकार के किस-किस विभाग द्वारा किस-किस मद में किस-किस स्थानों पर क्या-क्या कार्य हेतु कितना-कितना व्यय किया गया? मदवार/विभागवार/स्थानवार/राशिवार जानकारी दें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) 01 जनवरी, 2024 से प्रश्‍न दिनांक तक निम्‍न रीजनल इण्‍डस्‍ट्री कॉनक्‍लेव का आयोजन किया गया है :-

क्र.

दिनांक

कॉनक्‍लेव का नाम

स्‍थान

1.

01-02 मार्च 2024

रीजनल इण्‍डस्‍ट्री कॉनक्‍लेव- उज्‍जैन

उज्‍जैन

2.

20 जुलाई 2024

रीजनल इण्‍डस्‍ट्री कॉनक्‍लेव- जबलपुर

जबलपुर

3.

28 अगस्‍त 2024

रीजनल इण्‍डस्‍ट्री कॉनक्‍लेव- ग्‍वालियर

ग्‍वालियर

4.

27 सितम्‍बर 2024

रीजनल इण्‍डस्‍ट्री कॉनक्‍लेव- सागर

सागर

5.

23 अक्‍टूबर 2024

रीजनल इण्‍डस्‍ट्री कॉनक्‍लेव- रीवा

रीवा

6.

07 दिसम्‍बर 2024

रीजनल इण्‍डस्‍ट्री कॉनक्‍लेव- नर्मदापुरम

नर्मदापुरम

7.

16 जनवरी 2025

रीजनल इण्‍डस्‍ट्री कॉनक्‍लेव- शहडोल

शहडोल

(ख) उपरोक्‍त रीजनल इंडस्‍ट्री कॉन्‍क्‍लेव में प्रदेश के स्‍थानीय उद्योगपतियों, व्‍यापारिक संगठनों, अन्‍य राज्‍यो के उद्योगपतियों तथा विदेशी प्रतिनिधियों द्वारा भाग लिया गया जिसमें प्रमुख निवेश प्रस्‍तावों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। कम्‍पनियों को विभाग के अधीनस्‍थ एमपी इण्‍डस्ट्रियल डेव्‍हलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा अनुज्ञा पत्र जारी नहीं किया गया। (ग) प्रस्‍तावों पर प्रश्‍न दिनांक तक की गई प्रगति का विवरण जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (घ) उपरोक्त आयोजनों पर औद्यो‍गिक नीति एवं निवेश प्रोत्‍साहन विभाग के अधीनस्‍थ एमपी इण्‍डस्ट्रियल डेव्‍हलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा किये गये व्‍यय की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है।

कुटीर एवं ग्रामोद्योग योजनाओं का क्रियान्वयन

[कुटीर एवं ग्रामोद्योग]

108. ( क्र. 2602 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या राज्‍य मंत्री, कुटीर एवं ग्रामोद्योग महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग में संचालित जनकल्याणकारी योजनायें एवं इनके क्रियान्वयन संबंधी शासन आदेश/नियम की छायाप्रति उपलब्ध कराएँ तथा वर्ष 2021-22 से प्रश्‍न दिनांक तक जिला मंडला में योजनावार लाभान्वित हितग्राहियों की संख्या बतावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार उक्त अवधि में लाभान्वित हितग्राही के ग्राम का नाम, पिता/पति का नाम/प्रयोजन/ स्वीकृत राशि एवं अनुदान राशि तथा दिनांक व्यवसाय/उद्योग स्थापना का पूर्ण पता सहित जनपद पंचायतवार एवं वर्षवार पूर्ण जानकारी देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के अनुसार लाभान्वित प्रत्येक हितग्राहियों का स्थापित उद्योग/व्यवसाय का भौतिक सत्यापन किस अधिकारी द्वारा किस दिनांक को किया गया? अधिकारी का नाम/पद तथा मोबाइल नंबर सहित वर्षवार एवं जनपदवार पृथक-पृथक बतावें।

राज्‍य मंत्री, कुटीर एवं ग्रामोद्योग ( श्री दिलीप जायसवाल ) : (क) विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। वर्ष 2021-22 से प्रश्‍न दिनांक तक जिला मंडला में 432 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। योजनावार लाभान्वित हितग्राहियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश (क) में लाभान्वित हितग्राहियों के ग्राम का नाम, पिता/पति का नाम/प्रयोजन/स्‍वीकृत राशि एवं अनुदान राशि तथा दिनांक व्‍यवसाय/ उद्योग स्‍थापना का पूर्ण पता सहित जनपद पंचायतवार एवं वर्षवार पूर्ण जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश (क) एवं (ख) में लाभान्वित हितग्राहियों के स्‍थापित उद्योग/व्‍यवसाय का भौतिक सत्‍यापन करने वाले अधिकारी का नाम/पद/मोबाईल नं. तथा दिनांक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-तीन अनुसार है।

अनुकम्पा नियुक्तियों का निराकरण

[सामान्य प्रशासन]

109. ( क्र. 2604 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                            (क) अनुकम्पा नियुक्तियों के निराकरण हेतु विभाग ने आदेश जारी किये है? यदि हाँ, तो उनकी प्रति देवें। (ख) धार जिले में जिन विभागों में रिक्त पद पड़े है, उन विभागों के आश्रित परिवारों के योग्यता के आधार पर विभाग से NOC के आधार पर अनुकम्पा नियुक्तियां वर्ष 2024 तक दी गई। यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या‍ प्रकरणों में TL लगाया गया? यदि हाँ, तो क्यों लंबित है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। वर्ष 2024 में NOC के आधार पर अन्‍य विभागों के 10 प्रकरणों में से 09 प्रकरणों में अनुकम्‍पा नियुक्तियॉं प्रदान की गई है। अनुकम्‍पा नियुक्ति का 01 प्रकरण शेष है। (ग) जी नहीं।

जनभागीदारी निधि अंतर्गत राशि प्रदाय

[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]

110. ( क्र. 2606 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या उप मुख्‍यमंत्री, योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनभागीदारी निधि‍ अंतर्गत विगत 03 वर्षों में कौन-कौन से जिले को कितनी राशि‍ प्रदाय की गई है? कृपया जिलेवार प्रदाय राशि की जानकारी उपलब्ध करावें तथा यह भी बतायें कि धार जिला अंतर्गत विगत 03 वर्षों से प्रदाय राशि से कौन-कौन से कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई है? कृपया कार्यवार स्वीकृत राशि सहित जानकारी प्रदान करें। (ख) क्या विगत वर्षों से धार जिला अंतर्गत जनभागीदारी निधि अंतर्गत राशि प्रदाय नहीं की गई है? हाँ तो क्या कारण है तथा कब तक राशि प्रदान की जायेगी?

उप मुख्‍यमंत्री, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। धार जिले के लिए विगत 03 वर्षों में जनभागीदारी योजना अंतर्गत कोई कार्य स्वीकृत नहीं किया गया। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जिला धार को जनभागीदारी योजना अंतर्गत वर्ष 2022-23 में राशि रूपये 20.00 लाख का आवंटन पूर्व वर्षों के अपूर्ण कार्यों को पूर्ण कराने के लिए दिया गया। वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में योजना के मार्गदर्शिका अनुसार प्रस्‍ताव प्राप्‍त न होने से आवंटन प्रदाय नहीं किया गया। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

महिलाओं के विरूद्ध अपराधों की जानकारी

[गृह]

111. ( क्र. 2610 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                      (क) वर्ष 2022-23 के वार्षिक प्रतिवेदन में पृष्ठ 20 अनुसार महिलाओं के विरुद्ध वर्ष 2020, 2021 एवं 2022 में (जनवरी से दिसम्बर) क्रमशः 27000, 32664 एवं 33621 अपराध दर्ज हुए हैं, जबकि वर्ष 2023-24 के वार्षिक प्रतिवेदन के पृष्ठ 40 अनुसार वर्ष 2021, 2022 तथा 2023 में क्रमशः 31804, 32891 तथा 32100 अपराध दर्ज हुए। दोनों प्रतिवेदनों में 2021 तथा 2022 के आंकड़ों में 800 से 900 का अंतर क्यों है? (ख) वर्ष 2020 से 2024 तक महिलाओं से बलात्कार, बलात्कार पश्चात हत्या, सामूहिक बलात्कार के कितने-कितने प्रकरण दर्ज हुए? इनसे अजा, अजजा, अपिव तथा सामान्य वर्गवार पीड़िताओं से संबंधित प्रकरणों की संख्या कितनी-कितनी है? (ग) वर्ष 2023 में महिलाओं से बलात्कार के प्रकरणों में धारा 376 में कुल 5374 प्रकरण हुए तथा अनुसूचित जाति तथा जनजाति मिलाकर धारा 376 के 883 प्रकरण हुए, तो क्या सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग की महिलाओं से बलात्कार के 4491 प्रकरण हुए? प्रकरणों की जिलेवार सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग की महिला अनुसार जानकारी भी देवें। (घ) वर्ष 2020 से 2024 तक अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग तथा सामान्य वर्ग की महिलाओं पर अपराध के कितने प्रकरणों पर न्यायालय में फैसले हुए कितनों में दोषसिद्धि हुई तथा कितनों में दोषमुक्त हुए? वर्ग अनुसार प्रतिशत वर्षवार बताएं।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) वर्ष 2022-23 के वार्षिक प्रतिवेदन में पृष्ठ 20 अनुसार महिलाओं के विरुद्ध प्रकरणों की जानकारी 22 अपराध शीर्ष में प्रेषित की गई थी। वर्ष 2023-24 के वार्षिक प्रतिवेदन के पृष्ठ 40 अनुसार महिलाओं के विरुद्ध प्रकरणों की जानकारी 17 अपराध शीर्ष में प्रेषित की गई है। जिसके कारण दोनों प्रतिवेदनों में 2021 तथा 2022 के आंकड़ों में 800 से 900 का अंतर आया है। प्रेषित वार्षिक प्रतिवेदन की छायाप्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांकित बलात्कार के वर्णित अपराधों की जानकारी महिला सुरक्षा शाखा से वर्ष 2023-2024 के वार्षिक प्रतिवेदन में वर्ष 2023 में महिलाओं से बलात्कार के 5374 प्रकरण की जानकारी प्रेषित की गई थी एवं अनुसूचित जाति एवं जनजाति के 883 प्रकरण की जानकारी अजाक शाखा पुलिस मुख्यालय द्वारा वार्षिक प्रतिवेदन माह जनवरी 2024 में प्रेषित की गई थी। जिलों से एकत्रित की गई जानकारी में एक वर्ष से अधिक का अंतराल होने से एवं अपहरण के प्रकरणों में पीड़िता के बरामदगी उपरांत बलात्कार की घटना घटित होना पाये जाने से धारा 376 भादवि के प्रकरणों में वृद्धि हुई है। जिलों से प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "स" अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" में समाहित है।

भर्ती प्रक्रिया की जानकारी

[वाणिज्यिक कर]

112. ( क्र. 2611 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टैक्स असिस्टेंट की भर्ती हेतु अप्रैल 2008 में मंत्री परिषद को भेजी गई संक्षेपिका में टैक्स असिस्टेंट किसी भी भर्ती हेतु किस प्रकार का निर्णय नहीं लिया गया बल्कि लिपिक वर्ग के कार्यरत लिपिकीय अमले को पदोन्नत एवं प्रशिक्षित कर टैक्स असिस्टेंट घोषित किया जाना निर्धारित किया गया तो टैक्स असिस्टेंट की सीधी भर्ती का प्रावधान किस संक्षेपिका में किया गया? (ख) मध्य प्रदेश वाणिज्यिक कर विभाग के अंतर्गत आने वाली लिपिक वर्ग भर्ती नियम मध्यप्रदेश अधीनस्थ कराधान सेवा (तृतीय श्रेणी कार्यपालिक) भर्ती नियम से शासित होने वाले पदों पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम 1961 की सेवा शर्तें लागू होती हैं जबकि मध्यप्रदेश वाणिज्यिक कर विभाग के चार अस्थाई पद ITO, TA, Ap & S Analysts की सेवा शर्तें मध्यप्रदेश गवर्नमेंट सर्वेंट्स (टेम्परेरी एंड क्वासी परमानेंट सर्विस) रूल्स से शासित होती है अलग-अलग सेवा शर्तों (स्थाई-अस्थाई) के पदों को आपस में सम्मिलित करने के पीछे शासन की क्या मंशा है?                     (ग) मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति 2002 जो कि मध्य प्रदेश सिविल सेवा सेवा की सामान्य शर्तें नियम 1961 से शासित होने वाले पदों पर ही लागू होता है अतः अस्थाई पद टैक्स असिस्टेंट (सेवा शर्तें नियम 1960) के उच्च पद प्रभार की प्रक्रिया हेतु किन नियमों का पालन किया जा रहा है?

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) विभाग द्वारा दिनांक 4 अप्रैल, 2008 को विभागीय पुनर्संरचना के संबंध में मंत्रि-परिषद के लिए संक्षेपिका प्रेषित की गई थी। उक्त संक्षेपिका के कंडिका क्रमांक-6 के अनुसार विभागीय पुनर्संरचना प्रतिवेदन संलग्न किया गया थाजानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। उक्त प्रतिवेदन में विभाग में कराधान सहायक का पद सृजित कर नवयुवकों/नवयुवतियों को नियुक्ति दी जाने की प्रस्तावना की गई थी। मंत्रि-परिषद आदेश, आयटम क्रमांक 09 दिनांक 17 अप्रैल, 2008 द्वारा विभागीय संक्षेपिका दिनांक 4 अप्रैल, 2008 के अनुसार पदों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गईजानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। मध्यप्रदेश शासन, वाणिज्यिक कर विभाग, मंत्रालय, भोपाल की अधिसूचना क्रमांक एफ 6 (बी) -11-2008-1-पांच भोपाल, दिनांक 15.12.2008 द्वारा "मध्यप्रदेश वाणिज्यिक कर अधीनस्थ कराधान सेवा (तृतीय श्रेणी कार्यपालिक) भर्ती नियम, 2007" में आवश्यक संशोधन किये जाकर कराधान सहायक के नवीन सृजित पद को सम्मिलित किया गया। उक्त भर्ती नियम में कराधान सहायक के 75 प्रतिशत पद सीधी भर्ती द्वारा एवं 25 प्रतिशत पद लिपिक वर्गीय कर्मचारीवृंद के चयन द्वारा भरे जाने के प्रावधान भी किये गये। (ख) मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा शासकीय सेवकों के स्थायीकरण के संबंध में जारी परिपत्र क्रमांक सी/3-10/93/एक भोपाल, दिनांक 16 मार्च, 1993 की कंडिका 2 में सामान्य प्रशासन विभाग के पूर्व में जारी परिपत्र दिनांक 12-9-86 द्वारा यह भी निर्देशित किया गया है कि भविष्य में नवीन पदों के निर्माण का प्रस्ताव, मध्यप्रदेश वित्तीय संहिता भाग-एक के नियम 73 से 78 तक में वर्णित निर्देशों के अनुसार, उसमें उल्लिखित बिन्दुओं के आधार पर तैयार किया जाकर, वित्त विभाग की स्वीकृति प्राप्त की जाए एवं नवीन पदों का निर्माण स्थायी रूप से ही किया जाए। उपरोक्तानुसार विभाग के लिये आई.टी. ऑपरेटर्स, कराधान सहायक, सहायक प्रोग्रामर्स एवं सिस्टम एनालिस्ट के नवीन पद क्रमशः वर्ष 2005, 2008 एवं 2011 में सृजित हुए हैं। यह सभी पद स्थायी पद हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

समयमान वेतनमान का लाभ दिया जाना

[वित्त]

113. ( क्र. 2615 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में समान वर्ग (सहायक ग्रेड-3) के लिये एक समान द्वितीय व तृतीय समयमान वेतनमान सभी विभागों सहित मध्यप्रदेश के उच्च न्यायालय, मंत्रालय, राजभवन आदि के प्रारंभिक वेतनमान क्या-क्या है? पृथक-पृथक बतायें। वित्त विभाग के मूल आदेश दिनांक 24.01.2008 में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय समयमान वेतनमान का क्या-क्या स्लैब निर्धारित किया गया था?             (ख) क्या वित्त विभाग द्वारा प्रश्‍नांश (क) के उत्तर में वर्णित समयमान वेतनमान का लाभ दिये जाने के पश्चात वित्त विभाग ने अपने मूल आदेश दिनांक 24.01.2008 की किस कंडिका के क्रम में 13.07.2013 को मंत्रालय, 27.09.2014 को राजभवन, जुलाई 2016 को उच्च न्यायालय को देश में कार्यरत सहायक ग्रेड-3 को द्वितीय एवं तृतीय समयमान वेतनमान संशोधित किया गया है?                     (ग) प्रदेश में समान वर्ग के सहायक ग्रेड-3 कर्मचारियों के द्वितीय एवं तृतीय समयमान वेतनमान में भिन्नता है? यदि हाँ, तो ऐसा क्यों? कारण बतावें। (घ) क्या शासन समान वर्ग के सहायक ग्रेड-3 के लिये एक समान द्वितीय एवं तृतीय समयमान वेतनमान लागू करने हेतु वेतनमान में भिन्नता दूर करने के लिये कर्मचारियों के हित में कार्यवाही प्रचलित है? यदि हाँ, तो कब तक? समय-सीमा बतावें।

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) सभी विभागों सहित म.प्र. उच्‍च न्‍यायालय, मंत्रालय, राजभवन में कार्यरत सहायक ग्रेड-3 का प्रारंभिक वेतनमान छठवें वेतनमान अनुसार 5200-20200+1900 ग्रेड-पे है। वित्‍त विभाग के मूल आदेश 24 जनवरी, 2008 में प्रथम एवं द्वितीय समयमान का प्रावधान वेतन पुनरीक्षण नियम, 2009 के आधार पर निम्‍नानुसार है:- प्रारंभिक वेतनमान 5200-20200+1900, प्रथम समयमान वेतनमान 5200-20200+2400, द्वितीय समयमान वेतनमान 5200-20200+2800 शासन द्वारा लिये गये नीतिगत निर्णय के अनुसार म.प्र. उच्‍च न्‍यायालय, मंत्रालय, राजभवन में कार्यरत सहायक ग्रेड-3 को प्रथम एवं द्वितीय समयमान वेतनमान का प्रावधान निम्‍नानुसार है:- प्रारंभिक वेतनमान 5200-20200+1900, प्रथम समयमान वेतनमान 5200-20200+2400, द्वितीय समयमान वेतनमान 9300-34800+3600 तृतीय समयमान के संबंध में प्रावधान वित्‍त विभाग के परिपत्र दिनांक 24.01.2008 में न होकर दिनांक 30.09.2014 में है, जिसके अनुसार सहायक ग्रेड-3 के कार्मिकों को 30 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर दिनांक 01.07.2014 से 9300-34800+3200 स्‍वीकृत है। म.प्र.उच्‍च न्‍यायालय, मंत्रालय, राजभवन में कार्यरत सहायक ग्रेड-3 को तृतीय समयमान 9300-34800+4200 स्‍वीकृत है। (ख) जी नहीं। राज्‍य शासन के नीतिगत निर्णय के आधार पर स्‍वीकृत है। (ग) राज्‍य शासन के नीतिगत निर्णय है। (घ) वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

लिपिक वर्ग भर्ती एवं नियम

[वाणिज्यिक कर]

114. ( क्र. 2617 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टैक्स असिस्टेंट (TA) के भर्ती हेतु अप्रैल 2008 में मंत्रि‍ परिषद को भेजी गयी संक्षेपिका में टैक्स असिस्टेंट की सीधी भर्ती हेतु किसी प्रकार का निर्णय नहीं लिया गया, बल्कि लिपिक वर्ग के कार्यरत लिपिकीय अमले को पदोन्नत एवं प्रशिक्षित कर टैक्स असिस्टेंट घोषित किया जाना निर्धारित किया गया था, तो फिर टैक्स असिस्टेंट की सीधी भर्ती का प्रावधान किस संक्षेपिका में किया गया? (ख) मध्यप्रदेश वाणिज्यिक कर विभाग के अंतर्गत आने वाले लिपिक वर्ग भर्ती नियम, म.प्र. अधीनस्थ कराधान सेवा (तृतीय श्रेणी कार्यपालिक) भर्ती नियम से शासित होने वाले पदों पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (सेवा की सामान्य शर्तें) नियम 1961 की सेवा शर्तें लागू होती है, जबकि मध्यप्रदेश वाणिज्यिक कर विभाग के चार अस्थाई पद ITO,TA, AP&S. Analysts की सेवा शर्तें मध्यप्रदेश गवर्नमेंट सर्वेंट्स (टेम्पोररी एंड क्वासी परमामेंट सर्विस) रूल्स से शासित होती है। अलग-अलग सेवा शर्तों (स्थाई-अस्थाई) के पदों को आपस में सम्मिलित करने के पीछे शासन की क्या मंशा है? (ग) मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति‍ 2002, जो कि मध्यप्रदेश सिविल सेवा (सेवा की सामान्य शर्तें) नियम 1961 से शासित होने वाले पदों पर ही लागू होता है। अतः अस्थाई पद टैक्स असिस्टेंट (सेवा शर्तें नियम 1960) के लिए उच्च पद प्रभार की प्रक्रिया हेतु किन नियमों का पालन किया जा रहा है?

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) विभाग द्वारा दिनांक 4 अप्रैल, 2008 को विभागीय पुनर्संरचना के संबंध में मंत्रि-परिषद के लिए संक्षेपिका प्रेषित की गई थी। उक्त संक्षेपिका के कंडिका क्रमांक-6 के अनुसार विभागीय पुनर्संरचना प्रतिवेदन संलग्न किया गया थाजानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। उक्त प्रतिवेदन में विभाग में कराधान सहायक का पद सृजित कर नवयुवकों/नवयुवतियों को नियुक्ति दी जाने की प्रस्तावना की गई थी। मंत्रि-परिषद आदेश, आयटम क्रमांक 09 दिनांक 17 अप्रैल 2008 द्वारा विभागीय संक्षेपिका दिनांक 4 अप्रैल 2008 के अनुसार पदों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गईजानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। मध्यप्रदेश शासन, वाणिज्यिक कर विभाग, मंत्रालय, भोपाल की अधिसूचना क्रमांक एफ 6 (बी) -11-2008-1-पांच भोपाल, दिनांक 15.12.2008 द्वारा "मध्यप्रदेश वाणिज्यिक कर अधीनस्थ कराधान सेवा (तृतीय श्रेणी कार्यपालिक) भर्ती नियम, 2007" में आवश्यक संशोधन किये जाकर कराधान सहायक के नवीन सृजित पद को सम्मिलित किया गया। उक्त भर्ती नियम में कराधान सहायक के 75 प्रतिशत पद सीधी भर्ती द्वारा एवं 25 प्रतिशत पद लिपिक वर्गीय कर्मचारीवृंद के चयन द्वारा भरे जाने के प्रावधान भी किये गये। (ख) मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा शासकीय सेवकों के स्थायीकरण के संबंध में जारी परिपत्र क्रमांक सी/3-10/93/एक भोपाल, दिनांक 16 मार्च, 1993 की कंडिका 2 में सामान्य प्रशासन विभाग के पूर्व में जारी परिपत्र दिनांक 12-9-86 द्वारा यह भी निर्देशित किया गया है कि भविष्य में नवीन पदों के निर्माण का प्रस्ताव, मध्यप्रदेश वित्तीय संहिता भाग-एक के नियम 73 से 78 तक में वर्णित निर्देशों के अनुसार, उसमें उल्लिखित बिन्दुओं के आधार पर तैयार किया जाकर, वित्त विभाग की स्वीकृति प्राप्त की जाए एवं नवीन पदों का निर्माण स्थायी रूप से ही किया जाए। उपरोक्तानुसार विभाग के लिये आई.टी. ऑपरेटर्स, कराधान सहायक, सहायक प्रोग्रामर्स एवं सिस्टम एनालिस्ट के नवीन पद क्रमशः वर्ष 2005, 2008 एवं 2011 में सृजित हुए हैं। यह सभी पद स्थायी पद हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

विकास कार्यों हेतु आवंटित राशि एवं कार्यों की जानकारी

[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]

115. ( क्र. 2618 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या उप मुख्‍यमंत्री, योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा संभाग अंतर्गत वित्‍तीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 के दौरान (विधायक निधि को छोड़कर) अन्‍य मदों से किस-किस विधानसभा क्षेत्र को कहां-कहां के क्‍या-क्‍या विकास कार्य करने हेतु कितनी-कितनी राशि का आवंटन हुआ? विधानसभा क्षेत्रवार/राशिवार कार्यवार/जानकारी दें। नेता प्रतिपक्ष ने हाल में ही अभी मुख्‍यमंत्री जी को ज्ञापन सौंपा है?                           (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित समयानुसार किस-किस विधानसभा क्षेत्रों से मुख्‍यमंत्री कार्यालय/अन्‍य कार्यालयों ने विधायकों को पत्र लिखकर किस प्रकार के फॉर्मेट साथ में भेजकर विकास कार्यों के प्रस्‍ताव मंगाये थे? सभी लिखे पत्रों की विधानसभावार जानकारी दें? किन-किन विधानसभा के किस नाम के विधायकों को पत्र नहीं लिखे गये उसकी सूची दें? (ग) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित समयानुसार किस-किस विधानसभा में न प्रस्‍ताव मंगाये और न ही राशि का आवंटन किया, की सूची दें?                (घ) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित आवंटित राशि से क्‍या-क्‍या कार्य प्रश्‍नतिथि तक संपन्‍न कितने प्रतिशत हो चुके हैं? का विवरण विधानसभावार/कार्यवार उपलब्‍ध करायें?

उप मुख्‍यमंत्री, योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मदिरा का अवैध विक्रय

[वाणिज्यिक कर]

116. ( क्र. 2621 ) श्री धीरेन्द्र बहादुर सिंह : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम-1915 के तहत वर्तमान में विभाग के क्या नियम/नीति हैं? इन नियमों/नीति के पालन की ज़िम्मेदारी किन-किन की होती हैं और आबकारी विभाग के किस पदनाम के शासकीय सेवकों द्वारा मदिरा दुकानों का किस प्रकार और कब-कब निरीक्षण किए जाने के नियम/नीति हैं? (ख) कटनी जिले में राष्ट्रीय/राज्य राजमार्ग पर कितनी और किन-किन स्थानों पर वर्ष 2022-23 से वर्तमान में शासकीय मदिरा दुकान संचालित हैं? इन दुकानों की स्थापना के उपरांत किस नाम/पदनाम के शासकीय सेवकों द्वारा कब-कब निरीक्षण किया गया? निरीक्षण पुस्तिका में क्या-क्या टीप दर्ज की? क्या प्रतिवेदन दिये गए? दुकान/वर्षवार बताइये।                             (ग) क्या कटनी जिले के राष्ट्रीय/राज्य राजमार्गों पर स्थापित शासकीय मदिरा दुकाने प्रश्‍नांश (क) की नीति/नियमानुसार संचालित हो रही हैं? हाँ, तो कैसे? नहीं तो संबंधित शासकीय सेवकों के नियमित निरीक्षण करने के बाद भी म.प्र. राजपत्र दिनांक 31/03/2018 से लागू संशोधन का उल्लंघन कर शासकीय मदिरा दुकानें कैसे संचालित हैं? (घ) कटनी जिले में अवैध मदिरा विक्रय की शिकायत जनवरी 2024 से प्रश्‍न दिनांक तक विभाग, जिला प्रशासन, जिला पुलिस एवं विभाग के जिला कार्यालय को कब-कब प्राप्त हुई? प्राप्त शिकायतों पर क्या-क्या कार्यवाही कब-कब हुई? शिकायतवार बताइये और बताइये जिला मुख्यालय सहित सम्पूर्ण जिले में अवैध मदिरा विक्रय की जनप्रतिनिधियों की शिकायतों के बाद भी अवैध शराब का खुलेआम विक्रय होने पर क्या कार्यवाही की जायेगी?

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम-1915 के तहत प्रावधानित धाराओं के अंतर्गत तथा सामान्‍य प्रयोग के नियमों के अंतर्गत विभाग के नियम एवं नीति हैं जिसके पालन कराने की जिम्‍मेदारी मध्‍यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 7 में उल्‍लेखित अधिकारियों एवं शासकीय सेवकों की है। शासकीय सेवकों द्वारा मदिरा दुकानों का निरीक्षण अनुमोदित रोस्‍टर अनुसार किये जाने के नियम एवं नीति है। (ख) आबकारी विभाग कटनी अंतर्गत वर्ष 2024-25 की अवधि में 04 कम्‍पोजिट मदिरा दुकानें नियमानुसार संचालित नहीं थीं जिन पर आबकारी उप निरीक्षक द्वारा विधिवत प्रकरण कायम कर शास्ति अधिरोपण सहित दुकानों का शासन निर्देशानुसार नियत दूरी पर स्‍थानांतरित कराया गया है। वर्तमान में कटनी जिले में राज्‍य राजमार्ग से सामान्‍य प्रयोग के नियमों के अनुरूप निर्धारित दूरी पर संचालित है। (ग) जी हाँ। आबकारी विभाग, कटनी अंतर्गत वर्तमान में संचालित समस्‍त कम्‍पोजिट मदिरा दुकानें मध्‍यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 एवं मध्‍यप्रदेश राजपत्र दिनांक 31.03.2018 से लागू संशोधन अनुसार जिले में संचालित समस्‍त मदिरा दुकानें राष्‍ट्रीय/राज्‍य राजमार्ग से सामान्‍य प्रयोग के नियमों के अनुरूप निर्धारित दूरी पर संचालित है। (घ) आबकारी विभाग, कटनी अंतर्गत अवैध मदिरा विक्रय हेतु माह जनवरी 2024 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल 55 शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं जिन पर विधिवत नियमानुसार कार्यवाही की गई है। उपरोक्‍त शिकायतों सहित अवैध मदिरा विक्रय, संग्रहण की प्राप्‍त शिकायतों पर मध्‍यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 के प्रावधानों के तहत कुल 1904 आपराधिक प्रकरण दर्ज किये गये हैं जिसमें मादक पदार्थ हाथ भटठी शराब 3833 लीटर, महुआ लाहन 100757 किलोग्राम देशी मदिरा 1072.93 बल्‍क लीटर, बीयर 1.3 बल्‍क लीटर, विदेशी मदिरा 23.71 बल्‍क लीटर जप्‍त किये गये। प्राप्‍त 55 शिकायतें एवं की गई कार्यवाहियों की छायाप्रतियां जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। समय-समय पर जनप्रतिनिधियों द्वारा प्राप्‍त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाता है।

कटनी जिले में संचालित खनिपट्टे

[खनिज साधन]

117. ( क्र. 2622 ) श्री धीरेन्द्र बहादुर सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                        (क) वर्ष 2022-2023 से प्रश्‍न दिवस तक क्या कटनी जिले में संचालित खनिपट्टों की समयावधि में विस्तार किया गया? हाँ, तो किन-किन स्थानों पर संचालित किस-किस खनिज के किन-किन खनिपट्टों में? विस्तारित अवधि का पूरक अनुबंध किस नाम/पदनाम के अधिकारी द्वारा किस-किस प्रस्ताव पर कब-कब किया गया? विस्तारित खनिपट्टों की मूलावधि क्या थी? क्या विस्तारित अवधि के खनिपट्टों को लेकर विभाग/जिला प्रशासन को शिकायते प्राप्त हैं? हाँ, तो शिकायतवार की गयी कार्यवाही से अवगत कराएं। (ख) क्या आदिवासी भू-स्वामी की भूमि पर खनिपट्टे संचालित हैं? हाँ, तो प्रश्‍नांकित अवधि में किस-किस आदिवासी भू-स्वामी की कितनी-कितनी भूमि पर किस-किस खनिज का खनिपट्टा किस-किस स्थान पर कब से संचालित हैं? क्या डोलोमाइट खनिज के खनिपट्टों का संचालन जिले से बाहर के व्यक्ति द्वारा किया जा रहा हैं? हाँ, तो किस स्थान पर संचालित किस खनि पट्टे का? (ग) कटनी जिले में विगत-01 वर्ष में किन-किन स्थानों पर किस-किस खनिज का अवैध उत्खनन होना पाया गया? किस-किसके विरुद्ध किन-किन शासकीय सेवकों द्वारा क्या-क्या कार्यवाही कब-कब की गयी और जिला मुख्यालय में ही अवैध खनन की लगातार प्राप्त शिकायतों को दृष्टिगत कर अवैध उत्खनन रोकने के लिए क्या कार्यवाही की जा रही हैं?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। वर्ष 2022-23 से प्रश्‍न दिनांक तक कटनी जिले में संचालित खनिपट्टों का समयावधि में विस्‍तारित खनिपट्टों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट-¨¨ अनुसार है। विस्‍तारित खनिपट्टों को लेकर कोई शिकायत संज्ञान में नहीं आई है। (ख) जी हाँ। विस्‍तारित किये गये खनिपट्टों में से आदिवासी भूमि स्‍वामि‍यों की भूमि सम्मिलित हैजानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट-"ब" अनुसार है। विस्‍तारित किये गये खनिपट्टों में से पट्टाधारी मेंसर्स महागुड अर्थ मिनरल्‍स एल.एल.पी. पता-डी.एस. आर. फॉर्चुन प्राईम, गेट नंबर 705, बी-ब्‍लॉक, विठ्ठल राव नगर, माधवपुर, रंगारेड्डी (तेलांगाना) जिले से बाहर के व्यक्ति द्वारा जिला-कटनी तहसील-बड़वारा के ग्राम-सलैया के रकवा 3.96 हेक्‍टेयर क्षेत्र पर खनिज डोलोमाईट हेतु स्‍वीकृत/हस्‍तांतरित खनि रियायत का संचालन किया जा रहा है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट-"स" पर है। जिला मुख्यालय में ही अवैध खनन की प्राप्‍त शिकायतों पर जिला स्‍तर पर गठित टास्‍क फोर्स एवं विभागीय अमले द्वारा निरंतर कार्यवाही की जा रही है।

परिशिष्ट - "छप्‍पन"

पुलिस कर्मियों की पदस्थापना

[गृह]

118. ( क्र. 2624 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                 (क) सौंसर विधानसभा अंतर्गत कौन-कौन से पुलिस थाने हैं? (ख) उपरोक्त पुलिस थानों में कौन-कौन से पद स्वीकृत हैं? इनमें से कौन-कौन से पद रिक्त हैं? (ग) थानावार जानकारी उपलब्ध कराई जाये तथा जो पद रिक्त हैं वे कब तक भरे जाएंगे?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) सौंसर विधानसभा अंतर्गत पुलिस थाना सौंसर, लोधीखेडा एवं थाना मोहगांव आते है। (ख) पुलिस थानों में स्वीकृत, उपलब्ध एवं रिक्त पदों की पदवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) थानावार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। पद रिक्त होना तथा उनकी पूर्ति एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। प्रदेश स्तर पर आरक्षक के 7500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रचलन में है। शेष रिक्त अन्य वर्ग के पदों पर पात्रतानुसार उच्च पद का (कार्यवाहक) प्रभार देने की कार्यवाही समय-समय पर की जा रही है।

परिशिष्ट - "सत्‍तावन"

जन सेवा मित्रों की नियुक्ति

[लोक सेवा प्रबन्धन]

119. ( क्र. 2625 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                (क) क्या सरकार द्वारा प्रदेश में सभी विकासखण्‍डों में नियुक्त जनसेवा मित्रों की सेवाएं समाप्त कर दी है? (ख) यदि हाँ, तो प्रदेश में कुल कितने जनसेवा मित्र नियुक्त किए गए थे? (ग) उपरोक्त जनसेवा मित्रों ने कब से कब तक कितनी अवधि के लिए काम किया और उन्हें कब बर्खास्त किया गया? इन्हें बर्खास्त करने का क्या कारण है? (घ) क्या इन जनसेवा मित्रों को फिर से नियुक्ति दी जाएगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी नहीं। (ख) मुख्‍यमंत्री यूथ इंटर्नशिप फॉर प्रोफेशनल डेव्‍लपमेंट प्रोग्राम’ (CMYIPDP) के अंतर्गत माह फरवरी 2023 में 4695 इन्‍टर्न (जन सेवा मित्र) चयनित किए गए। (ग) बूट कैंप – 1 (दिनांक 04/02/2023) में की गई माननीय मुख्‍यमंत्री जी की घोषणा के अनुसार, कार्य के मूल्‍यांकन उपरांत पात्र पाए गए इन्‍हीं जन सेवा मित्रों की इंटर्नशिप अवधि आगामी 6 माह (दिनांक 04/08/2023 से दिनांक 31/01/2024) के लिए बढ़ाया गया। माह अगस्‍त 2023 में 4695 नवीन इन्‍टर्न (जन सेवा मित्र) की नियुक्ति की गयी जिनकी इंटर्नशिप अवधि माह अगस्‍त 2023 से जनवरी 2024 तक थी। जन सेवा मित्रों को बर्खास्‍त नहीं किया गया है, 6 माह की अवधि जनवरी 2024 में पूर्ण होने पर इंटर्नशिप अवधि स्‍वत: समाप्‍त हो गयी है। चूँकि इन्‍हें बर्खास्‍त नहीं किया गया है अत: बर्खास्‍त करने के कारण से संबंधी प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है। (घ) मुख्‍यमंत्री यूथ इंटर्नशिप फॉर प्रोफेशनल डेव्‍लपमेंट प्रोग्राम’ (CMYIPDP) की शर्तों के तहत नियुक्‍त इन्‍टर्न को 6 माह तक के लिए इंटर्नशिप प्रदान की गयी थी।

खनिज भूमि एवं पर्यावरण अनुमति की जानकारी

[खनिज साधन]

120. ( क्र. 2628 ) श्री संजय उइके : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                      (क) बालाघाट जिले में वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक किस-किस स्थान में कौन-कौन से खनिज कब-कब, किन-किन को राजस्व भूमि एवं किन-किन को वन भूमि में कितना-कितना रकबा आवंटित किया गया है? (ख) सरकार द्वारा वन भूमि में आवंटित खनिज ब्लॉको की पर्यावरण स्वीकृति के पूर्व किन-किन ग्राम सभा में अनुसूचित जन-जाति और अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकरों की मान्यता) अधिनियम 2006 नियम 2008 संशोधित नियम 2012 के अनुसार मान्यता दावा की कार्यवाही पूर्ण की गई? (ग) क्या खनिज ब्लॉकों के आवंटन के पूर्व पर्यावरण स्वीकृति हेतु ग्राम सभा या वनाधिकार समिति से अनापत्ति प्रमाण-पत्र/सहमति पत्र लिया गया? हाँ तो किन-किन ग्राम सभा/वनाधिकार समिति से लिया गया? (घ) वन भूमि में आवंटित खनिज ब्लॉकों के पर्यावरण स्वीकृति के पूर्व ग्राम सभा से अनापत्ति प्रमाण-पत्र/सहमति प्रमाण-पत्र लिया जाना आवश्यक है या वनाधिकार समिति से लिया जाना आवश्यक है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) बालाघाट जिले में वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल 12 मुख्‍य खनिज के ब्‍लॉकों को नीलाम किया गया है एवं 31 गौण खनिज के 03 ब्‍लॉक को ई-टेण्‍डर से आवंटित ब्‍लॉक के अधिमानी बोलीदार एवं भूमि वर्गीकरण की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट-"अ" एवं  "ब" पर है। (ख) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

परिशिष्ट - "अट्ठावन"

अनुसूचित जाति, जनजाति योजनाओं में आवंटन

[विज्ञान और प्रौद्योगिकी]

121. ( क्र. 2629 ) श्री संजय उइके : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग को सामाजिक आर्थिक क्षेत्रों की योजनाओं अन्तर्गत अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने हेतु पृथक प्रावधान योजना (सब स्कीम) के रूप में योजनावार बजट आंवटन प्राप्त होता है? (ख) यदि हाँ, तो वित्तीय वर्ष 2022-23 से प्रश्‍न दिनांक तक किस-किस योजना में कितनी-कितनी राशि कब-कब आवंटित किया गया?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) विभाग अधीनस्‍थ मध्‍य प्रदेश इलेक्‍ट्रानिक्‍स विकास निगम से संबंधित जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'अनुसार है तथा मध्‍य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद से संबंधित जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'अनुसार है।

परिशिष्ट - "उनसठ"

रिक्त शासकीय पदों की पूर्ति

[सामान्य प्रशासन]

122. ( क्र. 2634 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2003 से प्रश्‍न दिनांक तक म.प्र. के शासकीय विभागों में कितने पद रिक्त हैं? विभागवार जानकारी दें। (ख) म.प्र. में वर्ष 2003 से प्रश्‍न दिनांक तक इन रिक्त पदों की पूर्ति के लिए कोई परीक्षाएं कराई गई है, अगर हाँ तो विभागवार आयोजित परीक्षाओं की वर्षवार जानकारी दें?                       (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार रिक्तियों की पूर्ति के लिए आयोजित परीक्षाओं में अभ्यर्थियों से कोई फीस ली गई है, अगर हाँ तो विभागवार कितनी राशि प्राप्त हुई? (घ) क्या वर्ष 2003 से प्रश्‍न दिनांक तक पटवारी भर्ती परीक्षा और अन्य कोई परीक्षाएं रद्द की गई है, अगर हाँ तो कारण? क्या दोषियों पर कोई कार्यवाही की गई? (ड.) चयन परीक्षाओं के लिए अभ्यर्थियों से प्राप्त आवेदन शुल्क का सरकार द्वारा किन कार्यों पर उपयोग किया जाता है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

कर्मवीर योद्धा पदक प्रदान किया जाना

[गृह]

123. ( क्र. 2635 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कोरोना काल के दौरान ड्यूटी करने वाले पुलिस विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कर्मवीर योद्धा पदक प्रदान किये गये हैं, अगर हाँ तो जिलेवार जानकारी देवें? (ख) क्या कोरोना काल के दौरान मैदानी और मुख्यालय पर कर्तव्य पर उपस्थित रहे सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कर्मवीर योद्धा पदक प्रदान किये गये हैं, अगर नहीं तो क्यों नहीं? कारण बताएं।           (ग) क्या कोरोना काल के दौरान मैदानी और मुख्यालय पर कर्तव्य पर उपस्थित होने के बाद भी पदक नहीं मिलने पर अधिकारियों और कर्मचारियों ने कर्मवीर योद्धा पदक प्राप्त करने के लिए आवेदन प्रस्तुत किये हैं? अगर हाँ तो आवेदन प्रस्तुत करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों की सूची उपलब्ध करावें?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) समस्त पुलिस इकाइयों द्वारा अनुशंसित अधिकारियों/कर्मचारियों की प्रेषित अनुशंसाओं को कर्मवीर योद्धा पदक प्रदान किये जाने हेतु गठित समिति द्वारा परीक्षण उपरांत कर्मवीर योद्धा पदक प्रदान किए गए है। (ग) पुलिस इकाइयों से प्राप्त अनुशंसाओं के आधार पर कर्मवीर योद्धा पदक वर्ष 2020 के लिए दिनांक 12.08.2021 को आदेश जारी किये गये। आदेश जारी होने के उपरांत प्राप्त आवेदनों की सूची जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है।

नर्मदा सिंचाई परियोजना का लाभ

[नर्मदा घाटी विकास]

124. ( क्र. 2638 ) श्री मोंटू सोलंकी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                    (क) विधानसभा सेंधवा क्षेत्र में माह जनवरी 2025 में नर्मदा उद्वहन सिंचाई परियोजना का उदघाटन किया गया, किन्तु उक्त परियोजना की सूची अनुसार इसमें सेंधवा विधानसभा में मात्र 67 ग्राम लाभाविन्त हो रहे है, जबकी यहां कुल 154 ग्राम है ऐसे में शेष रहे 87 ग्रामों को नर्मदा उद्वहन सिंचाई परियोजना का लाभ कब तक दिया जावेगा? (ख) विधानसभा सेंधवा क्षेत्र में 87 ग्रामों में नर्मदा सिंचाई परियोजना लाभ नहीं देने का क्या कारण है तथा विधानसभा सेंधवा अन्तर्गत नर्मदा उद्वहन सिंचाई परियोजना में सम्मिलित एवं शेष रहे ग्रामों की सूची उपलब्ध करावें। (ग) क्या नर्मदा उद्वहन सिंचाई परियोजना में सेंधवा विधानसभा अन्तर्गत प्रभावित ग्रामों में कितने कृषकों की कृषि भूमि‍ का नुकसान होगा तथा इसके लिए क्या कृषकों को किसी प्रकार का मुआवजा देने का प्रावधान है यदि‍ हाँ तो कितना?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) शेष बचे ग्रामों हेतु वर्तमान में कोई परियोजना प्रस्तावित नहीं है। (ख) सेंधवा माईक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना की विस्‍तृत परियोजना प्रतिवेदन में केवल 67 ग्रामों को शामिल किया गया है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट-‘’'' एवं ‘’'' अनुसार है। (ग) वर्तमान में परियोजना का प्रश्‍नाधीन कार्य प्रक्रियारत है अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "साठ"

समग्र आई.डी. की समस्याओं का निराकरण

[विज्ञान और प्रौद्योगिकी]

125. ( क्र. 2639 ) श्री मोंटू सोलंकी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या समग्र आई.डी. में नाम जोड़ने के लिए अविवाहित पुरूष/महिला को विवाहित के रूप में परिवर्तन करने के लिए विवाह पत्रिका अथवा विवाह के समय का फोटो अनिवार्य है? यदि‍ हाँ, तो विभाग द्वारा यह नियम कब से लागू किया गया है? (ख) आदिवासी बहुल जिलों में विवाह रिवाज अलग है, ऐसी स्थिति में कई परिवारों में विवाह के समय पत्रिका नहीं छपवाई जाती है। क्या ऐसे व्यक्तियों को समग्र आई.डी. में विवाह की स्थिति परिवर्तन नहीं हो पावेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में चूंकि विवाह पत्रिका अनिवार्य नहीं है। अतएव, विवाह पत्रिका के बिना, निर्धारित प्रक्रिया अनुसार समग्र आई.डी. में वैवाहिक स्थिति को परिवर्तित किया जा सकता है।

पुलिस हाउसिंग बोर्ड के कार्य

[गृह]

126. ( क्र. 2640 ) डॉ. विक्रांत भूरिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                     (क) विभाग की एजेंसी ने झाबुआ, अलीराजपुर, रतलाम जिलों में वर्ष 2019 से 2025 तक कितने निर्माण कार्य पूर्ण करे, कितने निर्माण जारी है और कितने अपूर्ण है? संपूर्ण जानकारी बजट, लागत के साथ दी जाए। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदार, फर्म की जानकारी भी दी जाए।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "इकसठ"

खदानों के संचालन से प्राप्त राजस्व और भूमि अधिग्रहण

[खनिज साधन]

127. ( क्र. 2642 ) डॉ. विक्रांत भूरिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                  (क) प्रदेश में मेजर मिनरल की जो भी खदान वर्ष 2021 से 2025 तक विज्ञप्ति और टेंडर कि गयी थी, उसकी विस्तृत जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में वर्तमान में कितनी खदानों के द्वारा भूमि अधिग्रहण करा जा रहा है और किस दर पर प्रति बीघा/एकड़ मुआवजा दिया जा रहा है? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में सरकार को कितने राजस्व की प्राप्ति इन खदानों की नीलामी से प्राप्त हुई और इनके संचालन से प्रतिवर्ष प्राप्त हो रही है। प्रति खदान, प्रतिवर्ष समस्त प्रदेश की खदानों की विस्तृत जानकारी दी जाए।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रदेश में विभाग द्वारा वर्ष 2021 से 2025 तक मुख्‍य खनिज के खनिज ब्‍लॉक नीलामी हेतु जारी निविदा आमंत्रण सूचना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ पर है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में विभाग द्वारा जारी निविदा आमंत्रण सूचना वर्ष 2021 से 2025 में कुल 77 मुख्‍य खनिज के ब्‍लॉक नीलाम किये गये हैं, जिनके अद्यतन स्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब पर है। नीलाम किये गये 77 खनिज के ब्‍लॉकों में भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही विभाग द्वारा नहीं की जाती है। खनि रियायत नियम 2016 के नियम 52 के अंतर्गत खनन हेतु भूमि उपयोग के संबंध में मुआवजा दिये जाने के प्रावधान दिये गये हैं।                     (ग) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में नीलाम किये गये 77 खनिज के ब्‍लॉकों में उत्‍पादन नहीं किया जा रहा है। अधिमानी बोलीदार द्वारा अनापत्ति प्राप्‍त किये जाने की कार्यवाही प्रचलन में है। शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

जनसेवा मित्र की नियुक्ति

[लोक सेवा प्रबन्धन]

128. ( क्र. 2644 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुख्यमंत्री यूथ इंटर्नशिप फॉर प्रोफेशनल डेवलपमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत मुख्यमंत्री जनसेवा मित्र की नियुक्ति दी गई थी यदि हां तो इनकी नियुक्ति कब तक के लिए थी? शासन द्वारा नियुक्त जनसेवा मित्रों की जिलेवार सूची प्रदान करें। (ख) 4 अगस्त, 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री जी द्वारा पुलिस ग्राउण्ड नेहरू नगर भोपाल में मुख्यमंत्री युवा इंटर्न कार्यक्रम के तहत इन्हें स्थायी करने की द्योषणा की गई थी द्योषणा क्रमांक एवं द्योषणा पर की गई कार्यवाही के समस्त दस्तावेज की प्रति उपलब्ध करावें। (ग) क्या इन सेवा मित्रों को 12 माह की नियुक्ति के बाद हटाया गया यदि हां तो इन्हें जिस कार्य उद्देश्य से नियुक्ति दी गई थी उस कार्य का लक्ष्य शत प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है? (घ) क्या जन सेवा मित्रों को अटल ग्रामीण सेवा सदन व स्वामी विवेकानन्द युवा संसाधन केन्द्र में नियुक्ति में प्राथमिकता प्रदान की जाएगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ, मुख्यमंत्री यूथ इंटर्नशिप फॉर प्रोफेशनल डेव्लपमेंट प्रोग्राम (CMYIPDP) के अंतर्गत माह फरवरी 2023 चयनित 4695 इन्टर्न (जन सेवा मित्र) की कार्य अवधि दिनांक 04/02/2023 से दिनांक 03/08/2023 तक थी। बूट कैंप-I (दिनांक 04/02/2023) में की गई माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा के अनुसार, कार्य के मूल्यांकन उपरांत पात्र पाए गए इन्हीं जन सेवा मित्रों की इंटर्नशिप अवधि आगामी 6 माह (दिनांक 04/08/2023 से दिनांक 31/01/2024) के लिए बढ़ाया गया। माह अगस्त 2023 में 4695 नवीन इन्टर्न (जन सेवा मित्र) की नियुक्ति की गयी जिनकी इंटर्नशिप अवधि माह अगस्त 2023 से जनवरी 2024 तक था। माह फरवरी 2023 व माह अगस्त 2023 में नियुक्त इन्टर्न (जन सेवा मित्रों) की जिलेवार (कुल जिले 52) सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। कार्यालयीन अभिलेख अनुसार प्रश्‍नांकित तिथि को उक्‍त स्‍वरूप की घोषणा दर्ज होना नहीं पाई गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रोग्राम की शर्तों के तहत नियुक्त इन्टर्न को 6 माह तक के लिए इंटर्नशिप प्रदान की गयी। माह फरवरी 2023 में चयनित 4695 इन्टर्न (जन सेवा मित्र) की कार्य अवधि दिनांक 04/02/2023 से दिनांक 03/08/2023 तक थी। बूट कैंप-I (दिनांक 04/02/2023) में की गई माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा के अनुसार, कार्य के मूल्यांकन उपरांत पात्र पाए गए जन सेवा मित्रों का कार्यकाल आगामी 6 माह के लिए बढ़ाया गया। इसी के साथ माह अगस्त 2023 में प्रोग्राम अंतर्गत 4695 नवीन इन्टर्न की नियुक्ति भी 6 माह के लिए की गई। इनकी कार्य अवधि जनवरी 2024 को समाप्त हुई है। 6 माह की अवधि पूर्ण होने पर इंटर्नशिप अवधि स्वतः समाप्त हो गयी है। चूँकि इन्हें हटाया नहीं गया है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) विभाग से संबंधित नहीं हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिए बर्तन का क्रय

[महिला एवं बाल विकास]

129. ( क्र. 2645 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या जिला सिंगरौली के आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिये वर्ष 2024-25 में बर्तन क्रय किए गए थे यदि हाँ, तो कितनी-कितनी राशि के कौन-कौन से बर्तन क्रय किए जाकर सप्लाय किये जाने वाली किस-किस फर्म को कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया गया? (ख) उपरोक्त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्य में क्या उपरोक्त बर्तन आई.एस.आई. मार्क के न होकर निम्न गुणवत्ता के खुले बाजार से कई गुना अधिक दरों पर जेम से क्रय किए जाकर बडे़ स्तर पर आर्थिक भ्रष्टाचार किया गया है एवं इस संबंध में विभागीय मंत्री महोदया द्वारा जांच के आदेश भी दिए गए है। (ग) यदि हाँ, तो जांच किस स्तर के अधिकारी से कराई गई एवं क्या जांच प्रतिवेदन प्राप्त हो गया है एवं जांच निष्कर्षों के आधार पर संबंधित दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई यदि नहीं, तो क्यों?                          (घ) उपरोक्त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍नांकित अवधि में इन्दौर संभाग के किन-किन जिलों में किस-किस आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिये कौन-कौन से बर्तन कितनी-कितनी राशि के किस-किस फर्म से क्रय किए गए एवं इस हेतु कि कितनी-कितनी राशि का भुगतान किस-किस फर्म को किया गया? (ड.) उक्त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्य में क्या आंगनवाड़ी केन्द्रों को प्रदाय किए गए बर्तन निम्न गुणवत्ता के खुले बाजार से कई गुना अधिक दर पर जेम पोर्टल के माध्यम से क्रय किए जाकर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई है यदि हाँ, तो क्या जेम पोर्टल से शासकीय खरीदी बंद की जाएगी, यदि नहीं, तो क्यों?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। आंगनवाड़ी केन्द्रों हेतु बर्तन क्रय आदेश अनुसार सामग्री प्रदाय संबंधी कार्यवाही प्रचलन में होने से वर्तमान में राशि का भुगतान नहीं हुआ है। (ख) जी नहीं। जी हाँ। (ग) संभाग आयुक्त, संभाग रीवा, मध्यप्रदेश की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन किया गया है। जांच उपरांत जिला कार्यक्रम अधिकारी सिंगरौली को निलंबित किया गया है। (घ) प्रश्‍नांश अवधि में इन्दौर संभाग के किसी भी जिले में बर्तन क्रय संबंधी कार्यवाही नहीं किए जाने से शेष का प्रश्‍न नहीं। (ड.) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न नहीं।

परिशिष्ट - "बासठ"

ग्रामोद्योग लगाने की योजना

[कुटीर एवं ग्रामोद्योग]

130. ( क्र. 2650 ) श्री राजन मण्‍डलोई : क्या राज्‍य मंत्री, कुटीर एवं ग्रामोद्योग महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में उद्योग लगाने हेतु कौन-कौन सी योजना संचालित की जाती है? सूची उपलब्ध करावें। (ख) ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग लगाने की क्या प्रक्रिया है? शासन द्वारा इसके लिए कितना अनुदान/ऋण उपलब्ध कराया जाता है? (ग) वर्ष 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक बड़वानी जिले में विभाग की किन-किन योजनाओं में कितने हितग्राहियों को योजना का लाभ कौन-कौन से उद्योग लगाने हेतु दिया गया? हितग्राहीवार जानकारी देवें। कितने हितग्राहियों के प्रकरण अपात्र कर दिये गए? प्रकरण अपात्र करने का क्या कारण रहा है?

राज्‍य मंत्री, कुटीर एवं ग्रामोद्योग ( श्री दिलीप जायसवाल ) : (क) विभाग द्वारा प्रदेश में संचालित योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। यह योजनाएं ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में संचालित है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-एक अनुसार प्रत्‍येक योजना में उद्योग लगाने की प्रक्रिया का एवं ऋण अनुदान का उल्‍लेख किया गया है। (ग) वर्ष 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक बड़वानी जिले में हस्‍तशिल्‍प क्षेत्र के लिए कौशल एवं तकनीकी विकास योजना में ग्राम भीलखेडा बसाहट में मां लक्ष्‍मी स्‍वसहायता समूह की 10 महिलाओं को सिलाई मशीन तथा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम अंतर्गत 93 हितग्राहियों को आर्थिक सहायता उपलब्‍ध कराई गई है। हितग्राहीवार, योजनावार उद्योग लगाने में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-एक की योजनाओं में पात्रता की शर्ते उल्‍लेखित की गई है। बैकों द्वारा पात्रता की शर्तों की पूर्ति नहीं करने वाले हितग्राही अपात्र कर दिए जाते है। अपात्र हितग्राहियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-तीन अनुसार है।

स्व-रोजगार योजनाओं के प्रकरणों की जानकारी

[सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम]

131. ( क्र. 2651 ) श्री राजन मण्‍डलोई : क्या सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक बड़वानी जिले में कितने हितग्राहियों को कितनी स्व-रोजगार योजनाओं के तहत प्रकरण स्वीकृत किये गए? हितग्राहियों की संख्या, नाम, अनुदान राशि, योजना का नाम सहित वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) स्वीकृत योजनाओं में से कितने हितग्राहियों को शासन द्वारा ऋण के लिए बैंक गारंटी दी गई? हितग्राही संख्या सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार, बड़वानी जिले में ऐसे कितने प्रकरण है, जो शासन स्तर से स्वीकृत हुए परन्तु बैंक द्वारा ऋण न देने के कारण लंबित है? हितग्राहियों के नाम सहित प्रकरणों की संख्या बताये।

सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री ( श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ) : (क) मुख्यमंत्री उद्यम क्रान्ति योजना वर्ष 2021-22 से प्रारंभ की गयी है। प्रश्‍नाधीन अवधि में बड़वानी जिले में विभाग द्वारा संचालित राज्य शासन की मुख्यमंत्री उद्यम क्रान्ति योजना के माध्यम से स्वरोजगार हेतु 638 युवाओं के प्रकरण स्वीकृत एवं वितरित किये गए हैं। वर्षवार हितग्राहियों की संख्या एवं वितरित अनुदान राशि (ब्याज अनुदान एवं ऋण गारंटी फीस) निम्नानुसार है

क्र.

वित्तीय वर्ष

लाभान्वितों की संख्या

वितरित अनुदान राशि (रुपये में)

1.

2021-22

11

224.00

2.

2022-23

364

1417137.94

3.

2023-24

190

1449464.00

4.

2024-25

73

200595.90

योग

638

3067421.84

उक्त लाभान्वितों की विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजनान्तर्गत राज्य शासन द्वारा ऋण के लिए कोई बैंक गारंटी नहीं दी जाती है अपितु भारत सरकार की ऋण गारंटी योजना (CGTMSE) के तहत हितग्राहियों को बैंक ऋण प्राप्त होता है, जिसमें देय ऋण गारंटी फीस की प्रतिपूर्ति विभाग द्वारा हितग्राहियों को की जाती है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) योजनान्तर्गत प्रकरण शासन/विभाग द्वारा स्वीकृत नहीं किये जाते हैं, अपितु बैंक द्वारा प्रकरणों में स्वीकृति दी जाती है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

 

मध्य प्रदेश वित्त सेवा संवर्ग के वेतनमान एवं उच्च पदभार की जानकारी

[वित्त]

132. ( क्र. 2652 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्य प्रदेश वित्त सेवा संवर्ग के लिए वरिष्ठ श्रेणी, प्रवर श्रेणी, वरिष्ठ प्रवर श्रेणी तथा अधिसमय वेतनमान क्रमशः 6 वर्ष, 4 वर्ष, 5 वर्ष, 5 वर्ष के समयांतराल पर दिया जाता है? यदि हाँ, तो मध्य प्रदेश सिविल सेवा 2015, नियुक्ति वर्ष 2017 बैच के कुल अधिकारियों में से कितने सामान्य वर्ग, अपिव वर्ग, अनुसूचित जाति वर्ग, अनुसूचित जनजाति वर्ग के अधिकारियों को पात्रता वर्ष 1.1.2023 की स्थिति में वरिष्ठ वेतनमान स्वीकृत किया गया? यदि हाँ, तो जानकारी पृथक-पृथक बतावें। (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित वंचित वर्गों को नीतिगत अन्याय कर पद व वेतनमान से भी वंचित रखा जा रहा है एवं दोहरी क्षति की जा रही है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में एक साथ समान सेवा, समान भर्ती नियमों एवं सेवा शर्तों पर चयनित अधिकारियों को एक साथ वेतनमान 1.1.2023 से दिये जाने एवं एरियर के भुगतान के आदेश कब तक जारी होंगे? निश्चित समयावधि बतावें। (घ) वर्ष 2017 से 2025 तक शासन के विभिन्न विभागों/कार्यालयों में IFMIS सॉफ्टवेयर के माध्यम से नियम विपरीत आहरण कर गबन किया गया? यदि हाँ, तो अंकुश लगाने हेतु वित्त अधिकारियों की पदस्थापना हेतु शासन का कोई प्रस्ताव हो तो बतावें। यदि नहीं, तो शासन का इस पर क्या विचार है?

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ। मध्‍यप्रदेश राज्‍य वित्‍त राजपत्रित भर्ती तथा सेवा की शर्ते नियम, 2018 की अनुसूची-चार (क) अनुसार वरिष्‍ठ श्रेणी, प्रवर श्रेणी, वरिष्‍ठ प्रवर श्रेणी तथा अधिसमय वेतनमान में चयन के लिये अपेक्षित सेवा कुल अवधि क्रमश: 6 वर्ष, 4 वर्ष, 5 वर्ष तथा 5 वर्ष निर्धारित है। तदनुसार वरिष्‍ठता क्रम में पद उपलब्‍धता के आधार पर चयन वेतनमान की कार्यवाही की जाती है। मध्‍यप्रदेश सिविल सेवा 2015, नियुक्ति वर्ष 2017 बैच के कुल 89 अधिकारियों में से सामान्‍य वर्ग के 11, अन्‍य पिछड़ा वर्ग के 01 इस प्रकार कुल 12 अधिकारियों को वर्ष, 2023 में वरिष्‍ठ वेतनमान स्‍वीकृत किया गया है। (ख) जी नहीं। प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में म.प्र. राज्‍य वित्‍त राजपत्रित भर्ती तथा सेवा की शर्ते नियम, 2018 के अनुरूप चयन वेतनमान हेतु वरिष्‍ठता क्रम तथा पद उपलब्‍धता के आधार पर चयन वेतनमान की कार्यवाही की जाती है। अत: किसी वर्ग को नीतिगत अन्‍याय कर पद व वेतनमान से भी वंचित नहीं रखा जा रहा है एवं न दोहरी क्षति का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) राजपत्रित भर्ती तथा सेवा की शर्ते नियम, 2018 के अनुरूप चयन वेतनमान हेतु वरिष्‍ठता क्रम तथा पद उपलब्‍धता के आधार पर चयन वेतनमान की कार्यवाही की जाती है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) वर्ष 2017 से 2025 तक State Financial Intelligence Cell (SFIC) द्वारा गबन अथवा अनियमित आहरण चिन्‍हांकन किये जा रहे है। वित्‍त सेवा अधिकारियों की पदस्‍थापना नीतिगत निर्णय है जो प्रशासकीय आवश्‍यकता अनुरूप की जाती है।

 

 

 

प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं की जानकारी

[सामान्य प्रशासन]

133. ( क्र. 2655 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) वर्ष 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रदेश में किस-किस विभाग की, कितनी भर्ती परीक्षाएं कितने अंतराल में आयोजित की गई है पद सहित जानकारी पृथक-पृथक पदवार, वर्षवार, विभागवार उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित प्रदेश में कितनी भर्ती परीक्षाओं के परिणाम घोषित करना लंबित है परिणाम लंबित होने के क्या कारण है? समय-सीमा में परिणाम घोषित करने के लिए मध्यप्रदेश शासन की क्या योजना हैं? लंबित परिणामों को कब तक जारी कर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण कर ली जावेगी? (ग) प्रदेश में भर्ती विज्ञापन से नियुक्ति तक लंबा अंतराल रहने के क्या कारण हैं? इसके लिए केंद्र की अन्य परीक्षाओं के समान समय-सीमा क्यों निर्धारित नहीं की जाती है? भर्ती विज्ञापन में पदों का वर्गीकरण किस-किस वर्ग को कितना-कितना प्रतिशत, किस आधार पर किया जाता हैं? जानकारी पृथक-पृथक बतावें। (घ) प्रदेश की विभिन्न (पटवारी, कृषि विस्‍तार अधिकारी) चयन परीक्षाओं में वर्ष 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक हुए घोटालों में लिप्त दोषी अधिकारि‍यों/ कर्मचारियों पर कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? (ड.) प्रदेश के विभिन्न विभागों में नियमित अंतराल में परीक्षाएं आयोजित करने हेतु विभागो द्वारा भर्ती परीक्षा के कैलेंडर बनाये गए हैं यदि हाँ, तो संक्षिप्त विवरण पृथक-पृथक विभागवार देवें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है।               (ख) मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा विभागों के सेवा भर्ती नियमों के अनुसार विभिन्न चरणों में परीक्षाएं ली जाती हैं। कुछ में सीधे साक्षात्कार द्वारा एवं कुछ में दो एवं कुछ में तीन चरणों में परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं। तद्नुसार निम्नलिखित भर्ती परीक्षाओं के परिणाम घोषित किया जाना शेष है :- 1. राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2024 2. राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 दिनांक 16.02.2025 का परीक्षा परिणाम प्रक्रियाधीन है। 3. सहायक प्राध्यापक (हिंदी) 2022 4. सहायक प्राध्यापक (इतिहास) 2022 5. प्राचार्य प्रथम श्रेणी 6. उपसंचालक एवं अन्य तकनीकी पद परीक्षा-2023 दिनांक 29 सितंबर 2022 के शासन के दिशा निर्देशों के अनुसार 13 प्रतिशत (प्रावधिक भाग) पदों के चयन परिणाम घोषित करने हेतु शेष, परीक्षाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। मध्‍यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित प्री-नर्सिंग सिलेक्शन टेस्ट (PNST) -2022 का परीक्षा परिणाम माननीय न्‍यायालय के अंतिम निर्णय आने के उपरांत एवं पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा (PCRT) -2023 का परीक्षा परिणाम पुलिस विभाग से अनुमोदन उपरांत जारी किया जायेगा। माननीय उच्‍च न्‍यायालय में आरक्षण से संबंधित प्रकरणों तथा कुछ परीक्षाओं के परिणामों पर माननीय न्‍यायालय द्वारा रोक लगाये जाने के कारण भर्ती परीक्षाओं के परिणाम शेष है। न्‍यायालयीन प्रकरणों में निर्णय उपरांत परिणाम घोषित करने की कार्यवाही की जा सकेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) आयोग द्वारा एक, दो तथा तीन चरणों की परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं। सामान्यतः एक चरण की चयन प्रक्रिया पूर्ण होने में विज्ञापन के पश्चात छः माह इसी प्रकार दो चरण की परीक्षा में 10 माह तथा तीन चरणों की परीक्षाओं में पूर्ण होने में 15 माह का समय लगता है। आरक्षण तथा शासन के नीतिगत आदेशों तथा माननीय न्यायालय के अंतरिम आदेशों के परिपालन में आवेदन की तिथियों में वृद्धि, लंबित न्यायालयीन प्रकरणों आदि के कारण कुछ परीक्षाओं की चयन प्रक्रिया अपनी निर्धारित अवधि से अधिक समय लेती हैं। आयोग द्वारा नियमित रूप से अभ्यर्थियों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए आगामी परीक्षाओं के विषय में वर्ष के प्रारंभ में भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया जाता है। मध्‍यप्रदेश कर्मचारी चयन मण्‍डल द्वारा भर्ती विज्ञापन जारी होने के पश्चात् यथा संभव शीघ्र अतिशीघ्र परीक्षाओं के परीक्षा परिणाम जारी किये जाते है। भर्ती विज्ञापन में पदों का वर्गीकरण आयोग/मण्‍डल द्वारा न किया जाकर संबंधित विभागों से रिक्‍त पदों के आधार पर प्राप्‍त मांग पत्रों के अनुसार होता है।          (घ) प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित परीक्षाओं में कोई घोटाला संज्ञान में नहीं आया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ड.) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है।

अवैध रूप से शराब बिक्री

[वाणिज्यिक कर]

134. ( क्र. 2658 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में समस्त शासकीय शराब दुकानों पर शराब विक्रय हेतु रेट/दर तय किए जाने के क्या नियम/नीति है? वर्तमान में किस दर से शराब बिक्री हो रही हैं? (ख) क्या मुरैना में मनमाफिक बड़े दामों पर शराब विक्रय किया जा रहा है? यदि हाँ, तो कोई कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही? एक ही शराब का अलग-अलग दुकानों पर अलग-अलग मूल्य पर विक्री क्यों हो रही हैं? क्या विभाग समस्त दुकानों हेतु एक समान विक्रय रेट/दर सूची जारी करेगा जिससे कि रेट/दरों में असमानता को समाप्त किया जा सके? (ग) गत 1 वर्ष में मुरैना जिले की मदिरा दुकानों के आस-पास व बाहर मदिरा पान करने पर दर्ज प्रकरणों का विवरण दें। दिनांकवार जानकारी दें। (घ) क्या विश्व स्तर का शनि देव मंदिर, प्राचीन बटेश्वर मंदिर, प्राचीन चौषठ योगिनी मंदिर आदि प्राचीन ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों वाले मुरैना जिले में शराब बिक्री बंद की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक जिले में शराब बिक्री पूर्णतः बंद की जाएगी?

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) विक्रय (MSP) एवं अधिकतम फुटकर विक्रय मूल्‍य (MRP) का निर्धारण मध्‍यप्रदेश (असाधारण) क्रमांक-27 दिनांक 08 फरवरी 2024 की कंडिका क्रमांक-20 अनुसार एवं आबकारी आयुक्‍त, मध्‍यप्रदेश ग्‍वालियर के पत्र क्रमांक/7-ठेका/ 2025/51, दिनांक 10.02.2024 की कंडिका 36 अनुसार किया जाना प्रावधानित है। उपरोक्‍तानुसार वर्तमान में शराब की बिक्री एम.एस.पी.- एम.आर.पी. एवं मध्‍य की दर से विक्रय की जाती है।                     (ख) यह कहना सही नहीं है कि मुरैना जिले में मनमाफिक बढ़े दामों पर शराब का विक्रय किया जा रहा है। मदिरा दुकानों से शराब का विक्रय, निर्धारित न्‍यूनतम विक्रय मूल्‍य एवं अधिकतम फुटकर विक्रय मूल्‍य के मध्‍य किया जाना प्रावधानित होने से अलग-अलग मदिरा दुकानों पर मदिरा की कीमत में कुछ भिन्‍नता रहती है। विभाग द्वारा मदिरा दुकानों से विक्रय की जाने वाली मदिरा विशेष की बोतलों (नगों) हेतु पूरे प्रदेश में एक समान एम.एस.पी., एम.आर.पी. निर्धारित की जाती है। (ग) विगत एक वर्ष में मुरैना जिले में मदिरा दुकानों के आस-पास मदिरा का कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आने से जानकारी निरंक है। (घ) विश्व स्तर का शनिदेव मंदिर, प्राचीन बटेश्वर मंदिर, प्राचीन चौषठ योगिनी मंदिर आदि प्राचीन ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों वाले मुरैना जिले में शराब बिक्री पूर्णतः बंद की जाने संबंधी प्रस्‍ताव वर्तमान में विचाराधीन नहीं है।

रावनवाड़ा पुलिस स्टेशन का उन्नयन/स्थानांतरण

[गृह]

135. ( क्र. 2659 ) श्री मुकेश मल्होत्रा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                     (क) क्या रावनवाड़ा तहसील परासिया जिला छिंदवाड़ा स्थित पुलिस स्टेशन रावनवाड़ा का उन्नयन/ स्थानांतरण शिवपुरी में किया गया? यदि हाँ, तो पुलिस स्टेशन रावनवाड़ा के उन्नयन/स्थानांतरण के आदेश पत्र की प्रति उपलब्ध कराएं। (ख) पुलिस स्टेशन रावनवाड़ा का रावनवाड़ा से शिवपुरी स्थानांतरण किन कारणों/मानकों/समस्याओं से किया गया, किस-किस ने स्थानांतरण प्रस्ताव दिया था? प्रति सहित विधिसम्मत कारण बताएं। (ग) पुलिस स्टेशन रावनवाड़ा का मूल स्थान क्या है, रावनवाड़ा या शिवपुरी? इस बात का स्पष्टीकरण तथा प्रस्ताव की प्रतिलिपि उपलब्ध करावें।                            (घ) रावनवाड़ा से शिवपुरी की दूरी कितनी है, क्या शिवपुरी में पुलिस स्टेशन का संचालन रावनवाड़ा के नाम से हो रहा है, यदि हाँ, तो रावनवाड़ा के नाम से ही संचालन करने का क्या कारण है?                      (ङ) रावनवाड़ा से पुलिस स्टेशन स्थानांतरण के विरोध में किन-किन जनप्रतिनिधियों, सरपंचों, समाजसेवियों ने आवेदन प्रस्तुत किए, उक्त आवेदनों में शिकायत और मुलाहिजा के संबंध में क्या कहा गया है, उन आवेदनों पर क्या कार्यवाही की गई? प्रति सहित बताएं। (च) रावनवाड़ा के आस-पास आबादी का घनत्व कितना है और शिवपुरी के आस-पास आबादी का घनत्व कितना है, प्रमाणित प्रति देवें? दोनों स्थानों के बीच अपराध का दर क्या है? क्या पुलिस स्टेशन के स्थानांतरण में आबादी का घनत्व और अपराध दर मायने रखता है? यदि हाँ, तो इसके अनुसार रावनवाड़ा और शिवपुरी में से किस स्थान पर पुलिस स्टेशन का होना ज्यादा उचित होगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) भौगोलिक एवं क्षेत्रवासियों की सुविधा की दृष्टि से पुलिस स्टेशन रावनवाड़ा का स्थानांतरण शिवपुरी किया गया है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) पुलिस स्टेशन रावनवाड़ा का मूल स्थान ग्राम सिरगोरा (शिवपुरी) है। स्वीकृति के थाना संचालन हेतु पुलिस विभाग का कोई भवन न होने से थाना रावनवाड़ा ग्राम शिवपुरी में स्थित वेस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड के भवन में संचालित है। कार्यालय कलेक्टर जिला छिंदवाड़ा द्वारा जारी अधिसूचना की प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। (घ) रावनवाडा से शिवपुरी की दूरी 10 कि.मी. है। जी हाँ। पुलिस चौकी रावनवाड़ा के नाम से स्वीकृत थी, जिसका थाना में उन्नयन रावनवाड़ा के नाम से ही किया गया है। (ङ) रावनवाड़ा से पुलिस स्टेशन शिवपुरी में स्थानांतरण के विरोध में किसी भी जनप्रतिधि, सरपंच, समाजसेवी के द्वारा विरोध नहीं किया गया और न ही आवेदन दिया गया। (च) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है। वर्ष 2024 में रावनवाड़ा में 16 एवं शिवपुरी में 41 अपराध पंजीबद्ध हुए हैं। जी हाँ। अपराध, आबादी एवं भौगोलिक स्थिति अनुसार ग्राम शिवपुरी में पुलिस थाना का होना उचित है।

 

 

मध्य प्रदेश पुलिस सब-इंस्पेक्टर (MPSI) भर्ती परीक्षा

[गृह]

136. ( क्र. 2660 ) श्री मुकेश मल्होत्रा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) क्या MPSI भर्ती परीक्षा 2017 के बाद से आयोजित नहीं होने से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी ओवरएज (अधिकतम आयु सीमा पार) हो गए हैं और तैयारी करने वाले सभी अभ्यर्थियों को मानसिक, शैक्षणिक और आर्थिक रूप से नुकसान हुआ है? इस विलंब का कारण क्या है, इसकी भरपाई के लिए सरकार क्या विशेष उपाय करेगी? (ख) ओवरएज हो चुके अभ्यर्थियों को क्या आयु सीमा में छूट दिया जाएगा? यदि नहीं, तो क्यों। (ग) क्या MPSI भर्ती परीक्षा के सिलेबस में बिना पूर्व सूचना के बदलाव किया गया, किन कारणों से क्या-क्या बदलाव किया गया है? सिलेबस में बदलाव के लिए छात्रों और विशेषज्ञों से परामर्श किया जाएगा? यदि हाँ, तो कब, यदि नहीं तो क्यों। इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए क्या किया जाएगा। (घ) MPSI परीक्षा के नए सिलेबस में मध्यप्रदेश सामान्य ज्ञान को क्यों हटाया गया है। क्या नए सिलेबस को MPPSC, UPSC जैसी परीक्षाओं के समकक्ष और अत्यधिक कठिन बनाया गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि सिलेबस MPPSC, UPSC परीक्षाओं के समकक्ष बनाया गया है। (ङ) भर्ती परीक्षाओं में अनावश्यक देरी और सिलेबस में अचानक बदलाव से बचने के लिए सरकार क्या कदम उठाएगी? क्या एक निश्चित समय-सीमा तय करेगी, जिसके अंतर्गत पुलिस भर्ती परीक्षाएं नियमित रूप से आयोजित की जाएं, ताकि छात्रों को इस प्रकार की समस्याओं का सामना न करना पड़े?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) वर्ष 2018 एवं 2019 में आम चुनाव थे एवं वर्ष 20202021 में कोविड-19 के कारण भर्ती आयोजित नहीं की जा सकी। सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग की भर्ती हेतु जारी म.प्र. कार्यपालिक (अराजपत्रित) सेवा भर्ती नियम 1997 में संशोधन दिनांक 24.01.2025 को जारी किया गया है। सूबेदार/उपनिरीक्षक भर्ती वर्ष 2025 आयोजित किये जाने हेतु म.प्र. कर्मचारी चयन मण्डल भोपाल (ESB) द्वारा इन्हें भेजे गये प्रारूप में शीघ्र ही विज्ञापन जारी किया जाना है। (ख) प्रत्येक भर्ती परीक्षा में आयु की निर्धारित सीमा होती है और केवल उस आयु की पात्रता रखने वाले ही भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थी हो सकते है। (ग) यह सही नहीं है कि किसी भी प्रक्रियाधीन MPSI भर्ती परीक्षा के सिलेबस में बीच में कोई बदलाव किया गया है। मध्यप्रदेश कार्यपालिक (अराजपत्रित) सेवा भर्ती नियम 1997 के नियमों में समय समय पर बदलाव होते आये है और उनमें संशोधन जारी किये जाते रहे है। मध्यप्रदेश कार्यपालिक (अराजपत्रित) सेवा भर्ती नियम 1997 में पिछला संशोधन दिनांक 5.3.2016 को जारी किया गया था और दिनांक 24.1.2025 को नया संशोधन जारी किया गया है। भर्ती परीक्षा का पाठ्यक्रम वर्तमान परिवेश एवं भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए पुलिस की दक्षता बनाये रखने जिस ज्ञान एवं समझ की आवश्यकता है, तदनुसार ही गहन चिंतन एवं विचार विमर्श उपरांत संशोधन जारी किये गये है। किसी भी भर्ती परीक्षा का विभाग की आवश्यकताओं और उसके लिये आवश्यक दक्षता को देखते हुए, ऐसी परीक्षा का स्तर तैयार किया जाता है। यह महत्वपूर्ण है कि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी एवं निष्पक्ष हो और इसी दृष्टि से मध्यप्रदेश कार्यपालिक (अराजपत्रित) सेवा भर्ती नियम 1997 में नवीन संशोधन जारी किये गये है। (घ) यह सही नहीं है कि MPSI परीक्षा में सामान्य ज्ञान हटाया गया है। यह परीक्षा का अभिन्न हिस्सा है। MPSI परीक्षा का स्तर एवं प्रक्रिया, विभाग की वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए तय की जाती है न कि किसी अन्य परीक्षा विशेष से तुलना कर। यह भी महत्वपूर्ण है कि भर्ती प्रक्रिया, उसका स्तर एवं परीक्षा का पाठ्यक्रम सभी अभ्यर्थियों के लिये समान रूप से लागू होगा और इसमें कोई न्यूनतम अंक नहीं रखे गये है। इसलिये इस level playing field में जो अभ्यर्थी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे उनका ही चयन होगा। इसमें किसी प्रकार से किसी प्रकार का disadvantage अभ्यर्थियों को हो रहा हो, ऐसा नहीं है, क्योंकि भर्ती परीक्षा में fail/pass का कोई न्यूनतम स्तर निर्धारित नहीं है। (ड.) भर्ती परीक्षाएं नियमित हों इसके लिये वर्ष 2020-21 में आरक्षकों के 6000 पदों के चयन के बाद, 7411 पदों के लिये अंतरिम परिणाम की घोषणा ESB द्वारा की जाना शेष है। इसके तुरंत बाद 7500 आरक्षक पदों के लिये भी विज्ञापन ESB द्वारा शीघ्र जारी किया जाना है। उपनिरीक्षकों के 500 पदों का विज्ञापन भी ESB द्वारा शीघ्र जारी किया जाना है। इसके अतिरिक्त 500 लिपिकीय एवं स्टेनोग्राफर के पदों का विज्ञापन भी ESB ‌द्वारा शीघ्र ही जारी किया जाना है।

माननीय संसद सदस्यों एवं विधायकों के पत्रों पर कार्यवाही सम्बन्धी दिशा-निर्देशों का पालन

[सामान्य प्रशासन]

137. ( क्र. 2664 ) श्री नागेन्द्र सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा समयसमय पर माननीय सांसद सदस्यों एवं विधायकों के पत्रों पर समय-सीमा में कार्यवाही सम्बन्धी दिशा-निर्देश जारी किये गए हैं तथा उल्लंघन पर अनुशासनात्मक कार्यवाही किये जाने के स्पष्ट प्रावधान हैं? यदि हाँ, तो क्या रीवा जिले के शासकीय कार्यालयों द्वारा उपरोक्त दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है? यदि हाँ, तो वर्ष 2021–22 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रश्‍नकर्ता द्वारा विभिन्न शासकीय विभागों को प्रेषित पत्रों पर उपरोक्त दिशा-निर्देशों के अनुसार की गई कार्यवाही का विवरण उपलब्ध करायें, यदि नहीं, तो संबंधितों के विरुद्ध दिशा-निर्देशों के उल्लंघन पर की गई अनुशासनात्मक कार्यवाही का विवरण उपलब्ध करायें। (ख) क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक 800/रीवा दिनांक 18/09/2024 द्वारा शासकीय आवास आवंटन के संबध में आयुक्त रीवा संभाग रीवा को पत्र प्रेषित किया गया था? यदि हाँ, तो उपरोक्त पत्र में प्रश्‍न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? विवरण उपलब्ध करायें। यदि नहीं, तो क्यों? क्या कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। शेषांश की जानकारी कार्यालय कलेक्‍टर रीवा से एकत्रित की जा रही है। (ख) विवरण  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

प्रश्‍नकर्ता के पत्र पर की गई कार्यवाही

[गृह]

138. ( क्र. 2665 ) श्री नागेन्द्र सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा पुलिस अधीक्षक रीवा को पत्र क्रमांक 982/रीवा, दिनांक 11/11/2024 के साथ संलग्न शिकायत पत्र श्री अभिषेक कुमार मिश्रा आत्मज श्री दिनेश कुमार मिश्रा निवासी पाण्डेंन टोला रीवा की शिकायत का निराकरण कराये जाने हेतु अनुरोध किया गया था? यदि हाँ, तो उपरोक्त पत्र में प्रश्‍न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? विवरण उपलब्ध करायें, यदि कार्यवाही नहीं की गई तो क्यों कारण बताएं यदि होगी तो कब तक? समयसीमा बतायें। (ख) म.प्र. पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा रीवा जिले में वित्तीय वर्ष 2020 – 21 से प्रश्‍न दिनांक तक नवीन अधोसंरचना, अधोसंरचना उन्नयन, मरम्मत एवं रखरखाव के कितने कार्य कहाँकहाँ पर कराये गये? कार्यों पर व्यय राशि, कार्यों में संलग्न अधिकारियों/कर्मचारियों, कार्यों की स्थिति प्रस्तावित/प्रगतिरत/पूर्ण अनुसार कार्यवार विस्तृत विवरण उपलब्ध करायें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। पुलिस अधीक्षक, रीवा के प्रतिवेदन अनुसार सम्पूर्ण जांच पर प्रकरण में अवैध कब्जा एवं असामाजिक गतिविधियों का संचालन होना नहीं पाया गया है। आवेदक अभिषेक कुमार मिश्रा एवं अनावेदक रामनिवास गौतम के बीच मकान खाली करने का विवाद है जो प्रकरण माननीय न्यायालय प्रधान जिला न्यायाधीश रीवा में विचाराधीन है। पु.अ. रीवा की जांच रिपोर्ट  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" अनुसार है।

बच्चों का पोषण व विकास

[महिला एवं बाल विकास]

139. ( क्र. 2669 ) श्रीमती रीती पाठक : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना में हितग्राहियों की पात्रता के लिए निर्धारित मापदण्ड क्या हैं? विधानसभा सीधी अंतर्गत पिछले एक वर्ष में कितने हितग्राहियों के आवेदन पत्र प्राप्त हुये हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) से संबंधित प्राप्त आवेदनों में कितने हितग्राही इस योजना से लाभान्वित हुये हैं? (ग) सीधी विधानसभा अंतर्गत कितने आंगनवाड़ी केंद्र भवन विहीन हैं इन भवनों के स्वीकृति की क्या स्थिति है? (घ) सीधी विधानसभा में कुपोषित बच्चों की पिछले तीन वर्षों की स्थिति एवं तुलनात्मक सुधार की जानकारी दें।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना में हितग्राहियों की पात्रता के लिए निर्धारित मापदण्ड  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट– 01 अनुसार है। विधानसभा सीधी अंतर्गत पिछले एक वर्ष में योजना अंतर्गत कोई भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। (ख) प्रश्‍नांश (क) से संबंधित जानकारी निरंक होने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) सीधी विधानसभा अंतर्गत 139 आंगनवाड़ी केंद्र भवन विहीन है। आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण शासकीय भूमि एवं वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर है। (घ) सीधी विधानसभा में कुपोषित बच्चों की पिछले तीन वर्षों की स्थिति एवं तुलनात्मक सुधार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट– 02 अनुसार है।

बीना नगर में स्थापित औद्योगिक क्षेत्रों का विकास

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

140. ( क्र. 2674 ) श्रीमती एडवोकेट निर्मला सप्रे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर जिले की बीना विधानसभा क्षेत्र के बीना नगर में औद्योगिक क्षेत्र गुलौआ एवं खुरई रोड चन्द्रशेखर वार्ड बीना औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किये गए हैं लेकिन इन क्षेत्रों में विभाग की अनदेखी से व विकास न होने से यहाँ कम्पनियां उद्योग/कारखाने स्थापित करने में रूचि नहीं ले रहीं हैं। (ख) क्या इन दोनों औद्योगिक क्षेत्रों के विकास हेतु कोई योजना है? यदि हाँ, तो क्या? विस्तृत जानकारी देने की कृपा करें। (ग) इन औद्योगिक क्षेत्रों में कम्पनियों/फर्मों को कारखाने/उद्योग लगाने हेतु क्या प्रोत्साहन दिया जा रहा है?

 मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) सूक्ष्‍म लघु एवं मध्‍यम विभाग से प्राप्‍त जानकारी अनुसार सागर जिले के बीना विधानसभा क्षेत्र के बीना नगर में औद्योगिक क्षेत्र खुरई रोड चंद्रशेखर वार्ड बीना स्‍थापित है। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्‍साहन विभाग के अधीन मध्‍यप्रदेश इण्‍डस्ट्रियल डेव्‍हलपमेंट कार्पोरेशन अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्र रूपऊ नौगांव स्थापित है। औद्योगिक क्षेत्र खुरई रोड चंद्रशेखर वार्ड बीना अर्द्धशहरीय औद्योगिक संस्थान 15.50 एकड़ में स्थापित है, जिसमें 02 शेड एवं 117 भूखंड है, जो कि 26 इकाईयों को आवंटित है। (ख) अर्द्धशहरीय औद्योगिक संस्थान बीना एवं औद्योगिक क्षेत्र रूपऊ नौगांव पूर्व से ही विकसित औद्योगिक क्षेत्र है। (ग) नवीन अथवा विस्तारित इकाईयों/उद्योगों को विभागीय नीतियों में पात्रता अनुसार वित्तीय सुविधाएं प्रदान की जाती है।

अ.ज.जा. एवं अ.जा. के विरूद्ध अपराधिक मामले

[गृह]

141. ( क्र. 2676 ) श्री सुनील उईके : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) लोकसभा क्षेत्र छिन्‍दवाड़ा में विगत दो वर्ष में अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग के विरूद्ध कितने अपराध पंजीबद्ध किये गये है। (ख) प्रश्‍नांश  (क) के संदर्भ अनुसार विगत दो वर्ष में पंजीकृत अपराधों में न्‍यायालय में कितने चालान प्रस्‍तुत किये गये है एवं इन प्रकरणों में क्‍या कार्यवाही की गई है। (ग) वर्ष 2014 में ग्राम गुलसी विकासखण्‍ड बिछुआ में निहत्‍थे आदिवासियों पर 22 सितम्‍बर 2014 को गोली कांड में किन-किन अपराधियों पर क्‍या कार्यवाही हुई। (घ) छिन्‍दवाड़ा जिले में विगत दो वर्षों में कितनी आदिवासी महिलाओं के बलात्‍कार के मामलों में कितने प्रकरण दर्ज हुये है एवं उन अपराधियों पर क्‍या कार्यवाही की गई है एवं कितना मुआवजा दिया गया है।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट '' अनुसार है।          (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट '' अनुसार है(घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट '' अनुसार है

परिशिष्ट - "तिरेसठ"

राजगढ़ जिले में ग्रामोद्योग विभाग द्वारा संचालित योजनाएं

[कुटीर एवं ग्रामोद्योग]

142. ( क्र. 2682 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या राज्‍य मंत्री, कुटीर एवं ग्रामोद्योग महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले में ग्रामोद्योग विभाग द्वारा कौन-कौन सी योजनाएं संचालित हैं? (ख) क्‍या ग्रामोद्योग विभाग द्वारा किसी उद्योग के लिये ऋण्‍ा दिलवाया जाता है? यदि हाँ, तो किन-किन उद्योग के लिये कितना-कितना दिया जाता है? (ग) राजगढ़ जिले में ग्रामोद्योग विभाग द्वारा विगत 3 वर्षों में किस-किस उद्योग के लिये किन-किन हितग्राहियों को कितना-कितना ऋण स्‍वीकृत किया गया है? (घ) राजगढ़ जिले में वित्‍त वर्ष 2024-25 में ग्रामोद्योग विभाग को कितना बजट प्राप्‍त हुआ है? उसका क्‍या उपयोग किया गया है?

राज्‍य मंत्री, कुटीर एवं ग्रामोद्योग ( श्री दिलीप जायसवाल ) : (क) विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। यह योजनाएं राजगढ़ जिले में भी लागू है। (ख) उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित पृथक-पृथक योजनाओं में पृथक-पृथक ऋण अनुदान आर्थिक सहायता का उल्‍लेख किया गया है। (ग) राजगढ़ जिले में विगत तीन वर्षों में हाथकरघा एवं हस्‍तशिल्‍प क्षेत्रों के लिये कौशल एवं तकनीकी विकास योजनांतर्गत 16 हितग्राहियों को उन्‍नत उपकरण हेतु राशि रूपये 1,52,725/- एवं 2 रेशम हितग्राहियों को एकीकृत क्‍लस्‍टर विकास योजनांतर्गत राशि रूपये 18,68,585/- का अनुदान स्‍वीकृत किया गया है। (घ) राजगढ़ जिले में वित्‍त वर्ष 2024-25 में हाथकरघा एवं हस्‍तशिल्‍प क्षेत्रों के लिये कौशल एवं तकनीकी विकास योजनांतर्गत राशि रूपये 1,52,725/- एवं रेशम विकास हेतु एकीकृत क्‍लस्‍टर विकास योजना में राशि रूपये 18,68,585/- का बजट आवंटन किया गया है। उत्‍तरांश (ग) अनुसार लाभान्वित किया गया है।

बन्‍द की गई पुरानी पेंशन पुन: चालू किया जाना

[वित्त]

143. ( क्र. 2683 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों एवं अधिकारियों को सेवानिवृत्‍त होने पर क्‍या कर्मचारियों को कोई पेंशन दी जा रही है? यदि हाँ, तो कौन-सी और यदि नहीं,  तो क्‍यों नहीं? (ख) क्‍या पूर्व में प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों एवं अधिकारियों को सेवानिवृत्‍त होने पर पुरानी पेंशन दी जाती थी यदि हाँ, तो उक्‍त पेंशन कब से बन्‍द की गई है तथा पेंशन बन्‍द किये जाने का क्‍या कारण है? (ग) क्‍या प्रदेश के कर्मचारियों एवं अधिकारियों द्वारा पुरानी पेंशन पुन: चालू किये जाने की मांग की जा रही है?      (घ) क्‍या प्रदेश के कर्मचारियों एवं अधिकारियों के मांग अनुरूप क्‍या बन्‍द की गई पुरानी पेंशन पुन: चालू की जावेगी? यदि हाँ, तो कब से और यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? कारण सहित बतावें।

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ। दिनांक 01.01.2005 के पूर्व के नियुक्‍त कर्मचारियों को मध्‍यप्रदेश सिविल सेवा (पेंशन) नियम 1976 का लाभ एवं 01.01.2005 को या उसके पश्‍चात् नियुक्‍त कर्मचारियों को राष्‍ट्रीय पेंशन योजना का लाभ दिया जा रहा है। शासन का नीतिगत निर्णय है। (ख) जी हाँ। दिनांक 01.01.2005 के पूर्व नियुक्‍त राज्‍य शासन के कर्मचारियों को वर्तमान में भी पेंशन नियम 1976 के आधार पर पेंशन दी जा रही है। दिनांक 01.01.2005 को अथवा इसके उपरांत नियुक्‍त राज्‍य शासन के कार्मिक एन.पी.एस. योजना के अंतर्गत हैं।         (ग) दिनांक 01.01.2005 को अथवा इसके उपरांत नियुक्‍त राज्‍य शासन के कतिपय कार्मिकों द्वारा पुरानी पेंशन का लाभ दिये जाने के संबंध में आवेदन प्रेषित किये हैं। (घ) वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

विसबल (SAF) एवं जिलाबल एकीकरण/संविलि‍यन

[गृह]

144. ( क्र. 2689 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि         (क) क्या शासन द्वारा विसबल (SAF) के जवानों को जिलाबल में संविलयन हेतु कोई कार्यवाही प्रचलन में है? यदि हाँ, तो विवरण देवें। क्या शासन विसबल के जवानों को जिलाबल में संविलियन हेतु कोई कार्यवाही करेगा? (ख) मध्यप्रदेश शासन गृह विभाग के पत्र क्रमांक/2-ए/115/81 दो-ब, दिनांक 19/01/1992 के द्वारा मध्यप्रदेश विशेष सशस्त्र बल अधिनियम 1968 के उप नियम 9 (1) के अनुरूप एक बल से दूसरे बल में स्थानांतरण हेतु पुलिस महानिरीक्षक, मध्यप्रदेश को अधिकृत किया गया था? यदि हाँ, तो वर्तमान पुलिस महानिदेशक, मध्यप्रदेश द्वारा विसबल (SAF) के जवानों को जिलाबल में एकीकरण/संविलि‍यन किया जाएगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी हाँ। जी..पी. क्रमांक 51/93 दिनांक 11/15.2.93 के बिन्दु क्रमांक 01 में म.प्र. शासन, गृह विभाग के पत्र क्रमांक/02-ए/115/81/दो-ब (2) दिनांक 19.01.1992 का उल्लेख है। राज्य शासन के आदेश दिनांक 29.12.1992 के पालन में पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी जी..पी. क्रमांक 51/93, दिनांक 11/15-2-93 में स्पष्ट किया गया है कि पुलिस विभाग कि इकाईयों जैसे विशेष सशस्त्र बल, वितंतु शाखा आदि से जिला पुलिस बल में पुलिस कर्मचारियों/अधिकारियों के स्थानांतरण न तो आदेशित किए जावें और न ही इनके स्थानांतरण प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय/राज्य शासन को भेजे जावें। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है

शराब ठेकेदारों द्वारा अवैध रूप से देशी मदिरा का विक्रय

[वाणिज्यिक कर]

145. ( क्र. 2692 ) श्री सुरेश राजे : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2024 में मध्यप्रदेश शासन की आबकारी नीति अंतर्गत देशी मदिरा का विक्रय सम्बन्धी शासन आदेश तथा शहरी एवं ग्रामीण आबादी क्षेत्र के किन-किन स्थानों पर शराब का विक्रय प्रतिबंधित है? इससे सम्बन्धी नीति/आदेश की सत्यापित प्रति उपलब्ध करावें (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार शहरी आबादी क्षेत्र एवं ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में शराब ठेकेदारों को आवंटित दुकानों को छोड़कर अन्य ग्रामों में शराब ठेकेदारों द्वारा प्रॉयवेट व्यक्तियों के माध्यम से अधिकांश ग्रामों में अवैध रूप से शराब का विक्रय किस नीति/आदेश से करवाया जा रहा है? यदि यह असत्य है तो गत 3 वर्षों में सम्बंधित ठेकेदार तथा प्रॉयवेट व्यक्ति के विरुद्ध कार्यवाही क्यों नहीं की गई? यदि ऐसे प्रकरण में कार्यवाही की गई है तो ग्वालियर जिला के अंतर्गत किस स्थान पर किस दिनांक को किस व्यक्ति के विरूद्ध की गई? वर्षवार पूर्ण जानकारी देवें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार जिला ग्वालियर अंतर्गत शराब ठेकेदारों द्वारा आवंटित दुकानों के अतिरिक्त अधिकांश ग्रामों में प्रॉयवेट व्यक्तियों के माध्यम से अवैध रूप से शराब विक्रय करवाने से ग्रामों में 80 प्रतिशत व्यक्ति शराब का सेवन करने के आदि हो गए हैं जिससे दिन-प्रतिदिन अपराध बढ़ता जा रहा है एवं परिवारों की आर्थिक स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो गई है, क्या शासन जनहित में इसकी रोकथाम हेतु कोई कदम उठाएगा? यदि हाँ, तो कब? यदि नहीं, तो कारण सहित बतावें।

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 111 दिनांक 31 मार्च 2023 में प्रकाशित अधिसूचना क्रमांक एफ 3/3/4/0009/2023-SEC-2-05 (CT) (15) दिनांक 31.03.2023 में वर्णित सामान्‍य प्रयुक्ति नियमों के अंतर्गत शराब का विक्रय किया जाना प्रतिबंधित है। जिसकी छायाप्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार है(ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार शहरी आबादी क्षेत्र एवं ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में शराब ठेकेदारों को आवंटित दुकानों को छोड़कर अन्य ग्रामों में शराब ठेकेदारों द्वारा प्रॉयवेट व्यक्तियों के माध्यम से अधिकांश ग्रामों में अवैध रूप से शराब का विक्रय का कोई प्रकरण जिला ग्वालियर में प्रकाश में नहीं आया है। अतः किसी ठेकेदार के विरु‌द्ध इस संबंध में कोई कार्यवाही नहीं की गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) शहरी आबादी क्षेत्र एवं ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में शराब ठेकेदारों को आवंटित दुकानों को छोड़कर अन्य ग्रामों में शराब ठेकेदारों ‌द्वारा प्रॉयवेट व्यक्तियों के माध्यम से अधिकांश ग्रामों में अवैध रूप से शराब का विक्रय का कोई प्रकरण जिला ग्वालियर में प्रकाश में नहीं आया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

गौण खनिज माफियाओं पर कार्यवाही

[खनिज साधन]

146. ( क्र. 2694 ) श्रीमती सेना महेश पटेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अलीराजपुर जिले में गौण खनिज खदानें 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक अवैध खनन के रूप में चिन्हित की गई है? हाँ तो इन अवैध उत्खननकर्ता माफिया के खिलाफ विभाग ने क्या कार्यवाही की गई है? पूर्ण विवरण, दर्ज प्रकरणों के पारित आदेश प्रति, प्रकरणों की वर्तमान स्थिति सहित जानकारी देवें। (ख) अवैध खनिज खनन माफिया द्वारा कितने समय से अवैध खनन किया जा रहा था? क्या विभाग के अधिकारी या उस क्षेत्र के राजस्व विभाग के कर्मचारी द्वारा अवैध खनन की सूचना जिम्मेदार अधिकारी को नहीं दी गई? यदि नहीं, तो उस पर भी क्या कार्यवाही की गई पूर्ण विवरण, कार्यवाही सहित जानकारी देवें। क्या बकाया राशि वसूली बकायादार पर पारित आदेश के उपरान्त भी राशि जमा नहीं करने पर क्या संपत्ति कुर्क करने की कार्यवाही नहीं की गई? यदि की गई है तो पारित आदेश सहित पूर्ण विवरण जानकारी देवें। (ग) क्या अवैध गौण खनिज खनन माफिया पर प्रकरण दर्ज पश्चात् उक्त खदान उनके परिवार के सदस्य को आवंटित की गई है? यदि हाँ, तो किसको व उनका क्या रिश्‍ता है? खदान सहित किसे दी गई नाम सहित जानकारी देवें, अवैध खनन माफिया पर प्रकरण दर्ज होने पर उनके ही परिवार के अन्य सदस्यों को खदान दिये जाने के प्रावधान है? यदि हाँ, तो आदेश, निर्देशों की प्रति उपलब्ध करावें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) अलीराजपुर जिले में अलग-अलग क्षेत्रों में विगत वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल 125 अवैध उत्‍खनन के प्रकरण बनायें गये है। जिसमें अर्थदण्‍ड राशि रूपये 69,10,33,418/- अधिरोपित कर राशि रूपये 92,47,409/- वसूल किये गये है। शेष प्रश्‍नांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ  अनुसार है(ख) विभाग के अधिकारियों एवं राजस्‍व विभाग अधिकारियों द्वारा सूचना के आधार पर संयुक्‍त रूप से कार्यवाही की जाती है। प्रश्‍नाधीनअवधि में कुल 03 अवैध उत्‍खनन के बकायादारों में से 01 प्रकरण आयुक्‍त न्‍यायालय इंदौर में, 01 प्रकरण राजस्‍व मंडल ग्‍वालियर में, 01 प्रकरण कलेक्‍टर न्‍यायालय में विचाराधीन है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट- ब  अनुसार है(ग) जी नहीं। शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

निलंबित कर्मचारि‍यों के संबंध में शासन के दिशा-निर्देश

[सामान्य प्रशासन]

147. ( क्र. 2696 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन संभाग में 1 जनवरी 2015 के पश्चात कितने-कितने कर्मचारी कितने-कितने समय से निलंबित है? निलंबित कर्मचारियों के कार्य को लेकर शासन के क्या दिशा निर्देश है? (ख) प्रश्‍नांश (क) संदर्भित, क्या निलंबित कर्मचारियों से कार्य कराने को लेकर कोई दिशा निर्देश है? क्या लंबे समय तक बिना आर्थिक अपराध एवं अन्य गंभीर मुद्दों को छोड़ कर छोटे स्तर पर किए गए निलंबन को पुनः बहाल करने हेतु शासन की कोई योजना है? यदि हाँ, तो अवगत कराएं। जांच के पश्चात बहाल करने की नियमावली है? उक्त अवधि में उक्त संभाग में जांच उपरांत कितने-कितने कर्मचारियों को बहाल किया गया।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

खनिज विभाग की जानकारी

[खनिज साधन]

148. ( क्र. 2698 ) श्री प्रीतम लोधी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शिवपुरी जिले के तहसील खनियाधाना के ग्राम हुर्री के सर्वे नं-406 एवं 417 में पूर्व उत्खनि पट्टाधारियों के (नाम से संचालक, भौमिकी तथा खनिकर्म भोपाल द्वारा फर्शी, पत्थर, उत्खनिपट्टा की सैद्धांतिक सहमति/स्वीकृति आदेश जारी किया गया है। यदि हाँ, तो आदेश की सत्यापित छायाप्रति संलग्न करें। इन उत्खनिपट्टाधारियों की लीज निरस्ती के लिये प्रश्‍नकर्ता द्वारा अपने पत्र क्रमांक 551 दिनांक 25/11/24 से की गई शिकायत की जांच प्रतिवेदन/लीज निरस्ती आदेशों की सत्यापित छायाप्रति संलग्न करें। (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित शिकायत से उक्त लीजधारियों के विरूद्ध पूर्व स्वीकृत अवधि में बनाये गये अवैध उत्खन्न के प्रकरणों, प्रकरणों की वर्तमान स्थिति एवं लीज निरस्ती आदेश की प्रति उपलब्ध करवाने की मांग गई थी। यदि हाँ, तो इन समस्त अभिलेखों की सत्यापित छायाप्रति संलग्न करें। (ग) शिवपुरी जिले में (खनिज शाखा) सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत जनवरी 2022 से दिसंबर 2024 तक किन-किन आवेदकों द्वारा आवेदन दिये गये थे? इन आवेदनों की जानकारी संलग्न करें। किन-किन आवेदकों को जानकारी प्रदाय नहीं की गई पूरी जानकारी संलग्न करें। (घ) मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम 1996 के तहत स्वीकृत खदानों का असेसमेंट कब-कब करने का प्रावधान है इसके तहत जनवरी 2020 से दिसम्बर 2024 तक स्वीकृत फर्शी पत्थर/गिट्टी क्रेशर खदानों के किये गये असेसमेंट की जानकारी की छायाप्रति। (ड.) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) में उल्लेखित शिकायत का जांच प्रतिवेदन लीज निरस्ती आदेशों, मांगे गये अभिलेख एवं आर.टी.आई. के तहत जानकारी नहीं देने के लिये दोषी अधिकारी/कर्मचारी को शासन कब तक निलंबित करेगा? यदि नहीं, करेगा तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। आदेशों की सत्‍यापित प्रतियाँ  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-अ  अनुसार उत्‍खनिपट्टा धारियों की लीज निरस्‍ती के लिये प्रश्‍नकर्ता माननीय विधायक द्वारा अपने पत्र क्रमांक 551 दिनांक 25/11//2024 से शिकायत कर लीज निरस्‍त करने के संबंध में लेख किया गया है। शिकायत के संबंध में कार्यालयीन अभिलेखों के परीक्षण में पाया गया कि, पूर्व पट्टाधारी श्री राजा साहब बुन्‍देला के नाम से कोई अवैध उत्‍खनन प्रकरण दर्ज नहीं किया गया है तथा पूर्व पट्टाधारी श्री प्रीतम सिंह चौहान के विरूद्ध वर्ष 2006 में अवैध उत्‍खनन प्रकरण दर्ज किया गया था, जिसमें न्‍यायालय अनुविभागीय अधिकारी, पिछोर द्वारा पारित आदेश दिनांक 31/03/2008 से आरोप प्रमाणित नहीं पाये जाने से अवैध उत्‍खनन प्रकरण को समाप्‍त कर दिया गया है। आदेश की प्रति  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-‘’’’ अनुसार हैपुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार आदेश अवैध उत्‍खनन प्रकरण दर्ज न होने एवं दर्ज अवैध उत्‍खनन प्रकरण समाप्‍त होने के पश्‍चात के है। अत: इन्‍हें निरस्‍त करने जैसी स्थिति नहीं है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर के प्रश्‍नानुसार जानकारी दर्शायी गयी है।            (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। जिसमें किन-किन आवेदकों को जानकारी प्रदान नहीं की गयी है, उनका नियम संगत विवरण  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है।           (घ) मध्‍यप्रदेश गौण खनिज नियम, 1996 के नियम 30 (19) में 30 जून/31 दिसंबर की स्थिति में स्‍वामित्‍व निर्धारण के प्रावधान है। प्रश्‍नानुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-‘’’’ अनुसार है। (ड.) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) में दी गयी जानकारी के संदर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश की जानकारी

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

149. ( क्र. 2707 ) श्री उमंग सिंघार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि        (क) मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश हेतु कांकलेव का आयोजन विगत पंद्रह वर्षों के दौरान कब-कब कहां-कहां किया गया? (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में कितने एम.ओ.यू. संपन्न हुए? कितने उद्योगपतियों ने कौन-कौन से उद्योगों की स्थापना का कार्य प्रारंभ कर दिया है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के प्रकाश में होने वाले निवेश की जानकारी दें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्‍य से विगत पंद्रह वर्षों के दौरान वर्ष 2024 एवं 2025 में आयोजित हुई, कॉन्‍क्‍लेव की जानकारी का विवरण निम्‍नानुसार है :-

क्र.

वर्ष

कॉनक्‍लेव का नाम

स्‍थान

1

2024

रीजनल इण्‍डस्‍ट्री कॉनक्‍लेव- उज्‍जैन

उज्‍जैन

2

2024

रीजनल इण्‍डस्‍ट्री कॉनक्‍लेव- जबलपुर

जबलपुर

3

2024

रीजनल इण्‍डस्‍ट्री कॉनक्‍लेव- ग्‍वालियर

ग्‍वालियर

4

2024

रीजनल इण्‍डस्‍ट्री कॉनक्‍लेव- सागर

सागर

5

2024

रीजनल इण्‍डस्‍ट्री कॉनक्‍लेव- रीवा

रीवा

6

2024

रीजनल इण्‍डस्‍ट्री कॉनक्‍लेव- नर्मदापुरम

नर्मदापुरम

7

2025

रीजनल इण्‍डस्‍ट्री कॉनक्‍लेव- शहडोल

शहडोल

(ख) प्रश्‍नांश ’  के प्रकाश में 05 एम.ओ.यू संपादित किये गये। उक्‍त संपादित एम.ओ.यू. में से 01 उद्योगपति द्वारा रक्षा उपकरण विनिर्माण के क्षेत्र में राशि रू. 600 करोड़ का निवेश प्रस्‍तावित है, जिसके उत्‍पादन प्रारंभ करने की समय-सीमा शेष है। (ग) उत्‍तरांश के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

लाड़ली लक्ष्‍मी योजना पर व्‍यय

[महिला एवं बाल विकास]

150. ( क्र. 2708 ) श्री उमंग सिंघार : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में कितने हितग्राहियों को कितनी राशि प्रदान की गई? कितनी हितग्राही के शेष है? (ख) किस मद से राशि का भुगतान किया गया है? (ग) क्या विभिन्न मदों से राशि का भुगतान किया गया है? यदि हाँ, तो जानकारी दें।

 महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में कुल 5,72,156 हितग्राहियों को कुल राशि रू. 346.25 करोड़ प्रदान की गई। पात्रतानुसार हितग्राहियों को निरंतर भुगतान की कार्यवाही की जा रही है। (ख) योजना अंतर्गत निम्‍न मद से भुगतान किया गया हैः- (1) . 55-2235-2-103-101-5067-V-41-002 (2) . 55-2235-2-103-102-5067-V-41-002 (3) . 55-2235-2-103-103-5067-V-41-002 (4) . 55-2235-2-103-101-5067-V-42-006 (ग) जी नहीं।

बैतूल जिले में खनिज साधन की जानकारी

[खनिज साधन]

151. ( क्र. 2711 ) श्रीमती गंगा सज्जन सिंह उईके : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान में खनिज साधन की प्रदेश में नीति क्या है? सम्पूर्ण नीति की छायाप्रतियां प्रदाय करें। (ख) बैतूल जिले के कौन-कौन सी नदी एवं नालों पर किस-किस खसरा नंबर के कितने रकबा की भूमि पर रेत निकालकर कौन-कौन से ठेकेदारों को वर्तमान में किस-किस वर्ष से कब तक कि लिये कितनी-कितनी राशि का शासन द्वारा ठेका एवं कार्यादेश दिया गया है? ठेकेदारों के नाम, पते सहित जानकारी दें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बतायें कि कौन-कौन से स्थानों पर शासन द्वारा रेत खनन हेतु सीमांकन करके चिन्हांकित स्थानों पर जो कार्यादेश दिया गया था, उन पर कब-कब बोर्ड लगवा दिये गये हैं? (घ) बैतूल जिले में रेत खनन में मशीनों का अवैध रूप से प्रयोग किया जा रहा है। वन क्षेत्र की नदियों को भी खनन कर क्षति पहुंचाई जा रही है। इन अवैध खनन करने वालों के विरूद्ध शासन कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक, निश्चित समय-सीमा बतायें? साथ ही अवैध खनन की शिकायतों पर प्रश्‍न दिनांक तक शासन/प्रशासन द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी दें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) खनिज नीति 2010  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है(ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (घ) जी नहीं, प्रश्‍नाधीन क्षेत्रों पर रेत की खदानें नियमानुसार संचालित है तथा वन क्षेत्र की नदियों को भी खनन में क्षति पहुंचाने जैसी स्थिति नहीं है। अवैध खनन की शिकायतों पर प्रश्‍न दिनांक तक की गई कार्यवाही की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स  अनुसार है

शासन से रिक्‍त पदों की पूर्ति

[सामान्य प्रशासन]

152. ( क्र. 2712 ) श्रीमती गंगा सज्जन सिंह उईके : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैतूल जिले में किस-किस विभाग में कौन-कौन से पदों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के एवं अन्य के पद क्यों और कब से रिक्त हैं? कृपया स्वीकृत पद, भरे पद एवं रिक्त पदों की सम्पूर्ण जानकारी प्रदाय करें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के आधार पर बतायें कि इन रिक्त पदों को शीघ्र भरने शासन आदेश कब तक जारी करेगा? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बतायें कि इन रिक्त पदों के कारण क्या बैतूल जिले की जनता परेशान हो रही है और क्या विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं? या नहीं? कृपया सम्पूर्ण जानकारी प्रदाय करें। (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर निश्चित समय-सीमा सहित बतायें कि कब तक विभाग मुख्यमंत्री कार्यालय से अन्य समन्वय करके या सीधे स्थानान्तरण करके बैतूल जिले के रिक्त पदों को भरने हेतु स्थानान्तरण आदेश जारी करेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) यह एक सतत् प्रक्रिया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता (घ) उत्‍तरांश (ख) के प्रकाश में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्रदेश में ग्‍लोबल इन्‍वेस्‍टर समिट के आयोजन

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

153. ( क्र. 2714 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधान सभा प्र.क्र. 1780, दिनांक 08.12.2016 में बताया गया था कि प्रदेश में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट वर्ष 2007, 2010, 2012 एवं 2014 में लगभग 55000 करोड़ का निवेश हो चुका है? (ख) यदि हाँ, तो क्या दिनांक 22 एवं 23 अक्टूबर, 2016 तथा दिनांक 11 एवं 12 जनवरी, 2023 इंदौर में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट/प्रवासी सम्मेलन में प्रदेश में कितनी राशि के निवेश का प्रस्ताव आया एवं कितनी राशि का निवेश हुआ? पूर्ण ब्यौरा दें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में आयोजनों पर प्रचार-प्रसार तथा विदेशी पूंजी निवेश को आकर्षित करने के लिये विदेश यात्राओं पर कितनी राशि शासन द्वारा व्यय की गई? कृपया पृथक-पृथक बतायें। (घ) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में उल्लेखित अवधि में प्रदेश के कुल कितने बड़े उद्योग धरातल पर आये, उन्हें शासन द्वारा कितनी शासकीय एवं निजी भूमि आवंटित किस दर पर की गई? कितने कौन-कौन से कहां-कहां के उद्योग किन कारणों से बंद हो गये? स्थानवार सूची प्रदान करें। (ड.) प्रश्‍नांकित स्थापित बड़े उद्योगों में प्रदेश के कितने लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया? संख्यात्मक जानकारी उपलब्ध करायें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) दिनांक 22 एवं 23 अक्टूबर, 2016 तथा दिनांक 11 एवं 12 जनवरी, 2023 इंदौर में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में प्राप्त निवेश आशय प्रस्ताव की सूची पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-1 एवं 2 अनुसार है। उद्योग संवर्धन नीति 2014 अंतर्गत सुवि‍धा/सहायता के परिप्रेक्ष्य में प्राप्‍त आवेदनों अनुसार वित्‍तीय वर्ष 2016-17 से प्रश्‍नांश दिनांक तक स्‍थापित नवीन/विस्‍तारित/शवलीकृत इकाईयों की जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में वर्ष 2007-08 से वर्ष 2023-24 तक आयोजित किये गये आयोजनों के लिये प्रचार-प्रसार तथा निवेश को आकर्षित करने के लिए विदेश यात्राओं पर व्यय की गई राशि का विवरण पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है। (घ) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में उल्लेखित अवधि में प्रदेश में 358 नवीन/विस्‍तारित/शवलीकृत वृहद इकाईयों द्वारा निवेश किया गया है। आलोच्‍य अवधि में 257 वृहद उद्योगों की भूमि आवंटन संबंधी एवं बंद वृहद उद्योगों की जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-5 अनुसार है। (ड.) स्‍थापित बड़े उद्योगो में उपलब्‍ध कराये गये रोजगार की इकाईवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है।

 

 

म.प्र. सशस्‍त्र पुलिस बल का जिला पुलिस बल में संविलियन

[गृह]

154. ( क्र. 2717 ) श्री इंजीनियर हरिबाबू राय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश सशस्त्र पुलिस बल एस.ए.एफ. के कर्मिकों को जिला पुलिस बल में स्थानांतरण की वर्तमान में कोई व्यवस्था नहीं है जबकि म.प्र. जिला पुलिस बल एवं एस.ए.एफ. दोनों पदों की योग्यता समान है। (ख) म.प्र. जिला पुलिस बल एवं म.प्र. सशस्त्र पुलिस बल एस.ए.एफ. दोनों ही पद कानून व्यवस्था से जुड़े है। प्रदेश में वर्ष 1992 तक सशस्त्र बल को जिला पुलिस बल में संविलयन की व्यवस्था निर्वात रूप से जारी थी और दोनों पदों के लिए चयन प्रक्रिया भी समान थी। सामान्य सशस्त्र बल के जवान कई विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए अपने कर्तव्य का भली प्रकार निर्वाहन करते हैं। (ग) कई अन्य प्रदेशों में सशस्त्र बल एस.ए.एफ. को जिला पुलिस बल में स्थानांतरण की व्यवस्था जारी है। (घ) म.प्र. सशस्त्र बल एस.ए.एफ. का जिला पुलिस बल में संविलयन करने बावत आदेश जारी करने की कृपा करें एवं इस विषय पर अब तक सरकार द्वारा क्या प्रयास किये गये है।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जिला पुलिस बल एवं एस.ए.एफ. के चयन प्रक्रिया में समानता है, किंतु प्रशिक्षण, कार्यप्रणाली एवं कार्यक्षेत्र में भिन्नता है। (ख) राज्य शासन के आदेश दिनांक 29.12.1992 के पालन पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी जी..पी. क्रमांक 51/93 दिनांक 11/15-2-93 में स्पष्ट किया गया है कि पुलिस विभाग कि इकाईयों जैसे विशेष सशस्त्र बल, वितंतु शाखा आदि से जिला पुलिस बल में पुलिस कर्मचारियों/अधिकारियों के स्थानांतरण न तो आदेशित किए जावे और न ही इनके स्थानांतरण प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय/राज्य शासन को भेजे जावें।            (ग) एवं (घ) उत्तरांश "क" एवं "ख" के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता

मध्‍यप्रदेश शूटिंग एकेडमी रातीबड़ में आत्‍महत्‍या प्रकरण पर कार्यवाही

[गृह]

155. ( क्र. 2718 ) श्री इंजीनियर हरिबाबू राय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01-12-2024 को भोपाल स्थित नेशनल शूटिंग एकेडमी में आत्महत्या करने वाले यथार्थ रघुवंशी के सुसाइड नोट में कितने व्यक्तियों के नाम है और सुसाइड नोट में उल्लेखित कितने व्यक्तियों पर एफ.आई.आर. दर्ज की गई है। एफ.आई.आर. की छायाप्रति देंवे। (ख) क्या सुसाइड नोट में वर्णित कई व्यक्तियों का नाम एफ.आई.आर. में दर्ज नहीं किया गया है एवं एफ.आई.आर. में दर्ज व्यक्ति की गिरफ्तारी भी नहीं की गई है। यदि हाँ, तो जिम्मेदार पुलिस अधिकारी पर कब तक कार्यवाही की जायेगी और सुसाइड नोट में वर्णित समस्त व्यक्तियों के नाम एफ.आई.आर में दर्ज कर गिरफ्तारी कब तक की जायेगी। (ग) क्या पुलिस किसी दबाव में कार्य कर रही है पुलिस की निष्क्रियता के कारण आरोपी को अग्रिम जमानत मिल गई है जिससे संपूर्ण जांच प्रभावित होगी और समस्त रघुवंशी समाज में आक्रोश व्याप्त है। पुलिस की ऐसी निष्क्रियता पर शासन कोई कार्यवाही करेगा यदि हाँ, तो कब तक। (घ) रघुवंशी समाज के गौरव यथार्थ रघुवंशी को न्याय दिलाने हेतु शासन क्या कदम उठायेगा बतावें। घटना के 2 घंटे पूर्व यथार्थ के पिता द्वारा उसके कोच इंद्रजीत सिकंदर को सारी घटना बता दी गई थी और उसका ध्यान रखने एवं बंदूक एवं कारतूस वापिस लेने का कहा गया था और कोच ने इसको गंभीरता से नहीं लिया और अपने कर्तव्य का पालन न करने एवम् उनकी लापरवाही के कारण यथार्थ की जान चली गई। इसकी अभी तक कोई जांच हुई या कोच के ऊपर पुलिस या खेल विभाग द्वारा कोई कार्यवाही की गई और नहीं की गई तो क्यों और कब तक की जावेगी कृपया बताएं?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है।       (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है।

पद्श्री पुरस्कार से सम्मानितों को पेंशन

[गृह]

156. ( क्र. 2722 ) श्री केशव देसाई : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. के पदश्री पुरस्कार से सम्मानित प्रतिभाओं को सम्मान निधि/पेंशन राशि दिये जाने हेतु वर्तमान में कोई प्रावधान किया है? यदि नहीं, तो शासन इस दिशा में क्या प्रयास करेगा? (ख) क्या प्रदेश अन्य राज्य हरियाणा, तेलंगाना, उड़ीसा में 30,000 पेंशन प्रतिमाह दी जा रही है? इसी अनुसार पेंशन दिये जाने हेतु शासन विचार करेगा? यदि नहीं, तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) अन्य राज्यों की जानकारी विभाग द्वारा संकलित नहीं की जाती है। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

उद्योगों को सस्‍ती बिजली

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

157. ( क्र. 2728 ) श्री सुरेन्द्र पटवा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नये स्थापित उद्योगों को सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में क्‍या कोई प्रस्ताव विचाराधीन है? (ख) लघु एवं सुक्ष्म तथा मध्यम उद्योगों को सस्ती दर पर बिजली प्राप्त हो इस हेतु किसी योजना में क्या प्रावधान किया जायेगा शासन कब तक इस दिशा में निर्णय करेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। तथापि नवीन उद्योग संवर्धन नीति 2025 अंतर्गत एग्री, डेयरी एवं खाद्य प्रसंस्‍करण नीति तथा परिधान, फुटवेयर, खिलौने एवं सहायक उपकरण नीति अंतर्गत वृहद श्रेणी की औद्योगिक इकाईयों को प्रावधानित सुविधा/सहायता अंतर्गत 1 रू. प्रति यूनिट की दर से विद्युत टैरिफ में रियायत का प्रावधान किया गया हैं। सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम विभाग से प्राप्‍त जानकारी अनुसार म.प्र. एम.एस.एम.ई. विकास नीति, 2025 जो प्रदेश में 24/02/2025 से लागू की गई है, में पात्र खाद्य प्रसंस्‍करण, परिधान, पावरलूम, फुटवेयर, फर्नीचर एवं टॉय सेक्‍टर की इकाईयों को सस्‍ती दर पर बिजली उपलब्‍ध कराने का प्रावधान है।

लाड़ली बहना योजना से बहनों के नाम काटा जाना

[महिला एवं बाल विकास]

158. ( क्र. 2734 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में लाड़ली बहना योजना कब से संचालित है? इस योजना में लाभार्थी लाड़ली बहनों के लिये क्या मापदण्ड निर्धारित कर कितना-कितना लाभ कब-कब दिया जाना प्रस्तावित है? आदेश, निर्देंश, राजपत्र सहित संपूर्ण जानकारी बतायें। (ख) योजना में प्रारंभ में कितनी लाड़ली बहनों को पंजीकृत कर कब और कितनी राशि लाड़ली बहनों के खातों में स्थानांतरित की गई? लाड़ली बहनों की संख्या एवं कुल राशि का विवरण एवं कितनी बहनों के खातों में राशि नहीं पहुँच पाई सहित संपूर्ण जानकारी का गौशवारा जिलेवार, माहवार बनाकर बतायें। (ग) उपरोक्त योजना में वंचित एवं नई लाड़ली बहना को इस योजना में पुनः कब और कैस शामिल कर उन्हें योजना का लाभ दिया गया? जिलेवार, माहवार गौशवारा बनाकर बतायें। यदि नहीं, तो क्यों कारण सहित बतायें। (घ) योजना के प्रारंभ से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी बहनों के नाम कब और क्यों योजना से काटे गये? जिलेवार माहवार गौशवारा बनाकर बतायें। (ड.) प्रश्‍नांश (घ) की अवधि में विभाग ने कब और कितना बजट राज्य सरकार से मांगा? कब और कितना बजट प्राप्त हुआ? प्राप्त बजट में कब और कितना व्यय किया गया सहित संपूर्ण जानकारी का गौशवारा बनाकर माहवार बतायें। (च) लाड़ली बहना योजना में लाभार्थी बहनों को अधिकतम राशि कितनी और कब तक जारी की जायेगी? यदि नहीं, तो क्यों कारण सहित बताएं?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) दिनांक 05/03/2023 से योजना का प्रारंभ किया गया था। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – 01, 02, 03, 04 एवं 05 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – 06 एवं 07 अनुसार है। (ग) सभी आवेदनकर्ता पात्र महिलाओं को योजना का लाभ दिया जा रहा है। नवीन महिलाओं को शामिल करने के संबंध में वर्तमान में कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।           (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – 08 अनुसार है। (ङ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट – 09 अनुसार है। (च) वर्तमान में आर्थिक सहायता राशि में वृद्धि का प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

पदोन्‍नति का लाभ दिया जाना

[सामान्य प्रशासन]

159. ( क्र. 2735 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                      (क) क्‍या म.प्र.शासन के विधि विभाग अन्तर्गत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रतलाम के आदेश क्रमांक 02/लेखा/2025 दिनांक 06/01/2025 एवं कार्यालय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पन्ना के आदेश क्र. 228/दो-11-01/2011 दिनांक 09/08/2024 में पदोन्नति आदेश जारी किये गये है?                 (ख) क्या उपरोक्त के अनुक्रम में म.प्र.शासन प्रदेश के कर्मचारियों को न्यायालयीन आदेश के अध्याधीन पदोन्नति दे सकता है? (ग) मा. सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय ने पदोन्नति हेतु क्या अंतिम निर्णय जारी किये है? क्या प्रश्‍नांश (क) अन्तर्गत मा. न्यायालय के आदेशों का पालन हुआ है अथवा उल्लंघन? आदेश की प्रति सहित पदवार पृथक-पृथक बतायें। (घ) क्या राज्य सरकार ने अपने प्रदेश के कार्यालयों का कोई डाटाबेस तैयार किया है? यदि हाँ, तो कार्यालयवार बताएं कितने पदों के विरूद्ध कितने पद भरे एवं कितने पद वर्ष 2016 से बिना पदोन्नति के सेवानिवृत्त हो गये है? पदोन्नति नहीं होने से नवीन पदों की भर्ती पर प्रभाव से कार्यालयों के कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ रहा है? (ङ) पदोन्नति में रोक हटाने हेतु कोई कमेटी गठित है? कमेटी ने क्या ड्राफ्ट तैयार किया है? यदि नहीं, तो क्‍यों कारण सहित बतायें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

अनूपपुर में जनभागीदारी से किये कार्य

[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]

160. ( क्र. 2738 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या उप मुख्‍यमंत्री, योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनभागीदारी विकास मद अंतर्गत प्रस्ताव/स्थल चयन/कार्य कराने के नियम की प्रति उपलब्ध करावें। जिला अनूपपुर में वित्तीय वर्ष 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक किस-किस योजना के अंतर्गत किस-किस स्थल पर कितनी-कितनी लागत से कौन-कौन से प्रस्ताव, किस-किस व्यक्ति/संस्था के प्राप्त हुये एवं किस नाम/पदनाम के अधिकारी द्वारा कौन-कौन से प्रस्ताव किन-किन आधार पर स्वीकृत/अस्वीकृत किये गये। (ख) प्रश्‍नांश (क) अंतर्गत स्वीकृत कार्यों का प्रस्ताव/स्थल चयन/कार्य किस विभाग द्वारा तैयार कराया गया एवं कार्यों का निरीक्षण/भौतिक सत्यापन और कार्य की माप किस तकनीकी अधिकारी द्वारा कब-कब की गई। (ग) प्रश्‍नांश (क) अंतर्गत किये गये कार्यों में किस व्यक्ति/संस्था/प्रतिष्ठान द्वारा कितनी-कितनी राशि/सामग्री/श्रम/परिवहन किस-किस के अनुरोध पर दान/सहयोग के तौर पर कैसे-कैसे प्रदाय की गई। (घ) प्रश्‍नांश (क) से (ग) अंतर्गत क्या किसी व्यक्ति/प्रतिष्ठान द्वारा बार-बार       राशि/सामग्री/श्रम/परिवहन उपलब्ध कराई गई है। यदि हाँ, तो किस-किस व्यक्ति/प्रतिष्ठान द्वारा जनभागीदारी के कार्यों में कितनी बार सहयोग किया गया?

उप मुख्‍यमंत्री, योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट अनुसार है। वित्‍तीय वर्ष-2023 से प्रश्‍न दिनांक तक जनभागीदारी योजनान्‍तर्गत जिला अनूपपुर को कोई प्रस्‍ताव प्राप्‍त न होने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) से (घ) उत्‍तरांश ‘’’’ के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

 परिशिष्ट - "चौंसठ"

आरोपी के विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही

[गृह]

161. ( क्र. 2739 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक निर्माण विभाग (भवन-सड़क) अनूपपुर के प्रभारी कार्यपालन यंत्री देवेन्द्र कुमार कोष्ठा द्वारा बिना अधिकारिता के 6.50 करोड़ रूपये विद्युतीकरण के कार्य की तकनीकी स्वीकृति, निविदा प्रक्रिया व भुगतान के मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो में शिकायत दर्ज हुई है। क्‍या श्री देवेन्द्र कुमार कोष्ठा के विरूद्ध विभाग के ही अनुसूचित जनजाति वर्ग के कर्मचारी से गाली-गलौच व जान से मारने की धमकी दिये जाने के बारे में स्थानीय थाने में कोई शिकायत दर्ज की गई है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में उपरोक्त दोनों शिकायतों की जांच वर्तमान में किस स्तर पर लंबित है। जांच से संबंधित पत्र व्यवहार सहित प्रश्‍न दिनांक तक की गई कार्यवाही से अवगत करावें।     (ग) काफी समय व्यतीत हो जाने के कारण, क्‍या राजनैतिक दबाव के चलते आरोपी के विरूद्ध विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है? कब तक कार्यवाही करके दोषियों के खिलाफ कार्यवाही कर दी जायेगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी नहीं। जी हाँ। (ख) अजाक थाना जिला अनूपपुर में शिकायत पंजीबद्ध की गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर संज्ञेय अपराध का घटित होना नहीं पाये जाने से शिकायत नस्तीबद्ध की गई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है                            (ग) प्रश्‍नांश () के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

आंगनवाड़ी में कुपोषित बच्‍चों की जानकारी

[महिला एवं बाल विकास]

162. ( क्र. 2742 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) ग्‍वालियर जिले में 0-6 आयु वर्ग के कितने बच्‍चे कुपोषित की श्रेणी में आते हैं? आंगनवाड़ीवार जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ख) कुपोषित बच्‍चों में कुपोषण दूर करने के लिये विभाग कौन-कौन से योजना संचालित कर रहा है? योजनावार लाभान्वितों की संख्‍या कितनी-कितनी है?    (ग) क्‍या भितरवार विधानसभा क्षेत्र में बच्‍चों एवं धात्री महिलाओं को प्रदाय किए जाने वाला पोषण आहार सही समय पर वितरित नहीं किया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्‍यों? क्‍या पोषण आहार के प्रदाय में अनियमितता की जा रही है? क्‍या अनियमितता की जांच वरिष्‍ठ अधिकारियों की समिति बनाकर कराई जायेगी? (घ) भितरवार विधानसभा क्षेत्र में आने वाली परियोजना मुख्‍यालयों से आंगनवाड़ी केन्‍द्र तक पोषण आहार कब-कब एवं किस साधन से भिजवाया गया है? वर्ष 2022-23 से प्रश्‍न दिनांक की जानकारी उपलब्‍ध करायें।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) ग्वालियर जिले में 0-6 आयु वर्ग के कुल 5033 बच्चे कुपोषित की श्रेणी में आते हैं जिसमें अतिगंभीर कुपोषित 625 एवं गंभीर कुपोषित 4408 है। आंगनवाड़ी केन्द्रवार कुपोषित बच्चों की सूची  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट- अ अनुसार है। (ख) बच्चों में कुपोषण निवारण हेतु ''मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्द्धन'' कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत चिकित्सकीय जटिलता वाले बच्चों को पोषण पुर्नवास केन्द्र में भर्ती कराकर उपचार एवं पोषकीय सुविधा उपलब्ध कराई जाती है तथा गैर चिकित्सकीय जटिलता वाले बच्चों का समुदाय स्तर पर पोषण प्रबंधन किया जाता है। प्रत्येक माह की 11 से 20 तारीख तक सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों में शारीरिक माप दिवसों का आयोजन किया जाकर कुपोषित बच्चों का चिन्हांकन किया जाता है। कार्यक्रम अंतर्गत चिन्हित कुपोषित 5033 बच्चों में से 4228 बच्चों के पोषण स्तर में सुधार हुआ है। (ग) जी नहीं। जी नहीं। शेष का प्रश्‍न नहीं। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- ब अनुसार है।

अधिकारी/कर्मचारियों को चतुर्थ समयमान वेतनमान का प्रदाय

[वित्त]

163. ( क्र. 2743 ) श्री मोहन सिंह राठौर : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वित्त विभाग के आदेश क्रमांक एफ-1/2023/नियम/चार भोपाल दिनांक 14 अगस्त 2023 के द्वारा 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले सीधी भर्ती के अधिकारी/कर्मचारियों को चतुर्थ समयमान वेतनमान दिए जाने के आदेश जारी किए गए है? (ख) क्या जिन कर्मचारियों की शासकीय सेवा 01.07.2023 से पूर्व 35 वर्ष से अधिक की हो गई है एवं वे 01:07.2023 से पूर्व सेवानिवृत्त हो गए हैं, उन्हें इसका लाभ नहीं दिया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्यों? (ग) क्या शासन 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले तथा 01.7.2023 से पूर्व सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी/कर्मचारियों को चतुर्थ समयमान वेतनमान देने पर विचार करेगा? यदि हाँ, तो क्या 01.7.2023 की कट ऑफ डेट को विलोपित करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। म.प्र.राज्‍य शासन वित्‍त विभाग द्वारा चतुर्थ वेतनमान के संबंध में जारी परिपत्र क्रमांक एफ 8-1/2023/नियम/चार, दिनांक 14 अगस्‍त, 2023 के अनुसार दिनांक 01.07.2023 अथवा इसके बाद की तिथि से 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर चतुर्थ समयमान वेतनमान की पात्रता है। (ग) वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्‍ताव विचारधीन नहीं है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

पुलिस चौकी का थाने में उन्‍नयन

[गृह]

164. ( क्र. 2745 ) श्री बृज बिहारी पटैरिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर जिले की देवरी विधानसभा अंतर्गत थानों में कर्मचारी आवास की कमी को कब तक पूरा किया जावेगा? किस थाने में कितने-कितने आवास स्वीकृत किये जा रहे है? क्या आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 में बजट में शामिल किया गया है? विवरण देवें। (ख) विधानसभा देवरी अंतर्गत आने वाले टड़ा पुलिस चौकी को थाना बनाये जाने हेतु कब-कब मांग पत्र दिये गये उन पर क्या कार्यवाही हुई है? विवरण देवें। क्या टड़ा को थाना में उन्नयन किये जाने हेतु बजट 2025-2026 में शामिल किया जायेगा? (ग) देवरी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सहजपुर एवं देवरी नाहरमउ को पुलिस चौकी बनाये जाने के मांग पत्रों पर क्‍या कार्यवाही प्रचलन में है? यदि हाँ, तो क्‍या वित्तीय वर्ष 2025-26 में उक्त पुलिस चौकियां कार्य करना प्रारम्भ कर देगी? (घ) थानों में स्टाफ की कमी की पूर्ति कब तक करा दी जावेगी? किस थाने में कितना स्टाफ कम है? पदवार विवरण देवें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) मुख्यंमत्री पुलिस आवास योजना अंतर्गत सागर जिला मुख्यालय स्तर पर 372 आवास गृहों का निर्माण किया जा चुका है। शेष 40 आवासों का निर्माण आगामी चरण में आवश्यकता अनुसार स्थान चयन कर निर्माण किया जायेगा। सागर जिले में कुल 412 आवास गृहों का निर्माण मुख्यमंत्री आवास योजना अंतर्गत किया जा रहा है। इन आवासों का आवंटन देवरी विधानसभा अंतर्गत थानों में पदस्थ पुलिस कर्मचारियों को भी किया जायेगा। सागर जिले के लिए आगामी वित्तीय वर्ष 2025-2026 के बजट में नवीन आवासों का निर्माण शामिल नहीं किया गया है। सागर जिले की देवरी विधानसभा के अंतर्गत थाना देवरी में 13, थाना गौरझामर में 10 एवं थाना केसली में 5 आवास पूर्व से उपलब्ध है। (ख) विधानसभा देवरी अंतर्गत आने वाले टड़ा पुलिस चौकी का प्रस्ताव निर्धारित मापदण्ड के अनुसार नहीं होने से अमान्य किया गया। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) देवरी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सहजपुर एवं देवरी नाहरमउ में पुलिस चौकी का प्रस्ताव निर्धारित मापदण्ड के अनुसार नहीं होने से अमान्य किया गया शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) पद रिक्त होना तथा उनकी पूर्ति निरंतर चलने वाली प्रकिया है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट  अनुसार है।

परिशिष्ट - "पैंसठ"

लंबित चालान प्रकरणों व आवेदन पर कार्यवाही

[गृह]

165. ( क्र. 2753 ) श्री बाला बच्चन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि        (क) इन्दौर एवं बड़‌वानी जिले में कितने प्रकरणों में प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में चालान प्रस्तुत किया जाना शेष है? इसकी जानकारी थानावार, जिलावार, प्रकरण क्रमांक, आरोपियों की संख्या नाम सहित प्रकरणवार जिलावार देवें। चालान प्रस्तुत न करने के कारण भी बतावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार लंबित चालान कब तक प्रस्तुत कर दिये जायेगे समय-सीमा देवें। (ग) दिनांक 04/01/2025 को थाना प्रभारी पुलिस थाना राऊ जिला इन्दौर को प्रार्थी राकेश विश्वकर्मा द्वारा दिये आवेदन पर उत्तर दिनांक तक की कार्यवाही से अवगत करावें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में क्या कारण है कि पत्र में उल्लेखितों पर कार्यवाही न कर उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है क्योंकि न तो इनकी गिरफ्तारी हुई और न ही वाहन जब्ती की जा सकी। कब तक वाहन जब्ती एवं गिरफ्तारी की कार्यवाही की जायेगी, यदि नहीं, तो कारण बतावें। इसमें विलंब के उत्तरदायी अधिकारियों पर कब तक कार्यवाही होगी?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।        (ग) श्री राकेश विश्वकर्मा द्वारा दिनांक 04.01.2025 को पुलिस थाना-राऊ, जिला इन्दौर में कोई आवेदन पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया था, अपितु फरियादी श्री राकेश विश्वकर्मा की रिपोर्ट पर थाना राऊ में दिनांक 09.01.2025 को अपराध क्रमांक 24/2025 धारा 296,115 (2), 351 (2), 3 (5) बी. एन. एस. 2023 का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। (घ) फरियादी श्री राकेश विश्वकर्मा एवं आरोपीगण, दोनों ठेकेदार होकर आपस में लेन-देन का विवाद है। आरोपीगण जिला जोधपुर (राजस्थान) के निवासी होकर मध्यप्रदेश के विभिन्न स्थानों पर पेटी ठेकेदार के रूप में कार्य करते है, जो अपने मूल पते पर भी न जाकर कार्यस्थलों पर ही रहते हैं। आरोपीगण घटना दिनांक से ही फरार है, जिनके फोन लगातार बंद आ रहे है। आरोपीगण अपने स्थायी पते पर नहीं है। आरोपियों के विरुद्ध इस्तगासा क्रमांक 05/2025 धारा 126,135 (3) बी.एन.एस. का तैयार किया जाकर प्रतिबंधित किये जाने हेतु सहायक पुलिस आयुक्त (गांधी नगर), नगरीय इन्दौर के समक्ष पेश किया गया है। आरोपियों की तलाश संभावित स्थानों पर की गई है। आरोपीगणों से घटना में प्रयुक्त वाहन जब्त किया जाकर शीघ्र ही आरोपीगणों के विरुद्ध कार्यवाही कर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में पेश किया जायेगा। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

अधिकारों का दुरूपयोग

[महिला एवं बाल विकास]

166. ( क्र. 2755 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) महिला बाल विकास अधिकारी मुरैना एवं उनके अधीनस्थ, अधीनस्थ सुपरवाइजर जिला मुरैना में वर्ष 2010 से कहां-कहां, कितने-कितने समय के लिए, किस-किस पद पर पदस्थ रहे हैं? जिला मुरैना में उनके पदस्थापना के दौरान उनके विरुद्ध कितनी-कितनी शिकायतें, कब-कब प्राप्त हुई? उक्त शिकायतों पर कोई कार्यवाही क्यों नहीं की गई? (ख) क्‍या नियुक्ति के संबंध में पैसों की मांग से संबंधित शिकायतें भी प्राप्त हुई है यदि हाँ, तो उक्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विभाग द्वारा ईओडब्ल्यू में शिकायतों की सूचना भेजी गई है? यदि हाँ, तो कब? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? (ग) उक्त अधिकारी के कार्यकाल में कितनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायक की भर्ती की गई है? इन समस्त भर्तियों में पात्र एवं अपात्र आवेदकों ने कौन-कौन से दस्तावेज लगाए? भर्तीवार आवेदकवार जानकारी देते हुए लगाए गए दस्तावेजों की सत्यापित प्रति उपलब्ध कराएं। (घ) क्या प्रश्‍नांश (ख) में वर्णित भर्तियों में नियुक्त किए गए आवेदकों के दस्तावेज अवैध है? यदि हाँ, तो उक्त नियुक्तियों को अवैध घोषित कब तक किया जाएगा? यदि नहीं, तो समस्त नियुक्तियों में लगाए गए दस्तावेजों की जांच कर जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराए। (ड.) प्रश्‍नांश (ग) में की गई नियुक्तियों में नियमानुसार उसी वार्ड की आवेदक की भर्ती की गई है अथवा वार्ड/ग्राम क्षेत्र के बाहर के आवेदक को नियुक्‍त किया है? जानकारी देवें एवं बतायें कि‍ क्‍या यह वैध नियुक्ति है?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

स्‍लीमनाबाद टनल निर्माण की जानकारी

[नर्मदा घाटी विकास]

167. ( क्र. 2760 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी जलाशय जबलपुर के अंतर्गत स्‍लीमनाबाद में (मुख्‍य नहर) टनल निर्माण का प्राक्‍कलन, ड्राडिंग स्‍वीकृत राशि अनुबंध की सत्‍यापित प्रतिलिपि, अनुबंध अनुसार कार्य प्रारम्‍भ दिनांक अनुबंध अनुसार कार्य पर सम्‍भावित व्‍यय हेतु प्रस्‍तावित राशि, कार्य प्रारंभ दिनांक से आज तक किस-किस कार्य के लिये, कब-कब, कितना-कितना राशि व्‍यय हुआ? (ख) क्‍या टनल का कार्य सही समय में चल रहा है अगर हाँ तो आज तक कार्य पूर्ण क्‍यों नहीं हुआ और नहीं तो कार्य समय पर क्‍यों पूर्ण नहीं हुआ? कार्य की माप पुस्तिका, बिल एवं व्‍यय पुस्तिका की सत्‍य प्रतिलिपि दें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-‘’'', ‘’'', ‘’'' एवं ‘’'' (पेनड्राईव) अनुसार है। जी नहीं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-‘’'', ‘’'' एवं ‘’'' (पेनड्राईव) अनुसार है।

पोषण आहार की जानकारी

[महिला एवं बाल विकास]

168. ( क्र. 2763 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि  (क) बच्‍चों को पोषण आहार देने के क्‍या नियम है? क्‍या नियमानुसार बच्‍चों को पोषण आहार मिल रहा है अगर हाँ तो शिवपुरी जिले के कराहल क्षेत्र के बच्‍चों के स्‍वास्‍थ्‍य में सुधार क्‍यों नहीं हो रहा है अगर नहीं तो नियमानुसार पोषण आहार क्‍यों नहीं मिल रहा है? (ख) वर्ष 2024 से आज तक कौन-कौन से पोषण आहार कहां-कहां से कब-कब, कितनी-कितनी मात्रा में खरीदा गया, उसका भुगतान क‍ब-कब, कितनी-कितनी राशि किसे-किसे दिया गया शिवपुरी जिले की जानकारी दें?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) आंगनवाड़ी केन्द्रों पर पंजीकृत 06 माह से 03 वर्ष तक के बच्चों के लिए टेक होम राशन उपलब्ध कराए जाने का नियम है व 03 वर्ष से 06 वर्ष तक बच्चों को नाश्‍ता एवं गर्म पका भोजन उपलब्ध कराए जाने का नियम है। जी हाँ। सुधार परिलक्षित हुआ है, अतः शेष जानकारी का प्रश्‍न ही नहीं। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "छियासठ"

3 वर्षों से अधिक समय पदस्‍थ जिला प्रमुखों को बदला जाना

[सामान्य प्रशासन]

169. ( क्र. 2766 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला मुख्यालय भिण्ड में विगत 3 वर्षों से अधिक समय से पदस्थ विभिन्न विभाग प्रमुखों को बद‌लने की योजनावार विचार किया जा रहा है, इनकी अधिक समय से पदस्थापना के कारण मनमाने तरीके के कार्य करने की वजह से आमजन को असुविधा हो रही है? (ख) क्‍या वर्ष 2021 से पूर्व समय पदस्थ विभिन्न विभाग प्रमुख डिप्टी कलेक्टर व अन्य शासकीय कार्यों में संलग्‍न अधिकारियों के खिलाफ सम्बंधित विभागों को समय-समय पर जो शिकायतें प्राप्त हुई है, उन पर क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) क्‍या जिला मुख्यालय पर पदस्थ अधिकारियों की उदासीनता के कारण आमजन के होने वाले विभिन्न कार्यों पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है जिसकी कई शिकायतें विभिन्न विभागों के उच्चस्तरीय अधिकारियों से की गई है, उन पर अतिशीघ्र कार्यवाही हेतु निर्देशित करेंगे। यदि हाँ, तो समय-सीमा बताएं।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रशासनिक कार्य सम्‍पादन की दृष्टि से समय-समय पर पदस्‍थापना की जाती है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्राप्‍त शिकायतों पर जांच की जाकर नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। (ग) उत्‍तरांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

कूट रचित दस्‍तावेज के आधार पर सामग्री क्रय

[गृह]

170. ( क्र. 2767 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासकीय नवीन आदर्श कन्‍या महाविद्यालय श्‍योपुर में लैब सामग्री एवं आई.सी.टी. की निविदा में विश्‍वास सेल्‍स एवं सर्विसेस भोपाल द्वारा बड़े पैमाने पर कूटरचित दस्‍तावेज के आधार पर धोखाधड़ी कर कार्य प्राप्‍त किया गया तथा इनके खिलाफ किन धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया गया है? (ख) क्‍या मे.विश्‍वास सेल्‍स सर्विसेस भोपाल के प्रोपराईटर आज दिनांक तक फरार है, इसे किस अधिकारी का संरक्षण प्राप्‍त है? (ग) क्‍या शासकीय महाविद्यालय जैतवारा जिला सतना में विश्‍वास सेल्‍स सर्विसेस भोपाल द्वारा कूटरचित कागजात लगाने व ऑर्डर प्राप्‍त कर घटिया सामग्री प्रदाय करने के संबंध में थाना जैतवारा जिला सतना में आवेदन दिया गया था, उस पर क्‍या कार्यवाही हुई?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) थाना कोतवाली जिला श्योपुर में अपराध क्रमांक 225/24 धारा 420 भादवि में प्राचार्य शासकीय आदर्श कन्या महाविद्यालय श्योपुर द्वारा की गई रिपोर्ट के अनुसार विश्वास सेल्स एण्ड सर्विसेस के द्वारा अपनी फर्म के टर्न ओवर के जाली दस्तावेज तैयार कर ऑनलाईन निविदा में प्रस्तुत किये जाने पर से पंजीबद्ध किया गया है। (ख) प्रश्‍नांश '' में उल्लेखित प्रकरण की विवेचना जारी है। साक्ष्य एकत्रित की जा रही है। आरोपी को किसी अधिकारी का संरक्षण प्राप्त नहीं है। (ग) प्रश्‍न में उल्लेखित आवेदन के आधार पर थाना जैतवारा जिला सतना में अपराध क्रमांक 44/25 धारा 420 भादवि पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण की विवेचना जारी है।

संचालित योजनाओं एवं कार्यों की जानकारी

[महिला एवं बाल विकास]

171. ( क्र. 2770 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) महिला एवं बाल विकास विभाग की विभागीय संरचना क्या है? छायाप्रति उपलब्ध करावें। विभाग एवं विभाग के अंतर्गत कौन-कौन सी शासकीय, अर्द्धशासकीय, अशासकीय संस्थाएँ, प्रशासनिक इकाईयां सम्मिलित हैं? सभी के नाम और उक्त सभी संस्थाओं, इकाईयों में पदस्थ अधिकारी/कर्मचारी के नाम, सेवाकाल सहित संस्थावार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में विभाग एवं विभाग के अंतर्गत संचालित संस्थाओं के अनुसार वित्तीय वर्ष 2018 से प्रश्‍नांकित अवधि तक विदिशा जिले में कौन-कौन सी योजनाओं में, किन-किन निर्माण/विकास कार्य हेतु विभिन्न मदों कितनी-कितनी राशि स्वीकृत की गई है? योजनावार, मदवार, कार्य के नाम, कुल स्वीकृत राशि, तकनीकी स्वीकृति, प्रशासकीय स्वीकृति, निविदा, कार्यादेश सहित विकासखण्डवार, जिलावार विस्तृत जानकारी देवें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं में कितनी राशि आवंटित की गई? आवंटित राशि के विरूद्ध कितनी राशि व्यय की गई? कितनी राशि शेष हैं तथा शेष राशि का भुगतान कब तक दिया जावेगा? योजनावार, मदवार, कार्य के नाम सहित जानकारी देवें एवं छायाप्रति उपलब्ध करावें तथा कितनी राशि लेप्स हुई? लेप्स होने के लिए उत्तरदायी कौन है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) क्या गुणवत्ताविहीन कार्य, अनियमितता, लापरवाही एवं विकास कार्यों तथा कार्य एजेन्सियों, ठेकेदारों, फर्मों को किये गये भुगतान में अनियमितता के संबंध में शिकायतें प्राप्त हुई हैं? यदि हाँ, तो शिकायतों का विवरण वर्षवार दें तथा उन पर क्या कार्यवाही की गई? शिकायतों में जांच उपरांत कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी/ठेकेदार/निर्माण एजेन्सी दोषी पाये गये? उन पर क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, की गई तो कब तक की जावेगी? अभी तक कितनी जांचे लंबित हैं? उनका निराकरण कब तक कर दिया जावेगा? योजना, निर्माण/विकास कार्य, कार्य के नाम, स्थान, तहसीलवार, जिलावार विभाग अनुसार संपूर्ण जानकारी देवें।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : () से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

आंगनवाड़ी से संबंधित जानकारी

[महिला एवं बाल विकास]

172. ( क्र. 2771 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) भोपाल एवं सागर संभाग में कुल कितने आंगनवाड़ी केन्‍द्र एवं मिनी आंगनवाड़ी केन्‍द्र संचालित है? जिलावार जानकारी दें। स्‍वीकृत के विरूद्ध कितने पदों पर कार्यकर्ता और सहायिका नियुक्‍त है और कितने पद रिक्‍त है तथा भोपाल एवं सागर संभाग के कितने ग्राम, मजरा-टोला, नवीन बसाहटों में आंगनवाड़ी केन्‍द्र स्‍वीकृत नहीं है तथा कितने भवन स्‍वीकृत है? कितनी भवन विहीन आंगनवाड़‍ियां है? विकासखण्‍डवार जिलेवार जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में आंगनवाड़ी केन्‍द्रों पर शासन द्वारा क्‍या-क्‍या सुविधाएं बच्‍चों एवं महिलाओं को उपलब्‍ध कराई जाती है? क्‍या नियम/निर्देश/आदेश हैं छायाप्रति उपलब्‍ध करावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में क्‍या उक्‍त केन्‍द्रों में पोषण आहार राज्‍य, संभाग, जिला अथवा विकासखण्‍ड की शासकीय/निजी एजेन्सियों/स्‍व-सहायता समूहों द्वारा सप्‍लाय किया जाता है? यदि हाँ, तो सप्‍लाय करने वाली एजेन्सियों के नाम, सप्‍लायर एजेन्सियों के संचालकों के नाम बतावें और इनके चयन की प्रक्रिया क्‍या है? (घ) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में भोपाल संभाग में वर्ष 2018 से प्रश्‍नांकित अवधि तक आंगनवाड़ियों में कितनी नियुक्तियां हुई है? वर्षवार, जिलेवार, विकासखण्‍डवार जानकारी देंवे तथा नियुक्तियों के संबंध में कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं? उन शिकायतों पर क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों तथा कब तक कार्यवाही की जाकर शिकायतों का निराकरण कर दिया जावेगा? (ड.) प्रश्‍नांश (घ) के संदर्भ में क्‍या पोषण आहार सप्‍लायर के विरूद्ध अनियमितताओं की शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं? यदि हाँ, तो उन पर क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, की गई तो इसके लिये दोषी कौन है? दोषियों पर क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो कब-तक की जावेगी? कितनी शिकायतें लंबित है, उनको कब तक निराकृत कर दिया जावेगा? बतावें। (च) विदिशा जिले में आंगनवाड़ी केन्‍द्रों पर सूखा एवं ताजा पोषण आहार कौन-कौन सी एजेन्सियों, फर्मों, व्‍यक्तियों द्वारा उपलब्‍ध कराया जाता है? संस्‍था का नाम, संस्‍था प्रमुख का नाम, पता, कब से उपलब्‍ध कराया जा रहा है? आंगनवाड़ीवार, पंचायतवार, जानकारी देवें। क्‍या वर्तमान प्रभारी परियोजना अधिकारी लटेरी के विरूद्ध शिकायतें प्राप्‍त हुई है? यदि हाँ, तो उन शिकायतों पर क्‍या कार्यवाही हुई? कौन दोषी पाया गया? यदि कार्यवाही नहीं हुई तो कब तक कार्यवाही की जावेगी?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( सुश्री निर्मला भूरिया ) : (क) भोपाल एवं सागर संभाग अंतर्गत 19,681 आंगनवाड़ी केन्‍द्र संचालित है। जिलेवार संचालित केन्‍द्र, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के भरे एवं रिक्‍त पदों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। भारत सरकार द्वारा नवीन केन्‍द्रों की स्‍वीकृति प्रदान नहीं किए जाने से प्रदेश में इस हेतु सर्वे नहीं किया जा रहा है, अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। शेष जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) आंगनवाड़ी केन्‍द्र के हितग्राहियों का पात्रतानुसार पूरक पोषण आहार, टीकाकरण, स्‍वास्‍थ्‍य जांच, पोषण एवं स्‍वास्‍थ्‍य शिक्षा, शालापूर्व शिक्षा, संदर्भ सेवाएं आदि सुवि‍धाएं प्रदान की जाती है। (ग)  से  (च) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

परिशिष्ट - "सड़सठ"

घोटाले के आरोपियों पर कार्यवाही

[वाणिज्यिक कर]

173. ( क्र. 2774 ) डॉ. राजेन्‍द्र कुमार सिंह : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या इंदौर जिले में सहायक आबकारी आयुक्त कार्यालय में कूट रचित बैंक चालान अपराध में तत्कालीन सहायक आबकारी आयुक्त संजीव कुमार दुबे द्वारा जानबूझकर तीन वर्ष तक मासिक तौजी सत्यापन नहीं करवाने के कारण शासन को 41 करोड़ रूपयों से ज्यादा के राजस्व की हानि हुई? प्रश्‍न तिथि तक यह हानि की वसूली जाने वाली राशि 71 करोड़ से भी ज्यादा हो गई है? प्रकरणवार पूरा विवरण बिन्दुवार/दिनांकवार दें। (ख) राज्य शासन के विशेष जांच अधिकारी द्वारा दोषी अधिकारियों पर विधि कार्यवाही करने की अनुशंसा की? उक्त रिपोर्ट की एक प्रति दें। क्या उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में लिखा है कि विभाग के अधिकारियों की संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता? उसके बाद भी प्रश्‍न तिथि तक राज्य शासन ने संजीव दुबे सहित अन्य दोषी अधिकारियों पर आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध क्यों नहीं करवाया? कारण एवं नियम बतायें। कब तक प्रकरण पंजीबद्ध होगा? (ग) इस प्रकरण में कमिश्नर आबकारी ग्वालियर/प्रमुख सचिव वाणिज्यक कर (आबकारी) के कार्यालयों एवं अन्य सक्षम कार्यालयों से प्रकरण के जानकारी में आने के तिथि से प्रश्‍न तिथि तक क्या-क्या पत्र/आदेश/जांच प्रतिवदेन/शिकायतें आयी? सभी की एक-एक प्रति दें।

उप मुख्‍यमंत्री, वाणिज्यिक कर ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) श्री संजीव कुमार दुबे, तत्‍कालीन सहायक आयुक्‍त आबकारी, जिला इंदौर की पदस्‍थापना अवधि 02 नवंबर 2015 से 08 सितंबर 2017 अवधि की मासिक तौजी का सत्‍यापन कोषालय से कराये जाने/आबकारी आयुक्‍त, मध्‍यप्रदेश को प्रेषित किए जाने का विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-एक  अनुसार है। इंदौर जिले में कतिपय मदिरा अनुज्ञप्तिधारकों द्वारा कोषालयीन चालानों में कूटरचना एवं हेराफेरी कर शासकीय राजस्व को क्षति पहुंचाने का प्रकरण प्रकाश में आने पर आबकारी आयुक्त, मध्यप्रदेश, ग्वालियर के आदेश पृष्ठा.क्रमांक/पी.ए./आ.आ./2017/53 दिनांक 09 अगस्त 2017 द्वारा गठित पांच सदस्यीय विभागीय जांच दल द्वारा वित्‍तीय वर्ष 2015-16, वर्ष 2016-17 एवं वर्ष 2017-18 के कुल 17 मदिरा एकल समूहों के कोषालयीन चालानों में कूटरचना एवं हेराफेरी होना पाया गया। वित्‍तीय वर्ष 2015-16 में दो एकल समूहों में रूपये 3,72,46,855/- एवं वर्ष 2016-17 में रूपये 20,10,39,235/- एवं वर्ष 2017-18 में रूपये 17,82,35,800/- इस प्रकार कुल राशि रूपये 41,65,21,890/- कम जमा होना आकलित किया गया था। उक्‍त प्रकरण में बकायादारों से कुल राशि रूपये- 22,16,06,432/- की वसूली की जा चुकी है शेष राशि की वसूली हेतु आर.आर.सी. जारी कर नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। विभाग द्वारा दिये गये नवीन निर्देशों के परिपालन में आबकारी आयुक्‍त कार्यालय के आदेश पृ.क्र./7-ठेका/2023/678 दिनांक 27.04.2023 से सहायक आबकारी आयुक्‍त, जिला इंदौर से पुन: जांच कराई गयी, विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। सहायक आबकारी आयुक्‍त, जिला इंदौर के द्वारा गठित जांच समिति द्वारा पत्र क्रमांक/आब/ठेका/2023/3612 दिनांक 08.07.2023 से प्रेषित प्रस्‍ताव अनुसार आकलित कुल कम जमा राशि रूपये 41,65,21,890/- के स्थान पर पुनर्गणना के आधार पर रूपये 71,58,52,047/- परिगणित होना उल्‍लेखित किया जाकर, राशि अनुमोदन हेतु प्रस्‍ताव कार्यालय आबकारी आयुक्‍त को भेजा गया, जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट ‘’तीन’’ अनुसार है। उक्त परिगणित राशि का परीक्षण मुख्‍यालय स्‍तर पर वित्त अधिकारियों से कराया गया है। उपरोक्‍त्त अनुक्रम में कार्यालय आबकारी आयुक्‍त के वित्‍त अधिकारियों द्वारा परीक्षण किया जाकर, पत्र क्रमांक/10-ऑडिट/2024-25/359 दिनांक 10.08.2024 से जिला स्‍तर पर गठित समिति के प्रतिवेदन में उल्‍लेखित परिगणित खिसारा राशि 71,58,52,047/- से असहमति व्‍यक्‍त की जाकर, पुष्टि नहीं किये जाने का उल्‍लेख किया गया है। साथ ही समिति से पुन: वास्‍तविक गणना कराई जाना प्रतिवेदित किया गया है, जिसके अनुक्रम में आबकारी आयुक्‍त के पत्र दिनांक 19.11.2024 से सहायक आबकारी आयुक्‍त, जिला इंदौर एवं अपर संचालक (वित्‍त) मुख्‍यालय को निर्देशित किया गया है। प्रकरण में वास्‍तविक गणना संबंधी कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। प्रकरण में संबंधित अनुज्ञप्तिधारियों एवं अन्‍य के विरूद्ध पुलिस थाना, रावजी बाजार, इंदौर में एफ.आई.आर. क्रमांक 0172/2017 दिनांक 11-08-2017 दर्ज करवाई गयी है, जानकारी  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट- ‘’चार’’ अनुसार है। जिला इंदौर में तत्‍समय पदस्‍थ विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध लापरवाही/पदीय दायित्‍वों का निर्वहन नहीं करने के संबंध में शासन आदेश दिनांक 23 जून 2018 से विभागीय जांच की कार्यवाही प्रचलन में है, जानकारी  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-पांच अनुसार है। शासन आदेश क्रमांक बी-7 (ए) 20/2017/2/पांच दिनांक 25 मई 2021 से श्रीमती स्‍नेहलता श्रीवास्‍तव, भा.प्र.से. (से.नि.) को विभागीय जांचकर्ता अधिकारी नियुक्‍त किया गया, जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-छ: अनुसार है। तदुपरांत शासन आदेश क्रमांक बी-7 (ए) 20/2017/2/पांच दिनांक 02 जुलाई 2024 से श्रीमती रजनी सिंह, अपर आयुक्‍त, वाणिज्यिक कर (भा.प्र.से.) को जांचकर्ता अधिकारी नियुक्‍त किया गया है, जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-‘’सात’’ अनुसार है। विभागीय जांच की कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) उक्‍त प्रकरण में नियुक्‍त तत्‍कालीन विभागीय जांचकर्ता अधिकारी श्रीमती स्‍नेहलता श्रीवास्‍तव, भा.प्र.से. (से.नि.) द्वारा शासन को प्रेषित पत्र क्रमांक दिनांक 26.12.2023 की प्रति  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-आठ अनुसार है। प्रकरण में माननीय उच्‍च न्‍यायालय, मध्‍यप्रदेश जबलपुर द्वारा रिट याचिका क्रमांक 10781/2022 में पारित निर्णय दिनांक 06.12.2023 एवं उक्‍त निर्णय के विरूद्ध अपचारी अधिकारी श्री दुबे, सहायक आबकारी आयुक्‍त द्वारा माननीय उच्‍च न्‍यायालय, जबलपुर में प्रस्‍तुत रिव्‍यू पिटीशन क्रमांक 1373/2023 में पारित निर्णय दिनांक 20.12.2023 के परिपालन में श्री संजीव कुमार दुबे, सहायक आबकारी आयुक्‍त द्वारा प्रस्‍तुत अभ्‍यावेदन दिनांक 25.01.2024 के सभी बिन्‍दु विभागीय जांच के परीक्षण के ही बिन्‍दु होने एवं विभागीय जांच में निर्णित होने के आधार पर शासन द्वारा आदेश दिनांक 22.07.2024 से उक्‍त अभ्‍यावेदन को अमान्‍य करते हुए विभागीय जांच प्रक्रिया यथावत रखी गयी है, जो की प्रचलन में है। प्रकरण में संबंधित अनुज्ञप्तिधारियों एवं अन्‍य के विरूद्ध पुलिस थाना, रावजी बाजार, इंदौर में एफ.आई.आर. क्रमांक 0172/2017 दिनांक 11-08-2017 दर्ज करवाई गयी है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट- एक, दो, तीन, चार, पांच, छ: सातआठ एवं नौ अनुसार है।

म.प्र. के सरकार पर कर्ज

[वित्त]

174. ( क्र. 2775 ) डॉ. राजेन्‍द्र कुमार सिंह : क्या उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. शासन के ऊपर 31 मार्च 2003 (31/03/2003) तक किस-किस का, कितनी-कितनी राशि का कुल कितना कर्जा था? (ख) म.प्र. शासन के ऊपर प्रश्‍नतिथि तक किस-किस का, कितनी-कितनी राशि का कुल कितना कर्जा है? (ग) म.प्र. शासन ने प्रश्‍नतिथि तक किस-किस से, किस ब्‍याज दर पर, किन-किन शर्तों/नियमों के तहत कितनी-कितनी राशि कर्ज के रूप में उधार ली है? इस उधार हुई राशि का ब्‍याज प्रतिवर्ष कितना चुकाना पड़ता है/पड़ेगा? (घ) कर्ज के रूप में उधार ली गई उक्‍त रकम किस तरह कब तक वापस की जायेगी? बिन्‍दुवार विवरण दें?

उप मुख्‍यमंत्री, वित्‍त ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) प्रदेश शासन पर कर्ज की जानकारी भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक द्वारा तैयार किये गये वित्त लेखे वित्तीय वर्ष 2002-03 अनुसार,        31 मार्च 2003 तक Statement No. 17 में  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है।     (ख) वित्तीय वर्ष 2024-25 के वित्त लेखे नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक द्वारा तैयार नहीं किये जाने से प्रश्‍नतिथि तक अंकेक्षित जानकारी दिया जाना संभव नहीं है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट साहित्य के वित्त सचिव के स्मृति पत्र के अनुसार राज्य सरकार पर कुल ऋण राशि की स्थिति, वित्तीय वर्ष 2023-24 का पुनरीक्षित अनुमान एवं वर्ष 2024-25 का बजट अनुमान की जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है। (ग) वित्तीय वर्ष 2024-25 के वित्त लेखे नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक द्वारा तैयार नहीं किये जाने से प्रश्‍नतिथि तक अंकेक्षित जानकारी दिया जाना संभव नहीं है। शेष उत्तरांश "ख" अनुसार वर्ष 2024-25 के बजट अनुमान में राज्य शासन पर उधार हुई राशि का ब्याज की जानकारी वित्तीय वर्ष 2022-23 का लेखा, वर्ष 2023-24 का पुनरीक्षित अनुमान एवं वर्ष 2024-25 के बजट अनुमान की जानकारी  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार है। (घ) राज्य शासन द्वारा कर्ज के रूप में उधार ली गई रकम का पुनर्भुगतान, संबंधित ऋण की परिपक्वता तिथि को किया जाता है। ऋणों के पुनर्भुगतान के रूप में अदा की गई ऋणवार राशियों की जानकारी वित्तीय वर्ष 2022-23 का लेखा, वर्ष 2023-24 का पुनरीक्षित अनुमान एवं वर्ष 2024-25 के बजट अनुमान की जानकारी  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट- 4 अनुसार है।

इन्‍वेस्‍टर्स समिट की जानकारी

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

175. ( क्र. 2776 ) श्री केशव देसाई : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने इन्वेस्टर्स समिट आयोजित हुए है जानकारी देवें? (ख) जिला भिण्ड, ग्वालियर, दतिया एवं भोपाल, में कितनी कंपनी ने प्रश्‍न दिनांक वर्ष 2020 से 2024 तक निवेश किया है जानकारी उपलब्ध करावें? (ग) ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के द्वारा विभाग द्वारा कितने युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराये है, संख्या सहित सूची उपलब्ध करावें? (घ) विभाग द्वारा वर्ष 2025 में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट पर कितना खर्च किया जा रहा है, खर्च की सूची उपलब्ध करावें। (ड.) ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में कौन-कौन सी कंपनियों के द्वारा निवेश किया जा रहा है एवं कितने का निवेश प्रश्‍न दिनांक तक किया गया है कितने रोजगार स्थापित किये गये है जिससे रोजगार युवाओं को मिला है संपूर्ण जानकारी से अवगत करावें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) प्रदेश में वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक 02 इन्‍वेस्‍टर्स समिट, इंदौर एवं भोपाल में आयोजित की गई। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ग) ग्‍लोबल इन्‍वेस्‍टर्स समिट द्वारा युवाओं को रोजगार उपलब्‍ध नहीं कराया जाता अपितु निवेशकों को प्रदेश की नीतियों से अवगत कराया जाता है। (घ) विभाग द्वारा वर्ष 2025 में दिनांक 24 से 25 फरवरी तक भोपाल में आयोजित ग्‍लोबल इन्‍वेस्‍टर्स समिट के आयोजन में लगभग राशि रू. 82.31 करोड़ का व्‍यय अनुमानित है, जिसकी सूची पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार है।          (ड.) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है।

फूड पार्कों की स्‍थापना

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

176. ( क्र. 2780 ) डॉ. अभिलाष पाण्डेय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि      (क) वर्तमान में प्रदेश में कितने फूड पार्क स्थापित हैं? स्थापित फूड पार्कों के भूखंड के आवंटन और उपलब्धता की स्थिति की जानकारी दें। (ख) विभाग द्वारा प्रदेश की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए, भोपाल और जबलपुर संभाग में और फूड पार्क स्थापित करने की आवश्यकता का आकलन किया गया है? यदि हाँ, तो कृपया इस आकलन का विवरण प्रस्तुत करें। (ग) भोपाल और जबलपुर संभागों में वर्तमान में कितने फूड पार्क स्‍थापित करने का प्रस्ताव है? फूड पार्कों की जानकारी प्रदान करें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) विभाग के अधीन एमपी इण्‍डस्ट्रियल डेव्‍हलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा प्रदेश के विभिन्‍न स्‍थानों पर 06 फूड पार्क स्थापित किये गये है। स्‍थापित फूड पार्को में 466 भूखण्‍ड का आवंटन किया गया है तथा 44 भूखण्‍ड आवंटन हेतु उपलब्‍ध है। (ख) एवं (ग) जी नहीं। भोपाल एवं जबलपुर संभाग में वर्तमान में कोई भी फूड पार्क स्‍थापित करने का प्रस्‍ताव नहीं है।

पर्यवेक्षणकर्ता अधिकारियों के अमले की संख्‍या में सुधार

[गृह]

177. ( क्र. 2781 ) डॉ. अभिलाष पाण्डेय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि      (क) विभाग अंतर्गत पुलिस अधिकारी/कर्मचारी के पर्यवेक्षणकर्ता अधिकारी (उप पुलिस अधीक्षक से पुलिस महानिदेशक तक) एवं मैदानी अमला (आरक्षक से निरीक्षक तक) के स्वीकृत पदों का अनुपात क्या है? (ख) अधिक आबादी वाले राज्य जैसे उत्तर प्रदेश और बिहार की तुलना में विभाग द्वारा मध्यप्रदेश में पर्यवेक्षणकर्ता अधिकारियों की संख्या अनुपात को विभाग उचित मानता है। यदि नहीं, तो ठीक करने पर विचार किया जाएगा? समय-सीमा बतावें। (ग) क्या विभाग द्वारा ऐसे प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा, जिसमें पर्यवेक्षणकर्ता अधिकारियों की संख्या कम करके मैदानी अमले की संख्या में बढ़ोतरी की जाए ताकि प्रदेश में मैदानी अमले की व्याप्‍त कमी को दूर किया जा सके? यदि हाँ, तो समय-सीमा बतावें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट  अनुसार है। (ख) अधिक आबादी वाले राज्य जैसे उत्तरप्रदेश और बिहार के पर्यवेक्षणकर्ता अधिकारी की संख्या के अनुपात की जानकारी संधारित नहीं की जाती है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) वर्तमान स्थिति में पर्यवेक्षणकर्ता अधिकारी के नवीन पदों का सृजन नहीं किया जा रहा है। पूर्व में पर्यवेक्षणकर्ता अधिकारी स्वीकृत पदों का युक्तियुक्तकरण कर पदों की पूर्ति की जा रही है। मैदानी अमले की कमी को दूर करने हेतु नवीन पदों के सृजन का प्रस्ताव शीघ्र शासन को प्रेषित किया जायेगा।

परिशिष्ट - "अड़सठ"

अनुविभागीय अधिकारी अनुभाग सीहोर द्वारा जारी जाति प्रमाण-पत्र

[सामान्य प्रशासन]

178. ( क्र. 2849 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अनुविभागीय अधिकारी सीहोर द्वारा जाति प्रमाण पत्र प्रकरण क्रमांक 4401/B-121/2002-03 दिनांक 02.03.2003 आवेदक धर्मेन्द्र पिता हरिदयाल निवासी इंग्लिशपुरा सीहोर के नाम से हस्तलिखित जाति-प्रमाण पत्र फर्जी एवं अपूर्ण दस्तावेजों के आधार पर जारी किया गया था? यदि नहीं, तो उक्त जारी जाति प्रमाण पत्र सहित सम्बंधित सम्पूर्ण नस्ती की सत्यापित प्रतिलिपि उपलब्ध कराई जाएं। (ख) क्या धर्मेन्द्र/हरिदयाल को जारी किये गये हस्तलिखित जाति-प्रमाण पत्र फर्जी होने एवं धर्मेन्द्र नुनैया के उत्तरप्रदेश के होने की शिकायत कलेक्टर एवं अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय को फरवरी 2020 में प्राप्त होने के बाद भी सम्बंधित को बचाने और संरक्षण देने हेतु फर्जी एवं अपूर्ण दस्तावेजों के आधार पर जारी किये गये जाति-प्रमाण पत्र को जिला कलेक्टर की अनुमति बिना ही बार-बार नियम विरुद्ध डिजिटल जाति-प्रमाण पत्र जारी किये गये? उक्त समस्त जारी किये गये जाति प्रमाण-पत्र, उनकी नस्ती/समस्त दस्तावेजों की प्रतियाँ उपलब्ध कराई जाएं। (ग) जाति प्रमाण-पत्र प्रकरण क्रमांक 4401/B-121/2002-03 जारी दिनांक 02.03.2003 धर्मेन्द्र/हरिदयाल के नाम से जारी किये गये हस्तलिखित जाति-प्रमाण पत्र में संशोधन कर डिजिटल जाति-प्रमाण पत्र किस-किस दिनांक को जारी किये गये है? उक्त जारी जाति-प्रमाण पत्रों में क्या-क्या संशोधन किये गये? उसे स्पष्ट रूप से बताया जाए और उक्त जारी जाति प्रमाण-पत्रों की सत्यापित प्रतियाँ उपलब्ध कराई जाए। (घ) प्रश्‍नांश (क) एवं (ग) अनुसार मूल हस्तलिखित जाति-प्रमाण पत्र प्रकरण क्रमांक 4401/B-121/2002-03 जारी दिनांक 02.03.2003 एवं डिजिटल जाति-प्रमाण पत्र धर्मेन्द्र/हरिदयाल ने भष्ट्राचार के चलते अनियमितता की गई तो उक्त जाति-प्रमाण पत्र कब निरस्त किया जायेगा?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) से  (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

टीकमगढ़ जिले की समस्‍याओं का निराकरण

[गृह]

179. ( क्र. 2896 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि       (क) टीकमगढ़ जिले में अपराधों की रोकथाम हेतु विभाग द्वारा क्या-क्या सराहनीय पहल की जा रही है? सराहनीय पहल होने के बावजूद भी जिले में अपराधों में कमी क्यों नहीं हो पा रही है?       (ख) प्रश्‍नांश (क) के आधार पर बतायें कि क्या टीकमगढ़ जिले में पुलिस बल की कमी है? पुलिस बल की कमी है तो कितनी-कितनी? कृपया पुलिस थाना एवं चौकियों के आधार पर बतायें कि शासन द्वारा यह रिक्त पदों को कब तक भर दिया जावेगा? अभी कितना बल भेजा रहा है?                  (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बतायें कि किस-किस पुलिस थाने में वाहन खराब है और इन वाहनों को चलाने वाले सरकारी चालकों के कहां-कहां पद रिक्त है? जहां पद रिक्त हैं या सृजित हैं, वहां क्या प्रॉयवेट व्यक्ति से वाहन चलवाये जाते हैं? कुछ घटना घटित होती है, तो क्या उन्हें बीमा राशि मिलेगी या नहीं? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर निश्चित समय-सीमा सहित बतायें कि शासन द्वारा कब तक जिले के रिक्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों एवं अन्य के पदों को भर दिया जावेगा? कब तक प्रत्येक थानों में नया वाहन एवं सरकारी चालक उपलब्ध करा दिया जावेगा? कब तक चन्देरा एवं बमोरीकलां थाने का एवं खजरी, कनेरा, जेवर चौकी के स्वयं के भवन एवं कर्मचारियों के निवास हेतु आवासीय कॉलोनी बनाई जावेगी? कृपया अद्यतन जानकारी से अवगत कराते हुए बतायें कि शासन द्वारा टीकमगढ़ जिले की समस्याओं का निराकरण कब तक कर दिया जावेगा? निश्चित समय-सीमा सहित माहवार एवं वर्षवार बतायें।

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) टीकमगढ़ जिले में अपराधों की रोकथाम हेतु जनसंवाद एवं जागरूकता कार्यक्रम जैसे-साइबर क्राइम, महिला जागरूकता, नशा मुक्ति, यातायात जागरूकता, सेफ क्लिक, एससी/एसटी एक्ट के अपराधों के संबंध में जागरूकता, हेतु अभियान चलाये जा रहे है इसके अतिरिक्त नीड, परी, सहारा, आसरा, भरोसा, प्रतिभा सम्मान, युवा जोडों, आदि अभियान भी चलाये जा रहे है। वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2024 में भा.द.वि. के अपराधों में कोई विशेष वृद्धि नहीं हुई है। अपराधों में कमी लाये जाने के लिए जिला स्तर पर जुआ, सट्टा, अवैध शराब, मादक पदार्थ एवं अवैध गतिविधियों के विरूद्ध कार्यवाही, संदिग्ध सजायाब, जेल रिहाई, गुण्डा, बदमाशों की चौकिंग, स्थाई/गिरफ्तारी वारंटों की तामीली, एनएसए/जिलाबदर/निगरानी/गुण्डा फाइल तैयार कराना संबंधी अभियान लगातार चलाये जा रहे है। रात्रि सघन गस्त/सांयकालीन, प्रातःकालीन भ्रमण, रोड़ पेट्रोलिग, कॉबिंग गस्त कराई जाकर अपराधों पर नियत्रंण किया जा रहा है। साथ ही पुलिस मुख्यालय स्तर से ऑपरेशन मुस्कान के अन्तर्गत गुमशुदा बालक/बालिकाओं की दस्तयावी का अभियान चलाया जा रहा है। उक्त कार्यवाहियों/कार्यक्रमों के माध्यम से अपराधों की रोकथाम हेतु हरसंभव प्रयास किये जा रहे है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट "अ" अनुसार है। (ग) जिला टीकमगढ़ के किसी भी थाने में वाहन खराब नहीं है एवं वाहन खराब होने पर तत्काल वाहन का मरम्मत कार्य कराया जाता है। थाना बम्हौरीकलां एवं थाना बल्देवगढ़ एवं चौकी देवरदा, चौकी खिरिया में आरक्षक चालक के पद रिक्त है। थाने पर किसी प्रॉयवेट व्यक्ति से वाहन नहीं चलवाये जा रहे हैं, आवश्यकता पड़ने पर लायसेन्स प्राप्त पुलिस कर्मचारी से वाहन चालन कार्य करवाया जाता है, अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट "ब" अनुसार है

परिशिष्ट - "उनहत्‍तर"

जनप्रतिनिधियों के अनुशांसित विकास कार्य प्रारम्‍भ करना

[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]

180. ( क्र. 2897 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या उप मुख्‍यमंत्री, योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले में जनवरी 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक विधायक एवं सांसद जी अनुकम्‍पा से विधायक विकास निधि एवं सांसद विकास निधि के कौन-कौन से विकास कार्य स्‍वीकृत किये गये थे? कृपया वर्षवार जानकारी बताएं कि उनकी लागत एवं एजेन्‍सी क्‍या-क्‍या थी? उनकी सम्‍पूर्ण जानकारी बताएं। (ख) प्रश्‍नांश (क) के आधार पर बताएं कि प्रश्‍न दिनांक तक किस ठेकेदार द्वारा या किस उपयंत्री द्वारा विभागीय कार्य करा दिये गये हैं? प्रत्‍येक कार्यों पर कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताएं कि प्रश्‍न दिनांक तक ऐसे कौन-कौन से कार्य है जो प्रश्‍न दिनांक तक अप्रारंभ है? उपरोक्‍त कार्य प्रश्‍न दिनांक तक क्‍यों प्रारंभ नहीं हुये हैं? कारण सहित बताएं क्‍या उपरोक्‍त विभाग के उच्‍चाधिकारी उन एजेन्सियों को निर्देशित करेंगे कि कार्य प्रारंभ करायें या संबंधित अनुशंसा करने वाले जनप्रतिनिधि से जो अभी भी है उनसे अनुशंसा कराकर कार्य एजेन्‍सी या कार्य बदलने का कार्य करायेंगे तो कब तक? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बताएं कि निश्चित समय-सीमा सहित बताएं कि कब तक वर्षों से जनप्रतिनिधियों द्वारा अनुशांसित राशि लंबित कार्य प्रारंभ करा दिये जावेंगे?

उप मुख्‍यमंत्री, योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) टीकमगढ़ जिले में जनवरी 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना के तहत स्वीकृत कार्यों की वर्षवार जानकारी (वर्ष 2018-19 से 2024-25 तक), उनकी लागत, एजेन्सी एवं एजेन्सियों को जारी की गई राशि की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना केन्द्र प्रवर्तित होने से राज्‍य शासन का विषय नहीं है। अत: जानकारी दिया जाना संभव नहीं है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। समस्त एजेंसियों को समय-समय पर कार्य पूर्ण कराने हेतु निर्देंशित किया गया है। कुछ कार्य स्थल-विवाद होने के कारण अप्रारंभ हैं, शेष कार्यों के संबंध में मार्गदर्शिका के अनुसार कार्यवाही की जायेगी। (घ) मार्गदर्शिका अनुसार कार्यवाही कर निराकरण किया जायेगा।

जाति प्रमाण-पत्र की जानकारी

[सामान्य प्रशासन]

181. ( क्र. 2923 ) डॉ. राजेन्‍द्र कुमार सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि       (क) क्‍या अनुविभागीय अधिकारी, अनुविभाग सीहोर द्वारा जारी प्रमाण पत्र प्रकरण क्र. 4401/बी-121/2002-03 दिनांक 02.03.2003 आवेदक धर्मेन्द्र पिता हरदयाल निवासी इंग्लिशपुरा सीहोर के नाम से हस्तलिखित जाति प्रमाण पत्र जारी किया गया था? यदि हाँ, तो उक्त जाति प्रमाण पत्र किन-किन दस्तावेजों के आधार पर जारी किया गया के सम्पूर्ण दस्तावेजों की एक-एक प्रति उपलब्ध करायें? (ख) क्या कलेक्टर सीहोर एवं अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय ने फरवरी 2020 में या उसके पश्चात प्रश्‍नांश (क) में वर्णित धर्मेन्द्र के जाति प्रमाण पत्र को कलेक्टर सीहोर की लिखित अनुमति/आदेश से डिजिटल जाति प्रमाण पत्र जारी किये? कलेक्टर के आदेशों की एक प्रति उपलब्ध करायें। (ग) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित धर्मेन्द्र के जाति प्रमाण पत्र जो पहले हस्तलिखित जारी किये गये थे में कब व क्या-क्या संशोधन कर (किस सक्षम कार्यालय से संधोधन करने की अनुमति लिखित में प्राप्त कर) डिजिटल जाति प्रमाण पत्र किस नाम/पदनाम/पदमुद्रा से कब जारी किये गये एक प्रति दें? (घ) उक्त धर्मेन्द्र की जाति प्रमाण पत्रों की क्या क्या शिकायतें कब, किसके द्वारा, किस कार्यालय में सीहोर/शासन को प्राप्त हुई? एक प्रति उपलब्ध कराते हुये बताएं कि क्या कार्यवाही कब-कब, क्या क्या हुई? आदेशों की एक प्रति दें?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) अनुविभागीय अधिकारी सीहोर द्वारा धर्मेन्द्र पिता हरिदयाल निवासी इंग्लिशपुरा सीहोर का जाति प्रमाण-पत्र प्रकरण क्रमांक 4401/बी-121/2002-03 दिनांक 02.03.2003 के माध्यम से जारी किया गया है उक्त प्रमाण-पत्र की मूल नस्ती विनिष्टिकृत की जा चुकी है। (ख) धर्मेन्द्र/हरिदयाल को जारी हस्तलिखित जाति प्रमाण-पत्र कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी सीहोर द्वारा लोक सेवा गांरटी अधिनियम 2010 के तहत आनलाईन प्राप्त आवेदन के अनुसार हस्तलिखित से शासन दिशा-निर्देशानुसार जाति प्रमाण पत्र का डिजीटलीकरण किया गया है, ना कि नवीन प्रमाण पत्र जारी किया गया है। (ग) लोक सेवा केन्‍द्र से प्राप्त आवेदन में प्रकरण क्रमांक की त्रुटि होने से मात्र प्रकरण क्रमांक का संशोधन किया गया है, जो कि अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनुभाग सीहोर की पदमुद्रा से जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त कोई संशोधन की कार्यवाही नहीं की गई है। (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मध्य प्रदेश लोकसेवा (पदोन्नति), 2002 नियम

[सामान्य प्रशासन]

182. ( क्र. 2931 ) श्री सतीश मालवीय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि       (क) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा 2016 में आर. बी. राय प्रकरण के निर्णय के उपरांत इस प्रकरण में शासन की SLP पर उच्चतम न्यायालय के यथास्थिति आदेश के पश्चात मध्य प्रदेश लोकसेवा (पदोन्नति) नियम, 2002 क्या अभी विद्यमान है? मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने आर.बी. राय प्रकरण में मध्य प्रदेश लोकसेवा (पदोन्नति) नियम, 2002 के किन नियमों को असंवैधानिक घोषित किया था? (ख) क्या मध्यप्रदेश राज्य बनाम विनय कुमार बबेले एसएलपी 5868/2023 में उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश से आर.बी राय में सर्वोच न्यायालय द्वारा पारित यथास्थिति के आदेश में कोई परिवर्तन हुआ है? यदि हाँ, तो कितना? यदि नहीं, तो क्यों नहीं?          (ग) क्या यह सही है कि 2024 में राज्य शासन को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने पदोन्नति से संबंधित विभिन्न याचिकाओं में याचिकाकर्ताओं को डी.पी.सी. कर पदोन्नति दिए जाने के निर्देश दिए है? यदि हाँ, तो उपरोक्त याचिकाओं के संबंध में शासन द्वारा अब तक क्या कार्यवाही की है? (घ) क्या विभिन्न विभागों द्वारा उपरोक्त याचिकाओं के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग से अभिमत मांगा गया है, यदि हाँ, तो विभाग द्वारा क्या अभिमत दिया गया है उसकी जानकारी उपलब्ध करायें। (ड.) क्या मंत्री/राज्यमंत्री के निजी अमले में स्वैच्छिक पदों पर पदस्थ लोकसेवकों को अन्य विभागों में प्रतिनियुक्ति पर भेजा जा सकता है। यदि हाँ, तो तत्संबंधी आदेश की प्रति दें।
मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) : (क) जी हाँ। याचिका क्रमांक 1942/2011 में म.प्र. माननीय उच्‍च न्‍यायालय द्वारा पारित निर्णय दिनांक 30.04.2016 स्‍वत: स्‍पष्‍ट है। पारित निर्णय दिनांक 30.04.2016 की प्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट- '' अनुसार है। (ख) जी नहीं। विनय कुमार बबेले प्रकरण का निर्णय आर.बी.राय प्रकरण के संदर्भ में नहीं है। (ग) जी हाँ। संबंधित विभाग द्वारा विधिक परामर्श अनुसार कार्यवाही की गई है। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- '' अनुसार है। (ड.) जी नहीं।