मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्‍नोत्तर-सूची
दिसम्‍बर, 2022 सत्र


मंगलवार, दिनांक 20 दिसम्बर, 2022


भाग-1
तारांकित प्रश्‍नोत्तर



बालाघाट जिले में स्‍व-सहायता समूहों को भुगतान

[महिला एवं बाल विकास]

1. ( *क्र. 195 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले में पोषण आहार वितरण हेतु कुल कितने स्‍व-सहायता समूह कार्य कर रहे हैं? स्‍व-सहायता समूहों के नाम तथा उनके द्वारा जिन आगनवाड़ी केन्‍द्रों में पोषण आहार वितरि‍त किया जाता है? उनके नाम विकासखण्‍ड अनुसार देवें। (ख) क्‍या यह सही है कि बालाघाट जिले के स्‍व-सहायता समूहों को विगत पांच से छ: महीनों से बिलों का भुगतान नहीं किया गया है? भुगतान में विलम्‍ब का कारण बताते हुए विलम्‍ब के लिए जिम्‍मेदार लोगों पर क्‍या कार्यवाही की जायेगी? भुगतान कब तक कर दिया जायेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) बालाघाट जिले में पोषण आहार वितरण हेतु कुल 1168 स्व-सहायता समूह कार्य कर रहे हैं। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। माह जुलाई 2022 के अतिरिक्त स्व-सहायता समूह द्वारा समय-सीमा में उपलब्ध कराये गए माह सितम्बर 2022 तक के देयकों का भुगतान किया जा चुका है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

स्वीकृत कार्यों की लेप्स राशि का पुर्नआवंटन

[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]

2. ( *क्र. 337 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या धार जिले में वित्तीय वर्ष 2020-21 में विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि अंतर्गत धार विधानसभा से राशि रूपये 22.01 लाख समर्पित हुई थी? (ख) यदि हाँ, तो क्या उक्त समर्पित हुई राशि का वित्तीय वर्ष 2021-22 में पुर्नआवंटन नहीं होने से विकास कार्यों की पूर्णता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है? (ग) यदि हाँ, तो इस प्रकार समर्पित हुई राशि को आगामी वित्तीय वर्ष में पुर्नआवंटन किये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो क्या इस अनुपूरक बजट में उक्त समर्पित राशि रूपये 22.01 लाख का पुर्नआवंटन वित्त विभाग के माध्यम से किया जावेगा? (घ) क्या इसी अनुरूप जनभागीदारी निधि से वित्तीय वर्ष 2021-22 की समर्पित राशि का पुर्नआवंटन नहीं होने से विकास कार्य लंबित चल रहे हैं? उक्त राशि का पुर्नआवंटन कब तक किया जा सकेगा? पुनर्आवंटन

वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, संभाग धार द्वारा राशि उपयोग न करने के फलस्‍वरूप व्‍यपगत हुई है। (ख) योजनांतर्गत अपूर्ण कार्यों के संबंध में योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के पत्र क्रमांक एफ 8-01/2020/23/यो.आ.सा./भोपाल दिनांक 08.09.2020 के द्वारा यह व्‍यवस्‍था की गई है कि इन कार्यों को पूर्ण करने हेतु जिलों द्वारा वर्तमान वित्‍तीय वर्ष में उपलब्‍ध उस विधानसभा क्षेत्र के आवंटन से इन कार्यों को पूर्ण करने हेतु राशि जारी की जाये। (ग) जी नहीं। उत्‍तर '''' के परिप्रे‍क्ष्‍य में कार्यवाही की जाती है। योजनांतर्गत व्‍यपगत राशि हेतु अतिरिक्‍त आवंटन की मांग की गई है। (घ) जी हाँ। जनभागीदारी योजना निरन्‍तर योजना है। वर्ष 2021-22 की समर्पित राशि के पुर्नआवंटन का प्रावधान नहीं है। जनभागीदारी योजना में अगले वित्‍तीय वर्ष में विभाग को आवंटित राशि से उपलब्‍ध आवंटन अनुसार विभिन्‍न जिलों को राशि आवंटित किये जाने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

खाद्य सुरक्षा अधिनियम अंतर्गत खाद्य लायसेंस रजिस्‍ट्रेशन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

3. ( *क्र. 888 ) श्रीमती कृष्णा गौर : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत सभी तरह की खाद्य सामग्री बेचने वालों को खाद्य लायसेंस प्राप्‍त करना एवं रजिस्‍ट्रेशन कराना जरूरी है? यदि हाँ, तो इस नियम के अंतर्गत भोपाल में कितने खाद्य सामग्री विक्रेताओं ने आज दिनांक तक लायसेंस प्राप्‍त किया है और रजिस्‍ट्रेशन कराया है तथा कितने लोग बिना लायसेंस एवं पंजीयन के खाद्य सामग्री बेच रहे हैं? पृथक-पृथक संख्‍या बताई जाये। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित विक्रेताओं को निय‍ंत्रित एवं निरीक्षण के लिये कितने अधिकारी एवं कर्मचारी पदस्‍थ हैं? उनके नाम एवं पद बताते हुए उनकी पदस्‍थापना की अवधि बताई जाये। (ग) प्रश्‍नांश (ख) में वर्णित अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा दिनांक 01 जनवरी, 2022 से 15 नवम्‍बर, 2022 तक कितने लीगल सैम्‍पल कब-कब लिये गये, खाद्य विक्रेताओं के नाम पता बताते हुये यह बताया जाये कि उनकी रिपोर्ट कब प्राप्‍त हुई? उनका परिणाम क्‍या रहा? (घ) प्रश्‍नांश (ग) में वर्णित सैम्‍पल के विरूद्ध कितने प्रकरण में क्‍या कार्यवाही की गई?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी हाँ। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 अंतर्गत प्रश्‍न दिनांक तक खाद्य लायसेंस प्राप्त करने वाले खाद्य विक्रेताओं की संख्या 2390 एवं खाद्य रजिस्‍ट्रेशन प्राप्त करने वाले खाद्य विक्रेताओं की संख्या 15668 है। बिना लायसेंस खाद्य सामग्री बेचने वालों पर 01 एवं बिना पंजीयन खाद्य सामग्री बेचने वालों पर 16 प्रकरण न्यायालय में लगायें गये हैं। (ख) संबंधित  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। (ग) संबंधित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। (घ) संबंधित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट  प्रपत्र ''2'' के कॉलम 07 पर दर्शित है।

नियम विरुद्ध अस्पतालों का संचालन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

4. ( *क्र. 721 ) श्री विनय सक्सेना : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर में विगत 5 वर्षों में किन-किन अस्पतालों में कब-कब अग्नि दुर्घटना घटित हुई है? कितनी-कितनी जनहानि हुई है? (ख) क्या दिनांक 3 अगस्त, 2022 को लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, मंत्रालय भोपाल द्वारा जारी पत्र जिसमें जिलों के समस्त पंजीकृत निजी नर्सिंग होम के निरीक्षण आदि के निर्देश दिए गये थे? यदि हाँ, तो उक्त के पालन में किन-किन निजी नर्सिंग होम का पंजीयन निरस्त किया गया है? (ग) क्या दिनांक 6 अगस्त, 2021 को मंत्रालय द्वारा नर्सिंग होम के नियमित निरीक्षण किये जाने के संबंध में जारी पत्र में अनेक्सर-1 में लीगल कम्प्लाइन्स के अंतर्गत भवनों का बिल्डिंग कम्पलीशन लायसेंस उल्लेखित था? यदि हाँ, तो 3 अगस्त, 2022 को जारी पत्र में बिल्डिंग कम्पलीशन के स्थान पर बिल्डिंग परमीशन शब्द क्यों लिखा गया? दोनों शब्दों की क्या-क्या परिभाषाएं एवं मायने हैं? (घ) क्या सक्षम अधिकारी द्वारा जारी बिल्डिंग कम्पलीशन सर्टिफिकेट एवं अस्थाई फायर एन.ओ.सी. के बगैर किसी भवन में निजी नर्सिंग होम संचालन की अनुमति जारी की जा सकती है? (ड.) जबलपुर में विगत दिनों निजी अस्पताल में घटित अग्नि दुर्घटना की संभागायुक्त द्वारा की गयी जाँच की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखें।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जबलपुर जिले में दिनांक 01/08/2022 को न्‍यू लाईफ मल्‍टी स्‍पेशलिटी हॉस्पिटल में अग्नि दुर्घटना घटित हुई है। उक्‍त अग्निकांड में कुल 8 लोगों की मृत्‍यु हुई है। (ख) जी हाँ। लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण विभाग के संदर्भित निर्देश के पालन में 34 नर्सिंग होम के पंजीयन निरस्‍त किए गए। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी हाँ। म.प्र. उपचर्यागृह एवं रूजोपचार संबंधी स्‍थापनाएं (रजिस्‍ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन) नियम1997 के अनुसूची-दो के ख (एक) अनुसार उपचर्यागृह के लिए उपयोग में लाए गए भवन के संबंध में समय-समय पर प्रवृत्‍त सुसंगत नगर पालिक उप विधियों को पालन किया जाना है। तदानुसार म.प्र. नर्सिंग होम एसोसिएशन द्वारा प्रस्‍तुत ज्ञापन दिनांक 15/02/2022 के परीक्षण एवं प्रादेशिक प्रासंगिकता को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 03/08/2022 को जारी पत्र में बिल्डिंग कम्‍पलीशन के स्‍थान पर बिल्डिंग परमीशन की जानकारी चाही गई। म.प्र. भूमि विकास नियम 2012 के नियम 2 (51) में परिभाषित भवन अनुज्ञा से अभिप्रेत है 'विकास कार्य अथवा भवन निर्माण करने तथा उसे इन नियमों द्वारा विनियमित करने के लिए प्राधिकरण द्वारा लिखित में कोई प्राधिकारजो कि अन्‍यथा विधि विरूद्ध हो जाएगा। 'उक्‍त नियम के नियम 102 में भवन पूर्णता का प्रमाण-पत्र परिभाषित है जिसके अनुसार 'प्रत्‍येक स्‍वामी भवन के पूर्ण हो जाने पर उसके अधिभोग के पूर्व प्राधिकारी से इस आशय का पूर्णता प्रमाण-पत्र अभिप्राप्‍त करेगा कि मंजूर की गई योजना के अनुसार भवन पूर्ण हो गया है। (घ) जी नहीं। (ड.) जबलपुर में विगत दिनों निजी अस्‍पताल में घटित अग्नि दुर्घटना की संभागायुक्‍त द्वारा की गयी जांच की रिपोर्ट पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

अनुबंध एवं शर्तों अनुसार कार्य पूरा न करने वालों पर कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

5. ( *क्र. 876 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल जिले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा कौन-कौन से निर्माण कार्य कितनी-कितनी लागत से कराये जा रहे हैं, इन कार्यों बावत् कार्यादेश कब-कब, किन-किन संविदाकारों को किन-किन शर्तों पर दिये गये? शर्तों की प्रति देते हुये बतावें कि‍ कार्यों की भौतिक स्थिति‍ क्या है? कार्यों के गुणवत्ता के सत्यापन का कार्य कब-कब, किन-किन सक्षम अधिकारियों द्वारा किया गया? (ख) प्रश्‍नांश (क) संदर्भ में पेयजल आपूर्ति बावत् विभाग द्वारा कौन-कौन सी योजनाएं संचालित की जा रही हैं? संचालित योजनाओं के कार्यों की भौतिक स्थिति‍ क्या है? इन कार्यों को कराए जाने बावत् कार्यादेश किन-किन संविदाकारों को कब-कब अनुबंध की शर्तों के अनुसार दिए गए? शर्तों अनुसार क्या कार्य कराए जा रहे हैं? अगर नहीं तो इस पर कार्यवाही कब-कब किन-किन पर की गई? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के तारतम्य में जल जीवन मिशन के तहत किन-किन ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है? प्रश्‍नांश (क) अनुसार जानकारी जनपदवार, ग्राम पंचायतों की देवें। कार्यों की भौतिक स्थिति‍ क्या है, कितनी ग्राम पंचायतों को इस योजना का कार्य पूर्ण कर मीठा पानी पीने हेतु दिया जा रहा है? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार जिन संविदाकारों को अनुबंध की शर्तों अनुसार कार्यादेश जारी किये गए थे, शर्तों के पालन में कार्य समय में पूर्ण नहीं कराए गए, जो कार्य कराए गए उन में गुणवत्ता की कमी के साथ उपयोग की गई सामग्री की जांच सक्षम अधिकारियों द्वारा नहीं की गई तो इन सब अनियमितताओं के लिए किन-किन को जिम्मेदार मानकर कार्यवाही किस तरह की करेंगे? अगर नहीं, तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।

सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों का मंहगाई भत्ता

[वित्त]

6. ( *क्र. 957 ) श्री मुरली मोरवाल : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के सेवानिवृत्त कर्मचारि‍यों को वर्तमान कार्यरत कर्मचारि‍यों से कम मंहगाई भत्ता दिया जा रहा है, जबकि दोनों को समान मंहगाई भत्ता देने का प्रावधान हैं? (ख) यदि हाँ, तो इसका क्या कारण है तथा कब से सेवानिवृत्त कर्मचारि‍यों को वर्तमान कार्यरत कर्मचारि‍यों के समान मंहगाई भत्ता दिया जावेगा? (ग) मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्य के पेंशनर को डी.ए. बढ़ोत्‍तरी के लिए एक दूसरे की कानूनी अनिवार्यता समाप्त करने का प्रयास चल रहा है? यदि हाँ, तो पेंशनर्स के हित में कानूनी अनिवार्यता कब तक समाप्त कर दी जावेगी?

वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) प्रदेश में सेवानिवृत्‍त सरकारी कर्मचारियों को देय पेंशन पर मंहगाई राहत भुगतान की जाती है, जबकि कार्यरत सरकारी कर्मचारियों को देय वेतन पर मंहगाई भत्‍ता भुगतान किया जाता है। मंहगाई राहत एवं मंहगाई भत्‍ता में तुलना नहीं की जा सकती है। (ख) प्रश्‍नांश "'' के अनुक्रम में प्रश्‍न ही नहीं उठता है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है।

नियम विरूद्ध पदस्‍थापना

[वाणिज्यिक कर]

7. ( *क्र. 960 ) श्री निलय विनोद डागा : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या श्री पी.के. सिंह उपायुक्त, वाणिज्यिक कर भोपाल के विरूद्ध रिश्‍वत लिये जाते हुए पकड़े जाने का प्रकरण विचाराधीन है? यदि हाँ, तो कब से एवं कहाँ? (ख) क्या स्थानांतरण नीति 2022 की कण्डिका 40 के रहते उन्हें भोपाल में ही पदस्थ किया जा सकता है? (ग) यदि नहीं, तो उन्हें भोपाल में पदस्थ क्यों रखा गया है एवं अपीलीय उपायुक्त का कार्य क्यों दिया गया है? (घ) क्या विभाग ऐसे अधिकारी को पदस्थ करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए श्री पी.के. सिंह को अन्यत्र पदस्थ करेगा?

वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) श्री पी.के. सिंह, उपायुक्‍त, वाणिज्यिक कर, भोपाल संभाग-1 के विरूद्ध विशेष पुलिस स्‍थापना, लोकायुक्‍त कार्यालय भोपाल में अपराध क्रमांक 69/13 धारा, धारा 13 (1) (डी) एवं धारा 13 (2) पी.सी.एक्‍ट 1988 दर्ज है। लोकायुक्‍त द्वारा माननीय विशेष न्‍यायालय भोपाल में अभियोजन पत्र 28-03-2014 को प्रस्‍तुत किया गया है। प्रकरण माननीय विशेष न्‍यायालय में विचाराधीन है। लोकायुक्‍त कार्यालय का पृ.क्र. 1960/वि.पु.स्‍था./2014 दिनांक 29.03.2014 संलग्‍न परिश्ष्टि अनुसार है। (ख) स्थानांतरण नीति 2022 की कण्डिका 40 अनुसार जिन अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध नैतिक पतन संबंधी आपराधिक प्रकरण लंबित हो, उनकी तैनाती कार्यपालिक (executive) पदों पर न की जाए। ऐसे अधिकरियों/कर्मचारियों जिनके विरूद्ध विभागीय जांच लंबित हो, की पदस्‍थापना सामान्‍यत: कार्यपालिक (executive) पदों पर नहीं किये जाने का उल्‍लेख है। श्री पी.के. सिंह उपायुक्‍त वाणिज्यिक कर को कार्यालय अपर आयुक्‍त, वाणिज्यिक कर, भोपाल परिक्षेत्र में पदस्‍थ किया गया है तथा अपीलों के निर्वर्तन का अतिरिक्‍त कार्य उन्‍हें सौंपा गया है। अपीलीय उपायुक्‍त का पद कार्यपालिक पद नहीं है। स्‍थानांतरण नीति की उक्‍त कंडिका में ऐसे अधिकारी/कर्मचारी को किसी स्‍थान विशेष में पदस्‍थ करने या नहीं करने के संबंध में कोई उल्‍लेख नहीं है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर अनुसार श्री पी.के. सिंह, उपायुक्त, वाणिज्यिक कर को भोपाल में ही पदस्‍थ किये जाने में स्‍थानांतरण नीति-2022 की कंडिका-40 का कोई उल्‍लंघन नहीं हुआ है। श्री सिंह को शासनादेश क्रमांक एफ ए 6 (ए) 64/2013/1/पांच, दिनांक 02.12.2015 द्वारा कार्यालय अपर आयुक्‍त, परिक्षेत्र भोपाल में पदस्‍थ किया गया है। विभाग में उपायुक्‍त वाणिज्यिक कर के स्‍वीकृत पदों के विरूद्ध कार्यरत उपायुक्‍तों की संख्‍या कम एवं लंबित अपील प्रकरणों की संख्‍या अधिक होने से अपीलीय उपायुक्‍त का कार्य दिया गया है। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "एक"

विक्रय मूल्‍य से अधिक मूल्‍य पर मदिरा का विक्रय

[वाणिज्यिक कर]

8. ( *क्र. 227 ) श्री राकेश पाल सिंह : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के सिवनी जिले में जिला आबकारी विभाग द्वारा वर्ष 2021 से आज दिनांक तक आबकारी अधिनियम व राजपत्र के निर्देशों के अनुसार मदिरा दुकानों में निर्धारित अधिकतम विक्रय मूल्य से अधिक मूल्य पर मदिरा के विक्रय के सम्बंध में कितने प्रकरण दर्ज किए गए? विक्रेता के नाम सहित बताएं। (ख) वर्ष 2021-22 हेतु राज्य में मदिरा की फुटकर बिक्री की दुकानों के नवीनीकरण/टेंडर द्वारा निष्पादित निर्देश की कंडिका 21.4 के गंभीर उल्लंघन के लिए लाइसेंसी के विरुद्ध कंडिका 21.5 में क्या कार्यवाही प्रावधानित की गई है? (ग) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार दर्ज प्रकरण में मदिरा विक्रेता/लाइसेंसी के विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई? क्या यह कार्यवाही प्रश्‍नांश (ख) में वर्णित कंडिका 21.5 में प्रावधानित अनुसार है? यदि नहीं, तो इसका उल्लंघन करने वाले अधिकारी/कर्मचारियों के विरुद्ध शासन/विभाग क्या कार्यवाही करेगा और कब तक?

वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) मध्‍यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 एवं वर्ष 2021-22 में आबकारी आयुक्‍त, मध्‍यप्रदेश, ग्‍वालियर के पत्र क्रमांक 7-ठेका/2021-22/36/150, दिनांक 15.05.2021 तथा मध्‍यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 41, दिनांक 21.01.2022 में प्रावधानित अनुसार, सिवनी जिले में मदिरा दुकानों में निर्धारित अधिकतम विक्रय मूल्‍य से अधिक मूल्‍य पर मदिरा के विक्रय के संबंध में प्रश्‍नाधीन अवधि में तीन प्रकरण दर्ज किए गए, विक्रेता के नाम सहित विस्‍तृत विवरण निम्‍नानुसार है :- 1. वर्ष 2021-22 में विदेशी मदिरा बारापत्‍थर, लायसेंस मेसर्स आनंद सिंह बघेल पार्टनर श्री राजेश साहू। 2. वर्ष 2021-22 में विदेशी मदिरा दुकान बरघाट, लायसेंसी श्री कन्‍हैयालाल पात्रे। उपरोक्‍त लायसेंसियों द्वारा संचालित मदिरा दुकानों पर निर्धारित अधिकतम विक्रय दर से अधिक मूल्‍य पर मदिरा विक्रय करने के एक-एक प्रकरण दर्ज किये गये थे। 3. वर्ष 2022-23 में प्रश्‍न दिनांक तक कम्‍पोजिट मदिरा दुकान पांडियाछपारा लायसेंसी श्री राकेश मिश्रा द्वारा संचालित मदिरा दुकानों पर निर्धारित अधिकतम विक्रय दर से अधिक मूल्‍य पर मदिरा विक्रय करने का एक प्रकरण दर्ज किया गया था। (ख) वर्ष 2021-22 में आबकारी आयुक्‍त, मध्‍यप्रदेश, ग्‍वालियर के पत्र क्रमांक 7-ठेका/2021-22/36/150, दिनांक 15.05.2021 की कण्डिका क्रमांक-21.4 में प्रावधानित है कि ''मदिरा की फुटकर बिक्री की दुकान का लायसेंसी न्‍यूनतम फुटकर विक्रय मूल्‍य (MSP) एवं अधिकतम फुटकर विक्रय मूल्‍य (MRP) अथवा उसके बीच की कोई राशि, विक्रय दर के रूप में उपभोक्‍ता से वसूल कर सकेगा। ''कण्डिका क्रमांक-21.5 में प्रावधानित है कि निर्धारित न्‍यूनतम विक्रय मूल्‍य (MSP) से कम मूल्‍य पर एवं निर्धारित अधिकतम विक्रय मूल्‍य (M.R.P.) से अधिक मूल्‍य पर मदिरा विक्रय किया जाना, गंभीर अनियमितता मानकर संबंधित मदिरा का स्‍वीकृत लायसेंस कम से कम एक दिन के लिये अथवा अधिकतम पांच दिन के लिये निलंबित किया जायेगा। दो से अधिक बार ऐसी अनियमितता पाये जाने पर उक्‍त मदिरा दुकान का लायसेंस वर्ष की शेष अवधि के लिये निरस्‍त किया जा सकेगा। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में वर्णित उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में कलेकटर, जिला सिवनी के आदेश क्रमांक 2416, दिनांक 14.10.2021 एवं आदेश क्रमांक 289, दिनांक 03.02.2022 तथा आदेश क्रमांक 2699, दिनांक 24.11.2022 द्वारा संबंधित लायसेंसी के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की गयी है। उक्‍त आदेशों की छायाप्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। उपरोक्‍त कार्यवाही नियमों अनुरूप होने से किसी अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

परिशिष्ट - "दो"

महाकाल मंदिर में प्रसादी के कव्‍हर पर चित्र

[धार्मिक न्‍यास और धर्मस्‍व]

9. ( *क्र. 648 ) श्री महेश परमार : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) महाकालेश्वर मंदिर में क्या कारण है कि प्रसादी वितरण के कवर पर महाकाल महाराज के चित्रों को छपवाकर धार्मिक भावनाओं को आहत किया जा रहा है? यदि हाँ, तो छपे हुए मिष्ठान के कागजों को कूड़ेदान में फेंकने अथवा सड़क पर पड़े रहने के कारण हमारी आस्था पर कुठाराघात करने के लिए इस कृत्य के लिए दोषी अधिकारि‍यों पर क्या कार्रवाई की जाएगी और कब तक की जावेगी? (ख) श्री महाकालेश्वर समिति द्वारा विगत पांच वर्षों में कितनी बैठक आयोजित की है? सभी बैठकों का कार्यवाही विवरण और एजेंडा उपलब्ध कराएं।

पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) जी नहीं। मंदिर के शिखर का चित्र छापा जा रहा है। किसी भी प्रकार की धार्मिक भावनाओं को आहत व आस्‍था का कुठाराघात नहीं किया गया। प्रसादी कव्‍हर का चित्र पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार(ख) श्री महाकालेश्‍वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा विगत पांच वर्षों से 20 बैठकें आयोजित की हैं। सभी बैठकों का कार्यवाही विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार

कोविड-19 के दौरान क्रय एवं वितरित सामग्री

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

10. ( *क्र. 629 ) श्री प्रवीण पाठक : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले में कोविड-19 के दौरान आमजन के स्वास्थ्य लाभ के तहत सी.एम.एच.ओ. ग्वालियर, अस्पताल अधीक्षक एवं जी.आर. मेडि‍कल कॉलेज जयारोग्य चिकित्सालय समूह द्वारा क्या-क्या सामग्री (दवायें, संसाधन, उपकरण आदि) क्रय की गईं? उस पर कितनी राशि व्यय हुई? (ख) सामग्री क्रय हेतु क्या प्रक्रिया अपनाई गई? क्या कोई आम इश्तहार/विज्ञप्ति जारी की गई? यदि हाँ, तो बतायें। सामग्री किससे क्रय की? क्या शासन द्वारा निर्धारित भण्डार नियमों का पालन किया? यदि हाँ, तो किस प्रकार? यदि नहीं, तो क्यों? इससे शासन को कितने राजस्व की हानि हुई? (ग) क्रय की गई सामग्री (दवायें, संसाधन, उपकरण आदि) का कहां-कहां किस प्रकार वितरण किया एवं उसका किस प्रकार तथा कितना वास्तविक उपयोग हुआ? क्रय एवं वितरण तथा उपयोग का किन-किन के द्वारा कब-कब सत्यापन/प्रमाणीकरण किया गया? वितरण/उपयोग उपरांत कितनी राशि की सामग्री किस कारण खराब हुई? (घ) दवायें क्रय करने हेतु जिले में वित्तीय वर्ष 2020-21 से उत्तर-दिनांक तक कितनी राशि का आवंटन प्राप्त हुआ? कितनी राशि व्यय हुई?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक द्वारा क्रय की गई सामग्री की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है एवं व्यय की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय संबंधित जयारोग्य चिकित्सालय समूह ग्वालियर द्वारा क्रय की गई सामग्री एवं व्यय की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय संबंधित जयारोग्य चिकित्सालय समूह ग्वालियर द्वारा सामग्री का क्रय म.प्र.प.हे.स.कॉर्पो.लि. एवं हाईटस के माध्यम से किया गया एवं सी.एम.एच.ओ. ग्वालियर एवं सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक द्वारा सामग्री का क्रय म.प्र.प.हे.स.कॉर्पो.लि.भारत शासन के पोर्टल जेम इंण्डिया एवं स्थानीय स्तर पर स्वीकृत निविदा से किया गया। जी हाँ, भण्डार क्रय नियमों का पालन किया गया। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जयारोग्य चिकित्सालय समूह ग्वालियर द्वारा दवाएं एवं सर्जिकल सामग्री का वितरण चिकित्सालय के विभिन्न वार्डों में भर्ती कोविड मरीजों के लिए वार्डों द्वारा किए गए इन्डेन्टों के माध्यम से वार्डों एवं विभागों को किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक द्वारा सामग्री का वितरण कार्यालय के अधीन समस्त स्वास्थ्य संस्थाओंकोविड केयर सेन्टरआइसोलेशन हेतु किया गया। सीनियर नर्सिंग ऑफि‍सरोंइंचार्जोंनोडल अधिकारीसमिति द्वारा स्टोर से दवाएं प्राप्त कर ऑनलाईन व्हाउचरों का सत्यापन किया गया है। किसी भी प्रकार की सामग्री खराब नहीं हुई है। (घ) जयारोग्य चिकित्सालय समूह ग्वालियर को प्राप्त आवंटन एवं व्यय की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

जिला चिकित्‍सालय बुरहानपुर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्‍टाफ की पदस्‍थापना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

11. ( *क्र. 1026 ) श्री ठाकुर सुरेन्द्र सिंह नवल सिंह (शेरा भैया) : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला चिकित्‍सालय बुरहानपुर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में वर्तमान में विषय विशेषज्ञ चिकित्‍सकों एवं पैरामेडिकल स्‍टाफ के कितने पद स्‍वीकृत हैं? स्‍वीकृत पदों में कितने भरे हुये हैं? क्‍या शेष रिक्‍त पदों की राज्‍य शासन द्वारा पदपूर्ति की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक पदवार पृथक-पृथक जानकारी से अवगत करावें। (ख) जिला चिकित्‍सालय बुरहानपुर में वर्ष 2019-20 से 2021-22 तक कितने डॉक्‍टरों का स्‍थानान्‍तरण अन्‍य जिलों में किया है तथा रिक्‍त हुये डॉक्‍टरों के पदों पर कितनी नवीन पदस्‍थापना की गयी है? यदि नहीं, तो कब तक पदस्‍थापना कर दी जावेगी?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। जी हाँ। विभाग के अधीन चिकित्सा अधिकारियों एवं विशेषज्ञों के पदों पर नियमों में प्रावधानित प्रतिशत्ता अनुसार लोक सेवा आयोग के माध्यम से एवं तृतीय श्रेणी के पदों पर मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से सीधी भर्ती की कार्यवाही तथा पी.जी. योग्यताधारी चिकित्सा अधिकारियों के चयन द्वारा विशेषज्ञों की पद पूर्ति की कार्यवाही निरंतर जारी है। उपरोक्त के अतिरिक्त चिकित्सा अधिकारियों एवं पी.जी. योग्यताधारी चिकित्सकों की बंधपत्र अनुसार पदस्थापना की कार्यवाही निरंतर जारी है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता, निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। (ख) 03 चिकित्सकों का स्थानांतरण अन्य जिले में किया गया है। 04 चिकित्सकों की पदस्थापना जिला चिकित्सालय बुरहानपुर में की गई है। उत्तरांश (क) अनुसार शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं है।

 

संस्‍कृति विभाग में टेण्‍डर निरस्‍त करने की जानकारी

[संस्कृति]

12. ( *क्र. 1009 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) संस्‍कृति विभाग को कौन-कौन सी मदों में कौन-कौन सी योजनाओं में 1 जनवरी, 2019 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक कितना-कितना बजट आवंटित हुआ तथा आवंटित बजट के विरूद्ध कितना-कितना खर्च हुआ? वर्षवार, जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में संस्‍कृति विभाग ने कार्यक्रमों व आयोजनों में विभिन्‍न तरह की व्‍यवस्‍था एवं कार्यक्रमों व आयोजनों के प्रचार-प्रसार के लिए 1 जनवरी, 2019 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक कितनी बार कितने टेंडर निकाले एवं कौन-कौन से टेण्‍डर कितनी बार निरस्‍त किये गये एवं टेंडर को निरस्‍त कर कब-कब दोबारा टेंडर निकाले गये? टेंडर निरस्‍त करने के क्‍या कारण थे? (ग) यदि टेंडर में त्रुटियां थी, तो उसके लिए कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी हैं? दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो कब तक की जावेगी? एक टेंडर को बनाने में उसे प्रचारित, प्रसारित एवं प्रकाशित करने में कितना-कितना खर्च होता है और अभी तक टेंडर पर कितना व्‍यय हुआ? इस व्‍यय के लिए कौन-कौन दोषी है? क्‍या जिम्‍मेदारों से वसूली की जा रही है? यदि नहीं, तो कब तक कर ली जावेगी? समय-सीमा बतावें। (घ) टेंडर में कंपनियों के चयन की क्या प्रक्रिया थी? इसका संपूर्ण विवरण तथा नियम एवं निर्देश उपलब्‍ध करावें। तकनीकी और वित्‍तीय समिति यदि बनी थी, तो उनके द्वारा दी गई रिपोर्ट की प्रति उपलब्‍ध करावें। टेंडर में कितनी कंपनियां शामिल हुईं? किस कंपनी को किस कारण शामिल किया गया और किस कारण निरस्‍त (रिजेक्‍ट) किया गया? विभाग में विभिन्‍न कार्यों के लिए चयनित सेवा प्रदाता कंपनी और उसकी विभिन्‍न कार्यों के लिए क्‍या दरें हैं? (ड.) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में बतावें कि विभाग द्वारा 1 जनवरी, 2019 से प्रश्‍नांकित अवधि तक विभाग के उत्‍सवों एवं आयोजनों में किन-किन कलाकारों को बुलाया गया? वर्षवार, जिलावार, प्रदेश स्‍तर पर आयोजनवार कलाकारों के भुगतान और अन्‍य व्‍यय की पृथक-पृथक जानकारी उपलब्‍ध करायें। (च) प्रश्‍नांश (ड.) के संदर्भ में बतावें कि विभाग द्वारा सार्वजनिक संस्‍थाओं, एन.जी.ओ., पंजीकृत संस्‍थाओं, सांस्‍कृतिक संस्‍थाओं को कार्यक्रम करने के लिए सहयोग और अनुदान देने के लिए क्‍या-क्‍या नियम-निर्देश हैं? उसके अनुरूप दिनांक 1 जनवरी, 2019 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक ऐसी कितनी संस्‍थाओं को विभाग द्वारा अनुदान स्‍वीकृत किया गया? संस्‍थावार, जिलावार, वर्षवार जानकारी उपलब्‍ध करावें।

पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। (ख) संस्‍कृति संचालनालय एवं उसके अनुषंगों के कार्यक्रमों व आयोजनों में विभिन्‍न तरह की व्‍यवस्‍था एवं प्रचार-प्रसार हेतु 01 जनवरी, 2019 से प्रश्‍नांकित दिनांक तक e Procurement System Government of Madhya Pradesh के ऑनलाईन पोर्टल से तीन बार टेण्‍डर निकाले गए एवं नियमानुसार इनका समाचार पत्रों के माध्‍यम से विज्ञापन जारी कराया गया। फ्लेक्‍स आकल्‍पन एवं मुद्रण फोटोग्राफी, डिजिटल प्रिंटिंग एवं वीडियो शूटिंग, विविध मुद्रण, ध्‍वनि व्‍यवस्‍था, बिछायत एवं टेण्‍ट संबंधी की निविदाएं एक बार निरस्‍त की गई। फिल्‍म निर्माण, प्रकाश व्‍यवस्‍था, व्‍यवसायिक सेवा प्रदाता, वेबसाईट निर्माण, मंच प्रदर्शनी आकल्‍पन एवं संयोजन, टैक्‍सी वाहन, के लिए दो बार निविदायें निरस्‍त की गई। दिनांक 16 सितम्‍बर, 2021 एवं 14 जनवरी, 2022 को विज्ञापन जारी कर दोबारा निविदा आमंत्रित की गई। ऐसी निविदायें जो निरस्‍त की गई हैं :- वे नियमानुसार निर्धारित शर्तों तथा तकनीकी योग्‍यता के अनुरूप नहीं पाये जाने और पर्याप्‍त संख्‍या में निविदायें प्राप्‍त न होने के कारण निविदाएं निरस्‍त की गई हैं। (ग) टेण्‍डर में त्रुटियां किसी अधिकारी एवं कर्मचारी के कारण नहीं होने से कोई अधिकारी/कर्मचारी दोषी नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) टेण्‍डर में कंपनियों के चयन के प्रक्रिया, नियम एवं निर्देश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार है। तकनीकी समिति की रिपोर्ट पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''तीन'' अनुसार है। वित्‍तीय समिति द्वारा दी गई रिपोर्ट की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''चार'' अनुसार है। टेण्‍डर में शामिल कंपनियां और उनके निरस्‍त की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''तीन'' एवं ''चार'' अनुसार है। विभाग में विभिन्‍न कार्यों के लिए चयनित सेवा प्रदाता कंपनियां और उसके विभिन्‍न कार्यों के लिए दरें परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''चार'' अनुसार है। (ड.) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''पांच'' अनुसार है। (च) नियम निर्देश की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''छ:'' अनुसार है। 01 जनवरी, 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक दिए गये अनुदान की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''सात'' अनुसार है। उपरोक्‍तानुसार अनुदान प्राप्‍त संस्‍थाओं की जिलावार एवं वर्षवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''आठ'' अनुसार है। शेष परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''सात'' अनुसार

विधायक निधि से स्वीकृत कार्यों की राशि पुर्नआवंटित किए जाने बावत्

[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]

13. ( *क्र. 609 ) श्री शशांक श्रीकृष्ण भार्गव : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विदिशा जिले के विदिशा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2019-20 में विधायक निधि से स्वीकृत कार्यों हेतु कितनी राशि पुर्नआवंटित की जाने की कार्यवाही होना है? (ख) क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा उक्त संबंध में पत्र क्रमांक 228, दिनांक 03.06.2022 के माध्यम से आयुक्त, योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी विभाग एवं दिनांक 21.10.2022 को पत्र क्रमांक 659 के माध्यम से प्रमुख सचिव, योजना एवं आयुक्त आर्थिक सांख्यिकी विभाग को पत्र लिखकर उक्त जमा राशि पुर्नआवंटित किए जाने का अनुरोध किया था? (ग) यदि प्रश्‍नांश (ख) के क्रम में हाँ तो उक्त पत्रों के क्रम में क्या कार्यवाही की गई एवं कब तक स्वीकृत कार्यों की उक्त राशि पुर्नआवंटित की जायेगी? निश्चित तिथि से अवगत करायें। (घ) विदिशा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2019-20 से वर्ष 2022-23 तक की अवधि में विधायक निधि से अनुशंसित कितने निर्माण कार्य पूर्ण किए गये एवं कितने निर्माण कार्य स्वीकृत होने के बाद भी अपूर्ण एवं अप्रारंभ स्थिति में हैं, अपूर्ण रहने के कारण सहित जानकारी उपलब्ध करायें एवं कार्य अपूर्ण रहने के लिए दोषी निर्माण एजेन्सी के खिलाफ क्या कार्यवाही की गई, के संबध में भी जानकारी उपलब्ध कराएं।

वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) विदिशा जिले के विदिशा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2019-20 की व्‍यपगत राशि रुपये 55,24,997/- की अतिरिक्‍त आवंटन के रूप में मांग की गई है। योजनांतर्गत अपूर्ण कार्यों के संबंध में योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के पत्र क्रमांक एफ 8-01/2020/23/यो.आ.सा./भोपाल दिनांक 08.09.2020 के द्वारा यह व्‍यवस्‍था की गई है कि इन कार्यों को पूर्ण करने हेतु जिलों द्वारा वर्तमान वित्‍तीय वर्ष में उपलब्‍ध उस विधानसभा क्षेत्र के आवंटन से इन कार्यों को पूर्ण करने हेतु राशि जारी की जाये। (ख) अतिरिक्‍त आवंटन की मांग की गई है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) प्रश्‍नांश '''' के क्रम में की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। राशि आवंटित करने की निश्चित तिथि बताया जाना संभव नहीं है। योजनांतर्गत अतिरिक्‍त राशि की मांग की गई है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

घर-घर नल-जल योजना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

14. ( *क्र. 434 ) डॉ. अशोक मर्सकोले : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्‍य में भारत सरकार के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के अन्‍तर्गत घर-घर में पानी सप्‍लाई के कनेक्‍शन दिए जाने की योजना कब से संचालित की जा रही है? इस योजना के लिए राज्‍य में किसे क्रियान्‍वयन एजेन्‍सी बनाया गया है? इस योजना में भारत सरकार एवं राज्‍य सरकार का कितना-कितना अंश है? (ख) योजना प्रारंभ किए जाने के दिनांक से प्रश्‍नांकित दिनांक तक विधानसभा क्षेत्र निवास में कितनी लागत से कितने ग्रामों एवं कितने घरों में पानी पहुंचाए जाने के कार्य आदेश अनुबन्‍धकर्ताओं को दिए गए हैं? कितने ग्रामों के कितने घरों में पानी की सप्‍लाई वर्तमान में की जा रही है? (ग) योजना से संबंधित कार्य वन विभाग पर होने के कारण विधान सभा क्षेत्र निवास में कितनी लागत की योजना के लिए कितने हेक्‍टेयर वन भूमि की वन संरक्षण कानून 1980 के तहत अनुमति लिए जाने का कार्य वर्तमान में किस-किस अनुबन्‍धकर्ता के द्वारा किया जा रहा है? उसे दिए गए कार्य आदेश की प्रति सहित बतावें। (घ) वन भूमि से संबंधित वन संरक्षण कानून 1980 के तहत अनुमति की प्रत्‍याशा में किस-किस योजना का कार्य किस एजेन्‍सी के द्वारा किस अनुबन्‍धकर्ता से वर्तमान में करवाया जा रहा है? यह कार्य कब तक पूरा कर लिया जावेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) 15 अगस्‍त 2019 से। लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग को। भारत सरकार का 50 प्रतिशत एवं राज्‍य सरकार का 50 प्रतिशत। (ख) विधानसभा क्षेत्र निवास में नारायणगंज-बीजाडांडी समूह जलप्रदाय योजना लागत रू.180.82 करोड़ से 182 ग्रामों के 11450 घरों में तथा एकल ग्राम योजनाएं कुल लागत रू.91.118 करोड़ से 262 ग्रामों के 44785 घरों में पानी पहुंचाये जाने के लिये कार्यादेश अनुबंधकर्ताओं को दिये गये हैं। वर्तमान स्थिति में एकल ग्राम नल-जल योजनाओं से 42 ग्रामों के 6246 घरों में पानी की सप्‍लाई की जा रही है। (ग) निरंक। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) निरंक। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

आंगनवाड़ी एवं स्कूलों में पेयजल व्यवस्था

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

15. ( *क्र. 213 ) श्री मुकेश रावत (पटेल) : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अलीराजपुर जिले में जल जीवन मिशन के तहत कितनी आंगनवाड़ियों और स्कूलों में पेयजल व्यवस्था हेतु योजना स्वीकृत की गई है? यदि हाँ, तो निर्माण कंपनी को कितने-कितने कार्य दिये गये हैं? स्वीकृत लागत राशि, निर्माण कंपनी की सूची देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार स्वीकृत योजना का किन-किन अधिकारियों द्वारा सत्यापन किया गया? सत्यापन में क्या-क्या कमि‍यां पाईं गईं? सत्यापनकर्ता अधिकारी का नाम, पदनाम की जानकारी देवें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार संस्था द्वारा कार्य समय पर पूर्ण नहीं करने से आंगनवाड़ी एवं स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों को पेयजल सुविधा नहीं मिल पाने के लिए कौन-कौन जिम्मेदार हैं? क्या शासन जिम्मेदार पर कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो तिथि एवं समय बतावें।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) 1106 आंगनवाड़ि‍यों और 2234 स्‍कूलों में पेयजल योजना स्‍वीकृत की गयी है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है(ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। सत्‍यापन में कोई कमी नहीं पायी गयी। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है(ग) जल जीवन मिशन अंतर्गत नल से जल की व्‍यवस्‍था की जाना है, पूर्व की वैकल्पिक पेयजल सुविधा उपलब्‍ध है, अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

पेयजल व्‍यवस्‍था

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

16. ( *क्र. 822 ) श्री आलोक चतुर्वेदी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र छतरपुर में ऐसे कौन-कौन से गांव हैं, जहां प्रश्‍न दिनांक तक केंद्र सरकार के मापदण्डानुसार प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्रतिदिन 55 लीटर पानी की व्यवस्था नहीं हो सकी है? (ख) उपरोक्त गांव में मापदण्डानुसार पानी पहुंचाने के लिए क्या योजना है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है(ख) उपरोक्‍त गांवों में जल जीवन मिशन अंतर्गत तरपेड़ बांध आधारित तरपेड़-छतरपुर ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना स्‍वीकृत है।

परिशिष्ट - "तीन"

आशा कार्यकर्ताओं की वेतन वृद्धि

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

17. ( *क्र. 851 ) श्री अजय कुमार टंडन : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्य प्रदेश में आशा कार्यकर्ता वर्ष 2018 से आंदोलन करते हुए अपने वेतन वृद्धि की मांग कर रहे हैं? क्या शासन इनकी मांगों पर विचार कर रहा है? (ख) यदि हाँ, तो कब तक इनकी वेतन वृद्धि की मांगें पूर्ण की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी हाँ। जी नहीं, कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। (ख) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

विभिन्‍न भर्ती परीक्षाओं में आरक्षण

[सामान्य प्रशासन]

18. ( *क्र. 1001 ) श्री कुणाल चौधरी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2019 के बाद प्रदेश में व्‍यापम तथा लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित विभि‍न्‍न भर्ती परीक्षाओं में किस-किस वर्ग को कितने प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है? क्‍या दोनों विभागों द्वारा आरक्षण की सीमा अलग-अलग है? यदि हाँ, तो कारण क्‍या है? (ख) विभाग द्वारा आरक्षण के संदर्भ में व्‍यापम तथा लोक सेवा आयोग को भेजे गए निर्देश की प्रति देवें। (ग) बतावें कि इस संदर्भ में न्‍यायालयीन प्रक्रिया में क्‍या चल रहा है? क्‍या आरक्षण पर ठोस नीति नहीं बनने से परीक्षाओं के परिणाम पर निरंतर न्यायालय में वाद दायर हो रहे हैं? यदि हाँ, तो बतावें कि दोनों भर्ती एजेंसी के आरक्षण के संदर्भ में कुल मिलाकर कितने प्रकरण न्‍यायालय में विचाराधीन हैं? (घ) शासन इस संदर्भ में ठोस कार्यवाही कब करेगा तथा इस समस्‍या का समाधान किस प्रकार से निकाला जाएगा? क्‍या राज्‍य सेवा परीक्षा के लिये विभाग द्वारा परिणाम घोषित करने के लिए जो सूत्र दिया गया है, वह व्‍यापम पर भी लागू किया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) मध्‍यप्रदेश की शासकीय नौकरियों में सीधी भर्ती के प्रक्रम में (प्रथम, द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ श्रेणि‍यों में) अनुसूचित जा‍ति वर्ग को 16 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति वर्ग को 20 प्रतिशत, अन्‍य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ई.डब्‍ल्‍यू.एस.) को 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। दिव्‍यांगजनों को (प्रथम, द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ श्रेणि‍यों में) 6 प्रतिशत (होरिजेण्‍टल), महिलाओं को (प्रथम, द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ श्रेणि‍यों में) 33 प्रतिशत (वन विभाग को छोड़कर) (होरिजेण्‍टल एवं कम्‍पार्टमेन्‍टवाईज) तथा भूतपूर्व सैनिकों को तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी में क्रमश: 10 एवं 20 प्रतिशत (होरिजेण्‍टल एवं कम्‍पार्टमेन्‍टवाईज) आरक्षण का प्रावधान है। जी, नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार(ग) म.प्र. लोक सेवा आयोग में रिजर्वेशन से संबंधित वर्तमान में कुल 70 प्रकरण माननीय म.प्र. उच्‍च न्‍यायालय की तीनों बेंच के समक्ष लंबित हैं तथा कर्मचारी चयन मंडल के अंतर्गत माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर के समक्ष पी.सी.आर.टी. परीक्षा 2020 के अंतर्गत महिला आरक्षण से संबंधित याचिका क्रमांक 8757/2022 अदि‍ति तिवारी व अन्‍य तथा भूतपूर्व सैनिक आरक्षण से संबंधित याचिका क्रमांक 9253/2022 अजीत सिंह व अन्‍य वि.म.प्र. शासन व अन्‍य विचाराधीन है। (घ) सा.प्र.वि. के पत्र दिनांक 29 सितम्‍बर, 2022 द्वारा राज्‍य सेवा परीक्षा के परिणाम घोषित करने हेतु म.प्र. लोक सेवा आयोग को निर्देशित किया है। अत: यह कहना उचित नहीं है कि शासन ठोस कार्यवाही कब करेगा। व्‍यापम में वर्तमान में इस प्रकार की स्थिति निर्मित नहीं हुई है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

बटेश्‍वरा मंदिर हेतु प्राप्‍त एवं व्‍यय राशि

[संस्कृति]

19. ( *क्र. 1014 ) श्री राकेश मावई : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक विधान सभा मुरैना की ग्राम पंचायत पढ़ावली अंतर्गत आने वाले पुरातत्‍व विभाग के बटेश्‍वरा मंदिरों को शासन द्वारा कब-कब, कितनी-कितनी राशि उपलब्‍ध करायी गयी तथा उस राशि से कौन-कौन से कार्य किसके द्वारा कराए गए? वर्षवार संपूर्ण जानकारी उपलब्‍ध कराएं। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार प्राप्‍त की गयी राशि किस-किस कार्य पर कितनी-कितनी व्‍यय की गयी तथा उन कार्यों का कितना-कितना मूल्‍यांकन किस के द्वारा किया गया? मूल्‍यांकन की प्रतियों सहित संपूर्ण जानकारी उपलब्‍ध कराएं।

पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) बटेश्‍वरा मंदिर भारतीय पुरातत्‍व सर्वेक्षण के अधीन होने के कारण मंदिर हेतु संस्‍कृति विभाग द्वारा कोई राशि उपलब्‍ध नहीं कराई गई है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्‍तरांश '' अनुसार।

टेक होम राशन का वितरण

[महिला एवं बाल विकास]

20. ( *क्र. 504 ) श्री बैजनाथ कुशवाह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सबलगढ़ विधान सभा क्षेत्र में वर्ष 2018 से 2021 के दौरान अलग-अलग वर्षों में कितनी-कितनी राशि का कितना-कितना टेक होम राशन वितरण किया गया? (ख) उपरोक्‍त में से अलग-अलग किस-किस आंगनवाड़ी केन्‍द्र द्वारा कितनी राशि का कितना-कितना टेक होम राशि का राशन वितरण किया गया? (ग) क्‍या उपरोक्‍त टेक होम राशि वितरण में कोई अनियमितता या गड़बड़ी की शिकायत प्राप्‍त हुई है? यदि हाँ, तो शिकायत पर क्‍या कार्यवाही की गई?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) मुरैना जिले के सबलगढ़ विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत वर्णित अवधि में टेक होम राशन के वितरण की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। (ख) टेक होम राशन के देयकों का संधारण आंगनवाड़ीवार नहीं किया जाता है। आंगनवाड़ी केन्द्रवार वितरित टेक होम राशन की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार है। (ग) जी नहीं, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

पोषण आहार के क्रय एवं परिवहन में वित्तीय अनियमितता

[महिला एवं बाल विकास]

21. ( *क्र. 700 ) श्री सुरेश राजे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2018-19 से 2020-21 तक ग्‍वालियर जिले अन्‍तर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग में पोषण आहार क्रय हेतु कितनी राशि का बजट प्रावधान था, जिसके विरुद्ध वर्षवार कितनी राशि से कितनी मात्रा में पोषण आहार किस फर्म/संस्था/ठेकेदार से क्रय किया गया? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार वर्ष 2018-19 से 2020-21 तक क्रय किया गया पोषण आहार किस स्थान से ग्‍वालियर जिला तथा आंगनवाड़ी कार्यालयों तक किस वाहन (वाहन का मॉडल, रजिस्ट्रेशन नंबर) से कितनी मात्रा में किस दिनांक को भेजा गया? प्रत्येक वाहन की परिवहन भाड़ा की कितनी राशि किस दिनांक को भुगतान की गयी? वर्षवार पृथक-पृथक विवरण प्रदान करेंl (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार 2018-19 से 2020-21 में पोषण आहार क्रय एवं परिवहन में की गयी वित्तीय अनियमितताओं की नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ऑडिट रिपोर्ट में आपत्तियां की गयी हैं? यदि हाँ, तो किस प्रकार की आपत्तियां की गयी हैं? विवरण प्रदान करें तथा CAG की रिपोर्ट की प्रति प्रदान करेंl क्या इन आपत्तियों की जांच करा कर CAG को उत्तर भेजा गया? यदि हाँ, तो किस सक्षम अधिकारी द्वारा जांच करवाई गयी? यदि नहीं, तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जिलेवार पूरक पोषण आहार क्रय हेतु बजट राशि का प्रावधान नहीं किया जाता है। ग्वालियर जिले में वर्णित अवधि में पूरक पोषण आहार क्रय एवं व्यय राशि का विवरण संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 में एम.पी. एग्रो फूड इण्डस्ट्रीज लिमिटेड मण्डीदीप एवं वर्ष 2020-21 में एम.पी. एग्रो फूड इण्डस्ट्रीज लिमिटेड देवास एवं शिवपुरी तथा स्व-सहायता समूह से प्राप्त किया गया। परियोजना स्तर पर प्राप्त पूरक पोषण आहार को स्थानीय स्तर पर अनुबंधित परिवहनकर्ता एवं सीधे आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा भिन्न-भिन्न साधनों से भिन्न-भिन्न दिनांक को पहुंचाया गया। वर्षवार जानकारी संकलित की जा रही है। परियोजना कार्यालय से आंगनवाड़ी केन्द्र तक परिवहन किए गए व्यय राशि का वर्षवार विवरण निम्नानुसार है :- वर्ष 2018-19 राशि रूपये 7,71,323/- वर्ष 2019-20 राशि रूपये 12,52,365/- वर्ष 2020-21 राशि रूपये 8,79,692/- (ग) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की इस संबंध में कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "चार"

डूब प्रभावित क्षेत्र घोषित किया जाना

[नर्मदा घाटी विकास]

22. ( *क्र. 770 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मनावर और कुक्षी विधानसभा में कई परिवार नर्मदा नदी डूब क्षेत्र के खतरे के निशान पर निवासरत हैं या उनके घर तक नर्मदा जल आ गया है और वे लोग पानी से होकर आने-जाने को मजबूर हैं, ऐसे लोगों को डूब-क्षेत्र प्रभावित क्यों नहीं घोषित किया गया है? कब तक सर्वे कर इनको डूब प्रभावित घोषित किया जाएगा? (ख) डूब-क्षेत्र में किसानों को अपने खेतों तक आने-जाने के सभी पुराने रास्ते जलमग्न हो चुके हैं, इनके लिए कब तक मार्ग का निर्माण किया जाएगा? (ग) अधिकांश परिवार जिनकी जमीनें डूब क्षेत्र में थीं, उन्हें डूब-क्षेत्र प्रभावित घोषित करने के बाद वर्ष 2017 के सर्वे में उन्हें अन्यत्र पलायन करना, अन्य गांवों में निवास करना, निवास के लिए अन्य स्थान पर मकान होना बताया जाकर 5.80 लाख रुपए के पैकेज से वंचित क्यों किया गया? कब तक उन्हें उक्त पैकेज दे दिया जाएगा? (घ) नर्मदा घाटी क्षेत्र में जिन किसानों की कृषि योग्य 25 % से अधिक भूमि डूब क्षेत्र में गई है, उनमें से कई किसान अभी भी 60 लाख रुपए के पैकेज से वंचित क्यों हैं? कब तक सभी को 60 लाख रुपए का पैकेज दे दिया जाएगा? समय-सीमा सहित बताएं। (ड.) शिकायत निवारण प्राधिकरण इंदौर में वर्तमान में रिटायर्ड जजों की नियुक्ति नहीं करने का क्या कारण है? कब तक जजों की नियुक्ति की जाएगी।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) मनावर एवं कुक्षी विधानसभा क्षेत्र के प्रभावित ग्रामों में धारा 4 के प्रकाशन के पूर्व से बैक वाटर से प्रभावित मकानों का अर्जन कर मुआवजा राशि तथा विकसित पुनर्वास स्‍थलों पर आवासीय भू-खण्‍ड आवंटित किये गये हैं। धारा 4 के प्रकाशन के पूर्व से डूब क्षेत्र में स्थित अर्जित किये गये मकानों के अतिरिक्‍त किसी भी ग्राम में कोई मकान प्रभावित नहीं हुआ है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) वर्तमान में प्रथम एवं द्वितीय चरण के सड़क एवं पुल-पुलियाओं के निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। इन कार्यों के पूर्ण होने के पश्‍चात तृतीय एवं चतुर्थ चरण के कार्य किये जाना प्रस्‍तावित है। (ग) वर्ष 2017 के सर्वे में, डूब क्षेत्र में निवासरत, ऐसे परिवार जो आदेश दिनांक 05.06.2017 में उल्‍लेखित शर्तों को पूर्ण नहीं करते थे, को छोड़कर विधानसभा क्षेत्र मनावर के 888 एवं कुक्षी के 3589 परिवारों को यथोचित लाभ दिये गये हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) माननीय उच्‍चतम न्‍यायालय द्वारा दिनांक 08.02.2017 को पारित आदेश के अनुपालन में मनावर विधानसभा क्षेत्र के 01 एवं कुक्षी विधानसभा क्षेत्र के 09 पात्र विस्‍थापितों को छोड़कर शेष पात्र विस्‍थापितों को भुगतान किया जा चुका है। शेष पात्र 10 विस्‍थापित जी.आर.ए. के समक्ष उपस्थित होकर राशि प्राप्‍त कर सकते हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ड.) सरदार सरोवर परियोजना के शिकायत निवारण प्राधिकरण में संविदा नियुक्ति की कार्यवाही प्रचलन में है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

आरक्षित वन भूमियों की रजिस्‍ट्री

[वाणिज्यिक कर]

23. ( *क्र. 411 ) श्री ब्रह्मा भलावी : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा प्रश्‍न क्रमांक 133, दिनांक 26.7.2022 के पटल पर प्रस्‍तुत उत्‍तर में बड़वाह तहसील के ग्राम मोयदा की भूमि से संबंधित 44 रजिस्ट्रियों की दी गई जानकारी में किस-किस दिनांक को की गई रजिस्‍ट्री भू-स्‍वामी हक की निजी भूमि की हैं तथा कौन-कौन सी रजिस्‍ट्री आरक्षित वन भूमि की हैं? (ख) 44 रजिस्ट्रियों में बताई गई भ‍ूमि से संबंधित राजस्‍व विभाग की खसरा पंजी, पटवारी मानचित्र, भू-अधिकार पुस्तिका का क्‍या-क्‍या ब्‍यौरा उल्‍लेखित है? किस-किस रजिस्‍ट्री में खसरा पंजी, पटवारी मानचित्र, भू-अधिकार पुस्तिका की प्रति संलग्‍न है? (ग) 44 रजिस्ट्रियों को शून्‍य करने, अमान्‍य करने, निरस्‍त करने का क्‍या-क्‍या आदेश किस-किस सिविल न्‍यायालय से किस-किस दिनांक को पारित हुआ है? इस संबंध में क्‍या-क्‍या प्रावधान प्रचलित है? (घ) 44 रजिस्ट्रियों में से जो रजिस्‍ट्री आरक्षित वन भूमि की है, उसे निरस्‍त करने और रजिस्‍ट्री करने वाले विभागीय अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही किए जाने के संबंध में शासन क्‍या कदम कब तक उठायेगा?

वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

विधानसभा परसवाड़ा जिला बालाघाट में की गई घोषणाएं

[सामान्य प्रशासन]

24. ( *क्र. 963 ) श्री प्रणय प्रभात पाण्डेय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा परसवाड़ा जिला बालाघाट में माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा विगत पांच वर्षों में कब-कब कौन सी घोषणाएं की गई तथा इन घोषणाओं की पूर्ति के किए जाने हेतु शासन स्तर पर कब-कब क्या-क्या कार्यवाही की गई? सूचीबद्ध जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित विकास कार्यों एवं अन्य कार्यों हेतु माननीय आयुष मंत्री जी द्वारा प्रश्‍नांकित अवधि में कब-कब किस-किस को कौन-कौन से पत्र लिखे गये? पत्रों की छायाप्रति देवें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्लेखित पत्रों पर कब-कब किस-किस के द्वारा क्या कार्यवाही की गई? की गई कार्यवाही की सूचीबद्ध जानकारी देवें एवं यह भी बतलावें कि किन-किन पत्रों पर अभी तक कार्यवाही नहीं की गई? उल्लेखित पत्रों पर कार्यवाही न करने का दोषी कौन है? शासन दोषियों पर क्या कार्यवाही करेगा? (घ) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में उल्लेखित घोषणाओं पर अपेक्षित कार्यवाही कब तक की जावेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) घोषणाओं के क्रियान्‍वयन की प्रक्रिया एक सतत् प्रक्रिया है। विभाग द्वारा इन पर विभाग में निहित प्रावधानों/प्रक्रिया के तहत त्‍वरित कार्यवाही की जाती है। इनकी पूर्ति हेतु निश्चित समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

समूह पेयजल योजना का क्रियान्‍वयन

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

25. ( *क्र. 566 ) श्री देवेन्‍द्र सिंह पटेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रायसेन की उदयपुरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत किन-किन ग्रामों एवं नगरों में कितनी समूह पेयजल योजनायें संचालित हैं? ग्रामवार, नगर परिषदवार जानकारी दें। क्‍या कोई नवीन योजनायें प्रस्‍तावित हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में इन योजनाओं के द्वारा पूर्व से सम्मिलित ग्रामों के साथ भूमिगत जल की कमी वाले ग्रामों को सम्मिलित करने की क्‍या कोई योजना है? यदि हाँ, तो जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ग) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में उदयपुरा ग्रामीण समूह पेयजल योजना से वंचित भूमिगत जल की कमी वाले देवरी तहसील के ग्रामों में एकल ग्राम पेयजल योजना क्‍या सफल है? यदि नहीं, तो इन ग्रामों में नर्मदा जल प्रदाय करने हेतु कोई योजना प्रस्‍तावित है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। जी हाँ। (ख) नर्मदा नदी से प्रस्‍तावित समूह जलप्रदाय योजना में देवरी तहसील के 36 गांव शामिल किये जाने के लिये साध्‍यता का परीक्षण किया जा रहा है। (ग) प्रश्‍नांकित क्षेत्र में भूजल की कमी वाले ग्राम जिनमें एकल ग्राम पेयजल योजना साध्‍य नहीं है, उन्‍हें नर्मदा नदी आधारित प्रस्‍तावित समूह जलप्रदाय योजना में शामिल किये जाने हेतु साध्‍यता का परीक्षण किया जा रहा है।

 

 

 

 

 








भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्‍नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्‍नोत्तर


स्वास्थ्य संस्थाओं की स्थापना एवं उन्नयन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

1. ( क्र. 3 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जावरा विधान सभा क्षेत्र अन्‍तर्गत सिविल हॉ‍स्‍पि‍टल जावरा में सिटी स्‍केन मशीन डायलिसिस मशीन, ट्रामा सेन्‍टर फिजियोथेरेपी सेंटर के साथ ही ब्‍लड बैंक की अत्‍यधिक आवश्‍यक महसूस की जाकर लगातार मांग की जा रही है? (ख) क्‍या पिपलौदा नगर स्थित सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र का क्षेत्रीय जनसंख्‍या वृद्धि तथा लगी राजस्‍थान की सीमा होने के कारण भी उन्‍नयन किया जाकर क्षमता वृद्धि की जाना आवश्‍यक है? इस हेतु क्‍या केन्‍द्र को सिविल हॉस्पिटल के रूप में उन्‍नयन किया जाएगा ताकि बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य सुविधा मिल सके। (ग) प्रश्‍नकर्ता द्वारा निरंतर मान.मुख्‍यमंत्री जी, मान. मंत्री जी, मान.प्रमुख सचिव महोदय को पत्रों के माध्‍यम से व सदन में प्रश्‍नों के माध्‍यम से निरंतर ध्‍यान आकृष्‍ट कर किये गये आग्रह पर उपरोक्‍तानुसार कब तक स्‍वीकृतियां दी जाकर सुविधाएं मिल सकेगी?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी हाँ, सिटी स्केन मशीन, डायलिसिस मशीन, ट्रामा सेंटर, ब्लड बैंक की मांग प्राप्त होना पाया गया है। फिजियोथेरेपी सेंटर की मांग प्राप्त होना नहीं पाया गया है। (ख) स्वास्थ्य संस्थाओं की स्थापना/उन्नयन के सम्बन्ध में निर्धारित मापदंड अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिपलौदा नगर को सिविल अस्पताल में उन्नयन की पात्रता नहीं है। शेष प्रश्‍न अनुपस्थित नहीं होता। (ग) सिविल हॉस्पिटल जावरा में सिटी स्केन मशीन संचालन हेतु शासन स्तर से सेवा प्रदाता को निर्देशित किया था, परन्तु सेवा प्रदाता द्वारा आर्थिक अव्यवहार्यता के चलते असमर्थता व्यक्त की गयी है। डायलिसिस सुविधा प्रारंभ करने की कार्यवाही प्रचलन में है, निश्चित समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। ट्रामा सेंटर के संचालन हेतु सिविल हॉस्पिटल प्रावधानित नहीं है। फिजियोथेरेपी कार्यक्रम की कार्य योजना अंतर्गत सिविल हॉस्पिटल जावरा में फिजियोथेरेपी यूनिट प्रारंभ करने हेतु कार्यवाही प्रचलन में है, निश्चित समय-सीमा बता पाना संभव नहीं है। सिविल हॉस्पिटल जावरा में प्रतिवर्ष मांग एवं आपूर्ति को देखते हुए, ब्लड सेंटर (ब्लड बैंक) के स्थान पर ब्लड स्टोरेज यूनिट ही संचालित किये जाने की स्वीकृति दी गयी है।

उद्योग केन्‍द्र का उप कार्यालय की स्‍थापना

[सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम]

2. ( क्र. 4 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला मुख्‍यालय रतलाम पर एकमात्र उद्योग कार्यालय होकर जिले भर का कार्य किया जाता है? साथ ही जावरा नगर जिले का मध्‍य केन्‍द्र होने से सप्‍ताह में तीन दिन जावरा नगर में उप कार्यालय कार्यरत रहता है? (ख) यदि हाँ तो क्‍या शासन/विभाग की विभिन्‍न नीतियों एवं योजनाओं के कारण निरंतर कार्यालयीन कार्य का दबाव भी बढ़ता जा रहा है? (ग) यदि हाँ तो विगत वर्षों से ताल, आलोट, वडावदा पिपलौदा इत्‍यादि क्षेत्र के नवीन आवेदकों को बार-बार जिला मुख्‍यालय रतलाम जो कि 50 कि.मी. से अधिक पड़ता है आना जाना होता है? जावरा नगर उप कार्यालय को निरंतर किया जावेगा? (घ) प्रश्‍नकर्ता द्वारा मान. मुख्‍यमंत्रीजी मान. मंत्रीजी, मान. प्रमुख सचिव महो., मान. आयुक्‍त महोदय के साथ ही सदन में प्रश्‍नों के माध्‍यम से किये गये ध्‍यान आकर्षण से कब तक विधिवत जावरा नगर उद्योग केन्‍द्र कार्यालय को निरंतर किया जा सकेगा?

सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री ( श्री ओमप्रकाश सखलेचा ) : (क) जी हाँ, जिला मुख्‍यालय रतलाम पर एकमात्र उद्योग कार्यालय होकर जिले भर का कार्य किया जाता है। जी नही, वर्तमान में किसी भी जिले में उप कार्यालय कार्यरत नहीं है। (ख) जी नहीं। (ग) वर्तमान में विभाग द्वारा संचलित समस्‍त स्‍वरोजगार योजनाएं, औद्योगिक भूमि आंवटन तथा एमएसएमई विकास नीति 2021 अन्‍तर्गत सूक्ष्‍म तथा लघु उद्योगों को प्रदान की जाने वाली सुविधाओं की प्रक्रिया ऑनलाइन हैं। विभागीय गतिविधियों के ऑनलाइन हो जाने के पश्‍चात जिला व्‍यापार एवं उद्योग केन्‍द्र रतलाम का उप कार्यालय जावरा में प्रारम्‍भ किये जाने हेतु कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। (घ) उत्‍तरांश () के अनुसार प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता हैं।

नागदा अस्‍पताल का निर्माण कार्य प्रारंभ करना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

3. ( क्र. 23 ) श्री दिलीप सिंह गुर्जर : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधान सभा प्रश्‍न क्र. 730 दिनांक 26 जुलाई 2022 के प्रश्‍न (क), (ख) के उत्‍तर में माननीय मंत्री जी द्वारा अवगत कराया गया कि स्‍थाई वित्‍त समिति की बैठक दिनांक 01/06/2022 में सैद्धांतिक स्‍वीकृति प्राप्‍त हो चुकी है तथा निर्माण एजेंसी पीआईयू लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रेषित राशि रूपये 1142.30 लाख का पुनरीक्षित प्राक्‍कलन की भी सैद्धांतिक स्‍वीकृति प्राप्‍त हो चुकी है? यदि हाँ,तो क्‍या प्रशासकीय स्‍वीकृति प्रदान कर निविदा आमंत्रित की गई है? यदि हाँ तो कब? विवरण दें। यदि नहीं तो विलंब का क्‍या कारण है? कब तक निविदा आमंत्रित की जाएगी? (ख) नागदा में 4 नवीन मुख्‍यमंत्री संजी‍वनी क्‍लीनिक 1. अयोध्‍या बस्‍ती, 2. मेहतवास वर्धमान नगर, 3. झांझाखेड़ी सोसायटी, 4. कृष्‍णपुरा स्‍कूल के समीप प्रारंभ कर डॉक्‍टरों व पेरामेडिकल स्‍टॉफ की नियुक्ति कर प्रारंभ कर दिए गए हैं? यदि नहीं तो क्‍यों तथा कब तक प्रारंभ किए जाएंगे? क्‍या संजीवनी क्‍लीनिक के भवन निर्माण हेतु कार्यादेश जारी हो चुके हैं? एजेंसी के नाम सहित विवरण दें। (ग) खाचरौद नगर में कितने संजीवनी क्‍लीनिक खोलने की स्‍वीकृति प्रदान की गई है? (घ) नागदा-खाचरौद विधान सभा क्षेत्र में कितने प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र व उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र हैं? उनके उन्‍नयन हेतु शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है? (ड.) नागदा-खाचरौद क्षेत्र के कितने प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र व उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों के स्‍वयं के भवन हैं? कितने अच्‍छी हालत में हैं, कितने जर्जर/जीर्ण-शीर्ण हो रहे हैं तथा कितने स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों के भवन निर्माण हेतु राशि स्‍वीकृत की गई है? स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों के नाम सहित विवरण दें।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी हाँराशि रूपये 1142.30 लाख की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति शासन द्वारा दिनांक 15.09.2022 को जारी की गई है। जी हाँनिर्माण एजेन्सी पी.आई.यू. लोक निर्माण विभाग द्वारा दिनांक 31.10.2022 को निविदा आमंत्रित की गई है। दिनांक 21.11.2022 को तकनीकी बिड खोलकर स्वीकृति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। जी नहीं नवीन मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक के निर्माण कार्य के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा ई-टेण्डरिंग के माध्यम से निविदा आमंत्रित कर निविदा प्राप्त की जा चुकी है। दर स्वीकृति की कार्यवाही प्रचलन में है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) खाचरौद नगर में  01  मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक खोलने की स्वीकृति प्रदान की गई है। (घ) जानकारी  संलग्‍न  परिशिष्ट  अनुसार हैं। नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत उप स्वास्थ्य केन्द्र बोरखेडापित्रावल का प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन की कार्यवाही की जा रही है। (ड.) जानकारी  संलग्‍न  परिशिष्ट  में समाहित।

परिशिष्ट - "पांच"

नल-जल योजनाओं के टेण्‍डर आमंत्रित कर कार्यादेश जारी किया जाना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

4. ( क्र. 24 ) श्री दिलीप सिंह गुर्जर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नागदा-खाचरौद विधान सभा क्षेत्र में जल जीवन मिशन के अंतर्गत 85 ग्रामों की योजनाओं के टेण्‍डर आमंत्रित कर कार्यादेश जारी कर दिए गए हैं? यदि हाँ, तो टेण्‍डर किन फर्म/ठेकेदार को कितनी-कितनी राशि के किन-किन शर्तों और कार्यावधि सहित पृथक-पृथक योजनानुसार दें। (ख) विधान सभा प्रश्‍न क्र. 731, दिनांक 26/07/2022 के अंतर्गत उत्‍तर में बताया गया कि राजपुर रायती, खण्‍डवा, खुरमुण्‍डी, सरवना, लुहारी, गेडावदा, मदगनी, सेकडी सुल्‍तानपुर, बनबनी, नारेली, लोहचिंतारा, पालकी, सनासला, ब्राह्मणखेडी, दडिया, मकला, दीपाखेड़ी की डी.पी.आर. बना ली गई है? यदि हाँ तो प्रशासकीय स्‍वीकृति प्रदान कर टेण्‍डर आमंत्रित किए गए हैं? यदि हाँ, तो कब किए गए हैं? यदि नहीं तो क्‍यों? टेण्‍डर कब तक आमंत्रित कर लिए जाएंगे? (ग) क्‍या ग्राम लसुडिया जयसिंह, भाटखेड़ी, भीकमपुर, चौकी जुर्नादा, सिपाहेडा, लेकोडिया टांक, जलवाल, मालाखेड़ी नावटिया, पाडसुत्‍या, उमरना, उमरनी के टेण्‍डर स्‍वीकृत कर कार्यादेश क्‍यों जारी नहीं किए गए हैं? कब तक टेण्‍डर आमंत्रित कर स्‍वीकृति प्रदान कर दी जाएगी? (घ) क्या इस योजना में जिन गांवों में अन्‍य योजना संचालित है परन्‍तु पानी की टंकी नहीं है? क्‍या इस योजना में टंकी निर्माण हेतु स्‍वीकृति प्रदान करने की शासन द्वारा क्‍या योजना बनाई जा रही है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। जानकारी  पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट  अनुसार है। फर्म/ठेकेदार को शासन के निर्देशों के अनुरूप प्रचलित शर्तों पर कार्यादेश दिया जाता है, टेण्डर अनुसार कार्य पूर्ण करने की योजनावार समयावधि की जानकारी  पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट  अनुसार है(ख) प्रश्‍नांश में उल्लेखित ग्रामों की योजनाओं के लिये प्रशासकीय स्वीकृति जारी करने के उपरांत निविदा आमंत्रण की कार्यवाही की जायेगी, निश्चित तिथि बताया जाना संभव नहीं है। (ग) प्रश्‍नांश में उल्लेखित योजनाओं के कार्यादेश जारी कर दिये गये हैं, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) तकनीकी मापदण्डानुसार नल-जल प्रदाय योजना में आवश्यकतानुसार उच्चस्तरीय टंकी/सम्पवेल के निर्माण कार्य प्रस्तावित किये जाते हैं।

पन्‍ना जिले की पेयजल की योजनायें

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

5. ( क्र. 49 ) श्री प्रह्लाद लोधी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्‍ना जिले में पवई विधानसभा में जल-जीवन मिशन अंतर्गत कितने ग्राम आते है सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) विधानसभा क्षेत्र पवई में जल-जीवन मिशन के अंतर्गत कितने ग्रामों की योजनाएं स्‍वीकृत हैं इसी तरह एकल ग्रामों की नल-जल योजनाओं से कितने ग्रामों को जोड़ा गया है, सूची उपलब्‍ध करावें। (ग) जल-जीवन मिशन अंतर्गत विधानसभा के कितने ग्रामों के डी.पी.आर. तैयार किये गये है, उक्‍त डी.पी.आर. किस अधिकारी के पास, कहां-कहां लंबित है, शेष बची ग्रामों की डी.पी.आर. कब तक तैयार किये जायेंगे? (घ) माननीय प्रधानमंत्री जी की घोषणा के अनुसार जल-जीवन मिशन पूर्ण हो जायेगा। लेकिन पवई विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आज दिनांक तक नल-जल योजना के सिंगल ग्राम की योजना ही तैयार नहीं की गयी है? दोषी कौन है, दोषियों पर क्‍या कार्यवाही की जायेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) कुल 418 ग्राम। जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट  के प्रपत्र-1 अनुसार है(ख) 418 ग्रामों की समूह जल प्रदाय योजनाएं स्‍वीकृत हैं। 418 ग्रामों में से 31 ग्रामों में एकल ग्रामों की योजना स्‍वीकृत होकर प्रगतिरत है। जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) 418 ग्रामों के लिए जल प्रदाय योजनाएं स्‍वीकृत हैं, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी उत्‍तरांश (ख) एवं (ग) अनुसार है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

डॉक्‍टरों की निजी अस्‍पतालों से संलिप्‍तता की जांच

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

6. ( क्र. 61 ) श्री नीलांशु चतुर्वेदी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या यह सही है कि सतना जिला अस्‍पताल में पहुँच रहे मरीजों को गुमराह कर निजी अस्‍पतलों में भेजा जा रहा है, बदले में कमीशन भ्रष्‍टाचार हो रहा है? (ख) क्‍या यहां के सिक्‍योरिटी गार्ड ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें बताया कि विजय बारी नामक एंबुलेंस चालक लंबे समय से मरीजों को प्राइवेट अस्‍पताल ले जाने का काम कर रहा था, वह इस काम के बदले राशि कमीशन के रूप में वसूलता था? पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है? (ग) क्‍या सतना जिला अस्‍पताल में दूर-दराज गांव के लोग इलाज कराने पहुंचते है? आरोप है कि एंबुलेंस चालक मरीजों को गुमराह करते हैं, उन्‍हें बहला-फुसलाकर निजी अस्‍पताल ले जाते है? इस काम के बदले निजी अस्‍पताल उन्‍हें कुछ रकम देते हैं? (घ) यदि प्रश्‍नांश (क) (ख) एवं (ग) सही है तो जिला अस्‍पताल सतना के डॉक्‍टरों की निजी अस्‍पतालों से संलिप्‍तता की जांच कब तक करा ली जायेगी? इसको बढ़ावा देने के लिये कौन-कौन डॉक्‍टर और स्‍टाफ दोषी है? इसकी जांच कब तक करा ली जायेगी?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी नहीं। (ख) जी हाँ। जी हाँ। पुलिस द्वारा विजय बारी को गिरफ्तार किया गया। प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। (ग) जी हाँ। निजी एम्बुलेंस चालकों द्वारा मरीजों को प्राईवेट अस्पतालों में ले जाने की शिकायत सिटी कोतवाली सतना एवं नगर पुलिस अधीक्षक सतना को की गई है। नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। (घ) शासकीय सेवकों से संबंधित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

समूह जलप्रदाय योजना की स्‍वीकृति

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

7. ( क्र. 77 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा प्रश्‍न क्र. 15 दिनांक 26 जुलाई 2022 के प्रति उत्‍तर में बताया गया है कि पनागर के 116 ग्राम प्रस्‍तावित पड़वार पड़रिया एवं जबलपुर समूह जलप्रदाय योजना में शीघ्र स्‍वीकृति हेतु कार्यवाही की जा रही है? (ख) क्‍या उक्‍त जल समूह योजना प्रश्‍न दिनांक तक स्‍वीकृत नहीं हुई है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त 116 ग्रामों में सिंगल विलेज योजना के अंतर्गत हर घर नल-जल योजना की स्‍वीकृति दी जा सकती है? (घ) क्‍या भविष्‍य में समूह जलप्रदाय योजना प्रारंभ होने पर नल-जल योजना से जोड़ी जा सकती है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) पड़वार-पड़रिया समूह जलप्रदाय योजना एवं जबलपुर समूह जलप्रदाय योजना की प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी की जा चुकी है। (ग) एवं (घ) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

निजी अस्‍पतालों को टेम्‍परेरी एन.ओ.सी. दिया जाना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

8. ( क्र. 78 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जबलपुर जिले के 35 निजी अस्‍पतालों को एन.ओ.सी. न देने के कारण उनका संचालन बंद होने से मरीजों की संख्‍या बढ़ रही है एवं इलाज हेतु परेशान है? (ख) क्‍या जिले में स्थि‍त 170 निजी अस्‍पतालों में से 135 अस्‍पताल प्रोविजनल एन.ओ.सी. से संचालित हो रहे हैं? (ग) यदि हाँ, तो शेष 35 अस्‍पतालों जिन्‍होंने प्रोविजनल एन.ओ.सी. प्राप्‍त कर ली है, उन्‍हें अस्‍पताल संचालन करने हेतु अनुमति क्‍यों नहीं दी गई? (घ) क्‍या 135 अस्‍पतालों को टेम्‍परेरी एन.ओ.सी. के लिये समय दिया गया है जबकि 35 अस्‍पतालों को टेम्‍परेरी एन.ओ.सी. के लिये समय नहीं दिया गया है? क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी नहीं। (ख) जी नहीं। जिले में संचालित कुल 116 निजी अस्‍पतालों में से 57 अस्‍पतालों के पास टेम्‍परेरी फायर एन.ओ.सी. उपलब्‍ध है तथा शेष 59 निजी अस्‍पतालों के पास प्रोवीजनल फायर एन.ओ.सी. उपलब्‍ध है। (ग) उत्‍तरांश () के परिप्रेक्ष्‍य में उत्‍तर उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। जबलपुर जिले में दिनांक 03/08/2022 के पश्‍चात् 34 निजी अस्‍पतालों के पास अग्नि सुरक्षा हेतु प्रोविजनल फायर एन.ओ.सी.भी उपलब्‍ध नहीं होने के कारण पंजीयन निरस्‍त किया गया।

 

 

 

क्षतिग्रस्‍त दांयी तट मुख्‍य नहर की मरम्‍मत

[नर्मदा घाटी विकास]

9. ( क्र. 90 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्तमान क्षतिग्रस्‍त दांयी तट नहर से बरगी, बरेला, पनागर, सिहोरा पानी पहुंचाने की पर्याप्‍त क्षमता है? (ख) क्‍या नहर से जल प्रवाह की स्थिति में सीपेज एवं क्षतिग्रस्‍त स्‍थानों से रिसाव के कारण किसानों को समस्‍याओं से जूझना पडेगा? (ग) क्‍या बरगी से बरेला, पनागर, सिहोरा होते हुये कटनी, रीवा की निर्माणाधीन नहर/टनल तक पर्याप्‍त पानी पहुंचेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। आवश्‍यकतानुसार नहर का मरम्‍मत कार्य किया जा रहा है। (ग) जी हाँ।

ग्रामों को नल-जल योजना से लाभान्वित किया जाना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

10. ( क्र. 95 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राजगढ़ जिले के कुंडालिया वृहद परियोजना से सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र के संपूर्ण ग्रामों को नल-जल योजना से लाभान्वित किया जाना प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो उक्त योजना से ग्रामवासियों को कब तक पानी प्रदाय किये जाने की विभाग की क्या कार्य योजना है? (ख) प्रश्‍नांश (क) में दर्शित कार्य योजना क्या निर्धारित समय-सीमा अनुसार ही प्रगतिरत है? यदि कार्य विलंब से किया जा रहा है तो क्या उसकी अनुमति विभाग द्वारा प्रदाय की गयी है? यदि हाँ, तो किस दिनांक तक कार्य पूर्ण करने की अनुमति विभाग द्वारा दी गयी है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। योजना प्रगतिरत है, कार्य पूर्ण करने के लिये दिनांक 31-12-2022 तक की समय वृद्धि ठेकेदार को दी गई है। (ख) जी नहीं। जी हाँ। दिनांक 31-12-2022 तक।

प्रश्‍नकर्ता के पत्रों पर कार्यवाही

[सामान्य प्रशासन]

11. ( क्र. 96 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा माननीय मुख्यमंत्री महोदय को दिनांक 01.04.2022 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने पत्र किस-किस विभाग से संबंधित किस-किस दिनांक को दिये गये है? विभागवार, पत्रों की जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित पत्रों को किस-किस विभाग को आवश्यक कार्यवाही हेतु किस-किस दिनांक को माननीय मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा प्रेषित किये गये हैं? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्लेखित पत्रों पर संबंधित विभाग द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गयी है? पत्रवार की गयी कार्यवाही से अवगत करावें एवं जिन पत्रों पर कोई कार्यवाही नहीं की गयी उसके कारणों की जानकारी बतावें?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

 

 

आंगनवाड़ी भवनों की स्थिति

[महिला एवं बाल विकास]

12. ( क्र. 113 ) श्री पुरुषोत्तम लाल तंतुवाय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला दमोह की विधानसभा हटा के हटा व पटेरा विकासखण्‍ड में कितने आंगनवाड़ी के केन्‍द्र स्‍वीकृत है? नाम पतावार जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ख) वर्ष 2005 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने आंगनवाड़ी भवन स्‍वीकृत हुये? क्‍या स्‍वीकृत भवन निर्माण पूर्ण निर्मित हो गये यदि हाँ, तो संख्या व नाम बताये यदि स्‍वीकृत भवन निर्माण पूर्ण नहीं हुये तो कार्य एजेंसी पर क्‍या कार्यवाही की गई? की गई कार्यवाहियों की छायाप्रतियां उपलब्‍ध करायें। यदि नहीं की गई तो क्‍यों? भवन निर्माण पूर्ण कब तक हो जावेंगे?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जिला दमोह की विधानसभा हटा के विकासखण्‍ड हटा में 219 एवं विकासखण्‍ड पटेरा में 210 आंगनवाड़ी के केन्‍द्र स्‍वीकृत है। जिनकी नामवार जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट-पर है। (ख) वर्ष 2005 से प्रश्‍न दिनांक तक विकासखण्‍ड हटा में 82 एवं विकासखण्‍ड पटेरा में 74, कुल 156 आंगनवाड़ी भवन स्‍वीकृत हुए। जिसमें से विकासखण्‍ड हटा में 65 एवं विकासखण्‍ड पटेरा में 56 इस प्रकार कुल 121 भवन पूर्ण निर्मित हो गये हैं। जिनकी  जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट-पर है। विकासखण्‍ड हटा अन्‍तर्गत 17 एवं विकासखण्‍ड पटेरा अन्‍तर्गत 18 भवन निर्माणाधीन है। कलेक्‍टर, मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एवं महिला एवं बाल विकास विभाग, दमोह द्वारा भवन निर्माण पूर्ण करने के उद्देश्‍य से कार्य एजेंसियों को निर्देशित किया गया है। निर्देश पत्रों की प्रतियां  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट-पर है। पूर्णता समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

कोसमी हनुमान जी के मंदिर का जीर्णोद्धार

[धार्मिक न्‍यास और धर्मस्‍व]

13. ( क्र. 151 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र परासिया में ग्राम कोसमी में हनुमान जी का प्राचीन, प्रसिद्ध मंदिर स्थित है, जहां प्रतिदिन हनुमान जी के दर्शन, पूजन अर्चना करने व त्यौहारों में हजारों की संख्या में श्रद्धालुगण आते है, परन्तु मंदिर अत्याधिक प्राचीन होने के कारण विभिन्न स्थानों से क्षतिग्रस्त हो गया है। वर्तमान में परासिया तहसीलदार प्रशासक एवं समिति के द्वारा मंदिर का संचालन किया जाता है? मंदिर जीर्णोद्धार कार्य हेतु राशि स्वीकृत किए जाने के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा विभाग से अनेकों बार पत्राचार कर, निवेदन किया जा चुका है, परन्तु फिर भी अभी तक राशि स्वीकृत नहीं होने के कारण मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य नहीं हो सका है, विभाग द्वारा राशि की स्वीकृति के संबंध में कब तक कार्यवाही कर विभिन्न औपचारिकताओं को पूर्ण कर लिया जायेगा? (ख) प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कोसमी हनुमान मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य हेतु राशि स्वीकृत किए जाने के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा मान. मुख्यमंत्री को पत्र क्र. वि.स./परासिया/127/2022/760 दिनांक 27.09.2022 एवं मुख्य सचिव महोदय को पत्र क्रमांक वि.स./परासिया/127/2022/647 दिनांक 12.09.2022 को प्रेषित किए जा चुके है, जिन पत्रों पर अभी तक विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? (ग) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार कोसमी हनुमान मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य हेतु कब तक 3.50 करोड़ रूपये राशि की स्वीकृति प्रदान कर दी जायेगी?

पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) प्रश्‍नाधीन मंदिर शासन संधारित नहीं होने से प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता विभाग द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट  पर है। (ग) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

परिशिष्ट - "छ:"

प्रसूति सहायता के लंबित प्रकरण

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

14. ( क्र. 158 ) श्री रामपाल सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले में प्रसूति सहायता राशि भुगतान के किन-किन के प्रकरण कब से एवं क्‍यों लंबित है? कारण बतायें तथा कब तक राशि का भुगतान होगा? (ख) प्रसूति सहायता राशि भुगतान के संबंध में 25 जून 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक मान. मंत्री जी तथा विभाग के अधिकारियों को प्रश्‍नकर्ता विधायक के पत्र कब-कब प्राप्‍त हुए तथा उन पर आज दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्‍नकर्ता विधायक के पत्रों में उल्‍लेखित किन-किन बिन्‍दुओं का निराकरण नहीं हुआ तथा क्‍यों कारण बतायें तथा कब तक निराकरण होगा? (घ) प्रश्‍नकर्ता विधायक के पत्रों पर कितने दिन में क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई तथा की गई कार्यवाही से प्रश्‍नकर्ता विधायक को अवगत क्‍यों नहीं कराया कारण बतायें तथा कब तक अवगत करायेंगे?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट  अनुसार है। (ख) माननीय विधायक जी के पत्र माननीय मंत्री जी एवं स्वास्थ्य विभाग को क्रमशः दिनांक 16/07/2022, 08/09/2022, 13/09/2022, 17/09/2022, 02/11/2022, 07/11/2022, 14/11/2022 को प्राप्त हुये। पत्र में उल्लेख अनुसार प्रकरणों के भुगतान में आ रही तकनीकी समस्याओं का निदान किया गया है एवं हितग्राहियों को पात्रतानुसार राशि प्रदान की गई। (ग) माननीय विधायक जी के पत्रों में उल्लेखित बिन्दुओं का निराकरण कर दिया गया है। (घ) माननीय विधायक जी को पत्रों में उल्लेखित बिन्दुओं का निराकरण की कार्यवाही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायसेन से समन्वय कर की गई है।

हर घर नल से जल का प्रदाय

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

15. ( क्र. 159 ) श्री रामपाल सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले में जल-जीवन मिशन के अंतर्गत स्‍वीकृत किन-किन नल-जल योजनाओं का कार्य कब-कब पूर्ण हुआ तथा उक्‍त नल-जल योजनाओं के माध्‍यम से कितने घरों में नल से जल उपलब्‍ध कराया जा रहा है? योजनावार, ग्रामवार जानकारी दें? (ख) रायसेन जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत स्‍वीकृत किन-किन नल-जल योजनाओं का कार्य अपूर्ण तथा अप्रारंभ है तथा क्‍यों योजनावार कारण बतायें? उक्‍त कार्य कब तक पूर्ण होगा? (ग) रायसेन जिले की तहसील बेगमगंज एवं सिलवानी में बीना बांध, नर्मदा नदी तथा अन्‍य बांधों से समूह जल प्रदाय योजना बनाने के संबंध में, जल जीवन मिशन के अंतर्गत स्‍वीकृत नल जल योजनाओं की जांच करवाने के संबंध में मान.राज्‍यमंत्री जी तथा विभाग के अधिकारियों को प्रश्‍नकर्ता विधायक के पत्र कब-कब प्राप्‍त हुये? (घ) प्रश्‍नांश (ग) में प्राप्‍त पत्रों पर आज दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई तथा समूह जल प्रदाय योजना स्‍वीकृति का कार्य किस स्‍तर पर कब से एवं क्‍यों लंबित है कब तक समूह जल प्रदाय योजना स्‍वीकृत होगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट  के प्रपत्र-1 अनुसार है(ख) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट  के प्रपत्र-1 अनुसार है, स्‍वीकृत एकल ग्राम योजनाओं के कार्यों का जल जीवन मिशन की गाइडलाइन के प्रावधानों एवं संवहनीय जल स्‍त्रोतों की उपलब्‍धता के आधार पर यथाशीघ्र पूरा किया जाना प्रावधानित है, कार्य पूर्ण करने की निश्चित तिथि बताया जाना संभव नहीं है। म.प्र.जल निगम की बेगमगंज-गैरतगंज समूह जलप्रदाय योजना के कार्य प्रगतिरत हैं, जो वर्ष 2023 तक पूर्ण किये जाना लक्षित हैं। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे गये  परिशिष्‍ट  के प्रपत्र-2 एवं 3 अनुसार है(घ) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे गये  परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2, 3 एवं 4 अनुसार है

लंबित नामान्तरणों की जानकारी

[वाणिज्यिक कर]

16. ( क्र. 187 ) कुँवर विक्रम सिंह (नातीराजा) : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला छतरपुर में वर्ष 2012-13 से प्रश्‍न दिनांक तक भूखण्‍डों के कितने विक्रय पत्र निष्पादित हुए? (ख) वर्ष 2012-13 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक निष्पादित विक्रय पत्रों पर कितने नामान्तरण तहसील छतरपुर अन्तर्गत लंबित है? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र राजनगर के अनुभाग लवकुशनगर व राजनगर में कितने फौती नामान्तरण शेष है?

वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट  अनुसार है। (ख) वर्ष 2012-13 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक निष्‍पादित विक्रय पत्रों पर 3252 नामांतरण प्रकरण तहसील छतरपुर अंतर्गत लंबित है। (ग) विधानसभा क्षेत्र राजनगर में अनुभाग लवकुशनगर में 110 एवं अनुभाग राजनगर में 278 फौती नामांतरण के प्रकरण लंबित है।

परिशिष्ट - "सात"

चिनकी परियोजना

[नर्मदा घाटी विकास]

17. ( क्र. 208 ) श्री संजय शर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के नर्मदा उत्तराखंड में पानी की समस्या है? यदि हाँ, तो नर्मदा उत्तराखंड में इस संकट को दूर करने हेतु शासन द्वारा कौन-कौन से प्रयास किये जा रहे हैं? (ख) क्या मध्यप्रदेश शासन द्वारा नरसिंहपुर जिले में चिनकी परियोजना की स्वीकृति प्रदान की गई है? यदि हाँ, तो इस योजना की लागत क्या है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार, उक्त योजना से तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के कौन-कौन से ग्राम लाभांवित होंगे? ग्रामों की सूची उपलब्ध करावें। (घ) क्या परियोजना की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति हो चुकी है? परियोजना का कार्य कब से प्रारम्भ किया जावेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र में नर्मदा उत्‍तराखण्‍ड अंतर्गत सिंचाई हेतु वृहद जल संरचना निर्मित नहीं है इस समस्‍या के निवारण हेतु चिंकी-बोरास बैराज संयुक्‍त बहुउद्देशीय परियोजना एवं शक्‍कर पेंच लिंक संयुक्‍त परियोजना की स्‍वीकृति प्राप्‍त की गई है एवं निर्माण एजेंसी द्वारा सर्वेक्षण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। (ख) जी हाँ। चिंकी-बोरास बैराज संयुक्‍त बहुउद्देशीय परियोजना हेतु प्रशासकीय स्‍वीकृति की राशि रू. 5839.32 करोड़ (12% जीएसटी सहित) है। (ग) जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट  अनुसार है। (घ) जी हाँ। निर्माण एजेन्‍सी मेसर्स आर.व्‍ही.पी.पी.पी.एल-एन.ई.सी. (जे.व्‍ही.) हैदराबाद तेलंगाना दिनांक 20.12.2021 से अनुबंध कर कार्य प्रारंभ किया जा चुका है।

परिशिष्ट - "आठ"

जिला आबकारी अधिकारी के रिक्‍त पदों की जानकारी

[वाणिज्यिक कर]

18. ( क्र. 228 ) श्री राकेश पाल सिंह : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के किन-किन जिलों में जिला आबकारी विभाग के नियमित जिला आबकारी अधिकारी के पद रिक्त है और कब से तिथि सहित बतावें। (ख) क्या प्रदेश के सिवनी जिले में नवम्बर 2020 से जिला आबकारी अधिकारी का पद रिक्त हैं? यदि हाँ, तो क्यों? क्या सीवनी जिले में कार्या.आब.आयुक्त म.प्र.ग्वालियर के आदेश दिनांक 30.09.2020 के अनुसार सिवनी जिले में जिला आब.अधि.के रिक्त पद के विरुद्ध श्री जितेंद्र सिंह गुर्जर सहा.जिला आब.अधि.को जिला अधिकारी के पदेन कर्तव्यों के पालन के लिए आदेशित किया गया है? यदि हाँ तो क्या इस तरह के आदेश 03 वर्षों तक प्रभावी रह सकते हैं? क्या अन्य जिलों में भी इसी तरह के आदेश दिए गए है? यदि नहीं तो क्यों? (ग) प्रदेश के किन-किन जिलों में शासन द्वारा प्रभारी जिला आबकारी अधिकारियों को पदस्थ किया गया हैं, उनके नाम पदस्थापनावार बताएं। क्‍या उक्त पदस्थ प्रभारी जि.आ.अ.को विभाग की वरिष्ठता सूची अनुसार प्रभार दिया गया है? यदि नहीं तो क्यों? सिवनी जिले में वर्षों से जि.आ.अ.के रिक्त पद के विरुद्ध शासन द्वारा प्रभारी जि.आ.अ.की पदस्थापना क्यों नहीं की गई? इसके क्या कारण है? इसके लिए दोषी अधिकारियों के विरुद्ध शासन द्वारा क्या कार्यवाही की जावेगी और कब तक?

वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) नियमित जिला आबकारी अधिकारी के रिक्‍त पदों के संबंध में जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट-एक अनुसार है। (ख) जी हाँ। नियमित जिला आबकारी अधिकारियों की पद पूर्ति न होने के कारण कई जिलों में निम्‍न पद, सहायक जिला आबकारी अधिकारी में से प्रभारी अधिकारी नियुक्‍त किये गये हैं। शासन स्‍तर से सिवनी जिला आबकारी अधिकारी की पदस्‍थापना नहीं होने के फलस्‍वरूप आबकारी आयुक्‍त के आदेश दिनांक 30.09.2020 द्वारा सिवनी जिले में पदस्‍थ वरिष्‍ठ सहयक जिला आबकारी अधिकारी श्री जितेन्‍द्र सिंह गुर्जर को प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी सिवनी का कार्य संपादित किये जाने हेतु आदेशित किया गया है। प्रभारी अधिकारी का आदेश नियमित नियुक्ति तक प्रभावी रह सकता है। दतिया जिले में भी पद रिक्ति की दशा में सहायक जिला आबकारी अधिकारी को प्रभार दिया गया है। (ग) प्रदेश के जिलों में शासन स्‍तर से प्रभारी जिला आबकारी अधिकारियों की पदस्‍थापना संबंधी जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट-दो अनुसार है। जिलों में शासन द्वारा वरिष्‍ठता के आधार पर ही अधिकारियों को जिला आबकारी अधिकारी के प्रभार में पदस्‍थ किया जाता है। वर्तमान में केवल श्री अजीत एक्‍का, सहायक जिला आबकारी अधिकारी को प्रशासकीय कारणों से वरिष्‍ठता क्रम में प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी के पद पर शासन द्वारा पदस्‍थ नहीं किया गया है। जिला आबकारी अधिकारियों की पद पूर्ति न होने के कारण कई जिलों में नियमित जिला आबकारी अधिकारी की पदस्‍थापना नहीं की जा सकी है। इसके लिए किसी अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की जरूरत नहीं हैं।

परिशिष्ट - "नौ"

लाड़ली लक्ष्मी योजना में नाम शामिल किया जाना

[महिला एवं बाल विकास]

19. ( क्र. 242 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन द्वारा लाड़ली लक्ष्मी (बालिका प्रोत्साहन) योजना नियम-2020 के प्रावधानों के अनुसार 01 जनवरी 2006 को या उसके पश्चात् जन्म लेने वाली बालिकाओं को शामिल किया गया है? यदि हाँ तो रीवा जिले की कुल कितनी बालिकाओं को शामिल किया गया है? (ख) क्या यह सत्य है कि राज्य सरकार को कालातीत प्रकरणों को मंजूरी देने की शक्ति है? यदि हाँ तो क्या रीवा जिले की कुमारी महक निगम पुत्री श्री महेश निगम निवासी पड़रा नई बस्ती जिला रीवा को लाड़ली लक्ष्मी (बालिका प्रोत्साहन) योजना 2020 के प्रावधानों के अनुसार शामिल करने की कार्यवाही विभाग द्वारा की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। रीवा जिले से 127987 बालिकाओं को शामिल किया गया है। (ख) जी हाँ। पात्रता का परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षणोपरांत नियमानुसार कार्यवाही की जा सकेगी। स्पष्ट समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

मशीनों की मरम्मत हेतु राशि का प्रावधान

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

20. ( क्र. 247 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले में ऐसे कुल कितने हितग्राही हैं जिनको मुख्यमंत्री बाल श्रवण/मूकबधिर (कोकिलर इम्प्लान्ट) योजना का लाभ विगत 05 वर्षों में मिल चुका है? क्या यह सत्य है कि इस योजना से लाभान्वित हितग्राहियों के इंस्ट्रूमेंट मरम्मतीकरण हेतु विभाग में कोई योजना नहीं है। यदि हाँ तो क्या ऐसे हितग्राहियों को इम्प्लांट किये गए उपकरणों की मरम्मत हेतु विभाग द्वारा कोई योजना या राशि का प्रावधान किया जावेगा? (ख) क्या ऐसे हितग्राही जिला कलेक्टर के माध्यम से इम्प्लान्ट किये गए उपकरणों की मरम्मत हेतु राशि प्राप्त कर सकेंगे अथवा उपकरणों की मरम्मत/रिप्लेसमेंट करवा सकेंगे? यदि हाँ तो यह लाभ कब तक प्राप्त हो सकेगा?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) भारत सरकार, मिनिस्ट्री ऑफ सोशल जस्टिस एंड एम्पावरमेंट, नई दिल्ली के ऑफिस मेमोरेण्डम क्रमांक 4-2 (6)/2017-DD-1 दिनांक 23.10.2017 के द्वारा ऐडिप स्कीम (स्कीम ऑफ असिस्टेंस टू डिसेबल्ड पर्सन फॉर पर्चेस/फिटिंग ऑफ एड्स एंड अप्लायऐसेस) का वित्तीय पोषण 14वें वित्तीय आयोग के माध्यम से वर्ष 2017-18 से 2019-20 संचालित किया जाना निर्धारित किया गया था। इसमें अधिकतम राशि रू. 6 लाख प्रति प्रकरण जिसमें कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी, थैरेपी हेतु प्रावधानित किया गया था। इसी के तारतम्य में मिनिस्ट्री ऑफ सोशल जस्टिस एंड एम्पावरमेंट, नई दिल्ली के ऑफिस मेमोरेण्डम क्रमांक 4-2 (12)/2020-DD-1 दिनांक 04.04.2022 के द्वारा रिवाइज्ड ऐडिप स्कीम (स्कीम ऑफ असिस्टेंस टू डिसेबल्ड पर्सन फॉर पर्चेस/फिटिंग ऑफ एड्स एंड अप्लायऐसेस) का वित्तीय पोषण 15वें वित्तीय आयोग के माध्यम से 01.04.2022 से 31.03.2026 तक संचालित किया जाना निर्धारित किया गया है। इसमें अधिकतम राशि रू. 7 लाख प्रति प्रकरण जिसमें कॉक्लियर इम्प्लांट, सर्जरी, थैरेपी, प्री इम्‍प्लांट असिसमेंट को सम्मिलित किया गया है। उक्त कार्य हेतु नोडल विभाग सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग को बनाया गया है। विस्तृत दिशानिर्देश  जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है।

रोगी कल्याण समिति की बैठक

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

21. ( क्र. 253 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भितरवार विधानसभा क्षेत्र में 1 जनवरी 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक कब-कब रोगी कल्याण समिति की बैठक किन-किन कर्मचारियों/अधिकारियों/डॉक्‍टरों की तथा किन-किन जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में की गई है क्या बैठकें निर्धारित समय के अनुसार की गई है यदि हाँ, तो बैठकों की तारीखें अनुसार प्रोसीडिंग की छायाप्रति सहित पूर्ण विवरण दें। निर्धारित समय पर बैठक न करने के लिये कौन-कौन अधिकारी दोषी है क्या दोषियों के प्रति कोई कठोर दण्डात्मक कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्या और कब तक? यदि नहीं तो क्यों? (ख) 1 जनवरी 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक भितरवार विधानसभा क्षेत्र में रोगी कल्याण समिति को किन-किन माध्यमों से कितनी-कितनी आय हुई है तथा प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि व्यय की गई है? व्यय का पूर्ण ब्यौरा दें? (ग) क्या व्यय की गई राशि भण्डार क्रय नियम/म.प्र. वित्‍त संहित के अन्तर्गत निहित किये गये प्रावधानों के अन्तर्गत की गई है? यदि हाँ, तो ब्यौरा दे? (घ) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित अवधि में भुगतान किये गये वेतन, पारिश्रमिक, मानदेय या अन्य विवरण तथा ली गई स्वीकृत की प्रति उपलब्ध कराये? (ड.) भितरवार विधानसभा क्षेत्र में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी पदस्थ हैं उनका नाम, पद, पदस्थापना दिनांक, मुख्यालय एवं मोबाईल नम्बर दें।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) विधानसभा क्षेत्र भितरवार में 01 जनवरी 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में दिनांक 03/06/2021 को रोगी कल्याण समिति सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भितरवार में बैठक आयोजित की गई, बैठक में माननीय विधायक महोदय एवं श्रीमान अनुविभागीय अधिकारी महोदय एवं अन्य सदस्य उपस्थित हुए  जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र चीनोर एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र आंतरी में रोगी कल्याण समिति की बैठकों की  जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) 01 जनवरी 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक हुई आय-व्यय की जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ड.) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है।

दवाई की मात्रा एवं खरीदी की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

22. ( क्र. 305 ) श्री मुकेश रावत (पटेल) : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2020, 2021 में अलीराजपुर जिले में कौन-कौन सी दवाई कितनी-कितनी मात्रा में किन-किन फार्मों से और किस माध्यम से कब-कब खरीदी गई? खरीदी दवाई का नाम मात्रा और स्टॉक पंजी सहित जानकारी देवें। (ख) खरीदी गई दवाई का कब-कब और कितनी-कितनी राशि किस-किस अधिकारी द्वारा भुगतान किया? भुगतान पत्रकवार जानकारी देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार खरीदी गई दवाइयों में कितनी दवाइयों का उपयोग समय-सीमा में हुआ एवं कितनी दवाइयों का उपयोग समय-सीमा में नहीं हुआ है? दवाइवार स्टॉक वितरण पंजी सहित जानकारी देवें।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) वर्ष 2020 की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे  परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है  एवं वर्ष 2021 की  जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार हैजानकारी पुस्‍तकालय में रखे  परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है(ख) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है(ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित अनुसार खरीदी दवाईयों में सभी दवाईयों का उपयोग समय-सीमा में हुआ है। दवाईवार स्टॉक वितरण पंजी की जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है

पूजा स्‍थलों के शासकीय प्रशासकों की जानकारी

[धार्मिक न्‍यास और धर्मस्‍व]

23. ( क्र. 358 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में ऐसे कितने मंदिर है जिनके प्रशासन कलेक्‍टर या सरकारी अधिकारी है। जिलेवार संख्‍यात्‍मक जानकारी देते हुए बतावें कि किन प्रावधानों के अंतर्गत मंदिरों के प्रशासक कलेक्‍टर या सरकारी अधिकारी नियु‍क्‍त/मनोनीत किए जा सकते है। (ख) प्रदेश में ऐसे कितने चर्च/मस्जिद/कब्रिस्‍तान/दरगाह है जिनके प्रशासक कलेक्‍टर या सरकारी अधिकारी है। जिलेवार संख्‍यात्‍मक जानकारी दें। (ग) क्‍या यह सच है कि चर्च/मस्जिद/कब्रिस्‍तान/दरगाह के प्रशासन कलेक्‍टर या सरकारी अधिकारी नहीं बनाए जा सकते। यदि हाँ, तो किन प्रावधानों के अंतर्गत। (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के संदर्भ में बतावें कि शासन की दृष्टि में मंदिर और मस्जिद/चर्च की देखरेख करने वालों में अंतर का क्‍या कारण है।

पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

 

 

निजी अस्‍पताल में हुये अग्निकांड की जांच

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

24. ( क्र. 372 ) श्री तरूण भनोत : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या यह सही है कि जबलपुर के निजी अस्‍पताल में हुए अग्निकांड की जांच को लेकर स्‍थानीय प्रशासन द्वारा जिले स्‍तर पर संभाग आयुक्‍त के स्‍तर पर कमेटी का गठन किया गया था? (ख) यदि हाँ तो अग्निकांड की जांच को लेकर गठित कमेटी द्वारा सरकार के समक्ष रिपोर्ट पेश की गई होगी, उस जांच रिपोर्ट की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ग) क्‍या कमेटी द्वारा गठित जांच कमेटी में अग्निकांड के कारणों का उल्‍लेख है और इस घटना में संलिप्‍त अधिकारियों और अस्‍पताल प्रबंधन पर क्‍या कार्यवाही की गई है? (घ) वर्ष 2018 से लेकर प्रश्‍न पूछे जाने तक जबलपुर संभाग में जिलेवार ऐसी कितनी घटनाएं दर्ज की गई है और इन घटनाओं में हताहत लोगों की संख्‍या कितनी थी और शासन द्वारा पीड़‍ितों को प्रदान किए गए राहत की जानकारी उपलब्‍ध करावें?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी हाँ। (ख) जांच रिपोर्ट की प्रति पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी हाँ। उक्‍त अग्निकाण्‍ड में संलिप्‍त अधिकारियों को संचालनालय स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं, भोपाल के पत्र क्र. 1216 दिनांक 02/08/2022 द्वारा डॉ. रत्‍नेश कुरारिया, तत्‍कालीन मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी जबलपुर को निलंबित किया गया है। आयुक्‍त जबलपुर संभाग, जबलपुर द्वारा डॉ. एल.एन. पटेल चिकित्‍सा अधिकारी को क्रमश: आदेश क्र. 904 दिनांक 18/08/2022, डॉ. निशेष चौधरी चिकित्‍सा अधिकारी को आदेश क्र. 906 दिनांक 18/08/2022 द्वारा निलंबित किया गया एवं डॉ. कमलेश वर्मा को आदेश क्र. 908 दिनांक 18/08/2022 द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कु. तृप्ति रात्रे एवं श्री एस.के.जैन, उपयंत्री, कार्यालय सहायक यंत्री (विद्युत सुरक्षा) एवं सहायक विद्युत निरीक्षक, जबलपुर को क्रमश: कार्यालय कमीशनर जबलपुर के आदेश क्र. 917 एवं 919, दिनांक 23/08/2022 द्वारा निलंबित किया गया है। श्री कुशाग्र ठाकुर, सहायक अग्निशमन अधिकारी, नगर पालिक निगम, जबलपुर, श्री अक्षय सरावगी, उप यंत्री नगर पालिक निगम, जबलपुर को क्रमश: कार्यालय नगर पालिक निगम जबलपुर के आदेश क्र. 657 एवं 656, दिनांक 04/08/2022 द्वारा निलंबित किया गया है। श्री शैलेन्‍द्र सिंह कौरव, सहायक यंत्री नगर पालिक निगम जबलपुर को कार्यालय नगर पालिक निगम जबलपुर के आदेश क्र. 664 दिनांक 05/08/2022 द्वारा निलंबित किया गया है। कार्यालय मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी, जबलपुर के आदेश क्र. 546 दिनांक 02/08/2022 द्वारा न्‍यू लाईफ मल्‍टीस्‍पेशिलिटी हॉस्पिटल, दमोह नाका, जबलपुर का पंजीयन/लाईसेंस निरस्‍त किया गया है। न्‍यू लाईफ मल्‍टीस्‍पेशिलिटी हॉस्पिटल के संचालक डॉ. निशिथ गुप्‍ता, डॉ. सुरेश पटेल, डॉ. संजय पटेल, डॉ. संतोष सोनी एवं मैनेजर राम सोनी न्‍यू लाईफ मल्‍टी स्‍पेशेलिटी अस्‍पताल, शिवनगर थाना, विजय नगर, जबलपुर के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज की गई एवं पुलिस विभाग द्वारा गिरफ्तारी की कार्यवाही की गई है। (घ) वर्ष 2018 से लेकर प्रश्‍न पूछे जाने तक जबलपुर संभाग में ऐसी घटनाओं की जिलेवार जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है।

 

खाद्य पदार्थों की जांच

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

25. ( क्र. 404 ) श्री पंचूलाल प्रजापति : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग जिला रीवा के अधिकारियों के द्वारा जो सेम्‍पल लिए जाते हैं उसमें 90 प्रतिशत सेम्‍पल पास क्‍यों हो जाते हैं। जो भी इनके द्वारा सेम्‍पल लिए जाते हैं, निम्‍न गुणवत्‍ता के होने के बावजूद भी क्‍या सेम्‍पल पास करा दिये जाते हैं? (ख) खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के द्वारा केवल उच्‍च गुणवत्‍ता युक्‍त खाद्य पदार्थों के सेम्‍पल लेकर खानापूर्ति की जाती है? निम्‍न गुणवत्‍ता वाले खाद्य पदार्थों का इनके द्वारा सेम्‍पल ही नहीं लिया जाता है? (ग) विगत 5 वर्षों का खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग के अधिकारियों के द्वारा कितना सेम्‍पल कलेक्‍ट किया गया है एवं कितना सेम्‍पल पास हुआ और कितना सेम्‍पल फेल हुआ? विवरण देवें। (घ) फेल हुए सेम्‍पलों का विभाग के अधिकारियों के द्वारा फैक्ट्रियों एवं दुकानदारों के ऊपर क्‍या कार्यवाही हुई, उसका विवरण देवें एवं जो सेम्‍पल लैब में खाद्य अधिकारी के द्वारा भेजा जाता है उसकी रिपोर्ट एवं जो सेम्‍पल फैक्ट्रियों से कलेक्‍ट किया जाता है, क्‍या सेम सेम्‍पल है, क्‍योंकि जो सेम्‍पल लैबों में भेजा जाता है वह दोनों एक ही सेम्‍पल हैं खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के द्वारा दुकानदार एवं फैक्‍ट्री मालिकों से पैसे लेकर खराब सेम्‍पल के स्‍थान पर अच्‍छे गुणवत्‍ता का सेम्‍पल लैब को भेजा जाता है जिससे ज्‍यादातर सेम्‍पल पास हो जाते हैं? दोनों सेम्‍पल का फैक्‍ट्री से एवं दुकानदारों से लिया गया एवं लैब में भेजा गया का विवरण देवें।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग जिला रीवा के अधिकारियों के द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अंतर्गत नमूनें जांच हेतु लिए जाते हैं जिन्हें जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जाता है। उक्त नमूनों को अधिनियम/नियम में वर्णित मानकों के अनुरूप खाद्य विश्‍लेषक द्वारा जांच उपरान्त मानक अमानक घोषित किया जाता है। जी नहीं। (ख) जी नहीं। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के द्वारा पैक्ड एवं लूज सभी प्रकार के नमूने लेकर जांच हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजे जाते है। (ग)  जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट  अनुसार है। (घ)  जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट  अनुसार है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के द्वारा जो भी नमूनें लिये जाते है उन्हें अधिनियम में विहित समय अवधि में प्रयोगशाला में भेजे जाते है दुकानदार एवं फैक्ट्रियों से पृथक-पृथक नमूना कार्यवाही कर सेम्पल लेब को भेजे जाते हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

लोक परिसम्‍पत्ति का निजी क्षेत्र से अनुबंध

[लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन]

26. ( क्र. 435 ) डॉ. अशोक मर्सकोले : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक परिसम्‍पत्ति को निजी क्षेत्र के साथ अनुबंधन कर विभिन्‍न निर्माण के लिए सौपें जाने से संबंधित क्‍या-क्‍या प्रावधान किस-किस अधिनियम की किस-किस धारा के अनुसार राज्‍य में किस दिनांक से लागू किए गए हैं? (ख) लोक परिसम्‍पत्ति प्रबंध हेतु राज्‍य में किस दिनांक से कानून तथा नियम लागू किए गए हैं उसके अनुसार नगरीय सीमा में आने वाली किन-किन परिसम्‍पत्तियों के बदले नगरीय सीमा के बाहर ग्रामीण इलाकों में निर्माण बाबत् क्‍या-क्‍या प्रावधान हैं? कानून एवं नियम की प्रति सहित बतावें। (ग) गत पांच वर्षों में होशंगाबाद सम्‍भाग के किस-किस जिले में कितने क्षेत्रफल की किस-किस परिसम्‍पत्ति से संबंधित किस-किस के साथ किस दिनांक को अनुबंध किया? वैकल्पिक रूप से किस स्‍थान पर कितने क्षेत्र में किस निर्माण का अनुबंध किया है? (घ) किस-किस अनुबंध को लेकर माननीय उच्‍च न्‍यायालय एवं माननीय उच्‍चतम न्‍यायालय ने किस-किस दिनांक को स्‍थगन दिया है? स्‍थगन की प्रति सहित बतावें।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) लोक परिसम्‍पत्ति प्रबंधन विभाग द्वारा निजी क्षेत्र के साथ अनुबंध कर निर्माण कार्य नहीं किया जाता है। (ख) विभागीय आदेश दिनांक 04.10.2021 द्वारा परिसम्‍पत्तियों के रिजर्व मूल्‍य निर्धारण हेतु नीति लागू की गई है, जो समय-समय पर संशोधित की गई है। वर्तमान में लागू एकजाई संशोधित आदेश दिनांक 01.11.2022 अनुसार है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट  अनुसार है। नगरीय सीमा में आने वाली परिसम्‍पत्तियों के बदले नगरीय सीमा के बाहर ग्रामीण इलाकों में निर्माण नहीं किया जाता है। (ग) उत्‍तरांश () एवं () के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्‍तरांश () के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "दस"

अवैधानिक कार्य करने वालों के खिलाफ कार्यवाही

[वाणिज्यिक कर]

27. ( क्र. 464 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सोम डिस्‍टलरीज जिला रायसेन में 19 टैंक बिना सक्षम अनुमति प्राप्‍त किये स्‍थापित कर लिये थे, कितना अर्थदंड वसूल कर कितने अवैध टैंकों को वैध/नियमित किया गया है? नियमित/वैध करने के जारी आदेशों की प्रतियां देवें। (ख) जिस उपयोग के लिये 19 टैंक स्‍थापित‍ किये गये हैं एवं जिस उपयोग में लाए जा रहे हैं उनको वैधानिक रूप से प्रक्रिया पूर्ण करके स्‍थापित करने में विभाग को एवं अन्‍य विभागों को किस-किस मद में कितनी राशि, शुल्‍क, फीस आदि‍ जमा करना पड़ती है? (ग) क्‍या जीएसटी चोरी के प्रकरण में भी इन टैंकों का दुरूपयोग किया गया था? क्‍या अर्थदंड लगाकर टैंकों को नियमित/वैध कर देने से दोषी आबकारी अधिकारियों का दोष भी समाप्‍त हो गया है? क्‍या इस संबंध में दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही लंबित है? कब तक किस प्रकार की कार्यवाही दोषी अधिकारियों पर की जाएगी? (घ) वर्तमान में सोम ग्रुप के विरूद्ध कौन-कौन सी, किन कारणों से जांच, वसूली सहित अन्‍य कार्यवाहि‍यां लंबित हैं? किस दिनांक से, किस कारण से लंबित है? विवरण देवें। कब तक कार्यवाही पूर्ण की जाने की सम्‍भावना है? सोम ग्रुप की किसी फर्म आदि को ब्‍लैक लिस्‍टेड किया गया है तो आदेश की प्रति देवें। सोम ग्रुप के विरूद्ध किस व्‍यक्ति के शिकायती आवेदनों पर जांच व कार्यवाही की गई प्रतिवेदनों की प्रतियां देवें। (ड.) वर्तमान में सोम ग्रुप की किस कंपनी के कौन-कौन पदाधिकारी संचालक/एमडी/डायरेक्‍टर है नाम, पते देवें।

वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) आबकारी आयुक्त म.प्र. के आदेश पृष्ठांकन क्रमांक/2022/170 कैम्प भोपाल, दिनांक 17.03.2022 के द्वारा मेसर्स सोम डिस्टलरी प्राईवेट लिमिटेड सेहतगंज, जिला रायसेन को इकाई परिसर में बिना अनुमति निर्मित 19 टैंकों के आधार पर प्रति टैंक को एक स्वतंत्र निर्माण कार्य मानते हुये, प्रति टैंक 50 हजार रूपये के मान से शास्ति अधिरोपित किया जाना आदेशित किया गया था। आदेश के पालन में आसवक के द्वारा दिनांक 19.03.2022 को 9,50,000/- शास्ति जमा की गई है। आदेश व चालान की छायाप्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट-एक अनुसार है। (ख) वर्तमान में स्प्रिट उत्‍पादन हेतु डी-1 लायसेंस नवीनीकरण के लिये डी-1 अनुज्ञप्तिधारी को राशि रूपये 18,00,000/- वार्षिक फीस जमा करना प्रावधानित है। आसवनी में टैंक स्‍थापित किये जाने से पूर्व डी-1 लायसेंस अंतर्गत मध्‍यप्रदेश आसवनी नियम 1995 के नियम 4 (26) अनुसार अनुज्ञप्तिधारी, आबकारी आयुक्‍त की मंजूरी के बिना अनुमोदित योजना में विनिर्दिष्‍ट संयंत्र या मशीनरी में कोई परिवर्तन नहीं करेगा तदनुसार अनुज्ञप्तिधारी, को अनुमोदित योजना में विनिर्दिष्‍ट संयंत्र या मशीनरी में परिवर्तन हेतु पृथक से कोई राशि, शुल्‍क तथा फीस आदि जमा करने का प्रावधान नहीं है। मेसर्स सोम डिस्‍टलरी प्राईवेट लिमिटेड सेहतगंज, जिला रायसेन द्वारा डी-1 अनुज्ञप्ति की लायसेंस फीस 18,00,000/- नियमानुसार जमा की गई है तथा बिना अनुमति निर्माण कार्य की शास्ति 9,50,000/- भी जमा की जा चुकी है। डी-1 अनुज्ञप्तिधारी द्वारा आंतरिक परिवर्तन के लिये आबकारी आयुक्त की अनुमति प्राप्त की जाती है, अन्य किसी विभाग की अनुमति का प्रावधान नहीं है। अतः शेष जानकारी निरंक है। (ग) इन टैंकों के जी.एस.टी. चोरी में दुरूपयोग संबंधी जानकारी निरंक है। टैंकों का बगैर अनुमति निर्माण की जानकारी प्राप्‍त होने पर नियमानुसार अर्थदण्‍ड किया गया है। अत: किसी आबकारी अधिकारी के विरूद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गई है। (घ) मेसर्स सोम डिस्टलरीज प्रा.लि. सेहतगंज जिला रायसेन से वर्ष 2004-05 में राज्य के कतिपय जिलों में मदिरा की आपूर्ति असफल होने एवं मिनिमम स्‍टॉक न रखे जाने के संबंध में शासन आदेश कमाक बी-14/402/05/2/पांच दिनांक 01.05.2006 पारित कर रुपये 16,05,13,111/- राशि की वसूली किया जाना निर्धारित किया गया था। मेसर्स सोम डिस्टलरीज प्रा.लि. सेहतगंज जिला रायसेन द्वारा जिला धार एवं अन्य जिलों द्वारा बकाया वसूली हेतु की जाने वाली कार्यवाही के विरुद्ध माननीय उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश जबलपुर में रिट पिटीशन कमांक 9443/2006 प्रस्तुत कर बकाया राशि की वसूली के विरुद्ध आदेश दिनांक 25.07.2006 से स्थगन प्राप्त किया गया। जो कि अद्यतन निरंतर है। छायाप्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट-दो अनुसार है। उपायुक्त आबकारी संभागीय उड़नदस्ता रीवा के पत्र क्रमांक 2518 दिनांक 06.12.2022 अनुसार कार्यालय उपायुक्त आबकारी संभागीय उड़नदस्ता रीवा में 04 एवं जिला आबकारी अधिकारी अनूपपुर में 02 विभिन्न प्रकरण पंजीबद्ध किये गये थे। दमोह जिले में मेसर्स सोम डिस्टलरी प्राईवेट लिमिटेड सेहतगंज, जिला रायसेन के विरूद्ध बकाया वसूली के 02 प्रकरण प्रचलन में हैं। प्रकरण विभिन्न न्यायालयों में लंबित होने के कारण कार्यवाही पूर्ण करने की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। मध्‍यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 के अधीन बनाये गये मध्‍यप्रदेश आसवनी नियम 1995 के नियम 8 (5) के अंतर्गत आबकारी आयुक्‍त मध्‍यप्रदेश द्वारा मेसर्स सोम डिस्‍टलरी प्राईवेट लिमिटेड सेहतगंज, जिला रायसेन को ब्‍लैक लिस्‍टेड नहीं किया गया है। मेसर्स सोम डिस्‍टलरी प्राईवेट लिमिटेड सेहतगंज, जिला रायसेन के विरूद्ध श्री राजेन्‍द्र के गुप्‍ता सम्‍पादक धर्मयुद्ध इन्‍दौर द्वारा शिकायत की गई थी। शिकायत निराधार पायी गई थी। (1) मेसर्स सोम डिस्टलरीज एण्ड ब्रेवरीज लि.टिन- 23504001280 पर वर्ष 2007-08 के प्रवेश कर अधिनियम में बकाया राशि रु. 48.94 लाख हेतु अपील बोर्ड से स्थगन प्राप्त है एवं 2016-17 की प्रवेश कर अधिनियम के अधीन लंबित बकाया राशि रु. 12.45 लाख के विरुद्ध प्रथम अपील प्राधिकारी के समक्ष 25 प्रतिशत राशि जमा कर अपील प्रस्तुत है। (2) मेसर्स सोम डिस्टलरीज प्रा. लि. टिन-23854000457 के अवधि 2006-07 से 2010-11 तक की प्रवेशकर की बकाया राशि 172.24 लाख है। बकाया राशि के विरुद्ध माननीय उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश से स्थगन प्राप्त है। इसी प्रकार अवधि 2012-13 एवं 2013-14 की प्रवेशकर की बकाया राशि रु. 33.56 लाख हेतु माननीय अपीलेट बोर्ड, भोपाल से स्थगन प्राप्त है। अवधि 2014-15 की प्रवेशकर की बकाया राशि रु. 6.81 लाख के विरूद्ध प्रथम अपील अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष 25 प्रतिशत राशि जमा कर अपील प्रस्तुत है। (ड.) मेसर्स सोम डिस्‍टलरी प्राईवेट लिमिटेड सेहतगंज, जिला रायसेन के पदाधिकारी संचालक/एमडी/डायरेक्‍टर से संबंधित जानकारी के अभिलेख  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट-तीन अनुसार है। वाणिज्यिक कर विभाग में सोम ग्रुप से संबंधित दो कंपनियां पंजीकृत हैं। जी.एस.टी.एन. पोर्टल पर दर्ज फर्म के प्रमोटर्स/पार्टनर्स के दिए गए विवरण अनुसार हैः- (1) सोम डिस्टलरीज एण्ड ब्रेवरीज प्रा. लि. GSTIN-23AABCS3374B1ZU एम.डीः- श्री सुरजीत लाल पताः- ए-12/मन्नीपुरम कालोनी चार इमली भोपाल डायरेक्टरः- श्री दीनानाथ सिंह 312/2 सी सेक्टर साकेत नगर भोपाल (2) सोम डिस्टलरीज प्रा. लि. GSTIN-23AACCS0397P1ZZ डायरेक्टरः- 1. श्री बिनय कुमार सिंह पताः-शॉप नंबर-10 एम.पी. देल्ही रोड लाईन्स अयोध्या नगर भोपाल 2. श्री आलोक मीना पताः- पी-1 मीनाक्षी रीजेन्सी ईदगाह हिल्स भोपाल।

सिंचाई परियोजनाओं से छूटे ग्रामों को जोड़ा जाना

[नर्मदा घाटी विकास]

28. ( क्र. 472 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खातेगांव विधान सभा क्षेत्र के ग्रामों की छीपानेर माइक्रोऐरीगेशन सिंचाई परियोजना एवं हण्डिया बैराज डेम सिंचाई परियोजना का लाभ कब तक मिलेगा? (ख) क्‍या छीपानेर माइक्रोऐरीगेशन सिंचाई परियोजना के अंतर्गत छूटे गये ग्रामों को हण्डिया बैराज डेम सिंचाई परियोजना से जोड़ा जावेगा? अगर हाँ, तो कब तक जोड़ा जावेगा? (ग) खातेगांव विधानसभा क्षेत्र के ऐसे कितने ग्राम हैं जो उक्‍त दोनों सिंचाई परियोजनाओं से वंचित है एवं वंचित रहने का कारण क्‍या है? ग्रामों के नाम बतावें। (घ) खातेगांव विधानसभा क्षेत्र के छूटे गये ग्रामों में सिंचाई सुविधा उपलब्‍ध करवाये जाने संबंधी शासन/विभाग की आगे क्‍या योजना है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) छीपानेर माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना से वर्ष 2023-24 में रबी सिंचाई का लाभ दिया जाना लक्षित है एवं हंडिया बैराज परियोजना की निविदा स्‍वीकृति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) से (घ) छीपानेर माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना से 39 एवं हंडिया बैराज परियोजना से 69 ग्राम (कुल 108 ग्राम) में सिंचाई सुविधा उपलब्‍ध कराना प्रस्‍तावित है। शेष बचे ग्राम संलग्‍न  परिशिष्‍ट  अनुसार है। खातेगांव विधानसभा अंतर्गत नर्मदा घाटी विकास विभाग की वर्तमान में कोई नवीन योजना प्रस्‍तावित नहीं है।

परिशिष्ट - "ग्यारह"

आशा कार्यकर्ताओं को शासकीय कर्मचारी का दर्जा

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

29. ( क्र. 473 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. आशा कार्यकर्ताओं शिशु स्‍वास्‍थ और मातृत्‍व स्‍वास्‍थ को सुदृढ़ बनाये जाने हेतु आशा कार्यकर्ताओं द्वारा अपनी जायज मांगों को लेकर आन्‍दोलन किया जा रहा है शासन द्वारा उक्‍त आन्‍दोलन के बारे में क्‍या विचार कर रहा है? (ख) क्‍या शासन आशा कार्यकर्ताओं को शासकीय कर्मचारी का दर्जा दिये जाने हेतु विचार कर रहा है? अगर हाँ, तो कब तक इन्‍हें शासकीय कर्मचारी का दर्जा प्राप्‍त होगा? (ग) म.प्र. में आशा कार्यकर्ताओं को अल्‍प वेतन में रात दिन कार्य करना पड़ता है क्‍या शासन/विभाग द्वारा इनके वेतन बढ़ोतरी हेतु कोई योजना बना रहा हैं? (घ) क्‍या अन्‍य राज्‍यों जैसे आन्‍ध्र प्रदेश, केरल, महाराष्‍ट्र, सिक्किम इत्‍यादि राज्‍यों में आशा कार्यकर्ताओं को अतिरिक्‍त राशि 10,000 (दस हजार) प्रदान हो रही हैं? क्‍या म.प्र. में भी इनके लिए कोई योजना बन रही हैं?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी नहीं। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। (घ) आन्‍ध्रप्रदेश, केरल, महाराष्‍ट्र, सिक्किम इत्‍यादि राज्‍यों में आशा कार्यकर्ताओं को प्रदाय की जाने वाली प्रोत्‍साहन राशि के संबंध में निर्देश  जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। म.प्र. राज्‍य शासन द्वारा आशा कार्यकर्ताओं को मातृ एवं शिशु स्‍वास्‍थ्‍य से संबंधित 07 प्रमुख गतिविधियों में भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रोत्‍साहन राशि की शत-प्रतिशत अतिरिक्‍त प्रतिपूर्ति की जा रही है, इसी प्रकार आशा पर्यवेक्षकों को रू. 50/- प्रतिदिन के मान से 30 दिवसों हेतु यात्रा भत्‍ता की राशि राज्‍य शासन की ओर से प्रदान की जा रही है, इस संबंध में आदेश जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

बनास नदी आधारित समूह पेयजल योजना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

30. ( क्र. 481 ) श्री कुँवर सिंह टेकाम : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी जिले के अंतर्गत बनास नदी आधारित समूह पेयजल योजना मझौली की स्‍वीकृति कब और कितने राशि की दी गई थी? पूर्ण जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में कितने ग्रामों में शुद्ध पेयजल के माध्‍यम से उपलब्‍ध कराये जाने की योजना थी? ग्रामवार जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में समूह पेयजल योजना में प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि व्‍यय की जा चुकी है? व्‍यय की गई राशि की जानकारी मदवार उपलब्‍ध करावें। (घ) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में समूह पेयजल योजना कब तक पूर्ण कर ली जावेगी? समय-सीमा बतायें। विलंब निर्माण कार्य के लिये दोषी कौन है? क्‍या दोषियों के विरूद्ध प्रश्‍न दिनांक तक कोई कार्यवाही की गई? यदि नहीं की गई तो क्‍यों?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) सीधी जिले के अंतर्गत बनास नदी आधारित मझौली समूह जलप्रदाय योजना की स्वीकृति दिनांक 19-7-2013 को, राशि रू.8166.21 लाख की प्रदान की गई थी। (ख) मझौली समूह जलप्रदाय योजना अंतर्गत कुल 25 ग्रामों में पेयजल प्रदाय करने की योजना थी। ग्रामों की जानकारी संलग्न  परिशिष्ट  अनुसार है। (ग) उक्त योजना में प्रश्‍न दिनांक तक नाबार्ड मद से राशि रू.6055.51 लाख व्यय की जा चुकी है। (घ) योजना का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। विलंब हेतु ठेकेदार से राशि रू. 699.39 लाख वसूली की गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "बारह"

शासकीय कर्मचारियों की पदोन्‍नति

[सामान्य प्रशासन]

31. ( क्र. 520 ) श्री बापूसिंह तंवर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की पदोन्‍नति कब से रूकी हुई है एवं क्‍यों? कारण सहित बतायें। (ख) मध्‍यप्रदेश में 1 अप्रैल 16 से प्रश्‍न दिनांक तक समस्‍त वर्ग के कितने कर्मचारी सेवानिवृत्ति हुये? वर्ग अनुसार जानकारी दें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार सेवानिवृत्ति हुए कर्मचारियों में कितने ऐसे कर्मचारी हैं जिन्‍हें बिना एक भी पदोन्‍नति के सेवानिवृत्ति कर दिया गया है? संख्‍या बतायें। (घ) क्‍या सरकार कर्मचारियों को पदोन्‍नति करने संबंध कोई प्रयास कर रही है? यदि हाँ, तो क्‍या प्रयास कर रही है? पदोन्‍नति कब तक प्रारंभ हो जायेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) मान. उच्‍च न्‍यायालय, जबलपुर द्वारा दिनांक 30 अप्रैल, 2016 को पारित आदेश द्वारा पदोन्‍नति नियम, 2002 को अवैधानिक घोषित किए जाने से। (ख) एवं (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (घ) मान. सर्वोच्‍च न्‍यायालय में शासन की ओर से दायर अपील में दिनांक 12.05.2016 को ''यथास्थिति'' के आदेश पारित किये गये है। न्‍यायालय द्वारा अंतिम निर्णय पारित होने पर। समय-सीमा बताना संभव नहीं।

अनियमितता पर कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

32. ( क्र. 521 ) श्री बापूसिंह तंवर : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कलेक्‍टर महोदय, राजगढ़ द्वारा कारण बताओं सूचना पत्र क्रमांक शिका./22/1302 दिनांक 03.08.2022 से स‍िविल सर्जन राजगढ़ को अनियमितताओं के संबंध में स्‍पष्‍टीकरण दिये जाने बावत् कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया था? यदि हाँ, तो कलेक्‍टर महोदय, के पत्र की प्रति उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) का उत्‍तर यदि हाँ है तो प्रश्‍न दिनांक तक कलेक्‍टर महोदय, राजगढ़ के पत्र के आधार पर संबंधित अधिकारी ने किस-किस दिनांक को क्‍या-क्‍या उत्‍तर दिया? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के अनुसार तत्‍कालीन सिविल सर्जन ने क्‍या कोई अनियमितता की? यदि हाँ, तो क्‍या दो‍षी अधिकारी के विरूद्ध शासन कोई कार्यवाही करेगा? हाँ तो कब तक, नहीं तो क्‍यों नहीं?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी हाँ। कलेक्टर के पत्र की प्रति  जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) प्रश्‍न भाग की  जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी हाँकलेक्टरजिला राजगढ़ ने उनके ज्ञाप क्रमांक 284/दिनांक 06.12.2022 के माध्यम से डॉ. आर. एस. परिहारतत्कालीन प्रभारी सिविल सर्जन एवम डॉं. स्पूतनिक यदु तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला राजगढ़ के द्वारा की गई अनियमितताओं के संबंध में उक्त दोनों अधिकारियों के विरूद्ध संयुक्त रूप से अनुशासनात्मक कार्यवाही का प्रस्तावस्वास्थ्य आयुक्तमध्यप्रदेश को प्रेषित किया जिस पर संचालनालय स्तर से उक्त दोनों अधिकारियों के विरूद्ध मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरणनियंत्रण तथा अपील) नियम1966 के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्यवाही कर उन्हें दिनांक 09.12.2022 के द्वारा कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है। उक्त के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

टेक होम राशि में घोटाला

[महिला एवं बाल विकास]

33. ( क्र. 536 ) श्री हर्ष विजय गेहलोत (गुड्डू) : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्र. 444, दिनांक 26-7-2022 के प्रश्‍नांश (ख) तथा (ग) में शेष जानकारी उपलब्‍ध कराएं तथा बतावें कि उत्‍तरांश (घ) के अनुसार उम्र के संबंध में जांच पूर्ण हो गई है या नहीं? यदि हो गई है तो उसकी रिपोर्ट से अवगत कराएं। (ख) क्‍या केन्‍द्र सरकार के निर्देश अनुसार इस योजना का निरंतर वर्ष भर होना आवश्‍यक है? यदि हाँ, तो बतावें कि बीच के 2020-21 तथा 2021-22 में कई महीने तक यह योजना निरंतर क्‍यों नहीं रही? जून 2021 से मार्च 2022 तक प्रदेश में इस योजना के तहत शाला त्‍यागी बालिका को टेक होम राशन क्‍यों नहीं दिया गया? (ग) मई 2021 से एम.आई.एम. पोर्टल पर नाम सहित पूर्ण विवरण अगर 15252 था तो पहले वर्षों में लाखों में संख्‍या कैसे थी? क्‍या इसकी जांच की जायेगी? (घ) केन्‍द्र सरकार के निर्देश अनुसार बेस लाइन सर्वे किस-किस जिले में किस दिनांक को पूरा किया गया तथा रतलाम-मंदसौर तथा झाबुआ जिले की बेस लाइन सर्वे की भेजी गई शीट की प्रति उपलब्‍ध कराएं।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) विभाग के पत्र दिनांक 28.11.2022 द्वारा विधानसभा तारांकित प्रश्‍न क्रमांक-444 के प्रश्‍नांश (ख) तथा (ग) का उत्तर विधानसभा सचिवालय को उपलब्ध कराया गया है। इस प्रश्‍न के प्रश्‍नांश (घ) में उल्लेखित जांच प्रचलन में है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी हाँ, भारत सरकार द्वारा योजना क्रियान्वयन हेतु राशि आवंटित नहीं किए जाने के कारण प्रदेश में योजना निरन्तर नहीं रही। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) भारत सरकार की किशोरी बालिका योजना अन्तर्गत शाला त्यागी किशोरी बालिकाओं का चिन्हांकन, इन्हें पुनः शालाओं से जोड़ना एवं परिवार को समझाईश देना था। राज्य स्तर पर चिन्हित शाला त्यागी किशोरी बालिकाओं को राज्य शिक्षा केन्द्र से निरन्तर समन्वय कर शालाओं में प्रवेश कराए जाने के कारण शाला त्यागी बालिकाओं की संख्या में कमी आई है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) भारत सरकार द्वारा बेस लाईन सर्वे हेतु दिए गए जिला स्तरीय प्रपत्र में सर्वे पूर्ण किए जाने की तिथि का उल्लेख नहीं था। विभाग द्वारा माह जनवरी 2018 से अगस्त 2018 के बीच किए गए सभी जिलों के सर्वे की जानकारी माह सितम्बर 2018 में भारत सरकार को प्रेषित की गई। जानकारी  संलग्‍न परिशिष्ट  अनुसार है।

परिशिष्ट - "तेरह"

जल-जीवन मिशन का प्रचार-प्रसार

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

34. ( क्र. 570 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बैरसिया विधानसभा क्षेत्र में जल-जीवन मिशन समूह पेयजल नल-जल योजना के प्रचार प्रसार हेतु एन.जी.ओ. को कार्य सौंपा गया है? यदि हाँ, तो संबंधित एन.जी.ओ. की सूची उपलब्‍ध कराएं। (ख) उपरोक्‍त कार्य हेतु संबंधित एन.जी.ओ. एवं उन्‍हें कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई है? सूची उपलब्‍ध करायें।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्तरांश () के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

आई.ए.एस. अधिकारियों की अचल सम्पत्ति की जानकारी

[सामान्य प्रशासन]

35. ( क्र. 579 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र में कितने आई.ए.एस अधिकारियों द्वारा जनवरी 2016 से नवम्बर 2022 तक स्वंय की अचल सम्पत्ति की जानकारी शासन को नहीं दी है? क्या कारण है? जानकारी दी जावे। (ख) उक्त अवधि में कितने अधिकारियों के खिलाफ अनुपातहीन सम्पत्ति अर्जित करने हेतु छापों में एवं बिना छापों के कितनी एफ.आई.आर. की गई है? अधिकारियों के नाम, संख्या विभाग सहित जानकारी दी जावे। (ग) क्या एक ही प्रकार के आरोपियों पर छापा एवं बिना छापा के विवेचना में दोहरा मापदण्ड अपनाने पर क्या विधिक आधार है? (घ) क्या उक्त वर्ग में आरोपित अधिकारियों में से कितनों की फील्ड में पद स्थापना की गई हैं? उन्हें कब तक शासन की नीति के अनुसार हटाया जावेगा? नवम्बर 2022 की स्थिति में जानकारी दी जावे।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट  अनुसार है। (ख) जानकारी ''निरंक'' है। (ग) सभी विवेचनायें विधिक प्रावधान के अनुरूप की जाती हैं। आरोपियों पर छापा एवं बिना छापा में विवेचना में कोई दोहरा मापदण्‍ड नहीं है। (घ) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "चौदह"

जिला अस्पतालों में चिकित्सकों के स्वीकृत/रिक्त पदों की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

36. ( क्र. 580 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्वालियर चम्बल सम्भाग के जिला अस्पतालों में स्वीकृत पदों के अनुसार लम्बे समय से चिकित्सकों के पद रिक्त पड़े हैं? जिला अस्पतालों के नाम रिक्त चिकित्सक पदों की संख्या सहित नवम्बर 2022 की स्थिति में जानकारी दी जावें। (ख) क्या लोक स्वास्थ एवं परिवार कल्याण मंत्री बताने का कष्ट करेंगे कि जिला अस्पताल, दतिया, शिवपुरी, भितरवार, मुरैना, श्यौपुर, भिण्ड में कितने समय से स्वीकृत चिकित्सकों के पद रिक्त हैं, इसके क्या कारण रहे? पूर्ण जानकारी दी जावे। (ग) उक्त अस्पतालों में कितने रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद रिक्त हैं? क्या रिक्त पदों के कारण मरीजों को शासकीय अस्पतालों के बजाय निजी अस्पतालों में इलाज के लिये जाना पड़ रहा है? शासन इन रिक्त पदों को भरने की कब तक व्यवस्था करेगी?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. प्रभुराम चौधरी ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट  अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट  अनुसार है। विभाग के अधीन चिकित्सा अधिकारियों के पदों की पूर्ति किये जाने हेतु लोक सेवा अयोग के माध्यम से सीधी भर्ती की कार्यवाही निरंतर जारी है। उपरोक्त के अतिरिक्त चिकित्सा अधिकारियों एवं पी.जी. योग्यताधारी चिकित्सकों की बंधपत्र अनुसार पदस्थापना की कार्यवाही निरंतर जारी है। पूर्व विभागीय भर्ती नियमों में विशेषज्ञ के पद 100 प्रतिशत पदोन्नति से भरे जाने का प्रावधान था, अप्रैल 2016 से पदोन्नति का प्रकरण माननीय उच्चतम न्यायालय विचाराधीन होने के कारण वर्ष 2016 से इन पदों पर पदोन्नति की कार्यवाही नहीं की जा सकी है। इसलिये शासन द्वारा विभागीय भर्ती नियमों में दिनांक 18.04.2022 को संशोधन कर विशेषज्ञ के पद पर 75 प्रतिशत विभागीय चिकित्सकों का चयन कर तथा 25 प्रतिशत म.प्र. लोक सेवा आयोग से सीधी भर्ती से चयन किये जाने का प्रावधान किया गया है। शासन आदेश दिनांक 05.07.2022 के माध्यम से 480 एवं शासन आदेश दिनांक 07.09.2022 के माध्यम से 231 कुल 711 विभागीय चिकित्सकों कों विभिन्न विषय विशेषज्ञ के पद पर चयन किया जाकर प्रदेश की स्वास्थ्य संस्थाओं में पदस्थ किया गया तथा 888 विशेषज्ञ के पदों पर सीधी भर्ती का मांग पत्र म.प्र. लोक सेवा आयोग को प्रेषित किया गया है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट  अनुसार है। जी नहीं, चिकित्सालयों में उपलब्ध चिकित्सकों द्वारा अस्पताल में आने वाले मरीजों का आवश्यकतानुसार ईलाज किया जाता है। विभाग के अधीन चिकित्सा अधिकारियों एवं विशेषज्ञों के पदों पर नियमों में प्रावधानित प्रतिशत्ता अनुसार लोक सेवा अयोग के माध्यम से सीधी भर्ती की कार्यवाही तथा पी.जी. योग्यताधारी चिकित्सा अधिकारियों के चयन द्वारा विशेषज्ञों की पद पूर्ती की कार्यवाही निरंतर जारी है। उपरोक्त के अतिरिक्त चिकित्सा अधिकारियों एवं पी.जी. योग्यताधारी चिकित्सकों की बंधपत्र अनुसार पदस्थापना की कार्यवाही निरंतर जारी है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता, निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।

शासकीय अधिकारी/कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ

[वित्त]

37. ( क्र. 592 ) कुँवर रविन्‍द्र सिंह तोमर भिड़ौसा : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. सरकार द्वारा 01 जनवरी 2005 से नियुक्त अधिकारी/कर्मचारियों की पुरानी पेंशन ओ.पी.एस. को बंद कर न्यू पेंशन एन.पी.एस. लागू की है, जो शेयर बाजार पर आधारित है, जिससे 01 जनवरी 2005 के बाद नियुक्त राज्य सरकार के सभी विभागों के लाखों कर्मचारी प्रभावित हुये है? (ख) क्या न्यू पेंशन स्कीम जो शेयर बाजार पर आधारित है, जिसमें न्यूनतम पेंशन का कोई प्रावधान नहीं है? न्यू‍ पेंशन स्कीम में 500-1000 रूपये तक पेंशन मिलती है। क्या इतनी कम राशि में कर्मचारी का वृद्धावस्था‍ में भरण-पोषण हो सकता है? (ग) 01 जनवरी 2005 के बाद नियुक्त राज्य सरकार के अधिकारी/कर्मचारियों को सेवानिवृत्‍त के बाद पूर्व की भांति मिलने वाली पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने के संबंध में कोई कार्यवाही की जा रही है? अगर हां, तो कब तक? नहीं तो क्यों?

वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा 01.01.2005 अथवा इसके बाद नियुक्‍त होने वाले सभी शासकीय सेवकों हेतु एन.पी.एस. (राष्‍ट्रीय पेंशन प्रणाली), मध्‍यप्रदेश शासन, वित्‍त विभाग के आदेश क्रमांक एफ-9/3/2003/नियम/चार, भोपाल, दिनांक 13.04.2005 अनुसार लागू की है। (ख) जी हाँ, राष्‍ट्रीय पेंशन प्रणाली में न्‍यूनतम पेंशन का प्रावधान नहीं है। शासकीय सेवक द्वारा पूर्ण सेवाकाल में कुल जमा किये अंशदान एवं शासन के नियत अनुपात में अंशदान की कुल जमा राशि (Corpus) के 40 प्रतिशत के आधार पर एन्‍युटी प्राप्‍त होती है, शेष राशि एकमुश्‍त भुगतान की जाती है। यह शासकीय सेवक के वेतन एवं कुल सेवा अवधि पर आधारित होती है। (ग) ऐसा कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है।

शासकीय सेवकों द्वारा माननीय विधायक/सांसदों से पत्राचार

[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]

38. ( क्र. 593 ) श्री मेवाराम जाटव : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सिविल सेवा आचरण नियमों के अन्तर्गत शासकीय अधिकारी कर्मचारियों द्वारा अपने हित में माननीय विधायक/सांसद/अन्य राजनेता से पत्राचार कराना निषेद्ध है? यदि हाँ तो वर्ष 2003 से प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के अधीन कितने अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा उक्त नियम का उल्लघंन किया गया है? नामवार सूची दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में उक्त नियम का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? प्रत्येक अधिकारी कर्मचारी की अलग-अलग जानकारी दें। (ग) क्या प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में दोहरे मानदण्ड अपनाया गया? यदि हाँ, तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है तथा उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? (घ) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में यदि किसी अधिकारी/कर्मचारी द्वारा अपील की गई हो तो अपील कहाँ और कब की गई? अपील की वर्तमान स्थिति की जानकारी दें।

वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

नल-जल योजना के कार्य की स्थिति

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

39. ( क्र. 595 ) श्री मेवाराम जाटव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र गोहद, (जिला भिण्ड) में नल-जल योजना की क्या स्थिति है? नल-जल योजना का विधान सभा क्षेत्र में कितना काम हुआ है? (ख) खारे पानी की समस्या से विधानसभा क्षेत्र के क्षेत्रवासियों को निजात दिलाने के लिए सरकार के पास क्या योजना है? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के क्षेत्र की जनता को आने वाली गर्मिंयों में पानी की समस्या से निजात दिलाने के लिए उचित कदम उठाये जावेंगे?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) विधानसभा क्षेत्र गोहद (जिला भिण्‍ड) के कुल 193 ग्रामों में से 35 ग्रामों में नल-जल योजनाएं पूर्व से स्‍थापित हैं, जिसमें वर्तमान स्थिति में 17 चालू एवं 18 बंद हैं, इन 35 ग्रामों में जल जीवन मिशन की गाइडलाइन अनुसार समस्‍त परिवारों को नल से जल की उपलब्‍धता कराये जाने हेतु योजनाओं की रेट्रफिटिंग योजनाएं स्‍वीकृत की गई हैं, जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट  के प्रपत्र-1 अनुसार है16 ग्रामों की नवीन नलजल योजनाएं स्‍वीकृत की गई हैं, जिसमें कार्य की स्थिति की जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट  के प्रपत्र-2 अनुसार है141 ग्रामों की डी.पी.आर. जल जीवन मिशन की गाइडलाइन अनुसार तैयार की गई हैजानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट  के प्रपत्र-3 अनुसार है। ग्राम मालनपुर नगरीय क्षेत्र की सीमा में सम्मिलित हो गया है, जिस कारण से इस ग्राम की पृथक नलजल योजना नहीं बनायी जानी है। (ख) खारे पानी की अधिकता से प्रभावित 04 ग्रामों में हर घर को नल के माध्‍यम से निर्धारित गुणवत्‍ता का पेयजल उपलब्‍ध कराने हेतु जल जीवन मिशन के अंतर्गत नलजल योजनाएं स्‍वीकृत की गई हैं, विवरण पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट  के प्रपत्र-2 अनुसार है(ग) ग्रीष्‍मकालीन संभावित पेयजल समस्‍या के समाधान हेतु विभाग द्वारा ग्रीष्‍मकाल के पूर्व कार्ययोजना बनाई जाती है।

कृषकों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा

[नर्मदा घाटी विकास]

40. ( क्र. 608 ) श्री शशांक श्रीकृष्ण भार्गव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन विदिशा एवं रायसेन जिले के कृषकों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा हेतु एवं रायसेन एवं विदिशा शहर के साथ ही दोनों जिलों में नदी के किनारों पर बसे हुए आस-पास के ग्रामों को पेयजल की सुविधा हेतु राष्ट्रीय विकास जल अभिकरण एवं म.प्र. सरकार के अनुबंध अंतर्गत सन् 2024 तक नर्मदा नदी के जल के उपयोग हेतु 5 एम.सी.एम. जल प्रतिदिन तीन माह तक बेतवा नदी में छोड़े जाने के संबंध में कार्यवाही की जायेगी? यादि हाँ, तो कब तक नहीं तो क्यों? (ख) क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिनांक 24.01.2022 को पत्र क्र 801 के माध्यम से सम्मानीय मुख्यमंत्री महोदय से प्रश्‍नांश (क) के क्रम में योजना की स्वीकृति‍ के संबंध में अनुरोध किया था? यदि हाँ, तो पत्र के क्रम में कार्यवाही की गई? यदि नहीं तो क्यों? (ग) क्या शासन विदिशा एवं रायसेन जिले के कृषकों के हित में कम लागत में अधिकतम किसानों को लाभ प्रदान किये जाने वाली उक्त योजना को शीघ्र ही स्वीकृति‍ प्रदान करेगा? हाँ तो कब तक? नहीं तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) वर्तमान में पेयजल एवं सिंचाई हेतु नर्मदा नदी का पानी बेतवा नदी में छोड़ने के संबंध में कोई योजना विचाराधीन नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) एवं (ग) जी हाँ, दिनांक 13.04.2022 को। मध्‍यप्रदेश राज्‍य को आवंटित 18.25 एम.ए.एफ. जल का पूर्ण उपयोग सुनिश्‍चित करने हेतु नर्मदा घाटी विकास विभाग, जल संसाधन विभाग, पी.एच.ई. एवं प्राईवेट लि‍फ्टिंग आदि से जल उपयोग शामिल करने हेतु कार्य योजना तैयार की जा चुकी है। इसमें नर्मदा जल बेतवा नदी में छोड़े जाने की कोई योजना शामिल नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

प्रदेश में लापता कर्मचारी

[सामान्य प्रशासन]

41. ( क्र. 635 ) श्री यशपाल सिंह सिसौदिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन, भोपाल, इन्‍दौर जिले में विभिन्न विभागों के कितने अधिकारी, कर्मचारी प्रश्‍न दिनांक तक अनाधिकृत रूप से किस-किस दिनांक से अनुपस्थित, गायब, लापता है? जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) संदर्भित लापता अधिकारी कर्मचारियों को तलाशने के लिए विभाग ने क्या कार्यवाही की? क्या इस सम्बन्ध में पुलिस को या सार्वजनिक सूचना का प्रकाशन करवाया गया है यदि हाँ, तो उसका विवरण देवें? अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित, गायब, लापता रहने पर म.प्र.सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के अंतर्गत कितनों पर किस-किस प्रकार की कार्यवाही की गयी है सम्पूर्ण जानकारी देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) (ख) संदर्भित अनुपस्थित, गायब, लापता कर्मचारी को कितने समय तक अनुपस्थित रहने के बाद सेवा से बर्खास्त करने का नियम है? इस नियम से कितनों को कहाँ-कहाँ बर्खास्त किया गया, जानकारी देवें। (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) और (ग) संदर्भित क्या अनुपस्थित, गायब, लापता कर्मचारि‍यों के परिवार के सदस्यों से भी वर्तमान में विभाग सम्पर्क नहीं कर पाया है यदि हाँ, तो किस कारण से? क्या इस प्रकार के किसी भी मामले में किसी का भी आवेदन विभाग को प्राप्त हुआ है? क्या उस आवेदन अनुसार विभाग ने कोई कार्यवाही की है यदि नहीं तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (घ) जिला उज्‍जैन में कोई प्रकरण नहीं है। कलेक्‍टर इंदौर से प्राप्‍त जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '' एवं कलेक्‍टर भोपाल से प्राप्‍त जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट 'अनुसार

गुमनाम शिकायतों के संबंध में

[सामान्य प्रशासन]

42. ( क्र. 638 ) श्री यशपाल सिंह सिसौदिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता विधायक के तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 250 दिनांक 26 जुलाई 2022 का उत्तर उपलब्ध करायें। (ख) सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा बेनामी शिकायतों पर कार्यवाही के क्या निर्देश हैं निर्देशों की प्रतिलिपि उपलब्ध कराये। (ग) क्या सामान्य प्रशासन विभाग के बेनामी शिकायतों पर कार्यवाही नहीं करने के निर्देशों के बावजूद भी उज्जैन, इंदौर संभाग के विभिन्न जिलों में कर्मचारियों को जांच के नाम पर उच्च अधिकारियों द्वारा परेशान किया जा रहा है? 1 जनवरी 2020 के पश्चात बेनामी शिकायतों के विरोध में इंदौर, उज्जैन संभाग में कितने प्रकरणों में शिकायतों से परेशान होकर पीड़ित कर्मचारियों ने मा.न्यायालय का सहारा कब-कब लिया? कर्मचारी का नाम, पद, स्थान सहित जानकारी देते हुए माननीय न्यायालय के फैसले से अवगत करायें।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जानकारी निरंक है।

परिशिष्ट - "पंद्रह"

जल-जीवन मिशन के कार्य में अनियमितता

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

43. ( क्र. 642 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खण्डवा जिले में 2019-20 से प्रश्‍न दिनांक तक जल-जीवन मिशन के कितने कार्य स्वीकृत हुए हैं? विधानसभावार संख्यात्मक जानकारी एवं वर्षवार प्राप्त आवंटन की जानकारी प्रदान की जाए? (ख) खण्डवा विधानसभा क्षेत्र में 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन ग्रामों में जल-जीवन मिशन का कार्य स्वीकृत हुआ? कितने कार्य अपूर्ण एवं प्रगतिरत हैं? कार्य का नाम एवं व्यय होने वाली राशि की जानकारी सहित उपलब्ध करायें। (ग) क्या जल जीवन मिशन कार्य वाले ग्रामों में कार्य एजेंसी द्वारा मनमाने ढंग से कार्य किया गया है? गांव की सी.सी. सड़कों, नालियों को खोद दिया गया है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है? (घ) खण्डवा विधानसभा क्षेत्र के किन-किन ग्रामों में जल जीवन मिशन की स्वीकृति अपेक्षित है? इऩ ग्रामों में कब तक जल जीवन मिशन का कार्य पूर्ण हो जाएगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी  पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट  के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है(ख) जानकारी  पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट  के प्रपत्र3 अनुसार है(ग) जी नहीं। कार्य एजेंसी के गुणवत्तायुक्त कार्य को ही स्वीकार किया जाता है। पाईप-लाईन डालने के लिये सड़कें खोदी जाती हैं, जिन्हे पाईप-लाईन डालकर टेस्टिंग उपरान्त पूर्वानुसार किया जाता है। शेष प्रश्‍न उपस्थित‍ नहीं होता है। (घ) जानकारी  पुस्तकालय  में रखे  परिशिष्ट  के प्रपत्र-4 अनुसार है

जावर सिहाड़ा उद्वहन सिंचाई परियोजना

[नर्मदा घाटी विकास]

44. ( क्र. 643 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खण्डवा विधानसभा क्षेत्र में जावर सिहाड़ा उद्वहन सिंचाई परियोजना का कार्य पूर्ण होने की समय-सीमा क्या है? (ख) वर्तमान में कितने प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है? शेष कार्य कब तक पूर्ण होने की संभावना है? क्षेत्र के किसानों को इस परियोजना का लाभ कब से मिलना आरंभ होगा? (ग) क्या कार्य एजेंसी द्वारा इसमें अत्यधिक विलंब किया गया है एवं किसानों के खेतों में पाईप डालने के लिये खुदाई कर छोड़ दिया गया है जिसके कारण किसानों को परेशान होना पड़ा है? (घ) खण्डवा विधानसभा क्षेत्र के शेष ग्रामों के लिये सिंचाई परियोजना की क्या कार्ययोजना है? विधानसभा के समस्त ग्रामों को 100% सिंचित किये जाने हेतु विभाग द्वारा क्या प्रयास किये जा रहे हैं? प्रस्तावित कार्ययोजना बताएँ।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) कार्य पूर्ण होने की समय-सीमा समय वृद्धि सहित अक्‍टूबर 2023 है। (ख) वर्तमान में लगभग 57 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। शेष कार्य अक्‍टूबर 2023 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है। परियोजना का लाभ नवम्‍बर 2023 से मिलना संभावित है। (ग) जी नहीं। पाईप लाईन भूमिगत होने के कारण आपसी सहमति अथवा डक्‍ट एक्‍ट के तहत मुआवजा के आधार पर कृषकों की भूमि में खुदाई कर पाईप बिछाने एवं पुन: भराई का कार्य प्रगति पर है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) खण्‍डवा विधानसभा क्षेत्र के 50 ग्राम जावर सिंहाडा से, 05 ग्राम छैगांव माखन उद्वहन सिंचाई योजना से, 08 ग्राम इंदिरा सागर परियोजना से एवं 18 ग्राम प्रस्‍तावित खण्‍डवा उद्वहन सिंचाई योजना से, इस प्रकार कुल 81 ग्रामों को लाभान्वित किया जाना प्रस्‍तावित है।

संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण

[सामान्य प्रशासन]

45. ( क्र. 649 ) श्री महेश परमार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन की 05/06/2018 की नीति के अनुसार कितने विभागों ने संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण को लेकर कंडिका 1.14.1 एवं कंडिका 1.15 में नीति नियम बदले है? बदले गए सभी नियमों के सेटअप एवं निर्देशों की प्रतियाँ देवें। (ख) दिनांक 29/05/2018 को मंत्री परिषद के आदेश आइटम क्रमांक 31 के अनुसार शासन के कितने विभागों ने इन 4.5 साल में कार्यवाही पूर्ण की है? यदि विभागों द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक कार्यवाही अपूर्ण है तो विभाग प्रमुखों ने इस लापरवाही के लिए कितने अधिकारियों पर कारण बताओ सूचना पत्र जारी करते हुए अनुशासनात्मक कार्यवाही की है? यदि नहीं की है तो 4.5 वर्षों के बाद भी मंत्री परिषद के आदेश की अवेहलना पर दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही कब तक करेंगे? जवाब देवें। (ग) मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव महोदय ने सभी विभाग प्रमुखों की बैठक में कितनी बार शासन की दिनांक 05/06/2018 की नीति एवं दिनांक 29/05/2018 के मंत्री परिषद के आदेश के परिपालन में कितनी बार समीक्षा बैठक आयोजित की और क्या-क्या निर्देश सेटअप तैयार के लिए जारी किए? जानकारी देवें। (घ) उपरोक्त अनुसार कार्यवाही में विलंब के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

स्‍पोर्ट्स टूरिज्‍म फेस्टिवल का आयोजन

[पर्यटन]

46. ( क्र. 681 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या पर्यटन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने हेतु म.प्र. टूरिज्म बोर्ड की इन्टरनेशनल एयरो स्पोर्ट्स टूरिज्म फेस्टिवल का आयोजन करने की क्या योजना है? इसके लिये किन-किन जिलों को चुना गया है? मूल योजना क्या है? इसमें कौन-कौन सी गतिविधियां करवाई जावेंगी और पर्यटकों की सुरक्षा की क्या व्यवस्था रहेगी? (ख) प्रश्‍नांकित योजना के तहत चयनित किन-किन जिलों में कब से कब तक आयोजन किये जावेंगे? प्रथम चरण में किन जिलों में कब से आयोजन करने की क्या योजना है और इसके लिये क्या तैयारी व व्यवस्था की गई हैं? (ग) प्रश्‍नांकित योजना के तहत जिला जबलपुर में कब से कब तक आयोजन किया जावेगा तथा आयोजन हेतु क्या तैयारी एवं व्यवस्थाएं की जा रही हैं? इसके लिये कितनी राशि का प्रावधान किया गया है एवं कितनी राशि व्यय हुई हैं?

पर्यटन मंत्री ( सुश्री उषा ठाकुर ) : (क) वर्तमान में प्रदेश में इटरनेशनल एयरो स्‍पोर्टस फेस्टिवल की कोई योजना तय नहीं है। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश '''' अनुसार।

हितग्राही मूलक योजनाएं

[महिला एवं बाल विकास]

47. ( क्र. 682 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) महिला एवं बाल विकास विभाग जिला जबलपुर को बच्चों, बालिकाओं व महिलाओं के कल्याण, उत्थान व स्वरोजगार सम्बंधी राज्य एवं केन्द्र प्रवर्तित संचालित किन-किन योजनाओं हेतु कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई एवं कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? वर्ष 2019-20 से 2022-23 तक की जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांकित किन-किन हितग्राही मूलक योजनाओं में लाभान्वित कितनी-कितनी महिलाओं, बालिकाओं के खाते में कितनी-कितनी राशि जमा की गई? कितनी-कितनी राशि जमा नहीं की है एवं क्यों? (ग) प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना में आंगनवाड़ी केन्द्रों में पंजीकृत कितनी-कितनी गर्भवती व धात्री महिलाओं को किस मान से प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय किश्त कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया गया एवं कितनी-कितनी राशि का भुगतान नहीं किया गया है एवं क्यों? इलाज हेतु कितनी-कितनी गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं को भर्ती कराया गया एवं कितनी-कितनी महिलाओं व बच्चों की मृत्यु हुई है? क्या शासन विभागीय अनियमितता, राशि भुगतान में भ्रष्टाचार की जांच कराकर दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जिला जबलपुर को बच्चों, बालिकाओं व महिलाओं के कल्याण, उत्थान व स्वरोजगार संबंधी राज्य एवं केन्द्र प्रवर्तित संचालित किन-किन योजनाओं हेतु कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई एवं कितनी-कितनी राशि व्यय की गई राशि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' पर है। (ख) प्रश्‍नांकित हितग्राही मूलक योजनाओं के अन्तर्गत लाभान्वित महिलाओं एवं बालिकाओं के खाते में जमा की गई राशि एवं जमा न की गई राशि तथा राशि जमा न करने का कारण जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' पर है। (ग) प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना अन्तर्गत जबलपुर जिले के आंगनवाड़ी केन्द्रों में पंजीकृत गर्भवती व धात्री महिलाओं को किस मान से प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय किश्त के रूप में भुगतान की गई राशि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' पर है। इलाज हेतु भर्ती गर्भवती धात्री महिलाओं व मृत्यु हुई महिलाओं एवं बच्चों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' पर है। विभागीय अनियमितता, राशि भुगतान में भ्रष्टाचार न पाये जाने के कारण कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न ही उत्पन्न नहीं होता।

ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने हेतु शासन की नीति

[वित्त]

48. ( क्र. 701 ) श्री सुरेश राजे : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश के कर्मचारियों के हित एवं उनकी मंशा के अनुसार वर्तमान सरकार कब से पुरानी पेंशन व्यवस्था (O.P.S.) लागू कर रही है? यदि लागू कर रही है तो किस नीति के अनुसार विस्तृत विवरण प्रदान करें। यदि नहीं तो कारण बताएं l (ख) क्या O.P.S. पर कोई प्रस्ताव कैबिनेट मीटिंग में लाया गया या O.P.S. पर कोई चर्चा की गयी? यदि हाँ तो कब की गयी? विवरण प्रदान करें l (ग) इस सम्बन्ध में मध्यप्रदेश सरकार की क्या नीति है?

वित्त मंत्री ( श्री जगदीश देवड़ा ) : (क) ऐसा कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। राज्‍य शासन तथ्‍यों का उचित विश्‍लेषण कर निर्णय लेता है। (ख) जी नहीं। (ग) मध्‍यप्रदेश शासन क